९०

अल-बलद

मक्की २० आयतें पारा १
البلد
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ साथ नाम bis'mi
साथ नाम
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान
ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
९०:१
لَآ Nay
Nay
أُقْسِمُ नहीं मैं क़सम खाता हूँ uq'simu
नहीं मैं क़सम खाता हूँ
بِهَـٰذَا by this bihādhā
by this
ٱلْبَلَدِ इस शहर की l-baladi
इस शहर की
١ (1)
(1)
मैं इस नगर (मक्का) की क़सम खाता हूँ!
९०:२
وَأَنتَ और आप wa-anta
और आप
حِلٌّۢ मुक़ीम हैं ḥillun
मुक़ीम हैं
بِهَـٰذَا in this bihādhā
in this
ٱلْبَلَدِ इस शहर में l-baladi
इस शहर में
٢ (2)
(2)
तथा तुम्हारे लिए इस नगर में लड़ाई हलाल होने वाली है।
९०:३
وَوَالِدٍۢ क़सम है वालिद की wawālidin
क़सम है वालिद की
وَمَا और जिसे wamā
और जिसे
وَلَدَ उसने जन्म दिया walada
उसने जन्म दिया
٣ (3)
(3)
तथा क़सम है पिता तथा उसकी संतान की!
९०:४
لَقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़
خَلَقْنَا पैदा किया हमने khalaqnā
पैदा किया हमने
ٱلْإِنسَـٰنَ इन्सान को l-insāna
इन्सान को
فِى (to be) in
(to be) in
كَبَدٍ मशक़्क़त में kabadin
मशक़्क़त में
٤ (4)
(4)
निःसंदेह हमने मनुष्य को बड़ी कठिनाई में पैदा किया है।
९०:५
أَيَحْسَبُ क्या वो समझता है ayaḥsabu
क्या वो समझता है
أَن कि an
कि
لَّن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं
يَقْدِرَ क़ादिर होगा yaqdira
क़ादिर होगा
عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर
أَحَدٌۭ कोई एक aḥadun
कोई एक
٥ (5)
(5)
क्या वह समझता है कि उसपर कभी किसी का वश नहीं चलेगा?
९०:६
يَقُولُ वो कहता है yaqūlu
वो कहता है
أَهْلَكْتُ हलाक कर दिया मैं ने ahlaktu
हलाक कर दिया मैं ने
مَالًۭا माल mālan
माल
لُّبَدًا ढेरों lubadan
ढेरों
٦ (6)
(6)
वह कहता है कि मैंने ढेर सारा धन ख़र्च कर दिया।
९०:७
أَيَحْسَبُ क्या वो समझता है ayaḥsabu
क्या वो समझता है
أَن कि an
कि
لَّمْ नहीं lam
नहीं
يَرَهُۥٓ देखा उसे yarahu
देखा उसे
أَحَدٌ किसी एक ने aḥadun
किसी एक ने
٧ (7)
(7)
क्या वह समझता है कि उसे किसी ने नहीं देखा?
९०:८
أَلَمْ क्या नहीं alam
क्या नहीं
نَجْعَل हमने बनाईं najʿal
हमने बनाईं
لَّهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए
عَيْنَيْنِ दो आँखें ʿaynayni
दो आँखें
٨ (8)
(8)
क्या हमने उसके लिए दो आँखें नहीं बनाईं?
९०:९
وَلِسَانًۭا और एक ज़बान walisānan
और एक ज़बान
وَشَفَتَيْنِ और दो होंट washafatayni
और दो होंट
٩ (9)
(9)
तथा एक ज़बान और दो होंठ (नहीं बनाए)?
९०:१०
وَهَدَيْنَـٰهُ और दिखाए हमने उसे wahadaynāhu
और दिखाए हमने उसे
ٱلنَّجْدَيْنِ दो रास्ते l-najdayni
दो रास्ते
١٠ (10)
(10)
और हमने उसे दोनों मार्ग दिखा दिए?!
९०:११
فَلَا पस ना falā
पस ना
ٱقْتَحَمَ वो दाख़िल हुआ iq'taḥama
वो दाख़िल हुआ
ٱلْعَقَبَةَ घाटी में l-ʿaqabata
घाटी में
١١ (11)
(11)
परंतु उसने दुर्लभ घाटी में प्रवेश ही नहीं किया।
९०:१२
وَمَآ और क्या चीज़ wamā
और क्या चीज़
أَدْرَىٰكَ बताए आपको adrāka
बताए आपको
مَا कि क्या है
कि क्या है
ٱلْعَقَبَةُ वो घाटी l-ʿaqabatu
वो घाटी
١٢ (12)
(12)
और तुम्हें किस चीज़ ने ज्ञात कराया कि वह दुर्लभ 'घाटी' क्या है?
९०:१३
فَكُّ आज़ाद करना fakku
आज़ाद करना
رَقَبَةٍ एक गर्दन का raqabatin
एक गर्दन का
١٣ (13)
(13)
(वह) गर्दन छुड़ाना है।
९०:१४
أَوْ या aw
या
إِطْعَـٰمٌۭ खाना खिलाना iṭ'ʿāmun
खाना खिलाना
فِى in
in
يَوْمٍۢ एक दिन में yawmin
एक दिन में
ذِى of dhī
of
مَسْغَبَةٍۢ भूख वाले masghabatin
भूख वाले
١٤ (14)
(14)
या किसी भूख वाले दिन में खाना खिलाना है।
९०:१५
يَتِيمًۭا किसी यतीम yatīman
किसी यतीम
ذَا of dhā
of
مَقْرَبَةٍ क़राबत वाले को maqrabatin
क़राबत वाले को
١٥ (15)
(15)
किसी रिश्तेदार अनाथ को।
९०:१६
أَوْ या aw
या
مِسْكِينًۭا किसी मिसकीन mis'kīnan
किसी मिसकीन
ذَا in dhā
in
مَتْرَبَةٍۢ ख़ाक नशीन को matrabatin
ख़ाक नशीन को
١٦ (16)
(16)
या मिट्टी में लथड़े हुए निर्धन को।1
९०:१७
ثُمَّ फिर thumma
फिर
كَانَ हो वो kāna
हो वो
مِنَ of mina
of
ٱلَّذِينَ उनमें से जो alladhīna
उनमें से जो
ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए
وَتَوَاصَوْا۟ और उन्होंने एक दूसरे को तलक़ीन की watawāṣaw
और उन्होंने एक दूसरे को तलक़ीन की
بِٱلصَّبْرِ सब्र की bil-ṣabri
सब्र की
وَتَوَاصَوْا۟ और एक दूसरे को तलक़ीन की watawāṣaw
और एक दूसरे को तलक़ीन की
بِٱلْمَرْحَمَةِ रहम करने की bil-marḥamati
रहम करने की
١٧ (17)
(17)
फिर वह उन लोगों में से हो, जो ईमान लाए और एक-दूसरे को धैर्य रखने की सलाह दी और एक-दूसरे को दया करने की सलाह दी।
९०:१८
أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं
أَصْحَـٰبُ (are the) companions aṣḥābu
(are the) companions
ٱلْمَيْمَنَةِ दाऐं हाथ वाले l-maymanati
दाऐं हाथ वाले
١٨ (18)
(18)
यही लोग दाहिने हाथ वाले (सौभाग्यशाली) हैं।
९०:१९
وَٱلَّذِينَ और वो जिन्होंने wa-alladhīna
और वो जिन्होंने
كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया
بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात के साथ biāyātinā
हमारी आयात के साथ
هُمْ वो हैं hum
वो हैं
أَصْحَـٰبُ (are the) companions aṣḥābu
(are the) companions
ٱلْمَشْـَٔمَةِ बाऐं हाथ वाले l-mashamati
बाऐं हाथ वाले
١٩ (19)
(19)
और जिन लोगों ने हमारी आयतों का इनकार किया, वही लोग बाएँ हाथ वाले (दुर्भाग्यशाली) हैं।
९०:२०
عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर
نَارٌۭ आग होगी nārun
आग होगी
مُّؤْصَدَةٌۢ बन्द की हुई mu'ṣadatun
बन्द की हुई
٢٠ (20)
(20)
उनपर (हर ओर से) बंद की हुई आग होगी।