२
अल-बक़रा
البقرة
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
२:१
الٓمٓ
अलिफ़ लाम मीम
alif-lam-meem
अलिफ़ लाम मीम ١ (1)
(1)
अलिफ़ लाम मीम ١ (1)
(1)
अलिफ़, लाम, मीम।
२:२
ذَٰلِكَ
ये
dhālika
ये ٱلْكِتَـٰبُ किताब l-kitābu
किताब لَا नहीं lā
नहीं رَيْبَ ۛ कोई शक rayba
कोई शक فِيهِ ۛ इस में fīhi
इस में هُدًۭى हिदायत है hudan
हिदायत है لِّلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों के लिए lil'muttaqīna
मुत्तक़ी लोगों के लिए ٢ (2)
(2)
ये ٱلْكِتَـٰبُ किताब l-kitābu
किताब لَا नहीं lā
नहीं رَيْبَ ۛ कोई शक rayba
कोई शक فِيهِ ۛ इस में fīhi
इस में هُدًۭى हिदायत है hudan
हिदायत है لِّلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों के लिए lil'muttaqīna
मुत्तक़ी लोगों के लिए ٢ (2)
(2)
यह (क़ुरआन) वह पुस्तक है, जिसमें कोई संदेह नहीं, परहेज़गारों के लिए सर्वथा मार्गदर्शन है।
२:३
ٱلَّذِينَ
वो जो
alladhīna
वो जो يُؤْمِنُونَ ईमान लाते हैं yu'minūna
ईमान लाते हैं بِٱلْغَيْبِ ग़ैब पर bil-ghaybi
ग़ैब पर وَيُقِيمُونَ और वो क़ायम करते हैं wayuqīmūna
और वो क़ायम करते हैं ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَمِمَّا और उससे जो wamimmā
और उससे जो رَزَقْنَـٰهُمْ रिज़्क़ दिया हमने उन्हें razaqnāhum
रिज़्क़ दिया हमने उन्हें يُنفِقُونَ वो ख़र्च करते हैं yunfiqūna
वो ख़र्च करते हैं ٣ (3)
(3)
वो जो يُؤْمِنُونَ ईमान लाते हैं yu'minūna
ईमान लाते हैं بِٱلْغَيْبِ ग़ैब पर bil-ghaybi
ग़ैब पर وَيُقِيمُونَ और वो क़ायम करते हैं wayuqīmūna
और वो क़ायम करते हैं ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَمِمَّا और उससे जो wamimmā
और उससे जो رَزَقْنَـٰهُمْ रिज़्क़ दिया हमने उन्हें razaqnāhum
रिज़्क़ दिया हमने उन्हें يُنفِقُونَ वो ख़र्च करते हैं yunfiqūna
वो ख़र्च करते हैं ٣ (3)
(3)
वे लोग जो ग़ैब (परोक्ष)1 पर ईमान लाते हैं, और नमाज़ की स्थापना करते हैं और जो कुछ हमने उन्हें दिया है, उसमें से ख़र्च करते हैं।
२:४
وَٱلَّذِينَ
और वो जो
wa-alladhīna
और वो जो يُؤْمِنُونَ ईमान लाते हैं yu'minūna
ईमान लाते हैं بِمَآ उस पर जो bimā
उस पर जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके وَمَآ और जो wamā
और जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया مِن from min
from قَبْلِكَ आपसे पहले qablika
आपसे पहले وَبِٱلْـَٔاخِرَةِ और आख़िरत पर wabil-ākhirati
और आख़िरत पर هُمْ वो hum
वो يُوقِنُونَ वो यक़ीन रखते हैं yūqinūna
वो यक़ीन रखते हैं ٤ (4)
(4)
और वो जो يُؤْمِنُونَ ईमान लाते हैं yu'minūna
ईमान लाते हैं بِمَآ उस पर जो bimā
उस पर जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके وَمَآ और जो wamā
और जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया مِن from min
from قَبْلِكَ आपसे पहले qablika
आपसे पहले وَبِٱلْـَٔاخِرَةِ और आख़िरत पर wabil-ākhirati
और आख़िरत पर هُمْ वो hum
वो يُوقِنُونَ वो यक़ीन रखते हैं yūqinūna
वो यक़ीन रखते हैं ٤ (4)
(4)
तथा जो उसपर ईमान लाते हैं जो तुम्हारी ओर उतारा गया और जो तुमसे पहले उतारा गया1 और आख़िरत2 पर वही लोग विश्वास रखते हैं।
२:५
أُو۟لَـٰٓئِكَ
यही लोग हैं
ulāika
यही लोग हैं عَلَىٰ (are) on ʿalā
(are) on هُدًۭى हिदायत पर hudan
हिदायत पर مِّن from min
from رَّبِّهِمْ ۖ अपने रब की तरफ़ से rabbihim
अपने रब की तरफ़ से وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग हैं wa-ulāika
और यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْمُفْلِحُونَ जो फ़लाह पाने वाले हैं l-muf'liḥūna
जो फ़लाह पाने वाले हैं ٥ (5)
(5)
यही लोग हैं عَلَىٰ (are) on ʿalā
(are) on هُدًۭى हिदायत पर hudan
हिदायत पर مِّن from min
from رَّبِّهِمْ ۖ अपने रब की तरफ़ से rabbihim
अपने रब की तरफ़ से وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग हैं wa-ulāika
और यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْمُفْلِحُونَ जो फ़लाह पाने वाले हैं l-muf'liḥūna
जो फ़लाह पाने वाले हैं ٥ (5)
(5)
यही लोग अपने पालनहार के बताए हुए मार्ग पर हैं तथा यही लोग सफल हैं।
२:६
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया سَوَآءٌ यकसाँ/बराबर है sawāon
यकसाँ/बराबर है عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर ءَأَنذَرْتَهُمْ ख़्वाह डराऐं आप उन्हें a-andhartahum
ख़्वाह डराऐं आप उन्हें أَمْ या am
या لَمْ ना lam
ना تُنذِرْهُمْ आप डराऐं उन्हें tundhir'hum
आप डराऐं उन्हें لَا not lā
not يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाऐंगे yu'minūna
नहीं वो ईमान लाऐंगे ٦ (6)
(6)
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया سَوَآءٌ यकसाँ/बराबर है sawāon
यकसाँ/बराबर है عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर ءَأَنذَرْتَهُمْ ख़्वाह डराऐं आप उन्हें a-andhartahum
ख़्वाह डराऐं आप उन्हें أَمْ या am
या لَمْ ना lam
ना تُنذِرْهُمْ आप डराऐं उन्हें tundhir'hum
आप डराऐं उन्हें لَا not lā
not يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाऐंगे yu'minūna
नहीं वो ईमान लाऐंगे ٦ (6)
(6)
निःसंदेह1 जिन लोगों ने कुफ़्र किया, उनपर बराबर है, चाहे आपने उन्हें डराया हो या उन्हें न डराया हो, वे ईमान नहीं लाएँगे।
२:७
خَتَمَ
मोहर लगा दी
khatama
मोहर लगा दी ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर قُلُوبِهِمْ उनके दिलों के qulūbihim
उनके दिलों के وَعَلَىٰ और ऊपर waʿalā
और ऊपर سَمْعِهِمْ ۖ उनके कानों के samʿihim
उनके कानों के وَعَلَىٰٓ और ऊपर waʿalā
और ऊपर أَبْصَـٰرِهِمْ उनकी आँखों के abṣārihim
उनकी आँखों के غِشَـٰوَةٌۭ ۖ पर्दा है ghishāwatun
पर्दा है وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है عَظِيمٌۭ बहुत बड़ा ʿaẓīmun
बहुत बड़ा ٧ (7)
(7)
मोहर लगा दी ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर قُلُوبِهِمْ उनके दिलों के qulūbihim
उनके दिलों के وَعَلَىٰ और ऊपर waʿalā
और ऊपर سَمْعِهِمْ ۖ उनके कानों के samʿihim
उनके कानों के وَعَلَىٰٓ और ऊपर waʿalā
और ऊपर أَبْصَـٰرِهِمْ उनकी आँखों के abṣārihim
उनकी आँखों के غِشَـٰوَةٌۭ ۖ पर्दा है ghishāwatun
पर्दा है وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है عَظِيمٌۭ बहुत बड़ा ʿaẓīmun
बहुत बड़ा ٧ (7)
(7)
अल्लाह ने उनके दिलों पर तथा उनके कानों पर मुहर लगा दी और उनकी आँखों पर भारी पर्दा है तथा उनके लिए बहुत बड़ी यातना है।
२:८
وَمِنَ
And of
wamina
And of ٱلنَّاسِ और बाज़ लोग हैं l-nāsi
और बाज़ लोग हैं مَن जो man
जो يَقُولُ कहते हैं yaqūlu
कहते हैं ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَبِٱلْيَوْمِ and in the Day wabil-yawmi
and in the Day ٱلْـَٔاخِرِ और आख़िरी दिन पर l-ākhiri
और आख़िरी दिन पर وَمَا और नहीं wamā
और नहीं هُم वो hum
वो بِمُؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले bimu'minīna
ईमान लाने वाले ٨ (8)
(8)
And of ٱلنَّاسِ और बाज़ लोग हैं l-nāsi
और बाज़ लोग हैं مَن जो man
जो يَقُولُ कहते हैं yaqūlu
कहते हैं ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَبِٱلْيَوْمِ and in the Day wabil-yawmi
and in the Day ٱلْـَٔاخِرِ और आख़िरी दिन पर l-ākhiri
और आख़िरी दिन पर وَمَا और नहीं wamā
और नहीं هُم वो hum
वो بِمُؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले bimu'minīna
ईमान लाने वाले ٨ (8)
(8)
और1 कुछ लोग ऐसे हैं, जो कहते हैं कि हम अल्लाह पर तथा आख़िरत के दिन पर ईमान लाए, हालाँकि वे हरगिज़ मोमिन नहीं।
२:९
يُخَـٰدِعُونَ
वो धोखा देते हैं
yukhādiʿūna
वो धोखा देते हैं ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को وَٱلَّذِينَ और उनको जो wa-alladhīna
और उनको जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَخْدَعُونَ वो धोखा देते yakhdaʿūna
वो धोखा देते إِلَّآ मगर illā
मगर أَنفُسَهُمْ अपने नफ़्सों को anfusahum
अपने नफ़्सों को وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَشْعُرُونَ वो शऊर रखते yashʿurūna
वो शऊर रखते ٩ (9)
(9)
वो धोखा देते हैं ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को وَٱلَّذِينَ और उनको जो wa-alladhīna
और उनको जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَخْدَعُونَ वो धोखा देते yakhdaʿūna
वो धोखा देते إِلَّآ मगर illā
मगर أَنفُسَهُمْ अपने नफ़्सों को anfusahum
अपने नफ़्सों को وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَشْعُرُونَ वो शऊर रखते yashʿurūna
वो शऊर रखते ٩ (9)
(9)
वे अल्लाह तथा ईमान वालों से धोखाबाज़ी करते हैं। हालाँकि वे अपनी जानों के सिवा किसी को धोखा नहीं दे रहे, परंतु वे समझते नहीं।
२:१०
فِى
In
fī
In قُلُوبِهِم उनके दिलों में qulūbihim
उनके दिलों में مَّرَضٌۭ मर्ज़ है maraḍun
मर्ज़ है فَزَادَهُمُ तो ज़्यादा कर दिया उन्हें fazādahumu
तो ज़्यादा कर दिया उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مَرَضًۭا ۖ मर्ज़ में maraḍan
मर्ज़ में وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है أَلِيمٌۢ अलमनाक/दर्दनाक alīmun
अलमनाक/दर्दनाक بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَكْذِبُونَ वो झूठ बोलते yakdhibūna
वो झूठ बोलते ١٠ (10)
(10)
In قُلُوبِهِم उनके दिलों में qulūbihim
उनके दिलों में مَّرَضٌۭ मर्ज़ है maraḍun
मर्ज़ है فَزَادَهُمُ तो ज़्यादा कर दिया उन्हें fazādahumu
तो ज़्यादा कर दिया उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مَرَضًۭا ۖ मर्ज़ में maraḍan
मर्ज़ में وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है أَلِيمٌۢ अलमनाक/दर्दनाक alīmun
अलमनाक/दर्दनाक بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَكْذِبُونَ वो झूठ बोलते yakdhibūna
वो झूठ बोलते ١٠ (10)
(10)
उनके दिलों ही में एक रोग है, तो अल्लाह ने उन्हें रोग में और बढ़ा दिया और उनके लिए दर्दनाक यातना है, इस कारण कि वे झूठ बोलते थे।
२:११
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब قِيلَ कहा जाता है qīla
कहा जाता है لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें لَا (Do) not lā
(Do) not تُفْسِدُوا۟ ना तुम फ़साद करो tuf'sidū
ना तुम फ़साद करो فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में قَالُوٓا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक نَحْنُ हम तो naḥnu
हम तो مُصْلِحُونَ इस्लाह करने वाले हैं muṣ'liḥūna
इस्लाह करने वाले हैं ١١ (11)
(11)
और जब قِيلَ कहा जाता है qīla
कहा जाता है لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें لَا (Do) not lā
(Do) not تُفْسِدُوا۟ ना तुम फ़साद करो tuf'sidū
ना तुम फ़साद करो فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में قَالُوٓا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक نَحْنُ हम तो naḥnu
हम तो مُصْلِحُونَ इस्लाह करने वाले हैं muṣ'liḥūna
इस्लाह करने वाले हैं ١١ (11)
(11)
और जब उनसे कहा जाता है कि धरती में उपद्रव न करो, तो कहते हैं कि हम तो केवल सुधार करने वाले हैं।
२:१२
أَلَآ
ख़बरदार
alā
ख़बरदार إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो هُمُ वो ही humu
वो ही ٱلْمُفْسِدُونَ फ़साद करने वाले हैं l-muf'sidūna
फ़साद करने वाले हैं وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन لَّا not lā
not يَشْعُرُونَ नहीं वो शऊर रखते yashʿurūna
नहीं वो शऊर रखते ١٢ (12)
(12)
ख़बरदार إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो هُمُ वो ही humu
वो ही ٱلْمُفْسِدُونَ फ़साद करने वाले हैं l-muf'sidūna
फ़साद करने वाले हैं وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन لَّا not lā
not يَشْعُرُونَ नहीं वो शऊर रखते yashʿurūna
नहीं वो शऊर रखते ١٢ (12)
(12)
सावधान! निश्चय वही तो उपद्रव करने वाले हैं, परंतु वे नहीं समझते।
२:१३
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब قِيلَ कहा जाता है qīla
कहा जाता है لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें ءَامِنُوا۟ ईमान ले आओ āminū
ईमान ले आओ كَمَآ जैसा कि kamā
जैसा कि ءَامَنَ ईमान लाए āmana
ईमान लाए ٱلنَّاسُ लोग l-nāsu
लोग قَالُوٓا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं أَنُؤْمِنُ क्या हम ईमान लाऐं anu'minu
क्या हम ईमान लाऐं كَمَآ जैसा कि kamā
जैसा कि ءَامَنَ ईमान लाए āmana
ईमान लाए ٱلسُّفَهَآءُ ۗ बेवक़ूफ़ l-sufahāu
बेवक़ूफ़ أَلَآ ख़बरदार alā
ख़बरदार إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो هُمُ वो ही humu
वो ही ٱلسُّفَهَآءُ बेवक़ूफ़ हैं l-sufahāu
बेवक़ूफ़ हैं وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन لَّا not lā
not يَعْلَمُونَ नहीं वो इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं वो इल्म रखते ١٣ (13)
(13)
और जब قِيلَ कहा जाता है qīla
कहा जाता है لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें ءَامِنُوا۟ ईमान ले आओ āminū
ईमान ले आओ كَمَآ जैसा कि kamā
जैसा कि ءَامَنَ ईमान लाए āmana
ईमान लाए ٱلنَّاسُ लोग l-nāsu
लोग قَالُوٓا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं أَنُؤْمِنُ क्या हम ईमान लाऐं anu'minu
क्या हम ईमान लाऐं كَمَآ जैसा कि kamā
जैसा कि ءَامَنَ ईमान लाए āmana
ईमान लाए ٱلسُّفَهَآءُ ۗ बेवक़ूफ़ l-sufahāu
बेवक़ूफ़ أَلَآ ख़बरदार alā
ख़बरदार إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो هُمُ वो ही humu
वो ही ٱلسُّفَهَآءُ बेवक़ूफ़ हैं l-sufahāu
बेवक़ूफ़ हैं وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन لَّا not lā
not يَعْلَمُونَ नहीं वो इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं वो इल्म रखते ١٣ (13)
(13)
तथा1 जब उनसे कहा जाता है : ईमान लाओ जिस तरह लोग ईमान लाए हैं, तो कहते हैं : क्या हम ईमान लाएँ, जैसे मूर्ख ईमान लाए हैं? सुन लो! निःसंदेह वे स्वयं ही मूर्ख हैं, परंतु वे नहीं जानते।
२:१४
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब لَقُوا۟ वो मुलाक़ात करते हैं laqū
वो मुलाक़ात करते हैं ٱلَّذِينَ उनसे जो alladhīna
उनसे जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए قَالُوٓا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब خَلَوْا۟ वो अकेले होते हैं khalaw
वो अकेले होते हैं إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ شَيَـٰطِينِهِمْ अपने शैतानों के shayāṭīnihim
अपने शैतानों के قَالُوٓا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम مَعَكُمْ तुम्हारे साथ हैं maʿakum
तुम्हारे साथ हैं إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक نَحْنُ हम तो naḥnu
हम तो مُسْتَهْزِءُونَ मज़ाक़ उड़ाने वाले हैं mus'tahziūna
मज़ाक़ उड़ाने वाले हैं ١٤ (14)
(14)
और जब لَقُوا۟ वो मुलाक़ात करते हैं laqū
वो मुलाक़ात करते हैं ٱلَّذِينَ उनसे जो alladhīna
उनसे जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए قَالُوٓا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब خَلَوْا۟ वो अकेले होते हैं khalaw
वो अकेले होते हैं إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ شَيَـٰطِينِهِمْ अपने शैतानों के shayāṭīnihim
अपने शैतानों के قَالُوٓا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम مَعَكُمْ तुम्हारे साथ हैं maʿakum
तुम्हारे साथ हैं إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक نَحْنُ हम तो naḥnu
हम तो مُسْتَهْزِءُونَ मज़ाक़ उड़ाने वाले हैं mus'tahziūna
मज़ाक़ उड़ाने वाले हैं ١٤ (14)
(14)
तथा जब वे ईमान लाने वालों से मिलते हैं, तो कहते हैं कि हम ईमान ले आए और जब अकेले में अपने शैतानों (प्रमुखों) के साथ होते हैं, तो कहते हैं कि निःसंदेह हम तुम्हारे साथ हैं। हम तो केवल उपहास करने वाले हैं।
२:१५
ٱللَّهُ
अल्लाह
al-lahu
अल्लाह يَسْتَهْزِئُ मज़ाक़ उड़ाता है yastahzi-u
मज़ाक़ उड़ाता है بِهِمْ उनका bihim
उनका وَيَمُدُّهُمْ और वो ढील दे रहा है उन्हें wayamudduhum
और वो ढील दे रहा है उन्हें فِى in fī
in طُغْيَـٰنِهِمْ उनकी सरकशी में ṭugh'yānihim
उनकी सरकशी में يَعْمَهُونَ वो भटकते फिरते हैं yaʿmahūna
वो भटकते फिरते हैं ١٥ (15)
(15)
अल्लाह يَسْتَهْزِئُ मज़ाक़ उड़ाता है yastahzi-u
मज़ाक़ उड़ाता है بِهِمْ उनका bihim
उनका وَيَمُدُّهُمْ और वो ढील दे रहा है उन्हें wayamudduhum
और वो ढील दे रहा है उन्हें فِى in fī
in طُغْيَـٰنِهِمْ उनकी सरकशी में ṭugh'yānihim
उनकी सरकशी में يَعْمَهُونَ वो भटकते फिरते हैं yaʿmahūna
वो भटकते फिरते हैं ١٥ (15)
(15)
अल्लाह उनका मज़ाक़ उड़ाता है और उन्हें ढील दे रहा है, अपनी सरकशी में भटकते फिरते हैं।
२:१६
أُو۟لَـٰٓئِكَ
यही लोग हैं
ulāika
यही लोग हैं ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने ٱشْتَرَوُا۟ ख़रीद ली ish'tarawū
ख़रीद ली ٱلضَّلَـٰلَةَ गुमराही l-ḍalālata
गुमराही بِٱلْهُدَىٰ बदले हिदायत के bil-hudā
बदले हिदायत के فَمَا तो ना famā
तो ना رَبِحَت फ़ायदामंद हुई rabiḥat
फ़ायदामंद हुई تِّجَـٰرَتُهُمْ तिजारत उनकी tijāratuhum
तिजारत उनकी وَمَا और ना wamā
और ना كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो مُهْتَدِينَ हिदायत पाने वाले muh'tadīna
हिदायत पाने वाले ١٦ (16)
(16)
यही लोग हैं ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने ٱشْتَرَوُا۟ ख़रीद ली ish'tarawū
ख़रीद ली ٱلضَّلَـٰلَةَ गुमराही l-ḍalālata
गुमराही بِٱلْهُدَىٰ बदले हिदायत के bil-hudā
बदले हिदायत के فَمَا तो ना famā
तो ना رَبِحَت फ़ायदामंद हुई rabiḥat
फ़ायदामंद हुई تِّجَـٰرَتُهُمْ तिजारत उनकी tijāratuhum
तिजारत उनकी وَمَا और ना wamā
और ना كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो مُهْتَدِينَ हिदायत पाने वाले muh'tadīna
हिदायत पाने वाले ١٦ (16)
(16)
यही लोग हैं, जिन्होंने हिदायत (मार्गदर्शन) के बदले गुमराही खरीद ली। तो न उनके व्यापार ने लाभ दिया और न वे हिदायत पाने वाले बने।
२:१७
مَثَلُهُمْ
मिसाल उनकी
mathaluhum
मिसाल उनकी كَمَثَلِ जैसे मिसाल kamathali
जैसे मिसाल ٱلَّذِى उसकी जिसने alladhī
उसकी जिसने ٱسْتَوْقَدَ जलाई is'tawqada
जलाई نَارًۭا आग nāran
आग فَلَمَّآ फिर जब falammā
फिर जब أَضَآءَتْ उसने रोशन कर दिया aḍāat
उसने रोशन कर दिया مَا what mā
what حَوْلَهُۥ माहौल उसका ḥawlahu
माहौल उसका ذَهَبَ ले गया dhahaba
ले गया ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِنُورِهِمْ नूर उनका binūrihim
नूर उनका وَتَرَكَهُمْ और उसने छोड़ दिया उन्हें watarakahum
और उसने छोड़ दिया उन्हें فِى in fī
in ظُلُمَـٰتٍۢ अँधेरों में ẓulumātin
अँधेरों में لَّا (so) not lā
(so) not يُبْصِرُونَ नहीं वो देख पाते yub'ṣirūna
नहीं वो देख पाते ١٧ (17)
(17)
मिसाल उनकी كَمَثَلِ जैसे मिसाल kamathali
जैसे मिसाल ٱلَّذِى उसकी जिसने alladhī
उसकी जिसने ٱسْتَوْقَدَ जलाई is'tawqada
जलाई نَارًۭا आग nāran
आग فَلَمَّآ फिर जब falammā
फिर जब أَضَآءَتْ उसने रोशन कर दिया aḍāat
उसने रोशन कर दिया مَا what mā
what حَوْلَهُۥ माहौल उसका ḥawlahu
माहौल उसका ذَهَبَ ले गया dhahaba
ले गया ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِنُورِهِمْ नूर उनका binūrihim
नूर उनका وَتَرَكَهُمْ और उसने छोड़ दिया उन्हें watarakahum
और उसने छोड़ दिया उन्हें فِى in fī
in ظُلُمَـٰتٍۢ अँधेरों में ẓulumātin
अँधेरों में لَّا (so) not lā
(so) not يُبْصِرُونَ नहीं वो देख पाते yub'ṣirūna
नहीं वो देख पाते ١٧ (17)
(17)
उनका1 उदाहरण उस व्यक्ति के उदाहरण जैसा है, जिसने एक आग भड़काई, फिर जब उसने उसके आस-पास की चीज़ों को प्रकाशित कर दिया, तो अल्लाह ने उनका प्रकाश छीन लिया और उन्हें कई तरह के अँधेरों में छोड़ दिया कि वे नहीं देखते।
२:१८
صُمٌّۢ
बहरे हैं
ṣummun
बहरे हैं بُكْمٌ गूँगे हैं buk'mun
गूँगे हैं عُمْىٌۭ अँधे हैं ʿum'yun
अँधे हैं فَهُمْ पस वो fahum
पस वो لَا not lā
not يَرْجِعُونَ नहीं वो लौटते yarjiʿūna
नहीं वो लौटते ١٨ (18)
(18)
बहरे हैं بُكْمٌ गूँगे हैं buk'mun
गूँगे हैं عُمْىٌۭ अँधे हैं ʿum'yun
अँधे हैं فَهُمْ पस वो fahum
पस वो لَا not lā
not يَرْجِعُونَ नहीं वो लौटते yarjiʿūna
नहीं वो लौटते ١٨ (18)
(18)
(वे) बहरे हैं, गूँगे हैं, अंधे हैं। अतः वे नहीं लौटते।
२:१९
أَوْ
या
aw
या كَصَيِّبٍۢ जैसे ज़ोरदार बारिश kaṣayyibin
जैसे ज़ोरदार बारिश مِّنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से فِيهِ उसमें fīhi
उसमें ظُلُمَـٰتٌۭ अँधेरे ẓulumātun
अँधेरे وَرَعْدٌۭ और गरज waraʿdun
और गरज وَبَرْقٌۭ और बिजली है wabarqun
और बिजली है يَجْعَلُونَ वो डाल लेते हैं yajʿalūna
वो डाल लेते हैं أَصَـٰبِعَهُمْ उँगलियाँ aṣābiʿahum
उँगलियाँ فِىٓ in fī
in ءَاذَانِهِم अपने कानों में ādhānihim
अपने कानों में مِّنَ from mina
from ٱلصَّوَٰعِقِ बिजली के कड़ाकों से l-ṣawāʿiqi
बिजली के कड़ाकों से حَذَرَ बचने के लिए ḥadhara
बचने के लिए ٱلْمَوْتِ ۚ मौत से l-mawti
मौत से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह مُحِيطٌۢ घेरने वाला है muḥīṭun
घेरने वाला है بِٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों को bil-kāfirīna
काफ़िरों को ١٩ (19)
(19)
या كَصَيِّبٍۢ जैसे ज़ोरदार बारिश kaṣayyibin
जैसे ज़ोरदार बारिश مِّنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से فِيهِ उसमें fīhi
उसमें ظُلُمَـٰتٌۭ अँधेरे ẓulumātun
अँधेरे وَرَعْدٌۭ और गरज waraʿdun
और गरज وَبَرْقٌۭ और बिजली है wabarqun
और बिजली है يَجْعَلُونَ वो डाल लेते हैं yajʿalūna
वो डाल लेते हैं أَصَـٰبِعَهُمْ उँगलियाँ aṣābiʿahum
उँगलियाँ فِىٓ in fī
in ءَاذَانِهِم अपने कानों में ādhānihim
अपने कानों में مِّنَ from mina
from ٱلصَّوَٰعِقِ बिजली के कड़ाकों से l-ṣawāʿiqi
बिजली के कड़ाकों से حَذَرَ बचने के लिए ḥadhara
बचने के लिए ٱلْمَوْتِ ۚ मौत से l-mawti
मौत से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह مُحِيطٌۢ घेरने वाला है muḥīṭun
घेरने वाला है بِٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों को bil-kāfirīna
काफ़िरों को ١٩ (19)
(19)
या1 आकाश से होने वाली वर्षा के समान, जिसमें कई अँधेरे हैं, तथा गरज और चमक है। वे कड़कने वाली बिजलियों के कारण मृत्यु के भय से अपनी उंगलियाँ अपने कानों में डाल लेते हैं और अल्लाह काफ़िरों को घेरे हुए है।
२:२०
يَكَادُ
क़रीब है
yakādu
क़रीब है ٱلْبَرْقُ बिजली की चमक l-barqu
बिजली की चमक يَخْطَفُ कि वो उचक ले yakhṭafu
कि वो उचक ले أَبْصَـٰرَهُمْ ۖ निगाहें उनकी abṣārahum
निगाहें उनकी كُلَّمَآ जब कभी kullamā
जब कभी أَضَآءَ वो रोशनी करती है aḍāa
वो रोशनी करती है لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مَّشَوْا۟ वो चल पड़ते हैं mashaw
वो चल पड़ते हैं فِيهِ उसमें fīhi
उसमें وَإِذَآ और जब wa-idhā
और जब أَظْلَمَ वो अँधेरा कर देती है aẓlama
वो अँधेरा कर देती है عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर قَامُوا۟ ۚ वो खड़े हो जाते हैं qāmū
वो खड़े हो जाते हैं وَلَوْ और अगर walaw
और अगर شَآءَ चाहे shāa
चाहे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لَذَهَبَ अलबत्ता वो ले जाए ladhahaba
अलबत्ता वो ले जाए بِسَمْعِهِمْ कान उनके bisamʿihim
कान उनके وَأَبْصَـٰرِهِمْ ۚ और आँखें उनकी wa-abṣārihim
और आँखें उनकी إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرٌۭ बहुत क़ुदरत रखने वाला है qadīrun
बहुत क़ुदरत रखने वाला है ٢٠ (20)
(20)
क़रीब है ٱلْبَرْقُ बिजली की चमक l-barqu
बिजली की चमक يَخْطَفُ कि वो उचक ले yakhṭafu
कि वो उचक ले أَبْصَـٰرَهُمْ ۖ निगाहें उनकी abṣārahum
निगाहें उनकी كُلَّمَآ जब कभी kullamā
जब कभी أَضَآءَ वो रोशनी करती है aḍāa
वो रोशनी करती है لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مَّشَوْا۟ वो चल पड़ते हैं mashaw
वो चल पड़ते हैं فِيهِ उसमें fīhi
उसमें وَإِذَآ और जब wa-idhā
और जब أَظْلَمَ वो अँधेरा कर देती है aẓlama
वो अँधेरा कर देती है عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर قَامُوا۟ ۚ वो खड़े हो जाते हैं qāmū
वो खड़े हो जाते हैं وَلَوْ और अगर walaw
और अगर شَآءَ चाहे shāa
चाहे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لَذَهَبَ अलबत्ता वो ले जाए ladhahaba
अलबत्ता वो ले जाए بِسَمْعِهِمْ कान उनके bisamʿihim
कान उनके وَأَبْصَـٰرِهِمْ ۚ और आँखें उनकी wa-abṣārihim
और आँखें उनकी إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرٌۭ बहुत क़ुदरत रखने वाला है qadīrun
बहुत क़ुदरत रखने वाला है ٢٠ (20)
(20)
निकट है कि बिजली उनकी आँखों को उचक ले जाए। जब भी वह उनके लिए रोशनी करती है, तो उसमें चल पड़ते हैं और जब वह उनपर अँधेरा कर देती है, तो खड़े हो जाते हैं। और यदि अल्लाह चाहता, तो अवश्य उनके कान और उनकी आँखों को ले जाता। निःसंदेह अल्लाह हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है।
२:२१
يَـٰٓأَيُّهَا
ऐ
yāayyuhā
ऐ ٱلنَّاسُ लोगो l-nāsu
लोगो ٱعْبُدُوا۟ इबादत करो uʿ'budū
इबादत करो رَبَّكُمُ अपने रब की rabbakumu
अपने रब की ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने خَلَقَكُمْ पैदा किया तुम्हें khalaqakum
पैदा किया तुम्हें وَٱلَّذِينَ और उन्हें जो wa-alladhīna
और उन्हें जो مِن from min
from قَبْلِكُمْ तुमसे पहले थे qablikum
तुमसे पहले थे لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَتَّقُونَ तुम बच जाओ tattaqūna
तुम बच जाओ ٢١ (21)
(21)
ऐ ٱلنَّاسُ लोगो l-nāsu
लोगो ٱعْبُدُوا۟ इबादत करो uʿ'budū
इबादत करो رَبَّكُمُ अपने रब की rabbakumu
अपने रब की ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने خَلَقَكُمْ पैदा किया तुम्हें khalaqakum
पैदा किया तुम्हें وَٱلَّذِينَ और उन्हें जो wa-alladhīna
और उन्हें जो مِن from min
from قَبْلِكُمْ तुमसे पहले थे qablikum
तुमसे पहले थे لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَتَّقُونَ तुम बच जाओ tattaqūna
तुम बच जाओ ٢١ (21)
(21)
ऐ लोगो! अपने उस पालनहार की इबादत करो, जिसने तुम्हें तथा तुमसे पहले के लोगों को पैदा किया, ताकि तुम बच1 जाओ।
२:२२
ٱلَّذِى
वो जिसने
alladhī
वो जिसने جَعَلَ बनाया jaʿala
बनाया لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلْأَرْضَ ज़मीन को l-arḍa
ज़मीन को فِرَٰشًۭا फ़र्श firāshan
फ़र्श وَٱلسَّمَآءَ और आसमान को wal-samāa
और आसमान को بِنَآءًۭ छत bināan
छत وَأَنزَلَ और उसने उतारा wa-anzala
और उसने उतारा مِنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से مَآءًۭ पानी māan
पानी فَأَخْرَجَ फिर उसने निकाला fa-akhraja
फिर उसने निकाला بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके مِنَ [of] mina
[of] ٱلثَّمَرَٰتِ फलों से l-thamarāti
फलों से رِزْقًۭا रिज़्क riz'qan
रिज़्क لَّكُمْ ۖ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए فَلَا पस ना falā
पस ना تَجْعَلُوا۟ तुम बनाओ tajʿalū
तुम बनाओ لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए أَندَادًۭا शरीक andādan
शरीक وَأَنتُمْ हालाँकि तुम wa-antum
हालाँकि तुम تَعْلَمُونَ तुम जानते हो taʿlamūna
तुम जानते हो ٢٢ (22)
(22)
वो जिसने جَعَلَ बनाया jaʿala
बनाया لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلْأَرْضَ ज़मीन को l-arḍa
ज़मीन को فِرَٰشًۭا फ़र्श firāshan
फ़र्श وَٱلسَّمَآءَ और आसमान को wal-samāa
और आसमान को بِنَآءًۭ छत bināan
छत وَأَنزَلَ और उसने उतारा wa-anzala
और उसने उतारा مِنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से مَآءًۭ पानी māan
पानी فَأَخْرَجَ फिर उसने निकाला fa-akhraja
फिर उसने निकाला بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके مِنَ [of] mina
[of] ٱلثَّمَرَٰتِ फलों से l-thamarāti
फलों से رِزْقًۭا रिज़्क riz'qan
रिज़्क لَّكُمْ ۖ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए فَلَا पस ना falā
पस ना تَجْعَلُوا۟ तुम बनाओ tajʿalū
तुम बनाओ لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए أَندَادًۭا शरीक andādan
शरीक وَأَنتُمْ हालाँकि तुम wa-antum
हालाँकि तुम تَعْلَمُونَ तुम जानते हो taʿlamūna
तुम जानते हो ٢٢ (22)
(22)
जिसने तुम्हारे लिए धरती को एक बिछौना तथा आकाश को एक छत बनाया और आकाश से कुछ पानी उतारा, फिर उससे कई प्रकार के फल तुम्हारी जीविका के लिए पैदा किए। अतः अल्लाह के लिए किसी प्रकार के साझी न बनाओ, जबकि तुम जानते हो।1
२:२३
وَإِن
और अगर
wa-in
और अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम فِى in fī
in رَيْبٍۢ किसी शक में raybin
किसी शक में مِّمَّا उससे जो mimmā
उससे जो نَزَّلْنَا नाज़िल किया हमने nazzalnā
नाज़िल किया हमने عَلَىٰ to ʿalā
to عَبْدِنَا अपने बन्दे पर ʿabdinā
अपने बन्दे पर فَأْتُوا۟ पस ले आओ fatū
पस ले आओ بِسُورَةٍۢ कोई सूरत bisūratin
कोई सूरत مِّن [of] min
[of] مِّثْلِهِۦ इस जैसी mith'lihi
इस जैसी وَٱدْعُوا۟ और बुला लो wa-id'ʿū
और बुला लो شُهَدَآءَكُم अपने गवाहों को shuhadāakum
अपने गवाहों को مِّن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ٢٣ (23)
(23)
और अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम فِى in fī
in رَيْبٍۢ किसी शक में raybin
किसी शक में مِّمَّا उससे जो mimmā
उससे जो نَزَّلْنَا नाज़िल किया हमने nazzalnā
नाज़िल किया हमने عَلَىٰ to ʿalā
to عَبْدِنَا अपने बन्दे पर ʿabdinā
अपने बन्दे पर فَأْتُوا۟ पस ले आओ fatū
पस ले आओ بِسُورَةٍۢ कोई सूरत bisūratin
कोई सूरत مِّن [of] min
[of] مِّثْلِهِۦ इस जैसी mith'lihi
इस जैसी وَٱدْعُوا۟ और बुला लो wa-id'ʿū
और बुला लो شُهَدَآءَكُم अपने गवाहों को shuhadāakum
अपने गवाहों को مِّن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ٢٣ (23)
(23)
और यदि तुम उस (पुस्तक) के बारे में किसी संदेह में हो, जो हमने अपने बंदे पर उतारा है, तो उसके समान एक सूरत ले आओ और अल्लाह के सिवा अपने समर्थकों को भी बुला लो, यदि तुम सच्चे1 हो।
२:२४
فَإِن
फिर अगर
fa-in
फिर अगर لَّمْ ना lam
ना تَفْعَلُوا۟ तुमने किया tafʿalū
तुमने किया وَلَن और हरगिज़ नहीं walan
और हरगिज़ नहीं تَفْعَلُوا۟ तुम कर सकोगे tafʿalū
तुम कर सकोगे فَٱتَّقُوا۟ पस डरो fa-ittaqū
पस डरो ٱلنَّارَ उस आग से l-nāra
उस आग से ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो وَقُودُهَا ईंधन हैं उसका waqūduhā
ईंधन हैं उसका ٱلنَّاسُ इन्सान l-nāsu
इन्सान وَٱلْحِجَارَةُ ۖ और पत्थर wal-ḥijāratu
और पत्थर أُعِدَّتْ तैयार की गई है uʿiddat
तैयार की गई है لِلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों के लिए lil'kāfirīna
काफ़िरों के लिए ٢٤ (24)
(24)
फिर अगर لَّمْ ना lam
ना تَفْعَلُوا۟ तुमने किया tafʿalū
तुमने किया وَلَن और हरगिज़ नहीं walan
और हरगिज़ नहीं تَفْعَلُوا۟ तुम कर सकोगे tafʿalū
तुम कर सकोगे فَٱتَّقُوا۟ पस डरो fa-ittaqū
पस डरो ٱلنَّارَ उस आग से l-nāra
उस आग से ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो وَقُودُهَا ईंधन हैं उसका waqūduhā
ईंधन हैं उसका ٱلنَّاسُ इन्सान l-nāsu
इन्सान وَٱلْحِجَارَةُ ۖ और पत्थर wal-ḥijāratu
और पत्थर أُعِدَّتْ तैयार की गई है uʿiddat
तैयार की गई है لِلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों के लिए lil'kāfirīna
काफ़िरों के लिए ٢٤ (24)
(24)
फिर यदि तुमने ऐसा न किया और तुम ऐसा कभी नहीं कर पाओगे, तो उस आग से बचो, जिसका ईंधन मानव तथा पत्थर हैं, जो काफ़िरों के लिए तैयार की गई है।
२:२५
وَبَشِّرِ
और ख़ुशख़बरी दे दीजिए
wabashiri
और ख़ुशख़बरी दे दीजिए ٱلَّذِينَ उन्हें जो alladhīna
उन्हें जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक أَنَّ बेशक anna
बेशक لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात हैं jannātin
बाग़ात हैं تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن [from] min
[from] تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ ۖ नहरें l-anhāru
नहरें كُلَّمَا जब कभी kullamā
जब कभी رُزِقُوا۟ वो दिए जाऐंगे ruziqū
वो दिए जाऐंगे مِنْهَا उनसे min'hā
उनसे مِن of min
of ثَمَرَةٍۢ कोई फल thamaratin
कोई फल رِّزْقًۭا ۙ बतौर रिज़्क़ riz'qan
बतौर रिज़्क़ قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे هَـٰذَا ये hādhā
ये ٱلَّذِى वो ही है जो alladhī
वो ही है जो رُزِقْنَا दिए गए हम ruziq'nā
दिए गए हम مِن from min
from قَبْلُ ۖ इससे पहले qablu
इससे पहले وَأُتُوا۟ और वो दिए जाऐंगे wa-utū
और वो दिए जाऐंगे بِهِۦ उससे bihi
उससे مُتَشَـٰبِهًۭا ۖ मिलता-जुलता mutashābihan
मिलता-जुलता وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए فِيهَآ उनमें fīhā
उनमें أَزْوَٰجٌۭ बीवियाँ होंगी azwājun
बीवियाँ होंगी مُّطَهَّرَةٌۭ ۖ निहायत पाकीज़ा muṭahharatun
निहायत पाकीज़ा وَهُمْ और वो wahum
और वो فِيهَا उनमें fīhā
उनमें خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं ٢٥ (25)
(25)
और ख़ुशख़बरी दे दीजिए ٱلَّذِينَ उन्हें जो alladhīna
उन्हें जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक أَنَّ बेशक anna
बेशक لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात हैं jannātin
बाग़ात हैं تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن [from] min
[from] تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ ۖ नहरें l-anhāru
नहरें كُلَّمَا जब कभी kullamā
जब कभी رُزِقُوا۟ वो दिए जाऐंगे ruziqū
वो दिए जाऐंगे مِنْهَا उनसे min'hā
उनसे مِن of min
of ثَمَرَةٍۢ कोई फल thamaratin
कोई फल رِّزْقًۭا ۙ बतौर रिज़्क़ riz'qan
बतौर रिज़्क़ قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे هَـٰذَا ये hādhā
ये ٱلَّذِى वो ही है जो alladhī
वो ही है जो رُزِقْنَا दिए गए हम ruziq'nā
दिए गए हम مِن from min
from قَبْلُ ۖ इससे पहले qablu
इससे पहले وَأُتُوا۟ और वो दिए जाऐंगे wa-utū
और वो दिए जाऐंगे بِهِۦ उससे bihi
उससे مُتَشَـٰبِهًۭا ۖ मिलता-जुलता mutashābihan
मिलता-जुलता وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए فِيهَآ उनमें fīhā
उनमें أَزْوَٰجٌۭ बीवियाँ होंगी azwājun
बीवियाँ होंगी مُّطَهَّرَةٌۭ ۖ निहायत पाकीज़ा muṭahharatun
निहायत पाकीज़ा وَهُمْ और वो wahum
और वो فِيهَا उनमें fīhā
उनमें خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं ٢٥ (25)
(25)
और (ऐ नबी!) उन लोगों को शुभ सूचना दे दो, जो ईमान लाए तथा उन्होंने अच्छे काम किए कि निःसंदेह उनके लिए ऐसे स्वर्ग हैं, जिनके नीचे से नहरें बहती हैं। जब कभी उनमें से कोई फल उन्हें खाने के लिए दिया जाएगा, तो कहेंगे : यह तो वही है, जो इससे पहले हमें दिया गया था, तथा उन्हें एक-दूसरे से मिलता-जुलता फल दिया जाएगा तथा उनके लिए उनमें पवित्र पत्नियाँ होंगी और वे उनमें हमेशा रहने वाले हैं।
२:२६
۞ إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (is) not lā
(is) not يَسْتَحْىِۦٓ नहीं हया फ़रमाता/शर्माता yastaḥyī
नहीं हया फ़रमाता/शर्माता أَن कि an
कि يَضْرِبَ वो बयान करे yaḍriba
वो बयान करे مَثَلًۭا कोई मिसाल mathalan
कोई मिसाल مَّا ख़्वाह mā
ख़्वाह بَعُوضَةًۭ मादा मच्छर की हो baʿūḍatan
मादा मच्छर की हो فَمَا या जो famā
या जो فَوْقَهَا ۚ ऊपर है उसके fawqahā
ऊपर है उसके فَأَمَّا तो रहे fa-ammā
तो रहे ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए فَيَعْلَمُونَ पस वो इल्म रखते हैं fayaʿlamūna
पस वो इल्म रखते हैं أَنَّهُ कि बेशक वो annahu
कि बेशक वो ٱلْحَقُّ हक़ है l-ḥaqu
हक़ है مِن from min
from رَّبِّهِمْ ۖ उनके रब की तरफ़ से rabbihim
उनके रब की तरफ़ से وَأَمَّا और रहे wa-ammā
और रहे ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया فَيَقُولُونَ तो वो कहते हैं fayaqūlūna
तो वो कहते हैं مَاذَآ क्या mādhā
क्या أَرَادَ इरादा किया arāda
इरादा किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने بِهَـٰذَا साथ इस bihādhā
साथ इस مَثَلًۭا ۘ मिसाल के mathalan
मिसाल के يُضِلُّ वो गुमराह करता है yuḍillu
वो गुमराह करता है بِهِۦ साथ इसके bihi
साथ इसके كَثِيرًۭا कसीर (तादाद) को kathīran
कसीर (तादाद) को وَيَهْدِى और वो हिदायत देता है wayahdī
और वो हिदायत देता है بِهِۦ साथ इसके bihi
साथ इसके كَثِيرًۭا ۚ कसीर (तादाद) को kathīran
कसीर (तादाद) को وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يُضِلُّ वो गुमराह करता yuḍillu
वो गुमराह करता بِهِۦٓ साथ इसके bihi
साथ इसके إِلَّا मगर illā
मगर ٱلْفَـٰسِقِينَ फ़ासिक़ों को l-fāsiqīna
फ़ासिक़ों को ٢٦ (26)
(26)
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (is) not lā
(is) not يَسْتَحْىِۦٓ नहीं हया फ़रमाता/शर्माता yastaḥyī
नहीं हया फ़रमाता/शर्माता أَن कि an
कि يَضْرِبَ वो बयान करे yaḍriba
वो बयान करे مَثَلًۭا कोई मिसाल mathalan
कोई मिसाल مَّا ख़्वाह mā
ख़्वाह بَعُوضَةًۭ मादा मच्छर की हो baʿūḍatan
मादा मच्छर की हो فَمَا या जो famā
या जो فَوْقَهَا ۚ ऊपर है उसके fawqahā
ऊपर है उसके فَأَمَّا तो रहे fa-ammā
तो रहे ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए فَيَعْلَمُونَ पस वो इल्म रखते हैं fayaʿlamūna
पस वो इल्म रखते हैं أَنَّهُ कि बेशक वो annahu
कि बेशक वो ٱلْحَقُّ हक़ है l-ḥaqu
हक़ है مِن from min
from رَّبِّهِمْ ۖ उनके रब की तरफ़ से rabbihim
उनके रब की तरफ़ से وَأَمَّا और रहे wa-ammā
और रहे ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया فَيَقُولُونَ तो वो कहते हैं fayaqūlūna
तो वो कहते हैं مَاذَآ क्या mādhā
क्या أَرَادَ इरादा किया arāda
इरादा किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने بِهَـٰذَا साथ इस bihādhā
साथ इस مَثَلًۭا ۘ मिसाल के mathalan
मिसाल के يُضِلُّ वो गुमराह करता है yuḍillu
वो गुमराह करता है بِهِۦ साथ इसके bihi
साथ इसके كَثِيرًۭا कसीर (तादाद) को kathīran
कसीर (तादाद) को وَيَهْدِى और वो हिदायत देता है wayahdī
और वो हिदायत देता है بِهِۦ साथ इसके bihi
साथ इसके كَثِيرًۭا ۚ कसीर (तादाद) को kathīran
कसीर (तादाद) को وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يُضِلُّ वो गुमराह करता yuḍillu
वो गुमराह करता بِهِۦٓ साथ इसके bihi
साथ इसके إِلَّا मगर illā
मगर ٱلْفَـٰسِقِينَ फ़ासिक़ों को l-fāsiqīna
फ़ासिक़ों को ٢٦ (26)
(26)
निःसंदेह अल्लाह1 मच्छर अथवा उससे तुच्छ चीज़ की मिसाल देने से नहीं शरमाता। फिर जो ईमान लाए, वे जानते हैं कि यह उनके पालनहार की ओर से सत्य है और रहे वे जिन्होंने कुफ़्र किया, तो वे कहते हैं : अल्लाह ने इसके साथ उदाहरण देकर क्या इरादा किया है? वह इसके साथ बहुतों को गुमराह करता है और इसके साथ बहुतों को हिदायत देता है तथा वह इसके साथ केवल अवज्ञाकारियों को गुमराह करता है।
२:२७
ٱلَّذِينَ
वो जो
alladhīna
वो जो يَنقُضُونَ तोड़ते हैं yanquḍūna
तोड़ते हैं عَهْدَ अहद ʿahda
अहद ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद مِيثَـٰقِهِۦ उसके मज़बूत करने के mīthāqihi
उसके मज़बूत करने के وَيَقْطَعُونَ और वो काटते हैं wayaqṭaʿūna
और वो काटते हैं مَآ जो mā
जो أَمَرَ हुक्म दिया amara
हुक्म दिया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने بِهِۦٓ उसका bihi
उसका أَن कि an
कि يُوصَلَ वो जोड़ा जाए yūṣala
वो जोड़ा जाए وَيُفْسِدُونَ और वो फ़साद करते हैं wayuf'sidūna
और वो फ़साद करते हैं فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ۚ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْخَـٰسِرُونَ जो ख़सारा पाने वाले हैं l-khāsirūna
जो ख़सारा पाने वाले हैं ٢٧ (27)
(27)
वो जो يَنقُضُونَ तोड़ते हैं yanquḍūna
तोड़ते हैं عَهْدَ अहद ʿahda
अहद ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद مِيثَـٰقِهِۦ उसके मज़बूत करने के mīthāqihi
उसके मज़बूत करने के وَيَقْطَعُونَ और वो काटते हैं wayaqṭaʿūna
और वो काटते हैं مَآ जो mā
जो أَمَرَ हुक्म दिया amara
हुक्म दिया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने بِهِۦٓ उसका bihi
उसका أَن कि an
कि يُوصَلَ वो जोड़ा जाए yūṣala
वो जोड़ा जाए وَيُفْسِدُونَ और वो फ़साद करते हैं wayuf'sidūna
और वो फ़साद करते हैं فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ۚ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْخَـٰسِرُونَ जो ख़सारा पाने वाले हैं l-khāsirūna
जो ख़सारा पाने वाले हैं ٢٧ (27)
(27)
जो अल्लाह से पक्का वचन करने के बाद उसे भंग कर देते हैं तथा जिसे अल्लाह ने जोड़ने का आदेश दिया है, उसे तोड़ते हैं और धरती में उपद्रव करते हैं, यही लोग घाटा उठाने वाले हैं।
२:२८
كَيْفَ
किस तरह
kayfa
किस तरह تَكْفُرُونَ तुम इन्कार करते हो takfurūna
तुम इन्कार करते हो بِٱللَّهِ अल्लाह का bil-lahi
अल्लाह का وَكُنتُمْ हालाँकि थे तुम wakuntum
हालाँकि थे तुम أَمْوَٰتًۭا मुर्दे amwātan
मुर्दे فَأَحْيَـٰكُمْ ۖ फिर उसने ज़िन्दा किया तुम्हें fa-aḥyākum
फिर उसने ज़िन्दा किया तुम्हें ثُمَّ फिर thumma
फिर يُمِيتُكُمْ वो मौत देगा तुम्हें yumītukum
वो मौत देगा तुम्हें ثُمَّ फिर thumma
फिर يُحْيِيكُمْ वो ज़िन्दा करेगा तुम्हें yuḥ'yīkum
वो ज़िन्दा करेगा तुम्हें ثُمَّ फिर thumma
फिर إِلَيْهِ उसी की तरफ़ ilayhi
उसी की तरफ़ تُرْجَعُونَ तुम लौटाए जाओगे tur'jaʿūna
तुम लौटाए जाओगे ٢٨ (28)
(28)
किस तरह تَكْفُرُونَ तुम इन्कार करते हो takfurūna
तुम इन्कार करते हो بِٱللَّهِ अल्लाह का bil-lahi
अल्लाह का وَكُنتُمْ हालाँकि थे तुम wakuntum
हालाँकि थे तुम أَمْوَٰتًۭا मुर्दे amwātan
मुर्दे فَأَحْيَـٰكُمْ ۖ फिर उसने ज़िन्दा किया तुम्हें fa-aḥyākum
फिर उसने ज़िन्दा किया तुम्हें ثُمَّ फिर thumma
फिर يُمِيتُكُمْ वो मौत देगा तुम्हें yumītukum
वो मौत देगा तुम्हें ثُمَّ फिर thumma
फिर يُحْيِيكُمْ वो ज़िन्दा करेगा तुम्हें yuḥ'yīkum
वो ज़िन्दा करेगा तुम्हें ثُمَّ फिर thumma
फिर إِلَيْهِ उसी की तरफ़ ilayhi
उसी की तरफ़ تُرْجَعُونَ तुम लौटाए जाओगे tur'jaʿūna
तुम लौटाए जाओगे ٢٨ (28)
(28)
तुम अल्लाह का इनकार कैसे करते हो? जबकि तुम निर्जीव थे, तो उसने तुम्हें जीवन दिया, फिर वह तुम्हें मौत देगा, फिर तुम्हें (परलोक में) जीवित करेगा, फिर तुम उसी की ओर लौटाए1 जाओगे।
२:२९
هُوَ
वो ही है
huwa
वो ही है ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مَّا जो mā
जो فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है جَمِيعًۭا सब का सब jamīʿan
सब का सब ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱسْتَوَىٰٓ वो मुतावज्जेह हुआ is'tawā
वो मुतावज्जेह हुआ إِلَى तरफ ilā
तरफ ٱلسَّمَآءِ आसमान के l-samāi
आसमान के فَسَوَّىٰهُنَّ पस उसने दुरुस्त करके बना दिया उन्हें fasawwāhunna
पस उसने दुरुस्त करके बना दिया उन्हें سَبْعَ सात sabʿa
सात سَمَـٰوَٰتٍۢ ۚ आसमान samāwātin
आसमान وَهُوَ और वो wahuwa
और वो بِكُلِّ हर bikulli
हर شَىْءٍ चीज़ का shayin
चीज़ का عَلِيمٌۭ ख़ूब इल्म रखने वाला है ʿalīmun
ख़ूब इल्म रखने वाला है ٢٩ (29)
(29)
वो ही है ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مَّا जो mā
जो فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है جَمِيعًۭا सब का सब jamīʿan
सब का सब ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱسْتَوَىٰٓ वो मुतावज्जेह हुआ is'tawā
वो मुतावज्जेह हुआ إِلَى तरफ ilā
तरफ ٱلسَّمَآءِ आसमान के l-samāi
आसमान के فَسَوَّىٰهُنَّ पस उसने दुरुस्त करके बना दिया उन्हें fasawwāhunna
पस उसने दुरुस्त करके बना दिया उन्हें سَبْعَ सात sabʿa
सात سَمَـٰوَٰتٍۢ ۚ आसमान samāwātin
आसमान وَهُوَ और वो wahuwa
और वो بِكُلِّ हर bikulli
हर شَىْءٍ चीज़ का shayin
चीज़ का عَلِيمٌۭ ख़ूब इल्म रखने वाला है ʿalīmun
ख़ूब इल्म रखने वाला है ٢٩ (29)
(29)
वही है, जिसने धरती में जो कुछ है, सब तुम्हारे लिए पैदा किया, फिर आकाश की ओर रुख़ किया, तो उन्हें ठीक करके सात आकाश बना दिया और वह प्रत्येक चीज़ को ख़ूब जानने वाला है।
२:३०
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया رَبُّكَ आपके रब ने rabbuka
आपके रब ने لِلْمَلَـٰٓئِكَةِ फ़रिश्तों से lil'malāikati
फ़रिश्तों से إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं جَاعِلٌۭ बनाने वाला हूँ jāʿilun
बनाने वाला हूँ فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में خَلِيفَةًۭ ۖ एक ख़लीफ़ा khalīfatan
एक ख़लीफ़ा قَالُوٓا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा أَتَجْعَلُ क्या तू बनाएगा atajʿalu
क्या तू बनाएगा فِيهَا इसमें fīhā
इसमें مَن उसको जो man
उसको जो يُفْسِدُ फ़साद करेगा yuf'sidu
फ़साद करेगा فِيهَا इसमें fīhā
इसमें وَيَسْفِكُ और वो बहाएगा wayasfiku
और वो बहाएगा ٱلدِّمَآءَ ख़ून l-dimāa
ख़ून وَنَحْنُ और हम wanaḥnu
और हम نُسَبِّحُ हम तस्बीह करते हैं nusabbiḥu
हम तस्बीह करते हैं بِحَمْدِكَ साथ तेरी तारीफ़ के biḥamdika
साथ तेरी तारीफ़ के وَنُقَدِّسُ और हम पाकीज़गी बयान करते हैं wanuqaddisu
और हम पाकीज़गी बयान करते हैं لَكَ ۖ तेरी laka
तेरी قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أَعْلَمُ मैं जानता हूँ aʿlamu
मैं जानता हूँ مَا जो mā
जो لَا नहीं lā
नहीं تَعْلَمُونَ तुम जानते taʿlamūna
तुम जानते ٣٠ (30)
(30)
और जब قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया رَبُّكَ आपके रब ने rabbuka
आपके रब ने لِلْمَلَـٰٓئِكَةِ फ़रिश्तों से lil'malāikati
फ़रिश्तों से إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं جَاعِلٌۭ बनाने वाला हूँ jāʿilun
बनाने वाला हूँ فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में خَلِيفَةًۭ ۖ एक ख़लीफ़ा khalīfatan
एक ख़लीफ़ा قَالُوٓا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा أَتَجْعَلُ क्या तू बनाएगा atajʿalu
क्या तू बनाएगा فِيهَا इसमें fīhā
इसमें مَن उसको जो man
उसको जो يُفْسِدُ फ़साद करेगा yuf'sidu
फ़साद करेगा فِيهَا इसमें fīhā
इसमें وَيَسْفِكُ और वो बहाएगा wayasfiku
और वो बहाएगा ٱلدِّمَآءَ ख़ून l-dimāa
ख़ून وَنَحْنُ और हम wanaḥnu
और हम نُسَبِّحُ हम तस्बीह करते हैं nusabbiḥu
हम तस्बीह करते हैं بِحَمْدِكَ साथ तेरी तारीफ़ के biḥamdika
साथ तेरी तारीफ़ के وَنُقَدِّسُ और हम पाकीज़गी बयान करते हैं wanuqaddisu
और हम पाकीज़गी बयान करते हैं لَكَ ۖ तेरी laka
तेरी قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أَعْلَمُ मैं जानता हूँ aʿlamu
मैं जानता हूँ مَا जो mā
जो لَا नहीं lā
नहीं تَعْلَمُونَ तुम जानते taʿlamūna
तुम जानते ٣٠ (30)
(30)
और (ऐ नबी! याद कीजिए) जब आपके पालनहार ने फ़रिश्तों से कहा कि मैं धरती में एक ख़लीफ़ा1 बनाने वाला हूँ। उन्होंने कहा : क्या तू उसमें उसको बनाएगा, जो उसमें उपद्रव करेगा तथा बहुत रक्तपात करेगा, जबकि हम तेरी प्रशंसा के साथ तेरा गुणगान करते और तेरी पवित्रता का वर्णन करते हैं। (अल्लाह ने) फरमाया : निःसंदेह मैं जानता हूँ जो तुम नहीं जानते।
२:३१
وَعَلَّمَ
और उसने सिखा दिए
waʿallama
और उसने सिखा दिए ءَادَمَ आदम को ādama
आदम को ٱلْأَسْمَآءَ नाम l-asmāa
नाम كُلَّهَا सब उनके kullahā
सब उनके ثُمَّ फिर thumma
फिर عَرَضَهُمْ उसने पेश किया उन्हें ʿaraḍahum
उसने पेश किया उन्हें عَلَى to ʿalā
to ٱلْمَلَـٰٓئِكَةِ फ़रिश्तों पर l-malāikati
फ़रिश्तों पर فَقَالَ फिर फ़रमाया faqāla
फिर फ़रमाया أَنۢبِـُٔونِى ख़बर दो मुझे anbiūnī
ख़बर दो मुझे بِأَسْمَآءِ नामों की bi-asmāi
नामों की هَـٰٓؤُلَآءِ उन सब के hāulāi
उन सब के إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ٣١ (31)
(31)
और उसने सिखा दिए ءَادَمَ आदम को ādama
आदम को ٱلْأَسْمَآءَ नाम l-asmāa
नाम كُلَّهَا सब उनके kullahā
सब उनके ثُمَّ फिर thumma
फिर عَرَضَهُمْ उसने पेश किया उन्हें ʿaraḍahum
उसने पेश किया उन्हें عَلَى to ʿalā
to ٱلْمَلَـٰٓئِكَةِ फ़रिश्तों पर l-malāikati
फ़रिश्तों पर فَقَالَ फिर फ़रमाया faqāla
फिर फ़रमाया أَنۢبِـُٔونِى ख़बर दो मुझे anbiūnī
ख़बर दो मुझे بِأَسْمَآءِ नामों की bi-asmāi
नामों की هَـٰٓؤُلَآءِ उन सब के hāulāi
उन सब के إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ٣١ (31)
(31)
और उस (अल्लाह) ने आदम1 को सभी नाम सिखा दिए, फिर उन्हें फ़रिश्तों के समक्ष प्रस्तुत किया, फिर फरमाया : मुझे इनके नाम बताओ, यदि तुम सच्चे हो।
२:३२
قَالُوا۟
उन्होंने कहा
qālū
उन्होंने कहा سُبْحَـٰنَكَ पाक है तू sub'ḥānaka
पाक है तू لَا नहीं lā
नहीं عِلْمَ कोई इल्म ʿil'ma
कोई इल्म لَنَآ हमारे लिए lanā
हमारे लिए إِلَّا मगर illā
मगर مَا जो mā
जो عَلَّمْتَنَآ ۖ सिखाया तूने हमें ʿallamtanā
सिखाया तूने हमें إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू أَنتَ तू ही है anta
तू ही है ٱلْعَلِيمُ बहुत इल्म वाला l-ʿalīmu
बहुत इल्म वाला ٱلْحَكِيمُ बहुत हिकमत वाला l-ḥakīmu
बहुत हिकमत वाला ٣٢ (32)
(32)
उन्होंने कहा سُبْحَـٰنَكَ पाक है तू sub'ḥānaka
पाक है तू لَا नहीं lā
नहीं عِلْمَ कोई इल्म ʿil'ma
कोई इल्म لَنَآ हमारे लिए lanā
हमारे लिए إِلَّا मगर illā
मगर مَا जो mā
जो عَلَّمْتَنَآ ۖ सिखाया तूने हमें ʿallamtanā
सिखाया तूने हमें إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू أَنتَ तू ही है anta
तू ही है ٱلْعَلِيمُ बहुत इल्म वाला l-ʿalīmu
बहुत इल्म वाला ٱلْحَكِيمُ बहुत हिकमत वाला l-ḥakīmu
बहुत हिकमत वाला ٣٢ (32)
(32)
उन्होंने कहा : तू पवित्र है। हमें कुछ ज्ञान नहीं परंतु जो तूने हमें सिखाया। निःसंदेह तू ही सब कुछ जानने वाला, पूर्ण हिकमत1 वाला है।
२:३३
قَالَ
फ़रमाया
qāla
फ़रमाया يَـٰٓـَٔادَمُ ऐ आदम yāādamu
ऐ आदम أَنۢبِئْهُم ख़बर दो उन्हें anbi'hum
ख़बर दो उन्हें بِأَسْمَآئِهِمْ ۖ उनके नामों की bi-asmāihim
उनके नामों की فَلَمَّآ फिर जब falammā
फिर जब أَنۢبَأَهُم उसने ख़बर दी उन्हें anba-ahum
उसने ख़बर दी उन्हें بِأَسْمَآئِهِمْ उनके नामों की bi-asmāihim
उनके नामों की قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया أَلَمْ क्या नहीं alam
क्या नहीं أَقُل मैंने कहा था aqul
मैंने कहा था لَّكُمْ तुम से lakum
तुम से إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أَعْلَمُ मैं जानता हूँ aʿlamu
मैं जानता हूँ غَيْبَ ग़ैब ghayba
ग़ैब ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन का wal-arḍi
और ज़मीन का وَأَعْلَمُ और मैं जानता हूँ wa-aʿlamu
और मैं जानता हूँ مَا जो कुछ mā
जो कुछ تُبْدُونَ तुम ज़ाहिर करते हो tub'dūna
तुम ज़ाहिर करते हो وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम تَكْتُمُونَ तुम छुपाते taktumūna
तुम छुपाते ٣٣ (33)
(33)
फ़रमाया يَـٰٓـَٔادَمُ ऐ आदम yāādamu
ऐ आदम أَنۢبِئْهُم ख़बर दो उन्हें anbi'hum
ख़बर दो उन्हें بِأَسْمَآئِهِمْ ۖ उनके नामों की bi-asmāihim
उनके नामों की فَلَمَّآ फिर जब falammā
फिर जब أَنۢبَأَهُم उसने ख़बर दी उन्हें anba-ahum
उसने ख़बर दी उन्हें بِأَسْمَآئِهِمْ उनके नामों की bi-asmāihim
उनके नामों की قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया أَلَمْ क्या नहीं alam
क्या नहीं أَقُل मैंने कहा था aqul
मैंने कहा था لَّكُمْ तुम से lakum
तुम से إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أَعْلَمُ मैं जानता हूँ aʿlamu
मैं जानता हूँ غَيْبَ ग़ैब ghayba
ग़ैब ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन का wal-arḍi
और ज़मीन का وَأَعْلَمُ और मैं जानता हूँ wa-aʿlamu
और मैं जानता हूँ مَا जो कुछ mā
जो कुछ تُبْدُونَ तुम ज़ाहिर करते हो tub'dūna
तुम ज़ाहिर करते हो وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम تَكْتُمُونَ तुम छुपाते taktumūna
तुम छुपाते ٣٣ (33)
(33)
(अल्लाह ने) फरमाया : ऐ आदम! उन्हें इनके नाम बताओ। तो जब उस (आदम) ने उन्हें उनके नाम बता दिए, तो अल्लाह ने कहा : क्या मैंने तुमसे नहीं कहा था कि निःसंदेह मैं ही आकाशों तथा धरती की छिपी बातों को जानता हूँ तथा जानता हूँ जो कुछ तुम ज़ाहिर करते हो और जो कुछ तुम छिपाते हो।
२:३४
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब قُلْنَا कहा हमने qul'nā
कहा हमने لِلْمَلَـٰٓئِكَةِ फ़रिश्तों से lil'malāikati
फ़रिश्तों से ٱسْجُدُوا۟ सजदा करो us'judū
सजदा करो لِـَٔادَمَ आदम को liādama
आदम को فَسَجَدُوٓا۟ तो उन्होंने सजदा किया fasajadū
तो उन्होंने सजदा किया إِلَّآ सिवाय illā
सिवाय إِبْلِيسَ इब्लीस के ib'līsa
इब्लीस के أَبَىٰ उसने इन्कार किया abā
उसने इन्कार किया وَٱسْتَكْبَرَ और तकब्बुर किया wa-is'takbara
और तकब्बुर किया وَكَانَ और वो हो गया wakāna
और वो हो गया مِنَ of mina
of ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों में से l-kāfirīna
काफ़िरों में से ٣٤ (34)
(34)
और जब قُلْنَا कहा हमने qul'nā
कहा हमने لِلْمَلَـٰٓئِكَةِ फ़रिश्तों से lil'malāikati
फ़रिश्तों से ٱسْجُدُوا۟ सजदा करो us'judū
सजदा करो لِـَٔادَمَ आदम को liādama
आदम को فَسَجَدُوٓا۟ तो उन्होंने सजदा किया fasajadū
तो उन्होंने सजदा किया إِلَّآ सिवाय illā
सिवाय إِبْلِيسَ इब्लीस के ib'līsa
इब्लीस के أَبَىٰ उसने इन्कार किया abā
उसने इन्कार किया وَٱسْتَكْبَرَ और तकब्बुर किया wa-is'takbara
और तकब्बुर किया وَكَانَ और वो हो गया wakāna
और वो हो गया مِنَ of mina
of ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों में से l-kāfirīna
काफ़िरों में से ٣٤ (34)
(34)
और जब हमने फ़रिश्तों से कहा : आदम को सजदा करो, तो उन्होंने सजदा किया सिवाय इबलीस के। उसने इनकार किया और अभिमान किया और काफ़िरों में से हो गया।
२:३५
وَقُلْنَا
और कहा हमने
waqul'nā
और कहा हमने يَـٰٓـَٔادَمُ ऐ आदम yāādamu
ऐ आदम ٱسْكُنْ रहो us'kun
रहो أَنتَ तुम anta
तुम وَزَوْجُكَ और बीवी तुम्हारी wazawjuka
और बीवी तुम्हारी ٱلْجَنَّةَ जन्नत में l-janata
जन्नत में وَكُلَا और तुम दोनों खाओ wakulā
और तुम दोनों खाओ مِنْهَا इससे min'hā
इससे رَغَدًا फ़राग़त से raghadan
फ़राग़त से حَيْثُ जहाँ से ḥaythu
जहाँ से شِئْتُمَا तुम दोनों चाहो shi'tumā
तुम दोनों चाहो وَلَا और ना walā
और ना تَقْرَبَا तुम दोनों क़रीब जाना taqrabā
तुम दोनों क़रीब जाना هَـٰذِهِ उस hādhihi
उस ٱلشَّجَرَةَ दरख़्त के l-shajarata
दरख़्त के فَتَكُونَا वरना तुम दोनों हो जाओगे fatakūnā
वरना तुम दोनों हो जाओगे مِنَ of mina
of ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों में से l-ẓālimīna
ज़ालिमों में से ٣٥ (35)
(35)
और कहा हमने يَـٰٓـَٔادَمُ ऐ आदम yāādamu
ऐ आदम ٱسْكُنْ रहो us'kun
रहो أَنتَ तुम anta
तुम وَزَوْجُكَ और बीवी तुम्हारी wazawjuka
और बीवी तुम्हारी ٱلْجَنَّةَ जन्नत में l-janata
जन्नत में وَكُلَا और तुम दोनों खाओ wakulā
और तुम दोनों खाओ مِنْهَا इससे min'hā
इससे رَغَدًا फ़राग़त से raghadan
फ़राग़त से حَيْثُ जहाँ से ḥaythu
जहाँ से شِئْتُمَا तुम दोनों चाहो shi'tumā
तुम दोनों चाहो وَلَا और ना walā
और ना تَقْرَبَا तुम दोनों क़रीब जाना taqrabā
तुम दोनों क़रीब जाना هَـٰذِهِ उस hādhihi
उस ٱلشَّجَرَةَ दरख़्त के l-shajarata
दरख़्त के فَتَكُونَا वरना तुम दोनों हो जाओगे fatakūnā
वरना तुम दोनों हो जाओगे مِنَ of mina
of ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों में से l-ẓālimīna
ज़ालिमों में से ٣٥ (35)
(35)
और हमने कहा : ऐ आदम! तुम और तुम्हारी पत्नी जन्नत में निवास करो और दोनों उसमें से जहाँ से चाहो वहाँ से (आराम और) बहुतायत से खाओ। और तुम दोनों इस वृक्ष के क़रीब न जाना, अन्यथा तुम दोनों अत्याचारियों में से हो जाओगे।
२:३६
فَأَزَلَّهُمَا
फिर फुसला दिया उन दोनों को
fa-azallahumā
फिर फुसला दिया उन दोनों को ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान ने l-shayṭānu
शैतान ने عَنْهَا उससे ʿanhā
उससे فَأَخْرَجَهُمَا फिर उसने निकलवा दिया उन दोनों को fa-akhrajahumā
फिर उसने निकलवा दिया उन दोनों को مِمَّا उससे जो mimmā
उससे जो كَانَا वो दोनों थे kānā
वो दोनों थे فِيهِ ۖ जिसमें fīhi
जिसमें وَقُلْنَا और कहा हमने waqul'nā
और कहा हमने ٱهْبِطُوا۟ उतर जाओ ih'biṭū
उतर जाओ بَعْضُكُمْ बाज़ तुम्हारे baʿḍukum
बाज़ तुम्हारे لِبَعْضٍ बाज़ के libaʿḍin
बाज़ के عَدُوٌّۭ ۖ दुश्मन हैं ʿaduwwun
दुश्मन हैं وَلَكُمْ और तुम्हारे लिए walakum
और तुम्हारे लिए فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में مُسْتَقَرٌّۭ जाए क़रार है mus'taqarrun
जाए क़रार है وَمَتَـٰعٌ और फ़ायदा उठाना है wamatāʿun
और फ़ायदा उठाना है إِلَىٰ for ilā
for حِينٍۢ एक वक़्त तक ḥīnin
एक वक़्त तक ٣٦ (36)
(36)
फिर फुसला दिया उन दोनों को ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान ने l-shayṭānu
शैतान ने عَنْهَا उससे ʿanhā
उससे فَأَخْرَجَهُمَا फिर उसने निकलवा दिया उन दोनों को fa-akhrajahumā
फिर उसने निकलवा दिया उन दोनों को مِمَّا उससे जो mimmā
उससे जो كَانَا वो दोनों थे kānā
वो दोनों थे فِيهِ ۖ जिसमें fīhi
जिसमें وَقُلْنَا और कहा हमने waqul'nā
और कहा हमने ٱهْبِطُوا۟ उतर जाओ ih'biṭū
उतर जाओ بَعْضُكُمْ बाज़ तुम्हारे baʿḍukum
बाज़ तुम्हारे لِبَعْضٍ बाज़ के libaʿḍin
बाज़ के عَدُوٌّۭ ۖ दुश्मन हैं ʿaduwwun
दुश्मन हैं وَلَكُمْ और तुम्हारे लिए walakum
और तुम्हारे लिए فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में مُسْتَقَرٌّۭ जाए क़रार है mus'taqarrun
जाए क़रार है وَمَتَـٰعٌ और फ़ायदा उठाना है wamatāʿun
और फ़ायदा उठाना है إِلَىٰ for ilā
for حِينٍۢ एक वक़्त तक ḥīnin
एक वक़्त तक ٣٦ (36)
(36)
तो शैतान ने दोनों को उससे फिसला दिया, चुनाँचे उन्हें उससे निकाल दिया, जिसमें वे दोनों थे और हमने कहा : उतर जाओ, तुम एक-दूसरे के शत्रु हो और तुम्हारे लिए धरती में एक समय1 तक ठहरना तथा लाभ उठाना है।
२:३७
فَتَلَقَّىٰٓ
पस सीख लिए
fatalaqqā
पस सीख लिए ءَادَمُ आदम ने ādamu
आदम ने مِن from min
from رَّبِّهِۦ अपने रब से rabbihi
अपने रब से كَلِمَـٰتٍۢ चंद कलिमात kalimātin
चंद कलिमात فَتَابَ फिर वो मेहरबान हुआ fatāba
फिर वो मेहरबान हुआ عَلَيْهِ ۚ उस पर ʿalayhi
उस पर إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो هُوَ वो ही है huwa
वो ही है ٱلتَّوَّابُ बहुत तौबा क़ुबूल करने वाला l-tawābu
बहुत तौबा क़ुबूल करने वाला ٱلرَّحِيمُ निहायत रहम करने वाला l-raḥīmu
निहायत रहम करने वाला ٣٧ (37)
(37)
पस सीख लिए ءَادَمُ आदम ने ādamu
आदम ने مِن from min
from رَّبِّهِۦ अपने रब से rabbihi
अपने रब से كَلِمَـٰتٍۢ चंद कलिमात kalimātin
चंद कलिमात فَتَابَ फिर वो मेहरबान हुआ fatāba
फिर वो मेहरबान हुआ عَلَيْهِ ۚ उस पर ʿalayhi
उस पर إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो هُوَ वो ही है huwa
वो ही है ٱلتَّوَّابُ बहुत तौबा क़ुबूल करने वाला l-tawābu
बहुत तौबा क़ुबूल करने वाला ٱلرَّحِيمُ निहायत रहम करने वाला l-raḥīmu
निहायत रहम करने वाला ٣٧ (37)
(37)
फिर आदम ने अपने पालनहार से कुछ शब्द सीख लिए, तो उसने उसकी तौबा क़बूल कर ली। निश्चय वही है जो बहुत तौबा क़बूल करने वाला, अत्यंत दयावान्1 है।
२:३८
قُلْنَا
कहा हमने
qul'nā
कहा हमने ٱهْبِطُوا۟ उतर जाओ ih'biṭū
उतर जाओ مِنْهَا इससे min'hā
इससे جَمِيعًۭا ۖ सब के सब jamīʿan
सब के सब فَإِمَّا फिर अगर fa-immā
फिर अगर يَأْتِيَنَّكُم आए तुम्हारे पास yatiyannakum
आए तुम्हारे पास مِّنِّى मेरी तरफ़ से minnī
मेरी तरफ़ से هُدًۭى कोई हिदायत hudan
कोई हिदायत فَمَن तो जिसने faman
तो जिसने تَبِعَ पैरवी की tabiʿa
पैरवी की هُدَاىَ मेरी हिदायत की hudāya
मेरी हिदायत की فَلَا तो ना falā
तो ना خَوْفٌ कोई ख़ौफ़ होगा khawfun
कोई ख़ौफ़ होगा عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يَحْزَنُونَ वो ग़मगीन होंगे yaḥzanūna
वो ग़मगीन होंगे ٣٨ (38)
(38)
कहा हमने ٱهْبِطُوا۟ उतर जाओ ih'biṭū
उतर जाओ مِنْهَا इससे min'hā
इससे جَمِيعًۭا ۖ सब के सब jamīʿan
सब के सब فَإِمَّا फिर अगर fa-immā
फिर अगर يَأْتِيَنَّكُم आए तुम्हारे पास yatiyannakum
आए तुम्हारे पास مِّنِّى मेरी तरफ़ से minnī
मेरी तरफ़ से هُدًۭى कोई हिदायत hudan
कोई हिदायत فَمَن तो जिसने faman
तो जिसने تَبِعَ पैरवी की tabiʿa
पैरवी की هُدَاىَ मेरी हिदायत की hudāya
मेरी हिदायत की فَلَا तो ना falā
तो ना خَوْفٌ कोई ख़ौफ़ होगा khawfun
कोई ख़ौफ़ होगा عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يَحْزَنُونَ वो ग़मगीन होंगे yaḥzanūna
वो ग़मगीन होंगे ٣٨ (38)
(38)
हमने कहा : सब के सब इससे उतर जाओ। फिर यदि तुम्हारे पास मेरी ओर से कोई मार्गदर्शन आए, तो जिसने मेरे मार्गदर्शन का पालन किया, तो उनपर न कोई डर है और न वे शोकाकुल होंगे।
२:३९
وَٱلَّذِينَ
और वो जिन्होंने
wa-alladhīna
और वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया وَكَذَّبُوا۟ और झुठलाया wakadhabū
और झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَآ हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं أَصْحَـٰبُ साथी aṣḥābu
साथी ٱلنَّارِ ۖ आग के l-nāri
आग के هُمْ वो hum
वो فِيهَا उसमें fīhā
उसमें خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं ٣٩ (39)
(39)
और वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया وَكَذَّبُوا۟ और झुठलाया wakadhabū
और झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَآ हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं أَصْحَـٰبُ साथी aṣḥābu
साथी ٱلنَّارِ ۖ आग के l-nāri
आग के هُمْ वो hum
वो فِيهَا उसमें fīhā
उसमें خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं ٣٩ (39)
(39)
तथा जिन्होंने कुफ़्र किया और हमारी आयतों को झुठलाया, वही लोग आग (नरक) वाले हैं, वे उसमें हमेशा रहने वाले हैं।
२:४०
يَـٰبَنِىٓ
O Children
yābanī
O Children إِسْرَٰٓءِيلَ ऐ बनी इस्राईल is'rāīla
ऐ बनी इस्राईल ٱذْكُرُوا۟ याद करो udh'kurū
याद करो نِعْمَتِىَ मेरी नेअमत को niʿ'matiya
मेरी नेअमत को ٱلَّتِىٓ वो जो allatī
वो जो أَنْعَمْتُ इनाम की मैंने anʿamtu
इनाम की मैंने عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर وَأَوْفُوا۟ और पूरा करो wa-awfū
और पूरा करो بِعَهْدِىٓ मेरे अहद को biʿahdī
मेरे अहद को أُوفِ मैं पूरा करुँगा ūfi
मैं पूरा करुँगा بِعَهْدِكُمْ तुम्हारे अहद को biʿahdikum
तुम्हारे अहद को وَإِيَّـٰىَ और सिर्फ़ मुझ ही से wa-iyyāya
और सिर्फ़ मुझ ही से فَٱرْهَبُونِ पस डरो मुझ से fa-ir'habūni
पस डरो मुझ से ٤٠ (40)
(40)
O Children إِسْرَٰٓءِيلَ ऐ बनी इस्राईल is'rāīla
ऐ बनी इस्राईल ٱذْكُرُوا۟ याद करो udh'kurū
याद करो نِعْمَتِىَ मेरी नेअमत को niʿ'matiya
मेरी नेअमत को ٱلَّتِىٓ वो जो allatī
वो जो أَنْعَمْتُ इनाम की मैंने anʿamtu
इनाम की मैंने عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर وَأَوْفُوا۟ और पूरा करो wa-awfū
और पूरा करो بِعَهْدِىٓ मेरे अहद को biʿahdī
मेरे अहद को أُوفِ मैं पूरा करुँगा ūfi
मैं पूरा करुँगा بِعَهْدِكُمْ तुम्हारे अहद को biʿahdikum
तुम्हारे अहद को وَإِيَّـٰىَ और सिर्फ़ मुझ ही से wa-iyyāya
और सिर्फ़ मुझ ही से فَٱرْهَبُونِ पस डरो मुझ से fa-ir'habūni
पस डरो मुझ से ٤٠ (40)
(40)
ऐ बनी इसराईल! मेरी वह नेमत याद करो, जो मैंने तुम्हें प्रदान की, तथा तुम मेरी प्रतिज्ञा को पूरा करो, मैं तुम्हारी प्रतिज्ञा को पूरा करूँगा, तथा केवल मुझी से डरो।2
२:४१
وَءَامِنُوا۟
और ईमान लाओ
waāminū
और ईमान लाओ بِمَآ उस पर जो bimā
उस पर जो أَنزَلْتُ नाज़िल किया मैंने anzaltu
नाज़िल किया मैंने مُصَدِّقًۭا तसदीक़ करने वाला muṣaddiqan
तसदीक़ करने वाला لِّمَا उसके लिए जो limā
उसके लिए जो مَعَكُمْ तुम्हारे पास है maʿakum
तुम्हारे पास है وَلَا और ना walā
और ना تَكُونُوٓا۟ तुम हो जाओ takūnū
तुम हो जाओ أَوَّلَ सबसे पहला (गिरोह) awwala
सबसे पहला (गिरोह) كَافِرٍۭ इन्कार करने वाला kāfirin
इन्कार करने वाला بِهِۦ ۖ उसका bihi
उसका وَلَا और ना walā
और ना تَشْتَرُوا۟ तुम लो tashtarū
तुम लो بِـَٔايَـٰتِى मेरी आयात के बदले biāyātī
मेरी आयात के बदले ثَمَنًۭا क़ीमत thamanan
क़ीमत قَلِيلًۭا थोड़ी qalīlan
थोड़ी وَإِيَّـٰىَ और सिर्फ़ मुझ ही से wa-iyyāya
और सिर्फ़ मुझ ही से فَٱتَّقُونِ पस डरो मुझ से fa-ittaqūni
पस डरो मुझ से ٤١ (41)
(41)
और ईमान लाओ بِمَآ उस पर जो bimā
उस पर जो أَنزَلْتُ नाज़िल किया मैंने anzaltu
नाज़िल किया मैंने مُصَدِّقًۭا तसदीक़ करने वाला muṣaddiqan
तसदीक़ करने वाला لِّمَا उसके लिए जो limā
उसके लिए जो مَعَكُمْ तुम्हारे पास है maʿakum
तुम्हारे पास है وَلَا और ना walā
और ना تَكُونُوٓا۟ तुम हो जाओ takūnū
तुम हो जाओ أَوَّلَ सबसे पहला (गिरोह) awwala
सबसे पहला (गिरोह) كَافِرٍۭ इन्कार करने वाला kāfirin
इन्कार करने वाला بِهِۦ ۖ उसका bihi
उसका وَلَا और ना walā
और ना تَشْتَرُوا۟ तुम लो tashtarū
तुम लो بِـَٔايَـٰتِى मेरी आयात के बदले biāyātī
मेरी आयात के बदले ثَمَنًۭا क़ीमत thamanan
क़ीमत قَلِيلًۭا थोड़ी qalīlan
थोड़ी وَإِيَّـٰىَ और सिर्फ़ मुझ ही से wa-iyyāya
और सिर्फ़ मुझ ही से فَٱتَّقُونِ पस डरो मुझ से fa-ittaqūni
पस डरो मुझ से ٤١ (41)
(41)
तथा उस (क़ुरआन) पर ईमान लाओ, जो मैंने उतारा है, उसकी पुष्टि करने वाला है जो तुम्हारे पास1 है और तुम सबसे पहले इससे कुफ़्र करने वाले न बनो तथा मेरी आयतों के बदले थोड़ा मूल्य न लो और केवल मुझी से डरो।
२:४२
وَلَا
और ना
walā
और ना تَلْبِسُوا۟ तुम मिलाओ talbisū
तुम मिलाओ ٱلْحَقَّ हक़ को l-ḥaqa
हक़ को بِٱلْبَـٰطِلِ साथ बातिल के bil-bāṭili
साथ बातिल के وَتَكْتُمُوا۟ और (ना) तुम छुपाओ wataktumū
और (ना) तुम छुपाओ ٱلْحَقَّ हक़ को l-ḥaqa
हक़ को وَأَنتُمْ हालाँकि तुम wa-antum
हालाँकि तुम تَعْلَمُونَ तुम इल्म रखते हो taʿlamūna
तुम इल्म रखते हो ٤٢ (42)
(42)
और ना تَلْبِسُوا۟ तुम मिलाओ talbisū
तुम मिलाओ ٱلْحَقَّ हक़ को l-ḥaqa
हक़ को بِٱلْبَـٰطِلِ साथ बातिल के bil-bāṭili
साथ बातिल के وَتَكْتُمُوا۟ और (ना) तुम छुपाओ wataktumū
और (ना) तुम छुपाओ ٱلْحَقَّ हक़ को l-ḥaqa
हक़ को وَأَنتُمْ हालाँकि तुम wa-antum
हालाँकि तुम تَعْلَمُونَ तुम इल्म रखते हो taʿlamūna
तुम इल्म रखते हो ٤٢ (42)
(42)
तथा सत्य को असत्य से न मिलाओ और न सत्य को जानते हुए छिपाओ।1
२:४३
وَأَقِيمُوا۟
और क़ायम करो
wa-aqīmū
और क़ायम करो ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَءَاتُوا۟ और अदा करो waātū
और अदा करो ٱلزَّكَوٰةَ ज़कात l-zakata
ज़कात وَٱرْكَعُوا۟ और रुकू करो wa-ir'kaʿū
और रुकू करो مَعَ साथ maʿa
साथ ٱلرَّٰكِعِينَ रुकू करने वालों के l-rākiʿīna
रुकू करने वालों के ٤٣ (43)
(43)
और क़ायम करो ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَءَاتُوا۟ और अदा करो waātū
और अदा करो ٱلزَّكَوٰةَ ज़कात l-zakata
ज़कात وَٱرْكَعُوا۟ और रुकू करो wa-ir'kaʿū
और रुकू करो مَعَ साथ maʿa
साथ ٱلرَّٰكِعِينَ रुकू करने वालों के l-rākiʿīna
रुकू करने वालों के ٤٣ (43)
(43)
तथा नमाज़ क़ायम करो और ज़कात दो और झुकने वालों के साथ झुक जाओ।
२:४४
۞ أَتَأْمُرُونَ
क्या तुम हुक्म देते हो
atamurūna
क्या तुम हुक्म देते हो ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को بِٱلْبِرِّ नेकी का bil-biri
नेकी का وَتَنسَوْنَ और तुम भूल जाते हो watansawna
और तुम भूल जाते हो أَنفُسَكُمْ अपने नफ़्सों को anfusakum
अपने नफ़्सों को وَأَنتُمْ हालाँकि तुम wa-antum
हालाँकि तुम تَتْلُونَ तुम तिलावत करते हो tatlūna
तुम तिलावत करते हो ٱلْكِتَـٰبَ ۚ किताब की l-kitāba
किताब की أَفَلَا क्या फिर नहीं afalā
क्या फिर नहीं تَعْقِلُونَ तुम अक़्ल से काम लेते taʿqilūna
तुम अक़्ल से काम लेते ٤٤ (44)
(44)
क्या तुम हुक्म देते हो ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को بِٱلْبِرِّ नेकी का bil-biri
नेकी का وَتَنسَوْنَ और तुम भूल जाते हो watansawna
और तुम भूल जाते हो أَنفُسَكُمْ अपने नफ़्सों को anfusakum
अपने नफ़्सों को وَأَنتُمْ हालाँकि तुम wa-antum
हालाँकि तुम تَتْلُونَ तुम तिलावत करते हो tatlūna
तुम तिलावत करते हो ٱلْكِتَـٰبَ ۚ किताब की l-kitāba
किताब की أَفَلَا क्या फिर नहीं afalā
क्या फिर नहीं تَعْقِلُونَ तुम अक़्ल से काम लेते taʿqilūna
तुम अक़्ल से काम लेते ٤٤ (44)
(44)
क्या तुम लोगों को सत्कर्म का आदेश देते हो और अपने आपको भूल जाते हो, हालाँकि तुम पुस्तक पढ़ते हो! तो क्या तुम नहीं समझते?
२:४५
وَٱسْتَعِينُوا۟
और मदद तलब करो
wa-is'taʿīnū
और मदद तलब करो بِٱلصَّبْرِ साथ सब्र bil-ṣabri
साथ सब्र وَٱلصَّلَوٰةِ ۚ और नमाज़ के wal-ṣalati
और नमाज़ के وَإِنَّهَا और बेशक वो wa-innahā
और बेशक वो لَكَبِيرَةٌ अलबत्ता बड़ी (भारी) है lakabīratun
अलबत्ता बड़ी (भारी) है إِلَّا मगर illā
मगर عَلَى ऊपर ʿalā
ऊपर ٱلْخَـٰشِعِينَ ख़ुशू करने वालों के l-khāshiʿīna
ख़ुशू करने वालों के ٤٥ (45)
(45)
और मदद तलब करो بِٱلصَّبْرِ साथ सब्र bil-ṣabri
साथ सब्र وَٱلصَّلَوٰةِ ۚ और नमाज़ के wal-ṣalati
और नमाज़ के وَإِنَّهَا और बेशक वो wa-innahā
और बेशक वो لَكَبِيرَةٌ अलबत्ता बड़ी (भारी) है lakabīratun
अलबत्ता बड़ी (भारी) है إِلَّا मगर illā
मगर عَلَى ऊपर ʿalā
ऊपर ٱلْخَـٰشِعِينَ ख़ुशू करने वालों के l-khāshiʿīna
ख़ुशू करने वालों के ٤٥ (45)
(45)
तथा सब्र और नमाज़ से मदद माँगो और निःसंदेह वह (नमाज़) निश्चय बहुत भारी है, परंतु अल्लाह के प्रति पूर्ण समर्पण करने वालों पर (नहीं)।1
२:४६
ٱلَّذِينَ
वो जो
alladhīna
वो जो يَظُنُّونَ यक़ीन रखते हैं yaẓunnūna
यक़ीन रखते हैं أَنَّهُم बेशक वो annahum
बेशक वो مُّلَـٰقُوا۟ मुलाक़ात करने वाले हैं mulāqū
मुलाक़ात करने वाले हैं رَبِّهِمْ अपने रब से rabbihim
अपने रब से وَأَنَّهُمْ और बेशक वो wa-annahum
और बेशक वो إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके رَٰجِعُونَ लौटने वाले हैं rājiʿūna
लौटने वाले हैं ٤٦ (46)
(46)
वो जो يَظُنُّونَ यक़ीन रखते हैं yaẓunnūna
यक़ीन रखते हैं أَنَّهُم बेशक वो annahum
बेशक वो مُّلَـٰقُوا۟ मुलाक़ात करने वाले हैं mulāqū
मुलाक़ात करने वाले हैं رَبِّهِمْ अपने रब से rabbihim
अपने रब से وَأَنَّهُمْ और बेशक वो wa-annahum
और बेशक वो إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके رَٰجِعُونَ लौटने वाले हैं rājiʿūna
लौटने वाले हैं ٤٦ (46)
(46)
जो विश्वास रखते हैं कि निःसंदेह वे अपने पालनहार से मिलने वाले हैं और यह कि निःसंदेह वे उसी की ओर लौटने वाले हैं।
२:४७
يَـٰبَنِىٓ
O Children
yābanī
O Children إِسْرَٰٓءِيلَ ऐ बनी इस्राईल is'rāīla
ऐ बनी इस्राईल ٱذْكُرُوا۟ याद करो udh'kurū
याद करो نِعْمَتِىَ मेरी नेअमत niʿ'matiya
मेरी नेअमत ٱلَّتِىٓ वो जो allatī
वो जो أَنْعَمْتُ इनाम की मैंने anʿamtu
इनाम की मैंने عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर وَأَنِّى और बेशक मैं wa-annī
और बेशक मैं فَضَّلْتُكُمْ फ़ज़ीलत दी मैंने तुम्हें faḍḍaltukum
फ़ज़ीलत दी मैंने तुम्हें عَلَى over ʿalā
over ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों पर l-ʿālamīna
तमाम जहानों पर ٤٧ (47)
(47)
O Children إِسْرَٰٓءِيلَ ऐ बनी इस्राईल is'rāīla
ऐ बनी इस्राईल ٱذْكُرُوا۟ याद करो udh'kurū
याद करो نِعْمَتِىَ मेरी नेअमत niʿ'matiya
मेरी नेअमत ٱلَّتِىٓ वो जो allatī
वो जो أَنْعَمْتُ इनाम की मैंने anʿamtu
इनाम की मैंने عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर وَأَنِّى और बेशक मैं wa-annī
और बेशक मैं فَضَّلْتُكُمْ फ़ज़ीलत दी मैंने तुम्हें faḍḍaltukum
फ़ज़ीलत दी मैंने तुम्हें عَلَى over ʿalā
over ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों पर l-ʿālamīna
तमाम जहानों पर ٤٧ (47)
(47)
ऐ इसराईल की संतान! मेरे उस अनुग्रह को याद करो, जो मैंने तुमपर किया और यह कि निःसंदेह मैंने ही तुम्हें संसार वालों पर श्रेष्ठता प्रदान की।
२:४८
وَٱتَّقُوا۟
और डरो
wa-ittaqū
और डरो يَوْمًۭا उस दिन से yawman
उस दिन से لَّا (will) not lā
(will) not تَجْزِى ना काम आएगा tajzī
ना काम आएगा نَفْسٌ कोई नफ़्स nafsun
कोई नफ़्स عَن for ʿan
for نَّفْسٍۢ किसी नफ़्स के nafsin
किसी नफ़्स के شَيْـًۭٔا कुछ भी shayan
कुछ भी وَلَا और ना walā
और ना يُقْبَلُ क़ुबूल की जाएगी yuq'balu
क़ुबूल की जाएगी مِنْهَا उससे min'hā
उससे شَفَـٰعَةٌۭ कोई सिफ़ारिश shafāʿatun
कोई सिफ़ारिश وَلَا और ना walā
और ना يُؤْخَذُ लिया जाएगा yu'khadhu
लिया जाएगा مِنْهَا उससे min'hā
उससे عَدْلٌۭ कोई बदला ʿadlun
कोई बदला وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يُنصَرُونَ वो मदद किए जाऐंगे yunṣarūna
वो मदद किए जाऐंगे ٤٨ (48)
(48)
और डरो يَوْمًۭا उस दिन से yawman
उस दिन से لَّا (will) not lā
(will) not تَجْزِى ना काम आएगा tajzī
ना काम आएगा نَفْسٌ कोई नफ़्स nafsun
कोई नफ़्स عَن for ʿan
for نَّفْسٍۢ किसी नफ़्स के nafsin
किसी नफ़्स के شَيْـًۭٔا कुछ भी shayan
कुछ भी وَلَا और ना walā
और ना يُقْبَلُ क़ुबूल की जाएगी yuq'balu
क़ुबूल की जाएगी مِنْهَا उससे min'hā
उससे شَفَـٰعَةٌۭ कोई सिफ़ारिश shafāʿatun
कोई सिफ़ारिश وَلَا और ना walā
और ना يُؤْخَذُ लिया जाएगा yu'khadhu
लिया जाएगा مِنْهَا उससे min'hā
उससे عَدْلٌۭ कोई बदला ʿadlun
कोई बदला وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يُنصَرُونَ वो मदद किए जाऐंगे yunṣarūna
वो मदद किए जाऐंगे ٤٨ (48)
(48)
तथा उस दिन से डरो, जब कोई किसी के कुछ काम न आएगा, और न उससे कोई अनुशंसा (सिफ़ारिश) स्वीकार की जाएगी, और न उससे कोई फ़िदया (दंड राशि) लिया जाएगा और न उनकी मदद की जाएगी।
२:४९
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब نَجَّيْنَـٰكُم निजात दी हमने तुम्हें najjaynākum
निजात दी हमने तुम्हें مِّنْ from min
from ءَالِ (the) people āli
(the) people فِرْعَوْنَ आले फ़िरऔन से fir'ʿawna
आले फ़िरऔन से يَسُومُونَكُمْ वो तकलीफ़ देते थे तुम्हें yasūmūnakum
वो तकलीफ़ देते थे तुम्हें سُوٓءَ बुरे sūa
बुरे ٱلْعَذَابِ अज़ाब की l-ʿadhābi
अज़ाब की يُذَبِّحُونَ वो ख़ूब ज़िबाह करते थे yudhabbiḥūna
वो ख़ूब ज़िबाह करते थे أَبْنَآءَكُمْ तुम्हारे बेटों को abnāakum
तुम्हारे बेटों को وَيَسْتَحْيُونَ और वो ज़िन्दा छोड़ देते थे wayastaḥyūna
और वो ज़िन्दा छोड़ देते थे نِسَآءَكُمْ ۚ तुम्हारी औरतों को nisāakum
तुम्हारी औरतों को وَفِى And in wafī
And in ذَٰلِكُم और इसमें dhālikum
और इसमें بَلَآءٌۭ आज़माइश थी balāon
आज़माइश थी مِّن from min
from رَّبِّكُمْ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से عَظِيمٌۭ बहुत बड़ी ʿaẓīmun
बहुत बड़ी ٤٩ (49)
(49)
और जब نَجَّيْنَـٰكُم निजात दी हमने तुम्हें najjaynākum
निजात दी हमने तुम्हें مِّنْ from min
from ءَالِ (the) people āli
(the) people فِرْعَوْنَ आले फ़िरऔन से fir'ʿawna
आले फ़िरऔन से يَسُومُونَكُمْ वो तकलीफ़ देते थे तुम्हें yasūmūnakum
वो तकलीफ़ देते थे तुम्हें سُوٓءَ बुरे sūa
बुरे ٱلْعَذَابِ अज़ाब की l-ʿadhābi
अज़ाब की يُذَبِّحُونَ वो ख़ूब ज़िबाह करते थे yudhabbiḥūna
वो ख़ूब ज़िबाह करते थे أَبْنَآءَكُمْ तुम्हारे बेटों को abnāakum
तुम्हारे बेटों को وَيَسْتَحْيُونَ और वो ज़िन्दा छोड़ देते थे wayastaḥyūna
और वो ज़िन्दा छोड़ देते थे نِسَآءَكُمْ ۚ तुम्हारी औरतों को nisāakum
तुम्हारी औरतों को وَفِى And in wafī
And in ذَٰلِكُم और इसमें dhālikum
और इसमें بَلَآءٌۭ आज़माइश थी balāon
आज़माइश थी مِّن from min
from رَّبِّكُمْ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से عَظِيمٌۭ बहुत बड़ी ʿaẓīmun
बहुत बड़ी ٤٩ (49)
(49)
तथा (वह समय याद करो) जब हमने तुम्हें फ़िरऔनियों1 से मुक्ति दिलाई, जो तुम्हें बुरी यातना देते थे; तुम्हारे बेटों को बुरी तरह ज़बह कर देते थे तथा तुम्हारी स्त्रियों को जीवित छोड़ देते थे। इसमें तुम्हारे पालनहार की ओर से बड़ी परीक्षा थी।
२:५०
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब فَرَقْنَا फाड़ा हमने faraqnā
फाड़ा हमने بِكُمُ तुम्हारे लिए bikumu
तुम्हारे लिए ٱلْبَحْرَ समुन्दर को l-baḥra
समुन्दर को فَأَنجَيْنَـٰكُمْ फिर निजात दी हमने तुम्हें fa-anjaynākum
फिर निजात दी हमने तुम्हें وَأَغْرَقْنَآ और ग़र्क़ कर दिया हमने wa-aghraqnā
और ग़र्क़ कर दिया हमने ءَالَ (the) people āla
(the) people فِرْعَوْنَ आले फ़िरऔन को fir'ʿawna
आले फ़िरऔन को وَأَنتُمْ और तुम wa-antum
और तुम تَنظُرُونَ तुम देख रहे थे tanẓurūna
तुम देख रहे थे ٥٠ (50)
(50)
और जब فَرَقْنَا फाड़ा हमने faraqnā
फाड़ा हमने بِكُمُ तुम्हारे लिए bikumu
तुम्हारे लिए ٱلْبَحْرَ समुन्दर को l-baḥra
समुन्दर को فَأَنجَيْنَـٰكُمْ फिर निजात दी हमने तुम्हें fa-anjaynākum
फिर निजात दी हमने तुम्हें وَأَغْرَقْنَآ और ग़र्क़ कर दिया हमने wa-aghraqnā
और ग़र्क़ कर दिया हमने ءَالَ (the) people āla
(the) people فِرْعَوْنَ आले फ़िरऔन को fir'ʿawna
आले फ़िरऔन को وَأَنتُمْ और तुम wa-antum
और तुम تَنظُرُونَ तुम देख रहे थे tanẓurūna
तुम देख रहे थे ٥٠ (50)
(50)
तथा (उस समय को याद करो) जब हमने तुम्हारे लिए सागर को फाड़ दिया, फिर हमने तुम्हें बचा लिया और फ़िरऔनियों को डुबो दिया और तुम देख रहे थे।
२:५१
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब وَٰعَدْنَا वादा किया हमने wāʿadnā
वादा किया हमने مُوسَىٰٓ मूसा से mūsā
मूसा से أَرْبَعِينَ चालीस arbaʿīna
चालीस لَيْلَةًۭ रातों का laylatan
रातों का ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱتَّخَذْتُمُ बना लिया तुमने ittakhadhtumu
बना लिया तुमने ٱلْعِجْلَ बछड़े को (माबूद) l-ʿij'la
बछड़े को (माबूद) مِنۢ from min
from بَعْدِهِۦ बाद इसके baʿdihi
बाद इसके وَأَنتُمْ और तुम wa-antum
और तुम ظَـٰلِمُونَ ज़ालिम थे ẓālimūna
ज़ालिम थे ٥١ (51)
(51)
और जब وَٰعَدْنَا वादा किया हमने wāʿadnā
वादा किया हमने مُوسَىٰٓ मूसा से mūsā
मूसा से أَرْبَعِينَ चालीस arbaʿīna
चालीस لَيْلَةًۭ रातों का laylatan
रातों का ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱتَّخَذْتُمُ बना लिया तुमने ittakhadhtumu
बना लिया तुमने ٱلْعِجْلَ बछड़े को (माबूद) l-ʿij'la
बछड़े को (माबूद) مِنۢ from min
from بَعْدِهِۦ बाद इसके baʿdihi
बाद इसके وَأَنتُمْ और तुम wa-antum
और तुम ظَـٰلِمُونَ ज़ालिम थे ẓālimūna
ज़ालिम थे ٥١ (51)
(51)
तथा (याद करो) जब हमने मूसा को (तौरात प्रदान करने के लिए) चालीस रातों का वादा किया, फिर उसके बाद तुमने बछड़े को (पूज्य) बना लिया और तुम अत्याचारी थे।
२:५२
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर عَفَوْنَا दरगुज़र किया हमने ʿafawnā
दरगुज़र किया हमने عَنكُم तुम से ʿankum
तुम से مِّنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद ذَٰلِكَ इसके dhālika
इसके لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَشْكُرُونَ तुम शुक्र अदा करो tashkurūna
तुम शुक्र अदा करो ٥٢ (52)
(52)
फिर عَفَوْنَا दरगुज़र किया हमने ʿafawnā
दरगुज़र किया हमने عَنكُم तुम से ʿankum
तुम से مِّنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद ذَٰلِكَ इसके dhālika
इसके لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَشْكُرُونَ तुम शुक्र अदा करो tashkurūna
तुम शुक्र अदा करो ٥٢ (52)
(52)
फिर हमने इसके बाद तुम्हें क्षमा कर दिया, ताकि तुम शुक्रगुज़ार बनो।
२:५३
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब ءَاتَيْنَا दी हमने ātaynā
दी हमने مُوسَى मूसा को mūsā
मूसा को ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब وَٱلْفُرْقَانَ और फ़ुरक़ान wal-fur'qāna
और फ़ुरक़ान لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَهْتَدُونَ तुम हिदायत पा जाओ tahtadūna
तुम हिदायत पा जाओ ٥٣ (53)
(53)
और जब ءَاتَيْنَا दी हमने ātaynā
दी हमने مُوسَى मूसा को mūsā
मूसा को ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब وَٱلْفُرْقَانَ और फ़ुरक़ान wal-fur'qāna
और फ़ुरक़ान لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَهْتَدُونَ तुम हिदायत पा जाओ tahtadūna
तुम हिदायत पा जाओ ٥٣ (53)
(53)
तथा (हमारी वह अनुग्रह भी याद करो) जब हमने मूसा को पुस्तक (तौरात) और (सत्य एवं असत्य के बीच) अंतर करने वाली चीज़1 प्रदान की, ताकि तुम मार्गदर्शन पा सको।
२:५४
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब قَالَ कहा qāla
कहा مُوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने لِقَوْمِهِۦ अपनी क़ौम से liqawmihi
अपनी क़ौम से يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम إِنَّكُمْ बेशक तुम innakum
बेशक तुम ظَلَمْتُمْ ज़ुल्म किया तुमने ẓalamtum
ज़ुल्म किया तुमने أَنفُسَكُم अपने नफ़्सों पर anfusakum
अपने नफ़्सों पर بِٱتِّخَاذِكُمُ बवजह बनाने के तुम्हारे bi-ittikhādhikumu
बवजह बनाने के तुम्हारे ٱلْعِجْلَ बछड़े को (माबूद) l-ʿij'la
बछड़े को (माबूद) فَتُوبُوٓا۟ पस तौबा करो fatūbū
पस तौबा करो إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ بَارِئِكُمْ अपने पैदा करने वाले के bāri-ikum
अपने पैदा करने वाले के فَٱقْتُلُوٓا۟ तो क़त्ल करो fa-uq'tulū
तो क़त्ल करो أَنفُسَكُمْ अपने नफ़्सों को anfusakum
अपने नफ़्सों को ذَٰلِكُمْ ये dhālikum
ये خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है لَّكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए عِندَ नज़दीक ʿinda
नज़दीक بَارِئِكُمْ तुम्हारे पैदा करने वाले के bāri-ikum
तुम्हारे पैदा करने वाले के فَتَابَ फिर वो मेहरबान हुआ fatāba
फिर वो मेहरबान हुआ عَلَيْكُمْ ۚ तुम पर ʿalaykum
तुम पर إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो هُوَ वो ही है huwa
वो ही है ٱلتَّوَّابُ बहुत तौबा क़ुबूल करने वाला l-tawābu
बहुत तौबा क़ुबूल करने वाला ٱلرَّحِيمُ निहायत रहम करने वाला l-raḥīmu
निहायत रहम करने वाला ٥٤ (54)
(54)
और जब قَالَ कहा qāla
कहा مُوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने لِقَوْمِهِۦ अपनी क़ौम से liqawmihi
अपनी क़ौम से يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम إِنَّكُمْ बेशक तुम innakum
बेशक तुम ظَلَمْتُمْ ज़ुल्म किया तुमने ẓalamtum
ज़ुल्म किया तुमने أَنفُسَكُم अपने नफ़्सों पर anfusakum
अपने नफ़्सों पर بِٱتِّخَاذِكُمُ बवजह बनाने के तुम्हारे bi-ittikhādhikumu
बवजह बनाने के तुम्हारे ٱلْعِجْلَ बछड़े को (माबूद) l-ʿij'la
बछड़े को (माबूद) فَتُوبُوٓا۟ पस तौबा करो fatūbū
पस तौबा करो إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ بَارِئِكُمْ अपने पैदा करने वाले के bāri-ikum
अपने पैदा करने वाले के فَٱقْتُلُوٓا۟ तो क़त्ल करो fa-uq'tulū
तो क़त्ल करो أَنفُسَكُمْ अपने नफ़्सों को anfusakum
अपने नफ़्सों को ذَٰلِكُمْ ये dhālikum
ये خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है لَّكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए عِندَ नज़दीक ʿinda
नज़दीक بَارِئِكُمْ तुम्हारे पैदा करने वाले के bāri-ikum
तुम्हारे पैदा करने वाले के فَتَابَ फिर वो मेहरबान हुआ fatāba
फिर वो मेहरबान हुआ عَلَيْكُمْ ۚ तुम पर ʿalaykum
तुम पर إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो هُوَ वो ही है huwa
वो ही है ٱلتَّوَّابُ बहुत तौबा क़ुबूल करने वाला l-tawābu
बहुत तौबा क़ुबूल करने वाला ٱلرَّحِيمُ निहायत रहम करने वाला l-raḥīmu
निहायत रहम करने वाला ٥٤ (54)
(54)
तथा (वह समय याद करो) जब मूसा ने अपनी जाति से कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! निःसंदेह तुमने बछड़े को पूज्य बनाकर अपने आपपर अत्याचार किया है। अतः तुम अपने पैदा करने वाले के समक्ष तौबा करो और आपस में एक-दूसरे1 को क़त्ल करो। यही तुम्हारे लिए तुम्हारे पैदा करने वाले के निकट बेहतर है। फिर उसने तुम्हारी तौबा क़बूल कर ली। निःसंदेह वही बहुत तौबा क़बूल करने वाला, अत्यंत दयावान् है।
२:५५
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब قُلْتُمْ कहा तुमने qul'tum
कहा तुमने يَـٰمُوسَىٰ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा لَن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं نُّؤْمِنَ हम ईमान लाऐंगे nu'mina
हम ईमान लाऐंगे لَكَ तुझ पर laka
तुझ पर حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि نَرَى हम देख लें narā
हम देख लें ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को جَهْرَةًۭ रू-ब-रू/सामने jahratan
रू-ब-रू/सामने فَأَخَذَتْكُمُ फिर पकड़ लिया तुम्हें fa-akhadhatkumu
फिर पकड़ लिया तुम्हें ٱلصَّـٰعِقَةُ बिजली की कड़क ने l-ṣāʿiqatu
बिजली की कड़क ने وَأَنتُمْ और तुम wa-antum
और तुम تَنظُرُونَ तुम देख रहे थे tanẓurūna
तुम देख रहे थे ٥٥ (55)
(55)
और जब قُلْتُمْ कहा तुमने qul'tum
कहा तुमने يَـٰمُوسَىٰ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा لَن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं نُّؤْمِنَ हम ईमान लाऐंगे nu'mina
हम ईमान लाऐंगे لَكَ तुझ पर laka
तुझ पर حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि نَرَى हम देख लें narā
हम देख लें ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को جَهْرَةًۭ रू-ब-रू/सामने jahratan
रू-ब-रू/सामने فَأَخَذَتْكُمُ फिर पकड़ लिया तुम्हें fa-akhadhatkumu
फिर पकड़ लिया तुम्हें ٱلصَّـٰعِقَةُ बिजली की कड़क ने l-ṣāʿiqatu
बिजली की कड़क ने وَأَنتُمْ और तुम wa-antum
और तुम تَنظُرُونَ तुम देख रहे थे tanẓurūna
तुम देख रहे थे ٥٥ (55)
(55)
तथा (वह समय याद करो) जब तुमने कहा : ऐ मूसा! हम कदापि तुम्हारा विश्वास नहीं करेंगे, यहाँ तक कि हम अल्लाह को खुल्लम-खुल्ला देख लें! तो तुम्हें बिजली की कड़क ने पकड़ लिया और तुम देख रहे थे।
२:५६
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर بَعَثْنَـٰكُم उठा लिया हमने तुम्हें baʿathnākum
उठा लिया हमने तुम्हें مِّنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद مَوْتِكُمْ तुम्हारी मौत के mawtikum
तुम्हारी मौत के لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَشْكُرُونَ तुम शुक्र अदा करो tashkurūna
तुम शुक्र अदा करो ٥٦ (56)
(56)
फिर بَعَثْنَـٰكُم उठा लिया हमने तुम्हें baʿathnākum
उठा लिया हमने तुम्हें مِّنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद مَوْتِكُمْ तुम्हारी मौत के mawtikum
तुम्हारी मौत के لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَشْكُرُونَ तुम शुक्र अदा करो tashkurūna
तुम शुक्र अदा करो ٥٦ (56)
(56)
फिर हमने तुम्हें तुम्हारे मरने के बाद जीवित किया, ताकि तुम आभार प्रकट करो।
२:५७
وَظَلَّلْنَا
और साया किया हमने
waẓallalnā
और साया किया हमने عَلَيْكُمُ तुम पर ʿalaykumu
तुम पर ٱلْغَمَامَ बादलों का l-ghamāma
बादलों का وَأَنزَلْنَا और उतारा हमने wa-anzalnā
और उतारा हमने عَلَيْكُمُ तुम पर ʿalaykumu
तुम पर ٱلْمَنَّ मन्न l-mana
मन्न وَٱلسَّلْوَىٰ ۖ और सलवा wal-salwā
और सलवा كُلُوا۟ खाओ kulū
खाओ مِن from min
from طَيِّبَـٰتِ इन पाकीज़ा चीज़ों से ṭayyibāti
इन पाकीज़ा चीज़ों से مَا जो mā
जो رَزَقْنَـٰكُمْ ۖ रिज़्क़ दिया हमने तुम्हें razaqnākum
रिज़्क़ दिया हमने तुम्हें وَمَا और नहीं wamā
और नहीं ظَلَمُونَا उन्होंने ज़ुल्म किया हम पर ẓalamūnā
उन्होंने ज़ुल्म किया हम पर وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन كَانُوٓا۟ थे वो kānū
थे वो أَنفُسَهُمْ अपने नफ़्सों ही पर anfusahum
अपने नफ़्सों ही पर يَظْلِمُونَ वो ज़ुल्म करते yaẓlimūna
वो ज़ुल्म करते ٥٧ (57)
(57)
और साया किया हमने عَلَيْكُمُ तुम पर ʿalaykumu
तुम पर ٱلْغَمَامَ बादलों का l-ghamāma
बादलों का وَأَنزَلْنَا और उतारा हमने wa-anzalnā
और उतारा हमने عَلَيْكُمُ तुम पर ʿalaykumu
तुम पर ٱلْمَنَّ मन्न l-mana
मन्न وَٱلسَّلْوَىٰ ۖ और सलवा wal-salwā
और सलवा كُلُوا۟ खाओ kulū
खाओ مِن from min
from طَيِّبَـٰتِ इन पाकीज़ा चीज़ों से ṭayyibāti
इन पाकीज़ा चीज़ों से مَا जो mā
जो رَزَقْنَـٰكُمْ ۖ रिज़्क़ दिया हमने तुम्हें razaqnākum
रिज़्क़ दिया हमने तुम्हें وَمَا और नहीं wamā
और नहीं ظَلَمُونَا उन्होंने ज़ुल्म किया हम पर ẓalamūnā
उन्होंने ज़ुल्म किया हम पर وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन كَانُوٓا۟ थे वो kānū
थे वो أَنفُسَهُمْ अपने नफ़्सों ही पर anfusahum
अपने नफ़्सों ही पर يَظْلِمُونَ वो ज़ुल्म करते yaẓlimūna
वो ज़ुल्म करते ٥٧ (57)
(57)
और हमने तुमपर बादलों की छाया1 की, तथा हमने तुमपर 'मन्न'2 और 'सलवा' उतारा, (और तुमसे कहा :) उन अच्छी पाक चीज़ों में से खाओ, जो हमने तुम्हें प्रदान की हैं। और उन्होंने हमपर अत्याचार नहीं किया, परंतु वे अपने आप ही पर अत्याचार किया करते थे।
२:५८
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब قُلْنَا कहा हमने qul'nā
कहा हमने ٱدْخُلُوا۟ दाख़िल हो जाओ ud'khulū
दाख़िल हो जाओ هَـٰذِهِ इस hādhihi
इस ٱلْقَرْيَةَ बस्ती में l-qaryata
बस्ती में فَكُلُوا۟ फिर खाओ fakulū
फिर खाओ مِنْهَا उसमें से min'hā
उसमें से حَيْثُ जहाँ से ḥaythu
जहाँ से شِئْتُمْ चाहो तुम shi'tum
चाहो तुम رَغَدًۭا फ़राग़त से raghadan
फ़राग़त से وَٱدْخُلُوا۟ और दाख़िल हो जाओ wa-ud'khulū
और दाख़िल हो जाओ ٱلْبَابَ दरवाज़े से l-bāba
दरवाज़े से سُجَّدًۭا सजदा करते हुए sujjadan
सजदा करते हुए وَقُولُوا۟ और कहो waqūlū
और कहो حِطَّةٌۭ हित्तातुन (बख़्श दे) ḥiṭṭatun
हित्तातुन (बख़्श दे) نَّغْفِرْ हम बख़्श देंगे naghfir
हम बख़्श देंगे لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए خَطَـٰيَـٰكُمْ ۚ ख़ताऐं तुम्हारी khaṭāyākum
ख़ताऐं तुम्हारी وَسَنَزِيدُ और अनक़रीब हम ज़्यादा देंगे wasanazīdu
और अनक़रीब हम ज़्यादा देंगे ٱلْمُحْسِنِينَ एहसान करने वालों को l-muḥ'sinīna
एहसान करने वालों को ٥٨ (58)
(58)
और जब قُلْنَا कहा हमने qul'nā
कहा हमने ٱدْخُلُوا۟ दाख़िल हो जाओ ud'khulū
दाख़िल हो जाओ هَـٰذِهِ इस hādhihi
इस ٱلْقَرْيَةَ बस्ती में l-qaryata
बस्ती में فَكُلُوا۟ फिर खाओ fakulū
फिर खाओ مِنْهَا उसमें से min'hā
उसमें से حَيْثُ जहाँ से ḥaythu
जहाँ से شِئْتُمْ चाहो तुम shi'tum
चाहो तुम رَغَدًۭا फ़राग़त से raghadan
फ़राग़त से وَٱدْخُلُوا۟ और दाख़िल हो जाओ wa-ud'khulū
और दाख़िल हो जाओ ٱلْبَابَ दरवाज़े से l-bāba
दरवाज़े से سُجَّدًۭا सजदा करते हुए sujjadan
सजदा करते हुए وَقُولُوا۟ और कहो waqūlū
और कहो حِطَّةٌۭ हित्तातुन (बख़्श दे) ḥiṭṭatun
हित्तातुन (बख़्श दे) نَّغْفِرْ हम बख़्श देंगे naghfir
हम बख़्श देंगे لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए خَطَـٰيَـٰكُمْ ۚ ख़ताऐं तुम्हारी khaṭāyākum
ख़ताऐं तुम्हारी وَسَنَزِيدُ और अनक़रीब हम ज़्यादा देंगे wasanazīdu
और अनक़रीब हम ज़्यादा देंगे ٱلْمُحْسِنِينَ एहसान करने वालों को l-muḥ'sinīna
एहसान करने वालों को ٥٨ (58)
(58)
और (याद करो) जब हमने कहा : इस बस्ती1 में प्रवेश कर जाओ, फिर इसमें से जहाँ से चाहो, (आराम और) बहुतायत से खाओ, और इसके द्वार से सिर झुकाए हुए प्रवेश करो, और कहो क्षमा कर दे, तो हम तुम्हारे पापों को क्षमा कर देंगे तथा हम नेकी करने वालों को शीघ्र ही अधिक प्रदान करेंगे।
२:५९
فَبَدَّلَ
तो बदल डाला
fabaddala
तो बदल डाला ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने ظَلَمُوا۟ ज़ुल्म किया ẓalamū
ज़ुल्म किया قَوْلًا बात को qawlan
बात को غَيْرَ सिवाय ghayra
सिवाय ٱلَّذِى उसके जो alladhī
उसके जो قِيلَ कही गई थी qīla
कही गई थी لَهُمْ उनसे lahum
उनसे فَأَنزَلْنَا तो उतारा हमने fa-anzalnā
तो उतारा हमने عَلَى upon ʿalā
upon ٱلَّذِينَ उन पर जिन्होंने alladhīna
उन पर जिन्होंने ظَلَمُوا۟ ज़ुल्म किया था ẓalamū
ज़ुल्म किया था رِجْزًۭا अज़ाब rij'zan
अज़ाब مِّنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَفْسُقُونَ वो नाफ़रमानी करते yafsuqūna
वो नाफ़रमानी करते ٥٩ (59)
(59)
तो बदल डाला ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने ظَلَمُوا۟ ज़ुल्म किया ẓalamū
ज़ुल्म किया قَوْلًا बात को qawlan
बात को غَيْرَ सिवाय ghayra
सिवाय ٱلَّذِى उसके जो alladhī
उसके जो قِيلَ कही गई थी qīla
कही गई थी لَهُمْ उनसे lahum
उनसे فَأَنزَلْنَا तो उतारा हमने fa-anzalnā
तो उतारा हमने عَلَى upon ʿalā
upon ٱلَّذِينَ उन पर जिन्होंने alladhīna
उन पर जिन्होंने ظَلَمُوا۟ ज़ुल्म किया था ẓalamū
ज़ुल्म किया था رِجْزًۭا अज़ाब rij'zan
अज़ाब مِّنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَفْسُقُونَ वो नाफ़रमानी करते yafsuqūna
वो नाफ़रमानी करते ٥٩ (59)
(59)
फिर इन अत्याचारियों ने बात को उसके विपरीत बदल दिया, जो उनसे कही गई थी। तो हमने इन अत्याचारियों पर आकाश से एक यातना उतारी, इस कारण कि वे अवज्ञा करते थे।
२:६०
۞ وَإِذِ
और जब
wa-idhi
और जब ٱسْتَسْقَىٰ पानी माँगा is'tasqā
पानी माँगा مُوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने لِقَوْمِهِۦ अपनी क़ौम के लिए liqawmihi
अपनी क़ौम के लिए فَقُلْنَا तो कहा हमने faqul'nā
तो कहा हमने ٱضْرِب मारो iḍ'rib
मारो بِّعَصَاكَ अपने असा को biʿaṣāka
अपने असा को ٱلْحَجَرَ ۖ इस पत्थर पर l-ḥajara
इस पत्थर पर فَٱنفَجَرَتْ तो फूट पड़े fa-infajarat
तो फूट पड़े مِنْهُ उससे min'hu
उससे ٱثْنَتَا (of) ith'natā
(of) عَشْرَةَ बारह ʿashrata
बारह عَيْنًۭا ۖ चश्मे ʿaynan
चश्मे قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ عَلِمَ जान लिया ʿalima
जान लिया كُلُّ सब kullu
सब أُنَاسٍۢ लोगों ने unāsin
लोगों ने مَّشْرَبَهُمْ ۖ घाट अपना mashrabahum
घाट अपना كُلُوا۟ खाओ kulū
खाओ وَٱشْرَبُوا۟ और पियो wa-ish'rabū
और पियो مِن from min
from رِّزْقِ रिज़्क़ से riz'qi
रिज़्क़ से ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَلَا और ना walā
और ना تَعْثَوْا۟ तुम फ़साद करो taʿthaw
तुम फ़साद करो فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में مُفْسِدِينَ मुफ़सिद बन कर muf'sidīna
मुफ़सिद बन कर ٦٠ (60)
(60)
और जब ٱسْتَسْقَىٰ पानी माँगा is'tasqā
पानी माँगा مُوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने لِقَوْمِهِۦ अपनी क़ौम के लिए liqawmihi
अपनी क़ौम के लिए فَقُلْنَا तो कहा हमने faqul'nā
तो कहा हमने ٱضْرِب मारो iḍ'rib
मारो بِّعَصَاكَ अपने असा को biʿaṣāka
अपने असा को ٱلْحَجَرَ ۖ इस पत्थर पर l-ḥajara
इस पत्थर पर فَٱنفَجَرَتْ तो फूट पड़े fa-infajarat
तो फूट पड़े مِنْهُ उससे min'hu
उससे ٱثْنَتَا (of) ith'natā
(of) عَشْرَةَ बारह ʿashrata
बारह عَيْنًۭا ۖ चश्मे ʿaynan
चश्मे قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ عَلِمَ जान लिया ʿalima
जान लिया كُلُّ सब kullu
सब أُنَاسٍۢ लोगों ने unāsin
लोगों ने مَّشْرَبَهُمْ ۖ घाट अपना mashrabahum
घाट अपना كُلُوا۟ खाओ kulū
खाओ وَٱشْرَبُوا۟ और पियो wa-ish'rabū
और पियो مِن from min
from رِّزْقِ रिज़्क़ से riz'qi
रिज़्क़ से ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَلَا और ना walā
और ना تَعْثَوْا۟ तुम फ़साद करो taʿthaw
तुम फ़साद करो فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में مُفْسِدِينَ मुफ़सिद बन कर muf'sidīna
मुफ़सिद बन कर ٦٠ (60)
(60)
तथा (वह समय याद करो) जब मूसा ने अपनी जाति के लिए पानी माँगा, तो हमने कहा : अपनी लाठी पत्थर पर मारो। तो उससे बारह1 सोते फूट निकले। निःसंदेह सब लोगों ने अपने पीने के स्थान को जान लिया। अल्लाह के दिए हुए में से खाओ और पियो और धरती में बिगाड़ फैलाते न फिरो।
२:६१
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब قُلْتُمْ कहा तुमने qul'tum
कहा तुमने يَـٰمُوسَىٰ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा لَن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं نَّصْبِرَ हम सब्र करेंगे naṣbira
हम सब्र करेंगे عَلَىٰ [on] ʿalā
[on] طَعَامٍۢ खाने पर ṭaʿāmin
खाने पर وَٰحِدٍۢ एक ही wāḥidin
एक ही فَٱدْعُ पस दुआ करो fa-ud'ʿu
पस दुआ करो لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए رَبَّكَ अपने रब से rabbaka
अपने रब से يُخْرِجْ वो निकाले yukh'rij
वो निकाले لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो تُنۢبِتُ उगाती है tunbitu
उगाती है ٱلْأَرْضُ ज़मीन l-arḍu
ज़मीन مِنۢ of min
of بَقْلِهَا सब्ज़ी अपनी baqlihā
सब्ज़ी अपनी وَقِثَّآئِهَا और ककड़ी अपनी waqithāihā
और ककड़ी अपनी وَفُومِهَا और गन्दुम अपनी wafūmihā
और गन्दुम अपनी وَعَدَسِهَا और मसूर अपने waʿadasihā
और मसूर अपने وَبَصَلِهَا ۖ और प्याज़ अपने wabaṣalihā
और प्याज़ अपने قَالَ कहा qāla
कहा أَتَسْتَبْدِلُونَ क्या तुम बदलना चाहते हो atastabdilūna
क्या तुम बदलना चाहते हो ٱلَّذِى उसे जो alladhī
उसे जो هُوَ वो huwa
वो أَدْنَىٰ कमतर है adnā
कमतर है بِٱلَّذِى बदले उसके जो bi-alladhī
बदले उसके जो هُوَ वो huwa
वो خَيْرٌ ۚ बेहतर है khayrun
बेहतर है ٱهْبِطُوا۟ उतर जाओ ih'biṭū
उतर जाओ مِصْرًۭا शहर में miṣ'ran
शहर में فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक لَكُم तुम्हारे लिए है lakum
तुम्हारे लिए है مَّا जो mā
जो سَأَلْتُمْ ۗ माँगा तुमने sa-altum
माँगा तुमने وَضُرِبَتْ और मार दी गई waḍuribat
और मार दी गई عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلذِّلَّةُ ज़िल्लत l-dhilatu
ज़िल्लत وَٱلْمَسْكَنَةُ और मोहताजी wal-maskanatu
और मोहताजी وَبَآءُو और वो पलटे wabāū
और वो पलटे بِغَضَبٍۢ साथ ग़ज़ब के bighaḍabin
साथ ग़ज़ब के مِّنَ of mina
of ٱللَّهِ ۗ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से ذَٰلِكَ ये dhālika
ये بِأَنَّهُمْ बवजह उसके जो bi-annahum
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَكْفُرُونَ वो कुफ़्र करते yakfurūna
वो कुफ़्र करते بِـَٔايَـٰتِ साथ आयात के biāyāti
साथ आयात के ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की وَيَقْتُلُونَ और वो क़त्ल करते थे wayaqtulūna
और वो क़त्ल करते थे ٱلنَّبِيِّـۧنَ नबियों को l-nabiyīna
नबियों को بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर ٱلْحَقِّ ۗ हक़ के l-ḥaqi
हक़ के ذَٰلِكَ ये dhālika
ये بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो عَصَوا۟ उन्होंने नाफ़रमानी की ʿaṣaw
उन्होंने नाफ़रमानी की وَّكَانُوا۟ और थे वो wakānū
और थे वो يَعْتَدُونَ वो हद से निकल जाते yaʿtadūna
वो हद से निकल जाते ٦١ (61)
(61)
और जब قُلْتُمْ कहा तुमने qul'tum
कहा तुमने يَـٰمُوسَىٰ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा لَن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं نَّصْبِرَ हम सब्र करेंगे naṣbira
हम सब्र करेंगे عَلَىٰ [on] ʿalā
[on] طَعَامٍۢ खाने पर ṭaʿāmin
खाने पर وَٰحِدٍۢ एक ही wāḥidin
एक ही فَٱدْعُ पस दुआ करो fa-ud'ʿu
पस दुआ करो لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए رَبَّكَ अपने रब से rabbaka
अपने रब से يُخْرِجْ वो निकाले yukh'rij
वो निकाले لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो تُنۢبِتُ उगाती है tunbitu
उगाती है ٱلْأَرْضُ ज़मीन l-arḍu
ज़मीन مِنۢ of min
of بَقْلِهَا सब्ज़ी अपनी baqlihā
सब्ज़ी अपनी وَقِثَّآئِهَا और ककड़ी अपनी waqithāihā
और ककड़ी अपनी وَفُومِهَا और गन्दुम अपनी wafūmihā
और गन्दुम अपनी وَعَدَسِهَا और मसूर अपने waʿadasihā
और मसूर अपने وَبَصَلِهَا ۖ और प्याज़ अपने wabaṣalihā
और प्याज़ अपने قَالَ कहा qāla
कहा أَتَسْتَبْدِلُونَ क्या तुम बदलना चाहते हो atastabdilūna
क्या तुम बदलना चाहते हो ٱلَّذِى उसे जो alladhī
उसे जो هُوَ वो huwa
वो أَدْنَىٰ कमतर है adnā
कमतर है بِٱلَّذِى बदले उसके जो bi-alladhī
बदले उसके जो هُوَ वो huwa
वो خَيْرٌ ۚ बेहतर है khayrun
बेहतर है ٱهْبِطُوا۟ उतर जाओ ih'biṭū
उतर जाओ مِصْرًۭا शहर में miṣ'ran
शहर में فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक لَكُم तुम्हारे लिए है lakum
तुम्हारे लिए है مَّا जो mā
जो سَأَلْتُمْ ۗ माँगा तुमने sa-altum
माँगा तुमने وَضُرِبَتْ और मार दी गई waḍuribat
और मार दी गई عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلذِّلَّةُ ज़िल्लत l-dhilatu
ज़िल्लत وَٱلْمَسْكَنَةُ और मोहताजी wal-maskanatu
और मोहताजी وَبَآءُو और वो पलटे wabāū
और वो पलटे بِغَضَبٍۢ साथ ग़ज़ब के bighaḍabin
साथ ग़ज़ब के مِّنَ of mina
of ٱللَّهِ ۗ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से ذَٰلِكَ ये dhālika
ये بِأَنَّهُمْ बवजह उसके जो bi-annahum
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَكْفُرُونَ वो कुफ़्र करते yakfurūna
वो कुफ़्र करते بِـَٔايَـٰتِ साथ आयात के biāyāti
साथ आयात के ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की وَيَقْتُلُونَ और वो क़त्ल करते थे wayaqtulūna
और वो क़त्ल करते थे ٱلنَّبِيِّـۧنَ नबियों को l-nabiyīna
नबियों को بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर ٱلْحَقِّ ۗ हक़ के l-ḥaqi
हक़ के ذَٰلِكَ ये dhālika
ये بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो عَصَوا۟ उन्होंने नाफ़रमानी की ʿaṣaw
उन्होंने नाफ़रमानी की وَّكَانُوا۟ और थे वो wakānū
और थे वो يَعْتَدُونَ वो हद से निकल जाते yaʿtadūna
वो हद से निकल जाते ٦١ (61)
(61)
तथा (उस समय को याद करो) जब तुमने कहा : ऐ मूसा! हम एक (ही प्रकार के) खाने पर कदापि संतोष नहीं करेंगे। अतः हमारे लिए अपने पालनहार से प्रार्थना करो, वह हमारे लिए कुछ ऐसी चीज़ें निकाले जो धरती अपनी तरकारी, और अपनी ककड़ी, और अपने गेहूँ, और अपने मसूर और अपने प्याज़ में से उगाती है। (मूसा ने) कहा : क्या तुम उत्तम वस्तु के बदले कमतर वस्तु माँग रहे हो? किसी नगर में जा उतरो, तो निश्चय तुम्हारे लिए वह कुछ होगा, जो तुमने माँगा। तथा उनपर अपमान और निर्धनता थोप दी गई और वे अल्लाह की ओर से भारी प्रकोप के साथ लौटे। यह इसलिए कि वे अल्लाह की आयतों का इनकार करते और नबियों की अकारण हत्या करते थे। यह इसलिए कि उन्होंने अवज्ञा की तथा वे (धर्म की) सीमा का उल्लंघन करते थे।
२:६२
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो هَادُوا۟ यहूदी बन गए hādū
यहूदी बन गए وَٱلنَّصَـٰرَىٰ और नस्रानी wal-naṣārā
और नस्रानी وَٱلصَّـٰبِـِٔينَ और साबी wal-ṣābiīna
और साबी مَنْ जो कोई man
जो कोई ءَامَنَ ईमान लाया āmana
ईमान लाया بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَٱلْيَوْمِ and the Day wal-yawmi
and the Day ٱلْـَٔاخِرِ और आख़िरी दिन पर l-ākhiri
और आख़िरी दिन पर وَعَمِلَ और उसने अमल किया waʿamila
और उसने अमल किया صَـٰلِحًۭا नेक ṣāliḥan
नेक فَلَهُمْ तो उनके लिए falahum
तो उनके लिए أَجْرُهُمْ अजर है उनका ajruhum
अजर है उनका عِندَ पास ʿinda
पास رَبِّهِمْ उनके रब के rabbihim
उनके रब के وَلَا और ना walā
और ना خَوْفٌ कोई ख़ौफ़ होगा khawfun
कोई ख़ौफ़ होगा عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يَحْزَنُونَ वो ग़मगीन होंगे yaḥzanūna
वो ग़मगीन होंगे ٦٢ (62)
(62)
बेशक ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो هَادُوا۟ यहूदी बन गए hādū
यहूदी बन गए وَٱلنَّصَـٰرَىٰ और नस्रानी wal-naṣārā
और नस्रानी وَٱلصَّـٰبِـِٔينَ और साबी wal-ṣābiīna
और साबी مَنْ जो कोई man
जो कोई ءَامَنَ ईमान लाया āmana
ईमान लाया بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَٱلْيَوْمِ and the Day wal-yawmi
and the Day ٱلْـَٔاخِرِ और आख़िरी दिन पर l-ākhiri
और आख़िरी दिन पर وَعَمِلَ और उसने अमल किया waʿamila
और उसने अमल किया صَـٰلِحًۭا नेक ṣāliḥan
नेक فَلَهُمْ तो उनके लिए falahum
तो उनके लिए أَجْرُهُمْ अजर है उनका ajruhum
अजर है उनका عِندَ पास ʿinda
पास رَبِّهِمْ उनके रब के rabbihim
उनके रब के وَلَا और ना walā
और ना خَوْفٌ कोई ख़ौफ़ होगा khawfun
कोई ख़ौफ़ होगा عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يَحْزَنُونَ वो ग़मगीन होंगे yaḥzanūna
वो ग़मगीन होंगे ٦٢ (62)
(62)
निःसंदेह जो लोग ईमान लाए, और जो यहूदी बने, तथा ईसाई और साबी, जो भी अल्लाह तथा अंतिम दिन पर ईमान लाएगा और अच्छे कर्म करेगा, तो उनके लिए उनका प्रतिफल उनके पालनहार के पास है और उनपर न कोई डर है और न वे शोकाकुल होंगे।1
२:६३
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब أَخَذْنَا लिया हमने akhadhnā
लिया हमने مِيثَـٰقَكُمْ पुख़्ता अहद तुम से mīthāqakum
पुख़्ता अहद तुम से وَرَفَعْنَا और उठाया हमने warafaʿnā
और उठाया हमने فَوْقَكُمُ ऊपर तुम्हारे fawqakumu
ऊपर तुम्हारे ٱلطُّورَ तूर को l-ṭūra
तूर को خُذُوا۟ पकड़ो khudhū
पकड़ो مَآ जो mā
जो ءَاتَيْنَـٰكُم दिया हमने तुम्हें ātaynākum
दिया हमने तुम्हें بِقُوَّةٍۢ साथ क़ुव्वत के biquwwatin
साथ क़ुव्वत के وَٱذْكُرُوا۟ और याद करो wa-udh'kurū
और याद करो مَا जो mā
जो فِيهِ उसमें है fīhi
उसमें है لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَتَّقُونَ तुम बच जाओ tattaqūna
तुम बच जाओ ٦٣ (63)
(63)
और जब أَخَذْنَا लिया हमने akhadhnā
लिया हमने مِيثَـٰقَكُمْ पुख़्ता अहद तुम से mīthāqakum
पुख़्ता अहद तुम से وَرَفَعْنَا और उठाया हमने warafaʿnā
और उठाया हमने فَوْقَكُمُ ऊपर तुम्हारे fawqakumu
ऊपर तुम्हारे ٱلطُّورَ तूर को l-ṭūra
तूर को خُذُوا۟ पकड़ो khudhū
पकड़ो مَآ जो mā
जो ءَاتَيْنَـٰكُم दिया हमने तुम्हें ātaynākum
दिया हमने तुम्हें بِقُوَّةٍۢ साथ क़ुव्वत के biquwwatin
साथ क़ुव्वत के وَٱذْكُرُوا۟ और याद करो wa-udh'kurū
और याद करो مَا जो mā
जो فِيهِ उसमें है fīhi
उसमें है لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَتَّقُونَ तुम बच जाओ tattaqūna
तुम बच जाओ ٦٣ (63)
(63)
और (उस समय को याद करो) जब हमने तुमसे दृढ़ वचन लिया और तूर (पर्वत) को तुम्हारे ऊपर उठाया। हमने जो (पुस्तक) तुम्हें दी है, उसे मज़बूती से पकड़ो और जो उसमें (आदेश-निर्देश) है, उसे याद करो; ताकि तुम (अज़ाब से) बच जाओ।
२:६४
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर تَوَلَّيْتُم फिर गए तुम tawallaytum
फिर गए तुम مِّنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद ذَٰلِكَ ۖ उसके dhālika
उसके فَلَوْلَا पस अगर ना होता falawlā
पस अगर ना होता فَضْلُ फ़ज़ल faḍlu
फ़ज़ल ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर وَرَحْمَتُهُۥ और रहमत उसकी waraḥmatuhu
और रहमत उसकी لَكُنتُم अलबत्ता होते तुम lakuntum
अलबत्ता होते तुम مِّنَ of mina
of ٱلْخَـٰسِرِينَ ख़सारा पाने वालों में से l-khāsirīna
ख़सारा पाने वालों में से ٦٤ (64)
(64)
फिर تَوَلَّيْتُم फिर गए तुम tawallaytum
फिर गए तुम مِّنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद ذَٰلِكَ ۖ उसके dhālika
उसके فَلَوْلَا पस अगर ना होता falawlā
पस अगर ना होता فَضْلُ फ़ज़ल faḍlu
फ़ज़ल ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर وَرَحْمَتُهُۥ और रहमत उसकी waraḥmatuhu
और रहमत उसकी لَكُنتُم अलबत्ता होते तुम lakuntum
अलबत्ता होते तुम مِّنَ of mina
of ٱلْخَـٰسِرِينَ ख़सारा पाने वालों में से l-khāsirīna
ख़सारा पाने वालों में से ٦٤ (64)
(64)
फिर तुम उसके बाद फिर गए। तो यदि तुमपर अल्लाह का अनुग्रह और उसकी दया न होती, तो निश्चय तुम नुक़सान उठाने वालों में से होते।
२:६५
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ عَلِمْتُمُ जान लिया तुमने ʿalim'tumu
जान लिया तुमने ٱلَّذِينَ उनको जो alladhīna
उनको जो ٱعْتَدَوْا۟ हद से निकल गए iʿ'tadaw
हद से निकल गए مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से فِى in fī
in ٱلسَّبْتِ सब्त (हफ़्ते के दिन) में l-sabti
सब्त (हफ़्ते के दिन) में فَقُلْنَا तो कहा हमने faqul'nā
तो कहा हमने لَهُمْ उनसे lahum
उनसे كُونُوا۟ हो जाओ kūnū
हो जाओ قِرَدَةً बन्दर qiradatan
बन्दर خَـٰسِـِٔينَ ज़लील व ख़्वार khāsiīna
ज़लील व ख़्वार ٦٥ (65)
(65)
और अलबत्ता तहक़ीक़ عَلِمْتُمُ जान लिया तुमने ʿalim'tumu
जान लिया तुमने ٱلَّذِينَ उनको जो alladhīna
उनको जो ٱعْتَدَوْا۟ हद से निकल गए iʿ'tadaw
हद से निकल गए مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से فِى in fī
in ٱلسَّبْتِ सब्त (हफ़्ते के दिन) में l-sabti
सब्त (हफ़्ते के दिन) में فَقُلْنَا तो कहा हमने faqul'nā
तो कहा हमने لَهُمْ उनसे lahum
उनसे كُونُوا۟ हो जाओ kūnū
हो जाओ قِرَدَةً बन्दर qiradatan
बन्दर خَـٰسِـِٔينَ ज़लील व ख़्वार khāsiīna
ज़लील व ख़्वार ٦٥ (65)
(65)
और निःसंदेह तुम उन लोगों को जान चुके हो, जो तुममें से शनिवार (के दिन) में सीमा से बढ़ गए। तो हमने उनसे कहा कि तुम अपमानित बंदर1 बन जाओ।
२:६६
فَجَعَلْنَـٰهَا
तो बना दिया हमने इस (वाक़्ये) को
fajaʿalnāhā
तो बना दिया हमने इस (वाक़्ये) को نَكَـٰلًۭا इबरत nakālan
इबरत لِّمَا उनके लिए जो limā
उनके लिए जो بَيْنَ (in) front bayna
(in) front يَدَيْهَا सामने थे उनके yadayhā
सामने थे उनके وَمَا और जो wamā
और जो خَلْفَهَا पीछे (बाद) होंगे उनके khalfahā
पीछे (बाद) होंगे उनके وَمَوْعِظَةًۭ और नसीहत wamawʿiẓatan
और नसीहत لِّلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों के लिए lil'muttaqīna
मुत्तक़ी लोगों के लिए ٦٦ (66)
(66)
तो बना दिया हमने इस (वाक़्ये) को نَكَـٰلًۭا इबरत nakālan
इबरत لِّمَا उनके लिए जो limā
उनके लिए जो بَيْنَ (in) front bayna
(in) front يَدَيْهَا सामने थे उनके yadayhā
सामने थे उनके وَمَا और जो wamā
और जो خَلْفَهَا पीछे (बाद) होंगे उनके khalfahā
पीछे (बाद) होंगे उनके وَمَوْعِظَةًۭ और नसीहत wamawʿiẓatan
और नसीहत لِّلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों के लिए lil'muttaqīna
मुत्तक़ी लोगों के लिए ٦٦ (66)
(66)
फिर हमने इसे उन लोगों के लिए जो इसके सामने थे और जो इसके पीछे थे, एक इबरत और (अल्लाह से) डरने वालों के लिए एक उपदेश बना दिया।
२:६७
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब قَالَ कहा qāla
कहा مُوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने لِقَوْمِهِۦٓ अपनी क़ौम से liqawmihi
अपनी क़ौम से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يَأْمُرُكُمْ हुक्म देता है तुम्हें yamurukum
हुक्म देता है तुम्हें أَن कि an
कि تَذْبَحُوا۟ तुम ज़िबाह करो tadhbaḥū
तुम ज़िबाह करो بَقَرَةًۭ ۖ एक गाय baqaratan
एक गाय قَالُوٓا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा أَتَتَّخِذُنَا क्या तुम बनाते हो हमें atattakhidhunā
क्या तुम बनाते हो हमें هُزُوًۭا ۖ मज़ाक़ huzuwan
मज़ाक़ قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा أَعُوذُ मैं पनाह लेता हूँ aʿūdhu
मैं पनाह लेता हूँ بِٱللَّهِ अल्लाह की bil-lahi
अल्लाह की أَنْ कि an
कि أَكُونَ मैं हो जाऊँ akūna
मैं हो जाऊँ مِنَ among mina
among ٱلْجَـٰهِلِينَ जाहिलों में से l-jāhilīna
जाहिलों में से ٦٧ (67)
(67)
और जब قَالَ कहा qāla
कहा مُوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने لِقَوْمِهِۦٓ अपनी क़ौम से liqawmihi
अपनी क़ौम से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يَأْمُرُكُمْ हुक्म देता है तुम्हें yamurukum
हुक्म देता है तुम्हें أَن कि an
कि تَذْبَحُوا۟ तुम ज़िबाह करो tadhbaḥū
तुम ज़िबाह करो بَقَرَةًۭ ۖ एक गाय baqaratan
एक गाय قَالُوٓا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा أَتَتَّخِذُنَا क्या तुम बनाते हो हमें atattakhidhunā
क्या तुम बनाते हो हमें هُزُوًۭا ۖ मज़ाक़ huzuwan
मज़ाक़ قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा أَعُوذُ मैं पनाह लेता हूँ aʿūdhu
मैं पनाह लेता हूँ بِٱللَّهِ अल्लाह की bil-lahi
अल्लाह की أَنْ कि an
कि أَكُونَ मैं हो जाऊँ akūna
मैं हो जाऊँ مِنَ among mina
among ٱلْجَـٰهِلِينَ जाहिलों में से l-jāhilīna
जाहिलों में से ٦٧ (67)
(67)
तथा (याद करो) जब मूसा ने अपनी जाति से कहा : निःसंदेह अल्लाह तुम्हें एक गाय ज़बह करने का आदेश देता है। उन्होंने कहा : क्या आप हमें मज़ाक़ बनाते हैं? (मूसा ने) कहा : मैं अल्लाह की पनाह माँगता हूँ कि मैं मूर्खों में से हो जाऊँ।
२:६८
قَالُوا۟
उन्होंने कहा
qālū
उन्होंने कहा ٱدْعُ दुआ करो ud'ʿu
दुआ करो لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए رَبَّكَ अपने रब से rabbaka
अपने रब से يُبَيِّن वो वाज़ेह कर दे yubayyin
वो वाज़ेह कर दे لَّنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए مَا कैसी हो mā
कैसी हो هِىَ ۚ वो hiya
वो قَالَ कहा qāla
कहा إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो يَقُولُ वो फ़रमाता है yaqūlu
वो फ़रमाता है إِنَّهَا बेशक वो innahā
बेशक वो بَقَرَةٌۭ गाय baqaratun
गाय لَّا not lā
not فَارِضٌۭ ना बूढ़ी हो fāriḍun
ना बूढ़ी हो وَلَا और ना walā
और ना بِكْرٌ छोटी bik'run
छोटी عَوَانٌۢ औसत उम्र की हो ʿawānun
औसत उम्र की हो بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान ذَٰلِكَ ۖ इसके dhālika
इसके فَٱفْعَلُوا۟ तो करो fa-if'ʿalū
तो करो مَا जो mā
जो تُؤْمَرُونَ तुम हुक्म दिए जाते हो tu'marūna
तुम हुक्म दिए जाते हो ٦٨ (68)
(68)
उन्होंने कहा ٱدْعُ दुआ करो ud'ʿu
दुआ करो لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए رَبَّكَ अपने रब से rabbaka
अपने रब से يُبَيِّن वो वाज़ेह कर दे yubayyin
वो वाज़ेह कर दे لَّنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए مَا कैसी हो mā
कैसी हो هِىَ ۚ वो hiya
वो قَالَ कहा qāla
कहा إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो يَقُولُ वो फ़रमाता है yaqūlu
वो फ़रमाता है إِنَّهَا बेशक वो innahā
बेशक वो بَقَرَةٌۭ गाय baqaratun
गाय لَّا not lā
not فَارِضٌۭ ना बूढ़ी हो fāriḍun
ना बूढ़ी हो وَلَا और ना walā
और ना بِكْرٌ छोटी bik'run
छोटी عَوَانٌۢ औसत उम्र की हो ʿawānun
औसत उम्र की हो بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान ذَٰلِكَ ۖ इसके dhālika
इसके فَٱفْعَلُوا۟ तो करो fa-if'ʿalū
तो करो مَا जो mā
जो تُؤْمَرُونَ तुम हुक्म दिए जाते हो tu'marūna
तुम हुक्म दिए जाते हो ٦٨ (68)
(68)
उन्होंने कहा : हमारे लिए अपने पालनहार से प्रार्थना करो, वह हमारे लिए स्पष्ट कर दे वह (गाय) क्या है? (मूसा ने) कहा : निःसंदेह वह कहता है : निःसंदेह वह ऐसी गाय है, जो न बूढ़ी है और न बछड़ी, इसके बीच आयु की है। अतः तुम्हें जो आदेश दिया जा रहा है, उसका पालन करो।
२:६९
قَالُوا۟
उन्होंने कहा
qālū
उन्होंने कहा ٱدْعُ दुआ करो ud'ʿu
दुआ करो لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए رَبَّكَ अपने रब से rabbaka
अपने रब से يُبَيِّن वो वाज़ेह कर दे yubayyin
वो वाज़ेह कर दे لَّنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए مَا कैसा हो mā
कैसा हो لَوْنُهَا ۚ रंग उसका lawnuhā
रंग उसका قَالَ कहा qāla
कहा إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो يَقُولُ वो फ़रमाता है yaqūlu
वो फ़रमाता है إِنَّهَا बेशक वो innahā
बेशक वो بَقَرَةٌۭ गाय हो baqaratun
गाय हो صَفْرَآءُ ज़र्द रंग की ṣafrāu
ज़र्द रंग की فَاقِعٌۭ ख़ूब गहरा हो fāqiʿun
ख़ूब गहरा हो لَّوْنُهَا रंग उसका lawnuhā
रंग उसका تَسُرُّ ख़ुश करती हो tasurru
ख़ुश करती हो ٱلنَّـٰظِرِينَ देखने वालों को l-nāẓirīna
देखने वालों को ٦٩ (69)
(69)
उन्होंने कहा ٱدْعُ दुआ करो ud'ʿu
दुआ करो لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए رَبَّكَ अपने रब से rabbaka
अपने रब से يُبَيِّن वो वाज़ेह कर दे yubayyin
वो वाज़ेह कर दे لَّنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए مَا कैसा हो mā
कैसा हो لَوْنُهَا ۚ रंग उसका lawnuhā
रंग उसका قَالَ कहा qāla
कहा إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो يَقُولُ वो फ़रमाता है yaqūlu
वो फ़रमाता है إِنَّهَا बेशक वो innahā
बेशक वो بَقَرَةٌۭ गाय हो baqaratun
गाय हो صَفْرَآءُ ज़र्द रंग की ṣafrāu
ज़र्द रंग की فَاقِعٌۭ ख़ूब गहरा हो fāqiʿun
ख़ूब गहरा हो لَّوْنُهَا रंग उसका lawnuhā
रंग उसका تَسُرُّ ख़ुश करती हो tasurru
ख़ुश करती हो ٱلنَّـٰظِرِينَ देखने वालों को l-nāẓirīna
देखने वालों को ٦٩ (69)
(69)
उन्होंने कहा : हमारे लिए अपने पालनहार से प्रार्थना करो, वह हमारे लिए स्पष्ट कर दे उसका रंग क्या है? (मूसा ने) कहा : निःसंदेह वह कहता है कि निःसंदेह वह गाय पीले रंग की है, उसका रंग ख़ूब गहरा है, देखने वालों को प्रसन्न करती है।
२:७०
قَالُوا۟
उन्होंने कहा
qālū
उन्होंने कहा ٱدْعُ दुआ करो ud'ʿu
दुआ करो لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए رَبَّكَ अपने रब से rabbaka
अपने रब से يُبَيِّن वो वाज़ेह कर दे yubayyin
वो वाज़ेह कर दे لَّنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए مَا कैसी हो mā
कैसी हो هِىَ वो hiya
वो إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلْبَقَرَ गाय l-baqara
गाय تَشَـٰبَهَ मुश्तबा हो गई है tashābaha
मुश्तबा हो गई है عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर وَإِنَّآ और बेशक हम wa-innā
और बेशक हम إِن अगर in
अगर شَآءَ चाहा shāa
चाहा ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने لَمُهْتَدُونَ अलबत्ता राह पा लेने वाले हैं lamuh'tadūna
अलबत्ता राह पा लेने वाले हैं ٧٠ (70)
(70)
उन्होंने कहा ٱدْعُ दुआ करो ud'ʿu
दुआ करो لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए رَبَّكَ अपने रब से rabbaka
अपने रब से يُبَيِّن वो वाज़ेह कर दे yubayyin
वो वाज़ेह कर दे لَّنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए مَا कैसी हो mā
कैसी हो هِىَ वो hiya
वो إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلْبَقَرَ गाय l-baqara
गाय تَشَـٰبَهَ मुश्तबा हो गई है tashābaha
मुश्तबा हो गई है عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर وَإِنَّآ और बेशक हम wa-innā
और बेशक हम إِن अगर in
अगर شَآءَ चाहा shāa
चाहा ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने لَمُهْتَدُونَ अलबत्ता राह पा लेने वाले हैं lamuh'tadūna
अलबत्ता राह पा लेने वाले हैं ٧٠ (70)
(70)
उन्होंने कहा : हमारे लिए अपने पालनहार से प्रार्थना करो, वह हमारे लिए स्पष्ट कर दे वह (गाय) क्या है? निःसंदेह गायें हमपर एक-दूसरे से मिलती-जुलती हो गई हैं। और निश्चय हम यदि अल्लाह ने चाहा, तो उद्देश्य तक पहुँचने ही वाले हैं।
२:७१
قَالَ
कहा
qāla
कहा إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो يَقُولُ वो फ़रमाता है yaqūlu
वो फ़रमाता है إِنَّهَا बेशक वो innahā
बेशक वो بَقَرَةٌۭ ऐसी गाय हो baqaratun
ऐसी गाय हो لَّا ना lā
ना ذَلُولٌۭ जोती हुई हो dhalūlun
जोती हुई हो تُثِيرُ कि वो हल चलाती हो tuthīru
कि वो हल चलाती हो ٱلْأَرْضَ ज़मीन में l-arḍa
ज़मीन में وَلَا और ना walā
और ना تَسْقِى वो सैराब करती हो tasqī
वो सैराब करती हो ٱلْحَرْثَ खेती को l-ḥartha
खेती को مُسَلَّمَةٌۭ सही सलामत हो musallamatun
सही सलामत हो لَّا ना हो lā
ना हो شِيَةَ कोई दाग़ shiyata
कोई दाग़ فِيهَا ۚ उसमें fīhā
उसमें قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा ٱلْـَٔـٰنَ अब l-āna
अब جِئْتَ लाया है तू ji'ta
लाया है तू بِٱلْحَقِّ ۚ हक़ को bil-ḥaqi
हक़ को فَذَبَحُوهَا फिर उन्होंने ज़िबाह किया उसे fadhabaḥūhā
फिर उन्होंने ज़िबाह किया उसे وَمَا और ना wamā
और ना كَادُوا۟ वो क़रीब थे कि kādū
वो क़रीब थे कि يَفْعَلُونَ वो करते yafʿalūna
वो करते ٧١ (71)
(71)
कहा إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो يَقُولُ वो फ़रमाता है yaqūlu
वो फ़रमाता है إِنَّهَا बेशक वो innahā
बेशक वो بَقَرَةٌۭ ऐसी गाय हो baqaratun
ऐसी गाय हो لَّا ना lā
ना ذَلُولٌۭ जोती हुई हो dhalūlun
जोती हुई हो تُثِيرُ कि वो हल चलाती हो tuthīru
कि वो हल चलाती हो ٱلْأَرْضَ ज़मीन में l-arḍa
ज़मीन में وَلَا और ना walā
और ना تَسْقِى वो सैराब करती हो tasqī
वो सैराब करती हो ٱلْحَرْثَ खेती को l-ḥartha
खेती को مُسَلَّمَةٌۭ सही सलामत हो musallamatun
सही सलामत हो لَّا ना हो lā
ना हो شِيَةَ कोई दाग़ shiyata
कोई दाग़ فِيهَا ۚ उसमें fīhā
उसमें قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा ٱلْـَٔـٰنَ अब l-āna
अब جِئْتَ लाया है तू ji'ta
लाया है तू بِٱلْحَقِّ ۚ हक़ को bil-ḥaqi
हक़ को فَذَبَحُوهَا फिर उन्होंने ज़िबाह किया उसे fadhabaḥūhā
फिर उन्होंने ज़िबाह किया उसे وَمَا और ना wamā
और ना كَادُوا۟ वो क़रीब थे कि kādū
वो क़रीब थे कि يَفْعَلُونَ वो करते yafʿalūna
वो करते ٧١ (71)
(71)
(मूसा ने) कहा : निःसंदेह वह कहता है कि निःसंदेह वह ऐसी गाय है जो न (जोतने हेतु) सधाई हुई है कि भूमि जोतती हो, और न खेती को पानी देती है। सही-सालिम (दोष रहित) है, उसमें किसी और रंग का निशान नहीं। उन्होंने कहा : अब तू सही बात लाया है। फिर उन्होंने उसे ज़बह़ किया, और वे क़रीब न थे कि करते।
२:७२
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब قَتَلْتُمْ क़त्ल किया तुमने qataltum
क़त्ल किया तुमने نَفْسًۭا एक नफ़्स को nafsan
एक नफ़्स को فَٱدَّٰرَْٰٔتُمْ फिर एक दूसरे पर डालने लगे तुम fa-iddāratum
फिर एक दूसरे पर डालने लगे तुम فِيهَا ۖ उस (के बारे) में fīhā
उस (के बारे) में وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह مُخْرِجٌۭ निकालने वाला था mukh'rijun
निकालने वाला था مَّا जो mā
जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَكْتُمُونَ तुम छुपाते taktumūna
तुम छुपाते ٧٢ (72)
(72)
और जब قَتَلْتُمْ क़त्ल किया तुमने qataltum
क़त्ल किया तुमने نَفْسًۭا एक नफ़्स को nafsan
एक नफ़्स को فَٱدَّٰرَْٰٔتُمْ फिर एक दूसरे पर डालने लगे तुम fa-iddāratum
फिर एक दूसरे पर डालने लगे तुम فِيهَا ۖ उस (के बारे) में fīhā
उस (के बारे) में وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह مُخْرِجٌۭ निकालने वाला था mukh'rijun
निकालने वाला था مَّا जो mā
जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَكْتُمُونَ तुम छुपाते taktumūna
तुम छुपाते ٧٢ (72)
(72)
और (वह समय याद करो) जब तुमने एक व्यक्ति की हत्या कर दी, फिर तुमने उसके बारे में झगड़ा किया और अल्लाह उस बात को निकालने वाला था, जो तुम छिपा रहे थे।
२:७३
فَقُلْنَا
पस कहा हमने
faqul'nā
पस कहा हमने ٱضْرِبُوهُ मारो उसे iḍ'ribūhu
मारो उसे بِبَعْضِهَا ۚ साथ उसके बाज़ हिस्से के bibaʿḍihā
साथ उसके बाज़ हिस्से के كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह يُحْىِ ज़िन्दा करेगा yuḥ'yī
ज़िन्दा करेगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلْمَوْتَىٰ मुर्दों को l-mawtā
मुर्दों को وَيُرِيكُمْ और वो दिखाता है तुम्हें wayurīkum
और वो दिखाता है तुम्हें ءَايَـٰتِهِۦ अपनी निशानियाँ āyātihi
अपनी निशानियाँ لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَعْقِلُونَ तुम अक़्ल से काम लो taʿqilūna
तुम अक़्ल से काम लो ٧٣ (73)
(73)
पस कहा हमने ٱضْرِبُوهُ मारो उसे iḍ'ribūhu
मारो उसे بِبَعْضِهَا ۚ साथ उसके बाज़ हिस्से के bibaʿḍihā
साथ उसके बाज़ हिस्से के كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह يُحْىِ ज़िन्दा करेगा yuḥ'yī
ज़िन्दा करेगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلْمَوْتَىٰ मुर्दों को l-mawtā
मुर्दों को وَيُرِيكُمْ और वो दिखाता है तुम्हें wayurīkum
और वो दिखाता है तुम्हें ءَايَـٰتِهِۦ अपनी निशानियाँ āyātihi
अपनी निशानियाँ لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَعْقِلُونَ तुम अक़्ल से काम लो taʿqilūna
तुम अक़्ल से काम लो ٧٣ (73)
(73)
अतः हमने कहा इस (मक़्तूल) पर उस (गाय) का कोई टुकड़ा मारो।1 इसी प्रकार अल्लाह मुर्दों को जीवित करता है और तुम्हें अपनी निशानियाँ दिखाता है; ताकि तुम समझो।
२:७४
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर قَسَتْ सख़्त हो गए qasat
सख़्त हो गए قُلُوبُكُم दिल तुम्हारे qulūbukum
दिल तुम्हारे مِّنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद ذَٰلِكَ इसके dhālika
इसके فَهِىَ तो वो fahiya
तो वो كَٱلْحِجَارَةِ पत्थरों की तरह हैं kal-ḥijārati
पत्थरों की तरह हैं أَوْ या aw
या أَشَدُّ ज़्यादा शदीद ashaddu
ज़्यादा शदीद قَسْوَةًۭ ۚ सख़्ती में qaswatan
सख़्ती में وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक مِنَ from mina
from ٱلْحِجَارَةِ बाज़ पत्थर l-ḥijārati
बाज़ पत्थर لَمَا अलबत्ता वो हैं जो lamā
अलबत्ता वो हैं जो يَتَفَجَّرُ फूट पड़ती हैं yatafajjaru
फूट पड़ती हैं مِنْهُ उनसे min'hu
उनसे ٱلْأَنْهَـٰرُ ۚ नहरें l-anhāru
नहरें وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक مِنْهَا कुछ उनमें से min'hā
कुछ उनमें से لَمَا अलबत्ता वो हैं जो lamā
अलबत्ता वो हैं जो يَشَّقَّقُ फट जाते हैं yashaqqaqu
फट जाते हैं فَيَخْرُجُ फिर निकल आता है fayakhruju
फिर निकल आता है مِنْهُ उनसे min'hu
उनसे ٱلْمَآءُ ۚ पानी l-māu
पानी وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक مِنْهَا कुछ उनमें से min'hā
कुछ उनमें से لَمَا अलबत्ता वो हैं जो lamā
अलबत्ता वो हैं जो يَهْبِطُ गिर पड़ते हैं yahbiṭu
गिर पड़ते हैं مِنْ from min
from خَشْيَةِ ख़ौफ़ से khashyati
ख़ौफ़ से ٱللَّهِ ۗ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَمَا और नहीं wamā
और नहीं ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِغَـٰفِلٍ ग़ाफ़िल bighāfilin
ग़ाफ़िल عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो ٧٤ (74)
(74)
फिर قَسَتْ सख़्त हो गए qasat
सख़्त हो गए قُلُوبُكُم दिल तुम्हारे qulūbukum
दिल तुम्हारे مِّنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद ذَٰلِكَ इसके dhālika
इसके فَهِىَ तो वो fahiya
तो वो كَٱلْحِجَارَةِ पत्थरों की तरह हैं kal-ḥijārati
पत्थरों की तरह हैं أَوْ या aw
या أَشَدُّ ज़्यादा शदीद ashaddu
ज़्यादा शदीद قَسْوَةًۭ ۚ सख़्ती में qaswatan
सख़्ती में وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक مِنَ from mina
from ٱلْحِجَارَةِ बाज़ पत्थर l-ḥijārati
बाज़ पत्थर لَمَا अलबत्ता वो हैं जो lamā
अलबत्ता वो हैं जो يَتَفَجَّرُ फूट पड़ती हैं yatafajjaru
फूट पड़ती हैं مِنْهُ उनसे min'hu
उनसे ٱلْأَنْهَـٰرُ ۚ नहरें l-anhāru
नहरें وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक مِنْهَا कुछ उनमें से min'hā
कुछ उनमें से لَمَا अलबत्ता वो हैं जो lamā
अलबत्ता वो हैं जो يَشَّقَّقُ फट जाते हैं yashaqqaqu
फट जाते हैं فَيَخْرُجُ फिर निकल आता है fayakhruju
फिर निकल आता है مِنْهُ उनसे min'hu
उनसे ٱلْمَآءُ ۚ पानी l-māu
पानी وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक مِنْهَا कुछ उनमें से min'hā
कुछ उनमें से لَمَا अलबत्ता वो हैं जो lamā
अलबत्ता वो हैं जो يَهْبِطُ गिर पड़ते हैं yahbiṭu
गिर पड़ते हैं مِنْ from min
from خَشْيَةِ ख़ौफ़ से khashyati
ख़ौफ़ से ٱللَّهِ ۗ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَمَا और नहीं wamā
और नहीं ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِغَـٰفِلٍ ग़ाफ़िल bighāfilin
ग़ाफ़िल عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो ٧٤ (74)
(74)
फिर इन (निशानियों को देखने) के बाद तुम्हारे दिल कठोर हो गए, तो वे पत्थरों के समान हैं, या कठोरता में (उनसे भी) बढ़कर हैं; और निःसंदेह पत्थरों में से कुछ ऐसे हैं, जिनसे नहरें फूट निकलती हैं, और निःसंदेह उनमें से कुछ वे हैं जो फट जाते हैं, तो उनसे पानी निकलता है, और निःसंदेह उनमें से कुछ वे हैं जो अल्लाह के डर से गिर पड़ते हैं और अल्लाह उससे बिल्कुल ग़ाफ़िल नहीं जो तुम कर रहे हो।
२:७५
۞ أَفَتَطْمَعُونَ
क्या फिर तुम तमा रखते हो
afataṭmaʿūna
क्या फिर तुम तमा रखते हो أَن कि an
कि يُؤْمِنُوا۟ वो ईमान लाऐंगे yu'minū
वो ईमान लाऐंगे لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَقَدْ हालाँकि तहक़ीक़ waqad
हालाँकि तहक़ीक़ كَانَ है kāna
है فَرِيقٌۭ एक गिरोह (के लोग) farīqun
एक गिरोह (के लोग) مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से يَسْمَعُونَ वो सुनते हैं yasmaʿūna
वो सुनते हैं كَلَـٰمَ कलाम kalāma
कलाम ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का ثُمَّ फिर thumma
फिर يُحَرِّفُونَهُۥ वो तहरीफ़ कर डालते हैं उसमें yuḥarrifūnahu
वो तहरीफ़ कर डालते हैं उसमें مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद उसके baʿdi
बाद उसके مَا जो mā
जो عَقَلُوهُ उन्होंने समझ लिया उसे ʿaqalūhu
उन्होंने समझ लिया उसे وَهُمْ जबकि वो wahum
जबकि वो يَعْلَمُونَ वो इल्म रखते हैं yaʿlamūna
वो इल्म रखते हैं ٧٥ (75)
(75)
क्या फिर तुम तमा रखते हो أَن कि an
कि يُؤْمِنُوا۟ वो ईमान लाऐंगे yu'minū
वो ईमान लाऐंगे لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَقَدْ हालाँकि तहक़ीक़ waqad
हालाँकि तहक़ीक़ كَانَ है kāna
है فَرِيقٌۭ एक गिरोह (के लोग) farīqun
एक गिरोह (के लोग) مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से يَسْمَعُونَ वो सुनते हैं yasmaʿūna
वो सुनते हैं كَلَـٰمَ कलाम kalāma
कलाम ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का ثُمَّ फिर thumma
फिर يُحَرِّفُونَهُۥ वो तहरीफ़ कर डालते हैं उसमें yuḥarrifūnahu
वो तहरीफ़ कर डालते हैं उसमें مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद उसके baʿdi
बाद उसके مَا जो mā
जो عَقَلُوهُ उन्होंने समझ लिया उसे ʿaqalūhu
उन्होंने समझ लिया उसे وَهُمْ जबकि वो wahum
जबकि वो يَعْلَمُونَ वो इल्म रखते हैं yaʿlamūna
वो इल्म रखते हैं ٧٥ (75)
(75)
तो क्या तुम आशा रखते हो कि वे तुम्हारी बात मान लेंगे, जबकि उनमें से कुछ लोग ऐसे रहे हैं, जो अल्लाह की वाणी (तौरात) को सुनते हैं, फिर उसे बदल डालते हैं, इसके बाद कि उसे समझ चुके होते हैं और वे जानते हैं।
२:७६
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब لَقُوا۟ वो मुलाक़ात करते हैं laqū
वो मुलाक़ात करते हैं ٱلَّذِينَ उनसे जो alladhīna
उनसे जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए قَالُوٓا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब خَلَا अलेहदा होते हैं khalā
अलेहदा होते हैं بَعْضُهُمْ बाज़ उनके baʿḍuhum
बाज़ उनके إِلَىٰ with ilā
with بَعْضٍۢ तरफ़ बाज़ के baʿḍin
तरफ़ बाज़ के قَالُوٓا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं أَتُحَدِّثُونَهُم क्या तुम बातें बताते हो उन्हें atuḥaddithūnahum
क्या तुम बातें बताते हो उन्हें بِمَا जो bimā
जो فَتَحَ खोल दीं हैं fataḥa
खोल दीं हैं ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर لِيُحَآجُّوكُم ताकि वो झगड़ा करें तुमसे liyuḥājjūkum
ताकि वो झगड़ा करें तुमसे بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके عِندَ पास ʿinda
पास رَبِّكُمْ ۚ तुम्हारे रब के rabbikum
तुम्हारे रब के أَفَلَا क्या फिर नहीं afalā
क्या फिर नहीं تَعْقِلُونَ तुम अक़्ल से काम लेते taʿqilūna
तुम अक़्ल से काम लेते ٧٦ (76)
(76)
और जब لَقُوا۟ वो मुलाक़ात करते हैं laqū
वो मुलाक़ात करते हैं ٱلَّذِينَ उनसे जो alladhīna
उनसे जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए قَالُوٓا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब خَلَا अलेहदा होते हैं khalā
अलेहदा होते हैं بَعْضُهُمْ बाज़ उनके baʿḍuhum
बाज़ उनके إِلَىٰ with ilā
with بَعْضٍۢ तरफ़ बाज़ के baʿḍin
तरफ़ बाज़ के قَالُوٓا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं أَتُحَدِّثُونَهُم क्या तुम बातें बताते हो उन्हें atuḥaddithūnahum
क्या तुम बातें बताते हो उन्हें بِمَا जो bimā
जो فَتَحَ खोल दीं हैं fataḥa
खोल दीं हैं ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर لِيُحَآجُّوكُم ताकि वो झगड़ा करें तुमसे liyuḥājjūkum
ताकि वो झगड़ा करें तुमसे بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके عِندَ पास ʿinda
पास رَبِّكُمْ ۚ तुम्हारे रब के rabbikum
तुम्हारे रब के أَفَلَا क्या फिर नहीं afalā
क्या फिर नहीं تَعْقِلُونَ तुम अक़्ल से काम लेते taʿqilūna
तुम अक़्ल से काम लेते ٧٦ (76)
(76)
तथा जब वे ईमान लाने वालों से मिलते हैं, तो कहते हैं कि हम ईमान1 ले आए और जब वे आपस में एक-दूसरे के साथ एकांत में होते हैं, तो कहते हैं क्या तुम उन्हें वे बातें बताते हो, जो अल्लाह ने तुमपर खोली2 हैं, ताकि वे उनके साथ तुम्हारे पालनहार के पास तुमसे झगड़ा करें, तो क्या तुम नहीं समझते?
२:७७
أَوَلَا
क्या भला नहीं
awalā
क्या भला नहीं يَعْلَمُونَ वो इल्म रखते yaʿlamūna
वो इल्म रखते أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يَعْلَمُ जानता है yaʿlamu
जानता है مَا जो mā
जो يُسِرُّونَ वो छुपाते हैं yusirrūna
वो छुपाते हैं وَمَا और जो wamā
और जो يُعْلِنُونَ वो ज़ाहिर करते हैं yuʿ'linūna
वो ज़ाहिर करते हैं ٧٧ (77)
(77)
क्या भला नहीं يَعْلَمُونَ वो इल्म रखते yaʿlamūna
वो इल्म रखते أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يَعْلَمُ जानता है yaʿlamu
जानता है مَا जो mā
जो يُسِرُّونَ वो छुपाते हैं yusirrūna
वो छुपाते हैं وَمَا और जो wamā
और जो يُعْلِنُونَ वो ज़ाहिर करते हैं yuʿ'linūna
वो ज़ाहिर करते हैं ٧٧ (77)
(77)
और क्या वे नहीं जानते कि निःसंदेह अल्लाह जानता है, जो कुछ वे छिपाते हैं और जो कुछ ज़ाहिर करते हैं?
२:७८
وَمِنْهُمْ
और उनमें से कुछ
wamin'hum
और उनमें से कुछ أُمِّيُّونَ अनपढ़ हैं ummiyyūna
अनपढ़ हैं لَا (who) do not lā
(who) do not يَعْلَمُونَ नहीं वो इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं वो इल्म रखते ٱلْكِتَـٰبَ किताब का l-kitāba
किताब का إِلَّآ सिवाय illā
सिवाय أَمَانِىَّ तमन्नाओं के amāniyya
तमन्नाओं के وَإِنْ और नहीं wa-in
और नहीं هُمْ वो hum
वो إِلَّا मगर illā
मगर يَظُنُّونَ वो गुमान करते yaẓunnūna
वो गुमान करते ٧٨ (78)
(78)
और उनमें से कुछ أُمِّيُّونَ अनपढ़ हैं ummiyyūna
अनपढ़ हैं لَا (who) do not lā
(who) do not يَعْلَمُونَ नहीं वो इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं वो इल्म रखते ٱلْكِتَـٰبَ किताब का l-kitāba
किताब का إِلَّآ सिवाय illā
सिवाय أَمَانِىَّ तमन्नाओं के amāniyya
तमन्नाओं के وَإِنْ और नहीं wa-in
और नहीं هُمْ वो hum
वो إِلَّا मगर illā
मगर يَظُنُّونَ वो गुमान करते yaẓunnūna
वो गुमान करते ٧٨ (78)
(78)
तथा उनमें से कुछ अनपढ़ हैं, जो पुस्तक का ज्ञान नहीं रखते सिवाय कुछ कामनाओं के, तथा वे केवल अनुमान लगाते हैं।
२:७९
فَوَيْلٌۭ
पस हलाकत है
fawaylun
पस हलाकत है لِّلَّذِينَ उनके लिए जो lilladhīna
उनके लिए जो يَكْتُبُونَ वो लिखते हैं yaktubūna
वो लिखते हैं ٱلْكِتَـٰبَ किताब को l-kitāba
किताब को بِأَيْدِيهِمْ अपने हाथों से bi-aydīhim
अपने हाथों से ثُمَّ फिर thumma
फिर يَقُولُونَ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं هَـٰذَا ये hādhā
ये مِنْ (is) min
(is) عِندِ पास से है ʿindi
पास से है ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के لِيَشْتَرُوا۟ ताकि वो ले लें liyashtarū
ताकि वो ले लें بِهِۦ बदले उसके bihi
बदले उसके ثَمَنًۭا क़ीमत thamanan
क़ीमत قَلِيلًۭا ۖ थोड़ी qalīlan
थोड़ी فَوَيْلٌۭ पस हलाकत है fawaylun
पस हलाकत है لَّهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مِّمَّا बवजह उसके जो mimmā
बवजह उसके जो كَتَبَتْ लिखा katabat
लिखा أَيْدِيهِمْ उनके हाथों ने aydīhim
उनके हाथों ने وَوَيْلٌۭ और हलाकत है wawaylun
और हलाकत है لَّهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مِّمَّا बवजह उसके जो mimmā
बवजह उसके जो يَكْسِبُونَ वो कमाते हैं yaksibūna
वो कमाते हैं ٧٩ (79)
(79)
पस हलाकत है لِّلَّذِينَ उनके लिए जो lilladhīna
उनके लिए जो يَكْتُبُونَ वो लिखते हैं yaktubūna
वो लिखते हैं ٱلْكِتَـٰبَ किताब को l-kitāba
किताब को بِأَيْدِيهِمْ अपने हाथों से bi-aydīhim
अपने हाथों से ثُمَّ फिर thumma
फिर يَقُولُونَ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं هَـٰذَا ये hādhā
ये مِنْ (is) min
(is) عِندِ पास से है ʿindi
पास से है ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के لِيَشْتَرُوا۟ ताकि वो ले लें liyashtarū
ताकि वो ले लें بِهِۦ बदले उसके bihi
बदले उसके ثَمَنًۭا क़ीमत thamanan
क़ीमत قَلِيلًۭا ۖ थोड़ी qalīlan
थोड़ी فَوَيْلٌۭ पस हलाकत है fawaylun
पस हलाकत है لَّهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مِّمَّا बवजह उसके जो mimmā
बवजह उसके जो كَتَبَتْ लिखा katabat
लिखा أَيْدِيهِمْ उनके हाथों ने aydīhim
उनके हाथों ने وَوَيْلٌۭ और हलाकत है wawaylun
और हलाकत है لَّهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مِّمَّا बवजह उसके जो mimmā
बवजह उसके जो يَكْسِبُونَ वो कमाते हैं yaksibūna
वो कमाते हैं ٧٩ (79)
(79)
तो उन लोगों के लिए1 बड़ा विनाश है, जो अपने हाथों से पुस्तक लिखते हैं, फिर कहते हैं कि यह अल्लाह की ओर से है, ताकि उसके द्वारा थोड़ा मूल्य हासिल करें! तो उनके लिए बड़ा विनाश उसके कारण है, जो उनके हाथों ने लिखा और उनके लिए बड़ा विनाश उसके कारण है जो वे कमाते हैं।
२:८०
وَقَالُوا۟
और उन्होंने कहा
waqālū
और उन्होंने कहा لَن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं تَمَسَّنَا छुएगी हमें tamassanā
छुएगी हमें ٱلنَّارُ आग l-nāru
आग إِلَّآ मगर illā
मगर أَيَّامًۭا दिन ayyāman
दिन مَّعْدُودَةًۭ ۚ गिने चुने maʿdūdatan
गिने चुने قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए أَتَّخَذْتُمْ क्या ले रखा है तुमने attakhadhtum
क्या ले रखा है तुमने عِندَ पास ʿinda
पास ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के عَهْدًۭا कोई अहद ʿahdan
कोई अहद فَلَن तो हरगिज़ नहीं falan
तो हरगिज़ नहीं يُخْلِفَ ख़िलाफ़ करेगा yukh'lifa
ख़िलाफ़ करेगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَهْدَهُۥٓ ۖ अपने अहद के ʿahdahu
अपने अहद के أَمْ या am
या تَقُولُونَ तुम कहते हो taqūlūna
तुम कहते हो عَلَى against ʿalā
against ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर مَا जो mā
जो لَا not lā
not تَعْلَمُونَ नहीं तुम इल्म रखते taʿlamūna
नहीं तुम इल्म रखते ٨٠ (80)
(80)
और उन्होंने कहा لَن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं تَمَسَّنَا छुएगी हमें tamassanā
छुएगी हमें ٱلنَّارُ आग l-nāru
आग إِلَّآ मगर illā
मगर أَيَّامًۭا दिन ayyāman
दिन مَّعْدُودَةًۭ ۚ गिने चुने maʿdūdatan
गिने चुने قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए أَتَّخَذْتُمْ क्या ले रखा है तुमने attakhadhtum
क्या ले रखा है तुमने عِندَ पास ʿinda
पास ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के عَهْدًۭا कोई अहद ʿahdan
कोई अहद فَلَن तो हरगिज़ नहीं falan
तो हरगिज़ नहीं يُخْلِفَ ख़िलाफ़ करेगा yukh'lifa
ख़िलाफ़ करेगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَهْدَهُۥٓ ۖ अपने अहद के ʿahdahu
अपने अहद के أَمْ या am
या تَقُولُونَ तुम कहते हो taqūlūna
तुम कहते हो عَلَى against ʿalā
against ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर مَا जो mā
जो لَا not lā
not تَعْلَمُونَ नहीं तुम इल्म रखते taʿlamūna
नहीं तुम इल्म रखते ٨٠ (80)
(80)
तथा उन्होंने कहा कि हमें जहन्नम की आग गिनती के कुछ दिनों के सिवा हरगिज़ नहीं छुएगी। (ऐ नबी!) कह दीजिए कि क्या तुमने अल्लाह से कोई वचन ले रखा है, तो अल्लाह कदापि अपने वचन के विरुद्ध नहीं करेगा, या तुम अल्लाह पर वह बात कहते हो, जिसका तुम्हें ज्ञान नहीं।
२:८१
بَلَىٰ
हाँ (क्यों नहीं)
balā
हाँ (क्यों नहीं) مَن जिसने man
जिसने كَسَبَ कमाई kasaba
कमाई سَيِّئَةًۭ कोई बुराई sayyi-atan
कोई बुराई وَأَحَـٰطَتْ और घेर लिया wa-aḥāṭat
और घेर लिया بِهِۦ उसको bihi
उसको خَطِيٓـَٔتُهُۥ उसकी ख़ता ने khaṭīatuhu
उसकी ख़ता ने فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं أَصْحَـٰبُ साथी aṣḥābu
साथी ٱلنَّارِ ۖ आग के l-nāri
आग के هُمْ वो hum
वो فِيهَا उसमें fīhā
उसमें خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं ٨١ (81)
(81)
हाँ (क्यों नहीं) مَن जिसने man
जिसने كَسَبَ कमाई kasaba
कमाई سَيِّئَةًۭ कोई बुराई sayyi-atan
कोई बुराई وَأَحَـٰطَتْ और घेर लिया wa-aḥāṭat
और घेर लिया بِهِۦ उसको bihi
उसको خَطِيٓـَٔتُهُۥ उसकी ख़ता ने khaṭīatuhu
उसकी ख़ता ने فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं أَصْحَـٰبُ साथी aṣḥābu
साथी ٱلنَّارِ ۖ आग के l-nāri
आग के هُمْ वो hum
वो فِيهَا उसमें fīhā
उसमें خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं ٨١ (81)
(81)
क्यों1 नहीं! जिसने बड़ी बुराई कमाई और उसके पाप ने उसे घेर लिया, तो वही लोग आग (जहन्नम) वाले हैं, वे उसमें हमेशा रहने वाले हैं।
२:८२
وَٱلَّذِينَ
और वो जो
wa-alladhīna
और वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं أَصْحَـٰبُ साथी aṣḥābu
साथी ٱلْجَنَّةِ ۖ जन्नत के l-janati
जन्नत के هُمْ वो hum
वो فِيهَا उसमें fīhā
उसमें خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं ٨٢ (82)
(82)
और वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं أَصْحَـٰبُ साथी aṣḥābu
साथी ٱلْجَنَّةِ ۖ जन्नत के l-janati
जन्नत के هُمْ वो hum
वो فِيهَا उसमें fīhā
उसमें خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं ٨٢ (82)
(82)
तथा जो लोग ईमान लाए और उन्होंने अच्छे कार्य किए, वही जन्नत वाले हैं, वे उसमें हमेशा रहने वाले हैं।
२:८३
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब أَخَذْنَا लिया हमने akhadhnā
लिया हमने مِيثَـٰقَ पुख़्ता अहद mīthāqa
पुख़्ता अहद بَنِىٓ (from the) Children banī
(from the) Children إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल से is'rāīla
बनी इस्राईल से لَا Not lā
Not تَعْبُدُونَ ना तुम इबादत करोगे taʿbudūna
ना तुम इबादत करोगे إِلَّا मगर illā
मगर ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَبِٱلْوَٰلِدَيْنِ और साथ वालिदैन के wabil-wālidayni
और साथ वालिदैन के إِحْسَانًۭا एहसान करना iḥ'sānan
एहसान करना وَذِى and (with) wadhī
and (with) ٱلْقُرْبَىٰ और रिश्तेदारों l-qur'bā
और रिश्तेदारों وَٱلْيَتَـٰمَىٰ और यतीमों wal-yatāmā
और यतीमों وَٱلْمَسَـٰكِينِ और मिस्कीनों के wal-masākīni
और मिस्कीनों के وَقُولُوا۟ और कहो waqūlū
और कहो لِلنَّاسِ लोगों से lilnnāsi
लोगों से حُسْنًۭا अच्छी (बात) ḥus'nan
अच्छी (बात) وَأَقِيمُوا۟ और क़ायम करो wa-aqīmū
और क़ायम करो ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَءَاتُوا۟ और अदा करो waātū
और अदा करो ٱلزَّكَوٰةَ ज़कात l-zakata
ज़कात ثُمَّ फिर thumma
फिर تَوَلَّيْتُمْ मुँह मोड़ लिया तुमने tawallaytum
मुँह मोड़ लिया तुमने إِلَّا सिवाय illā
सिवाय قَلِيلًۭا क़लील तादाद के qalīlan
क़लील तादाद के مِّنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से وَأَنتُم और तुम wa-antum
और तुम مُّعْرِضُونَ ऐराज़ करने वाले हो muʿ'riḍūna
ऐराज़ करने वाले हो ٨٣ (83)
(83)
और जब أَخَذْنَا लिया हमने akhadhnā
लिया हमने مِيثَـٰقَ पुख़्ता अहद mīthāqa
पुख़्ता अहद بَنِىٓ (from the) Children banī
(from the) Children إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल से is'rāīla
बनी इस्राईल से لَا Not lā
Not تَعْبُدُونَ ना तुम इबादत करोगे taʿbudūna
ना तुम इबादत करोगे إِلَّا मगर illā
मगर ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَبِٱلْوَٰلِدَيْنِ और साथ वालिदैन के wabil-wālidayni
और साथ वालिदैन के إِحْسَانًۭا एहसान करना iḥ'sānan
एहसान करना وَذِى and (with) wadhī
and (with) ٱلْقُرْبَىٰ और रिश्तेदारों l-qur'bā
और रिश्तेदारों وَٱلْيَتَـٰمَىٰ और यतीमों wal-yatāmā
और यतीमों وَٱلْمَسَـٰكِينِ और मिस्कीनों के wal-masākīni
और मिस्कीनों के وَقُولُوا۟ और कहो waqūlū
और कहो لِلنَّاسِ लोगों से lilnnāsi
लोगों से حُسْنًۭا अच्छी (बात) ḥus'nan
अच्छी (बात) وَأَقِيمُوا۟ और क़ायम करो wa-aqīmū
और क़ायम करो ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَءَاتُوا۟ और अदा करो waātū
और अदा करो ٱلزَّكَوٰةَ ज़कात l-zakata
ज़कात ثُمَّ फिर thumma
फिर تَوَلَّيْتُمْ मुँह मोड़ लिया तुमने tawallaytum
मुँह मोड़ लिया तुमने إِلَّا सिवाय illā
सिवाय قَلِيلًۭا क़लील तादाद के qalīlan
क़लील तादाद के مِّنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से وَأَنتُم और तुम wa-antum
और तुम مُّعْرِضُونَ ऐराज़ करने वाले हो muʿ'riḍūna
ऐराज़ करने वाले हो ٨٣ (83)
(83)
और (उस समय को याद करो) जब हमने बनी इसराईल से पक्का वचन लिया कि तुम अल्लाह के सिवा किसी की इबादत नहीं करोगे, तथा माता-पिता, रिश्तेदारों, अनाथों और निर्धनों के साथ अच्छा व्यवहार करोगे। और लोगों से भली बात कहो, तथा नमाज़ क़ायम करो और ज़कात दो। फिर तुम में से थोड़े लोगों के सिवा सब फिर गए और तुम मुँह फेरने वाले थे।
२:८४
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब أَخَذْنَا लिया हमने akhadhnā
लिया हमने مِيثَـٰقَكُمْ पुख़्ता अहद तुम से mīthāqakum
पुख़्ता अहद तुम से لَا Not lā
Not تَسْفِكُونَ ना तुम बहाओगे tasfikūna
ना तुम बहाओगे دِمَآءَكُمْ ख़ून अपने dimāakum
ख़ून अपने وَلَا और ना walā
और ना تُخْرِجُونَ तुम निकालोगे tukh'rijūna
तुम निकालोगे أَنفُسَكُم अपने नफ़्सों को anfusakum
अपने नफ़्सों को مِّن from min
from دِيَـٰرِكُمْ अपने घरों से diyārikum
अपने घरों से ثُمَّ फिर thumma
फिर أَقْرَرْتُمْ इक़रार किया तुमने aqrartum
इक़रार किया तुमने وَأَنتُمْ और तुम wa-antum
और तुम تَشْهَدُونَ तुम गवाही देते हो tashhadūna
तुम गवाही देते हो ٨٤ (84)
(84)
और जब أَخَذْنَا लिया हमने akhadhnā
लिया हमने مِيثَـٰقَكُمْ पुख़्ता अहद तुम से mīthāqakum
पुख़्ता अहद तुम से لَا Not lā
Not تَسْفِكُونَ ना तुम बहाओगे tasfikūna
ना तुम बहाओगे دِمَآءَكُمْ ख़ून अपने dimāakum
ख़ून अपने وَلَا और ना walā
और ना تُخْرِجُونَ तुम निकालोगे tukh'rijūna
तुम निकालोगे أَنفُسَكُم अपने नफ़्सों को anfusakum
अपने नफ़्सों को مِّن from min
from دِيَـٰرِكُمْ अपने घरों से diyārikum
अपने घरों से ثُمَّ फिर thumma
फिर أَقْرَرْتُمْ इक़रार किया तुमने aqrartum
इक़रार किया तुमने وَأَنتُمْ और तुम wa-antum
और तुम تَشْهَدُونَ तुम गवाही देते हो tashhadūna
तुम गवाही देते हो ٨٤ (84)
(84)
तथा (याद करो) जब हमने तुमसे पक्का वचन लिया कि तुम अपने ख़ून नहीं बहाओगे और न अपने आपको अपने घरों से निकालोगे। फिर तुमने स्वीकार किया और तुम स्वयं गवाही देते हो।
२:८५
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर أَنتُمْ तुम antum
तुम هَـٰٓؤُلَآءِ वो ही लोग हो hāulāi
वो ही लोग हो تَقْتُلُونَ तुम क़त्ल कर डालते हो taqtulūna
तुम क़त्ल कर डालते हो أَنفُسَكُمْ अपने नफ़्सों को anfusakum
अपने नफ़्सों को وَتُخْرِجُونَ और तुम निकाल देते हो watukh'rijūna
और तुम निकाल देते हो فَرِيقًۭا एक गिरोह को farīqan
एक गिरोह को مِّنكُم अपनों में से minkum
अपनों में से مِّن from min
from دِيَـٰرِهِمْ उनके घरों से diyārihim
उनके घरों से تَظَـٰهَرُونَ तुम चढ़ाई करते हो taẓāharūna
तुम चढ़ाई करते हो عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर بِٱلْإِثْمِ साथ गुनाह bil-ith'mi
साथ गुनाह وَٱلْعُدْوَٰنِ और ज़्यादती के wal-ʿud'wāni
और ज़्यादती के وَإِن और अगर wa-in
और अगर يَأْتُوكُمْ वो आऐं तुम्हारे पास yatūkum
वो आऐं तुम्हारे पास أُسَـٰرَىٰ क़ैदी बनकर usārā
क़ैदी बनकर تُفَـٰدُوهُمْ तुम फ़िदया दे कर छुड़ाते हो उन्हें tufādūhum
तुम फ़िदया दे कर छुड़ाते हो उन्हें وَهُوَ हालाँकि वो wahuwa
हालाँकि वो مُحَرَّمٌ हराम किया गया था muḥarramun
हराम किया गया था عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर إِخْرَاجُهُمْ ۚ निकालना उनका ikh'rājuhum
निकालना उनका أَفَتُؤْمِنُونَ क्या फिर तुम ईमान लाते हो afatu'minūna
क्या फिर तुम ईमान लाते हो بِبَعْضِ बाज़ (हिस्से) पर bibaʿḍi
बाज़ (हिस्से) पर ٱلْكِتَـٰبِ किताब के l-kitābi
किताब के وَتَكْفُرُونَ और तुम कुफ़्र करते हो watakfurūna
और तुम कुफ़्र करते हो بِبَعْضٍۢ ۚ साथ बाज़ के bibaʿḍin
साथ बाज़ के فَمَا तो नहीं famā
तो नहीं جَزَآءُ बदला jazāu
बदला مَن उसका जो man
उसका जो يَفْعَلُ करता है yafʿalu
करता है ذَٰلِكَ ये dhālika
ये مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से إِلَّا मगर illā
मगर خِزْىٌۭ रुस्वाई khiz'yun
रुस्वाई فِى in fī
in ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी में l-ḥayati
ज़िन्दगी में ٱلدُّنْيَا ۖ दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَيَوْمَ और दिन wayawma
और दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के يُرَدُّونَ वो लौटाए जाऐंगे yuraddūna
वो लौटाए जाऐंगे إِلَىٰٓ तरफ़ ilā
तरफ़ أَشَدِّ शदीद तरीन ashaddi
शदीद तरीन ٱلْعَذَابِ ۗ अज़ाब के l-ʿadhābi
अज़ाब के وَمَا और नहीं wamā
और नहीं ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِغَـٰفِلٍ ग़ाफ़िल bighāfilin
ग़ाफ़िल عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो ٨٥ (85)
(85)
फिर أَنتُمْ तुम antum
तुम هَـٰٓؤُلَآءِ वो ही लोग हो hāulāi
वो ही लोग हो تَقْتُلُونَ तुम क़त्ल कर डालते हो taqtulūna
तुम क़त्ल कर डालते हो أَنفُسَكُمْ अपने नफ़्सों को anfusakum
अपने नफ़्सों को وَتُخْرِجُونَ और तुम निकाल देते हो watukh'rijūna
और तुम निकाल देते हो فَرِيقًۭا एक गिरोह को farīqan
एक गिरोह को مِّنكُم अपनों में से minkum
अपनों में से مِّن from min
from دِيَـٰرِهِمْ उनके घरों से diyārihim
उनके घरों से تَظَـٰهَرُونَ तुम चढ़ाई करते हो taẓāharūna
तुम चढ़ाई करते हो عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर بِٱلْإِثْمِ साथ गुनाह bil-ith'mi
साथ गुनाह وَٱلْعُدْوَٰنِ और ज़्यादती के wal-ʿud'wāni
और ज़्यादती के وَإِن और अगर wa-in
और अगर يَأْتُوكُمْ वो आऐं तुम्हारे पास yatūkum
वो आऐं तुम्हारे पास أُسَـٰرَىٰ क़ैदी बनकर usārā
क़ैदी बनकर تُفَـٰدُوهُمْ तुम फ़िदया दे कर छुड़ाते हो उन्हें tufādūhum
तुम फ़िदया दे कर छुड़ाते हो उन्हें وَهُوَ हालाँकि वो wahuwa
हालाँकि वो مُحَرَّمٌ हराम किया गया था muḥarramun
हराम किया गया था عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर إِخْرَاجُهُمْ ۚ निकालना उनका ikh'rājuhum
निकालना उनका أَفَتُؤْمِنُونَ क्या फिर तुम ईमान लाते हो afatu'minūna
क्या फिर तुम ईमान लाते हो بِبَعْضِ बाज़ (हिस्से) पर bibaʿḍi
बाज़ (हिस्से) पर ٱلْكِتَـٰبِ किताब के l-kitābi
किताब के وَتَكْفُرُونَ और तुम कुफ़्र करते हो watakfurūna
और तुम कुफ़्र करते हो بِبَعْضٍۢ ۚ साथ बाज़ के bibaʿḍin
साथ बाज़ के فَمَا तो नहीं famā
तो नहीं جَزَآءُ बदला jazāu
बदला مَن उसका जो man
उसका जो يَفْعَلُ करता है yafʿalu
करता है ذَٰلِكَ ये dhālika
ये مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से إِلَّا मगर illā
मगर خِزْىٌۭ रुस्वाई khiz'yun
रुस्वाई فِى in fī
in ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी में l-ḥayati
ज़िन्दगी में ٱلدُّنْيَا ۖ दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَيَوْمَ और दिन wayawma
और दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के يُرَدُّونَ वो लौटाए जाऐंगे yuraddūna
वो लौटाए जाऐंगे إِلَىٰٓ तरफ़ ilā
तरफ़ أَشَدِّ शदीद तरीन ashaddi
शदीद तरीन ٱلْعَذَابِ ۗ अज़ाब के l-ʿadhābi
अज़ाब के وَمَا और नहीं wamā
और नहीं ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِغَـٰفِلٍ ग़ाफ़िल bighāfilin
ग़ाफ़िल عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो ٨٥ (85)
(85)
फिर1 तुम ही वे लोग हो कि अपने आपकी हत्या करते हो और अपने में से एक गिरोह को उनके घरों से निकालते हो, उनके विरुद्ध पाप तथा अत्याचार के साथ एक-दूसरे की मदद करते हो और यदि वे बंदी होकर तुम्हारे पास आएँ, तो उनका फ़िदया देते हो, हालाँकि उन्हें निकालना ही तुमपर ह़राम (निषिद्ध) है। तो क्या तुम पुस्तक के कुछ भाग पर ईमान रखते हो और कुछ का इनकार करते हो? फिर तुममें से जो ऐसा करे, उसका प्रतिफल इसके सिवा क्या है कि सांसारिक जीवन में अपमान हो तथा क़ियामत के दिन वे अत्यंत कठोर यातना (अज़ाब) की ओर लौटाए जाएँगे? और अल्लाह बिलकुल उससे असावधान नहीं जो तुम करते हो!
२:८६
أُو۟لَـٰٓئِكَ
यही वो लोग हैं
ulāika
यही वो लोग हैं ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने ٱشْتَرَوُا۟ ख़रीद ली ish'tarawū
ख़रीद ली ٱلْحَيَوٰةَ ज़िन्दगी l-ḥayata
ज़िन्दगी ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की بِٱلْـَٔاخِرَةِ ۖ बदले आख़िरत के bil-ākhirati
बदले आख़िरत के فَلَا तो ना falā
तो ना يُخَفَّفُ हल्का किया जाएगा yukhaffafu
हल्का किया जाएगा عَنْهُمُ उनसे ʿanhumu
उनसे ٱلْعَذَابُ अज़ाब l-ʿadhābu
अज़ाब وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يُنصَرُونَ वो मदद किए जाऐंगे yunṣarūna
वो मदद किए जाऐंगे ٨٦ (86)
(86)
यही वो लोग हैं ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने ٱشْتَرَوُا۟ ख़रीद ली ish'tarawū
ख़रीद ली ٱلْحَيَوٰةَ ज़िन्दगी l-ḥayata
ज़िन्दगी ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की بِٱلْـَٔاخِرَةِ ۖ बदले आख़िरत के bil-ākhirati
बदले आख़िरत के فَلَا तो ना falā
तो ना يُخَفَّفُ हल्का किया जाएगा yukhaffafu
हल्का किया जाएगा عَنْهُمُ उनसे ʿanhumu
उनसे ٱلْعَذَابُ अज़ाब l-ʿadhābu
अज़ाब وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يُنصَرُونَ वो मदद किए जाऐंगे yunṣarūna
वो मदद किए जाऐंगे ٨٦ (86)
(86)
यही वे लोग हैं, जिन्होंने आख़िरत (परलोक) के बदले सांसारिक जीवन ख़रीद लिया। अतः न उनसे अज़ाब हल्का किया जाएगा और न उनकी सहायता की जाएगी।
२:८७
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ ءَاتَيْنَا दी हमने ātaynā
दी हमने مُوسَى मूसा को mūsā
मूसा को ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब وَقَفَّيْنَا और पै दर पै भेजे हमने waqaffaynā
और पै दर पै भेजे हमने مِنۢ from min
from بَعْدِهِۦ बाद उसके baʿdihi
बाद उसके بِٱلرُّسُلِ ۖ कई रसूल bil-rusuli
कई रसूल وَءَاتَيْنَا और दीं हमने waātaynā
और दीं हमने عِيسَى Isa ʿīsā
Isa ٱبْنَ (the) son ib'na
(the) son مَرْيَمَ ईसा इब्ने मरियम को maryama
ईसा इब्ने मरियम को ٱلْبَيِّنَـٰتِ वाज़ेह निशानियाँ l-bayināti
वाज़ेह निशानियाँ وَأَيَّدْنَـٰهُ और क़ुव्वत दी हमने उसे wa-ayyadnāhu
और क़ुव्वत दी हमने उसे بِرُوحِ (with) birūḥi
(with) ٱلْقُدُسِ ۗ साथ रुहुल क़ुदुस के l-qudusi
साथ रुहुल क़ुदुस के أَفَكُلَّمَا क्या फिर जब भी afakullamā
क्या फिर जब भी جَآءَكُمْ आया तुम्हारे पास jāakum
आया तुम्हारे पास رَسُولٌۢ कोई रसूल rasūlun
कोई रसूल بِمَا साथ उसके जो bimā
साथ उसके जो لَا (does) not lā
(does) not تَهْوَىٰٓ नहीं चाहते थे tahwā
नहीं चाहते थे أَنفُسُكُمُ नफ़्स तुम्हारे anfusukumu
नफ़्स तुम्हारे ٱسْتَكْبَرْتُمْ तकब्बुर किया तुमने is'takbartum
तकब्बुर किया तुमने فَفَرِيقًۭا तो एक गिरोह को fafarīqan
तो एक गिरोह को كَذَّبْتُمْ झुठलाया तुमने kadhabtum
झुठलाया तुमने وَفَرِيقًۭا और एक गिरोह को wafarīqan
और एक गिरोह को تَقْتُلُونَ तुम क़त्ल करते रहे taqtulūna
तुम क़त्ल करते रहे ٨٧ (87)
(87)
और अलबत्ता तहक़ीक़ ءَاتَيْنَا दी हमने ātaynā
दी हमने مُوسَى मूसा को mūsā
मूसा को ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब وَقَفَّيْنَا और पै दर पै भेजे हमने waqaffaynā
और पै दर पै भेजे हमने مِنۢ from min
from بَعْدِهِۦ बाद उसके baʿdihi
बाद उसके بِٱلرُّسُلِ ۖ कई रसूल bil-rusuli
कई रसूल وَءَاتَيْنَا और दीं हमने waātaynā
और दीं हमने عِيسَى Isa ʿīsā
Isa ٱبْنَ (the) son ib'na
(the) son مَرْيَمَ ईसा इब्ने मरियम को maryama
ईसा इब्ने मरियम को ٱلْبَيِّنَـٰتِ वाज़ेह निशानियाँ l-bayināti
वाज़ेह निशानियाँ وَأَيَّدْنَـٰهُ और क़ुव्वत दी हमने उसे wa-ayyadnāhu
और क़ुव्वत दी हमने उसे بِرُوحِ (with) birūḥi
(with) ٱلْقُدُسِ ۗ साथ रुहुल क़ुदुस के l-qudusi
साथ रुहुल क़ुदुस के أَفَكُلَّمَا क्या फिर जब भी afakullamā
क्या फिर जब भी جَآءَكُمْ आया तुम्हारे पास jāakum
आया तुम्हारे पास رَسُولٌۢ कोई रसूल rasūlun
कोई रसूल بِمَا साथ उसके जो bimā
साथ उसके जो لَا (does) not lā
(does) not تَهْوَىٰٓ नहीं चाहते थे tahwā
नहीं चाहते थे أَنفُسُكُمُ नफ़्स तुम्हारे anfusukumu
नफ़्स तुम्हारे ٱسْتَكْبَرْتُمْ तकब्बुर किया तुमने is'takbartum
तकब्बुर किया तुमने فَفَرِيقًۭا तो एक गिरोह को fafarīqan
तो एक गिरोह को كَذَّبْتُمْ झुठलाया तुमने kadhabtum
झुठलाया तुमने وَفَرِيقًۭا और एक गिरोह को wafarīqan
और एक गिरोह को تَقْتُلُونَ तुम क़त्ल करते रहे taqtulūna
तुम क़त्ल करते रहे ٨٧ (87)
(87)
तथा निःसंदेह हमने मूसा को पुस्तक (तौरात) प्रदान की और उसके बाद लगातार रसूल भेजे, और हमने मरयम के पुत्र ईसा को खुली निशानियाँ दीं और रूह़ुल-क़ुदुस1 (पवित्र-आत्मा) द्वारा उन्हें शक्ति प्रदान की। फिर क्या जब कभी कोई रसूल तुम्हारे पास वह चीज़ लेकर आया जिसे तुम्हारे दिल न चाहते थे, तो तुमने अभिमान किया, चुनाँचे एक समूह को झुठला दिया और एक समूह की हत्या करते रहे।
२:८८
وَقَالُوا۟
और उन्होंने कहा
waqālū
और उन्होंने कहा قُلُوبُنَا दिल हमारे qulūbunā
दिल हमारे غُلْفٌۢ ۚ ग़िलाफ़ हैं ghul'fun
ग़िलाफ़ हैं بَل बल्कि (नहीं) bal
बल्कि (नहीं) لَّعَنَهُمُ लानत की उन पर laʿanahumu
लानत की उन पर ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने بِكُفْرِهِمْ बवजह उनके कुफ़्र के bikuf'rihim
बवजह उनके कुफ़्र के فَقَلِيلًۭا so little faqalīlan
so little مَّا पस कितना कम mā
पस कितना कम يُؤْمِنُونَ वो ईमान लाते हैं yu'minūna
वो ईमान लाते हैं ٨٨ (88)
(88)
और उन्होंने कहा قُلُوبُنَا दिल हमारे qulūbunā
दिल हमारे غُلْفٌۢ ۚ ग़िलाफ़ हैं ghul'fun
ग़िलाफ़ हैं بَل बल्कि (नहीं) bal
बल्कि (नहीं) لَّعَنَهُمُ लानत की उन पर laʿanahumu
लानत की उन पर ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने بِكُفْرِهِمْ बवजह उनके कुफ़्र के bikuf'rihim
बवजह उनके कुफ़्र के فَقَلِيلًۭا so little faqalīlan
so little مَّا पस कितना कम mā
पस कितना कम يُؤْمِنُونَ वो ईमान लाते हैं yu'minūna
वो ईमान लाते हैं ٨٨ (88)
(88)
तथा उन्होंने कहा कि हमारे दिल तो बंद1 हैं। बल्कि अल्लाह ने उनके कुफ़्र (इनकार) के कारण उन्हें धिक्कार दिया है। इसलिए वे बहुत कम ईमान लाते हैं।
२:८९
وَلَمَّا
और जब
walammā
और जब جَآءَهُمْ आ गई उनके पास jāahum
आ गई उनके पास كِتَـٰبٌۭ एक किताब kitābun
एक किताब مِّنْ of min
of عِندِ पास से ʿindi
पास से ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के مُصَدِّقٌۭ तसदीक़ करने वाली muṣaddiqun
तसदीक़ करने वाली لِّمَا उसकी जो limā
उसकी जो مَعَهُمْ पास है उनके maʿahum
पास है उनके وَكَانُوا۟ हालाँकि थे वो wakānū
हालाँकि थे वो مِن from min
from قَبْلُ इससे क़ब्ल qablu
इससे क़ब्ल يَسْتَفْتِحُونَ वो फ़तह माँगते yastaftiḥūna
वो फ़तह माँगते عَلَى over ʿalā
over ٱلَّذِينَ उन पर जिन्होंने alladhīna
उन पर जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया فَلَمَّا तो जब falammā
तो जब جَآءَهُم आ गया उनके पास jāahum
आ गया उनके पास مَّا जो mā
जो عَرَفُوا۟ उन्होंने पहचान लिया ʿarafū
उन्होंने पहचान लिया كَفَرُوا۟ उन्होंने कुफ़्र किया kafarū
उन्होंने कुफ़्र किया بِهِۦ ۚ साथ उसके bihi
साथ उसके فَلَعْنَةُ तो लानत है falaʿnatu
तो लानत है ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की عَلَى (is) on ʿalā
(is) on ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों पर l-kāfirīna
काफ़िरों पर ٨٩ (89)
(89)
और जब جَآءَهُمْ आ गई उनके पास jāahum
आ गई उनके पास كِتَـٰبٌۭ एक किताब kitābun
एक किताब مِّنْ of min
of عِندِ पास से ʿindi
पास से ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के مُصَدِّقٌۭ तसदीक़ करने वाली muṣaddiqun
तसदीक़ करने वाली لِّمَا उसकी जो limā
उसकी जो مَعَهُمْ पास है उनके maʿahum
पास है उनके وَكَانُوا۟ हालाँकि थे वो wakānū
हालाँकि थे वो مِن from min
from قَبْلُ इससे क़ब्ल qablu
इससे क़ब्ल يَسْتَفْتِحُونَ वो फ़तह माँगते yastaftiḥūna
वो फ़तह माँगते عَلَى over ʿalā
over ٱلَّذِينَ उन पर जिन्होंने alladhīna
उन पर जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया فَلَمَّا तो जब falammā
तो जब جَآءَهُم आ गया उनके पास jāahum
आ गया उनके पास مَّا जो mā
जो عَرَفُوا۟ उन्होंने पहचान लिया ʿarafū
उन्होंने पहचान लिया كَفَرُوا۟ उन्होंने कुफ़्र किया kafarū
उन्होंने कुफ़्र किया بِهِۦ ۚ साथ उसके bihi
साथ उसके فَلَعْنَةُ तो लानत है falaʿnatu
तो लानत है ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की عَلَى (is) on ʿalā
(is) on ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों पर l-kāfirīna
काफ़िरों पर ٨٩ (89)
(89)
और जब उनके पास अल्लाह की ओर से एक पुस्तक (क़ुरआन) आई, जो उसकी पुष्टि करने वाली है, जो उनके पास है, हालाँकि वे इससे पूर्व काफ़िरों पर विजय की प्रार्थना किया करते थे, फिर जब उनके पास वह चीज़ आ गई, जिसे उन्होंने पहचान लिया, तो उन्होंने उसका इनकार1 कर दिया। तो काफ़िरों पर अल्लाह की लानत है।
२:९०
بِئْسَمَا
कितना बुरा है जो
bi'samā
कितना बुरा है जो ٱشْتَرَوْا۟ बेच डाला उन्होंने ish'taraw
बेच डाला उन्होंने بِهِۦٓ बदले उसके bihi
बदले उसके أَنفُسَهُمْ अपने नफ़्सों को anfusahum
अपने नफ़्सों को أَن कि an
कि يَكْفُرُوا۟ उन्होंने कुफ़्र किया yakfurū
उन्होंने कुफ़्र किया بِمَآ साथ उसके जो bimā
साथ उसके जो أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने بَغْيًا ज़िद की वजह से baghyan
ज़िद की वजह से أَن कि an
कि يُنَزِّلَ नाज़िल करता है yunazzila
नाज़िल करता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مِن of min
of فَضْلِهِۦ अपने फ़ज़ल से faḍlihi
अपने फ़ज़ल से عَلَىٰ on ʿalā
on مَن जिस पर man
जिस पर يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है مِنْ from min
from عِبَادِهِۦ ۖ अपने बन्दों में से ʿibādihi
अपने बन्दों में से فَبَآءُو तो वो लौटे fabāū
तो वो लौटे بِغَضَبٍ साथ ग़ज़ब के bighaḍabin
साथ ग़ज़ब के عَلَىٰ upon ʿalā
upon غَضَبٍۢ ۚ ग़ज़ब पर ghaḍabin
ग़ज़ब पर وَلِلْكَـٰفِرِينَ और काफ़िरों के लिए walil'kāfirīna
और काफ़िरों के लिए عَذَابٌۭ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है مُّهِينٌۭ रुस्वाकुन/अहानत आमेज़ muhīnun
रुस्वाकुन/अहानत आमेज़ ٩٠ (90)
(90)
कितना बुरा है जो ٱشْتَرَوْا۟ बेच डाला उन्होंने ish'taraw
बेच डाला उन्होंने بِهِۦٓ बदले उसके bihi
बदले उसके أَنفُسَهُمْ अपने नफ़्सों को anfusahum
अपने नफ़्सों को أَن कि an
कि يَكْفُرُوا۟ उन्होंने कुफ़्र किया yakfurū
उन्होंने कुफ़्र किया بِمَآ साथ उसके जो bimā
साथ उसके जो أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने بَغْيًا ज़िद की वजह से baghyan
ज़िद की वजह से أَن कि an
कि يُنَزِّلَ नाज़िल करता है yunazzila
नाज़िल करता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مِن of min
of فَضْلِهِۦ अपने फ़ज़ल से faḍlihi
अपने फ़ज़ल से عَلَىٰ on ʿalā
on مَن जिस पर man
जिस पर يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है مِنْ from min
from عِبَادِهِۦ ۖ अपने बन्दों में से ʿibādihi
अपने बन्दों में से فَبَآءُو तो वो लौटे fabāū
तो वो लौटे بِغَضَبٍ साथ ग़ज़ब के bighaḍabin
साथ ग़ज़ब के عَلَىٰ upon ʿalā
upon غَضَبٍۢ ۚ ग़ज़ब पर ghaḍabin
ग़ज़ब पर وَلِلْكَـٰفِرِينَ और काफ़िरों के लिए walil'kāfirīna
और काफ़िरों के लिए عَذَابٌۭ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है مُّهِينٌۭ रुस्वाकुन/अहानत आमेज़ muhīnun
रुस्वाकुन/अहानत आमेज़ ٩٠ (90)
(90)
बहुत बुरी है वह चीज़ जिसके बदले उन्होंने अपने आपको बेच डाला, कि उस चीज़ का इनकार कर दें, जो अल्लाह ने उतारी1 है, इस द्वेष (हठ) के कारण कि अल्लाह अपना कुछ अनुग्रह अपने बंदों में से जिसपर2 चाहता है, उतारता है। अतः वे प्रकोप पर प्रकोप लेकर लौटे और (ऐसे) काफ़िरों के लिए अपमानजनक यातना है।
२:९१
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब قِيلَ कहा जाता है qīla
कहा जाता है لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें ءَامِنُوا۟ ईमान लाओ āminū
ईमान लाओ بِمَآ उस पर जो bimā
उस पर जो أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने قَالُوا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं نُؤْمِنُ हम ईमान लाऐंगे nu'minu
हम ईमान लाऐंगे بِمَآ उस पर जो bimā
उस पर जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर وَيَكْفُرُونَ और वो कुफ़्र करते हैं wayakfurūna
और वो कुफ़्र करते हैं بِمَا साथ उसके जो bimā
साथ उसके जो وَرَآءَهُۥ अलावा है इसके warāahu
अलावा है इसके وَهُوَ हालाँकि वो ही wahuwa
हालाँकि वो ही ٱلْحَقُّ हक़ है l-ḥaqu
हक़ है مُصَدِّقًۭا तस्दीक़ करने वाला है muṣaddiqan
तस्दीक़ करने वाला है لِّمَا उसकी जो limā
उसकी जो مَعَهُمْ ۗ पास है उनके maʿahum
पास है उनके قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए فَلِمَ तो क्यों falima
तो क्यों تَقْتُلُونَ तुम क़त्ल करते रहे taqtulūna
तुम क़त्ल करते रहे أَنۢبِيَآءَ नबियों को anbiyāa
नबियों को ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के مِن from min
from قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले إِن अगर in
अगर كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम مُّؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले ٩١ (91)
(91)
और जब قِيلَ कहा जाता है qīla
कहा जाता है لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें ءَامِنُوا۟ ईमान लाओ āminū
ईमान लाओ بِمَآ उस पर जो bimā
उस पर जो أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने قَالُوا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं نُؤْمِنُ हम ईमान लाऐंगे nu'minu
हम ईमान लाऐंगे بِمَآ उस पर जो bimā
उस पर जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर وَيَكْفُرُونَ और वो कुफ़्र करते हैं wayakfurūna
और वो कुफ़्र करते हैं بِمَا साथ उसके जो bimā
साथ उसके जो وَرَآءَهُۥ अलावा है इसके warāahu
अलावा है इसके وَهُوَ हालाँकि वो ही wahuwa
हालाँकि वो ही ٱلْحَقُّ हक़ है l-ḥaqu
हक़ है مُصَدِّقًۭا तस्दीक़ करने वाला है muṣaddiqan
तस्दीक़ करने वाला है لِّمَا उसकी जो limā
उसकी जो مَعَهُمْ ۗ पास है उनके maʿahum
पास है उनके قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए فَلِمَ तो क्यों falima
तो क्यों تَقْتُلُونَ तुम क़त्ल करते रहे taqtulūna
तुम क़त्ल करते रहे أَنۢبِيَآءَ नबियों को anbiyāa
नबियों को ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के مِن from min
from قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले إِن अगर in
अगर كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम مُّؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले ٩١ (91)
(91)
और जब उनसे कहा जाता है उस पर ईमान लाओ जो अल्लाह ने उतारा1 है, तो कहते हैं : हम उसपर ईमान रखते हैं जो हमपर उतारा गया है, और जो उसके अलावा है, उसका वे इनकार करते हैं! जबकि वही सत्य है, उनके पास जो कुछ है उसकी पुष्टि करने वाला है। आप (उनसे) कह दीजिए कि अगर तुम ईमान वाले थे, तो फिर इससे पहले अल्लाह के नबियों की हत्या क्यों किया करते थे?
२:९२
۞ وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ جَآءَكُم आया तुम्हारे पास jāakum
आया तुम्हारे पास مُّوسَىٰ मूसा mūsā
मूसा بِٱلْبَيِّنَـٰتِ साथ वाज़ेह निशानियों के bil-bayināti
साथ वाज़ेह निशानियों के ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱتَّخَذْتُمُ बना लिया तुमने ittakhadhtumu
बना लिया तुमने ٱلْعِجْلَ बछड़े को (माबूद) l-ʿij'la
बछड़े को (माबूद) مِنۢ from min
from بَعْدِهِۦ बाद उसके baʿdihi
बाद उसके وَأَنتُمْ और तुम wa-antum
और तुम ظَـٰلِمُونَ ज़ालिम हो ẓālimūna
ज़ालिम हो ٩٢ (92)
(92)
और अलबत्ता तहक़ीक़ جَآءَكُم आया तुम्हारे पास jāakum
आया तुम्हारे पास مُّوسَىٰ मूसा mūsā
मूसा بِٱلْبَيِّنَـٰتِ साथ वाज़ेह निशानियों के bil-bayināti
साथ वाज़ेह निशानियों के ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱتَّخَذْتُمُ बना लिया तुमने ittakhadhtumu
बना लिया तुमने ٱلْعِجْلَ बछड़े को (माबूद) l-ʿij'la
बछड़े को (माबूद) مِنۢ from min
from بَعْدِهِۦ बाद उसके baʿdihi
बाद उसके وَأَنتُمْ और तुम wa-antum
और तुम ظَـٰلِمُونَ ज़ालिम हो ẓālimūna
ज़ालिम हो ٩٢ (92)
(92)
और निःसंदेह मूसा तुम्हारे पास खुली निशानियाँ लेकर आए, फिर तुमने उसके बाद बछड़े को (पूज्य) बना लिया और तुम अत्याचारी थे।
२:९३
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब أَخَذْنَا लिया हमने akhadhnā
लिया हमने مِيثَـٰقَكُمْ पुख़्ता अहद तुम से mīthāqakum
पुख़्ता अहद तुम से وَرَفَعْنَا और बुलन्द किया हमने warafaʿnā
और बुलन्द किया हमने فَوْقَكُمُ ऊपर तुम्हारे fawqakumu
ऊपर तुम्हारे ٱلطُّورَ तूर को l-ṭūra
तूर को خُذُوا۟ पकड़ो khudhū
पकड़ो مَآ जो mā
जो ءَاتَيْنَـٰكُم दिया हमने तुम्हें ātaynākum
दिया हमने तुम्हें بِقُوَّةٍۢ साथ क़ुव्वत के biquwwatin
साथ क़ुव्वत के وَٱسْمَعُوا۟ ۖ और सुनो wa-is'maʿū
और सुनो قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा سَمِعْنَا सुना हमने samiʿ'nā
सुना हमने وَعَصَيْنَا और नाफ़रमानी की हमने waʿaṣaynā
और नाफ़रमानी की हमने وَأُشْرِبُوا۟ और वो पिला दिए गए wa-ush'ribū
और वो पिला दिए गए فِى in fī
in قُلُوبِهِمُ अपने दिलों में qulūbihimu
अपने दिलों में ٱلْعِجْلَ बछड़े की (मोहब्बत) l-ʿij'la
बछड़े की (मोहब्बत) بِكُفْرِهِمْ ۚ बवजह अपने कुफ़्र के bikuf'rihim
बवजह अपने कुफ़्र के قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए بِئْسَمَا कितना बुरा है जो bi'samā
कितना बुरा है जो يَأْمُرُكُم हुक्म देता है तुम्हें yamurukum
हुक्म देता है तुम्हें بِهِۦٓ जिस का bihi
जिस का إِيمَـٰنُكُمْ ईमान तुम्हारा īmānukum
ईमान तुम्हारा إِن अगर in
अगर كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम مُّؤْمِنِينَ मोमिन mu'minīna
मोमिन ٩٣ (93)
(93)
और जब أَخَذْنَا लिया हमने akhadhnā
लिया हमने مِيثَـٰقَكُمْ पुख़्ता अहद तुम से mīthāqakum
पुख़्ता अहद तुम से وَرَفَعْنَا और बुलन्द किया हमने warafaʿnā
और बुलन्द किया हमने فَوْقَكُمُ ऊपर तुम्हारे fawqakumu
ऊपर तुम्हारे ٱلطُّورَ तूर को l-ṭūra
तूर को خُذُوا۟ पकड़ो khudhū
पकड़ो مَآ जो mā
जो ءَاتَيْنَـٰكُم दिया हमने तुम्हें ātaynākum
दिया हमने तुम्हें بِقُوَّةٍۢ साथ क़ुव्वत के biquwwatin
साथ क़ुव्वत के وَٱسْمَعُوا۟ ۖ और सुनो wa-is'maʿū
और सुनो قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा سَمِعْنَا सुना हमने samiʿ'nā
सुना हमने وَعَصَيْنَا और नाफ़रमानी की हमने waʿaṣaynā
और नाफ़रमानी की हमने وَأُشْرِبُوا۟ और वो पिला दिए गए wa-ush'ribū
और वो पिला दिए गए فِى in fī
in قُلُوبِهِمُ अपने दिलों में qulūbihimu
अपने दिलों में ٱلْعِجْلَ बछड़े की (मोहब्बत) l-ʿij'la
बछड़े की (मोहब्बत) بِكُفْرِهِمْ ۚ बवजह अपने कुफ़्र के bikuf'rihim
बवजह अपने कुफ़्र के قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए بِئْسَمَا कितना बुरा है जो bi'samā
कितना बुरा है जो يَأْمُرُكُم हुक्म देता है तुम्हें yamurukum
हुक्म देता है तुम्हें بِهِۦٓ जिस का bihi
जिस का إِيمَـٰنُكُمْ ईमान तुम्हारा īmānukum
ईमान तुम्हारा إِن अगर in
अगर كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम مُّؤْمِنِينَ मोमिन mu'minīna
मोमिन ٩٣ (93)
(93)
और (याद करो) जब हमने तुमसे पक्का वचन लिया और तुम्हारे ऊपर तूर पर्वत उठा लिया। (हमने कहा :) हमने तुम्हें जो दिया है, उसे मज़बूती से पकड़ो और सुनो। उन्होंने कहा : हमने सुना और नहीं माना। और उनके कुफ़्र के कारण उनके दिलों में बछड़े की मुहब्बत पिला दी गई। (ऐ नबी!) आप कह दीजिए : बुरी है वह चीज़, जिसका आदेश तुम्हें तुम्हारा ईमान देता है, यदि तुम ईमान वाले हो।
२:९४
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए إِن अगर in
अगर كَانَتْ है kānat
है لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلدَّارُ घर l-dāru
घर ٱلْـَٔاخِرَةُ आख़िरत का l-ākhiratu
आख़िरत का عِندَ with ʿinda
with ٱللَّهِ पास अल्लाह के l-lahi
पास अल्लाह के خَالِصَةًۭ ख़ास/मख़सूस khāliṣatan
ख़ास/मख़सूस مِّن from min
from دُونِ अलावा dūni
अलावा ٱلنَّاسِ लोगों के l-nāsi
लोगों के فَتَمَنَّوُا۟ तो तुम तमन्ना करो fatamannawū
तो तुम तमन्ना करो ٱلْمَوْتَ मौत की l-mawta
मौत की إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ٩٤ (94)
(94)
कह दीजिए إِن अगर in
अगर كَانَتْ है kānat
है لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلدَّارُ घर l-dāru
घर ٱلْـَٔاخِرَةُ आख़िरत का l-ākhiratu
आख़िरत का عِندَ with ʿinda
with ٱللَّهِ पास अल्लाह के l-lahi
पास अल्लाह के خَالِصَةًۭ ख़ास/मख़सूस khāliṣatan
ख़ास/मख़सूस مِّن from min
from دُونِ अलावा dūni
अलावा ٱلنَّاسِ लोगों के l-nāsi
लोगों के فَتَمَنَّوُا۟ तो तुम तमन्ना करो fatamannawū
तो तुम तमन्ना करो ٱلْمَوْتَ मौत की l-mawta
मौत की إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ٩٤ (94)
(94)
(ऐ नबी!) आप कह दीजिए : यदि आख़िरत का घर अल्लाह के पास सब लोगों को छोड़कर विशेष रूप से तुम्हारे ही लिए है, तो तुम मौत की कामना करो, यदि तुम सच्चे हो।
२:९५
وَلَن
और हरगिज़ नहीं
walan
और हरगिज़ नहीं يَتَمَنَّوْهُ वो तमन्ना करेंगे उसकी yatamannawhu
वो तमन्ना करेंगे उसकी أَبَدًۢا कभी भी abadan
कभी भी بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो قَدَّمَتْ आगे भेजा qaddamat
आगे भेजा أَيْدِيهِمْ ۗ उनके हाथों ने aydīhim
उनके हाथों ने وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلِيمٌۢ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है بِٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों को bil-ẓālimīna
ज़ालिमों को ٩٥ (95)
(95)
और हरगिज़ नहीं يَتَمَنَّوْهُ वो तमन्ना करेंगे उसकी yatamannawhu
वो तमन्ना करेंगे उसकी أَبَدًۢا कभी भी abadan
कभी भी بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो قَدَّمَتْ आगे भेजा qaddamat
आगे भेजा أَيْدِيهِمْ ۗ उनके हाथों ने aydīhim
उनके हाथों ने وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلِيمٌۢ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है بِٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों को bil-ẓālimīna
ज़ालिमों को ٩٥ (95)
(95)
और वे हरगिज़ उसकी कामना कभी नहीं करेंगे, उसके कारण जो उनके हाथों ने आगे भेजा और अल्लाह अत्याचारियों को ख़ूब जानने वाला है।
२:९६
وَلَتَجِدَنَّهُمْ
और अलबत्ता तुम ज़रूर पाओगे उन्हें
walatajidannahum
और अलबत्ता तुम ज़रूर पाओगे उन्हें أَحْرَصَ सब से ज़्यादा हरीस aḥraṣa
सब से ज़्यादा हरीस ٱلنَّاسِ लोगों में l-nāsi
लोगों में عَلَىٰ for ʿalā
for حَيَوٰةٍۢ ज़िन्दगी पर ḥayatin
ज़िन्दगी पर وَمِنَ and (greedier) than wamina
and (greedier) than ٱلَّذِينَ और उनसे भी जिन्होंने alladhīna
और उनसे भी जिन्होंने أَشْرَكُوا۟ ۚ शिर्क किया ashrakū
शिर्क किया يَوَدُّ चाहता है yawaddu
चाहता है أَحَدُهُمْ हर एक उनका aḥaduhum
हर एक उनका لَوْ काश law
काश يُعَمَّرُ वो उम्र दिया जाए yuʿammaru
वो उम्र दिया जाए أَلْفَ हज़ार alfa
हज़ार سَنَةٍۢ साल sanatin
साल وَمَا हालाँकि नहीं wamā
हालाँकि नहीं هُوَ वो (उम्र का मिलना) huwa
वो (उम्र का मिलना) بِمُزَحْزِحِهِۦ बचाने वाला उसे bimuzaḥziḥihi
बचाने वाला उसे مِنَ from mina
from ٱلْعَذَابِ अज़ाब से l-ʿadhābi
अज़ाब से أَن अगरचे an
अगरचे يُعَمَّرَ ۗ वो उम्र दिया जाए yuʿammara
वो उम्र दिया जाए وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह بَصِيرٌۢ ख़ूब देखने वाला है baṣīrun
ख़ूब देखने वाला है بِمَا उसे जो bimā
उसे जो يَعْمَلُونَ वो अमल करते हैं yaʿmalūna
वो अमल करते हैं ٩٦ (96)
(96)
और अलबत्ता तुम ज़रूर पाओगे उन्हें أَحْرَصَ सब से ज़्यादा हरीस aḥraṣa
सब से ज़्यादा हरीस ٱلنَّاسِ लोगों में l-nāsi
लोगों में عَلَىٰ for ʿalā
for حَيَوٰةٍۢ ज़िन्दगी पर ḥayatin
ज़िन्दगी पर وَمِنَ and (greedier) than wamina
and (greedier) than ٱلَّذِينَ और उनसे भी जिन्होंने alladhīna
और उनसे भी जिन्होंने أَشْرَكُوا۟ ۚ शिर्क किया ashrakū
शिर्क किया يَوَدُّ चाहता है yawaddu
चाहता है أَحَدُهُمْ हर एक उनका aḥaduhum
हर एक उनका لَوْ काश law
काश يُعَمَّرُ वो उम्र दिया जाए yuʿammaru
वो उम्र दिया जाए أَلْفَ हज़ार alfa
हज़ार سَنَةٍۢ साल sanatin
साल وَمَا हालाँकि नहीं wamā
हालाँकि नहीं هُوَ वो (उम्र का मिलना) huwa
वो (उम्र का मिलना) بِمُزَحْزِحِهِۦ बचाने वाला उसे bimuzaḥziḥihi
बचाने वाला उसे مِنَ from mina
from ٱلْعَذَابِ अज़ाब से l-ʿadhābi
अज़ाब से أَن अगरचे an
अगरचे يُعَمَّرَ ۗ वो उम्र दिया जाए yuʿammara
वो उम्र दिया जाए وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह بَصِيرٌۢ ख़ूब देखने वाला है baṣīrun
ख़ूब देखने वाला है بِمَا उसे जो bimā
उसे जो يَعْمَلُونَ वो अमल करते हैं yaʿmalūna
वो अमल करते हैं ٩٦ (96)
(96)
और निःसंदेह तुम उन्हें सब लोगों से बढ़कर किसी भी तरह जीने का लोभी पाओगे और उनसे भी जिन्होंने शिर्क किया। उनका (हर) एक व्यक्ति चाहता है काश! उसे हज़ार वर्ष की आयु दी जाए। हालाँकि यह उसे अज़ाब से बचाने वाला नहीं कि उसे लंबी आयु दी जाए और अल्लाह ख़ूब देखने वाला है, जो कुछ वे कर रहे हैं।
२:९७
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए مَن जो man
जो كَانَ है kāna
है عَدُوًّۭا दुश्मन ʿaduwwan
दुश्मन لِّجِبْرِيلَ जिब्राईल का lijib'rīla
जिब्राईल का فَإِنَّهُۥ तो बेशक वो fa-innahu
तो बेशक वो نَزَّلَهُۥ उसने नाज़िल किया उसे nazzalahu
उसने नाज़िल किया उसे عَلَىٰ on ʿalā
on قَلْبِكَ आपके दिल पर qalbika
आपके दिल पर بِإِذْنِ by (the) permission bi-idh'ni
by (the) permission ٱللَّهِ अल्लाह के इज़्न से l-lahi
अल्लाह के इज़्न से مُصَدِّقًۭا तस्दीक़ करने वाला है muṣaddiqan
तस्दीक़ करने वाला है لِّمَا उसकी जो limā
उसकी जो بَيْنَ (was) bayna
(was) يَدَيْهِ इससे पहले है yadayhi
इससे पहले है وَهُدًۭى और हिदायत wahudan
और हिदायत وَبُشْرَىٰ और ख़ुशख़बरी है wabush'rā
और ख़ुशख़बरी है لِلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों के लिए lil'mu'minīna
मोमिनों के लिए ٩٧ (97)
(97)
कह दीजिए مَن जो man
जो كَانَ है kāna
है عَدُوًّۭا दुश्मन ʿaduwwan
दुश्मन لِّجِبْرِيلَ जिब्राईल का lijib'rīla
जिब्राईल का فَإِنَّهُۥ तो बेशक वो fa-innahu
तो बेशक वो نَزَّلَهُۥ उसने नाज़िल किया उसे nazzalahu
उसने नाज़िल किया उसे عَلَىٰ on ʿalā
on قَلْبِكَ आपके दिल पर qalbika
आपके दिल पर بِإِذْنِ by (the) permission bi-idh'ni
by (the) permission ٱللَّهِ अल्लाह के इज़्न से l-lahi
अल्लाह के इज़्न से مُصَدِّقًۭا तस्दीक़ करने वाला है muṣaddiqan
तस्दीक़ करने वाला है لِّمَا उसकी जो limā
उसकी जो بَيْنَ (was) bayna
(was) يَدَيْهِ इससे पहले है yadayhi
इससे पहले है وَهُدًۭى और हिदायत wahudan
और हिदायत وَبُشْرَىٰ और ख़ुशख़बरी है wabush'rā
और ख़ुशख़बरी है لِلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों के लिए lil'mu'minīna
मोमिनों के लिए ٩٧ (97)
(97)
(ऐ नबी!)1 कह दीजिए कि जो व्यक्ति जिबरील का शत्रु हो, तो निःसंदेह उसने इसे आपके दिल पर अल्लाह के आदेश से उतारा है, उसकी पुष्टि करने वाला है, जो इससे पूर्व है तथा ईमान वालों के लिए मार्गदर्शन एवं शुभ समाचार है।
२:९८
مَن
जो कोई
man
जो कोई كَانَ है kāna
है عَدُوًّۭا दुश्मन ʿaduwwan
दुश्मन لِّلَّهِ अल्लाह का lillahi
अल्लाह का وَمَلَـٰٓئِكَتِهِۦ और उसके फ़रिश्तों का wamalāikatihi
और उसके फ़रिश्तों का وَرُسُلِهِۦ और उसके रसूलों का warusulihi
और उसके रसूलों का وَجِبْرِيلَ और जिब्राईल का wajib'rīla
और जिब्राईल का وَمِيكَىٰلَ और मीकाईल का wamīkāla
और मीकाईल का فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَدُوٌّۭ दुश्मन है ʿaduwwun
दुश्मन है لِّلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों का lil'kāfirīna
काफ़िरों का ٩٨ (98)
(98)
जो कोई كَانَ है kāna
है عَدُوًّۭا दुश्मन ʿaduwwan
दुश्मन لِّلَّهِ अल्लाह का lillahi
अल्लाह का وَمَلَـٰٓئِكَتِهِۦ और उसके फ़रिश्तों का wamalāikatihi
और उसके फ़रिश्तों का وَرُسُلِهِۦ और उसके रसूलों का warusulihi
और उसके रसूलों का وَجِبْرِيلَ और जिब्राईल का wajib'rīla
और जिब्राईल का وَمِيكَىٰلَ और मीकाईल का wamīkāla
और मीकाईल का فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَدُوٌّۭ दुश्मन है ʿaduwwun
दुश्मन है لِّلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों का lil'kāfirīna
काफ़िरों का ٩٨ (98)
(98)
जो कोई अल्लाह और उसके फ़रिश्तों और उसके रसूलों और जिबरील तथा मीकाल का शत्रु हो, तो निःसंदेह अल्लाह सब काफ़िरों का शत्रु है।1
२:९९
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ أَنزَلْنَآ नाज़िल कीं हमने anzalnā
नाज़िल कीं हमने إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके ءَايَـٰتٍۭ आयात āyātin
आयात بَيِّنَـٰتٍۢ ۖ वाज़ेह bayyinātin
वाज़ेह وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَكْفُرُ कुफ़्र करते yakfuru
कुफ़्र करते بِهَآ उनका bihā
उनका إِلَّا मगर illā
मगर ٱلْفَـٰسِقُونَ जो फ़ासिक़ हैं l-fāsiqūna
जो फ़ासिक़ हैं ٩٩ (99)
(99)
और अलबत्ता तहक़ीक़ أَنزَلْنَآ नाज़िल कीं हमने anzalnā
नाज़िल कीं हमने إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके ءَايَـٰتٍۭ आयात āyātin
आयात بَيِّنَـٰتٍۢ ۖ वाज़ेह bayyinātin
वाज़ेह وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَكْفُرُ कुफ़्र करते yakfuru
कुफ़्र करते بِهَآ उनका bihā
उनका إِلَّا मगर illā
मगर ٱلْفَـٰسِقُونَ जो फ़ासिक़ हैं l-fāsiqūna
जो फ़ासिक़ हैं ٩٩ (99)
(99)
और निःसंदेह हमने (ऐ नबी!) आपकी ओर खुली आयतें उतारी हैं और उनका इनकार केवल वही लोग1 करते हैं, जो फ़ासिक़ (अवज्ञा करने वाले) हैं।
२:१००
أَوَكُلَّمَا
क्या और जब कभी
awakullamā
क्या और जब कभी عَـٰهَدُوا۟ उन्होंने अहद किया ʿāhadū
उन्होंने अहद किया عَهْدًۭا कोई अहद ʿahdan
कोई अहद نَّبَذَهُۥ फेंक दिया उसे nabadhahu
फेंक दिया उसे فَرِيقٌۭ एक गिरोह ने farīqun
एक गिरोह ने مِّنْهُم ۚ उनमें से min'hum
उनमें से بَلْ बल्कि bal
बल्कि أَكْثَرُهُمْ अक्सर उनके aktharuhum
अक्सर उनके لَا (do) not lā
(do) not يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाते yu'minūna
नहीं वो ईमान लाते ١٠٠ (100)
(100)
क्या और जब कभी عَـٰهَدُوا۟ उन्होंने अहद किया ʿāhadū
उन्होंने अहद किया عَهْدًۭا कोई अहद ʿahdan
कोई अहद نَّبَذَهُۥ फेंक दिया उसे nabadhahu
फेंक दिया उसे فَرِيقٌۭ एक गिरोह ने farīqun
एक गिरोह ने مِّنْهُم ۚ उनमें से min'hum
उनमें से بَلْ बल्कि bal
बल्कि أَكْثَرُهُمْ अक्सर उनके aktharuhum
अक्सर उनके لَا (do) not lā
(do) not يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाते yu'minūna
नहीं वो ईमान लाते ١٠٠ (100)
(100)
और क्या जब कभी उन्होंने कोई वचन दिया, तो उनके एक समूह ने उसे तोड़ दिया? बल्कि उनमें अधिकतर ईमान नहीं रखते।
२:१०१
وَلَمَّا
और जब
walammā
और जब جَآءَهُمْ आ गया उनके पास jāahum
आ गया उनके पास رَسُولٌۭ एक रसूल rasūlun
एक रसूल مِّنْ (of) min
(of) عِندِ from ʿindi
from ٱللَّهِ अल्लाह के पास से l-lahi
अल्लाह के पास से مُصَدِّقٌۭ तस्दीक़ करने वाला muṣaddiqun
तस्दीक़ करने वाला لِّمَا उसकी जो limā
उसकी जो مَعَهُمْ पास है उनके maʿahum
पास है उनके نَبَذَ फेंक दिया nabadha
फेंक दिया فَرِيقٌۭ एक गिरोह ने farīqun
एक गिरोह ने مِّنَ of mina
of ٱلَّذِينَ उन लोगों में से alladhīna
उन लोगों में से أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब كِتَـٰبَ (the) Book kitāba
(the) Book ٱللَّهِ अल्लाह की किताब को l-lahi
अल्लाह की किताब को وَرَآءَ पीछे warāa
पीछे ظُهُورِهِمْ अपनी पुश्तों के ẓuhūrihim
अपनी पुश्तों के كَأَنَّهُمْ गोया कि वो ka-annahum
गोया कि वो لَا (do) not lā
(do) not يَعْلَمُونَ नहीं वो इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं वो इल्म रखते ١٠١ (101)
(101)
और जब جَآءَهُمْ आ गया उनके पास jāahum
आ गया उनके पास رَسُولٌۭ एक रसूल rasūlun
एक रसूल مِّنْ (of) min
(of) عِندِ from ʿindi
from ٱللَّهِ अल्लाह के पास से l-lahi
अल्लाह के पास से مُصَدِّقٌۭ तस्दीक़ करने वाला muṣaddiqun
तस्दीक़ करने वाला لِّمَا उसकी जो limā
उसकी जो مَعَهُمْ पास है उनके maʿahum
पास है उनके نَبَذَ फेंक दिया nabadha
फेंक दिया فَرِيقٌۭ एक गिरोह ने farīqun
एक गिरोह ने مِّنَ of mina
of ٱلَّذِينَ उन लोगों में से alladhīna
उन लोगों में से أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब كِتَـٰبَ (the) Book kitāba
(the) Book ٱللَّهِ अल्लाह की किताब को l-lahi
अल्लाह की किताब को وَرَآءَ पीछे warāa
पीछे ظُهُورِهِمْ अपनी पुश्तों के ẓuhūrihim
अपनी पुश्तों के كَأَنَّهُمْ गोया कि वो ka-annahum
गोया कि वो لَا (do) not lā
(do) not يَعْلَمُونَ नहीं वो इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं वो इल्म रखते ١٠١ (101)
(101)
तथा जब उनके पास अल्लाह की ओर से एक रसूल उसकी पुष्टि करने वाला आया, जो उनके पास है, तो उन लोगों में से एक समूह ने, जिन्हें पुस्तक दी गई थी, अल्लाह की पुस्तक को अपनी पीठों के पीछे ऐसे फेंक दिया, जैसे वे नहीं जानते।
२:१०२
وَٱتَّبَعُوا۟
और उन्होंने पैरवी की
wa-ittabaʿū
और उन्होंने पैरवी की مَا उसकी जो mā
उसकी जो تَتْلُوا۟ पढ़ते थे tatlū
पढ़ते थे ٱلشَّيَـٰطِينُ शयातीन l-shayāṭīnu
शयातीन عَلَىٰ over ʿalā
over مُلْكِ बादशाहत पर (लगा कर) mul'ki
बादशाहत पर (लगा कर) سُلَيْمَـٰنَ ۖ सुलेमान की sulaymāna
सुलेमान की وَمَا और नहीं wamā
और नहीं كَفَرَ कुफ़्र किया था kafara
कुफ़्र किया था سُلَيْمَـٰنُ सुलेमान ने sulaymānu
सुलेमान ने وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन ٱلشَّيَـٰطِينَ शयातीन ने l-shayāṭīna
शयातीन ने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया يُعَلِّمُونَ वो सिखाते थे yuʿallimūna
वो सिखाते थे ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को ٱلسِّحْرَ जादू l-siḥ'ra
जादू وَمَآ और जो wamā
और जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया था unzila
नाज़िल किया गया था عَلَى ऊपर ʿalā
ऊपर ٱلْمَلَكَيْنِ दो फ़रिश्तों के l-malakayni
दो फ़रिश्तों के بِبَابِلَ बाबिल में bibābila
बाबिल में هَـٰرُوتَ हारूत hārūta
हारूत وَمَـٰرُوتَ ۚ और मारूत के wamārūta
और मारूत के وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يُعَلِّمَانِ वो दोनों सिखाते थे yuʿallimāni
वो दोनों सिखाते थे مِنْ any min
any أَحَدٍ किसी एक को aḥadin
किसी एक को حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَقُولَآ वो दोनों कहते yaqūlā
वो दोनों कहते إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक نَحْنُ हम तो naḥnu
हम तो فِتْنَةٌۭ एक फ़ितना हैं fit'natun
एक फ़ितना हैं فَلَا पस ना falā
पस ना تَكْفُرْ ۖ तुम कुफ़्र करो takfur
तुम कुफ़्र करो فَيَتَعَلَّمُونَ पस वो सीखते थे fayataʿallamūna
पस वो सीखते थे مِنْهُمَا उन दोनों से min'humā
उन दोनों से مَا जो mā
जो يُفَرِّقُونَ वो जुदाई डालते थे yufarriqūna
वो जुदाई डालते थे بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान ٱلْمَرْءِ मर्द l-mari
मर्द وَزَوْجِهِۦ ۚ और उसकी बीवी के wazawjihi
और उसकी बीवी के وَمَا और नहीं थे wamā
और नहीं थे هُم वो hum
वो بِضَآرِّينَ ज़रर पहुँचाने वाले biḍārrīna
ज़रर पहुँचाने वाले بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके مِنْ any min
any أَحَدٍ किसी एक को aḥadin
किसी एक को إِلَّا मगर illā
मगर بِإِذْنِ by permission bi-idh'ni
by permission ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के इज़्न से l-lahi
अल्लाह के इज़्न से وَيَتَعَلَّمُونَ और वो सीखते थे wayataʿallamūna
और वो सीखते थे مَا जो mā
जो يَضُرُّهُمْ नुक़सान देता उन्हें yaḍurruhum
नुक़सान देता उन्हें وَلَا और ना walā
और ना يَنفَعُهُمْ ۚ वो नफ़ा देता उन्हें yanfaʿuhum
वो नफ़ा देता उन्हें وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ عَلِمُوا۟ वो जानते थे ʿalimū
वो जानते थे لَمَنِ अलबत्ता जिसने lamani
अलबत्ता जिसने ٱشْتَرَىٰهُ ख़रीदा उसे ish'tarāhu
ख़रीदा उसे مَا नहीं है mā
नहीं है لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए فِى in fī
in ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत में l-ākhirati
आख़िरत में مِنْ any min
any خَلَـٰقٍۢ ۚ कोई हिस्सा khalāqin
कोई हिस्सा وَلَبِئْسَ और अलबत्ता कितना बुरा है walabi'sa
और अलबत्ता कितना बुरा है مَا जो mā
जो شَرَوْا۟ उन्होंने बेच डाला sharaw
उन्होंने बेच डाला بِهِۦٓ बदले उसके bihi
बदले उसके أَنفُسَهُمْ ۚ अपनी जानों को anfusahum
अपनी जानों को لَوْ काश law
काश كَانُوا۟ होते वो kānū
होते वो يَعْلَمُونَ वो जानते yaʿlamūna
वो जानते ١٠٢ (102)
(102)
और उन्होंने पैरवी की مَا उसकी जो mā
उसकी जो تَتْلُوا۟ पढ़ते थे tatlū
पढ़ते थे ٱلشَّيَـٰطِينُ शयातीन l-shayāṭīnu
शयातीन عَلَىٰ over ʿalā
over مُلْكِ बादशाहत पर (लगा कर) mul'ki
बादशाहत पर (लगा कर) سُلَيْمَـٰنَ ۖ सुलेमान की sulaymāna
सुलेमान की وَمَا और नहीं wamā
और नहीं كَفَرَ कुफ़्र किया था kafara
कुफ़्र किया था سُلَيْمَـٰنُ सुलेमान ने sulaymānu
सुलेमान ने وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन ٱلشَّيَـٰطِينَ शयातीन ने l-shayāṭīna
शयातीन ने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया يُعَلِّمُونَ वो सिखाते थे yuʿallimūna
वो सिखाते थे ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को ٱلسِّحْرَ जादू l-siḥ'ra
जादू وَمَآ और जो wamā
और जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया था unzila
नाज़िल किया गया था عَلَى ऊपर ʿalā
ऊपर ٱلْمَلَكَيْنِ दो फ़रिश्तों के l-malakayni
दो फ़रिश्तों के بِبَابِلَ बाबिल में bibābila
बाबिल में هَـٰرُوتَ हारूत hārūta
हारूत وَمَـٰرُوتَ ۚ और मारूत के wamārūta
और मारूत के وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يُعَلِّمَانِ वो दोनों सिखाते थे yuʿallimāni
वो दोनों सिखाते थे مِنْ any min
any أَحَدٍ किसी एक को aḥadin
किसी एक को حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَقُولَآ वो दोनों कहते yaqūlā
वो दोनों कहते إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक نَحْنُ हम तो naḥnu
हम तो فِتْنَةٌۭ एक फ़ितना हैं fit'natun
एक फ़ितना हैं فَلَا पस ना falā
पस ना تَكْفُرْ ۖ तुम कुफ़्र करो takfur
तुम कुफ़्र करो فَيَتَعَلَّمُونَ पस वो सीखते थे fayataʿallamūna
पस वो सीखते थे مِنْهُمَا उन दोनों से min'humā
उन दोनों से مَا जो mā
जो يُفَرِّقُونَ वो जुदाई डालते थे yufarriqūna
वो जुदाई डालते थे بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान ٱلْمَرْءِ मर्द l-mari
मर्द وَزَوْجِهِۦ ۚ और उसकी बीवी के wazawjihi
और उसकी बीवी के وَمَا और नहीं थे wamā
और नहीं थे هُم वो hum
वो بِضَآرِّينَ ज़रर पहुँचाने वाले biḍārrīna
ज़रर पहुँचाने वाले بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके مِنْ any min
any أَحَدٍ किसी एक को aḥadin
किसी एक को إِلَّا मगर illā
मगर بِإِذْنِ by permission bi-idh'ni
by permission ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के इज़्न से l-lahi
अल्लाह के इज़्न से وَيَتَعَلَّمُونَ और वो सीखते थे wayataʿallamūna
और वो सीखते थे مَا जो mā
जो يَضُرُّهُمْ नुक़सान देता उन्हें yaḍurruhum
नुक़सान देता उन्हें وَلَا और ना walā
और ना يَنفَعُهُمْ ۚ वो नफ़ा देता उन्हें yanfaʿuhum
वो नफ़ा देता उन्हें وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ عَلِمُوا۟ वो जानते थे ʿalimū
वो जानते थे لَمَنِ अलबत्ता जिसने lamani
अलबत्ता जिसने ٱشْتَرَىٰهُ ख़रीदा उसे ish'tarāhu
ख़रीदा उसे مَا नहीं है mā
नहीं है لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए فِى in fī
in ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत में l-ākhirati
आख़िरत में مِنْ any min
any خَلَـٰقٍۢ ۚ कोई हिस्सा khalāqin
कोई हिस्सा وَلَبِئْسَ और अलबत्ता कितना बुरा है walabi'sa
और अलबत्ता कितना बुरा है مَا जो mā
जो شَرَوْا۟ उन्होंने बेच डाला sharaw
उन्होंने बेच डाला بِهِۦٓ बदले उसके bihi
बदले उसके أَنفُسَهُمْ ۚ अपनी जानों को anfusahum
अपनी जानों को لَوْ काश law
काश كَانُوا۟ होते वो kānū
होते वो يَعْلَمُونَ वो जानते yaʿlamūna
वो जानते ١٠٢ (102)
(102)
तथा वे उस चीज़ के पीछे लग गए जो शैतान सुलैमान के शासन काल में पढ़ते थे। तथा सुलैमान ने कुफ़्र नहीं किया, लेकिन शैतानों ने कुफ़्र किया कि लोगों को जादू सिखाते थे, (और वे उस चीज़ के पीछे लग गए) जो बाबिल में दो फ़रिश्तों; हारूत और मारूत पर उतारी गई। हालाँकि वे दोनों किसी को भी नहीं सिखाते थे, यहाँ तक कि कह देते कि हम केवल एक आज़माइश हैं, इसलिए तू कुफ़्र न कर। फिर वे उन दोनों से वह चीज़ सीखते, जिसके द्वारा वे आदमी और उसकी पत्नी के बीच जुदाई डाल देते। और वे अल्लाह की अनुमति के बिना उसके द्वारा किसी को हानि पहुँचाने वाले न थे। और वे ऐसी चीज़ सीखते थे, जो उन्हें हानि पहुँचाती और उन्हें लाभ न देती थी। हालाँकि निःसंदेह वे भली-भाँति जान चुके थे कि जिसने इसे ख़रीदा, आख़िरत में उसका कोई भाग नहीं। और निःसंदेह बुरी है वह चीज़ जिसके बदले उन्होंने अपने आपको बेच डाला।1 काश! वे जानते होते।
२:१०३
وَلَوْ
और अगर
walaw
और अगर أَنَّهُمْ बेशक वो annahum
बेशक वो ءَامَنُوا۟ ईमान लाते āmanū
ईमान लाते وَٱتَّقَوْا۟ और तक़वा इख़्तियार करते wa-ittaqaw
और तक़वा इख़्तियार करते لَمَثُوبَةٌۭ अलबत्ता सवाब पाते lamathūbatun
अलबत्ता सवाब पाते مِّنْ (of) min
(of) عِندِ from ʿindi
from ٱللَّهِ अल्लाह के पास से l-lahi
अल्लाह के पास से خَيْرٌۭ ۖ बेहतर khayrun
बेहतर لَّوْ काश law
काश كَانُوا۟ होते वो kānū
होते वो يَعْلَمُونَ वो जानते yaʿlamūna
वो जानते ١٠٣ (103)
(103)
और अगर أَنَّهُمْ बेशक वो annahum
बेशक वो ءَامَنُوا۟ ईमान लाते āmanū
ईमान लाते وَٱتَّقَوْا۟ और तक़वा इख़्तियार करते wa-ittaqaw
और तक़वा इख़्तियार करते لَمَثُوبَةٌۭ अलबत्ता सवाब पाते lamathūbatun
अलबत्ता सवाब पाते مِّنْ (of) min
(of) عِندِ from ʿindi
from ٱللَّهِ अल्लाह के पास से l-lahi
अल्लाह के पास से خَيْرٌۭ ۖ बेहतर khayrun
बेहतर لَّوْ काश law
काश كَانُوا۟ होते वो kānū
होते वो يَعْلَمُونَ वो जानते yaʿlamūna
वो जानते ١٠٣ (103)
(103)
और यदि वे सचमुच ईमान लाते और अल्लाह से डरते, तो निश्चय अल्लाह के पास से थोड़ा बदला भी बहुत बेहतर था, काश! वे जानते होते।
२:१०४
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَا (Do) not lā
(Do) not تَقُولُوا۟ ना तुम कहो taqūlū
ना तुम कहो رَٰعِنَا राइना/रिआयत कीजिए हमारी rāʿinā
राइना/रिआयत कीजिए हमारी وَقُولُوا۟ बल्कि कहो waqūlū
बल्कि कहो ٱنظُرْنَا उन्ज़ुरना/नज़र कीजिए हमारी तरफ़ unẓur'nā
उन्ज़ुरना/नज़र कीजिए हमारी तरफ़ وَٱسْمَعُوا۟ ۗ और सुना करो wa-is'maʿū
और सुना करो وَلِلْكَـٰفِرِينَ और काफ़िरों के लिए walil'kāfirīna
और काफ़िरों के लिए عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है أَلِيمٌۭ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक ١٠٤ (104)
(104)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَا (Do) not lā
(Do) not تَقُولُوا۟ ना तुम कहो taqūlū
ना तुम कहो رَٰعِنَا राइना/रिआयत कीजिए हमारी rāʿinā
राइना/रिआयत कीजिए हमारी وَقُولُوا۟ बल्कि कहो waqūlū
बल्कि कहो ٱنظُرْنَا उन्ज़ुरना/नज़र कीजिए हमारी तरफ़ unẓur'nā
उन्ज़ुरना/नज़र कीजिए हमारी तरफ़ وَٱسْمَعُوا۟ ۗ और सुना करो wa-is'maʿū
और सुना करो وَلِلْكَـٰفِرِينَ और काफ़िरों के लिए walil'kāfirīna
और काफ़िरों के लिए عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है أَلِيمٌۭ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक ١٠٤ (104)
(104)
ऐ ईमान वालो! तुम 'राइना'1 (हमारा ध्यान रखिए) न कहो, और 'उन्ज़ुरना' (हमारी ओर देखिए) कहो और सुनो तथा काफ़िरों के लिए दुखदायी यातना है।
२:१०५
مَّا
नहीं
mā
नहीं يَوَدُّ चाहते yawaddu
चाहते ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया مِنْ from min
from أَهْلِ (the) People ahli
(the) People ٱلْكِتَـٰبِ अहले किताब में से l-kitābi
अहले किताब में से وَلَا और ना walā
और ना ٱلْمُشْرِكِينَ मुशरिकीन l-mush'rikīna
मुशरिकीन أَن कि an
कि يُنَزَّلَ नाज़िल की जाए yunazzala
नाज़िल की जाए عَلَيْكُم तुम पर ʿalaykum
तुम पर مِّنْ any min
any خَيْرٍۢ कोई ख़ैर khayrin
कोई ख़ैर مِّن from min
from رَّبِّكُمْ ۗ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يَخْتَصُّ वो ख़ास कर लेता है yakhtaṣṣu
वो ख़ास कर लेता है بِرَحْمَتِهِۦ साथ अपनी रहमत के biraḥmatihi
साथ अपनी रहमत के مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ ۚ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह ذُو (is the) Possessor dhū
(is the) Possessor ٱلْفَضْلِ फ़ज़ल वाला है l-faḍli
फ़ज़ल वाला है ٱلْعَظِيمِ बहुत बड़े l-ʿaẓīmi
बहुत बड़े ١٠٥ (105)
(105)
नहीं يَوَدُّ चाहते yawaddu
चाहते ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया مِنْ from min
from أَهْلِ (the) People ahli
(the) People ٱلْكِتَـٰبِ अहले किताब में से l-kitābi
अहले किताब में से وَلَا और ना walā
और ना ٱلْمُشْرِكِينَ मुशरिकीन l-mush'rikīna
मुशरिकीन أَن कि an
कि يُنَزَّلَ नाज़िल की जाए yunazzala
नाज़िल की जाए عَلَيْكُم तुम पर ʿalaykum
तुम पर مِّنْ any min
any خَيْرٍۢ कोई ख़ैर khayrin
कोई ख़ैर مِّن from min
from رَّبِّكُمْ ۗ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يَخْتَصُّ वो ख़ास कर लेता है yakhtaṣṣu
वो ख़ास कर लेता है بِرَحْمَتِهِۦ साथ अपनी रहमत के biraḥmatihi
साथ अपनी रहमत के مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ ۚ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह ذُو (is the) Possessor dhū
(is the) Possessor ٱلْفَضْلِ फ़ज़ल वाला है l-faḍli
फ़ज़ल वाला है ٱلْعَظِيمِ बहुत बड़े l-ʿaẓīmi
बहुत बड़े ١٠٥ (105)
(105)
काफ़िर लोग, अह्ले किताब में से हों या मुश्रिकों (अनेकेश्वरवादियों) में से, नहीं चाहते कि तुम पर तुम्हारे पालनहार की ओर से कोई भलाई उतारी जाए और अल्लाह जिसे चाहता है, अपनी दया के साथ खास कर लेता है और अल्लाह बहुत बड़े अनुग्रह वाला है।
२:१०६
۞ مَا
जो भी
mā
जो भी نَنسَخْ हम मनसूख़ करते हैं nansakh
हम मनसूख़ करते हैं مِنْ (of) min
(of) ءَايَةٍ कोई आयत āyatin
कोई आयत أَوْ या aw
या نُنسِهَا हम भुलवा देते हैं उसे nunsihā
हम भुलवा देते हैं उसे نَأْتِ हम ले आते हैं nati
हम ले आते हैं بِخَيْرٍۢ बेहतर bikhayrin
बेहतर مِّنْهَآ उससे min'hā
उससे أَوْ या aw
या مِثْلِهَآ ۗ उस जैसी mith'lihā
उस जैसी أَلَمْ क्या नहीं alam
क्या नहीं تَعْلَمْ आपने जाना taʿlam
आपने जाना أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرٌ बहुत क़ुदरत रखने वाला है qadīrun
बहुत क़ुदरत रखने वाला है ١٠٦ (106)
(106)
जो भी نَنسَخْ हम मनसूख़ करते हैं nansakh
हम मनसूख़ करते हैं مِنْ (of) min
(of) ءَايَةٍ कोई आयत āyatin
कोई आयत أَوْ या aw
या نُنسِهَا हम भुलवा देते हैं उसे nunsihā
हम भुलवा देते हैं उसे نَأْتِ हम ले आते हैं nati
हम ले आते हैं بِخَيْرٍۢ बेहतर bikhayrin
बेहतर مِّنْهَآ उससे min'hā
उससे أَوْ या aw
या مِثْلِهَآ ۗ उस जैसी mith'lihā
उस जैसी أَلَمْ क्या नहीं alam
क्या नहीं تَعْلَمْ आपने जाना taʿlam
आपने जाना أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرٌ बहुत क़ुदरत रखने वाला है qadīrun
बहुत क़ुदरत रखने वाला है ١٠٦ (106)
(106)
हम जो भी आयत मन्सूख़ (निरस्त) करते हैं, या उसे भुला देते हैं, तो उससे बेहतर, या उसके समान (और) ले आते हैं। क्या तुमने नहीं जाना कि निःसंदेह अल्लाह हर चीज़1 पर सर्वशक्तिमान है।
२:१०७
أَلَمْ
क्या नहीं
alam
क्या नहीं تَعْلَمْ आपने जाना taʿlam
आपने जाना أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَهُۥ उसी के लिए है lahu
उसी के लिए है مُلْكُ बादशाहत mul'ku
बादशाहत ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ ۗ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की وَمَا और नहीं wamā
और नहीं لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के مِن any min
any وَلِىٍّۢ कोई दोस्त waliyyin
कोई दोस्त وَلَا और ना walā
और ना نَصِيرٍ कोई मददगार naṣīrin
कोई मददगार ١٠٧ (107)
(107)
क्या नहीं تَعْلَمْ आपने जाना taʿlam
आपने जाना أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَهُۥ उसी के लिए है lahu
उसी के लिए है مُلْكُ बादशाहत mul'ku
बादशाहत ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ ۗ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की وَمَا और नहीं wamā
और नहीं لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के مِن any min
any وَلِىٍّۢ कोई दोस्त waliyyin
कोई दोस्त وَلَا और ना walā
और ना نَصِيرٍ कोई मददगार naṣīrin
कोई मददगार ١٠٧ (107)
(107)
क्या तुमने नहीं जाना कि आकाशों एवं धरती का राज्य अल्लाह ही के लिए है और अल्लाह के सिवा तुम्हारा न कोई दोस्त है और न कोई सहायक।
२:१०८
أَمْ
क्या
am
क्या تُرِيدُونَ तुम चाहते हो turīdūna
तुम चाहते हो أَن कि an
कि تَسْـَٔلُوا۟ तुम सवाल करो tasalū
तुम सवाल करो رَسُولَكُمْ अपने रसूल से rasūlakum
अपने रसूल से كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि سُئِلَ सवाल किए गए su-ila
सवाल किए गए مُوسَىٰ मूसा mūsā
मूसा مِن from min
from قَبْلُ ۗ इससे क़ब्ल qablu
इससे क़ब्ल وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَتَبَدَّلِ बदले में लेगा yatabaddali
बदले में लेगा ٱلْكُفْرَ कुफ़्र को l-kuf'ra
कुफ़्र को بِٱلْإِيمَـٰنِ ईमान के bil-īmāni
ईमान के فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ ضَلَّ वो भटक गया ḍalla
वो भटक गया سَوَآءَ सीधे sawāa
सीधे ٱلسَّبِيلِ रास्ते से l-sabīli
रास्ते से ١٠٨ (108)
(108)
क्या تُرِيدُونَ तुम चाहते हो turīdūna
तुम चाहते हो أَن कि an
कि تَسْـَٔلُوا۟ तुम सवाल करो tasalū
तुम सवाल करो رَسُولَكُمْ अपने रसूल से rasūlakum
अपने रसूल से كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि سُئِلَ सवाल किए गए su-ila
सवाल किए गए مُوسَىٰ मूसा mūsā
मूसा مِن from min
from قَبْلُ ۗ इससे क़ब्ल qablu
इससे क़ब्ल وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَتَبَدَّلِ बदले में लेगा yatabaddali
बदले में लेगा ٱلْكُفْرَ कुफ़्र को l-kuf'ra
कुफ़्र को بِٱلْإِيمَـٰنِ ईमान के bil-īmāni
ईमान के فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ ضَلَّ वो भटक गया ḍalla
वो भटक गया سَوَآءَ सीधे sawāa
सीधे ٱلسَّبِيلِ रास्ते से l-sabīli
रास्ते से ١٠٨ (108)
(108)
या तुम चाहते हो कि अपने रसूल से सवाल करो, जैसे इससे पहले मूसा से सवाल किए गए? और जो कोई ईमान के बदले कुफ़्र को अपना ले, तो निःसंदे वह सीधे मार्ग से भटक गया।
२:१०९
وَدَّ
चाहते हैं
wadda
चाहते हैं كَثِيرٌۭ बहुत से kathīrun
बहुत से مِّنْ from min
from أَهْلِ (the) People ahli
(the) People ٱلْكِتَـٰبِ अहले किताब में से l-kitābi
अहले किताब में से لَوْ काश law
काश يَرُدُّونَكُم वो फेर दें तुम्हें yaruddūnakum
वो फेर दें तुम्हें مِّنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद إِيمَـٰنِكُمْ तुम्हारे ईमान के īmānikum
तुम्हारे ईमान के كُفَّارًا काफ़िर बना कर kuffāran
काफ़िर बना कर حَسَدًۭا हसद की बिना पर ḥasadan
हसद की बिना पर مِّنْ from min
from عِندِ पास से ʿindi
पास से أَنفُسِهِم अपने नफ़्सों के anfusihim
अपने नफ़्सों के مِّنۢ (even) from min
(even) from بَعْدِ बाद उसके baʿdi
बाद उसके مَا जो mā
जो تَبَيَّنَ वाज़ेह हो गया tabayyana
वाज़ेह हो गया لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए ٱلْحَقُّ ۖ हक़ l-ḥaqu
हक़ فَٱعْفُوا۟ पस माफ़ कर दो fa-iʿ'fū
पस माफ़ कर दो وَٱصْفَحُوا۟ और दरगुज़र करो wa-iṣ'faḥū
और दरगुज़र करो حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَأْتِىَ ले आए yatiya
ले आए ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِأَمْرِهِۦٓ ۗ हुक्म अपना bi-amrihi
हुक्म अपना إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرٌۭ बहुत क़ुदरत रखने वाला है qadīrun
बहुत क़ुदरत रखने वाला है ١٠٩ (109)
(109)
चाहते हैं كَثِيرٌۭ बहुत से kathīrun
बहुत से مِّنْ from min
from أَهْلِ (the) People ahli
(the) People ٱلْكِتَـٰبِ अहले किताब में से l-kitābi
अहले किताब में से لَوْ काश law
काश يَرُدُّونَكُم वो फेर दें तुम्हें yaruddūnakum
वो फेर दें तुम्हें مِّنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद إِيمَـٰنِكُمْ तुम्हारे ईमान के īmānikum
तुम्हारे ईमान के كُفَّارًا काफ़िर बना कर kuffāran
काफ़िर बना कर حَسَدًۭا हसद की बिना पर ḥasadan
हसद की बिना पर مِّنْ from min
from عِندِ पास से ʿindi
पास से أَنفُسِهِم अपने नफ़्सों के anfusihim
अपने नफ़्सों के مِّنۢ (even) from min
(even) from بَعْدِ बाद उसके baʿdi
बाद उसके مَا जो mā
जो تَبَيَّنَ वाज़ेह हो गया tabayyana
वाज़ेह हो गया لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए ٱلْحَقُّ ۖ हक़ l-ḥaqu
हक़ فَٱعْفُوا۟ पस माफ़ कर दो fa-iʿ'fū
पस माफ़ कर दो وَٱصْفَحُوا۟ और दरगुज़र करो wa-iṣ'faḥū
और दरगुज़र करो حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَأْتِىَ ले आए yatiya
ले आए ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِأَمْرِهِۦٓ ۗ हुक्म अपना bi-amrihi
हुक्म अपना إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرٌۭ बहुत क़ुदरत रखने वाला है qadīrun
बहुत क़ुदरत रखने वाला है ١٠٩ (109)
(109)
बहुत-से अह्ले किताब चाहते हैं काश! वे तुम्हें तुम्हारे ईमान के बाद फिर काफ़िर बना दें, अपने दिलों की ईर्ष्या के कारण, इसके बाद कि उनके लिए सत्य ख़ूब स्पष्ट हो चुका। तो तुम क्षमा करो और माफ़ कर दो, यहाँ तक कि अल्लाह अपना हुक्म ले आए। निःसंदेह अल्लाह हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है।
२:११०
وَأَقِيمُوا۟
और क़ायम करो
wa-aqīmū
और क़ायम करो ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَءَاتُوا۟ और अदा करो waātū
और अदा करो ٱلزَّكَوٰةَ ۚ ज़कात l-zakata
ज़कात وَمَا और जो भी wamā
और जो भी تُقَدِّمُوا۟ तुम आगे भेजोगे tuqaddimū
तुम आगे भेजोगे لِأَنفُسِكُم अपने नफ़्सों के लिए li-anfusikum
अपने नफ़्सों के लिए مِّنْ of min
of خَيْرٍۢ कोई ख़ैर khayrin
कोई ख़ैर تَجِدُوهُ तुम पाओगे उसे tajidūhu
तुम पाओगे उसे عِندَ with ʿinda
with ٱللَّهِ ۗ अल्लाह के पास l-lahi
अल्लाह के पास إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह بِمَا उसको जो bimā
उसको जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो بَصِيرٌۭ ख़ूब देखने वाला है baṣīrun
ख़ूब देखने वाला है ١١٠ (110)
(110)
और क़ायम करो ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَءَاتُوا۟ और अदा करो waātū
और अदा करो ٱلزَّكَوٰةَ ۚ ज़कात l-zakata
ज़कात وَمَا और जो भी wamā
और जो भी تُقَدِّمُوا۟ तुम आगे भेजोगे tuqaddimū
तुम आगे भेजोगे لِأَنفُسِكُم अपने नफ़्सों के लिए li-anfusikum
अपने नफ़्सों के लिए مِّنْ of min
of خَيْرٍۢ कोई ख़ैर khayrin
कोई ख़ैर تَجِدُوهُ तुम पाओगे उसे tajidūhu
तुम पाओगे उसे عِندَ with ʿinda
with ٱللَّهِ ۗ अल्लाह के पास l-lahi
अल्लाह के पास إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह بِمَا उसको जो bimā
उसको जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो بَصِيرٌۭ ख़ूब देखने वाला है baṣīrun
ख़ूब देखने वाला है ١١٠ (110)
(110)
तथा नमाज़ क़ायम करो और ज़कात दो और जो भी भलाई तुम अपने लिए आगे भेजोगे, उसे अल्लाह के पास पा लोगे। निःसंदेह अल्लाह जो कुछ तुम करते हो, उसे ख़ूब देखने वाला है।
२:१११
وَقَالُوا۟
और उन्होंने कहा
waqālū
और उन्होंने कहा لَن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं يَدْخُلَ दाख़िल होगा yadkhula
दाख़िल होगा ٱلْجَنَّةَ जन्नत में l-janata
जन्नत में إِلَّا मगर illā
मगर مَن वो जो man
वो जो كَانَ हो kāna
हो هُودًا यहूदी hūdan
यहूदी أَوْ या aw
या نَصَـٰرَىٰ ۗ नस्रानी naṣārā
नस्रानी تِلْكَ ये til'ka
ये أَمَانِيُّهُمْ ۗ तमन्नाऐं हैं उनकी amāniyyuhum
तमन्नाऐं हैं उनकी قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए هَاتُوا۟ ले आओ hātū
ले आओ بُرْهَـٰنَكُمْ दलील अपनी bur'hānakum
दलील अपनी إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ١١١ (111)
(111)
और उन्होंने कहा لَن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं يَدْخُلَ दाख़िल होगा yadkhula
दाख़िल होगा ٱلْجَنَّةَ जन्नत में l-janata
जन्नत में إِلَّا मगर illā
मगर مَن वो जो man
वो जो كَانَ हो kāna
हो هُودًا यहूदी hūdan
यहूदी أَوْ या aw
या نَصَـٰرَىٰ ۗ नस्रानी naṣārā
नस्रानी تِلْكَ ये til'ka
ये أَمَانِيُّهُمْ ۗ तमन्नाऐं हैं उनकी amāniyyuhum
तमन्नाऐं हैं उनकी قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए هَاتُوا۟ ले आओ hātū
ले आओ بُرْهَـٰنَكُمْ दलील अपनी bur'hānakum
दलील अपनी إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ١١١ (111)
(111)
तथा उन्होंने कहा जन्नत में हरगिज़ नहीं जाएँगे, परंतु जो यहूदी होंगे या ईसाई।1 ये उनकी कामनाएँ ही हैं। (उनसे) कहो : लाओ अपने प्रमाण, यदि तुम सच्चे हो।
२:११२
بَلَىٰ
हाँ (क्यों नहीं)
balā
हाँ (क्यों नहीं) مَنْ जिसने man
जिसने أَسْلَمَ सुपुर्द कर दिया aslama
सुपुर्द कर दिया وَجْهَهُۥ चेहरा अपना wajhahu
चेहरा अपना لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए وَهُوَ और वो wahuwa
और वो مُحْسِنٌۭ मोहसिन हो muḥ'sinun
मोहसिन हो فَلَهُۥٓ तो उसके लिए है falahu
तो उसके लिए है أَجْرُهُۥ अजर उसका ajruhu
अजर उसका عِندَ पास ʿinda
पास رَبِّهِۦ उसके रब के rabbihi
उसके रब के وَلَا और ना walā
और ना خَوْفٌ कोई ख़ौफ़ होगा khawfun
कोई ख़ौफ़ होगा عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يَحْزَنُونَ वो ग़मगीन होंगे yaḥzanūna
वो ग़मगीन होंगे ١١٢ (112)
(112)
हाँ (क्यों नहीं) مَنْ जिसने man
जिसने أَسْلَمَ सुपुर्द कर दिया aslama
सुपुर्द कर दिया وَجْهَهُۥ चेहरा अपना wajhahu
चेहरा अपना لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए وَهُوَ और वो wahuwa
और वो مُحْسِنٌۭ मोहसिन हो muḥ'sinun
मोहसिन हो فَلَهُۥٓ तो उसके लिए है falahu
तो उसके लिए है أَجْرُهُۥ अजर उसका ajruhu
अजर उसका عِندَ पास ʿinda
पास رَبِّهِۦ उसके रब के rabbihi
उसके रब के وَلَا और ना walā
और ना خَوْفٌ कोई ख़ौफ़ होगा khawfun
कोई ख़ौफ़ होगा عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يَحْزَنُونَ वो ग़मगीन होंगे yaḥzanūna
वो ग़मगीन होंगे ١١٢ (112)
(112)
क्यों नहीं, जिसने अपना चेहरा अल्लाह के अधीन कर दिया और वह अच्छा कार्या करने वाला हो, तो उसके लिए उसका बदला उसके पालनहार के पास है और न उनपर कोई भय है और न वे शोकाकुल होंगे।
२:११३
وَقَالَتِ
और कहा
waqālati
और कहा ٱلْيَهُودُ यहूद ने l-yahūdu
यहूद ने لَيْسَتِ नहीं हैं laysati
नहीं हैं ٱلنَّصَـٰرَىٰ नसारा l-naṣārā
नसारा عَلَىٰ (are) on ʿalā
(are) on شَىْءٍۢ किसी चीज़ पर shayin
किसी चीज़ पर وَقَالَتِ और कहा waqālati
और कहा ٱلنَّصَـٰرَىٰ नसारा ने l-naṣārā
नसारा ने لَيْسَتِ नहीं हैं laysati
नहीं हैं ٱلْيَهُودُ यहूद l-yahūdu
यहूद عَلَىٰ (are) on ʿalā
(are) on شَىْءٍۢ किसी चीज़ पर shayin
किसी चीज़ पर وَهُمْ हालाँकि वो wahum
हालाँकि वो يَتْلُونَ वो तिलावत करते हैं yatlūna
वो तिलावत करते हैं ٱلْكِتَـٰبَ ۗ किताब की l-kitāba
किताब की كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह قَالَ कहा qāla
कहा ٱلَّذِينَ उन्होंने जो alladhīna
उन्होंने जो لَا (do) not lā
(do) not يَعْلَمُونَ नहीं इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं इल्म रखते مِثْلَ मिसल/मानिन्द mith'la
मिसल/मानिन्द قَوْلِهِمْ ۚ उनकी बात के qawlihim
उनकी बात के فَٱللَّهُ तो अल्लाह fal-lahu
तो अल्लाह يَحْكُمُ फ़ैसला करेगा yaḥkumu
फ़ैसला करेगा بَيْنَهُمْ दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के فِيمَا उसमें जो fīmā
उसमें जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो فِيهِ जिस में fīhi
जिस में يَخْتَلِفُونَ वो इख़्तिलाफ़ करते yakhtalifūna
वो इख़्तिलाफ़ करते ١١٣ (113)
(113)
और कहा ٱلْيَهُودُ यहूद ने l-yahūdu
यहूद ने لَيْسَتِ नहीं हैं laysati
नहीं हैं ٱلنَّصَـٰرَىٰ नसारा l-naṣārā
नसारा عَلَىٰ (are) on ʿalā
(are) on شَىْءٍۢ किसी चीज़ पर shayin
किसी चीज़ पर وَقَالَتِ और कहा waqālati
और कहा ٱلنَّصَـٰرَىٰ नसारा ने l-naṣārā
नसारा ने لَيْسَتِ नहीं हैं laysati
नहीं हैं ٱلْيَهُودُ यहूद l-yahūdu
यहूद عَلَىٰ (are) on ʿalā
(are) on شَىْءٍۢ किसी चीज़ पर shayin
किसी चीज़ पर وَهُمْ हालाँकि वो wahum
हालाँकि वो يَتْلُونَ वो तिलावत करते हैं yatlūna
वो तिलावत करते हैं ٱلْكِتَـٰبَ ۗ किताब की l-kitāba
किताब की كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह قَالَ कहा qāla
कहा ٱلَّذِينَ उन्होंने जो alladhīna
उन्होंने जो لَا (do) not lā
(do) not يَعْلَمُونَ नहीं इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं इल्म रखते مِثْلَ मिसल/मानिन्द mith'la
मिसल/मानिन्द قَوْلِهِمْ ۚ उनकी बात के qawlihim
उनकी बात के فَٱللَّهُ तो अल्लाह fal-lahu
तो अल्लाह يَحْكُمُ फ़ैसला करेगा yaḥkumu
फ़ैसला करेगा بَيْنَهُمْ दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के فِيمَا उसमें जो fīmā
उसमें जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो فِيهِ जिस में fīhi
जिस में يَخْتَلِفُونَ वो इख़्तिलाफ़ करते yakhtalifūna
वो इख़्तिलाफ़ करते ١١٣ (113)
(113)
तथा यहूदियों ने कहा कि ईसाई किसी चीज़ पर नहीं हैं और ईसाइयों ने कहा कि यहूदी किसी चीज़ पर नहीं हैं। हालाँकि वे पुस्तक1 पढ़ते हैं। इसी तरह उन लोगों ने भी जो कुछ ज्ञान नहीं रखते, उनकी बात जैसी बात कही। अब अल्लाह उनके बीच क़ियामत के दिन उस बारे में फैसला करेगा, जिसमें वे मतभेद किया करते थे।
२:११४
وَمَنْ
और कौन
waman
और कौन أَظْلَمُ बड़ा ज़ालिम है aẓlamu
बड़ा ज़ालिम है مِمَّن उससे जो mimman
उससे जो مَّنَعَ मना करे manaʿa
मना करे مَسَـٰجِدَ मस्जिदों से masājida
मस्जिदों से ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की أَن कि an
कि يُذْكَرَ ज़िक्र किया जाए yudh'kara
ज़िक्र किया जाए فِيهَا उनमें fīhā
उनमें ٱسْمُهُۥ नाम उसका us'muhu
नाम उसका وَسَعَىٰ और वो कोशिश करे wasaʿā
और वो कोशिश करे فِى for fī
for خَرَابِهَآ ۚ उनकी ख़राबी/वीरानी की kharābihā
उनकी ख़राबी/वीरानी की أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं مَا नहीं mā
नहीं كَانَ है kāna
है لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए أَن कि an
कि يَدْخُلُوهَآ वो दाख़िल हों उनमें yadkhulūhā
वो दाख़िल हों उनमें إِلَّا मगर illā
मगर خَآئِفِينَ ۚ डरते हुए khāifīna
डरते हुए لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए فِى in fī
in ٱلدُّنْيَا दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में خِزْىٌۭ रुस्वाई है khiz'yun
रुस्वाई है وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए فِى in fī
in ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत में l-ākhirati
आख़िरत में عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है عَظِيمٌۭ बहुत बड़ा ʿaẓīmun
बहुत बड़ा ١١٤ (114)
(114)
और कौन أَظْلَمُ बड़ा ज़ालिम है aẓlamu
बड़ा ज़ालिम है مِمَّن उससे जो mimman
उससे जो مَّنَعَ मना करे manaʿa
मना करे مَسَـٰجِدَ मस्जिदों से masājida
मस्जिदों से ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की أَن कि an
कि يُذْكَرَ ज़िक्र किया जाए yudh'kara
ज़िक्र किया जाए فِيهَا उनमें fīhā
उनमें ٱسْمُهُۥ नाम उसका us'muhu
नाम उसका وَسَعَىٰ और वो कोशिश करे wasaʿā
और वो कोशिश करे فِى for fī
for خَرَابِهَآ ۚ उनकी ख़राबी/वीरानी की kharābihā
उनकी ख़राबी/वीरानी की أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं مَا नहीं mā
नहीं كَانَ है kāna
है لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए أَن कि an
कि يَدْخُلُوهَآ वो दाख़िल हों उनमें yadkhulūhā
वो दाख़िल हों उनमें إِلَّا मगर illā
मगर خَآئِفِينَ ۚ डरते हुए khāifīna
डरते हुए لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए فِى in fī
in ٱلدُّنْيَا दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में خِزْىٌۭ रुस्वाई है khiz'yun
रुस्वाई है وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए فِى in fī
in ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत में l-ākhirati
आख़िरत में عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है عَظِيمٌۭ बहुत बड़ा ʿaẓīmun
बहुत बड़ा ١١٤ (114)
(114)
और उससे बड़ा अत्याचारी कौन है, जो अल्लाह की मस्जिदों में उसके नाम का स्मरण करने से रोके और उन्हें उजाड़ने का प्रयास करे? ऐसे लोगों का हक़ नहीं कि उनमें प्रवेश करते परंतु डरते हुए। उनके लिए संसार ही में अपमान है और उनके लिए आख़िरत में बड़ी यातना है।
२:११५
وَلِلَّهِ
और अल्लाह ही के लिए हैं
walillahi
और अल्लाह ही के लिए हैं ٱلْمَشْرِقُ मशरिक़ l-mashriqu
मशरिक़ وَٱلْمَغْرِبُ ۚ और मग़रिब wal-maghribu
और मग़रिब فَأَيْنَمَا फिर जिस तरफ़ fa-aynamā
फिर जिस तरफ़ تُوَلُّوا۟ तुम मुँह करोगे tuwallū
तुम मुँह करोगे فَثَمَّ तो वहीं है fathamma
तो वहीं है وَجْهُ चेहरा wajhu
चेहरा ٱللَّهِ ۚ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह وَٰسِعٌ वुसअत वाला है wāsiʿun
वुसअत वाला है عَلِيمٌۭ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ١١٥ (115)
(115)
और अल्लाह ही के लिए हैं ٱلْمَشْرِقُ मशरिक़ l-mashriqu
मशरिक़ وَٱلْمَغْرِبُ ۚ और मग़रिब wal-maghribu
और मग़रिब فَأَيْنَمَا फिर जिस तरफ़ fa-aynamā
फिर जिस तरफ़ تُوَلُّوا۟ तुम मुँह करोगे tuwallū
तुम मुँह करोगे فَثَمَّ तो वहीं है fathamma
तो वहीं है وَجْهُ चेहरा wajhu
चेहरा ٱللَّهِ ۚ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह وَٰسِعٌ वुसअत वाला है wāsiʿun
वुसअत वाला है عَلِيمٌۭ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ١١٥ (115)
(115)
तथा पूर्व और पश्चिम अल्लाह ही के हैं, तो तुम जिस ओर रुख करो, सो वहीं अल्लाह का चेहरा है। निःसंदेह अल्लाह विस्तार वाला, सब कुछ जानने वाला है।
२:११६
وَقَالُوا۟
और उन्होंने कहा
waqālū
और उन्होंने कहा ٱتَّخَذَ बना ली ittakhadha
बना ली ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَلَدًۭا ۗ कोई औलाद waladan
कोई औलाद سُبْحَـٰنَهُۥ ۖ पाक है वो sub'ḥānahu
पाक है वो بَل बल्कि bal
बल्कि لَّهُۥ उसी के लिए है lahu
उसी के लिए है مَا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में وَٱلْأَرْضِ ۖ और ज़मीन में है wal-arḍi
और ज़मीन में है كُلٌّۭ सब kullun
सब لَّهُۥ उसी के lahu
उसी के قَـٰنِتُونَ फ़रमाबरदार हैं qānitūna
फ़रमाबरदार हैं ١١٦ (116)
(116)
और उन्होंने कहा ٱتَّخَذَ बना ली ittakhadha
बना ली ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَلَدًۭا ۗ कोई औलाद waladan
कोई औलाद سُبْحَـٰنَهُۥ ۖ पाक है वो sub'ḥānahu
पाक है वो بَل बल्कि bal
बल्कि لَّهُۥ उसी के लिए है lahu
उसी के लिए है مَا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में وَٱلْأَرْضِ ۖ और ज़मीन में है wal-arḍi
और ज़मीन में है كُلٌّۭ सब kullun
सब لَّهُۥ उसी के lahu
उसी के قَـٰنِتُونَ फ़रमाबरदार हैं qānitūna
फ़रमाबरदार हैं ١١٦ (116)
(116)
तथा उन्होंने कहा1 कि अल्लाह ने कोई संतान बना रखी है, वह पवित्र है। बल्कि उसी का है जो कुछ आकाशों तथा धरती में है, सब उसी के आज्ञाकारी हैं।
२:११७
بَدِيعُ
ईजाद करने वाला है
badīʿu
ईजाद करने वाला है ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ ۖ और ज़मीन का wal-arḍi
और ज़मीन का وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब قَضَىٰٓ वो फ़ैसला करता है qaḍā
वो फ़ैसला करता है أَمْرًۭا किसी काम का amran
किसी काम का فَإِنَّمَا तो बेशक fa-innamā
तो बेशक يَقُولُ वो कहता है yaqūlu
वो कहता है لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए كُن हो जा kun
हो जा فَيَكُونُ तो वो हो जाता है fayakūnu
तो वो हो जाता है ١١٧ (117)
(117)
ईजाद करने वाला है ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ ۖ और ज़मीन का wal-arḍi
और ज़मीन का وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब قَضَىٰٓ वो फ़ैसला करता है qaḍā
वो फ़ैसला करता है أَمْرًۭا किसी काम का amran
किसी काम का فَإِنَّمَا तो बेशक fa-innamā
तो बेशक يَقُولُ वो कहता है yaqūlu
वो कहता है لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए كُن हो जा kun
हो जा فَيَكُونُ तो वो हो जाता है fayakūnu
तो वो हो जाता है ١١٧ (117)
(117)
वह आकाशों तथा धरती का आविष्कारक है और जब किसी काम का निर्णय करता है, तो उससे मात्र यही कहता है कि "हो जा" तो वह हो जाता है।
२:११८
وَقَالَ
और कहा
waqāla
और कहा ٱلَّذِينَ उन्होंने जो alladhīna
उन्होंने जो لَا (do) not lā
(do) not يَعْلَمُونَ नहीं इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं इल्म रखते لَوْلَا क्यों नहीं lawlā
क्यों नहीं يُكَلِّمُنَا कलाम करता हमसे yukallimunā
कलाम करता हमसे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَوْ या aw
या تَأْتِينَآ आती हमारे पास tatīnā
आती हमारे पास ءَايَةٌۭ ۗ कोई निशानी āyatun
कोई निशानी كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह قَالَ कहा था qāla
कहा था ٱلَّذِينَ उन्होंने जो alladhīna
उन्होंने जो مِن from min
from قَبْلِهِم उनसे पहले थे qablihim
उनसे पहले थे مِّثْلَ मिसल/मानिन्द mith'la
मिसल/मानिन्द قَوْلِهِمْ ۘ उनकी बात के qawlihim
उनकी बात के تَشَـٰبَهَتْ मुशाबेह हो गए tashābahat
मुशाबेह हो गए قُلُوبُهُمْ ۗ दिल उनके qulūbuhum
दिल उनके قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ بَيَّنَّا वाज़ेह कर दीं हमने bayyannā
वाज़ेह कर दीं हमने ٱلْـَٔايَـٰتِ आयात l-āyāti
आयात لِقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يُوقِنُونَ जो यक़ीन रखते हैं yūqinūna
जो यक़ीन रखते हैं ١١٨ (118)
(118)
और कहा ٱلَّذِينَ उन्होंने जो alladhīna
उन्होंने जो لَا (do) not lā
(do) not يَعْلَمُونَ नहीं इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं इल्म रखते لَوْلَا क्यों नहीं lawlā
क्यों नहीं يُكَلِّمُنَا कलाम करता हमसे yukallimunā
कलाम करता हमसे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَوْ या aw
या تَأْتِينَآ आती हमारे पास tatīnā
आती हमारे पास ءَايَةٌۭ ۗ कोई निशानी āyatun
कोई निशानी كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह قَالَ कहा था qāla
कहा था ٱلَّذِينَ उन्होंने जो alladhīna
उन्होंने जो مِن from min
from قَبْلِهِم उनसे पहले थे qablihim
उनसे पहले थे مِّثْلَ मिसल/मानिन्द mith'la
मिसल/मानिन्द قَوْلِهِمْ ۘ उनकी बात के qawlihim
उनकी बात के تَشَـٰبَهَتْ मुशाबेह हो गए tashābahat
मुशाबेह हो गए قُلُوبُهُمْ ۗ दिल उनके qulūbuhum
दिल उनके قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ بَيَّنَّا वाज़ेह कर दीं हमने bayyannā
वाज़ेह कर दीं हमने ٱلْـَٔايَـٰتِ आयात l-āyāti
आयात لِقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يُوقِنُونَ जो यक़ीन रखते हैं yūqinūna
जो यक़ीन रखते हैं ١١٨ (118)
(118)
तथा उन लोगों ने कहा जो ज्ञान1 नहीं रखते : अल्लाह हमसे बात क्यों नहीं करता? या हमारे पास कोई निशानी क्यों नहीं आती? इसी प्रकार उन लोगों ने जो इनसे पूर्व थे, इनकी बात जैसी बात कही। इनके दिल एक-दूसरे जैसे हो गए हैं। निःसंदेह हमने उन लोगों के लिए निशानियाँ खोलकर बयान कर दी हैं, जो विश्वास करते हैं।
२:११९
إِنَّآ
बेशक हमने
innā
बेशक हमने أَرْسَلْنَـٰكَ भेजा हमने आपको arsalnāka
भेजा हमने आपको بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के بَشِيرًۭا ख़ुशख़बरी देने वाला bashīran
ख़ुशख़बरी देने वाला وَنَذِيرًۭا ۖ और डराने वाला (बनाकर) wanadhīran
और डराने वाला (बनाकर) وَلَا And not walā
And not تُسْـَٔلُ और ना आपसे सवाल किया जाएगा tus'alu
और ना आपसे सवाल किया जाएगा عَنْ about ʿan
about أَصْحَـٰبِ साथियों के बारे में aṣḥābi
साथियों के बारे में ٱلْجَحِيمِ जहन्नम के l-jaḥīmi
जहन्नम के ١١٩ (119)
(119)
बेशक हमने أَرْسَلْنَـٰكَ भेजा हमने आपको arsalnāka
भेजा हमने आपको بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के بَشِيرًۭا ख़ुशख़बरी देने वाला bashīran
ख़ुशख़बरी देने वाला وَنَذِيرًۭا ۖ और डराने वाला (बनाकर) wanadhīran
और डराने वाला (बनाकर) وَلَا And not walā
And not تُسْـَٔلُ और ना आपसे सवाल किया जाएगा tus'alu
और ना आपसे सवाल किया जाएगा عَنْ about ʿan
about أَصْحَـٰبِ साथियों के बारे में aṣḥābi
साथियों के बारे में ٱلْجَحِيمِ जहन्नम के l-jaḥīmi
जहन्नम के ١١٩ (119)
(119)
निःसंदेह (ऐ नबी!) हमने आपको सत्य के साथ खुशख़बरी देने वाला तथा डराने वाला1 बनाकर भेजा है। और आपसे दोज़ख़ियों के बारे में नहीं पूछा जाएगा।
२:१२०
وَلَن
और हरगिज़ नहीं
walan
और हरगिज़ नहीं تَرْضَىٰ राज़ी होंगे tarḍā
राज़ी होंगे عَنكَ आप से ʿanka
आप से ٱلْيَهُودُ यहूद l-yahūdu
यहूद وَلَا और ना walā
और ना ٱلنَّصَـٰرَىٰ नसारा l-naṣārā
नसारा حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि تَتَّبِعَ आप पैरवी करें tattabiʿa
आप पैरवी करें مِلَّتَهُمْ ۗ उनके तरीक़े की millatahum
उनके तरीक़े की قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए إِنَّ बेशक inna
बेशक هُدَى हिदायत hudā
हिदायत ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की هُوَ वो ही huwa
वो ही ٱلْهُدَىٰ ۗ हिदायत है l-hudā
हिदायत है وَلَئِنِ और अलबत्ता अगर wala-ini
और अलबत्ता अगर ٱتَّبَعْتَ पैरवी की आपने ittabaʿta
पैरवी की आपने أَهْوَآءَهُم उनकी ख़्वाहिशात की ahwāahum
उनकी ख़्वाहिशात की بَعْدَ बाद उसके baʿda
बाद उसके ٱلَّذِى जो alladhī
जो جَآءَكَ आ गया आपके पास jāaka
आ गया आपके पास مِنَ of mina
of ٱلْعِلْمِ ۙ इल्म में से l-ʿil'mi
इल्म में से مَا नहीं mā
नहीं لَكَ आपके लिए laka
आपके लिए مِنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह से (बचाने वाला) l-lahi
अल्लाह से (बचाने वाला) مِن any min
any وَلِىٍّۢ कोई हिमायती waliyyin
कोई हिमायती وَلَا और ना walā
और ना نَصِيرٍ कोई मददगार naṣīrin
कोई मददगार ١٢٠ (120)
(120)
और हरगिज़ नहीं تَرْضَىٰ राज़ी होंगे tarḍā
राज़ी होंगे عَنكَ आप से ʿanka
आप से ٱلْيَهُودُ यहूद l-yahūdu
यहूद وَلَا और ना walā
और ना ٱلنَّصَـٰرَىٰ नसारा l-naṣārā
नसारा حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि تَتَّبِعَ आप पैरवी करें tattabiʿa
आप पैरवी करें مِلَّتَهُمْ ۗ उनके तरीक़े की millatahum
उनके तरीक़े की قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए إِنَّ बेशक inna
बेशक هُدَى हिदायत hudā
हिदायत ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की هُوَ वो ही huwa
वो ही ٱلْهُدَىٰ ۗ हिदायत है l-hudā
हिदायत है وَلَئِنِ और अलबत्ता अगर wala-ini
और अलबत्ता अगर ٱتَّبَعْتَ पैरवी की आपने ittabaʿta
पैरवी की आपने أَهْوَآءَهُم उनकी ख़्वाहिशात की ahwāahum
उनकी ख़्वाहिशात की بَعْدَ बाद उसके baʿda
बाद उसके ٱلَّذِى जो alladhī
जो جَآءَكَ आ गया आपके पास jāaka
आ गया आपके पास مِنَ of mina
of ٱلْعِلْمِ ۙ इल्म में से l-ʿil'mi
इल्म में से مَا नहीं mā
नहीं لَكَ आपके लिए laka
आपके लिए مِنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह से (बचाने वाला) l-lahi
अल्लाह से (बचाने वाला) مِن any min
any وَلِىٍّۢ कोई हिमायती waliyyin
कोई हिमायती وَلَا और ना walā
और ना نَصِيرٍ कोई मददगार naṣīrin
कोई मददगार ١٢٠ (120)
(120)
(ऐ नबी!) यहूदी तथा ईसाई आपसे हरगिज़ राज़ी न होंगे, यहाँ तक कि आप उनके धर्म की पैरवी करें। आप कह दीजिए कि निःसंदेह अल्लाह का मार्गदर्शन ही असल मार्गदर्शन है, और यदि आपने उनकी इच्छाओं का अनुसरण किया, उस ज्ञान के बाद जो आपके पास आया है, तो अल्लाह से (बचाने में) आपका न कोई मित्र होगा और न कोई सहायक।
२:१२१
ٱلَّذِينَ
वो लोग जो
alladhīna
वो लोग जो ءَاتَيْنَـٰهُمُ दी हमने उन्हें ātaynāhumu
दी हमने उन्हें ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब يَتْلُونَهُۥ वो तिलावत करते हैं उसकी yatlūnahu
वो तिलावत करते हैं उसकी حَقَّ हक़ है (जैसा) ḥaqqa
हक़ है (जैसा) تِلَاوَتِهِۦٓ उसकी तिलावत का tilāwatihi
उसकी तिलावत का أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं يُؤْمِنُونَ जो ईमान लाते हैं yu'minūna
जो ईमान लाते हैं بِهِۦ ۗ उस पर bihi
उस पर وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَكْفُرْ कुफ़्र करेगा yakfur
कुफ़्र करेगा بِهِۦ उसका bihi
उसका فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْخَـٰسِرُونَ जो ख़सारा पाने वाले हैं l-khāsirūna
जो ख़सारा पाने वाले हैं ١٢١ (121)
(121)
वो लोग जो ءَاتَيْنَـٰهُمُ दी हमने उन्हें ātaynāhumu
दी हमने उन्हें ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब يَتْلُونَهُۥ वो तिलावत करते हैं उसकी yatlūnahu
वो तिलावत करते हैं उसकी حَقَّ हक़ है (जैसा) ḥaqqa
हक़ है (जैसा) تِلَاوَتِهِۦٓ उसकी तिलावत का tilāwatihi
उसकी तिलावत का أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं يُؤْمِنُونَ जो ईमान लाते हैं yu'minūna
जो ईमान लाते हैं بِهِۦ ۗ उस पर bihi
उस पर وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَكْفُرْ कुफ़्र करेगा yakfur
कुफ़्र करेगा بِهِۦ उसका bihi
उसका فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْخَـٰسِرُونَ जो ख़सारा पाने वाले हैं l-khāsirūna
जो ख़सारा पाने वाले हैं ١٢١ (121)
(121)
वे लोग जिन्हें हमने किताब दी है, उसे पढ़ते हैं जैसे उसे पढ़ने का हक़ है, ये लोग उसपर ईमान रखते हैं और जो कोई उसका इनकार करे, तो वही लोग घाटा उठाने वाले हैं।
२:१२२
يَـٰبَنِىٓ
O Children
yābanī
O Children إِسْرَٰٓءِيلَ ऐ बनी इस्राईल is'rāīla
ऐ बनी इस्राईल ٱذْكُرُوا۟ याद करो udh'kurū
याद करो نِعْمَتِىَ मेरी नेअमत को niʿ'matiya
मेरी नेअमत को ٱلَّتِىٓ वो जो allatī
वो जो أَنْعَمْتُ इनाम की मैंने anʿamtu
इनाम की मैंने عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर وَأَنِّى और बेशक मैं wa-annī
और बेशक मैं فَضَّلْتُكُمْ फ़ज़ीलत दी थी मैंने तुम्हें faḍḍaltukum
फ़ज़ीलत दी थी मैंने तुम्हें عَلَى over ʿalā
over ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों पर l-ʿālamīna
तमाम जहानों पर ١٢٢ (122)
(122)
O Children إِسْرَٰٓءِيلَ ऐ बनी इस्राईल is'rāīla
ऐ बनी इस्राईल ٱذْكُرُوا۟ याद करो udh'kurū
याद करो نِعْمَتِىَ मेरी नेअमत को niʿ'matiya
मेरी नेअमत को ٱلَّتِىٓ वो जो allatī
वो जो أَنْعَمْتُ इनाम की मैंने anʿamtu
इनाम की मैंने عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर وَأَنِّى और बेशक मैं wa-annī
और बेशक मैं فَضَّلْتُكُمْ फ़ज़ीलत दी थी मैंने तुम्हें faḍḍaltukum
फ़ज़ीलत दी थी मैंने तुम्हें عَلَى over ʿalā
over ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों पर l-ʿālamīna
तमाम जहानों पर ١٢٢ (122)
(122)
ऐ इसराईल की संतान! मेरे उस अनुग्रह को याद करो, जो मैंने तुमपर किया और यह कि निःसंदेह मैंने ही तुम्हें संसार वालों पर श्रेष्ठता प्रदान की।
२:१२३
وَٱتَّقُوا۟
और डरो
wa-ittaqū
और डरो يَوْمًۭا उस दिन से yawman
उस दिन से لَّا not lā
not تَجْزِى नहीं काम आएगा tajzī
नहीं काम आएगा نَفْسٌ कोई नफ़्स nafsun
कोई नफ़्स عَن (of) ʿan
(of) نَّفْسٍۢ किसी नफ़्स के nafsin
किसी नफ़्स के شَيْـًۭٔا कुछ भी shayan
कुछ भी وَلَا और ना walā
और ना يُقْبَلُ क़ुबूल किया जाएगा yuq'balu
क़ुबूल किया जाएगा مِنْهَا उससे min'hā
उससे عَدْلٌۭ कोई बदला ʿadlun
कोई बदला وَلَا और ना walā
और ना تَنفَعُهَا नफ़ा देगी उसे tanfaʿuhā
नफ़ा देगी उसे شَفَـٰعَةٌۭ कोई सिफ़ारिश shafāʿatun
कोई सिफ़ारिश وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يُنصَرُونَ वो मदद किए जाऐंगे yunṣarūna
वो मदद किए जाऐंगे ١٢٣ (123)
(123)
और डरो يَوْمًۭا उस दिन से yawman
उस दिन से لَّا not lā
not تَجْزِى नहीं काम आएगा tajzī
नहीं काम आएगा نَفْسٌ कोई नफ़्स nafsun
कोई नफ़्स عَن (of) ʿan
(of) نَّفْسٍۢ किसी नफ़्स के nafsin
किसी नफ़्स के شَيْـًۭٔا कुछ भी shayan
कुछ भी وَلَا और ना walā
और ना يُقْبَلُ क़ुबूल किया जाएगा yuq'balu
क़ुबूल किया जाएगा مِنْهَا उससे min'hā
उससे عَدْلٌۭ कोई बदला ʿadlun
कोई बदला وَلَا और ना walā
और ना تَنفَعُهَا नफ़ा देगी उसे tanfaʿuhā
नफ़ा देगी उसे شَفَـٰعَةٌۭ कोई सिफ़ारिश shafāʿatun
कोई सिफ़ारिश وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يُنصَرُونَ वो मदद किए जाऐंगे yunṣarūna
वो मदद किए जाऐंगे ١٢٣ (123)
(123)
तथा उस दिन से डरो, जब कोई किसी के कुछ काम न आएगा, और न उससे कोई फ़िदया (दंड राशि) स्वीकार किया जाएगा और न उसे कोई अनुशंसा (सिफ़ारिश) लाभ देगी, और न उनकी मदद की जाएगी।
२:१२४
۞ وَإِذِ
और जब
wa-idhi
और जब ٱبْتَلَىٰٓ आज़माया ib'talā
आज़माया إِبْرَٰهِـۧمَ इब्राहीम को ib'rāhīma
इब्राहीम को رَبُّهُۥ उसके रब ने rabbuhu
उसके रब ने بِكَلِمَـٰتٍۢ चंद कलिमात से bikalimātin
चंद कलिमात से فَأَتَمَّهُنَّ ۖ तो उसने पूरा कर दिया उन्हें fa-atammahunna
तो उसने पूरा कर दिया उन्हें قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं جَاعِلُكَ बनाने वाला हूँ तुझे jāʿiluka
बनाने वाला हूँ तुझे لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए إِمَامًۭا ۖ इमाम imāman
इमाम قَالَ कहा qāla
कहा وَمِن And from wamin
And from ذُرِّيَّتِى ۖ और मेरी औलाद में से dhurriyyatī
और मेरी औलाद में से قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया لَا (Does) not lā
(Does) not يَنَالُ नहीं पहुँचेगा yanālu
नहीं पहुँचेगा عَهْدِى अहद मेरा ʿahdī
अहद मेरा ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों को l-ẓālimīna
ज़ालिमों को ١٢٤ (124)
(124)
और जब ٱبْتَلَىٰٓ आज़माया ib'talā
आज़माया إِبْرَٰهِـۧمَ इब्राहीम को ib'rāhīma
इब्राहीम को رَبُّهُۥ उसके रब ने rabbuhu
उसके रब ने بِكَلِمَـٰتٍۢ चंद कलिमात से bikalimātin
चंद कलिमात से فَأَتَمَّهُنَّ ۖ तो उसने पूरा कर दिया उन्हें fa-atammahunna
तो उसने पूरा कर दिया उन्हें قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं جَاعِلُكَ बनाने वाला हूँ तुझे jāʿiluka
बनाने वाला हूँ तुझे لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए إِمَامًۭا ۖ इमाम imāman
इमाम قَالَ कहा qāla
कहा وَمِن And from wamin
And from ذُرِّيَّتِى ۖ और मेरी औलाद में से dhurriyyatī
और मेरी औलाद में से قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया لَا (Does) not lā
(Does) not يَنَالُ नहीं पहुँचेगा yanālu
नहीं पहुँचेगा عَهْدِى अहद मेरा ʿahdī
अहद मेरा ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों को l-ẓālimīna
ज़ालिमों को ١٢٤ (124)
(124)
और (उस समय को याद करो) जब इबराहीम को उसके पालनहार ने कुछ बातों के साथ आज़माया, तो उसने उन्हें पूरा कर दिया। उसने कहा : निःसंदेह मैं तुम्हें लोगों का इमाम (पेशवा) बनाने वाला हूँ। (इबराहीम ने) कहा : तथा मेरी संतान में से भी? (अल्लाह ने) फरमाया : मेरा वचन अत्याचारियों1 को नहीं पहुँचता।
२:१२५
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब جَعَلْنَا बनाया हमने jaʿalnā
बनाया हमने ٱلْبَيْتَ बैतुल्लाह को l-bayta
बैतुल्लाह को مَثَابَةًۭ लौटने की जगह/मरकज़ mathābatan
लौटने की जगह/मरकज़ لِّلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए وَأَمْنًۭا और अमन की जगह wa-amnan
और अमन की जगह وَٱتَّخِذُوا۟ और बना लो wa-ittakhidhū
और बना लो مِن [from] min
[from] مَّقَامِ (the) standing place maqāmi
(the) standing place إِبْرَٰهِـۧمَ मक़ामे इब्राहीम को ib'rāhīma
मक़ामे इब्राहीम को مُصَلًّۭى ۖ जाए नमाज़ muṣallan
जाए नमाज़ وَعَهِدْنَآ और अहद लिया हमने waʿahid'nā
और अहद लिया हमने إِلَىٰٓ with ilā
with إِبْرَٰهِـۧمَ इब्राहीम से ib'rāhīma
इब्राहीम से وَإِسْمَـٰعِيلَ और इस्माईल से wa-is'māʿīla
और इस्माईल से أَن कि an
कि طَهِّرَا तुम दोनों पाक करो ṭahhirā
तुम दोनों पाक करो بَيْتِىَ मेरे घर को baytiya
मेरे घर को لِلطَّآئِفِينَ वास्ते तवाफ़ करने वालों के lilṭṭāifīna
वास्ते तवाफ़ करने वालों के وَٱلْعَـٰكِفِينَ और एतकाफ़ करने वालों wal-ʿākifīna
और एतकाफ़ करने वालों وَٱلرُّكَّعِ और रुकू करने वालों wal-rukaʿi
और रुकू करने वालों ٱلسُّجُودِ सजदा करने वालों के l-sujūdi
सजदा करने वालों के ١٢٥ (125)
(125)
और जब جَعَلْنَا बनाया हमने jaʿalnā
बनाया हमने ٱلْبَيْتَ बैतुल्लाह को l-bayta
बैतुल्लाह को مَثَابَةًۭ लौटने की जगह/मरकज़ mathābatan
लौटने की जगह/मरकज़ لِّلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए وَأَمْنًۭا और अमन की जगह wa-amnan
और अमन की जगह وَٱتَّخِذُوا۟ और बना लो wa-ittakhidhū
और बना लो مِن [from] min
[from] مَّقَامِ (the) standing place maqāmi
(the) standing place إِبْرَٰهِـۧمَ मक़ामे इब्राहीम को ib'rāhīma
मक़ामे इब्राहीम को مُصَلًّۭى ۖ जाए नमाज़ muṣallan
जाए नमाज़ وَعَهِدْنَآ और अहद लिया हमने waʿahid'nā
और अहद लिया हमने إِلَىٰٓ with ilā
with إِبْرَٰهِـۧمَ इब्राहीम से ib'rāhīma
इब्राहीम से وَإِسْمَـٰعِيلَ और इस्माईल से wa-is'māʿīla
और इस्माईल से أَن कि an
कि طَهِّرَا तुम दोनों पाक करो ṭahhirā
तुम दोनों पाक करो بَيْتِىَ मेरे घर को baytiya
मेरे घर को لِلطَّآئِفِينَ वास्ते तवाफ़ करने वालों के lilṭṭāifīna
वास्ते तवाफ़ करने वालों के وَٱلْعَـٰكِفِينَ और एतकाफ़ करने वालों wal-ʿākifīna
और एतकाफ़ करने वालों وَٱلرُّكَّعِ और रुकू करने वालों wal-rukaʿi
और रुकू करने वालों ٱلسُّجُودِ सजदा करने वालों के l-sujūdi
सजदा करने वालों के ١٢٥ (125)
(125)
और (उस समय को याद करो) जब हमने इस घर (काबा) को लोगों के लिए लौट कर आने की जगह तथा सर्वथा शांति बनाया, तथा (आदेश दिया) तुम 'मक़ामे इबराहीम' (इबराहीम के खड़े होने की जगह) को नमाज़ का स्थान1 बनाओ। तथा हमने इबराहीम और इसमाईल को ताकीदी हुक्म दिया कि तुम दोनों मेरे घर को तवाफ़ (परिक्रमा) करने वालों तथा एतिकाफ़2 करने वालों और रुकू' एवं सजदा करने वालों के लिए पवित्र (साफ़) रखो।
२:१२६
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब قَالَ कहा qāla
कहा إِبْرَٰهِـۧمُ इब्राहीम ने ib'rāhīmu
इब्राहीम ने رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब ٱجْعَلْ बना दे ij'ʿal
बना दे هَـٰذَا इसे hādhā
इसे بَلَدًا शहर baladan
शहर ءَامِنًۭا अमन वाला āminan
अमन वाला وَٱرْزُقْ और रिज़्क़ दे wa-ur'zuq
और रिज़्क़ दे أَهْلَهُۥ इसके रहने वालों को ahlahu
इसके रहने वालों को مِنَ with mina
with ٱلثَّمَرَٰتِ फलों में से l-thamarāti
फलों में से مَنْ जो कोई man
जो कोई ءَامَنَ ईमान लाए āmana
ईमान लाए مِنْهُم उनमें से min'hum
उनमें से بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَٱلْيَوْمِ and the Day wal-yawmi
and the Day ٱلْـَٔاخِرِ ۖ और आख़िरी दिन पर l-ākhiri
और आख़िरी दिन पर قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया وَمَن और जिसने waman
और जिसने كَفَرَ कुफ़्र किया kafara
कुफ़्र किया فَأُمَتِّعُهُۥ तो मै फ़ायदा दूँगा उसे fa-umattiʿuhu
तो मै फ़ायदा दूँगा उसे قَلِيلًۭا थोड़ा सा qalīlan
थोड़ा सा ثُمَّ फिर thumma
फिर أَضْطَرُّهُۥٓ मैं मजबूर कर दूँगा उसे aḍṭarruhu
मैं मजबूर कर दूँगा उसे إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ عَذَابِ अज़ाब ʿadhābi
अज़ाब ٱلنَّارِ ۖ आग के l-nāri
आग के وَبِئْسَ और कितनी बुरी है wabi'sa
और कितनी बुरी है ٱلْمَصِيرُ लौटने की जगह l-maṣīru
लौटने की जगह ١٢٦ (126)
(126)
और जब قَالَ कहा qāla
कहा إِبْرَٰهِـۧمُ इब्राहीम ने ib'rāhīmu
इब्राहीम ने رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब ٱجْعَلْ बना दे ij'ʿal
बना दे هَـٰذَا इसे hādhā
इसे بَلَدًا शहर baladan
शहर ءَامِنًۭا अमन वाला āminan
अमन वाला وَٱرْزُقْ और रिज़्क़ दे wa-ur'zuq
और रिज़्क़ दे أَهْلَهُۥ इसके रहने वालों को ahlahu
इसके रहने वालों को مِنَ with mina
with ٱلثَّمَرَٰتِ फलों में से l-thamarāti
फलों में से مَنْ जो कोई man
जो कोई ءَامَنَ ईमान लाए āmana
ईमान लाए مِنْهُم उनमें से min'hum
उनमें से بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَٱلْيَوْمِ and the Day wal-yawmi
and the Day ٱلْـَٔاخِرِ ۖ और आख़िरी दिन पर l-ākhiri
और आख़िरी दिन पर قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया وَمَن और जिसने waman
और जिसने كَفَرَ कुफ़्र किया kafara
कुफ़्र किया فَأُمَتِّعُهُۥ तो मै फ़ायदा दूँगा उसे fa-umattiʿuhu
तो मै फ़ायदा दूँगा उसे قَلِيلًۭا थोड़ा सा qalīlan
थोड़ा सा ثُمَّ फिर thumma
फिर أَضْطَرُّهُۥٓ मैं मजबूर कर दूँगा उसे aḍṭarruhu
मैं मजबूर कर दूँगा उसे إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ عَذَابِ अज़ाब ʿadhābi
अज़ाब ٱلنَّارِ ۖ आग के l-nāri
आग के وَبِئْسَ और कितनी बुरी है wabi'sa
और कितनी बुरी है ٱلْمَصِيرُ लौटने की जगह l-maṣīru
लौटने की जगह ١٢٦ (126)
(126)
और (उस समय को याद करो) जब इबराहीम ने कहा : ऐ मेरे पालनहार! इस (जगह) को शांति वाला नगर बना दे और इसके वासियों को फलों से रोज़ी दे, जो उनमें से अल्लाह और अंतिम दिन पर ईमान लाए। (अल्लाह ने) फरमाया : और जिसने कुफ़्र किया, तो मैं उसे भी थोड़ा-सा लाभ दूँगा, फिर उसे आग की यातना की ओर विवश करूँगा और वह लौटने का बुरा स्थान है।
२:१२७
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब يَرْفَعُ बुलन्द कर रहे थे yarfaʿu
बुलन्द कर रहे थे إِبْرَٰهِـۧمُ इब्राहीम ib'rāhīmu
इब्राहीम ٱلْقَوَاعِدَ बुनियादें l-qawāʿida
बुनियादें مِنَ of mina
of ٱلْبَيْتِ बैतुल्लाह की l-bayti
बैतुल्लाह की وَإِسْمَـٰعِيلُ और इस्माईल wa-is'māʿīlu
और इस्माईल رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब تَقَبَّلْ तू क़ुबूल फ़रमा taqabbal
तू क़ुबूल फ़रमा مِنَّآ ۖ हम से minnā
हम से إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू أَنتَ तू ही है anta
तू ही है ٱلسَّمِيعُ ख़ूब सुनने वाला l-samīʿu
ख़ूब सुनने वाला ٱلْعَلِيمُ ख़ूब जानने वाला l-ʿalīmu
ख़ूब जानने वाला ١٢٧ (127)
(127)
और जब يَرْفَعُ बुलन्द कर रहे थे yarfaʿu
बुलन्द कर रहे थे إِبْرَٰهِـۧمُ इब्राहीम ib'rāhīmu
इब्राहीम ٱلْقَوَاعِدَ बुनियादें l-qawāʿida
बुनियादें مِنَ of mina
of ٱلْبَيْتِ बैतुल्लाह की l-bayti
बैतुल्लाह की وَإِسْمَـٰعِيلُ और इस्माईल wa-is'māʿīlu
और इस्माईल رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब تَقَبَّلْ तू क़ुबूल फ़रमा taqabbal
तू क़ुबूल फ़रमा مِنَّآ ۖ हम से minnā
हम से إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू أَنتَ तू ही है anta
तू ही है ٱلسَّمِيعُ ख़ूब सुनने वाला l-samīʿu
ख़ूब सुनने वाला ٱلْعَلِيمُ ख़ूब जानने वाला l-ʿalīmu
ख़ूब जानने वाला ١٢٧ (127)
(127)
और (याद करो) जब इबराहीम और इसमाईल इस घर की बुनियादें उठा रहे थे (और कह रहे थे :) ऐ हमारे पालनहार! हमसे स्वीकार कर ले। निःसंदेह तू ही सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।
२:१२८
رَبَّنَا
ऐ हमारे रब
rabbanā
ऐ हमारे रब وَٱجْعَلْنَا और बना हमें wa-ij'ʿalnā
और बना हमें مُسْلِمَيْنِ फ़रमाबरदार mus'limayni
फ़रमाबरदार لَكَ अपने लिए laka
अपने लिए وَمِن And from wamin
And from ذُرِّيَّتِنَآ और हमारी औलाद में से dhurriyyatinā
और हमारी औलाद में से أُمَّةًۭ एक उम्मत ummatan
एक उम्मत مُّسْلِمَةًۭ फ़रमाबरदार mus'limatan
फ़रमाबरदार لَّكَ अपने लिए laka
अपने लिए وَأَرِنَا और दिखा हमें wa-arinā
और दिखा हमें مَنَاسِكَنَا हमारी इबादत के तरीक़े manāsikanā
हमारी इबादत के तरीक़े وَتُبْ और मेहरबान हो watub
और मेहरबान हो عَلَيْنَآ ۖ हम पर ʿalaynā
हम पर إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू أَنتَ तू ही है anta
तू ही है ٱلتَّوَّابُ बहुत तौबा क़ुबूल करने वाला l-tawābu
बहुत तौबा क़ुबूल करने वाला ٱلرَّحِيمُ निहायत रहम करने वाला l-raḥīmu
निहायत रहम करने वाला ١٢٨ (128)
(128)
ऐ हमारे रब وَٱجْعَلْنَا और बना हमें wa-ij'ʿalnā
और बना हमें مُسْلِمَيْنِ फ़रमाबरदार mus'limayni
फ़रमाबरदार لَكَ अपने लिए laka
अपने लिए وَمِن And from wamin
And from ذُرِّيَّتِنَآ और हमारी औलाद में से dhurriyyatinā
और हमारी औलाद में से أُمَّةًۭ एक उम्मत ummatan
एक उम्मत مُّسْلِمَةًۭ फ़रमाबरदार mus'limatan
फ़रमाबरदार لَّكَ अपने लिए laka
अपने लिए وَأَرِنَا और दिखा हमें wa-arinā
और दिखा हमें مَنَاسِكَنَا हमारी इबादत के तरीक़े manāsikanā
हमारी इबादत के तरीक़े وَتُبْ और मेहरबान हो watub
और मेहरबान हो عَلَيْنَآ ۖ हम पर ʿalaynā
हम पर إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू أَنتَ तू ही है anta
तू ही है ٱلتَّوَّابُ बहुत तौबा क़ुबूल करने वाला l-tawābu
बहुत तौबा क़ुबूल करने वाला ٱلرَّحِيمُ निहायत रहम करने वाला l-raḥīmu
निहायत रहम करने वाला ١٢٨ (128)
(128)
ऐ हमारे पालनहार! और हमें अपना आज्ञाकारी बना और हमारी संतान में से भी एक समुदाय अपना आज्ञाकारी बना और हमें अपनी इबादत के तरीक़े दिखा तथा हमारी तौबा क़बूल फरमा। निःसंदेह तू ही बहुत तौबा क़बूल करने वाला, अत्यंत दयावान् है।
२:१२९
رَبَّنَا
ऐ हमारे रब
rabbanā
ऐ हमारे रब وَٱبْعَثْ और मबऊस फ़रमा wa-ib'ʿath
और मबऊस फ़रमा فِيهِمْ उनमें fīhim
उनमें رَسُولًۭا एक रसूल को rasūlan
एक रसूल को مِّنْهُمْ उन्ही में से min'hum
उन्ही में से يَتْلُوا۟ वो तिलावत करे yatlū
वो तिलावत करे عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर ءَايَـٰتِكَ आयात तेरी āyātika
आयात तेरी وَيُعَلِّمُهُمُ और वो तालीम दे उन्हें wayuʿallimuhumu
और वो तालीम दे उन्हें ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब وَٱلْحِكْمَةَ और हिकमत की wal-ḥik'mata
और हिकमत की وَيُزَكِّيهِمْ ۚ और वो तज़किया करे उनका wayuzakkīhim
और वो तज़किया करे उनका إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू أَنتَ तू ही है anta
तू ही है ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त ٱلْحَكِيمُ ख़ूब हिकमत वाला l-ḥakīmu
ख़ूब हिकमत वाला ١٢٩ (129)
(129)
ऐ हमारे रब وَٱبْعَثْ और मबऊस फ़रमा wa-ib'ʿath
और मबऊस फ़रमा فِيهِمْ उनमें fīhim
उनमें رَسُولًۭا एक रसूल को rasūlan
एक रसूल को مِّنْهُمْ उन्ही में से min'hum
उन्ही में से يَتْلُوا۟ वो तिलावत करे yatlū
वो तिलावत करे عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर ءَايَـٰتِكَ आयात तेरी āyātika
आयात तेरी وَيُعَلِّمُهُمُ और वो तालीम दे उन्हें wayuʿallimuhumu
और वो तालीम दे उन्हें ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब وَٱلْحِكْمَةَ और हिकमत की wal-ḥik'mata
और हिकमत की وَيُزَكِّيهِمْ ۚ और वो तज़किया करे उनका wayuzakkīhim
और वो तज़किया करे उनका إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू أَنتَ तू ही है anta
तू ही है ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त ٱلْحَكِيمُ ख़ूब हिकमत वाला l-ḥakīmu
ख़ूब हिकमत वाला ١٢٩ (129)
(129)
ऐ हमारे पालनहार! और उनमें उन्हीं में से एक रसूल भेज, जो उनपर तेरी आयतें पढ़े, और उन्हें पुस्तक (क़ुरआन) तथा ह़िकमत (सुन्नत) की शिक्षा दे और उन्हें पाक करे। निःसंदेह तू ही सब पर प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।1
२:१३०
وَمَن
और कौन है
waman
और कौन है يَرْغَبُ जो मुँह मोड़े yarghabu
जो मुँह मोड़े عَن from ʿan
from مِّلَّةِ तरीक़े से millati
तरीक़े से إِبْرَٰهِـۧمَ इब्राहीम के ib'rāhīma
इब्राहीम के إِلَّا मगर illā
मगर مَن वो जिसने man
वो जिसने سَفِهَ बेवक़ूफ़ बनाया safiha
बेवक़ूफ़ बनाया نَفْسَهُۥ ۚ अपने नफ़्स को nafsahu
अपने नफ़्स को وَلَقَدِ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqadi
और अलबत्ता तहक़ीक़ ٱصْطَفَيْنَـٰهُ चुन लिया था हमने उसे iṣ'ṭafaynāhu
चुन लिया था हमने उसे فِى in fī
in ٱلدُّنْيَا ۖ दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में وَإِنَّهُۥ और बेशक वो wa-innahu
और बेशक वो فِى in fī
in ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत में l-ākhirati
आख़िरत में لَمِنَ surely (will be) among lamina
surely (will be) among ٱلصَّـٰلِحِينَ अलबत्ता सालेह लोगों में से है l-ṣāliḥīna
अलबत्ता सालेह लोगों में से है ١٣٠ (130)
(130)
और कौन है يَرْغَبُ जो मुँह मोड़े yarghabu
जो मुँह मोड़े عَن from ʿan
from مِّلَّةِ तरीक़े से millati
तरीक़े से إِبْرَٰهِـۧمَ इब्राहीम के ib'rāhīma
इब्राहीम के إِلَّا मगर illā
मगर مَن वो जिसने man
वो जिसने سَفِهَ बेवक़ूफ़ बनाया safiha
बेवक़ूफ़ बनाया نَفْسَهُۥ ۚ अपने नफ़्स को nafsahu
अपने नफ़्स को وَلَقَدِ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqadi
और अलबत्ता तहक़ीक़ ٱصْطَفَيْنَـٰهُ चुन लिया था हमने उसे iṣ'ṭafaynāhu
चुन लिया था हमने उसे فِى in fī
in ٱلدُّنْيَا ۖ दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में وَإِنَّهُۥ और बेशक वो wa-innahu
और बेशक वो فِى in fī
in ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत में l-ākhirati
आख़िरत में لَمِنَ surely (will be) among lamina
surely (will be) among ٱلصَّـٰلِحِينَ अलबत्ता सालेह लोगों में से है l-ṣāliḥīna
अलबत्ता सालेह लोगों में से है ١٣٠ (130)
(130)
तथा कौन है जो इबराहीम के धर्म से विमुख होगा, सिवाय उसके जिसने अपने आपको मूर्ख बना लिया। निःसंदेह हमने उसे संसार में चुन लिया1 तथा निःसंदेह वह आख़िरत (परलोक) में निश्चय सदाचारियों में से है।
२:१३१
إِذْ
जब
idh
जब قَالَ कहा qāla
कहा لَهُۥ उसको lahu
उसको رَبُّهُۥٓ उसके रब ने rabbuhu
उसके रब ने أَسْلِمْ ۖ फ़रमाबरदार हो जा aslim
फ़रमाबरदार हो जा قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा أَسْلَمْتُ मैं फ़रमाबरदार हो गया aslamtu
मैं फ़रमाबरदार हो गया لِرَبِّ रब के लिए lirabbi
रब के लिए ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों के l-ʿālamīna
तमाम जहानों के ١٣١ (131)
(131)
जब قَالَ कहा qāla
कहा لَهُۥ उसको lahu
उसको رَبُّهُۥٓ उसके रब ने rabbuhu
उसके रब ने أَسْلِمْ ۖ फ़रमाबरदार हो जा aslim
फ़रमाबरदार हो जा قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा أَسْلَمْتُ मैं फ़रमाबरदार हो गया aslamtu
मैं फ़रमाबरदार हो गया لِرَبِّ रब के लिए lirabbi
रब के लिए ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों के l-ʿālamīna
तमाम जहानों के ١٣١ (131)
(131)
जब उसके पालनहार ने उससे कहा : (मेरा) आज्ञाकारी हो जा। उसने कहा : मैं सर्व संसार के पालनहार का आज्ञाकारी हो गया।
२:१३२
وَوَصَّىٰ
और वसीयत की
wawaṣṣā
और वसीयत की بِهَآ उसकी bihā
उसकी إِبْرَٰهِـۧمُ इब्राहीम ने ib'rāhīmu
इब्राहीम ने بَنِيهِ अपने बेटों को banīhi
अपने बेटों को وَيَعْقُوبُ और याक़ूब ने wayaʿqūbu
और याक़ूब ने يَـٰبَنِىَّ ऐ मेरे बेटो yābaniyya
ऐ मेरे बेटो إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने ٱصْطَفَىٰ चुन लिया iṣ'ṭafā
चुन लिया لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلدِّينَ दीन को l-dīna
दीन को فَلَا so not falā
so not تَمُوتُنَّ पस तुम हरगिज़ ना मरना tamūtunna
पस तुम हरगिज़ ना मरना إِلَّا मगर illā
मगर وَأَنتُم इस हाल में कि तुम wa-antum
इस हाल में कि तुम مُّسْلِمُونَ मुसलमान हो mus'limūna
मुसलमान हो ١٣٢ (132)
(132)
और वसीयत की بِهَآ उसकी bihā
उसकी إِبْرَٰهِـۧمُ इब्राहीम ने ib'rāhīmu
इब्राहीम ने بَنِيهِ अपने बेटों को banīhi
अपने बेटों को وَيَعْقُوبُ और याक़ूब ने wayaʿqūbu
और याक़ूब ने يَـٰبَنِىَّ ऐ मेरे बेटो yābaniyya
ऐ मेरे बेटो إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने ٱصْطَفَىٰ चुन लिया iṣ'ṭafā
चुन लिया لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلدِّينَ दीन को l-dīna
दीन को فَلَا so not falā
so not تَمُوتُنَّ पस तुम हरगिज़ ना मरना tamūtunna
पस तुम हरगिज़ ना मरना إِلَّا मगर illā
मगर وَأَنتُم इस हाल में कि तुम wa-antum
इस हाल में कि तुम مُّسْلِمُونَ मुसलमान हो mus'limūna
मुसलमान हो ١٣٢ (132)
(132)
तथा इसी की वसीयत इबराहीम ने अपने बेटों को की और याक़ूब ने भी। ऐ मेरे बेटो! निःसंदेह अल्लाह ने तुम्हारे लिए यह धर्म (इस्लाम) चुन लिया है। सो, तुम हरगिज़ न मरना परंतु इस हाल में कि तुम मुसलमान (आज्ञाकारी) हो।
२:१३३
أَمْ
क्या
am
क्या كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम شُهَدَآءَ मौजूद shuhadāa
मौजूद إِذْ जब idh
जब حَضَرَ आई ḥaḍara
आई يَعْقُوبَ याक़ूब को yaʿqūba
याक़ूब को ٱلْمَوْتُ मौत l-mawtu
मौत إِذْ जब idh
जब قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा لِبَنِيهِ अपने बेटों से libanīhi
अपने बेटों से مَا किस की mā
किस की تَعْبُدُونَ तुम इबादत करोगे taʿbudūna
तुम इबादत करोगे مِنۢ from min
from بَعْدِى मेरे बाद baʿdī
मेरे बाद قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा نَعْبُدُ हम इबादत करेंगे naʿbudu
हम इबादत करेंगे إِلَـٰهَكَ तेरे इलाह की ilāhaka
तेरे इलाह की وَإِلَـٰهَ और इलाह की wa-ilāha
और इलाह की ءَابَآئِكَ तेरे आबा ओ अजदाद के ābāika
तेरे आबा ओ अजदाद के إِبْرَٰهِـۧمَ इब्राहीम ib'rāhīma
इब्राहीम وَإِسْمَـٰعِيلَ और इस्माईल wa-is'māʿīla
और इस्माईल وَإِسْحَـٰقَ और इस्हाक़ के wa-is'ḥāqa
और इस्हाक़ के إِلَـٰهًۭا इलाह की ilāhan
इलाह की وَٰحِدًۭا एक ही की wāḥidan
एक ही की وَنَحْنُ और हम wanaḥnu
और हम لَهُۥ उसी के लिए lahu
उसी के लिए مُسْلِمُونَ फ़रमाबरदार हैं mus'limūna
फ़रमाबरदार हैं ١٣٣ (133)
(133)
क्या كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम شُهَدَآءَ मौजूद shuhadāa
मौजूद إِذْ जब idh
जब حَضَرَ आई ḥaḍara
आई يَعْقُوبَ याक़ूब को yaʿqūba
याक़ूब को ٱلْمَوْتُ मौत l-mawtu
मौत إِذْ जब idh
जब قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा لِبَنِيهِ अपने बेटों से libanīhi
अपने बेटों से مَا किस की mā
किस की تَعْبُدُونَ तुम इबादत करोगे taʿbudūna
तुम इबादत करोगे مِنۢ from min
from بَعْدِى मेरे बाद baʿdī
मेरे बाद قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा نَعْبُدُ हम इबादत करेंगे naʿbudu
हम इबादत करेंगे إِلَـٰهَكَ तेरे इलाह की ilāhaka
तेरे इलाह की وَإِلَـٰهَ और इलाह की wa-ilāha
और इलाह की ءَابَآئِكَ तेरे आबा ओ अजदाद के ābāika
तेरे आबा ओ अजदाद के إِبْرَٰهِـۧمَ इब्राहीम ib'rāhīma
इब्राहीम وَإِسْمَـٰعِيلَ और इस्माईल wa-is'māʿīla
और इस्माईल وَإِسْحَـٰقَ और इस्हाक़ के wa-is'ḥāqa
और इस्हाक़ के إِلَـٰهًۭا इलाह की ilāhan
इलाह की وَٰحِدًۭا एक ही की wāḥidan
एक ही की وَنَحْنُ और हम wanaḥnu
और हम لَهُۥ उसी के लिए lahu
उसी के लिए مُسْلِمُونَ फ़रमाबरदार हैं mus'limūna
फ़रमाबरदार हैं ١٣٣ (133)
(133)
या तुम मौजूद थे, जब याक़ूब की मृत्यु का समय आया, जब उसने अपने बेटों से कहा : तुम मेरे बाद किसकी इबादत करोगे? उन्होंने उत्तर दिया : हम तेरे पूज्य और तेरे बाप-दादा इबराहीम और इसमाईल और इसहाक़ के पूज्य की इबादत करेंगे, जो एक ही पूज्य है, और हम उसी के आज्ञाकारी हैं।
२:१३४
تِلْكَ
ये
til'ka
ये أُمَّةٌۭ एक उम्मत थी ummatun
एक उम्मत थी قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ خَلَتْ ۖ वो गुज़र गई khalat
वो गुज़र गई لَهَا उसके लिए है lahā
उसके लिए है مَا जो mā
जो كَسَبَتْ उसने कमाया kasabat
उसने कमाया وَلَكُم और तुम्हारे लिए है walakum
और तुम्हारे लिए है مَّا जो mā
जो كَسَبْتُمْ ۖ कमाया तुमने kasabtum
कमाया तुमने وَلَا और ना walā
और ना تُسْـَٔلُونَ तुम सवाल किए जाओगे tus'alūna
तुम सवाल किए जाओगे عَمَّا उसके बारे में जो ʿammā
उसके बारे में जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते ١٣٤ (134)
(134)
ये أُمَّةٌۭ एक उम्मत थी ummatun
एक उम्मत थी قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ خَلَتْ ۖ वो गुज़र गई khalat
वो गुज़र गई لَهَا उसके लिए है lahā
उसके लिए है مَا जो mā
जो كَسَبَتْ उसने कमाया kasabat
उसने कमाया وَلَكُم और तुम्हारे लिए है walakum
और तुम्हारे लिए है مَّا जो mā
जो كَسَبْتُمْ ۖ कमाया तुमने kasabtum
कमाया तुमने وَلَا और ना walā
और ना تُسْـَٔلُونَ तुम सवाल किए जाओगे tus'alūna
तुम सवाल किए जाओगे عَمَّا उसके बारे में जो ʿammā
उसके बारे में जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते ١٣٤ (134)
(134)
यह एक समुदाय था, जो गुज़र चुका। उसके लिए वह है जो उसने कमाया, और तुम्हारे लिए वह है जो तुमने कमाया। और तुमसे उसके बारे में नहीं पूछा जाएगा, जो वे किया करते थे।
२:१३५
وَقَالُوا۟
और उन्होंने कहा
waqālū
और उन्होंने कहा كُونُوا۟ हो जाओ kūnū
हो जाओ هُودًا यहूदी hūdan
यहूदी أَوْ या aw
या نَصَـٰرَىٰ नस्रानी naṣārā
नस्रानी تَهْتَدُوا۟ ۗ तुम हिदायत पा लोगे tahtadū
तुम हिदायत पा लोगे قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए بَلْ बल्कि bal
बल्कि مِلَّةَ मिल्लत millata
मिल्लत إِبْرَٰهِـۧمَ इब्राहीम की ib'rāhīma
इब्राहीम की حَنِيفًۭا ۖ जो यकसू था ḥanīfan
जो यकसू था وَمَا और नहीं wamā
और नहीं كَانَ था वो kāna
था वो مِنَ of mina
of ٱلْمُشْرِكِينَ मुशरिकीन में से l-mush'rikīna
मुशरिकीन में से ١٣٥ (135)
(135)
और उन्होंने कहा كُونُوا۟ हो जाओ kūnū
हो जाओ هُودًا यहूदी hūdan
यहूदी أَوْ या aw
या نَصَـٰرَىٰ नस्रानी naṣārā
नस्रानी تَهْتَدُوا۟ ۗ तुम हिदायत पा लोगे tahtadū
तुम हिदायत पा लोगे قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए بَلْ बल्कि bal
बल्कि مِلَّةَ मिल्लत millata
मिल्लत إِبْرَٰهِـۧمَ इब्राहीम की ib'rāhīma
इब्राहीम की حَنِيفًۭا ۖ जो यकसू था ḥanīfan
जो यकसू था وَمَا और नहीं wamā
और नहीं كَانَ था वो kāna
था वो مِنَ of mina
of ٱلْمُشْرِكِينَ मुशरिकीन में से l-mush'rikīna
मुशरिकीन में से ١٣٥ (135)
(135)
और उन्होंने कहा : यहूदी अथवा ईसाई हो जाओ, मार्गदर्शन पा जाओगे। आप कह दें : बल्कि (हम) इबराहीम के धर्म (का अनुसरण करेंगे), जो एक अल्लाह का होने वाला था और अनेकेश्वरवादियों में से नहीं था।
२:१३६
قُولُوٓا۟
कहो तुम
qūlū
कहो तुम ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَمَآ और (उस पर) जो wamā
और (उस पर) जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया إِلَيْنَا तरफ़ हमारे ilaynā
तरफ़ हमारे وَمَآ और जो wamā
और जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया إِلَىٰٓ तरफ़ ilā
तरफ़ إِبْرَٰهِـۧمَ इब्राहीम के ib'rāhīma
इब्राहीम के وَإِسْمَـٰعِيلَ और इस्माईल wa-is'māʿīla
और इस्माईल وَإِسْحَـٰقَ और इस्हाक़ wa-is'ḥāqa
और इस्हाक़ وَيَعْقُوبَ और याक़ूब wayaʿqūba
और याक़ूब وَٱلْأَسْبَاطِ और औलादे याक़ूब के wal-asbāṭi
और औलादे याक़ूब के وَمَآ और जो wamā
और जो أُوتِىَ दिए गए ūtiya
दिए गए مُوسَىٰ मूसा mūsā
मूसा وَعِيسَىٰ और ईसा waʿīsā
और ईसा وَمَآ और जो wamā
और जो أُوتِىَ दिए गए ūtiya
दिए गए ٱلنَّبِيُّونَ तमाम अम्बिया l-nabiyūna
तमाम अम्बिया مِن from min
from رَّبِّهِمْ अपने रब की तरफ़ से rabbihim
अपने रब की तरफ़ से لَا Not lā
Not نُفَرِّقُ नहीं हम फ़र्क़ करते nufarriqu
नहीं हम फ़र्क़ करते بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान أَحَدٍۢ किसी एक के aḥadin
किसी एक के مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से وَنَحْنُ और हम wanaḥnu
और हम لَهُۥ उसी के लिए lahu
उसी के लिए مُسْلِمُونَ फ़रमाबरदार हैं mus'limūna
फ़रमाबरदार हैं ١٣٦ (136)
(136)
कहो तुम ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَمَآ और (उस पर) जो wamā
और (उस पर) जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया إِلَيْنَا तरफ़ हमारे ilaynā
तरफ़ हमारे وَمَآ और जो wamā
और जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया إِلَىٰٓ तरफ़ ilā
तरफ़ إِبْرَٰهِـۧمَ इब्राहीम के ib'rāhīma
इब्राहीम के وَإِسْمَـٰعِيلَ और इस्माईल wa-is'māʿīla
और इस्माईल وَإِسْحَـٰقَ और इस्हाक़ wa-is'ḥāqa
और इस्हाक़ وَيَعْقُوبَ और याक़ूब wayaʿqūba
और याक़ूब وَٱلْأَسْبَاطِ और औलादे याक़ूब के wal-asbāṭi
और औलादे याक़ूब के وَمَآ और जो wamā
और जो أُوتِىَ दिए गए ūtiya
दिए गए مُوسَىٰ मूसा mūsā
मूसा وَعِيسَىٰ और ईसा waʿīsā
और ईसा وَمَآ और जो wamā
और जो أُوتِىَ दिए गए ūtiya
दिए गए ٱلنَّبِيُّونَ तमाम अम्बिया l-nabiyūna
तमाम अम्बिया مِن from min
from رَّبِّهِمْ अपने रब की तरफ़ से rabbihim
अपने रब की तरफ़ से لَا Not lā
Not نُفَرِّقُ नहीं हम फ़र्क़ करते nufarriqu
नहीं हम फ़र्क़ करते بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान أَحَدٍۢ किसी एक के aḥadin
किसी एक के مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से وَنَحْنُ और हम wanaḥnu
और हम لَهُۥ उसी के लिए lahu
उसी के लिए مُسْلِمُونَ फ़रमाबरदार हैं mus'limūna
फ़रमाबरदार हैं ١٣٦ (136)
(136)
(ऐ मुसलमानो!) तुम कह दो : हम अल्लाह पर ईमान लाए और उसपर जो हमारी ओर उतारा गया, और जो इबराहीम और इसमाईल और इसह़ाक़ और याक़ूब तथा उसकी संतान की ओर उतारा गया, और जो मूसा एवं ईसा को दिया गया तथा जो समस्त नबियों को उनके पालनहार की ओर से दिया गया। हम उनमें से किसी एक के बीच अंतर नहीं करते और हम उसी (अल्लाह) के आज्ञाकारी हैं।
२:१३७
فَإِنْ
फिर अगर
fa-in
फिर अगर ءَامَنُوا۟ वो ईमान ले आऐं āmanū
वो ईमान ले आऐं بِمِثْلِ in (the) like bimith'li
in (the) like مَآ जिस तरह mā
जिस तरह ءَامَنتُم ईमान लाए तुम āmantum
ईमान लाए तुम بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके فَقَدِ पस तहक़ीक़ faqadi
पस तहक़ीक़ ٱهْتَدَوا۟ ۖ वो हिदायत पा गए ih'tadaw
वो हिदायत पा गए وَّإِن और अगर wa-in
और अगर تَوَلَّوْا۟ वो मुँह फेर लें tawallaw
वो मुँह फेर लें فَإِنَّمَا तो बेशक fa-innamā
तो बेशक هُمْ वो hum
वो فِى (are) in fī
(are) in شِقَاقٍۢ ۖ इख़्तिलाफ़ में हैं shiqāqin
इख़्तिलाफ़ में हैं فَسَيَكْفِيكَهُمُ पस अनक़रीब काफ़ी होगा आपको उनसे fasayakfīkahumu
पस अनक़रीब काफ़ी होगा आपको उनसे ٱللَّهُ ۚ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَهُوَ और वो wahuwa
और वो ٱلسَّمِيعُ ख़ूब सुनने वाला है l-samīʿu
ख़ूब सुनने वाला है ٱلْعَلِيمُ ख़ूब जानने वाला है l-ʿalīmu
ख़ूब जानने वाला है ١٣٧ (137)
(137)
फिर अगर ءَامَنُوا۟ वो ईमान ले आऐं āmanū
वो ईमान ले आऐं بِمِثْلِ in (the) like bimith'li
in (the) like مَآ जिस तरह mā
जिस तरह ءَامَنتُم ईमान लाए तुम āmantum
ईमान लाए तुम بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके فَقَدِ पस तहक़ीक़ faqadi
पस तहक़ीक़ ٱهْتَدَوا۟ ۖ वो हिदायत पा गए ih'tadaw
वो हिदायत पा गए وَّإِن और अगर wa-in
और अगर تَوَلَّوْا۟ वो मुँह फेर लें tawallaw
वो मुँह फेर लें فَإِنَّمَا तो बेशक fa-innamā
तो बेशक هُمْ वो hum
वो فِى (are) in fī
(are) in شِقَاقٍۢ ۖ इख़्तिलाफ़ में हैं shiqāqin
इख़्तिलाफ़ में हैं فَسَيَكْفِيكَهُمُ पस अनक़रीब काफ़ी होगा आपको उनसे fasayakfīkahumu
पस अनक़रीब काफ़ी होगा आपको उनसे ٱللَّهُ ۚ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَهُوَ और वो wahuwa
और वो ٱلسَّمِيعُ ख़ूब सुनने वाला है l-samīʿu
ख़ूब सुनने वाला है ٱلْعَلِيمُ ख़ूब जानने वाला है l-ʿalīmu
ख़ूब जानने वाला है ١٣٧ (137)
(137)
फिर यदि वे उस जैसी चीज़ पर ईमान लाएँ, जिसपर तुम ईमान लाए हो, तो निश्चय वे मार्गदर्शन पा गए और यदि वे फिर जाएँ, तो वे मात्र विरोध में पड़े हुए हैं। अतः निकट ही अल्लाह तुझे उनके मुक़ाबले में काफ़ी हो जाएगा और वही सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।
२:१३८
صِبْغَةَ
रंग
ṣib'ghata
रंग ٱللَّهِ ۖ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का وَمَنْ और कौन waman
और कौन أَحْسَنُ ज़्यादा अच्छा है aḥsanu
ज़्यादा अच्छा है مِنَ than mina
than ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से صِبْغَةًۭ ۖ रंग में ṣib'ghatan
रंग में وَنَحْنُ और हम wanaḥnu
और हम لَهُۥ उसी की lahu
उसी की عَـٰبِدُونَ इबादत करने वाले हैं ʿābidūna
इबादत करने वाले हैं ١٣٨ (138)
(138)
रंग ٱللَّهِ ۖ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का وَمَنْ और कौन waman
और कौन أَحْسَنُ ज़्यादा अच्छा है aḥsanu
ज़्यादा अच्छा है مِنَ than mina
than ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से صِبْغَةًۭ ۖ रंग में ṣib'ghatan
रंग में وَنَحْنُ और हम wanaḥnu
और हम لَهُۥ उसी की lahu
उसी की عَـٰبِدُونَ इबादत करने वाले हैं ʿābidūna
इबादत करने वाले हैं ١٣٨ (138)
(138)
अल्लाह का रंग1 ग्रहण करो और रंग में अल्लाह से बेहतर कौन है? और हम उसी की इबादत करने वाले हैं।
२:१३९
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए أَتُحَآجُّونَنَا क्या तुम झगड़ा करते हो हमसे atuḥājjūnanā
क्या तुम झगड़ा करते हो हमसे فِى about fī
about ٱللَّهِ अल्लाह के बारे में l-lahi
अल्लाह के बारे में وَهُوَ हालाँकि वो wahuwa
हालाँकि वो رَبُّنَا रब है हमारा rabbunā
रब है हमारा وَرَبُّكُمْ और रब है तुम्हारा warabbukum
और रब है तुम्हारा وَلَنَآ और हमारे लिए हैं walanā
और हमारे लिए हैं أَعْمَـٰلُنَا आमाल हमारे aʿmālunā
आमाल हमारे وَلَكُمْ और तुम्हारे लिए हैं walakum
और तुम्हारे लिए हैं أَعْمَـٰلُكُمْ आमाल तुम्हारे aʿmālukum
आमाल तुम्हारे وَنَحْنُ और हम wanaḥnu
और हम لَهُۥ उसी के लिए lahu
उसी के लिए مُخْلِصُونَ मुख़लिस हैं mukh'liṣūna
मुख़लिस हैं ١٣٩ (139)
(139)
कह दीजिए أَتُحَآجُّونَنَا क्या तुम झगड़ा करते हो हमसे atuḥājjūnanā
क्या तुम झगड़ा करते हो हमसे فِى about fī
about ٱللَّهِ अल्लाह के बारे में l-lahi
अल्लाह के बारे में وَهُوَ हालाँकि वो wahuwa
हालाँकि वो رَبُّنَا रब है हमारा rabbunā
रब है हमारा وَرَبُّكُمْ और रब है तुम्हारा warabbukum
और रब है तुम्हारा وَلَنَآ और हमारे लिए हैं walanā
और हमारे लिए हैं أَعْمَـٰلُنَا आमाल हमारे aʿmālunā
आमाल हमारे وَلَكُمْ और तुम्हारे लिए हैं walakum
और तुम्हारे लिए हैं أَعْمَـٰلُكُمْ आमाल तुम्हारे aʿmālukum
आमाल तुम्हारे وَنَحْنُ और हम wanaḥnu
और हम لَهُۥ उसी के लिए lahu
उसी के लिए مُخْلِصُونَ मुख़लिस हैं mukh'liṣūna
मुख़लिस हैं ١٣٩ (139)
(139)
(ऐ नबी!) कह दो : क्या तुम हमसे अल्लाह के बारे में झगड़ते हो? हालाँकि वही हमारा पालनहार तथा तुम्हारा पालनहार है1 और हमारे लिए हमारे कर्म हैं और तुम्हारे लिए तुम्हारे कर्म, और हम उसी के लिए मुख़्लिस (निष्ठावान) हैं।
२:१४०
أَمْ
या
am
या تَقُولُونَ तुम कहते हो taqūlūna
तुम कहते हो إِنَّ बेशक inna
बेशक إِبْرَٰهِـۧمَ इब्राहीम ib'rāhīma
इब्राहीम وَإِسْمَـٰعِيلَ और इस्माईल wa-is'māʿīla
और इस्माईल وَإِسْحَـٰقَ और इस्हाक़ wa-is'ḥāqa
और इस्हाक़ وَيَعْقُوبَ और याक़ूब wayaʿqūba
और याक़ूब وَٱلْأَسْبَاطَ और औलादे याक़ूब wal-asbāṭa
और औलादे याक़ूब كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो هُودًا यहूदी hūdan
यहूदी أَوْ या aw
या نَصَـٰرَىٰ ۗ नस्रानी naṣārā
नस्रानी قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए ءَأَنتُمْ क्या तुम a-antum
क्या तुम أَعْلَمُ ज़्यादा जानते हो aʿlamu
ज़्यादा जानते हो أَمِ या ami
या ٱللَّهُ ۗ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَمَنْ और कौन waman
और कौन أَظْلَمُ बड़ा ज़ालिम है aẓlamu
बड़ा ज़ालिम है مِمَّن उससे जो mimman
उससे जो كَتَمَ छुपाए katama
छुपाए شَهَـٰدَةً गवाही को shahādatan
गवाही को عِندَهُۥ जो पास है उसके ʿindahu
जो पास है उसके مِنَ from mina
from ٱللَّهِ ۗ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से وَمَا और नहीं wamā
और नहीं ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِغَـٰفِلٍ ग़ाफ़िल bighāfilin
ग़ाफ़िल عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो ١٤٠ (140)
(140)
या تَقُولُونَ तुम कहते हो taqūlūna
तुम कहते हो إِنَّ बेशक inna
बेशक إِبْرَٰهِـۧمَ इब्राहीम ib'rāhīma
इब्राहीम وَإِسْمَـٰعِيلَ और इस्माईल wa-is'māʿīla
और इस्माईल وَإِسْحَـٰقَ और इस्हाक़ wa-is'ḥāqa
और इस्हाक़ وَيَعْقُوبَ और याक़ूब wayaʿqūba
और याक़ूब وَٱلْأَسْبَاطَ और औलादे याक़ूब wal-asbāṭa
और औलादे याक़ूब كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो هُودًا यहूदी hūdan
यहूदी أَوْ या aw
या نَصَـٰرَىٰ ۗ नस्रानी naṣārā
नस्रानी قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए ءَأَنتُمْ क्या तुम a-antum
क्या तुम أَعْلَمُ ज़्यादा जानते हो aʿlamu
ज़्यादा जानते हो أَمِ या ami
या ٱللَّهُ ۗ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَمَنْ और कौन waman
और कौन أَظْلَمُ बड़ा ज़ालिम है aẓlamu
बड़ा ज़ालिम है مِمَّن उससे जो mimman
उससे जो كَتَمَ छुपाए katama
छुपाए شَهَـٰدَةً गवाही को shahādatan
गवाही को عِندَهُۥ जो पास है उसके ʿindahu
जो पास है उसके مِنَ from mina
from ٱللَّهِ ۗ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से وَمَا और नहीं wamā
और नहीं ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِغَـٰفِلٍ ग़ाफ़िल bighāfilin
ग़ाफ़िल عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो ١٤٠ (140)
(140)
(ऐ अह्ले किताब!) या तुम कहते हो कि इबराहीम और इसमाईल और इसह़ाक़ और याक़ूब तथा उनकी औलाद यहूदी या ईसाई थे? (ऐ नबी! उनसे) कह दो : क्या तुम अधिक जानते हो अथवा अल्लाह? और उससे बड़ा अत्याचारी कौन है, जिसने वह गवाही छिपा ली, जो उसके पास अल्लाह की ओर से थी। और अल्लाह हरगिज़ उससे ग़ाफ़िल नहीं जो तुम करते हो।1
२:१४१
تِلْكَ
ये
til'ka
ये أُمَّةٌۭ एक उम्मत थी ummatun
एक उम्मत थी قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ خَلَتْ ۖ वो गुज़र गई khalat
वो गुज़र गई لَهَا उसके लिए है lahā
उसके लिए है مَا जो mā
जो كَسَبَتْ उसने कमाया kasabat
उसने कमाया وَلَكُم और तुम्हारे लिए है walakum
और तुम्हारे लिए है مَّا जो mā
जो كَسَبْتُمْ ۖ कमाया तुमने kasabtum
कमाया तुमने وَلَا और ना walā
और ना تُسْـَٔلُونَ तुम सवाल किए जाओगे tus'alūna
तुम सवाल किए जाओगे عَمَّا उसके बारे में जो ʿammā
उसके बारे में जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَعْمَلُونَ अमल करते yaʿmalūna
अमल करते ١٤١ (141)
(141)
ये أُمَّةٌۭ एक उम्मत थी ummatun
एक उम्मत थी قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ خَلَتْ ۖ वो गुज़र गई khalat
वो गुज़र गई لَهَا उसके लिए है lahā
उसके लिए है مَا जो mā
जो كَسَبَتْ उसने कमाया kasabat
उसने कमाया وَلَكُم और तुम्हारे लिए है walakum
और तुम्हारे लिए है مَّا जो mā
जो كَسَبْتُمْ ۖ कमाया तुमने kasabtum
कमाया तुमने وَلَا और ना walā
और ना تُسْـَٔلُونَ तुम सवाल किए जाओगे tus'alūna
तुम सवाल किए जाओगे عَمَّا उसके बारे में जो ʿammā
उसके बारे में जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَعْمَلُونَ अमल करते yaʿmalūna
अमल करते ١٤١ (141)
(141)
यह एक समुदाय था, जो गुज़र चुका। उसके लिए वह है जो उसने कमाया, और तुम्हारे लिए वह है जो तुमने कमाया। और तुमसे उसके बारे में नहीं पूछा जाएगा, जो वे किया करते थे।1
२:१४२
۞ سَيَقُولُ
अनक़रीब कहेंगे
sayaqūlu
अनक़रीब कहेंगे ٱلسُّفَهَآءُ नादान / बेवक़ूफ़ l-sufahāu
नादान / बेवक़ूफ़ مِنَ from mina
from ٱلنَّاسِ लोगों में से l-nāsi
लोगों में से مَا किसने mā
किसने وَلَّىٰهُمْ फेर दिया उन्हें wallāhum
फेर दिया उन्हें عَن from ʿan
from قِبْلَتِهِمُ उनके क़िबले से qib'latihimu
उनके क़िबले से ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो عَلَيْهَا ۚ उस पर ʿalayhā
उस पर قُل कह दीजिए qul
कह दीजिए لِّلَّهِ अल्लाह ही के लिए हैं lillahi
अल्लाह ही के लिए हैं ٱلْمَشْرِقُ मशरिक़ l-mashriqu
मशरिक़ وَٱلْمَغْرِبُ ۚ और मग़रिब wal-maghribu
और मग़रिब يَهْدِى वो हिदायत देता है yahdī
वो हिदायत देता है مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ صِرَٰطٍۢ रास्ते ṣirāṭin
रास्ते مُّسْتَقِيمٍۢ सीधे के mus'taqīmin
सीधे के ١٤٢ (142)
(142)
अनक़रीब कहेंगे ٱلسُّفَهَآءُ नादान / बेवक़ूफ़ l-sufahāu
नादान / बेवक़ूफ़ مِنَ from mina
from ٱلنَّاسِ लोगों में से l-nāsi
लोगों में से مَا किसने mā
किसने وَلَّىٰهُمْ फेर दिया उन्हें wallāhum
फेर दिया उन्हें عَن from ʿan
from قِبْلَتِهِمُ उनके क़िबले से qib'latihimu
उनके क़िबले से ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो عَلَيْهَا ۚ उस पर ʿalayhā
उस पर قُل कह दीजिए qul
कह दीजिए لِّلَّهِ अल्लाह ही के लिए हैं lillahi
अल्लाह ही के लिए हैं ٱلْمَشْرِقُ मशरिक़ l-mashriqu
मशरिक़ وَٱلْمَغْرِبُ ۚ और मग़रिब wal-maghribu
और मग़रिब يَهْدِى वो हिदायत देता है yahdī
वो हिदायत देता है مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ صِرَٰطٍۢ रास्ते ṣirāṭin
रास्ते مُّسْتَقِيمٍۢ सीधे के mus'taqīmin
सीधे के ١٤٢ (142)
(142)
शीघ्र ही मूर्ख लोग कहेंगे कि उन्हें उनके उस क़िबले1 से, जिस पर वे थे किस चीज़ ने फेर दिया? (ऐ नबी!) कह दीजिए कि पूर्व और पश्चिम अल्लाह ही के हैं। वह जिसे चाहता है, सीधी राह पर लगा देता है।
२:१४३
وَكَذَٰلِكَ
और इसी तरह
wakadhālika
और इसी तरह جَعَلْنَـٰكُمْ बनाया हमने तुम्हें jaʿalnākum
बनाया हमने तुम्हें أُمَّةًۭ एक उम्मत ummatan
एक उम्मत وَسَطًۭا वस्त / दर्मियानी wasaṭan
वस्त / दर्मियानी لِّتَكُونُوا۟ ताकि तुम हो जाओ litakūnū
ताकि तुम हो जाओ شُهَدَآءَ गवाह shuhadāa
गवाह عَلَى over ʿalā
over ٱلنَّاسِ लोगों पर l-nāsi
लोगों पर وَيَكُونَ और हो जाए wayakūna
और हो जाए ٱلرَّسُولُ रसूल l-rasūlu
रसूल عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर شَهِيدًۭا ۗ गवाह shahīdan
गवाह وَمَا और नहीं wamā
और नहीं جَعَلْنَا बनाया हमने jaʿalnā
बनाया हमने ٱلْقِبْلَةَ इस क़िबले को l-qib'lata
इस क़िबले को ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो كُنتَ थे आप kunta
थे आप عَلَيْهَآ जिस पर ʿalayhā
जिस पर إِلَّا मगर illā
मगर لِنَعْلَمَ ताकि हम जान लें linaʿlama
ताकि हम जान लें مَن कौन man
कौन يَتَّبِعُ पैरवी करता है yattabiʿu
पैरवी करता है ٱلرَّسُولَ रसूल की l-rasūla
रसूल की مِمَّن उससे जो mimman
उससे जो يَنقَلِبُ पलट जाता है yanqalibu
पलट जाता है عَلَىٰ on ʿalā
on عَقِبَيْهِ ۚ अपनी दोनों एड़ियों पर ʿaqibayhi
अपनी दोनों एड़ियों पर وَإِن और बिला शुबा wa-in
और बिला शुबा كَانَتْ थी (ये बात) kānat
थी (ये बात) لَكَبِيرَةً यक़ीनन बड़ी भारी lakabīratan
यक़ीनन बड़ी भारी إِلَّا मगर illā
मगर عَلَى for ʿalā
for ٱلَّذِينَ उन पर (नहीं) जिन्हें alladhīna
उन पर (नहीं) जिन्हें هَدَى हिदायत दी hadā
हिदायत दी ٱللَّهُ ۗ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَمَا और नहीं wamā
और नहीं كَانَ है kāna
है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لِيُضِيعَ कि वो ज़ाया कर दे liyuḍīʿa
कि वो ज़ाया कर दे إِيمَـٰنَكُمْ ۚ ईमान तुम्हारा īmānakum
ईमान तुम्हारा إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह بِٱلنَّاسِ लोगों पर bil-nāsi
लोगों पर لَرَءُوفٌۭ यक़ीनन शफ़ीक़ है laraūfun
यक़ीनन शफ़ीक़ है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ١٤٣ (143)
(143)
और इसी तरह جَعَلْنَـٰكُمْ बनाया हमने तुम्हें jaʿalnākum
बनाया हमने तुम्हें أُمَّةًۭ एक उम्मत ummatan
एक उम्मत وَسَطًۭا वस्त / दर्मियानी wasaṭan
वस्त / दर्मियानी لِّتَكُونُوا۟ ताकि तुम हो जाओ litakūnū
ताकि तुम हो जाओ شُهَدَآءَ गवाह shuhadāa
गवाह عَلَى over ʿalā
over ٱلنَّاسِ लोगों पर l-nāsi
लोगों पर وَيَكُونَ और हो जाए wayakūna
और हो जाए ٱلرَّسُولُ रसूल l-rasūlu
रसूल عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर شَهِيدًۭا ۗ गवाह shahīdan
गवाह وَمَا और नहीं wamā
और नहीं جَعَلْنَا बनाया हमने jaʿalnā
बनाया हमने ٱلْقِبْلَةَ इस क़िबले को l-qib'lata
इस क़िबले को ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो كُنتَ थे आप kunta
थे आप عَلَيْهَآ जिस पर ʿalayhā
जिस पर إِلَّا मगर illā
मगर لِنَعْلَمَ ताकि हम जान लें linaʿlama
ताकि हम जान लें مَن कौन man
कौन يَتَّبِعُ पैरवी करता है yattabiʿu
पैरवी करता है ٱلرَّسُولَ रसूल की l-rasūla
रसूल की مِمَّن उससे जो mimman
उससे जो يَنقَلِبُ पलट जाता है yanqalibu
पलट जाता है عَلَىٰ on ʿalā
on عَقِبَيْهِ ۚ अपनी दोनों एड़ियों पर ʿaqibayhi
अपनी दोनों एड़ियों पर وَإِن और बिला शुबा wa-in
और बिला शुबा كَانَتْ थी (ये बात) kānat
थी (ये बात) لَكَبِيرَةً यक़ीनन बड़ी भारी lakabīratan
यक़ीनन बड़ी भारी إِلَّا मगर illā
मगर عَلَى for ʿalā
for ٱلَّذِينَ उन पर (नहीं) जिन्हें alladhīna
उन पर (नहीं) जिन्हें هَدَى हिदायत दी hadā
हिदायत दी ٱللَّهُ ۗ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَمَا और नहीं wamā
और नहीं كَانَ है kāna
है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لِيُضِيعَ कि वो ज़ाया कर दे liyuḍīʿa
कि वो ज़ाया कर दे إِيمَـٰنَكُمْ ۚ ईमान तुम्हारा īmānakum
ईमान तुम्हारा إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह بِٱلنَّاسِ लोगों पर bil-nāsi
लोगों पर لَرَءُوفٌۭ यक़ीनन शफ़ीक़ है laraūfun
यक़ीनन शफ़ीक़ है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ١٤٣ (143)
(143)
और इसी प्रकार हमने तुम्हें सबसे बेहतर उम्मत (समुदाय) बनाया; ताकि तुम लोगों पर गवाही देने1 वाले बनो और रसूल तुमपर गवाही देने वाला बने। और हमने वह क़िबला जिसपर तुम थे, इसलिए निर्धारित किया था, ताकि हम जान लें कि कौन (इस) रसूल का अनुसरण करता है, उससे (अलग करके) जो अपनी ऐड़ियों पर फिर जाता है। और निःसंदेह यह बात निश्चय बहुत बड़ी थी, परंतु उन लोगों पर (नहीं) जिन्हें अल्लाह ने हिदायत दी और अल्लाह कभी ऐसा नहीं कि तुम्हारा ईमान (अर्थात् क़िबला बदलने से पहले पढ़ी गई नमाज़ों) को व्यर्थ कर दे।2 निःसंदेह अल्लाह लोगों पर अत्यंत करुणा करने वाला, अत्यंत दयावान् है।
२:१४४
قَدْ
तहक़ीक़
qad
तहक़ीक़ نَرَىٰ हम देखते हैं narā
हम देखते हैं تَقَلُّبَ बार बार फिरना taqalluba
बार बार फिरना وَجْهِكَ आपके चेहरे का wajhika
आपके चेहरे का فِى towards fī
towards ٱلسَّمَآءِ ۖ आसमान की तरफ़ l-samāi
आसमान की तरफ़ فَلَنُوَلِّيَنَّكَ पस अलबत्ता हम ज़रूर फेर देंगे आपको falanuwalliyannaka
पस अलबत्ता हम ज़रूर फेर देंगे आपको قِبْلَةًۭ उस क़िबले की (तरफ़) qib'latan
उस क़िबले की (तरफ़) تَرْضَىٰهَا ۚ आप राज़ी हो जाऐं जिससे tarḍāhā
आप राज़ी हो जाऐं जिससे فَوَلِّ पस फेर लीजिए fawalli
पस फेर लीजिए وَجْهَكَ अपने चेहरे को wajhaka
अपने चेहरे को شَطْرَ तरफ़ shaṭra
तरफ़ ٱلْمَسْجِدِ मस्जिदे l-masjidi
मस्जिदे ٱلْحَرَامِ ۚ हराम के l-ḥarāmi
हराम के وَحَيْثُ and wherever waḥaythu
and wherever مَا और जहाँ कहीं mā
और जहाँ कहीं كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम فَوَلُّوا۟ पस फेर लो fawallū
पस फेर लो وُجُوهَكُمْ अपने चेहरों को wujūhakum
अपने चेहरों को شَطْرَهُۥ ۗ तरफ़ उसके shaṭrahu
तरफ़ उसके وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब لَيَعْلَمُونَ अलबत्ता वो जानते हैं layaʿlamūna
अलबत्ता वो जानते हैं أَنَّهُ बेशक वो annahu
बेशक वो ٱلْحَقُّ हक़ है l-ḥaqu
हक़ है مِن from min
from رَّبِّهِمْ ۗ उनके रब की तरफ़ से rabbihim
उनके रब की तरफ़ से وَمَا और नहीं wamā
और नहीं ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِغَـٰفِلٍ ग़ाफ़िल bighāfilin
ग़ाफ़िल عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो يَعْمَلُونَ वो अमल करते हैं yaʿmalūna
वो अमल करते हैं ١٤٤ (144)
(144)
तहक़ीक़ نَرَىٰ हम देखते हैं narā
हम देखते हैं تَقَلُّبَ बार बार फिरना taqalluba
बार बार फिरना وَجْهِكَ आपके चेहरे का wajhika
आपके चेहरे का فِى towards fī
towards ٱلسَّمَآءِ ۖ आसमान की तरफ़ l-samāi
आसमान की तरफ़ فَلَنُوَلِّيَنَّكَ पस अलबत्ता हम ज़रूर फेर देंगे आपको falanuwalliyannaka
पस अलबत्ता हम ज़रूर फेर देंगे आपको قِبْلَةًۭ उस क़िबले की (तरफ़) qib'latan
उस क़िबले की (तरफ़) تَرْضَىٰهَا ۚ आप राज़ी हो जाऐं जिससे tarḍāhā
आप राज़ी हो जाऐं जिससे فَوَلِّ पस फेर लीजिए fawalli
पस फेर लीजिए وَجْهَكَ अपने चेहरे को wajhaka
अपने चेहरे को شَطْرَ तरफ़ shaṭra
तरफ़ ٱلْمَسْجِدِ मस्जिदे l-masjidi
मस्जिदे ٱلْحَرَامِ ۚ हराम के l-ḥarāmi
हराम के وَحَيْثُ and wherever waḥaythu
and wherever مَا और जहाँ कहीं mā
और जहाँ कहीं كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम فَوَلُّوا۟ पस फेर लो fawallū
पस फेर लो وُجُوهَكُمْ अपने चेहरों को wujūhakum
अपने चेहरों को شَطْرَهُۥ ۗ तरफ़ उसके shaṭrahu
तरफ़ उसके وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब لَيَعْلَمُونَ अलबत्ता वो जानते हैं layaʿlamūna
अलबत्ता वो जानते हैं أَنَّهُ बेशक वो annahu
बेशक वो ٱلْحَقُّ हक़ है l-ḥaqu
हक़ है مِن from min
from رَّبِّهِمْ ۗ उनके रब की तरफ़ से rabbihim
उनके रब की तरफ़ से وَمَا और नहीं wamā
और नहीं ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِغَـٰفِلٍ ग़ाफ़िल bighāfilin
ग़ाफ़िल عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो يَعْمَلُونَ वो अमल करते हैं yaʿmalūna
वो अमल करते हैं ١٤٤ (144)
(144)
निश्चय (ऐ नबी!) हम आपके चेहरे का बार-बार आकाश की ओर उठना देख रहे हैं। तो निश्चय हम आपको उस क़िबले की ओर अवश्य फेर देंगे, जिसे आप पसंद करते हैं। तो (अब) अपना चेहरा मस्जिदे ह़राम की ओर फेर लें, तथा तुम जहाँ भी हो, तो अपने चेहरे उसी की ओर फेर लो। निःसंदेह वे लोग जिन्हें किताब दी गई है निश्चय जानते हैं कि निःसंदेह उनके पालनहार की ओर से यही सत्य है2 और अल्लाह उससे हरगिज़ ग़ाफ़िल नहीं जो वे कर रहे हैं।
२:१४५
وَلَئِنْ
और अलबत्ता अगर
wala-in
और अलबत्ता अगर أَتَيْتَ लाऐं आप (उनके पास) atayta
लाऐं आप (उनके पास) ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब بِكُلِّ हर bikulli
हर ءَايَةٍۢ निशानी āyatin
निशानी مَّا नहीं mā
नहीं تَبِعُوا۟ वो पैरवी करेंगे tabiʿū
वो पैरवी करेंगे قِبْلَتَكَ ۚ आपके क़िबले की qib'lataka
आपके क़िबले की وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं أَنتَ आप anta
आप بِتَابِعٍۢ पैरवी करने वाले bitābiʿin
पैरवी करने वाले قِبْلَتَهُمْ ۚ उनके क़िबले की qib'latahum
उनके क़िबले की وَمَا और ना wamā
और ना بَعْضُهُم बाज़ उनका baʿḍuhum
बाज़ उनका بِتَابِعٍۢ पैरवी करने वाला है bitābiʿin
पैरवी करने वाला है قِبْلَةَ क़िबले की qib'lata
क़िबले की بَعْضٍۢ ۚ बाज़ के baʿḍin
बाज़ के وَلَئِنِ और अलबत्ता अगर wala-ini
और अलबत्ता अगर ٱتَّبَعْتَ पैरवी की आपने ittabaʿta
पैरवी की आपने أَهْوَآءَهُم उनकी ख़्वाहिशात की ahwāahum
उनकी ख़्वाहिशात की مِّنۢ from min
from بَعْدِ बाद उसके baʿdi
बाद उसके مَا जो mā
जो جَآءَكَ आ गया आपके पास jāaka
आ गया आपके पास مِنَ of mina
of ٱلْعِلْمِ ۙ इल्म में से l-ʿil'mi
इल्म में से إِنَّكَ बेशक आप innaka
बेशक आप إِذًۭا तब idhan
तब لَّمِنَ (be) surely among lamina
(be) surely among ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़रूर ज़ालिमों मे से होंगे l-ẓālimīna
ज़रूर ज़ालिमों मे से होंगे ١٤٥ (145)
(145)
और अलबत्ता अगर أَتَيْتَ लाऐं आप (उनके पास) atayta
लाऐं आप (उनके पास) ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब بِكُلِّ हर bikulli
हर ءَايَةٍۢ निशानी āyatin
निशानी مَّا नहीं mā
नहीं تَبِعُوا۟ वो पैरवी करेंगे tabiʿū
वो पैरवी करेंगे قِبْلَتَكَ ۚ आपके क़िबले की qib'lataka
आपके क़िबले की وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं أَنتَ आप anta
आप بِتَابِعٍۢ पैरवी करने वाले bitābiʿin
पैरवी करने वाले قِبْلَتَهُمْ ۚ उनके क़िबले की qib'latahum
उनके क़िबले की وَمَا और ना wamā
और ना بَعْضُهُم बाज़ उनका baʿḍuhum
बाज़ उनका بِتَابِعٍۢ पैरवी करने वाला है bitābiʿin
पैरवी करने वाला है قِبْلَةَ क़िबले की qib'lata
क़िबले की بَعْضٍۢ ۚ बाज़ के baʿḍin
बाज़ के وَلَئِنِ और अलबत्ता अगर wala-ini
और अलबत्ता अगर ٱتَّبَعْتَ पैरवी की आपने ittabaʿta
पैरवी की आपने أَهْوَآءَهُم उनकी ख़्वाहिशात की ahwāahum
उनकी ख़्वाहिशात की مِّنۢ from min
from بَعْدِ बाद उसके baʿdi
बाद उसके مَا जो mā
जो جَآءَكَ आ गया आपके पास jāaka
आ गया आपके पास مِنَ of mina
of ٱلْعِلْمِ ۙ इल्म में से l-ʿil'mi
इल्म में से إِنَّكَ बेशक आप innaka
बेशक आप إِذًۭا तब idhan
तब لَّمِنَ (be) surely among lamina
(be) surely among ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़रूर ज़ालिमों मे से होंगे l-ẓālimīna
ज़रूर ज़ालिमों मे से होंगे ١٤٥ (145)
(145)
और निश्चय यदि आप उन लोगों के पास जिन्हें किताब दी गई है, हर निशानी भी ले आएँ, वे आपके क़िबले का अनुसरण नहीं करेंगे और न आप उनके क़िबले का अनुसरण करने वाले हैं। और न उनमें से कोई दूसरे के क़िबले का अनुसरण करने वाला है। और निश्चय यदि आपने उनकी इच्छाओं का पालन किया, उस ज्ञान के बाद जो आपके पास आया है, तो निःसंदेह उस समय आप अवश्य अत्याचारियों में से हो जाएँगे।
२:१४६
ٱلَّذِينَ
वो लोग जो
alladhīna
वो लोग जो ءَاتَيْنَـٰهُمُ दी हमने उन्हें ātaynāhumu
दी हमने उन्हें ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब يَعْرِفُونَهُۥ वो पहचानते हैं उसे yaʿrifūnahu
वो पहचानते हैं उसे كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि يَعْرِفُونَ वो पहचानते हैं yaʿrifūna
वो पहचानते हैं أَبْنَآءَهُمْ ۖ अपने बेटों को abnāahum
अपने बेटों को وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक فَرِيقًۭا एक गिरोह (के लोग) farīqan
एक गिरोह (के लोग) مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से لَيَكْتُمُونَ अलबत्ता वो छुपाते हैं layaktumūna
अलबत्ता वो छुपाते हैं ٱلْحَقَّ हक़ को l-ḥaqa
हक़ को وَهُمْ हालाँकि वो wahum
हालाँकि वो يَعْلَمُونَ वो जानते हैं yaʿlamūna
वो जानते हैं ١٤٦ (146)
(146)
वो लोग जो ءَاتَيْنَـٰهُمُ दी हमने उन्हें ātaynāhumu
दी हमने उन्हें ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब يَعْرِفُونَهُۥ वो पहचानते हैं उसे yaʿrifūnahu
वो पहचानते हैं उसे كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि يَعْرِفُونَ वो पहचानते हैं yaʿrifūna
वो पहचानते हैं أَبْنَآءَهُمْ ۖ अपने बेटों को abnāahum
अपने बेटों को وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक فَرِيقًۭا एक गिरोह (के लोग) farīqan
एक गिरोह (के लोग) مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से لَيَكْتُمُونَ अलबत्ता वो छुपाते हैं layaktumūna
अलबत्ता वो छुपाते हैं ٱلْحَقَّ हक़ को l-ḥaqa
हक़ को وَهُمْ हालाँकि वो wahum
हालाँकि वो يَعْلَمُونَ वो जानते हैं yaʿlamūna
वो जानते हैं ١٤٦ (146)
(146)
जिन्हें हमने पुस्तक दी है, वे उसे वैसे ही1 जानते हैं, जैसे अपने बेटों को पहचानते हैं, और निःसंदेह उनमें से एक समूह जानते हुए भी सत्य को छिपाता है।
२:१४७
ٱلْحَقُّ
हक़
al-ḥaqu
हक़ مِن (is) from min
(is) from رَّبِّكَ ۖ आपके रब की तरफ़ से है rabbika
आपके रब की तरफ़ से है فَلَا so (do) not falā
so (do) not تَكُونَنَّ पस हरगिज़ ना हों आप takūnanna
पस हरगिज़ ना हों आप مِنَ among mina
among ٱلْمُمْتَرِينَ शक करने वालों मे से l-mum'tarīna
शक करने वालों मे से ١٤٧ (147)
(147)
हक़ مِن (is) from min
(is) from رَّبِّكَ ۖ आपके रब की तरफ़ से है rabbika
आपके रब की तरफ़ से है فَلَا so (do) not falā
so (do) not تَكُونَنَّ पस हरगिज़ ना हों आप takūnanna
पस हरगिज़ ना हों आप مِنَ among mina
among ٱلْمُمْتَرِينَ शक करने वालों मे से l-mum'tarīna
शक करने वालों मे से ١٤٧ (147)
(147)
यह सत्य आपके पालनहार की ओर से है। अतः आप कदापि संदेह करने वालों में से न हों।
२:१४८
وَلِكُلٍّۢ
और हर एक के लिए
walikullin
और हर एक के लिए وِجْهَةٌ एक सिम्त है wij'hatun
एक सिम्त है هُوَ वो huwa
वो مُوَلِّيهَا ۖ फेरने वाला है (मुँह) उसकी तरफ़ muwallīhā
फेरने वाला है (मुँह) उसकी तरफ़ فَٱسْتَبِقُوا۟ पस सबक़त करो तुम fa-is'tabiqū
पस सबक़त करो तुम ٱلْخَيْرَٰتِ ۚ नेकियों में l-khayrāti
नेकियों में أَيْنَ Wherever ayna
Wherever مَا जहाँ कहीं भी mā
जहाँ कहीं भी تَكُونُوا۟ तुम होगे takūnū
तुम होगे يَأْتِ ले आएगा yati
ले आएगा بِكُمُ तुम्हें bikumu
तुम्हें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह جَمِيعًا ۚ सबको jamīʿan
सबको إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرٌۭ ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है qadīrun
ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है ١٤٨ (148)
(148)
और हर एक के लिए وِجْهَةٌ एक सिम्त है wij'hatun
एक सिम्त है هُوَ वो huwa
वो مُوَلِّيهَا ۖ फेरने वाला है (मुँह) उसकी तरफ़ muwallīhā
फेरने वाला है (मुँह) उसकी तरफ़ فَٱسْتَبِقُوا۟ पस सबक़त करो तुम fa-is'tabiqū
पस सबक़त करो तुम ٱلْخَيْرَٰتِ ۚ नेकियों में l-khayrāti
नेकियों में أَيْنَ Wherever ayna
Wherever مَا जहाँ कहीं भी mā
जहाँ कहीं भी تَكُونُوا۟ तुम होगे takūnū
तुम होगे يَأْتِ ले आएगा yati
ले आएगा بِكُمُ तुम्हें bikumu
तुम्हें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह جَمِيعًا ۚ सबको jamīʿan
सबको إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرٌۭ ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है qadīrun
ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है ١٤٨ (148)
(148)
प्रत्येक के लिए एक दिशा है, जिसकी ओर वह मुख करने वाला है। अतः तुम भलाइयों में एक-दूसरे आगे बढ़ो। तुम जहाँ कही भी होगे, अल्लाह तुम्हें इकट्ठा करके लाएगा। निःसंदेह अल्लाह हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है।
२:१४९
وَمِنْ
And from
wamin
And from حَيْثُ और जहाँ कहीं से ḥaythu
और जहाँ कहीं से خَرَجْتَ निकलें आप kharajta
निकलें आप فَوَلِّ तो फेर लीजिए fawalli
तो फेर लीजिए وَجْهَكَ चेहरा अपना wajhaka
चेहरा अपना شَطْرَ तरफ़ shaṭra
तरफ़ ٱلْمَسْجِدِ मस्जिदे l-masjidi
मस्जिदे ٱلْحَرَامِ ۖ हराम के l-ḥarāmi
हराम के وَإِنَّهُۥ और बेशक वो wa-innahu
और बेशक वो لَلْحَقُّ अलबत्ता हक़ है lalḥaqqu
अलबत्ता हक़ है مِن from min
from رَّبِّكَ ۗ आपके रब की तरफ़ से rabbika
आपके रब की तरफ़ से وَمَا और नहीं है wamā
और नहीं है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِغَـٰفِلٍ ग़ाफ़िल bighāfilin
ग़ाफ़िल عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो ١٤٩ (149)
(149)
And from حَيْثُ और जहाँ कहीं से ḥaythu
और जहाँ कहीं से خَرَجْتَ निकलें आप kharajta
निकलें आप فَوَلِّ तो फेर लीजिए fawalli
तो फेर लीजिए وَجْهَكَ चेहरा अपना wajhaka
चेहरा अपना شَطْرَ तरफ़ shaṭra
तरफ़ ٱلْمَسْجِدِ मस्जिदे l-masjidi
मस्जिदे ٱلْحَرَامِ ۖ हराम के l-ḥarāmi
हराम के وَإِنَّهُۥ और बेशक वो wa-innahu
और बेशक वो لَلْحَقُّ अलबत्ता हक़ है lalḥaqqu
अलबत्ता हक़ है مِن from min
from رَّبِّكَ ۗ आपके रब की तरफ़ से rabbika
आपके रब की तरफ़ से وَمَا और नहीं है wamā
और नहीं है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِغَـٰفِلٍ ग़ाफ़िल bighāfilin
ग़ाफ़िल عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो ١٤٩ (149)
(149)
और आप जहाँ से भी निकलें, तो अपना चेहरा मस्जिदे-ह़राम की ओर फेर लें। और निःसंदेह यही आपके पालनहार की ओर से सत्य है और अल्लाह उससे हरगिज़ ग़ाफ़िल नहीं जो तुम करते हो।
२:१५०
وَمِنْ
And from
wamin
And from حَيْثُ और जहाँ कहीं से ḥaythu
और जहाँ कहीं से خَرَجْتَ निकलें आप kharajta
निकलें आप فَوَلِّ तो फेर लीजिए fawalli
तो फेर लीजिए وَجْهَكَ चेहरा अपना wajhaka
चेहरा अपना شَطْرَ तरफ़ shaṭra
तरफ़ ٱلْمَسْجِدِ मस्जिदे l-masjidi
मस्जिदे ٱلْحَرَامِ ۚ हराम के l-ḥarāmi
हराम के وَحَيْثُ And wherever waḥaythu
And wherever مَا और जहाँ कहीं भी mā
और जहाँ कहीं भी كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम فَوَلُّوا۟ तो फेर लो fawallū
तो फेर लो وُجُوهَكُمْ अपने चेहरों को wujūhakum
अपने चेहरों को شَطْرَهُۥ तरफ़ उसके shaṭrahu
तरफ़ उसके لِئَلَّا ताकि ना li-allā
ताकि ना يَكُونَ हो yakūna
हो لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर حُجَّةٌ कोई हुज्जत ḥujjatun
कोई हुज्जत إِلَّا सिवाय illā
सिवाय ٱلَّذِينَ उनके जिन्होंने alladhīna
उनके जिन्होंने ظَلَمُوا۟ ज़ुल्म किया ẓalamū
ज़ुल्म किया مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से فَلَا तो ना falā
तो ना تَخْشَوْهُمْ तुम डरो उनसे takhshawhum
तुम डरो उनसे وَٱخْشَوْنِى और डरो मुझसे wa-ikh'shawnī
और डरो मुझसे وَلِأُتِمَّ और ताकि मैं पूरी कर दूँ wali-utimma
और ताकि मैं पूरी कर दूँ نِعْمَتِى अपनी नेअमत niʿ'matī
अपनी नेअमत عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर وَلَعَلَّكُمْ और ताकि तुम walaʿallakum
और ताकि तुम تَهْتَدُونَ तुम हिदायत पा जाओ tahtadūna
तुम हिदायत पा जाओ ١٥٠ (150)
(150)
And from حَيْثُ और जहाँ कहीं से ḥaythu
और जहाँ कहीं से خَرَجْتَ निकलें आप kharajta
निकलें आप فَوَلِّ तो फेर लीजिए fawalli
तो फेर लीजिए وَجْهَكَ चेहरा अपना wajhaka
चेहरा अपना شَطْرَ तरफ़ shaṭra
तरफ़ ٱلْمَسْجِدِ मस्जिदे l-masjidi
मस्जिदे ٱلْحَرَامِ ۚ हराम के l-ḥarāmi
हराम के وَحَيْثُ And wherever waḥaythu
And wherever مَا और जहाँ कहीं भी mā
और जहाँ कहीं भी كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम فَوَلُّوا۟ तो फेर लो fawallū
तो फेर लो وُجُوهَكُمْ अपने चेहरों को wujūhakum
अपने चेहरों को شَطْرَهُۥ तरफ़ उसके shaṭrahu
तरफ़ उसके لِئَلَّا ताकि ना li-allā
ताकि ना يَكُونَ हो yakūna
हो لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर حُجَّةٌ कोई हुज्जत ḥujjatun
कोई हुज्जत إِلَّا सिवाय illā
सिवाय ٱلَّذِينَ उनके जिन्होंने alladhīna
उनके जिन्होंने ظَلَمُوا۟ ज़ुल्म किया ẓalamū
ज़ुल्म किया مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से فَلَا तो ना falā
तो ना تَخْشَوْهُمْ तुम डरो उनसे takhshawhum
तुम डरो उनसे وَٱخْشَوْنِى और डरो मुझसे wa-ikh'shawnī
और डरो मुझसे وَلِأُتِمَّ और ताकि मैं पूरी कर दूँ wali-utimma
और ताकि मैं पूरी कर दूँ نِعْمَتِى अपनी नेअमत niʿ'matī
अपनी नेअमत عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर وَلَعَلَّكُمْ और ताकि तुम walaʿallakum
और ताकि तुम تَهْتَدُونَ तुम हिदायत पा जाओ tahtadūna
तुम हिदायत पा जाओ ١٥٠ (150)
(150)
और आप जहाँ से भी निकलें, अपना चेहरा मस्जिदे-ह़राम की ओर फेर लें। और (ऐ मुसलमानों!) तुम जहाँ भी हो, अपने चेहरे उसी की ओर फेर लो। ताकि लोगों के पास तुम्हारे विरुद्ध कोई हुज्जत (तर्क) न रहे, सिवाय उनके जिन्होंने उनमें से अत्याचार किया। अतः उनसे मत डरो, (बल्कि) मुझसे डरो, और ताकि मैं अपनी नेमत तुमपर पूरी करूँ और ताकि तुम मार्गदर्शन पाओ।
२:१५१
كَمَآ
जैसा कि
kamā
जैसा कि أَرْسَلْنَا भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने فِيكُمْ तुम में fīkum
तुम में رَسُولًۭا एक रसूल rasūlan
एक रसूल مِّنكُمْ तुममें से minkum
तुममें से يَتْلُوا۟ वो तिलावत करता है yatlū
वो तिलावत करता है عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर ءَايَـٰتِنَا आयात हमारी āyātinā
आयात हमारी وَيُزَكِّيكُمْ और वो पाक करता है तुम्हें wayuzakkīkum
और वो पाक करता है तुम्हें وَيُعَلِّمُكُمُ और वो तालीम देता है तुम्हें wayuʿallimukumu
और वो तालीम देता है तुम्हें ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब وَٱلْحِكْمَةَ और हिकमत की wal-ḥik'mata
और हिकमत की وَيُعَلِّمُكُم और वो तालीम देता है तुम्हें wayuʿallimukum
और वो तालीम देता है तुम्हें مَّا उसकी जो mā
उसकी जो لَمْ ना lam
ना تَكُونُوا۟ थे तुम takūnū
थे तुम تَعْلَمُونَ तुम इल्म रखते taʿlamūna
तुम इल्म रखते ١٥١ (151)
(151)
जैसा कि أَرْسَلْنَا भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने فِيكُمْ तुम में fīkum
तुम में رَسُولًۭا एक रसूल rasūlan
एक रसूल مِّنكُمْ तुममें से minkum
तुममें से يَتْلُوا۟ वो तिलावत करता है yatlū
वो तिलावत करता है عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर ءَايَـٰتِنَا आयात हमारी āyātinā
आयात हमारी وَيُزَكِّيكُمْ और वो पाक करता है तुम्हें wayuzakkīkum
और वो पाक करता है तुम्हें وَيُعَلِّمُكُمُ और वो तालीम देता है तुम्हें wayuʿallimukumu
और वो तालीम देता है तुम्हें ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब وَٱلْحِكْمَةَ और हिकमत की wal-ḥik'mata
और हिकमत की وَيُعَلِّمُكُم और वो तालीम देता है तुम्हें wayuʿallimukum
और वो तालीम देता है तुम्हें مَّا उसकी जो mā
उसकी जो لَمْ ना lam
ना تَكُونُوا۟ थे तुम takūnū
थे तुम تَعْلَمُونَ तुम इल्म रखते taʿlamūna
तुम इल्म रखते ١٥١ (151)
(151)
जिस तरह हमने तुम्हारे बीच एक रसूल तुम्हीं में से भेजा, जो तुमपर हमारी आयतें पढ़ता और तुम्हें पाक करता और तुम्हें किताब (क़ुरआन) तथा ह़िकमत (सुन्नत) सिखाता है और तुम्हें वह कुछ सिखाता है, जो तुम नहीं जानते थे।
२:१५२
فَٱذْكُرُونِىٓ
पस याद करो मुझे
fa-udh'kurūnī
पस याद करो मुझे أَذْكُرْكُمْ मैं याद करुँगा तुम्हें adhkur'kum
मैं याद करुँगा तुम्हें وَٱشْكُرُوا۟ and be grateful wa-ush'kurū
and be grateful لِى और शुक्र करो मेरा lī
और शुक्र करो मेरा وَلَا और ना walā
और ना تَكْفُرُونِ तुम नाशुक्री करो मेरी takfurūni
तुम नाशुक्री करो मेरी ١٥٢ (152)
(152)
पस याद करो मुझे أَذْكُرْكُمْ मैं याद करुँगा तुम्हें adhkur'kum
मैं याद करुँगा तुम्हें وَٱشْكُرُوا۟ and be grateful wa-ush'kurū
and be grateful لِى और शुक्र करो मेरा lī
और शुक्र करो मेरा وَلَا और ना walā
और ना تَكْفُرُونِ तुम नाशुक्री करो मेरी takfurūni
तुम नाशुक्री करो मेरी ١٥٢ (152)
(152)
अतः तुम मुझे याद करो, मैं तुम्हें याद करूँगा।2 और मेरा शुक्र अदा करो तथा मेरी नाशुक्री न करो।
२:१५३
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो ٱسْتَعِينُوا۟ तुम मदद माँगो is'taʿīnū
तुम मदद माँगो بِٱلصَّبْرِ साथ सब्र के bil-ṣabri
साथ सब्र के وَٱلصَّلَوٰةِ ۚ और नमाज़ के wal-ṣalati
और नमाज़ के إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह مَعَ साथ है maʿa
साथ है ٱلصَّـٰبِرِينَ सब्र करने वालों के l-ṣābirīna
सब्र करने वालों के ١٥٣ (153)
(153)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो ٱسْتَعِينُوا۟ तुम मदद माँगो is'taʿīnū
तुम मदद माँगो بِٱلصَّبْرِ साथ सब्र के bil-ṣabri
साथ सब्र के وَٱلصَّلَوٰةِ ۚ और नमाज़ के wal-ṣalati
और नमाज़ के إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह مَعَ साथ है maʿa
साथ है ٱلصَّـٰبِرِينَ सब्र करने वालों के l-ṣābirīna
सब्र करने वालों के ١٥٣ (153)
(153)
ऐ ईमान वालो! धैर्य तथा नमाज़ के साथ मदद प्राप्त करो। निःसंदेह अल्लाह धैर्य रखने वालों के साथ है।
२:१५४
وَلَا
और ना
walā
और ना تَقُولُوا۟ तुम कहो taqūlū
तुम कहो لِمَن उन्हें जो liman
उन्हें जो يُقْتَلُ क़त्ल कर दिए जाऐं yuq'talu
क़त्ल कर दिए जाऐं فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में أَمْوَٰتٌۢ ۚ कि मुर्दा हैं amwātun
कि मुर्दा हैं بَلْ बल्कि bal
बल्कि أَحْيَآءٌۭ ज़िन्दा हैं (वो) aḥyāon
ज़िन्दा हैं (वो) وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन لَّا you (do) not lā
you (do) not تَشْعُرُونَ नहीं तुम शऊर रखते tashʿurūna
नहीं तुम शऊर रखते ١٥٤ (154)
(154)
और ना تَقُولُوا۟ तुम कहो taqūlū
तुम कहो لِمَن उन्हें जो liman
उन्हें जो يُقْتَلُ क़त्ल कर दिए जाऐं yuq'talu
क़त्ल कर दिए जाऐं فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में أَمْوَٰتٌۢ ۚ कि मुर्दा हैं amwātun
कि मुर्दा हैं بَلْ बल्कि bal
बल्कि أَحْيَآءٌۭ ज़िन्दा हैं (वो) aḥyāon
ज़िन्दा हैं (वो) وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन لَّا you (do) not lā
you (do) not تَشْعُرُونَ नहीं तुम शऊर रखते tashʿurūna
नहीं तुम शऊर रखते ١٥٤ (154)
(154)
तथा जो अल्लाह की राह में मारे जाएँ, उन्हें मुर्दा न कहो, बल्कि (वे) ज़िंदा हैं, परंतु तुम नहीं समझते।
२:१५५
وَلَنَبْلُوَنَّكُم
और अलबत्ता हम ज़रूर आज़माऐंगे
walanabluwannakum
और अलबत्ता हम ज़रूर आज़माऐंगे بِشَىْءٍۢ साथ किसी भी चीज़ के bishayin
साथ किसी भी चीज़ के مِّنَ of mina
of ٱلْخَوْفِ ख़ौफ़ से l-khawfi
ख़ौफ़ से وَٱلْجُوعِ और भूख से wal-jūʿi
और भूख से وَنَقْصٍۢ और कमी (करके) wanaqṣin
और कमी (करके) مِّنَ of mina
of ٱلْأَمْوَٰلِ मालों से l-amwāli
मालों से وَٱلْأَنفُسِ और जानों से wal-anfusi
और जानों से وَٱلثَّمَرَٰتِ ۗ और फलों से wal-thamarāti
और फलों से وَبَشِّرِ और ख़ुशख़बरी दे दीजिए wabashiri
और ख़ुशख़बरी दे दीजिए ٱلصَّـٰبِرِينَ सब्र करने वालों को l-ṣābirīna
सब्र करने वालों को ١٥٥ (155)
(155)
और अलबत्ता हम ज़रूर आज़माऐंगे بِشَىْءٍۢ साथ किसी भी चीज़ के bishayin
साथ किसी भी चीज़ के مِّنَ of mina
of ٱلْخَوْفِ ख़ौफ़ से l-khawfi
ख़ौफ़ से وَٱلْجُوعِ और भूख से wal-jūʿi
और भूख से وَنَقْصٍۢ और कमी (करके) wanaqṣin
और कमी (करके) مِّنَ of mina
of ٱلْأَمْوَٰلِ मालों से l-amwāli
मालों से وَٱلْأَنفُسِ और जानों से wal-anfusi
और जानों से وَٱلثَّمَرَٰتِ ۗ और फलों से wal-thamarāti
और फलों से وَبَشِّرِ और ख़ुशख़बरी दे दीजिए wabashiri
और ख़ुशख़बरी दे दीजिए ٱلصَّـٰبِرِينَ सब्र करने वालों को l-ṣābirīna
सब्र करने वालों को ١٥٥ (155)
(155)
तथा निश्चय हम तुम्हें भय और भूख तथा धनों, प्राणों और फलों की कमी में से किसी न किसी चीज़ के साथ अवश्य आज़माएँगे। और (ऐ नबी!) सब्र करने वालों को शुभ समाचार सुना दें।
२:१५६
ٱلَّذِينَ
वो लोग जो
alladhīna
वो लोग जो إِذَآ जब idhā
जब أَصَـٰبَتْهُم पहुँचती है उन्हें aṣābathum
पहुँचती है उन्हें مُّصِيبَةٌۭ कोई मुसीबत muṣībatun
कोई मुसीबत قَالُوٓا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम لِلَّهِ अल्लाह ही के लिए हैं lillahi
अल्लाह ही के लिए हैं وَإِنَّآ और बेशक हम wa-innā
और बेशक हम إِلَيْهِ तरफ़ उसी के ilayhi
तरफ़ उसी के رَٰجِعُونَ लौटने वाले हैं rājiʿūna
लौटने वाले हैं ١٥٦ (156)
(156)
वो लोग जो إِذَآ जब idhā
जब أَصَـٰبَتْهُم पहुँचती है उन्हें aṣābathum
पहुँचती है उन्हें مُّصِيبَةٌۭ कोई मुसीबत muṣībatun
कोई मुसीबत قَالُوٓا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम لِلَّهِ अल्लाह ही के लिए हैं lillahi
अल्लाह ही के लिए हैं وَإِنَّآ और बेशक हम wa-innā
और बेशक हम إِلَيْهِ तरफ़ उसी के ilayhi
तरफ़ उसी के رَٰجِعُونَ लौटने वाले हैं rājiʿūna
लौटने वाले हैं ١٥٦ (156)
(156)
वे लोग कि जब उन्हें कोई मुसीबत पहुँचती है, तो कहते हैं : निःसंदेह हम अल्लाह के हैं और निःसंदेह हम उसी की ओर लौटने वाले हैं।
२:१५७
أُو۟لَـٰٓئِكَ
यही वो लोग हैं
ulāika
यही वो लोग हैं عَلَيْهِمْ जिन पर ʿalayhim
जिन पर صَلَوَٰتٌۭ नवाज़िशें/इनायतें हैं ṣalawātun
नवाज़िशें/इनायतें हैं مِّن from min
from رَّبِّهِمْ उनके रब की तरफ़ से rabbihim
उनके रब की तरफ़ से وَرَحْمَةٌۭ ۖ और रहमत है waraḥmatun
और रहमत है وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग हैं wa-ulāika
और यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْمُهْتَدُونَ जो हिदायत याफ़्ता हैं l-muh'tadūna
जो हिदायत याफ़्ता हैं ١٥٧ (157)
(157)
यही वो लोग हैं عَلَيْهِمْ जिन पर ʿalayhim
जिन पर صَلَوَٰتٌۭ नवाज़िशें/इनायतें हैं ṣalawātun
नवाज़िशें/इनायतें हैं مِّن from min
from رَّبِّهِمْ उनके रब की तरफ़ से rabbihim
उनके रब की तरफ़ से وَرَحْمَةٌۭ ۖ और रहमत है waraḥmatun
और रहमत है وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग हैं wa-ulāika
और यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْمُهْتَدُونَ जो हिदायत याफ़्ता हैं l-muh'tadūna
जो हिदायत याफ़्ता हैं ١٥٧ (157)
(157)
यही लोग हैं जिनपर उनके रब की ओर से कई कृपाएँ तथा बड़ी दया है, और यही लोग मार्गदर्शन पाने वाले हैं।
२:१५८
۞ إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلصَّفَا सफ़ा l-ṣafā
सफ़ा وَٱلْمَرْوَةَ और मरवा wal-marwata
और मरवा مِن (are) from min
(are) from شَعَآئِرِ निशानियों में से हैं shaʿāiri
निशानियों में से हैं ٱللَّهِ ۖ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की فَمَنْ पस जो कोई faman
पस जो कोई حَجَّ हज करे ḥajja
हज करे ٱلْبَيْتَ बैतुल्लाह का l-bayta
बैतुल्लाह का أَوِ या awi
या ٱعْتَمَرَ उमरा करे iʿ'tamara
उमरा करे فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं جُنَاحَ कोई गुनाह junāḥa
कोई गुनाह عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर أَن कि an
कि يَطَّوَّفَ वो तवाफ़ (सई) करे yaṭṭawwafa
वो तवाफ़ (सई) करे بِهِمَا ۚ उन दोनों का bihimā
उन दोनों का وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई تَطَوَّعَ ख़ुशी से करे taṭawwaʿa
ख़ुशी से करे خَيْرًۭا कोई नेकी khayran
कोई नेकी فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह شَاكِرٌ क़द्रदान है shākirun
क़द्रदान है عَلِيمٌ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ١٥٨ (158)
(158)
बेशक ٱلصَّفَا सफ़ा l-ṣafā
सफ़ा وَٱلْمَرْوَةَ और मरवा wal-marwata
और मरवा مِن (are) from min
(are) from شَعَآئِرِ निशानियों में से हैं shaʿāiri
निशानियों में से हैं ٱللَّهِ ۖ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की فَمَنْ पस जो कोई faman
पस जो कोई حَجَّ हज करे ḥajja
हज करे ٱلْبَيْتَ बैतुल्लाह का l-bayta
बैतुल्लाह का أَوِ या awi
या ٱعْتَمَرَ उमरा करे iʿ'tamara
उमरा करे فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं جُنَاحَ कोई गुनाह junāḥa
कोई गुनाह عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर أَن कि an
कि يَطَّوَّفَ वो तवाफ़ (सई) करे yaṭṭawwafa
वो तवाफ़ (सई) करे بِهِمَا ۚ उन दोनों का bihimā
उन दोनों का وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई تَطَوَّعَ ख़ुशी से करे taṭawwaʿa
ख़ुशी से करे خَيْرًۭا कोई नेकी khayran
कोई नेकी فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह شَاكِرٌ क़द्रदान है shākirun
क़द्रदान है عَلِيمٌ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ١٥٨ (158)
(158)
निःसंदेह सफ़ा और मरवा1 अल्लाह की निशानियों में से हैं। अतः जो कोई इस घर का हज्ज करे या उम्रा करे, तो उसपर कोई दोष नहीं कि इन दोनों का तवाफ़ करे। और जो कोई स्वेच्छा से भलाई का कार्य करे, तो निःसंदेह अल्लाह (उसकी) क़द्र करने वाला, सब कुछ जानने वाला है।
२:१५९
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो يَكْتُمُونَ छुपाते हैं yaktumūna
छुपाते हैं مَآ उसे जो mā
उसे जो أَنزَلْنَا नाज़िल किया हमने anzalnā
नाज़िल किया हमने مِنَ of mina
of ٱلْبَيِّنَـٰتِ वाज़ेह निशानियों में से l-bayināti
वाज़ेह निशानियों में से وَٱلْهُدَىٰ और हिदायत में से wal-hudā
और हिदायत में से مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद उसके baʿdi
बाद उसके مَا जो mā
जो بَيَّنَّـٰهُ वाज़ेह कर दिया हमने उसे bayyannāhu
वाज़ेह कर दिया हमने उसे لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए فِى in fī
in ٱلْكِتَـٰبِ ۙ किताब में l-kitābi
किताब में أُو۟لَـٰٓئِكَ यही वो लोग हैं ulāika
यही वो लोग हैं يَلْعَنُهُمُ लानत करता है उन पर yalʿanuhumu
लानत करता है उन पर ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَيَلْعَنُهُمُ और लानत करते हैं उन पर wayalʿanuhumu
और लानत करते हैं उन पर ٱللَّـٰعِنُونَ लानत करने वाले l-lāʿinūna
लानत करने वाले ١٥٩ (159)
(159)
बेशक ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो يَكْتُمُونَ छुपाते हैं yaktumūna
छुपाते हैं مَآ उसे जो mā
उसे जो أَنزَلْنَا नाज़िल किया हमने anzalnā
नाज़िल किया हमने مِنَ of mina
of ٱلْبَيِّنَـٰتِ वाज़ेह निशानियों में से l-bayināti
वाज़ेह निशानियों में से وَٱلْهُدَىٰ और हिदायत में से wal-hudā
और हिदायत में से مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद उसके baʿdi
बाद उसके مَا जो mā
जो بَيَّنَّـٰهُ वाज़ेह कर दिया हमने उसे bayyannāhu
वाज़ेह कर दिया हमने उसे لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए فِى in fī
in ٱلْكِتَـٰبِ ۙ किताब में l-kitābi
किताब में أُو۟لَـٰٓئِكَ यही वो लोग हैं ulāika
यही वो लोग हैं يَلْعَنُهُمُ लानत करता है उन पर yalʿanuhumu
लानत करता है उन पर ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَيَلْعَنُهُمُ और लानत करते हैं उन पर wayalʿanuhumu
और लानत करते हैं उन पर ٱللَّـٰعِنُونَ लानत करने वाले l-lāʿinūna
लानत करने वाले ١٥٩ (159)
(159)
निःसंदेह जो लोग उसको छिपाते हैं जो हमने स्पष्ट प्रमाणों और मार्गदर्शन में से उतारा है, इसके बाद कि हमने उसे लोगों के लिए किताब1 में स्पष्ट कर दिया है, उनपर अल्लाह लानत करता है2 और सब लानत करने वाले उनपर लानत करते हैं।
२:१६०
إِلَّا
सिवाय
illā
सिवाय ٱلَّذِينَ उनके जिन्होंने alladhīna
उनके जिन्होंने تَابُوا۟ तौबा की tābū
तौबा की وَأَصْلَحُوا۟ और इस्लाह की wa-aṣlaḥū
और इस्लाह की وَبَيَّنُوا۟ और वाज़ेह कर दिया wabayyanū
और वाज़ेह कर दिया فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही वो लोग हैं fa-ulāika
तो यही वो लोग हैं أَتُوبُ मैं मेहरबान होता हूँ atūbu
मैं मेहरबान होता हूँ عَلَيْهِمْ ۚ उन पर ʿalayhim
उन पर وَأَنَا और मैं wa-anā
और मैं ٱلتَّوَّابُ बहुत तौबा क़ुबूल करने वाला हूँ l-tawābu
बहुत तौबा क़ुबूल करने वाला हूँ ٱلرَّحِيمُ निहायत रहम करने वाला हूँ l-raḥīmu
निहायत रहम करने वाला हूँ ١٦٠ (160)
(160)
सिवाय ٱلَّذِينَ उनके जिन्होंने alladhīna
उनके जिन्होंने تَابُوا۟ तौबा की tābū
तौबा की وَأَصْلَحُوا۟ और इस्लाह की wa-aṣlaḥū
और इस्लाह की وَبَيَّنُوا۟ और वाज़ेह कर दिया wabayyanū
और वाज़ेह कर दिया فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही वो लोग हैं fa-ulāika
तो यही वो लोग हैं أَتُوبُ मैं मेहरबान होता हूँ atūbu
मैं मेहरबान होता हूँ عَلَيْهِمْ ۚ उन पर ʿalayhim
उन पर وَأَنَا और मैं wa-anā
और मैं ٱلتَّوَّابُ बहुत तौबा क़ुबूल करने वाला हूँ l-tawābu
बहुत तौबा क़ुबूल करने वाला हूँ ٱلرَّحِيمُ निहायत रहम करने वाला हूँ l-raḥīmu
निहायत रहम करने वाला हूँ ١٦٠ (160)
(160)
परंतु वे लोग जिन्होंने तौबा कर ली और सुधार कर लिया और खोलकर बयान कर दिया, तो ये लोग हैं जिनकी मैं तौबा स्वीकार करता हूँ और मैं ही बहुत तौबा क़बूल करने वाला, अत्यंत दयावान् हूँ।
२:१६१
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया وَمَاتُوا۟ और वो मर गए wamātū
और वो मर गए وَهُمْ इस हाल में कि वो wahum
इस हाल में कि वो كُفَّارٌ काफ़िर थे kuffārun
काफ़िर थे أُو۟لَـٰٓئِكَ यही वो लोग हैं ulāika
यही वो लोग हैं عَلَيْهِمْ उन पर है ʿalayhim
उन पर है لَعْنَةُ लानत laʿnatu
लानत ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की وَٱلْمَلَـٰٓئِكَةِ और फ़रिश्तों की wal-malāikati
और फ़रिश्तों की وَٱلنَّاسِ और लोगों की wal-nāsi
और लोगों की أَجْمَعِينَ सब के सब की ajmaʿīna
सब के सब की ١٦١ (161)
(161)
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया وَمَاتُوا۟ और वो मर गए wamātū
और वो मर गए وَهُمْ इस हाल में कि वो wahum
इस हाल में कि वो كُفَّارٌ काफ़िर थे kuffārun
काफ़िर थे أُو۟لَـٰٓئِكَ यही वो लोग हैं ulāika
यही वो लोग हैं عَلَيْهِمْ उन पर है ʿalayhim
उन पर है لَعْنَةُ लानत laʿnatu
लानत ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की وَٱلْمَلَـٰٓئِكَةِ और फ़रिश्तों की wal-malāikati
और फ़रिश्तों की وَٱلنَّاسِ और लोगों की wal-nāsi
और लोगों की أَجْمَعِينَ सब के सब की ajmaʿīna
सब के सब की ١٦١ (161)
(161)
निःसंदेह वे लोग जिन्होंने कुफ़्र किया और इस हाल में मर गए कि वे काफ़िर थे, ऐसे लोग हैं जिनपर अल्लाह की और फ़रिश्तों तथा लोगों की, सब की लानत है।
२:१६२
خَـٰلِدِينَ
हमेशा रहने वाले हैं
khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَا ۖ उसमें fīhā
उसमें لَا Not lā
Not يُخَفَّفُ ना हल्का किया जाएगा yukhaffafu
ना हल्का किया जाएगा عَنْهُمُ उनसे ʿanhumu
उनसे ٱلْعَذَابُ अज़ाब l-ʿadhābu
अज़ाब وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يُنظَرُونَ वो मोहलत दिए जाऐंगे yunẓarūna
वो मोहलत दिए जाऐंगे ١٦٢ (162)
(162)
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَا ۖ उसमें fīhā
उसमें لَا Not lā
Not يُخَفَّفُ ना हल्का किया जाएगा yukhaffafu
ना हल्का किया जाएगा عَنْهُمُ उनसे ʿanhumu
उनसे ٱلْعَذَابُ अज़ाब l-ʿadhābu
अज़ाब وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يُنظَرُونَ वो मोहलत दिए जाऐंगे yunẓarūna
वो मोहलत दिए जाऐंगे ١٦٢ (162)
(162)
वे हमेशा इसी (दशा) में रहने वाले हैं, न उनसे यातना हल्की की जाएगी और न उन्हें मोहलत दी जाएगी।
२:१६३
وَإِلَـٰهُكُمْ
और इलाह तुम्हारा
wa-ilāhukum
और इलाह तुम्हारा إِلَـٰهٌۭ इलाह है ilāhun
इलाह है وَٰحِدٌۭ ۖ एक ही wāḥidun
एक ही لَّآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ वो ही huwa
वो ही ٱلرَّحْمَـٰنُ जो बहुत मेहरबान है l-raḥmānu
जो बहुत मेहरबान है ٱلرَّحِيمُ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmu
निहायत रहम करने वाला है ١٦٣ (163)
(163)
और इलाह तुम्हारा إِلَـٰهٌۭ इलाह है ilāhun
इलाह है وَٰحِدٌۭ ۖ एक ही wāḥidun
एक ही لَّآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ वो ही huwa
वो ही ٱلرَّحْمَـٰنُ जो बहुत मेहरबान है l-raḥmānu
जो बहुत मेहरबान है ٱلرَّحِيمُ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmu
निहायत रहम करने वाला है ١٦٣ (163)
(163)
और तुम्हारा पूज्य (मा'बूद) एक ही1 पूज्य (मा'बूद) है, उसके सिवा कोई पूज्य (मा'बूद) नहीं, अत्यंत दयावान्, असीम दयालु है।
२:१६४
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक فِى in fī
in خَلْقِ पैदा करने में khalqi
पैदा करने में ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन के wal-arḍi
और ज़मीन के وَٱخْتِلَـٰفِ और इख़्तिलाफ़ में wa-ikh'tilāfi
और इख़्तिलाफ़ में ٱلَّيْلِ रात al-layli
रात وَٱلنَّهَارِ और दिन के wal-nahāri
और दिन के وَٱلْفُلْكِ और कश्तियों में wal-ful'ki
और कश्तियों में ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो تَجْرِى चलती हैं tajrī
चलती हैं فِى in fī
in ٱلْبَحْرِ समुन्दर में l-baḥri
समुन्दर में بِمَا साथ उसके जो bimā
साथ उसके जो يَنفَعُ नफ़ा देता है yanfaʿu
नफ़ा देता है ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को وَمَآ और उसमें जो wamā
और उसमें जो أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مِنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से مِن [of] min
[of] مَّآءٍۢ पानी में से māin
पानी में से فَأَحْيَا फिर उसने ज़िन्दा किया fa-aḥyā
फिर उसने ज़िन्दा किया بِهِ साथ उसके bihi
साथ उसके ٱلْأَرْضَ ज़मीन को l-arḍa
ज़मीन को بَعْدَ बाद baʿda
बाद مَوْتِهَا उसकी मौत के mawtihā
उसकी मौत के وَبَثَّ और उसने फैला दी wabatha
और उसने फैला दी فِيهَا उसमें fīhā
उसमें مِن [of] min
[of] كُلِّ every kulli
every دَآبَّةٍۢ हर क़िस्म की जानदार मख़लूक़ dābbatin
हर क़िस्म की जानदार मख़लूक़ وَتَصْرِيفِ और फेरने में wataṣrīfi
और फेरने में ٱلرِّيَـٰحِ हवाओं के l-riyāḥi
हवाओं के وَٱلسَّحَابِ और बादलों में wal-saḥābi
और बादलों में ٱلْمُسَخَّرِ जो मुसख़्ख़र किए गए हैं l-musakhari
जो मुसख़्ख़र किए गए हैं بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान ٱلسَّمَآءِ आसमान l-samāi
आसमान وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन के wal-arḍi
और ज़मीन के لَـَٔايَـٰتٍۢ यक़ीनन निशानियाँ हैं laāyātin
यक़ीनन निशानियाँ हैं لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يَعْقِلُونَ जो अक़्ल रखते हैं yaʿqilūna
जो अक़्ल रखते हैं ١٦٤ (164)
(164)
बेशक فِى in fī
in خَلْقِ पैदा करने में khalqi
पैदा करने में ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन के wal-arḍi
और ज़मीन के وَٱخْتِلَـٰفِ और इख़्तिलाफ़ में wa-ikh'tilāfi
और इख़्तिलाफ़ में ٱلَّيْلِ रात al-layli
रात وَٱلنَّهَارِ और दिन के wal-nahāri
और दिन के وَٱلْفُلْكِ और कश्तियों में wal-ful'ki
और कश्तियों में ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो تَجْرِى चलती हैं tajrī
चलती हैं فِى in fī
in ٱلْبَحْرِ समुन्दर में l-baḥri
समुन्दर में بِمَا साथ उसके जो bimā
साथ उसके जो يَنفَعُ नफ़ा देता है yanfaʿu
नफ़ा देता है ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को وَمَآ और उसमें जो wamā
और उसमें जो أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مِنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से مِن [of] min
[of] مَّآءٍۢ पानी में से māin
पानी में से فَأَحْيَا फिर उसने ज़िन्दा किया fa-aḥyā
फिर उसने ज़िन्दा किया بِهِ साथ उसके bihi
साथ उसके ٱلْأَرْضَ ज़मीन को l-arḍa
ज़मीन को بَعْدَ बाद baʿda
बाद مَوْتِهَا उसकी मौत के mawtihā
उसकी मौत के وَبَثَّ और उसने फैला दी wabatha
और उसने फैला दी فِيهَا उसमें fīhā
उसमें مِن [of] min
[of] كُلِّ every kulli
every دَآبَّةٍۢ हर क़िस्म की जानदार मख़लूक़ dābbatin
हर क़िस्म की जानदार मख़लूक़ وَتَصْرِيفِ और फेरने में wataṣrīfi
और फेरने में ٱلرِّيَـٰحِ हवाओं के l-riyāḥi
हवाओं के وَٱلسَّحَابِ और बादलों में wal-saḥābi
और बादलों में ٱلْمُسَخَّرِ जो मुसख़्ख़र किए गए हैं l-musakhari
जो मुसख़्ख़र किए गए हैं بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान ٱلسَّمَآءِ आसमान l-samāi
आसमान وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन के wal-arḍi
और ज़मीन के لَـَٔايَـٰتٍۢ यक़ीनन निशानियाँ हैं laāyātin
यक़ीनन निशानियाँ हैं لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يَعْقِلُونَ जो अक़्ल रखते हैं yaʿqilūna
जो अक़्ल रखते हैं ١٦٤ (164)
(164)
निःसंदेह आकाशों और धरती की रचना तथा रात और दिन के बदलने में, तथा उन नावों में जो लोगों को लाभ देने वाली चीज़ें लेकर सागरों में चलती हैं, और उस पानी में जो जो अल्लाह ने आकाश से उतारा, फिर उसके द्वारा धरती को उसकी मृत्यु के पश्चात् जीवित कर दिया और उसमें हर प्रकार के जानवर फैला दिए, तथा हवाओं को फेरने (बदलने) में और उस बादल में, जो आकाश और धरती के बीच वशीभूत1 किया हुआ है, (इन सब चीज़ों में) उन लोगों के लिए बहुत-सी निशानियाँ हैं, जो समझ-बूझ रखते हैं।
२:१६५
وَمِنَ
And among
wamina
And among ٱلنَّاسِ और बाज़ लोग हैं l-nāsi
और बाज़ लोग हैं مَن जो man
जो يَتَّخِذُ बना लेते हैं yattakhidhu
बना लेते हैं مِن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के أَندَادًۭا कई शरीक andādan
कई शरीक يُحِبُّونَهُمْ वो मोहब्बत करते हैं उनसे yuḥibbūnahum
वो मोहब्बत करते हैं उनसे كَحُبِّ जैसी मोहब्बत करना kaḥubbi
जैसी मोहब्बत करना ٱللَّهِ ۖ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए أَشَدُّ ज़्यादा शदीद हैं ashaddu
ज़्यादा शदीद हैं حُبًّۭا मोहब्बत करने में ḥubban
मोहब्बत करने में لِّلَّهِ ۗ अल्लाह से lillahi
अल्लाह से وَلَوْ और काश walaw
और काश يَرَى देख लें yarā
देख लें ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने ظَلَمُوٓا۟ ज़ुल्म किया ẓalamū
ज़ुल्म किया إِذْ जब idh
जब يَرَوْنَ वो देखेंगे yarawna
वो देखेंगे ٱلْعَذَابَ अज़ाब को l-ʿadhāba
अज़ाब को أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱلْقُوَّةَ क़ुव्वत l-quwata
क़ुव्वत لِلَّهِ अल्लाह ही के लिए है lillahi
अल्लाह ही के लिए है جَمِيعًۭا सारी की सारी jamīʿan
सारी की सारी وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह شَدِيدُ सख़्त है shadīdu
सख़्त है ٱلْعَذَابِ अज़ाब (देने में) l-ʿadhābi
अज़ाब (देने में) ١٦٥ (165)
(165)
And among ٱلنَّاسِ और बाज़ लोग हैं l-nāsi
और बाज़ लोग हैं مَن जो man
जो يَتَّخِذُ बना लेते हैं yattakhidhu
बना लेते हैं مِن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के أَندَادًۭا कई शरीक andādan
कई शरीक يُحِبُّونَهُمْ वो मोहब्बत करते हैं उनसे yuḥibbūnahum
वो मोहब्बत करते हैं उनसे كَحُبِّ जैसी मोहब्बत करना kaḥubbi
जैसी मोहब्बत करना ٱللَّهِ ۖ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए أَشَدُّ ज़्यादा शदीद हैं ashaddu
ज़्यादा शदीद हैं حُبًّۭا मोहब्बत करने में ḥubban
मोहब्बत करने में لِّلَّهِ ۗ अल्लाह से lillahi
अल्लाह से وَلَوْ और काश walaw
और काश يَرَى देख लें yarā
देख लें ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने ظَلَمُوٓا۟ ज़ुल्म किया ẓalamū
ज़ुल्म किया إِذْ जब idh
जब يَرَوْنَ वो देखेंगे yarawna
वो देखेंगे ٱلْعَذَابَ अज़ाब को l-ʿadhāba
अज़ाब को أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱلْقُوَّةَ क़ुव्वत l-quwata
क़ुव्वत لِلَّهِ अल्लाह ही के लिए है lillahi
अल्लाह ही के लिए है جَمِيعًۭا सारी की सारी jamīʿan
सारी की सारी وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह شَدِيدُ सख़्त है shadīdu
सख़्त है ٱلْعَذَابِ अज़ाब (देने में) l-ʿadhābi
अज़ाब (देने में) ١٦٥ (165)
(165)
कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो अल्लाह के सिवा कुछ साझी बना लेते हैं, जिनसे वे अल्लाह के प्रेम जैसा प्रेम करते हैं। तथा वे लोग जो ईमान लाए, अल्लाह से प्रेम में सबसे बढ़कर होते हैं। और काश! वे लोग जिन्होंने अत्याचार किया उस समय को देख लें1 जब वे यातना को देखेंगे, (तो जान लें) कि निःसंदेह शक्ति सब की सब अल्लाह ही के लिए है और यह कि निःसंदेह अल्लाह बहुत सख़्त अज़ाब वाला है।
२:१६६
إِذْ
जब
idh
जब تَبَرَّأَ बेज़ार होंगे tabarra-a
बेज़ार होंगे ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो ٱتُّبِعُوا۟ पैरवी किए गए ittubiʿū
पैरवी किए गए مِنَ [from] mina
[from] ٱلَّذِينَ उनसे जिन्होंने alladhīna
उनसे जिन्होंने ٱتَّبَعُوا۟ पैरवी की ittabaʿū
पैरवी की وَرَأَوُا۟ और वो देख लेंगे wara-awū
और वो देख लेंगे ٱلْعَذَابَ अज़ाब l-ʿadhāba
अज़ाब وَتَقَطَّعَتْ और कट जाऐंगे wataqaṭṭaʿat
और कट जाऐंगे بِهِمُ उनके bihimu
उनके ٱلْأَسْبَابُ तमाम असबाब l-asbābu
तमाम असबाब ١٦٦ (166)
(166)
जब تَبَرَّأَ बेज़ार होंगे tabarra-a
बेज़ार होंगे ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो ٱتُّبِعُوا۟ पैरवी किए गए ittubiʿū
पैरवी किए गए مِنَ [from] mina
[from] ٱلَّذِينَ उनसे जिन्होंने alladhīna
उनसे जिन्होंने ٱتَّبَعُوا۟ पैरवी की ittabaʿū
पैरवी की وَرَأَوُا۟ और वो देख लेंगे wara-awū
और वो देख लेंगे ٱلْعَذَابَ अज़ाब l-ʿadhāba
अज़ाब وَتَقَطَّعَتْ और कट जाऐंगे wataqaṭṭaʿat
और कट जाऐंगे بِهِمُ उनके bihimu
उनके ٱلْأَسْبَابُ तमाम असबाब l-asbābu
तमाम असबाब ١٦٦ (166)
(166)
जब1 वे लोग जिनका अनुसरण किया गया2 था, उन लोगों से बिल्कुल अलग हो जाएँगे जिन्होंने (उनकी) पैरवी की और वे यातना को देख लेंगे और उनके आपस के संबंध पूर्णतया समाप्त हो जाएँगे।
२:१६७
وَقَالَ
और कहेंगे
waqāla
और कहेंगे ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने ٱتَّبَعُوا۟ पैरवी की ittabaʿū
पैरवी की لَوْ काश law
काश أَنَّ कि anna
कि لَنَا हमारे लिए होता lanā
हमारे लिए होता كَرَّةًۭ एक मर्तबा लौटना karratan
एक मर्तबा लौटना فَنَتَبَرَّأَ तो हम बेज़ार होते fanatabarra-a
तो हम बेज़ार होते مِنْهُمْ उनसे min'hum
उनसे كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि تَبَرَّءُوا۟ वो बेज़ार हुए tabarraū
वो बेज़ार हुए مِنَّا ۗ हमसे minnā
हमसे كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह يُرِيهِمُ दिखाएगा उन्हें yurīhimu
दिखाएगा उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَعْمَـٰلَهُمْ आमाल उनके aʿmālahum
आमाल उनके حَسَرَٰتٍ हसरतें बनाकर ḥasarātin
हसरतें बनाकर عَلَيْهِمْ ۖ उन पर ʿalayhim
उन पर وَمَا और नहीं wamā
और नहीं هُم वो hum
वो بِخَـٰرِجِينَ निकलने वाले bikhārijīna
निकलने वाले مِنَ from mina
from ٱلنَّارِ आग से l-nāri
आग से ١٦٧ (167)
(167)
और कहेंगे ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने ٱتَّبَعُوا۟ पैरवी की ittabaʿū
पैरवी की لَوْ काश law
काश أَنَّ कि anna
कि لَنَا हमारे लिए होता lanā
हमारे लिए होता كَرَّةًۭ एक मर्तबा लौटना karratan
एक मर्तबा लौटना فَنَتَبَرَّأَ तो हम बेज़ार होते fanatabarra-a
तो हम बेज़ार होते مِنْهُمْ उनसे min'hum
उनसे كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि تَبَرَّءُوا۟ वो बेज़ार हुए tabarraū
वो बेज़ार हुए مِنَّا ۗ हमसे minnā
हमसे كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह يُرِيهِمُ दिखाएगा उन्हें yurīhimu
दिखाएगा उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَعْمَـٰلَهُمْ आमाल उनके aʿmālahum
आमाल उनके حَسَرَٰتٍ हसरतें बनाकर ḥasarātin
हसरतें बनाकर عَلَيْهِمْ ۖ उन पर ʿalayhim
उन पर وَمَا और नहीं wamā
और नहीं هُم वो hum
वो بِخَـٰرِجِينَ निकलने वाले bikhārijīna
निकलने वाले مِنَ from mina
from ٱلنَّارِ आग से l-nāri
आग से ١٦٧ (167)
(167)
तथा जिन लोगों ने अनुसरण किया था, कहेंगे : काश! हमारे लिए एक बार पुनः (संसार में) जाना होता, तो हम इनसे वैसे ही बिल्कुल अलग हो जाते, जैसे ये हमसे बिल्कुल अलग हो गए। ऐसे ही अल्लाह उनके कर्मों को उनके लिए अफ़सोस बनाकर दिखाएगा और वे किसी भी तरह आग से निकलने वाले नहीं हैं।
२:१६८
يَـٰٓأَيُّهَا
O
yāayyuhā
O ٱلنَّاسُ ऐ लोगो l-nāsu
ऐ लोगो كُلُوا۟ खाओ kulū
खाओ مِمَّا उससे जो mimmā
उससे जो فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है حَلَـٰلًۭا हलाल ḥalālan
हलाल طَيِّبًۭا पाकीज़ा ṭayyiban
पाकीज़ा وَلَا और ना walā
और ना تَتَّبِعُوا۟ तुम पैरवी करो tattabiʿū
तुम पैरवी करो خُطُوَٰتِ क़दमों की khuṭuwāti
क़दमों की ٱلشَّيْطَـٰنِ ۚ शैतान के l-shayṭāni
शैतान के إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए عَدُوٌّۭ दुश्मन है ʿaduwwun
दुश्मन है مُّبِينٌ खुल्लम-खुल्ला mubīnun
खुल्लम-खुल्ला ١٦٨ (168)
(168)
O ٱلنَّاسُ ऐ लोगो l-nāsu
ऐ लोगो كُلُوا۟ खाओ kulū
खाओ مِمَّا उससे जो mimmā
उससे जो فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है حَلَـٰلًۭا हलाल ḥalālan
हलाल طَيِّبًۭا पाकीज़ा ṭayyiban
पाकीज़ा وَلَا और ना walā
और ना تَتَّبِعُوا۟ तुम पैरवी करो tattabiʿū
तुम पैरवी करो خُطُوَٰتِ क़दमों की khuṭuwāti
क़दमों की ٱلشَّيْطَـٰنِ ۚ शैतान के l-shayṭāni
शैतान के إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए عَدُوٌّۭ दुश्मन है ʿaduwwun
दुश्मन है مُّبِينٌ खुल्लम-खुल्ला mubīnun
खुल्लम-खुल्ला ١٦٨ (168)
(168)
ऐ लोगो! उन चीज़ों में से खाओ जो धरती में ह़लाल, पाकीज़ा हैं और शैतान के पदचिह्नों का अनुसरण न करो।1 निःसंदेह वह तुम्हारा खुला शत्रु है।
२:१६९
إِنَّمَا
बेशक
innamā
बेशक يَأْمُرُكُم वो हुक्म देता है तुम्हें yamurukum
वो हुक्म देता है तुम्हें بِٱلسُّوٓءِ बुराई का bil-sūi
बुराई का وَٱلْفَحْشَآءِ और बेहयाई का wal-faḥshāi
और बेहयाई का وَأَن और ये कि wa-an
और ये कि تَقُولُوا۟ तुम कहो taqūlū
तुम कहो عَلَى about ʿalā
about ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर مَا जो mā
जो لَا नहीं lā
नहीं تَعْلَمُونَ तुम जानते taʿlamūna
तुम जानते ١٦٩ (169)
(169)
बेशक يَأْمُرُكُم वो हुक्म देता है तुम्हें yamurukum
वो हुक्म देता है तुम्हें بِٱلسُّوٓءِ बुराई का bil-sūi
बुराई का وَٱلْفَحْشَآءِ और बेहयाई का wal-faḥshāi
और बेहयाई का وَأَن और ये कि wa-an
और ये कि تَقُولُوا۟ तुम कहो taqūlū
तुम कहो عَلَى about ʿalā
about ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर مَا जो mā
जो لَا नहीं lā
नहीं تَعْلَمُونَ तुम जानते taʿlamūna
तुम जानते ١٦٩ (169)
(169)
वह तो तुम्हें बुराई और निर्लज्जता ही का आदेश देता है और यह कि तुम अल्लाह पर वह बात कहो, जो तुम नहीं जानते।
२:१७०
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब قِيلَ कहा जाता है qīla
कहा जाता है لَهُمُ उन्हें lahumu
उन्हें ٱتَّبِعُوا۟ पैरवी करो ittabiʿū
पैरवी करो مَآ उसकी जो mā
उसकी जो أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने قَالُوا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं بَلْ बल्कि bal
बल्कि نَتَّبِعُ हम पैरवी करेंगे nattabiʿu
हम पैरवी करेंगे مَآ उसकी जो mā
उसकी जो أَلْفَيْنَا पाया हमने alfaynā
पाया हमने عَلَيْهِ जिस पर ʿalayhi
जिस पर ءَابَآءَنَآ ۗ अपने आबा ओ अजदाद को ābāanā
अपने आबा ओ अजदाद को أَوَلَوْ क्या भला अगरचे awalaw
क्या भला अगरचे كَانَ हों kāna
हों ءَابَآؤُهُمْ आबा ओ अजदाद उनके ābāuhum
आबा ओ अजदाद उनके لَا (did) not lā
(did) not يَعْقِلُونَ ना वो अक़्ल रखते yaʿqilūna
ना वो अक़्ल रखते شَيْـًۭٔا कुछ भी shayan
कुछ भी وَلَا और ना walā
और ना يَهْتَدُونَ वो हिदायत याफ़्ता हों yahtadūna
वो हिदायत याफ़्ता हों ١٧٠ (170)
(170)
और जब قِيلَ कहा जाता है qīla
कहा जाता है لَهُمُ उन्हें lahumu
उन्हें ٱتَّبِعُوا۟ पैरवी करो ittabiʿū
पैरवी करो مَآ उसकी जो mā
उसकी जो أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने قَالُوا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं بَلْ बल्कि bal
बल्कि نَتَّبِعُ हम पैरवी करेंगे nattabiʿu
हम पैरवी करेंगे مَآ उसकी जो mā
उसकी जो أَلْفَيْنَا पाया हमने alfaynā
पाया हमने عَلَيْهِ जिस पर ʿalayhi
जिस पर ءَابَآءَنَآ ۗ अपने आबा ओ अजदाद को ābāanā
अपने आबा ओ अजदाद को أَوَلَوْ क्या भला अगरचे awalaw
क्या भला अगरचे كَانَ हों kāna
हों ءَابَآؤُهُمْ आबा ओ अजदाद उनके ābāuhum
आबा ओ अजदाद उनके لَا (did) not lā
(did) not يَعْقِلُونَ ना वो अक़्ल रखते yaʿqilūna
ना वो अक़्ल रखते شَيْـًۭٔا कुछ भी shayan
कुछ भी وَلَا और ना walā
और ना يَهْتَدُونَ वो हिदायत याफ़्ता हों yahtadūna
वो हिदायत याफ़्ता हों ١٧٠ (170)
(170)
और जब उनसे1 कहा जाता है कि उसका अनुसरण करो जो अल्लाह ने (क़ुरआन) उतारा है, तो कहते हैं : बल्कि हम तो उसका अनुसरण करेंगे जिसपर हमने अपने बाप-दादा को पाया है। क्या अगरचे उनके बाप-दादा न कुछ समझते हों और न मार्गदर्शन पाते हों?
२:१७१
وَمَثَلُ
और मिसाल
wamathalu
और मिसाल ٱلَّذِينَ उनकी जिन्होंने alladhīna
उनकी जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया كَمَثَلِ मानिन्द मिसाल kamathali
मानिन्द मिसाल ٱلَّذِى उसके है जो alladhī
उसके है जो يَنْعِقُ चीख़ कर पुकारता है yanʿiqu
चीख़ कर पुकारता है بِمَا उसे जो bimā
उसे जो لَا not lā
not يَسْمَعُ नहीं सुनता yasmaʿu
नहीं सुनता إِلَّا मगर illā
मगर دُعَآءًۭ पुकार duʿāan
पुकार وَنِدَآءًۭ ۚ और आवाज़ wanidāan
और आवाज़ صُمٌّۢ बहरे ṣummun
बहरे بُكْمٌ गूँगे buk'mun
गूँगे عُمْىٌۭ अँधे हैं ʿum'yun
अँधे हैं فَهُمْ पस वो fahum
पस वो لَا (do) not lā
(do) not يَعْقِلُونَ नहीं वो अक़्ल रखते yaʿqilūna
नहीं वो अक़्ल रखते ١٧١ (171)
(171)
और मिसाल ٱلَّذِينَ उनकी जिन्होंने alladhīna
उनकी जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया كَمَثَلِ मानिन्द मिसाल kamathali
मानिन्द मिसाल ٱلَّذِى उसके है जो alladhī
उसके है जो يَنْعِقُ चीख़ कर पुकारता है yanʿiqu
चीख़ कर पुकारता है بِمَا उसे जो bimā
उसे जो لَا not lā
not يَسْمَعُ नहीं सुनता yasmaʿu
नहीं सुनता إِلَّا मगर illā
मगर دُعَآءًۭ पुकार duʿāan
पुकार وَنِدَآءًۭ ۚ और आवाज़ wanidāan
और आवाज़ صُمٌّۢ बहरे ṣummun
बहरे بُكْمٌ गूँगे buk'mun
गूँगे عُمْىٌۭ अँधे हैं ʿum'yun
अँधे हैं فَهُمْ पस वो fahum
पस वो لَا (do) not lā
(do) not يَعْقِلُونَ नहीं वो अक़्ल रखते yaʿqilūna
नहीं वो अक़्ल रखते ١٧١ (171)
(171)
उन लोगों का उदाहरण जिन्होंने कुफ़्र किया, उस व्यक्ति के उदाहरण जैसा है, जो उन जानवरों को पुकारता है, जो पुकार और आवाज़ के सिवा कुछ1 नहीं सुनते। वे बहरे हैं, गूँगे हैं, अंधे हैं, इसलिए वे नहीं समझते।
२:१७२
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो كُلُوا۟ खाओ तुम kulū
खाओ तुम مِن from min
from طَيِّبَـٰتِ पाकीज़ा चीज़ों में से ṭayyibāti
पाकीज़ा चीज़ों में से مَا जो mā
जो رَزَقْنَـٰكُمْ अता कीं हमने तुम्हें razaqnākum
अता कीं हमने तुम्हें وَٱشْكُرُوا۟ और शुक्र करो wa-ush'kurū
और शुक्र करो لِلَّهِ अल्लाह का lillahi
अल्लाह का إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम إِيَّاهُ सिर्फ़ उसी की iyyāhu
सिर्फ़ उसी की تَعْبُدُونَ तुम इबादत करते taʿbudūna
तुम इबादत करते ١٧٢ (172)
(172)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो كُلُوا۟ खाओ तुम kulū
खाओ तुम مِن from min
from طَيِّبَـٰتِ पाकीज़ा चीज़ों में से ṭayyibāti
पाकीज़ा चीज़ों में से مَا जो mā
जो رَزَقْنَـٰكُمْ अता कीं हमने तुम्हें razaqnākum
अता कीं हमने तुम्हें وَٱشْكُرُوا۟ और शुक्र करो wa-ush'kurū
और शुक्र करो لِلَّهِ अल्लाह का lillahi
अल्लाह का إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम إِيَّاهُ सिर्फ़ उसी की iyyāhu
सिर्फ़ उसी की تَعْبُدُونَ तुम इबादत करते taʿbudūna
तुम इबादत करते ١٧٢ (172)
(172)
ऐ ईमान वालो! उन पवित्र चीज़ों में से खाओ, जो हमने तुम्हें प्रदान की हैं तथा अल्लाह का शुक्र अदा करो, यदि तुम केवल उसी की इबादत करते हो।
२:१७३
إِنَّمَا
बेशक
innamā
बेशक حَرَّمَ उसने हराम किया है ḥarrama
उसने हराम किया है عَلَيْكُمُ तुम पर ʿalaykumu
तुम पर ٱلْمَيْتَةَ मुरदार l-maytata
मुरदार وَٱلدَّمَ और ख़ून wal-dama
और ख़ून وَلَحْمَ और गोश्त walaḥma
और गोश्त ٱلْخِنزِيرِ ख़िन्ज़ीर का l-khinzīri
ख़िन्ज़ीर का وَمَآ और जो wamā
और जो أُهِلَّ पुकारा गया uhilla
पुकारा गया بِهِۦ उसको bihi
उसको لِغَيْرِ वास्ते ग़ैर lighayri
वास्ते ग़ैर ٱللَّهِ ۖ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के فَمَنِ तो जो कोई famani
तो जो कोई ٱضْطُرَّ मजबूर किया गया uḍ'ṭurra
मजबूर किया गया غَيْرَ ना ghayra
ना بَاغٍۢ सरकशी करने वाला हो bāghin
सरकशी करने वाला हो وَلَا और ना walā
और ना عَادٍۢ हद से बढ़ने वाला हो ʿādin
हद से बढ़ने वाला हो فَلَآ तो नहीं falā
तो नहीं إِثْمَ कोई गुनाह ith'ma
कोई गुनाह عَلَيْهِ ۚ उस पर ʿalayhi
उस पर إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ١٧٣ (173)
(173)
बेशक حَرَّمَ उसने हराम किया है ḥarrama
उसने हराम किया है عَلَيْكُمُ तुम पर ʿalaykumu
तुम पर ٱلْمَيْتَةَ मुरदार l-maytata
मुरदार وَٱلدَّمَ और ख़ून wal-dama
और ख़ून وَلَحْمَ और गोश्त walaḥma
और गोश्त ٱلْخِنزِيرِ ख़िन्ज़ीर का l-khinzīri
ख़िन्ज़ीर का وَمَآ और जो wamā
और जो أُهِلَّ पुकारा गया uhilla
पुकारा गया بِهِۦ उसको bihi
उसको لِغَيْرِ वास्ते ग़ैर lighayri
वास्ते ग़ैर ٱللَّهِ ۖ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के فَمَنِ तो जो कोई famani
तो जो कोई ٱضْطُرَّ मजबूर किया गया uḍ'ṭurra
मजबूर किया गया غَيْرَ ना ghayra
ना بَاغٍۢ सरकशी करने वाला हो bāghin
सरकशी करने वाला हो وَلَا और ना walā
और ना عَادٍۢ हद से बढ़ने वाला हो ʿādin
हद से बढ़ने वाला हो فَلَآ तो नहीं falā
तो नहीं إِثْمَ कोई गुनाह ith'ma
कोई गुनाह عَلَيْهِ ۚ उस पर ʿalayhi
उस पर إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ١٧٣ (173)
(173)
उस (अल्लाह) ने तो तुमपर केवल मुर्दार1 और ख़ून और सूअर का माँस और हर वह चीज़ हराम की है, जिसपर ग़ैरुल्लाह (अल्लाह के अलावा) का नाम पुकारा जाए। फिर जो (इनमें से कोई चीज़ खाने पर) विवश हो जाए, इस हाल में कि वह न अवज्ञा करने वाला हो और न सीमा से आगे बढ़ने वाला, तो उसपर कोई दोष नहीं। निःसंदेह अल्लाह अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।2
२:१७४
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो يَكْتُمُونَ छुपाते हैं yaktumūna
छुपाते हैं مَآ उसे जो mā
उसे जो أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مِنَ of mina
of ٱلْكِتَـٰبِ किताब में से l-kitābi
किताब में से وَيَشْتَرُونَ और वो ले लेते हैं wayashtarūna
और वो ले लेते हैं بِهِۦ बदले उसके bihi
बदले उसके ثَمَنًۭا क़ीमत thamanan
क़ीमत قَلِيلًا ۙ बहुत थोड़ी qalīlan
बहुत थोड़ी أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं مَا नहीं mā
नहीं يَأْكُلُونَ वो खाते yakulūna
वो खाते فِى in fī
in بُطُونِهِمْ अपने पेटों में buṭūnihim
अपने पेटों में إِلَّا सिवाय illā
सिवाय ٱلنَّارَ आग के l-nāra
आग के وَلَا और नहीं walā
और नहीं يُكَلِّمُهُمُ कलाम करेगा उनसे yukallimuhumu
कलाम करेगा उनसे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के وَلَا और ना walā
और ना يُزَكِّيهِمْ वो पाक करेगा उन्हें yuzakkīhim
वो पाक करेगा उन्हें وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है أَلِيمٌ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक ١٧٤ (174)
(174)
बेशक ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो يَكْتُمُونَ छुपाते हैं yaktumūna
छुपाते हैं مَآ उसे जो mā
उसे जो أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مِنَ of mina
of ٱلْكِتَـٰبِ किताब में से l-kitābi
किताब में से وَيَشْتَرُونَ और वो ले लेते हैं wayashtarūna
और वो ले लेते हैं بِهِۦ बदले उसके bihi
बदले उसके ثَمَنًۭا क़ीमत thamanan
क़ीमत قَلِيلًا ۙ बहुत थोड़ी qalīlan
बहुत थोड़ी أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं مَا नहीं mā
नहीं يَأْكُلُونَ वो खाते yakulūna
वो खाते فِى in fī
in بُطُونِهِمْ अपने पेटों में buṭūnihim
अपने पेटों में إِلَّا सिवाय illā
सिवाय ٱلنَّارَ आग के l-nāra
आग के وَلَا और नहीं walā
और नहीं يُكَلِّمُهُمُ कलाम करेगा उनसे yukallimuhumu
कलाम करेगा उनसे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के وَلَا और ना walā
और ना يُزَكِّيهِمْ वो पाक करेगा उन्हें yuzakkīhim
वो पाक करेगा उन्हें وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है أَلِيمٌ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक ١٧٤ (174)
(174)
निःसंदेह जो लोग छिपाते हैं जो अल्लाह ने किताब में से उतारा है और उसके बदले थोड़ा मूल्य प्राप्त करते हैं, वे लोग अपने पेटों में आग के सिवा कुछ नहीं खा रहे। तथा न अल्लाह क़ियामत के दिन उनसे बात करेगा और न उन्हें पाक करेगा और उनके लिए दुःखदायी यातना है।
२:१७५
أُو۟لَـٰٓئِكَ
यही वो लोग हैं
ulāika
यही वो लोग हैं ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने ٱشْتَرَوُا۟ ख़रीद लिया ish'tarawū
ख़रीद लिया ٱلضَّلَـٰلَةَ गुमराही को l-ḍalālata
गुमराही को بِٱلْهُدَىٰ बदले हिदायत के bil-hudā
बदले हिदायत के وَٱلْعَذَابَ और अज़ाब को wal-ʿadhāba
और अज़ाब को بِٱلْمَغْفِرَةِ ۚ बदले मग़फ़िरत के bil-maghfirati
बदले मग़फ़िरत के فَمَآ So what (is) famā
So what (is) أَصْبَرَهُمْ तो कितना सब्र है उनका aṣbarahum
तो कितना सब्र है उनका عَلَى on ʿalā
on ٱلنَّارِ आग पर l-nāri
आग पर ١٧٥ (175)
(175)
यही वो लोग हैं ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने ٱشْتَرَوُا۟ ख़रीद लिया ish'tarawū
ख़रीद लिया ٱلضَّلَـٰلَةَ गुमराही को l-ḍalālata
गुमराही को بِٱلْهُدَىٰ बदले हिदायत के bil-hudā
बदले हिदायत के وَٱلْعَذَابَ और अज़ाब को wal-ʿadhāba
और अज़ाब को بِٱلْمَغْفِرَةِ ۚ बदले मग़फ़िरत के bil-maghfirati
बदले मग़फ़िरत के فَمَآ So what (is) famā
So what (is) أَصْبَرَهُمْ तो कितना सब्र है उनका aṣbarahum
तो कितना सब्र है उनका عَلَى on ʿalā
on ٱلنَّارِ आग पर l-nāri
आग पर ١٧٥ (175)
(175)
यही लोग हैं, जिन्होंने हिदायत के बदले गुमराही तथा क्षमा के बदले यातना ख़रीद ली। तो वे आग पर कितना अधिक सब्र करने वाले हैं?
२:१७६
ذَٰلِكَ
ये
dhālika
ये بِأَنَّ बवजह इसके कि bi-anna
बवजह इसके कि ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने نَزَّلَ नाज़िल किया nazzala
नाज़िल किया ٱلْكِتَـٰبَ किताब को l-kitāba
किताब को بِٱلْحَقِّ ۗ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने ٱخْتَلَفُوا۟ इख़्तिलाफ़ किया ikh'talafū
इख़्तिलाफ़ किया فِى in fī
in ٱلْكِتَـٰبِ किताब में l-kitābi
किताब में لَفِى (are) surely in lafī
(are) surely in شِقَاقٍۭ अलबत्ता मुख़ालिफ़त में हैं shiqāqin
अलबत्ता मुख़ालिफ़त में हैं بَعِيدٍۢ दूर की baʿīdin
दूर की ١٧٦ (176)
(176)
ये بِأَنَّ बवजह इसके कि bi-anna
बवजह इसके कि ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने نَزَّلَ नाज़िल किया nazzala
नाज़िल किया ٱلْكِتَـٰبَ किताब को l-kitāba
किताब को بِٱلْحَقِّ ۗ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने ٱخْتَلَفُوا۟ इख़्तिलाफ़ किया ikh'talafū
इख़्तिलाफ़ किया فِى in fī
in ٱلْكِتَـٰبِ किताब में l-kitābi
किताब में لَفِى (are) surely in lafī
(are) surely in شِقَاقٍۭ अलबत्ता मुख़ालिफ़त में हैं shiqāqin
अलबत्ता मुख़ालिफ़त में हैं بَعِيدٍۢ दूर की baʿīdin
दूर की ١٧٦ (176)
(176)
यह (यातना) इस कारण है कि निःसंदेह अल्लाह ने यह पुस्तक सत्य के साथ उतारी है, और निःसंदेह जिन लोगों ने पुस्तक में मतभेद किया है, निश्चय वे बहुत दूर के विरोध में (पड़े) हैं।
२:१७७
۞ لَّيْسَ
नहीं है
laysa
नहीं है ٱلْبِرَّ नेकी l-bira
नेकी أَن कि an
कि تُوَلُّوا۟ तुम फेर लो tuwallū
तुम फेर लो وُجُوهَكُمْ अपने चेहरों को wujūhakum
अपने चेहरों को قِبَلَ तरफ़ qibala
तरफ़ ٱلْمَشْرِقِ मशरिक़ l-mashriqi
मशरिक़ وَٱلْمَغْرِبِ और मग़रिब के wal-maghribi
और मग़रिब के وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन ٱلْبِرَّ नेकी (उसकी है) l-bira
नेकी (उसकी है) مَنْ जो man
जो ءَامَنَ ईमान लाए āmana
ईमान लाए بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَٱلْيَوْمِ and the Day wal-yawmi
and the Day ٱلْـَٔاخِرِ और आख़िरी दिन पर l-ākhiri
और आख़िरी दिन पर وَٱلْمَلَـٰٓئِكَةِ और फ़रिश्तों पर wal-malāikati
और फ़रिश्तों पर وَٱلْكِتَـٰبِ और किताब पर wal-kitābi
और किताब पर وَٱلنَّبِيِّـۧنَ और नबियों पर wal-nabiyīna
और नबियों पर وَءَاتَى और वो दे waātā
और वो दे ٱلْمَالَ माल l-māla
माल عَلَىٰ in ʿalā
in حُبِّهِۦ उसकी मोहब्बत में ḥubbihi
उसकी मोहब्बत में ذَوِى (to) those dhawī
(to) those ٱلْقُرْبَىٰ क़राबतदारों को l-qur'bā
क़राबतदारों को وَٱلْيَتَـٰمَىٰ और यतीमों को wal-yatāmā
और यतीमों को وَٱلْمَسَـٰكِينَ और मिस्कीनों को wal-masākīna
और मिस्कीनों को وَٱبْنَ and (of) wa-ib'na
and (of) ٱلسَّبِيلِ और मुसाफ़िरों को l-sabīli
और मुसाफ़िरों को وَٱلسَّآئِلِينَ और सवाल करने वालों को wal-sāilīna
और सवाल करने वालों को وَفِى and in wafī
and in ٱلرِّقَابِ और गर्दनें (छुड़ाने) में l-riqābi
और गर्दनें (छुड़ाने) में وَأَقَامَ और वो क़ायम करे wa-aqāma
और वो क़ायम करे ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَءَاتَى और वो अदा करे waātā
और वो अदा करे ٱلزَّكَوٰةَ ज़कात l-zakata
ज़कात وَٱلْمُوفُونَ और जो पूरा करने वाले हैं wal-mūfūna
और जो पूरा करने वाले हैं بِعَهْدِهِمْ अपने अहद को biʿahdihim
अपने अहद को إِذَا जब idhā
जब عَـٰهَدُوا۟ ۖ वो अहद करें ʿāhadū
वो अहद करें وَٱلصَّـٰبِرِينَ और जो सब्र करने वाले हैं wal-ṣābirīna
और जो सब्र करने वाले हैं فِى in fī
in ٱلْبَأْسَآءِ तंगदस्ती में l-basāi
तंगदस्ती में وَٱلضَّرَّآءِ और तकलीफ़ में wal-ḍarāi
और तकलीफ़ में وَحِينَ और वक़्त waḥīna
और वक़्त ٱلْبَأْسِ ۗ जंग के l-basi
जंग के أُو۟لَـٰٓئِكَ यही वो लोग हैं ulāika
यही वो लोग हैं ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने صَدَقُوا۟ ۖ सच कहा ṣadaqū
सच कहा وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग हैं wa-ulāika
और यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْمُتَّقُونَ जो मुत्तक़ी हैं l-mutaqūna
जो मुत्तक़ी हैं ١٧٧ (177)
(177)
नहीं है ٱلْبِرَّ नेकी l-bira
नेकी أَن कि an
कि تُوَلُّوا۟ तुम फेर लो tuwallū
तुम फेर लो وُجُوهَكُمْ अपने चेहरों को wujūhakum
अपने चेहरों को قِبَلَ तरफ़ qibala
तरफ़ ٱلْمَشْرِقِ मशरिक़ l-mashriqi
मशरिक़ وَٱلْمَغْرِبِ और मग़रिब के wal-maghribi
और मग़रिब के وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन ٱلْبِرَّ नेकी (उसकी है) l-bira
नेकी (उसकी है) مَنْ जो man
जो ءَامَنَ ईमान लाए āmana
ईमान लाए بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَٱلْيَوْمِ and the Day wal-yawmi
and the Day ٱلْـَٔاخِرِ और आख़िरी दिन पर l-ākhiri
और आख़िरी दिन पर وَٱلْمَلَـٰٓئِكَةِ और फ़रिश्तों पर wal-malāikati
और फ़रिश्तों पर وَٱلْكِتَـٰبِ और किताब पर wal-kitābi
और किताब पर وَٱلنَّبِيِّـۧنَ और नबियों पर wal-nabiyīna
और नबियों पर وَءَاتَى और वो दे waātā
और वो दे ٱلْمَالَ माल l-māla
माल عَلَىٰ in ʿalā
in حُبِّهِۦ उसकी मोहब्बत में ḥubbihi
उसकी मोहब्बत में ذَوِى (to) those dhawī
(to) those ٱلْقُرْبَىٰ क़राबतदारों को l-qur'bā
क़राबतदारों को وَٱلْيَتَـٰمَىٰ और यतीमों को wal-yatāmā
और यतीमों को وَٱلْمَسَـٰكِينَ और मिस्कीनों को wal-masākīna
और मिस्कीनों को وَٱبْنَ and (of) wa-ib'na
and (of) ٱلسَّبِيلِ और मुसाफ़िरों को l-sabīli
और मुसाफ़िरों को وَٱلسَّآئِلِينَ और सवाल करने वालों को wal-sāilīna
और सवाल करने वालों को وَفِى and in wafī
and in ٱلرِّقَابِ और गर्दनें (छुड़ाने) में l-riqābi
और गर्दनें (छुड़ाने) में وَأَقَامَ और वो क़ायम करे wa-aqāma
और वो क़ायम करे ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَءَاتَى और वो अदा करे waātā
और वो अदा करे ٱلزَّكَوٰةَ ज़कात l-zakata
ज़कात وَٱلْمُوفُونَ और जो पूरा करने वाले हैं wal-mūfūna
और जो पूरा करने वाले हैं بِعَهْدِهِمْ अपने अहद को biʿahdihim
अपने अहद को إِذَا जब idhā
जब عَـٰهَدُوا۟ ۖ वो अहद करें ʿāhadū
वो अहद करें وَٱلصَّـٰبِرِينَ और जो सब्र करने वाले हैं wal-ṣābirīna
और जो सब्र करने वाले हैं فِى in fī
in ٱلْبَأْسَآءِ तंगदस्ती में l-basāi
तंगदस्ती में وَٱلضَّرَّآءِ और तकलीफ़ में wal-ḍarāi
और तकलीफ़ में وَحِينَ और वक़्त waḥīna
और वक़्त ٱلْبَأْسِ ۗ जंग के l-basi
जंग के أُو۟لَـٰٓئِكَ यही वो लोग हैं ulāika
यही वो लोग हैं ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने صَدَقُوا۟ ۖ सच कहा ṣadaqū
सच कहा وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग हैं wa-ulāika
और यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْمُتَّقُونَ जो मुत्तक़ी हैं l-mutaqūna
जो मुत्तक़ी हैं ١٧٧ (177)
(177)
नेकी केवल यही नहीं कि तुम अपने मुँह पूर्व और पश्चिम की ओर फेर लो! बल्कि असल नेकी तो उसकी है, जो अल्लाह और अंतिम दिन (आख़िरत) और फ़रिश्तों और पुस्तकों और नबियों पर ईमान लाए, और धन दे उसके मोह के बावजूद रिशतेदारों और अनाथों और निर्धनों और यात्री तथा माँगने वालों को और गर्दनें छुड़ाने में, और नमाज़ क़ायम करे और ज़कात दे, और जो अपनी प्रतिज्ञा पूरी करने वाले हैं जब प्रतिज्ञा करें, और जो तंगी और कष्ट में और लड़ाई के समय धैर्य रखने वाले हैं। यही लोग हैं जो सच्चे सिद्ध हुए तथा यही (अल्लाह से) डरने वाले हैं।1
२:१७८
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो كُتِبَ लिख दिया गया kutiba
लिख दिया गया عَلَيْكُمُ तुम पर ʿalaykumu
तुम पर ٱلْقِصَاصُ बदला लेना l-qiṣāṣu
बदला लेना فِى in fī
in ٱلْقَتْلَى ۖ मक़तूलों (के बारे) में l-qatlā
मक़तूलों (के बारे) में ٱلْحُرُّ आज़ाद l-ḥuru
आज़ाद بِٱلْحُرِّ बदले आज़ाद के bil-ḥuri
बदले आज़ाद के وَٱلْعَبْدُ और ग़ुलाम wal-ʿabdu
और ग़ुलाम بِٱلْعَبْدِ बदले ग़ुलाम के bil-ʿabdi
बदले ग़ुलाम के وَٱلْأُنثَىٰ और औरत wal-unthā
और औरत بِٱلْأُنثَىٰ ۚ बदले औरत के bil-unthā
बदले औरत के فَمَنْ तो जो कोई faman
तो जो कोई عُفِىَ माफ़ कर दिया गया ʿufiya
माफ़ कर दिया गया لَهُۥ उसको lahu
उसको مِنْ from min
from أَخِيهِ उसके भाई (की तरफ़) से akhīhi
उसके भाई (की तरफ़) से شَىْءٌۭ कुछ भी shayon
कुछ भी فَٱتِّبَاعٌۢ तो पैरवी करना है fa-ittibāʿun
तो पैरवी करना है بِٱلْمَعْرُوفِ साथ भले तरीक़े के bil-maʿrūfi
साथ भले तरीक़े के وَأَدَآءٌ और अदा करना है wa-adāon
और अदा करना है إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके بِإِحْسَـٰنٍۢ ۗ साथ एहसान के bi-iḥ'sānin
साथ एहसान के ذَٰلِكَ ये dhālika
ये تَخْفِيفٌۭ तख़्फ़ीफ़ / रिआयत है takhfīfun
तख़्फ़ीफ़ / रिआयत है مِّن from min
from رَّبِّكُمْ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से وَرَحْمَةٌۭ ۗ और रहमत है waraḥmatun
और रहमत है فَمَنِ तो जो कोई famani
तो जो कोई ٱعْتَدَىٰ ज़्यादती करे iʿ'tadā
ज़्यादती करे بَعْدَ बाद baʿda
बाद ذَٰلِكَ इसके dhālika
इसके فَلَهُۥ तो उसके लिए falahu
तो उसके लिए عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है أَلِيمٌۭ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक ١٧٨ (178)
(178)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो كُتِبَ लिख दिया गया kutiba
लिख दिया गया عَلَيْكُمُ तुम पर ʿalaykumu
तुम पर ٱلْقِصَاصُ बदला लेना l-qiṣāṣu
बदला लेना فِى in fī
in ٱلْقَتْلَى ۖ मक़तूलों (के बारे) में l-qatlā
मक़तूलों (के बारे) में ٱلْحُرُّ आज़ाद l-ḥuru
आज़ाद بِٱلْحُرِّ बदले आज़ाद के bil-ḥuri
बदले आज़ाद के وَٱلْعَبْدُ और ग़ुलाम wal-ʿabdu
और ग़ुलाम بِٱلْعَبْدِ बदले ग़ुलाम के bil-ʿabdi
बदले ग़ुलाम के وَٱلْأُنثَىٰ और औरत wal-unthā
और औरत بِٱلْأُنثَىٰ ۚ बदले औरत के bil-unthā
बदले औरत के فَمَنْ तो जो कोई faman
तो जो कोई عُفِىَ माफ़ कर दिया गया ʿufiya
माफ़ कर दिया गया لَهُۥ उसको lahu
उसको مِنْ from min
from أَخِيهِ उसके भाई (की तरफ़) से akhīhi
उसके भाई (की तरफ़) से شَىْءٌۭ कुछ भी shayon
कुछ भी فَٱتِّبَاعٌۢ तो पैरवी करना है fa-ittibāʿun
तो पैरवी करना है بِٱلْمَعْرُوفِ साथ भले तरीक़े के bil-maʿrūfi
साथ भले तरीक़े के وَأَدَآءٌ और अदा करना है wa-adāon
और अदा करना है إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके بِإِحْسَـٰنٍۢ ۗ साथ एहसान के bi-iḥ'sānin
साथ एहसान के ذَٰلِكَ ये dhālika
ये تَخْفِيفٌۭ तख़्फ़ीफ़ / रिआयत है takhfīfun
तख़्फ़ीफ़ / रिआयत है مِّن from min
from رَّبِّكُمْ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से وَرَحْمَةٌۭ ۗ और रहमत है waraḥmatun
और रहमत है فَمَنِ तो जो कोई famani
तो जो कोई ٱعْتَدَىٰ ज़्यादती करे iʿ'tadā
ज़्यादती करे بَعْدَ बाद baʿda
बाद ذَٰلِكَ इसके dhālika
इसके فَلَهُۥ तो उसके लिए falahu
तो उसके लिए عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है أَلِيمٌۭ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक ١٧٨ (178)
(178)
ऐ ईमान वालो! तुमपर क़त्ल किए गए व्यक्तियों के बारे में क़िसास (बदला लेना) फ़र्ज़ (अनिवार्य)1 कर दिया गया है। आज़ाद के बदले आज़ाद, ग़ुलाम के बदले ग़ुलाम और औरत के बदले औरत (को क़त्ल किया जाएगा)। फिर जिसे उसके भाई की ओर से कुछ भी क्षमा2 कर दिया जाए, तो ऐसे में सामान्य रीति के अनुसार (क़ातिल का) अनुसरण करना चाहिए और भले तरीक़े से उसके पास पहुँचा देना चाहिए। यह तुम्हारे पालनहार की ओर से एक प्रकार की सुविधा तथा एक दया है। फिर जो इसके बाद अत्याचार3 करे, तो उसके लिए दर्दनाक यातना है।
२:१७९
وَلَكُمْ
और तुम्हारे लिए
walakum
और तुम्हारे लिए فِى in fī
in ٱلْقِصَاصِ बदला लेने में l-qiṣāṣi
बदला लेने में حَيَوٰةٌۭ ज़िन्दगी है ḥayatun
ज़िन्दगी है يَـٰٓأُو۟لِى O men yāulī
O men ٱلْأَلْبَـٰبِ ऐ अक़्ल वालो l-albābi
ऐ अक़्ल वालो لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَتَّقُونَ तुम बच जाओ tattaqūna
तुम बच जाओ ١٧٩ (179)
(179)
और तुम्हारे लिए فِى in fī
in ٱلْقِصَاصِ बदला लेने में l-qiṣāṣi
बदला लेने में حَيَوٰةٌۭ ज़िन्दगी है ḥayatun
ज़िन्दगी है يَـٰٓأُو۟لِى O men yāulī
O men ٱلْأَلْبَـٰبِ ऐ अक़्ल वालो l-albābi
ऐ अक़्ल वालो لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَتَّقُونَ तुम बच जाओ tattaqūna
तुम बच जाओ ١٧٩ (179)
(179)
और ऐ बुद्धि वालो! तुम्हारे लिए क़िसास (बदला) लेने में जीवन है, ताकि तुम तक़वा अपनाओ।1
२:१८०
كُتِبَ
लिख दिया गया
kutiba
लिख दिया गया عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर إِذَا जब idhā
जब حَضَرَ आ जाए ḥaḍara
आ जाए أَحَدَكُمُ तुममें से किसी एक को aḥadakumu
तुममें से किसी एक को ٱلْمَوْتُ मौत l-mawtu
मौत إِن अगर in
अगर تَرَكَ वो छोड़ जाए taraka
वो छोड़ जाए خَيْرًا माल को khayran
माल को ٱلْوَصِيَّةُ वसीयत करना l-waṣiyatu
वसीयत करना لِلْوَٰلِدَيْنِ वालिदैन के लिए lil'wālidayni
वालिदैन के लिए وَٱلْأَقْرَبِينَ और कराबतदारों के लिए wal-aqrabīna
और कराबतदारों के लिए بِٱلْمَعْرُوفِ ۖ भले तरीक़े से bil-maʿrūfi
भले तरीक़े से حَقًّا ये हक़ है ḥaqqan
ये हक़ है عَلَى ऊपर ʿalā
ऊपर ٱلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों के l-mutaqīna
मुत्तक़ी लोगों के ١٨٠ (180)
(180)
लिख दिया गया عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर إِذَا जब idhā
जब حَضَرَ आ जाए ḥaḍara
आ जाए أَحَدَكُمُ तुममें से किसी एक को aḥadakumu
तुममें से किसी एक को ٱلْمَوْتُ मौत l-mawtu
मौत إِن अगर in
अगर تَرَكَ वो छोड़ जाए taraka
वो छोड़ जाए خَيْرًا माल को khayran
माल को ٱلْوَصِيَّةُ वसीयत करना l-waṣiyatu
वसीयत करना لِلْوَٰلِدَيْنِ वालिदैन के लिए lil'wālidayni
वालिदैन के लिए وَٱلْأَقْرَبِينَ और कराबतदारों के लिए wal-aqrabīna
और कराबतदारों के लिए بِٱلْمَعْرُوفِ ۖ भले तरीक़े से bil-maʿrūfi
भले तरीक़े से حَقًّا ये हक़ है ḥaqqan
ये हक़ है عَلَى ऊपर ʿalā
ऊपर ٱلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों के l-mutaqīna
मुत्तक़ी लोगों के ١٨٠ (180)
(180)
और जब तुममें से किसी की मृत्यु का समय आ पहुँचे और वह धन छोड़ रहा हो, तो उसपर माता-पिता और रिश्तेदारों के लिए अच्छे तरीक़े से वसिय्यत करना ज़रूरी कर दिया गया है। यह अल्लाह से डरने वालों पर सुनिश्चित (आवश्यक)1 है।
२:१८१
فَمَنۢ
तो जो कोई
faman
तो जो कोई بَدَّلَهُۥ बदल दे उसे baddalahu
बदल दे उसे بَعْدَ مَا बाद उसके जो baʿdamā
बाद उसके जो سَمِعَهُۥ उसने सुना उसे samiʿahu
उसने सुना उसे فَإِنَّمَآ तो बेशक fa-innamā
तो बेशक إِثْمُهُۥ गुनाह उसका ith'muhu
गुनाह उसका عَلَى (would be) on ʿalā
(would be) on ٱلَّذِينَ उन पर है जो alladhīna
उन पर है जो يُبَدِّلُونَهُۥٓ ۚ बदल देते हैं उसे yubaddilūnahu
बदल देते हैं उसे إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह al-laha
अल्लाह سَمِيعٌ ख़ूब सुनने वाला है sami'un
ख़ूब सुनने वाला है عَلِيمٌۭ ख़ूब जानने वाला है alimun
ख़ूब जानने वाला है ١٨١ (181)
(181)
तो जो कोई بَدَّلَهُۥ बदल दे उसे baddalahu
बदल दे उसे بَعْدَ مَا बाद उसके जो baʿdamā
बाद उसके जो سَمِعَهُۥ उसने सुना उसे samiʿahu
उसने सुना उसे فَإِنَّمَآ तो बेशक fa-innamā
तो बेशक إِثْمُهُۥ गुनाह उसका ith'muhu
गुनाह उसका عَلَى (would be) on ʿalā
(would be) on ٱلَّذِينَ उन पर है जो alladhīna
उन पर है जो يُبَدِّلُونَهُۥٓ ۚ बदल देते हैं उसे yubaddilūnahu
बदल देते हैं उसे إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह al-laha
अल्लाह سَمِيعٌ ख़ूब सुनने वाला है sami'un
ख़ूब सुनने वाला है عَلِيمٌۭ ख़ूब जानने वाला है alimun
ख़ूब जानने वाला है ١٨١ (181)
(181)
फिर जो व्यक्ति उसे उसके सुनने के बाद बदल दे, तो उसका पाप उन्हीं लोगों पर है, जो उसे बदल दें। निश्चय अल्लाह सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।
२:१८२
فَمَنْ
तो जो कोई
faman
तो जो कोई خَافَ ख़ौफ़ करे khāfa
ख़ौफ़ करे مِن from min
from مُّوصٍۢ वसीयत करने वाले से mūṣin
वसीयत करने वाले से جَنَفًا तरफ़दारी का janafan
तरफ़दारी का أَوْ या aw
या إِثْمًۭا गुनाह का ith'man
गुनाह का فَأَصْلَحَ तो वो इस्लाह करा दे fa-aṣlaḥa
तो वो इस्लाह करा दे بَيْنَهُمْ दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके فَلَآ तो नहीं falā
तो नहीं إِثْمَ कोई गुनाह ith'ma
कोई गुनाह عَلَيْهِ ۚ उस पर ʿalayhi
उस पर إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ١٨٢ (182)
(182)
तो जो कोई خَافَ ख़ौफ़ करे khāfa
ख़ौफ़ करे مِن from min
from مُّوصٍۢ वसीयत करने वाले से mūṣin
वसीयत करने वाले से جَنَفًا तरफ़दारी का janafan
तरफ़दारी का أَوْ या aw
या إِثْمًۭا गुनाह का ith'man
गुनाह का فَأَصْلَحَ तो वो इस्लाह करा दे fa-aṣlaḥa
तो वो इस्लाह करा दे بَيْنَهُمْ दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके فَلَآ तो नहीं falā
तो नहीं إِثْمَ कोई गुनाह ith'ma
कोई गुनाह عَلَيْهِ ۚ उस पर ʿalayhi
उस पर إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ١٨٢ (182)
(182)
परंतु जिस व्यक्ति को किसी वसीयत करने वाले से किसी प्रकार के पक्षपात या पाप का डर हो, फिर वह उनके बीच सुधार कर दे, तो उसपर कोई पाप नहीं। निश्चय अल्लाह अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।
२:१८३
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो كُتِبَ लिख दिया गया kutiba
लिख दिया गया عَلَيْكُمُ तुम पर ʿalaykumu
तुम पर ٱلصِّيَامُ रोज़ा रखना l-ṣiyāmu
रोज़ा रखना كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि كُتِبَ लिख दिया गया kutiba
लिख दिया गया عَلَى to ʿalā
to ٱلَّذِينَ उन पर जो alladhīna
उन पर जो مِن from min
from قَبْلِكُمْ तुमसे पहले थे qablikum
तुमसे पहले थे لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَتَّقُونَ मुत्तक़ी बन जाओ tattaqūna
मुत्तक़ी बन जाओ ١٨٣ (183)
(183)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो كُتِبَ लिख दिया गया kutiba
लिख दिया गया عَلَيْكُمُ तुम पर ʿalaykumu
तुम पर ٱلصِّيَامُ रोज़ा रखना l-ṣiyāmu
रोज़ा रखना كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि كُتِبَ लिख दिया गया kutiba
लिख दिया गया عَلَى to ʿalā
to ٱلَّذِينَ उन पर जो alladhīna
उन पर जो مِن from min
from قَبْلِكُمْ तुमसे पहले थे qablikum
तुमसे पहले थे لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَتَّقُونَ मुत्तक़ी बन जाओ tattaqūna
मुत्तक़ी बन जाओ ١٨٣ (183)
(183)
ऐ ईमान वालो! तुमपर रोज़ा1 रखना फ़र्ज़ (अनिवार्य) कर दिया गया है, जैसे उन लोगों पर फ़र्ज़ (अनिवार्य) किया गया जो तुमसे पहले थे, ताकि तुम परहेज़गार बन जाओ।
२:१८४
أَيَّامًۭا
दिन हैं
ayyāman
दिन हैं مَّعْدُودَٰتٍۢ ۚ गिने चुने maʿdūdātin
गिने चुने فَمَن तो जो कोई faman
तो जो कोई كَانَ हो kāna
हो مِنكُم तुममें से minkum
तुममें से مَّرِيضًا मरीज़ marīḍan
मरीज़ أَوْ या aw
या عَلَىٰ on ʿalā
on سَفَرٍۢ सफ़र पर safarin
सफ़र पर فَعِدَّةٌۭ तो गिनती पूरी करना है faʿiddatun
तो गिनती पूरी करना है مِّنْ of min
of أَيَّامٍ दिनों से ayyāmin
दिनों से أُخَرَ ۚ दूसरे ukhara
दूसरे وَعَلَى And on waʿalā
And on ٱلَّذِينَ और उन पर जो alladhīna
और उन पर जो يُطِيقُونَهُۥ ताक़त रखते हों उसकी yuṭīqūnahu
ताक़त रखते हों उसकी فِدْيَةٌۭ फ़िदया है fid'yatun
फ़िदया है طَعَامُ खाना ṭaʿāmu
खाना مِسْكِينٍۢ ۖ एक मिस्कीन का mis'kīnin
एक मिस्कीन का فَمَن फिर जो कोई faman
फिर जो कोई تَطَوَّعَ ख़ुशी से करे taṭawwaʿa
ख़ुशी से करे خَيْرًۭا कोई नेकी khayran
कोई नेकी فَهُوَ तो वो fahuwa
तो वो خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है لَّهُۥ ۚ उसके लिए lahu
उसके लिए وَأَن और ये कि wa-an
और ये कि تَصُومُوا۟ तुम रोज़ा रखो taṣūmū
तुम रोज़ा रखो خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है لَّكُمْ ۖ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम تَعْلَمُونَ तुम इल्म रखते taʿlamūna
तुम इल्म रखते ١٨٤ (184)
(184)
दिन हैं مَّعْدُودَٰتٍۢ ۚ गिने चुने maʿdūdātin
गिने चुने فَمَن तो जो कोई faman
तो जो कोई كَانَ हो kāna
हो مِنكُم तुममें से minkum
तुममें से مَّرِيضًا मरीज़ marīḍan
मरीज़ أَوْ या aw
या عَلَىٰ on ʿalā
on سَفَرٍۢ सफ़र पर safarin
सफ़र पर فَعِدَّةٌۭ तो गिनती पूरी करना है faʿiddatun
तो गिनती पूरी करना है مِّنْ of min
of أَيَّامٍ दिनों से ayyāmin
दिनों से أُخَرَ ۚ दूसरे ukhara
दूसरे وَعَلَى And on waʿalā
And on ٱلَّذِينَ और उन पर जो alladhīna
और उन पर जो يُطِيقُونَهُۥ ताक़त रखते हों उसकी yuṭīqūnahu
ताक़त रखते हों उसकी فِدْيَةٌۭ फ़िदया है fid'yatun
फ़िदया है طَعَامُ खाना ṭaʿāmu
खाना مِسْكِينٍۢ ۖ एक मिस्कीन का mis'kīnin
एक मिस्कीन का فَمَن फिर जो कोई faman
फिर जो कोई تَطَوَّعَ ख़ुशी से करे taṭawwaʿa
ख़ुशी से करे خَيْرًۭا कोई नेकी khayran
कोई नेकी فَهُوَ तो वो fahuwa
तो वो خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है لَّهُۥ ۚ उसके लिए lahu
उसके लिए وَأَن और ये कि wa-an
और ये कि تَصُومُوا۟ तुम रोज़ा रखो taṣūmū
तुम रोज़ा रखो خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है لَّكُمْ ۖ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम تَعْلَمُونَ तुम इल्म रखते taʿlamūna
तुम इल्म रखते ١٨٤ (184)
(184)
गिने हुए चंद दिनों में। फिर तुममें से जो बीमार हो, अथवा किसी यात्रा पर हो, तो दूसरे दिनों से गिनती पूरी करना है। और जो लोग इसकी शक्ति रखते हों (परंतु रोज़ा न रखें), उनपर फ़िदया एक निर्धन का खाना है।1 फिर जो व्यक्ति स्वेच्छा से नेकी करे, तो वह उसके लिए बेहतर है। और तुम्हारा रोज़ा रखना तुम्हारे लिए बेहतर है, यदि तुम जानते हो।
२:१८५
شَهْرُ
महीना
shahru
महीना رَمَضَانَ रमज़ान का ramaḍāna
रमज़ान का ٱلَّذِىٓ वो है जो alladhī
वो है जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया فِيهِ इसमें fīhi
इसमें ٱلْقُرْءَانُ क़ुरआन l-qur'ānu
क़ुरआन هُدًۭى हिदायत है hudan
हिदायत है لِّلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए وَبَيِّنَـٰتٍۢ और वाज़ेह निशानियाँ हैं wabayyinātin
और वाज़ेह निशानियाँ हैं مِّنَ of mina
of ٱلْهُدَىٰ हिदायत की l-hudā
हिदायत की وَٱلْفُرْقَانِ ۚ और फ़ुरक़ान की wal-fur'qāni
और फ़ुरक़ान की فَمَن तो जो कोई faman
तो जो कोई شَهِدَ हाज़िर /मौजूद हो shahida
हाज़िर /मौजूद हो مِنكُمُ तुममें से minkumu
तुममें से ٱلشَّهْرَ इस महीने में l-shahra
इस महीने में فَلْيَصُمْهُ ۖ पस ज़रूर रोज़े रखे इसके falyaṣum'hu
पस ज़रूर रोज़े रखे इसके وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई كَانَ हो kāna
हो مَرِيضًا मरीज़ marīḍan
मरीज़ أَوْ या aw
या عَلَىٰ on ʿalā
on سَفَرٍۢ सफ़र पर safarin
सफ़र पर فَعِدَّةٌۭ तो गिनती पूरी करना है faʿiddatun
तो गिनती पूरी करना है مِّنْ from min
from أَيَّامٍ दिनों से ayyāmin
दिनों से أُخَرَ ۗ दूसरे ukhara
दूसरे يُرِيدُ चाहता है yurīdu
चाहता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِكُمُ साथ तुम्हारे bikumu
साथ तुम्हारे ٱلْيُسْرَ आसानी l-yus'ra
आसानी وَلَا और नहीं walā
और नहीं يُرِيدُ चाहता yurīdu
चाहता بِكُمُ साथ तुम्हारे bikumu
साथ तुम्हारे ٱلْعُسْرَ तंगी l-ʿus'ra
तंगी وَلِتُكْمِلُوا۟ और ताकि तुम मुकम्मल करो walituk'milū
और ताकि तुम मुकम्मल करो ٱلْعِدَّةَ गिनती को l-ʿidata
गिनती को وَلِتُكَبِّرُوا۟ और ताकि तुम बड़ाई बयान करो walitukabbirū
और ताकि तुम बड़ाई बयान करो ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर مَا उसके जो mā
उसके जो هَدَىٰكُمْ उसने हिदायत दी तुम्हें hadākum
उसने हिदायत दी तुम्हें وَلَعَلَّكُمْ और ताकि तुम walaʿallakum
और ताकि तुम تَشْكُرُونَ तुम शुक्र अदा को tashkurūna
तुम शुक्र अदा को ١٨٥ (185)
(185)
महीना رَمَضَانَ रमज़ान का ramaḍāna
रमज़ान का ٱلَّذِىٓ वो है जो alladhī
वो है जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया فِيهِ इसमें fīhi
इसमें ٱلْقُرْءَانُ क़ुरआन l-qur'ānu
क़ुरआन هُدًۭى हिदायत है hudan
हिदायत है لِّلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए وَبَيِّنَـٰتٍۢ और वाज़ेह निशानियाँ हैं wabayyinātin
और वाज़ेह निशानियाँ हैं مِّنَ of mina
of ٱلْهُدَىٰ हिदायत की l-hudā
हिदायत की وَٱلْفُرْقَانِ ۚ और फ़ुरक़ान की wal-fur'qāni
और फ़ुरक़ान की فَمَن तो जो कोई faman
तो जो कोई شَهِدَ हाज़िर /मौजूद हो shahida
हाज़िर /मौजूद हो مِنكُمُ तुममें से minkumu
तुममें से ٱلشَّهْرَ इस महीने में l-shahra
इस महीने में فَلْيَصُمْهُ ۖ पस ज़रूर रोज़े रखे इसके falyaṣum'hu
पस ज़रूर रोज़े रखे इसके وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई كَانَ हो kāna
हो مَرِيضًا मरीज़ marīḍan
मरीज़ أَوْ या aw
या عَلَىٰ on ʿalā
on سَفَرٍۢ सफ़र पर safarin
सफ़र पर فَعِدَّةٌۭ तो गिनती पूरी करना है faʿiddatun
तो गिनती पूरी करना है مِّنْ from min
from أَيَّامٍ दिनों से ayyāmin
दिनों से أُخَرَ ۗ दूसरे ukhara
दूसरे يُرِيدُ चाहता है yurīdu
चाहता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِكُمُ साथ तुम्हारे bikumu
साथ तुम्हारे ٱلْيُسْرَ आसानी l-yus'ra
आसानी وَلَا और नहीं walā
और नहीं يُرِيدُ चाहता yurīdu
चाहता بِكُمُ साथ तुम्हारे bikumu
साथ तुम्हारे ٱلْعُسْرَ तंगी l-ʿus'ra
तंगी وَلِتُكْمِلُوا۟ और ताकि तुम मुकम्मल करो walituk'milū
और ताकि तुम मुकम्मल करो ٱلْعِدَّةَ गिनती को l-ʿidata
गिनती को وَلِتُكَبِّرُوا۟ और ताकि तुम बड़ाई बयान करो walitukabbirū
और ताकि तुम बड़ाई बयान करो ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर مَا उसके जो mā
उसके जो هَدَىٰكُمْ उसने हिदायत दी तुम्हें hadākum
उसने हिदायत दी तुम्हें وَلَعَلَّكُمْ और ताकि तुम walaʿallakum
और ताकि तुम تَشْكُرُونَ तुम शुक्र अदा को tashkurūna
तुम शुक्र अदा को ١٨٥ (185)
(185)
रमज़ान का महीना वह है, जिसमें क़ुरआन उतारा गया, जो लोगों के लिए मार्गदर्शन है तथा मार्गदर्शन और (सत्य एवं असत्य के बीच) अंतर करने के स्पष्ट प्रमाण हैं। अतः तुममें से जो व्यक्ति इस महीने में उपस्थित1 हो, तो वह इसका रोज़ा रखे। तथा जो बीमार2 हो अथवा किसी यात्रा3 पर हो, तो दूसरे दिनों से गिनती पूरी करना है। अल्लाह तुम्हारे साथ आसानी चाहता है, तुम्हारे साथ तंगी नहीं चाहता। और ताकि तुम गिनती पूरी करो और ताकि तुम इस बात पर अल्लाह की महिमा का वर्णन करो कि उसने तुम्हें मार्गदर्शन प्रदान किया और ताकि तुम उसका शुक्र अदा करो।4
२:१८६
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब سَأَلَكَ सवाल करें आपसे sa-alaka
सवाल करें आपसे عِبَادِى मेरे बन्दे ʿibādī
मेरे बन्दे عَنِّى मेरे बारे में ʿannī
मेरे बारे में فَإِنِّى तो बेशक मैं fa-innī
तो बेशक मैं قَرِيبٌ ۖ क़रीब हूँ qarībun
क़रीब हूँ أُجِيبُ मैं जवाब देता हूँ ujību
मैं जवाब देता हूँ دَعْوَةَ दुआ का daʿwata
दुआ का ٱلدَّاعِ दुआ करने वाले की l-dāʿi
दुआ करने वाले की إِذَا जब idhā
जब دَعَانِ ۖ वो दुआ करे मुझसे daʿāni
वो दुआ करे मुझसे فَلْيَسْتَجِيبُوا۟ पस ज़रूर वो हुक्म मानें falyastajībū
पस ज़रूर वो हुक्म मानें لِى मेरा lī
मेरा وَلْيُؤْمِنُوا۟ और ज़रूर वो ईमान लाऐं walyu'minū
और ज़रूर वो ईमान लाऐं بِى मुझ पर bī
मुझ पर لَعَلَّهُمْ ताकि वो laʿallahum
ताकि वो يَرْشُدُونَ वो हिदायत पाऐं yarshudūna
वो हिदायत पाऐं ١٨٦ (186)
(186)
और जब سَأَلَكَ सवाल करें आपसे sa-alaka
सवाल करें आपसे عِبَادِى मेरे बन्दे ʿibādī
मेरे बन्दे عَنِّى मेरे बारे में ʿannī
मेरे बारे में فَإِنِّى तो बेशक मैं fa-innī
तो बेशक मैं قَرِيبٌ ۖ क़रीब हूँ qarībun
क़रीब हूँ أُجِيبُ मैं जवाब देता हूँ ujību
मैं जवाब देता हूँ دَعْوَةَ दुआ का daʿwata
दुआ का ٱلدَّاعِ दुआ करने वाले की l-dāʿi
दुआ करने वाले की إِذَا जब idhā
जब دَعَانِ ۖ वो दुआ करे मुझसे daʿāni
वो दुआ करे मुझसे فَلْيَسْتَجِيبُوا۟ पस ज़रूर वो हुक्म मानें falyastajībū
पस ज़रूर वो हुक्म मानें لِى मेरा lī
मेरा وَلْيُؤْمِنُوا۟ और ज़रूर वो ईमान लाऐं walyu'minū
और ज़रूर वो ईमान लाऐं بِى मुझ पर bī
मुझ पर لَعَلَّهُمْ ताकि वो laʿallahum
ताकि वो يَرْشُدُونَ वो हिदायत पाऐं yarshudūna
वो हिदायत पाऐं ١٨٦ (186)
(186)
और (ऐ नबी!) जब मेरे बंदे आपसे मेरे बारे में पूछें, तो निश्चय मैं (उनसे) क़रीब हूँ। मैं पुकारने वाले की दुआ क़बूल करता हूँ जब वह मुझे पुकारता है। तो उन्हें चाहिए कि वे मेरी बात मानें तथा मुझपर ईमान लाएँ, ताकि वे मार्गदर्शन पाएँ।
२:१८७
أُحِلَّ
हलाल किया गया
uḥilla
हलाल किया गया لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए لَيْلَةَ रात में laylata
रात में ٱلصِّيَامِ रोज़े की l-ṣiyāmi
रोज़े की ٱلرَّفَثُ रग़बत करना l-rafathu
रग़बत करना إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ نِسَآئِكُمْ ۚ अपनी औरतों के nisāikum
अपनी औरतों के هُنَّ वो hunna
वो لِبَاسٌۭ लिबास हैं libāsun
लिबास हैं لَّكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَأَنتُمْ और तुम wa-antum
और तुम لِبَاسٌۭ लिबास हो libāsun
लिबास हो لَّهُنَّ ۗ उनके लिए lahunna
उनके लिए عَلِمَ जान लिया ʿalima
जान लिया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने أَنَّكُمْ बेशक तुम annakum
बेशक तुम كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَخْتَانُونَ तुम ख़यानत करते takhtānūna
तुम ख़यानत करते أَنفُسَكُمْ अपने नफ़्सों से anfusakum
अपने नफ़्सों से فَتَابَ तो वो मेहरबान हुआ fatāba
तो वो मेहरबान हुआ عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर وَعَفَا और उसने दरगुज़र किया waʿafā
और उसने दरगुज़र किया عَنكُمْ ۖ तुमसे ʿankum
तुमसे فَٱلْـَٔـٰنَ पस अब fal-āna
पस अब بَـٰشِرُوهُنَّ मुबाशरत करो उनसे bāshirūhunna
मुबाशरत करो उनसे وَٱبْتَغُوا۟ और तलाश करो wa-ib'taghū
और तलाश करो مَا जो mā
जो كَتَبَ लिखा kataba
लिखा ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने لَكُمْ ۚ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَكُلُوا۟ और खाओ wakulū
और खाओ وَٱشْرَبُوا۟ और पियो wa-ish'rabū
और पियो حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَتَبَيَّنَ वाज़ेह हो जाए yatabayyana
वाज़ेह हो जाए لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلْخَيْطُ धागा l-khayṭu
धागा ٱلْأَبْيَضُ सफ़ेद l-abyaḍu
सफ़ेद مِنَ from mina
from ٱلْخَيْطِ the thread l-khayṭi
the thread ٱلْأَسْوَدِ स्याह धागे से l-aswadi
स्याह धागे से مِنَ of mina
of ٱلْفَجْرِ ۖ फ़ज्र के (वक़्त) l-fajri
फ़ज्र के (वक़्त) ثُمَّ फिर thumma
फिर أَتِمُّوا۟ तुम पूरा करो atimmū
तुम पूरा करो ٱلصِّيَامَ रोज़े को l-ṣiyāma
रोज़े को إِلَى till ilā
till ٱلَّيْلِ ۚ रात तक al-layli
रात तक وَلَا और ना walā
और ना تُبَـٰشِرُوهُنَّ तुम मुबाशरत करो उनसे tubāshirūhunna
तुम मुबाशरत करो उनसे وَأَنتُمْ इस हाल में कि तुम wa-antum
इस हाल में कि तुम عَـٰكِفُونَ एतेकाफ़ करने वाले हो ʿākifūna
एतेकाफ़ करने वाले हो فِى in fī
in ٱلْمَسَـٰجِدِ ۗ मस्जिदों में l-masājidi
मस्जिदों में تِلْكَ ये til'ka
ये حُدُودُ हुदूद हैं ḥudūdu
हुदूद हैं ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की فَلَا तो ना falā
तो ना تَقْرَبُوهَا ۗ तुम क़रीब जाओ उनके taqrabūhā
तुम क़रीब जाओ उनके كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह يُبَيِّنُ वाज़ेह करता है yubayyinu
वाज़ेह करता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ءَايَـٰتِهِۦ आयात अपनी āyātihi
आयात अपनी لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए لَعَلَّهُمْ ताकि वो laʿallahum
ताकि वो يَتَّقُونَ वो बच जाऐं yattaqūna
वो बच जाऐं ١٨٧ (187)
(187)
हलाल किया गया لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए لَيْلَةَ रात में laylata
रात में ٱلصِّيَامِ रोज़े की l-ṣiyāmi
रोज़े की ٱلرَّفَثُ रग़बत करना l-rafathu
रग़बत करना إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ نِسَآئِكُمْ ۚ अपनी औरतों के nisāikum
अपनी औरतों के هُنَّ वो hunna
वो لِبَاسٌۭ लिबास हैं libāsun
लिबास हैं لَّكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَأَنتُمْ और तुम wa-antum
और तुम لِبَاسٌۭ लिबास हो libāsun
लिबास हो لَّهُنَّ ۗ उनके लिए lahunna
उनके लिए عَلِمَ जान लिया ʿalima
जान लिया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने أَنَّكُمْ बेशक तुम annakum
बेशक तुम كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَخْتَانُونَ तुम ख़यानत करते takhtānūna
तुम ख़यानत करते أَنفُسَكُمْ अपने नफ़्सों से anfusakum
अपने नफ़्सों से فَتَابَ तो वो मेहरबान हुआ fatāba
तो वो मेहरबान हुआ عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर وَعَفَا और उसने दरगुज़र किया waʿafā
और उसने दरगुज़र किया عَنكُمْ ۖ तुमसे ʿankum
तुमसे فَٱلْـَٔـٰنَ पस अब fal-āna
पस अब بَـٰشِرُوهُنَّ मुबाशरत करो उनसे bāshirūhunna
मुबाशरत करो उनसे وَٱبْتَغُوا۟ और तलाश करो wa-ib'taghū
और तलाश करो مَا जो mā
जो كَتَبَ लिखा kataba
लिखा ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने لَكُمْ ۚ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَكُلُوا۟ और खाओ wakulū
और खाओ وَٱشْرَبُوا۟ और पियो wa-ish'rabū
और पियो حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَتَبَيَّنَ वाज़ेह हो जाए yatabayyana
वाज़ेह हो जाए لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلْخَيْطُ धागा l-khayṭu
धागा ٱلْأَبْيَضُ सफ़ेद l-abyaḍu
सफ़ेद مِنَ from mina
from ٱلْخَيْطِ the thread l-khayṭi
the thread ٱلْأَسْوَدِ स्याह धागे से l-aswadi
स्याह धागे से مِنَ of mina
of ٱلْفَجْرِ ۖ फ़ज्र के (वक़्त) l-fajri
फ़ज्र के (वक़्त) ثُمَّ फिर thumma
फिर أَتِمُّوا۟ तुम पूरा करो atimmū
तुम पूरा करो ٱلصِّيَامَ रोज़े को l-ṣiyāma
रोज़े को إِلَى till ilā
till ٱلَّيْلِ ۚ रात तक al-layli
रात तक وَلَا और ना walā
और ना تُبَـٰشِرُوهُنَّ तुम मुबाशरत करो उनसे tubāshirūhunna
तुम मुबाशरत करो उनसे وَأَنتُمْ इस हाल में कि तुम wa-antum
इस हाल में कि तुम عَـٰكِفُونَ एतेकाफ़ करने वाले हो ʿākifūna
एतेकाफ़ करने वाले हो فِى in fī
in ٱلْمَسَـٰجِدِ ۗ मस्जिदों में l-masājidi
मस्जिदों में تِلْكَ ये til'ka
ये حُدُودُ हुदूद हैं ḥudūdu
हुदूद हैं ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की فَلَا तो ना falā
तो ना تَقْرَبُوهَا ۗ तुम क़रीब जाओ उनके taqrabūhā
तुम क़रीब जाओ उनके كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह يُبَيِّنُ वाज़ेह करता है yubayyinu
वाज़ेह करता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ءَايَـٰتِهِۦ आयात अपनी āyātihi
आयात अपनी لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए لَعَلَّهُمْ ताकि वो laʿallahum
ताकि वो يَتَّقُونَ वो बच जाऐं yattaqūna
वो बच जाऐं ١٨٧ (187)
(187)
तुम्हारे लिए रोज़े की रात में अपनी स्त्रियों से सहवास करना ह़लाल कर दिया गया है। वे तुम्हारे लिए वस्त्र1 हैं तथा तुम उनके लिए वस्त्र हो। अल्लाह ने जान लिया कि तुम अपने आपसे ख़यानत2 करते थे। तो उसने तुमपर दया करते हुए तुम्हारी तौबा स्वीकार कर ली तथा तुम्हें क्षमा कर दिया। तो अब तुम उनसे (रात में) सहवास करो और जो अल्लाह ने तुम्हारे लिए लिखा है उसे तलब करो, तथा खाओ और पियो, यहाँ तक कि तुम्हारे लिए भोर की सफेद धारी रात की काली धारी से स्पष्ट हो जाए, फिर रोज़े को रात (सूर्य डूबने) तक पूरा करो। और उनसे सहवास न करो, जबकि तुम मस्जिदों में ऐतिकाफ़ में हो। ये अल्लाह की सीमाएँ हैं, अतः इनके क़रीब न जाओ। इसी प्रकार अल्लाह लोगों के लिए अपनी आयतों को स्पष्ट करता है, ताकि वे बच जाएँ।
२:१८८
وَلَا
और ना
walā
और ना تَأْكُلُوٓا۟ तुम खाओ takulū
तुम खाओ أَمْوَٰلَكُم अपने मालों को amwālakum
अपने मालों को بَيْنَكُم आपस में baynakum
आपस में بِٱلْبَـٰطِلِ बातिल (तरीक़े) से bil-bāṭili
बातिल (तरीक़े) से وَتُدْلُوا۟ और (ना) तुम पहुँचाओ watud'lū
और (ना) तुम पहुँचाओ بِهَآ उन्हें bihā
उन्हें إِلَى to ilā
to ٱلْحُكَّامِ तरफ़ हाकिमों के l-ḥukāmi
तरफ़ हाकिमों के لِتَأْكُلُوا۟ ताकि तुम खाओ litakulū
ताकि तुम खाओ فَرِيقًۭا एक हिस्सा farīqan
एक हिस्सा مِّنْ from min
from أَمْوَٰلِ मालों मे से amwāli
मालों मे से ٱلنَّاسِ लोगों के l-nāsi
लोगों के بِٱلْإِثْمِ साथ गुनाह के bil-ith'mi
साथ गुनाह के وَأَنتُمْ हालाँकि तुम wa-antum
हालाँकि तुम تَعْلَمُونَ तुम जानते हो taʿlamūna
तुम जानते हो ١٨٨ (188)
(188)
और ना تَأْكُلُوٓا۟ तुम खाओ takulū
तुम खाओ أَمْوَٰلَكُم अपने मालों को amwālakum
अपने मालों को بَيْنَكُم आपस में baynakum
आपस में بِٱلْبَـٰطِلِ बातिल (तरीक़े) से bil-bāṭili
बातिल (तरीक़े) से وَتُدْلُوا۟ और (ना) तुम पहुँचाओ watud'lū
और (ना) तुम पहुँचाओ بِهَآ उन्हें bihā
उन्हें إِلَى to ilā
to ٱلْحُكَّامِ तरफ़ हाकिमों के l-ḥukāmi
तरफ़ हाकिमों के لِتَأْكُلُوا۟ ताकि तुम खाओ litakulū
ताकि तुम खाओ فَرِيقًۭا एक हिस्सा farīqan
एक हिस्सा مِّنْ from min
from أَمْوَٰلِ मालों मे से amwāli
मालों मे से ٱلنَّاسِ लोगों के l-nāsi
लोगों के بِٱلْإِثْمِ साथ गुनाह के bil-ith'mi
साथ गुनाह के وَأَنتُمْ हालाँकि तुम wa-antum
हालाँकि तुम تَعْلَمُونَ तुम जानते हो taʿlamūna
तुम जानते हो ١٨٨ (188)
(188)
तथा आपस में एक-दूसरे का धन अवैध रूप से न खाओ और न उन्हें अधिकारियों के पास ले जाओ, ताकि लोगों के धन का कुछ भाग गुनाह1 के साथ खा जाओ, हालाँकि तुम जानते हो।
२:१८९
۞ يَسْـَٔلُونَكَ
वो सवाल करते हैं आपसे
yasalūnaka
वो सवाल करते हैं आपसे عَنِ about ʿani
about ٱلْأَهِلَّةِ ۖ नए चाँदों के बारे में l-ahilati
नए चाँदों के बारे में قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए هِىَ वो hiya
वो مَوَٰقِيتُ औक़ात मुक़र्ररह हैं mawāqītu
औक़ात मुक़र्ररह हैं لِلنَّاسِ वास्ते लोगों के lilnnāsi
वास्ते लोगों के وَٱلْحَجِّ ۗ और हज के wal-ḥaji
और हज के وَلَيْسَ और नहीं है walaysa
और नहीं है ٱلْبِرُّ नेकी l-biru
नेकी بِأَن ये कि bi-an
ये कि تَأْتُوا۟ तुम आओ tatū
तुम आओ ٱلْبُيُوتَ घरों को l-buyūta
घरों को مِن from min
from ظُهُورِهَا उनकी पिछली तरफ़ से ẓuhūrihā
उनकी पिछली तरफ़ से وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन ٱلْبِرَّ नेकी (उसकी है) l-bira
नेकी (उसकी है) مَنِ जो mani
जो ٱتَّقَىٰ ۗ तक़वा करे ittaqā
तक़वा करे وَأْتُوا۟ और आओ तुम watū
और आओ तुम ٱلْبُيُوتَ घरों को l-buyūta
घरों को مِنْ from min
from أَبْوَٰبِهَا ۚ उनके दरवाज़ों से abwābihā
उनके दरवाज़ों से وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تُفْلِحُونَ तुम फ़लाह पा जाओ tuf'liḥūna
तुम फ़लाह पा जाओ ١٨٩ (189)
(189)
वो सवाल करते हैं आपसे عَنِ about ʿani
about ٱلْأَهِلَّةِ ۖ नए चाँदों के बारे में l-ahilati
नए चाँदों के बारे में قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए هِىَ वो hiya
वो مَوَٰقِيتُ औक़ात मुक़र्ररह हैं mawāqītu
औक़ात मुक़र्ररह हैं لِلنَّاسِ वास्ते लोगों के lilnnāsi
वास्ते लोगों के وَٱلْحَجِّ ۗ और हज के wal-ḥaji
और हज के وَلَيْسَ और नहीं है walaysa
और नहीं है ٱلْبِرُّ नेकी l-biru
नेकी بِأَن ये कि bi-an
ये कि تَأْتُوا۟ तुम आओ tatū
तुम आओ ٱلْبُيُوتَ घरों को l-buyūta
घरों को مِن from min
from ظُهُورِهَا उनकी पिछली तरफ़ से ẓuhūrihā
उनकी पिछली तरफ़ से وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन ٱلْبِرَّ नेकी (उसकी है) l-bira
नेकी (उसकी है) مَنِ जो mani
जो ٱتَّقَىٰ ۗ तक़वा करे ittaqā
तक़वा करे وَأْتُوا۟ और आओ तुम watū
और आओ तुम ٱلْبُيُوتَ घरों को l-buyūta
घरों को مِنْ from min
from أَبْوَٰبِهَا ۚ उनके दरवाज़ों से abwābihā
उनके दरवाज़ों से وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تُفْلِحُونَ तुम फ़लाह पा जाओ tuf'liḥūna
तुम फ़लाह पा जाओ ١٨٩ (189)
(189)
(ऐ नबी!) लोग आपसे नये चाँदों के बारे में पूछते हैं। आप कह दें, वे लोगों के लिए और हज्ज के लिए समय जानने के माध्यम हैं। और नेकी हरगिज़ यह नहीं कि घरों में उनके पीछे से आओ। बल्कि नेकी उसकी है जो (अल्लाह की अवज्ञा से) बचे। तथा घरों में उनके द्वारों से आओ और अल्लाह से डरो, ताकि तुम सफल हो जाओ।1
२:१९०
وَقَـٰتِلُوا۟
और जंग करो
waqātilū
और जंग करो فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में ٱلَّذِينَ उनसे जो alladhīna
उनसे जो يُقَـٰتِلُونَكُمْ जंग करते हैं तुमसे yuqātilūnakum
जंग करते हैं तुमसे وَلَا और ना walā
और ना تَعْتَدُوٓا۟ ۚ तुम ज़्यादती करो taʿtadū
तुम ज़्यादती करो إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يُحِبُّ नहीं पसंद करता yuḥibbu
नहीं पसंद करता ٱلْمُعْتَدِينَ ज़्यादती करने वालों को l-muʿ'tadīna
ज़्यादती करने वालों को ١٩٠ (190)
(190)
और जंग करो فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में ٱلَّذِينَ उनसे जो alladhīna
उनसे जो يُقَـٰتِلُونَكُمْ जंग करते हैं तुमसे yuqātilūnakum
जंग करते हैं तुमसे وَلَا और ना walā
और ना تَعْتَدُوٓا۟ ۚ तुम ज़्यादती करो taʿtadū
तुम ज़्यादती करो إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يُحِبُّ नहीं पसंद करता yuḥibbu
नहीं पसंद करता ٱلْمُعْتَدِينَ ज़्यादती करने वालों को l-muʿ'tadīna
ज़्यादती करने वालों को ١٩٠ (190)
(190)
तथा अल्लाह की राह में, उनसे युद्ध करो, जो तुमसे युद्ध करते हैं, और अत्याचार न करो, निःसंदेह अल्लाह अत्याचार करने वालों से प्रेम नहीं करता।
२:१९१
وَٱقْتُلُوهُمْ
और क़त्ल करो उन्हें
wa-uq'tulūhum
और क़त्ल करो उन्हें حَيْثُ जहाँ भी ḥaythu
जहाँ भी ثَقِفْتُمُوهُمْ पाओ तुम उन्हें thaqif'tumūhum
पाओ तुम उन्हें وَأَخْرِجُوهُم और निकालो उन्हें wa-akhrijūhum
और निकालो उन्हें مِّنْ from min
from حَيْثُ जहाँ से ḥaythu
जहाँ से أَخْرَجُوكُمْ ۚ उन्होंने निकाला तुम्हें akhrajūkum
उन्होंने निकाला तुम्हें وَٱلْفِتْنَةُ और फ़ितना wal-fit'natu
और फ़ितना أَشَدُّ ज़्यादा सख़्त है ashaddu
ज़्यादा सख़्त है مِنَ than mina
than ٱلْقَتْلِ ۚ क़त्ल से l-qatli
क़त्ल से وَلَا और ना walā
और ना تُقَـٰتِلُوهُمْ तुम लड़ो उनसे tuqātilūhum
तुम लड़ो उनसे عِندَ पास ʿinda
पास ٱلْمَسْجِدِ मस्जिदे l-masjidi
मस्जिदे ٱلْحَرَامِ हराम के l-ḥarāmi
हराम के حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يُقَـٰتِلُوكُمْ वो लड़ें तुमसे yuqātilūkum
वो लड़ें तुमसे فِيهِ ۖ उसमें fīhi
उसमें فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर قَـٰتَلُوكُمْ वो लड़ें तुमसे qātalūkum
वो लड़ें तुमसे فَٱقْتُلُوهُمْ ۗ तो क़त्ल करो उन्हें fa-uq'tulūhum
तो क़त्ल करो उन्हें كَذَٰلِكَ यही है kadhālika
यही है جَزَآءُ बदला jazāu
बदला ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों का l-kāfirīna
काफ़िरों का ١٩١ (191)
(191)
और क़त्ल करो उन्हें حَيْثُ जहाँ भी ḥaythu
जहाँ भी ثَقِفْتُمُوهُمْ पाओ तुम उन्हें thaqif'tumūhum
पाओ तुम उन्हें وَأَخْرِجُوهُم और निकालो उन्हें wa-akhrijūhum
और निकालो उन्हें مِّنْ from min
from حَيْثُ जहाँ से ḥaythu
जहाँ से أَخْرَجُوكُمْ ۚ उन्होंने निकाला तुम्हें akhrajūkum
उन्होंने निकाला तुम्हें وَٱلْفِتْنَةُ और फ़ितना wal-fit'natu
और फ़ितना أَشَدُّ ज़्यादा सख़्त है ashaddu
ज़्यादा सख़्त है مِنَ than mina
than ٱلْقَتْلِ ۚ क़त्ल से l-qatli
क़त्ल से وَلَا और ना walā
और ना تُقَـٰتِلُوهُمْ तुम लड़ो उनसे tuqātilūhum
तुम लड़ो उनसे عِندَ पास ʿinda
पास ٱلْمَسْجِدِ मस्जिदे l-masjidi
मस्जिदे ٱلْحَرَامِ हराम के l-ḥarāmi
हराम के حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يُقَـٰتِلُوكُمْ वो लड़ें तुमसे yuqātilūkum
वो लड़ें तुमसे فِيهِ ۖ उसमें fīhi
उसमें فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर قَـٰتَلُوكُمْ वो लड़ें तुमसे qātalūkum
वो लड़ें तुमसे فَٱقْتُلُوهُمْ ۗ तो क़त्ल करो उन्हें fa-uq'tulūhum
तो क़त्ल करो उन्हें كَذَٰلِكَ यही है kadhālika
यही है جَزَآءُ बदला jazāu
बदला ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों का l-kāfirīna
काफ़िरों का ١٩١ (191)
(191)
और उन्हें क़त्ल करो जहाँ उन्हें पाओ, और उन्हें वहाँ से निकालो जहाँ से उन्होंने तुम्हें निकाला है, और फ़ितना1, क़त्ल करने से अधिक सख़्त है। और उनसे मस्जिदे ह़राम के पास युद्ध न करो, जब तक वे तुमसे वहाँ युद्ध न करें।2 फिर यदि वे तुमसे युद्ध करें, तो उन्हें क़त्ल करो, ऐसे ही काफ़िरों का बदला है।
२:१९२
فَإِنِ
फिर अगर
fa-ini
फिर अगर ٱنتَهَوْا۟ वो बाज़ आ जाऐं intahaw
वो बाज़ आ जाऐं فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ बहुत रहम करने वाला है raḥīmun
बहुत रहम करने वाला है ١٩٢ (192)
(192)
फिर अगर ٱنتَهَوْا۟ वो बाज़ आ जाऐं intahaw
वो बाज़ आ जाऐं فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ बहुत रहम करने वाला है raḥīmun
बहुत रहम करने वाला है ١٩٢ (192)
(192)
फिर यदि वे (युद्ध से) रुक जाएँ, तो निःसंदेह अल्लाह बेहद क्षमा करनेवाला, अत्यंत दयावान् है।
२:१९३
وَقَـٰتِلُوهُمْ
और लड़ो उनसे
waqātilūhum
और लड़ो उनसे حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि لَا ना lā
ना تَكُونَ रहे takūna
रहे فِتْنَةٌۭ कोई फ़ितना fit'natun
कोई फ़ितना وَيَكُونَ और हो जाए wayakūna
और हो जाए ٱلدِّينُ दीन l-dīnu
दीन لِلَّهِ ۖ अल्लाह ही के लिए lillahi
अल्लाह ही के लिए فَإِنِ फिर अगर fa-ini
फिर अगर ٱنتَهَوْا۟ वो बाज़ आ जाऐं intahaw
वो बाज़ आ जाऐं فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं عُدْوَٰنَ कोई ज़्यादती ʿud'wāna
कोई ज़्यादती إِلَّا मगर illā
मगर عَلَى against ʿalā
against ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों पर l-ẓālimīna
ज़ालिमों पर ١٩٣ (193)
(193)
और लड़ो उनसे حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि لَا ना lā
ना تَكُونَ रहे takūna
रहे فِتْنَةٌۭ कोई फ़ितना fit'natun
कोई फ़ितना وَيَكُونَ और हो जाए wayakūna
और हो जाए ٱلدِّينُ दीन l-dīnu
दीन لِلَّهِ ۖ अल्लाह ही के लिए lillahi
अल्लाह ही के लिए فَإِنِ फिर अगर fa-ini
फिर अगर ٱنتَهَوْا۟ वो बाज़ आ जाऐं intahaw
वो बाज़ आ जाऐं فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं عُدْوَٰنَ कोई ज़्यादती ʿud'wāna
कोई ज़्यादती إِلَّا मगर illā
मगर عَلَى against ʿalā
against ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों पर l-ẓālimīna
ज़ालिमों पर ١٩٣ (193)
(193)
तथा उनसे युद्ध करो, यहाँ तक कि कोई फ़ितना शेष न रहे और धर्म अल्लाह के लिए हो जाए। फिर यदि वे बाज़ आ जाएँ, तो अत्याचारियों के सिवा किसी पर कोई ज़्यादती (जायज़) नहीं।
२:१९४
ٱلشَّهْرُ
माहे
al-shahru
माहे ٱلْحَرَامُ हराम l-ḥarāmu
हराम بِٱلشَّهْرِ बदले माहे bil-shahri
बदले माहे ٱلْحَرَامِ हराम के l-ḥarāmi
हराम के وَٱلْحُرُمَـٰتُ और हुरमतों का wal-ḥurumātu
और हुरमतों का قِصَاصٌۭ ۚ बदला है qiṣāṣun
बदला है فَمَنِ तो जो कोई famani
तो जो कोई ٱعْتَدَىٰ ज़्यादती करे iʿ'tadā
ज़्यादती करे عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर فَٱعْتَدُوا۟ तो ज़्यादती करो fa-iʿ'tadū
तो ज़्यादती करो عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर بِمِثْلِ उसी तरह bimith'li
उसी तरह مَا जैसे mā
जैसे ٱعْتَدَىٰ उसने ज़्यादती की iʿ'tadā
उसने ज़्यादती की عَلَيْكُمْ ۚ तुम पर ʿalaykum
तुम पर وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَٱعْلَمُوٓا۟ और जान लो wa-iʿ'lamū
और जान लो أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह مَعَ साथ है maʿa
साथ है ٱلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों के l-mutaqīna
मुत्तक़ी लोगों के ١٩٤ (194)
(194)
माहे ٱلْحَرَامُ हराम l-ḥarāmu
हराम بِٱلشَّهْرِ बदले माहे bil-shahri
बदले माहे ٱلْحَرَامِ हराम के l-ḥarāmi
हराम के وَٱلْحُرُمَـٰتُ और हुरमतों का wal-ḥurumātu
और हुरमतों का قِصَاصٌۭ ۚ बदला है qiṣāṣun
बदला है فَمَنِ तो जो कोई famani
तो जो कोई ٱعْتَدَىٰ ज़्यादती करे iʿ'tadā
ज़्यादती करे عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर فَٱعْتَدُوا۟ तो ज़्यादती करो fa-iʿ'tadū
तो ज़्यादती करो عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर بِمِثْلِ उसी तरह bimith'li
उसी तरह مَا जैसे mā
जैसे ٱعْتَدَىٰ उसने ज़्यादती की iʿ'tadā
उसने ज़्यादती की عَلَيْكُمْ ۚ तुम पर ʿalaykum
तुम पर وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَٱعْلَمُوٓا۟ और जान लो wa-iʿ'lamū
और जान लो أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह مَعَ साथ है maʿa
साथ है ٱلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों के l-mutaqīna
मुत्तक़ी लोगों के ١٩٤ (194)
(194)
हुरमत वाला1 महीना, हुरमत वाले महीने के बदले है और सब हुरमतों में क़िसास (बराबरी का बदला) है। अतः जो तुमपर ज़्यादती करे, तो तुम उसपर उसी के समान ज़्यादती करो, जैसी उसने तुमपर ज़्यादती की है तथा अल्लाह से डरो और जान लो कि अल्लाह डरने वालों के साथ है।
२:१९५
وَأَنفِقُوا۟
और ख़र्च करो
wa-anfiqū
और ख़र्च करो فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में وَلَا और ना walā
और ना تُلْقُوا۟ तुम डालो tul'qū
तुम डालो بِأَيْدِيكُمْ अपने हाथों को bi-aydīkum
अपने हाथों को إِلَى into ilā
into ٱلتَّهْلُكَةِ ۛ तरफ़ हलाकत के l-tahlukati
तरफ़ हलाकत के وَأَحْسِنُوٓا۟ ۛ और एहसान करो wa-aḥsinū
और एहसान करो إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يُحِبُّ मोहब्बत रखता है yuḥibbu
मोहब्बत रखता है ٱلْمُحْسِنِينَ एहसान करने वालों से l-muḥ'sinīna
एहसान करने वालों से ١٩٥ (195)
(195)
और ख़र्च करो فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में وَلَا और ना walā
और ना تُلْقُوا۟ तुम डालो tul'qū
तुम डालो بِأَيْدِيكُمْ अपने हाथों को bi-aydīkum
अपने हाथों को إِلَى into ilā
into ٱلتَّهْلُكَةِ ۛ तरफ़ हलाकत के l-tahlukati
तरफ़ हलाकत के وَأَحْسِنُوٓا۟ ۛ और एहसान करो wa-aḥsinū
और एहसान करो إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يُحِبُّ मोहब्बत रखता है yuḥibbu
मोहब्बत रखता है ٱلْمُحْسِنِينَ एहसान करने वालों से l-muḥ'sinīna
एहसान करने वालों से ١٩٥ (195)
(195)
तथा अल्लाह के मार्ग में (धन) ख़र्च करो और अपने आपको विनाश में न डालो तथा नेकी करो, निःसंदेह अल्लाह नेकी करने वालों से प्रेम करता है।
२:१९६
وَأَتِمُّوا۟
और पूरा करो
wa-atimmū
और पूरा करो ٱلْحَجَّ हज l-ḥaja
हज وَٱلْعُمْرَةَ और उमरा को wal-ʿum'rata
और उमरा को لِلَّهِ ۚ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए فَإِنْ फिर अगर fa-in
फिर अगर أُحْصِرْتُمْ घेर लिए जाओ तुम uḥ'ṣir'tum
घेर लिए जाओ तुम فَمَا तो जो famā
तो जो ٱسْتَيْسَرَ मयस्सर आए is'taysara
मयस्सर आए مِنَ of mina
of ٱلْهَدْىِ ۖ क़ुर्बानी से (वो कर लो) l-hadyi
क़ुर्बानी से (वो कर लो) وَلَا और ना walā
और ना تَحْلِقُوا۟ तुम मुँडवाओ taḥliqū
तुम मुँडवाओ رُءُوسَكُمْ अपने सरों को ruūsakum
अपने सरों को حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَبْلُغَ पहुँच जाए yablugha
पहुँच जाए ٱلْهَدْىُ क़ुर्बानी l-hadyu
क़ुर्बानी مَحِلَّهُۥ ۚ अपनी हलाल गाह को maḥillahu
अपनी हलाल गाह को فَمَن तो जो कोई faman
तो जो कोई كَانَ हो kāna
हो مِنكُم तुममें से minkum
तुममें से مَّرِيضًا मरीज़ marīḍan
मरीज़ أَوْ या aw
या بِهِۦٓ उसे bihi
उसे أَذًۭى तकलीफ़ हो adhan
तकलीफ़ हो مِّن of min
of رَّأْسِهِۦ उसके सर में rasihi
उसके सर में فَفِدْيَةٌۭ तो फ़िदया देना है fafid'yatun
तो फ़िदया देना है مِّن of min
of صِيَامٍ रोज़ों से ṣiyāmin
रोज़ों से أَوْ या aw
या صَدَقَةٍ सदक़े से ṣadaqatin
सदक़े से أَوْ या aw
या نُسُكٍۢ ۚ क़ुर्बानी से nusukin
क़ुर्बानी से فَإِذَآ पस जब fa-idhā
पस जब أَمِنتُمْ अमन में आ जाओ तुम amintum
अमन में आ जाओ तुम فَمَن तो जो कोई faman
तो जो कोई تَمَتَّعَ फ़ायदा उठाए tamattaʿa
फ़ायदा उठाए بِٱلْعُمْرَةِ साथ उमरा के bil-ʿum'rati
साथ उमरा के إِلَى followed ilā
followed ٱلْحَجِّ हज तक l-ḥaji
हज तक فَمَا तो जो भी famā
तो जो भी ٱسْتَيْسَرَ मयस्सर हो is'taysara
मयस्सर हो مِنَ of mina
of ٱلْهَدْىِ ۚ क़ुर्बानी से (वो कर लो) l-hadyi
क़ुर्बानी से (वो कर लो) فَمَن फिर जो कोई faman
फिर जो कोई لَّمْ ना lam
ना يَجِدْ पाए yajid
पाए فَصِيَامُ तो रोज़े रखना है faṣiyāmu
तो रोज़े रखना है ثَلَـٰثَةِ तीन thalāthati
तीन أَيَّامٍۢ दिनों के ayyāmin
दिनों के فِى during fī
during ٱلْحَجِّ हज में l-ḥaji
हज में وَسَبْعَةٍ और सात wasabʿatin
और सात إِذَا जब idhā
जब رَجَعْتُمْ ۗ लौटो तुम rajaʿtum
लौटो तुम تِلْكَ ये til'ka
ये عَشَرَةٌۭ दस हैं ʿasharatun
दस हैं كَامِلَةٌۭ ۗ पूरे kāmilatun
पूरे ذَٰلِكَ ये dhālika
ये لِمَن उसके लिए जो liman
उसके लिए जो لَّمْ ना lam
ना يَكُنْ हों yakun
हों أَهْلُهُۥ उसके अहले ख़ाना ahluhu
उसके अहले ख़ाना حَاضِرِى रहने वाले (पास) ḥāḍirī
रहने वाले (पास) ٱلْمَسْجِدِ मस्जिदे l-masjidi
मस्जिदे ٱلْحَرَامِ ۚ हराम के l-ḥarāmi
हराम के وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَٱعْلَمُوٓا۟ और जान लो wa-iʿ'lamū
और जान लो أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह شَدِيدُ सख़्त shadīdu
सख़्त ٱلْعِقَابِ सज़ा वाला है l-ʿiqābi
सज़ा वाला है ١٩٦ (196)
(196)
और पूरा करो ٱلْحَجَّ हज l-ḥaja
हज وَٱلْعُمْرَةَ और उमरा को wal-ʿum'rata
और उमरा को لِلَّهِ ۚ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए فَإِنْ फिर अगर fa-in
फिर अगर أُحْصِرْتُمْ घेर लिए जाओ तुम uḥ'ṣir'tum
घेर लिए जाओ तुम فَمَا तो जो famā
तो जो ٱسْتَيْسَرَ मयस्सर आए is'taysara
मयस्सर आए مِنَ of mina
of ٱلْهَدْىِ ۖ क़ुर्बानी से (वो कर लो) l-hadyi
क़ुर्बानी से (वो कर लो) وَلَا और ना walā
और ना تَحْلِقُوا۟ तुम मुँडवाओ taḥliqū
तुम मुँडवाओ رُءُوسَكُمْ अपने सरों को ruūsakum
अपने सरों को حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَبْلُغَ पहुँच जाए yablugha
पहुँच जाए ٱلْهَدْىُ क़ुर्बानी l-hadyu
क़ुर्बानी مَحِلَّهُۥ ۚ अपनी हलाल गाह को maḥillahu
अपनी हलाल गाह को فَمَن तो जो कोई faman
तो जो कोई كَانَ हो kāna
हो مِنكُم तुममें से minkum
तुममें से مَّرِيضًا मरीज़ marīḍan
मरीज़ أَوْ या aw
या بِهِۦٓ उसे bihi
उसे أَذًۭى तकलीफ़ हो adhan
तकलीफ़ हो مِّن of min
of رَّأْسِهِۦ उसके सर में rasihi
उसके सर में فَفِدْيَةٌۭ तो फ़िदया देना है fafid'yatun
तो फ़िदया देना है مِّن of min
of صِيَامٍ रोज़ों से ṣiyāmin
रोज़ों से أَوْ या aw
या صَدَقَةٍ सदक़े से ṣadaqatin
सदक़े से أَوْ या aw
या نُسُكٍۢ ۚ क़ुर्बानी से nusukin
क़ुर्बानी से فَإِذَآ पस जब fa-idhā
पस जब أَمِنتُمْ अमन में आ जाओ तुम amintum
अमन में आ जाओ तुम فَمَن तो जो कोई faman
तो जो कोई تَمَتَّعَ फ़ायदा उठाए tamattaʿa
फ़ायदा उठाए بِٱلْعُمْرَةِ साथ उमरा के bil-ʿum'rati
साथ उमरा के إِلَى followed ilā
followed ٱلْحَجِّ हज तक l-ḥaji
हज तक فَمَا तो जो भी famā
तो जो भी ٱسْتَيْسَرَ मयस्सर हो is'taysara
मयस्सर हो مِنَ of mina
of ٱلْهَدْىِ ۚ क़ुर्बानी से (वो कर लो) l-hadyi
क़ुर्बानी से (वो कर लो) فَمَن फिर जो कोई faman
फिर जो कोई لَّمْ ना lam
ना يَجِدْ पाए yajid
पाए فَصِيَامُ तो रोज़े रखना है faṣiyāmu
तो रोज़े रखना है ثَلَـٰثَةِ तीन thalāthati
तीन أَيَّامٍۢ दिनों के ayyāmin
दिनों के فِى during fī
during ٱلْحَجِّ हज में l-ḥaji
हज में وَسَبْعَةٍ और सात wasabʿatin
और सात إِذَا जब idhā
जब رَجَعْتُمْ ۗ लौटो तुम rajaʿtum
लौटो तुम تِلْكَ ये til'ka
ये عَشَرَةٌۭ दस हैं ʿasharatun
दस हैं كَامِلَةٌۭ ۗ पूरे kāmilatun
पूरे ذَٰلِكَ ये dhālika
ये لِمَن उसके लिए जो liman
उसके लिए जो لَّمْ ना lam
ना يَكُنْ हों yakun
हों أَهْلُهُۥ उसके अहले ख़ाना ahluhu
उसके अहले ख़ाना حَاضِرِى रहने वाले (पास) ḥāḍirī
रहने वाले (पास) ٱلْمَسْجِدِ मस्जिदे l-masjidi
मस्जिदे ٱلْحَرَامِ ۚ हराम के l-ḥarāmi
हराम के وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَٱعْلَمُوٓا۟ और जान लो wa-iʿ'lamū
और जान लो أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह شَدِيدُ सख़्त shadīdu
सख़्त ٱلْعِقَابِ सज़ा वाला है l-ʿiqābi
सज़ा वाला है ١٩٦ (196)
(196)
तथा ह़ज्ज और उमरा अल्लाह के लिए पूरा करो। फिर यदि तुम रोक दिए जाओ, तो क़ुर्बानी में से जो उपलब्ध हो (कर दो)। और अपने सिर न मुँडाओ, जब तक कि क़ुर्बानी अपने ज़बह के स्थान तक न पहुँच जाए।2 फिर तुममें से जो व्यक्ति बीमार हो या उसके सिर में कोई तकलीफ़ हो (और उसके कारण सिर मुँडा ले), तो रोज़े या सदक़ा या क़ुर्बानी में से कोई एक फ़िदया3 है। फिर जब तुम निश्चिंत हो जाओ, तो (ऐसे में) जो व्यक्ति ह़ज्ज (के एहराम बाँधने) तक उमरे से लाभ4 उठाए, तो क़ुर्बानी में से जो उपलब्ध हो, करे। फिर जिसके पास (क़ुर्बानी) उपलब्ध न हो, तो वह तीन रोज़े ह़ज्ज के दौरान रखे और सात दिन के उस समय रखे, जब तुम (घर) वापस जाओ। ये पूरे दस हैं। ये उसके लिए हैं, जिसके घर वाले मस्जिदे-ह़राम के निवासी न हों। और अल्लाह से डरो तथा जान लो कि निःसंदेह अल्लाह बहुत सख़्त अज़ाब वाला है।
२:१९७
ٱلْحَجُّ
हज (के)
al-ḥaju
हज (के) أَشْهُرٌۭ महीने ashhurun
महीने مَّعْلُومَـٰتٌۭ ۚ मालूम हैं maʿlūmātun
मालूम हैं فَمَن तो जो कोई faman
तो जो कोई فَرَضَ फ़र्ज़ कर ले faraḍa
फ़र्ज़ कर ले فِيهِنَّ इनमे fīhinna
इनमे ٱلْحَجَّ हज को l-ḥaja
हज को فَلَا तो ना falā
तो ना رَفَثَ जिन्सी गुफ़्तगू करना rafatha
जिन्सी गुफ़्तगू करना وَلَا और ना walā
और ना فُسُوقَ गुनाह करना fusūqa
गुनाह करना وَلَا और ना walā
और ना جِدَالَ झगड़ा करना है jidāla
झगड़ा करना है فِى during fī
during ٱلْحَجِّ ۗ हज में l-ḥaji
हज में وَمَا और जो भी wamā
और जो भी تَفْعَلُوا۟ तुम करोगे tafʿalū
तुम करोगे مِنْ of min
of خَيْرٍۢ कोई नेकी khayrin
कोई नेकी يَعْلَمْهُ जान लेगा उसे yaʿlamhu
जान लेगा उसे ٱللَّهُ ۗ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَتَزَوَّدُوا۟ और तुम ज़ादे राह ले लिया करो watazawwadū
और तुम ज़ादे राह ले लिया करो فَإِنَّ पस बेशक fa-inna
पस बेशक خَيْرَ बेहतरीन khayra
बेहतरीन ٱلزَّادِ ज़ादे राह l-zādi
ज़ादे राह ٱلتَّقْوَىٰ ۚ तक़वा है l-taqwā
तक़वा है وَٱتَّقُونِ और डरो मुझसे wa-ittaqūni
और डरो मुझसे يَـٰٓأُو۟لِى O men yāulī
O men ٱلْأَلْبَـٰبِ ऐ अक़्ल वालो l-albābi
ऐ अक़्ल वालो ١٩٧ (197)
(197)
हज (के) أَشْهُرٌۭ महीने ashhurun
महीने مَّعْلُومَـٰتٌۭ ۚ मालूम हैं maʿlūmātun
मालूम हैं فَمَن तो जो कोई faman
तो जो कोई فَرَضَ फ़र्ज़ कर ले faraḍa
फ़र्ज़ कर ले فِيهِنَّ इनमे fīhinna
इनमे ٱلْحَجَّ हज को l-ḥaja
हज को فَلَا तो ना falā
तो ना رَفَثَ जिन्सी गुफ़्तगू करना rafatha
जिन्सी गुफ़्तगू करना وَلَا और ना walā
और ना فُسُوقَ गुनाह करना fusūqa
गुनाह करना وَلَا और ना walā
और ना جِدَالَ झगड़ा करना है jidāla
झगड़ा करना है فِى during fī
during ٱلْحَجِّ ۗ हज में l-ḥaji
हज में وَمَا और जो भी wamā
और जो भी تَفْعَلُوا۟ तुम करोगे tafʿalū
तुम करोगे مِنْ of min
of خَيْرٍۢ कोई नेकी khayrin
कोई नेकी يَعْلَمْهُ जान लेगा उसे yaʿlamhu
जान लेगा उसे ٱللَّهُ ۗ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَتَزَوَّدُوا۟ और तुम ज़ादे राह ले लिया करो watazawwadū
और तुम ज़ादे राह ले लिया करो فَإِنَّ पस बेशक fa-inna
पस बेशक خَيْرَ बेहतरीन khayra
बेहतरीन ٱلزَّادِ ज़ादे राह l-zādi
ज़ादे राह ٱلتَّقْوَىٰ ۚ तक़वा है l-taqwā
तक़वा है وَٱتَّقُونِ और डरो मुझसे wa-ittaqūni
और डरो मुझसे يَـٰٓأُو۟لِى O men yāulī
O men ٱلْأَلْبَـٰبِ ऐ अक़्ल वालो l-albābi
ऐ अक़्ल वालो ١٩٧ (197)
(197)
ह़ज्ज चंद जाने-माने महीने हैं। फिर जो व्यक्ति इनमें ह़ज्ज अनिवार्य कर ले, तो ह़ज्ज के दौरान न कोई काम-वासना की बात हो और न कोई अवज्ञा और न कोई झगड़ा। तथा तुम जो भी नेकी का काम करोगे, अल्लाह उसे जान लेगा। और पाथेय ले लो, (और जान लो कि) सबसे अच्छा पाथेय परहेज़गारी है तथा ऐ बुद्धि वालो! मुझसे डरो।
२:१९८
لَيْسَ
नहीं है
laysa
नहीं है عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर جُنَاحٌ कोई गुनाह junāḥun
कोई गुनाह أَن कि an
कि تَبْتَغُوا۟ तुम तलाश करो tabtaghū
तुम तलाश करो فَضْلًۭا फ़ज़ल faḍlan
फ़ज़ल مِّن from min
from رَّبِّكُمْ ۚ अपने रब की तरफ़ से rabbikum
अपने रब की तरफ़ से فَإِذَآ फिर जब fa-idhā
फिर जब أَفَضْتُم पलटो तुम afaḍtum
पलटो तुम مِّنْ from min
from عَرَفَـٰتٍۢ अरफ़ात से ʿarafātin
अरफ़ात से فَٱذْكُرُوا۟ तो ज़िक्र करो fa-udh'kurū
तो ज़िक्र करो ٱللَّهَ अल्लाह का l-laha
अल्लाह का عِندَ पास ʿinda
पास ٱلْمَشْعَرِ मशअरे l-mashʿari
मशअरे ٱلْحَرَامِ ۖ हराम के l-ḥarāmi
हराम के وَٱذْكُرُوهُ और ज़िक्र करो उसका wa-udh'kurūhu
और ज़िक्र करो उसका كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि هَدَىٰكُمْ उसने रहनुमाई की तुम्हारी hadākum
उसने रहनुमाई की तुम्हारी وَإِن और बेशक wa-in
और बेशक كُنتُم थे तुम kuntum
थे तुम مِّن [from] min
[from] قَبْلِهِۦ इससे क़ब्ल qablihi
इससे क़ब्ल لَمِنَ surely among lamina
surely among ٱلضَّآلِّينَ अलबत्ता गुमराहों में से l-ḍālīna
अलबत्ता गुमराहों में से ١٩٨ (198)
(198)
नहीं है عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर جُنَاحٌ कोई गुनाह junāḥun
कोई गुनाह أَن कि an
कि تَبْتَغُوا۟ तुम तलाश करो tabtaghū
तुम तलाश करो فَضْلًۭا फ़ज़ल faḍlan
फ़ज़ल مِّن from min
from رَّبِّكُمْ ۚ अपने रब की तरफ़ से rabbikum
अपने रब की तरफ़ से فَإِذَآ फिर जब fa-idhā
फिर जब أَفَضْتُم पलटो तुम afaḍtum
पलटो तुम مِّنْ from min
from عَرَفَـٰتٍۢ अरफ़ात से ʿarafātin
अरफ़ात से فَٱذْكُرُوا۟ तो ज़िक्र करो fa-udh'kurū
तो ज़िक्र करो ٱللَّهَ अल्लाह का l-laha
अल्लाह का عِندَ पास ʿinda
पास ٱلْمَشْعَرِ मशअरे l-mashʿari
मशअरे ٱلْحَرَامِ ۖ हराम के l-ḥarāmi
हराम के وَٱذْكُرُوهُ और ज़िक्र करो उसका wa-udh'kurūhu
और ज़िक्र करो उसका كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि هَدَىٰكُمْ उसने रहनुमाई की तुम्हारी hadākum
उसने रहनुमाई की तुम्हारी وَإِن और बेशक wa-in
और बेशक كُنتُم थे तुम kuntum
थे तुम مِّن [from] min
[from] قَبْلِهِۦ इससे क़ब्ल qablihi
इससे क़ब्ल لَمِنَ surely among lamina
surely among ٱلضَّآلِّينَ अलबत्ता गुमराहों में से l-ḍālīna
अलबत्ता गुमराहों में से ١٩٨ (198)
(198)
तथा तुमपर कोई दोष1 नहीं कि अपने पालनहार का अनुग्रह (फ़ज़्ल) तलाश करो। फिर जब तुम अरफ़ात2 से प्रस्थान करो, तो मश्अरे ह़राम (मुज़दलिफ़ा) के पास अल्लाह को याद करो और उसको उसी तरह याद करो, जैसे उसने तुम्हारा मार्गदर्शन किया है। और निःसंदेह इससे पहले तुम गुमराह लोगों में से थे।
२:१९९
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर أَفِيضُوا۟ पलटो तुम afīḍū
पलटो तुम مِنْ from min
from حَيْثُ जहाँ से ḥaythu
जहाँ से أَفَاضَ पलटते हैं afāḍa
पलटते हैं ٱلنَّاسُ लोग l-nāsu
लोग وَٱسْتَغْفِرُوا۟ और बख़्शिश माँगो wa-is'taghfirū
और बख़्शिश माँगो ٱللَّهَ ۚ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ١٩٩ (199)
(199)
फिर أَفِيضُوا۟ पलटो तुम afīḍū
पलटो तुम مِنْ from min
from حَيْثُ जहाँ से ḥaythu
जहाँ से أَفَاضَ पलटते हैं afāḍa
पलटते हैं ٱلنَّاسُ लोग l-nāsu
लोग وَٱسْتَغْفِرُوا۟ और बख़्शिश माँगो wa-is'taghfirū
और बख़्शिश माँगो ٱللَّهَ ۚ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ١٩٩ (199)
(199)
फिर तुम1 उस जगह से वापस आओ, जहाँ से सब लोग वापस आएँ तथा अल्लाह से क्षमा माँगो। निश्चय अल्लाह अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।
२:२००
فَإِذَا
फिर जब
fa-idhā
फिर जब قَضَيْتُم पूरे कर चुको तुम qaḍaytum
पूरे कर चुको तुम مَّنَـٰسِكَكُمْ अपने मनासिके हज manāsikakum
अपने मनासिके हज فَٱذْكُرُوا۟ तो ज़िक्र करो fa-udh'kurū
तो ज़िक्र करो ٱللَّهَ अल्लाह का l-laha
अल्लाह का كَذِكْرِكُمْ जैसा कि ज़िक्र करना है तुम्हारा kadhik'rikum
जैसा कि ज़िक्र करना है तुम्हारा ءَابَآءَكُمْ अपने आबा ओ अजदाद का ābāakum
अपने आबा ओ अजदाद का أَوْ या aw
या أَشَدَّ ज़्यादा शदीद ashadda
ज़्यादा शदीद ذِكْرًۭا ۗ ज़िक्र करना dhik'ran
ज़िक्र करना فَمِنَ And from famina
And from ٱلنَّاسِ पस लोगों में से कोई है l-nāsi
पस लोगों में से कोई है مَن जो man
जो يَقُولُ कहता है yaqūlu
कहता है رَبَّنَآ ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब ءَاتِنَا दे हमें ātinā
दे हमें فِى in fī
in ٱلدُّنْيَا दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में وَمَا और नहीं है wamā
और नहीं है لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए فِى in fī
in ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत में l-ākhirati
आख़िरत में مِنْ [of] min
[of] خَلَـٰقٍۢ कोई हिस्सा khalāqin
कोई हिस्सा ٢٠٠ (200)
(200)
फिर जब قَضَيْتُم पूरे कर चुको तुम qaḍaytum
पूरे कर चुको तुम مَّنَـٰسِكَكُمْ अपने मनासिके हज manāsikakum
अपने मनासिके हज فَٱذْكُرُوا۟ तो ज़िक्र करो fa-udh'kurū
तो ज़िक्र करो ٱللَّهَ अल्लाह का l-laha
अल्लाह का كَذِكْرِكُمْ जैसा कि ज़िक्र करना है तुम्हारा kadhik'rikum
जैसा कि ज़िक्र करना है तुम्हारा ءَابَآءَكُمْ अपने आबा ओ अजदाद का ābāakum
अपने आबा ओ अजदाद का أَوْ या aw
या أَشَدَّ ज़्यादा शदीद ashadda
ज़्यादा शदीद ذِكْرًۭا ۗ ज़िक्र करना dhik'ran
ज़िक्र करना فَمِنَ And from famina
And from ٱلنَّاسِ पस लोगों में से कोई है l-nāsi
पस लोगों में से कोई है مَن जो man
जो يَقُولُ कहता है yaqūlu
कहता है رَبَّنَآ ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब ءَاتِنَا दे हमें ātinā
दे हमें فِى in fī
in ٱلدُّنْيَا दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में وَمَا और नहीं है wamā
और नहीं है لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए فِى in fī
in ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत में l-ākhirati
आख़िरत में مِنْ [of] min
[of] خَلَـٰقٍۢ कोई हिस्सा khalāqin
कोई हिस्सा ٢٠٠ (200)
(200)
और जब तुम अपने ह़ज्ज के कार्य पूरे कर लो, तो अल्लाह को याद करो, जैसे अपने बाप-दादा को याद किया करते थे, बल्कि उससे भी बढ़कर याद1 करो। फिर लोगों में से कोई तो ऐसा है जो कहता है : ऐ हमारे पालनहार! हमें दुनिया में दे दे। और आख़िरत में उसका कोई हिस्सा नहीं।
२:२०१
وَمِنْهُم
और उनमें से कोई है
wamin'hum
और उनमें से कोई है مَّن जो man
जो يَقُولُ कहता है yaqūlu
कहता है رَبَّنَآ ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब ءَاتِنَا दे हमें ātinā
दे हमें فِى in fī
in ٱلدُّنْيَا दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में حَسَنَةًۭ भलाई ḥasanatan
भलाई وَفِى and in wafī
and in ٱلْـَٔاخِرَةِ और आख़िरत में l-ākhirati
और आख़िरत में حَسَنَةًۭ भलाई ḥasanatan
भलाई وَقِنَا और बचा हमें waqinā
और बचा हमें عَذَابَ अज़ाब से ʿadhāba
अज़ाब से ٱلنَّارِ आग के l-nāri
आग के ٢٠١ (201)
(201)
और उनमें से कोई है مَّن जो man
जो يَقُولُ कहता है yaqūlu
कहता है رَبَّنَآ ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब ءَاتِنَا दे हमें ātinā
दे हमें فِى in fī
in ٱلدُّنْيَا दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में حَسَنَةًۭ भलाई ḥasanatan
भलाई وَفِى and in wafī
and in ٱلْـَٔاخِرَةِ और आख़िरत में l-ākhirati
और आख़िरत में حَسَنَةًۭ भलाई ḥasanatan
भलाई وَقِنَا और बचा हमें waqinā
और बचा हमें عَذَابَ अज़ाब से ʿadhāba
अज़ाब से ٱلنَّارِ आग के l-nāri
आग के ٢٠١ (201)
(201)
तथा उनमें से कोई ऐसा है, जो कहता है : ऐ हमारे पालनहार! हमें दुनिया में भलाई तथा आख़िरत में भी भलाई दे और हमें आग के अज़ाब से बचा।
२:२०२
أُو۟لَـٰٓئِكَ
यही लोग हैं
ulāika
यही लोग हैं لَهُمْ जिनके लिए lahum
जिनके लिए نَصِيبٌۭ एक हिस्सा है naṣībun
एक हिस्सा है مِّمَّا उससे जो mimmā
उससे जो كَسَبُوا۟ ۚ उन्होंने कमाया kasabū
उन्होंने कमाया وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह سَرِيعُ जल्द लेने वाला है sarīʿu
जल्द लेने वाला है ٱلْحِسَابِ हिसाब l-ḥisābi
हिसाब ٢٠٢ (202)
(202)
यही लोग हैं لَهُمْ जिनके लिए lahum
जिनके लिए نَصِيبٌۭ एक हिस्सा है naṣībun
एक हिस्सा है مِّمَّا उससे जो mimmā
उससे जो كَسَبُوا۟ ۚ उन्होंने कमाया kasabū
उन्होंने कमाया وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह سَرِيعُ जल्द लेने वाला है sarīʿu
जल्द लेने वाला है ٱلْحِسَابِ हिसाब l-ḥisābi
हिसाब ٢٠٢ (202)
(202)
यही लोग हैं, जिनके लिए उसमें से एक हिस्सा है, जो उन्होंने कमाया और अल्लाह बहुत जल्द ह़िसाब लेने वाला है।
२:२०३
۞ وَٱذْكُرُوا۟
और याद करो
wa-udh'kurū
और याद करो ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को فِىٓ during fī
during أَيَّامٍۢ दिनों में ayyāmin
दिनों में مَّعْدُودَٰتٍۢ ۚ गिने-चुने maʿdūdātin
गिने-चुने فَمَن तो जो कोई faman
तो जो कोई تَعَجَّلَ जल्दी करे taʿajjala
जल्दी करे فِى in fī
in يَوْمَيْنِ दो दिनों में yawmayni
दो दिनों में فَلَآ तो नहीं falā
तो नहीं إِثْمَ कोई गुनाह ith'ma
कोई गुनाह عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई تَأَخَّرَ ताख़ीर करे ta-akhara
ताख़ीर करे فَلَآ तो नहीं falā
तो नहीं إِثْمَ कोई गुनाह ith'ma
कोई गुनाह عَلَيْهِ ۚ उस पर ʿalayhi
उस पर لِمَنِ उसके लिए जो limani
उसके लिए जो ٱتَّقَىٰ ۗ तक़वा करे ittaqā
तक़वा करे وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَٱعْلَمُوٓا۟ और जान लो wa-iʿ'lamū
और जान लो أَنَّكُمْ बेशक तुम annakum
बेशक तुम إِلَيْهِ तरफ़ उसी के ilayhi
तरफ़ उसी के تُحْشَرُونَ तुम इकट्ठे किए जाओगे tuḥ'sharūna
तुम इकट्ठे किए जाओगे ٢٠٣ (203)
(203)
और याद करो ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को فِىٓ during fī
during أَيَّامٍۢ दिनों में ayyāmin
दिनों में مَّعْدُودَٰتٍۢ ۚ गिने-चुने maʿdūdātin
गिने-चुने فَمَن तो जो कोई faman
तो जो कोई تَعَجَّلَ जल्दी करे taʿajjala
जल्दी करे فِى in fī
in يَوْمَيْنِ दो दिनों में yawmayni
दो दिनों में فَلَآ तो नहीं falā
तो नहीं إِثْمَ कोई गुनाह ith'ma
कोई गुनाह عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई تَأَخَّرَ ताख़ीर करे ta-akhara
ताख़ीर करे فَلَآ तो नहीं falā
तो नहीं إِثْمَ कोई गुनाह ith'ma
कोई गुनाह عَلَيْهِ ۚ उस पर ʿalayhi
उस पर لِمَنِ उसके लिए जो limani
उसके लिए जो ٱتَّقَىٰ ۗ तक़वा करे ittaqā
तक़वा करे وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَٱعْلَمُوٓا۟ और जान लो wa-iʿ'lamū
और जान लो أَنَّكُمْ बेशक तुम annakum
बेशक तुम إِلَيْهِ तरफ़ उसी के ilayhi
तरफ़ उसी के تُحْشَرُونَ तुम इकट्ठे किए जाओगे tuḥ'sharūna
तुम इकट्ठे किए जाओगे ٢٠٣ (203)
(203)
तथा अल्लाह को चंद गिने हुए दिनों1 में याद करो। फिर जो दो दिनों में (मिना से) जल्द चला2 जाए, तो उसपर कोई दोष नहीं और जो देर3 से निकले, तो उसपर भी कोई दोष नहीं, उस व्यक्ति के लिए जो (अल्लाह से) डरे तथा अल्लाह से डरो और जान लो कि निःसंदेह तुम उसी की ओर एकत्र किए जाओगो।
२:२०४
وَمِنَ
And of
wamina
And of ٱلنَّاسِ और लोगों में से कोई है l-nāsi
और लोगों में से कोई है مَن जो man
जो يُعْجِبُكَ ख़ुश करती है आपको yuʿ'jibuka
ख़ुश करती है आपको قَوْلُهُۥ बात उसकी qawluhu
बात उसकी فِى in fī
in ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी में l-ḥayati
ज़िन्दगी में ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَيُشْهِدُ और वो गवाह बनाता है wayush'hidu
और वो गवाह बनाता है ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर مَا उसके जो mā
उसके जो فِى (is) in fī
(is) in قَلْبِهِۦ उसके दिल में है qalbihi
उसके दिल में है وَهُوَ हालाँकि वो wahuwa
हालाँकि वो أَلَدُّ सख़्त झगड़ालू है aladdu
सख़्त झगड़ालू है ٱلْخِصَامِ झगड़ा करने में l-khiṣāmi
झगड़ा करने में ٢٠٤ (204)
(204)
And of ٱلنَّاسِ और लोगों में से कोई है l-nāsi
और लोगों में से कोई है مَن जो man
जो يُعْجِبُكَ ख़ुश करती है आपको yuʿ'jibuka
ख़ुश करती है आपको قَوْلُهُۥ बात उसकी qawluhu
बात उसकी فِى in fī
in ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी में l-ḥayati
ज़िन्दगी में ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَيُشْهِدُ और वो गवाह बनाता है wayush'hidu
और वो गवाह बनाता है ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर مَا उसके जो mā
उसके जो فِى (is) in fī
(is) in قَلْبِهِۦ उसके दिल में है qalbihi
उसके दिल में है وَهُوَ हालाँकि वो wahuwa
हालाँकि वो أَلَدُّ सख़्त झगड़ालू है aladdu
सख़्त झगड़ालू है ٱلْخِصَامِ झगड़ा करने में l-khiṣāmi
झगड़ा करने में ٢٠٤ (204)
(204)
लोगों1 में कोई व्यक्ति ऐसा भी है जिसकी बात सांसारिक जीवन के बारे में (ऐ नबी!) आपको अच्छी लगती है और वह अल्लाह को उसपर गवाह बनाता है जो उसके दिल में हैं, हालाँकि वह बड़ा झगड़ालू है।
२:२०५
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब تَوَلَّىٰ वो मुँह मोड़ता है tawallā
वो मुँह मोड़ता है سَعَىٰ वो कोशिश करता है saʿā
वो कोशिश करता है فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में لِيُفْسِدَ ताकि वो फ़साद करे liyuf'sida
ताकि वो फ़साद करे فِيهَا उसमें fīhā
उसमें وَيُهْلِكَ और वो हलाक करे wayuh'lika
और वो हलाक करे ٱلْحَرْثَ खेती l-ḥartha
खेती وَٱلنَّسْلَ ۗ और नस्ल को wal-nasla
और नस्ल को وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يُحِبُّ नहीं वो पसंद करता yuḥibbu
नहीं वो पसंद करता ٱلْفَسَادَ फ़साद को l-fasāda
फ़साद को ٢٠٥ (205)
(205)
और जब تَوَلَّىٰ वो मुँह मोड़ता है tawallā
वो मुँह मोड़ता है سَعَىٰ वो कोशिश करता है saʿā
वो कोशिश करता है فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में لِيُفْسِدَ ताकि वो फ़साद करे liyuf'sida
ताकि वो फ़साद करे فِيهَا उसमें fīhā
उसमें وَيُهْلِكَ और वो हलाक करे wayuh'lika
और वो हलाक करे ٱلْحَرْثَ खेती l-ḥartha
खेती وَٱلنَّسْلَ ۗ और नस्ल को wal-nasla
और नस्ल को وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يُحِبُّ नहीं वो पसंद करता yuḥibbu
नहीं वो पसंद करता ٱلْفَسَادَ फ़साद को l-fasāda
फ़साद को ٢٠٥ (205)
(205)
तथा जब वह वापस जाता है, तो धरती में दौड़-धूप करता है ताकि उसमें उपद्रव फैलाए तथा खेती और नस्ल (पशुओं) का विनाश करे और अल्लाह उपद्रव को पसंद नहीं करता।
२:२०६
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब قِيلَ कहा जाता है qīla
कहा जाता है لَهُ उसे lahu
उसे ٱتَّقِ डरो ittaqi
डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से أَخَذَتْهُ आमादा करती है उसे akhadhathu
आमादा करती है उसे ٱلْعِزَّةُ इज़्ज़त l-ʿizatu
इज़्ज़त بِٱلْإِثْمِ ۚ गुनाह पर bil-ith'mi
गुनाह पर فَحَسْبُهُۥ तो काफ़ी है उसे faḥasbuhu
तो काफ़ी है उसे جَهَنَّمُ ۚ जहन्नम jahannamu
जहन्नम وَلَبِئْسَ और अलबत्ता कितना बुरा है walabi'sa
और अलबत्ता कितना बुरा है ٱلْمِهَادُ ठिकाना l-mihādu
ठिकाना ٢٠٦ (206)
(206)
और जब قِيلَ कहा जाता है qīla
कहा जाता है لَهُ उसे lahu
उसे ٱتَّقِ डरो ittaqi
डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से أَخَذَتْهُ आमादा करती है उसे akhadhathu
आमादा करती है उसे ٱلْعِزَّةُ इज़्ज़त l-ʿizatu
इज़्ज़त بِٱلْإِثْمِ ۚ गुनाह पर bil-ith'mi
गुनाह पर فَحَسْبُهُۥ तो काफ़ी है उसे faḥasbuhu
तो काफ़ी है उसे جَهَنَّمُ ۚ जहन्नम jahannamu
जहन्नम وَلَبِئْسَ और अलबत्ता कितना बुरा है walabi'sa
और अलबत्ता कितना बुरा है ٱلْمِهَادُ ठिकाना l-mihādu
ठिकाना ٢٠٦ (206)
(206)
तथा जब उससे कहा जाता है कि अल्लाह से डर, तो उसका गौरव उसे पाप में पकड़े रखता है। अतः उसके (दंड के) लिए जहन्नम ही काफ़ी है और निश्चय वह बहुत बुरा ठिकाना है।
२:२०७
وَمِنَ
And of
wamina
And of ٱلنَّاسِ और लोगों में से कोई है l-nāsi
और लोगों में से कोई है مَن जो man
जो يَشْرِى बेचता है yashrī
बेचता है نَفْسَهُ अपने नफ़्स को nafsahu
अपने नफ़्स को ٱبْتِغَآءَ चाहने के लिए ib'tighāa
चाहने के लिए مَرْضَاتِ रज़ा marḍāti
रज़ा ٱللَّهِ ۗ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह رَءُوفٌۢ बहुत शफ़ीक़ है raūfun
बहुत शफ़ीक़ है بِٱلْعِبَادِ बन्दों पर bil-ʿibādi
बन्दों पर ٢٠٧ (207)
(207)
And of ٱلنَّاسِ और लोगों में से कोई है l-nāsi
और लोगों में से कोई है مَن जो man
जो يَشْرِى बेचता है yashrī
बेचता है نَفْسَهُ अपने नफ़्स को nafsahu
अपने नफ़्स को ٱبْتِغَآءَ चाहने के लिए ib'tighāa
चाहने के लिए مَرْضَاتِ रज़ा marḍāti
रज़ा ٱللَّهِ ۗ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह رَءُوفٌۢ बहुत शफ़ीक़ है raūfun
बहुत शफ़ीक़ है بِٱلْعِبَادِ बन्दों पर bil-ʿibādi
बन्दों पर ٢٠٧ (207)
(207)
तथा लोगों में ऐसा व्यक्ति भी है, जो अल्लाह की प्रसन्नता की खोज में अपना प्राण बेच1 देता है और अल्लाह उन बंदों पर अनंत करुणामय है।
२:२०८
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो ٱدْخُلُوا۟ दाख़िल हो जाओ ud'khulū
दाख़िल हो जाओ فِى in fī
in ٱلسِّلْمِ इस्लाम में l-sil'mi
इस्लाम में كَآفَّةًۭ पूरे के पूरे kāffatan
पूरे के पूरे وَلَا और ना walā
और ना تَتَّبِعُوا۟ तुम पैरवी करो tattabiʿū
तुम पैरवी करो خُطُوَٰتِ क़दमों की khuṭuwāti
क़दमों की ٱلشَّيْطَـٰنِ ۚ शैतान के l-shayṭāni
शैतान के إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो لَكُمْ तुम्हारा lakum
तुम्हारा عَدُوٌّۭ दुश्मन है ʿaduwwun
दुश्मन है مُّبِينٌۭ खुल्लम-खुल्ला mubīnun
खुल्लम-खुल्ला ٢٠٨ (208)
(208)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो ٱدْخُلُوا۟ दाख़िल हो जाओ ud'khulū
दाख़िल हो जाओ فِى in fī
in ٱلسِّلْمِ इस्लाम में l-sil'mi
इस्लाम में كَآفَّةًۭ पूरे के पूरे kāffatan
पूरे के पूरे وَلَا और ना walā
और ना تَتَّبِعُوا۟ तुम पैरवी करो tattabiʿū
तुम पैरवी करो خُطُوَٰتِ क़दमों की khuṭuwāti
क़दमों की ٱلشَّيْطَـٰنِ ۚ शैतान के l-shayṭāni
शैतान के إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो لَكُمْ तुम्हारा lakum
तुम्हारा عَدُوٌّۭ दुश्मन है ʿaduwwun
दुश्मन है مُّبِينٌۭ खुल्लम-खुल्ला mubīnun
खुल्लम-खुल्ला ٢٠٨ (208)
(208)
ऐ ईमान वालो! इस्लाम में पूर्ण रूप से प्रेश1 कर जाओ और शैतान के पदचिह्नों पर न चलो। निश्चय वह तुम्हारा खुला दुश्मन है।
२:२०९
فَإِن
फिर अगर
fa-in
फिर अगर زَلَلْتُم फिसल जाओ तुम zalaltum
फिसल जाओ तुम مِّنۢ from min
from بَعْدِ बाद इसके baʿdi
बाद इसके مَا जो mā
जो جَآءَتْكُمُ आ गईं तुम्हारे पास jāatkumu
आ गईं तुम्हारे पास ٱلْبَيِّنَـٰتُ वाज़ेह निशानियाँ l-bayinātu
वाज़ेह निशानियाँ فَٱعْلَمُوٓا۟ तो जान लो fa-iʿ'lamū
तो जान लो أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَزِيزٌ बहुत ज़बरदस्त है ʿazīzun
बहुत ज़बरदस्त है حَكِيمٌ ख़ूब हिकमत वाला है ḥakīmun
ख़ूब हिकमत वाला है ٢٠٩ (209)
(209)
फिर अगर زَلَلْتُم फिसल जाओ तुम zalaltum
फिसल जाओ तुम مِّنۢ from min
from بَعْدِ बाद इसके baʿdi
बाद इसके مَا जो mā
जो جَآءَتْكُمُ आ गईं तुम्हारे पास jāatkumu
आ गईं तुम्हारे पास ٱلْبَيِّنَـٰتُ वाज़ेह निशानियाँ l-bayinātu
वाज़ेह निशानियाँ فَٱعْلَمُوٓا۟ तो जान लो fa-iʿ'lamū
तो जान लो أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَزِيزٌ बहुत ज़बरदस्त है ʿazīzun
बहुत ज़बरदस्त है حَكِيمٌ ख़ूब हिकमत वाला है ḥakīmun
ख़ूब हिकमत वाला है ٢٠٩ (209)
(209)
फिर यदि इसके बाद फिसल जाओ कि तुम्हारे पास स्पष्ट दलीलें1 आ चुकीं, तो जान लो कि निःसंदेह अल्लाह अत्यंत प्रभुत्वशाली, पूर्ण ह़िकमत वाला2 है।
२:२१०
هَلْ
नहीं
hal
नहीं يَنظُرُونَ वो इन्तिज़ार कर रहे yanẓurūna
वो इन्तिज़ार कर रहे إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि يَأْتِيَهُمُ आ जाए उनके पास yatiyahumu
आ जाए उनके पास ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فِى in fī
in ظُلَلٍۢ सायबानों में ẓulalin
सायबानों में مِّنَ of mina
of ٱلْغَمَامِ बादलों के l-ghamāmi
बादलों के وَٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ और फ़रिश्ते wal-malāikatu
और फ़रिश्ते وَقُضِىَ और पूरा कर दिया जाए waquḍiya
और पूरा कर दिया जाए ٱلْأَمْرُ ۚ काम l-amru
काम وَإِلَى और तरफ़ wa-ilā
और तरफ़ ٱللَّهِ अल्लाह ही के l-lahi
अल्लाह ही के تُرْجَعُ लौटाए जाते है tur'jaʿu
लौटाए जाते है ٱلْأُمُورُ सब काम l-umūru
सब काम ٢١٠ (210)
(210)
नहीं يَنظُرُونَ वो इन्तिज़ार कर रहे yanẓurūna
वो इन्तिज़ार कर रहे إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि يَأْتِيَهُمُ आ जाए उनके पास yatiyahumu
आ जाए उनके पास ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فِى in fī
in ظُلَلٍۢ सायबानों में ẓulalin
सायबानों में مِّنَ of mina
of ٱلْغَمَامِ बादलों के l-ghamāmi
बादलों के وَٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ और फ़रिश्ते wal-malāikatu
और फ़रिश्ते وَقُضِىَ और पूरा कर दिया जाए waquḍiya
और पूरा कर दिया जाए ٱلْأَمْرُ ۚ काम l-amru
काम وَإِلَى और तरफ़ wa-ilā
और तरफ़ ٱللَّهِ अल्लाह ही के l-lahi
अल्लाह ही के تُرْجَعُ लौटाए जाते है tur'jaʿu
लौटाए जाते है ٱلْأُمُورُ सब काम l-umūru
सब काम ٢١٠ (210)
(210)
वे (इन स्पष्ट प्रमाणों के बाद) इसके सिवा किस चीज़ की प्रतीक्षा कर रहे हैं कि उनके पास अल्लाह बादलों के सायों में आ जाए तथा फ़रिश्ते भी और मामले का निर्णय कर दिया जाए और सब काम अल्लाह ही की ओर लौटाए[129[ जाते हैं।
२:२११
سَلْ
पूछ लीजिए
sal
पूछ लीजिए بَنِىٓ (the) Children banī
(the) Children إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल से is'rāīla
बनी इस्राईल से كَمْ कितनी kam
कितनी ءَاتَيْنَـٰهُم दीं हमने उन्हें ātaynāhum
दीं हमने उन्हें مِّنْ of min
of ءَايَةٍۭ निशानियाँ āyatin
निशानियाँ بَيِّنَةٍۢ ۗ वाज़ेह bayyinatin
वाज़ेह وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يُبَدِّلْ बदल देगा yubaddil
बदल देगा نِعْمَةَ नेअमत को niʿ'mata
नेअमत को ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद इसके baʿdi
बाद इसके مَا जो mā
जो جَآءَتْهُ आ गई उसके पास jāathu
आ गई उसके पास فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह شَدِيدُ सख़्त shadīdu
सख़्त ٱلْعِقَابِ सज़ा वाला है l-ʿiqābi
सज़ा वाला है ٢١١ (211)
(211)
पूछ लीजिए بَنِىٓ (the) Children banī
(the) Children إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल से is'rāīla
बनी इस्राईल से كَمْ कितनी kam
कितनी ءَاتَيْنَـٰهُم दीं हमने उन्हें ātaynāhum
दीं हमने उन्हें مِّنْ of min
of ءَايَةٍۭ निशानियाँ āyatin
निशानियाँ بَيِّنَةٍۢ ۗ वाज़ेह bayyinatin
वाज़ेह وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يُبَدِّلْ बदल देगा yubaddil
बदल देगा نِعْمَةَ नेअमत को niʿ'mata
नेअमत को ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद इसके baʿdi
बाद इसके مَا जो mā
जो جَآءَتْهُ आ गई उसके पास jāathu
आ गई उसके पास فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह شَدِيدُ सख़्त shadīdu
सख़्त ٱلْعِقَابِ सज़ा वाला है l-ʿiqābi
सज़ा वाला है ٢١١ (211)
(211)
बनी इसराईल से पूछो कि हमने उन्हें कितनी खुली निशानियाँ दीं। और जो अल्लाह की नेमत को बदल दे, इसके बाद कि वह उसके पास आ चुकी हो, तो निश्चय अल्लाह बहुत सख़्त अज़ाब वाला है।
२:२१२
زُيِّنَ
मुज़य्यन कर दी गई
zuyyina
मुज़य्यन कर दी गई لِلَّذِينَ उनके लिए जिन्होंने lilladhīna
उनके लिए जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया ٱلْحَيَوٰةُ ज़िन्दगी l-ḥayatu
ज़िन्दगी ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَيَسْخَرُونَ और वो मज़ाक़ करते हैं wayaskharūna
और वो मज़ाक़ करते हैं مِنَ [of] mina
[of] ٱلَّذِينَ उनसे जो alladhīna
उनसे जो ءَامَنُوا۟ ۘ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَٱلَّذِينَ और वो जिन्होंने wa-alladhīna
और वो जिन्होंने ٱتَّقَوْا۟ तक़वा किया ittaqaw
तक़वा किया فَوْقَهُمْ ऊपर होंगे उनके fawqahum
ऊपर होंगे उनके يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ ۗ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يَرْزُقُ रिज़्क़ देता है yarzuqu
रिज़्क़ देता है مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर حِسَابٍۢ हिसाब के ḥisābin
हिसाब के ٢١٢ (212)
(212)
मुज़य्यन कर दी गई لِلَّذِينَ उनके लिए जिन्होंने lilladhīna
उनके लिए जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया ٱلْحَيَوٰةُ ज़िन्दगी l-ḥayatu
ज़िन्दगी ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَيَسْخَرُونَ और वो मज़ाक़ करते हैं wayaskharūna
और वो मज़ाक़ करते हैं مِنَ [of] mina
[of] ٱلَّذِينَ उनसे जो alladhīna
उनसे जो ءَامَنُوا۟ ۘ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَٱلَّذِينَ और वो जिन्होंने wa-alladhīna
और वो जिन्होंने ٱتَّقَوْا۟ तक़वा किया ittaqaw
तक़वा किया فَوْقَهُمْ ऊपर होंगे उनके fawqahum
ऊपर होंगे उनके يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ ۗ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يَرْزُقُ रिज़्क़ देता है yarzuqu
रिज़्क़ देता है مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर حِسَابٍۢ हिसाब के ḥisābin
हिसाब के ٢١٢ (212)
(212)
उन लोगों के लिए जिन्होंने कुफ़्र किया, सांसारिक जीवन आकर्षक बना दिया गया है तथा वे ईमान लाने वालों का मज़ाक़1 उड़ाते हैं। हालाँकि जो लोग (अल्लाह का) डर रखने वाले हैं, वे क़ियामत के दिन उनसे ऊपर2 होंगे तथा अल्लाह जिसे चाहता है, असंख्य जीविका प्रदान करता है।
२:२१३
كَانَ
थे
kāna
थे ٱلنَّاسُ लोग l-nāsu
लोग أُمَّةًۭ उम्मत ummatan
उम्मत وَٰحِدَةًۭ एक ही wāḥidatan
एक ही فَبَعَثَ फिर भेजा fabaʿatha
फिर भेजा ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱلنَّبِيِّـۧنَ नबियों को l-nabiyīna
नबियों को مُبَشِّرِينَ ख़ुशख़बरी देने वाले mubashirīna
ख़ुशख़बरी देने वाले وَمُنذِرِينَ और डराने वाले (बना कर) wamundhirīna
और डराने वाले (बना कर) وَأَنزَلَ और उसने नाज़िल की wa-anzala
और उसने नाज़िल की مَعَهُمُ उनके साथ maʿahumu
उनके साथ ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के لِيَحْكُمَ ताकि वो फ़ैसला करे liyaḥkuma
ताकि वो फ़ैसला करे بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान ٱلنَّاسِ लोगों के l-nāsi
लोगों के فِيمَا उसमें जो fīmā
उसमें जो ٱخْتَلَفُوا۟ उन्होंने इख़्तिलाफ़ किया ikh'talafū
उन्होंने इख़्तिलाफ़ किया فِيهِ ۚ जिसमें fīhi
जिसमें وَمَا और नहीं wamā
और नहीं ٱخْتَلَفَ इख़्तिलाफ़ किया ikh'talafa
इख़्तिलाफ़ किया فِيهِ उसमें fīhi
उसमें إِلَّا मगर illā
मगर ٱلَّذِينَ उन्होंने जो alladhīna
उन्होंने जो أُوتُوهُ दिए गए थे उसे ūtūhu
दिए गए थे उसे مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद इसके baʿdi
बाद इसके مَا जो mā
जो جَآءَتْهُمُ आईं उनके पास jāathumu
आईं उनके पास ٱلْبَيِّنَـٰتُ वाज़ेह निशानियाँ l-bayinātu
वाज़ेह निशानियाँ بَغْيًۢا बवजह ज़िद के baghyan
बवजह ज़िद के بَيْنَهُمْ ۖ आपस में baynahum
आपस में فَهَدَى तो हिदायत दी fahadā
तो हिदायत दी ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱلَّذِينَ उन्हें जो alladhīna
उन्हें जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए لِمَا उसकी जो limā
उसकी जो ٱخْتَلَفُوا۟ उन्होंने इख़्तिलाफ़ किया ikh'talafū
उन्होंने इख़्तिलाफ़ किया فِيهِ उसमें fīhi
उसमें مِنَ of mina
of ٱلْحَقِّ हक़ में से l-ḥaqi
हक़ में से بِإِذْنِهِۦ ۗ अपने हुक्म से bi-idh'nihi
अपने हुक्म से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يَهْدِى हिदायत देता है yahdī
हिदायत देता है مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ صِرَٰطٍۢ रास्ते ṣirāṭin
रास्ते مُّسْتَقِيمٍ सीधे के mus'taqīmin
सीधे के ٢١٣ (213)
(213)
थे ٱلنَّاسُ लोग l-nāsu
लोग أُمَّةًۭ उम्मत ummatan
उम्मत وَٰحِدَةًۭ एक ही wāḥidatan
एक ही فَبَعَثَ फिर भेजा fabaʿatha
फिर भेजा ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱلنَّبِيِّـۧنَ नबियों को l-nabiyīna
नबियों को مُبَشِّرِينَ ख़ुशख़बरी देने वाले mubashirīna
ख़ुशख़बरी देने वाले وَمُنذِرِينَ और डराने वाले (बना कर) wamundhirīna
और डराने वाले (बना कर) وَأَنزَلَ और उसने नाज़िल की wa-anzala
और उसने नाज़िल की مَعَهُمُ उनके साथ maʿahumu
उनके साथ ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के لِيَحْكُمَ ताकि वो फ़ैसला करे liyaḥkuma
ताकि वो फ़ैसला करे بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान ٱلنَّاسِ लोगों के l-nāsi
लोगों के فِيمَا उसमें जो fīmā
उसमें जो ٱخْتَلَفُوا۟ उन्होंने इख़्तिलाफ़ किया ikh'talafū
उन्होंने इख़्तिलाफ़ किया فِيهِ ۚ जिसमें fīhi
जिसमें وَمَا और नहीं wamā
और नहीं ٱخْتَلَفَ इख़्तिलाफ़ किया ikh'talafa
इख़्तिलाफ़ किया فِيهِ उसमें fīhi
उसमें إِلَّا मगर illā
मगर ٱلَّذِينَ उन्होंने जो alladhīna
उन्होंने जो أُوتُوهُ दिए गए थे उसे ūtūhu
दिए गए थे उसे مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद इसके baʿdi
बाद इसके مَا जो mā
जो جَآءَتْهُمُ आईं उनके पास jāathumu
आईं उनके पास ٱلْبَيِّنَـٰتُ वाज़ेह निशानियाँ l-bayinātu
वाज़ेह निशानियाँ بَغْيًۢا बवजह ज़िद के baghyan
बवजह ज़िद के بَيْنَهُمْ ۖ आपस में baynahum
आपस में فَهَدَى तो हिदायत दी fahadā
तो हिदायत दी ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱلَّذِينَ उन्हें जो alladhīna
उन्हें जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए لِمَا उसकी जो limā
उसकी जो ٱخْتَلَفُوا۟ उन्होंने इख़्तिलाफ़ किया ikh'talafū
उन्होंने इख़्तिलाफ़ किया فِيهِ उसमें fīhi
उसमें مِنَ of mina
of ٱلْحَقِّ हक़ में से l-ḥaqi
हक़ में से بِإِذْنِهِۦ ۗ अपने हुक्म से bi-idh'nihi
अपने हुक्म से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يَهْدِى हिदायत देता है yahdī
हिदायत देता है مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ صِرَٰطٍۢ रास्ते ṣirāṭin
रास्ते مُّسْتَقِيمٍ सीधे के mus'taqīmin
सीधे के ٢١٣ (213)
(213)
(आरंभ में) सब लोग एक ही समुदाय थे। (फिर विभेद हुआ) तो अल्लाह ने नबी भेजे, शुभ समाचार सुनाने वाले1 और डराने वाले, और उनपर सत्य के साथ पुस्तक उतारी, ताकि वह लोगों के बीच उन बातों का फैसला करे, जिनमें उन्होंने मतभेद किया था। और उसमें मतभेद उन्हीं लोगों ने किया, जिन्हें वह दी गई थी, इसके बाद कि उनके पास स्पष्ट निशानियाँ आ चुकीं, आपस के हठ के कारण। फिर जो लोग ईमान लाए, अल्लाह ने उन्हें अपनी आज्ञा से सत्य में से उस बात का मार्गदर्शन किया, जिसमें उन्होंने मतभेद किया था और अल्लाह जिसे चाहता है, सीधा मार्ग दर्शाता है।
२:२१४
أَمْ
क्या
am
क्या حَسِبْتُمْ ख़्याल किया तुमने ḥasib'tum
ख़्याल किया तुमने أَن कि an
कि تَدْخُلُوا۟ तुम दाख़िल हो जाओगे tadkhulū
तुम दाख़िल हो जाओगे ٱلْجَنَّةَ जन्नत में l-janata
जन्नत में وَلَمَّا हालाँकि नहीं walammā
हालाँकि नहीं يَأْتِكُم आई तुम्हारे पास yatikum
आई तुम्हारे पास مَّثَلُ मिसाल mathalu
मिसाल ٱلَّذِينَ उनकी जो alladhīna
उनकी जो خَلَوْا۟ गुज़र चुके khalaw
गुज़र चुके مِن from min
from قَبْلِكُم ۖ तुमसे पहले qablikum
तुमसे पहले مَّسَّتْهُمُ पहुँचीं उन्हें massathumu
पहुँचीं उन्हें ٱلْبَأْسَآءُ सख़्तियाँ l-basāu
सख़्तियाँ وَٱلضَّرَّآءُ और मुसीबतें wal-ḍarāu
और मुसीबतें وَزُلْزِلُوا۟ और वो हिला दिए गए wazul'zilū
और वो हिला दिए गए حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَقُولَ कहने लगा yaqūla
कहने लगा ٱلرَّسُولُ रसूल l-rasūlu
रसूल وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए مَعَهُۥ साथ उसके maʿahu
साथ उसके مَتَىٰ कब (आएगी) matā
कब (आएगी) نَصْرُ मदद naṣru
मदद ٱللَّهِ ۗ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की أَلَآ ख़बरदार alā
ख़बरदार إِنَّ बेशक inna
बेशक نَصْرَ मदद naṣra
मदद ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की قَرِيبٌۭ क़रीब है qarībun
क़रीब है ٢١٤ (214)
(214)
क्या حَسِبْتُمْ ख़्याल किया तुमने ḥasib'tum
ख़्याल किया तुमने أَن कि an
कि تَدْخُلُوا۟ तुम दाख़िल हो जाओगे tadkhulū
तुम दाख़िल हो जाओगे ٱلْجَنَّةَ जन्नत में l-janata
जन्नत में وَلَمَّا हालाँकि नहीं walammā
हालाँकि नहीं يَأْتِكُم आई तुम्हारे पास yatikum
आई तुम्हारे पास مَّثَلُ मिसाल mathalu
मिसाल ٱلَّذِينَ उनकी जो alladhīna
उनकी जो خَلَوْا۟ गुज़र चुके khalaw
गुज़र चुके مِن from min
from قَبْلِكُم ۖ तुमसे पहले qablikum
तुमसे पहले مَّسَّتْهُمُ पहुँचीं उन्हें massathumu
पहुँचीं उन्हें ٱلْبَأْسَآءُ सख़्तियाँ l-basāu
सख़्तियाँ وَٱلضَّرَّآءُ और मुसीबतें wal-ḍarāu
और मुसीबतें وَزُلْزِلُوا۟ और वो हिला दिए गए wazul'zilū
और वो हिला दिए गए حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَقُولَ कहने लगा yaqūla
कहने लगा ٱلرَّسُولُ रसूल l-rasūlu
रसूल وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए مَعَهُۥ साथ उसके maʿahu
साथ उसके مَتَىٰ कब (आएगी) matā
कब (आएगी) نَصْرُ मदद naṣru
मदद ٱللَّهِ ۗ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की أَلَآ ख़बरदार alā
ख़बरदार إِنَّ बेशक inna
बेशक نَصْرَ मदद naṣra
मदद ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की قَرِيبٌۭ क़रीब है qarībun
क़रीब है ٢١٤ (214)
(214)
या तुमने समझ रखा है कि तुम जन्नत में प्रवेश कर जाओगे, हालाँकि अभी तक तुमपर उन लोगों जैसी दशा नहीं आई, जो तुमसे पूर्व थे। उन्हें तंगी और तकलीफ़ पहुँची तथा वे सख़्त हिला दिए गए, यहाँ तक कि वह रसूल और जो लोग उसके साथ ईमान लाए थे, कह उठे : अल्लाह की सहायता कब आएगी? सुन लो, निःसंदेह अल्लाह की सहायता क़रीब1 है।
२:२१५
يَسْـَٔلُونَكَ
वो सवाल करते हैं आपसे
yasalūnaka
वो सवाल करते हैं आपसे مَاذَا क्या कुछ mādhā
क्या कुछ يُنفِقُونَ ۖ वो ख़र्च करें yunfiqūna
वो ख़र्च करें قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए مَآ जो mā
जो أَنفَقْتُم ख़र्च करो तुम anfaqtum
ख़र्च करो तुम مِّنْ of min
of خَيْرٍۢ माल में से khayrin
माल में से فَلِلْوَٰلِدَيْنِ तो वालिदैन के लिए है falil'wālidayni
तो वालिदैन के लिए है وَٱلْأَقْرَبِينَ और क़राबतदारों wal-aqrabīna
और क़राबतदारों وَٱلْيَتَـٰمَىٰ और यतीमों wal-yatāmā
और यतीमों وَٱلْمَسَـٰكِينِ और मिस्कीनों wal-masākīni
और मिस्कीनों وَٱبْنِ and (of) wa-ib'ni
and (of) ٱلسَّبِيلِ ۗ और मुसाफ़िर के लिए है l-sabīli
और मुसाफ़िर के लिए है وَمَا और जो भी wamā
और जो भी تَفْعَلُوا۟ तुम करोगे tafʿalū
तुम करोगे مِنْ of min
of خَيْرٍۢ नेकी में से khayrin
नेकी में से فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह بِهِۦ उसे bihi
उसे عَلِيمٌۭ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٢١٥ (215)
(215)
वो सवाल करते हैं आपसे مَاذَا क्या कुछ mādhā
क्या कुछ يُنفِقُونَ ۖ वो ख़र्च करें yunfiqūna
वो ख़र्च करें قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए مَآ जो mā
जो أَنفَقْتُم ख़र्च करो तुम anfaqtum
ख़र्च करो तुम مِّنْ of min
of خَيْرٍۢ माल में से khayrin
माल में से فَلِلْوَٰلِدَيْنِ तो वालिदैन के लिए है falil'wālidayni
तो वालिदैन के लिए है وَٱلْأَقْرَبِينَ और क़राबतदारों wal-aqrabīna
और क़राबतदारों وَٱلْيَتَـٰمَىٰ और यतीमों wal-yatāmā
और यतीमों وَٱلْمَسَـٰكِينِ और मिस्कीनों wal-masākīni
और मिस्कीनों وَٱبْنِ and (of) wa-ib'ni
and (of) ٱلسَّبِيلِ ۗ और मुसाफ़िर के लिए है l-sabīli
और मुसाफ़िर के लिए है وَمَا और जो भी wamā
और जो भी تَفْعَلُوا۟ तुम करोगे tafʿalū
तुम करोगे مِنْ of min
of خَيْرٍۢ नेकी में से khayrin
नेकी में से فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह بِهِۦ उसे bihi
उसे عَلِيمٌۭ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٢١٥ (215)
(215)
(ऐ नबी!) वे आपसे पूछते हैं क्या चीज़ ख़र्च करें? (उनसे) कह दीजिए : तुम भलाई में से जो भी खर्च करो, तो वह माता-पिता, अधिक क़रीबी रिश्तेदारों, अनाथों, मिसकीनों (निर्धनों) तथा यात्रियों के लिए है। तथा तुम नेकी में से जो कुछ भी करोगे, तो निःसंदेह अल्लाह उसे भलि-भाँति जानने वाला है।
२:२१६
كُتِبَ
लिख दिया गया
kutiba
लिख दिया गया عَلَيْكُمُ तुम पर ʿalaykumu
तुम पर ٱلْقِتَالُ जंग करना l-qitālu
जंग करना وَهُوَ और वो wahuwa
और वो كُرْهٌۭ नापसंदीदा है kur'hun
नापसंदीदा है لَّكُمْ ۖ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَعَسَىٰٓ और हो सकता है waʿasā
और हो सकता है أَن कि an
कि تَكْرَهُوا۟ तुम नापसंद करो takrahū
तुम नापसंद करो شَيْـًۭٔا किसी चीज़ को shayan
किसी चीज़ को وَهُوَ और वो wahuwa
और वो خَيْرٌۭ बेहतर हो khayrun
बेहतर हो لَّكُمْ ۖ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَعَسَىٰٓ और हो सकता है waʿasā
और हो सकता है أَن कि an
कि تُحِبُّوا۟ तुम पसंद करो tuḥibbū
तुम पसंद करो شَيْـًۭٔا किसी चीज़ को shayan
किसी चीज़ को وَهُوَ और वो wahuwa
और वो شَرٌّۭ बुरी हो sharrun
बुरी हो لَّكُمْ ۗ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يَعْلَمُ जानता है yaʿlamu
जानता है وَأَنتُمْ और तुम wa-antum
और तुम لَا (do) not lā
(do) not تَعْلَمُونَ नहीं जानते taʿlamūna
नहीं जानते ٢١٦ (216)
(216)
लिख दिया गया عَلَيْكُمُ तुम पर ʿalaykumu
तुम पर ٱلْقِتَالُ जंग करना l-qitālu
जंग करना وَهُوَ और वो wahuwa
और वो كُرْهٌۭ नापसंदीदा है kur'hun
नापसंदीदा है لَّكُمْ ۖ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَعَسَىٰٓ और हो सकता है waʿasā
और हो सकता है أَن कि an
कि تَكْرَهُوا۟ तुम नापसंद करो takrahū
तुम नापसंद करो شَيْـًۭٔا किसी चीज़ को shayan
किसी चीज़ को وَهُوَ और वो wahuwa
और वो خَيْرٌۭ बेहतर हो khayrun
बेहतर हो لَّكُمْ ۖ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَعَسَىٰٓ और हो सकता है waʿasā
और हो सकता है أَن कि an
कि تُحِبُّوا۟ तुम पसंद करो tuḥibbū
तुम पसंद करो شَيْـًۭٔا किसी चीज़ को shayan
किसी चीज़ को وَهُوَ और वो wahuwa
और वो شَرٌّۭ बुरी हो sharrun
बुरी हो لَّكُمْ ۗ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يَعْلَمُ जानता है yaʿlamu
जानता है وَأَنتُمْ और तुम wa-antum
और तुम لَا (do) not lā
(do) not تَعْلَمُونَ नहीं जानते taʿlamūna
नहीं जानते ٢١٦ (216)
(216)
(ऐ ईमान वालो!) तुमपर युद्ध करना अनिवार्य कर दिया गया है, हालाँकि वह तुम्हें बिल्कुल नापसंद है। और हो सकता है कि तुम एक चीज़ को नापसंद करो और वह तुम्हारे लिए बेहतर हो और हो सकता कि तुम एक चीज़ को पसंद करो और वह तुम्हारे लिए बुरी हो। और अल्लाह जानता है और तुम नहीं जानते।1
२:२१७
يَسْـَٔلُونَكَ
वो सवाल करते हैं आपसे
yasalūnaka
वो सवाल करते हैं आपसे عَنِ about ʿani
about ٱلشَّهْرِ the month l-shahri
the month ٱلْحَرَامِ हराम महीने के बारे में l-ḥarāmi
हराम महीने के बारे में قِتَالٍۢ जंग करना qitālin
जंग करना فِيهِ ۖ उसमें (कैसा है) fīhi
उसमें (कैसा है) قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए قِتَالٌۭ जंग करना qitālun
जंग करना فِيهِ उसमें fīhi
उसमें كَبِيرٌۭ ۖ बड़ा (गुनाह है) kabīrun
बड़ा (गुनाह है) وَصَدٌّ और रोकना waṣaddun
और रोकना عَن from ʿan
from سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते से l-lahi
अल्लाह के रास्ते से وَكُفْرٌۢ और कुफ़्र करना wakuf'run
और कुफ़्र करना بِهِۦ उसका bihi
उसका وَٱلْمَسْجِدِ and (preventing access to) Al-Masjid wal-masjidi
and (preventing access to) Al-Masjid ٱلْحَرَامِ और (रोकना) मस्जिदे हराम से l-ḥarāmi
और (रोकना) मस्जिदे हराम से وَإِخْرَاجُ और निकालना wa-ikh'rāju
और निकालना أَهْلِهِۦ उसके रहने वालों को ahlihi
उसके रहने वालों को مِنْهُ उससे min'hu
उससे أَكْبَرُ ज़्यादा बड़ा (गुनाह) है akbaru
ज़्यादा बड़ा (गुनाह) है عِندَ near ʿinda
near ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के नज़दीक l-lahi
अल्लाह के नज़दीक وَٱلْفِتْنَةُ और फ़ितना wal-fit'natu
और फ़ितना أَكْبَرُ ज़्यादा बड़ा है akbaru
ज़्यादा बड़ा है مِنَ than mina
than ٱلْقَتْلِ ۗ क़त्ल से l-qatli
क़त्ल से وَلَا And not walā
And not يَزَالُونَ और वो हमेशा रहेंगे yazālūna
और वो हमेशा रहेंगे يُقَـٰتِلُونَكُمْ जंग करते तुमसे yuqātilūnakum
जंग करते तुमसे حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَرُدُّوكُمْ वो फेर दें तुम्हें yaruddūkum
वो फेर दें तुम्हें عَن from ʿan
from دِينِكُمْ तुम्हारे दीन से dīnikum
तुम्हारे दीन से إِنِ अगर ini
अगर ٱسْتَطَـٰعُوا۟ ۚ वो इस्तिताअत रखें is'taṭāʿū
वो इस्तिताअत रखें وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَرْتَدِدْ फिर जाए yartadid
फिर जाए مِنكُمْ तुममें से minkum
तुममें से عَن from ʿan
from دِينِهِۦ अपने दीन से dīnihi
अपने दीन से فَيَمُتْ फिर वो मर जाए fayamut
फिर वो मर जाए وَهُوَ इस हाल में कि वो wahuwa
इस हाल में कि वो كَافِرٌۭ काफ़िर हो kāfirun
काफ़िर हो فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं حَبِطَتْ ज़ाया हो गए ḥabiṭat
ज़ाया हो गए أَعْمَـٰلُهُمْ आमाल उनके aʿmāluhum
आमाल उनके فِى in fī
in ٱلدُّنْيَا दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में وَٱلْـَٔاخِرَةِ ۖ और आख़िरत में wal-ākhirati
और आख़िरत में وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग हैं wa-ulāika
और यही लोग हैं أَصْحَـٰبُ साथी aṣḥābu
साथी ٱلنَّارِ ۖ आग के l-nāri
आग के هُمْ वो hum
वो فِيهَا उसमें fīhā
उसमें خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं ٢١٧ (217)
(217)
वो सवाल करते हैं आपसे عَنِ about ʿani
about ٱلشَّهْرِ the month l-shahri
the month ٱلْحَرَامِ हराम महीने के बारे में l-ḥarāmi
हराम महीने के बारे में قِتَالٍۢ जंग करना qitālin
जंग करना فِيهِ ۖ उसमें (कैसा है) fīhi
उसमें (कैसा है) قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए قِتَالٌۭ जंग करना qitālun
जंग करना فِيهِ उसमें fīhi
उसमें كَبِيرٌۭ ۖ बड़ा (गुनाह है) kabīrun
बड़ा (गुनाह है) وَصَدٌّ और रोकना waṣaddun
और रोकना عَن from ʿan
from سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते से l-lahi
अल्लाह के रास्ते से وَكُفْرٌۢ और कुफ़्र करना wakuf'run
और कुफ़्र करना بِهِۦ उसका bihi
उसका وَٱلْمَسْجِدِ and (preventing access to) Al-Masjid wal-masjidi
and (preventing access to) Al-Masjid ٱلْحَرَامِ और (रोकना) मस्जिदे हराम से l-ḥarāmi
और (रोकना) मस्जिदे हराम से وَإِخْرَاجُ और निकालना wa-ikh'rāju
और निकालना أَهْلِهِۦ उसके रहने वालों को ahlihi
उसके रहने वालों को مِنْهُ उससे min'hu
उससे أَكْبَرُ ज़्यादा बड़ा (गुनाह) है akbaru
ज़्यादा बड़ा (गुनाह) है عِندَ near ʿinda
near ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के नज़दीक l-lahi
अल्लाह के नज़दीक وَٱلْفِتْنَةُ और फ़ितना wal-fit'natu
और फ़ितना أَكْبَرُ ज़्यादा बड़ा है akbaru
ज़्यादा बड़ा है مِنَ than mina
than ٱلْقَتْلِ ۗ क़त्ल से l-qatli
क़त्ल से وَلَا And not walā
And not يَزَالُونَ और वो हमेशा रहेंगे yazālūna
और वो हमेशा रहेंगे يُقَـٰتِلُونَكُمْ जंग करते तुमसे yuqātilūnakum
जंग करते तुमसे حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَرُدُّوكُمْ वो फेर दें तुम्हें yaruddūkum
वो फेर दें तुम्हें عَن from ʿan
from دِينِكُمْ तुम्हारे दीन से dīnikum
तुम्हारे दीन से إِنِ अगर ini
अगर ٱسْتَطَـٰعُوا۟ ۚ वो इस्तिताअत रखें is'taṭāʿū
वो इस्तिताअत रखें وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَرْتَدِدْ फिर जाए yartadid
फिर जाए مِنكُمْ तुममें से minkum
तुममें से عَن from ʿan
from دِينِهِۦ अपने दीन से dīnihi
अपने दीन से فَيَمُتْ फिर वो मर जाए fayamut
फिर वो मर जाए وَهُوَ इस हाल में कि वो wahuwa
इस हाल में कि वो كَافِرٌۭ काफ़िर हो kāfirun
काफ़िर हो فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं حَبِطَتْ ज़ाया हो गए ḥabiṭat
ज़ाया हो गए أَعْمَـٰلُهُمْ आमाल उनके aʿmāluhum
आमाल उनके فِى in fī
in ٱلدُّنْيَا दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में وَٱلْـَٔاخِرَةِ ۖ और आख़िरत में wal-ākhirati
और आख़िरत में وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग हैं wa-ulāika
और यही लोग हैं أَصْحَـٰبُ साथी aṣḥābu
साथी ٱلنَّارِ ۖ आग के l-nāri
आग के هُمْ वो hum
वो فِيهَا उसमें fīhā
उसमें خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं ٢١٧ (217)
(217)
(ऐ नबी!) वे1 आपसे सम्मानित मास में युद्ध करने के बारे में पूछते हैं। आप उनसे कह दें कि उसमें युद्ध करना बहुत गंभीर (पाप) है, परंतु अल्लाह के मार्ग से रोकना और उसका इनकार करना और मस्जिदे-ह़राम से रोकना और उसके वासियों को उससे निकालना, अल्लाह के निकट उससे भी बड़ा (पाप) है, तथा फ़ितना (शिर्क), हत्या से अधिक बड़ा है। और वे तुमसे हमेशा युद्ध करते रहेंगे, यहाँ तक कि तुम्हें तुम्हारे धर्म से फेर दें, यदि कर सकें, और तुममें से जो व्यक्ति अपने धर्म (इस्लाम) से फिर जाए, फिर इस हाल में मरे कि वह काफ़िर हो, तो ये ऐसे लोग हैं जिनके कार्य दुनिया तथा आख़िरत में बर्बाद हो गए तथा यही लोग आग वाले हैं, वे उसमें हमेशा रहने वाले हैं।
२:२१८
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَٱلَّذِينَ और वो जिन्होंने wa-alladhīna
और वो जिन्होंने هَاجَرُوا۟ हिजरत की hājarū
हिजरत की وَجَـٰهَدُوا۟ और जिहाद किया wajāhadū
और जिहाद किया فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं يَرْجُونَ जो उम्मीद रखते हैं yarjūna
जो उम्मीद रखते हैं رَحْمَتَ (for) Mercy raḥmata
(for) Mercy ٱللَّهِ ۚ अल्लाह की रहमत की l-lahi
अल्लाह की रहमत की وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ٢١٨ (218)
(218)
बेशक ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَٱلَّذِينَ और वो जिन्होंने wa-alladhīna
और वो जिन्होंने هَاجَرُوا۟ हिजरत की hājarū
हिजरत की وَجَـٰهَدُوا۟ और जिहाद किया wajāhadū
और जिहाद किया فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं يَرْجُونَ जो उम्मीद रखते हैं yarjūna
जो उम्मीद रखते हैं رَحْمَتَ (for) Mercy raḥmata
(for) Mercy ٱللَّهِ ۚ अल्लाह की रहमत की l-lahi
अल्लाह की रहमत की وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ٢١٨ (218)
(218)
निःसंदेह जो लोग ईमान लाए और जिन्होंने हिजरत1 की तथा अल्लाह की राह में जिहाद किया, वही अल्लाह की दया की आशा रखते हैं तथा अल्लाह अत्यंत क्षमाशील, असीम दयालु है।
२:२१९
۞ يَسْـَٔلُونَكَ
वो सवाल करते हैं आपसे
yasalūnaka
वो सवाल करते हैं आपसे عَنِ about ʿani
about ٱلْخَمْرِ शराब (नशे) के बारे में l-khamri
शराब (नशे) के बारे में وَٱلْمَيْسِرِ ۖ और जुए के wal-maysiri
और जुए के قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए فِيهِمَآ इन दोनों में fīhimā
इन दोनों में إِثْمٌۭ गुनाह है ith'mun
गुनाह है كَبِيرٌۭ बहुत बड़ा kabīrun
बहुत बड़ा وَمَنَـٰفِعُ और कुछ फ़ायदे हैं wamanāfiʿu
और कुछ फ़ायदे हैं لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए وَإِثْمُهُمَآ और गुनाह इन दोनों का wa-ith'muhumā
और गुनाह इन दोनों का أَكْبَرُ ज़्यादा बड़ा है akbaru
ज़्यादा बड़ा है مِن than min
than نَّفْعِهِمَا ۗ इन दोनों के फ़ायदे से nafʿihimā
इन दोनों के फ़ायदे से وَيَسْـَٔلُونَكَ और वो सवाल करते हैं आपसे wayasalūnaka
और वो सवाल करते हैं आपसे مَاذَا क्या कुछ mādhā
क्या कुछ يُنفِقُونَ वो ख़र्च करें yunfiqūna
वो ख़र्च करें قُلِ कह दीजिए quli
कह दीजिए ٱلْعَفْوَ ۗ ज़ाइद अज़ ज़रुरत l-ʿafwa
ज़ाइद अज़ ज़रुरत كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह يُبَيِّنُ वाज़ेह करता है yubayyinu
वाज़ेह करता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلْـَٔايَـٰتِ आयात l-āyāti
आयात لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَتَفَكَّرُونَ तुम ग़ौरो फ़िक्र करो tatafakkarūna
तुम ग़ौरो फ़िक्र करो ٢١٩ (219)
(219)
वो सवाल करते हैं आपसे عَنِ about ʿani
about ٱلْخَمْرِ शराब (नशे) के बारे में l-khamri
शराब (नशे) के बारे में وَٱلْمَيْسِرِ ۖ और जुए के wal-maysiri
और जुए के قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए فِيهِمَآ इन दोनों में fīhimā
इन दोनों में إِثْمٌۭ गुनाह है ith'mun
गुनाह है كَبِيرٌۭ बहुत बड़ा kabīrun
बहुत बड़ा وَمَنَـٰفِعُ और कुछ फ़ायदे हैं wamanāfiʿu
और कुछ फ़ायदे हैं لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए وَإِثْمُهُمَآ और गुनाह इन दोनों का wa-ith'muhumā
और गुनाह इन दोनों का أَكْبَرُ ज़्यादा बड़ा है akbaru
ज़्यादा बड़ा है مِن than min
than نَّفْعِهِمَا ۗ इन दोनों के फ़ायदे से nafʿihimā
इन दोनों के फ़ायदे से وَيَسْـَٔلُونَكَ और वो सवाल करते हैं आपसे wayasalūnaka
और वो सवाल करते हैं आपसे مَاذَا क्या कुछ mādhā
क्या कुछ يُنفِقُونَ वो ख़र्च करें yunfiqūna
वो ख़र्च करें قُلِ कह दीजिए quli
कह दीजिए ٱلْعَفْوَ ۗ ज़ाइद अज़ ज़रुरत l-ʿafwa
ज़ाइद अज़ ज़रुरत كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह يُبَيِّنُ वाज़ेह करता है yubayyinu
वाज़ेह करता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلْـَٔايَـٰتِ आयात l-āyāti
आयात لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَتَفَكَّرُونَ तुम ग़ौरो फ़िक्र करो tatafakkarūna
तुम ग़ौरो फ़िक्र करो ٢١٩ (219)
(219)
(ऐ नबी!) वे आपसे शराब और जुए के बारे में पूछते हैं। आप बता दें कि इन दोनों में बड़ा पाप है तथा लोगों के लिए कुछ लाभ हैं, और इन दोनों का पाप इनके लाभ से बड़ा1 है। तथा वे आपसे पूछते हैं कि क्या चीज़ ख़र्च करें। (उनसे) कह दीजिए जो आवश्यकता से अधिक हो। इसी प्रकार अल्लाह तुम्हारे लिए आयतों को स्पष्ट करता है, ताकि तुम सोच-विचार करो।
२:२२०
فِى
Concerning
fī
Concerning ٱلدُّنْيَا दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में وَٱلْـَٔاخِرَةِ ۗ और आख़िरत में wal-ākhirati
और आख़िरत में وَيَسْـَٔلُونَكَ और वो सवाल करते हैं आपसे wayasalūnaka
और वो सवाल करते हैं आपसे عَنِ about ʿani
about ٱلْيَتَـٰمَىٰ ۖ यतीमों के बारे में l-yatāmā
यतीमों के बारे में قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए إِصْلَاحٌۭ इस्लाह करना iṣ'lāḥun
इस्लाह करना لَّهُمْ उनकी lahum
उनकी خَيْرٌۭ ۖ बेहतर है khayrun
बेहतर है وَإِن और अगर wa-in
और अगर تُخَالِطُوهُمْ तुम मिला लो उन्हें tukhāliṭūhum
तुम मिला लो उन्हें فَإِخْوَٰنُكُمْ ۚ तो वो भाई हैं तुम्हारे fa-ikh'wānukum
तो वो भाई हैं तुम्हारे وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يَعْلَمُ जानता है yaʿlamu
जानता है ٱلْمُفْسِدَ फ़साद करने वाले को l-muf'sida
फ़साद करने वाले को مِنَ from mina
from ٱلْمُصْلِحِ ۚ इस्लाह करने वाले से l-muṣ'liḥi
इस्लाह करने वाले से وَلَوْ और अगर walaw
और अगर شَآءَ चाहता shāa
चाहता ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لَأَعْنَتَكُمْ ۚ अलबत्ता वो मुश्किल में डाल देता तुम्हें la-aʿnatakum
अलबत्ता वो मुश्किल में डाल देता तुम्हें إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَزِيزٌ बहुत ज़बरदस्त है ʿazīzun
बहुत ज़बरदस्त है حَكِيمٌۭ ख़ूब हिकमत वाला है ḥakīmun
ख़ूब हिकमत वाला है ٢٢٠ (220)
(220)
Concerning ٱلدُّنْيَا दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में وَٱلْـَٔاخِرَةِ ۗ और आख़िरत में wal-ākhirati
और आख़िरत में وَيَسْـَٔلُونَكَ और वो सवाल करते हैं आपसे wayasalūnaka
और वो सवाल करते हैं आपसे عَنِ about ʿani
about ٱلْيَتَـٰمَىٰ ۖ यतीमों के बारे में l-yatāmā
यतीमों के बारे में قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए إِصْلَاحٌۭ इस्लाह करना iṣ'lāḥun
इस्लाह करना لَّهُمْ उनकी lahum
उनकी خَيْرٌۭ ۖ बेहतर है khayrun
बेहतर है وَإِن और अगर wa-in
और अगर تُخَالِطُوهُمْ तुम मिला लो उन्हें tukhāliṭūhum
तुम मिला लो उन्हें فَإِخْوَٰنُكُمْ ۚ तो वो भाई हैं तुम्हारे fa-ikh'wānukum
तो वो भाई हैं तुम्हारे وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يَعْلَمُ जानता है yaʿlamu
जानता है ٱلْمُفْسِدَ फ़साद करने वाले को l-muf'sida
फ़साद करने वाले को مِنَ from mina
from ٱلْمُصْلِحِ ۚ इस्लाह करने वाले से l-muṣ'liḥi
इस्लाह करने वाले से وَلَوْ और अगर walaw
और अगर شَآءَ चाहता shāa
चाहता ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لَأَعْنَتَكُمْ ۚ अलबत्ता वो मुश्किल में डाल देता तुम्हें la-aʿnatakum
अलबत्ता वो मुश्किल में डाल देता तुम्हें إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَزِيزٌ बहुत ज़बरदस्त है ʿazīzun
बहुत ज़बरदस्त है حَكِيمٌۭ ख़ूब हिकमत वाला है ḥakīmun
ख़ूब हिकमत वाला है ٢٢٠ (220)
(220)
दुनिया और आख़िरत के बारे में। और वे आपसे अनाथों के विषय में पूछते हैं। (उनसे) कह दीजिए उनके लिए सुधार करते रहना बेहतर है। यदि तुम उन्हें अपने साथ मिलाकर रखो, तो वे तुम्हारे भाई हैं और अल्लाह बिगाड़ने वाले को सुधारने वाले से जानता है। और यदि अल्लाह चाहता, तो तुम्हें अवश्य कष्ट1 में डाल देता। निःसंदेह अल्लाह सब पर प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
२:२२१
وَلَا
और ना
walā
और ना تَنكِحُوا۟ तुम निकाह करो tankiḥū
तुम निकाह करो ٱلْمُشْرِكَـٰتِ मुशरिका औरतों से l-mush'rikāti
मुशरिका औरतों से حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يُؤْمِنَّ ۚ वो ईमान ले आऐं yu'minna
वो ईमान ले आऐं وَلَأَمَةٌۭ और अलबत्ता लौंडी wala-amatun
और अलबत्ता लौंडी مُّؤْمِنَةٌ मोमिना mu'minatun
मोमिना خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है مِّن than min
than مُّشْرِكَةٍۢ मुशरिका औरत से mush'rikatin
मुशरिका औरत से وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे أَعْجَبَتْكُمْ ۗ वो अच्छी लगे तुम्हें aʿjabatkum
वो अच्छी लगे तुम्हें وَلَا और ना walā
और ना تُنكِحُوا۟ तुम निकाह करके दो tunkiḥū
तुम निकाह करके दो ٱلْمُشْرِكِينَ मुशरिक मर्दों को l-mush'rikīna
मुशरिक मर्दों को حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يُؤْمِنُوا۟ ۚ वो ईमान ले आऐं yu'minū
वो ईमान ले आऐं وَلَعَبْدٌۭ और अलबत्ता ग़ुलाम walaʿabdun
और अलबत्ता ग़ुलाम مُّؤْمِنٌ मोमिन mu'minun
मोमिन خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है مِّن than min
than مُّشْرِكٍۢ मुशरिक मर्द से mush'rikin
मुशरिक मर्द से وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे أَعْجَبَكُمْ ۗ वो अच्छा लगे तुम्हें aʿjabakum
वो अच्छा लगे तुम्हें أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं يَدْعُونَ जो बुलाते हैं yadʿūna
जो बुलाते हैं إِلَى to ilā
to ٱلنَّارِ ۖ तरफ़ आग के l-nāri
तरफ़ आग के وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يَدْعُوٓا۟ बुलाता है yadʿū
बुलाता है إِلَى to ilā
to ٱلْجَنَّةِ तरफ़ जन्नत के l-janati
तरफ़ जन्नत के وَٱلْمَغْفِرَةِ और बख़्शिश के wal-maghfirati
और बख़्शिश के بِإِذْنِهِۦ ۖ अपने इज़्न से bi-idh'nihi
अपने इज़्न से وَيُبَيِّنُ और वो वाज़ेह करता है wayubayyinu
और वो वाज़ेह करता है ءَايَـٰتِهِۦ आयात अपनी āyātihi
आयात अपनी لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए لَعَلَّهُمْ ताकि वो laʿallahum
ताकि वो يَتَذَكَّرُونَ वो नसीहत पकड़ें yatadhakkarūna
वो नसीहत पकड़ें ٢٢١ (221)
(221)
और ना تَنكِحُوا۟ तुम निकाह करो tankiḥū
तुम निकाह करो ٱلْمُشْرِكَـٰتِ मुशरिका औरतों से l-mush'rikāti
मुशरिका औरतों से حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يُؤْمِنَّ ۚ वो ईमान ले आऐं yu'minna
वो ईमान ले आऐं وَلَأَمَةٌۭ और अलबत्ता लौंडी wala-amatun
और अलबत्ता लौंडी مُّؤْمِنَةٌ मोमिना mu'minatun
मोमिना خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है مِّن than min
than مُّشْرِكَةٍۢ मुशरिका औरत से mush'rikatin
मुशरिका औरत से وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे أَعْجَبَتْكُمْ ۗ वो अच्छी लगे तुम्हें aʿjabatkum
वो अच्छी लगे तुम्हें وَلَا और ना walā
और ना تُنكِحُوا۟ तुम निकाह करके दो tunkiḥū
तुम निकाह करके दो ٱلْمُشْرِكِينَ मुशरिक मर्दों को l-mush'rikīna
मुशरिक मर्दों को حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يُؤْمِنُوا۟ ۚ वो ईमान ले आऐं yu'minū
वो ईमान ले आऐं وَلَعَبْدٌۭ और अलबत्ता ग़ुलाम walaʿabdun
और अलबत्ता ग़ुलाम مُّؤْمِنٌ मोमिन mu'minun
मोमिन خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है مِّن than min
than مُّشْرِكٍۢ मुशरिक मर्द से mush'rikin
मुशरिक मर्द से وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे أَعْجَبَكُمْ ۗ वो अच्छा लगे तुम्हें aʿjabakum
वो अच्छा लगे तुम्हें أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं يَدْعُونَ जो बुलाते हैं yadʿūna
जो बुलाते हैं إِلَى to ilā
to ٱلنَّارِ ۖ तरफ़ आग के l-nāri
तरफ़ आग के وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يَدْعُوٓا۟ बुलाता है yadʿū
बुलाता है إِلَى to ilā
to ٱلْجَنَّةِ तरफ़ जन्नत के l-janati
तरफ़ जन्नत के وَٱلْمَغْفِرَةِ और बख़्शिश के wal-maghfirati
और बख़्शिश के بِإِذْنِهِۦ ۖ अपने इज़्न से bi-idh'nihi
अपने इज़्न से وَيُبَيِّنُ और वो वाज़ेह करता है wayubayyinu
और वो वाज़ेह करता है ءَايَـٰتِهِۦ आयात अपनी āyātihi
आयात अपनी لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए لَعَلَّهُمْ ताकि वो laʿallahum
ताकि वो يَتَذَكَّرُونَ वो नसीहत पकड़ें yatadhakkarūna
वो नसीहत पकड़ें ٢٢١ (221)
(221)
तथा मुश्रिक1 स्त्रियों से विवाह न करो, यहाँ तक कि वे ईमान ले आएँ और निश्चय एक ईमान वाली दासी किसी भी मुश्रिक स्त्री से उत्तम है, यद्यपि वह तुम्हें अच्छी लगे। और अपनी स्त्रियों का निकाह़ मुश्रिकों से न करो, यहाँ तक कि वे ईमान ले आएँ और निश्चय एक ईमान वाला दास किसी भी मुश्रिक (पुरुष) से उत्तम है, यद्यपि वह तुम्हें अच्छा लगे। ये लोग आग की ओर बुलाते हैं तथा अल्लाह अपनी आज्ञा से जन्नत और क्षमा की ओर बुलाता है और लोगों के लिए अपनी आयतें खोलकर बयान करता है, ताकि वे शिक्षा ग्रहण करें।
२:२२२
وَيَسْـَٔلُونَكَ
और वो सवाल करते हैं आपसे
wayasalūnaka
और वो सवाल करते हैं आपसे عَنِ about ʿani
about ٱلْمَحِيضِ ۖ हैज़ के बारे में l-maḥīḍi
हैज़ के बारे में قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए هُوَ वो huwa
वो أَذًۭى अज़ियत है adhan
अज़ियत है فَٱعْتَزِلُوا۟ तो अलग रहो fa-iʿ'tazilū
तो अलग रहो ٱلنِّسَآءَ औरतों से l-nisāa
औरतों से فِى during fī
during ٱلْمَحِيضِ ۖ हैज़ में l-maḥīḍi
हैज़ में وَلَا और ना walā
और ना تَقْرَبُوهُنَّ तुम क़रीब जाओ उनके taqrabūhunna
तुम क़रीब जाओ उनके حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَطْهُرْنَ ۖ वो पाक हो जाऐं yaṭhur'na
वो पाक हो जाऐं فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब تَطَهَّرْنَ वो अच्छी तरह पाक हो जाऐं taṭahharna
वो अच्छी तरह पाक हो जाऐं فَأْتُوهُنَّ तो आओ उनके पास fatūhunna
तो आओ उनके पास مِنْ from min
from حَيْثُ जहाँ से ḥaythu
जहाँ से أَمَرَكُمُ हुक्म दिया तुम्हें amarakumu
हुक्म दिया तुम्हें ٱللَّهُ ۚ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يُحِبُّ मोहब्बत रखता है yuḥibbu
मोहब्बत रखता है ٱلتَّوَّٰبِينَ बहुत तौबा करने वालों से l-tawābīna
बहुत तौबा करने वालों से وَيُحِبُّ और मोहब्बत रखता है wayuḥibbu
और मोहब्बत रखता है ٱلْمُتَطَهِّرِينَ पाक साफ़ रहने वालों से l-mutaṭahirīna
पाक साफ़ रहने वालों से ٢٢٢ (222)
(222)
और वो सवाल करते हैं आपसे عَنِ about ʿani
about ٱلْمَحِيضِ ۖ हैज़ के बारे में l-maḥīḍi
हैज़ के बारे में قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए هُوَ वो huwa
वो أَذًۭى अज़ियत है adhan
अज़ियत है فَٱعْتَزِلُوا۟ तो अलग रहो fa-iʿ'tazilū
तो अलग रहो ٱلنِّسَآءَ औरतों से l-nisāa
औरतों से فِى during fī
during ٱلْمَحِيضِ ۖ हैज़ में l-maḥīḍi
हैज़ में وَلَا और ना walā
और ना تَقْرَبُوهُنَّ तुम क़रीब जाओ उनके taqrabūhunna
तुम क़रीब जाओ उनके حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَطْهُرْنَ ۖ वो पाक हो जाऐं yaṭhur'na
वो पाक हो जाऐं فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब تَطَهَّرْنَ वो अच्छी तरह पाक हो जाऐं taṭahharna
वो अच्छी तरह पाक हो जाऐं فَأْتُوهُنَّ तो आओ उनके पास fatūhunna
तो आओ उनके पास مِنْ from min
from حَيْثُ जहाँ से ḥaythu
जहाँ से أَمَرَكُمُ हुक्म दिया तुम्हें amarakumu
हुक्म दिया तुम्हें ٱللَّهُ ۚ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يُحِبُّ मोहब्बत रखता है yuḥibbu
मोहब्बत रखता है ٱلتَّوَّٰبِينَ बहुत तौबा करने वालों से l-tawābīna
बहुत तौबा करने वालों से وَيُحِبُّ और मोहब्बत रखता है wayuḥibbu
और मोहब्बत रखता है ٱلْمُتَطَهِّرِينَ पाक साफ़ रहने वालों से l-mutaṭahirīna
पाक साफ़ रहने वालों से ٢٢٢ (222)
(222)
तथा वे आपसे मासिक धर्म के विषय में पूछते हैं। आप कह दें : वह एक तरह की गंदगी है। अतः मासिक धर्म की स्थिति में औरतों से अलग रहो और उनके पास न जाओ, यहाँ तक कि वे पाक हो जाएँ। फिर जब वे (स्नान करके) पाक-साफ़ हो जाएँ, तो उनके पास आओ, जहाँ से अल्लाह ने तुम्हें अनुमति दी है। निःसंदेह अल्लाह उनसे प्रेम करता है जो बहुत तौबा करने वाले हैं और उनसे प्रेम करता है जो बहुत पाक रहने वाले हैं।
२:२२३
نِسَآؤُكُمْ
औरतें तुम्हारी
nisāukum
औरतें तुम्हारी حَرْثٌۭ खेती हैं ḥarthun
खेती हैं لَّكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए فَأْتُوا۟ तो आओ fatū
तो आओ حَرْثَكُمْ अपनी खेती में ḥarthakum
अपनी खेती में أَنَّىٰ जिस तरह annā
जिस तरह شِئْتُمْ ۖ चाहो तुम shi'tum
चाहो तुम وَقَدِّمُوا۟ और आगे भेजो waqaddimū
और आगे भेजो لِأَنفُسِكُمْ ۚ अपने नफ़्सों के लिए li-anfusikum
अपने नफ़्सों के लिए وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَٱعْلَمُوٓا۟ और जान लो wa-iʿ'lamū
और जान लो أَنَّكُم बेशक तुम annakum
बेशक तुम مُّلَـٰقُوهُ ۗ मुलाक़ात करने वाले हो उससे mulāqūhu
मुलाक़ात करने वाले हो उससे وَبَشِّرِ और ख़ुशख़बरी दे दीजिए wabashiri
और ख़ुशख़बरी दे दीजिए ٱلْمُؤْمِنِينَ ईमान लाने वालों को l-mu'minīna
ईमान लाने वालों को ٢٢٣ (223)
(223)
औरतें तुम्हारी حَرْثٌۭ खेती हैं ḥarthun
खेती हैं لَّكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए فَأْتُوا۟ तो आओ fatū
तो आओ حَرْثَكُمْ अपनी खेती में ḥarthakum
अपनी खेती में أَنَّىٰ जिस तरह annā
जिस तरह شِئْتُمْ ۖ चाहो तुम shi'tum
चाहो तुम وَقَدِّمُوا۟ और आगे भेजो waqaddimū
और आगे भेजो لِأَنفُسِكُمْ ۚ अपने नफ़्सों के लिए li-anfusikum
अपने नफ़्सों के लिए وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَٱعْلَمُوٓا۟ और जान लो wa-iʿ'lamū
और जान लो أَنَّكُم बेशक तुम annakum
बेशक तुम مُّلَـٰقُوهُ ۗ मुलाक़ात करने वाले हो उससे mulāqūhu
मुलाक़ात करने वाले हो उससे وَبَشِّرِ और ख़ुशख़बरी दे दीजिए wabashiri
और ख़ुशख़बरी दे दीजिए ٱلْمُؤْمِنِينَ ईमान लाने वालों को l-mu'minīna
ईमान लाने वालों को ٢٢٣ (223)
(223)
तुम्हारी पत्नियाँ तुम्हारे लिए खेती1 हैं। सो अपनी खेती में जिस तरह चाहो आओ और अपने लिए (अच्छे कार्य) आगे भेजो। तथा अल्लाह से डरो और जान लो कि निश्चय तुम उससे मिलने वाले हो और ईमान वालों को शुभ सूचना सुना दो।
२:२२४
وَلَا
और ना
walā
और ना تَجْعَلُوا۟ तुम बनाओ tajʿalū
तुम बनाओ ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को عُرْضَةًۭ आड़ ʿur'ḍatan
आड़ لِّأَيْمَـٰنِكُمْ अपनी क़समों के लिए li-aymānikum
अपनी क़समों के लिए أَن कि an
कि تَبَرُّوا۟ तुम नेकी करोगे (ना) tabarrū
तुम नेकी करोगे (ना) وَتَتَّقُوا۟ और (ना) तुम तक़वा करोगे watattaqū
और (ना) तुम तक़वा करोगे وَتُصْلِحُوا۟ और (ना) तुम सुलाह कराओगे watuṣ'liḥū
और (ना) तुम सुलाह कराओगे بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान ٱلنَّاسِ ۗ लोगों के l-nāsi
लोगों के وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह سَمِيعٌ ख़ूब सुनने वाला है samīʿun
ख़ूब सुनने वाला है عَلِيمٌۭ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٢٢٤ (224)
(224)
और ना تَجْعَلُوا۟ तुम बनाओ tajʿalū
तुम बनाओ ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को عُرْضَةًۭ आड़ ʿur'ḍatan
आड़ لِّأَيْمَـٰنِكُمْ अपनी क़समों के लिए li-aymānikum
अपनी क़समों के लिए أَن कि an
कि تَبَرُّوا۟ तुम नेकी करोगे (ना) tabarrū
तुम नेकी करोगे (ना) وَتَتَّقُوا۟ और (ना) तुम तक़वा करोगे watattaqū
और (ना) तुम तक़वा करोगे وَتُصْلِحُوا۟ और (ना) तुम सुलाह कराओगे watuṣ'liḥū
और (ना) तुम सुलाह कराओगे بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान ٱلنَّاسِ ۗ लोगों के l-nāsi
लोगों के وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह سَمِيعٌ ख़ूब सुनने वाला है samīʿun
ख़ूब सुनने वाला है عَلِيمٌۭ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٢٢٤ (224)
(224)
तथा अल्लाह की क़सम को भलाई करने, परहेज़गारी की राह पर चलने और लोगों के बीच मेल-मिलाप कराने के विरुद्ध तर्क1 न बनाओ। और अल्लाह सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।
२:२२५
لَّا
Not
lā
Not يُؤَاخِذُكُمُ नहीं मुआख़्ज़ा करेगा तुम्हारा yuākhidhukumu
नहीं मुआख़्ज़ा करेगा तुम्हारा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِٱللَّغْوِ साथ लग़्व के bil-laghwi
साथ लग़्व के فِىٓ in fī
in أَيْمَـٰنِكُمْ तुम्हारी क़समों के aymānikum
तुम्हारी क़समों के وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन يُؤَاخِذُكُم वो मुआख़्ज़ा करेगा तुम्हारा yuākhidhukum
वो मुआख़्ज़ा करेगा तुम्हारा بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَسَبَتْ कमाया kasabat
कमाया قُلُوبُكُمْ ۗ तुम्हारे दिलों ने qulūbukum
तुम्हारे दिलों ने وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह غَفُورٌ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है حَلِيمٌۭ बहुत हिल्म वाला है ḥalīmun
बहुत हिल्म वाला है ٢٢٥ (225)
(225)
Not يُؤَاخِذُكُمُ नहीं मुआख़्ज़ा करेगा तुम्हारा yuākhidhukumu
नहीं मुआख़्ज़ा करेगा तुम्हारा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِٱللَّغْوِ साथ लग़्व के bil-laghwi
साथ लग़्व के فِىٓ in fī
in أَيْمَـٰنِكُمْ तुम्हारी क़समों के aymānikum
तुम्हारी क़समों के وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन يُؤَاخِذُكُم वो मुआख़्ज़ा करेगा तुम्हारा yuākhidhukum
वो मुआख़्ज़ा करेगा तुम्हारा بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَسَبَتْ कमाया kasabat
कमाया قُلُوبُكُمْ ۗ तुम्हारे दिलों ने qulūbukum
तुम्हारे दिलों ने وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह غَفُورٌ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है حَلِيمٌۭ बहुत हिल्म वाला है ḥalīmun
बहुत हिल्म वाला है ٢٢٥ (225)
(225)
अल्लाह तुम्हें तुम्हारी क़समों में निरर्थक पर नहीं पकड़ता, बल्कि तुम्हें उसपर पकड़ता है, जिसका तुम्हारे दिलों ने इरादा किया है। और अल्लाह बहुत क्षमा करने वाला, अत्यंत सहनशील है।
२:२२६
لِّلَّذِينَ
उन लोगों के लिए जो
lilladhīna
उन लोगों के लिए जो يُؤْلُونَ इला करते हैं yu'lūna
इला करते हैं مِن from min
from نِّسَآئِهِمْ अपनी औरतों से nisāihim
अपनी औरतों से تَرَبُّصُ इन्तिज़ार करना है tarabbuṣu
इन्तिज़ार करना है أَرْبَعَةِ चार arbaʿati
चार أَشْهُرٍۢ ۖ महीने ashhurin
महीने فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर فَآءُو वो रुजु कर लें fāū
वो रुजु कर लें فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ٢٢٦ (226)
(226)
उन लोगों के लिए जो يُؤْلُونَ इला करते हैं yu'lūna
इला करते हैं مِن from min
from نِّسَآئِهِمْ अपनी औरतों से nisāihim
अपनी औरतों से تَرَبُّصُ इन्तिज़ार करना है tarabbuṣu
इन्तिज़ार करना है أَرْبَعَةِ चार arbaʿati
चार أَشْهُرٍۢ ۖ महीने ashhurin
महीने فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर فَآءُو वो रुजु कर लें fāū
वो रुजु कर लें فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ٢٢٦ (226)
(226)
उन लोगों के लिए जो अपनी पत्नियों से (संभोग न करने की) क़सम खा लेते हैं, चार महीने प्रतीक्षा करना है। फिर1 यदि वे (इस बीच) अपनी क़सम से फिर जाएँ, तो निःसंदेह अल्लाह अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।
२:२२७
وَإِنْ
और अगर
wa-in
और अगर عَزَمُوا۟ वो अज़म कर लें ʿazamū
वो अज़म कर लें ٱلطَّلَـٰقَ तलाक़ का l-ṭalāqa
तलाक़ का فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह سَمِيعٌ ख़ूब सुनने वाला है samīʿun
ख़ूब सुनने वाला है عَلِيمٌۭ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٢٢٧ (227)
(227)
और अगर عَزَمُوا۟ वो अज़म कर लें ʿazamū
वो अज़म कर लें ٱلطَّلَـٰقَ तलाक़ का l-ṭalāqa
तलाक़ का فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह سَمِيعٌ ख़ूब सुनने वाला है samīʿun
ख़ूब सुनने वाला है عَلِيمٌۭ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٢٢٧ (227)
(227)
और यदि वे तलाक़ का पक्का इरादा कर लें, तो निःसंदेह अल्लाह सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।
२:२२८
وَٱلْمُطَلَّقَـٰتُ
और जो तलाक़ याफ़्ता औरतें हैं
wal-muṭalaqātu
और जो तलाक़ याफ़्ता औरतें हैं يَتَرَبَّصْنَ वो इन्तिज़ार में रखें yatarabbaṣna
वो इन्तिज़ार में रखें بِأَنفُسِهِنَّ अपने आपको bi-anfusihinna
अपने आपको ثَلَـٰثَةَ तीन thalāthata
तीन قُرُوٓءٍۢ ۚ हैज़ / तोहर qurūin
हैज़ / तोहर وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَحِلُّ हलाल yaḥillu
हलाल لَهُنَّ उनके लिए lahunna
उनके लिए أَن कि an
कि يَكْتُمْنَ वो छुपाऐं yaktum'na
वो छुपाऐं مَا जो mā
जो خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने فِىٓ in fī
in أَرْحَامِهِنَّ उनके रहमों में arḥāmihinna
उनके रहमों में إِن अगर in
अगर كُنَّ हैं वो kunna
हैं वो يُؤْمِنَّ वो ईमान रखतीं yu'minna
वो ईमान रखतीं بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَٱلْيَوْمِ and the Day wal-yawmi
and the Day ٱلْـَٔاخِرِ ۚ और आख़िरी दिन पर l-ākhiri
और आख़िरी दिन पर وَبُعُولَتُهُنَّ और शौहर उनके wabuʿūlatuhunna
और शौहर उनके أَحَقُّ ज़्यादा हक़दार हैं aḥaqqu
ज़्यादा हक़दार हैं بِرَدِّهِنَّ उनको लौटाने के biraddihinna
उनको लौटाने के فِى in fī
in ذَٰلِكَ उसमें dhālika
उसमें إِنْ अगर in
अगर أَرَادُوٓا۟ वो इरादा करें arādū
वो इरादा करें إِصْلَـٰحًۭا ۚ इस्लाह का iṣ'lāḥan
इस्लाह का وَلَهُنَّ और उनके लिए है walahunna
और उनके लिए है مِثْلُ मानिन्द mith'lu
मानिन्द ٱلَّذِى उसके जो alladhī
उसके जो عَلَيْهِنَّ उनके ज़िम्मा है ʿalayhinna
उनके ज़िम्मा है بِٱلْمَعْرُوفِ ۚ साथ मारूफ़ तरीक़े के bil-maʿrūfi
साथ मारूफ़ तरीक़े के وَلِلرِّجَالِ और मर्दों के लिए walilrrijāli
और मर्दों के लिए عَلَيْهِنَّ उन (औरतों) पर ʿalayhinna
उन (औरतों) पर دَرَجَةٌۭ ۗ एक दर्जा है darajatun
एक दर्जा है وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَزِيزٌ बहुत ज़बरदस्त है ʿazīzun
बहुत ज़बरदस्त है حَكِيمٌ बहुत हिकमत वाला है ḥakīmun
बहुत हिकमत वाला है ٢٢٨ (228)
(228)
और जो तलाक़ याफ़्ता औरतें हैं يَتَرَبَّصْنَ वो इन्तिज़ार में रखें yatarabbaṣna
वो इन्तिज़ार में रखें بِأَنفُسِهِنَّ अपने आपको bi-anfusihinna
अपने आपको ثَلَـٰثَةَ तीन thalāthata
तीन قُرُوٓءٍۢ ۚ हैज़ / तोहर qurūin
हैज़ / तोहर وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَحِلُّ हलाल yaḥillu
हलाल لَهُنَّ उनके लिए lahunna
उनके लिए أَن कि an
कि يَكْتُمْنَ वो छुपाऐं yaktum'na
वो छुपाऐं مَا जो mā
जो خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने فِىٓ in fī
in أَرْحَامِهِنَّ उनके रहमों में arḥāmihinna
उनके रहमों में إِن अगर in
अगर كُنَّ हैं वो kunna
हैं वो يُؤْمِنَّ वो ईमान रखतीं yu'minna
वो ईमान रखतीं بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَٱلْيَوْمِ and the Day wal-yawmi
and the Day ٱلْـَٔاخِرِ ۚ और आख़िरी दिन पर l-ākhiri
और आख़िरी दिन पर وَبُعُولَتُهُنَّ और शौहर उनके wabuʿūlatuhunna
और शौहर उनके أَحَقُّ ज़्यादा हक़दार हैं aḥaqqu
ज़्यादा हक़दार हैं بِرَدِّهِنَّ उनको लौटाने के biraddihinna
उनको लौटाने के فِى in fī
in ذَٰلِكَ उसमें dhālika
उसमें إِنْ अगर in
अगर أَرَادُوٓا۟ वो इरादा करें arādū
वो इरादा करें إِصْلَـٰحًۭا ۚ इस्लाह का iṣ'lāḥan
इस्लाह का وَلَهُنَّ और उनके लिए है walahunna
और उनके लिए है مِثْلُ मानिन्द mith'lu
मानिन्द ٱلَّذِى उसके जो alladhī
उसके जो عَلَيْهِنَّ उनके ज़िम्मा है ʿalayhinna
उनके ज़िम्मा है بِٱلْمَعْرُوفِ ۚ साथ मारूफ़ तरीक़े के bil-maʿrūfi
साथ मारूफ़ तरीक़े के وَلِلرِّجَالِ और मर्दों के लिए walilrrijāli
और मर्दों के लिए عَلَيْهِنَّ उन (औरतों) पर ʿalayhinna
उन (औरतों) पर دَرَجَةٌۭ ۗ एक दर्जा है darajatun
एक दर्जा है وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَزِيزٌ बहुत ज़बरदस्त है ʿazīzun
बहुत ज़बरदस्त है حَكِيمٌ बहुत हिकमत वाला है ḥakīmun
बहुत हिकमत वाला है ٢٢٨ (228)
(228)
तथा जिन स्त्रियों को तलाक़ दे दी गई है, वे तीन बार मासिक धर्म आने तक अपने आपको (विवाह से) प्रतीक्षा में रखें। और उनके लिए ह़लाल (वैध) नहीं कि वह चीज़ छिपाएँ जो अल्लाह ने उनके गर्भाशयों में पैदा1 की है, यदि वे अल्लाह तथा अंतिम दिन पर ईमान रखती हैं। तथा उनके पति इस अवधि में उन्हें वापस लौटाने के अधिक हक़दार2 हैं, यदि वे मामला ठीक रखने3 का इरादा रखते हों। तथा परंपरा के अनुसार उन (स्त्रियों)4 के लिए उसी तरह अधिकार (हक़) है, जैसे उनके ऊपर (पुरुषों का) अधिकार है। तथा पुरुषों को उन (स्त्रियों) पर एक दर्जा प्राप्त है और अल्लाह सब पर प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
२:२२९
ٱلطَّلَـٰقُ
तलाक़
al-ṭalāqu
तलाक़ مَرَّتَانِ ۖ दो बार है marratāni
दो बार है فَإِمْسَاكٌۢ फिर रोक लेना है fa-im'sākun
फिर रोक लेना है بِمَعْرُوفٍ साथ भले तरीक़े के bimaʿrūfin
साथ भले तरीक़े के أَوْ या aw
या تَسْرِيحٌۢ रुख़्सत कर देना है tasrīḥun
रुख़्सत कर देना है بِإِحْسَـٰنٍۢ ۗ साथ एहसान के bi-iḥ'sānin
साथ एहसान के وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَحِلُّ हलाल हो सकता yaḥillu
हलाल हो सकता لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए أَن कि an
कि تَأْخُذُوا۟ तुम ले लो takhudhū
तुम ले लो مِمَّآ उसमें से जो mimmā
उसमें से जो ءَاتَيْتُمُوهُنَّ दे दिया है तुमने उन्हें ātaytumūhunna
दे दिया है तुमने उन्हें شَيْـًٔا कुछ भी shayan
कुछ भी إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि يَخَافَآ वो दोनों डरें yakhāfā
वो दोनों डरें أَلَّا कि ना allā
कि ना يُقِيمَا वो दोनों क़ायम रख सकेंगे yuqīmā
वो दोनों क़ायम रख सकेंगे حُدُودَ हुदूद को ḥudūda
हुदूद को ٱللَّهِ ۖ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की فَإِنْ फिर अगर fa-in
फिर अगर خِفْتُمْ ख़ौफ़ खाओ तुम khif'tum
ख़ौफ़ खाओ तुम أَلَّا कि ना allā
कि ना يُقِيمَا वो दोनों क़ायम रख सकेंगे yuqīmā
वो दोनों क़ायम रख सकेंगे حُدُودَ हुदूद को ḥudūda
हुदूद को ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं جُنَاحَ कोई गुनाह junāḥa
कोई गुनाह عَلَيْهِمَا उन दोनो पर ʿalayhimā
उन दोनो पर فِيمَا उस (चीज़) में जो fīmā
उस (चीज़) में जो ٱفْتَدَتْ वो औरत फ़िदया दे दे if'tadat
वो औरत फ़िदया दे दे بِهِۦ ۗ साथ उस (माल) के bihi
साथ उस (माल) के تِلْكَ ये til'ka
ये حُدُودُ हुदूद हैं ḥudūdu
हुदूद हैं ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की فَلَا तो ना falā
तो ना تَعْتَدُوهَا ۚ तुम तजावुज़ करना उनसे taʿtadūhā
तुम तजावुज़ करना उनसे وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَتَعَدَّ तजावुज़ करेगा yataʿadda
तजावुज़ करेगा حُدُودَ हुदूद से ḥudūda
हुदूद से ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلظَّـٰلِمُونَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimūna
जो ज़ालिम हैं ٢٢٩ (229)
(229)
तलाक़ مَرَّتَانِ ۖ दो बार है marratāni
दो बार है فَإِمْسَاكٌۢ फिर रोक लेना है fa-im'sākun
फिर रोक लेना है بِمَعْرُوفٍ साथ भले तरीक़े के bimaʿrūfin
साथ भले तरीक़े के أَوْ या aw
या تَسْرِيحٌۢ रुख़्सत कर देना है tasrīḥun
रुख़्सत कर देना है بِإِحْسَـٰنٍۢ ۗ साथ एहसान के bi-iḥ'sānin
साथ एहसान के وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَحِلُّ हलाल हो सकता yaḥillu
हलाल हो सकता لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए أَن कि an
कि تَأْخُذُوا۟ तुम ले लो takhudhū
तुम ले लो مِمَّآ उसमें से जो mimmā
उसमें से जो ءَاتَيْتُمُوهُنَّ दे दिया है तुमने उन्हें ātaytumūhunna
दे दिया है तुमने उन्हें شَيْـًٔا कुछ भी shayan
कुछ भी إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि يَخَافَآ वो दोनों डरें yakhāfā
वो दोनों डरें أَلَّا कि ना allā
कि ना يُقِيمَا वो दोनों क़ायम रख सकेंगे yuqīmā
वो दोनों क़ायम रख सकेंगे حُدُودَ हुदूद को ḥudūda
हुदूद को ٱللَّهِ ۖ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की فَإِنْ फिर अगर fa-in
फिर अगर خِفْتُمْ ख़ौफ़ खाओ तुम khif'tum
ख़ौफ़ खाओ तुम أَلَّا कि ना allā
कि ना يُقِيمَا वो दोनों क़ायम रख सकेंगे yuqīmā
वो दोनों क़ायम रख सकेंगे حُدُودَ हुदूद को ḥudūda
हुदूद को ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं جُنَاحَ कोई गुनाह junāḥa
कोई गुनाह عَلَيْهِمَا उन दोनो पर ʿalayhimā
उन दोनो पर فِيمَا उस (चीज़) में जो fīmā
उस (चीज़) में जो ٱفْتَدَتْ वो औरत फ़िदया दे दे if'tadat
वो औरत फ़िदया दे दे بِهِۦ ۗ साथ उस (माल) के bihi
साथ उस (माल) के تِلْكَ ये til'ka
ये حُدُودُ हुदूद हैं ḥudūdu
हुदूद हैं ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की فَلَا तो ना falā
तो ना تَعْتَدُوهَا ۚ तुम तजावुज़ करना उनसे taʿtadūhā
तुम तजावुज़ करना उनसे وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَتَعَدَّ तजावुज़ करेगा yataʿadda
तजावुज़ करेगा حُدُودَ हुदूद से ḥudūda
हुदूद से ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلظَّـٰلِمُونَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimūna
जो ज़ालिम हैं ٢٢٩ (229)
(229)
यह तलाक़ दो बार है। फिर या तो अच्छे तरीक़े से रख लेना है, या नेकी के साथ छोड़ देना है। और तुम्हारे लिए ह़लाल (वैध) नहीं कि उसमें से जो तुमने उन्हें दिया है, कुछ भी लो, सिवाय इसके कि उन दोनों को इस बात का डर हो कि वे अल्लाह की सीमाओं को क़ायम न रख सकेंगे। फिर यदि तुम्हें भय1 हो कि वे दोनों (पति-पत्नी) अल्लाह की सीमाओं को क़ायम न रख सकेंगे, तो उन दोनों पर उसमें कोई दोष (पाप) नहीं जो पत्नी अपनी जान छुड़ाने2 के बदले में दे दे। ये अल्लाह की सीमाएँ हैं, अतः इनसे आगे मत बढ़ो और जो अल्लाह की सीमाओं से आगे बढ़ेगा, तो यही लोग अत्याचारी हैं।
२:२३०
فَإِن
फिर अगर
fa-in
फिर अगर طَلَّقَهَا वो तलाक़ दे दे उसे ṭallaqahā
वो तलाक़ दे दे उसे فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं تَحِلُّ वो हलाल हो सकती taḥillu
वो हलाल हो सकती لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए مِنۢ from min
from بَعْدُ बाद इसके baʿdu
बाद इसके حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि تَنكِحَ वो निकाह कर ले tankiḥa
वो निकाह कर ले زَوْجًا शौहर से zawjan
शौहर से غَيْرَهُۥ ۗ उसके अलावा ghayrahu
उसके अलावा فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर طَلَّقَهَا वो तलाक़ दे दे उसे ṭallaqahā
वो तलाक़ दे दे उसे فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं جُنَاحَ कोई गुनाह junāḥa
कोई गुनाह عَلَيْهِمَآ उन दोनों पर ʿalayhimā
उन दोनों पर أَن ये कि an
ये कि يَتَرَاجَعَآ वो बाहम रुजू कर लें yatarājaʿā
वो बाहम रुजू कर लें إِن अगर in
अगर ظَنَّآ वो दोनों समझें ẓannā
वो दोनों समझें أَن कि an
कि يُقِيمَا वो दोनों क़ायम रखेंगे yuqīmā
वो दोनों क़ायम रखेंगे حُدُودَ हुदूद को ḥudūda
हुदूद को ٱللَّهِ ۗ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की وَتِلْكَ और ये watil'ka
और ये حُدُودُ हुदूद हैं ḥudūdu
हुदूद हैं ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की يُبَيِّنُهَا वो वाज़ेह करता है उन्हें yubayyinuhā
वो वाज़ेह करता है उन्हें لِقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يَعْلَمُونَ जो इल्म रखते हैं yaʿlamūna
जो इल्म रखते हैं ٢٣٠ (230)
(230)
फिर अगर طَلَّقَهَا वो तलाक़ दे दे उसे ṭallaqahā
वो तलाक़ दे दे उसे فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं تَحِلُّ वो हलाल हो सकती taḥillu
वो हलाल हो सकती لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए مِنۢ from min
from بَعْدُ बाद इसके baʿdu
बाद इसके حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि تَنكِحَ वो निकाह कर ले tankiḥa
वो निकाह कर ले زَوْجًا शौहर से zawjan
शौहर से غَيْرَهُۥ ۗ उसके अलावा ghayrahu
उसके अलावा فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर طَلَّقَهَا वो तलाक़ दे दे उसे ṭallaqahā
वो तलाक़ दे दे उसे فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं جُنَاحَ कोई गुनाह junāḥa
कोई गुनाह عَلَيْهِمَآ उन दोनों पर ʿalayhimā
उन दोनों पर أَن ये कि an
ये कि يَتَرَاجَعَآ वो बाहम रुजू कर लें yatarājaʿā
वो बाहम रुजू कर लें إِن अगर in
अगर ظَنَّآ वो दोनों समझें ẓannā
वो दोनों समझें أَن कि an
कि يُقِيمَا वो दोनों क़ायम रखेंगे yuqīmā
वो दोनों क़ायम रखेंगे حُدُودَ हुदूद को ḥudūda
हुदूद को ٱللَّهِ ۗ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की وَتِلْكَ और ये watil'ka
और ये حُدُودُ हुदूद हैं ḥudūdu
हुदूद हैं ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की يُبَيِّنُهَا वो वाज़ेह करता है उन्हें yubayyinuhā
वो वाज़ेह करता है उन्हें لِقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يَعْلَمُونَ जो इल्म रखते हैं yaʿlamūna
जो इल्म रखते हैं ٢٣٠ (230)
(230)
फिर यदि वह उसे (तीसरी) तलाक़ दे दे, तो उसके बाद वह उसके लिए ह़लाल (वैध) नहीं होगी, यहाँ तक कि उसके अलावा किसी अन्य पति से विवाह करे। फिर यदि वह उसे तलाक़ दे दे, तो (पहले) दोनों पर कोई पाप नहीं कि दोनों आपस में रुजू' (दोबारा मिलाप) कर लें, यदि वे दोनों समझें कि अल्लाह की सीमाओं को क़ायम रखेंगे।1 और ये अल्लाह की सीमाएँ हैं, वह उन्हें उन लोगों के लिए खोलकर बयान करता है, जो ज्ञान रखते हैं।
२:२३१
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब طَلَّقْتُمُ तुम तलाक़ दे दो ṭallaqtumu
तुम तलाक़ दे दो ٱلنِّسَآءَ औरतों को l-nisāa
औरतों को فَبَلَغْنَ फिर वो पहुँचें fabalaghna
फिर वो पहुँचें أَجَلَهُنَّ अपनी मुद्दत को ajalahunna
अपनी मुद्दत को فَأَمْسِكُوهُنَّ तो रोक लो उन्हें fa-amsikūhunna
तो रोक लो उन्हें بِمَعْرُوفٍ साथ भले तरीक़े के bimaʿrūfin
साथ भले तरीक़े के أَوْ या aw
या سَرِّحُوهُنَّ रुख़्सत कर दो उन्हें sarriḥūhunna
रुख़्सत कर दो उन्हें بِمَعْرُوفٍۢ ۚ साथ भले तरीक़े के bimaʿrūfin
साथ भले तरीक़े के وَلَا और ना walā
और ना تُمْسِكُوهُنَّ तुम रोके रखो उन्हें tum'sikūhunna
तुम रोके रखो उन्हें ضِرَارًۭا तकलीफ़ देने के लिए ḍirāran
तकलीफ़ देने के लिए لِّتَعْتَدُوا۟ ۚ ताकि तुम ज़्यादती करो litaʿtadū
ताकि तुम ज़्यादती करो وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَفْعَلْ करेगा yafʿal
करेगा ذَٰلِكَ ऐसा dhālika
ऐसा فَقَدْ तो तहक़ीक faqad
तो तहक़ीक ظَلَمَ उसने ज़ुल्म किया ẓalama
उसने ज़ुल्म किया نَفْسَهُۥ ۚ अपने नफ़्स पर nafsahu
अपने नफ़्स पर وَلَا और ना walā
और ना تَتَّخِذُوٓا۟ तुम बनाओ tattakhidhū
तुम बनाओ ءَايَـٰتِ (the) Verses āyāti
(the) Verses ٱللَّهِ अल्लाह की आयात को l-lahi
अल्लाह की आयात को هُزُوًۭا ۚ मज़ाक़ huzuwan
मज़ाक़ وَٱذْكُرُوا۟ और याद करो wa-udh'kurū
और याद करो نِعْمَتَ नेअमत niʿ'mata
नेअमत ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की عَلَيْكُمْ जो तुम पर है ʿalaykum
जो तुम पर है وَمَآ और जो wamā
और जो أَنزَلَ उसने नाज़िल किया anzala
उसने नाज़िल किया عَلَيْكُم तुम पर ʿalaykum
तुम पर مِّنَ of mina
of ٱلْكِتَـٰبِ किताब से l-kitābi
किताब से وَٱلْحِكْمَةِ और हिकमत से wal-ḥik'mati
और हिकमत से يَعِظُكُم वो नसीहत करता है तुम्हें yaʿiẓukum
वो नसीहत करता है तुम्हें بِهِۦ ۚ साथ उसके bihi
साथ उसके وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَٱعْلَمُوٓا۟ और जान लो wa-iʿ'lamū
और जान लो أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह بِكُلِّ हर bikulli
हर شَىْءٍ चीज़ को shayin
चीज़ को عَلِيمٌۭ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٢٣١ (231)
(231)
और जब طَلَّقْتُمُ तुम तलाक़ दे दो ṭallaqtumu
तुम तलाक़ दे दो ٱلنِّسَآءَ औरतों को l-nisāa
औरतों को فَبَلَغْنَ फिर वो पहुँचें fabalaghna
फिर वो पहुँचें أَجَلَهُنَّ अपनी मुद्दत को ajalahunna
अपनी मुद्दत को فَأَمْسِكُوهُنَّ तो रोक लो उन्हें fa-amsikūhunna
तो रोक लो उन्हें بِمَعْرُوفٍ साथ भले तरीक़े के bimaʿrūfin
साथ भले तरीक़े के أَوْ या aw
या سَرِّحُوهُنَّ रुख़्सत कर दो उन्हें sarriḥūhunna
रुख़्सत कर दो उन्हें بِمَعْرُوفٍۢ ۚ साथ भले तरीक़े के bimaʿrūfin
साथ भले तरीक़े के وَلَا और ना walā
और ना تُمْسِكُوهُنَّ तुम रोके रखो उन्हें tum'sikūhunna
तुम रोके रखो उन्हें ضِرَارًۭا तकलीफ़ देने के लिए ḍirāran
तकलीफ़ देने के लिए لِّتَعْتَدُوا۟ ۚ ताकि तुम ज़्यादती करो litaʿtadū
ताकि तुम ज़्यादती करो وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَفْعَلْ करेगा yafʿal
करेगा ذَٰلِكَ ऐसा dhālika
ऐसा فَقَدْ तो तहक़ीक faqad
तो तहक़ीक ظَلَمَ उसने ज़ुल्म किया ẓalama
उसने ज़ुल्म किया نَفْسَهُۥ ۚ अपने नफ़्स पर nafsahu
अपने नफ़्स पर وَلَا और ना walā
और ना تَتَّخِذُوٓا۟ तुम बनाओ tattakhidhū
तुम बनाओ ءَايَـٰتِ (the) Verses āyāti
(the) Verses ٱللَّهِ अल्लाह की आयात को l-lahi
अल्लाह की आयात को هُزُوًۭا ۚ मज़ाक़ huzuwan
मज़ाक़ وَٱذْكُرُوا۟ और याद करो wa-udh'kurū
और याद करो نِعْمَتَ नेअमत niʿ'mata
नेअमत ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की عَلَيْكُمْ जो तुम पर है ʿalaykum
जो तुम पर है وَمَآ और जो wamā
और जो أَنزَلَ उसने नाज़िल किया anzala
उसने नाज़िल किया عَلَيْكُم तुम पर ʿalaykum
तुम पर مِّنَ of mina
of ٱلْكِتَـٰبِ किताब से l-kitābi
किताब से وَٱلْحِكْمَةِ और हिकमत से wal-ḥik'mati
और हिकमत से يَعِظُكُم वो नसीहत करता है तुम्हें yaʿiẓukum
वो नसीहत करता है तुम्हें بِهِۦ ۚ साथ उसके bihi
साथ उसके وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَٱعْلَمُوٓا۟ और जान लो wa-iʿ'lamū
और जान लो أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह بِكُلِّ हर bikulli
हर شَىْءٍ चीज़ को shayin
चीज़ को عَلِيمٌۭ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٢٣١ (231)
(231)
और जब तुम स्त्रियों को तलाक़ दे दो, फिर वे अपनी इद्दत (निश्चित अवधि) को पहुँच जाएँ, तो उन्हें भले तरीक़े से रख लो अथवा उन्हें भले तरीक़े से छोड़ दो। तथा उन्हें हानि पहुँचाने के लिए न रोके रखो, ताकि उनपर अत्याचार करो। और जो कोई ऐसा करे, तो निःसंदेह उसने स्वयं अपने आपपर अत्याचार किया। तथा अल्लाह की आयतों को मज़ाक़ न बनाओ। और अपने ऊपर अल्लाह की नेमत को याद करो तथा उसको भी (याद करो) जो उसने पुस्तक (क़ुरआन) एवं ह़िकमत (सुन्नत) में से तुमपर उतारा है, वह तुम्हें उसके साथ उपदेश देता है। तथा अल्लाह से डरो और जान लो कि अल्लाह हर चीज़ को ख़ूब जानने वाला है।1
२:२३२
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब طَلَّقْتُمُ तलाक़ दे दो तुम ṭallaqtumu
तलाक़ दे दो तुम ٱلنِّسَآءَ औरतों को l-nisāa
औरतों को فَبَلَغْنَ फिर वो पहुँचें fabalaghna
फिर वो पहुँचें أَجَلَهُنَّ अपनी मुद्दत को ajalahunna
अपनी मुद्दत को فَلَا तो ना falā
तो ना تَعْضُلُوهُنَّ तुम रोको उन्हें taʿḍulūhunna
तुम रोको उन्हें أَن कि an
कि يَنكِحْنَ वो निकाह कर लें yankiḥ'na
वो निकाह कर लें أَزْوَٰجَهُنَّ अपने शौहरों से azwājahunna
अपने शौहरों से إِذَا जब idhā
जब تَرَٰضَوْا۟ वो बाहम रज़ामंद हो जाऐं tarāḍaw
वो बाहम रज़ामंद हो जाऐं بَيْنَهُم आपस में baynahum
आपस में بِٱلْمَعْرُوفِ ۗ भले तरीक़े से bil-maʿrūfi
भले तरीक़े से ذَٰلِكَ ये (बात) dhālika
ये (बात) يُوعَظُ नसीहत की जाती है yūʿaẓu
नसीहत की जाती है بِهِۦ साथ इसके bihi
साथ इसके مَن उसको जो man
उसको जो كَانَ हो kāna
हो مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से يُؤْمِنُ ईमान रखता yu'minu
ईमान रखता بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَٱلْيَوْمِ and the Day wal-yawmi
and the Day ٱلْـَٔاخِرِ ۗ और आख़िरी दिन पर l-ākhiri
और आख़िरी दिन पर ذَٰلِكُمْ ये (बात) dhālikum
ये (बात) أَزْكَىٰ ज़्यादा पाकीज़ा है azkā
ज़्यादा पाकीज़ा है لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَأَطْهَرُ ۗ और ज़्यादा पाक है wa-aṭharu
और ज़्यादा पाक है وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يَعْلَمُ जानता है yaʿlamu
जानता है وَأَنتُمْ और तुम wa-antum
और तुम لَا (do) not lā
(do) not تَعْلَمُونَ नहीं तुम जानते taʿlamūna
नहीं तुम जानते ٢٣٢ (232)
(232)
और जब طَلَّقْتُمُ तलाक़ दे दो तुम ṭallaqtumu
तलाक़ दे दो तुम ٱلنِّسَآءَ औरतों को l-nisāa
औरतों को فَبَلَغْنَ फिर वो पहुँचें fabalaghna
फिर वो पहुँचें أَجَلَهُنَّ अपनी मुद्दत को ajalahunna
अपनी मुद्दत को فَلَا तो ना falā
तो ना تَعْضُلُوهُنَّ तुम रोको उन्हें taʿḍulūhunna
तुम रोको उन्हें أَن कि an
कि يَنكِحْنَ वो निकाह कर लें yankiḥ'na
वो निकाह कर लें أَزْوَٰجَهُنَّ अपने शौहरों से azwājahunna
अपने शौहरों से إِذَا जब idhā
जब تَرَٰضَوْا۟ वो बाहम रज़ामंद हो जाऐं tarāḍaw
वो बाहम रज़ामंद हो जाऐं بَيْنَهُم आपस में baynahum
आपस में بِٱلْمَعْرُوفِ ۗ भले तरीक़े से bil-maʿrūfi
भले तरीक़े से ذَٰلِكَ ये (बात) dhālika
ये (बात) يُوعَظُ नसीहत की जाती है yūʿaẓu
नसीहत की जाती है بِهِۦ साथ इसके bihi
साथ इसके مَن उसको जो man
उसको जो كَانَ हो kāna
हो مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से يُؤْمِنُ ईमान रखता yu'minu
ईमान रखता بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَٱلْيَوْمِ and the Day wal-yawmi
and the Day ٱلْـَٔاخِرِ ۗ और आख़िरी दिन पर l-ākhiri
और आख़िरी दिन पर ذَٰلِكُمْ ये (बात) dhālikum
ये (बात) أَزْكَىٰ ज़्यादा पाकीज़ा है azkā
ज़्यादा पाकीज़ा है لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَأَطْهَرُ ۗ और ज़्यादा पाक है wa-aṭharu
और ज़्यादा पाक है وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يَعْلَمُ जानता है yaʿlamu
जानता है وَأَنتُمْ और तुम wa-antum
और तुम لَا (do) not lā
(do) not تَعْلَمُونَ नहीं तुम जानते taʿlamūna
नहीं तुम जानते ٢٣٢ (232)
(232)
और जब तुम स्त्रियों को तलाक़ दो, फिर वे अपनी निश्चित अवधि (इद्दत) को पहुँच जाएँ, तो उन्हें अपने पतियों से विवाह करने से न रोको, जबकि वे भले तरीक़े से आपस में विवाह करने पर सहमत हो जाएँ। यह बात है जिसका उपदेश तुममें से उसे दिया जा रहा है, जो अल्लाह तथा अंतिम दिन (प्रलय) पर ईमान रखता है। यह तुम्हारे लिए अधिक स्वच्छ तथा अधिक पवित्र है और अल्लाह जानता है और तुम नहीं जानते।
२:२३३
۞ وَٱلْوَٰلِدَٰتُ
और माँऐं
wal-wālidātu
और माँऐं يُرْضِعْنَ दूध पिलाऐं yur'ḍiʿ'na
दूध पिलाऐं أَوْلَـٰدَهُنَّ अपनी औलाद को awlādahunna
अपनी औलाद को حَوْلَيْنِ दो साल ḥawlayni
दो साल كَامِلَيْنِ ۖ मुकम्मल kāmilayni
मुकम्मल لِمَنْ उसके लिए जो liman
उसके लिए जो أَرَادَ इरादा करे arāda
इरादा करे أَن कि an
कि يُتِمَّ वो पूरा करे yutimma
वो पूरा करे ٱلرَّضَاعَةَ ۚ रज़ाअत की मुद्दत l-raḍāʿata
रज़ाअत की मुद्दत وَعَلَى और ऊपर waʿalā
और ऊपर ٱلْمَوْلُودِ the father l-mawlūdi
the father لَهُۥ उस (वालिद) के बच्चा है जिसका lahu
उस (वालिद) के बच्चा है जिसका رِزْقُهُنَّ ख़ुराक है उन औरतों की riz'quhunna
ख़ुराक है उन औरतों की وَكِسْوَتُهُنَّ और लिबास है उन औरतों का wakis'watuhunna
और लिबास है उन औरतों का بِٱلْمَعْرُوفِ ۚ भले तरीक़े से bil-maʿrūfi
भले तरीक़े से لَا Not lā
Not تُكَلَّفُ ना तकलीफ़ दिया जाए tukallafu
ना तकलीफ़ दिया जाए نَفْسٌ कोई नफ़्स nafsun
कोई नफ़्स إِلَّا मगर illā
मगर وُسْعَهَا ۚ उसकी वुसअत के मुताबिक़ wus'ʿahā
उसकी वुसअत के मुताबिक़ لَا Not lā
Not تُضَآرَّ ना नुक़सान पहुँचाया जाए tuḍārra
ना नुक़सान पहुँचाया जाए وَٰلِدَةٌۢ वालिदा को wālidatun
वालिदा को بِوَلَدِهَا उसके बच्चे की वजह से biwaladihā
उसके बच्चे की वजह से وَلَا और ना walā
और ना مَوْلُودٌۭ (the) father mawlūdun
(the) father لَّهُۥ वालिद को lahu
वालिद को بِوَلَدِهِۦ ۚ उसके बच्चे की वजह से biwaladihi
उसके बच्चे की वजह से وَعَلَى और ऊपर waʿalā
और ऊपर ٱلْوَارِثِ वारिस के है l-wārithi
वारिस के है مِثْلُ मिसल mith'lu
मिसल ذَٰلِكَ ۗ उसी के dhālika
उसी के فَإِنْ फिर अगर fa-in
फिर अगर أَرَادَا वो दोनों इरादा कर लें arādā
वो दोनों इरादा कर लें فِصَالًا दूध छुड़ाने का fiṣālan
दूध छुड़ाने का عَن through ʿan
through تَرَاضٍۢ बाहम रज़ामंदी से tarāḍin
बाहम रज़ामंदी से مِّنْهُمَا उन दोनों की min'humā
उन दोनों की وَتَشَاوُرٍۢ और बाहम मशवरे से watashāwurin
और बाहम मशवरे से فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं جُنَاحَ कोई गुनाह junāḥa
कोई गुनाह عَلَيْهِمَا ۗ उन दोनों पर ʿalayhimā
उन दोनों पर وَإِنْ और अगर wa-in
और अगर أَرَدتُّمْ इरादा करो तुम aradttum
इरादा करो तुम أَن कि an
कि تَسْتَرْضِعُوٓا۟ तुम दूध पिलवाओ tastarḍiʿū
तुम दूध पिलवाओ أَوْلَـٰدَكُمْ अपनी औलाद को awlādakum
अपनी औलाद को فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं جُنَاحَ कोई गुनाह junāḥa
कोई गुनाह عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर إِذَا जब idhā
जब سَلَّمْتُم सुपुर्द कर दो तुम sallamtum
सुपुर्द कर दो तुम مَّآ जो mā
जो ءَاتَيْتُم देना था तुमने ātaytum
देना था तुमने بِٱلْمَعْرُوفِ ۗ मारूफ़ तरीक़े से bil-maʿrūfi
मारूफ़ तरीक़े से وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَٱعْلَمُوٓا۟ और जान लो wa-iʿ'lamū
और जान लो أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह بِمَا उसे जो bimā
उसे जो تَعْمَلُونَ तुम करते हो taʿmalūna
तुम करते हो بَصِيرٌۭ ख़ूब देखने वाला है baṣīrun
ख़ूब देखने वाला है ٢٣٣ (233)
(233)
और माँऐं يُرْضِعْنَ दूध पिलाऐं yur'ḍiʿ'na
दूध पिलाऐं أَوْلَـٰدَهُنَّ अपनी औलाद को awlādahunna
अपनी औलाद को حَوْلَيْنِ दो साल ḥawlayni
दो साल كَامِلَيْنِ ۖ मुकम्मल kāmilayni
मुकम्मल لِمَنْ उसके लिए जो liman
उसके लिए जो أَرَادَ इरादा करे arāda
इरादा करे أَن कि an
कि يُتِمَّ वो पूरा करे yutimma
वो पूरा करे ٱلرَّضَاعَةَ ۚ रज़ाअत की मुद्दत l-raḍāʿata
रज़ाअत की मुद्दत وَعَلَى और ऊपर waʿalā
और ऊपर ٱلْمَوْلُودِ the father l-mawlūdi
the father لَهُۥ उस (वालिद) के बच्चा है जिसका lahu
उस (वालिद) के बच्चा है जिसका رِزْقُهُنَّ ख़ुराक है उन औरतों की riz'quhunna
ख़ुराक है उन औरतों की وَكِسْوَتُهُنَّ और लिबास है उन औरतों का wakis'watuhunna
और लिबास है उन औरतों का بِٱلْمَعْرُوفِ ۚ भले तरीक़े से bil-maʿrūfi
भले तरीक़े से لَا Not lā
Not تُكَلَّفُ ना तकलीफ़ दिया जाए tukallafu
ना तकलीफ़ दिया जाए نَفْسٌ कोई नफ़्स nafsun
कोई नफ़्स إِلَّا मगर illā
मगर وُسْعَهَا ۚ उसकी वुसअत के मुताबिक़ wus'ʿahā
उसकी वुसअत के मुताबिक़ لَا Not lā
Not تُضَآرَّ ना नुक़सान पहुँचाया जाए tuḍārra
ना नुक़सान पहुँचाया जाए وَٰلِدَةٌۢ वालिदा को wālidatun
वालिदा को بِوَلَدِهَا उसके बच्चे की वजह से biwaladihā
उसके बच्चे की वजह से وَلَا और ना walā
और ना مَوْلُودٌۭ (the) father mawlūdun
(the) father لَّهُۥ वालिद को lahu
वालिद को بِوَلَدِهِۦ ۚ उसके बच्चे की वजह से biwaladihi
उसके बच्चे की वजह से وَعَلَى और ऊपर waʿalā
और ऊपर ٱلْوَارِثِ वारिस के है l-wārithi
वारिस के है مِثْلُ मिसल mith'lu
मिसल ذَٰلِكَ ۗ उसी के dhālika
उसी के فَإِنْ फिर अगर fa-in
फिर अगर أَرَادَا वो दोनों इरादा कर लें arādā
वो दोनों इरादा कर लें فِصَالًا दूध छुड़ाने का fiṣālan
दूध छुड़ाने का عَن through ʿan
through تَرَاضٍۢ बाहम रज़ामंदी से tarāḍin
बाहम रज़ामंदी से مِّنْهُمَا उन दोनों की min'humā
उन दोनों की وَتَشَاوُرٍۢ और बाहम मशवरे से watashāwurin
और बाहम मशवरे से فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं جُنَاحَ कोई गुनाह junāḥa
कोई गुनाह عَلَيْهِمَا ۗ उन दोनों पर ʿalayhimā
उन दोनों पर وَإِنْ और अगर wa-in
और अगर أَرَدتُّمْ इरादा करो तुम aradttum
इरादा करो तुम أَن कि an
कि تَسْتَرْضِعُوٓا۟ तुम दूध पिलवाओ tastarḍiʿū
तुम दूध पिलवाओ أَوْلَـٰدَكُمْ अपनी औलाद को awlādakum
अपनी औलाद को فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं جُنَاحَ कोई गुनाह junāḥa
कोई गुनाह عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर إِذَا जब idhā
जब سَلَّمْتُم सुपुर्द कर दो तुम sallamtum
सुपुर्द कर दो तुम مَّآ जो mā
जो ءَاتَيْتُم देना था तुमने ātaytum
देना था तुमने بِٱلْمَعْرُوفِ ۗ मारूफ़ तरीक़े से bil-maʿrūfi
मारूफ़ तरीक़े से وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَٱعْلَمُوٓا۟ और जान लो wa-iʿ'lamū
और जान लो أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह بِمَا उसे जो bimā
उसे जो تَعْمَلُونَ तुम करते हो taʿmalūna
तुम करते हो بَصِيرٌۭ ख़ूब देखने वाला है baṣīrun
ख़ूब देखने वाला है ٢٣٣ (233)
(233)
और माताएँ अपने बच्चों को पूरे दो वर्ष दूध पिलाएँ, उसके लिए जो चाहे कि दूध पीने की अवधि पूरी करे। और बच्चे के पिता के ज़िम्मे परंपरा के अनुसार उन (औरतों) का खाना और उनका कपड़ा है। किसी पर उसकी शक्ति से अधिक बोझ नहीं डाला जाएगा; न माँ को उसके बच्चे के कारण हानि पहुँचाई जाए और न पिता को उसके बच्चे की वजह से। और इसी प्रकार की ज़िम्मेदारी (उसके) वारिस पर भी है। फिर यदि दोनों आपस की सहमति तथा परस्पर परामर्श से (दो वर्ष से पहले) दूध छुड़ाना चाहें, तो दोनों पर कोई पाप नहीं। और यदि तुम्हारा इरादा (किसी अन्य स्त्री से) दूध पिलवाने का हो, तो तुमपर कोई पाप नहीं, जब रीति के अनुसार वह भुगतान कर दो, जो तुमने देना तय किया था। तथा अल्लाह से डरो और जान लो कि तुम जो कुछ करते हो, निःसंदेह अल्लाह उसे देख रहा है।1
२:२३४
وَٱلَّذِينَ
और वो जो
wa-alladhīna
और वो जो يُتَوَفَّوْنَ फ़ौत कर लिए जाते हैं yutawaffawna
फ़ौत कर लिए जाते हैं مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से وَيَذَرُونَ और वो छोड़ जाते हैं wayadharūna
और वो छोड़ जाते हैं أَزْوَٰجًۭا बीवियाँ azwājan
बीवियाँ يَتَرَبَّصْنَ वो इन्तिज़ार में रखें yatarabbaṣna
वो इन्तिज़ार में रखें بِأَنفُسِهِنَّ अपने आपको bi-anfusihinna
अपने आपको أَرْبَعَةَ चार arbaʿata
चार أَشْهُرٍۢ महीने ashhurin
महीने وَعَشْرًۭا ۖ और दस (दिन) waʿashran
और दस (दिन) فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब بَلَغْنَ वो पहुँचें balaghna
वो पहुँचें أَجَلَهُنَّ अपनी इद्दत को ajalahunna
अपनी इद्दत को فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं جُنَاحَ कोई गुनाह junāḥa
कोई गुनाह عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर فِيمَا उस में जो fīmā
उस में जो فَعَلْنَ वो करें faʿalna
वो करें فِىٓ concerning fī
concerning أَنفُسِهِنَّ अपने नफ़्सों के बारे में anfusihinna
अपने नफ़्सों के बारे में بِٱلْمَعْرُوفِ ۗ मारूफ़ तरीक़े से bil-maʿrūfi
मारूफ़ तरीक़े से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह بِمَا उसकी जो bimā
उसकी जो تَعْمَلُونَ तुम करते हो taʿmalūna
तुम करते हो خَبِيرٌۭ ख़ूब ख़बर रखने वाला है khabīrun
ख़ूब ख़बर रखने वाला है ٢٣٤ (234)
(234)
और वो जो يُتَوَفَّوْنَ फ़ौत कर लिए जाते हैं yutawaffawna
फ़ौत कर लिए जाते हैं مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से وَيَذَرُونَ और वो छोड़ जाते हैं wayadharūna
और वो छोड़ जाते हैं أَزْوَٰجًۭا बीवियाँ azwājan
बीवियाँ يَتَرَبَّصْنَ वो इन्तिज़ार में रखें yatarabbaṣna
वो इन्तिज़ार में रखें بِأَنفُسِهِنَّ अपने आपको bi-anfusihinna
अपने आपको أَرْبَعَةَ चार arbaʿata
चार أَشْهُرٍۢ महीने ashhurin
महीने وَعَشْرًۭا ۖ और दस (दिन) waʿashran
और दस (दिन) فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब بَلَغْنَ वो पहुँचें balaghna
वो पहुँचें أَجَلَهُنَّ अपनी इद्दत को ajalahunna
अपनी इद्दत को فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं جُنَاحَ कोई गुनाह junāḥa
कोई गुनाह عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर فِيمَا उस में जो fīmā
उस में जो فَعَلْنَ वो करें faʿalna
वो करें فِىٓ concerning fī
concerning أَنفُسِهِنَّ अपने नफ़्सों के बारे में anfusihinna
अपने नफ़्सों के बारे में بِٱلْمَعْرُوفِ ۗ मारूफ़ तरीक़े से bil-maʿrūfi
मारूफ़ तरीक़े से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह بِمَا उसकी जो bimā
उसकी जो تَعْمَلُونَ तुम करते हो taʿmalūna
तुम करते हो خَبِيرٌۭ ख़ूब ख़बर रखने वाला है khabīrun
ख़ूब ख़बर रखने वाला है ٢٣٤ (234)
(234)
और जो लोग तुममें से मर जाएँ और पत्नियाँ छोड़ जाएँ, वे (पत्नियाँ) अपने आपको चार महीने और दस दिन प्रतीक्षा में रखें।1 फिर जब वे अपनी इद्दत (निर्धारित अवधि) को पहुँच जाएँ, तो तुमपर उसमें कोई पाप2 नहीं जो वे नियमानुसार अपने बारे में करें, तथा अल्लाह उससे जो कुछ तुम करते हो पूरी तरह अवगत है।
२:२३५
وَلَا
और नहीं
walā
और नहीं جُنَاحَ कोई गुनाह junāḥa
कोई गुनाह عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर فِيمَا उस में जो fīmā
उस में जो عَرَّضْتُم इशारा करो तुम ʿarraḍtum
इशारा करो तुम بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके مِنْ of min
of خِطْبَةِ पैग़ामे निकाह से khiṭ'bati
पैग़ामे निकाह से ٱلنِّسَآءِ औरतों के l-nisāi
औरतों के أَوْ या aw
या أَكْنَنتُمْ छुपाए रखो तुम aknantum
छुपाए रखो तुम فِىٓ in fī
in أَنفُسِكُمْ ۚ अपने नफ़्सों में anfusikum
अपने नफ़्सों में عَلِمَ जानता है ʿalima
जानता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَنَّكُمْ कि बेशक तुम annakum
कि बेशक तुम سَتَذْكُرُونَهُنَّ ज़रूर तुम ज़िक्र करोगे उनका satadhkurūnahunna
ज़रूर तुम ज़िक्र करोगे उनका وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन لَّا (do) not lā
(do) not تُوَاعِدُوهُنَّ ना तुम वादा लो उनसे tuwāʿidūhunna
ना तुम वादा लो उनसे سِرًّا छुप कर sirran
छुप कर إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि تَقُولُوا۟ तुम कहो taqūlū
तुम कहो قَوْلًۭا बात qawlan
बात مَّعْرُوفًۭا ۚ भली maʿrūfan
भली وَلَا और ना walā
और ना تَعْزِمُوا۟ तुम अज़म करो taʿzimū
तुम अज़म करो عُقْدَةَ अक़द का ʿuq'data
अक़द का ٱلنِّكَاحِ निकाह के l-nikāḥi
निकाह के حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَبْلُغَ पहुँच जाए yablugha
पहुँच जाए ٱلْكِتَـٰبُ मुक़र्रर मियाद l-kitābu
मुक़र्रर मियाद أَجَلَهُۥ ۚ अपनी मुद्दत को ajalahu
अपनी मुद्दत को وَٱعْلَمُوٓا۟ और जान लो wa-iʿ'lamū
और जान लो أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يَعْلَمُ जानता है yaʿlamu
जानता है مَا उसे जो mā
उसे जो فِىٓ (is) within fī
(is) within أَنفُسِكُمْ तुम्हारे नफ़्सों में है anfusikum
तुम्हारे नफ़्सों में है فَٱحْذَرُوهُ ۚ पस डरो उससे fa-iḥ'dharūhu
पस डरो उससे وَٱعْلَمُوٓا۟ और जान लो wa-iʿ'lamū
और जान लो أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह غَفُورٌ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है حَلِيمٌۭ बहुत बुर्दबार है ḥalīmun
बहुत बुर्दबार है ٢٣٥ (235)
(235)
और नहीं جُنَاحَ कोई गुनाह junāḥa
कोई गुनाह عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर فِيمَا उस में जो fīmā
उस में जो عَرَّضْتُم इशारा करो तुम ʿarraḍtum
इशारा करो तुम بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके مِنْ of min
of خِطْبَةِ पैग़ामे निकाह से khiṭ'bati
पैग़ामे निकाह से ٱلنِّسَآءِ औरतों के l-nisāi
औरतों के أَوْ या aw
या أَكْنَنتُمْ छुपाए रखो तुम aknantum
छुपाए रखो तुम فِىٓ in fī
in أَنفُسِكُمْ ۚ अपने नफ़्सों में anfusikum
अपने नफ़्सों में عَلِمَ जानता है ʿalima
जानता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَنَّكُمْ कि बेशक तुम annakum
कि बेशक तुम سَتَذْكُرُونَهُنَّ ज़रूर तुम ज़िक्र करोगे उनका satadhkurūnahunna
ज़रूर तुम ज़िक्र करोगे उनका وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन لَّا (do) not lā
(do) not تُوَاعِدُوهُنَّ ना तुम वादा लो उनसे tuwāʿidūhunna
ना तुम वादा लो उनसे سِرًّا छुप कर sirran
छुप कर إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि تَقُولُوا۟ तुम कहो taqūlū
तुम कहो قَوْلًۭا बात qawlan
बात مَّعْرُوفًۭا ۚ भली maʿrūfan
भली وَلَا और ना walā
और ना تَعْزِمُوا۟ तुम अज़म करो taʿzimū
तुम अज़म करो عُقْدَةَ अक़द का ʿuq'data
अक़द का ٱلنِّكَاحِ निकाह के l-nikāḥi
निकाह के حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَبْلُغَ पहुँच जाए yablugha
पहुँच जाए ٱلْكِتَـٰبُ मुक़र्रर मियाद l-kitābu
मुक़र्रर मियाद أَجَلَهُۥ ۚ अपनी मुद्दत को ajalahu
अपनी मुद्दत को وَٱعْلَمُوٓا۟ और जान लो wa-iʿ'lamū
और जान लो أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يَعْلَمُ जानता है yaʿlamu
जानता है مَا उसे जो mā
उसे जो فِىٓ (is) within fī
(is) within أَنفُسِكُمْ तुम्हारे नफ़्सों में है anfusikum
तुम्हारे नफ़्सों में है فَٱحْذَرُوهُ ۚ पस डरो उससे fa-iḥ'dharūhu
पस डरो उससे وَٱعْلَمُوٓا۟ और जान लो wa-iʿ'lamū
और जान लो أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह غَفُورٌ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है حَلِيمٌۭ बहुत बुर्दबार है ḥalīmun
बहुत बुर्दबार है ٢٣٥ (235)
(235)
और तुमपर इस बात में कोई गुनाह नहीं कि उन (इद्दत गुज़ारने वाली) स्त्रियों को विवाह के संदेश का संकेत दो, या (उसे) अपने मन में छिपाए रखो। अल्लाह जानता है कि तुम उन्हें अवश्य याद करोगे, परंतु उनसे गुप्त रूप से विवाह का वादा न करो, सिवाय इसके कि रीति के अनुसार1 कोई बात कहो। तथा विवाह का अनुबंध पक्का न करो, यहाँ तक कि लिखा हुआ हुक्म अपनी अवधि को पहुँच जाए।2 तथा जान लो कि निःसंदेह अल्लाह तुम्हारे मन की बातों को जानता है। अतः उससे डरो और जान लो कि अल्लाह बहुत क्षमा करने वाला, अत्यंत सहनशील है।
२:२३६
لَّا
(There is) no
lā
(There is) no جُنَاحَ नहीं कोई गुनाह junāḥa
नहीं कोई गुनाह عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर إِن अगर in
अगर طَلَّقْتُمُ तलाक़ दे दो तुम ṭallaqtumu
तलाक़ दे दो तुम ٱلنِّسَآءَ औरतों को l-nisāa
औरतों को مَا जब कि mā
जब कि لَمْ ना lam
ना تَمَسُّوهُنَّ तुमने छुआ हो उन्हें tamassūhunna
तुमने छुआ हो उन्हें أَوْ या aw
या تَفْرِضُوا۟ तुमने मुक़र्रर किया tafriḍū
तुमने मुक़र्रर किया لَهُنَّ उनके लिए lahunna
उनके लिए فَرِيضَةًۭ ۚ कोई महर farīḍatan
कोई महर وَمَتِّعُوهُنَّ और माल व मता दो उन्हें wamattiʿūhunna
और माल व मता दो उन्हें عَلَى upon ʿalā
upon ٱلْمُوسِعِ ऊपर वुसअत वाले के l-mūsiʿi
ऊपर वुसअत वाले के قَدَرُهُۥ उसकी वुसअत के मुताबिक़ qadaruhu
उसकी वुसअत के मुताबिक़ وَعَلَى और ऊपर waʿalā
और ऊपर ٱلْمُقْتِرِ तंगदस्त के l-muq'tiri
तंगदस्त के قَدَرُهُۥ उसकी वुसअत के मुताबिक़ qadaruhu
उसकी वुसअत के मुताबिक़ مَتَـٰعًۢا फ़ायदा पहुँचाना है matāʿan
फ़ायदा पहुँचाना है بِٱلْمَعْرُوفِ ۖ भले तरीक़े से bil-maʿrūfi
भले तरीक़े से حَقًّا हक़ है ḥaqqan
हक़ है عَلَى ऊपर ʿalā
ऊपर ٱلْمُحْسِنِينَ नेकी करने वालों के l-muḥ'sinīna
नेकी करने वालों के ٢٣٦ (236)
(236)
(There is) no جُنَاحَ नहीं कोई गुनाह junāḥa
नहीं कोई गुनाह عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर إِن अगर in
अगर طَلَّقْتُمُ तलाक़ दे दो तुम ṭallaqtumu
तलाक़ दे दो तुम ٱلنِّسَآءَ औरतों को l-nisāa
औरतों को مَا जब कि mā
जब कि لَمْ ना lam
ना تَمَسُّوهُنَّ तुमने छुआ हो उन्हें tamassūhunna
तुमने छुआ हो उन्हें أَوْ या aw
या تَفْرِضُوا۟ तुमने मुक़र्रर किया tafriḍū
तुमने मुक़र्रर किया لَهُنَّ उनके लिए lahunna
उनके लिए فَرِيضَةًۭ ۚ कोई महर farīḍatan
कोई महर وَمَتِّعُوهُنَّ और माल व मता दो उन्हें wamattiʿūhunna
और माल व मता दो उन्हें عَلَى upon ʿalā
upon ٱلْمُوسِعِ ऊपर वुसअत वाले के l-mūsiʿi
ऊपर वुसअत वाले के قَدَرُهُۥ उसकी वुसअत के मुताबिक़ qadaruhu
उसकी वुसअत के मुताबिक़ وَعَلَى और ऊपर waʿalā
और ऊपर ٱلْمُقْتِرِ तंगदस्त के l-muq'tiri
तंगदस्त के قَدَرُهُۥ उसकी वुसअत के मुताबिक़ qadaruhu
उसकी वुसअत के मुताबिक़ مَتَـٰعًۢا फ़ायदा पहुँचाना है matāʿan
फ़ायदा पहुँचाना है بِٱلْمَعْرُوفِ ۖ भले तरीक़े से bil-maʿrūfi
भले तरीक़े से حَقًّا हक़ है ḥaqqan
हक़ है عَلَى ऊपर ʿalā
ऊपर ٱلْمُحْسِنِينَ नेकी करने वालों के l-muḥ'sinīna
नेकी करने वालों के ٢٣٦ (236)
(236)
तुमपर कोई पाप नहीं, यदि तुम स्त्रियों को तलाक़ दे दो जबकि तुमने (अभी) उन्हें न हाथ लगाया हो और न उनके लिए कुछ महर निर्धारित किया हो। (लेकिन) उन्हें रीति के अनुसार कुछ सामान दे दो; विस्तार वाले पर अपनी क्षमता के अनुसार तथा तंगदस्त पर अपनी क्षमता के अनुसार देय है। सत्कर्म करने वालों पर यह हक़ है।
२:२३७
وَإِن
और अगर
wa-in
और अगर طَلَّقْتُمُوهُنَّ तलाक़ दे दो तुम ṭallaqtumūhunna
तलाक़ दे दो तुम مِن from min
from قَبْلِ इससे पहले qabli
इससे पहले أَن कि an
कि تَمَسُّوهُنَّ तुमने छुआ उन्हें tamassūhunna
तुमने छुआ उन्हें وَقَدْ और तहक़ीक़ waqad
और तहक़ीक़ فَرَضْتُمْ मुक़र्रर कर दिया था तुमने faraḍtum
मुक़र्रर कर दिया था तुमने لَهُنَّ उनके लिए lahunna
उनके लिए فَرِيضَةًۭ कोई महर farīḍatan
कोई महर فَنِصْفُ तो आधा है faniṣ'fu
तो आधा है مَا उसका जो mā
उसका जो فَرَضْتُمْ मुक़र्रर कर चुके तुम (महर) faraḍtum
मुक़र्रर कर चुके तुम (महर) إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि يَعْفُونَ वो (औरतें) माफ़ कर दें yaʿfūna
वो (औरतें) माफ़ कर दें أَوْ या aw
या يَعْفُوَا۟ माफ़ कर दे yaʿfuwā
माफ़ कर दे ٱلَّذِى वो शख़्स alladhī
वो शख़्स بِيَدِهِۦ जिसके हाथ में है biyadihi
जिसके हाथ में है عُقْدَةُ गिरह ʿuq'datu
गिरह ٱلنِّكَاحِ ۚ निकाह की l-nikāḥi
निकाह की وَأَن और ये कि wa-an
और ये कि تَعْفُوٓا۟ तुम माफ़ कर दो taʿfū
तुम माफ़ कर दो أَقْرَبُ ज़्यादा क़रीब है aqrabu
ज़्यादा क़रीब है لِلتَّقْوَىٰ ۚ तक़वा के lilttaqwā
तक़वा के وَلَا और ना walā
और ना تَنسَوُا۟ तुम भूलो tansawū
तुम भूलो ٱلْفَضْلَ एहसान को l-faḍla
एहसान को بَيْنَكُمْ ۚ आपस में baynakum
आपस में إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह بِمَا उसे जो bimā
उसे जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो بَصِيرٌ ख़ूब देखने वाला है baṣīrun
ख़ूब देखने वाला है ٢٣٧ (237)
(237)
और अगर طَلَّقْتُمُوهُنَّ तलाक़ दे दो तुम ṭallaqtumūhunna
तलाक़ दे दो तुम مِن from min
from قَبْلِ इससे पहले qabli
इससे पहले أَن कि an
कि تَمَسُّوهُنَّ तुमने छुआ उन्हें tamassūhunna
तुमने छुआ उन्हें وَقَدْ और तहक़ीक़ waqad
और तहक़ीक़ فَرَضْتُمْ मुक़र्रर कर दिया था तुमने faraḍtum
मुक़र्रर कर दिया था तुमने لَهُنَّ उनके लिए lahunna
उनके लिए فَرِيضَةًۭ कोई महर farīḍatan
कोई महर فَنِصْفُ तो आधा है faniṣ'fu
तो आधा है مَا उसका जो mā
उसका जो فَرَضْتُمْ मुक़र्रर कर चुके तुम (महर) faraḍtum
मुक़र्रर कर चुके तुम (महर) إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि يَعْفُونَ वो (औरतें) माफ़ कर दें yaʿfūna
वो (औरतें) माफ़ कर दें أَوْ या aw
या يَعْفُوَا۟ माफ़ कर दे yaʿfuwā
माफ़ कर दे ٱلَّذِى वो शख़्स alladhī
वो शख़्स بِيَدِهِۦ जिसके हाथ में है biyadihi
जिसके हाथ में है عُقْدَةُ गिरह ʿuq'datu
गिरह ٱلنِّكَاحِ ۚ निकाह की l-nikāḥi
निकाह की وَأَن और ये कि wa-an
और ये कि تَعْفُوٓا۟ तुम माफ़ कर दो taʿfū
तुम माफ़ कर दो أَقْرَبُ ज़्यादा क़रीब है aqrabu
ज़्यादा क़रीब है لِلتَّقْوَىٰ ۚ तक़वा के lilttaqwā
तक़वा के وَلَا और ना walā
और ना تَنسَوُا۟ तुम भूलो tansawū
तुम भूलो ٱلْفَضْلَ एहसान को l-faḍla
एहसान को بَيْنَكُمْ ۚ आपस में baynakum
आपस में إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह بِمَا उसे जो bimā
उसे जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो بَصِيرٌ ख़ूब देखने वाला है baṣīrun
ख़ूब देखने वाला है ٢٣٧ (237)
(237)
और यदि तुम उन्हें इससे पहले तलाक़ दे दो कि उन्हें हाथ लगाओ, जबकि तुम उनके लिए कोई महर निर्धारित कर चुके हो, तो तुमने जो महर निर्धारित किया है उसका आधा देना अनिवार्य है, सिवाय इसके कि वे (पत्नियाँ) माफ़ कर दें, अथवा वह पुरुष माफ़ कर दे जिसके हाथ में विवाह का बंधन1 है। और यह (बात) कि तुम माफ़ कर दो तक़वा (परहेज़गारी) के अधिक क़रीब है। और आपस में उपकार करना न भूलो। निःसंदेह अल्लाह उसे ख़ूब देखने वाला है, जो तुम कर रहे हो।
२:२३८
حَـٰفِظُوا۟
हिफ़ाज़त करो
ḥāfiẓū
हिफ़ाज़त करो عَلَى [on] ʿalā
[on] ٱلصَّلَوَٰتِ सब नमाज़ों की l-ṣalawāti
सब नमाज़ों की وَٱلصَّلَوٰةِ और नमाज़ wal-ṣalati
और नमाज़ ٱلْوُسْطَىٰ दर्मियानी की l-wus'ṭā
दर्मियानी की وَقُومُوا۟ और खड़े हो जाओ waqūmū
और खड़े हो जाओ لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए قَـٰنِتِينَ फ़रमाबरदार बन कर qānitīna
फ़रमाबरदार बन कर ٢٣٨ (238)
(238)
हिफ़ाज़त करो عَلَى [on] ʿalā
[on] ٱلصَّلَوَٰتِ सब नमाज़ों की l-ṣalawāti
सब नमाज़ों की وَٱلصَّلَوٰةِ और नमाज़ wal-ṣalati
और नमाज़ ٱلْوُسْطَىٰ दर्मियानी की l-wus'ṭā
दर्मियानी की وَقُومُوا۟ और खड़े हो जाओ waqūmū
और खड़े हो जाओ لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए قَـٰنِتِينَ फ़रमाबरदार बन कर qānitīna
फ़रमाबरदार बन कर ٢٣٨ (238)
(238)
सब नमाज़ों का और (विशेषकर) बीच की नमाज़ (अस्र) का ध्यान रखो1 तथा अल्लाह के लिए आज्ञाकारी होकर (विनयपूर्वक) खड़े रहो।
२:२३९
فَإِنْ
फिर अगर
fa-in
फिर अगर خِفْتُمْ ख़ौफ़ हो तुम्हें khif'tum
ख़ौफ़ हो तुम्हें فَرِجَالًا तो पैदल (पढ़ लो) farijālan
तो पैदल (पढ़ लो) أَوْ या aw
या رُكْبَانًۭا ۖ सवार होकर ruk'bānan
सवार होकर فَإِذَآ फिर जब fa-idhā
फिर जब أَمِنتُمْ अमन में आ जाओ तुम amintum
अमन में आ जाओ तुम فَٱذْكُرُوا۟ तो याद करो fa-udh'kurū
तो याद करो ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि عَلَّمَكُم उसने सिखाया तुम्हें ʿallamakum
उसने सिखाया तुम्हें مَّا जो mā
जो لَمْ नहीं lam
नहीं تَكُونُوا۟ थे तुम takūnū
थे तुम تَعْلَمُونَ तुम जानते taʿlamūna
तुम जानते ٢٣٩ (239)
(239)
फिर अगर خِفْتُمْ ख़ौफ़ हो तुम्हें khif'tum
ख़ौफ़ हो तुम्हें فَرِجَالًا तो पैदल (पढ़ लो) farijālan
तो पैदल (पढ़ लो) أَوْ या aw
या رُكْبَانًۭا ۖ सवार होकर ruk'bānan
सवार होकर فَإِذَآ फिर जब fa-idhā
फिर जब أَمِنتُمْ अमन में आ जाओ तुम amintum
अमन में आ जाओ तुम فَٱذْكُرُوا۟ तो याद करो fa-udh'kurū
तो याद करो ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि عَلَّمَكُم उसने सिखाया तुम्हें ʿallamakum
उसने सिखाया तुम्हें مَّا जो mā
जो لَمْ नहीं lam
नहीं تَكُونُوا۟ थे तुम takūnū
थे तुम تَعْلَمُونَ तुम जानते taʿlamūna
तुम जानते ٢٣٩ (239)
(239)
फिर यदि तुम्हें भय1 हो, तो पैदल (नमाज़) पढ़ लो या सवार। फिर जब भय दूर हो जाए, तो अल्लाह को याद करो जैसे उसने तुम्हें सिखाया है, जो तुम नहीं जानते थे।
२:२४०
وَٱلَّذِينَ
और वो लोग जो
wa-alladhīna
और वो लोग जो يُتَوَفَّوْنَ फ़ौत कर लिए जाते हैं yutawaffawna
फ़ौत कर लिए जाते हैं مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से وَيَذَرُونَ और वो छोड़ जाते हैं wayadharūna
और वो छोड़ जाते हैं أَزْوَٰجًۭا बीवियाँ azwājan
बीवियाँ وَصِيَّةًۭ वसीयत (करें) waṣiyyatan
वसीयत (करें) لِّأَزْوَٰجِهِم अपनी बीवियों के लिए li-azwājihim
अपनी बीवियों के लिए مَّتَـٰعًا फ़ायदा पहुँचाने की matāʿan
फ़ायदा पहुँचाने की إِلَى for ilā
for ٱلْحَوْلِ एक साल तक l-ḥawli
एक साल तक غَيْرَ बग़ैर ghayra
बग़ैर إِخْرَاجٍۢ ۚ निकालने के ikh'rājin
निकालने के فَإِنْ फिर अगर fa-in
फिर अगर خَرَجْنَ वो निकल जाऐं kharajna
वो निकल जाऐं فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं جُنَاحَ कोई गुनाह junāḥa
कोई गुनाह عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर فِى in fī
in مَا उस मामले में जो mā
उस मामले में जो فَعَلْنَ वो करें faʿalna
वो करें فِىٓ concerning fī
concerning أَنفُسِهِنَّ अपने नफ़्सों के बारे में anfusihinna
अपने नफ़्सों के बारे में مِن [of] min
[of] مَّعْرُوفٍۢ ۗ भले तरीक़े से maʿrūfin
भले तरीक़े से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَزِيزٌ बहुत ज़बरदस्त है ʿazīzun
बहुत ज़बरदस्त है حَكِيمٌۭ ख़ूब हिकमत वाला है ḥakīmun
ख़ूब हिकमत वाला है ٢٤٠ (240)
(240)
और वो लोग जो يُتَوَفَّوْنَ फ़ौत कर लिए जाते हैं yutawaffawna
फ़ौत कर लिए जाते हैं مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से وَيَذَرُونَ और वो छोड़ जाते हैं wayadharūna
और वो छोड़ जाते हैं أَزْوَٰجًۭا बीवियाँ azwājan
बीवियाँ وَصِيَّةًۭ वसीयत (करें) waṣiyyatan
वसीयत (करें) لِّأَزْوَٰجِهِم अपनी बीवियों के लिए li-azwājihim
अपनी बीवियों के लिए مَّتَـٰعًا फ़ायदा पहुँचाने की matāʿan
फ़ायदा पहुँचाने की إِلَى for ilā
for ٱلْحَوْلِ एक साल तक l-ḥawli
एक साल तक غَيْرَ बग़ैर ghayra
बग़ैर إِخْرَاجٍۢ ۚ निकालने के ikh'rājin
निकालने के فَإِنْ फिर अगर fa-in
फिर अगर خَرَجْنَ वो निकल जाऐं kharajna
वो निकल जाऐं فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं جُنَاحَ कोई गुनाह junāḥa
कोई गुनाह عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर فِى in fī
in مَا उस मामले में जो mā
उस मामले में जो فَعَلْنَ वो करें faʿalna
वो करें فِىٓ concerning fī
concerning أَنفُسِهِنَّ अपने नफ़्सों के बारे में anfusihinna
अपने नफ़्सों के बारे में مِن [of] min
[of] مَّعْرُوفٍۢ ۗ भले तरीक़े से maʿrūfin
भले तरीक़े से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَزِيزٌ बहुत ज़बरदस्त है ʿazīzun
बहुत ज़बरदस्त है حَكِيمٌۭ ख़ूब हिकमत वाला है ḥakīmun
ख़ूब हिकमत वाला है ٢٤٠ (240)
(240)
और जो लोग तुममें से मृत्यु पा जाते हैं तथा पत्नियाँ छोड़ जाते हैं, वे अपनी पत्नियों के लिए एक वर्ष तक घर से निकाले बिना खर्च देने की वसीयत करें। परंतु यदि वे (स्वयं) निकल जाएँ1, तो तुमपर उसमें कोई पाप नहीं जो वे रीति के अनुसार अपने बारे में करें, और अल्लाह सब पर प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
२:२४१
وَلِلْمُطَلَّقَـٰتِ
और तलाक़ याफ़्ता औरतों को
walil'muṭallaqāti
और तलाक़ याफ़्ता औरतों को مَتَـٰعٌۢ फ़ायदा पहुँचाना है matāʿun
फ़ायदा पहुँचाना है بِٱلْمَعْرُوفِ ۖ भले तरीक़े से bil-maʿrūfi
भले तरीक़े से حَقًّا हक़ है ḥaqqan
हक़ है عَلَى upon ʿalā
upon ٱلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों पर l-mutaqīna
मुत्तक़ी लोगों पर ٢٤١ (241)
(241)
और तलाक़ याफ़्ता औरतों को مَتَـٰعٌۢ फ़ायदा पहुँचाना है matāʿun
फ़ायदा पहुँचाना है بِٱلْمَعْرُوفِ ۖ भले तरीक़े से bil-maʿrūfi
भले तरीक़े से حَقًّا हक़ है ḥaqqan
हक़ है عَلَى upon ʿalā
upon ٱلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों पर l-mutaqīna
मुत्तक़ी लोगों पर ٢٤١ (241)
(241)
तथा जिन स्त्रियों को तलाक़ दी गई है, उन्हें रीति के अनुसार कुछ न कुछ सामग्री देना आवश्यक है, डर रखने वालों पर यह हक़ (अनिवार्य) है।
२:२४२
كَذَٰلِكَ
इसी तरह
kadhālika
इसी तरह يُبَيِّنُ वाज़ेह करता है yubayyinu
वाज़ेह करता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए ءَايَـٰتِهِۦ अपनी आयात को āyātihi
अपनी आयात को لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَعْقِلُونَ तुम अक़्ल से काम लो taʿqilūna
तुम अक़्ल से काम लो ٢٤٢ (242)
(242)
इसी तरह يُبَيِّنُ वाज़ेह करता है yubayyinu
वाज़ेह करता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए ءَايَـٰتِهِۦ अपनी आयात को āyātihi
अपनी आयात को لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَعْقِلُونَ तुम अक़्ल से काम लो taʿqilūna
तुम अक़्ल से काम लो ٢٤٢ (242)
(242)
इसी तरह अल्लाह तुम्हारे लिए अपनी आयतें खोलकर बयान करता है, ताकि तुम समझो।
२:२४३
۞ أَلَمْ
क्या नहीं
alam
क्या नहीं تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा إِلَى तरफ़ ilā
तरफ़ ٱلَّذِينَ उनके जो alladhīna
उनके जो خَرَجُوا۟ निकल गए kharajū
निकल गए مِن from min
from دِيَـٰرِهِمْ अपने घरों से diyārihim
अपने घरों से وَهُمْ और वो wahum
और वो أُلُوفٌ हज़ारों थे ulūfun
हज़ारों थे حَذَرَ बचने के लिए ḥadhara
बचने के लिए ٱلْمَوْتِ मौत से l-mawti
मौत से فَقَالَ तो कहा faqāla
तो कहा لَهُمُ उन्हें lahumu
उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مُوتُوا۟ मर जाओ mūtū
मर जाओ ثُمَّ फिर thumma
फिर أَحْيَـٰهُمْ ۚ उसने ज़िन्दा किया उन्हें aḥyāhum
उसने ज़िन्दा किया उन्हें إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَذُو (is) surely Possessor ladhū
(is) surely Possessor فَضْلٍ यक़ीनन फ़ज़ल वाला है faḍlin
यक़ीनन फ़ज़ल वाला है عَلَى for ʿalā
for ٱلنَّاسِ लोगों पर l-nāsi
लोगों पर وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन أَكْثَرَ अक्सर akthara
अक्सर ٱلنَّاسِ लोग l-nāsi
लोग لَا (are) not lā
(are) not يَشْكُرُونَ नहीं वो शुक्र करते yashkurūna
नहीं वो शुक्र करते ٢٤٣ (243)
(243)
क्या नहीं تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा إِلَى तरफ़ ilā
तरफ़ ٱلَّذِينَ उनके जो alladhīna
उनके जो خَرَجُوا۟ निकल गए kharajū
निकल गए مِن from min
from دِيَـٰرِهِمْ अपने घरों से diyārihim
अपने घरों से وَهُمْ और वो wahum
और वो أُلُوفٌ हज़ारों थे ulūfun
हज़ारों थे حَذَرَ बचने के लिए ḥadhara
बचने के लिए ٱلْمَوْتِ मौत से l-mawti
मौत से فَقَالَ तो कहा faqāla
तो कहा لَهُمُ उन्हें lahumu
उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مُوتُوا۟ मर जाओ mūtū
मर जाओ ثُمَّ फिर thumma
फिर أَحْيَـٰهُمْ ۚ उसने ज़िन्दा किया उन्हें aḥyāhum
उसने ज़िन्दा किया उन्हें إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَذُو (is) surely Possessor ladhū
(is) surely Possessor فَضْلٍ यक़ीनन फ़ज़ल वाला है faḍlin
यक़ीनन फ़ज़ल वाला है عَلَى for ʿalā
for ٱلنَّاسِ लोगों पर l-nāsi
लोगों पर وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन أَكْثَرَ अक्सर akthara
अक्सर ٱلنَّاسِ लोग l-nāsi
लोग لَا (are) not lā
(are) not يَشْكُرُونَ नहीं वो शुक्र करते yashkurūna
नहीं वो शुक्र करते ٢٤٣ (243)
(243)
(ऐ नबी!) क्या आपने उन लोगों को नहीं देखा जो मौत के भय से अपने घरों से निकले1, जबकि वे कई हज़ार थे, तो अल्लाह ने उनसे कहा कि मर जाओ, फिर उन्हें जीवित कर दिया। निःसंदेह अल्लाह लोगों पर बड़े अनुग्रह वाला है, लेकिन अधिकांश लोग शुक्रिया अदा नहीं करते।2
२:२४४
وَقَـٰتِلُوا۟
और जंग करो
waqātilū
और जंग करो فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में وَٱعْلَمُوٓا۟ और जान लो wa-iʿ'lamū
और जान लो أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह سَمِيعٌ ख़ूब सुनने वाला है samīʿun
ख़ूब सुनने वाला है عَلِيمٌۭ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٢٤٤ (244)
(244)
और जंग करो فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में وَٱعْلَمُوٓا۟ और जान लो wa-iʿ'lamū
और जान लो أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह سَمِيعٌ ख़ूब सुनने वाला है samīʿun
ख़ूब सुनने वाला है عَلِيمٌۭ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٢٤٤ (244)
(244)
और तुम अल्लाह के मार्ग में युद्ध करो और जान लो कि अल्लाह सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।
२:२४५
مَّن
कौन है
man
कौन है ذَا (is) the one dhā
(is) the one ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो يُقْرِضُ क़र्ज़ दे yuq'riḍu
क़र्ज़ दे ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को قَرْضًا क़र्ज़ qarḍan
क़र्ज़ حَسَنًۭا अच्छा ḥasanan
अच्छा فَيُضَـٰعِفَهُۥ तो वो बढ़ा दे उसे fayuḍāʿifahu
तो वो बढ़ा दे उसे لَهُۥٓ उसके लिए lahu
उसके लिए أَضْعَافًۭا कई गुना aḍʿāfan
कई गुना كَثِيرَةًۭ ۚ ज़्यादा kathīratan
ज़्यादा وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يَقْبِضُ तंगी करता है yaqbiḍu
तंगी करता है وَيَبْصُۜطُ और वो कुशादगी करता है wayabṣuṭu
और वो कुशादगी करता है وَإِلَيْهِ और तरफ़ उसी के wa-ilayhi
और तरफ़ उसी के تُرْجَعُونَ तुम लौटाए जाओगे tur'jaʿūna
तुम लौटाए जाओगे ٢٤٥ (245)
(245)
कौन है ذَا (is) the one dhā
(is) the one ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो يُقْرِضُ क़र्ज़ दे yuq'riḍu
क़र्ज़ दे ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को قَرْضًا क़र्ज़ qarḍan
क़र्ज़ حَسَنًۭا अच्छा ḥasanan
अच्छा فَيُضَـٰعِفَهُۥ तो वो बढ़ा दे उसे fayuḍāʿifahu
तो वो बढ़ा दे उसे لَهُۥٓ उसके लिए lahu
उसके लिए أَضْعَافًۭا कई गुना aḍʿāfan
कई गुना كَثِيرَةًۭ ۚ ज़्यादा kathīratan
ज़्यादा وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يَقْبِضُ तंगी करता है yaqbiḍu
तंगी करता है وَيَبْصُۜطُ और वो कुशादगी करता है wayabṣuṭu
और वो कुशादगी करता है وَإِلَيْهِ और तरफ़ उसी के wa-ilayhi
और तरफ़ उसी के تُرْجَعُونَ तुम लौटाए जाओगे tur'jaʿūna
तुम लौटाए जाओगे ٢٤٥ (245)
(245)
कौन है वह जो अल्लाह को अच्छा क़र्ज़1 दे, तो वह उसे उसके लिए बहुत अधिक गुना बढ़ा दे, तथा अल्लाह ही तंगी करता और विस्तार करता है और तुम उसी की ओर लौटाए जाओगे।
२:२४६
أَلَمْ
क्या नहीं
alam
क्या नहीं تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा إِلَى तरफ़ ilā
तरफ़ ٱلْمَلَإِ सरदारों के l-mala-i
सरदारों के مِنۢ of min
of بَنِىٓ (the) Children banī
(the) Children إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल में से is'rāīla
बनी इस्राईल में से مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद مُوسَىٰٓ मूसा के mūsā
मूसा के إِذْ जब idh
जब قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा لِنَبِىٍّۢ नबी के लिए linabiyyin
नबी के लिए لَّهُمُ अपने lahumu
अपने ٱبْعَثْ मुक़र्रर कर ib'ʿath
मुक़र्रर कर لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए مَلِكًۭا एक बादशाह malikan
एक बादशाह نُّقَـٰتِلْ हम लड़ें nuqātil
हम लड़ें فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ ۖ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा هَلْ क्या hal
क्या عَسَيْتُمْ उम्मीद है तुमसे ʿasaytum
उम्मीद है तुमसे إِن अगर in
अगर كُتِبَ लिख दिया जाए kutiba
लिख दिया जाए عَلَيْكُمُ तुम पर ʿalaykumu
तुम पर ٱلْقِتَالُ जंग करना l-qitālu
जंग करना أَلَّا कि ना allā
कि ना تُقَـٰتِلُوا۟ ۖ तुम लड़ो tuqātilū
तुम लड़ो قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा وَمَا और क्या है wamā
और क्या है لَنَآ हमें lanā
हमें أَلَّا कि ना allā
कि ना نُقَـٰتِلَ हम लड़ें nuqātila
हम लड़ें فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में وَقَدْ हालाँकि तहक़ीक़ waqad
हालाँकि तहक़ीक़ أُخْرِجْنَا निकाले गए हम ukh'rij'nā
निकाले गए हम مِن from min
from دِيَـٰرِنَا अपने घरों से diyārinā
अपने घरों से وَأَبْنَآئِنَا ۖ और अपने बेटों से wa-abnāinā
और अपने बेटों से فَلَمَّا फिर जब falammā
फिर जब كُتِبَ लिख दिया गया kutiba
लिख दिया गया عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلْقِتَالُ लड़ना l-qitālu
लड़ना تَوَلَّوْا۟ तो वो फिर गए tawallaw
तो वो फिर गए إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلًۭا थोड़े से qalīlan
थोड़े से مِّنْهُمْ ۗ उनमें से min'hum
उनमें से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلِيمٌۢ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है بِٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों को bil-ẓālimīna
ज़ालिमों को ٢٤٦ (246)
(246)
क्या नहीं تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा إِلَى तरफ़ ilā
तरफ़ ٱلْمَلَإِ सरदारों के l-mala-i
सरदारों के مِنۢ of min
of بَنِىٓ (the) Children banī
(the) Children إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल में से is'rāīla
बनी इस्राईल में से مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद مُوسَىٰٓ मूसा के mūsā
मूसा के إِذْ जब idh
जब قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा لِنَبِىٍّۢ नबी के लिए linabiyyin
नबी के लिए لَّهُمُ अपने lahumu
अपने ٱبْعَثْ मुक़र्रर कर ib'ʿath
मुक़र्रर कर لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए مَلِكًۭا एक बादशाह malikan
एक बादशाह نُّقَـٰتِلْ हम लड़ें nuqātil
हम लड़ें فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ ۖ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा هَلْ क्या hal
क्या عَسَيْتُمْ उम्मीद है तुमसे ʿasaytum
उम्मीद है तुमसे إِن अगर in
अगर كُتِبَ लिख दिया जाए kutiba
लिख दिया जाए عَلَيْكُمُ तुम पर ʿalaykumu
तुम पर ٱلْقِتَالُ जंग करना l-qitālu
जंग करना أَلَّا कि ना allā
कि ना تُقَـٰتِلُوا۟ ۖ तुम लड़ो tuqātilū
तुम लड़ो قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा وَمَا और क्या है wamā
और क्या है لَنَآ हमें lanā
हमें أَلَّا कि ना allā
कि ना نُقَـٰتِلَ हम लड़ें nuqātila
हम लड़ें فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में وَقَدْ हालाँकि तहक़ीक़ waqad
हालाँकि तहक़ीक़ أُخْرِجْنَا निकाले गए हम ukh'rij'nā
निकाले गए हम مِن from min
from دِيَـٰرِنَا अपने घरों से diyārinā
अपने घरों से وَأَبْنَآئِنَا ۖ और अपने बेटों से wa-abnāinā
और अपने बेटों से فَلَمَّا फिर जब falammā
फिर जब كُتِبَ लिख दिया गया kutiba
लिख दिया गया عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلْقِتَالُ लड़ना l-qitālu
लड़ना تَوَلَّوْا۟ तो वो फिर गए tawallaw
तो वो फिर गए إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلًۭا थोड़े से qalīlan
थोड़े से مِّنْهُمْ ۗ उनमें से min'hum
उनमें से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلِيمٌۢ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है بِٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों को bil-ẓālimīna
ज़ालिमों को ٢٤٦ (246)
(246)
(ऐ नबी!) क्या आपने मूसा के बाद बनी इसराईल के प्रमुखों को नहीं देखा, जब उन्होंने अपने एक नबी से कहा : हमारे लिए एक बादशाह निर्धारित कर दो कि हम अल्लाह के मार्ग में युद्ध करें। उस (नबी) ने कहा : ऐसा न हो कि यदि तुमपर युद्ध करना अनिवार्य कर दिया जाए, तो तुम युद्ध न करो? उन्होंने कहा : और हमें क्या है कि हम अल्लाह के मार्ग में युद्ध न करें, हालाँकि हमें हमारे घरों और हमारे बेटों से निकाल दिया गया है? फिर जब उनपर युद्ध करना अनिवार्य कर दिया गया, तो उनमें से बहुत थोड़े लोगों के सिवा सब फिर गए। और अल्लाह उन अत्याचारियों को भली-भाँति जानने वाला है।
२:२४७
وَقَالَ
और कहा
waqāla
और कहा لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें نَبِيُّهُمْ उनके नबी ने nabiyyuhum
उनके नबी ने إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ بَعَثَ मुक़र्रर कर दिया है baʿatha
मुक़र्रर कर दिया है لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए طَالُوتَ तालूत को ṭālūta
तालूत को مَلِكًۭا ۚ बादशाह malikan
बादशाह قَالُوٓا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा أَنَّىٰ कैसे annā
कैसे يَكُونُ हो सकती है yakūnu
हो सकती है لَهُ उसके लिए lahu
उसके लिए ٱلْمُلْكُ बादशाहत l-mul'ku
बादशाहत عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर وَنَحْنُ हालाँकि हम wanaḥnu
हालाँकि हम أَحَقُّ ज़्यादा हक़दार हैं aḥaqqu
ज़्यादा हक़दार हैं بِٱلْمُلْكِ बादशाहत के bil-mul'ki
बादशाहत के مِنْهُ उससे min'hu
उससे وَلَمْ और नहीं walam
और नहीं يُؤْتَ वो दिया गया yu'ta
वो दिया गया سَعَةًۭ वुसअत saʿatan
वुसअत مِّنَ of mina
of ٱلْمَالِ ۚ माल से l-māli
माल से قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने ٱصْطَفَىٰهُ चुन लिया है उसे iṣ'ṭafāhu
चुन लिया है उसे عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर وَزَادَهُۥ और उसने ज़्यादा दी है उसे wazādahu
और उसने ज़्यादा दी है उसे بَسْطَةًۭ वुसअत basṭatan
वुसअत فِى in fī
in ٱلْعِلْمِ इल्म में l-ʿil'mi
इल्म में وَٱلْجِسْمِ ۖ और जिस्म में wal-jis'mi
और जिस्म में وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يُؤْتِى देता है yu'tī
देता है مُلْكَهُۥ बादशाहत अपनी mul'kahu
बादशाहत अपनी مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ ۚ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह وَٰسِعٌ वुसअत वाला है wāsiʿun
वुसअत वाला है عَلِيمٌۭ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٢٤٧ (247)
(247)
और कहा لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें نَبِيُّهُمْ उनके नबी ने nabiyyuhum
उनके नबी ने إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ بَعَثَ मुक़र्रर कर दिया है baʿatha
मुक़र्रर कर दिया है لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए طَالُوتَ तालूत को ṭālūta
तालूत को مَلِكًۭا ۚ बादशाह malikan
बादशाह قَالُوٓا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा أَنَّىٰ कैसे annā
कैसे يَكُونُ हो सकती है yakūnu
हो सकती है لَهُ उसके लिए lahu
उसके लिए ٱلْمُلْكُ बादशाहत l-mul'ku
बादशाहत عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर وَنَحْنُ हालाँकि हम wanaḥnu
हालाँकि हम أَحَقُّ ज़्यादा हक़दार हैं aḥaqqu
ज़्यादा हक़दार हैं بِٱلْمُلْكِ बादशाहत के bil-mul'ki
बादशाहत के مِنْهُ उससे min'hu
उससे وَلَمْ और नहीं walam
और नहीं يُؤْتَ वो दिया गया yu'ta
वो दिया गया سَعَةًۭ वुसअत saʿatan
वुसअत مِّنَ of mina
of ٱلْمَالِ ۚ माल से l-māli
माल से قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने ٱصْطَفَىٰهُ चुन लिया है उसे iṣ'ṭafāhu
चुन लिया है उसे عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर وَزَادَهُۥ और उसने ज़्यादा दी है उसे wazādahu
और उसने ज़्यादा दी है उसे بَسْطَةًۭ वुसअत basṭatan
वुसअत فِى in fī
in ٱلْعِلْمِ इल्म में l-ʿil'mi
इल्म में وَٱلْجِسْمِ ۖ और जिस्म में wal-jis'mi
और जिस्म में وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يُؤْتِى देता है yu'tī
देता है مُلْكَهُۥ बादशाहत अपनी mul'kahu
बादशाहत अपनी مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ ۚ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह وَٰسِعٌ वुसअत वाला है wāsiʿun
वुसअत वाला है عَلِيمٌۭ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٢٤٧ (247)
(247)
तथा उनके नबी ने उनसे कहा : निःसंदेह अल्लाह ने तुम्हारे लिए 'तालूत' को बादशाह निर्धारित किया है। उन्होंने कहा : उसका राज्य हमपर कैसे हो सकता है, जबकि हम राज्य के उससे अधिक हक़दार हैं और उसे धन का विस्तार भी प्राप्त नहीं? उस (नबी) ने कहा : निःसंदेह अल्लाह ने उसे तुमपर चुन लिया है और उसे अधिक ज्ञान तथा शारीरिक बल प्रदान किया है। और अल्लाह अपना राज्य जिसे चाहता है, प्रदान करता है तथा अल्लाह बहुत विस्तार वाला, सब कुछ जानने वाला है।1
२:२४८
وَقَالَ
और कहा
waqāla
और कहा لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें نَبِيُّهُمْ उनके नबी ने nabiyyuhum
उनके नबी ने إِنَّ बेशक inna
बेशक ءَايَةَ निशानी āyata
निशानी مُلْكِهِۦٓ उसकी बादशाहत की mul'kihi
उसकी बादशाहत की أَن कि an
कि يَأْتِيَكُمُ आ जाएगा तुम्हारे पास yatiyakumu
आ जाएगा तुम्हारे पास ٱلتَّابُوتُ ताबूत / सन्दूक़ l-tābūtu
ताबूत / सन्दूक़ فِيهِ जिसमें fīhi
जिसमें سَكِينَةٌۭ तसकीन है sakīnatun
तसकीन है مِّن from min
from رَّبِّكُمْ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से وَبَقِيَّةٌۭ और बाक़ी माँदा wabaqiyyatun
और बाक़ी माँदा مِّمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो تَرَكَ छोड़ गए taraka
छोड़ गए ءَالُ (by the) family ālu
(by the) family مُوسَىٰ आले मूसा mūsā
आले मूसा وَءَالُ and family waālu
and family هَـٰرُونَ और आले हारून hārūna
और आले हारून تَحْمِلُهُ उठाए हुए होंगे उसे taḥmiluhu
उठाए हुए होंगे उसे ٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ ۚ फ़रिश्ते l-malāikatu
फ़रिश्ते إِنَّ बेशक inna
बेशक فِى in fī
in ذَٰلِكَ उसमें dhālika
उसमें لَـَٔايَةًۭ अलबत्ता एक निशानी है laāyatan
अलबत्ता एक निशानी है لَّكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए إِن अगर in
अगर كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम مُّؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले ٢٤٨ (248)
(248)
और कहा لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें نَبِيُّهُمْ उनके नबी ने nabiyyuhum
उनके नबी ने إِنَّ बेशक inna
बेशक ءَايَةَ निशानी āyata
निशानी مُلْكِهِۦٓ उसकी बादशाहत की mul'kihi
उसकी बादशाहत की أَن कि an
कि يَأْتِيَكُمُ आ जाएगा तुम्हारे पास yatiyakumu
आ जाएगा तुम्हारे पास ٱلتَّابُوتُ ताबूत / सन्दूक़ l-tābūtu
ताबूत / सन्दूक़ فِيهِ जिसमें fīhi
जिसमें سَكِينَةٌۭ तसकीन है sakīnatun
तसकीन है مِّن from min
from رَّبِّكُمْ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से وَبَقِيَّةٌۭ और बाक़ी माँदा wabaqiyyatun
और बाक़ी माँदा مِّمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो تَرَكَ छोड़ गए taraka
छोड़ गए ءَالُ (by the) family ālu
(by the) family مُوسَىٰ आले मूसा mūsā
आले मूसा وَءَالُ and family waālu
and family هَـٰرُونَ और आले हारून hārūna
और आले हारून تَحْمِلُهُ उठाए हुए होंगे उसे taḥmiluhu
उठाए हुए होंगे उसे ٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ ۚ फ़रिश्ते l-malāikatu
फ़रिश्ते إِنَّ बेशक inna
बेशक فِى in fī
in ذَٰلِكَ उसमें dhālika
उसमें لَـَٔايَةًۭ अलबत्ता एक निशानी है laāyatan
अलबत्ता एक निशानी है لَّكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए إِن अगर in
अगर كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम مُّؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले ٢٤٨ (248)
(248)
तथा उनके नबी ने उनसे कहा : निःसंदेह उसके राजा होने की निशानी यह है कि तुम्हारे पास वह ताबूत (संदूक़) आ जाएगा, जिसमें तुम्हारे पालनहार की ओर से एक संतोष (सांत्वना) है तथा मूसा और हारून के घराने के छोड़े हुए अवशेष हैं, उसे फ़रिश्ते उठाए हुए होंगे। निःसंदेह इसमें तुम्हारे लिए निश्चय एक निशानी1 है, यदि तुम ईमान वाले हो।
२:२४९
فَلَمَّا
पस जब
falammā
पस जब فَصَلَ जुदा हुआ faṣala
जुदा हुआ طَالُوتُ तालूत ṭālūtu
तालूत بِٱلْجُنُودِ साथ लश्करों के bil-junūdi
साथ लश्करों के قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह مُبْتَلِيكُم आज़माने वाला है तुम्हें mub'talīkum
आज़माने वाला है तुम्हें بِنَهَرٍۢ एक नहर से binaharin
एक नहर से فَمَن तो जिसने faman
तो जिसने شَرِبَ पिया shariba
पिया مِنْهُ उससे min'hu
उससे فَلَيْسَ तो नहीं वो falaysa
तो नहीं वो مِنِّى मुझसे minnī
मुझसे وَمَن और जिसने waman
और जिसने لَّمْ ना lam
ना يَطْعَمْهُ चखा उसे yaṭʿamhu
चखा उसे فَإِنَّهُۥ तो बेशक वो fa-innahu
तो बेशक वो مِنِّىٓ मुझसे है minnī
मुझसे है إِلَّا मगर illā
मगर مَنِ जो mani
जो ٱغْتَرَفَ चुल्लु भर ले igh'tarafa
चुल्लु भर ले غُرْفَةًۢ एक चुल्लु ghur'fatan
एक चुल्लु بِيَدِهِۦ ۚ अपने हाथ से biyadihi
अपने हाथ से فَشَرِبُوا۟ तो उन्होंने पी लिया fasharibū
तो उन्होंने पी लिया مِنْهُ उससे min'hu
उससे إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلًۭا बहुत थोड़े qalīlan
बहुत थोड़े مِّنْهُمْ ۚ उनमें से min'hum
उनमें से فَلَمَّا फिर जब falammā
फिर जब جَاوَزَهُۥ उसने पार किया उसे jāwazahu
उसने पार किया उसे هُوَ उसने huwa
उसने وَٱلَّذِينَ और उन्होंने जो wa-alladhīna
और उन्होंने जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए थे āmanū
ईमान लाए थे مَعَهُۥ साथ उसके maʿahu
साथ उसके قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा لَا No lā
No طَاقَةَ नहीं कोई ताक़त ṭāqata
नहीं कोई ताक़त لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए ٱلْيَوْمَ आज l-yawma
आज بِجَالُوتَ साथ जालूत bijālūta
साथ जालूत وَجُنُودِهِۦ ۚ और उसके लश्करों के wajunūdihi
और उसके लश्करों के قَالَ कहा qāla
कहा ٱلَّذِينَ उन्होंने जो alladhīna
उन्होंने जो يَظُنُّونَ यक़ीन रखते थे yaẓunnūna
यक़ीन रखते थे أَنَّهُم कि बेशक वो annahum
कि बेशक वो مُّلَـٰقُوا۟ मुलाक़ात करने वाले हैं mulāqū
मुलाक़ात करने वाले हैं ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से كَم कितनी ही kam
कितनी ही مِّن of min
of فِئَةٍۢ जमाअतें fi-atin
जमाअतें قَلِيلَةٍ कम (तादाद) की qalīlatin
कम (तादाद) की غَلَبَتْ ग़ालिब आ जाती है ghalabat
ग़ालिब आ जाती है فِئَةًۭ जमाअतों पर fi-atan
जमाअतों पर كَثِيرَةًۢ कसीर (तादाद) की kathīratan
कसीर (तादाद) की بِإِذْنِ by (the) permission bi-idh'ni
by (the) permission ٱللَّهِ ۗ अल्लाह के इज़्न से l-lahi
अल्लाह के इज़्न से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह مَعَ साथ है maʿa
साथ है ٱلصَّـٰبِرِينَ सब्र करने वालों के l-ṣābirīna
सब्र करने वालों के ٢٤٩ (249)
(249)
पस जब فَصَلَ जुदा हुआ faṣala
जुदा हुआ طَالُوتُ तालूत ṭālūtu
तालूत بِٱلْجُنُودِ साथ लश्करों के bil-junūdi
साथ लश्करों के قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह مُبْتَلِيكُم आज़माने वाला है तुम्हें mub'talīkum
आज़माने वाला है तुम्हें بِنَهَرٍۢ एक नहर से binaharin
एक नहर से فَمَن तो जिसने faman
तो जिसने شَرِبَ पिया shariba
पिया مِنْهُ उससे min'hu
उससे فَلَيْسَ तो नहीं वो falaysa
तो नहीं वो مِنِّى मुझसे minnī
मुझसे وَمَن और जिसने waman
और जिसने لَّمْ ना lam
ना يَطْعَمْهُ चखा उसे yaṭʿamhu
चखा उसे فَإِنَّهُۥ तो बेशक वो fa-innahu
तो बेशक वो مِنِّىٓ मुझसे है minnī
मुझसे है إِلَّا मगर illā
मगर مَنِ जो mani
जो ٱغْتَرَفَ चुल्लु भर ले igh'tarafa
चुल्लु भर ले غُرْفَةًۢ एक चुल्लु ghur'fatan
एक चुल्लु بِيَدِهِۦ ۚ अपने हाथ से biyadihi
अपने हाथ से فَشَرِبُوا۟ तो उन्होंने पी लिया fasharibū
तो उन्होंने पी लिया مِنْهُ उससे min'hu
उससे إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلًۭا बहुत थोड़े qalīlan
बहुत थोड़े مِّنْهُمْ ۚ उनमें से min'hum
उनमें से فَلَمَّا फिर जब falammā
फिर जब جَاوَزَهُۥ उसने पार किया उसे jāwazahu
उसने पार किया उसे هُوَ उसने huwa
उसने وَٱلَّذِينَ और उन्होंने जो wa-alladhīna
और उन्होंने जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए थे āmanū
ईमान लाए थे مَعَهُۥ साथ उसके maʿahu
साथ उसके قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा لَا No lā
No طَاقَةَ नहीं कोई ताक़त ṭāqata
नहीं कोई ताक़त لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए ٱلْيَوْمَ आज l-yawma
आज بِجَالُوتَ साथ जालूत bijālūta
साथ जालूत وَجُنُودِهِۦ ۚ और उसके लश्करों के wajunūdihi
और उसके लश्करों के قَالَ कहा qāla
कहा ٱلَّذِينَ उन्होंने जो alladhīna
उन्होंने जो يَظُنُّونَ यक़ीन रखते थे yaẓunnūna
यक़ीन रखते थे أَنَّهُم कि बेशक वो annahum
कि बेशक वो مُّلَـٰقُوا۟ मुलाक़ात करने वाले हैं mulāqū
मुलाक़ात करने वाले हैं ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से كَم कितनी ही kam
कितनी ही مِّن of min
of فِئَةٍۢ जमाअतें fi-atin
जमाअतें قَلِيلَةٍ कम (तादाद) की qalīlatin
कम (तादाद) की غَلَبَتْ ग़ालिब आ जाती है ghalabat
ग़ालिब आ जाती है فِئَةًۭ जमाअतों पर fi-atan
जमाअतों पर كَثِيرَةًۢ कसीर (तादाद) की kathīratan
कसीर (तादाद) की بِإِذْنِ by (the) permission bi-idh'ni
by (the) permission ٱللَّهِ ۗ अल्लाह के इज़्न से l-lahi
अल्लाह के इज़्न से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह مَعَ साथ है maʿa
साथ है ٱلصَّـٰبِرِينَ सब्र करने वालों के l-ṣābirīna
सब्र करने वालों के ٢٤٩ (249)
(249)
फिर जब तालूत सेनाएँ लेकर चला, तो उसने कहा : निःसंदेह अल्लाह एक नहर द्वारा तुम्हारी परीक्षा लेने वाला है। अतः जिसने उसमें से पिया, तो वह मुझमें से नहीं है और जिसने उसे नहीं चखा, तो निःसंदेह वह मुझमें से है। परंतु जो अपने हाथ से एक चुल्लू भर पानी ले ले (तो कोई बात नहीं)। तो उनमें से थोड़े लोगों के सिवा सबने उसमें से पी लिया। फिर जब वह (तालूत) और उसके साथ ईमान वाले नहर पार कर गए, तो उन्होंने कहा : आज हमारे पास जालूत और उसकी सेनाओं से लड़ने की कोई शक्ति नहीं है। (परंतु) जो लोग समझते थे कि निश्चय वे अल्लाह से मिलने वाले हैं, उन्होंने कहा : कितने ही थोड़े समूह, अल्लाह की अनुमति से, बड़े समूहों पर विजय प्राप्त कर चुके हैं और अल्लाह सब्र करने वालों के साथ है।
२:२५०
وَلَمَّا
और जब
walammā
और जब بَرَزُوا۟ वो सामने हुए barazū
वो सामने हुए لِجَالُوتَ जालूत के lijālūta
जालूत के وَجُنُودِهِۦ और उसके लश्करों के wajunūdihi
और उसके लश्करों के قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा رَبَّنَآ ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब أَفْرِغْ डाल दे afrigh
डाल दे عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर صَبْرًۭا सब्र ṣabran
सब्र وَثَبِّتْ और जमा दे wathabbit
और जमा दे أَقْدَامَنَا हमारे क़दमों को aqdāmanā
हमारे क़दमों को وَٱنصُرْنَا और मदद कर हमारी wa-unṣur'nā
और मदद कर हमारी عَلَى against ʿalā
against ٱلْقَوْمِ उस क़ौम पर l-qawmi
उस क़ौम पर ٱلْكَـٰفِرِينَ जो काफ़िर है l-kāfirīna
जो काफ़िर है ٢٥٠ (250)
(250)
और जब بَرَزُوا۟ वो सामने हुए barazū
वो सामने हुए لِجَالُوتَ जालूत के lijālūta
जालूत के وَجُنُودِهِۦ और उसके लश्करों के wajunūdihi
और उसके लश्करों के قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा رَبَّنَآ ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब أَفْرِغْ डाल दे afrigh
डाल दे عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर صَبْرًۭا सब्र ṣabran
सब्र وَثَبِّتْ और जमा दे wathabbit
और जमा दे أَقْدَامَنَا हमारे क़दमों को aqdāmanā
हमारे क़दमों को وَٱنصُرْنَا और मदद कर हमारी wa-unṣur'nā
और मदद कर हमारी عَلَى against ʿalā
against ٱلْقَوْمِ उस क़ौम पर l-qawmi
उस क़ौम पर ٱلْكَـٰفِرِينَ जो काफ़िर है l-kāfirīna
जो काफ़िर है ٢٥٠ (250)
(250)
और जब वे जालूत और उसकी सेनाओं के सामने हुए, तो दुआ की : ऐ हमारे पालनहार! हमपर धैर्य उँडेल दे तथा हमारे पैरों को जमा दे और इन काफ़िरों के विरुद्ध हमारी सहायता कर।
२:२५१
فَهَزَمُوهُم
तो उन्होंने शिकस्त दे दी उन्हें
fahazamūhum
तो उन्होंने शिकस्त दे दी उन्हें بِإِذْنِ by (the) permission bi-idh'ni
by (the) permission ٱللَّهِ अल्लाह के इज़्न से l-lahi
अल्लाह के इज़्न से وَقَتَلَ और क़त्ल कर दिया waqatala
और क़त्ल कर दिया دَاوُۥدُ दाऊद ने dāwūdu
दाऊद ने جَالُوتَ जालूत को jālūta
जालूत को وَءَاتَىٰهُ और अता की उसे waātāhu
और अता की उसे ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱلْمُلْكَ बादशाहत l-mul'ka
बादशाहत وَٱلْحِكْمَةَ और हिकमत wal-ḥik'mata
और हिकमत وَعَلَّمَهُۥ और उसने सिखाया उसे waʿallamahu
और उसने सिखाया उसे مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो يَشَآءُ ۗ उसने चाहा yashāu
उसने चाहा وَلَوْلَا और अगर ना होता walawlā
और अगर ना होता دَفْعُ हटा देना dafʿu
हटा देना ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को بَعْضَهُم उनके बाज़ को baʿḍahum
उनके बाज़ को بِبَعْضٍۢ साथ बाज़ के bibaʿḍin
साथ बाज़ के لَّفَسَدَتِ अलबत्ता फ़साद फैल जाता lafasadati
अलबत्ता फ़साद फैल जाता ٱلْأَرْضُ ज़मीन में l-arḍu
ज़मीन में وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह ذُو (is) Possessor dhū
(is) Possessor فَضْلٍ फज़ल वाला है faḍlin
फज़ल वाला है عَلَى to ʿalā
to ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहान वालों पर l-ʿālamīna
तमाम जहान वालों पर ٢٥١ (251)
(251)
तो उन्होंने शिकस्त दे दी उन्हें بِإِذْنِ by (the) permission bi-idh'ni
by (the) permission ٱللَّهِ अल्लाह के इज़्न से l-lahi
अल्लाह के इज़्न से وَقَتَلَ और क़त्ल कर दिया waqatala
और क़त्ल कर दिया دَاوُۥدُ दाऊद ने dāwūdu
दाऊद ने جَالُوتَ जालूत को jālūta
जालूत को وَءَاتَىٰهُ और अता की उसे waātāhu
और अता की उसे ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱلْمُلْكَ बादशाहत l-mul'ka
बादशाहत وَٱلْحِكْمَةَ और हिकमत wal-ḥik'mata
और हिकमत وَعَلَّمَهُۥ और उसने सिखाया उसे waʿallamahu
और उसने सिखाया उसे مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो يَشَآءُ ۗ उसने चाहा yashāu
उसने चाहा وَلَوْلَا और अगर ना होता walawlā
और अगर ना होता دَفْعُ हटा देना dafʿu
हटा देना ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को بَعْضَهُم उनके बाज़ को baʿḍahum
उनके बाज़ को بِبَعْضٍۢ साथ बाज़ के bibaʿḍin
साथ बाज़ के لَّفَسَدَتِ अलबत्ता फ़साद फैल जाता lafasadati
अलबत्ता फ़साद फैल जाता ٱلْأَرْضُ ज़मीन में l-arḍu
ज़मीन में وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह ذُو (is) Possessor dhū
(is) Possessor فَضْلٍ फज़ल वाला है faḍlin
फज़ल वाला है عَلَى to ʿalā
to ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहान वालों पर l-ʿālamīna
तमाम जहान वालों पर ٢٥١ (251)
(251)
तो उन्होंने अल्लाह की अनुज्ञा से उन्हें पराजित कर दिया और दाऊद ने जालूत को क़त्ल कर दिया तथा अल्लाह ने उस (दाऊद)1 को राज्य और ह़िकमत प्रदान की तथा उसे जो कुछ चाहता था, सिखा दिया। और यदि अल्लाह का कुछ लोगों को कुछ लोगों द्वारा हटाना न होता, तो निश्चय धरती की व्यवस्था बिगड़ जाती। परंतु अल्लाह संसार वालों पर बड़े अनुग्रह वाला है।
२:२५२
تِلْكَ
ये
til'ka
ये ءَايَـٰتُ आयात हैं āyātu
आयात हैं ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की نَتْلُوهَا हम पढ़ते हैं उन्हें natlūhā
हम पढ़ते हैं उन्हें عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर بِٱلْحَقِّ ۚ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के وَإِنَّكَ और बेशक आप wa-innaka
और बेशक आप لَمِنَ (are) surely of lamina
(are) surely of ٱلْمُرْسَلِينَ अलबत्ता रसूलों में से हैं l-mur'salīna
अलबत्ता रसूलों में से हैं ٢٥٢ (252)
(252)
ये ءَايَـٰتُ आयात हैं āyātu
आयात हैं ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की نَتْلُوهَا हम पढ़ते हैं उन्हें natlūhā
हम पढ़ते हैं उन्हें عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर بِٱلْحَقِّ ۚ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के وَإِنَّكَ और बेशक आप wa-innaka
और बेशक आप لَمِنَ (are) surely of lamina
(are) surely of ٱلْمُرْسَلِينَ अलबत्ता रसूलों में से हैं l-mur'salīna
अलबत्ता रसूलों में से हैं ٢٥٢ (252)
(252)
(ऐ नबी!) ये अल्लाह की आयतें हैं, हम उन्हें सत्य के साथ आपपर पढ़ते हैं, और निःसंदेह आप निश्चय रसूलों में से हैं।
२:२५३
۞ تِلْكَ
ये
til'ka
ये ٱلرُّسُلُ रसूल l-rusulu
रसूल فَضَّلْنَا फ़ज़ीलत दी हमने faḍḍalnā
फ़ज़ीलत दी हमने بَعْضَهُمْ उनके बाज़ को baʿḍahum
उनके बाज़ को عَلَىٰ over ʿalā
over بَعْضٍۢ ۘ बाज़ पर baʿḍin
बाज़ पर مِّنْهُم उनमें से बाज़ (वो हैं) min'hum
उनमें से बाज़ (वो हैं) مَّن जिनसे man
जिनसे كَلَّمَ कलाम किया kallama
कलाम किया ٱللَّهُ ۖ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَرَفَعَ और उसने बुलन्द किया warafaʿa
और उसने बुलन्द किया بَعْضَهُمْ उनमें से बाज़ को baʿḍahum
उनमें से बाज़ को دَرَجَـٰتٍۢ ۚ दरजात में darajātin
दरजात में وَءَاتَيْنَا और दीं हमने waātaynā
और दीं हमने عِيسَى ईसा ʿīsā
ईसा ٱبْنَ son ib'na
son مَرْيَمَ इब्ने मरियम को maryama
इब्ने मरियम को ٱلْبَيِّنَـٰتِ वाज़ेह निशानियाँ l-bayināti
वाज़ेह निशानियाँ وَأَيَّدْنَـٰهُ और क़ुव्वत दी हमने उसे wa-ayyadnāhu
और क़ुव्वत दी हमने उसे بِرُوحِ with Spirit birūḥi
with Spirit ٱلْقُدُسِ ۗ साथ रूहुल क़ुदुस के l-qudusi
साथ रूहुल क़ुदुस के وَلَوْ और अगर walaw
और अगर شَآءَ चाहता shāa
चाहता ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مَا ना mā
ना ٱقْتَتَلَ बाहम लड़ते iq'tatala
बाहम लड़ते ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो مِنۢ (came) from min
(came) from بَعْدِهِم थे उनके बाद baʿdihim
थे उनके बाद مِّنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद مَا उसके जो mā
उसके जो جَآءَتْهُمُ आ गईं उनके पास jāathumu
आ गईं उनके पास ٱلْبَيِّنَـٰتُ वाज़ेह निशानियाँ l-bayinātu
वाज़ेह निशानियाँ وَلَـٰكِنِ और लेकिन walākini
और लेकिन ٱخْتَلَفُوا۟ उन्होंने इख़्तिलाफ़ किया ikh'talafū
उन्होंने इख़्तिलाफ़ किया فَمِنْهُم फिर उनमें से कोई है famin'hum
फिर उनमें से कोई है مَّنْ जो man
जो ءَامَنَ ईमान लाया āmana
ईमान लाया وَمِنْهُم और उनमें से कोई है wamin'hum
और उनमें से कोई है مَّن जिसने man
जिसने كَفَرَ ۚ कुफ़्र किया kafara
कुफ़्र किया وَلَوْ और अगर walaw
और अगर شَآءَ चाहता shāa
चाहता ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مَا ना mā
ना ٱقْتَتَلُوا۟ वो बाहम लड़ते iq'tatalū
वो बाहम लड़ते وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يَفْعَلُ करता है yafʿalu
करता है مَا जो mā
जो يُرِيدُ वो चाहता है yurīdu
वो चाहता है ٢٥٣ (253)
(253)
ये ٱلرُّسُلُ रसूल l-rusulu
रसूल فَضَّلْنَا फ़ज़ीलत दी हमने faḍḍalnā
फ़ज़ीलत दी हमने بَعْضَهُمْ उनके बाज़ को baʿḍahum
उनके बाज़ को عَلَىٰ over ʿalā
over بَعْضٍۢ ۘ बाज़ पर baʿḍin
बाज़ पर مِّنْهُم उनमें से बाज़ (वो हैं) min'hum
उनमें से बाज़ (वो हैं) مَّن जिनसे man
जिनसे كَلَّمَ कलाम किया kallama
कलाम किया ٱللَّهُ ۖ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَرَفَعَ और उसने बुलन्द किया warafaʿa
और उसने बुलन्द किया بَعْضَهُمْ उनमें से बाज़ को baʿḍahum
उनमें से बाज़ को دَرَجَـٰتٍۢ ۚ दरजात में darajātin
दरजात में وَءَاتَيْنَا और दीं हमने waātaynā
और दीं हमने عِيسَى ईसा ʿīsā
ईसा ٱبْنَ son ib'na
son مَرْيَمَ इब्ने मरियम को maryama
इब्ने मरियम को ٱلْبَيِّنَـٰتِ वाज़ेह निशानियाँ l-bayināti
वाज़ेह निशानियाँ وَأَيَّدْنَـٰهُ और क़ुव्वत दी हमने उसे wa-ayyadnāhu
और क़ुव्वत दी हमने उसे بِرُوحِ with Spirit birūḥi
with Spirit ٱلْقُدُسِ ۗ साथ रूहुल क़ुदुस के l-qudusi
साथ रूहुल क़ुदुस के وَلَوْ और अगर walaw
और अगर شَآءَ चाहता shāa
चाहता ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مَا ना mā
ना ٱقْتَتَلَ बाहम लड़ते iq'tatala
बाहम लड़ते ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो مِنۢ (came) from min
(came) from بَعْدِهِم थे उनके बाद baʿdihim
थे उनके बाद مِّنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद مَا उसके जो mā
उसके जो جَآءَتْهُمُ आ गईं उनके पास jāathumu
आ गईं उनके पास ٱلْبَيِّنَـٰتُ वाज़ेह निशानियाँ l-bayinātu
वाज़ेह निशानियाँ وَلَـٰكِنِ और लेकिन walākini
और लेकिन ٱخْتَلَفُوا۟ उन्होंने इख़्तिलाफ़ किया ikh'talafū
उन्होंने इख़्तिलाफ़ किया فَمِنْهُم फिर उनमें से कोई है famin'hum
फिर उनमें से कोई है مَّنْ जो man
जो ءَامَنَ ईमान लाया āmana
ईमान लाया وَمِنْهُم और उनमें से कोई है wamin'hum
और उनमें से कोई है مَّن जिसने man
जिसने كَفَرَ ۚ कुफ़्र किया kafara
कुफ़्र किया وَلَوْ और अगर walaw
और अगर شَآءَ चाहता shāa
चाहता ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مَا ना mā
ना ٱقْتَتَلُوا۟ वो बाहम लड़ते iq'tatalū
वो बाहम लड़ते وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يَفْعَلُ करता है yafʿalu
करता है مَا जो mā
जो يُرِيدُ वो चाहता है yurīdu
वो चाहता है ٢٥٣ (253)
(253)
ये रसूल हैं, हमने इनमें से कुछ को कुछ पर श्रेष्ठता प्रदान की। इनमें से कुछ वे हैं जिनसे अल्लाह ने बात की, और उनमें से कुछ के उसने दर्जे ऊँचे किए। तथा हमने मरयम के पुत्र ईसा को खुली निशानियाँ दीं और उसे रूह़ुल-क़ुदुस1 द्वारा शक्ति प्रदान की। और यदि अल्लाह चाहता, तो उनके बाद आने वाले लोग उनके पास खुली निशानियाँ आ जाने के पश्चात आपस में न लड़ते। परंतु उन्होंने मतभेद किया, तो उनमें से कोई तो वह था जो ईमान लाया और उनमें से कोई वह था जिसने कुफ़्र किया। और यदि अल्लाह चाहता, तो वे आपस में न लड़ते, लेकिन अल्लाह जो चाहता है, करता है।
२:२५४
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो أَنفِقُوا۟ ख़र्च करो anfiqū
ख़र्च करो مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो رَزَقْنَـٰكُم रिज़्क़ दिया हमने तुम्हें razaqnākum
रिज़्क़ दिया हमने तुम्हें مِّن from min
from قَبْلِ इससे पहले qabli
इससे पहले أَن कि an
कि يَأْتِىَ आ जाए yatiya
आ जाए يَوْمٌۭ वो दिन yawmun
वो दिन لَّا नहीं lā
नहीं بَيْعٌۭ कोई ख़रीद व फ़रोख़्त bayʿun
कोई ख़रीद व फ़रोख़्त فِيهِ उसमें fīhi
उसमें وَلَا और ना walā
और ना خُلَّةٌۭ कोई दोस्ती khullatun
कोई दोस्ती وَلَا और ना walā
और ना شَفَـٰعَةٌۭ ۗ कोई सिफ़ारिश shafāʿatun
कोई सिफ़ारिश وَٱلْكَـٰفِرُونَ और जो काफ़िर हैं wal-kāfirūna
और जो काफ़िर हैं هُمُ वो ही humu
वो ही ٱلظَّـٰلِمُونَ ज़ालिम हैं l-ẓālimūna
ज़ालिम हैं ٢٥٤ (254)
(254)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो أَنفِقُوا۟ ख़र्च करो anfiqū
ख़र्च करो مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो رَزَقْنَـٰكُم रिज़्क़ दिया हमने तुम्हें razaqnākum
रिज़्क़ दिया हमने तुम्हें مِّن from min
from قَبْلِ इससे पहले qabli
इससे पहले أَن कि an
कि يَأْتِىَ आ जाए yatiya
आ जाए يَوْمٌۭ वो दिन yawmun
वो दिन لَّا नहीं lā
नहीं بَيْعٌۭ कोई ख़रीद व फ़रोख़्त bayʿun
कोई ख़रीद व फ़रोख़्त فِيهِ उसमें fīhi
उसमें وَلَا और ना walā
और ना خُلَّةٌۭ कोई दोस्ती khullatun
कोई दोस्ती وَلَا और ना walā
और ना شَفَـٰعَةٌۭ ۗ कोई सिफ़ारिश shafāʿatun
कोई सिफ़ारिश وَٱلْكَـٰفِرُونَ और जो काफ़िर हैं wal-kāfirūna
और जो काफ़िर हैं هُمُ वो ही humu
वो ही ٱلظَّـٰلِمُونَ ज़ालिम हैं l-ẓālimūna
ज़ालिम हैं ٢٥٤ (254)
(254)
ऐ ईमान वालो! उसमें से ख़र्च करो, जो हमने तुम्हें दिया है, इससे पहले कि वह दिन आ जाए, जिसमें न कोई क्रय-विक्रय होगा और न कोई दोस्ती और न कोई अनुशंसा (सिफ़ारिश)। तथा काफ़िर लोग1 ही अत्याचारी2 हैं।
२:२५५
ٱللَّهُ
अल्लाह
al-lahu
अल्लाह لَآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ वो ही huwa
वो ही ٱلْحَىُّ ज़िन्दा है l-ḥayu
ज़िन्दा है ٱلْقَيُّومُ ۚ क़ायम रखने वाला है l-qayūmu
क़ायम रखने वाला है لَا Not lā
Not تَأْخُذُهُۥ नहीं पकड़ती उसे takhudhuhu
नहीं पकड़ती उसे سِنَةٌۭ ऊँघ sinatun
ऊँघ وَلَا और ना walā
और ना نَوْمٌۭ ۚ नीन्द nawmun
नीन्द لَّهُۥ उसी के लिए है lahu
उसी के लिए है مَا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ۗ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है مَن कौन है man
कौन है ذَا (is) the one dhā
(is) the one ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो يَشْفَعُ सिफ़ारिश करे yashfaʿu
सिफ़ारिश करे عِندَهُۥٓ उसके पास ʿindahu
उसके पास إِلَّا मगर illā
मगर بِإِذْنِهِۦ ۚ उसके इज़्न से bi-idh'nihi
उसके इज़्न से يَعْلَمُ वो जानता है yaʿlamu
वो जानता है مَا जो mā
जो بَيْنَ दर्मियान है bayna
दर्मियान है أَيْدِيهِمْ उनके हाथों के aydīhim
उनके हाथों के وَمَا और जो wamā
और जो خَلْفَهُمْ ۖ उनके पीछे है khalfahum
उनके पीछे है وَلَا और नहीं walā
और नहीं يُحِيطُونَ वो इहाता कर सकते yuḥīṭūna
वो इहाता कर सकते بِشَىْءٍۢ किसी चीज़ का bishayin
किसी चीज़ का مِّنْ of min
of عِلْمِهِۦٓ उसके इल्म में से ʿil'mihi
उसके इल्म में से إِلَّا मगर illā
मगर بِمَا जो bimā
जो شَآءَ ۚ वो चाहे shāa
वो चाहे وَسِعَ घेर रखा है wasiʿa
घेर रखा है كُرْسِيُّهُ उसकी कुर्सी ने kur'siyyuhu
उसकी कुर्सी ने ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضَ ۖ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَـُٔودُهُۥ थकाती उसे yaūduhu
थकाती उसे حِفْظُهُمَا ۚ हिफ़ाज़त उन दोनों की ḥif'ẓuhumā
हिफ़ाज़त उन दोनों की وَهُوَ और वो wahuwa
और वो ٱلْعَلِىُّ बुलन्दतर है l-ʿaliyu
बुलन्दतर है ٱلْعَظِيمُ बहुत बड़ा है l-ʿaẓīmu
बहुत बड़ा है ٢٥٥ (255)
(255)
अल्लाह لَآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ वो ही huwa
वो ही ٱلْحَىُّ ज़िन्दा है l-ḥayu
ज़िन्दा है ٱلْقَيُّومُ ۚ क़ायम रखने वाला है l-qayūmu
क़ायम रखने वाला है لَا Not lā
Not تَأْخُذُهُۥ नहीं पकड़ती उसे takhudhuhu
नहीं पकड़ती उसे سِنَةٌۭ ऊँघ sinatun
ऊँघ وَلَا और ना walā
और ना نَوْمٌۭ ۚ नीन्द nawmun
नीन्द لَّهُۥ उसी के लिए है lahu
उसी के लिए है مَا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ۗ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है مَن कौन है man
कौन है ذَا (is) the one dhā
(is) the one ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो يَشْفَعُ सिफ़ारिश करे yashfaʿu
सिफ़ारिश करे عِندَهُۥٓ उसके पास ʿindahu
उसके पास إِلَّا मगर illā
मगर بِإِذْنِهِۦ ۚ उसके इज़्न से bi-idh'nihi
उसके इज़्न से يَعْلَمُ वो जानता है yaʿlamu
वो जानता है مَا जो mā
जो بَيْنَ दर्मियान है bayna
दर्मियान है أَيْدِيهِمْ उनके हाथों के aydīhim
उनके हाथों के وَمَا और जो wamā
और जो خَلْفَهُمْ ۖ उनके पीछे है khalfahum
उनके पीछे है وَلَا और नहीं walā
और नहीं يُحِيطُونَ वो इहाता कर सकते yuḥīṭūna
वो इहाता कर सकते بِشَىْءٍۢ किसी चीज़ का bishayin
किसी चीज़ का مِّنْ of min
of عِلْمِهِۦٓ उसके इल्म में से ʿil'mihi
उसके इल्म में से إِلَّا मगर illā
मगर بِمَا जो bimā
जो شَآءَ ۚ वो चाहे shāa
वो चाहे وَسِعَ घेर रखा है wasiʿa
घेर रखा है كُرْسِيُّهُ उसकी कुर्सी ने kur'siyyuhu
उसकी कुर्सी ने ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضَ ۖ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَـُٔودُهُۥ थकाती उसे yaūduhu
थकाती उसे حِفْظُهُمَا ۚ हिफ़ाज़त उन दोनों की ḥif'ẓuhumā
हिफ़ाज़त उन दोनों की وَهُوَ और वो wahuwa
और वो ٱلْعَلِىُّ बुलन्दतर है l-ʿaliyu
बुलन्दतर है ٱلْعَظِيمُ बहुत बड़ा है l-ʿaẓīmu
बहुत बड़ा है ٢٥٥ (255)
(255)
अल्लाह (वह है कि) उसके सिवा कोई पूज्य नहीं। (वह) जीवित है, हर चीज़ को सँभालने (क़ायम रखने)1 वाला है। न उसे कुछ ऊँघ पकड़ती है और न नींद। उसी का है जो कुछ आकाशों में और जो कुछ धरती में है। कौन है, जो उसके पास उसकी अनुमति के बिना अनुशंसा (सिफ़ारिश) करे? वह जानता है जो कुछ उनके सामने और जो कुछ उनके पीछे है। और वे उसके ज्ञान में से किसी चीज़ को (अपने ज्ञान से) नहीं घेर सकते, परंतु जितना वह चाहे। उसकी कुर्सी आकाशों और धरती को व्याप्त है और उन दोनों की रक्षा उसे नहीं थकाती। और वही सबसे ऊँचा, सबसे महान है।2
२:२५६
لَآ
(There is) no
lā
(There is) no إِكْرَاهَ नहीं कोई जबर/ज़बरदस्ती ik'rāha
नहीं कोई जबर/ज़बरदस्ती فِى in fī
in ٱلدِّينِ ۖ दीन में l-dīni
दीन में قَد तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ تَّبَيَّنَ वाज़ेह हो गई है tabayyana
वाज़ेह हो गई है ٱلرُّشْدُ हिदायत l-rush'du
हिदायत مِنَ from mina
from ٱلْغَىِّ ۚ गुमराही से l-ghayi
गुमराही से فَمَن तो जो कोई faman
तो जो कोई يَكْفُرْ कुफ़्र करेगा yakfur
कुफ़्र करेगा بِٱلطَّـٰغُوتِ ताग़ूत का bil-ṭāghūti
ताग़ूत का وَيُؤْمِنۢ और वो ईमान लाएगा wayu'min
और वो ईमान लाएगा بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर فَقَدِ पस तहक़ीक़ faqadi
पस तहक़ीक़ ٱسْتَمْسَكَ उसने थाम लिया is'tamsaka
उसने थाम लिया بِٱلْعُرْوَةِ कड़ा bil-ʿur'wati
कड़ा ٱلْوُثْقَىٰ मज़बूत l-wuth'qā
मज़बूत لَا (which) not lā
(which) not ٱنفِصَامَ नहीं है कोई टूटना infiṣāma
नहीं है कोई टूटना لَهَا ۗ उसके लिए lahā
उसके लिए وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह سَمِيعٌ ख़ूब सुनने वाला है samīʿun
ख़ूब सुनने वाला है عَلِيمٌ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٢٥٦ (256)
(256)
(There is) no إِكْرَاهَ नहीं कोई जबर/ज़बरदस्ती ik'rāha
नहीं कोई जबर/ज़बरदस्ती فِى in fī
in ٱلدِّينِ ۖ दीन में l-dīni
दीन में قَد तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ تَّبَيَّنَ वाज़ेह हो गई है tabayyana
वाज़ेह हो गई है ٱلرُّشْدُ हिदायत l-rush'du
हिदायत مِنَ from mina
from ٱلْغَىِّ ۚ गुमराही से l-ghayi
गुमराही से فَمَن तो जो कोई faman
तो जो कोई يَكْفُرْ कुफ़्र करेगा yakfur
कुफ़्र करेगा بِٱلطَّـٰغُوتِ ताग़ूत का bil-ṭāghūti
ताग़ूत का وَيُؤْمِنۢ और वो ईमान लाएगा wayu'min
और वो ईमान लाएगा بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर فَقَدِ पस तहक़ीक़ faqadi
पस तहक़ीक़ ٱسْتَمْسَكَ उसने थाम लिया is'tamsaka
उसने थाम लिया بِٱلْعُرْوَةِ कड़ा bil-ʿur'wati
कड़ा ٱلْوُثْقَىٰ मज़बूत l-wuth'qā
मज़बूत لَا (which) not lā
(which) not ٱنفِصَامَ नहीं है कोई टूटना infiṣāma
नहीं है कोई टूटना لَهَا ۗ उसके लिए lahā
उसके लिए وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह سَمِيعٌ ख़ूब सुनने वाला है samīʿun
ख़ूब सुनने वाला है عَلِيمٌ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٢٥٦ (256)
(256)
धर्म के मामले में कोई ज़ोर-ज़बरदस्ती नहीं। निःसंदेह सन्मार्ग, पथभ्रष्टता से स्पष्ट हो चुका है। अतः जो कोई ताग़ूत (अल्लाह के सिवा अन्य पूज्यों) का इनकार करे और अल्लाह पर ईमान लाए, तो निश्चय उसने मज़बूत कड़े को थाम लिया, जिसे किसी भी तरह टूटना नहीं। तथा अल्लाह सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।1
२:२५७
ٱللَّهُ
अल्लाह
al-lahu
अल्लाह وَلِىُّ दोस्त है waliyyu
दोस्त है ٱلَّذِينَ उनका जो alladhīna
उनका जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए يُخْرِجُهُم वो निकालता है उन्हें yukh'rijuhum
वो निकालता है उन्हें مِّنَ from mina
from ٱلظُّلُمَـٰتِ अँधेरों से l-ẓulumāti
अँधेरों से إِلَى towards ilā
towards ٱلنُّورِ ۖ तरफ़ नूर के l-nūri
तरफ़ नूर के وَٱلَّذِينَ और जिन्होंने wa-alladhīna
और जिन्होंने كَفَرُوٓا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया أَوْلِيَآؤُهُمُ दोस्त उनके awliyāuhumu
दोस्त उनके ٱلطَّـٰغُوتُ ताग़ूत हैं l-ṭāghūtu
ताग़ूत हैं يُخْرِجُونَهُم वो निकालते है उन्हें yukh'rijūnahum
वो निकालते है उन्हें مِّنَ from mina
from ٱلنُّورِ नूर से l-nūri
नूर से إِلَى towards ilā
towards ٱلظُّلُمَـٰتِ ۗ तरफ़ अँधेरों के l-ẓulumāti
तरफ़ अँधेरों के أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं أَصْحَـٰبُ साथी aṣḥābu
साथी ٱلنَّارِ ۖ आग के l-nāri
आग के هُمْ वो hum
वो فِيهَا उसमें fīhā
उसमें خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं ٢٥٧ (257)
(257)
अल्लाह وَلِىُّ दोस्त है waliyyu
दोस्त है ٱلَّذِينَ उनका जो alladhīna
उनका जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए يُخْرِجُهُم वो निकालता है उन्हें yukh'rijuhum
वो निकालता है उन्हें مِّنَ from mina
from ٱلظُّلُمَـٰتِ अँधेरों से l-ẓulumāti
अँधेरों से إِلَى towards ilā
towards ٱلنُّورِ ۖ तरफ़ नूर के l-nūri
तरफ़ नूर के وَٱلَّذِينَ और जिन्होंने wa-alladhīna
और जिन्होंने كَفَرُوٓا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया أَوْلِيَآؤُهُمُ दोस्त उनके awliyāuhumu
दोस्त उनके ٱلطَّـٰغُوتُ ताग़ूत हैं l-ṭāghūtu
ताग़ूत हैं يُخْرِجُونَهُم वो निकालते है उन्हें yukh'rijūnahum
वो निकालते है उन्हें مِّنَ from mina
from ٱلنُّورِ नूर से l-nūri
नूर से إِلَى towards ilā
towards ٱلظُّلُمَـٰتِ ۗ तरफ़ अँधेरों के l-ẓulumāti
तरफ़ अँधेरों के أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं أَصْحَـٰبُ साथी aṣḥābu
साथी ٱلنَّارِ ۖ आग के l-nāri
आग के هُمْ वो hum
वो فِيهَا उसमें fīhā
उसमें خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं ٢٥٧ (257)
(257)
अल्लाह ईमान वालों का दोस्त (संरक्षक) है, वह उन्हें अँधेरों से निकालकर प्रकाश की ओर लाता है। और काफ़िरों के दोस्त 'ताग़ूत' (असत्य पूज्य) हैं, वे उन्हें प्रकाश से निकालकर अँधेरों की ओर ले जाते हैं। ये लोग आग (जहन्नम) वाले हैं, वे उसमें हमेशा रहने वाले हैं।
२:२५८
أَلَمْ
क्या नहीं
alam
क्या नहीं تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा إِلَى [towards] ilā
[towards] ٱلَّذِى तरफ़ उसके जिसने alladhī
तरफ़ उसके जिसने حَآجَّ झगड़ा किया ḥājja
झगड़ा किया إِبْرَٰهِـۧمَ इब्राहीम से ib'rāhīma
इब्राहीम से فِى concerning fī
concerning رَبِّهِۦٓ उसके रब के बारे में rabbihi
उसके रब के बारे में أَنْ कि an
कि ءَاتَىٰهُ अता की उसे ātāhu
अता की उसे ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱلْمُلْكَ बादशाहत l-mul'ka
बादशाहत إِذْ जब idh
जब قَالَ कहा qāla
कहा إِبْرَٰهِـۧمُ इब्राहीम ने ib'rāhīmu
इब्राहीम ने رَبِّىَ मेरा रब rabbiya
मेरा रब ٱلَّذِى वो है जो alladhī
वो है जो يُحْىِۦ ज़िन्दा करता है yuḥ'yī
ज़िन्दा करता है وَيُمِيتُ और वो मौत देता है wayumītu
और वो मौत देता है قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा أَنَا۠ मैं anā
मैं أُحْىِۦ मैं ज़िन्दा करता हूँ uḥ'yī
मैं ज़िन्दा करता हूँ وَأُمِيتُ ۖ और मैं मौत देता हूँ wa-umītu
और मैं मौत देता हूँ قَالَ कहा qāla
कहा إِبْرَٰهِـۧمُ इब्राहीम ने ib'rāhīmu
इब्राहीम ने فَإِنَّ पस बेशक fa-inna
पस बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يَأْتِى लाता है yatī
लाता है بِٱلشَّمْسِ सूरज को bil-shamsi
सूरज को مِنَ from mina
from ٱلْمَشْرِقِ मशरिक़ से l-mashriqi
मशरिक़ से فَأْتِ पस तुम ले आओ fati
पस तुम ले आओ بِهَا उसे bihā
उसे مِنَ from mina
from ٱلْمَغْرِبِ मग़रिब से l-maghribi
मग़रिब से فَبُهِتَ पस मबहूत रह गया fabuhita
पस मबहूत रह गया ٱلَّذِى वो जिसने alladhī
वो जिसने كَفَرَ ۗ कुफ़्र किया था kafara
कुफ़्र किया था وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يَهْدِى नहीं वो हिदायत देता yahdī
नहीं वो हिदायत देता ٱلْقَوْمَ उन लोगों को l-qawma
उन लोगों को ٱلظَّـٰلِمِينَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimīna
जो ज़ालिम हैं ٢٥٨ (258)
(258)
क्या नहीं تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा إِلَى [towards] ilā
[towards] ٱلَّذِى तरफ़ उसके जिसने alladhī
तरफ़ उसके जिसने حَآجَّ झगड़ा किया ḥājja
झगड़ा किया إِبْرَٰهِـۧمَ इब्राहीम से ib'rāhīma
इब्राहीम से فِى concerning fī
concerning رَبِّهِۦٓ उसके रब के बारे में rabbihi
उसके रब के बारे में أَنْ कि an
कि ءَاتَىٰهُ अता की उसे ātāhu
अता की उसे ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱلْمُلْكَ बादशाहत l-mul'ka
बादशाहत إِذْ जब idh
जब قَالَ कहा qāla
कहा إِبْرَٰهِـۧمُ इब्राहीम ने ib'rāhīmu
इब्राहीम ने رَبِّىَ मेरा रब rabbiya
मेरा रब ٱلَّذِى वो है जो alladhī
वो है जो يُحْىِۦ ज़िन्दा करता है yuḥ'yī
ज़िन्दा करता है وَيُمِيتُ और वो मौत देता है wayumītu
और वो मौत देता है قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा أَنَا۠ मैं anā
मैं أُحْىِۦ मैं ज़िन्दा करता हूँ uḥ'yī
मैं ज़िन्दा करता हूँ وَأُمِيتُ ۖ और मैं मौत देता हूँ wa-umītu
और मैं मौत देता हूँ قَالَ कहा qāla
कहा إِبْرَٰهِـۧمُ इब्राहीम ने ib'rāhīmu
इब्राहीम ने فَإِنَّ पस बेशक fa-inna
पस बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يَأْتِى लाता है yatī
लाता है بِٱلشَّمْسِ सूरज को bil-shamsi
सूरज को مِنَ from mina
from ٱلْمَشْرِقِ मशरिक़ से l-mashriqi
मशरिक़ से فَأْتِ पस तुम ले आओ fati
पस तुम ले आओ بِهَا उसे bihā
उसे مِنَ from mina
from ٱلْمَغْرِبِ मग़रिब से l-maghribi
मग़रिब से فَبُهِتَ पस मबहूत रह गया fabuhita
पस मबहूत रह गया ٱلَّذِى वो जिसने alladhī
वो जिसने كَفَرَ ۗ कुफ़्र किया था kafara
कुफ़्र किया था وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يَهْدِى नहीं वो हिदायत देता yahdī
नहीं वो हिदायत देता ٱلْقَوْمَ उन लोगों को l-qawma
उन लोगों को ٱلظَّـٰلِمِينَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimīna
जो ज़ालिम हैं ٢٥٨ (258)
(258)
(ऐ नबी!) क्या तुमने उस व्यक्ति को नहीं देखा, जिसने इबराहीम से उसके पालनहार के विषय में झगड़ा किया, इस कारण कि अल्लाह ने उसे राज्य दिया था? जब इबराहीम ने कहा : मेरा पालनहार वह है, जो जीवित करता और मृत्यु देता है। उसने कहा : मैं भी जीवित करता और मृत्यु देता हूँ।1 इबराहीम ने कहा : निःसंदेह अल्लाह तो सूर्य को पूरब से लाता है, तो तू उसे पश्चिम से ले आ। (यह सुनकर) वह काफ़िर चकित रह गया और अल्लाह अत्याचारियों को मार्गदर्शन नहीं देता।
२:२५९
أَوْ
या
aw
या كَٱلَّذِى मानिन्द उसके जो ka-alladhī
मानिन्द उसके जो مَرَّ गुज़रा marra
गुज़रा عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर قَرْيَةٍۢ एक बस्ती के qaryatin
एक बस्ती के وَهِىَ और वो wahiya
और वो خَاوِيَةٌ गिरी हुई थी khāwiyatun
गिरी हुई थी عَلَىٰ on ʿalā
on عُرُوشِهَا अपनी छतों पर ʿurūshihā
अपनी छतों पर قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा أَنَّىٰ किस तरह annā
किस तरह يُحْىِۦ ज़िन्दा करेगा yuḥ'yī
ज़िन्दा करेगा هَـٰذِهِ इसको hādhihi
इसको ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بَعْدَ बाद baʿda
बाद مَوْتِهَا ۖ इसकी मौत के mawtihā
इसकी मौत के فَأَمَاتَهُ तो मौत दे दी उसे fa-amātahu
तो मौत दे दी उसे ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مِا۟ئَةَ सौ mi-ata
सौ عَامٍۢ साल ʿāmin
साल ثُمَّ फिर thumma
फिर بَعَثَهُۥ ۖ उसने उठाया उसे baʿathahu
उसने उठाया उसे قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया كَمْ कितना (अरसा) kam
कितना (अरसा) لَبِثْتَ ۖ ठहरे रहे तुम labith'ta
ठहरे रहे तुम قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा لَبِثْتُ ठहरा रहा मैं labith'tu
ठहरा रहा मैं يَوْمًا एक दिन yawman
एक दिन أَوْ या aw
या بَعْضَ कुछ हिस्सा baʿḍa
कुछ हिस्सा يَوْمٍۢ ۖ दिन का yawmin
दिन का قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया بَل बल्कि bal
बल्कि لَّبِثْتَ ठहरे रहे तुम labith'ta
ठहरे रहे तुम مِا۟ئَةَ सौ mi-ata
सौ عَامٍۢ साल ʿāmin
साल فَٱنظُرْ पस देखो fa-unẓur
पस देखो إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ طَعَامِكَ अपने खाने के ṭaʿāmika
अपने खाने के وَشَرَابِكَ और अपने पीने के washarābika
और अपने पीने के لَمْ नहीं lam
नहीं يَتَسَنَّهْ ۖ बासी हुआ वो yatasannah
बासी हुआ वो وَٱنظُرْ और देखो wa-unẓur
और देखो إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ حِمَارِكَ अपने गधे के ḥimārika
अपने गधे के وَلِنَجْعَلَكَ और ताकि हम बना दें तुम्हें walinajʿalaka
और ताकि हम बना दें तुम्हें ءَايَةًۭ एक निशानी āyatan
एक निशानी لِّلنَّاسِ ۖ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए وَٱنظُرْ और देखो wa-unẓur
और देखो إِلَى तरफ़ ilā
तरफ़ ٱلْعِظَامِ हड्डियों के l-ʿiẓāmi
हड्डियों के كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह نُنشِزُهَا हम उठा कर जोड़ते हैं उन्हें nunshizuhā
हम उठा कर जोड़ते हैं उन्हें ثُمَّ फिर thumma
फिर نَكْسُوهَا हम पहनाते हैं उन्हें naksūhā
हम पहनाते हैं उन्हें لَحْمًۭا ۚ गोश्त laḥman
गोश्त فَلَمَّا फिर जब falammā
फिर जब تَبَيَّنَ वाज़ेह हो गया tabayyana
वाज़ेह हो गया لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा أَعْلَمُ मैं जानता हूँ aʿlamu
मैं जानता हूँ أَنَّ कि बेशक anna
कि बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرٌۭ बहुत क़ादिर है qadīrun
बहुत क़ादिर है ٢٥٩ (259)
(259)
या كَٱلَّذِى मानिन्द उसके जो ka-alladhī
मानिन्द उसके जो مَرَّ गुज़रा marra
गुज़रा عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर قَرْيَةٍۢ एक बस्ती के qaryatin
एक बस्ती के وَهِىَ और वो wahiya
और वो خَاوِيَةٌ गिरी हुई थी khāwiyatun
गिरी हुई थी عَلَىٰ on ʿalā
on عُرُوشِهَا अपनी छतों पर ʿurūshihā
अपनी छतों पर قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा أَنَّىٰ किस तरह annā
किस तरह يُحْىِۦ ज़िन्दा करेगा yuḥ'yī
ज़िन्दा करेगा هَـٰذِهِ इसको hādhihi
इसको ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بَعْدَ बाद baʿda
बाद مَوْتِهَا ۖ इसकी मौत के mawtihā
इसकी मौत के فَأَمَاتَهُ तो मौत दे दी उसे fa-amātahu
तो मौत दे दी उसे ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مِا۟ئَةَ सौ mi-ata
सौ عَامٍۢ साल ʿāmin
साल ثُمَّ फिर thumma
फिर بَعَثَهُۥ ۖ उसने उठाया उसे baʿathahu
उसने उठाया उसे قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया كَمْ कितना (अरसा) kam
कितना (अरसा) لَبِثْتَ ۖ ठहरे रहे तुम labith'ta
ठहरे रहे तुम قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा لَبِثْتُ ठहरा रहा मैं labith'tu
ठहरा रहा मैं يَوْمًا एक दिन yawman
एक दिन أَوْ या aw
या بَعْضَ कुछ हिस्सा baʿḍa
कुछ हिस्सा يَوْمٍۢ ۖ दिन का yawmin
दिन का قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया بَل बल्कि bal
बल्कि لَّبِثْتَ ठहरे रहे तुम labith'ta
ठहरे रहे तुम مِا۟ئَةَ सौ mi-ata
सौ عَامٍۢ साल ʿāmin
साल فَٱنظُرْ पस देखो fa-unẓur
पस देखो إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ طَعَامِكَ अपने खाने के ṭaʿāmika
अपने खाने के وَشَرَابِكَ और अपने पीने के washarābika
और अपने पीने के لَمْ नहीं lam
नहीं يَتَسَنَّهْ ۖ बासी हुआ वो yatasannah
बासी हुआ वो وَٱنظُرْ और देखो wa-unẓur
और देखो إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ حِمَارِكَ अपने गधे के ḥimārika
अपने गधे के وَلِنَجْعَلَكَ और ताकि हम बना दें तुम्हें walinajʿalaka
और ताकि हम बना दें तुम्हें ءَايَةًۭ एक निशानी āyatan
एक निशानी لِّلنَّاسِ ۖ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए وَٱنظُرْ और देखो wa-unẓur
और देखो إِلَى तरफ़ ilā
तरफ़ ٱلْعِظَامِ हड्डियों के l-ʿiẓāmi
हड्डियों के كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह نُنشِزُهَا हम उठा कर जोड़ते हैं उन्हें nunshizuhā
हम उठा कर जोड़ते हैं उन्हें ثُمَّ फिर thumma
फिर نَكْسُوهَا हम पहनाते हैं उन्हें naksūhā
हम पहनाते हैं उन्हें لَحْمًۭا ۚ गोश्त laḥman
गोश्त فَلَمَّا फिर जब falammā
फिर जब تَبَيَّنَ वाज़ेह हो गया tabayyana
वाज़ेह हो गया لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा أَعْلَمُ मैं जानता हूँ aʿlamu
मैं जानता हूँ أَنَّ कि बेशक anna
कि बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرٌۭ बहुत क़ादिर है qadīrun
बहुत क़ादिर है ٢٥٩ (259)
(259)
अथवा उस व्यक्ति की तरह, जो एक बस्ती के पास से गुज़रा और वह अपनी छतों पर गिरी हुई थी? उसने कहा : अल्लाह इसे इसके मरने के बाद कैसे जीवित करेगा? तो अल्लाह ने उसे सौ वर्ष तक मृत्यु दे दी। फिर उसे जीवित किया। फरमाया : तू कितनी देर (मृत्यु अवस्था में) रहा? उसने कहा : मैं एक दिन अथवा दिन का कुछ हिस्सा रहा हूँ। (अल्लाह ने) कहा : बल्कि, तू सौ वर्ष रहा है। सो अपने खाने और अपने पीने की चीज़ें देख कि प्रभावित (ख़राब) नहीं हुईं तथा अपने गधे को देख, और ताकि हम तुझे लोगों के लिए एक निशानी बना दें, तथा (गधे की) हड्डियों को देख हम उन्हें कैसे उठाकर जोड़ते हैं, फिर उनपर मांस चढ़ाते हैं? फिर जब उसके लिए ख़ूब स्पष्ट हो गया, तो उसने1 कहा : मैं जानता हूँ कि निःसंदेह अल्लाह हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है।
२:२६०
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब قَالَ कहा qāla
कहा إِبْرَٰهِـۧمُ इब्राहीम ने ib'rāhīmu
इब्राहीम ने رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब أَرِنِى दिखा मुझे arinī
दिखा मुझे كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह تُحْىِ तू ज़िन्दा करेगा tuḥ'yī
तू ज़िन्दा करेगा ٱلْمَوْتَىٰ ۖ मुर्दों को l-mawtā
मुर्दों को قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया أَوَلَمْ क्या भला नहीं awalam
क्या भला नहीं تُؤْمِن ۖ तुम ईमान रखते tu'min
तुम ईमान रखते قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा بَلَىٰ क्यों नहीं balā
क्यों नहीं وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन لِّيَطْمَئِنَّ ताकि मुत्मईन हो जाए liyaṭma-inna
ताकि मुत्मईन हो जाए قَلْبِى ۖ दिल मेरा qalbī
दिल मेरा قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया فَخُذْ पस ले लो fakhudh
पस ले लो أَرْبَعَةًۭ चार arbaʿatan
चार مِّنَ of mina
of ٱلطَّيْرِ परिन्दों में से l-ṭayri
परिन्दों में से فَصُرْهُنَّ फिर माइल करो उन्हें faṣur'hunna
फिर माइल करो उन्हें إِلَيْكَ तरफ़ अपने ilayka
तरफ़ अपने ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱجْعَلْ रख दो ij'ʿal
रख दो عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर جَبَلٍۢ पहाड़ के jabalin
पहाड़ के مِّنْهُنَّ उनमें से min'hunna
उनमें से جُزْءًۭا एक हिस्सा juz'an
एक हिस्सा ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱدْعُهُنَّ बुलाओ उन्हें ud'ʿuhunna
बुलाओ उन्हें يَأْتِينَكَ वो आ जाऐंगे तेरे पास yatīnaka
वो आ जाऐंगे तेरे पास سَعْيًۭا ۚ दौड़ते हुए saʿyan
दौड़ते हुए وَٱعْلَمْ और जान लो wa-iʿ'lam
और जान लो أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَزِيزٌ बहुत ज़बरदस्त है ʿazīzun
बहुत ज़बरदस्त है حَكِيمٌۭ ख़ूब हिकमत वाला है ḥakīmun
ख़ूब हिकमत वाला है ٢٦٠ (260)
(260)
और जब قَالَ कहा qāla
कहा إِبْرَٰهِـۧمُ इब्राहीम ने ib'rāhīmu
इब्राहीम ने رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब أَرِنِى दिखा मुझे arinī
दिखा मुझे كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह تُحْىِ तू ज़िन्दा करेगा tuḥ'yī
तू ज़िन्दा करेगा ٱلْمَوْتَىٰ ۖ मुर्दों को l-mawtā
मुर्दों को قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया أَوَلَمْ क्या भला नहीं awalam
क्या भला नहीं تُؤْمِن ۖ तुम ईमान रखते tu'min
तुम ईमान रखते قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा بَلَىٰ क्यों नहीं balā
क्यों नहीं وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन لِّيَطْمَئِنَّ ताकि मुत्मईन हो जाए liyaṭma-inna
ताकि मुत्मईन हो जाए قَلْبِى ۖ दिल मेरा qalbī
दिल मेरा قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया فَخُذْ पस ले लो fakhudh
पस ले लो أَرْبَعَةًۭ चार arbaʿatan
चार مِّنَ of mina
of ٱلطَّيْرِ परिन्दों में से l-ṭayri
परिन्दों में से فَصُرْهُنَّ फिर माइल करो उन्हें faṣur'hunna
फिर माइल करो उन्हें إِلَيْكَ तरफ़ अपने ilayka
तरफ़ अपने ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱجْعَلْ रख दो ij'ʿal
रख दो عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर جَبَلٍۢ पहाड़ के jabalin
पहाड़ के مِّنْهُنَّ उनमें से min'hunna
उनमें से جُزْءًۭا एक हिस्सा juz'an
एक हिस्सा ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱدْعُهُنَّ बुलाओ उन्हें ud'ʿuhunna
बुलाओ उन्हें يَأْتِينَكَ वो आ जाऐंगे तेरे पास yatīnaka
वो आ जाऐंगे तेरे पास سَعْيًۭا ۚ दौड़ते हुए saʿyan
दौड़ते हुए وَٱعْلَمْ और जान लो wa-iʿ'lam
और जान लो أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَزِيزٌ बहुत ज़बरदस्त है ʿazīzun
बहुत ज़बरदस्त है حَكِيمٌۭ ख़ूब हिकमत वाला है ḥakīmun
ख़ूब हिकमत वाला है ٢٦٠ (260)
(260)
तथा (याद करें) जब इबराहीम ने कहा : ऐ मेरे पालनहार! मुझे दिखा कि तू मरे हुए लोगों को कैसे ज़िंदा करेगा? (अल्लाह ने) कहा : क्या तुमने विश्वास नहीं किया? उसने कहा : क्यों नहीं? लेकिन इसलिए कि मेरे दिल को (पूर्ण) संतोष हो जाए। (अल्लाह ने) कहा : फिर चार पक्षी लो और उन्हें अपने से परचा लो। फिर हर पर्वत पर उनका एक हिस्सा रख दो। फिर उन्हें बुलाओ। वे तुम्हारे पास दौड़े चले आएँगे। और यह (अच्छी तरह) जान लो कि निःसंदेह अल्लाह सब पर प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
२:२६१
مَّثَلُ
मिसाल
mathalu
मिसाल ٱلَّذِينَ उनकी जो alladhīna
उनकी जो يُنفِقُونَ ख़र्च करते हैं yunfiqūna
ख़र्च करते हैं أَمْوَٰلَهُمْ अपने मालों को amwālahum
अपने मालों को فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में كَمَثَلِ मानिन्द मिसाल kamathali
मानिन्द मिसाल حَبَّةٍ एक दाने के है ḥabbatin
एक दाने के है أَنۢبَتَتْ उसने उगाईं anbatat
उसने उगाईं سَبْعَ सात sabʿa
सात سَنَابِلَ बालियाँ sanābila
बालियाँ فِى in fī
in كُلِّ each kulli
each سُنۢبُلَةٍۢ हर बाली में sunbulatin
हर बाली में مِّا۟ئَةُ सौ mi-atu
सौ حَبَّةٍۢ ۗ दाने ḥabbatin
दाने وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يُضَـٰعِفُ बढ़ाता है yuḍāʿifu
बढ़ाता है لِمَن जिसके लिए liman
जिसके लिए يَشَآءُ ۗ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह وَٰسِعٌ वुसअत वाला है wāsiʿun
वुसअत वाला है عَلِيمٌ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٢٦١ (261)
(261)
मिसाल ٱلَّذِينَ उनकी जो alladhīna
उनकी जो يُنفِقُونَ ख़र्च करते हैं yunfiqūna
ख़र्च करते हैं أَمْوَٰلَهُمْ अपने मालों को amwālahum
अपने मालों को فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में كَمَثَلِ मानिन्द मिसाल kamathali
मानिन्द मिसाल حَبَّةٍ एक दाने के है ḥabbatin
एक दाने के है أَنۢبَتَتْ उसने उगाईं anbatat
उसने उगाईं سَبْعَ सात sabʿa
सात سَنَابِلَ बालियाँ sanābila
बालियाँ فِى in fī
in كُلِّ each kulli
each سُنۢبُلَةٍۢ हर बाली में sunbulatin
हर बाली में مِّا۟ئَةُ सौ mi-atu
सौ حَبَّةٍۢ ۗ दाने ḥabbatin
दाने وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يُضَـٰعِفُ बढ़ाता है yuḍāʿifu
बढ़ाता है لِمَن जिसके लिए liman
जिसके लिए يَشَآءُ ۗ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह وَٰسِعٌ वुसअत वाला है wāsiʿun
वुसअत वाला है عَلِيمٌ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٢٦١ (261)
(261)
उन लोगों का उदाहरण जो अपने माल अल्लाह के मार्ग में ख़र्च करते हैं, एक दाने के उदाहरण की तरह है जिसने सात बालियाँ उगाईं, प्रत्येक बाली में सौ दाने हैं। और अल्लाह जिसके लिए चाहता है, बढ़ा देता है तथा अल्लाह विस्तार वाला1, सब कुछ जानने वाला है।
२:२६२
ٱلَّذِينَ
वो जो
alladhīna
वो जो يُنفِقُونَ ख़र्च करते हैं yunfiqūna
ख़र्च करते हैं أَمْوَٰلَهُمْ अपने मालों को amwālahum
अपने मालों को فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में ثُمَّ फिर thumma
फिर لَا not lā
not يُتْبِعُونَ नहीं वो पीछे लाते yut'biʿūna
नहीं वो पीछे लाते مَآ उसके जो mā
उसके जो أَنفَقُوا۟ उन्होंने ख़र्च किया anfaqū
उन्होंने ख़र्च किया مَنًّۭا एहसान को mannan
एहसान को وَلَآ और ना walā
और ना أَذًۭى ۙ अज़ियत को adhan
अज़ियत को لَّهُمْ उनके लिए है lahum
उनके लिए है أَجْرُهُمْ अजर उनका ajruhum
अजर उनका عِندَ पास ʿinda
पास رَبِّهِمْ उनके रब के rabbihim
उनके रब के وَلَا और ना walā
और ना خَوْفٌ कोई ख़ौफ़ होगा khawfun
कोई ख़ौफ़ होगा عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يَحْزَنُونَ वो ग़मगीन होंगे yaḥzanūna
वो ग़मगीन होंगे ٢٦٢ (262)
(262)
वो जो يُنفِقُونَ ख़र्च करते हैं yunfiqūna
ख़र्च करते हैं أَمْوَٰلَهُمْ अपने मालों को amwālahum
अपने मालों को فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में ثُمَّ फिर thumma
फिर لَا not lā
not يُتْبِعُونَ नहीं वो पीछे लाते yut'biʿūna
नहीं वो पीछे लाते مَآ उसके जो mā
उसके जो أَنفَقُوا۟ उन्होंने ख़र्च किया anfaqū
उन्होंने ख़र्च किया مَنًّۭا एहसान को mannan
एहसान को وَلَآ और ना walā
और ना أَذًۭى ۙ अज़ियत को adhan
अज़ियत को لَّهُمْ उनके लिए है lahum
उनके लिए है أَجْرُهُمْ अजर उनका ajruhum
अजर उनका عِندَ पास ʿinda
पास رَبِّهِمْ उनके रब के rabbihim
उनके रब के وَلَا और ना walā
और ना خَوْفٌ कोई ख़ौफ़ होगा khawfun
कोई ख़ौफ़ होगा عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يَحْزَنُونَ वो ग़मगीन होंगे yaḥzanūna
वो ग़मगीन होंगे ٢٦٢ (262)
(262)
जो लोग अपना धन अल्लाह के मार्ग में ख़र्च करते हैं, फिर उन्होंने जो खर्च किया उसके बाद न किसी प्रकार का उपकार जताते हैं और न कोई कष्ट पहुँचाते हैं, उनके लिए उनका प्रतिफल उनके पालनहार के पास है और उनपर न कोई डर है और न वे शोकाकुल1 होंगे।
२:२६३
۞ قَوْلٌۭ
बात
qawlun
बात مَّعْرُوفٌۭ अच्छी (कहना) maʿrūfun
अच्छी (कहना) وَمَغْفِرَةٌ और माफ़ करना wamaghfiratun
और माफ़ करना خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है مِّن than min
than صَدَقَةٍۢ उस सदक़े से ṣadaqatin
उस सदक़े से يَتْبَعُهَآ पीछे आए जिसके yatbaʿuhā
पीछे आए जिसके أَذًۭى ۗ कोई अज़ियत adhan
कोई अज़ियत وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह غَنِىٌّ बड़ा बेनियाज़ है ghaniyyun
बड़ा बेनियाज़ है حَلِيمٌۭ बहुत बुर्दबार है ḥalīmun
बहुत बुर्दबार है ٢٦٣ (263)
(263)
बात مَّعْرُوفٌۭ अच्छी (कहना) maʿrūfun
अच्छी (कहना) وَمَغْفِرَةٌ और माफ़ करना wamaghfiratun
और माफ़ करना خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है مِّن than min
than صَدَقَةٍۢ उस सदक़े से ṣadaqatin
उस सदक़े से يَتْبَعُهَآ पीछे आए जिसके yatbaʿuhā
पीछे आए जिसके أَذًۭى ۗ कोई अज़ियत adhan
कोई अज़ियत وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह غَنِىٌّ बड़ा बेनियाज़ है ghaniyyun
बड़ा बेनियाज़ है حَلِيمٌۭ बहुत बुर्दबार है ḥalīmun
बहुत बुर्दबार है ٢٦٣ (263)
(263)
भली बात कहना तथा क्षमा कर देना, उस दान से बेहतर है, जिसके पीछे किसी प्रकार का कष्ट पहुँचाना हो। और अल्लाह बहुत बेनियाज़, अत्यंत सहनशील है।
२:२६४
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَا (Do) not lā
(Do) not تُبْطِلُوا۟ ना तुम ज़ाया करो tub'ṭilū
ना तुम ज़ाया करो صَدَقَـٰتِكُم अपने सदक़ात को ṣadaqātikum
अपने सदक़ात को بِٱلْمَنِّ साथ एहसान bil-mani
साथ एहसान وَٱلْأَذَىٰ और अज़ियत के wal-adhā
और अज़ियत के كَٱلَّذِى उसकी तरह जो ka-alladhī
उसकी तरह जो يُنفِقُ ख़र्च करता है yunfiqu
ख़र्च करता है مَالَهُۥ माल अपना mālahu
माल अपना رِئَآءَ दिखाने के लिए riāa
दिखाने के लिए ٱلنَّاسِ लोगों को l-nāsi
लोगों को وَلَا और नहीं walā
और नहीं يُؤْمِنُ वो ईमान लाता yu'minu
वो ईमान लाता بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَٱلْيَوْمِ and the Day wal-yawmi
and the Day ٱلْـَٔاخِرِ ۖ और आख़िरी दिन पर l-ākhiri
और आख़िरी दिन पर فَمَثَلُهُۥ तो मिसाल उसकी famathaluhu
तो मिसाल उसकी كَمَثَلِ मानिन्द मिसाल kamathali
मानिन्द मिसाल صَفْوَانٍ चिकने पत्थर के है ṣafwānin
चिकने पत्थर के है عَلَيْهِ जिस पर ʿalayhi
जिस पर تُرَابٌۭ मिट्टी हो turābun
मिट्टी हो فَأَصَابَهُۥ तो पहुँचे उसे fa-aṣābahu
तो पहुँचे उसे وَابِلٌۭ तेज़ बारिश wābilun
तेज़ बारिश فَتَرَكَهُۥ तो वो छोड़ दे उसे fatarakahu
तो वो छोड़ दे उसे صَلْدًۭا ۖ साफ़ चट्टान ṣaldan
साफ़ चट्टान لَّا Not lā
Not يَقْدِرُونَ नहीं वो क़ुदरत रखते होंगे yaqdirūna
नहीं वो क़ुदरत रखते होंगे عَلَىٰ on ʿalā
on شَىْءٍۢ किसी चीज़ पर shayin
किसी चीज़ पर مِّمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो كَسَبُوا۟ ۗ उन्होंने कमाई की kasabū
उन्होंने कमाई की وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يَهْدِى नहीं वो हिदायत देता yahdī
नहीं वो हिदायत देता ٱلْقَوْمَ उन लोगों को l-qawma
उन लोगों को ٱلْكَـٰفِرِينَ जो काफ़िर हैं l-kāfirīna
जो काफ़िर हैं ٢٦٤ (264)
(264)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَا (Do) not lā
(Do) not تُبْطِلُوا۟ ना तुम ज़ाया करो tub'ṭilū
ना तुम ज़ाया करो صَدَقَـٰتِكُم अपने सदक़ात को ṣadaqātikum
अपने सदक़ात को بِٱلْمَنِّ साथ एहसान bil-mani
साथ एहसान وَٱلْأَذَىٰ और अज़ियत के wal-adhā
और अज़ियत के كَٱلَّذِى उसकी तरह जो ka-alladhī
उसकी तरह जो يُنفِقُ ख़र्च करता है yunfiqu
ख़र्च करता है مَالَهُۥ माल अपना mālahu
माल अपना رِئَآءَ दिखाने के लिए riāa
दिखाने के लिए ٱلنَّاسِ लोगों को l-nāsi
लोगों को وَلَا और नहीं walā
और नहीं يُؤْمِنُ वो ईमान लाता yu'minu
वो ईमान लाता بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَٱلْيَوْمِ and the Day wal-yawmi
and the Day ٱلْـَٔاخِرِ ۖ और आख़िरी दिन पर l-ākhiri
और आख़िरी दिन पर فَمَثَلُهُۥ तो मिसाल उसकी famathaluhu
तो मिसाल उसकी كَمَثَلِ मानिन्द मिसाल kamathali
मानिन्द मिसाल صَفْوَانٍ चिकने पत्थर के है ṣafwānin
चिकने पत्थर के है عَلَيْهِ जिस पर ʿalayhi
जिस पर تُرَابٌۭ मिट्टी हो turābun
मिट्टी हो فَأَصَابَهُۥ तो पहुँचे उसे fa-aṣābahu
तो पहुँचे उसे وَابِلٌۭ तेज़ बारिश wābilun
तेज़ बारिश فَتَرَكَهُۥ तो वो छोड़ दे उसे fatarakahu
तो वो छोड़ दे उसे صَلْدًۭا ۖ साफ़ चट्टान ṣaldan
साफ़ चट्टान لَّا Not lā
Not يَقْدِرُونَ नहीं वो क़ुदरत रखते होंगे yaqdirūna
नहीं वो क़ुदरत रखते होंगे عَلَىٰ on ʿalā
on شَىْءٍۢ किसी चीज़ पर shayin
किसी चीज़ पर مِّمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो كَسَبُوا۟ ۗ उन्होंने कमाई की kasabū
उन्होंने कमाई की وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يَهْدِى नहीं वो हिदायत देता yahdī
नहीं वो हिदायत देता ٱلْقَوْمَ उन लोगों को l-qawma
उन लोगों को ٱلْكَـٰفِرِينَ जो काफ़िर हैं l-kāfirīna
जो काफ़िर हैं ٢٦٤ (264)
(264)
ऐ ईमान वालो! अपने दान को उपकार जताकर और कष्ट पहुँचाकर नष्ट न करो, उस व्यक्ति की तरह, जो अपना धन लोगों को दिखाने के लिए खर्च करता है और अल्लाह तथा अंतिम दिन पर ईमान नहीं रखता। तो उसका उदाहरण एक चिकने पत्थर के उदाहरण जैसा है, जिसपर थोड़ी-सी मिट्टी हो, फिर उसपर एक ज़ोर की वर्षा हो, तो उसे एक साफ़ चट्टान की दशा में छोड़ जाए। वे उसमें से किसी चीज़ पर सक्षम नहीं हो सकेंगे जो उन्होंने कमाया, और अल्लाह काफ़िर लोगों का मार्गदर्शन नहीं करता।
२:२६५
وَمَثَلُ
और मिसाल
wamathalu
और मिसाल ٱلَّذِينَ उनकी जो alladhīna
उनकी जो يُنفِقُونَ ख़र्च करते है yunfiqūna
ख़र्च करते है أَمْوَٰلَهُمُ अपने माल amwālahumu
अपने माल ٱبْتِغَآءَ चाहने के लिए ib'tighāa
चाहने के लिए مَرْضَاتِ रज़ामन्दी marḍāti
रज़ामन्दी ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की وَتَثْبِيتًۭا और पुख़्तगी के लिए watathbītan
और पुख़्तगी के लिए مِّنْ from min
from أَنفُسِهِمْ अपने नफ़्सों की anfusihim
अपने नफ़्सों की كَمَثَلِ मानिन्द मिसाल kamathali
मानिन्द मिसाल جَنَّةٍۭ एक बाग़ के है jannatin
एक बाग़ के है بِرَبْوَةٍ ऊँची जगह पर birabwatin
ऊँची जगह पर أَصَابَهَا पहुँचे उसे aṣābahā
पहुँचे उसे وَابِلٌۭ तेज़ बारिश wābilun
तेज़ बारिश فَـَٔاتَتْ तो वो दे faātat
तो वो दे أُكُلَهَا फल अपना ukulahā
फल अपना ضِعْفَيْنِ दोगुना ḍiʿ'fayni
दोगुना فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर لَّمْ ना lam
ना يُصِبْهَا पहुँचे उसे yuṣib'hā
पहुँचे उसे وَابِلٌۭ तेज़ बारिश wābilun
तेज़ बारिश فَطَلٌّۭ ۗ तो फुहार (ही काफ़ी है) faṭallun
तो फुहार (ही काफ़ी है) وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह بِمَا उसे जो bimā
उसे जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो بَصِيرٌ ख़ूब देखने वाला है baṣīrun
ख़ूब देखने वाला है ٢٦٥ (265)
(265)
और मिसाल ٱلَّذِينَ उनकी जो alladhīna
उनकी जो يُنفِقُونَ ख़र्च करते है yunfiqūna
ख़र्च करते है أَمْوَٰلَهُمُ अपने माल amwālahumu
अपने माल ٱبْتِغَآءَ चाहने के लिए ib'tighāa
चाहने के लिए مَرْضَاتِ रज़ामन्दी marḍāti
रज़ामन्दी ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की وَتَثْبِيتًۭا और पुख़्तगी के लिए watathbītan
और पुख़्तगी के लिए مِّنْ from min
from أَنفُسِهِمْ अपने नफ़्सों की anfusihim
अपने नफ़्सों की كَمَثَلِ मानिन्द मिसाल kamathali
मानिन्द मिसाल جَنَّةٍۭ एक बाग़ के है jannatin
एक बाग़ के है بِرَبْوَةٍ ऊँची जगह पर birabwatin
ऊँची जगह पर أَصَابَهَا पहुँचे उसे aṣābahā
पहुँचे उसे وَابِلٌۭ तेज़ बारिश wābilun
तेज़ बारिश فَـَٔاتَتْ तो वो दे faātat
तो वो दे أُكُلَهَا फल अपना ukulahā
फल अपना ضِعْفَيْنِ दोगुना ḍiʿ'fayni
दोगुना فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर لَّمْ ना lam
ना يُصِبْهَا पहुँचे उसे yuṣib'hā
पहुँचे उसे وَابِلٌۭ तेज़ बारिश wābilun
तेज़ बारिश فَطَلٌّۭ ۗ तो फुहार (ही काफ़ी है) faṭallun
तो फुहार (ही काफ़ी है) وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह بِمَا उसे जो bimā
उसे जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो بَصِيرٌ ख़ूब देखने वाला है baṣīrun
ख़ूब देखने वाला है ٢٦٥ (265)
(265)
तथा उन लोगों का उदाहरण, जो अपना धन अल्लाह की प्रसन्नता चाहते हुए और अपने दिलों को स्थिर रखते हुए ख़र्च करते हैं, उस बाग़ के उदाहरण जैसा है, जो किसी ऊँचे स्थान पर हो, जिसपर एक भारी बारिश बरसे, तो वह अपना फल दोगुना कर दे। फिर यदि उसपर भारी बारिश न बरसे, तो एक हल्की बारिश ही काफ़ी1 हो। तथा अल्लाह जो कुछ तुम कर रहे हो, उसे ख़ूब देखने वाला है।
२:२६६
أَيَوَدُّ
क्या चाहता है
ayawaddu
क्या चाहता है أَحَدُكُمْ कोई एक तुम में से aḥadukum
कोई एक तुम में से أَن कि an
कि تَكُونَ हो takūna
हो لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए جَنَّةٌۭ एक बाग़ jannatun
एक बाग़ مِّن of min
of نَّخِيلٍۢ खजूरों का nakhīlin
खजूरों का وَأَعْنَابٍۢ और अँगूरों का wa-aʿnābin
और अँगूरों का تَجْرِى बहती हों tajrī
बहती हों مِن [from] min
[from] تَحْتِهَا उसके नीचे से taḥtihā
उसके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए فِيهَا उस में fīhā
उस में مِن of min
of كُلِّ हर तरह के kulli
हर तरह के ٱلثَّمَرَٰتِ फल हों l-thamarāti
फल हों وَأَصَابَهُ और पहुँचे उसे wa-aṣābahu
और पहुँचे उसे ٱلْكِبَرُ बुढ़ापा l-kibaru
बुढ़ापा وَلَهُۥ और उसकी walahu
और उसकी ذُرِّيَّةٌۭ औलाद हो dhurriyyatun
औलाद हो ضُعَفَآءُ कमज़ोर (छोटी) ḍuʿafāu
कमज़ोर (छोटी) فَأَصَابَهَآ फिर पहुँचे उसे fa-aṣābahā
फिर पहुँचे उसे إِعْصَارٌۭ एक बगोला iʿ'ṣārun
एक बगोला فِيهِ जिसमें fīhi
जिसमें نَارٌۭ आग हो nārun
आग हो فَٱحْتَرَقَتْ ۗ पस वो जल जाए fa-iḥ'taraqat
पस वो जल जाए كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह يُبَيِّنُ वाज़ेह करता है yubayyinu
वाज़ेह करता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلْـَٔايَـٰتِ निशानियाँ l-āyāti
निशानियाँ لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَتَفَكَّرُونَ तुम ग़ौरो फ़िक्र करो tatafakkarūna
तुम ग़ौरो फ़िक्र करो ٢٦٦ (266)
(266)
क्या चाहता है أَحَدُكُمْ कोई एक तुम में से aḥadukum
कोई एक तुम में से أَن कि an
कि تَكُونَ हो takūna
हो لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए جَنَّةٌۭ एक बाग़ jannatun
एक बाग़ مِّن of min
of نَّخِيلٍۢ खजूरों का nakhīlin
खजूरों का وَأَعْنَابٍۢ और अँगूरों का wa-aʿnābin
और अँगूरों का تَجْرِى बहती हों tajrī
बहती हों مِن [from] min
[from] تَحْتِهَا उसके नीचे से taḥtihā
उसके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए فِيهَا उस में fīhā
उस में مِن of min
of كُلِّ हर तरह के kulli
हर तरह के ٱلثَّمَرَٰتِ फल हों l-thamarāti
फल हों وَأَصَابَهُ और पहुँचे उसे wa-aṣābahu
और पहुँचे उसे ٱلْكِبَرُ बुढ़ापा l-kibaru
बुढ़ापा وَلَهُۥ और उसकी walahu
और उसकी ذُرِّيَّةٌۭ औलाद हो dhurriyyatun
औलाद हो ضُعَفَآءُ कमज़ोर (छोटी) ḍuʿafāu
कमज़ोर (छोटी) فَأَصَابَهَآ फिर पहुँचे उसे fa-aṣābahā
फिर पहुँचे उसे إِعْصَارٌۭ एक बगोला iʿ'ṣārun
एक बगोला فِيهِ जिसमें fīhi
जिसमें نَارٌۭ आग हो nārun
आग हो فَٱحْتَرَقَتْ ۗ पस वो जल जाए fa-iḥ'taraqat
पस वो जल जाए كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह يُبَيِّنُ वाज़ेह करता है yubayyinu
वाज़ेह करता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلْـَٔايَـٰتِ निशानियाँ l-āyāti
निशानियाँ لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَتَفَكَّرُونَ तुम ग़ौरो फ़िक्र करो tatafakkarūna
तुम ग़ौरो फ़िक्र करो ٢٦٦ (266)
(266)
क्या तुममें से कोई चाहेगा कि उसके पास खजूरों तथा अँगूरों का एक बाग़ हो, जिसके नीचे से नहरें बहती हों, उसमें उसके लिए प्रत्येक प्रकार के कुछ न कुछ फल हों और उसे बुढ़ापा आ जाए और उसके कमज़ोर बच्चे हों, फिर उस (बाग़) पर एक बगूला आ पहुँचे जिसमें एक आग हो, तो वह जल के राख हो जाए।1 इसी तरह अल्लाह तुम्हारे लिए निशानियाँ उजागर करता है, ताकि तुम सोच-विचार करो।
२:२६७
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो أَنفِقُوا۟ ख़र्च करो anfiqū
ख़र्च करो مِن from min
from طَيِّبَـٰتِ पाकीज़ा चीज़ों में से ṭayyibāti
पाकीज़ा चीज़ों में से مَا जो mā
जो كَسَبْتُمْ कमाईं तुमने kasabtum
कमाईं तुमने وَمِمَّآ और उसमें से जो wamimmā
और उसमें से जो أَخْرَجْنَا निकाला हमने akhrajnā
निकाला हमने لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّنَ from mina
from ٱلْأَرْضِ ۖ ज़मीन से l-arḍi
ज़मीन से وَلَا और ना walā
और ना تَيَمَّمُوا۟ तुम इरादा करो tayammamū
तुम इरादा करो ٱلْخَبِيثَ नापाक का l-khabītha
नापाक का مِنْهُ उसमें से जो min'hu
उसमें से जो تُنفِقُونَ तुम ख़र्च करते हो tunfiqūna
तुम ख़र्च करते हो وَلَسْتُم हालाँकि नहीं तुम walastum
हालाँकि नहीं तुम بِـَٔاخِذِيهِ लेने वाले उसे biākhidhīhi
लेने वाले उसे إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि تُغْمِضُوا۟ तुम चश्म पोशी कर जाओ tugh'miḍū
तुम चश्म पोशी कर जाओ فِيهِ ۚ उसमें fīhi
उसमें وَٱعْلَمُوٓا۟ और जान लो wa-iʿ'lamū
और जान लो أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह غَنِىٌّ बहुत बेनियाज़ है ghaniyyun
बहुत बेनियाज़ है حَمِيدٌ बहुत तारीफ़ वाला है ḥamīdun
बहुत तारीफ़ वाला है ٢٦٧ (267)
(267)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो أَنفِقُوا۟ ख़र्च करो anfiqū
ख़र्च करो مِن from min
from طَيِّبَـٰتِ पाकीज़ा चीज़ों में से ṭayyibāti
पाकीज़ा चीज़ों में से مَا जो mā
जो كَسَبْتُمْ कमाईं तुमने kasabtum
कमाईं तुमने وَمِمَّآ और उसमें से जो wamimmā
और उसमें से जो أَخْرَجْنَا निकाला हमने akhrajnā
निकाला हमने لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّنَ from mina
from ٱلْأَرْضِ ۖ ज़मीन से l-arḍi
ज़मीन से وَلَا और ना walā
और ना تَيَمَّمُوا۟ तुम इरादा करो tayammamū
तुम इरादा करो ٱلْخَبِيثَ नापाक का l-khabītha
नापाक का مِنْهُ उसमें से जो min'hu
उसमें से जो تُنفِقُونَ तुम ख़र्च करते हो tunfiqūna
तुम ख़र्च करते हो وَلَسْتُم हालाँकि नहीं तुम walastum
हालाँकि नहीं तुम بِـَٔاخِذِيهِ लेने वाले उसे biākhidhīhi
लेने वाले उसे إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि تُغْمِضُوا۟ तुम चश्म पोशी कर जाओ tugh'miḍū
तुम चश्म पोशी कर जाओ فِيهِ ۚ उसमें fīhi
उसमें وَٱعْلَمُوٓا۟ और जान लो wa-iʿ'lamū
और जान लो أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह غَنِىٌّ बहुत बेनियाज़ है ghaniyyun
बहुत बेनियाज़ है حَمِيدٌ बहुत तारीफ़ वाला है ḥamīdun
बहुत तारीफ़ वाला है ٢٦٧ (267)
(267)
ऐ ईमान वालो! उन पाक और अच्छी चीज़ों में से ख़र्च करो जो तुमने कमाई हैं तथा उनमें से भी, जो हमने तुम्हारे लिए धरती से निकाली हैं तथा उसमें से रद्दी चीज़ का इरादा न करो, जिसे तुम खर्च करते हो, हालाँकि तुम उसे बिल्कुल लेने वाले नहीं, सिवाय इसके कि तुम उसके बारे में अनदेखी कर जाओ। तथा जान लो कि अल्लाह बड़ा बेनियाज़, बहुत ख़ूबियों वाला है।
२:२६८
ٱلشَّيْطَـٰنُ
शैतान
al-shayṭānu
शैतान يَعِدُكُمُ डराता है तुम्हें yaʿidukumu
डराता है तुम्हें ٱلْفَقْرَ फ़क़्र से l-faqra
फ़क़्र से وَيَأْمُرُكُم और वो हुक्म देता है तुम्हें wayamurukum
और वो हुक्म देता है तुम्हें بِٱلْفَحْشَآءِ ۖ बेहयाई का bil-faḥshāi
बेहयाई का وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يَعِدُكُم वादा करता है तुमसे yaʿidukum
वादा करता है तुमसे مَّغْفِرَةًۭ बख़्शिश का maghfiratan
बख़्शिश का مِّنْهُ अपनी तरफ़ से min'hu
अपनी तरफ़ से وَفَضْلًۭا ۗ और फ़ज़ल का wafaḍlan
और फ़ज़ल का وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह وَٰسِعٌ वुसअत वाला है wāsiʿun
वुसअत वाला है عَلِيمٌۭ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٢٦٨ (268)
(268)
शैतान يَعِدُكُمُ डराता है तुम्हें yaʿidukumu
डराता है तुम्हें ٱلْفَقْرَ फ़क़्र से l-faqra
फ़क़्र से وَيَأْمُرُكُم और वो हुक्म देता है तुम्हें wayamurukum
और वो हुक्म देता है तुम्हें بِٱلْفَحْشَآءِ ۖ बेहयाई का bil-faḥshāi
बेहयाई का وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يَعِدُكُم वादा करता है तुमसे yaʿidukum
वादा करता है तुमसे مَّغْفِرَةًۭ बख़्शिश का maghfiratan
बख़्शिश का مِّنْهُ अपनी तरफ़ से min'hu
अपनी तरफ़ से وَفَضْلًۭا ۗ और फ़ज़ल का wafaḍlan
और फ़ज़ल का وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह وَٰسِعٌ वुसअत वाला है wāsiʿun
वुसअत वाला है عَلِيمٌۭ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٢٦٨ (268)
(268)
शैतान तुम्हें निर्धनता से डराता है तथा निर्लज्जता का आदेश देता है, जबकि अल्लाह तुम्हें अपनी ओर से क्षमा और अनुग्रह का वादा देता है। तथा अल्लाह विस्तार वाला, सब कुछ जानने वाला है।
२:२६९
يُؤْتِى
वो देता है
yu'tī
वो देता है ٱلْحِكْمَةَ हिकमत को l-ḥik'mata
हिकमत को مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ ۚ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يُؤْتَ दिया गया yu'ta
दिया गया ٱلْحِكْمَةَ हिकमत l-ḥik'mata
हिकमत فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ أُوتِىَ वो दिया गया ūtiya
वो दिया गया خَيْرًۭا ख़ैर khayran
ख़ैर كَثِيرًۭا ۗ कसीर/बहुत ज़्यादा kathīran
कसीर/बहुत ज़्यादा وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَذَّكَّرُ नसीहत पकड़ते yadhakkaru
नसीहत पकड़ते إِلَّآ मगर illā
मगर أُو۟لُوا۟ those ulū
those ٱلْأَلْبَـٰبِ अक़्ल वाले l-albābi
अक़्ल वाले ٢٦٩ (269)
(269)
वो देता है ٱلْحِكْمَةَ हिकमत को l-ḥik'mata
हिकमत को مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ ۚ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يُؤْتَ दिया गया yu'ta
दिया गया ٱلْحِكْمَةَ हिकमत l-ḥik'mata
हिकमत فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ أُوتِىَ वो दिया गया ūtiya
वो दिया गया خَيْرًۭا ख़ैर khayran
ख़ैर كَثِيرًۭا ۗ कसीर/बहुत ज़्यादा kathīran
कसीर/बहुत ज़्यादा وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَذَّكَّرُ नसीहत पकड़ते yadhakkaru
नसीहत पकड़ते إِلَّآ मगर illā
मगर أُو۟لُوا۟ those ulū
those ٱلْأَلْبَـٰبِ अक़्ल वाले l-albābi
अक़्ल वाले ٢٦٩ (269)
(269)
वह जिसे चाहता है, हिकमत प्रदान करता है और जिसे हिकमत प्रदान कर दी जाए, तो निःसंदेह उसे बड़ी भलाई दे दी गई। और उपदेश वही ग्रहण करते हैं, जो बुद्धि वाले हैं।
२:२७०
وَمَآ
और जो
wamā
और जो أَنفَقْتُم ख़र्च किया तुमने anfaqtum
ख़र्च किया तुमने مِّن (out) of min
(out) of نَّفَقَةٍ कोई ख़र्च nafaqatin
कोई ख़र्च أَوْ या aw
या نَذَرْتُم नज़र मानी तुमने nadhartum
नज़र मानी तुमने مِّن of min
of نَّذْرٍۢ कोई नज़र nadhrin
कोई नज़र فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يَعْلَمُهُۥ ۗ जानता है उसे yaʿlamuhu
जानता है उसे وَمَا और नहीं wamā
और नहीं لِلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों के लिए lilẓẓālimīna
ज़ालिमों के लिए مِنْ any min
any أَنصَارٍ मददगारों में से कोई anṣārin
मददगारों में से कोई ٢٧٠ (270)
(270)
और जो أَنفَقْتُم ख़र्च किया तुमने anfaqtum
ख़र्च किया तुमने مِّن (out) of min
(out) of نَّفَقَةٍ कोई ख़र्च nafaqatin
कोई ख़र्च أَوْ या aw
या نَذَرْتُم नज़र मानी तुमने nadhartum
नज़र मानी तुमने مِّن of min
of نَّذْرٍۢ कोई नज़र nadhrin
कोई नज़र فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يَعْلَمُهُۥ ۗ जानता है उसे yaʿlamuhu
जानता है उसे وَمَا और नहीं wamā
और नहीं لِلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों के लिए lilẓẓālimīna
ज़ालिमों के लिए مِنْ any min
any أَنصَارٍ मददगारों में से कोई anṣārin
मददगारों में से कोई ٢٧٠ (270)
(270)
तथा तुम जो भी दान करो अथवा मन्नत1 मानो, तो निःसंदेह अल्लाह उसे जानता है और अत्याचारियों के लिए कोई सहायक नहीं।
२:२७१
إِن
अगर
in
अगर تُبْدُوا۟ तुम ज़ाहिर करो tub'dū
तुम ज़ाहिर करो ٱلصَّدَقَـٰتِ सदक़ात l-ṣadaqāti
सदक़ात فَنِعِمَّا तो क्या ही अच्छा है faniʿimmā
तो क्या ही अच्छा है هِىَ ۖ वो hiya
वो وَإِن और अगर wa-in
और अगर تُخْفُوهَا तुम छुपाओ उन्हें tukh'fūhā
तुम छुपाओ उन्हें وَتُؤْتُوهَا और तुम दो उन्हें watu'tūhā
और तुम दो उन्हें ٱلْفُقَرَآءَ फुक़रा को l-fuqarāa
फुक़रा को فَهُوَ तो वो fahuwa
तो वो خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है لَّكُمْ ۚ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَيُكَفِّرُ और वो दूर कर देगा wayukaffiru
और वो दूर कर देगा عَنكُم तुम से ʿankum
तुम से مِّن [of] min
[of] سَيِّـَٔاتِكُمْ ۗ तुम्हारी बुराईयों को sayyiātikum
तुम्हारी बुराईयों को وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह بِمَا उससे जो bimā
उससे जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो خَبِيرٌۭ ख़ूब बाख़बर है khabīrun
ख़ूब बाख़बर है ٢٧١ (271)
(271)
अगर تُبْدُوا۟ तुम ज़ाहिर करो tub'dū
तुम ज़ाहिर करो ٱلصَّدَقَـٰتِ सदक़ात l-ṣadaqāti
सदक़ात فَنِعِمَّا तो क्या ही अच्छा है faniʿimmā
तो क्या ही अच्छा है هِىَ ۖ वो hiya
वो وَإِن और अगर wa-in
और अगर تُخْفُوهَا तुम छुपाओ उन्हें tukh'fūhā
तुम छुपाओ उन्हें وَتُؤْتُوهَا और तुम दो उन्हें watu'tūhā
और तुम दो उन्हें ٱلْفُقَرَآءَ फुक़रा को l-fuqarāa
फुक़रा को فَهُوَ तो वो fahuwa
तो वो خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है لَّكُمْ ۚ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَيُكَفِّرُ और वो दूर कर देगा wayukaffiru
और वो दूर कर देगा عَنكُم तुम से ʿankum
तुम से مِّن [of] min
[of] سَيِّـَٔاتِكُمْ ۗ तुम्हारी बुराईयों को sayyiātikum
तुम्हारी बुराईयों को وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह بِمَا उससे जो bimā
उससे जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो خَبِيرٌۭ ख़ूब बाख़बर है khabīrun
ख़ूब बाख़बर है ٢٧١ (271)
(271)
यदि तुम खुले तौर पर दान करो, तो यह अच्छी बात है और यदि उन्हें छिपाओ और उन्हें ग़रीबों को दे दो, तो यह तुम्हारे लिए ज़्यादा अच्छा1 है। और यह तुमसे तुम्हारे कुछ पापों को दूर कर देगा तथा अल्लाह उससे जो तुम कर रहे हो, पूरी तरह अवगत है।
२:२७२
۞ لَّيْسَ
नहीं है
laysa
नहीं है عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर هُدَىٰهُمْ हिदायत देना उन्हें hudāhum
हिदायत देना उन्हें وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يَهْدِى हिदायत देता है yahdī
हिदायत देता है مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ ۗ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَمَا और जो wamā
और जो تُنفِقُوا۟ तुम ख़र्च करोगे tunfiqū
तुम ख़र्च करोगे مِنْ of min
of خَيْرٍۢ माल में से khayrin
माल में से فَلِأَنفُسِكُمْ ۚ तो तुम्हारे नफ़्सों के लिए है fali-anfusikum
तो तुम्हारे नफ़्सों के लिए है وَمَا और नहीं wamā
और नहीं تُنفِقُونَ तुम ख़र्च करते tunfiqūna
तुम ख़र्च करते إِلَّا मगर illā
मगर ٱبْتِغَآءَ चाहने के लिए ib'tighāa
चाहने के लिए وَجْهِ चेहरा wajhi
चेहरा ٱللَّهِ ۚ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का وَمَا और जो wamā
और जो تُنفِقُوا۟ तुम ख़र्च करोगे tunfiqū
तुम ख़र्च करोगे مِنْ of min
of خَيْرٍۢ माल में से khayrin
माल में से يُوَفَّ वो पूरा दे दिया जाएगा yuwaffa
वो पूरा दे दिया जाएगा إِلَيْكُمْ तुम्हें ilaykum
तुम्हें وَأَنتُمْ और तुम wa-antum
और तुम لَا (will) not lā
(will) not تُظْلَمُونَ ना तुम ज़ुल्म किए जाओगे tuẓ'lamūna
ना तुम ज़ुल्म किए जाओगे ٢٧٢ (272)
(272)
नहीं है عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर هُدَىٰهُمْ हिदायत देना उन्हें hudāhum
हिदायत देना उन्हें وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يَهْدِى हिदायत देता है yahdī
हिदायत देता है مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ ۗ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَمَا और जो wamā
और जो تُنفِقُوا۟ तुम ख़र्च करोगे tunfiqū
तुम ख़र्च करोगे مِنْ of min
of خَيْرٍۢ माल में से khayrin
माल में से فَلِأَنفُسِكُمْ ۚ तो तुम्हारे नफ़्सों के लिए है fali-anfusikum
तो तुम्हारे नफ़्सों के लिए है وَمَا और नहीं wamā
और नहीं تُنفِقُونَ तुम ख़र्च करते tunfiqūna
तुम ख़र्च करते إِلَّا मगर illā
मगर ٱبْتِغَآءَ चाहने के लिए ib'tighāa
चाहने के लिए وَجْهِ चेहरा wajhi
चेहरा ٱللَّهِ ۚ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का وَمَا और जो wamā
और जो تُنفِقُوا۟ तुम ख़र्च करोगे tunfiqū
तुम ख़र्च करोगे مِنْ of min
of خَيْرٍۢ माल में से khayrin
माल में से يُوَفَّ वो पूरा दे दिया जाएगा yuwaffa
वो पूरा दे दिया जाएगा إِلَيْكُمْ तुम्हें ilaykum
तुम्हें وَأَنتُمْ और तुम wa-antum
और तुम لَا (will) not lā
(will) not تُظْلَمُونَ ना तुम ज़ुल्म किए जाओगे tuẓ'lamūna
ना तुम ज़ुल्म किए जाओगे ٢٧٢ (272)
(272)
(ऐ नबी!) उन्हें हिदायत देना, आपका दायित्व नहीं; परंतु अल्लाह जिसे चाहता है, हिदायत देता है तथा तुम जो भी धन ख़र्च करोगे, तो तुम्हारे अपने ही (भले के) लिए है और तुम अल्लाह की प्रसन्नता प्राप्त करने के लिए ही ख़र्च करते हो। तथा तुम जो भी धन ख़र्च करोगे, तुम्हें उसका भरपूर बदला दिया जाएगा और तुमपर अत्याचार1 नहीं किया जाएगा।
२:२७३
لِلْفُقَرَآءِ
फ़ुक़रा के लिए हैं (सदक़ात)
lil'fuqarāi
फ़ुक़रा के लिए हैं (सदक़ात) ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो أُحْصِرُوا۟ घेर लिए गए uḥ'ṣirū
घेर लिए गए فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में لَا not lā
not يَسْتَطِيعُونَ नहीं वो इस्तिताअत रखते yastaṭīʿūna
नहीं वो इस्तिताअत रखते ضَرْبًۭا चलने फिरने की ḍarban
चलने फिरने की فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में يَحْسَبُهُمُ समझता है उन्हें yaḥsabuhumu
समझता है उन्हें ٱلْجَاهِلُ जाहिल/ना समझ l-jāhilu
जाहिल/ना समझ أَغْنِيَآءَ मालदार aghniyāa
मालदार مِنَ (because) of mina
(because) of ٱلتَّعَفُّفِ बचने की वजह से (सवाल से) l-taʿafufi
बचने की वजह से (सवाल से) تَعْرِفُهُم तुम पहचान लोगे उन्हें taʿrifuhum
तुम पहचान लोगे उन्हें بِسِيمَـٰهُمْ उनके चेहरे की अलामत से bisīmāhum
उनके चेहरे की अलामत से لَا Not lā
Not يَسْـَٔلُونَ नहीं वो माँगते yasalūna
नहीं वो माँगते ٱلنَّاسَ लोगों से l-nāsa
लोगों से إِلْحَافًۭا ۗ लिपट कर il'ḥāfan
लिपट कर وَمَا और जो wamā
और जो تُنفِقُوا۟ तुम ख़र्च करोगे tunfiqū
तुम ख़र्च करोगे مِنْ of min
of خَيْرٍۢ माल में से khayrin
माल में से فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह بِهِۦ उसे bihi
उसे عَلِيمٌ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٢٧٣ (273)
(273)
फ़ुक़रा के लिए हैं (सदक़ात) ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो أُحْصِرُوا۟ घेर लिए गए uḥ'ṣirū
घेर लिए गए فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में لَا not lā
not يَسْتَطِيعُونَ नहीं वो इस्तिताअत रखते yastaṭīʿūna
नहीं वो इस्तिताअत रखते ضَرْبًۭا चलने फिरने की ḍarban
चलने फिरने की فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में يَحْسَبُهُمُ समझता है उन्हें yaḥsabuhumu
समझता है उन्हें ٱلْجَاهِلُ जाहिल/ना समझ l-jāhilu
जाहिल/ना समझ أَغْنِيَآءَ मालदार aghniyāa
मालदार مِنَ (because) of mina
(because) of ٱلتَّعَفُّفِ बचने की वजह से (सवाल से) l-taʿafufi
बचने की वजह से (सवाल से) تَعْرِفُهُم तुम पहचान लोगे उन्हें taʿrifuhum
तुम पहचान लोगे उन्हें بِسِيمَـٰهُمْ उनके चेहरे की अलामत से bisīmāhum
उनके चेहरे की अलामत से لَا Not lā
Not يَسْـَٔلُونَ नहीं वो माँगते yasalūna
नहीं वो माँगते ٱلنَّاسَ लोगों से l-nāsa
लोगों से إِلْحَافًۭا ۗ लिपट कर il'ḥāfan
लिपट कर وَمَا और जो wamā
और जो تُنفِقُوا۟ तुम ख़र्च करोगे tunfiqū
तुम ख़र्च करोगे مِنْ of min
of خَيْرٍۢ माल में से khayrin
माल में से فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह بِهِۦ उसे bihi
उसे عَلِيمٌ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٢٧٣ (273)
(273)
(यह दान) उन निर्धनों के लिए है, जो अल्लाह के मार्ग में रोके गए हैं, धरती में यात्रा नहीं कर सकते1, अनजान उन्हें किसी के सामने हाथ फैलाने से बचने के कारण धनवान् समझता है, तुम उन्हें उनके लक्षणों से पहचान लोगे, वे लोगों के पीछे पड़कर नहीं माँगते। तथा तुम जो भी धन ख़र्च करोगे, तो निश्चय अल्लाह उसे भली-भाँति जानने वाला है।
२:२७४
ٱلَّذِينَ
वो जो
alladhīna
वो जो يُنفِقُونَ ख़र्च करते हैं yunfiqūna
ख़र्च करते हैं أَمْوَٰلَهُم अपने मालों को amwālahum
अपने मालों को بِٱلَّيْلِ रात bi-al-layli
रात وَٱلنَّهَارِ और दिन wal-nahāri
और दिन سِرًّۭا छुपा कर sirran
छुपा कर وَعَلَانِيَةًۭ और ऐलानिया तौर पर waʿalāniyatan
और ऐलानिया तौर पर فَلَهُمْ तो उनके लिए है falahum
तो उनके लिए है أَجْرُهُمْ अजर उनका ajruhum
अजर उनका عِندَ पास ʿinda
पास رَبِّهِمْ उनके रब के rabbihim
उनके रब के وَلَا और ना walā
और ना خَوْفٌ कोई ख़ौफ़ होगा khawfun
कोई ख़ौफ़ होगा عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يَحْزَنُونَ वो ग़मगीन होंगे yaḥzanūna
वो ग़मगीन होंगे ٢٧٤ (274)
(274)
वो जो يُنفِقُونَ ख़र्च करते हैं yunfiqūna
ख़र्च करते हैं أَمْوَٰلَهُم अपने मालों को amwālahum
अपने मालों को بِٱلَّيْلِ रात bi-al-layli
रात وَٱلنَّهَارِ और दिन wal-nahāri
और दिन سِرًّۭا छुपा कर sirran
छुपा कर وَعَلَانِيَةًۭ और ऐलानिया तौर पर waʿalāniyatan
और ऐलानिया तौर पर فَلَهُمْ तो उनके लिए है falahum
तो उनके लिए है أَجْرُهُمْ अजर उनका ajruhum
अजर उनका عِندَ पास ʿinda
पास رَبِّهِمْ उनके रब के rabbihim
उनके रब के وَلَا और ना walā
और ना خَوْفٌ कोई ख़ौफ़ होगा khawfun
कोई ख़ौफ़ होगा عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يَحْزَنُونَ वो ग़मगीन होंगे yaḥzanūna
वो ग़मगीन होंगे ٢٧٤ (274)
(274)
जो लोग अपने धन रात और दिन, छिपे और खुले खर्च करते हैं, तो उनके लिए उनका प्रतिफल उनके पालनहार के पास है और उन्हें न कोई डर है और न वे शोकाकुल होंगे।
२:२७५
ٱلَّذِينَ
वो जो
alladhīna
वो जो يَأْكُلُونَ खाते हैं yakulūna
खाते हैं ٱلرِّبَوٰا۟ सूद l-riba
सूद لَا not lā
not يَقُومُونَ नहीं वो खड़े होंगे yaqūmūna
नहीं वो खड़े होंगे إِلَّا मगर illā
मगर كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि يَقُومُ खड़ा होता है yaqūmu
खड़ा होता है ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो يَتَخَبَّطُهُ ख़ब्ती बना दिया हो उसे yatakhabbaṭuhu
ख़ब्ती बना दिया हो उसे ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान ने l-shayṭānu
शैतान ने مِنَ with mina
with ٱلْمَسِّ ۚ छू कर l-masi
छू कर ذَٰلِكَ ये dhālika
ये بِأَنَّهُمْ बवजह उसके कि वो bi-annahum
बवजह उसके कि वो قَالُوٓا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक ٱلْبَيْعُ तिजारत l-bayʿu
तिजारत مِثْلُ मानिन्द है mith'lu
मानिन्द है ٱلرِّبَوٰا۟ ۗ सूद के l-riba
सूद के وَأَحَلَّ हालाँकि हलाल किया wa-aḥalla
हालाँकि हलाल किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱلْبَيْعَ तिजारत को l-bayʿa
तिजारत को وَحَرَّمَ और उसने हराम किया waḥarrama
और उसने हराम किया ٱلرِّبَوٰا۟ ۚ सूद को l-riba
सूद को فَمَن तो जो कोई faman
तो जो कोई جَآءَهُۥ आ जाए उसके पास jāahu
आ जाए उसके पास مَوْعِظَةٌۭ कोई नसीहत mawʿiẓatun
कोई नसीहत مِّن from min
from رَّبِّهِۦ उसके रब की तरफ़ से rabbihi
उसके रब की तरफ़ से فَٱنتَهَىٰ फिर वो बाज़ आ जाए fa-intahā
फिर वो बाज़ आ जाए فَلَهُۥ तो उसके लिए है falahu
तो उसके लिए है مَا जो mā
जो سَلَفَ पहले हो चुका salafa
पहले हो चुका وَأَمْرُهُۥٓ और मामला उसका है wa-amruhu
और मामला उसका है إِلَى (is) with ilā
(is) with ٱللَّهِ ۖ तरफ़ अल्लाह के l-lahi
तरफ़ अल्लाह के وَمَنْ और जो कोई waman
और जो कोई عَادَ लौट आए ʿāda
लौट आए فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग fa-ulāika
तो यही लोग أَصْحَـٰبُ साथी aṣḥābu
साथी ٱلنَّارِ ۖ आग के l-nāri
आग के هُمْ वो hum
वो فِيهَا उसमें fīhā
उसमें خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं ٢٧٥ (275)
(275)
वो जो يَأْكُلُونَ खाते हैं yakulūna
खाते हैं ٱلرِّبَوٰا۟ सूद l-riba
सूद لَا not lā
not يَقُومُونَ नहीं वो खड़े होंगे yaqūmūna
नहीं वो खड़े होंगे إِلَّا मगर illā
मगर كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि يَقُومُ खड़ा होता है yaqūmu
खड़ा होता है ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो يَتَخَبَّطُهُ ख़ब्ती बना दिया हो उसे yatakhabbaṭuhu
ख़ब्ती बना दिया हो उसे ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान ने l-shayṭānu
शैतान ने مِنَ with mina
with ٱلْمَسِّ ۚ छू कर l-masi
छू कर ذَٰلِكَ ये dhālika
ये بِأَنَّهُمْ बवजह उसके कि वो bi-annahum
बवजह उसके कि वो قَالُوٓا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक ٱلْبَيْعُ तिजारत l-bayʿu
तिजारत مِثْلُ मानिन्द है mith'lu
मानिन्द है ٱلرِّبَوٰا۟ ۗ सूद के l-riba
सूद के وَأَحَلَّ हालाँकि हलाल किया wa-aḥalla
हालाँकि हलाल किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱلْبَيْعَ तिजारत को l-bayʿa
तिजारत को وَحَرَّمَ और उसने हराम किया waḥarrama
और उसने हराम किया ٱلرِّبَوٰا۟ ۚ सूद को l-riba
सूद को فَمَن तो जो कोई faman
तो जो कोई جَآءَهُۥ आ जाए उसके पास jāahu
आ जाए उसके पास مَوْعِظَةٌۭ कोई नसीहत mawʿiẓatun
कोई नसीहत مِّن from min
from رَّبِّهِۦ उसके रब की तरफ़ से rabbihi
उसके रब की तरफ़ से فَٱنتَهَىٰ फिर वो बाज़ आ जाए fa-intahā
फिर वो बाज़ आ जाए فَلَهُۥ तो उसके लिए है falahu
तो उसके लिए है مَا जो mā
जो سَلَفَ पहले हो चुका salafa
पहले हो चुका وَأَمْرُهُۥٓ और मामला उसका है wa-amruhu
और मामला उसका है إِلَى (is) with ilā
(is) with ٱللَّهِ ۖ तरफ़ अल्लाह के l-lahi
तरफ़ अल्लाह के وَمَنْ और जो कोई waman
और जो कोई عَادَ लौट आए ʿāda
लौट आए فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग fa-ulāika
तो यही लोग أَصْحَـٰبُ साथी aṣḥābu
साथी ٱلنَّارِ ۖ आग के l-nāri
आग के هُمْ वो hum
वो فِيهَا उसमें fīhā
उसमें خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं ٢٧٥ (275)
(275)
जो लोग ब्याज खाते हैं, वे (क़ियामत के दिन अपनी क़ब्रोंं से) ऐसे उठेंगे, जैसे वह व्यक्ति उठता है, जिसे शैतान ने छूकर पागल बना दिया हो। यह इसलिए कि उन्होंने कहा व्यापार तो ब्याज ही जैसा है। हालाँकि अल्लाह ने व्यापार को ह़लाल (वैध) किया तथा ब्याज को हराम1 (अवैध) ठहराया। फिर जिसके पास उसके पालनहार की ओर से कोई उपदेश आए, सो वह (ब्याज खाने से) रुक जाए, तो जो पहले हो चुका, वह उसी का है और उसका मामला अल्लाह के हवाले है। और जो दोबारा ऐसा करे, तो वही आग वाले हैं, वे उसमें हमेशा रहने वाले हैं।
२:२७६
يَمْحَقُ
मिटाता है
yamḥaqu
मिटाता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلرِّبَوٰا۟ सूद को l-riba
सूद को وَيُرْبِى और वो बढ़ाता है wayur'bī
और वो बढ़ाता है ٱلصَّدَقَـٰتِ ۗ सदक़ात को l-ṣadaqāti
सदक़ात को وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يُحِبُّ नहीं वो पसंद करता yuḥibbu
नहीं वो पसंद करता كُلَّ हर kulla
हर كَفَّارٍ सख़्त नाशुक्रे kaffārin
सख़्त नाशुक्रे أَثِيمٍ बहुत गुनाह गार को athīmin
बहुत गुनाह गार को ٢٧٦ (276)
(276)
मिटाता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلرِّبَوٰا۟ सूद को l-riba
सूद को وَيُرْبِى और वो बढ़ाता है wayur'bī
और वो बढ़ाता है ٱلصَّدَقَـٰتِ ۗ सदक़ात को l-ṣadaqāti
सदक़ात को وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يُحِبُّ नहीं वो पसंद करता yuḥibbu
नहीं वो पसंद करता كُلَّ हर kulla
हर كَفَّارٍ सख़्त नाशुक्रे kaffārin
सख़्त नाशुक्रे أَثِيمٍ बहुत गुनाह गार को athīmin
बहुत गुनाह गार को ٢٧٦ (276)
(276)
अल्लाह ब्याज को मिटाता है और दान को बढ़ाता है और अल्लाह किसी ऐसे व्यक्ति को पसंद नहीं करता जो बहुत अकृतज्ञ, घोर पापी हो।
२:२७७
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक وَأَقَامُوا۟ और उन्होंने क़ायम की wa-aqāmū
और उन्होंने क़ायम की ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَءَاتَوُا۟ और उन्होंने अदा की waātawū
और उन्होंने अदा की ٱلزَّكَوٰةَ ज़कात l-zakata
ज़कात لَهُمْ उनके लिए है lahum
उनके लिए है أَجْرُهُمْ अजर उनका ajruhum
अजर उनका عِندَ पास ʿinda
पास رَبِّهِمْ उनके रब के rabbihim
उनके रब के وَلَا और ना walā
और ना خَوْفٌ कोई ख़ौफ़ होगा khawfun
कोई ख़ौफ़ होगा عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يَحْزَنُونَ वो ग़मगीन होंगे yaḥzanūna
वो ग़मगीन होंगे ٢٧٧ (277)
(277)
बेशक ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक وَأَقَامُوا۟ और उन्होंने क़ायम की wa-aqāmū
और उन्होंने क़ायम की ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَءَاتَوُا۟ और उन्होंने अदा की waātawū
और उन्होंने अदा की ٱلزَّكَوٰةَ ज़कात l-zakata
ज़कात لَهُمْ उनके लिए है lahum
उनके लिए है أَجْرُهُمْ अजर उनका ajruhum
अजर उनका عِندَ पास ʿinda
पास رَبِّهِمْ उनके रब के rabbihim
उनके रब के وَلَا और ना walā
और ना خَوْفٌ कोई ख़ौफ़ होगा khawfun
कोई ख़ौफ़ होगा عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يَحْزَنُونَ वो ग़मगीन होंगे yaḥzanūna
वो ग़मगीन होंगे ٢٧٧ (277)
(277)
निःसंदेह जो लोग ईमान लाए और उन्होंने अच्छे कार्य किए और नमाज़ क़ायम की और ज़कात दी, उनके लिए उनका प्रतिफल उनके पालनहार के पास है और उनपर न कोई भय है और न वे शोकाकुल होंगे।
२:२७८
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो ٱتَّقُوا۟ डरो ittaqū
डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَذَرُوا۟ और छोड़ दो wadharū
और छोड़ दो مَا जो mā
जो بَقِىَ बाक़ी रह गया हो baqiya
बाक़ी रह गया हो مِنَ of mina
of ٱلرِّبَوٰٓا۟ सूद में से l-riba
सूद में से إِن अगर in
अगर كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम مُّؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले ٢٧٨ (278)
(278)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो ٱتَّقُوا۟ डरो ittaqū
डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَذَرُوا۟ और छोड़ दो wadharū
और छोड़ दो مَا जो mā
जो بَقِىَ बाक़ी रह गया हो baqiya
बाक़ी रह गया हो مِنَ of mina
of ٱلرِّبَوٰٓا۟ सूद में से l-riba
सूद में से إِن अगर in
अगर كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम مُّؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले ٢٧٨ (278)
(278)
ऐ ईमान वालो! अल्लाह से डरो और ब्याज में से जो शेष रह गया है, उसे छोड़ दो, यदि तुम ईमान रखने वाले हो।
२:२७९
فَإِن
फिर अगर
fa-in
फिर अगर لَّمْ ना lam
ना تَفْعَلُوا۟ तुम करो tafʿalū
तुम करो فَأْذَنُوا۟ तो ऐलान सुन लो fadhanū
तो ऐलान सुन लो بِحَرْبٍۢ जंग का biḥarbin
जंग का مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से وَرَسُولِهِۦ ۖ और उसके रसूल से warasūlihi
और उसके रसूल से وَإِن और अगर wa-in
और अगर تُبْتُمْ तौबा कर लो तुम tub'tum
तौबा कर लो तुम فَلَكُمْ तो तुम्हारे लिए है falakum
तो तुम्हारे लिए है رُءُوسُ असल ruūsu
असल أَمْوَٰلِكُمْ तुम्हारे मालों का amwālikum
तुम्हारे मालों का لَا (do) not lā
(do) not تَظْلِمُونَ ना तुम ज़ुल्म करोगे taẓlimūna
ना तुम ज़ुल्म करोगे وَلَا और ना walā
और ना تُظْلَمُونَ तुम ज़ुल्म किए जाओगे tuẓ'lamūna
तुम ज़ुल्म किए जाओगे ٢٧٩ (279)
(279)
फिर अगर لَّمْ ना lam
ना تَفْعَلُوا۟ तुम करो tafʿalū
तुम करो فَأْذَنُوا۟ तो ऐलान सुन लो fadhanū
तो ऐलान सुन लो بِحَرْبٍۢ जंग का biḥarbin
जंग का مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से وَرَسُولِهِۦ ۖ और उसके रसूल से warasūlihi
और उसके रसूल से وَإِن और अगर wa-in
और अगर تُبْتُمْ तौबा कर लो तुम tub'tum
तौबा कर लो तुम فَلَكُمْ तो तुम्हारे लिए है falakum
तो तुम्हारे लिए है رُءُوسُ असल ruūsu
असल أَمْوَٰلِكُمْ तुम्हारे मालों का amwālikum
तुम्हारे मालों का لَا (do) not lā
(do) not تَظْلِمُونَ ना तुम ज़ुल्म करोगे taẓlimūna
ना तुम ज़ुल्म करोगे وَلَا और ना walā
और ना تُظْلَمُونَ तुम ज़ुल्म किए जाओगे tuẓ'lamūna
तुम ज़ुल्म किए जाओगे ٢٧٩ (279)
(279)
फिर यदि तुमने ऐसा न किया, तो अल्लाह और उसके रसूल की ओर से युद्ध की घोषणा से सावधान हो जाओ। और यदि तुम तौबा कर लो, तो तुम्हारे लिए तुम्हारे मूलधन हैं, न तुम अत्याचार करोगे1 और न तुमपर अत्याचार किया जाएगा।
२:२८०
وَإِن
और अगर
wa-in
और अगर كَانَ है वो kāna
है वो ذُو the (debtor) dhū
the (debtor) عُسْرَةٍۢ तंगदस्त ʿus'ratin
तंगदस्त فَنَظِرَةٌ तो मोहलत देना है fanaẓiratun
तो मोहलत देना है إِلَىٰ until ilā
until مَيْسَرَةٍۢ ۚ आसानी तक maysaratin
आसानी तक وَأَن और ये कि wa-an
और ये कि تَصَدَّقُوا۟ तुम सदक़ा कर दो taṣaddaqū
तुम सदक़ा कर दो خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है لَّكُمْ ۖ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम تَعْلَمُونَ तुम जानते taʿlamūna
तुम जानते ٢٨٠ (280)
(280)
और अगर كَانَ है वो kāna
है वो ذُو the (debtor) dhū
the (debtor) عُسْرَةٍۢ तंगदस्त ʿus'ratin
तंगदस्त فَنَظِرَةٌ तो मोहलत देना है fanaẓiratun
तो मोहलत देना है إِلَىٰ until ilā
until مَيْسَرَةٍۢ ۚ आसानी तक maysaratin
आसानी तक وَأَن और ये कि wa-an
और ये कि تَصَدَّقُوا۟ तुम सदक़ा कर दो taṣaddaqū
तुम सदक़ा कर दो خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है لَّكُمْ ۖ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम تَعْلَمُونَ तुम जानते taʿlamūna
तुम जानते ٢٨٠ (280)
(280)
और यदि कोई तंगी वाला हो, तो (उसे) आसानी तक मोहलत देनी चाहिए और दान कर दो, तो यह तुम्हारे लिए बेहतर है, यदि तुम जानते हो।
२:२८१
وَٱتَّقُوا۟
और डरो
wa-ittaqū
और डरो يَوْمًۭا उस दिन से yawman
उस दिन से تُرْجَعُونَ तुम लौटाए जाओगे tur'jaʿūna
तुम लौटाए जाओगे فِيهِ जिस में fīhi
जिस में إِلَى to ilā
to ٱللَّهِ ۖ तरफ़ अल्लाह के l-lahi
तरफ़ अल्लाह के ثُمَّ फिर thumma
फिर تُوَفَّىٰ पूरा पूरा दिया जाएगा tuwaffā
पूरा पूरा दिया जाएगा كُلُّ हर kullu
हर نَفْسٍۢ नफ़्स को nafsin
नफ़्स को مَّا जो mā
जो كَسَبَتْ उसने कमाया kasabat
उसने कमाया وَهُمْ और वो wahum
और वो لَا not lā
not يُظْلَمُونَ ज़ुल्म ना किए जाऐंगे yuẓ'lamūna
ज़ुल्म ना किए जाऐंगे ٢٨١ (281)
(281)
और डरो يَوْمًۭا उस दिन से yawman
उस दिन से تُرْجَعُونَ तुम लौटाए जाओगे tur'jaʿūna
तुम लौटाए जाओगे فِيهِ जिस में fīhi
जिस में إِلَى to ilā
to ٱللَّهِ ۖ तरफ़ अल्लाह के l-lahi
तरफ़ अल्लाह के ثُمَّ फिर thumma
फिर تُوَفَّىٰ पूरा पूरा दिया जाएगा tuwaffā
पूरा पूरा दिया जाएगा كُلُّ हर kullu
हर نَفْسٍۢ नफ़्स को nafsin
नफ़्स को مَّا जो mā
जो كَسَبَتْ उसने कमाया kasabat
उसने कमाया وَهُمْ और वो wahum
और वो لَا not lā
not يُظْلَمُونَ ज़ुल्म ना किए जाऐंगे yuẓ'lamūna
ज़ुल्म ना किए जाऐंगे ٢٨١ (281)
(281)
तथा उस दिन से डरो, जिसमें तुम अल्लाह की ओर लौटाए जाओगे, फिर प्रत्येक प्राणी को उसके किए हुए का पूरा बदला दिया जाएगा तथा उनपर अत्याचार नहीं किया जाएगा।
२:२८२
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो إِذَا जब idhā
जब تَدَايَنتُم तुम बाहम लेन-देन करो tadāyantum
तुम बाहम लेन-देन करो بِدَيْنٍ क़र्ज़ का bidaynin
क़र्ज़ का إِلَىٰٓ for ilā
for أَجَلٍۢ a term ajalin
a term مُّسَمًّۭى एक मुक़र्ररह वक़्त तक musamman
एक मुक़र्ररह वक़्त तक فَٱكْتُبُوهُ ۚ तो लिख लो उसे fa-uk'tubūhu
तो लिख लो उसे وَلْيَكْتُب और चाहिए कि लिखे walyaktub
और चाहिए कि लिखे بَّيْنَكُمْ दर्मियान तुम्हारे baynakum
दर्मियान तुम्हारे كَاتِبٌۢ एक लिखने वाला kātibun
एक लिखने वाला بِٱلْعَدْلِ ۚ साथ अदल के bil-ʿadli
साथ अदल के وَلَا और ना walā
और ना يَأْبَ इन्कार करे yaba
इन्कार करे كَاتِبٌ लिखने वाला kātibun
लिखने वाला أَن कि an
कि يَكْتُبَ वो लिखे yaktuba
वो लिखे كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि عَلَّمَهُ सिखाया उसे ʿallamahu
सिखाया उसे ٱللَّهُ ۚ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने فَلْيَكْتُبْ पस चाहिए कि वो लिखे falyaktub
पस चाहिए कि वो लिखे وَلْيُمْلِلِ और चाहिए कि इमला कराए walyum'lili
और चाहिए कि इमला कराए ٱلَّذِى वो शख़्स alladhī
वो शख़्स عَلَيْهِ जिस पर ʿalayhi
जिस पर ٱلْحَقُّ हक़ है l-ḥaqu
हक़ है وَلْيَتَّقِ और चाहिए कि वो डरे walyattaqi
और चाहिए कि वो डरे ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से رَبَّهُۥ जो रब है उसका rabbahu
जो रब है उसका وَلَا और ना walā
और ना يَبْخَسْ वो कमी करे yabkhas
वो कमी करे مِنْهُ उसमें से min'hu
उसमें से شَيْـًۭٔا ۚ किसी चीज़ की shayan
किसी चीज़ की فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर كَانَ हो kāna
हो ٱلَّذِى वो शख़्स alladhī
वो शख़्स عَلَيْهِ जिस पर ʿalayhi
जिस पर ٱلْحَقُّ हक़ है l-ḥaqu
हक़ है سَفِيهًا नादान safīhan
नादान أَوْ या aw
या ضَعِيفًا कमज़ोर ḍaʿīfan
कमज़ोर أَوْ या aw
या لَا not lā
not يَسْتَطِيعُ नहीं वो इस्तिताअत रखता yastaṭīʿu
नहीं वो इस्तिताअत रखता أَن कि an
कि يُمِلَّ इमला कराए yumilla
इमला कराए هُوَ वो huwa
वो فَلْيُمْلِلْ पस चाहिए कि इमला कराए falyum'lil
पस चाहिए कि इमला कराए وَلِيُّهُۥ सरपरस्त उसका waliyyuhu
सरपरस्त उसका بِٱلْعَدْلِ ۚ साथ अदल के bil-ʿadli
साथ अदल के وَٱسْتَشْهِدُوا۟ और गवाह बना लो wa-is'tashhidū
और गवाह बना लो شَهِيدَيْنِ दो गवाह shahīdayni
दो गवाह مِن among min
among رِّجَالِكُمْ ۖ अपने मर्दों में से rijālikum
अपने मर्दों में से فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर لَّمْ ना lam
ना يَكُونَا हों वो दोनों yakūnā
हों वो दोनों رَجُلَيْنِ दो मर्द rajulayni
दो मर्द فَرَجُلٌۭ तो एक मर्द farajulun
तो एक मर्द وَٱمْرَأَتَانِ और दो औरतें wa-im'ra-atāni
और दो औरतें مِمَّن उनमें से जिन्हें mimman
उनमें से जिन्हें تَرْضَوْنَ तुम पसंद करते हो tarḍawna
तुम पसंद करते हो مِنَ of mina
of ٱلشُّهَدَآءِ गवाहों में से l-shuhadāi
गवाहों में से أَن कि an
कि تَضِلَّ भूल जाए taḍilla
भूल जाए إِحْدَىٰهُمَا उन दोनों में से एक iḥ'dāhumā
उन दोनों में से एक فَتُذَكِّرَ तो याद दिहानी करा दे fatudhakkira
तो याद दिहानी करा दे إِحْدَىٰهُمَا उन दोनों में से एक iḥ'dāhumā
उन दोनों में से एक ٱلْأُخْرَىٰ ۚ दूसरी को l-ukh'rā
दूसरी को وَلَا और ना walā
और ना يَأْبَ इन्कार करें yaba
इन्कार करें ٱلشُّهَدَآءُ गवाह l-shuhadāu
गवाह إِذَا when idhā
when مَا जब भी mā
जब भी دُعُوا۟ ۚ वो बुलाए जाऐं duʿū
वो बुलाए जाऐं وَلَا और ना walā
और ना تَسْـَٔمُوٓا۟ तुम उकताहट महसूस करो tasamū
तुम उकताहट महसूस करो أَن कि an
कि تَكْتُبُوهُ तुम लिख लो उसे taktubūhu
तुम लिख लो उसे صَغِيرًا छोटा हो ṣaghīran
छोटा हो أَوْ या aw
या كَبِيرًا बड़ा हो kabīran
बड़ा हो إِلَىٰٓ for ilā
for أَجَلِهِۦ ۚ उसके मुक़र्रर वक़्त तक ajalihi
उसके मुक़र्रर वक़्त तक ذَٰلِكُمْ ये dhālikum
ये أَقْسَطُ ज़्यादा इन्साफ़ वाला है aqsaṭu
ज़्यादा इन्साफ़ वाला है عِندَ नज़दीक ʿinda
नज़दीक ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَأَقْوَمُ और ज़्यादा दुरुस्त है wa-aqwamu
और ज़्यादा दुरुस्त है لِلشَّهَـٰدَةِ गवाही के लिए lilshahādati
गवाही के लिए وَأَدْنَىٰٓ और ज़्यादा क़रीब है wa-adnā
और ज़्यादा क़रीब है أَلَّا कि ना allā
कि ना تَرْتَابُوٓا۟ ۖ तुम शक में पड़ो tartābū
तुम शक में पड़ो إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि تَكُونَ हो takūna
हो تِجَـٰرَةً तिजारत tijāratan
तिजारत حَاضِرَةًۭ हाज़िर ḥāḍiratan
हाज़िर تُدِيرُونَهَا तुम लेन-देन करते हो जिसका tudīrūnahā
तुम लेन-देन करते हो जिसका بَيْنَكُمْ आपस में baynakum
आपस में فَلَيْسَ तो नहीं है falaysa
तो नहीं है عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर جُنَاحٌ कोई गुनाह junāḥun
कोई गुनाह أَلَّا कि ना allā
कि ना تَكْتُبُوهَا ۗ तुम लिखो उसे taktubūhā
तुम लिखो उसे وَأَشْهِدُوٓا۟ और गवाह बना लो wa-ashhidū
और गवाह बना लो إِذَا जब idhā
जब تَبَايَعْتُمْ ۚ बाहम ख़रीदो फ़रोख़्त करो तुम tabāyaʿtum
बाहम ख़रीदो फ़रोख़्त करो तुम وَلَا और ना walā
और ना يُضَآرَّ नुक़सान पहुँचाए / पहुँचाया जाए yuḍārra
नुक़सान पहुँचाए / पहुँचाया जाए كَاتِبٌۭ कातिब kātibun
कातिब وَلَا और ना walā
और ना شَهِيدٌۭ ۚ गवाह shahīdun
गवाह وَإِن और अगर wa-in
और अगर تَفْعَلُوا۟ तुम (ऐसा) करोगे tafʿalū
तुम (ऐसा) करोगे فَإِنَّهُۥ तो बेशक वो fa-innahu
तो बेशक वो فُسُوقٌۢ नाफ़रमानी है fusūqun
नाफ़रमानी है بِكُمْ ۗ तुम्हारी bikum
तुम्हारी وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ ۖ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَيُعَلِّمُكُمُ और सिखाता है तुम्हें wayuʿallimukumu
और सिखाता है तुम्हें ٱللَّهُ ۗ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह بِكُلِّ हर bikulli
हर شَىْءٍ चीज़ को shayin
चीज़ को عَلِيمٌۭ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٢٨٢ (282)
(282)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो إِذَا जब idhā
जब تَدَايَنتُم तुम बाहम लेन-देन करो tadāyantum
तुम बाहम लेन-देन करो بِدَيْنٍ क़र्ज़ का bidaynin
क़र्ज़ का إِلَىٰٓ for ilā
for أَجَلٍۢ a term ajalin
a term مُّسَمًّۭى एक मुक़र्ररह वक़्त तक musamman
एक मुक़र्ररह वक़्त तक فَٱكْتُبُوهُ ۚ तो लिख लो उसे fa-uk'tubūhu
तो लिख लो उसे وَلْيَكْتُب और चाहिए कि लिखे walyaktub
और चाहिए कि लिखे بَّيْنَكُمْ दर्मियान तुम्हारे baynakum
दर्मियान तुम्हारे كَاتِبٌۢ एक लिखने वाला kātibun
एक लिखने वाला بِٱلْعَدْلِ ۚ साथ अदल के bil-ʿadli
साथ अदल के وَلَا और ना walā
और ना يَأْبَ इन्कार करे yaba
इन्कार करे كَاتِبٌ लिखने वाला kātibun
लिखने वाला أَن कि an
कि يَكْتُبَ वो लिखे yaktuba
वो लिखे كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि عَلَّمَهُ सिखाया उसे ʿallamahu
सिखाया उसे ٱللَّهُ ۚ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने فَلْيَكْتُبْ पस चाहिए कि वो लिखे falyaktub
पस चाहिए कि वो लिखे وَلْيُمْلِلِ और चाहिए कि इमला कराए walyum'lili
और चाहिए कि इमला कराए ٱلَّذِى वो शख़्स alladhī
वो शख़्स عَلَيْهِ जिस पर ʿalayhi
जिस पर ٱلْحَقُّ हक़ है l-ḥaqu
हक़ है وَلْيَتَّقِ और चाहिए कि वो डरे walyattaqi
और चाहिए कि वो डरे ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से رَبَّهُۥ जो रब है उसका rabbahu
जो रब है उसका وَلَا और ना walā
और ना يَبْخَسْ वो कमी करे yabkhas
वो कमी करे مِنْهُ उसमें से min'hu
उसमें से شَيْـًۭٔا ۚ किसी चीज़ की shayan
किसी चीज़ की فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर كَانَ हो kāna
हो ٱلَّذِى वो शख़्स alladhī
वो शख़्स عَلَيْهِ जिस पर ʿalayhi
जिस पर ٱلْحَقُّ हक़ है l-ḥaqu
हक़ है سَفِيهًا नादान safīhan
नादान أَوْ या aw
या ضَعِيفًا कमज़ोर ḍaʿīfan
कमज़ोर أَوْ या aw
या لَا not lā
not يَسْتَطِيعُ नहीं वो इस्तिताअत रखता yastaṭīʿu
नहीं वो इस्तिताअत रखता أَن कि an
कि يُمِلَّ इमला कराए yumilla
इमला कराए هُوَ वो huwa
वो فَلْيُمْلِلْ पस चाहिए कि इमला कराए falyum'lil
पस चाहिए कि इमला कराए وَلِيُّهُۥ सरपरस्त उसका waliyyuhu
सरपरस्त उसका بِٱلْعَدْلِ ۚ साथ अदल के bil-ʿadli
साथ अदल के وَٱسْتَشْهِدُوا۟ और गवाह बना लो wa-is'tashhidū
और गवाह बना लो شَهِيدَيْنِ दो गवाह shahīdayni
दो गवाह مِن among min
among رِّجَالِكُمْ ۖ अपने मर्दों में से rijālikum
अपने मर्दों में से فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर لَّمْ ना lam
ना يَكُونَا हों वो दोनों yakūnā
हों वो दोनों رَجُلَيْنِ दो मर्द rajulayni
दो मर्द فَرَجُلٌۭ तो एक मर्द farajulun
तो एक मर्द وَٱمْرَأَتَانِ और दो औरतें wa-im'ra-atāni
और दो औरतें مِمَّن उनमें से जिन्हें mimman
उनमें से जिन्हें تَرْضَوْنَ तुम पसंद करते हो tarḍawna
तुम पसंद करते हो مِنَ of mina
of ٱلشُّهَدَآءِ गवाहों में से l-shuhadāi
गवाहों में से أَن कि an
कि تَضِلَّ भूल जाए taḍilla
भूल जाए إِحْدَىٰهُمَا उन दोनों में से एक iḥ'dāhumā
उन दोनों में से एक فَتُذَكِّرَ तो याद दिहानी करा दे fatudhakkira
तो याद दिहानी करा दे إِحْدَىٰهُمَا उन दोनों में से एक iḥ'dāhumā
उन दोनों में से एक ٱلْأُخْرَىٰ ۚ दूसरी को l-ukh'rā
दूसरी को وَلَا और ना walā
और ना يَأْبَ इन्कार करें yaba
इन्कार करें ٱلشُّهَدَآءُ गवाह l-shuhadāu
गवाह إِذَا when idhā
when مَا जब भी mā
जब भी دُعُوا۟ ۚ वो बुलाए जाऐं duʿū
वो बुलाए जाऐं وَلَا और ना walā
और ना تَسْـَٔمُوٓا۟ तुम उकताहट महसूस करो tasamū
तुम उकताहट महसूस करो أَن कि an
कि تَكْتُبُوهُ तुम लिख लो उसे taktubūhu
तुम लिख लो उसे صَغِيرًا छोटा हो ṣaghīran
छोटा हो أَوْ या aw
या كَبِيرًا बड़ा हो kabīran
बड़ा हो إِلَىٰٓ for ilā
for أَجَلِهِۦ ۚ उसके मुक़र्रर वक़्त तक ajalihi
उसके मुक़र्रर वक़्त तक ذَٰلِكُمْ ये dhālikum
ये أَقْسَطُ ज़्यादा इन्साफ़ वाला है aqsaṭu
ज़्यादा इन्साफ़ वाला है عِندَ नज़दीक ʿinda
नज़दीक ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَأَقْوَمُ और ज़्यादा दुरुस्त है wa-aqwamu
और ज़्यादा दुरुस्त है لِلشَّهَـٰدَةِ गवाही के लिए lilshahādati
गवाही के लिए وَأَدْنَىٰٓ और ज़्यादा क़रीब है wa-adnā
और ज़्यादा क़रीब है أَلَّا कि ना allā
कि ना تَرْتَابُوٓا۟ ۖ तुम शक में पड़ो tartābū
तुम शक में पड़ो إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि تَكُونَ हो takūna
हो تِجَـٰرَةً तिजारत tijāratan
तिजारत حَاضِرَةًۭ हाज़िर ḥāḍiratan
हाज़िर تُدِيرُونَهَا तुम लेन-देन करते हो जिसका tudīrūnahā
तुम लेन-देन करते हो जिसका بَيْنَكُمْ आपस में baynakum
आपस में فَلَيْسَ तो नहीं है falaysa
तो नहीं है عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर جُنَاحٌ कोई गुनाह junāḥun
कोई गुनाह أَلَّا कि ना allā
कि ना تَكْتُبُوهَا ۗ तुम लिखो उसे taktubūhā
तुम लिखो उसे وَأَشْهِدُوٓا۟ और गवाह बना लो wa-ashhidū
और गवाह बना लो إِذَا जब idhā
जब تَبَايَعْتُمْ ۚ बाहम ख़रीदो फ़रोख़्त करो तुम tabāyaʿtum
बाहम ख़रीदो फ़रोख़्त करो तुम وَلَا और ना walā
और ना يُضَآرَّ नुक़सान पहुँचाए / पहुँचाया जाए yuḍārra
नुक़सान पहुँचाए / पहुँचाया जाए كَاتِبٌۭ कातिब kātibun
कातिब وَلَا और ना walā
और ना شَهِيدٌۭ ۚ गवाह shahīdun
गवाह وَإِن और अगर wa-in
और अगर تَفْعَلُوا۟ तुम (ऐसा) करोगे tafʿalū
तुम (ऐसा) करोगे فَإِنَّهُۥ तो बेशक वो fa-innahu
तो बेशक वो فُسُوقٌۢ नाफ़रमानी है fusūqun
नाफ़रमानी है بِكُمْ ۗ तुम्हारी bikum
तुम्हारी وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो ٱللَّهَ ۖ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَيُعَلِّمُكُمُ और सिखाता है तुम्हें wayuʿallimukumu
और सिखाता है तुम्हें ٱللَّهُ ۗ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह بِكُلِّ हर bikulli
हर شَىْءٍ चीज़ को shayin
चीज़ को عَلِيمٌۭ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٢٨٢ (282)
(282)
ऐ ईमान वालो! जब तुम आपस में एक निश्चित अवधि के लिए उधार का लेन-देन करो, तो उसे लिख लिया करो। और एक लिखने वाला तुम्हारे बीच न्याय के साथ लिखे। और कोई लिखने वाला उस तरह लिखने से इनकार न करे, जैसे अल्लाह ने उसे सिखाया है। सो उसे चाहिए कि लिखे और वह व्यक्ति लिखवाए जिसपर हक़ (क़र्ज़) हो, तथा वह अपने पालनहार अल्लाह से डरे और उस (कर्ज़) में से कुछ भी कम न करे। फिर यदि वह व्यक्ति जिसके ज़िम्मे हक़ (क़र्ज़) है, नासमझ या कमज़ोर है, या वह स्वयं लिखवाने में सक्षम न हो, तो उसका वली (अभिभावक) न्याय के साथ लिखवा दे। तथा अपने पुरुषों में से दो गवाहों को गवाह बना लो। फिर यदि दो पुरुष न हों, तो एक पुरुष तथा दो स्त्रियाँ उन लोगों में से जिन्हें तुम गवाहों में से पसंद करते हो। (इसलिए) कि दोनों में से एक भूल जाए, तो उनमें से एक दूसरी को याद दिला दे। तथा गवाह जब भी बुलाए जाएँ, इनकार न करें। तथा मामला छोटा हो या बड़ा, उसे उसकी अवधि तक लिखने से न उकताओ। यह काम अल्लाह के निकट अधिक न्यायसंगत, तथा गवाही को अधिक ठीक रखने वाला है और अधिक निकट है कि तुम संदेह में न पड़ो, परंतु यह कि नक़द सौदा हो, जिसका तुम आपस में लेन-देन करते हो, तो उसे न लिखने में तुमपर कोई दोष नहीं। तथा जब आपस में क्रय-विक्रय करो, तो गवाह बना लिया करो। और न किसी लिखने वाले को हानि पहुँचाई जाए और न किसी गवाह को। और यदि ऐसा करोगो, तो निःसंदेह यह तुम में (पाई जाने वाली बहुत) बड़ी अवज्ञा है। तथा अल्लाह से डरो और अल्लाह तुम्हें सिखाता है और अल्लाह हर चीज़ को ख़ूब जानने वाला है।
२:२८३
۞ وَإِن
और अगर
wa-in
और अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम عَلَىٰ on ʿalā
on سَفَرٍۢ सफ़र पर safarin
सफ़र पर وَلَمْ और ना walam
और ना تَجِدُوا۟ तुम पाओ tajidū
तुम पाओ كَاتِبًۭا कोई कातिब kātiban
कोई कातिब فَرِهَـٰنٌۭ तो रहन रखना है farihānun
तो रहन रखना है مَّقْبُوضَةٌۭ ۖ क़ब्ज़ा में दी हुई (चीज़) maqbūḍatun
क़ब्ज़ा में दी हुई (चीज़) فَإِنْ फिर अगर fa-in
फिर अगर أَمِنَ ऐतबार करे amina
ऐतबार करे بَعْضُكُم बाज़ तुम्हारा baʿḍukum
बाज़ तुम्हारा بَعْضًۭا बाज़ पर baʿḍan
बाज़ पर فَلْيُؤَدِّ तो चाहिए कि अदा करे falyu-addi
तो चाहिए कि अदा करे ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो ٱؤْتُمِنَ अमीन बनाया गया u'tumina
अमीन बनाया गया أَمَـٰنَتَهُۥ उसकी अमानत को amānatahu
उसकी अमानत को وَلْيَتَّقِ और चाहिए कि वो डरे walyattaqi
और चाहिए कि वो डरे ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से رَبَّهُۥ ۗ जो रब है उसका rabbahu
जो रब है उसका وَلَا और ना walā
और ना تَكْتُمُوا۟ तुम छुपाओ taktumū
तुम छुपाओ ٱلشَّهَـٰدَةَ ۚ गवाही को l-shahādata
गवाही को وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَكْتُمْهَا छुपाएगा उसे yaktum'hā
छुपाएगा उसे فَإِنَّهُۥٓ तो बेशक वो fa-innahu
तो बेशक वो ءَاثِمٌۭ गुनाहगार है āthimun
गुनाहगार है قَلْبُهُۥ ۗ दिल उसका qalbuhu
दिल उसका وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह بِمَا उसे जो bimā
उसे जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो عَلِيمٌۭ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٢٨٣ (283)
(283)
और अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम عَلَىٰ on ʿalā
on سَفَرٍۢ सफ़र पर safarin
सफ़र पर وَلَمْ और ना walam
और ना تَجِدُوا۟ तुम पाओ tajidū
तुम पाओ كَاتِبًۭا कोई कातिब kātiban
कोई कातिब فَرِهَـٰنٌۭ तो रहन रखना है farihānun
तो रहन रखना है مَّقْبُوضَةٌۭ ۖ क़ब्ज़ा में दी हुई (चीज़) maqbūḍatun
क़ब्ज़ा में दी हुई (चीज़) فَإِنْ फिर अगर fa-in
फिर अगर أَمِنَ ऐतबार करे amina
ऐतबार करे بَعْضُكُم बाज़ तुम्हारा baʿḍukum
बाज़ तुम्हारा بَعْضًۭا बाज़ पर baʿḍan
बाज़ पर فَلْيُؤَدِّ तो चाहिए कि अदा करे falyu-addi
तो चाहिए कि अदा करे ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो ٱؤْتُمِنَ अमीन बनाया गया u'tumina
अमीन बनाया गया أَمَـٰنَتَهُۥ उसकी अमानत को amānatahu
उसकी अमानत को وَلْيَتَّقِ और चाहिए कि वो डरे walyattaqi
और चाहिए कि वो डरे ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से رَبَّهُۥ ۗ जो रब है उसका rabbahu
जो रब है उसका وَلَا और ना walā
और ना تَكْتُمُوا۟ तुम छुपाओ taktumū
तुम छुपाओ ٱلشَّهَـٰدَةَ ۚ गवाही को l-shahādata
गवाही को وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَكْتُمْهَا छुपाएगा उसे yaktum'hā
छुपाएगा उसे فَإِنَّهُۥٓ तो बेशक वो fa-innahu
तो बेशक वो ءَاثِمٌۭ गुनाहगार है āthimun
गुनाहगार है قَلْبُهُۥ ۗ दिल उसका qalbuhu
दिल उसका وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह بِمَا उसे जो bimā
उसे जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो عَلِيمٌۭ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٢٨٣ (283)
(283)
और यदि तुम किसी सफ़र पर हो और कोई लिखने वाला न पाओ, तो ऐसी गिरवी आवश्यक है जो क़ब्ज़े में ले ली गई हो। फिर यदि तुममें से कोई किसी पर भरोसा करे, तो जिसपर भरोसा किया गया है वह अपनी अमानत अदा करे और अपने पालनहार अल्लाह से डरे। तथा गवाही न छिपाओ और जो उसे छिपाए, तो निःसंदेह उसका दिल पापी है। तथा अल्लाह जो कुछ तुम कर रहे हो, उसे ख़ूब जानने वाला है।
२:२८४
لِّلَّهِ
अल्लाह ही के लिए है
lillahi
अल्लाह ही के लिए है مَا जो mā
जो فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है وَمَا और जो wamā
और जो فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ۗ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है وَإِن और अगर wa-in
और अगर تُبْدُوا۟ तुम ज़ाहिर करोगे tub'dū
तुम ज़ाहिर करोगे مَا जो mā
जो فِىٓ (is) in fī
(is) in أَنفُسِكُمْ तुम्हारे नफ़्सों में है anfusikum
तुम्हारे नफ़्सों में है أَوْ या aw
या تُخْفُوهُ तुम छुपाओगे उसे tukh'fūhu
तुम छुपाओगे उसे يُحَاسِبْكُم मुहासबा करेगा तुम्हारा yuḥāsib'kum
मुहासबा करेगा तुम्हारा بِهِ साथ उसके bihi
साथ उसके ٱللَّهُ ۖ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فَيَغْفِرُ फिर वो बख़्श देगा fayaghfiru
फिर वो बख़्श देगा لِمَن जिसे liman
जिसे يَشَآءُ वो चाहेगा yashāu
वो चाहेगा وَيُعَذِّبُ और वो अज़ाब देगा wayuʿadhibu
और वो अज़ाब देगा مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ ۗ वो चाहेगा yashāu
वो चाहेगा وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرٌ बहुत क़ुदरत रखने वाला है qadīrun
बहुत क़ुदरत रखने वाला है ٢٨٤ (284)
(284)
अल्लाह ही के लिए है مَا जो mā
जो فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है وَمَا और जो wamā
और जो فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ۗ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है وَإِن और अगर wa-in
और अगर تُبْدُوا۟ तुम ज़ाहिर करोगे tub'dū
तुम ज़ाहिर करोगे مَا जो mā
जो فِىٓ (is) in fī
(is) in أَنفُسِكُمْ तुम्हारे नफ़्सों में है anfusikum
तुम्हारे नफ़्सों में है أَوْ या aw
या تُخْفُوهُ तुम छुपाओगे उसे tukh'fūhu
तुम छुपाओगे उसे يُحَاسِبْكُم मुहासबा करेगा तुम्हारा yuḥāsib'kum
मुहासबा करेगा तुम्हारा بِهِ साथ उसके bihi
साथ उसके ٱللَّهُ ۖ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فَيَغْفِرُ फिर वो बख़्श देगा fayaghfiru
फिर वो बख़्श देगा لِمَن जिसे liman
जिसे يَشَآءُ वो चाहेगा yashāu
वो चाहेगा وَيُعَذِّبُ और वो अज़ाब देगा wayuʿadhibu
और वो अज़ाब देगा مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ ۗ वो चाहेगा yashāu
वो चाहेगा وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرٌ बहुत क़ुदरत रखने वाला है qadīrun
बहुत क़ुदरत रखने वाला है ٢٨٤ (284)
(284)
अल्लाह ही का है जो कुछ आकाशों में और जो धरती में है, और यदि तुम उसे प्रकट करो जो तुम्हारे दिलों में है, या उसे छिपाओ, अल्लाह तुमसे उसका ह़िसाब लेगा। फिर जिसे चाहेगा, माफ़ कर देगा और जिसे चाहेगा, यातना देगा और अल्लाह हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है।
२:२८५
ءَامَنَ
ईमान लाया
āmana
ईमान लाया ٱلرَّسُولُ रसूल l-rasūlu
रसूल بِمَآ उस पर जो bimā
उस पर जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके مِن from min
from رَّبِّهِۦ उसके रब की तरफ़ से rabbihi
उसके रब की तरफ़ से وَٱلْمُؤْمِنُونَ ۚ और सारे मोमिन (भी) wal-mu'minūna
और सारे मोमिन (भी) كُلٌّ हर एक kullun
हर एक ءَامَنَ ईमान लाया āmana
ईमान लाया بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَمَلَـٰٓئِكَتِهِۦ और उसके फ़रिश्तों पर wamalāikatihi
और उसके फ़रिश्तों पर وَكُتُبِهِۦ और उसकी किताबों पर wakutubihi
और उसकी किताबों पर وَرُسُلِهِۦ और उसके रसूलों पर warusulihi
और उसके रसूलों पर لَا Not lā
Not نُفَرِّقُ नहीं हम फ़र्क़ करते nufarriqu
नहीं हम फ़र्क़ करते بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान أَحَدٍۢ किसी एक के aḥadin
किसी एक के مِّن of min
of رُّسُلِهِۦ ۚ उसके रसूलों में से rusulihi
उसके रसूलों में से وَقَالُوا۟ और उन्होंने कहा waqālū
और उन्होंने कहा سَمِعْنَا सुना हमने samiʿ'nā
सुना हमने وَأَطَعْنَا ۖ और इताअत की हमने wa-aṭaʿnā
और इताअत की हमने غُفْرَانَكَ तेरी मग़फ़िरत (चाहते हैं) ghuf'rānaka
तेरी मग़फ़िरत (चाहते हैं) رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब وَإِلَيْكَ और तेरी ही तरफ़ wa-ilayka
और तेरी ही तरफ़ ٱلْمَصِيرُ पलटना है l-maṣīru
पलटना है ٢٨٥ (285)
(285)
ईमान लाया ٱلرَّسُولُ रसूल l-rasūlu
रसूल بِمَآ उस पर जो bimā
उस पर जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके مِن from min
from رَّبِّهِۦ उसके रब की तरफ़ से rabbihi
उसके रब की तरफ़ से وَٱلْمُؤْمِنُونَ ۚ और सारे मोमिन (भी) wal-mu'minūna
और सारे मोमिन (भी) كُلٌّ हर एक kullun
हर एक ءَامَنَ ईमान लाया āmana
ईमान लाया بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَمَلَـٰٓئِكَتِهِۦ और उसके फ़रिश्तों पर wamalāikatihi
और उसके फ़रिश्तों पर وَكُتُبِهِۦ और उसकी किताबों पर wakutubihi
और उसकी किताबों पर وَرُسُلِهِۦ और उसके रसूलों पर warusulihi
और उसके रसूलों पर لَا Not lā
Not نُفَرِّقُ नहीं हम फ़र्क़ करते nufarriqu
नहीं हम फ़र्क़ करते بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान أَحَدٍۢ किसी एक के aḥadin
किसी एक के مِّن of min
of رُّسُلِهِۦ ۚ उसके रसूलों में से rusulihi
उसके रसूलों में से وَقَالُوا۟ और उन्होंने कहा waqālū
और उन्होंने कहा سَمِعْنَا सुना हमने samiʿ'nā
सुना हमने وَأَطَعْنَا ۖ और इताअत की हमने wa-aṭaʿnā
और इताअत की हमने غُفْرَانَكَ तेरी मग़फ़िरत (चाहते हैं) ghuf'rānaka
तेरी मग़फ़िरत (चाहते हैं) رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब وَإِلَيْكَ और तेरी ही तरफ़ wa-ilayka
और तेरी ही तरफ़ ٱلْمَصِيرُ पलटना है l-maṣīru
पलटना है ٢٨٥ (285)
(285)
रसूल उस चीज़ पर ईमान लाए, जो उनकी तरफ़ उनके पालनहार की ओर से उतारी गई तथा सब ईमान वाले भी। हर एक अल्लाह और उसके फ़रिश्तों और उसकी पुस्तकों और उसके रसूलों पर ईमान लाया। (वे कहते हैं) हम उसके रसूलों में से किसी एक के बीच अंतर नहीं करते। और उन्होंने कहा हमने सुना और हमने आज्ञापालन किया। हम तेरी क्षमा चाहते हैं ऐ हमारे पालनहार! और तेरी ही ओर लौटकर जाना है।1
२:२८६
لَا
(Does) not
lā
(Does) not يُكَلِّفُ नहीं तकलीफ़ देता yukallifu
नहीं तकलीफ़ देता ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह نَفْسًا किसी नफ़्स को nafsan
किसी नफ़्स को إِلَّا मगर illā
मगर وُسْعَهَا ۚ उसकी वुसअत भर wus'ʿahā
उसकी वुसअत भर لَهَا उसी के लिए है lahā
उसी के लिए है مَا जो mā
जो كَسَبَتْ उसने (नेकी) कमाई kasabat
उसने (नेकी) कमाई وَعَلَيْهَا और उसके ज़िम्मा है waʿalayhā
और उसके ज़िम्मा है مَا जो mā
जो ٱكْتَسَبَتْ ۗ उसने (बुराई) कमाई ik'tasabat
उसने (बुराई) कमाई رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब لَا (Do) not lā
(Do) not تُؤَاخِذْنَآ ना तू मुआख़ज़ा करना हमारा tuākhidh'nā
ना तू मुआख़ज़ा करना हमारा إِن अगर in
अगर نَّسِينَآ भूल जाऐं हम nasīnā
भूल जाऐं हम أَوْ या aw
या أَخْطَأْنَا ۚ ख़ता करें हम akhṭanā
ख़ता करें हम رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब وَلَا और ना walā
और ना تَحْمِلْ तू डाल taḥmil
तू डाल عَلَيْنَآ हम पर ʿalaynā
हम पर إِصْرًۭا ऐसा बोझ iṣ'ran
ऐसा बोझ كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि حَمَلْتَهُۥ डाला तूने उसे ḥamaltahu
डाला तूने उसे عَلَى on ʿalā
on ٱلَّذِينَ उन पर जो alladhīna
उन पर जो مِن (were) from min
(were) from قَبْلِنَا ۚ हमसे पहले थे qablinā
हमसे पहले थे رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब وَلَا और ना walā
और ना تُحَمِّلْنَا तू उठवा हमसे tuḥammil'nā
तू उठवा हमसे مَا वो जो mā
वो जो لَا not lā
not طَاقَةَ नहीं ताक़त ṭāqata
नहीं ताक़त لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए بِهِۦ ۖ जिसकी bihi
जिसकी وَٱعْفُ और दरगुज़र फ़रमा wa-uʿ'fu
और दरगुज़र फ़रमा عَنَّا हमसे ʿannā
हमसे وَٱغْفِرْ और बख़्श दे wa-igh'fir
और बख़्श दे لَنَا हमें lanā
हमें وَٱرْحَمْنَآ ۚ और रहम फ़रमा हम पर wa-ir'ḥamnā
और रहम फ़रमा हम पर أَنتَ तू anta
तू مَوْلَىٰنَا मौला है हमारा mawlānā
मौला है हमारा فَٱنصُرْنَا पस मदद फ़रमा हमारी fa-unṣur'nā
पस मदद फ़रमा हमारी عَلَى against ʿalā
against ٱلْقَوْمِ उन लोगों पर l-qawmi
उन लोगों पर ٱلْكَـٰفِرِينَ जो काफ़िर हैं l-kāfirīna
जो काफ़िर हैं ٢٨٦ (286)
(286)
(Does) not يُكَلِّفُ नहीं तकलीफ़ देता yukallifu
नहीं तकलीफ़ देता ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह نَفْسًا किसी नफ़्स को nafsan
किसी नफ़्स को إِلَّا मगर illā
मगर وُسْعَهَا ۚ उसकी वुसअत भर wus'ʿahā
उसकी वुसअत भर لَهَا उसी के लिए है lahā
उसी के लिए है مَا जो mā
जो كَسَبَتْ उसने (नेकी) कमाई kasabat
उसने (नेकी) कमाई وَعَلَيْهَا और उसके ज़िम्मा है waʿalayhā
और उसके ज़िम्मा है مَا जो mā
जो ٱكْتَسَبَتْ ۗ उसने (बुराई) कमाई ik'tasabat
उसने (बुराई) कमाई رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब لَا (Do) not lā
(Do) not تُؤَاخِذْنَآ ना तू मुआख़ज़ा करना हमारा tuākhidh'nā
ना तू मुआख़ज़ा करना हमारा إِن अगर in
अगर نَّسِينَآ भूल जाऐं हम nasīnā
भूल जाऐं हम أَوْ या aw
या أَخْطَأْنَا ۚ ख़ता करें हम akhṭanā
ख़ता करें हम رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब وَلَا और ना walā
और ना تَحْمِلْ तू डाल taḥmil
तू डाल عَلَيْنَآ हम पर ʿalaynā
हम पर إِصْرًۭا ऐसा बोझ iṣ'ran
ऐसा बोझ كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि حَمَلْتَهُۥ डाला तूने उसे ḥamaltahu
डाला तूने उसे عَلَى on ʿalā
on ٱلَّذِينَ उन पर जो alladhīna
उन पर जो مِن (were) from min
(were) from قَبْلِنَا ۚ हमसे पहले थे qablinā
हमसे पहले थे رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब وَلَا और ना walā
और ना تُحَمِّلْنَا तू उठवा हमसे tuḥammil'nā
तू उठवा हमसे مَا वो जो mā
वो जो لَا not lā
not طَاقَةَ नहीं ताक़त ṭāqata
नहीं ताक़त لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए بِهِۦ ۖ जिसकी bihi
जिसकी وَٱعْفُ और दरगुज़र फ़रमा wa-uʿ'fu
और दरगुज़र फ़रमा عَنَّا हमसे ʿannā
हमसे وَٱغْفِرْ और बख़्श दे wa-igh'fir
और बख़्श दे لَنَا हमें lanā
हमें وَٱرْحَمْنَآ ۚ और रहम फ़रमा हम पर wa-ir'ḥamnā
और रहम फ़रमा हम पर أَنتَ तू anta
तू مَوْلَىٰنَا मौला है हमारा mawlānā
मौला है हमारा فَٱنصُرْنَا पस मदद फ़रमा हमारी fa-unṣur'nā
पस मदद फ़रमा हमारी عَلَى against ʿalā
against ٱلْقَوْمِ उन लोगों पर l-qawmi
उन लोगों पर ٱلْكَـٰفِرِينَ जो काफ़िर हैं l-kāfirīna
जो काफ़िर हैं ٢٨٦ (286)
(286)
अल्लाह किसी प्राणी पर भार नहीं डालता परंतु उसकी क्षमता के अनुसार। उसी के लिए है जो उसने (नेकी) कमाई और उसी पर है जो उसने (पाप) कमाया। ऐ हमारे पालनहार! हमारी पकड़ न कर यदि हम भूल जाएँ या हमसे चूक हो जाए। ऐ हमारे पालनहार! और हमपर कोई भारी बोझ न डाल, जैसे तूने उसे उन लोगों पर डाला जो हमसे पहले थे। ऐ हमारे पालनहार! और हमसे वह चीज़ न उठवा जिस (के उठाने) की हम में शक्ति न हो। तथा हमें माफ़ कर और हमें क्षमा कर दे और हमपर दया कर। तू ही हमारा स्वामी (संरक्षक) है, इसलिए काफ़िरों के मुक़ाबले में हमारी मदद कर।