९७
अल-क़द्र
القدر
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
९७:१
إِنَّآ
बेशक हम
innā
बेशक हम أَنزَلْنَـٰهُ नाज़िल किया हमने उसे anzalnāhu
नाज़िल किया हमने उसे فِى in fī
in لَيْلَةِ (the) Night laylati
(the) Night ٱلْقَدْرِ लैलतुल क़दर में l-qadri
लैलतुल क़दर में ١ (1)
(1)
बेशक हम أَنزَلْنَـٰهُ नाज़िल किया हमने उसे anzalnāhu
नाज़िल किया हमने उसे فِى in fī
in لَيْلَةِ (the) Night laylati
(the) Night ٱلْقَدْرِ लैलतुल क़दर में l-qadri
लैलतुल क़दर में ١ (1)
(1)
निःसंदेह हमने इस (क़ुरआन) को क़द्र की रात (महिमा वाली रात) में उतारा।
९७:२
وَمَآ
और क्या चीज़
wamā
और क्या चीज़ أَدْرَىٰكَ बताए आपको adrāka
बताए आपको مَا क्या है mā
क्या है لَيْلَةُ (the) Night laylatu
(the) Night ٱلْقَدْرِ लैलतुल क़दर l-qadri
लैलतुल क़दर ٢ (2)
(2)
और क्या चीज़ أَدْرَىٰكَ बताए आपको adrāka
बताए आपको مَا क्या है mā
क्या है لَيْلَةُ (the) Night laylatu
(the) Night ٱلْقَدْرِ लैलतुल क़दर l-qadri
लैलतुल क़दर ٢ (2)
(2)
और आपको क्या मालूम कि क़द्र की रात क्या है?
९७:३
لَيْلَةُ
(The) Night
laylatu
(The) Night ٱلْقَدْرِ लैलतुल क़दर l-qadri
लैलतुल क़दर خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है مِّنْ than min
than أَلْفِ a thousand alfi
a thousand شَهْرٍۢ हज़ार महीनों से shahrin
हज़ार महीनों से ٣ (3)
(3)
(The) Night ٱلْقَدْرِ लैलतुल क़दर l-qadri
लैलतुल क़दर خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है مِّنْ than min
than أَلْفِ a thousand alfi
a thousand شَهْرٍۢ हज़ार महीनों से shahrin
हज़ार महीनों से ٣ (3)
(3)
क़द्र की रात हज़ार महीनों से उत्तम है।1
९७:४
تَنَزَّلُ
उतरते हैं
tanazzalu
उतरते हैं ٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ फ़रिश्ते l-malāikatu
फ़रिश्ते وَٱلرُّوحُ और रूह(जिब्रील) wal-rūḥu
और रूह(जिब्रील) فِيهَا उसमें fīhā
उसमें بِإِذْنِ by (the) permission bi-idh'ni
by (the) permission رَبِّهِم अपने रब के इज़्न से rabbihim
अपने रब के इज़्न से مِّن for min
for كُلِّ every kulli
every أَمْرٍۢ हर काम के लिए amrin
हर काम के लिए ٤ (4)
(4)
उतरते हैं ٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ फ़रिश्ते l-malāikatu
फ़रिश्ते وَٱلرُّوحُ और रूह(जिब्रील) wal-rūḥu
और रूह(जिब्रील) فِيهَا उसमें fīhā
उसमें بِإِذْنِ by (the) permission bi-idh'ni
by (the) permission رَبِّهِم अपने रब के इज़्न से rabbihim
अपने रब के इज़्न से مِّن for min
for كُلِّ every kulli
every أَمْرٍۢ हर काम के लिए amrin
हर काम के लिए ٤ (4)
(4)
उसमें फ़रिश्ते तथा रूह (जिबरील) अपने पालनहार की अनुमति से हर आदेश के साथ उतरते हैं।1
९७:५
سَلَـٰمٌ
सलामती है
salāmun
सलामती है هِىَ वो hiya
वो حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि مَطْلَعِ तुलूअ हो जाए maṭlaʿi
तुलूअ हो जाए ٱلْفَجْرِ फ़जर l-fajri
फ़जर ٥ (5)
(5)
सलामती है هِىَ वो hiya
वो حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि مَطْلَعِ तुलूअ हो जाए maṭlaʿi
तुलूअ हो जाए ٱلْفَجْرِ फ़जर l-fajri
फ़जर ٥ (5)
(5)
वह रात फ़ज्र उदय होने तक सर्वथा सलामती (शांति) है।1