३५

फ़ातिर

मक्की ४५ आयतें पारा २२
فاطر
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ साथ नाम bis'mi
साथ नाम
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान
ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
३५:१
ٱلْحَمْدُ सब तारीफ़ al-ḥamdu
सब तारीफ़
لِلَّهِ अल्लाह के लिए है lillahi
अल्लाह के लिए है
فَاطِرِ पैदा करने वाला है fāṭiri
पैदा करने वाला है
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों
وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन का wal-arḍi
और ज़मीन का
جَاعِلِ बनाने वाला है jāʿili
बनाने वाला है
ٱلْمَلَـٰٓئِكَةِ फ़रिश्तों को l-malāikati
फ़रिश्तों को
رُسُلًا पैग़ामबर rusulan
पैग़ामबर
أُو۟لِىٓ having wings ulī
having wings
أَجْنِحَةٍۢ परों वाले ajniḥatin
परों वाले
مَّثْنَىٰ दो-दो mathnā
दो-दो
وَثُلَـٰثَ और तीन-तीन wathulātha
और तीन-तीन
وَرُبَـٰعَ ۚ और चार- चार warubāʿa
और चार- चार
يَزِيدُ वो इज़ाफ़ा करता है yazīdu
वो इज़ाफ़ा करता है
فِى in
in
ٱلْخَلْقِ तख़लीक़ में l-khalqi
तख़लीक़ में
مَا जो
जो
يَشَآءُ ۚ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर
كُلِّ हर kulli
हर
شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के
قَدِيرٌۭ ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है qadīrun
ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है
١ (1)
(1)
सब प्रशंसा अल्लाह के लिए है, जो आकाशों तथा धरती का पैदा करने वाला है, (और) दो-दो, तीन-तीन, चार-चार परों वाले फ़रिश्तों को संदेशवाहक बनाने वाला1 है। वह संरचना में जैसी चाहता है अभिवृद्धि करता है। निःसंदेह अल्लाह हर चीज़ का सामर्थ्य रखता है।
३५:२
مَّا जो
जो
يَفْتَحِ खोल दे yaftaḥi
खोल दे
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए
مِن of min
of
رَّحْمَةٍۢ कोई रहमत raḥmatin
कोई रहमत
فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं
مُمْسِكَ कोई बन्द करने वाला mum'sika
कोई बन्द करने वाला
لَهَا ۖ उसे lahā
उसे
وَمَا और जो wamā
और जो
يُمْسِكْ वो बन्द कर दे yum'sik
वो बन्द कर दे
فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं
مُرْسِلَ कोई भेजने वाला mur'sila
कोई भेजने वाला
لَهُۥ उसे lahu
उसे
مِنۢ thereafter min
thereafter
بَعْدِهِۦ ۚ बाद उसके baʿdihi
बाद उसके
وَهُوَ और वो wahuwa
और वो
ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त है l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त है
ٱلْحَكِيمُ ख़ूब हिकमत वाला है l-ḥakīmu
ख़ूब हिकमत वाला है
٢ (2)
(2)
अल्लाह लोगों के लिए जो दया1 खोल दे, उसे कोई रोकने वाला नहीं। तथा जिसे रोक ले, तो उसके बाद, उसे कोई भेजने (खोलने) वाला नहीं। तथा वही सब पर प्रभुत्ववशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
३५:३
يَـٰٓأَيُّهَا O yāayyuhā
O
ٱلنَّاسُ ऐ लोगो l-nāsu
ऐ लोगो
ٱذْكُرُوا۟ याद करो udh'kurū
याद करो
نِعْمَتَ नेअमत को niʿ'mata
नेअमत को
ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की
عَلَيْكُمْ ۚ जो तुम पर है ʿalaykum
जो तुम पर है
هَلْ क्या है hal
क्या है
مِنْ (there) any min
(there) any
خَـٰلِقٍ कोई पैदा करने वाला khāliqin
कोई पैदा करने वाला
غَيْرُ सिवाय ghayru
सिवाय
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
يَرْزُقُكُم जो रिज़्क़ देता हो तुम्हें yarzuqukum
जो रिज़्क़ देता हो तुम्हें
مِّنَ from mina
from
ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से
وَٱلْأَرْضِ ۚ और ज़मीन से wal-arḍi
और ज़मीन से
لَآ नहीं
नहीं
إِلَـٰهَ कोई इलाह(बरहक़ ) ilāha
कोई इलाह(बरहक़ )
إِلَّا मगर illā
मगर
هُوَ ۖ वो ही huwa
वो ही
فَأَنَّىٰ तो कहाँ से fa-annā
तो कहाँ से
تُؤْفَكُونَ तुम फेरे जाते हो tu'fakūna
तुम फेरे जाते हो
٣ (3)
(3)
ऐ लोगो! अपने ऊपर अल्लाह की नेमत को याद करो। क्या अल्लाह के सिवा कोई और उत्पत्तिकर्ता है, जो तुम्हें आकाश तथा धरती से जीविका प्रदान करे? उसके सिवा कोई सत्य पूज्य नहीं। फिर तुम कहाँ बहकाए जाते हो?
३५:४
وَإِن और अगर wa-in
और अगर
يُكَذِّبُوكَ वो झुठलाते हैं आपको yukadhibūka
वो झुठलाते हैं आपको
فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़
كُذِّبَتْ झुठलाए गए kudhibat
झुठलाए गए
رُسُلٌۭ कई रसूल rusulun
कई रसूल
مِّن before you min
before you
قَبْلِكَ ۚ आपसे पहले qablika
आपसे पहले
وَإِلَى And to wa-ilā
And to
ٱللَّهِ और तरफ़ अल्लाह ही के l-lahi
और तरफ़ अल्लाह ही के
تُرْجَعُ लौटाए जाते हैं tur'jaʿu
लौटाए जाते हैं
ٱلْأُمُورُ सब काम l-umūru
सब काम
٤ (4)
(4)
और यदि वे आपको झुठलाते हैं, तो निश्चय ही आपसे पहले भी रसूलों को झुठलाया जा चुका है। और सभी मामले अल्लाह ही की ओर लौटाए जाते हैं।1
३५:५
يَـٰٓأَيُّهَا O yāayyuhā
O
ٱلنَّاسُ ऐ लोगो l-nāsu
ऐ लोगो
إِنَّ बेशक inna
बेशक
وَعْدَ वादा waʿda
वादा
ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का
حَقٌّۭ ۖ सच्चा है ḥaqqun
सच्चा है
فَلَا तो ना falā
तो ना
تَغُرَّنَّكُمُ हरगिज़ धोके में डाले तुम्हें taghurrannakumu
हरगिज़ धोके में डाले तुम्हें
ٱلْحَيَوٰةُ ज़िन्दगी l-ḥayatu
ज़िन्दगी
ٱلدُّنْيَا ۖ दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की
وَلَا और ना walā
और ना
يَغُرَّنَّكُم हरगिज़ धोके में डाले तुम्हें yaghurrannakum
हरगिज़ धोके में डाले तुम्हें
بِٱللَّهِ अल्लाह के बारे में bil-lahi
अल्लाह के बारे में
ٱلْغَرُورُ बड़ा धोकेबाज़ l-gharūru
बड़ा धोकेबाज़
٥ (5)
(5)
ऐ लोगो! निश्चय ही अल्लाह का वादा सच्चा है। अतः सांसारिक जीवन तुम्हें धोखे में न डाले और न वह धोखेबाज़ (शैतान) तुम्हें अल्लाह के विषय में धोखा देने पाए।
३५:६
إِنَّ बिलाशुबह inna
बिलाशुबह
ٱلشَّيْطَـٰنَ शैतान l-shayṭāna
शैतान
لَكُمْ तुम्हारा lakum
तुम्हारा
عَدُوٌّۭ दुश्मन है ʿaduwwun
दुश्मन है
فَٱتَّخِذُوهُ तो बनाओ उसे fa-ittakhidhūhu
तो बनाओ उसे
عَدُوًّا ۚ दुश्मन ʿaduwwan
दुश्मन
إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक
يَدْعُوا۟ वो बुलाता है yadʿū
वो बुलाता है
حِزْبَهُۥ अपने गिरोह को ḥiz'bahu
अपने गिरोह को
لِيَكُونُوا۟ ताकि वो हो जाऐं liyakūnū
ताकि वो हो जाऐं
مِنْ among min
among
أَصْحَـٰبِ साथियों में से aṣḥābi
साथियों में से
ٱلسَّعِيرِ भड़कती आग के l-saʿīri
भड़कती आग के
٦ (6)
(6)
निःसंदेह शैतान तुम्हारा शत्रु है। अतः तुम उसे अपना शत्रु ही समझो। वह तो अपने समूह को केवल इसलिए बुलाता है कि वे नरक वालों में से हो जाएँ।
३५:७
ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने
كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया
لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए
عَذَابٌۭ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है
شَدِيدٌۭ ۖ सख़्त shadīdun
सख़्त
وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो
ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए
وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए
ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक
لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए
مَّغْفِرَةٌۭ बख़्शिश है maghfiratun
बख़्शिश है
وَأَجْرٌۭ और अजर है wa-ajrun
और अजर है
كَبِيرٌ बहुत बड़ा kabīrun
बहुत बड़ा
٧ (7)
(7)
जिन लोगों ने कुफ़्र किया, उनके लिए कठोर यातना है, तथा जो लोग ईमान लाए और सत्कर्म किए, उनके लिए क्षमा तथा बड़ा प्रतिफल है।
३५:८
أَفَمَن क्या भला वो जो afaman
क्या भला वो जो
زُيِّنَ मुज़य्यन कर दिया गया zuyyina
मुज़य्यन कर दिया गया
لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए
سُوٓءُ बुरा sūu
बुरा
عَمَلِهِۦ अमल उसका ʿamalihi
अमल उसका
فَرَءَاهُ फिर वो देखे उसे faraāhu
फिर वो देखे उसे
حَسَنًۭا ۖ ख़ूबसूरत ḥasanan
ख़ूबसूरत
فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
يُضِلُّ वो गुमराह करता है yuḍillu
वो गुमराह करता है
مَن जिसे man
जिसे
يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है
وَيَهْدِى और वो हिदायत देता है wayahdī
और वो हिदायत देता है
مَن जिसे man
जिसे
يَشَآءُ ۖ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है
فَلَا पस ना falā
पस ना
تَذْهَبْ जाती रहे tadhhab
जाती रहे
نَفْسُكَ आपकी जान nafsuka
आपकी जान
عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर
حَسَرَٰتٍ ۚ हसरतें करके ḥasarātin
हसरतें करके
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
عَلِيمٌۢ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है
بِمَا जो कुछ bimā
जो कुछ
يَصْنَعُونَ वो करते हैं yaṣnaʿūna
वो करते हैं
٨ (8)
(8)
तो क्या वह व्यक्ति जिसके लिए उसके कुकर्म को सुंदर बना दिया गया हो, तो वह उसे अच्छा समझता हो, (उसके समान है जो मार्गदर्शन पर है?) निःसंदेह अल्लाह जिसे चाहता है, गुमराह कर देता है और जिसे चाहता है, मार्गदर्शन प्रदान करता है। अतः आप उनपर अफ़सोस के कारण अपने आपको व्यथित न करें। निःसंदेह अल्लाह उसे भली-भाँति जानने वाला है जो कुछ वे कर रहे हैं।
३५:९
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
ٱلَّذِىٓ वो है जिसने alladhī
वो है जिसने
أَرْسَلَ भेजा arsala
भेजा
ٱلرِّيَـٰحَ हवाओं को l-riyāḥa
हवाओं को
فَتُثِيرُ तो वो उठाती हैं fatuthīru
तो वो उठाती हैं
سَحَابًۭا बादल saḥāban
बादल
فَسُقْنَـٰهُ फिर चलाते हैं हम उसे fasuq'nāhu
फिर चलाते हैं हम उसे
إِلَىٰ to ilā
to
بَلَدٍۢ तरफ़ शहर baladin
तरफ़ शहर
مَّيِّتٍۢ मुर्दा के mayyitin
मुर्दा के
فَأَحْيَيْنَا फिर ज़िन्दा करते हैं हम fa-aḥyaynā
फिर ज़िन्दा करते हैं हम
بِهِ साथ उसके bihi
साथ उसके
ٱلْأَرْضَ ज़मीन को l-arḍa
ज़मीन को
بَعْدَ बाद baʿda
बाद
مَوْتِهَا ۚ उसकी मौत के mawtihā
उसकी मौत के
كَذَٰلِكَ इसी तरह होगा kadhālika
इसी तरह होगा
ٱلنُّشُورُ उठाया जाना l-nushūru
उठाया जाना
٩ (9)
(9)
तथा अल्लाह ही है जो हवाओं को भेजता है, तो वे बादल उठाती हैं। फिर हम उसे मृत नगर की ओर हाँक ले जाते हैं। फिर हम उसके द्वारा धरती को उसके मृत हो जाने के बाद जीवित कर देते हैं। इसी प्रकार (क़ियामत के दिन) जीवित होकर उठना1 है।
३५:१०
مَن जो कोई man
जो कोई
كَانَ है kāna
है
يُرِيدُ चाहता yurīdu
चाहता
ٱلْعِزَّةَ इज़्ज़त l-ʿizata
इज़्ज़त
فَلِلَّهِ तो अल्लाह ही के लिए है falillahi
तो अल्लाह ही के लिए है
ٱلْعِزَّةُ इज़्ज़त l-ʿizatu
इज़्ज़त
جَمِيعًا ۚ सारी की सारी jamīʿan
सारी की सारी
إِلَيْهِ तरफ़ उसी के ilayhi
तरफ़ उसी के
يَصْعَدُ चढ़ते हैं yaṣʿadu
चढ़ते हैं
ٱلْكَلِمُ कलमात l-kalimu
कलमात
ٱلطَّيِّبُ पाकीज़ा l-ṭayibu
पाकीज़ा
وَٱلْعَمَلُ और अमल wal-ʿamalu
और अमल
ٱلصَّـٰلِحُ सालेह l-ṣāliḥu
सालेह
يَرْفَعُهُۥ ۚ बुलन्द करता है उसे yarfaʿuhu
बुलन्द करता है उसे
وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो
يَمْكُرُونَ मकर करते हैं yamkurūna
मकर करते हैं
ٱلسَّيِّـَٔاتِ बुरे l-sayiāti
बुरे
لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए
عَذَابٌۭ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है
شَدِيدٌۭ ۖ सख़्त shadīdun
सख़्त
وَمَكْرُ और मकर wamakru
और मकर
أُو۟لَـٰٓئِكَ उन लोगों का ulāika
उन लोगों का
هُوَ वो huwa
वो
يَبُورُ वो तबाह हो जाएगा yabūru
वो तबाह हो जाएगा
١٠ (10)
(10)
जो व्यक्ति सम्मान (इज़्ज़त) चाहता है, तो सब सम्मान अल्लाह ही के लिए है। पवित्र वाक्य1 उसी की ओर चढ़ते हैं और सत्कर्म उन्हें ऊपर उठाता2 है। तथा जो लोग बुरी चालें चलते हैं, उनके लिए कठोर यातना है और उनकी चाल ही मटियामेट होकर रहेगी।
३५:११
وَٱللَّهُ और अल्लाह ने wal-lahu
और अल्लाह ने
خَلَقَكُم पैदा किया तुम्हें khalaqakum
पैदा किया तुम्हें
مِّن from min
from
تُرَابٍۢ मिट्टी से turābin
मिट्टी से
ثُمَّ फिर thumma
फिर
مِن from min
from
نُّطْفَةٍۢ नुत्फ़े से nuṭ'fatin
नुत्फ़े से
ثُمَّ फिर thumma
फिर
جَعَلَكُمْ बनाया तुम्हें jaʿalakum
बनाया तुम्हें
أَزْوَٰجًۭا ۚ जोड़े azwājan
जोड़े
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
تَحْمِلُ उठाती taḥmilu
उठाती
مِنْ any min
any
أُنثَىٰ कोई मादा unthā
कोई मादा
وَلَا और नहीं walā
और नहीं
تَضَعُ वो जन्म देती है taḍaʿu
वो जन्म देती है
إِلَّا मगर illā
मगर
بِعِلْمِهِۦ ۚ साथ उसके इल्म के biʿil'mihi
साथ उसके इल्म के
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
يُعَمَّرُ उमर दिया जाता yuʿammaru
उमर दिया जाता
مِن any min
any
مُّعَمَّرٍۢ कोई उमर दिया हुआ muʿammarin
कोई उमर दिया हुआ
وَلَا और ना walā
और ना
يُنقَصُ कमी की जाती yunqaṣu
कमी की जाती
مِنْ from min
from
عُمُرِهِۦٓ उसकी उमर में से कुछ ʿumurihi
उसकी उमर में से कुछ
إِلَّا मगर illā
मगर
فِى (is) in
(is) in
كِتَـٰبٍ ۚ एक किताब में है kitābin
एक किताब में है
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ذَٰلِكَ ये dhālika
ये
عَلَى for ʿalā
for
ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर
يَسِيرٌۭ बहुत आसान है yasīrun
बहुत आसान है
١١ (11)
(11)
अल्लाह ही ने तुम्हें मिट्टी से, फिर वीर्य से पैदा किया, फिर तुम्हें जोड़े-जोड़े बनाया। जो भी मादा गर्भ धारण करती है और बच्चा जनती है, तो अल्लाह को उसका ज्ञान होता है। तथा किसी आयु वाले की आयु बढ़ाई जाती है या उसकी आयु कम की जाती है, तो यह सब कुछ एक किताब में (लिखा हुआ) है।1 निःसंदेह यह सब अल्लाह पर अति सरल है।
३५:१२
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
يَسْتَوِى बराबर हो सकते yastawī
बराबर हो सकते
ٱلْبَحْرَانِ दो समुन्दर l-baḥrāni
दो समुन्दर
هَـٰذَا ये hādhā
ये
عَذْبٌۭ मीठा है ʿadhbun
मीठा है
فُرَاتٌۭ प्यास बुझाने वाला furātun
प्यास बुझाने वाला
سَآئِغٌۭ ख़ुशगवार है sāighun
ख़ुशगवार है
شَرَابُهُۥ पानी उसका sharābuhu
पानी उसका
وَهَـٰذَا और ये wahādhā
और ये
مِلْحٌ खारी है mil'ḥun
खारी है
أُجَاجٌۭ ۖ निहायत तल्ख़ ujājun
निहायत तल्ख़
وَمِن And from wamin
And from
كُلٍّۢ और हर एक से kullin
और हर एक से
تَأْكُلُونَ तुम खाते हो takulūna
तुम खाते हो
لَحْمًۭا गोश्त laḥman
गोश्त
طَرِيًّۭا तरो ताज़ा ṭariyyan
तरो ताज़ा
وَتَسْتَخْرِجُونَ और तुम निकाल लेते हो watastakhrijūna
और तुम निकाल लेते हो
حِلْيَةًۭ ज़ेवर ḥil'yatan
ज़ेवर
تَلْبَسُونَهَا ۖ तुम पहनते हो उसे talbasūnahā
तुम पहनते हो उसे
وَتَرَى और आप देखते हैं watarā
और आप देखते हैं
ٱلْفُلْكَ कश्तियों को l-ful'ka
कश्तियों को
فِيهِ उसमें fīhi
उसमें
مَوَاخِرَ फाड़ने वाली हैं mawākhira
फाड़ने वाली हैं
لِتَبْتَغُوا۟ ताकि तुम तलाश करो litabtaghū
ताकि तुम तलाश करो
مِن of min
of
فَضْلِهِۦ उसके फ़ज़ल से faḍlihi
उसके फ़ज़ल से
وَلَعَلَّكُمْ और ताकि तुम walaʿallakum
और ताकि तुम
تَشْكُرُونَ तुम शुक्र अदा करो tashkurūna
तुम शुक्र अदा करो
١٢ (12)
(12)
तथा दो सागर बारबर नहीं हैं। यह (एक) मीठा, प्यास बुझाने वाला, पीने में रुचिकर है, और यह (दूसरा) खारा-कड़वा है। तथा प्रत्येक में से तुम ताज़ा माँस खाते हो तथा आभूषण निकालते हो, जिसे तुम पहनते हो। और तुम उसमें नावों को देखते हो कि पानी को चीरती हुई चलती हैं, ताकि तुम अल्लाह का अनुग्रह तलाश करो और ताकि तुम कृतज्ञ बनो।
३५:१३
يُولِجُ वो दाख़िल करता है yūliju
वो दाख़िल करता है
ٱلَّيْلَ रात को al-layla
रात को
فِى in (to)
in (to)
ٱلنَّهَارِ दिन में l-nahāri
दिन में
وَيُولِجُ और वो दाख़िल करता है wayūliju
और वो दाख़िल करता है
ٱلنَّهَارَ दिन को l-nahāra
दिन को
فِى in (to)
in (to)
ٱلَّيْلِ रात में al-layli
रात में
وَسَخَّرَ और उसने मुसख़्खर किया wasakhara
और उसने मुसख़्खर किया
ٱلشَّمْسَ सूरज l-shamsa
सूरज
وَٱلْقَمَرَ और चाँद को wal-qamara
और चाँद को
كُلٌّۭ हर एक kullun
हर एक
يَجْرِى चल रहा है yajrī
चल रहा है
لِأَجَلٍۢ एक वक़्त तक li-ajalin
एक वक़्त तक
مُّسَمًّۭى ۚ जो मुक़र्रर है musamman
जो मुक़र्रर है
ذَٰلِكُمُ ये है dhālikumu
ये है
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
رَبُّكُمْ रब तुम्हारा rabbukum
रब तुम्हारा
لَهُ उसी के लिए है lahu
उसी के लिए है
ٱلْمُلْكُ ۚ बादशाहत l-mul'ku
बादशाहत
وَٱلَّذِينَ और वो जिन्हें wa-alladhīna
और वो जिन्हें
تَدْعُونَ तुम पुकारते हो tadʿūna
तुम पुकारते हो
مِن besides Him min
besides Him
دُونِهِۦ उस के सिवा dūnihi
उस के सिवा
مَا नहीं
नहीं
يَمْلِكُونَ वो मालिक हो सकते yamlikūna
वो मालिक हो सकते
مِن even min
even
قِطْمِيرٍ खजूर की गुठली के छिल्के के भी qiṭ'mīrin
खजूर की गुठली के छिल्के के भी
١٣ (13)
(13)
वह रात को दिन में दाखिल करता है, तथा दिन को रात में दाखिल करता है, तथा सूर्य एवं चाँद को काम में लगा रखा है। उनमें से प्रत्येक एक निश्चित समय तक चल रहा है।वही अल्लाह तुम्हारा पालनहार है। उसी का राज्य है। तथा जिन्हें तुम उसके सिवा पुकारते हो, वे खजूर की गुठली के छिलके के भी मालिक नहीं हैं।
३५:१४
إِن अगर in
अगर
تَدْعُوهُمْ तुम पुकारो उन्हें tadʿūhum
तुम पुकारो उन्हें
لَا not
not
يَسْمَعُوا۟ नहीं वो सुनेंगे yasmaʿū
नहीं वो सुनेंगे
دُعَآءَكُمْ पुकार तुम्हारी duʿāakum
पुकार तुम्हारी
وَلَوْ और अगर walaw
और अगर
سَمِعُوا۟ वो सुने लें samiʿū
वो सुने लें
مَا नहीं
नहीं
ٱسْتَجَابُوا۟ वो जवाब देंगे is'tajābū
वो जवाब देंगे
لَكُمْ ۖ तुम्हें lakum
तुम्हें
وَيَوْمَ और दिन wayawma
और दिन
ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के
يَكْفُرُونَ वो इन्कार कर देंगे yakfurūna
वो इन्कार कर देंगे
بِشِرْكِكُمْ ۚ तुम्हारे शिर्क का bishir'kikum
तुम्हारे शिर्क का
وَلَا और नहीं walā
और नहीं
يُنَبِّئُكَ ख़बर दे सकता आपको yunabbi-uka
ख़बर दे सकता आपको
مِثْلُ मानिन्द mith'lu
मानिन्द
خَبِيرٍۢ ख़ूब ख़बर रखने वाले के khabīrin
ख़ूब ख़बर रखने वाले के
١٤ (14)
(14)
यदि तुम उन्हें पुकारो, तो वे तुम्हारी पुकार नहीं सुन सकते। और यदि सुन भी लें, तो तुम्हें उत्तर नहीं दे सकते। और वे क़ियामत के दिन तुम्हारे शिर्क का इनकार कर देंगे। और (ऐ रसूल!) आपको एक सर्वज्ञाता (अल्लाह) की तरह कोई सूचना नहीं देगा।1
३५:१५
۞ يَـٰٓأَيُّهَا yāayyuhā
ٱلنَّاسُ लोगो l-nāsu
लोगो
أَنتُمُ तुम antumu
तुम
ٱلْفُقَرَآءُ मोहताज हो l-fuqarāu
मोहताज हो
إِلَى तरफ़ ilā
तरफ़
ٱللَّهِ ۖ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
هُوَ वो ही है huwa
वो ही है
ٱلْغَنِىُّ बहुत बेनियाज़ l-ghaniyu
बहुत बेनियाज़
ٱلْحَمِيدُ ख़ूब तारीफ़ वाला l-ḥamīdu
ख़ूब तारीफ़ वाला
١٥ (15)
(15)
ऐ लोगो! तुम सब अल्लाह के मुहताज हो और अल्लाह बेनियाज़, प्रशंसित है।
३५:१६
إِن अगर in
अगर
يَشَأْ वो चाहे yasha
वो चाहे
يُذْهِبْكُمْ वो ले जाए तुम्हें yudh'hib'kum
वो ले जाए तुम्हें
وَيَأْتِ और वो ले आए wayati
और वो ले आए
بِخَلْقٍۢ एक मख़लूक़ bikhalqin
एक मख़लूक़
جَدِيدٍۢ नई jadīdin
नई
١٦ (16)
(16)
यदि वह चाहे, तो तुम्हें ले जाए और (तुम्हारी जगह) एक नई मख़लूक़1 ले आए।
३५:१७
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
ذَٰلِكَ ये dhālika
ये
عَلَى (is) on ʿalā
(is) on
ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर
بِعَزِيزٍۢ कुछ मुश्किल biʿazīzin
कुछ मुश्किल
١٧ (17)
(17)
और यह अल्लाह के लिए कुछ भी कठिन नहीं।
३५:१८
وَلَا और ना walā
और ना
تَزِرُ बोझ उठाएगी taziru
बोझ उठाएगी
وَازِرَةٌۭ कोई बोझ उठाने वाली wāziratun
कोई बोझ उठाने वाली
وِزْرَ बोझ wiz'ra
बोझ
أُخْرَىٰ ۚ दूसरी का ukh'rā
दूसरी का
وَإِن और अगर wa-in
और अगर
تَدْعُ पुकारेगी tadʿu
पुकारेगी
مُثْقَلَةٌ कोई बोझ से लदी हुई muth'qalatun
कोई बोझ से लदी हुई
إِلَىٰ to ilā
to
حِمْلِهَا तरफ़ अपने बोझ के ḥim'lihā
तरफ़ अपने बोझ के
لَا not
not
يُحْمَلْ ना उठाया जाएगा yuḥ'mal
ना उठाया जाएगा
مِنْهُ उससे min'hu
उससे
شَىْءٌۭ कुछ भी shayon
कुछ भी
وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे
كَانَ हो kāna
हो
ذَا near of kin dhā
near of kin
قُرْبَىٰٓ ۗ क़राबत दार qur'bā
क़राबत दार
إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक
تُنذِرُ आप तो डरा सकते हैं tundhiru
आप तो डरा सकते हैं
ٱلَّذِينَ उन्हें जो alladhīna
उन्हें जो
يَخْشَوْنَ डरते हैं yakhshawna
डरते हैं
رَبَّهُم अपने रब से rabbahum
अपने रब से
بِٱلْغَيْبِ ग़ायबाना तौर पर bil-ghaybi
ग़ायबाना तौर पर
وَأَقَامُوا۟ और वो क़ायम करते हैं wa-aqāmū
और वो क़ायम करते हैं
ٱلصَّلَوٰةَ ۚ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़
وَمَن और जिसने waman
और जिसने
تَزَكَّىٰ पाकीज़गी इख़्तियार की tazakkā
पाकीज़गी इख़्तियार की
فَإِنَّمَا तो बेशक fa-innamā
तो बेशक
يَتَزَكَّىٰ वो पाकीज़गी इख़्तियार करता है yatazakkā
वो पाकीज़गी इख़्तियार करता है
لِنَفْسِهِۦ ۚ अपने नफ़्स के लिए linafsihi
अपने नफ़्स के लिए
وَإِلَى And to wa-ilā
And to
ٱللَّهِ और तरफ़ अल्लाह ही के l-lahi
और तरफ़ अल्लाह ही के
ٱلْمَصِيرُ लौटना है l-maṣīru
लौटना है
١٨ (18)
(18)
और कोई बोझ उठाने वाला दूसरे का बोझ1 नहीं उठाएगा। और अगर कोई बोझ से दबा हुआ व्यक्ति (किसी को) बोझ उठाने के लिए पुकारेगा, तो उसका तनिक भी बोझ नहीं उठाया जाएगा, यद्यपि वह निकट का संबंधी ही क्यों न हो। आप तो केवल उन्हीं लोगों को सचेत करते हैं, जो अपने पालनहार से बिन देखे डरते हैं और नमाज़ क़ायम करते हैं। तथा जो पवित्र हुआ, वह अपने ही लाभ के लिए पवित्र होता है। और (सबको) अल्लाह ही की ओर लौटकर जाना है।
३५:१९
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
يَسْتَوِى बराबर हो सकता yastawī
बराबर हो सकता
ٱلْأَعْمَىٰ अँधा l-aʿmā
अँधा
وَٱلْبَصِيرُ और देखने वाला wal-baṣīru
और देखने वाला
١٩ (19)
(19)
और अंधा तथा देखने वाला समान नहीं हो सकते।
३५:२०
وَلَا और ना walā
और ना
ٱلظُّلُمَـٰتُ अँधेरे l-ẓulumātu
अँधेरे
وَلَا और ना walā
और ना
ٱلنُّورُ नूर l-nūru
नूर
٢٠ (20)
(20)
और न अंधकार तथा प्रकाश।
३५:२१
وَلَا और ना walā
और ना
ٱلظِّلُّ साया l-ẓilu
साया
وَلَا और ना walā
और ना
ٱلْحَرُورُ धूप l-ḥarūru
धूप
٢١ (21)
(21)
और न छाया तथा गर्म हवा।
३५:२२
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
يَسْتَوِى बराबर हो सकते yastawī
बराबर हो सकते
ٱلْأَحْيَآءُ ज़िन्दा l-aḥyāu
ज़िन्दा
وَلَا और ना walā
और ना
ٱلْأَمْوَٰتُ ۚ मुर्दे l-amwātu
मुर्दे
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
يُسْمِعُ वो सुनाता है yus'miʿu
वो सुनाता है
مَن जिसे man
जिसे
يَشَآءُ ۖ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है
وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं
أَنتَ आप anta
आप
بِمُسْمِعٍۢ सुनाने वाले bimus'miʿin
सुनाने वाले
مَّن उन्हें जो man
उन्हें जो
فِى (are) in
(are) in
ٱلْقُبُورِ क़ब्रों में हैं l-qubūri
क़ब्रों में हैं
٢٢ (22)
(22)
तथा जीवित एवं मृत समान नहीं हो सकते। निःसंदेह अल्लाह जिसे चाहता है, सुना देता है और आप उन्हें नहीं सुना सकते, जो क़ब्रों में हैं।
३५:२३
إِنْ नहीं हैं in
नहीं हैं
أَنتَ आप anta
आप
إِلَّا मगर illā
मगर
نَذِيرٌ डराने वाले nadhīrun
डराने वाले
٢٣ (23)
(23)
आप तो मात्र एक डराने वाले हैं।
३५:२४
إِنَّآ बेशक हम innā
बेशक हम
أَرْسَلْنَـٰكَ भेजा हमने आपको arsalnāka
भेजा हमने आपको
بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के
بَشِيرًۭا ख़ुशख़बरी देने वाला bashīran
ख़ुशख़बरी देने वाला
وَنَذِيرًۭا ۚ और डराने वाला(बना कर) wanadhīran
और डराने वाला(बना कर)
وَإِن और नहीं wa-in
और नहीं
مِّنْ (was) any min
(was) any
أُمَّةٍ कोई भी उम्मत ummatin
कोई भी उम्मत
إِلَّا मगर illā
मगर
خَلَا गुज़रा है khalā
गुज़रा है
فِيهَا उसमें fīhā
उसमें
نَذِيرٌۭ एक डराने वाला nadhīrun
एक डराने वाला
٢٤ (24)
(24)
निःसंदेह हमने आपको सत्य के साथ शुभ सूचना देने वाला तथा डराने वाला बनाकर भेजा है। और कोई समुदाय ऐसा नहीं, जिसमें कोई डराने वाला न आया हो।
३५:२५
وَإِن और अगर wa-in
और अगर
يُكَذِّبُوكَ वो झुठलाते हैं आपको yukadhibūka
वो झुठलाते हैं आपको
فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़
كَذَّبَ झुठलाया kadhaba
झुठलाया
ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जो alladhīna
उन लोगों ने जो
مِن (were) before them min
(were) before them
قَبْلِهِمْ उनसे पहले थे qablihim
उनसे पहले थे
جَآءَتْهُمْ आए उनके पास jāathum
आए उनके पास
رُسُلُهُم रसूल उनके rusuluhum
रसूल उनके
بِٱلْبَيِّنَـٰتِ साथ वाज़ेह निशानियों के bil-bayināti
साथ वाज़ेह निशानियों के
وَبِٱلزُّبُرِ और साथ सहीफ़ों के wabil-zuburi
और साथ सहीफ़ों के
وَبِٱلْكِتَـٰبِ और साथ किताबे wabil-kitābi
और साथ किताबे
ٱلْمُنِيرِ रौशन के l-munīri
रौशन के
٢٥ (25)
(25)
और अगर ये लोग आपको झुठलाते हैं, तो इनसे पूर्व के लोगों ने भी (रसूलों को) झुठलाया है, जिनके पास हमारे रसूल खुले प्रमाण, ग्रंथ और ज्योतिमान करने वाली पुस्तक लेकर आए।
३५:२६
ثُمَّ फिर thumma
फिर
أَخَذْتُ मैं ने पकड़ लिया akhadhtu
मैं ने पकड़ लिया
ٱلَّذِينَ उन्हें जिन्होंने alladhīna
उन्हें जिन्होंने
كَفَرُوا۟ ۖ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया
فَكَيْفَ तो किस तरह fakayfa
तो किस तरह
كَانَ हुई kāna
हुई
نَكِيرِ सज़ा मेरी nakīri
सज़ा मेरी
٢٦ (26)
(26)
फिर मैंने उन लोगों को पकड़ लिया, जिन्होंने इनकार किया। तो मेरी पकड़ कैसी रही?
३५:२७
أَلَمْ क्या नहीं alam
क्या नहीं
تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा
أَنَّ बेशक anna
बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने
أَنزَلَ उतारा anzala
उतारा
مِنَ from mina
from
ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से
مَآءًۭ पानी māan
पानी
فَأَخْرَجْنَا फिर निकाला हमने fa-akhrajnā
फिर निकाला हमने
بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके
ثَمَرَٰتٍۢ फल thamarātin
फल
مُّخْتَلِفًا मुख़्तलिफ़ हैं mukh'talifan
मुख़्तलिफ़ हैं
أَلْوَٰنُهَا ۚ रंग उनके alwānuhā
रंग उनके
وَمِنَ And in wamina
And in
ٱلْجِبَالِ और पहाड़ों में से l-jibāli
और पहाड़ों में से
جُدَدٌۢ टुकड़े हैं judadun
टुकड़े हैं
بِيضٌۭ कुछ सफ़ेद bīḍun
कुछ सफ़ेद
وَحُمْرٌۭ और कुछ सुर्ख़ waḥum'run
और कुछ सुर्ख़
مُّخْتَلِفٌ मुख़्तलिफ़ हैं mukh'talifun
मुख़्तलिफ़ हैं
أَلْوَٰنُهَا रंग उनके alwānuhā
रंग उनके
وَغَرَابِيبُ और कुछ काले wagharābību
और कुछ काले
سُودٌۭ सयाह sūdun
सयाह
٢٧ (27)
(27)
क्या आपने नहीं देखा कि अल्लाह ने आकाश से पानी उतारा, फिर हमने उसके द्वारा विभिन्न रंगों के बहुत-से फल निकाल दिए। तथा पर्वतों में विभिन्न रंगों की सफेद और लाल धारियाँ (और टुकड़े) हैं, तथा कुछ गहरी काली धारियाँ हैं।
३५:२८
وَمِنَ And among wamina
And among
ٱلنَّاسِ और इन्सानों में से l-nāsi
और इन्सानों में से
وَٱلدَّوَآبِّ और जानवरों wal-dawābi
और जानवरों
وَٱلْأَنْعَـٰمِ और मवेशियों में से wal-anʿāmi
और मवेशियों में से
مُخْتَلِفٌ मुख़्तलिफ़ हैं mukh'talifun
मुख़्तलिफ़ हैं
أَلْوَٰنُهُۥ रंग उनके alwānuhu
रंग उनके
كَذَٰلِكَ ۗ इसी तरह kadhālika
इसी तरह
إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक
يَخْشَى डरते हैं yakhshā
डरते हैं
ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से
مِنْ among min
among
عِبَادِهِ उसके बन्दों में से ʿibādihi
उसके बन्दों में से
ٱلْعُلَمَـٰٓؤُا۟ ۗ उलेमा ही l-ʿulamāu
उलेमा ही
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
عَزِيزٌ बहुत ज़बरदस्त है ʿazīzun
बहुत ज़बरदस्त है
غَفُورٌ बहुत बख़श्ने वाला है ghafūrun
बहुत बख़श्ने वाला है
٢٨ (28)
(28)
तथा इसी प्रकार मनुष्यों, जानवरों और चौपायों में से भी ऐसे हैं जिनके रंग विभिन्न हैं। वास्तविकता यह है कि अल्लाह से उसके वही बंदे डरते हैं, जो ज्ञानी1 हैं। निःसंदेह अल्लाह अति प्रभुत्वशाली, बेहद क्षमाशील है।
३५:२९
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो
يَتْلُونَ पढ़ते हैं yatlūna
पढ़ते हैं
كِتَـٰبَ किताब kitāba
किताब
ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की
وَأَقَامُوا۟ और वो क़ायम करते हैं wa-aqāmū
और वो क़ायम करते हैं
ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़
وَأَنفَقُوا۟ और वो ख़र्च करते हैं wa-anfaqū
और वो ख़र्च करते हैं
مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो
رَزَقْنَـٰهُمْ रिज़्क़ दिया हमने उन्हें razaqnāhum
रिज़्क़ दिया हमने उन्हें
سِرًّۭا पोशीदा sirran
पोशीदा
وَعَلَانِيَةًۭ और अलानिया waʿalāniyatan
और अलानिया
يَرْجُونَ वो उम्मीद रखते हैं yarjūna
वो उम्मीद रखते हैं
تِجَـٰرَةًۭ ऐसी तिजारत की tijāratan
ऐसी तिजारत की
لَّن हरगिज़ ना lan
हरगिज़ ना
تَبُورَ वो तबाह होगी tabūra
वो तबाह होगी
٢٩ (29)
(29)
निःसंदेह जो लोग अल्लाह की पुस्तक (क़ुरआन) पढ़ते हैं, और नमाज़ क़ायम करते हैं और जो कुछ हमने उन्हें दिया है, उसमें से छिपे और खुले खर्च करते हैं, वे ऐसे व्यापार की आशा रखते हैं, जिसमें कभी घाटा नहीं होगा।
३५:३०
لِيُوَفِّيَهُمْ ताकि वो पूरे-पूरे दे उन्हें liyuwaffiyahum
ताकि वो पूरे-पूरे दे उन्हें
أُجُورَهُمْ अजर उनके ujūrahum
अजर उनके
وَيَزِيدَهُم और ज़्यादा दे उन्हें wayazīdahum
और ज़्यादा दे उन्हें
مِّن of min
of
فَضْلِهِۦٓ ۚ अपने फ़ज़ल से faḍlihi
अपने फ़ज़ल से
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है
شَكُورٌۭ निहायत क़द्रदान है shakūrun
निहायत क़द्रदान है
٣٠ (30)
(30)
ताकि अल्लाह उन्हें उनका पूरा-पूरा बदला दे और उन्हें अपनी कृपा से और अधिक प्रदान करे। निःसंदेह वह बहुत क्षमा करने वाला, अत्यंत गुणग्राही है।
३५:३१
وَٱلَّذِىٓ और जो wa-alladhī
और जो
أَوْحَيْنَآ वही की हमने awḥaynā
वही की हमने
إِلَيْكَ आपकी तरफ़ ilayka
आपकी तरफ़
مِنَ of mina
of
ٱلْكِتَـٰبِ किताब में से l-kitābi
किताब में से
هُوَ वो ही huwa
वो ही
ٱلْحَقُّ हक़ है l-ḥaqu
हक़ है
مُصَدِّقًۭا तस्दीक़ करने वाली muṣaddiqan
तस्दीक़ करने वाली
لِّمَا उसकी जो limā
उसकी जो
بَيْنَ before it bayna
before it
يَدَيْهِ ۗ उससे पहले है yadayhi
उससे पहले है
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
بِعِبَادِهِۦ अपने बन्दों के बारे में biʿibādihi
अपने बन्दों के बारे में
لَخَبِيرٌۢ अलबत्ता पूरी तरह बाख़बर है lakhabīrun
अलबत्ता पूरी तरह बाख़बर है
بَصِيرٌۭ ख़ूब देखने वाला है baṣīrun
ख़ूब देखने वाला है
٣١ (31)
(31)
और हमने आपकी ओर जिस किताब की वह़्य (प्रकाशना) की है, वही सर्वथा सच है और अपने से पहले की पुस्तकों की पुष्टि करने वाली है। निःसंदेह अल्लाह अपने बंदों की पूरी खबर रखने वाला, सब कुछ देखने वाला है।1
३५:३२
ثُمَّ फिर thumma
फिर
أَوْرَثْنَا वारिस बनाया हम ने awrathnā
वारिस बनाया हम ने
ٱلْكِتَـٰبَ किताब का l-kitāba
किताब का
ٱلَّذِينَ उनको जिन्हें alladhīna
उनको जिन्हें
ٱصْطَفَيْنَا चुन लिया हम ने iṣ'ṭafaynā
चुन लिया हम ने
مِنْ of min
of
عِبَادِنَا ۖ अपने बन्दों में से ʿibādinā
अपने बन्दों में से
فَمِنْهُمْ तो उनमें से कोई famin'hum
तो उनमें से कोई
ظَالِمٌۭ ज़ुल्म करने वाला है ẓālimun
ज़ुल्म करने वाला है
لِّنَفْسِهِۦ अपनी जान पर linafsihi
अपनी जान पर
وَمِنْهُم और उनमें से कोई wamin'hum
और उनमें से कोई
مُّقْتَصِدٌۭ मयाना रू है muq'taṣidun
मयाना रू है
وَمِنْهُمْ और उनमें से कोई wamin'hum
और उनमें से कोई
سَابِقٌۢ सबक़त ले जाने वाला है sābiqun
सबक़त ले जाने वाला है
بِٱلْخَيْرَٰتِ नेकियों में bil-khayrāti
नेकियों में
بِإِذْنِ by permission bi-idh'ni
by permission
ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के इज़्न l-lahi
अल्लाह के इज़्न
ذَٰلِكَ यही है dhālika
यही है
هُوَ वो huwa
वो
ٱلْفَضْلُ फ़ज़ल l-faḍlu
फ़ज़ल
ٱلْكَبِيرُ बहुत बड़ा l-kabīru
बहुत बड़ा
٣٢ (32)
(32)
फिर हमने इस पुस्तक का उत्तराधिकारी उन लोगों को बनाया, जिन्हें हमने अपने बंदों1 में से चुन लिया। तो उनमें से कुछ लोग अपने ऊपर अत्याचार करने वाले हैं, और उनमें से कुछ लोग मध्यमार्गी हैं, और उनमें से कुछ लोग अल्लाह की अनुमति से भलाई के कामों में आगे निकल जाने वाले हैं। यही महान अनुग्रह है।
३५:३३
جَنَّـٰتُ बाग़ात हैं jannātu
बाग़ात हैं
عَدْنٍۢ हमेशगी के ʿadnin
हमेशगी के
يَدْخُلُونَهَا वो दाख़िल होंगे उनमें yadkhulūnahā
वो दाख़िल होंगे उनमें
يُحَلَّوْنَ वो पहनाए जाऐंगे yuḥallawna
वो पहनाए जाऐंगे
فِيهَا उनमें fīhā
उनमें
مِنْ with min
with
أَسَاوِرَ कंगनों में से asāwira
कंगनों में से
مِن of min
of
ذَهَبٍۢ सोने के dhahabin
सोने के
وَلُؤْلُؤًۭا ۖ और मोती walu'lu-an
और मोती
وَلِبَاسُهُمْ और लिबास उनका walibāsuhum
और लिबास उनका
فِيهَا उनमें fīhā
उनमें
حَرِيرٌۭ रेशम होगा ḥarīrun
रेशम होगा
٣٣ (33)
(33)
सदा रहने के बाग़ हैं, जिनमें वे प्रवेश करेंगे। उनमें वे सोने के कंगन और मोती पहनाए जाएँगे और उनमें उनके वस्त्र रेशम के होंगे।
३५:३४
وَقَالُوا۟ और वो कहेंगे waqālū
और वो कहेंगे
ٱلْحَمْدُ सब तारीफ़ l-ḥamdu
सब तारीफ़
لِلَّهِ अल्लाह ही के लिए है lillahi
अल्लाह ही के लिए है
ٱلَّذِىٓ जो alladhī
जो
أَذْهَبَ ले गया adhhaba
ले गया
عَنَّا हम से ʿannā
हम से
ٱلْحَزَنَ ۖ ग़म l-ḥazana
ग़म
إِنَّ बेशक inna
बेशक
رَبَّنَا रब हमारा rabbanā
रब हमारा
لَغَفُورٌۭ अलबत्ता बख़शने वाला है laghafūrun
अलबत्ता बख़शने वाला है
شَكُورٌ निहायत क़द्रदान है shakūrun
निहायत क़द्रदान है
٣٤ (34)
(34)
तथा वे कहेंगे : सब प्रशंसा उस अल्लाह के लिए है, जिसने हमसे ग़म दूर कर दिया। निःसंदेह हमारा पालनहार अत्यंत क्षमाशील, बड़ा गुणग्राही है।
३५:३५
ٱلَّذِىٓ वो जिसने alladhī
वो जिसने
أَحَلَّنَا ला उतारा हमें aḥallanā
ला उतारा हमें
دَارَ घर में dāra
घर में
ٱلْمُقَامَةِ दाइमी क़याम के l-muqāmati
दाइमी क़याम के
مِن (out) of min
(out) of
فَضْلِهِۦ अपने फ़ज़ल से faḍlihi
अपने फ़ज़ल से
لَا Not
Not
يَمَسُّنَا नहीं पहुँचती हमें yamassunā
नहीं पहुँचती हमें
فِيهَا इसमें fīhā
इसमें
نَصَبٌۭ कोई मशक़्क़त naṣabun
कोई मशक़्क़त
وَلَا और नहीं walā
और नहीं
يَمَسُّنَا पहुँचती हमें yamassunā
पहुँचती हमें
فِيهَا इसमें fīhā
इसमें
لُغُوبٌۭ कोई थकावट lughūbun
कोई थकावट
٣٥ (35)
(35)
जिसने हमें अपनी कृपा से स्थायी घर में उतारा। न इसमें हमें कोई कष्ट उठाना पड़ता है और न इसमें हमें कोई थकान पहुँचती है।
३५:३६
وَٱلَّذِينَ और वो जिन्होंने wa-alladhīna
और वो जिन्होंने
كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया
لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए
نَارُ आग है nāru
आग है
جَهَنَّمَ जहन्नम की jahannama
जहन्नम की
لَا Not
Not
يُقْضَىٰ ना काम तमाम किया जाएगा yuq'ḍā
ना काम तमाम किया जाएगा
عَلَيْهِمْ उनका ʿalayhim
उनका
فَيَمُوتُوا۟ कि वो मर जाऐं fayamūtū
कि वो मर जाऐं
وَلَا और ना walā
और ना
يُخَفَّفُ हल्का किया जाएगा yukhaffafu
हल्का किया जाएगा
عَنْهُم उनसे ʿanhum
उनसे
مِّنْ of min
of
عَذَابِهَا ۚ उसके अज़ाब में से ʿadhābihā
उसके अज़ाब में से
كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह
نَجْزِى हम बदला देते हैं najzī
हम बदला देते हैं
كُلَّ हर kulla
हर
كَفُورٍۢ नाशुक्रे को kafūrin
नाशुक्रे को
٣٦ (36)
(36)
और जिन लोगों ने कुफ़्र किया, उनके लिए जहन्नम की आग है। न उनपर (मृत्यु का) फैसला किया जाएगा कि वे मर जाएँ, और न उनसे उसकी यातना ही कुछ हल्की की जाएगी। हम प्रत्येक अकृतज्ञ को इसी तरह बदला दिया करते हैं।
३५:३७
وَهُمْ और वो wahum
और वो
يَصْطَرِخُونَ वो चिल्लाऐंगे yaṣṭarikhūna
वो चिल्लाऐंगे
فِيهَا उसमें fīhā
उसमें
رَبَّنَآ ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब
أَخْرِجْنَا निकाल हमें akhrij'nā
निकाल हमें
نَعْمَلْ हम अमल करें naʿmal
हम अमल करें
صَـٰلِحًا नेक ṣāliḥan
नेक
غَيْرَ अलावा ghayra
अलावा
ٱلَّذِى उसके जो alladhī
उसके जो
كُنَّا थे हम kunnā
थे हम
نَعْمَلُ ۚ हम अमल करते naʿmalu
हम अमल करते
أَوَلَمْ क्या भला नहीं awalam
क्या भला नहीं
نُعَمِّرْكُم हमने उमर दी तुम्हें nuʿammir'kum
हमने उमर दी तुम्हें
مَّا कि
कि
يَتَذَكَّرُ नसीहत पकड़ता yatadhakkaru
नसीहत पकड़ता
فِيهِ उसमें fīhi
उसमें
مَن जो man
जो
تَذَكَّرَ नसीहत पकड़ता tadhakkara
नसीहत पकड़ता
وَجَآءَكُمُ और आ गया तुम्हारे पास wajāakumu
और आ गया तुम्हारे पास
ٱلنَّذِيرُ ۖ डराने वाला l-nadhīru
डराने वाला
فَذُوقُوا۟ पस चखो fadhūqū
पस चखो
فَمَا तो नहीं famā
तो नहीं
لِلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों के लिए lilẓẓālimīna
ज़ालिमों के लिए
مِن any min
any
نَّصِيرٍ कोई मददगार naṣīrin
कोई मददगार
٣٧ (37)
(37)
और वे उसमें चिल्लाएँगे : ऐ हमारे पालनहार! हमें (जहन्नम से) निकाल ले। हम जो कुछ किया करते थे, उसके अलावा नेकी के काम करेंग। क्या हमने तुम्हें इतनी आयु नहीं दी थी कि उसमें जो शिक्षा ग्रहण करना चाहता, वह शिक्षा ग्रहण कर लेता, हालाँकि तुम्हारे पास डराने वाला (नबी) भी तो आया था? अतः, तुम (यातना) चखो। अत्याचारियों का कोई सहायक नहीं है।
३५:३८
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
عَـٰلِمُ जानने वाला है ʿālimu
जानने वाला है
غَيْبِ ग़ैब ghaybi
ग़ैब
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों
وَٱلْأَرْضِ ۚ और ज़मीन का wal-arḍi
और ज़मीन का
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
عَلِيمٌۢ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है
بِذَاتِ of what (is) in the breasts bidhāti
of what (is) in the breasts
ٱلصُّدُورِ सीनों वाले(भेद) l-ṣudūri
सीनों वाले(भेद)
٣٨ (38)
(38)
निःसंदेह अल्लाह आकाशों और धरती के परोक्ष (गुप्त चीज़ों) को जानने वाला है। निःसंदेह वही सीनों की बातों को भली-भाँति जानता है।
३५:३९
هُوَ वो ही है huwa
वो ही है
ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने
جَعَلَكُمْ बनाया तुम्हें jaʿalakum
बनाया तुम्हें
خَلَـٰٓئِفَ जानशीन khalāifa
जानशीन
فِى in
in
ٱلْأَرْضِ ۚ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में
فَمَن पस जिसने faman
पस जिसने
كَفَرَ कुफ़्र किया kafara
कुफ़्र किया
فَعَلَيْهِ तो उसी पर है faʿalayhi
तो उसी पर है
كُفْرُهُۥ ۖ कुफ़्र उसका kuf'ruhu
कुफ़्र उसका
وَلَا और नहीं walā
और नहीं
يَزِيدُ ज़्यादा करता yazīdu
ज़्यादा करता
ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों को l-kāfirīna
काफ़िरों को
كُفْرُهُمْ कुफ़्र उनका kuf'ruhum
कुफ़्र उनका
عِندَ नज़दीक ʿinda
नज़दीक
رَبِّهِمْ उनके रब के rabbihim
उनके रब के
إِلَّا मगर illā
मगर
مَقْتًۭا ۖ नाराज़गी में maqtan
नाराज़गी में
وَلَا और नहीं walā
और नहीं
يَزِيدُ ज़्यादा करता yazīdu
ज़्यादा करता
ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों को l-kāfirīna
काफ़िरों को
كُفْرُهُمْ कुफ़्र उनका kuf'ruhum
कुफ़्र उनका
إِلَّا मगर illā
मगर
خَسَارًۭا ख़सारे में khasāran
ख़सारे में
٣٩ (39)
(39)
वही है जिसने तुम्हें धरती पर उत्तराधिकारी बनाया। फिर जिसने कुफ़्र किया, तो उसके कुफ़्र का दुष्परिणाम उसी पर होगा। और काफ़िरों को उनका कुफ़्र उनके पालनहार के यहाँ क्रोध ही में बढ़ाता है। और काफ़िरों को उनका कुफ़्र उनके घाटे ही में वृद्धि करता है।
३५:४०
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
أَرَءَيْتُمْ क्या देखा तुमने ara-aytum
क्या देखा तुमने
شُرَكَآءَكُمُ अपने शरीकों को shurakāakumu
अपने शरीकों को
ٱلَّذِينَ वो जिन्हें alladhīna
वो जिन्हें
تَدْعُونَ तुम पुकारते हो tadʿūna
तुम पुकारते हो
مِن besides min
besides
دُونِ सिवाए dūni
सिवाए
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
أَرُونِى दिखाओ मुझे arūnī
दिखाओ मुझे
مَاذَا क्या कुछ mādhā
क्या कुछ
خَلَقُوا۟ उन्होंने पैदा किया है khalaqū
उन्होंने पैदा किया है
مِنَ from mina
from
ٱلْأَرْضِ ज़मीन में से l-arḍi
ज़मीन में से
أَمْ या am
या
لَهُمْ उनके लिए है lahum
उनके लिए है
شِرْكٌۭ कोई शिर्कत shir'kun
कोई शिर्कत
فِى in
in
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में
أَمْ या am
या
ءَاتَيْنَـٰهُمْ दी हमने उन्हें ātaynāhum
दी हमने उन्हें
كِتَـٰبًۭا कोई किताब kitāban
कोई किताब
فَهُمْ तो वो fahum
तो वो
عَلَىٰ (are) on ʿalā
(are) on
بَيِّنَتٍۢ एक वाज़ेह दलील पर हों bayyinatin
एक वाज़ेह दलील पर हों
مِّنْهُ ۚ उससे min'hu
उससे
بَلْ बल्कि bal
बल्कि
إِن नहीं in
नहीं
يَعِدُ वादा करते yaʿidu
वादा करते
ٱلظَّـٰلِمُونَ ज़ालिम l-ẓālimūna
ज़ालिम
بَعْضُهُم बाज़ उनके baʿḍuhum
बाज़ उनके
بَعْضًا बाज़ से baʿḍan
बाज़ से
إِلَّا मगर illā
मगर
غُرُورًا धोके का ghurūran
धोके का
٤٠ (40)
(40)
(ऐ नबी!)1 उनसे कह दें : क्या तुमने अपने उन साझियों को देखा, जिन्हें तुम अल्लाह के सिवा पुकारते हो? मुझे दिखाओ कि उन्होंने धरती का कौन-सा भाग पैदा किया है? या उनकी आकाशों (की रचना) में कुछ साझेदारी है? या हमने उन्हें कोई पुस्तक प्रदान की है कि वे उसके किसी स्पष्ट प्रमाण पर (क़ायम) हैं? बल्कि (वास्तविकता यह है कि) अत्याचारी लोग एक-दूसरे को केवल धोखे का वादा करते हैं।
३५:४१
۞ إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
يُمْسِكُ वो थामे रखता है yum'siku
वो थामे रखता है
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों
وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को
أَن कि an
कि
تَزُولَا ۚ (ना) वो दोनों टल जाऐं tazūlā
(ना) वो दोनों टल जाऐं
وَلَئِن और अलबत्ता अगर wala-in
और अलबत्ता अगर
زَالَتَآ वो दोनों टल जाऐं zālatā
वो दोनों टल जाऐं
إِنْ नहीं in
नहीं
أَمْسَكَهُمَا उन दोनों को थाम सकेगा amsakahumā
उन दोनों को थाम सकेगा
مِنْ any min
any
أَحَدٍۢ कोई एक aḥadin
कोई एक
مِّنۢ after Him min
after Him
بَعْدِهِۦٓ ۚ बाद उसके baʿdihi
बाद उसके
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
كَانَ है kāna
है
حَلِيمًا बहुत हिल्म वाला ḥalīman
बहुत हिल्म वाला
غَفُورًۭا बहुत बख़शने वाला ghafūran
बहुत बख़शने वाला
٤١ (41)
(41)
निःसंदेह अल्लाह ही आकाशों और धरती को थामे (रोके)1 हुए है कि (कहीं) वे दोनों (अपनी जगह से) हट (टल) न जाएँ। और वास्तव में यदि वे दोनों हट (टल) जाएँ, तो उसके बाद कोई भी उन्हें थाम (रोक) नहीं सकेगा। निःसंदेह वह अत्यंत सहनशील, बहुत क्षमा करने वाला है।
३५:४२
وَأَقْسَمُوا۟ और उन्होंने क़समें खाईं wa-aqsamū
और उन्होंने क़समें खाईं
بِٱللَّهِ अल्लाह की bil-lahi
अल्लाह की
جَهْدَ पक्की jahda
पक्की
أَيْمَـٰنِهِمْ क़समें अपनी aymānihim
क़समें अपनी
لَئِن अलबत्ता अगर la-in
अलबत्ता अगर
جَآءَهُمْ आया उनके पास jāahum
आया उनके पास
نَذِيرٌۭ कोई डराने वाला nadhīrun
कोई डराने वाला
لَّيَكُونُنَّ अलबत्ता वो ज़रूर होंगे layakūnunna
अलबत्ता वो ज़रूर होंगे
أَهْدَىٰ ज़्यादा हिदायत याफ़्ता ahdā
ज़्यादा हिदायत याफ़्ता
مِنْ than min
than
إِحْدَى किसी एक से iḥ'dā
किसी एक से
ٱلْأُمَمِ ۖ उम्मतों में l-umami
उम्मतों में
فَلَمَّا फिर जब falammā
फिर जब
جَآءَهُمْ आ गया उनके पास jāahum
आ गया उनके पास
نَذِيرٌۭ कोई डराने वाला nadhīrun
कोई डराने वाला
مَّا ना
ना
زَادَهُمْ उसने ज़्यादा किया उनको zādahum
उसने ज़्यादा किया उनको
إِلَّا मगर illā
मगर
نُفُورًا नफ़रत में nufūran
नफ़रत में
٤٢ (42)
(42)
और उन (काफ़िरों) ने अल्लाह की पक्की क़समें खाई थीं कि यदि उनके पास कोई डराने वाला (नबी) आया, तो वे अवश्य किसी भी अन्य समुदाय से अधिक सीधे रास्ते पर चलने वाले हो जाएँगे। फिर जब उनके पास एक डराने वाला1 आ गया, तो इससे उनके (सत्य से) दूर भागने ही में वृद्धि हुई।
३५:४३
ٱسْتِكْبَارًۭا तकब्बुर की वजह से is'tik'bāran
तकब्बुर की वजह से
فِى in
in
ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में
وَمَكْرَ और चाल wamakra
और चाल
ٱلسَّيِّئِ ۚ बुरी (की वजह से) l-sayi-i
बुरी (की वजह से)
وَلَا और नहीं walā
और नहीं
يَحِيقُ घेरती yaḥīqu
घेरती
ٱلْمَكْرُ चाल l-makru
चाल
ٱلسَّيِّئُ बुरी l-sayi-u
बुरी
إِلَّا मगर illā
मगर
بِأَهْلِهِۦ ۚ उसके चलने वाले को bi-ahlihi
उसके चलने वाले को
فَهَلْ तो नही fahal
तो नही
يَنظُرُونَ वो इन्तिज़ार करते yanẓurūna
वो इन्तिज़ार करते
إِلَّا मगर illā
मगर
سُنَّتَ तरीक़े का sunnata
तरीक़े का
ٱلْأَوَّلِينَ ۚ पहलों का l-awalīna
पहलों का
فَلَن तो हरगिज़ ना falan
तो हरगिज़ ना
تَجِدَ आप पाऐंगे tajida
आप पाऐंगे
لِسُنَّتِ तरीक़े को lisunnati
तरीक़े को
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
تَبْدِيلًۭا ۖ बदलने वाला tabdīlan
बदलने वाला
وَلَن और हरगिज़ ना walan
और हरगिज़ ना
تَجِدَ आप पाऐंगे tajida
आप पाऐंगे
لِسُنَّتِ तरीक़े को lisunnati
तरीक़े को
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
تَحْوِيلًا फिरने वाला taḥwīlan
फिरने वाला
٤٣ (43)
(43)
धरती में अभिमान करने और बुरी चाल के कारण। और बुरी चाल उसके चलने वाले ही को घेरती है। तो क्या वे पहले लोगों (के बारे में अल्लाह) की रीति1 की प्रतीक्षा कर रहे हैं? तो आप अल्लाह की रीति में हरगिज़ कोई बदलाव नहीं पाएँगे, तथा आप अल्लाह की रीति में कभी कोई परिवर्तन2 नहीं पाएँगे।
३५:४४
أَوَلَمْ क्या भला नहीं awalam
क्या भला नहीं
يَسِيرُوا۟ वो चलते फिरते yasīrū
वो चलते फिरते
فِى in
in
ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में
فَيَنظُرُوا۟ फिर वो देखते fayanẓurū
फिर वो देखते
كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह
كَانَ हुआ kāna
हुआ
عَـٰقِبَةُ अंजाम ʿāqibatu
अंजाम
ٱلَّذِينَ उनका जो alladhīna
उनका जो
مِن (were) before them min
(were) before them
قَبْلِهِمْ उनसे पहले थे qablihim
उनसे पहले थे
وَكَانُوٓا۟ और थे वो wakānū
और थे वो
أَشَدَّ ज़्यादा सख़्त ashadda
ज़्यादा सख़्त
مِنْهُمْ उनसे min'hum
उनसे
قُوَّةًۭ ۚ क़ुव्वत में quwwatan
क़ुव्वत में
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
كَانَ है kāna
है
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
لِيُعْجِزَهُۥ कि आजिज़ कर सके उसे liyuʿ'jizahu
कि आजिज़ कर सके उसे
مِن any min
any
شَىْءٍۢ कोई चीज़ shayin
कोई चीज़
فِى in
in
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में
وَلَا और ना walā
और ना
فِى in
in
ٱلْأَرْضِ ۚ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
كَانَ है kāna
है
عَلِيمًۭا ख़ूब जानने वाला ʿalīman
ख़ूब जानने वाला
قَدِيرًۭا बहुत क़ुदरत वाला qadīran
बहुत क़ुदरत वाला
٤٤ (44)
(44)
और क्या वे धरती में नहीं चले-फिरे कि देखते कि उन लोगों का परिणाम कैसा रहा, जो इनसे पहले थे, हालाँकि वे शक्ति में इनसे बढ़े हुए थे? तथा अल्लाह ऐसा नहीं है कि आकाशों और धरती में कोई चीज़ उसे विवश कर सके। निःसंदेह वह सब कुछ जानने वाला, हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है।
३५:४५
وَلَوْ और अगर walaw
और अगर
يُؤَاخِذُ पकड़ लेता yuākhidhu
पकड़ लेता
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को
بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो
كَسَبُوا۟ उन्होंने कमाई की kasabū
उन्होंने कमाई की
مَا ना
ना
تَرَكَ वो छोड़ता taraka
वो छोड़ता
عَلَىٰ on ʿalā
on
ظَهْرِهَا इस (ज़मीन )की पुश्त पर ẓahrihā
इस (ज़मीन )की पुश्त पर
مِن any min
any
دَآبَّةٍۢ कोई जानदार dābbatin
कोई जानदार
وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन
يُؤَخِّرُهُمْ वो मोहलत देता है उन्हें yu-akhiruhum
वो मोहलत देता है उन्हें
إِلَىٰٓ till ilā
till
أَجَلٍۢ एक वक़्त तक ajalin
एक वक़्त तक
مُّسَمًّۭى ۖ मुक़र्रर musamman
मुक़र्रर
فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब
جَآءَ आ जाएगा jāa
आ जाएगा
أَجَلُهُمْ वक़्त उनका ajaluhum
वक़्त उनका
فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
كَانَ है kāna
है
بِعِبَادِهِۦ अपने बन्दों को biʿibādihi
अपने बन्दों को
بَصِيرًۢا ख़ूब देखने वाला baṣīran
ख़ूब देखने वाला
٤٥ (45)
(45)
और यदि अल्लाह लोगों की उनके कार्यों के कारण पकड़ करने लगे, तो धरती के ऊपर किसी चलने वाले को न छोड़े। परंतु वह उन्हें एक निर्धारित अवधि तक मोहलत देता है। फिर जब उनका निर्धारित समय आ जाएगा, तो अल्लाह अपने बंदों को भली-भाँति देखने वाला है।1