८७

अल-आला

मक्की १९ आयतें पारा ३०
الأعلى
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ साथ नाम bis'mi
साथ नाम
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान
ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
८७:१
سَبِّحِ तस्बीह कीजिए sabbiḥi
तस्बीह कीजिए
ٱسْمَ नाम की is'ma
नाम की
رَبِّكَ अपने रब के rabbika
अपने रब के
ٱلْأَعْلَى जो बहुत बुलन्द है l-aʿlā
जो बहुत बुलन्द है
١ (1)
(1)
अपने सर्वोच्च पालनहार के नाम की पवित्रता का वर्णन करो।
८७:२
ٱلَّذِى वो जिसने alladhī
वो जिसने
خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया
فَسَوَّىٰ फिर उसने दुरुस्त किया fasawwā
फिर उसने दुरुस्त किया
٢ (2)
(2)
जिसने पैदा किया और ठीक-ठीक बनाया।
८७:३
وَٱلَّذِى और वो जिसने wa-alladhī
और वो जिसने
قَدَّرَ अंदाज़ा किया qaddara
अंदाज़ा किया
فَهَدَىٰ फिर उसने हिदायत बख़्शी fahadā
फिर उसने हिदायत बख़्शी
٣ (3)
(3)
और जिसने (हर चीज़ को) अनुमानित किया, फिर मार्ग दिखाया।
८७:४
وَٱلَّذِىٓ और वो जिसने wa-alladhī
और वो जिसने
أَخْرَجَ निकाला akhraja
निकाला
ٱلْمَرْعَىٰ चारा l-marʿā
चारा
٤ (4)
(4)
और जिसने चारा उगाया।1
८७:५
فَجَعَلَهُۥ फिर उसने बना दिया उसे fajaʿalahu
फिर उसने बना दिया उसे
غُثَآءً कूड़ा ghuthāan
कूड़ा
أَحْوَىٰ स्याह aḥwā
स्याह
٥ (5)
(5)
फिर उसे (सुखाकर) काले रंग का कूड़ा बना दिया।1
८७:६
سَنُقْرِئُكَ अनक़रीब हम पढ़ा देंगे आपको sanuq'ri-uka
अनक़रीब हम पढ़ा देंगे आपको
فَلَا फिर नहीं falā
फिर नहीं
تَنسَىٰٓ आप भूलेंगे tansā
आप भूलेंगे
٦ (6)
(6)
(ऐ नबी!) हम तुम्हें ऐसा पढ़ाएँगे कि तुम नहीं भूलोगे।
८७:७
إِلَّا मगर illā
मगर
مَا जो
जो
شَآءَ चाहे shāa
चाहे
ٱللَّهُ ۚ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
يَعْلَمُ वो जानता है yaʿlamu
वो जानता है
ٱلْجَهْرَ ज़ाहिर को l-jahra
ज़ाहिर को
وَمَا और उसको जो wamā
और उसको जो
يَخْفَىٰ पोशीदा है yakhfā
पोशीदा है
٧ (7)
(7)
परन्तु जो अल्लाह चाहे। निश्चय ही वह खुली बात को जानता है और उस बात को भी जो छिपी हुई है।
८७:८
وَنُيَسِّرُكَ और हम आसानी कर देंगे आपके लिए wanuyassiruka
और हम आसानी कर देंगे आपके लिए
لِلْيُسْرَىٰ आसान(रास्ते) की lil'yus'rā
आसान(रास्ते) की
٨ (8)
(8)
और हम तुम्हारे लिए सरल मार्ग आसान कर देंगे।1
८७:९
فَذَكِّرْ पस नसीहत कीजिए fadhakkir
पस नसीहत कीजिए
إِن अगर in
अगर
نَّفَعَتِ फ़ायदा दे nafaʿati
फ़ायदा दे
ٱلذِّكْرَىٰ नसीहत करना l-dhik'rā
नसीहत करना
٩ (9)
(9)
तो आप नसीहत करते रहें। अगर नसीहत करना लाभदायक हो।
८७:१०
سَيَذَّكَّرُ अनक़रीब नसीहत पकड़ेगा sayadhakkaru
अनक़रीब नसीहत पकड़ेगा
مَن वो जो man
वो जो
يَخْشَىٰ डरता होगा yakhshā
डरता होगा
١٠ (10)
(10)
वह व्यक्ति उपदेश ग्रहण करेगा, जो डरता है।
८७:११
وَيَتَجَنَّبُهَا और इज्तिनाब करेगा उससे wayatajannabuhā
और इज्तिनाब करेगा उससे
ٱلْأَشْقَى सबसे ज़्यादा बदबख़्त l-ashqā
सबसे ज़्यादा बदबख़्त
١١ (11)
(11)
और उससे दूर रहेगा, जो सबसे बड़ा अभागा है।
८७:१२
ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो
يَصْلَى जलेगा yaṣlā
जलेगा
ٱلنَّارَ आग मे l-nāra
आग मे
ٱلْكُبْرَىٰ बहुत बड़ी l-kub'rā
बहुत बड़ी
١٢ (12)
(12)
जो सबसे बड़ी आग में प्रवेश करेगा।
८७:१३
ثُمَّ फिर thumma
फिर
لَا not
not
يَمُوتُ ना वो मरेगा yamūtu
ना वो मरेगा
فِيهَا उसमें fīhā
उसमें
وَلَا और ना walā
और ना
يَحْيَىٰ वो जिएगा yaḥyā
वो जिएगा
١٣ (13)
(13)
फिर वह उसमें न मरेगा, न जिएगा।1
८७:१४
قَدْ यक़ीनन qad
यक़ीनन
أَفْلَحَ फ़लाह पा गया aflaḥa
फ़लाह पा गया
مَن वो जो man
वो जो
تَزَكَّىٰ पाक हुआ tazakkā
पाक हुआ
١٤ (14)
(14)
निश्चय वह सफल हो गया, जो पाक हो गया।
८७:१५
وَذَكَرَ और उसने ज़िक्र किया wadhakara
और उसने ज़िक्र किया
ٱسْمَ नाम is'ma
नाम
رَبِّهِۦ अपने रब का rabbihi
अपने रब का
فَصَلَّىٰ फिर उसने नमाज़ पढ़ी faṣallā
फिर उसने नमाज़ पढ़ी
١٥ (15)
(15)
तथा अपने पालनहार के नाम को याद किया और नमाज़ पढ़ी।1
८७:१६
بَلْ बल्कि bal
बल्कि
تُؤْثِرُونَ तुम तरजीह देते हो tu'thirūna
तुम तरजीह देते हो
ٱلْحَيَوٰةَ ज़िन्दगी को l-ḥayata
ज़िन्दगी को
ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की
١٦ (16)
(16)
बल्कि तुम सांसारिक जीवन को प्राथमिकता देते हो।
८७:१७
وَٱلْـَٔاخِرَةُ और आख़िरत wal-ākhiratu
और आख़िरत
خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है
وَأَبْقَىٰٓ और ज़्यादा बाक़ी रहने वाली है wa-abqā
और ज़्यादा बाक़ी रहने वाली है
١٧ (17)
(17)
हालाँकि आख़िरत बहुत उत्तम और अधिक बाक़ी रहने वाली है।
८७:१८
إِنَّ यक़ीनन inna
यक़ीनन
هَـٰذَا ये hādhā
ये
لَفِى surely (is) in lafī
surely (is) in
ٱلصُّحُفِ अलबत्ता सहीफ़ों में है l-ṣuḥufi
अलबत्ता सहीफ़ों में है
ٱلْأُولَىٰ पहले l-ūlā
पहले
١٨ (18)
(18)
निःसंदेह यह बात पहले सह़ीफ़ों (ग्रंथों) में है।
८७:१९
صُحُفِ सहीफ़े ṣuḥufi
सहीफ़े
إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम ib'rāhīma
इब्राहीम
وَمُوسَىٰ और मूसा के wamūsā
और मूसा के
١٩ (19)
(19)
इबराहीम तथा मूसा के सह़ीफ़ों (ग्रंथों) में।1