३४

सबा

मक्की ५४ आयतें पारा २२
سبإ
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ साथ नाम bis'mi
साथ नाम
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान
ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
३४:१
ٱلْحَمْدُ सब तारीफ़ al-ḥamdu
सब तारीफ़
لِلَّهِ अल्लाह के लिए है lillahi
अल्लाह के लिए है
ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो
لَهُۥ उसी के लिए है lahu
उसी के लिए है
مَا जो कुछ
जो कुछ
فِى (is) in
(is) in
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है
وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ
فِى (is) in
(is) in
ٱلْأَرْضِ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है
وَلَهُ और उसी के लिए है walahu
और उसी के लिए है
ٱلْحَمْدُ सब तारीफ़ l-ḥamdu
सब तारीफ़
فِى in
in
ٱلْـَٔاخِرَةِ ۚ आख़िरत में l-ākhirati
आख़िरत में
وَهُوَ और वो wahuwa
और वो
ٱلْحَكِيمُ ख़ूब हिकमत वाला है l-ḥakīmu
ख़ूब हिकमत वाला है
ٱلْخَبِيرُ ख़ूब बाख़बर है l-khabīru
ख़ूब बाख़बर है
١ (1)
(1)
हर प्रकार की प्रशंसा उस अल्लाह के लिए है, जिसके अधिकार में वह सब कुछ है जो आकाशों में है और जो धरती में है। और आख़िरत (परलोक) में भी उसी के लिए प्रशंसा है और वह पूर्ण हिकमत वाला, सबकी खबर रखने वाला है।
३४:२
يَعْلَمُ वो जानता है yaʿlamu
वो जानता है
مَا जो कुछ
जो कुछ
يَلِجُ दाख़िल होता है yaliju
दाख़िल होता है
فِى in
in
ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में
وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ
يَخْرُجُ निकलता है yakhruju
निकलता है
مِنْهَا उससे min'hā
उससे
وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ
يَنزِلُ उतरता है yanzilu
उतरता है
مِنَ from mina
from
ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से
وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ
يَعْرُجُ चढ़ता है yaʿruju
चढ़ता है
فِيهَا ۚ उसमें fīhā
उसमें
وَهُوَ और वो wahuwa
और वो
ٱلرَّحِيمُ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmu
निहायत रहम करने वाला है
ٱلْغَفُورُ बहुत बख़्शने वाला है l-ghafūru
बहुत बख़्शने वाला है
٢ (2)
(2)
वह जानता है जो कुछ धरती के भीतर प्रवेश होता है और जो कुछ उससे निकलता1 है, तथा जो कुछ आकाश2 से उतरता है और जो कुछ उसमें3 चढ़ता है। तथा वह अत्यंत दयावान्, अति क्षमाशील है।
३४:३
وَقَالَ और कहा waqāla
और कहा
ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जिन्होंने alladhīna
उन लोगों ने जिन्होंने
كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया
لَا Not
Not
تَأْتِينَا नहीं आएगी हम पर tatīnā
नहीं आएगी हम पर
ٱلسَّاعَةُ ۖ क़यामत l-sāʿatu
क़यामत
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
بَلَىٰ क्यों नहीं balā
क्यों नहीं
وَرَبِّى क़सम है मेरे रब की warabbī
क़सम है मेरे रब की
لَتَأْتِيَنَّكُمْ अलबत्ता वो ज़रूर आएगी तुम्हारे पास latatiyannakum
अलबत्ता वो ज़रूर आएगी तुम्हारे पास
عَـٰلِمِ जानने वाला है ʿālimi
जानने वाला है
ٱلْغَيْبِ ۖ ग़ैब का l-ghaybi
ग़ैब का
لَا Not
Not
يَعْزُبُ नहीं छुपा हुआ yaʿzubu
नहीं छुपा हुआ
عَنْهُ उससे ʿanhu
उससे
مِثْقَالُ बराबर mith'qālu
बराबर
ذَرَّةٍۢ एक ज़र्रे के dharratin
एक ज़र्रे के
فِى in
in
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में
وَلَا और ना walā
और ना
فِى in
in
ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में
وَلَآ और ना walā
और ना
أَصْغَرُ छोटा aṣgharu
छोटा
مِن than min
than
ذَٰلِكَ उससे dhālika
उससे
وَلَآ और ना walā
और ना
أَكْبَرُ बड़ा akbaru
बड़ा
إِلَّا मगर illā
मगर
فِى (is) in
(is) in
كِتَـٰبٍۢ a Record kitābin
a Record
مُّبِينٍۢ एक वाज़ेह किताब में है mubīnin
एक वाज़ेह किताब में है
٣ (3)
(3)
तथा काफ़िरों ने कहा कि हमपर क़ियामत नहीं आएगी। आप कह दें : क्यों नहीं? मेरे पालनहार की क़सम! जो परोक्ष का जानने वाला है, वह तुमपर अवश्य आएगी। उससे एक कण के बराबर भी कोई चीज़ ओझल नहीं रहती न आकाशों में और न धरती में, तथा न उससे छोटी कोई चीज़ है और न बड़ी, परंतु वह एक स्पष्ट पुस्तक1 में (अंकित) है।
३४:४
لِّيَجْزِىَ ताकि वो बदला दे liyajziya
ताकि वो बदला दे
ٱلَّذِينَ उनको जो alladhīna
उनको जो
ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए
وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए
ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ ۚ नेक l-ṣāliḥāti
नेक
أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं
لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए
مَّغْفِرَةٌۭ बख़्शिश maghfiratun
बख़्शिश
وَرِزْقٌۭ और रिज़्क़ है wariz'qun
और रिज़्क़ है
كَرِيمٌۭ इज़्ज़त वाला karīmun
इज़्ज़त वाला
٤ (4)
(4)
ताकि1 वह उन लोगों को बदला दे, जो ईमान लाए तथा अच्छे कर्म करते रहे। यही लोग हैं जिनके लिए क्षमा तथा सम्मानित जीविका है।
३४:५
وَٱلَّذِينَ और वो जिन्होंने wa-alladhīna
और वो जिन्होंने
سَعَوْ कोशिश की saʿaw
कोशिश की
فِىٓ against
against
ءَايَـٰتِنَا हमारी आयात में āyātinā
हमारी आयात में
مُعَـٰجِزِينَ इस हाल में कि आजिज़ करने वाले हैं muʿājizīna
इस हाल में कि आजिज़ करने वाले हैं
أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं
لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए
عَذَابٌۭ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है
مِّن of min
of
رِّجْزٍ सख़्ती का rij'zin
सख़्ती का
أَلِيمٌۭ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक
٥ (5)
(5)
तथा जिन लोगों ने हमारी आयतों को नीचा दिखाने1 का प्रयास किया, उन लोगों के लिए कठोर दुःखदायी यातना है।
३४:६
وَيَرَى और देखते हैं wayarā
और देखते हैं
ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो
أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए
ٱلْعِلْمَ इल्म l-ʿil'ma
इल्म
ٱلَّذِىٓ कि जो alladhī
कि जो
أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया
إِلَيْكَ आपकी तरफ़ ilayka
आपकी तरफ़
مِن from min
from
رَّبِّكَ आपके रब की तरफ़ से rabbika
आपके रब की तरफ़ से
هُوَ वो ही huwa
वो ही
ٱلْحَقَّ हक़ है l-ḥaqa
हक़ है
وَيَهْدِىٓ और वो रहनुमाई करता है wayahdī
और वो रहनुमाई करता है
إِلَىٰ to ilā
to
صِرَٰطِ तरफ़ रास्ते के ṣirāṭi
तरफ़ रास्ते के
ٱلْعَزِيزِ बहुत ज़बरदस्त l-ʿazīzi
बहुत ज़बरदस्त
ٱلْحَمِيدِ ख़ूब तारीफ़ वाले के l-ḥamīdi
ख़ूब तारीफ़ वाले के
٦ (6)
(6)
तथा जिन लोगों को ज्ञान दिया गया है, वे जानते हैं कि जो कुछ आपपर आपके पालनहार की ओर से उतारा गया है, वही सत्य है, तथा वह सर्व प्रभुत्वशाली, सर्वप्रशंसित (अल्लाह) के मार्ग की ओर ले जाता है।
३४:७
وَقَالَ और कहा waqāla
और कहा
ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जिन्होंने alladhīna
उन लोगों ने जिन्होंने
كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया
هَلْ क्या hal
क्या
نَدُلُّكُمْ हम बताऐं तुम्हें nadullukum
हम बताऐं तुम्हें
عَلَىٰ to ʿalā
to
رَجُلٍۢ ऐसा शख़्स rajulin
ऐसा शख़्स
يُنَبِّئُكُمْ जो ख़बर देता है तुम्हें yunabbi-ukum
जो ख़बर देता है तुम्हें
إِذَا जब idhā
जब
مُزِّقْتُمْ रेज़ह-रेज़ह कर दिए जाओगे तुम muzziq'tum
रेज़ह-रेज़ह कर दिए जाओगे तुम
كُلَّ पूरी तरह kulla
पूरी तरह
مُمَزَّقٍ रेज़ह-रेज़ह किया जाना mumazzaqin
रेज़ह-रेज़ह किया जाना
إِنَّكُمْ बेशक तुम innakum
बेशक तुम
لَفِى surely (will be) in lafī
surely (will be) in
خَلْقٍۢ अलबत्ता पैदाइश में होगे khalqin
अलबत्ता पैदाइश में होगे
جَدِيدٍ नई jadīdin
नई
٧ (7)
(7)
तथा जिन लोगों ने इनकार किया, वे कहते हैं कि क्या हम तुम्हें एक ऐसा आदमी बताएँ, जो तुम्हें सूचना देता है कि जब तुम पूर्णतया चूर-चूर कर दिए जाओगे, तो तुम अवश्य एक नई रचना में आओगे?
३४:८
أَفْتَرَىٰ क्या उसने गढ़ लिया aftarā
क्या उसने गढ़ लिया
عَلَى about ʿalā
about
ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर
كَذِبًا झूठ kadhiban
झूठ
أَم या am
या
بِهِۦ उसे bihi
उसे
جِنَّةٌۢ ۗ कोई जुनून है jinnatun
कोई जुनून है
بَلِ बल्कि bali
बल्कि
ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो
لَا (do) not
(do) not
يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाते yu'minūna
नहीं वो ईमान लाते
بِٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत पर bil-ākhirati
आख़िरत पर
فِى (will be) in
(will be) in
ٱلْعَذَابِ अज़ाब में l-ʿadhābi
अज़ाब में
وَٱلضَّلَـٰلِ और गुमराही में हैं wal-ḍalāli
और गुमराही में हैं
ٱلْبَعِيدِ दूर की l-baʿīdi
दूर की
٨ (8)
(8)
क्या उसने अल्लाह पर झूठ गढ़ा है या उसमें पागलपन है? बल्कि जो लोग आख़िरत पर विश्वास (ईमान) नहीं रखते, वे यातना1 तथा दूर की गुमराही में हैं।
३४:९
أَفَلَمْ क्या भला नहीं afalam
क्या भला नहीं
يَرَوْا۟ उन्होंने देखा yaraw
उन्होंने देखा
إِلَىٰ towards ilā
towards
مَا उसकी तरफ़ जो
उसकी तरफ़ जो
بَيْنَ (is) before them bayna
(is) before them
أَيْدِيهِمْ उनके सामने है aydīhim
उनके सामने है
وَمَا और जो wamā
और जो
خَلْفَهُم उनके पीछे है khalfahum
उनके पीछे है
مِّنَ of mina
of
ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से
وَٱلْأَرْضِ ۚ और ज़मीन से wal-arḍi
और ज़मीन से
إِن अगर in
अगर
نَّشَأْ हम चाहें nasha
हम चाहें
نَخْسِفْ हम धँसा दें nakhsif
हम धँसा दें
بِهِمُ उन्हें bihimu
उन्हें
ٱلْأَرْضَ ज़मीन में l-arḍa
ज़मीन में
أَوْ या aw
या
نُسْقِطْ हम गिरा दें nus'qiṭ
हम गिरा दें
عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर
كِسَفًۭا कुछ टुकड़े kisafan
कुछ टुकड़े
مِّنَ from mina
from
ٱلسَّمَآءِ ۚ आसमान से l-samāi
आसमान से
إِنَّ बेशक inna
बेशक
فِى in
in
ذَٰلِكَ उसमें dhālika
उसमें
لَـَٔايَةًۭ अलबत्ता एक निशानी है laāyatan
अलबत्ता एक निशानी है
لِّكُلِّ वास्ते हर likulli
वास्ते हर
عَبْدٍۢ बन्दे ʿabdin
बन्दे
مُّنِيبٍۢ रुजूअ करने वाले के munībin
रुजूअ करने वाले के
٩ (9)
(9)
क्या उन्होंने अपने आगे और पीछे आकाश और धरती को नहीं देखा? यदि हम चाहें तो उन्हें धरती में धँसा दें या उनपर आकाश के टुकड़े गिरा दें। निःसंदेह इसमें हर उस बंदे के लिए अवश्य एक निशानी है, जो अल्लाह की ओर लौटने वाला है।
३४:१०
۞ وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़
ءَاتَيْنَا दिया हमने ātaynā
दिया हमने
دَاوُۥدَ दाऊद को dāwūda
दाऊद को
مِنَّا अपने पास से minnā
अपने पास से
فَضْلًۭا ۖ फ़ज़ल faḍlan
फ़ज़ल
يَـٰجِبَالُ ऐ पहाड़ो yājibālu
ऐ पहाड़ो
أَوِّبِى तस्बीह(दोहराओ) awwibī
तस्बीह(दोहराओ)
مَعَهُۥ साथ उसके maʿahu
साथ उसके
وَٱلطَّيْرَ ۖ और परिन्दों को(भी) wal-ṭayra
और परिन्दों को(भी)
وَأَلَنَّا और नर्म किया हमने wa-alannā
और नर्म किया हमने
لَهُ उसके लिए lahu
उसके लिए
ٱلْحَدِيدَ लोहा l-ḥadīda
लोहा
١٠ (10)
(10)
तथा हमने दाऊद को अपना अनुग्रह1 प्रदान किया। ऐ पर्वतो! उसके साथ अल्लाह की पवित्रता बयान करो2 तथा पक्षियों को भी (यही आदेश दिया) तथा हमने उसके लिए लोहा को नरम कर दिया।
३४:११
أَنِ कि ani
कि
ٱعْمَلْ बनाओ iʿ'mal
बनाओ
سَـٰبِغَـٰتٍۢ कुशादह ज़रहें sābighātin
कुशादह ज़रहें
وَقَدِّرْ और अंदाज़े पर रखो waqaddir
और अंदाज़े पर रखो
فِى [of]
[of]
ٱلسَّرْدِ ۖ हल्क़े में l-sardi
हल्क़े में
وَٱعْمَلُوا۟ और अमल करो wa-iʿ'malū
और अमल करो
صَـٰلِحًا ۖ नेक ṣāliḥan
नेक
إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं
بِمَا उसे जो bimā
उसे जो
تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो
بَصِيرٌۭ ख़ूब देखने वाला हूँ baṣīrun
ख़ूब देखने वाला हूँ
١١ (11)
(11)
कि विस्तृत कवचें बनाओ तथा कड़ियाँ जोड़ने में उचित अनुमान लगाओ, और अच्छे कार्य करते रहो। जो कुछ तुम कर रहे हो, निःसंदेह मैं उसे देख रहा हूँ।
३४:१२
وَلِسُلَيْمَـٰنَ और सुलैमान के लिए walisulaymāna
और सुलैमान के लिए
ٱلرِّيحَ हवा को(मुसख़्खर किया) l-rīḥa
हवा को(मुसख़्खर किया)
غُدُوُّهَا सुबह का चलना उसका ghuduwwuhā
सुबह का चलना उसका
شَهْرٌۭ एक माह का shahrun
एक माह का
وَرَوَاحُهَا और शाम का चलना उसका warawāḥuhā
और शाम का चलना उसका
شَهْرٌۭ ۖ एक माह का shahrun
एक माह का
وَأَسَلْنَا और बहा दिया हमने wa-asalnā
और बहा दिया हमने
لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए
عَيْنَ चश्मा ʿayna
चश्मा
ٱلْقِطْرِ ۖ पिघले हुए ताँबे का l-qiṭ'ri
पिघले हुए ताँबे का
وَمِنَ And [of] wamina
And [of]
ٱلْجِنِّ और जिन्नों में से l-jini
और जिन्नों में से
مَن जो man
जो
يَعْمَلُ काम करते थे yaʿmalu
काम करते थे
بَيْنَ before him bayna
before him
يَدَيْهِ उसके सामने yadayhi
उसके सामने
بِإِذْنِ इज़्न से bi-idh'ni
इज़्न से
رَبِّهِۦ ۖ उसके रब के rabbihi
उसके रब के
وَمَن और जो waman
और जो
يَزِغْ सरकशी करता yazigh
सरकशी करता
مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से
عَنْ from ʿan
from
أَمْرِنَا हमारे हुक्म से amrinā
हमारे हुक्म से
نُذِقْهُ हम चखाते उसे nudhiq'hu
हम चखाते उसे
مِنْ of min
of
عَذَابِ अज़ाब से ʿadhābi
अज़ाब से
ٱلسَّعِيرِ भड़कती हुई आग के l-saʿīri
भड़कती हुई आग के
١٢ (12)
(12)
तथा (हमने) सुलैमान के लिए हवा को (वशीभूत कर दिया)। उसका सुबह का चलना एक महीने का तथा शाम का चलना एक महीने1 का होता था। तथा हमने उसके लिए तांबे का स्रोत बहा दिया। तथा कुछ जिन्नों को भी (उसके वश में कर दिया), जो उसके सामने उसके पालनहार की अनुमति से काम करते थे। तथा उनमें से जो भी हमारे आदेश से फिरेगा, हम उसे भड़कती आग की यातना चखाएँगे।
३४:१३
يَعْمَلُونَ वो बनाते yaʿmalūna
वो बनाते
لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए
مَا जो
जो
يَشَآءُ वो चाहता yashāu
वो चाहता
مِن of min
of
مَّحَـٰرِيبَ बड़ी-बड़ी इमारतें maḥārība
बड़ी-बड़ी इमारतें
وَتَمَـٰثِيلَ और मुजस्समे watamāthīla
और मुजस्समे
وَجِفَانٍۢ और लगन wajifānin
और लगन
كَٱلْجَوَابِ हौज़ की तरह kal-jawābi
हौज़ की तरह
وَقُدُورٍۢ और देगें waqudūrin
और देगें
رَّاسِيَـٰتٍ ۚ गड़ी हुईं rāsiyātin
गड़ी हुईं
ٱعْمَلُوٓا۟ अमल करो iʿ'malū
अमल करो
ءَالَ O family āla
O family
دَاوُۥدَ ऐ आले दाऊद dāwūda
ऐ आले दाऊद
شُكْرًۭا ۚ शुक्र करने के लिए shuk'ran
शुक्र करने के लिए
وَقَلِيلٌۭ और कम ही हैं waqalīlun
और कम ही हैं
مِّنْ of min
of
عِبَادِىَ मेरे बन्दों में से ʿibādiya
मेरे बन्दों में से
ٱلشَّكُورُ शुक्र गुज़ार l-shakūru
शुक्र गुज़ार
١٣ (13)
(13)
वे उसके लिए बनाते थे, जो वह चाहता था; भवन (मस्जिदें), प्रतिमाएँ, हौज़ोंके जैसे बड़े-बड़े लगन तथा एक ही जगह जमी हुई देगें। ऐ दाऊद के परिजनो! कृतज्ञता के तौर पर सत्कर्म करो। और मेरे बंदों में थोड़े ही लोग कृतज्ञ हैं।
३४:१४
فَلَمَّا फिर जब falammā
फिर जब
قَضَيْنَا मुक़र्रर किया हमने qaḍaynā
मुक़र्रर किया हमने
عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर
ٱلْمَوْتَ मौत को l-mawta
मौत को
مَا ना
ना
دَلَّهُمْ ख़बर दी उनको dallahum
ख़बर दी उनको
عَلَىٰ [on] ʿalā
[on]
مَوْتِهِۦٓ उसकी मौत की mawtihi
उसकी मौत की
إِلَّا मगर illā
मगर
دَآبَّةُ कीड़े ने dābbatu
कीड़े ने
ٱلْأَرْضِ ज़मीन के l-arḍi
ज़मीन के
تَأْكُلُ वो खाता रहा takulu
वो खाता रहा
مِنسَأَتَهُۥ ۖ उसका असा minsa-atahu
उसका असा
فَلَمَّا फिर जब falammā
फिर जब
خَرَّ वो गिर पड़ा kharra
वो गिर पड़ा
تَبَيَّنَتِ वाज़ेह हो गया tabayyanati
वाज़ेह हो गया
ٱلْجِنُّ जिन्नों पर l-jinu
जिन्नों पर
أَن कि an
कि
لَّوْ अगर law
अगर
كَانُوا۟ होते वो kānū
होते वो
يَعْلَمُونَ वो इल्म रखते yaʿlamūna
वो इल्म रखते
ٱلْغَيْبَ ग़ैब का l-ghayba
ग़ैब का
مَا ना
ना
لَبِثُوا۟ वो रहते labithū
वो रहते
فِى in
in
ٱلْعَذَابِ अज़ाब में l-ʿadhābi
अज़ाब में
ٱلْمُهِينِ रुस्वाकुन l-muhīni
रुस्वाकुन
١٤ (14)
(14)
फिर जब हमने सुलैमान की मौत का निर्णय कर दिया, तो जिन्नों को उसकी मौत का पता एक घुन के सिवा किसी ने नहीं दिया, जो उसकी लाठी1 को खा रहा था। फिर जब वह गिर गया, तो जिन्नों पर यह बात खुली कि यदि वे परोक्ष2 का ज्ञान रखते, तो इस अपमानकारी यातना में पड़े न रहते।
३४:१५
لَقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़
كَانَ थी kāna
थी
لِسَبَإٍۢ सबा के लिए lisaba-in
सबा के लिए
فِى in
in
مَسْكَنِهِمْ उनके घरों में maskanihim
उनके घरों में
ءَايَةٌۭ ۖ एक निशानी āyatun
एक निशानी
جَنَّتَانِ दो बाग़ jannatāni
दो बाग़
عَن on ʿan
on
يَمِينٍۢ दाऐं तरफ़ yamīnin
दाऐं तरफ़
وَشِمَالٍۢ ۖ और बाऐं तरफ़ washimālin
और बाऐं तरफ़
كُلُوا۟ खाओ kulū
खाओ
مِن from min
from
رِّزْقِ रिज़्क़ में से riz'qi
रिज़्क़ में से
رَبِّكُمْ अपने रब के rabbikum
अपने रब के
وَٱشْكُرُوا۟ और शुक्र करो wa-ush'kurū
और शुक्र करो
لَهُۥ ۚ उसका lahu
उसका
بَلْدَةٌۭ शहर है baldatun
शहर है
طَيِّبَةٌۭ पाकीज़ा ṭayyibatun
पाकीज़ा
وَرَبٌّ और रब है warabbun
और रब है
غَفُورٌۭ ख़ूब बख़्शने वाला ghafūrun
ख़ूब बख़्शने वाला
١٥ (15)
(15)
सबा1 जाति के लिए उनके निवास-स्थान में एक निशानी2 थी। (उसके) दाएँ और बाएँ दो बाग़ थे। (हमने कहा था :) अपने पालनहार की दी हुई रोज़ी से खाओ और उसके प्रति आभार प्रकट करो। (यह) एक अच्छा शहर है तथा अति क्षमाशील पालनहार है।
३४:१६
فَأَعْرَضُوا۟ फिर वो मुँह मोड़ गए fa-aʿraḍū
फिर वो मुँह मोड़ गए
فَأَرْسَلْنَا तो भेजा हमने fa-arsalnā
तो भेजा हमने
عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर
سَيْلَ सैलाब sayla
सैलाब
ٱلْعَرِمِ बँद तोड़ l-ʿarimi
बँद तोड़
وَبَدَّلْنَـٰهُم और बदल कर दिए हमने उन्हें wabaddalnāhum
और बदल कर दिए हमने उन्हें
بِجَنَّتَيْهِمْ बदले उनके दो बाग़ों के bijannatayhim
बदले उनके दो बाग़ों के
جَنَّتَيْنِ दो बाग़ jannatayni
दो बाग़
ذَوَاتَىْ producing fruit dhawātay
producing fruit
أُكُلٍ producing fruit ukulin
producing fruit
خَمْطٍۢ बदमज़ह फलों वाले khamṭin
बदमज़ह फलों वाले
وَأَثْلٍۢ और झाओ के दरख़्त wa-athlin
और झाओ के दरख़्त
وَشَىْءٍۢ और कुछ washayin
और कुछ
مِّن of min
of
سِدْرٍۢ बेरी के दरख़्त sid'rin
बेरी के दरख़्त
قَلِيلٍۢ थोड़े से qalīlin
थोड़े से
١٦ (16)
(16)
लेकिन उन्होंने मुँह फेर लिया, तो हमने उनपर भयंकर (बाँध तोड़) बाढ़ भेज दी, तथा उनके दोनों बाग़ों को दो ऐसे बाग़ों से बदल दिए, जिनमें कड़वे-कसैले फल, झाऊ के वृक्ष तथा कुछ थोड़े-से बेर थे।
३४:१७
ذَٰلِكَ ये dhālika
ये
جَزَيْنَـٰهُم बदला दिया हमने उन्हें jazaynāhum
बदला दिया हमने उन्हें
بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो
كَفَرُوا۟ ۖ उन्होंने नाशुक्री की kafarū
उन्होंने नाशुक्री की
وَهَلْ और नहीं wahal
और नहीं
نُجَـٰزِىٓ हम बदला/सज़ा देते nujāzī
हम बदला/सज़ा देते
إِلَّا मगर illā
मगर
ٱلْكَفُورَ सख़्त नाशुक्रे को l-kafūra
सख़्त नाशुक्रे को
١٧ (17)
(17)
यह बदला हमने उन्हें उनके कृतघ्नता दिखाने के कारण दिया, तथा ऐसा बदला हम उसी को देते हैं जो बहुत कृतघ्न हो।
३४:१८
وَجَعَلْنَا और बनाईं थीं हमने wajaʿalnā
और बनाईं थीं हमने
بَيْنَهُمْ दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके
وَبَيْنَ और दर्मियान wabayna
और दर्मियान
ٱلْقُرَى उन बस्तियों के l-qurā
उन बस्तियों के
ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो
بَـٰرَكْنَا बरकत दी हमने bāraknā
बरकत दी हमने
فِيهَا जिन में fīhā
जिन में
قُرًۭى बस्तियाँ quran
बस्तियाँ
ظَـٰهِرَةًۭ ज़ाहिर/नुमायाँ ẓāhiratan
ज़ाहिर/नुमायाँ
وَقَدَّرْنَا और अंदाज़े पर रखी हमने waqaddarnā
और अंदाज़े पर रखी हमने
فِيهَا उनमें fīhā
उनमें
ٱلسَّيْرَ ۖ मसाफ़त l-sayra
मसाफ़त
سِيرُوا۟ चले फिरो sīrū
चले फिरो
فِيهَا उसमें fīhā
उसमें
لَيَالِىَ रातों को layāliya
रातों को
وَأَيَّامًا और दिनों को wa-ayyāman
और दिनों को
ءَامِنِينَ अमन से रहने वाले āminīna
अमन से रहने वाले
١٨ (18)
(18)
और हमने उनके बीच तथा उन बस्तियों के बीच, जिनमें हमने बरकत1 रखी थी, एक-दूसरे से दिखाई देने वाली बस्तियाँ बना दी थीं, तथा हमने उनमें यात्रा के पड़ाव2 निर्धारित कर दिए थे (और कह दिया था :) तुम उनमें रात-दिन निश्चिंत3 होकर चलो फिरो।
३४:१९
فَقَالُوا۟ तो उन्होंने कहा faqālū
तो उन्होंने कहा
رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब
بَـٰعِدْ दूरी पैदा कर दे bāʿid
दूरी पैदा कर दे
بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान
أَسْفَارِنَا हमारे सफ़रों के asfārinā
हमारे सफ़रों के
وَظَلَمُوٓا۟ और उन्होंने ज़ुल्म किया waẓalamū
और उन्होंने ज़ुल्म किया
أَنفُسَهُمْ अपनी जानों पर anfusahum
अपनी जानों पर
فَجَعَلْنَـٰهُمْ तो बना दिया हमने उन्हें fajaʿalnāhum
तो बना दिया हमने उन्हें
أَحَادِيثَ बातें/अफ़साने aḥādītha
बातें/अफ़साने
وَمَزَّقْنَـٰهُمْ और रेज़ा-रेज़ा कर दिया हमने उन्हें wamazzaqnāhum
और रेज़ा-रेज़ा कर दिया हमने उन्हें
كُلَّ हर तरह kulla
हर तरह
مُمَزَّقٍ ۚ रेज़ा-रेज़ा करना mumazzaqin
रेज़ा-रेज़ा करना
إِنَّ यक़ीनन inna
यक़ीनन
فِى in
in
ذَٰلِكَ इसमें dhālika
इसमें
لَـَٔايَـٰتٍۢ अलबत्ता निशानियाँ हैं laāyātin
अलबत्ता निशानियाँ हैं
لِّكُلِّ वास्ते हर likulli
वास्ते हर
صَبَّارٍۢ बहुत सब्र करने वाले ṣabbārin
बहुत सब्र करने वाले
شَكُورٍۢ शुक्र गुज़ार के shakūrin
शुक्र गुज़ार के
١٩ (19)
(19)
तो उन्होंने कहा : ऐ हमारे पालनहार! हमारी यात्राओं के बीच दूरी1 बना दे! तथा उन्होंने अपने ऊपर ज़ुल्म किया। अंततः हमने उन्हें कहानियाँ2 बना दिया और उन्हें पूरी तरह तित्तर-बित्तर कर दिया। निःसंदेह इसमें हर बड़े धैर्यवान् और बहुत शुक्र करने वाले के लिए कई निशानियाँ (शिक्षाएँ) हैं।
३४:२०
وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक
صَدَّقَ सच कर दिखाया ṣaddaqa
सच कर दिखाया
عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर
إِبْلِيسُ इब्लीस ने ib'līsu
इब्लीस ने
ظَنَّهُۥ गुमान अपना ẓannahu
गुमान अपना
فَٱتَّبَعُوهُ तो उन्होंने पैरवी की उसकी fa-ittabaʿūhu
तो उन्होंने पैरवी की उसकी
إِلَّا सिवाए illā
सिवाए
فَرِيقًۭا एक गिरोह के farīqan
एक गिरोह के
مِّنَ of mina
of
ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों में से l-mu'minīna
मोमिनों में से
٢٠ (20)
(20)
तथा इबलीस ने उनपर अपना गुमान1 सच कर दिखाया। चुनाँचे ईमान वालों के एक समूह को छोड़कर सब ने उसका अनुसरण किया।
३४:२१
وَمَا और ना wamā
और ना
كَانَ था kāna
था
لَهُۥ उसका lahu
उसका
عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर
مِّن any min
any
سُلْطَـٰنٍ कोई ज़ोर sul'ṭānin
कोई ज़ोर
إِلَّا मगर illā
मगर
لِنَعْلَمَ ताकि हम जान लें linaʿlama
ताकि हम जान लें
مَن कौन man
कौन
يُؤْمِنُ ईमान लाता है yu'minu
ईमान लाता है
بِٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत पर bil-ākhirati
आख़िरत पर
مِمَّنْ उससे जो mimman
उससे जो
هُوَ वो है huwa
वो है
مِنْهَا उसके बारे में min'hā
उसके बारे में
فِى (is) in
(is) in
شَكٍّۢ ۗ शक में shakkin
शक में
وَرَبُّكَ और रब आपका warabbuka
और रब आपका
عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर
كُلِّ हर kulli
हर
شَىْءٍ चीज़ के shayin
चीज़ के
حَفِيظٌۭ ख़ूब निगहबान है ḥafīẓun
ख़ूब निगहबान है
٢١ (21)
(21)
हालाँकि उसका उनपर कोई ज़ोर (दबाव) नहीं था। लेकिन ऐसा इसलिए हुआ ताकि हम जान लें कि कौन आख़िरत पर ईमान लाता है और कौन उसके बारे में संदेह में पड़ा हुआ है। तथा आपका पालनहार प्रत्येक चीज़ का संरक्षक है।
३४:२२
قُلِ कह दीजिए quli
कह दीजिए
ٱدْعُوا۟ पुकारो id'ʿū
पुकारो
ٱلَّذِينَ उनको जिन्हें alladhīna
उनको जिन्हें
زَعَمْتُم समझते हो तुम (माबूद) zaʿamtum
समझते हो तुम (माबूद)
مِّن besides min
besides
دُونِ सिवाए dūni
सिवाए
ٱللَّهِ ۖ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
لَا Not
Not
يَمْلِكُونَ नहीं वो मालिक हो सकते yamlikūna
नहीं वो मालिक हो सकते
مِثْقَالَ बराबर mith'qāla
बराबर
ذَرَّةٍۢ ज़र्रे के dharratin
ज़र्रे के
فِى in
in
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में
وَلَا और ना walā
और ना
فِى in
in
ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए
فِيهِمَا इन दोनों में fīhimā
इन दोनों में
مِن any min
any
شِرْكٍۢ कोई हिस्सा shir'kin
कोई हिस्सा
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए
مِنْهُم उन में min'hum
उन में
مِّن any min
any
ظَهِيرٍۢ कोई मददगार ẓahīrin
कोई मददगार
٢٢ (22)
(22)
(ऐ नबी) आप कह दें : उन्हें पुकार कर1 देखो, जिन्हें तुमने अल्लाह के सिवा (पूज्य) समझ रखा है। वे आकाशों और धरती में कणभर भी अधिकार नहीं रखते, और न उन दोनों में उनकी कोई साझेदारी है और न उनमें से कोई उस (अल्लाह) का सहायक ही है।
३४:२३
وَلَا और ना walā
और ना
تَنفَعُ फ़ायदा देगी tanfaʿu
फ़ायदा देगी
ٱلشَّفَـٰعَةُ सिफ़ारिश l-shafāʿatu
सिफ़ारिश
عِندَهُۥٓ उसके पास ʿindahu
उसके पास
إِلَّا मगर illā
मगर
لِمَنْ जिसके लिए liman
जिसके लिए
أَذِنَ वो इजाज़त दे adhina
वो इजाज़त दे
لَهُۥ ۚ उसे lahu
उसे
حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि
إِذَا जब idhā
जब
فُزِّعَ घबराहट दूर की जाएगी fuzziʿa
घबराहट दूर की जाएगी
عَن on ʿan
on
قُلُوبِهِمْ उनके दिलों से qulūbihim
उनके दिलों से
قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे
مَاذَا क्या कुछ mādhā
क्या कुछ
قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया
رَبُّكُمْ ۖ तुम्हारे रब ने rabbukum
तुम्हारे रब ने
قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे
ٱلْحَقَّ ۖ हक़ l-ḥaqa
हक़
وَهُوَ और वो ही है wahuwa
और वो ही है
ٱلْعَلِىُّ बहुत बुलन्द l-ʿaliyu
बहुत बुलन्द
ٱلْكَبِيرُ बहुत बड़ा l-kabīru
बहुत बड़ा
٢٣ (23)
(23)
और उसके यहाँ केवल उस व्यक्ति की सिफ़ारिश लाभ देगी, जिसे अल्लाह अनुमति देगा।1 यहाँ तक कि जब उनके दिलों से घबराहट दूर कर दी जाती है, तो वे (फ़रिश्ते) कहते हैं : तुम्हारे पालनहार ने क्या कहा? वे कहते हैं : सत्य (कहा) तथा वह सर्वोच्च, बहुत महान है।2
३४:२४
۞ قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
مَن कौन man
कौन
يَرْزُقُكُم रिज़्क़ देता है तुम्हें yarzuqukum
रिज़्क़ देता है तुम्हें
مِّنَ from mina
from
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों से l-samāwāti
आसमानों से
وَٱلْأَرْضِ ۖ और ज़मीन से wal-arḍi
और ज़मीन से
قُلِ कह दीजिए quli
कह दीजिए
ٱللَّهُ ۖ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
وَإِنَّآ और बेशक हम wa-innā
और बेशक हम
أَوْ या aw
या
إِيَّاكُمْ तुम iyyākum
तुम
لَعَلَىٰ (are) surely upon laʿalā
(are) surely upon
هُدًى अलबत्ता हिदायत पर हैं hudan
अलबत्ता हिदायत पर हैं
أَوْ या aw
या
فِى in
in
ضَلَـٰلٍۢ गुमराही में हैं ḍalālin
गुमराही में हैं
مُّبِينٍۢ खुली-खुली mubīnin
खुली-खुली
٢٤ (24)
(24)
आप (मुश्रिकों से) प्रश्न करें : तुम्हें आकाशों तथा धरती से1 कौन जीविका प्रदान करता है? आप कह दें : अल्लाह। तथा निःसंदेह हम या तुम अवश्य सन्मार्ग पर हैं अथवा खुली गुमराही में हैं।
३४:२५
قُل कह दीजिए qul
कह दीजिए
لَّا Not
Not
تُسْـَٔلُونَ नहीं तुम पूछे जाओगे tus'alūna
नहीं तुम पूछे जाओगे
عَمَّآ उसके बारे में जो ʿammā
उसके बारे में जो
أَجْرَمْنَا जुर्म किए हमने ajramnā
जुर्म किए हमने
وَلَا और ना walā
और ना
نُسْـَٔلُ हम पूछे जाऐंगे nus'alu
हम पूछे जाऐंगे
عَمَّا उसके बारे में जो ʿammā
उसके बारे में जो
تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो
٢٥ (25)
(25)
आप कह दें : न तुमसे हमारे अपराधों के बारे में प्रश्न किया जाएगा और न हमसे तुम्हारे कर्मों के संबंध में प्रश्न किया जाएगा।1
३४:२६
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
يَجْمَعُ जमा करेगा yajmaʿu
जमा करेगा
بَيْنَنَا हमारे दर्मियान baynanā
हमारे दर्मियान
رَبُّنَا रब हमारा rabbunā
रब हमारा
ثُمَّ फिर thumma
फिर
يَفْتَحُ वो फ़ैसला करेगा yaftaḥu
वो फ़ैसला करेगा
بَيْنَنَا हमारे दर्मियान baynanā
हमारे दर्मियान
بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के
وَهُوَ और वो wahuwa
और वो
ٱلْفَتَّاحُ ज़बरदस्त फ़ैसला करने वाला है l-fatāḥu
ज़बरदस्त फ़ैसला करने वाला है
ٱلْعَلِيمُ ख़ूब जानने वाला है l-ʿalīmu
ख़ूब जानने वाला है
٢٦ (26)
(26)
आप कह दें कि हमारा पालनहार हमें एकत्रित1 करेगा। फिर हमारे बीच सत्य के साथ निर्णय करेगा तथा वही अति निर्णयकारी, सब कुछ जानने वाला है।
३४:२७
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
أَرُونِىَ दिखाओ मुझे arūniya
दिखाओ मुझे
ٱلَّذِينَ वो जिन्हें alladhīna
वो जिन्हें
أَلْحَقْتُم मिला दिया तुमने alḥaqtum
मिला दिया तुमने
بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके
شُرَكَآءَ ۖ शरीक (बना कर) shurakāa
शरीक (बना कर)
كَلَّا ۚ हरगिज़ नहीं kallā
हरगिज़ नहीं
بَلْ बल्कि bal
बल्कि
هُوَ वो ही है huwa
वो ही है
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त
ٱلْحَكِيمُ ख़ूब हिकमत वाला l-ḥakīmu
ख़ूब हिकमत वाला
٢٧ (27)
(27)
आप कह दें : तुम मुझे वो लोग दिखाओ, जिन्हें तुमने साझी ठहराकर1 अल्लाह के साथ मिला दिया है? ऐसा कदापि नहीं है। बल्कि वही अल्लाह अत्यंत प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
३४:२८
وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं
أَرْسَلْنَـٰكَ भेजा हमने आपको arsalnāka
भेजा हमने आपको
إِلَّا मगर illā
मगर
كَآفَّةًۭ तमाम kāffatan
तमाम
لِّلنَّاسِ इन्सानों के लिए lilnnāsi
इन्सानों के लिए
بَشِيرًۭا ख़ुशख़बरी देने वाला bashīran
ख़ुशख़बरी देने वाला
وَنَذِيرًۭا और डराने वाला बनाकर wanadhīran
और डराने वाला बनाकर
وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन
أَكْثَرَ अक्सर akthara
अक्सर
ٱلنَّاسِ लोग l-nāsi
लोग
لَا (do) not
(do) not
يَعْلَمُونَ नहीं वो इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं वो इल्म रखते
٢٨ (28)
(28)
तथा हमने आपको1 समस्त मनुष्यों के लिए शुभ सूचना देने वाला और डराने वाला ही बनाकर भेजा है। किन्तु अधिकतर लोग नहीं जानते।
३४:२९
وَيَقُولُونَ और वो कहते हैं wayaqūlūna
और वो कहते हैं
مَتَىٰ कब होगा matā
कब होगा
هَـٰذَا ये hādhā
ये
ٱلْوَعْدُ वादा l-waʿdu
वादा
إِن अगर in
अगर
كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम
صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे
٢٩ (29)
(29)
तथा वे कहते1 हैं : (क़ियामत का) यह वादा कब पूरा होगा, यदि तुम सच्चे हो?
३४:३०
قُل कह दीजिए qul
कह दीजिए
لَّكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
مِّيعَادُ वादा है mīʿādu
वादा है
يَوْمٍۢ एक दिन का yawmin
एक दिन का
لَّا not
not
تَسْتَـْٔخِرُونَ ना तुम पीछे हो सकते हो tastakhirūna
ना तुम पीछे हो सकते हो
عَنْهُ उससे ʿanhu
उससे
سَاعَةًۭ एक घड़ी भी sāʿatan
एक घड़ी भी
وَلَا और ना walā
और ना
تَسْتَقْدِمُونَ तुम आगे बढ़ सकते हो tastaqdimūna
तुम आगे बढ़ सकते हो
٣٠ (30)
(30)
आप (उनसे) कह दें कि तुम्हारे लिए एक ऐसे दिन1 का वादा है कि न तुम उससे एक घड़ी पीछे रह सकोगे और न आगे बढ़ सकोगे।
३४:३१
وَقَالَ और कहा waqāla
और कहा
ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जिन्होंने alladhīna
उन लोगों ने जिन्होंने
كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया
لَن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं
نُّؤْمِنَ हम ईमान लाऐंगे nu'mina
हम ईमान लाऐंगे
بِهَـٰذَا साथ उस bihādhā
साथ उस
ٱلْقُرْءَانِ क़ुरआन के l-qur'āni
क़ुरआन के
وَلَا और ना walā
और ना
بِٱلَّذِى उसके जो bi-alladhī
उसके जो
بَيْنَ (was) before it bayna
(was) before it
يَدَيْهِ ۗ पहले है उससे yadayhi
पहले है उससे
وَلَوْ और काश walaw
और काश
تَرَىٰٓ आप देखें tarā
आप देखें
إِذِ जब idhi
जब
ٱلظَّـٰلِمُونَ ज़ालिम लोग l-ẓālimūna
ज़ालिम लोग
مَوْقُوفُونَ खड़े हुए होंगे mawqūfūna
खड़े हुए होंगे
عِندَ सामने ʿinda
सामने
رَبِّهِمْ अपने रब के rabbihim
अपने रब के
يَرْجِعُ लौटाएगा yarjiʿu
लौटाएगा
بَعْضُهُمْ बाज़ उनका baʿḍuhum
बाज़ उनका
إِلَىٰ to ilā
to
بَعْضٍ तरफ़ बाज़ के baʿḍin
तरफ़ बाज़ के
ٱلْقَوْلَ बात को l-qawla
बात को
يَقُولُ कहेंगे yaqūlu
कहेंगे
ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो
ٱسْتُضْعِفُوا۟ कमज़ोर समझे गए थे us'tuḍ'ʿifū
कमज़ोर समझे गए थे
لِلَّذِينَ उनसे जिन्होंने lilladhīna
उनसे जिन्होंने
ٱسْتَكْبَرُوا۟ तकब्बुर किया is'takbarū
तकब्बुर किया
لَوْلَآ अगर ना होते lawlā
अगर ना होते
أَنتُمْ तुम antum
तुम
لَكُنَّا अलबत्ता होते हम lakunnā
अलबत्ता होते हम
مُؤْمِنِينَ मोमिन mu'minīna
मोमिन
٣١ (31)
(31)
तथा काफ़िरों ने कहा कि हम कदापि इस क़ुरआन पर और इससे पहले की पुस्तक पर ईमान नहीं लाएँगे। और यदि आप देखें जब अत्याचारी लोग (क़ियामत के दिन) अपने पालनहार के समक्ष खड़े किए जाएँगे, जबकि वे एक-दूसरे की बात का खंडन कर रहे होंगे। जो लोग (दुनिया में) कमज़ोर समझे जाते थे, वे उन लोगों से कहेंगे, जो बड़े बनते थे : यदि तुम न होते, तो अवश्य ही हम ईमान वाले होते।1
३४:३२
قَالَ कहेंगे qāla
कहेंगे
ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने
ٱسْتَكْبَرُوا۟ तकब्बुर किया is'takbarū
तकब्बुर किया
لِلَّذِينَ उनसे जो lilladhīna
उनसे जो
ٱسْتُضْعِفُوٓا۟ कमज़ोर समझे गए us'tuḍ'ʿifū
कमज़ोर समझे गए
أَنَحْنُ क्या हमने anaḥnu
क्या हमने
صَدَدْنَـٰكُمْ रोका था हमने तुम्हें ṣadadnākum
रोका था हमने तुम्हें
عَنِ from ʿani
from
ٱلْهُدَىٰ हिदायत से l-hudā
हिदायत से
بَعْدَ बाद इसके कि baʿda
बाद इसके कि
إِذْ जब idh
जब
جَآءَكُم ۖ वो आगई तुम्हारे पास jāakum
वो आगई तुम्हारे पास
بَلْ बल्कि bal
बल्कि
كُنتُم थे तुम ही kuntum
थे तुम ही
مُّجْرِمِينَ मुजरिम muj'rimīna
मुजरिम
٣٢ (32)
(32)
वे लोग जो घमंड करते (बड़े बनते) थे, उन लोगों से जो कमज़ोर समझे जाते थे, कहेंगे : क्या हमने तुम्हें मार्गदर्शन से रोका था, जब वह तुम्हारे पास आ गया था? बल्कि तुम (स्वयं ही) अपराधी थे।
३४:३३
وَقَالَ और कहेंगे waqāla
और कहेंगे
ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो
ٱسْتُضْعِفُوا۟ कमज़ोर समझे गए us'tuḍ'ʿifū
कमज़ोर समझे गए
لِلَّذِينَ उनसे जिन्होंने lilladhīna
उनसे जिन्होंने
ٱسْتَكْبَرُوا۟ तकब्बुर किया is'takbarū
तकब्बुर किया
بَلْ बल्कि bal
बल्कि
مَكْرُ चाल थी makru
चाल थी
ٱلَّيْلِ रात al-layli
रात
وَٱلنَّهَارِ और दिन की wal-nahāri
और दिन की
إِذْ जब idh
जब
تَأْمُرُونَنَآ तुम हुक्म देते थे हमें tamurūnanā
तुम हुक्म देते थे हमें
أَن कि an
कि
نَّكْفُرَ हम कुफ़्र करें nakfura
हम कुफ़्र करें
بِٱللَّهِ साथ अल्लाह के bil-lahi
साथ अल्लाह के
وَنَجْعَلَ और हम बनाऐं wanajʿala
और हम बनाऐं
لَهُۥٓ उसके लिए lahu
उसके लिए
أَندَادًۭا ۚ कुछ शरीक andādan
कुछ शरीक
وَأَسَرُّوا۟ और वो छुपाऐंगे wa-asarrū
और वो छुपाऐंगे
ٱلنَّدَامَةَ निदामत l-nadāmata
निदामत
لَمَّا जब lammā
जब
رَأَوُا۟ वो देखेंगे ra-awū
वो देखेंगे
ٱلْعَذَابَ अज़ाब को l-ʿadhāba
अज़ाब को
وَجَعَلْنَا और हम डाल देंगे wajaʿalnā
और हम डाल देंगे
ٱلْأَغْلَـٰلَ तौक़ l-aghlāla
तौक़
فِىٓ on
on
أَعْنَاقِ गर्दनों में aʿnāqi
गर्दनों में
ٱلَّذِينَ उनकी जिन्होंने alladhīna
उनकी जिन्होंने
كَفَرُوا۟ ۚ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया
هَلْ नहीं hal
नहीं
يُجْزَوْنَ वो बदला दिए जाऐंगे yuj'zawna
वो बदला दिए जाऐंगे
إِلَّا मगर illā
मगर
مَا उसका जो
उसका जो
كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो
يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते
٣٣ (33)
(33)
तथा वे लोग जो कमज़ोर समझे जाते थे, उन लोगों से कहेंगे, जो अहंकार करते थे : बल्कि (तुम्हारी) रात और दिन की चालों1 ही ने (हमें रोका था) जब तुम हमें आदेश देते थे कि हम अल्लाह के साथ कुफ़्र करें तथा उसके लिए साझी ठहराएँ। तथा जब वे यातना को देखेंगे तो (अपने दिल में) पछतावा को छिपाएँगे। और हम उन लोगों की गरदनों में तौक़ डाल देंगे, जिन्होंने कुफ़्र किया। उन्हें केवल उसी का बदला दिया जाएगा, जो वे किया करते थे।
३४:३४
وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं
أَرْسَلْنَا भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने
فِى to
to
قَرْيَةٍۢ किसी बस्ती में qaryatin
किसी बस्ती में
مِّن any min
any
نَّذِيرٍ कोई डराने वाला nadhīrin
कोई डराने वाला
إِلَّا मगर illā
मगर
قَالَ कहा qāla
कहा
مُتْرَفُوهَآ उसके ख़ुशहाल लोगों ने mut'rafūhā
उसके ख़ुशहाल लोगों ने
إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम
بِمَآ उसका जो bimā
उसका जो
أُرْسِلْتُم भेजे गए तुम ur'sil'tum
भेजे गए तुम
بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके
كَـٰفِرُونَ इन्कार करने वाले हैं kāfirūna
इन्कार करने वाले हैं
٣٤ (34)
(34)
तथा हमने जिस बस्ती में भी कोई डराने वाला भेजा, तो उसके संपन्न लोगों ने यही कहा : निःसंदेह हम उस चीज़ का, जिसके साथ तुम भेजे गए हो, इनकार करते हैं।1
३४:३५
وَقَالُوا۟ और उन्होंने कहा waqālū
और उन्होंने कहा
نَحْنُ हम naḥnu
हम
أَكْثَرُ ज़्यादा हैं aktharu
ज़्यादा हैं
أَمْوَٰلًۭا माल में amwālan
माल में
وَأَوْلَـٰدًۭا और औलाद में wa-awlādan
और औलाद में
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
نَحْنُ हम naḥnu
हम
بِمُعَذَّبِينَ अज़ाब दिए जाने वाले bimuʿadhabīna
अज़ाब दिए जाने वाले
٣٥ (35)
(35)
तथा उन्होंने कहा : हम धन और संतान में तुमसे बढ़कर हैं तथा हमें यातना नहीं दी जाएगी।
३४:३६
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
إِنَّ बेशक inna
बेशक
رَبِّى रब मेरा rabbī
रब मेरा
يَبْسُطُ वो फैलाता है yabsuṭu
वो फैलाता है
ٱلرِّزْقَ रिज़्क़ को l-riz'qa
रिज़्क़ को
لِمَن जिसके लिए liman
जिसके लिए
يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है
وَيَقْدِرُ और वो तंग कर देता है wayaqdiru
और वो तंग कर देता है
وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन
أَكْثَرَ अक्सर akthara
अक्सर
ٱلنَّاسِ लोग l-nāsi
लोग
لَا (do) not
(do) not
يَعْلَمُونَ नहीं वो जानते yaʿlamūna
नहीं वो जानते
٣٦ (36)
(36)
आप कह दें : निःसंदेह मेरा पालनहार जिसके लिए चाहता है, जीविका विस्तृत कर देता है, और (जिसके लिए चाहे) तंग कर देता है। लेकिन अधिकतर लोग नहीं जानते।
३४:३७
وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं
أَمْوَٰلُكُمْ माल तुम्हारे amwālukum
माल तुम्हारे
وَلَآ और ना walā
और ना
أَوْلَـٰدُكُم औलाद तुम्हारी awlādukum
औलाद तुम्हारी
بِٱلَّتِى सबब उस चीज़ का जो bi-allatī
सबब उस चीज़ का जो
تُقَرِّبُكُمْ क़रीब करे तुम्हें tuqarribukum
क़रीब करे तुम्हें
عِندَنَا हम से ʿindanā
हम से
زُلْفَىٰٓ दर्जे में zul'fā
दर्जे में
إِلَّا मगर illā
मगर
مَنْ जो कोई man
जो कोई
ءَامَنَ ईमान लाया āmana
ईमान लाया
وَعَمِلَ और उसने अमल किए waʿamila
और उसने अमल किए
صَـٰلِحًۭا नेक ṣāliḥan
नेक
فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लेग हैं fa-ulāika
तो यही लेग हैं
لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए
جَزَآءُ बदला है jazāu
बदला है
ٱلضِّعْفِ दोगुना l-ḍiʿ'fi
दोगुना
بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो
عَمِلُوا۟ उन्होंने अमल किए ʿamilū
उन्होंने अमल किए
وَهُمْ और वो wahum
और वो
فِى (will be) in
(will be) in
ٱلْغُرُفَـٰتِ बालाखानों में l-ghurufāti
बालाखानों में
ءَامِنُونَ अमन में होंगे āminūna
अमन में होंगे
٣٧ (37)
(37)
और तुम्हारे धन और तुम्हारी संतान ऐसी नहीं हैं जो तुम्हें पद में हमारे निकट1 कर दें। परंतु जो ईमान लाया और उसने अच्छे कार्य किए, तो यही लोग हैं, जिनके लिए उनके कार्यों का दोहरा प्रतिफल है और वे ऊँचे भवनों में निश्चिंत होकर रहेंगे।
३४:३८
وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो
يَسْعَوْنَ कोशिश करते हैं yasʿawna
कोशिश करते हैं
فِىٓ against
against
ءَايَـٰتِنَا हमारी आयात में āyātinā
हमारी आयात में
مُعَـٰجِزِينَ इस हाल में कि आजिज़ करने वाले हैं muʿājizīna
इस हाल में कि आजिज़ करने वाले हैं
أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं
فِى into
into
ٱلْعَذَابِ अज़ाब में l-ʿadhābi
अज़ाब में
مُحْضَرُونَ हाज़िर किए गए muḥ'ḍarūna
हाज़िर किए गए
٣٨ (38)
(38)
तथा जो लोग हमारी आयतों को असत्य सिद्ध करने के प्रयास में लगे रहते हैं, वे लाकर यातना में डाले जाएँगे।
३४:३९
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
إِنَّ बेशक inna
बेशक
رَبِّى रब मेरा rabbī
रब मेरा
يَبْسُطُ वो फैलाता है yabsuṭu
वो फैलाता है
ٱلرِّزْقَ रिज़्क़ l-riz'qa
रिज़्क़
لِمَن जिसके लिए liman
जिसके लिए
يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है
مِنْ of min
of
عِبَادِهِۦ अपने बन्दों में से ʿibādihi
अपने बन्दों में से
وَيَقْدِرُ और वो तंग कर देता है wayaqdiru
और वो तंग कर देता है
لَهُۥ ۚ उसके लिए lahu
उसके लिए
وَمَآ और जो wamā
और जो
أَنفَقْتُم तुम ख़र्च करते हो anfaqtum
तुम ख़र्च करते हो
مِّن of min
of
شَىْءٍۢ कुछ भी shayin
कुछ भी
فَهُوَ तो वो fahuwa
तो वो
يُخْلِفُهُۥ ۖ वो बदला देता है उसका yukh'lifuhu
वो बदला देता है उसका
وَهُوَ और वो wahuwa
और वो
خَيْرُ बेहतर है khayru
बेहतर है
ٱلرَّٰزِقِينَ सब रिज़्क़ देने वालों में l-rāziqīna
सब रिज़्क़ देने वालों में
٣٩ (39)
(39)
आप कह दें : निःसंदेह मेरा पालनहार अपने बंदों में से जिसके लिए चाहता है, जीविका विस्तृत कर देता है, और (जिसके लिए चाहता है) तंग कर देता है। और तुम जो चीज़ भी खर्च करते हो, तो वह उसकी जगह और देता है। और वह सबसे उत्तम जीविका देने वाला है।
३४:४०
وَيَوْمَ और जिस दिन wayawma
और जिस दिन
يَحْشُرُهُمْ वो इकट्ठा करेगा उन्हें yaḥshuruhum
वो इकट्ठा करेगा उन्हें
جَمِيعًۭا सब के सब को jamīʿan
सब के सब को
ثُمَّ फिर thumma
फिर
يَقُولُ वो फ़रमाएगा yaqūlu
वो फ़रमाएगा
لِلْمَلَـٰٓئِكَةِ फ़रिश्तों से lil'malāikati
फ़रिश्तों से
أَهَـٰٓؤُلَآءِ क्या ये लोग ahāulāi
क्या ये लोग
إِيَّاكُمْ सिर्फ़ तुम्हारी ही iyyākum
सिर्फ़ तुम्हारी ही
كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो
يَعْبُدُونَ वो ईबादत करते yaʿbudūna
वो ईबादत करते
٤٠ (40)
(40)
और जिस दिन वह (अल्लाह) उन सब को एकत्रित करेगा, फिर फ़रिश्तों से कहेगा : क्या यही लोग तुम्हारी इबादत (पूजा) किया करते थे?
३४:४१
قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे
سُبْحَـٰنَكَ पाक है तू sub'ḥānaka
पाक है तू
أَنتَ तू ही anta
तू ही
وَلِيُّنَا दोस्त है हमारा waliyyunā
दोस्त है हमारा
مِن not them min
not them
دُونِهِم ۖ उनके सिवा dūnihim
उनके सिवा
بَلْ बल्कि bal
बल्कि
كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो
يَعْبُدُونَ वो ईबादत करते yaʿbudūna
वो ईबादत करते
ٱلْجِنَّ ۖ जिन्नों कि l-jina
जिन्नों कि
أَكْثَرُهُم अक्सर उनके aktharuhum
अक्सर उनके
بِهِم उन्हीं पर bihim
उन्हीं पर
مُّؤْمِنُونَ ईमान लाने वाले थे mu'minūna
ईमान लाने वाले थे
٤١ (41)
(41)
वे (फ़रिश्ते) कहेंगे : तू पवित्र है! तू ही उनके सिवा हमारा संरक्षक है। बल्कि वे तो जिन्नों1 की इबादत करते थे। उनमें से अधिकतर लोग उन्हीं पर ईमान रखने वाले थे।
३४:४२
فَٱلْيَوْمَ तो आज के दिन fal-yawma
तो आज के दिन
لَا not
not
يَمْلِكُ ना मालिक होगा yamliku
ना मालिक होगा
بَعْضُكُمْ बाज़ तुम्हारा baʿḍukum
बाज़ तुम्हारा
لِبَعْضٍۢ बाज़ के लिए libaʿḍin
बाज़ के लिए
نَّفْعًۭا किसी नफ़ा का nafʿan
किसी नफ़ा का
وَلَا और ना walā
और ना
ضَرًّۭا किसी नुक़्सान का ḍarran
किसी नुक़्सान का
وَنَقُولُ और हम कहेंगे wanaqūlu
और हम कहेंगे
لِلَّذِينَ उनको जिन्होंने lilladhīna
उनको जिन्होंने
ظَلَمُوا۟ ज़ुल्म किया ẓalamū
ज़ुल्म किया
ذُوقُوا۟ चखो dhūqū
चखो
عَذَابَ अज़ाब ʿadhāba
अज़ाब
ٱلنَّارِ आग का l-nāri
आग का
ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो
كُنتُم थे तुम kuntum
थे तुम
بِهَا जिसे bihā
जिसे
تُكَذِّبُونَ तुम झुठलाया करते tukadhibūna
तुम झुठलाया करते
٤٢ (42)
(42)
सो आज तुम1 एक-दूसरे के लाभ और हानि के मालिक नहीं हो। तथा हम उन अत्याचारियों से कहेंगे : उस आग की यातना चखो, जिसे तुम झुठलाया करते थे।
३४:४३
وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब
تُتْلَىٰ पढ़ी जाती हैं tut'lā
पढ़ी जाती हैं
عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर
ءَايَـٰتُنَا आयात हमारी āyātunā
आयात हमारी
بَيِّنَـٰتٍۢ वाज़ेह bayyinātin
वाज़ेह
قَالُوا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं
مَا नहीं
नहीं
هَـٰذَآ ये hādhā
ये
إِلَّا मगर illā
मगर
رَجُلٌۭ एक शख़्स rajulun
एक शख़्स
يُرِيدُ वो चाहता है yurīdu
वो चाहता है
أَن कि an
कि
يَصُدَّكُمْ वो रोक दे तुम्हें yaṣuddakum
वो रोक दे तुम्हें
عَمَّا उनसे जिनकी ʿammā
उनसे जिनकी
كَانَ थे kāna
थे
يَعْبُدُ इबादत करते yaʿbudu
इबादत करते
ءَابَآؤُكُمْ आबा ओ अजदाद तुम्हारे ābāukum
आबा ओ अजदाद तुम्हारे
وَقَالُوا۟ और वो कहते हैं waqālū
और वो कहते हैं
مَا नहीं
नहीं
هَـٰذَآ ये hādhā
ये
إِلَّآ मगर illā
मगर
إِفْكٌۭ एक झूठ if'kun
एक झूठ
مُّفْتَرًۭى ۚ गढ़ा हुआ muf'taran
गढ़ा हुआ
وَقَالَ और कहा waqāla
और कहा
ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जिन्होंने alladhīna
उन लोगों ने जिन्होंने
كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया
لِلْحَقِّ हक़ के बारे में lil'ḥaqqi
हक़ के बारे में
لَمَّا जब lammā
जब
جَآءَهُمْ वो आ गया उनके पास jāahum
वो आ गया उनके पास
إِنْ नहीं in
नहीं
هَـٰذَآ ये hādhā
ये
إِلَّا मगर illā
मगर
سِحْرٌۭ जादू siḥ'run
जादू
مُّبِينٌۭ वाज़ेह mubīnun
वाज़ेह
٤٣ (43)
(43)
और जब उनके समक्ष हमारी खुली आयतें पढ़ी जाती हैं, तो कहते हैं : यह तो एक ऐसा व्यक्ति है, जो चाहता है कि तुम्हें उन (पूज्यों) से रोक दे, जिनकी तुम्हारे बाप-दादा इबादत किया करते थे। तथा उन्होंने कहा : यह तो मात्र एक गढ़ा हुआ झूठ है। तथा जब उन काफ़िरों के पास सत्य आ गया, तो उन्होंने उसके बारे में कहा : यह तो मात्र एक खुला जादू है।
३४:४४
وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं
ءَاتَيْنَـٰهُم दीं हमने उन्हें ātaynāhum
दीं हमने उन्हें
مِّن any min
any
كُتُبٍۢ कुछ किताबें kutubin
कुछ किताबें
يَدْرُسُونَهَا ۖ वो पढ़ते हों उन्हें yadrusūnahā
वो पढ़ते हों उन्हें
وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं
أَرْسَلْنَآ भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने
إِلَيْهِمْ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके
قَبْلَكَ आपसे पहले qablaka
आपसे पहले
مِن any min
any
نَّذِيرٍۢ कोई डराने वाला nadhīrin
कोई डराने वाला
٤٤ (44)
(44)
जबकि हमने उन (मक्का वासियों) को किताबें नहीं दी थीं, जिनको वे पढ़ते हों तथा हमने आपसे पहले उनकी ओर कोई डराने वाला भी नहीं भेजा।1
३४:४५
وَكَذَّبَ और झुठलाया wakadhaba
और झुठलाया
ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जो alladhīna
उन लोगों ने जो
مِن (were) before them min
(were) before them
قَبْلِهِمْ उनसे पहले थे qablihim
उनसे पहले थे
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
بَلَغُوا۟ वो पहुँचे balaghū
वो पहुँचे
مِعْشَارَ दसवें हिस्से को(भी) miʿ'shāra
दसवें हिस्से को(भी)
مَآ जो
जो
ءَاتَيْنَـٰهُمْ दिया था हमने उन्हें ātaynāhum
दिया था हमने उन्हें
فَكَذَّبُوا۟ तो उन्होंने झुठलाया था fakadhabū
तो उन्होंने झुठलाया था
رُسُلِى ۖ मेरे रसूलों को rusulī
मेरे रसूलों को
فَكَيْفَ तो कैसा fakayfa
तो कैसा
كَانَ था kāna
था
نَكِيرِ अज़ाब मेरा nakīri
अज़ाब मेरा
٤٥ (45)
(45)
तथा इनसे पूर्व के लोगों1 ने भी झुठलाया था, और जो कुछ हमने उन्हें प्रदान किया था, ये तो उसके दसवें भाग को भी नहीं पहुँचे हैं। चुनाँचे उन्होंने मेरे रसूलों को झुठलाया, तो देख लो मेरी यातना कैसी थी?
३४:४६
۞ قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
إِنَّمَآ बेशक innamā
बेशक
أَعِظُكُم मैं नसीहत करता हूँ तुम्हें aʿiẓukum
मैं नसीहत करता हूँ तुम्हें
بِوَٰحِدَةٍ ۖ एक (बात) की biwāḥidatin
एक (बात) की
أَن कि an
कि
تَقُومُوا۟ तुम खड़े हो जाओ taqūmū
तुम खड़े हो जाओ
لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए
مَثْنَىٰ दो-दो mathnā
दो-दो
وَفُرَٰدَىٰ और अकेले-अकेले wafurādā
और अकेले-अकेले
ثُمَّ फिर thumma
फिर
تَتَفَكَّرُوا۟ ۚ तुम ग़ौरो फ़िक्र करो tatafakkarū
तुम ग़ौरो फ़िक्र करो
مَا नहीं
नहीं
بِصَاحِبِكُم तुम्हारे साथी को biṣāḥibikum
तुम्हारे साथी को
مِّن any min
any
جِنَّةٍ ۚ कोई जुनून jinnatin
कोई जुनून
إِنْ नहीं in
नहीं
هُوَ वो huwa
वो
إِلَّا मगर illā
मगर
نَذِيرٌۭ डराने वाला nadhīrun
डराने वाला
لَّكُم तुम्हें lakum
तुम्हें
بَيْنَ before bayna
before
يَدَىْ पहले yaday
पहले
عَذَابٍۢ एक अज़ाब ʿadhābin
एक अज़ाब
شَدِيدٍۢ सख़्त से shadīdin
सख़्त से
٤٦ (46)
(46)
आप कह दें : मैं बस तुम्हें एक बात की नसीहत करता हूँ कि तुम अल्लाह के लिए दो-दो तथा अकेले-अकेले खड़े हो जाओ। फिर सोचो। तुम्हारे साथी1 में कोई पागलपन नहीं है। वह तो केवल तुम्हें एक कठोर यातना के आने से पहले डराने वाला है।
३४:४७
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
مَا जो भी
जो भी
سَأَلْتُكُم माँगा है मैं ने तुमसे sa-altukum
माँगा है मैं ने तुमसे
مِّنْ for min
for
أَجْرٍۢ कोई अजर ajrin
कोई अजर
فَهُوَ तो वो fahuwa
तो वो
لَكُمْ ۖ तुम्हारे लिए है lakum
तुम्हारे लिए है
إِنْ नहीं in
नहीं
أَجْرِىَ अजर मेरा ajriya
अजर मेरा
إِلَّا मगर illā
मगर
عَلَى from ʿalā
from
ٱللَّهِ ۖ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर
وَهُوَ और वो wahuwa
और वो
عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर
كُلِّ हर kulli
हर
شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के
شَهِيدٌۭ ख़ूब गवाह है shahīdun
ख़ूब गवाह है
٤٧ (47)
(47)
आप कह दें : मैंने तुमसे कोई बदला माँगा है, तो वह तुम्हारे1 ही लिए है। मेरा बदला तो बस अल्लाह पर है और वह प्रत्येक वस्तु पर गवाह है।
३४:४८
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
إِنَّ बेशक inna
बेशक
رَبِّى रब मेरा rabbī
रब मेरा
يَقْذِفُ वो डालता है yaqdhifu
वो डालता है
بِٱلْحَقِّ हक़ को bil-ḥaqi
हक़ को
عَلَّـٰمُ ख़ूब जानने वाला है ʿallāmu
ख़ूब जानने वाला है
ٱلْغُيُوبِ ग़ैबों को l-ghuyūbi
ग़ैबों को
٤٨ (48)
(48)
आप कह दें : मेरा पालनहार सत्य द्वारा (असत्य पर) चोट करता है। वह परोक्ष (ग़ैब) की बातों का खूब जानने वाला है।
३४:४९
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
جَآءَ आ गया jāa
आ गया
ٱلْحَقُّ हक़ l-ḥaqu
हक़
وَمَا और ना wamā
और ना
يُبْدِئُ इब्तिदा करता है yub'di-u
इब्तिदा करता है
ٱلْبَـٰطِلُ बातिल l-bāṭilu
बातिल
وَمَا और ना wamā
और ना
يُعِيدُ वो एआदा करेगा yuʿīdu
वो एआदा करेगा
٤٩ (49)
(49)
आप कह दें कि सत्य आ गया और असत्य न तो पहली बार उभरा और न दोबारा उभर सकेगा।
३४:५०
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
إِن अगर in
अगर
ضَلَلْتُ मैं भटक गया ḍalaltu
मैं भटक गया
فَإِنَّمَآ तो बेशक fa-innamā
तो बेशक
أَضِلُّ मैं भटकता हूँ aḍillu
मैं भटकता हूँ
عَلَىٰ against ʿalā
against
نَفْسِى ۖ अपनी जान पर nafsī
अपनी जान पर
وَإِنِ और अगर wa-ini
और अगर
ٱهْتَدَيْتُ हिदायत पा गया मैं ih'tadaytu
हिदायत पा गया मैं
فَبِمَا तो बवजह उसके जो fabimā
तो बवजह उसके जो
يُوحِىٓ वही की yūḥī
वही की
إِلَىَّ मेरी तरफ़ ilayya
मेरी तरफ़
رَبِّىٓ ۚ मेरे रब ने rabbī
मेरे रब ने
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
سَمِيعٌۭ बहुत सुनने वाला है samīʿun
बहुत सुनने वाला है
قَرِيبٌۭ बहुत क़रीब है qarībun
बहुत क़रीब है
٥٠ (50)
(50)
आप कह दें : यदि मैं राह से हट गया, तो मेरे राह से हटने का गुनाह मुझपर ही है और यदि मैं सही मार्ग पर हूँ, तो यह उस कारण है जो मेरा पालनहार मेरी ओर वह़्य भेजता है। निःसंदेह वह सब कुछ सुनने वाला, निकट है।
३४:५१
وَلَوْ और काश walaw
और काश
تَرَىٰٓ आप देखते tarā
आप देखते
إِذْ जब idh
जब
فَزِعُوا۟ वो घबरा जाऐंगे faziʿū
वो घबरा जाऐंगे
فَلَا तो ना falā
तो ना
فَوْتَ बचना होगा(उनके लिए) fawta
बचना होगा(उनके लिए)
وَأُخِذُوا۟ और पकड़ लिए जाऐंगे wa-ukhidhū
और पकड़ लिए जाऐंगे
مِن from min
from
مَّكَانٍۢ जगह से makānin
जगह से
قَرِيبٍۢ क़रीब की qarībin
क़रीब की
٥١ (51)
(51)
और (ऐ रसूल!) अगर आप देखें, जब ये लोग घबराए हुए1 होंगे, तो उनके लिए बचने का कोई रास्ता न होगा, तथा वे निकट स्थान ही से पकड़ लिए जाएँगे।
३४:५२
وَقَالُوٓا۟ और वो कहेंगे waqālū
और वो कहेंगे
ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम
بِهِۦ उस पर bihi
उस पर
وَأَنَّىٰ और कहाँ से होगा wa-annā
और कहाँ से होगा
لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए
ٱلتَّنَاوُشُ हासिल करना(ईमान का) l-tanāwushu
हासिल करना(ईमान का)
مِن from min
from
مَّكَانٍۭ जगह से makānin
जगह से
بَعِيدٍۢ दूर की baʿīdin
दूर की
٥٢ (52)
(52)
और वे पुकार उठेंगे : हम (अब) उसपर1 ईमान ले आए। लेकिन इतनी दूर जगह2 से उनके लिए ईमान की प्राप्ति कहाँ से संभव है?
३४:५३
وَقَدْ और तहक़ीक़ waqad
और तहक़ीक़
كَفَرُوا۟ उन्होंने इन्कार किया था kafarū
उन्होंने इन्कार किया था
بِهِۦ उसका bihi
उसका
مِن before min
before
قَبْلُ ۖ इससे पहले qablu
इससे पहले
وَيَقْذِفُونَ और वो फ़ेंकते रहे wayaqdhifūna
और वो फ़ेंकते रहे
بِٱلْغَيْبِ बिन देखे bil-ghaybi
बिन देखे
مِن from min
from
مَّكَانٍۭ जगह से makānin
जगह से
بَعِيدٍۢ दूर की baʿīdin
दूर की
٥٣ (53)
(53)
हालाँकि इससे पहले (दुनिया में) उन्होंने उसका इनकार किया था और वे दूर की जगह से1 बिन देखे तीर चलाते रहे थे।
३४:५४
وَحِيلَ और रुकावट डाल दी जाएगी waḥīla
और रुकावट डाल दी जाएगी
بَيْنَهُمْ दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके
وَبَيْنَ और दर्मियान wabayna
और दर्मियान
مَا उसके जो
उसके जो
يَشْتَهُونَ वो ख़्वाहिश करेंगे yashtahūna
वो ख़्वाहिश करेंगे
كَمَا जैसे kamā
जैसे
فُعِلَ किया गया fuʿila
किया गया
بِأَشْيَاعِهِم साथ उनके साथियों के bi-ashyāʿihim
साथ उनके साथियों के
مِّن before min
before
قَبْلُ ۚ इससे पहले qablu
इससे पहले
إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो
كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो
فِى in
in
شَكٍّۢ एक शक में shakkin
एक शक में
مُّرِيبٍۭ बेचैन करने वाले murībin
बेचैन करने वाले
٥٤ (54)
(54)
तथा उनके और उन चीज़ों के बीच जिनकी वे इच्छा करेंगे, आड़ बना दी जाएगी, जैसा कि इनके जैसों के साथ इससे पहले किया जा चुका है। निःसंदेह वे असमंजस में डालने वाले संदेह में पड़े हुए थे।