११२
अल-इख़्लास
الإخلاص
सूरह अल-इख़्लास (الإخلاص) पवित्र क़ुरआन का ११२ वाँ अध्याय है — यह एक मक्की सूरह है जिसमें ४ आयतें हैं। मक्की सूरहें पैग़म्बर मुहम्मद (सल्ल.) के मदीना प्रवास से पहले उतरीं और प्रायः ईमान, अल्लाह की एकता और आख़िरत पर बल देती हैं।
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बिस्मिल्लाह
بِسْمِसाथ नामbis'miٱللَّهِअल्लाह केl-lahiٱلرَّحْمَـٰنِजो बहुत मेहरबानl-raḥmāniٱلرَّحِيمِनिहायत रहम करने वाला हैl-raḥīmi
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
११२:१
قُلْकह दीजिएqulهُوَवोhuwaٱللَّهُअल्लाहl-lahuأَحَدٌएक हैaḥadun١
(ऐ रसूल!) आप कह दीजिए : वह अल्लाह एक है।1
११२:२
ٱللَّهُअल्लाहal-lahuٱلصَّمَدُबेनियाज़ हैl-ṣamadu٢
अल्लाह बेनियाज़ है।
११२:३
لَمْनाlamيَلِدْउसने जनाyalidوَلَمْऔर नाwalamيُولَدْवो जना गयाyūlad٣
न उसकी कोई संतान है और न वह किसी की संतान है।
११२:४
وَلَمْऔर नहीं हैwalamيَكُنहैyakunلَّهُۥउसके लिएlahuكُفُوًاबराबर काkufuwanأَحَدٌۢकोई एक भीaḥadun٤
और न कोई उसका समकक्ष है।1
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