३
आले इमरान
آل عمران
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
३:१
الٓمٓ
अलिफ़ लाम मीम
alif-lam-meem
अलिफ़ लाम मीम ١ (1)
(1)
अलिफ़ लाम मीम ١ (1)
(1)
अलिफ़, लाम, मीम।
३:२
ٱللَّهُ
अल्लाह
al-lahu
अल्लाह لَآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ वो ही huwa
वो ही ٱلْحَىُّ ज़िन्दा है l-ḥayu
ज़िन्दा है ٱلْقَيُّومُ क़ायम रखने वाला है l-qayūmu
क़ायम रखने वाला है ٢ (2)
(2)
अल्लाह لَآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ वो ही huwa
वो ही ٱلْحَىُّ ज़िन्दा है l-ḥayu
ज़िन्दा है ٱلْقَيُّومُ क़ायम रखने वाला है l-qayūmu
क़ायम रखने वाला है ٢ (2)
(2)
अल्लाह (वह है कि) उसके सिवा कोई पूज्य नहीं। (वह) जीवित है, हर चीज़ को सँभालने (क़ायम रखने) वाला है।
३:३
نَزَّلَ
उसने नाज़िल की
nazzala
उसने नाज़िल की عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के مُصَدِّقًۭا तसदीक़ करने वाली है muṣaddiqan
तसदीक़ करने वाली है لِّمَا उनकी जो limā
उनकी जो بَيْنَ (was) bayna
(was) يَدَيْهِ इससे पहले थीं yadayhi
इससे पहले थीं وَأَنزَلَ और उसने नाज़िल की wa-anzala
और उसने नाज़िल की ٱلتَّوْرَىٰةَ तौरात l-tawrāta
तौरात وَٱلْإِنجِيلَ और इन्जील wal-injīla
और इन्जील ٣ (3)
(3)
उसने नाज़िल की عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के مُصَدِّقًۭا तसदीक़ करने वाली है muṣaddiqan
तसदीक़ करने वाली है لِّمَا उनकी जो limā
उनकी जो بَيْنَ (was) bayna
(was) يَدَيْهِ इससे पहले थीं yadayhi
इससे पहले थीं وَأَنزَلَ और उसने नाज़िल की wa-anzala
और उसने नाज़िल की ٱلتَّوْرَىٰةَ तौरात l-tawrāta
तौरात وَٱلْإِنجِيلَ और इन्जील wal-injīla
और इन्जील ٣ (3)
(3)
उसने आप पर (यह) पुस्तक सत्य के साथ उतारी, जो उसकी पुष्टि करने वाली है जो इससे पूर्व है, और उसने तौरात तथा इंजील उतारी।
३:४
مِن
From
min
From قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले هُدًۭى हिदायत hudan
हिदायत لِّلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए وَأَنزَلَ और उसने नाज़िल किया wa-anzala
और उसने नाज़िल किया ٱلْفُرْقَانَ ۗ फ़ुरक़ान l-fur'qāna
फ़ुरक़ान إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ जिन्होंने कुफ़्र किया kafarū
जिन्होंने कुफ़्र किया بِـَٔايَـٰتِ साथ आयात के biāyāti
साथ आयात के ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए عَذَابٌۭ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है شَدِيدٌۭ ۗ सख़्त shadīdun
सख़्त وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَزِيزٌۭ बहुत ज़बरदस्त है ʿazīzun
बहुत ज़बरदस्त है ذُو All-Able dhū
All-Able ٱنتِقَامٍ इन्तिक़ाम लेने वाला है intiqāmin
इन्तिक़ाम लेने वाला है ٤ (4)
(4)
From قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले هُدًۭى हिदायत hudan
हिदायत لِّلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए وَأَنزَلَ और उसने नाज़िल किया wa-anzala
और उसने नाज़िल किया ٱلْفُرْقَانَ ۗ फ़ुरक़ान l-fur'qāna
फ़ुरक़ान إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ जिन्होंने कुफ़्र किया kafarū
जिन्होंने कुफ़्र किया بِـَٔايَـٰتِ साथ आयात के biāyāti
साथ आयात के ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए عَذَابٌۭ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है شَدِيدٌۭ ۗ सख़्त shadīdun
सख़्त وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَزِيزٌۭ बहुत ज़बरदस्त है ʿazīzun
बहुत ज़बरदस्त है ذُو All-Able dhū
All-Able ٱنتِقَامٍ इन्तिक़ाम लेने वाला है intiqāmin
इन्तिक़ाम लेने वाला है ٤ (4)
(4)
इससे पहले, लोगों के मार्गदर्शन के लिए। और उसने फ़ुरक़ान (सत्य और असत्य में अंतर करने वाला मानदंड) उतारा।1 निःसंदेह जिन लोगों ने अल्लाह की आयतों का इनकार किया, उनके लिए बहुत कड़ी यातना है। और अल्लाह सब पर प्रभुत्वशाली, बदला लेने वाला है।
३:५
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا not lā
not يَخْفَىٰ नहीं छुपती yakhfā
नहीं छुपती عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर شَىْءٌۭ कोई चीज़ shayon
कोई चीज़ فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में وَلَا और ना walā
और ना فِى in fī
in ٱلسَّمَآءِ आसमान में l-samāi
आसमान में ٥ (5)
(5)
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا not lā
not يَخْفَىٰ नहीं छुपती yakhfā
नहीं छुपती عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर شَىْءٌۭ कोई चीज़ shayon
कोई चीज़ فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में وَلَا और ना walā
और ना فِى in fī
in ٱلسَّمَآءِ आसमान में l-samāi
आसमान में ٥ (5)
(5)
निःसंदेह अल्लाह वह है जिससे न धरती में कोई चीज़ छिपी रहती है और न आकाश में।
३:६
هُوَ
वो ही है
huwa
वो ही है ٱلَّذِى जो alladhī
जो يُصَوِّرُكُمْ सूरत बनाता है तुम्हारी yuṣawwirukum
सूरत बनाता है तुम्हारी فِى in fī
in ٱلْأَرْحَامِ रहमों में l-arḥāmi
रहमों में كَيْفَ जिस तरह kayfa
जिस तरह يَشَآءُ ۚ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है لَآ नहीं है lā
नहीं है إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ वो ही huwa
वो ही ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त है l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त है ٱلْحَكِيمُ ख़ूब हिकमत वाला है l-ḥakīmu
ख़ूब हिकमत वाला है ٦ (6)
(6)
वो ही है ٱلَّذِى जो alladhī
जो يُصَوِّرُكُمْ सूरत बनाता है तुम्हारी yuṣawwirukum
सूरत बनाता है तुम्हारी فِى in fī
in ٱلْأَرْحَامِ रहमों में l-arḥāmi
रहमों में كَيْفَ जिस तरह kayfa
जिस तरह يَشَآءُ ۚ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है لَآ नहीं है lā
नहीं है إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ वो ही huwa
वो ही ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त है l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त है ٱلْحَكِيمُ ख़ूब हिकमत वाला है l-ḥakīmu
ख़ूब हिकमत वाला है ٦ (6)
(6)
वही है जो गर्भाशयों में तुम्हारे रूप बनाता है, जिस तरह चाहता है। उसके सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं, (वह) सब पर प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
३:७
هُوَ
वो ही है
huwa
वो ही है ٱلَّذِىٓ जिसने alladhī
जिसने أَنزَلَ नाज़िल की anzala
नाज़िल की عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब مِنْهُ उसमें से min'hu
उसमें से ءَايَـٰتٌۭ कुछ आयात āyātun
कुछ आयात مُّحْكَمَـٰتٌ मोहकम हैं muḥ'kamātun
मोहकम हैं هُنَّ वो hunna
वो أُمُّ असल हैं ummu
असल हैं ٱلْكِتَـٰبِ किताब की l-kitābi
किताब की وَأُخَرُ और दूसरी wa-ukharu
और दूसरी مُتَشَـٰبِهَـٰتٌۭ ۖ मुताशाबह/बाहम मिलती जुलती हैं mutashābihātun
मुताशाबह/बाहम मिलती जुलती हैं فَأَمَّا तो रहे fa-ammā
तो रहे ٱلَّذِينَ वो लोग alladhīna
वो लोग فِى in fī
in قُلُوبِهِمْ दिलों में जिनके qulūbihim
दिलों में जिनके زَيْغٌۭ टेढ़ है zayghun
टेढ़ है فَيَتَّبِعُونَ पस वो पैरवी करते हैं fayattabiʿūna
पस वो पैरवी करते हैं مَا उसकी जो mā
उसकी जो تَشَـٰبَهَ मुताशाबह है tashābaha
मुताशाबह है مِنْهُ उसमें से min'hu
उसमें से ٱبْتِغَآءَ चाहने को ib'tighāa
चाहने को ٱلْفِتْنَةِ फ़ितना l-fit'nati
फ़ितना وَٱبْتِغَآءَ और चाहने को wa-ib'tighāa
और चाहने को تَأْوِيلِهِۦ ۗ मतलब उसका tawīlihi
मतलब उसका وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَعْلَمُ जानता yaʿlamu
जानता تَأْوِيلَهُۥٓ मतलब उसका tawīlahu
मतलब उसका إِلَّا मगर illā
मगर ٱللَّهُ ۗ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَٱلرَّٰسِخُونَ और जो पुख़्ताकार हैं wal-rāsikhūna
और जो पुख़्ताकार हैं فِى in fī
in ٱلْعِلْمِ इल्म में l-ʿil'mi
इल्म में يَقُولُونَ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम بِهِۦ उस पर bihi
उस पर كُلٌّۭ सब कुछ kullun
सब कुछ مِّنْ (is) min
(is) عِندِ पास से ʿindi
पास से رَبِّنَا ۗ हमारे रब के rabbinā
हमारे रब के وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَذَّكَّرُ नसीहत पकड़ते yadhakkaru
नसीहत पकड़ते إِلَّآ मगर illā
मगर أُو۟لُوا۟ men ulū
men ٱلْأَلْبَـٰبِ अक़्ल वाले l-albābi
अक़्ल वाले ٧ (7)
(7)
वो ही है ٱلَّذِىٓ जिसने alladhī
जिसने أَنزَلَ नाज़िल की anzala
नाज़िल की عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब مِنْهُ उसमें से min'hu
उसमें से ءَايَـٰتٌۭ कुछ आयात āyātun
कुछ आयात مُّحْكَمَـٰتٌ मोहकम हैं muḥ'kamātun
मोहकम हैं هُنَّ वो hunna
वो أُمُّ असल हैं ummu
असल हैं ٱلْكِتَـٰبِ किताब की l-kitābi
किताब की وَأُخَرُ और दूसरी wa-ukharu
और दूसरी مُتَشَـٰبِهَـٰتٌۭ ۖ मुताशाबह/बाहम मिलती जुलती हैं mutashābihātun
मुताशाबह/बाहम मिलती जुलती हैं فَأَمَّا तो रहे fa-ammā
तो रहे ٱلَّذِينَ वो लोग alladhīna
वो लोग فِى in fī
in قُلُوبِهِمْ दिलों में जिनके qulūbihim
दिलों में जिनके زَيْغٌۭ टेढ़ है zayghun
टेढ़ है فَيَتَّبِعُونَ पस वो पैरवी करते हैं fayattabiʿūna
पस वो पैरवी करते हैं مَا उसकी जो mā
उसकी जो تَشَـٰبَهَ मुताशाबह है tashābaha
मुताशाबह है مِنْهُ उसमें से min'hu
उसमें से ٱبْتِغَآءَ चाहने को ib'tighāa
चाहने को ٱلْفِتْنَةِ फ़ितना l-fit'nati
फ़ितना وَٱبْتِغَآءَ और चाहने को wa-ib'tighāa
और चाहने को تَأْوِيلِهِۦ ۗ मतलब उसका tawīlihi
मतलब उसका وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَعْلَمُ जानता yaʿlamu
जानता تَأْوِيلَهُۥٓ मतलब उसका tawīlahu
मतलब उसका إِلَّا मगर illā
मगर ٱللَّهُ ۗ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَٱلرَّٰسِخُونَ और जो पुख़्ताकार हैं wal-rāsikhūna
और जो पुख़्ताकार हैं فِى in fī
in ٱلْعِلْمِ इल्म में l-ʿil'mi
इल्म में يَقُولُونَ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम بِهِۦ उस पर bihi
उस पर كُلٌّۭ सब कुछ kullun
सब कुछ مِّنْ (is) min
(is) عِندِ पास से ʿindi
पास से رَبِّنَا ۗ हमारे रब के rabbinā
हमारे रब के وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَذَّكَّرُ नसीहत पकड़ते yadhakkaru
नसीहत पकड़ते إِلَّآ मगर illā
मगर أُو۟لُوا۟ men ulū
men ٱلْأَلْبَـٰبِ अक़्ल वाले l-albābi
अक़्ल वाले ٧ (7)
(7)
(ऐ नबी!) वही है जिसने आप पर1 (यह) पुस्तक उतारी, जिसमें से कुछ आयतें मोह़कम2 (स्पष्ट तर्क वाली) हैं, वही पुस्तक का मूल हैं, तथा कुछ दूसरी (आयतें) मुतशाबेह3 (छिपे हुए और पोशीदा अर्थ वाली) हैं। फिर जिनके दिलों में टेढ़ है, तो वे फ़ित्ने की तलाश में तथा उसके असल आशय की तलाश के उद्देश्य से, सदृश अर्थों वाली आयतों का अनुसरण करते हैं। हालाँकि उनका वास्तविक अर्थ अल्लाह के सिवा कोई नहीं जानता। तथा जो लोग ज्ञान में पक्के हैं, वे कहते हैं हम उसपर ईमान लाए, सब हमारे पालनहार की और से है। और शिक्षा वही लोग ग्रहण करते हैं, जो बुद्धि वाले हैं।
३:८
رَبَّنَا
ऐ हमारे रब
rabbanā
ऐ हमारे रब لَا (Do) not lā
(Do) not تُزِغْ ना तू टेढ़ा कर tuzigh
ना तू टेढ़ा कर قُلُوبَنَا हमारे दिलों को qulūbanā
हमारे दिलों को بَعْدَ बाद उसके baʿda
बाद उसके إِذْ जब idh
जब هَدَيْتَنَا हिदायत दी तूने हमें hadaytanā
हिदायत दी तूने हमें وَهَبْ और अता कर wahab
और अता कर لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए مِن from min
from لَّدُنكَ अपने पास से ladunka
अपने पास से رَحْمَةً ۚ रहमत raḥmatan
रहमत إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू أَنتَ तू ही है anta
तू ही है ٱلْوَهَّابُ बहुत अता करने वाला l-wahābu
बहुत अता करने वाला ٨ (8)
(8)
ऐ हमारे रब لَا (Do) not lā
(Do) not تُزِغْ ना तू टेढ़ा कर tuzigh
ना तू टेढ़ा कर قُلُوبَنَا हमारे दिलों को qulūbanā
हमारे दिलों को بَعْدَ बाद उसके baʿda
बाद उसके إِذْ जब idh
जब هَدَيْتَنَا हिदायत दी तूने हमें hadaytanā
हिदायत दी तूने हमें وَهَبْ और अता कर wahab
और अता कर لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए مِن from min
from لَّدُنكَ अपने पास से ladunka
अपने पास से رَحْمَةً ۚ रहमत raḥmatan
रहमत إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू أَنتَ तू ही है anta
तू ही है ٱلْوَهَّابُ बहुत अता करने वाला l-wahābu
बहुत अता करने वाला ٨ (8)
(8)
(तथा वे कहते हैं :) ऐ हमारे पालनहार! हमें हिदायत देने के बाद हमारे दिलों को टेढ़ा न कर, और हमें अपनी ओर से दया प्रदान कर। निःसंदेह तू ही बहुत बड़ा दाता है।
३:९
رَبَّنَآ
ऐ हमारे रब
rabbanā
ऐ हमारे रब إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू جَامِعُ जमा करने वाला है jāmiʿu
जमा करने वाला है ٱلنَّاسِ लोगों को l-nāsi
लोगों को لِيَوْمٍۢ एक दिन के लिए liyawmin
एक दिन के लिए لَّا (there is) no lā
(there is) no رَيْبَ नहीं कोई शक rayba
नहीं कोई शक فِيهِ ۚ जिसमें fīhi
जिसमें إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يُخْلِفُ नहीं ख़िलाफ़ करता yukh'lifu
नहीं ख़िलाफ़ करता ٱلْمِيعَادَ वादे के l-mīʿāda
वादे के ٩ (9)
(9)
ऐ हमारे रब إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू جَامِعُ जमा करने वाला है jāmiʿu
जमा करने वाला है ٱلنَّاسِ लोगों को l-nāsi
लोगों को لِيَوْمٍۢ एक दिन के लिए liyawmin
एक दिन के लिए لَّا (there is) no lā
(there is) no رَيْبَ नहीं कोई शक rayba
नहीं कोई शक فِيهِ ۚ जिसमें fīhi
जिसमें إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يُخْلِفُ नहीं ख़िलाफ़ करता yukh'lifu
नहीं ख़िलाफ़ करता ٱلْمِيعَادَ वादे के l-mīʿāda
वादे के ٩ (9)
(9)
ऐ हमारे पालनहार! निःसंदेह तू सब लोगों को उस दिन के लिए इकट्ठा करने वाला है, जिस (के आने) में कोई शक नहीं। निःसंदेह अल्लाह वादे के विरुद्ध नहीं करता।
३:१०
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया لَن हरगिज़ ना lan
हरगिज़ ना تُغْنِىَ काम आऐंगे tugh'niya
काम आऐंगे عَنْهُمْ उन्हें ʿanhum
उन्हें أَمْوَٰلُهُمْ माल उनके amwāluhum
माल उनके وَلَآ और ना walā
और ना أَوْلَـٰدُهُم औलाद उनकी awlāduhum
औलाद उनकी مِّنَ against mina
against ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से شَيْـًۭٔا ۖ कुछ भी shayan
कुछ भी وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग wa-ulāika
और यही लोग هُمْ वो hum
वो وَقُودُ ईंधन हैं waqūdu
ईंधन हैं ٱلنَّارِ आग का l-nāri
आग का ١٠ (10)
(10)
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया لَن हरगिज़ ना lan
हरगिज़ ना تُغْنِىَ काम आऐंगे tugh'niya
काम आऐंगे عَنْهُمْ उन्हें ʿanhum
उन्हें أَمْوَٰلُهُمْ माल उनके amwāluhum
माल उनके وَلَآ और ना walā
और ना أَوْلَـٰدُهُم औलाद उनकी awlāduhum
औलाद उनकी مِّنَ against mina
against ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से شَيْـًۭٔا ۖ कुछ भी shayan
कुछ भी وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग wa-ulāika
और यही लोग هُمْ वो hum
वो وَقُودُ ईंधन हैं waqūdu
ईंधन हैं ٱلنَّارِ आग का l-nāri
आग का ١٠ (10)
(10)
निःसंदेह जिन लोगों ने कुफ़्र किया, उनके धन तथा उनकी संतान उन्हें अल्लाह (की यातना) से (बचाने में) कदापि कुछ काम नहीं आएँगे, तथा वही आग का ईंधन हैं।
३:११
كَدَأْبِ
मानिन्द हालत
kadabi
मानिन्द हालत ءَالِ (of the) people āli
(of the) people فِرْعَوْنَ आले फ़िरऔन की fir'ʿawna
आले फ़िरऔन की وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो مِن (were) from min
(were) from قَبْلِهِمْ ۚ उनसे पहले थे qablihim
उनसे पहले थे كَذَّبُوا۟ उन्होंने झुठलाया kadhabū
उन्होंने झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को فَأَخَذَهُمُ तो पकड़ लिया उन्हें fa-akhadhahumu
तो पकड़ लिया उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने بِذُنُوبِهِمْ ۗ बवजह उनके गुनाहों के bidhunūbihim
बवजह उनके गुनाहों के وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह شَدِيدُ सख़्त shadīdu
सख़्त ٱلْعِقَابِ सज़ा वाला है l-ʿiqābi
सज़ा वाला है ١١ (11)
(11)
मानिन्द हालत ءَالِ (of the) people āli
(of the) people فِرْعَوْنَ आले फ़िरऔन की fir'ʿawna
आले फ़िरऔन की وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो مِن (were) from min
(were) from قَبْلِهِمْ ۚ उनसे पहले थे qablihim
उनसे पहले थे كَذَّبُوا۟ उन्होंने झुठलाया kadhabū
उन्होंने झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को فَأَخَذَهُمُ तो पकड़ लिया उन्हें fa-akhadhahumu
तो पकड़ लिया उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने بِذُنُوبِهِمْ ۗ बवजह उनके गुनाहों के bidhunūbihim
बवजह उनके गुनाहों के وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह شَدِيدُ सख़्त shadīdu
सख़्त ٱلْعِقَابِ सज़ा वाला है l-ʿiqābi
सज़ा वाला है ١١ (11)
(11)
(इनका हाल) फ़िरऔनियों तथा उन लोगों के हाल की तरह है जो उनसे पहले थे। उन्होंने हमारी आयतों (निशानियों) को झुठलाया, तो अल्लाह ने उन्हें उनके गुनाहों के कारण पकड़ लिया और अल्लाह बहुत सख़्त अज़ाब वाला है।
३:१२
قُل
कह दीजिए
qul
कह दीजिए لِّلَّذِينَ उनको जिन्होंने lilladhīna
उनको जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया سَتُغْلَبُونَ अनक़रीब तुम मग़लूब किए जाओगे satugh'labūna
अनक़रीब तुम मग़लूब किए जाओगे وَتُحْشَرُونَ और तुम इकट्ठे किए जाओगे watuḥ'sharūna
और तुम इकट्ठे किए जाओगे إِلَىٰ to ilā
to جَهَنَّمَ ۚ तरफ़ जहन्नम के jahannama
तरफ़ जहन्नम के وَبِئْسَ और कितना बुरा है wabi'sa
और कितना बुरा है ٱلْمِهَادُ ठिकाना l-mihādu
ठिकाना ١٢ (12)
(12)
कह दीजिए لِّلَّذِينَ उनको जिन्होंने lilladhīna
उनको जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया سَتُغْلَبُونَ अनक़रीब तुम मग़लूब किए जाओगे satugh'labūna
अनक़रीब तुम मग़लूब किए जाओगे وَتُحْشَرُونَ और तुम इकट्ठे किए जाओगे watuḥ'sharūna
और तुम इकट्ठे किए जाओगे إِلَىٰ to ilā
to جَهَنَّمَ ۚ तरफ़ जहन्नम के jahannama
तरफ़ जहन्नम के وَبِئْسَ और कितना बुरा है wabi'sa
और कितना बुरा है ٱلْمِهَادُ ठिकाना l-mihādu
ठिकाना ١٢ (12)
(12)
(ऐ नबी!) काफ़िरों से कह दें कि तुम जल्द ही पराजित1 किए जाओगे तथा जहन्नम की ओर इकट्ठे किए जाओगे और वह बहुत बुरा ठिकाना है।
३:१३
قَدْ
तहक़ीक़
qad
तहक़ीक़ كَانَ है kāna
है لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए ءَايَةٌۭ एक निशानी āyatun
एक निशानी فِى in fī
in فِئَتَيْنِ दो गिरोहों में fi-atayni
दो गिरोहों में ٱلْتَقَتَا ۖ जो आमने सामने हुए l-taqatā
जो आमने सामने हुए فِئَةٌۭ एक गिरोह fi-atun
एक गिरोह تُقَـٰتِلُ वो लड़ रहा था tuqātilu
वो लड़ रहा था فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में وَأُخْرَىٰ और दूसरा wa-ukh'rā
और दूसरा كَافِرَةٌۭ काफ़िर था kāfiratun
काफ़िर था يَرَوْنَهُم वो देख रहे थे उन्हें yarawnahum
वो देख रहे थे उन्हें مِّثْلَيْهِمْ दोगुना अपने से mith'layhim
दोगुना अपने से رَأْىَ देखना raya
देखना ٱلْعَيْنِ ۚ आँख का l-ʿayni
आँख का وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يُؤَيِّدُ ताईद करता है yu-ayyidu
ताईद करता है بِنَصْرِهِۦ अपनी मदद से binaṣrihi
अपनी मदद से مَن जिसकी man
जिसकी يَشَآءُ ۗ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है إِنَّ बेशक inna
बेशक فِى in fī
in ذَٰلِكَ उसमें dhālika
उसमें لَعِبْرَةًۭ अलबत्ता इबरत है laʿib'ratan
अलबत्ता इबरत है لِّأُو۟لِى for the owners li-ulī
for the owners ٱلْأَبْصَـٰرِ अहले बसीरत के लिए l-abṣāri
अहले बसीरत के लिए ١٣ (13)
(13)
तहक़ीक़ كَانَ है kāna
है لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए ءَايَةٌۭ एक निशानी āyatun
एक निशानी فِى in fī
in فِئَتَيْنِ दो गिरोहों में fi-atayni
दो गिरोहों में ٱلْتَقَتَا ۖ जो आमने सामने हुए l-taqatā
जो आमने सामने हुए فِئَةٌۭ एक गिरोह fi-atun
एक गिरोह تُقَـٰتِلُ वो लड़ रहा था tuqātilu
वो लड़ रहा था فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में وَأُخْرَىٰ और दूसरा wa-ukh'rā
और दूसरा كَافِرَةٌۭ काफ़िर था kāfiratun
काफ़िर था يَرَوْنَهُم वो देख रहे थे उन्हें yarawnahum
वो देख रहे थे उन्हें مِّثْلَيْهِمْ दोगुना अपने से mith'layhim
दोगुना अपने से رَأْىَ देखना raya
देखना ٱلْعَيْنِ ۚ आँख का l-ʿayni
आँख का وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يُؤَيِّدُ ताईद करता है yu-ayyidu
ताईद करता है بِنَصْرِهِۦ अपनी मदद से binaṣrihi
अपनी मदद से مَن जिसकी man
जिसकी يَشَآءُ ۗ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है إِنَّ बेशक inna
बेशक فِى in fī
in ذَٰلِكَ उसमें dhālika
उसमें لَعِبْرَةًۭ अलबत्ता इबरत है laʿib'ratan
अलबत्ता इबरत है لِّأُو۟لِى for the owners li-ulī
for the owners ٱلْأَبْصَـٰرِ अहले बसीरत के लिए l-abṣāri
अहले बसीरत के लिए ١٣ (13)
(13)
निश्चय तुम्हारे लिए उन दो दलों में बड़ी निशानी थी, जिनमें (बद्र के मैदान में) मुठभेड़ हुई। एक दल अल्लाह के मार्ग में लड़ता था और दूसरा काफ़िर था। ये (मुसलमान) उन (काफ़िरों) को अपनी आँखों से अपने से दुगना देख रहे थे। और अल्लाह जिसे चाहता है अपनी सहायता से शक्ति प्रदान करता है। निःसंदेह इसमें आँखों वालों के लिए निश्चय बड़ी इबरत (सीख)1 है।
३:१४
زُيِّنَ
मुज़य्यन कर दी गई
zuyyina
मुज़य्यन कर दी गई لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए حُبُّ मोहब्बत ḥubbu
मोहब्बत ٱلشَّهَوَٰتِ ख़्वाहिशात की l-shahawāti
ख़्वाहिशात की مِنَ of mina
of ٱلنِّسَآءِ औरतों से l-nisāi
औरतों से وَٱلْبَنِينَ और बेटों से wal-banīna
और बेटों से وَٱلْقَنَـٰطِيرِ और ख़जानों से wal-qanāṭīri
और ख़जानों से ٱلْمُقَنطَرَةِ जो इकट्ठे किए गए l-muqanṭarati
जो इकट्ठे किए गए مِنَ of mina
of ٱلذَّهَبِ सोने से l-dhahabi
सोने से وَٱلْفِضَّةِ और चाँदी से wal-fiḍati
और चाँदी से وَٱلْخَيْلِ और घोड़े wal-khayli
और घोड़े ٱلْمُسَوَّمَةِ निशान लगे हुए हैं l-musawamati
निशान लगे हुए हैं وَٱلْأَنْعَـٰمِ और मवेशी जानवर wal-anʿāmi
और मवेशी जानवर وَٱلْحَرْثِ ۗ और खेती से wal-ḥarthi
और खेती से ذَٰلِكَ ये dhālika
ये مَتَـٰعُ सामान है matāʿu
सामान है ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी का l-ḥayati
ज़िन्दगी का ٱلدُّنْيَا ۖ दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عِندَهُۥ पास उसके ʿindahu
पास उसके حُسْنُ अच्छा ḥus'nu
अच्छा ٱلْمَـَٔابِ ठिकाना है l-maābi
ठिकाना है ١٤ (14)
(14)
मुज़य्यन कर दी गई لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए حُبُّ मोहब्बत ḥubbu
मोहब्बत ٱلشَّهَوَٰتِ ख़्वाहिशात की l-shahawāti
ख़्वाहिशात की مِنَ of mina
of ٱلنِّسَآءِ औरतों से l-nisāi
औरतों से وَٱلْبَنِينَ और बेटों से wal-banīna
और बेटों से وَٱلْقَنَـٰطِيرِ और ख़जानों से wal-qanāṭīri
और ख़जानों से ٱلْمُقَنطَرَةِ जो इकट्ठे किए गए l-muqanṭarati
जो इकट्ठे किए गए مِنَ of mina
of ٱلذَّهَبِ सोने से l-dhahabi
सोने से وَٱلْفِضَّةِ और चाँदी से wal-fiḍati
और चाँदी से وَٱلْخَيْلِ और घोड़े wal-khayli
और घोड़े ٱلْمُسَوَّمَةِ निशान लगे हुए हैं l-musawamati
निशान लगे हुए हैं وَٱلْأَنْعَـٰمِ और मवेशी जानवर wal-anʿāmi
और मवेशी जानवर وَٱلْحَرْثِ ۗ और खेती से wal-ḥarthi
और खेती से ذَٰلِكَ ये dhālika
ये مَتَـٰعُ सामान है matāʿu
सामान है ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी का l-ḥayati
ज़िन्दगी का ٱلدُّنْيَا ۖ दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عِندَهُۥ पास उसके ʿindahu
पास उसके حُسْنُ अच्छा ḥus'nu
अच्छा ٱلْمَـَٔابِ ठिकाना है l-maābi
ठिकाना है ١٤ (14)
(14)
लोगों के लिए भौतिक इच्छाओं का प्यार सुसज्जित कर दिया गया है, जो औरतें, बेटे, सोने और चाँदी के ढेर, निशान लगाए हुए घोड़े, मवेशी तथा खेती हैं। ये सांसारिक जीवन के सामान हैं और उत्तम ठिकाना अल्लाह के पास है।
३:१५
۞ قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए أَؤُنَبِّئُكُم क्या मैं ख़बर दूँ तुम्हें a-unabbi-ukum
क्या मैं ख़बर दूँ तुम्हें بِخَيْرٍۢ बेहतर की bikhayrin
बेहतर की مِّن than min
than ذَٰلِكُمْ ۚ इससे dhālikum
इससे لِلَّذِينَ उनके लिए जिन्होंने lilladhīna
उनके लिए जिन्होंने ٱتَّقَوْا۟ तक़वा किया ittaqaw
तक़वा किया عِندَ with ʿinda
with رَبِّهِمْ उनके रब के पास rabbihim
उनके रब के पास جَنَّـٰتٌۭ बाग़ात हैं jannātun
बाग़ात हैं تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهَا उसके नीचे से taḥtihā
उसके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَا उनमें fīhā
उनमें وَأَزْوَٰجٌۭ और बीवियाँ wa-azwājun
और बीवियाँ مُّطَهَّرَةٌۭ पाकीज़ा muṭahharatun
पाकीज़ा وَرِضْوَٰنٌۭ और रज़ामन्दी wariḍ'wānun
और रज़ामन्दी مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ ۗ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह بَصِيرٌۢ ख़ूब देखने वाला है baṣīrun
ख़ूब देखने वाला है بِٱلْعِبَادِ बन्दों को bil-ʿibādi
बन्दों को ١٥ (15)
(15)
कह दीजिए أَؤُنَبِّئُكُم क्या मैं ख़बर दूँ तुम्हें a-unabbi-ukum
क्या मैं ख़बर दूँ तुम्हें بِخَيْرٍۢ बेहतर की bikhayrin
बेहतर की مِّن than min
than ذَٰلِكُمْ ۚ इससे dhālikum
इससे لِلَّذِينَ उनके लिए जिन्होंने lilladhīna
उनके लिए जिन्होंने ٱتَّقَوْا۟ तक़वा किया ittaqaw
तक़वा किया عِندَ with ʿinda
with رَبِّهِمْ उनके रब के पास rabbihim
उनके रब के पास جَنَّـٰتٌۭ बाग़ात हैं jannātun
बाग़ात हैं تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهَا उसके नीचे से taḥtihā
उसके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَا उनमें fīhā
उनमें وَأَزْوَٰجٌۭ और बीवियाँ wa-azwājun
और बीवियाँ مُّطَهَّرَةٌۭ पाकीज़ा muṭahharatun
पाकीज़ा وَرِضْوَٰنٌۭ और रज़ामन्दी wariḍ'wānun
और रज़ामन्दी مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ ۗ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह بَصِيرٌۢ ख़ूब देखने वाला है baṣīrun
ख़ूब देखने वाला है بِٱلْعِبَادِ बन्दों को bil-ʿibādi
बन्दों को ١٥ (15)
(15)
(ऐ नबी!) कह दें : क्या मैं तुम्हें उससे बेहतर चीज़ बताऊँ? उन लोगों के लिए जो (अल्लाह से) डरने वाले हैं उनके पालनहार के पास ऐसे बाग़ हैं, जिनके नीचे से नहरें बहती हैं, (वे) उनमें हमेशा रहने वाले हैं और (उनके लिए उसमें) पवित्र पत्नियाँ तथा अल्लाह की प्रसन्नता है और अल्लाह बंदों को ख़ूब देखने वाला है।
३:१६
ٱلَّذِينَ
वो जो
alladhīna
वो जो يَقُولُونَ कहते हैं yaqūlūna
कहते हैं رَبَّنَآ ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब إِنَّنَآ बेशक हम innanā
बेशक हम ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम فَٱغْفِرْ so forgive fa-igh'fir
so forgive لَنَا पस बख़्श दे lanā
पस बख़्श दे ذُنُوبَنَا हमारे गुनाहों को dhunūbanā
हमारे गुनाहों को وَقِنَا और बचा हमें waqinā
और बचा हमें عَذَابَ अज़ाब से ʿadhāba
अज़ाब से ٱلنَّارِ आग के l-nāri
आग के ١٦ (16)
(16)
वो जो يَقُولُونَ कहते हैं yaqūlūna
कहते हैं رَبَّنَآ ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब إِنَّنَآ बेशक हम innanā
बेशक हम ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम فَٱغْفِرْ so forgive fa-igh'fir
so forgive لَنَا पस बख़्श दे lanā
पस बख़्श दे ذُنُوبَنَا हमारे गुनाहों को dhunūbanā
हमारे गुनाहों को وَقِنَا और बचा हमें waqinā
और बचा हमें عَذَابَ अज़ाब से ʿadhāba
अज़ाब से ٱلنَّارِ आग के l-nāri
आग के ١٦ (16)
(16)
जो कहते हैं : ऐ हमारे पालनहार! निःसंदेह हम ईमान लाए। इसलिए हमारे गुनाह माफ़ कर दे और हमें दोज़ख़ के अज़ाब से बचा।
३:१७
ٱلصَّـٰبِرِينَ
सब्र करने वाले
al-ṣābirīna
सब्र करने वाले وَٱلصَّـٰدِقِينَ और सच्चे wal-ṣādiqīna
और सच्चे وَٱلْقَـٰنِتِينَ और इताअत गुज़ार wal-qānitīna
और इताअत गुज़ार وَٱلْمُنفِقِينَ और ख़र्च करने वाले wal-munfiqīna
और ख़र्च करने वाले وَٱلْمُسْتَغْفِرِينَ और इस्तग़फ़ार करने वाले wal-mus'taghfirīna
और इस्तग़फ़ार करने वाले بِٱلْأَسْحَارِ सहरी के वक़्त bil-asḥāri
सहरी के वक़्त ١٧ (17)
(17)
सब्र करने वाले وَٱلصَّـٰدِقِينَ और सच्चे wal-ṣādiqīna
और सच्चे وَٱلْقَـٰنِتِينَ और इताअत गुज़ार wal-qānitīna
और इताअत गुज़ार وَٱلْمُنفِقِينَ और ख़र्च करने वाले wal-munfiqīna
और ख़र्च करने वाले وَٱلْمُسْتَغْفِرِينَ और इस्तग़फ़ार करने वाले wal-mus'taghfirīna
और इस्तग़फ़ार करने वाले بِٱلْأَسْحَارِ सहरी के वक़्त bil-asḥāri
सहरी के वक़्त ١٧ (17)
(17)
जो धैर्य रखने वाले, सत्यवादी, आज्ञाकारी, दानशील और रात की अंतिम घड़ियों में (अल्लाह से) क्षमा याचना करने वाले हैं।
३:१८
شَهِدَ
गवाही दी
shahida
गवाही दी ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने أَنَّهُۥ कि बेशक वो annahu
कि बेशक वो لَآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ वो ही huwa
वो ही وَٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ और फ़रिश्तों ने wal-malāikatu
और फ़रिश्तों ने وَأُو۟لُوا۟ and owners wa-ulū
and owners ٱلْعِلْمِ और इल्म वालों ने l-ʿil'mi
और इल्म वालों ने قَآئِمًۢا क़ायम है (इस हाल में कि वो) qāiman
क़ायम है (इस हाल में कि वो) بِٱلْقِسْطِ ۚ इन्साफ़ पर bil-qis'ṭi
इन्साफ़ पर لَآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ वो ही huwa
वो ही ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त है l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त है ٱلْحَكِيمُ ख़ूब हिकमत वाला है l-ḥakīmu
ख़ूब हिकमत वाला है ١٨ (18)
(18)
गवाही दी ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने أَنَّهُۥ कि बेशक वो annahu
कि बेशक वो لَآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ वो ही huwa
वो ही وَٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ और फ़रिश्तों ने wal-malāikatu
और फ़रिश्तों ने وَأُو۟لُوا۟ and owners wa-ulū
and owners ٱلْعِلْمِ और इल्म वालों ने l-ʿil'mi
और इल्म वालों ने قَآئِمًۢا क़ायम है (इस हाल में कि वो) qāiman
क़ायम है (इस हाल में कि वो) بِٱلْقِسْطِ ۚ इन्साफ़ पर bil-qis'ṭi
इन्साफ़ पर لَآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ वो ही huwa
वो ही ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त है l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त है ٱلْحَكِيمُ ख़ूब हिकमत वाला है l-ḥakīmu
ख़ूब हिकमत वाला है ١٨ (18)
(18)
अल्लाह ने गवाही दी कि निःसंदेह उसके सिवा कोई पूज्य नहीं, तथा फ़रिश्तों और ज्ञान वालों ने भी, इस हाल में कि वह न्याय को क़ायम करने वाला है। उसके सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं, सब पर प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
३:१९
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلدِّينَ दीन l-dīna
दीन عِندَ near ʿinda
near ٱللَّهِ अल्लाह के नज़दीक l-lahi
अल्लाह के नज़दीक ٱلْإِسْلَـٰمُ ۗ इस्लाम है l-is'lāmu
इस्लाम है وَمَا और नहीं wamā
और नहीं ٱخْتَلَفَ इख़्तिलाफ़ किया ikh'talafa
इख़्तिलाफ़ किया ٱلَّذِينَ उन्होंने जो alladhīna
उन्होंने जो أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब إِلَّا मगर illā
मगर مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद उसके baʿdi
बाद उसके مَا जो mā
जो جَآءَهُمُ आ गया उनके पास jāahumu
आ गया उनके पास ٱلْعِلْمُ इल्म l-ʿil'mu
इल्म بَغْيًۢا बवजह ज़िद के baghyan
बवजह ज़िद के بَيْنَهُمْ ۗ आपस में baynahum
आपस में وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَكْفُرْ कुफ़्र करे yakfur
कुफ़्र करे بِـَٔايَـٰتِ साथ आयात के biāyāti
साथ आयात के ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह سَرِيعُ जल्द लेने वाला है sarīʿu
जल्द लेने वाला है ٱلْحِسَابِ हिसाब l-ḥisābi
हिसाब ١٩ (19)
(19)
बेशक ٱلدِّينَ दीन l-dīna
दीन عِندَ near ʿinda
near ٱللَّهِ अल्लाह के नज़दीक l-lahi
अल्लाह के नज़दीक ٱلْإِسْلَـٰمُ ۗ इस्लाम है l-is'lāmu
इस्लाम है وَمَا और नहीं wamā
और नहीं ٱخْتَلَفَ इख़्तिलाफ़ किया ikh'talafa
इख़्तिलाफ़ किया ٱلَّذِينَ उन्होंने जो alladhīna
उन्होंने जो أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब إِلَّا मगर illā
मगर مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद उसके baʿdi
बाद उसके مَا जो mā
जो جَآءَهُمُ आ गया उनके पास jāahumu
आ गया उनके पास ٱلْعِلْمُ इल्म l-ʿil'mu
इल्म بَغْيًۢا बवजह ज़िद के baghyan
बवजह ज़िद के بَيْنَهُمْ ۗ आपस में baynahum
आपस में وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَكْفُرْ कुफ़्र करे yakfur
कुफ़्र करे بِـَٔايَـٰتِ साथ आयात के biāyāti
साथ आयात के ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह سَرِيعُ जल्द लेने वाला है sarīʿu
जल्द लेने वाला है ٱلْحِسَابِ हिसाब l-ḥisābi
हिसाब ١٩ (19)
(19)
निःसंदेह दीन (धर्म) अल्लाह के निकट इस्लाम ही है और किताब वालों ने अपने पास ज्ञान आ जाने के पश्चात आपस में ईर्ष्या के कारण ही मतभेद किया। तथा जो अल्लाह की आयतों का इनकार करे, तो निःसंदेह अल्लाह बहुत जल्द ह़िसाब लेने वाला है।
३:२०
فَإِنْ
फिर अगर
fa-in
फिर अगर حَآجُّوكَ वो झगड़ा करें आपसे ḥājjūka
वो झगड़ा करें आपसे فَقُلْ तो कह दीजिए faqul
तो कह दीजिए أَسْلَمْتُ मैंने सुपुर्द कर दिया aslamtu
मैंने सुपुर्द कर दिया وَجْهِىَ चेहरा अपना wajhiya
चेहरा अपना لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए وَمَنِ और जिसने wamani
और जिसने ٱتَّبَعَنِ ۗ इत्तिबा किया मेरा ittabaʿani
इत्तिबा किया मेरा وَقُل और कह दीजिए waqul
और कह दीजिए لِّلَّذِينَ उनको जो lilladhīna
उनको जो أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब وَٱلْأُمِّيِّـۧنَ और उम्मियों/अनपढ़ों को wal-umiyīna
और उम्मियों/अनपढ़ों को ءَأَسْلَمْتُمْ ۚ क्या इस्लाम लाए तुम a-aslamtum
क्या इस्लाम लाए तुम فَإِنْ फिर अगर fa-in
फिर अगर أَسْلَمُوا۟ वो इस्लाम ले आऐं aslamū
वो इस्लाम ले आऐं فَقَدِ तो तहक़ीक़ faqadi
तो तहक़ीक़ ٱهْتَدَوا۟ ۖ वो हिदायत पा गए ih'tadaw
वो हिदायत पा गए وَّإِن और अगर wa-in
और अगर تَوَلَّوْا۟ वो मुँह मोड़ जाऐं tawallaw
वो मुँह मोड़ जाऐं فَإِنَّمَا तो बेशक fa-innamā
तो बेशक عَلَيْكَ आप पर है ʿalayka
आप पर है ٱلْبَلَـٰغُ ۗ पहुँचा देना l-balāghu
पहुँचा देना وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह بَصِيرٌۢ ख़ूब देखने वाला है baṣīrun
ख़ूब देखने वाला है بِٱلْعِبَادِ बन्दों को bil-ʿibādi
बन्दों को ٢٠ (20)
(20)
फिर अगर حَآجُّوكَ वो झगड़ा करें आपसे ḥājjūka
वो झगड़ा करें आपसे فَقُلْ तो कह दीजिए faqul
तो कह दीजिए أَسْلَمْتُ मैंने सुपुर्द कर दिया aslamtu
मैंने सुपुर्द कर दिया وَجْهِىَ चेहरा अपना wajhiya
चेहरा अपना لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए وَمَنِ और जिसने wamani
और जिसने ٱتَّبَعَنِ ۗ इत्तिबा किया मेरा ittabaʿani
इत्तिबा किया मेरा وَقُل और कह दीजिए waqul
और कह दीजिए لِّلَّذِينَ उनको जो lilladhīna
उनको जो أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब وَٱلْأُمِّيِّـۧنَ और उम्मियों/अनपढ़ों को wal-umiyīna
और उम्मियों/अनपढ़ों को ءَأَسْلَمْتُمْ ۚ क्या इस्लाम लाए तुम a-aslamtum
क्या इस्लाम लाए तुम فَإِنْ फिर अगर fa-in
फिर अगर أَسْلَمُوا۟ वो इस्लाम ले आऐं aslamū
वो इस्लाम ले आऐं فَقَدِ तो तहक़ीक़ faqadi
तो तहक़ीक़ ٱهْتَدَوا۟ ۖ वो हिदायत पा गए ih'tadaw
वो हिदायत पा गए وَّإِن और अगर wa-in
और अगर تَوَلَّوْا۟ वो मुँह मोड़ जाऐं tawallaw
वो मुँह मोड़ जाऐं فَإِنَّمَا तो बेशक fa-innamā
तो बेशक عَلَيْكَ आप पर है ʿalayka
आप पर है ٱلْبَلَـٰغُ ۗ पहुँचा देना l-balāghu
पहुँचा देना وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह بَصِيرٌۢ ख़ूब देखने वाला है baṣīrun
ख़ूब देखने वाला है بِٱلْعِبَادِ बन्दों को bil-ʿibādi
बन्दों को ٢٠ (20)
(20)
फिर यदि वे आपसे झगड़ा करें, तो कह दीजिए कि मैंने अपना चेहरा अल्लाह के अधीन कर दिया और उसने भी जिसने मेरा अनुसरण किया, तथा उन लोगों से जिन्हें किताब दी गई और अनपढ़ लोगों से कह दो कि क्या तुम आज्ञाकारी हो गए? यदि वे आज्ञाकारी हो जाएँ, तो निःसंदेह मार्गदर्शन पा गए और यदि वे मुँह फेर लें, तो आपका दायित्व केवल (संदेश) पहुँचा देना1 है तथा अल्लाह बंदों को ख़ूब देखने वाला है।
३:२१
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो يَكْفُرُونَ कुफ़्र करते हैं yakfurūna
कुफ़्र करते हैं بِـَٔايَـٰتِ साथ आयात के biāyāti
साथ आयात के ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की وَيَقْتُلُونَ और वो क़त्ल करते हैं wayaqtulūna
और वो क़त्ल करते हैं ٱلنَّبِيِّـۧنَ नबियों को l-nabiyīna
नबियों को بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर حَقٍّۢ हक़ के ḥaqqin
हक़ के وَيَقْتُلُونَ और वो क़त्ल करते हैं wayaqtulūna
और वो क़त्ल करते हैं ٱلَّذِينَ उनको जो alladhīna
उनको जो يَأْمُرُونَ हुक्म देते हैं yamurūna
हुक्म देते हैं بِٱلْقِسْطِ इन्साफ़ का bil-qis'ṭi
इन्साफ़ का مِنَ among mina
among ٱلنَّاسِ लोगों में से l-nāsi
लोगों में से فَبَشِّرْهُم तो ख़ुशख़बरी दे दीजिए उन्हें fabashir'hum
तो ख़ुशख़बरी दे दीजिए उन्हें بِعَذَابٍ अज़ाब biʿadhābin
अज़ाब أَلِيمٍ दर्दनाक की alīmin
दर्दनाक की ٢١ (21)
(21)
बेशक ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो يَكْفُرُونَ कुफ़्र करते हैं yakfurūna
कुफ़्र करते हैं بِـَٔايَـٰتِ साथ आयात के biāyāti
साथ आयात के ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की وَيَقْتُلُونَ और वो क़त्ल करते हैं wayaqtulūna
और वो क़त्ल करते हैं ٱلنَّبِيِّـۧنَ नबियों को l-nabiyīna
नबियों को بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर حَقٍّۢ हक़ के ḥaqqin
हक़ के وَيَقْتُلُونَ और वो क़त्ल करते हैं wayaqtulūna
और वो क़त्ल करते हैं ٱلَّذِينَ उनको जो alladhīna
उनको जो يَأْمُرُونَ हुक्म देते हैं yamurūna
हुक्म देते हैं بِٱلْقِسْطِ इन्साफ़ का bil-qis'ṭi
इन्साफ़ का مِنَ among mina
among ٱلنَّاسِ लोगों में से l-nāsi
लोगों में से فَبَشِّرْهُم तो ख़ुशख़बरी दे दीजिए उन्हें fabashir'hum
तो ख़ुशख़बरी दे दीजिए उन्हें بِعَذَابٍ अज़ाब biʿadhābin
अज़ाब أَلِيمٍ दर्दनाक की alīmin
दर्दनाक की ٢١ (21)
(21)
निःसंदेह जो लोग अल्लाह की आयतों का इनकार करते हैं तथा नबियों को नाह़क़ क़त्ल करते हैं और उन लोगों को क़त्ल करते हैं, जो लोगों में से न्याय करने का आदेश देते हैं, उन्हें एक दर्दनाक अज़ाब1 की शुभ सूचना सुना दीजिए।
३:२२
أُو۟لَـٰٓئِكَ
यही लोग हैं
ulāika
यही लोग हैं ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो حَبِطَتْ ज़ाया हो गए ḥabiṭat
ज़ाया हो गए أَعْمَـٰلُهُمْ आमाल उनके aʿmāluhum
आमाल उनके فِى in fī
in ٱلدُّنْيَا दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में وَٱلْـَٔاخِرَةِ और आख़िरत में wal-ākhirati
और आख़िरत में وَمَا और नहीं wamā
और नहीं لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مِّن any min
any نَّـٰصِرِينَ मददगारों में से कोई nāṣirīna
मददगारों में से कोई ٢٢ (22)
(22)
यही लोग हैं ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो حَبِطَتْ ज़ाया हो गए ḥabiṭat
ज़ाया हो गए أَعْمَـٰلُهُمْ आमाल उनके aʿmāluhum
आमाल उनके فِى in fī
in ٱلدُّنْيَا दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में وَٱلْـَٔاخِرَةِ और आख़िरत में wal-ākhirati
और आख़िरत में وَمَا और नहीं wamā
और नहीं لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مِّن any min
any نَّـٰصِرِينَ मददगारों में से कोई nāṣirīna
मददगारों में से कोई ٢٢ (22)
(22)
यही वे लोग हैं, जिनके कर्म दुनिया तथा आख़िरत में बर्बाद हो गए और उनकी मदद करने वाले कोई नहीं।
३:२३
أَلَمْ
क्या नहीं
alam
क्या नहीं تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा إِلَى [to] ilā
[to] ٱلَّذِينَ तरफ़ उनके जो alladhīna
तरफ़ उनके जो أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए نَصِيبًۭا एक हिस्सा naṣīban
एक हिस्सा مِّنَ of mina
of ٱلْكِتَـٰبِ किताब में से l-kitābi
किताब में से يُدْعَوْنَ वो बुलाए जाते हैं yud'ʿawna
वो बुलाए जाते हैं إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ كِتَـٰبِ (the) Book kitābi
(the) Book ٱللَّهِ अल्लाह की किताब के l-lahi
अल्लाह की किताब के لِيَحْكُمَ ताकि वो फ़ैसला करें liyaḥkuma
ताकि वो फ़ैसला करें بَيْنَهُمْ दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके ثُمَّ फिर thumma
फिर يَتَوَلَّىٰ मुँह फेर लेता है yatawallā
मुँह फेर लेता है فَرِيقٌۭ एक गिरोह farīqun
एक गिरोह مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से وَهُم और वो wahum
और वो مُّعْرِضُونَ ऐराज़ करने वाले हैं muʿ'riḍūna
ऐराज़ करने वाले हैं ٢٣ (23)
(23)
क्या नहीं تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा إِلَى [to] ilā
[to] ٱلَّذِينَ तरफ़ उनके जो alladhīna
तरफ़ उनके जो أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए نَصِيبًۭا एक हिस्सा naṣīban
एक हिस्सा مِّنَ of mina
of ٱلْكِتَـٰبِ किताब में से l-kitābi
किताब में से يُدْعَوْنَ वो बुलाए जाते हैं yud'ʿawna
वो बुलाए जाते हैं إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ كِتَـٰبِ (the) Book kitābi
(the) Book ٱللَّهِ अल्लाह की किताब के l-lahi
अल्लाह की किताब के لِيَحْكُمَ ताकि वो फ़ैसला करें liyaḥkuma
ताकि वो फ़ैसला करें بَيْنَهُمْ दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके ثُمَّ फिर thumma
फिर يَتَوَلَّىٰ मुँह फेर लेता है yatawallā
मुँह फेर लेता है فَرِيقٌۭ एक गिरोह farīqun
एक गिरोह مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से وَهُم और वो wahum
और वो مُّعْرِضُونَ ऐराज़ करने वाले हैं muʿ'riḍūna
ऐराज़ करने वाले हैं ٢٣ (23)
(23)
(ऐ नबी!) क्या आपने उनका हाल1 नहीं देखा, जिन्हें पुस्तक का एक भाग दिया गया, वे अल्लाह की पुस्तक की ओर बुलाए जाते हैं, ताकि वह उनके बीच निर्णय2 करे। फिर उनमें से एक समूह मुँह फेर लेता है, इस हाल में कि वे उपेक्षा करने वाले होते हैं।
३:२४
ذَٰلِكَ
ये
dhālika
ये بِأَنَّهُمْ बवजह इसके कि वो bi-annahum
बवजह इसके कि वो قَالُوا۟ कहते हैं qālū
कहते हैं لَن हरगिज़ ना lan
हरगिज़ ना تَمَسَّنَا छुएगी हमें tamassanā
छुएगी हमें ٱلنَّارُ आग l-nāru
आग إِلَّآ मगर illā
मगर أَيَّامًۭا दिन ayyāman
दिन مَّعْدُودَٰتٍۢ ۖ गिने चुने maʿdūdātin
गिने चुने وَغَرَّهُمْ और धोखे में डाल देता है उन्हें wagharrahum
और धोखे में डाल देता है उन्हें فِى in fī
in دِينِهِم उनके दीन (के बारे) में dīnihim
उनके दीन (के बारे) में مَّا जो mā
जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَفْتَرُونَ वो गढ़ते yaftarūna
वो गढ़ते ٢٤ (24)
(24)
ये بِأَنَّهُمْ बवजह इसके कि वो bi-annahum
बवजह इसके कि वो قَالُوا۟ कहते हैं qālū
कहते हैं لَن हरगिज़ ना lan
हरगिज़ ना تَمَسَّنَا छुएगी हमें tamassanā
छुएगी हमें ٱلنَّارُ आग l-nāru
आग إِلَّآ मगर illā
मगर أَيَّامًۭا दिन ayyāman
दिन مَّعْدُودَٰتٍۢ ۖ गिने चुने maʿdūdātin
गिने चुने وَغَرَّهُمْ और धोखे में डाल देता है उन्हें wagharrahum
और धोखे में डाल देता है उन्हें فِى in fī
in دِينِهِم उनके दीन (के बारे) में dīnihim
उनके दीन (के बारे) में مَّا जो mā
जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَفْتَرُونَ वो गढ़ते yaftarūna
वो गढ़ते ٢٤ (24)
(24)
उनका यह हाल इसलिए है कि उन्होंने कहा कि दोज़ख़ की आग हमें गिनती के कुछ दिन ही छुएगी! तथा उन्हें उनके धर्म (के बारे) में उन बातों ने धोखा दिया, जो वे गढ़ा करते थे।
३:२५
فَكَيْفَ
तो कैसा (होगा हाल)
fakayfa
तो कैसा (होगा हाल) إِذَا जब idhā
जब جَمَعْنَـٰهُمْ जमा करेंगे हम उन्हें jamaʿnāhum
जमा करेंगे हम उन्हें لِيَوْمٍۢ उस दिन के लिए liyawmin
उस दिन के लिए لَّا no lā
no رَيْبَ नहीं कोई शक rayba
नहीं कोई शक فِيهِ उसमें fīhi
उसमें وَوُفِّيَتْ और पूरी पूरी दे दी जाएगी wawuffiyat
और पूरी पूरी दे दी जाएगी كُلُّ हर kullu
हर نَفْسٍۢ नफ़्स को nafsin
नफ़्स को مَّا जो mā
जो كَسَبَتْ उसने कमाई की kasabat
उसने कमाई की وَهُمْ और वो wahum
और वो لَا (will) not lā
(will) not يُظْلَمُونَ ना वो ज़ुल्म किए जाऐंगे yuẓ'lamūna
ना वो ज़ुल्म किए जाऐंगे ٢٥ (25)
(25)
तो कैसा (होगा हाल) إِذَا जब idhā
जब جَمَعْنَـٰهُمْ जमा करेंगे हम उन्हें jamaʿnāhum
जमा करेंगे हम उन्हें لِيَوْمٍۢ उस दिन के लिए liyawmin
उस दिन के लिए لَّا no lā
no رَيْبَ नहीं कोई शक rayba
नहीं कोई शक فِيهِ उसमें fīhi
उसमें وَوُفِّيَتْ और पूरी पूरी दे दी जाएगी wawuffiyat
और पूरी पूरी दे दी जाएगी كُلُّ हर kullu
हर نَفْسٍۢ नफ़्स को nafsin
नफ़्स को مَّا जो mā
जो كَسَبَتْ उसने कमाई की kasabat
उसने कमाई की وَهُمْ और वो wahum
और वो لَا (will) not lā
(will) not يُظْلَمُونَ ना वो ज़ुल्म किए जाऐंगे yuẓ'lamūna
ना वो ज़ुल्म किए जाऐंगे ٢٥ (25)
(25)
फिर उस समय (उनका) क्या हाल होगा, जब हम उन्हें उस दिन के लिए एकत्र करेंगे, जिसमें कोई संदेह नहीं तथा प्रत्येक प्राणी को उसके किए का भरपूर बदला दिया जाएगा और उनपर अत्याचार नहीं किया जाएगा?
३:२६
قُلِ
कह दीजिए
quli
कह दीजिए ٱللَّهُمَّ ऐ अल्लाह l-lahuma
ऐ अल्लाह مَـٰلِكَ ऐ मालिक mālika
ऐ मालिक ٱلْمُلْكِ बादशाहत के l-mul'ki
बादशाहत के تُؤْتِى तू देता है tu'tī
तू देता है ٱلْمُلْكَ बादशाहत l-mul'ka
बादशाहत مَن जिसे man
जिसे تَشَآءُ तू चाहता है tashāu
तू चाहता है وَتَنزِعُ और तू छीन लेता है watanziʿu
और तू छीन लेता है ٱلْمُلْكَ बादशाहत l-mul'ka
बादशाहत مِمَّن जिससे mimman
जिससे تَشَآءُ तू चाहता है tashāu
तू चाहता है وَتُعِزُّ और तू इज़्ज़त देता है watuʿizzu
और तू इज़्ज़त देता है مَن जिसे man
जिसे تَشَآءُ तू चाहता है tashāu
तू चाहता है وَتُذِلُّ और तू ज़िल्लत देता है watudhillu
और तू ज़िल्लत देता है مَن जिसे man
जिसे تَشَآءُ ۖ तू चाहता है tashāu
तू चाहता है بِيَدِكَ तेरे ही हाथ में biyadika
तेरे ही हाथ में ٱلْخَيْرُ ۖ भलाई है l-khayru
भलाई है إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرٌۭ बहुत क़ादिर है qadīrun
बहुत क़ादिर है ٢٦ (26)
(26)
कह दीजिए ٱللَّهُمَّ ऐ अल्लाह l-lahuma
ऐ अल्लाह مَـٰلِكَ ऐ मालिक mālika
ऐ मालिक ٱلْمُلْكِ बादशाहत के l-mul'ki
बादशाहत के تُؤْتِى तू देता है tu'tī
तू देता है ٱلْمُلْكَ बादशाहत l-mul'ka
बादशाहत مَن जिसे man
जिसे تَشَآءُ तू चाहता है tashāu
तू चाहता है وَتَنزِعُ और तू छीन लेता है watanziʿu
और तू छीन लेता है ٱلْمُلْكَ बादशाहत l-mul'ka
बादशाहत مِمَّن जिससे mimman
जिससे تَشَآءُ तू चाहता है tashāu
तू चाहता है وَتُعِزُّ और तू इज़्ज़त देता है watuʿizzu
और तू इज़्ज़त देता है مَن जिसे man
जिसे تَشَآءُ तू चाहता है tashāu
तू चाहता है وَتُذِلُّ और तू ज़िल्लत देता है watudhillu
और तू ज़िल्लत देता है مَن जिसे man
जिसे تَشَآءُ ۖ तू चाहता है tashāu
तू चाहता है بِيَدِكَ तेरे ही हाथ में biyadika
तेरे ही हाथ में ٱلْخَيْرُ ۖ भलाई है l-khayru
भलाई है إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرٌۭ बहुत क़ादिर है qadīrun
बहुत क़ादिर है ٢٦ (26)
(26)
(ऐ नबी!) कह दें : ऐ अल्लाह! राज्य के स्वामी! तू जिसे चाहे, राज्य देता है और जिससे चाहे, राज्य छीन लेता है तथा जिसे चाहे, सम्मान देता है और जिसे चाहे, अपमानित कर देता है। तेरे ही हाथ में सारी भलाई है। निःसंदेह तू हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है।1
३:२७
تُولِجُ
तू दाख़िल करता है
tūliju
तू दाख़िल करता है ٱلَّيْلَ रात को al-layla
रात को فِى in fī
in ٱلنَّهَارِ दिन में l-nahāri
दिन में وَتُولِجُ और तू दाख़िल करता है watūliju
और तू दाख़िल करता है ٱلنَّهَارَ दिन को l-nahāra
दिन को فِى in fī
in ٱلَّيْلِ ۖ रात में al-layli
रात में وَتُخْرِجُ और तू निकालता है watukh'riju
और तू निकालता है ٱلْحَىَّ ज़िन्दा को l-ḥaya
ज़िन्दा को مِنَ from mina
from ٱلْمَيِّتِ मुर्दा से l-mayiti
मुर्दा से وَتُخْرِجُ और तू निकालता है watukh'riju
और तू निकालता है ٱلْمَيِّتَ मुर्दा को l-mayita
मुर्दा को مِنَ from mina
from ٱلْحَىِّ ۖ ज़िन्दा से l-ḥayi
ज़िन्दा से وَتَرْزُقُ और तू रिज़्क़ देता है watarzuqu
और तू रिज़्क़ देता है مَن जिसे man
जिसे تَشَآءُ तू चाहता है tashāu
तू चाहता है بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर حِسَابٍۢ हिसाब के ḥisābin
हिसाब के ٢٧ (27)
(27)
तू दाख़िल करता है ٱلَّيْلَ रात को al-layla
रात को فِى in fī
in ٱلنَّهَارِ दिन में l-nahāri
दिन में وَتُولِجُ और तू दाख़िल करता है watūliju
और तू दाख़िल करता है ٱلنَّهَارَ दिन को l-nahāra
दिन को فِى in fī
in ٱلَّيْلِ ۖ रात में al-layli
रात में وَتُخْرِجُ और तू निकालता है watukh'riju
और तू निकालता है ٱلْحَىَّ ज़िन्दा को l-ḥaya
ज़िन्दा को مِنَ from mina
from ٱلْمَيِّتِ मुर्दा से l-mayiti
मुर्दा से وَتُخْرِجُ और तू निकालता है watukh'riju
और तू निकालता है ٱلْمَيِّتَ मुर्दा को l-mayita
मुर्दा को مِنَ from mina
from ٱلْحَىِّ ۖ ज़िन्दा से l-ḥayi
ज़िन्दा से وَتَرْزُقُ और तू रिज़्क़ देता है watarzuqu
और तू रिज़्क़ देता है مَن जिसे man
जिसे تَشَآءُ तू चाहता है tashāu
तू चाहता है بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर حِسَابٍۢ हिसाब के ḥisābin
हिसाब के ٢٧ (27)
(27)
तू रात को दिन में दाख़िल करता है तथा दिन को रात में दाख़िल1 करता है। और तू जीवित को मृत से निकालता है तथा मृत को जीवित से निकालता है और तू जिसे चाहे असंख्य जीविका देता है।
३:२८
لَّا
(Let) not
lā
(Let) not يَتَّخِذِ ना बनाऐं yattakhidhi
ना बनाऐं ٱلْمُؤْمِنُونَ मोमिन l-mu'minūna
मोमिन ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों को l-kāfirīna
काफ़िरों को أَوْلِيَآءَ दोस्त awliyāa
दोस्त مِن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱلْمُؤْمِنِينَ ۖ मोमिनों के l-mu'minīna
मोमिनों के وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَفْعَلْ करेगा yafʿal
करेगा ذَٰلِكَ ऐसा dhālika
ऐसा فَلَيْسَ तो नहीं वो falaysa
तो नहीं वो مِنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से فِى in fī
in شَىْءٍ किसी चीज़ में shayin
किसी चीज़ में إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि تَتَّقُوا۟ तुम बचो tattaqū
तुम बचो مِنْهُمْ उनसे min'hum
उनसे تُقَىٰةًۭ ۗ बचना tuqātan
बचना وَيُحَذِّرُكُمُ और डराता है तुम्हें wayuḥadhirukumu
और डराता है तुम्हें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह نَفْسَهُۥ ۗ अपनी ज़ात से nafsahu
अपनी ज़ात से وَإِلَى and to wa-ilā
and to ٱللَّهِ और तरफ़ अल्लाह ही के l-lahi
और तरफ़ अल्लाह ही के ٱلْمَصِيرُ पलटना है l-maṣīru
पलटना है ٢٨ (28)
(28)
(Let) not يَتَّخِذِ ना बनाऐं yattakhidhi
ना बनाऐं ٱلْمُؤْمِنُونَ मोमिन l-mu'minūna
मोमिन ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों को l-kāfirīna
काफ़िरों को أَوْلِيَآءَ दोस्त awliyāa
दोस्त مِن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱلْمُؤْمِنِينَ ۖ मोमिनों के l-mu'minīna
मोमिनों के وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَفْعَلْ करेगा yafʿal
करेगा ذَٰلِكَ ऐसा dhālika
ऐसा فَلَيْسَ तो नहीं वो falaysa
तो नहीं वो مِنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से فِى in fī
in شَىْءٍ किसी चीज़ में shayin
किसी चीज़ में إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि تَتَّقُوا۟ तुम बचो tattaqū
तुम बचो مِنْهُمْ उनसे min'hum
उनसे تُقَىٰةًۭ ۗ बचना tuqātan
बचना وَيُحَذِّرُكُمُ और डराता है तुम्हें wayuḥadhirukumu
और डराता है तुम्हें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह نَفْسَهُۥ ۗ अपनी ज़ात से nafsahu
अपनी ज़ात से وَإِلَى and to wa-ilā
and to ٱللَّهِ और तरफ़ अल्लाह ही के l-lahi
और तरफ़ अल्लाह ही के ٱلْمَصِيرُ पलटना है l-maṣīru
पलटना है ٢٨ (28)
(28)
ईमान वालों को चाहिए कि वे मोमिनों को छोड़कर काफ़िरों को मित्र न बनाएँ और जो ऐसा करेगा, उसका अल्लाह से कोई संबंध नहीं। परंतु यह कि तुम उनसे अपना बचाव1 करो, और अल्लाह तुम्हें अपने आपसे डराता है और अल्लाह ही की ओर लौटकर जाना है।
३:२९
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए إِن अगर in
अगर تُخْفُوا۟ तुम छुपाओ tukh'fū
तुम छुपाओ مَا जो mā
जो فِى (is) in fī
(is) in صُدُورِكُمْ तुम्हारे सीनों में है ṣudūrikum
तुम्हारे सीनों में है أَوْ या aw
या تُبْدُوهُ तुम ज़ाहिर करो उसे tub'dūhu
तुम ज़ाहिर करो उसे يَعْلَمْهُ जानता है उसे yaʿlamhu
जानता है उसे ٱللَّهُ ۗ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَيَعْلَمُ और वो जानता है wayaʿlamu
और वो जानता है مَا जो mā
जो فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है وَمَا और जो wamā
और जो فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ۗ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرٌۭ बहुत क़ुदरत रखने वाला है qadīrun
बहुत क़ुदरत रखने वाला है ٢٩ (29)
(29)
कह दीजिए إِن अगर in
अगर تُخْفُوا۟ तुम छुपाओ tukh'fū
तुम छुपाओ مَا जो mā
जो فِى (is) in fī
(is) in صُدُورِكُمْ तुम्हारे सीनों में है ṣudūrikum
तुम्हारे सीनों में है أَوْ या aw
या تُبْدُوهُ तुम ज़ाहिर करो उसे tub'dūhu
तुम ज़ाहिर करो उसे يَعْلَمْهُ जानता है उसे yaʿlamhu
जानता है उसे ٱللَّهُ ۗ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَيَعْلَمُ और वो जानता है wayaʿlamu
और वो जानता है مَا जो mā
जो فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है وَمَا और जो wamā
और जो فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ۗ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرٌۭ बहुत क़ुदरत रखने वाला है qadīrun
बहुत क़ुदरत रखने वाला है ٢٩ (29)
(29)
(ऐ नबी!) कह दीजिए : यदि तुम उसे छिपाओ जो तुम्हारे सीनों में है, या उसे प्रकट करो, अल्लाह उसे जान लेगा तथा वह जानता है जो कुछ आकाशों में है और जो धरती में है, और अल्लाह हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है।
३:३०
يَوْمَ
जिस दिन
yawma
जिस दिन تَجِدُ पा लेगा tajidu
पा लेगा كُلُّ हर kullu
हर نَفْسٍۢ नफ़्स nafsin
नफ़्स مَّا जो mā
जो عَمِلَتْ उसने अमल किया ʿamilat
उसने अमल किया مِنْ of min
of خَيْرٍۢ नेकी में से khayrin
नेकी में से مُّحْضَرًۭا हाज़िर किया हुआ muḥ'ḍaran
हाज़िर किया हुआ وَمَا और जो wamā
और जो عَمِلَتْ उसने अमल किया ʿamilat
उसने अमल किया مِن of min
of سُوٓءٍۢ बुराई में से sūin
बुराई में से تَوَدُّ वो चाहेगा tawaddu
वो चाहेगा لَوْ काश law
काश أَنَّ बेशक anna
बेशक بَيْنَهَا दर्मियान उसके baynahā
दर्मियान उसके وَبَيْنَهُۥٓ और दर्मियान उसकी (बुराई) के wabaynahu
और दर्मियान उसकी (बुराई) के أَمَدًۢا फ़ासला होता amadan
फ़ासला होता بَعِيدًۭا ۗ दूर का baʿīdan
दूर का وَيُحَذِّرُكُمُ और डराता है तुम्हें wayuḥadhirukumu
और डराता है तुम्हें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह نَفْسَهُۥ ۗ अपनी ज़ात से nafsahu
अपनी ज़ात से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह رَءُوفٌۢ बहुत शफ़ीक़ है raūfun
बहुत शफ़ीक़ है بِٱلْعِبَادِ बन्दों पर bil-ʿibādi
बन्दों पर ٣٠ (30)
(30)
जिस दिन تَجِدُ पा लेगा tajidu
पा लेगा كُلُّ हर kullu
हर نَفْسٍۢ नफ़्स nafsin
नफ़्स مَّا जो mā
जो عَمِلَتْ उसने अमल किया ʿamilat
उसने अमल किया مِنْ of min
of خَيْرٍۢ नेकी में से khayrin
नेकी में से مُّحْضَرًۭا हाज़िर किया हुआ muḥ'ḍaran
हाज़िर किया हुआ وَمَا और जो wamā
और जो عَمِلَتْ उसने अमल किया ʿamilat
उसने अमल किया مِن of min
of سُوٓءٍۢ बुराई में से sūin
बुराई में से تَوَدُّ वो चाहेगा tawaddu
वो चाहेगा لَوْ काश law
काश أَنَّ बेशक anna
बेशक بَيْنَهَا दर्मियान उसके baynahā
दर्मियान उसके وَبَيْنَهُۥٓ और दर्मियान उसकी (बुराई) के wabaynahu
और दर्मियान उसकी (बुराई) के أَمَدًۢا फ़ासला होता amadan
फ़ासला होता بَعِيدًۭا ۗ दूर का baʿīdan
दूर का وَيُحَذِّرُكُمُ और डराता है तुम्हें wayuḥadhirukumu
और डराता है तुम्हें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह نَفْسَهُۥ ۗ अपनी ज़ात से nafsahu
अपनी ज़ात से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह رَءُوفٌۢ बहुत शफ़ीक़ है raūfun
बहुत शफ़ीक़ है بِٱلْعِبَادِ बन्दों पर bil-ʿibādi
बन्दों पर ٣٠ (30)
(30)
जिस दिन प्रत्येक व्यक्ति अपनी की हुई नेकी को हाज़िर किया हुआ पाएगा, तथा जिसने बुराई की होगी, वह कामना करेगा कि उसके तथा उसकी बुराई के बीच बहुत दूर का फ़ासला होता। तथा अल्लाह तुम्हें अपने आपसे1 डराता है और अल्लाह अपने बंदों के प्रति अत्यंत करुणामय है।
३:३१
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम تُحِبُّونَ तुम मोहब्बत करते tuḥibbūna
तुम मोहब्बत करते ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से فَٱتَّبِعُونِى तो पैरवी करो मेरी fa-ittabiʿūnī
तो पैरवी करो मेरी يُحْبِبْكُمُ मोहब्बत करेगा तुम से yuḥ'bib'kumu
मोहब्बत करेगा तुम से ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَيَغْفِرْ और वो बख़्श देगा wayaghfir
और वो बख़्श देगा لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए ذُنُوبَكُمْ ۗ तुम्हारे गुनाहों को dhunūbakum
तुम्हारे गुनाहों को وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ٣١ (31)
(31)
कह दीजिए إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम تُحِبُّونَ तुम मोहब्बत करते tuḥibbūna
तुम मोहब्बत करते ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से فَٱتَّبِعُونِى तो पैरवी करो मेरी fa-ittabiʿūnī
तो पैरवी करो मेरी يُحْبِبْكُمُ मोहब्बत करेगा तुम से yuḥ'bib'kumu
मोहब्बत करेगा तुम से ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَيَغْفِرْ और वो बख़्श देगा wayaghfir
और वो बख़्श देगा لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए ذُنُوبَكُمْ ۗ तुम्हारे गुनाहों को dhunūbakum
तुम्हारे गुनाहों को وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ٣١ (31)
(31)
(ऐ नबी!) कह दीजिए : यदि तुम अल्लाह से प्रेम करते हो, तो मेरा अनुसरण करो, अल्लाह तुमसे प्रेम1 करेगा तथा तुम्हें तुम्हारे पाप क्षमा कर देगा और अल्लाह बहुत क्षमा करने वाला, अत्यंत दयावान् है।
३:३२
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए أَطِيعُوا۟ इताअत करो aṭīʿū
इताअत करो ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَٱلرَّسُولَ ۖ और रसूल की wal-rasūla
और रसूल की فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर تَوَلَّوْا۟ वो मुँह फेर जाऐं tawallaw
वो मुँह फेर जाऐं فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يُحِبُّ नहीं वो मोहब्बत करता yuḥibbu
नहीं वो मोहब्बत करता ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों से l-kāfirīna
काफ़िरों से ٣٢ (32)
(32)
कह दीजिए أَطِيعُوا۟ इताअत करो aṭīʿū
इताअत करो ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَٱلرَّسُولَ ۖ और रसूल की wal-rasūla
और रसूल की فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर تَوَلَّوْا۟ वो मुँह फेर जाऐं tawallaw
वो मुँह फेर जाऐं فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يُحِبُّ नहीं वो मोहब्बत करता yuḥibbu
नहीं वो मोहब्बत करता ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों से l-kāfirīna
काफ़िरों से ٣٢ (32)
(32)
(ऐ नबी!) आप कह दें : अल्लाह और रसूल की आज्ञा का अनुपालन करो। फिर यदि वे मुँह फेर लें, तो निःसंदेह अल्लाह काफ़िरों से प्रेम नहीं करता।
३:३३
۞ إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने ٱصْطَفَىٰٓ चुन लिया iṣ'ṭafā
चुन लिया ءَادَمَ आदम ādama
आदम وَنُوحًۭا और नूह wanūḥan
और नूह وَءَالَ and (the) family waāla
and (the) family إِبْرَٰهِيمَ और आले इब्राहीम ib'rāhīma
और आले इब्राहीम وَءَالَ and (the) family waāla
and (the) family عِمْرَٰنَ और आले इमरान को ʿim'rāna
और आले इमरान को عَلَى over ʿalā
over ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहान वालों पर l-ʿālamīna
तमाम जहान वालों पर ٣٣ (33)
(33)
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने ٱصْطَفَىٰٓ चुन लिया iṣ'ṭafā
चुन लिया ءَادَمَ आदम ādama
आदम وَنُوحًۭا और नूह wanūḥan
और नूह وَءَالَ and (the) family waāla
and (the) family إِبْرَٰهِيمَ और आले इब्राहीम ib'rāhīma
और आले इब्राहीम وَءَالَ and (the) family waāla
and (the) family عِمْرَٰنَ और आले इमरान को ʿim'rāna
और आले इमरान को عَلَى over ʿalā
over ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहान वालों पर l-ʿālamīna
तमाम जहान वालों पर ٣٣ (33)
(33)
निःसंदेह अल्लाह ने आदम और नूह़ को तथा इबराहीम के घराने और इमरान के घराने को संसार वासियों में से चुन लिया।
३:३४
ذُرِّيَّةًۢ
औलाद हैं
dhurriyyatan
औलाद हैं بَعْضُهَا बाज़ उनके baʿḍuhā
बाज़ उनके مِنۢ from min
from بَعْضٍۢ ۗ बाज़ की baʿḍin
बाज़ की وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह سَمِيعٌ ख़ूब सुनने वाला है samīʿun
ख़ूब सुनने वाला है عَلِيمٌ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٣٤ (34)
(34)
औलाद हैं بَعْضُهَا बाज़ उनके baʿḍuhā
बाज़ उनके مِنۢ from min
from بَعْضٍۢ ۗ बाज़ की baʿḍin
बाज़ की وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह سَمِيعٌ ख़ूब सुनने वाला है samīʿun
ख़ूब सुनने वाला है عَلِيمٌ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٣٤ (34)
(34)
ये एक-दूसरे की संतान हैं और अल्लाह सब कुछ सुनने वाला और सब कुछ जानने वाला है।
३:३५
إِذْ
जब
idh
जब قَالَتِ कहने लगी qālati
कहने लगी ٱمْرَأَتُ बीवी im'ra-atu
बीवी عِمْرَٰنَ इमरान की ʿim'rāna
इमरान की رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं نَذَرْتُ नज़र किया मैंने nadhartu
नज़र किया मैंने لَكَ तेरे लिए laka
तेरे लिए مَا जो mā
जो فِى (is) in fī
(is) in بَطْنِى मेरे पेट में है baṭnī
मेरे पेट में है مُحَرَّرًۭا आज़ाद muḥarraran
आज़ाद فَتَقَبَّلْ पस तू क़ुबूल कर ले fataqabbal
पस तू क़ुबूल कर ले مِنِّىٓ ۖ मुझ से minnī
मुझ से إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू أَنتَ तू ही है anta
तू ही है ٱلسَّمِيعُ ख़ूब सुनने वाला है l-samīʿu
ख़ूब सुनने वाला है ٱلْعَلِيمُ ख़ूब जानने वाला है l-ʿalīmu
ख़ूब जानने वाला है ٣٥ (35)
(35)
जब قَالَتِ कहने लगी qālati
कहने लगी ٱمْرَأَتُ बीवी im'ra-atu
बीवी عِمْرَٰنَ इमरान की ʿim'rāna
इमरान की رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं نَذَرْتُ नज़र किया मैंने nadhartu
नज़र किया मैंने لَكَ तेरे लिए laka
तेरे लिए مَا जो mā
जो فِى (is) in fī
(is) in بَطْنِى मेरे पेट में है baṭnī
मेरे पेट में है مُحَرَّرًۭا आज़ाद muḥarraran
आज़ाद فَتَقَبَّلْ पस तू क़ुबूल कर ले fataqabbal
पस तू क़ुबूल कर ले مِنِّىٓ ۖ मुझ से minnī
मुझ से إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू أَنتَ तू ही है anta
तू ही है ٱلسَّمِيعُ ख़ूब सुनने वाला है l-samīʿu
ख़ूब सुनने वाला है ٱلْعَلِيمُ ख़ूब जानने वाला है l-ʿalīmu
ख़ूब जानने वाला है ٣٥ (35)
(35)
जब इमरान की पत्नी1 ने कहा : ऐ मेरे पालनहार! निःसंदेह मैंने तेरे2 लिए उसकी मन्नत मानी है, जो मेरे पेट में है कि आज़ाद छोड़ा हुआ होगा। सो मुझसे स्वीकार कर। निःसंदेह तू ही सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।
३:३६
فَلَمَّا
फिर जब
falammā
फिर जब وَضَعَتْهَا उसने जन्म दिया उसे waḍaʿathā
उसने जन्म दिया उसे قَالَتْ कहने लगी qālat
कहने लगी رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं وَضَعْتُهَآ जन्म दिया है मैंने इसे waḍaʿtuhā
जन्म दिया है मैंने इसे أُنثَىٰ लड़की unthā
लड़की وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह أَعْلَمُ ज़्यादा जानता है aʿlamu
ज़्यादा जानता है بِمَا उसे जो bimā
उसे जो وَضَعَتْ उसने जन्म दिया waḍaʿat
उसने जन्म दिया وَلَيْسَ और नहीं है walaysa
और नहीं है ٱلذَّكَرُ लड़का l-dhakaru
लड़का كَٱلْأُنثَىٰ ۖ लड़की की तरह kal-unthā
लड़की की तरह وَإِنِّى और बेशक मैं wa-innī
और बेशक मैं سَمَّيْتُهَا नाम रखा है मैंने उसका sammaytuhā
नाम रखा है मैंने उसका مَرْيَمَ मरियम maryama
मरियम وَإِنِّىٓ और बेशक मैं wa-innī
और बेशक मैं أُعِيذُهَا मैं पनाह में देती हूँ उसे uʿīdhuhā
मैं पनाह में देती हूँ उसे بِكَ तेरी bika
तेरी وَذُرِّيَّتَهَا और उसकी औलाद को wadhurriyyatahā
और उसकी औलाद को مِنَ from mina
from ٱلشَّيْطَـٰنِ शैतान से l-shayṭāni
शैतान से ٱلرَّجِيمِ जो मरदूद है l-rajīmi
जो मरदूद है ٣٦ (36)
(36)
फिर जब وَضَعَتْهَا उसने जन्म दिया उसे waḍaʿathā
उसने जन्म दिया उसे قَالَتْ कहने लगी qālat
कहने लगी رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं وَضَعْتُهَآ जन्म दिया है मैंने इसे waḍaʿtuhā
जन्म दिया है मैंने इसे أُنثَىٰ लड़की unthā
लड़की وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह أَعْلَمُ ज़्यादा जानता है aʿlamu
ज़्यादा जानता है بِمَا उसे जो bimā
उसे जो وَضَعَتْ उसने जन्म दिया waḍaʿat
उसने जन्म दिया وَلَيْسَ और नहीं है walaysa
और नहीं है ٱلذَّكَرُ लड़का l-dhakaru
लड़का كَٱلْأُنثَىٰ ۖ लड़की की तरह kal-unthā
लड़की की तरह وَإِنِّى और बेशक मैं wa-innī
और बेशक मैं سَمَّيْتُهَا नाम रखा है मैंने उसका sammaytuhā
नाम रखा है मैंने उसका مَرْيَمَ मरियम maryama
मरियम وَإِنِّىٓ और बेशक मैं wa-innī
और बेशक मैं أُعِيذُهَا मैं पनाह में देती हूँ उसे uʿīdhuhā
मैं पनाह में देती हूँ उसे بِكَ तेरी bika
तेरी وَذُرِّيَّتَهَا और उसकी औलाद को wadhurriyyatahā
और उसकी औलाद को مِنَ from mina
from ٱلشَّيْطَـٰنِ शैतान से l-shayṭāni
शैतान से ٱلرَّجِيمِ जो मरदूद है l-rajīmi
जो मरदूद है ٣٦ (36)
(36)
फिर जब उसने उसे जना, तो कहा : ऐ मेरे पालनहार! यह तो मैंने लड़की जनी है! और अल्लाह अधिक जानने वाला है जो उसने जना और लड़का इस लड़की जैसा नहीं, निःसंदेह मैंने उसका नाम मरयम रखा है और निःसंदेह मैं उसे तथा उसकी संतान को धिक्कारे हुए शैतान से तेरी पनाह में देती हूँ।1
३:३७
فَتَقَبَّلَهَا
तो क़ुबूल कर लिया उसे
fataqabbalahā
तो क़ुबूल कर लिया उसे رَبُّهَا उसके रब ने rabbuhā
उसके रब ने بِقَبُولٍ क़ुबूल करना biqabūlin
क़ुबूल करना حَسَنٍۢ अच्छा ḥasanin
अच्छा وَأَنۢبَتَهَا और परवरिश की उसकी wa-anbatahā
और परवरिश की उसकी نَبَاتًا परवरिश nabātan
परवरिश حَسَنًۭا अच्छी ḥasanan
अच्छी وَكَفَّلَهَا और कफ़ील बनाया उसका wakaffalahā
और कफ़ील बनाया उसका زَكَرِيَّا ۖ ज़करिया को zakariyyā
ज़करिया को كُلَّمَا जब कभी kullamā
जब कभी دَخَلَ दाख़िल होता dakhala
दाख़िल होता عَلَيْهَا उस पर ʿalayhā
उस पर زَكَرِيَّا ज़करिया zakariyyā
ज़करिया ٱلْمِحْرَابَ मेहराब में l-miḥ'rāba
मेहराब में وَجَدَ वो पाता wajada
वो पाता عِندَهَا पास उसके ʿindahā
पास उसके رِزْقًۭا ۖ कोई रिज़्क़ riz'qan
कोई रिज़्क़ قَالَ वो कहता qāla
वो कहता يَـٰمَرْيَمُ ऐ मरियम yāmaryamu
ऐ मरियम أَنَّىٰ कहाँ से है annā
कहाँ से है لَكِ तेरे लिए laki
तेरे लिए هَـٰذَا ۖ ये hādhā
ये قَالَتْ वो कहती qālat
वो कहती هُوَ वो huwa
वो مِنْ (is) min
(is) عِندِ from ʿindi
from ٱللَّهِ ۖ अल्लाह के पास से है l-lahi
अल्लाह के पास से है إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يَرْزُقُ रिज़्क़ देता है yarzuqu
रिज़्क़ देता है مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर حِسَابٍ हिसाब के ḥisābin
हिसाब के ٣٧ (37)
(37)
तो क़ुबूल कर लिया उसे رَبُّهَا उसके रब ने rabbuhā
उसके रब ने بِقَبُولٍ क़ुबूल करना biqabūlin
क़ुबूल करना حَسَنٍۢ अच्छा ḥasanin
अच्छा وَأَنۢبَتَهَا और परवरिश की उसकी wa-anbatahā
और परवरिश की उसकी نَبَاتًا परवरिश nabātan
परवरिश حَسَنًۭا अच्छी ḥasanan
अच्छी وَكَفَّلَهَا और कफ़ील बनाया उसका wakaffalahā
और कफ़ील बनाया उसका زَكَرِيَّا ۖ ज़करिया को zakariyyā
ज़करिया को كُلَّمَا जब कभी kullamā
जब कभी دَخَلَ दाख़िल होता dakhala
दाख़िल होता عَلَيْهَا उस पर ʿalayhā
उस पर زَكَرِيَّا ज़करिया zakariyyā
ज़करिया ٱلْمِحْرَابَ मेहराब में l-miḥ'rāba
मेहराब में وَجَدَ वो पाता wajada
वो पाता عِندَهَا पास उसके ʿindahā
पास उसके رِزْقًۭا ۖ कोई रिज़्क़ riz'qan
कोई रिज़्क़ قَالَ वो कहता qāla
वो कहता يَـٰمَرْيَمُ ऐ मरियम yāmaryamu
ऐ मरियम أَنَّىٰ कहाँ से है annā
कहाँ से है لَكِ तेरे लिए laki
तेरे लिए هَـٰذَا ۖ ये hādhā
ये قَالَتْ वो कहती qālat
वो कहती هُوَ वो huwa
वो مِنْ (is) min
(is) عِندِ from ʿindi
from ٱللَّهِ ۖ अल्लाह के पास से है l-lahi
अल्लाह के पास से है إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يَرْزُقُ रिज़्क़ देता है yarzuqu
रिज़्क़ देता है مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर حِسَابٍ हिसाब के ḥisābin
हिसाब के ٣٧ (37)
(37)
तो उसके पालनहार ने उसे अच्छी स्वीकृति के साथ स्वीकार किया और उसका अच्छी तरह पालन-पोषण किया और उसका अभिभावक ज़करिय्या को बना दिया। जब कभी ज़करिय्या उसके पास मेह़राब (उपासना की जगह) में जाता, उसके पास कोई न कोई खाने की चीज़ पाता। उसने कहा : ऐ मरयम! यह तेरे लिए कहाँ से है? उसने कहा : यह अल्लाह के पास से है। निःसंदेह अल्लाह जिसे चाहता है, बेहिसाब रोज़ी प्रदान करता है।
३:३८
هُنَالِكَ
उसी जगह/वक़्त
hunālika
उसी जगह/वक़्त دَعَا दुआ माँगी daʿā
दुआ माँगी زَكَرِيَّا ज़करिया ने zakariyyā
ज़करिया ने رَبَّهُۥ ۖ अपने रब से rabbahu
अपने रब से قَالَ कहा qāla
कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब هَبْ अता कर hab
अता कर لِى मुझे lī
मुझे مِن from min
from لَّدُنكَ अपने पास से ladunka
अपने पास से ذُرِّيَّةًۭ औलाद dhurriyyatan
औलाद طَيِّبَةً ۖ पाकीज़ा ṭayyibatan
पाकीज़ा إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू سَمِيعُ ख़ूब सुनने वाला है samīʿu
ख़ूब सुनने वाला है ٱلدُّعَآءِ दुआ का l-duʿāi
दुआ का ٣٨ (38)
(38)
उसी जगह/वक़्त دَعَا दुआ माँगी daʿā
दुआ माँगी زَكَرِيَّا ज़करिया ने zakariyyā
ज़करिया ने رَبَّهُۥ ۖ अपने रब से rabbahu
अपने रब से قَالَ कहा qāla
कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब هَبْ अता कर hab
अता कर لِى मुझे lī
मुझे مِن from min
from لَّدُنكَ अपने पास से ladunka
अपने पास से ذُرِّيَّةًۭ औलाद dhurriyyatan
औलाद طَيِّبَةً ۖ पाकीज़ा ṭayyibatan
पाकीज़ा إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू سَمِيعُ ख़ूब सुनने वाला है samīʿu
ख़ूब सुनने वाला है ٱلدُّعَآءِ दुआ का l-duʿāi
दुआ का ٣٨ (38)
(38)
वहीं ज़करिय्या ने अपने पालनहार से प्रार्थना की, कहा : ऐ मेरे पालनहार! मुझे अपनी ओर से एक पवित्र संतान प्रदान कर। निःसंदेह तू ही प्रार्थना को बहुत सुनने वाला है।
३:३९
فَنَادَتْهُ
पस पुकारा उसे
fanādathu
पस पुकारा उसे ٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ फ़रिश्तों ने l-malāikatu
फ़रिश्तों ने وَهُوَ जब कि वो wahuwa
जब कि वो قَآئِمٌۭ खड़ा qāimun
खड़ा يُصَلِّى नमाज़ पढ़ रहा था yuṣallī
नमाज़ पढ़ रहा था فِى in fī
in ٱلْمِحْرَابِ मेहराब में l-miḥ'rābi
मेहराब में أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يُبَشِّرُكَ ख़ुशख़बरी देता है तुझे yubashiruka
ख़ुशख़बरी देता है तुझे بِيَحْيَىٰ यहया की biyaḥyā
यहया की مُصَدِّقًۢا तसदीक़ करने वाला है muṣaddiqan
तसदीक़ करने वाला है بِكَلِمَةٍۢ एक कलमे की bikalimatin
एक कलमे की مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से وَسَيِّدًۭا और सरदार wasayyidan
और सरदार وَحَصُورًۭا और पाक बाज़ waḥaṣūran
और पाक बाज़ وَنَبِيًّۭا और नबी होगा wanabiyyan
और नबी होगा مِّنَ among mina
among ٱلصَّـٰلِحِينَ नेक लोगों में से l-ṣāliḥīna
नेक लोगों में से ٣٩ (39)
(39)
पस पुकारा उसे ٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ फ़रिश्तों ने l-malāikatu
फ़रिश्तों ने وَهُوَ जब कि वो wahuwa
जब कि वो قَآئِمٌۭ खड़ा qāimun
खड़ा يُصَلِّى नमाज़ पढ़ रहा था yuṣallī
नमाज़ पढ़ रहा था فِى in fī
in ٱلْمِحْرَابِ मेहराब में l-miḥ'rābi
मेहराब में أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يُبَشِّرُكَ ख़ुशख़बरी देता है तुझे yubashiruka
ख़ुशख़बरी देता है तुझे بِيَحْيَىٰ यहया की biyaḥyā
यहया की مُصَدِّقًۢا तसदीक़ करने वाला है muṣaddiqan
तसदीक़ करने वाला है بِكَلِمَةٍۢ एक कलमे की bikalimatin
एक कलमे की مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से وَسَيِّدًۭا और सरदार wasayyidan
और सरदार وَحَصُورًۭا और पाक बाज़ waḥaṣūran
और पाक बाज़ وَنَبِيًّۭا और नबी होगा wanabiyyan
और नबी होगा مِّنَ among mina
among ٱلصَّـٰلِحِينَ नेक लोगों में से l-ṣāliḥīna
नेक लोगों में से ٣٩ (39)
(39)
तो फ़रिश्तों ने उन्हें आवाज़ दी, जबकि वह मेह़राब (इबादतगाह) में खड़े नमाज़ पढ़ रहे थे कि निःसंदेह अल्लाह आपको 'यह़या' की ख़ुशख़बरी देता है, जो अल्लाह के एक कलिमे (ईसा अलैहिस्सलाम) की पुष्टि करने वाला, सरदार तथा संयमी और सदाचारियों में से नबी होगा।
३:४०
قَالَ
उसने कहा
qāla
उसने कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब أَنَّىٰ कैसे annā
कैसे يَكُونُ होगा yakūnu
होगा لِى मेरे लिए lī
मेरे लिए غُلَـٰمٌۭ लड़का ghulāmun
लड़का وَقَدْ हालाँकि तहक़ीक़ waqad
हालाँकि तहक़ीक़ بَلَغَنِىَ पहुँचा मुझे balaghaniya
पहुँचा मुझे ٱلْكِبَرُ बुढ़ापा l-kibaru
बुढ़ापा وَٱمْرَأَتِى और बीवी मेरी wa-im'ra-atī
और बीवी मेरी عَاقِرٌۭ ۖ बाँझ है ʿāqirun
बाँझ है قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह يَفْعَلُ करता है yafʿalu
करता है مَا जो mā
जो يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है ٤٠ (40)
(40)
उसने कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब أَنَّىٰ कैसे annā
कैसे يَكُونُ होगा yakūnu
होगा لِى मेरे लिए lī
मेरे लिए غُلَـٰمٌۭ लड़का ghulāmun
लड़का وَقَدْ हालाँकि तहक़ीक़ waqad
हालाँकि तहक़ीक़ بَلَغَنِىَ पहुँचा मुझे balaghaniya
पहुँचा मुझे ٱلْكِبَرُ बुढ़ापा l-kibaru
बुढ़ापा وَٱمْرَأَتِى और बीवी मेरी wa-im'ra-atī
और बीवी मेरी عَاقِرٌۭ ۖ बाँझ है ʿāqirun
बाँझ है قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह يَفْعَلُ करता है yafʿalu
करता है مَا जो mā
जो يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है ٤٠ (40)
(40)
उन्होंने कहा : ऐ मेरे पालनहार! मेरे हाँ पुत्र कैसे होगा, जबकि मुझे बुढ़ापा आ पहुँचा है और मेरी पत्नी बाँझ1 है? (अल्लाह ने) कहा : इसी प्रकार अल्लाह करता है जो चाहता है।
३:४१
قَالَ
उसने कहा
qāla
उसने कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब ٱجْعَل बना ij'ʿal
बना لِّىٓ मेरे लिए lī
मेरे लिए ءَايَةًۭ ۖ कोई निशानी āyatan
कोई निशानी قَالَ कहा qāla
कहा ءَايَتُكَ निशानी तेरी āyatuka
निशानी तेरी أَلَّا ये है कि नहीं allā
ये है कि नहीं تُكَلِّمَ तुम कलाम करोगे tukallima
तुम कलाम करोगे ٱلنَّاسَ लोगों से l-nāsa
लोगों से ثَلَـٰثَةَ तीन thalāthata
तीन أَيَّامٍ दिन ayyāmin
दिन إِلَّا मगर illā
मगर رَمْزًۭا ۗ इशारे से ramzan
इशारे से وَٱذْكُر और तुम याद करो wa-udh'kur
और तुम याद करो رَّبَّكَ अपने रब को rabbaka
अपने रब को كَثِيرًۭا बहुत ज़्यादा kathīran
बहुत ज़्यादा وَسَبِّحْ और तस्बीह करो wasabbiḥ
और तस्बीह करो بِٱلْعَشِىِّ शाम के वक़्त bil-ʿashiyi
शाम के वक़्त وَٱلْإِبْكَـٰرِ और सुबह के वक़्त wal-ib'kāri
और सुबह के वक़्त ٤١ (41)
(41)
उसने कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब ٱجْعَل बना ij'ʿal
बना لِّىٓ मेरे लिए lī
मेरे लिए ءَايَةًۭ ۖ कोई निशानी āyatan
कोई निशानी قَالَ कहा qāla
कहा ءَايَتُكَ निशानी तेरी āyatuka
निशानी तेरी أَلَّا ये है कि नहीं allā
ये है कि नहीं تُكَلِّمَ तुम कलाम करोगे tukallima
तुम कलाम करोगे ٱلنَّاسَ लोगों से l-nāsa
लोगों से ثَلَـٰثَةَ तीन thalāthata
तीन أَيَّامٍ दिन ayyāmin
दिन إِلَّا मगर illā
मगर رَمْزًۭا ۗ इशारे से ramzan
इशारे से وَٱذْكُر और तुम याद करो wa-udh'kur
और तुम याद करो رَّبَّكَ अपने रब को rabbaka
अपने रब को كَثِيرًۭا बहुत ज़्यादा kathīran
बहुत ज़्यादा وَسَبِّحْ और तस्बीह करो wasabbiḥ
और तस्बीह करो بِٱلْعَشِىِّ शाम के वक़्त bil-ʿashiyi
शाम के वक़्त وَٱلْإِبْكَـٰرِ और सुबह के वक़्त wal-ib'kāri
और सुबह के वक़्त ٤١ (41)
(41)
उन्होंने कहा : ऐ मेरे पालनहार! मेरे लिए कोई निशानी बना दे। (अल्लाह ने) फरमाया : तुम्हारी निशानी यह है कि तुम तीन दिन लोगों से बात नहीं करोगे परंतु इशारे से। तथा तुम अपने पालनहार को बहुत अधिक याद करो और शाम एवं सुबह उसकी पवित्रता का वर्णन करो।
३:४२
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब قَالَتِ कहा qālati
कहा ٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ फ़रिश्तों ने l-malāikatu
फ़रिश्तों ने يَـٰمَرْيَمُ ऐ मरियम yāmaryamu
ऐ मरियम إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने ٱصْطَفَىٰكِ चुन लिया तुझे iṣ'ṭafāki
चुन लिया तुझे وَطَهَّرَكِ और पाक किया तुझे waṭahharaki
और पाक किया तुझे وَٱصْطَفَىٰكِ और चुन लिया तुझे wa-iṣ'ṭafāki
और चुन लिया तुझे عَلَىٰ over ʿalā
over نِسَآءِ औरतों पर nisāi
औरतों पर ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहान की l-ʿālamīna
तमाम जहान की ٤٢ (42)
(42)
और जब قَالَتِ कहा qālati
कहा ٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ फ़रिश्तों ने l-malāikatu
फ़रिश्तों ने يَـٰمَرْيَمُ ऐ मरियम yāmaryamu
ऐ मरियम إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने ٱصْطَفَىٰكِ चुन लिया तुझे iṣ'ṭafāki
चुन लिया तुझे وَطَهَّرَكِ और पाक किया तुझे waṭahharaki
और पाक किया तुझे وَٱصْطَفَىٰكِ और चुन लिया तुझे wa-iṣ'ṭafāki
और चुन लिया तुझे عَلَىٰ over ʿalā
over نِسَآءِ औरतों पर nisāi
औरतों पर ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहान की l-ʿālamīna
तमाम जहान की ٤٢ (42)
(42)
और (याद करो) जब फ़रिश्तों ने कहा : ऐ मरयम! निःसंदेह अल्लाह ने तुम्हारा चयन कर लिया तथा तुम्हें पवित्र कर दिया और सर्व संसार की स्त्रियों पर तुम्हें चुन लिया है।
३:४३
يَـٰمَرْيَمُ
ऐ मरियम
yāmaryamu
ऐ मरियम ٱقْنُتِى हमेशा इताअत कर uq'nutī
हमेशा इताअत कर لِرَبِّكِ अपने रब की lirabbiki
अपने रब की وَٱسْجُدِى और सजदा कर wa-us'judī
और सजदा कर وَٱرْكَعِى और रुकू कर wa-ir'kaʿī
और रुकू कर مَعَ with maʿa
with ٱلرَّٰكِعِينَ साथ रुकू करने वालों के l-rākiʿīna
साथ रुकू करने वालों के ٤٣ (43)
(43)
ऐ मरियम ٱقْنُتِى हमेशा इताअत कर uq'nutī
हमेशा इताअत कर لِرَبِّكِ अपने रब की lirabbiki
अपने रब की وَٱسْجُدِى और सजदा कर wa-us'judī
और सजदा कर وَٱرْكَعِى और रुकू कर wa-ir'kaʿī
और रुकू कर مَعَ with maʿa
with ٱلرَّٰكِعِينَ साथ रुकू करने वालों के l-rākiʿīna
साथ रुकू करने वालों के ٤٣ (43)
(43)
ऐ मरयम! अपने पालनहार का आज्ञापालन करती रहो और सजदा करो तथा रुकू करने वालों के साथ रुकू करती रहो।
३:४४
ذَٰلِكَ
ये
dhālika
ये مِنْ (is) from min
(is) from أَنۢبَآءِ कुछ ख़बरें हैं anbāi
कुछ ख़बरें हैं ٱلْغَيْبِ ग़ैब की l-ghaybi
ग़ैब की نُوحِيهِ हम वही करते हैं उसे nūḥīhi
हम वही करते हैं उसे إِلَيْكَ ۚ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके وَمَا और ना wamā
और ना كُنتَ थे आप kunta
थे आप لَدَيْهِمْ पास उनके ladayhim
पास उनके إِذْ जब idh
जब يُلْقُونَ वो डाल रहे थे yul'qūna
वो डाल रहे थे أَقْلَـٰمَهُمْ क़लमें अपनी aqlāmahum
क़लमें अपनी أَيُّهُمْ कौन उनमें से ayyuhum
कौन उनमें से يَكْفُلُ किफ़ालत करेगा yakfulu
किफ़ालत करेगा مَرْيَمَ मरियम की maryama
मरियम की وَمَا और ना wamā
और ना كُنتَ थे आप kunta
थे आप لَدَيْهِمْ पास उनके ladayhim
पास उनके إِذْ जब idh
जब يَخْتَصِمُونَ वो झगड़ रहे थे yakhtaṣimūna
वो झगड़ रहे थे ٤٤ (44)
(44)
ये مِنْ (is) from min
(is) from أَنۢبَآءِ कुछ ख़बरें हैं anbāi
कुछ ख़बरें हैं ٱلْغَيْبِ ग़ैब की l-ghaybi
ग़ैब की نُوحِيهِ हम वही करते हैं उसे nūḥīhi
हम वही करते हैं उसे إِلَيْكَ ۚ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके وَمَا और ना wamā
और ना كُنتَ थे आप kunta
थे आप لَدَيْهِمْ पास उनके ladayhim
पास उनके إِذْ जब idh
जब يُلْقُونَ वो डाल रहे थे yul'qūna
वो डाल रहे थे أَقْلَـٰمَهُمْ क़लमें अपनी aqlāmahum
क़लमें अपनी أَيُّهُمْ कौन उनमें से ayyuhum
कौन उनमें से يَكْفُلُ किफ़ालत करेगा yakfulu
किफ़ालत करेगा مَرْيَمَ मरियम की maryama
मरियम की وَمَا और ना wamā
और ना كُنتَ थे आप kunta
थे आप لَدَيْهِمْ पास उनके ladayhim
पास उनके إِذْ जब idh
जब يَخْتَصِمُونَ वो झगड़ रहे थे yakhtaṣimūna
वो झगड़ रहे थे ٤٤ (44)
(44)
(ऐ नबी!) ये ग़ैब (परोक्ष) की कुछ सूचनाएँ हैं, जो हम आपकी ओर वह़्य कर रहे हैं और आप उस समय उनके पास मौजूद न थे, जब वे अपनी क़लमों1 को फेंक रहे थे कि उनमें से कौन मरयम की किफ़ालत करे और न आप उस समय उनके पास थे, जब वे झगड़ रहे थे।
३:४५
إِذْ
जब
idh
जब قَالَتِ कहा qālati
कहा ٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ फ़रिश्तों ने l-malāikatu
फ़रिश्तों ने يَـٰمَرْيَمُ ऐ मरियम yāmaryamu
ऐ मरियम إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يُبَشِّرُكِ ख़ुशख़बरी देता है तुझे yubashiruki
ख़ुशख़बरी देता है तुझे بِكَلِمَةٍۢ एक कलमे की bikalimatin
एक कलमे की مِّنْهُ अपनी तरफ़ से min'hu
अपनी तरफ़ से ٱسْمُهُ नाम उसका होगा us'muhu
नाम उसका होगा ٱلْمَسِيحُ मसीह l-masīḥu
मसीह عِيسَى Isa ʿīsā
Isa ٱبْنُ son ub'nu
son مَرْيَمَ ईसा इब्ने मरियम maryama
ईसा इब्ने मरियम وَجِيهًۭا बहुत मर्तबे वाला wajīhan
बहुत मर्तबे वाला فِى in fī
in ٱلدُّنْيَا दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में وَٱلْـَٔاخِرَةِ और आख़िरत में wal-ākhirati
और आख़िरत में وَمِنَ and of wamina
and of ٱلْمُقَرَّبِينَ और मुक़र्रब बन्दों में से होगा l-muqarabīna
और मुक़र्रब बन्दों में से होगा ٤٥ (45)
(45)
जब قَالَتِ कहा qālati
कहा ٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ फ़रिश्तों ने l-malāikatu
फ़रिश्तों ने يَـٰمَرْيَمُ ऐ मरियम yāmaryamu
ऐ मरियम إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يُبَشِّرُكِ ख़ुशख़बरी देता है तुझे yubashiruki
ख़ुशख़बरी देता है तुझे بِكَلِمَةٍۢ एक कलमे की bikalimatin
एक कलमे की مِّنْهُ अपनी तरफ़ से min'hu
अपनी तरफ़ से ٱسْمُهُ नाम उसका होगा us'muhu
नाम उसका होगा ٱلْمَسِيحُ मसीह l-masīḥu
मसीह عِيسَى Isa ʿīsā
Isa ٱبْنُ son ub'nu
son مَرْيَمَ ईसा इब्ने मरियम maryama
ईसा इब्ने मरियम وَجِيهًۭا बहुत मर्तबे वाला wajīhan
बहुत मर्तबे वाला فِى in fī
in ٱلدُّنْيَا दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में وَٱلْـَٔاخِرَةِ और आख़िरत में wal-ākhirati
और आख़िरत में وَمِنَ and of wamina
and of ٱلْمُقَرَّبِينَ और मुक़र्रब बन्दों में से होगा l-muqarabīna
और मुक़र्रब बन्दों में से होगा ٤٥ (45)
(45)
(ऐ नबी! उस समय को याद करें) जब फ़रिश्तों ने कहा : ऐ मरयम! निःसंदेह अल्लाह तुम्हें अपनी ओर से एक शब्द1 की शुभ सूचना देता है, जिसका नाम 'मसीह़ ईसा बिन मरयम' है। वह दुनिया तथा आख़िरत में महान स्थान वाला और निकटवर्ती लोगों में से होगा।
३:४६
وَيُكَلِّمُ
और वो कलाम करेगा
wayukallimu
और वो कलाम करेगा ٱلنَّاسَ लोगों से l-nāsa
लोगों से فِى in fī
in ٱلْمَهْدِ पँघोड़े में l-mahdi
पँघोड़े में وَكَهْلًۭا और पुख़्ता उम्र में wakahlan
और पुख़्ता उम्र में وَمِنَ and (he will be) of wamina
and (he will be) of ٱلصَّـٰلِحِينَ और सालेह लोगों में से होगा l-ṣāliḥīna
और सालेह लोगों में से होगा ٤٦ (46)
(46)
और वो कलाम करेगा ٱلنَّاسَ लोगों से l-nāsa
लोगों से فِى in fī
in ٱلْمَهْدِ पँघोड़े में l-mahdi
पँघोड़े में وَكَهْلًۭا और पुख़्ता उम्र में wakahlan
और पुख़्ता उम्र में وَمِنَ and (he will be) of wamina
and (he will be) of ٱلصَّـٰلِحِينَ और सालेह लोगों में से होगा l-ṣāliḥīna
और सालेह लोगों में से होगा ٤٦ (46)
(46)
और वह लोगों से पालने में बात करेगा तथा अधेड़ आयु में भी और नेक लोगों में से होगा।
३:४७
قَالَتْ
उसने कहा
qālat
उसने कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब أَنَّىٰ किस तरह annā
किस तरह يَكُونُ होगा yakūnu
होगा لِى मेरे लिए lī
मेरे लिए وَلَدٌۭ कोई बच्चा waladun
कोई बच्चा وَلَمْ हालाँकि नहीं walam
हालाँकि नहीं يَمْسَسْنِى छुआ मुझे yamsasnī
छुआ मुझे بَشَرٌۭ ۖ किसी इन्सान ने basharun
किसी इन्सान ने قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया كَذَٰلِكِ इसी तरह kadhāliki
इसी तरह ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह يَخْلُقُ पैदा करता है yakhluqu
पैदा करता है مَا जो mā
जो يَشَآءُ ۚ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है إِذَا जब idhā
जब قَضَىٰٓ वो फ़ैसला कर लेता है qaḍā
वो फ़ैसला कर लेता है أَمْرًۭا किसी काम का amran
किसी काम का فَإِنَّمَا तो बेशक fa-innamā
तो बेशक يَقُولُ वो कहता है yaqūlu
वो कहता है لَهُۥ उसे lahu
उसे كُن हो जा kun
हो जा فَيَكُونُ तो वो हो जाता है fayakūnu
तो वो हो जाता है ٤٧ (47)
(47)
उसने कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब أَنَّىٰ किस तरह annā
किस तरह يَكُونُ होगा yakūnu
होगा لِى मेरे लिए lī
मेरे लिए وَلَدٌۭ कोई बच्चा waladun
कोई बच्चा وَلَمْ हालाँकि नहीं walam
हालाँकि नहीं يَمْسَسْنِى छुआ मुझे yamsasnī
छुआ मुझे بَشَرٌۭ ۖ किसी इन्सान ने basharun
किसी इन्सान ने قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया كَذَٰلِكِ इसी तरह kadhāliki
इसी तरह ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह يَخْلُقُ पैदा करता है yakhluqu
पैदा करता है مَا जो mā
जो يَشَآءُ ۚ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है إِذَا जब idhā
जब قَضَىٰٓ वो फ़ैसला कर लेता है qaḍā
वो फ़ैसला कर लेता है أَمْرًۭا किसी काम का amran
किसी काम का فَإِنَّمَا तो बेशक fa-innamā
तो बेशक يَقُولُ वो कहता है yaqūlu
वो कहता है لَهُۥ उसे lahu
उसे كُن हो जा kun
हो जा فَيَكُونُ तो वो हो जाता है fayakūnu
तो वो हो जाता है ٤٧ (47)
(47)
उस (मरयम) ने (आश्चर्य से) कहा : ऐ मेरे पालनहार! मेरे हाँ पुत्र कैसे होगा, हालाँकि किसी पुरुष ने मुझे हाथ नहीं लगाया? उसने1 कहा : इसी तरह अल्लाह पैदा करता है जो चाहता है। जब वह किसी काम का निर्णय कर लेता है, तो उससे यही कहता है : "हो जा", तो वह हो जाता है।
३:४८
وَيُعَلِّمُهُ
और वो तालीम देगा उसे
wayuʿallimuhu
और वो तालीम देगा उसे ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब وَٱلْحِكْمَةَ और हिकमत wal-ḥik'mata
और हिकमत وَٱلتَّوْرَىٰةَ और तौरात wal-tawrāta
और तौरात وَٱلْإِنجِيلَ और इन्जील की wal-injīla
और इन्जील की ٤٨ (48)
(48)
और वो तालीम देगा उसे ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब وَٱلْحِكْمَةَ और हिकमत wal-ḥik'mata
और हिकमत وَٱلتَّوْرَىٰةَ और तौरात wal-tawrāta
और तौरात وَٱلْإِنجِيلَ और इन्जील की wal-injīla
और इन्जील की ٤٨ (48)
(48)
और अल्लाह उसे लेखन, ह़िकमत, तौरात और इंजील की शिक्षा देगा।
३:४९
وَرَسُولًا
और रसूल होगा
warasūlan
और रसूल होगा إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ بَنِىٓ (the) Children banī
(the) Children إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल के is'rāīla
बनी इस्राईल के أَنِّى बेशक मैं annī
बेशक मैं قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ جِئْتُكُم मैं लाया हूँ तुम्हारे पास ji'tukum
मैं लाया हूँ तुम्हारे पास بِـَٔايَةٍۢ एक निशानी biāyatin
एक निशानी مِّن from min
from رَّبِّكُمْ ۖ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से أَنِّىٓ बेशक मैं annī
बेशक मैं أَخْلُقُ मैं बना देता हूँ akhluqu
मैं बना देता हूँ لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّنَ from mina
from ٱلطِّينِ मिट्टी से l-ṭīni
मिट्टी से كَهَيْـَٔةِ मानिन्द शक्ल kahayati
मानिन्द शक्ल ٱلطَّيْرِ परिन्दे की l-ṭayri
परिन्दे की فَأَنفُخُ फिर मैं फूँख मारता हूँ fa-anfukhu
फिर मैं फूँख मारता हूँ فِيهِ उस में fīhi
उस में فَيَكُونُ तो वो हो जाता है fayakūnu
तो वो हो जाता है طَيْرًۢا एक परिन्दा ṭayran
एक परिन्दा بِإِذْنِ by (the) permission bi-idh'ni
by (the) permission ٱللَّهِ ۖ अल्लाह के इज़्न से l-lahi
अल्लाह के इज़्न से وَأُبْرِئُ और मैं अच्छा कर देता हूँ wa-ub'ri-u
और मैं अच्छा कर देता हूँ ٱلْأَكْمَهَ पैदाइशी अन्धे को l-akmaha
पैदाइशी अन्धे को وَٱلْأَبْرَصَ और बरस वाले को wal-abraṣa
और बरस वाले को وَأُحْىِ और मैं ज़िन्दा कर देता हूँ wa-uḥ'yī
और मैं ज़िन्दा कर देता हूँ ٱلْمَوْتَىٰ मुर्दों को l-mawtā
मुर्दों को بِإِذْنِ by (the) permission bi-idh'ni
by (the) permission ٱللَّهِ ۖ अल्लाह के इज़्न से l-lahi
अल्लाह के इज़्न से وَأُنَبِّئُكُم और मैं ख़बर देता हूँ तुम्हें wa-unabbi-ukum
और मैं ख़बर देता हूँ तुम्हें بِمَا उसकी जो bimā
उसकी जो تَأْكُلُونَ तुम खाते हो takulūna
तुम खाते हो وَمَا और जो wamā
और जो تَدَّخِرُونَ तुम ज़ख़ीरा करते हो taddakhirūna
तुम ज़ख़ीरा करते हो فِى in fī
in بُيُوتِكُمْ ۚ अपने घरों में buyūtikum
अपने घरों में إِنَّ बेशक inna
बेशक فِى in fī
in ذَٰلِكَ इसमें dhālika
इसमें لَـَٔايَةًۭ अलबत्ता एक निशानी है laāyatan
अलबत्ता एक निशानी है لَّكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए إِن अगर in
अगर كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम مُّؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले ٤٩ (49)
(49)
और रसूल होगा إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ بَنِىٓ (the) Children banī
(the) Children إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल के is'rāīla
बनी इस्राईल के أَنِّى बेशक मैं annī
बेशक मैं قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ جِئْتُكُم मैं लाया हूँ तुम्हारे पास ji'tukum
मैं लाया हूँ तुम्हारे पास بِـَٔايَةٍۢ एक निशानी biāyatin
एक निशानी مِّن from min
from رَّبِّكُمْ ۖ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से أَنِّىٓ बेशक मैं annī
बेशक मैं أَخْلُقُ मैं बना देता हूँ akhluqu
मैं बना देता हूँ لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّنَ from mina
from ٱلطِّينِ मिट्टी से l-ṭīni
मिट्टी से كَهَيْـَٔةِ मानिन्द शक्ल kahayati
मानिन्द शक्ल ٱلطَّيْرِ परिन्दे की l-ṭayri
परिन्दे की فَأَنفُخُ फिर मैं फूँख मारता हूँ fa-anfukhu
फिर मैं फूँख मारता हूँ فِيهِ उस में fīhi
उस में فَيَكُونُ तो वो हो जाता है fayakūnu
तो वो हो जाता है طَيْرًۢا एक परिन्दा ṭayran
एक परिन्दा بِإِذْنِ by (the) permission bi-idh'ni
by (the) permission ٱللَّهِ ۖ अल्लाह के इज़्न से l-lahi
अल्लाह के इज़्न से وَأُبْرِئُ और मैं अच्छा कर देता हूँ wa-ub'ri-u
और मैं अच्छा कर देता हूँ ٱلْأَكْمَهَ पैदाइशी अन्धे को l-akmaha
पैदाइशी अन्धे को وَٱلْأَبْرَصَ और बरस वाले को wal-abraṣa
और बरस वाले को وَأُحْىِ और मैं ज़िन्दा कर देता हूँ wa-uḥ'yī
और मैं ज़िन्दा कर देता हूँ ٱلْمَوْتَىٰ मुर्दों को l-mawtā
मुर्दों को بِإِذْنِ by (the) permission bi-idh'ni
by (the) permission ٱللَّهِ ۖ अल्लाह के इज़्न से l-lahi
अल्लाह के इज़्न से وَأُنَبِّئُكُم और मैं ख़बर देता हूँ तुम्हें wa-unabbi-ukum
और मैं ख़बर देता हूँ तुम्हें بِمَا उसकी जो bimā
उसकी जो تَأْكُلُونَ तुम खाते हो takulūna
तुम खाते हो وَمَا और जो wamā
और जो تَدَّخِرُونَ तुम ज़ख़ीरा करते हो taddakhirūna
तुम ज़ख़ीरा करते हो فِى in fī
in بُيُوتِكُمْ ۚ अपने घरों में buyūtikum
अपने घरों में إِنَّ बेशक inna
बेशक فِى in fī
in ذَٰلِكَ इसमें dhālika
इसमें لَـَٔايَةًۭ अलबत्ता एक निशानी है laāyatan
अलबत्ता एक निशानी है لَّكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए إِن अगर in
अगर كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम مُّؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले ٤٩ (49)
(49)
और (वह) बनी इसराईल की ओर रसूल होगा। (वह कहेगा :) निःसंदेह मैं तुम्हारे पास तुम्हारे पालनहार की ओर से बड़ी निशानी लेकर आया हूँ कि निःसंदेह मैं तुम्हारे लिए मिट्टी से पक्षी के रूप जैसी आकृति बनाता हूँ, फिर उसमें फूँक मारता हूँ, तो वह अल्लाह की अनुमति से पक्षी बन जाती है और मैं अल्लाह की अनुमति से जन्म से अंधे तथा कोढ़ी को स्वस्थ कर देता हूँ और मुर्दों को जीवित कर देता हूँ। तथा तुम्हें बता देता हूँ जो कुछ तुम अपने घरों में खाते हो और जो संग्रह करते हो। निःसंदेह इसमें तुम्हारे लिए एक निशानी है, यदि तुम ईमान वाले हो।
३:५०
وَمُصَدِّقًۭا
और तसदीक़ करने वाला हूँ
wamuṣaddiqan
और तसदीक़ करने वाला हूँ لِّمَا उसकी जो limā
उसकी जो بَيْنَ (was) bayna
(was) يَدَىَّ मेरे सामने है yadayya
मेरे सामने है مِنَ of mina
of ٱلتَّوْرَىٰةِ तौरात में से l-tawrāti
तौरात में से وَلِأُحِلَّ और ताकि मैं हलाल कर दूँ wali-uḥilla
और ताकि मैं हलाल कर दूँ لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए بَعْضَ बाज़ baʿḍa
बाज़ ٱلَّذِى वो चीज़ जो alladhī
वो चीज़ जो حُرِّمَ हराम की गई ḥurrima
हराम की गई عَلَيْكُمْ ۚ तुम पर ʿalaykum
तुम पर وَجِئْتُكُم और लाया हूँ मैं तुम्हारे पास waji'tukum
और लाया हूँ मैं तुम्हारे पास بِـَٔايَةٍۢ एक निशानी biāyatin
एक निशानी مِّن from min
from رَّبِّكُمْ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से فَٱتَّقُوا۟ पस डरो fa-ittaqū
पस डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَأَطِيعُونِ और इताअत करो मेरी wa-aṭīʿūni
और इताअत करो मेरी ٥٠ (50)
(50)
और तसदीक़ करने वाला हूँ لِّمَا उसकी जो limā
उसकी जो بَيْنَ (was) bayna
(was) يَدَىَّ मेरे सामने है yadayya
मेरे सामने है مِنَ of mina
of ٱلتَّوْرَىٰةِ तौरात में से l-tawrāti
तौरात में से وَلِأُحِلَّ और ताकि मैं हलाल कर दूँ wali-uḥilla
और ताकि मैं हलाल कर दूँ لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए بَعْضَ बाज़ baʿḍa
बाज़ ٱلَّذِى वो चीज़ जो alladhī
वो चीज़ जो حُرِّمَ हराम की गई ḥurrima
हराम की गई عَلَيْكُمْ ۚ तुम पर ʿalaykum
तुम पर وَجِئْتُكُم और लाया हूँ मैं तुम्हारे पास waji'tukum
और लाया हूँ मैं तुम्हारे पास بِـَٔايَةٍۢ एक निशानी biāyatin
एक निशानी مِّن from min
from رَّبِّكُمْ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से فَٱتَّقُوا۟ पस डरो fa-ittaqū
पस डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَأَطِيعُونِ और इताअत करो मेरी wa-aṭīʿūni
और इताअत करो मेरी ٥٠ (50)
(50)
तथा अपने से पहले की किताब तौरात की पुष्टि करने वाला हूँ और ताकि मैं तुम्हारे लिए कुछ वे चीज़ें हलाल कर दूँ, जो तुम पर हराम कर दी गई थीं तथा मैं तुम्हारे पास तुम्हारे पालनहार की ओर से बड़ी निशानी लेकर आया हूँ। अतः तुम अल्लाह से डरो और मेरा कहना मानो।
३:५१
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह رَبِّى रब है मेरा rabbī
रब है मेरा وَرَبُّكُمْ और रब तुम्हारा warabbukum
और रब तुम्हारा فَٱعْبُدُوهُ ۗ पस इबादत करो उसकी fa-uʿ'budūhu
पस इबादत करो उसकी هَـٰذَا ये hādhā
ये صِرَٰطٌۭ रास्ता है ṣirāṭun
रास्ता है مُّسْتَقِيمٌۭ सीधा mus'taqīmun
सीधा ٥١ (51)
(51)
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह رَبِّى रब है मेरा rabbī
रब है मेरा وَرَبُّكُمْ और रब तुम्हारा warabbukum
और रब तुम्हारा فَٱعْبُدُوهُ ۗ पस इबादत करो उसकी fa-uʿ'budūhu
पस इबादत करो उसकी هَـٰذَا ये hādhā
ये صِرَٰطٌۭ रास्ता है ṣirāṭun
रास्ता है مُّسْتَقِيمٌۭ सीधा mus'taqīmun
सीधा ٥١ (51)
(51)
निःसंदेह अल्लाह ही मेरा पालनहार और तुम्हारा पालनहार है। अतः उसी की इबादत करो। यही सीधा मार्ग है।
३:५२
۞ فَلَمَّآ
फिर जब
falammā
फिर जब أَحَسَّ महसूस किया aḥassa
महसूस किया عِيسَىٰ ईसा ने ʿīsā
ईसा ने مِنْهُمُ उनसे min'humu
उनसे ٱلْكُفْرَ कुफ़्र को l-kuf'ra
कुफ़्र को قَالَ कहा qāla
कहा مَنْ कौन हैं man
कौन हैं أَنصَارِىٓ मददगार मेरे anṣārī
मददगार मेरे إِلَى to ilā
to ٱللَّهِ ۖ तरफ़ अल्लाह के l-lahi
तरफ़ अल्लाह के قَالَ कहा qāla
कहा ٱلْحَوَارِيُّونَ हवारियों ने l-ḥawāriyūna
हवारियों ने نَحْنُ हम हैं naḥnu
हम हैं أَنصَارُ मददगार anṣāru
मददगार ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ءَامَنَّا हम ईमान लाए āmannā
हम ईमान लाए بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَٱشْهَدْ और गवाह रह wa-ish'had
और गवाह रह بِأَنَّا बेशक हम bi-annā
बेशक हम مُسْلِمُونَ मुसलमान हैं mus'limūna
मुसलमान हैं ٥٢ (52)
(52)
फिर जब أَحَسَّ महसूस किया aḥassa
महसूस किया عِيسَىٰ ईसा ने ʿīsā
ईसा ने مِنْهُمُ उनसे min'humu
उनसे ٱلْكُفْرَ कुफ़्र को l-kuf'ra
कुफ़्र को قَالَ कहा qāla
कहा مَنْ कौन हैं man
कौन हैं أَنصَارِىٓ मददगार मेरे anṣārī
मददगार मेरे إِلَى to ilā
to ٱللَّهِ ۖ तरफ़ अल्लाह के l-lahi
तरफ़ अल्लाह के قَالَ कहा qāla
कहा ٱلْحَوَارِيُّونَ हवारियों ने l-ḥawāriyūna
हवारियों ने نَحْنُ हम हैं naḥnu
हम हैं أَنصَارُ मददगार anṣāru
मददगार ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ءَامَنَّا हम ईमान लाए āmannā
हम ईमान लाए بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَٱشْهَدْ और गवाह रह wa-ish'had
और गवाह रह بِأَنَّا बेशक हम bi-annā
बेशक हम مُسْلِمُونَ मुसलमान हैं mus'limūna
मुसलमान हैं ٥٢ (52)
(52)
फिर जब ईसा ने उनसे कुफ़्र महसूस किया, तो कहा : कौन हैं जो अल्लाह की ओर (बुलाने में) मेरे सहायक हैं? ह़वारियों (साथियों) ने कहा : हम अल्लाह के सहायक हैं। हम अल्लाह पर ईमान लाए और तुम गवाह रहो कि निःसंदेह हम आज्ञाकारी हैं।
३:५३
رَبَّنَآ
ऐ हमारे रब
rabbanā
ऐ हमारे रब ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम بِمَآ उस पर जो bimā
उस पर जो أَنزَلْتَ नाज़िल किया तूने anzalta
नाज़िल किया तूने وَٱتَّبَعْنَا और पैरवी की हमने wa-ittabaʿnā
और पैरवी की हमने ٱلرَّسُولَ रसूल की l-rasūla
रसूल की فَٱكْتُبْنَا पस लिख ले हमें fa-uk'tub'nā
पस लिख ले हमें مَعَ साथ maʿa
साथ ٱلشَّـٰهِدِينَ गवाहों के l-shāhidīna
गवाहों के ٥٣ (53)
(53)
ऐ हमारे रब ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम بِمَآ उस पर जो bimā
उस पर जो أَنزَلْتَ नाज़िल किया तूने anzalta
नाज़िल किया तूने وَٱتَّبَعْنَا और पैरवी की हमने wa-ittabaʿnā
और पैरवी की हमने ٱلرَّسُولَ रसूल की l-rasūla
रसूल की فَٱكْتُبْنَا पस लिख ले हमें fa-uk'tub'nā
पस लिख ले हमें مَعَ साथ maʿa
साथ ٱلشَّـٰهِدِينَ गवाहों के l-shāhidīna
गवाहों के ٥٣ (53)
(53)
ऐ हमारे पालनहार! हम उसपर ईमान लाए, जो तूने उतारा और हमने रसूल का अनुसरण किया, अतः तू हमें गवाही देने वालों के साथ लिख ले।
३:५४
وَمَكَرُوا۟
और उन्होंने चाल चली
wamakarū
और उन्होंने चाल चली وَمَكَرَ और ख़ुफ़िया तदबीर की wamakara
और ख़ुफ़िया तदबीर की ٱللَّهُ ۖ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह خَيْرُ बेहतरीन है khayru
बेहतरीन है ٱلْمَـٰكِرِينَ ख़ुफ़िया तदबीर करने वालों में l-mākirīna
ख़ुफ़िया तदबीर करने वालों में ٥٤ (54)
(54)
और उन्होंने चाल चली وَمَكَرَ और ख़ुफ़िया तदबीर की wamakara
और ख़ुफ़िया तदबीर की ٱللَّهُ ۖ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह خَيْرُ बेहतरीन है khayru
बेहतरीन है ٱلْمَـٰكِرِينَ ख़ुफ़िया तदबीर करने वालों में l-mākirīna
ख़ुफ़िया तदबीर करने वालों में ٥٤ (54)
(54)
तथा उन्होंने गुप्त योजना1 बनाई और अल्लाह ने (भी) गुप्त योजना बनाई और अल्लाह सब गुप्त योजना बनाने वालों से बेहतर है।
३:५५
إِذْ
जब
idh
जब قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने يَـٰعِيسَىٰٓ ऐ ईसा yāʿīsā
ऐ ईसा إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं مُتَوَفِّيكَ पूरा पूरा लेने वाला हूँ तुझे mutawaffīka
पूरा पूरा लेने वाला हूँ तुझे وَرَافِعُكَ और उठा लेने वाला हूँ तुझे warāfiʿuka
और उठा लेने वाला हूँ तुझे إِلَىَّ तरफ़ अपने ilayya
तरफ़ अपने وَمُطَهِّرُكَ और पाक करने वाला हूँ तुझे wamuṭahhiruka
और पाक करने वाला हूँ तुझे مِنَ from mina
from ٱلَّذِينَ उनसे जिन्होंने alladhīna
उनसे जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया وَجَاعِلُ और बनाने वाला हूँ wajāʿilu
और बनाने वाला हूँ ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने ٱتَّبَعُوكَ पैरवी की तेरी ittabaʿūka
पैरवी की तेरी فَوْقَ ऊपर fawqa
ऊपर ٱلَّذِينَ उनके जिन्होंने alladhīna
उनके जिन्होंने كَفَرُوٓا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया إِلَىٰ on ilā
on يَوْمِ (the) Day yawmi
(the) Day ٱلْقِيَـٰمَةِ ۖ क़यामत के दिन तक l-qiyāmati
क़यामत के दिन तक ثُمَّ फिर thumma
फिर إِلَىَّ तरफ़ मेरे ही ilayya
तरफ़ मेरे ही مَرْجِعُكُمْ लौटना है तुम्हारा marjiʿukum
लौटना है तुम्हारा فَأَحْكُمُ तो मैं फ़ैसला करुँगा fa-aḥkumu
तो मैं फ़ैसला करुँगा بَيْنَكُمْ दर्मियान तुम्हारे baynakum
दर्मियान तुम्हारे فِيمَا उसमें जो fīmā
उसमें जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम فِيهِ जिसमें fīhi
जिसमें تَخْتَلِفُونَ तुम इख़्तिलाफ़ करते takhtalifūna
तुम इख़्तिलाफ़ करते ٥٥ (55)
(55)
जब قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने يَـٰعِيسَىٰٓ ऐ ईसा yāʿīsā
ऐ ईसा إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं مُتَوَفِّيكَ पूरा पूरा लेने वाला हूँ तुझे mutawaffīka
पूरा पूरा लेने वाला हूँ तुझे وَرَافِعُكَ और उठा लेने वाला हूँ तुझे warāfiʿuka
और उठा लेने वाला हूँ तुझे إِلَىَّ तरफ़ अपने ilayya
तरफ़ अपने وَمُطَهِّرُكَ और पाक करने वाला हूँ तुझे wamuṭahhiruka
और पाक करने वाला हूँ तुझे مِنَ from mina
from ٱلَّذِينَ उनसे जिन्होंने alladhīna
उनसे जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया وَجَاعِلُ और बनाने वाला हूँ wajāʿilu
और बनाने वाला हूँ ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने ٱتَّبَعُوكَ पैरवी की तेरी ittabaʿūka
पैरवी की तेरी فَوْقَ ऊपर fawqa
ऊपर ٱلَّذِينَ उनके जिन्होंने alladhīna
उनके जिन्होंने كَفَرُوٓا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया إِلَىٰ on ilā
on يَوْمِ (the) Day yawmi
(the) Day ٱلْقِيَـٰمَةِ ۖ क़यामत के दिन तक l-qiyāmati
क़यामत के दिन तक ثُمَّ फिर thumma
फिर إِلَىَّ तरफ़ मेरे ही ilayya
तरफ़ मेरे ही مَرْجِعُكُمْ लौटना है तुम्हारा marjiʿukum
लौटना है तुम्हारा فَأَحْكُمُ तो मैं फ़ैसला करुँगा fa-aḥkumu
तो मैं फ़ैसला करुँगा بَيْنَكُمْ दर्मियान तुम्हारे baynakum
दर्मियान तुम्हारे فِيمَا उसमें जो fīmā
उसमें जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम فِيهِ जिसमें fīhi
जिसमें تَخْتَلِفُونَ तुम इख़्तिलाफ़ करते takhtalifūna
तुम इख़्तिलाफ़ करते ٥٥ (55)
(55)
जब अल्लाह ने कहा : ऐ ईसा! मैं तुझे क़ब्ज़ करने वाला हूँ और तुझे अपनी ओर उठाने वाला हूँ, तथा तुझे उन लोगों से पवित्र करने वाला हूँ जिन्होंने कुफ़्र किया और तेरे अनुयायियों को क़ियामत के दिन तक काफ़िरों के ऊपर1 करने वाला हूँ। फिर मेरी ही ओर तुम्हारा लौटकर आना है। तो मैं तुम्हारे बीच उस चीज़ के बारे में निर्णय करूँगा, जिसमें तुम मतभेद किया करते थे।
३:५६
فَأَمَّا
तो रहे
fa-ammā
तो रहे ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया فَأُعَذِّبُهُمْ तो मैं अज़ाब दूँगा उन्हें fa-uʿadhibuhum
तो मैं अज़ाब दूँगा उन्हें عَذَابًۭا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब شَدِيدًۭا सख़्त shadīdan
सख़्त فِى in fī
in ٱلدُّنْيَا दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में وَٱلْـَٔاخِرَةِ और आख़िरत में wal-ākhirati
और आख़िरत में وَمَا और नहीं होगा wamā
और नहीं होगा لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مِّن any min
any نَّـٰصِرِينَ मददगारों में से कोई nāṣirīna
मददगारों में से कोई ٥٦ (56)
(56)
तो रहे ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया فَأُعَذِّبُهُمْ तो मैं अज़ाब दूँगा उन्हें fa-uʿadhibuhum
तो मैं अज़ाब दूँगा उन्हें عَذَابًۭا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब شَدِيدًۭا सख़्त shadīdan
सख़्त فِى in fī
in ٱلدُّنْيَا दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में وَٱلْـَٔاخِرَةِ और आख़िरत में wal-ākhirati
और आख़िरत में وَمَا और नहीं होगा wamā
और नहीं होगा لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مِّن any min
any نَّـٰصِرِينَ मददगारों में से कोई nāṣirīna
मददगारों में से कोई ٥٦ (56)
(56)
फिर जिन लोगों ने कुफ़्र किया, तो मैं उन्हें दुनिया एवं आख़िरत में बहुत कड़ी यातना दूँगा और कोई उनके सहायक न होंगे।
३:५७
وَأَمَّا
और रहे
wa-ammā
और रहे ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक فَيُوَفِّيهِمْ तो वो पूरे पूरे देगा उन्हें fayuwaffīhim
तो वो पूरे पूरे देगा उन्हें أُجُورَهُمْ ۗ अजर उनके ujūrahum
अजर उनके وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يُحِبُّ नहीं वो मोहब्बत रखता yuḥibbu
नहीं वो मोहब्बत रखता ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों से l-ẓālimīna
ज़ालिमों से ٥٧ (57)
(57)
और रहे ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक فَيُوَفِّيهِمْ तो वो पूरे पूरे देगा उन्हें fayuwaffīhim
तो वो पूरे पूरे देगा उन्हें أُجُورَهُمْ ۗ अजर उनके ujūrahum
अजर उनके وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يُحِبُّ नहीं वो मोहब्बत रखता yuḥibbu
नहीं वो मोहब्बत रखता ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों से l-ẓālimīna
ज़ालिमों से ٥٧ (57)
(57)
तथा रहे वे लोग जो ईमान लाए और उन्होंने अच्छे कर्म किए, तो वह उन्हें उनका बदला पूरा-पूरा देगा तथा अल्लाह अत्याचारियों से प्रेम नहीं करता।
३:५८
ذَٰلِكَ
ये
dhālika
ये نَتْلُوهُ हम तिलावत कर रहे हैं उसे natlūhu
हम तिलावत कर रहे हैं उसे عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर مِنَ of mina
of ٱلْـَٔايَـٰتِ आयात में से l-āyāti
आयात में से وَٱلذِّكْرِ और ज़िक्र wal-dhik'ri
और ज़िक्र ٱلْحَكِيمِ बहुत हिकमत वाले से l-ḥakīmi
बहुत हिकमत वाले से ٥٨ (58)
(58)
ये نَتْلُوهُ हम तिलावत कर रहे हैं उसे natlūhu
हम तिलावत कर रहे हैं उसे عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर مِنَ of mina
of ٱلْـَٔايَـٰتِ आयात में से l-āyāti
आयात में से وَٱلذِّكْرِ और ज़िक्र wal-dhik'ri
और ज़िक्र ٱلْحَكِيمِ बहुत हिकमत वाले से l-ḥakīmi
बहुत हिकमत वाले से ٥٨ (58)
(58)
(ऐ नबी!) यह है जिसे हम आयतों (निशानियों) और हिकमत से परिपूर्ण (दृढ़) उपदेश में से आपको पढ़कर सुनाते हैं।
३:५९
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक مَثَلَ मिसाल mathala
मिसाल عِيسَىٰ ईसा की ʿīsā
ईसा की عِندَ near ʿinda
near ٱللَّهِ अल्लाह के नज़दीक l-lahi
अल्लाह के नज़दीक كَمَثَلِ मानिन्द मिसाल kamathali
मानिन्द मिसाल ءَادَمَ ۖ आदम के है ādama
आदम के है خَلَقَهُۥ उसने पैदा किया उसे khalaqahu
उसने पैदा किया उसे مِن from min
from تُرَابٍۢ मिट्टी से turābin
मिट्टी से ثُمَّ फिर thumma
फिर قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया لَهُۥ उसे lahu
उसे كُن हो जा kun
हो जा فَيَكُونُ तो वो हो गया fayakūnu
तो वो हो गया ٥٩ (59)
(59)
बेशक مَثَلَ मिसाल mathala
मिसाल عِيسَىٰ ईसा की ʿīsā
ईसा की عِندَ near ʿinda
near ٱللَّهِ अल्लाह के नज़दीक l-lahi
अल्लाह के नज़दीक كَمَثَلِ मानिन्द मिसाल kamathali
मानिन्द मिसाल ءَادَمَ ۖ आदम के है ādama
आदम के है خَلَقَهُۥ उसने पैदा किया उसे khalaqahu
उसने पैदा किया उसे مِن from min
from تُرَابٍۢ मिट्टी से turābin
मिट्टी से ثُمَّ फिर thumma
फिर قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया لَهُۥ उसे lahu
उसे كُن हो जा kun
हो जा فَيَكُونُ तो वो हो गया fayakūnu
तो वो हो गया ٥٩ (59)
(59)
निःसंदेह ईसा का उदाहरण अल्लाह के निकट आदम के उदाहरण की तरह1 है कि उसे थोड़ी-सी मिट्टी से बनाया, फिर उसे कहा : "हो जा", तो वह हो जाता है।
३:६०
ٱلْحَقُّ
हक़
al-ḥaqu
हक़ مِن (is) from min
(is) from رَّبِّكَ आपके रब की तरफ़ से है rabbika
आपके रब की तरफ़ से है فَلَا तो ना falā
तो ना تَكُن आप हों takun
आप हों مِّنَ among mina
among ٱلْمُمْتَرِينَ शक करने वालों में से l-mum'tarīna
शक करने वालों में से ٦٠ (60)
(60)
हक़ مِن (is) from min
(is) from رَّبِّكَ आपके रब की तरफ़ से है rabbika
आपके रब की तरफ़ से है فَلَا तो ना falā
तो ना تَكُن आप हों takun
आप हों مِّنَ among mina
among ٱلْمُمْتَرِينَ शक करने वालों में से l-mum'tarīna
शक करने वालों में से ٦٠ (60)
(60)
यह सत्य1 आपके पालनहार की ओर से है। अतः आप संदेह करने वालों में से न हों।
३:६१
فَمَنْ
तो जो कोई
faman
तो जो कोई حَآجَّكَ झगड़ा करे आपसे ḥājjaka
झगड़ा करे आपसे فِيهِ उसमें fīhi
उसमें مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद उसके baʿdi
बाद उसके مَا जो mā
जो جَآءَكَ आ गया आपके पास jāaka
आ गया आपके पास مِنَ of mina
of ٱلْعِلْمِ इल्म में से l-ʿil'mi
इल्म में से فَقُلْ तो कह दीजिए faqul
तो कह दीजिए تَعَالَوْا۟ आओ taʿālaw
आओ نَدْعُ हम बुलाते हैं nadʿu
हम बुलाते हैं أَبْنَآءَنَا अपने बेटों को abnāanā
अपने बेटों को وَأَبْنَآءَكُمْ और तुम्हारे बेटों को wa-abnāakum
और तुम्हारे बेटों को وَنِسَآءَنَا और अपनी औरतों को wanisāanā
और अपनी औरतों को وَنِسَآءَكُمْ और तुम्हारी औरतों को wanisāakum
और तुम्हारी औरतों को وَأَنفُسَنَا और हम ख़ुद wa-anfusanā
और हम ख़ुद وَأَنفُسَكُمْ और तुम ख़ुद wa-anfusakum
और तुम ख़ुद ثُمَّ फिर thumma
फिर نَبْتَهِلْ हम गिड़-गिड़ा कर दुआ करें nabtahil
हम गिड़-गिड़ा कर दुआ करें فَنَجْعَل फिर हम करें fanajʿal
फिर हम करें لَّعْنَتَ लानत laʿnata
लानत ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की عَلَى on ʿalā
on ٱلْكَـٰذِبِينَ झूठों पर l-kādhibīna
झूठों पर ٦١ (61)
(61)
तो जो कोई حَآجَّكَ झगड़ा करे आपसे ḥājjaka
झगड़ा करे आपसे فِيهِ उसमें fīhi
उसमें مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद उसके baʿdi
बाद उसके مَا जो mā
जो جَآءَكَ आ गया आपके पास jāaka
आ गया आपके पास مِنَ of mina
of ٱلْعِلْمِ इल्म में से l-ʿil'mi
इल्म में से فَقُلْ तो कह दीजिए faqul
तो कह दीजिए تَعَالَوْا۟ आओ taʿālaw
आओ نَدْعُ हम बुलाते हैं nadʿu
हम बुलाते हैं أَبْنَآءَنَا अपने बेटों को abnāanā
अपने बेटों को وَأَبْنَآءَكُمْ और तुम्हारे बेटों को wa-abnāakum
और तुम्हारे बेटों को وَنِسَآءَنَا और अपनी औरतों को wanisāanā
और अपनी औरतों को وَنِسَآءَكُمْ और तुम्हारी औरतों को wanisāakum
और तुम्हारी औरतों को وَأَنفُسَنَا और हम ख़ुद wa-anfusanā
और हम ख़ुद وَأَنفُسَكُمْ और तुम ख़ुद wa-anfusakum
और तुम ख़ुद ثُمَّ फिर thumma
फिर نَبْتَهِلْ हम गिड़-गिड़ा कर दुआ करें nabtahil
हम गिड़-गिड़ा कर दुआ करें فَنَجْعَل फिर हम करें fanajʿal
फिर हम करें لَّعْنَتَ लानत laʿnata
लानत ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की عَلَى on ʿalā
on ٱلْكَـٰذِبِينَ झूठों पर l-kādhibīna
झूठों पर ٦١ (61)
(61)
फिर जो व्यक्ति आपसे उसके बारे में झगड़ा करे, इसके बाद कि आपके पास ज्ञान आ चुका, तो कह दें : आओ! हम अपने पुत्रों तथा तुम्हारे पुत्रों और अपनी स्त्रियों तथा तुम्हारी स्त्रियों को बुला लें और अपने आपको और तुम्हें भी, फिर गिड़गिड़ाकर प्रार्थना करें और झूठों पर अल्लाह की ला'नत1 भेजें।
३:६२
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक هَـٰذَا ये hādhā
ये لَهُوَ अलबत्ता वो lahuwa
अलबत्ता वो ٱلْقَصَصُ क़िस्से हैं l-qaṣaṣu
क़िस्से हैं ٱلْحَقُّ ۚ जो सच्चे हैं l-ḥaqu
जो सच्चे हैं وَمَا और नहीं wamā
और नहीं مِنْ (of) min
(of) إِلَـٰهٍ कोई इलाह (बरहक़) ilāhin
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّا सिवाय illā
सिवाय ٱللَّهُ ۚ अल्लाह के l-lahu
अल्लाह के وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَهُوَ अलबत्ता वो lahuwa
अलबत्ता वो ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त है l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त है ٱلْحَكِيمُ ख़ूब हिकमत वाला है l-ḥakīmu
ख़ूब हिकमत वाला है ٦٢ (62)
(62)
बेशक هَـٰذَا ये hādhā
ये لَهُوَ अलबत्ता वो lahuwa
अलबत्ता वो ٱلْقَصَصُ क़िस्से हैं l-qaṣaṣu
क़िस्से हैं ٱلْحَقُّ ۚ जो सच्चे हैं l-ḥaqu
जो सच्चे हैं وَمَا और नहीं wamā
और नहीं مِنْ (of) min
(of) إِلَـٰهٍ कोई इलाह (बरहक़) ilāhin
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّا सिवाय illā
सिवाय ٱللَّهُ ۚ अल्लाह के l-lahu
अल्लाह के وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَهُوَ अलबत्ता वो lahuwa
अलबत्ता वो ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त है l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त है ٱلْحَكِيمُ ख़ूब हिकमत वाला है l-ḥakīmu
ख़ूब हिकमत वाला है ٦٢ (62)
(62)
निःसंदेह यही निश्चय सत्य वर्णन है तथा अल्लाह के सिवा कोई भी पूज्य नहीं। और निःसंदेह अल्लाह, निश्चय वही सब पर प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
३:६३
فَإِن
फिर अगर
fa-in
फिर अगर تَوَلَّوْا۟ वो मुँह फेर जाऐं tawallaw
वो मुँह फेर जाऐं فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَلِيمٌۢ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है بِٱلْمُفْسِدِينَ फ़साद करने वालों को bil-muf'sidīna
फ़साद करने वालों को ٦٣ (63)
(63)
फिर अगर تَوَلَّوْا۟ वो मुँह फेर जाऐं tawallaw
वो मुँह फेर जाऐं فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَلِيمٌۢ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है بِٱلْمُفْسِدِينَ फ़साद करने वालों को bil-muf'sidīna
फ़साद करने वालों को ٦٣ (63)
(63)
फिर यदि वे मुँह फेरें1, तो निःसंदेह अल्लाह फ़साद करने वालों को भली-भाँति जानने वाला है।
३:६४
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए يَـٰٓأَهْلَ O People yāahla
O People ٱلْكِتَـٰبِ ऐ अहले किताब l-kitābi
ऐ अहले किताब تَعَالَوْا۟ आओ taʿālaw
आओ إِلَىٰ to ilā
to كَلِمَةٍۢ तरफ़ एक कलमा के kalimatin
तरफ़ एक कलमा के سَوَآءٍۭ जो बराबर है sawāin
जो बराबर है بَيْنَنَا हमारे दर्मियान baynanā
हमारे दर्मियान وَبَيْنَكُمْ और तुम्हारे दर्मियान wabaynakum
और तुम्हारे दर्मियान أَلَّا कि ना allā
कि ना نَعْبُدَ हम इबादत करें naʿbuda
हम इबादत करें إِلَّا मगर illā
मगर ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَلَا और ना walā
और ना نُشْرِكَ हम शरीक करें nush'rika
हम शरीक करें بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके شَيْـًۭٔا किसी चीज़ को shayan
किसी चीज़ को وَلَا और ना walā
और ना يَتَّخِذَ बनाए yattakhidha
बनाए بَعْضُنَا बाज़ तुम्हारा baʿḍunā
बाज़ तुम्हारा بَعْضًا बाज़ को baʿḍan
बाज़ को أَرْبَابًۭا रब (मुख़्तलिफ़) arbāban
रब (मुख़्तलिफ़) مِّن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर تَوَلَّوْا۟ वो मुँह फेर जाऐं tawallaw
वो मुँह फेर जाऐं فَقُولُوا۟ तो कह दो faqūlū
तो कह दो ٱشْهَدُوا۟ गवाह रहो ish'hadū
गवाह रहो بِأَنَّا कि बेशक हम तो bi-annā
कि बेशक हम तो مُسْلِمُونَ फ़रमाबरदार हैं mus'limūna
फ़रमाबरदार हैं ٦٤ (64)
(64)
कह दीजिए يَـٰٓأَهْلَ O People yāahla
O People ٱلْكِتَـٰبِ ऐ अहले किताब l-kitābi
ऐ अहले किताब تَعَالَوْا۟ आओ taʿālaw
आओ إِلَىٰ to ilā
to كَلِمَةٍۢ तरफ़ एक कलमा के kalimatin
तरफ़ एक कलमा के سَوَآءٍۭ जो बराबर है sawāin
जो बराबर है بَيْنَنَا हमारे दर्मियान baynanā
हमारे दर्मियान وَبَيْنَكُمْ और तुम्हारे दर्मियान wabaynakum
और तुम्हारे दर्मियान أَلَّا कि ना allā
कि ना نَعْبُدَ हम इबादत करें naʿbuda
हम इबादत करें إِلَّا मगर illā
मगर ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَلَا और ना walā
और ना نُشْرِكَ हम शरीक करें nush'rika
हम शरीक करें بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके شَيْـًۭٔا किसी चीज़ को shayan
किसी चीज़ को وَلَا और ना walā
और ना يَتَّخِذَ बनाए yattakhidha
बनाए بَعْضُنَا बाज़ तुम्हारा baʿḍunā
बाज़ तुम्हारा بَعْضًا बाज़ को baʿḍan
बाज़ को أَرْبَابًۭا रब (मुख़्तलिफ़) arbāban
रब (मुख़्तलिफ़) مِّن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर تَوَلَّوْا۟ वो मुँह फेर जाऐं tawallaw
वो मुँह फेर जाऐं فَقُولُوا۟ तो कह दो faqūlū
तो कह दो ٱشْهَدُوا۟ गवाह रहो ish'hadū
गवाह रहो بِأَنَّا कि बेशक हम तो bi-annā
कि बेशक हम तो مُسْلِمُونَ फ़रमाबरदार हैं mus'limūna
फ़रमाबरदार हैं ٦٤ (64)
(64)
(ऐ नबी!) कह दीजिए : ऐ किताब वालो! आओ एक ऐसी बात की ओर जो हमारे बीच और तुम्हारे बीच समान (बराबर) है; यह कि हम अल्लाह के सिवा किसी की इबादत न करें और उसके साथ किसी चीज़ को साझी न बनाएँ तथा हममें से कोई किसी को अल्लाह के सिवा रब न बनाए। फिर यदि वे मुँह फेर लें, तो कह दो कि तुम गवाह रहो कि हम (अल्लाह के) आज्ञाकारी1 हैं।
३:६५
يَـٰٓأَهْلَ
O People
yāahla
O People ٱلْكِتَـٰبِ ऐ अहले किताब l-kitābi
ऐ अहले किताब لِمَ क्यों lima
क्यों تُحَآجُّونَ तुम झगड़ा करते हो tuḥājjūna
तुम झगड़ा करते हो فِىٓ concerning fī
concerning إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम के बारे में ib'rāhīma
इब्राहीम के बारे में وَمَآ हालाँकि नहीं wamā
हालाँकि नहीं أُنزِلَتِ उतारी गई unzilati
उतारी गई ٱلتَّوْرَىٰةُ तौरात l-tawrātu
तौरात وَٱلْإِنجِيلُ और इन्जील wal-injīlu
और इन्जील إِلَّا मगर illā
मगर مِنۢ from min
from بَعْدِهِۦٓ ۚ बाद उसके baʿdihi
बाद उसके أَفَلَا क्या भला नहीं afalā
क्या भला नहीं تَعْقِلُونَ तुम अक़्ल रखते taʿqilūna
तुम अक़्ल रखते ٦٥ (65)
(65)
O People ٱلْكِتَـٰبِ ऐ अहले किताब l-kitābi
ऐ अहले किताब لِمَ क्यों lima
क्यों تُحَآجُّونَ तुम झगड़ा करते हो tuḥājjūna
तुम झगड़ा करते हो فِىٓ concerning fī
concerning إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम के बारे में ib'rāhīma
इब्राहीम के बारे में وَمَآ हालाँकि नहीं wamā
हालाँकि नहीं أُنزِلَتِ उतारी गई unzilati
उतारी गई ٱلتَّوْرَىٰةُ तौरात l-tawrātu
तौरात وَٱلْإِنجِيلُ और इन्जील wal-injīlu
और इन्जील إِلَّا मगर illā
मगर مِنۢ from min
from بَعْدِهِۦٓ ۚ बाद उसके baʿdihi
बाद उसके أَفَلَا क्या भला नहीं afalā
क्या भला नहीं تَعْقِلُونَ तुम अक़्ल रखते taʿqilūna
तुम अक़्ल रखते ٦٥ (65)
(65)
ऐ किताब वालो! तुम इबराहीम के (धर्म के) बारे में क्यों झगड़ते1 हो? जबकि तौरात और इंजील तो उसके पश्चात ही उतारे गए हैं, तो क्या तुम समझते नहीं?
३:६६
هَـٰٓأَنتُمْ
हाँ तुम
hāantum
हाँ तुम هَـٰٓؤُلَآءِ वो लोग हो hāulāi
वो लोग हो حَـٰجَجْتُمْ झगड़ा किया तुमने ḥājajtum
झगड़ा किया तुमने فِيمَا उस मामले में जो है fīmā
उस मामले में जो है لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए بِهِۦ जिसका bihi
जिसका عِلْمٌۭ कुछ इल्म ʿil'mun
कुछ इल्म فَلِمَ तो क्यों falima
तो क्यों تُحَآجُّونَ तुम झगड़ते हो tuḥājjūna
तुम झगड़ते हो فِيمَا उस मामले में जो fīmā
उस मामले में जो لَيْسَ नहीं है laysa
नहीं है لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए بِهِۦ जिसका bihi
जिसका عِلْمٌۭ ۚ कोई इल्म ʿil'mun
कोई इल्म وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يَعْلَمُ जानता है yaʿlamu
जानता है وَأَنتُمْ और तुम wa-antum
और तुम لَا (do) not lā
(do) not تَعْلَمُونَ नहीं तुम जानते taʿlamūna
नहीं तुम जानते ٦٦ (66)
(66)
हाँ तुम هَـٰٓؤُلَآءِ वो लोग हो hāulāi
वो लोग हो حَـٰجَجْتُمْ झगड़ा किया तुमने ḥājajtum
झगड़ा किया तुमने فِيمَا उस मामले में जो है fīmā
उस मामले में जो है لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए بِهِۦ जिसका bihi
जिसका عِلْمٌۭ कुछ इल्म ʿil'mun
कुछ इल्म فَلِمَ तो क्यों falima
तो क्यों تُحَآجُّونَ तुम झगड़ते हो tuḥājjūna
तुम झगड़ते हो فِيمَا उस मामले में जो fīmā
उस मामले में जो لَيْسَ नहीं है laysa
नहीं है لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए بِهِۦ जिसका bihi
जिसका عِلْمٌۭ ۚ कोई इल्म ʿil'mun
कोई इल्म وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يَعْلَمُ जानता है yaʿlamu
जानता है وَأَنتُمْ और तुम wa-antum
और तुम لَا (do) not lā
(do) not تَعْلَمُونَ नहीं तुम जानते taʿlamūna
नहीं तुम जानते ٦٦ (66)
(66)
देखो, तुम वे लोग हो कि तुमने उस विषय में वाद-विवाद किया, जिसके बारे में तुम्हें कुछ ज्ञान1 था, तो उस विषय में क्यों वाद-विवाद करते हो, जिसका तुम्हें कुछ ज्ञान2 नहीं? तथा अल्लाह जानता है और तुम नहीं जानते।
३:६७
مَا
ना
mā
ना كَانَ था kāna
था إِبْرَٰهِيمُ इब्राहीम ib'rāhīmu
इब्राहीम يَهُودِيًّۭا यहूदी yahūdiyyan
यहूदी وَلَا और ना walā
और ना نَصْرَانِيًّۭا नस्रानी naṣrāniyyan
नस्रानी وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन كَانَ था वो kāna
था वो حَنِيفًۭا यकसू ḥanīfan
यकसू مُّسْلِمًۭا मुसलमान mus'liman
मुसलमान وَمَا और ना wamā
और ना كَانَ था वो kāna
था वो مِنَ from mina
from ٱلْمُشْرِكِينَ मुशरिकों में से l-mush'rikīna
मुशरिकों में से ٦٧ (67)
(67)
ना كَانَ था kāna
था إِبْرَٰهِيمُ इब्राहीम ib'rāhīmu
इब्राहीम يَهُودِيًّۭا यहूदी yahūdiyyan
यहूदी وَلَا और ना walā
और ना نَصْرَانِيًّۭا नस्रानी naṣrāniyyan
नस्रानी وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन كَانَ था वो kāna
था वो حَنِيفًۭا यकसू ḥanīfan
यकसू مُّسْلِمًۭا मुसलमान mus'liman
मुसलमान وَمَا और ना wamā
और ना كَانَ था वो kāna
था वो مِنَ from mina
from ٱلْمُشْرِكِينَ मुशरिकों में से l-mush'rikīna
मुशरिकों में से ٦٧ (67)
(67)
इबराहीम न यहूदी थे और न ईसाई, बल्कि वह एकाग्रचित आज्ञाकारी थे। तथा वह बहुदेववादियों में से न थे।
३:६८
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक أَوْلَى क़रीबतर awlā
क़रीबतर ٱلنَّاسِ लोगों में से l-nāsi
लोगों में से بِإِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम के bi-ib'rāhīma
इब्राहीम के لَلَّذِينَ अलबत्ता वो हैं जिन्होंने lalladhīna
अलबत्ता वो हैं जिन्होंने ٱتَّبَعُوهُ पैरवी की उसकी ittabaʿūhu
पैरवी की उसकी وَهَـٰذَا और ये wahādhā
और ये ٱلنَّبِىُّ नबी l-nabiyu
नबी وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो ءَامَنُوا۟ ۗ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह وَلِىُّ दोस्त है waliyyu
दोस्त है ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों का l-mu'minīna
मोमिनों का ٦٨ (68)
(68)
बेशक أَوْلَى क़रीबतर awlā
क़रीबतर ٱلنَّاسِ लोगों में से l-nāsi
लोगों में से بِإِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम के bi-ib'rāhīma
इब्राहीम के لَلَّذِينَ अलबत्ता वो हैं जिन्होंने lalladhīna
अलबत्ता वो हैं जिन्होंने ٱتَّبَعُوهُ पैरवी की उसकी ittabaʿūhu
पैरवी की उसकी وَهَـٰذَا और ये wahādhā
और ये ٱلنَّبِىُّ नबी l-nabiyu
नबी وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो ءَامَنُوا۟ ۗ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह وَلِىُّ दोस्त है waliyyu
दोस्त है ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों का l-mu'minīna
मोमिनों का ٦٨ (68)
(68)
निःसंदेह लोगों में इबराहीम से सबसे अधिक निकट निश्चय वही लोग हैं, जिन्होंने उनका अनुसरण किया तथा यह नबी1 और वे लोग जो ईमान लाए। और अल्लाह ही ईमान वालों का दोस्त (संरक्षक) है।
३:६९
وَدَّت
चाहा
waddat
चाहा طَّآئِفَةٌۭ एक गिरोह ने ṭāifatun
एक गिरोह ने مِّنْ from min
from أَهْلِ (the) People ahli
(the) People ٱلْكِتَـٰبِ अहले किताब में से l-kitābi
अहले किताब में से لَوْ काश law
काश يُضِلُّونَكُمْ वो गुमराह कर दें तुम्हें yuḍillūnakum
वो गुमराह कर दें तुम्हें وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يُضِلُّونَ वो गुमराह करते yuḍillūna
वो गुमराह करते إِلَّآ मगर illā
मगर أَنفُسَهُمْ अपने नफ़्सों को anfusahum
अपने नफ़्सों को وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَشْعُرُونَ वो शऊर रखते yashʿurūna
वो शऊर रखते ٦٩ (69)
(69)
चाहा طَّآئِفَةٌۭ एक गिरोह ने ṭāifatun
एक गिरोह ने مِّنْ from min
from أَهْلِ (the) People ahli
(the) People ٱلْكِتَـٰبِ अहले किताब में से l-kitābi
अहले किताब में से لَوْ काश law
काश يُضِلُّونَكُمْ वो गुमराह कर दें तुम्हें yuḍillūnakum
वो गुमराह कर दें तुम्हें وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يُضِلُّونَ वो गुमराह करते yuḍillūna
वो गुमराह करते إِلَّآ मगर illā
मगर أَنفُسَهُمْ अपने नफ़्सों को anfusahum
अपने नफ़्सों को وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَشْعُرُونَ वो शऊर रखते yashʿurūna
वो शऊर रखते ٦٩ (69)
(69)
अह्ले किताब के एक समूह ने चाहा काश! वे तुम्हें पथभ्रष्ट कर दें। हालाँकि वे अपने सिवा किसी को पथभ्रष्ट नहीं कर रहे हैं। और उन्हें इसका एहसास नहीं।
३:७०
يَـٰٓأَهْلَ
O People
yāahla
O People ٱلْكِتَـٰبِ ऐ अहले किताब l-kitābi
ऐ अहले किताब لِمَ क्यों lima
क्यों تَكْفُرُونَ तुम कुफ़्र करते हो takfurūna
तुम कुफ़्र करते हो بِـَٔايَـٰتِ [in] the Signs biāyāti
[in] the Signs ٱللَّهِ अल्लाह की आयात का l-lahi
अल्लाह की आयात का وَأَنتُمْ हालाँकि तुम wa-antum
हालाँकि तुम تَشْهَدُونَ तुम गवाह हो tashhadūna
तुम गवाह हो ٧٠ (70)
(70)
O People ٱلْكِتَـٰبِ ऐ अहले किताब l-kitābi
ऐ अहले किताब لِمَ क्यों lima
क्यों تَكْفُرُونَ तुम कुफ़्र करते हो takfurūna
तुम कुफ़्र करते हो بِـَٔايَـٰتِ [in] the Signs biāyāti
[in] the Signs ٱللَّهِ अल्लाह की आयात का l-lahi
अल्लाह की आयात का وَأَنتُمْ हालाँकि तुम wa-antum
हालाँकि तुम تَشْهَدُونَ तुम गवाह हो tashhadūna
तुम गवाह हो ٧٠ (70)
(70)
ऐ अह्ले किताब! तुम क्यों अल्लाह की आयतों1 का इनकार करते हो, जबकि तुम खुद गवाही देते2 हो?
३:७१
يَـٰٓأَهْلَ
O People
yāahla
O People ٱلْكِتَـٰبِ ऐ अहले किताब l-kitābi
ऐ अहले किताब لِمَ क्यों lima
क्यों تَلْبِسُونَ तुम गुड-मुड करते हो talbisūna
तुम गुड-मुड करते हो ٱلْحَقَّ हक़ को l-ḥaqa
हक़ को بِٱلْبَـٰطِلِ बातिल से bil-bāṭili
बातिल से وَتَكْتُمُونَ और तुम छुपाते हो wataktumūna
और तुम छुपाते हो ٱلْحَقَّ हक़ को l-ḥaqa
हक़ को وَأَنتُمْ हालाँकि तुम wa-antum
हालाँकि तुम تَعْلَمُونَ तुम जानते हो taʿlamūna
तुम जानते हो ٧١ (71)
(71)
O People ٱلْكِتَـٰبِ ऐ अहले किताब l-kitābi
ऐ अहले किताब لِمَ क्यों lima
क्यों تَلْبِسُونَ तुम गुड-मुड करते हो talbisūna
तुम गुड-मुड करते हो ٱلْحَقَّ हक़ को l-ḥaqa
हक़ को بِٱلْبَـٰطِلِ बातिल से bil-bāṭili
बातिल से وَتَكْتُمُونَ और तुम छुपाते हो wataktumūna
और तुम छुपाते हो ٱلْحَقَّ हक़ को l-ḥaqa
हक़ को وَأَنتُمْ हालाँकि तुम wa-antum
हालाँकि तुम تَعْلَمُونَ तुम जानते हो taʿlamūna
तुम जानते हो ٧١ (71)
(71)
ऐ किताब वालो! तुम क्यों सत्य को असत्य के साथ गड्डमड्ड करते हो और सत्य को छिपाते हो, हालाँकि तुम जानते हो?
३:७२
وَقَالَت
और कहा
waqālat
और कहा طَّآئِفَةٌۭ एक गिरोह ने ṭāifatun
एक गिरोह ने مِّنْ of min
of أَهْلِ (the) People ahli
(the) People ٱلْكِتَـٰبِ अहले किताब में से l-kitābi
अहले किताब में से ءَامِنُوا۟ ईमान ले आओ āminū
ईमान ले आओ بِٱلَّذِىٓ उस चीज़ पर जो bi-alladhī
उस चीज़ पर जो أُنزِلَ नाज़िल की गई unzila
नाज़िल की गई عَلَى on ʿalā
on ٱلَّذِينَ उन पर जो alladhīna
उन पर जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَجْهَ अव्वल (वक़्त) wajha
अव्वल (वक़्त) ٱلنَّهَارِ दिन के l-nahāri
दिन के وَٱكْفُرُوٓا۟ और इन्कार कर दो wa-uk'furū
और इन्कार कर दो ءَاخِرَهُۥ उसके आख़िर में ākhirahu
उसके आख़िर में لَعَلَّهُمْ ताकि वो laʿallahum
ताकि वो يَرْجِعُونَ वो लौट आऐं yarjiʿūna
वो लौट आऐं ٧٢ (72)
(72)
और कहा طَّآئِفَةٌۭ एक गिरोह ने ṭāifatun
एक गिरोह ने مِّنْ of min
of أَهْلِ (the) People ahli
(the) People ٱلْكِتَـٰبِ अहले किताब में से l-kitābi
अहले किताब में से ءَامِنُوا۟ ईमान ले आओ āminū
ईमान ले आओ بِٱلَّذِىٓ उस चीज़ पर जो bi-alladhī
उस चीज़ पर जो أُنزِلَ नाज़िल की गई unzila
नाज़िल की गई عَلَى on ʿalā
on ٱلَّذِينَ उन पर जो alladhīna
उन पर जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَجْهَ अव्वल (वक़्त) wajha
अव्वल (वक़्त) ٱلنَّهَارِ दिन के l-nahāri
दिन के وَٱكْفُرُوٓا۟ और इन्कार कर दो wa-uk'furū
और इन्कार कर दो ءَاخِرَهُۥ उसके आख़िर में ākhirahu
उसके आख़िर में لَعَلَّهُمْ ताकि वो laʿallahum
ताकि वो يَرْجِعُونَ वो लौट आऐं yarjiʿūna
वो लौट आऐं ٧٢ (72)
(72)
और किताब वालों में से एक समूह ने कहा तुम दिन के आरंभ में उसपर ईमान ले आओ, जो उन लोगों पर उतारा गया है जो ईमान लाए हैं और उसके अंत में इनकार कर दो, ताकि वे (भी) वापस लौट आएँ।1
३:७३
وَلَا
और ना
walā
और ना تُؤْمِنُوٓا۟ तुम मानो tu'minū
तुम मानो إِلَّا मगर illā
मगर لِمَن उसकी जो liman
उसकी जो تَبِعَ पैरवी करे tabiʿa
पैरवी करे دِينَكُمْ तुम्हारे दीन की dīnakum
तुम्हारे दीन की قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلْهُدَىٰ हिदायत l-hudā
हिदायत هُدَى हिदायत है hudā
हिदायत है ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की أَن कि an
कि يُؤْتَىٰٓ दिया जाए yu'tā
दिया जाए أَحَدٌۭ कोई एक aḥadun
कोई एक مِّثْلَ मानिन्द mith'la
मानिन्द مَآ उसके जो mā
उसके जो أُوتِيتُمْ दिए गए तुम ūtītum
दिए गए तुम أَوْ या (ये कि) aw
या (ये कि) يُحَآجُّوكُمْ वो झगड़ा करेंगे तुमसे yuḥājjūkum
वो झगड़ा करेंगे तुमसे عِندَ पास ʿinda
पास رَبِّكُمْ ۗ तुम्हारे रब के rabbikum
तुम्हारे रब के قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلْفَضْلَ फ़ज़ल l-faḍla
फ़ज़ल بِيَدِ हाथ में है biyadi
हाथ में है ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के يُؤْتِيهِ वो देता है उसे yu'tīhi
वो देता है उसे مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ ۗ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह وَٰسِعٌ वुसअत वाला है wāsiʿun
वुसअत वाला है عَلِيمٌۭ ख़ूब इल्म वाला है ʿalīmun
ख़ूब इल्म वाला है ٧٣ (73)
(73)
और ना تُؤْمِنُوٓا۟ तुम मानो tu'minū
तुम मानो إِلَّا मगर illā
मगर لِمَن उसकी जो liman
उसकी जो تَبِعَ पैरवी करे tabiʿa
पैरवी करे دِينَكُمْ तुम्हारे दीन की dīnakum
तुम्हारे दीन की قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلْهُدَىٰ हिदायत l-hudā
हिदायत هُدَى हिदायत है hudā
हिदायत है ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की أَن कि an
कि يُؤْتَىٰٓ दिया जाए yu'tā
दिया जाए أَحَدٌۭ कोई एक aḥadun
कोई एक مِّثْلَ मानिन्द mith'la
मानिन्द مَآ उसके जो mā
उसके जो أُوتِيتُمْ दिए गए तुम ūtītum
दिए गए तुम أَوْ या (ये कि) aw
या (ये कि) يُحَآجُّوكُمْ वो झगड़ा करेंगे तुमसे yuḥājjūkum
वो झगड़ा करेंगे तुमसे عِندَ पास ʿinda
पास رَبِّكُمْ ۗ तुम्हारे रब के rabbikum
तुम्हारे रब के قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلْفَضْلَ फ़ज़ल l-faḍla
फ़ज़ल بِيَدِ हाथ में है biyadi
हाथ में है ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के يُؤْتِيهِ वो देता है उसे yu'tīhi
वो देता है उसे مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ ۗ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह وَٰسِعٌ वुसअत वाला है wāsiʿun
वुसअत वाला है عَلِيمٌۭ ख़ूब इल्म वाला है ʿalīmun
ख़ूब इल्म वाला है ٧٣ (73)
(73)
और केवल उसी की मानो, जो तुम्हारे (धर्म) का अनुसरण करे। (ऐ नबी!) कह दो कि वास्तविक मार्गदर्शन तो अल्लाह का मार्गदर्शन है। (यह मत मानो) कि जो कुछ तुम्हें दिया गया है, वैसा किसी और को भी दिया जाएगा, अथवा वे तुमसे तुम्हारे पालनहार के पास झगड़ा करेंगे। कह दो निःसंदेह सब अनुग्रह अल्लाह के हाथ में है, वह उसे जिसको चाहता है, देता है और अल्लाह विस्तार वाला, सब कुछ जानने वाला है।
३:७४
يَخْتَصُّ
वो ख़ास कर लेता है
yakhtaṣṣu
वो ख़ास कर लेता है بِرَحْمَتِهِۦ साथ अपनी रहमत के biraḥmatihi
साथ अपनी रहमत के مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ ۗ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह ذُو (is) the Possessor dhū
(is) the Possessor ٱلْفَضْلِ फ़ज़ल वाला है l-faḍli
फ़ज़ल वाला है ٱلْعَظِيمِ बहुत बड़े l-ʿaẓīmi
बहुत बड़े ٧٤ (74)
(74)
वो ख़ास कर लेता है بِرَحْمَتِهِۦ साथ अपनी रहमत के biraḥmatihi
साथ अपनी रहमत के مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ ۗ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह ذُو (is) the Possessor dhū
(is) the Possessor ٱلْفَضْلِ फ़ज़ल वाला है l-faḍli
फ़ज़ल वाला है ٱلْعَظِيمِ बहुत बड़े l-ʿaẓīmi
बहुत बड़े ٧٤ (74)
(74)
वह जिसे चाहता है अपनी रहमत (दया) के लिए विशिष्ट कर लेता है तथा अल्लाह बहुत बड़े अनुग्रह वाला है।
३:७५
۞ وَمِنْ
And from
wamin
And from أَهْلِ (the) People ahli
(the) People ٱلْكِتَـٰبِ और अहले किताब में से कोई है l-kitābi
और अहले किताब में से कोई है مَنْ जो man
जो إِن अगर in
अगर تَأْمَنْهُ आप अमानत दें उसे tamanhu
आप अमानत दें उसे بِقِنطَارٍۢ एक ख़ज़ाना biqinṭārin
एक ख़ज़ाना يُؤَدِّهِۦٓ वो अदा कर देगा उसे yu-addihi
वो अदा कर देगा उसे إِلَيْكَ तरफ़ आप के ilayka
तरफ़ आप के وَمِنْهُم और कोई वो है wamin'hum
और कोई वो है مَّنْ जो man
जो إِن अगर in
अगर تَأْمَنْهُ आप अमानत दें उसे tamanhu
आप अमानत दें उसे بِدِينَارٍۢ एक दीनार bidīnārin
एक दीनार لَّا not lā
not يُؤَدِّهِۦٓ नहीं वो अदा करेगा उसे yu-addihi
नहीं वो अदा करेगा उसे إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके إِلَّا मगर illā
मगर مَا that mā
that دُمْتَ जब तक आप रहें dum'ta
जब तक आप रहें عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर قَآئِمًۭا ۗ क़ायम/खड़े qāiman
क़ायम/खड़े ذَٰلِكَ ये dhālika
ये بِأَنَّهُمْ बवजह उसके कि वो bi-annahum
बवजह उसके कि वो قَالُوا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं لَيْسَ नहीं है laysa
नहीं है عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर فِى concerning fī
concerning ٱلْأُمِّيِّـۧنَ उम्मियों के बारे में l-umiyīna
उम्मियों के बारे में سَبِيلٌۭ कोई रास्ता (मुआख़ज़ा) sabīlun
कोई रास्ता (मुआख़ज़ा) وَيَقُولُونَ और वो कहते हैं wayaqūlūna
और वो कहते हैं عَلَى about ʿalā
about ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर ٱلْكَذِبَ झूठ l-kadhiba
झूठ وَهُمْ हालाँकि वो wahum
हालाँकि वो يَعْلَمُونَ वो जानते हैं yaʿlamūna
वो जानते हैं ٧٥ (75)
(75)
And from أَهْلِ (the) People ahli
(the) People ٱلْكِتَـٰبِ और अहले किताब में से कोई है l-kitābi
और अहले किताब में से कोई है مَنْ जो man
जो إِن अगर in
अगर تَأْمَنْهُ आप अमानत दें उसे tamanhu
आप अमानत दें उसे بِقِنطَارٍۢ एक ख़ज़ाना biqinṭārin
एक ख़ज़ाना يُؤَدِّهِۦٓ वो अदा कर देगा उसे yu-addihi
वो अदा कर देगा उसे إِلَيْكَ तरफ़ आप के ilayka
तरफ़ आप के وَمِنْهُم और कोई वो है wamin'hum
और कोई वो है مَّنْ जो man
जो إِن अगर in
अगर تَأْمَنْهُ आप अमानत दें उसे tamanhu
आप अमानत दें उसे بِدِينَارٍۢ एक दीनार bidīnārin
एक दीनार لَّا not lā
not يُؤَدِّهِۦٓ नहीं वो अदा करेगा उसे yu-addihi
नहीं वो अदा करेगा उसे إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके إِلَّا मगर illā
मगर مَا that mā
that دُمْتَ जब तक आप रहें dum'ta
जब तक आप रहें عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर قَآئِمًۭا ۗ क़ायम/खड़े qāiman
क़ायम/खड़े ذَٰلِكَ ये dhālika
ये بِأَنَّهُمْ बवजह उसके कि वो bi-annahum
बवजह उसके कि वो قَالُوا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं لَيْسَ नहीं है laysa
नहीं है عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर فِى concerning fī
concerning ٱلْأُمِّيِّـۧنَ उम्मियों के बारे में l-umiyīna
उम्मियों के बारे में سَبِيلٌۭ कोई रास्ता (मुआख़ज़ा) sabīlun
कोई रास्ता (मुआख़ज़ा) وَيَقُولُونَ और वो कहते हैं wayaqūlūna
और वो कहते हैं عَلَى about ʿalā
about ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर ٱلْكَذِبَ झूठ l-kadhiba
झूठ وَهُمْ हालाँकि वो wahum
हालाँकि वो يَعْلَمُونَ वो जानते हैं yaʿlamūna
वो जानते हैं ٧٥ (75)
(75)
तथा किताब वालों में से कोई तो ऐसा है कि यदि तुम उसके पास ढेर सारा धन अमानत रख दो, तो वह तुम्हें उसे लौटा देगा तथा उनमें से कोई ऐसा है कि यदि तुम उसके पास एक दीनार1 अमानत रखो, वह उसे तुम्हें अदा नहीं करेगा जब तक तुम उसके सिर पर खड़े न रहो। यह इसलिए कि उन्होंने कहा कि हमपर उन उम्मियों (अनपढ़ों) के बारे में (पकड़ का) कोई रास्ता2 नहीं तथा वे अल्लाह पर झूठ बोलते हैं, हालाँकि वे जानते हैं।
३:७६
بَلَىٰ
क्यों नहीं
balā
क्यों नहीं مَنْ जिसने man
जिसने أَوْفَىٰ पूरा किया awfā
पूरा किया بِعَهْدِهِۦ अपने अहद को biʿahdihi
अपने अहद को وَٱتَّقَىٰ और तक़वा किया wa-ittaqā
और तक़वा किया فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يُحِبُّ मोहब्बत रखता है yuḥibbu
मोहब्बत रखता है ٱلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों से l-mutaqīna
मुत्तक़ी लोगों से ٧٦ (76)
(76)
क्यों नहीं مَنْ जिसने man
जिसने أَوْفَىٰ पूरा किया awfā
पूरा किया بِعَهْدِهِۦ अपने अहद को biʿahdihi
अपने अहद को وَٱتَّقَىٰ और तक़वा किया wa-ittaqā
और तक़वा किया فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يُحِبُّ मोहब्बत रखता है yuḥibbu
मोहब्बत रखता है ٱلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों से l-mutaqīna
मुत्तक़ी लोगों से ٧٦ (76)
(76)
क्यों नहीं! जो व्यक्ति अपना वचन पूरा करे और (अल्लाह से) डरे, तो निश्चय अल्लाह डरने वालों से प्रेम करता है।
३:७७
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो يَشْتَرُونَ लेते हैं yashtarūna
लेते हैं بِعَهْدِ (the) Covenant biʿahdi
(the) Covenant ٱللَّهِ बदले अल्लाह के अहद के l-lahi
बदले अल्लाह के अहद के وَأَيْمَـٰنِهِمْ और अपनी क़समों के wa-aymānihim
और अपनी क़समों के ثَمَنًۭا क़ीमत thamanan
क़ीमत قَلِيلًا थोड़ी qalīlan
थोड़ी أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं لَا no lā
no خَلَـٰقَ नहीं कोई हिस्सा khalāqa
नहीं कोई हिस्सा لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए فِى in fī
in ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत में l-ākhirati
आख़िरत में وَلَا और ना walā
और ना يُكَلِّمُهُمُ कलाम करेगा उनसे yukallimuhumu
कलाम करेगा उनसे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَلَا और ना walā
और ना يَنظُرُ वो देखेगा yanẓuru
वो देखेगा إِلَيْهِمْ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के وَلَا और ना walā
और ना يُزَكِّيهِمْ वो पाक करेगा उन्हें yuzakkīhim
वो पाक करेगा उन्हें وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है أَلِيمٌۭ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक ٧٧ (77)
(77)
बेशक ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो يَشْتَرُونَ लेते हैं yashtarūna
लेते हैं بِعَهْدِ (the) Covenant biʿahdi
(the) Covenant ٱللَّهِ बदले अल्लाह के अहद के l-lahi
बदले अल्लाह के अहद के وَأَيْمَـٰنِهِمْ और अपनी क़समों के wa-aymānihim
और अपनी क़समों के ثَمَنًۭا क़ीमत thamanan
क़ीमत قَلِيلًا थोड़ी qalīlan
थोड़ी أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं لَا no lā
no خَلَـٰقَ नहीं कोई हिस्सा khalāqa
नहीं कोई हिस्सा لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए فِى in fī
in ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत में l-ākhirati
आख़िरत में وَلَا और ना walā
और ना يُكَلِّمُهُمُ कलाम करेगा उनसे yukallimuhumu
कलाम करेगा उनसे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَلَا और ना walā
और ना يَنظُرُ वो देखेगा yanẓuru
वो देखेगा إِلَيْهِمْ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के وَلَا और ना walā
और ना يُزَكِّيهِمْ वो पाक करेगा उन्हें yuzakkīhim
वो पाक करेगा उन्हें وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है أَلِيمٌۭ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक ٧٧ (77)
(77)
निःसंदेह जो लोग अल्लाह के वचन1 तथा अपनी क़समों के बदले तनिक मूल्य प्राप्त करते हैं, उनका आख़िरत (परलोक) में कोई हिस्सा नहीं। अल्लाह क़ियामत के दिन न उनसे बात करेगा और न उनकी ओर देखेगा और न उन्हें पवित्र करेगा। तथा उनके लिए दर्दनाक यातना है।
३:७८
وَإِنَّ
और बेशक
wa-inna
और बेशक مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से لَفَرِيقًۭا अलबत्ता एक गिरोह (के लोग) हैं lafarīqan
अलबत्ता एक गिरोह (के लोग) हैं يَلْوُۥنَ जो मोड़ते हैं yalwūna
जो मोड़ते हैं أَلْسِنَتَهُم अपनी ज़बानों को alsinatahum
अपनी ज़बानों को بِٱلْكِتَـٰبِ साथ किताब के bil-kitābi
साथ किताब के لِتَحْسَبُوهُ ताकि तुम समझो उसे litaḥsabūhu
ताकि तुम समझो उसे مِنَ (is) from mina
(is) from ٱلْكِتَـٰبِ किताब में से l-kitābi
किताब में से وَمَا हालाँकि नहीं wamā
हालाँकि नहीं هُوَ वो huwa
वो مِنَ (is) from mina
(is) from ٱلْكِتَـٰبِ किताब में से l-kitābi
किताब में से وَيَقُولُونَ और वो कहते हैं wayaqūlūna
और वो कहते हैं هُوَ वो huwa
वो مِنْ (is) min
(is) عِندِ from ʿindi
from ٱللَّهِ अल्लाह के पास से है l-lahi
अल्लाह के पास से है وَمَا हालाँकि नहीं wamā
हालाँकि नहीं هُوَ वो huwa
वो مِنْ (is) min
(is) عِندِ from ʿindi
from ٱللَّهِ अल्लाह के पास से l-lahi
अल्लाह के पास से وَيَقُولُونَ और वो कहते हैं wayaqūlūna
और वो कहते हैं عَلَى about ʿalā
about ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर ٱلْكَذِبَ झूठ l-kadhiba
झूठ وَهُمْ हालाँकि वो wahum
हालाँकि वो يَعْلَمُونَ वो जानते हैं yaʿlamūna
वो जानते हैं ٧٨ (78)
(78)
और बेशक مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से لَفَرِيقًۭا अलबत्ता एक गिरोह (के लोग) हैं lafarīqan
अलबत्ता एक गिरोह (के लोग) हैं يَلْوُۥنَ जो मोड़ते हैं yalwūna
जो मोड़ते हैं أَلْسِنَتَهُم अपनी ज़बानों को alsinatahum
अपनी ज़बानों को بِٱلْكِتَـٰبِ साथ किताब के bil-kitābi
साथ किताब के لِتَحْسَبُوهُ ताकि तुम समझो उसे litaḥsabūhu
ताकि तुम समझो उसे مِنَ (is) from mina
(is) from ٱلْكِتَـٰبِ किताब में से l-kitābi
किताब में से وَمَا हालाँकि नहीं wamā
हालाँकि नहीं هُوَ वो huwa
वो مِنَ (is) from mina
(is) from ٱلْكِتَـٰبِ किताब में से l-kitābi
किताब में से وَيَقُولُونَ और वो कहते हैं wayaqūlūna
और वो कहते हैं هُوَ वो huwa
वो مِنْ (is) min
(is) عِندِ from ʿindi
from ٱللَّهِ अल्लाह के पास से है l-lahi
अल्लाह के पास से है وَمَا हालाँकि नहीं wamā
हालाँकि नहीं هُوَ वो huwa
वो مِنْ (is) min
(is) عِندِ from ʿindi
from ٱللَّهِ अल्लाह के पास से l-lahi
अल्लाह के पास से وَيَقُولُونَ और वो कहते हैं wayaqūlūna
और वो कहते हैं عَلَى about ʿalā
about ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर ٱلْكَذِبَ झूठ l-kadhiba
झूठ وَهُمْ हालाँकि वो wahum
हालाँकि वो يَعْلَمُونَ वो जानते हैं yaʿlamūna
वो जानते हैं ٧٨ (78)
(78)
और निःसंदेह उनमें से निश्चय कुछ लोग1 ऐसे हैं, जो किताब (पढ़ने) के साथ अपनी ज़बानें मरोड़ते हैं, ताकि तुम उसे पुस्तक में से समझो, हालाँकि वह पुस्तक में से नहीं और कहते हैं, यह अल्लाह की ओर से है। हालाँकि वह अल्लाह की ओर से नहीं और अल्लाह पर झूठ कहते हैं, हालाँकि वे जानते हैं।
३:७९
مَا
नहीं
mā
नहीं كَانَ है kāna
है لِبَشَرٍ किसी बशर के लिए libasharin
किसी बशर के लिए أَن कि an
कि يُؤْتِيَهُ दे उसे yu'tiyahu
दे उसे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब وَٱلْحُكْمَ और हिकमत wal-ḥuk'ma
और हिकमत وَٱلنُّبُوَّةَ और नबुव्वत wal-nubuwata
और नबुव्वत ثُمَّ फिर thumma
फिर يَقُولَ वो कहे yaqūla
वो कहे لِلنَّاسِ लोगों से lilnnāsi
लोगों से كُونُوا۟ हो जाओ kūnū
हो जाओ عِبَادًۭا बन्दे ʿibādan
बन्दे لِّى मेरे lī
मेरे مِن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन كُونُوا۟ हो जाओ kūnū
हो जाओ رَبَّـٰنِيِّـۧنَ रब वाले rabbāniyyīna
रब वाले بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम تُعَلِّمُونَ तुम तालीम देते tuʿallimūna
तुम तालीम देते ٱلْكِتَـٰبَ किताब की l-kitāba
किताब की وَبِمَا और बवजह उसके जो wabimā
और बवजह उसके जो كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम تَدْرُسُونَ तुम पढ़ते tadrusūna
तुम पढ़ते ٧٩ (79)
(79)
नहीं كَانَ है kāna
है لِبَشَرٍ किसी बशर के लिए libasharin
किसी बशर के लिए أَن कि an
कि يُؤْتِيَهُ दे उसे yu'tiyahu
दे उसे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब وَٱلْحُكْمَ और हिकमत wal-ḥuk'ma
और हिकमत وَٱلنُّبُوَّةَ और नबुव्वत wal-nubuwata
और नबुव्वत ثُمَّ फिर thumma
फिर يَقُولَ वो कहे yaqūla
वो कहे لِلنَّاسِ लोगों से lilnnāsi
लोगों से كُونُوا۟ हो जाओ kūnū
हो जाओ عِبَادًۭا बन्दे ʿibādan
बन्दे لِّى मेरे lī
मेरे مِن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन كُونُوا۟ हो जाओ kūnū
हो जाओ رَبَّـٰنِيِّـۧنَ रब वाले rabbāniyyīna
रब वाले بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम تُعَلِّمُونَ तुम तालीम देते tuʿallimūna
तुम तालीम देते ٱلْكِتَـٰبَ किताब की l-kitāba
किताब की وَبِمَا और बवजह उसके जो wabimā
और बवजह उसके जो كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम تَدْرُسُونَ तुम पढ़ते tadrusūna
तुम पढ़ते ٧٩ (79)
(79)
किसी मनुष्य का यह अधिकार नहीं कि अल्लाह उसे पुस्तक, निर्णय शक्ति और नुबुव्वत (पैग़ंबरी) प्रदान करे, फिर वह लोगों से कहे कि अल्लाह को छोड़कर मेरे बंदे बन जाओ1, बल्कि (वह तो यही कहेगा कि) तुम रब वाले बनो, इसलिए कि तुम पुस्तक की शिक्षा दिया करते थे और इसलिए कि तुम पढ़ा करते थे।
३:८०
وَلَا
और नहीं
walā
और नहीं يَأْمُرَكُمْ वो हुक्म देता तुम्हें yamurakum
वो हुक्म देता तुम्हें أَن कि an
कि تَتَّخِذُوا۟ तुम बना लो tattakhidhū
तुम बना लो ٱلْمَلَـٰٓئِكَةَ फ़रिश्तों को l-malāikata
फ़रिश्तों को وَٱلنَّبِيِّـۧنَ और नबियों को wal-nabiyīna
और नबियों को أَرْبَابًا ۗ रब (मुख़्तलिफ़) arbāban
रब (मुख़्तलिफ़) أَيَأْمُرُكُم क्या वो हुक्म देगा तुम्हें ayamurukum
क्या वो हुक्म देगा तुम्हें بِٱلْكُفْرِ कुफ़्र का bil-kuf'ri
कुफ़्र का بَعْدَ बाद उसके baʿda
बाद उसके إِذْ जब idh
जब أَنتُم तुम antum
तुम مُّسْلِمُونَ मुसलमान हो mus'limūna
मुसलमान हो ٨٠ (80)
(80)
और नहीं يَأْمُرَكُمْ वो हुक्म देता तुम्हें yamurakum
वो हुक्म देता तुम्हें أَن कि an
कि تَتَّخِذُوا۟ तुम बना लो tattakhidhū
तुम बना लो ٱلْمَلَـٰٓئِكَةَ फ़रिश्तों को l-malāikata
फ़रिश्तों को وَٱلنَّبِيِّـۧنَ और नबियों को wal-nabiyīna
और नबियों को أَرْبَابًا ۗ रब (मुख़्तलिफ़) arbāban
रब (मुख़्तलिफ़) أَيَأْمُرُكُم क्या वो हुक्म देगा तुम्हें ayamurukum
क्या वो हुक्म देगा तुम्हें بِٱلْكُفْرِ कुफ़्र का bil-kuf'ri
कुफ़्र का بَعْدَ बाद उसके baʿda
बाद उसके إِذْ जब idh
जब أَنتُم तुम antum
तुम مُّسْلِمُونَ मुसलमान हो mus'limūna
मुसलमान हो ٨٠ (80)
(80)
तथा न यह (अधिकार है) कि तुम्हें आदेश दे कि फ़रिश्तों और नबियों को रब (पूज्य)1 बना लो। क्या वह तुम्हें कुफ़्र का आदेश देगा, इसके बाद कि तुम मुसलमान (अल्लाह के आज्ञाकारी) हो?
३:८१
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब أَخَذَ लिया akhadha
लिया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مِيثَـٰقَ पुख़्ता अहद mīthāqa
पुख़्ता अहद ٱلنَّبِيِّـۧنَ नबियों से l-nabiyīna
नबियों से لَمَآ अलबत्ता जो lamā
अलबत्ता जो ءَاتَيْتُكُم दूँ मैं तुम्हें ātaytukum
दूँ मैं तुम्हें مِّن of min
of كِتَـٰبٍۢ किताब में से kitābin
किताब में से وَحِكْمَةٍۢ और हिकमत में से waḥik'matin
और हिकमत में से ثُمَّ फिर thumma
फिर جَآءَكُمْ आ जाए तुम्हारे पास jāakum
आ जाए तुम्हारे पास رَسُولٌۭ एक रसूल rasūlun
एक रसूल مُّصَدِّقٌۭ तसदीक़ करने वाला muṣaddiqun
तसदीक़ करने वाला لِّمَا उसकी जो limā
उसकी जो مَعَكُمْ तुम्हारे पास है maʿakum
तुम्हारे पास है لَتُؤْمِنُنَّ अल्बत्ता तुम ज़रूर ईमान लाओगे latu'minunna
अल्बत्ता तुम ज़रूर ईमान लाओगे بِهِۦ उस पर bihi
उस पर وَلَتَنصُرُنَّهُۥ ۚ और अलबत्ता तुम ज़रूर मदद करोगे उसकी walatanṣurunnahu
और अलबत्ता तुम ज़रूर मदद करोगे उसकी قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया ءَأَقْرَرْتُمْ क्या तुम इक़रार किया तुमने a-aqrartum
क्या तुम इक़रार किया तुमने وَأَخَذْتُمْ और लिया तुमने wa-akhadhtum
और लिया तुमने عَلَىٰ on ʿalā
on ذَٰلِكُمْ उस पर dhālikum
उस पर إِصْرِى ۖ अहद मेरा iṣ'rī
अहद मेरा قَالُوٓا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा أَقْرَرْنَا ۚ इक़रार किया हमने aqrarnā
इक़रार किया हमने قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया فَٱشْهَدُوا۟ पस गवाह रहो fa-ish'hadū
पस गवाह रहो وَأَنَا۠ और मैं हूँ wa-anā
और मैं हूँ مَعَكُم साथ तुम्हारे maʿakum
साथ तुम्हारे مِّنَ among mina
among ٱلشَّـٰهِدِينَ गवाहों में से l-shāhidīna
गवाहों में से ٨١ (81)
(81)
और जब أَخَذَ लिया akhadha
लिया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مِيثَـٰقَ पुख़्ता अहद mīthāqa
पुख़्ता अहद ٱلنَّبِيِّـۧنَ नबियों से l-nabiyīna
नबियों से لَمَآ अलबत्ता जो lamā
अलबत्ता जो ءَاتَيْتُكُم दूँ मैं तुम्हें ātaytukum
दूँ मैं तुम्हें مِّن of min
of كِتَـٰبٍۢ किताब में से kitābin
किताब में से وَحِكْمَةٍۢ और हिकमत में से waḥik'matin
और हिकमत में से ثُمَّ फिर thumma
फिर جَآءَكُمْ आ जाए तुम्हारे पास jāakum
आ जाए तुम्हारे पास رَسُولٌۭ एक रसूल rasūlun
एक रसूल مُّصَدِّقٌۭ तसदीक़ करने वाला muṣaddiqun
तसदीक़ करने वाला لِّمَا उसकी जो limā
उसकी जो مَعَكُمْ तुम्हारे पास है maʿakum
तुम्हारे पास है لَتُؤْمِنُنَّ अल्बत्ता तुम ज़रूर ईमान लाओगे latu'minunna
अल्बत्ता तुम ज़रूर ईमान लाओगे بِهِۦ उस पर bihi
उस पर وَلَتَنصُرُنَّهُۥ ۚ और अलबत्ता तुम ज़रूर मदद करोगे उसकी walatanṣurunnahu
और अलबत्ता तुम ज़रूर मदद करोगे उसकी قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया ءَأَقْرَرْتُمْ क्या तुम इक़रार किया तुमने a-aqrartum
क्या तुम इक़रार किया तुमने وَأَخَذْتُمْ और लिया तुमने wa-akhadhtum
और लिया तुमने عَلَىٰ on ʿalā
on ذَٰلِكُمْ उस पर dhālikum
उस पर إِصْرِى ۖ अहद मेरा iṣ'rī
अहद मेरा قَالُوٓا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा أَقْرَرْنَا ۚ इक़रार किया हमने aqrarnā
इक़रार किया हमने قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया فَٱشْهَدُوا۟ पस गवाह रहो fa-ish'hadū
पस गवाह रहो وَأَنَا۠ और मैं हूँ wa-anā
और मैं हूँ مَعَكُم साथ तुम्हारे maʿakum
साथ तुम्हारे مِّنَ among mina
among ٱلشَّـٰهِدِينَ गवाहों में से l-shāhidīna
गवाहों में से ٨١ (81)
(81)
तथा (याद करो) जब अल्लाह ने सब नबियों से दृढ़ वचन लिया कि मैं किताब और हिकमत में से जो कुछ तुम्हें दूँ, फिर तुम्हारे पास कोई रसूल आए जो उसकी पुष्टि करने वाला हो जो तुम्हारे पास है, तो तुम उसपर अवश्य ईमान लाओगे और अवश्य उसका समर्थन करोगे। (अल्लाह ने) कहा : क्या तुमने स्वीकार किया और उसपर मेरी प्रतिज्ञा क़बूल की? उन्होंने कहा : हमने स्वीकार कर लिया। (अल्लाह ने) कहा : तो तुम गवाह रहो और मैं भी तुम्हारे साथ गवाहों में से हूँ।1
३:८२
فَمَن
तो जो कोई
faman
तो जो कोई تَوَلَّىٰ मुँह मोड़ जाए tawallā
मुँह मोड़ जाए بَعْدَ बाद baʿda
बाद ذَٰلِكَ उसके dhālika
उसके فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْفَـٰسِقُونَ जो फ़ासिक़ हैं l-fāsiqūna
जो फ़ासिक़ हैं ٨٢ (82)
(82)
तो जो कोई تَوَلَّىٰ मुँह मोड़ जाए tawallā
मुँह मोड़ जाए بَعْدَ बाद baʿda
बाद ذَٰلِكَ उसके dhālika
उसके فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْفَـٰسِقُونَ जो फ़ासिक़ हैं l-fāsiqūna
जो फ़ासिक़ हैं ٨٢ (82)
(82)
फिर जो इसके बाद1 फिर जाए, तो यही लोग अवज्ञाकारी हैं।
३:८३
أَفَغَيْرَ
क्या भला अलावा
afaghayra
क्या भला अलावा دِينِ (the) religion dīni
(the) religion ٱللَّهِ अल्लाह के दीन के l-lahi
अल्लाह के दीन के يَبْغُونَ वो (कुछ और) तलाश करते हैं yabghūna
वो (कुछ और) तलाश करते हैं وَلَهُۥٓ हालाँकि उसी के लिए walahu
हालाँकि उसी के लिए أَسْلَمَ फ़रमाबरदार हुआ aslama
फ़रमाबरदार हुआ مَن जो कोई man
जो कोई فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन में है wal-arḍi
और ज़मीन में है طَوْعًۭا ख़ुशी से ṭawʿan
ख़ुशी से وَكَرْهًۭا और नाख़ुशी से wakarhan
और नाख़ुशी से وَإِلَيْهِ और तरफ़ उसी के wa-ilayhi
और तरफ़ उसी के يُرْجَعُونَ वो लौटाए जाऐंगे yur'jaʿūna
वो लौटाए जाऐंगे ٨٣ (83)
(83)
क्या भला अलावा دِينِ (the) religion dīni
(the) religion ٱللَّهِ अल्लाह के दीन के l-lahi
अल्लाह के दीन के يَبْغُونَ वो (कुछ और) तलाश करते हैं yabghūna
वो (कुछ और) तलाश करते हैं وَلَهُۥٓ हालाँकि उसी के लिए walahu
हालाँकि उसी के लिए أَسْلَمَ फ़रमाबरदार हुआ aslama
फ़रमाबरदार हुआ مَن जो कोई man
जो कोई فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन में है wal-arḍi
और ज़मीन में है طَوْعًۭا ख़ुशी से ṭawʿan
ख़ुशी से وَكَرْهًۭا और नाख़ुशी से wakarhan
और नाख़ुशी से وَإِلَيْهِ और तरफ़ उसी के wa-ilayhi
और तरफ़ उसी के يُرْجَعُونَ वो लौटाए जाऐंगे yur'jaʿūna
वो लौटाए जाऐंगे ٨٣ (83)
(83)
तो क्या वे अल्लाह के धर्म (इस्लाम) के अलावा कुछ और तलाश करते हैं? जबकि आकाशों और धरती में जो भी है स्वेच्छा से और अनिच्छा से उसी का आज्ञाकारी1 है तथा वे उसी की ओर लौटाए2 जाएँगे।
३:८४
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَمَآ और जो wamā
और जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर وَمَآ और जो wamā
और जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया عَلَىٰٓ on ʿalā
on إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम पर ib'rāhīma
इब्राहीम पर وَإِسْمَـٰعِيلَ और इस्माईल wa-is'māʿīla
और इस्माईल وَإِسْحَـٰقَ और इसहाक़ wa-is'ḥāqa
और इसहाक़ وَيَعْقُوبَ और याक़ूब wayaʿqūba
और याक़ूब وَٱلْأَسْبَاطِ और औलादे याक़ूब पर wal-asbāṭi
और औलादे याक़ूब पर وَمَآ और जो wamā
और जो أُوتِىَ दिए गए ūtiya
दिए गए مُوسَىٰ मूसा mūsā
मूसा وَعِيسَىٰ और ईसा waʿīsā
और ईसा وَٱلنَّبِيُّونَ और तमाम अम्बिया wal-nabiyūna
और तमाम अम्बिया مِن from min
from رَّبِّهِمْ अपने रब की तरफ़ से rabbihim
अपने रब की तरफ़ से لَا Not lā
Not نُفَرِّقُ नहीं हम फ़र्क़ करते nufarriqu
नहीं हम फ़र्क़ करते بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान أَحَدٍۢ किसी एक के aḥadin
किसी एक के مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से وَنَحْنُ और हम wanaḥnu
और हम لَهُۥ उसी के lahu
उसी के مُسْلِمُونَ फ़रमाबरदार हैं mus'limūna
फ़रमाबरदार हैं ٨٤ (84)
(84)
कह दीजिए ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَمَآ और जो wamā
और जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर وَمَآ और जो wamā
और जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया عَلَىٰٓ on ʿalā
on إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम पर ib'rāhīma
इब्राहीम पर وَإِسْمَـٰعِيلَ और इस्माईल wa-is'māʿīla
और इस्माईल وَإِسْحَـٰقَ और इसहाक़ wa-is'ḥāqa
और इसहाक़ وَيَعْقُوبَ और याक़ूब wayaʿqūba
और याक़ूब وَٱلْأَسْبَاطِ और औलादे याक़ूब पर wal-asbāṭi
और औलादे याक़ूब पर وَمَآ और जो wamā
और जो أُوتِىَ दिए गए ūtiya
दिए गए مُوسَىٰ मूसा mūsā
मूसा وَعِيسَىٰ और ईसा waʿīsā
और ईसा وَٱلنَّبِيُّونَ और तमाम अम्बिया wal-nabiyūna
और तमाम अम्बिया مِن from min
from رَّبِّهِمْ अपने रब की तरफ़ से rabbihim
अपने रब की तरफ़ से لَا Not lā
Not نُفَرِّقُ नहीं हम फ़र्क़ करते nufarriqu
नहीं हम फ़र्क़ करते بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान أَحَدٍۢ किसी एक के aḥadin
किसी एक के مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से وَنَحْنُ और हम wanaḥnu
और हम لَهُۥ उसी के lahu
उसी के مُسْلِمُونَ फ़रमाबरदार हैं mus'limūna
फ़रमाबरदार हैं ٨٤ (84)
(84)
(ऐ रसूल!) कह दो : हम अल्लाह पर ईमान लाए और उसपर जो हमपर उतारा गया, और जो इबराहीम, इसमाईल, इसह़ाक़, याक़ूब तथा उनकी संतान पर उतारा गया, और जो मूसा तथा ईसा और दूसरे नबियों को उनके पालनहार की ओर से दिया गया, हम इनमें से किसी एक के बीच अंतर नहीं करते1 और हम उसी (अल्लाह) के आज्ञाकारी हैं।
३:८५
وَمَن
और जो कोई
waman
और जो कोई يَبْتَغِ चाहेगा yabtaghi
चाहेगा غَيْرَ सिवाय ghayra
सिवाय ٱلْإِسْلَـٰمِ इस्लाम के l-is'lāmi
इस्लाम के دِينًۭا कोई दीन dīnan
कोई दीन فَلَن तो हरगिज़ नहीं falan
तो हरगिज़ नहीं يُقْبَلَ वो क़ुबूल किया जाएगा yuq'bala
वो क़ुबूल किया जाएगा مِنْهُ उससे min'hu
उससे وَهُوَ और वो wahuwa
और वो فِى in fī
in ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत में l-ākhirati
आख़िरत में مِنَ (will be) from mina
(will be) from ٱلْخَـٰسِرِينَ ख़सारा पाने वालों में से होगा l-khāsirīna
ख़सारा पाने वालों में से होगा ٨٥ (85)
(85)
और जो कोई يَبْتَغِ चाहेगा yabtaghi
चाहेगा غَيْرَ सिवाय ghayra
सिवाय ٱلْإِسْلَـٰمِ इस्लाम के l-is'lāmi
इस्लाम के دِينًۭا कोई दीन dīnan
कोई दीन فَلَن तो हरगिज़ नहीं falan
तो हरगिज़ नहीं يُقْبَلَ वो क़ुबूल किया जाएगा yuq'bala
वो क़ुबूल किया जाएगा مِنْهُ उससे min'hu
उससे وَهُوَ और वो wahuwa
और वो فِى in fī
in ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत में l-ākhirati
आख़िरत में مِنَ (will be) from mina
(will be) from ٱلْخَـٰسِرِينَ ख़सारा पाने वालों में से होगा l-khāsirīna
ख़सारा पाने वालों में से होगा ٨٥ (85)
(85)
और जो इस्लाम के अलावा कोई और धर्म तलाश करे, तो वह उससे हरगिज़ स्वीकार नहीं किया जाएगा और वह आख़िरत में घाटा उठाने वालों में से होगा।
३:८६
كَيْفَ
किस तरह
kayfa
किस तरह يَهْدِى हिदायत देगा yahdī
हिदायत देगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह قَوْمًۭا उस क़ौम को qawman
उस क़ौम को كَفَرُوا۟ जिन्होंने कुफ़्र किया kafarū
जिन्होंने कुफ़्र किया بَعْدَ बाद baʿda
बाद إِيمَـٰنِهِمْ अपने ईमान लाने के īmānihim
अपने ईमान लाने के وَشَهِدُوٓا۟ और उन्होंने गवाही दी washahidū
और उन्होंने गवाही दी أَنَّ कि बेशक anna
कि बेशक ٱلرَّسُولَ रसूल l-rasūla
रसूल حَقٌّۭ बरहक़ हैं ḥaqqun
बरहक़ हैं وَجَآءَهُمُ और आईं उनके पास wajāahumu
और आईं उनके पास ٱلْبَيِّنَـٰتُ ۚ वाज़ेह निशानियाँ l-bayinātu
वाज़ेह निशानियाँ وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يَهْدِى नहीं वो हिदायत देता yahdī
नहीं वो हिदायत देता ٱلْقَوْمَ उन लोगों को l-qawma
उन लोगों को ٱلظَّـٰلِمِينَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimīna
जो ज़ालिम हैं ٨٦ (86)
(86)
किस तरह يَهْدِى हिदायत देगा yahdī
हिदायत देगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह قَوْمًۭا उस क़ौम को qawman
उस क़ौम को كَفَرُوا۟ जिन्होंने कुफ़्र किया kafarū
जिन्होंने कुफ़्र किया بَعْدَ बाद baʿda
बाद إِيمَـٰنِهِمْ अपने ईमान लाने के īmānihim
अपने ईमान लाने के وَشَهِدُوٓا۟ और उन्होंने गवाही दी washahidū
और उन्होंने गवाही दी أَنَّ कि बेशक anna
कि बेशक ٱلرَّسُولَ रसूल l-rasūla
रसूल حَقٌّۭ बरहक़ हैं ḥaqqun
बरहक़ हैं وَجَآءَهُمُ और आईं उनके पास wajāahumu
और आईं उनके पास ٱلْبَيِّنَـٰتُ ۚ वाज़ेह निशानियाँ l-bayinātu
वाज़ेह निशानियाँ وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يَهْدِى नहीं वो हिदायत देता yahdī
नहीं वो हिदायत देता ٱلْقَوْمَ उन लोगों को l-qawma
उन लोगों को ٱلظَّـٰلِمِينَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimīna
जो ज़ालिम हैं ٨٦ (86)
(86)
अल्लाह उन लोगों को कैसे हिदायत देगा, जिन्होंने अपने ईमान के बाद कुफ़्र किया और (इसके बाद कि) उन्होंने गवाही दी कि निश्चय यह रसूल सच्चा है तथा उनके पास स्पष्ट प्रमाण आ चुके?! और अल्लाह अत्याचारियों को हिदायत नहीं देता।
३:८७
أُو۟لَـٰٓئِكَ
यही लोग हैं
ulāika
यही लोग हैं جَزَآؤُهُمْ बदला उनका jazāuhum
बदला उनका أَنَّ कि बेशक anna
कि बेशक عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर لَعْنَةَ लानत है laʿnata
लानत है ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की وَٱلْمَلَـٰٓئِكَةِ और फ़रिश्तों की wal-malāikati
और फ़रिश्तों की وَٱلنَّاسِ और लोगों की wal-nāsi
और लोगों की أَجْمَعِينَ सब के सब की ajmaʿīna
सब के सब की ٨٧ (87)
(87)
यही लोग हैं جَزَآؤُهُمْ बदला उनका jazāuhum
बदला उनका أَنَّ कि बेशक anna
कि बेशक عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर لَعْنَةَ लानत है laʿnata
लानत है ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की وَٱلْمَلَـٰٓئِكَةِ और फ़रिश्तों की wal-malāikati
और फ़रिश्तों की وَٱلنَّاسِ और लोगों की wal-nāsi
और लोगों की أَجْمَعِينَ सब के सब की ajmaʿīna
सब के सब की ٨٧ (87)
(87)
ऐसे लोगों का बदला यह है कि उनपर अल्लाह की, फ़रिश्तों की और समस्त लोगों की ला'नत (धिक्कार) है।
३:८८
خَـٰلِدِينَ
हमेशा रहने वाले हैं
khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَا उसमें fīhā
उसमें لَا Not lā
Not يُخَفَّفُ ना हलका किया जाएगा yukhaffafu
ना हलका किया जाएगा عَنْهُمُ उनसे ʿanhumu
उनसे ٱلْعَذَابُ अज़ाब l-ʿadhābu
अज़ाब وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يُنظَرُونَ वो मोहलत दिए जाऐंगे yunẓarūna
वो मोहलत दिए जाऐंगे ٨٨ (88)
(88)
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَا उसमें fīhā
उसमें لَا Not lā
Not يُخَفَّفُ ना हलका किया जाएगा yukhaffafu
ना हलका किया जाएगा عَنْهُمُ उनसे ʿanhumu
उनसे ٱلْعَذَابُ अज़ाब l-ʿadhābu
अज़ाब وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يُنظَرُونَ वो मोहलत दिए जाऐंगे yunẓarūna
वो मोहलत दिए जाऐंगे ٨٨ (88)
(88)
हमेशा उसमें रहने वाले हैं, न उनका अज़ाब हल्का किया जाएगा और न उन्हें मोहलत दी जाएगी।
३:८९
إِلَّا
मगर
illā
मगर ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने تَابُوا۟ तौबा की tābū
तौबा की مِنۢ from min
from بَعْدِ after baʿdi
after ذَٰلِكَ बाद उसके dhālika
बाद उसके وَأَصْلَحُوا۟ और इस्लाह की wa-aṣlaḥū
और इस्लाह की فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ٨٩ (89)
(89)
मगर ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने تَابُوا۟ तौबा की tābū
तौबा की مِنۢ from min
from بَعْدِ after baʿdi
after ذَٰلِكَ बाद उसके dhālika
बाद उसके وَأَصْلَحُوا۟ और इस्लाह की wa-aṣlaḥū
और इस्लाह की فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ٨٩ (89)
(89)
परंतु जिन लोगों ने इसके बाद तौबा कर ली तथा सुधार कर लिया, तो निश्चय अल्लाह अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।
३:९०
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया بَعْدَ बाद baʿda
बाद إِيمَـٰنِهِمْ अपने ईमान के īmānihim
अपने ईमान के ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱزْدَادُوا۟ वो बढ़ते गए iz'dādū
वो बढ़ते गए كُفْرًۭا कुफ़्र में kuf'ran
कुफ़्र में لَّن हरगिज़ ना lan
हरगिज़ ना تُقْبَلَ क़ुबूल की जाएगी tuq'bala
क़ुबूल की जाएगी تَوْبَتُهُمْ तौबा उनकी tawbatuhum
तौबा उनकी وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग हैं wa-ulāika
और यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلضَّآلُّونَ जो गुमराह हैं l-ḍālūna
जो गुमराह हैं ٩٠ (90)
(90)
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया بَعْدَ बाद baʿda
बाद إِيمَـٰنِهِمْ अपने ईमान के īmānihim
अपने ईमान के ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱزْدَادُوا۟ वो बढ़ते गए iz'dādū
वो बढ़ते गए كُفْرًۭا कुफ़्र में kuf'ran
कुफ़्र में لَّن हरगिज़ ना lan
हरगिज़ ना تُقْبَلَ क़ुबूल की जाएगी tuq'bala
क़ुबूल की जाएगी تَوْبَتُهُمْ तौबा उनकी tawbatuhum
तौबा उनकी وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग हैं wa-ulāika
और यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلضَّآلُّونَ जो गुमराह हैं l-ḍālūna
जो गुमराह हैं ٩٠ (90)
(90)
निःसंदेह जिन लोगों ने अपने ईमान के बाद कुफ़्र किया, फिर कुफ़्र में बढ़ गए, उनकी तौबा कदापि1 स्वीकार न की जाएगी तथा वही लोग पथभ्रष्ट हैं।
३:९१
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया وَمَاتُوا۟ और मर गए wamātū
और मर गए وَهُمْ इस हाल में कि वो wahum
इस हाल में कि वो كُفَّارٌۭ काफ़िर थे kuffārun
काफ़िर थे فَلَن तो हरगिज़ ना falan
तो हरगिज़ ना يُقْبَلَ क़ुबूल किया जाएगा yuq'bala
क़ुबूल किया जाएगा مِنْ from min
from أَحَدِهِم उनमें से किसी एक से aḥadihim
उनमें से किसी एक से مِّلْءُ full mil'u
full ٱلْأَرْضِ ज़मीन भर l-arḍi
ज़मीन भर ذَهَبًۭا सोना dhahaban
सोना وَلَوِ और अगरचे walawi
और अगरचे ٱفْتَدَىٰ वो फ़िदया दे if'tadā
वो फ़िदया दे بِهِۦٓ ۗ उसका bihi
उसका أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है أَلِيمٌۭ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक وَمَا और नहीं wamā
और नहीं لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مِّن any min
any نَّـٰصِرِينَ मददगारों में से कोई nāṣirīna
मददगारों में से कोई ٩١ (91)
(91)
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया وَمَاتُوا۟ और मर गए wamātū
और मर गए وَهُمْ इस हाल में कि वो wahum
इस हाल में कि वो كُفَّارٌۭ काफ़िर थे kuffārun
काफ़िर थे فَلَن तो हरगिज़ ना falan
तो हरगिज़ ना يُقْبَلَ क़ुबूल किया जाएगा yuq'bala
क़ुबूल किया जाएगा مِنْ from min
from أَحَدِهِم उनमें से किसी एक से aḥadihim
उनमें से किसी एक से مِّلْءُ full mil'u
full ٱلْأَرْضِ ज़मीन भर l-arḍi
ज़मीन भर ذَهَبًۭا सोना dhahaban
सोना وَلَوِ और अगरचे walawi
और अगरचे ٱفْتَدَىٰ वो फ़िदया दे if'tadā
वो फ़िदया दे بِهِۦٓ ۗ उसका bihi
उसका أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है أَلِيمٌۭ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक وَمَا और नहीं wamā
और नहीं لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مِّن any min
any نَّـٰصِرِينَ मददगारों में से कोई nāṣirīna
मददगारों में से कोई ٩١ (91)
(91)
निःसंदेह जिन लोगों ने कुफ़्र किया और इस हाल में मर गए कि वे काफ़िर थे, तो उनके किसी एक से धरती के बराबर सोना भी हरगिज़ स्वीकार नहीं किया जाएगा, चाहे वह उसे फ़िदया (छुड़ौती) में दे दे। ये लोग हैं जिनके लिए दर्दनाक यातना है और उनके लिए कोई मदद करने वाले नहीं।
३:९२
لَن
हरगिज़ नहीं
lan
हरगिज़ नहीं تَنَالُوا۟ तुम पा सकते tanālū
तुम पा सकते ٱلْبِرَّ नेकी को l-bira
नेकी को حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि تُنفِقُوا۟ तुम ख़र्च करो tunfiqū
तुम ख़र्च करो مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो تُحِبُّونَ ۚ तुम पसंद करते हो tuḥibbūna
तुम पसंद करते हो وَمَا और जो wamā
और जो تُنفِقُوا۟ तुम ख़र्च करोगे tunfiqū
तुम ख़र्च करोगे مِن of min
of شَىْءٍۢ कोई चीज़ shayin
कोई चीज़ فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह بِهِۦ उसे bihi
उसे عَلِيمٌۭ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٩٢ (92)
(92)
हरगिज़ नहीं تَنَالُوا۟ तुम पा सकते tanālū
तुम पा सकते ٱلْبِرَّ नेकी को l-bira
नेकी को حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि تُنفِقُوا۟ तुम ख़र्च करो tunfiqū
तुम ख़र्च करो مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो تُحِبُّونَ ۚ तुम पसंद करते हो tuḥibbūna
तुम पसंद करते हो وَمَا और जो wamā
और जो تُنفِقُوا۟ तुम ख़र्च करोगे tunfiqū
तुम ख़र्च करोगे مِن of min
of شَىْءٍۢ कोई चीज़ shayin
कोई चीज़ فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह بِهِۦ उसे bihi
उसे عَلِيمٌۭ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٩٢ (92)
(92)
तुम नेकी1 को कदापि नहीं प्राप्त कर सकते, जब तक तुम उन चीज़ों में से (अल्लाह के मार्ग में) खर्च न करो, जो तुम्हें प्रिय हैं। तथा तुम जो चीज़ भी खर्च करोगे, निःसंदेह अल्लाह उसे भली-भांति जानता है।
३:९३
۞ كُلُّ
हर
kullu
हर ٱلطَّعَامِ खाना l-ṭaʿāmi
खाना كَانَ था kāna
था حِلًّۭا हलाल ḥillan
हलाल لِّبَنِىٓ for (the) Children libanī
for (the) Children إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल के लिए is'rāīla
बनी इस्राईल के लिए إِلَّا मगर illā
मगर مَا जो mā
जो حَرَّمَ हराम किया ḥarrama
हराम किया إِسْرَٰٓءِيلُ इस्राईल ने is'rāīlu
इस्राईल ने عَلَىٰ upon ʿalā
upon نَفْسِهِۦ अपने नफ़्स पर nafsihi
अपने नफ़्स पर مِن from min
from قَبْلِ इससे पहले qabli
इससे पहले أَن कि an
कि تُنَزَّلَ नाज़िल की जाती tunazzala
नाज़िल की जाती ٱلتَّوْرَىٰةُ ۗ तौरात l-tawrātu
तौरात قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए فَأْتُوا۟ पस ले आओ fatū
पस ले आओ بِٱلتَّوْرَىٰةِ तौरात को bil-tawrāti
तौरात को فَٱتْلُوهَآ फिर पढ़ो उसे fa-it'lūhā
फिर पढ़ो उसे إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ٩٣ (93)
(93)
हर ٱلطَّعَامِ खाना l-ṭaʿāmi
खाना كَانَ था kāna
था حِلًّۭا हलाल ḥillan
हलाल لِّبَنِىٓ for (the) Children libanī
for (the) Children إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल के लिए is'rāīla
बनी इस्राईल के लिए إِلَّا मगर illā
मगर مَا जो mā
जो حَرَّمَ हराम किया ḥarrama
हराम किया إِسْرَٰٓءِيلُ इस्राईल ने is'rāīlu
इस्राईल ने عَلَىٰ upon ʿalā
upon نَفْسِهِۦ अपने नफ़्स पर nafsihi
अपने नफ़्स पर مِن from min
from قَبْلِ इससे पहले qabli
इससे पहले أَن कि an
कि تُنَزَّلَ नाज़िल की जाती tunazzala
नाज़िल की जाती ٱلتَّوْرَىٰةُ ۗ तौरात l-tawrātu
तौरात قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए فَأْتُوا۟ पस ले आओ fatū
पस ले आओ بِٱلتَّوْرَىٰةِ तौरात को bil-tawrāti
तौरात को فَٱتْلُوهَآ फिर पढ़ो उसे fa-it'lūhā
फिर पढ़ो उसे إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ٩٣ (93)
(93)
खाने की समस्त चीज़ें बनी इसराईल के लिए हलाल (वैध) थीं, सिवाय उसके जिसे इसराईल (याक़ूब अलैहिस्सलाम)1 ने तौरात उतरने से पहले अपने ऊपर हराम (अवैध) कर लिया था। (ऐ नबी!) आप कह दीजिए कि यदि तुम सच्चे हो, तो तौरात लाओ और उसे पढ़ो।
३:९४
فَمَنِ
तो जो कोई
famani
तो जो कोई ٱفْتَرَىٰ गढ़ ले if'tarā
गढ़ ले عَلَى about ʿalā
about ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर ٱلْكَذِبَ झूठ l-kadhiba
झूठ مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद ذَٰلِكَ इसके dhālika
इसके فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلظَّـٰلِمُونَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimūna
जो ज़ालिम हैं ٩٤ (94)
(94)
तो जो कोई ٱفْتَرَىٰ गढ़ ले if'tarā
गढ़ ले عَلَى about ʿalā
about ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर ٱلْكَذِبَ झूठ l-kadhiba
झूठ مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद ذَٰلِكَ इसके dhālika
इसके فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلظَّـٰلِمُونَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimūna
जो ज़ालिम हैं ٩٤ (94)
(94)
अब इसके बाद भी जो व्यक्ति अल्लाह पर मिथ्या आरोप लगाए, तो ऐसे ही लोग अत्याचारी हैं।
३:९५
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए صَدَقَ सच फ़रमाया ṣadaqa
सच फ़रमाया ٱللَّهُ ۗ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने فَٱتَّبِعُوا۟ तो पैरवी करो fa-ittabiʿū
तो पैरवी करो مِلَّةَ मिल्लते millata
मिल्लते إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम की ib'rāhīma
इब्राहीम की حَنِيفًۭا जो यकसू था ḥanīfan
जो यकसू था وَمَا और ना wamā
और ना كَانَ था वो kāna
था वो مِنَ of mina
of ٱلْمُشْرِكِينَ मुशरिकीन में से l-mush'rikīna
मुशरिकीन में से ٩٥ (95)
(95)
कह दीजिए صَدَقَ सच फ़रमाया ṣadaqa
सच फ़रमाया ٱللَّهُ ۗ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने فَٱتَّبِعُوا۟ तो पैरवी करो fa-ittabiʿū
तो पैरवी करो مِلَّةَ मिल्लते millata
मिल्लते إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम की ib'rāhīma
इब्राहीम की حَنِيفًۭا जो यकसू था ḥanīfan
जो यकसू था وَمَا और ना wamā
और ना كَانَ था वो kāna
था वो مِنَ of mina
of ٱلْمُشْرِكِينَ मुशरिकीन में से l-mush'rikīna
मुशरिकीन में से ٩٥ (95)
(95)
(ऐ नबी!) आप कह दीजिए कि अल्लाह ने सच कहा है। अतः तुम इबराहीम (अलैहिस्सलाम) के धर्म का अनुसरण करो, जो एकेश्वरवादी थे और वह बहुदेववादियों में से नहीं थे।
३:९६
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक أَوَّلَ पहला awwala
पहला بَيْتٍۢ घर baytin
घर وُضِعَ जो बनाया गया wuḍiʿa
जो बनाया गया لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए لَلَّذِى यकीनन वही है जो lalladhī
यकीनन वही है जो بِبَكَّةَ मक्का में है bibakkata
मक्का में है مُبَارَكًۭا मुबारक/बाबरकत mubārakan
मुबारक/बाबरकत وَهُدًۭى और हिदायत है wahudan
और हिदायत है لِّلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों के लिए lil'ʿālamīna
तमाम जहानों के लिए ٩٦ (96)
(96)
बेशक أَوَّلَ पहला awwala
पहला بَيْتٍۢ घर baytin
घर وُضِعَ जो बनाया गया wuḍiʿa
जो बनाया गया لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए لَلَّذِى यकीनन वही है जो lalladhī
यकीनन वही है जो بِبَكَّةَ मक्का में है bibakkata
मक्का में है مُبَارَكًۭا मुबारक/बाबरकत mubārakan
मुबारक/बाबरकत وَهُدًۭى और हिदायत है wahudan
और हिदायत है لِّلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों के लिए lil'ʿālamīna
तमाम जहानों के लिए ٩٦ (96)
(96)
निःसंदेह पहला घर जो मानव के लिए बनाया गया, वह वही है जो मक्का में है, जो बरकत वाला तथा समस्त संसार के लिए मार्गदर्शन है।
३:९७
فِيهِ
उसमें
fīhi
उसमें ءَايَـٰتٌۢ निशानियाँ हैं āyātun
निशानियाँ हैं بَيِّنَـٰتٌۭ वाज़ेह bayyinātun
वाज़ेह مَّقَامُ मक़ामे maqāmu
मक़ामे إِبْرَٰهِيمَ ۖ इब्राहीम है ib'rāhīma
इब्राहीम है وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई دَخَلَهُۥ दाख़िल हुआ उसमें dakhalahu
दाख़िल हुआ उसमें كَانَ वो हो गया kāna
वो हो गया ءَامِنًۭا ۗ अमन वाला āminan
अमन वाला وَلِلَّهِ और अल्लाह ही के लिए walillahi
और अल्लाह ही के लिए عَلَى ऊपर ʿalā
ऊपर ٱلنَّاسِ लोगों के l-nāsi
लोगों के حِجُّ हज करना है ḥijju
हज करना है ٱلْبَيْتِ बैतुल्लाह का l-bayti
बैतुल्लाह का مَنِ जो कोई mani
जो कोई ٱسْتَطَاعَ इस्तिताअत रखता हो is'taṭāʿa
इस्तिताअत रखता हो إِلَيْهِ तरफ इसके ilayhi
तरफ इसके سَبِيلًۭا ۚ रास्ते की sabīlan
रास्ते की وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई كَفَرَ कुफ़्र करे kafara
कुफ़्र करे فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह غَنِىٌّ बहुत बेनियाज़ है ghaniyyun
बहुत बेनियाज़ है عَنِ of ʿani
of ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों से l-ʿālamīna
तमाम जहानों से ٩٧ (97)
(97)
उसमें ءَايَـٰتٌۢ निशानियाँ हैं āyātun
निशानियाँ हैं بَيِّنَـٰتٌۭ वाज़ेह bayyinātun
वाज़ेह مَّقَامُ मक़ामे maqāmu
मक़ामे إِبْرَٰهِيمَ ۖ इब्राहीम है ib'rāhīma
इब्राहीम है وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई دَخَلَهُۥ दाख़िल हुआ उसमें dakhalahu
दाख़िल हुआ उसमें كَانَ वो हो गया kāna
वो हो गया ءَامِنًۭا ۗ अमन वाला āminan
अमन वाला وَلِلَّهِ और अल्लाह ही के लिए walillahi
और अल्लाह ही के लिए عَلَى ऊपर ʿalā
ऊपर ٱلنَّاسِ लोगों के l-nāsi
लोगों के حِجُّ हज करना है ḥijju
हज करना है ٱلْبَيْتِ बैतुल्लाह का l-bayti
बैतुल्लाह का مَنِ जो कोई mani
जो कोई ٱسْتَطَاعَ इस्तिताअत रखता हो is'taṭāʿa
इस्तिताअत रखता हो إِلَيْهِ तरफ इसके ilayhi
तरफ इसके سَبِيلًۭا ۚ रास्ते की sabīlan
रास्ते की وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई كَفَرَ कुफ़्र करे kafara
कुफ़्र करे فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह غَنِىٌّ बहुत बेनियाज़ है ghaniyyun
बहुत बेनियाज़ है عَنِ of ʿani
of ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों से l-ʿālamīna
तमाम जहानों से ٩٧ (97)
(97)
उसमें खुली निशानियाँ हैं, (जिनमें) मक़ामे इबराहीम1 है, तथा जो उसमें प्रवेश कर गया, वह सुरक्षित हो गया। तथा अल्लाह के लिए लोगों पर इस घर का हज्ज अनिवार्य है, जो वहाँ तक पहुँचने का सामर्थ्य रखता हो, और जिसने इनकार किया तो निःसंदेह अल्लाह (उससे, बल्कि) समस्त संसार से निस्पृह (बेनियाज़) है।
३:९८
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए يَـٰٓأَهْلَ O People yāahla
O People ٱلْكِتَـٰبِ ऐ अहले किताब l-kitābi
ऐ अहले किताब لِمَ क्यों lima
क्यों تَكْفُرُونَ तुम कुफ़्र करते हो takfurūna
तुम कुफ़्र करते हो بِـَٔايَـٰتِ in (the) Verses biāyāti
in (the) Verses ٱللَّهِ अल्लाह की आयात का l-lahi
अल्लाह की आयात का وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह شَهِيدٌ ख़ूब गवाह है shahīdun
ख़ूब गवाह है عَلَىٰ उस पर ʿalā
उस पर مَا जो mā
जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो ٩٨ (98)
(98)
कह दीजिए يَـٰٓأَهْلَ O People yāahla
O People ٱلْكِتَـٰبِ ऐ अहले किताब l-kitābi
ऐ अहले किताब لِمَ क्यों lima
क्यों تَكْفُرُونَ तुम कुफ़्र करते हो takfurūna
तुम कुफ़्र करते हो بِـَٔايَـٰتِ in (the) Verses biāyāti
in (the) Verses ٱللَّهِ अल्लाह की आयात का l-lahi
अल्लाह की आयात का وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह شَهِيدٌ ख़ूब गवाह है shahīdun
ख़ूब गवाह है عَلَىٰ उस पर ʿalā
उस पर مَا जो mā
जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो ٩٨ (98)
(98)
(ऐ नबी!) आप कह दीजिए कि ऐ किताब वालो! तुम अल्लाह की आयतों का क्यों इनकार करते हो, हालाँकि जो कुछ तुम करते हो अल्लाह उससे अवगत हैॽ
३:९९
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए يَـٰٓأَهْلَ O People yāahla
O People ٱلْكِتَـٰبِ ऐ अहले किताब l-kitābi
ऐ अहले किताब لِمَ क्यों lima
क्यों تَصُدُّونَ तुम रोकते /फेरते हो taṣuddūna
तुम रोकते /फेरते हो عَن from ʿan
from سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते से l-lahi
अल्लाह के रास्ते से مَنْ उसे जो man
उसे जो ءَامَنَ ईमान लाया āmana
ईमान लाया تَبْغُونَهَا तुम तलाश करते हो उसमें tabghūnahā
तुम तलाश करते हो उसमें عِوَجًۭا टेढ़ापन/कजी ʿiwajan
टेढ़ापन/कजी وَأَنتُمْ हालाँकि तुम wa-antum
हालाँकि तुम شُهَدَآءُ ۗ गवाह हो shuhadāu
गवाह हो وَمَا और नहीं है wamā
और नहीं है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِغَـٰفِلٍ ग़ाफ़िल bighāfilin
ग़ाफ़िल عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो ٩٩ (99)
(99)
कह दीजिए يَـٰٓأَهْلَ O People yāahla
O People ٱلْكِتَـٰبِ ऐ अहले किताब l-kitābi
ऐ अहले किताब لِمَ क्यों lima
क्यों تَصُدُّونَ तुम रोकते /फेरते हो taṣuddūna
तुम रोकते /फेरते हो عَن from ʿan
from سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते से l-lahi
अल्लाह के रास्ते से مَنْ उसे जो man
उसे जो ءَامَنَ ईमान लाया āmana
ईमान लाया تَبْغُونَهَا तुम तलाश करते हो उसमें tabghūnahā
तुम तलाश करते हो उसमें عِوَجًۭا टेढ़ापन/कजी ʿiwajan
टेढ़ापन/कजी وَأَنتُمْ हालाँकि तुम wa-antum
हालाँकि तुम شُهَدَآءُ ۗ गवाह हो shuhadāu
गवाह हो وَمَا और नहीं है wamā
और नहीं है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِغَـٰفِلٍ ग़ाफ़िल bighāfilin
ग़ाफ़िल عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो ٩٩ (99)
(99)
(ऐ नबी) आप कह दीजिए : ऐ किताब वालो! तुम ईमान लाने वालों को अल्लाह के रास्ते से क्यों रोकते होॽ तुम्हें उसमें कुटिलता की तलाश रहती है। जबकि तुम (उसके सच्चे होने के) गवाह1 होॽ और अल्लाह तुम्हारे कर्मों से अनभिज्ञ नहीं है।
३:१००
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوٓا۟ जो ईमान लाए हो āmanū
जो ईमान लाए हो إِن अगर in
अगर تُطِيعُوا۟ तुम इताअत करोगे tuṭīʿū
तुम इताअत करोगे فَرِيقًۭا एक गिरोह की farīqan
एक गिरोह की مِّنَ from mina
from ٱلَّذِينَ उनमें से जो alladhīna
उनमें से जो أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब يَرُدُّوكُم वो फेर देंगे तुम्हें yaruddūkum
वो फेर देंगे तुम्हें بَعْدَ बाद baʿda
बाद إِيمَـٰنِكُمْ तुम्हारे ईमान के īmānikum
तुम्हारे ईमान के كَـٰفِرِينَ काफ़िर (बनाकर) kāfirīna
काफ़िर (बनाकर) ١٠٠ (100)
(100)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوٓا۟ जो ईमान लाए हो āmanū
जो ईमान लाए हो إِن अगर in
अगर تُطِيعُوا۟ तुम इताअत करोगे tuṭīʿū
तुम इताअत करोगे فَرِيقًۭا एक गिरोह की farīqan
एक गिरोह की مِّنَ from mina
from ٱلَّذِينَ उनमें से जो alladhīna
उनमें से जो أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब يَرُدُّوكُم वो फेर देंगे तुम्हें yaruddūkum
वो फेर देंगे तुम्हें بَعْدَ बाद baʿda
बाद إِيمَـٰنِكُمْ तुम्हारे ईमान के īmānikum
तुम्हारे ईमान के كَـٰفِرِينَ काफ़िर (बनाकर) kāfirīna
काफ़िर (बनाकर) ١٠٠ (100)
(100)
ऐ ईमान वालो! यदि तुम किताब वालों के किसी समूह की बात मानोगे, तो वे तुम्हारे ईमान लाने के बाद फिर तुम्हें काफ़िर बना देंगे।
३:१०१
وَكَيْفَ
और कैसे
wakayfa
और कैसे تَكْفُرُونَ तुम कुफ़्र करते हो takfurūna
तुम कुफ़्र करते हो وَأَنتُمْ हालाँकि तुम wa-antum
हालाँकि तुम تُتْلَىٰ पढ़ी जाती हैं tut'lā
पढ़ी जाती हैं عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर ءَايَـٰتُ आयात āyātu
आयात ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की وَفِيكُمْ और तुम में है wafīkum
और तुम में है رَسُولُهُۥ ۗ रसूल उसका rasūluhu
रसूल उसका وَمَن और जो waman
और जो يَعْتَصِم थाम ले yaʿtaṣim
थाम ले بِٱللَّهِ अल्लाह को bil-lahi
अल्लाह को فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ هُدِىَ वो हिदायत दे दिया गया hudiya
वो हिदायत दे दिया गया إِلَىٰ to ilā
to صِرَٰطٍۢ तरफ़ रास्ते ṣirāṭin
तरफ़ रास्ते مُّسْتَقِيمٍۢ सीधे के mus'taqīmin
सीधे के ١٠١ (101)
(101)
और कैसे تَكْفُرُونَ तुम कुफ़्र करते हो takfurūna
तुम कुफ़्र करते हो وَأَنتُمْ हालाँकि तुम wa-antum
हालाँकि तुम تُتْلَىٰ पढ़ी जाती हैं tut'lā
पढ़ी जाती हैं عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर ءَايَـٰتُ आयात āyātu
आयात ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की وَفِيكُمْ और तुम में है wafīkum
और तुम में है رَسُولُهُۥ ۗ रसूल उसका rasūluhu
रसूल उसका وَمَن और जो waman
और जो يَعْتَصِم थाम ले yaʿtaṣim
थाम ले بِٱللَّهِ अल्लाह को bil-lahi
अल्लाह को فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ هُدِىَ वो हिदायत दे दिया गया hudiya
वो हिदायत दे दिया गया إِلَىٰ to ilā
to صِرَٰطٍۢ तरफ़ रास्ते ṣirāṭin
तरफ़ रास्ते مُّسْتَقِيمٍۢ सीधे के mus'taqīmin
सीधे के ١٠١ (101)
(101)
तथा यह कैसे हो सकता है कि तुम (फिर से) कुफ़्र को स्वीकार कर लो, जबकि तुम्हारे सामने अल्लाह की आयतें पढ़ी जा रही हैं और तुम्हारे बीच उसका रसूल1 मौजूद हैॽ और जो अल्लाह को2 मज़बूत थाम ले, तो वास्तव में उसे सीधा मार्ग दिखा दिया गया।
३:१०२
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो ٱتَّقُوا۟ डरो ittaqū
डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से حَقَّ हक़ है (जैसे) ḥaqqa
हक़ है (जैसे) تُقَاتِهِۦ उससे डरने का tuqātihi
उससे डरने का وَلَا and (do) not walā
and (do) not تَمُوتُنَّ और हरगिज़ ना तुम मरना tamūtunna
और हरगिज़ ना तुम मरना إِلَّا मगर illā
मगर وَأَنتُم इस हाल में कि तुम wa-antum
इस हाल में कि तुम مُّسْلِمُونَ मुसलमान हो mus'limūna
मुसलमान हो ١٠٢ (102)
(102)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो ٱتَّقُوا۟ डरो ittaqū
डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से حَقَّ हक़ है (जैसे) ḥaqqa
हक़ है (जैसे) تُقَاتِهِۦ उससे डरने का tuqātihi
उससे डरने का وَلَا and (do) not walā
and (do) not تَمُوتُنَّ और हरगिज़ ना तुम मरना tamūtunna
और हरगिज़ ना तुम मरना إِلَّا मगर illā
मगर وَأَنتُم इस हाल में कि तुम wa-antum
इस हाल में कि तुम مُّسْلِمُونَ मुसलमान हो mus'limūna
मुसलमान हो ١٠٢ (102)
(102)
ऐ ईमान वालो! अल्लाह से डरो, जैसा कि उससे डरना चाहिए तथा तुम्हारी मृत्यु न आए परंतु इस स्थिति में कि तुम मुसलमान हो।
३:१०३
وَٱعْتَصِمُوا۟
और मज़बूती से पकड़ लो
wa-iʿ'taṣimū
और मज़बूती से पकड़ लो بِحَبْلِ to (the) rope biḥabli
to (the) rope ٱللَّهِ अल्लाह की रस्सी को l-lahi
अल्लाह की रस्सी को جَمِيعًۭا सबके सब jamīʿan
सबके सब وَلَا और ना walā
और ना تَفَرَّقُوا۟ ۚ तुम फ़िरक़ा-फ़िरका बनो tafarraqū
तुम फ़िरक़ा-फ़िरका बनो وَٱذْكُرُوا۟ और याद करो wa-udh'kurū
और याद करो نِعْمَتَ नेअमत को niʿ'mata
नेअमत को ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की عَلَيْكُمْ अपने ऊपर ʿalaykum
अपने ऊपर إِذْ जब idh
जब كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम أَعْدَآءًۭ दुश्मन aʿdāan
दुश्मन فَأَلَّفَ तो उसने उल्फ़त डाल दी fa-allafa
तो उसने उल्फ़त डाल दी بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान قُلُوبِكُمْ तुम्हारे दिलों के qulūbikum
तुम्हारे दिलों के فَأَصْبَحْتُم तो हो गए तुम fa-aṣbaḥtum
तो हो गए तुम بِنِعْمَتِهِۦٓ उसकी नेअमत से biniʿ'matihi
उसकी नेअमत से إِخْوَٰنًۭا भाई-भाई ikh'wānan
भाई-भाई وَكُنتُمْ और थे तुम wakuntum
और थे तुम عَلَىٰ on ʿalā
on شَفَا किनारे पर shafā
किनारे पर حُفْرَةٍۢ गढ़े के ḥuf'ratin
गढ़े के مِّنَ of mina
of ٱلنَّارِ आग के l-nāri
आग के فَأَنقَذَكُم तो उसने बचा लिया तुम्हें fa-anqadhakum
तो उसने बचा लिया तुम्हें مِّنْهَا ۗ उससे min'hā
उससे كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह يُبَيِّنُ वाज़ेह करता है yubayyinu
वाज़ेह करता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए ءَايَـٰتِهِۦ आयात अपनी āyātihi
आयात अपनी لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَهْتَدُونَ तुम हिदायत पाओ tahtadūna
तुम हिदायत पाओ ١٠٣ (103)
(103)
और मज़बूती से पकड़ लो بِحَبْلِ to (the) rope biḥabli
to (the) rope ٱللَّهِ अल्लाह की रस्सी को l-lahi
अल्लाह की रस्सी को جَمِيعًۭا सबके सब jamīʿan
सबके सब وَلَا और ना walā
और ना تَفَرَّقُوا۟ ۚ तुम फ़िरक़ा-फ़िरका बनो tafarraqū
तुम फ़िरक़ा-फ़िरका बनो وَٱذْكُرُوا۟ और याद करो wa-udh'kurū
और याद करो نِعْمَتَ नेअमत को niʿ'mata
नेअमत को ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की عَلَيْكُمْ अपने ऊपर ʿalaykum
अपने ऊपर إِذْ जब idh
जब كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम أَعْدَآءًۭ दुश्मन aʿdāan
दुश्मन فَأَلَّفَ तो उसने उल्फ़त डाल दी fa-allafa
तो उसने उल्फ़त डाल दी بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान قُلُوبِكُمْ तुम्हारे दिलों के qulūbikum
तुम्हारे दिलों के فَأَصْبَحْتُم तो हो गए तुम fa-aṣbaḥtum
तो हो गए तुम بِنِعْمَتِهِۦٓ उसकी नेअमत से biniʿ'matihi
उसकी नेअमत से إِخْوَٰنًۭا भाई-भाई ikh'wānan
भाई-भाई وَكُنتُمْ और थे तुम wakuntum
और थे तुम عَلَىٰ on ʿalā
on شَفَا किनारे पर shafā
किनारे पर حُفْرَةٍۢ गढ़े के ḥuf'ratin
गढ़े के مِّنَ of mina
of ٱلنَّارِ आग के l-nāri
आग के فَأَنقَذَكُم तो उसने बचा लिया तुम्हें fa-anqadhakum
तो उसने बचा लिया तुम्हें مِّنْهَا ۗ उससे min'hā
उससे كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह يُبَيِّنُ वाज़ेह करता है yubayyinu
वाज़ेह करता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए ءَايَـٰتِهِۦ आयात अपनी āyātihi
आयात अपनी لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَهْتَدُونَ तुम हिदायत पाओ tahtadūna
तुम हिदायत पाओ ١٠٣ (103)
(103)
तथा अल्लाह की रस्सी1 को सब मिलकर मज़बूती से पकड़ लो और विभेद में न पड़ो तथा अपने ऊपर अल्लाह की नेमत को याद करो कि तुम एक-दूसरे के शत्रु थे, फिर उसने तुम्हारे दिलों को जोड़ दिया और तुम उसकी कृपा से भाई-भाई हो गए। तथा तुम आग के गड्ढे के किनारे खड़े थे, तो उसने तुम्हें उससे बचा लिया। इसी प्रकार अल्लाह तुम्हारे लिए अपनी आयतों को खोल-खोलकर बयान करता है, ताकि तुम मार्गदर्शन पा जाओ।
३:१०४
وَلْتَكُن
और ज़रूर हो
waltakun
और ज़रूर हो مِّنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से أُمَّةٌۭ एक गिरोह (के लोग) ummatun
एक गिरोह (के लोग) يَدْعُونَ जो दावत दें yadʿūna
जो दावत दें إِلَى to ilā
to ٱلْخَيْرِ तरफ़ ख़ैर के l-khayri
तरफ़ ख़ैर के وَيَأْمُرُونَ और जो हुक्म दें wayamurūna
और जो हुक्म दें بِٱلْمَعْرُوفِ नेकी का bil-maʿrūfi
नेकी का وَيَنْهَوْنَ और जो रोकें wayanhawna
और जो रोकें عَنِ from ʿani
from ٱلْمُنكَرِ ۚ बुराई से l-munkari
बुराई से وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग हैं wa-ulāika
और यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْمُفْلِحُونَ जो फ़लाह पाने वाले हैं l-muf'liḥūna
जो फ़लाह पाने वाले हैं ١٠٤ (104)
(104)
और ज़रूर हो مِّنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से أُمَّةٌۭ एक गिरोह (के लोग) ummatun
एक गिरोह (के लोग) يَدْعُونَ जो दावत दें yadʿūna
जो दावत दें إِلَى to ilā
to ٱلْخَيْرِ तरफ़ ख़ैर के l-khayri
तरफ़ ख़ैर के وَيَأْمُرُونَ और जो हुक्म दें wayamurūna
और जो हुक्म दें بِٱلْمَعْرُوفِ नेकी का bil-maʿrūfi
नेकी का وَيَنْهَوْنَ और जो रोकें wayanhawna
और जो रोकें عَنِ from ʿani
from ٱلْمُنكَرِ ۚ बुराई से l-munkari
बुराई से وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग हैं wa-ulāika
और यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْمُفْلِحُونَ जो फ़लाह पाने वाले हैं l-muf'liḥūna
जो फ़लाह पाने वाले हैं ١٠٤ (104)
(104)
तथा तुममें एक समूह ऐसा होना चाहिए, जो भलाई की ओर बुलाए, अच्छे कामों1 का आदेश दे और बुरे कामों2 से रोके और वही सफलता प्राप्त करने वाले लोग हैं।
३:१०५
وَلَا
और ना
walā
और ना تَكُونُوا۟ तुम हो जाना takūnū
तुम हो जाना كَٱلَّذِينَ उनकी तरह जो ka-alladhīna
उनकी तरह जो تَفَرَّقُوا۟ फ़िरक़ा-फ़िरक़ा बन गए tafarraqū
फ़िरक़ा-फ़िरक़ा बन गए وَٱخْتَلَفُوا۟ और उन्होंने इख़्तिलाफ़ किया wa-ikh'talafū
और उन्होंने इख़्तिलाफ़ किया مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद इसके baʿdi
बाद इसके مَا जो mā
जो جَآءَهُمُ आ गईं उनके पास jāahumu
आ गईं उनके पास ٱلْبَيِّنَـٰتُ ۚ वाज़ेह निशानियाँ l-bayinātu
वाज़ेह निशानियाँ وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग हैं wa-ulāika
और यही लोग हैं لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है عَظِيمٌۭ बहुत बड़ा ʿaẓīmun
बहुत बड़ा ١٠٥ (105)
(105)
और ना تَكُونُوا۟ तुम हो जाना takūnū
तुम हो जाना كَٱلَّذِينَ उनकी तरह जो ka-alladhīna
उनकी तरह जो تَفَرَّقُوا۟ फ़िरक़ा-फ़िरक़ा बन गए tafarraqū
फ़िरक़ा-फ़िरक़ा बन गए وَٱخْتَلَفُوا۟ और उन्होंने इख़्तिलाफ़ किया wa-ikh'talafū
और उन्होंने इख़्तिलाफ़ किया مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद इसके baʿdi
बाद इसके مَا जो mā
जो جَآءَهُمُ आ गईं उनके पास jāahumu
आ गईं उनके पास ٱلْبَيِّنَـٰتُ ۚ वाज़ेह निशानियाँ l-bayinātu
वाज़ेह निशानियाँ وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग हैं wa-ulāika
और यही लोग हैं لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है عَظِيمٌۭ बहुत बड़ा ʿaẓīmun
बहुत बड़ा ١٠٥ (105)
(105)
तथा उनके1 समान न हो जाओ, जो संप्रदायों में बट गए, और उनके पास स्पष्ट निशानियाँ आ जाने के पश्चात आपस में मतभेद कर बैठे, और उन्हीं के लिए बड़ी यातना है।
३:१०६
يَوْمَ
जिस दिन
yawma
जिस दिन تَبْيَضُّ रोशन होंगे tabyaḍḍu
रोशन होंगे وُجُوهٌۭ कुछ चेहरे wujūhun
कुछ चेहरे وَتَسْوَدُّ और स्याह होंगे wataswaddu
और स्याह होंगे وُجُوهٌۭ ۚ कुछ चेहरे wujūhun
कुछ चेहरे فَأَمَّا तो रहे fa-ammā
तो रहे ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो ٱسْوَدَّتْ स्याह होंगे is'waddat
स्याह होंगे وُجُوهُهُمْ चेहरे जिनके wujūhuhum
चेहरे जिनके أَكَفَرْتُم क्या कुफ़्र किया तुमने akafartum
क्या कुफ़्र किया तुमने بَعْدَ बाद baʿda
बाद إِيمَـٰنِكُمْ अपने ईमान के īmānikum
अपने ईमान के فَذُوقُوا۟ पस चखो fadhūqū
पस चखो ٱلْعَذَابَ अज़ाब को l-ʿadhāba
अज़ाब को بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَكْفُرُونَ तुम कुफ़्र करते takfurūna
तुम कुफ़्र करते ١٠٦ (106)
(106)
जिस दिन تَبْيَضُّ रोशन होंगे tabyaḍḍu
रोशन होंगे وُجُوهٌۭ कुछ चेहरे wujūhun
कुछ चेहरे وَتَسْوَدُّ और स्याह होंगे wataswaddu
और स्याह होंगे وُجُوهٌۭ ۚ कुछ चेहरे wujūhun
कुछ चेहरे فَأَمَّا तो रहे fa-ammā
तो रहे ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो ٱسْوَدَّتْ स्याह होंगे is'waddat
स्याह होंगे وُجُوهُهُمْ चेहरे जिनके wujūhuhum
चेहरे जिनके أَكَفَرْتُم क्या कुफ़्र किया तुमने akafartum
क्या कुफ़्र किया तुमने بَعْدَ बाद baʿda
बाद إِيمَـٰنِكُمْ अपने ईमान के īmānikum
अपने ईमान के فَذُوقُوا۟ पस चखो fadhūqū
पस चखो ٱلْعَذَابَ अज़ाब को l-ʿadhāba
अज़ाब को بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَكْفُرُونَ तुम कुफ़्र करते takfurūna
तुम कुफ़्र करते ١٠٦ (106)
(106)
जिस दिन कुछ चेहरे उज्जवल होंगे और कुछ चेहरे काले होंगे। फिर जिनके चेहरे काले होंगे (उनसे कहा जाएगा :) क्या तुमने अपने ईमान के बाद कुफ़्र कर लिया थाॽ तो अब अपने कुफ़्र करने के कारण यातना का स्वाद चखो।
३:१०७
وَأَمَّا
और रहे
wa-ammā
और रहे ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो ٱبْيَضَّتْ सफ़ेद होंगे ib'yaḍḍat
सफ़ेद होंगे وُجُوهُهُمْ चेहरे जिनके wujūhuhum
चेहरे जिनके فَفِى then (they will be) in fafī
then (they will be) in رَحْمَةِ तो रहमत में होंगे raḥmati
तो रहमत में होंगे ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की هُمْ वो hum
वो فِيهَا उसमें fīhā
उसमें خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं ١٠٧ (107)
(107)
और रहे ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो ٱبْيَضَّتْ सफ़ेद होंगे ib'yaḍḍat
सफ़ेद होंगे وُجُوهُهُمْ चेहरे जिनके wujūhuhum
चेहरे जिनके فَفِى then (they will be) in fafī
then (they will be) in رَحْمَةِ तो रहमत में होंगे raḥmati
तो रहमत में होंगे ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की هُمْ वो hum
वो فِيهَا उसमें fīhā
उसमें خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं ١٠٧ (107)
(107)
तथा जिनके चेहरे चमक रहे होंगे, वे अल्लाह की दया (जन्नत) में होंगे, वे सदैव उसी में रहेंगे।
३:१०८
تِلْكَ
ये
til'ka
ये ءَايَـٰتُ आयात हैं āyātu
आयात हैं ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की نَتْلُوهَا हम पढ़ रहे हैं उन्हें natlūhā
हम पढ़ रहे हैं उन्हें عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर بِٱلْحَقِّ ۗ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के وَمَا और नहीं wamā
और नहीं ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह يُرِيدُ इरादा रखता yurīdu
इरादा रखता ظُلْمًۭا किसी ज़ुल्म का ẓul'man
किसी ज़ुल्म का لِّلْعَـٰلَمِينَ जहान वालों के लिए lil'ʿālamīna
जहान वालों के लिए ١٠٨ (108)
(108)
ये ءَايَـٰتُ आयात हैं āyātu
आयात हैं ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की نَتْلُوهَا हम पढ़ रहे हैं उन्हें natlūhā
हम पढ़ रहे हैं उन्हें عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर بِٱلْحَقِّ ۗ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के وَمَا और नहीं wamā
और नहीं ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह يُرِيدُ इरादा रखता yurīdu
इरादा रखता ظُلْمًۭا किसी ज़ुल्म का ẓul'man
किसी ज़ुल्म का لِّلْعَـٰلَمِينَ जहान वालों के लिए lil'ʿālamīna
जहान वालों के लिए ١٠٨ (108)
(108)
ये अल्लाह की आयतें हैं, जो हम आपको हक़ के साथ सुना रहे हैं और अल्लाह संसार वालों पर अत्याचार नहीं करना चाहता।
३:१०९
وَلِلَّهِ
और अल्लाह ही के लिए है
walillahi
और अल्लाह ही के लिए है مَا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ۚ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है وَإِلَى And to wa-ilā
And to ٱللَّهِ और तरफ़ अल्लाह ही के l-lahi
और तरफ़ अल्लाह ही के تُرْجَعُ लौटाए जाते हैं tur'jaʿu
लौटाए जाते हैं ٱلْأُمُورُ सब काम l-umūru
सब काम ١٠٩ (109)
(109)
और अल्लाह ही के लिए है مَا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ۚ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है وَإِلَى And to wa-ilā
And to ٱللَّهِ और तरफ़ अल्लाह ही के l-lahi
और तरफ़ अल्लाह ही के تُرْجَعُ लौटाए जाते हैं tur'jaʿu
लौटाए जाते हैं ٱلْأُمُورُ सब काम l-umūru
सब काम ١٠٩ (109)
(109)
तथा जो कुछ आकाशों में और जो कुछ धरती में है सब अल्लाह ही के लिए है और सारे मामले अल्लाह ही की ओर लौटाए जाते हैं।
३:११०
كُنتُمْ
हो तुम
kuntum
हो तुम خَيْرَ बेहतरीन khayra
बेहतरीन أُمَّةٍ उम्मत ummatin
उम्मत أُخْرِجَتْ निकाली गई हो ukh'rijat
निकाली गई हो لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए تَأْمُرُونَ तुम हुक्म देते हो tamurūna
तुम हुक्म देते हो بِٱلْمَعْرُوفِ मारूफ़/अच्छाई का bil-maʿrūfi
मारूफ़/अच्छाई का وَتَنْهَوْنَ और तुम रोकते हो watanhawna
और तुम रोकते हो عَنِ [from] ʿani
[from] ٱلْمُنكَرِ मुन्कर/बुराई से l-munkari
मुन्कर/बुराई से وَتُؤْمِنُونَ और तुम ईमान लाते हो watu'minūna
और तुम ईमान लाते हो بِٱللَّهِ ۗ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَلَوْ और अगर walaw
और अगर ءَامَنَ ईमान लाते āmana
ईमान लाते أَهْلُ (the) People ahlu
(the) People ٱلْكِتَـٰبِ अहले किताब l-kitābi
अहले किताब لَكَانَ अलबत्ता होता lakāna
अलबत्ता होता خَيْرًۭا बेहतर khayran
बेहतर لَّهُم ۚ उनके लिए lahum
उनके लिए مِّنْهُمُ बाज़ उनके min'humu
बाज़ उनके ٱلْمُؤْمِنُونَ मोमिन हैं l-mu'minūna
मोमिन हैं وَأَكْثَرُهُمُ और अक्सर उनके wa-aktharuhumu
और अक्सर उनके ٱلْفَـٰسِقُونَ फ़ासिक़ है l-fāsiqūna
फ़ासिक़ है ١١٠ (110)
(110)
हो तुम خَيْرَ बेहतरीन khayra
बेहतरीन أُمَّةٍ उम्मत ummatin
उम्मत أُخْرِجَتْ निकाली गई हो ukh'rijat
निकाली गई हो لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए تَأْمُرُونَ तुम हुक्म देते हो tamurūna
तुम हुक्म देते हो بِٱلْمَعْرُوفِ मारूफ़/अच्छाई का bil-maʿrūfi
मारूफ़/अच्छाई का وَتَنْهَوْنَ और तुम रोकते हो watanhawna
और तुम रोकते हो عَنِ [from] ʿani
[from] ٱلْمُنكَرِ मुन्कर/बुराई से l-munkari
मुन्कर/बुराई से وَتُؤْمِنُونَ और तुम ईमान लाते हो watu'minūna
और तुम ईमान लाते हो بِٱللَّهِ ۗ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَلَوْ और अगर walaw
और अगर ءَامَنَ ईमान लाते āmana
ईमान लाते أَهْلُ (the) People ahlu
(the) People ٱلْكِتَـٰبِ अहले किताब l-kitābi
अहले किताब لَكَانَ अलबत्ता होता lakāna
अलबत्ता होता خَيْرًۭا बेहतर khayran
बेहतर لَّهُم ۚ उनके लिए lahum
उनके लिए مِّنْهُمُ बाज़ उनके min'humu
बाज़ उनके ٱلْمُؤْمِنُونَ मोमिन हैं l-mu'minūna
मोमिन हैं وَأَكْثَرُهُمُ और अक्सर उनके wa-aktharuhumu
और अक्सर उनके ٱلْفَـٰسِقُونَ फ़ासिक़ है l-fāsiqūna
फ़ासिक़ है ١١٠ (110)
(110)
तुम सर्वश्रेष्ठ समुदाय हो, जिसे लोगों के लिए निकाला गया है। तुम भलाई का आदेश देते हो और बुराई से रोकते हो और अल्लाह पर ईमान (विश्वास) रखते1 हो। और यदि किताब वाले ईमान लाते, तो उनके लिए बेहतर होता। उनमें कुछ ईमान वाले भी हैं, लेकिन उनमें अधिकतर लोग अवज्ञाकारी ही हैं।
३:१११
لَن
हरगिज़ नहीं
lan
हरगिज़ नहीं يَضُرُّوكُمْ वो नुक़सान देंगे तुम्हें yaḍurrūkum
वो नुक़सान देंगे तुम्हें إِلَّآ सिवाय illā
सिवाय أَذًۭى ۖ अज़ियत के adhan
अज़ियत के وَإِن और अगर wa-in
और अगर يُقَـٰتِلُوكُمْ वो जंग करेंगे तुमसे yuqātilūkum
वो जंग करेंगे तुमसे يُوَلُّوكُمُ वो फेर दें तुमसे yuwallūkumu
वो फेर दें तुमसे ٱلْأَدْبَارَ पुश्तें l-adbāra
पुश्तें ثُمَّ फिर thumma
फिर لَا not lā
not يُنصَرُونَ ना वो मदद किए जाऐंगे yunṣarūna
ना वो मदद किए जाऐंगे ١١١ (111)
(111)
हरगिज़ नहीं يَضُرُّوكُمْ वो नुक़सान देंगे तुम्हें yaḍurrūkum
वो नुक़सान देंगे तुम्हें إِلَّآ सिवाय illā
सिवाय أَذًۭى ۖ अज़ियत के adhan
अज़ियत के وَإِن और अगर wa-in
और अगर يُقَـٰتِلُوكُمْ वो जंग करेंगे तुमसे yuqātilūkum
वो जंग करेंगे तुमसे يُوَلُّوكُمُ वो फेर दें तुमसे yuwallūkumu
वो फेर दें तुमसे ٱلْأَدْبَارَ पुश्तें l-adbāra
पुश्तें ثُمَّ फिर thumma
फिर لَا not lā
not يُنصَرُونَ ना वो मदद किए जाऐंगे yunṣarūna
ना वो मदद किए जाऐंगे ١١١ (111)
(111)
वे तुम्हें थोड़ा कष्ट पहुँचाने के सिवा कदापि कोई हानि नहीं पहुँचा सकेंगे और यदि वे तुमसे युद्ध करेंगे, तो तुम्हारे सामने पीठ फेरकर भाग खड़े होंगे। फिर उनकी कोई सहायता (भी) नहीं की जाएगी।
३:११२
ضُرِبَتْ
मार दी गई
ḍuribat
मार दी गई عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلذِّلَّةُ ज़िल्लत l-dhilatu
ज़िल्लत أَيْنَ wherever ayna
wherever مَا जहाँ कहीं mā
जहाँ कहीं ثُقِفُوٓا۟ वो पाए गए thuqifū
वो पाए गए إِلَّا मगर illā
मगर بِحَبْلٍۢ साथ रस्सी (ताल्लुक़) के biḥablin
साथ रस्सी (ताल्लुक़) के مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की وَحَبْلٍۢ और रस्सी (ताल्लुक़) के waḥablin
और रस्सी (ताल्लुक़) के مِّنَ from mina
from ٱلنَّاسِ लोगों की l-nāsi
लोगों की وَبَآءُو और वो लौटे wabāū
और वो लौटे بِغَضَبٍۢ साथ ग़ज़ब के bighaḍabin
साथ ग़ज़ब के مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से وَضُرِبَتْ और मार दी गई waḍuribat
और मार दी गई عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلْمَسْكَنَةُ ۚ मोहताजी l-maskanatu
मोहताजी ذَٰلِكَ ये dhālika
ये بِأَنَّهُمْ बवजह उसके कि वो bi-annahum
बवजह उसके कि वो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَكْفُرُونَ वो कुफ़्र करते yakfurūna
वो कुफ़्र करते بِـَٔايَـٰتِ in (the) Verses biāyāti
in (the) Verses ٱللَّهِ अल्लाह की आयात का l-lahi
अल्लाह की आयात का وَيَقْتُلُونَ और वो क़त्ल करते wayaqtulūna
और वो क़त्ल करते ٱلْأَنۢبِيَآءَ नबियों को l-anbiyāa
नबियों को بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर حَقٍّۢ ۚ हक़ के ḥaqqin
हक़ के ذَٰلِكَ ये dhālika
ये بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो عَصَوا۟ उन्होंने नाफ़रमानी की ʿaṣaw
उन्होंने नाफ़रमानी की وَّكَانُوا۟ और थे वो wakānū
और थे वो يَعْتَدُونَ वो हद से बढ़ जाते yaʿtadūna
वो हद से बढ़ जाते ١١٢ (112)
(112)
मार दी गई عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلذِّلَّةُ ज़िल्लत l-dhilatu
ज़िल्लत أَيْنَ wherever ayna
wherever مَا जहाँ कहीं mā
जहाँ कहीं ثُقِفُوٓا۟ वो पाए गए thuqifū
वो पाए गए إِلَّا मगर illā
मगर بِحَبْلٍۢ साथ रस्सी (ताल्लुक़) के biḥablin
साथ रस्सी (ताल्लुक़) के مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की وَحَبْلٍۢ और रस्सी (ताल्लुक़) के waḥablin
और रस्सी (ताल्लुक़) के مِّنَ from mina
from ٱلنَّاسِ लोगों की l-nāsi
लोगों की وَبَآءُو और वो लौटे wabāū
और वो लौटे بِغَضَبٍۢ साथ ग़ज़ब के bighaḍabin
साथ ग़ज़ब के مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से وَضُرِبَتْ और मार दी गई waḍuribat
और मार दी गई عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلْمَسْكَنَةُ ۚ मोहताजी l-maskanatu
मोहताजी ذَٰلِكَ ये dhālika
ये بِأَنَّهُمْ बवजह उसके कि वो bi-annahum
बवजह उसके कि वो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَكْفُرُونَ वो कुफ़्र करते yakfurūna
वो कुफ़्र करते بِـَٔايَـٰتِ in (the) Verses biāyāti
in (the) Verses ٱللَّهِ अल्लाह की आयात का l-lahi
अल्लाह की आयात का وَيَقْتُلُونَ और वो क़त्ल करते wayaqtulūna
और वो क़त्ल करते ٱلْأَنۢبِيَآءَ नबियों को l-anbiyāa
नबियों को بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर حَقٍّۢ ۚ हक़ के ḥaqqin
हक़ के ذَٰلِكَ ये dhālika
ये بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो عَصَوا۟ उन्होंने नाफ़रमानी की ʿaṣaw
उन्होंने नाफ़रमानी की وَّكَانُوا۟ और थे वो wakānū
और थे वो يَعْتَدُونَ वो हद से बढ़ जाते yaʿtadūna
वो हद से बढ़ जाते ١١٢ (112)
(112)
इन (यहूदियों) पर हर जगह, अपमान थोप दिया गया है, (यह और बात है कि) अल्लाह की शरण1 अथवा लोगों की शरण2 में आ जाएँ, और ये अल्लाह के प्रकोप के पात्र हुए तथा इनपर दरिद्रता थोप दी गई। यह इस कारण हुआ कि ये अल्लाह की आयतों का इनकार करते थे और नबियों की अनाधिकार हत्या करते थे। यह इस कारण (भी) है कि इन्होंने अवज्ञा की और (धर्म की) सीमा का उल्लंघन करते थे।
३:११३
۞ لَيْسُوا۟
नहीं हैं वो सब
laysū
नहीं हैं वो सब سَوَآءًۭ ۗ यकसाँ/बराबर sawāan
यकसाँ/बराबर مِّنْ among min
among أَهْلِ (the) People ahli
(the) People ٱلْكِتَـٰبِ अहले किताब में से l-kitābi
अहले किताब में से أُمَّةٌۭ एक जमाअत है ummatun
एक जमाअत है قَآئِمَةٌۭ जो क़ायम (हक़ पर) qāimatun
जो क़ायम (हक़ पर) يَتْلُونَ वो तिलावत करते हैं yatlūna
वो तिलावत करते हैं ءَايَـٰتِ (the) Verses āyāti
(the) Verses ٱللَّهِ अल्लाह की आयात की l-lahi
अल्लाह की आयात की ءَانَآءَ घड़ियों में ānāa
घड़ियों में ٱلَّيْلِ रात की al-layli
रात की وَهُمْ और वो wahum
और वो يَسْجُدُونَ वो सजदा करते हैं yasjudūna
वो सजदा करते हैं ١١٣ (113)
(113)
नहीं हैं वो सब سَوَآءًۭ ۗ यकसाँ/बराबर sawāan
यकसाँ/बराबर مِّنْ among min
among أَهْلِ (the) People ahli
(the) People ٱلْكِتَـٰبِ अहले किताब में से l-kitābi
अहले किताब में से أُمَّةٌۭ एक जमाअत है ummatun
एक जमाअत है قَآئِمَةٌۭ जो क़ायम (हक़ पर) qāimatun
जो क़ायम (हक़ पर) يَتْلُونَ वो तिलावत करते हैं yatlūna
वो तिलावत करते हैं ءَايَـٰتِ (the) Verses āyāti
(the) Verses ٱللَّهِ अल्लाह की आयात की l-lahi
अल्लाह की आयात की ءَانَآءَ घड़ियों में ānāa
घड़ियों में ٱلَّيْلِ रात की al-layli
रात की وَهُمْ और वो wahum
और वो يَسْجُدُونَ वो सजदा करते हैं yasjudūna
वो सजदा करते हैं ١١٣ (113)
(113)
वे सभी समान नहीं हैं; किताब वालों में एक समूह (सत्य पर) स्थापित1 है, जो रात की घड़ियों में अल्लाह की आयतें पढ़ते हैं और वे सजदे करते हैं।
३:११४
يُؤْمِنُونَ
वो ईमान रखते हैं
yu'minūna
वो ईमान रखते हैं بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَٱلْيَوْمِ and the Day wal-yawmi
and the Day ٱلْـَٔاخِرِ और आख़िरी दिन पर l-ākhiri
और आख़िरी दिन पर وَيَأْمُرُونَ और वो हुक्म देते हैं wayamurūna
और वो हुक्म देते हैं بِٱلْمَعْرُوفِ नेकी का bil-maʿrūfi
नेकी का وَيَنْهَوْنَ और वो रोकते हैं wayanhawna
और वो रोकते हैं عَنِ [from] ʿani
[from] ٱلْمُنكَرِ बुराई से l-munkari
बुराई से وَيُسَـٰرِعُونَ और वो एक दूसरे से जल्दी करते हैं wayusāriʿūna
और वो एक दूसरे से जल्दी करते हैं فِى in fī
in ٱلْخَيْرَٰتِ नेकियों में l-khayrāti
नेकियों में وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग हैं wa-ulāika
और यही लोग हैं مِنَ (are) from mina
(are) from ٱلصَّـٰلِحِينَ सालेहीन में से l-ṣāliḥīna
सालेहीन में से ١١٤ (114)
(114)
वो ईमान रखते हैं بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَٱلْيَوْمِ and the Day wal-yawmi
and the Day ٱلْـَٔاخِرِ और आख़िरी दिन पर l-ākhiri
और आख़िरी दिन पर وَيَأْمُرُونَ और वो हुक्म देते हैं wayamurūna
और वो हुक्म देते हैं بِٱلْمَعْرُوفِ नेकी का bil-maʿrūfi
नेकी का وَيَنْهَوْنَ और वो रोकते हैं wayanhawna
और वो रोकते हैं عَنِ [from] ʿani
[from] ٱلْمُنكَرِ बुराई से l-munkari
बुराई से وَيُسَـٰرِعُونَ और वो एक दूसरे से जल्दी करते हैं wayusāriʿūna
और वो एक दूसरे से जल्दी करते हैं فِى in fī
in ٱلْخَيْرَٰتِ नेकियों में l-khayrāti
नेकियों में وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग हैं wa-ulāika
और यही लोग हैं مِنَ (are) from mina
(are) from ٱلصَّـٰلِحِينَ सालेहीन में से l-ṣāliḥīna
सालेहीन में से ١١٤ (114)
(114)
वे अल्लाह तथा अंतिम दिन (क़यामत) पर ईमान रखते हैं और भलाई का आदेश देते हैं और बुराई से रोकते हैं और भलाई के कामों में जल्दी करते हैं और वही अच्छे लोगों में से हैं।
३:११५
وَمَا
और जो भी
wamā
और जो भी يَفْعَلُوا۟ वो करेंगे yafʿalū
वो करेंगे مِنْ of min
of خَيْرٍۢ भलाई में से khayrin
भलाई में से فَلَن तो हरगिज़ नहीं falan
तो हरगिज़ नहीं يُكْفَرُوهُ ۗ वो नाक़द्री किए जाऐंगे उसकी yuk'farūhu
वो नाक़द्री किए जाऐंगे उसकी وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلِيمٌۢ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है بِٱلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों को bil-mutaqīna
मुत्तक़ी लोगों को ١١٥ (115)
(115)
और जो भी يَفْعَلُوا۟ वो करेंगे yafʿalū
वो करेंगे مِنْ of min
of خَيْرٍۢ भलाई में से khayrin
भलाई में से فَلَن तो हरगिज़ नहीं falan
तो हरगिज़ नहीं يُكْفَرُوهُ ۗ वो नाक़द्री किए जाऐंगे उसकी yuk'farūhu
वो नाक़द्री किए जाऐंगे उसकी وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلِيمٌۢ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है بِٱلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों को bil-mutaqīna
मुत्तक़ी लोगों को ١١٥ (115)
(115)
वे जो भी भलाई करेंगे, उसकी उपेक्षा नहीं की जाएगी और अल्लाह परहेज़गारों को भली-भाँति जानता है।
३:११६
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया لَن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं تُغْنِىَ काम आऐंगे tugh'niya
काम आऐंगे عَنْهُمْ उन्हें ʿanhum
उन्हें أَمْوَٰلُهُمْ माल उनके amwāluhum
माल उनके وَلَآ और ना walā
और ना أَوْلَـٰدُهُم औलाद उनकी awlāduhum
औलाद उनकी مِّنَ against mina
against ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से شَيْـًۭٔا ۖ कुछ भी shayan
कुछ भी وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग हैं wa-ulāika
और यही लोग हैं أَصْحَـٰبُ साथी aṣḥābu
साथी ٱلنَّارِ ۚ आग के l-nāri
आग के هُمْ वो hum
वो فِيهَا उसमें fīhā
उसमें خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं ١١٦ (116)
(116)
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया لَن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं تُغْنِىَ काम आऐंगे tugh'niya
काम आऐंगे عَنْهُمْ उन्हें ʿanhum
उन्हें أَمْوَٰلُهُمْ माल उनके amwāluhum
माल उनके وَلَآ और ना walā
और ना أَوْلَـٰدُهُم औलाद उनकी awlāduhum
औलाद उनकी مِّنَ against mina
against ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से شَيْـًۭٔا ۖ कुछ भी shayan
कुछ भी وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग हैं wa-ulāika
और यही लोग हैं أَصْحَـٰبُ साथी aṣḥābu
साथी ٱلنَّارِ ۚ आग के l-nāri
आग के هُمْ वो hum
वो فِيهَا उसमें fīhā
उसमें خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं ١١٦ (116)
(116)
निःसंदेह जिन्होंने कुफ़्र1 किया, उन्हें अल्लाह (के अज़ाब) से (बचाने में) न उनके धन कुछ काम आएँगे, न उनकी संतान। तथा वही लोग नरकवासी हैं जो उसमें हमेशा रहेंगे।
३:११७
مَثَلُ
मिसाल
mathalu
मिसाल مَا उसकी जो mā
उसकी जो يُنفِقُونَ वो ख़र्च करते हैं yunfiqūna
वो ख़र्च करते हैं فِى in fī
in هَـٰذِهِ this hādhihi
this ٱلْحَيَوٰةِ इस ज़िन्दगी में l-ḥayati
इस ज़िन्दगी में ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की كَمَثَلِ मानिन्द मिसाल kamathali
मानिन्द मिसाल رِيحٍۢ हवा के है rīḥin
हवा के है فِيهَا जिस में fīhā
जिस में صِرٌّ सख़्त सर्दी हो ṣirrun
सख़्त सर्दी हो أَصَابَتْ वो पहुँचे aṣābat
वो पहुँचे حَرْثَ खेती को ḥartha
खेती को قَوْمٍۢ एक क़ौम की qawmin
एक क़ौम की ظَلَمُوٓا۟ जिन्होंने ज़ुल्म किया ẓalamū
जिन्होंने ज़ुल्म किया أَنفُسَهُمْ अपने नफ़्सों पर anfusahum
अपने नफ़्सों पर فَأَهْلَكَتْهُ ۚ तो उसने हलाक कर दिया उसे fa-ahlakathu
तो उसने हलाक कर दिया उसे وَمَا और नहीं wamā
और नहीं ظَلَمَهُمُ ज़ुल्म किया उन पर ẓalamahumu
ज़ुल्म किया उन पर ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَلَـٰكِنْ और लेकिन walākin
और लेकिन أَنفُسَهُمْ अपने ही नफ़्सों पर anfusahum
अपने ही नफ़्सों पर يَظْلِمُونَ वो ज़ुल्म करते थे yaẓlimūna
वो ज़ुल्म करते थे ١١٧ (117)
(117)
मिसाल مَا उसकी जो mā
उसकी जो يُنفِقُونَ वो ख़र्च करते हैं yunfiqūna
वो ख़र्च करते हैं فِى in fī
in هَـٰذِهِ this hādhihi
this ٱلْحَيَوٰةِ इस ज़िन्दगी में l-ḥayati
इस ज़िन्दगी में ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की كَمَثَلِ मानिन्द मिसाल kamathali
मानिन्द मिसाल رِيحٍۢ हवा के है rīḥin
हवा के है فِيهَا जिस में fīhā
जिस में صِرٌّ सख़्त सर्दी हो ṣirrun
सख़्त सर्दी हो أَصَابَتْ वो पहुँचे aṣābat
वो पहुँचे حَرْثَ खेती को ḥartha
खेती को قَوْمٍۢ एक क़ौम की qawmin
एक क़ौम की ظَلَمُوٓا۟ जिन्होंने ज़ुल्म किया ẓalamū
जिन्होंने ज़ुल्म किया أَنفُسَهُمْ अपने नफ़्सों पर anfusahum
अपने नफ़्सों पर فَأَهْلَكَتْهُ ۚ तो उसने हलाक कर दिया उसे fa-ahlakathu
तो उसने हलाक कर दिया उसे وَمَا और नहीं wamā
और नहीं ظَلَمَهُمُ ज़ुल्म किया उन पर ẓalamahumu
ज़ुल्म किया उन पर ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَلَـٰكِنْ और लेकिन walākin
और लेकिन أَنفُسَهُمْ अपने ही नफ़्सों पर anfusahum
अपने ही नफ़्सों पर يَظْلِمُونَ वो ज़ुल्म करते थे yaẓlimūna
वो ज़ुल्म करते थे ١١٧ (117)
(117)
वे इस सांसारिक जीवन में जो कुछ भी ख़र्च करते हैं, वह उस हवा के समान है, जिसमें पाला (अत्यधिक ठंड) हो, जो किसी ऐसी क़ौम की खेती को लग जाए, जिन्होंने अपने ऊपर अत्याचार1 किया हो और उसको नष्ट कर दे। तथा अल्लाह ने उनपर अत्याचार नहीं किया, बल्कि वे स्वयं अपने आप पर अत्याचार करते थे।
३:११८
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَا (Do) not lā
(Do) not تَتَّخِذُوا۟ ना तुम बनाओ tattakhidhū
ना तुम बनाओ بِطَانَةًۭ दिली दोस्त/राज़दान biṭānatan
दिली दोस्त/राज़दान مِّن from min
from دُونِكُمْ अपने इलावा को dūnikum
अपने इलावा को لَا not lā
not يَأْلُونَكُمْ ना वो कमी करेंगे तुमसे yalūnakum
ना वो कमी करेंगे तुमसे خَبَالًۭا किसी ख़राबी की khabālan
किसी ख़राबी की وَدُّوا۟ वो दिल से चाहते हैं waddū
वो दिल से चाहते हैं مَا what mā
what عَنِتُّمْ कि मुश्किल में पड़ो तुम ʿanittum
कि मुश्किल में पड़ो तुम قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ بَدَتِ ज़ाहिर हो गया badati
ज़ाहिर हो गया ٱلْبَغْضَآءُ बुग़्ज़ l-baghḍāu
बुग़्ज़ مِنْ from min
from أَفْوَٰهِهِمْ उनके मुँहों से afwāhihim
उनके मुँहों से وَمَا और जो wamā
और जो تُخْفِى छुपाते है tukh'fī
छुपाते है صُدُورُهُمْ सीने उनके ṣudūruhum
सीने उनके أَكْبَرُ ۚ ज़्यादा बड़ा है akbaru
ज़्यादा बड़ा है قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ بَيَّنَّا वाज़ेह कर दीं हमने bayyannā
वाज़ेह कर दीं हमने لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلْـَٔايَـٰتِ ۖ निशानियाँ l-āyāti
निशानियाँ إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम تَعْقِلُونَ तुम अक़्ल रखते taʿqilūna
तुम अक़्ल रखते ١١٨ (118)
(118)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَا (Do) not lā
(Do) not تَتَّخِذُوا۟ ना तुम बनाओ tattakhidhū
ना तुम बनाओ بِطَانَةًۭ दिली दोस्त/राज़दान biṭānatan
दिली दोस्त/राज़दान مِّن from min
from دُونِكُمْ अपने इलावा को dūnikum
अपने इलावा को لَا not lā
not يَأْلُونَكُمْ ना वो कमी करेंगे तुमसे yalūnakum
ना वो कमी करेंगे तुमसे خَبَالًۭا किसी ख़राबी की khabālan
किसी ख़राबी की وَدُّوا۟ वो दिल से चाहते हैं waddū
वो दिल से चाहते हैं مَا what mā
what عَنِتُّمْ कि मुश्किल में पड़ो तुम ʿanittum
कि मुश्किल में पड़ो तुम قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ بَدَتِ ज़ाहिर हो गया badati
ज़ाहिर हो गया ٱلْبَغْضَآءُ बुग़्ज़ l-baghḍāu
बुग़्ज़ مِنْ from min
from أَفْوَٰهِهِمْ उनके मुँहों से afwāhihim
उनके मुँहों से وَمَا और जो wamā
और जो تُخْفِى छुपाते है tukh'fī
छुपाते है صُدُورُهُمْ सीने उनके ṣudūruhum
सीने उनके أَكْبَرُ ۚ ज़्यादा बड़ा है akbaru
ज़्यादा बड़ा है قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ بَيَّنَّا वाज़ेह कर दीं हमने bayyannā
वाज़ेह कर दीं हमने لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلْـَٔايَـٰتِ ۖ निशानियाँ l-āyāti
निशानियाँ إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम تَعْقِلُونَ तुम अक़्ल रखते taʿqilūna
तुम अक़्ल रखते ١١٨ (118)
(118)
ऐ ईमान वालो! तुम अपनों के सिवा किसी दूसरे को अपना अंतरंग मित्र न बनाओ, वे तुम्हें बर्बाद करने में कोई कमी नहीं करते। उन्हें वही बात भाती है, जिससे तुम्हें कष्ट पहुँचे। उनके मुखों से शत्रुता प्रकट हो चुकी है तथा जो उनके दिल छुपा रखे हैं, वह इससे बढ़कर है। हमने तुम्हारे लिए आयतों का वर्णन कर दिया है, यदि तुम समझबूझ रखते हो।
३:११९
هَـٰٓأَنتُمْ
ख़बरदार तुम
hāantum
ख़बरदार तुम أُو۟لَآءِ वो लोग हो ulāi
वो लोग हो تُحِبُّونَهُمْ तुम मोहब्बत रखते हो उनसे tuḥibbūnahum
तुम मोहब्बत रखते हो उनसे وَلَا और नहीं walā
और नहीं يُحِبُّونَكُمْ वो मोहब्बत रखते तुम से yuḥibbūnakum
वो मोहब्बत रखते तुम से وَتُؤْمِنُونَ और तुम ईमान रखते हो watu'minūna
और तुम ईमान रखते हो بِٱلْكِتَـٰبِ किताब पर bil-kitābi
किताब पर كُلِّهِۦ सारी की सारी kullihi
सारी की सारी وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब لَقُوكُمْ वो मुलाक़ात करते हैं तुमसे laqūkum
वो मुलाक़ात करते हैं तुमसे قَالُوٓا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब خَلَوْا۟ वो तन्हा होते हैं khalaw
वो तन्हा होते हैं عَضُّوا۟ वो काटते हैं ʿaḍḍū
वो काटते हैं عَلَيْكُمُ तुम पर ʿalaykumu
तुम पर ٱلْأَنَامِلَ उँगलियाँ l-anāmila
उँगलियाँ مِنَ (out) of mina
(out) of ٱلْغَيْظِ ۚ ग़ुस्से से l-ghayẓi
ग़ुस्से से قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए مُوتُوا۟ मर जाओ mūtū
मर जाओ بِغَيْظِكُمْ ۗ साथ अपने ग़ुस्से के bighayẓikum
साथ अपने ग़ुस्से के إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَلِيمٌۢ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है بِذَاتِ of what bidhāti
of what ٱلصُّدُورِ सीनों वाले (भेद) l-ṣudūri
सीनों वाले (भेद) ١١٩ (119)
(119)
ख़बरदार तुम أُو۟لَآءِ वो लोग हो ulāi
वो लोग हो تُحِبُّونَهُمْ तुम मोहब्बत रखते हो उनसे tuḥibbūnahum
तुम मोहब्बत रखते हो उनसे وَلَا और नहीं walā
और नहीं يُحِبُّونَكُمْ वो मोहब्बत रखते तुम से yuḥibbūnakum
वो मोहब्बत रखते तुम से وَتُؤْمِنُونَ और तुम ईमान रखते हो watu'minūna
और तुम ईमान रखते हो بِٱلْكِتَـٰبِ किताब पर bil-kitābi
किताब पर كُلِّهِۦ सारी की सारी kullihi
सारी की सारी وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब لَقُوكُمْ वो मुलाक़ात करते हैं तुमसे laqūkum
वो मुलाक़ात करते हैं तुमसे قَالُوٓا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब خَلَوْا۟ वो तन्हा होते हैं khalaw
वो तन्हा होते हैं عَضُّوا۟ वो काटते हैं ʿaḍḍū
वो काटते हैं عَلَيْكُمُ तुम पर ʿalaykumu
तुम पर ٱلْأَنَامِلَ उँगलियाँ l-anāmila
उँगलियाँ مِنَ (out) of mina
(out) of ٱلْغَيْظِ ۚ ग़ुस्से से l-ghayẓi
ग़ुस्से से قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए مُوتُوا۟ मर जाओ mūtū
मर जाओ بِغَيْظِكُمْ ۗ साथ अपने ग़ुस्से के bighayẓikum
साथ अपने ग़ुस्से के إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَلِيمٌۢ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है بِذَاتِ of what bidhāti
of what ٱلصُّدُورِ सीनों वाले (भेद) l-ṣudūri
सीनों वाले (भेद) ١١٩ (119)
(119)
देखो तुम तो उनसे प्रेम करते हो, परंतु वे तुमसे प्रेम नहीं करते और तुम सभी पुस्तकों पर ईमान रखते हो, औ (उनका हाल यह है कि) वे जब तुमसे मिलते हैं, तो कहते हैं कि हम ईमान लाए हैं और जब वे अकेले में होते हैं, तो तुमपर क्रोध के मारे उंगलियां चबाते हैं। कह दो कि अपने क्रोध में मर जाओ। निःसंदेह अल्लाह सीनों के भेद को जानता है।
३:१२०
إِن
अगर
in
अगर تَمْسَسْكُمْ पहुँचे तुम्हें tamsaskum
पहुँचे तुम्हें حَسَنَةٌۭ कोई भलाई ḥasanatun
कोई भलाई تَسُؤْهُمْ वो बुरी लगती है उन्हें tasu'hum
वो बुरी लगती है उन्हें وَإِن और अगर wa-in
और अगर تُصِبْكُمْ पहुँचती है तुम्हें tuṣib'kum
पहुँचती है तुम्हें سَيِّئَةٌۭ कोई बुराई sayyi-atun
कोई बुराई يَفْرَحُوا۟ वो ख़ुश होते हैं yafraḥū
वो ख़ुश होते हैं بِهَا ۖ उस पर bihā
उस पर وَإِن और अगर wa-in
और अगर تَصْبِرُوا۟ तुम सब्र करो taṣbirū
तुम सब्र करो وَتَتَّقُوا۟ और तुम तक़वा करो watattaqū
और तुम तक़वा करो لَا not lā
not يَضُرُّكُمْ ना नुक़सान देगी तुम्हें yaḍurrukum
ना नुक़सान देगी तुम्हें كَيْدُهُمْ चाल उनकी kayduhum
चाल उनकी شَيْـًٔا ۗ कुछ भी shayan
कुछ भी إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह بِمَا उसको जो bimā
उसको जो يَعْمَلُونَ वो अमल करते हैं yaʿmalūna
वो अमल करते हैं مُحِيطٌۭ घेरने वाला है muḥīṭun
घेरने वाला है ١٢٠ (120)
(120)
अगर تَمْسَسْكُمْ पहुँचे तुम्हें tamsaskum
पहुँचे तुम्हें حَسَنَةٌۭ कोई भलाई ḥasanatun
कोई भलाई تَسُؤْهُمْ वो बुरी लगती है उन्हें tasu'hum
वो बुरी लगती है उन्हें وَإِن और अगर wa-in
और अगर تُصِبْكُمْ पहुँचती है तुम्हें tuṣib'kum
पहुँचती है तुम्हें سَيِّئَةٌۭ कोई बुराई sayyi-atun
कोई बुराई يَفْرَحُوا۟ वो ख़ुश होते हैं yafraḥū
वो ख़ुश होते हैं بِهَا ۖ उस पर bihā
उस पर وَإِن और अगर wa-in
और अगर تَصْبِرُوا۟ तुम सब्र करो taṣbirū
तुम सब्र करो وَتَتَّقُوا۟ और तुम तक़वा करो watattaqū
और तुम तक़वा करो لَا not lā
not يَضُرُّكُمْ ना नुक़सान देगी तुम्हें yaḍurrukum
ना नुक़सान देगी तुम्हें كَيْدُهُمْ चाल उनकी kayduhum
चाल उनकी شَيْـًٔا ۗ कुछ भी shayan
कुछ भी إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह بِمَا उसको जो bimā
उसको जो يَعْمَلُونَ वो अमल करते हैं yaʿmalūna
वो अमल करते हैं مُحِيطٌۭ घेरने वाला है muḥīṭun
घेरने वाला है ١٢٠ (120)
(120)
यदि तुम्हारा कुछ भला हो, तो उन्हें बुरा लगता है और यदि तुम्हारा कुछ बुरा हो जाए, तो वे उससे प्रसन्न होते हैं। और यदि तुम धैर्य करते रहे और अल्लाह से डरते रहे, तो उनका छल तुम्हें कोई हानि नहीं पहुँचाएगा। निःसंदेह अल्लाह उनके सभी कार्यों से अवगत है।
३:१२१
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब غَدَوْتَ सुबह सवेरे निकले आप ghadawta
सुबह सवेरे निकले आप مِنْ from min
from أَهْلِكَ अपने घर वालों से ahlika
अपने घर वालों से تُبَوِّئُ आप मुतय्यन (तैनात) कर रहे थे tubawwi-u
आप मुतय्यन (तैनात) कर रहे थे ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों को l-mu'minīna
मोमिनों को مَقَـٰعِدَ ठिकानों/मोर्चों पर maqāʿida
ठिकानों/मोर्चों पर لِلْقِتَالِ ۗ जंग के लिए lil'qitāli
जंग के लिए وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह سَمِيعٌ ख़ूब सुनने वाला है samīʿun
ख़ूब सुनने वाला है عَلِيمٌ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ١٢١ (121)
(121)
और जब غَدَوْتَ सुबह सवेरे निकले आप ghadawta
सुबह सवेरे निकले आप مِنْ from min
from أَهْلِكَ अपने घर वालों से ahlika
अपने घर वालों से تُبَوِّئُ आप मुतय्यन (तैनात) कर रहे थे tubawwi-u
आप मुतय्यन (तैनात) कर रहे थे ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों को l-mu'minīna
मोमिनों को مَقَـٰعِدَ ठिकानों/मोर्चों पर maqāʿida
ठिकानों/मोर्चों पर لِلْقِتَالِ ۗ जंग के लिए lil'qitāli
जंग के लिए وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह سَمِيعٌ ख़ूब सुनने वाला है samīʿun
ख़ूब सुनने वाला है عَلِيمٌ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ١٢١ (121)
(121)
तथा (ऐ नबी! वह समय याद करो) जब आप अपने घर से निकले, ईमान वालों को युद्ध1 के मोर्चों पर नियुक्त कर रहे थे तथा अल्लाह सब कुछ सुनने वाला, जानने वाला है।
३:१२२
إِذْ
जब
idh
जब هَمَّت इरादा किया hammat
इरादा किया طَّآئِفَتَانِ दो गिरोहों ने ṭāifatāni
दो गिरोहों ने مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से أَن कि an
कि تَفْشَلَا वो दोनों बुज़दिली दिखाऐं tafshalā
वो दोनों बुज़दिली दिखाऐं وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह وَلِيُّهُمَا ۗ मददगार था उन दोनों का waliyyuhumā
मददगार था उन दोनों का وَعَلَى And on waʿalā
And on ٱللَّهِ और अल्लाह ही पर l-lahi
और अल्लाह ही पर فَلْيَتَوَكَّلِ पस चाहिए कि तवक्कल करें falyatawakkali
पस चाहिए कि तवक्कल करें ٱلْمُؤْمِنُونَ ईमान वाले l-mu'minūna
ईमान वाले ١٢٢ (122)
(122)
जब هَمَّت इरादा किया hammat
इरादा किया طَّآئِفَتَانِ दो गिरोहों ने ṭāifatāni
दो गिरोहों ने مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से أَن कि an
कि تَفْشَلَا वो दोनों बुज़दिली दिखाऐं tafshalā
वो दोनों बुज़दिली दिखाऐं وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह وَلِيُّهُمَا ۗ मददगार था उन दोनों का waliyyuhumā
मददगार था उन दोनों का وَعَلَى And on waʿalā
And on ٱللَّهِ और अल्लाह ही पर l-lahi
और अल्लाह ही पर فَلْيَتَوَكَّلِ पस चाहिए कि तवक्कल करें falyatawakkali
पस चाहिए कि तवक्कल करें ٱلْمُؤْمِنُونَ ईमान वाले l-mu'minūna
ईमान वाले ١٢٢ (122)
(122)
तथा (याद करो) जब तुम्हारे दो समूहों1 ने साहसहीनता दिखाने (पीछे हटने) का इरादा किया और अल्लाह उनका समर्थक व सहायक था, तथा ईमान वालों को अल्लाह ही पर भरोसा करना चाहिए।
३:१२३
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ نَصَرَكُمُ मदद की तुम्हारी naṣarakumu
मदद की तुम्हारी ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने بِبَدْرٍۢ बदर में bibadrin
बदर में وَأَنتُمْ हालाँकि तुम wa-antum
हालाँकि तुम أَذِلَّةٌۭ ۖ कमज़ोर थे adhillatun
कमज़ोर थे فَٱتَّقُوا۟ पस डरो fa-ittaqū
पस डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَشْكُرُونَ तुम शुक्र अदा करो tashkurūna
तुम शुक्र अदा करो ١٢٣ (123)
(123)
और अलबत्ता तहक़ीक़ نَصَرَكُمُ मदद की तुम्हारी naṣarakumu
मदद की तुम्हारी ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने بِبَدْرٍۢ बदर में bibadrin
बदर में وَأَنتُمْ हालाँकि तुम wa-antum
हालाँकि तुम أَذِلَّةٌۭ ۖ कमज़ोर थे adhillatun
कमज़ोर थे فَٱتَّقُوا۟ पस डरो fa-ittaqū
पस डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَشْكُرُونَ तुम शुक्र अदा करो tashkurūna
तुम शुक्र अदा करो ١٢٣ (123)
(123)
और अल्लाह बद्र (के युद्ध) में तुम्हारी सहायता कर चुका है, जबकि तुम कमज़ोर थे। अतः अल्लाह से डरो, ताकि तुम उसके प्रति आभारी हो सको।
३:१२४
إِذْ
जब
idh
जब تَقُولُ आप कह रहे थे taqūlu
आप कह रहे थे لِلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों को lil'mu'minīna
मोमिनों को أَلَن क्या नहीं alan
क्या नहीं يَكْفِيَكُمْ काफ़ी होगा तुम्हें yakfiyakum
काफ़ी होगा तुम्हें أَن कि an
कि يُمِدَّكُمْ मदद करे तुम्हारी yumiddakum
मदद करे तुम्हारी رَبُّكُم रब तुम्हारा rabbukum
रब तुम्हारा بِثَلَـٰثَةِ साथ तीन bithalāthati
साथ तीन ءَالَـٰفٍۢ हज़ार ālāfin
हज़ार مِّنَ [of] mina
[of] ٱلْمَلَـٰٓئِكَةِ फ़रिश्तों के l-malāikati
फ़रिश्तों के مُنزَلِينَ उतारे हुए munzalīna
उतारे हुए ١٢٤ (124)
(124)
जब تَقُولُ आप कह रहे थे taqūlu
आप कह रहे थे لِلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों को lil'mu'minīna
मोमिनों को أَلَن क्या नहीं alan
क्या नहीं يَكْفِيَكُمْ काफ़ी होगा तुम्हें yakfiyakum
काफ़ी होगा तुम्हें أَن कि an
कि يُمِدَّكُمْ मदद करे तुम्हारी yumiddakum
मदद करे तुम्हारी رَبُّكُم रब तुम्हारा rabbukum
रब तुम्हारा بِثَلَـٰثَةِ साथ तीन bithalāthati
साथ तीन ءَالَـٰفٍۢ हज़ार ālāfin
हज़ार مِّنَ [of] mina
[of] ٱلْمَلَـٰٓئِكَةِ फ़रिश्तों के l-malāikati
फ़रिश्तों के مُنزَلِينَ उतारे हुए munzalīna
उतारे हुए ١٢٤ (124)
(124)
(ऐ नबी! वह समय भी याद करें) जब आप ईमान वालों से कह रहे थे : क्या तुम्हारे लिए यह काफ़ी नहीं है कि तुम्हारा पालनहार (आकाश से) तीन हज़ार फ़रिश्ते उतारकर तुम्हारी सहायता करेॽ
३:१२५
بَلَىٰٓ ۚ
क्यों नहीं/बल्कि
balā
क्यों नहीं/बल्कि إِن अगर in
अगर تَصْبِرُوا۟ तुम सब्र करोगे taṣbirū
तुम सब्र करोगे وَتَتَّقُوا۟ और तुम तक़वा करोगे watattaqū
और तुम तक़वा करोगे وَيَأْتُوكُم और वो आऐं तुम्हारे पास wayatūkum
और वो आऐं तुम्हारे पास مِّن [of] min
[of] فَوْرِهِمْ अपने जोश से fawrihim
अपने जोश से هَـٰذَا इस तरह hādhā
इस तरह يُمْدِدْكُمْ मदद करेगा तुम्हारी yum'did'kum
मदद करेगा तुम्हारी رَبُّكُم रब तुम्हारा rabbukum
रब तुम्हारा بِخَمْسَةِ साथ पाँच bikhamsati
साथ पाँच ءَالَـٰفٍۢ हज़ार ālāfin
हज़ार مِّنَ [of] mina
[of] ٱلْمَلَـٰٓئِكَةِ फ़रिश्तों के l-malāikati
फ़रिश्तों के مُسَوِّمِينَ निशान लगाने वाले musawwimīna
निशान लगाने वाले ١٢٥ (125)
(125)
क्यों नहीं/बल्कि إِن अगर in
अगर تَصْبِرُوا۟ तुम सब्र करोगे taṣbirū
तुम सब्र करोगे وَتَتَّقُوا۟ और तुम तक़वा करोगे watattaqū
और तुम तक़वा करोगे وَيَأْتُوكُم और वो आऐं तुम्हारे पास wayatūkum
और वो आऐं तुम्हारे पास مِّن [of] min
[of] فَوْرِهِمْ अपने जोश से fawrihim
अपने जोश से هَـٰذَا इस तरह hādhā
इस तरह يُمْدِدْكُمْ मदद करेगा तुम्हारी yum'did'kum
मदद करेगा तुम्हारी رَبُّكُم रब तुम्हारा rabbukum
रब तुम्हारा بِخَمْسَةِ साथ पाँच bikhamsati
साथ पाँच ءَالَـٰفٍۢ हज़ार ālāfin
हज़ार مِّنَ [of] mina
[of] ٱلْمَلَـٰٓئِكَةِ फ़रिश्तों के l-malāikati
फ़रिश्तों के مُسَوِّمِينَ निशान लगाने वाले musawwimīna
निशान लगाने वाले ١٢٥ (125)
(125)
क्यों1 नहीं, यदि तुम धैर्य से काम लो और अल्लाह से डरो और फिर ऐसा हो कि वे (दुश्मन) उसी घड़ी तुमपर चढ़ आएँ, तो तुम्हारा पालनहार (तीन नहीं, बल्कि) पाँच हज़ार चिह्न2 लगे फ़रिश्तों द्वारा तुम्हारी मदद करेगा।
३:१२६
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं جَعَلَهُ बनाया उसे jaʿalahu
बनाया उसे ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने إِلَّا मगर illā
मगर بُشْرَىٰ ख़ुशख़बरी bush'rā
ख़ुशख़बरी لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَلِتَطْمَئِنَّ और ताकि मुत्मईन हो जाऐं walitaṭma-inna
और ताकि मुत्मईन हो जाऐं قُلُوبُكُم दिल तुम्हारे qulūbukum
दिल तुम्हारे بِهِۦ ۗ साथ इसके bihi
साथ इसके وَمَا और नहीं wamā
और नहीं ٱلنَّصْرُ मदद l-naṣru
मदद إِلَّا मगर illā
मगर مِنْ from min
from عِندِ [near] ʿindi
[near] ٱللَّهِ अल्लाह के पास से l-lahi
अल्लाह के पास से ٱلْعَزِيزِ जो बहुत ज़बरदस्त है l-ʿazīzi
जो बहुत ज़बरदस्त है ٱلْحَكِيمِ बहुत हिकमत वाला है l-ḥakīmi
बहुत हिकमत वाला है ١٢٦ (126)
(126)
और नहीं جَعَلَهُ बनाया उसे jaʿalahu
बनाया उसे ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने إِلَّا मगर illā
मगर بُشْرَىٰ ख़ुशख़बरी bush'rā
ख़ुशख़बरी لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَلِتَطْمَئِنَّ और ताकि मुत्मईन हो जाऐं walitaṭma-inna
और ताकि मुत्मईन हो जाऐं قُلُوبُكُم दिल तुम्हारे qulūbukum
दिल तुम्हारे بِهِۦ ۗ साथ इसके bihi
साथ इसके وَمَا और नहीं wamā
और नहीं ٱلنَّصْرُ मदद l-naṣru
मदद إِلَّا मगर illā
मगर مِنْ from min
from عِندِ [near] ʿindi
[near] ٱللَّهِ अल्लाह के पास से l-lahi
अल्लाह के पास से ٱلْعَزِيزِ जो बहुत ज़बरदस्त है l-ʿazīzi
जो बहुत ज़बरदस्त है ٱلْحَكِيمِ बहुत हिकमत वाला है l-ḥakīmi
बहुत हिकमत वाला है ١٢٦ (126)
(126)
और अल्लाह ने इस (मदद) को तुम्हारे लिए केवल शुभ सूचना बनाया है और ताकि तुम्हारे दिल उससे संतुष्ट हो जाएँ और सहायता तो केवल अल्लाह ही के पास से आती है, जो प्रभुत्वशाली, हिकमत वाला (तत्वदर्शी) है।
३:१२७
لِيَقْطَعَ
ताकि वो काट दे
liyaqṭaʿa
ताकि वो काट दे طَرَفًۭا एक हिस्सा ṭarafan
एक हिस्सा مِّنَ of mina
of ٱلَّذِينَ उनका जिन्होंने alladhīna
उनका जिन्होंने كَفَرُوٓا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया أَوْ या aw
या يَكْبِتَهُمْ वो ज़लील कर दे उन्हें yakbitahum
वो ज़लील कर दे उन्हें فَيَنقَلِبُوا۟ तो वो लौट जाऐं fayanqalibū
तो वो लौट जाऐं خَآئِبِينَ नामुराद (हो कर) khāibīna
नामुराद (हो कर) ١٢٧ (127)
(127)
ताकि वो काट दे طَرَفًۭا एक हिस्सा ṭarafan
एक हिस्सा مِّنَ of mina
of ٱلَّذِينَ उनका जिन्होंने alladhīna
उनका जिन्होंने كَفَرُوٓا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया أَوْ या aw
या يَكْبِتَهُمْ वो ज़लील कर दे उन्हें yakbitahum
वो ज़लील कर दे उन्हें فَيَنقَلِبُوا۟ तो वो लौट जाऐं fayanqalibū
तो वो लौट जाऐं خَآئِبِينَ नामुराद (हो कर) khāibīna
नामुराद (हो कर) ١٢٧ (127)
(127)
ताकि1 वह काफ़िरों के एक हिस्से को काट दे या उन्हें अपमानित कर दे, फिर वे विफल होकर वापस हो जाएँ।
३:१२८
لَيْسَ
नहीं है
laysa
नहीं है لَكَ आपके लिए laka
आपके लिए مِنَ of mina
of ٱلْأَمْرِ मामला में से l-amri
मामला में से شَىْءٌ कुछ भी shayon
कुछ भी أَوْ ख़्वाह aw
ख़्वाह يَتُوبَ वो मेहरबान हो जाए yatūba
वो मेहरबान हो जाए عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर أَوْ या aw
या يُعَذِّبَهُمْ वो अज़ाब दे उन्हें yuʿadhibahum
वो अज़ाब दे उन्हें فَإِنَّهُمْ तो बेशक वो fa-innahum
तो बेशक वो ظَـٰلِمُونَ ज़ालिम हैं ẓālimūna
ज़ालिम हैं ١٢٨ (128)
(128)
नहीं है لَكَ आपके लिए laka
आपके लिए مِنَ of mina
of ٱلْأَمْرِ मामला में से l-amri
मामला में से شَىْءٌ कुछ भी shayon
कुछ भी أَوْ ख़्वाह aw
ख़्वाह يَتُوبَ वो मेहरबान हो जाए yatūba
वो मेहरबान हो जाए عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर أَوْ या aw
या يُعَذِّبَهُمْ वो अज़ाब दे उन्हें yuʿadhibahum
वो अज़ाब दे उन्हें فَإِنَّهُمْ तो बेशक वो fa-innahum
तो बेशक वो ظَـٰلِمُونَ ज़ालिम हैं ẓālimūna
ज़ालिम हैं ١٢٨ (128)
(128)
(ऐ नबी!) इस1 मामले में आपको कोई अधिकार नहीं, अल्लाह चाहे तो उनकी तौबा क़बूल2 करे या उन्हें दंड3 दे, क्योंकि वे अत्याचारी हैं।
३:१२९
وَلِلَّهِ
और अल्लाह ही के लिए है
walillahi
और अल्लाह ही के लिए है مَا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ۚ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है يَغْفِرُ वो बख़्श देता है yaghfiru
वो बख़्श देता है لِمَن जिसके लिए liman
जिसके लिए يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَيُعَذِّبُ और वो अज़ाब देता है wayuʿadhibu
और वो अज़ाब देता है مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ ۚ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ١٢٩ (129)
(129)
और अल्लाह ही के लिए है مَا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ۚ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है يَغْفِرُ वो बख़्श देता है yaghfiru
वो बख़्श देता है لِمَن जिसके लिए liman
जिसके लिए يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَيُعَذِّبُ और वो अज़ाब देता है wayuʿadhibu
और वो अज़ाब देता है مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ ۚ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ١٢٩ (129)
(129)
तथा जो कुछ आकाशों में और जो कुछ धरती में है, सब अल्लाह ही का है। वह जिसे चाहे क्षमा कर दे और जिसे चाहे यातना दे, तथा अल्लाह अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।
३:१३०
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَا (Do) not lā
(Do) not تَأْكُلُوا۟ ना तुम खाओ takulū
ना तुम खाओ ٱلرِّبَوٰٓا۟ सूद l-riba
सूद أَضْعَـٰفًۭا कई गुना aḍʿāfan
कई गुना مُّضَـٰعَفَةًۭ ۖ बढ़ा चढ़ा कर muḍāʿafatan
बढ़ा चढ़ा कर وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تُفْلِحُونَ तुम फ़लाह पा जाओ tuf'liḥūna
तुम फ़लाह पा जाओ ١٣٠ (130)
(130)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَا (Do) not lā
(Do) not تَأْكُلُوا۟ ना तुम खाओ takulū
ना तुम खाओ ٱلرِّبَوٰٓا۟ सूद l-riba
सूद أَضْعَـٰفًۭا कई गुना aḍʿāfan
कई गुना مُّضَـٰعَفَةًۭ ۖ बढ़ा चढ़ा कर muḍāʿafatan
बढ़ा चढ़ा कर وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تُفْلِحُونَ तुम फ़लाह पा जाओ tuf'liḥūna
तुम फ़लाह पा जाओ ١٣٠ (130)
(130)
ऐ ईमान वालो! कई-कई गुणा करके ब्याज1 न खाओ। तथा अल्लाह से डरो, ताकि तुम सफल हो।
३:१३१
وَٱتَّقُوا۟
और बचो/डरो
wa-ittaqū
और बचो/डरो ٱلنَّارَ आग से l-nāra
आग से ٱلَّتِىٓ वो जो allatī
वो जो أُعِدَّتْ तैयार की गई है uʿiddat
तैयार की गई है لِلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों के लिए lil'kāfirīna
काफ़िरों के लिए ١٣١ (131)
(131)
और बचो/डरो ٱلنَّارَ आग से l-nāra
आग से ٱلَّتِىٓ वो जो allatī
वो जो أُعِدَّتْ तैयार की गई है uʿiddat
तैयार की गई है لِلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों के लिए lil'kāfirīna
काफ़िरों के लिए ١٣١ (131)
(131)
तथा उस आग से डरो (बचो), जो काफ़िरों के लिए तैयार की गई है।
३:१३२
وَأَطِيعُوا۟
और इताअत करो
wa-aṭīʿū
और इताअत करो ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَٱلرَّسُولَ और रसूल की wal-rasūla
और रसूल की لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تُرْحَمُونَ तुम रहम किए जाओ tur'ḥamūna
तुम रहम किए जाओ ١٣٢ (132)
(132)
और इताअत करो ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَٱلرَّسُولَ और रसूल की wal-rasūla
और रसूल की لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تُرْحَمُونَ तुम रहम किए जाओ tur'ḥamūna
तुम रहम किए जाओ ١٣٢ (132)
(132)
तथा अल्लाह और रसूल का आज्ञापालन करो, ताकि तुमपर दया की जाए।
३:१३३
۞ وَسَارِعُوٓا۟
और एक दूसरे से जल्दी करो
wasāriʿū
और एक दूसरे से जल्दी करो إِلَىٰ to ilā
to مَغْفِرَةٍۢ तरफ़ बख़्शिश के maghfiratin
तरफ़ बख़्शिश के مِّن from min
from رَّبِّكُمْ अपने रब की तरफ़ से rabbikum
अपने रब की तरफ़ से وَجَنَّةٍ और जन्नत के wajannatin
और जन्नत के عَرْضُهَا चौड़ाई है जिसकी ʿarḍuhā
चौड़ाई है जिसकी ٱلسَّمَـٰوَٰتُ आसमान l-samāwātu
आसमान وَٱلْأَرْضُ और ज़मीन wal-arḍu
और ज़मीन أُعِدَّتْ वो तैयार की गई है uʿiddat
वो तैयार की गई है لِلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों के लिए lil'muttaqīna
मुत्तक़ी लोगों के लिए ١٣٣ (133)
(133)
और एक दूसरे से जल्दी करो إِلَىٰ to ilā
to مَغْفِرَةٍۢ तरफ़ बख़्शिश के maghfiratin
तरफ़ बख़्शिश के مِّن from min
from رَّبِّكُمْ अपने रब की तरफ़ से rabbikum
अपने रब की तरफ़ से وَجَنَّةٍ और जन्नत के wajannatin
और जन्नत के عَرْضُهَا चौड़ाई है जिसकी ʿarḍuhā
चौड़ाई है जिसकी ٱلسَّمَـٰوَٰتُ आसमान l-samāwātu
आसमान وَٱلْأَرْضُ और ज़मीन wal-arḍu
और ज़मीन أُعِدَّتْ वो तैयार की गई है uʿiddat
वो तैयार की गई है لِلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों के लिए lil'muttaqīna
मुत्तक़ी लोगों के लिए ١٣٣ (133)
(133)
और अपने पालनहार की क्षमा और उस स्वर्ग की ओर तेज़ी से बढ़ो, जिसकी चौड़ाई आकाशों तथा धरती के बराबर है। वह अल्लाह से डरने वालों के लिए तैयार किया गया है।
३:१३४
ٱلَّذِينَ
वो लोग जो
alladhīna
वो लोग जो يُنفِقُونَ ख़र्च करते हैं yunfiqūna
ख़र्च करते हैं فِى in fī
in ٱلسَّرَّآءِ ख़ुशी में l-sarāi
ख़ुशी में وَٱلضَّرَّآءِ और तकलीफ़ में wal-ḍarāi
और तकलीफ़ में وَٱلْكَـٰظِمِينَ और ज़ब्त करने वाले हैं wal-kāẓimīna
और ज़ब्त करने वाले हैं ٱلْغَيْظَ सख़्त ग़ुस्से को l-ghayẓa
सख़्त ग़ुस्से को وَٱلْعَافِينَ और दरगुज़र करने वाले हैं wal-ʿāfīna
और दरगुज़र करने वाले हैं عَنِ [from] ʿani
[from] ٱلنَّاسِ ۗ लोगों से l-nāsi
लोगों से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يُحِبُّ मोहब्बत रखता है yuḥibbu
मोहब्बत रखता है ٱلْمُحْسِنِينَ एहसान करने वालों से l-muḥ'sinīna
एहसान करने वालों से ١٣٤ (134)
(134)
वो लोग जो يُنفِقُونَ ख़र्च करते हैं yunfiqūna
ख़र्च करते हैं فِى in fī
in ٱلسَّرَّآءِ ख़ुशी में l-sarāi
ख़ुशी में وَٱلضَّرَّآءِ और तकलीफ़ में wal-ḍarāi
और तकलीफ़ में وَٱلْكَـٰظِمِينَ और ज़ब्त करने वाले हैं wal-kāẓimīna
और ज़ब्त करने वाले हैं ٱلْغَيْظَ सख़्त ग़ुस्से को l-ghayẓa
सख़्त ग़ुस्से को وَٱلْعَافِينَ और दरगुज़र करने वाले हैं wal-ʿāfīna
और दरगुज़र करने वाले हैं عَنِ [from] ʿani
[from] ٱلنَّاسِ ۗ लोगों से l-nāsi
लोगों से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يُحِبُّ मोहब्बत रखता है yuḥibbu
मोहब्बत रखता है ٱلْمُحْسِنِينَ एहसान करने वालों से l-muḥ'sinīna
एहसान करने वालों से ١٣٤ (134)
(134)
जो कठिनाई और आसानी की प्रत्येक स्थिति में (अल्लाह के मार्ग में) खर्च करते हैं, तथा ग़ुस्सा पी जाते हैं और लोगों को क्षमा कर देते हैं। और अल्लाह ऐसे अच्छे कार्य करने वालों से प्रेम करता है।
३:१३५
وَٱلَّذِينَ
और वो लोग जो
wa-alladhīna
और वो लोग जो إِذَا जब idhā
जब فَعَلُوا۟ करते हैं faʿalū
करते हैं فَـٰحِشَةً कोई बेहयाई fāḥishatan
कोई बेहयाई أَوْ या aw
या ظَلَمُوٓا۟ वो ज़ुल्म करते हैं ẓalamū
वो ज़ुल्म करते हैं أَنفُسَهُمْ अपने नफ़्सों पर anfusahum
अपने नफ़्सों पर ذَكَرُوا۟ वो याद करते हैं dhakarū
वो याद करते हैं ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को فَٱسْتَغْفَرُوا۟ पस माफ़ी माँगते हैं fa-is'taghfarū
पस माफ़ी माँगते हैं لِذُنُوبِهِمْ अपने गुनाहों के लिए lidhunūbihim
अपने गुनाहों के लिए وَمَن और कौन है जो waman
और कौन है जो يَغْفِرُ बख़्श दे yaghfiru
बख़्श दे ٱلذُّنُوبَ गुनाहों को l-dhunūba
गुनाहों को إِلَّا सिवाय illā
सिवाय ٱللَّهُ अल्लाह के l-lahu
अल्लाह के وَلَمْ और नहीं walam
और नहीं يُصِرُّوا۟ वो इसरार करते yuṣirrū
वो इसरार करते عَلَىٰ ऊपर उसके ʿalā
ऊपर उसके مَا जो mā
जो فَعَلُوا۟ उन्होंने किया faʿalū
उन्होंने किया وَهُمْ जब कि वो wahum
जब कि वो يَعْلَمُونَ वो जानते हैं yaʿlamūna
वो जानते हैं ١٣٥ (135)
(135)
और वो लोग जो إِذَا जब idhā
जब فَعَلُوا۟ करते हैं faʿalū
करते हैं فَـٰحِشَةً कोई बेहयाई fāḥishatan
कोई बेहयाई أَوْ या aw
या ظَلَمُوٓا۟ वो ज़ुल्म करते हैं ẓalamū
वो ज़ुल्म करते हैं أَنفُسَهُمْ अपने नफ़्सों पर anfusahum
अपने नफ़्सों पर ذَكَرُوا۟ वो याद करते हैं dhakarū
वो याद करते हैं ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को فَٱسْتَغْفَرُوا۟ पस माफ़ी माँगते हैं fa-is'taghfarū
पस माफ़ी माँगते हैं لِذُنُوبِهِمْ अपने गुनाहों के लिए lidhunūbihim
अपने गुनाहों के लिए وَمَن और कौन है जो waman
और कौन है जो يَغْفِرُ बख़्श दे yaghfiru
बख़्श दे ٱلذُّنُوبَ गुनाहों को l-dhunūba
गुनाहों को إِلَّا सिवाय illā
सिवाय ٱللَّهُ अल्लाह के l-lahu
अल्लाह के وَلَمْ और नहीं walam
और नहीं يُصِرُّوا۟ वो इसरार करते yuṣirrū
वो इसरार करते عَلَىٰ ऊपर उसके ʿalā
ऊपर उसके مَا जो mā
जो فَعَلُوا۟ उन्होंने किया faʿalū
उन्होंने किया وَهُمْ जब कि वो wahum
जब कि वो يَعْلَمُونَ वो जानते हैं yaʿlamūna
वो जानते हैं ١٣٥ (135)
(135)
और वे ऐसे लोग हैं कि जब उनसे कोई जघन्य पाप हो जाता है या वे अपने ऊपर अत्याचार कर कर बैठते हैं, तो उन्हें अल्लाह याद आ जाता है। फिर वे अपने पापों के लिए क्षमा माँगते हैं, और अल्लाह के सिवा कौन है जो पापों का क्षमा करने वाला होॽ और वे अपने किए पर जान बूझकर अड़े नहीं रहते।
३:१३६
أُو۟لَـٰٓئِكَ
यही लोग हैं
ulāika
यही लोग हैं جَزَآؤُهُم बदला उनका jazāuhum
बदला उनका مَّغْفِرَةٌۭ बख़्शिश है maghfiratun
बख़्शिश है مِّن from min
from رَّبِّهِمْ उनके रब की तरफ़ से rabbihim
उनके रब की तरफ़ से وَجَنَّـٰتٌۭ और बाग़ात हैं wajannātun
और बाग़ात हैं تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَا ۚ उनमें fīhā
उनमें وَنِعْمَ और कितना अच्छा है waniʿ'ma
और कितना अच्छा है أَجْرُ अजर ajru
अजर ٱلْعَـٰمِلِينَ अमल करने वालों का l-ʿāmilīna
अमल करने वालों का ١٣٦ (136)
(136)
यही लोग हैं جَزَآؤُهُم बदला उनका jazāuhum
बदला उनका مَّغْفِرَةٌۭ बख़्शिश है maghfiratun
बख़्शिश है مِّن from min
from رَّبِّهِمْ उनके रब की तरफ़ से rabbihim
उनके रब की तरफ़ से وَجَنَّـٰتٌۭ और बाग़ात हैं wajannātun
और बाग़ात हैं تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَا ۚ उनमें fīhā
उनमें وَنِعْمَ और कितना अच्छा है waniʿ'ma
और कितना अच्छा है أَجْرُ अजर ajru
अजर ٱلْعَـٰمِلِينَ अमल करने वालों का l-ʿāmilīna
अमल करने वालों का ١٣٦ (136)
(136)
वही लोग हैं जिनका बदला उनके पालनहार की ओर से क्षमा तथा ऐसे बाग़ हैं जिनके नीचे से नहरें बहती होंगी। उनमें वे सदैव रहेंगे। औ क्या ही अच्छा बदला है नेक काम करने वालों का।
३:१३७
قَدْ
तहक़ीक़
qad
तहक़ीक़ خَلَتْ गुज़र चुके khalat
गुज़र चुके مِن from min
from قَبْلِكُمْ तुम से पहले qablikum
तुम से पहले سُنَنٌۭ कई तरीक़े sunanun
कई तरीक़े فَسِيرُوا۟ तो चलो फिरो fasīrū
तो चलो फिरो فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में فَٱنظُرُوا۟ फिर देखो fa-unẓurū
फिर देखो كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह كَانَ हुआ kāna
हुआ عَـٰقِبَةُ अन्जाम ʿāqibatu
अन्जाम ٱلْمُكَذِّبِينَ झुठलाने वालों का l-mukadhibīna
झुठलाने वालों का ١٣٧ (137)
(137)
तहक़ीक़ خَلَتْ गुज़र चुके khalat
गुज़र चुके مِن from min
from قَبْلِكُمْ तुम से पहले qablikum
तुम से पहले سُنَنٌۭ कई तरीक़े sunanun
कई तरीक़े فَسِيرُوا۟ तो चलो फिरो fasīrū
तो चलो फिरो فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में فَٱنظُرُوا۟ फिर देखो fa-unẓurū
फिर देखो كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह كَانَ हुआ kāna
हुआ عَـٰقِبَةُ अन्जाम ʿāqibatu
अन्जाम ٱلْمُكَذِّبِينَ झुठलाने वालों का l-mukadhibīna
झुठलाने वालों का ١٣٧ (137)
(137)
तुमसे पहले भी समान परंपराएं (परिस्थितियाँ) गुज़र चुकी1 हैं। इसलिए तुम धरती में चलो-फिरो और देखो कि झुठलाने वालों का अंत कैसे हुआॽ
३:१३८
هَـٰذَا
ये
hādhā
ये بَيَانٌۭ एक बयान है bayānun
एक बयान है لِّلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए وَهُدًۭى और हिदायत wahudan
और हिदायत وَمَوْعِظَةٌۭ और नसीहत है wamawʿiẓatun
और नसीहत है لِّلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों के लिए lil'muttaqīna
मुत्तक़ी लोगों के लिए ١٣٨ (138)
(138)
ये بَيَانٌۭ एक बयान है bayānun
एक बयान है لِّلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए وَهُدًۭى और हिदायत wahudan
और हिदायत وَمَوْعِظَةٌۭ और नसीहत है wamawʿiẓatun
और नसीहत है لِّلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों के लिए lil'muttaqīna
मुत्तक़ी लोगों के लिए ١٣٨ (138)
(138)
यह (क़ुरआन) लोगों के लिए (सत्य का) वर्णन और (अल्लाह का) भय रखने वालों के लिए मार्गदर्शन और उपदेश है।
३:१३९
وَلَا
और ना
walā
और ना تَهِنُوا۟ तुम कमज़ोर पड़ो tahinū
तुम कमज़ोर पड़ो وَلَا और ना walā
और ना تَحْزَنُوا۟ तुम ग़म करो taḥzanū
तुम ग़म करो وَأَنتُمُ और तुम ही wa-antumu
और तुम ही ٱلْأَعْلَوْنَ बुलन्द हो l-aʿlawna
बुलन्द हो إِن अगर in
अगर كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम مُّؤْمِنِينَ मोमिन mu'minīna
मोमिन ١٣٩ (139)
(139)
और ना تَهِنُوا۟ तुम कमज़ोर पड़ो tahinū
तुम कमज़ोर पड़ो وَلَا और ना walā
और ना تَحْزَنُوا۟ तुम ग़म करो taḥzanū
तुम ग़म करो وَأَنتُمُ और तुम ही wa-antumu
और तुम ही ٱلْأَعْلَوْنَ बुलन्द हो l-aʿlawna
बुलन्द हो إِن अगर in
अगर كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम مُّؤْمِنِينَ मोमिन mu'minīna
मोमिन ١٣٩ (139)
(139)
और तुम कमज़ोर न बनो और न ही शोक करो। और तुम ही सर्वोच्च रहोगे, यदि तुम ईमान वाले हो।
३:१४०
إِن
अगर
in
अगर يَمْسَسْكُمْ पहुँचा तुम्हें yamsaskum
पहुँचा तुम्हें قَرْحٌۭ कोई ज़ख़्म qarḥun
कोई ज़ख़्म فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ مَسَّ पहुँच चुका है massa
पहुँच चुका है ٱلْقَوْمَ उस क़ौम को l-qawma
उस क़ौम को قَرْحٌۭ ज़ख़्म qarḥun
ज़ख़्म مِّثْلُهُۥ ۚ मानिन्द उसी के mith'luhu
मानिन्द उसी के وَتِلْكَ और ये watil'ka
और ये ٱلْأَيَّامُ दिन l-ayāmu
दिन نُدَاوِلُهَا हम फेरते रहते हैं उन्हें nudāwiluhā
हम फेरते रहते हैं उन्हें بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान ٱلنَّاسِ लोगों के l-nāsi
लोगों के وَلِيَعْلَمَ और ताकि जान ले waliyaʿlama
और ताकि जान ले ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلَّذِينَ उनको जो alladhīna
उनको जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَيَتَّخِذَ और वो बना ले wayattakhidha
और वो बना ले مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से شُهَدَآءَ ۗ गवाह/शहीद shuhadāa
गवाह/शहीद وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يُحِبُّ नहीं वो मोहब्बत रखता yuḥibbu
नहीं वो मोहब्बत रखता ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों से l-ẓālimīna
ज़ालिमों से ١٤٠ (140)
(140)
अगर يَمْسَسْكُمْ पहुँचा तुम्हें yamsaskum
पहुँचा तुम्हें قَرْحٌۭ कोई ज़ख़्म qarḥun
कोई ज़ख़्म فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ مَسَّ पहुँच चुका है massa
पहुँच चुका है ٱلْقَوْمَ उस क़ौम को l-qawma
उस क़ौम को قَرْحٌۭ ज़ख़्म qarḥun
ज़ख़्म مِّثْلُهُۥ ۚ मानिन्द उसी के mith'luhu
मानिन्द उसी के وَتِلْكَ और ये watil'ka
और ये ٱلْأَيَّامُ दिन l-ayāmu
दिन نُدَاوِلُهَا हम फेरते रहते हैं उन्हें nudāwiluhā
हम फेरते रहते हैं उन्हें بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान ٱلنَّاسِ लोगों के l-nāsi
लोगों के وَلِيَعْلَمَ और ताकि जान ले waliyaʿlama
और ताकि जान ले ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلَّذِينَ उनको जो alladhīna
उनको जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَيَتَّخِذَ और वो बना ले wayattakhidha
और वो बना ले مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से شُهَدَآءَ ۗ गवाह/शहीद shuhadāa
गवाह/शहीद وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يُحِبُّ नहीं वो मोहब्बत रखता yuḥibbu
नहीं वो मोहब्बत रखता ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों से l-ẓālimīna
ज़ालिमों से ١٤٠ (140)
(140)
यदि तुम्हें आघात पहुँचा है, तो उन लोगों1 को भी इसी के समान आघात पहुँच चुका है। तथा इन दिनों को हम लोगों के बीच फेरते रहते2 हैं। और ताकि अल्लाह उन लोगों को जान ले3 जो ईमान वाले हैं, और तुममें से कुछ लोगों को शहादत नसीब करे। और अल्लाह अत्याचार करने वालों को पसंद नहीं करता।
३:१४१
وَلِيُمَحِّصَ
और ताकि ख़ालिस कर ले
waliyumaḥḥiṣa
और ताकि ख़ालिस कर ले ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلَّذِينَ उन्हें जो alladhīna
उन्हें जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَيَمْحَقَ और मिटा दे wayamḥaqa
और मिटा दे ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों को l-kāfirīna
काफ़िरों को ١٤١ (141)
(141)
और ताकि ख़ालिस कर ले ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلَّذِينَ उन्हें जो alladhīna
उन्हें जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَيَمْحَقَ और मिटा दे wayamḥaqa
और मिटा दे ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों को l-kāfirīna
काफ़िरों को ١٤١ (141)
(141)
तथा ताकि अल्लाह ईमान वालों को विशुद्ध कर दे और काफ़िरों को विनष्ट कर दे।
३:१४२
أَمْ
क्या
am
क्या حَسِبْتُمْ गुमान किया तुमने ḥasib'tum
गुमान किया तुमने أَن कि an
कि تَدْخُلُوا۟ तुम दाख़िल हो जाओगे tadkhulū
तुम दाख़िल हो जाओगे ٱلْجَنَّةَ जन्नत में l-janata
जन्नत में وَلَمَّا हालाँकि अभी तक नहीं walammā
हालाँकि अभी तक नहीं يَعْلَمِ जाना yaʿlami
जाना ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱلَّذِينَ उन्हें जिन्होंने alladhīna
उन्हें जिन्होंने جَـٰهَدُوا۟ जिहाद किया jāhadū
जिहाद किया مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से وَيَعْلَمَ और (ताकि) वो जान ले wayaʿlama
और (ताकि) वो जान ले ٱلصَّـٰبِرِينَ सब्र करने वालों को l-ṣābirīna
सब्र करने वालों को ١٤٢ (142)
(142)
क्या حَسِبْتُمْ गुमान किया तुमने ḥasib'tum
गुमान किया तुमने أَن कि an
कि تَدْخُلُوا۟ तुम दाख़िल हो जाओगे tadkhulū
तुम दाख़िल हो जाओगे ٱلْجَنَّةَ जन्नत में l-janata
जन्नत में وَلَمَّا हालाँकि अभी तक नहीं walammā
हालाँकि अभी तक नहीं يَعْلَمِ जाना yaʿlami
जाना ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱلَّذِينَ उन्हें जिन्होंने alladhīna
उन्हें जिन्होंने جَـٰهَدُوا۟ जिहाद किया jāhadū
जिहाद किया مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से وَيَعْلَمَ और (ताकि) वो जान ले wayaʿlama
और (ताकि) वो जान ले ٱلصَّـٰبِرِينَ सब्र करने वालों को l-ṣābirīna
सब्र करने वालों को ١٤٢ (142)
(142)
क्या तुमने समझ रखा है कि जन्नत में प्रवेश कर जाओगे, जबकि अल्लाह ने अभी (परीक्षाकर) यह नहीं परखा है कि तुममें से कौन जिहाद करने वाले हैं और कौन (संकट के समय) डटे रहने वाले हैं?
३:१४३
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَمَنَّوْنَ तुम तमन्ना करते tamannawna
तुम तमन्ना करते ٱلْمَوْتَ मौत की l-mawta
मौत की مِن from min
from قَبْلِ इससे पहले qabli
इससे पहले أَن कि an
कि تَلْقَوْهُ तुम मिलो उसे talqawhu
तुम मिलो उसे فَقَدْ पस तहक़ीक़ faqad
पस तहक़ीक़ رَأَيْتُمُوهُ देख लिया तुमने उसे ra-aytumūhu
देख लिया तुमने उसे وَأَنتُمْ और तुम wa-antum
और तुम تَنظُرُونَ तुम देख रहे थे tanẓurūna
तुम देख रहे थे ١٤٣ (143)
(143)
और अलबत्ता तहक़ीक़ كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَمَنَّوْنَ तुम तमन्ना करते tamannawna
तुम तमन्ना करते ٱلْمَوْتَ मौत की l-mawta
मौत की مِن from min
from قَبْلِ इससे पहले qabli
इससे पहले أَن कि an
कि تَلْقَوْهُ तुम मिलो उसे talqawhu
तुम मिलो उसे فَقَدْ पस तहक़ीक़ faqad
पस तहक़ीक़ رَأَيْتُمُوهُ देख लिया तुमने उसे ra-aytumūhu
देख लिया तुमने उसे وَأَنتُمْ और तुम wa-antum
और तुम تَنظُرُونَ तुम देख रहे थे tanẓurūna
तुम देख रहे थे ١٤٣ (143)
(143)
तथा तुम तो मौत की कामनाएँ कर1 रहे थे, जब तक वह तुम्हारे सामने नहीं आई थी। लो, अब वह तुम्हारे सामने है, और तुम उसे देख रहे हो।
३:१४४
وَمَا
और नहीं हैं
wamā
और नहीं हैं مُحَمَّدٌ मोहम्मद muḥammadun
मोहम्मद إِلَّا मगर illā
मगर رَسُولٌۭ एक रसूल rasūlun
एक रसूल قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ خَلَتْ गुज़र चुके khalat
गुज़र चुके مِن from min
from قَبْلِهِ उनसे पहले qablihi
उनसे पहले ٱلرُّسُلُ ۚ कई रसूल l-rusulu
कई रसूल أَفَإِي۟ن क्या फिर अगर afa-in
क्या फिर अगर مَّاتَ वो मर जाऐं māta
वो मर जाऐं أَوْ or aw
or قُتِلَ या वो क़त्ल कर दिए जाऐं qutila
या वो क़त्ल कर दिए जाऐं ٱنقَلَبْتُمْ पलट जाओगे तुम inqalabtum
पलट जाओगे तुम عَلَىٰٓ on ʿalā
on أَعْقَـٰبِكُمْ ۚ अपनी एड़ियों पर aʿqābikum
अपनी एड़ियों पर وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَنقَلِبْ पलट जाएगा yanqalib
पलट जाएगा عَلَىٰ on ʿalā
on عَقِبَيْهِ अपनी दोनों एड़ियों पर ʿaqibayhi
अपनी दोनों एड़ियों पर فَلَن तो हरगिज़ नहीं falan
तो हरगिज़ नहीं يَضُرَّ वो नुक़सान देगा yaḍurra
वो नुक़सान देगा ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को شَيْـًۭٔا ۗ कुछ भी shayan
कुछ भी وَسَيَجْزِى और अनक़रीब बदला देगा wasayajzī
और अनक़रीब बदला देगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلشَّـٰكِرِينَ शुक्र करने वालों को l-shākirīna
शुक्र करने वालों को ١٤٤ (144)
(144)
और नहीं हैं مُحَمَّدٌ मोहम्मद muḥammadun
मोहम्मद إِلَّا मगर illā
मगर رَسُولٌۭ एक रसूल rasūlun
एक रसूल قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ خَلَتْ गुज़र चुके khalat
गुज़र चुके مِن from min
from قَبْلِهِ उनसे पहले qablihi
उनसे पहले ٱلرُّسُلُ ۚ कई रसूल l-rusulu
कई रसूल أَفَإِي۟ن क्या फिर अगर afa-in
क्या फिर अगर مَّاتَ वो मर जाऐं māta
वो मर जाऐं أَوْ or aw
or قُتِلَ या वो क़त्ल कर दिए जाऐं qutila
या वो क़त्ल कर दिए जाऐं ٱنقَلَبْتُمْ पलट जाओगे तुम inqalabtum
पलट जाओगे तुम عَلَىٰٓ on ʿalā
on أَعْقَـٰبِكُمْ ۚ अपनी एड़ियों पर aʿqābikum
अपनी एड़ियों पर وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَنقَلِبْ पलट जाएगा yanqalib
पलट जाएगा عَلَىٰ on ʿalā
on عَقِبَيْهِ अपनी दोनों एड़ियों पर ʿaqibayhi
अपनी दोनों एड़ियों पर فَلَن तो हरगिज़ नहीं falan
तो हरगिज़ नहीं يَضُرَّ वो नुक़सान देगा yaḍurra
वो नुक़सान देगा ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को شَيْـًۭٔا ۗ कुछ भी shayan
कुछ भी وَسَيَجْزِى और अनक़रीब बदला देगा wasayajzī
और अनक़रीब बदला देगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلشَّـٰكِرِينَ शुक्र करने वालों को l-shākirīna
शुक्र करने वालों को ١٤٤ (144)
(144)
और मुह़म्मद केवल एक रसूल हैं। उनसे पहले बहुत-से रसूल गुज़र चुके हैं। तो क्या यदि वह मर जाएँ अथवा मार दिए जाएँ, तो तुम अपनी एड़ियों के बल1 फिर जाओगे? तथा जो अपनी एड़ियों के बल फिर जाएगा, वह अल्लाह का कुछ नहीं बिगाड़ेगा और अल्लाह शीघ्र ही आभारियों को बदला प्रदान करेगा।
३:१४५
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं كَانَ है kāna
है لِنَفْسٍ किसी नफ़्स के लिए linafsin
किसी नफ़्स के लिए أَن कि an
कि تَمُوتَ वो मरे tamūta
वो मरे إِلَّا मगर illā
मगर بِإِذْنِ by (the) permission bi-idh'ni
by (the) permission ٱللَّهِ अल्लाह के इज़्न से l-lahi
अल्लाह के इज़्न से كِتَـٰبًۭا लिखा हुआ है kitāban
लिखा हुआ है مُّؤَجَّلًۭا ۗ मुक़र्रर वक़्त mu-ajjalan
मुक़र्रर वक़्त وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يُرِدْ चाहता है yurid
चाहता है ثَوَابَ बदला thawāba
बदला ٱلدُّنْيَا दुनिया का l-dun'yā
दुनिया का نُؤْتِهِۦ हम दे देते हैं उसे nu'tihi
हम दे देते हैं उसे مِنْهَا उसमें से min'hā
उसमें से وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يُرِدْ चाहता है yurid
चाहता है ثَوَابَ सवाब thawāba
सवाब ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत का l-ākhirati
आख़िरत का نُؤْتِهِۦ हम दे देंगे उसे nu'tihi
हम दे देंगे उसे مِنْهَا ۚ उसमें से min'hā
उसमें से وَسَنَجْزِى और अनक़रीब हम बदला देंगे wasanajzī
और अनक़रीब हम बदला देंगे ٱلشَّـٰكِرِينَ शुक्र करने वालों को l-shākirīna
शुक्र करने वालों को ١٤٥ (145)
(145)
और नहीं كَانَ है kāna
है لِنَفْسٍ किसी नफ़्स के लिए linafsin
किसी नफ़्स के लिए أَن कि an
कि تَمُوتَ वो मरे tamūta
वो मरे إِلَّا मगर illā
मगर بِإِذْنِ by (the) permission bi-idh'ni
by (the) permission ٱللَّهِ अल्लाह के इज़्न से l-lahi
अल्लाह के इज़्न से كِتَـٰبًۭا लिखा हुआ है kitāban
लिखा हुआ है مُّؤَجَّلًۭا ۗ मुक़र्रर वक़्त mu-ajjalan
मुक़र्रर वक़्त وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يُرِدْ चाहता है yurid
चाहता है ثَوَابَ बदला thawāba
बदला ٱلدُّنْيَا दुनिया का l-dun'yā
दुनिया का نُؤْتِهِۦ हम दे देते हैं उसे nu'tihi
हम दे देते हैं उसे مِنْهَا उसमें से min'hā
उसमें से وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يُرِدْ चाहता है yurid
चाहता है ثَوَابَ सवाब thawāba
सवाब ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत का l-ākhirati
आख़िरत का نُؤْتِهِۦ हम दे देंगे उसे nu'tihi
हम दे देंगे उसे مِنْهَا ۚ उसमें से min'hā
उसमें से وَسَنَجْزِى और अनक़रीब हम बदला देंगे wasanajzī
और अनक़रीब हम बदला देंगे ٱلشَّـٰكِرِينَ शुक्र करने वालों को l-shākirīna
शुक्र करने वालों को ١٤٥ (145)
(145)
किसी प्राणी के लिए यह संभव नहीं है कि अल्लाह की अनुमति के बिना मर जाए। मृत्यु का एक निर्धारित समय लिखा हुआ है। जो दुनिया का बदला चाहेगा, हम उसे इस दुनिया में से कुछ देंगे, तथा जो आख़िरत का बदला चाहेगा, हम उसे उसमें से देंगे, और हम शुक्र करने वालों को जल्द ही बदला देंगे।
३:१४६
وَكَأَيِّن
और कितने ही
waka-ayyin
और कितने ही مِّن from min
from نَّبِىٍّۢ नबियों में से nabiyyin
नबियों में से قَـٰتَلَ जंग की qātala
जंग की مَعَهُۥ उनके हमराह maʿahu
उनके हमराह رِبِّيُّونَ रब वालों ने ribbiyyūna
रब वालों ने كَثِيرٌۭ बहुत से kathīrun
बहुत से فَمَا तो ना famā
तो ना وَهَنُوا۟ उन्होंने सुस्ती दिखाई wahanū
उन्होंने सुस्ती दिखाई لِمَآ उसके लिए जो limā
उसके लिए जो أَصَابَهُمْ पहुँचा उन्हें aṣābahum
पहुँचा उन्हें فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में وَمَا और ना wamā
और ना ضَعُفُوا۟ वो कमज़ोर पड़े ḍaʿufū
वो कमज़ोर पड़े وَمَا और ना wamā
और ना ٱسْتَكَانُوا۟ ۗ वो दबे is'takānū
वो दबे وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يُحِبُّ मोहब्बत रखता है yuḥibbu
मोहब्बत रखता है ٱلصَّـٰبِرِينَ सब्र करने वालों से l-ṣābirīna
सब्र करने वालों से ١٤٦ (146)
(146)
और कितने ही مِّن from min
from نَّبِىٍّۢ नबियों में से nabiyyin
नबियों में से قَـٰتَلَ जंग की qātala
जंग की مَعَهُۥ उनके हमराह maʿahu
उनके हमराह رِبِّيُّونَ रब वालों ने ribbiyyūna
रब वालों ने كَثِيرٌۭ बहुत से kathīrun
बहुत से فَمَا तो ना famā
तो ना وَهَنُوا۟ उन्होंने सुस्ती दिखाई wahanū
उन्होंने सुस्ती दिखाई لِمَآ उसके लिए जो limā
उसके लिए जो أَصَابَهُمْ पहुँचा उन्हें aṣābahum
पहुँचा उन्हें فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में وَمَا और ना wamā
और ना ضَعُفُوا۟ वो कमज़ोर पड़े ḍaʿufū
वो कमज़ोर पड़े وَمَا और ना wamā
और ना ٱسْتَكَانُوا۟ ۗ वो दबे is'takānū
वो दबे وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يُحِبُّ मोहब्बत रखता है yuḥibbu
मोहब्बत रखता है ٱلصَّـٰبِرِينَ सब्र करने वालों से l-ṣābirīna
सब्र करने वालों से ١٤٦ (146)
(146)
और कितने ही नबी थे, जिनके साथ होकर बहुत-से अल्लाह वालों ने युद्ध किया, तो उन्होंने अल्लाह के मार्ग में पहुँचने वाली मुसीबतों के कारण न हिम्मत हारी और न कमज़ोरी दिखाई और न वे (दुश्मन के सामने) झुके, तथा अल्लाह धैर्य रखने वालों से प्रेम करता है।
३:१४७
وَمَا
और ना
wamā
और ना كَانَ थी kāna
थी قَوْلَهُمْ बात उनकी qawlahum
बात उनकी إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब ٱغْفِرْ forgive igh'fir
forgive لَنَا बख़्श दे हमारे लिए lanā
बख़्श दे हमारे लिए ذُنُوبَنَا गुनाह हमारे dhunūbanā
गुनाह हमारे وَإِسْرَافَنَا और ज़्यादतियाँ हमारी wa-is'rāfanā
और ज़्यादतियाँ हमारी فِىٓ in fī
in أَمْرِنَا हमारे मामले में amrinā
हमारे मामले में وَثَبِّتْ और जमा दे wathabbit
और जमा दे أَقْدَامَنَا हमारे क़दमों को aqdāmanā
हमारे क़दमों को وَٱنصُرْنَا और मदद फ़रमा हमारी wa-unṣur'nā
और मदद फ़रमा हमारी عَلَى over ʿalā
over ٱلْقَوْمِ ऊपर उन लोगों के l-qawmi
ऊपर उन लोगों के ٱلْكَـٰفِرِينَ जो काफ़िर हैं l-kāfirīna
जो काफ़िर हैं ١٤٧ (147)
(147)
और ना كَانَ थी kāna
थी قَوْلَهُمْ बात उनकी qawlahum
बात उनकी إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब ٱغْفِرْ forgive igh'fir
forgive لَنَا बख़्श दे हमारे लिए lanā
बख़्श दे हमारे लिए ذُنُوبَنَا गुनाह हमारे dhunūbanā
गुनाह हमारे وَإِسْرَافَنَا और ज़्यादतियाँ हमारी wa-is'rāfanā
और ज़्यादतियाँ हमारी فِىٓ in fī
in أَمْرِنَا हमारे मामले में amrinā
हमारे मामले में وَثَبِّتْ और जमा दे wathabbit
और जमा दे أَقْدَامَنَا हमारे क़दमों को aqdāmanā
हमारे क़दमों को وَٱنصُرْنَا और मदद फ़रमा हमारी wa-unṣur'nā
और मदद फ़रमा हमारी عَلَى over ʿalā
over ٱلْقَوْمِ ऊपर उन लोगों के l-qawmi
ऊपर उन लोगों के ٱلْكَـٰفِرِينَ जो काफ़िर हैं l-kāfirīna
जो काफ़िर हैं ١٤٧ (147)
(147)
और उन्होंने इससे अधिक कुछ नहीं कहा कि : ऐ हमारे पालनहार! हमारे पापों को और हमारे मामले में हमसे होने वाली अति (ज़्यादती) को क्षमा कर दे। तथा हमारे पैरों को जमाए रख और काफ़िर क़ौम पर हमें विजय प्रदान कर।
३:१४८
فَـَٔاتَىٰهُمُ
तो अता किया उन्हें
faātāhumu
तो अता किया उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ثَوَابَ सवाब thawāba
सवाब ٱلدُّنْيَا दुनिया का l-dun'yā
दुनिया का وَحُسْنَ और अच्छा waḥus'na
और अच्छा ثَوَابِ सवाब thawābi
सवाब ٱلْـَٔاخِرَةِ ۗ आख़िरत का l-ākhirati
आख़िरत का وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يُحِبُّ मोहब्बत रखता है yuḥibbu
मोहब्बत रखता है ٱلْمُحْسِنِينَ एहसान करने वालों से l-muḥ'sinīna
एहसान करने वालों से ١٤٨ (148)
(148)
तो अता किया उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ثَوَابَ सवाब thawāba
सवाब ٱلدُّنْيَا दुनिया का l-dun'yā
दुनिया का وَحُسْنَ और अच्छा waḥus'na
और अच्छा ثَوَابِ सवाब thawābi
सवाब ٱلْـَٔاخِرَةِ ۗ आख़िरत का l-ākhirati
आख़िरत का وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يُحِبُّ मोहब्बत रखता है yuḥibbu
मोहब्बत रखता है ٱلْمُحْسِنِينَ एहसान करने वालों से l-muḥ'sinīna
एहसान करने वालों से ١٤٨ (148)
(148)
तो अल्लाह ने उन्हें दुनिया का बदला तथा आख़िरत का अच्छा बदला प्रदान किया। तथा अल्लाह अच्छे काम करने वाले लोगों से प्रेम करता है।
३:१४९
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो إِن अगर in
अगर تُطِيعُوا۟ तुम इताअत करोगे tuṭīʿū
तुम इताअत करोगे ٱلَّذِينَ उनकी जिन्होंने alladhīna
उनकी जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया يَرُدُّوكُمْ वो फेर देंगे तुम्हें yaruddūkum
वो फेर देंगे तुम्हें عَلَىٰٓ on ʿalā
on أَعْقَـٰبِكُمْ तुम्हारी एड़ियों पर aʿqābikum
तुम्हारी एड़ियों पर فَتَنقَلِبُوا۟ वरना पलट जाओगे तुम fatanqalibū
वरना पलट जाओगे तुम خَـٰسِرِينَ ख़सारा पाने वाले (होकर) khāsirīna
ख़सारा पाने वाले (होकर) ١٤٩ (149)
(149)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो إِن अगर in
अगर تُطِيعُوا۟ तुम इताअत करोगे tuṭīʿū
तुम इताअत करोगे ٱلَّذِينَ उनकी जिन्होंने alladhīna
उनकी जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया يَرُدُّوكُمْ वो फेर देंगे तुम्हें yaruddūkum
वो फेर देंगे तुम्हें عَلَىٰٓ on ʿalā
on أَعْقَـٰبِكُمْ तुम्हारी एड़ियों पर aʿqābikum
तुम्हारी एड़ियों पर فَتَنقَلِبُوا۟ वरना पलट जाओगे तुम fatanqalibū
वरना पलट जाओगे तुम خَـٰسِرِينَ ख़सारा पाने वाले (होकर) khāsirīna
ख़सारा पाने वाले (होकर) ١٤٩ (149)
(149)
ऐ ईमान वालो! यदि तुम काफ़िरों के कहने पर चलोगे, तो वे तुम्हें तुम्हारी एड़ियों के बल फेर देंगे, फिर तुम घाटे में पड़ जाओगे।
३:१५०
بَلِ
बल्कि
bali
बल्कि ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مَوْلَىٰكُمْ ۖ मददगार है तुम्हारा mawlākum
मददगार है तुम्हारा وَهُوَ और वो wahuwa
और वो خَيْرُ बेहतरीन है khayru
बेहतरीन है ٱلنَّـٰصِرِينَ मदद करने वालों में l-nāṣirīna
मदद करने वालों में ١٥٠ (150)
(150)
बल्कि ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مَوْلَىٰكُمْ ۖ मददगार है तुम्हारा mawlākum
मददगार है तुम्हारा وَهُوَ और वो wahuwa
और वो خَيْرُ बेहतरीन है khayru
बेहतरीन है ٱلنَّـٰصِرِينَ मदद करने वालों में l-nāṣirīna
मदद करने वालों में ١٥٠ (150)
(150)
बल्कि अल्लाह ही तुम्हारा संरक्षक है तथा वह सबसे अच्छा सहायक है।
३:१५१
سَنُلْقِى
अनक़रीब हम डाल देंगे
sanul'qī
अनक़रीब हम डाल देंगे فِى in fī
in قُلُوبِ दिलों में qulūbi
दिलों में ٱلَّذِينَ उनके जिन्होंने alladhīna
उनके जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया ٱلرُّعْبَ रौब को l-ruʿ'ba
रौब को بِمَآ बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो أَشْرَكُوا۟ उन्होंने शरीक ठहराया ashrakū
उन्होंने शरीक ठहराया بِٱللَّهِ साथ अल्लाह के bil-lahi
साथ अल्लाह के مَا उसको जो mā
उसको जो لَمْ नहीं lam
नहीं يُنَزِّلْ उसने नाज़िल की yunazzil
उसने नाज़िल की بِهِۦ जिसकी bihi
जिसकी سُلْطَـٰنًۭا ۖ कोई दलील sul'ṭānan
कोई दलील وَمَأْوَىٰهُمُ और ठिकाना उनका wamawāhumu
और ठिकाना उनका ٱلنَّارُ ۚ आग है l-nāru
आग है وَبِئْسَ और कितना बुरा है wabi'sa
और कितना बुरा है مَثْوَى ठिकाना mathwā
ठिकाना ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों का l-ẓālimīna
ज़ालिमों का ١٥١ (151)
(151)
अनक़रीब हम डाल देंगे فِى in fī
in قُلُوبِ दिलों में qulūbi
दिलों में ٱلَّذِينَ उनके जिन्होंने alladhīna
उनके जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया ٱلرُّعْبَ रौब को l-ruʿ'ba
रौब को بِمَآ बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो أَشْرَكُوا۟ उन्होंने शरीक ठहराया ashrakū
उन्होंने शरीक ठहराया بِٱللَّهِ साथ अल्लाह के bil-lahi
साथ अल्लाह के مَا उसको जो mā
उसको जो لَمْ नहीं lam
नहीं يُنَزِّلْ उसने नाज़िल की yunazzil
उसने नाज़िल की بِهِۦ जिसकी bihi
जिसकी سُلْطَـٰنًۭا ۖ कोई दलील sul'ṭānan
कोई दलील وَمَأْوَىٰهُمُ और ठिकाना उनका wamawāhumu
और ठिकाना उनका ٱلنَّارُ ۚ आग है l-nāru
आग है وَبِئْسَ और कितना बुरा है wabi'sa
और कितना बुरा है مَثْوَى ठिकाना mathwā
ठिकाना ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों का l-ẓālimīna
ज़ालिमों का ١٥١ (151)
(151)
हम जल्द ही काफ़िरों के दिलों में धाक बिठा देंगे, इस कारण कि उन्होंने ऐसी चीज़ों को अल्लाह का साझी बनाया है, जिन (के साझी होने) का कोई प्रमाण अल्लाह ने नहीं उतारा है। और इनका ठिकाना जहन्नम है और वह ज़ालिमों का क्या ही बुरा ठिकाना है?
३:१५२
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ صَدَقَكُمُ सच्चा कर दिखाया तुमसे ṣadaqakumu
सच्चा कर दिखाया तुमसे ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَعْدَهُۥٓ वादा अपना waʿdahu
वादा अपना إِذْ जब idh
जब تَحُسُّونَهُم तुम क़त्ल कर रहे थे उन्हें taḥussūnahum
तुम क़त्ल कर रहे थे उन्हें بِإِذْنِهِۦ ۖ उसके इज़्न से bi-idh'nihi
उसके इज़्न से حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब فَشِلْتُمْ बुज़दिली दिखाई तुमने fashil'tum
बुज़दिली दिखाई तुमने وَتَنَـٰزَعْتُمْ और झगड़ा किया तुमने watanāzaʿtum
और झगड़ा किया तुमने فِى concerning fī
concerning ٱلْأَمْرِ हुक्म के बारे में (रसूल के) l-amri
हुक्म के बारे में (रसूल के) وَعَصَيْتُم और नाफ़रमानी की तुमने waʿaṣaytum
और नाफ़रमानी की तुमने مِّنۢ from min
from بَعْدِ बाद उसके baʿdi
बाद उसके مَآ जो mā
जो أَرَىٰكُم उसने दिखाया तुम्हें arākum
उसने दिखाया तुम्हें مَّا वो जो mā
वो जो تُحِبُّونَ ۚ तुम पसंद करते हो tuḥibbūna
तुम पसंद करते हो مِنكُم तुम में से कोई है minkum
तुम में से कोई है مَّن जो man
जो يُرِيدُ चाहता है yurīdu
चाहता है ٱلدُّنْيَا दुनिया को l-dun'yā
दुनिया को وَمِنكُم और तुम में से कोई है waminkum
और तुम में से कोई है مَّن जो man
जो يُرِيدُ चाहता है yurīdu
चाहता है ٱلْـَٔاخِرَةَ ۚ आख़िरत को l-ākhirata
आख़िरत को ثُمَّ फिर thumma
फिर صَرَفَكُمْ उसने फेर दिया तुम्हें ṣarafakum
उसने फेर दिया तुम्हें عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे لِيَبْتَلِيَكُمْ ۖ ताकि वो आज़माए तुम्हें liyabtaliyakum
ताकि वो आज़माए तुम्हें وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ عَفَا उसने दरगुज़र किया ʿafā
उसने दरगुज़र किया عَنكُمْ ۗ तुमसे ʿankum
तुमसे وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह ذُو (is the) Possessor dhū
(is the) Possessor فَضْلٍ फ़ज़ल वाला है faḍlin
फ़ज़ल वाला है عَلَى for ʿalā
for ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों पर l-mu'minīna
मोमिनों पर ١٥٢ (152)
(152)
और अलबत्ता तहक़ीक़ صَدَقَكُمُ सच्चा कर दिखाया तुमसे ṣadaqakumu
सच्चा कर दिखाया तुमसे ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَعْدَهُۥٓ वादा अपना waʿdahu
वादा अपना إِذْ जब idh
जब تَحُسُّونَهُم तुम क़त्ल कर रहे थे उन्हें taḥussūnahum
तुम क़त्ल कर रहे थे उन्हें بِإِذْنِهِۦ ۖ उसके इज़्न से bi-idh'nihi
उसके इज़्न से حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब فَشِلْتُمْ बुज़दिली दिखाई तुमने fashil'tum
बुज़दिली दिखाई तुमने وَتَنَـٰزَعْتُمْ और झगड़ा किया तुमने watanāzaʿtum
और झगड़ा किया तुमने فِى concerning fī
concerning ٱلْأَمْرِ हुक्म के बारे में (रसूल के) l-amri
हुक्म के बारे में (रसूल के) وَعَصَيْتُم और नाफ़रमानी की तुमने waʿaṣaytum
और नाफ़रमानी की तुमने مِّنۢ from min
from بَعْدِ बाद उसके baʿdi
बाद उसके مَآ जो mā
जो أَرَىٰكُم उसने दिखाया तुम्हें arākum
उसने दिखाया तुम्हें مَّا वो जो mā
वो जो تُحِبُّونَ ۚ तुम पसंद करते हो tuḥibbūna
तुम पसंद करते हो مِنكُم तुम में से कोई है minkum
तुम में से कोई है مَّن जो man
जो يُرِيدُ चाहता है yurīdu
चाहता है ٱلدُّنْيَا दुनिया को l-dun'yā
दुनिया को وَمِنكُم और तुम में से कोई है waminkum
और तुम में से कोई है مَّن जो man
जो يُرِيدُ चाहता है yurīdu
चाहता है ٱلْـَٔاخِرَةَ ۚ आख़िरत को l-ākhirata
आख़िरत को ثُمَّ फिर thumma
फिर صَرَفَكُمْ उसने फेर दिया तुम्हें ṣarafakum
उसने फेर दिया तुम्हें عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे لِيَبْتَلِيَكُمْ ۖ ताकि वो आज़माए तुम्हें liyabtaliyakum
ताकि वो आज़माए तुम्हें وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ عَفَا उसने दरगुज़र किया ʿafā
उसने दरगुज़र किया عَنكُمْ ۗ तुमसे ʿankum
तुमसे وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह ذُو (is the) Possessor dhū
(is the) Possessor فَضْلٍ फ़ज़ल वाला है faḍlin
फ़ज़ल वाला है عَلَى for ʿalā
for ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों पर l-mu'minīna
मोमिनों पर ١٥٢ (152)
(152)
तथा अल्लाह ने तुम्हें अपना वचन सच कर दिखाया, जब तुम उसकी अनुमति से उन्हें काट1 रहे थे। यहाँ तक कि जब तुमने कायरता दिखाई, तथा (रसूल के) आदेश2 (के अनुपालन) में विवाद कर लिया और अवज्ञा की। (यह सब कुछ) इसके बाद (हुआ) कि अल्लाह ने तुम्हें वह चीज़ दिखा दी थी, जिसे तुम पसंद करते थे। तुममें से कुछ लोग दुनिया चाहते थे तथा कुछ लोग आख़िरत के इच्छुक थे। फिर उसने तुम्हें उनके मुक़ाबले से हटा दिया, ताकि तुम्हारी परीक्षा ले। निश्चय ही उसने तुम्हें क्षमा कर दिया और अल्लाह ईमान वालों के लिए अनुग्रहशील है।
३:१५३
۞ إِذْ
जब
idh
जब تُصْعِدُونَ तुम चढ़े जा रहे थे tuṣ'ʿidūna
तुम चढ़े जा रहे थे وَلَا और ना walā
और ना تَلْوُۥنَ तुम मुड़कर देखते थे talwūna
तुम मुड़कर देखते थे عَلَىٰٓ on ʿalā
on أَحَدٍۢ किसी एक को aḥadin
किसी एक को وَٱلرَّسُولُ और रसूल wal-rasūlu
और रसूल يَدْعُوكُمْ बुला रहे थे तुम्हें yadʿūkum
बुला रहे थे तुम्हें فِىٓ [in] fī
[in] أُخْرَىٰكُمْ तुम्हारे पीछे से ukh'rākum
तुम्हारे पीछे से فَأَثَـٰبَكُمْ तो उसने दिया तुम्हें fa-athābakum
तो उसने दिया तुम्हें غَمًّۢا ग़म ghamman
ग़म بِغَمٍّۢ साथ ग़म के bighammin
साथ ग़म के لِّكَيْلَا ताकि ना likaylā
ताकि ना تَحْزَنُوا۟ तुम रंज करो taḥzanū
तुम रंज करो عَلَىٰ उस पर ʿalā
उस पर مَا जो mā
जो فَاتَكُمْ छिन गया तुम से fātakum
छिन गया तुम से وَلَا और ना walā
और ना مَآ जो mā
जो أَصَـٰبَكُمْ ۗ पहुँचा तुम्हें aṣābakum
पहुँचा तुम्हें وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह خَبِيرٌۢ ख़ूब ख़बर रखने वाला है khabīrun
ख़ूब ख़बर रखने वाला है بِمَا उसकी जो bimā
उसकी जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो ١٥٣ (153)
(153)
जब تُصْعِدُونَ तुम चढ़े जा रहे थे tuṣ'ʿidūna
तुम चढ़े जा रहे थे وَلَا और ना walā
और ना تَلْوُۥنَ तुम मुड़कर देखते थे talwūna
तुम मुड़कर देखते थे عَلَىٰٓ on ʿalā
on أَحَدٍۢ किसी एक को aḥadin
किसी एक को وَٱلرَّسُولُ और रसूल wal-rasūlu
और रसूल يَدْعُوكُمْ बुला रहे थे तुम्हें yadʿūkum
बुला रहे थे तुम्हें فِىٓ [in] fī
[in] أُخْرَىٰكُمْ तुम्हारे पीछे से ukh'rākum
तुम्हारे पीछे से فَأَثَـٰبَكُمْ तो उसने दिया तुम्हें fa-athābakum
तो उसने दिया तुम्हें غَمًّۢا ग़म ghamman
ग़म بِغَمٍّۢ साथ ग़म के bighammin
साथ ग़म के لِّكَيْلَا ताकि ना likaylā
ताकि ना تَحْزَنُوا۟ तुम रंज करो taḥzanū
तुम रंज करो عَلَىٰ उस पर ʿalā
उस पर مَا जो mā
जो فَاتَكُمْ छिन गया तुम से fātakum
छिन गया तुम से وَلَا और ना walā
और ना مَآ जो mā
जो أَصَـٰبَكُمْ ۗ पहुँचा तुम्हें aṣābakum
पहुँचा तुम्हें وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह خَبِيرٌۢ ख़ूब ख़बर रखने वाला है khabīrun
ख़ूब ख़बर रखने वाला है بِمَا उसकी जो bimā
उसकी जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो ١٥٣ (153)
(153)
(और याद करो) जब तुम चढ़े (भागे) जा रहे थे और किसी को मुड़कर नहीं देख रहे थे और रसूल तुम्हें तुम्हारे पीछे से पुकार1 रहे थे। अतः इसके बदले में (अल्लाह ने) तुम्हें शोक पर शोक दिया ताकि जो तुम्हारे हाथ से निकल गया और जो मुसीबत तुम्हें पहुँची, उसपर शोकाकुल न हो। तथा अल्लाह उससे सूचित है, जो तुम कर रहे हो।
३:१५४
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर أَنزَلَ उसने उतारा anzala
उसने उतारा عَلَيْكُم तुम पर ʿalaykum
तुम पर مِّنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद ٱلْغَمِّ ग़म के l-ghami
ग़म के أَمَنَةًۭ अमन amanatan
अमन نُّعَاسًۭا एक ऊँघ nuʿāsan
एक ऊँघ يَغْشَىٰ ढाँप लिया उसने yaghshā
ढाँप लिया उसने طَآئِفَةًۭ एक गिरोह को ṭāifatan
एक गिरोह को مِّنكُمْ ۖ तुम में से minkum
तुम में से وَطَآئِفَةٌۭ और एक गिरोह waṭāifatun
और एक गिरोह قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ أَهَمَّتْهُمْ फ़िक्र में डाला उन्हें ahammathum
फ़िक्र में डाला उन्हें أَنفُسُهُمْ उनके नफ़्सों ने anfusuhum
उनके नफ़्सों ने يَظُنُّونَ वो गुमान कर रहे थे yaẓunnūna
वो गुमान कर रहे थे بِٱللَّهِ अल्लाह के बारे में bil-lahi
अल्लाह के बारे में غَيْرَ other than ghayra
other than ٱلْحَقِّ नाहक़ l-ḥaqi
नाहक़ ظَنَّ गुमान करना ẓanna
गुमान करना ٱلْجَـٰهِلِيَّةِ ۖ जाहिलियत का l-jāhiliyati
जाहिलियत का يَقُولُونَ वो कह रहे थे yaqūlūna
वो कह रहे थे هَل क्या है hal
क्या है لَّنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए مِنَ from mina
from ٱلْأَمْرِ मामले में से l-amri
मामले में से مِن any min
any شَىْءٍۢ ۗ कोई चीज़ shayin
कोई चीज़ قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلْأَمْرَ मामला l-amra
मामला كُلَّهُۥ सब का सब kullahu
सब का सब لِلَّهِ ۗ अल्लाह ही के लिए है lillahi
अल्लाह ही के लिए है يُخْفُونَ वो छुपा रहे थे yukh'fūna
वो छुपा रहे थे فِىٓ in fī
in أَنفُسِهِم अपने नफ़्सों में anfusihim
अपने नफ़्सों में مَّا जो mā
जो لَا not lā
not يُبْدُونَ नहीं वो ज़ाहिर कर रहे थे yub'dūna
नहीं वो ज़ाहिर कर रहे थे لَكَ ۖ आपके लिए laka
आपके लिए يَقُولُونَ वो कह रहे थे yaqūlūna
वो कह रहे थे لَوْ अगर law
अगर كَانَ होता kāna
होता لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए مِنَ from mina
from ٱلْأَمْرِ मामले में से l-amri
मामले में से شَىْءٌۭ कुछ भी shayon
कुछ भी مَّا ना mā
ना قُتِلْنَا क़त्ल किए जाते हम qutil'nā
क़त्ल किए जाते हम هَـٰهُنَا ۗ उस जगह hāhunā
उस जगह قُل कह दीजिए qul
कह दीजिए لَّوْ अगर law
अगर كُنتُمْ होते तुम kuntum
होते तुम فِى in fī
in بُيُوتِكُمْ अपने घरों में buyūtikum
अपने घरों में لَبَرَزَ अलबत्ता निकल पड़ते labaraza
अलबत्ता निकल पड़ते ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो كُتِبَ लिख दिया गया था kutiba
लिख दिया गया था عَلَيْهِمُ जिन पर ʿalayhimu
जिन पर ٱلْقَتْلُ क़त्ल होना l-qatlu
क़त्ल होना إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ مَضَاجِعِهِمْ ۖ अपने (सोने) मौत के मक़ामात के maḍājiʿihim
अपने (सोने) मौत के मक़ामात के وَلِيَبْتَلِىَ और ताकि आज़मा ले waliyabtaliya
और ताकि आज़मा ले ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مَا उसको जो mā
उसको जो فِى (is) in fī
(is) in صُدُورِكُمْ तुम्हारे सीनों में है ṣudūrikum
तुम्हारे सीनों में है وَلِيُمَحِّصَ और ताकि वो ख़ालिस कर दे waliyumaḥḥiṣa
और ताकि वो ख़ालिस कर दे مَا उसको जो mā
उसको जो فِى (is) in fī
(is) in قُلُوبِكُمْ ۗ तुम्हारे दिलों में है qulūbikum
तुम्हारे दिलों में है وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلِيمٌۢ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है بِذَاتِ of what bidhāti
of what ٱلصُّدُورِ सीनों वाले (भेद) l-ṣudūri
सीनों वाले (भेद) ١٥٤ (154)
(154)
फिर أَنزَلَ उसने उतारा anzala
उसने उतारा عَلَيْكُم तुम पर ʿalaykum
तुम पर مِّنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद ٱلْغَمِّ ग़म के l-ghami
ग़म के أَمَنَةًۭ अमन amanatan
अमन نُّعَاسًۭا एक ऊँघ nuʿāsan
एक ऊँघ يَغْشَىٰ ढाँप लिया उसने yaghshā
ढाँप लिया उसने طَآئِفَةًۭ एक गिरोह को ṭāifatan
एक गिरोह को مِّنكُمْ ۖ तुम में से minkum
तुम में से وَطَآئِفَةٌۭ और एक गिरोह waṭāifatun
और एक गिरोह قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ أَهَمَّتْهُمْ फ़िक्र में डाला उन्हें ahammathum
फ़िक्र में डाला उन्हें أَنفُسُهُمْ उनके नफ़्सों ने anfusuhum
उनके नफ़्सों ने يَظُنُّونَ वो गुमान कर रहे थे yaẓunnūna
वो गुमान कर रहे थे بِٱللَّهِ अल्लाह के बारे में bil-lahi
अल्लाह के बारे में غَيْرَ other than ghayra
other than ٱلْحَقِّ नाहक़ l-ḥaqi
नाहक़ ظَنَّ गुमान करना ẓanna
गुमान करना ٱلْجَـٰهِلِيَّةِ ۖ जाहिलियत का l-jāhiliyati
जाहिलियत का يَقُولُونَ वो कह रहे थे yaqūlūna
वो कह रहे थे هَل क्या है hal
क्या है لَّنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए مِنَ from mina
from ٱلْأَمْرِ मामले में से l-amri
मामले में से مِن any min
any شَىْءٍۢ ۗ कोई चीज़ shayin
कोई चीज़ قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلْأَمْرَ मामला l-amra
मामला كُلَّهُۥ सब का सब kullahu
सब का सब لِلَّهِ ۗ अल्लाह ही के लिए है lillahi
अल्लाह ही के लिए है يُخْفُونَ वो छुपा रहे थे yukh'fūna
वो छुपा रहे थे فِىٓ in fī
in أَنفُسِهِم अपने नफ़्सों में anfusihim
अपने नफ़्सों में مَّا जो mā
जो لَا not lā
not يُبْدُونَ नहीं वो ज़ाहिर कर रहे थे yub'dūna
नहीं वो ज़ाहिर कर रहे थे لَكَ ۖ आपके लिए laka
आपके लिए يَقُولُونَ वो कह रहे थे yaqūlūna
वो कह रहे थे لَوْ अगर law
अगर كَانَ होता kāna
होता لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए مِنَ from mina
from ٱلْأَمْرِ मामले में से l-amri
मामले में से شَىْءٌۭ कुछ भी shayon
कुछ भी مَّا ना mā
ना قُتِلْنَا क़त्ल किए जाते हम qutil'nā
क़त्ल किए जाते हम هَـٰهُنَا ۗ उस जगह hāhunā
उस जगह قُل कह दीजिए qul
कह दीजिए لَّوْ अगर law
अगर كُنتُمْ होते तुम kuntum
होते तुम فِى in fī
in بُيُوتِكُمْ अपने घरों में buyūtikum
अपने घरों में لَبَرَزَ अलबत्ता निकल पड़ते labaraza
अलबत्ता निकल पड़ते ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो كُتِبَ लिख दिया गया था kutiba
लिख दिया गया था عَلَيْهِمُ जिन पर ʿalayhimu
जिन पर ٱلْقَتْلُ क़त्ल होना l-qatlu
क़त्ल होना إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ مَضَاجِعِهِمْ ۖ अपने (सोने) मौत के मक़ामात के maḍājiʿihim
अपने (सोने) मौत के मक़ामात के وَلِيَبْتَلِىَ और ताकि आज़मा ले waliyabtaliya
और ताकि आज़मा ले ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مَا उसको जो mā
उसको जो فِى (is) in fī
(is) in صُدُورِكُمْ तुम्हारे सीनों में है ṣudūrikum
तुम्हारे सीनों में है وَلِيُمَحِّصَ और ताकि वो ख़ालिस कर दे waliyumaḥḥiṣa
और ताकि वो ख़ालिस कर दे مَا उसको जो mā
उसको जो فِى (is) in fī
(is) in قُلُوبِكُمْ ۗ तुम्हारे दिलों में है qulūbikum
तुम्हारे दिलों में है وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلِيمٌۢ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है بِذَاتِ of what bidhāti
of what ٱلصُّدُورِ सीनों वाले (भेद) l-ṣudūri
सीनों वाले (भेद) ١٥٤ (154)
(154)
फिर इस शोक के बाद उसने तुमपर शांति उतारी (यानी) ऊँघ जो तुम्हारे एक समूह1 को घेर रही थी और एक समूह को केवल अपने प्राणों2 की चिंता थी। वे अल्लाह के बारे में अनुचित अज्ञानता काल का गुमान कर रहे थे। वे कहते थे कि क्या (इस) मामले में हमारा भी कोई अधिकार है? (ऐ नबी!) कह दें कि सब अधिकार अल्लाह को है। वे अपने दिलों में वह (बात) छिपाते हैं जो आपके सामने प्रकट नहीं करते हैं। वे कहते हैं कि यदि (इस) मामले में हमारा भी कुछ अधिकार होता, तो हम यहाँ मारे न जाते। आप कह दें : यदि तुम अपने घरों में भी होते, तब भी जिनके (भाग्य में) मारा जाना लिख दिया गया था, वे अवश्य अपने मरने के स्थानों की ओर निकल आते। और ताकि अल्लाह जो कुछ तुम्हारे सीनों में है, उसे आज़माए और जो कुछ तुम्हारे दिलों में है, उसे विशुद्ध कर दे। और अल्लाह दिलों के भेदों से अवगत है।
३:१५५
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो تَوَلَّوْا۟ फिर गए tawallaw
फिर गए مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन ٱلْتَقَى आमने सामने हुईं l-taqā
आमने सामने हुईं ٱلْجَمْعَانِ दो जमाअतें l-jamʿāni
दो जमाअतें إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक ٱسْتَزَلَّهُمُ फुसलाया था उन्हें is'tazallahumu
फुसलाया था उन्हें ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान ने l-shayṭānu
शैतान ने بِبَعْضِ बवजह बाज़ (आमाल) के bibaʿḍi
बवजह बाज़ (आमाल) के مَا जो mā
जो كَسَبُوا۟ ۖ उन्होंने कमाए kasabū
उन्होंने कमाए وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ عَفَا दरगुज़र किया ʿafā
दरगुज़र किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَنْهُمْ ۗ उनसे ʿanhum
उनसे إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह غَفُورٌ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है حَلِيمٌۭ बहुत बुर्दबार है ḥalīmun
बहुत बुर्दबार है ١٥٥ (155)
(155)
बेशक ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो تَوَلَّوْا۟ फिर गए tawallaw
फिर गए مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन ٱلْتَقَى आमने सामने हुईं l-taqā
आमने सामने हुईं ٱلْجَمْعَانِ दो जमाअतें l-jamʿāni
दो जमाअतें إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक ٱسْتَزَلَّهُمُ फुसलाया था उन्हें is'tazallahumu
फुसलाया था उन्हें ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान ने l-shayṭānu
शैतान ने بِبَعْضِ बवजह बाज़ (आमाल) के bibaʿḍi
बवजह बाज़ (आमाल) के مَا जो mā
जो كَسَبُوا۟ ۖ उन्होंने कमाए kasabū
उन्होंने कमाए وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ عَفَا दरगुज़र किया ʿafā
दरगुज़र किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَنْهُمْ ۗ उनसे ʿanhum
उनसे إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह غَفُورٌ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है حَلِيمٌۭ बहुत बुर्दबार है ḥalīmun
बहुत बुर्दबार है ١٥٥ (155)
(155)
वस्तुतः तुममें से जिन लोगों ने दो गिरोहों के आमने सामने होने के दिन पीठ दिखाई, उन्हें शैतान ने उनके कुछ कर्मों के कारण फिसला दिया था। और अल्लाह उन्हें क्षमा कर चुका है। वास्तव में, अल्लाह अति क्षमावान्, सहनशील है।
३:१५६
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَا (Do) not lā
(Do) not تَكُونُوا۟ ना तुम हो जाओ takūnū
ना तुम हो जाओ كَٱلَّذِينَ उनकी तरह ka-alladhīna
उनकी तरह كَفَرُوا۟ जिन्होंने कुफ़्र किया kafarū
जिन्होंने कुफ़्र किया وَقَالُوا۟ और उन्होंने कहा waqālū
और उन्होंने कहा لِإِخْوَٰنِهِمْ अपने भाईंयों को li-ikh'wānihim
अपने भाईंयों को إِذَا जब idhā
जब ضَرَبُوا۟ वो चले फिरे ḍarabū
वो चले फिरे فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में أَوْ या aw
या كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो غُزًّۭى ग़ाज़ी/लड़ने वाले ghuzzan
ग़ाज़ी/लड़ने वाले لَّوْ अगर law
अगर كَانُوا۟ होते वो kānū
होते वो عِندَنَا पास हमारे ʿindanā
पास हमारे مَا ना mā
ना مَاتُوا۟ वो मरते mātū
वो मरते وَمَا और ना wamā
और ना قُتِلُوا۟ वो क़त्ल किए जाते qutilū
वो क़त्ल किए जाते لِيَجْعَلَ ताकि बना दे liyajʿala
ताकि बना दे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ذَٰلِكَ उसको dhālika
उसको حَسْرَةًۭ हसरत का सबब ḥasratan
हसरत का सबब فِى in fī
in قُلُوبِهِمْ ۗ उनके दिलों में qulūbihim
उनके दिलों में وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يُحْىِۦ ज़िन्दा करता है yuḥ'yī
ज़िन्दा करता है وَيُمِيتُ ۗ और वो मौत देता है wayumītu
और वो मौत देता है وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह بِمَا उसे जो bimā
उसे जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो بَصِيرٌۭ ख़ूब देखने वाला है baṣīrun
ख़ूब देखने वाला है ١٥٦ (156)
(156)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَا (Do) not lā
(Do) not تَكُونُوا۟ ना तुम हो जाओ takūnū
ना तुम हो जाओ كَٱلَّذِينَ उनकी तरह ka-alladhīna
उनकी तरह كَفَرُوا۟ जिन्होंने कुफ़्र किया kafarū
जिन्होंने कुफ़्र किया وَقَالُوا۟ और उन्होंने कहा waqālū
और उन्होंने कहा لِإِخْوَٰنِهِمْ अपने भाईंयों को li-ikh'wānihim
अपने भाईंयों को إِذَا जब idhā
जब ضَرَبُوا۟ वो चले फिरे ḍarabū
वो चले फिरे فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में أَوْ या aw
या كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो غُزًّۭى ग़ाज़ी/लड़ने वाले ghuzzan
ग़ाज़ी/लड़ने वाले لَّوْ अगर law
अगर كَانُوا۟ होते वो kānū
होते वो عِندَنَا पास हमारे ʿindanā
पास हमारे مَا ना mā
ना مَاتُوا۟ वो मरते mātū
वो मरते وَمَا और ना wamā
और ना قُتِلُوا۟ वो क़त्ल किए जाते qutilū
वो क़त्ल किए जाते لِيَجْعَلَ ताकि बना दे liyajʿala
ताकि बना दे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ذَٰلِكَ उसको dhālika
उसको حَسْرَةًۭ हसरत का सबब ḥasratan
हसरत का सबब فِى in fī
in قُلُوبِهِمْ ۗ उनके दिलों में qulūbihim
उनके दिलों में وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يُحْىِۦ ज़िन्दा करता है yuḥ'yī
ज़िन्दा करता है وَيُمِيتُ ۗ और वो मौत देता है wayumītu
और वो मौत देता है وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह بِمَا उसे जो bimā
उसे जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो بَصِيرٌۭ ख़ूब देखने वाला है baṣīrun
ख़ूब देखने वाला है ١٥٦ (156)
(156)
ऐ ईमान वालो! तुम उन लोगों के समान न हो जाओ, जिन्होंने कुफ़्र किया और अपने भाइयों के बारे में जबकि वे यात्रा पर गए हों या जिहाद के लिए निकले यह कहने लगे कि : यदि वे हमारे पास रहते तो न मरते और न क़त्ल किए जाते। (ऐसी बात उनके दिल में इसलिए आती है) ताकि अल्लाह इसे उनके दिलों में संताप का कारण बना दे। तथा अल्लाह ही जीवित करता और मृत्यु देता है। और तुम जो कुछ करते हो, अल्लाह उसे देख रहा है।
३:१५७
وَلَئِن
और अलबत्ता अगर
wala-in
और अलबत्ता अगर قُتِلْتُمْ क़त्ल किए जाओ तुम qutil'tum
क़त्ल किए जाओ तुम فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में أَوْ या aw
या مُتُّمْ मर जाओ तुम muttum
मर जाओ तुम لَمَغْفِرَةٌۭ अलबत्ता बख़्शिश lamaghfiratun
अलबत्ता बख़्शिश مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से وَرَحْمَةٌ और रहमत waraḥmatun
और रहमत خَيْرٌۭ बहुत बेहतर है khayrun
बहुत बेहतर है مِّمَّا उससे जो mimmā
उससे जो يَجْمَعُونَ वो जमा कर रहे हैं yajmaʿūna
वो जमा कर रहे हैं ١٥٧ (157)
(157)
और अलबत्ता अगर قُتِلْتُمْ क़त्ल किए जाओ तुम qutil'tum
क़त्ल किए जाओ तुम فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में أَوْ या aw
या مُتُّمْ मर जाओ तुम muttum
मर जाओ तुम لَمَغْفِرَةٌۭ अलबत्ता बख़्शिश lamaghfiratun
अलबत्ता बख़्शिश مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से وَرَحْمَةٌ और रहमत waraḥmatun
और रहमत خَيْرٌۭ बहुत बेहतर है khayrun
बहुत बेहतर है مِّمَّا उससे जो mimmā
उससे जो يَجْمَعُونَ वो जमा कर रहे हैं yajmaʿūna
वो जमा कर रहे हैं ١٥٧ (157)
(157)
और यदि तुम अल्लाह के मार्ग में क़त्ल कर दिए जाओ या मर जाओ, तो अल्लाह की क्षमा और दया उससे बेहतर है, जो वे लोग बटोर रहे हैं।
३:१५८
وَلَئِن
और अलबत्ता अगर
wala-in
और अलबत्ता अगर مُّتُّمْ मर जाओ तुम muttum
मर जाओ तुम أَوْ या aw
या قُتِلْتُمْ क़त्ल किए जाओ तुम qutil'tum
क़त्ल किए जाओ तुम لَإِلَى अलबत्ता तरफ़ la-ilā
अलबत्ता तरफ़ ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के تُحْشَرُونَ तुम इकट्ठे किए जाओगे tuḥ'sharūna
तुम इकट्ठे किए जाओगे ١٥٨ (158)
(158)
और अलबत्ता अगर مُّتُّمْ मर जाओ तुम muttum
मर जाओ तुम أَوْ या aw
या قُتِلْتُمْ क़त्ल किए जाओ तुम qutil'tum
क़त्ल किए जाओ तुम لَإِلَى अलबत्ता तरफ़ la-ilā
अलबत्ता तरफ़ ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के تُحْشَرُونَ तुम इकट्ठे किए जाओगे tuḥ'sharūna
तुम इकट्ठे किए जाओगे ١٥٨ (158)
(158)
तथा यदि तुम मर गए या मार दिए गए, तो निश्चित रूप से तुम अल्लाह ही के पास इकट्ठे किए जाओगे।
३:१५९
فَبِمَا
फिर बवजह
fabimā
फिर बवजह رَحْمَةٍۢ रहमत के raḥmatin
रहमत के مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से لِنتَ नर्म हो गए आप linta
नर्म हो गए आप لَهُمْ ۖ उनके लिए lahum
उनके लिए وَلَوْ और अगर walaw
और अगर كُنتَ होते आप kunta
होते आप فَظًّا तुन्दख़ू faẓẓan
तुन्दख़ू غَلِيظَ सख़्त ghalīẓa
सख़्त ٱلْقَلْبِ दिल l-qalbi
दिल لَٱنفَضُّوا۟ अलबत्ता वो मुन्तशिर हो जाते la-infaḍḍū
अलबत्ता वो मुन्तशिर हो जाते مِنْ from min
from حَوْلِكَ ۖ आपके आस पास से ḥawlika
आपके आस पास से فَٱعْفُ पस दरगुज़र कीजिए fa-uʿ'fu
पस दरगुज़र कीजिए عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे وَٱسْتَغْفِرْ और बख़्शिश माँगिए wa-is'taghfir
और बख़्शिश माँगिए لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए وَشَاوِرْهُمْ और मशवरा कीजिए उनसे washāwir'hum
और मशवरा कीजिए उनसे فِى in fī
in ٱلْأَمْرِ ۖ मामले में l-amri
मामले में فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब عَزَمْتَ पुख़्ता इरादा करें आप ʿazamta
पुख़्ता इरादा करें आप فَتَوَكَّلْ तो तवक्कल कीजिए fatawakkal
तो तवक्कल कीजिए عَلَى on ʿalā
on ٱللَّهِ ۚ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يُحِبُّ मोहब्बत रखता है yuḥibbu
मोहब्बत रखता है ٱلْمُتَوَكِّلِينَ तवक्कल करने वालों से l-mutawakilīna
तवक्कल करने वालों से ١٥٩ (159)
(159)
फिर बवजह رَحْمَةٍۢ रहमत के raḥmatin
रहमत के مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से لِنتَ नर्म हो गए आप linta
नर्म हो गए आप لَهُمْ ۖ उनके लिए lahum
उनके लिए وَلَوْ और अगर walaw
और अगर كُنتَ होते आप kunta
होते आप فَظًّا तुन्दख़ू faẓẓan
तुन्दख़ू غَلِيظَ सख़्त ghalīẓa
सख़्त ٱلْقَلْبِ दिल l-qalbi
दिल لَٱنفَضُّوا۟ अलबत्ता वो मुन्तशिर हो जाते la-infaḍḍū
अलबत्ता वो मुन्तशिर हो जाते مِنْ from min
from حَوْلِكَ ۖ आपके आस पास से ḥawlika
आपके आस पास से فَٱعْفُ पस दरगुज़र कीजिए fa-uʿ'fu
पस दरगुज़र कीजिए عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे وَٱسْتَغْفِرْ और बख़्शिश माँगिए wa-is'taghfir
और बख़्शिश माँगिए لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए وَشَاوِرْهُمْ और मशवरा कीजिए उनसे washāwir'hum
और मशवरा कीजिए उनसे فِى in fī
in ٱلْأَمْرِ ۖ मामले में l-amri
मामले में فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब عَزَمْتَ पुख़्ता इरादा करें आप ʿazamta
पुख़्ता इरादा करें आप فَتَوَكَّلْ तो तवक्कल कीजिए fatawakkal
तो तवक्कल कीजिए عَلَى on ʿalā
on ٱللَّهِ ۚ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يُحِبُّ मोहब्बत रखता है yuḥibbu
मोहब्बत रखता है ٱلْمُتَوَكِّلِينَ तवक्कल करने वालों से l-mutawakilīna
तवक्कल करने वालों से ١٥٩ (159)
(159)
अल्लाह की दया के कारण (ऐ नबी!) आप उनके1 लिए सरल स्वभाव के हैं। और यदि आप प्रखर स्वभाव और कठोर हृदय के होते, तो वे आपके पास से छट जाते। अतः आप उन्हें माफ़ कर दें और उनके लिए क्षमा याचना करें। तथा उनसे मामलों में परामर्श करें। फिर जब आप दृढ़ संकल्प कर लें, तो अल्लाह पर भरोसा करें। निःसंदेह अल्लाह भरोसा करने वालों को पसंद करता है।
३:१६०
إِن
अगर
in
अगर يَنصُرْكُمُ मदद करे तुम्हारी yanṣur'kumu
मदद करे तुम्हारी ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं غَالِبَ कोई ग़ालिब आने वाला ghāliba
कोई ग़ालिब आने वाला لَكُمْ ۖ तुम पर lakum
तुम पर وَإِن और अगर wa-in
और अगर يَخْذُلْكُمْ वो छोड़ दे तुम्हें yakhdhul'kum
वो छोड़ दे तुम्हें فَمَن तो कौन है faman
तो कौन है ذَا (is) dhā
(is) ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो يَنصُرُكُم मदद करेगा तुम्हारी yanṣurukum
मदद करेगा तुम्हारी مِّنۢ from min
from بَعْدِهِۦ ۗ बाद उसके baʿdihi
बाद उसके وَعَلَى And on waʿalā
And on ٱللَّهِ और अल्लाह ही पर l-lahi
और अल्लाह ही पर فَلْيَتَوَكَّلِ पस चाहिए कि तवक्कल किया करें falyatawakkali
पस चाहिए कि तवक्कल किया करें ٱلْمُؤْمِنُونَ ईमान वाले l-mu'minūna
ईमान वाले ١٦٠ (160)
(160)
अगर يَنصُرْكُمُ मदद करे तुम्हारी yanṣur'kumu
मदद करे तुम्हारी ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं غَالِبَ कोई ग़ालिब आने वाला ghāliba
कोई ग़ालिब आने वाला لَكُمْ ۖ तुम पर lakum
तुम पर وَإِن और अगर wa-in
और अगर يَخْذُلْكُمْ वो छोड़ दे तुम्हें yakhdhul'kum
वो छोड़ दे तुम्हें فَمَن तो कौन है faman
तो कौन है ذَا (is) dhā
(is) ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो يَنصُرُكُم मदद करेगा तुम्हारी yanṣurukum
मदद करेगा तुम्हारी مِّنۢ from min
from بَعْدِهِۦ ۗ बाद उसके baʿdihi
बाद उसके وَعَلَى And on waʿalā
And on ٱللَّهِ और अल्लाह ही पर l-lahi
और अल्लाह ही पर فَلْيَتَوَكَّلِ पस चाहिए कि तवक्कल किया करें falyatawakkali
पस चाहिए कि तवक्कल किया करें ٱلْمُؤْمِنُونَ ईमान वाले l-mu'minūna
ईमान वाले ١٦٠ (160)
(160)
यदि अल्लाह तुम्हारी सहायता करे, तो कोई तुमपर प्रभावी नहीं हो सकता। और यदि वह तुम्हें असहाय छोड़ दे, तो फिर कौन है जो उसके बाद तुम्हारी सहायता कर सकेॽ अतः ईमान वालों को अल्लाह ही पर भरोसा करना चाहिए।
३:१६१
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं كَانَ है kāna
है لِنَبِىٍّ किसी नबी के लिए linabiyyin
किसी नबी के लिए أَن कि an
कि يَغُلَّ ۚ वो ख़यानत करे yaghulla
वो ख़यानत करे وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَغْلُلْ ख़यानत करेगा yaghlul
ख़यानत करेगा يَأْتِ वो ले आएगा yati
वो ले आएगा بِمَا उसको जो bimā
उसको जो غَلَّ उसने ख़यानत की ghalla
उसने ख़यानत की يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ ۚ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के ثُمَّ फिर thumma
फिर تُوَفَّىٰ पूरा पूरा दिया जाएगा tuwaffā
पूरा पूरा दिया जाएगा كُلُّ हर kullu
हर نَفْسٍۢ नफ़्स को nafsin
नफ़्स को مَّا जो mā
जो كَسَبَتْ उसने कमाया kasabat
उसने कमाया وَهُمْ और वो wahum
और वो لَا (will) not lā
(will) not يُظْلَمُونَ ना वो ज़ुल्म किए जाऐंगे yuẓ'lamūna
ना वो ज़ुल्म किए जाऐंगे ١٦١ (161)
(161)
और नहीं كَانَ है kāna
है لِنَبِىٍّ किसी नबी के लिए linabiyyin
किसी नबी के लिए أَن कि an
कि يَغُلَّ ۚ वो ख़यानत करे yaghulla
वो ख़यानत करे وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَغْلُلْ ख़यानत करेगा yaghlul
ख़यानत करेगा يَأْتِ वो ले आएगा yati
वो ले आएगा بِمَا उसको जो bimā
उसको जो غَلَّ उसने ख़यानत की ghalla
उसने ख़यानत की يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ ۚ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के ثُمَّ फिर thumma
फिर تُوَفَّىٰ पूरा पूरा दिया जाएगा tuwaffā
पूरा पूरा दिया जाएगा كُلُّ हर kullu
हर نَفْسٍۢ नफ़्स को nafsin
नफ़्स को مَّا जो mā
जो كَسَبَتْ उसने कमाया kasabat
उसने कमाया وَهُمْ और वो wahum
और वो لَا (will) not lā
(will) not يُظْلَمُونَ ना वो ज़ुल्म किए जाऐंगे yuẓ'lamūna
ना वो ज़ुल्म किए जाऐंगे ١٦١ (161)
(161)
यह किसी नबी के लिए संभव नहीं है कि ग़नीमत के धन में ख़यानत1 करे, और जो ख़यानत करेगा तो जो उसने ख़यानत की होगी उसके साथ क़ियामत के दिन उपस्थित होगा। फिर प्रत्येक प्राणी को उसके किए का पूरा-पूरा बदला दिया जाएगा और उनपर अत्याचार नहीं किया जाएगा।
३:१६२
أَفَمَنِ
क्या भला वो जो
afamani
क्या भला वो जो ٱتَّبَعَ पैरवी करे ittabaʿa
पैरवी करे رِضْوَٰنَ (the) pleasure riḍ'wāna
(the) pleasure ٱللَّهِ अल्लाह की रज़ा की l-lahi
अल्लाह की रज़ा की كَمَنۢ उसकी तरह हो सकता है जो kaman
उसकी तरह हो सकता है जो بَآءَ पलटे bāa
पलटे بِسَخَطٍۢ साथ नाराज़गी के bisakhaṭin
साथ नाराज़गी के مِّنَ of mina
of ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से وَمَأْوَىٰهُ और ठिकाना उसका wamawāhu
और ठिकाना उसका جَهَنَّمُ ۚ जहन्नम हो jahannamu
जहन्नम हो وَبِئْسَ और कितनी बुरी है wabi'sa
और कितनी बुरी है ٱلْمَصِيرُ लौटने की जगह l-maṣīru
लौटने की जगह ١٦٢ (162)
(162)
क्या भला वो जो ٱتَّبَعَ पैरवी करे ittabaʿa
पैरवी करे رِضْوَٰنَ (the) pleasure riḍ'wāna
(the) pleasure ٱللَّهِ अल्लाह की रज़ा की l-lahi
अल्लाह की रज़ा की كَمَنۢ उसकी तरह हो सकता है जो kaman
उसकी तरह हो सकता है जो بَآءَ पलटे bāa
पलटे بِسَخَطٍۢ साथ नाराज़गी के bisakhaṭin
साथ नाराज़गी के مِّنَ of mina
of ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से وَمَأْوَىٰهُ और ठिकाना उसका wamawāhu
और ठिकाना उसका جَهَنَّمُ ۚ जहन्नम हो jahannamu
जहन्नम हो وَبِئْسَ और कितनी बुरी है wabi'sa
और कितनी बुरी है ٱلْمَصِيرُ लौटने की जगह l-maṣīru
लौटने की जगह ١٦٢ (162)
(162)
तो क्या जिसने अल्लाह की प्रसन्नता का अनुसरण किया, उस व्यक्ति के समान हो सकता है जो अल्लाह का क्रोध1 लेकर वापस हुआ और जिसका आवास नरक हैॽ और वह बहुत बुरा ठिकाना है।
३:१६३
هُمْ
वो
hum
वो دَرَجَـٰتٌ दर्जों में हैं (मुख़्तलिफ़) darajātun
दर्जों में हैं (मुख़्तलिफ़) عِندَ near ʿinda
near ٱللَّهِ ۗ अल्लाह के नज़दीक l-lahi
अल्लाह के नज़दीक وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह بَصِيرٌۢ ख़ूब देखने वाला है baṣīrun
ख़ूब देखने वाला है بِمَا उसको जो bimā
उसको जो يَعْمَلُونَ वो अमल करते हैं yaʿmalūna
वो अमल करते हैं ١٦٣ (163)
(163)
वो دَرَجَـٰتٌ दर्जों में हैं (मुख़्तलिफ़) darajātun
दर्जों में हैं (मुख़्तलिफ़) عِندَ near ʿinda
near ٱللَّهِ ۗ अल्लाह के नज़दीक l-lahi
अल्लाह के नज़दीक وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह بَصِيرٌۢ ख़ूब देखने वाला है baṣīrun
ख़ूब देखने वाला है بِمَا उसको जो bimā
उसको जो يَعْمَلُونَ वो अमल करते हैं yaʿmalūna
वो अमल करते हैं ١٦٣ (163)
(163)
अल्लाह के पास उनके (विभिन्न) दर्जे1 हैं, तथा वे जो कुछ कर रहे हैं अल्लाह उसे देख रहा है।
३:१६४
لَقَدْ
अलबत्ता तहक़ीक़
laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ مَنَّ एहसान किया manna
एहसान किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَلَى upon ʿalā
upon ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों पर l-mu'minīna
मोमिनों पर إِذْ जब idh
जब بَعَثَ उसने भेजा baʿatha
उसने भेजा فِيهِمْ उन्ही में fīhim
उन्ही में رَسُولًۭا एक रसूल rasūlan
एक रसूल مِّنْ from min
from أَنفُسِهِمْ उनके नफ़्सों में से anfusihim
उनके नफ़्सों में से يَتْلُوا۟ वो तिलावत करता है yatlū
वो तिलावत करता है عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर ءَايَـٰتِهِۦ आयात उसकी āyātihi
आयात उसकी وَيُزَكِّيهِمْ और वो पाक करता है उन्हें wayuzakkīhim
और वो पाक करता है उन्हें وَيُعَلِّمُهُمُ और वो सिखाता है उन्हें wayuʿallimuhumu
और वो सिखाता है उन्हें ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब وَٱلْحِكْمَةَ और हिकमत wal-ḥik'mata
और हिकमत وَإِن और बेशक wa-in
और बेशक كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो مِن from min
from قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले لَفِى certainly in lafī
certainly in ضَلَـٰلٍۢ अलबत्ता गुमराही में ḍalālin
अलबत्ता गुमराही में مُّبِينٍ खुली/वाज़ेह mubīnin
खुली/वाज़ेह ١٦٤ (164)
(164)
अलबत्ता तहक़ीक़ مَنَّ एहसान किया manna
एहसान किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَلَى upon ʿalā
upon ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों पर l-mu'minīna
मोमिनों पर إِذْ जब idh
जब بَعَثَ उसने भेजा baʿatha
उसने भेजा فِيهِمْ उन्ही में fīhim
उन्ही में رَسُولًۭا एक रसूल rasūlan
एक रसूल مِّنْ from min
from أَنفُسِهِمْ उनके नफ़्सों में से anfusihim
उनके नफ़्सों में से يَتْلُوا۟ वो तिलावत करता है yatlū
वो तिलावत करता है عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर ءَايَـٰتِهِۦ आयात उसकी āyātihi
आयात उसकी وَيُزَكِّيهِمْ और वो पाक करता है उन्हें wayuzakkīhim
और वो पाक करता है उन्हें وَيُعَلِّمُهُمُ और वो सिखाता है उन्हें wayuʿallimuhumu
और वो सिखाता है उन्हें ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब وَٱلْحِكْمَةَ और हिकमत wal-ḥik'mata
और हिकमत وَإِن और बेशक wa-in
और बेशक كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो مِن from min
from قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले لَفِى certainly in lafī
certainly in ضَلَـٰلٍۢ अलबत्ता गुमराही में ḍalālin
अलबत्ता गुमराही में مُّبِينٍ खुली/वाज़ेह mubīnin
खुली/वाज़ेह ١٦٤ (164)
(164)
निःसंदेह अल्लाह ने ईमान वालों पर बड़ा उपकार किया कि उनके अंदर उन्हीं में से एक रसूल भेजा, जो उन्हें (अल्लाह) की आयतें पढ़कर सुनाता है और उन्हें पवित्र करता है तथा उन्हें किताब (क़ुरआन) और ह़िकमत (सुन्नत) की शिक्षा देता है। निःसंदेह वे इससे पहले खुली गुमराही में थे।
३:१६५
أَوَلَمَّآ
क्या भला जब
awalammā
क्या भला जब أَصَـٰبَتْكُم पहुँची तुम्हें aṣābatkum
पहुँची तुम्हें مُّصِيبَةٌۭ एक मुसीबत muṣībatun
एक मुसीबत قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ أَصَبْتُم पहुँचाई तुमने aṣabtum
पहुँचाई तुमने مِّثْلَيْهَا उससे दोगुनी mith'layhā
उससे दोगुनी قُلْتُمْ कहा तुमने qul'tum
कहा तुमने أَنَّىٰ कहाँ से (आई) annā
कहाँ से (आई) هَـٰذَا ۖ ये hādhā
ये قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए هُوَ वो huwa
वो مِنْ (is) min
(is) عِندِ from ʿindi
from أَنفُسِكُمْ ۗ तुम्हारे नफ़्सों की जानिब से है anfusikum
तुम्हारे नफ़्सों की जानिब से है إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرٌۭ ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है qadīrun
ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है ١٦٥ (165)
(165)
क्या भला जब أَصَـٰبَتْكُم पहुँची तुम्हें aṣābatkum
पहुँची तुम्हें مُّصِيبَةٌۭ एक मुसीबत muṣībatun
एक मुसीबत قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ أَصَبْتُم पहुँचाई तुमने aṣabtum
पहुँचाई तुमने مِّثْلَيْهَا उससे दोगुनी mith'layhā
उससे दोगुनी قُلْتُمْ कहा तुमने qul'tum
कहा तुमने أَنَّىٰ कहाँ से (आई) annā
कहाँ से (आई) هَـٰذَا ۖ ये hādhā
ये قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए هُوَ वो huwa
वो مِنْ (is) min
(is) عِندِ from ʿindi
from أَنفُسِكُمْ ۗ तुम्हारे नफ़्सों की जानिब से है anfusikum
तुम्हारे नफ़्सों की जानिब से है إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرٌۭ ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है qadīrun
ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है ١٦٥ (165)
(165)
क्या जब तुम्हें एक ऐसी विपत्ति1 पहुँची, जिसकी दोगुनी विपत्ति तुम (काफ़िरों को) पहुँचा2 चुके थे, तो तुम कहने लगे कि : यह कहाँ से आ गई? (ऐ नबी!) कह दीजिए : यह तुम्हारे ही पास से3 आई है। निःसंदेह अल्लाह हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है।
३:१६६
وَمَآ
और जो कुछ
wamā
और जो कुछ أَصَـٰبَكُمْ पहुँचा तुम्हें aṣābakum
पहुँचा तुम्हें يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन ٱلْتَقَى आमने सामने हुईं l-taqā
आमने सामने हुईं ٱلْجَمْعَانِ दो जमाअतें l-jamʿāni
दो जमाअतें فَبِإِذْنِ (was) by (the) permission fabi-idh'ni
(was) by (the) permission ٱللَّهِ पस अल्लाह के इज़्न से था l-lahi
पस अल्लाह के इज़्न से था وَلِيَعْلَمَ और ताकि वो जान ले waliyaʿlama
और ताकि वो जान ले ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों को l-mu'minīna
मोमिनों को ١٦٦ (166)
(166)
और जो कुछ أَصَـٰبَكُمْ पहुँचा तुम्हें aṣābakum
पहुँचा तुम्हें يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन ٱلْتَقَى आमने सामने हुईं l-taqā
आमने सामने हुईं ٱلْجَمْعَانِ दो जमाअतें l-jamʿāni
दो जमाअतें فَبِإِذْنِ (was) by (the) permission fabi-idh'ni
(was) by (the) permission ٱللَّهِ पस अल्लाह के इज़्न से था l-lahi
पस अल्लाह के इज़्न से था وَلِيَعْلَمَ और ताकि वो जान ले waliyaʿlama
और ताकि वो जान ले ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों को l-mu'minīna
मोमिनों को ١٦٦ (166)
(166)
और दोनों गिरोहों के मुठभेड़ के दिन जो विपत्ति तुम्हें पहुँची है, वह अल्लाह के आदेश से पहुँची है। और ताकि वह (अल्लाह) ईमान वालों को (अच्छी तरह) जान ले।
३:१६७
وَلِيَعْلَمَ
और ताकि वो जान ले
waliyaʿlama
और ताकि वो जान ले ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने نَافَقُوا۟ ۚ मुनाफ़िक़त की nāfaqū
मुनाफ़िक़त की وَقِيلَ और कहा गया waqīla
और कहा गया لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें تَعَالَوْا۟ आओ taʿālaw
आओ قَـٰتِلُوا۟ जंग करो qātilū
जंग करो فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में أَوِ या awi
या ٱدْفَعُوا۟ ۖ दिफ़ा करो id'faʿū
दिफ़ा करो قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा لَوْ अगर law
अगर نَعْلَمُ हम जानते होते naʿlamu
हम जानते होते قِتَالًۭا जंग करना qitālan
जंग करना لَّٱتَّبَعْنَـٰكُمْ ۗ ज़रूर पैरवी करते हम तुम्हारी la-ittabaʿnākum
ज़रूर पैरवी करते हम तुम्हारी هُمْ वो hum
वो لِلْكُفْرِ कुफ़्र के lil'kuf'ri
कुफ़्र के يَوْمَئِذٍ उस दिन yawma-idhin
उस दिन أَقْرَبُ ज़्यादा क़रीब थे aqrabu
ज़्यादा क़रीब थे مِنْهُمْ उनसे min'hum
उनसे لِلْإِيمَـٰنِ ۚ बनिस्बत ईमान के lil'īmāni
बनिस्बत ईमान के يَقُولُونَ वो कह रहे थे yaqūlūna
वो कह रहे थे بِأَفْوَٰهِهِم अपने मुँहों से bi-afwāhihim
अपने मुँहों से مَّا वो जो mā
वो जो لَيْسَ नहीं था laysa
नहीं था فِى in fī
in قُلُوبِهِمْ ۗ उनके दिलों में qulūbihim
उनके दिलों में وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह أَعْلَمُ ज़्यादा जानता है aʿlamu
ज़्यादा जानता है بِمَا उसको जो bimā
उसको जो يَكْتُمُونَ वो छुपाते थे yaktumūna
वो छुपाते थे ١٦٧ (167)
(167)
और ताकि वो जान ले ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने نَافَقُوا۟ ۚ मुनाफ़िक़त की nāfaqū
मुनाफ़िक़त की وَقِيلَ और कहा गया waqīla
और कहा गया لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें تَعَالَوْا۟ आओ taʿālaw
आओ قَـٰتِلُوا۟ जंग करो qātilū
जंग करो فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में أَوِ या awi
या ٱدْفَعُوا۟ ۖ दिफ़ा करो id'faʿū
दिफ़ा करो قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा لَوْ अगर law
अगर نَعْلَمُ हम जानते होते naʿlamu
हम जानते होते قِتَالًۭا जंग करना qitālan
जंग करना لَّٱتَّبَعْنَـٰكُمْ ۗ ज़रूर पैरवी करते हम तुम्हारी la-ittabaʿnākum
ज़रूर पैरवी करते हम तुम्हारी هُمْ वो hum
वो لِلْكُفْرِ कुफ़्र के lil'kuf'ri
कुफ़्र के يَوْمَئِذٍ उस दिन yawma-idhin
उस दिन أَقْرَبُ ज़्यादा क़रीब थे aqrabu
ज़्यादा क़रीब थे مِنْهُمْ उनसे min'hum
उनसे لِلْإِيمَـٰنِ ۚ बनिस्बत ईमान के lil'īmāni
बनिस्बत ईमान के يَقُولُونَ वो कह रहे थे yaqūlūna
वो कह रहे थे بِأَفْوَٰهِهِم अपने मुँहों से bi-afwāhihim
अपने मुँहों से مَّا वो जो mā
वो जो لَيْسَ नहीं था laysa
नहीं था فِى in fī
in قُلُوبِهِمْ ۗ उनके दिलों में qulūbihim
उनके दिलों में وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह أَعْلَمُ ज़्यादा जानता है aʿlamu
ज़्यादा जानता है بِمَا उसको जो bimā
उसको जो يَكْتُمُونَ वो छुपाते थे yaktumūna
वो छुपाते थे ١٦٧ (167)
(167)
और ताकि उन लगों को भी जान ले, जो मुनाफ़िक़ हैं, जिनसे कहा गया कि आओ अल्लाह की राह में युद्ध करो अथवा (आम मुसलमानों की) रक्षा करो, तो उन्होंने कहा कि यदि हम जानते कि युद्ध होगा, तो अवश्य तुम्हारा साथ देते। वे उस दिन ईमान की अपेक्षा कुफ़्र के अधिक निकट थे। वे अपने मुँह से ऐसी बातें बोलते हैं, जो उनके दिलों में नहीं होती। तथा अल्लाह उसे भली-भाँति जानता है जो वे छिपाते हैं।
३:१६८
ٱلَّذِينَ
वो जिन्होंने
alladhīna
वो जिन्होंने قَالُوا۟ कहा qālū
कहा لِإِخْوَٰنِهِمْ अपने भाईंयों को li-ikh'wānihim
अपने भाईंयों को وَقَعَدُوا۟ और वो ख़ुद बैठ गए waqaʿadū
और वो ख़ुद बैठ गए لَوْ अगर law
अगर أَطَاعُونَا वो इताअत करते हमारी aṭāʿūnā
वो इताअत करते हमारी مَا ना mā
ना قُتِلُوا۟ ۗ वो क़त्ल किए जाते qutilū
वो क़त्ल किए जाते قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए فَٱدْرَءُوا۟ पस दूर करो fa-id'raū
पस दूर करो عَنْ from ʿan
from أَنفُسِكُمُ अपने नफ़्सों से anfusikumu
अपने नफ़्सों से ٱلْمَوْتَ मौत को l-mawta
मौत को إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ١٦٨ (168)
(168)
वो जिन्होंने قَالُوا۟ कहा qālū
कहा لِإِخْوَٰنِهِمْ अपने भाईंयों को li-ikh'wānihim
अपने भाईंयों को وَقَعَدُوا۟ और वो ख़ुद बैठ गए waqaʿadū
और वो ख़ुद बैठ गए لَوْ अगर law
अगर أَطَاعُونَا वो इताअत करते हमारी aṭāʿūnā
वो इताअत करते हमारी مَا ना mā
ना قُتِلُوا۟ ۗ वो क़त्ल किए जाते qutilū
वो क़त्ल किए जाते قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए فَٱدْرَءُوا۟ पस दूर करो fa-id'raū
पस दूर करो عَنْ from ʿan
from أَنفُسِكُمُ अपने नफ़्सों से anfusikumu
अपने नफ़्सों से ٱلْمَوْتَ मौत को l-mawta
मौत को إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ١٦٨ (168)
(168)
ये वही लोग हैं जो स्वयं तो (लड़ाई से) पीछे बैठे रहे और अपने भाइयों के बारे में कहने लगे : यदि वे हमारी बात मानते, तो मारे न जाते! (ऐ नबी!) कह दीजिए : फिर तो मौत1 से अपनी रक्षा कर लो, यदि तुम सच्चे हो।
३:१६९
وَلَا
और ना
walā
और ना تَحْسَبَنَّ आप हरगिज़ गुमान करें taḥsabanna
आप हरगिज़ गुमान करें ٱلَّذِينَ उनको जो alladhīna
उनको जो قُتِلُوا۟ क़त्ल कर दिए गए qutilū
क़त्ल कर दिए गए فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में أَمْوَٰتًۢا ۚ मुर्दे amwātan
मुर्दे بَلْ बल्कि bal
बल्कि أَحْيَآءٌ ज़िन्दा हैं aḥyāon
ज़िन्दा हैं عِندَ पास ʿinda
पास رَبِّهِمْ अपने रब के rabbihim
अपने रब के يُرْزَقُونَ वो रिज़्क दिए जाते हैं yur'zaqūna
वो रिज़्क दिए जाते हैं ١٦٩ (169)
(169)
और ना تَحْسَبَنَّ आप हरगिज़ गुमान करें taḥsabanna
आप हरगिज़ गुमान करें ٱلَّذِينَ उनको जो alladhīna
उनको जो قُتِلُوا۟ क़त्ल कर दिए गए qutilū
क़त्ल कर दिए गए فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में أَمْوَٰتًۢا ۚ मुर्दे amwātan
मुर्दे بَلْ बल्कि bal
बल्कि أَحْيَآءٌ ज़िन्दा हैं aḥyāon
ज़िन्दा हैं عِندَ पास ʿinda
पास رَبِّهِمْ अपने रब के rabbihim
अपने रब के يُرْزَقُونَ वो रिज़्क दिए जाते हैं yur'zaqūna
वो रिज़्क दिए जाते हैं ١٦٩ (169)
(169)
जो लोग अल्लाह के मार्ग में मारे गए हैं, उन्हें कदापि मृत न समझो, बल्कि वे जीवित1 हैं, अपने पालनहार के पास रोज़ी दिए जाते हैं।
३:१७०
فَرِحِينَ
ख़ुश हैं
fariḥīna
ख़ुश हैं بِمَآ उस पर जो bimā
उस पर जो ءَاتَىٰهُمُ अता किया उन्हें ātāhumu
अता किया उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مِن of min
of فَضْلِهِۦ अपने फ़ज़ल से faḍlihi
अपने फ़ज़ल से وَيَسْتَبْشِرُونَ और वो ख़ुश होते हैं wayastabshirūna
और वो ख़ुश होते हैं بِٱلَّذِينَ उनके बारे में bi-alladhīna
उनके बारे में لَمْ नहीं lam
नहीं يَلْحَقُوا۟ वो मिले yalḥaqū
वो मिले بِهِم उन्हें bihim
उन्हें مِّنْ [from] min
[from] خَلْفِهِمْ उनके पीछे से khalfihim
उनके पीछे से أَلَّا कि ना allā
कि ना خَوْفٌ कोई ख़ौफ़ होगा khawfun
कोई ख़ौफ़ होगा عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يَحْزَنُونَ वो ग़मगीन होंगे yaḥzanūna
वो ग़मगीन होंगे ١٧٠ (170)
(170)
ख़ुश हैं بِمَآ उस पर जो bimā
उस पर जो ءَاتَىٰهُمُ अता किया उन्हें ātāhumu
अता किया उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مِن of min
of فَضْلِهِۦ अपने फ़ज़ल से faḍlihi
अपने फ़ज़ल से وَيَسْتَبْشِرُونَ और वो ख़ुश होते हैं wayastabshirūna
और वो ख़ुश होते हैं بِٱلَّذِينَ उनके बारे में bi-alladhīna
उनके बारे में لَمْ नहीं lam
नहीं يَلْحَقُوا۟ वो मिले yalḥaqū
वो मिले بِهِم उन्हें bihim
उन्हें مِّنْ [from] min
[from] خَلْفِهِمْ उनके पीछे से khalfihim
उनके पीछे से أَلَّا कि ना allā
कि ना خَوْفٌ कोई ख़ौफ़ होगा khawfun
कोई ख़ौफ़ होगा عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يَحْزَنُونَ वो ग़मगीन होंगे yaḥzanūna
वो ग़मगीन होंगे ١٧٠ (170)
(170)
वे उससे प्रसन्न हैं, जो अल्लाह ने अपनी कृपा से उन्हें प्रदान किया है, और उन लोगों के लिए भी खुश हो रहे हैं, जो उनके पीछे1 रह गए हैं, अभी उनसे मिले नहीं हैं कि उन्हें भी न कोई भय होगा और न वे दुःखी होंगे।
३:१७१
۞ يَسْتَبْشِرُونَ
वो ख़ुश होते हैं
yastabshirūna
वो ख़ुश होते हैं بِنِعْمَةٍۢ नेअमत पर biniʿ'matin
नेअमत पर مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से وَفَضْلٍۢ और फ़ज़ल पर wafaḍlin
और फ़ज़ल पर وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يُضِيعُ नहीं वो ज़ाया करता yuḍīʿu
नहीं वो ज़ाया करता أَجْرَ अजर ajra
अजर ٱلْمُؤْمِنِينَ ईमान वालों का l-mu'minīna
ईमान वालों का ١٧١ (171)
(171)
वो ख़ुश होते हैं بِنِعْمَةٍۢ नेअमत पर biniʿ'matin
नेअमत पर مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से وَفَضْلٍۢ और फ़ज़ल पर wafaḍlin
और फ़ज़ल पर وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يُضِيعُ नहीं वो ज़ाया करता yuḍīʿu
नहीं वो ज़ाया करता أَجْرَ अजर ajra
अजर ٱلْمُؤْمِنِينَ ईमान वालों का l-mu'minīna
ईमान वालों का ١٧١ (171)
(171)
वे अल्लाह के अनुग्रह और उसकी कृपा से खुश हो रहे हैं और इससे कि अल्लाह ईमान वालों का बदला नष्ट नहीं करता।
३:१७२
ٱلَّذِينَ
वो जिन्होंने
alladhīna
वो जिन्होंने ٱسْتَجَابُوا۟ हुक्म माना is'tajābū
हुक्म माना لِلَّهِ अल्लाह का lillahi
अल्लाह का وَٱلرَّسُولِ और रसूल का wal-rasūli
और रसूल का مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद इसके baʿdi
बाद इसके مَآ जो mā
जो أَصَابَهُمُ पहुँचा उन्हें aṣābahumu
पहुँचा उन्हें ٱلْقَرْحُ ۚ ज़ख़्म l-qarḥu
ज़ख़्म لِلَّذِينَ उनके लिए जिन्होंने lilladhīna
उनके लिए जिन्होंने أَحْسَنُوا۟ एहसान किया aḥsanū
एहसान किया مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से وَٱتَّقَوْا۟ और तक़वा किया wa-ittaqaw
और तक़वा किया أَجْرٌ अजर है ajrun
अजर है عَظِيمٌ बहुत बड़ा ʿaẓīmun
बहुत बड़ा ١٧٢ (172)
(172)
वो जिन्होंने ٱسْتَجَابُوا۟ हुक्म माना is'tajābū
हुक्म माना لِلَّهِ अल्लाह का lillahi
अल्लाह का وَٱلرَّسُولِ और रसूल का wal-rasūli
और रसूल का مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद इसके baʿdi
बाद इसके مَآ जो mā
जो أَصَابَهُمُ पहुँचा उन्हें aṣābahumu
पहुँचा उन्हें ٱلْقَرْحُ ۚ ज़ख़्म l-qarḥu
ज़ख़्म لِلَّذِينَ उनके लिए जिन्होंने lilladhīna
उनके लिए जिन्होंने أَحْسَنُوا۟ एहसान किया aḥsanū
एहसान किया مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से وَٱتَّقَوْا۟ और तक़वा किया wa-ittaqaw
और तक़वा किया أَجْرٌ अजर है ajrun
अजर है عَظِيمٌ बहुत बड़ा ʿaẓīmun
बहुत बड़ा ١٧٢ (172)
(172)
जिन लोगों ने अल्लाह और रसूल की पुकार को स्वीकार1 किया, इसके पश्चात् कि उन्हें आघात पहुँच चुका था। उनमें से सत्कर्म करने वालों और (अल्लाह से) डरने वालों के लिए महान प्रतिफल है।
३:१७३
ٱلَّذِينَ
वो जो
alladhīna
वो जो قَالَ कहा qāla
कहा لَهُمُ उन्हें lahumu
उन्हें ٱلنَّاسُ लोगों ने l-nāsu
लोगों ने إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلنَّاسَ लोग l-nāsa
लोग قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ جَمَعُوا۟ जमा हो गए हैं jamaʿū
जमा हो गए हैं لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए فَٱخْشَوْهُمْ पस डरो उनसे fa-ikh'shawhum
पस डरो उनसे فَزَادَهُمْ पस उसने बढ़ा दिया उन्हें fazādahum
पस उसने बढ़ा दिया उन्हें إِيمَـٰنًۭا ईमान में īmānan
ईमान में وَقَالُوا۟ और उन्होंने कहा waqālū
और उन्होंने कहा حَسْبُنَا काफ़ी है हमें ḥasbunā
काफ़ी है हमें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَنِعْمَ और कितना अच्छा है waniʿ'ma
और कितना अच्छा है ٱلْوَكِيلُ कारसाज़ l-wakīlu
कारसाज़ ١٧٣ (173)
(173)
वो जो قَالَ कहा qāla
कहा لَهُمُ उन्हें lahumu
उन्हें ٱلنَّاسُ लोगों ने l-nāsu
लोगों ने إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلنَّاسَ लोग l-nāsa
लोग قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ جَمَعُوا۟ जमा हो गए हैं jamaʿū
जमा हो गए हैं لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए فَٱخْشَوْهُمْ पस डरो उनसे fa-ikh'shawhum
पस डरो उनसे فَزَادَهُمْ पस उसने बढ़ा दिया उन्हें fazādahum
पस उसने बढ़ा दिया उन्हें إِيمَـٰنًۭا ईमान में īmānan
ईमान में وَقَالُوا۟ और उन्होंने कहा waqālū
और उन्होंने कहा حَسْبُنَا काफ़ी है हमें ḥasbunā
काफ़ी है हमें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَنِعْمَ और कितना अच्छा है waniʿ'ma
और कितना अच्छा है ٱلْوَكِيلُ कारसाज़ l-wakīlu
कारसाज़ ١٧٣ (173)
(173)
ये वही लोग हैं जिनसे लोगों ने कहा कि दुश्मनों ने तुम्हारे विरुद्ध सेना इकट्ठा कर ली है।1 अतः उनसे डरो। तो इस (सूचना) ने उनके ईमान को और बढ़ा दिया और उन्होंने कहा : हमारे लिए अल्लाह काफ़ी है और वह बहुत अच्छा कार्यसाधक (काम बनाने वाला) है।
३:१७४
فَٱنقَلَبُوا۟
पस वो पलट आए
fa-inqalabū
पस वो पलट आए بِنِعْمَةٍۢ साथ नेअमत के biniʿ'matin
साथ नेअमत के مِّنَ of mina
of ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से وَفَضْلٍۢ और फ़ज़ल के wafaḍlin
और फ़ज़ल के لَّمْ नहीं lam
नहीं يَمْسَسْهُمْ छुआ उन्हें yamsashum
छुआ उन्हें سُوٓءٌۭ किसी बुराई (तकलीफ़) ने sūon
किसी बुराई (तकलीफ़) ने وَٱتَّبَعُوا۟ और उन्होंने पैरवी की wa-ittabaʿū
और उन्होंने पैरवी की رِضْوَٰنَ (the) pleasure riḍ'wāna
(the) pleasure ٱللَّهِ ۗ अल्लाह की रज़ा की l-lahi
अल्लाह की रज़ा की وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह ذُو (is) Possessor dhū
(is) Possessor فَضْلٍ फ़ज़ल वाला है faḍlin
फ़ज़ल वाला है عَظِيمٍ बहुत बड़े ʿaẓīmin
बहुत बड़े ١٧٤ (174)
(174)
पस वो पलट आए بِنِعْمَةٍۢ साथ नेअमत के biniʿ'matin
साथ नेअमत के مِّنَ of mina
of ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से وَفَضْلٍۢ और फ़ज़ल के wafaḍlin
और फ़ज़ल के لَّمْ नहीं lam
नहीं يَمْسَسْهُمْ छुआ उन्हें yamsashum
छुआ उन्हें سُوٓءٌۭ किसी बुराई (तकलीफ़) ने sūon
किसी बुराई (तकलीफ़) ने وَٱتَّبَعُوا۟ और उन्होंने पैरवी की wa-ittabaʿū
और उन्होंने पैरवी की رِضْوَٰنَ (the) pleasure riḍ'wāna
(the) pleasure ٱللَّهِ ۗ अल्लाह की रज़ा की l-lahi
अल्लाह की रज़ा की وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह ذُو (is) Possessor dhū
(is) Possessor فَضْلٍ फ़ज़ल वाला है faḍlin
फ़ज़ल वाला है عَظِيمٍ बहुत बड़े ʿaẓīmin
बहुत बड़े ١٧٤ (174)
(174)
चुनांचे वे अल्लाह की ओर से प्राप्त होने वाली नेमत और अनुग्रह के साथ1 लौटे। उन्हें कोई तकलीफ़ नहीं पहुँची। तथा वे अल्लाह की प्रसन्नता के मार्ग पर चले। और अल्लाह बड़े अनुग्रह वाला है।
३:१७५
إِنَّمَا
बेशक
innamā
बेशक ذَٰلِكُمُ ये dhālikumu
ये ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान है l-shayṭānu
शैतान है يُخَوِّفُ जो डराता है yukhawwifu
जो डराता है أَوْلِيَآءَهُۥ अपने दोस्तों को awliyāahu
अपने दोस्तों को فَلَا तो ना falā
तो ना تَخَافُوهُمْ तुम डरो उनसे takhāfūhum
तुम डरो उनसे وَخَافُونِ और डरो मुझसे wakhāfūni
और डरो मुझसे إِن अगर in
अगर كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम مُّؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले ١٧٥ (175)
(175)
बेशक ذَٰلِكُمُ ये dhālikumu
ये ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान है l-shayṭānu
शैतान है يُخَوِّفُ जो डराता है yukhawwifu
जो डराता है أَوْلِيَآءَهُۥ अपने दोस्तों को awliyāahu
अपने दोस्तों को فَلَا तो ना falā
तो ना تَخَافُوهُمْ तुम डरो उनसे takhāfūhum
तुम डरो उनसे وَخَافُونِ और डरो मुझसे wakhāfūni
और डरो मुझसे إِن अगर in
अगर كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम مُّؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले ١٧٥ (175)
(175)
वह तो शैतान है, जो तुम्हें अपने सहयोगियों से डरा रहा है। अतः तुम उनसे1 न डरो और केवल मुझसे डरो, यदि तुम ईमान वाले हो।
३:१७६
وَلَا
और ना
walā
और ना يَحْزُنكَ ग़मगीन करें आपको yaḥzunka
ग़मगीन करें आपको ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो يُسَـٰرِعُونَ जल्दी करते हैं yusāriʿūna
जल्दी करते हैं فِى in(to) fī
in(to) ٱلْكُفْرِ ۚ कुफ़्र में l-kuf'ri
कुफ़्र में إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो لَن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं يَضُرُّوا۟ वो नुक़सान दे सकते yaḍurrū
वो नुक़सान दे सकते ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को شَيْـًۭٔا ۗ कुछ भी shayan
कुछ भी يُرِيدُ चाहता है yurīdu
चाहता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَلَّا कि ना allā
कि ना يَجْعَلَ वो रखे yajʿala
वो रखे لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए حَظًّۭا कोई हिस्सा ḥaẓẓan
कोई हिस्सा فِى in fī
in ٱلْـَٔاخِرَةِ ۖ आख़िरत में l-ākhirati
आख़िरत में وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है عَظِيمٌ बहुत बड़ा ʿaẓīmun
बहुत बड़ा ١٧٦ (176)
(176)
और ना يَحْزُنكَ ग़मगीन करें आपको yaḥzunka
ग़मगीन करें आपको ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो يُسَـٰرِعُونَ जल्दी करते हैं yusāriʿūna
जल्दी करते हैं فِى in(to) fī
in(to) ٱلْكُفْرِ ۚ कुफ़्र में l-kuf'ri
कुफ़्र में إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो لَن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं يَضُرُّوا۟ वो नुक़सान दे सकते yaḍurrū
वो नुक़सान दे सकते ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को شَيْـًۭٔا ۗ कुछ भी shayan
कुछ भी يُرِيدُ चाहता है yurīdu
चाहता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَلَّا कि ना allā
कि ना يَجْعَلَ वो रखे yajʿala
वो रखे لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए حَظًّۭا कोई हिस्सा ḥaẓẓan
कोई हिस्सा فِى in fī
in ٱلْـَٔاخِرَةِ ۖ आख़िरत में l-ākhirati
आख़िरत में وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है عَظِيمٌ बहुत बड़ा ʿaẓīmun
बहुत बड़ा ١٧٦ (176)
(176)
(ऐ नबी!) वे लोग आपको दुःखी न करें, जो कुफ़्र में तेज़ी दिखा रहे हैं। वे अल्लाह को कदापि कोई हानि नहीं पहुँचा सकेंगे। अल्लाह चाहता है कि आख़िरत (परलोक) में उनका कोई हिस्सा न रखे तथा उनके लिए बड़ी यातना है।
३:१७७
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने ٱشْتَرَوُا۟ ख़रीद लिया ish'tarawū
ख़रीद लिया ٱلْكُفْرَ कुफ़्र को l-kuf'ra
कुफ़्र को بِٱلْإِيمَـٰنِ बदले ईमान के bil-īmāni
बदले ईमान के لَن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं يَضُرُّوا۟ वो नुक़सान दे सकते yaḍurrū
वो नुक़सान दे सकते ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को شَيْـًۭٔا कुछ भी shayan
कुछ भी وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है أَلِيمٌۭ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक ١٧٧ (177)
(177)
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने ٱشْتَرَوُا۟ ख़रीद लिया ish'tarawū
ख़रीद लिया ٱلْكُفْرَ कुफ़्र को l-kuf'ra
कुफ़्र को بِٱلْإِيمَـٰنِ बदले ईमान के bil-īmāni
बदले ईमान के لَن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं يَضُرُّوا۟ वो नुक़सान दे सकते yaḍurrū
वो नुक़सान दे सकते ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को شَيْـًۭٔا कुछ भी shayan
कुछ भी وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है أَلِيمٌۭ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक ١٧٧ (177)
(177)
निःसंदेह जिन लोगों ने ईमान के बदले कुफ़्र का सौदा किया, वे अल्लाह का कुछ नहीं बिगाड़ेंगे। तथा उनके लिए दुःखदायी यातना है।
३:१७८
وَلَا
और ना
walā
और ना يَحْسَبَنَّ हरगिज़ गुमान करें yaḥsabanna
हरगिज़ गुमान करें ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوٓا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया أَنَّمَا बेशक जो annamā
बेशक जो نُمْلِى हम ढील दे रहे हैं num'lī
हम ढील दे रहे हैं لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है لِّأَنفُسِهِمْ ۚ उनके नफ़्सों के लिए li-anfusihim
उनके नफ़्सों के लिए إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक نُمْلِى हम ढील दे रहे हैं num'lī
हम ढील दे रहे हैं لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें لِيَزْدَادُوٓا۟ ताकि वो बढ़ जाऐं liyazdādū
ताकि वो बढ़ जाऐं إِثْمًۭا ۚ गुनाह में ith'man
गुनाह में وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए عَذَابٌۭ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है مُّهِينٌۭ रुस्वा करने वाला muhīnun
रुस्वा करने वाला ١٧٨ (178)
(178)
और ना يَحْسَبَنَّ हरगिज़ गुमान करें yaḥsabanna
हरगिज़ गुमान करें ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوٓا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया أَنَّمَا बेशक जो annamā
बेशक जो نُمْلِى हम ढील दे रहे हैं num'lī
हम ढील दे रहे हैं لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है لِّأَنفُسِهِمْ ۚ उनके नफ़्सों के लिए li-anfusihim
उनके नफ़्सों के लिए إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक نُمْلِى हम ढील दे रहे हैं num'lī
हम ढील दे रहे हैं لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें لِيَزْدَادُوٓا۟ ताकि वो बढ़ जाऐं liyazdādū
ताकि वो बढ़ जाऐं إِثْمًۭا ۚ गुनाह में ith'man
गुनाह में وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए عَذَابٌۭ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है مُّهِينٌۭ रुस्वा करने वाला muhīnun
रुस्वा करने वाला ١٧٨ (178)
(178)
जो लोग काफ़िर हो गए, वे हरगिज़ यह न समझें कि हमारा उन्हें ढील1 देना, उनके लिए अच्छा है। वास्तव में, हम उन्हें इसलिए ढील दे रहे हैं, ताकि उनके पाप2 और बढ़ जाएँ। तथा उनके लिए अपमानजनक यातना है।
३:१७९
مَّا
नहीं
mā
नहीं كَانَ है kāna
है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لِيَذَرَ कि वो छोड़ दे liyadhara
कि वो छोड़ दे ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों को l-mu'minīna
मोमिनों को عَلَىٰ ऊपर उसके ʿalā
ऊपर उसके مَآ जो हो mā
जो हो أَنتُمْ तुम antum
तुम عَلَيْهِ जिस पर ʿalayhi
जिस पर حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَمِيزَ वो छाँट दे yamīza
वो छाँट दे ٱلْخَبِيثَ नापाक को l-khabītha
नापाक को مِنَ from mina
from ٱلطَّيِّبِ ۗ पाक से l-ṭayibi
पाक से وَمَا और नहीं wamā
और नहीं كَانَ है kāna
है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لِيُطْلِعَكُمْ कि वो आगाह करे तुम्हें liyuṭ'liʿakum
कि वो आगाह करे तुम्हें عَلَى about ʿalā
about ٱلْغَيْبِ ग़ैब पर l-ghaybi
ग़ैब पर وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يَجْتَبِى चुन लेता है yajtabī
चुन लेता है مِن from min
from رُّسُلِهِۦ अपने रसूलों में से rusulihi
अपने रसूलों में से مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ ۖ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है فَـَٔامِنُوا۟ पस ईमान लाओ faāminū
पस ईमान लाओ بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَرُسُلِهِۦ ۚ और उसके रसूलों पर warusulihi
और उसके रसूलों पर وَإِن और अगर wa-in
और अगर تُؤْمِنُوا۟ तुम ईमान लाओगे tu'minū
तुम ईमान लाओगे وَتَتَّقُوا۟ और तुम तक़वा करोगे watattaqū
और तुम तक़वा करोगे فَلَكُمْ तो तुम्हारे लिए falakum
तो तुम्हारे लिए أَجْرٌ अजर है ajrun
अजर है عَظِيمٌۭ बहुत बड़ा ʿaẓīmun
बहुत बड़ा ١٧٩ (179)
(179)
नहीं كَانَ है kāna
है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لِيَذَرَ कि वो छोड़ दे liyadhara
कि वो छोड़ दे ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों को l-mu'minīna
मोमिनों को عَلَىٰ ऊपर उसके ʿalā
ऊपर उसके مَآ जो हो mā
जो हो أَنتُمْ तुम antum
तुम عَلَيْهِ जिस पर ʿalayhi
जिस पर حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَمِيزَ वो छाँट दे yamīza
वो छाँट दे ٱلْخَبِيثَ नापाक को l-khabītha
नापाक को مِنَ from mina
from ٱلطَّيِّبِ ۗ पाक से l-ṭayibi
पाक से وَمَا और नहीं wamā
और नहीं كَانَ है kāna
है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لِيُطْلِعَكُمْ कि वो आगाह करे तुम्हें liyuṭ'liʿakum
कि वो आगाह करे तुम्हें عَلَى about ʿalā
about ٱلْغَيْبِ ग़ैब पर l-ghaybi
ग़ैब पर وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يَجْتَبِى चुन लेता है yajtabī
चुन लेता है مِن from min
from رُّسُلِهِۦ अपने रसूलों में से rusulihi
अपने रसूलों में से مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ ۖ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है فَـَٔامِنُوا۟ पस ईमान लाओ faāminū
पस ईमान लाओ بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَرُسُلِهِۦ ۚ और उसके रसूलों पर warusulihi
और उसके रसूलों पर وَإِن और अगर wa-in
और अगर تُؤْمِنُوا۟ तुम ईमान लाओगे tu'minū
तुम ईमान लाओगे وَتَتَّقُوا۟ और तुम तक़वा करोगे watattaqū
और तुम तक़वा करोगे فَلَكُمْ तो तुम्हारे लिए falakum
तो तुम्हारे लिए أَجْرٌ अजर है ajrun
अजर है عَظِيمٌۭ बहुत बड़ा ʿaẓīmun
बहुत बड़ा ١٧٩ (179)
(179)
ऐसा नहीं है कि अल्लाह ईमान वालों को उसी (हाल) पर छोड़ दे, जिसपर तुम (इस समय) हो, जब तक कि बुरे को अच्छे से अलग न कर दे। और ऐसा भी नहीं है कि अल्लाह तुम्हें ग़ैब (परोक्ष) से सूचित1 कर दे। परंतु अल्लाह अपने रसूलों में से जिसे चाहता है (ग़ैब की कुछ बातें बताने के लिए) चुन लेता है। अतः तुम अल्लाह और उसके रसूलों पर ईमान लाओ। यदि तुम ईमान लाओ और अल्लाह से डरते रहो, तो तुम्हारे लिए बड़ा प्रतिफल है।
३:१८०
وَلَا
और ना
walā
और ना يَحْسَبَنَّ हरगिज़ गुमान करें yaḥsabanna
हरगिज़ गुमान करें ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो يَبْخَلُونَ बुख़्ल करते हैं yabkhalūna
बुख़्ल करते हैं بِمَآ साथ उसके जो bimā
साथ उसके जो ءَاتَىٰهُمُ अता किया उन्हें ātāhumu
अता किया उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مِن of min
of فَضْلِهِۦ अपने फ़ज़ल से faḍlihi
अपने फ़ज़ल से هُوَ वो huwa
वो خَيْرًۭا बेहतर है khayran
बेहतर है لَّهُم ۖ उनके लिए lahum
उनके लिए بَلْ बल्कि bal
बल्कि هُوَ वो huwa
वो شَرٌّۭ बुरा है sharrun
बुरा है لَّهُمْ ۖ उनके लिए lahum
उनके लिए سَيُطَوَّقُونَ अनक़रीब वो तौक़ पहनाए जाऐंगे sayuṭawwaqūna
अनक़रीब वो तौक़ पहनाए जाऐंगे مَا उसका जो mā
उसका जो بَخِلُوا۟ उन्होंने बुख़्ल किया bakhilū
उन्होंने बुख़्ल किया بِهِۦ जिसका bihi
जिसका يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ ۗ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के وَلِلَّهِ और अल्लाह ही के लिए है walillahi
और अल्लाह ही के लिए है مِيرَٰثُ मीरास mīrāthu
मीरास ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों की l-samāwāti
आसमानों की وَٱلْأَرْضِ ۗ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह بِمَا उससे जो bimā
उससे जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो خَبِيرٌۭ ख़ूब बाख़बर है khabīrun
ख़ूब बाख़बर है ١٨٠ (180)
(180)
और ना يَحْسَبَنَّ हरगिज़ गुमान करें yaḥsabanna
हरगिज़ गुमान करें ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो يَبْخَلُونَ बुख़्ल करते हैं yabkhalūna
बुख़्ल करते हैं بِمَآ साथ उसके जो bimā
साथ उसके जो ءَاتَىٰهُمُ अता किया उन्हें ātāhumu
अता किया उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مِن of min
of فَضْلِهِۦ अपने फ़ज़ल से faḍlihi
अपने फ़ज़ल से هُوَ वो huwa
वो خَيْرًۭا बेहतर है khayran
बेहतर है لَّهُم ۖ उनके लिए lahum
उनके लिए بَلْ बल्कि bal
बल्कि هُوَ वो huwa
वो شَرٌّۭ बुरा है sharrun
बुरा है لَّهُمْ ۖ उनके लिए lahum
उनके लिए سَيُطَوَّقُونَ अनक़रीब वो तौक़ पहनाए जाऐंगे sayuṭawwaqūna
अनक़रीब वो तौक़ पहनाए जाऐंगे مَا उसका जो mā
उसका जो بَخِلُوا۟ उन्होंने बुख़्ल किया bakhilū
उन्होंने बुख़्ल किया بِهِۦ जिसका bihi
जिसका يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ ۗ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के وَلِلَّهِ और अल्लाह ही के लिए है walillahi
और अल्लाह ही के लिए है مِيرَٰثُ मीरास mīrāthu
मीरास ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों की l-samāwāti
आसमानों की وَٱلْأَرْضِ ۗ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह بِمَا उससे जो bimā
उससे जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो خَبِيرٌۭ ख़ूब बाख़बर है khabīrun
ख़ूब बाख़बर है ١٨٠ (180)
(180)
जो लोग उस चीज़ में कंजूसी करते हैं, जो अल्लाह ने उन्हें अपने अनुग्रह से प्रदान किया1 है, वे कदापि यह न समझें कि (उनका) यह (कृत्य) उनके लिए अच्छा है। बल्कि यह उनके लिए बुरा है। उन्होंने जिस चीज़ में कंजूसी की होगी, उसे क़ियामत के दिन उनके गले का तौक़2 बना दिया जाएगा। और आकाशों तथा धरती का उत्तराधिकार (विरासत) अल्लाह के लिए3 है और जो कुछ तुम करते हो अल्लाह उससे सूचित है।
३:१८१
لَّقَدْ
अलबत्ता तहक़ीक़
laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ سَمِعَ सुन ली samiʿa
सुन ली ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने قَوْلَ बात qawla
बात ٱلَّذِينَ उनकी जिन्होंने alladhīna
उनकी जिन्होंने قَالُوٓا۟ कहा qālū
कहा إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह فَقِيرٌۭ फ़क़ीर है faqīrun
फ़क़ीर है وَنَحْنُ और हम wanaḥnu
और हम أَغْنِيَآءُ ۘ ग़नी हैं aghniyāu
ग़नी हैं سَنَكْتُبُ ज़रूर हम लिख लेंगे sanaktubu
ज़रूर हम लिख लेंगे مَا जो mā
जो قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा وَقَتْلَهُمُ और क़त्ल करना उनका waqatlahumu
और क़त्ल करना उनका ٱلْأَنۢبِيَآءَ अम्बिया को l-anbiyāa
अम्बिया को بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर حَقٍّۢ हक़ के ḥaqqin
हक़ के وَنَقُولُ और हम कहेंगे wanaqūlu
और हम कहेंगे ذُوقُوا۟ चखो dhūqū
चखो عَذَابَ अज़ाब ʿadhāba
अज़ाब ٱلْحَرِيقِ जलने का l-ḥarīqi
जलने का ١٨١ (181)
(181)
अलबत्ता तहक़ीक़ سَمِعَ सुन ली samiʿa
सुन ली ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने قَوْلَ बात qawla
बात ٱلَّذِينَ उनकी जिन्होंने alladhīna
उनकी जिन्होंने قَالُوٓا۟ कहा qālū
कहा إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह فَقِيرٌۭ फ़क़ीर है faqīrun
फ़क़ीर है وَنَحْنُ और हम wanaḥnu
और हम أَغْنِيَآءُ ۘ ग़नी हैं aghniyāu
ग़नी हैं سَنَكْتُبُ ज़रूर हम लिख लेंगे sanaktubu
ज़रूर हम लिख लेंगे مَا जो mā
जो قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा وَقَتْلَهُمُ और क़त्ल करना उनका waqatlahumu
और क़त्ल करना उनका ٱلْأَنۢبِيَآءَ अम्बिया को l-anbiyāa
अम्बिया को بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर حَقٍّۢ हक़ के ḥaqqin
हक़ के وَنَقُولُ और हम कहेंगे wanaqūlu
और हम कहेंगे ذُوقُوا۟ चखो dhūqū
चखो عَذَابَ अज़ाब ʿadhāba
अज़ाब ٱلْحَرِيقِ जलने का l-ḥarīqi
जलने का ١٨١ (181)
(181)
निःसंदेह अल्लाह ने उन लोगों की बात सुन ली है, जिन्होंने कहा कि "अल्लाह निर्धन है और हम धनवान1 हैं!" उन्होंने जो कुछ कहा है, हम उसे लिख लेंगे और उनके नबियों को अनाधिकार क़त्ल करने को भी। तथा हम (उनसे) कहेंगे कि (अब तुम) जलाने वाली यातना का मज़ा चखो।
३:१८२
ذَٰلِكَ
ये
dhālika
ये بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो قَدَّمَتْ आगे भेजा qaddamat
आगे भेजा أَيْدِيكُمْ तुम्हारे हाथों ने aydīkum
तुम्हारे हाथों ने وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَيْسَ नहीं laysa
नहीं بِظَلَّامٍۢ ज़ुल्म करने वाला biẓallāmin
ज़ुल्म करने वाला لِّلْعَبِيدِ बन्दों पर lil'ʿabīdi
बन्दों पर ١٨٢ (182)
(182)
ये بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो قَدَّمَتْ आगे भेजा qaddamat
आगे भेजा أَيْدِيكُمْ तुम्हारे हाथों ने aydīkum
तुम्हारे हाथों ने وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَيْسَ नहीं laysa
नहीं بِظَلَّامٍۢ ज़ुल्म करने वाला biẓallāmin
ज़ुल्म करने वाला لِّلْعَبِيدِ बन्दों पर lil'ʿabīdi
बन्दों पर ١٨٢ (182)
(182)
यह तुम्हारे हाथों की कमाई का बदला है और निःसंदेह अल्लाह अपने बंदों पर तनिक भी अत्याचार करने वाला नहीं।
३:१८३
ٱلَّذِينَ
वो जिन्होंने
alladhīna
वो जिन्होंने قَالُوٓا۟ कहा qālū
कहा إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने عَهِدَ अहद ले रखा है ʿahida
अहद ले रखा है إِلَيْنَآ हम से ilaynā
हम से أَلَّا कि ना allā
कि ना نُؤْمِنَ हम मानें nu'mina
हम मानें لِرَسُولٍ किसी रसूल को lirasūlin
किसी रसूल को حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَأْتِيَنَا वो लाए हमारे पास yatiyanā
वो लाए हमारे पास بِقُرْبَانٍۢ एक क़ुर्बानी biqur'bānin
एक क़ुर्बानी تَأْكُلُهُ खा जाए उसे takuluhu
खा जाए उसे ٱلنَّارُ ۗ आग l-nāru
आग قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ جَآءَكُمْ आए थे तुम्हारे पास jāakum
आए थे तुम्हारे पास رُسُلٌۭ कई रसूल rusulun
कई रसूल مِّن from min
from قَبْلِى मुझसे पहले qablī
मुझसे पहले بِٱلْبَيِّنَـٰتِ साथ वाज़ेह दलाइल के bil-bayināti
साथ वाज़ेह दलाइल के وَبِٱلَّذِى और साथ उस चीज़ के जो wabi-alladhī
और साथ उस चीज़ के जो قُلْتُمْ कही तुमने qul'tum
कही तुमने فَلِمَ तो क्यों falima
तो क्यों قَتَلْتُمُوهُمْ क़त्ल किया तुमने उन्हें qataltumūhum
क़त्ल किया तुमने उन्हें إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ١٨٣ (183)
(183)
वो जिन्होंने قَالُوٓا۟ कहा qālū
कहा إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने عَهِدَ अहद ले रखा है ʿahida
अहद ले रखा है إِلَيْنَآ हम से ilaynā
हम से أَلَّا कि ना allā
कि ना نُؤْمِنَ हम मानें nu'mina
हम मानें لِرَسُولٍ किसी रसूल को lirasūlin
किसी रसूल को حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَأْتِيَنَا वो लाए हमारे पास yatiyanā
वो लाए हमारे पास بِقُرْبَانٍۢ एक क़ुर्बानी biqur'bānin
एक क़ुर्बानी تَأْكُلُهُ खा जाए उसे takuluhu
खा जाए उसे ٱلنَّارُ ۗ आग l-nāru
आग قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ جَآءَكُمْ आए थे तुम्हारे पास jāakum
आए थे तुम्हारे पास رُسُلٌۭ कई रसूल rusulun
कई रसूल مِّن from min
from قَبْلِى मुझसे पहले qablī
मुझसे पहले بِٱلْبَيِّنَـٰتِ साथ वाज़ेह दलाइल के bil-bayināti
साथ वाज़ेह दलाइल के وَبِٱلَّذِى और साथ उस चीज़ के जो wabi-alladhī
और साथ उस चीज़ के जो قُلْتُمْ कही तुमने qul'tum
कही तुमने فَلِمَ तो क्यों falima
तो क्यों قَتَلْتُمُوهُمْ क़त्ल किया तुमने उन्हें qataltumūhum
क़त्ल किया तुमने उन्हें إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ١٨٣ (183)
(183)
ये वही लोग हैं जिन्होंने कहा : अल्लाह ने हमें वसीयत की है कि हम किसी रसूल पर ईमान न लाएँ यहाँ तक कि वह हमारे सामने ऐसी क़ुरबानी पेश करे, जिसे आग खा1 जाए। (ऐ नबी!) आप कह दें कि मुझसे पहले तुम्हारे पास कई रसूल खुली निशानियाँ और वह (चमत्कार) भी लेकर आए जो तुम कहते हो, तो फिर तुमने उनकी हत्या क्यों की, यदि तुम सच्चे हो?
३:१८४
فَإِن
फिर अगर
fa-in
फिर अगर كَذَّبُوكَ वो झुठलाऐं आपको kadhabūka
वो झुठलाऐं आपको فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ كُذِّبَ झुठलाए गए kudhiba
झुठलाए गए رُسُلٌۭ कई रसूल rusulun
कई रसूल مِّن from min
from قَبْلِكَ आपसे पहले qablika
आपसे पहले جَآءُو वो लाए jāū
वो लाए بِٱلْبَيِّنَـٰتِ वाज़ेह दलाइल bil-bayināti
वाज़ेह दलाइल وَٱلزُّبُرِ और सहीफ़े wal-zuburi
और सहीफ़े وَٱلْكِتَـٰبِ और किताबे wal-kitābi
और किताबे ٱلْمُنِيرِ रोशन l-munīri
रोशन ١٨٤ (184)
(184)
फिर अगर كَذَّبُوكَ वो झुठलाऐं आपको kadhabūka
वो झुठलाऐं आपको فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ كُذِّبَ झुठलाए गए kudhiba
झुठलाए गए رُسُلٌۭ कई रसूल rusulun
कई रसूल مِّن from min
from قَبْلِكَ आपसे पहले qablika
आपसे पहले جَآءُو वो लाए jāū
वो लाए بِٱلْبَيِّنَـٰتِ वाज़ेह दलाइल bil-bayināti
वाज़ेह दलाइल وَٱلزُّبُرِ और सहीफ़े wal-zuburi
और सहीफ़े وَٱلْكِتَـٰبِ और किताबे wal-kitābi
और किताबे ٱلْمُنِيرِ रोशन l-munīri
रोशन ١٨٤ (184)
(184)
फिर यदि वे1 आपको झुठलाते हैं, तो आपसे पहले बहुत-से रसूल झुठलाए जा चुके हैं, जो खुली निशानियाँ, तथा (आकाशीय) ग्रंथ और प्रकाशक2 पुस्तक लाए।
३:१८५
كُلُّ
हर
kullu
हर نَفْسٍۢ नफ़्स nafsin
नफ़्स ذَآئِقَةُ चखने वाला है dhāiqatu
चखने वाला है ٱلْمَوْتِ ۗ मौत को l-mawti
मौत को وَإِنَّمَا और बेशक wa-innamā
और बेशक تُوَفَّوْنَ तुम पूरे-पूरे दिए जाओगे tuwaffawna
तुम पूरे-पूरे दिए जाओगे أُجُورَكُمْ अजर अपने ujūrakum
अजर अपने يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ ۖ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के فَمَن तो जो कोई faman
तो जो कोई زُحْزِحَ दूर किया गया zuḥ'ziḥa
दूर किया गया عَنِ from ʿani
from ٱلنَّارِ आग से l-nāri
आग से وَأُدْخِلَ और वो दाख़िल कर दिया गया wa-ud'khila
और वो दाख़िल कर दिया गया ٱلْجَنَّةَ जन्नत में l-janata
जन्नत में فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ فَازَ ۗ वो कामयाब हुआ fāza
वो कामयाब हुआ وَمَا और नहीं wamā
और नहीं ٱلْحَيَوٰةُ ज़िन्दगी l-ḥayatu
ज़िन्दगी ٱلدُّنْيَآ दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की إِلَّا मगर illā
मगर مَتَـٰعُ सामान matāʿu
सामान ٱلْغُرُورِ धोखे का l-ghurūri
धोखे का ١٨٥ (185)
(185)
हर نَفْسٍۢ नफ़्स nafsin
नफ़्स ذَآئِقَةُ चखने वाला है dhāiqatu
चखने वाला है ٱلْمَوْتِ ۗ मौत को l-mawti
मौत को وَإِنَّمَا और बेशक wa-innamā
और बेशक تُوَفَّوْنَ तुम पूरे-पूरे दिए जाओगे tuwaffawna
तुम पूरे-पूरे दिए जाओगे أُجُورَكُمْ अजर अपने ujūrakum
अजर अपने يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ ۖ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के فَمَن तो जो कोई faman
तो जो कोई زُحْزِحَ दूर किया गया zuḥ'ziḥa
दूर किया गया عَنِ from ʿani
from ٱلنَّارِ आग से l-nāri
आग से وَأُدْخِلَ और वो दाख़िल कर दिया गया wa-ud'khila
और वो दाख़िल कर दिया गया ٱلْجَنَّةَ जन्नत में l-janata
जन्नत में فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ فَازَ ۗ वो कामयाब हुआ fāza
वो कामयाब हुआ وَمَا और नहीं wamā
और नहीं ٱلْحَيَوٰةُ ज़िन्दगी l-ḥayatu
ज़िन्दगी ٱلدُّنْيَآ दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की إِلَّا मगर illā
मगर مَتَـٰعُ सामान matāʿu
सामान ٱلْغُرُورِ धोखे का l-ghurūri
धोखे का ١٨٥ (185)
(185)
प्रत्येक प्राणी को मौत का स्वाद चखना है और तुम्हें क़ियामत के दिन तुम्हारे कर्मों का भरपूर प्रतिफल दिया जाएगा। (उस दिन) जो व्यक्ति जहन्नम से बचा लिया गया और जन्नत में प्रवेश पा गया1, वह वास्तव में सफल हो गया। तथा दुनिया की ज़िंदगी धोखे की पूंजी के सिवा कुछ नहीं है।
३:१८६
۞ لَتُبْلَوُنَّ
अलबत्ता तुम ज़रूर आज़माए जाओगे
latub'lawunna
अलबत्ता तुम ज़रूर आज़माए जाओगे فِىٓ in fī
in أَمْوَٰلِكُمْ अपने मालों में amwālikum
अपने मालों में وَأَنفُسِكُمْ और अपने नफ़्सों में wa-anfusikum
और अपने नफ़्सों में وَلَتَسْمَعُنَّ और अलबत्ता तुम ज़रूर सुनोगे walatasmaʿunna
और अलबत्ता तुम ज़रूर सुनोगे مِنَ from mina
from ٱلَّذِينَ उनसे जो alladhīna
उनसे जो أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब مِن from min
from قَبْلِكُمْ तुमसे पहले qablikum
तुमसे पहले وَمِنَ and from wamina
and from ٱلَّذِينَ और उनसे जिन्होंने alladhīna
और उनसे जिन्होंने أَشْرَكُوٓا۟ शिर्क किया ashrakū
शिर्क किया أَذًۭى अज़ियत adhan
अज़ियत كَثِيرًۭا ۚ बहुत सी kathīran
बहुत सी وَإِن और अगर wa-in
और अगर تَصْبِرُوا۟ तुम सब्र करो taṣbirū
तुम सब्र करो وَتَتَّقُوا۟ और तुम तक़वा करो watattaqū
और तुम तक़वा करो فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ذَٰلِكَ ये dhālika
ये مِنْ (is) of min
(is) of عَزْمِ the matters ʿazmi
the matters ٱلْأُمُورِ हिम्मत/अज़्म के कामों में से है l-umūri
हिम्मत/अज़्म के कामों में से है ١٨٦ (186)
(186)
अलबत्ता तुम ज़रूर आज़माए जाओगे فِىٓ in fī
in أَمْوَٰلِكُمْ अपने मालों में amwālikum
अपने मालों में وَأَنفُسِكُمْ और अपने नफ़्सों में wa-anfusikum
और अपने नफ़्सों में وَلَتَسْمَعُنَّ और अलबत्ता तुम ज़रूर सुनोगे walatasmaʿunna
और अलबत्ता तुम ज़रूर सुनोगे مِنَ from mina
from ٱلَّذِينَ उनसे जो alladhīna
उनसे जो أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब مِن from min
from قَبْلِكُمْ तुमसे पहले qablikum
तुमसे पहले وَمِنَ and from wamina
and from ٱلَّذِينَ और उनसे जिन्होंने alladhīna
और उनसे जिन्होंने أَشْرَكُوٓا۟ शिर्क किया ashrakū
शिर्क किया أَذًۭى अज़ियत adhan
अज़ियत كَثِيرًۭا ۚ बहुत सी kathīran
बहुत सी وَإِن और अगर wa-in
और अगर تَصْبِرُوا۟ तुम सब्र करो taṣbirū
तुम सब्र करो وَتَتَّقُوا۟ और तुम तक़वा करो watattaqū
और तुम तक़वा करो فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ذَٰلِكَ ये dhālika
ये مِنْ (is) of min
(is) of عَزْمِ the matters ʿazmi
the matters ٱلْأُمُورِ हिम्मत/अज़्म के कामों में से है l-umūri
हिम्मत/अज़्म के कामों में से है ١٨٦ (186)
(186)
(ऐ ईमान वालो!) तुम अपने धनों और प्राणों के बारे में ज़रूर परीक्षा में डाले जाओगे और तुम अवश्य ही उन लोगों से जो तुमसे पहले किताब दिए गए थे तथा उन लोगों से जो शिर्क में पड़े हुए हैं1, बहुत-सी दुःखद बातें सुनोगे। लेकिन यदि तुम धैर्य से काम लो और (अल्लाह से) डरते रहो, तो यह बड़े साहस का काम है।
३:१८७
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब أَخَذَ लिया akhadha
लिया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مِيثَـٰقَ पुख़्ता अहद mīthāqa
पुख़्ता अहद ٱلَّذِينَ उनसे जो alladhīna
उनसे जो أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब لَتُبَيِّنُنَّهُۥ अलबत्ता तुम ज़रूर बयान करोगे उसे latubayyinunnahu
अलबत्ता तुम ज़रूर बयान करोगे उसे لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए وَلَا और ना walā
और ना تَكْتُمُونَهُۥ तुम छुपाओगे उसे taktumūnahu
तुम छुपाओगे उसे فَنَبَذُوهُ फिर उन्होंने फेंक दिया उसे fanabadhūhu
फिर उन्होंने फेंक दिया उसे وَرَآءَ पीछे warāa
पीछे ظُهُورِهِمْ अपनी पुश्तों के ẓuhūrihim
अपनी पुश्तों के وَٱشْتَرَوْا۟ और उन्होंने बेच डाला wa-ish'taraw
और उन्होंने बेच डाला بِهِۦ उसे bihi
उसे ثَمَنًۭا क़ीमत thamanan
क़ीमत قَلِيلًۭا ۖ थोड़ी में qalīlan
थोड़ी में فَبِئْسَ तो कितना बुरा है fabi'sa
तो कितना बुरा है مَا जो mā
जो يَشْتَرُونَ वो ख़रीदो फ़रोख़्त करते हैं yashtarūna
वो ख़रीदो फ़रोख़्त करते हैं ١٨٧ (187)
(187)
और जब أَخَذَ लिया akhadha
लिया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مِيثَـٰقَ पुख़्ता अहद mīthāqa
पुख़्ता अहद ٱلَّذِينَ उनसे जो alladhīna
उनसे जो أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब لَتُبَيِّنُنَّهُۥ अलबत्ता तुम ज़रूर बयान करोगे उसे latubayyinunnahu
अलबत्ता तुम ज़रूर बयान करोगे उसे لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए وَلَا और ना walā
और ना تَكْتُمُونَهُۥ तुम छुपाओगे उसे taktumūnahu
तुम छुपाओगे उसे فَنَبَذُوهُ फिर उन्होंने फेंक दिया उसे fanabadhūhu
फिर उन्होंने फेंक दिया उसे وَرَآءَ पीछे warāa
पीछे ظُهُورِهِمْ अपनी पुश्तों के ẓuhūrihim
अपनी पुश्तों के وَٱشْتَرَوْا۟ और उन्होंने बेच डाला wa-ish'taraw
और उन्होंने बेच डाला بِهِۦ उसे bihi
उसे ثَمَنًۭا क़ीमत thamanan
क़ीमत قَلِيلًۭا ۖ थोड़ी में qalīlan
थोड़ी में فَبِئْسَ तो कितना बुरा है fabi'sa
तो कितना बुरा है مَا जो mā
जो يَشْتَرُونَ वो ख़रीदो फ़रोख़्त करते हैं yashtarūna
वो ख़रीदो फ़रोख़्त करते हैं ١٨٧ (187)
(187)
तथा (ऐ नबी! याद करो) जब अल्लाह ने किताब वालों1 से पक्का वचन लिया था कि तुम अवश्य इसे लोगों के सामने बयान करते रहोगे और इसे छुपाओगे नहीं, तो उन्होंने इस वचन को पीठ पीछे डाल दिया और उसके बदले तनिक मूल्य प्राप्त2 कर लिया। तो वे कितनी बुरी चीज़ खरीद रहे हैं?
३:१८८
لَا
(Do) not
lā
(Do) not تَحْسَبَنَّ ना आप हरगिज़ समझें taḥsabanna
ना आप हरगिज़ समझें ٱلَّذِينَ उन्हें जो alladhīna
उन्हें जो يَفْرَحُونَ ख़ुश हो रहे हैं yafraḥūna
ख़ुश हो रहे हैं بِمَآ उस पर जो bimā
उस पर जो أَتَوا۟ उन्होंने किया ataw
उन्होंने किया وَّيُحِبُّونَ और वो पसंद करते हैं wayuḥibbūna
और वो पसंद करते हैं أَن कि an
कि يُحْمَدُوا۟ वो तारीफ़ किए जाऐं yuḥ'madū
वो तारीफ़ किए जाऐं بِمَا उस पर जो bimā
उस पर जो لَمْ नहीं lam
नहीं يَفْعَلُوا۟ उन्होंने किया yafʿalū
उन्होंने किया فَلَا तो ना falā
तो ना تَحْسَبَنَّهُم आप हरगिज़ समझें उन्हें taḥsabannahum
आप हरगिज़ समझें उन्हें بِمَفَازَةٍۢ निजात (पाने वाला) bimafāzatin
निजात (पाने वाला) مِّنَ from mina
from ٱلْعَذَابِ ۖ अज़ाब से l-ʿadhābi
अज़ाब से وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है أَلِيمٌۭ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक ١٨٨ (188)
(188)
(Do) not تَحْسَبَنَّ ना आप हरगिज़ समझें taḥsabanna
ना आप हरगिज़ समझें ٱلَّذِينَ उन्हें जो alladhīna
उन्हें जो يَفْرَحُونَ ख़ुश हो रहे हैं yafraḥūna
ख़ुश हो रहे हैं بِمَآ उस पर जो bimā
उस पर जो أَتَوا۟ उन्होंने किया ataw
उन्होंने किया وَّيُحِبُّونَ और वो पसंद करते हैं wayuḥibbūna
और वो पसंद करते हैं أَن कि an
कि يُحْمَدُوا۟ वो तारीफ़ किए जाऐं yuḥ'madū
वो तारीफ़ किए जाऐं بِمَا उस पर जो bimā
उस पर जो لَمْ नहीं lam
नहीं يَفْعَلُوا۟ उन्होंने किया yafʿalū
उन्होंने किया فَلَا तो ना falā
तो ना تَحْسَبَنَّهُم आप हरगिज़ समझें उन्हें taḥsabannahum
आप हरगिज़ समझें उन्हें بِمَفَازَةٍۢ निजात (पाने वाला) bimafāzatin
निजात (पाने वाला) مِّنَ from mina
from ٱلْعَذَابِ ۖ अज़ाब से l-ʿadhābi
अज़ाब से وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है أَلِيمٌۭ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक ١٨٨ (188)
(188)
(ऐ नबी!) जो लोग1 अपने कृत्यों पर प्रसन्न हो रहे हैं और चाहते हैं कि उन्हें उन कामों के लिए (भी) सराहा जाए, जो उन्होंने नहीं किए हैं, तो आप हरगिज़ यह न समझें कि वे यातना से बच जाएँगे। उनके लिए तो दुःखदायी यातना है।
३:१८९
وَلِلَّهِ
और अल्लाह ही के लिए है
walillahi
और अल्लाह ही के लिए है مُلْكُ बादशाहत है mul'ku
बादशाहत है ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ ۗ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرٌ बहुत क़ादिर है qadīrun
बहुत क़ादिर है ١٨٩ (189)
(189)
और अल्लाह ही के लिए है مُلْكُ बादशाहत है mul'ku
बादशाहत है ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ ۗ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرٌ बहुत क़ादिर है qadīrun
बहुत क़ादिर है ١٨٩ (189)
(189)
तथा आकाशों और धरती का राज्य अल्लाह ही का है तथा अल्लाह हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है।
३:१९०
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक فِى in fī
in خَلْقِ तख़्लीक़ में khalqi
तख़्लीक़ में ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की وَٱخْتِلَـٰفِ और इख़्तिलाफ़ में wa-ikh'tilāfi
और इख़्तिलाफ़ में ٱلَّيْلِ रात al-layli
रात وَٱلنَّهَارِ और दिन के wal-nahāri
और दिन के لَـَٔايَـٰتٍۢ अलबत्ता निशानियाँ हैं laāyātin
अलबत्ता निशानियाँ हैं لِّأُو۟لِى for men li-ulī
for men ٱلْأَلْبَـٰبِ अक़्ल वालों के लिए l-albābi
अक़्ल वालों के लिए ١٩٠ (190)
(190)
बेशक فِى in fī
in خَلْقِ तख़्लीक़ में khalqi
तख़्लीक़ में ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की وَٱخْتِلَـٰفِ और इख़्तिलाफ़ में wa-ikh'tilāfi
और इख़्तिलाफ़ में ٱلَّيْلِ रात al-layli
रात وَٱلنَّهَارِ और दिन के wal-nahāri
और दिन के لَـَٔايَـٰتٍۢ अलबत्ता निशानियाँ हैं laāyātin
अलबत्ता निशानियाँ हैं لِّأُو۟لِى for men li-ulī
for men ٱلْأَلْبَـٰبِ अक़्ल वालों के लिए l-albābi
अक़्ल वालों के लिए ١٩٠ (190)
(190)
निःसंदेह आसमानों और ज़मीन की रचना तथा रात और दिन के आने-जाने में, बुद्धिमानों के लिए निशानियाँ हैं।1
३:१९१
ٱلَّذِينَ
वो जो
alladhīna
वो जो يَذْكُرُونَ याद करते हैं yadhkurūna
याद करते हैं ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को قِيَـٰمًۭا खड़े qiyāman
खड़े وَقُعُودًۭا और बैठे waquʿūdan
और बैठे وَعَلَىٰ and on waʿalā
and on جُنُوبِهِمْ और अपने पहलुओं पर junūbihim
और अपने पहलुओं पर وَيَتَفَكَّرُونَ और वो ग़ौरो फ़िक्र करते हैं wayatafakkarūna
और वो ग़ौरो फ़िक्र करते हैं فِى on fī
on خَلْقِ तख़्लीक़ में khalqi
तख़्लीक़ में ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब مَا नहीं mā
नहीं خَلَقْتَ पैदा किया तूने khalaqta
पैदा किया तूने هَـٰذَا ये (सब) hādhā
ये (सब) بَـٰطِلًۭا बेमक़सद bāṭilan
बेमक़सद سُبْحَـٰنَكَ पाक है तू sub'ḥānaka
पाक है तू فَقِنَا पस बचा हमें faqinā
पस बचा हमें عَذَابَ अज़ाब से ʿadhāba
अज़ाब से ٱلنَّارِ आग के l-nāri
आग के ١٩١ (191)
(191)
वो जो يَذْكُرُونَ याद करते हैं yadhkurūna
याद करते हैं ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को قِيَـٰمًۭا खड़े qiyāman
खड़े وَقُعُودًۭا और बैठे waquʿūdan
और बैठे وَعَلَىٰ and on waʿalā
and on جُنُوبِهِمْ और अपने पहलुओं पर junūbihim
और अपने पहलुओं पर وَيَتَفَكَّرُونَ और वो ग़ौरो फ़िक्र करते हैं wayatafakkarūna
और वो ग़ौरो फ़िक्र करते हैं فِى on fī
on خَلْقِ तख़्लीक़ में khalqi
तख़्लीक़ में ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब مَا नहीं mā
नहीं خَلَقْتَ पैदा किया तूने khalaqta
पैदा किया तूने هَـٰذَا ये (सब) hādhā
ये (सब) بَـٰطِلًۭا बेमक़सद bāṭilan
बेमक़सद سُبْحَـٰنَكَ पाक है तू sub'ḥānaka
पाक है तू فَقِنَا पस बचा हमें faqinā
पस बचा हमें عَذَابَ अज़ाब से ʿadhāba
अज़ाब से ٱلنَّارِ आग के l-nāri
आग के ١٩١ (191)
(191)
जो खड़े और बैठे और अपनी करवटों पर लेटे हुए अल्लाह को याद करते हैं तथा आसमानों और ज़मीन की रचना में सोच-विचार करते हैं। (वे कहते हैं :) ऐ हमारे पालनहार! तूने यह सब कुछ बेकार1 नहीं रचा है। अतः हमें आग के अज़ाब से बचा ले।
३:१९२
رَبَّنَآ
ऐ हमारे रब
rabbanā
ऐ हमारे रब إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू مَن जिसे man
जिसे تُدْخِلِ तू दाख़िल करेगा tud'khili
तू दाख़िल करेगा ٱلنَّارَ आग में l-nāra
आग में فَقَدْ पस तहक़ीक़ faqad
पस तहक़ीक़ أَخْزَيْتَهُۥ ۖ रुस्वा कर दिया तूने उसे akhzaytahu
रुस्वा कर दिया तूने उसे وَمَا और नहीं wamā
और नहीं لِلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों के लिए lilẓẓālimīna
ज़ालिमों के लिए مِنْ (are) any min
(are) any أَنصَارٍۢ कोई मददगार anṣārin
कोई मददगार ١٩٢ (192)
(192)
ऐ हमारे रब إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू مَن जिसे man
जिसे تُدْخِلِ तू दाख़िल करेगा tud'khili
तू दाख़िल करेगा ٱلنَّارَ आग में l-nāra
आग में فَقَدْ पस तहक़ीक़ faqad
पस तहक़ीक़ أَخْزَيْتَهُۥ ۖ रुस्वा कर दिया तूने उसे akhzaytahu
रुस्वा कर दिया तूने उसे وَمَا और नहीं wamā
और नहीं لِلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों के लिए lilẓẓālimīna
ज़ालिमों के लिए مِنْ (are) any min
(are) any أَنصَارٍۢ कोई मददगार anṣārin
कोई मददगार ١٩٢ (192)
(192)
ऐ हमारे पालनहार! तूने जिसे नरक में डाल दिया, तो वास्तव में तूने उसे अपमानित कर दिया। और ज़ालिमों का कोई सहायक नहीं।
३:१९३
رَّبَّنَآ
ऐ हमारे रब
rabbanā
ऐ हमारे रब إِنَّنَا बेशक हम innanā
बेशक हम سَمِعْنَا सुना हमने samiʿ'nā
सुना हमने مُنَادِيًۭا एक पुकारने वाले को munādiyan
एक पुकारने वाले को يُنَادِى वो पुकार रहा था yunādī
वो पुकार रहा था لِلْإِيمَـٰنِ ईमान के लिए lil'īmāni
ईमान के लिए أَنْ कि an
कि ءَامِنُوا۟ ईमान ले आओ āminū
ईमान ले आओ بِرَبِّكُمْ अपने रब पर birabbikum
अपने रब पर فَـَٔامَنَّا ۚ तो ईमान ले आए हम faāmannā
तो ईमान ले आए हम رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब فَٱغْفِرْ so forgive fa-igh'fir
so forgive لَنَا पस बख़्श दे हमारे लिए lanā
पस बख़्श दे हमारे लिए ذُنُوبَنَا हमारे गुनाहों को dhunūbanā
हमारे गुनाहों को وَكَفِّرْ और दूर कर दे wakaffir
और दूर कर दे عَنَّا हमसे ʿannā
हमसे سَيِّـَٔاتِنَا हमारी बुराइयों को sayyiātinā
हमारी बुराइयों को وَتَوَفَّنَا और फ़ौत कर हमें watawaffanā
और फ़ौत कर हमें مَعَ साथ maʿa
साथ ٱلْأَبْرَارِ नेक लोगों के l-abrāri
नेक लोगों के ١٩٣ (193)
(193)
ऐ हमारे रब إِنَّنَا बेशक हम innanā
बेशक हम سَمِعْنَا सुना हमने samiʿ'nā
सुना हमने مُنَادِيًۭا एक पुकारने वाले को munādiyan
एक पुकारने वाले को يُنَادِى वो पुकार रहा था yunādī
वो पुकार रहा था لِلْإِيمَـٰنِ ईमान के लिए lil'īmāni
ईमान के लिए أَنْ कि an
कि ءَامِنُوا۟ ईमान ले आओ āminū
ईमान ले आओ بِرَبِّكُمْ अपने रब पर birabbikum
अपने रब पर فَـَٔامَنَّا ۚ तो ईमान ले आए हम faāmannā
तो ईमान ले आए हम رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब فَٱغْفِرْ so forgive fa-igh'fir
so forgive لَنَا पस बख़्श दे हमारे लिए lanā
पस बख़्श दे हमारे लिए ذُنُوبَنَا हमारे गुनाहों को dhunūbanā
हमारे गुनाहों को وَكَفِّرْ और दूर कर दे wakaffir
और दूर कर दे عَنَّا हमसे ʿannā
हमसे سَيِّـَٔاتِنَا हमारी बुराइयों को sayyiātinā
हमारी बुराइयों को وَتَوَفَّنَا और फ़ौत कर हमें watawaffanā
और फ़ौत कर हमें مَعَ साथ maʿa
साथ ٱلْأَبْرَارِ नेक लोगों के l-abrāri
नेक लोगों के ١٩٣ (193)
(193)
ऐ हमारे पालनहार! हमने एक पुकारने वाले1 को ईमान की ओर बुलाते हुए सुना कि अपने पालनहार पर ईमान लाओ, तो हम ईमान ले आए। ऐ हमारे पालनहार! तो अब तू हमारे पापों को क्षमा कर दे तथा हमारी बुराइयों को हमसे दूर कर दे और हमें सदाचारियों के साथ मृत्यु दे।
३:१९४
رَبَّنَا
ऐ हमारे रब
rabbanā
ऐ हमारे रब وَءَاتِنَا और दे हमें waātinā
और दे हमें مَا जो mā
जो وَعَدتَّنَا वादा किया तूने हमसे waʿadttanā
वादा किया तूने हमसे عَلَىٰ through ʿalā
through رُسُلِكَ अपने रसूलों के (ज़रिए) rusulika
अपने रसूलों के (ज़रिए) وَلَا और ना walā
और ना تُخْزِنَا तू रुस्वा कर हमें tukh'zinā
तू रुस्वा कर हमें يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ ۗ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू لَا (do) not lā
(do) not تُخْلِفُ नहीं तू ख़िलाफ़ करेगा tukh'lifu
नहीं तू ख़िलाफ़ करेगा ٱلْمِيعَادَ वादे के l-mīʿāda
वादे के ١٩٤ (194)
(194)
ऐ हमारे रब وَءَاتِنَا और दे हमें waātinā
और दे हमें مَا जो mā
जो وَعَدتَّنَا वादा किया तूने हमसे waʿadttanā
वादा किया तूने हमसे عَلَىٰ through ʿalā
through رُسُلِكَ अपने रसूलों के (ज़रिए) rusulika
अपने रसूलों के (ज़रिए) وَلَا और ना walā
और ना تُخْزِنَا तू रुस्वा कर हमें tukh'zinā
तू रुस्वा कर हमें يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ ۗ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू لَا (do) not lā
(do) not تُخْلِفُ नहीं तू ख़िलाफ़ करेगा tukh'lifu
नहीं तू ख़िलाफ़ करेगा ٱلْمِيعَادَ वादे के l-mīʿāda
वादे के ١٩٤ (194)
(194)
ऐ हमारे पालनहार! और हमें वह चीज़ प्रदान कर जिसका तूने अपने रसूलों के द्वारा हमसे वादा किया है तथा क़यामत के दिन हमें अपमानित न कर। वास्तव में तू अपने वादे के विरुद्ध नहीं करता है।
३:१९५
فَٱسْتَجَابَ
तो (दुआ) क़ुबूल कर ली
fa-is'tajāba
तो (दुआ) क़ुबूल कर ली لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए رَبُّهُمْ उनके रब ने rabbuhum
उनके रब ने أَنِّى कि बेशक मैं annī
कि बेशक मैं لَآ (will) not lā
(will) not أُضِيعُ नहीं मैं ज़ाया करुँगा uḍīʿu
नहीं मैं ज़ाया करुँगा عَمَلَ अमल ʿamala
अमल عَـٰمِلٍۢ किसी अमल करने वाले का ʿāmilin
किसी अमल करने वाले का مِّنكُم तुम में से minkum
तुम में से مِّن [from] min
[from] ذَكَرٍ ख़्वाह मर्द हो dhakarin
ख़्वाह मर्द हो أَوْ या aw
या أُنثَىٰ ۖ औरत unthā
औरत بَعْضُكُم बाज़ तुम्हारे baʿḍukum
बाज़ तुम्हारे مِّنۢ from min
from بَعْضٍۢ ۖ बाज़ से हैं baʿḍin
बाज़ से हैं فَٱلَّذِينَ तो वो जिन्होंने fa-alladhīna
तो वो जिन्होंने هَاجَرُوا۟ हिजरत की hājarū
हिजरत की وَأُخْرِجُوا۟ और वो निकाले गए wa-ukh'rijū
और वो निकाले गए مِن from min
from دِيَـٰرِهِمْ अपने घरों से diyārihim
अपने घरों से وَأُوذُوا۟ और वो अज़ियत दिए गए waūdhū
और वो अज़ियत दिए गए فِى in fī
in سَبِيلِى मेरे रास्ते में sabīlī
मेरे रास्ते में وَقَـٰتَلُوا۟ और उन्होंने जंग की waqātalū
और उन्होंने जंग की وَقُتِلُوا۟ और वो मारे गए waqutilū
और वो मारे गए لَأُكَفِّرَنَّ अलबत्ता मैं ज़रूर दूर कर दूँगा la-ukaffiranna
अलबत्ता मैं ज़रूर दूर कर दूँगा عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे سَيِّـَٔاتِهِمْ बुराइयाँ उनकी sayyiātihim
बुराइयाँ उनकी وَلَأُدْخِلَنَّهُمْ और अलबत्ता मैं ज़रूर दाख़िल करुँगा उन्हें wala-ud'khilannahum
और अलबत्ता मैं ज़रूर दाख़िल करुँगा उन्हें جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात में jannātin
बाग़ात में تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें ثَوَابًۭا सवाब/बदला है thawāban
सवाब/बदला है مِّنْ from min
from عِندِ [near] ʿindi
[near] ٱللَّهِ ۗ अल्लाह के पास से l-lahi
अल्लाह के पास से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عِندَهُۥ उसके पास ʿindahu
उसके पास حُسْنُ अच्छा ḥus'nu
अच्छा ٱلثَّوَابِ सवाब/बदला है l-thawābi
सवाब/बदला है ١٩٥ (195)
(195)
तो (दुआ) क़ुबूल कर ली لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए رَبُّهُمْ उनके रब ने rabbuhum
उनके रब ने أَنِّى कि बेशक मैं annī
कि बेशक मैं لَآ (will) not lā
(will) not أُضِيعُ नहीं मैं ज़ाया करुँगा uḍīʿu
नहीं मैं ज़ाया करुँगा عَمَلَ अमल ʿamala
अमल عَـٰمِلٍۢ किसी अमल करने वाले का ʿāmilin
किसी अमल करने वाले का مِّنكُم तुम में से minkum
तुम में से مِّن [from] min
[from] ذَكَرٍ ख़्वाह मर्द हो dhakarin
ख़्वाह मर्द हो أَوْ या aw
या أُنثَىٰ ۖ औरत unthā
औरत بَعْضُكُم बाज़ तुम्हारे baʿḍukum
बाज़ तुम्हारे مِّنۢ from min
from بَعْضٍۢ ۖ बाज़ से हैं baʿḍin
बाज़ से हैं فَٱلَّذِينَ तो वो जिन्होंने fa-alladhīna
तो वो जिन्होंने هَاجَرُوا۟ हिजरत की hājarū
हिजरत की وَأُخْرِجُوا۟ और वो निकाले गए wa-ukh'rijū
और वो निकाले गए مِن from min
from دِيَـٰرِهِمْ अपने घरों से diyārihim
अपने घरों से وَأُوذُوا۟ और वो अज़ियत दिए गए waūdhū
और वो अज़ियत दिए गए فِى in fī
in سَبِيلِى मेरे रास्ते में sabīlī
मेरे रास्ते में وَقَـٰتَلُوا۟ और उन्होंने जंग की waqātalū
और उन्होंने जंग की وَقُتِلُوا۟ और वो मारे गए waqutilū
और वो मारे गए لَأُكَفِّرَنَّ अलबत्ता मैं ज़रूर दूर कर दूँगा la-ukaffiranna
अलबत्ता मैं ज़रूर दूर कर दूँगा عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे سَيِّـَٔاتِهِمْ बुराइयाँ उनकी sayyiātihim
बुराइयाँ उनकी وَلَأُدْخِلَنَّهُمْ और अलबत्ता मैं ज़रूर दाख़िल करुँगा उन्हें wala-ud'khilannahum
और अलबत्ता मैं ज़रूर दाख़िल करुँगा उन्हें جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात में jannātin
बाग़ात में تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें ثَوَابًۭا सवाब/बदला है thawāban
सवाब/बदला है مِّنْ from min
from عِندِ [near] ʿindi
[near] ٱللَّهِ ۗ अल्लाह के पास से l-lahi
अल्लाह के पास से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عِندَهُۥ उसके पास ʿindahu
उसके पास حُسْنُ अच्छा ḥus'nu
अच्छा ٱلثَّوَابِ सवाब/बदला है l-thawābi
सवाब/बदला है ١٩٥ (195)
(195)
तो उनके पालनहार ने उनकी प्रार्थना स्वीकार कर ली (और फरमाया) कि मैं किसी नेकी करने वाले की नेकी को नष्ट नहीं करता1, चाहे वह नर हो या नारी। तुम सब आपस में एक-दूसरे से हो। अतः जिन लोगों ने हिजरत की और अपने घरों से निकाले गए और मेरे मार्ग में सताए गए और उन्होंने जिहाद किया और शहीद किए गए, मैं अवश्य उनकी बुराइयाँ उनसे दूर कर दूँगा और अवश्य ही उन्हें ऐसे बागों में दाख़िल करूँगा, जिनके नीचे नहरें बह रही हैं। यह अल्लाह के पास से उनका बदला होगा और अल्लाह ही के पास सबसे अच्छा बदला है।
३:१९६
لَا
(Let) not
lā
(Let) not يَغُرَّنَّكَ हरगिज़ ना धोखे में डाले आपको yaghurrannaka
हरगिज़ ना धोखे में डाले आपको تَقَلُّبُ चलना फिरना taqallubu
चलना फिरना ٱلَّذِينَ उनका जिन्होंने alladhīna
उनका जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया فِى in fī
in ٱلْبِلَـٰدِ शहरों में l-bilādi
शहरों में ١٩٦ (196)
(196)
(Let) not يَغُرَّنَّكَ हरगिज़ ना धोखे में डाले आपको yaghurrannaka
हरगिज़ ना धोखे में डाले आपको تَقَلُّبُ चलना फिरना taqallubu
चलना फिरना ٱلَّذِينَ उनका जिन्होंने alladhīna
उनका जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया فِى in fī
in ٱلْبِلَـٰدِ शहरों में l-bilādi
शहरों में ١٩٦ (196)
(196)
(ऐ नबी!) नगरों में काफ़िरों का (सुविधा के साथ) चलना-फिरना आपको धोखे में न डाले।
३:१९७
مَتَـٰعٌۭ
फ़ायदा उठाना है
matāʿun
फ़ायदा उठाना है قَلِيلٌۭ थोड़ा सा qalīlun
थोड़ा सा ثُمَّ फिर thumma
फिर مَأْوَىٰهُمْ ठिकाना उनका mawāhum
ठिकाना उनका جَهَنَّمُ ۚ जहन्नम है jahannamu
जहन्नम है وَبِئْسَ और कितना बुरा है wabi'sa
और कितना बुरा है ٱلْمِهَادُ ठिकाना l-mihādu
ठिकाना ١٩٧ (197)
(197)
फ़ायदा उठाना है قَلِيلٌۭ थोड़ा सा qalīlun
थोड़ा सा ثُمَّ फिर thumma
फिर مَأْوَىٰهُمْ ठिकाना उनका mawāhum
ठिकाना उनका جَهَنَّمُ ۚ जहन्नम है jahannamu
जहन्नम है وَبِئْسَ और कितना बुरा है wabi'sa
और कितना बुरा है ٱلْمِهَادُ ठिकाना l-mihādu
ठिकाना ١٩٧ (197)
(197)
यह थोड़ी-सी सुख-सामग्री1 है, फिर उनका ठिकाना जहन्नम है और वह बहुत बुरा ठिकाना है!
३:१९८
لَـٰكِنِ
लेकिन
lākini
लेकिन ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो ٱتَّقَوْا۟ डरे ittaqaw
डरे رَبَّهُمْ अपने रब से rabbahum
अपने रब से لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए جَنَّـٰتٌۭ बाग़ात हैं jannātun
बाग़ात हैं تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَا उनमें fīhā
उनमें نُزُلًۭا मेहमानी है nuzulan
मेहमानी है مِّنْ from min
from عِندِ [near] ʿindi
[near] ٱللَّهِ ۗ अल्लाह के पास से l-lahi
अल्लाह के पास से وَمَا और जो wamā
और जो عِندَ (is) with ʿinda
(is) with ٱللَّهِ पास है अल्लाह के l-lahi
पास है अल्लाह के خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है لِّلْأَبْرَارِ नेकोकारों के लिए lil'abrāri
नेकोकारों के लिए ١٩٨ (198)
(198)
लेकिन ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो ٱتَّقَوْا۟ डरे ittaqaw
डरे رَبَّهُمْ अपने रब से rabbahum
अपने रब से لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए جَنَّـٰتٌۭ बाग़ात हैं jannātun
बाग़ात हैं تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَا उनमें fīhā
उनमें نُزُلًۭا मेहमानी है nuzulan
मेहमानी है مِّنْ from min
from عِندِ [near] ʿindi
[near] ٱللَّهِ ۗ अल्लाह के पास से l-lahi
अल्लाह के पास से وَمَا और जो wamā
और जो عِندَ (is) with ʿinda
(is) with ٱللَّهِ पास है अल्लाह के l-lahi
पास है अल्लाह के خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है لِّلْأَبْرَارِ नेकोकारों के लिए lil'abrāri
नेकोकारों के लिए ١٩٨ (198)
(198)
परन्तु जो लोग अपने पालनहार से डरते रहे, उनके लिए ऐसी जन्नतें हैं, जिनके नीचे नहरें बह रही हैं। वे उनमें हमेशा रहेंगे। यह अल्लाह के पास से अतिथि सत्कार होगा। तथा जो कुछ अल्लाह के पास है, वह नेक लोगों के लिए सबसे अच्छा है।
३:१९९
وَإِنَّ
और बेशक
wa-inna
और बेशक مِنْ among min
among أَهْلِ (the) People ahli
(the) People ٱلْكِتَـٰبِ अहले किताब में से l-kitābi
अहले किताब में से لَمَن अलबत्ता जो laman
अलबत्ता जो يُؤْمِنُ ईमान रखते हैं yu'minu
ईमान रखते हैं بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَمَآ और जो wamā
और जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया إِلَيْكُمْ तरफ़ आपके ilaykum
तरफ़ आपके وَمَآ और जो wamā
और जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया إِلَيْهِمْ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके خَـٰشِعِينَ ख़ुशू करने वाले हैं khāshiʿīna
ख़ुशू करने वाले हैं لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए لَا Not lā
Not يَشْتَرُونَ नहीं वो बेचते yashtarūna
नहीं वो बेचते بِـَٔايَـٰتِ आयात को biāyāti
आयात को ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की ثَمَنًۭا क़ीमत thamanan
क़ीमत قَلِيلًا ۗ थोड़ी में qalīlan
थोड़ी में أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं لَهُمْ उनके लिए है lahum
उनके लिए है أَجْرُهُمْ अजर उनका ajruhum
अजर उनका عِندَ (is) with ʿinda
(is) with رَبِّهِمْ ۗ पास उनके रब के rabbihim
पास उनके रब के إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह سَرِيعُ जल्द लेने वाला है sarīʿu
जल्द लेने वाला है ٱلْحِسَابِ हिसाब l-ḥisābi
हिसाब ١٩٩ (199)
(199)
और बेशक مِنْ among min
among أَهْلِ (the) People ahli
(the) People ٱلْكِتَـٰبِ अहले किताब में से l-kitābi
अहले किताब में से لَمَن अलबत्ता जो laman
अलबत्ता जो يُؤْمِنُ ईमान रखते हैं yu'minu
ईमान रखते हैं بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَمَآ और जो wamā
और जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया إِلَيْكُمْ तरफ़ आपके ilaykum
तरफ़ आपके وَمَآ और जो wamā
और जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया إِلَيْهِمْ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके خَـٰشِعِينَ ख़ुशू करने वाले हैं khāshiʿīna
ख़ुशू करने वाले हैं لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए لَا Not lā
Not يَشْتَرُونَ नहीं वो बेचते yashtarūna
नहीं वो बेचते بِـَٔايَـٰتِ आयात को biāyāti
आयात को ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की ثَمَنًۭا क़ीमत thamanan
क़ीमत قَلِيلًا ۗ थोड़ी में qalīlan
थोड़ी में أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं لَهُمْ उनके लिए है lahum
उनके लिए है أَجْرُهُمْ अजर उनका ajruhum
अजर उनका عِندَ (is) with ʿinda
(is) with رَبِّهِمْ ۗ पास उनके रब के rabbihim
पास उनके रब के إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह سَرِيعُ जल्द लेने वाला है sarīʿu
जल्द लेने वाला है ٱلْحِسَابِ हिसाब l-ḥisābi
हिसाब ١٩٩ (199)
(199)
और निःसंदेह किताब वालों (यहूदियों और ईसाइयों) में से कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो अल्लाह पर ईमान रखते हैं, तथा जो कुछ तुम्हारी ओर उतारा गया और जो स्वयं उनकी ओर उतारा गया है, उसपर भी ईमान रखते हैं। वे अल्लाह के सामने विनम्र रहने वाले हैं। और उसकी आयतों को थोड़ी क़ीमत पर बेचते नहीं हैं।1 उनका बदला उनके रब के पास है। निःसंदेह अल्लाह जल्द ही हिसाब लेने वाला है।
३:२००
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो ٱصْبِرُوا۟ सब्र करो iṣ'birū
सब्र करो وَصَابِرُوا۟ और मुक़ाबले में मज़बूत रहो waṣābirū
और मुक़ाबले में मज़बूत रहो وَرَابِطُوا۟ और तैयार रहो warābiṭū
और तैयार रहो وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تُفْلِحُونَ तुम फ़लाह पा जाओ tuf'liḥūna
तुम फ़लाह पा जाओ ٢٠٠ (200)
(200)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो ٱصْبِرُوا۟ सब्र करो iṣ'birū
सब्र करो وَصَابِرُوا۟ और मुक़ाबले में मज़बूत रहो waṣābirū
और मुक़ाबले में मज़बूत रहो وَرَابِطُوا۟ और तैयार रहो warābiṭū
और तैयार रहो وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تُفْلِحُونَ तुम फ़लाह पा जाओ tuf'liḥūna
तुम फ़लाह पा जाओ ٢٠٠ (200)
(200)
ऐ ईमान वालो! तुम धैर्य से काम लो1 और (अपने दुश्मन की तुलना में) अधिक धैर्य दिखाओ, तथा जिहाद के लिए तैयार रहो और अल्लाह से डरते रहो, ताकि तुम सफल हो सको।