८९
अल-फ़ज्र
الفجر
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
८९:१
وَٱلْفَجْرِ
क़सम है फ़जर की
wal-fajri
क़सम है फ़जर की ١ (1)
(1)
क़सम है फ़जर की ١ (1)
(1)
क़सम है फ़ज्र (उषाकाल) की!
८९:२
وَلَيَالٍ
And the nights
walayālin
And the nights عَشْرٍۢ और दस रातों की ʿashrin
और दस रातों की ٢ (2)
(2)
And the nights عَشْرٍۢ और दस रातों की ʿashrin
और दस रातों की ٢ (2)
(2)
तथा दस रातों की!
८९:३
وَٱلشَّفْعِ
और जुफ़्त
wal-shafʿi
और जुफ़्त وَٱلْوَتْرِ और ताक़ की wal-watri
और ताक़ की ٣ (3)
(3)
और जुफ़्त وَٱلْوَتْرِ और ताक़ की wal-watri
और ताक़ की ٣ (3)
(3)
और सम (जोड़े) और विषम (अकेले) की!
८९:४
وَٱلَّيْلِ
और रात की
wa-al-layli
और रात की إِذَا जब idhā
जब يَسْرِ वो चलती है yasri
वो चलती है ٤ (4)
(4)
और रात की إِذَا जब idhā
जब يَسْرِ वो चलती है yasri
वो चलती है ٤ (4)
(4)
और रात की, जब वह चलती है!
८९:५
هَلْ
क्या है
hal
क्या है فِى in fī
in ذَٰلِكَ उसमें dhālika
उसमें قَسَمٌۭ एक बड़ी क़सम qasamun
एक बड़ी क़सम لِّذِى for those lidhī
for those حِجْرٍ अक़्ल वालों के लिए ḥij'rin
अक़्ल वालों के लिए ٥ (5)
(5)
क्या है فِى in fī
in ذَٰلِكَ उसमें dhālika
उसमें قَسَمٌۭ एक बड़ी क़सम qasamun
एक बड़ी क़सम لِّذِى for those lidhī
for those حِجْرٍ अक़्ल वालों के लिए ḥij'rin
अक़्ल वालों के लिए ٥ (5)
(5)
निश्चय इसमें बुद्धिमान के लिए बड़ी क़सम है?
८९:६
أَلَمْ
क्या नहीं
alam
क्या नहीं تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा كَيْفَ कैसे kayfa
कैसे فَعَلَ किया faʿala
किया رَبُّكَ आपके रब ने rabbuka
आपके रब ने بِعَادٍ साथ आद के biʿādin
साथ आद के ٦ (6)
(6)
क्या नहीं تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा كَيْفَ कैसे kayfa
कैसे فَعَلَ किया faʿala
किया رَبُّكَ आपके रब ने rabbuka
आपके रब ने بِعَادٍ साथ आद के biʿādin
साथ आद के ٦ (6)
(6)
क्या तुमने नहीं देखा कि तुम्हारे पालनहार ने "आद" के साथ किस तरह किया?
८९:७
إِرَمَ
जो इरम(क़बीले) के थे
irama
जो इरम(क़बीले) के थे ذَاتِ possessors (of) dhāti
possessors (of) ٱلْعِمَادِ सुतूनों वाले l-ʿimādi
सुतूनों वाले ٧ (7)
(7)
जो इरम(क़बीले) के थे ذَاتِ possessors (of) dhāti
possessors (of) ٱلْعِمَادِ सुतूनों वाले l-ʿimādi
सुतूनों वाले ٧ (7)
(7)
(वे आद) जो स्तंभों वाले 'इरम' (गोत्र के लोग) थे।
८९:८
ٱلَّتِى
वो जो
allatī
वो जो لَمْ नहीं lam
नहीं يُخْلَقْ पैदा किया गया yukh'laq
पैदा किया गया مِثْلُهَا उन जैसा mith'luhā
उन जैसा فِى in fī
in ٱلْبِلَـٰدِ शहरों में l-bilādi
शहरों में ٨ (8)
(8)
वो जो لَمْ नहीं lam
नहीं يُخْلَقْ पैदा किया गया yukh'laq
पैदा किया गया مِثْلُهَا उन जैसा mith'luhā
उन जैसा فِى in fī
in ٱلْبِلَـٰدِ शहरों में l-bilādi
शहरों में ٨ (8)
(8)
जिनके समान (दुनिया के) शहरों में कोई पैदा नहीं किया गया।
८९:९
وَثَمُودَ
और समूद
wathamūda
और समूद ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने جَابُوا۟ तराशा jābū
तराशा ٱلصَّخْرَ चट्टानों को l-ṣakhra
चट्टानों को بِٱلْوَادِ वादी में bil-wādi
वादी में ٩ (9)
(9)
और समूद ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने جَابُوا۟ तराशा jābū
तराशा ٱلصَّخْرَ चट्टानों को l-ṣakhra
चट्टानों को بِٱلْوَادِ वादी में bil-wādi
वादी में ٩ (9)
(9)
तथा 'समूद' के साथ (किस तरह किया) जिन्होंने वादी में चट्टानों को तराशा।
८९:१०
وَفِرْعَوْنَ
और फ़िरऔन
wafir'ʿawna
और फ़िरऔन ذِى owner of dhī
owner of ٱلْأَوْتَادِ मेख़ों वाले के l-awtādi
मेख़ों वाले के ١٠ (10)
(10)
और फ़िरऔन ذِى owner of dhī
owner of ٱلْأَوْتَادِ मेख़ों वाले के l-awtādi
मेख़ों वाले के ١٠ (10)
(10)
और मेखों वाले फ़िरऔन के साथ (किस तरह किया)।
८९:११
ٱلَّذِينَ
वो जिन्होंने
alladhīna
वो जिन्होंने طَغَوْا۟ सरकशी की ṭaghaw
सरकशी की فِى in fī
in ٱلْبِلَـٰدِ शहरों में l-bilādi
शहरों में ١١ (11)
(11)
वो जिन्होंने طَغَوْا۟ सरकशी की ṭaghaw
सरकशी की فِى in fī
in ٱلْبِلَـٰدِ शहरों में l-bilādi
शहरों में ١١ (11)
(11)
वे लोग, जो नगरों में हद से बढ़ गए।
८९:१२
فَأَكْثَرُوا۟
फिर उन्होंने कसरत से किया
fa-aktharū
फिर उन्होंने कसरत से किया فِيهَا उनमें fīhā
उनमें ٱلْفَسَادَ फ़साद l-fasāda
फ़साद ١٢ (12)
(12)
फिर उन्होंने कसरत से किया فِيهَا उनमें fīhā
उनमें ٱلْفَسَادَ फ़साद l-fasāda
फ़साद ١٢ (12)
(12)
और उनमें बहुत अधिक उपद्रव फैलाया।
८९:१३
فَصَبَّ
तो बरसाया
faṣabba
तो बरसाया عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर رَبُّكَ आपके रब ने rabbuka
आपके रब ने سَوْطَ कोड़ा sawṭa
कोड़ा عَذَابٍ अज़ाब का ʿadhābin
अज़ाब का ١٣ (13)
(13)
तो बरसाया عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर رَبُّكَ आपके रब ने rabbuka
आपके रब ने سَوْطَ कोड़ा sawṭa
कोड़ा عَذَابٍ अज़ाब का ʿadhābin
अज़ाब का ١٣ (13)
(13)
तो तेरे पालनहार ने उनपर यातना का कोड़ा बरसाया।
८९:१४
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका لَبِٱلْمِرْصَادِ अलबत्ता घात में है labil-mir'ṣādi
अलबत्ता घात में है ١٤ (14)
(14)
बेशक رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका لَبِٱلْمِرْصَادِ अलबत्ता घात में है labil-mir'ṣādi
अलबत्ता घात में है ١٤ (14)
(14)
निःसंदेह तेरा पालनहार निश्चय घात में है।1
८९:१५
فَأَمَّا
तो रहा
fa-ammā
तो रहा ٱلْإِنسَـٰنُ इन्सान l-insānu
इन्सान إِذَا when idhā
when مَا जब mā
जब ٱبْتَلَىٰهُ आज़माता है उसे ib'talāhu
आज़माता है उसे رَبُّهُۥ रब उसका rabbuhu
रब उसका فَأَكْرَمَهُۥ फिर वो इज़्ज़त देता है उसे fa-akramahu
फिर वो इज़्ज़त देता है उसे وَنَعَّمَهُۥ और वो नेअमत देता है उसे wanaʿʿamahu
और वो नेअमत देता है उसे فَيَقُولُ तो वो कहता है fayaqūlu
तो वो कहता है رَبِّىٓ मेरे रब ने rabbī
मेरे रब ने أَكْرَمَنِ इज़्ज़त दी मुझे akramani
इज़्ज़त दी मुझे ١٥ (15)
(15)
तो रहा ٱلْإِنسَـٰنُ इन्सान l-insānu
इन्सान إِذَا when idhā
when مَا जब mā
जब ٱبْتَلَىٰهُ आज़माता है उसे ib'talāhu
आज़माता है उसे رَبُّهُۥ रब उसका rabbuhu
रब उसका فَأَكْرَمَهُۥ फिर वो इज़्ज़त देता है उसे fa-akramahu
फिर वो इज़्ज़त देता है उसे وَنَعَّمَهُۥ और वो नेअमत देता है उसे wanaʿʿamahu
और वो नेअमत देता है उसे فَيَقُولُ तो वो कहता है fayaqūlu
तो वो कहता है رَبِّىٓ मेरे रब ने rabbī
मेरे रब ने أَكْرَمَنِ इज़्ज़त दी मुझे akramani
इज़्ज़त दी मुझे ١٥ (15)
(15)
लेकिन मनुष्य (का हाल यह है कि) जब उसका पालनहार उसका परीक्षण करे, फिर उसे सम्मानित करे और नेमत प्रदान करे, तो कहता है कि मेरे पालनहार ने मुझे सम्मानित किया।
८९:१६
وَأَمَّآ
और लेकिन
wa-ammā
और लेकिन إِذَا when idhā
when مَا जब कभी mā
जब कभी ٱبْتَلَىٰهُ वो आज़माता है उसे ib'talāhu
वो आज़माता है उसे فَقَدَرَ फिर वो तंग कर देता है faqadara
फिर वो तंग कर देता है عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर رِزْقَهُۥ रिज़्क़ उसका riz'qahu
रिज़्क़ उसका فَيَقُولُ तो वो कहता है fayaqūlu
तो वो कहता है رَبِّىٓ मेरे रब ने rabbī
मेरे रब ने أَهَـٰنَنِ ज़लील कर दिया मुझे ahānani
ज़लील कर दिया मुझे ١٦ (16)
(16)
और लेकिन إِذَا when idhā
when مَا जब कभी mā
जब कभी ٱبْتَلَىٰهُ वो आज़माता है उसे ib'talāhu
वो आज़माता है उसे فَقَدَرَ फिर वो तंग कर देता है faqadara
फिर वो तंग कर देता है عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर رِزْقَهُۥ रिज़्क़ उसका riz'qahu
रिज़्क़ उसका فَيَقُولُ तो वो कहता है fayaqūlu
तो वो कहता है رَبِّىٓ मेरे रब ने rabbī
मेरे रब ने أَهَـٰنَنِ ज़लील कर दिया मुझे ahānani
ज़लील कर दिया मुझे ١٦ (16)
(16)
लेकिन जब वह उसका परीक्षण करे, फिर उसपर उसकी रोज़ी तंग कर दे, तो कहता कि मेरे पालनहार ने मुझे अपमानित किया।
८९:१७
كَلَّا ۖ
हरगिज़ नहीं
kallā
हरगिज़ नहीं بَل बल्कि bal
बल्कि لَّا नहीं lā
नहीं تُكْرِمُونَ तुम इज़्ज़त देते tuk'rimūna
तुम इज़्ज़त देते ٱلْيَتِيمَ यतीम को l-yatīma
यतीम को ١٧ (17)
(17)
हरगिज़ नहीं بَل बल्कि bal
बल्कि لَّا नहीं lā
नहीं تُكْرِمُونَ तुम इज़्ज़त देते tuk'rimūna
तुम इज़्ज़त देते ٱلْيَتِيمَ यतीम को l-yatīma
यतीम को ١٧ (17)
(17)
हरगिज़ ऐसा नहीं, बल्कि तुम अनाथ का सम्मान नहीं करते।
८९:१८
وَلَا
और नहीं
walā
और नहीं تَحَـٰٓضُّونَ तुम आपस में तरग़ीब देते taḥāḍḍūna
तुम आपस में तरग़ीब देते عَلَىٰ to ʿalā
to طَعَامِ खाना खिलाने पर ṭaʿāmi
खाना खिलाने पर ٱلْمِسْكِينِ मिसकीन के l-mis'kīni
मिसकीन के ١٨ (18)
(18)
और नहीं تَحَـٰٓضُّونَ तुम आपस में तरग़ीब देते taḥāḍḍūna
तुम आपस में तरग़ीब देते عَلَىٰ to ʿalā
to طَعَامِ खाना खिलाने पर ṭaʿāmi
खाना खिलाने पर ٱلْمِسْكِينِ मिसकीन के l-mis'kīni
मिसकीन के ١٨ (18)
(18)
तथा तुम एक-दूसरे को ग़रीब को खाना खिलाने के लिए प्रोत्साहित नहीं करते हो।
८९:१९
وَتَأْكُلُونَ
और तुम खा जाते हो
watakulūna
और तुम खा जाते हो ٱلتُّرَاثَ मीरास को l-turātha
मीरास को أَكْلًۭا खा जाना aklan
खा जाना لَّمًّۭا समेट कर lamman
समेट कर ١٩ (19)
(19)
और तुम खा जाते हो ٱلتُّرَاثَ मीरास को l-turātha
मीरास को أَكْلًۭا खा जाना aklan
खा जाना لَّمًّۭا समेट कर lamman
समेट कर ١٩ (19)
(19)
और तुम मीरास का सारा धन समेटकर खा जाते हो।
८९:२०
وَتُحِبُّونَ
और तुम मुहब्बत रखते हो
watuḥibbūna
और तुम मुहब्बत रखते हो ٱلْمَالَ माल से l-māla
माल से حُبًّۭا मुहब्बत ḥubban
मुहब्बत جَمًّۭا बहुत ज़्यादा jamman
बहुत ज़्यादा ٢٠ (20)
(20)
और तुम मुहब्बत रखते हो ٱلْمَالَ माल से l-māla
माल से حُبًّۭا मुहब्बत ḥubban
मुहब्बत جَمًّۭا बहुत ज़्यादा jamman
बहुत ज़्यादा ٢٠ (20)
(20)
और तुम धन से बहुत अधिक प्रेम करते हो।1
८९:२१
كَلَّآ
हरगिज़ नहीं
kallā
हरगिज़ नहीं إِذَا जब idhā
जब دُكَّتِ रेज़ा-रेज़ा कर दी जाएगी dukkati
रेज़ा-रेज़ा कर दी जाएगी ٱلْأَرْضُ ज़मीन l-arḍu
ज़मीन دَكًّۭا pounded dakkan
pounded دَكًّۭا ख़ूब रेज़ा-रेज़ा करना dakkan
ख़ूब रेज़ा-रेज़ा करना ٢١ (21)
(21)
हरगिज़ नहीं إِذَا जब idhā
जब دُكَّتِ रेज़ा-रेज़ा कर दी जाएगी dukkati
रेज़ा-रेज़ा कर दी जाएगी ٱلْأَرْضُ ज़मीन l-arḍu
ज़मीन دَكًّۭا pounded dakkan
pounded دَكًّۭا ख़ूब रेज़ा-रेज़ा करना dakkan
ख़ूब रेज़ा-रेज़ा करना ٢١ (21)
(21)
हरगिज़ नहीं! जब धरती कूट-कूटकर चूर्ण-विचूर्ण कर दी जाएगी।
८९:२२
وَجَآءَ
और आएगा
wajāa
और आएगा رَبُّكَ रब आपका rabbuka
रब आपका وَٱلْمَلَكُ और फ़रिश्ते wal-malaku
और फ़रिश्ते صَفًّۭا rank ṣaffan
rank صَفًّۭا सफ़ दर सफ़ ṣaffan
सफ़ दर सफ़ ٢٢ (22)
(22)
और आएगा رَبُّكَ रब आपका rabbuka
रब आपका وَٱلْمَلَكُ और फ़रिश्ते wal-malaku
और फ़रिश्ते صَفًّۭا rank ṣaffan
rank صَفًّۭا सफ़ दर सफ़ ṣaffan
सफ़ दर सफ़ ٢٢ (22)
(22)
और तेरा पालनहार आएगा और फ़रिश्ते जो पंक्तियों में होंगे।
८९:२३
وَجِا۟ىٓءَ
और लाई जाएगी
wajīa
और लाई जाएगी يَوْمَئِذٍۭ उस दिन yawma-idhin
उस दिन بِجَهَنَّمَ ۚ जहन्नम bijahannama
जहन्नम يَوْمَئِذٍۢ उस दिन yawma-idhin
उस दिन يَتَذَكَّرُ नसीहत पकड़ेगा yatadhakkaru
नसीहत पकड़ेगा ٱلْإِنسَـٰنُ इन्सान l-insānu
इन्सान وَأَنَّىٰ और क्योंकर होगा wa-annā
और क्योंकर होगा لَهُ उसके लिए lahu
उसके लिए ٱلذِّكْرَىٰ नसीहत पकड़ना l-dhik'rā
नसीहत पकड़ना ٢٣ (23)
(23)
और लाई जाएगी يَوْمَئِذٍۭ उस दिन yawma-idhin
उस दिन بِجَهَنَّمَ ۚ जहन्नम bijahannama
जहन्नम يَوْمَئِذٍۢ उस दिन yawma-idhin
उस दिन يَتَذَكَّرُ नसीहत पकड़ेगा yatadhakkaru
नसीहत पकड़ेगा ٱلْإِنسَـٰنُ इन्सान l-insānu
इन्सान وَأَنَّىٰ और क्योंकर होगा wa-annā
और क्योंकर होगा لَهُ उसके लिए lahu
उसके लिए ٱلذِّكْرَىٰ नसीहत पकड़ना l-dhik'rā
नसीहत पकड़ना ٢٣ (23)
(23)
और उस दिन नरक लाई जाएगी। उस दिन इनसान याद करेगा। लेकिन उस दिन याद करना उसे कहाँ से लाभ देगा।
८९:२४
يَقُولُ
वो कहेगा
yaqūlu
वो कहेगा يَـٰلَيْتَنِى ऐ काश कि मैं yālaytanī
ऐ काश कि मैं قَدَّمْتُ आगे भेजा होता मैं ने qaddamtu
आगे भेजा होता मैं ने لِحَيَاتِى अपनी ज़िन्दगी के लिए liḥayātī
अपनी ज़िन्दगी के लिए ٢٤ (24)
(24)
वो कहेगा يَـٰلَيْتَنِى ऐ काश कि मैं yālaytanī
ऐ काश कि मैं قَدَّمْتُ आगे भेजा होता मैं ने qaddamtu
आगे भेजा होता मैं ने لِحَيَاتِى अपनी ज़िन्दगी के लिए liḥayātī
अपनी ज़िन्दगी के लिए ٢٤ (24)
(24)
वह कहेगा : ऐ काश! मैंने अपने (इस) जीवन के लिए कुछ आगे भेजा होता।
८९:२५
فَيَوْمَئِذٍۢ
तो उस दिन
fayawma-idhin
तो उस दिन لَّا not lā
not يُعَذِّبُ ना अज़ाब देगा yuʿadhibu
ना अज़ाब देगा عَذَابَهُۥٓ अज़ाब उस जैसा ʿadhābahu
अज़ाब उस जैसा أَحَدٌۭ कोई एक aḥadun
कोई एक ٢٥ (25)
(25)
तो उस दिन لَّا not lā
not يُعَذِّبُ ना अज़ाब देगा yuʿadhibu
ना अज़ाब देगा عَذَابَهُۥٓ अज़ाब उस जैसा ʿadhābahu
अज़ाब उस जैसा أَحَدٌۭ कोई एक aḥadun
कोई एक ٢٥ (25)
(25)
चुनाँचे उस दिन उस (अल्लाह) के दंड जैसा दंड कोई नहीं देगा।
८९:२६
وَلَا
And not
walā
And not يُوثِقُ और ना बाँधेगा yūthiqu
और ना बाँधेगा وَثَاقَهُۥٓ बाँधना उस जैसा wathāqahu
बाँधना उस जैसा أَحَدٌۭ कोई एक aḥadun
कोई एक ٢٦ (26)
(26)
And not يُوثِقُ और ना बाँधेगा yūthiqu
और ना बाँधेगा وَثَاقَهُۥٓ बाँधना उस जैसा wathāqahu
बाँधना उस जैसा أَحَدٌۭ कोई एक aḥadun
कोई एक ٢٦ (26)
(26)
और न उसके बाँधने जैसा कोई बाँधेगा।1
८९:२७
يَـٰٓأَيَّتُهَا
O
yāayyatuhā
O ٱلنَّفْسُ ऐ नफ़्स l-nafsu
ऐ नफ़्स ٱلْمُطْمَئِنَّةُ जो मुत्मइन है l-muṭ'ma-inatu
जो मुत्मइन है ٢٧ (27)
(27)
O ٱلنَّفْسُ ऐ नफ़्स l-nafsu
ऐ नफ़्स ٱلْمُطْمَئِنَّةُ जो मुत्मइन है l-muṭ'ma-inatu
जो मुत्मइन है ٢٧ (27)
(27)
ऐ संतुष्ट आत्मा!
८९:२८
ٱرْجِعِىٓ
वापस चलो
ir'jiʿī
वापस चलो إِلَىٰ to ilā
to رَبِّكِ तरफ़ अपने रब के rabbiki
तरफ़ अपने रब के رَاضِيَةًۭ राज़ी हो कर rāḍiyatan
राज़ी हो कर مَّرْضِيَّةًۭ पसंदीदा बन कर marḍiyyatan
पसंदीदा बन कर ٢٨ (28)
(28)
वापस चलो إِلَىٰ to ilā
to رَبِّكِ तरफ़ अपने रब के rabbiki
तरफ़ अपने रब के رَاضِيَةًۭ राज़ी हो कर rāḍiyatan
राज़ी हो कर مَّرْضِيَّةًۭ पसंदीदा बन कर marḍiyyatan
पसंदीदा बन कर ٢٨ (28)
(28)
अपने पालनहार की ओर लौट चल, इस हाल में कि तू उससे प्रसन्न है, उसके निकट पसंदीदा है।
८९:२९
فَٱدْخُلِى
फिर दाख़िल हो जाओ
fa-ud'khulī
फिर दाख़िल हो जाओ فِى among fī
among عِبَـٰدِى मेरे बन्दों में ʿibādī
मेरे बन्दों में ٢٩ (29)
(29)
फिर दाख़िल हो जाओ فِى among fī
among عِبَـٰدِى मेरे बन्दों में ʿibādī
मेरे बन्दों में ٢٩ (29)
(29)
अतः तू मेरे बंदों में प्रवेश कर जा।
८९:३०
وَٱدْخُلِى
और दाख़िल हो जाओ
wa-ud'khulī
और दाख़िल हो जाओ جَنَّتِى मेरी जन्नत में jannatī
मेरी जन्नत में ٣٠ (30)
(30)
और दाख़िल हो जाओ جَنَّتِى मेरी जन्नत में jannatī
मेरी जन्नत में ٣٠ (30)
(30)
और मेरी जन्नत में प्रवेश कर जा।1