९०
अल-बलद
البلد
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
९०:१
لَآ
Nay
lā
Nay أُقْسِمُ नहीं मैं क़सम खाता हूँ uq'simu
नहीं मैं क़सम खाता हूँ بِهَـٰذَا by this bihādhā
by this ٱلْبَلَدِ इस शहर की l-baladi
इस शहर की ١ (1)
(1)
Nay أُقْسِمُ नहीं मैं क़सम खाता हूँ uq'simu
नहीं मैं क़सम खाता हूँ بِهَـٰذَا by this bihādhā
by this ٱلْبَلَدِ इस शहर की l-baladi
इस शहर की ١ (1)
(1)
मैं इस नगर (मक्का) की क़सम खाता हूँ!
९०:२
وَأَنتَ
और आप
wa-anta
और आप حِلٌّۢ मुक़ीम हैं ḥillun
मुक़ीम हैं بِهَـٰذَا in this bihādhā
in this ٱلْبَلَدِ इस शहर में l-baladi
इस शहर में ٢ (2)
(2)
और आप حِلٌّۢ मुक़ीम हैं ḥillun
मुक़ीम हैं بِهَـٰذَا in this bihādhā
in this ٱلْبَلَدِ इस शहर में l-baladi
इस शहर में ٢ (2)
(2)
तथा तुम्हारे लिए इस नगर में लड़ाई हलाल होने वाली है।
९०:३
وَوَالِدٍۢ
क़सम है वालिद की
wawālidin
क़सम है वालिद की وَمَا और जिसे wamā
और जिसे وَلَدَ उसने जन्म दिया walada
उसने जन्म दिया ٣ (3)
(3)
क़सम है वालिद की وَمَا और जिसे wamā
और जिसे وَلَدَ उसने जन्म दिया walada
उसने जन्म दिया ٣ (3)
(3)
तथा क़सम है पिता तथा उसकी संतान की!
९०:४
لَقَدْ
अलबत्ता तहक़ीक़
laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ خَلَقْنَا पैदा किया हमने khalaqnā
पैदा किया हमने ٱلْإِنسَـٰنَ इन्सान को l-insāna
इन्सान को فِى (to be) in fī
(to be) in كَبَدٍ मशक़्क़त में kabadin
मशक़्क़त में ٤ (4)
(4)
अलबत्ता तहक़ीक़ خَلَقْنَا पैदा किया हमने khalaqnā
पैदा किया हमने ٱلْإِنسَـٰنَ इन्सान को l-insāna
इन्सान को فِى (to be) in fī
(to be) in كَبَدٍ मशक़्क़त में kabadin
मशक़्क़त में ٤ (4)
(4)
निःसंदेह हमने मनुष्य को बड़ी कठिनाई में पैदा किया है।
९०:५
أَيَحْسَبُ
क्या वो समझता है
ayaḥsabu
क्या वो समझता है أَن कि an
कि لَّن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं يَقْدِرَ क़ादिर होगा yaqdira
क़ादिर होगा عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर أَحَدٌۭ कोई एक aḥadun
कोई एक ٥ (5)
(5)
क्या वो समझता है أَن कि an
कि لَّن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं يَقْدِرَ क़ादिर होगा yaqdira
क़ादिर होगा عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर أَحَدٌۭ कोई एक aḥadun
कोई एक ٥ (5)
(5)
क्या वह समझता है कि उसपर कभी किसी का वश नहीं चलेगा?
९०:६
يَقُولُ
वो कहता है
yaqūlu
वो कहता है أَهْلَكْتُ हलाक कर दिया मैं ने ahlaktu
हलाक कर दिया मैं ने مَالًۭا माल mālan
माल لُّبَدًا ढेरों lubadan
ढेरों ٦ (6)
(6)
वो कहता है أَهْلَكْتُ हलाक कर दिया मैं ने ahlaktu
हलाक कर दिया मैं ने مَالًۭا माल mālan
माल لُّبَدًا ढेरों lubadan
ढेरों ٦ (6)
(6)
वह कहता है कि मैंने ढेर सारा धन ख़र्च कर दिया।
९०:७
أَيَحْسَبُ
क्या वो समझता है
ayaḥsabu
क्या वो समझता है أَن कि an
कि لَّمْ नहीं lam
नहीं يَرَهُۥٓ देखा उसे yarahu
देखा उसे أَحَدٌ किसी एक ने aḥadun
किसी एक ने ٧ (7)
(7)
क्या वो समझता है أَن कि an
कि لَّمْ नहीं lam
नहीं يَرَهُۥٓ देखा उसे yarahu
देखा उसे أَحَدٌ किसी एक ने aḥadun
किसी एक ने ٧ (7)
(7)
क्या वह समझता है कि उसे किसी ने नहीं देखा?
९०:८
أَلَمْ
क्या नहीं
alam
क्या नहीं نَجْعَل हमने बनाईं najʿal
हमने बनाईं لَّهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए عَيْنَيْنِ दो आँखें ʿaynayni
दो आँखें ٨ (8)
(8)
क्या नहीं نَجْعَل हमने बनाईं najʿal
हमने बनाईं لَّهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए عَيْنَيْنِ दो आँखें ʿaynayni
दो आँखें ٨ (8)
(8)
क्या हमने उसके लिए दो आँखें नहीं बनाईं?
९०:९
وَلِسَانًۭا
और एक ज़बान
walisānan
और एक ज़बान وَشَفَتَيْنِ और दो होंट washafatayni
और दो होंट ٩ (9)
(9)
और एक ज़बान وَشَفَتَيْنِ और दो होंट washafatayni
और दो होंट ٩ (9)
(9)
तथा एक ज़बान और दो होंठ (नहीं बनाए)?
९०:१०
وَهَدَيْنَـٰهُ
और दिखाए हमने उसे
wahadaynāhu
और दिखाए हमने उसे ٱلنَّجْدَيْنِ दो रास्ते l-najdayni
दो रास्ते ١٠ (10)
(10)
और दिखाए हमने उसे ٱلنَّجْدَيْنِ दो रास्ते l-najdayni
दो रास्ते ١٠ (10)
(10)
और हमने उसे दोनों मार्ग दिखा दिए?!
९०:११
فَلَا
पस ना
falā
पस ना ٱقْتَحَمَ वो दाख़िल हुआ iq'taḥama
वो दाख़िल हुआ ٱلْعَقَبَةَ घाटी में l-ʿaqabata
घाटी में ١١ (11)
(11)
पस ना ٱقْتَحَمَ वो दाख़िल हुआ iq'taḥama
वो दाख़िल हुआ ٱلْعَقَبَةَ घाटी में l-ʿaqabata
घाटी में ١١ (11)
(11)
परंतु उसने दुर्लभ घाटी में प्रवेश ही नहीं किया।
९०:१२
وَمَآ
और क्या चीज़
wamā
और क्या चीज़ أَدْرَىٰكَ बताए आपको adrāka
बताए आपको مَا कि क्या है mā
कि क्या है ٱلْعَقَبَةُ वो घाटी l-ʿaqabatu
वो घाटी ١٢ (12)
(12)
और क्या चीज़ أَدْرَىٰكَ बताए आपको adrāka
बताए आपको مَا कि क्या है mā
कि क्या है ٱلْعَقَبَةُ वो घाटी l-ʿaqabatu
वो घाटी ١٢ (12)
(12)
और तुम्हें किस चीज़ ने ज्ञात कराया कि वह दुर्लभ 'घाटी' क्या है?
९०:१३
فَكُّ
आज़ाद करना
fakku
आज़ाद करना رَقَبَةٍ एक गर्दन का raqabatin
एक गर्दन का ١٣ (13)
(13)
आज़ाद करना رَقَبَةٍ एक गर्दन का raqabatin
एक गर्दन का ١٣ (13)
(13)
(वह) गर्दन छुड़ाना है।
९०:१४
أَوْ
या
aw
या إِطْعَـٰمٌۭ खाना खिलाना iṭ'ʿāmun
खाना खिलाना فِى in fī
in يَوْمٍۢ एक दिन में yawmin
एक दिन में ذِى of dhī
of مَسْغَبَةٍۢ भूख वाले masghabatin
भूख वाले ١٤ (14)
(14)
या إِطْعَـٰمٌۭ खाना खिलाना iṭ'ʿāmun
खाना खिलाना فِى in fī
in يَوْمٍۢ एक दिन में yawmin
एक दिन में ذِى of dhī
of مَسْغَبَةٍۢ भूख वाले masghabatin
भूख वाले ١٤ (14)
(14)
या किसी भूख वाले दिन में खाना खिलाना है।
९०:१५
يَتِيمًۭا
किसी यतीम
yatīman
किसी यतीम ذَا of dhā
of مَقْرَبَةٍ क़राबत वाले को maqrabatin
क़राबत वाले को ١٥ (15)
(15)
किसी यतीम ذَا of dhā
of مَقْرَبَةٍ क़राबत वाले को maqrabatin
क़राबत वाले को ١٥ (15)
(15)
किसी रिश्तेदार अनाथ को।
९०:१६
أَوْ
या
aw
या مِسْكِينًۭا किसी मिसकीन mis'kīnan
किसी मिसकीन ذَا in dhā
in مَتْرَبَةٍۢ ख़ाक नशीन को matrabatin
ख़ाक नशीन को ١٦ (16)
(16)
या مِسْكِينًۭا किसी मिसकीन mis'kīnan
किसी मिसकीन ذَا in dhā
in مَتْرَبَةٍۢ ख़ाक नशीन को matrabatin
ख़ाक नशीन को ١٦ (16)
(16)
या मिट्टी में लथड़े हुए निर्धन को।1
९०:१७
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर كَانَ हो वो kāna
हो वो مِنَ of mina
of ٱلَّذِينَ उनमें से जो alladhīna
उनमें से जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَتَوَاصَوْا۟ और उन्होंने एक दूसरे को तलक़ीन की watawāṣaw
और उन्होंने एक दूसरे को तलक़ीन की بِٱلصَّبْرِ सब्र की bil-ṣabri
सब्र की وَتَوَاصَوْا۟ और एक दूसरे को तलक़ीन की watawāṣaw
और एक दूसरे को तलक़ीन की بِٱلْمَرْحَمَةِ रहम करने की bil-marḥamati
रहम करने की ١٧ (17)
(17)
फिर كَانَ हो वो kāna
हो वो مِنَ of mina
of ٱلَّذِينَ उनमें से जो alladhīna
उनमें से जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَتَوَاصَوْا۟ और उन्होंने एक दूसरे को तलक़ीन की watawāṣaw
और उन्होंने एक दूसरे को तलक़ीन की بِٱلصَّبْرِ सब्र की bil-ṣabri
सब्र की وَتَوَاصَوْا۟ और एक दूसरे को तलक़ीन की watawāṣaw
और एक दूसरे को तलक़ीन की بِٱلْمَرْحَمَةِ रहम करने की bil-marḥamati
रहम करने की ١٧ (17)
(17)
फिर वह उन लोगों में से हो, जो ईमान लाए और एक-दूसरे को धैर्य रखने की सलाह दी और एक-दूसरे को दया करने की सलाह दी।
९०:१८
أُو۟لَـٰٓئِكَ
यही लोग हैं
ulāika
यही लोग हैं أَصْحَـٰبُ (are the) companions aṣḥābu
(are the) companions ٱلْمَيْمَنَةِ दाऐं हाथ वाले l-maymanati
दाऐं हाथ वाले ١٨ (18)
(18)
यही लोग हैं أَصْحَـٰبُ (are the) companions aṣḥābu
(are the) companions ٱلْمَيْمَنَةِ दाऐं हाथ वाले l-maymanati
दाऐं हाथ वाले ١٨ (18)
(18)
यही लोग दाहिने हाथ वाले (सौभाग्यशाली) हैं।
९०:१९
وَٱلَّذِينَ
और वो जिन्होंने
wa-alladhīna
और वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात के साथ biāyātinā
हमारी आयात के साथ هُمْ वो हैं hum
वो हैं أَصْحَـٰبُ (are the) companions aṣḥābu
(are the) companions ٱلْمَشْـَٔمَةِ बाऐं हाथ वाले l-mashamati
बाऐं हाथ वाले ١٩ (19)
(19)
और वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात के साथ biāyātinā
हमारी आयात के साथ هُمْ वो हैं hum
वो हैं أَصْحَـٰبُ (are the) companions aṣḥābu
(are the) companions ٱلْمَشْـَٔمَةِ बाऐं हाथ वाले l-mashamati
बाऐं हाथ वाले ١٩ (19)
(19)
और जिन लोगों ने हमारी आयतों का इनकार किया, वही लोग बाएँ हाथ वाले (दुर्भाग्यशाली) हैं।
९०:२०
عَلَيْهِمْ
उन पर
ʿalayhim
उन पर نَارٌۭ आग होगी nārun
आग होगी مُّؤْصَدَةٌۢ बन्द की हुई mu'ṣadatun
बन्द की हुई ٢٠ (20)
(20)
उन पर نَارٌۭ आग होगी nārun
आग होगी مُّؤْصَدَةٌۢ बन्द की हुई mu'ṣadatun
बन्द की हुई ٢٠ (20)
(20)
उनपर (हर ओर से) बंद की हुई आग होगी।