८८

अल-ग़ाशिया

मक्की २६ आयतें पारा १
الغاشية

सूरह अल-ग़ाशिया (الغاشية) पवित्र क़ुरआन का ८८ वाँ अध्याय है — यह एक मक्की सूरह है जिसमें २६ आयतें हैं। मक्की सूरहें पैग़म्बर मुहम्मद (सल्ल.) के मदीना प्रवास से पहले उतरीं और प्रायः ईमान, अल्लाह की एकता और आख़िरत पर बल देती हैं।

बिस्मिल्लाह
بِسْمِसाथ नामbis'miٱللَّهِअल्लाह केl-lahiٱلرَّحْمَـٰنِजो बहुत मेहरबानl-raḥmāniٱلرَّحِيمِनिहायत रहम करने वाला हैl-raḥīmi
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
८८:१
هَلْक्याhalأَتَىٰكَआई है आपके पासatākaحَدِيثُख़बरḥadīthuٱلْغَـٰشِيَةِढाँप लेने वाली कीl-ghāshiyati١
क्या तेरे पास ढाँपने लेने वाली (क़ियामत) की ख़बर पहुँची?
८८:२
وُجُوهٌۭकुछ चेहरेwujūhunيَوْمَئِذٍउस दिनyawma-idhinخَـٰشِعَةٌज़लील होंगेkhāshiʿatun٢
उस दिन कई चेहरे अपमानित होंगे।
८८:३
عَامِلَةٌۭअमल करने वालेʿāmilatunنَّاصِبَةٌۭथक जाने वालेnāṣibatun٣
कठिन परिश्रम करने वाले, थक जाने वाले।
८८:४
تَصْلَىٰवो जलेंगेtaṣlāنَارًاआग मेंnāranحَامِيَةًۭभड़कती हुईḥāmiyatan٤
वे गर्म धधकती आग में प्रवेश करेंगे।
८८:५
تُسْقَىٰवो पिलाए जाऐंगेtus'qāمِنْfromminعَيْنٍएक चश्मे सेʿayninءَانِيَةٍۢखौलते हुए पानी केāniyatin٥
उन्हें खौलते सोते का जल पिलाया जाएगा।
८८:६
لَّيْسَनहीं हैlaysaلَهُمْउनके लिएlahumطَعَامٌकोई खानाṭaʿāmunإِلَّاसिवाएillāمِنfromminضَرِيعٍۢकाँटों केḍarīʿin٦
उनके लिए कांटेदार झाड़ के सिवा कोई खाना नहीं होगा।
८८:७
لَّاNotيُسْمِنُना वो मोटा करेगाyus'minuوَلَاऔर नाwalāيُغْنِىवो काम आएगाyugh'nīمِنfromminجُوعٍۢभूख सेjūʿin٧
जो न मोटा करेगा और न भूख मिटाएगा।1
८८:८
وُجُوهٌۭकुछ चेहरेwujūhunيَوْمَئِذٍۢउस दिनyawma-idhinنَّاعِمَةٌۭतरो ताज़ा होंगेnāʿimatun٨
उस दिन कई चेहरे प्रफुल्लित होंगे।
८८:९
لِّسَعْيِهَاअपनी कोशिशों परlisaʿyihāرَاضِيَةٌۭराज़ी होंगेrāḍiyatun٩
अपने प्रयास पर प्रसन्न होंगे।
८८:१०
فِىInجَنَّةٍa gardenjannatinعَالِيَةٍۢबुलन्द जन्नत में होंगेʿāliyatin١٠
ऊँची जन्नत में होंगे।
८८:११
لَّاNotتَسْمَعُनहीं वो सुनेंगेtasmaʿuفِيهَاउसमेंfīhāلَـٰغِيَةًۭकोई लग़्व बातlāghiyatan١١
उसमें कोई बेकार (अशिष्ट) बात नहीं सुनेंगे।
८८:१२
فِيهَاउसमेंfīhāعَيْنٌۭएक चश्मा होगाʿaynunجَارِيَةٌۭजारी / रवाँjāriyatun١٢
उसमें बहने वाले स्रोत (चश्मे) हैं।
८८:१३
فِيهَاउसमेंfīhāسُرُرٌۭमसनदें होंगीsururunمَّرْفُوعَةٌۭबुलन्दmarfūʿatun١٣
उसमें ऊँचे-ऊँचे तख्त हैं।
८८:१४
وَأَكْوَابٌۭऔर प्यालेwa-akwābunمَّوْضُوعَةٌۭरखे हुएmawḍūʿatun١٤
और (पीने वालों के लिए तैयार) रखे हुए प्याले हैं।
८८:१५
وَنَمَارِقُऔर तकियेwanamāriquمَصْفُوفَةٌۭसफ़ दर सफ़maṣfūfatun١٥
और क्रम में लगे हुए गाव-तकिए हैं।
८८:१६
وَزَرَابِىُّऔर नफ़ीस क़ालीनwazarābiyyuمَبْثُوثَةٌफैलाए हुएmabthūthatun١٦
और बिछाए हुए क़ालीन हैं।1
८८:१७
أَفَلَاक्या फिर नहींafalāيَنظُرُونَवो देखतेyanẓurūnaإِلَىtowardsilāٱلْإِبِلِतरफ़ ऊँटों केl-ibiliكَيْفَकैसेkayfaخُلِقَتْवो पैदा किए गएkhuliqat١٧
क्या वे ऊँटों को नहीं देखते कि वे कैसे पैदा किए गए हैं?
८८:१८
وَإِلَىAnd towardswa-ilāٱلسَّمَآءِऔर तरफ़ आसमान केl-samāiكَيْفَकैसेkayfaرُفِعَتْवो बुलन्द किया गयाrufiʿat١٨
और आकाश को (नहीं देखते) कि उसे कैसे ऊँचा किया गया?
८८:१९
وَإِلَىAnd towardswa-ilāٱلْجِبَالِऔर तरफ़ पहाड़ों केl-jibāliكَيْفَकैसेkayfaنُصِبَتْवो नसब किए गएnuṣibat١٩
और पर्वतों को (नहीं देखते) कि कैसे गाड़े गए हैं?
८८:२०
وَإِلَىAnd towardswa-ilāٱلْأَرْضِऔर तरफ़ ज़मीन केl-arḍiكَيْفَकैसेkayfaسُطِحَتْवो बिछाई गईsuṭiḥat٢٠
तथा धरती को (नहीं देखते) कि कैसे बिछाई गई है?
८८:२१
فَذَكِّرْपस नसीहत कीजिएfadhakkirإِنَّمَآबेशकinnamāأَنتَआप तोantaمُذَكِّرٌۭनसीहत करने वाले हैंmudhakkirun٢١
अतः आप नसीहत करें, आप केवल नसीहत करने वाले हैं।
८८:२२
لَّسْتَनहीं आपlastaعَلَيْهِمउन परʿalayhimبِمُصَيْطِرٍदारोग़ा / ज़िम्मेदारbimuṣayṭirin٢٢
आप उनपर कोई दरोग़ा (नियंत्रक) नहीं हैं।
८८:२३
إِلَّاमगरillāمَنवो जिसनेmanتَوَلَّىٰमुँह मोड़ाtawallāوَكَفَرَऔर उसने इन्कार कियाwakafara٢٣
परंतु जिसने मुँह फेरा और कुफ़्र किया।
८८:२४
فَيُعَذِّبُهُतो अज़ाब देगा उसेfayuʿadhibuhuٱللَّهُअल्लाहl-lahuٱلْعَذَابَअज़ाबl-ʿadhābaٱلْأَكْبَرَसब से बड़ाl-akbara٢٤
तो अल्लाह उसे सबसे बड़ी यातना देगा।
८८:२५
إِنَّबेशकinnaإِلَيْنَآहमारी ही तरफ़ilaynāإِيَابَهُمْलौटना है उनकाiyābahum٢٥
निःसंदेह हमारी ही ओर उनका लौटकर आना है।
८८:२६
ثُمَّफिरthummaإِنَّबेशकinnaعَلَيْنَاहमारे ही ज़िम्मेʿalaynāحِسَابَهُمहिसाब है उनकाḥisābahum٢٦
फिर बेशक हमारे ही ज़िम्मे उनका ह़िसाब लेना है।1