४
अन-निसा
النساء
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
४:१
يَـٰٓأَيُّهَا
ऐ
yāayyuhā
ऐ ٱلنَّاسُ लोगो l-nāsu
लोगो ٱتَّقُوا۟ डरो ittaqū
डरो رَبَّكُمُ अपने रब से rabbakumu
अपने रब से ٱلَّذِى वो जिसने alladhī
वो जिसने خَلَقَكُم पैदा किया तुम्हें khalaqakum
पैदा किया तुम्हें مِّن from min
from نَّفْسٍۢ a soul nafsin
a soul وَٰحِدَةٍۢ एक जान से wāḥidatin
एक जान से وَخَلَقَ और उसने पैदा की wakhalaqa
और उसने पैदा की مِنْهَا उसी से min'hā
उसी से زَوْجَهَا बीवी उसकी zawjahā
बीवी उसकी وَبَثَّ और उसने फैला दिए wabatha
और उसने फैला दिए مِنْهُمَا उन दोनों से min'humā
उन दोनों से رِجَالًۭا मर्द rijālan
मर्द كَثِيرًۭا बहुत से kathīran
बहुत से وَنِسَآءًۭ ۚ और औरतें wanisāan
और औरतें وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो تَسَآءَلُونَ तुम एक दूसरे से सवाल करते हो tasāalūna
तुम एक दूसरे से सवाल करते हो بِهِۦ उसके वास्ते से bihi
उसके वास्ते से وَٱلْأَرْحَامَ ۚ और रिश्तों को (काटने से) wal-arḥāma
और रिश्तों को (काटने से) إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर رَقِيبًۭا निगरान raqīban
निगरान ١ (1)
(1)
ऐ ٱلنَّاسُ लोगो l-nāsu
लोगो ٱتَّقُوا۟ डरो ittaqū
डरो رَبَّكُمُ अपने रब से rabbakumu
अपने रब से ٱلَّذِى वो जिसने alladhī
वो जिसने خَلَقَكُم पैदा किया तुम्हें khalaqakum
पैदा किया तुम्हें مِّن from min
from نَّفْسٍۢ a soul nafsin
a soul وَٰحِدَةٍۢ एक जान से wāḥidatin
एक जान से وَخَلَقَ और उसने पैदा की wakhalaqa
और उसने पैदा की مِنْهَا उसी से min'hā
उसी से زَوْجَهَا बीवी उसकी zawjahā
बीवी उसकी وَبَثَّ और उसने फैला दिए wabatha
और उसने फैला दिए مِنْهُمَا उन दोनों से min'humā
उन दोनों से رِجَالًۭا मर्द rijālan
मर्द كَثِيرًۭا बहुत से kathīran
बहुत से وَنِسَآءًۭ ۚ और औरतें wanisāan
और औरतें وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो تَسَآءَلُونَ तुम एक दूसरे से सवाल करते हो tasāalūna
तुम एक दूसरे से सवाल करते हो بِهِۦ उसके वास्ते से bihi
उसके वास्ते से وَٱلْأَرْحَامَ ۚ और रिश्तों को (काटने से) wal-arḥāma
और रिश्तों को (काटने से) إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर رَقِيبًۭا निगरान raqīban
निगरान ١ (1)
(1)
ऐ लोगो! अपने1 उस पालनहार से डरो, जिसने तुम्हें एक जीव (आदम) से पैदा किया तथा उसी से उसके जोड़े (हव्वा) को पैदा किया और उन दोनों से बहुत-से नर-नारी फैला दिए। उस अल्लाह से डरो, जिसके माध्यम से तुम एक-दूसरे से माँगते हो, तथा रिश्ते-नाते को तोड़ने से डरो। निःसंदेह अल्लाह तुम्हारा निरीक्षक है।
४:२
وَءَاتُوا۟
और दो
waātū
और दो ٱلْيَتَـٰمَىٰٓ यतीमों को l-yatāmā
यतीमों को أَمْوَٰلَهُمْ ۖ माल उनके amwālahum
माल उनके وَلَا और ना walā
और ना تَتَبَدَّلُوا۟ तुम तब्दील करो tatabaddalū
तुम तब्दील करो ٱلْخَبِيثَ नापाक को l-khabītha
नापाक को بِٱلطَّيِّبِ ۖ पाक से bil-ṭayibi
पाक से وَلَا और ना walā
और ना تَأْكُلُوٓا۟ तुम खाओ takulū
तुम खाओ أَمْوَٰلَهُمْ माल उनके amwālahum
माल उनके إِلَىٰٓ तरफ़ ilā
तरफ़ أَمْوَٰلِكُمْ ۚ अपने मालों के (मिला कर) amwālikum
अपने मालों के (मिला कर) إِنَّهُۥ यक़ीनन वो innahu
यक़ीनन वो كَانَ है वो kāna
है वो حُوبًۭا गुनाह ḥūban
गुनाह كَبِيرًۭا बहुत बड़ा kabīran
बहुत बड़ा ٢ (2)
(2)
और दो ٱلْيَتَـٰمَىٰٓ यतीमों को l-yatāmā
यतीमों को أَمْوَٰلَهُمْ ۖ माल उनके amwālahum
माल उनके وَلَا और ना walā
और ना تَتَبَدَّلُوا۟ तुम तब्दील करो tatabaddalū
तुम तब्दील करो ٱلْخَبِيثَ नापाक को l-khabītha
नापाक को بِٱلطَّيِّبِ ۖ पाक से bil-ṭayibi
पाक से وَلَا और ना walā
और ना تَأْكُلُوٓا۟ तुम खाओ takulū
तुम खाओ أَمْوَٰلَهُمْ माल उनके amwālahum
माल उनके إِلَىٰٓ तरफ़ ilā
तरफ़ أَمْوَٰلِكُمْ ۚ अपने मालों के (मिला कर) amwālikum
अपने मालों के (मिला कर) إِنَّهُۥ यक़ीनन वो innahu
यक़ीनन वो كَانَ है वो kāna
है वो حُوبًۭا गुनाह ḥūban
गुनाह كَبِيرًۭا बहुत बड़ा kabīran
बहुत बड़ा ٢ (2)
(2)
तथा अनाथों को उनका माल दे दो और पवित्र व हलाल चीज़ के बदले अपवित्र व हराम चीज़ न लो और उनके माल को अपने माल के साथ मिलाकर न खाओ। निःसंदेह यह बहुत बड़ा पाप है।
४:३
وَإِنْ
और अगर
wa-in
और अगर خِفْتُمْ ख़ौफ़ हो तुम्हें khif'tum
ख़ौफ़ हो तुम्हें أَلَّا कि ना allā
कि ना تُقْسِطُوا۟ तुम इन्साफ़ कर सकोगे tuq'siṭū
तुम इन्साफ़ कर सकोगे فِى with fī
with ٱلْيَتَـٰمَىٰ यतीम (लड़कियों) में l-yatāmā
यतीम (लड़कियों) में فَٱنكِحُوا۟ तो निकाह कर लो fa-inkiḥū
तो निकाह कर लो مَا जो mā
जो طَابَ पसंद आऐं ṭāba
पसंद आऐं لَكُم तुम्हें lakum
तुम्हें مِّنَ from mina
from ٱلنِّسَآءِ औरतों में से l-nisāi
औरतों में से مَثْنَىٰ दो दो mathnā
दो दो وَثُلَـٰثَ या तीन तीन wathulātha
या तीन तीन وَرُبَـٰعَ ۖ या चार चार warubāʿa
या चार चार فَإِنْ फिर अगर fa-in
फिर अगर خِفْتُمْ डरो तुम khif'tum
डरो तुम أَلَّا कि ना allā
कि ना تَعْدِلُوا۟ तुम अदल करोगे taʿdilū
तुम अदल करोगे فَوَٰحِدَةً तो एक ही से fawāḥidatan
तो एक ही से أَوْ या aw
या مَا what mā
what مَلَكَتْ जिनके मालिक हुए malakat
जिनके मालिक हुए أَيْمَـٰنُكُمْ ۚ दाऐं हाथ तुम्हारे aymānukum
दाऐं हाथ तुम्हारे ذَٰلِكَ ये dhālika
ये أَدْنَىٰٓ ज़्यादा क़रीब है adnā
ज़्यादा क़रीब है أَلَّا कि ना allā
कि ना تَعُولُوا۟ तुम नाइन्साफ़ी करो taʿūlū
तुम नाइन्साफ़ी करो ٣ (3)
(3)
और अगर خِفْتُمْ ख़ौफ़ हो तुम्हें khif'tum
ख़ौफ़ हो तुम्हें أَلَّا कि ना allā
कि ना تُقْسِطُوا۟ तुम इन्साफ़ कर सकोगे tuq'siṭū
तुम इन्साफ़ कर सकोगे فِى with fī
with ٱلْيَتَـٰمَىٰ यतीम (लड़कियों) में l-yatāmā
यतीम (लड़कियों) में فَٱنكِحُوا۟ तो निकाह कर लो fa-inkiḥū
तो निकाह कर लो مَا जो mā
जो طَابَ पसंद आऐं ṭāba
पसंद आऐं لَكُم तुम्हें lakum
तुम्हें مِّنَ from mina
from ٱلنِّسَآءِ औरतों में से l-nisāi
औरतों में से مَثْنَىٰ दो दो mathnā
दो दो وَثُلَـٰثَ या तीन तीन wathulātha
या तीन तीन وَرُبَـٰعَ ۖ या चार चार warubāʿa
या चार चार فَإِنْ फिर अगर fa-in
फिर अगर خِفْتُمْ डरो तुम khif'tum
डरो तुम أَلَّا कि ना allā
कि ना تَعْدِلُوا۟ तुम अदल करोगे taʿdilū
तुम अदल करोगे فَوَٰحِدَةً तो एक ही से fawāḥidatan
तो एक ही से أَوْ या aw
या مَا what mā
what مَلَكَتْ जिनके मालिक हुए malakat
जिनके मालिक हुए أَيْمَـٰنُكُمْ ۚ दाऐं हाथ तुम्हारे aymānukum
दाऐं हाथ तुम्हारे ذَٰلِكَ ये dhālika
ये أَدْنَىٰٓ ज़्यादा क़रीब है adnā
ज़्यादा क़रीब है أَلَّا कि ना allā
कि ना تَعُولُوا۟ तुम नाइन्साफ़ी करो taʿūlū
तुम नाइन्साफ़ी करो ٣ (3)
(3)
और यदि तुम्हें डर हो कि अनाथ लड़कियों (से विवाह) के मामले1 में न्याय न कर सकोगे, तो अन्य औरतों में से जो तुम्हें पसंद हों, दो-दो, या तीन-तीन, या चार-चार से विवाह कर लो। लेकिन यदि तुम्हें डर हो कि (उनके बीच) न्याय नहीं कर सकोगे, तो एक ही से विवाह करो अथवा जो दासी तुम्हारे स्वामित्व2 में हो (उससे लाभ उठाओ)। यह इस बात के अधिक निकट है कि तुम अन्याय न करो।
४:४
وَءَاتُوا۟
और दो
waātū
और दो ٱلنِّسَآءَ औरतों को l-nisāa
औरतों को صَدُقَـٰتِهِنَّ महर उनके ṣaduqātihinna
महर उनके نِحْلَةًۭ ۚ ख़ुश दिली से niḥ'latan
ख़ुश दिली से فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर طِبْنَ वो ख़ुशी से दे दें ṭib'na
वो ख़ुशी से दे दें لَكُمْ तुम्हें lakum
तुम्हें عَن of ʿan
of شَىْءٍۢ कोई चीज़ shayin
कोई चीज़ مِّنْهُ उसमें से min'hu
उसमें से نَفْسًۭا ख़ुद nafsan
ख़ुद فَكُلُوهُ तो खाओ उसे fakulūhu
तो खाओ उसे هَنِيٓـًۭٔا ख़ुशी से hanīan
ख़ुशी से مَّرِيٓـًۭٔا ख़ुशगवार (समझ कर) marīan
ख़ुशगवार (समझ कर) ٤ (4)
(4)
और दो ٱلنِّسَآءَ औरतों को l-nisāa
औरतों को صَدُقَـٰتِهِنَّ महर उनके ṣaduqātihinna
महर उनके نِحْلَةًۭ ۚ ख़ुश दिली से niḥ'latan
ख़ुश दिली से فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर طِبْنَ वो ख़ुशी से दे दें ṭib'na
वो ख़ुशी से दे दें لَكُمْ तुम्हें lakum
तुम्हें عَن of ʿan
of شَىْءٍۢ कोई चीज़ shayin
कोई चीज़ مِّنْهُ उसमें से min'hu
उसमें से نَفْسًۭا ख़ुद nafsan
ख़ुद فَكُلُوهُ तो खाओ उसे fakulūhu
तो खाओ उसे هَنِيٓـًۭٔا ख़ुशी से hanīan
ख़ुशी से مَّرِيٓـًۭٔا ख़ुशगवार (समझ कर) marīan
ख़ुशगवार (समझ कर) ٤ (4)
(4)
तथा स्त्रियों को उनके अनिवार्य मह्र खुशी से अदा कर दो। फिर यदि वे अपनी इच्छा से उसमें से कुछ तुम्हारे लिए छोड़ दें, तो उसे हलाल व पाक समझकर खाओ।
४:५
وَلَا
और ना
walā
और ना تُؤْتُوا۟ तुम दो tu'tū
तुम दो ٱلسُّفَهَآءَ नादानों को l-sufahāa
नादानों को أَمْوَٰلَكُمُ माल अपने amwālakumu
माल अपने ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो جَعَلَ बनाया jaʿala
बनाया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए قِيَـٰمًۭا क़याम (का ज़रिया) qiyāman
क़याम (का ज़रिया) وَٱرْزُقُوهُمْ और रिज़्क़ दो उन्हें wa-ur'zuqūhum
और रिज़्क़ दो उन्हें فِيهَا उसमें से fīhā
उसमें से وَٱكْسُوهُمْ और पहनाओ उन्हें wa-ik'sūhum
और पहनाओ उन्हें وَقُولُوا۟ और कहो waqūlū
और कहो لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें قَوْلًۭا बात qawlan
बात مَّعْرُوفًۭا भली/अच्छी maʿrūfan
भली/अच्छी ٥ (5)
(5)
और ना تُؤْتُوا۟ तुम दो tu'tū
तुम दो ٱلسُّفَهَآءَ नादानों को l-sufahāa
नादानों को أَمْوَٰلَكُمُ माल अपने amwālakumu
माल अपने ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो جَعَلَ बनाया jaʿala
बनाया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए قِيَـٰمًۭا क़याम (का ज़रिया) qiyāman
क़याम (का ज़रिया) وَٱرْزُقُوهُمْ और रिज़्क़ दो उन्हें wa-ur'zuqūhum
और रिज़्क़ दो उन्हें فِيهَا उसमें से fīhā
उसमें से وَٱكْسُوهُمْ और पहनाओ उन्हें wa-ik'sūhum
और पहनाओ उन्हें وَقُولُوا۟ और कहो waqūlū
और कहो لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें قَوْلًۭا बात qawlan
बात مَّعْرُوفًۭا भली/अच्छी maʿrūfan
भली/अच्छी ٥ (5)
(5)
तथा अपना धन, जिसे अल्लाह ने तुम्हारे लिए जीवन-यापन का साधन बनाया है, नासमझ लोगों को न दो।1 और उन्हें उसमें से खिलाते और पहनाते रहो और उनसे भली बात कहो।
४:६
وَٱبْتَلُوا۟
और आज़माते रहो
wa-ib'talū
और आज़माते रहो ٱلْيَتَـٰمَىٰ यतीमों को l-yatāmā
यतीमों को حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब بَلَغُوا۟ वो पहुँच जाऐं balaghū
वो पहुँच जाऐं ٱلنِّكَاحَ निकाह की (उम्र को) l-nikāḥa
निकाह की (उम्र को) فَإِنْ फिर अगर fa-in
फिर अगर ءَانَسْتُم पाओ तुम ānastum
पाओ तुम مِّنْهُمْ उनमें min'hum
उनमें رُشْدًۭا समझ बूझ rush'dan
समझ बूझ فَٱدْفَعُوٓا۟ तो दे दो fa-id'faʿū
तो दे दो إِلَيْهِمْ उन्हें ilayhim
उन्हें أَمْوَٰلَهُمْ ۖ माल उनके amwālahum
माल उनके وَلَا और ना walā
और ना تَأْكُلُوهَآ तुम खाओ takulūhā
तुम खाओ إِسْرَافًۭا इसराफ़ करते हुए is'rāfan
इसराफ़ करते हुए وَبِدَارًا और जल्दी करते हुए wabidāran
और जल्दी करते हुए أَن कि an
कि يَكْبَرُوا۟ ۚ वो बड़े हो जाऐंगे yakbarū
वो बड़े हो जाऐंगे وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई كَانَ हो kāna
हो غَنِيًّۭا ग़नी ghaniyyan
ग़नी فَلْيَسْتَعْفِفْ ۖ पस चाहिए कि वो बचे falyastaʿfif
पस चाहिए कि वो बचे وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई كَانَ हो kāna
हो فَقِيرًۭا मोहताज faqīran
मोहताज فَلْيَأْكُلْ पस चाहिए कि वो खाए falyakul
पस चाहिए कि वो खाए بِٱلْمَعْرُوفِ ۚ भले तरीक़े से bil-maʿrūfi
भले तरीक़े से فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब دَفَعْتُمْ दे दो तुम dafaʿtum
दे दो तुम إِلَيْهِمْ उन्हें ilayhim
उन्हें أَمْوَٰلَهُمْ माल उनके amwālahum
माल उनके فَأَشْهِدُوا۟ तो गवाह बना लो fa-ashhidū
तो गवाह बना लो عَلَيْهِمْ ۚ उन पर ʿalayhim
उन पर وَكَفَىٰ और काफ़ी है wakafā
और काफ़ी है بِٱللَّهِ अल्लाह bil-lahi
अल्लाह حَسِيبًۭا ख़ूब हिसाब लेने वाला ḥasīban
ख़ूब हिसाब लेने वाला ٦ (6)
(6)
और आज़माते रहो ٱلْيَتَـٰمَىٰ यतीमों को l-yatāmā
यतीमों को حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब بَلَغُوا۟ वो पहुँच जाऐं balaghū
वो पहुँच जाऐं ٱلنِّكَاحَ निकाह की (उम्र को) l-nikāḥa
निकाह की (उम्र को) فَإِنْ फिर अगर fa-in
फिर अगर ءَانَسْتُم पाओ तुम ānastum
पाओ तुम مِّنْهُمْ उनमें min'hum
उनमें رُشْدًۭا समझ बूझ rush'dan
समझ बूझ فَٱدْفَعُوٓا۟ तो दे दो fa-id'faʿū
तो दे दो إِلَيْهِمْ उन्हें ilayhim
उन्हें أَمْوَٰلَهُمْ ۖ माल उनके amwālahum
माल उनके وَلَا और ना walā
और ना تَأْكُلُوهَآ तुम खाओ takulūhā
तुम खाओ إِسْرَافًۭا इसराफ़ करते हुए is'rāfan
इसराफ़ करते हुए وَبِدَارًا और जल्दी करते हुए wabidāran
और जल्दी करते हुए أَن कि an
कि يَكْبَرُوا۟ ۚ वो बड़े हो जाऐंगे yakbarū
वो बड़े हो जाऐंगे وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई كَانَ हो kāna
हो غَنِيًّۭا ग़नी ghaniyyan
ग़नी فَلْيَسْتَعْفِفْ ۖ पस चाहिए कि वो बचे falyastaʿfif
पस चाहिए कि वो बचे وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई كَانَ हो kāna
हो فَقِيرًۭا मोहताज faqīran
मोहताज فَلْيَأْكُلْ पस चाहिए कि वो खाए falyakul
पस चाहिए कि वो खाए بِٱلْمَعْرُوفِ ۚ भले तरीक़े से bil-maʿrūfi
भले तरीक़े से فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब دَفَعْتُمْ दे दो तुम dafaʿtum
दे दो तुम إِلَيْهِمْ उन्हें ilayhim
उन्हें أَمْوَٰلَهُمْ माल उनके amwālahum
माल उनके فَأَشْهِدُوا۟ तो गवाह बना लो fa-ashhidū
तो गवाह बना लो عَلَيْهِمْ ۚ उन पर ʿalayhim
उन पर وَكَفَىٰ और काफ़ी है wakafā
और काफ़ी है بِٱللَّهِ अल्लाह bil-lahi
अल्लाह حَسِيبًۭا ख़ूब हिसाब लेने वाला ḥasīban
ख़ूब हिसाब लेने वाला ٦ (6)
(6)
तथा अनाथों को जाँचते रहो, यहाँ तक कि जब वे वयस्कता की आयु को पहुँच जाएँ, तो यदि तुम देखो कि उनमें समझ-बूझ आ गई है, तो उनका माल उन्हें सौंप दो। और उसे फ़िज़ूल खर्ची से काम लेते हुए जल्दी-जल्दी इसलिए न खा जाओ कि वे बड़े हो जाएँगे (और अपने माल पर क़ब्ज़ा कर लेंगे)। और जो धनी हो, वह (अनाथ का माल खाने से) बचे तथा जो निर्धन हो, वह परंपरागत रूप से खा सकता है। तथा जब तुम उनका धन उनके हवाले करो, तो उनपर गवाह बना लो। और अल्लाह हिसाब लेने के लिए काफ़ी है।
४:७
لِّلرِّجَالِ
मर्दों के लिए
lilrrijāli
मर्दों के लिए نَصِيبٌۭ एक हिस्सा है naṣībun
एक हिस्सा है مِّمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो تَرَكَ छोड़ जाऐं taraka
छोड़ जाऐं ٱلْوَٰلِدَانِ वालिदैन l-wālidāni
वालिदैन وَٱلْأَقْرَبُونَ और क़राबतदार wal-aqrabūna
और क़राबतदार وَلِلنِّسَآءِ और औरतों के लिए walilnnisāi
और औरतों के लिए نَصِيبٌۭ एक हिस्सा है naṣībun
एक हिस्सा है مِّمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो تَرَكَ छोड़ जाऐं taraka
छोड़ जाऐं ٱلْوَٰلِدَانِ वालिदैन l-wālidāni
वालिदैन وَٱلْأَقْرَبُونَ और क़राबतदार wal-aqrabūna
और क़राबतदार مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो قَلَّ क़लील हो qalla
क़लील हो مِنْهُ उस (माल) में से min'hu
उस (माल) में से أَوْ या aw
या كَثُرَ ۚ कसीर/ज़्यादा हो kathura
कसीर/ज़्यादा हो نَصِيبًۭا हिस्सा है naṣīban
हिस्सा है مَّفْرُوضًۭا फ़र्ज़ किया गया mafrūḍan
फ़र्ज़ किया गया ٧ (7)
(7)
मर्दों के लिए نَصِيبٌۭ एक हिस्सा है naṣībun
एक हिस्सा है مِّمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो تَرَكَ छोड़ जाऐं taraka
छोड़ जाऐं ٱلْوَٰلِدَانِ वालिदैन l-wālidāni
वालिदैन وَٱلْأَقْرَبُونَ और क़राबतदार wal-aqrabūna
और क़राबतदार وَلِلنِّسَآءِ और औरतों के लिए walilnnisāi
और औरतों के लिए نَصِيبٌۭ एक हिस्सा है naṣībun
एक हिस्सा है مِّمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो تَرَكَ छोड़ जाऐं taraka
छोड़ जाऐं ٱلْوَٰلِدَانِ वालिदैन l-wālidāni
वालिदैन وَٱلْأَقْرَبُونَ और क़राबतदार wal-aqrabūna
और क़राबतदार مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो قَلَّ क़लील हो qalla
क़लील हो مِنْهُ उस (माल) में से min'hu
उस (माल) में से أَوْ या aw
या كَثُرَ ۚ कसीर/ज़्यादा हो kathura
कसीर/ज़्यादा हो نَصِيبًۭا हिस्सा है naṣīban
हिस्सा है مَّفْرُوضًۭا फ़र्ज़ किया गया mafrūḍan
फ़र्ज़ किया गया ٧ (7)
(7)
पुरुषों के लिए उस (धन) में से हिस्सा है, जो माता-पिता और क़रीबी रिश्तेदार छोड़ जाएँ, तथा स्त्रियों के लिए भी उसमें से हिस्सा है, जो माता-पिता और क़रीबी रिश्तेदार छोड़ जाएँ, वह थोड़ा हो या अधिक। ये हिस्से (अल्लाह की ओर से) निर्धारित1 हैं।
४:८
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब حَضَرَ हाज़िर/मौजूद हों ḥaḍara
हाज़िर/मौजूद हों ٱلْقِسْمَةَ तक़सीम के वक़्त l-qis'mata
तक़सीम के वक़्त أُو۟لُوا۟ (of) ulū
(of) ٱلْقُرْبَىٰ क़राबतदार l-qur'bā
क़राबतदार وَٱلْيَتَـٰمَىٰ और यतीम wal-yatāmā
और यतीम وَٱلْمَسَـٰكِينُ और मसाकीन wal-masākīnu
और मसाकीन فَٱرْزُقُوهُم तो तुम दो उन्हें fa-ur'zuqūhum
तो तुम दो उन्हें مِّنْهُ उस (माल) में से min'hu
उस (माल) में से وَقُولُوا۟ और कहो waqūlū
और कहो لَهُمْ उनसे lahum
उनसे قَوْلًۭا बात qawlan
बात مَّعْرُوفًۭا भली/अच्छी maʿrūfan
भली/अच्छी ٨ (8)
(8)
और जब حَضَرَ हाज़िर/मौजूद हों ḥaḍara
हाज़िर/मौजूद हों ٱلْقِسْمَةَ तक़सीम के वक़्त l-qis'mata
तक़सीम के वक़्त أُو۟لُوا۟ (of) ulū
(of) ٱلْقُرْبَىٰ क़राबतदार l-qur'bā
क़राबतदार وَٱلْيَتَـٰمَىٰ और यतीम wal-yatāmā
और यतीम وَٱلْمَسَـٰكِينُ और मसाकीन wal-masākīnu
और मसाकीन فَٱرْزُقُوهُم तो तुम दो उन्हें fa-ur'zuqūhum
तो तुम दो उन्हें مِّنْهُ उस (माल) में से min'hu
उस (माल) में से وَقُولُوا۟ और कहो waqūlū
और कहो لَهُمْ उनसे lahum
उनसे قَوْلًۭا बात qawlan
बात مَّعْرُوفًۭا भली/अच्छी maʿrūfan
भली/अच्छी ٨ (8)
(8)
और जब (विरासत के) बंटवारे के समय (गैर-वारिस) रिश्तेदार1, अनाथ और निर्धन उपस्थित हों, तो उसमें से थोड़ा बहुत उन्हें भी दे दो और उनसे भली बात कहो।
४:९
وَلْيَخْشَ
और चाहिए कि डरें
walyakhsha
और चाहिए कि डरें ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो لَوْ अगर law
अगर تَرَكُوا۟ वो छोड़ जाऐं tarakū
वो छोड़ जाऐं مِنْ from min
from خَلْفِهِمْ अपने पीछे से khalfihim
अपने पीछे से ذُرِّيَّةًۭ औलाद dhurriyyatan
औलाद ضِعَـٰفًا कमज़ोर ḍiʿāfan
कमज़ोर خَافُوا۟ वो ख़ौफ़ खाऐं khāfū
वो ख़ौफ़ खाऐं عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर فَلْيَتَّقُوا۟ पस चाहिए कि वो डरें falyattaqū
पस चाहिए कि वो डरें ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَلْيَقُولُوا۟ और चाहिए कि वो कहें walyaqūlū
और चाहिए कि वो कहें قَوْلًۭا बात qawlan
बात سَدِيدًا दुरुस्त sadīdan
दुरुस्त ٩ (9)
(9)
और चाहिए कि डरें ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो لَوْ अगर law
अगर تَرَكُوا۟ वो छोड़ जाऐं tarakū
वो छोड़ जाऐं مِنْ from min
from خَلْفِهِمْ अपने पीछे से khalfihim
अपने पीछे से ذُرِّيَّةًۭ औलाद dhurriyyatan
औलाद ضِعَـٰفًا कमज़ोर ḍiʿāfan
कमज़ोर خَافُوا۟ वो ख़ौफ़ खाऐं khāfū
वो ख़ौफ़ खाऐं عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर فَلْيَتَّقُوا۟ पस चाहिए कि वो डरें falyattaqū
पस चाहिए कि वो डरें ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَلْيَقُولُوا۟ और चाहिए कि वो कहें walyaqūlū
और चाहिए कि वो कहें قَوْلًۭا बात qawlan
बात سَدِيدًا दुरुस्त sadīdan
दुरुस्त ٩ (9)
(9)
और उन लोगों को डरना चाहिए कि यदि वे अपने पीछे कमज़ोर संतान छोड़ जाते, तो उन्हें उनके बारे में कैसा भय होता। अतः उन्हें चाहिए कि अल्लाह से डरें और भली बात कहें।
४:१०
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो يَأْكُلُونَ खाते हैं yakulūna
खाते हैं أَمْوَٰلَ माल amwāla
माल ٱلْيَتَـٰمَىٰ यतीमों के l-yatāmā
यतीमों के ظُلْمًا ज़ुल्म करते हुए ẓul'man
ज़ुल्म करते हुए إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक يَأْكُلُونَ वो खाते हैं yakulūna
वो खाते हैं فِى in fī
in بُطُونِهِمْ अपने पेटों में buṭūnihim
अपने पेटों में نَارًۭا ۖ आग nāran
आग وَسَيَصْلَوْنَ और अनक़रीब वो जलेंगे wasayaṣlawna
और अनक़रीब वो जलेंगे سَعِيرًۭا भड़कती हुई आग में saʿīran
भड़कती हुई आग में ١٠ (10)
(10)
बेशक ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो يَأْكُلُونَ खाते हैं yakulūna
खाते हैं أَمْوَٰلَ माल amwāla
माल ٱلْيَتَـٰمَىٰ यतीमों के l-yatāmā
यतीमों के ظُلْمًا ज़ुल्म करते हुए ẓul'man
ज़ुल्म करते हुए إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक يَأْكُلُونَ वो खाते हैं yakulūna
वो खाते हैं فِى in fī
in بُطُونِهِمْ अपने पेटों में buṭūnihim
अपने पेटों में نَارًۭا ۖ आग nāran
आग وَسَيَصْلَوْنَ और अनक़रीब वो जलेंगे wasayaṣlawna
और अनक़रीब वो जलेंगे سَعِيرًۭا भड़कती हुई आग में saʿīran
भड़कती हुई आग में ١٠ (10)
(10)
जो लोग अनाथों का धन अन्यायपूर्ण तरीक़े से खाते हैं, वे अपने पेट में आग भरते हैं और वे शीघ्र ही जहन्नम की आग में प्रवेश करेंगे।
४:११
يُوصِيكُمُ
ताकीद करता है तुम्हें
yūṣīkumu
ताकीद करता है तुम्हें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فِىٓ concerning fī
concerning أَوْلَـٰدِكُمْ ۖ तुम्हारी औलाद के बारे में awlādikum
तुम्हारी औलाद के बारे में لِلذَّكَرِ मर्द के लिए lildhakari
मर्द के लिए مِثْلُ मानिन्द mith'lu
मानिन्द حَظِّ हिस्सा है ḥaẓẓi
हिस्सा है ٱلْأُنثَيَيْنِ ۚ दो औरतों के l-unthayayni
दो औरतों के فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर كُنَّ हों वो kunna
हों वो نِسَآءًۭ औरतें nisāan
औरतें فَوْقَ ऊपर fawqa
ऊपर ٱثْنَتَيْنِ दो से ith'natayni
दो से فَلَهُنَّ तो उनके लिए है falahunna
तो उनके लिए है ثُلُثَا दो तिहाई thuluthā
दो तिहाई مَا जो mā
जो تَرَكَ ۖ उस (मय्यत) ने छोड़ा taraka
उस (मय्यत) ने छोड़ा وَإِن और अगर wa-in
और अगर كَانَتْ हो वो kānat
हो वो وَٰحِدَةًۭ एक (औरत) wāḥidatan
एक (औरत) فَلَهَا तो उसके लिए falahā
तो उसके लिए ٱلنِّصْفُ ۚ आधा है l-niṣ'fu
आधा है وَلِأَبَوَيْهِ और उसके माँ बाप के लिए wali-abawayhi
और उसके माँ बाप के लिए لِكُلِّ वास्ते हर likulli
वास्ते हर وَٰحِدٍۢ एक के wāḥidin
एक के مِّنْهُمَا उन दोनों में से min'humā
उन दोनों में से ٱلسُّدُسُ छठा हिस्सा है l-sudusu
छठा हिस्सा है مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो تَرَكَ उसने छोड़ा taraka
उसने छोड़ा إِن अगर in
अगर كَانَ है kāna
है لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए وَلَدٌۭ ۚ कोई औलाद waladun
कोई औलाद فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर لَّمْ नहीं lam
नहीं يَكُن है yakun
है لَّهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए وَلَدٌۭ कोई औलाद waladun
कोई औलाद وَوَرِثَهُۥٓ और वारिस हों उसके wawarithahu
और वारिस हों उसके أَبَوَاهُ माँ बाप उसके abawāhu
माँ बाप उसके فَلِأُمِّهِ तो उसकी माँ के लिए fali-ummihi
तो उसकी माँ के लिए ٱلثُّلُثُ ۚ तीसरा हिस्सा है l-thuluthu
तीसरा हिस्सा है فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर كَانَ हों kāna
हों لَهُۥٓ उसके lahu
उसके إِخْوَةٌۭ बहन भाई ikh'watun
बहन भाई فَلِأُمِّهِ तो उसकी माँ के लिए fali-ummihi
तो उसकी माँ के लिए ٱلسُّدُسُ ۚ छठा हिस्सा है l-sudusu
छठा हिस्सा है مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद وَصِيَّةٍۢ वसीयत पूरी करने के waṣiyyatin
वसीयत पूरी करने के يُوصِى वो वसीयत कर जाए yūṣī
वो वसीयत कर जाए بِهَآ उसकी bihā
उसकी أَوْ या aw
या دَيْنٍ ۗ क़र्ज़ (की अदायगी के बाद) daynin
क़र्ज़ (की अदायगी के बाद) ءَابَآؤُكُمْ बाप तुम्हारे ābāukum
बाप तुम्हारे وَأَبْنَآؤُكُمْ और बेटे तुम्हारे wa-abnāukum
और बेटे तुम्हारे لَا not lā
not تَدْرُونَ नहीं तुम जानते tadrūna
नहीं तुम जानते أَيُّهُمْ उनमें से कौन ayyuhum
उनमें से कौन أَقْرَبُ ज़्यादा क़रीब है aqrabu
ज़्यादा क़रीब है لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए نَفْعًۭا ۚ नफ़ा में nafʿan
नफ़ा में فَرِيضَةًۭ फ़रीज़ा है farīḍatan
फ़रीज़ा है مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ ۗ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है عَلِيمًا बहुत इल्म वाला ʿalīman
बहुत इल्म वाला حَكِيمًۭا बहुत हिकमत वाला ḥakīman
बहुत हिकमत वाला ١١ (11)
(11)
ताकीद करता है तुम्हें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فِىٓ concerning fī
concerning أَوْلَـٰدِكُمْ ۖ तुम्हारी औलाद के बारे में awlādikum
तुम्हारी औलाद के बारे में لِلذَّكَرِ मर्द के लिए lildhakari
मर्द के लिए مِثْلُ मानिन्द mith'lu
मानिन्द حَظِّ हिस्सा है ḥaẓẓi
हिस्सा है ٱلْأُنثَيَيْنِ ۚ दो औरतों के l-unthayayni
दो औरतों के فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर كُنَّ हों वो kunna
हों वो نِسَآءًۭ औरतें nisāan
औरतें فَوْقَ ऊपर fawqa
ऊपर ٱثْنَتَيْنِ दो से ith'natayni
दो से فَلَهُنَّ तो उनके लिए है falahunna
तो उनके लिए है ثُلُثَا दो तिहाई thuluthā
दो तिहाई مَا जो mā
जो تَرَكَ ۖ उस (मय्यत) ने छोड़ा taraka
उस (मय्यत) ने छोड़ा وَإِن और अगर wa-in
और अगर كَانَتْ हो वो kānat
हो वो وَٰحِدَةًۭ एक (औरत) wāḥidatan
एक (औरत) فَلَهَا तो उसके लिए falahā
तो उसके लिए ٱلنِّصْفُ ۚ आधा है l-niṣ'fu
आधा है وَلِأَبَوَيْهِ और उसके माँ बाप के लिए wali-abawayhi
और उसके माँ बाप के लिए لِكُلِّ वास्ते हर likulli
वास्ते हर وَٰحِدٍۢ एक के wāḥidin
एक के مِّنْهُمَا उन दोनों में से min'humā
उन दोनों में से ٱلسُّدُسُ छठा हिस्सा है l-sudusu
छठा हिस्सा है مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो تَرَكَ उसने छोड़ा taraka
उसने छोड़ा إِن अगर in
अगर كَانَ है kāna
है لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए وَلَدٌۭ ۚ कोई औलाद waladun
कोई औलाद فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर لَّمْ नहीं lam
नहीं يَكُن है yakun
है لَّهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए وَلَدٌۭ कोई औलाद waladun
कोई औलाद وَوَرِثَهُۥٓ और वारिस हों उसके wawarithahu
और वारिस हों उसके أَبَوَاهُ माँ बाप उसके abawāhu
माँ बाप उसके فَلِأُمِّهِ तो उसकी माँ के लिए fali-ummihi
तो उसकी माँ के लिए ٱلثُّلُثُ ۚ तीसरा हिस्सा है l-thuluthu
तीसरा हिस्सा है فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर كَانَ हों kāna
हों لَهُۥٓ उसके lahu
उसके إِخْوَةٌۭ बहन भाई ikh'watun
बहन भाई فَلِأُمِّهِ तो उसकी माँ के लिए fali-ummihi
तो उसकी माँ के लिए ٱلسُّدُسُ ۚ छठा हिस्सा है l-sudusu
छठा हिस्सा है مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद وَصِيَّةٍۢ वसीयत पूरी करने के waṣiyyatin
वसीयत पूरी करने के يُوصِى वो वसीयत कर जाए yūṣī
वो वसीयत कर जाए بِهَآ उसकी bihā
उसकी أَوْ या aw
या دَيْنٍ ۗ क़र्ज़ (की अदायगी के बाद) daynin
क़र्ज़ (की अदायगी के बाद) ءَابَآؤُكُمْ बाप तुम्हारे ābāukum
बाप तुम्हारे وَأَبْنَآؤُكُمْ और बेटे तुम्हारे wa-abnāukum
और बेटे तुम्हारे لَا not lā
not تَدْرُونَ नहीं तुम जानते tadrūna
नहीं तुम जानते أَيُّهُمْ उनमें से कौन ayyuhum
उनमें से कौन أَقْرَبُ ज़्यादा क़रीब है aqrabu
ज़्यादा क़रीब है لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए نَفْعًۭا ۚ नफ़ा में nafʿan
नफ़ा में فَرِيضَةًۭ फ़रीज़ा है farīḍatan
फ़रीज़ा है مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ ۗ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है عَلِيمًا बहुत इल्म वाला ʿalīman
बहुत इल्म वाला حَكِيمًۭا बहुत हिकमत वाला ḥakīman
बहुत हिकमत वाला ١١ (11)
(11)
अल्लाह तुम्हारे संतान के संबंध में तुम्हें आदेश देता है कि पुत्र का हिस्सा, दो पुत्रियों के बराबर है। यदि (दो या) दो से अधिक पुत्रियाँ1 ही हों, तो उनके लिए छोड़े हुए धन का दो तिहाई हिस्सा है। और यदि एक ही (लड़की) हो, तो उसके लिए आधा हिस्सा है। और अगर उस (मृतक) की कोई संतान है, तो उसके माता-पिता में से प्रत्येक के लिए उसके छोड़े हुए धन का छठवाँ हिस्सा है। और यदि उसकी कोई संतान नहीं2 है और उसके वारिस उसके माता-पिता ही हों, तो उसकी माँ के लिए तिहाई (हिस्सा)3 है (और शेष पिता का होगा)। फिर यदि (माता पिता के सिवा) उसके (एक से अधिक) भाई (या बहन) हों, तो उसकी माँ के लिए छठवाँ हिस्सा है, यह (विरासत का बंटवारा) उस (मृतक) की वसिय्यत4 का निष्पादन करने, या उसका क़र्ज़ चुकाने के बाद होगा। तुम्हारे बाप हों या तुम्हारे बेटे, तुम नहीं जानते कि उनमें से कौन तुम्हारे लिए अधिक लाभदायक है। यह अल्लाह का निर्धारित किया हुआ हिस्सा है। निःसंदेह अल्लाह सब कुछ जानने वाला और हिकमत वाला है।
४:१२
۞ وَلَكُمْ
और तुम्हारे लिए
walakum
और तुम्हारे लिए نِصْفُ आधा है niṣ'fu
आधा है مَا जो mā
जो تَرَكَ छोड़ा taraka
छोड़ा أَزْوَٰجُكُمْ तुम्हारी बीवियों ने azwājukum
तुम्हारी बीवियों ने إِن अगर in
अगर لَّمْ ना lam
ना يَكُن हो yakun
हो لَّهُنَّ उनके लिए lahunna
उनके लिए وَلَدٌۭ ۚ कोई औलाद waladun
कोई औलाद فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर كَانَ है kāna
है لَهُنَّ उनके लिए lahunna
उनके लिए وَلَدٌۭ कोई औलाद waladun
कोई औलाद فَلَكُمُ तो तुम्हारे लिए falakumu
तो तुम्हारे लिए ٱلرُّبُعُ चौथा हिस्सा l-rubuʿu
चौथा हिस्सा مِمَّا उस में से जो mimmā
उस में से जो تَرَكْنَ ۚ वो छोड़ जाऐं tarakna
वो छोड़ जाऐं مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद وَصِيَّةٍۢ वसीयत के waṣiyyatin
वसीयत के يُوصِينَ वो औरतें वसीयत कर जाऐं yūṣīna
वो औरतें वसीयत कर जाऐं بِهَآ जिसकी bihā
जिसकी أَوْ या aw
या دَيْنٍۢ ۚ क़र्ज़ (की अदायगी के बाद) daynin
क़र्ज़ (की अदायगी के बाद) وَلَهُنَّ और उन औरतों के लिए है walahunna
और उन औरतों के लिए है ٱلرُّبُعُ चौथा हिस्सा l-rubuʿu
चौथा हिस्सा مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो تَرَكْتُمْ छोड़ा तुमने taraktum
छोड़ा तुमने إِن अगर in
अगर لَّمْ नहीं lam
नहीं يَكُن है yakun
है لَّكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَلَدٌۭ ۚ कोई औलाद waladun
कोई औलाद فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर كَانَ है kāna
है لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَلَدٌۭ कोई औलाद waladun
कोई औलाद فَلَهُنَّ तो उनके लिए है falahunna
तो उनके लिए है ٱلثُّمُنُ आठवाँ हिस्सा l-thumunu
आठवाँ हिस्सा مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो تَرَكْتُم ۚ छोड़ा तुमने taraktum
छोड़ा तुमने مِّنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद وَصِيَّةٍۢ वसीयत के waṣiyyatin
वसीयत के تُوصُونَ तुम वसीयत कर जाओ tūṣūna
तुम वसीयत कर जाओ بِهَآ जिसकी bihā
जिसकी أَوْ या aw
या دَيْنٍۢ ۗ क़र्ज़ (की अदायगी के बाद) daynin
क़र्ज़ (की अदायगी के बाद) وَإِن और अगर wa-in
और अगर كَانَ है kāna
है رَجُلٌۭ कोई मर्द rajulun
कोई मर्द يُورَثُ मीरास ली जा रही है (जिसकी) yūrathu
मीरास ली जा रही है (जिसकी) كَلَـٰلَةً कलाला kalālatan
कलाला أَوِ या awi
या ٱمْرَأَةٌۭ कोई औरत im'ra-atun
कोई औरत وَلَهُۥٓ और उसके लिए हो walahu
और उसके लिए हो أَخٌ एक भाई akhun
एक भाई أَوْ या aw
या أُخْتٌۭ एक बहन ukh'tun
एक बहन فَلِكُلِّ तो वास्ते हर falikulli
तो वास्ते हर وَٰحِدٍۢ एक के wāḥidin
एक के مِّنْهُمَا उन दोनों में से min'humā
उन दोनों में से ٱلسُّدُسُ ۚ छठा हिस्सा है l-sudusu
छठा हिस्सा है فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर كَانُوٓا۟ हों वो kānū
हों वो أَكْثَرَ ज़्यादा akthara
ज़्यादा مِن than min
than ذَٰلِكَ उससे dhālika
उससे فَهُمْ तो वो fahum
तो वो شُرَكَآءُ शरीक हैं shurakāu
शरीक हैं فِى in fī
in ٱلثُّلُثِ ۚ एक तिहाई में l-thuluthi
एक तिहाई में مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद وَصِيَّةٍۢ वसीयत के waṣiyyatin
वसीयत के يُوصَىٰ वसीयत की जाए yūṣā
वसीयत की जाए بِهَآ जिसकी bihā
जिसकी أَوْ या aw
या دَيْنٍ क़र्ज़ (की अदायगी के बाद) daynin
क़र्ज़ (की अदायगी के बाद) غَيْرَ ना ghayra
ना مُضَآرٍّۢ ۚ नुक़सान पहुँचाने वाला हो muḍārrin
नुक़सान पहुँचाने वाला हो وَصِيَّةًۭ वसीयत है waṣiyyatan
वसीयत है مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ ۗ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلِيمٌ ख़ूब जानने बाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने बाला है حَلِيمٌۭ बहुत बुर्दबार है ḥalīmun
बहुत बुर्दबार है ١٢ (12)
(12)
और तुम्हारे लिए نِصْفُ आधा है niṣ'fu
आधा है مَا जो mā
जो تَرَكَ छोड़ा taraka
छोड़ा أَزْوَٰجُكُمْ तुम्हारी बीवियों ने azwājukum
तुम्हारी बीवियों ने إِن अगर in
अगर لَّمْ ना lam
ना يَكُن हो yakun
हो لَّهُنَّ उनके लिए lahunna
उनके लिए وَلَدٌۭ ۚ कोई औलाद waladun
कोई औलाद فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर كَانَ है kāna
है لَهُنَّ उनके लिए lahunna
उनके लिए وَلَدٌۭ कोई औलाद waladun
कोई औलाद فَلَكُمُ तो तुम्हारे लिए falakumu
तो तुम्हारे लिए ٱلرُّبُعُ चौथा हिस्सा l-rubuʿu
चौथा हिस्सा مِمَّا उस में से जो mimmā
उस में से जो تَرَكْنَ ۚ वो छोड़ जाऐं tarakna
वो छोड़ जाऐं مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद وَصِيَّةٍۢ वसीयत के waṣiyyatin
वसीयत के يُوصِينَ वो औरतें वसीयत कर जाऐं yūṣīna
वो औरतें वसीयत कर जाऐं بِهَآ जिसकी bihā
जिसकी أَوْ या aw
या دَيْنٍۢ ۚ क़र्ज़ (की अदायगी के बाद) daynin
क़र्ज़ (की अदायगी के बाद) وَلَهُنَّ और उन औरतों के लिए है walahunna
और उन औरतों के लिए है ٱلرُّبُعُ चौथा हिस्सा l-rubuʿu
चौथा हिस्सा مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो تَرَكْتُمْ छोड़ा तुमने taraktum
छोड़ा तुमने إِن अगर in
अगर لَّمْ नहीं lam
नहीं يَكُن है yakun
है لَّكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَلَدٌۭ ۚ कोई औलाद waladun
कोई औलाद فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर كَانَ है kāna
है لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَلَدٌۭ कोई औलाद waladun
कोई औलाद فَلَهُنَّ तो उनके लिए है falahunna
तो उनके लिए है ٱلثُّمُنُ आठवाँ हिस्सा l-thumunu
आठवाँ हिस्सा مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो تَرَكْتُم ۚ छोड़ा तुमने taraktum
छोड़ा तुमने مِّنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद وَصِيَّةٍۢ वसीयत के waṣiyyatin
वसीयत के تُوصُونَ तुम वसीयत कर जाओ tūṣūna
तुम वसीयत कर जाओ بِهَآ जिसकी bihā
जिसकी أَوْ या aw
या دَيْنٍۢ ۗ क़र्ज़ (की अदायगी के बाद) daynin
क़र्ज़ (की अदायगी के बाद) وَإِن और अगर wa-in
और अगर كَانَ है kāna
है رَجُلٌۭ कोई मर्द rajulun
कोई मर्द يُورَثُ मीरास ली जा रही है (जिसकी) yūrathu
मीरास ली जा रही है (जिसकी) كَلَـٰلَةً कलाला kalālatan
कलाला أَوِ या awi
या ٱمْرَأَةٌۭ कोई औरत im'ra-atun
कोई औरत وَلَهُۥٓ और उसके लिए हो walahu
और उसके लिए हो أَخٌ एक भाई akhun
एक भाई أَوْ या aw
या أُخْتٌۭ एक बहन ukh'tun
एक बहन فَلِكُلِّ तो वास्ते हर falikulli
तो वास्ते हर وَٰحِدٍۢ एक के wāḥidin
एक के مِّنْهُمَا उन दोनों में से min'humā
उन दोनों में से ٱلسُّدُسُ ۚ छठा हिस्सा है l-sudusu
छठा हिस्सा है فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर كَانُوٓا۟ हों वो kānū
हों वो أَكْثَرَ ज़्यादा akthara
ज़्यादा مِن than min
than ذَٰلِكَ उससे dhālika
उससे فَهُمْ तो वो fahum
तो वो شُرَكَآءُ शरीक हैं shurakāu
शरीक हैं فِى in fī
in ٱلثُّلُثِ ۚ एक तिहाई में l-thuluthi
एक तिहाई में مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद وَصِيَّةٍۢ वसीयत के waṣiyyatin
वसीयत के يُوصَىٰ वसीयत की जाए yūṣā
वसीयत की जाए بِهَآ जिसकी bihā
जिसकी أَوْ या aw
या دَيْنٍ क़र्ज़ (की अदायगी के बाद) daynin
क़र्ज़ (की अदायगी के बाद) غَيْرَ ना ghayra
ना مُضَآرٍّۢ ۚ नुक़सान पहुँचाने वाला हो muḍārrin
नुक़सान पहुँचाने वाला हो وَصِيَّةًۭ वसीयत है waṣiyyatan
वसीयत है مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ ۗ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلِيمٌ ख़ूब जानने बाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने बाला है حَلِيمٌۭ बहुत बुर्दबार है ḥalīmun
बहुत बुर्दबार है ١٢ (12)
(12)
और तुम्हारे लिए उस (धन) का आधा है जो तुम्हारी पत्नियाँ छोड़ जाएँ, यदि उनकी संतान न हो। लेकिन यदि उनकी संतान हो, तो तुम्हारे लिए उस (धन) का चौथाई होगा जो वे छोड़ गई हों, उनकी वसिय्यत का निष्पादन करने या क़र्ज़ चुकाने के बाद। तथा उन (पत्नियों) के लिए तुम्हारे छोड़े हुए धन का चौथाई हिस्सा है, यदि तुम्हारी संतान न हो। लेकिन यदि तुम्हारी संतान हो, तो उनके लिए उस (धन) का आठवाँ1 (हिस्सा) होगा जो तुमने छोड़ा है, तुम्हारी वसिय्यत पूरी करने अथवा क़र्ज़ चुकाने के बाद। तथा यदि किसी ऐसे पुरुष या स्त्री की विरासत हो, जो 'कलाला'2 हो (अर्थात् उसकी न संतान हो, न पिता) तथा (दूसरी माता से) उसका कोई भाई अथवा बहन हो, तो उनमें से हर एक के लिए छठवाँ (हिस्सा) होगा। लेकिन यदि वे एक से अधिक हों, तो वे सब एक तिहाई में साझीदार होंगे, उसकी वसिय्यत का निष्पादन करने या क़र्ज़ चुकाने के बाद, जबकि वह किसी को हानि पहुँचाने वाला न हो। यह अल्लाह की ओर से वसिय्यत है और अल्लाह सब कुछ जानने वाला, अत्यंत सहनशील है।
४:१३
تِلْكَ
ये
til'ka
ये حُدُودُ हुदूद हैं ḥudūdu
हुदूद हैं ٱللَّهِ ۚ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يُطِعِ इताअत करेगा yuṭiʿi
इताअत करेगा ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَرَسُولَهُۥ और उसके रसूल की warasūlahu
और उसके रसूल की يُدْخِلْهُ वो दाख़िल करेगा उसे yud'khil'hu
वो दाख़िल करेगा उसे جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात में jannātin
बाग़ात में تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَا ۚ उनमें fīhā
उनमें وَذَٰلِكَ और ये है wadhālika
और ये है ٱلْفَوْزُ कामयाबी l-fawzu
कामयाबी ٱلْعَظِيمُ बहुत बड़ी l-ʿaẓīmu
बहुत बड़ी ١٣ (13)
(13)
ये حُدُودُ हुदूद हैं ḥudūdu
हुदूद हैं ٱللَّهِ ۚ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يُطِعِ इताअत करेगा yuṭiʿi
इताअत करेगा ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَرَسُولَهُۥ और उसके रसूल की warasūlahu
और उसके रसूल की يُدْخِلْهُ वो दाख़िल करेगा उसे yud'khil'hu
वो दाख़िल करेगा उसे جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात में jannātin
बाग़ात में تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَا ۚ उनमें fīhā
उनमें وَذَٰلِكَ और ये है wadhālika
और ये है ٱلْفَوْزُ कामयाबी l-fawzu
कामयाबी ٱلْعَظِيمُ बहुत बड़ी l-ʿaẓīmu
बहुत बड़ी ١٣ (13)
(13)
ये अल्लाह की (निर्धारित की हुई) सीमाएँ हैं। और जो अल्लाह तथा उसके रसूल का आज्ञापालन करेगा, अल्लाह उसे ऐसे बाग़ों में दाख़िल करेगा जिनके नीचे नहरें बह रही होंगी। उनमें वे हमेशा रहेंगे तथा यही बड़ी सफलता है।
४:१४
وَمَن
और जो कोई
waman
और जो कोई يَعْصِ नाफ़रमानी करेगा yaʿṣi
नाफ़रमानी करेगा ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَرَسُولَهُۥ और उसके रसूल की warasūlahu
और उसके रसूल की وَيَتَعَدَّ और वो तजावुज़ करेगा wayataʿadda
और वो तजावुज़ करेगा حُدُودَهُۥ उसकी हुदूद से ḥudūdahu
उसकी हुदूद से يُدْخِلْهُ वो दाख़िल करेगा उसे yud'khil'hu
वो दाख़िल करेगा उसे نَارًا आग में nāran
आग में خَـٰلِدًۭا हमेशा रहने वाला है khālidan
हमेशा रहने वाला है فِيهَا उसमें fīhā
उसमें وَلَهُۥ और उसके लिए walahu
और उसके लिए عَذَابٌۭ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है مُّهِينٌۭ ज़लील करने वाला muhīnun
ज़लील करने वाला ١٤ (14)
(14)
और जो कोई يَعْصِ नाफ़रमानी करेगा yaʿṣi
नाफ़रमानी करेगा ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَرَسُولَهُۥ और उसके रसूल की warasūlahu
और उसके रसूल की وَيَتَعَدَّ और वो तजावुज़ करेगा wayataʿadda
और वो तजावुज़ करेगा حُدُودَهُۥ उसकी हुदूद से ḥudūdahu
उसकी हुदूद से يُدْخِلْهُ वो दाख़िल करेगा उसे yud'khil'hu
वो दाख़िल करेगा उसे نَارًا आग में nāran
आग में خَـٰلِدًۭا हमेशा रहने वाला है khālidan
हमेशा रहने वाला है فِيهَا उसमें fīhā
उसमें وَلَهُۥ और उसके लिए walahu
और उसके लिए عَذَابٌۭ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है مُّهِينٌۭ ज़लील करने वाला muhīnun
ज़लील करने वाला ١٤ (14)
(14)
और जो अल्लाह और उसके रसूल की अवज्ञा करेगा तथा उसकी सीमाओं का उल्लंघन करेगा, (अल्लाह) उसे आग (नरक) में डालेगा, जिसमें वह सदैव रहेगा और उसके लिए अपमानजनक यातना है।
४:१५
وَٱلَّـٰتِى
और वो औरतें जो
wa-allātī
और वो औरतें जो يَأْتِينَ आऐं yatīna
आऐं ٱلْفَـٰحِشَةَ बेहयाई को l-fāḥishata
बेहयाई को مِن from min
from نِّسَآئِكُمْ तुम्हारी औरतों में से nisāikum
तुम्हारी औरतों में से فَٱسْتَشْهِدُوا۟ तो गवाह बना लो fa-is'tashhidū
तो गवाह बना लो عَلَيْهِنَّ उन पर ʿalayhinna
उन पर أَرْبَعَةًۭ चार arbaʿatan
चार مِّنكُمْ ۖ तुम में से minkum
तुम में से فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर شَهِدُوا۟ वो गवाही दे दें shahidū
वो गवाही दे दें فَأَمْسِكُوهُنَّ तो रोक लो उन्हें fa-amsikūhunna
तो रोक लो उन्हें فِى in fī
in ٱلْبُيُوتِ घरों में l-buyūti
घरों में حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَتَوَفَّىٰهُنَّ फ़ौत कर दे उन्हें yatawaffāhunna
फ़ौत कर दे उन्हें ٱلْمَوْتُ मौत l-mawtu
मौत أَوْ या aw
या يَجْعَلَ बना दे yajʿala
बना दे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لَهُنَّ उनके लिए lahunna
उनके लिए سَبِيلًۭا कोई रास्ता sabīlan
कोई रास्ता ١٥ (15)
(15)
और वो औरतें जो يَأْتِينَ आऐं yatīna
आऐं ٱلْفَـٰحِشَةَ बेहयाई को l-fāḥishata
बेहयाई को مِن from min
from نِّسَآئِكُمْ तुम्हारी औरतों में से nisāikum
तुम्हारी औरतों में से فَٱسْتَشْهِدُوا۟ तो गवाह बना लो fa-is'tashhidū
तो गवाह बना लो عَلَيْهِنَّ उन पर ʿalayhinna
उन पर أَرْبَعَةًۭ चार arbaʿatan
चार مِّنكُمْ ۖ तुम में से minkum
तुम में से فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर شَهِدُوا۟ वो गवाही दे दें shahidū
वो गवाही दे दें فَأَمْسِكُوهُنَّ तो रोक लो उन्हें fa-amsikūhunna
तो रोक लो उन्हें فِى in fī
in ٱلْبُيُوتِ घरों में l-buyūti
घरों में حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَتَوَفَّىٰهُنَّ फ़ौत कर दे उन्हें yatawaffāhunna
फ़ौत कर दे उन्हें ٱلْمَوْتُ मौत l-mawtu
मौत أَوْ या aw
या يَجْعَلَ बना दे yajʿala
बना दे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لَهُنَّ उनके लिए lahunna
उनके लिए سَبِيلًۭا कोई रास्ता sabīlan
कोई रास्ता ١٥ (15)
(15)
तथा तुम्हारी स्त्रियों में से जो व्यभिचार कर बैठें, उनपर अपनों में से चार पुरुषों को गवाह लाओ। यदि वे गवाही दे दें, तो उन औरतों को घरों में बंद रखो, यहाँ तक कि उन्हें मौत आ जाए या अल्लाह उनके लिए कोई रास्ता1 निकाल दे।
४:१६
وَٱلَّذَانِ
और वो दो (मर्द) जो
wa-alladhāni
और वो दो (मर्द) जो يَأْتِيَـٰنِهَا आऐं इस (बुराई) को yatiyānihā
आऐं इस (बुराई) को مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से فَـَٔاذُوهُمَا ۖ तो अज़ियत दो उन दोनों को faādhūhumā
तो अज़ियत दो उन दोनों को فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर تَابَا वो दोनों तौबा कर लें tābā
वो दोनों तौबा कर लें وَأَصْلَحَا और इस्लाह कर लें wa-aṣlaḥā
और इस्लाह कर लें فَأَعْرِضُوا۟ तो ऐराज़ करो fa-aʿriḍū
तो ऐराज़ करो عَنْهُمَآ ۗ उन दोनों से ʿanhumā
उन दोनों से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है تَوَّابًۭا बहुत तौबा क़ुबूल करने वाला tawwāban
बहुत तौबा क़ुबूल करने वाला رَّحِيمًا निहायत रहम करने वाला raḥīman
निहायत रहम करने वाला ١٦ (16)
(16)
और वो दो (मर्द) जो يَأْتِيَـٰنِهَا आऐं इस (बुराई) को yatiyānihā
आऐं इस (बुराई) को مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से فَـَٔاذُوهُمَا ۖ तो अज़ियत दो उन दोनों को faādhūhumā
तो अज़ियत दो उन दोनों को فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर تَابَا वो दोनों तौबा कर लें tābā
वो दोनों तौबा कर लें وَأَصْلَحَا और इस्लाह कर लें wa-aṣlaḥā
और इस्लाह कर लें فَأَعْرِضُوا۟ तो ऐराज़ करो fa-aʿriḍū
तो ऐराज़ करो عَنْهُمَآ ۗ उन दोनों से ʿanhumā
उन दोनों से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है تَوَّابًۭا बहुत तौबा क़ुबूल करने वाला tawwāban
बहुत तौबा क़ुबूल करने वाला رَّحِيمًا निहायत रहम करने वाला raḥīman
निहायत रहम करने वाला ١٦ (16)
(16)
और तुममें से जो दो पुरुष यह कर्म करें, उन्हें यातना दो। फिर यदि वे तौबा कर लें और अपने आपको सुधार लें, तो उन्हें छोड़ दो। निःसंदेह अल्लाह बड़ा क्षमाशील, दयावान् है।
४:१७
إِنَّمَا
बेशक
innamā
बेशक ٱلتَّوْبَةُ तौबा (क़ुबूल करना) l-tawbatu
तौबा (क़ुबूल करना) عَلَى by ʿalā
by ٱللَّهِ अल्लाह के ज़िम्मे है l-lahi
अल्लाह के ज़िम्मे है لِلَّذِينَ उनके लिए जो lilladhīna
उनके लिए जो يَعْمَلُونَ अमल करते हैं yaʿmalūna
अमल करते हैं ٱلسُّوٓءَ बुरा l-sūa
बुरा بِجَهَـٰلَةٍۢ जहालत से bijahālatin
जहालत से ثُمَّ फिर thumma
फिर يَتُوبُونَ वो तौबा कर लेते हैं yatūbūna
वो तौबा कर लेते हैं مِن from min
from قَرِيبٍۢ क़रीब से qarībin
क़रीब से فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही वो लोग हैं fa-ulāika
तो यही वो लोग हैं يَتُوبُ मेहरबान होता है yatūbu
मेहरबान होता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلَيْهِمْ ۗ उन पर ʿalayhim
उन पर وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلِيمًا बहुत इल्म वाला ʿalīman
बहुत इल्म वाला حَكِيمًۭا बहुत हिकमत वाला ḥakīman
बहुत हिकमत वाला ١٧ (17)
(17)
बेशक ٱلتَّوْبَةُ तौबा (क़ुबूल करना) l-tawbatu
तौबा (क़ुबूल करना) عَلَى by ʿalā
by ٱللَّهِ अल्लाह के ज़िम्मे है l-lahi
अल्लाह के ज़िम्मे है لِلَّذِينَ उनके लिए जो lilladhīna
उनके लिए जो يَعْمَلُونَ अमल करते हैं yaʿmalūna
अमल करते हैं ٱلسُّوٓءَ बुरा l-sūa
बुरा بِجَهَـٰلَةٍۢ जहालत से bijahālatin
जहालत से ثُمَّ फिर thumma
फिर يَتُوبُونَ वो तौबा कर लेते हैं yatūbūna
वो तौबा कर लेते हैं مِن from min
from قَرِيبٍۢ क़रीब से qarībin
क़रीब से فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही वो लोग हैं fa-ulāika
तो यही वो लोग हैं يَتُوبُ मेहरबान होता है yatūbu
मेहरबान होता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلَيْهِمْ ۗ उन पर ʿalayhim
उन पर وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلِيمًا बहुत इल्म वाला ʿalīman
बहुत इल्म वाला حَكِيمًۭا बहुत हिकमत वाला ḥakīman
बहुत हिकमत वाला ١٧ (17)
(17)
अल्लाह के पास उन्हीं लोगों की तौबा स्वीकार्य है, जो अनजाने में बुराई कर बैठते हैं, फिर शीघ्र ही तौबा कर लेते हैं। तो अल्लाह ऐसे ही लोगों की तौबा क़बूल करता है। तथा अल्लाह सब कुछ जानने वाला हिकमत वाला है।
४:१८
وَلَيْسَتِ
और नहीं है
walaysati
और नहीं है ٱلتَّوْبَةُ तौबा l-tawbatu
तौबा لِلَّذِينَ उनके लिए जो lilladhīna
उनके लिए जो يَعْمَلُونَ अमल करते हैं yaʿmalūna
अमल करते हैं ٱلسَّيِّـَٔاتِ बुरे l-sayiāti
बुरे حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब حَضَرَ आती है ḥaḍara
आती है أَحَدَهُمُ उनमें से किसी एक को aḥadahumu
उनमें से किसी एक को ٱلْمَوْتُ मौत l-mawtu
मौत قَالَ वो कहता है qāla
वो कहता है إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं تُبْتُ तौबा की मैंने tub'tu
तौबा की मैंने ٱلْـَٔـٰنَ अब l-āna
अब وَلَا और ना walā
और ना ٱلَّذِينَ उनके लिए जो alladhīna
उनके लिए जो يَمُوتُونَ मर जाते हैं yamūtūna
मर जाते हैं وَهُمْ इस हाल में कि वो wahum
इस हाल में कि वो كُفَّارٌ ۚ काफ़िर हैं kuffārun
काफ़िर हैं أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं أَعْتَدْنَا तैयार कर रखा है हमने aʿtadnā
तैयार कर रखा है हमने لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए عَذَابًا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब أَلِيمًۭا दर्दनाक alīman
दर्दनाक ١٨ (18)
(18)
और नहीं है ٱلتَّوْبَةُ तौबा l-tawbatu
तौबा لِلَّذِينَ उनके लिए जो lilladhīna
उनके लिए जो يَعْمَلُونَ अमल करते हैं yaʿmalūna
अमल करते हैं ٱلسَّيِّـَٔاتِ बुरे l-sayiāti
बुरे حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब حَضَرَ आती है ḥaḍara
आती है أَحَدَهُمُ उनमें से किसी एक को aḥadahumu
उनमें से किसी एक को ٱلْمَوْتُ मौत l-mawtu
मौत قَالَ वो कहता है qāla
वो कहता है إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं تُبْتُ तौबा की मैंने tub'tu
तौबा की मैंने ٱلْـَٔـٰنَ अब l-āna
अब وَلَا और ना walā
और ना ٱلَّذِينَ उनके लिए जो alladhīna
उनके लिए जो يَمُوتُونَ मर जाते हैं yamūtūna
मर जाते हैं وَهُمْ इस हाल में कि वो wahum
इस हाल में कि वो كُفَّارٌ ۚ काफ़िर हैं kuffārun
काफ़िर हैं أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं أَعْتَدْنَا तैयार कर रखा है हमने aʿtadnā
तैयार कर रखा है हमने لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए عَذَابًا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब أَلِيمًۭا दर्दनाक alīman
दर्दनाक ١٨ (18)
(18)
और उनकी तौबा स्वीकार्य नहीं, जो बुराइयाँ करते जाते हैं, यहाँ तक कि जब उनमें से किसी की मौत का समय आ जाता है, तो कहने लगता है : "अब मैंने तौबा कर ली!" और न ही उनकी (तौबा स्वीकार्य है) जो काफ़िर रहते हुए मर जाते हैं। उन्हीं के लिए हमने दुःखदायी यातना तैयार कर रखी है।
४:१९
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَا Not lā
Not يَحِلُّ नहीं हलाल yaḥillu
नहीं हलाल لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए أَن कि an
कि تَرِثُوا۟ तुम वारिस बन जाओ tarithū
तुम वारिस बन जाओ ٱلنِّسَآءَ औरतों के l-nisāa
औरतों के كَرْهًۭا ۖ ज़बरदस्ती karhan
ज़बरदस्ती وَلَا और ना walā
और ना تَعْضُلُوهُنَّ तुम रोको उन्हें taʿḍulūhunna
तुम रोको उन्हें لِتَذْهَبُوا۟ ताकि तुम ले जाओ litadhhabū
ताकि तुम ले जाओ بِبَعْضِ बाज़ bibaʿḍi
बाज़ مَآ जो mā
जो ءَاتَيْتُمُوهُنَّ दिया तुमने उन्हें ātaytumūhunna
दिया तुमने उन्हें إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि يَأْتِينَ वो आऐं yatīna
वो आऐं بِفَـٰحِشَةٍۢ बेहयाई को bifāḥishatin
बेहयाई को مُّبَيِّنَةٍۢ ۚ खुली-खुली mubayyinatin
खुली-खुली وَعَاشِرُوهُنَّ और गुज़र बसर करो उनके साथ waʿāshirūhunna
और गुज़र बसर करो उनके साथ بِٱلْمَعْرُوفِ ۚ भले तरीक़े से bil-maʿrūfi
भले तरीक़े से فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर كَرِهْتُمُوهُنَّ तुम नापसंद करो उन्हें karih'tumūhunna
तुम नापसंद करो उन्हें فَعَسَىٰٓ तो हो सकता है faʿasā
तो हो सकता है أَن कि an
कि تَكْرَهُوا۟ तुम नापसंद करो takrahū
तुम नापसंद करो شَيْـًۭٔا एक चीज़ को shayan
एक चीज़ को وَيَجْعَلَ और कर दे wayajʿala
और कर दे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فِيهِ उसमें fīhi
उसमें خَيْرًۭا भलाई khayran
भलाई كَثِيرًۭا बहुत सी kathīran
बहुत सी ١٩ (19)
(19)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَا Not lā
Not يَحِلُّ नहीं हलाल yaḥillu
नहीं हलाल لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए أَن कि an
कि تَرِثُوا۟ तुम वारिस बन जाओ tarithū
तुम वारिस बन जाओ ٱلنِّسَآءَ औरतों के l-nisāa
औरतों के كَرْهًۭا ۖ ज़बरदस्ती karhan
ज़बरदस्ती وَلَا और ना walā
और ना تَعْضُلُوهُنَّ तुम रोको उन्हें taʿḍulūhunna
तुम रोको उन्हें لِتَذْهَبُوا۟ ताकि तुम ले जाओ litadhhabū
ताकि तुम ले जाओ بِبَعْضِ बाज़ bibaʿḍi
बाज़ مَآ जो mā
जो ءَاتَيْتُمُوهُنَّ दिया तुमने उन्हें ātaytumūhunna
दिया तुमने उन्हें إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि يَأْتِينَ वो आऐं yatīna
वो आऐं بِفَـٰحِشَةٍۢ बेहयाई को bifāḥishatin
बेहयाई को مُّبَيِّنَةٍۢ ۚ खुली-खुली mubayyinatin
खुली-खुली وَعَاشِرُوهُنَّ और गुज़र बसर करो उनके साथ waʿāshirūhunna
और गुज़र बसर करो उनके साथ بِٱلْمَعْرُوفِ ۚ भले तरीक़े से bil-maʿrūfi
भले तरीक़े से فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर كَرِهْتُمُوهُنَّ तुम नापसंद करो उन्हें karih'tumūhunna
तुम नापसंद करो उन्हें فَعَسَىٰٓ तो हो सकता है faʿasā
तो हो सकता है أَن कि an
कि تَكْرَهُوا۟ तुम नापसंद करो takrahū
तुम नापसंद करो شَيْـًۭٔا एक चीज़ को shayan
एक चीज़ को وَيَجْعَلَ और कर दे wayajʿala
और कर दे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فِيهِ उसमें fīhi
उसमें خَيْرًۭا भलाई khayran
भलाई كَثِيرًۭا बहुत सी kathīran
बहुत सी ١٩ (19)
(19)
ऐ ईमान वालो! तुम्हारे लिए हलाल (वैध) नहीं कि ज़बरदस्ती स्त्रियों के वारिस बन जाओ।1 और उन्हें इसलिए न रोके रखो कि तुमने उन्हें जो कुछ दिया है, उसमें से कुछ ले लो, सिवाय इसके कि वे खुली बुराई कर बैठें। तथा उनके साथ भली-भाँति2 जीवन व्यतीत करो। फिर यदि तुम उन्हें नापसंद करो, तो संभव है कि तुम किसी चीज़ को नापसंद करो और अल्लाह उसमें बहुत ही भलाई3 रख दे।
४:२०
وَإِنْ
और अगर
wa-in
और अगर أَرَدتُّمُ इरादा करो तुम aradttumu
इरादा करो तुम ٱسْتِبْدَالَ बदलने का is'tib'dāla
बदलने का زَوْجٍۢ एक बीवी को zawjin
एक बीवी को مَّكَانَ जगह makāna
जगह زَوْجٍۢ बीवी के (दूसरी) zawjin
बीवी के (दूसरी) وَءَاتَيْتُمْ और दे दिया हो तुमने waātaytum
और दे दिया हो तुमने إِحْدَىٰهُنَّ उनमें से किसी एक को iḥ'dāhunna
उनमें से किसी एक को قِنطَارًۭا ढेरों माल qinṭāran
ढेरों माल فَلَا तो ना falā
तो ना تَأْخُذُوا۟ तुम लो takhudhū
तुम लो مِنْهُ उसमें से min'hu
उसमें से شَيْـًٔا ۚ कुछ भी shayan
कुछ भी أَتَأْخُذُونَهُۥ क्या तुम लोगे उसे atakhudhūnahu
क्या तुम लोगे उसे بُهْتَـٰنًۭا बोहतान लगाकर buh'tānan
बोहतान लगाकर وَإِثْمًۭا और गुनाह wa-ith'man
और गुनाह مُّبِينًۭا खुले से mubīnan
खुले से ٢٠ (20)
(20)
और अगर أَرَدتُّمُ इरादा करो तुम aradttumu
इरादा करो तुम ٱسْتِبْدَالَ बदलने का is'tib'dāla
बदलने का زَوْجٍۢ एक बीवी को zawjin
एक बीवी को مَّكَانَ जगह makāna
जगह زَوْجٍۢ बीवी के (दूसरी) zawjin
बीवी के (दूसरी) وَءَاتَيْتُمْ और दे दिया हो तुमने waātaytum
और दे दिया हो तुमने إِحْدَىٰهُنَّ उनमें से किसी एक को iḥ'dāhunna
उनमें से किसी एक को قِنطَارًۭا ढेरों माल qinṭāran
ढेरों माल فَلَا तो ना falā
तो ना تَأْخُذُوا۟ तुम लो takhudhū
तुम लो مِنْهُ उसमें से min'hu
उसमें से شَيْـًٔا ۚ कुछ भी shayan
कुछ भी أَتَأْخُذُونَهُۥ क्या तुम लोगे उसे atakhudhūnahu
क्या तुम लोगे उसे بُهْتَـٰنًۭا बोहतान लगाकर buh'tānan
बोहतान लगाकर وَإِثْمًۭا और गुनाह wa-ith'man
और गुनाह مُّبِينًۭا खुले से mubīnan
खुले से ٢٠ (20)
(20)
और यदि तुम एक पत्नी के स्थान पर दूसरी पत्नी लाना चाहो और तुमने उनमें से किसी को (महर में) ढेर सारा धन दे रखा हो, तो उसमें से कुछ न लो। क्या तुम उसे अनाधिकार और खुला गुनाह होते हुए भी ले लोगे।
४:२१
وَكَيْفَ
और किस तरह
wakayfa
और किस तरह تَأْخُذُونَهُۥ तुम ले सकते हो उसे takhudhūnahu
तुम ले सकते हो उसे وَقَدْ हालाँकि तहक़ीक़ waqad
हालाँकि तहक़ीक़ أَفْضَىٰ पहुँच चुका afḍā
पहुँच चुका بَعْضُكُمْ बाज़ तुम्हारा baʿḍukum
बाज़ तुम्हारा إِلَىٰ to ilā
to بَعْضٍۢ तरफ़ बाज़ के baʿḍin
तरफ़ बाज़ के وَأَخَذْنَ और वो ले चुकीं wa-akhadhna
और वो ले चुकीं مِنكُم तुम से minkum
तुम से مِّيثَـٰقًا अहद mīthāqan
अहद غَلِيظًۭا पुख़्ता ghalīẓan
पुख़्ता ٢١ (21)
(21)
और किस तरह تَأْخُذُونَهُۥ तुम ले सकते हो उसे takhudhūnahu
तुम ले सकते हो उसे وَقَدْ हालाँकि तहक़ीक़ waqad
हालाँकि तहक़ीक़ أَفْضَىٰ पहुँच चुका afḍā
पहुँच चुका بَعْضُكُمْ बाज़ तुम्हारा baʿḍukum
बाज़ तुम्हारा إِلَىٰ to ilā
to بَعْضٍۢ तरफ़ बाज़ के baʿḍin
तरफ़ बाज़ के وَأَخَذْنَ और वो ले चुकीं wa-akhadhna
और वो ले चुकीं مِنكُم तुम से minkum
तुम से مِّيثَـٰقًا अहद mīthāqan
अहद غَلِيظًۭا पुख़्ता ghalīẓan
पुख़्ता ٢١ (21)
(21)
तथा तुम उसे कैसे ले सकते हो, जबकि तुम एक-दूसरे से मिलन कर चुके हो और वे तुमसे (विवाह के समय) दृढ़ वचन (भी) ले चुकी हैं।
४:२२
وَلَا
और ना
walā
और ना تَنكِحُوا۟ तुम निकाह करो tankiḥū
तुम निकाह करो مَا जिनसे mā
जिनसे نَكَحَ निकाह कर चुके nakaḥa
निकाह कर चुके ءَابَآؤُكُم बाप तुम्हारे ābāukum
बाप तुम्हारे مِّنَ of mina
of ٱلنِّسَآءِ औरतों में से l-nisāi
औरतों में से إِلَّا मगर illā
मगर مَا जो mā
जो قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ سَلَفَ ۚ गुज़र चुका salafa
गुज़र चुका إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो كَانَ है वो kāna
है वो فَـٰحِشَةًۭ बेहयाई का काम fāḥishatan
बेहयाई का काम وَمَقْتًۭا और क़ाबिले नफ़रत wamaqtan
और क़ाबिले नफ़रत وَسَآءَ और बहुत ही बुरा wasāa
और बहुत ही बुरा سَبِيلًا रास्ता sabīlan
रास्ता ٢٢ (22)
(22)
और ना تَنكِحُوا۟ तुम निकाह करो tankiḥū
तुम निकाह करो مَا जिनसे mā
जिनसे نَكَحَ निकाह कर चुके nakaḥa
निकाह कर चुके ءَابَآؤُكُم बाप तुम्हारे ābāukum
बाप तुम्हारे مِّنَ of mina
of ٱلنِّسَآءِ औरतों में से l-nisāi
औरतों में से إِلَّا मगर illā
मगर مَا जो mā
जो قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ سَلَفَ ۚ गुज़र चुका salafa
गुज़र चुका إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो كَانَ है वो kāna
है वो فَـٰحِشَةًۭ बेहयाई का काम fāḥishatan
बेहयाई का काम وَمَقْتًۭا और क़ाबिले नफ़रत wamaqtan
और क़ाबिले नफ़रत وَسَآءَ और बहुत ही बुरा wasāa
और बहुत ही बुरा سَبِيلًا रास्ता sabīlan
रास्ता ٢٢ (22)
(22)
और उन स्त्रियों से विवाह1 न करो, जिनसे तुम्हारे पिताओं ने विवाह किया हो, परंतु जो पहले हो चुका2 (सो हो चुका)। वास्तव में, यह निर्लज्जता तथा क्रोध की बात और बुरी रीति है।
४:२३
حُرِّمَتْ
हराम कर दी गईं
ḥurrimat
हराम कर दी गईं عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर أُمَّهَـٰتُكُمْ माँऐं तुम्हारी ummahātukum
माँऐं तुम्हारी وَبَنَاتُكُمْ और बेटियाँ तुम्हारी wabanātukum
और बेटियाँ तुम्हारी وَأَخَوَٰتُكُمْ और बहनें तुम्हारी wa-akhawātukum
और बहनें तुम्हारी وَعَمَّـٰتُكُمْ और फूफियाँ तुम्हारी waʿammātukum
और फूफियाँ तुम्हारी وَخَـٰلَـٰتُكُمْ और ख़ालाऐं तुम्हारी wakhālātukum
और ख़ालाऐं तुम्हारी وَبَنَاتُ और बेटियाँ wabanātu
और बेटियाँ ٱلْأَخِ भाई की l-akhi
भाई की وَبَنَاتُ और बेटियाँ wabanātu
और बेटियाँ ٱلْأُخْتِ बहन की l-ukh'ti
बहन की وَأُمَّهَـٰتُكُمُ और माँऐं तुम्हारी wa-ummahātukumu
और माँऐं तुम्हारी ٱلَّـٰتِىٓ वो जिन्होंने allātī
वो जिन्होंने أَرْضَعْنَكُمْ दूध पिलाया तुम्हें arḍaʿnakum
दूध पिलाया तुम्हें وَأَخَوَٰتُكُم और बहनें तुम्हारी wa-akhawātukum
और बहनें तुम्हारी مِّنَ from mina
from ٱلرَّضَـٰعَةِ रज़ाअत से l-raḍāʿati
रज़ाअत से وَأُمَّهَـٰتُ और माँऐं wa-ummahātu
और माँऐं نِسَآئِكُمْ तुम्हारी बीवियों की nisāikum
तुम्हारी बीवियों की وَرَبَـٰٓئِبُكُمُ और बेटियाँ तुम्हारी बीवियों की warabāibukumu
और बेटियाँ तुम्हारी बीवियों की ٱلَّـٰتِى वो जो allātī
वो जो فِى (are) in fī
(are) in حُجُورِكُم तुम्हारी गोदों में हैं ḥujūrikum
तुम्हारी गोदों में हैं مِّن of min
of نِّسَآئِكُمُ तुम्हारी बीवियों में से nisāikumu
तुम्हारी बीवियों में से ٱلَّـٰتِى वो जो allātī
वो जो دَخَلْتُم दख़ूल किया तुमने dakhaltum
दख़ूल किया तुमने بِهِنَّ उनसे bihinna
उनसे فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर لَّمْ ना lam
ना تَكُونُوا۟ हो तुम takūnū
हो तुम دَخَلْتُم दख़ूल कर चुके तुम dakhaltum
दख़ूल कर चुके तुम بِهِنَّ उनसे bihinna
उनसे فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं جُنَاحَ कोई गुनाह junāḥa
कोई गुनाह عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर وَحَلَـٰٓئِلُ और बीवियाँ waḥalāilu
और बीवियाँ أَبْنَآئِكُمُ तुम्हारे बेटों की abnāikumu
तुम्हारे बेटों की ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो مِنْ (are) from min
(are) from أَصْلَـٰبِكُمْ तुम्हारी पुश्तों से हैं aṣlābikum
तुम्हारी पुश्तों से हैं وَأَن और ये कि wa-an
और ये कि تَجْمَعُوا۟ तुम जमा करो tajmaʿū
तुम जमा करो بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान ٱلْأُخْتَيْنِ दो बहनों के l-ukh'tayni
दो बहनों के إِلَّا मगर illā
मगर مَا जो mā
जो قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ سَلَفَ ۗ गुज़र चुका salafa
गुज़र चुका إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है غَفُورًۭا बहुत बख़्शने वाला ghafūran
बहुत बख़्शने वाला رَّحِيمًۭا निहायत रहम करने वाला raḥīman
निहायत रहम करने वाला ٢٣ (23)
(23)
हराम कर दी गईं عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर أُمَّهَـٰتُكُمْ माँऐं तुम्हारी ummahātukum
माँऐं तुम्हारी وَبَنَاتُكُمْ और बेटियाँ तुम्हारी wabanātukum
और बेटियाँ तुम्हारी وَأَخَوَٰتُكُمْ और बहनें तुम्हारी wa-akhawātukum
और बहनें तुम्हारी وَعَمَّـٰتُكُمْ और फूफियाँ तुम्हारी waʿammātukum
और फूफियाँ तुम्हारी وَخَـٰلَـٰتُكُمْ और ख़ालाऐं तुम्हारी wakhālātukum
और ख़ालाऐं तुम्हारी وَبَنَاتُ और बेटियाँ wabanātu
और बेटियाँ ٱلْأَخِ भाई की l-akhi
भाई की وَبَنَاتُ और बेटियाँ wabanātu
और बेटियाँ ٱلْأُخْتِ बहन की l-ukh'ti
बहन की وَأُمَّهَـٰتُكُمُ और माँऐं तुम्हारी wa-ummahātukumu
और माँऐं तुम्हारी ٱلَّـٰتِىٓ वो जिन्होंने allātī
वो जिन्होंने أَرْضَعْنَكُمْ दूध पिलाया तुम्हें arḍaʿnakum
दूध पिलाया तुम्हें وَأَخَوَٰتُكُم और बहनें तुम्हारी wa-akhawātukum
और बहनें तुम्हारी مِّنَ from mina
from ٱلرَّضَـٰعَةِ रज़ाअत से l-raḍāʿati
रज़ाअत से وَأُمَّهَـٰتُ और माँऐं wa-ummahātu
और माँऐं نِسَآئِكُمْ तुम्हारी बीवियों की nisāikum
तुम्हारी बीवियों की وَرَبَـٰٓئِبُكُمُ और बेटियाँ तुम्हारी बीवियों की warabāibukumu
और बेटियाँ तुम्हारी बीवियों की ٱلَّـٰتِى वो जो allātī
वो जो فِى (are) in fī
(are) in حُجُورِكُم तुम्हारी गोदों में हैं ḥujūrikum
तुम्हारी गोदों में हैं مِّن of min
of نِّسَآئِكُمُ तुम्हारी बीवियों में से nisāikumu
तुम्हारी बीवियों में से ٱلَّـٰتِى वो जो allātī
वो जो دَخَلْتُم दख़ूल किया तुमने dakhaltum
दख़ूल किया तुमने بِهِنَّ उनसे bihinna
उनसे فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर لَّمْ ना lam
ना تَكُونُوا۟ हो तुम takūnū
हो तुम دَخَلْتُم दख़ूल कर चुके तुम dakhaltum
दख़ूल कर चुके तुम بِهِنَّ उनसे bihinna
उनसे فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं جُنَاحَ कोई गुनाह junāḥa
कोई गुनाह عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर وَحَلَـٰٓئِلُ और बीवियाँ waḥalāilu
और बीवियाँ أَبْنَآئِكُمُ तुम्हारे बेटों की abnāikumu
तुम्हारे बेटों की ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो مِنْ (are) from min
(are) from أَصْلَـٰبِكُمْ तुम्हारी पुश्तों से हैं aṣlābikum
तुम्हारी पुश्तों से हैं وَأَن और ये कि wa-an
और ये कि تَجْمَعُوا۟ तुम जमा करो tajmaʿū
तुम जमा करो بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान ٱلْأُخْتَيْنِ दो बहनों के l-ukh'tayni
दो बहनों के إِلَّا मगर illā
मगर مَا जो mā
जो قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ سَلَفَ ۗ गुज़र चुका salafa
गुज़र चुका إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है غَفُورًۭا बहुत बख़्शने वाला ghafūran
बहुत बख़्शने वाला رَّحِيمًۭا निहायत रहम करने वाला raḥīman
निहायत रहम करने वाला ٢٣ (23)
(23)
तुमपर हराम1 (निषिद्ध) कर दी गई हैं; तुम्हारी माताएँ, तुम्हारी बेटियाँ, तुम्हारी बहनें, तुम्हारी फूफियाँ, तुम्हारी मौसियाँ (खालाएँ) और भतीजियाँ, भाँजियाँ, तुम्हारी वे माताएँ जिन्होंने तुम्हें दूध पिलाया है, दूध के रिश्ते से तुम्हारी बहनें, तुम्हारी पत्नियों की माताएँ (सासें) , तुम्हारी गोद में पालित-पोषित तुम्हारी उन पत्नियों की बेटियाँ जिनसे तुम संभोग कर चुके हो। यदि तुमने उनसे संभोग न किया हो, तो तुमपर (उनकी बेटियों से विवाह करने में) कोई गुनाह नहीं, और तुम्हारे सगे बेटों की पत्नियाँ और यह कि तुम दो बहनों को (निकाह में) एकत्रित करो, परंतु जो (अज्ञानता के काल में) बीत चुका2, (सो बीत चुका)। निःसंदेह अल्लाह अत्यंत क्षमाशील, असीम दयावान है।
४:२४
۞ وَٱلْمُحْصَنَـٰتُ
और वो जो शादी शुदा हैं
wal-muḥ'ṣanātu
और वो जो शादी शुदा हैं مِنَ of mina
of ٱلنِّسَآءِ औरतों में से l-nisāi
औरतों में से إِلَّا मगर illā
मगर مَا जिनके mā
जिनके مَلَكَتْ मालिक हुए malakat
मालिक हुए أَيْمَـٰنُكُمْ ۖ दाऐं हाथ तुम्हारे aymānukum
दाऐं हाथ तुम्हारे كِتَـٰبَ लिखा हुआ है kitāba
लिखा हुआ है ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का عَلَيْكُمْ ۚ तुम पर ʿalaykum
तुम पर وَأُحِلَّ और हलाल किया गया है wa-uḥilla
और हलाल किया गया है لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مَّا वो जो mā
वो जो وَرَآءَ अलावा है warāa
अलावा है ذَٰلِكُمْ उनके dhālikum
उनके أَن कि an
कि تَبْتَغُوا۟ तुम तलाश करो tabtaghū
तुम तलाश करो بِأَمْوَٰلِكُم साथ अपने मालों के bi-amwālikum
साथ अपने मालों के مُّحْصِنِينَ निकाह में लाने वाले हो muḥ'ṣinīna
निकाह में लाने वाले हो غَيْرَ ना कि ghayra
ना कि مُسَـٰفِحِينَ ۚ बदकारी करने वाले musāfiḥīna
बदकारी करने वाले فَمَا तो जो famā
तो जो ٱسْتَمْتَعْتُم फ़ायदा उठाया तुमने is'tamtaʿtum
फ़ायदा उठाया तुमने بِهِۦ साथ उस (निकाह) के bihi
साथ उस (निकाह) के مِنْهُنَّ उनसे min'hunna
उनसे فَـَٔاتُوهُنَّ तो दे दो उन्हें faātūhunna
तो दे दो उन्हें أُجُورَهُنَّ महर उनके ujūrahunna
महर उनके فَرِيضَةًۭ ۚ मुक़र्रर किए हुए farīḍatan
मुक़र्रर किए हुए وَلَا और नहीं walā
और नहीं جُنَاحَ कोई गुनाह junāḥa
कोई गुनाह عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर فِيمَا उसमें जो fīmā
उसमें जो تَرَٰضَيْتُم तुम बाहम राज़ी हो जाओ tarāḍaytum
तुम बाहम राज़ी हो जाओ بِهِۦ जिस पर bihi
जिस पर مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद ٱلْفَرِيضَةِ ۚ मुक़र्रर करने के (महर) l-farīḍati
मुक़र्रर करने के (महर) إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है عَلِيمًا बहुत इल्म वाला ʿalīman
बहुत इल्म वाला حَكِيمًۭا बहुत हिकमत वाला ḥakīman
बहुत हिकमत वाला ٢٤ (24)
(24)
और वो जो शादी शुदा हैं مِنَ of mina
of ٱلنِّسَآءِ औरतों में से l-nisāi
औरतों में से إِلَّا मगर illā
मगर مَا जिनके mā
जिनके مَلَكَتْ मालिक हुए malakat
मालिक हुए أَيْمَـٰنُكُمْ ۖ दाऐं हाथ तुम्हारे aymānukum
दाऐं हाथ तुम्हारे كِتَـٰبَ लिखा हुआ है kitāba
लिखा हुआ है ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का عَلَيْكُمْ ۚ तुम पर ʿalaykum
तुम पर وَأُحِلَّ और हलाल किया गया है wa-uḥilla
और हलाल किया गया है لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مَّا वो जो mā
वो जो وَرَآءَ अलावा है warāa
अलावा है ذَٰلِكُمْ उनके dhālikum
उनके أَن कि an
कि تَبْتَغُوا۟ तुम तलाश करो tabtaghū
तुम तलाश करो بِأَمْوَٰلِكُم साथ अपने मालों के bi-amwālikum
साथ अपने मालों के مُّحْصِنِينَ निकाह में लाने वाले हो muḥ'ṣinīna
निकाह में लाने वाले हो غَيْرَ ना कि ghayra
ना कि مُسَـٰفِحِينَ ۚ बदकारी करने वाले musāfiḥīna
बदकारी करने वाले فَمَا तो जो famā
तो जो ٱسْتَمْتَعْتُم फ़ायदा उठाया तुमने is'tamtaʿtum
फ़ायदा उठाया तुमने بِهِۦ साथ उस (निकाह) के bihi
साथ उस (निकाह) के مِنْهُنَّ उनसे min'hunna
उनसे فَـَٔاتُوهُنَّ तो दे दो उन्हें faātūhunna
तो दे दो उन्हें أُجُورَهُنَّ महर उनके ujūrahunna
महर उनके فَرِيضَةًۭ ۚ मुक़र्रर किए हुए farīḍatan
मुक़र्रर किए हुए وَلَا और नहीं walā
और नहीं جُنَاحَ कोई गुनाह junāḥa
कोई गुनाह عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर فِيمَا उसमें जो fīmā
उसमें जो تَرَٰضَيْتُم तुम बाहम राज़ी हो जाओ tarāḍaytum
तुम बाहम राज़ी हो जाओ بِهِۦ जिस पर bihi
जिस पर مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद ٱلْفَرِيضَةِ ۚ मुक़र्रर करने के (महर) l-farīḍati
मुक़र्रर करने के (महर) إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है عَلِيمًا बहुत इल्म वाला ʿalīman
बहुत इल्म वाला حَكِيمًۭا बहुत हिकमत वाला ḥakīman
बहुत हिकमत वाला ٢٤ (24)
(24)
तथा उन स्त्रियों से (विवाह करना हराम है), जो दूसरों के निकाह़ में हों, सिवाय तुम्हारी दासियों1 के। यह अल्लाह ने तुम्हारे लिए अनिवार्य कर दिया2 है। और इनके सिवा दूसरी स्त्रियाँ तुम्हारे लिए ह़लाल कर दी गई हैं कि तुम अपना धन (महर) खर्च करके उनसे विवाह कर लो (बशर्ते कि तुम्हारा उद्देश्य) सतीत्व की रक्षा हो, अवैध तरीके से काम वासना की तृप्ति न हो। फिर उन औरतों में से जिनसे तुम लाभ उठाओ, उन्हें उनका महर अवश्य चुका दो। तथा यदि महर निर्धारित करने के बाद आपसी सहमति (से कोई कमी-बेशी) कर लो, तो तुमपर कोई गुनाह नहीं है। निःसंदेह अल्लाह सब कुछ जानने वाला, पूर्ण हिकमत वाला है।
४:२५
وَمَن
और जो कोई
waman
और जो कोई لَّمْ ना lam
ना يَسْتَطِعْ इस्तिताअत रखे yastaṭiʿ
इस्तिताअत रखे مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से طَوْلًا वुसअत / माल की ṭawlan
वुसअत / माल की أَن कि an
कि يَنكِحَ वो निकाह करे yankiḥa
वो निकाह करे ٱلْمُحْصَنَـٰتِ आज़ाद औरतों से l-muḥ'ṣanāti
आज़ाद औरतों से ٱلْمُؤْمِنَـٰتِ जो मोमिना हों l-mu'mināti
जो मोमिना हों فَمِن then (marry) from famin
then (marry) from مَّا तो उनसे जिनके mā
तो उनसे जिनके مَلَكَتْ मालिक हुए malakat
मालिक हुए أَيْمَـٰنُكُم दाऐं हाथ तुम्हारे aymānukum
दाऐं हाथ तुम्हारे مِّن of min
of فَتَيَـٰتِكُمُ तुम्हारी लौंडियों में से fatayātikumu
तुम्हारी लौंडियों में से ٱلْمُؤْمِنَـٰتِ ۚ जो मोमिना हों l-mu'mināti
जो मोमिना हों وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह أَعْلَمُ ज़्यादा जानता है aʿlamu
ज़्यादा जानता है بِإِيمَـٰنِكُم ۚ तुम्हारे ईमान को biīmānikum
तुम्हारे ईमान को بَعْضُكُم बाज़ तुम्हारे baʿḍukum
बाज़ तुम्हारे مِّنۢ (are) from min
(are) from بَعْضٍۢ ۚ बाज़ से हैं baʿḍin
बाज़ से हैं فَٱنكِحُوهُنَّ तो निकाह कर लो उनसे fa-inkiḥūhunna
तो निकाह कर लो उनसे بِإِذْنِ इजाज़त से bi-idh'ni
इजाज़त से أَهْلِهِنَّ उनके मालिकों की ahlihinna
उनके मालिकों की وَءَاتُوهُنَّ और दो उन्हें waātūhunna
और दो उन्हें أُجُورَهُنَّ महर उनके ujūrahunna
महर उनके بِٱلْمَعْرُوفِ मारूफ़ तरीक़े से bil-maʿrūfi
मारूफ़ तरीक़े से مُحْصَنَـٰتٍ निकाह में महफ़ूज़ होने वालियाँ muḥ'ṣanātin
निकाह में महफ़ूज़ होने वालियाँ غَيْرَ ना ghayra
ना مُسَـٰفِحَـٰتٍۢ बदकारी करने वालियाँ musāfiḥātin
बदकारी करने वालियाँ وَلَا और ना walā
और ना مُتَّخِذَٰتِ बनाने वालियाँ muttakhidhāti
बनाने वालियाँ أَخْدَانٍۢ ۚ छुपे दोस्त akhdānin
छुपे दोस्त فَإِذَآ तो जब fa-idhā
तो जब أُحْصِنَّ वो निकाह में लाई जाऐं uḥ'ṣinna
वो निकाह में लाई जाऐं فَإِنْ फिर अगर fa-in
फिर अगर أَتَيْنَ वो आऐं atayna
वो आऐं بِفَـٰحِشَةٍۢ किसी बेहयाई को bifāḥishatin
किसी बेहयाई को فَعَلَيْهِنَّ तो उन पर है faʿalayhinna
तो उन पर है نِصْفُ आधी niṣ'fu
आधी مَا वो जो mā
वो जो عَلَى (is) on ʿalā
(is) on ٱلْمُحْصَنَـٰتِ पाकदामन औरतों पर है l-muḥ'ṣanāti
पाकदामन औरतों पर है مِنَ of mina
of ٱلْعَذَابِ ۚ सज़ा में से l-ʿadhābi
सज़ा में से ذَٰلِكَ ये dhālika
ये لِمَنْ उसके लिए है जो liman
उसके लिए है जो خَشِىَ डरे khashiya
डरे ٱلْعَنَتَ गुनाह से l-ʿanata
गुनाह से مِنكُمْ ۚ तुम में से minkum
तुम में से وَأَن और ये कि wa-an
और ये कि تَصْبِرُوا۟ तुम सब्र करो taṣbirū
तुम सब्र करो خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है لَّكُمْ ۗ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ٢٥ (25)
(25)
और जो कोई لَّمْ ना lam
ना يَسْتَطِعْ इस्तिताअत रखे yastaṭiʿ
इस्तिताअत रखे مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से طَوْلًا वुसअत / माल की ṭawlan
वुसअत / माल की أَن कि an
कि يَنكِحَ वो निकाह करे yankiḥa
वो निकाह करे ٱلْمُحْصَنَـٰتِ आज़ाद औरतों से l-muḥ'ṣanāti
आज़ाद औरतों से ٱلْمُؤْمِنَـٰتِ जो मोमिना हों l-mu'mināti
जो मोमिना हों فَمِن then (marry) from famin
then (marry) from مَّا तो उनसे जिनके mā
तो उनसे जिनके مَلَكَتْ मालिक हुए malakat
मालिक हुए أَيْمَـٰنُكُم दाऐं हाथ तुम्हारे aymānukum
दाऐं हाथ तुम्हारे مِّن of min
of فَتَيَـٰتِكُمُ तुम्हारी लौंडियों में से fatayātikumu
तुम्हारी लौंडियों में से ٱلْمُؤْمِنَـٰتِ ۚ जो मोमिना हों l-mu'mināti
जो मोमिना हों وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह أَعْلَمُ ज़्यादा जानता है aʿlamu
ज़्यादा जानता है بِإِيمَـٰنِكُم ۚ तुम्हारे ईमान को biīmānikum
तुम्हारे ईमान को بَعْضُكُم बाज़ तुम्हारे baʿḍukum
बाज़ तुम्हारे مِّنۢ (are) from min
(are) from بَعْضٍۢ ۚ बाज़ से हैं baʿḍin
बाज़ से हैं فَٱنكِحُوهُنَّ तो निकाह कर लो उनसे fa-inkiḥūhunna
तो निकाह कर लो उनसे بِإِذْنِ इजाज़त से bi-idh'ni
इजाज़त से أَهْلِهِنَّ उनके मालिकों की ahlihinna
उनके मालिकों की وَءَاتُوهُنَّ और दो उन्हें waātūhunna
और दो उन्हें أُجُورَهُنَّ महर उनके ujūrahunna
महर उनके بِٱلْمَعْرُوفِ मारूफ़ तरीक़े से bil-maʿrūfi
मारूफ़ तरीक़े से مُحْصَنَـٰتٍ निकाह में महफ़ूज़ होने वालियाँ muḥ'ṣanātin
निकाह में महफ़ूज़ होने वालियाँ غَيْرَ ना ghayra
ना مُسَـٰفِحَـٰتٍۢ बदकारी करने वालियाँ musāfiḥātin
बदकारी करने वालियाँ وَلَا और ना walā
और ना مُتَّخِذَٰتِ बनाने वालियाँ muttakhidhāti
बनाने वालियाँ أَخْدَانٍۢ ۚ छुपे दोस्त akhdānin
छुपे दोस्त فَإِذَآ तो जब fa-idhā
तो जब أُحْصِنَّ वो निकाह में लाई जाऐं uḥ'ṣinna
वो निकाह में लाई जाऐं فَإِنْ फिर अगर fa-in
फिर अगर أَتَيْنَ वो आऐं atayna
वो आऐं بِفَـٰحِشَةٍۢ किसी बेहयाई को bifāḥishatin
किसी बेहयाई को فَعَلَيْهِنَّ तो उन पर है faʿalayhinna
तो उन पर है نِصْفُ आधी niṣ'fu
आधी مَا वो जो mā
वो जो عَلَى (is) on ʿalā
(is) on ٱلْمُحْصَنَـٰتِ पाकदामन औरतों पर है l-muḥ'ṣanāti
पाकदामन औरतों पर है مِنَ of mina
of ٱلْعَذَابِ ۚ सज़ा में से l-ʿadhābi
सज़ा में से ذَٰلِكَ ये dhālika
ये لِمَنْ उसके लिए है जो liman
उसके लिए है जो خَشِىَ डरे khashiya
डरे ٱلْعَنَتَ गुनाह से l-ʿanata
गुनाह से مِنكُمْ ۚ तुम में से minkum
तुम में से وَأَن और ये कि wa-an
और ये कि تَصْبِرُوا۟ तुम सब्र करो taṣbirū
तुम सब्र करो خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है لَّكُمْ ۗ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ٢٥ (25)
(25)
और तुममें से जो व्यक्ति ईमान वाली आज़ाद स्त्रियों से विवाह करने की क्षमता न रखे, वह तुम्हारे हाथों में आई हुई तुम्हारी ईमान वाली दासियों से विवाह कर ले। अल्लाह तुम्हारे ईमान को भली-भाँति जानता है। तुम सब परस्पर एक ही हो।1 अतः तुम उनके मालिकों की अनुमति से उन (दासियों) से विवाह कर लो और नियमानुसार उन्हें उनका महर चुका दो। जबकि वे सतीत्व की रक्षा करने वाली हों, खुल्लम खुल्ला व्यभिचार करने वाली न हों, तथा गुप्त रूप से व्यभिचार के लिए मित्र रखने वाली न हों। फिर यदि वे विवाहित हो जाने के बाद व्यभिचार करें, तो उनपर आज़ाद स्त्रियों का आधा2 दंड है। यह (दासियों से विवाह की अनुमति) तुममें से उसके लिए है, जिसे व्यभिचार में पड़ने का डर हो, और तुम्हारा धैर्य से काम लेना तुम्हारे लिए बेहतर है और अल्लाह अत्यंत क्षमाशील, बड़ा दयावान् है।
४:२६
يُرِيدُ
चाहता है
yurīdu
चाहता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لِيُبَيِّنَ कि वो वाज़ेह कर दे liyubayyina
कि वो वाज़ेह कर दे لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَيَهْدِيَكُمْ और वो हिदायत दे तुम्हें wayahdiyakum
और वो हिदायत दे तुम्हें سُنَنَ तरीक़ों की sunana
तरीक़ों की ٱلَّذِينَ उन लोगों के जो alladhīna
उन लोगों के जो مِن from min
from قَبْلِكُمْ तुमसे पहले थे qablikum
तुमसे पहले थे وَيَتُوبَ और वो मेहरबान हो wayatūba
और वो मेहरबान हो عَلَيْكُمْ ۗ तुम पर ʿalaykum
तुम पर وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلِيمٌ बहुत इल्म वाला है ʿalīmun
बहुत इल्म वाला है حَكِيمٌۭ बहुत हिकमत वाला है ḥakīmun
बहुत हिकमत वाला है ٢٦ (26)
(26)
चाहता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لِيُبَيِّنَ कि वो वाज़ेह कर दे liyubayyina
कि वो वाज़ेह कर दे لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَيَهْدِيَكُمْ और वो हिदायत दे तुम्हें wayahdiyakum
और वो हिदायत दे तुम्हें سُنَنَ तरीक़ों की sunana
तरीक़ों की ٱلَّذِينَ उन लोगों के जो alladhīna
उन लोगों के जो مِن from min
from قَبْلِكُمْ तुमसे पहले थे qablikum
तुमसे पहले थे وَيَتُوبَ और वो मेहरबान हो wayatūba
और वो मेहरबान हो عَلَيْكُمْ ۗ तुम पर ʿalaykum
तुम पर وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلِيمٌ बहुत इल्म वाला है ʿalīmun
बहुत इल्म वाला है حَكِيمٌۭ बहुत हिकमत वाला है ḥakīmun
बहुत हिकमत वाला है ٢٦ (26)
(26)
अल्लाह चाहता है कि तुम्हारे लिए स्पष्ट कर दे और तुम्हें उन लोगों के तरीक़ों का मार्गदर्शन करे जो तुमसे पहले हुए हैं और तुम्हारी तौबा क़बूल करे। अल्लाह सब कुछ जानने वाला, हिकमत वाला है।
४:२७
وَٱللَّهُ
और अल्लाह
wal-lahu
और अल्लाह يُرِيدُ चाहता है yurīdu
चाहता है أَن कि an
कि يَتُوبَ वो मेहरबान हो yatūba
वो मेहरबान हो عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर وَيُرِيدُ और चाहते हैं wayurīdu
और चाहते हैं ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो يَتَّبِعُونَ पैरवी करते हैं yattabiʿūna
पैरवी करते हैं ٱلشَّهَوَٰتِ ख़्वाहिशात की l-shahawāti
ख़्वाहिशात की أَن कि an
कि تَمِيلُوا۟ तुम झुक जाओ tamīlū
तुम झुक जाओ مَيْلًا झुक जाना maylan
झुक जाना عَظِيمًۭا बहुत बड़ा ʿaẓīman
बहुत बड़ा ٢٧ (27)
(27)
और अल्लाह يُرِيدُ चाहता है yurīdu
चाहता है أَن कि an
कि يَتُوبَ वो मेहरबान हो yatūba
वो मेहरबान हो عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर وَيُرِيدُ और चाहते हैं wayurīdu
और चाहते हैं ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो يَتَّبِعُونَ पैरवी करते हैं yattabiʿūna
पैरवी करते हैं ٱلشَّهَوَٰتِ ख़्वाहिशात की l-shahawāti
ख़्वाहिशात की أَن कि an
कि تَمِيلُوا۟ तुम झुक जाओ tamīlū
तुम झुक जाओ مَيْلًا झुक जाना maylan
झुक जाना عَظِيمًۭا बहुत बड़ा ʿaẓīman
बहुत बड़ा ٢٧ (27)
(27)
और अल्लाह तो यह चाहता है कि तुम्हारी तौबा क़बूल करे तथा जो लोग इच्छाओं के पीछे पड़े हुए हैं, वे चाहते हैं कि तुम (हिदायत के मार्ग से) बहुत दूर हट1 जाओ।
४:२८
يُرِيدُ
चाहता है
yurīdu
चाहता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَن कि an
कि يُخَفِّفَ वो हल्का कर दे yukhaffifa
वो हल्का कर दे عَنكُمْ ۚ तुम से ʿankum
तुम से وَخُلِقَ और पैदा किया गया है wakhuliqa
और पैदा किया गया है ٱلْإِنسَـٰنُ इन्सान l-insānu
इन्सान ضَعِيفًۭا कमज़ोर ḍaʿīfan
कमज़ोर ٢٨ (28)
(28)
चाहता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَن कि an
कि يُخَفِّفَ वो हल्का कर दे yukhaffifa
वो हल्का कर दे عَنكُمْ ۚ तुम से ʿankum
तुम से وَخُلِقَ और पैदा किया गया है wakhuliqa
और पैदा किया गया है ٱلْإِنسَـٰنُ इन्सान l-insānu
इन्सान ضَعِيفًۭا कमज़ोर ḍaʿīfan
कमज़ोर ٢٨ (28)
(28)
अल्लाह चाहता है कि तुम्हारा बोझ हल्का1 कर दे तथा मानव कमज़ोर पैदा किया गया है।
४:२९
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَا (Do) not lā
(Do) not تَأْكُلُوٓا۟ ना तुम खाओ takulū
ना तुम खाओ أَمْوَٰلَكُم अपने मालों को amwālakum
अपने मालों को بَيْنَكُم आपस में baynakum
आपस में بِٱلْبَـٰطِلِ बातिल तरीक़े से bil-bāṭili
बातिल तरीक़े से إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि تَكُونَ हो takūna
हो تِجَـٰرَةً तिजारत tijāratan
तिजारत عَن on ʿan
on تَرَاضٍۢ बाहमी रज़ामन्दी से tarāḍin
बाहमी रज़ामन्दी से مِّنكُمْ ۚ तुम्हारी minkum
तुम्हारी وَلَا और ना walā
और ना تَقْتُلُوٓا۟ तुम क़त्ल करो taqtulū
तुम क़त्ल करो أَنفُسَكُمْ ۚ अपने नफ़्सों को anfusakum
अपने नफ़्सों को إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है بِكُمْ तुम पर bikum
तुम पर رَحِيمًۭا निहायत रहम करने वाला raḥīman
निहायत रहम करने वाला ٢٩ (29)
(29)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَا (Do) not lā
(Do) not تَأْكُلُوٓا۟ ना तुम खाओ takulū
ना तुम खाओ أَمْوَٰلَكُم अपने मालों को amwālakum
अपने मालों को بَيْنَكُم आपस में baynakum
आपस में بِٱلْبَـٰطِلِ बातिल तरीक़े से bil-bāṭili
बातिल तरीक़े से إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि تَكُونَ हो takūna
हो تِجَـٰرَةً तिजारत tijāratan
तिजारत عَن on ʿan
on تَرَاضٍۢ बाहमी रज़ामन्दी से tarāḍin
बाहमी रज़ामन्दी से مِّنكُمْ ۚ तुम्हारी minkum
तुम्हारी وَلَا और ना walā
और ना تَقْتُلُوٓا۟ तुम क़त्ल करो taqtulū
तुम क़त्ल करो أَنفُسَكُمْ ۚ अपने नफ़्सों को anfusakum
अपने नफ़्सों को إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है بِكُمْ तुम पर bikum
तुम पर رَحِيمًۭا निहायत रहम करने वाला raḥīman
निहायत रहम करने वाला ٢٩ (29)
(29)
ऐ ईमान वालो! आपस में एक-दूसरे का धन अवैध रूप से न खाओ, सिवाय इसके कि वह तुम्हारी आपसी सहमति से कोई व्यापार हो। तथा अपने आपको क़त्ल1 न करो। निःसंदेह अल्लाह तुमपर अति दयावान् है।
४:३०
وَمَن
और जो कोई
waman
और जो कोई يَفْعَلْ करेगा yafʿal
करेगा ذَٰلِكَ ये dhālika
ये عُدْوَٰنًۭا ज़्यादती ʿud'wānan
ज़्यादती وَظُلْمًۭا और ज़ुल्म से waẓul'man
और ज़ुल्म से فَسَوْفَ पस अनक़रीब fasawfa
पस अनक़रीब نُصْلِيهِ हम जलाऐंगे उसे nuṣ'līhi
हम जलाऐंगे उसे نَارًۭا ۚ आग में nāran
आग में وَكَانَ और है wakāna
और है ذَٰلِكَ ये dhālika
ये عَلَى for ʿalā
for ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर يَسِيرًا निहायत आसान yasīran
निहायत आसान ٣٠ (30)
(30)
और जो कोई يَفْعَلْ करेगा yafʿal
करेगा ذَٰلِكَ ये dhālika
ये عُدْوَٰنًۭا ज़्यादती ʿud'wānan
ज़्यादती وَظُلْمًۭا और ज़ुल्म से waẓul'man
और ज़ुल्म से فَسَوْفَ पस अनक़रीब fasawfa
पस अनक़रीब نُصْلِيهِ हम जलाऐंगे उसे nuṣ'līhi
हम जलाऐंगे उसे نَارًۭا ۚ आग में nāran
आग में وَكَانَ और है wakāna
और है ذَٰلِكَ ये dhālika
ये عَلَى for ʿalā
for ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर يَسِيرًا निहायत आसान yasīran
निहायत आसान ٣٠ (30)
(30)
और जो ज़ुल्म और ज़्यादती से ऐसा करेगा, तो शीघ्र ही हम उसे आग में झोंक देंगे और यह अल्लाह के लिए सरल है।
४:३१
إِن
अगर
in
अगर تَجْتَنِبُوا۟ तुम इज्तिनाब करो/बचो tajtanibū
तुम इज्तिनाब करो/बचो كَبَآئِرَ बड़े गुनाहों से kabāira
बड़े गुनाहों से مَا वो जो mā
वो जो تُنْهَوْنَ तुम रोके जाते हो tun'hawna
तुम रोके जाते हो عَنْهُ जिनसे ʿanhu
जिनसे نُكَفِّرْ हम दूर कर देंगे nukaffir
हम दूर कर देंगे عَنكُمْ तुम से ʿankum
तुम से سَيِّـَٔاتِكُمْ बुराईयाँ तुम्हारी sayyiātikum
बुराईयाँ तुम्हारी وَنُدْخِلْكُم और हम दाख़िल करेंगे तुम्हें wanud'khil'kum
और हम दाख़िल करेंगे तुम्हें مُّدْخَلًۭا दाख़िल करना mud'khalan
दाख़िल करना كَرِيمًۭا इज़्ज़त से karīman
इज़्ज़त से ٣١ (31)
(31)
अगर تَجْتَنِبُوا۟ तुम इज्तिनाब करो/बचो tajtanibū
तुम इज्तिनाब करो/बचो كَبَآئِرَ बड़े गुनाहों से kabāira
बड़े गुनाहों से مَا वो जो mā
वो जो تُنْهَوْنَ तुम रोके जाते हो tun'hawna
तुम रोके जाते हो عَنْهُ जिनसे ʿanhu
जिनसे نُكَفِّرْ हम दूर कर देंगे nukaffir
हम दूर कर देंगे عَنكُمْ तुम से ʿankum
तुम से سَيِّـَٔاتِكُمْ बुराईयाँ तुम्हारी sayyiātikum
बुराईयाँ तुम्हारी وَنُدْخِلْكُم और हम दाख़िल करेंगे तुम्हें wanud'khil'kum
और हम दाख़िल करेंगे तुम्हें مُّدْخَلًۭا दाख़िल करना mud'khalan
दाख़िल करना كَرِيمًۭا इज़्ज़त से karīman
इज़्ज़त से ٣١ (31)
(31)
यदि तुम, उन बड़े पापों से बचते रहे, जिनसे तुम्हें रोका जा रहा है, तो हम तुम्हारे (छोटे) गुनाहों को क्षमा कर देंगे और तुम्हें प्रतिष्ठित स्थान में दाख़िल करेंगे।
४:३२
وَلَا
और ना
walā
और ना تَتَمَنَّوْا۟ तुम तमन्ना करो tatamannaw
तुम तमन्ना करो مَا उसकी जो mā
उसकी जो فَضَّلَ फ़ज़ीलत दी faḍḍala
फ़ज़ीलत दी ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके بَعْضَكُمْ तुम्हारे बाज़ को baʿḍakum
तुम्हारे बाज़ को عَلَىٰ over ʿalā
over بَعْضٍۢ ۚ बाज़ पर baʿḍin
बाज़ पर لِّلرِّجَالِ मर्दों के लिए है lilrrijāli
मर्दों के लिए है نَصِيبٌۭ एक हिस्सा naṣībun
एक हिस्सा مِّمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो ٱكْتَسَبُوا۟ ۖ उन्होंने कमाया ik'tasabū
उन्होंने कमाया وَلِلنِّسَآءِ और औरतों के लिए है walilnnisāi
और औरतों के लिए है نَصِيبٌۭ एक हिस्सा naṣībun
एक हिस्सा مِّمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो ٱكْتَسَبْنَ ۚ उन्होंने कमाया ik'tasabna
उन्होंने कमाया وَسْـَٔلُوا۟ और सवाल करो wasalū
और सवाल करो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से مِن of min
of فَضْلِهِۦٓ ۗ उसके फज़ल का faḍlihi
उसके फज़ल का إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है بِكُلِّ हर bikulli
हर شَىْءٍ चीज़ को shayin
चीज़ को عَلِيمًۭا ख़ूब जानने वाला ʿalīman
ख़ूब जानने वाला ٣٢ (32)
(32)
और ना تَتَمَنَّوْا۟ तुम तमन्ना करो tatamannaw
तुम तमन्ना करो مَا उसकी जो mā
उसकी जो فَضَّلَ फ़ज़ीलत दी faḍḍala
फ़ज़ीलत दी ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके بَعْضَكُمْ तुम्हारे बाज़ को baʿḍakum
तुम्हारे बाज़ को عَلَىٰ over ʿalā
over بَعْضٍۢ ۚ बाज़ पर baʿḍin
बाज़ पर لِّلرِّجَالِ मर्दों के लिए है lilrrijāli
मर्दों के लिए है نَصِيبٌۭ एक हिस्सा naṣībun
एक हिस्सा مِّمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो ٱكْتَسَبُوا۟ ۖ उन्होंने कमाया ik'tasabū
उन्होंने कमाया وَلِلنِّسَآءِ और औरतों के लिए है walilnnisāi
और औरतों के लिए है نَصِيبٌۭ एक हिस्सा naṣībun
एक हिस्सा مِّمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो ٱكْتَسَبْنَ ۚ उन्होंने कमाया ik'tasabna
उन्होंने कमाया وَسْـَٔلُوا۟ और सवाल करो wasalū
और सवाल करो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से مِن of min
of فَضْلِهِۦٓ ۗ उसके फज़ल का faḍlihi
उसके फज़ल का إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है بِكُلِّ हर bikulli
हर شَىْءٍ चीज़ को shayin
चीज़ को عَلِيمًۭا ख़ूब जानने वाला ʿalīman
ख़ूब जानने वाला ٣٢ (32)
(32)
तथा अल्लाह ने जिस चीज़ के द्वारा तुममें से कुछ को दूसरों पर प्रतिष्ठा प्रदान की है, उसकी कामना न करो। पुरुषों के लिए उसमें से हिस्सा है, जो उन्होंने कमाया1 और स्त्रियों के लिए उसमें से हिस्सा है, जो उन्होंने कमाया है। तथा अल्लाह से उसका अनुग्रह माँगते रहो। निःसंदेह, अल्लाह सब कुछ जानने वाला है।
४:३३
وَلِكُلٍّۢ
और हर एक के लिए
walikullin
और हर एक के लिए جَعَلْنَا बना दिए हमने jaʿalnā
बना दिए हमने مَوَٰلِىَ वारिस mawāliya
वारिस مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो تَرَكَ छोड़ जाऐं taraka
छोड़ जाऐं ٱلْوَٰلِدَانِ वालिदैन l-wālidāni
वालिदैन وَٱلْأَقْرَبُونَ ۚ और रिश्तेदार wal-aqrabūna
और रिश्तेदार وَٱلَّذِينَ और वो जिनको wa-alladhīna
और वो जिनको عَقَدَتْ बाँध रखा है ʿaqadat
बाँध रखा है أَيْمَـٰنُكُمْ तुम्हारे अहदो पैमान ने aymānukum
तुम्हारे अहदो पैमान ने فَـَٔاتُوهُمْ पस दो तुम उन्हें faātūhum
पस दो तुम उन्हें نَصِيبَهُمْ ۚ हिस्सा उनका naṣībahum
हिस्सा उनका إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के شَهِيدًا ख़ूब गवाह shahīdan
ख़ूब गवाह ٣٣ (33)
(33)
और हर एक के लिए جَعَلْنَا बना दिए हमने jaʿalnā
बना दिए हमने مَوَٰلِىَ वारिस mawāliya
वारिस مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो تَرَكَ छोड़ जाऐं taraka
छोड़ जाऐं ٱلْوَٰلِدَانِ वालिदैन l-wālidāni
वालिदैन وَٱلْأَقْرَبُونَ ۚ और रिश्तेदार wal-aqrabūna
और रिश्तेदार وَٱلَّذِينَ और वो जिनको wa-alladhīna
और वो जिनको عَقَدَتْ बाँध रखा है ʿaqadat
बाँध रखा है أَيْمَـٰنُكُمْ तुम्हारे अहदो पैमान ने aymānukum
तुम्हारे अहदो पैमान ने فَـَٔاتُوهُمْ पस दो तुम उन्हें faātūhum
पस दो तुम उन्हें نَصِيبَهُمْ ۚ हिस्सा उनका naṣībahum
हिस्सा उनका إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के شَهِيدًا ख़ूब गवाह shahīdan
ख़ूब गवाह ٣٣ (33)
(33)
और हमने तुममें से हर एक के हक़दार बना दिए हैं, जो माता-पिता और क़रीबी रिश्तेदारों की छोड़ी हुई संपत्ति के वारिस होंगे। तथा जिनसे तुमने समझौता1 किया हो, तो उन्हें उनका हिस्सा दो। निःसंदेह अल्लाह हमेशा प्रत्येक वस्तु से सूचित है।
४:३४
ٱلرِّجَالُ
मर्द
al-rijālu
मर्द قَوَّٰمُونَ ज़िम्मेदार हैं qawwāmūna
ज़िम्मेदार हैं عَلَى of ʿalā
of ٱلنِّسَآءِ औरतों पर l-nisāi
औरतों पर بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो فَضَّلَ फ़ज़ीलत दी faḍḍala
फ़ज़ीलत दी ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने بَعْضَهُمْ उनके बाज़ को baʿḍahum
उनके बाज़ को عَلَىٰ over ʿalā
over بَعْضٍۢ बाज़ पर baʿḍin
बाज़ पर وَبِمَآ और बवजह उसके जो wabimā
और बवजह उसके जो أَنفَقُوا۟ उन्होंने ख़र्च किया anfaqū
उन्होंने ख़र्च किया مِنْ from min
from أَمْوَٰلِهِمْ ۚ अपने मालों में से amwālihim
अपने मालों में से فَٱلصَّـٰلِحَـٰتُ पस नेक औरतें fal-ṣāliḥātu
पस नेक औरतें قَـٰنِتَـٰتٌ फ़रमाबरदार हैं qānitātun
फ़रमाबरदार हैं حَـٰفِظَـٰتٌۭ हिफ़ाज़त करने वालियाँ है ḥāfiẓātun
हिफ़ाज़त करने वालियाँ है لِّلْغَيْبِ ग़ायबाना lil'ghaybi
ग़ायबाना بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो حَفِظَ हिफ़ाज़त की (उनकी) ḥafiẓa
हिफ़ाज़त की (उनकी) ٱللَّهُ ۚ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَٱلَّـٰتِى और वो औरतें जो wa-allātī
और वो औरतें जो تَخَافُونَ तुम डरते हो takhāfūna
तुम डरते हो نُشُوزَهُنَّ उनकी सरकशी से nushūzahunna
उनकी सरकशी से فَعِظُوهُنَّ पस नसीहत करो उन्हें faʿiẓūhunna
पस नसीहत करो उन्हें وَٱهْجُرُوهُنَّ और अलैहदा कर दो उन्हें wa-uh'jurūhunna
और अलैहदा कर दो उन्हें فِى in fī
in ٱلْمَضَاجِعِ बिस्तरों में l-maḍājiʿi
बिस्तरों में وَٱضْرِبُوهُنَّ ۖ और मारो उन्हें wa-iḍ'ribūhunna
और मारो उन्हें فَإِنْ फिर अगर fa-in
फिर अगर أَطَعْنَكُمْ वो इताअत करें तुम्हारी aṭaʿnakum
वो इताअत करें तुम्हारी فَلَا तो ना falā
तो ना تَبْغُوا۟ तुम तलाश करो tabghū
तुम तलाश करो عَلَيْهِنَّ उन पर ʿalayhinna
उन पर سَبِيلًا ۗ कोई रास्ता sabīlan
कोई रास्ता إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है عَلِيًّۭا बहुत बुलन्द ʿaliyyan
बहुत बुलन्द كَبِيرًۭا बहुत बड़ा kabīran
बहुत बड़ा ٣٤ (34)
(34)
मर्द قَوَّٰمُونَ ज़िम्मेदार हैं qawwāmūna
ज़िम्मेदार हैं عَلَى of ʿalā
of ٱلنِّسَآءِ औरतों पर l-nisāi
औरतों पर بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो فَضَّلَ फ़ज़ीलत दी faḍḍala
फ़ज़ीलत दी ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने بَعْضَهُمْ उनके बाज़ को baʿḍahum
उनके बाज़ को عَلَىٰ over ʿalā
over بَعْضٍۢ बाज़ पर baʿḍin
बाज़ पर وَبِمَآ और बवजह उसके जो wabimā
और बवजह उसके जो أَنفَقُوا۟ उन्होंने ख़र्च किया anfaqū
उन्होंने ख़र्च किया مِنْ from min
from أَمْوَٰلِهِمْ ۚ अपने मालों में से amwālihim
अपने मालों में से فَٱلصَّـٰلِحَـٰتُ पस नेक औरतें fal-ṣāliḥātu
पस नेक औरतें قَـٰنِتَـٰتٌ फ़रमाबरदार हैं qānitātun
फ़रमाबरदार हैं حَـٰفِظَـٰتٌۭ हिफ़ाज़त करने वालियाँ है ḥāfiẓātun
हिफ़ाज़त करने वालियाँ है لِّلْغَيْبِ ग़ायबाना lil'ghaybi
ग़ायबाना بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो حَفِظَ हिफ़ाज़त की (उनकी) ḥafiẓa
हिफ़ाज़त की (उनकी) ٱللَّهُ ۚ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَٱلَّـٰتِى और वो औरतें जो wa-allātī
और वो औरतें जो تَخَافُونَ तुम डरते हो takhāfūna
तुम डरते हो نُشُوزَهُنَّ उनकी सरकशी से nushūzahunna
उनकी सरकशी से فَعِظُوهُنَّ पस नसीहत करो उन्हें faʿiẓūhunna
पस नसीहत करो उन्हें وَٱهْجُرُوهُنَّ और अलैहदा कर दो उन्हें wa-uh'jurūhunna
और अलैहदा कर दो उन्हें فِى in fī
in ٱلْمَضَاجِعِ बिस्तरों में l-maḍājiʿi
बिस्तरों में وَٱضْرِبُوهُنَّ ۖ और मारो उन्हें wa-iḍ'ribūhunna
और मारो उन्हें فَإِنْ फिर अगर fa-in
फिर अगर أَطَعْنَكُمْ वो इताअत करें तुम्हारी aṭaʿnakum
वो इताअत करें तुम्हारी فَلَا तो ना falā
तो ना تَبْغُوا۟ तुम तलाश करो tabghū
तुम तलाश करो عَلَيْهِنَّ उन पर ʿalayhinna
उन पर سَبِيلًا ۗ कोई रास्ता sabīlan
कोई रास्ता إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है عَلِيًّۭا बहुत बुलन्द ʿaliyyan
बहुत बुलन्द كَبِيرًۭا बहुत बड़ा kabīran
बहुत बड़ा ٣٤ (34)
(34)
पुरुष स्त्रियों के संरक्षक1 हैं, इस कारण कि अल्लाह ने उनमें से कुछ को कुछ पर फ़ज़ीलत दी है तथा इस कारण कि पुरुषों ने अपना धन ख़र्च किया है। अतः अच्छी औरतें आज्ञाकारी होती हैं तथा अपने पतियों की अनुपस्थिति में अल्लाह के संरक्षण में उनके अधिकारों की रक्षा करती हैं। फिर तुम्हें जिन औरतों की अवज्ञा का डर हो, उन्हें समझाओ और सोने के स्थानों में उनसे अलग रहो तथा उन्हें मारो। फिर यदि वे तुम्हारी बात मानें, तो उनके विरुद्ध कोई रास्ता न ढूँढो। निःसंदेह अल्लाह सर्वोच्च, सबसे बड़ा है।
४:३५
وَإِنْ
और अगर
wa-in
और अगर خِفْتُمْ डरो तुम khif'tum
डरो तुम شِقَاقَ इख़्तिलाफ़ से shiqāqa
इख़्तिलाफ़ से بَيْنِهِمَا उन दोनों के दर्मियान baynihimā
उन दोनों के दर्मियान فَٱبْعَثُوا۟ तो मुक़र्रर करो fa-ib'ʿathū
तो मुक़र्रर करो حَكَمًۭا एक मुन्सिफ़ ḥakaman
एक मुन्सिफ़ مِّنْ from min
from أَهْلِهِۦ उस (मर्द) के घर वालों में से ahlihi
उस (मर्द) के घर वालों में से وَحَكَمًۭا और एक मुन्सिफ़ waḥakaman
और एक मुन्सिफ़ مِّنْ from min
from أَهْلِهَآ उस (औरत) के घर वालों में से ahlihā
उस (औरत) के घर वालों में से إِن अगर in
अगर يُرِيدَآ वो दोनों चाहेंगे yurīdā
वो दोनों चाहेंगे إِصْلَـٰحًۭا इस्लाह करना iṣ'lāḥan
इस्लाह करना يُوَفِّقِ मुवाफ़िक़त पैदा कर देगा yuwaffiqi
मुवाफ़िक़त पैदा कर देगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بَيْنَهُمَآ ۗ उन दोनों के दर्मियान baynahumā
उन दोनों के दर्मियान إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है عَلِيمًا ख़ूब इल्म वाला ʿalīman
ख़ूब इल्म वाला خَبِيرًۭا ख़ूब ख़बर रखने वाला khabīran
ख़ूब ख़बर रखने वाला ٣٥ (35)
(35)
और अगर خِفْتُمْ डरो तुम khif'tum
डरो तुम شِقَاقَ इख़्तिलाफ़ से shiqāqa
इख़्तिलाफ़ से بَيْنِهِمَا उन दोनों के दर्मियान baynihimā
उन दोनों के दर्मियान فَٱبْعَثُوا۟ तो मुक़र्रर करो fa-ib'ʿathū
तो मुक़र्रर करो حَكَمًۭا एक मुन्सिफ़ ḥakaman
एक मुन्सिफ़ مِّنْ from min
from أَهْلِهِۦ उस (मर्द) के घर वालों में से ahlihi
उस (मर्द) के घर वालों में से وَحَكَمًۭا और एक मुन्सिफ़ waḥakaman
और एक मुन्सिफ़ مِّنْ from min
from أَهْلِهَآ उस (औरत) के घर वालों में से ahlihā
उस (औरत) के घर वालों में से إِن अगर in
अगर يُرِيدَآ वो दोनों चाहेंगे yurīdā
वो दोनों चाहेंगे إِصْلَـٰحًۭا इस्लाह करना iṣ'lāḥan
इस्लाह करना يُوَفِّقِ मुवाफ़िक़त पैदा कर देगा yuwaffiqi
मुवाफ़िक़त पैदा कर देगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بَيْنَهُمَآ ۗ उन दोनों के दर्मियान baynahumā
उन दोनों के दर्मियान إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है عَلِيمًا ख़ूब इल्म वाला ʿalīman
ख़ूब इल्म वाला خَبِيرًۭا ख़ूब ख़बर रखने वाला khabīran
ख़ूब ख़बर रखने वाला ٣٥ (35)
(35)
और यदि तुम्हें1 दोनों के बीच अलगाव का डर हो, तो एक मध्यस्थ पति के घराने से तथा एक मध्यस्थ पत्नी के घराने से नियुक्त करो, यदि दोनों (मध्यस्थ) सुधार करना चाहेंगे, तो अल्लाह दोनों (पति-पत्नी) के बीच मेल का रास्ता निकाल देगा। निःसंदेह अल्लाह सब कुछ जानने वाला और हर चीज़ की ख़बर रखने वाला है।
४:३६
۞ وَٱعْبُدُوا۟
और इबादत करो
wa-uʿ'budū
और इबादत करो ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَلَا और ना walā
और ना تُشْرِكُوا۟ तुम शरीक करो tush'rikū
तुम शरीक करो بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके شَيْـًۭٔا ۖ किसी चीज़ को shayan
किसी चीज़ को وَبِٱلْوَٰلِدَيْنِ और साथ वालिदैन के wabil-wālidayni
और साथ वालिदैन के إِحْسَـٰنًۭا एहसान करना iḥ'sānan
एहसान करना وَبِذِى and with wabidhī
and with ٱلْقُرْبَىٰ और साथ क़राबतदारों के l-qur'bā
और साथ क़राबतदारों के وَٱلْيَتَـٰمَىٰ और यतीमों के wal-yatāmā
और यतीमों के وَٱلْمَسَـٰكِينِ और मिस्कीनों के wal-masākīni
और मिस्कीनों के وَٱلْجَارِ और पड़ोसी wal-jāri
और पड़ोसी ذِى (who is) dhī
(who is) ٱلْقُرْبَىٰ क़राबतदार के l-qur'bā
क़राबतदार के وَٱلْجَارِ और पड़ोसी wal-jāri
और पड़ोसी ٱلْجُنُبِ अजनबी के l-junubi
अजनबी के وَٱلصَّاحِبِ और साथी wal-ṣāḥibi
और साथी بِٱلْجَنۢبِ पहलू के bil-janbi
पहलू के وَٱبْنِ and the wa-ib'ni
and the ٱلسَّبِيلِ और मुसाफ़िर / राहगीर के l-sabīli
और मुसाफ़िर / राहगीर के وَمَا और जिनके wamā
और जिनके مَلَكَتْ मालिक हुए malakat
मालिक हुए أَيْمَـٰنُكُمْ ۗ दाऐं हाथ तुम्हारे aymānukum
दाऐं हाथ तुम्हारे إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يُحِبُّ नहीं वो पसंद करता yuḥibbu
नहीं वो पसंद करता مَن उसे जो man
उसे जो كَانَ हो kāna
हो مُخْتَالًۭا ख़ुद पसंद mukh'tālan
ख़ुद पसंद فَخُورًا फ़ख़्र करने वाला fakhūran
फ़ख़्र करने वाला ٣٦ (36)
(36)
और इबादत करो ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَلَا और ना walā
और ना تُشْرِكُوا۟ तुम शरीक करो tush'rikū
तुम शरीक करो بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके شَيْـًۭٔا ۖ किसी चीज़ को shayan
किसी चीज़ को وَبِٱلْوَٰلِدَيْنِ और साथ वालिदैन के wabil-wālidayni
और साथ वालिदैन के إِحْسَـٰنًۭا एहसान करना iḥ'sānan
एहसान करना وَبِذِى and with wabidhī
and with ٱلْقُرْبَىٰ और साथ क़राबतदारों के l-qur'bā
और साथ क़राबतदारों के وَٱلْيَتَـٰمَىٰ और यतीमों के wal-yatāmā
और यतीमों के وَٱلْمَسَـٰكِينِ और मिस्कीनों के wal-masākīni
और मिस्कीनों के وَٱلْجَارِ और पड़ोसी wal-jāri
और पड़ोसी ذِى (who is) dhī
(who is) ٱلْقُرْبَىٰ क़राबतदार के l-qur'bā
क़राबतदार के وَٱلْجَارِ और पड़ोसी wal-jāri
और पड़ोसी ٱلْجُنُبِ अजनबी के l-junubi
अजनबी के وَٱلصَّاحِبِ और साथी wal-ṣāḥibi
और साथी بِٱلْجَنۢبِ पहलू के bil-janbi
पहलू के وَٱبْنِ and the wa-ib'ni
and the ٱلسَّبِيلِ और मुसाफ़िर / राहगीर के l-sabīli
और मुसाफ़िर / राहगीर के وَمَا और जिनके wamā
और जिनके مَلَكَتْ मालिक हुए malakat
मालिक हुए أَيْمَـٰنُكُمْ ۗ दाऐं हाथ तुम्हारे aymānukum
दाऐं हाथ तुम्हारे إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يُحِبُّ नहीं वो पसंद करता yuḥibbu
नहीं वो पसंद करता مَن उसे जो man
उसे जो كَانَ हो kāna
हो مُخْتَالًۭا ख़ुद पसंद mukh'tālan
ख़ुद पसंद فَخُورًا फ़ख़्र करने वाला fakhūran
फ़ख़्र करने वाला ٣٦ (36)
(36)
तथा अल्लाह की इबादत करो और किसी चीज़ को उसका साझी न बनाओ तथा माता-पिता, रिश्तेदारों, अनाथों, निर्धनों, नातेदार पड़ोसी, अपरिचित पड़ोसी, साथ रहने वाले साथी, यात्री और अपने दास-दासियों के साथ अच्छा व्यवहार करो। निःसंदेह अल्लाह उससे प्रेम नहीं करता, जो इतराने वाला, डींगें मारने वाला हो।
४:३७
ٱلَّذِينَ
वो लोग जो
alladhīna
वो लोग जो يَبْخَلُونَ बुख़्ल करते हैं yabkhalūna
बुख़्ल करते हैं وَيَأْمُرُونَ और वो हुक्म देते हैं wayamurūna
और वो हुक्म देते हैं ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को بِٱلْبُخْلِ बुख़्ल का bil-bukh'li
बुख़्ल का وَيَكْتُمُونَ और वो छुपाते हैं wayaktumūna
और वो छुपाते हैं مَآ उसको जो mā
उसको जो ءَاتَىٰهُمُ दिया उन्हें ātāhumu
दिया उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مِن of min
of فَضْلِهِۦ ۗ अपने फ़ज़ल से faḍlihi
अपने फ़ज़ल से وَأَعْتَدْنَا और तैयार कर रखा है हमने wa-aʿtadnā
और तैयार कर रखा है हमने لِلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों के लिए lil'kāfirīna
काफ़िरों के लिए عَذَابًۭا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब مُّهِينًۭا रुस्वा करने वाला muhīnan
रुस्वा करने वाला ٣٧ (37)
(37)
वो लोग जो يَبْخَلُونَ बुख़्ल करते हैं yabkhalūna
बुख़्ल करते हैं وَيَأْمُرُونَ और वो हुक्म देते हैं wayamurūna
और वो हुक्म देते हैं ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को بِٱلْبُخْلِ बुख़्ल का bil-bukh'li
बुख़्ल का وَيَكْتُمُونَ और वो छुपाते हैं wayaktumūna
और वो छुपाते हैं مَآ उसको जो mā
उसको जो ءَاتَىٰهُمُ दिया उन्हें ātāhumu
दिया उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مِن of min
of فَضْلِهِۦ ۗ अपने फ़ज़ल से faḍlihi
अपने फ़ज़ल से وَأَعْتَدْنَا और तैयार कर रखा है हमने wa-aʿtadnā
और तैयार कर रखा है हमने لِلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों के लिए lil'kāfirīna
काफ़िरों के लिए عَذَابًۭا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब مُّهِينًۭا रुस्वा करने वाला muhīnan
रुस्वा करने वाला ٣٧ (37)
(37)
जो खुद कृपणता करते हैं तथा दूसरों को भी कृपणता का आदेश देते हैं और उस (नेमत) को छिपाते हैं, जो अल्लाह ने उन्हें प्रदान की है। और हमने काफ़िरों के लिए अपमानकारी अज़ाब तैयार कर रखा है।
४:३८
وَٱلَّذِينَ
और वो जो
wa-alladhīna
और वो जो يُنفِقُونَ ख़र्च करते है yunfiqūna
ख़र्च करते है أَمْوَٰلَهُمْ अपने मालों को amwālahum
अपने मालों को رِئَآءَ दिखाने के लिए riāa
दिखाने के लिए ٱلنَّاسِ लोगों को l-nāsi
लोगों को وَلَا और नहीं walā
और नहीं يُؤْمِنُونَ वो ईमान रखते yu'minūna
वो ईमान रखते بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَلَا और ना walā
और ना بِٱلْيَوْمِ in the Day bil-yawmi
in the Day ٱلْـَٔاخِرِ ۗ आख़िरी दिन पर l-ākhiri
आख़िरी दिन पर وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَكُنِ हो yakuni
हो ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान l-shayṭānu
शैतान لَهُۥ उसका lahu
उसका قَرِينًۭا साथी qarīnan
साथी فَسَآءَ तो कितना बुरा है fasāa
तो कितना बुरा है قَرِينًۭا साथी qarīnan
साथी ٣٨ (38)
(38)
और वो जो يُنفِقُونَ ख़र्च करते है yunfiqūna
ख़र्च करते है أَمْوَٰلَهُمْ अपने मालों को amwālahum
अपने मालों को رِئَآءَ दिखाने के लिए riāa
दिखाने के लिए ٱلنَّاسِ लोगों को l-nāsi
लोगों को وَلَا और नहीं walā
और नहीं يُؤْمِنُونَ वो ईमान रखते yu'minūna
वो ईमान रखते بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَلَا और ना walā
और ना بِٱلْيَوْمِ in the Day bil-yawmi
in the Day ٱلْـَٔاخِرِ ۗ आख़िरी दिन पर l-ākhiri
आख़िरी दिन पर وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَكُنِ हो yakuni
हो ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान l-shayṭānu
शैतान لَهُۥ उसका lahu
उसका قَرِينًۭا साथी qarīnan
साथी فَسَآءَ तो कितना बुरा है fasāa
तो कितना बुरा है قَرِينًۭا साथी qarīnan
साथी ٣٨ (38)
(38)
तथा जो लोग अपना धन, लोगों को दिखाने के लिए दान करते हैं और अल्लाह तथा अंतिम दिन पर ईमान नहीं रखते। तथा शैतान जिसका साथी हो, तो वह बहुत बुरा साथी1 है।
४:३९
وَمَاذَا
और क्या (आफ़त आती)
wamādhā
और क्या (आफ़त आती) عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर لَوْ अगर law
अगर ءَامَنُوا۟ वो ईमान ले आते āmanū
वो ईमान ले आते بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَٱلْيَوْمِ and the Day wal-yawmi
and the Day ٱلْـَٔاخِرِ और आख़िरी दिन पर l-ākhiri
और आख़िरी दिन पर وَأَنفَقُوا۟ और वो ख़र्च करते wa-anfaqū
और वो ख़र्च करते مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो رَزَقَهُمُ रिज़्क़ दिया उन्हें razaqahumu
रिज़्क़ दिया उन्हें ٱللَّهُ ۚ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِهِمْ उन्हें bihim
उन्हें عَلِيمًا ख़ूब जानने वाला ʿalīman
ख़ूब जानने वाला ٣٩ (39)
(39)
और क्या (आफ़त आती) عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर لَوْ अगर law
अगर ءَامَنُوا۟ वो ईमान ले आते āmanū
वो ईमान ले आते بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَٱلْيَوْمِ and the Day wal-yawmi
and the Day ٱلْـَٔاخِرِ और आख़िरी दिन पर l-ākhiri
और आख़िरी दिन पर وَأَنفَقُوا۟ और वो ख़र्च करते wa-anfaqū
और वो ख़र्च करते مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो رَزَقَهُمُ रिज़्क़ दिया उन्हें razaqahumu
रिज़्क़ दिया उन्हें ٱللَّهُ ۚ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِهِمْ उन्हें bihim
उन्हें عَلِيمًا ख़ूब जानने वाला ʿalīman
ख़ूब जानने वाला ٣٩ (39)
(39)
और उनका क्या बिगड़ जाता, यदि वे अल्लाह तथा अन्तिम दिन पर ईमान रखते और अल्लाह ने उन्हें जो कुछ दिया है, उसमें से खर्च करते? और अल्लाह उन्हें भली-भाँति जानता है।
४:४०
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يَظْلِمُ नहीं वो ज़ुल्म करता yaẓlimu
नहीं वो ज़ुल्म करता مِثْقَالَ बराबर mith'qāla
बराबर ذَرَّةٍۢ ۖ ज़र्रे के dharratin
ज़र्रे के وَإِن और अगर wa-in
और अगर تَكُ हो taku
हो حَسَنَةًۭ एक नेकी ḥasanatan
एक नेकी يُضَـٰعِفْهَا वो दोगुना कर देगा उसे yuḍāʿif'hā
वो दोगुना कर देगा उसे وَيُؤْتِ और वो देगा wayu'ti
और वो देगा مِن from min
from لَّدُنْهُ अपने पास से ladun'hu
अपने पास से أَجْرًا अजर ajran
अजर عَظِيمًۭا बड़ा ʿaẓīman
बड़ा ٤٠ (40)
(40)
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يَظْلِمُ नहीं वो ज़ुल्म करता yaẓlimu
नहीं वो ज़ुल्म करता مِثْقَالَ बराबर mith'qāla
बराबर ذَرَّةٍۢ ۖ ज़र्रे के dharratin
ज़र्रे के وَإِن और अगर wa-in
और अगर تَكُ हो taku
हो حَسَنَةًۭ एक नेकी ḥasanatan
एक नेकी يُضَـٰعِفْهَا वो दोगुना कर देगा उसे yuḍāʿif'hā
वो दोगुना कर देगा उसे وَيُؤْتِ और वो देगा wayu'ti
और वो देगा مِن from min
from لَّدُنْهُ अपने पास से ladun'hu
अपने पास से أَجْرًا अजर ajran
अजर عَظِيمًۭا बड़ा ʿaẓīman
बड़ा ٤٠ (40)
(40)
अल्लाह एक कण बराबर भी किसी पर अत्याचार नहीं करता, यदि (किसी ने) कोई नेकी (की) हो, तो उसे कई गुना बढ़ा देता है तथा अपने पास से बड़ा बदला प्रदान करता है।
४:४१
فَكَيْفَ
फिर क्या हाल होगा
fakayfa
फिर क्या हाल होगा إِذَا जब idhā
जब جِئْنَا लाऐंगे हम ji'nā
लाऐंगे हम مِن from min
from كُلِّ every kulli
every أُمَّةٍۭ हर उम्मत से ummatin
हर उम्मत से بِشَهِيدٍۢ एक गवाह bishahīdin
एक गवाह وَجِئْنَا और लाऐंगे हम waji'nā
और लाऐंगे हम بِكَ आपको bika
आपको عَلَىٰ against ʿalā
against هَـٰٓؤُلَآءِ उन सब पर hāulāi
उन सब पर شَهِيدًۭا गवाह shahīdan
गवाह ٤١ (41)
(41)
फिर क्या हाल होगा إِذَا जब idhā
जब جِئْنَا लाऐंगे हम ji'nā
लाऐंगे हम مِن from min
from كُلِّ every kulli
every أُمَّةٍۭ हर उम्मत से ummatin
हर उम्मत से بِشَهِيدٍۢ एक गवाह bishahīdin
एक गवाह وَجِئْنَا और लाऐंगे हम waji'nā
और लाऐंगे हम بِكَ आपको bika
आपको عَلَىٰ against ʿalā
against هَـٰٓؤُلَآءِ उन सब पर hāulāi
उन सब पर شَهِيدًۭا गवाह shahīdan
गवाह ٤١ (41)
(41)
तो उस समय क्या हाल होगा, जब हम प्रत्येक उम्मत (समुदाय) से एक गवाह लाएँगे और (ऐ नबी!) हम आपको इनपर गवाह (बनाकर) लाएँगे?
४:४२
يَوْمَئِذٍۢ
जिस दिन
yawma-idhin
जिस दिन يَوَدُّ चाहेंगे yawaddu
चाहेंगे ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया وَعَصَوُا۟ और नाफ़रमानी की waʿaṣawū
और नाफ़रमानी की ٱلرَّسُولَ रसूल की l-rasūla
रसूल की لَوْ काश law
काश تُسَوَّىٰ बराबर कर दी जाए tusawwā
बराबर कर दी जाए بِهِمُ उन पर bihimu
उन पर ٱلْأَرْضُ ज़मीन l-arḍu
ज़मीन وَلَا और ना walā
और ना يَكْتُمُونَ वो छुपा सकेंगे yaktumūna
वो छुपा सकेंगे ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से حَدِيثًۭا कोई बात ḥadīthan
कोई बात ٤٢ (42)
(42)
जिस दिन يَوَدُّ चाहेंगे yawaddu
चाहेंगे ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया وَعَصَوُا۟ और नाफ़रमानी की waʿaṣawū
और नाफ़रमानी की ٱلرَّسُولَ रसूल की l-rasūla
रसूल की لَوْ काश law
काश تُسَوَّىٰ बराबर कर दी जाए tusawwā
बराबर कर दी जाए بِهِمُ उन पर bihimu
उन पर ٱلْأَرْضُ ज़मीन l-arḍu
ज़मीन وَلَا और ना walā
और ना يَكْتُمُونَ वो छुपा सकेंगे yaktumūna
वो छुपा सकेंगे ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से حَدِيثًۭا कोई बात ḥadīthan
कोई बात ٤٢ (42)
(42)
उस दिन, काफ़िर तथा रसूल की अवज्ञा करने वाले यह कामना करेंगे कि काश! उनके सहित धरती बराबर1 कर दी जाती! और वे अल्लाह से कोई बात छिपा नहीं सकेंगे।
४:४३
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَا (Do) not lā
(Do) not تَقْرَبُوا۟ ना तुम क़रीब जाओ taqrabū
ना तुम क़रीब जाओ ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ के l-ṣalata
नमाज़ के وَأَنتُمْ जबकि तुम wa-antum
जबकि तुम سُكَـٰرَىٰ नशे में हो sukārā
नशे में हो حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि تَعْلَمُوا۟ तुम जान लो taʿlamū
तुम जान लो مَا जो mā
जो تَقُولُونَ तुम कहते हो taqūlūna
तुम कहते हो وَلَا और ना walā
और ना جُنُبًا हालते जनाबत में junuban
हालते जनाबत में إِلَّا मगर illā
मगर عَابِرِى उबूर करने वाले हो ʿābirī
उबूर करने वाले हो سَبِيلٍ रास्ते को sabīlin
रास्ते को حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि تَغْتَسِلُوا۟ ۚ तुम ग़ुस्ल कर लो taghtasilū
तुम ग़ुस्ल कर लो وَإِن और अगर wa-in
और अगर كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम مَّرْضَىٰٓ मरीज़ marḍā
मरीज़ أَوْ या aw
या عَلَىٰ on ʿalā
on سَفَرٍ सफ़र पर safarin
सफ़र पर أَوْ या aw
या جَآءَ आया jāa
आया أَحَدٌۭ कोई एक aḥadun
कोई एक مِّنكُم तुम में से minkum
तुम में से مِّنَ from mina
from ٱلْغَآئِطِ क़ज़ा-ए- हाजत से l-ghāiṭi
क़ज़ा-ए- हाजत से أَوْ या aw
या لَـٰمَسْتُمُ छुआ हो तुमने lāmastumu
छुआ हो तुमने ٱلنِّسَآءَ औरतों को l-nisāa
औरतों को فَلَمْ फिर ना falam
फिर ना تَجِدُوا۟ तुम पाओ tajidū
तुम पाओ مَآءًۭ पानी māan
पानी فَتَيَمَّمُوا۟ तो तयम्मुम करो fatayammamū
तो तयम्मुम करो صَعِيدًۭا मिट्टी ṣaʿīdan
मिट्टी طَيِّبًۭا पाक से ṭayyiban
पाक से فَٱمْسَحُوا۟ फिर मसह करो fa-im'saḥū
फिर मसह करो بِوُجُوهِكُمْ अपने चेहरों का biwujūhikum
अपने चेहरों का وَأَيْدِيكُمْ ۗ और अपने हाथों का wa-aydīkum
और अपने हाथों का إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है عَفُوًّا बहुत माफ़ करने वाला ʿafuwwan
बहुत माफ़ करने वाला غَفُورًا बहुत बख़्शने वाला ghafūran
बहुत बख़्शने वाला ٤٣ (43)
(43)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَا (Do) not lā
(Do) not تَقْرَبُوا۟ ना तुम क़रीब जाओ taqrabū
ना तुम क़रीब जाओ ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ के l-ṣalata
नमाज़ के وَأَنتُمْ जबकि तुम wa-antum
जबकि तुम سُكَـٰرَىٰ नशे में हो sukārā
नशे में हो حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि تَعْلَمُوا۟ तुम जान लो taʿlamū
तुम जान लो مَا जो mā
जो تَقُولُونَ तुम कहते हो taqūlūna
तुम कहते हो وَلَا और ना walā
और ना جُنُبًا हालते जनाबत में junuban
हालते जनाबत में إِلَّا मगर illā
मगर عَابِرِى उबूर करने वाले हो ʿābirī
उबूर करने वाले हो سَبِيلٍ रास्ते को sabīlin
रास्ते को حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि تَغْتَسِلُوا۟ ۚ तुम ग़ुस्ल कर लो taghtasilū
तुम ग़ुस्ल कर लो وَإِن और अगर wa-in
और अगर كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम مَّرْضَىٰٓ मरीज़ marḍā
मरीज़ أَوْ या aw
या عَلَىٰ on ʿalā
on سَفَرٍ सफ़र पर safarin
सफ़र पर أَوْ या aw
या جَآءَ आया jāa
आया أَحَدٌۭ कोई एक aḥadun
कोई एक مِّنكُم तुम में से minkum
तुम में से مِّنَ from mina
from ٱلْغَآئِطِ क़ज़ा-ए- हाजत से l-ghāiṭi
क़ज़ा-ए- हाजत से أَوْ या aw
या لَـٰمَسْتُمُ छुआ हो तुमने lāmastumu
छुआ हो तुमने ٱلنِّسَآءَ औरतों को l-nisāa
औरतों को فَلَمْ फिर ना falam
फिर ना تَجِدُوا۟ तुम पाओ tajidū
तुम पाओ مَآءًۭ पानी māan
पानी فَتَيَمَّمُوا۟ तो तयम्मुम करो fatayammamū
तो तयम्मुम करो صَعِيدًۭا मिट्टी ṣaʿīdan
मिट्टी طَيِّبًۭا पाक से ṭayyiban
पाक से فَٱمْسَحُوا۟ फिर मसह करो fa-im'saḥū
फिर मसह करो بِوُجُوهِكُمْ अपने चेहरों का biwujūhikum
अपने चेहरों का وَأَيْدِيكُمْ ۗ और अपने हाथों का wa-aydīkum
और अपने हाथों का إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है عَفُوًّا बहुत माफ़ करने वाला ʿafuwwan
बहुत माफ़ करने वाला غَفُورًا बहुत बख़्शने वाला ghafūran
बहुत बख़्शने वाला ٤٣ (43)
(43)
ऐ ईमान वालो! जब तुम नशे1 (की हालत) में हो, तो नमाज़ के क़रीब न जाओ, यहाँ तक कि जो कुछ ज़बान से कह रहे हो, उसे (ठीक) से समझने लगो और न जनाबत2 की हालत में, (मस्जिदों के क़रीब जाओ) यहाँ तक कि स्नान कर लो। परंतु रास्ता पार करते हुए (चले जाओ, तो कोई बात नहीं)। यदि तुम बीमार हो अथवा यात्रा में हो या तुममें से कोई शौच से आए या तुमने स्त्रियों से सहवास किया हो, फिर पानी न पा सको, तो पवित्र मिट्टी से तयम्मुम3 कर लो; उसे अपने चेहरे तथा हाथों पर फेर लो। निःसंदेह अल्लाह माफ करने वाला और क्षमा करने वाला है।
४:४४
أَلَمْ
क्या नहीं
alam
क्या नहीं تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा إِلَى [towards] ilā
[towards] ٱلَّذِينَ तरफ़ उनके जो alladhīna
तरफ़ उनके जो أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए نَصِيبًۭا एक हिस्सा naṣīban
एक हिस्सा مِّنَ of mina
of ٱلْكِتَـٰبِ किताब में से l-kitābi
किताब में से يَشْتَرُونَ वो ख़रीदते हैं yashtarūna
वो ख़रीदते हैं ٱلضَّلَـٰلَةَ गुमराही को l-ḍalālata
गुमराही को وَيُرِيدُونَ और वो चाहते है wayurīdūna
और वो चाहते है أَن कि an
कि تَضِلُّوا۟ तुम भटक जाओ taḍillū
तुम भटक जाओ ٱلسَّبِيلَ रास्ते से l-sabīla
रास्ते से ٤٤ (44)
(44)
क्या नहीं تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा إِلَى [towards] ilā
[towards] ٱلَّذِينَ तरफ़ उनके जो alladhīna
तरफ़ उनके जो أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए نَصِيبًۭا एक हिस्सा naṣīban
एक हिस्सा مِّنَ of mina
of ٱلْكِتَـٰبِ किताब में से l-kitābi
किताब में से يَشْتَرُونَ वो ख़रीदते हैं yashtarūna
वो ख़रीदते हैं ٱلضَّلَـٰلَةَ गुमराही को l-ḍalālata
गुमराही को وَيُرِيدُونَ और वो चाहते है wayurīdūna
और वो चाहते है أَن कि an
कि تَضِلُّوا۟ तुम भटक जाओ taḍillū
तुम भटक जाओ ٱلسَّبِيلَ रास्ते से l-sabīla
रास्ते से ٤٤ (44)
(44)
क्या आपने उन लोगों को नहीं देखा, जिन्हें पुस्तक1 का कुछ भाग दिया गया है कि वे गुमराही ख़रीद रहे हैं तथा चाहते हैं कि तुम भी सीधे मार्ग से भटक जाओ।
४:४५
وَٱللَّهُ
और अल्लाह
wal-lahu
और अल्लाह أَعْلَمُ ज़्यादा जानता है aʿlamu
ज़्यादा जानता है بِأَعْدَآئِكُمْ ۚ तुम्हारे दुश्मनों को bi-aʿdāikum
तुम्हारे दुश्मनों को وَكَفَىٰ और काफ़ी है wakafā
और काफ़ी है بِٱللَّهِ अल्लाह bil-lahi
अल्लाह وَلِيًّۭا दोस्त waliyyan
दोस्त وَكَفَىٰ और काफ़ी है wakafā
और काफ़ी है بِٱللَّهِ अल्लाह bil-lahi
अल्लाह نَصِيرًۭا मददगार naṣīran
मददगार ٤٥ (45)
(45)
और अल्लाह أَعْلَمُ ज़्यादा जानता है aʿlamu
ज़्यादा जानता है بِأَعْدَآئِكُمْ ۚ तुम्हारे दुश्मनों को bi-aʿdāikum
तुम्हारे दुश्मनों को وَكَفَىٰ और काफ़ी है wakafā
और काफ़ी है بِٱللَّهِ अल्लाह bil-lahi
अल्लाह وَلِيًّۭا दोस्त waliyyan
दोस्त وَكَفَىٰ और काफ़ी है wakafā
और काफ़ी है بِٱللَّهِ अल्लाह bil-lahi
अल्लाह نَصِيرًۭا मददगार naṣīran
मददगार ٤٥ (45)
(45)
तथा अल्लाह तुम्हारे शत्रुओं को अच्छी तरह जानता है और (तुम्हारे लिए) अल्लाह की रक्षा तथा उसकी सहायता काफ़ी है।
४:४६
مِّنَ
Of
mina
Of ٱلَّذِينَ उन लोगों में से जो alladhīna
उन लोगों में से जो هَادُوا۟ यहूदी बन गए hādū
यहूदी बन गए يُحَرِّفُونَ वो तब्दील कर देते हैं yuḥarrifūna
वो तब्दील कर देते हैं ٱلْكَلِمَ अलफ़ाज़ को l-kalima
अलफ़ाज़ को عَن from ʿan
from مَّوَاضِعِهِۦ उनकी जगहों से mawāḍiʿihi
उनकी जगहों से وَيَقُولُونَ और वो कहते हैं wayaqūlūna
और वो कहते हैं سَمِعْنَا सुना हमने samiʿ'nā
सुना हमने وَعَصَيْنَا और नाफ़रमानी की हमने waʿaṣaynā
और नाफ़रमानी की हमने وَٱسْمَعْ और सुनो तुम wa-is'maʿ
और सुनो तुम غَيْرَ not ghayra
not مُسْمَعٍۢ ना सुनवाए जाओ mus'maʿin
ना सुनवाए जाओ وَرَٰعِنَا और राइना (कहते हैं) warāʿinā
और राइना (कहते हैं) لَيًّۢا मोड़ते हुए layyan
मोड़ते हुए بِأَلْسِنَتِهِمْ अपनी ज़बानों को bi-alsinatihim
अपनी ज़बानों को وَطَعْنًۭا और ऐब लगाने के लिए waṭaʿnan
और ऐब लगाने के लिए فِى [in] fī
[in] ٱلدِّينِ ۚ दीन में l-dīni
दीन में وَلَوْ और अगर walaw
और अगर أَنَّهُمْ बेशक वो annahum
बेशक वो قَالُوا۟ वो कहते qālū
वो कहते سَمِعْنَا सुना हमने samiʿ'nā
सुना हमने وَأَطَعْنَا और इताअत की हमने wa-aṭaʿnā
और इताअत की हमने وَٱسْمَعْ और सुनिए wa-is'maʿ
और सुनिए وَٱنظُرْنَا और देखिए हमें wa-unẓur'nā
और देखिए हमें لَكَانَ अलबत्ता होता lakāna
अलबत्ता होता خَيْرًۭا बेहतर khayran
बेहतर لَّهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए وَأَقْوَمَ और ज़्यादा दुरुस्त wa-aqwama
और ज़्यादा दुरुस्त وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन لَّعَنَهُمُ लानत की उन पर laʿanahumu
लानत की उन पर ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने بِكُفْرِهِمْ बवजह उनके कुफ़्र के bikuf'rihim
बवजह उनके कुफ़्र के فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं يُؤْمِنُونَ वो ईमान लाते yu'minūna
वो ईमान लाते إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلًۭا बहुत थोड़ा qalīlan
बहुत थोड़ा ٤٦ (46)
(46)
Of ٱلَّذِينَ उन लोगों में से जो alladhīna
उन लोगों में से जो هَادُوا۟ यहूदी बन गए hādū
यहूदी बन गए يُحَرِّفُونَ वो तब्दील कर देते हैं yuḥarrifūna
वो तब्दील कर देते हैं ٱلْكَلِمَ अलफ़ाज़ को l-kalima
अलफ़ाज़ को عَن from ʿan
from مَّوَاضِعِهِۦ उनकी जगहों से mawāḍiʿihi
उनकी जगहों से وَيَقُولُونَ और वो कहते हैं wayaqūlūna
और वो कहते हैं سَمِعْنَا सुना हमने samiʿ'nā
सुना हमने وَعَصَيْنَا और नाफ़रमानी की हमने waʿaṣaynā
और नाफ़रमानी की हमने وَٱسْمَعْ और सुनो तुम wa-is'maʿ
और सुनो तुम غَيْرَ not ghayra
not مُسْمَعٍۢ ना सुनवाए जाओ mus'maʿin
ना सुनवाए जाओ وَرَٰعِنَا और राइना (कहते हैं) warāʿinā
और राइना (कहते हैं) لَيًّۢا मोड़ते हुए layyan
मोड़ते हुए بِأَلْسِنَتِهِمْ अपनी ज़बानों को bi-alsinatihim
अपनी ज़बानों को وَطَعْنًۭا और ऐब लगाने के लिए waṭaʿnan
और ऐब लगाने के लिए فِى [in] fī
[in] ٱلدِّينِ ۚ दीन में l-dīni
दीन में وَلَوْ और अगर walaw
और अगर أَنَّهُمْ बेशक वो annahum
बेशक वो قَالُوا۟ वो कहते qālū
वो कहते سَمِعْنَا सुना हमने samiʿ'nā
सुना हमने وَأَطَعْنَا और इताअत की हमने wa-aṭaʿnā
और इताअत की हमने وَٱسْمَعْ और सुनिए wa-is'maʿ
और सुनिए وَٱنظُرْنَا और देखिए हमें wa-unẓur'nā
और देखिए हमें لَكَانَ अलबत्ता होता lakāna
अलबत्ता होता خَيْرًۭا बेहतर khayran
बेहतर لَّهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए وَأَقْوَمَ और ज़्यादा दुरुस्त wa-aqwama
और ज़्यादा दुरुस्त وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन لَّعَنَهُمُ लानत की उन पर laʿanahumu
लानत की उन पर ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने بِكُفْرِهِمْ बवजह उनके कुफ़्र के bikuf'rihim
बवजह उनके कुफ़्र के فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं يُؤْمِنُونَ वो ईमान लाते yu'minūna
वो ईमान लाते إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلًۭا बहुत थोड़ा qalīlan
बहुत थोड़ा ٤٦ (46)
(46)
(ऐ नबी!) यहूदियों में से कुछ लोग ऐसे हैं, जो शब्दों को उनके (वास्तविक) स्थानों से फेर देते हैं और (आपसे) कहते हैं कि "हमने सुन लिया तथा (आपकी) अवज्ञा की" और "आप सुनिए, आप सुनाए न जाएँ!" तथा अपनी ज़ुबानें मोड़कर और सत्य धर्म पर लांक्षन लगाते हुए "राइना" कहते हैं। हालाँकि, यदि वे "हमने सुन लिया और आज्ञा का पालन किया" तथा "आप सुनिए और हमें देखिए" कहते, तो उनके लिए उत्तम तथा अधिक न्यायसंगत होता। परन्तु, अल्लाह ने उनके कुफ़्र के कारण उन्हें धिक्कार दिया है। अतः वे बहुत कम ईमान लाते हैं।
४:४७
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो أُوتُوا۟ दिए गए हो ūtū
दिए गए हो ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब ءَامِنُوا۟ ईमान लाओ āminū
ईमान लाओ بِمَا उस पर जो bimā
उस पर जो نَزَّلْنَا नाज़िल किया हमने nazzalnā
नाज़िल किया हमने مُصَدِّقًۭا तसदीक़ करने वाला है muṣaddiqan
तसदीक़ करने वाला है لِّمَا उसकी जो limā
उसकी जो مَعَكُم तुम्हारे पास है maʿakum
तुम्हारे पास है مِّن from min
from قَبْلِ इससे पहले qabli
इससे पहले أَن कि an
कि نَّطْمِسَ हम मिटा दें naṭmisa
हम मिटा दें وُجُوهًۭا चेहरों को wujūhan
चेहरों को فَنَرُدَّهَا फिर हम फेर दें उन्हें fanaruddahā
फिर हम फेर दें उन्हें عَلَىٰٓ on ʿalā
on أَدْبَارِهَآ उनकी पुश्तों पर adbārihā
उनकी पुश्तों पर أَوْ या aw
या نَلْعَنَهُمْ हम लानत करें उन पर nalʿanahum
हम लानत करें उन पर كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि لَعَنَّآ लानत की हमने laʿannā
लानत की हमने أَصْحَـٰبَ companions aṣḥāba
companions ٱلسَّبْتِ ۚ सब्त (हफ़्ता) वालों पर l-sabti
सब्त (हफ़्ता) वालों पर وَكَانَ और है wakāna
और है أَمْرُ हुक्म amru
हुक्म ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का مَفْعُولًا होकर रहने वाला mafʿūlan
होकर रहने वाला ٤٧ (47)
(47)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो أُوتُوا۟ दिए गए हो ūtū
दिए गए हो ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब ءَامِنُوا۟ ईमान लाओ āminū
ईमान लाओ بِمَا उस पर जो bimā
उस पर जो نَزَّلْنَا नाज़िल किया हमने nazzalnā
नाज़िल किया हमने مُصَدِّقًۭا तसदीक़ करने वाला है muṣaddiqan
तसदीक़ करने वाला है لِّمَا उसकी जो limā
उसकी जो مَعَكُم तुम्हारे पास है maʿakum
तुम्हारे पास है مِّن from min
from قَبْلِ इससे पहले qabli
इससे पहले أَن कि an
कि نَّطْمِسَ हम मिटा दें naṭmisa
हम मिटा दें وُجُوهًۭا चेहरों को wujūhan
चेहरों को فَنَرُدَّهَا फिर हम फेर दें उन्हें fanaruddahā
फिर हम फेर दें उन्हें عَلَىٰٓ on ʿalā
on أَدْبَارِهَآ उनकी पुश्तों पर adbārihā
उनकी पुश्तों पर أَوْ या aw
या نَلْعَنَهُمْ हम लानत करें उन पर nalʿanahum
हम लानत करें उन पर كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि لَعَنَّآ लानत की हमने laʿannā
लानत की हमने أَصْحَـٰبَ companions aṣḥāba
companions ٱلسَّبْتِ ۚ सब्त (हफ़्ता) वालों पर l-sabti
सब्त (हफ़्ता) वालों पर وَكَانَ और है wakāna
और है أَمْرُ हुक्म amru
हुक्म ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का مَفْعُولًا होकर रहने वाला mafʿūlan
होकर रहने वाला ٤٧ (47)
(47)
ऐ किताब वालो! उस (क़ुरआन) पर ईमान लाओ, जिसे हमने उन (पुस्तकों) की पुष्टि करने वाला बनाकर उतारा है, जो तुम्हारे पास मौजूद हैं, इससे पहले कि हम (लोगों के) चेहरे बिगाड़कर उलटा कर दें अथवा उन्हें वैसे ही धिक्कारें, जैसे शनिवार वालों को धिक्कारा था। और अल्लाह का आदेश पूरा होकर रहने वाला है।
४:४८
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يَغْفِرُ नहीं बख़्शेगा yaghfiru
नहीं बख़्शेगा أَن कि an
कि يُشْرَكَ शिर्क किया जाए yush'raka
शिर्क किया जाए بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके وَيَغْفِرُ और वो बख़्श देगा wayaghfiru
और वो बख़्श देगा مَا जो mā
जो دُونَ अलावा है dūna
अलावा है ذَٰلِكَ उसके dhālika
उसके لِمَن जिसके लिए liman
जिसके लिए يَشَآءُ ۚ वो चाहेगा yashāu
वो चाहेगा وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يُشْرِكْ शिर्क करेगा yush'rik
शिर्क करेगा بِٱللَّهِ साथ अल्लाह के bil-lahi
साथ अल्लाह के فَقَدِ तो तहक़ीक़ faqadi
तो तहक़ीक़ ٱفْتَرَىٰٓ उसने गढ़ लिया if'tarā
उसने गढ़ लिया إِثْمًا गुनाह ith'man
गुनाह عَظِيمًا बहुत बड़ा ʿaẓīman
बहुत बड़ा ٤٨ (48)
(48)
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يَغْفِرُ नहीं बख़्शेगा yaghfiru
नहीं बख़्शेगा أَن कि an
कि يُشْرَكَ शिर्क किया जाए yush'raka
शिर्क किया जाए بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके وَيَغْفِرُ और वो बख़्श देगा wayaghfiru
और वो बख़्श देगा مَا जो mā
जो دُونَ अलावा है dūna
अलावा है ذَٰلِكَ उसके dhālika
उसके لِمَن जिसके लिए liman
जिसके लिए يَشَآءُ ۚ वो चाहेगा yashāu
वो चाहेगा وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يُشْرِكْ शिर्क करेगा yush'rik
शिर्क करेगा بِٱللَّهِ साथ अल्लाह के bil-lahi
साथ अल्लाह के فَقَدِ तो तहक़ीक़ faqadi
तो तहक़ीक़ ٱفْتَرَىٰٓ उसने गढ़ लिया if'tarā
उसने गढ़ लिया إِثْمًا गुनाह ith'man
गुनाह عَظِيمًا बहुत बड़ा ʿaẓīman
बहुत बड़ा ٤٨ (48)
(48)
निःसंदेह, अल्लाह यह क्षमा नहीं करेगा कि उसका साझी बनाया जाए1 और इसके सिवा जिसे चाहेगा, क्षमा कर देगा। और जिसने अल्लाह का साझी बनाया, उसने बहुत बड़ा पाप गढ़ लिया।
४:४९
أَلَمْ
क्या नहीं
alam
क्या नहीं تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा إِلَى [towards] ilā
[towards] ٱلَّذِينَ तरफ़ उनके जो alladhīna
तरफ़ उनके जो يُزَكُّونَ पाक क़रार देते हैं yuzakkūna
पाक क़रार देते हैं أَنفُسَهُم ۚ अपने नफ़्सों को anfusahum
अपने नफ़्सों को بَلِ बल्कि bali
बल्कि ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह يُزَكِّى पाक करता है yuzakkī
पाक करता है مَن जिसको man
जिसको يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَلَا और ना walā
और ना يُظْلَمُونَ वो ज़ुल्म किए जाऐंगे yuẓ'lamūna
वो ज़ुल्म किए जाऐंगे فَتِيلًا धागे बराबर fatīlan
धागे बराबर ٤٩ (49)
(49)
क्या नहीं تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा إِلَى [towards] ilā
[towards] ٱلَّذِينَ तरफ़ उनके जो alladhīna
तरफ़ उनके जो يُزَكُّونَ पाक क़रार देते हैं yuzakkūna
पाक क़रार देते हैं أَنفُسَهُم ۚ अपने नफ़्सों को anfusahum
अपने नफ़्सों को بَلِ बल्कि bali
बल्कि ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह يُزَكِّى पाक करता है yuzakkī
पाक करता है مَن जिसको man
जिसको يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَلَا और ना walā
और ना يُظْلَمُونَ वो ज़ुल्म किए जाऐंगे yuẓ'lamūna
वो ज़ुल्म किए जाऐंगे فَتِيلًا धागे बराबर fatīlan
धागे बराबर ٤٩ (49)
(49)
क्या आपने उन्हें नहीं देखा, जो अपने आपको पवित्र कहते हैं? बल्कि अल्लाह ही जिसे चाहे, पवित्र बनाता है और उन पर एक धागे के बराबर भी अत्याचार नहीं किया जाएगा।
४:५०
ٱنظُرْ
देखो
unẓur
देखो كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह يَفْتَرُونَ वो गढ़ते हैं yaftarūna
वो गढ़ते हैं عَلَى about ʿalā
about ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर ٱلْكَذِبَ ۖ झूठ l-kadhiba
झूठ وَكَفَىٰ और काफ़ी है wakafā
और काफ़ी है بِهِۦٓ उसका bihi
उसका إِثْمًۭا गुनाह होना ith'man
गुनाह होना مُّبِينًا खुल्लम-खुला mubīnan
खुल्लम-खुला ٥٠ (50)
(50)
देखो كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह يَفْتَرُونَ वो गढ़ते हैं yaftarūna
वो गढ़ते हैं عَلَى about ʿalā
about ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर ٱلْكَذِبَ ۖ झूठ l-kadhiba
झूठ وَكَفَىٰ और काफ़ी है wakafā
और काफ़ी है بِهِۦٓ उसका bihi
उसका إِثْمًۭا गुनाह होना ith'man
गुनाह होना مُّبِينًا खुल्लम-खुला mubīnan
खुल्लम-खुला ٥٠ (50)
(50)
देखो तो सही, वे लोग कैसे अल्लाह पर मिथ्या आरोप लगा रहे1 हैं! और यह खुला पाप होने के लिए पर्याप्त है।
४:५१
أَلَمْ
क्या नहीं
alam
क्या नहीं تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा إِلَى [towards] ilā
[towards] ٱلَّذِينَ तरफ़ उनके जो alladhīna
तरफ़ उनके जो أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए نَصِيبًۭا एक हिस्सा naṣīban
एक हिस्सा مِّنَ of mina
of ٱلْكِتَـٰبِ किताब में से l-kitābi
किताब में से يُؤْمِنُونَ वो ईमान लाते हैं yu'minūna
वो ईमान लाते हैं بِٱلْجِبْتِ साथ जिब्त (जादू) bil-jib'ti
साथ जिब्त (जादू) وَٱلطَّـٰغُوتِ और ताग़ूत (शैतान) के wal-ṭāghūti
और ताग़ूत (शैतान) के وَيَقُولُونَ और वो कहते हैं wayaqūlūna
और वो कहते हैं لِلَّذِينَ उनके लिए जिन्होंने lilladhīna
उनके लिए जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया هَـٰٓؤُلَآءِ ये लोग hāulāi
ये लोग أَهْدَىٰ ज़्यादा हिदायत याफ़्ता हैं ahdā
ज़्यादा हिदायत याफ़्ता हैं مِنَ than mina
than ٱلَّذِينَ उनसे जो alladhīna
उनसे जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए سَبِيلًا रास्ते के ऐतबार से sabīlan
रास्ते के ऐतबार से ٥١ (51)
(51)
क्या नहीं تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा إِلَى [towards] ilā
[towards] ٱلَّذِينَ तरफ़ उनके जो alladhīna
तरफ़ उनके जो أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए نَصِيبًۭا एक हिस्सा naṣīban
एक हिस्सा مِّنَ of mina
of ٱلْكِتَـٰبِ किताब में से l-kitābi
किताब में से يُؤْمِنُونَ वो ईमान लाते हैं yu'minūna
वो ईमान लाते हैं بِٱلْجِبْتِ साथ जिब्त (जादू) bil-jib'ti
साथ जिब्त (जादू) وَٱلطَّـٰغُوتِ और ताग़ूत (शैतान) के wal-ṭāghūti
और ताग़ूत (शैतान) के وَيَقُولُونَ और वो कहते हैं wayaqūlūna
और वो कहते हैं لِلَّذِينَ उनके लिए जिन्होंने lilladhīna
उनके लिए जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया هَـٰٓؤُلَآءِ ये लोग hāulāi
ये लोग أَهْدَىٰ ज़्यादा हिदायत याफ़्ता हैं ahdā
ज़्यादा हिदायत याफ़्ता हैं مِنَ than mina
than ٱلَّذِينَ उनसे जो alladhīna
उनसे जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए سَبِيلًا रास्ते के ऐतबार से sabīlan
रास्ते के ऐतबार से ٥١ (51)
(51)
(ऐ नबी!) क्या आपने उन लोगों को नहीं देखा, जिन्हें पुस्तक का कुछ भाग दिया गया? वे मूर्तियों तथा शैतान पर ईमान (विश्वास) रखते हैं और काफ़िरों1 के बारे में कहते हैं कि ये ईमान वालों से अधिक सीधी डगर पर हैं।
४:५२
أُو۟لَـٰٓئِكَ
यही लोग हैं
ulāika
यही लोग हैं ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो لَعَنَهُمُ लानत की उन पर laʿanahumu
लानत की उन पर ٱللَّهُ ۖ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَمَن और जिस पर waman
और जिस पर يَلْعَنِ लानत कर दे yalʿani
लानत कर दे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فَلَن तो हरगिज़ नहीं falan
तो हरगिज़ नहीं تَجِدَ आप पाऐंगे tajida
आप पाऐंगे لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए نَصِيرًا कोई मददगार naṣīran
कोई मददगार ٥٢ (52)
(52)
यही लोग हैं ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो لَعَنَهُمُ लानत की उन पर laʿanahumu
लानत की उन पर ٱللَّهُ ۖ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَمَن और जिस पर waman
और जिस पर يَلْعَنِ लानत कर दे yalʿani
लानत कर दे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فَلَن तो हरगिज़ नहीं falan
तो हरगिज़ नहीं تَجِدَ आप पाऐंगे tajida
आप पाऐंगे لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए نَصِيرًا कोई मददगार naṣīran
कोई मददगार ٥٢ (52)
(52)
यही लोग हैं, जिनपर अल्लाह ने लानत की है और जिसपर अल्लाह लानत कर दे, तो आप उसका कदापि कोई सहायक नहीं पाएँगे।
४:५३
أَمْ
या
am
या لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए نَصِيبٌۭ कोई हिस्सा है naṣībun
कोई हिस्सा है مِّنَ of mina
of ٱلْمُلْكِ बादशाहत में से l-mul'ki
बादशाहत में से فَإِذًۭا तो तब fa-idhan
तो तब لَّا not would lā
not would يُؤْتُونَ नहीं वो देंगे yu'tūna
नहीं वो देंगे ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को نَقِيرًا खजूर की गुठली में सूराख़ बराबर naqīran
खजूर की गुठली में सूराख़ बराबर ٥٣ (53)
(53)
या لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए نَصِيبٌۭ कोई हिस्सा है naṣībun
कोई हिस्सा है مِّنَ of mina
of ٱلْمُلْكِ बादशाहत में से l-mul'ki
बादशाहत में से فَإِذًۭا तो तब fa-idhan
तो तब لَّا not would lā
not would يُؤْتُونَ नहीं वो देंगे yu'tūna
नहीं वो देंगे ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को نَقِيرًا खजूर की गुठली में सूराख़ बराबर naqīran
खजूर की गुठली में सूराख़ बराबर ٥٣ (53)
(53)
क्या उनके पास राज्य का कोई हिस्सा है? यदि ऐसा हो तो वे लोगों को (उसमें से) खजूर की गुठली के ऊपर के गड्ढे के बराबर भी नहीं देंगे।
४:५४
أَمْ
या
am
या يَحْسُدُونَ वो हसद करते हैं yaḥsudūna
वो हसद करते हैं ٱلنَّاسَ लोगों से l-nāsa
लोगों से عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर مَآ उसके जो mā
उसके जो ءَاتَىٰهُمُ दिया उन्हें ātāhumu
दिया उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مِن from min
from فَضْلِهِۦ ۖ अपने फ़ज़ल से faḍlihi
अपने फ़ज़ल से فَقَدْ पस तहक़ीक़ faqad
पस तहक़ीक़ ءَاتَيْنَآ दी हमने ātaynā
दी हमने ءَالَ (the) family āla
(the) family إِبْرَٰهِيمَ आले इब्राहीम को ib'rāhīma
आले इब्राहीम को ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब وَٱلْحِكْمَةَ और हिकमत wal-ḥik'mata
और हिकमत وَءَاتَيْنَـٰهُم और दी हमने उन्हें waātaynāhum
और दी हमने उन्हें مُّلْكًا बादशाहत mul'kan
बादशाहत عَظِيمًۭا बहुत बड़ी ʿaẓīman
बहुत बड़ी ٥٤ (54)
(54)
या يَحْسُدُونَ वो हसद करते हैं yaḥsudūna
वो हसद करते हैं ٱلنَّاسَ लोगों से l-nāsa
लोगों से عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर مَآ उसके जो mā
उसके जो ءَاتَىٰهُمُ दिया उन्हें ātāhumu
दिया उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مِن from min
from فَضْلِهِۦ ۖ अपने फ़ज़ल से faḍlihi
अपने फ़ज़ल से فَقَدْ पस तहक़ीक़ faqad
पस तहक़ीक़ ءَاتَيْنَآ दी हमने ātaynā
दी हमने ءَالَ (the) family āla
(the) family إِبْرَٰهِيمَ आले इब्राहीम को ib'rāhīma
आले इब्राहीम को ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब وَٱلْحِكْمَةَ और हिकमत wal-ḥik'mata
और हिकमत وَءَاتَيْنَـٰهُم और दी हमने उन्हें waātaynāhum
और दी हमने उन्हें مُّلْكًا बादशाहत mul'kan
बादशाहत عَظِيمًۭا बहुत बड़ी ʿaẓīman
बहुत बड़ी ٥٤ (54)
(54)
बल्कि वे लोगों से1 उस पर ईर्ष्या करते हैं जो अल्लाह ने उन्हें अपने अनुग्रह से प्रदान किया है। तो हमने (पहले भी) इबराहीम के वंशज को पुस्तक तथा ह़िकमत दी है और हमने उन्हें विशाल राज्य प्रदान किया है।
४:५५
فَمِنْهُم
तो उनमें से कोई है
famin'hum
तो उनमें से कोई है مَّنْ जो man
जो ءَامَنَ ईमान लाया āmana
ईमान लाया بِهِۦ उस पर bihi
उस पर وَمِنْهُم और उनमें से कोई है wamin'hum
और उनमें से कोई है مَّن जो man
जो صَدَّ रुक गया ṣadda
रुक गया عَنْهُ ۚ उस से ʿanhu
उस से وَكَفَىٰ और काफ़ी है wakafā
और काफ़ी है بِجَهَنَّمَ जहन्नम bijahannama
जहन्नम سَعِيرًا भड़कती हुई saʿīran
भड़कती हुई ٥٥ (55)
(55)
तो उनमें से कोई है مَّنْ जो man
जो ءَامَنَ ईमान लाया āmana
ईमान लाया بِهِۦ उस पर bihi
उस पर وَمِنْهُم और उनमें से कोई है wamin'hum
और उनमें से कोई है مَّن जो man
जो صَدَّ रुक गया ṣadda
रुक गया عَنْهُ ۚ उस से ʿanhu
उस से وَكَفَىٰ और काफ़ी है wakafā
और काफ़ी है بِجَهَنَّمَ जहन्नम bijahannama
जहन्नम سَعِيرًا भड़कती हुई saʿīran
भड़कती हुई ٥٥ (55)
(55)
फिर उनमें से कुछ उसपर ईमान लाया और उनमें से कुछ ने उससे मुँह फेर लिया। और (मुँह फेरने वालों के लिए) जहन्नम की दहकती आग काफ़ी है।
४:५६
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया بِـَٔايَـٰتِنَا साथ हमारी आयात के biāyātinā
साथ हमारी आयात के سَوْفَ अनक़रीब sawfa
अनक़रीब نُصْلِيهِمْ हम जलाऐंगे उन्हें nuṣ'līhim
हम जलाऐंगे उन्हें نَارًۭا आग में nāran
आग में كُلَّمَا जब भी kullamā
जब भी نَضِجَتْ पक जाऐंगीं naḍijat
पक जाऐंगीं جُلُودُهُم खालें उनकी julūduhum
खालें उनकी بَدَّلْنَـٰهُمْ बदल देंगे हम उन्हें baddalnāhum
बदल देंगे हम उन्हें جُلُودًا खालें julūdan
खालें غَيْرَهَا अलावा उनके ghayrahā
अलावा उनके لِيَذُوقُوا۟ ताकि वो चखें liyadhūqū
ताकि वो चखें ٱلْعَذَابَ ۗ अज़ाब को l-ʿadhāba
अज़ाब को إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है عَزِيزًا बहुत ज़बरदस्त ʿazīzan
बहुत ज़बरदस्त حَكِيمًۭا बहुत हिकमत वाला ḥakīman
बहुत हिकमत वाला ٥٦ (56)
(56)
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया بِـَٔايَـٰتِنَا साथ हमारी आयात के biāyātinā
साथ हमारी आयात के سَوْفَ अनक़रीब sawfa
अनक़रीब نُصْلِيهِمْ हम जलाऐंगे उन्हें nuṣ'līhim
हम जलाऐंगे उन्हें نَارًۭا आग में nāran
आग में كُلَّمَا जब भी kullamā
जब भी نَضِجَتْ पक जाऐंगीं naḍijat
पक जाऐंगीं جُلُودُهُم खालें उनकी julūduhum
खालें उनकी بَدَّلْنَـٰهُمْ बदल देंगे हम उन्हें baddalnāhum
बदल देंगे हम उन्हें جُلُودًا खालें julūdan
खालें غَيْرَهَا अलावा उनके ghayrahā
अलावा उनके لِيَذُوقُوا۟ ताकि वो चखें liyadhūqū
ताकि वो चखें ٱلْعَذَابَ ۗ अज़ाब को l-ʿadhāba
अज़ाब को إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है عَزِيزًا बहुत ज़बरदस्त ʿazīzan
बहुत ज़बरदस्त حَكِيمًۭا बहुत हिकमत वाला ḥakīman
बहुत हिकमत वाला ٥٦ (56)
(56)
वास्तव में, जिन लोगों ने हमारी आयतों के साथ कुफ़्र किया, हम उन्हें नरक में झोंक देंगे। जब भी उनकी खालें पक जाएँगी (जल चुकी होंगी), हम उनकी खालें बदल देंगे, ताकि वे यातना चखते रहें। निःसंदेह अल्लाह प्रभुत्वशाली, हिकमत वाला है।
४:५७
وَٱلَّذِينَ
और वो जो
wa-alladhīna
और वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक سَنُدْخِلُهُمْ ज़रूर हम दाखिल करेंगे उन्हें sanud'khiluhum
ज़रूर हम दाखिल करेंगे उन्हें جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात में jannātin
बाग़ात में تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَآ उनमें fīhā
उनमें أَبَدًۭا ۖ हमेशा-हमेशा abadan
हमेशा-हमेशा لَّهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए فِيهَآ उनमें fīhā
उनमें أَزْوَٰجٌۭ बीवियाँ हैं azwājun
बीवियाँ हैं مُّطَهَّرَةٌۭ ۖ इन्तिहाई पाकीज़ा muṭahharatun
इन्तिहाई पाकीज़ा وَنُدْخِلُهُمْ और हम दाख़िल करेंगे उन्हें wanud'khiluhum
और हम दाख़िल करेंगे उन्हें ظِلًّۭا साए में ẓillan
साए में ظَلِيلًا घने ẓalīlan
घने ٥٧ (57)
(57)
और वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक سَنُدْخِلُهُمْ ज़रूर हम दाखिल करेंगे उन्हें sanud'khiluhum
ज़रूर हम दाखिल करेंगे उन्हें جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात में jannātin
बाग़ात में تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَآ उनमें fīhā
उनमें أَبَدًۭا ۖ हमेशा-हमेशा abadan
हमेशा-हमेशा لَّهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए فِيهَآ उनमें fīhā
उनमें أَزْوَٰجٌۭ बीवियाँ हैं azwājun
बीवियाँ हैं مُّطَهَّرَةٌۭ ۖ इन्तिहाई पाकीज़ा muṭahharatun
इन्तिहाई पाकीज़ा وَنُدْخِلُهُمْ और हम दाख़िल करेंगे उन्हें wanud'khiluhum
और हम दाख़िल करेंगे उन्हें ظِلًّۭا साए में ẓillan
साए में ظَلِيلًا घने ẓalīlan
घने ٥٧ (57)
(57)
और जो लोग ईमान लाए तथा अच्छे कर्म किए, हम उन्हें ऐसी जन्नतों (बागों) में दाख़िल करेंगे, जिनके नीचे नहरें बह रही होंगी, जिनमें वे सदैव रहेंगे। उनके लिए उनमें पवित्र पत्नियाँ होंगी और हम उन्हें घनी छाँव में रखेंगे।
४:५८
۞ إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يَأْمُرُكُمْ हुक्म देता है तुम्हें yamurukum
हुक्म देता है तुम्हें أَن कि an
कि تُؤَدُّوا۟ तुम अदा करो tu-addū
तुम अदा करो ٱلْأَمَـٰنَـٰتِ अमानतों को l-amānāti
अमानतों को إِلَىٰٓ to ilā
to أَهْلِهَا तरफ़ उनके अहल के ahlihā
तरफ़ उनके अहल के وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब حَكَمْتُم फैसला करो तुम ḥakamtum
फैसला करो तुम بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान ٱلنَّاسِ लोगों के l-nāsi
लोगों के أَن ये कि an
ये कि تَحْكُمُوا۟ तुम फैसला करो taḥkumū
तुम फैसला करो بِٱلْعَدْلِ ۚ साथ अदल के bil-ʿadli
साथ अदल के إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह نِعِمَّا बहुत अच्छी है जो niʿimmā
बहुत अच्छी है जो يَعِظُكُم वो नसीहत करता है तुम्हें yaʿiẓukum
वो नसीहत करता है तुम्हें بِهِۦٓ ۗ उसकी bihi
उसकी إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है سَمِيعًۢا बहुत सुनने वाला samīʿan
बहुत सुनने वाला بَصِيرًۭا बहुत देखने वाला baṣīran
बहुत देखने वाला ٥٨ (58)
(58)
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يَأْمُرُكُمْ हुक्म देता है तुम्हें yamurukum
हुक्म देता है तुम्हें أَن कि an
कि تُؤَدُّوا۟ तुम अदा करो tu-addū
तुम अदा करो ٱلْأَمَـٰنَـٰتِ अमानतों को l-amānāti
अमानतों को إِلَىٰٓ to ilā
to أَهْلِهَا तरफ़ उनके अहल के ahlihā
तरफ़ उनके अहल के وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब حَكَمْتُم फैसला करो तुम ḥakamtum
फैसला करो तुम بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान ٱلنَّاسِ लोगों के l-nāsi
लोगों के أَن ये कि an
ये कि تَحْكُمُوا۟ तुम फैसला करो taḥkumū
तुम फैसला करो بِٱلْعَدْلِ ۚ साथ अदल के bil-ʿadli
साथ अदल के إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह نِعِمَّا बहुत अच्छी है जो niʿimmā
बहुत अच्छी है जो يَعِظُكُم वो नसीहत करता है तुम्हें yaʿiẓukum
वो नसीहत करता है तुम्हें بِهِۦٓ ۗ उसकी bihi
उसकी إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है سَمِيعًۢا बहुत सुनने वाला samīʿan
बहुत सुनने वाला بَصِيرًۭا बहुत देखने वाला baṣīran
बहुत देखने वाला ٥٨ (58)
(58)
अल्लाह1 तुम्हें आदेश देता है कि अमानतों को उनके मालिकों के हवाले कर दो और जब तुम लोगों के बीच फैसला करो, तो न्याय के साथ फैसला करो। निश्चय अल्लाह तुम्हें कितनी अच्छी नसीहत करता है। निःसंदेह अल्लाह सब कुछ सुनने, सब कुछ देखने वाला है।
४:५९
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो أَطِيعُوا۟ इताअत करो aṭīʿū
इताअत करो ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَأَطِيعُوا۟ और इताअत करो wa-aṭīʿū
और इताअत करो ٱلرَّسُولَ रसूल की l-rasūla
रसूल की وَأُو۟لِى and those wa-ulī
and those ٱلْأَمْرِ और ऊलुल अम्र की l-amri
और ऊलुल अम्र की مِنكُمْ ۖ तुम में से minkum
तुम में से فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर تَنَـٰزَعْتُمْ तनाज़ेआ हो जाए तुम में tanāzaʿtum
तनाज़ेआ हो जाए तुम में فِى in fī
in شَىْءٍۢ किसी चीज़ में shayin
किसी चीज़ में فَرُدُّوهُ तो फेर दो इसे faruddūhu
तो फेर दो इसे إِلَى to ilā
to ٱللَّهِ तरफ अल्लाह के l-lahi
तरफ अल्लाह के وَٱلرَّسُولِ और रसूल के wal-rasūli
और रसूल के إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम تُؤْمِنُونَ तुम ईमान रखते tu'minūna
तुम ईमान रखते بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَٱلْيَوْمِ and the Day wal-yawmi
and the Day ٱلْـَٔاخِرِ ۚ और आख़िरी दिन पर l-ākhiri
और आख़िरी दिन पर ذَٰلِكَ ये dhālika
ये خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है وَأَحْسَنُ और ज़्यादा अच्छा है wa-aḥsanu
और ज़्यादा अच्छा है تَأْوِيلًا अंजाम के ऐतबार से tawīlan
अंजाम के ऐतबार से ٥٩ (59)
(59)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो أَطِيعُوا۟ इताअत करो aṭīʿū
इताअत करो ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَأَطِيعُوا۟ और इताअत करो wa-aṭīʿū
और इताअत करो ٱلرَّسُولَ रसूल की l-rasūla
रसूल की وَأُو۟لِى and those wa-ulī
and those ٱلْأَمْرِ और ऊलुल अम्र की l-amri
और ऊलुल अम्र की مِنكُمْ ۖ तुम में से minkum
तुम में से فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर تَنَـٰزَعْتُمْ तनाज़ेआ हो जाए तुम में tanāzaʿtum
तनाज़ेआ हो जाए तुम में فِى in fī
in شَىْءٍۢ किसी चीज़ में shayin
किसी चीज़ में فَرُدُّوهُ तो फेर दो इसे faruddūhu
तो फेर दो इसे إِلَى to ilā
to ٱللَّهِ तरफ अल्लाह के l-lahi
तरफ अल्लाह के وَٱلرَّسُولِ और रसूल के wal-rasūli
और रसूल के إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम تُؤْمِنُونَ तुम ईमान रखते tu'minūna
तुम ईमान रखते بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَٱلْيَوْمِ and the Day wal-yawmi
and the Day ٱلْـَٔاخِرِ ۚ और आख़िरी दिन पर l-ākhiri
और आख़िरी दिन पर ذَٰلِكَ ये dhālika
ये خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है وَأَحْسَنُ और ज़्यादा अच्छा है wa-aḥsanu
और ज़्यादा अच्छा है تَأْوِيلًا अंजाम के ऐतबार से tawīlan
अंजाम के ऐतबार से ٥٩ (59)
(59)
ऐ ईमान वालो! अल्लाह का आज्ञापालन करो और रसूल का आज्ञापालन करो और अपने में से अधिकार वालों (शासकों) का। फिर यदि तुम आपस में किसी चीज़ में मतभेद कर बैठो, तो उसे अल्लाह और रसूल की ओर लौटाओ, यदि तुम अल्लाह तथा अंतिम दिन (परलोक) पर ईमान रखते हो। यह (तुम्हारे लिए) बहुत बेहतर है और परिणाम की दृष्टि से बहुत अच्छा है।
४:६०
أَلَمْ
क्या नहीं
alam
क्या नहीं تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा إِلَى [towards] ilā
[towards] ٱلَّذِينَ तरफ़ उनके जो alladhīna
तरफ़ उनके जो يَزْعُمُونَ दावा करते हैं yazʿumūna
दावा करते हैं أَنَّهُمْ बेशक वो annahum
बेशक वो ءَامَنُوا۟ वो ईमान लाए āmanū
वो ईमान लाए بِمَآ उस पर जो bimā
उस पर जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके وَمَآ और जो wamā
और जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया مِن from min
from قَبْلِكَ आप से पहले qablika
आप से पहले يُرِيدُونَ वो चाहते हैं yurīdūna
वो चाहते हैं أَن कि an
कि يَتَحَاكَمُوٓا۟ वो फैसला ले जाऐं yataḥākamū
वो फैसला ले जाऐं إِلَى to ilā
to ٱلطَّـٰغُوتِ तरफ़ ताग़ूत के l-ṭāghūti
तरफ़ ताग़ूत के وَقَدْ हालाँकि तहक़ीक़ waqad
हालाँकि तहक़ीक़ أُمِرُوٓا۟ वो हुक्म दिए गए umirū
वो हुक्म दिए गए أَن कि an
कि يَكْفُرُوا۟ वो कुफ़्र करें yakfurū
वो कुफ़्र करें بِهِۦ उसका bihi
उसका وَيُرِيدُ और चाहता है wayurīdu
और चाहता है ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान l-shayṭānu
शैतान أَن कि an
कि يُضِلَّهُمْ वो गुमराह कर दे उन्हें yuḍillahum
वो गुमराह कर दे उन्हें ضَلَـٰلًۢا गुमराह करना ḍalālan
गुमराह करना بَعِيدًۭا दूर का baʿīdan
दूर का ٦٠ (60)
(60)
क्या नहीं تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा إِلَى [towards] ilā
[towards] ٱلَّذِينَ तरफ़ उनके जो alladhīna
तरफ़ उनके जो يَزْعُمُونَ दावा करते हैं yazʿumūna
दावा करते हैं أَنَّهُمْ बेशक वो annahum
बेशक वो ءَامَنُوا۟ वो ईमान लाए āmanū
वो ईमान लाए بِمَآ उस पर जो bimā
उस पर जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके وَمَآ और जो wamā
और जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया مِن from min
from قَبْلِكَ आप से पहले qablika
आप से पहले يُرِيدُونَ वो चाहते हैं yurīdūna
वो चाहते हैं أَن कि an
कि يَتَحَاكَمُوٓا۟ वो फैसला ले जाऐं yataḥākamū
वो फैसला ले जाऐं إِلَى to ilā
to ٱلطَّـٰغُوتِ तरफ़ ताग़ूत के l-ṭāghūti
तरफ़ ताग़ूत के وَقَدْ हालाँकि तहक़ीक़ waqad
हालाँकि तहक़ीक़ أُمِرُوٓا۟ वो हुक्म दिए गए umirū
वो हुक्म दिए गए أَن कि an
कि يَكْفُرُوا۟ वो कुफ़्र करें yakfurū
वो कुफ़्र करें بِهِۦ उसका bihi
उसका وَيُرِيدُ और चाहता है wayurīdu
और चाहता है ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान l-shayṭānu
शैतान أَن कि an
कि يُضِلَّهُمْ वो गुमराह कर दे उन्हें yuḍillahum
वो गुमराह कर दे उन्हें ضَلَـٰلًۢا गुमराह करना ḍalālan
गुमराह करना بَعِيدًۭا दूर का baʿīdan
दूर का ٦٠ (60)
(60)
(ऐ नबी!) क्या आपने उन लोगों को नहीं देखा, जिनका यह दावा है कि जो कुछ आपकी ओर उतारा गया है और जो कुछ आपसे पहले उतारा गया है उसपर वे ईमान रखते हैं, किंतु वे चाहते हैं कि अपने विवाद के निर्णय के लिए ताग़ूत (अल्लाह की शरीयत के अलावा से फैसला करने वाले) के पास जाएँ, जबकि उन्हें उस (ताग़ूत) का इनकार करने का आदेश दिया गया है? और शैतान चाहता है कि उन्हें सच्चे धर्म से बहुत दूर1 कर दे।
४:६१
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब قِيلَ कहा जाता है qīla
कहा जाता है لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें تَعَالَوْا۟ आओ taʿālaw
आओ إِلَىٰ to ilā
to مَآ तरफ़ उसके जो mā
तरफ़ उसके जो أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَإِلَى and to wa-ilā
and to ٱلرَّسُولِ और तरफ़ रसूल के l-rasūli
और तरफ़ रसूल के رَأَيْتَ आप देखते हैं ra-ayta
आप देखते हैं ٱلْمُنَـٰفِقِينَ मुनाफ़िक़ों को l-munāfiqīna
मुनाफ़िक़ों को يَصُدُّونَ वो रुकते हैं yaṣuddūna
वो रुकते हैं عَنكَ आप से ʿanka
आप से صُدُودًۭا रुक जाना ṣudūdan
रुक जाना ٦١ (61)
(61)
और जब قِيلَ कहा जाता है qīla
कहा जाता है لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें تَعَالَوْا۟ आओ taʿālaw
आओ إِلَىٰ to ilā
to مَآ तरफ़ उसके जो mā
तरफ़ उसके जो أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَإِلَى and to wa-ilā
and to ٱلرَّسُولِ और तरफ़ रसूल के l-rasūli
और तरफ़ रसूल के رَأَيْتَ आप देखते हैं ra-ayta
आप देखते हैं ٱلْمُنَـٰفِقِينَ मुनाफ़िक़ों को l-munāfiqīna
मुनाफ़िक़ों को يَصُدُّونَ वो रुकते हैं yaṣuddūna
वो रुकते हैं عَنكَ आप से ʿanka
आप से صُدُودًۭا रुक जाना ṣudūdan
रुक जाना ٦١ (61)
(61)
तथा जब उनसे कहा जाता है कि आओ उसकी ओर जो अल्लाह ने उतारा है और (आओ) रसूल की ओर, तो आप मुनाफ़िक़ों को देखेंगे कि वे आप (के पास आने) से कतराते हैं।
४:६२
فَكَيْفَ
तो क्या होता है
fakayfa
तो क्या होता है إِذَآ जब idhā
जब أَصَـٰبَتْهُم पहुँचती है उन्हें aṣābathum
पहुँचती है उन्हें مُّصِيبَةٌۢ कोई मुसीबत muṣībatun
कोई मुसीबत بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो قَدَّمَتْ आगे भेजा qaddamat
आगे भेजा أَيْدِيهِمْ उनके हाथों ने aydīhim
उनके हाथों ने ثُمَّ फिर thumma
फिर جَآءُوكَ वो आ जाते हैं आपके पास jāūka
वो आ जाते हैं आपके पास يَحْلِفُونَ क़समें खाते हैं yaḥlifūna
क़समें खाते हैं بِٱللَّهِ अल्लाह की bil-lahi
अल्लाह की إِنْ नहीं in
नहीं أَرَدْنَآ इरादा किया हमने aradnā
इरादा किया हमने إِلَّآ मगर illā
मगर إِحْسَـٰنًۭا एहसान iḥ'sānan
एहसान وَتَوْفِيقًا और मुवाफ़िक़त का watawfīqan
और मुवाफ़िक़त का ٦٢ (62)
(62)
तो क्या होता है إِذَآ जब idhā
जब أَصَـٰبَتْهُم पहुँचती है उन्हें aṣābathum
पहुँचती है उन्हें مُّصِيبَةٌۢ कोई मुसीबत muṣībatun
कोई मुसीबत بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो قَدَّمَتْ आगे भेजा qaddamat
आगे भेजा أَيْدِيهِمْ उनके हाथों ने aydīhim
उनके हाथों ने ثُمَّ फिर thumma
फिर جَآءُوكَ वो आ जाते हैं आपके पास jāūka
वो आ जाते हैं आपके पास يَحْلِفُونَ क़समें खाते हैं yaḥlifūna
क़समें खाते हैं بِٱللَّهِ अल्लाह की bil-lahi
अल्लाह की إِنْ नहीं in
नहीं أَرَدْنَآ इरादा किया हमने aradnā
इरादा किया हमने إِلَّآ मगर illā
मगर إِحْسَـٰنًۭا एहसान iḥ'sānan
एहसान وَتَوْفِيقًا और मुवाफ़िक़त का watawfīqan
और मुवाफ़िक़त का ٦٢ (62)
(62)
फिर उस समय उनका क्या हाल होता है जब उनके करतूतों के कारण उनपर कोई आपदा आ पड़ती है, फिर वे आपके पास आकर अल्लाह की क़समें खाते हैं कि हमारा इरादा1 तो केवल भलाई तथा (आपस में) मेल कराना था।
४:६३
أُو۟لَـٰٓئِكَ
यही लोग हैं
ulāika
यही लोग हैं ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो يَعْلَمُ जानता है yaʿlamu
जानता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مَا उसको जो mā
उसको जो فِى (is) in fī
(is) in قُلُوبِهِمْ उनके दिलों में है qulūbihim
उनके दिलों में है فَأَعْرِضْ पस आप ऐराज़ कीजिए fa-aʿriḍ
पस आप ऐराज़ कीजिए عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे وَعِظْهُمْ और नसीहत कीजिए उन्हें waʿiẓ'hum
और नसीहत कीजिए उन्हें وَقُل और कह दीजिए waqul
और कह दीजिए لَّهُمْ उन्हें lahum
उन्हें فِىٓ concerning fī
concerning أَنفُسِهِمْ उनके दिलों में anfusihim
उनके दिलों में قَوْلًۢا बात qawlan
बात بَلِيغًۭا पहुँचने वाली / पुर असर balīghan
पहुँचने वाली / पुर असर ٦٣ (63)
(63)
यही लोग हैं ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो يَعْلَمُ जानता है yaʿlamu
जानता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مَا उसको जो mā
उसको जो فِى (is) in fī
(is) in قُلُوبِهِمْ उनके दिलों में है qulūbihim
उनके दिलों में है فَأَعْرِضْ पस आप ऐराज़ कीजिए fa-aʿriḍ
पस आप ऐराज़ कीजिए عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे وَعِظْهُمْ और नसीहत कीजिए उन्हें waʿiẓ'hum
और नसीहत कीजिए उन्हें وَقُل और कह दीजिए waqul
और कह दीजिए لَّهُمْ उन्हें lahum
उन्हें فِىٓ concerning fī
concerning أَنفُسِهِمْ उनके दिलों में anfusihim
उनके दिलों में قَوْلًۢا बात qawlan
बात بَلِيغًۭا पहुँचने वाली / पुर असर balīghan
पहुँचने वाली / पुर असर ٦٣ (63)
(63)
ये वो लोग हैं जिनके दिलों की बातें अल्लाह भली-भाँति जानता है। अतः आप उनकी उपेक्षा करें और उन्हें नसीहत करते रहें और उनसे ऐसी प्रभावकारी बात कहें जो उनके दिलों में उतर जाए।
४:६४
وَمَآ
और नहीं
wamā
और नहीं أَرْسَلْنَا भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने مِن any min
any رَّسُولٍ कोई रसूल rasūlin
कोई रसूल إِلَّا मगर illā
मगर لِيُطَاعَ ताकि वो इताअत किया जाए liyuṭāʿa
ताकि वो इताअत किया जाए بِإِذْنِ by (the) permission bi-idh'ni
by (the) permission ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के इज़्न से l-lahi
अल्लाह के इज़्न से وَلَوْ और अगर walaw
और अगर أَنَّهُمْ बेशक वो annahum
बेशक वो إِذ जब idh
जब ظَّلَمُوٓا۟ उन्होंने ज़ुल्म किया ẓalamū
उन्होंने ज़ुल्म किया أَنفُسَهُمْ अपने नफ़्सों पर anfusahum
अपने नफ़्सों पर جَآءُوكَ वो आ जाते हैं आपके पास jāūka
वो आ जाते हैं आपके पास فَٱسْتَغْفَرُوا۟ फिर वो बख़्शिश माँगते fa-is'taghfarū
फिर वो बख़्शिश माँगते ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَٱسْتَغْفَرَ और बख़्शिश माँगते wa-is'taghfara
और बख़्शिश माँगते لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए ٱلرَّسُولُ रसूल l-rasūlu
रसूल لَوَجَدُوا۟ अलबत्ता वो पाते lawajadū
अलबत्ता वो पाते ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को تَوَّابًۭا बहुत तौबा क़ुबूल करने वाला tawwāban
बहुत तौबा क़ुबूल करने वाला رَّحِيمًۭا निहायत रहम करने वाला raḥīman
निहायत रहम करने वाला ٦٤ (64)
(64)
और नहीं أَرْسَلْنَا भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने مِن any min
any رَّسُولٍ कोई रसूल rasūlin
कोई रसूल إِلَّا मगर illā
मगर لِيُطَاعَ ताकि वो इताअत किया जाए liyuṭāʿa
ताकि वो इताअत किया जाए بِإِذْنِ by (the) permission bi-idh'ni
by (the) permission ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के इज़्न से l-lahi
अल्लाह के इज़्न से وَلَوْ और अगर walaw
और अगर أَنَّهُمْ बेशक वो annahum
बेशक वो إِذ जब idh
जब ظَّلَمُوٓا۟ उन्होंने ज़ुल्म किया ẓalamū
उन्होंने ज़ुल्म किया أَنفُسَهُمْ अपने नफ़्सों पर anfusahum
अपने नफ़्सों पर جَآءُوكَ वो आ जाते हैं आपके पास jāūka
वो आ जाते हैं आपके पास فَٱسْتَغْفَرُوا۟ फिर वो बख़्शिश माँगते fa-is'taghfarū
फिर वो बख़्शिश माँगते ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَٱسْتَغْفَرَ और बख़्शिश माँगते wa-is'taghfara
और बख़्शिश माँगते لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए ٱلرَّسُولُ रसूल l-rasūlu
रसूल لَوَجَدُوا۟ अलबत्ता वो पाते lawajadū
अलबत्ता वो पाते ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को تَوَّابًۭا बहुत तौबा क़ुबूल करने वाला tawwāban
बहुत तौबा क़ुबूल करने वाला رَّحِيمًۭا निहायत रहम करने वाला raḥīman
निहायत रहम करने वाला ٦٤ (64)
(64)
और हमने जो भी रसूल भेजा, वह इसलिए (भेजा) कि अल्लाह की अनुमति से उसका आज्ञापालन किया जाए। और यदि वे लोग, जब उन्हों ने अपनी जानों पर अत्याचार किया था, आपके पास आते, फिर अल्लाह से क्षमा याचना करते और रसूल भी उनके लिए क्षमा याचना करते, तो वे अवश्य अल्लाह को बहुत तौबा क़बूल करने वाला, अत्यन्त दयावान पाते।
४:६५
فَلَا
पस नहीं
falā
पस नहीं وَرَبِّكَ क़सम है आपके रब की warabbika
क़सम है आपके रब की لَا not lā
not يُؤْمِنُونَ नहीं वो मोमिन हो सकते yu'minūna
नहीं वो मोमिन हो सकते حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يُحَكِّمُوكَ वो मुन्सिफ़ बनाऐं आपको yuḥakkimūka
वो मुन्सिफ़ बनाऐं आपको فِيمَا उस मामले में जो fīmā
उस मामले में जो شَجَرَ इख़्तिलाफ़ हुआ shajara
इख़्तिलाफ़ हुआ بَيْنَهُمْ दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके ثُمَّ फिर thumma
फिर لَا not lā
not يَجِدُوا۟ ना वो पाऐं yajidū
ना वो पाऐं فِىٓ in fī
in أَنفُسِهِمْ अपने नफ़्सों में anfusihim
अपने नफ़्सों में حَرَجًۭا कोई तंगी ḥarajan
कोई तंगी مِّمَّا उससे जो mimmā
उससे जो قَضَيْتَ फैसला करें आप qaḍayta
फैसला करें आप وَيُسَلِّمُوا۟ और वो तसलीम कर लें wayusallimū
और वो तसलीम कर लें تَسْلِيمًۭا पूरी तरह तसलीम करना taslīman
पूरी तरह तसलीम करना ٦٥ (65)
(65)
पस नहीं وَرَبِّكَ क़सम है आपके रब की warabbika
क़सम है आपके रब की لَا not lā
not يُؤْمِنُونَ नहीं वो मोमिन हो सकते yu'minūna
नहीं वो मोमिन हो सकते حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يُحَكِّمُوكَ वो मुन्सिफ़ बनाऐं आपको yuḥakkimūka
वो मुन्सिफ़ बनाऐं आपको فِيمَا उस मामले में जो fīmā
उस मामले में जो شَجَرَ इख़्तिलाफ़ हुआ shajara
इख़्तिलाफ़ हुआ بَيْنَهُمْ दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके ثُمَّ फिर thumma
फिर لَا not lā
not يَجِدُوا۟ ना वो पाऐं yajidū
ना वो पाऐं فِىٓ in fī
in أَنفُسِهِمْ अपने नफ़्सों में anfusihim
अपने नफ़्सों में حَرَجًۭا कोई तंगी ḥarajan
कोई तंगी مِّمَّا उससे जो mimmā
उससे जो قَضَيْتَ फैसला करें आप qaḍayta
फैसला करें आप وَيُسَلِّمُوا۟ और वो तसलीम कर लें wayusallimū
और वो तसलीम कर लें تَسْلِيمًۭا पूरी तरह तसलीम करना taslīman
पूरी तरह तसलीम करना ٦٥ (65)
(65)
तो (ऐ नबी!) आपके पालनहार की क़सम! वे कभी ईमान वाले नहीं हो सकते, जब तक अपने आपस के विवाद में आपको निर्णायक1 न बनाएँ, फिर आप जो निर्णय कर दें, उससे अपने दिलों में तनिक भी तंगी महसूस न करें और उसे पूरी तरह से स्वीकार कर लें।
४:६६
وَلَوْ
और अगर
walaw
और अगर أَنَّا बेशक हम annā
बेशक हम كَتَبْنَا लिख देते हम katabnā
लिख देते हम عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर أَنِ कि ani
कि ٱقْتُلُوٓا۟ क़त्ल करो uq'tulū
क़त्ल करो أَنفُسَكُمْ अपने नफ़्सों को anfusakum
अपने नफ़्सों को أَوِ या awi
या ٱخْرُجُوا۟ निकल जाओ ukh'rujū
निकल जाओ مِن from min
from دِيَـٰرِكُم अपने घरों से diyārikum
अपने घरों से مَّا ना mā
ना فَعَلُوهُ वो करते उसे faʿalūhu
वो करते उसे إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلٌۭ थोड़े qalīlun
थोड़े مِّنْهُمْ ۖ उनमें से min'hum
उनमें से وَلَوْ और अगर walaw
और अगर أَنَّهُمْ बेशक वो annahum
बेशक वो فَعَلُوا۟ करते faʿalū
करते مَا जो mā
जो يُوعَظُونَ वो नसीहत किए जाते हैं yūʿaẓūna
वो नसीहत किए जाते हैं بِهِۦ जिसकी bihi
जिसकी لَكَانَ अलबत्ता होता lakāna
अलबत्ता होता خَيْرًۭا बेहतर khayran
बेहतर لَّهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए وَأَشَدَّ और ज़्यादा शदीद wa-ashadda
और ज़्यादा शदीद تَثْبِيتًۭا साबित क़दमी में tathbītan
साबित क़दमी में ٦٦ (66)
(66)
और अगर أَنَّا बेशक हम annā
बेशक हम كَتَبْنَا लिख देते हम katabnā
लिख देते हम عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर أَنِ कि ani
कि ٱقْتُلُوٓا۟ क़त्ल करो uq'tulū
क़त्ल करो أَنفُسَكُمْ अपने नफ़्सों को anfusakum
अपने नफ़्सों को أَوِ या awi
या ٱخْرُجُوا۟ निकल जाओ ukh'rujū
निकल जाओ مِن from min
from دِيَـٰرِكُم अपने घरों से diyārikum
अपने घरों से مَّا ना mā
ना فَعَلُوهُ वो करते उसे faʿalūhu
वो करते उसे إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلٌۭ थोड़े qalīlun
थोड़े مِّنْهُمْ ۖ उनमें से min'hum
उनमें से وَلَوْ और अगर walaw
और अगर أَنَّهُمْ बेशक वो annahum
बेशक वो فَعَلُوا۟ करते faʿalū
करते مَا जो mā
जो يُوعَظُونَ वो नसीहत किए जाते हैं yūʿaẓūna
वो नसीहत किए जाते हैं بِهِۦ जिसकी bihi
जिसकी لَكَانَ अलबत्ता होता lakāna
अलबत्ता होता خَيْرًۭا बेहतर khayran
बेहतर لَّهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए وَأَشَدَّ और ज़्यादा शदीद wa-ashadda
और ज़्यादा शदीद تَثْبِيتًۭا साबित क़दमी में tathbītan
साबित क़दमी में ٦٦ (66)
(66)
और यदि हम उनपर1 अनिवार्य कर देते कि अपने आपको को क़त्ल करो या अपने घरों से निकल जाओ, तो उनमें से कुछ लोगों के सिवा कोई भी ऐसा नहीं करता। और यदि वे लोग उसका पालन करते जिसकी उन्हें नसीहत की जाती है, तो यह उनके लिए बेहतर और (सच्चे रास्ते पर) अधिक दृढ़ता का कारण होता।
४:६७
وَإِذًۭا
और तब
wa-idhan
और तब لَّـَٔاتَيْنَـٰهُم अलबत्ता देते हम उन्हें laātaynāhum
अलबत्ता देते हम उन्हें مِّن from min
from لَّدُنَّآ अपने पास से ladunnā
अपने पास से أَجْرًا अजर ajran
अजर عَظِيمًۭا बहुत बड़ा ʿaẓīman
बहुत बड़ा ٦٧ (67)
(67)
और तब لَّـَٔاتَيْنَـٰهُم अलबत्ता देते हम उन्हें laātaynāhum
अलबत्ता देते हम उन्हें مِّن from min
from لَّدُنَّآ अपने पास से ladunnā
अपने पास से أَجْرًا अजर ajran
अजर عَظِيمًۭا बहुत बड़ा ʿaẓīman
बहुत बड़ा ٦٧ (67)
(67)
और तब तो हम अवश्य उन्हें अपने पास से बहुत बड़ा बदला देते।
४:६८
وَلَهَدَيْنَـٰهُمْ
और अलबत्ता हिदायत देते हम उन्हें
walahadaynāhum
और अलबत्ता हिदायत देते हम उन्हें صِرَٰطًۭا रास्ते ṣirāṭan
रास्ते مُّسْتَقِيمًۭا सीधे की mus'taqīman
सीधे की ٦٨ (68)
(68)
और अलबत्ता हिदायत देते हम उन्हें صِرَٰطًۭا रास्ते ṣirāṭan
रास्ते مُّسْتَقِيمًۭا सीधे की mus'taqīman
सीधे की ٦٨ (68)
(68)
तथा हम अवश्य उन्हें सीधा रास्ता दिखाते।
४:६९
وَمَن
और जो कोई
waman
और जो कोई يُطِعِ इताअत करेगा yuṭiʿi
इताअत करेगा ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَٱلرَّسُولَ और रसूल की wal-rasūla
और रसूल की فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग fa-ulāika
तो यही लोग مَعَ साथ होंगे maʿa
साथ होंगे ٱلَّذِينَ उन लोगों के alladhīna
उन लोगों के أَنْعَمَ इनाम किया anʿama
इनाम किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَلَيْهِم जिन पर ʿalayhim
जिन पर مِّنَ of mina
of ٱلنَّبِيِّـۧنَ नबियों में से l-nabiyīna
नबियों में से وَٱلصِّدِّيقِينَ और सिद्दीक़ीन wal-ṣidīqīna
और सिद्दीक़ीन وَٱلشُّهَدَآءِ और शोहदा wal-shuhadāi
और शोहदा وَٱلصَّـٰلِحِينَ ۚ और सालिहीन में से wal-ṣāliḥīna
और सालिहीन में से وَحَسُنَ और कितने अच्छे हैं waḥasuna
और कितने अच्छे हैं أُو۟لَـٰٓئِكَ ये लोग ulāika
ये लोग رَفِيقًۭا बतौर साथी के rafīqan
बतौर साथी के ٦٩ (69)
(69)
और जो कोई يُطِعِ इताअत करेगा yuṭiʿi
इताअत करेगा ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَٱلرَّسُولَ और रसूल की wal-rasūla
और रसूल की فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग fa-ulāika
तो यही लोग مَعَ साथ होंगे maʿa
साथ होंगे ٱلَّذِينَ उन लोगों के alladhīna
उन लोगों के أَنْعَمَ इनाम किया anʿama
इनाम किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَلَيْهِم जिन पर ʿalayhim
जिन पर مِّنَ of mina
of ٱلنَّبِيِّـۧنَ नबियों में से l-nabiyīna
नबियों में से وَٱلصِّدِّيقِينَ और सिद्दीक़ीन wal-ṣidīqīna
और सिद्दीक़ीन وَٱلشُّهَدَآءِ और शोहदा wal-shuhadāi
और शोहदा وَٱلصَّـٰلِحِينَ ۚ और सालिहीन में से wal-ṣāliḥīna
और सालिहीन में से وَحَسُنَ और कितने अच्छे हैं waḥasuna
और कितने अच्छे हैं أُو۟لَـٰٓئِكَ ये लोग ulāika
ये लोग رَفِيقًۭا बतौर साथी के rafīqan
बतौर साथी के ٦٩ (69)
(69)
तथा जो भी अल्लाह और रसूल का आज्ञापालन करेगा, वह उन लोगों के साथ होगा, जिन्हें अल्लाह ने पुरस्कृत किया है, अर्थात नबियों, सिद्दीक़ों (सत्यवादियों), शहीदों और सदाचारियों के साथ। और ये लोग सबसे अच्छे साथी हैं।
४:७०
ذَٰلِكَ
ये
dhālika
ये ٱلْفَضْلُ फ़ज़ल है l-faḍlu
फ़ज़ल है مِنَ of mina
of ٱللَّهِ ۚ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से وَكَفَىٰ और काफ़ी है wakafā
और काफ़ी है بِٱللَّهِ अल्लाह bil-lahi
अल्लाह عَلِيمًۭا बहुत इल्म वाला ʿalīman
बहुत इल्म वाला ٧٠ (70)
(70)
ये ٱلْفَضْلُ फ़ज़ल है l-faḍlu
फ़ज़ल है مِنَ of mina
of ٱللَّهِ ۚ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से وَكَفَىٰ और काफ़ी है wakafā
और काफ़ी है بِٱللَّهِ अल्लाह bil-lahi
अल्लाह عَلِيمًۭا बहुत इल्म वाला ʿalīman
बहुत इल्म वाला ٧٠ (70)
(70)
यह अनुग्रह एवं कृपा अल्लाह की ओर से है और अल्लाह काफी1 है जानने वाला।
४:७१
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगों जो alladhīna
ऐ लोगों जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो خُذُوا۟ पकड़ो khudhū
पकड़ो حِذْرَكُمْ बचाव (हथियार) अपना ḥidh'rakum
बचाव (हथियार) अपना فَٱنفِرُوا۟ फिर निकलो fa-infirū
फिर निकलो ثُبَاتٍ छोटे दस्तों में thubātin
छोटे दस्तों में أَوِ या awi
या ٱنفِرُوا۟ निकलो infirū
निकलो جَمِيعًۭا सब इकट्ठे jamīʿan
सब इकट्ठे ٧١ (71)
(71)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगों जो alladhīna
ऐ लोगों जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो خُذُوا۟ पकड़ो khudhū
पकड़ो حِذْرَكُمْ बचाव (हथियार) अपना ḥidh'rakum
बचाव (हथियार) अपना فَٱنفِرُوا۟ फिर निकलो fa-infirū
फिर निकलो ثُبَاتٍ छोटे दस्तों में thubātin
छोटे दस्तों में أَوِ या awi
या ٱنفِرُوا۟ निकलो infirū
निकलो جَمِيعًۭا सब इकट्ठे jamīʿan
सब इकट्ठे ٧١ (71)
(71)
ऐ ईमान वालो! अपने (शत्रुओं से) बचाव का सामान ले लो, फिर अलग-अलग समूहों में अथवा सब के सब इकट्ठे होकर निकल पड़ो।
४:७२
وَإِنَّ
और बेशक
wa-inna
और बेशक مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से لَمَن अलबत्ता वो है जो laman
अलबत्ता वो है जो لَّيُبَطِّئَنَّ ज़रूर देर लगाता है layubaṭṭi-anna
ज़रूर देर लगाता है فَإِنْ फिर अगर fa-in
फिर अगर أَصَـٰبَتْكُم पहुँचे तुम्हें aṣābatkum
पहुँचे तुम्हें مُّصِيبَةٌۭ कोई मुसीबत muṣībatun
कोई मुसीबत قَالَ वो कहता है qāla
वो कहता है قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ أَنْعَمَ इनाम किया anʿama
इनाम किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَلَىَّ मुझ पर ʿalayya
मुझ पर إِذْ जब कि idh
जब कि لَمْ ना lam
ना أَكُن था मैं akun
था मैं مَّعَهُمْ साथ उनके maʿahum
साथ उनके شَهِيدًۭا हाज़िर / मौजूद shahīdan
हाज़िर / मौजूद ٧٢ (72)
(72)
और बेशक مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से لَمَن अलबत्ता वो है जो laman
अलबत्ता वो है जो لَّيُبَطِّئَنَّ ज़रूर देर लगाता है layubaṭṭi-anna
ज़रूर देर लगाता है فَإِنْ फिर अगर fa-in
फिर अगर أَصَـٰبَتْكُم पहुँचे तुम्हें aṣābatkum
पहुँचे तुम्हें مُّصِيبَةٌۭ कोई मुसीबत muṣībatun
कोई मुसीबत قَالَ वो कहता है qāla
वो कहता है قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ أَنْعَمَ इनाम किया anʿama
इनाम किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَلَىَّ मुझ पर ʿalayya
मुझ पर إِذْ जब कि idh
जब कि لَمْ ना lam
ना أَكُن था मैं akun
था मैं مَّعَهُمْ साथ उनके maʿahum
साथ उनके شَهِيدًۭا हाज़िर / मौजूद shahīdan
हाज़िर / मौजूद ٧٢ (72)
(72)
और निःसंदेह तुममें कोई ऐसा1 भी है, जो (दुश्मन से लड़ाई के लिए निकलने में) निश्चय देर लगाएगा। फिर यदि (युद्ध के दौरान) तुमपर कोई आपदा आ पड़े, तो कहेगा : अल्लाह ने मुझपर बड़ा उपकार किया कि मैं उनके साथ उपस्थित नहीं था।
४:७३
وَلَئِنْ
और अलबत्ता अगर
wala-in
और अलबत्ता अगर أَصَـٰبَكُمْ पहुँचे तुम्हें aṣābakum
पहुँचे तुम्हें فَضْلٌۭ कोई फ़ज़ल faḍlun
कोई फ़ज़ल مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से لَيَقُولَنَّ अलबत्ता वो ज़रूर कहेगा layaqūlanna
अलबत्ता वो ज़रूर कहेगा كَأَن गोया कि ka-an
गोया कि لَّمْ ना lam
ना تَكُنۢ थी takun
थी بَيْنَكُمْ दर्मियान तुम्हारे baynakum
दर्मियान तुम्हारे وَبَيْنَهُۥ और दर्मियान उसके wabaynahu
और दर्मियान उसके مَوَدَّةٌۭ कोई मोहब्बत mawaddatun
कोई मोहब्बत يَـٰلَيْتَنِى हाय अफ़सोस मुझ पर yālaytanī
हाय अफ़सोस मुझ पर كُنتُ होता मैं kuntu
होता मैं مَعَهُمْ साथ उनके maʿahum
साथ उनके فَأَفُوزَ तो मैं कामयाबी पाता fa-afūza
तो मैं कामयाबी पाता فَوْزًا कामयाबी fawzan
कामयाबी عَظِيمًۭا बहुत बड़ी ʿaẓīman
बहुत बड़ी ٧٣ (73)
(73)
और अलबत्ता अगर أَصَـٰبَكُمْ पहुँचे तुम्हें aṣābakum
पहुँचे तुम्हें فَضْلٌۭ कोई फ़ज़ल faḍlun
कोई फ़ज़ल مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से لَيَقُولَنَّ अलबत्ता वो ज़रूर कहेगा layaqūlanna
अलबत्ता वो ज़रूर कहेगा كَأَن गोया कि ka-an
गोया कि لَّمْ ना lam
ना تَكُنۢ थी takun
थी بَيْنَكُمْ दर्मियान तुम्हारे baynakum
दर्मियान तुम्हारे وَبَيْنَهُۥ और दर्मियान उसके wabaynahu
और दर्मियान उसके مَوَدَّةٌۭ कोई मोहब्बत mawaddatun
कोई मोहब्बत يَـٰلَيْتَنِى हाय अफ़सोस मुझ पर yālaytanī
हाय अफ़सोस मुझ पर كُنتُ होता मैं kuntu
होता मैं مَعَهُمْ साथ उनके maʿahum
साथ उनके فَأَفُوزَ तो मैं कामयाबी पाता fa-afūza
तो मैं कामयाबी पाता فَوْزًا कामयाबी fawzan
कामयाबी عَظِيمًۭا बहुत बड़ी ʿaẓīman
बहुत बड़ी ٧٣ (73)
(73)
और यदि तुम्हें अल्लाह का अनुग्रह प्राप्त हो जाए, तो वह अवश्य इस तरह कहेगा मानो तुम्हारे और उसके बीच कोई मित्रता ही नहीं थी कि ऐ काश! मैं भी उनके साथ होता, तो बड़ी सफलता प्राप्त कर लेता!
४:७४
۞ فَلْيُقَـٰتِلْ
पस चाहिए कि जंग करें
falyuqātil
पस चाहिए कि जंग करें فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो يَشْرُونَ बेच देते हैं yashrūna
बेच देते हैं ٱلْحَيَوٰةَ ज़िन्दगी l-ḥayata
ज़िन्दगी ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की بِٱلْـَٔاخِرَةِ ۚ बदले आख़िरत के bil-ākhirati
बदले आख़िरत के وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يُقَـٰتِلْ जंग करे yuqātil
जंग करे فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में فَيُقْتَلْ फिर वो क़त्ल कर दिया जाए fayuq'tal
फिर वो क़त्ल कर दिया जाए أَوْ या aw
या يَغْلِبْ वो ग़ालिब आ जाए yaghlib
वो ग़ालिब आ जाए فَسَوْفَ पस अनक़रीब fasawfa
पस अनक़रीब نُؤْتِيهِ हम देंगे उसे nu'tīhi
हम देंगे उसे أَجْرًا अजर ajran
अजर عَظِيمًۭا बहुत बड़ा ʿaẓīman
बहुत बड़ा ٧٤ (74)
(74)
पस चाहिए कि जंग करें فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो يَشْرُونَ बेच देते हैं yashrūna
बेच देते हैं ٱلْحَيَوٰةَ ज़िन्दगी l-ḥayata
ज़िन्दगी ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की بِٱلْـَٔاخِرَةِ ۚ बदले आख़िरत के bil-ākhirati
बदले आख़िरत के وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يُقَـٰتِلْ जंग करे yuqātil
जंग करे فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में فَيُقْتَلْ फिर वो क़त्ल कर दिया जाए fayuq'tal
फिर वो क़त्ल कर दिया जाए أَوْ या aw
या يَغْلِبْ वो ग़ालिब आ जाए yaghlib
वो ग़ालिब आ जाए فَسَوْفَ पस अनक़रीब fasawfa
पस अनक़रीब نُؤْتِيهِ हम देंगे उसे nu'tīhi
हम देंगे उसे أَجْرًا अजर ajran
अजर عَظِيمًۭا बहुत बड़ा ʿaẓīman
बहुत बड़ा ٧٤ (74)
(74)
तो जो लोग आख़िरत के बदले सांसारिक जीवन को बेच चुके हैं, उन्हें अल्लाह के मार्ग1 में लड़ना चाहिए। और जो अल्लाह के मार्ग में युद्ध करेगा, चाहे वह मारा जाए अथवा विजयी हो जाए, तो हम उसे बड़ा बदला प्रदान करेंगे।
४:७५
وَمَا
और क्या है
wamā
और क्या है لَكُمْ तुम्हें lakum
तुम्हें لَا (that) not lā
(that) not تُقَـٰتِلُونَ नहीं तुम जंग करते tuqātilūna
नहीं तुम जंग करते فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में وَٱلْمُسْتَضْعَفِينَ हालाँकि जो कमज़ोर हैं wal-mus'taḍʿafīna
हालाँकि जो कमज़ोर हैं مِنَ among mina
among ٱلرِّجَالِ मर्दों में से l-rijāli
मर्दों में से وَٱلنِّسَآءِ और औरतों wal-nisāi
और औरतों وَٱلْوِلْدَٰنِ और बच्चों (में से) wal-wil'dāni
और बच्चों (में से) ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो يَقُولُونَ कहते हैं yaqūlūna
कहते हैं رَبَّنَآ ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब أَخْرِجْنَا निकाल हमें akhrij'nā
निकाल हमें مِنْ of min
of هَـٰذِهِ this hādhihi
this ٱلْقَرْيَةِ इस बस्ती से l-qaryati
इस बस्ती से ٱلظَّالِمِ ज़ालिम हैं l-ẓālimi
ज़ालिम हैं أَهْلُهَا रहने वाले इसके ahluhā
रहने वाले इसके وَٱجْعَل और बना दे wa-ij'ʿal
और बना दे لَّنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए مِن from min
from لَّدُنكَ अपने पास से ladunka
अपने पास से وَلِيًّۭا कोई हिमायती waliyyan
कोई हिमायती وَٱجْعَل और बना दे wa-ij'ʿal
और बना दे لَّنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए مِن from min
from لَّدُنكَ अपने पास से ladunka
अपने पास से نَصِيرًا कोई मददगार naṣīran
कोई मददगार ٧٥ (75)
(75)
और क्या है لَكُمْ तुम्हें lakum
तुम्हें لَا (that) not lā
(that) not تُقَـٰتِلُونَ नहीं तुम जंग करते tuqātilūna
नहीं तुम जंग करते فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में وَٱلْمُسْتَضْعَفِينَ हालाँकि जो कमज़ोर हैं wal-mus'taḍʿafīna
हालाँकि जो कमज़ोर हैं مِنَ among mina
among ٱلرِّجَالِ मर्दों में से l-rijāli
मर्दों में से وَٱلنِّسَآءِ और औरतों wal-nisāi
और औरतों وَٱلْوِلْدَٰنِ और बच्चों (में से) wal-wil'dāni
और बच्चों (में से) ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो يَقُولُونَ कहते हैं yaqūlūna
कहते हैं رَبَّنَآ ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब أَخْرِجْنَا निकाल हमें akhrij'nā
निकाल हमें مِنْ of min
of هَـٰذِهِ this hādhihi
this ٱلْقَرْيَةِ इस बस्ती से l-qaryati
इस बस्ती से ٱلظَّالِمِ ज़ालिम हैं l-ẓālimi
ज़ालिम हैं أَهْلُهَا रहने वाले इसके ahluhā
रहने वाले इसके وَٱجْعَل और बना दे wa-ij'ʿal
और बना दे لَّنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए مِن from min
from لَّدُنكَ अपने पास से ladunka
अपने पास से وَلِيًّۭا कोई हिमायती waliyyan
कोई हिमायती وَٱجْعَل और बना दे wa-ij'ʿal
और बना दे لَّنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए مِن from min
from لَّدُنكَ अपने पास से ladunka
अपने पास से نَصِيرًا कोई मददगार naṣīran
कोई मददगार ٧٥ (75)
(75)
और तुम्हें क्या हो गया है कि अल्लाह के मार्ग में तथा उन कमज़ोर पुरुषों, स्त्रियों और बच्चों को छुटकारा दिलाने के लिए युद्ध नहीं करते, जो पुकार रहे हैं कि ऐ हमारे पालनहार! हमें इस नगर1 से निकाल दे, जिसके वासी अत्याचारी हैं और हमारे लिए अपनी ओर से कोई रक्षक बना दे और हमारे लिए अपनी ओर से कोई सहायक बना दे?!
४:७६
ٱلَّذِينَ
वो जो
alladhīna
वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए يُقَـٰتِلُونَ वो जंग करते हैं yuqātilūna
वो जंग करते हैं فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ ۖ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में وَٱلَّذِينَ और वो जिन्होंने wa-alladhīna
और वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया يُقَـٰتِلُونَ वो जंग करते हैं yuqātilūna
वो जंग करते हैं فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱلطَّـٰغُوتِ ताग़ूत के रास्ते में l-ṭāghūti
ताग़ूत के रास्ते में فَقَـٰتِلُوٓا۟ पस जंग करो faqātilū
पस जंग करो أَوْلِيَآءَ दोस्तों से awliyāa
दोस्तों से ٱلشَّيْطَـٰنِ ۖ शैतान के l-shayṭāni
शैतान के إِنَّ बेशक inna
बेशक كَيْدَ चाल kayda
चाल ٱلشَّيْطَـٰنِ शैतान की l-shayṭāni
शैतान की كَانَ है kāna
है ضَعِيفًا बहुत कमज़ोर ḍaʿīfan
बहुत कमज़ोर ٧٦ (76)
(76)
वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए يُقَـٰتِلُونَ वो जंग करते हैं yuqātilūna
वो जंग करते हैं فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ ۖ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में وَٱلَّذِينَ और वो जिन्होंने wa-alladhīna
और वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया يُقَـٰتِلُونَ वो जंग करते हैं yuqātilūna
वो जंग करते हैं فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱلطَّـٰغُوتِ ताग़ूत के रास्ते में l-ṭāghūti
ताग़ूत के रास्ते में فَقَـٰتِلُوٓا۟ पस जंग करो faqātilū
पस जंग करो أَوْلِيَآءَ दोस्तों से awliyāa
दोस्तों से ٱلشَّيْطَـٰنِ ۖ शैतान के l-shayṭāni
शैतान के إِنَّ बेशक inna
बेशक كَيْدَ चाल kayda
चाल ٱلشَّيْطَـٰنِ शैतान की l-shayṭāni
शैतान की كَانَ है kāna
है ضَعِيفًا बहुत कमज़ोर ḍaʿīfan
बहुत कमज़ोर ٧٦ (76)
(76)
जो लोग ईमान लाए, वे अल्लाह के मार्ग में युद्ध करते हैं और जो काफ़िर हैं, वे ताग़ूत (शैतान) के मार्ग में युद्ध करते हैं। अतः तुम शैतान के मित्रों से युद्ध करो। निःसंदेह शैतान की चाल कमज़ोर होती है।
४:७७
أَلَمْ
क्या नहीं
alam
क्या नहीं تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा إِلَى [towards] ilā
[towards] ٱلَّذِينَ तरफ़ उनके alladhīna
तरफ़ उनके قِيلَ कहा गया qīla
कहा गया لَهُمْ जिन्हें lahum
जिन्हें كُفُّوٓا۟ रोके रखो kuffū
रोके रखो أَيْدِيَكُمْ अपने हाथों को aydiyakum
अपने हाथों को وَأَقِيمُوا۟ और क़ायम करो wa-aqīmū
और क़ायम करो ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَءَاتُوا۟ और अदा करो waātū
और अदा करो ٱلزَّكَوٰةَ ज़कात l-zakata
ज़कात فَلَمَّا तो जब falammā
तो जब كُتِبَ फ़र्ज़ किया गया kutiba
फ़र्ज़ किया गया عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلْقِتَالُ जंग करना l-qitālu
जंग करना إِذَا तब idhā
तब فَرِيقٌۭ एक गिरोह (के लोग) farīqun
एक गिरोह (के लोग) مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से يَخْشَوْنَ वो डर रहे थे yakhshawna
वो डर रहे थे ٱلنَّاسَ लोगों से l-nāsa
लोगों से كَخَشْيَةِ जैसा डरना kakhashyati
जैसा डरना ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से أَوْ या aw
या أَشَدَّ ज़्यादा शदीद ashadda
ज़्यादा शदीद خَشْيَةًۭ ۚ डरना khashyatan
डरना وَقَالُوا۟ और उन्होंने कहा waqālū
और उन्होंने कहा رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब لِمَ क्यों lima
क्यों كَتَبْتَ फ़र्ज़ किया तूने katabta
फ़र्ज़ किया तूने عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर ٱلْقِتَالَ जंग करना l-qitāla
जंग करना لَوْلَآ क्यों ना lawlā
क्यों ना أَخَّرْتَنَآ तूने मोहलत दी हमें akhartanā
तूने मोहलत दी हमें إِلَىٰٓ to ilā
to أَجَلٍۢ एक मुद्दत तक ajalin
एक मुद्दत तक قَرِيبٍۢ ۗ क़रीब की qarībin
क़रीब की قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए مَتَـٰعُ फ़ायदा matāʿu
फ़ायदा ٱلدُّنْيَا दुनिया का l-dun'yā
दुनिया का قَلِيلٌۭ बहुत थोड़ा है qalīlun
बहुत थोड़ा है وَٱلْـَٔاخِرَةُ और आख़िरत wal-ākhiratu
और आख़िरत خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है لِّمَنِ उसके लिए जो limani
उसके लिए जो ٱتَّقَىٰ तक़वा करे ittaqā
तक़वा करे وَلَا और ना walā
और ना تُظْلَمُونَ तुम ज़ुल्म किए जाओगे tuẓ'lamūna
तुम ज़ुल्म किए जाओगे فَتِيلًا धागे बराबर fatīlan
धागे बराबर ٧٧ (77)
(77)
क्या नहीं تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा إِلَى [towards] ilā
[towards] ٱلَّذِينَ तरफ़ उनके alladhīna
तरफ़ उनके قِيلَ कहा गया qīla
कहा गया لَهُمْ जिन्हें lahum
जिन्हें كُفُّوٓا۟ रोके रखो kuffū
रोके रखो أَيْدِيَكُمْ अपने हाथों को aydiyakum
अपने हाथों को وَأَقِيمُوا۟ और क़ायम करो wa-aqīmū
और क़ायम करो ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَءَاتُوا۟ और अदा करो waātū
और अदा करो ٱلزَّكَوٰةَ ज़कात l-zakata
ज़कात فَلَمَّا तो जब falammā
तो जब كُتِبَ फ़र्ज़ किया गया kutiba
फ़र्ज़ किया गया عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلْقِتَالُ जंग करना l-qitālu
जंग करना إِذَا तब idhā
तब فَرِيقٌۭ एक गिरोह (के लोग) farīqun
एक गिरोह (के लोग) مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से يَخْشَوْنَ वो डर रहे थे yakhshawna
वो डर रहे थे ٱلنَّاسَ लोगों से l-nāsa
लोगों से كَخَشْيَةِ जैसा डरना kakhashyati
जैसा डरना ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से أَوْ या aw
या أَشَدَّ ज़्यादा शदीद ashadda
ज़्यादा शदीद خَشْيَةًۭ ۚ डरना khashyatan
डरना وَقَالُوا۟ और उन्होंने कहा waqālū
और उन्होंने कहा رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब لِمَ क्यों lima
क्यों كَتَبْتَ फ़र्ज़ किया तूने katabta
फ़र्ज़ किया तूने عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर ٱلْقِتَالَ जंग करना l-qitāla
जंग करना لَوْلَآ क्यों ना lawlā
क्यों ना أَخَّرْتَنَآ तूने मोहलत दी हमें akhartanā
तूने मोहलत दी हमें إِلَىٰٓ to ilā
to أَجَلٍۢ एक मुद्दत तक ajalin
एक मुद्दत तक قَرِيبٍۢ ۗ क़रीब की qarībin
क़रीब की قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए مَتَـٰعُ फ़ायदा matāʿu
फ़ायदा ٱلدُّنْيَا दुनिया का l-dun'yā
दुनिया का قَلِيلٌۭ बहुत थोड़ा है qalīlun
बहुत थोड़ा है وَٱلْـَٔاخِرَةُ और आख़िरत wal-ākhiratu
और आख़िरत خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है لِّمَنِ उसके लिए जो limani
उसके लिए जो ٱتَّقَىٰ तक़वा करे ittaqā
तक़वा करे وَلَا और ना walā
और ना تُظْلَمُونَ तुम ज़ुल्म किए जाओगे tuẓ'lamūna
तुम ज़ुल्म किए जाओगे فَتِيلًا धागे बराबर fatīlan
धागे बराबर ٧٧ (77)
(77)
(ऐ नबी!) क्या आपने उनका हाल नहीं देखा, जिनसे कहा गया था कि अपने हाथों को (युद्ध से) रोके रखो, नमाज़ क़ायम करो और ज़कात दो? परंतु जब उनके ऊपर युद्ध को अनिवार्य कर दिया गया, तो देखा गया कि उनमें से एक समूह लोगों से ऐसे डर रहा है, जैसे अल्लाह से डरता है या उससे भी अधिक। तथा वे कहने लगे कि ऐ हमारे पालनहार! तूने हमारे ऊपर युद्ध को क्यों अनिवार्य कर दिया? क्यों न हमें थोड़े दिनों का और अवसर दिया? कह दें कि सांसारिक सुख बहुत थोड़ा है और परलोक उसके लिए अधिक अच्छा है, जो अल्लाह1 से डरे। और तुमपर खजूर की गुठली के धागे के बराबर भी अत्याचार नहीं किया जाएगा।
४:७८
أَيْنَمَا
जहाँ कहीं
aynamā
जहाँ कहीं تَكُونُوا۟ तुम होगे takūnū
तुम होगे يُدْرِككُّمُ पा लेगी तुम्हें yud'rikkumu
पा लेगी तुम्हें ٱلْمَوْتُ मौत l-mawtu
मौत وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम فِى in fī
in بُرُوجٍۢ क़िलों में burūjin
क़िलों में مُّشَيَّدَةٍۢ ۗ मज़बूत mushayyadatin
मज़बूत وَإِن और अगर wa-in
और अगर تُصِبْهُمْ पहुँचती है उन्हें tuṣib'hum
पहुँचती है उन्हें حَسَنَةٌۭ कोई भलाई ḥasanatun
कोई भलाई يَقُولُوا۟ वो कहते हैं yaqūlū
वो कहते हैं هَـٰذِهِۦ ये hādhihi
ये مِنْ (is) min
(is) عِندِ from ʿindi
from ٱللَّهِ ۖ अल्लाह की तरफ़ से है l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से है وَإِن और अगर wa-in
और अगर تُصِبْهُمْ पहुँचती है उन्हें tuṣib'hum
पहुँचती है उन्हें سَيِّئَةٌۭ कोई बुराई sayyi-atun
कोई बुराई يَقُولُوا۟ वो कहते हैं yaqūlū
वो कहते हैं هَـٰذِهِۦ ये hādhihi
ये مِنْ (is) min
(is) عِندِكَ ۚ आपकी तरफ़ से है ʿindika
आपकी तरफ़ से है قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए كُلٌّۭ सब कुछ kullun
सब कुछ مِّنْ (is) min
(is) عِندِ from ʿindi
from ٱللَّهِ ۖ अल्लाह की तरफ़ से है l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से है فَمَالِ तो क्या है वास्ते famāli
तो क्या है वास्ते هَـٰٓؤُلَآءِ उस hāulāi
उस ٱلْقَوْمِ क़ौम के l-qawmi
क़ौम के لَا not lā
not يَكَادُونَ नहीं वो क़रीब होते yakādūna
नहीं वो क़रीब होते يَفْقَهُونَ कि वो समझें yafqahūna
कि वो समझें حَدِيثًۭا बात को ḥadīthan
बात को ٧٨ (78)
(78)
जहाँ कहीं تَكُونُوا۟ तुम होगे takūnū
तुम होगे يُدْرِككُّمُ पा लेगी तुम्हें yud'rikkumu
पा लेगी तुम्हें ٱلْمَوْتُ मौत l-mawtu
मौत وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम فِى in fī
in بُرُوجٍۢ क़िलों में burūjin
क़िलों में مُّشَيَّدَةٍۢ ۗ मज़बूत mushayyadatin
मज़बूत وَإِن और अगर wa-in
और अगर تُصِبْهُمْ पहुँचती है उन्हें tuṣib'hum
पहुँचती है उन्हें حَسَنَةٌۭ कोई भलाई ḥasanatun
कोई भलाई يَقُولُوا۟ वो कहते हैं yaqūlū
वो कहते हैं هَـٰذِهِۦ ये hādhihi
ये مِنْ (is) min
(is) عِندِ from ʿindi
from ٱللَّهِ ۖ अल्लाह की तरफ़ से है l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से है وَإِن और अगर wa-in
और अगर تُصِبْهُمْ पहुँचती है उन्हें tuṣib'hum
पहुँचती है उन्हें سَيِّئَةٌۭ कोई बुराई sayyi-atun
कोई बुराई يَقُولُوا۟ वो कहते हैं yaqūlū
वो कहते हैं هَـٰذِهِۦ ये hādhihi
ये مِنْ (is) min
(is) عِندِكَ ۚ आपकी तरफ़ से है ʿindika
आपकी तरफ़ से है قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए كُلٌّۭ सब कुछ kullun
सब कुछ مِّنْ (is) min
(is) عِندِ from ʿindi
from ٱللَّهِ ۖ अल्लाह की तरफ़ से है l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से है فَمَالِ तो क्या है वास्ते famāli
तो क्या है वास्ते هَـٰٓؤُلَآءِ उस hāulāi
उस ٱلْقَوْمِ क़ौम के l-qawmi
क़ौम के لَا not lā
not يَكَادُونَ नहीं वो क़रीब होते yakādūna
नहीं वो क़रीब होते يَفْقَهُونَ कि वो समझें yafqahūna
कि वो समझें حَدِيثًۭا बात को ḥadīthan
बात को ٧٨ (78)
(78)
तुम जहाँ भी रहो, तुम्हें मौत आ पकड़ेगी, यद्यपि मज़बूत दुर्गों में क्यों न रहो। तथा उन्हें यदि कोई भलाई पहुँचती है, तो कहते हैं कि यह अल्लाह की ओर से है और यदि कोई बुराई पहुँचती है, तो कहते हैं कि यह आपके कारण है। (ऐ नबी!) उनसे कह दें कि सब अल्लाह की ओर से है। इन लोगों को क्या हो गया है कि कोई बात समझने के क़रीब ही नहीं1 आते?!
४:७९
مَّآ
जो भी
mā
जो भी أَصَابَكَ पहुँचती है तुझको aṣābaka
पहुँचती है तुझको مِنْ of min
of حَسَنَةٍۢ कोई भलाई ḥasanatin
कोई भलाई فَمِنَ (is) from famina
(is) from ٱللَّهِ ۖ तो अल्लाह की तरफ़ से है l-lahi
तो अल्लाह की तरफ़ से है وَمَآ और जो भी wamā
और जो भी أَصَابَكَ पहुँचती है तुझको aṣābaka
पहुँचती है तुझको مِن of min
of سَيِّئَةٍۢ कोई बुराई sayyi-atin
कोई बुराई فَمِن (is) from famin
(is) from نَّفْسِكَ ۚ तो तुम्हारे नफ़्स की तरफ़ से है nafsika
तो तुम्हारे नफ़्स की तरफ़ से है وَأَرْسَلْنَـٰكَ और भेजा हमने आपको wa-arsalnāka
और भेजा हमने आपको لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए رَسُولًۭا ۚ रसूल बनाकर rasūlan
रसूल बनाकर وَكَفَىٰ और काफ़ी है wakafā
और काफ़ी है بِٱللَّهِ अल्लाह bil-lahi
अल्लाह شَهِيدًۭا गवाह shahīdan
गवाह ٧٩ (79)
(79)
जो भी أَصَابَكَ पहुँचती है तुझको aṣābaka
पहुँचती है तुझको مِنْ of min
of حَسَنَةٍۢ कोई भलाई ḥasanatin
कोई भलाई فَمِنَ (is) from famina
(is) from ٱللَّهِ ۖ तो अल्लाह की तरफ़ से है l-lahi
तो अल्लाह की तरफ़ से है وَمَآ और जो भी wamā
और जो भी أَصَابَكَ पहुँचती है तुझको aṣābaka
पहुँचती है तुझको مِن of min
of سَيِّئَةٍۢ कोई बुराई sayyi-atin
कोई बुराई فَمِن (is) from famin
(is) from نَّفْسِكَ ۚ तो तुम्हारे नफ़्स की तरफ़ से है nafsika
तो तुम्हारे नफ़्स की तरफ़ से है وَأَرْسَلْنَـٰكَ और भेजा हमने आपको wa-arsalnāka
और भेजा हमने आपको لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए رَسُولًۭا ۚ रसूल बनाकर rasūlan
रसूल बनाकर وَكَفَىٰ और काफ़ी है wakafā
और काफ़ी है بِٱللَّهِ अल्लाह bil-lahi
अल्लाह شَهِيدًۭا गवाह shahīdan
गवाह ٧٩ (79)
(79)
तुझे जो भलाई पहुँचती है, वह अल्लाह की ओर से है तथा जो बुराई पहुँचती है, वह ख़ुद तुम्हारे (बुरे कर्मों के) कारण है और हमने आप को सभी लोगों के लिए रसूल (संदेष्टा) बनाकर भेजा1 है और (इस बात के लिए) अल्लाह की गवाही काफ़ी है।
४:८०
مَّن
जिसने
man
जिसने يُطِعِ इताअत की yuṭiʿi
इताअत की ٱلرَّسُولَ रसूल की l-rasūla
रसूल की فَقَدْ पस तहक़ीक़ faqad
पस तहक़ीक़ أَطَاعَ उसने इताअत की aṭāʿa
उसने इताअत की ٱللَّهَ ۖ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَمَن और जिसने waman
और जिसने تَوَلَّىٰ मुँह मोड़ा tawallā
मुँह मोड़ा فَمَآ तो नहीं famā
तो नहीं أَرْسَلْنَـٰكَ भेजा हमने आपको arsalnāka
भेजा हमने आपको عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर حَفِيظًۭا निगरान ḥafīẓan
निगरान ٨٠ (80)
(80)
जिसने يُطِعِ इताअत की yuṭiʿi
इताअत की ٱلرَّسُولَ रसूल की l-rasūla
रसूल की فَقَدْ पस तहक़ीक़ faqad
पस तहक़ीक़ أَطَاعَ उसने इताअत की aṭāʿa
उसने इताअत की ٱللَّهَ ۖ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَمَن और जिसने waman
और जिसने تَوَلَّىٰ मुँह मोड़ा tawallā
मुँह मोड़ा فَمَآ तो नहीं famā
तो नहीं أَرْسَلْنَـٰكَ भेजा हमने आपको arsalnāka
भेजा हमने आपको عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर حَفِيظًۭا निगरान ḥafīẓan
निगरान ٨٠ (80)
(80)
जिसने रसूल की आज्ञा का पालन किया, (वास्तव में) उसने अल्लाह की आज्ञा का पालन किया तथा जिसने मुँह फेर लिया, तो (ऐ नबी!) हमने आपको उनपर संरक्षक बनाकर नहीं भेजा1 है।
४:८१
وَيَقُولُونَ
और वो कहते हैं
wayaqūlūna
और वो कहते हैं طَاعَةٌۭ इताअत (करेंगे) ṭāʿatun
इताअत (करेंगे) فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब بَرَزُوا۟ वो निकलते हैं barazū
वो निकलते हैं مِنْ from min
from عِندِكَ आपके पास से ʿindika
आपके पास से بَيَّتَ रात को मशवरे करता है bayyata
रात को मशवरे करता है طَآئِفَةٌۭ एक गिरोह ṭāifatun
एक गिरोह مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से غَيْرَ अलावा ghayra
अलावा ٱلَّذِى उसके जो alladhī
उसके जो تَقُولُ ۖ आप कहते हैं taqūlu
आप कहते हैं وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يَكْتُبُ लिख रहा है yaktubu
लिख रहा है مَا जो mā
जो يُبَيِّتُونَ ۖ वो रात को मशवरे करते हैं yubayyitūna
वो रात को मशवरे करते हैं فَأَعْرِضْ पस ऐराज़ कीजिए fa-aʿriḍ
पस ऐराज़ कीजिए عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे وَتَوَكَّلْ और भरोसा कीजिए watawakkal
और भरोसा कीजिए عَلَى in ʿalā
in ٱللَّهِ ۚ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर وَكَفَىٰ और काफ़ी है wakafā
और काफ़ी है بِٱللَّهِ अल्लाह bil-lahi
अल्लाह وَكِيلًا कारसाज़ wakīlan
कारसाज़ ٨١ (81)
(81)
और वो कहते हैं طَاعَةٌۭ इताअत (करेंगे) ṭāʿatun
इताअत (करेंगे) فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब بَرَزُوا۟ वो निकलते हैं barazū
वो निकलते हैं مِنْ from min
from عِندِكَ आपके पास से ʿindika
आपके पास से بَيَّتَ रात को मशवरे करता है bayyata
रात को मशवरे करता है طَآئِفَةٌۭ एक गिरोह ṭāifatun
एक गिरोह مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से غَيْرَ अलावा ghayra
अलावा ٱلَّذِى उसके जो alladhī
उसके जो تَقُولُ ۖ आप कहते हैं taqūlu
आप कहते हैं وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يَكْتُبُ लिख रहा है yaktubu
लिख रहा है مَا जो mā
जो يُبَيِّتُونَ ۖ वो रात को मशवरे करते हैं yubayyitūna
वो रात को मशवरे करते हैं فَأَعْرِضْ पस ऐराज़ कीजिए fa-aʿriḍ
पस ऐराज़ कीजिए عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे وَتَوَكَّلْ और भरोसा कीजिए watawakkal
और भरोसा कीजिए عَلَى in ʿalā
in ٱللَّهِ ۚ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर وَكَفَىٰ और काफ़ी है wakafā
और काफ़ी है بِٱللَّهِ अल्लाह bil-lahi
अल्लाह وَكِيلًا कारसाज़ wakīlan
कारसाज़ ٨١ (81)
(81)
तथा वे (आपके सामने) कहते हैं कि हम आज्ञाकारी हैं। परन्तु, जब वे आपके पास से चले जाते हैं, तो उनमें से एक गिरोह, आपकी बात के विरुद्ध रात में षड्यंत्र करता है। जो कुछ वे षड्यंत्र करते है, अल्लाह उसे लिख रहा है। अतः आप उनसे मुँह फेर लें और अल्लाह पर भरोसा रखें, तथा अल्लाह का कार्यसाधक होना काफ़ी है।
४:८२
أَفَلَا
क्या फिर नहीं
afalā
क्या फिर नहीं يَتَدَبَّرُونَ वो तदब्बुर करते yatadabbarūna
वो तदब्बुर करते ٱلْقُرْءَانَ ۚ क़ुरआन में l-qur'āna
क़ुरआन में وَلَوْ और अगर walaw
और अगर كَانَ होता वो kāna
होता वो مِنْ (of) min
(of) عِندِ पास से ʿindi
पास से غَيْرِ ग़ैर ghayri
ग़ैर ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के لَوَجَدُوا۟ अलबत्ता वो पाते lawajadū
अलबत्ता वो पाते فِيهِ उसमें fīhi
उसमें ٱخْتِلَـٰفًۭا इख्तिलाफ़ ikh'tilāfan
इख्तिलाफ़ كَثِيرًۭا बहुत ज़्यादा kathīran
बहुत ज़्यादा ٨٢ (82)
(82)
क्या फिर नहीं يَتَدَبَّرُونَ वो तदब्बुर करते yatadabbarūna
वो तदब्बुर करते ٱلْقُرْءَانَ ۚ क़ुरआन में l-qur'āna
क़ुरआन में وَلَوْ और अगर walaw
और अगर كَانَ होता वो kāna
होता वो مِنْ (of) min
(of) عِندِ पास से ʿindi
पास से غَيْرِ ग़ैर ghayri
ग़ैर ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के لَوَجَدُوا۟ अलबत्ता वो पाते lawajadū
अलबत्ता वो पाते فِيهِ उसमें fīhi
उसमें ٱخْتِلَـٰفًۭا इख्तिलाफ़ ikh'tilāfan
इख्तिलाफ़ كَثِيرًۭا बहुत ज़्यादा kathīran
बहुत ज़्यादा ٨٢ (82)
(82)
तो क्या वे क़ुरआन पर चिंतन मनन नहीं करते? यदि वह अल्लाह के सिवा किसी और की ओर से होता, तो वे उसमें बहुत-सा अंतर्विरोध (असंगति) पाते।1
४:८३
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब جَآءَهُمْ आता है उनके पास jāahum
आता है उनके पास أَمْرٌۭ कोई मामला amrun
कोई मामला مِّنَ of mina
of ٱلْأَمْنِ अमन में से l-amni
अमन में से أَوِ या awi
या ٱلْخَوْفِ ख़ौफ़ में से l-khawfi
ख़ौफ़ में से أَذَاعُوا۟ वो फैला देते हैं adhāʿū
वो फैला देते हैं بِهِۦ ۖ उसे bihi
उसे وَلَوْ और अगर walaw
और अगर رَدُّوهُ वो लौटाते उसे raddūhu
वो लौटाते उसे إِلَى to ilā
to ٱلرَّسُولِ तरफ़ रसूल के l-rasūli
तरफ़ रसूल के وَإِلَىٰٓ और तरफ़ wa-ilā
और तरफ़ أُو۟لِى those ulī
those ٱلْأَمْرِ ऊलुल अम्र के l-amri
ऊलुल अम्र के مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से لَعَلِمَهُ अलबत्ता जान लेते उसे laʿalimahu
अलबत्ता जान लेते उसे ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो يَسْتَنۢبِطُونَهُۥ निकाल लाते हैं नतीजा उसका yastanbiṭūnahu
निकाल लाते हैं नतीजा उसका مِنْهُمْ ۗ उनमें से min'hum
उनमें से وَلَوْلَا और अगर ना होता walawlā
और अगर ना होता فَضْلُ फ़ज़ल faḍlu
फ़ज़ल ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर وَرَحْمَتُهُۥ और रहमत उसकी waraḥmatuhu
और रहमत उसकी لَٱتَّبَعْتُمُ अलबत्ता पैरवी करते तुम la-ittabaʿtumu
अलबत्ता पैरवी करते तुम ٱلشَّيْطَـٰنَ शैतान की l-shayṭāna
शैतान की إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلًۭا बहुत थोड़े qalīlan
बहुत थोड़े ٨٣ (83)
(83)
और जब جَآءَهُمْ आता है उनके पास jāahum
आता है उनके पास أَمْرٌۭ कोई मामला amrun
कोई मामला مِّنَ of mina
of ٱلْأَمْنِ अमन में से l-amni
अमन में से أَوِ या awi
या ٱلْخَوْفِ ख़ौफ़ में से l-khawfi
ख़ौफ़ में से أَذَاعُوا۟ वो फैला देते हैं adhāʿū
वो फैला देते हैं بِهِۦ ۖ उसे bihi
उसे وَلَوْ और अगर walaw
और अगर رَدُّوهُ वो लौटाते उसे raddūhu
वो लौटाते उसे إِلَى to ilā
to ٱلرَّسُولِ तरफ़ रसूल के l-rasūli
तरफ़ रसूल के وَإِلَىٰٓ और तरफ़ wa-ilā
और तरफ़ أُو۟لِى those ulī
those ٱلْأَمْرِ ऊलुल अम्र के l-amri
ऊलुल अम्र के مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से لَعَلِمَهُ अलबत्ता जान लेते उसे laʿalimahu
अलबत्ता जान लेते उसे ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो يَسْتَنۢبِطُونَهُۥ निकाल लाते हैं नतीजा उसका yastanbiṭūnahu
निकाल लाते हैं नतीजा उसका مِنْهُمْ ۗ उनमें से min'hum
उनमें से وَلَوْلَا और अगर ना होता walawlā
और अगर ना होता فَضْلُ फ़ज़ल faḍlu
फ़ज़ल ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर وَرَحْمَتُهُۥ और रहमत उसकी waraḥmatuhu
और रहमत उसकी لَٱتَّبَعْتُمُ अलबत्ता पैरवी करते तुम la-ittabaʿtumu
अलबत्ता पैरवी करते तुम ٱلشَّيْطَـٰنَ शैतान की l-shayṭāna
शैतान की إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلًۭا बहुत थोड़े qalīlan
बहुत थोड़े ٨٣ (83)
(83)
और जब उनके पास सुरक्षा या भय की कोई सूचना आती है, तो उसे चारों ओर फैला देते हैं। हालाँकि, यदि वे उसे अल्लाह के रसूल तथा अपने में से प्राधिकारियों की ओर लौटा देते, तो उनमें से जो लोग उसका सही निष्कर्ष निकाल सकते हैं, उसकी वास्तविकता को अवश्य जान लेते। और यदि तुमपर अल्लाह की अनुकंपा तथा दया न होती, तो तुममें से कुछ को छोड़कर, सब शैतान का अनुसरण करने लगते।1
४:८४
فَقَـٰتِلْ
तो जंग कीजिए
faqātil
तो जंग कीजिए فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में لَا not lā
not تُكَلَّفُ नहीं आप मुकल्लफ़ बनाए गए tukallafu
नहीं आप मुकल्लफ़ बनाए गए إِلَّا मगर illā
मगर نَفْسَكَ ۚ अपनी जान के nafsaka
अपनी जान के وَحَرِّضِ और उभारिए waḥarriḍi
और उभारिए ٱلْمُؤْمِنِينَ ۖ मोमिनों को l-mu'minīna
मोमिनों को عَسَى उम्मीद है ʿasā
उम्मीद है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَن कि an
कि يَكُفَّ वो रोक दे yakuffa
वो रोक दे بَأْسَ जंग basa
जंग ٱلَّذِينَ उनकी जिन्होंने alladhīna
उनकी जिन्होंने كَفَرُوا۟ ۚ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह أَشَدُّ ज़्यादा सख़्त है ashaddu
ज़्यादा सख़्त है بَأْسًۭا ताक़त में basan
ताक़त में وَأَشَدُّ और ज़्यादा सख़्त है wa-ashaddu
और ज़्यादा सख़्त है تَنكِيلًۭا इबरतनाक सज़ा देने में tankīlan
इबरतनाक सज़ा देने में ٨٤ (84)
(84)
तो जंग कीजिए فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में لَا not lā
not تُكَلَّفُ नहीं आप मुकल्लफ़ बनाए गए tukallafu
नहीं आप मुकल्लफ़ बनाए गए إِلَّا मगर illā
मगर نَفْسَكَ ۚ अपनी जान के nafsaka
अपनी जान के وَحَرِّضِ और उभारिए waḥarriḍi
और उभारिए ٱلْمُؤْمِنِينَ ۖ मोमिनों को l-mu'minīna
मोमिनों को عَسَى उम्मीद है ʿasā
उम्मीद है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَن कि an
कि يَكُفَّ वो रोक दे yakuffa
वो रोक दे بَأْسَ जंग basa
जंग ٱلَّذِينَ उनकी जिन्होंने alladhīna
उनकी जिन्होंने كَفَرُوا۟ ۚ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह أَشَدُّ ज़्यादा सख़्त है ashaddu
ज़्यादा सख़्त है بَأْسًۭا ताक़त में basan
ताक़त में وَأَشَدُّ और ज़्यादा सख़्त है wa-ashaddu
और ज़्यादा सख़्त है تَنكِيلًۭا इबरतनाक सज़ा देने में tankīlan
इबरतनाक सज़ा देने में ٨٤ (84)
(84)
अतः (ऐ नबी!) आप अल्लाह के मार्ग में युद्ध करें। आपपर अपने सिवा किसी और की ज़िम्मेदारी नहीं है। तथा ईमान वालों को (युद्ध के लिए) उभारें। संभव है कि अल्लाह काफ़िरों का बल तोड़ दे। अल्लाह बड़ा शक्तिशाली और बहुत कठोर दंड देने वाला है।
४:८५
مَّن
जो कोई
man
जो कोई يَشْفَعْ सिफ़ारिश करेगा yashfaʿ
सिफ़ारिश करेगा شَفَـٰعَةً सिफ़ारिश shafāʿatan
सिफ़ारिश حَسَنَةًۭ अच्छी ḥasanatan
अच्छी يَكُن होगा yakun
होगा لَّهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए نَصِيبٌۭ एक हिस्सा naṣībun
एक हिस्सा مِّنْهَا ۖ उसमें से min'hā
उसमें से وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَشْفَعْ सिफ़ारिश करेगा yashfaʿ
सिफ़ारिश करेगा شَفَـٰعَةًۭ सिफ़ारिश shafāʿatan
सिफ़ारिश سَيِّئَةًۭ बुरी sayyi-atan
बुरी يَكُن होगा yakun
होगा لَّهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए كِفْلٌۭ एक हिस्सा kif'lun
एक हिस्सा مِّنْهَا ۗ उसमें से min'hā
उसमें से وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के مُّقِيتًۭا निगरान muqītan
निगरान ٨٥ (85)
(85)
जो कोई يَشْفَعْ सिफ़ारिश करेगा yashfaʿ
सिफ़ारिश करेगा شَفَـٰعَةً सिफ़ारिश shafāʿatan
सिफ़ारिश حَسَنَةًۭ अच्छी ḥasanatan
अच्छी يَكُن होगा yakun
होगा لَّهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए نَصِيبٌۭ एक हिस्सा naṣībun
एक हिस्सा مِّنْهَا ۖ उसमें से min'hā
उसमें से وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَشْفَعْ सिफ़ारिश करेगा yashfaʿ
सिफ़ारिश करेगा شَفَـٰعَةًۭ सिफ़ारिश shafāʿatan
सिफ़ारिश سَيِّئَةًۭ बुरी sayyi-atan
बुरी يَكُن होगा yakun
होगा لَّهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए كِفْلٌۭ एक हिस्सा kif'lun
एक हिस्सा مِّنْهَا ۗ उसमें से min'hā
उसमें से وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के مُّقِيتًۭا निगरान muqītan
निगरान ٨٥ (85)
(85)
जो अच्छी सिफ़ारिश करेगा, उसके लिए उसमें से हिस्सा होगा तथा जो बुरी सिफ़ारिश करेगा, उसके लिए उसमें से हिस्सा1 होगा, और अल्लाह प्रत्येक चीज़ का साक्षी व संरक्षक है।
४:८६
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब حُيِّيتُم दुआ दिए जाओ तुम ḥuyyītum
दुआ दिए जाओ तुम بِتَحِيَّةٍۢ कोई दुआ bitaḥiyyatin
कोई दुआ فَحَيُّوا۟ तो तुम भी दुआ दो faḥayyū
तो तुम भी दुआ दो بِأَحْسَنَ ज़्यादा अच्छी bi-aḥsana
ज़्यादा अच्छी مِنْهَآ उस से min'hā
उस से أَوْ या aw
या رُدُّوهَآ ۗ लौटा दो उसे ruddūhā
लौटा दो उसे إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍ चीज़ के shayin
चीज़ के حَسِيبًا ख़ूब हिसाब लेने वाला ḥasīban
ख़ूब हिसाब लेने वाला ٨٦ (86)
(86)
और जब حُيِّيتُم दुआ दिए जाओ तुम ḥuyyītum
दुआ दिए जाओ तुम بِتَحِيَّةٍۢ कोई दुआ bitaḥiyyatin
कोई दुआ فَحَيُّوا۟ तो तुम भी दुआ दो faḥayyū
तो तुम भी दुआ दो بِأَحْسَنَ ज़्यादा अच्छी bi-aḥsana
ज़्यादा अच्छी مِنْهَآ उस से min'hā
उस से أَوْ या aw
या رُدُّوهَآ ۗ लौटा दो उसे ruddūhā
लौटा दो उसे إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍ चीज़ के shayin
चीज़ के حَسِيبًا ख़ूब हिसाब लेने वाला ḥasīban
ख़ूब हिसाब लेने वाला ٨٦ (86)
(86)
और जब तुमसे सलाम किया जाए, तो उससे अच्छा उत्तर दो अथवा उसी को दोहरा दो। निःसंदेह अल्लाह प्रत्येक चीज़ का ह़िसाब लेने वाला है।
४:८७
ٱللَّهُ
अल्लाह
al-lahu
अल्लाह لَآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ ۚ वो ही huwa
वो ही لَيَجْمَعَنَّكُمْ अलबत्ता वो ज़रूर जमा करेगा तुम्हें layajmaʿannakum
अलबत्ता वो ज़रूर जमा करेगा तुम्हें إِلَىٰ to ilā
to يَوْمِ तरफ़ दिन yawmi
तरफ़ दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के لَا नहीं lā
नहीं رَيْبَ कोई शक rayba
कोई शक فِيهِ ۗ उस में fīhi
उस में وَمَنْ और कौन waman
और कौन أَصْدَقُ ज़्यादा सच्चा है aṣdaqu
ज़्यादा सच्चा है مِنَ than mina
than ٱللَّهِ अल्लाह से (बढ़ कर) l-lahi
अल्लाह से (बढ़ कर) حَدِيثًۭا बात में ḥadīthan
बात में ٨٧ (87)
(87)
अल्लाह لَآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ ۚ वो ही huwa
वो ही لَيَجْمَعَنَّكُمْ अलबत्ता वो ज़रूर जमा करेगा तुम्हें layajmaʿannakum
अलबत्ता वो ज़रूर जमा करेगा तुम्हें إِلَىٰ to ilā
to يَوْمِ तरफ़ दिन yawmi
तरफ़ दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के لَا नहीं lā
नहीं رَيْبَ कोई शक rayba
कोई शक فِيهِ ۗ उस में fīhi
उस में وَمَنْ और कौन waman
और कौन أَصْدَقُ ज़्यादा सच्चा है aṣdaqu
ज़्यादा सच्चा है مِنَ than mina
than ٱللَّهِ अल्लाह से (बढ़ कर) l-lahi
अल्लाह से (बढ़ कर) حَدِيثًۭا बात में ḥadīthan
बात में ٨٧ (87)
(87)
अल्लाह के सिवा कोई सच्चा पूज्य नहीं, वह तुम्हें प्रलय के दिन अवश्य एकत्र करेगा, जिसमें कोई संदेह नहीं, तथा अल्लाह से अधिक सच्ची बात वाला और कौन होगा?
४:८८
۞ فَمَا
तो क्या है
famā
तो क्या है لَكُمْ तुम्हें lakum
तुम्हें فِى concerning fī
concerning ٱلْمُنَـٰفِقِينَ मुनाफ़िक़ों के बारे में l-munāfiqīna
मुनाफ़िक़ों के बारे में فِئَتَيْنِ दो गिरोह (हो गए हो) fi-atayni
दो गिरोह (हो गए हो) وَٱللَّهُ और अल्लाह ने wal-lahu
और अल्लाह ने أَرْكَسَهُم उलटा फेर दिया उन्हें arkasahum
उलटा फेर दिया उन्हें بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَسَبُوٓا۟ ۚ उन्होंने कमाई की kasabū
उन्होंने कमाई की أَتُرِيدُونَ क्या तुम चाहते हो aturīdūna
क्या तुम चाहते हो أَن कि an
कि تَهْدُوا۟ तुम हिदायत दो tahdū
तुम हिदायत दो مَنْ उसको जिसे man
उसको जिसे أَضَلَّ गुमराह कर दिया aḍalla
गुमराह कर दिया ٱللَّهُ ۖ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَمَن और जिसे waman
और जिसे يُضْلِلِ गुमराह कर दे yuḍ'lili
गुमराह कर दे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فَلَن तो हरगिज़ नहीं falan
तो हरगिज़ नहीं تَجِدَ तुम पाओगे tajida
तुम पाओगे لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए سَبِيلًۭا कोई रास्ता sabīlan
कोई रास्ता ٨٨ (88)
(88)
तो क्या है لَكُمْ तुम्हें lakum
तुम्हें فِى concerning fī
concerning ٱلْمُنَـٰفِقِينَ मुनाफ़िक़ों के बारे में l-munāfiqīna
मुनाफ़िक़ों के बारे में فِئَتَيْنِ दो गिरोह (हो गए हो) fi-atayni
दो गिरोह (हो गए हो) وَٱللَّهُ और अल्लाह ने wal-lahu
और अल्लाह ने أَرْكَسَهُم उलटा फेर दिया उन्हें arkasahum
उलटा फेर दिया उन्हें بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَسَبُوٓا۟ ۚ उन्होंने कमाई की kasabū
उन्होंने कमाई की أَتُرِيدُونَ क्या तुम चाहते हो aturīdūna
क्या तुम चाहते हो أَن कि an
कि تَهْدُوا۟ तुम हिदायत दो tahdū
तुम हिदायत दो مَنْ उसको जिसे man
उसको जिसे أَضَلَّ गुमराह कर दिया aḍalla
गुमराह कर दिया ٱللَّهُ ۖ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَمَن और जिसे waman
और जिसे يُضْلِلِ गुमराह कर दे yuḍ'lili
गुमराह कर दे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فَلَن तो हरगिज़ नहीं falan
तो हरगिज़ नहीं تَجِدَ तुम पाओगे tajida
तुम पाओगे لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए سَبِيلًۭا कोई रास्ता sabīlan
कोई रास्ता ٨٨ (88)
(88)
तुम्हें क्या हो गया है कि मुनाफ़िक़ों के बारे में दो पक्ष1 बन गए हो, जबकि अल्लाह ने उनकी करतूतों के कारण उन्हें उल्टा फेर दिया है? क्या तुम उसे सही रास्ता दिखाना चाहते हो, जिसे अल्लाह ने पथभ्रष्ट कर दिया है? और जिसे अल्लाह पथभ्रष्ट कर दे, तुम उसके लिए कदापि कोई रास्ता नहीं पाओगे।
४:८९
وَدُّوا۟
वो दिल से चाहते हैं
waddū
वो दिल से चाहते हैं لَوْ कि काश law
कि काश تَكْفُرُونَ तुम कुफ़्र करो takfurūna
तुम कुफ़्र करो كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि كَفَرُوا۟ उन्होंने कुफ़्र किया kafarū
उन्होंने कुफ़्र किया فَتَكُونُونَ तो तुम हो जाओ fatakūnūna
तो तुम हो जाओ سَوَآءًۭ ۖ बराबर sawāan
बराबर فَلَا तो ना falā
तो ना تَتَّخِذُوا۟ तुम बनाओ tattakhidhū
तुम बनाओ مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से أَوْلِيَآءَ दोस्त awliyāa
दोस्त حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يُهَاجِرُوا۟ वो हिजरत कर जाऐं yuhājirū
वो हिजरत कर जाऐं فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर تَوَلَّوْا۟ वो मुँह मोड़ जाऐं tawallaw
वो मुँह मोड़ जाऐं فَخُذُوهُمْ तो पकड़ो उन्हें fakhudhūhum
तो पकड़ो उन्हें وَٱقْتُلُوهُمْ और क़त्ल करो उन्हें wa-uq'tulūhum
और क़त्ल करो उन्हें حَيْثُ जहाँ कहीं ḥaythu
जहाँ कहीं وَجَدتُّمُوهُمْ ۖ पाओ तुम उन्हें wajadttumūhum
पाओ तुम उन्हें وَلَا और ना walā
और ना تَتَّخِذُوا۟ तुम बनाओ tattakhidhū
तुम बनाओ مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से وَلِيًّۭا कोई दोस्त waliyyan
कोई दोस्त وَلَا और ना walā
और ना نَصِيرًا कोई मददगार naṣīran
कोई मददगार ٨٩ (89)
(89)
वो दिल से चाहते हैं لَوْ कि काश law
कि काश تَكْفُرُونَ तुम कुफ़्र करो takfurūna
तुम कुफ़्र करो كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि كَفَرُوا۟ उन्होंने कुफ़्र किया kafarū
उन्होंने कुफ़्र किया فَتَكُونُونَ तो तुम हो जाओ fatakūnūna
तो तुम हो जाओ سَوَآءًۭ ۖ बराबर sawāan
बराबर فَلَا तो ना falā
तो ना تَتَّخِذُوا۟ तुम बनाओ tattakhidhū
तुम बनाओ مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से أَوْلِيَآءَ दोस्त awliyāa
दोस्त حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يُهَاجِرُوا۟ वो हिजरत कर जाऐं yuhājirū
वो हिजरत कर जाऐं فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर تَوَلَّوْا۟ वो मुँह मोड़ जाऐं tawallaw
वो मुँह मोड़ जाऐं فَخُذُوهُمْ तो पकड़ो उन्हें fakhudhūhum
तो पकड़ो उन्हें وَٱقْتُلُوهُمْ और क़त्ल करो उन्हें wa-uq'tulūhum
और क़त्ल करो उन्हें حَيْثُ जहाँ कहीं ḥaythu
जहाँ कहीं وَجَدتُّمُوهُمْ ۖ पाओ तुम उन्हें wajadttumūhum
पाओ तुम उन्हें وَلَا और ना walā
और ना تَتَّخِذُوا۟ तुम बनाओ tattakhidhū
तुम बनाओ مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से وَلِيًّۭا कोई दोस्त waliyyan
कोई दोस्त وَلَا और ना walā
और ना نَصِيرًا कोई मददगार naṣīran
कोई मददगार ٨٩ (89)
(89)
(ऐ ईमान वालो!) वे चाहते हैं कि जिस तरह वे काफ़िर हो गए, तुम भी काफ़िर हो जाओ ताकि तुम उनके बराबर हो जाओ। अतः तुम उनमें से किसी को मित्र न बनाओ, जब तक वे अल्लाह की राह में हिजरत न करें। यदि वे इससे मुँह फेरें, तो जहाँ भी पाओ, उन्हें पकड़ो और क़त्ल करो और उनमें से किसी को अपना मित्र और सहायक न बनाओ।
४:९०
إِلَّا
सिवाय
illā
सिवाय ٱلَّذِينَ उन लोगों के जो alladhīna
उन लोगों के जो يَصِلُونَ जा मिलते हैं yaṣilūna
जा मिलते हैं إِلَىٰ [to] ilā
[to] قَوْمٍۭ एक क़ौम से qawmin
एक क़ौम से بَيْنَكُمْ दर्मियान तुम्हारे baynakum
दर्मियान तुम्हारे وَبَيْنَهُم और दर्मियान उनके wabaynahum
और दर्मियान उनके مِّيثَـٰقٌ पुख़्ता अहद है mīthāqun
पुख़्ता अहद है أَوْ या aw
या جَآءُوكُمْ वो आते हैं तुम्हारे पास jāūkum
वो आते हैं तुम्हारे पास حَصِرَتْ कि तंग हो गए ḥaṣirat
कि तंग हो गए صُدُورُهُمْ सीने उनके ṣudūruhum
सीने उनके أَن कि an
कि يُقَـٰتِلُوكُمْ वो जंग करें तुम से yuqātilūkum
वो जंग करें तुम से أَوْ या aw
या يُقَـٰتِلُوا۟ वो जंग करें yuqātilū
वो जंग करें قَوْمَهُمْ ۚ अपनी क़ौम से qawmahum
अपनी क़ौम से وَلَوْ और अगर walaw
और अगर شَآءَ चाहता shāa
चाहता ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لَسَلَّطَهُمْ अलबत्ता मुसल्लत कर देता उन्हें lasallaṭahum
अलबत्ता मुसल्लत कर देता उन्हें عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर فَلَقَـٰتَلُوكُمْ ۚ पस ज़रूर वो जंग करते तुम से falaqātalūkum
पस ज़रूर वो जंग करते तुम से فَإِنِ फिर अगर fa-ini
फिर अगर ٱعْتَزَلُوكُمْ वो अलग रहें तुम से iʿ'tazalūkum
वो अलग रहें तुम से فَلَمْ फिर ना falam
फिर ना يُقَـٰتِلُوكُمْ वो जंग करें तुम से yuqātilūkum
वो जंग करें तुम से وَأَلْقَوْا۟ और वो डालें wa-alqaw
और वो डालें إِلَيْكُمُ तरफ़ तुम्हारे ilaykumu
तरफ़ तुम्हारे ٱلسَّلَمَ सुलह को l-salama
सुलह को فَمَا तो नहीं famā
तो नहीं جَعَلَ बनाया jaʿala
बनाया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर سَبِيلًۭا कोई रास्ता sabīlan
कोई रास्ता ٩٠ (90)
(90)
सिवाय ٱلَّذِينَ उन लोगों के जो alladhīna
उन लोगों के जो يَصِلُونَ जा मिलते हैं yaṣilūna
जा मिलते हैं إِلَىٰ [to] ilā
[to] قَوْمٍۭ एक क़ौम से qawmin
एक क़ौम से بَيْنَكُمْ दर्मियान तुम्हारे baynakum
दर्मियान तुम्हारे وَبَيْنَهُم और दर्मियान उनके wabaynahum
और दर्मियान उनके مِّيثَـٰقٌ पुख़्ता अहद है mīthāqun
पुख़्ता अहद है أَوْ या aw
या جَآءُوكُمْ वो आते हैं तुम्हारे पास jāūkum
वो आते हैं तुम्हारे पास حَصِرَتْ कि तंग हो गए ḥaṣirat
कि तंग हो गए صُدُورُهُمْ सीने उनके ṣudūruhum
सीने उनके أَن कि an
कि يُقَـٰتِلُوكُمْ वो जंग करें तुम से yuqātilūkum
वो जंग करें तुम से أَوْ या aw
या يُقَـٰتِلُوا۟ वो जंग करें yuqātilū
वो जंग करें قَوْمَهُمْ ۚ अपनी क़ौम से qawmahum
अपनी क़ौम से وَلَوْ और अगर walaw
और अगर شَآءَ चाहता shāa
चाहता ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لَسَلَّطَهُمْ अलबत्ता मुसल्लत कर देता उन्हें lasallaṭahum
अलबत्ता मुसल्लत कर देता उन्हें عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर فَلَقَـٰتَلُوكُمْ ۚ पस ज़रूर वो जंग करते तुम से falaqātalūkum
पस ज़रूर वो जंग करते तुम से فَإِنِ फिर अगर fa-ini
फिर अगर ٱعْتَزَلُوكُمْ वो अलग रहें तुम से iʿ'tazalūkum
वो अलग रहें तुम से فَلَمْ फिर ना falam
फिर ना يُقَـٰتِلُوكُمْ वो जंग करें तुम से yuqātilūkum
वो जंग करें तुम से وَأَلْقَوْا۟ और वो डालें wa-alqaw
और वो डालें إِلَيْكُمُ तरफ़ तुम्हारे ilaykumu
तरफ़ तुम्हारे ٱلسَّلَمَ सुलह को l-salama
सुलह को فَمَا तो नहीं famā
तो नहीं جَعَلَ बनाया jaʿala
बनाया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर سَبِيلًۭا कोई रास्ता sabīlan
कोई रास्ता ٩٠ (90)
(90)
परंतु उनमें से जो लोग किसी ऐसी क़ौम से जा मिलें, जिनके और तुम्हारे बीच समझौता हो, या वे लोग जो तुम्हारे पास इस अवस्था में आएँ कि उनके दिल इस बात से तंग हो रहे हों कि वे तुमसे युद्ध करें अथवा (तुम्हारे साथ मिलकर) अपनी जाति से युद्ध करें। और यदि अल्लाह चाहता, तो उन्हें तुमपर हावी कर देता, फिर वे तुमसे ज़रूर युद्ध करते। अतः यदि वे तुमसे अलग रहें और तुमसे युद्ध न करें और संधि के लिए तुम्हारी ओर हाथ बढ़ाएँ, तो अल्लाह ने उनके विरुद्ध् तुम्हारे लिए (युद्ध का) कोई रास्ता नहीं बनाया1 है।
४:९१
سَتَجِدُونَ
अनक़रीब तुम पाओगे
satajidūna
अनक़रीब तुम पाओगे ءَاخَرِينَ कुछ दूसरों को ākharīna
कुछ दूसरों को يُرِيدُونَ वो चाहते हैं yurīdūna
वो चाहते हैं أَن कि an
कि يَأْمَنُوكُمْ वो अमन में रहें तुम से yamanūkum
वो अमन में रहें तुम से وَيَأْمَنُوا۟ और वो अमन में रहें wayamanū
और वो अमन में रहें قَوْمَهُمْ अपनी क़ौम से qawmahum
अपनी क़ौम से كُلَّ Everytime kulla
Everytime مَا जब कभी mā
जब कभी رُدُّوٓا۟ वो लौटाए जाते हैं ruddū
वो लौटाए जाते हैं إِلَى to ilā
to ٱلْفِتْنَةِ तरफ़ फ़ितने के l-fit'nati
तरफ़ फ़ितने के أُرْكِسُوا۟ वो उल्टा दिए जाते हैं ur'kisū
वो उल्टा दिए जाते हैं فِيهَا ۚ उसमें fīhā
उसमें فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर لَّمْ ना lam
ना يَعْتَزِلُوكُمْ वो अलग रहें तुम से yaʿtazilūkum
वो अलग रहें तुम से وَيُلْقُوٓا۟ और (ना) वो डालें wayul'qū
और (ना) वो डालें إِلَيْكُمُ तरफ़ तुम्हारे ilaykumu
तरफ़ तुम्हारे ٱلسَّلَمَ सुलह को l-salama
सुलह को وَيَكُفُّوٓا۟ और (ना) वो रोकें wayakuffū
और (ना) वो रोकें أَيْدِيَهُمْ अपने हाथों को aydiyahum
अपने हाथों को فَخُذُوهُمْ तो पकड़ो उन्हें fakhudhūhum
तो पकड़ो उन्हें وَٱقْتُلُوهُمْ और क़त्ल करो उन्हें wa-uq'tulūhum
और क़त्ल करो उन्हें حَيْثُ जहाँ कहीं ḥaythu
जहाँ कहीं ثَقِفْتُمُوهُمْ ۚ पाओ तुम उन्हें thaqif'tumūhum
पाओ तुम उन्हें وَأُو۟لَـٰٓئِكُمْ और यही वो लोग हैं wa-ulāikum
और यही वो लोग हैं جَعَلْنَا बनाया हमने jaʿalnā
बनाया हमने لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए عَلَيْهِمْ जिन पर ʿalayhim
जिन पर سُلْطَـٰنًۭا ग़लबा sul'ṭānan
ग़लबा مُّبِينًۭا वाज़ेह mubīnan
वाज़ेह ٩١ (91)
(91)
अनक़रीब तुम पाओगे ءَاخَرِينَ कुछ दूसरों को ākharīna
कुछ दूसरों को يُرِيدُونَ वो चाहते हैं yurīdūna
वो चाहते हैं أَن कि an
कि يَأْمَنُوكُمْ वो अमन में रहें तुम से yamanūkum
वो अमन में रहें तुम से وَيَأْمَنُوا۟ और वो अमन में रहें wayamanū
और वो अमन में रहें قَوْمَهُمْ अपनी क़ौम से qawmahum
अपनी क़ौम से كُلَّ Everytime kulla
Everytime مَا जब कभी mā
जब कभी رُدُّوٓا۟ वो लौटाए जाते हैं ruddū
वो लौटाए जाते हैं إِلَى to ilā
to ٱلْفِتْنَةِ तरफ़ फ़ितने के l-fit'nati
तरफ़ फ़ितने के أُرْكِسُوا۟ वो उल्टा दिए जाते हैं ur'kisū
वो उल्टा दिए जाते हैं فِيهَا ۚ उसमें fīhā
उसमें فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर لَّمْ ना lam
ना يَعْتَزِلُوكُمْ वो अलग रहें तुम से yaʿtazilūkum
वो अलग रहें तुम से وَيُلْقُوٓا۟ और (ना) वो डालें wayul'qū
और (ना) वो डालें إِلَيْكُمُ तरफ़ तुम्हारे ilaykumu
तरफ़ तुम्हारे ٱلسَّلَمَ सुलह को l-salama
सुलह को وَيَكُفُّوٓا۟ और (ना) वो रोकें wayakuffū
और (ना) वो रोकें أَيْدِيَهُمْ अपने हाथों को aydiyahum
अपने हाथों को فَخُذُوهُمْ तो पकड़ो उन्हें fakhudhūhum
तो पकड़ो उन्हें وَٱقْتُلُوهُمْ और क़त्ल करो उन्हें wa-uq'tulūhum
और क़त्ल करो उन्हें حَيْثُ जहाँ कहीं ḥaythu
जहाँ कहीं ثَقِفْتُمُوهُمْ ۚ पाओ तुम उन्हें thaqif'tumūhum
पाओ तुम उन्हें وَأُو۟لَـٰٓئِكُمْ और यही वो लोग हैं wa-ulāikum
और यही वो लोग हैं جَعَلْنَا बनाया हमने jaʿalnā
बनाया हमने لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए عَلَيْهِمْ जिन पर ʿalayhim
जिन पर سُلْطَـٰنًۭا ग़लबा sul'ṭānan
ग़लबा مُّبِينًۭا वाज़ेह mubīnan
वाज़ेह ٩١ (91)
(91)
तथा तुम कुछ दूसरे लोगों को ऐसा भी पाओगे, जो चाहते हैं कि तुम्हारी ओर से निश्चिन्त रहें और अपनी क़ौम की ओर से भी निश्चिन्त रहें। परन्तु जब भी वे उपद्रव की ओर लौटाए जाते हैं, तो उसमें औंधे मुँह जा गिरते हैं। यदि वे तुमसे अलग-थलग न रहें और तुम्हारी ओर संधि का हाथ न बढ़ाएँ, और अपने हाथ न रोकें, तो तुम उन्हें पकड़ो और क़त्ल करो जहाँ कहीं भी पाओ। यही लोग हैं, जिनके विरुद्ध हमने तुम्हें स्पष्ट तर्क दिया है।
४:९२
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं كَانَ है kāna
है لِمُؤْمِنٍ किसी मोमिन के लिए limu'minin
किसी मोमिन के लिए أَن कि an
कि يَقْتُلَ वो क़त्ल कर दे yaqtula
वो क़त्ल कर दे مُؤْمِنًا किसी मोमिन को mu'minan
किसी मोमिन को إِلَّا मगर illā
मगर خَطَـًۭٔا ۚ ख़ता से khaṭa-an
ख़ता से وَمَن और जो waman
और जो قَتَلَ क़त्ल करे qatala
क़त्ल करे مُؤْمِنًا किसी मोमिन को mu'minan
किसी मोमिन को خَطَـًۭٔا ख़ता से khaṭa-an
ख़ता से فَتَحْرِيرُ तो आज़ाद करना है fataḥrīru
तो आज़ाद करना है رَقَبَةٍۢ एक गर्दन (ग़ुलाम) raqabatin
एक गर्दन (ग़ुलाम) مُّؤْمِنَةٍۢ मोमिन का mu'minatin
मोमिन का وَدِيَةٌۭ और दियत wadiyatun
और दियत مُّسَلَّمَةٌ जो सुपुर्द की जाएगी musallamatun
जो सुपुर्द की जाएगी إِلَىٰٓ तरफ़ ilā
तरफ़ أَهْلِهِۦٓ उसके अहल (वारिस) के ahlihi
उसके अहल (वारिस) के إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि يَصَّدَّقُوا۟ ۚ वो माफ़ कर दें yaṣṣaddaqū
वो माफ़ कर दें فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर كَانَ है वो kāna
है वो مِن from min
from قَوْمٍ ऐसी क़ौम से qawmin
ऐसी क़ौम से عَدُوٍّۢ जो दुश्मन है ʿaduwwin
जो दुश्मन है لَّكُمْ तुम्हारी lakum
तुम्हारी وَهُوَ और वो wahuwa
और वो مُؤْمِنٌۭ मोमिन है mu'minun
मोमिन है فَتَحْرِيرُ तो आज़ाद करना है fataḥrīru
तो आज़ाद करना है رَقَبَةٍۢ एक गर्दन (ग़ुलाम) raqabatin
एक गर्दन (ग़ुलाम) مُّؤْمِنَةٍۢ ۖ मोमिन का mu'minatin
मोमिन का وَإِن और अगर wa-in
और अगर كَانَ है वो kāna
है वो مِن from min
from قَوْمٍۭ उस क़ौम से qawmin
उस क़ौम से بَيْنَكُمْ दर्मियान तुम्हारे baynakum
दर्मियान तुम्हारे وَبَيْنَهُم और दर्मियान उनके wabaynahum
और दर्मियान उनके مِّيثَـٰقٌۭ पुख़्ता अहद है mīthāqun
पुख़्ता अहद है فَدِيَةٌۭ तो दियत fadiyatun
तो दियत مُّسَلَّمَةٌ जो सुपुर्द की जाएगी musallamatun
जो सुपुर्द की जाएगी إِلَىٰٓ तरफ़ ilā
तरफ़ أَهْلِهِۦ उसके अहल (वारिस) के ahlihi
उसके अहल (वारिस) के وَتَحْرِيرُ और आज़ाद करना है wataḥrīru
और आज़ाद करना है رَقَبَةٍۢ एक गर्दन (ग़ुलाम) raqabatin
एक गर्दन (ग़ुलाम) مُّؤْمِنَةٍۢ ۖ मोमिन का mu'minatin
मोमिन का فَمَن तो जो कोई faman
तो जो कोई لَّمْ ना lam
ना يَجِدْ पाए yajid
पाए فَصِيَامُ पस रोज़े रखना है faṣiyāmu
पस रोज़े रखना है شَهْرَيْنِ दो माह shahrayni
दो माह مُتَتَابِعَيْنِ मुसलसल/ पै-दर-पै mutatābiʿayni
मुसलसल/ पै-दर-पै تَوْبَةًۭ तौबा का (क़ुबूल करना है) tawbatan
तौबा का (क़ुबूल करना है) مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ ۗ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلِيمًا बहुत इल्म वाला ʿalīman
बहुत इल्म वाला حَكِيمًۭا बहुत हिकमत वाला ḥakīman
बहुत हिकमत वाला ٩٢ (92)
(92)
और नहीं كَانَ है kāna
है لِمُؤْمِنٍ किसी मोमिन के लिए limu'minin
किसी मोमिन के लिए أَن कि an
कि يَقْتُلَ वो क़त्ल कर दे yaqtula
वो क़त्ल कर दे مُؤْمِنًا किसी मोमिन को mu'minan
किसी मोमिन को إِلَّا मगर illā
मगर خَطَـًۭٔا ۚ ख़ता से khaṭa-an
ख़ता से وَمَن और जो waman
और जो قَتَلَ क़त्ल करे qatala
क़त्ल करे مُؤْمِنًا किसी मोमिन को mu'minan
किसी मोमिन को خَطَـًۭٔا ख़ता से khaṭa-an
ख़ता से فَتَحْرِيرُ तो आज़ाद करना है fataḥrīru
तो आज़ाद करना है رَقَبَةٍۢ एक गर्दन (ग़ुलाम) raqabatin
एक गर्दन (ग़ुलाम) مُّؤْمِنَةٍۢ मोमिन का mu'minatin
मोमिन का وَدِيَةٌۭ और दियत wadiyatun
और दियत مُّسَلَّمَةٌ जो सुपुर्द की जाएगी musallamatun
जो सुपुर्द की जाएगी إِلَىٰٓ तरफ़ ilā
तरफ़ أَهْلِهِۦٓ उसके अहल (वारिस) के ahlihi
उसके अहल (वारिस) के إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि يَصَّدَّقُوا۟ ۚ वो माफ़ कर दें yaṣṣaddaqū
वो माफ़ कर दें فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर كَانَ है वो kāna
है वो مِن from min
from قَوْمٍ ऐसी क़ौम से qawmin
ऐसी क़ौम से عَدُوٍّۢ जो दुश्मन है ʿaduwwin
जो दुश्मन है لَّكُمْ तुम्हारी lakum
तुम्हारी وَهُوَ और वो wahuwa
और वो مُؤْمِنٌۭ मोमिन है mu'minun
मोमिन है فَتَحْرِيرُ तो आज़ाद करना है fataḥrīru
तो आज़ाद करना है رَقَبَةٍۢ एक गर्दन (ग़ुलाम) raqabatin
एक गर्दन (ग़ुलाम) مُّؤْمِنَةٍۢ ۖ मोमिन का mu'minatin
मोमिन का وَإِن और अगर wa-in
और अगर كَانَ है वो kāna
है वो مِن from min
from قَوْمٍۭ उस क़ौम से qawmin
उस क़ौम से بَيْنَكُمْ दर्मियान तुम्हारे baynakum
दर्मियान तुम्हारे وَبَيْنَهُم और दर्मियान उनके wabaynahum
और दर्मियान उनके مِّيثَـٰقٌۭ पुख़्ता अहद है mīthāqun
पुख़्ता अहद है فَدِيَةٌۭ तो दियत fadiyatun
तो दियत مُّسَلَّمَةٌ जो सुपुर्द की जाएगी musallamatun
जो सुपुर्द की जाएगी إِلَىٰٓ तरफ़ ilā
तरफ़ أَهْلِهِۦ उसके अहल (वारिस) के ahlihi
उसके अहल (वारिस) के وَتَحْرِيرُ और आज़ाद करना है wataḥrīru
और आज़ाद करना है رَقَبَةٍۢ एक गर्दन (ग़ुलाम) raqabatin
एक गर्दन (ग़ुलाम) مُّؤْمِنَةٍۢ ۖ मोमिन का mu'minatin
मोमिन का فَمَن तो जो कोई faman
तो जो कोई لَّمْ ना lam
ना يَجِدْ पाए yajid
पाए فَصِيَامُ पस रोज़े रखना है faṣiyāmu
पस रोज़े रखना है شَهْرَيْنِ दो माह shahrayni
दो माह مُتَتَابِعَيْنِ मुसलसल/ पै-दर-पै mutatābiʿayni
मुसलसल/ पै-दर-पै تَوْبَةًۭ तौबा का (क़ुबूल करना है) tawbatan
तौबा का (क़ुबूल करना है) مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ ۗ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلِيمًا बहुत इल्म वाला ʿalīman
बहुत इल्म वाला حَكِيمًۭا बहुत हिकमत वाला ḥakīman
बहुत हिकमत वाला ٩٢ (92)
(92)
किसी ईमान वाले के लिए शोभनीय नहीं कि वह किसी ईमान वाले की हत्या कर दे, परंतु यह कि चूक से1 ऐसा हो जाए। जो व्यक्ति किसी ईमान वाले की गलती से हत्या कर दे, वह एक ईमान वाला दास मुक्त करे और उस (हत) के वारिसों को दियत (हत्या का अर्थदंड)2 पहुँचाए, परंतु यह कि वे क्षमा कर दें। फिर यदि वह (हत) तुम्हारी शत्रु क़ौम से हो और वह (ख़ुद) ईमान वाला हो, तो केवल एक ईमान वाला दास मुक्त करना ज़रूरी है। और यदि वह ऐसी क़ौम से हो, जिसके और तुम्हारे बीच समझौता हो, तो उसके घर वालों को हत्या का अर्थदंड पहुँचाया जाए तथा एक ईमान वाला दास मुक्त करना ज़रूरी है। फिर जो (दास) न पाए, वह निरंतर दो महीने रोज़े रखे। अल्लाह की ओर से (उसके पाप की) यही क्षमा है और अल्लाह सब कुछ जानने वाला, हिकमत वाला है।
४:९३
وَمَن
और जो
waman
और जो يَقْتُلْ क़त्ल करे yaqtul
क़त्ल करे مُؤْمِنًۭا किसी मोमिन को mu'minan
किसी मोमिन को مُّتَعَمِّدًۭا जान बूझकर mutaʿammidan
जान बूझकर فَجَزَآؤُهُۥ तो बदला है उसका fajazāuhu
तो बदला है उसका جَهَنَّمُ जहन्नम jahannamu
जहन्नम خَـٰلِدًۭا हमेशा रहने वाला है khālidan
हमेशा रहने वाला है فِيهَا उसमें fīhā
उसमें وَغَضِبَ और ग़ज़बनाक हुआ waghaḍiba
और ग़ज़बनाक हुआ ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर وَلَعَنَهُۥ और उसने लानत की उस पर walaʿanahu
और उसने लानत की उस पर وَأَعَدَّ और उसने तैयार कर रखा है wa-aʿadda
और उसने तैयार कर रखा है لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए عَذَابًا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब عَظِيمًۭا बहुत बड़ा ʿaẓīman
बहुत बड़ा ٩٣ (93)
(93)
और जो يَقْتُلْ क़त्ल करे yaqtul
क़त्ल करे مُؤْمِنًۭا किसी मोमिन को mu'minan
किसी मोमिन को مُّتَعَمِّدًۭا जान बूझकर mutaʿammidan
जान बूझकर فَجَزَآؤُهُۥ तो बदला है उसका fajazāuhu
तो बदला है उसका جَهَنَّمُ जहन्नम jahannamu
जहन्नम خَـٰلِدًۭا हमेशा रहने वाला है khālidan
हमेशा रहने वाला है فِيهَا उसमें fīhā
उसमें وَغَضِبَ और ग़ज़बनाक हुआ waghaḍiba
और ग़ज़बनाक हुआ ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर وَلَعَنَهُۥ और उसने लानत की उस पर walaʿanahu
और उसने लानत की उस पर وَأَعَدَّ और उसने तैयार कर रखा है wa-aʿadda
और उसने तैयार कर रखा है لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए عَذَابًا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब عَظِيمًۭا बहुत बड़ा ʿaẓīman
बहुत बड़ा ٩٣ (93)
(93)
और जो किसी ईमान वाले की जानबूझकर हत्या कर दे, उसका बदला नरक है, जिसमें वह हमेशा रहेगा और उसपर अल्लाह का क्रोध तथा धिक्कार है और अल्लाह ने उसके लिए बड़ी यातना तैयार कर रखी है।
४:९४
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो إِذَا जब idhā
जब ضَرَبْتُمْ सफ़र करो तुम ḍarabtum
सफ़र करो तुम فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में فَتَبَيَّنُوا۟ तो तहक़ीक़ कर लिया करो fatabayyanū
तो तहक़ीक़ कर लिया करो وَلَا और ना walā
और ना تَقُولُوا۟ तुम कहो taqūlū
तुम कहो لِمَنْ उसके लिए जो liman
उसके लिए जो أَلْقَىٰٓ डाले alqā
डाले إِلَيْكُمُ तरफ़ तुम्हारे ilaykumu
तरफ़ तुम्हारे ٱلسَّلَـٰمَ सलाम l-salāma
सलाम لَسْتَ नहीं हो तुम lasta
नहीं हो तुम مُؤْمِنًۭا मोमिन mu'minan
मोमिन تَبْتَغُونَ तुम चाहते हो tabtaghūna
तुम चाहते हो عَرَضَ सामान ʿaraḍa
सामान ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी का l-ḥayati
ज़िन्दगी का ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की فَعِندَ तो पास faʿinda
तो पास ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के مَغَانِمُ ग़नीमतें हैं maghānimu
ग़नीमतें हैं كَثِيرَةٌۭ ۚ बहुत सी kathīratun
बहुत सी كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह كُنتُم थे तुम kuntum
थे तुम مِّن from min
from قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले فَمَنَّ तो एहसान किया famanna
तो एहसान किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर فَتَبَيَّنُوٓا۟ ۚ पस तहक़ीक़ कर लिया करो fatabayyanū
पस तहक़ीक़ कर लिया करो إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है بِمَا उसकी जो bimā
उसकी जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो خَبِيرًۭا ख़ूब ख़बर रखने वाला khabīran
ख़ूब ख़बर रखने वाला ٩٤ (94)
(94)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो إِذَا जब idhā
जब ضَرَبْتُمْ सफ़र करो तुम ḍarabtum
सफ़र करो तुम فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में فَتَبَيَّنُوا۟ तो तहक़ीक़ कर लिया करो fatabayyanū
तो तहक़ीक़ कर लिया करो وَلَا और ना walā
और ना تَقُولُوا۟ तुम कहो taqūlū
तुम कहो لِمَنْ उसके लिए जो liman
उसके लिए जो أَلْقَىٰٓ डाले alqā
डाले إِلَيْكُمُ तरफ़ तुम्हारे ilaykumu
तरफ़ तुम्हारे ٱلسَّلَـٰمَ सलाम l-salāma
सलाम لَسْتَ नहीं हो तुम lasta
नहीं हो तुम مُؤْمِنًۭا मोमिन mu'minan
मोमिन تَبْتَغُونَ तुम चाहते हो tabtaghūna
तुम चाहते हो عَرَضَ सामान ʿaraḍa
सामान ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी का l-ḥayati
ज़िन्दगी का ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की فَعِندَ तो पास faʿinda
तो पास ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के مَغَانِمُ ग़नीमतें हैं maghānimu
ग़नीमतें हैं كَثِيرَةٌۭ ۚ बहुत सी kathīratun
बहुत सी كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह كُنتُم थे तुम kuntum
थे तुम مِّن from min
from قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले فَمَنَّ तो एहसान किया famanna
तो एहसान किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर فَتَبَيَّنُوٓا۟ ۚ पस तहक़ीक़ कर लिया करो fatabayyanū
पस तहक़ीक़ कर लिया करो إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है بِمَا उसकी जो bimā
उसकी जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो خَبِيرًۭا ख़ूब ख़बर रखने वाला khabīran
ख़ूब ख़बर रखने वाला ٩٤ (94)
(94)
ऐ ईमान वालो! जब तुम अल्लाह के मार्ग में (जिहाद के लिए) निकलो, तो छानबीन1 कर लिया करो। और जो तुम्हें सलाम2 करे, उसे यह न कहो कि तुम ईमान वाले नहीं हो। तुम सांसारिक जीवन का सामान चाहते हो, तो अल्लाह के पास बहुत-सी ग़नीमतें हैं। पहले तुम भी ऐसे3 ही थे, फिर अल्लाह ने तुमपर उपकार किया। अतः ठीक से छानबीन कर लिया करो। निःसंदेह अल्लाह तुम्हारे कर्मों से सूचित है।
४:९५
لَّا
Not
lā
Not يَسْتَوِى नहीं बराबर हो सकते yastawī
नहीं बराबर हो सकते ٱلْقَـٰعِدُونَ जो बैठने वाले हैं l-qāʿidūna
जो बैठने वाले हैं مِنَ among mina
among ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों में से l-mu'minīna
मोमिनों में से غَيْرُ सिवाय ghayru
सिवाय أُو۟لِى the ones (who are) ulī
the ones (who are) ٱلضَّرَرِ ज़रर वालों (माज़ूर) के l-ḍarari
ज़रर वालों (माज़ूर) के وَٱلْمُجَـٰهِدُونَ और जो जिहाद करने वाले हैं wal-mujāhidūna
और जो जिहाद करने वाले हैं فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में بِأَمْوَٰلِهِمْ साथ अपने मालों के bi-amwālihim
साथ अपने मालों के وَأَنفُسِهِمْ ۚ और अपनी जानों के wa-anfusihim
और अपनी जानों के فَضَّلَ फ़ज़ीलत दी faḍḍala
फ़ज़ीलत दी ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱلْمُجَـٰهِدِينَ जिहाद करने वालों को l-mujāhidīna
जिहाद करने वालों को بِأَمْوَٰلِهِمْ साथ अपने मालों के bi-amwālihim
साथ अपने मालों के وَأَنفُسِهِمْ और अपनी जानों के wa-anfusihim
और अपनी जानों के عَلَى to ʿalā
to ٱلْقَـٰعِدِينَ बैठने वालों पर l-qāʿidīna
बैठने वालों पर دَرَجَةًۭ ۚ दर्जे में darajatan
दर्जे में وَكُلًّۭا और हर एक से wakullan
और हर एक से وَعَدَ वादा कर रखा है waʿada
वादा कर रखा है ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱلْحُسْنَىٰ ۚ अच्छा l-ḥus'nā
अच्छा وَفَضَّلَ और फ़ज़ीलत दी wafaḍḍala
और फ़ज़ीलत दी ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱلْمُجَـٰهِدِينَ जिहाद करने वालों को l-mujāhidīna
जिहाद करने वालों को عَلَى over ʿalā
over ٱلْقَـٰعِدِينَ बैठने वालों पर l-qāʿidīna
बैठने वालों पर أَجْرًا अजर की ajran
अजर की عَظِيمًۭا बहुत बड़े ʿaẓīman
बहुत बड़े ٩٥ (95)
(95)
Not يَسْتَوِى नहीं बराबर हो सकते yastawī
नहीं बराबर हो सकते ٱلْقَـٰعِدُونَ जो बैठने वाले हैं l-qāʿidūna
जो बैठने वाले हैं مِنَ among mina
among ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों में से l-mu'minīna
मोमिनों में से غَيْرُ सिवाय ghayru
सिवाय أُو۟لِى the ones (who are) ulī
the ones (who are) ٱلضَّرَرِ ज़रर वालों (माज़ूर) के l-ḍarari
ज़रर वालों (माज़ूर) के وَٱلْمُجَـٰهِدُونَ और जो जिहाद करने वाले हैं wal-mujāhidūna
और जो जिहाद करने वाले हैं فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में بِأَمْوَٰلِهِمْ साथ अपने मालों के bi-amwālihim
साथ अपने मालों के وَأَنفُسِهِمْ ۚ और अपनी जानों के wa-anfusihim
और अपनी जानों के فَضَّلَ फ़ज़ीलत दी faḍḍala
फ़ज़ीलत दी ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱلْمُجَـٰهِدِينَ जिहाद करने वालों को l-mujāhidīna
जिहाद करने वालों को بِأَمْوَٰلِهِمْ साथ अपने मालों के bi-amwālihim
साथ अपने मालों के وَأَنفُسِهِمْ और अपनी जानों के wa-anfusihim
और अपनी जानों के عَلَى to ʿalā
to ٱلْقَـٰعِدِينَ बैठने वालों पर l-qāʿidīna
बैठने वालों पर دَرَجَةًۭ ۚ दर्जे में darajatan
दर्जे में وَكُلًّۭا और हर एक से wakullan
और हर एक से وَعَدَ वादा कर रखा है waʿada
वादा कर रखा है ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱلْحُسْنَىٰ ۚ अच्छा l-ḥus'nā
अच्छा وَفَضَّلَ और फ़ज़ीलत दी wafaḍḍala
और फ़ज़ीलत दी ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱلْمُجَـٰهِدِينَ जिहाद करने वालों को l-mujāhidīna
जिहाद करने वालों को عَلَى over ʿalā
over ٱلْقَـٰعِدِينَ बैठने वालों पर l-qāʿidīna
बैठने वालों पर أَجْرًا अजर की ajran
अजर की عَظِيمًۭا बहुत बड़े ʿaẓīman
बहुत बड़े ٩٥ (95)
(95)
बिना किसी उज़्र (कारण) के बैठे रहने वाले मोमिन और अल्लाह की राह में अपने धनों और प्राणों के साथ जिहाद करने वाले, बराबर नहीं हो सकते। अल्लाह ने अपने धनों तथा प्राणों के साथ जिहाद करने वालों को पद के एतिबार से, जिहाद से बैठे रहने वालों पर प्रधानता प्रदान किया है। जबकि अल्लाह ने सब के साथ भलाई का वादा किया है।तथा अल्लाह ने जिहाद करने वालों को महान प्रतिफल देकर, जिहाद से बैठे रहने वालों पर वरीयता प्रदान किया है।
४:९६
دَرَجَـٰتٍۢ
दरजात हैं
darajātin
दरजात हैं مِّنْهُ उसकी तरफ़ से min'hu
उसकी तरफ़ से وَمَغْفِرَةًۭ और बख़्शिश wamaghfiratan
और बख़्शिश وَرَحْمَةًۭ ۚ और रहमत है waraḥmatan
और रहमत है وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह غَفُورًۭا बहुत बख़्शने वाला ghafūran
बहुत बख़्शने वाला رَّحِيمًا निहायत रहम करने वाला raḥīman
निहायत रहम करने वाला ٩٦ (96)
(96)
दरजात हैं مِّنْهُ उसकी तरफ़ से min'hu
उसकी तरफ़ से وَمَغْفِرَةًۭ और बख़्शिश wamaghfiratan
और बख़्शिश وَرَحْمَةًۭ ۚ और रहमत है waraḥmatan
और रहमत है وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह غَفُورًۭا बहुत बख़्शने वाला ghafūran
बहुत बख़्शने वाला رَّحِيمًا निहायत रहम करने वाला raḥīman
निहायत रहम करने वाला ٩٦ (96)
(96)
(यह सवाब) अल्लाह की ओर से दर्जे (पद) है, तथा क्षमा और दयालुता है, और अल्लाह बहुत क्षमा करने वाला, अत्यंत दयावान् है।
४:९७
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो تَوَفَّىٰهُمُ फ़ौत करते हैं उन्हें tawaffāhumu
फ़ौत करते हैं उन्हें ٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ फ़रिश्ते l-malāikatu
फ़रिश्ते ظَالِمِىٓ ज़ुल्म करने वाले हैं (जब कि वो) ẓālimī
ज़ुल्म करने वाले हैं (जब कि वो) أَنفُسِهِمْ अपनी जानों पर anfusihim
अपनी जानों पर قَالُوا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं فِيمَ किस (हाल) में fīma
किस (हाल) में كُنتُمْ ۖ थे तुम kuntum
थे तुम قَالُوا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं كُنَّا थे हम kunnā
थे हम مُسْتَضْعَفِينَ कमज़ोर mus'taḍʿafīna
कमज़ोर فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ۚ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में قَالُوٓا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं أَلَمْ क्या नहीं alam
क्या नहीं تَكُنْ थी takun
थी أَرْضُ ज़मीन arḍu
ज़मीन ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की وَٰسِعَةًۭ वसीअ wāsiʿatan
वसीअ فَتُهَاجِرُوا۟ पस तुम हिजरत कर जाते fatuhājirū
पस तुम हिजरत कर जाते فِيهَا ۚ उसमें fīhā
उसमें فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं مَأْوَىٰهُمْ ठिकाना उनका mawāhum
ठिकाना उनका جَهَنَّمُ ۖ जहन्नम है jahannamu
जहन्नम है وَسَآءَتْ और कितना बुरा है wasāat
और कितना बुरा है مَصِيرًا ठिकाना maṣīran
ठिकाना ٩٧ (97)
(97)
बेशक ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो تَوَفَّىٰهُمُ फ़ौत करते हैं उन्हें tawaffāhumu
फ़ौत करते हैं उन्हें ٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ फ़रिश्ते l-malāikatu
फ़रिश्ते ظَالِمِىٓ ज़ुल्म करने वाले हैं (जब कि वो) ẓālimī
ज़ुल्म करने वाले हैं (जब कि वो) أَنفُسِهِمْ अपनी जानों पर anfusihim
अपनी जानों पर قَالُوا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं فِيمَ किस (हाल) में fīma
किस (हाल) में كُنتُمْ ۖ थे तुम kuntum
थे तुम قَالُوا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं كُنَّا थे हम kunnā
थे हम مُسْتَضْعَفِينَ कमज़ोर mus'taḍʿafīna
कमज़ोर فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ۚ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में قَالُوٓا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं أَلَمْ क्या नहीं alam
क्या नहीं تَكُنْ थी takun
थी أَرْضُ ज़मीन arḍu
ज़मीन ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की وَٰسِعَةًۭ वसीअ wāsiʿatan
वसीअ فَتُهَاجِرُوا۟ पस तुम हिजरत कर जाते fatuhājirū
पस तुम हिजरत कर जाते فِيهَا ۚ उसमें fīhā
उसमें فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं مَأْوَىٰهُمْ ठिकाना उनका mawāhum
ठिकाना उनका جَهَنَّمُ ۖ जहन्नम है jahannamu
जहन्नम है وَسَآءَتْ और कितना बुरा है wasāat
और कितना बुरा है مَصِيرًا ठिकाना maṣīran
ठिकाना ٩٧ (97)
(97)
निःसंदेह फ़रिश्ते जिन लोगों के प्राण इस हाल में निकालते हैं कि वे (कुफ़्र के देश से हिजरत न करके) अपने ऊपर अत्याचार करने वाले होते हैं, तो उनसे पूछते हैं कि तुम किस हाल में थे? वे कहते हैं : हम धरती में कमज़ोर थे। तब फ़रिश्ते कहते हैं : क्या अल्लाह की धरती विशाल न थी कि तुम उसमें हिजरत कर1 जाते? सो यही लोग हैं जिनका ठिकाना जहन्नम है और वह बहुत बुरा ठिकाना है!
४:९८
إِلَّا
सिवाय (उनके)
illā
सिवाय (उनके) ٱلْمُسْتَضْعَفِينَ जो कमज़ोर हैं l-mus'taḍʿafīna
जो कमज़ोर हैं مِنَ among mina
among ٱلرِّجَالِ मर्दों में से l-rijāli
मर्दों में से وَٱلنِّسَآءِ और औरतों में से wal-nisāi
और औरतों में से وَٱلْوِلْدَٰنِ और बच्चों में से wal-wil'dāni
और बच्चों में से لَا (who) not lā
(who) not يَسْتَطِيعُونَ नहीं वो इस्तिताअत रखते yastaṭīʿūna
नहीं वो इस्तिताअत रखते حِيلَةًۭ किसी हीले / तदबीर की ḥīlatan
किसी हीले / तदबीर की وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَهْتَدُونَ वो पाते yahtadūna
वो पाते سَبِيلًۭا कोई रास्ता sabīlan
कोई रास्ता ٩٨ (98)
(98)
सिवाय (उनके) ٱلْمُسْتَضْعَفِينَ जो कमज़ोर हैं l-mus'taḍʿafīna
जो कमज़ोर हैं مِنَ among mina
among ٱلرِّجَالِ मर्दों में से l-rijāli
मर्दों में से وَٱلنِّسَآءِ और औरतों में से wal-nisāi
और औरतों में से وَٱلْوِلْدَٰنِ और बच्चों में से wal-wil'dāni
और बच्चों में से لَا (who) not lā
(who) not يَسْتَطِيعُونَ नहीं वो इस्तिताअत रखते yastaṭīʿūna
नहीं वो इस्तिताअत रखते حِيلَةًۭ किसी हीले / तदबीर की ḥīlatan
किसी हीले / तदबीर की وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَهْتَدُونَ वो पाते yahtadūna
वो पाते سَبِيلًۭا कोई रास्ता sabīlan
कोई रास्ता ٩٨ (98)
(98)
सिवाय उन असहाय पुरुषों, स्त्रियों और बच्चों के जो कोई उपाय नहीं कर सकते और न (वहाँ से निकलने का) कोई रास्ता पाते हैं।
४:९९
فَأُو۟لَـٰٓئِكَ
पस यही लोग
fa-ulāika
पस यही लोग عَسَى उम्मीद है ʿasā
उम्मीद है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَن ये कि an
ये कि يَعْفُوَ दरगुज़र करे yaʿfuwa
दरगुज़र करे عَنْهُمْ ۚ उन से ʿanhum
उन से وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَفُوًّا बहुत माफ़ करने वाला ʿafuwwan
बहुत माफ़ करने वाला غَفُورًۭا बहुत बख़्शने वाला ghafūran
बहुत बख़्शने वाला ٩٩ (99)
(99)
पस यही लोग عَسَى उम्मीद है ʿasā
उम्मीद है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَن ये कि an
ये कि يَعْفُوَ दरगुज़र करे yaʿfuwa
दरगुज़र करे عَنْهُمْ ۚ उन से ʿanhum
उन से وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَفُوًّا बहुत माफ़ करने वाला ʿafuwwan
बहुत माफ़ करने वाला غَفُورًۭا बहुत बख़्शने वाला ghafūran
बहुत बख़्शने वाला ٩٩ (99)
(99)
तो निश्चय अल्लाह उन्हें क्षमा कर देगा। निःसंदेह अल्लाह बहुत माफ़ करने वाला, क्षमाशील है।
४:१००
۞ وَمَن
और जो कोई
waman
और जो कोई يُهَاجِرْ हिजरत करेगा yuhājir
हिजरत करेगा فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में يَجِدْ वो पाएगा yajid
वो पाएगा فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में مُرَٰغَمًۭا जाए पनाह murāghaman
जाए पनाह كَثِيرًۭا बहुत सी kathīran
बहुत सी وَسَعَةًۭ ۚ और वुसअत wasaʿatan
और वुसअत وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَخْرُجْ निकलेगा yakhruj
निकलेगा مِنۢ from min
from بَيْتِهِۦ अपने घर से baytihi
अपने घर से مُهَاجِرًا हिजरत करते हुए muhājiran
हिजरत करते हुए إِلَى to ilā
to ٱللَّهِ तरफ़ अल्लाह के l-lahi
तरफ़ अल्लाह के وَرَسُولِهِۦ और उसके रसूल के warasūlihi
और उसके रसूल के ثُمَّ फिर thumma
फिर يُدْرِكْهُ पा ले उसे yud'rik'hu
पा ले उसे ٱلْمَوْتُ मौत l-mawtu
मौत فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ وَقَعَ वाक़ेअ हो गया waqaʿa
वाक़ेअ हो गया أَجْرُهُۥ अजर उसका ajruhu
अजर उसका عَلَى on ʿalā
on ٱللَّهِ ۗ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह غَفُورًۭا बहुत बख़्शने वाला ghafūran
बहुत बख़्शने वाला رَّحِيمًۭا निहायत रहम करने वाला raḥīman
निहायत रहम करने वाला ١٠٠ (100)
(100)
और जो कोई يُهَاجِرْ हिजरत करेगा yuhājir
हिजरत करेगा فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में يَجِدْ वो पाएगा yajid
वो पाएगा فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में مُرَٰغَمًۭا जाए पनाह murāghaman
जाए पनाह كَثِيرًۭا बहुत सी kathīran
बहुत सी وَسَعَةًۭ ۚ और वुसअत wasaʿatan
और वुसअत وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَخْرُجْ निकलेगा yakhruj
निकलेगा مِنۢ from min
from بَيْتِهِۦ अपने घर से baytihi
अपने घर से مُهَاجِرًا हिजरत करते हुए muhājiran
हिजरत करते हुए إِلَى to ilā
to ٱللَّهِ तरफ़ अल्लाह के l-lahi
तरफ़ अल्लाह के وَرَسُولِهِۦ और उसके रसूल के warasūlihi
और उसके रसूल के ثُمَّ फिर thumma
फिर يُدْرِكْهُ पा ले उसे yud'rik'hu
पा ले उसे ٱلْمَوْتُ मौत l-mawtu
मौत فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ وَقَعَ वाक़ेअ हो गया waqaʿa
वाक़ेअ हो गया أَجْرُهُۥ अजर उसका ajruhu
अजर उसका عَلَى on ʿalā
on ٱللَّهِ ۗ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह غَفُورًۭا बहुत बख़्शने वाला ghafūran
बहुत बख़्शने वाला رَّحِيمًۭا निहायत रहम करने वाला raḥīman
निहायत रहम करने वाला ١٠٠ (100)
(100)
तथा जो कोई अल्लाह के मार्ग में हिजरत करेगा, वह धरती में बहुत-से प्रवास स्थान तथा समाई (विस्तार) पाएगा। और जो व्यक्ति अपने घर से अल्लाह और उसके रसूल की ओर हिजरत की खातिर निकले, फिर उसे (रास्ते ही में) मौत आ जाए, तो उसका बदला अल्लाह के पास निश्चित हो गया और अल्लाह अति क्षमाशील, दयावान् है।
४:१०१
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब ضَرَبْتُمْ सफ़र करो तुम ḍarabtum
सफ़र करो तुम فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में فَلَيْسَ तो नहीं है falaysa
तो नहीं है عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर جُنَاحٌ कोई गुनाह junāḥun
कोई गुनाह أَن कि an
कि تَقْصُرُوا۟ तुम क़सर कर लो taqṣurū
तुम क़सर कर लो مِنَ [of] mina
[of] ٱلصَّلَوٰةِ नमाज में से l-ṣalati
नमाज में से إِنْ अगर in
अगर خِفْتُمْ ख़ौफ़ हो तुम्हें khif'tum
ख़ौफ़ हो तुम्हें أَن कि an
कि يَفْتِنَكُمُ फ़ितने में डालेंगे तुम्हें yaftinakumu
फ़ितने में डालेंगे तुम्हें ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوٓا۟ ۚ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िर l-kāfirīna
काफ़िर كَانُوا۟ हैं kānū
हैं لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए عَدُوًّۭا दुश्मन ʿaduwwan
दुश्मन مُّبِينًۭا खुल्लम-खुल्ला mubīnan
खुल्लम-खुल्ला ١٠١ (101)
(101)
और जब ضَرَبْتُمْ सफ़र करो तुम ḍarabtum
सफ़र करो तुम فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में فَلَيْسَ तो नहीं है falaysa
तो नहीं है عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर جُنَاحٌ कोई गुनाह junāḥun
कोई गुनाह أَن कि an
कि تَقْصُرُوا۟ तुम क़सर कर लो taqṣurū
तुम क़सर कर लो مِنَ [of] mina
[of] ٱلصَّلَوٰةِ नमाज में से l-ṣalati
नमाज में से إِنْ अगर in
अगर خِفْتُمْ ख़ौफ़ हो तुम्हें khif'tum
ख़ौफ़ हो तुम्हें أَن कि an
कि يَفْتِنَكُمُ फ़ितने में डालेंगे तुम्हें yaftinakumu
फ़ितने में डालेंगे तुम्हें ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوٓا۟ ۚ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िर l-kāfirīna
काफ़िर كَانُوا۟ हैं kānū
हैं لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए عَدُوًّۭا दुश्मन ʿaduwwan
दुश्मन مُّبِينًۭا खुल्लम-खुल्ला mubīnan
खुल्लम-खुल्ला ١٠١ (101)
(101)
और जब तुम धरती में यात्रा करो, तो नमाज़ क़स्र1 (संक्षिप्त) करने में तुमपर कोई गुनाह नहीं है, यदि तुम्हें डर हो कि काफ़िर तुम्हें कष्ट पहुँचाएँगे। वास्तव में, काफ़िर तुम्हारे खुले दुश्मन हैं।
४:१०२
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब كُنتَ हों आप kunta
हों आप فِيهِمْ उनमें fīhim
उनमें فَأَقَمْتَ तो क़ायम करें आप fa-aqamta
तो क़ायम करें आप لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ فَلْتَقُمْ तो चाहिए कि खड़ी हो faltaqum
तो चाहिए कि खड़ी हो طَآئِفَةٌۭ एक जमाअत ṭāifatun
एक जमाअत مِّنْهُم उनमें से min'hum
उनमें से مَّعَكَ आपके साथ maʿaka
आपके साथ وَلْيَأْخُذُوٓا۟ और चाहिए कि वो पकड़े रहें walyakhudhū
और चाहिए कि वो पकड़े रहें أَسْلِحَتَهُمْ अस्लिहा अपना asliḥatahum
अस्लिहा अपना فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब سَجَدُوا۟ वो सजदा करें sajadū
वो सजदा करें فَلْيَكُونُوا۟ पस चाहिए कि वो हों falyakūnū
पस चाहिए कि वो हों مِن from min
from وَرَآئِكُمْ तुम्हारे पीछे warāikum
तुम्हारे पीछे وَلْتَأْتِ और चाहिए कि आए waltati
और चाहिए कि आए طَآئِفَةٌ जमाअत ṭāifatun
जमाअत أُخْرَىٰ दूसरी ukh'rā
दूसरी لَمْ नहीं lam
नहीं يُصَلُّوا۟ उन्होंने नमाज़ पढ़ी yuṣallū
उन्होंने नमाज़ पढ़ी فَلْيُصَلُّوا۟ पस चाहिए कि वो नमाज़ पढ़ें falyuṣallū
पस चाहिए कि वो नमाज़ पढ़ें مَعَكَ आपके साथ maʿaka
आपके साथ وَلْيَأْخُذُوا۟ और चाहिए कि वो पकड़े रहें walyakhudhū
और चाहिए कि वो पकड़े रहें حِذْرَهُمْ बचाव (हथियार) अपना ḥidh'rahum
बचाव (हथियार) अपना وَأَسْلِحَتَهُمْ ۗ और अस्लिहा अपना wa-asliḥatahum
और अस्लिहा अपना وَدَّ चाहते हैं wadda
चाहते हैं ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया لَوْ काश law
काश تَغْفُلُونَ तुम ग़ाफ़िल हो जाओ taghfulūna
तुम ग़ाफ़िल हो जाओ عَنْ [about] ʿan
[about] أَسْلِحَتِكُمْ अपने अस्लिहा से asliḥatikum
अपने अस्लिहा से وَأَمْتِعَتِكُمْ और अपने साज़ो सामान से wa-amtiʿatikum
और अपने साज़ो सामान से فَيَمِيلُونَ तो वो हमला कर दें fayamīlūna
तो वो हमला कर दें عَلَيْكُم तुम पर ʿalaykum
तुम पर مَّيْلَةًۭ हमला करना maylatan
हमला करना وَٰحِدَةًۭ ۚ एक ही बार wāḥidatan
एक ही बार وَلَا और नहीं walā
और नहीं جُنَاحَ कोई गुनाह junāḥa
कोई गुनाह عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर إِن अगर in
अगर كَانَ है kāna
है بِكُمْ तुम्हें bikum
तुम्हें أَذًۭى कोई तकलीफ़ adhan
कोई तकलीफ़ مِّن (because) of min
(because) of مَّطَرٍ बारिश से maṭarin
बारिश से أَوْ या aw
या كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम مَّرْضَىٰٓ बीमार marḍā
बीमार أَن कि an
कि تَضَعُوٓا۟ तुम रख दो taḍaʿū
तुम रख दो أَسْلِحَتَكُمْ ۖ अस्लिहा अपना asliḥatakum
अस्लिहा अपना وَخُذُوا۟ और पकड़े रहो wakhudhū
और पकड़े रहो حِذْرَكُمْ ۗ बचाव अपना ḥidh'rakum
बचाव अपना إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने أَعَدَّ तैयार कर रखा है aʿadda
तैयार कर रखा है لِلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों के लिए lil'kāfirīna
काफ़िरों के लिए عَذَابًۭا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब مُّهِينًۭا रुस्वाकुन muhīnan
रुस्वाकुन ١٠٢ (102)
(102)
और जब كُنتَ हों आप kunta
हों आप فِيهِمْ उनमें fīhim
उनमें فَأَقَمْتَ तो क़ायम करें आप fa-aqamta
तो क़ायम करें आप لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ فَلْتَقُمْ तो चाहिए कि खड़ी हो faltaqum
तो चाहिए कि खड़ी हो طَآئِفَةٌۭ एक जमाअत ṭāifatun
एक जमाअत مِّنْهُم उनमें से min'hum
उनमें से مَّعَكَ आपके साथ maʿaka
आपके साथ وَلْيَأْخُذُوٓا۟ और चाहिए कि वो पकड़े रहें walyakhudhū
और चाहिए कि वो पकड़े रहें أَسْلِحَتَهُمْ अस्लिहा अपना asliḥatahum
अस्लिहा अपना فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब سَجَدُوا۟ वो सजदा करें sajadū
वो सजदा करें فَلْيَكُونُوا۟ पस चाहिए कि वो हों falyakūnū
पस चाहिए कि वो हों مِن from min
from وَرَآئِكُمْ तुम्हारे पीछे warāikum
तुम्हारे पीछे وَلْتَأْتِ और चाहिए कि आए waltati
और चाहिए कि आए طَآئِفَةٌ जमाअत ṭāifatun
जमाअत أُخْرَىٰ दूसरी ukh'rā
दूसरी لَمْ नहीं lam
नहीं يُصَلُّوا۟ उन्होंने नमाज़ पढ़ी yuṣallū
उन्होंने नमाज़ पढ़ी فَلْيُصَلُّوا۟ पस चाहिए कि वो नमाज़ पढ़ें falyuṣallū
पस चाहिए कि वो नमाज़ पढ़ें مَعَكَ आपके साथ maʿaka
आपके साथ وَلْيَأْخُذُوا۟ और चाहिए कि वो पकड़े रहें walyakhudhū
और चाहिए कि वो पकड़े रहें حِذْرَهُمْ बचाव (हथियार) अपना ḥidh'rahum
बचाव (हथियार) अपना وَأَسْلِحَتَهُمْ ۗ और अस्लिहा अपना wa-asliḥatahum
और अस्लिहा अपना وَدَّ चाहते हैं wadda
चाहते हैं ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया لَوْ काश law
काश تَغْفُلُونَ तुम ग़ाफ़िल हो जाओ taghfulūna
तुम ग़ाफ़िल हो जाओ عَنْ [about] ʿan
[about] أَسْلِحَتِكُمْ अपने अस्लिहा से asliḥatikum
अपने अस्लिहा से وَأَمْتِعَتِكُمْ और अपने साज़ो सामान से wa-amtiʿatikum
और अपने साज़ो सामान से فَيَمِيلُونَ तो वो हमला कर दें fayamīlūna
तो वो हमला कर दें عَلَيْكُم तुम पर ʿalaykum
तुम पर مَّيْلَةًۭ हमला करना maylatan
हमला करना وَٰحِدَةًۭ ۚ एक ही बार wāḥidatan
एक ही बार وَلَا और नहीं walā
और नहीं جُنَاحَ कोई गुनाह junāḥa
कोई गुनाह عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर إِن अगर in
अगर كَانَ है kāna
है بِكُمْ तुम्हें bikum
तुम्हें أَذًۭى कोई तकलीफ़ adhan
कोई तकलीफ़ مِّن (because) of min
(because) of مَّطَرٍ बारिश से maṭarin
बारिश से أَوْ या aw
या كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम مَّرْضَىٰٓ बीमार marḍā
बीमार أَن कि an
कि تَضَعُوٓا۟ तुम रख दो taḍaʿū
तुम रख दो أَسْلِحَتَكُمْ ۖ अस्लिहा अपना asliḥatakum
अस्लिहा अपना وَخُذُوا۟ और पकड़े रहो wakhudhū
और पकड़े रहो حِذْرَكُمْ ۗ बचाव अपना ḥidh'rakum
बचाव अपना إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने أَعَدَّ तैयार कर रखा है aʿadda
तैयार कर रखा है لِلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों के लिए lil'kāfirīna
काफ़िरों के लिए عَذَابًۭا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब مُّهِينًۭا रुस्वाकुन muhīnan
रुस्वाकुन ١٠٢ (102)
(102)
तथा (ऐ नबी!) जब आप (युद्ध के मैदान में) उनके साथ मौजूद हों और उनके लिए नमाज़1 क़ायम करें, तो उनका एक गिरोह आपके साथ खड़ा हो जाए और वे अपने हथियार लिए रहें और जब वे सज्दा कर लें, तो तुम्हारे पीछे हो जाएँ तथा दूसरा गिरोह आए, जिसने नमाज़ नहीं पढ़ी है और वे तुम्हारे साथ नमाज़ पढ़ें और अपने हथियार लिए सावधान रहें। काफ़िर चाहते हैं कि तुम अपने हथियारों और अपने सामान से असावधान हो जाओ, तो तुमपर यकायक धावा बोल दें। तथा तुमपर कोई दोष नहीं, यदि वर्षा के कारण तुम्हें कष्ट हो अथवा तुम बीमार हो कि अपने हथियार उतार दो तथा अपने बचाव का ध्यान रखो। निःसंदेह अल्लाह ने काफ़िरों के लिए अपमानकारी अज़ाब तैयार कर रखा है।
४:१०३
فَإِذَا
फिर जब
fa-idhā
फिर जब قَضَيْتُمُ पूरा कर चुको तुम qaḍaytumu
पूरा कर चुको तुम ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ को l-ṣalata
नमाज़ को فَٱذْكُرُوا۟ तो याद करो fa-udh'kurū
तो याद करो ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को قِيَـٰمًۭا खड़े qiyāman
खड़े وَقُعُودًۭا और बैठे waquʿūdan
और बैठे وَعَلَىٰ and (lying) on waʿalā
and (lying) on جُنُوبِكُمْ ۚ और अपने पहलुओं पर junūbikum
और अपने पहलुओं पर فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब ٱطْمَأْنَنتُمْ इत्मिनान में आ जाओ तुम iṭ'manantum
इत्मिनान में आ जाओ तुम فَأَقِيمُوا۟ तो क़ायम करो fa-aqīmū
तो क़ायम करो ٱلصَّلَوٰةَ ۚ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ كَانَتْ है kānat
है عَلَى on ʿalā
on ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों पर l-mu'minīna
मोमिनों पर كِتَـٰبًۭا फ़र्ज़ kitāban
फ़र्ज़ مَّوْقُوتًۭا मुक़र्रर औक़ात में mawqūtan
मुक़र्रर औक़ात में ١٠٣ (103)
(103)
फिर जब قَضَيْتُمُ पूरा कर चुको तुम qaḍaytumu
पूरा कर चुको तुम ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ को l-ṣalata
नमाज़ को فَٱذْكُرُوا۟ तो याद करो fa-udh'kurū
तो याद करो ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को قِيَـٰمًۭا खड़े qiyāman
खड़े وَقُعُودًۭا और बैठे waquʿūdan
और बैठे وَعَلَىٰ and (lying) on waʿalā
and (lying) on جُنُوبِكُمْ ۚ और अपने पहलुओं पर junūbikum
और अपने पहलुओं पर فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब ٱطْمَأْنَنتُمْ इत्मिनान में आ जाओ तुम iṭ'manantum
इत्मिनान में आ जाओ तुम فَأَقِيمُوا۟ तो क़ायम करो fa-aqīmū
तो क़ायम करो ٱلصَّلَوٰةَ ۚ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ كَانَتْ है kānat
है عَلَى on ʿalā
on ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों पर l-mu'minīna
मोमिनों पर كِتَـٰبًۭا फ़र्ज़ kitāban
फ़र्ज़ مَّوْقُوتًۭا मुक़र्रर औक़ात में mawqūtan
मुक़र्रर औक़ात में ١٠٣ (103)
(103)
फिर जब तुम नमाज़ पूरी कर लो, तो खड़े और बैठे और लेटे (प्रत्येक स्थिति में) अल्लाह को याद करते रहो और जब तुम भयमुक्त हो जाओ, तो (पहले की तरह) नमाज़ क़ायम करो। निःसंदेह नमाज़ ईमान वालों पर निर्धारित समय पर फ़र्ज़ की गई है।
४:१०४
وَلَا
और ना
walā
और ना تَهِنُوا۟ तुम कमज़ोरी दिखाओ tahinū
तुम कमज़ोरी दिखाओ فِى in fī
in ٱبْتِغَآءِ तलाश में ib'tighāi
तलाश में ٱلْقَوْمِ ۖ क़ौम की (दुश्मन) l-qawmi
क़ौम की (दुश्मन) إِن अगर in
अगर تَكُونُوا۟ हो तुम takūnū
हो तुम تَأْلَمُونَ तकलीफ़ उठाते talamūna
तकलीफ़ उठाते فَإِنَّهُمْ तो बेशक वो (भी) fa-innahum
तो बेशक वो (भी) يَأْلَمُونَ वो तकलीफ़ उठाते हैं yalamūna
वो तकलीफ़ उठाते हैं كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि تَأْلَمُونَ ۖ तुम तकलीफ़ उठाते हो talamūna
तुम तकलीफ़ उठाते हो وَتَرْجُونَ और तुम उम्मीद रखते हो watarjūna
और तुम उम्मीद रखते हो مِنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से مَا उसकी जो mā
उसकी जो لَا not lā
not يَرْجُونَ ۗ नहीं वो उम्मीद रखते yarjūna
नहीं वो उम्मीद रखते وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلِيمًا बहुत इल्म वाला ʿalīman
बहुत इल्म वाला حَكِيمًا बहुत हिकमत वाला ḥakīman
बहुत हिकमत वाला ١٠٤ (104)
(104)
और ना تَهِنُوا۟ तुम कमज़ोरी दिखाओ tahinū
तुम कमज़ोरी दिखाओ فِى in fī
in ٱبْتِغَآءِ तलाश में ib'tighāi
तलाश में ٱلْقَوْمِ ۖ क़ौम की (दुश्मन) l-qawmi
क़ौम की (दुश्मन) إِن अगर in
अगर تَكُونُوا۟ हो तुम takūnū
हो तुम تَأْلَمُونَ तकलीफ़ उठाते talamūna
तकलीफ़ उठाते فَإِنَّهُمْ तो बेशक वो (भी) fa-innahum
तो बेशक वो (भी) يَأْلَمُونَ वो तकलीफ़ उठाते हैं yalamūna
वो तकलीफ़ उठाते हैं كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि تَأْلَمُونَ ۖ तुम तकलीफ़ उठाते हो talamūna
तुम तकलीफ़ उठाते हो وَتَرْجُونَ और तुम उम्मीद रखते हो watarjūna
और तुम उम्मीद रखते हो مِنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से مَا उसकी जो mā
उसकी जो لَا not lā
not يَرْجُونَ ۗ नहीं वो उम्मीद रखते yarjūna
नहीं वो उम्मीद रखते وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلِيمًا बहुत इल्म वाला ʿalīman
बहुत इल्म वाला حَكِيمًا बहुत हिकमत वाला ḥakīman
बहुत हिकमत वाला ١٠٤ (104)
(104)
तथा तुम (दुश्मन) क़ौम का पीछा करने में कमज़ोर न पड़ो, यदि तुम्हें पीड़ा होती है, तो निःसंदेह उन्हें भी पीड़ा होती है जिस तरह तुम्हें पीड़ा होती है और तुम अल्लाह से जिस चीज़ की आशा1 रखते हो, वे उसकी आशा नहीं रखते। तथा अल्लाह सब कुछ जानने वाला, बहुत हिकमत वाला है।
४:१०५
إِنَّآ
बेशक हम
innā
बेशक हम أَنزَلْنَآ नाज़िल की हमने anzalnā
नाज़िल की हमने إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के لِتَحْكُمَ ताकि आप फ़ैसला करें litaḥkuma
ताकि आप फ़ैसला करें بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान ٱلنَّاسِ लोगों के l-nāsi
लोगों के بِمَآ साथ उसके जो bimā
साथ उसके जो أَرَىٰكَ दिखाया आपको arāka
दिखाया आपको ٱللَّهُ ۚ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَلَا और ना walā
और ना تَكُن आप हों takun
आप हों لِّلْخَآئِنِينَ ख़यानत करने वालों के लिए lil'khāinīna
ख़यानत करने वालों के लिए خَصِيمًۭا झगड़ा करने वाले khaṣīman
झगड़ा करने वाले ١٠٥ (105)
(105)
बेशक हम أَنزَلْنَآ नाज़िल की हमने anzalnā
नाज़िल की हमने إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के لِتَحْكُمَ ताकि आप फ़ैसला करें litaḥkuma
ताकि आप फ़ैसला करें بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान ٱلنَّاسِ लोगों के l-nāsi
लोगों के بِمَآ साथ उसके जो bimā
साथ उसके जो أَرَىٰكَ दिखाया आपको arāka
दिखाया आपको ٱللَّهُ ۚ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَلَا और ना walā
और ना تَكُن आप हों takun
आप हों لِّلْخَآئِنِينَ ख़यानत करने वालों के लिए lil'khāinīna
ख़यानत करने वालों के लिए خَصِيمًۭا झगड़ा करने वाले khaṣīman
झगड़ा करने वाले ١٠٥ (105)
(105)
(ऐ नबी!) हमने आपकी ओर सत्य पर आधारित पुस्तक अवतरित की है, ताकि आप लोगों के बीच उसके अनुसार फ़ैसला करें, जो अल्लाह ने आपको दिखाया है और आप ख़यानत करने वालों के तरफ़दार न बनें।1
४:१०६
وَٱسْتَغْفِرِ
और बख़्शिश माँगिए
wa-is'taghfiri
और बख़्शिश माँगिए ٱللَّهَ ۖ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है غَفُورًۭا बहुत बख़्शने वाला ghafūran
बहुत बख़्शने वाला رَّحِيمًۭا निहायत रहम करने वाला raḥīman
निहायत रहम करने वाला ١٠٦ (106)
(106)
और बख़्शिश माँगिए ٱللَّهَ ۖ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है غَفُورًۭا बहुत बख़्शने वाला ghafūran
बहुत बख़्शने वाला رَّحِيمًۭا निहायत रहम करने वाला raḥīman
निहायत रहम करने वाला ١٠٦ (106)
(106)
तथा अल्लाह से क्षमा याचना करें। निःसंदेह अल्लाह अति क्षमाशील, बड़ा दयावान् है।
४:१०७
وَلَا
और ना
walā
और ना تُجَـٰدِلْ आप झगड़ा करें tujādil
आप झगड़ा करें عَنِ for ʿani
for ٱلَّذِينَ उनकी तरफ़ से जो alladhīna
उनकी तरफ़ से जो يَخْتَانُونَ ख़यानत करते हैं yakhtānūna
ख़यानत करते हैं أَنفُسَهُمْ ۚ अपने नफ़्सों से anfusahum
अपने नफ़्सों से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يُحِبُّ नहीं पसंद करता yuḥibbu
नहीं पसंद करता مَن उसको जो man
उसको जो كَانَ हो kāna
हो خَوَّانًا बहुत ख़ाइन khawwānan
बहुत ख़ाइन أَثِيمًۭا बहुत गुनाहगार athīman
बहुत गुनाहगार ١٠٧ (107)
(107)
और ना تُجَـٰدِلْ आप झगड़ा करें tujādil
आप झगड़ा करें عَنِ for ʿani
for ٱلَّذِينَ उनकी तरफ़ से जो alladhīna
उनकी तरफ़ से जो يَخْتَانُونَ ख़यानत करते हैं yakhtānūna
ख़यानत करते हैं أَنفُسَهُمْ ۚ अपने नफ़्सों से anfusahum
अपने नफ़्सों से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يُحِبُّ नहीं पसंद करता yuḥibbu
नहीं पसंद करता مَن उसको जो man
उसको जो كَانَ हो kāna
हो خَوَّانًا बहुत ख़ाइन khawwānan
बहुत ख़ाइन أَثِيمًۭا बहुत गुनाहगार athīman
बहुत गुनाहगार ١٠٧ (107)
(107)
और आप ऐसे लोगों का पक्ष न लें, जो अपने आपसे विश्वासघात करते हैं। निःसंदेह अल्लाह विश्वासघात करने वाले, पापी से प्रेम नहीं करता।1
४:१०८
يَسْتَخْفُونَ
वो छुप सकते हैं
yastakhfūna
वो छुप सकते हैं مِنَ from mina
from ٱلنَّاسِ लोगों से l-nāsi
लोगों से وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَسْتَخْفُونَ वो छुप सकते yastakhfūna
वो छुप सकते مِنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से وَهُوَ और वो wahuwa
और वो مَعَهُمْ उनके साथ है maʿahum
उनके साथ है إِذْ जब idh
जब يُبَيِّتُونَ वो रातों को मशवरे करते हैं yubayyitūna
वो रातों को मशवरे करते हैं مَا जो mā
जो لَا not lā
not يَرْضَىٰ नहीं वो पसंद करता yarḍā
नहीं वो पसंद करता مِنَ of mina
of ٱلْقَوْلِ ۚ बात में से l-qawli
बात में से وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِمَا उसको जो bimā
उसको जो يَعْمَلُونَ वो अमल करते हैं yaʿmalūna
वो अमल करते हैं مُحِيطًا घेरने वाला muḥīṭan
घेरने वाला ١٠٨ (108)
(108)
वो छुप सकते हैं مِنَ from mina
from ٱلنَّاسِ लोगों से l-nāsi
लोगों से وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَسْتَخْفُونَ वो छुप सकते yastakhfūna
वो छुप सकते مِنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से وَهُوَ और वो wahuwa
और वो مَعَهُمْ उनके साथ है maʿahum
उनके साथ है إِذْ जब idh
जब يُبَيِّتُونَ वो रातों को मशवरे करते हैं yubayyitūna
वो रातों को मशवरे करते हैं مَا जो mā
जो لَا not lā
not يَرْضَىٰ नहीं वो पसंद करता yarḍā
नहीं वो पसंद करता مِنَ of mina
of ٱلْقَوْلِ ۚ बात में से l-qawli
बात में से وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِمَا उसको जो bimā
उसको जो يَعْمَلُونَ वो अमल करते हैं yaʿmalūna
वो अमल करते हैं مُحِيطًا घेरने वाला muḥīṭan
घेरने वाला ١٠٨ (108)
(108)
वे लोगों से छिपते हैं, परंतु अल्लाह से नहीं छिपते। हालाँकि वह उनके साथ होता है, जब वे रात में उस बात की गुप्त योजना बनाते हैं, जिससे वह प्रसन्न नहीं1 होता। तथा वे जो कुछ करते हैं, अल्लाह उसे घेरे हुए है।
४:१०९
هَـٰٓأَنتُمْ
ख़बरदार तुम
hāantum
ख़बरदार तुम هَـٰٓؤُلَآءِ वो लोग हो hāulāi
वो लोग हो جَـٰدَلْتُمْ झगड़ा किया तुमने jādaltum
झगड़ा किया तुमने عَنْهُمْ उनकी तरफ़ से ʿanhum
उनकी तरफ़ से فِى in fī
in ٱلْحَيَوٰةِ the life l-ḥayati
the life ٱلدُّنْيَا दुनिया की ज़िन्दगी में l-dun'yā
दुनिया की ज़िन्दगी में فَمَن तो कौन faman
तो कौन يُجَـٰدِلُ झगड़ा करेगा yujādilu
झगड़ा करेगा ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से عَنْهُمْ उनके बारे में ʿanhum
उनके बारे में يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के أَم या am
या مَّن कौन man
कौन يَكُونُ होगा yakūnu
होगा عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर وَكِيلًۭا कारसाज़ wakīlan
कारसाज़ ١٠٩ (109)
(109)
ख़बरदार तुम هَـٰٓؤُلَآءِ वो लोग हो hāulāi
वो लोग हो جَـٰدَلْتُمْ झगड़ा किया तुमने jādaltum
झगड़ा किया तुमने عَنْهُمْ उनकी तरफ़ से ʿanhum
उनकी तरफ़ से فِى in fī
in ٱلْحَيَوٰةِ the life l-ḥayati
the life ٱلدُّنْيَا दुनिया की ज़िन्दगी में l-dun'yā
दुनिया की ज़िन्दगी में فَمَن तो कौन faman
तो कौन يُجَـٰدِلُ झगड़ा करेगा yujādilu
झगड़ा करेगा ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से عَنْهُمْ उनके बारे में ʿanhum
उनके बारे में يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के أَم या am
या مَّن कौन man
कौन يَكُونُ होगा yakūnu
होगा عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर وَكِيلًۭا कारसाज़ wakīlan
कारसाज़ ١٠٩ (109)
(109)
सुनो, तुम लोगों ने सांसारिक जीवन में तो उनकी ओर से झगड़ लिया। परंतु क़यामत के दिन उनकी ओर से अल्लाह से कौन झगड़ेगा या कौन उनका वकील होगा?
४:११०
وَمَن
और जो कोई
waman
और जो कोई يَعْمَلْ अमल करे yaʿmal
अमल करे سُوٓءًا बुरा sūan
बुरा أَوْ या aw
या يَظْلِمْ वो ज़ुल्म करे yaẓlim
वो ज़ुल्म करे نَفْسَهُۥ अपनी जान पर nafsahu
अपनी जान पर ثُمَّ फिर thumma
फिर يَسْتَغْفِرِ वो बख़्शिश माँगे yastaghfiri
वो बख़्शिश माँगे ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से يَجِدِ वो पाएगा yajidi
वो पाएगा ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को غَفُورًۭا बहुत बख़्शने वाला ghafūran
बहुत बख़्शने वाला رَّحِيمًۭا निहायत रहम करने वाला raḥīman
निहायत रहम करने वाला ١١٠ (110)
(110)
और जो कोई يَعْمَلْ अमल करे yaʿmal
अमल करे سُوٓءًا बुरा sūan
बुरा أَوْ या aw
या يَظْلِمْ वो ज़ुल्म करे yaẓlim
वो ज़ुल्म करे نَفْسَهُۥ अपनी जान पर nafsahu
अपनी जान पर ثُمَّ फिर thumma
फिर يَسْتَغْفِرِ वो बख़्शिश माँगे yastaghfiri
वो बख़्शिश माँगे ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से يَجِدِ वो पाएगा yajidi
वो पाएगा ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को غَفُورًۭا बहुत बख़्शने वाला ghafūran
बहुत बख़्शने वाला رَّحِيمًۭا निहायत रहम करने वाला raḥīman
निहायत रहम करने वाला ١١٠ (110)
(110)
जो व्यक्ति कोई बुरा काम करे अथवा अपने ऊपर अत्याचार करे, फिर अल्लाह से क्षमा माँगे, तो वह अल्लाह को बहुत क्षमा करने वाला, अत्यंत दयावान् पाएगा।
४:१११
وَمَن
और जो कोई
waman
और जो कोई يَكْسِبْ कमाए yaksib
कमाए إِثْمًۭا कोई गुनाह ith'man
कोई गुनाह فَإِنَّمَا तो बेशक fa-innamā
तो बेशक يَكْسِبُهُۥ वो कमाता है उसे yaksibuhu
वो कमाता है उसे عَلَىٰ against ʿalā
against نَفْسِهِۦ ۚ अपने ख़िलाफ़ nafsihi
अपने ख़िलाफ़ وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلِيمًا बहुत इल्म वाला ʿalīman
बहुत इल्म वाला حَكِيمًۭا बहुत हिकमत वाला ḥakīman
बहुत हिकमत वाला ١١١ (111)
(111)
और जो कोई يَكْسِبْ कमाए yaksib
कमाए إِثْمًۭا कोई गुनाह ith'man
कोई गुनाह فَإِنَّمَا तो बेशक fa-innamā
तो बेशक يَكْسِبُهُۥ वो कमाता है उसे yaksibuhu
वो कमाता है उसे عَلَىٰ against ʿalā
against نَفْسِهِۦ ۚ अपने ख़िलाफ़ nafsihi
अपने ख़िलाफ़ وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلِيمًا बहुत इल्म वाला ʿalīman
बहुत इल्म वाला حَكِيمًۭا बहुत हिकमत वाला ḥakīman
बहुत हिकमत वाला ١١١ (111)
(111)
और जो व्यक्ति कोई पाप करता है, तो निःसंदेह वह उसका भार अपने ऊपर ही लादता1 है, तथा अल्लाह सब कुछ जानने वाला, हिकमत वाला है।
४:११२
وَمَن
और जो कोई
waman
और जो कोई يَكْسِبْ कमाए yaksib
कमाए خَطِيٓـَٔةً कोई ख़ता khaṭīatan
कोई ख़ता أَوْ या aw
या إِثْمًۭا कोई गुनाह ith'man
कोई गुनाह ثُمَّ फिर thumma
फिर يَرْمِ वो इल्ज़ाम लगाए yarmi
वो इल्ज़ाम लगाए بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके بَرِيٓـًۭٔا किसी बेगुनाह पर barīan
किसी बेगुनाह पर فَقَدِ पस तहक़ीक़ faqadi
पस तहक़ीक़ ٱحْتَمَلَ उसने उठाया iḥ'tamala
उसने उठाया بُهْتَـٰنًۭا बोहतान buh'tānan
बोहतान وَإِثْمًۭا और गुनाह wa-ith'man
और गुनाह مُّبِينًۭا खुल्लम-खुल्ला mubīnan
खुल्लम-खुल्ला ١١٢ (112)
(112)
और जो कोई يَكْسِبْ कमाए yaksib
कमाए خَطِيٓـَٔةً कोई ख़ता khaṭīatan
कोई ख़ता أَوْ या aw
या إِثْمًۭا कोई गुनाह ith'man
कोई गुनाह ثُمَّ फिर thumma
फिर يَرْمِ वो इल्ज़ाम लगाए yarmi
वो इल्ज़ाम लगाए بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके بَرِيٓـًۭٔا किसी बेगुनाह पर barīan
किसी बेगुनाह पर فَقَدِ पस तहक़ीक़ faqadi
पस तहक़ीक़ ٱحْتَمَلَ उसने उठाया iḥ'tamala
उसने उठाया بُهْتَـٰنًۭا बोहतान buh'tānan
बोहतान وَإِثْمًۭا और गुनाह wa-ith'man
और गुनाह مُّبِينًۭا खुल्लम-खुल्ला mubīnan
खुल्लम-खुल्ला ١١٢ (112)
(112)
और जो व्यक्ति कोई ग़लती अथवा पाप करे, फिर उसका आरोप किसी निर्दोष पर लगा दे, तो उसने मिथ्या दोषारोपण तथा खुले पाप1 का बोझ उठा लिया।
४:११३
وَلَوْلَا
और अगर ना होता
walawlā
और अगर ना होता فَضْلُ फ़ज़ल faḍlu
फ़ज़ल ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर وَرَحْمَتُهُۥ और रहमत उसकी waraḥmatuhu
और रहमत उसकी لَهَمَّت अलबत्ता इरादा कर लिया था lahammat
अलबत्ता इरादा कर लिया था طَّآئِفَةٌۭ एक गिरोह ने ṭāifatun
एक गिरोह ने مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से أَن कि an
कि يُضِلُّوكَ वो बहका दें आपको yuḍillūka
वो बहका दें आपको وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يُضِلُّونَ वो बहकाते yuḍillūna
वो बहकाते إِلَّآ मगर illā
मगर أَنفُسَهُمْ ۖ अपने आपको anfusahum
अपने आपको وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَضُرُّونَكَ वो नुक़सान दे सकते आपको yaḍurrūnaka
वो नुक़सान दे सकते आपको مِن in min
in شَىْءٍۢ ۚ कुछ भी shayin
कुछ भी وَأَنزَلَ और नाज़िल की wa-anzala
और नाज़िल की ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब وَٱلْحِكْمَةَ और हिकमत wal-ḥik'mata
और हिकमत وَعَلَّمَكَ और सिखाया आपको waʿallamaka
और सिखाया आपको مَا वो जो mā
वो जो لَمْ ना lam
ना تَكُن थे आप takun
थे आप تَعْلَمُ ۚ आप जानते taʿlamu
आप जानते وَكَانَ और है wakāna
और है فَضْلُ फ़ज़ल faḍlu
फ़ज़ल ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर عَظِيمًۭا बहुत बड़ा ʿaẓīman
बहुत बड़ा ١١٣ (113)
(113)
और अगर ना होता فَضْلُ फ़ज़ल faḍlu
फ़ज़ल ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर وَرَحْمَتُهُۥ और रहमत उसकी waraḥmatuhu
और रहमत उसकी لَهَمَّت अलबत्ता इरादा कर लिया था lahammat
अलबत्ता इरादा कर लिया था طَّآئِفَةٌۭ एक गिरोह ने ṭāifatun
एक गिरोह ने مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से أَن कि an
कि يُضِلُّوكَ वो बहका दें आपको yuḍillūka
वो बहका दें आपको وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يُضِلُّونَ वो बहकाते yuḍillūna
वो बहकाते إِلَّآ मगर illā
मगर أَنفُسَهُمْ ۖ अपने आपको anfusahum
अपने आपको وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَضُرُّونَكَ वो नुक़सान दे सकते आपको yaḍurrūnaka
वो नुक़सान दे सकते आपको مِن in min
in شَىْءٍۢ ۚ कुछ भी shayin
कुछ भी وَأَنزَلَ और नाज़िल की wa-anzala
और नाज़िल की ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब وَٱلْحِكْمَةَ और हिकमत wal-ḥik'mata
और हिकमत وَعَلَّمَكَ और सिखाया आपको waʿallamaka
और सिखाया आपको مَا वो जो mā
वो जो لَمْ ना lam
ना تَكُن थे आप takun
थे आप تَعْلَمُ ۚ आप जानते taʿlamu
आप जानते وَكَانَ और है wakāna
और है فَضْلُ फ़ज़ल faḍlu
फ़ज़ल ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर عَظِيمًۭا बहुत बड़ा ʿaẓīman
बहुत बड़ा ١١٣ (113)
(113)
और (ऐ नबी!) यदि आपपर अल्लाह का अनुग्रह और उसकी दया न होती, तो उनके एक समूह ने निश्चय आपको बहकाने का इरादा1 कर लिया था। हालाँकि वे केवल अपने आप को ही पथभ्रष्ट कर रहे हैं और वे आपको कुछ भी हानि नहीं पहुँचा सकते। और अल्लाह ने आपपर पुस्तक तथा हिकमत अवतरित की है और आपको वह कुछ सिखाया है, जो आप नहीं जानते थे। और आपपर अल्लाह का अनुग्रह बहुत बड़ा है।
४:११४
۞ لَّا
(There is) no
lā
(There is) no خَيْرَ नहीं कोई भलाई khayra
नहीं कोई भलाई فِى in fī
in كَثِيرٍۢ बहुत सी kathīrin
बहुत सी مِّن of min
of نَّجْوَىٰهُمْ उनकी सरगोशियों में najwāhum
उनकी सरगोशियों में إِلَّا सिवाय illā
सिवाय مَنْ उसके जो man
उसके जो أَمَرَ हुक्म दे amara
हुक्म दे بِصَدَقَةٍ सदक़ा का biṣadaqatin
सदक़ा का أَوْ या aw
या مَعْرُوفٍ नेकी का maʿrūfin
नेकी का أَوْ या aw
या إِصْلَـٰحٍۭ इस्लाह का iṣ'lāḥin
इस्लाह का بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान ٱلنَّاسِ ۚ लोगों के l-nāsi
लोगों के وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَفْعَلْ करेगा yafʿal
करेगा ذَٰلِكَ ये dhālika
ये ٱبْتِغَآءَ चाहने को ib'tighāa
चाहने को مَرْضَاتِ रज़ा / रज़ामन्दी marḍāti
रज़ा / रज़ामन्दी ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की فَسَوْفَ तो अनक़रीब fasawfa
तो अनक़रीब نُؤْتِيهِ हम देंगे उसे nu'tīhi
हम देंगे उसे أَجْرًا अजर ajran
अजर عَظِيمًۭا बहुत बड़ा ʿaẓīman
बहुत बड़ा ١١٤ (114)
(114)
(There is) no خَيْرَ नहीं कोई भलाई khayra
नहीं कोई भलाई فِى in fī
in كَثِيرٍۢ बहुत सी kathīrin
बहुत सी مِّن of min
of نَّجْوَىٰهُمْ उनकी सरगोशियों में najwāhum
उनकी सरगोशियों में إِلَّا सिवाय illā
सिवाय مَنْ उसके जो man
उसके जो أَمَرَ हुक्म दे amara
हुक्म दे بِصَدَقَةٍ सदक़ा का biṣadaqatin
सदक़ा का أَوْ या aw
या مَعْرُوفٍ नेकी का maʿrūfin
नेकी का أَوْ या aw
या إِصْلَـٰحٍۭ इस्लाह का iṣ'lāḥin
इस्लाह का بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान ٱلنَّاسِ ۚ लोगों के l-nāsi
लोगों के وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَفْعَلْ करेगा yafʿal
करेगा ذَٰلِكَ ये dhālika
ये ٱبْتِغَآءَ चाहने को ib'tighāa
चाहने को مَرْضَاتِ रज़ा / रज़ामन्दी marḍāti
रज़ा / रज़ामन्दी ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की فَسَوْفَ तो अनक़रीब fasawfa
तो अनक़रीब نُؤْتِيهِ हम देंगे उसे nu'tīhi
हम देंगे उसे أَجْرًا अजर ajran
अजर عَظِيمًۭا बहुत बड़ा ʿaẓīman
बहुत बड़ा ١١٤ (114)
(114)
उनकी अधिकतर कानाफूसियों में कोई भलाई नहीं होती, परन्तु जो दान या नेकी या लोगों के बीच संधि कराने का आदेश दे (तो इसमें भलाई है), और जो कोई ऐसे कर्म अल्लाह की प्रसन्नता प्राप्त करने के लिए करेगा, हम जल्द ही उसे बहुत बड़ा बदला प्रदान करेंगे।
४:११५
وَمَن
और जो कोई
waman
और जो कोई يُشَاقِقِ मुख़ालिफ़त करे yushāqiqi
मुख़ालिफ़त करे ٱلرَّسُولَ रसूल की l-rasūla
रसूल की مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद उसके baʿdi
बाद उसके مَا जो mā
जो تَبَيَّنَ वाज़ेह हो गई tabayyana
वाज़ेह हो गई لَهُ उसके लिए lahu
उसके लिए ٱلْهُدَىٰ हिदायत l-hudā
हिदायत وَيَتَّبِعْ और पैरवी करे wayattabiʿ
और पैरवी करे غَيْرَ other than ghayra
other than سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों के रास्ते के अलावा l-mu'minīna
मोमिनों के रास्ते के अलावा نُوَلِّهِۦ हम फेर देंगे उसे nuwallihi
हम फेर देंगे उसे مَا जिधर mā
जिधर تَوَلَّىٰ वो फिर गया tawallā
वो फिर गया وَنُصْلِهِۦ और हम जलाऐंगे उसे wanuṣ'lihi
और हम जलाऐंगे उसे جَهَنَّمَ ۖ जहन्नम में jahannama
जहन्नम में وَسَآءَتْ और कितनी बुरी है wasāat
और कितनी बुरी है مَصِيرًا लौटने की जगह maṣīran
लौटने की जगह ١١٥ (115)
(115)
और जो कोई يُشَاقِقِ मुख़ालिफ़त करे yushāqiqi
मुख़ालिफ़त करे ٱلرَّسُولَ रसूल की l-rasūla
रसूल की مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद उसके baʿdi
बाद उसके مَا जो mā
जो تَبَيَّنَ वाज़ेह हो गई tabayyana
वाज़ेह हो गई لَهُ उसके लिए lahu
उसके लिए ٱلْهُدَىٰ हिदायत l-hudā
हिदायत وَيَتَّبِعْ और पैरवी करे wayattabiʿ
और पैरवी करे غَيْرَ other than ghayra
other than سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों के रास्ते के अलावा l-mu'minīna
मोमिनों के रास्ते के अलावा نُوَلِّهِۦ हम फेर देंगे उसे nuwallihi
हम फेर देंगे उसे مَا जिधर mā
जिधर تَوَلَّىٰ वो फिर गया tawallā
वो फिर गया وَنُصْلِهِۦ और हम जलाऐंगे उसे wanuṣ'lihi
और हम जलाऐंगे उसे جَهَنَّمَ ۖ जहन्नम में jahannama
जहन्नम में وَسَآءَتْ और कितनी बुरी है wasāat
और कितनी बुरी है مَصِيرًا लौटने की जगह maṣīran
लौटने की जगह ١١٥ (115)
(115)
तथा जो व्यक्ति अपने सामने मार्गदर्शन स्पष्ट हो जाने के बाद रसूल का विरोध करे और ईमान वालों1 के मार्ग के अलावा (किसी दूसरे मार्ग) पर चले, हम उसे उधर ही फेर देंगे2, जिधर वह (स्वयं) फिर गया है और उसे नरक में झोंक देंगे। और वह बहुत बुरा ठिकाना है।
४:११६
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا does not lā
does not يَغْفِرُ नहीं बख़्शेगा yaghfiru
नहीं बख़्शेगा أَن कि an
कि يُشْرَكَ शिर्क किया जाए yush'raka
शिर्क किया जाए بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके وَيَغْفِرُ और वो बख्श देगा wayaghfiru
और वो बख्श देगा مَا जो mā
जो دُونَ अलावा हो dūna
अलावा हो ذَٰلِكَ उसके dhālika
उसके لِمَن जिसके लिए liman
जिसके लिए يَشَآءُ ۚ वो चाहेगा yashāu
वो चाहेगा وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يُشْرِكْ शिर्क करेगा yush'rik
शिर्क करेगा بِٱللَّهِ साथ अल्लाह के bil-lahi
साथ अल्लाह के فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ ضَلَّ वो भटक गया ḍalla
वो भटक गया ضَلَـٰلًۢا भटकना ḍalālan
भटकना بَعِيدًا बहुत दूर का baʿīdan
बहुत दूर का ١١٦ (116)
(116)
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا does not lā
does not يَغْفِرُ नहीं बख़्शेगा yaghfiru
नहीं बख़्शेगा أَن कि an
कि يُشْرَكَ शिर्क किया जाए yush'raka
शिर्क किया जाए بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके وَيَغْفِرُ और वो बख्श देगा wayaghfiru
और वो बख्श देगा مَا जो mā
जो دُونَ अलावा हो dūna
अलावा हो ذَٰلِكَ उसके dhālika
उसके لِمَن जिसके लिए liman
जिसके लिए يَشَآءُ ۚ वो चाहेगा yashāu
वो चाहेगा وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يُشْرِكْ शिर्क करेगा yush'rik
शिर्क करेगा بِٱللَّهِ साथ अल्लाह के bil-lahi
साथ अल्लाह के فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ ضَلَّ वो भटक गया ḍalla
वो भटक गया ضَلَـٰلًۢا भटकना ḍalālan
भटकना بَعِيدًا बहुत दूर का baʿīdan
बहुत दूर का ١١٦ (116)
(116)
निःसंदेह अल्लाह अपने साथ साझी ठहराए जाने को क्षमा1 नहीं करेगा और इससे कमतर पाप जिसके लिए चाहेगा, क्षमा कर देगा। तथा जो अल्लाह का साझी बनाता है, वह यक़ीनन भटककर बहुत दूर जा पड़ा।
४:११७
إِن
नहीं
in
नहीं يَدْعُونَ वो पुकारते yadʿūna
वो पुकारते مِن from min
from دُونِهِۦٓ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा إِلَّآ मगर illā
मगर إِنَـٰثًۭا औरतों / देवियों को ināthan
औरतों / देवियों को وَإِن और नहीं wa-in
और नहीं يَدْعُونَ वो पुकारते yadʿūna
वो पुकारते إِلَّا मगर illā
मगर شَيْطَـٰنًۭا शैतान shayṭānan
शैतान مَّرِيدًۭا सरकश को marīdan
सरकश को ١١٧ (117)
(117)
नहीं يَدْعُونَ वो पुकारते yadʿūna
वो पुकारते مِن from min
from دُونِهِۦٓ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा إِلَّآ मगर illā
मगर إِنَـٰثًۭا औरतों / देवियों को ināthan
औरतों / देवियों को وَإِن और नहीं wa-in
और नहीं يَدْعُونَ वो पुकारते yadʿūna
वो पुकारते إِلَّا मगर illā
मगर شَيْطَـٰنًۭا शैतान shayṭānan
शैतान مَّرِيدًۭا सरकश को marīdan
सरकश को ١١٧ (117)
(117)
ये (बहुदेववादी), अल्लाह को छोड़कर मात्र देवियों को पुकारते हैं और वास्तव में ये केवल उद्दंड शैतान को पुकारते हैं।
४:११८
لَّعَنَهُ
लानत की उस पर
laʿanahu
लानत की उस पर ٱللَّهُ ۘ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَقَالَ और कहा उसने waqāla
और कहा उसने لَأَتَّخِذَنَّ अलबत्ता मैं ज़रूर लेकर रहूँगा la-attakhidhanna
अलबत्ता मैं ज़रूर लेकर रहूँगा مِنْ from min
from عِبَادِكَ तेरे बन्दों में से ʿibādika
तेरे बन्दों में से نَصِيبًۭا एक हिस्सा naṣīban
एक हिस्सा مَّفْرُوضًۭا मुक़र्रर mafrūḍan
मुक़र्रर ١١٨ (118)
(118)
लानत की उस पर ٱللَّهُ ۘ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَقَالَ और कहा उसने waqāla
और कहा उसने لَأَتَّخِذَنَّ अलबत्ता मैं ज़रूर लेकर रहूँगा la-attakhidhanna
अलबत्ता मैं ज़रूर लेकर रहूँगा مِنْ from min
from عِبَادِكَ तेरे बन्दों में से ʿibādika
तेरे बन्दों में से نَصِيبًۭا एक हिस्सा naṣīban
एक हिस्सा مَّفْرُوضًۭا मुक़र्रर mafrūḍan
मुक़र्रर ١١٨ (118)
(118)
जिसे अल्लाह ने धिक्कार दिया है। तथा उसने कहा था कि मैं तेरे बंदों में से एक निश्चित हिस्सा अवश्य लेकर रहूँगा।
४:११९
وَلَأُضِلَّنَّهُمْ
और अलबत्ता मैं ज़रूर भटकाऊँगा उन्हें
wala-uḍillannahum
और अलबत्ता मैं ज़रूर भटकाऊँगा उन्हें وَلَأُمَنِّيَنَّهُمْ और अलबत्ता मैं ज़रूर उम्मीदें दिलाऊँगा उन्हें wala-umanniyannahum
और अलबत्ता मैं ज़रूर उम्मीदें दिलाऊँगा उन्हें وَلَـَٔامُرَنَّهُمْ और अलबत्ता मैं ज़रूर हुक्म दूँगा उन्हें walaāmurannahum
और अलबत्ता मैं ज़रूर हुक्म दूँगा उन्हें فَلَيُبَتِّكُنَّ फिर अलबत्ता वो ज़रूर काटेंगे falayubattikunna
फिर अलबत्ता वो ज़रूर काटेंगे ءَاذَانَ कान ādhāna
कान ٱلْأَنْعَـٰمِ मवेशियों के l-anʿāmi
मवेशियों के وَلَـَٔامُرَنَّهُمْ और अलबत्ता मैं ज़रूर हुक्म दूँगा उन्हें walaāmurannahum
और अलबत्ता मैं ज़रूर हुक्म दूँगा उन्हें فَلَيُغَيِّرُنَّ पस अलबत्ता वो ज़रूर बदल देंगे falayughayyirunna
पस अलबत्ता वो ज़रूर बदल देंगे خَلْقَ तख़्लीक़ khalqa
तख़्लीक़ ٱللَّهِ ۚ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَتَّخِذِ बनाएगा yattakhidhi
बनाएगा ٱلشَّيْطَـٰنَ शैतान को l-shayṭāna
शैतान को وَلِيًّۭا दोस्त waliyyan
दोस्त مِّن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ خَسِرَ उसने नुक़सान उठाया khasira
उसने नुक़सान उठाया خُسْرَانًۭا नुक़सान उठाना khus'rānan
नुक़सान उठाना مُّبِينًۭا खुल्लम-खुल्ला mubīnan
खुल्लम-खुल्ला ١١٩ (119)
(119)
और अलबत्ता मैं ज़रूर भटकाऊँगा उन्हें وَلَأُمَنِّيَنَّهُمْ और अलबत्ता मैं ज़रूर उम्मीदें दिलाऊँगा उन्हें wala-umanniyannahum
और अलबत्ता मैं ज़रूर उम्मीदें दिलाऊँगा उन्हें وَلَـَٔامُرَنَّهُمْ और अलबत्ता मैं ज़रूर हुक्म दूँगा उन्हें walaāmurannahum
और अलबत्ता मैं ज़रूर हुक्म दूँगा उन्हें فَلَيُبَتِّكُنَّ फिर अलबत्ता वो ज़रूर काटेंगे falayubattikunna
फिर अलबत्ता वो ज़रूर काटेंगे ءَاذَانَ कान ādhāna
कान ٱلْأَنْعَـٰمِ मवेशियों के l-anʿāmi
मवेशियों के وَلَـَٔامُرَنَّهُمْ और अलबत्ता मैं ज़रूर हुक्म दूँगा उन्हें walaāmurannahum
और अलबत्ता मैं ज़रूर हुक्म दूँगा उन्हें فَلَيُغَيِّرُنَّ पस अलबत्ता वो ज़रूर बदल देंगे falayughayyirunna
पस अलबत्ता वो ज़रूर बदल देंगे خَلْقَ तख़्लीक़ khalqa
तख़्लीक़ ٱللَّهِ ۚ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَتَّخِذِ बनाएगा yattakhidhi
बनाएगा ٱلشَّيْطَـٰنَ शैतान को l-shayṭāna
शैतान को وَلِيًّۭا दोस्त waliyyan
दोस्त مِّن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ خَسِرَ उसने नुक़सान उठाया khasira
उसने नुक़सान उठाया خُسْرَانًۭا नुक़सान उठाना khus'rānan
नुक़सान उठाना مُّبِينًۭا खुल्लम-खुल्ला mubīnan
खुल्लम-खुल्ला ١١٩ (119)
(119)
और मैं उन्हें अवश्य पथभ्रष्ट करूँगा, और उन्हें अवश्य आशाएँ दिलाऊँगा और उन्हें अवश्य आदेश दूँगा तो वे पशुओं के कान चीरेंगे तथा निश्चय उन्हें आदेश दूँगा, तो वे अवश्य अल्लाह की रचना में परिवर्तन1 करेंगे। तथा जो अल्लाह को छोड़कर शैतान को अपना मित्र बना ले, वह निश्चय खुले घाटे में पड़ गया।
४:१२०
يَعِدُهُمْ
वो वादा करता है उनसे
yaʿiduhum
वो वादा करता है उनसे وَيُمَنِّيهِمْ ۖ और उम्मीदें दिलाता है उन्हें wayumannīhim
और उम्मीदें दिलाता है उन्हें وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَعِدُهُمُ वादा करता उनसे yaʿiduhumu
वादा करता उनसे ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान l-shayṭānu
शैतान إِلَّا मगर illā
मगर غُرُورًا धोखे का ghurūran
धोखे का ١٢٠ (120)
(120)
वो वादा करता है उनसे وَيُمَنِّيهِمْ ۖ और उम्मीदें दिलाता है उन्हें wayumannīhim
और उम्मीदें दिलाता है उन्हें وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَعِدُهُمُ वादा करता उनसे yaʿiduhumu
वादा करता उनसे ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान l-shayṭānu
शैतान إِلَّا मगर illā
मगर غُرُورًا धोखे का ghurūran
धोखे का ١٢٠ (120)
(120)
वह (शैतान) उनसे वादे करता है और उन्हें आशाएँ दिलाता है। (परंतु) शैतान उनसे जो वादे करता है, वे धोखे के सिवा कुछ नहीं हैं।
४:१२१
أُو۟لَـٰٓئِكَ
यही लोग हैं
ulāika
यही लोग हैं مَأْوَىٰهُمْ ठिकाना उनका mawāhum
ठिकाना उनका جَهَنَّمُ जहन्नम है jahannamu
जहन्नम है وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَجِدُونَ वो पाऐंगे yajidūna
वो पाऐंगे عَنْهَا उससे ʿanhā
उससे مَحِيصًۭا कोई जाए पनाह maḥīṣan
कोई जाए पनाह ١٢١ (121)
(121)
यही लोग हैं مَأْوَىٰهُمْ ठिकाना उनका mawāhum
ठिकाना उनका جَهَنَّمُ जहन्नम है jahannamu
जहन्नम है وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَجِدُونَ वो पाऐंगे yajidūna
वो पाऐंगे عَنْهَا उससे ʿanhā
उससे مَحِيصًۭا कोई जाए पनाह maḥīṣan
कोई जाए पनाह ١٢١ (121)
(121)
वही लोग है जिनका ठिकाना जहन्नम है और वे उससे भागने का कोई रास्ता नहीं पाएंगे।
४:१२२
وَٱلَّذِينَ
और वो जो
wa-alladhīna
और वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और अमल किए waʿamilū
और अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक سَنُدْخِلُهُمْ अनक़रीब हम दाख़िल करेंगे उन्हें sanud'khiluhum
अनक़रीब हम दाख़िल करेंगे उन्हें جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात में jannātin
बाग़ात में تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَآ उनमें fīhā
उनमें أَبَدًۭا ۖ अब्द तक / हमेशा-हमेशा abadan
अब्द तक / हमेशा-हमेशा وَعْدَ वादा है waʿda
वादा है ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का حَقًّۭا ۚ सच्चा ḥaqqan
सच्चा وَمَنْ और कौन waman
और कौन أَصْدَقُ ज़्यादा सच्चा है aṣdaqu
ज़्यादा सच्चा है مِنَ than mina
than ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से قِيلًۭا बात में qīlan
बात में ١٢٢ (122)
(122)
और वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और अमल किए waʿamilū
और अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक سَنُدْخِلُهُمْ अनक़रीब हम दाख़िल करेंगे उन्हें sanud'khiluhum
अनक़रीब हम दाख़िल करेंगे उन्हें جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात में jannātin
बाग़ात में تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَآ उनमें fīhā
उनमें أَبَدًۭا ۖ अब्द तक / हमेशा-हमेशा abadan
अब्द तक / हमेशा-हमेशा وَعْدَ वादा है waʿda
वादा है ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का حَقًّۭا ۚ सच्चा ḥaqqan
सच्चा وَمَنْ और कौन waman
और कौन أَصْدَقُ ज़्यादा सच्चा है aṣdaqu
ज़्यादा सच्चा है مِنَ than mina
than ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से قِيلًۭا बात में qīlan
बात में ١٢٢ (122)
(122)
तथा जो लोग ईमान लाए और अच्छे काम किए, हम उन्हें ऐसी जन्नतों में दाख़िल करेंगे, जिनके नीचे नहरें बहती हैं। वे उनमें हमेशा रहेंगे। यह अल्लाह का सच्चा वादा है और अल्लाह से अधिक सच्ची बात किसकी हो सकती है?
४:१२३
لَّيْسَ
नहीं है
laysa
नहीं है بِأَمَانِيِّكُمْ तुम्हारी आरज़ुओं पर bi-amāniyyikum
तुम्हारी आरज़ुओं पर وَلَآ और ना walā
और ना أَمَانِىِّ आरज़ुओं पर amāniyyi
आरज़ुओं पर أَهْلِ (of the) People ahli
(of the) People ٱلْكِتَـٰبِ ۗ अहले किताब की l-kitābi
अहले किताब की مَن जो कोई man
जो कोई يَعْمَلْ अमल करेगा yaʿmal
अमल करेगा سُوٓءًۭا बुरा sūan
बुरा يُجْزَ वो बदला दिया जाएगा yuj'za
वो बदला दिया जाएगा بِهِۦ उसका bihi
उसका وَلَا और ना walā
और ना يَجِدْ वो पाएगा yajid
वो पाएगा لَهُۥ अपने लिए lahu
अपने लिए مِن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَلِيًّۭا कोई दोस्त waliyyan
कोई दोस्त وَلَا और ना walā
और ना نَصِيرًۭا मददगार naṣīran
मददगार ١٢٣ (123)
(123)
नहीं है بِأَمَانِيِّكُمْ तुम्हारी आरज़ुओं पर bi-amāniyyikum
तुम्हारी आरज़ुओं पर وَلَآ और ना walā
और ना أَمَانِىِّ आरज़ुओं पर amāniyyi
आरज़ुओं पर أَهْلِ (of the) People ahli
(of the) People ٱلْكِتَـٰبِ ۗ अहले किताब की l-kitābi
अहले किताब की مَن जो कोई man
जो कोई يَعْمَلْ अमल करेगा yaʿmal
अमल करेगा سُوٓءًۭا बुरा sūan
बुरा يُجْزَ वो बदला दिया जाएगा yuj'za
वो बदला दिया जाएगा بِهِۦ उसका bihi
उसका وَلَا और ना walā
और ना يَجِدْ वो पाएगा yajid
वो पाएगा لَهُۥ अपने लिए lahu
अपने लिए مِن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَلِيًّۭا कोई दोस्त waliyyan
कोई दोस्त وَلَا और ना walā
और ना نَصِيرًۭا मददगार naṣīran
मददगार ١٢٣ (123)
(123)
(मोक्ष) न तुम्हारी कामनाओं पर निर्भर है, न अह्ले किताब की कामनाओं पर। जो भी बुरा काम करेगा, उसका बदला पाएगा तथा अल्लाह के सिवा अपना कोई रक्षक और सहायक नहीं पाएगा।
४:१२४
وَمَن
और जो कोई
waman
और जो कोई يَعْمَلْ अमल करे yaʿmal
अमल करे مِنَ [of] mina
[of] ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक مِن from min
from ذَكَرٍ मर्द हो dhakarin
मर्द हो أَوْ या aw
या أُنثَىٰ औरत unthā
औरत وَهُوَ जब कि वो wahuwa
जब कि वो مُؤْمِنٌۭ मोमिन हो mu'minun
मोमिन हो فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग fa-ulāika
तो यही लोग يَدْخُلُونَ दाख़िल होंगे yadkhulūna
दाख़िल होंगे ٱلْجَنَّةَ जन्नत में l-janata
जन्नत में وَلَا और ना walā
और ना يُظْلَمُونَ वो ज़ुल्म किए जाऐंगे yuẓ'lamūna
वो ज़ुल्म किए जाऐंगे نَقِيرًۭا खजूर की गुठली में सुराख़ बराबर naqīran
खजूर की गुठली में सुराख़ बराबर ١٢٤ (124)
(124)
और जो कोई يَعْمَلْ अमल करे yaʿmal
अमल करे مِنَ [of] mina
[of] ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक مِن from min
from ذَكَرٍ मर्द हो dhakarin
मर्द हो أَوْ या aw
या أُنثَىٰ औरत unthā
औरत وَهُوَ जब कि वो wahuwa
जब कि वो مُؤْمِنٌۭ मोमिन हो mu'minun
मोमिन हो فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग fa-ulāika
तो यही लोग يَدْخُلُونَ दाख़िल होंगे yadkhulūna
दाख़िल होंगे ٱلْجَنَّةَ जन्नत में l-janata
जन्नत में وَلَا और ना walā
और ना يُظْلَمُونَ वो ज़ुल्म किए जाऐंगे yuẓ'lamūna
वो ज़ुल्म किए जाऐंगे نَقِيرًۭا खजूर की गुठली में सुराख़ बराबर naqīran
खजूर की गुठली में सुराख़ बराबर ١٢٤ (124)
(124)
तथा जो अच्छे कार्य करेगा, चाहे नर हो या नारी, जबकि वह मोमिन1 हो, तो ऐसे लोग जन्नत में प्रवेश पाएँगे और उनका खजूर की गुठली के ऊपरी भाग के गड्ढे के बराबर भी हक़ नहीं मारा जाएगा।
४:१२५
وَمَنْ
और कौन
waman
और कौन أَحْسَنُ ज़्यादा अच्छा है aḥsanu
ज़्यादा अच्छा है دِينًۭا दीन में dīnan
दीन में مِّمَّنْ उससे जो mimman
उससे जो أَسْلَمَ सुपुर्द कर दे aslama
सुपुर्द कर दे وَجْهَهُۥ चेहरा अपना wajhahu
चेहरा अपना لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए وَهُوَ और वो wahuwa
और वो مُحْسِنٌۭ नेकोकार हो muḥ'sinun
नेकोकार हो وَٱتَّبَعَ और वो पैरवी करे wa-ittabaʿa
और वो पैरवी करे مِلَّةَ मिल्लत millata
मिल्लत إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम की ib'rāhīma
इब्राहीम की حَنِيفًۭا ۗ जो यकसू था ḥanīfan
जो यकसू था وَٱتَّخَذَ और बना लिया wa-ittakhadha
और बना लिया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम को ib'rāhīma
इब्राहीम को خَلِيلًۭا ख़ास दोस्त khalīlan
ख़ास दोस्त ١٢٥ (125)
(125)
और कौन أَحْسَنُ ज़्यादा अच्छा है aḥsanu
ज़्यादा अच्छा है دِينًۭا दीन में dīnan
दीन में مِّمَّنْ उससे जो mimman
उससे जो أَسْلَمَ सुपुर्द कर दे aslama
सुपुर्द कर दे وَجْهَهُۥ चेहरा अपना wajhahu
चेहरा अपना لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए وَهُوَ और वो wahuwa
और वो مُحْسِنٌۭ नेकोकार हो muḥ'sinun
नेकोकार हो وَٱتَّبَعَ और वो पैरवी करे wa-ittabaʿa
और वो पैरवी करे مِلَّةَ मिल्लत millata
मिल्लत إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम की ib'rāhīma
इब्राहीम की حَنِيفًۭا ۗ जो यकसू था ḥanīfan
जो यकसू था وَٱتَّخَذَ और बना लिया wa-ittakhadha
और बना लिया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम को ib'rāhīma
इब्राहीम को خَلِيلًۭا ख़ास दोस्त khalīlan
ख़ास दोस्त ١٢٥ (125)
(125)
तथा उस व्यक्ति से अच्छा धर्म किसका हो सकता है, जिसने अपना शीश अल्लाह के सामने झुका दिया और वह अच्छे कार्य करने वाला (भी) हो तथा इबराहीम के तरीक़े का अनुसरण करे, जो बहुदेववाद से कटकर एकेश्वरवाद की ओर एकाग्र थे, और अल्लाह ने इबराहीम को अपना मित्र बनाया था।
४:१२६
وَلِلَّهِ
और अल्लाह ही के लिए है
walillahi
और अल्लाह ही के लिए है مَا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ۚ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِكُلِّ हर bikulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ को shayin
चीज़ को مُّحِيطًۭا घेरने वाला muḥīṭan
घेरने वाला ١٢٦ (126)
(126)
और अल्लाह ही के लिए है مَا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ۚ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِكُلِّ हर bikulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ को shayin
चीज़ को مُّحِيطًۭا घेरने वाला muḥīṭan
घेरने वाला ١٢٦ (126)
(126)
तथा जो कुछ आकाशों में और जो कुछ धरती में है, सब अल्लाह ही का है और अल्लाह हर चीज़ को घेरे हुए है।
४:१२७
وَيَسْتَفْتُونَكَ
और वो फ़तवा माँगते हैं आपसे
wayastaftūnaka
और वो फ़तवा माँगते हैं आपसे فِى concerning fī
concerning ٱلنِّسَآءِ ۖ औरतों के बारे में l-nisāi
औरतों के बारे में قُلِ कह दीजिए quli
कह दीजिए ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह يُفْتِيكُمْ फ़तवा देता है तुम्हें yuf'tīkum
फ़तवा देता है तुम्हें فِيهِنَّ उनके मामले में fīhinna
उनके मामले में وَمَا और जो wamā
और जो يُتْلَىٰ पढ़ा जाता है yut'lā
पढ़ा जाता है عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर فِى in fī
in ٱلْكِتَـٰبِ किताब में से l-kitābi
किताब में से فِى concerning fī
concerning يَتَـٰمَى orphans yatāmā
orphans ٱلنِّسَآءِ यतीम लड़कियों के बारे में l-nisāi
यतीम लड़कियों के बारे में ٱلَّـٰتِى वो जो allātī
वो जो لَا not lā
not تُؤْتُونَهُنَّ नहीं तुम देते उन्हें tu'tūnahunna
नहीं तुम देते उन्हें مَا जो mā
जो كُتِبَ लिखा गया kutiba
लिखा गया لَهُنَّ उनके लिए lahunna
उनके लिए وَتَرْغَبُونَ और तुम रग़बत रखते हो watarghabūna
और तुम रग़बत रखते हो أَن कि an
कि تَنكِحُوهُنَّ तुम निकाह कर लो उनसे tankiḥūhunna
तुम निकाह कर लो उनसे وَٱلْمُسْتَضْعَفِينَ और कमज़ोरों (के बारे में) wal-mus'taḍʿafīna
और कमज़ोरों (के बारे में) مِنَ of mina
of ٱلْوِلْدَٰنِ बच्चों में से l-wil'dāni
बच्चों में से وَأَن और ये कि wa-an
और ये कि تَقُومُوا۟ तुम क़ायम रहो taqūmū
तुम क़ायम रहो لِلْيَتَـٰمَىٰ यतीमों के लिए lil'yatāmā
यतीमों के लिए بِٱلْقِسْطِ ۚ इन्साफ़ पर bil-qis'ṭi
इन्साफ़ पर وَمَا और जो भी wamā
और जो भी تَفْعَلُوا۟ तुम करोगे tafʿalū
तुम करोगे مِنْ of min
of خَيْرٍۢ नेकी में से khayrin
नेकी में से فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है بِهِۦ उसे bihi
उसे عَلِيمًۭا ख़ूब जानने वाला ʿalīman
ख़ूब जानने वाला ١٢٧ (127)
(127)
और वो फ़तवा माँगते हैं आपसे فِى concerning fī
concerning ٱلنِّسَآءِ ۖ औरतों के बारे में l-nisāi
औरतों के बारे में قُلِ कह दीजिए quli
कह दीजिए ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह يُفْتِيكُمْ फ़तवा देता है तुम्हें yuf'tīkum
फ़तवा देता है तुम्हें فِيهِنَّ उनके मामले में fīhinna
उनके मामले में وَمَا और जो wamā
और जो يُتْلَىٰ पढ़ा जाता है yut'lā
पढ़ा जाता है عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर فِى in fī
in ٱلْكِتَـٰبِ किताब में से l-kitābi
किताब में से فِى concerning fī
concerning يَتَـٰمَى orphans yatāmā
orphans ٱلنِّسَآءِ यतीम लड़कियों के बारे में l-nisāi
यतीम लड़कियों के बारे में ٱلَّـٰتِى वो जो allātī
वो जो لَا not lā
not تُؤْتُونَهُنَّ नहीं तुम देते उन्हें tu'tūnahunna
नहीं तुम देते उन्हें مَا जो mā
जो كُتِبَ लिखा गया kutiba
लिखा गया لَهُنَّ उनके लिए lahunna
उनके लिए وَتَرْغَبُونَ और तुम रग़बत रखते हो watarghabūna
और तुम रग़बत रखते हो أَن कि an
कि تَنكِحُوهُنَّ तुम निकाह कर लो उनसे tankiḥūhunna
तुम निकाह कर लो उनसे وَٱلْمُسْتَضْعَفِينَ और कमज़ोरों (के बारे में) wal-mus'taḍʿafīna
और कमज़ोरों (के बारे में) مِنَ of mina
of ٱلْوِلْدَٰنِ बच्चों में से l-wil'dāni
बच्चों में से وَأَن और ये कि wa-an
और ये कि تَقُومُوا۟ तुम क़ायम रहो taqūmū
तुम क़ायम रहो لِلْيَتَـٰمَىٰ यतीमों के लिए lil'yatāmā
यतीमों के लिए بِٱلْقِسْطِ ۚ इन्साफ़ पर bil-qis'ṭi
इन्साफ़ पर وَمَا और जो भी wamā
और जो भी تَفْعَلُوا۟ तुम करोगे tafʿalū
तुम करोगे مِنْ of min
of خَيْرٍۢ नेकी में से khayrin
नेकी में से فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है بِهِۦ उसे bihi
उसे عَلِيمًۭا ख़ूब जानने वाला ʿalīman
ख़ूब जानने वाला ١٢٧ (127)
(127)
(ऐ नबी!) लोग आपसे स्त्रियों के बारे में फ़तवा (शरई हुक्म) पूछते हैं। आप कह दें कि अल्लाह तुम्हें उनके बारे में फतवा देता है, तथा किताब की वे आयतें भी जो अनाथ स्त्रियों के बारे में तुम्हें पढ़कर सुनाई जाती हैं, जिन्हें तुम उनके निर्धारित अधिकार नहीं देते और तुम चाहते हो कि उनसे विवाह कर लो, तथा कमज़ोर बच्चों के बारे में भी यही हुक्म है, और यह कि तुम अनाथों के मामले में न्याय पर क़ायम रहो।1 तथा तुम जो भी भलाई करते हो, अल्लाह उसे भली-भाँति जानता है।
४:१२८
وَإِنِ
और अगर
wa-ini
और अगर ٱمْرَأَةٌ कोई औरत im'ra-atun
कोई औरत خَافَتْ डरे khāfat
डरे مِنۢ from min
from بَعْلِهَا अपने शौहर से baʿlihā
अपने शौहर से نُشُوزًا ज़्यादती करने से nushūzan
ज़्यादती करने से أَوْ या aw
या إِعْرَاضًۭا बेरुख़ी से iʿ'rāḍan
बेरुख़ी से فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं جُنَاحَ कोई गुनाह junāḥa
कोई गुनाह عَلَيْهِمَآ उन दोनों पर ʿalayhimā
उन दोनों पर أَن कि an
कि يُصْلِحَا वो दोनो सुलह कर लें yuṣ'liḥā
वो दोनो सुलह कर लें بَيْنَهُمَا आपस में baynahumā
आपस में صُلْحًۭا ۚ सुलह करना ṣul'ḥan
सुलह करना وَٱلصُّلْحُ और सुलह करना wal-ṣul'ḥu
और सुलह करना خَيْرٌۭ ۗ बेहतर है khayrun
बेहतर है وَأُحْضِرَتِ और रख दी गई wa-uḥ'ḍirati
और रख दी गई ٱلْأَنفُسُ नफ़्सों में l-anfusu
नफ़्सों में ٱلشُّحَّ ۚ बख़ीली l-shuḥa
बख़ीली وَإِن और अगर wa-in
और अगर تُحْسِنُوا۟ तुम एहसान करो tuḥ'sinū
तुम एहसान करो وَتَتَّقُوا۟ और तुम तक़वा करो watattaqū
और तुम तक़वा करो فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है بِمَا साथ उसके जो bimā
साथ उसके जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो خَبِيرًۭا ख़ूब ख़बर रखने वाला khabīran
ख़ूब ख़बर रखने वाला ١٢٨ (128)
(128)
और अगर ٱمْرَأَةٌ कोई औरत im'ra-atun
कोई औरत خَافَتْ डरे khāfat
डरे مِنۢ from min
from بَعْلِهَا अपने शौहर से baʿlihā
अपने शौहर से نُشُوزًا ज़्यादती करने से nushūzan
ज़्यादती करने से أَوْ या aw
या إِعْرَاضًۭا बेरुख़ी से iʿ'rāḍan
बेरुख़ी से فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं جُنَاحَ कोई गुनाह junāḥa
कोई गुनाह عَلَيْهِمَآ उन दोनों पर ʿalayhimā
उन दोनों पर أَن कि an
कि يُصْلِحَا वो दोनो सुलह कर लें yuṣ'liḥā
वो दोनो सुलह कर लें بَيْنَهُمَا आपस में baynahumā
आपस में صُلْحًۭا ۚ सुलह करना ṣul'ḥan
सुलह करना وَٱلصُّلْحُ और सुलह करना wal-ṣul'ḥu
और सुलह करना خَيْرٌۭ ۗ बेहतर है khayrun
बेहतर है وَأُحْضِرَتِ और रख दी गई wa-uḥ'ḍirati
और रख दी गई ٱلْأَنفُسُ नफ़्सों में l-anfusu
नफ़्सों में ٱلشُّحَّ ۚ बख़ीली l-shuḥa
बख़ीली وَإِن और अगर wa-in
और अगर تُحْسِنُوا۟ तुम एहसान करो tuḥ'sinū
तुम एहसान करो وَتَتَّقُوا۟ और तुम तक़वा करो watattaqū
और तुम तक़वा करो فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है بِمَا साथ उसके जो bimā
साथ उसके जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो خَبِيرًۭا ख़ूब ख़बर रखने वाला khabīran
ख़ूब ख़बर रखने वाला ١٢٨ (128)
(128)
और यदि किसी स्त्री को अपने पति की ओर से ज़्यादती या बेरुखी का डर हो, तो उन दोनों पर कोई दोष नहीं कि आपस में समझौता कर लें और समझौता कर लेना ही बेहतर1 है। तथा लोभ एवं कंजूसी तो मानव स्वभाव में शामिल है। परंतु यदि तुम एक-दूसरे के साथ उपकार करो और (अल्लाह से) डरते रहो, तो निःसंदेह अल्लाह तुम्हारे कर्मों से सूचित है।
४:१२९
وَلَن
और हरगिज़ नहीं
walan
और हरगिज़ नहीं تَسْتَطِيعُوٓا۟ तुम इस्तिताअत रख सकते tastaṭīʿū
तुम इस्तिताअत रख सकते أَن कि an
कि تَعْدِلُوا۟ तुम अदल करो taʿdilū
तुम अदल करो بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान ٱلنِّسَآءِ बीवियों के l-nisāi
बीवियों के وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे حَرَصْتُمْ ۖ तुम हिर्स करो ḥaraṣtum
तुम हिर्स करो فَلَا तो ना falā
तो ना تَمِيلُوا۟ तुम माइल हो जाओ tamīlū
तुम माइल हो जाओ كُلَّ मुकम्मल kulla
मुकम्मल ٱلْمَيْلِ माइल हो जाना l-mayli
माइल हो जाना فَتَذَرُوهَا कि तुम छोड़ दो उसे fatadharūhā
कि तुम छोड़ दो उसे كَٱلْمُعَلَّقَةِ ۚ मानिन्द लटकती हुई (शै) के kal-muʿalaqati
मानिन्द लटकती हुई (शै) के وَإِن और अगर wa-in
और अगर تُصْلِحُوا۟ तुम इस्लाह / सुलह करो tuṣ'liḥū
तुम इस्लाह / सुलह करो وَتَتَّقُوا۟ और तुम तक़वा करो watattaqū
और तुम तक़वा करो فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है غَفُورًۭا बहुत बख़्शने वाला ghafūran
बहुत बख़्शने वाला رَّحِيمًۭا निहायत रहम करने वाला raḥīman
निहायत रहम करने वाला ١٢٩ (129)
(129)
और हरगिज़ नहीं تَسْتَطِيعُوٓا۟ तुम इस्तिताअत रख सकते tastaṭīʿū
तुम इस्तिताअत रख सकते أَن कि an
कि تَعْدِلُوا۟ तुम अदल करो taʿdilū
तुम अदल करो بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान ٱلنِّسَآءِ बीवियों के l-nisāi
बीवियों के وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे حَرَصْتُمْ ۖ तुम हिर्स करो ḥaraṣtum
तुम हिर्स करो فَلَا तो ना falā
तो ना تَمِيلُوا۟ तुम माइल हो जाओ tamīlū
तुम माइल हो जाओ كُلَّ मुकम्मल kulla
मुकम्मल ٱلْمَيْلِ माइल हो जाना l-mayli
माइल हो जाना فَتَذَرُوهَا कि तुम छोड़ दो उसे fatadharūhā
कि तुम छोड़ दो उसे كَٱلْمُعَلَّقَةِ ۚ मानिन्द लटकती हुई (शै) के kal-muʿalaqati
मानिन्द लटकती हुई (शै) के وَإِن और अगर wa-in
और अगर تُصْلِحُوا۟ तुम इस्लाह / सुलह करो tuṣ'liḥū
तुम इस्लाह / सुलह करो وَتَتَّقُوا۟ और तुम तक़वा करो watattaqū
और तुम तक़वा करो فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है غَفُورًۭا बहुत बख़्शने वाला ghafūran
बहुत बख़्शने वाला رَّحِيمًۭا निहायत रहम करने वाला raḥīman
निहायत रहम करने वाला ١٢٩ (129)
(129)
और तुम पत्नियों के बीच पूर्ण न्याय कदापि नहीं कर1 सकते, चाहे तुम इसके कितने ही इच्छुक हो। अतः (अवांछित पत्नी से) पूरी तरह विमुख2 न हो जाओ कि उसे अधर में लटकी हुई छोड़ दो। और यदि तुम आपस में सामंजस्य3 बना लो और (अल्लाह से) डरते रहो, तो निःसंदेह अल्लाह क्षमा करने वाला, अत्यंत दयावान है।
४:१३०
وَإِن
और अगर
wa-in
और अगर يَتَفَرَّقَا वो दोनों अलग हो जाऐं yatafarraqā
वो दोनों अलग हो जाऐं يُغْنِ ग़नी कर देगा yugh'ni
ग़नी कर देगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह كُلًّۭا हर एक को kullan
हर एक को مِّن from min
from سَعَتِهِۦ ۚ अपनी वुसअत से saʿatihi
अपनी वुसअत से وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَٰسِعًا वुसअत वाला wāsiʿan
वुसअत वाला حَكِيمًۭا बहुत हिकमत वाला ḥakīman
बहुत हिकमत वाला ١٣٠ (130)
(130)
और अगर يَتَفَرَّقَا वो दोनों अलग हो जाऐं yatafarraqā
वो दोनों अलग हो जाऐं يُغْنِ ग़नी कर देगा yugh'ni
ग़नी कर देगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह كُلًّۭا हर एक को kullan
हर एक को مِّن from min
from سَعَتِهِۦ ۚ अपनी वुसअत से saʿatihi
अपनी वुसअत से وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَٰسِعًا वुसअत वाला wāsiʿan
वुसअत वाला حَكِيمًۭا बहुत हिकमत वाला ḥakīman
बहुत हिकमत वाला ١٣٠ (130)
(130)
और यदि दोनों अलग हो जाएँ, तो अल्लाह अपने व्यापक अनुग्रह से हर-एक को (दूसरे से) बेनियाज़1 कर देगा और अल्लाह व्यापक अनुग्रह वाला, पूर्ण हिकमत वाला है।
४:१३१
وَلِلَّهِ
और अल्लाह ही के लिए है
walillahi
और अल्लाह ही के लिए है مَا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ۗ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ وَصَّيْنَا ताकीद की हमने waṣṣaynā
ताकीद की हमने ٱلَّذِينَ उन्हें जो alladhīna
उन्हें जो أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब مِن from min
from قَبْلِكُمْ तुमसे पहले qablikum
तुमसे पहले وَإِيَّاكُمْ और तुम्हें भी wa-iyyākum
और तुम्हें भी أَنِ कि ani
कि ٱتَّقُوا۟ डरो ittaqū
डरो ٱللَّهَ ۚ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَإِن और अगर wa-in
और अगर تَكْفُرُوا۟ तुम कुफ़्र करोगे takfurū
तुम कुफ़्र करोगे فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक لِلَّهِ अल्लाह ही के लिए है lillahi
अल्लाह ही के लिए है مَا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ۚ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह غَنِيًّا बहुत बेनियाज़ ghaniyyan
बहुत बेनियाज़ حَمِيدًۭا बहुत तारीफ़ वाला ḥamīdan
बहुत तारीफ़ वाला ١٣١ (131)
(131)
और अल्लाह ही के लिए है مَا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ۗ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ وَصَّيْنَا ताकीद की हमने waṣṣaynā
ताकीद की हमने ٱلَّذِينَ उन्हें जो alladhīna
उन्हें जो أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब مِن from min
from قَبْلِكُمْ तुमसे पहले qablikum
तुमसे पहले وَإِيَّاكُمْ और तुम्हें भी wa-iyyākum
और तुम्हें भी أَنِ कि ani
कि ٱتَّقُوا۟ डरो ittaqū
डरो ٱللَّهَ ۚ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَإِن और अगर wa-in
और अगर تَكْفُرُوا۟ तुम कुफ़्र करोगे takfurū
तुम कुफ़्र करोगे فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक لِلَّهِ अल्लाह ही के लिए है lillahi
अल्लाह ही के लिए है مَا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ۚ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह غَنِيًّا बहुत बेनियाज़ ghaniyyan
बहुत बेनियाज़ حَمِيدًۭا बहुत तारीफ़ वाला ḥamīdan
बहुत तारीफ़ वाला ١٣١ (131)
(131)
तथा जो कुछ आकाशों और धरती में है, सब अल्लाह ही का है। और हमने तुमसे पूर्व किताब दिए गए लोगों को तथा (खुद) तुम्हें आदेश दिया है कि अल्लाह से डरते रहो। और यदि तुम कुफ़्र करोगे, तो (याद रखो कि) जो कुछ आकाशों तथा धरती में है, वह अल्लाह ही का है तथा अल्लाह बेनियाज़1 और स्तुत्य है।
४:१३२
وَلِلَّهِ
और अल्लाह ही के लिए है
walillahi
और अल्लाह ही के लिए है مَا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ۚ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है وَكَفَىٰ और काफ़ी है wakafā
और काफ़ी है بِٱللَّهِ अल्लाह bil-lahi
अल्लाह وَكِيلًا कारसाज़ wakīlan
कारसाज़ ١٣٢ (132)
(132)
और अल्लाह ही के लिए है مَا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ۚ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है وَكَفَىٰ और काफ़ी है wakafā
और काफ़ी है بِٱللَّهِ अल्लाह bil-lahi
अल्लाह وَكِيلًا कारसाज़ wakīlan
कारसाज़ ١٣٢ (132)
(132)
तथा आकाशों एवं धरती की सारी चीज़ें अल्लाह ही की हैं और अल्लाह कार्यसाधक के रूप में काफ़ी है।
४:१३३
إِن
अगर
in
अगर يَشَأْ वो चाहे yasha
वो चाहे يُذْهِبْكُمْ वो ले जाए तुम्हें yudh'hib'kum
वो ले जाए तुम्हें أَيُّهَا ऐ ayyuhā
ऐ ٱلنَّاسُ लोगो l-nāsu
लोगो وَيَأْتِ और वो ले आए wayati
और वो ले आए بِـَٔاخَرِينَ ۚ दूसरों को biākharīna
दूसरों को وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर ذَٰلِكَ उसके dhālika
उसके قَدِيرًۭا बहुत क़ुदरत रखने वाला qadīran
बहुत क़ुदरत रखने वाला ١٣٣ (133)
(133)
अगर يَشَأْ वो चाहे yasha
वो चाहे يُذْهِبْكُمْ वो ले जाए तुम्हें yudh'hib'kum
वो ले जाए तुम्हें أَيُّهَا ऐ ayyuhā
ऐ ٱلنَّاسُ लोगो l-nāsu
लोगो وَيَأْتِ और वो ले आए wayati
और वो ले आए بِـَٔاخَرِينَ ۚ दूसरों को biākharīna
दूसरों को وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर ذَٰلِكَ उसके dhālika
उसके قَدِيرًۭا बहुत क़ुदरत रखने वाला qadīran
बहुत क़ुदरत रखने वाला ١٣٣ (133)
(133)
ऐ लोगो! यदि वह चाहे, तो तुम्हें ले जाए1 और (तुम्हारे स्थान पर) दूसरों को ले आए तथा अल्लाह ऐसा करने पर पूरी शक्ति रखता है।
४:१३४
مَّن
जो कोई
man
जो कोई كَانَ है kāna
है يُرِيدُ चाहता yurīdu
चाहता ثَوَابَ सवाब thawāba
सवाब ٱلدُّنْيَا दुनिया का l-dun'yā
दुनिया का فَعِندَ तो पास है faʿinda
तो पास है ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ثَوَابُ सवाब thawābu
सवाब ٱلدُّنْيَا दुनिया का l-dun'yā
दुनिया का وَٱلْـَٔاخِرَةِ ۚ और आख़िरत का wal-ākhirati
और आख़िरत का وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह سَمِيعًۢا बहुत सुनने वाला samīʿan
बहुत सुनने वाला بَصِيرًۭا बहुत देखने वाला baṣīran
बहुत देखने वाला ١٣٤ (134)
(134)
जो कोई كَانَ है kāna
है يُرِيدُ चाहता yurīdu
चाहता ثَوَابَ सवाब thawāba
सवाब ٱلدُّنْيَا दुनिया का l-dun'yā
दुनिया का فَعِندَ तो पास है faʿinda
तो पास है ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ثَوَابُ सवाब thawābu
सवाब ٱلدُّنْيَا दुनिया का l-dun'yā
दुनिया का وَٱلْـَٔاخِرَةِ ۚ और आख़िरत का wal-ākhirati
और आख़िरत का وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह سَمِيعًۢا बहुत सुनने वाला samīʿan
बहुत सुनने वाला بَصِيرًۭا बहुत देखने वाला baṣīran
बहुत देखने वाला ١٣٤ (134)
(134)
जो व्यक्ति दुनिया का बदला चाहता है, तो (जान लो कि) अल्लाह के पास दुनिया और आखिरत (दोनों) का बदला है तथा अल्लाह सब कुछ सुनने वाला और सब कुछ देखने वाला है।
४:१३५
۞ يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो كُونُوا۟ हो जाओ kūnū
हो जाओ قَوَّٰمِينَ क़ायम रहने वाले qawwāmīna
क़ायम रहने वाले بِٱلْقِسْطِ इन्साफ़ पर bil-qis'ṭi
इन्साफ़ पर شُهَدَآءَ गवाही देने वाले shuhadāa
गवाही देने वाले لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे عَلَىٰٓ (it is) against ʿalā
(it is) against أَنفُسِكُمْ ख़िलाफ़ हो तुम्हारे अपने anfusikum
ख़िलाफ़ हो तुम्हारे अपने أَوِ or awi
or ٱلْوَٰلِدَيْنِ या वालिदैन के l-wālidayni
या वालिदैन के وَٱلْأَقْرَبِينَ ۚ और क़राबतदारों के wal-aqrabīna
और क़राबतदारों के إِن अगर in
अगर يَكُنْ वो होंगे yakun
वो होंगे غَنِيًّا ग़नी ghaniyyan
ग़नी أَوْ या aw
या فَقِيرًۭا फ़क़ीर faqīran
फ़क़ीर فَٱللَّهُ तो अल्लाह fal-lahu
तो अल्लाह أَوْلَىٰ ज़्यादा ख़ैरख़्वाह है awlā
ज़्यादा ख़ैरख़्वाह है بِهِمَا ۖ उन दोनों का bihimā
उन दोनों का فَلَا तो ना falā
तो ना تَتَّبِعُوا۟ तुम पैरवी करो tattabiʿū
तुम पैरवी करो ٱلْهَوَىٰٓ ख़्वाहिशात की l-hawā
ख़्वाहिशात की أَن कि an
कि تَعْدِلُوا۟ ۚ तुम अदल करो (ना) taʿdilū
तुम अदल करो (ना) وَإِن और अगर wa-in
और अगर تَلْوُۥٓا۟ तुम मोड़ दोगे (ज़बान) talwū
तुम मोड़ दोगे (ज़बान) أَوْ या aw
या تُعْرِضُوا۟ तुम ऐराज़ करोगे tuʿ'riḍū
तुम ऐराज़ करोगे فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है بِمَا उसकी जो bimā
उसकी जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो خَبِيرًۭا ख़ूब ख़बर रखने वाला khabīran
ख़ूब ख़बर रखने वाला ١٣٥ (135)
(135)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो كُونُوا۟ हो जाओ kūnū
हो जाओ قَوَّٰمِينَ क़ायम रहने वाले qawwāmīna
क़ायम रहने वाले بِٱلْقِسْطِ इन्साफ़ पर bil-qis'ṭi
इन्साफ़ पर شُهَدَآءَ गवाही देने वाले shuhadāa
गवाही देने वाले لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे عَلَىٰٓ (it is) against ʿalā
(it is) against أَنفُسِكُمْ ख़िलाफ़ हो तुम्हारे अपने anfusikum
ख़िलाफ़ हो तुम्हारे अपने أَوِ or awi
or ٱلْوَٰلِدَيْنِ या वालिदैन के l-wālidayni
या वालिदैन के وَٱلْأَقْرَبِينَ ۚ और क़राबतदारों के wal-aqrabīna
और क़राबतदारों के إِن अगर in
अगर يَكُنْ वो होंगे yakun
वो होंगे غَنِيًّا ग़नी ghaniyyan
ग़नी أَوْ या aw
या فَقِيرًۭا फ़क़ीर faqīran
फ़क़ीर فَٱللَّهُ तो अल्लाह fal-lahu
तो अल्लाह أَوْلَىٰ ज़्यादा ख़ैरख़्वाह है awlā
ज़्यादा ख़ैरख़्वाह है بِهِمَا ۖ उन दोनों का bihimā
उन दोनों का فَلَا तो ना falā
तो ना تَتَّبِعُوا۟ तुम पैरवी करो tattabiʿū
तुम पैरवी करो ٱلْهَوَىٰٓ ख़्वाहिशात की l-hawā
ख़्वाहिशात की أَن कि an
कि تَعْدِلُوا۟ ۚ तुम अदल करो (ना) taʿdilū
तुम अदल करो (ना) وَإِن और अगर wa-in
और अगर تَلْوُۥٓا۟ तुम मोड़ दोगे (ज़बान) talwū
तुम मोड़ दोगे (ज़बान) أَوْ या aw
या تُعْرِضُوا۟ तुम ऐराज़ करोगे tuʿ'riḍū
तुम ऐराज़ करोगे فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है بِمَا उसकी जो bimā
उसकी जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो خَبِيرًۭا ख़ूब ख़बर रखने वाला khabīran
ख़ूब ख़बर रखने वाला ١٣٥ (135)
(135)
ऐ ईमान वालो! मज़बूती के साथ न्याय पर जम जाने वाले और अल्लाह की प्रसन्नता के लिए गवाही देने वाले बन जाओ। चाहे वह (गवाही) स्वयं तुम्हारे अपने या माता-पिता और रिश्तेदारों के विरुद्ध ही क्यों न हो। यदि कोई धनवान अथवा निर्धन हो, तो अल्लाह उन दोनों (के हित) का अधिक हक़दार है। अतः तुम मन की इच्छा का पालन न करो कि न्याय छोड़ दो। यदि तुम घुमा फिरा के गवाही दोगे या गवाही देने से कतराओगे, तो निःसंदेह अल्लाह तुम्हारे कार्यों से सूचित है।
४:१३६
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो ءَامِنُوا۟ ईमान ले आओ āminū
ईमान ले आओ بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَرَسُولِهِۦ और उसके रसूल पर warasūlihi
और उसके रसूल पर وَٱلْكِتَـٰبِ और उस किताब पर wal-kitābi
और उस किताब पर ٱلَّذِى जो alladhī
जो نَزَّلَ उसने नाज़िल की nazzala
उसने नाज़िल की عَلَىٰ upon ʿalā
upon رَسُولِهِۦ अपने रसूल पर rasūlihi
अपने रसूल पर وَٱلْكِتَـٰبِ और वो किताब wal-kitābi
और वो किताब ٱلَّذِىٓ जो alladhī
जो أَنزَلَ उसने नाज़िल की anzala
उसने नाज़िल की مِن from min
from قَبْلُ ۚ इससे पहले qablu
इससे पहले وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَكْفُرْ कुफ़्र करे yakfur
कुफ़्र करे بِٱللَّهِ अल्लाह का bil-lahi
अल्लाह का وَمَلَـٰٓئِكَتِهِۦ और उसके फ़रिश्तों का wamalāikatihi
और उसके फ़रिश्तों का وَكُتُبِهِۦ और उसकी किताबों का wakutubihi
और उसकी किताबों का وَرُسُلِهِۦ और उसके रसूलों का warusulihi
और उसके रसूलों का وَٱلْيَوْمِ and the Day wal-yawmi
and the Day ٱلْـَٔاخِرِ और आख़िरी दिन का l-ākhiri
और आख़िरी दिन का فَقَدْ पस तहक़ीक़ faqad
पस तहक़ीक़ ضَلَّ वो भटक गया ḍalla
वो भटक गया ضَلَـٰلًۢا भटक जाना ḍalālan
भटक जाना بَعِيدًا बहुत दूर का baʿīdan
बहुत दूर का ١٣٦ (136)
(136)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो ءَامِنُوا۟ ईमान ले आओ āminū
ईमान ले आओ بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَرَسُولِهِۦ और उसके रसूल पर warasūlihi
और उसके रसूल पर وَٱلْكِتَـٰبِ और उस किताब पर wal-kitābi
और उस किताब पर ٱلَّذِى जो alladhī
जो نَزَّلَ उसने नाज़िल की nazzala
उसने नाज़िल की عَلَىٰ upon ʿalā
upon رَسُولِهِۦ अपने रसूल पर rasūlihi
अपने रसूल पर وَٱلْكِتَـٰبِ और वो किताब wal-kitābi
और वो किताब ٱلَّذِىٓ जो alladhī
जो أَنزَلَ उसने नाज़िल की anzala
उसने नाज़िल की مِن from min
from قَبْلُ ۚ इससे पहले qablu
इससे पहले وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَكْفُرْ कुफ़्र करे yakfur
कुफ़्र करे بِٱللَّهِ अल्लाह का bil-lahi
अल्लाह का وَمَلَـٰٓئِكَتِهِۦ और उसके फ़रिश्तों का wamalāikatihi
और उसके फ़रिश्तों का وَكُتُبِهِۦ और उसकी किताबों का wakutubihi
और उसकी किताबों का وَرُسُلِهِۦ और उसके रसूलों का warusulihi
और उसके रसूलों का وَٱلْيَوْمِ and the Day wal-yawmi
and the Day ٱلْـَٔاخِرِ और आख़िरी दिन का l-ākhiri
और आख़िरी दिन का فَقَدْ पस तहक़ीक़ faqad
पस तहक़ीक़ ضَلَّ वो भटक गया ḍalla
वो भटक गया ضَلَـٰلًۢا भटक जाना ḍalālan
भटक जाना بَعِيدًا बहुत दूर का baʿīdan
बहुत दूर का ١٣٦ (136)
(136)
ऐ ईमान वालो! अल्लाह, उसके रसूल और उस पुस्तक पर ईमान लाओ जो अल्लाह ने अपने रसूल (मुहम्मद) पर उतारी और उस किताब पर भी जो उसने इससे पहले उतारी। और जो व्यक्ति अल्लाह, उसके फ़रिश्तों, उसकी पुस्तकों और अंतिम दिवस (परलोक) का इनकार करे, वह निश्चय बहुत दूर की गुमराही में जा पड़ा।
४:१३७
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए ثُمَّ फिर thumma
फिर كَفَرُوا۟ उन्होंने कुफ़्र किया kafarū
उन्होंने कुफ़्र किया ثُمَّ फिर thumma
फिर ءَامَنُوا۟ वो ईमान लाए āmanū
वो ईमान लाए ثُمَّ फिर thumma
फिर كَفَرُوا۟ उन्होंने कुफ़्र किया kafarū
उन्होंने कुफ़्र किया ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱزْدَادُوا۟ वो बढ़ गए iz'dādū
वो बढ़ गए كُفْرًۭا कुफ़्र में kuf'ran
कुफ़्र में لَّمْ नहीं lam
नहीं يَكُنِ है yakuni
है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لِيَغْفِرَ कि वो बख़्श दे liyaghfira
कि वो बख़्श दे لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें وَلَا और ना walā
और ना لِيَهْدِيَهُمْ ये कि हिदायत दे उन्हें liyahdiyahum
ये कि हिदायत दे उन्हें سَبِيلًۢا रास्ते की sabīlan
रास्ते की ١٣٧ (137)
(137)
बेशक ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए ثُمَّ फिर thumma
फिर كَفَرُوا۟ उन्होंने कुफ़्र किया kafarū
उन्होंने कुफ़्र किया ثُمَّ फिर thumma
फिर ءَامَنُوا۟ वो ईमान लाए āmanū
वो ईमान लाए ثُمَّ फिर thumma
फिर كَفَرُوا۟ उन्होंने कुफ़्र किया kafarū
उन्होंने कुफ़्र किया ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱزْدَادُوا۟ वो बढ़ गए iz'dādū
वो बढ़ गए كُفْرًۭا कुफ़्र में kuf'ran
कुफ़्र में لَّمْ नहीं lam
नहीं يَكُنِ है yakuni
है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لِيَغْفِرَ कि वो बख़्श दे liyaghfira
कि वो बख़्श दे لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें وَلَا और ना walā
और ना لِيَهْدِيَهُمْ ये कि हिदायत दे उन्हें liyahdiyahum
ये कि हिदायत दे उन्हें سَبِيلًۢا रास्ते की sabīlan
रास्ते की ١٣٧ (137)
(137)
निःसंदेह जो ईमान लाए, फिर काफ़िर हो गए, फिर ईमान लाए, फिर काफ़िर हो गए, फिर कुफ़्र में बढ़ते चले गए,अल्लाह उन्हें कभी क्षमा नहीं करेगा और न उन्हें सीधा मार्ग दिखाएगा।
४:१३८
بَشِّرِ
ख़ुशख़बरी दे दीजिए
bashiri
ख़ुशख़बरी दे दीजिए ٱلْمُنَـٰفِقِينَ मुनाफ़िक़ों को l-munāfiqīna
मुनाफ़िक़ों को بِأَنَّ कि बेशक bi-anna
कि बेशक لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए عَذَابًا अज़ाब है ʿadhāban
अज़ाब है أَلِيمًا दर्दनाक alīman
दर्दनाक ١٣٨ (138)
(138)
ख़ुशख़बरी दे दीजिए ٱلْمُنَـٰفِقِينَ मुनाफ़िक़ों को l-munāfiqīna
मुनाफ़िक़ों को بِأَنَّ कि बेशक bi-anna
कि बेशक لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए عَذَابًا अज़ाब है ʿadhāban
अज़ाब है أَلِيمًا दर्दनाक alīman
दर्दनाक ١٣٨ (138)
(138)
(ऐ नबी!) मुनाफ़िक़ों (पाखंडियों) को शुभ-सूचना सुना दें कि उनके लिए दुःखदायी यातना है।
४:१३९
ٱلَّذِينَ
वो जो
alladhīna
वो जो يَتَّخِذُونَ बना लेते हैं yattakhidhūna
बना लेते हैं ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों को l-kāfirīna
काफ़िरों को أَوْلِيَآءَ दोस्त awliyāa
दोस्त مِن (from) min
(from) دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱلْمُؤْمِنِينَ ۚ मोमिनों के l-mu'minīna
मोमिनों के أَيَبْتَغُونَ क्या वो चाहते हैं ayabtaghūna
क्या वो चाहते हैं عِندَهُمُ पास उनके ʿindahumu
पास उनके ٱلْعِزَّةَ इज़्ज़त l-ʿizata
इज़्ज़त فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱلْعِزَّةَ इज़्ज़त l-ʿizata
इज़्ज़त لِلَّهِ अल्लाह ही के लिए है lillahi
अल्लाह ही के लिए है جَمِيعًۭا सारी की सारी jamīʿan
सारी की सारी ١٣٩ (139)
(139)
वो जो يَتَّخِذُونَ बना लेते हैं yattakhidhūna
बना लेते हैं ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों को l-kāfirīna
काफ़िरों को أَوْلِيَآءَ दोस्त awliyāa
दोस्त مِن (from) min
(from) دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱلْمُؤْمِنِينَ ۚ मोमिनों के l-mu'minīna
मोमिनों के أَيَبْتَغُونَ क्या वो चाहते हैं ayabtaghūna
क्या वो चाहते हैं عِندَهُمُ पास उनके ʿindahumu
पास उनके ٱلْعِزَّةَ इज़्ज़त l-ʿizata
इज़्ज़त فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱلْعِزَّةَ इज़्ज़त l-ʿizata
इज़्ज़त لِلَّهِ अल्लाह ही के लिए है lillahi
अल्लाह ही के लिए है جَمِيعًۭا सारी की सारी jamīʿan
सारी की सारी ١٣٩ (139)
(139)
जो ईमान वालों को छोड़कर काफ़िरों को अपना मित्र बनाते हैं, क्या वे उनके पास मान-सम्मान ढूँढ़ते हैं? तो निःसंदेह सब मान-सम्मान अल्लाह ही के लिए1 है।
४:१४०
وَقَدْ
हालाँकि तहक़ीक़
waqad
हालाँकि तहक़ीक़ نَزَّلَ उसने नाज़िल किया nazzala
उसने नाज़िल किया عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर فِى in fī
in ٱلْكِتَـٰبِ किताब में l-kitābi
किताब में أَنْ कि an
कि إِذَا जब idhā
जब سَمِعْتُمْ सुनो तुम samiʿ'tum
सुनो तुम ءَايَـٰتِ (the) Verses āyāti
(the) Verses ٱللَّهِ अल्लाह की आयात को l-lahi
अल्लाह की आयात को يُكْفَرُ कुफ़्र किया जाता है yuk'faru
कुफ़्र किया जाता है بِهَا उनका bihā
उनका وَيُسْتَهْزَأُ और मज़ाक़ उड़ाया जाता है wayus'tahza-u
और मज़ाक़ उड़ाया जाता है بِهَا उनका bihā
उनका فَلَا तो ना falā
तो ना تَقْعُدُوا۟ तुम बैठो taqʿudū
तुम बैठो مَعَهُمْ साथ उनके maʿahum
साथ उनके حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَخُوضُوا۟ वो मशग़ूल हो जाऐं yakhūḍū
वो मशग़ूल हो जाऐं فِى in fī
in حَدِيثٍ किसी बात में ḥadīthin
किसी बात में غَيْرِهِۦٓ ۚ अलावा उसके ghayrihi
अलावा उसके إِنَّكُمْ बेशक तुम (वरना) innakum
बेशक तुम (वरना) إِذًۭا तब idhan
तब مِّثْلُهُمْ ۗ उन जैसे (होगे) mith'luhum
उन जैसे (होगे) إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह جَامِعُ जमा करने वाला है jāmiʿu
जमा करने वाला है ٱلْمُنَـٰفِقِينَ मुनाफ़िक़ों को l-munāfiqīna
मुनाफ़िक़ों को وَٱلْكَـٰفِرِينَ और काफ़िरों को wal-kāfirīna
और काफ़िरों को فِى in fī
in جَهَنَّمَ जहन्नम में jahannama
जहन्नम में جَمِيعًا सबके-सबको jamīʿan
सबके-सबको ١٤٠ (140)
(140)
हालाँकि तहक़ीक़ نَزَّلَ उसने नाज़िल किया nazzala
उसने नाज़िल किया عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर فِى in fī
in ٱلْكِتَـٰبِ किताब में l-kitābi
किताब में أَنْ कि an
कि إِذَا जब idhā
जब سَمِعْتُمْ सुनो तुम samiʿ'tum
सुनो तुम ءَايَـٰتِ (the) Verses āyāti
(the) Verses ٱللَّهِ अल्लाह की आयात को l-lahi
अल्लाह की आयात को يُكْفَرُ कुफ़्र किया जाता है yuk'faru
कुफ़्र किया जाता है بِهَا उनका bihā
उनका وَيُسْتَهْزَأُ और मज़ाक़ उड़ाया जाता है wayus'tahza-u
और मज़ाक़ उड़ाया जाता है بِهَا उनका bihā
उनका فَلَا तो ना falā
तो ना تَقْعُدُوا۟ तुम बैठो taqʿudū
तुम बैठो مَعَهُمْ साथ उनके maʿahum
साथ उनके حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَخُوضُوا۟ वो मशग़ूल हो जाऐं yakhūḍū
वो मशग़ूल हो जाऐं فِى in fī
in حَدِيثٍ किसी बात में ḥadīthin
किसी बात में غَيْرِهِۦٓ ۚ अलावा उसके ghayrihi
अलावा उसके إِنَّكُمْ बेशक तुम (वरना) innakum
बेशक तुम (वरना) إِذًۭا तब idhan
तब مِّثْلُهُمْ ۗ उन जैसे (होगे) mith'luhum
उन जैसे (होगे) إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह جَامِعُ जमा करने वाला है jāmiʿu
जमा करने वाला है ٱلْمُنَـٰفِقِينَ मुनाफ़िक़ों को l-munāfiqīna
मुनाफ़िक़ों को وَٱلْكَـٰفِرِينَ और काफ़िरों को wal-kāfirīna
और काफ़िरों को فِى in fī
in جَهَنَّمَ जहन्नम में jahannama
जहन्नम में جَمِيعًا सबके-सबको jamīʿan
सबके-सबको ١٤٠ (140)
(140)
और अल्लाह ने तुम्हारे लिए अपनी पुस्तक में (यह आदेश) अवतिरत1 किया है कि जब तुम सुनो कि अल्लाह की आयतों का इनकार किया जा रहा है तथा उनका मज़ाक़ उड़ाया जा रहा है, तो ऐसा करने वालों के साथ न बैठो, यहाँ तक कि वे दूसरी बात में लग जाएँ। अन्यथा तुम भी उन्हीं जैसे हो जाओगे। निश्चय अल्लाह मुनाफ़िक़ों (पाखंडियों) और काफ़िरों को एक साथ जहन्नम में इकट्ठा करने वाला है।
४:१४१
ٱلَّذِينَ
वो लोग जो
alladhīna
वो लोग जो يَتَرَبَّصُونَ इन्तिज़ार कर रहे हैं yatarabbaṣūna
इन्तिज़ार कर रहे हैं بِكُمْ तुम्हारे बारे में bikum
तुम्हारे बारे में فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर كَانَ हो kāna
हो لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए فَتْحٌۭ कोई फ़तह fatḥun
कोई फ़तह مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से قَالُوٓا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं أَلَمْ क्या ना alam
क्या ना نَكُن थे हम nakun
थे हम مَّعَكُمْ साथ तुम्हारे maʿakum
साथ तुम्हारे وَإِن और अगर wa-in
और अगर كَانَ हो kāna
हो لِلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों के लिए lil'kāfirīna
काफ़िरों के लिए نَصِيبٌۭ कोई हिस्सा naṣībun
कोई हिस्सा قَالُوٓا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं أَلَمْ क्या नहीं alam
क्या नहीं نَسْتَحْوِذْ हम ग़ालिब आने लगे थे nastaḥwidh
हम ग़ालिब आने लगे थे عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर وَنَمْنَعْكُم और हम बचा रहे थे तुम्हें wanamnaʿkum
और हम बचा रहे थे तुम्हें مِّنَ from mina
from ٱلْمُؤْمِنِينَ ۚ मोमिनों से l-mu'minīna
मोमिनों से فَٱللَّهُ पस अल्लाह fal-lahu
पस अल्लाह يَحْكُمُ फ़ैसला करेगा yaḥkumu
फ़ैसला करेगा بَيْنَكُمْ दर्मियान तुम्हारे baynakum
दर्मियान तुम्हारे يَوْمَ (on the) Day yawma
(on the) Day ٱلْقِيَـٰمَةِ ۗ दिन क़यामत के l-qiyāmati
दिन क़यामत के وَلَن और हरगिज़ नहीं walan
और हरगिज़ नहीं يَجْعَلَ बनाएगा yajʿala
बनाएगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لِلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों के लिए lil'kāfirīna
काफ़िरों के लिए عَلَى over ʿalā
over ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों पर l-mu'minīna
मोमिनों पर سَبِيلًا कोई रास्ता sabīlan
कोई रास्ता ١٤١ (141)
(141)
वो लोग जो يَتَرَبَّصُونَ इन्तिज़ार कर रहे हैं yatarabbaṣūna
इन्तिज़ार कर रहे हैं بِكُمْ तुम्हारे बारे में bikum
तुम्हारे बारे में فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर كَانَ हो kāna
हो لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए فَتْحٌۭ कोई फ़तह fatḥun
कोई फ़तह مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से قَالُوٓا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं أَلَمْ क्या ना alam
क्या ना نَكُن थे हम nakun
थे हम مَّعَكُمْ साथ तुम्हारे maʿakum
साथ तुम्हारे وَإِن और अगर wa-in
और अगर كَانَ हो kāna
हो لِلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों के लिए lil'kāfirīna
काफ़िरों के लिए نَصِيبٌۭ कोई हिस्सा naṣībun
कोई हिस्सा قَالُوٓا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं أَلَمْ क्या नहीं alam
क्या नहीं نَسْتَحْوِذْ हम ग़ालिब आने लगे थे nastaḥwidh
हम ग़ालिब आने लगे थे عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर وَنَمْنَعْكُم और हम बचा रहे थे तुम्हें wanamnaʿkum
और हम बचा रहे थे तुम्हें مِّنَ from mina
from ٱلْمُؤْمِنِينَ ۚ मोमिनों से l-mu'minīna
मोमिनों से فَٱللَّهُ पस अल्लाह fal-lahu
पस अल्लाह يَحْكُمُ फ़ैसला करेगा yaḥkumu
फ़ैसला करेगा بَيْنَكُمْ दर्मियान तुम्हारे baynakum
दर्मियान तुम्हारे يَوْمَ (on the) Day yawma
(on the) Day ٱلْقِيَـٰمَةِ ۗ दिन क़यामत के l-qiyāmati
दिन क़यामत के وَلَن और हरगिज़ नहीं walan
और हरगिज़ नहीं يَجْعَلَ बनाएगा yajʿala
बनाएगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لِلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों के लिए lil'kāfirīna
काफ़िरों के लिए عَلَى over ʿalā
over ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों पर l-mu'minīna
मोमिनों पर سَبِيلًا कोई रास्ता sabīlan
कोई रास्ता ١٤١ (141)
(141)
जो तुम्हारी (अच्छी या बुरी स्थिति की) प्रतीक्षा में रहते हैं; यदि अल्लाह की ओर से तुम्हें विजय प्राप्त हो, तो वे कहते हैं : क्या हम तुम्हारे साथ न थे? और यदि काफ़िरों को कोई भाग प्राप्त हो, तो (उनसे) कहते हैं : क्या हम तुम्हारी मदद के लिए खड़े नहीं हुए थे और तुम्हें ईमान वालों से बचाया नहीं था? अतः अल्लाह क़ियामत के दिन तुम्हारे बीच निर्णय करेगा और अल्लाह काफ़िरों के लिए ईमान वालों पर हरगिज़ कोई रास्ता नहीं बनाएगा।1
४:१४२
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلْمُنَـٰفِقِينَ मुनाफ़िक़ीन l-munāfiqīna
मुनाफ़िक़ीन يُخَـٰدِعُونَ वो धोखा देते हैं yukhādiʿūna
वो धोखा देते हैं ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को وَهُوَ हालाँकि वो wahuwa
हालाँकि वो خَـٰدِعُهُمْ धोखा देने वाला है उन्हें khādiʿuhum
धोखा देने वाला है उन्हें وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब قَامُوٓا۟ वो खड़े होते हैं qāmū
वो खड़े होते हैं إِلَى for ilā
for ٱلصَّلَوٰةِ तरफ़ नमाज़ के l-ṣalati
तरफ़ नमाज़ के قَامُوا۟ वो खड़े होते हैं qāmū
वो खड़े होते हैं كُسَالَىٰ इन्तिहाई सुस्ती से kusālā
इन्तिहाई सुस्ती से يُرَآءُونَ वो दिखावा करते हैं yurāūna
वो दिखावा करते हैं ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَذْكُرُونَ वो याद करते yadhkurūna
वो याद करते ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلًۭا बहुत थोड़ा qalīlan
बहुत थोड़ा ١٤٢ (142)
(142)
बेशक ٱلْمُنَـٰفِقِينَ मुनाफ़िक़ीन l-munāfiqīna
मुनाफ़िक़ीन يُخَـٰدِعُونَ वो धोखा देते हैं yukhādiʿūna
वो धोखा देते हैं ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को وَهُوَ हालाँकि वो wahuwa
हालाँकि वो خَـٰدِعُهُمْ धोखा देने वाला है उन्हें khādiʿuhum
धोखा देने वाला है उन्हें وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब قَامُوٓا۟ वो खड़े होते हैं qāmū
वो खड़े होते हैं إِلَى for ilā
for ٱلصَّلَوٰةِ तरफ़ नमाज़ के l-ṣalati
तरफ़ नमाज़ के قَامُوا۟ वो खड़े होते हैं qāmū
वो खड़े होते हैं كُسَالَىٰ इन्तिहाई सुस्ती से kusālā
इन्तिहाई सुस्ती से يُرَآءُونَ वो दिखावा करते हैं yurāūna
वो दिखावा करते हैं ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَذْكُرُونَ वो याद करते yadhkurūna
वो याद करते ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلًۭا बहुत थोड़ा qalīlan
बहुत थोड़ा ١٤٢ (142)
(142)
निःसंदेह मुनाफ़िक़ लोग अल्लाह को धोखा दे रहे हैं, हालाँकि उसी ने उन्हें धोखे में डाल रखा1 है। और जब वे नमाज़ के लिए खड़े होते हैं, तो आलसी होकर खड़े होते हैं। वे लोगों के सामने दिखावा करते हैं और अल्लाह को बहुत कम ही याद करते हैं।
४:१४३
مُّذَبْذَبِينَ
मुतज़बज़ब हैं
mudhabdhabīna
मुतज़बज़ब हैं بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान ذَٰلِكَ उसके dhālika
उसके لَآ ना lā
ना إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ هَـٰٓؤُلَآءِ उन लोगों के hāulāi
उन लोगों के وَلَآ और ना walā
और ना إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ هَـٰٓؤُلَآءِ ۚ उन लोगों के hāulāi
उन लोगों के وَمَن और जिसे waman
और जिसे يُضْلِلِ भटका दे yuḍ'lili
भटका दे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فَلَن तो हरगिज़ नहीं falan
तो हरगिज़ नहीं تَجِدَ आप पाऐंगे tajida
आप पाऐंगे لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए سَبِيلًۭا कोई रास्ता sabīlan
कोई रास्ता ١٤٣ (143)
(143)
मुतज़बज़ब हैं بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान ذَٰلِكَ उसके dhālika
उसके لَآ ना lā
ना إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ هَـٰٓؤُلَآءِ उन लोगों के hāulāi
उन लोगों के وَلَآ और ना walā
और ना إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ هَـٰٓؤُلَآءِ ۚ उन लोगों के hāulāi
उन लोगों के وَمَن और जिसे waman
और जिसे يُضْلِلِ भटका दे yuḍ'lili
भटका दे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فَلَن तो हरगिज़ नहीं falan
तो हरगिज़ नहीं تَجِدَ आप पाऐंगे tajida
आप पाऐंगे لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए سَبِيلًۭا कोई रास्ता sabīlan
कोई रास्ता ١٤٣ (143)
(143)
वे कुफ़्र और ईमान के बीच असमंजस में पड़े हुए हैं, न इनके साथ और न उनके साथ। दरअसल, जिसे अल्लाह गुमराह कर दे, आप उसके लिए हरगिज़ कोई रास्ता नहीं पाएँगे।
४:१४४
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَا (Do) not lā
(Do) not تَتَّخِذُوا۟ ना तुम बनाओ tattakhidhū
ना तुम बनाओ ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों को l-kāfirīna
काफ़िरों को أَوْلِيَآءَ दोस्त awliyāa
दोस्त مِن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱلْمُؤْمِنِينَ ۚ मोमिनों के l-mu'minīna
मोमिनों के أَتُرِيدُونَ क्या तुम चाहते हो aturīdūna
क्या तुम चाहते हो أَن कि an
कि تَجْعَلُوا۟ तुम बनाओ tajʿalū
तुम बनाओ لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए عَلَيْكُمْ अपने ख़िलाफ़ ʿalaykum
अपने ख़िलाफ़ سُلْطَـٰنًۭا कोई दलील sul'ṭānan
कोई दलील مُّبِينًا वाज़ेह mubīnan
वाज़ेह ١٤٤ (144)
(144)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَا (Do) not lā
(Do) not تَتَّخِذُوا۟ ना तुम बनाओ tattakhidhū
ना तुम बनाओ ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों को l-kāfirīna
काफ़िरों को أَوْلِيَآءَ दोस्त awliyāa
दोस्त مِن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱلْمُؤْمِنِينَ ۚ मोमिनों के l-mu'minīna
मोमिनों के أَتُرِيدُونَ क्या तुम चाहते हो aturīdūna
क्या तुम चाहते हो أَن कि an
कि تَجْعَلُوا۟ तुम बनाओ tajʿalū
तुम बनाओ لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए عَلَيْكُمْ अपने ख़िलाफ़ ʿalaykum
अपने ख़िलाफ़ سُلْطَـٰنًۭا कोई दलील sul'ṭānan
कोई दलील مُّبِينًا वाज़ेह mubīnan
वाज़ेह ١٤٤ (144)
(144)
ऐ ईमान वालो! मोमिनों को छोड़कर काफ़िरों को मित्र न बनाओ। क्या तुम अपने विरुद्ध अल्लाह को खुला तर्क देना चाहते हो?
४:१४५
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلْمُنَـٰفِقِينَ मुनाफिक़ीन l-munāfiqīna
मुनाफिक़ीन فِى (will be) in fī
(will be) in ٱلدَّرْكِ दर्जे में होंगे l-darki
दर्जे में होंगे ٱلْأَسْفَلِ सबसे निचले l-asfali
सबसे निचले مِنَ of mina
of ٱلنَّارِ आग के l-nāri
आग के وَلَن और हरगिज़ नहीं walan
और हरगिज़ नहीं تَجِدَ आप पाऐंगे tajida
आप पाऐंगे لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए نَصِيرًا कोई मददगार naṣīran
कोई मददगार ١٤٥ (145)
(145)
बेशक ٱلْمُنَـٰفِقِينَ मुनाफिक़ीन l-munāfiqīna
मुनाफिक़ीन فِى (will be) in fī
(will be) in ٱلدَّرْكِ दर्जे में होंगे l-darki
दर्जे में होंगे ٱلْأَسْفَلِ सबसे निचले l-asfali
सबसे निचले مِنَ of mina
of ٱلنَّارِ आग के l-nāri
आग के وَلَن और हरगिज़ नहीं walan
और हरगिज़ नहीं تَجِدَ आप पाऐंगे tajida
आप पाऐंगे لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए نَصِيرًا कोई मददगार naṣīran
कोई मददगार ١٤٥ (145)
(145)
निश्चय ही मुनाफ़िक़ लोग नरक के सबसे निचले स्थान में होंगे और तुम उनका हरगिज़ कोई सहायक नहीं पाओगे।
४:१४६
إِلَّا
मगर
illā
मगर ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने تَابُوا۟ तौबा की tābū
तौबा की وَأَصْلَحُوا۟ और इस्लाह कर ली wa-aṣlaḥū
और इस्लाह कर ली وَٱعْتَصَمُوا۟ और मज़बूती से थाम लिया wa-iʿ'taṣamū
और मज़बूती से थाम लिया بِٱللَّهِ अल्लाह को bil-lahi
अल्लाह को وَأَخْلَصُوا۟ और ख़ालिस कर लिया wa-akhlaṣū
और ख़ालिस कर लिया دِينَهُمْ अपने दीन को dīnahum
अपने दीन को لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं مَعَ साथ maʿa
साथ ٱلْمُؤْمِنِينَ ۖ मोमिनों के l-mu'minīna
मोमिनों के وَسَوْفَ और अनक़रीब wasawfa
और अनक़रीब يُؤْتِ देगा yu'ti
देगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों को l-mu'minīna
मोमिनों को أَجْرًا अजर ajran
अजर عَظِيمًۭا बहुत बड़ा ʿaẓīman
बहुत बड़ा ١٤٦ (146)
(146)
मगर ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने تَابُوا۟ तौबा की tābū
तौबा की وَأَصْلَحُوا۟ और इस्लाह कर ली wa-aṣlaḥū
और इस्लाह कर ली وَٱعْتَصَمُوا۟ और मज़बूती से थाम लिया wa-iʿ'taṣamū
और मज़बूती से थाम लिया بِٱللَّهِ अल्लाह को bil-lahi
अल्लाह को وَأَخْلَصُوا۟ और ख़ालिस कर लिया wa-akhlaṣū
और ख़ालिस कर लिया دِينَهُمْ अपने दीन को dīnahum
अपने दीन को لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं مَعَ साथ maʿa
साथ ٱلْمُؤْمِنِينَ ۖ मोमिनों के l-mu'minīna
मोमिनों के وَسَوْفَ और अनक़रीब wasawfa
और अनक़रीब يُؤْتِ देगा yu'ti
देगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों को l-mu'minīna
मोमिनों को أَجْرًا अजर ajran
अजर عَظِيمًۭا बहुत बड़ा ʿaẓīman
बहुत बड़ा ١٤٦ (146)
(146)
परन्तु जिन लोगों ने पश्चाताप कर लिया, और अपना सुधार कर लिया, और अल्लाह (के धर्म) को मज़बूती से थाम लिया और अपने धर्म को अल्लाह के लिए विशिष्ट कर दिया, तो वही लोग ईमान वालों के साथ होंगे और अल्लाह ईमान वालों को बहुत बड़ा बदला प्रदान करेगा।
४:१४७
مَّا
क्या
mā
क्या يَفْعَلُ करेगा yafʿalu
करेगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِعَذَابِكُمْ तुम्हें अज़ाब देकर biʿadhābikum
तुम्हें अज़ाब देकर إِن अगर in
अगर شَكَرْتُمْ शुक्र करो तुम shakartum
शुक्र करो तुम وَءَامَنتُمْ ۚ और ईमान ले आओ तुम waāmantum
और ईमान ले आओ तुम وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह شَاكِرًا क़द्रदान shākiran
क़द्रदान عَلِيمًۭا बहुत इल्म वाला ʿalīman
बहुत इल्म वाला ١٤٧ (147)
(147)
क्या يَفْعَلُ करेगा yafʿalu
करेगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِعَذَابِكُمْ तुम्हें अज़ाब देकर biʿadhābikum
तुम्हें अज़ाब देकर إِن अगर in
अगर شَكَرْتُمْ शुक्र करो तुम shakartum
शुक्र करो तुम وَءَامَنتُمْ ۚ और ईमान ले आओ तुम waāmantum
और ईमान ले आओ तुम وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह شَاكِرًا क़द्रदान shākiran
क़द्रदान عَلِيمًۭا बहुत इल्म वाला ʿalīman
बहुत इल्म वाला ١٤٧ (147)
(147)
अल्लाह तुम्हें यातना देकर क्या करेगा, यदि तुम आभारी बनो और ईमान लाओ। और अल्लाह बड़ा क़द्रदान (गुणग्राहक) सब कुछ जानने वाला है।1
४:१४८
۞ لَّا
(Does) not
lā
(Does) not يُحِبُّ नहीं पसंद करता yuḥibbu
नहीं पसंद करता ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلْجَهْرَ आवाज़ बुलन्द करना l-jahra
आवाज़ बुलन्द करना بِٱلسُّوٓءِ साथ बुरी bil-sūi
साथ बुरी مِنَ [of] mina
[of] ٱلْقَوْلِ बात के l-qawli
बात के إِلَّا मगर illā
मगर مَن जिस पर man
जिस पर ظُلِمَ ۚ ज़ुल्म किया गया हो ẓulima
ज़ुल्म किया गया हो وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह سَمِيعًا ख़ूब सुनने वाला samīʿan
ख़ूब सुनने वाला عَلِيمًا ख़ूब जानने वाला ʿalīman
ख़ूब जानने वाला ١٤٨ (148)
(148)
(Does) not يُحِبُّ नहीं पसंद करता yuḥibbu
नहीं पसंद करता ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلْجَهْرَ आवाज़ बुलन्द करना l-jahra
आवाज़ बुलन्द करना بِٱلسُّوٓءِ साथ बुरी bil-sūi
साथ बुरी مِنَ [of] mina
[of] ٱلْقَوْلِ बात के l-qawli
बात के إِلَّا मगर illā
मगर مَن जिस पर man
जिस पर ظُلِمَ ۚ ज़ुल्म किया गया हो ẓulima
ज़ुल्म किया गया हो وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह سَمِيعًا ख़ूब सुनने वाला samīʿan
ख़ूब सुनने वाला عَلِيمًا ख़ूब जानने वाला ʿalīman
ख़ूब जानने वाला ١٤٨ (148)
(148)
अल्लाह बुरी बात के साथ आवाज़ ऊँची करना पसंद नहीं करता, परंतु जिसपर अत्याचार किया गया1 हो (उसके लिए अनुमेय है)। और अल्लाह हमेशा से सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।
४:१४९
إِن
अगर
in
अगर تُبْدُوا۟ तुम ज़ाहिर करो tub'dū
तुम ज़ाहिर करो خَيْرًا कोई नेकी khayran
कोई नेकी أَوْ या aw
या تُخْفُوهُ तुम छुपाओ उसे tukh'fūhu
तुम छुपाओ उसे أَوْ या aw
या تَعْفُوا۟ तुम दरगुज़र करो taʿfū
तुम दरगुज़र करो عَن [of] ʿan
[of] سُوٓءٍۢ किसी बुराई से sūin
किसी बुराई से فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है عَفُوًّۭا बहुत माफ़ करने वाला ʿafuwwan
बहुत माफ़ करने वाला قَدِيرًا बहुत क़ुदरत रखने वाला qadīran
बहुत क़ुदरत रखने वाला ١٤٩ (149)
(149)
अगर تُبْدُوا۟ तुम ज़ाहिर करो tub'dū
तुम ज़ाहिर करो خَيْرًا कोई नेकी khayran
कोई नेकी أَوْ या aw
या تُخْفُوهُ तुम छुपाओ उसे tukh'fūhu
तुम छुपाओ उसे أَوْ या aw
या تَعْفُوا۟ तुम दरगुज़र करो taʿfū
तुम दरगुज़र करो عَن [of] ʿan
[of] سُوٓءٍۢ किसी बुराई से sūin
किसी बुराई से فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह كَانَ है kāna
है عَفُوًّۭا बहुत माफ़ करने वाला ʿafuwwan
बहुत माफ़ करने वाला قَدِيرًا बहुत क़ुदरत रखने वाला qadīran
बहुत क़ुदरत रखने वाला ١٤٩ (149)
(149)
यदि तुम कोई नेकी प्रकट करो या उसे छिपाओ, या किसी बुराई को क्षमा कर दो, तो निःसंदेह अल्लाह हमेशा से बहुत माफ़ करने वाला, सर्वशक्तिमान है।
४:१५०
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो يَكْفُرُونَ कुफ़्र करते हैं yakfurūna
कुफ़्र करते हैं بِٱللَّهِ साथ अल्लाह के bil-lahi
साथ अल्लाह के وَرُسُلِهِۦ और उसके रसूलों के warusulihi
और उसके रसूलों के وَيُرِيدُونَ और वो चाहते हैं wayurīdūna
और वो चाहते हैं أَن कि an
कि يُفَرِّقُوا۟ वो तफ़रीक़ करें yufarriqū
वो तफ़रीक़ करें بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَرُسُلِهِۦ और उसके रसूलों के warusulihi
और उसके रसूलों के وَيَقُولُونَ और वो कहते हैं wayaqūlūna
और वो कहते हैं نُؤْمِنُ हम ईमान लाते हैं nu'minu
हम ईमान लाते हैं بِبَعْضٍۢ बाज़ पर bibaʿḍin
बाज़ पर وَنَكْفُرُ और हम कुफ़्र करते है wanakfuru
और हम कुफ़्र करते है بِبَعْضٍۢ बाज़ का bibaʿḍin
बाज़ का وَيُرِيدُونَ और वो चाहते हैं wayurīdūna
और वो चाहते हैं أَن कि an
कि يَتَّخِذُوا۟ वो बना लें yattakhidhū
वो बना लें بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान ذَٰلِكَ उसके dhālika
उसके سَبِيلًا कोई रास्ता sabīlan
कोई रास्ता ١٥٠ (150)
(150)
बेशक ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो يَكْفُرُونَ कुफ़्र करते हैं yakfurūna
कुफ़्र करते हैं بِٱللَّهِ साथ अल्लाह के bil-lahi
साथ अल्लाह के وَرُسُلِهِۦ और उसके रसूलों के warusulihi
और उसके रसूलों के وَيُرِيدُونَ और वो चाहते हैं wayurīdūna
और वो चाहते हैं أَن कि an
कि يُفَرِّقُوا۟ वो तफ़रीक़ करें yufarriqū
वो तफ़रीक़ करें بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَرُسُلِهِۦ और उसके रसूलों के warusulihi
और उसके रसूलों के وَيَقُولُونَ और वो कहते हैं wayaqūlūna
और वो कहते हैं نُؤْمِنُ हम ईमान लाते हैं nu'minu
हम ईमान लाते हैं بِبَعْضٍۢ बाज़ पर bibaʿḍin
बाज़ पर وَنَكْفُرُ और हम कुफ़्र करते है wanakfuru
और हम कुफ़्र करते है بِبَعْضٍۢ बाज़ का bibaʿḍin
बाज़ का وَيُرِيدُونَ और वो चाहते हैं wayurīdūna
और वो चाहते हैं أَن कि an
कि يَتَّخِذُوا۟ वो बना लें yattakhidhū
वो बना लें بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान ذَٰلِكَ उसके dhālika
उसके سَبِيلًا कोई रास्ता sabīlan
कोई रास्ता ١٥٠ (150)
(150)
निःसंदेह जो लोग अल्लाह और उसके रसूलों के साथ कुफ़्र करते हैं और चाहते हैं कि अल्लाह तथा उसके रसूलों के बीच अंतर करें तथा कहते हैं कि हम कुछ पर ईमान रखते हैं और कुछ का इनकार करते हैं और चाहते हैं कि इसके बीच कोई राह1 अपनाएँ।
४:१५१
أُو۟لَـٰٓئِكَ
यही लोग हैं
ulāika
यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْكَـٰفِرُونَ जो काफ़िर हैं l-kāfirūna
जो काफ़िर हैं حَقًّۭا ۚ हक़ीकी ḥaqqan
हक़ीकी وَأَعْتَدْنَا और तैयार कर रखा है हमने wa-aʿtadnā
और तैयार कर रखा है हमने لِلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों के लिए lil'kāfirīna
काफ़िरों के लिए عَذَابًۭا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब مُّهِينًۭا रुस्वा करने वाला muhīnan
रुस्वा करने वाला ١٥١ (151)
(151)
यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْكَـٰفِرُونَ जो काफ़िर हैं l-kāfirūna
जो काफ़िर हैं حَقًّۭا ۚ हक़ीकी ḥaqqan
हक़ीकी وَأَعْتَدْنَا और तैयार कर रखा है हमने wa-aʿtadnā
और तैयार कर रखा है हमने لِلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों के लिए lil'kāfirīna
काफ़िरों के लिए عَذَابًۭا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब مُّهِينًۭا रुस्वा करने वाला muhīnan
रुस्वा करने वाला ١٥١ (151)
(151)
यही लोग वास्तविक काफ़िर हैं और हमने काफ़िरों के लिए अपमानकारी यातना तैयार कर रखी है।
४:१५२
وَٱلَّذِينَ
और वो जो
wa-alladhīna
और वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَرُسُلِهِۦ और उसके रसूलों पर warusulihi
और उसके रसूलों पर وَلَمْ और नहीं walam
और नहीं يُفَرِّقُوا۟ उन्होंने तफ़रीक़ की yufarriqū
उन्होंने तफ़रीक़ की بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान أَحَدٍۢ किसी एक के aḥadin
किसी एक के مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं سَوْفَ अनक़रीब sawfa
अनक़रीब يُؤْتِيهِمْ वो देगा उन्हें yu'tīhim
वो देगा उन्हें أُجُورَهُمْ ۗ अजर उनका ujūrahum
अजर उनका وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह غَفُورًۭا बहुत बख़्शने वाला ghafūran
बहुत बख़्शने वाला رَّحِيمًۭا निहायत रहम करने वाला raḥīman
निहायत रहम करने वाला ١٥٢ (152)
(152)
और वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَرُسُلِهِۦ और उसके रसूलों पर warusulihi
और उसके रसूलों पर وَلَمْ और नहीं walam
और नहीं يُفَرِّقُوا۟ उन्होंने तफ़रीक़ की yufarriqū
उन्होंने तफ़रीक़ की بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान أَحَدٍۢ किसी एक के aḥadin
किसी एक के مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं سَوْفَ अनक़रीब sawfa
अनक़रीब يُؤْتِيهِمْ वो देगा उन्हें yu'tīhim
वो देगा उन्हें أُجُورَهُمْ ۗ अजर उनका ujūrahum
अजर उनका وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह غَفُورًۭا बहुत बख़्शने वाला ghafūran
बहुत बख़्शने वाला رَّحِيمًۭا निहायत रहम करने वाला raḥīman
निहायत रहम करने वाला ١٥٢ (152)
(152)
तथा वे लोग जो अल्लाह और उसके रसूलों पर ईमान लाए और उन्होंने उनमें से किसी के बीच अंतर नहीं किया, यही लोग हैं जिन्हें वह शीघ्र ही उनका बदला प्रदान करेगा तथा अल्लाह हमेशा से अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।
४:१५३
يَسْـَٔلُكَ
सवाल करते हैं आप से
yasaluka
सवाल करते हैं आप से أَهْلُ (the) People ahlu
(the) People ٱلْكِتَـٰبِ अहले किताब l-kitābi
अहले किताब أَن कि an
कि تُنَزِّلَ आप उतार लाऐं tunazzila
आप उतार लाऐं عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर كِتَـٰبًۭا एक किताब kitāban
एक किताब مِّنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ ۚ आसमान से l-samāi
आसमान से فَقَدْ पस तहक़ीक़ faqad
पस तहक़ीक़ سَأَلُوا۟ उन्होंने सवाल किया था sa-alū
उन्होंने सवाल किया था مُوسَىٰٓ मूसा से mūsā
मूसा से أَكْبَرَ ज़्यादा बड़ा akbara
ज़्यादा बड़ा مِن than min
than ذَٰلِكَ इससे dhālika
इससे فَقَالُوٓا۟ पस उन्होंने कहा था faqālū
पस उन्होंने कहा था أَرِنَا दिखा हमें arinā
दिखा हमें ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह جَهْرَةًۭ सामने jahratan
सामने فَأَخَذَتْهُمُ तो पकड़ लिया उन्हें fa-akhadhathumu
तो पकड़ लिया उन्हें ٱلصَّـٰعِقَةُ बिजली की कड़क ने l-ṣāʿiqatu
बिजली की कड़क ने بِظُلْمِهِمْ ۚ बवजह उनके ज़ुल्म के biẓul'mihim
बवजह उनके ज़ुल्म के ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱتَّخَذُوا۟ उन्होंने बना लिया ittakhadhū
उन्होंने बना लिया ٱلْعِجْلَ बछड़े को (माबूद) l-ʿij'la
बछड़े को (माबूद) مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद उसके baʿdi
बाद उसके مَا जो mā
जो جَآءَتْهُمُ आ गईं उनके पास jāathumu
आ गईं उनके पास ٱلْبَيِّنَـٰتُ वाज़ेह निशानियाँ l-bayinātu
वाज़ेह निशानियाँ فَعَفَوْنَا पस दरगुज़र किया हमने faʿafawnā
पस दरगुज़र किया हमने عَن for ʿan
for ذَٰلِكَ ۚ उससे dhālika
उससे وَءَاتَيْنَا और दिया हमने waātaynā
और दिया हमने مُوسَىٰ मूसा को mūsā
मूसा को سُلْطَـٰنًۭا ग़लबा sul'ṭānan
ग़लबा مُّبِينًۭا वाज़ेह mubīnan
वाज़ेह ١٥٣ (153)
(153)
सवाल करते हैं आप से أَهْلُ (the) People ahlu
(the) People ٱلْكِتَـٰبِ अहले किताब l-kitābi
अहले किताब أَن कि an
कि تُنَزِّلَ आप उतार लाऐं tunazzila
आप उतार लाऐं عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर كِتَـٰبًۭا एक किताब kitāban
एक किताब مِّنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ ۚ आसमान से l-samāi
आसमान से فَقَدْ पस तहक़ीक़ faqad
पस तहक़ीक़ سَأَلُوا۟ उन्होंने सवाल किया था sa-alū
उन्होंने सवाल किया था مُوسَىٰٓ मूसा से mūsā
मूसा से أَكْبَرَ ज़्यादा बड़ा akbara
ज़्यादा बड़ा مِن than min
than ذَٰلِكَ इससे dhālika
इससे فَقَالُوٓا۟ पस उन्होंने कहा था faqālū
पस उन्होंने कहा था أَرِنَا दिखा हमें arinā
दिखा हमें ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह جَهْرَةًۭ सामने jahratan
सामने فَأَخَذَتْهُمُ तो पकड़ लिया उन्हें fa-akhadhathumu
तो पकड़ लिया उन्हें ٱلصَّـٰعِقَةُ बिजली की कड़क ने l-ṣāʿiqatu
बिजली की कड़क ने بِظُلْمِهِمْ ۚ बवजह उनके ज़ुल्म के biẓul'mihim
बवजह उनके ज़ुल्म के ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱتَّخَذُوا۟ उन्होंने बना लिया ittakhadhū
उन्होंने बना लिया ٱلْعِجْلَ बछड़े को (माबूद) l-ʿij'la
बछड़े को (माबूद) مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद उसके baʿdi
बाद उसके مَا जो mā
जो جَآءَتْهُمُ आ गईं उनके पास jāathumu
आ गईं उनके पास ٱلْبَيِّنَـٰتُ वाज़ेह निशानियाँ l-bayinātu
वाज़ेह निशानियाँ فَعَفَوْنَا पस दरगुज़र किया हमने faʿafawnā
पस दरगुज़र किया हमने عَن for ʿan
for ذَٰلِكَ ۚ उससे dhālika
उससे وَءَاتَيْنَا और दिया हमने waātaynā
और दिया हमने مُوسَىٰ मूसा को mūsā
मूसा को سُلْطَـٰنًۭا ग़लबा sul'ṭānan
ग़लबा مُّبِينًۭا वाज़ेह mubīnan
वाज़ेह ١٥٣ (153)
(153)
किताब वाले (ऐ नबी!) आपसे माँग करते हैं कि आप उनपर आकाश से कोई पुस्तक उतार लाएँ। तो वे तो मूसा से इससे भी बड़ी माँग कर चुके हैं। चुनाँचे उन्होंने कहा : हमें अल्लाह को खुल्लम-खुल्ला1 दिखा दो। तो उन्हें बिजली ने उनके अत्याचार के कारण पकड़ लिया। फिर उन्होंने अपने पास खुली निशानियाँ आने के बाद बछड़े को पूज्य बना लिया। तो हमने उसे क्षमा कर दिया और हमने मूसा को स्पष्ट प्रमाण प्रदान किया।
४:१५४
وَرَفَعْنَا
और उठाया हमने
warafaʿnā
और उठाया हमने فَوْقَهُمُ उन पर fawqahumu
उन पर ٱلطُّورَ तूर को l-ṭūra
तूर को بِمِيثَـٰقِهِمْ उनसे पुख़्ता अहद लेने के लिए bimīthāqihim
उनसे पुख़्ता अहद लेने के लिए وَقُلْنَا और कहा हमने waqul'nā
और कहा हमने لَهُمُ उन्हें lahumu
उन्हें ٱدْخُلُوا۟ दाख़िल हो जाओ ud'khulū
दाख़िल हो जाओ ٱلْبَابَ दरवाज़े में l-bāba
दरवाज़े में سُجَّدًۭا सजदा करते हुए sujjadan
सजदा करते हुए وَقُلْنَا और कहा हमने waqul'nā
और कहा हमने لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें لَا (Do) not lā
(Do) not تَعْدُوا۟ ना तुम ज़्यादती करो taʿdū
ना तुम ज़्यादती करो فِى in fī
in ٱلسَّبْتِ सब्त में l-sabti
सब्त में وَأَخَذْنَا और लिया हमने wa-akhadhnā
और लिया हमने مِنْهُم उनसे min'hum
उनसे مِّيثَـٰقًا अहद mīthāqan
अहद غَلِيظًۭا पक्का ghalīẓan
पक्का ١٥٤ (154)
(154)
और उठाया हमने فَوْقَهُمُ उन पर fawqahumu
उन पर ٱلطُّورَ तूर को l-ṭūra
तूर को بِمِيثَـٰقِهِمْ उनसे पुख़्ता अहद लेने के लिए bimīthāqihim
उनसे पुख़्ता अहद लेने के लिए وَقُلْنَا और कहा हमने waqul'nā
और कहा हमने لَهُمُ उन्हें lahumu
उन्हें ٱدْخُلُوا۟ दाख़िल हो जाओ ud'khulū
दाख़िल हो जाओ ٱلْبَابَ दरवाज़े में l-bāba
दरवाज़े में سُجَّدًۭا सजदा करते हुए sujjadan
सजदा करते हुए وَقُلْنَا और कहा हमने waqul'nā
और कहा हमने لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें لَا (Do) not lā
(Do) not تَعْدُوا۟ ना तुम ज़्यादती करो taʿdū
ना तुम ज़्यादती करो فِى in fī
in ٱلسَّبْتِ सब्त में l-sabti
सब्त में وَأَخَذْنَا और लिया हमने wa-akhadhnā
और लिया हमने مِنْهُم उनसे min'hum
उनसे مِّيثَـٰقًا अहद mīthāqan
अहद غَلِيظًۭا पक्का ghalīẓan
पक्का ١٥٤ (154)
(154)
और हमने उनसे दृढ़ वचन लेने के साथ तूर (पर्वत) को उनके ऊपर उठा लिया और हमने उनसे कहा : दरवाज़े में सजदा करते हुए प्रवेश करो। तथा हमने उनसे कहा कि शनिवार1 के बारे में अति न करो और हमने उनसे एक दृढ़ वचन लिया।
४:१५५
فَبِمَا
पस बवजह
fabimā
पस बवजह نَقْضِهِم उनके तोड़ने के naqḍihim
उनके तोड़ने के مِّيثَـٰقَهُمْ अपने अहद को mīthāqahum
अपने अहद को وَكُفْرِهِم और उनके कुफ़्र के wakuf'rihim
और उनके कुफ़्र के بِـَٔايَـٰتِ साथ आयात के biāyāti
साथ आयात के ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की وَقَتْلِهِمُ और उनके क़त्ल करने के waqatlihimu
और उनके क़त्ल करने के ٱلْأَنۢبِيَآءَ अम्बिया को l-anbiyāa
अम्बिया को بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर حَقٍّۢ हक़ के ḥaqqin
हक़ के وَقَوْلِهِمْ और उनके कहने के waqawlihim
और उनके कहने के قُلُوبُنَا दिल हमारे qulūbunā
दिल हमारे غُلْفٌۢ ۚ ग़िलाफ़ हैं ghul'fun
ग़िलाफ़ हैं بَلْ बल्कि bal
बल्कि طَبَعَ मोहर लगा दी ṭabaʿa
मोहर लगा दी ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَلَيْهَا उन पर ʿalayhā
उन पर بِكُفْرِهِمْ बवजह उनके कुफ़्र के bikuf'rihim
बवजह उनके कुफ़्र के فَلَا पस नहीं falā
पस नहीं يُؤْمِنُونَ वो ईमान लाते yu'minūna
वो ईमान लाते إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلًۭا बहुत थोड़ा qalīlan
बहुत थोड़ा ١٥٥ (155)
(155)
पस बवजह نَقْضِهِم उनके तोड़ने के naqḍihim
उनके तोड़ने के مِّيثَـٰقَهُمْ अपने अहद को mīthāqahum
अपने अहद को وَكُفْرِهِم और उनके कुफ़्र के wakuf'rihim
और उनके कुफ़्र के بِـَٔايَـٰتِ साथ आयात के biāyāti
साथ आयात के ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की وَقَتْلِهِمُ और उनके क़त्ल करने के waqatlihimu
और उनके क़त्ल करने के ٱلْأَنۢبِيَآءَ अम्बिया को l-anbiyāa
अम्बिया को بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर حَقٍّۢ हक़ के ḥaqqin
हक़ के وَقَوْلِهِمْ और उनके कहने के waqawlihim
और उनके कहने के قُلُوبُنَا दिल हमारे qulūbunā
दिल हमारे غُلْفٌۢ ۚ ग़िलाफ़ हैं ghul'fun
ग़िलाफ़ हैं بَلْ बल्कि bal
बल्कि طَبَعَ मोहर लगा दी ṭabaʿa
मोहर लगा दी ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَلَيْهَا उन पर ʿalayhā
उन पर بِكُفْرِهِمْ बवजह उनके कुफ़्र के bikuf'rihim
बवजह उनके कुफ़्र के فَلَا पस नहीं falā
पस नहीं يُؤْمِنُونَ वो ईमान लाते yu'minūna
वो ईमान लाते إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلًۭا बहुत थोड़ा qalīlan
बहुत थोड़ा ١٥٥ (155)
(155)
फिर उनके अपने वचन को तोड़ देने ही के कारण (हमने उनपर ला'नत की) और उनके अल्लाह की आयतों का इनकार करने और उनके नबियों को बिना किसी अधिकार के क़त्ल करने तथा उनके यह कहने के कारण कि हमारे दिल आवरण में सुरक्षित हैं, बल्कि अल्लाह ने उनपर उनके कुफ़्र की वजह से मुहर लगा दी है। अतः वे बहुत कम ही ईमान लाते हैं।
४:१५६
وَبِكُفْرِهِمْ
और बवजह उनके कुफ़्र के
wabikuf'rihim
और बवजह उनके कुफ़्र के وَقَوْلِهِمْ और उनके कहने (बाँधने) के waqawlihim
और उनके कहने (बाँधने) के عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर مَرْيَمَ मरियम के maryama
मरियम के بُهْتَـٰنًا बोहतान buh'tānan
बोहतान عَظِيمًۭا बहुत बड़ा ʿaẓīman
बहुत बड़ा ١٥٦ (156)
(156)
और बवजह उनके कुफ़्र के وَقَوْلِهِمْ और उनके कहने (बाँधने) के waqawlihim
और उनके कहने (बाँधने) के عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर مَرْيَمَ मरियम के maryama
मरियम के بُهْتَـٰنًا बोहतान buh'tānan
बोहतान عَظِيمًۭا बहुत बड़ा ʿaẓīman
बहुत बड़ा ١٥٦ (156)
(156)
तथा उनके कुफ़्र के कारण और मरयम पर उनके घोर आरोप लगाने के कारण।
४:१५७
وَقَوْلِهِمْ
और उनके कहने के
waqawlihim
और उनके कहने के إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम قَتَلْنَا क़त्ल किया हमने qatalnā
क़त्ल किया हमने ٱلْمَسِيحَ मसीह l-masīḥa
मसीह عِيسَى Isa ʿīsā
Isa ٱبْنَ son ib'na
son مَرْيَمَ ईसा इब्ने मरियम को maryama
ईसा इब्ने मरियम को رَسُولَ जो रसूल था rasūla
जो रसूल था ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का وَمَا हालाँकि नहीं wamā
हालाँकि नहीं قَتَلُوهُ उन्होंने क़त्ल किया उसे qatalūhu
उन्होंने क़त्ल किया उसे وَمَا और नहीं wamā
और नहीं صَلَبُوهُ उन्होंने सलीब/सूली चढ़ाया उसे ṣalabūhu
उन्होंने सलीब/सूली चढ़ाया उसे وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन شُبِّهَ वो मुश्तबा कर दिया गया shubbiha
वो मुश्तबा कर दिया गया لَهُمْ ۚ उनके लिए lahum
उनके लिए وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने ٱخْتَلَفُوا۟ इख़्तिलाफ़ किया ikh'talafū
इख़्तिलाफ़ किया فِيهِ उसमें fīhi
उसमें لَفِى (are) surely in lafī
(are) surely in شَكٍّۢ अलबत्ता शक में हैं shakkin
अलबत्ता शक में हैं مِّنْهُ ۚ उससे min'hu
उससे مَا नहीं mā
नहीं لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए بِهِۦ उसका bihi
उसका مِنْ [of] min
[of] عِلْمٍ कोई इल्म ʿil'min
कोई इल्म إِلَّا मगर illā
मगर ٱتِّبَاعَ पैरवी करना ittibāʿa
पैरवी करना ٱلظَّنِّ ۚ गुमान की l-ẓani
गुमान की وَمَا और नहीं wamā
और नहीं قَتَلُوهُ उन्होंने क़त्ल किया उसे qatalūhu
उन्होंने क़त्ल किया उसे يَقِينًۢا यक़ीनी तौर पर yaqīnan
यक़ीनी तौर पर ١٥٧ (157)
(157)
और उनके कहने के إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम قَتَلْنَا क़त्ल किया हमने qatalnā
क़त्ल किया हमने ٱلْمَسِيحَ मसीह l-masīḥa
मसीह عِيسَى Isa ʿīsā
Isa ٱبْنَ son ib'na
son مَرْيَمَ ईसा इब्ने मरियम को maryama
ईसा इब्ने मरियम को رَسُولَ जो रसूल था rasūla
जो रसूल था ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का وَمَا हालाँकि नहीं wamā
हालाँकि नहीं قَتَلُوهُ उन्होंने क़त्ल किया उसे qatalūhu
उन्होंने क़त्ल किया उसे وَمَا और नहीं wamā
और नहीं صَلَبُوهُ उन्होंने सलीब/सूली चढ़ाया उसे ṣalabūhu
उन्होंने सलीब/सूली चढ़ाया उसे وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन شُبِّهَ वो मुश्तबा कर दिया गया shubbiha
वो मुश्तबा कर दिया गया لَهُمْ ۚ उनके लिए lahum
उनके लिए وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने ٱخْتَلَفُوا۟ इख़्तिलाफ़ किया ikh'talafū
इख़्तिलाफ़ किया فِيهِ उसमें fīhi
उसमें لَفِى (are) surely in lafī
(are) surely in شَكٍّۢ अलबत्ता शक में हैं shakkin
अलबत्ता शक में हैं مِّنْهُ ۚ उससे min'hu
उससे مَا नहीं mā
नहीं لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए بِهِۦ उसका bihi
उसका مِنْ [of] min
[of] عِلْمٍ कोई इल्म ʿil'min
कोई इल्म إِلَّا मगर illā
मगर ٱتِّبَاعَ पैरवी करना ittibāʿa
पैरवी करना ٱلظَّنِّ ۚ गुमान की l-ẓani
गुमान की وَمَا और नहीं wamā
और नहीं قَتَلُوهُ उन्होंने क़त्ल किया उसे qatalūhu
उन्होंने क़त्ल किया उसे يَقِينًۢا यक़ीनी तौर पर yaqīnan
यक़ीनी तौर पर ١٥٧ (157)
(157)
तथा उनके (गर्व से) यह कहने के कारण कि निःसंदेह हमने ही अल्लाह के रसूल मरयम के पुत्र ईसा मसीह को क़त्ल किया। हालाँकि न उन्होंने उसे क़त्ल किया और न उसे सूली पर चढ़ाया, बल्कि उनके लिए (किसी को मसीह का) सदृश बना दिया गया। निःसंदेह जिन लोगों ने इस मामले में मतभेद किया, निश्चय वे इसके संबंध में बड़े संदेह में हैं। उन्हें इसके संबंध में अनुमान का पालन करने के सिवा कोई ज्ञान नहीं, और उन्होंने उसे निश्चित रूप से क़त्ल नहीं किया।
४:१५८
بَل
बल्कि
bal
बल्कि رَّفَعَهُ उठा लिया उसे rafaʿahu
उठा लिया उसे ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने إِلَيْهِ ۚ अपनी तरफ़ ilayhi
अपनी तरफ़ وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَزِيزًا बहुत ज़बरदस्त ʿazīzan
बहुत ज़बरदस्त حَكِيمًۭا ख़ूब हिकमत वाला ḥakīman
ख़ूब हिकमत वाला ١٥٨ (158)
(158)
बल्कि رَّفَعَهُ उठा लिया उसे rafaʿahu
उठा लिया उसे ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने إِلَيْهِ ۚ अपनी तरफ़ ilayhi
अपनी तरफ़ وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَزِيزًا बहुत ज़बरदस्त ʿazīzan
बहुत ज़बरदस्त حَكِيمًۭا ख़ूब हिकमत वाला ḥakīman
ख़ूब हिकमत वाला ١٥٨ (158)
(158)
बल्कि अल्लाह ने उसे अपनी ओर उठा लिया तथा अल्लाह सदा से हर चीज़ पर प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
४:१५९
وَإِن
और नहीं
wa-in
और नहीं مِّنْ from min
from أَهْلِ (the) People ahli
(the) People ٱلْكِتَـٰبِ अहले किताब में से कोई l-kitābi
अहले किताब में से कोई إِلَّا मगर illā
मगर لَيُؤْمِنَنَّ अलबत्ता वो ज़रूर ईमान लाएगा layu'minanna
अलबत्ता वो ज़रूर ईमान लाएगा بِهِۦ इस पर bihi
इस पर قَبْلَ पहले qabla
पहले مَوْتِهِۦ ۖ उसकी मौत से mawtihi
उसकी मौत से وَيَوْمَ और दिन wayawma
और दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के يَكُونُ वो होगा yakūnu
वो होगा عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर شَهِيدًۭا गवाह shahīdan
गवाह ١٥٩ (159)
(159)
और नहीं مِّنْ from min
from أَهْلِ (the) People ahli
(the) People ٱلْكِتَـٰبِ अहले किताब में से कोई l-kitābi
अहले किताब में से कोई إِلَّا मगर illā
मगर لَيُؤْمِنَنَّ अलबत्ता वो ज़रूर ईमान लाएगा layu'minanna
अलबत्ता वो ज़रूर ईमान लाएगा بِهِۦ इस पर bihi
इस पर قَبْلَ पहले qabla
पहले مَوْتِهِۦ ۖ उसकी मौत से mawtihi
उसकी मौत से وَيَوْمَ और दिन wayawma
और दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के يَكُونُ वो होगा yakūnu
वो होगा عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर شَهِيدًۭا गवाह shahīdan
गवाह ١٥٩ (159)
(159)
और किताब वालों में से कोई न होगा, परंतु उसकी मौत से पहले उसपर अवश्य ईमान1 लाएगा और वह क़ियामत के दिन उनपर गवाह2 होगा।
४:१६०
فَبِظُلْمٍۢ
पस बवजह ज़ुल्म के
fabiẓul'min
पस बवजह ज़ुल्म के مِّنَ of mina
of ٱلَّذِينَ उन लोगों के जो alladhīna
उन लोगों के जो هَادُوا۟ यहूदी बन गए hādū
यहूदी बन गए حَرَّمْنَا हराम कर दीं हमने ḥarramnā
हराम कर दीं हमने عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर طَيِّبَـٰتٍ पाकीज़ा चीज़ें ṭayyibātin
पाकीज़ा चीज़ें أُحِلَّتْ जो हलाल की गई थीं uḥillat
जो हलाल की गई थीं لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए وَبِصَدِّهِمْ और बवजह उनके रोकने के wabiṣaddihim
और बवजह उनके रोकने के عَن from ʿan
from سَبِيلِ रास्ते से sabīli
रास्ते से ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के كَثِيرًۭا अक्सरियत को kathīran
अक्सरियत को ١٦٠ (160)
(160)
पस बवजह ज़ुल्म के مِّنَ of mina
of ٱلَّذِينَ उन लोगों के जो alladhīna
उन लोगों के जो هَادُوا۟ यहूदी बन गए hādū
यहूदी बन गए حَرَّمْنَا हराम कर दीं हमने ḥarramnā
हराम कर दीं हमने عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर طَيِّبَـٰتٍ पाकीज़ा चीज़ें ṭayyibātin
पाकीज़ा चीज़ें أُحِلَّتْ जो हलाल की गई थीं uḥillat
जो हलाल की गई थीं لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए وَبِصَدِّهِمْ और बवजह उनके रोकने के wabiṣaddihim
और बवजह उनके रोकने के عَن from ʿan
from سَبِيلِ रास्ते से sabīli
रास्ते से ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के كَثِيرًۭا अक्सरियत को kathīran
अक्सरियत को ١٦٠ (160)
(160)
चुनाँचे यहूदी बन जाने वालों के बड़े अत्याचार ही के कारण हमने उनपर कई पाक चीज़ें हराम कर दीं, जो उनके लिए हलाल की गई थीं तथा उनके अल्लाह के रास्ते से बहुत अधिक रोकने का कारण।
४:१६१
وَأَخْذِهِمُ
और (बवजह) उनके लेने के
wa-akhdhihimu
और (बवजह) उनके लेने के ٱلرِّبَوٰا۟ सूद को l-riba
सूद को وَقَدْ हालाँकि तहक़ीक़ waqad
हालाँकि तहक़ीक़ نُهُوا۟ वो रोके गए थे nuhū
वो रोके गए थे عَنْهُ उससे ʿanhu
उससे وَأَكْلِهِمْ और (बवजह) उनके खाने के wa-aklihim
और (बवजह) उनके खाने के أَمْوَٰلَ माल amwāla
माल ٱلنَّاسِ लोगों के l-nāsi
लोगों के بِٱلْبَـٰطِلِ ۚ बातिल (तरीक़े) से bil-bāṭili
बातिल (तरीक़े) से وَأَعْتَدْنَا और तैयार कर रखा है हमने wa-aʿtadnā
और तैयार कर रखा है हमने لِلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों के लिए lil'kāfirīna
काफ़िरों के लिए مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से عَذَابًا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब أَلِيمًۭا दर्दनाक alīman
दर्दनाक ١٦١ (161)
(161)
और (बवजह) उनके लेने के ٱلرِّبَوٰا۟ सूद को l-riba
सूद को وَقَدْ हालाँकि तहक़ीक़ waqad
हालाँकि तहक़ीक़ نُهُوا۟ वो रोके गए थे nuhū
वो रोके गए थे عَنْهُ उससे ʿanhu
उससे وَأَكْلِهِمْ और (बवजह) उनके खाने के wa-aklihim
और (बवजह) उनके खाने के أَمْوَٰلَ माल amwāla
माल ٱلنَّاسِ लोगों के l-nāsi
लोगों के بِٱلْبَـٰطِلِ ۚ बातिल (तरीक़े) से bil-bāṭili
बातिल (तरीक़े) से وَأَعْتَدْنَا और तैयार कर रखा है हमने wa-aʿtadnā
और तैयार कर रखा है हमने لِلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों के लिए lil'kāfirīna
काफ़िरों के लिए مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से عَذَابًا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब أَلِيمًۭا दर्दनाक alīman
दर्दनाक ١٦١ (161)
(161)
तथा उनके ब्याज लेने के कारण, जबकि निश्चय उन्हें इससे रोका गया था और उनके लोगों का धन अवैध रूप से खाने के कारण। तथा हमने उनमें से काफ़िरों के लिए दर्दनाक यातना तैयार कर रखी है।
४:१६२
لَّـٰكِنِ
लेकिन
lākini
लेकिन ٱلرَّٰسِخُونَ जो रासिख़ हैं l-rāsikhūna
जो रासिख़ हैं فِى in fī
in ٱلْعِلْمِ इल्म में l-ʿil'mi
इल्म में مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से وَٱلْمُؤْمِنُونَ और जो ईमान लाने वाले हैं wal-mu'minūna
और जो ईमान लाने वाले हैं يُؤْمِنُونَ वो ईमान लाते हैं yu'minūna
वो ईमान लाते हैं بِمَآ उस पर जो bimā
उस पर जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके وَمَآ और जो wamā
और जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया مِن from min
from قَبْلِكَ ۚ आपसे पहले qablika
आपसे पहले وَٱلْمُقِيمِينَ और जो क़ायम करने वाले हैं wal-muqīmīna
और जो क़ायम करने वाले हैं ٱلصَّلَوٰةَ ۚ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَٱلْمُؤْتُونَ और जो देने वाले हैं wal-mu'tūna
और जो देने वाले हैं ٱلزَّكَوٰةَ ज़कात l-zakata
ज़कात وَٱلْمُؤْمِنُونَ और जो ईमान लाने वाले हैं wal-mu'minūna
और जो ईमान लाने वाले हैं بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَٱلْيَوْمِ and the Day wal-yawmi
and the Day ٱلْـَٔاخِرِ और आख़िरी दिन पर l-ākhiri
और आख़िरी दिन पर أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं سَنُؤْتِيهِمْ अनक़रीब हम देंगे उन्हें sanu'tīhim
अनक़रीब हम देंगे उन्हें أَجْرًا अजर ajran
अजर عَظِيمًا बहुत बड़ा ʿaẓīman
बहुत बड़ा ١٦٢ (162)
(162)
लेकिन ٱلرَّٰسِخُونَ जो रासिख़ हैं l-rāsikhūna
जो रासिख़ हैं فِى in fī
in ٱلْعِلْمِ इल्म में l-ʿil'mi
इल्म में مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से وَٱلْمُؤْمِنُونَ और जो ईमान लाने वाले हैं wal-mu'minūna
और जो ईमान लाने वाले हैं يُؤْمِنُونَ वो ईमान लाते हैं yu'minūna
वो ईमान लाते हैं بِمَآ उस पर जो bimā
उस पर जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके وَمَآ और जो wamā
और जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया مِن from min
from قَبْلِكَ ۚ आपसे पहले qablika
आपसे पहले وَٱلْمُقِيمِينَ और जो क़ायम करने वाले हैं wal-muqīmīna
और जो क़ायम करने वाले हैं ٱلصَّلَوٰةَ ۚ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَٱلْمُؤْتُونَ और जो देने वाले हैं wal-mu'tūna
और जो देने वाले हैं ٱلزَّكَوٰةَ ज़कात l-zakata
ज़कात وَٱلْمُؤْمِنُونَ और जो ईमान लाने वाले हैं wal-mu'minūna
और जो ईमान लाने वाले हैं بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَٱلْيَوْمِ and the Day wal-yawmi
and the Day ٱلْـَٔاخِرِ और आख़िरी दिन पर l-ākhiri
और आख़िरी दिन पर أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं سَنُؤْتِيهِمْ अनक़रीब हम देंगे उन्हें sanu'tīhim
अनक़रीब हम देंगे उन्हें أَجْرًا अजर ajran
अजर عَظِيمًا बहुत बड़ा ʿaẓīman
बहुत बड़ा ١٦٢ (162)
(162)
परंतु उन (यहूदियों) में से जो लोग ज्ञान में पक्के हैं और जो ईमान वाले हैं, वे उस (क़ुरआन) पर ईमान लाते हैं जो आपपर उतारा गया और जो आपसे पहले उतारा गया, और जो विशेषकर नमाज़ क़ायम करने वाले हैं, और जो ज़कात देने वाले और अल्लाह तथा अंतिम दिन पर ईमान लाने वाले हैं। ये लोग हैं जिन्हें हम बहुत बड़ा प्रतिफल प्रदान करेंगे।
४:१६३
۞ إِنَّآ
बेशक हम
innā
बेशक हम أَوْحَيْنَآ वही की हमने awḥaynā
वही की हमने إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके كَمَآ जैसा कि kamā
जैसा कि أَوْحَيْنَآ वही की हमने awḥaynā
वही की हमने إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ نُوحٍۢ नूह के nūḥin
नूह के وَٱلنَّبِيِّـۧنَ और नबियों के wal-nabiyīna
और नबियों के مِنۢ from min
from بَعْدِهِۦ ۚ बाद इसके baʿdihi
बाद इसके وَأَوْحَيْنَآ और वही की हमने wa-awḥaynā
और वही की हमने إِلَىٰٓ तरफ़ ilā
तरफ़ إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम ib'rāhīma
इब्राहीम وَإِسْمَـٰعِيلَ और इस्माईल wa-is'māʿīla
और इस्माईल وَإِسْحَـٰقَ और इसहाक़ wa-is'ḥāqa
और इसहाक़ وَيَعْقُوبَ और याक़ूब wayaʿqūba
और याक़ूब وَٱلْأَسْبَاطِ और औलादे याक़ूब के wal-asbāṭi
और औलादे याक़ूब के وَعِيسَىٰ और ईसा waʿīsā
और ईसा وَأَيُّوبَ और अय्यूब wa-ayyūba
और अय्यूब وَيُونُسَ और यूनुस wayūnusa
और यूनुस وَهَـٰرُونَ और हारून wahārūna
और हारून وَسُلَيْمَـٰنَ ۚ और सुलेमान के wasulaymāna
और सुलेमान के وَءَاتَيْنَا और दी हमने waātaynā
और दी हमने دَاوُۥدَ दाऊद को dāwūda
दाऊद को زَبُورًۭا ज़बूर zabūran
ज़बूर ١٦٣ (163)
(163)
बेशक हम أَوْحَيْنَآ वही की हमने awḥaynā
वही की हमने إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके كَمَآ जैसा कि kamā
जैसा कि أَوْحَيْنَآ वही की हमने awḥaynā
वही की हमने إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ نُوحٍۢ नूह के nūḥin
नूह के وَٱلنَّبِيِّـۧنَ और नबियों के wal-nabiyīna
और नबियों के مِنۢ from min
from بَعْدِهِۦ ۚ बाद इसके baʿdihi
बाद इसके وَأَوْحَيْنَآ और वही की हमने wa-awḥaynā
और वही की हमने إِلَىٰٓ तरफ़ ilā
तरफ़ إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम ib'rāhīma
इब्राहीम وَإِسْمَـٰعِيلَ और इस्माईल wa-is'māʿīla
और इस्माईल وَإِسْحَـٰقَ और इसहाक़ wa-is'ḥāqa
और इसहाक़ وَيَعْقُوبَ और याक़ूब wayaʿqūba
और याक़ूब وَٱلْأَسْبَاطِ और औलादे याक़ूब के wal-asbāṭi
और औलादे याक़ूब के وَعِيسَىٰ और ईसा waʿīsā
और ईसा وَأَيُّوبَ और अय्यूब wa-ayyūba
और अय्यूब وَيُونُسَ और यूनुस wayūnusa
और यूनुस وَهَـٰرُونَ और हारून wahārūna
और हारून وَسُلَيْمَـٰنَ ۚ और सुलेमान के wasulaymāna
और सुलेमान के وَءَاتَيْنَا और दी हमने waātaynā
और दी हमने دَاوُۥدَ दाऊद को dāwūda
दाऊद को زَبُورًۭا ज़बूर zabūran
ज़बूर ١٦٣ (163)
(163)
(ऐ नबी!) निःसंदेह हमने आपकी ओर वह़्य1 भेजी, जैसे हमने नूह़ और उसके बाद (दूसरे) नबियों की ओर वह़्य भेजी। और हमने इबराहीम, इसमाईल, इसहाक़, याक़ूब और उसकी संतान, तथा ईसा, अय्यूब, यूनुस, हारून और सुलैमान की ओर वह़्य भेजी और हमने दाऊद को ज़बूर प्रदान की।
४:१६४
وَرُسُلًۭا
और कई रसूल
warusulan
और कई रसूल قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ قَصَصْنَـٰهُمْ ज़िक्र किया हमने उनका qaṣaṣnāhum
ज़िक्र किया हमने उनका عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर مِن from min
from قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले وَرُسُلًۭا और कई रसूल warusulan
और कई रसूल لَّمْ नहीं lam
नहीं نَقْصُصْهُمْ हमने ज़िक्र किया उनका naqṣuṣ'hum
हमने ज़िक्र किया उनका عَلَيْكَ ۚ आप पर ʿalayka
आप पर وَكَلَّمَ और कलाम किया wakallama
और कलाम किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مُوسَىٰ मूसा से mūsā
मूसा से تَكْلِيمًۭا कलाम करना taklīman
कलाम करना ١٦٤ (164)
(164)
और कई रसूल قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ قَصَصْنَـٰهُمْ ज़िक्र किया हमने उनका qaṣaṣnāhum
ज़िक्र किया हमने उनका عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर مِن from min
from قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले وَرُسُلًۭا और कई रसूल warusulan
और कई रसूल لَّمْ नहीं lam
नहीं نَقْصُصْهُمْ हमने ज़िक्र किया उनका naqṣuṣ'hum
हमने ज़िक्र किया उनका عَلَيْكَ ۚ आप पर ʿalayka
आप पर وَكَلَّمَ और कलाम किया wakallama
और कलाम किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مُوسَىٰ मूसा से mūsā
मूसा से تَكْلِيمًۭا कलाम करना taklīman
कलाम करना ١٦٤ (164)
(164)
और (हमने) कुछ रसूल ऐसे (भेजे), जिनके बारे में हम पहले तुम्हें बता चुके हैं, और कुछ रसूल ऐसे (भेजे), जिनके बारे में हमने तुम्हें कुछ नहीं बताया। और अल्लाह ने मूसा से वास्तव में बात की।
४:१६५
رُّسُلًۭا
रसूल थे (ये)
rusulan
रसूल थे (ये) مُّبَشِّرِينَ ख़ुशख़बरी देने वाले mubashirīna
ख़ुशख़बरी देने वाले وَمُنذِرِينَ और डराने वाले wamundhirīna
और डराने वाले لِئَلَّا ताकि ना li-allā
ताकि ना يَكُونَ हो yakūna
हो لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए عَلَى against ʿalā
against ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर حُجَّةٌۢ कोई हुज्जत ḥujjatun
कोई हुज्जत بَعْدَ बाद baʿda
बाद ٱلرُّسُلِ ۚ रसूलों के l-rusuli
रसूलों के وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَزِيزًا बहुत ज़बरदस्त ʿazīzan
बहुत ज़बरदस्त حَكِيمًۭا ख़ूब हिकमत वाला ḥakīman
ख़ूब हिकमत वाला ١٦٥ (165)
(165)
रसूल थे (ये) مُّبَشِّرِينَ ख़ुशख़बरी देने वाले mubashirīna
ख़ुशख़बरी देने वाले وَمُنذِرِينَ और डराने वाले wamundhirīna
और डराने वाले لِئَلَّا ताकि ना li-allā
ताकि ना يَكُونَ हो yakūna
हो لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए عَلَى against ʿalā
against ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर حُجَّةٌۢ कोई हुज्जत ḥujjatun
कोई हुज्जत بَعْدَ बाद baʿda
बाद ٱلرُّسُلِ ۚ रसूलों के l-rusuli
रसूलों के وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَزِيزًا बहुत ज़बरदस्त ʿazīzan
बहुत ज़बरदस्त حَكِيمًۭا ख़ूब हिकमत वाला ḥakīman
ख़ूब हिकमत वाला ١٦٥ (165)
(165)
ऐसे रसूल जो शुभ सूचना सुनाने वाले और डराने वाले थे। ताकि लोगों के पास रसूलों के बाद अल्लाह के मुक़ाबले में कोई तर्क न रह1 जाए। और अल्लाह सदा से सब पर प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
४:१६६
لَّـٰكِنِ
लेकिन
lākini
लेकिन ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह يَشْهَدُ वो गवाही देता है yashhadu
वो गवाही देता है بِمَآ उसकी जो bimā
उसकी जो أَنزَلَ उसने नाज़िल किया anzala
उसने नाज़िल किया إِلَيْكَ ۖ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके أَنزَلَهُۥ उसने नाज़िल किया है उसे anzalahu
उसने नाज़िल किया है उसे بِعِلْمِهِۦ ۖ अपने इल्म से biʿil'mihi
अपने इल्म से وَٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ और फ़रिश्ते wal-malāikatu
और फ़रिश्ते يَشْهَدُونَ ۚ वो गवाही देते हैं yashhadūna
वो गवाही देते हैं وَكَفَىٰ और काफ़ी है wakafā
और काफ़ी है بِٱللَّهِ अल्लाह bil-lahi
अल्लाह شَهِيدًا गवाह shahīdan
गवाह ١٦٦ (166)
(166)
लेकिन ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह يَشْهَدُ वो गवाही देता है yashhadu
वो गवाही देता है بِمَآ उसकी जो bimā
उसकी जो أَنزَلَ उसने नाज़िल किया anzala
उसने नाज़िल किया إِلَيْكَ ۖ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके أَنزَلَهُۥ उसने नाज़िल किया है उसे anzalahu
उसने नाज़िल किया है उसे بِعِلْمِهِۦ ۖ अपने इल्म से biʿil'mihi
अपने इल्म से وَٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ और फ़रिश्ते wal-malāikatu
और फ़रिश्ते يَشْهَدُونَ ۚ वो गवाही देते हैं yashhadūna
वो गवाही देते हैं وَكَفَىٰ और काफ़ी है wakafā
और काफ़ी है بِٱللَّهِ अल्लाह bil-lahi
अल्लाह شَهِيدًا गवाह shahīdan
गवाह ١٦٦ (166)
(166)
परंतु अल्लाह गवाही देता है उस (क़ुरआन) के संबंध में, जो उसने आपकी ओर उतारा है कि उसने उसे अपने ज्ञान के साथ उतारा है तथा फ़रिश्ते गवाही देते हैं। और अल्लाह गवाही देने वाला काफ़ी है।
४:१६७
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया وَصَدُّوا۟ और उन्होंने रोका waṣaddū
और उन्होंने रोका عَن from ʿan
from سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते से l-lahi
अल्लाह के रास्ते से قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ ضَلُّوا۟ वो गुमराह हो गए ḍallū
वो गुमराह हो गए ضَلَـٰلًۢا गुमराह होना ḍalālan
गुमराह होना بَعِيدًا दूर का baʿīdan
दूर का ١٦٧ (167)
(167)
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया وَصَدُّوا۟ और उन्होंने रोका waṣaddū
और उन्होंने रोका عَن from ʿan
from سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते से l-lahi
अल्लाह के रास्ते से قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ ضَلُّوا۟ वो गुमराह हो गए ḍallū
वो गुमराह हो गए ضَلَـٰلًۢا गुमराह होना ḍalālan
गुमराह होना بَعِيدًا दूर का baʿīdan
दूर का ١٦٧ (167)
(167)
निःसंदेह जिन लोगों ने कुफ़्र किया और अल्लाह की राह1 से रोका, निश्चय वे गुमराह होकर बहुत दूर जा पड़े।
४:१६८
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया وَظَلَمُوا۟ और ज़ुल्म किया waẓalamū
और ज़ुल्म किया لَمْ नहीं lam
नहीं يَكُنِ है yakuni
है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لِيَغْفِرَ कि वो बख़्श दे liyaghfira
कि वो बख़्श दे لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें وَلَا और ना walā
और ना لِيَهْدِيَهُمْ कि वो हिदायत दे उन्हें liyahdiyahum
कि वो हिदायत दे उन्हें طَرِيقًا रास्ते की ṭarīqan
रास्ते की ١٦٨ (168)
(168)
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया وَظَلَمُوا۟ और ज़ुल्म किया waẓalamū
और ज़ुल्म किया لَمْ नहीं lam
नहीं يَكُنِ है yakuni
है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لِيَغْفِرَ कि वो बख़्श दे liyaghfira
कि वो बख़्श दे لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें وَلَا और ना walā
और ना لِيَهْدِيَهُمْ कि वो हिदायत दे उन्हें liyahdiyahum
कि वो हिदायत दे उन्हें طَرِيقًا रास्ते की ṭarīqan
रास्ते की ١٦٨ (168)
(168)
निःसंदेह जिन लोगों ने कुफ़्र किया और अत्याचार किया, अल्लाह कभी ऐसा नहीं कि उन्हें क्षमा कर दे और न यह कि उन्हें कोई राह दिखा दे।
४:१६९
إِلَّا
सिवाय
illā
सिवाय طَرِيقَ रास्ते के ṭarīqa
रास्ते के جَهَنَّمَ जहन्नम के jahannama
जहन्नम के خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَآ उसमें fīhā
उसमें أَبَدًۭا ۚ अब्द तक/हमेशा-हमेशा abadan
अब्द तक/हमेशा-हमेशा وَكَانَ और है wakāna
और है ذَٰلِكَ ये बात dhālika
ये बात عَلَى for ʿalā
for ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर يَسِيرًۭا बहुत आसान yasīran
बहुत आसान ١٦٩ (169)
(169)
सिवाय طَرِيقَ रास्ते के ṭarīqa
रास्ते के جَهَنَّمَ जहन्नम के jahannama
जहन्नम के خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَآ उसमें fīhā
उसमें أَبَدًۭا ۚ अब्द तक/हमेशा-हमेशा abadan
अब्द तक/हमेशा-हमेशा وَكَانَ और है wakāna
और है ذَٰلِكَ ये बात dhālika
ये बात عَلَى for ʿalā
for ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर يَسِيرًۭا बहुत आसान yasīran
बहुत आसान ١٦٩ (169)
(169)
सिवाय जहन्नम के मार्ग के, जिसमें वे सदा-सर्वदा रहने वाले हैं और यह सदा से अल्लाह के लिए बहुत आसान है।
४:१७०
يَـٰٓأَيُّهَا
ऐ
yāayyuhā
ऐ ٱلنَّاسُ लोगो l-nāsu
लोगो قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ جَآءَكُمُ आ गया है तुम्हारे पास jāakumu
आ गया है तुम्हारे पास ٱلرَّسُولُ रसूल l-rasūlu
रसूल بِٱلْحَقِّ साथ हक़ है bil-ḥaqi
साथ हक़ है مِن from min
from رَّبِّكُمْ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से فَـَٔامِنُوا۟ पस ईमान ले आओ faāminū
पस ईमान ले आओ خَيْرًۭا बेहतर है khayran
बेहतर है لَّكُمْ ۚ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَإِن और अगर wa-in
और अगर تَكْفُرُوا۟ तुम कुफ़्र करोगे takfurū
तुम कुफ़्र करोगे فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक لِلَّهِ अल्लाह ही के लिए है lillahi
अल्लाह ही के लिए है مَا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है وَٱلْأَرْضِ ۚ और ज़मीन में wal-arḍi
और ज़मीन में وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلِيمًا बहुत इल्म वाला ʿalīman
बहुत इल्म वाला حَكِيمًۭا बहुत हिकमत वाला ḥakīman
बहुत हिकमत वाला ١٧٠ (170)
(170)
ऐ ٱلنَّاسُ लोगो l-nāsu
लोगो قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ جَآءَكُمُ आ गया है तुम्हारे पास jāakumu
आ गया है तुम्हारे पास ٱلرَّسُولُ रसूल l-rasūlu
रसूल بِٱلْحَقِّ साथ हक़ है bil-ḥaqi
साथ हक़ है مِن from min
from رَّبِّكُمْ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से فَـَٔامِنُوا۟ पस ईमान ले आओ faāminū
पस ईमान ले आओ خَيْرًۭا बेहतर है khayran
बेहतर है لَّكُمْ ۚ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَإِن और अगर wa-in
और अगर تَكْفُرُوا۟ तुम कुफ़्र करोगे takfurū
तुम कुफ़्र करोगे فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक لِلَّهِ अल्लाह ही के लिए है lillahi
अल्लाह ही के लिए है مَا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है وَٱلْأَرْضِ ۚ और ज़मीन में wal-arḍi
और ज़मीन में وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلِيمًا बहुत इल्म वाला ʿalīman
बहुत इल्म वाला حَكِيمًۭا बहुत हिकमत वाला ḥakīman
बहुत हिकमत वाला ١٧٠ (170)
(170)
ऐ लोगो! निःसंदेह तुम्हारे पास यह रसूल सत्य के साथ1 तुम्हारे पालनहार की ओर से आए हैं। अतः तुम ईमान ले आओ, तुम्हारे लिए बेहतर होगा। तथा यदि इनकार करो, तो (याद रखो कि) निःसंदेह अल्लाह ही का है जो कुछ आकाशों और धरती में है और अल्लाह सदा से सब कुछ जानने वाला, पूर्ण हिकमत वाला है।
४:१७१
يَـٰٓأَهْلَ
O People
yāahla
O People ٱلْكِتَـٰبِ ऐ अहले किताब l-kitābi
ऐ अहले किताब لَا (Do) not lā
(Do) not تَغْلُوا۟ ना तुम ग़ुलुव करो taghlū
ना तुम ग़ुलुव करो فِى in fī
in دِينِكُمْ अपने दीन में dīnikum
अपने दीन में وَلَا और ना walā
और ना تَقُولُوا۟ तुम कहो taqūlū
तुम कहो عَلَى about ʿalā
about ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर إِلَّا मगर illā
मगर ٱلْحَقَّ ۚ हक़ l-ḥaqa
हक़ إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक ٱلْمَسِيحُ मसीह l-masīḥu
मसीह عِيسَى Isa ʿīsā
Isa ٱبْنُ son ub'nu
son مَرْيَمَ ईसा इब्ने मरियम maryama
ईसा इब्ने मरियम رَسُولُ रसूल है rasūlu
रसूल है ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का وَكَلِمَتُهُۥٓ और कलमा उसका wakalimatuhu
और कलमा उसका أَلْقَىٰهَآ उसने डाला था उसको alqāhā
उसने डाला था उसको إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ مَرْيَمَ मरियम के maryama
मरियम के وَرُوحٌۭ और रूह warūḥun
और रूह مِّنْهُ ۖ उसकी तरफ़ से min'hu
उसकी तरफ़ से فَـَٔامِنُوا۟ तो ईमान लाओ तुम faāminū
तो ईमान लाओ तुम بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَرُسُلِهِۦ ۖ और उसके रसूलों पर warusulihi
और उसके रसूलों पर وَلَا और ना walā
और ना تَقُولُوا۟ तुम कहो taqūlū
तुम कहो ثَلَـٰثَةٌ ۚ तीन हैं thalāthatun
तीन हैं ٱنتَهُوا۟ बाज़ आ जाओ intahū
बाज़ आ जाओ خَيْرًۭا बेहतर है khayran
बेहतर है لَّكُمْ ۚ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह إِلَـٰهٌۭ इलाह है ilāhun
इलाह है وَٰحِدٌۭ ۖ एक ही wāḥidun
एक ही سُبْحَـٰنَهُۥٓ पाक है वो sub'ḥānahu
पाक है वो أَن कि an
कि يَكُونَ हो yakūna
हो لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए وَلَدٌۭ ۘ कोई औलाद waladun
कोई औलाद لَّهُۥ उसी के लिए है lahu
उसी के लिए है مَا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ۗ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है وَكَفَىٰ और काफ़ी है wakafā
और काफ़ी है بِٱللَّهِ अल्लाह bil-lahi
अल्लाह وَكِيلًۭا कारसाज़ wakīlan
कारसाज़ ١٧١ (171)
(171)
O People ٱلْكِتَـٰبِ ऐ अहले किताब l-kitābi
ऐ अहले किताब لَا (Do) not lā
(Do) not تَغْلُوا۟ ना तुम ग़ुलुव करो taghlū
ना तुम ग़ुलुव करो فِى in fī
in دِينِكُمْ अपने दीन में dīnikum
अपने दीन में وَلَا और ना walā
और ना تَقُولُوا۟ तुम कहो taqūlū
तुम कहो عَلَى about ʿalā
about ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर إِلَّا मगर illā
मगर ٱلْحَقَّ ۚ हक़ l-ḥaqa
हक़ إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक ٱلْمَسِيحُ मसीह l-masīḥu
मसीह عِيسَى Isa ʿīsā
Isa ٱبْنُ son ub'nu
son مَرْيَمَ ईसा इब्ने मरियम maryama
ईसा इब्ने मरियम رَسُولُ रसूल है rasūlu
रसूल है ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का وَكَلِمَتُهُۥٓ और कलमा उसका wakalimatuhu
और कलमा उसका أَلْقَىٰهَآ उसने डाला था उसको alqāhā
उसने डाला था उसको إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ مَرْيَمَ मरियम के maryama
मरियम के وَرُوحٌۭ और रूह warūḥun
और रूह مِّنْهُ ۖ उसकी तरफ़ से min'hu
उसकी तरफ़ से فَـَٔامِنُوا۟ तो ईमान लाओ तुम faāminū
तो ईमान लाओ तुम بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَرُسُلِهِۦ ۖ और उसके रसूलों पर warusulihi
और उसके रसूलों पर وَلَا और ना walā
और ना تَقُولُوا۟ तुम कहो taqūlū
तुम कहो ثَلَـٰثَةٌ ۚ तीन हैं thalāthatun
तीन हैं ٱنتَهُوا۟ बाज़ आ जाओ intahū
बाज़ आ जाओ خَيْرًۭا बेहतर है khayran
बेहतर है لَّكُمْ ۚ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह إِلَـٰهٌۭ इलाह है ilāhun
इलाह है وَٰحِدٌۭ ۖ एक ही wāḥidun
एक ही سُبْحَـٰنَهُۥٓ पाक है वो sub'ḥānahu
पाक है वो أَن कि an
कि يَكُونَ हो yakūna
हो لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए وَلَدٌۭ ۘ कोई औलाद waladun
कोई औलाद لَّهُۥ उसी के लिए है lahu
उसी के लिए है مَا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ۗ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है وَكَفَىٰ और काफ़ी है wakafā
और काफ़ी है بِٱللَّهِ अल्लाह bil-lahi
अल्लाह وَكِيلًۭا कारसाज़ wakīlan
कारसाज़ ١٧١ (171)
(171)
ऐ किताब वालो! अपने धर्म में हद से आगे1 न बढ़ो और अल्लाह के बारे में सत्य के सिवा कुछ न कहो। मरयम का पुत्र ईसा मसीह केवल अल्लाह का रसूल और उसका 'शब्द' है, जिसे (अल्लाह ने) मरयम की ओर भेजा तथा उसकी ओर से एक आत्मा2 है। अतः अल्लाह और उसके रसूलों पर ईमान लाओ और यह न कहो कि (पूज्य) तीन हैं। बाज़ आ जाओ! तुम्हारे लिए बेहतर होगा। अल्लाह केवल एक ही पूज्य है। वह इससे पवित्र है कि उसकी कोई संतान हो। उसी का है जो कुछ आकाशों में हैं और जो कुछ धरती में है और अल्लाह कार्यसाधक3 के रूप में काफ़ी है।
४:१७२
لَّن
हरगिज़ नहीं
lan
हरगिज़ नहीं يَسْتَنكِفَ आर महसूस करेगा yastankifa
आर महसूस करेगा ٱلْمَسِيحُ मसीह l-masīḥu
मसीह أَن कि an
कि يَكُونَ हो वो yakūna
हो वो عَبْدًۭا बन्दा ʿabdan
बन्दा لِّلَّهِ अल्लाह का lillahi
अल्लाह का وَلَا और ना walā
और ना ٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ फ़रिश्ते l-malāikatu
फ़रिश्ते ٱلْمُقَرَّبُونَ ۚ मुक़र्रब l-muqarabūna
मुक़र्रब وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَسْتَنكِفْ आर महसूस करे yastankif
आर महसूस करे عَنْ from ʿan
from عِبَادَتِهِۦ उसकी इबादत से ʿibādatihi
उसकी इबादत से وَيَسْتَكْبِرْ और तकब्बुर करे wayastakbir
और तकब्बुर करे فَسَيَحْشُرُهُمْ पस अनक़रीब वो इकट्ठा करेगा उन्हें fasayaḥshuruhum
पस अनक़रीब वो इकट्ठा करेगा उन्हें إِلَيْهِ अपनी तरफ़ ilayhi
अपनी तरफ़ جَمِيعًۭا सबके सबको jamīʿan
सबके सबको ١٧٢ (172)
(172)
हरगिज़ नहीं يَسْتَنكِفَ आर महसूस करेगा yastankifa
आर महसूस करेगा ٱلْمَسِيحُ मसीह l-masīḥu
मसीह أَن कि an
कि يَكُونَ हो वो yakūna
हो वो عَبْدًۭا बन्दा ʿabdan
बन्दा لِّلَّهِ अल्लाह का lillahi
अल्लाह का وَلَا और ना walā
और ना ٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ फ़रिश्ते l-malāikatu
फ़रिश्ते ٱلْمُقَرَّبُونَ ۚ मुक़र्रब l-muqarabūna
मुक़र्रब وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَسْتَنكِفْ आर महसूस करे yastankif
आर महसूस करे عَنْ from ʿan
from عِبَادَتِهِۦ उसकी इबादत से ʿibādatihi
उसकी इबादत से وَيَسْتَكْبِرْ और तकब्बुर करे wayastakbir
और तकब्बुर करे فَسَيَحْشُرُهُمْ पस अनक़रीब वो इकट्ठा करेगा उन्हें fasayaḥshuruhum
पस अनक़रीब वो इकट्ठा करेगा उन्हें إِلَيْهِ अपनी तरफ़ ilayhi
अपनी तरफ़ جَمِيعًۭا सबके सबको jamīʿan
सबके सबको ١٧٢ (172)
(172)
मसीह़ हरगिज़ इससे तिरस्कार महसूस नहीं करेगा कि वह अल्लाह का बंदा हो और न निकटवर्ती फ़रिश्ते ही, और जो भी उसकी बंदगी से तिरस्कार महसूस करे और अभिमान करे, तो वह (अल्लाह) उन सभी को अपने पास एकत्र करेगा।
४:१७३
فَأَمَّا
तो रहे
fa-ammā
तो रहे ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक فَيُوَفِّيهِمْ पस वो पूरे-पूरे देगा उन्हें fayuwaffīhim
पस वो पूरे-पूरे देगा उन्हें أُجُورَهُمْ अजर उनके ujūrahum
अजर उनके وَيَزِيدُهُم और वो ज़्यादा देगा उन्हें wayazīduhum
और वो ज़्यादा देगा उन्हें مِّن from min
from فَضْلِهِۦ ۖ अपने फ़ज़ल से faḍlihi
अपने फ़ज़ल से وَأَمَّا और रहे wa-ammā
और रहे ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने ٱسْتَنكَفُوا۟ आर महसूस की is'tankafū
आर महसूस की وَٱسْتَكْبَرُوا۟ और उन्होंने तकब्बुर किया wa-is'takbarū
और उन्होंने तकब्बुर किया فَيُعَذِّبُهُمْ तो वो अज़ाब देगा उन्हें fayuʿadhibuhum
तो वो अज़ाब देगा उन्हें عَذَابًا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब أَلِيمًۭا दर्दनाक alīman
दर्दनाक وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَجِدُونَ वो पाऐंगे yajidūna
वो पाऐंगे لَهُم अपने लिए lahum
अपने लिए مِّن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَلِيًّۭا कोई हिमायती waliyyan
कोई हिमायती وَلَا और ना walā
और ना نَصِيرًۭا कोई मददगार naṣīran
कोई मददगार ١٧٣ (173)
(173)
तो रहे ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक فَيُوَفِّيهِمْ पस वो पूरे-पूरे देगा उन्हें fayuwaffīhim
पस वो पूरे-पूरे देगा उन्हें أُجُورَهُمْ अजर उनके ujūrahum
अजर उनके وَيَزِيدُهُم और वो ज़्यादा देगा उन्हें wayazīduhum
और वो ज़्यादा देगा उन्हें مِّن from min
from فَضْلِهِۦ ۖ अपने फ़ज़ल से faḍlihi
अपने फ़ज़ल से وَأَمَّا और रहे wa-ammā
और रहे ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने ٱسْتَنكَفُوا۟ आर महसूस की is'tankafū
आर महसूस की وَٱسْتَكْبَرُوا۟ और उन्होंने तकब्बुर किया wa-is'takbarū
और उन्होंने तकब्बुर किया فَيُعَذِّبُهُمْ तो वो अज़ाब देगा उन्हें fayuʿadhibuhum
तो वो अज़ाब देगा उन्हें عَذَابًا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब أَلِيمًۭا दर्दनाक alīman
दर्दनाक وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَجِدُونَ वो पाऐंगे yajidūna
वो पाऐंगे لَهُم अपने लिए lahum
अपने लिए مِّن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَلِيًّۭا कोई हिमायती waliyyan
कोई हिमायती وَلَا और ना walā
और ना نَصِيرًۭا कोई मददगार naṣīran
कोई मददगार ١٧٣ (173)
(173)
फिर जो लोग ईमान लाए और उन्होंने अच्छे कर्म किए, तो वह उन्हें उनका भरपूर बदला देगा और उन्हें अपने अनुग्रह से अधिक1 भी देगा। रहे वे लोग जिन्होंने (अल्लाह की इबादत को) तिरस्कार समझा और अभिमान किया, तो वह उन्हें दर्दनाक यातना देगा। तथा वे अपने लिए अल्लाह के सिवा न कोई मित्र पाएँगे और न कोई सहायक।
४:१७४
يَـٰٓأَيُّهَا
ऐ
yāayyuhā
ऐ ٱلنَّاسُ लोगो l-nāsu
लोगो قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ جَآءَكُم आ चुकी तुम्हारे पास jāakum
आ चुकी तुम्हारे पास بُرْهَـٰنٌۭ एक दलील bur'hānun
एक दलील مِّن from min
from رَّبِّكُمْ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से وَأَنزَلْنَآ और नाज़िल किया हमने wa-anzalnā
और नाज़िल किया हमने إِلَيْكُمْ तरफ़ तुम्हारे ilaykum
तरफ़ तुम्हारे نُورًۭا एक नूर nūran
एक नूर مُّبِينًۭا वाज़ेह mubīnan
वाज़ेह ١٧٤ (174)
(174)
ऐ ٱلنَّاسُ लोगो l-nāsu
लोगो قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ جَآءَكُم आ चुकी तुम्हारे पास jāakum
आ चुकी तुम्हारे पास بُرْهَـٰنٌۭ एक दलील bur'hānun
एक दलील مِّن from min
from رَّبِّكُمْ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से وَأَنزَلْنَآ और नाज़िल किया हमने wa-anzalnā
और नाज़िल किया हमने إِلَيْكُمْ तरफ़ तुम्हारे ilaykum
तरफ़ तुम्हारे نُورًۭا एक नूर nūran
एक नूर مُّبِينًۭا वाज़ेह mubīnan
वाज़ेह ١٧٤ (174)
(174)
ऐ लोगो! तुम्हारे पास तुम्हारे पालनहार की ओर से एक स्पष्ट प्रमाण1 आया है और हमने तुम्हारी ओर एक स्पष्ट प्रकाश2 उतारा है।
४:१७५
فَأَمَّا
तो रहे
fa-ammā
तो रहे ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَٱعْتَصَمُوا۟ और उन्होंने मज़बूत पकड़ा wa-iʿ'taṣamū
और उन्होंने मज़बूत पकड़ा بِهِۦ उसे bihi
उसे فَسَيُدْخِلُهُمْ तो अनक़रीब वो दाख़िल करेगा उन्हें fasayud'khiluhum
तो अनक़रीब वो दाख़िल करेगा उन्हें فِى in fī
in رَحْمَةٍۢ रहमत में raḥmatin
रहमत में مِّنْهُ अपनी तरफ़ से min'hu
अपनी तरफ़ से وَفَضْلٍۢ और फ़ज़ल में wafaḍlin
और फ़ज़ल में وَيَهْدِيهِمْ और रहनुमाई करेगा उनकी wayahdīhim
और रहनुमाई करेगा उनकी إِلَيْهِ अपनी तरफ़ ilayhi
अपनी तरफ़ صِرَٰطًۭا रास्ते ṣirāṭan
रास्ते مُّسْتَقِيمًۭا सीधे की mus'taqīman
सीधे की ١٧٥ (175)
(175)
तो रहे ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَٱعْتَصَمُوا۟ और उन्होंने मज़बूत पकड़ा wa-iʿ'taṣamū
और उन्होंने मज़बूत पकड़ा بِهِۦ उसे bihi
उसे فَسَيُدْخِلُهُمْ तो अनक़रीब वो दाख़िल करेगा उन्हें fasayud'khiluhum
तो अनक़रीब वो दाख़िल करेगा उन्हें فِى in fī
in رَحْمَةٍۢ रहमत में raḥmatin
रहमत में مِّنْهُ अपनी तरफ़ से min'hu
अपनी तरफ़ से وَفَضْلٍۢ और फ़ज़ल में wafaḍlin
और फ़ज़ल में وَيَهْدِيهِمْ और रहनुमाई करेगा उनकी wayahdīhim
और रहनुमाई करेगा उनकी إِلَيْهِ अपनी तरफ़ ilayhi
अपनी तरफ़ صِرَٰطًۭا रास्ते ṣirāṭan
रास्ते مُّسْتَقِيمًۭا सीधे की mus'taqīman
सीधे की ١٧٥ (175)
(175)
फिर जो लोग अल्लाह पर ईमान लाए तथा इस (क़ुरआन) को मज़बूती से थाम लिया, तो वह उन्हें अपनी विशेष दया तथा अनुग्रह में दाख़िल करेगा और उन्हें अपनी ओर सीधी राह दिखाएगा।
४:१७६
يَسْتَفْتُونَكَ
वो फ़तवा पूछते हैं आपसे
yastaftūnaka
वो फ़तवा पूछते हैं आपसे قُلِ कह दीजिए quli
कह दीजिए ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह يُفْتِيكُمْ वो फ़तवा देता है तुम्हें yuf'tīkum
वो फ़तवा देता है तुम्हें فِى concerning fī
concerning ٱلْكَلَـٰلَةِ ۚ कलाला के बारे में l-kalālati
कलाला के बारे में إِنِ अगर ini
अगर ٱمْرُؤٌا۟ कोई मर्द im'ru-on
कोई मर्द هَلَكَ हलाक हो जाए halaka
हलाक हो जाए لَيْسَ ना हो laysa
ना हो لَهُۥ उसकी lahu
उसकी وَلَدٌۭ कोई औलाद waladun
कोई औलाद وَلَهُۥٓ और हो उसकी walahu
और हो उसकी أُخْتٌۭ एक बहन ukh'tun
एक बहन فَلَهَا तो उसके लिए falahā
तो उसके लिए نِصْفُ आधा है niṣ'fu
आधा है مَا उसका जो mā
उसका जो تَرَكَ ۚ उसने छोड़ा taraka
उसने छोड़ा وَهُوَ और वो ख़ुद wahuwa
और वो ख़ुद يَرِثُهَآ वारिस होगा उसका yarithuhā
वारिस होगा उसका إِن अगर in
अगर لَّمْ ना lam
ना يَكُن हो yakun
हो لَّهَا उस (बहन) की lahā
उस (बहन) की وَلَدٌۭ ۚ कोई औलाद waladun
कोई औलाद فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर كَانَتَا हों वो दोनों kānatā
हों वो दोनों ٱثْنَتَيْنِ दो बहनें ith'natayni
दो बहनें فَلَهُمَا तो उन दोनों के लिए falahumā
तो उन दोनों के लिए ٱلثُّلُثَانِ दो तिहाई है l-thuluthāni
दो तिहाई है مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो تَرَكَ ۚ उस (भाई) ने छोड़ा taraka
उस (भाई) ने छोड़ा وَإِن और अगर wa-in
और अगर كَانُوٓا۟ हों वो kānū
हों वो إِخْوَةًۭ कई बहन भाई ikh'watan
कई बहन भाई رِّجَالًۭا मर्द rijālan
मर्द وَنِسَآءًۭ और औरतें wanisāan
और औरतें فَلِلذَّكَرِ तो मर्द के लिए falildhakari
तो मर्द के लिए مِثْلُ मानिन्द mith'lu
मानिन्द حَظِّ हिस्सा ḥaẓẓi
हिस्सा ٱلْأُنثَيَيْنِ ۗ दो औरतों के है l-unthayayni
दो औरतों के है يُبَيِّنُ वाज़ेह करता है yubayyinu
वाज़ेह करता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए أَن ताकि an
ताकि تَضِلُّوا۟ ۗ तुम गुमराह (ना) हो जाओ taḍillū
तुम गुमराह (ना) हो जाओ وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह بِكُلِّ हर bikulli
हर شَىْءٍ चीज़ को shayin
चीज़ को عَلِيمٌۢ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ١٧٦ (176)
(176)
वो फ़तवा पूछते हैं आपसे قُلِ कह दीजिए quli
कह दीजिए ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह يُفْتِيكُمْ वो फ़तवा देता है तुम्हें yuf'tīkum
वो फ़तवा देता है तुम्हें فِى concerning fī
concerning ٱلْكَلَـٰلَةِ ۚ कलाला के बारे में l-kalālati
कलाला के बारे में إِنِ अगर ini
अगर ٱمْرُؤٌا۟ कोई मर्द im'ru-on
कोई मर्द هَلَكَ हलाक हो जाए halaka
हलाक हो जाए لَيْسَ ना हो laysa
ना हो لَهُۥ उसकी lahu
उसकी وَلَدٌۭ कोई औलाद waladun
कोई औलाद وَلَهُۥٓ और हो उसकी walahu
और हो उसकी أُخْتٌۭ एक बहन ukh'tun
एक बहन فَلَهَا तो उसके लिए falahā
तो उसके लिए نِصْفُ आधा है niṣ'fu
आधा है مَا उसका जो mā
उसका जो تَرَكَ ۚ उसने छोड़ा taraka
उसने छोड़ा وَهُوَ और वो ख़ुद wahuwa
और वो ख़ुद يَرِثُهَآ वारिस होगा उसका yarithuhā
वारिस होगा उसका إِن अगर in
अगर لَّمْ ना lam
ना يَكُن हो yakun
हो لَّهَا उस (बहन) की lahā
उस (बहन) की وَلَدٌۭ ۚ कोई औलाद waladun
कोई औलाद فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर كَانَتَا हों वो दोनों kānatā
हों वो दोनों ٱثْنَتَيْنِ दो बहनें ith'natayni
दो बहनें فَلَهُمَا तो उन दोनों के लिए falahumā
तो उन दोनों के लिए ٱلثُّلُثَانِ दो तिहाई है l-thuluthāni
दो तिहाई है مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो تَرَكَ ۚ उस (भाई) ने छोड़ा taraka
उस (भाई) ने छोड़ा وَإِن और अगर wa-in
और अगर كَانُوٓا۟ हों वो kānū
हों वो إِخْوَةًۭ कई बहन भाई ikh'watan
कई बहन भाई رِّجَالًۭا मर्द rijālan
मर्द وَنِسَآءًۭ और औरतें wanisāan
और औरतें فَلِلذَّكَرِ तो मर्द के लिए falildhakari
तो मर्द के लिए مِثْلُ मानिन्द mith'lu
मानिन्द حَظِّ हिस्सा ḥaẓẓi
हिस्सा ٱلْأُنثَيَيْنِ ۗ दो औरतों के है l-unthayayni
दो औरतों के है يُبَيِّنُ वाज़ेह करता है yubayyinu
वाज़ेह करता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए أَن ताकि an
ताकि تَضِلُّوا۟ ۗ तुम गुमराह (ना) हो जाओ taḍillū
तुम गुमराह (ना) हो जाओ وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह بِكُلِّ हर bikulli
हर شَىْءٍ चीज़ को shayin
चीज़ को عَلِيمٌۢ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ١٧٦ (176)
(176)
(ऐ नबी!) वे आपसे फतवा (शरई आदेश) पूछते हैं। आप कह दें : अल्लाह तुम्हें 'कलाला'1 के विषय में फतवा देता है। यदि कोई व्यक्ति मर जाए, जिसकी कोई संतान न हो, और उसकी एक बहन हो, तो उसके लिए उस (धन) का आधा है जो उसने छोड़ा और वह (स्वयं) उस (बहन) का वारिस होगा, यदि उस (बहन) की कोई संतान न हो। फिर यदि वे दो (बहनें) हों, तो उनके लिए उसमें से दो तिहाई होगा जो उसने छोड़ा। और यदि वे कई भाई-बहन पुरुष और महिलाएँ हों, तो पुरुष के लिए दो महिलाओं के हिस्से के बराबर होगा। अल्लाह तुम्हारे लिए खोलकर बयान करता है कि तुम गुमराह न हो जाओ। तथा अल्लाह हर चीज़ को ख़ूब जानने वाला है।