९८
अल-बय्यिना
البينة
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
९८:१
لَمْ
नहीं
lam
नहीं يَكُنِ थे yakuni
थे ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया مِنْ from min
from أَهْلِ (the) People ahli
(the) People ٱلْكِتَـٰبِ अहले किताब में से l-kitābi
अहले किताब में से وَٱلْمُشْرِكِينَ और मुशरिकीन में से wal-mush'rikīna
और मुशरिकीन में से مُنفَكِّينَ बाज़ आने वाले munfakkīna
बाज़ आने वाले حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि تَأْتِيَهُمُ आ जाए उनके पास tatiyahumu
आ जाए उनके पास ٱلْبَيِّنَةُ वाज़ेह दलील l-bayinatu
वाज़ेह दलील ١ (1)
(1)
नहीं يَكُنِ थे yakuni
थे ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया مِنْ from min
from أَهْلِ (the) People ahli
(the) People ٱلْكِتَـٰبِ अहले किताब में से l-kitābi
अहले किताब में से وَٱلْمُشْرِكِينَ और मुशरिकीन में से wal-mush'rikīna
और मुशरिकीन में से مُنفَكِّينَ बाज़ आने वाले munfakkīna
बाज़ आने वाले حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि تَأْتِيَهُمُ आ जाए उनके पास tatiyahumu
आ जाए उनके पास ٱلْبَيِّنَةُ वाज़ेह दलील l-bayinatu
वाज़ेह दलील ١ (1)
(1)
किताब वालों और मुश्रिकों में से जिन लोगों ने कुफ़्र किया, वे (कुफ़्र से) बाज़ आने वाले नहीं थे, यहाँ तक कि उनके पास खुला प्रमाण आ जाए।
९८:२
رَسُولٌۭ
एक रसूल
rasūlun
एक रसूल مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से يَتْلُوا۟ जो पढ़ता है yatlū
जो पढ़ता है صُحُفًۭا सहीफ़े ṣuḥufan
सहीफ़े مُّطَهَّرَةًۭ पाकीज़ा muṭahharatan
पाकीज़ा ٢ (2)
(2)
एक रसूल مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से يَتْلُوا۟ जो पढ़ता है yatlū
जो पढ़ता है صُحُفًۭا सहीफ़े ṣuḥufan
सहीफ़े مُّطَهَّرَةًۭ पाकीज़ा muṭahharatan
पाकीज़ा ٢ (2)
(2)
अल्लाह की ओर से एक रसूल, जो पवित्र ग्रंथ पढ़कर सुनाता है।
९८:३
فِيهَا
उसमें
fīhā
उसमें كُتُبٌۭ तहरीरें हैं kutubun
तहरीरें हैं قَيِّمَةٌۭ दुरुस्त qayyimatun
दुरुस्त ٣ (3)
(3)
उसमें كُتُبٌۭ तहरीरें हैं kutubun
तहरीरें हैं قَيِّمَةٌۭ दुरुस्त qayyimatun
दुरुस्त ٣ (3)
(3)
जिनमें सच्ची ख़बरें और ठीक आदेश अंकित हैं।1
९८:४
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं تَفَرَّقَ तफ़रक़ा किया tafarraqa
तफ़रक़ा किया ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जो alladhīna
उन लोगों ने जो أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब إِلَّا मगर illā
मगर مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद उसके baʿdi
बाद उसके مَا जो mā
जो جَآءَتْهُمُ आई उनके पास jāathumu
आई उनके पास ٱلْبَيِّنَةُ खुली दलील l-bayinatu
खुली दलील ٤ (4)
(4)
और नहीं تَفَرَّقَ तफ़रक़ा किया tafarraqa
तफ़रक़ा किया ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जो alladhīna
उन लोगों ने जो أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब إِلَّا मगर illā
मगर مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद उसके baʿdi
बाद उसके مَا जो mā
जो جَآءَتْهُمُ आई उनके पास jāathumu
आई उनके पास ٱلْبَيِّنَةُ खुली दलील l-bayinatu
खुली दलील ٤ (4)
(4)
और जिन्हें किताब दी गई थी, वे अपने पास स्पष्ट प्रमाण आ जाने के बाद ही अलग-अलग हुए।1
९८:५
وَمَآ
और नहीं
wamā
और नहीं أُمِرُوٓا۟ वो हुक्म दिए गए थे umirū
वो हुक्म दिए गए थे إِلَّا मगर illā
मगर لِيَعْبُدُوا۟ ये कि वो इबादत करें liyaʿbudū
ये कि वो इबादत करें ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की مُخْلِصِينَ ख़ालिस करने वाले mukh'liṣīna
ख़ालिस करने वाले لَهُ उसके लिए lahu
उसके लिए ٱلدِّينَ दीन को l-dīna
दीन को حُنَفَآءَ यक्सू हो कर ḥunafāa
यक्सू हो कर وَيُقِيمُوا۟ और वो क़ायम करें wayuqīmū
और वो क़ायम करें ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَيُؤْتُوا۟ और वो अदा करे wayu'tū
और वो अदा करे ٱلزَّكَوٰةَ ۚ ज़कात l-zakata
ज़कात وَذَٰلِكَ और ये है wadhālika
और ये है دِينُ दीन dīnu
दीन ٱلْقَيِّمَةِ दुरुस्त l-qayimati
दुरुस्त ٥ (5)
(5)
और नहीं أُمِرُوٓا۟ वो हुक्म दिए गए थे umirū
वो हुक्म दिए गए थे إِلَّا मगर illā
मगर لِيَعْبُدُوا۟ ये कि वो इबादत करें liyaʿbudū
ये कि वो इबादत करें ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की مُخْلِصِينَ ख़ालिस करने वाले mukh'liṣīna
ख़ालिस करने वाले لَهُ उसके लिए lahu
उसके लिए ٱلدِّينَ दीन को l-dīna
दीन को حُنَفَآءَ यक्सू हो कर ḥunafāa
यक्सू हो कर وَيُقِيمُوا۟ और वो क़ायम करें wayuqīmū
और वो क़ायम करें ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَيُؤْتُوا۟ और वो अदा करे wayu'tū
और वो अदा करे ٱلزَّكَوٰةَ ۚ ज़कात l-zakata
ज़कात وَذَٰلِكَ और ये है wadhālika
और ये है دِينُ दीन dīnu
दीन ٱلْقَيِّمَةِ दुरुस्त l-qayimati
दुरुस्त ٥ (5)
(5)
हालाँकि उन्हें केवल यही आदेश दिया गया था कि वे अल्लाह के लिए धर्म को विशुद्ध करते हुए, एकाग्र होकर, उसकी उपासना करें, तथा नमाज़ अदा करें और ज़कात दें और यही सीधा धर्म है।
९८:६
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया مِنْ from min
from أَهْلِ (the) People ahli
(the) People ٱلْكِتَـٰبِ अहले किताब में से l-kitābi
अहले किताब में से وَٱلْمُشْرِكِينَ और मुशरिकीन wal-mush'rikīna
और मुशरिकीन فِى (will be) in fī
(will be) in نَارِ आग में होंगे nāri
आग में होंगे جَهَنَّمَ जहन्नम की jahannama
जहन्नम की خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले khālidīna
हमेशा रहने वाले فِيهَآ ۚ उसमें fīhā
उसमें أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं هُمْ वो hum
वो شَرُّ बदतरीन sharru
बदतरीन ٱلْبَرِيَّةِ मख़लूक़ l-bariyati
मख़लूक़ ٦ (6)
(6)
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया مِنْ from min
from أَهْلِ (the) People ahli
(the) People ٱلْكِتَـٰبِ अहले किताब में से l-kitābi
अहले किताब में से وَٱلْمُشْرِكِينَ और मुशरिकीन wal-mush'rikīna
और मुशरिकीन فِى (will be) in fī
(will be) in نَارِ आग में होंगे nāri
आग में होंगे جَهَنَّمَ जहन्नम की jahannama
जहन्नम की خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले khālidīna
हमेशा रहने वाले فِيهَآ ۚ उसमें fīhā
उसमें أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं هُمْ वो hum
वो شَرُّ बदतरीन sharru
बदतरीन ٱلْبَرِيَّةِ मख़लूक़ l-bariyati
मख़लूक़ ٦ (6)
(6)
निःसंदेह किताब वालों और मुश्रिकों में से जो लोग काफ़िर हो गए, वे सदा जहन्नम की आग में रहने वाले हैं, वही लोग सबसे बुरे प्राणी हैं।
९८:७
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं هُمْ वो hum
वो خَيْرُ बेहतरीन khayru
बेहतरीन ٱلْبَرِيَّةِ मख़लूक़ l-bariyati
मख़लूक़ ٧ (7)
(7)
बेशक ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं هُمْ वो hum
वो خَيْرُ बेहतरीन khayru
बेहतरीन ٱلْبَرِيَّةِ मख़लूक़ l-bariyati
मख़लूक़ ٧ (7)
(7)
निःसंदेह जो लोग ईमान लाए और उन्होंने सत्कर्म किए, वही लोग सबसे अच्छे प्राणी हैं।
९८:८
جَزَآؤُهُمْ
बदला उनका
jazāuhum
बदला उनका عِندَ पास है ʿinda
पास है رَبِّهِمْ उनके रब के rabbihim
उनके रब के جَنَّـٰتُ बाग़ात jannātu
बाग़ात عَدْنٍۢ हमेशगी के ʿadnin
हमेशगी के تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَآ उनमें fīhā
उनमें أَبَدًۭا ۖ हमेशा-हमेशा abadan
हमेशा-हमेशा رَّضِىَ राज़ी हो गया raḍiya
राज़ी हो गया ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे وَرَضُوا۟ और वो राज़ी हो गए waraḍū
और वो राज़ी हो गए عَنْهُ ۚ उससे ʿanhu
उससे ذَٰلِكَ ये dhālika
ये لِمَنْ उसके लिए जो liman
उसके लिए जो خَشِىَ डर गया khashiya
डर गया رَبَّهُۥ अपने रब से rabbahu
अपने रब से ٨ (8)
(8)
बदला उनका عِندَ पास है ʿinda
पास है رَبِّهِمْ उनके रब के rabbihim
उनके रब के جَنَّـٰتُ बाग़ात jannātu
बाग़ात عَدْنٍۢ हमेशगी के ʿadnin
हमेशगी के تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَآ उनमें fīhā
उनमें أَبَدًۭا ۖ हमेशा-हमेशा abadan
हमेशा-हमेशा رَّضِىَ राज़ी हो गया raḍiya
राज़ी हो गया ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे وَرَضُوا۟ और वो राज़ी हो गए waraḍū
और वो राज़ी हो गए عَنْهُ ۚ उससे ʿanhu
उससे ذَٰلِكَ ये dhālika
ये لِمَنْ उसके लिए जो liman
उसके लिए जो خَشِىَ डर गया khashiya
डर गया رَبَّهُۥ अपने रब से rabbahu
अपने रब से ٨ (8)
(8)
उनका बदला उनके पालनहार के पास सदा रहने वाले बाग़ हैं, जिनके नीचे से नहरें बहती हैं। वे उनमें सदैव रहने वाले हैं। अल्लाह उनसे प्रसन्न हुआ और वे अल्लाह से प्रसन्न हुए। यह उसके लिए है, जो अपने पालनहार से डर गया।1