आले इमरान

मदनी २०० आयतें पारा ३
آل عمران

सूरह आले इमरान (آل عمران) पवित्र क़ुरआन का ३ वाँ अध्याय है — यह एक मदनी सूरह है जिसमें २०० आयतें हैं। मदनी सूरहें प्रवास के बाद उतरीं और प्रायः इबादत, क़ानून और मुस्लिम समाज के जीवन से संबंधित हैं।

बिस्मिल्लाह
بِسْمِसाथ नामbis'miٱللَّهِअल्लाह केl-lahiٱلرَّحْمَـٰنِजो बहुत मेहरबानl-raḥmāniٱلرَّحِيمِनिहायत रहम करने वाला हैl-raḥīmi
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
३:१
الٓمٓअलिफ़ लाम मीमalif-lam-meem١
अलिफ़, लाम, मीम।
३:२
ٱللَّهُअल्लाहal-lahuلَآनहींإِلَـٰهَकोई इलाह (बरहक़)ilāhaإِلَّاमगरillāهُوَवो हीhuwaٱلْحَىُّज़िन्दा हैl-ḥayuٱلْقَيُّومُक़ायम रखने वाला हैl-qayūmu٢
अल्लाह (वह है कि) उसके सिवा कोई पूज्य नहीं। (वह) जीवित है, हर चीज़ को सँभालने (क़ायम रखने) वाला है।
३:३
نَزَّلَउसने नाज़िल कीnazzalaعَلَيْكَआप परʿalaykaٱلْكِتَـٰبَकिताबl-kitābaبِٱلْحَقِّसाथ हक़ केbil-ḥaqiمُصَدِّقًۭاतसदीक़ करने वाली हैmuṣaddiqanلِّمَاउनकी जोlimāبَيْنَ(was)baynaيَدَيْهِइससे पहले थींyadayhiوَأَنزَلَऔर उसने नाज़िल कीwa-anzalaٱلتَّوْرَىٰةَतौरातl-tawrātaوَٱلْإِنجِيلَऔर इन्जीलwal-injīla٣
उसने आप पर (यह) पुस्तक सत्य के साथ उतारी, जो उसकी पुष्टि करने वाली है जो इससे पूर्व है, और उसने तौरात तथा इंजील उतारी।
३:४
مِنFromminقَبْلُइससे पहलेqabluهُدًۭىहिदायतhudanلِّلنَّاسِलोगों के लिएlilnnāsiوَأَنزَلَऔर उसने नाज़िल कियाwa-anzalaٱلْفُرْقَانَ ۗफ़ुरक़ानl-fur'qānaإِنَّबेशकinnaٱلَّذِينَवो जिन्होंनेalladhīnaكَفَرُوا۟जिन्होंने कुफ़्र कियाkafarūبِـَٔايَـٰتِसाथ आयात केbiāyātiٱللَّهِअल्लाह कीl-lahiلَهُمْउनके लिएlahumعَذَابٌۭअज़ाब हैʿadhābunشَدِيدٌۭ ۗसख़्तshadīdunوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuعَزِيزٌۭबहुत ज़बरदस्त हैʿazīzunذُوAll-Abledhūٱنتِقَامٍइन्तिक़ाम लेने वाला हैintiqāmin٤
इससे पहले, लोगों के मार्गदर्शन के लिए। और उसने फ़ुरक़ान (सत्य और असत्य में अंतर करने वाला मानदंड) उतारा।1 निःसंदेह जिन लोगों ने अल्लाह की आयतों का इनकार किया, उनके लिए बहुत कड़ी यातना है। और अल्लाह सब पर प्रभुत्वशाली, बदला लेने वाला है।
३:५
إِنَّबेशकinnaٱللَّهَअल्लाहl-lahaلَاnotيَخْفَىٰनहीं छुपतीyakhfāعَلَيْهِउस परʿalayhiشَىْءٌۭकोई चीज़shayonفِىinٱلْأَرْضِज़मीन मेंl-arḍiوَلَاऔर नाwalāفِىinٱلسَّمَآءِआसमान मेंl-samāi٥
निःसंदेह अल्लाह वह है जिससे न धरती में कोई चीज़ छिपी रहती है और न आकाश में।
३:६
هُوَवो ही हैhuwaٱلَّذِىजोalladhīيُصَوِّرُكُمْसूरत बनाता है तुम्हारीyuṣawwirukumفِىinٱلْأَرْحَامِरहमों मेंl-arḥāmiكَيْفَजिस तरहkayfaيَشَآءُ ۚवो चाहता हैyashāuلَآनहीं हैإِلَـٰهَकोई इलाह (बरहक़)ilāhaإِلَّاमगरillāهُوَवो हीhuwaٱلْعَزِيزُबहुत ज़बरदस्त हैl-ʿazīzuٱلْحَكِيمُख़ूब हिकमत वाला हैl-ḥakīmu٦
वही है जो गर्भाशयों में तुम्हारे रूप बनाता है, जिस तरह चाहता है। उसके सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं, (वह) सब पर प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
३:७
هُوَवो ही हैhuwaٱلَّذِىٓजिसनेalladhīأَنزَلَनाज़िल कीanzalaعَلَيْكَआप परʿalaykaٱلْكِتَـٰبَकिताबl-kitābaمِنْهُउसमें सेmin'huءَايَـٰتٌۭकुछ आयातāyātunمُّحْكَمَـٰتٌमोहकम हैंmuḥ'kamātunهُنَّवोhunnaأُمُّअसल हैंummuٱلْكِتَـٰبِकिताब कीl-kitābiوَأُخَرُऔर दूसरीwa-ukharuمُتَشَـٰبِهَـٰتٌۭ ۖमुताशाबह/बाहम मिलती जुलती हैंmutashābihātunفَأَمَّاतो रहेfa-ammāٱلَّذِينَवो लोगalladhīnaفِىinقُلُوبِهِمْदिलों में जिनकेqulūbihimزَيْغٌۭटेढ़ हैzayghunفَيَتَّبِعُونَपस वो पैरवी करते हैंfayattabiʿūnaمَاउसकी जोتَشَـٰبَهَमुताशाबह हैtashābahaمِنْهُउसमें सेmin'huٱبْتِغَآءَचाहने कोib'tighāaٱلْفِتْنَةِफ़ितनाl-fit'natiوَٱبْتِغَآءَऔर चाहने कोwa-ib'tighāaتَأْوِيلِهِۦ ۗमतलब उसकाtawīlihiوَمَاऔर नहींwamāيَعْلَمُजानताyaʿlamuتَأْوِيلَهُۥٓमतलब उसकाtawīlahuإِلَّاमगरillāٱللَّهُ ۗअल्लाहl-lahuوَٱلرَّٰسِخُونَऔर जो पुख़्ताकार हैंwal-rāsikhūnaفِىinٱلْعِلْمِइल्म मेंl-ʿil'miيَقُولُونَवो कहते हैंyaqūlūnaءَامَنَّاईमान लाए हमāmannāبِهِۦउस परbihiكُلٌّۭसब कुछkullunمِّنْ(is)minعِندِपास सेʿindiرَبِّنَا ۗहमारे रब केrabbināوَمَاऔर नहींwamāيَذَّكَّرُनसीहत पकड़तेyadhakkaruإِلَّآमगरillāأُو۟لُوا۟menulūٱلْأَلْبَـٰبِअक़्ल वालेl-albābi٧
(ऐ नबी!) वही है जिसने आप पर1 (यह) पुस्तक उतारी, जिसमें से कुछ आयतें मोह़कम2 (स्पष्ट तर्क वाली) हैं, वही पुस्तक का मूल हैं, तथा कुछ दूसरी (आयतें) मुतशाबेह3 (छिपे हुए और पोशीदा अर्थ वाली) हैं। फिर जिनके दिलों में टेढ़ है, तो वे फ़ित्ने की तलाश में तथा उसके असल आशय की तलाश के उद्देश्य से, सदृश अर्थों वाली आयतों का अनुसरण करते हैं। हालाँकि उनका वास्तविक अर्थ अल्लाह के सिवा कोई नहीं जानता। तथा जो लोग ज्ञान में पक्के हैं, वे कहते हैं हम उसपर ईमान लाए, सब हमारे पालनहार की और से है। और शिक्षा वही लोग ग्रहण करते हैं, जो बुद्धि वाले हैं।
३:८
رَبَّنَاऐ हमारे रबrabbanāلَا(Do) notتُزِغْना तू टेढ़ा करtuzighقُلُوبَنَاहमारे दिलों कोqulūbanāبَعْدَबाद उसकेbaʿdaإِذْजबidhهَدَيْتَنَاहिदायत दी तूने हमेंhadaytanāوَهَبْऔर अता करwahabلَنَاहमारे लिएlanāمِنfromminلَّدُنكَअपने पास सेladunkaرَحْمَةً ۚरहमतraḥmatanإِنَّكَबेशक तूinnakaأَنتَतू ही हैantaٱلْوَهَّابُबहुत अता करने वालाl-wahābu٨
(तथा वे कहते हैं :) ऐ हमारे पालनहार! हमें हिदायत देने के बाद हमारे दिलों को टेढ़ा न कर, और हमें अपनी ओर से दया प्रदान कर। निःसंदेह तू ही बहुत बड़ा दाता है।
३:९
رَبَّنَآऐ हमारे रबrabbanāإِنَّكَबेशक तूinnakaجَامِعُजमा करने वाला हैjāmiʿuٱلنَّاسِलोगों कोl-nāsiلِيَوْمٍۢएक दिन के लिएliyawminلَّا(there is) noرَيْبَनहीं कोई शकraybaفِيهِ ۚजिसमेंfīhiإِنَّबेशकinnaٱللَّهَअल्लाहl-lahaلَا(does) notيُخْلِفُनहीं ख़िलाफ़ करताyukh'lifuٱلْمِيعَادَवादे केl-mīʿāda٩
ऐ हमारे पालनहार! निःसंदेह तू सब लोगों को उस दिन के लिए इकट्ठा करने वाला है, जिस (के आने) में कोई शक नहीं। निःसंदेह अल्लाह वादे के विरुद्ध नहीं करता।
३:१०
إِنَّबेशकinnaٱلَّذِينَवो जिन्होंनेalladhīnaكَفَرُوا۟कुफ़्र कियाkafarūلَنहरगिज़ नाlanتُغْنِىَकाम आऐंगेtugh'niyaعَنْهُمْउन्हेंʿanhumأَمْوَٰلُهُمْमाल उनकेamwāluhumوَلَآऔर नाwalāأَوْلَـٰدُهُمऔलाद उनकीawlāduhumمِّنَagainstminaٱللَّهِअल्लाह सेl-lahiشَيْـًۭٔا ۖकुछ भीshayanوَأُو۟لَـٰٓئِكَऔर यही लोगwa-ulāikaهُمْवोhumوَقُودُईंधन हैंwaqūduٱلنَّارِआग काl-nāri١٠
निःसंदेह जिन लोगों ने कुफ़्र किया, उनके धन तथा उनकी संतान उन्हें अल्लाह (की यातना) से (बचाने में) कदापि कुछ काम नहीं आएँगे, तथा वही आग का ईंधन हैं।
३:११
كَدَأْبِमानिन्द हालतkadabiءَالِ(of the) peopleāliفِرْعَوْنَआले फ़िरऔन कीfir'ʿawnaوَٱلَّذِينَऔर वो जोwa-alladhīnaمِن(were) fromminقَبْلِهِمْ ۚउनसे पहले थेqablihimكَذَّبُوا۟उन्होंने झुठलायाkadhabūبِـَٔايَـٰتِنَاहमारी आयात कोbiāyātināفَأَخَذَهُمُतो पकड़ लिया उन्हेंfa-akhadhahumuٱللَّهُअल्लाह नेl-lahuبِذُنُوبِهِمْ ۗबवजह उनके गुनाहों केbidhunūbihimوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuشَدِيدُसख़्तshadīduٱلْعِقَابِसज़ा वाला हैl-ʿiqābi١١
(इनका हाल) फ़िरऔनियों तथा उन लोगों के हाल की तरह है जो उनसे पहले थे। उन्होंने हमारी आयतों (निशानियों) को झुठलाया, तो अल्लाह ने उन्हें उनके गुनाहों के कारण पकड़ लिया और अल्लाह बहुत सख़्त अज़ाब वाला है।
३:१२
قُلकह दीजिएqulلِّلَّذِينَउनको जिन्होंनेlilladhīnaكَفَرُوا۟कुफ़्र कियाkafarūسَتُغْلَبُونَअनक़रीब तुम मग़लूब किए जाओगेsatugh'labūnaوَتُحْشَرُونَऔर तुम इकट्ठे किए जाओगेwatuḥ'sharūnaإِلَىٰtoilāجَهَنَّمَ ۚतरफ़ जहन्नम केjahannamaوَبِئْسَऔर कितना बुरा हैwabi'saٱلْمِهَادُठिकानाl-mihādu١٢
(ऐ नबी!) काफ़िरों से कह दें कि तुम जल्द ही पराजित1 किए जाओगे तथा जहन्नम की ओर इकट्ठे किए जाओगे और वह बहुत बुरा ठिकाना है।
३:१३
قَدْतहक़ीक़qadكَانَहैkānaلَكُمْतुम्हारे लिएlakumءَايَةٌۭएक निशानीāyatunفِىinفِئَتَيْنِदो गिरोहों मेंfi-atayniٱلْتَقَتَا ۖजो आमने सामने हुएl-taqatāفِئَةٌۭएक गिरोहfi-atunتُقَـٰتِلُवो लड़ रहा थाtuqātiluفِىinسَبِيلِ(the) waysabīliٱللَّهِअल्लाह के रास्ते मेंl-lahiوَأُخْرَىٰऔर दूसराwa-ukh'rāكَافِرَةٌۭकाफ़िर थाkāfiratunيَرَوْنَهُمवो देख रहे थे उन्हेंyarawnahumمِّثْلَيْهِمْदोगुना अपने सेmith'layhimرَأْىَदेखनाrayaٱلْعَيْنِ ۚआँख काl-ʿayniوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuيُؤَيِّدُताईद करता हैyu-ayyiduبِنَصْرِهِۦअपनी मदद सेbinaṣrihiمَنजिसकीmanيَشَآءُ ۗवो चाहता हैyashāuإِنَّबेशकinnaفِىinذَٰلِكَउसमेंdhālikaلَعِبْرَةًۭअलबत्ता इबरत हैlaʿib'ratanلِّأُو۟لِىfor the ownersli-ulīٱلْأَبْصَـٰرِअहले बसीरत के लिएl-abṣāri١٣
निश्चय तुम्हारे लिए उन दो दलों में बड़ी निशानी थी, जिनमें (बद्र के मैदान में) मुठभेड़ हुई। एक दल अल्लाह के मार्ग में लड़ता था और दूसरा काफ़िर था। ये (मुसलमान) उन (काफ़िरों) को अपनी आँखों से अपने से दुगना देख रहे थे। और अल्लाह जिसे चाहता है अपनी सहायता से शक्ति प्रदान करता है। निःसंदेह इसमें आँखों वालों के लिए निश्चय बड़ी इबरत (सीख)1 है।
३:१४
زُيِّنَमुज़य्यन कर दी गईzuyyinaلِلنَّاسِलोगों के लिएlilnnāsiحُبُّमोहब्बतḥubbuٱلشَّهَوَٰتِख़्वाहिशात कीl-shahawātiمِنَofminaٱلنِّسَآءِऔरतों सेl-nisāiوَٱلْبَنِينَऔर बेटों सेwal-banīnaوَٱلْقَنَـٰطِيرِऔर ख़जानों सेwal-qanāṭīriٱلْمُقَنطَرَةِजो इकट्ठे किए गएl-muqanṭaratiمِنَofminaٱلذَّهَبِसोने सेl-dhahabiوَٱلْفِضَّةِऔर चाँदी सेwal-fiḍatiوَٱلْخَيْلِऔर घोड़ेwal-khayliٱلْمُسَوَّمَةِनिशान लगे हुए हैंl-musawamatiوَٱلْأَنْعَـٰمِऔर मवेशी जानवरwal-anʿāmiوَٱلْحَرْثِ ۗऔर खेती सेwal-ḥarthiذَٰلِكَयेdhālikaمَتَـٰعُसामान हैmatāʿuٱلْحَيَوٰةِज़िन्दगी काl-ḥayatiٱلدُّنْيَا ۖदुनिया कीl-dun'yāوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuعِندَهُۥपास उसकेʿindahuحُسْنُअच्छाḥus'nuٱلْمَـَٔابِठिकाना हैl-maābi١٤
लोगों के लिए भौतिक इच्छाओं का प्यार सुसज्जित कर दिया गया है, जो औरतें, बेटे, सोने और चाँदी के ढेर, निशान लगाए हुए घोड़े, मवेशी तथा खेती हैं। ये सांसारिक जीवन के सामान हैं और उत्तम ठिकाना अल्लाह के पास है।
३:१५
۞ قُلْकह दीजिएqulأَؤُنَبِّئُكُمक्या मैं ख़बर दूँ तुम्हेंa-unabbi-ukumبِخَيْرٍۢबेहतर कीbikhayrinمِّنthanminذَٰلِكُمْ ۚइससेdhālikumلِلَّذِينَउनके लिए जिन्होंनेlilladhīnaٱتَّقَوْا۟तक़वा कियाittaqawعِندَwithʿindaرَبِّهِمْउनके रब के पासrabbihimجَنَّـٰتٌۭबाग़ात हैंjannātunتَجْرِىबहती हैंtajrīمِنfromminتَحْتِهَاउसके नीचे सेtaḥtihāٱلْأَنْهَـٰرُनहरेंl-anhāruخَـٰلِدِينَहमेशा रहने वाले हैंkhālidīnaفِيهَاउनमेंfīhāوَأَزْوَٰجٌۭऔर बीवियाँwa-azwājunمُّطَهَّرَةٌۭपाकीज़ाmuṭahharatunوَرِضْوَٰنٌۭऔर रज़ामन्दीwariḍ'wānunمِّنَfromminaٱللَّهِ ۗअल्लाह की तरफ़ सेl-lahiوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuبَصِيرٌۢख़ूब देखने वाला हैbaṣīrunبِٱلْعِبَادِबन्दों कोbil-ʿibādi١٥
(ऐ नबी!) कह दें : क्या मैं तुम्हें उससे बेहतर चीज़ बताऊँ? उन लोगों के लिए जो (अल्लाह से) डरने वाले हैं उनके पालनहार के पास ऐसे बाग़ हैं, जिनके नीचे से नहरें बहती हैं, (वे) उनमें हमेशा रहने वाले हैं और (उनके लिए उसमें) पवित्र पत्नियाँ तथा अल्लाह की प्रसन्नता है और अल्लाह बंदों को ख़ूब देखने वाला है।
३:१६
ٱلَّذِينَवो जोalladhīnaيَقُولُونَकहते हैंyaqūlūnaرَبَّنَآऐ हमारे रबrabbanāإِنَّنَآबेशक हमinnanāءَامَنَّاईमान लाए हमāmannāفَٱغْفِرْso forgivefa-igh'firلَنَاपस बख़्श देlanāذُنُوبَنَاहमारे गुनाहों कोdhunūbanāوَقِنَاऔर बचा हमेंwaqināعَذَابَअज़ाब सेʿadhābaٱلنَّارِआग केl-nāri١٦
जो कहते हैं : ऐ हमारे पालनहार! निःसंदेह हम ईमान लाए। इसलिए हमारे गुनाह माफ़ कर दे और हमें दोज़ख़ के अज़ाब से बचा।
३:१७
ٱلصَّـٰبِرِينَसब्र करने वालेal-ṣābirīnaوَٱلصَّـٰدِقِينَऔर सच्चेwal-ṣādiqīnaوَٱلْقَـٰنِتِينَऔर इताअत गुज़ारwal-qānitīnaوَٱلْمُنفِقِينَऔर ख़र्च करने वालेwal-munfiqīnaوَٱلْمُسْتَغْفِرِينَऔर इस्तग़फ़ार करने वालेwal-mus'taghfirīnaبِٱلْأَسْحَارِसहरी के वक़्तbil-asḥāri١٧
जो धैर्य रखने वाले, सत्यवादी, आज्ञाकारी, दानशील और रात की अंतिम घड़ियों में (अल्लाह से) क्षमा याचना करने वाले हैं।
३:१८
شَهِدَगवाही दीshahidaٱللَّهُअल्लाह नेl-lahuأَنَّهُۥकि बेशक वोannahuلَآनहींإِلَـٰهَकोई इलाह (बरहक़)ilāhaإِلَّاमगरillāهُوَवो हीhuwaوَٱلْمَلَـٰٓئِكَةُऔर फ़रिश्तों नेwal-malāikatuوَأُو۟لُوا۟and ownerswa-ulūٱلْعِلْمِऔर इल्म वालों नेl-ʿil'miقَآئِمًۢاक़ायम है (इस हाल में कि वो)qāimanبِٱلْقِسْطِ ۚइन्साफ़ परbil-qis'ṭiلَآनहींإِلَـٰهَकोई इलाह (बरहक़)ilāhaإِلَّاमगरillāهُوَवो हीhuwaٱلْعَزِيزُबहुत ज़बरदस्त हैl-ʿazīzuٱلْحَكِيمُख़ूब हिकमत वाला हैl-ḥakīmu١٨
अल्लाह ने गवाही दी कि निःसंदेह उसके सिवा कोई पूज्य नहीं, तथा फ़रिश्तों और ज्ञान वालों ने भी, इस हाल में कि वह न्याय को क़ायम करने वाला है। उसके सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं, सब पर प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
३:१९
إِنَّबेशकinnaٱلدِّينَदीनl-dīnaعِندَnearʿindaٱللَّهِअल्लाह के नज़दीकl-lahiٱلْإِسْلَـٰمُ ۗइस्लाम हैl-is'lāmuوَمَاऔर नहींwamāٱخْتَلَفَइख़्तिलाफ़ कियाikh'talafaٱلَّذِينَउन्होंने जोalladhīnaأُوتُوا۟दिए गएūtūٱلْكِتَـٰبَकिताबl-kitābaإِلَّاमगरillāمِنۢfromminبَعْدِबाद उसकेbaʿdiمَاजोجَآءَهُمُआ गया उनके पासjāahumuٱلْعِلْمُइल्मl-ʿil'muبَغْيًۢاबवजह ज़िद केbaghyanبَيْنَهُمْ ۗआपस मेंbaynahumوَمَنऔर जो कोईwamanيَكْفُرْकुफ़्र करेyakfurبِـَٔايَـٰتِसाथ आयात केbiāyātiٱللَّهِअल्लाह कीl-lahiفَإِنَّतो बेशकfa-innaٱللَّهَअल्लाहl-lahaسَرِيعُजल्द लेने वाला हैsarīʿuٱلْحِسَابِहिसाबl-ḥisābi١٩
निःसंदेह दीन (धर्म) अल्लाह के निकट इस्लाम ही है और किताब वालों ने अपने पास ज्ञान आ जाने के पश्चात आपस में ईर्ष्या के कारण ही मतभेद किया। तथा जो अल्लाह की आयतों का इनकार करे, तो निःसंदेह अल्लाह बहुत जल्द ह़िसाब लेने वाला है।
३:२०
فَإِنْफिर अगरfa-inحَآجُّوكَवो झगड़ा करें आपसेḥājjūkaفَقُلْतो कह दीजिएfaqulأَسْلَمْتُमैंने सुपुर्द कर दियाaslamtuوَجْهِىَचेहरा अपनाwajhiyaلِلَّهِअल्लाह के लिएlillahiوَمَنِऔर जिसनेwamaniٱتَّبَعَنِ ۗइत्तिबा किया मेराittabaʿaniوَقُلऔर कह दीजिएwaqulلِّلَّذِينَउनको जोlilladhīnaأُوتُوا۟दिए गएūtūٱلْكِتَـٰبَकिताबl-kitābaوَٱلْأُمِّيِّـۧنَऔर उम्मियों/अनपढ़ों कोwal-umiyīnaءَأَسْلَمْتُمْ ۚक्या इस्लाम लाए तुमa-aslamtumفَإِنْफिर अगरfa-inأَسْلَمُوا۟वो इस्लाम ले आऐंaslamūفَقَدِतो तहक़ीक़faqadiٱهْتَدَوا۟ ۖवो हिदायत पा गएih'tadawوَّإِنऔर अगरwa-inتَوَلَّوْا۟वो मुँह मोड़ जाऐंtawallawفَإِنَّمَاतो बेशकfa-innamāعَلَيْكَआप पर हैʿalaykaٱلْبَلَـٰغُ ۗपहुँचा देनाl-balāghuوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuبَصِيرٌۢख़ूब देखने वाला हैbaṣīrunبِٱلْعِبَادِबन्दों कोbil-ʿibādi٢٠
फिर यदि वे आपसे झगड़ा करें, तो कह दीजिए कि मैंने अपना चेहरा अल्लाह के अधीन कर दिया और उसने भी जिसने मेरा अनुसरण किया, तथा उन लोगों से जिन्हें किताब दी गई और अनपढ़ लोगों से कह दो कि क्या तुम आज्ञाकारी हो गए? यदि वे आज्ञाकारी हो जाएँ, तो निःसंदेह मार्गदर्शन पा गए और यदि वे मुँह फेर लें, तो आपका दायित्व केवल (संदेश) पहुँचा देना1 है तथा अल्लाह बंदों को ख़ूब देखने वाला है।
३:२१
إِنَّबेशकinnaٱلَّذِينَवो जोalladhīnaيَكْفُرُونَकुफ़्र करते हैंyakfurūnaبِـَٔايَـٰتِसाथ आयात केbiāyātiٱللَّهِअल्लाह कीl-lahiوَيَقْتُلُونَऔर वो क़त्ल करते हैंwayaqtulūnaٱلنَّبِيِّـۧنَनबियों कोl-nabiyīnaبِغَيْرِबग़ैरbighayriحَقٍّۢहक़ केḥaqqinوَيَقْتُلُونَऔर वो क़त्ल करते हैंwayaqtulūnaٱلَّذِينَउनको जोalladhīnaيَأْمُرُونَहुक्म देते हैंyamurūnaبِٱلْقِسْطِइन्साफ़ काbil-qis'ṭiمِنَamongminaٱلنَّاسِलोगों में सेl-nāsiفَبَشِّرْهُمतो ख़ुशख़बरी दे दीजिए उन्हेंfabashir'humبِعَذَابٍअज़ाबbiʿadhābinأَلِيمٍदर्दनाक कीalīmin٢١
निःसंदेह जो लोग अल्लाह की आयतों का इनकार करते हैं तथा नबियों को नाह़क़ क़त्ल करते हैं और उन लोगों को क़त्ल करते हैं, जो लोगों में से न्याय करने का आदेश देते हैं, उन्हें एक दर्दनाक अज़ाब1 की शुभ सूचना सुना दीजिए।
३:२२
أُو۟لَـٰٓئِكَयही लोग हैंulāikaٱلَّذِينَवो जोalladhīnaحَبِطَتْज़ाया हो गएḥabiṭatأَعْمَـٰلُهُمْआमाल उनकेaʿmāluhumفِىinٱلدُّنْيَاदुनिया मेंl-dun'yāوَٱلْـَٔاخِرَةِऔर आख़िरत मेंwal-ākhiratiوَمَاऔर नहींwamāلَهُمउनके लिएlahumمِّنanyminنَّـٰصِرِينَमददगारों में से कोईnāṣirīna٢٢
यही वे लोग हैं, जिनके कर्म दुनिया तथा आख़िरत में बर्बाद हो गए और उनकी मदद करने वाले कोई नहीं।
३:२३
أَلَمْक्या नहींalamتَرَआपने देखाtaraإِلَى[to]ilāٱلَّذِينَतरफ़ उनके जोalladhīnaأُوتُوا۟दिए गएūtūنَصِيبًۭاएक हिस्साnaṣībanمِّنَofminaٱلْكِتَـٰبِकिताब में सेl-kitābiيُدْعَوْنَवो बुलाए जाते हैंyud'ʿawnaإِلَىٰतरफ़ilāكِتَـٰبِ(the) Bookkitābiٱللَّهِअल्लाह की किताब केl-lahiلِيَحْكُمَताकि वो फ़ैसला करेंliyaḥkumaبَيْنَهُمْदर्मियान उनकेbaynahumثُمَّफिरthummaيَتَوَلَّىٰमुँह फेर लेता हैyatawallāفَرِيقٌۭएक गिरोहfarīqunمِّنْهُمْउनमें सेmin'humوَهُمऔर वोwahumمُّعْرِضُونَऐराज़ करने वाले हैंmuʿ'riḍūna٢٣
(ऐ नबी!) क्या आपने उनका हाल1 नहीं देखा, जिन्हें पुस्तक का एक भाग दिया गया, वे अल्लाह की पुस्तक की ओर बुलाए जाते हैं, ताकि वह उनके बीच निर्णय2 करे। फिर उनमें से एक समूह मुँह फेर लेता है, इस हाल में कि वे उपेक्षा करने वाले होते हैं।
३:२४
ذَٰلِكَयेdhālikaبِأَنَّهُمْबवजह इसके कि वोbi-annahumقَالُوا۟कहते हैंqālūلَنहरगिज़ नाlanتَمَسَّنَاछुएगी हमेंtamassanāٱلنَّارُआगl-nāruإِلَّآमगरillāأَيَّامًۭاदिनayyāmanمَّعْدُودَٰتٍۢ ۖगिने चुनेmaʿdūdātinوَغَرَّهُمْऔर धोखे में डाल देता है उन्हेंwagharrahumفِىinدِينِهِمउनके दीन (के बारे) मेंdīnihimمَّاजोكَانُوا۟थे वोkānūيَفْتَرُونَवो गढ़तेyaftarūna٢٤
उनका यह हाल इसलिए है कि उन्होंने कहा कि दोज़ख़ की आग हमें गिनती के कुछ दिन ही छुएगी! तथा उन्हें उनके धर्म (के बारे) में उन बातों ने धोखा दिया, जो वे गढ़ा करते थे।
३:२५
فَكَيْفَतो कैसा (होगा हाल)fakayfaإِذَاजबidhāجَمَعْنَـٰهُمْजमा करेंगे हम उन्हेंjamaʿnāhumلِيَوْمٍۢउस दिन के लिएliyawminلَّاnoرَيْبَनहीं कोई शकraybaفِيهِउसमेंfīhiوَوُفِّيَتْऔर पूरी पूरी दे दी जाएगीwawuffiyatكُلُّहरkulluنَفْسٍۢनफ़्स कोnafsinمَّاजोكَسَبَتْउसने कमाई कीkasabatوَهُمْऔर वोwahumلَا(will) notيُظْلَمُونَना वो ज़ुल्म किए जाऐंगेyuẓ'lamūna٢٥
फिर उस समय (उनका) क्या हाल होगा, जब हम उन्हें उस दिन के लिए एकत्र करेंगे, जिसमें कोई संदेह नहीं तथा प्रत्येक प्राणी को उसके किए का भरपूर बदला दिया जाएगा और उनपर अत्याचार नहीं किया जाएगा?
३:२६
قُلِकह दीजिएquliٱللَّهُمَّऐ अल्लाहl-lahumaمَـٰلِكَऐ मालिकmālikaٱلْمُلْكِबादशाहत केl-mul'kiتُؤْتِىतू देता हैtu'tīٱلْمُلْكَबादशाहतl-mul'kaمَنजिसेmanتَشَآءُतू चाहता हैtashāuوَتَنزِعُऔर तू छीन लेता हैwatanziʿuٱلْمُلْكَबादशाहतl-mul'kaمِمَّنजिससेmimmanتَشَآءُतू चाहता हैtashāuوَتُعِزُّऔर तू इज़्ज़त देता हैwatuʿizzuمَنजिसेmanتَشَآءُतू चाहता हैtashāuوَتُذِلُّऔर तू ज़िल्लत देता हैwatudhilluمَنजिसेmanتَشَآءُ ۖतू चाहता हैtashāuبِيَدِكَतेरे ही हाथ मेंbiyadikaٱلْخَيْرُ ۖभलाई हैl-khayruإِنَّكَबेशक तूinnakaعَلَىٰऊपरʿalāكُلِّहरkulliشَىْءٍۢचीज़ केshayinقَدِيرٌۭबहुत क़ादिर हैqadīrun٢٦
(ऐ नबी!) कह दें : ऐ अल्लाह! राज्य के स्वामी! तू जिसे चाहे, राज्य देता है और जिससे चाहे, राज्य छीन लेता है तथा जिसे चाहे, सम्मान देता है और जिसे चाहे, अपमानित कर देता है। तेरे ही हाथ में सारी भलाई है। निःसंदेह तू हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है।1
३:२७
تُولِجُतू दाख़िल करता हैtūlijuٱلَّيْلَरात कोal-laylaفِىinٱلنَّهَارِदिन मेंl-nahāriوَتُولِجُऔर तू दाख़िल करता हैwatūlijuٱلنَّهَارَदिन कोl-nahāraفِىinٱلَّيْلِ ۖरात मेंal-layliوَتُخْرِجُऔर तू निकालता हैwatukh'rijuٱلْحَىَّज़िन्दा कोl-ḥayaمِنَfromminaٱلْمَيِّتِमुर्दा सेl-mayitiوَتُخْرِجُऔर तू निकालता हैwatukh'rijuٱلْمَيِّتَमुर्दा कोl-mayitaمِنَfromminaٱلْحَىِّ ۖज़िन्दा सेl-ḥayiوَتَرْزُقُऔर तू रिज़्क़ देता हैwatarzuquمَنजिसेmanتَشَآءُतू चाहता हैtashāuبِغَيْرِबग़ैरbighayriحِسَابٍۢहिसाब केḥisābin٢٧
तू रात को दिन में दाख़िल करता है तथा दिन को रात में दाख़िल1 करता है। और तू जीवित को मृत से निकालता है तथा मृत को जीवित से निकालता है और तू जिसे चाहे असंख्य जीविका देता है।
३:२८
لَّا(Let) notيَتَّخِذِना बनाऐंyattakhidhiٱلْمُؤْمِنُونَमोमिनl-mu'minūnaٱلْكَـٰفِرِينَकाफ़िरों कोl-kāfirīnaأَوْلِيَآءَदोस्तawliyāaمِنfromminدُونِसिवायdūniٱلْمُؤْمِنِينَ ۖमोमिनों केl-mu'minīnaوَمَنऔर जो कोईwamanيَفْعَلْकरेगाyafʿalذَٰلِكَऐसाdhālikaفَلَيْسَतो नहीं वोfalaysaمِنَfromminaٱللَّهِअल्लाह सेl-lahiفِىinشَىْءٍकिसी चीज़ मेंshayinإِلَّآमगरillāأَنये किanتَتَّقُوا۟तुम बचोtattaqūمِنْهُمْउनसेmin'humتُقَىٰةًۭ ۗबचनाtuqātanوَيُحَذِّرُكُمُऔर डराता है तुम्हेंwayuḥadhirukumuٱللَّهُअल्लाहl-lahuنَفْسَهُۥ ۗअपनी ज़ात सेnafsahuوَإِلَىand towa-ilāٱللَّهِऔर तरफ़ अल्लाह ही केl-lahiٱلْمَصِيرُपलटना हैl-maṣīru٢٨
ईमान वालों को चाहिए कि वे मोमिनों को छोड़कर काफ़िरों को मित्र न बनाएँ और जो ऐसा करेगा, उसका अल्लाह से कोई संबंध नहीं। परंतु यह कि तुम उनसे अपना बचाव1 करो, और अल्लाह तुम्हें अपने आपसे डराता है और अल्लाह ही की ओर लौटकर जाना है।
३:२९
قُلْकह दीजिएqulإِنअगरinتُخْفُوا۟तुम छुपाओtukh'fūمَاजोفِى(is) inصُدُورِكُمْतुम्हारे सीनों में हैṣudūrikumأَوْयाawتُبْدُوهُतुम ज़ाहिर करो उसेtub'dūhuيَعْلَمْهُजानता है उसेyaʿlamhuٱللَّهُ ۗअल्लाहl-lahuوَيَعْلَمُऔर वो जानता हैwayaʿlamuمَاजोفِى(is) inٱلسَّمَـٰوَٰتِआसमानों में हैl-samāwātiوَمَاऔर जोwamāفِى(is) inٱلْأَرْضِ ۗज़मीन में हैl-arḍiوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuعَلَىٰऊपरʿalāكُلِّहरkulliشَىْءٍۢचीज़ केshayinقَدِيرٌۭबहुत क़ुदरत रखने वाला हैqadīrun٢٩
(ऐ नबी!) कह दीजिए : यदि तुम उसे छिपाओ जो तुम्हारे सीनों में है, या उसे प्रकट करो, अल्लाह उसे जान लेगा तथा वह जानता है जो कुछ आकाशों में है और जो धरती में है, और अल्लाह हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है।
३:३०
يَوْمَजिस दिनyawmaتَجِدُपा लेगाtajiduكُلُّहरkulluنَفْسٍۢनफ़्सnafsinمَّاजोعَمِلَتْउसने अमल कियाʿamilatمِنْofminخَيْرٍۢनेकी में सेkhayrinمُّحْضَرًۭاहाज़िर किया हुआmuḥ'ḍaranوَمَاऔर जोwamāعَمِلَتْउसने अमल कियाʿamilatمِنofminسُوٓءٍۢबुराई में सेsūinتَوَدُّवो चाहेगाtawadduلَوْकाशlawأَنَّबेशकannaبَيْنَهَاदर्मियान उसकेbaynahāوَبَيْنَهُۥٓऔर दर्मियान उसकी (बुराई) केwabaynahuأَمَدًۢاफ़ासला होताamadanبَعِيدًۭا ۗदूर काbaʿīdanوَيُحَذِّرُكُمُऔर डराता है तुम्हेंwayuḥadhirukumuٱللَّهُअल्लाहl-lahuنَفْسَهُۥ ۗअपनी ज़ात सेnafsahuوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuرَءُوفٌۢबहुत शफ़ीक़ हैraūfunبِٱلْعِبَادِबन्दों परbil-ʿibādi٣٠
जिस दिन प्रत्येक व्यक्ति अपनी की हुई नेकी को हाज़िर किया हुआ पाएगा, तथा जिसने बुराई की होगी, वह कामना करेगा कि उसके तथा उसकी बुराई के बीच बहुत दूर का फ़ासला होता। तथा अल्लाह तुम्हें अपने आपसे1 डराता है और अल्लाह अपने बंदों के प्रति अत्यंत करुणामय है।
३:३१
قُلْकह दीजिएqulإِنअगरinكُنتُمْहो तुमkuntumتُحِبُّونَतुम मोहब्बत करतेtuḥibbūnaٱللَّهَअल्लाह सेl-lahaفَٱتَّبِعُونِىतो पैरवी करो मेरीfa-ittabiʿūnīيُحْبِبْكُمُमोहब्बत करेगा तुम सेyuḥ'bib'kumuٱللَّهُअल्लाहl-lahuوَيَغْفِرْऔर वो बख़्श देगाwayaghfirلَكُمْतुम्हारे लिएlakumذُنُوبَكُمْ ۗतुम्हारे गुनाहों कोdhunūbakumوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuغَفُورٌۭबहुत बख़्शने वाला हैghafūrunرَّحِيمٌۭनिहायत रहम करने वाला हैraḥīmun٣١
(ऐ नबी!) कह दीजिए : यदि तुम अल्लाह से प्रेम करते हो, तो मेरा अनुसरण करो, अल्लाह तुमसे प्रेम1 करेगा तथा तुम्हें तुम्हारे पाप क्षमा कर देगा और अल्लाह बहुत क्षमा करने वाला, अत्यंत दयावान् है।
३:३२
قُلْकह दीजिएqulأَطِيعُوا۟इताअत करोaṭīʿūٱللَّهَअल्लाह कीl-lahaوَٱلرَّسُولَ ۖऔर रसूल कीwal-rasūlaفَإِنफिर अगरfa-inتَوَلَّوْا۟वो मुँह फेर जाऐंtawallawفَإِنَّतो बेशकfa-innaٱللَّهَअल्लाहl-lahaلَا(does) notيُحِبُّनहीं वो मोहब्बत करताyuḥibbuٱلْكَـٰفِرِينَकाफ़िरों सेl-kāfirīna٣٢
(ऐ नबी!) आप कह दें : अल्लाह और रसूल की आज्ञा का अनुपालन करो। फिर यदि वे मुँह फेर लें, तो निःसंदेह अल्लाह काफ़िरों से प्रेम नहीं करता।
३:३३
۞ إِنَّबेशकinnaٱللَّهَअल्लाह नेl-lahaٱصْطَفَىٰٓचुन लियाiṣ'ṭafāءَادَمَआदमādamaوَنُوحًۭاऔर नूहwanūḥanوَءَالَand (the) familywaālaإِبْرَٰهِيمَऔर आले इब्राहीमib'rāhīmaوَءَالَand (the) familywaālaعِمْرَٰنَऔर आले इमरान कोʿim'rānaعَلَىoverʿalāٱلْعَـٰلَمِينَतमाम जहान वालों परl-ʿālamīna٣٣
निःसंदेह अल्लाह ने आदम और नूह़ को तथा इबराहीम के घराने और इमरान के घराने को संसार वासियों में से चुन लिया।
३:३४
ذُرِّيَّةًۢऔलाद हैंdhurriyyatanبَعْضُهَاबाज़ उनकेbaʿḍuhāمِنۢfromminبَعْضٍۢ ۗबाज़ कीbaʿḍinوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuسَمِيعٌख़ूब सुनने वाला हैsamīʿunعَلِيمٌख़ूब जानने वाला हैʿalīmun٣٤
ये एक-दूसरे की संतान हैं और अल्लाह सब कुछ सुनने वाला और सब कुछ जानने वाला है।
३:३५
إِذْजबidhقَالَتِकहने लगीqālatiٱمْرَأَتُबीवीim'ra-atuعِمْرَٰنَइमरान कीʿim'rānaرَبِّऐ मेरे रबrabbiإِنِّىबेशक मैंinnīنَذَرْتُनज़र किया मैंनेnadhartuلَكَतेरे लिएlakaمَاजोفِى(is) inبَطْنِىमेरे पेट में हैbaṭnīمُحَرَّرًۭاआज़ादmuḥarraranفَتَقَبَّلْपस तू क़ुबूल कर लेfataqabbalمِنِّىٓ ۖमुझ सेminnīإِنَّكَबेशक तूinnakaأَنتَतू ही हैantaٱلسَّمِيعُख़ूब सुनने वाला हैl-samīʿuٱلْعَلِيمُख़ूब जानने वाला हैl-ʿalīmu٣٥
जब इमरान की पत्नी1 ने कहा : ऐ मेरे पालनहार! निःसंदेह मैंने तेरे2 लिए उसकी मन्नत मानी है, जो मेरे पेट में है कि आज़ाद छोड़ा हुआ होगा। सो मुझसे स्वीकार कर। निःसंदेह तू ही सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।
३:३६
فَلَمَّاफिर जबfalammāوَضَعَتْهَاउसने जन्म दिया उसेwaḍaʿathāقَالَتْकहने लगीqālatرَبِّऐ मेरे रबrabbiإِنِّىबेशक मैंinnīوَضَعْتُهَآजन्म दिया है मैंने इसेwaḍaʿtuhāأُنثَىٰलड़कीunthāوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuأَعْلَمُज़्यादा जानता हैaʿlamuبِمَاउसे जोbimāوَضَعَتْउसने जन्म दियाwaḍaʿatوَلَيْسَऔर नहीं हैwalaysaٱلذَّكَرُलड़काl-dhakaruكَٱلْأُنثَىٰ ۖलड़की की तरहkal-unthāوَإِنِّىऔर बेशक मैंwa-innīسَمَّيْتُهَاनाम रखा है मैंने उसकाsammaytuhāمَرْيَمَमरियमmaryamaوَإِنِّىٓऔर बेशक मैंwa-innīأُعِيذُهَاमैं पनाह में देती हूँ उसेuʿīdhuhāبِكَतेरीbikaوَذُرِّيَّتَهَاऔर उसकी औलाद कोwadhurriyyatahāمِنَfromminaٱلشَّيْطَـٰنِशैतान सेl-shayṭāniٱلرَّجِيمِजो मरदूद हैl-rajīmi٣٦
फिर जब उसने उसे जना, तो कहा : ऐ मेरे पालनहार! यह तो मैंने लड़की जनी है! और अल्लाह अधिक जानने वाला है जो उसने जना और लड़का इस लड़की जैसा नहीं, निःसंदेह मैंने उसका नाम मरयम रखा है और निःसंदेह मैं उसे तथा उसकी संतान को धिक्कारे हुए शैतान से तेरी पनाह में देती हूँ।1
३:३७
فَتَقَبَّلَهَاतो क़ुबूल कर लिया उसेfataqabbalahāرَبُّهَاउसके रब नेrabbuhāبِقَبُولٍक़ुबूल करनाbiqabūlinحَسَنٍۢअच्छाḥasaninوَأَنۢبَتَهَاऔर परवरिश की उसकीwa-anbatahāنَبَاتًاपरवरिशnabātanحَسَنًۭاअच्छीḥasananوَكَفَّلَهَاऔर कफ़ील बनाया उसकाwakaffalahāزَكَرِيَّا ۖज़करिया कोzakariyyāكُلَّمَاजब कभीkullamāدَخَلَदाख़िल होताdakhalaعَلَيْهَاउस परʿalayhāزَكَرِيَّاज़करियाzakariyyāٱلْمِحْرَابَमेहराब मेंl-miḥ'rābaوَجَدَवो पाताwajadaعِندَهَاपास उसकेʿindahāرِزْقًۭا ۖकोई रिज़्क़riz'qanقَالَवो कहताqālaيَـٰمَرْيَمُऐ मरियमyāmaryamuأَنَّىٰकहाँ से हैannāلَكِतेरे लिएlakiهَـٰذَا ۖयेhādhāقَالَتْवो कहतीqālatهُوَवोhuwaمِنْ(is)minعِندِfromʿindiٱللَّهِ ۖअल्लाह के पास से हैl-lahiإِنَّबेशकinnaٱللَّهَअल्लाहl-lahaيَرْزُقُरिज़्क़ देता हैyarzuquمَنजिसेmanيَشَآءُवो चाहता हैyashāuبِغَيْرِबग़ैरbighayriحِسَابٍहिसाब केḥisābin٣٧
तो उसके पालनहार ने उसे अच्छी स्वीकृति के साथ स्वीकार किया और उसका अच्छी तरह पालन-पोषण किया और उसका अभिभावक ज़करिय्या को बना दिया। जब कभी ज़करिय्या उसके पास मेह़राब (उपासना की जगह) में जाता, उसके पास कोई न कोई खाने की चीज़ पाता। उसने कहा : ऐ मरयम! यह तेरे लिए कहाँ से है? उसने कहा : यह अल्लाह के पास से है। निःसंदेह अल्लाह जिसे चाहता है, बेहिसाब रोज़ी प्रदान करता है।
३:३८
هُنَالِكَउसी जगह/वक़्तhunālikaدَعَاदुआ माँगीdaʿāزَكَرِيَّاज़करिया नेzakariyyāرَبَّهُۥ ۖअपने रब सेrabbahuقَالَकहाqālaرَبِّऐ मेरे रबrabbiهَبْअता करhabلِىमुझेمِنfromminلَّدُنكَअपने पास सेladunkaذُرِّيَّةًۭऔलादdhurriyyatanطَيِّبَةً ۖपाकीज़ाṭayyibatanإِنَّكَबेशक तूinnakaسَمِيعُख़ूब सुनने वाला हैsamīʿuٱلدُّعَآءِदुआ काl-duʿāi٣٨
वहीं ज़करिय्या ने अपने पालनहार से प्रार्थना की, कहा : ऐ मेरे पालनहार! मुझे अपनी ओर से एक पवित्र संतान प्रदान कर। निःसंदेह तू ही प्रार्थना को बहुत सुनने वाला है।
३:३९
فَنَادَتْهُपस पुकारा उसेfanādathuٱلْمَلَـٰٓئِكَةُफ़रिश्तों नेl-malāikatuوَهُوَजब कि वोwahuwaقَآئِمٌۭखड़ाqāimunيُصَلِّىनमाज़ पढ़ रहा थाyuṣallīفِىinٱلْمِحْرَابِमेहराब मेंl-miḥ'rābiأَنَّबेशकannaٱللَّهَअल्लाहl-lahaيُبَشِّرُكَख़ुशख़बरी देता है तुझेyubashirukaبِيَحْيَىٰयहया कीbiyaḥyāمُصَدِّقًۢاतसदीक़ करने वाला हैmuṣaddiqanبِكَلِمَةٍۢएक कलमे कीbikalimatinمِّنَfromminaٱللَّهِअल्लाह की तरफ़ सेl-lahiوَسَيِّدًۭاऔर सरदारwasayyidanوَحَصُورًۭاऔर पाक बाज़waḥaṣūranوَنَبِيًّۭاऔर नबी होगाwanabiyyanمِّنَamongminaٱلصَّـٰلِحِينَनेक लोगों में सेl-ṣāliḥīna٣٩
तो फ़रिश्तों ने उन्हें आवाज़ दी, जबकि वह मेह़राब (इबादतगाह) में खड़े नमाज़ पढ़ रहे थे कि निःसंदेह अल्लाह आपको 'यह़या' की ख़ुशख़बरी देता है, जो अल्लाह के एक कलिमे (ईसा अलैहिस्सलाम) की पुष्टि करने वाला, सरदार तथा संयमी और सदाचारियों में से नबी होगा।
३:४०
قَالَउसने कहाqālaرَبِّऐ मेरे रबrabbiأَنَّىٰकैसेannāيَكُونُहोगाyakūnuلِىमेरे लिएغُلَـٰمٌۭलड़काghulāmunوَقَدْहालाँकि तहक़ीक़waqadبَلَغَنِىَपहुँचा मुझेbalaghaniyaٱلْكِبَرُबुढ़ापाl-kibaruوَٱمْرَأَتِىऔर बीवी मेरीwa-im'ra-atīعَاقِرٌۭ ۖबाँझ हैʿāqirunقَالَउसने कहाqālaكَذَٰلِكَइसी तरहkadhālikaٱللَّهُअल्लाहl-lahuيَفْعَلُकरता हैyafʿaluمَاजोيَشَآءُवो चाहता हैyashāu٤٠
उन्होंने कहा : ऐ मेरे पालनहार! मेरे हाँ पुत्र कैसे होगा, जबकि मुझे बुढ़ापा आ पहुँचा है और मेरी पत्नी बाँझ1 है? (अल्लाह ने) कहा : इसी प्रकार अल्लाह करता है जो चाहता है।
३:४१
قَالَउसने कहाqālaرَبِّऐ मेरे रबrabbiٱجْعَلबनाij'ʿalلِّىٓमेरे लिएءَايَةًۭ ۖकोई निशानीāyatanقَالَकहाqālaءَايَتُكَनिशानी तेरीāyatukaأَلَّاये है कि नहींallāتُكَلِّمَतुम कलाम करोगेtukallimaٱلنَّاسَलोगों सेl-nāsaثَلَـٰثَةَतीनthalāthataأَيَّامٍदिनayyāminإِلَّاमगरillāرَمْزًۭا ۗइशारे सेramzanوَٱذْكُرऔर तुम याद करोwa-udh'kurرَّبَّكَअपने रब कोrabbakaكَثِيرًۭاबहुत ज़्यादाkathīranوَسَبِّحْऔर तस्बीह करोwasabbiḥبِٱلْعَشِىِّशाम के वक़्तbil-ʿashiyiوَٱلْإِبْكَـٰرِऔर सुबह के वक़्तwal-ib'kāri٤١
उन्होंने कहा : ऐ मेरे पालनहार! मेरे लिए कोई निशानी बना दे। (अल्लाह ने) फरमाया : तुम्हारी निशानी यह है कि तुम तीन दिन लोगों से बात नहीं करोगे परंतु इशारे से। तथा तुम अपने पालनहार को बहुत अधिक याद करो और शाम एवं सुबह उसकी पवित्रता का वर्णन करो।
३:४२
وَإِذْऔर जबwa-idhقَالَتِकहाqālatiٱلْمَلَـٰٓئِكَةُफ़रिश्तों नेl-malāikatuيَـٰمَرْيَمُऐ मरियमyāmaryamuإِنَّबेशकinnaٱللَّهَअल्लाह नेl-lahaٱصْطَفَىٰكِचुन लिया तुझेiṣ'ṭafākiوَطَهَّرَكِऔर पाक किया तुझेwaṭahharakiوَٱصْطَفَىٰكِऔर चुन लिया तुझेwa-iṣ'ṭafākiعَلَىٰoverʿalāنِسَآءِऔरतों परnisāiٱلْعَـٰلَمِينَतमाम जहान कीl-ʿālamīna٤٢
और (याद करो) जब फ़रिश्तों ने कहा : ऐ मरयम! निःसंदेह अल्लाह ने तुम्हारा चयन कर लिया तथा तुम्हें पवित्र कर दिया और सर्व संसार की स्त्रियों पर तुम्हें चुन लिया है।
३:४३
يَـٰمَرْيَمُऐ मरियमyāmaryamuٱقْنُتِىहमेशा इताअत करuq'nutīلِرَبِّكِअपने रब कीlirabbikiوَٱسْجُدِىऔर सजदा करwa-us'judīوَٱرْكَعِىऔर रुकू करwa-ir'kaʿīمَعَwithmaʿaٱلرَّٰكِعِينَसाथ रुकू करने वालों केl-rākiʿīna٤٣
ऐ मरयम! अपने पालनहार का आज्ञापालन करती रहो और सजदा करो तथा रुकू करने वालों के साथ रुकू करती रहो।
३:४४
ذَٰلِكَयेdhālikaمِنْ(is) fromminأَنۢبَآءِकुछ ख़बरें हैंanbāiٱلْغَيْبِग़ैब कीl-ghaybiنُوحِيهِहम वही करते हैं उसेnūḥīhiإِلَيْكَ ۚतरफ़ आपकेilaykaوَمَاऔर नाwamāكُنتَथे आपkuntaلَدَيْهِمْपास उनकेladayhimإِذْजबidhيُلْقُونَवो डाल रहे थेyul'qūnaأَقْلَـٰمَهُمْक़लमें अपनीaqlāmahumأَيُّهُمْकौन उनमें सेayyuhumيَكْفُلُकिफ़ालत करेगाyakfuluمَرْيَمَमरियम कीmaryamaوَمَاऔर नाwamāكُنتَथे आपkuntaلَدَيْهِمْपास उनकेladayhimإِذْजबidhيَخْتَصِمُونَवो झगड़ रहे थेyakhtaṣimūna٤٤
(ऐ नबी!) ये ग़ैब (परोक्ष) की कुछ सूचनाएँ हैं, जो हम आपकी ओर वह़्य कर रहे हैं और आप उस समय उनके पास मौजूद न थे, जब वे अपनी क़लमों1 को फेंक रहे थे कि उनमें से कौन मरयम की किफ़ालत करे और न आप उस समय उनके पास थे, जब वे झगड़ रहे थे।
३:४५
إِذْजबidhقَالَتِकहाqālatiٱلْمَلَـٰٓئِكَةُफ़रिश्तों नेl-malāikatuيَـٰمَرْيَمُऐ मरियमyāmaryamuإِنَّबेशकinnaٱللَّهَअल्लाहl-lahaيُبَشِّرُكِख़ुशख़बरी देता है तुझेyubashirukiبِكَلِمَةٍۢएक कलमे कीbikalimatinمِّنْهُअपनी तरफ़ सेmin'huٱسْمُهُनाम उसका होगाus'muhuٱلْمَسِيحُमसीहl-masīḥuعِيسَىIsaʿīsāٱبْنُsonub'nuمَرْيَمَईसा इब्ने मरियमmaryamaوَجِيهًۭاबहुत मर्तबे वालाwajīhanفِىinٱلدُّنْيَاदुनिया मेंl-dun'yāوَٱلْـَٔاخِرَةِऔर आख़िरत मेंwal-ākhiratiوَمِنَand ofwaminaٱلْمُقَرَّبِينَऔर मुक़र्रब बन्दों में से होगाl-muqarabīna٤٥
(ऐ नबी! उस समय को याद करें) जब फ़रिश्तों ने कहा : ऐ मरयम! निःसंदेह अल्लाह तुम्हें अपनी ओर से एक शब्द1 की शुभ सूचना देता है, जिसका नाम 'मसीह़ ईसा बिन मरयम' है। वह दुनिया तथा आख़िरत में महान स्थान वाला और निकटवर्ती लोगों में से होगा।
३:४६
وَيُكَلِّمُऔर वो कलाम करेगाwayukallimuٱلنَّاسَलोगों सेl-nāsaفِىinٱلْمَهْدِपँघोड़े मेंl-mahdiوَكَهْلًۭاऔर पुख़्ता उम्र मेंwakahlanوَمِنَand (he will be) ofwaminaٱلصَّـٰلِحِينَऔर सालेह लोगों में से होगाl-ṣāliḥīna٤٦
और वह लोगों से पालने में बात करेगा तथा अधेड़ आयु में भी और नेक लोगों में से होगा।
३:४७
قَالَتْउसने कहाqālatرَبِّऐ मेरे रबrabbiأَنَّىٰकिस तरहannāيَكُونُहोगाyakūnuلِىमेरे लिएوَلَدٌۭकोई बच्चाwaladunوَلَمْहालाँकि नहींwalamيَمْسَسْنِىछुआ मुझेyamsasnīبَشَرٌۭ ۖकिसी इन्सान नेbasharunقَالَफ़रमायाqālaكَذَٰلِكِइसी तरहkadhālikiٱللَّهُअल्लाहl-lahuيَخْلُقُपैदा करता हैyakhluquمَاजोيَشَآءُ ۚवो चाहता हैyashāuإِذَاजबidhāقَضَىٰٓवो फ़ैसला कर लेता हैqaḍāأَمْرًۭاकिसी काम काamranفَإِنَّمَاतो बेशकfa-innamāيَقُولُवो कहता हैyaqūluلَهُۥउसेlahuكُنहो जाkunفَيَكُونُतो वो हो जाता हैfayakūnu٤٧
उस (मरयम) ने (आश्चर्य से) कहा : ऐ मेरे पालनहार! मेरे हाँ पुत्र कैसे होगा, हालाँकि किसी पुरुष ने मुझे हाथ नहीं लगाया? उसने1 कहा : इसी तरह अल्लाह पैदा करता है जो चाहता है। जब वह किसी काम का निर्णय कर लेता है, तो उससे यही कहता है : "हो जा", तो वह हो जाता है।
३:४८
وَيُعَلِّمُهُऔर वो तालीम देगा उसेwayuʿallimuhuٱلْكِتَـٰبَकिताबl-kitābaوَٱلْحِكْمَةَऔर हिकमतwal-ḥik'mataوَٱلتَّوْرَىٰةَऔर तौरातwal-tawrātaوَٱلْإِنجِيلَऔर इन्जील कीwal-injīla٤٨
और अल्लाह उसे लेखन, ह़िकमत, तौरात और इंजील की शिक्षा देगा।
३:४९
وَرَسُولًاऔर रसूल होगाwarasūlanإِلَىٰतरफ़ilāبَنِىٓ(the) Childrenbanīإِسْرَٰٓءِيلَबनी इस्राईल केis'rāīlaأَنِّىबेशक मैंannīقَدْतहक़ीक़qadجِئْتُكُمमैं लाया हूँ तुम्हारे पासji'tukumبِـَٔايَةٍۢएक निशानीbiāyatinمِّنfromminرَّبِّكُمْ ۖतुम्हारे रब की तरफ़ सेrabbikumأَنِّىٓबेशक मैंannīأَخْلُقُमैं बना देता हूँakhluquلَكُمतुम्हारे लिएlakumمِّنَfromminaٱلطِّينِमिट्टी सेl-ṭīniكَهَيْـَٔةِमानिन्द शक्लkahayatiٱلطَّيْرِपरिन्दे कीl-ṭayriفَأَنفُخُफिर मैं फूँख मारता हूँfa-anfukhuفِيهِउस मेंfīhiفَيَكُونُतो वो हो जाता हैfayakūnuطَيْرًۢاएक परिन्दाṭayranبِإِذْنِby (the) permissionbi-idh'niٱللَّهِ ۖअल्लाह के इज़्न सेl-lahiوَأُبْرِئُऔर मैं अच्छा कर देता हूँwa-ub'ri-uٱلْأَكْمَهَपैदाइशी अन्धे कोl-akmahaوَٱلْأَبْرَصَऔर बरस वाले कोwal-abraṣaوَأُحْىِऔर मैं ज़िन्दा कर देता हूँwa-uḥ'yīٱلْمَوْتَىٰमुर्दों कोl-mawtāبِإِذْنِby (the) permissionbi-idh'niٱللَّهِ ۖअल्लाह के इज़्न सेl-lahiوَأُنَبِّئُكُمऔर मैं ख़बर देता हूँ तुम्हेंwa-unabbi-ukumبِمَاउसकी जोbimāتَأْكُلُونَतुम खाते होtakulūnaوَمَاऔर जोwamāتَدَّخِرُونَतुम ज़ख़ीरा करते होtaddakhirūnaفِىinبُيُوتِكُمْ ۚअपने घरों मेंbuyūtikumإِنَّबेशकinnaفِىinذَٰلِكَइसमेंdhālikaلَـَٔايَةًۭअलबत्ता एक निशानी हैlaāyatanلَّكُمْतुम्हारे लिएlakumإِنअगरinكُنتُمहो तुमkuntumمُّؤْمِنِينَईमान लाने वालेmu'minīna٤٩
और (वह) बनी इसराईल की ओर रसूल होगा। (वह कहेगा :) निःसंदेह मैं तुम्हारे पास तुम्हारे पालनहार की ओर से बड़ी निशानी लेकर आया हूँ कि निःसंदेह मैं तुम्हारे लिए मिट्टी से पक्षी के रूप जैसी आकृति बनाता हूँ, फिर उसमें फूँक मारता हूँ, तो वह अल्लाह की अनुमति से पक्षी बन जाती है और मैं अल्लाह की अनुमति से जन्म से अंधे तथा कोढ़ी को स्वस्थ कर देता हूँ और मुर्दों को जीवित कर देता हूँ। तथा तुम्हें बता देता हूँ जो कुछ तुम अपने घरों में खाते हो और जो संग्रह करते हो। निःसंदेह इसमें तुम्हारे लिए एक निशानी है, यदि तुम ईमान वाले हो।
३:५०
وَمُصَدِّقًۭاऔर तसदीक़ करने वाला हूँwamuṣaddiqanلِّمَاउसकी जोlimāبَيْنَ(was)baynaيَدَىَّमेरे सामने हैyadayyaمِنَofminaٱلتَّوْرَىٰةِतौरात में सेl-tawrātiوَلِأُحِلَّऔर ताकि मैं हलाल कर दूँwali-uḥillaلَكُمतुम्हारे लिएlakumبَعْضَबाज़baʿḍaٱلَّذِىवो चीज़ जोalladhīحُرِّمَहराम की गईḥurrimaعَلَيْكُمْ ۚतुम परʿalaykumوَجِئْتُكُمऔर लाया हूँ मैं तुम्हारे पासwaji'tukumبِـَٔايَةٍۢएक निशानीbiāyatinمِّنfromminرَّبِّكُمْतुम्हारे रब की तरफ़ सेrabbikumفَٱتَّقُوا۟पस डरोfa-ittaqūٱللَّهَअल्लाह सेl-lahaوَأَطِيعُونِऔर इताअत करो मेरीwa-aṭīʿūni٥٠
तथा अपने से पहले की किताब तौरात की पुष्टि करने वाला हूँ और ताकि मैं तुम्हारे लिए कुछ वे चीज़ें हलाल कर दूँ, जो तुम पर हराम कर दी गई थीं तथा मैं तुम्हारे पास तुम्हारे पालनहार की ओर से बड़ी निशानी लेकर आया हूँ। अतः तुम अल्लाह से डरो और मेरा कहना मानो।
३:५१
إِنَّबेशकinnaٱللَّهَअल्लाहl-lahaرَبِّىरब है मेराrabbīوَرَبُّكُمْऔर रब तुम्हाराwarabbukumفَٱعْبُدُوهُ ۗपस इबादत करो उसकीfa-uʿ'budūhuهَـٰذَاयेhādhāصِرَٰطٌۭरास्ता हैṣirāṭunمُّسْتَقِيمٌۭसीधाmus'taqīmun٥١
निःसंदेह अल्लाह ही मेरा पालनहार और तुम्हारा पालनहार है। अतः उसी की इबादत करो। यही सीधा मार्ग है।
३:५२
۞ فَلَمَّآफिर जबfalammāأَحَسَّमहसूस कियाaḥassaعِيسَىٰईसा नेʿīsāمِنْهُمُउनसेmin'humuٱلْكُفْرَकुफ़्र कोl-kuf'raقَالَकहाqālaمَنْकौन हैंmanأَنصَارِىٓमददगार मेरेanṣārīإِلَىtoilāٱللَّهِ ۖतरफ़ अल्लाह केl-lahiقَالَकहाqālaٱلْحَوَارِيُّونَहवारियों नेl-ḥawāriyūnaنَحْنُहम हैंnaḥnuأَنصَارُमददगारanṣāruٱللَّهِअल्लाह केl-lahiءَامَنَّاहम ईमान लाएāmannāبِٱللَّهِअल्लाह परbil-lahiوَٱشْهَدْऔर गवाह रहwa-ish'hadبِأَنَّاबेशक हमbi-annāمُسْلِمُونَमुसलमान हैंmus'limūna٥٢
फिर जब ईसा ने उनसे कुफ़्र महसूस किया, तो कहा : कौन हैं जो अल्लाह की ओर (बुलाने में) मेरे सहायक हैं? ह़वारियों (साथियों) ने कहा : हम अल्लाह के सहायक हैं। हम अल्लाह पर ईमान लाए और तुम गवाह रहो कि निःसंदेह हम आज्ञाकारी हैं।
३:५३
رَبَّنَآऐ हमारे रबrabbanāءَامَنَّاईमान लाए हमāmannāبِمَآउस पर जोbimāأَنزَلْتَनाज़िल किया तूनेanzaltaوَٱتَّبَعْنَاऔर पैरवी की हमनेwa-ittabaʿnāٱلرَّسُولَरसूल कीl-rasūlaفَٱكْتُبْنَاपस लिख ले हमेंfa-uk'tub'nāمَعَसाथmaʿaٱلشَّـٰهِدِينَगवाहों केl-shāhidīna٥٣
ऐ हमारे पालनहार! हम उसपर ईमान लाए, जो तूने उतारा और हमने रसूल का अनुसरण किया, अतः तू हमें गवाही देने वालों के साथ लिख ले।
३:५४
وَمَكَرُوا۟और उन्होंने चाल चलीwamakarūوَمَكَرَऔर ख़ुफ़िया तदबीर कीwamakaraٱللَّهُ ۖअल्लाह नेl-lahuوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuخَيْرُबेहतरीन हैkhayruٱلْمَـٰكِرِينَख़ुफ़िया तदबीर करने वालों मेंl-mākirīna٥٤
तथा उन्होंने गुप्त योजना1 बनाई और अल्लाह ने (भी) गुप्त योजना बनाई और अल्लाह सब गुप्त योजना बनाने वालों से बेहतर है।
३:५५
إِذْजबidhقَالَफ़रमायाqālaٱللَّهُअल्लाह नेl-lahuيَـٰعِيسَىٰٓऐ ईसाyāʿīsāإِنِّىबेशक मैंinnīمُتَوَفِّيكَपूरा पूरा लेने वाला हूँ तुझेmutawaffīkaوَرَافِعُكَऔर उठा लेने वाला हूँ तुझेwarāfiʿukaإِلَىَّतरफ़ अपनेilayyaوَمُطَهِّرُكَऔर पाक करने वाला हूँ तुझेwamuṭahhirukaمِنَfromminaٱلَّذِينَउनसे जिन्होंनेalladhīnaكَفَرُوا۟कुफ़्र कियाkafarūوَجَاعِلُऔर बनाने वाला हूँwajāʿiluٱلَّذِينَउनको जिन्होंनेalladhīnaٱتَّبَعُوكَपैरवी की तेरीittabaʿūkaفَوْقَऊपरfawqaٱلَّذِينَउनके जिन्होंनेalladhīnaكَفَرُوٓا۟कुफ़्र कियाkafarūإِلَىٰonilāيَوْمِ(the) Dayyawmiٱلْقِيَـٰمَةِ ۖक़यामत के दिन तकl-qiyāmatiثُمَّफिरthummaإِلَىَّतरफ़ मेरे हीilayyaمَرْجِعُكُمْलौटना है तुम्हाराmarjiʿukumفَأَحْكُمُतो मैं फ़ैसला करुँगाfa-aḥkumuبَيْنَكُمْदर्मियान तुम्हारेbaynakumفِيمَاउसमें जोfīmāكُنتُمْथे तुमkuntumفِيهِजिसमेंfīhiتَخْتَلِفُونَतुम इख़्तिलाफ़ करतेtakhtalifūna٥٥
जब अल्लाह ने कहा : ऐ ईसा! मैं तुझे क़ब्ज़ करने वाला हूँ और तुझे अपनी ओर उठाने वाला हूँ, तथा तुझे उन लोगों से पवित्र करने वाला हूँ जिन्होंने कुफ़्र किया और तेरे अनुयायियों को क़ियामत के दिन तक काफ़िरों के ऊपर1 करने वाला हूँ। फिर मेरी ही ओर तुम्हारा लौटकर आना है। तो मैं तुम्हारे बीच उस चीज़ के बारे में निर्णय करूँगा, जिसमें तुम मतभेद किया करते थे।
३:५६
فَأَمَّاतो रहेfa-ammāٱلَّذِينَवो जिन्होंनेalladhīnaكَفَرُوا۟कुफ़्र कियाkafarūفَأُعَذِّبُهُمْतो मैं अज़ाब दूँगा उन्हेंfa-uʿadhibuhumعَذَابًۭاअज़ाबʿadhābanشَدِيدًۭاसख़्तshadīdanفِىinٱلدُّنْيَاदुनिया मेंl-dun'yāوَٱلْـَٔاخِرَةِऔर आख़िरत मेंwal-ākhiratiوَمَاऔर नहीं होगाwamāلَهُمउनके लिएlahumمِّنanyminنَّـٰصِرِينَमददगारों में से कोईnāṣirīna٥٦
फिर जिन लोगों ने कुफ़्र किया, तो मैं उन्हें दुनिया एवं आख़िरत में बहुत कड़ी यातना दूँगा और कोई उनके सहायक न होंगे।
३:५७
وَأَمَّاऔर रहेwa-ammāٱلَّذِينَवो जोalladhīnaءَامَنُوا۟ईमान लाएāmanūوَعَمِلُوا۟और उन्होंने अमल किएwaʿamilūٱلصَّـٰلِحَـٰتِनेकl-ṣāliḥātiفَيُوَفِّيهِمْतो वो पूरे पूरे देगा उन्हेंfayuwaffīhimأُجُورَهُمْ ۗअजर उनकेujūrahumوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuلَا(does) notيُحِبُّनहीं वो मोहब्बत रखताyuḥibbuٱلظَّـٰلِمِينَज़ालिमों सेl-ẓālimīna٥٧
तथा रहे वे लोग जो ईमान लाए और उन्होंने अच्छे कर्म किए, तो वह उन्हें उनका बदला पूरा-पूरा देगा तथा अल्लाह अत्याचारियों से प्रेम नहीं करता।
३:५८
ذَٰلِكَयेdhālikaنَتْلُوهُहम तिलावत कर रहे हैं उसेnatlūhuعَلَيْكَआप परʿalaykaمِنَofminaٱلْـَٔايَـٰتِआयात में सेl-āyātiوَٱلذِّكْرِऔर ज़िक्रwal-dhik'riٱلْحَكِيمِबहुत हिकमत वाले सेl-ḥakīmi٥٨
(ऐ नबी!) यह है जिसे हम आयतों (निशानियों) और हिकमत से परिपूर्ण (दृढ़) उपदेश में से आपको पढ़कर सुनाते हैं।
३:५९
إِنَّबेशकinnaمَثَلَमिसालmathalaعِيسَىٰईसा कीʿīsāعِندَnearʿindaٱللَّهِअल्लाह के नज़दीकl-lahiكَمَثَلِमानिन्द मिसालkamathaliءَادَمَ ۖआदम के हैādamaخَلَقَهُۥउसने पैदा किया उसेkhalaqahuمِنfromminتُرَابٍۢमिट्टी सेturābinثُمَّफिरthummaقَالَफ़रमायाqālaلَهُۥउसेlahuكُنहो जाkunفَيَكُونُतो वो हो गयाfayakūnu٥٩
निःसंदेह ईसा का उदाहरण अल्लाह के निकट आदम के उदाहरण की तरह1 है कि उसे थोड़ी-सी मिट्टी से बनाया, फिर उसे कहा : "हो जा", तो वह हो जाता है।
३:६०
ٱلْحَقُّहक़al-ḥaquمِن(is) fromminرَّبِّكَआपके रब की तरफ़ से हैrabbikaفَلَاतो नाfalāتَكُنआप होंtakunمِّنَamongminaٱلْمُمْتَرِينَशक करने वालों में सेl-mum'tarīna٦٠
यह सत्य1 आपके पालनहार की ओर से है। अतः आप संदेह करने वालों में से न हों।
३:६१
فَمَنْतो जो कोईfamanحَآجَّكَझगड़ा करे आपसेḥājjakaفِيهِउसमेंfīhiمِنۢfromminبَعْدِबाद उसकेbaʿdiمَاजोجَآءَكَआ गया आपके पासjāakaمِنَofminaٱلْعِلْمِइल्म में सेl-ʿil'miفَقُلْतो कह दीजिएfaqulتَعَالَوْا۟आओtaʿālawنَدْعُहम बुलाते हैंnadʿuأَبْنَآءَنَاअपने बेटों कोabnāanāوَأَبْنَآءَكُمْऔर तुम्हारे बेटों कोwa-abnāakumوَنِسَآءَنَاऔर अपनी औरतों कोwanisāanāوَنِسَآءَكُمْऔर तुम्हारी औरतों कोwanisāakumوَأَنفُسَنَاऔर हम ख़ुदwa-anfusanāوَأَنفُسَكُمْऔर तुम ख़ुदwa-anfusakumثُمَّफिरthummaنَبْتَهِلْहम गिड़-गिड़ा कर दुआ करेंnabtahilفَنَجْعَلफिर हम करेंfanajʿalلَّعْنَتَलानतlaʿnataٱللَّهِअल्लाह कीl-lahiعَلَىonʿalāٱلْكَـٰذِبِينَझूठों परl-kādhibīna٦١
फिर जो व्यक्ति आपसे उसके बारे में झगड़ा करे, इसके बाद कि आपके पास ज्ञान आ चुका, तो कह दें : आओ! हम अपने पुत्रों तथा तुम्हारे पुत्रों और अपनी स्त्रियों तथा तुम्हारी स्त्रियों को बुला लें और अपने आपको और तुम्हें भी, फिर गिड़गिड़ाकर प्रार्थना करें और झूठों पर अल्लाह की ला'नत1 भेजें।
३:६२
إِنَّबेशकinnaهَـٰذَاयेhādhāلَهُوَअलबत्ता वोlahuwaٱلْقَصَصُक़िस्से हैंl-qaṣaṣuٱلْحَقُّ ۚजो सच्चे हैंl-ḥaquوَمَاऔर नहींwamāمِنْ(of)minإِلَـٰهٍकोई इलाह (बरहक़)ilāhinإِلَّاसिवायillāٱللَّهُ ۚअल्लाह केl-lahuوَإِنَّऔर बेशकwa-innaٱللَّهَअल्लाहl-lahaلَهُوَअलबत्ता वोlahuwaٱلْعَزِيزُबहुत ज़बरदस्त हैl-ʿazīzuٱلْحَكِيمُख़ूब हिकमत वाला हैl-ḥakīmu٦٢
निःसंदेह यही निश्चय सत्य वर्णन है तथा अल्लाह के सिवा कोई भी पूज्य नहीं। और निःसंदेह अल्लाह, निश्चय वही सब पर प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
३:६३
فَإِنफिर अगरfa-inتَوَلَّوْا۟वो मुँह फेर जाऐंtawallawفَإِنَّतो बेशकfa-innaٱللَّهَअल्लाहl-lahaعَلِيمٌۢख़ूब जानने वाला हैʿalīmunبِٱلْمُفْسِدِينَफ़साद करने वालों कोbil-muf'sidīna٦٣
फिर यदि वे मुँह फेरें1, तो निःसंदेह अल्लाह फ़साद करने वालों को भली-भाँति जानने वाला है।
३:६४
قُلْकह दीजिएqulيَـٰٓأَهْلَO Peopleyāahlaٱلْكِتَـٰبِऐ अहले किताबl-kitābiتَعَالَوْا۟आओtaʿālawإِلَىٰtoilāكَلِمَةٍۢतरफ़ एक कलमा केkalimatinسَوَآءٍۭजो बराबर हैsawāinبَيْنَنَاहमारे दर्मियानbaynanāوَبَيْنَكُمْऔर तुम्हारे दर्मियानwabaynakumأَلَّاकि नाallāنَعْبُدَहम इबादत करेंnaʿbudaإِلَّاमगरillāٱللَّهَअल्लाह कीl-lahaوَلَاऔर नाwalāنُشْرِكَहम शरीक करेंnush'rikaبِهِۦसाथ उसकेbihiشَيْـًۭٔاकिसी चीज़ कोshayanوَلَاऔर नाwalāيَتَّخِذَबनाएyattakhidhaبَعْضُنَاबाज़ तुम्हाराbaʿḍunāبَعْضًاबाज़ कोbaʿḍanأَرْبَابًۭاरब (मुख़्तलिफ़)arbābanمِّنfromminدُونِसिवायdūniٱللَّهِ ۚअल्लाह केl-lahiفَإِنफिर अगरfa-inتَوَلَّوْا۟वो मुँह फेर जाऐंtawallawفَقُولُوا۟तो कह दोfaqūlūٱشْهَدُوا۟गवाह रहोish'hadūبِأَنَّاकि बेशक हम तोbi-annāمُسْلِمُونَफ़रमाबरदार हैंmus'limūna٦٤
(ऐ नबी!) कह दीजिए : ऐ किताब वालो! आओ एक ऐसी बात की ओर जो हमारे बीच और तुम्हारे बीच समान (बराबर) है; यह कि हम अल्लाह के सिवा किसी की इबादत न करें और उसके साथ किसी चीज़ को साझी न बनाएँ तथा हममें से कोई किसी को अल्लाह के सिवा रब न बनाए। फिर यदि वे मुँह फेर लें, तो कह दो कि तुम गवाह रहो कि हम (अल्लाह के) आज्ञाकारी1 हैं।
३:६५
يَـٰٓأَهْلَO Peopleyāahlaٱلْكِتَـٰبِऐ अहले किताबl-kitābiلِمَक्योंlimaتُحَآجُّونَतुम झगड़ा करते होtuḥājjūnaفِىٓconcerningإِبْرَٰهِيمَइब्राहीम के बारे मेंib'rāhīmaوَمَآहालाँकि नहींwamāأُنزِلَتِउतारी गईunzilatiٱلتَّوْرَىٰةُतौरातl-tawrātuوَٱلْإِنجِيلُऔर इन्जीलwal-injīluإِلَّاमगरillāمِنۢfromminبَعْدِهِۦٓ ۚबाद उसकेbaʿdihiأَفَلَاक्या भला नहींafalāتَعْقِلُونَतुम अक़्ल रखतेtaʿqilūna٦٥
ऐ किताब वालो! तुम इबराहीम के (धर्म के) बारे में क्यों झगड़ते1 हो? जबकि तौरात और इंजील तो उसके पश्चात ही उतारे गए हैं, तो क्या तुम समझते नहीं?
३:६६
هَـٰٓأَنتُمْहाँ तुमhāantumهَـٰٓؤُلَآءِवो लोग होhāulāiحَـٰجَجْتُمْझगड़ा किया तुमनेḥājajtumفِيمَاउस मामले में जो हैfīmāلَكُمतुम्हारे लिएlakumبِهِۦजिसकाbihiعِلْمٌۭकुछ इल्मʿil'munفَلِمَतो क्योंfalimaتُحَآجُّونَतुम झगड़ते होtuḥājjūnaفِيمَاउस मामले में जोfīmāلَيْسَनहीं हैlaysaلَكُمतुम्हारे लिएlakumبِهِۦजिसकाbihiعِلْمٌۭ ۚकोई इल्मʿil'munوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuيَعْلَمُजानता हैyaʿlamuوَأَنتُمْऔर तुमwa-antumلَا(do) notتَعْلَمُونَनहीं तुम जानतेtaʿlamūna٦٦
देखो, तुम वे लोग हो कि तुमने उस विषय में वाद-विवाद किया, जिसके बारे में तुम्हें कुछ ज्ञान1 था, तो उस विषय में क्यों वाद-विवाद करते हो, जिसका तुम्हें कुछ ज्ञान2 नहीं? तथा अल्लाह जानता है और तुम नहीं जानते।
३:६७
مَاनाكَانَथाkānaإِبْرَٰهِيمُइब्राहीमib'rāhīmuيَهُودِيًّۭاयहूदीyahūdiyyanوَلَاऔर नाwalāنَصْرَانِيًّۭاनस्रानीnaṣrāniyyanوَلَـٰكِنऔर लेकिनwalākinكَانَथा वोkānaحَنِيفًۭاयकसूḥanīfanمُّسْلِمًۭاमुसलमानmus'limanوَمَاऔर नाwamāكَانَथा वोkānaمِنَfromminaٱلْمُشْرِكِينَमुशरिकों में सेl-mush'rikīna٦٧
इबराहीम न यहूदी थे और न ईसाई, बल्कि वह एकाग्रचित आज्ञाकारी थे। तथा वह बहुदेववादियों में से न थे।
३:६८
إِنَّबेशकinnaأَوْلَىक़रीबतरawlāٱلنَّاسِलोगों में सेl-nāsiبِإِبْرَٰهِيمَइब्राहीम केbi-ib'rāhīmaلَلَّذِينَअलबत्ता वो हैं जिन्होंनेlalladhīnaٱتَّبَعُوهُपैरवी की उसकीittabaʿūhuوَهَـٰذَاऔर येwahādhāٱلنَّبِىُّनबीl-nabiyuوَٱلَّذِينَऔर वो जोwa-alladhīnaءَامَنُوا۟ ۗईमान लाएāmanūوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuوَلِىُّदोस्त हैwaliyyuٱلْمُؤْمِنِينَमोमिनों काl-mu'minīna٦٨
निःसंदेह लोगों में इबराहीम से सबसे अधिक निकट निश्चय वही लोग हैं, जिन्होंने उनका अनुसरण किया तथा यह नबी1 और वे लोग जो ईमान लाए। और अल्लाह ही ईमान वालों का दोस्त (संरक्षक) है।
३:६९
وَدَّتचाहाwaddatطَّآئِفَةٌۭएक गिरोह नेṭāifatunمِّنْfromminأَهْلِ(the) Peopleahliٱلْكِتَـٰبِअहले किताब में सेl-kitābiلَوْकाशlawيُضِلُّونَكُمْवो गुमराह कर दें तुम्हेंyuḍillūnakumوَمَاऔर नहींwamāيُضِلُّونَवो गुमराह करतेyuḍillūnaإِلَّآमगरillāأَنفُسَهُمْअपने नफ़्सों कोanfusahumوَمَاऔर नहींwamāيَشْعُرُونَवो शऊर रखतेyashʿurūna٦٩
अह्ले किताब के एक समूह ने चाहा काश! वे तुम्हें पथभ्रष्ट कर दें। हालाँकि वे अपने सिवा किसी को पथभ्रष्ट नहीं कर रहे हैं। और उन्हें इसका एहसास नहीं।
३:७०
يَـٰٓأَهْلَO Peopleyāahlaٱلْكِتَـٰبِऐ अहले किताबl-kitābiلِمَक्योंlimaتَكْفُرُونَतुम कुफ़्र करते होtakfurūnaبِـَٔايَـٰتِ[in] the Signsbiāyātiٱللَّهِअल्लाह की आयात काl-lahiوَأَنتُمْहालाँकि तुमwa-antumتَشْهَدُونَतुम गवाह होtashhadūna٧٠
ऐ अह्ले किताब! तुम क्यों अल्लाह की आयतों1 का इनकार करते हो, जबकि तुम खुद गवाही देते2 हो?
३:७१
يَـٰٓأَهْلَO Peopleyāahlaٱلْكِتَـٰبِऐ अहले किताबl-kitābiلِمَक्योंlimaتَلْبِسُونَतुम गुड-मुड करते होtalbisūnaٱلْحَقَّहक़ कोl-ḥaqaبِٱلْبَـٰطِلِबातिल सेbil-bāṭiliوَتَكْتُمُونَऔर तुम छुपाते होwataktumūnaٱلْحَقَّहक़ कोl-ḥaqaوَأَنتُمْहालाँकि तुमwa-antumتَعْلَمُونَतुम जानते होtaʿlamūna٧١
ऐ किताब वालो! तुम क्यों सत्य को असत्य के साथ गड्डमड्ड करते हो और सत्य को छिपाते हो, हालाँकि तुम जानते हो?
३:७२
وَقَالَتऔर कहाwaqālatطَّآئِفَةٌۭएक गिरोह नेṭāifatunمِّنْofminأَهْلِ(the) Peopleahliٱلْكِتَـٰبِअहले किताब में सेl-kitābiءَامِنُوا۟ईमान ले आओāminūبِٱلَّذِىٓउस चीज़ पर जोbi-alladhīأُنزِلَनाज़िल की गईunzilaعَلَىonʿalāٱلَّذِينَउन पर जोalladhīnaءَامَنُوا۟ईमान लाएāmanūوَجْهَअव्वल (वक़्त)wajhaٱلنَّهَارِदिन केl-nahāriوَٱكْفُرُوٓا۟और इन्कार कर दोwa-uk'furūءَاخِرَهُۥउसके आख़िर मेंākhirahuلَعَلَّهُمْताकि वोlaʿallahumيَرْجِعُونَवो लौट आऐंyarjiʿūna٧٢
और किताब वालों में से एक समूह ने कहा तुम दिन के आरंभ में उसपर ईमान ले आओ, जो उन लोगों पर उतारा गया है जो ईमान लाए हैं और उसके अंत में इनकार कर दो, ताकि वे (भी) वापस लौट आएँ।1
३:७३
وَلَاऔर नाwalāتُؤْمِنُوٓا۟तुम मानोtu'minūإِلَّاमगरillāلِمَنउसकी जोlimanتَبِعَपैरवी करेtabiʿaدِينَكُمْतुम्हारे दीन कीdīnakumقُلْकह दीजिएqulإِنَّबेशकinnaٱلْهُدَىٰहिदायतl-hudāهُدَىहिदायत हैhudāٱللَّهِअल्लाह कीl-lahiأَنकिanيُؤْتَىٰٓदिया जाएyu'tāأَحَدٌۭकोई एकaḥadunمِّثْلَमानिन्दmith'laمَآउसके जोأُوتِيتُمْदिए गए तुमūtītumأَوْया (ये कि)awيُحَآجُّوكُمْवो झगड़ा करेंगे तुमसेyuḥājjūkumعِندَपासʿindaرَبِّكُمْ ۗतुम्हारे रब केrabbikumقُلْकह दीजिएqulإِنَّबेशकinnaٱلْفَضْلَफ़ज़लl-faḍlaبِيَدِहाथ में हैbiyadiٱللَّهِअल्लाह केl-lahiيُؤْتِيهِवो देता है उसेyu'tīhiمَنजिसेmanيَشَآءُ ۗवो चाहता हैyashāuوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuوَٰسِعٌवुसअत वाला हैwāsiʿunعَلِيمٌۭख़ूब इल्म वाला हैʿalīmun٧٣
और केवल उसी की मानो, जो तुम्हारे (धर्म) का अनुसरण करे। (ऐ नबी!) कह दो कि वास्तविक मार्गदर्शन तो अल्लाह का मार्गदर्शन है। (यह मत मानो) कि जो कुछ तुम्हें दिया गया है, वैसा किसी और को भी दिया जाएगा, अथवा वे तुमसे तुम्हारे पालनहार के पास झगड़ा करेंगे। कह दो निःसंदेह सब अनुग्रह अल्लाह के हाथ में है, वह उसे जिसको चाहता है, देता है और अल्लाह विस्तार वाला, सब कुछ जानने वाला है।
३:७४
يَخْتَصُّवो ख़ास कर लेता हैyakhtaṣṣuبِرَحْمَتِهِۦसाथ अपनी रहमत केbiraḥmatihiمَنजिसेmanيَشَآءُ ۗवो चाहता हैyashāuوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuذُو(is) the Possessordhūٱلْفَضْلِफ़ज़ल वाला हैl-faḍliٱلْعَظِيمِबहुत बड़ेl-ʿaẓīmi٧٤
वह जिसे चाहता है अपनी रहमत (दया) के लिए विशिष्ट कर लेता है तथा अल्लाह बहुत बड़े अनुग्रह वाला है।
३:७५
۞ وَمِنْAnd fromwaminأَهْلِ(the) Peopleahliٱلْكِتَـٰبِऔर अहले किताब में से कोई हैl-kitābiمَنْजोmanإِنअगरinتَأْمَنْهُआप अमानत दें उसेtamanhuبِقِنطَارٍۢएक ख़ज़ानाbiqinṭārinيُؤَدِّهِۦٓवो अदा कर देगा उसेyu-addihiإِلَيْكَतरफ़ आप केilaykaوَمِنْهُمऔर कोई वो हैwamin'humمَّنْजोmanإِنअगरinتَأْمَنْهُआप अमानत दें उसेtamanhuبِدِينَارٍۢएक दीनारbidīnārinلَّاnotيُؤَدِّهِۦٓनहीं वो अदा करेगा उसेyu-addihiإِلَيْكَतरफ़ आपकेilaykaإِلَّاमगरillāمَاthatدُمْتَजब तक आप रहेंdum'taعَلَيْهِउस परʿalayhiقَآئِمًۭا ۗक़ायम/खड़ेqāimanذَٰلِكَयेdhālikaبِأَنَّهُمْबवजह उसके कि वोbi-annahumقَالُوا۟वो कहते हैंqālūلَيْسَनहीं हैlaysaعَلَيْنَاहम परʿalaynāفِىconcerningٱلْأُمِّيِّـۧنَउम्मियों के बारे मेंl-umiyīnaسَبِيلٌۭकोई रास्ता (मुआख़ज़ा)sabīlunوَيَقُولُونَऔर वो कहते हैंwayaqūlūnaعَلَىaboutʿalāٱللَّهِअल्लाह परl-lahiٱلْكَذِبَझूठl-kadhibaوَهُمْहालाँकि वोwahumيَعْلَمُونَवो जानते हैंyaʿlamūna٧٥
तथा किताब वालों में से कोई तो ऐसा है कि यदि तुम उसके पास ढेर सारा धन अमानत रख दो, तो वह तुम्हें उसे लौटा देगा तथा उनमें से कोई ऐसा है कि यदि तुम उसके पास एक दीनार1 अमानत रखो, वह उसे तुम्हें अदा नहीं करेगा जब तक तुम उसके सिर पर खड़े न रहो। यह इसलिए कि उन्होंने कहा कि हमपर उन उम्मियों (अनपढ़ों) के बारे में (पकड़ का) कोई रास्ता2 नहीं तथा वे अल्लाह पर झूठ बोलते हैं, हालाँकि वे जानते हैं।
३:७६
بَلَىٰक्यों नहींbalāمَنْजिसनेmanأَوْفَىٰपूरा कियाawfāبِعَهْدِهِۦअपने अहद कोbiʿahdihiوَٱتَّقَىٰऔर तक़वा कियाwa-ittaqāفَإِنَّतो बेशकfa-innaٱللَّهَअल्लाहl-lahaيُحِبُّमोहब्बत रखता हैyuḥibbuٱلْمُتَّقِينَमुत्तक़ी लोगों सेl-mutaqīna٧٦
क्यों नहीं! जो व्यक्ति अपना वचन पूरा करे और (अल्लाह से) डरे, तो निश्चय अल्लाह डरने वालों से प्रेम करता है।
३:७७
إِنَّबेशकinnaٱلَّذِينَवो लोग जोalladhīnaيَشْتَرُونَलेते हैंyashtarūnaبِعَهْدِ(the) Covenantbiʿahdiٱللَّهِबदले अल्लाह के अहद केl-lahiوَأَيْمَـٰنِهِمْऔर अपनी क़समों केwa-aymānihimثَمَنًۭاक़ीमतthamananقَلِيلًاथोड़ीqalīlanأُو۟لَـٰٓئِكَयही लोग हैंulāikaلَاnoخَلَـٰقَनहीं कोई हिस्साkhalāqaلَهُمْउनके लिएlahumفِىinٱلْـَٔاخِرَةِआख़िरत मेंl-ākhiratiوَلَاऔर नाwalāيُكَلِّمُهُمُकलाम करेगा उनसेyukallimuhumuٱللَّهُअल्लाहl-lahuوَلَاऔर नाwalāيَنظُرُवो देखेगाyanẓuruإِلَيْهِمْतरफ़ उनकेilayhimيَوْمَदिनyawmaٱلْقِيَـٰمَةِक़यामत केl-qiyāmatiوَلَاऔर नाwalāيُزَكِّيهِمْवो पाक करेगा उन्हेंyuzakkīhimوَلَهُمْऔर उनके लिएwalahumعَذَابٌअज़ाब हैʿadhābunأَلِيمٌۭदर्दनाकalīmun٧٧
निःसंदेह जो लोग अल्लाह के वचन1 तथा अपनी क़समों के बदले तनिक मूल्य प्राप्त करते हैं, उनका आख़िरत (परलोक) में कोई हिस्सा नहीं। अल्लाह क़ियामत के दिन न उनसे बात करेगा और न उनकी ओर देखेगा और न उन्हें पवित्र करेगा। तथा उनके लिए दर्दनाक यातना है।
३:७८
وَإِنَّऔर बेशकwa-innaمِنْهُمْउनमें सेmin'humلَفَرِيقًۭاअलबत्ता एक गिरोह (के लोग) हैंlafarīqanيَلْوُۥنَजो मोड़ते हैंyalwūnaأَلْسِنَتَهُمअपनी ज़बानों कोalsinatahumبِٱلْكِتَـٰبِसाथ किताब केbil-kitābiلِتَحْسَبُوهُताकि तुम समझो उसेlitaḥsabūhuمِنَ(is) fromminaٱلْكِتَـٰبِकिताब में सेl-kitābiوَمَاहालाँकि नहींwamāهُوَवोhuwaمِنَ(is) fromminaٱلْكِتَـٰبِकिताब में सेl-kitābiوَيَقُولُونَऔर वो कहते हैंwayaqūlūnaهُوَवोhuwaمِنْ(is)minعِندِfromʿindiٱللَّهِअल्लाह के पास से हैl-lahiوَمَاहालाँकि नहींwamāهُوَवोhuwaمِنْ(is)minعِندِfromʿindiٱللَّهِअल्लाह के पास सेl-lahiوَيَقُولُونَऔर वो कहते हैंwayaqūlūnaعَلَىaboutʿalāٱللَّهِअल्लाह परl-lahiٱلْكَذِبَझूठl-kadhibaوَهُمْहालाँकि वोwahumيَعْلَمُونَवो जानते हैंyaʿlamūna٧٨
और निःसंदेह उनमें से निश्चय कुछ लोग1 ऐसे हैं, जो किताब (पढ़ने) के साथ अपनी ज़बानें मरोड़ते हैं, ताकि तुम उसे पुस्तक में से समझो, हालाँकि वह पुस्तक में से नहीं और कहते हैं, यह अल्लाह की ओर से है। हालाँकि वह अल्लाह की ओर से नहीं और अल्लाह पर झूठ कहते हैं, हालाँकि वे जानते हैं।
३:७९
مَاनहींكَانَहैkānaلِبَشَرٍकिसी बशर के लिएlibasharinأَنकिanيُؤْتِيَهُदे उसेyu'tiyahuٱللَّهُअल्लाहl-lahuٱلْكِتَـٰبَकिताबl-kitābaوَٱلْحُكْمَऔर हिकमतwal-ḥuk'maوَٱلنُّبُوَّةَऔर नबुव्वतwal-nubuwataثُمَّफिरthummaيَقُولَवो कहेyaqūlaلِلنَّاسِलोगों सेlilnnāsiكُونُوا۟हो जाओkūnūعِبَادًۭاबन्देʿibādanلِّىमेरेمِنfromminدُونِसिवायdūniٱللَّهِअल्लाह केl-lahiوَلَـٰكِنऔर लेकिनwalākinكُونُوا۟हो जाओkūnūرَبَّـٰنِيِّـۧنَरब वालेrabbāniyyīnaبِمَاबवजह उसके जोbimāكُنتُمْहो तुमkuntumتُعَلِّمُونَतुम तालीम देतेtuʿallimūnaٱلْكِتَـٰبَकिताब कीl-kitābaوَبِمَاऔर बवजह उसके जोwabimāكُنتُمْहो तुमkuntumتَدْرُسُونَतुम पढ़तेtadrusūna٧٩
किसी मनुष्य का यह अधिकार नहीं कि अल्लाह उसे पुस्तक, निर्णय शक्ति और नुबुव्वत (पैग़ंबरी) प्रदान करे, फिर वह लोगों से कहे कि अल्लाह को छोड़कर मेरे बंदे बन जाओ1, बल्कि (वह तो यही कहेगा कि) तुम रब वाले बनो, इसलिए कि तुम पुस्तक की शिक्षा दिया करते थे और इसलिए कि तुम पढ़ा करते थे।
३:८०
وَلَاऔर नहींwalāيَأْمُرَكُمْवो हुक्म देता तुम्हेंyamurakumأَنकिanتَتَّخِذُوا۟तुम बना लोtattakhidhūٱلْمَلَـٰٓئِكَةَफ़रिश्तों कोl-malāikataوَٱلنَّبِيِّـۧنَऔर नबियों कोwal-nabiyīnaأَرْبَابًا ۗरब (मुख़्तलिफ़)arbābanأَيَأْمُرُكُمक्या वो हुक्म देगा तुम्हेंayamurukumبِٱلْكُفْرِकुफ़्र काbil-kuf'riبَعْدَबाद उसकेbaʿdaإِذْजबidhأَنتُمतुमantumمُّسْلِمُونَमुसलमान होmus'limūna٨٠
तथा न यह (अधिकार है) कि तुम्हें आदेश दे कि फ़रिश्तों और नबियों को रब (पूज्य)1 बना लो। क्या वह तुम्हें कुफ़्र का आदेश देगा, इसके बाद कि तुम मुसलमान (अल्लाह के आज्ञाकारी) हो?
३:८१
وَإِذْऔर जबwa-idhأَخَذَलियाakhadhaٱللَّهُअल्लाह नेl-lahuمِيثَـٰقَपुख़्ता अहदmīthāqaٱلنَّبِيِّـۧنَनबियों सेl-nabiyīnaلَمَآअलबत्ता जोlamāءَاتَيْتُكُمदूँ मैं तुम्हेंātaytukumمِّنofminكِتَـٰبٍۢकिताब में सेkitābinوَحِكْمَةٍۢऔर हिकमत में सेwaḥik'matinثُمَّफिरthummaجَآءَكُمْआ जाए तुम्हारे पासjāakumرَسُولٌۭएक रसूलrasūlunمُّصَدِّقٌۭतसदीक़ करने वालाmuṣaddiqunلِّمَاउसकी जोlimāمَعَكُمْतुम्हारे पास हैmaʿakumلَتُؤْمِنُنَّअल्बत्ता तुम ज़रूर ईमान लाओगेlatu'minunnaبِهِۦउस परbihiوَلَتَنصُرُنَّهُۥ ۚऔर अलबत्ता तुम ज़रूर मदद करोगे उसकीwalatanṣurunnahuقَالَफ़रमायाqālaءَأَقْرَرْتُمْक्या तुम इक़रार किया तुमनेa-aqrartumوَأَخَذْتُمْऔर लिया तुमनेwa-akhadhtumعَلَىٰonʿalāذَٰلِكُمْउस परdhālikumإِصْرِى ۖअहद मेराiṣ'rīقَالُوٓا۟उन्होंने कहाqālūأَقْرَرْنَا ۚइक़रार किया हमनेaqrarnāقَالَफ़रमायाqālaفَٱشْهَدُوا۟पस गवाह रहोfa-ish'hadūوَأَنَا۠और मैं हूँwa-anāمَعَكُمसाथ तुम्हारेmaʿakumمِّنَamongminaٱلشَّـٰهِدِينَगवाहों में सेl-shāhidīna٨١
तथा (याद करो) जब अल्लाह ने सब नबियों से दृढ़ वचन लिया कि मैं किताब और हिकमत में से जो कुछ तुम्हें दूँ, फिर तुम्हारे पास कोई रसूल आए जो उसकी पुष्टि करने वाला हो जो तुम्हारे पास है, तो तुम उसपर अवश्य ईमान लाओगे और अवश्य उसका समर्थन करोगे। (अल्लाह ने) कहा : क्या तुमने स्वीकार किया और उसपर मेरी प्रतिज्ञा क़बूल की? उन्होंने कहा : हमने स्वीकार कर लिया। (अल्लाह ने) कहा : तो तुम गवाह रहो और मैं भी तुम्हारे साथ गवाहों में से हूँ।1
३:८२
فَمَنतो जो कोईfamanتَوَلَّىٰमुँह मोड़ जाएtawallāبَعْدَबादbaʿdaذَٰلِكَउसकेdhālikaفَأُو۟لَـٰٓئِكَतो यही लोग हैंfa-ulāikaهُمُवोhumuٱلْفَـٰسِقُونَजो फ़ासिक़ हैंl-fāsiqūna٨٢
फिर जो इसके बाद1 फिर जाए, तो यही लोग अवज्ञाकारी हैं।
३:८३
أَفَغَيْرَक्या भला अलावाafaghayraدِينِ(the) religiondīniٱللَّهِअल्लाह के दीन केl-lahiيَبْغُونَवो (कुछ और) तलाश करते हैंyabghūnaوَلَهُۥٓहालाँकि उसी के लिएwalahuأَسْلَمَफ़रमाबरदार हुआaslamaمَنजो कोईmanفِى(is) inٱلسَّمَـٰوَٰتِआसमानों मेंl-samāwātiوَٱلْأَرْضِऔर ज़मीन में हैwal-arḍiطَوْعًۭاख़ुशी सेṭawʿanوَكَرْهًۭاऔर नाख़ुशी सेwakarhanوَإِلَيْهِऔर तरफ़ उसी केwa-ilayhiيُرْجَعُونَवो लौटाए जाऐंगेyur'jaʿūna٨٣
तो क्या वे अल्लाह के धर्म (इस्लाम) के अलावा कुछ और तलाश करते हैं? जबकि आकाशों और धरती में जो भी है स्वेच्छा से और अनिच्छा से उसी का आज्ञाकारी1 है तथा वे उसी की ओर लौटाए2 जाएँगे।
३:८४
قُلْकह दीजिएqulءَامَنَّاईमान लाए हमāmannāبِٱللَّهِअल्लाह परbil-lahiوَمَآऔर जोwamāأُنزِلَनाज़िल किया गयाunzilaعَلَيْنَاहम परʿalaynāوَمَآऔर जोwamāأُنزِلَनाज़िल किया गयाunzilaعَلَىٰٓonʿalāإِبْرَٰهِيمَइब्राहीम परib'rāhīmaوَإِسْمَـٰعِيلَऔर इस्माईलwa-is'māʿīlaوَإِسْحَـٰقَऔर इसहाक़wa-is'ḥāqaوَيَعْقُوبَऔर याक़ूबwayaʿqūbaوَٱلْأَسْبَاطِऔर औलादे याक़ूब परwal-asbāṭiوَمَآऔर जोwamāأُوتِىَदिए गएūtiyaمُوسَىٰमूसाmūsāوَعِيسَىٰऔर ईसाwaʿīsāوَٱلنَّبِيُّونَऔर तमाम अम्बियाwal-nabiyūnaمِنfromminرَّبِّهِمْअपने रब की तरफ़ सेrabbihimلَاNotنُفَرِّقُनहीं हम फ़र्क़ करतेnufarriquبَيْنَदर्मियानbaynaأَحَدٍۢकिसी एक केaḥadinمِّنْهُمْउनमें सेmin'humوَنَحْنُऔर हमwanaḥnuلَهُۥउसी केlahuمُسْلِمُونَफ़रमाबरदार हैंmus'limūna٨٤
(ऐ रसूल!) कह दो : हम अल्लाह पर ईमान लाए और उसपर जो हमपर उतारा गया, और जो इबराहीम, इसमाईल, इसह़ाक़, याक़ूब तथा उनकी संतान पर उतारा गया, और जो मूसा तथा ईसा और दूसरे नबियों को उनके पालनहार की ओर से दिया गया, हम इनमें से किसी एक के बीच अंतर नहीं करते1 और हम उसी (अल्लाह) के आज्ञाकारी हैं।
३:८५
وَمَنऔर जो कोईwamanيَبْتَغِचाहेगाyabtaghiغَيْرَसिवायghayraٱلْإِسْلَـٰمِइस्लाम केl-is'lāmiدِينًۭاकोई दीनdīnanفَلَنतो हरगिज़ नहींfalanيُقْبَلَवो क़ुबूल किया जाएगाyuq'balaمِنْهُउससेmin'huوَهُوَऔर वोwahuwaفِىinٱلْـَٔاخِرَةِआख़िरत मेंl-ākhiratiمِنَ(will be) fromminaٱلْخَـٰسِرِينَख़सारा पाने वालों में से होगाl-khāsirīna٨٥
और जो इस्लाम के अलावा कोई और धर्म तलाश करे, तो वह उससे हरगिज़ स्वीकार नहीं किया जाएगा और वह आख़िरत में घाटा उठाने वालों में से होगा।
३:८६
كَيْفَकिस तरहkayfaيَهْدِىहिदायत देगाyahdīٱللَّهُअल्लाहl-lahuقَوْمًۭاउस क़ौम कोqawmanكَفَرُوا۟जिन्होंने कुफ़्र कियाkafarūبَعْدَबादbaʿdaإِيمَـٰنِهِمْअपने ईमान लाने केīmānihimوَشَهِدُوٓا۟और उन्होंने गवाही दीwashahidūأَنَّकि बेशकannaٱلرَّسُولَरसूलl-rasūlaحَقٌّۭबरहक़ हैंḥaqqunوَجَآءَهُمُऔर आईं उनके पासwajāahumuٱلْبَيِّنَـٰتُ ۚवाज़ेह निशानियाँl-bayinātuوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuلَا(does) notيَهْدِىनहीं वो हिदायत देताyahdīٱلْقَوْمَउन लोगों कोl-qawmaٱلظَّـٰلِمِينَजो ज़ालिम हैंl-ẓālimīna٨٦
अल्लाह उन लोगों को कैसे हिदायत देगा, जिन्होंने अपने ईमान के बाद कुफ़्र किया और (इसके बाद कि) उन्होंने गवाही दी कि निश्चय यह रसूल सच्चा है तथा उनके पास स्पष्ट प्रमाण आ चुके?! और अल्लाह अत्याचारियों को हिदायत नहीं देता।
३:८७
أُو۟لَـٰٓئِكَयही लोग हैंulāikaجَزَآؤُهُمْबदला उनकाjazāuhumأَنَّकि बेशकannaعَلَيْهِمْउन परʿalayhimلَعْنَةَलानत हैlaʿnataٱللَّهِअल्लाह कीl-lahiوَٱلْمَلَـٰٓئِكَةِऔर फ़रिश्तों कीwal-malāikatiوَٱلنَّاسِऔर लोगों कीwal-nāsiأَجْمَعِينَसब के सब कीajmaʿīna٨٧
ऐसे लोगों का बदला यह है कि उनपर अल्लाह की, फ़रिश्तों की और समस्त लोगों की ला'नत (धिक्कार) है।
३:८८
خَـٰلِدِينَहमेशा रहने वाले हैंkhālidīnaفِيهَاउसमेंfīhāلَاNotيُخَفَّفُना हलका किया जाएगाyukhaffafuعَنْهُمُउनसेʿanhumuٱلْعَذَابُअज़ाबl-ʿadhābuوَلَاऔर नाwalāهُمْवोhumيُنظَرُونَवो मोहलत दिए जाऐंगेyunẓarūna٨٨
हमेशा उसमें रहने वाले हैं, न उनका अज़ाब हल्का किया जाएगा और न उन्हें मोहलत दी जाएगी।
३:८९
إِلَّاमगरillāٱلَّذِينَवो जिन्होंनेalladhīnaتَابُوا۟तौबा कीtābūمِنۢfromminبَعْدِafterbaʿdiذَٰلِكَबाद उसकेdhālikaوَأَصْلَحُوا۟और इस्लाह कीwa-aṣlaḥūفَإِنَّतो बेशकfa-innaٱللَّهَअल्लाहl-lahaغَفُورٌۭबहुत बख़्शने वाला हैghafūrunرَّحِيمٌनिहायत रहम करने वाला हैraḥīmun٨٩
परंतु जिन लोगों ने इसके बाद तौबा कर ली तथा सुधार कर लिया, तो निश्चय अल्लाह अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।
३:९०
إِنَّबेशकinnaٱلَّذِينَवो जिन्होंनेalladhīnaكَفَرُوا۟कुफ़्र कियाkafarūبَعْدَबादbaʿdaإِيمَـٰنِهِمْअपने ईमान केīmānihimثُمَّफिरthummaٱزْدَادُوا۟वो बढ़ते गएiz'dādūكُفْرًۭاकुफ़्र मेंkuf'ranلَّنहरगिज़ नाlanتُقْبَلَक़ुबूल की जाएगीtuq'balaتَوْبَتُهُمْतौबा उनकीtawbatuhumوَأُو۟لَـٰٓئِكَऔर यही लोग हैंwa-ulāikaهُمُवोhumuٱلضَّآلُّونَजो गुमराह हैंl-ḍālūna٩٠
निःसंदेह जिन लोगों ने अपने ईमान के बाद कुफ़्र किया, फिर कुफ़्र में बढ़ गए, उनकी तौबा कदापि1 स्वीकार न की जाएगी तथा वही लोग पथभ्रष्ट हैं।
३:९१
إِنَّबेशकinnaٱلَّذِينَवो जिन्होंनेalladhīnaكَفَرُوا۟कुफ़्र कियाkafarūوَمَاتُوا۟और मर गएwamātūوَهُمْइस हाल में कि वोwahumكُفَّارٌۭकाफ़िर थेkuffārunفَلَنतो हरगिज़ नाfalanيُقْبَلَक़ुबूल किया जाएगाyuq'balaمِنْfromminأَحَدِهِمउनमें से किसी एक सेaḥadihimمِّلْءُfullmil'uٱلْأَرْضِज़मीन भरl-arḍiذَهَبًۭاसोनाdhahabanوَلَوِऔर अगरचेwalawiٱفْتَدَىٰवो फ़िदया देif'tadāبِهِۦٓ ۗउसकाbihiأُو۟لَـٰٓئِكَयही लोग हैंulāikaلَهُمْउनके लिएlahumعَذَابٌअज़ाब हैʿadhābunأَلِيمٌۭदर्दनाकalīmunوَمَاऔर नहींwamāلَهُمउनके लिएlahumمِّنanyminنَّـٰصِرِينَमददगारों में से कोईnāṣirīna٩١
निःसंदेह जिन लोगों ने कुफ़्र किया और इस हाल में मर गए कि वे काफ़िर थे, तो उनके किसी एक से धरती के बराबर सोना भी हरगिज़ स्वीकार नहीं किया जाएगा, चाहे वह उसे फ़िदया (छुड़ौती) में दे दे। ये लोग हैं जिनके लिए दर्दनाक यातना है और उनके लिए कोई मदद करने वाले नहीं।
३:९२
لَنहरगिज़ नहींlanتَنَالُوا۟तुम पा सकतेtanālūٱلْبِرَّनेकी कोl-biraحَتَّىٰयहाँ तक किḥattāتُنفِقُوا۟तुम ख़र्च करोtunfiqūمِمَّاउसमें से जोmimmāتُحِبُّونَ ۚतुम पसंद करते होtuḥibbūnaوَمَاऔर जोwamāتُنفِقُوا۟तुम ख़र्च करोगेtunfiqūمِنofminشَىْءٍۢकोई चीज़shayinفَإِنَّतो बेशकfa-innaٱللَّهَअल्लाहl-lahaبِهِۦउसेbihiعَلِيمٌۭख़ूब जानने वाला हैʿalīmun٩٢
तुम नेकी1 को कदापि नहीं प्राप्त कर सकते, जब तक तुम उन चीज़ों में से (अल्लाह के मार्ग में) खर्च न करो, जो तुम्हें प्रिय हैं। तथा तुम जो चीज़ भी खर्च करोगे, निःसंदेह अल्लाह उसे भली-भांति जानता है।
३:९३
۞ كُلُّहरkulluٱلطَّعَامِखानाl-ṭaʿāmiكَانَथाkānaحِلًّۭاहलालḥillanلِّبَنِىٓfor (the) Childrenlibanīإِسْرَٰٓءِيلَबनी इस्राईल के लिएis'rāīlaإِلَّاमगरillāمَاजोحَرَّمَहराम कियाḥarramaإِسْرَٰٓءِيلُइस्राईल नेis'rāīluعَلَىٰuponʿalāنَفْسِهِۦअपने नफ़्स परnafsihiمِنfromminقَبْلِइससे पहलेqabliأَنकिanتُنَزَّلَनाज़िल की जातीtunazzalaٱلتَّوْرَىٰةُ ۗतौरातl-tawrātuقُلْकह दीजिएqulفَأْتُوا۟पस ले आओfatūبِٱلتَّوْرَىٰةِतौरात कोbil-tawrātiفَٱتْلُوهَآफिर पढ़ो उसेfa-it'lūhāإِنअगरinكُنتُمْहो तुमkuntumصَـٰدِقِينَसच्चेṣādiqīna٩٣
खाने की समस्त चीज़ें बनी इसराईल के लिए हलाल (वैध) थीं, सिवाय उसके जिसे इसराईल (याक़ूब अलैहिस्सलाम)1 ने तौरात उतरने से पहले अपने ऊपर हराम (अवैध) कर लिया था। (ऐ नबी!) आप कह दीजिए कि यदि तुम सच्चे हो, तो तौरात लाओ और उसे पढ़ो।
३:९४
فَمَنِतो जो कोईfamaniٱفْتَرَىٰगढ़ लेif'tarāعَلَىaboutʿalāٱللَّهِअल्लाह परl-lahiٱلْكَذِبَझूठl-kadhibaمِنۢfromminبَعْدِबादbaʿdiذَٰلِكَइसकेdhālikaفَأُو۟لَـٰٓئِكَतो यही लोग हैंfa-ulāikaهُمُवोhumuٱلظَّـٰلِمُونَजो ज़ालिम हैंl-ẓālimūna٩٤
अब इसके बाद भी जो व्यक्ति अल्लाह पर मिथ्या आरोप लगाए, तो ऐसे ही लोग अत्याचारी हैं।
३:९५
قُلْकह दीजिएqulصَدَقَसच फ़रमायाṣadaqaٱللَّهُ ۗअल्लाह नेl-lahuفَٱتَّبِعُوا۟तो पैरवी करोfa-ittabiʿūمِلَّةَमिल्लतेmillataإِبْرَٰهِيمَइब्राहीम कीib'rāhīmaحَنِيفًۭاजो यकसू थाḥanīfanوَمَاऔर नाwamāكَانَथा वोkānaمِنَofminaٱلْمُشْرِكِينَमुशरिकीन में सेl-mush'rikīna٩٥
(ऐ नबी!) आप कह दीजिए कि अल्लाह ने सच कहा है। अतः तुम इबराहीम (अलैहिस्सलाम) के धर्म का अनुसरण करो, जो एकेश्वरवादी थे और वह बहुदेववादियों में से नहीं थे।
३:९६
إِنَّबेशकinnaأَوَّلَपहलाawwalaبَيْتٍۢघरbaytinوُضِعَजो बनाया गयाwuḍiʿaلِلنَّاسِलोगों के लिएlilnnāsiلَلَّذِىयकीनन वही है जोlalladhīبِبَكَّةَमक्का में हैbibakkataمُبَارَكًۭاमुबारक/बाबरकतmubārakanوَهُدًۭىऔर हिदायत हैwahudanلِّلْعَـٰلَمِينَतमाम जहानों के लिएlil'ʿālamīna٩٦
निःसंदेह पहला घर जो मानव के लिए बनाया गया, वह वही है जो मक्का में है, जो बरकत वाला तथा समस्त संसार के लिए मार्गदर्शन है।
३:९७
فِيهِउसमेंfīhiءَايَـٰتٌۢनिशानियाँ हैंāyātunبَيِّنَـٰتٌۭवाज़ेहbayyinātunمَّقَامُमक़ामेmaqāmuإِبْرَٰهِيمَ ۖइब्राहीम हैib'rāhīmaوَمَنऔर जो कोईwamanدَخَلَهُۥदाख़िल हुआ उसमेंdakhalahuكَانَवो हो गयाkānaءَامِنًۭا ۗअमन वालाāminanوَلِلَّهِऔर अल्लाह ही के लिएwalillahiعَلَىऊपरʿalāٱلنَّاسِलोगों केl-nāsiحِجُّहज करना हैḥijjuٱلْبَيْتِबैतुल्लाह काl-baytiمَنِजो कोईmaniٱسْتَطَاعَइस्तिताअत रखता होis'taṭāʿaإِلَيْهِतरफ इसकेilayhiسَبِيلًۭا ۚरास्ते कीsabīlanوَمَنऔर जो कोईwamanكَفَرَकुफ़्र करेkafaraفَإِنَّतो बेशकfa-innaٱللَّهَअल्लाहl-lahaغَنِىٌّबहुत बेनियाज़ हैghaniyyunعَنِofʿaniٱلْعَـٰلَمِينَतमाम जहानों सेl-ʿālamīna٩٧
उसमें खुली निशानियाँ हैं, (जिनमें) मक़ामे इबराहीम1 है, तथा जो उसमें प्रवेश कर गया, वह सुरक्षित हो गया। तथा अल्लाह के लिए लोगों पर इस घर का हज्ज अनिवार्य है, जो वहाँ तक पहुँचने का सामर्थ्य रखता हो, और जिसने इनकार किया तो निःसंदेह अल्लाह (उससे, बल्कि) समस्त संसार से निस्पृह (बेनियाज़) है।
३:९८
قُلْकह दीजिएqulيَـٰٓأَهْلَO Peopleyāahlaٱلْكِتَـٰبِऐ अहले किताबl-kitābiلِمَक्योंlimaتَكْفُرُونَतुम कुफ़्र करते होtakfurūnaبِـَٔايَـٰتِin (the) Versesbiāyātiٱللَّهِअल्लाह की आयात काl-lahiوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuشَهِيدٌख़ूब गवाह हैshahīdunعَلَىٰउस परʿalāمَاजोتَعْمَلُونَतुम अमल करते होtaʿmalūna٩٨
(ऐ नबी!) आप कह दीजिए कि ऐ किताब वालो! तुम अल्लाह की आयतों का क्यों इनकार करते हो, हालाँकि जो कुछ तुम करते हो अल्लाह उससे अवगत हैॽ
३:९९
قُلْकह दीजिएqulيَـٰٓأَهْلَO Peopleyāahlaٱلْكِتَـٰبِऐ अहले किताबl-kitābiلِمَक्योंlimaتَصُدُّونَतुम रोकते /फेरते होtaṣuddūnaعَنfromʿanسَبِيلِ(the) waysabīliٱللَّهِअल्लाह के रास्ते सेl-lahiمَنْउसे जोmanءَامَنَईमान लायाāmanaتَبْغُونَهَاतुम तलाश करते हो उसमेंtabghūnahāعِوَجًۭاटेढ़ापन/कजीʿiwajanوَأَنتُمْहालाँकि तुमwa-antumشُهَدَآءُ ۗगवाह होshuhadāuوَمَاऔर नहीं हैwamāٱللَّهُअल्लाहl-lahuبِغَـٰفِلٍग़ाफ़िलbighāfilinعَمَّاउससे जोʿammāتَعْمَلُونَतुम अमल करते होtaʿmalūna٩٩
(ऐ नबी) आप कह दीजिए : ऐ किताब वालो! तुम ईमान लाने वालों को अल्लाह के रास्ते से क्यों रोकते होॽ तुम्हें उसमें कुटिलता की तलाश रहती है। जबकि तुम (उसके सच्चे होने के) गवाह1 होॽ और अल्लाह तुम्हारे कर्मों से अनभिज्ञ नहीं है।
३:१००
يَـٰٓأَيُّهَاO youyāayyuhāٱلَّذِينَऐ लोगो जोalladhīnaءَامَنُوٓا۟जो ईमान लाए होāmanūإِنअगरinتُطِيعُوا۟तुम इताअत करोगेtuṭīʿūفَرِيقًۭاएक गिरोह कीfarīqanمِّنَfromminaٱلَّذِينَउनमें से जोalladhīnaأُوتُوا۟दिए गएūtūٱلْكِتَـٰبَकिताबl-kitābaيَرُدُّوكُمवो फेर देंगे तुम्हेंyaruddūkumبَعْدَबादbaʿdaإِيمَـٰنِكُمْतुम्हारे ईमान केīmānikumكَـٰفِرِينَकाफ़िर (बनाकर)kāfirīna١٠٠
ऐ ईमान वालो! यदि तुम किताब वालों के किसी समूह की बात मानोगे, तो वे तुम्हारे ईमान लाने के बाद फिर तुम्हें काफ़िर बना देंगे।
३:१०१
وَكَيْفَऔर कैसेwakayfaتَكْفُرُونَतुम कुफ़्र करते होtakfurūnaوَأَنتُمْहालाँकि तुमwa-antumتُتْلَىٰपढ़ी जाती हैंtut'lāعَلَيْكُمْतुम परʿalaykumءَايَـٰتُआयातāyātuٱللَّهِअल्लाह कीl-lahiوَفِيكُمْऔर तुम में हैwafīkumرَسُولُهُۥ ۗरसूल उसकाrasūluhuوَمَنऔर जोwamanيَعْتَصِمथाम लेyaʿtaṣimبِٱللَّهِअल्लाह कोbil-lahiفَقَدْतो तहक़ीक़faqadهُدِىَवो हिदायत दे दिया गयाhudiyaإِلَىٰtoilāصِرَٰطٍۢतरफ़ रास्तेṣirāṭinمُّسْتَقِيمٍۢसीधे केmus'taqīmin١٠١
तथा यह कैसे हो सकता है कि तुम (फिर से) कुफ़्र को स्वीकार कर लो, जबकि तुम्हारे सामने अल्लाह की आयतें पढ़ी जा रही हैं और तुम्हारे बीच उसका रसूल1 मौजूद हैॽ और जो अल्लाह को2 मज़बूत थाम ले, तो वास्तव में उसे सीधा मार्ग दिखा दिया गया।
३:१०२
يَـٰٓأَيُّهَاO youyāayyuhāٱلَّذِينَऐ लोगो जोalladhīnaءَامَنُوا۟ईमान लाए होāmanūٱتَّقُوا۟डरोittaqūٱللَّهَअल्लाह सेl-lahaحَقَّहक़ है (जैसे)ḥaqqaتُقَاتِهِۦउससे डरने काtuqātihiوَلَاand (do) notwalāتَمُوتُنَّऔर हरगिज़ ना तुम मरनाtamūtunnaإِلَّاमगरillāوَأَنتُمइस हाल में कि तुमwa-antumمُّسْلِمُونَमुसलमान होmus'limūna١٠٢
ऐ ईमान वालो! अल्लाह से डरो, जैसा कि उससे डरना चाहिए तथा तुम्हारी मृत्यु न आए परंतु इस स्थिति में कि तुम मुसलमान हो।
३:१०३
وَٱعْتَصِمُوا۟और मज़बूती से पकड़ लोwa-iʿ'taṣimūبِحَبْلِto (the) ropebiḥabliٱللَّهِअल्लाह की रस्सी कोl-lahiجَمِيعًۭاसबके सबjamīʿanوَلَاऔर नाwalāتَفَرَّقُوا۟ ۚतुम फ़िरक़ा-फ़िरका बनोtafarraqūوَٱذْكُرُوا۟और याद करोwa-udh'kurūنِعْمَتَनेअमत कोniʿ'mataٱللَّهِअल्लाह कीl-lahiعَلَيْكُمْअपने ऊपरʿalaykumإِذْजबidhكُنتُمْथे तुमkuntumأَعْدَآءًۭदुश्मनaʿdāanفَأَلَّفَतो उसने उल्फ़त डाल दीfa-allafaبَيْنَदर्मियानbaynaقُلُوبِكُمْतुम्हारे दिलों केqulūbikumفَأَصْبَحْتُمतो हो गए तुमfa-aṣbaḥtumبِنِعْمَتِهِۦٓउसकी नेअमत सेbiniʿ'matihiإِخْوَٰنًۭاभाई-भाईikh'wānanوَكُنتُمْऔर थे तुमwakuntumعَلَىٰonʿalāشَفَاकिनारे परshafāحُفْرَةٍۢगढ़े केḥuf'ratinمِّنَofminaٱلنَّارِआग केl-nāriفَأَنقَذَكُمतो उसने बचा लिया तुम्हेंfa-anqadhakumمِّنْهَا ۗउससेmin'hāكَذَٰلِكَइसी तरहkadhālikaيُبَيِّنُवाज़ेह करता हैyubayyinuٱللَّهُअल्लाहl-lahuلَكُمْतुम्हारे लिएlakumءَايَـٰتِهِۦआयात अपनीāyātihiلَعَلَّكُمْताकि तुमlaʿallakumتَهْتَدُونَतुम हिदायत पाओtahtadūna١٠٣
तथा अल्लाह की रस्सी1 को सब मिलकर मज़बूती से पकड़ लो और विभेद में न पड़ो तथा अपने ऊपर अल्लाह की नेमत को याद करो कि तुम एक-दूसरे के शत्रु थे, फिर उसने तुम्हारे दिलों को जोड़ दिया और तुम उसकी कृपा से भाई-भाई हो गए। तथा तुम आग के गड्ढे के किनारे खड़े थे, तो उसने तुम्हें उससे बचा लिया। इसी प्रकार अल्लाह तुम्हारे लिए अपनी आयतों को खोल-खोलकर बयान करता है, ताकि तुम मार्गदर्शन पा जाओ।
३:१०४
وَلْتَكُنऔर ज़रूर होwaltakunمِّنكُمْतुम में सेminkumأُمَّةٌۭएक गिरोह (के लोग)ummatunيَدْعُونَजो दावत देंyadʿūnaإِلَىtoilāٱلْخَيْرِतरफ़ ख़ैर केl-khayriوَيَأْمُرُونَऔर जो हुक्म देंwayamurūnaبِٱلْمَعْرُوفِनेकी काbil-maʿrūfiوَيَنْهَوْنَऔर जो रोकेंwayanhawnaعَنِfromʿaniٱلْمُنكَرِ ۚबुराई सेl-munkariوَأُو۟لَـٰٓئِكَऔर यही लोग हैंwa-ulāikaهُمُवोhumuٱلْمُفْلِحُونَजो फ़लाह पाने वाले हैंl-muf'liḥūna١٠٤
तथा तुममें एक समूह ऐसा होना चाहिए, जो भलाई की ओर बुलाए, अच्छे कामों1 का आदेश दे और बुरे कामों2 से रोके और वही सफलता प्राप्त करने वाले लोग हैं।
३:१०५
وَلَاऔर नाwalāتَكُونُوا۟तुम हो जानाtakūnūكَٱلَّذِينَउनकी तरह जोka-alladhīnaتَفَرَّقُوا۟फ़िरक़ा-फ़िरक़ा बन गएtafarraqūوَٱخْتَلَفُوا۟और उन्होंने इख़्तिलाफ़ कियाwa-ikh'talafūمِنۢfromminبَعْدِबाद इसकेbaʿdiمَاजोجَآءَهُمُआ गईं उनके पासjāahumuٱلْبَيِّنَـٰتُ ۚवाज़ेह निशानियाँl-bayinātuوَأُو۟لَـٰٓئِكَऔर यही लोग हैंwa-ulāikaلَهُمْउनके लिएlahumعَذَابٌअज़ाब हैʿadhābunعَظِيمٌۭबहुत बड़ाʿaẓīmun١٠٥
तथा उनके1 समान न हो जाओ, जो संप्रदायों में बट गए, और उनके पास स्पष्ट निशानियाँ आ जाने के पश्चात आपस में मतभेद कर बैठे, और उन्हीं के लिए बड़ी यातना है।
३:१०६
يَوْمَजिस दिनyawmaتَبْيَضُّरोशन होंगेtabyaḍḍuوُجُوهٌۭकुछ चेहरेwujūhunوَتَسْوَدُّऔर स्याह होंगेwataswadduوُجُوهٌۭ ۚकुछ चेहरेwujūhunفَأَمَّاतो रहेfa-ammāٱلَّذِينَवो लोग जोalladhīnaٱسْوَدَّتْस्याह होंगेis'waddatوُجُوهُهُمْचेहरे जिनकेwujūhuhumأَكَفَرْتُمक्या कुफ़्र किया तुमनेakafartumبَعْدَबादbaʿdaإِيمَـٰنِكُمْअपने ईमान केīmānikumفَذُوقُوا۟पस चखोfadhūqūٱلْعَذَابَअज़ाब कोl-ʿadhābaبِمَاबवजह उसके जोbimāكُنتُمْथे तुमkuntumتَكْفُرُونَतुम कुफ़्र करतेtakfurūna١٠٦
जिस दिन कुछ चेहरे उज्जवल होंगे और कुछ चेहरे काले होंगे। फिर जिनके चेहरे काले होंगे (उनसे कहा जाएगा :) क्या तुमने अपने ईमान के बाद कुफ़्र कर लिया थाॽ तो अब अपने कुफ़्र करने के कारण यातना का स्वाद चखो।
३:१०७
وَأَمَّاऔर रहेwa-ammāٱلَّذِينَवो जोalladhīnaٱبْيَضَّتْसफ़ेद होंगेib'yaḍḍatوُجُوهُهُمْचेहरे जिनकेwujūhuhumفَفِىthen (they will be) infafīرَحْمَةِतो रहमत में होंगेraḥmatiٱللَّهِअल्लाह कीl-lahiهُمْवोhumفِيهَاउसमेंfīhāخَـٰلِدُونَहमेशा रहने वाले हैंkhālidūna١٠٧
तथा जिनके चेहरे चमक रहे होंगे, वे अल्लाह की दया (जन्नत) में होंगे, वे सदैव उसी में रहेंगे।
३:१०८
تِلْكَयेtil'kaءَايَـٰتُआयात हैंāyātuٱللَّهِअल्लाह कीl-lahiنَتْلُوهَاहम पढ़ रहे हैं उन्हेंnatlūhāعَلَيْكَआप परʿalaykaبِٱلْحَقِّ ۗसाथ हक़ केbil-ḥaqiوَمَاऔर नहींwamāٱللَّهُअल्लाहl-lahuيُرِيدُइरादा रखताyurīduظُلْمًۭاकिसी ज़ुल्म काẓul'manلِّلْعَـٰلَمِينَजहान वालों के लिएlil'ʿālamīna١٠٨
ये अल्लाह की आयतें हैं, जो हम आपको हक़ के साथ सुना रहे हैं और अल्लाह संसार वालों पर अत्याचार नहीं करना चाहता।
३:१०९
وَلِلَّهِऔर अल्लाह ही के लिए हैwalillahiمَاजो कुछفِى(is) inٱلسَّمَـٰوَٰتِआसमानों में हैl-samāwātiوَمَاऔर जो कुछwamāفِى(is) inٱلْأَرْضِ ۚज़मीन में हैl-arḍiوَإِلَىAnd towa-ilāٱللَّهِऔर तरफ़ अल्लाह ही केl-lahiتُرْجَعُलौटाए जाते हैंtur'jaʿuٱلْأُمُورُसब कामl-umūru١٠٩
तथा जो कुछ आकाशों में और जो कुछ धरती में है सब अल्लाह ही के लिए है और सारे मामले अल्लाह ही की ओर लौटाए जाते हैं।
३:११०
كُنتُمْहो तुमkuntumخَيْرَबेहतरीनkhayraأُمَّةٍउम्मतummatinأُخْرِجَتْनिकाली गई होukh'rijatلِلنَّاسِलोगों के लिएlilnnāsiتَأْمُرُونَतुम हुक्म देते होtamurūnaبِٱلْمَعْرُوفِमारूफ़/अच्छाई काbil-maʿrūfiوَتَنْهَوْنَऔर तुम रोकते होwatanhawnaعَنِ[from]ʿaniٱلْمُنكَرِमुन्कर/बुराई सेl-munkariوَتُؤْمِنُونَऔर तुम ईमान लाते होwatu'minūnaبِٱللَّهِ ۗअल्लाह परbil-lahiوَلَوْऔर अगरwalawءَامَنَईमान लातेāmanaأَهْلُ(the) Peopleahluٱلْكِتَـٰبِअहले किताबl-kitābiلَكَانَअलबत्ता होताlakānaخَيْرًۭاबेहतरkhayranلَّهُم ۚउनके लिएlahumمِّنْهُمُबाज़ उनकेmin'humuٱلْمُؤْمِنُونَमोमिन हैंl-mu'minūnaوَأَكْثَرُهُمُऔर अक्सर उनकेwa-aktharuhumuٱلْفَـٰسِقُونَफ़ासिक़ हैl-fāsiqūna١١٠
तुम सर्वश्रेष्ठ समुदाय हो, जिसे लोगों के लिए निकाला गया है। तुम भलाई का आदेश देते हो और बुराई से रोकते हो और अल्लाह पर ईमान (विश्वास) रखते1 हो। और यदि किताब वाले ईमान लाते, तो उनके लिए बेहतर होता। उनमें कुछ ईमान वाले भी हैं, लेकिन उनमें अधिकतर लोग अवज्ञाकारी ही हैं।
३:१११
لَنहरगिज़ नहींlanيَضُرُّوكُمْवो नुक़सान देंगे तुम्हेंyaḍurrūkumإِلَّآसिवायillāأَذًۭى ۖअज़ियत केadhanوَإِنऔर अगरwa-inيُقَـٰتِلُوكُمْवो जंग करेंगे तुमसेyuqātilūkumيُوَلُّوكُمُवो फेर दें तुमसेyuwallūkumuٱلْأَدْبَارَपुश्तेंl-adbāraثُمَّफिरthummaلَاnotيُنصَرُونَना वो मदद किए जाऐंगेyunṣarūna١١١
वे तुम्हें थोड़ा कष्ट पहुँचाने के सिवा कदापि कोई हानि नहीं पहुँचा सकेंगे और यदि वे तुमसे युद्ध करेंगे, तो तुम्हारे सामने पीठ फेरकर भाग खड़े होंगे। फिर उनकी कोई सहायता (भी) नहीं की जाएगी।
३:११२
ضُرِبَتْमार दी गईḍuribatعَلَيْهِمُउन परʿalayhimuٱلذِّلَّةُज़िल्लतl-dhilatuأَيْنَwhereveraynaمَاजहाँ कहींثُقِفُوٓا۟वो पाए गएthuqifūإِلَّاमगरillāبِحَبْلٍۢसाथ रस्सी (ताल्लुक़) केbiḥablinمِّنَfromminaٱللَّهِअल्लाह कीl-lahiوَحَبْلٍۢऔर रस्सी (ताल्लुक़) केwaḥablinمِّنَfromminaٱلنَّاسِलोगों कीl-nāsiوَبَآءُوऔर वो लौटेwabāūبِغَضَبٍۢसाथ ग़ज़ब केbighaḍabinمِّنَfromminaٱللَّهِअल्लाह की तरफ़ सेl-lahiوَضُرِبَتْऔर मार दी गईwaḍuribatعَلَيْهِمُउन परʿalayhimuٱلْمَسْكَنَةُ ۚमोहताजीl-maskanatuذَٰلِكَयेdhālikaبِأَنَّهُمْबवजह उसके कि वोbi-annahumكَانُوا۟थे वोkānūيَكْفُرُونَवो कुफ़्र करतेyakfurūnaبِـَٔايَـٰتِin (the) Versesbiāyātiٱللَّهِअल्लाह की आयात काl-lahiوَيَقْتُلُونَऔर वो क़त्ल करतेwayaqtulūnaٱلْأَنۢبِيَآءَनबियों कोl-anbiyāaبِغَيْرِबग़ैरbighayriحَقٍّۢ ۚहक़ केḥaqqinذَٰلِكَयेdhālikaبِمَاबवजह उसके जोbimāعَصَوا۟उन्होंने नाफ़रमानी कीʿaṣawوَّكَانُوا۟और थे वोwakānūيَعْتَدُونَवो हद से बढ़ जातेyaʿtadūna١١٢
इन (यहूदियों) पर हर जगह, अपमान थोप दिया गया है, (यह और बात है कि) अल्लाह की शरण1 अथवा लोगों की शरण2 में आ जाएँ, और ये अल्लाह के प्रकोप के पात्र हुए तथा इनपर दरिद्रता थोप दी गई। यह इस कारण हुआ कि ये अल्लाह की आयतों का इनकार करते थे और नबियों की अनाधिकार हत्या करते थे। यह इस कारण (भी) है कि इन्होंने अवज्ञा की और (धर्म की) सीमा का उल्लंघन करते थे।
३:११३
۞ لَيْسُوا۟नहीं हैं वो सबlaysūسَوَآءًۭ ۗयकसाँ/बराबरsawāanمِّنْamongminأَهْلِ(the) Peopleahliٱلْكِتَـٰبِअहले किताब में सेl-kitābiأُمَّةٌۭएक जमाअत हैummatunقَآئِمَةٌۭजो क़ायम (हक़ पर)qāimatunيَتْلُونَवो तिलावत करते हैंyatlūnaءَايَـٰتِ(the) Versesāyātiٱللَّهِअल्लाह की आयात कीl-lahiءَانَآءَघड़ियों मेंānāaٱلَّيْلِरात कीal-layliوَهُمْऔर वोwahumيَسْجُدُونَवो सजदा करते हैंyasjudūna١١٣
वे सभी समान नहीं हैं; किताब वालों में एक समूह (सत्य पर) स्थापित1 है, जो रात की घड़ियों में अल्लाह की आयतें पढ़ते हैं और वे सजदे करते हैं।
३:११४
يُؤْمِنُونَवो ईमान रखते हैंyu'minūnaبِٱللَّهِअल्लाह परbil-lahiوَٱلْيَوْمِand the Daywal-yawmiٱلْـَٔاخِرِऔर आख़िरी दिन परl-ākhiriوَيَأْمُرُونَऔर वो हुक्म देते हैंwayamurūnaبِٱلْمَعْرُوفِनेकी काbil-maʿrūfiوَيَنْهَوْنَऔर वो रोकते हैंwayanhawnaعَنِ[from]ʿaniٱلْمُنكَرِबुराई सेl-munkariوَيُسَـٰرِعُونَऔर वो एक दूसरे से जल्दी करते हैंwayusāriʿūnaفِىinٱلْخَيْرَٰتِनेकियों मेंl-khayrātiوَأُو۟لَـٰٓئِكَऔर यही लोग हैंwa-ulāikaمِنَ(are) fromminaٱلصَّـٰلِحِينَसालेहीन में सेl-ṣāliḥīna١١٤
वे अल्लाह तथा अंतिम दिन (क़यामत) पर ईमान रखते हैं और भलाई का आदेश देते हैं और बुराई से रोकते हैं और भलाई के कामों में जल्दी करते हैं और वही अच्छे लोगों में से हैं।
३:११५
وَمَاऔर जो भीwamāيَفْعَلُوا۟वो करेंगेyafʿalūمِنْofminخَيْرٍۢभलाई में सेkhayrinفَلَنतो हरगिज़ नहींfalanيُكْفَرُوهُ ۗवो नाक़द्री किए जाऐंगे उसकीyuk'farūhuوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuعَلِيمٌۢख़ूब जानने वाला हैʿalīmunبِٱلْمُتَّقِينَमुत्तक़ी लोगों कोbil-mutaqīna١١٥
वे जो भी भलाई करेंगे, उसकी उपेक्षा नहीं की जाएगी और अल्लाह परहेज़गारों को भली-भाँति जानता है।
३:११६
إِنَّबेशकinnaٱلَّذِينَवो जिन्होंनेalladhīnaكَفَرُوا۟कुफ़्र कियाkafarūلَنहरगिज़ नहींlanتُغْنِىَकाम आऐंगेtugh'niyaعَنْهُمْउन्हेंʿanhumأَمْوَٰلُهُمْमाल उनकेamwāluhumوَلَآऔर नाwalāأَوْلَـٰدُهُمऔलाद उनकीawlāduhumمِّنَagainstminaٱللَّهِअल्लाह सेl-lahiشَيْـًۭٔا ۖकुछ भीshayanوَأُو۟لَـٰٓئِكَऔर यही लोग हैंwa-ulāikaأَصْحَـٰبُसाथीaṣḥābuٱلنَّارِ ۚआग केl-nāriهُمْवोhumفِيهَاउसमेंfīhāخَـٰلِدُونَहमेशा रहने वाले हैंkhālidūna١١٦
निःसंदेह जिन्होंने कुफ़्र1 किया, उन्हें अल्लाह (के अज़ाब) से (बचाने में) न उनके धन कुछ काम आएँगे, न उनकी संतान। तथा वही लोग नरकवासी हैं जो उसमें हमेशा रहेंगे।
३:११७
مَثَلُमिसालmathaluمَاउसकी जोيُنفِقُونَवो ख़र्च करते हैंyunfiqūnaفِىinهَـٰذِهِthishādhihiٱلْحَيَوٰةِइस ज़िन्दगी मेंl-ḥayatiٱلدُّنْيَاदुनिया कीl-dun'yāكَمَثَلِमानिन्द मिसालkamathaliرِيحٍۢहवा के हैrīḥinفِيهَاजिस मेंfīhāصِرٌّसख़्त सर्दी होṣirrunأَصَابَتْवो पहुँचेaṣābatحَرْثَखेती कोḥarthaقَوْمٍۢएक क़ौम कीqawminظَلَمُوٓا۟जिन्होंने ज़ुल्म कियाẓalamūأَنفُسَهُمْअपने नफ़्सों परanfusahumفَأَهْلَكَتْهُ ۚतो उसने हलाक कर दिया उसेfa-ahlakathuوَمَاऔर नहींwamāظَلَمَهُمُज़ुल्म किया उन परẓalamahumuٱللَّهُअल्लाह नेl-lahuوَلَـٰكِنْऔर लेकिनwalākinأَنفُسَهُمْअपने ही नफ़्सों परanfusahumيَظْلِمُونَवो ज़ुल्म करते थेyaẓlimūna١١٧
वे इस सांसारिक जीवन में जो कुछ भी ख़र्च करते हैं, वह उस हवा के समान है, जिसमें पाला (अत्यधिक ठंड) हो, जो किसी ऐसी क़ौम की खेती को लग जाए, जिन्होंने अपने ऊपर अत्याचार1 किया हो और उसको नष्ट कर दे। तथा अल्लाह ने उनपर अत्याचार नहीं किया, बल्कि वे स्वयं अपने आप पर अत्याचार करते थे।
३:११८
يَـٰٓأَيُّهَاO youyāayyuhāٱلَّذِينَऐ लोगो जोalladhīnaءَامَنُوا۟ईमान लाए होāmanūلَا(Do) notتَتَّخِذُوا۟ना तुम बनाओtattakhidhūبِطَانَةًۭदिली दोस्त/राज़दानbiṭānatanمِّنfromminدُونِكُمْअपने इलावा कोdūnikumلَاnotيَأْلُونَكُمْना वो कमी करेंगे तुमसेyalūnakumخَبَالًۭاकिसी ख़राबी कीkhabālanوَدُّوا۟वो दिल से चाहते हैंwaddūمَاwhatعَنِتُّمْकि मुश्किल में पड़ो तुमʿanittumقَدْतहक़ीक़qadبَدَتِज़ाहिर हो गयाbadatiٱلْبَغْضَآءُबुग़्ज़l-baghḍāuمِنْfromminأَفْوَٰهِهِمْउनके मुँहों सेafwāhihimوَمَاऔर जोwamāتُخْفِىछुपाते हैtukh'fīصُدُورُهُمْसीने उनकेṣudūruhumأَكْبَرُ ۚज़्यादा बड़ा हैakbaruقَدْतहक़ीक़qadبَيَّنَّاवाज़ेह कर दीं हमनेbayyannāلَكُمُतुम्हारे लिएlakumuٱلْـَٔايَـٰتِ ۖनिशानियाँl-āyātiإِنअगरinكُنتُمْहो तुमkuntumتَعْقِلُونَतुम अक़्ल रखतेtaʿqilūna١١٨
ऐ ईमान वालो! तुम अपनों के सिवा किसी दूसरे को अपना अंतरंग मित्र न बनाओ, वे तुम्हें बर्बाद करने में कोई कमी नहीं करते। उन्हें वही बात भाती है, जिससे तुम्हें कष्ट पहुँचे। उनके मुखों से शत्रुता प्रकट हो चुकी है तथा जो उनके दिल छुपा रखे हैं, वह इससे बढ़कर है। हमने तुम्हारे लिए आयतों का वर्णन कर दिया है, यदि तुम समझबूझ रखते हो।
३:११९
هَـٰٓأَنتُمْख़बरदार तुमhāantumأُو۟لَآءِवो लोग होulāiتُحِبُّونَهُمْतुम मोहब्बत रखते हो उनसेtuḥibbūnahumوَلَاऔर नहींwalāيُحِبُّونَكُمْवो मोहब्बत रखते तुम सेyuḥibbūnakumوَتُؤْمِنُونَऔर तुम ईमान रखते होwatu'minūnaبِٱلْكِتَـٰبِकिताब परbil-kitābiكُلِّهِۦसारी की सारीkullihiوَإِذَاऔर जबwa-idhāلَقُوكُمْवो मुलाक़ात करते हैं तुमसेlaqūkumقَالُوٓا۟वो कहते हैंqālūءَامَنَّاईमान लाए हमāmannāوَإِذَاऔर जबwa-idhāخَلَوْا۟वो तन्हा होते हैंkhalawعَضُّوا۟वो काटते हैंʿaḍḍūعَلَيْكُمُतुम परʿalaykumuٱلْأَنَامِلَउँगलियाँl-anāmilaمِنَ(out) ofminaٱلْغَيْظِ ۚग़ुस्से सेl-ghayẓiقُلْकह दीजिएqulمُوتُوا۟मर जाओmūtūبِغَيْظِكُمْ ۗसाथ अपने ग़ुस्से केbighayẓikumإِنَّबेशकinnaٱللَّهَअल्लाहl-lahaعَلِيمٌۢख़ूब जानने वाला हैʿalīmunبِذَاتِof whatbidhātiٱلصُّدُورِसीनों वाले (भेद)l-ṣudūri١١٩
देखो तुम तो उनसे प्रेम करते हो, परंतु वे तुमसे प्रेम नहीं करते और तुम सभी पुस्तकों पर ईमान रखते हो, औ (उनका हाल यह है कि) वे जब तुमसे मिलते हैं, तो कहते हैं कि हम ईमान लाए हैं और जब वे अकेले में होते हैं, तो तुमपर क्रोध के मारे उंगलियां चबाते हैं। कह दो कि अपने क्रोध में मर जाओ। निःसंदेह अल्लाह सीनों के भेद को जानता है।
३:१२०
إِنअगरinتَمْسَسْكُمْपहुँचे तुम्हेंtamsaskumحَسَنَةٌۭकोई भलाईḥasanatunتَسُؤْهُمْवो बुरी लगती है उन्हेंtasu'humوَإِنऔर अगरwa-inتُصِبْكُمْपहुँचती है तुम्हेंtuṣib'kumسَيِّئَةٌۭकोई बुराईsayyi-atunيَفْرَحُوا۟वो ख़ुश होते हैंyafraḥūبِهَا ۖउस परbihāوَإِنऔर अगरwa-inتَصْبِرُوا۟तुम सब्र करोtaṣbirūوَتَتَّقُوا۟और तुम तक़वा करोwatattaqūلَاnotيَضُرُّكُمْना नुक़सान देगी तुम्हेंyaḍurrukumكَيْدُهُمْचाल उनकीkayduhumشَيْـًٔا ۗकुछ भीshayanإِنَّबेशकinnaٱللَّهَअल्लाहl-lahaبِمَاउसको जोbimāيَعْمَلُونَवो अमल करते हैंyaʿmalūnaمُحِيطٌۭघेरने वाला हैmuḥīṭun١٢٠
यदि तुम्हारा कुछ भला हो, तो उन्हें बुरा लगता है और यदि तुम्हारा कुछ बुरा हो जाए, तो वे उससे प्रसन्न होते हैं। और यदि तुम धैर्य करते रहे और अल्लाह से डरते रहे, तो उनका छल तुम्हें कोई हानि नहीं पहुँचाएगा। निःसंदेह अल्लाह उनके सभी कार्यों से अवगत है।
३:१२१
وَإِذْऔर जबwa-idhغَدَوْتَसुबह सवेरे निकले आपghadawtaمِنْfromminأَهْلِكَअपने घर वालों सेahlikaتُبَوِّئُआप मुतय्यन (तैनात) कर रहे थेtubawwi-uٱلْمُؤْمِنِينَमोमिनों कोl-mu'minīnaمَقَـٰعِدَठिकानों/मोर्चों परmaqāʿidaلِلْقِتَالِ ۗजंग के लिएlil'qitāliوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuسَمِيعٌख़ूब सुनने वाला हैsamīʿunعَلِيمٌख़ूब जानने वाला हैʿalīmun١٢١
तथा (ऐ नबी! वह समय याद करो) जब आप अपने घर से निकले, ईमान वालों को युद्ध1 के मोर्चों पर नियुक्त कर रहे थे तथा अल्लाह सब कुछ सुनने वाला, जानने वाला है।
३:१२२
إِذْजबidhهَمَّتइरादा कियाhammatطَّآئِفَتَانِदो गिरोहों नेṭāifatāniمِنكُمْतुम में सेminkumأَنकिanتَفْشَلَاवो दोनों बुज़दिली दिखाऐंtafshalāوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuوَلِيُّهُمَا ۗमददगार था उन दोनों काwaliyyuhumāوَعَلَىAnd onwaʿalāٱللَّهِऔर अल्लाह ही परl-lahiفَلْيَتَوَكَّلِपस चाहिए कि तवक्कल करेंfalyatawakkaliٱلْمُؤْمِنُونَईमान वालेl-mu'minūna١٢٢
तथा (याद करो) जब तुम्हारे दो समूहों1 ने साहसहीनता दिखाने (पीछे हटने) का इरादा किया और अल्लाह उनका समर्थक व सहायक था, तथा ईमान वालों को अल्लाह ही पर भरोसा करना चाहिए।
३:१२३
وَلَقَدْऔर अलबत्ता तहक़ीक़walaqadنَصَرَكُمُमदद की तुम्हारीnaṣarakumuٱللَّهُअल्लाह नेl-lahuبِبَدْرٍۢबदर मेंbibadrinوَأَنتُمْहालाँकि तुमwa-antumأَذِلَّةٌۭ ۖकमज़ोर थेadhillatunفَٱتَّقُوا۟पस डरोfa-ittaqūٱللَّهَअल्लाह सेl-lahaلَعَلَّكُمْताकि तुमlaʿallakumتَشْكُرُونَतुम शुक्र अदा करोtashkurūna١٢٣
और अल्लाह बद्र (के युद्ध) में तुम्हारी सहायता कर चुका है, जबकि तुम कमज़ोर थे। अतः अल्लाह से डरो, ताकि तुम उसके प्रति आभारी हो सको।
३:१२४
إِذْजबidhتَقُولُआप कह रहे थेtaqūluلِلْمُؤْمِنِينَमोमिनों कोlil'mu'minīnaأَلَنक्या नहींalanيَكْفِيَكُمْकाफ़ी होगा तुम्हेंyakfiyakumأَنकिanيُمِدَّكُمْमदद करे तुम्हारीyumiddakumرَبُّكُمरब तुम्हाराrabbukumبِثَلَـٰثَةِसाथ तीनbithalāthatiءَالَـٰفٍۢहज़ारālāfinمِّنَ[of]minaٱلْمَلَـٰٓئِكَةِफ़रिश्तों केl-malāikatiمُنزَلِينَउतारे हुएmunzalīna١٢٤
(ऐ नबी! वह समय भी याद करें) जब आप ईमान वालों से कह रहे थे : क्या तुम्हारे लिए यह काफ़ी नहीं है कि तुम्हारा पालनहार (आकाश से) तीन हज़ार फ़रिश्ते उतारकर तुम्हारी सहायता करेॽ
३:१२५
بَلَىٰٓ ۚक्यों नहीं/बल्किbalāإِنअगरinتَصْبِرُوا۟तुम सब्र करोगेtaṣbirūوَتَتَّقُوا۟और तुम तक़वा करोगेwatattaqūوَيَأْتُوكُمऔर वो आऐं तुम्हारे पासwayatūkumمِّن[of]minفَوْرِهِمْअपने जोश सेfawrihimهَـٰذَاइस तरहhādhāيُمْدِدْكُمْमदद करेगा तुम्हारीyum'did'kumرَبُّكُمरब तुम्हाराrabbukumبِخَمْسَةِसाथ पाँचbikhamsatiءَالَـٰفٍۢहज़ारālāfinمِّنَ[of]minaٱلْمَلَـٰٓئِكَةِफ़रिश्तों केl-malāikatiمُسَوِّمِينَनिशान लगाने वालेmusawwimīna١٢٥
क्यों1 नहीं, यदि तुम धैर्य से काम लो और अल्लाह से डरो और फिर ऐसा हो कि वे (दुश्मन) उसी घड़ी तुमपर चढ़ आएँ, तो तुम्हारा पालनहार (तीन नहीं, बल्कि) पाँच हज़ार चिह्न2 लगे फ़रिश्तों द्वारा तुम्हारी मदद करेगा।
३:१२६
وَمَاऔर नहींwamāجَعَلَهُबनाया उसेjaʿalahuٱللَّهُअल्लाह नेl-lahuإِلَّاमगरillāبُشْرَىٰख़ुशख़बरीbush'rāلَكُمْतुम्हारे लिएlakumوَلِتَطْمَئِنَّऔर ताकि मुत्मईन हो जाऐंwalitaṭma-innaقُلُوبُكُمदिल तुम्हारेqulūbukumبِهِۦ ۗसाथ इसकेbihiوَمَاऔर नहींwamāٱلنَّصْرُमददl-naṣruإِلَّاमगरillāمِنْfromminعِندِ[near]ʿindiٱللَّهِअल्लाह के पास सेl-lahiٱلْعَزِيزِजो बहुत ज़बरदस्त हैl-ʿazīziٱلْحَكِيمِबहुत हिकमत वाला हैl-ḥakīmi١٢٦
और अल्लाह ने इस (मदद) को तुम्हारे लिए केवल शुभ सूचना बनाया है और ताकि तुम्हारे दिल उससे संतुष्ट हो जाएँ और सहायता तो केवल अल्लाह ही के पास से आती है, जो प्रभुत्वशाली, हिकमत वाला (तत्वदर्शी) है।
३:१२७
لِيَقْطَعَताकि वो काट देliyaqṭaʿaطَرَفًۭاएक हिस्साṭarafanمِّنَofminaٱلَّذِينَउनका जिन्होंनेalladhīnaكَفَرُوٓا۟कुफ़्र कियाkafarūأَوْयाawيَكْبِتَهُمْवो ज़लील कर दे उन्हेंyakbitahumفَيَنقَلِبُوا۟तो वो लौट जाऐंfayanqalibūخَآئِبِينَनामुराद (हो कर)khāibīna١٢٧
ताकि1 वह काफ़िरों के एक हिस्से को काट दे या उन्हें अपमानित कर दे, फिर वे विफल होकर वापस हो जाएँ।
३:१२८
لَيْسَनहीं हैlaysaلَكَआपके लिएlakaمِنَofminaٱلْأَمْرِमामला में सेl-amriشَىْءٌकुछ भीshayonأَوْख़्वाहawيَتُوبَवो मेहरबान हो जाएyatūbaعَلَيْهِمْउन परʿalayhimأَوْयाawيُعَذِّبَهُمْवो अज़ाब दे उन्हेंyuʿadhibahumفَإِنَّهُمْतो बेशक वोfa-innahumظَـٰلِمُونَज़ालिम हैंẓālimūna١٢٨
(ऐ नबी!) इस1 मामले में आपको कोई अधिकार नहीं, अल्लाह चाहे तो उनकी तौबा क़बूल2 करे या उन्हें दंड3 दे, क्योंकि वे अत्याचारी हैं।
३:१२९
وَلِلَّهِऔर अल्लाह ही के लिए हैwalillahiمَاजो कुछفِى(is) inٱلسَّمَـٰوَٰتِआसमानों में हैl-samāwātiوَمَاऔर जो कुछwamāفِى(is) inٱلْأَرْضِ ۚज़मीन में हैl-arḍiيَغْفِرُवो बख़्श देता हैyaghfiruلِمَنजिसके लिएlimanيَشَآءُवो चाहता हैyashāuوَيُعَذِّبُऔर वो अज़ाब देता हैwayuʿadhibuمَنजिसेmanيَشَآءُ ۚवो चाहता हैyashāuوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuغَفُورٌۭबहुत बख़्शने वाला हैghafūrunرَّحِيمٌۭनिहायत रहम करने वाला हैraḥīmun١٢٩
तथा जो कुछ आकाशों में और जो कुछ धरती में है, सब अल्लाह ही का है। वह जिसे चाहे क्षमा कर दे और जिसे चाहे यातना दे, तथा अल्लाह अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।
३:१३०
يَـٰٓأَيُّهَاO youyāayyuhāٱلَّذِينَऐ लोगो जोalladhīnaءَامَنُوا۟ईमान लाए होāmanūلَا(Do) notتَأْكُلُوا۟ना तुम खाओtakulūٱلرِّبَوٰٓا۟सूदl-ribaأَضْعَـٰفًۭاकई गुनाaḍʿāfanمُّضَـٰعَفَةًۭ ۖबढ़ा चढ़ा करmuḍāʿafatanوَٱتَّقُوا۟और डरोwa-ittaqūٱللَّهَअल्लाह सेl-lahaلَعَلَّكُمْताकि तुमlaʿallakumتُفْلِحُونَतुम फ़लाह पा जाओtuf'liḥūna١٣٠
ऐ ईमान वालो! कई-कई गुणा करके ब्याज1 न खाओ। तथा अल्लाह से डरो, ताकि तुम सफल हो।
३:१३१
وَٱتَّقُوا۟और बचो/डरोwa-ittaqūٱلنَّارَआग सेl-nāraٱلَّتِىٓवो जोallatīأُعِدَّتْतैयार की गई हैuʿiddatلِلْكَـٰفِرِينَकाफ़िरों के लिएlil'kāfirīna١٣١
तथा उस आग से डरो (बचो), जो काफ़िरों के लिए तैयार की गई है।
३:१३२
وَأَطِيعُوا۟और इताअत करोwa-aṭīʿūٱللَّهَअल्लाह कीl-lahaوَٱلرَّسُولَऔर रसूल कीwal-rasūlaلَعَلَّكُمْताकि तुमlaʿallakumتُرْحَمُونَतुम रहम किए जाओtur'ḥamūna١٣٢
तथा अल्लाह और रसूल का आज्ञापालन करो, ताकि तुमपर दया की जाए।
३:१३३
۞ وَسَارِعُوٓا۟और एक दूसरे से जल्दी करोwasāriʿūإِلَىٰtoilāمَغْفِرَةٍۢतरफ़ बख़्शिश केmaghfiratinمِّنfromminرَّبِّكُمْअपने रब की तरफ़ सेrabbikumوَجَنَّةٍऔर जन्नत केwajannatinعَرْضُهَاचौड़ाई है जिसकीʿarḍuhāٱلسَّمَـٰوَٰتُआसमानl-samāwātuوَٱلْأَرْضُऔर ज़मीनwal-arḍuأُعِدَّتْवो तैयार की गई हैuʿiddatلِلْمُتَّقِينَमुत्तक़ी लोगों के लिएlil'muttaqīna١٣٣
और अपने पालनहार की क्षमा और उस स्वर्ग की ओर तेज़ी से बढ़ो, जिसकी चौड़ाई आकाशों तथा धरती के बराबर है। वह अल्लाह से डरने वालों के लिए तैयार किया गया है।
३:१३४
ٱلَّذِينَवो लोग जोalladhīnaيُنفِقُونَख़र्च करते हैंyunfiqūnaفِىinٱلسَّرَّآءِख़ुशी मेंl-sarāiوَٱلضَّرَّآءِऔर तकलीफ़ मेंwal-ḍarāiوَٱلْكَـٰظِمِينَऔर ज़ब्त करने वाले हैंwal-kāẓimīnaٱلْغَيْظَसख़्त ग़ुस्से कोl-ghayẓaوَٱلْعَافِينَऔर दरगुज़र करने वाले हैंwal-ʿāfīnaعَنِ[from]ʿaniٱلنَّاسِ ۗलोगों सेl-nāsiوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuيُحِبُّमोहब्बत रखता हैyuḥibbuٱلْمُحْسِنِينَएहसान करने वालों सेl-muḥ'sinīna١٣٤
जो कठिनाई और आसानी की प्रत्येक स्थिति में (अल्लाह के मार्ग में) खर्च करते हैं, तथा ग़ुस्सा पी जाते हैं और लोगों को क्षमा कर देते हैं। और अल्लाह ऐसे अच्छे कार्य करने वालों से प्रेम करता है।
३:१३५
وَٱلَّذِينَऔर वो लोग जोwa-alladhīnaإِذَاजबidhāفَعَلُوا۟करते हैंfaʿalūفَـٰحِشَةًकोई बेहयाईfāḥishatanأَوْयाawظَلَمُوٓا۟वो ज़ुल्म करते हैंẓalamūأَنفُسَهُمْअपने नफ़्सों परanfusahumذَكَرُوا۟वो याद करते हैंdhakarūٱللَّهَअल्लाह कोl-lahaفَٱسْتَغْفَرُوا۟पस माफ़ी माँगते हैंfa-is'taghfarūلِذُنُوبِهِمْअपने गुनाहों के लिएlidhunūbihimوَمَنऔर कौन है जोwamanيَغْفِرُबख़्श देyaghfiruٱلذُّنُوبَगुनाहों कोl-dhunūbaإِلَّاसिवायillāٱللَّهُअल्लाह केl-lahuوَلَمْऔर नहींwalamيُصِرُّوا۟वो इसरार करतेyuṣirrūعَلَىٰऊपर उसकेʿalāمَاजोفَعَلُوا۟उन्होंने कियाfaʿalūوَهُمْजब कि वोwahumيَعْلَمُونَवो जानते हैंyaʿlamūna١٣٥
और वे ऐसे लोग हैं कि जब उनसे कोई जघन्य पाप हो जाता है या वे अपने ऊपर अत्याचार कर कर बैठते हैं, तो उन्हें अल्लाह याद आ जाता है। फिर वे अपने पापों के लिए क्षमा माँगते हैं, और अल्लाह के सिवा कौन है जो पापों का क्षमा करने वाला होॽ और वे अपने किए पर जान बूझकर अड़े नहीं रहते।
३:१३६
أُو۟لَـٰٓئِكَयही लोग हैंulāikaجَزَآؤُهُمबदला उनकाjazāuhumمَّغْفِرَةٌۭबख़्शिश हैmaghfiratunمِّنfromminرَّبِّهِمْउनके रब की तरफ़ सेrabbihimوَجَنَّـٰتٌۭऔर बाग़ात हैंwajannātunتَجْرِىबहती हैंtajrīمِنfromminتَحْتِهَاउनके नीचे सेtaḥtihāٱلْأَنْهَـٰرُनहरेंl-anhāruخَـٰلِدِينَहमेशा रहने वाले हैंkhālidīnaفِيهَا ۚउनमेंfīhāوَنِعْمَऔर कितना अच्छा हैwaniʿ'maأَجْرُअजरajruٱلْعَـٰمِلِينَअमल करने वालों काl-ʿāmilīna١٣٦
वही लोग हैं जिनका बदला उनके पालनहार की ओर से क्षमा तथा ऐसे बाग़ हैं जिनके नीचे से नहरें बहती होंगी। उनमें वे सदैव रहेंगे। औ क्या ही अच्छा बदला है नेक काम करने वालों का।
३:१३७
قَدْतहक़ीक़qadخَلَتْगुज़र चुकेkhalatمِنfromminقَبْلِكُمْतुम से पहलेqablikumسُنَنٌۭकई तरीक़ेsunanunفَسِيرُوا۟तो चलो फिरोfasīrūفِىinٱلْأَرْضِज़मीन मेंl-arḍiفَٱنظُرُوا۟फिर देखोfa-unẓurūكَيْفَकिस तरहkayfaكَانَहुआkānaعَـٰقِبَةُअन्जामʿāqibatuٱلْمُكَذِّبِينَझुठलाने वालों काl-mukadhibīna١٣٧
तुमसे पहले भी समान परंपराएं (परिस्थितियाँ) गुज़र चुकी1 हैं। इसलिए तुम धरती में चलो-फिरो और देखो कि झुठलाने वालों का अंत कैसे हुआॽ
३:१३८
هَـٰذَاयेhādhāبَيَانٌۭएक बयान हैbayānunلِّلنَّاسِलोगों के लिएlilnnāsiوَهُدًۭىऔर हिदायतwahudanوَمَوْعِظَةٌۭऔर नसीहत हैwamawʿiẓatunلِّلْمُتَّقِينَमुत्तक़ी लोगों के लिएlil'muttaqīna١٣٨
यह (क़ुरआन) लोगों के लिए (सत्य का) वर्णन और (अल्लाह का) भय रखने वालों के लिए मार्गदर्शन और उपदेश है।
३:१३९
وَلَاऔर नाwalāتَهِنُوا۟तुम कमज़ोर पड़ोtahinūوَلَاऔर नाwalāتَحْزَنُوا۟तुम ग़म करोtaḥzanūوَأَنتُمُऔर तुम हीwa-antumuٱلْأَعْلَوْنَबुलन्द होl-aʿlawnaإِنअगरinكُنتُمहो तुमkuntumمُّؤْمِنِينَमोमिनmu'minīna١٣٩
और तुम कमज़ोर न बनो और न ही शोक करो। और तुम ही सर्वोच्च रहोगे, यदि तुम ईमान वाले हो।
३:१४०
إِنअगरinيَمْسَسْكُمْपहुँचा तुम्हेंyamsaskumقَرْحٌۭकोई ज़ख़्मqarḥunفَقَدْतो तहक़ीक़faqadمَسَّपहुँच चुका हैmassaٱلْقَوْمَउस क़ौम कोl-qawmaقَرْحٌۭज़ख़्मqarḥunمِّثْلُهُۥ ۚमानिन्द उसी केmith'luhuوَتِلْكَऔर येwatil'kaٱلْأَيَّامُदिनl-ayāmuنُدَاوِلُهَاहम फेरते रहते हैं उन्हेंnudāwiluhāبَيْنَदर्मियानbaynaٱلنَّاسِलोगों केl-nāsiوَلِيَعْلَمَऔर ताकि जान लेwaliyaʿlamaٱللَّهُअल्लाहl-lahuٱلَّذِينَउनको जोalladhīnaءَامَنُوا۟ईमान लाएāmanūوَيَتَّخِذَऔर वो बना लेwayattakhidhaمِنكُمْतुम में सेminkumشُهَدَآءَ ۗगवाह/शहीदshuhadāaوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuلَا(does) notيُحِبُّनहीं वो मोहब्बत रखताyuḥibbuٱلظَّـٰلِمِينَज़ालिमों सेl-ẓālimīna١٤٠
यदि तुम्हें आघात पहुँचा है, तो उन लोगों1 को भी इसी के समान आघात पहुँच चुका है। तथा इन दिनों को हम लोगों के बीच फेरते रहते2 हैं। और ताकि अल्लाह उन लोगों को जान ले3 जो ईमान वाले हैं, और तुममें से कुछ लोगों को शहादत नसीब करे। और अल्लाह अत्याचार करने वालों को पसंद नहीं करता।
३:१४१
وَلِيُمَحِّصَऔर ताकि ख़ालिस कर लेwaliyumaḥḥiṣaٱللَّهُअल्लाहl-lahuٱلَّذِينَउन्हें जोalladhīnaءَامَنُوا۟ईमान लाएāmanūوَيَمْحَقَऔर मिटा देwayamḥaqaٱلْكَـٰفِرِينَकाफ़िरों कोl-kāfirīna١٤١
तथा ताकि अल्लाह ईमान वालों को विशुद्ध कर दे और काफ़िरों को विनष्ट कर दे।
३:१४२
أَمْक्याamحَسِبْتُمْगुमान किया तुमनेḥasib'tumأَنकिanتَدْخُلُوا۟तुम दाख़िल हो जाओगेtadkhulūٱلْجَنَّةَजन्नत मेंl-janataوَلَمَّاहालाँकि अभी तक नहींwalammāيَعْلَمِजानाyaʿlamiٱللَّهُअल्लाह नेl-lahuٱلَّذِينَउन्हें जिन्होंनेalladhīnaجَـٰهَدُوا۟जिहाद कियाjāhadūمِنكُمْतुम में सेminkumوَيَعْلَمَऔर (ताकि) वो जान लेwayaʿlamaٱلصَّـٰبِرِينَसब्र करने वालों कोl-ṣābirīna١٤٢
क्या तुमने समझ रखा है कि जन्नत में प्रवेश कर जाओगे, जबकि अल्लाह ने अभी (परीक्षाकर) यह नहीं परखा है कि तुममें से कौन जिहाद करने वाले हैं और कौन (संकट के समय) डटे रहने वाले हैं?
३:१४३
وَلَقَدْऔर अलबत्ता तहक़ीक़walaqadكُنتُمْथे तुमkuntumتَمَنَّوْنَतुम तमन्ना करतेtamannawnaٱلْمَوْتَमौत कीl-mawtaمِنfromminقَبْلِइससे पहलेqabliأَنकिanتَلْقَوْهُतुम मिलो उसेtalqawhuفَقَدْपस तहक़ीक़faqadرَأَيْتُمُوهُदेख लिया तुमने उसेra-aytumūhuوَأَنتُمْऔर तुमwa-antumتَنظُرُونَतुम देख रहे थेtanẓurūna١٤٣
तथा तुम तो मौत की कामनाएँ कर1 रहे थे, जब तक वह तुम्हारे सामने नहीं आई थी। लो, अब वह तुम्हारे सामने है, और तुम उसे देख रहे हो।
३:१४४
وَمَاऔर नहीं हैंwamāمُحَمَّدٌमोहम्मदmuḥammadunإِلَّاमगरillāرَسُولٌۭएक रसूलrasūlunقَدْतहक़ीक़qadخَلَتْगुज़र चुकेkhalatمِنfromminقَبْلِهِउनसे पहलेqablihiٱلرُّسُلُ ۚकई रसूलl-rusuluأَفَإِي۟نक्या फिर अगरafa-inمَّاتَवो मर जाऐंmātaأَوْorawقُتِلَया वो क़त्ल कर दिए जाऐंqutilaٱنقَلَبْتُمْपलट जाओगे तुमinqalabtumعَلَىٰٓonʿalāأَعْقَـٰبِكُمْ ۚअपनी एड़ियों परaʿqābikumوَمَنऔर जो कोईwamanيَنقَلِبْपलट जाएगाyanqalibعَلَىٰonʿalāعَقِبَيْهِअपनी दोनों एड़ियों परʿaqibayhiفَلَنतो हरगिज़ नहींfalanيَضُرَّवो नुक़सान देगाyaḍurraٱللَّهَअल्लाह कोl-lahaشَيْـًۭٔا ۗकुछ भीshayanوَسَيَجْزِىऔर अनक़रीब बदला देगाwasayajzīٱللَّهُअल्लाहl-lahuٱلشَّـٰكِرِينَशुक्र करने वालों कोl-shākirīna١٤٤
और मुह़म्मद केवल एक रसूल हैं। उनसे पहले बहुत-से रसूल गुज़र चुके हैं। तो क्या यदि वह मर जाएँ अथवा मार दिए जाएँ, तो तुम अपनी एड़ियों के बल1 फिर जाओगे? तथा जो अपनी एड़ियों के बल फिर जाएगा, वह अल्लाह का कुछ नहीं बिगाड़ेगा और अल्लाह शीघ्र ही आभारियों को बदला प्रदान करेगा।
३:१४५
وَمَاऔर नहींwamāكَانَहैkānaلِنَفْسٍकिसी नफ़्स के लिएlinafsinأَنकिanتَمُوتَवो मरेtamūtaإِلَّاमगरillāبِإِذْنِby (the) permissionbi-idh'niٱللَّهِअल्लाह के इज़्न सेl-lahiكِتَـٰبًۭاलिखा हुआ हैkitābanمُّؤَجَّلًۭا ۗमुक़र्रर वक़्तmu-ajjalanوَمَنऔर जो कोईwamanيُرِدْचाहता हैyuridثَوَابَबदलाthawābaٱلدُّنْيَاदुनिया काl-dun'yāنُؤْتِهِۦहम दे देते हैं उसेnu'tihiمِنْهَاउसमें सेmin'hāوَمَنऔर जो कोईwamanيُرِدْचाहता हैyuridثَوَابَसवाबthawābaٱلْـَٔاخِرَةِआख़िरत काl-ākhiratiنُؤْتِهِۦहम दे देंगे उसेnu'tihiمِنْهَا ۚउसमें सेmin'hāوَسَنَجْزِىऔर अनक़रीब हम बदला देंगेwasanajzīٱلشَّـٰكِرِينَशुक्र करने वालों कोl-shākirīna١٤٥
किसी प्राणी के लिए यह संभव नहीं है कि अल्लाह की अनुमति के बिना मर जाए। मृत्यु का एक निर्धारित समय लिखा हुआ है। जो दुनिया का बदला चाहेगा, हम उसे इस दुनिया में से कुछ देंगे, तथा जो आख़िरत का बदला चाहेगा, हम उसे उसमें से देंगे, और हम शुक्र करने वालों को जल्द ही बदला देंगे।
३:१४६
وَكَأَيِّنऔर कितने हीwaka-ayyinمِّنfromminنَّبِىٍّۢनबियों में सेnabiyyinقَـٰتَلَजंग कीqātalaمَعَهُۥउनके हमराहmaʿahuرِبِّيُّونَरब वालों नेribbiyyūnaكَثِيرٌۭबहुत सेkathīrunفَمَاतो नाfamāوَهَنُوا۟उन्होंने सुस्ती दिखाईwahanūلِمَآउसके लिए जोlimāأَصَابَهُمْपहुँचा उन्हेंaṣābahumفِىinسَبِيلِ(the) waysabīliٱللَّهِअल्लाह के रास्ते मेंl-lahiوَمَاऔर नाwamāضَعُفُوا۟वो कमज़ोर पड़ेḍaʿufūوَمَاऔर नाwamāٱسْتَكَانُوا۟ ۗवो दबेis'takānūوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuيُحِبُّमोहब्बत रखता हैyuḥibbuٱلصَّـٰبِرِينَसब्र करने वालों सेl-ṣābirīna١٤٦
और कितने ही नबी थे, जिनके साथ होकर बहुत-से अल्लाह वालों ने युद्ध किया, तो उन्होंने अल्लाह के मार्ग में पहुँचने वाली मुसीबतों के कारण न हिम्मत हारी और न कमज़ोरी दिखाई और न वे (दुश्मन के सामने) झुके, तथा अल्लाह धैर्य रखने वालों से प्रेम करता है।
३:१४७
وَمَاऔर नाwamāكَانَथीkānaقَوْلَهُمْबात उनकीqawlahumإِلَّآमगरillāأَنये किanقَالُوا۟उन्होंने कहाqālūرَبَّنَاऐ हमारे रबrabbanāٱغْفِرْforgiveigh'firلَنَاबख़्श दे हमारे लिएlanāذُنُوبَنَاगुनाह हमारेdhunūbanāوَإِسْرَافَنَاऔर ज़्यादतियाँ हमारीwa-is'rāfanāفِىٓinأَمْرِنَاहमारे मामले मेंamrināوَثَبِّتْऔर जमा देwathabbitأَقْدَامَنَاहमारे क़दमों कोaqdāmanāوَٱنصُرْنَاऔर मदद फ़रमा हमारीwa-unṣur'nāعَلَىoverʿalāٱلْقَوْمِऊपर उन लोगों केl-qawmiٱلْكَـٰفِرِينَजो काफ़िर हैंl-kāfirīna١٤٧
और उन्होंने इससे अधिक कुछ नहीं कहा कि : ऐ हमारे पालनहार! हमारे पापों को और हमारे मामले में हमसे होने वाली अति (ज़्यादती) को क्षमा कर दे। तथा हमारे पैरों को जमाए रख और काफ़िर क़ौम पर हमें विजय प्रदान कर।
३:१४८
فَـَٔاتَىٰهُمُतो अता किया उन्हेंfaātāhumuٱللَّهُअल्लाह नेl-lahuثَوَابَसवाबthawābaٱلدُّنْيَاदुनिया काl-dun'yāوَحُسْنَऔर अच्छाwaḥus'naثَوَابِसवाबthawābiٱلْـَٔاخِرَةِ ۗआख़िरत काl-ākhiratiوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuيُحِبُّमोहब्बत रखता हैyuḥibbuٱلْمُحْسِنِينَएहसान करने वालों सेl-muḥ'sinīna١٤٨
तो अल्लाह ने उन्हें दुनिया का बदला तथा आख़िरत का अच्छा बदला प्रदान किया। तथा अल्लाह अच्छे काम करने वाले लोगों से प्रेम करता है।
३:१४९
يَـٰٓأَيُّهَاO youyāayyuhāٱلَّذِينَऐ लोगो जोalladhīnaءَامَنُوٓا۟ईमान लाए होāmanūإِنअगरinتُطِيعُوا۟तुम इताअत करोगेtuṭīʿūٱلَّذِينَउनकी जिन्होंनेalladhīnaكَفَرُوا۟कुफ़्र कियाkafarūيَرُدُّوكُمْवो फेर देंगे तुम्हेंyaruddūkumعَلَىٰٓonʿalāأَعْقَـٰبِكُمْतुम्हारी एड़ियों परaʿqābikumفَتَنقَلِبُوا۟वरना पलट जाओगे तुमfatanqalibūخَـٰسِرِينَख़सारा पाने वाले (होकर)khāsirīna١٤٩
ऐ ईमान वालो! यदि तुम काफ़िरों के कहने पर चलोगे, तो वे तुम्हें तुम्हारी एड़ियों के बल फेर देंगे, फिर तुम घाटे में पड़ जाओगे।
३:१५०
بَلِबल्किbaliٱللَّهُअल्लाहl-lahuمَوْلَىٰكُمْ ۖमददगार है तुम्हाराmawlākumوَهُوَऔर वोwahuwaخَيْرُबेहतरीन हैkhayruٱلنَّـٰصِرِينَमदद करने वालों मेंl-nāṣirīna١٥٠
बल्कि अल्लाह ही तुम्हारा संरक्षक है तथा वह सबसे अच्छा सहायक है।
३:१५१
سَنُلْقِىअनक़रीब हम डाल देंगेsanul'qīفِىinقُلُوبِदिलों मेंqulūbiٱلَّذِينَउनके जिन्होंनेalladhīnaكَفَرُوا۟कुफ़्र कियाkafarūٱلرُّعْبَरौब कोl-ruʿ'baبِمَآबवजह उसके जोbimāأَشْرَكُوا۟उन्होंने शरीक ठहरायाashrakūبِٱللَّهِसाथ अल्लाह केbil-lahiمَاउसको जोلَمْनहींlamيُنَزِّلْउसने नाज़िल कीyunazzilبِهِۦजिसकीbihiسُلْطَـٰنًۭا ۖकोई दलीलsul'ṭānanوَمَأْوَىٰهُمُऔर ठिकाना उनकाwamawāhumuٱلنَّارُ ۚआग हैl-nāruوَبِئْسَऔर कितना बुरा हैwabi'saمَثْوَىठिकानाmathwāٱلظَّـٰلِمِينَज़ालिमों काl-ẓālimīna١٥١
हम जल्द ही काफ़िरों के दिलों में धाक बिठा देंगे, इस कारण कि उन्होंने ऐसी चीज़ों को अल्लाह का साझी बनाया है, जिन (के साझी होने) का कोई प्रमाण अल्लाह ने नहीं उतारा है। और इनका ठिकाना जहन्नम है और वह ज़ालिमों का क्या ही बुरा ठिकाना है?
३:१५२
وَلَقَدْऔर अलबत्ता तहक़ीक़walaqadصَدَقَكُمُसच्चा कर दिखाया तुमसेṣadaqakumuٱللَّهُअल्लाह नेl-lahuوَعْدَهُۥٓवादा अपनाwaʿdahuإِذْजबidhتَحُسُّونَهُمतुम क़त्ल कर रहे थे उन्हेंtaḥussūnahumبِإِذْنِهِۦ ۖउसके इज़्न सेbi-idh'nihiحَتَّىٰٓयहाँ तक किḥattāإِذَاजबidhāفَشِلْتُمْबुज़दिली दिखाई तुमनेfashil'tumوَتَنَـٰزَعْتُمْऔर झगड़ा किया तुमनेwatanāzaʿtumفِىconcerningٱلْأَمْرِहुक्म के बारे में (रसूल के)l-amriوَعَصَيْتُمऔर नाफ़रमानी की तुमनेwaʿaṣaytumمِّنۢfromminبَعْدِबाद उसकेbaʿdiمَآजोأَرَىٰكُمउसने दिखाया तुम्हेंarākumمَّاवो जोتُحِبُّونَ ۚतुम पसंद करते होtuḥibbūnaمِنكُمतुम में से कोई हैminkumمَّنजोmanيُرِيدُचाहता हैyurīduٱلدُّنْيَاदुनिया कोl-dun'yāوَمِنكُمऔर तुम में से कोई हैwaminkumمَّنजोmanيُرِيدُचाहता हैyurīduٱلْـَٔاخِرَةَ ۚआख़िरत कोl-ākhirataثُمَّफिरthummaصَرَفَكُمْउसने फेर दिया तुम्हेंṣarafakumعَنْهُمْउनसेʿanhumلِيَبْتَلِيَكُمْ ۖताकि वो आज़माए तुम्हेंliyabtaliyakumوَلَقَدْऔर अलबत्ता तहक़ीक़walaqadعَفَاउसने दरगुज़र कियाʿafāعَنكُمْ ۗतुमसेʿankumوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuذُو(is the) Possessordhūفَضْلٍफ़ज़ल वाला हैfaḍlinعَلَىforʿalāٱلْمُؤْمِنِينَमोमिनों परl-mu'minīna١٥٢
तथा अल्लाह ने तुम्हें अपना वचन सच कर दिखाया, जब तुम उसकी अनुमति से उन्हें काट1 रहे थे। यहाँ तक कि जब तुमने कायरता दिखाई, तथा (रसूल के) आदेश2 (के अनुपालन) में विवाद कर लिया और अवज्ञा की। (यह सब कुछ) इसके बाद (हुआ) कि अल्लाह ने तुम्हें वह चीज़ दिखा दी थी, जिसे तुम पसंद करते थे। तुममें से कुछ लोग दुनिया चाहते थे तथा कुछ लोग आख़िरत के इच्छुक थे। फिर उसने तुम्हें उनके मुक़ाबले से हटा दिया, ताकि तुम्हारी परीक्षा ले। निश्चय ही उसने तुम्हें क्षमा कर दिया और अल्लाह ईमान वालों के लिए अनुग्रहशील है।
३:१५३
۞ إِذْजबidhتُصْعِدُونَतुम चढ़े जा रहे थेtuṣ'ʿidūnaوَلَاऔर नाwalāتَلْوُۥنَतुम मुड़कर देखते थेtalwūnaعَلَىٰٓonʿalāأَحَدٍۢकिसी एक कोaḥadinوَٱلرَّسُولُऔर रसूलwal-rasūluيَدْعُوكُمْबुला रहे थे तुम्हेंyadʿūkumفِىٓ[in]أُخْرَىٰكُمْतुम्हारे पीछे सेukh'rākumفَأَثَـٰبَكُمْतो उसने दिया तुम्हेंfa-athābakumغَمًّۢاग़मghammanبِغَمٍّۢसाथ ग़म केbighamminلِّكَيْلَاताकि नाlikaylāتَحْزَنُوا۟तुम रंज करोtaḥzanūعَلَىٰउस परʿalāمَاजोفَاتَكُمْछिन गया तुम सेfātakumوَلَاऔर नाwalāمَآजोأَصَـٰبَكُمْ ۗपहुँचा तुम्हेंaṣābakumوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuخَبِيرٌۢख़ूब ख़बर रखने वाला हैkhabīrunبِمَاउसकी जोbimāتَعْمَلُونَतुम अमल करते होtaʿmalūna١٥٣
(और याद करो) जब तुम चढ़े (भागे) जा रहे थे और किसी को मुड़कर नहीं देख रहे थे और रसूल तुम्हें तुम्हारे पीछे से पुकार1 रहे थे। अतः इसके बदले में (अल्लाह ने) तुम्हें शोक पर शोक दिया ताकि जो तुम्हारे हाथ से निकल गया और जो मुसीबत तुम्हें पहुँची, उसपर शोकाकुल न हो। तथा अल्लाह उससे सूचित है, जो तुम कर रहे हो।
३:१५४
ثُمَّफिरthummaأَنزَلَउसने उताराanzalaعَلَيْكُمतुम परʿalaykumمِّنۢfromminبَعْدِबादbaʿdiٱلْغَمِّग़म केl-ghamiأَمَنَةًۭअमनamanatanنُّعَاسًۭاएक ऊँघnuʿāsanيَغْشَىٰढाँप लिया उसनेyaghshāطَآئِفَةًۭएक गिरोह कोṭāifatanمِّنكُمْ ۖतुम में सेminkumوَطَآئِفَةٌۭऔर एक गिरोहwaṭāifatunقَدْतहक़ीक़qadأَهَمَّتْهُمْफ़िक्र में डाला उन्हेंahammathumأَنفُسُهُمْउनके नफ़्सों नेanfusuhumيَظُنُّونَवो गुमान कर रहे थेyaẓunnūnaبِٱللَّهِअल्लाह के बारे मेंbil-lahiغَيْرَother thanghayraٱلْحَقِّनाहक़l-ḥaqiظَنَّगुमान करनाẓannaٱلْجَـٰهِلِيَّةِ ۖजाहिलियत काl-jāhiliyatiيَقُولُونَवो कह रहे थेyaqūlūnaهَلक्या हैhalلَّنَاहमारे लिएlanāمِنَfromminaٱلْأَمْرِमामले में सेl-amriمِنanyminشَىْءٍۢ ۗकोई चीज़shayinقُلْकह दीजिएqulإِنَّबेशकinnaٱلْأَمْرَमामलाl-amraكُلَّهُۥसब का सबkullahuلِلَّهِ ۗअल्लाह ही के लिए हैlillahiيُخْفُونَवो छुपा रहे थेyukh'fūnaفِىٓinأَنفُسِهِمअपने नफ़्सों मेंanfusihimمَّاजोلَاnotيُبْدُونَनहीं वो ज़ाहिर कर रहे थेyub'dūnaلَكَ ۖआपके लिएlakaيَقُولُونَवो कह रहे थेyaqūlūnaلَوْअगरlawكَانَहोताkānaلَنَاहमारे लिएlanāمِنَfromminaٱلْأَمْرِमामले में सेl-amriشَىْءٌۭकुछ भीshayonمَّاनाقُتِلْنَاक़त्ल किए जाते हमqutil'nāهَـٰهُنَا ۗउस जगहhāhunāقُلकह दीजिएqulلَّوْअगरlawكُنتُمْहोते तुमkuntumفِىinبُيُوتِكُمْअपने घरों मेंbuyūtikumلَبَرَزَअलबत्ता निकल पड़तेlabarazaٱلَّذِينَवो जोalladhīnaكُتِبَलिख दिया गया थाkutibaعَلَيْهِمُजिन परʿalayhimuٱلْقَتْلُक़त्ल होनाl-qatluإِلَىٰतरफ़ilāمَضَاجِعِهِمْ ۖअपने (सोने) मौत के मक़ामात केmaḍājiʿihimوَلِيَبْتَلِىَऔर ताकि आज़मा लेwaliyabtaliyaٱللَّهُअल्लाहl-lahuمَاउसको जोفِى(is) inصُدُورِكُمْतुम्हारे सीनों में हैṣudūrikumوَلِيُمَحِّصَऔर ताकि वो ख़ालिस कर देwaliyumaḥḥiṣaمَاउसको जोفِى(is) inقُلُوبِكُمْ ۗतुम्हारे दिलों में हैqulūbikumوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuعَلِيمٌۢख़ूब जानने वाला हैʿalīmunبِذَاتِof whatbidhātiٱلصُّدُورِसीनों वाले (भेद)l-ṣudūri١٥٤
फिर इस शोक के बाद उसने तुमपर शांति उतारी (यानी) ऊँघ जो तुम्हारे एक समूह1 को घेर रही थी और एक समूह को केवल अपने प्राणों2 की चिंता थी। वे अल्लाह के बारे में अनुचित अज्ञानता काल का गुमान कर रहे थे। वे कहते थे कि क्या (इस) मामले में हमारा भी कोई अधिकार है? (ऐ नबी!) कह दें कि सब अधिकार अल्लाह को है। वे अपने दिलों में वह (बात) छिपाते हैं जो आपके सामने प्रकट नहीं करते हैं। वे कहते हैं कि यदि (इस) मामले में हमारा भी कुछ अधिकार होता, तो हम यहाँ मारे न जाते। आप कह दें : यदि तुम अपने घरों में भी होते, तब भी जिनके (भाग्य में) मारा जाना लिख दिया गया था, वे अवश्य अपने मरने के स्थानों की ओर निकल आते। और ताकि अल्लाह जो कुछ तुम्हारे सीनों में है, उसे आज़माए और जो कुछ तुम्हारे दिलों में है, उसे विशुद्ध कर दे। और अल्लाह दिलों के भेदों से अवगत है।
३:१५५
إِنَّबेशकinnaٱلَّذِينَवो जोalladhīnaتَوَلَّوْا۟फिर गएtawallawمِنكُمْतुम में सेminkumيَوْمَजिस दिनyawmaٱلْتَقَىआमने सामने हुईंl-taqāٱلْجَمْعَانِदो जमाअतेंl-jamʿāniإِنَّمَاबेशकinnamāٱسْتَزَلَّهُمُफुसलाया था उन्हेंis'tazallahumuٱلشَّيْطَـٰنُशैतान नेl-shayṭānuبِبَعْضِबवजह बाज़ (आमाल) केbibaʿḍiمَاजोكَسَبُوا۟ ۖउन्होंने कमाएkasabūوَلَقَدْऔर अलबत्ता तहक़ीक़walaqadعَفَاदरगुज़र कियाʿafāٱللَّهُअल्लाह नेl-lahuعَنْهُمْ ۗउनसेʿanhumإِنَّबेशकinnaٱللَّهَअल्लाहl-lahaغَفُورٌबहुत बख़्शने वाला हैghafūrunحَلِيمٌۭबहुत बुर्दबार हैḥalīmun١٥٥
वस्तुतः तुममें से जिन लोगों ने दो गिरोहों के आमने सामने होने के दिन पीठ दिखाई, उन्हें शैतान ने उनके कुछ कर्मों के कारण फिसला दिया था। और अल्लाह उन्हें क्षमा कर चुका है। वास्तव में, अल्लाह अति क्षमावान्, सहनशील है।
३:१५६
يَـٰٓأَيُّهَاO youyāayyuhāٱلَّذِينَऐ लोगो जोalladhīnaءَامَنُوا۟ईमान लाए होāmanūلَا(Do) notتَكُونُوا۟ना तुम हो जाओtakūnūكَٱلَّذِينَउनकी तरहka-alladhīnaكَفَرُوا۟जिन्होंने कुफ़्र कियाkafarūوَقَالُوا۟और उन्होंने कहाwaqālūلِإِخْوَٰنِهِمْअपने भाईंयों कोli-ikh'wānihimإِذَاजबidhāضَرَبُوا۟वो चले फिरेḍarabūفِىinٱلْأَرْضِज़मीन मेंl-arḍiأَوْयाawكَانُوا۟थे वोkānūغُزًّۭىग़ाज़ी/लड़ने वालेghuzzanلَّوْअगरlawكَانُوا۟होते वोkānūعِندَنَاपास हमारेʿindanāمَاनाمَاتُوا۟वो मरतेmātūوَمَاऔर नाwamāقُتِلُوا۟वो क़त्ल किए जातेqutilūلِيَجْعَلَताकि बना देliyajʿalaٱللَّهُअल्लाहl-lahuذَٰلِكَउसकोdhālikaحَسْرَةًۭहसरत का सबबḥasratanفِىinقُلُوبِهِمْ ۗउनके दिलों मेंqulūbihimوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuيُحْىِۦज़िन्दा करता हैyuḥ'yīوَيُمِيتُ ۗऔर वो मौत देता हैwayumītuوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuبِمَاउसे जोbimāتَعْمَلُونَतुम अमल करते होtaʿmalūnaبَصِيرٌۭख़ूब देखने वाला हैbaṣīrun١٥٦
ऐ ईमान वालो! तुम उन लोगों के समान न हो जाओ, जिन्होंने कुफ़्र किया और अपने भाइयों के बारे में जबकि वे यात्रा पर गए हों या जिहाद के लिए निकले यह कहने लगे कि : यदि वे हमारे पास रहते तो न मरते और न क़त्ल किए जाते। (ऐसी बात उनके दिल में इसलिए आती है) ताकि अल्लाह इसे उनके दिलों में संताप का कारण बना दे। तथा अल्लाह ही जीवित करता और मृत्यु देता है। और तुम जो कुछ करते हो, अल्लाह उसे देख रहा है।
३:१५७
وَلَئِنऔर अलबत्ता अगरwala-inقُتِلْتُمْक़त्ल किए जाओ तुमqutil'tumفِىinسَبِيلِ(the) waysabīliٱللَّهِअल्लाह के रास्ते मेंl-lahiأَوْयाawمُتُّمْमर जाओ तुमmuttumلَمَغْفِرَةٌۭअलबत्ता बख़्शिशlamaghfiratunمِّنَfromminaٱللَّهِअल्लाह की तरफ़ सेl-lahiوَرَحْمَةٌऔर रहमतwaraḥmatunخَيْرٌۭबहुत बेहतर हैkhayrunمِّمَّاउससे जोmimmāيَجْمَعُونَवो जमा कर रहे हैंyajmaʿūna١٥٧
और यदि तुम अल्लाह के मार्ग में क़त्ल कर दिए जाओ या मर जाओ, तो अल्लाह की क्षमा और दया उससे बेहतर है, जो वे लोग बटोर रहे हैं।
३:१५८
وَلَئِنऔर अलबत्ता अगरwala-inمُّتُّمْमर जाओ तुमmuttumأَوْयाawقُتِلْتُمْक़त्ल किए जाओ तुमqutil'tumلَإِلَىअलबत्ता तरफ़la-ilāٱللَّهِअल्लाह केl-lahiتُحْشَرُونَतुम इकट्ठे किए जाओगेtuḥ'sharūna١٥٨
तथा यदि तुम मर गए या मार दिए गए, तो निश्चित रूप से तुम अल्लाह ही के पास इकट्ठे किए जाओगे।
३:१५९
فَبِمَاफिर बवजहfabimāرَحْمَةٍۢरहमत केraḥmatinمِّنَfromminaٱللَّهِअल्लाह की तरफ़ सेl-lahiلِنتَनर्म हो गए आपlintaلَهُمْ ۖउनके लिएlahumوَلَوْऔर अगरwalawكُنتَहोते आपkuntaفَظًّاतुन्दख़ूfaẓẓanغَلِيظَसख़्तghalīẓaٱلْقَلْبِदिलl-qalbiلَٱنفَضُّوا۟अलबत्ता वो मुन्तशिर हो जातेla-infaḍḍūمِنْfromminحَوْلِكَ ۖआपके आस पास सेḥawlikaفَٱعْفُपस दरगुज़र कीजिएfa-uʿ'fuعَنْهُمْउनसेʿanhumوَٱسْتَغْفِرْऔर बख़्शिश माँगिएwa-is'taghfirلَهُمْउनके लिएlahumوَشَاوِرْهُمْऔर मशवरा कीजिए उनसेwashāwir'humفِىinٱلْأَمْرِ ۖमामले मेंl-amriفَإِذَاफिर जबfa-idhāعَزَمْتَपुख़्ता इरादा करें आपʿazamtaفَتَوَكَّلْतो तवक्कल कीजिएfatawakkalعَلَىonʿalāٱللَّهِ ۚअल्लाह परl-lahiإِنَّबेशकinnaٱللَّهَअल्लाहl-lahaيُحِبُّमोहब्बत रखता हैyuḥibbuٱلْمُتَوَكِّلِينَतवक्कल करने वालों सेl-mutawakilīna١٥٩
अल्लाह की दया के कारण (ऐ नबी!) आप उनके1 लिए सरल स्वभाव के हैं। और यदि आप प्रखर स्वभाव और कठोर हृदय के होते, तो वे आपके पास से छट जाते। अतः आप उन्हें माफ़ कर दें और उनके लिए क्षमा याचना करें। तथा उनसे मामलों में परामर्श करें। फिर जब आप दृढ़ संकल्प कर लें, तो अल्लाह पर भरोसा करें। निःसंदेह अल्लाह भरोसा करने वालों को पसंद करता है।
३:१६०
إِنअगरinيَنصُرْكُمُमदद करे तुम्हारीyanṣur'kumuٱللَّهُअल्लाहl-lahuفَلَاतो नहींfalāغَالِبَकोई ग़ालिब आने वालाghālibaلَكُمْ ۖतुम परlakumوَإِنऔर अगरwa-inيَخْذُلْكُمْवो छोड़ दे तुम्हेंyakhdhul'kumفَمَنतो कौन हैfamanذَا(is)dhāٱلَّذِىवो जोalladhīيَنصُرُكُمमदद करेगा तुम्हारीyanṣurukumمِّنۢfromminبَعْدِهِۦ ۗबाद उसकेbaʿdihiوَعَلَىAnd onwaʿalāٱللَّهِऔर अल्लाह ही परl-lahiفَلْيَتَوَكَّلِपस चाहिए कि तवक्कल किया करेंfalyatawakkaliٱلْمُؤْمِنُونَईमान वालेl-mu'minūna١٦٠
यदि अल्लाह तुम्हारी सहायता करे, तो कोई तुमपर प्रभावी नहीं हो सकता। और यदि वह तुम्हें असहाय छोड़ दे, तो फिर कौन है जो उसके बाद तुम्हारी सहायता कर सकेॽ अतः ईमान वालों को अल्लाह ही पर भरोसा करना चाहिए।
३:१६१
وَمَاऔर नहींwamāكَانَहैkānaلِنَبِىٍّकिसी नबी के लिएlinabiyyinأَنकिanيَغُلَّ ۚवो ख़यानत करेyaghullaوَمَنऔर जो कोईwamanيَغْلُلْख़यानत करेगाyaghlulيَأْتِवो ले आएगाyatiبِمَاउसको जोbimāغَلَّउसने ख़यानत कीghallaيَوْمَदिनyawmaٱلْقِيَـٰمَةِ ۚक़यामत केl-qiyāmatiثُمَّफिरthummaتُوَفَّىٰपूरा पूरा दिया जाएगाtuwaffāكُلُّहरkulluنَفْسٍۢनफ़्स कोnafsinمَّاजोكَسَبَتْउसने कमायाkasabatوَهُمْऔर वोwahumلَا(will) notيُظْلَمُونَना वो ज़ुल्म किए जाऐंगेyuẓ'lamūna١٦١
यह किसी नबी के लिए संभव नहीं है कि ग़नीमत के धन में ख़यानत1 करे, और जो ख़यानत करेगा तो जो उसने ख़यानत की होगी उसके साथ क़ियामत के दिन उपस्थित होगा। फिर प्रत्येक प्राणी को उसके किए का पूरा-पूरा बदला दिया जाएगा और उनपर अत्याचार नहीं किया जाएगा।
३:१६२
أَفَمَنِक्या भला वो जोafamaniٱتَّبَعَपैरवी करेittabaʿaرِضْوَٰنَ(the) pleasureriḍ'wānaٱللَّهِअल्लाह की रज़ा कीl-lahiكَمَنۢउसकी तरह हो सकता है जोkamanبَآءَपलटेbāaبِسَخَطٍۢसाथ नाराज़गी केbisakhaṭinمِّنَofminaٱللَّهِअल्लाह की तरफ़ सेl-lahiوَمَأْوَىٰهُऔर ठिकाना उसकाwamawāhuجَهَنَّمُ ۚजहन्नम होjahannamuوَبِئْسَऔर कितनी बुरी हैwabi'saٱلْمَصِيرُलौटने की जगहl-maṣīru١٦٢
तो क्या जिसने अल्लाह की प्रसन्नता का अनुसरण किया, उस व्यक्ति के समान हो सकता है जो अल्लाह का क्रोध1 लेकर वापस हुआ और जिसका आवास नरक हैॽ और वह बहुत बुरा ठिकाना है।
३:१६३
هُمْवोhumدَرَجَـٰتٌदर्जों में हैं (मुख़्तलिफ़)darajātunعِندَnearʿindaٱللَّهِ ۗअल्लाह के नज़दीकl-lahiوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuبَصِيرٌۢख़ूब देखने वाला हैbaṣīrunبِمَاउसको जोbimāيَعْمَلُونَवो अमल करते हैंyaʿmalūna١٦٣
अल्लाह के पास उनके (विभिन्न) दर्जे1 हैं, तथा वे जो कुछ कर रहे हैं अल्लाह उसे देख रहा है।
३:१६४
لَقَدْअलबत्ता तहक़ीक़laqadمَنَّएहसान कियाmannaٱللَّهُअल्लाह नेl-lahuعَلَىuponʿalāٱلْمُؤْمِنِينَमोमिनों परl-mu'minīnaإِذْजबidhبَعَثَउसने भेजाbaʿathaفِيهِمْउन्ही मेंfīhimرَسُولًۭاएक रसूलrasūlanمِّنْfromminأَنفُسِهِمْउनके नफ़्सों में सेanfusihimيَتْلُوا۟वो तिलावत करता हैyatlūعَلَيْهِمْउन परʿalayhimءَايَـٰتِهِۦआयात उसकीāyātihiوَيُزَكِّيهِمْऔर वो पाक करता है उन्हेंwayuzakkīhimوَيُعَلِّمُهُمُऔर वो सिखाता है उन्हेंwayuʿallimuhumuٱلْكِتَـٰبَकिताबl-kitābaوَٱلْحِكْمَةَऔर हिकमतwal-ḥik'mataوَإِنऔर बेशकwa-inكَانُوا۟थे वोkānūمِنfromminقَبْلُइससे पहलेqabluلَفِىcertainly inlafīضَلَـٰلٍۢअलबत्ता गुमराही मेंḍalālinمُّبِينٍखुली/वाज़ेहmubīnin١٦٤
निःसंदेह अल्लाह ने ईमान वालों पर बड़ा उपकार किया कि उनके अंदर उन्हीं में से एक रसूल भेजा, जो उन्हें (अल्लाह) की आयतें पढ़कर सुनाता है और उन्हें पवित्र करता है तथा उन्हें किताब (क़ुरआन) और ह़िकमत (सुन्नत) की शिक्षा देता है। निःसंदेह वे इससे पहले खुली गुमराही में थे।
३:१६५
أَوَلَمَّآक्या भला जबawalammāأَصَـٰبَتْكُمपहुँची तुम्हेंaṣābatkumمُّصِيبَةٌۭएक मुसीबतmuṣībatunقَدْतहक़ीक़qadأَصَبْتُمपहुँचाई तुमनेaṣabtumمِّثْلَيْهَاउससे दोगुनीmith'layhāقُلْتُمْकहा तुमनेqul'tumأَنَّىٰकहाँ से (आई)annāهَـٰذَا ۖयेhādhāقُلْकह दीजिएqulهُوَवोhuwaمِنْ(is)minعِندِfromʿindiأَنفُسِكُمْ ۗतुम्हारे नफ़्सों की जानिब से हैanfusikumإِنَّबेशकinnaٱللَّهَअल्लाहl-lahaعَلَىٰऊपरʿalāكُلِّहरkulliشَىْءٍۢचीज़ केshayinقَدِيرٌۭख़ूब क़ुदरत रखने वाला हैqadīrun١٦٥
क्या जब तुम्हें एक ऐसी विपत्ति1 पहुँची, जिसकी दोगुनी विपत्ति तुम (काफ़िरों को) पहुँचा2 चुके थे, तो तुम कहने लगे कि : यह कहाँ से आ गई? (ऐ नबी!) कह दीजिए : यह तुम्हारे ही पास से3 आई है। निःसंदेह अल्लाह हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है।
३:१६६
وَمَآऔर जो कुछwamāأَصَـٰبَكُمْपहुँचा तुम्हेंaṣābakumيَوْمَजिस दिनyawmaٱلْتَقَىआमने सामने हुईंl-taqāٱلْجَمْعَانِदो जमाअतेंl-jamʿāniفَبِإِذْنِ(was) by (the) permissionfabi-idh'niٱللَّهِपस अल्लाह के इज़्न से थाl-lahiوَلِيَعْلَمَऔर ताकि वो जान लेwaliyaʿlamaٱلْمُؤْمِنِينَमोमिनों कोl-mu'minīna١٦٦
और दोनों गिरोहों के मुठभेड़ के दिन जो विपत्ति तुम्हें पहुँची है, वह अल्लाह के आदेश से पहुँची है। और ताकि वह (अल्लाह) ईमान वालों को (अच्छी तरह) जान ले।
३:१६७
وَلِيَعْلَمَऔर ताकि वो जान लेwaliyaʿlamaٱلَّذِينَउनको जिन्होंनेalladhīnaنَافَقُوا۟ ۚमुनाफ़िक़त कीnāfaqūوَقِيلَऔर कहा गयाwaqīlaلَهُمْउन्हेंlahumتَعَالَوْا۟आओtaʿālawقَـٰتِلُوا۟जंग करोqātilūفِىinسَبِيلِ(the) waysabīliٱللَّهِअल्लाह के रास्ते मेंl-lahiأَوِयाawiٱدْفَعُوا۟ ۖदिफ़ा करोid'faʿūقَالُوا۟उन्होंने कहाqālūلَوْअगरlawنَعْلَمُहम जानते होतेnaʿlamuقِتَالًۭاजंग करनाqitālanلَّٱتَّبَعْنَـٰكُمْ ۗज़रूर पैरवी करते हम तुम्हारीla-ittabaʿnākumهُمْवोhumلِلْكُفْرِकुफ़्र केlil'kuf'riيَوْمَئِذٍउस दिनyawma-idhinأَقْرَبُज़्यादा क़रीब थेaqrabuمِنْهُمْउनसेmin'humلِلْإِيمَـٰنِ ۚबनिस्बत ईमान केlil'īmāniيَقُولُونَवो कह रहे थेyaqūlūnaبِأَفْوَٰهِهِمअपने मुँहों सेbi-afwāhihimمَّاवो जोلَيْسَनहीं थाlaysaفِىinقُلُوبِهِمْ ۗउनके दिलों मेंqulūbihimوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuأَعْلَمُज़्यादा जानता हैaʿlamuبِمَاउसको जोbimāيَكْتُمُونَवो छुपाते थेyaktumūna١٦٧
और ताकि उन लगों को भी जान ले, जो मुनाफ़िक़ हैं, जिनसे कहा गया कि आओ अल्लाह की राह में युद्ध करो अथवा (आम मुसलमानों की) रक्षा करो, तो उन्होंने कहा कि यदि हम जानते कि युद्ध होगा, तो अवश्य तुम्हारा साथ देते। वे उस दिन ईमान की अपेक्षा कुफ़्र के अधिक निकट थे। वे अपने मुँह से ऐसी बातें बोलते हैं, जो उनके दिलों में नहीं होती। तथा अल्लाह उसे भली-भाँति जानता है जो वे छिपाते हैं।
३:१६८
ٱلَّذِينَवो जिन्होंनेalladhīnaقَالُوا۟कहाqālūلِإِخْوَٰنِهِمْअपने भाईंयों कोli-ikh'wānihimوَقَعَدُوا۟और वो ख़ुद बैठ गएwaqaʿadūلَوْअगरlawأَطَاعُونَاवो इताअत करते हमारीaṭāʿūnāمَاनाقُتِلُوا۟ ۗवो क़त्ल किए जातेqutilūقُلْकह दीजिएqulفَٱدْرَءُوا۟पस दूर करोfa-id'raūعَنْfromʿanأَنفُسِكُمُअपने नफ़्सों सेanfusikumuٱلْمَوْتَमौत कोl-mawtaإِنअगरinكُنتُمْहो तुमkuntumصَـٰدِقِينَसच्चेṣādiqīna١٦٨
ये वही लोग हैं जो स्वयं तो (लड़ाई से) पीछे बैठे रहे और अपने भाइयों के बारे में कहने लगे : यदि वे हमारी बात मानते, तो मारे न जाते! (ऐ नबी!) कह दीजिए : फिर तो मौत1 से अपनी रक्षा कर लो, यदि तुम सच्चे हो।
३:१६९
وَلَاऔर नाwalāتَحْسَبَنَّआप हरगिज़ गुमान करेंtaḥsabannaٱلَّذِينَउनको जोalladhīnaقُتِلُوا۟क़त्ल कर दिए गएqutilūفِىinسَبِيلِ(the) waysabīliٱللَّهِअल्लाह के रास्ते मेंl-lahiأَمْوَٰتًۢا ۚमुर्देamwātanبَلْबल्किbalأَحْيَآءٌज़िन्दा हैंaḥyāonعِندَपासʿindaرَبِّهِمْअपने रब केrabbihimيُرْزَقُونَवो रिज़्क दिए जाते हैंyur'zaqūna١٦٩
जो लोग अल्लाह के मार्ग में मारे गए हैं, उन्हें कदापि मृत न समझो, बल्कि वे जीवित1 हैं, अपने पालनहार के पास रोज़ी दिए जाते हैं।
३:१७०
فَرِحِينَख़ुश हैंfariḥīnaبِمَآउस पर जोbimāءَاتَىٰهُمُअता किया उन्हेंātāhumuٱللَّهُअल्लाह नेl-lahuمِنofminفَضْلِهِۦअपने फ़ज़ल सेfaḍlihiوَيَسْتَبْشِرُونَऔर वो ख़ुश होते हैंwayastabshirūnaبِٱلَّذِينَउनके बारे मेंbi-alladhīnaلَمْनहींlamيَلْحَقُوا۟वो मिलेyalḥaqūبِهِمउन्हेंbihimمِّنْ[from]minخَلْفِهِمْउनके पीछे सेkhalfihimأَلَّاकि नाallāخَوْفٌकोई ख़ौफ़ होगाkhawfunعَلَيْهِمْउन परʿalayhimوَلَاऔर नाwalāهُمْवोhumيَحْزَنُونَवो ग़मगीन होंगेyaḥzanūna١٧٠
वे उससे प्रसन्न हैं, जो अल्लाह ने अपनी कृपा से उन्हें प्रदान किया है, और उन लोगों के लिए भी खुश हो रहे हैं, जो उनके पीछे1 रह गए हैं, अभी उनसे मिले नहीं हैं कि उन्हें भी न कोई भय होगा और न वे दुःखी होंगे।
३:१७१
۞ يَسْتَبْشِرُونَवो ख़ुश होते हैंyastabshirūnaبِنِعْمَةٍۢनेअमत परbiniʿ'matinمِّنَfromminaٱللَّهِअल्लाह की तरफ़ सेl-lahiوَفَضْلٍۢऔर फ़ज़ल परwafaḍlinوَأَنَّऔर बेशकwa-annaٱللَّهَअल्लाहl-lahaلَا(does) notيُضِيعُनहीं वो ज़ाया करताyuḍīʿuأَجْرَअजरajraٱلْمُؤْمِنِينَईमान वालों काl-mu'minīna١٧١
वे अल्लाह के अनुग्रह और उसकी कृपा से खुश हो रहे हैं और इससे कि अल्लाह ईमान वालों का बदला नष्ट नहीं करता।
३:१७२
ٱلَّذِينَवो जिन्होंनेalladhīnaٱسْتَجَابُوا۟हुक्म मानाis'tajābūلِلَّهِअल्लाह काlillahiوَٱلرَّسُولِऔर रसूल काwal-rasūliمِنۢfromminبَعْدِबाद इसकेbaʿdiمَآजोأَصَابَهُمُपहुँचा उन्हेंaṣābahumuٱلْقَرْحُ ۚज़ख़्मl-qarḥuلِلَّذِينَउनके लिए जिन्होंनेlilladhīnaأَحْسَنُوا۟एहसान कियाaḥsanūمِنْهُمْउनमें सेmin'humوَٱتَّقَوْا۟और तक़वा कियाwa-ittaqawأَجْرٌअजर हैajrunعَظِيمٌबहुत बड़ाʿaẓīmun١٧٢
जिन लोगों ने अल्लाह और रसूल की पुकार को स्वीकार1 किया, इसके पश्चात् कि उन्हें आघात पहुँच चुका था। उनमें से सत्कर्म करने वालों और (अल्लाह से) डरने वालों के लिए महान प्रतिफल है।
३:१७३
ٱلَّذِينَवो जोalladhīnaقَالَकहाqālaلَهُمُउन्हेंlahumuٱلنَّاسُलोगों नेl-nāsuإِنَّबेशकinnaٱلنَّاسَलोगl-nāsaقَدْतहक़ीक़qadجَمَعُوا۟जमा हो गए हैंjamaʿūلَكُمْतुम्हारे लिएlakumفَٱخْشَوْهُمْपस डरो उनसेfa-ikh'shawhumفَزَادَهُمْपस उसने बढ़ा दिया उन्हेंfazādahumإِيمَـٰنًۭاईमान मेंīmānanوَقَالُوا۟और उन्होंने कहाwaqālūحَسْبُنَاकाफ़ी है हमेंḥasbunāٱللَّهُअल्लाहl-lahuوَنِعْمَऔर कितना अच्छा हैwaniʿ'maٱلْوَكِيلُकारसाज़l-wakīlu١٧٣
ये वही लोग हैं जिनसे लोगों ने कहा कि दुश्मनों ने तुम्हारे विरुद्ध सेना इकट्ठा कर ली है।1 अतः उनसे डरो। तो इस (सूचना) ने उनके ईमान को और बढ़ा दिया और उन्होंने कहा : हमारे लिए अल्लाह काफ़ी है और वह बहुत अच्छा कार्यसाधक (काम बनाने वाला) है।
३:१७४
فَٱنقَلَبُوا۟पस वो पलट आएfa-inqalabūبِنِعْمَةٍۢसाथ नेअमत केbiniʿ'matinمِّنَofminaٱللَّهِअल्लाह की तरफ़ सेl-lahiوَفَضْلٍۢऔर फ़ज़ल केwafaḍlinلَّمْनहींlamيَمْسَسْهُمْछुआ उन्हेंyamsashumسُوٓءٌۭकिसी बुराई (तकलीफ़) नेsūonوَٱتَّبَعُوا۟और उन्होंने पैरवी कीwa-ittabaʿūرِضْوَٰنَ(the) pleasureriḍ'wānaٱللَّهِ ۗअल्लाह की रज़ा कीl-lahiوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuذُو(is) Possessordhūفَضْلٍफ़ज़ल वाला हैfaḍlinعَظِيمٍबहुत बड़ेʿaẓīmin١٧٤
चुनांचे वे अल्लाह की ओर से प्राप्त होने वाली नेमत और अनुग्रह के साथ1 लौटे। उन्हें कोई तकलीफ़ नहीं पहुँची। तथा वे अल्लाह की प्रसन्नता के मार्ग पर चले। और अल्लाह बड़े अनुग्रह वाला है।
३:१७५
إِنَّمَاबेशकinnamāذَٰلِكُمُयेdhālikumuٱلشَّيْطَـٰنُशैतान हैl-shayṭānuيُخَوِّفُजो डराता हैyukhawwifuأَوْلِيَآءَهُۥअपने दोस्तों कोawliyāahuفَلَاतो नाfalāتَخَافُوهُمْतुम डरो उनसेtakhāfūhumوَخَافُونِऔर डरो मुझसेwakhāfūniإِنअगरinكُنتُمहो तुमkuntumمُّؤْمِنِينَईमान लाने वालेmu'minīna١٧٥
वह तो शैतान है, जो तुम्हें अपने सहयोगियों से डरा रहा है। अतः तुम उनसे1 न डरो और केवल मुझसे डरो, यदि तुम ईमान वाले हो।
३:१७६
وَلَاऔर नाwalāيَحْزُنكَग़मगीन करें आपकोyaḥzunkaٱلَّذِينَवो जोalladhīnaيُسَـٰرِعُونَजल्दी करते हैंyusāriʿūnaفِىin(to)ٱلْكُفْرِ ۚकुफ़्र मेंl-kuf'riإِنَّهُمْबेशक वोinnahumلَنहरगिज़ नहींlanيَضُرُّوا۟वो नुक़सान दे सकतेyaḍurrūٱللَّهَअल्लाह कोl-lahaشَيْـًۭٔا ۗकुछ भीshayanيُرِيدُचाहता हैyurīduٱللَّهُअल्लाहl-lahuأَلَّاकि नाallāيَجْعَلَवो रखेyajʿalaلَهُمْउनके लिएlahumحَظًّۭاकोई हिस्साḥaẓẓanفِىinٱلْـَٔاخِرَةِ ۖआख़िरत मेंl-ākhiratiوَلَهُمْऔर उनके लिएwalahumعَذَابٌअज़ाब हैʿadhābunعَظِيمٌबहुत बड़ाʿaẓīmun١٧٦
(ऐ नबी!) वे लोग आपको दुःखी न करें, जो कुफ़्र में तेज़ी दिखा रहे हैं। वे अल्लाह को कदापि कोई हानि नहीं पहुँचा सकेंगे। अल्लाह चाहता है कि आख़िरत (परलोक) में उनका कोई हिस्सा न रखे तथा उनके लिए बड़ी यातना है।
३:१७७
إِنَّबेशकinnaٱلَّذِينَवो जिन्होंनेalladhīnaٱشْتَرَوُا۟ख़रीद लियाish'tarawūٱلْكُفْرَकुफ़्र कोl-kuf'raبِٱلْإِيمَـٰنِबदले ईमान केbil-īmāniلَنहरगिज़ नहींlanيَضُرُّوا۟वो नुक़सान दे सकतेyaḍurrūٱللَّهَअल्लाह कोl-lahaشَيْـًۭٔاकुछ भीshayanوَلَهُمْऔर उनके लिएwalahumعَذَابٌअज़ाब हैʿadhābunأَلِيمٌۭदर्दनाकalīmun١٧٧
निःसंदेह जिन लोगों ने ईमान के बदले कुफ़्र का सौदा किया, वे अल्लाह का कुछ नहीं बिगाड़ेंगे। तथा उनके लिए दुःखदायी यातना है।
३:१७८
وَلَاऔर नाwalāيَحْسَبَنَّहरगिज़ गुमान करेंyaḥsabannaٱلَّذِينَवो जिन्होंनेalladhīnaكَفَرُوٓا۟कुफ़्र कियाkafarūأَنَّمَاबेशक जोannamāنُمْلِىहम ढील दे रहे हैंnum'līلَهُمْउन्हेंlahumخَيْرٌۭबेहतर हैkhayrunلِّأَنفُسِهِمْ ۚउनके नफ़्सों के लिएli-anfusihimإِنَّمَاबेशकinnamāنُمْلِىहम ढील दे रहे हैंnum'līلَهُمْउन्हेंlahumلِيَزْدَادُوٓا۟ताकि वो बढ़ जाऐंliyazdādūإِثْمًۭا ۚगुनाह मेंith'manوَلَهُمْऔर उनके लिएwalahumعَذَابٌۭअज़ाब हैʿadhābunمُّهِينٌۭरुस्वा करने वालाmuhīnun١٧٨
जो लोग काफ़िर हो गए, वे हरगिज़ यह न समझें कि हमारा उन्हें ढील1 देना, उनके लिए अच्छा है। वास्तव में, हम उन्हें इसलिए ढील दे रहे हैं, ताकि उनके पाप2 और बढ़ जाएँ। तथा उनके लिए अपमानजनक यातना है।
३:१७९
مَّاनहींكَانَहैkānaٱللَّهُअल्लाहl-lahuلِيَذَرَकि वो छोड़ देliyadharaٱلْمُؤْمِنِينَमोमिनों कोl-mu'minīnaعَلَىٰऊपर उसकेʿalāمَآजो होأَنتُمْतुमantumعَلَيْهِजिस परʿalayhiحَتَّىٰयहाँ तक किḥattāيَمِيزَवो छाँट देyamīzaٱلْخَبِيثَनापाक कोl-khabīthaمِنَfromminaٱلطَّيِّبِ ۗपाक सेl-ṭayibiوَمَاऔर नहींwamāكَانَहैkānaٱللَّهُअल्लाहl-lahuلِيُطْلِعَكُمْकि वो आगाह करे तुम्हेंliyuṭ'liʿakumعَلَىaboutʿalāٱلْغَيْبِग़ैब परl-ghaybiوَلَـٰكِنَّऔर लेकिनwalākinnaٱللَّهَअल्लाहl-lahaيَجْتَبِىचुन लेता हैyajtabīمِنfromminرُّسُلِهِۦअपने रसूलों में सेrusulihiمَنजिसेmanيَشَآءُ ۖवो चाहता हैyashāuفَـَٔامِنُوا۟पस ईमान लाओfaāminūبِٱللَّهِअल्लाह परbil-lahiوَرُسُلِهِۦ ۚऔर उसके रसूलों परwarusulihiوَإِنऔर अगरwa-inتُؤْمِنُوا۟तुम ईमान लाओगेtu'minūوَتَتَّقُوا۟और तुम तक़वा करोगेwatattaqūفَلَكُمْतो तुम्हारे लिएfalakumأَجْرٌअजर हैajrunعَظِيمٌۭबहुत बड़ाʿaẓīmun١٧٩
ऐसा नहीं है कि अल्लाह ईमान वालों को उसी (हाल) पर छोड़ दे, जिसपर तुम (इस समय) हो, जब तक कि बुरे को अच्छे से अलग न कर दे। और ऐसा भी नहीं है कि अल्लाह तुम्हें ग़ैब (परोक्ष) से सूचित1 कर दे। परंतु अल्लाह अपने रसूलों में से जिसे चाहता है (ग़ैब की कुछ बातें बताने के लिए) चुन लेता है। अतः तुम अल्लाह और उसके रसूलों पर ईमान लाओ। यदि तुम ईमान लाओ और अल्लाह से डरते रहो, तो तुम्हारे लिए बड़ा प्रतिफल है।
३:१८०
وَلَاऔर नाwalāيَحْسَبَنَّहरगिज़ गुमान करेंyaḥsabannaٱلَّذِينَवो जोalladhīnaيَبْخَلُونَबुख़्ल करते हैंyabkhalūnaبِمَآसाथ उसके जोbimāءَاتَىٰهُمُअता किया उन्हेंātāhumuٱللَّهُअल्लाह नेl-lahuمِنofminفَضْلِهِۦअपने फ़ज़ल सेfaḍlihiهُوَवोhuwaخَيْرًۭاबेहतर हैkhayranلَّهُم ۖउनके लिएlahumبَلْबल्किbalهُوَवोhuwaشَرٌّۭबुरा हैsharrunلَّهُمْ ۖउनके लिएlahumسَيُطَوَّقُونَअनक़रीब वो तौक़ पहनाए जाऐंगेsayuṭawwaqūnaمَاउसका जोبَخِلُوا۟उन्होंने बुख़्ल कियाbakhilūبِهِۦजिसकाbihiيَوْمَदिनyawmaٱلْقِيَـٰمَةِ ۗक़यामत केl-qiyāmatiوَلِلَّهِऔर अल्लाह ही के लिए हैwalillahiمِيرَٰثُमीरासmīrāthuٱلسَّمَـٰوَٰتِआसमानों कीl-samāwātiوَٱلْأَرْضِ ۗऔर ज़मीन कीwal-arḍiوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuبِمَاउससे जोbimāتَعْمَلُونَतुम अमल करते होtaʿmalūnaخَبِيرٌۭख़ूब बाख़बर हैkhabīrun١٨٠
जो लोग उस चीज़ में कंजूसी करते हैं, जो अल्लाह ने उन्हें अपने अनुग्रह से प्रदान किया1 है, वे कदापि यह न समझें कि (उनका) यह (कृत्य) उनके लिए अच्छा है। बल्कि यह उनके लिए बुरा है। उन्होंने जिस चीज़ में कंजूसी की होगी, उसे क़ियामत के दिन उनके गले का तौक़2 बना दिया जाएगा। और आकाशों तथा धरती का उत्तराधिकार (विरासत) अल्लाह के लिए3 है और जो कुछ तुम करते हो अल्लाह उससे सूचित है।
३:१८१
لَّقَدْअलबत्ता तहक़ीक़laqadسَمِعَसुन लीsamiʿaٱللَّهُअल्लाह नेl-lahuقَوْلَबातqawlaٱلَّذِينَउनकी जिन्होंनेalladhīnaقَالُوٓا۟कहाqālūإِنَّबेशकinnaٱللَّهَअल्लाहl-lahaفَقِيرٌۭफ़क़ीर हैfaqīrunوَنَحْنُऔर हमwanaḥnuأَغْنِيَآءُ ۘग़नी हैंaghniyāuسَنَكْتُبُज़रूर हम लिख लेंगेsanaktubuمَاजोقَالُوا۟उन्होंने कहाqālūوَقَتْلَهُمُऔर क़त्ल करना उनकाwaqatlahumuٱلْأَنۢبِيَآءَअम्बिया कोl-anbiyāaبِغَيْرِबग़ैरbighayriحَقٍّۢहक़ केḥaqqinوَنَقُولُऔर हम कहेंगेwanaqūluذُوقُوا۟चखोdhūqūعَذَابَअज़ाबʿadhābaٱلْحَرِيقِजलने काl-ḥarīqi١٨١
निःसंदेह अल्लाह ने उन लोगों की बात सुन ली है, जिन्होंने कहा कि "अल्लाह निर्धन है और हम धनवान1 हैं!" उन्होंने जो कुछ कहा है, हम उसे लिख लेंगे और उनके नबियों को अनाधिकार क़त्ल करने को भी। तथा हम (उनसे) कहेंगे कि (अब तुम) जलाने वाली यातना का मज़ा चखो।
३:१८२
ذَٰلِكَयेdhālikaبِمَاबवजह उसके जोbimāقَدَّمَتْआगे भेजाqaddamatأَيْدِيكُمْतुम्हारे हाथों नेaydīkumوَأَنَّऔर बेशकwa-annaٱللَّهَअल्लाहl-lahaلَيْسَनहींlaysaبِظَلَّامٍۢज़ुल्म करने वालाbiẓallāminلِّلْعَبِيدِबन्दों परlil'ʿabīdi١٨٢
यह तुम्हारे हाथों की कमाई का बदला है और निःसंदेह अल्लाह अपने बंदों पर तनिक भी अत्याचार करने वाला नहीं।
३:१८३
ٱلَّذِينَवो जिन्होंनेalladhīnaقَالُوٓا۟कहाqālūإِنَّबेशकinnaٱللَّهَअल्लाह नेl-lahaعَهِدَअहद ले रखा हैʿahidaإِلَيْنَآहम सेilaynāأَلَّاकि नाallāنُؤْمِنَहम मानेंnu'minaلِرَسُولٍकिसी रसूल कोlirasūlinحَتَّىٰयहाँ तक किḥattāيَأْتِيَنَاवो लाए हमारे पासyatiyanāبِقُرْبَانٍۢएक क़ुर्बानीbiqur'bāninتَأْكُلُهُखा जाए उसेtakuluhuٱلنَّارُ ۗआगl-nāruقُلْकह दीजिएqulقَدْतहक़ीक़qadجَآءَكُمْआए थे तुम्हारे पासjāakumرُسُلٌۭकई रसूलrusulunمِّنfromminقَبْلِىमुझसे पहलेqablīبِٱلْبَيِّنَـٰتِसाथ वाज़ेह दलाइल केbil-bayinātiوَبِٱلَّذِىऔर साथ उस चीज़ के जोwabi-alladhīقُلْتُمْकही तुमनेqul'tumفَلِمَतो क्योंfalimaقَتَلْتُمُوهُمْक़त्ल किया तुमने उन्हेंqataltumūhumإِنअगरinكُنتُمْहो तुमkuntumصَـٰدِقِينَसच्चेṣādiqīna١٨٣
ये वही लोग हैं जिन्होंने कहा : अल्लाह ने हमें वसीयत की है कि हम किसी रसूल पर ईमान न लाएँ यहाँ तक कि वह हमारे सामने ऐसी क़ुरबानी पेश करे, जिसे आग खा1 जाए। (ऐ नबी!) आप कह दें कि मुझसे पहले तुम्हारे पास कई रसूल खुली निशानियाँ और वह (चमत्कार) भी लेकर आए जो तुम कहते हो, तो फिर तुमने उनकी हत्या क्यों की, यदि तुम सच्चे हो?
३:१८४
فَإِنफिर अगरfa-inكَذَّبُوكَवो झुठलाऐं आपकोkadhabūkaفَقَدْतो तहक़ीक़faqadكُذِّبَझुठलाए गएkudhibaرُسُلٌۭकई रसूलrusulunمِّنfromminقَبْلِكَआपसे पहलेqablikaجَآءُوवो लाएjāūبِٱلْبَيِّنَـٰتِवाज़ेह दलाइलbil-bayinātiوَٱلزُّبُرِऔर सहीफ़ेwal-zuburiوَٱلْكِتَـٰبِऔर किताबेwal-kitābiٱلْمُنِيرِरोशनl-munīri١٨٤
फिर यदि वे1 आपको झुठलाते हैं, तो आपसे पहले बहुत-से रसूल झुठलाए जा चुके हैं, जो खुली निशानियाँ, तथा (आकाशीय) ग्रंथ और प्रकाशक2 पुस्तक लाए।
३:१८५
كُلُّहरkulluنَفْسٍۢनफ़्सnafsinذَآئِقَةُचखने वाला हैdhāiqatuٱلْمَوْتِ ۗमौत कोl-mawtiوَإِنَّمَاऔर बेशकwa-innamāتُوَفَّوْنَतुम पूरे-पूरे दिए जाओगेtuwaffawnaأُجُورَكُمْअजर अपनेujūrakumيَوْمَदिनyawmaٱلْقِيَـٰمَةِ ۖक़यामत केl-qiyāmatiفَمَنतो जो कोईfamanزُحْزِحَदूर किया गयाzuḥ'ziḥaعَنِfromʿaniٱلنَّارِआग सेl-nāriوَأُدْخِلَऔर वो दाख़िल कर दिया गयाwa-ud'khilaٱلْجَنَّةَजन्नत मेंl-janataفَقَدْतो तहक़ीक़faqadفَازَ ۗवो कामयाब हुआfāzaوَمَاऔर नहींwamāٱلْحَيَوٰةُज़िन्दगीl-ḥayatuٱلدُّنْيَآदुनिया कीl-dun'yāإِلَّاमगरillāمَتَـٰعُसामानmatāʿuٱلْغُرُورِधोखे काl-ghurūri١٨٥
प्रत्येक प्राणी को मौत का स्वाद चखना है और तुम्हें क़ियामत के दिन तुम्हारे कर्मों का भरपूर प्रतिफल दिया जाएगा। (उस दिन) जो व्यक्ति जहन्नम से बचा लिया गया और जन्नत में प्रवेश पा गया1, वह वास्तव में सफल हो गया। तथा दुनिया की ज़िंदगी धोखे की पूंजी के सिवा कुछ नहीं है।
३:१८६
۞ لَتُبْلَوُنَّअलबत्ता तुम ज़रूर आज़माए जाओगेlatub'lawunnaفِىٓinأَمْوَٰلِكُمْअपने मालों मेंamwālikumوَأَنفُسِكُمْऔर अपने नफ़्सों मेंwa-anfusikumوَلَتَسْمَعُنَّऔर अलबत्ता तुम ज़रूर सुनोगेwalatasmaʿunnaمِنَfromminaٱلَّذِينَउनसे जोalladhīnaأُوتُوا۟दिए गएūtūٱلْكِتَـٰبَकिताबl-kitābaمِنfromminقَبْلِكُمْतुमसे पहलेqablikumوَمِنَand fromwaminaٱلَّذِينَऔर उनसे जिन्होंनेalladhīnaأَشْرَكُوٓا۟शिर्क कियाashrakūأَذًۭىअज़ियतadhanكَثِيرًۭا ۚबहुत सीkathīranوَإِنऔर अगरwa-inتَصْبِرُوا۟तुम सब्र करोtaṣbirūوَتَتَّقُوا۟और तुम तक़वा करोwatattaqūفَإِنَّतो बेशकfa-innaذَٰلِكَयेdhālikaمِنْ(is) ofminعَزْمِthe mattersʿazmiٱلْأُمُورِहिम्मत/अज़्म के कामों में से हैl-umūri١٨٦
(ऐ ईमान वालो!) तुम अपने धनों और प्राणों के बारे में ज़रूर परीक्षा में डाले जाओगे और तुम अवश्य ही उन लोगों से जो तुमसे पहले किताब दिए गए थे तथा उन लोगों से जो शिर्क में पड़े हुए हैं1, बहुत-सी दुःखद बातें सुनोगे। लेकिन यदि तुम धैर्य से काम लो और (अल्लाह से) डरते रहो, तो यह बड़े साहस का काम है।
३:१८७
وَإِذْऔर जबwa-idhأَخَذَलियाakhadhaٱللَّهُअल्लाह नेl-lahuمِيثَـٰقَपुख़्ता अहदmīthāqaٱلَّذِينَउनसे जोalladhīnaأُوتُوا۟दिए गएūtūٱلْكِتَـٰبَकिताबl-kitābaلَتُبَيِّنُنَّهُۥअलबत्ता तुम ज़रूर बयान करोगे उसेlatubayyinunnahuلِلنَّاسِलोगों के लिएlilnnāsiوَلَاऔर नाwalāتَكْتُمُونَهُۥतुम छुपाओगे उसेtaktumūnahuفَنَبَذُوهُफिर उन्होंने फेंक दिया उसेfanabadhūhuوَرَآءَपीछेwarāaظُهُورِهِمْअपनी पुश्तों केẓuhūrihimوَٱشْتَرَوْا۟और उन्होंने बेच डालाwa-ish'tarawبِهِۦउसेbihiثَمَنًۭاक़ीमतthamananقَلِيلًۭا ۖथोड़ी मेंqalīlanفَبِئْسَतो कितना बुरा हैfabi'saمَاजोيَشْتَرُونَवो ख़रीदो फ़रोख़्त करते हैंyashtarūna١٨٧
तथा (ऐ नबी! याद करो) जब अल्लाह ने किताब वालों1 से पक्का वचन लिया था कि तुम अवश्य इसे लोगों के सामने बयान करते रहोगे और इसे छुपाओगे नहीं, तो उन्होंने इस वचन को पीठ पीछे डाल दिया और उसके बदले तनिक मूल्य प्राप्त2 कर लिया। तो वे कितनी बुरी चीज़ खरीद रहे हैं?
३:१८८
لَا(Do) notتَحْسَبَنَّना आप हरगिज़ समझेंtaḥsabannaٱلَّذِينَउन्हें जोalladhīnaيَفْرَحُونَख़ुश हो रहे हैंyafraḥūnaبِمَآउस पर जोbimāأَتَوا۟उन्होंने कियाatawوَّيُحِبُّونَऔर वो पसंद करते हैंwayuḥibbūnaأَنकिanيُحْمَدُوا۟वो तारीफ़ किए जाऐंyuḥ'madūبِمَاउस पर जोbimāلَمْनहींlamيَفْعَلُوا۟उन्होंने कियाyafʿalūفَلَاतो नाfalāتَحْسَبَنَّهُمआप हरगिज़ समझें उन्हेंtaḥsabannahumبِمَفَازَةٍۢनिजात (पाने वाला)bimafāzatinمِّنَfromminaٱلْعَذَابِ ۖअज़ाब सेl-ʿadhābiوَلَهُمْऔर उनके लिएwalahumعَذَابٌअज़ाब हैʿadhābunأَلِيمٌۭदर्दनाकalīmun١٨٨
(ऐ नबी!) जो लोग1 अपने कृत्यों पर प्रसन्न हो रहे हैं और चाहते हैं कि उन्हें उन कामों के लिए (भी) सराहा जाए, जो उन्होंने नहीं किए हैं, तो आप हरगिज़ यह न समझें कि वे यातना से बच जाएँगे। उनके लिए तो दुःखदायी यातना है।
३:१८९
وَلِلَّهِऔर अल्लाह ही के लिए हैwalillahiمُلْكُबादशाहत हैmul'kuٱلسَّمَـٰوَٰتِआसमानोंl-samāwātiوَٱلْأَرْضِ ۗऔर ज़मीन कीwal-arḍiوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuعَلَىٰऊपरʿalāكُلِّहरkulliشَىْءٍۢचीज़ केshayinقَدِيرٌबहुत क़ादिर हैqadīrun١٨٩
तथा आकाशों और धरती का राज्य अल्लाह ही का है तथा अल्लाह हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है।
३:१९०
إِنَّबेशकinnaفِىinخَلْقِतख़्लीक़ मेंkhalqiٱلسَّمَـٰوَٰتِआसमानोंl-samāwātiوَٱلْأَرْضِऔर ज़मीन कीwal-arḍiوَٱخْتِلَـٰفِऔर इख़्तिलाफ़ मेंwa-ikh'tilāfiٱلَّيْلِरातal-layliوَٱلنَّهَارِऔर दिन केwal-nahāriلَـَٔايَـٰتٍۢअलबत्ता निशानियाँ हैंlaāyātinلِّأُو۟لِىfor menli-ulīٱلْأَلْبَـٰبِअक़्ल वालों के लिएl-albābi١٩٠
निःसंदेह आसमानों और ज़मीन की रचना तथा रात और दिन के आने-जाने में, बुद्धिमानों के लिए निशानियाँ हैं।1
३:१९१
ٱلَّذِينَवो जोalladhīnaيَذْكُرُونَयाद करते हैंyadhkurūnaٱللَّهَअल्लाह कोl-lahaقِيَـٰمًۭاखड़ेqiyāmanوَقُعُودًۭاऔर बैठेwaquʿūdanوَعَلَىٰand onwaʿalāجُنُوبِهِمْऔर अपने पहलुओं परjunūbihimوَيَتَفَكَّرُونَऔर वो ग़ौरो फ़िक्र करते हैंwayatafakkarūnaفِىonخَلْقِतख़्लीक़ मेंkhalqiٱلسَّمَـٰوَٰتِआसमानोंl-samāwātiوَٱلْأَرْضِऔर ज़मीन कीwal-arḍiرَبَّنَاऐ हमारे रबrabbanāمَاनहींخَلَقْتَपैदा किया तूनेkhalaqtaهَـٰذَاये (सब)hādhāبَـٰطِلًۭاबेमक़सदbāṭilanسُبْحَـٰنَكَपाक है तूsub'ḥānakaفَقِنَاपस बचा हमेंfaqināعَذَابَअज़ाब सेʿadhābaٱلنَّارِआग केl-nāri١٩١
जो खड़े और बैठे और अपनी करवटों पर लेटे हुए अल्लाह को याद करते हैं तथा आसमानों और ज़मीन की रचना में सोच-विचार करते हैं। (वे कहते हैं :) ऐ हमारे पालनहार! तूने यह सब कुछ बेकार1 नहीं रचा है। अतः हमें आग के अज़ाब से बचा ले।
३:१९२
رَبَّنَآऐ हमारे रबrabbanāإِنَّكَबेशक तूinnakaمَنजिसेmanتُدْخِلِतू दाख़िल करेगाtud'khiliٱلنَّارَआग मेंl-nāraفَقَدْपस तहक़ीक़faqadأَخْزَيْتَهُۥ ۖरुस्वा कर दिया तूने उसेakhzaytahuوَمَاऔर नहींwamāلِلظَّـٰلِمِينَज़ालिमों के लिएlilẓẓālimīnaمِنْ(are) anyminأَنصَارٍۢकोई मददगारanṣārin١٩٢
ऐ हमारे पालनहार! तूने जिसे नरक में डाल दिया, तो वास्तव में तूने उसे अपमानित कर दिया। और ज़ालिमों का कोई सहायक नहीं।
३:१९३
رَّبَّنَآऐ हमारे रबrabbanāإِنَّنَاबेशक हमinnanāسَمِعْنَاसुना हमनेsamiʿ'nāمُنَادِيًۭاएक पुकारने वाले कोmunādiyanيُنَادِىवो पुकार रहा थाyunādīلِلْإِيمَـٰنِईमान के लिएlil'īmāniأَنْकिanءَامِنُوا۟ईमान ले आओāminūبِرَبِّكُمْअपने रब परbirabbikumفَـَٔامَنَّا ۚतो ईमान ले आए हमfaāmannāرَبَّنَاऐ हमारे रबrabbanāفَٱغْفِرْso forgivefa-igh'firلَنَاपस बख़्श दे हमारे लिएlanāذُنُوبَنَاहमारे गुनाहों कोdhunūbanāوَكَفِّرْऔर दूर कर देwakaffirعَنَّاहमसेʿannāسَيِّـَٔاتِنَاहमारी बुराइयों कोsayyiātināوَتَوَفَّنَاऔर फ़ौत कर हमेंwatawaffanāمَعَसाथmaʿaٱلْأَبْرَارِनेक लोगों केl-abrāri١٩٣
ऐ हमारे पालनहार! हमने एक पुकारने वाले1 को ईमान की ओर बुलाते हुए सुना कि अपने पालनहार पर ईमान लाओ, तो हम ईमान ले आए। ऐ हमारे पालनहार! तो अब तू हमारे पापों को क्षमा कर दे तथा हमारी बुराइयों को हमसे दूर कर दे और हमें सदाचारियों के साथ मृत्यु दे।
३:१९४
رَبَّنَاऐ हमारे रबrabbanāوَءَاتِنَاऔर दे हमेंwaātināمَاजोوَعَدتَّنَاवादा किया तूने हमसेwaʿadttanāعَلَىٰthroughʿalāرُسُلِكَअपने रसूलों के (ज़रिए)rusulikaوَلَاऔर नाwalāتُخْزِنَاतू रुस्वा कर हमेंtukh'zināيَوْمَदिनyawmaٱلْقِيَـٰمَةِ ۗक़यामत केl-qiyāmatiإِنَّكَबेशक तूinnakaلَا(do) notتُخْلِفُनहीं तू ख़िलाफ़ करेगाtukh'lifuٱلْمِيعَادَवादे केl-mīʿāda١٩٤
ऐ हमारे पालनहार! और हमें वह चीज़ प्रदान कर जिसका तूने अपने रसूलों के द्वारा हमसे वादा किया है तथा क़यामत के दिन हमें अपमानित न कर। वास्तव में तू अपने वादे के विरुद्ध नहीं करता है।
३:१९५
فَٱسْتَجَابَतो (दुआ) क़ुबूल कर लीfa-is'tajābaلَهُمْउनके लिएlahumرَبُّهُمْउनके रब नेrabbuhumأَنِّىकि बेशक मैंannīلَآ(will) notأُضِيعُनहीं मैं ज़ाया करुँगाuḍīʿuعَمَلَअमलʿamalaعَـٰمِلٍۢकिसी अमल करने वाले काʿāmilinمِّنكُمतुम में सेminkumمِّن[from]minذَكَرٍख़्वाह मर्द होdhakarinأَوْयाawأُنثَىٰ ۖऔरतunthāبَعْضُكُمबाज़ तुम्हारेbaʿḍukumمِّنۢfromminبَعْضٍۢ ۖबाज़ से हैंbaʿḍinفَٱلَّذِينَतो वो जिन्होंनेfa-alladhīnaهَاجَرُوا۟हिजरत कीhājarūوَأُخْرِجُوا۟और वो निकाले गएwa-ukh'rijūمِنfromminدِيَـٰرِهِمْअपने घरों सेdiyārihimوَأُوذُوا۟और वो अज़ियत दिए गएwaūdhūفِىinسَبِيلِىमेरे रास्ते मेंsabīlīوَقَـٰتَلُوا۟और उन्होंने जंग कीwaqātalūوَقُتِلُوا۟और वो मारे गएwaqutilūلَأُكَفِّرَنَّअलबत्ता मैं ज़रूर दूर कर दूँगाla-ukaffirannaعَنْهُمْउनसेʿanhumسَيِّـَٔاتِهِمْबुराइयाँ उनकीsayyiātihimوَلَأُدْخِلَنَّهُمْऔर अलबत्ता मैं ज़रूर दाख़िल करुँगा उन्हेंwala-ud'khilannahumجَنَّـٰتٍۢबाग़ात मेंjannātinتَجْرِىबहती हैंtajrīمِنfromminتَحْتِهَاउनके नीचे सेtaḥtihāٱلْأَنْهَـٰرُनहरेंl-anhāruثَوَابًۭاसवाब/बदला हैthawābanمِّنْfromminعِندِ[near]ʿindiٱللَّهِ ۗअल्लाह के पास सेl-lahiوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuعِندَهُۥउसके पासʿindahuحُسْنُअच्छाḥus'nuٱلثَّوَابِसवाब/बदला हैl-thawābi١٩٥
तो उनके पालनहार ने उनकी प्रार्थना स्वीकार कर ली (और फरमाया) कि मैं किसी नेकी करने वाले की नेकी को नष्ट नहीं करता1, चाहे वह नर हो या नारी। तुम सब आपस में एक-दूसरे से हो। अतः जिन लोगों ने हिजरत की और अपने घरों से निकाले गए और मेरे मार्ग में सताए गए और उन्होंने जिहाद किया और शहीद किए गए, मैं अवश्य उनकी बुराइयाँ उनसे दूर कर दूँगा और अवश्य ही उन्हें ऐसे बागों में दाख़िल करूँगा, जिनके नीचे नहरें बह रही हैं। यह अल्लाह के पास से उनका बदला होगा और अल्लाह ही के पास सबसे अच्छा बदला है।
३:१९६
لَا(Let) notيَغُرَّنَّكَहरगिज़ ना धोखे में डाले आपकोyaghurrannakaتَقَلُّبُचलना फिरनाtaqallubuٱلَّذِينَउनका जिन्होंनेalladhīnaكَفَرُوا۟कुफ़्र कियाkafarūفِىinٱلْبِلَـٰدِशहरों मेंl-bilādi١٩٦
(ऐ नबी!) नगरों में काफ़िरों का (सुविधा के साथ) चलना-फिरना आपको धोखे में न डाले।
३:१९७
مَتَـٰعٌۭफ़ायदा उठाना हैmatāʿunقَلِيلٌۭथोड़ा साqalīlunثُمَّफिरthummaمَأْوَىٰهُمْठिकाना उनकाmawāhumجَهَنَّمُ ۚजहन्नम हैjahannamuوَبِئْسَऔर कितना बुरा हैwabi'saٱلْمِهَادُठिकानाl-mihādu١٩٧
यह थोड़ी-सी सुख-सामग्री1 है, फिर उनका ठिकाना जहन्नम है और वह बहुत बुरा ठिकाना है!
३:१९८
لَـٰكِنِलेकिनlākiniٱلَّذِينَवो जोalladhīnaٱتَّقَوْا۟डरेittaqawرَبَّهُمْअपने रब सेrabbahumلَهُمْउनके लिएlahumجَنَّـٰتٌۭबाग़ात हैंjannātunتَجْرِىबहती हैंtajrīمِنfromminتَحْتِهَاउनके नीचे सेtaḥtihāٱلْأَنْهَـٰرُनहरेंl-anhāruخَـٰلِدِينَहमेशा रहने वाले हैंkhālidīnaفِيهَاउनमेंfīhāنُزُلًۭاमेहमानी हैnuzulanمِّنْfromminعِندِ[near]ʿindiٱللَّهِ ۗअल्लाह के पास सेl-lahiوَمَاऔर जोwamāعِندَ(is) withʿindaٱللَّهِपास है अल्लाह केl-lahiخَيْرٌۭबेहतर हैkhayrunلِّلْأَبْرَارِनेकोकारों के लिएlil'abrāri١٩٨
परन्तु जो लोग अपने पालनहार से डरते रहे, उनके लिए ऐसी जन्नतें हैं, जिनके नीचे नहरें बह रही हैं। वे उनमें हमेशा रहेंगे। यह अल्लाह के पास से अतिथि सत्कार होगा। तथा जो कुछ अल्लाह के पास है, वह नेक लोगों के लिए सबसे अच्छा है।
३:१९९
وَإِنَّऔर बेशकwa-innaمِنْamongminأَهْلِ(the) Peopleahliٱلْكِتَـٰبِअहले किताब में सेl-kitābiلَمَنअलबत्ता जोlamanيُؤْمِنُईमान रखते हैंyu'minuبِٱللَّهِअल्लाह परbil-lahiوَمَآऔर जोwamāأُنزِلَनाज़िल किया गयाunzilaإِلَيْكُمْतरफ़ आपकेilaykumوَمَآऔर जोwamāأُنزِلَनाज़िल किया गयाunzilaإِلَيْهِمْतरफ़ उनकेilayhimخَـٰشِعِينَख़ुशू करने वाले हैंkhāshiʿīnaلِلَّهِअल्लाह के लिएlillahiلَاNotيَشْتَرُونَनहीं वो बेचतेyashtarūnaبِـَٔايَـٰتِआयात कोbiāyātiٱللَّهِअल्लाह कीl-lahiثَمَنًۭاक़ीमतthamananقَلِيلًا ۗथोड़ी मेंqalīlanأُو۟لَـٰٓئِكَयही लोग हैंulāikaلَهُمْउनके लिए हैlahumأَجْرُهُمْअजर उनकाajruhumعِندَ(is) withʿindaرَبِّهِمْ ۗपास उनके रब केrabbihimإِنَّबेशकinnaٱللَّهَअल्लाहl-lahaسَرِيعُजल्द लेने वाला हैsarīʿuٱلْحِسَابِहिसाबl-ḥisābi١٩٩
और निःसंदेह किताब वालों (यहूदियों और ईसाइयों) में से कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो अल्लाह पर ईमान रखते हैं, तथा जो कुछ तुम्हारी ओर उतारा गया और जो स्वयं उनकी ओर उतारा गया है, उसपर भी ईमान रखते हैं। वे अल्लाह के सामने विनम्र रहने वाले हैं। और उसकी आयतों को थोड़ी क़ीमत पर बेचते नहीं हैं।1 उनका बदला उनके रब के पास है। निःसंदेह अल्लाह जल्द ही हिसाब लेने वाला है।
३:२००
يَـٰٓأَيُّهَاO youyāayyuhāٱلَّذِينَऐ लोगो जोalladhīnaءَامَنُوا۟ईमान लाए होāmanūٱصْبِرُوا۟सब्र करोiṣ'birūوَصَابِرُوا۟और मुक़ाबले में मज़बूत रहोwaṣābirūوَرَابِطُوا۟और तैयार रहोwarābiṭūوَٱتَّقُوا۟और डरोwa-ittaqūٱللَّهَअल्लाह सेl-lahaلَعَلَّكُمْताकि तुमlaʿallakumتُفْلِحُونَतुम फ़लाह पा जाओtuf'liḥūna٢٠٠
ऐ ईमान वालो! तुम धैर्य से काम लो1 और (अपने दुश्मन की तुलना में) अधिक धैर्य दिखाओ, तथा जिहाद के लिए तैयार रहो और अल्लाह से डरते रहो, ताकि तुम सफल हो सको।