१६

अन-नह्ल

मक्की १२८ आयतें पारा १४
النحل
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ साथ नाम bis'mi
साथ नाम
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान
ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
१६:१
أَتَىٰٓ आ पहुँचा atā
आ पहुँचा
أَمْرُ हुक्म amru
हुक्म
ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का
فَلَا पस ना falā
पस ना
تَسْتَعْجِلُوهُ ۚ तुम जल्दी माँगो उसे tastaʿjilūhu
तुम जल्दी माँगो उसे
سُبْحَـٰنَهُۥ पाक है वो sub'ḥānahu
पाक है वो
وَتَعَـٰلَىٰ और बुलन्द तर है wataʿālā
और बुलन्द तर है
عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो
يُشْرِكُونَ वो शरीक ठहराते हैं yush'rikūna
वो शरीक ठहराते हैं
١ (1)
(1)
अल्लाह का आदेश आ गया। अतः (ऐ काफ़िरो!) उसके जल्द आने की माँग न करो। वह (अल्लाह) पवित्र है और सर्वोच्च है उससे जो वे शरीक ठहराते हैं।
१६:२
يُنَزِّلُ वो उतारता है yunazzilu
वो उतारता है
ٱلْمَلَـٰٓئِكَةَ फ़रिश्तों को l-malāikata
फ़रिश्तों को
بِٱلرُّوحِ साथ वही के bil-rūḥi
साथ वही के
مِنْ of min
of
أَمْرِهِۦ अपने हुक्म से amrihi
अपने हुक्म से
عَلَىٰ upon ʿalā
upon
مَن जिस पर man
जिस पर
يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है
مِنْ of min
of
عِبَادِهِۦٓ अपने बन्दों में से ʿibādihi
अपने बन्दों में से
أَنْ कि an
कि
أَنذِرُوٓا۟ तुम डराओ (लोगों को) andhirū
तुम डराओ (लोगों को)
أَنَّهُۥ कि बेशक वो annahu
कि बेशक वो
لَآ नहीं
नहीं
إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़)
إِلَّآ मगर illā
मगर
أَنَا۠ मैं ही anā
मैं ही
فَٱتَّقُونِ पस डरो मुझसे fa-ittaqūni
पस डरो मुझसे
٢ (2)
(2)
वह फ़रिश्तों को वह़्य के साथ, अपने आदेश से, अपने बंदों में से जिस पर चाहता है, उतारता है कि (लोगों को) सावधान कर दो कि मेरे सिवा कोई (सत्य) पूज्य नहीं, अतः मुझ ही से डरो।
१६:३
خَلَقَ उसने पैदा किया khalaqa
उसने पैदा किया
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों
وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को
بِٱلْحَقِّ ۚ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के
تَعَـٰلَىٰ बुलन्द तर है taʿālā
बुलन्द तर है
عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो
يُشْرِكُونَ वो शरीक ठहराते हैं yush'rikūna
वो शरीक ठहराते हैं
٣ (3)
(3)
उसने आकाशों तथा धरती को सत्य के साथ पैदा किया। वह उससे बहुत ऊँचा है, जो वे शरीक बनाते हैं।
१६:४
خَلَقَ उसने पैदा किया khalaqa
उसने पैदा किया
ٱلْإِنسَـٰنَ इन्सान को l-insāna
इन्सान को
مِن from min
from
نُّطْفَةٍۢ एक नुत्फ़े से nuṭ'fatin
एक नुत्फ़े से
فَإِذَا फिर अचानक fa-idhā
फिर अचानक
هُوَ वो huwa
वो
خَصِيمٌۭ झगड़ालू है khaṣīmun
झगड़ालू है
مُّبِينٌۭ खुल्लम-खुल्ला mubīnun
खुल्लम-खुल्ला
٤ (4)
(4)
उसने मनुष्य को एक बूँद वीर्य से पैदा किया। फिर अकस्मात् वह खुला झगड़ालू बन गया।
१६:५
وَٱلْأَنْعَـٰمَ और चौपाए wal-anʿāma
और चौपाए
خَلَقَهَا ۗ उसने पैदा किया उन्हें khalaqahā
उसने पैदा किया उन्हें
لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
فِيهَا उनमें fīhā
उनमें
دِفْءٌۭ गरमी का सामान है dif'on
गरमी का सामान है
وَمَنَـٰفِعُ और कई फ़ायदे हैं wamanāfiʿu
और कई फ़ायदे हैं
وَمِنْهَا और उनमें से wamin'hā
और उनमें से
تَأْكُلُونَ तुम खाते हो takulūna
तुम खाते हो
٥ (5)
(5)
तथा उसने चौपायों को पैदा किया, जिनमें तुम्हारे लिए गर्मी प्राप्त करने का सामान1 और बहुत-से लाभ हैं और उन्हीं में से तुम खाते हो।
१६:६
وَلَكُمْ और तुम्हारे लिए walakum
और तुम्हारे लिए
فِيهَا उनमें fīhā
उनमें
جَمَالٌ ख़ूब सूरती है jamālun
ख़ूब सूरती है
حِينَ जिस वक़्त ḥīna
जिस वक़्त
تُرِيحُونَ तुम शाम को चरा कर लाते हो turīḥūna
तुम शाम को चरा कर लाते हो
وَحِينَ और जिस वक़्त waḥīna
और जिस वक़्त
تَسْرَحُونَ तुम सुबह चराने जाते हो tasraḥūna
तुम सुबह चराने जाते हो
٦ (6)
(6)
तथा उनमें तुम्हारे लिए एक सौंदर्य है, जब तुम शाम को चराकर लाते हो और जब सुबह चराने को ले जाते हो।
१६:७
وَتَحْمِلُ और वो उठा ले जाते हैं wataḥmilu
और वो उठा ले जाते हैं
أَثْقَالَكُمْ बोझ तुम्हारे athqālakum
बोझ तुम्हारे
إِلَىٰ to ilā
to
بَلَدٍۢ तरफ़ उस शहर के baladin
तरफ़ उस शहर के
لَّمْ ना lam
ना
تَكُونُوا۟ थे तुम takūnū
थे तुम
بَـٰلِغِيهِ पहुँचने वाले उस तक bālighīhi
पहुँचने वाले उस तक
إِلَّا मगर illā
मगर
بِشِقِّ साथ मशक़्क़त के bishiqqi
साथ मशक़्क़त के
ٱلْأَنفُسِ ۚ जानों की l-anfusi
जानों की
إِنَّ बेशक inna
बेशक
رَبَّكُمْ रब तुम्हारा rabbakum
रब तुम्हारा
لَرَءُوفٌۭ अलबत्ता बहुत शफ़क़त करने वाला है laraūfun
अलबत्ता बहुत शफ़क़त करने वाला है
رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है
٧ (7)
(7)
और वे तुम्हारे बोझ, उस नगर तक लादकर ले जाते हैं, जहाँ तक तुम बिना कठोर परिश्रम के कभी पहुँचने वाले न थे। निःसंदेह तुम्हारा पालनहार अति करुणामय, अत्यंत दयावान् है।
१६:८
وَٱلْخَيْلَ और घोड़े wal-khayla
और घोड़े
وَٱلْبِغَالَ और ख़च्चर wal-bighāla
और ख़च्चर
وَٱلْحَمِيرَ और गधे wal-ḥamīra
और गधे
لِتَرْكَبُوهَا ताकि तुम सवारी करो उन पर litarkabūhā
ताकि तुम सवारी करो उन पर
وَزِينَةًۭ ۚ और ज़ीनत भी हैं wazīnatan
और ज़ीनत भी हैं
وَيَخْلُقُ और वो पैदा करेगा wayakhluqu
और वो पैदा करेगा
مَا जो
जो
لَا नहीं
नहीं
تَعْلَمُونَ तुम जानते taʿlamūna
तुम जानते
٨ (8)
(8)
तथा घोड़े, खच्चर और गधे पैदा किए, ताकि तुम उनपर सवार हो और शोभा के लिए। तथा वह (अल्लाह) ऐसी चीज़ें पैदा करता है, जो तुम नहीं जानते।1
१६:९
وَعَلَى And upon waʿalā
And upon
ٱللَّهِ और अल्लाह ही पर है l-lahi
और अल्लाह ही पर है
قَصْدُ सीधा qaṣdu
सीधा
ٱلسَّبِيلِ रास्ता l-sabīli
रास्ता
وَمِنْهَا और उनमें से कुछ wamin'hā
और उनमें से कुछ
جَآئِرٌۭ ۚ टेढ़े हैं jāirun
टेढ़े हैं
وَلَوْ और अगर walaw
और अगर
شَآءَ वो चाहता shāa
वो चाहता
لَهَدَىٰكُمْ अलबत्ता हिदायत दे देता तुम्हें lahadākum
अलबत्ता हिदायत दे देता तुम्हें
أَجْمَعِينَ सबके सबको ajmaʿīna
सबके सबको
٩ (9)
(9)
और अल्लाह ही के ज़िम्मे, सीधी राह बताना है। और उन (रास्तों) में से कुछ (रास्ते) टेढ़े1 हैं। तथा यदि अल्लाह चाहता, तो तुम सभी को सीधी राह दिखा देता।
१६:१०
هُوَ वो ही है huwa
वो ही है
ٱلَّذِىٓ जिसने alladhī
जिसने
أَنزَلَ उतारा anzala
उतारा
مِنَ from mina
from
ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से
مَآءًۭ ۖ पानी māan
पानी
لَّكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
مِّنْهُ उसमें से min'hu
उसमें से
شَرَابٌۭ पीना है sharābun
पीना है
وَمِنْهُ और उसमें से wamin'hu
और उसमें से
شَجَرٌۭ दरख़्त है shajarun
दरख़्त है
فِيهِ जिसमें fīhi
जिसमें
تُسِيمُونَ तुम चराते हो tusīmūna
तुम चराते हो
١٠ (10)
(10)
वही है, जिसने आकाश से कुछ पानी उतारा, जिसमें से तुम पीते हो तथा उसी से पेड़-पौधे उगते हैं, जिनमें तुम (पशुओं को) चराते हो।
१६:११
يُنۢبِتُ वो उगाता है yunbitu
वो उगाता है
لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
بِهِ साथ उसके bihi
साथ उसके
ٱلزَّرْعَ खेती l-zarʿa
खेती
وَٱلزَّيْتُونَ ज़ैतून wal-zaytūna
ज़ैतून
وَٱلنَّخِيلَ और खजूर के दरख़्त wal-nakhīla
और खजूर के दरख़्त
وَٱلْأَعْنَـٰبَ और अंगूर wal-aʿnāba
और अंगूर
وَمِن and of wamin
and of
كُلِّ और हर क़िस्म में से kulli
और हर क़िस्म में से
ٱلثَّمَرَٰتِ ۗ फलों की l-thamarāti
फलों की
إِنَّ यक़ीनन inna
यक़ीनन
فِى in
in
ذَٰلِكَ इसमें dhālika
इसमें
لَـَٔايَةًۭ अलबत्ता एक निशानी है laāyatan
अलबत्ता एक निशानी है
لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए
يَتَفَكَّرُونَ जो ग़ौरो फ़िक्र करते हैं yatafakkarūna
जो ग़ौरो फ़िक्र करते हैं
١١ (11)
(11)
वह तुम्हारे लिए उससे खेती, ज़ैतून, खजूर, अंगूर और प्रत्येक प्रकार के फल उगाता है। निःसंदेह इसमें उन लोगों के लिए निश्चय बड़ी निशानी है, जो सोच-विचार करते हैं।
१६:१२
وَسَخَّرَ और उसने मुसख़्ख़र किया wasakhara
और उसने मुसख़्ख़र किया
لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए
ٱلَّيْلَ रात al-layla
रात
وَٱلنَّهَارَ और दिन को wal-nahāra
और दिन को
وَٱلشَّمْسَ और सूरज wal-shamsa
और सूरज
وَٱلْقَمَرَ ۖ और चाँद को wal-qamara
और चाँद को
وَٱلنُّجُومُ और सितारे wal-nujūmu
और सितारे
مُسَخَّرَٰتٌۢ मुसख़्ख़र किए गए हैं musakharātun
मुसख़्ख़र किए गए हैं
بِأَمْرِهِۦٓ ۗ उसके हुक्म से bi-amrihi
उसके हुक्म से
إِنَّ बेशक inna
बेशक
فِى in
in
ذَٰلِكَ इसमें dhālika
इसमें
لَـَٔايَـٰتٍۢ अलबत्ता निशानियाँ हैं laāyātin
अलबत्ता निशानियाँ हैं
لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए
يَعْقِلُونَ जो अक़्ल रखते हैं yaʿqilūna
जो अक़्ल रखते हैं
١٢ (12)
(12)
और उसने रात और दिन, सूर्य और चाँद को तुम्हारे लिए कार्यरत कर रखा है, तथा तारे भी उसके आदेश के अधीन हैं। निःसंदेह इसमें उन लोगों के लिए निश्चय बहुत-सी निशानियाँ हैं, जो समझ-बूझ रखते हैं।
१६:१३
وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ
ذَرَأَ उसने फैला दिया dhara-a
उसने फैला दिया
لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
فِى in
in
ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में
مُخْتَلِفًا मुख़्तलिफ़ हैं mukh'talifan
मुख़्तलिफ़ हैं
أَلْوَٰنُهُۥٓ ۗ रंग उसके alwānuhu
रंग उसके
إِنَّ यक़ीनन inna
यक़ीनन
فِى in
in
ذَٰلِكَ उसमें dhālika
उसमें
لَـَٔايَةًۭ अलबत्ता एक निशानी है laāyatan
अलबत्ता एक निशानी है
لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए
يَذَّكَّرُونَ जो नसीहत पकड़ते हैं yadhakkarūna
जो नसीहत पकड़ते हैं
١٣ (13)
(13)
तथा उसने तुम्हारे लिए धरती में जो विभिन्न रंगों की चीज़ें पैदा की हैं (उन्हें भी तुम्हारे वश में किया)। निःसंदेह इसमें उन लोगों के लिए निश्चय बड़ी निशानी है, जो शिक्षा ग्रहण करते हैं।
१६:१४
وَهُوَ और वो ही है wahuwa
और वो ही है
ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने
سَخَّرَ मुसख़्ख़र किया sakhara
मुसख़्ख़र किया
ٱلْبَحْرَ समुन्दर को l-baḥra
समुन्दर को
لِتَأْكُلُوا۟ ताकि तुम खाओ litakulū
ताकि तुम खाओ
مِنْهُ उससे min'hu
उससे
لَحْمًۭا गोश्त laḥman
गोश्त
طَرِيًّۭا ताज़ा ṭariyyan
ताज़ा
وَتَسْتَخْرِجُوا۟ और तुम निकालो watastakhrijū
और तुम निकालो
مِنْهُ उससे min'hu
उससे
حِلْيَةًۭ ज़ेवर ḥil'yatan
ज़ेवर
تَلْبَسُونَهَا तुम पहनते हो उसे talbasūnahā
तुम पहनते हो उसे
وَتَرَى और तुम देखते हो watarā
और तुम देखते हो
ٱلْفُلْكَ कश्तियाँ l-ful'ka
कश्तियाँ
مَوَاخِرَ कि फाड़ने वाली हैं mawākhira
कि फाड़ने वाली हैं
فِيهِ उसमें fīhi
उसमें
وَلِتَبْتَغُوا۟ और ताकि तुम तलाश करो walitabtaghū
और ताकि तुम तलाश करो
مِن of min
of
فَضْلِهِۦ उसके फ़ज़ल में से faḍlihi
उसके फ़ज़ल में से
وَلَعَلَّكُمْ और ताकि तुम walaʿallakum
और ताकि तुम
تَشْكُرُونَ तुम शुक्र अदा करो tashkurūna
तुम शुक्र अदा करो
١٤ (14)
(14)
और वही है, जिसने सागर को (तुम्हारे) वश में कर दिया, ताकि तुम उससे ताज़ा मांस1 खाओ और उससे आभूषण2 निकालो, जिसे तुम पहनते हो। तथा तुम नौकाओं को देखते हो कि उसमें पानी को चीरती हुई चलती हैं, और ताकि तुम उसका कुछ अनुग्रह3 तलाश करो और ताकि तुम शुक्रिया अदा करो।
१६:१५
وَأَلْقَىٰ और उसने डाल दिए wa-alqā
और उसने डाल दिए
فِى in
in
ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में
رَوَٰسِىَ पहाड़ rawāsiya
पहाड़
أَن कि an
कि
تَمِيدَ वो ढुलक जाए (ना) tamīda
वो ढुलक जाए (ना)
بِكُمْ तुम्हें लेकर bikum
तुम्हें लेकर
وَأَنْهَـٰرًۭا और नहरें wa-anhāran
और नहरें
وَسُبُلًۭا और रास्ते wasubulan
और रास्ते
لَّعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम
تَهْتَدُونَ तुम हिदायत पा जाओ tahtadūna
तुम हिदायत पा जाओ
١٥ (15)
(15)
और उसने धरती में पर्वत गाड़ दिए, ताकि वह (धरती) तुम्हें लेकर डगमगाने न लगे तथा नदियाँ और रास्ते बनाए, ताकि तुम मंज़िल तक पहुँच जाओ।
१६:१६
وَعَلَـٰمَـٰتٍۢ ۚ और अलामात (रखदीं) waʿalāmātin
और अलामात (रखदीं)
وَبِٱلنَّجْمِ और साथ सितारों के wabil-najmi
और साथ सितारों के
هُمْ वो hum
वो
يَهْتَدُونَ वो राह पाते हैं yahtadūna
वो राह पाते हैं
١٦ (16)
(16)
तथा बहुत-से चिह्न (बनाए)। और वे सितारों से रास्ता1 मालूम करते हैं।
१६:१७
أَفَمَن क्या भला वो जो afaman
क्या भला वो जो
يَخْلُقُ पैदा करता है yakhluqu
पैदा करता है
كَمَن मानिन्द उसके है जो kaman
मानिन्द उसके है जो
لَّا (does) not
(does) not
يَخْلُقُ ۗ नहीं पैदा करता yakhluqu
नहीं पैदा करता
أَفَلَا क्या भला नहीं afalā
क्या भला नहीं
تَذَكَّرُونَ तुम नसीहत पकड़ते tadhakkarūna
तुम नसीहत पकड़ते
١٧ (17)
(17)
तो क्या वह जो (ये सब चीज़ें) पैदा करता है, उसके समान है, जो (कुछ भी) पैदा नहीं करता? फिर क्या तुम उपदेश ग्रहण नहीं करते?
१६:१८
وَإِن और अगर wa-in
और अगर
تَعُدُّوا۟ तुम गिनना चाहो taʿuddū
तुम गिनना चाहो
نِعْمَةَ नेअमतों को niʿ'mata
नेअमतों को
ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की
لَا not
not
تُحْصُوهَآ ۗ नहीं तुम शुमार कर सकते उन्हें tuḥ'ṣūhā
नहीं तुम शुमार कर सकते उन्हें
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
لَغَفُورٌۭ अलबत्ता बहुत बख़्ने वाला है laghafūrun
अलबत्ता बहुत बख़्ने वाला है
رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है
١٨ (18)
(18)
और यदि तुम अल्लाह की नेमतों को गिनो, तो उन्हें गिन न सकोगे। निःसंदेह अल्लाह बड़ा क्षमाशील, अत्यंत दया करने वाला है।
१६:१९
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
يَعْلَمُ जानता है yaʿlamu
जानता है
مَا जो कुछ
जो कुछ
تُسِرُّونَ तुम छुपाते हो tusirrūna
तुम छुपाते हो
وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ
تُعْلِنُونَ तुम ज़ाहिर करते हो tuʿ'linūna
तुम ज़ाहिर करते हो
١٩ (19)
(19)
तथा अल्लाह जानता है, जो तुम छिपाते हो और जो तुम प्रकट करते हो।
१६:२०
وَٱلَّذِينَ और जिन्हें wa-alladhīna
और जिन्हें
يَدْعُونَ वो पुकारते हैं yadʿūna
वो पुकारते हैं
مِن besides min
besides
دُونِ सिवाय dūni
सिवाय
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
لَا not
not
يَخْلُقُونَ नहीं वो पैदा कर सकते yakhluqūna
नहीं वो पैदा कर सकते
شَيْـًۭٔا कोई चीज़ shayan
कोई चीज़
وَهُمْ और वो wahum
और वो
يُخْلَقُونَ वो पैदा किए जाते हैं yukh'laqūna
वो पैदा किए जाते हैं
٢٠ (20)
(20)
और जिन्हें वे अल्लाह के सिवा पुकारते हैं, वे कुछ भी पैदा नहीं करते। और वे स्वयं पैदा किए जाते हैं।
१६:२१
أَمْوَٰتٌ मुर्दे हैं amwātun
मुर्दे हैं
غَيْرُ not alive ghayru
not alive
أَحْيَآءٍۢ ۖ ज़िन्दा नहीं हैं aḥyāin
ज़िन्दा नहीं हैं
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
يَشْعُرُونَ वो शऊर रखते yashʿurūna
वो शऊर रखते
أَيَّانَ कि कब ayyāna
कि कब
يُبْعَثُونَ वो उठाए जाऐंगे yub'ʿathūna
वो उठाए जाऐंगे
٢١ (21)
(21)
वे मृत हैं, जिनमें प्राण नहीं, और वे नहीं जानते कि कब उठाए जाएँगे।
१६:२२
إِلَـٰهُكُمْ इलाह तुम्हारा ilāhukum
इलाह तुम्हारा
إِلَـٰهٌۭ इलाह है ilāhun
इलाह है
وَٰحِدٌۭ ۚ एक ही wāḥidun
एक ही
فَٱلَّذِينَ तो वो लोग जो fa-alladhīna
तो वो लोग जो
لَا (do) not
(do) not
يُؤْمِنُونَ नहीं ईमान लाते yu'minūna
नहीं ईमान लाते
بِٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत पर bil-ākhirati
आख़िरत पर
قُلُوبُهُم दिल उनके qulūbuhum
दिल उनके
مُّنكِرَةٌۭ इन्कारी हैं munkiratun
इन्कारी हैं
وَهُم और वो wahum
और वो
مُّسْتَكْبِرُونَ तकब्बुर करने वाले हैं mus'takbirūna
तकब्बुर करने वाले हैं
٢٢ (22)
(22)
तुम्हारा पूज्य एक ही पूज्य है। तो वे लोग जो आख़िरत पर ईमान नहीं रखते, उनके दिल इनकार करने वाले हैं और वे बहुत अभिमानी हैं।
१६:२३
لَا No doubt
No doubt
جَرَمَ नहीं कोई शक jarama
नहीं कोई शक
أَنَّ यक़ीनन anna
यक़ीनन
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
يَعْلَمُ जानता है yaʿlamu
जानता है
مَا जो कुछ
जो कुछ
يُسِرُّونَ वो छुपाते हैं yusirrūna
वो छुपाते हैं
وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ
يُعْلِنُونَ ۚ वो ज़ाहिर करते हैं yuʿ'linūna
वो ज़ाहिर करते हैं
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
لَا (does) not
(does) not
يُحِبُّ नहीं वो पसंद करता yuḥibbu
नहीं वो पसंद करता
ٱلْمُسْتَكْبِرِينَ तकब्बुर करने वालों को l-mus'takbirīna
तकब्बुर करने वालों को
٢٣ (23)
(23)
निश्चय ही अल्लाह जानता है, जो वे छिपाते हैं तथा जो प्रकट करते हैं। निःसंदेह वह अभिमानियों से प्रेम नहीं करता।
१६:२४
وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब
قِيلَ कहा जाता है qīla
कहा जाता है
لَهُم उन्हें lahum
उन्हें
مَّاذَآ क्या कुछ mādhā
क्या कुछ
أَنزَلَ उतारा anzala
उतारा
رَبُّكُمْ ۙ तुम्हारे रब ने rabbukum
तुम्हारे रब ने
قَالُوٓا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं
أَسَـٰطِيرُ कहानियाँ हैं asāṭīru
कहानियाँ हैं
ٱلْأَوَّلِينَ पहलों की l-awalīna
पहलों की
٢٤ (24)
(24)
और जब उनसे पूछा जाए कि तुम्हारे पालनहार ने क्या उतारा है? तो कहते हैं कि पहले लोगों की कल्पित कहानियाँ हैं।
१६:२५
لِيَحْمِلُوٓا۟ ताकि वो उठालें liyaḥmilū
ताकि वो उठालें
أَوْزَارَهُمْ बोझ अपने awzārahum
बोझ अपने
كَامِلَةًۭ पूरे kāmilatan
पूरे
يَوْمَ दिन yawma
दिन
ٱلْقِيَـٰمَةِ ۙ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के
وَمِنْ and of wamin
and of
أَوْزَارِ और कुछ बोझ awzāri
और कुछ बोझ
ٱلَّذِينَ उन लोगों के भी alladhīna
उन लोगों के भी
يُضِلُّونَهُم वो गुमराह कर रहे हैं जिन्हें yuḍillūnahum
वो गुमराह कर रहे हैं जिन्हें
بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर
عِلْمٍ ۗ इल्म के ʿil'min
इल्म के
أَلَا ख़बरदार alā
ख़बरदार
سَآءَ कितना बुरा है sāa
कितना बुरा है
مَا जो
जो
يَزِرُونَ बोझ वो उठा रहे हैं yazirūna
बोझ वो उठा रहे हैं
٢٥ (25)
(25)
ताकि वे क़ियामत के दिन अपने (पापों के) बोझ पूरे उठाएँ तथा कुछ बोझ उनके भी जिन्हें वे ज्ञान के बिना गुमराह करते हैं। सुन लो! बुरा है वह बोझ जो वे उठा रहे है!
१६:२६
قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़
مَكَرَ चाल चली makara
चाल चली
ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जो alladhīna
उन लोगों ने जो
مِن (were) before them min
(were) before them
قَبْلِهِمْ उनसे पहले थे qablihim
उनसे पहले थे
فَأَتَى तो आया fa-atā
तो आया
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
بُنْيَـٰنَهُم उनकी इमारत को bun'yānahum
उनकी इमारत को
مِّنَ from mina
from
ٱلْقَوَاعِدِ बुनियादों से l-qawāʿidi
बुनियादों से
فَخَرَّ तो गिर पड़ी fakharra
तो गिर पड़ी
عَلَيْهِمُ उन्हीं पर ʿalayhimu
उन्हीं पर
ٱلسَّقْفُ छत l-saqfu
छत
مِن from min
from
فَوْقِهِمْ उनके ऊपर से fawqihim
उनके ऊपर से
وَأَتَىٰهُمُ और आया उनके पास wa-atāhumu
और आया उनके पास
ٱلْعَذَابُ अज़ाब l-ʿadhābu
अज़ाब
مِنْ from min
from
حَيْثُ जहाँ से ḥaythu
जहाँ से
لَا they (did) not perceive
they (did) not perceive
يَشْعُرُونَ नहीं वो शऊर रखते थे yashʿurūna
नहीं वो शऊर रखते थे
٢٦ (26)
(26)
निश्चय इनसे पहले के लोगों ने भी साज़िशें कीं। तो अल्लाह ने उनके घरों को जड़ों से उखाड़ दिया। फिर उनपर उनके ऊपर से छत गिर पड़ी और उनपर वहाँ से यातना आई कि वे सोचते न थे।
१६:२७
ثُمَّ फिर thumma
फिर
يَوْمَ दिन yawma
दिन
ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के
يُخْزِيهِمْ वो रुस्वा करेगा उन्हें yukh'zīhim
वो रुस्वा करेगा उन्हें
وَيَقُولُ और वो कहेगा wayaqūlu
और वो कहेगा
أَيْنَ कहाँ हैं ayna
कहाँ हैं
شُرَكَآءِىَ शरीक मेरे shurakāiya
शरीक मेरे
ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो
كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम
تُشَـٰٓقُّونَ तुम झगड़ते tushāqqūna
तुम झगड़ते
فِيهِمْ ۚ जिन (के बारे) में fīhim
जिन (के बारे) में
قَالَ कहेंगे qāla
कहेंगे
ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो
أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए
ٱلْعِلْمَ इल्म l-ʿil'ma
इल्म
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱلْخِزْىَ रुस्वाई l-khiz'ya
रुस्वाई
ٱلْيَوْمَ आजके दिन l-yawma
आजके दिन
وَٱلسُّوٓءَ और बुराई wal-sūa
और बुराई
عَلَى (are) upon ʿalā
(are) upon
ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों पर है l-kāfirīna
काफ़िरों पर है
٢٧ (27)
(27)
फिर क़ियामत के दिन वह उन्हें अपमानित करेगा और कहेगा : कहाँ हैं मेरे वे साझी जिनके बारे में तुम लड़ते-झगड़ते थे? वे लोग जिन्हें ज्ञान दिया गया कहेंगे : निःसंदेह आज अपमान तथा बुराई (यातना) काफ़िरों पर है।
१६:२८
ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो
تَتَوَفَّىٰهُمُ फ़ौत करते हैं उन्हें tatawaffāhumu
फ़ौत करते हैं उन्हें
ٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ फ़रिश्ते l-malāikatu
फ़रिश्ते
ظَالِمِىٓ (जबकि वो) ज़ुल्म करने वाले हैं ẓālimī
(जबकि वो) ज़ुल्म करने वाले हैं
أَنفُسِهِمْ ۖ अपनी जानों पर anfusihim
अपनी जानों पर
فَأَلْقَوُا۟ तो वो पैश करते हैं fa-alqawū
तो वो पैश करते हैं
ٱلسَّلَمَ सिपर/सुलह l-salama
सिपर/सुलह
مَا Not
Not
كُنَّا (कहते हैं) ना थे हम kunnā
(कहते हैं) ना थे हम
نَعْمَلُ हम करते naʿmalu
हम करते
مِن any min
any
سُوٓءٍۭ ۚ कोई बुराई sūin
कोई बुराई
بَلَىٰٓ क्यों नहीं balā
क्यों नहीं
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
عَلِيمٌۢ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है
بِمَا उसे जो bimā
उसे जो
كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम
تَعْمَلُونَ तुम अमल करते taʿmalūna
तुम अमल करते
٢٨ (28)
(28)
जिनके प्राण फ़रिश्ते इस हाल में निकालते हैं कि वे अपने ऊपर अत्याचार करने वाले होते हैं, तो वे (मौत देखकर) आज्ञाकारी बन जाते1 हैं, (और कहते हैं कि) हम कोई बुरा काम नहीं किया करते थे। क्यों नहीं? निश्चय अल्लाह भली-भाँति जानने वाला है, जो तुम किया करते थे।
१६:२९
فَٱدْخُلُوٓا۟ पस दाख़िल हो जाओ fa-ud'khulū
पस दाख़िल हो जाओ
أَبْوَٰبَ दरवाज़ों से abwāba
दरवाज़ों से
جَهَنَّمَ जहन्नम के jahannama
जहन्नम के
خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले khālidīna
हमेशा रहने वाले
فِيهَا ۖ उसमें fīhā
उसमें
فَلَبِئْسَ पस अलबत्ता कितना बुरा है falabi'sa
पस अलबत्ता कितना बुरा है
مَثْوَى ठिकाना mathwā
ठिकाना
ٱلْمُتَكَبِّرِينَ तकब्बुर करने वालों का l-mutakabirīna
तकब्बुर करने वालों का
٢٩ (29)
(29)
अतः जहन्नम के द्वारों में प्रवेश कर जाओ। उसमें सदावासी रहोगे। तो क्या ही बुरा है अभिमानियों का ठिकाना!
१६:३०
۞ وَقِيلَ और कहा जाता है waqīla
और कहा जाता है
لِلَّذِينَ उनसे जिन्होंने lilladhīna
उनसे जिन्होंने
ٱتَّقَوْا۟ तक़्वा किया ittaqaw
तक़्वा किया
مَاذَآ क्या कुछ mādhā
क्या कुछ
أَنزَلَ उतारा anzala
उतारा
رَبُّكُمْ ۚ तुम्हारे रब ने rabbukum
तुम्हारे रब ने
قَالُوا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं
خَيْرًۭا ۗ बहुत अच्छा khayran
बहुत अच्छा
لِّلَّذِينَ उनके लिए जिन्होंने lilladhīna
उनके लिए जिन्होंने
أَحْسَنُوا۟ अच्छा किया aḥsanū
अच्छा किया
فِى in
in
هَـٰذِهِ this hādhihi
this
ٱلدُّنْيَا इस दुनिया में l-dun'yā
इस दुनिया में
حَسَنَةٌۭ ۚ भलाई है ḥasanatun
भलाई है
وَلَدَارُ और अलबत्ता घर waladāru
और अलबत्ता घर
ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत का l-ākhirati
आख़िरत का
خَيْرٌۭ ۚ बहतर है khayrun
बहतर है
وَلَنِعْمَ और अलबत्ता कितना अच्छा है walaniʿ'ma
और अलबत्ता कितना अच्छा है
دَارُ घर dāru
घर
ٱلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ीन का l-mutaqīna
मुत्तक़ीन का
٣٠ (30)
(30)
और अपने रब का भय रखने वालों से पूछा गया कि तुम्हारे रब ने क्या उतारा है? तो उन्होंने कहा : बेहतरीन बात। जिन लोगों ने भलाई की, उनके लिए इस दुनिया में बड़ी भलाई है और आख़िरत का घर (जन्नत) तो कहीं बेहतर है। और निश्चय वह भय रखने वालों का अच्छा घर है!
१६:३१
جَنَّـٰتُ बाग़ात jannātu
बाग़ात
عَدْنٍۢ हमेशागी के ʿadnin
हमेशागी के
يَدْخُلُونَهَا वो दाख़िल होंगे उनमें yadkhulūnahā
वो दाख़िल होंगे उनमें
تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं
مِن from min
from
تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से
ٱلْأَنْهَـٰرُ ۖ नहरें l-anhāru
नहरें
لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए
فِيهَا उसमें होगा fīhā
उसमें होगा
مَا जो कुछ
जो कुछ
يَشَآءُونَ ۚ वो चाहेंगे yashāūna
वो चाहेंगे
كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह
يَجْزِى बदला देगा yajzī
बदला देगा
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
ٱلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों को l-mutaqīna
मुत्तक़ी लोगों को
٣١ (31)
(31)
सदा रहने के बाग़, जिनमें वे प्रवेश करेंगे, उनके नीचे से नहरें बहती होंगी। उनके लिए उनमें जो वे चाहेंगे (उपस्थित) होगा। इसी तरह अल्लाह भय रखने वालों को बदला देता है।
१६:३२
ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो
تَتَوَفَّىٰهُمُ फ़ौत करते हैं उन्हें tatawaffāhumu
फ़ौत करते हैं उन्हें
ٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ फ़रिश्ते l-malāikatu
फ़रिश्ते
طَيِّبِينَ ۙ वो पाक होते हैं (इस हाल में कि) ṭayyibīna
वो पाक होते हैं (इस हाल में कि)
يَقُولُونَ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं
سَلَـٰمٌ सलाम है salāmun
सलाम है
عَلَيْكُمُ तुम पर ʿalaykumu
तुम पर
ٱدْخُلُوا۟ दाख़िल हो जाओ ud'khulū
दाख़िल हो जाओ
ٱلْجَنَّةَ जन्नत में l-janata
जन्नत में
بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो
كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम
تَعْمَلُونَ तुम अमल करते taʿmalūna
तुम अमल करते
٣٢ (32)
(32)
जिनके प्राण फ़रिश्ते इस हाल में निकालते हैं कि वे स्वच्छ-पवित्र होते हैं। वे (फ़रिश्ते) कहते हैं : तुमपर सलाम (शांति) हो। तुम अपने (अच्छे) कामों के बदले स्वर्ग में प्रवेश कर जाओ।
१६:३३
هَلْ नहीं hal
नहीं
يَنظُرُونَ वो इन्तिज़ार कर रहे yanẓurūna
वो इन्तिज़ार कर रहे
إِلَّآ मगर illā
मगर
أَن ये कि an
ये कि
تَأْتِيَهُمُ आजाऐं उनके पास tatiyahumu
आजाऐं उनके पास
ٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ फ़रिश्ते l-malāikatu
फ़रिश्ते
أَوْ या aw
या
يَأْتِىَ आजाए yatiya
आजाए
أَمْرُ हुक्म amru
हुक्म
رَبِّكَ ۚ आपके रब का rabbika
आपके रब का
كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह
فَعَلَ किया faʿala
किया
ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जो alladhīna
उन लोगों ने जो
مِن (were) before them min
(were) before them
قَبْلِهِمْ ۚ उनसे पहले थे qablihim
उनसे पहले थे
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
ظَلَمَهُمُ ज़ुल्म किया था उन पर ẓalamahumu
ज़ुल्म किया था उन पर
ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने
وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन
كَانُوٓا۟ थे वो kānū
थे वो
أَنفُسَهُمْ अपनी ही जानों पर anfusahum
अपनी ही जानों पर
يَظْلِمُونَ वो ज़ुल्म करते yaẓlimūna
वो ज़ुल्म करते
٣٣ (33)
(33)
क्या वे इस बात की प्रतीक्षा कर रहे हैं कि उनके पास फ़रिश्ते1 आ जाएँ, अथवा आपके पालनहार का आदेश2 आ पहुँचे? ऐसे ही उन लोगों ने किया, जो इनसे पहले थे और अल्लाह ने उनपर अत्याचार नहीं किया, लेकिन वे स्वयं अपने आपपर अत्याचार किया करते थे।
१६:३४
فَأَصَابَهُمْ तो पहुँची उन्हें fa-aṣābahum
तो पहुँची उन्हें
سَيِّـَٔاتُ बुराईयाँ sayyiātu
बुराईयाँ
مَا उसकी जो
उसकी जो
عَمِلُوا۟ उन्होंने अमल किए थे ʿamilū
उन्होंने अमल किए थे
وَحَاقَ घेर लिया waḥāqa
घेर लिया
بِهِم उन्हें bihim
उन्हें
مَّا जो
जो
كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो
بِهِۦ जिसका bihi
जिसका
يَسْتَهْزِءُونَ वो मज़ाक़ उड़ाते yastahziūna
वो मज़ाक़ उड़ाते
٣٤ (34)
(34)
तो उनके कुकर्मों की बुराइयाँ1 उनपर आ पड़ीं और उन्हें उसी (यातना) ने घेर लिया, जिसका वे मज़ाक उड़ाया करते थे।
१६:३५
وَقَالَ और कहा waqāla
और कहा
ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जिन्होंने alladhīna
उन लोगों ने जिन्होंने
أَشْرَكُوا۟ शिर्क कया ashrakū
शिर्क कया
لَوْ अगर law
अगर
شَآءَ चाहता shāa
चाहता
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
مَا ना
ना
عَبَدْنَا इबादत करते हम ʿabadnā
इबादत करते हम
مِن other than Him min
other than Him
دُونِهِۦ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा
مِن any min
any
شَىْءٍۢ किसी चीज़ की shayin
किसी चीज़ की
نَّحْنُ हम naḥnu
हम
وَلَآ और ना walā
और ना
ءَابَآؤُنَا आबा ओ अजदाद हमारे ābāunā
आबा ओ अजदाद हमारे
وَلَا और ना walā
और ना
حَرَّمْنَا हराम करते हम ḥarramnā
हराम करते हम
مِن other than Him min
other than Him
دُونِهِۦ उसके (हुक्म) के सिवा dūnihi
उसके (हुक्म) के सिवा
مِن anything min
anything
شَىْءٍۢ ۚ किसी चीज़ को shayin
किसी चीज़ को
كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह
فَعَلَ किया था faʿala
किया था
ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जो alladhīna
उन लोगों ने जो
مِن (were) before them min
(were) before them
قَبْلِهِمْ ۚ उनसे पहले थे qablihim
उनसे पहले थे
فَهَلْ तो नहीं है fahal
तो नहीं है
عَلَى on ʿalā
on
ٱلرُّسُلِ रसूलों पर l-rusuli
रसूलों पर
إِلَّا मगर illā
मगर
ٱلْبَلَـٰغُ पहुँचाना l-balāghu
पहुँचाना
ٱلْمُبِينُ खुल्लम-खुल्ला l-mubīnu
खुल्लम-खुल्ला
٣٥ (35)
(35)
और अल्लाह का साझी बनाने वालों ने कहा : यदि अल्लाह चाहता, तो न हम उसके सिवा किसी भी चीज़ की इबादत करते और न हमारे बाप-दादा। और न हम उसके बिना किसी भी चीज़ को हराम ठहराते। इसी तरह उन लोगों ने किया जो इनसे पहले थे। तो रसूलों का कार्य केवल स्पष्ट रूप से उपदेश पहुँचा देने के सिवा और क्या है?
१६:३६
وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़
بَعَثْنَا भेजा हमने baʿathnā
भेजा हमने
فِى into
into
كُلِّ every kulli
every
أُمَّةٍۢ हर उम्मत में ummatin
हर उम्मत में
رَّسُولًا एक रसूल rasūlan
एक रसूल
أَنِ कि ani
कि
ٱعْبُدُوا۟ इबादत करो uʿ'budū
इबादत करो
ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की
وَٱجْتَنِبُوا۟ और बचो wa-ij'tanibū
और बचो
ٱلطَّـٰغُوتَ ۖ ताग़ूत से l-ṭāghūta
ताग़ूत से
فَمِنْهُم तो बाज़ उनमें से थे famin'hum
तो बाज़ उनमें से थे
مَّنْ जिन्हें man
जिन्हें
هَدَى हिदायत दी hadā
हिदायत दी
ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने
وَمِنْهُم और बाज़ उनमें से थे wamin'hum
और बाज़ उनमें से थे
مَّنْ वो जो man
वो जो
حَقَّتْ साबित हो गई ḥaqqat
साबित हो गई
عَلَيْهِ उन पर ʿalayhi
उन पर
ٱلضَّلَـٰلَةُ ۚ गुमराही l-ḍalālatu
गुमराही
فَسِيرُوا۟ पस चलो-फिरो fasīrū
पस चलो-फिरो
فِى in
in
ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में
فَٱنظُرُوا۟ फिर देखो fa-unẓurū
फिर देखो
كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह
كَانَ हुआ kāna
हुआ
عَـٰقِبَةُ अंजाम ʿāqibatu
अंजाम
ٱلْمُكَذِّبِينَ झुठलाने वालों का l-mukadhibīna
झुठलाने वालों का
٣٦ (36)
(36)
और निःसंदेह हमने प्रत्येक समुदाय में एक रसूल भेजा कि अल्लाह की इबादत करो और ताग़ूत (अल्लाह के अलावा की पूजा) से बचो। फिर उनमें से कुछ को अल्लाह ने सीधे मार्ग पर लगाया, तथा उनमें से कुछ पर पथभ्रष्टता सिद्ध हो गई। अतः तुम धरती में चलो-फिरो, फिर देखो कि झुठलाने वालों का परिणाम कैसा हुआ?
१६:३७
إِن अगर in
अगर
تَحْرِصْ आप हरीस हैं taḥriṣ
आप हरीस हैं
عَلَىٰ [for] ʿalā
[for]
هُدَىٰهُمْ उनकी हिदायत पर hudāhum
उनकी हिदायत पर
فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
لَا (will) not
(will) not
يَهْدِى नहीं हिदायत देता yahdī
नहीं हिदायत देता
مَن उसको जिसे man
उसको जिसे
يُضِلُّ ۖ वो गुमराह करता है yuḍillu
वो गुमराह करता है
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए
مِّن any min
any
نَّـٰصِرِينَ मददगारों में से कोई nāṣirīna
मददगारों में से कोई
٣٧ (37)
(37)
(ऐ नबी!) यदि आप उनके मार्गदर्शन के लिए लालायित हैं, तो निःसंदेह अल्लाह उसे मार्गदर्शन प्रदान नहीं करता, जिसे वह गुमराह कर दे, और न कोई उनकी मदद करने वाले हैं।
१६:३८
وَأَقْسَمُوا۟ और वो क़समें खाते हैं wa-aqsamū
और वो क़समें खाते हैं
بِٱللَّهِ अल्लाह की bil-lahi
अल्लाह की
جَهْدَ पक्की jahda
पक्की
أَيْمَـٰنِهِمْ ۙ क़समें अपनी aymānihim
क़समें अपनी
لَا Allah will not resurrect
Allah will not resurrect
يَبْعَثُ नहीं उठाएगा yabʿathu
नहीं उठाएगा
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
مَن उसे जो man
उसे जो
يَمُوتُ ۚ मर जाता है yamūtu
मर जाता है
بَلَىٰ क्यों नहीं balā
क्यों नहीं
وَعْدًا वादा है waʿdan
वादा है
عَلَيْهِ उसके ज़िम्मा ʿalayhi
उसके ज़िम्मा
حَقًّۭا सच्चा ḥaqqan
सच्चा
وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन
أَكْثَرَ अक्सर akthara
अक्सर
ٱلنَّاسِ लोग l-nāsi
लोग
لَا (do) not
(do) not
يَعْلَمُونَ नहीं वो इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं वो इल्म रखते
٣٨ (38)
(38)
और उन (काफ़िरों) ने अपनी पक्की क़समें खाते हुए अल्लाह की क़सम खाई कि अल्लाह उसे पुनः जीवित नहीं करेगा, जो मर जाए। क्यों नहीं? यह तो उस (अल्लाह) के ऊपर एक सच्चा वादा है, परंतु अधिकतर लोग नहीं जानते।
१६:३९
لِيُبَيِّنَ ताकि वो बयान करे liyubayyina
ताकि वो बयान करे
لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए
ٱلَّذِى वो चीज़ जो alladhī
वो चीज़ जो
يَخْتَلِفُونَ वो इख़्तिलाफ़ करते हें yakhtalifūna
वो इख़्तिलाफ़ करते हें
فِيهِ जिसमें fīhi
जिसमें
وَلِيَعْلَمَ और ताकि जानलें waliyaʿlama
और ताकि जानलें
ٱلَّذِينَ वो लोग जिन्होंने alladhīna
वो लोग जिन्होंने
كَفَرُوٓا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया
أَنَّهُمْ बेशक वो annahum
बेशक वो
كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो
كَـٰذِبِينَ झूठे kādhibīna
झूठे
٣٩ (39)
(39)
ताकि वह (अल्लाह) उनके लिए उस तथ्य को उजागर कर दे, जिसमें वे मतभेद1 करते हैं और ताकि काफ़िर लोग जान लें कि वे झूठे थे।
१६:४०
إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक
قَوْلُنَا कहना हमारा qawlunā
कहना हमारा
لِشَىْءٍ किसी चीज़ के लिए lishayin
किसी चीज़ के लिए
إِذَآ जब idhā
जब
أَرَدْنَـٰهُ इरादा करते हैं हम उसका aradnāhu
इरादा करते हैं हम उसका
أَن ये कि an
ये कि
نَّقُولَ हम कहते हैं naqūla
हम कहते हैं
لَهُۥ उसे lahu
उसे
كُن हो जा kun
हो जा
فَيَكُونُ तो वो हो जाती है fayakūnu
तो वो हो जाती है
٤٠ (40)
(40)
हमारा कहना किसी चीज़ को, जब हम उसका इरादा कर लें, इसके सिवा कुछ नहीं होता कि हम उसे कहते हैं : 'हो जा', तो वह हो जाती है।
१६:४१
وَٱلَّذِينَ और वो जिन्होंने wa-alladhīna
और वो जिन्होंने
هَاجَرُوا۟ हिजरत की hājarū
हिजरत की
فِى in (the way)
in (the way)
ٱللَّهِ अल्लाह की राह में l-lahi
अल्लाह की राह में
مِنۢ after min
after
بَعْدِ बाद इसके baʿdi
बाद इसके
مَا जो
जो
ظُلِمُوا۟ वो ज़ुल्म किए गए ẓulimū
वो ज़ुल्म किए गए
لَنُبَوِّئَنَّهُمْ अलबत्ता ज़रूर ठिकाना देंगे उन्हें lanubawwi-annahum
अलबत्ता ज़रूर ठिकाना देंगे उन्हें
فِى in
in
ٱلدُّنْيَا दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में
حَسَنَةًۭ ۖ अच्छा ḥasanatan
अच्छा
وَلَأَجْرُ और यक़ीनन अज्र wala-ajru
और यक़ीनन अज्र
ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत का l-ākhirati
आख़िरत का
أَكْبَرُ ۚ सबसे बड़ा है akbaru
सबसे बड़ा है
لَوْ काश law
काश
كَانُوا۟ होते वो kānū
होते वो
يَعْلَمُونَ वो जानते yaʿlamūna
वो जानते
٤١ (41)
(41)
तथा जिन लोगों ने अल्लाह के लिए घर-बार छोड़ा, इसके बाद कि उनपर अत्याचार किया गया, निःसंदेह हम उन्हें संसार में अवश्य अच्छा ठिकाना देंगे। और निश्चय आख़िरत का प्रतिफल सबसे बड़ा है। काश! वे1 जानते होते।
१६:४२
ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने
صَبَرُوا۟ सब्र किया ṣabarū
सब्र किया
وَعَلَىٰ and on waʿalā
and on
رَبِّهِمْ और अपने रब पर ही rabbihim
और अपने रब पर ही
يَتَوَكَّلُونَ वो भरोसा करते हैं yatawakkalūna
वो भरोसा करते हैं
٤٢ (42)
(42)
वे लोग जिन्होंने धैर्य से काम लिया तथा अपने पालनहार ही पर भरोसा करते हैं।
१६:४३
وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं
أَرْسَلْنَا भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने
مِن before you min
before you
قَبْلِكَ आपसे पहले qablika
आपसे पहले
إِلَّا मगर illā
मगर
رِجَالًۭا मर्दों को rijālan
मर्दों को
نُّوحِىٓ हम वही करते थे nūḥī
हम वही करते थे
إِلَيْهِمْ ۚ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके
فَسْـَٔلُوٓا۟ पस पूछलो fasalū
पस पूछलो
أَهْلَ (the) people ahla
(the) people
ٱلذِّكْرِ अहले इल्म से l-dhik'ri
अहले इल्म से
إِن अगर in
अगर
كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम
لَا (do) not
(do) not
تَعْلَمُونَ नहीं तुम जानते taʿlamūna
नहीं तुम जानते
٤٣ (43)
(43)
और (ऐ नबी!) हमने आपसे पहले जो भी रसूल भेजे, वे सभी पुरुष थे, जिनकी ओर हम वह़्य (प्रकाशना) करते थे। अतः यदि तुम (स्वयं) नहीं जानते हो, तो ज्ञान वालों से पूछ लो।1
१६:४४
بِٱلْبَيِّنَـٰتِ साथ वाज़ेह दलाइल bil-bayināti
साथ वाज़ेह दलाइल
وَٱلزُّبُرِ ۗ और सहीफ़ों के wal-zuburi
और सहीफ़ों के
وَأَنزَلْنَآ और नाज़िल किया हमने wa-anzalnā
और नाज़िल किया हमने
إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके
ٱلذِّكْرَ ज़िक्र को l-dhik'ra
ज़िक्र को
لِتُبَيِّنَ ताकि आप वाज़ेह करें litubayyina
ताकि आप वाज़ेह करें
لِلنَّاسِ लोंगों के लिए lilnnāsi
लोंगों के लिए
مَا जो कुछ
जो कुछ
نُزِّلَ नाज़िल किया गया nuzzila
नाज़िल किया गया
إِلَيْهِمْ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके
وَلَعَلَّهُمْ और ताकि वो walaʿallahum
और ताकि वो
يَتَفَكَّرُونَ वो ग़ौरो फ़िक्र करें yatafakkarūna
वो ग़ौरो फ़िक्र करें
٤٤ (44)
(44)
(उन्हें) स्पष्ट प्रमाणों तथा पुस्तकों के साथ (भेजा)। और हमने आपकी ओर यह शिक्षा (क़ुरआन) उतारी, ताकि आप लोगों के सामने खोल-खोलकर बयान कर दें, जो कुछ उनकी ओर उतारा गया है और ताकि वे सोच-विचार करें।
१६:४५
أَفَأَمِنَ क्या फिर बेख़ौफ़ होगए afa-amina
क्या फिर बेख़ौफ़ होगए
ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने
مَكَرُوا۟ चालें चलीं makarū
चालें चलीं
ٱلسَّيِّـَٔاتِ बुरी l-sayiāti
बुरी
أَن कि an
कि
يَخْسِفَ धंसादे yakhsifa
धंसादे
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
بِهِمُ उन्हें bihimu
उन्हें
ٱلْأَرْضَ ज़मीन में l-arḍa
ज़मीन में
أَوْ या aw
या
يَأْتِيَهُمُ आजाए उनके पास yatiyahumu
आजाए उनके पास
ٱلْعَذَابُ अज़ाब l-ʿadhābu
अज़ाब
مِنْ from min
from
حَيْثُ जहाँ से ḥaythu
जहाँ से
لَا not
not
يَشْعُرُونَ नहीं वो शऊर रखते yashʿurūna
नहीं वो शऊर रखते
٤٥ (45)
(45)
तो क्या बुरी चालें चलने वाले इस बात से निश्चिंत हो गए हैं कि अल्लाह उन्हें धरती में धँसा दे, अथवा उनपर यातना आ जाए, जहाँ से वे सोचते भी न हों?
१६:४६
أَوْ या aw
या
يَأْخُذَهُمْ वो पकड़ ले उन्हें yakhudhahum
वो पकड़ ले उन्हें
فِى in
in
تَقَلُّبِهِمْ उनके चलने-फिरने में taqallubihim
उनके चलने-फिरने में
فَمَا तो नहीं famā
तो नहीं
هُم वो hum
वो
بِمُعْجِزِينَ आजिज़ करने वाले bimuʿ'jizīna
आजिज़ करने वाले
٤٦ (46)
(46)
या वह उन्हें उनके चलने-फिरने को दौरान पकड़ ले। तो वे (अल्लाह को) किसी तरह विवश करने वाले नहीं हैं।
१६:४७
أَوْ या aw
या
يَأْخُذَهُمْ वो पकड़ले उन्हें yakhudhahum
वो पकड़ले उन्हें
عَلَىٰ with ʿalā
with
تَخَوُّفٍۢ ख़ौफ़ज़दा होने पर takhawwufin
ख़ौफ़ज़दा होने पर
فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक
رَبَّكُمْ रब तुम्हारा rabbakum
रब तुम्हारा
لَرَءُوفٌۭ अलबत्ता शफ़क़त करने वाला है laraūfun
अलबत्ता शफ़क़त करने वाला है
رَّحِيمٌ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है
٤٧ (47)
(47)
अथवा वह उन्हें भयभीत होने की दशा में पकड़1 ले? निःसंदेह तुम्हारा पालनहार निश्चय अति करुणामय, अत्यंत दयावान् है।
१६:४८
أَوَلَمْ क्या भला नहीं awalam
क्या भला नहीं
يَرَوْا۟ वो देखते yaraw
वो देखते
إِلَىٰ [towards] ilā
[towards]
مَا तरफ़ उसके जो
तरफ़ उसके जो
خَلَقَ पैदा की khalaqa
पैदा की
ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने
مِن from min
from
شَىْءٍۢ कोई भी चीज़ shayin
कोई भी चीज़
يَتَفَيَّؤُا۟ झुकते हैं yatafayya-u
झुकते हैं
ظِلَـٰلُهُۥ साए उसके ẓilāluhu
साए उसके
عَنِ to ʿani
to
ٱلْيَمِينِ दाऐं से l-yamīni
दाऐं से
وَٱلشَّمَآئِلِ और बाऐं से wal-shamāili
और बाऐं से
سُجَّدًۭا सजदा करते हुए sujjadan
सजदा करते हुए
لِّلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए
وَهُمْ इस हाल में कि वो wahum
इस हाल में कि वो
دَٰخِرُونَ आजिज़ करने वाले हैं dākhirūna
आजिज़ करने वाले हैं
٤٨ (48)
(48)
क्या उन्होंने अल्लाह की पैदा की हुई कोई चीज़ नहीं देखी कि उसकी परछाइयाँ अल्लाह को सजदा करती हुई दाएँ तथा बाएँ झुकती हैं? जबकि वे विनम्र होती हैं।
१६:४९
وَلِلَّهِ और अल्लाह ही के लिए walillahi
और अल्लाह ही के लिए
يَسْجُدُ सजदा करते हैं yasjudu
सजदा करते हैं
مَا जो
जो
فِى (is) in
(is) in
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है
وَمَا और जो wamā
और जो
فِى (is) in
(is) in
ٱلْأَرْضِ ज़मीन में हैं l-arḍi
ज़मीन में हैं
مِن of min
of
دَآبَّةٍۢ जानदारों में से dābbatin
जानदारों में से
وَٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ और फ़रिशते wal-malāikatu
और फ़रिशते
وَهُمْ और वो wahum
और वो
لَا (are) not
(are) not
يَسْتَكْبِرُونَ नहीं वो तकब्बुर करते yastakbirūna
नहीं वो तकब्बुर करते
٤٩ (49)
(49)
तथा आकाशों एवं धरती में जितने जीवधारी हैं, सब अल्लाह ही को सजदा करते हैं तथा फ़रिश्ते (भी)। और वे अहंकार नहीं करते।
१६:५०
يَخَافُونَ वो डरते हैं yakhāfūna
वो डरते हैं
رَبَّهُم अपने रब से rabbahum
अपने रब से
مِّن above them min
above them
فَوْقِهِمْ अपने ऊपर से fawqihim
अपने ऊपर से
وَيَفْعَلُونَ और वो करते हैं wayafʿalūna
और वो करते हैं
مَا जो
जो
يُؤْمَرُونَ ۩ वो हुक्म दिए जाते हैं yu'marūna
वो हुक्म दिए जाते हैं
٥٠ (50)
(50)
वे1 अपने पालनहार से डरते हैं, जो उनके ऊपर है। और वे वही करते हैं, जो आदेश दिेए जाते हैं।
१६:५१
۞ وَقَالَ और फ़रमाया waqāla
और फ़रमाया
ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने
لَا (Do) not
(Do) not
تَتَّخِذُوٓا۟ ना तुम बनाओ tattakhidhū
ना तुम बनाओ
إِلَـٰهَيْنِ [two] gods ilāhayni
[two] gods
ٱثْنَيْنِ ۖ दो इलाह ith'nayni
दो इलाह
إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक
هُوَ वो huwa
वो
إِلَـٰهٌۭ इलाह है ilāhun
इलाह है
وَٰحِدٌۭ ۖ एक ही wāḥidun
एक ही
فَإِيَّـٰىَ तो सिर्फ़ मुझ ही से fa-iyyāya
तो सिर्फ़ मुझ ही से
فَٱرْهَبُونِ पस डरो मुझसे fa-ir'habūni
पस डरो मुझसे
٥١ (51)
(51)
और अल्लाह ने कहा : दो पूज्य न बनाओ। वह तो केवल एक ही पूज्य है। अतः तुम मुझी से डरो।
१६:५२
وَلَهُۥ और उसी के लिए है walahu
और उसी के लिए है
مَا जो कुछ
जो कुछ
فِى (is) in
(is) in
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में
وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन में है wal-arḍi
और ज़मीन में है
وَلَهُ और उसी के लिए है walahu
और उसी के लिए है
ٱلدِّينُ दीन l-dīnu
दीन
وَاصِبًا ۚ दायमी wāṣiban
दायमी
أَفَغَيْرَ Then is it other (than) afaghayra
Then is it other (than)
ٱللَّهِ क्या फिर ग़ैर अल्लाह से l-lahi
क्या फिर ग़ैर अल्लाह से
تَتَّقُونَ तुम डरते हो tattaqūna
तुम डरते हो
٥٢ (52)
(52)
और उसी का है, जो कुछ आकाशों में तथा जो कुछ धरती में है। और इबादत भी हमेशा उसी की है। तो क्या तुम अल्लाह के अलावा से डरते हो?
१६:५३
وَمَا और जो भी है wamā
और जो भी है
بِكُم तुम्हारे पास bikum
तुम्हारे पास
مِّن of min
of
نِّعْمَةٍۢ कोई नेअमत niʿ'matin
कोई नेअमत
فَمِنَ (is) from famina
(is) from
ٱللَّهِ ۖ पस अल्लाह की तरफ़ से है l-lahi
पस अल्लाह की तरफ़ से है
ثُمَّ फिर thumma
फिर
إِذَا जब idhā
जब
مَسَّكُمُ पहुँचती है तुम्हें massakumu
पहुँचती है तुम्हें
ٱلضُّرُّ तकलीफ़ l-ḍuru
तकलीफ़
فَإِلَيْهِ तो तरफ़ उसी के fa-ilayhi
तो तरफ़ उसी के
تَجْـَٔرُونَ तुम फ़रयाद करते हो tajarūna
तुम फ़रयाद करते हो
٥٣ (53)
(53)
तुम्हारे पास जो भी नेमत है, वह अल्लाह ही की ओर से है। फिर जब तुम्हें दुःख पहुँचता है, तो उसी की ओर गिड़गिड़ाते हो।
१६:५४
ثُمَّ फिर thumma
फिर
إِذَا जब idhā
जब
كَشَفَ वो हटा देता है kashafa
वो हटा देता है
ٱلضُّرَّ तकलीफ़ को l-ḍura
तकलीफ़ को
عَنكُمْ तुमसे ʿankum
तुमसे
إِذَا यकायक idhā
यकायक
فَرِيقٌۭ एर गिरोह (के लोग) farīqun
एर गिरोह (के लोग)
مِّنكُم तुम में से minkum
तुम में से
بِرَبِّهِمْ साथ अपने रब के birabbihim
साथ अपने रब के
يُشْرِكُونَ वो शरीक ठहराते हैं yush'rikūna
वो शरीक ठहराते हैं
٥٤ (54)
(54)
फिर जब वह तुमसे उस कष्ट को दूर कर देता है, तो अचानक तुममें से कुछ लोग अपने रब के साथ साझी ठहराने लगते हैं।
१६:५५
لِيَكْفُرُوا۟ ताकि वो नाशुक्री करें liyakfurū
ताकि वो नाशुक्री करें
بِمَآ उसकी जो bimā
उसकी जो
ءَاتَيْنَـٰهُمْ ۚ दिया हमने उन्हें ātaynāhum
दिया हमने उन्हें
فَتَمَتَّعُوا۟ ۖ तो तुम फ़ायदे उठालो fatamattaʿū
तो तुम फ़ायदे उठालो
فَسَوْفَ पस अनक़रीब fasawfa
पस अनक़रीब
تَعْلَمُونَ तुम जान लोगे taʿlamūna
तुम जान लोगे
٥٥ (55)
(55)
ताकि हमने उन्हें, जो कुछ प्रदान किया है, उसकी नाशुक्री करें। तो तुम (कुछ दिन) लाभ उठा लो। फिर तुम जल्द ही जान लोगे।
१६:५६
وَيَجْعَلُونَ और वो मुक़र्रर करते हैं wayajʿalūna
और वो मुक़र्रर करते हैं
لِمَا उसके लिए जो limā
उसके लिए जो
لَا not
not
يَعْلَمُونَ नहीं वो जानते yaʿlamūna
नहीं वो जानते
نَصِيبًۭا एक हिस्सा naṣīban
एक हिस्सा
مِّمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो
رَزَقْنَـٰهُمْ ۗ रिज़्क़ दिया हमने उन्हें razaqnāhum
रिज़्क़ दिया हमने उन्हें
تَٱللَّهِ क़सम अल्लाह की tal-lahi
क़सम अल्लाह की
لَتُسْـَٔلُنَّ अलबत्ता तुम ज़रूर सवाल किए जाओगे latus'alunna
अलबत्ता तुम ज़रूर सवाल किए जाओगे
عَمَّا उसके बारे में जो ʿammā
उसके बारे में जो
كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम
تَفْتَرُونَ तुम गढ़ते taftarūna
तुम गढ़ते
٥٦ (56)
(56)
और वे हमारी दी हुई चीज़ों में उनका1 भाग लगाते हैं, जो कुछ नहीं जानते। अल्लाह की क़सम! तुम जो झूठ गढ़ते हो, उसके संबंध में तुमसे अवश्य पूछा जाएगा।
१६:५७
وَيَجْعَلُونَ और वो बनाते हैं wayajʿalūna
और वो बनाते हैं
لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए
ٱلْبَنَـٰتِ बेटियाँ l-banāti
बेटियाँ
سُبْحَـٰنَهُۥ ۙ पाक है वो sub'ḥānahu
पाक है वो
وَلَهُم और उनके लिए है walahum
और उनके लिए है
مَّا जो
जो
يَشْتَهُونَ वो ख़्वाहिश रखते हैं yashtahūna
वो ख़्वाहिश रखते हैं
٥٧ (57)
(57)
और वे अल्लाह के लिए बेटियाँ ठहराते1 हैं, वह पवित्र है! और अपने लिए वह[2!], जो वे चाहते हैं?
१६:५८
وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब
بُشِّرَ ख़ुशख़बरी दी जाती है bushira
ख़ुशख़बरी दी जाती है
أَحَدُهُم उनमें से किसी एक को aḥaduhum
उनमें से किसी एक को
بِٱلْأُنثَىٰ लड़की की bil-unthā
लड़की की
ظَلَّ होजाता है ẓalla
होजाता है
وَجْهُهُۥ चेहरा उसका wajhuhu
चेहरा उसका
مُسْوَدًّۭا स्याह mus'waddan
स्याह
وَهُوَ और वो wahuwa
और वो
كَظِيمٌۭ सख़्त ग़मगीन होता है kaẓīmun
सख़्त ग़मगीन होता है
٥٨ (58)
(58)
और जब उनमें से किसी को बेटी (के जन्म) की शुभ सूचना दी जाती है, तो उसका मुख काला हो जाता है और वह दुख से भरा होता है।
१६:५९
يَتَوَٰرَىٰ वो छुपता है yatawārā
वो छुपता है
مِنَ from mina
from
ٱلْقَوْمِ क़ौम से l-qawmi
क़ौम से
مِن (because) of min
(because) of
سُوٓءِ बसबब आर के sūi
बसबब आर के
مَا जो
जो
بُشِّرَ वो ख़ुश ख़बरी दिया गया bushira
वो ख़ुश ख़बरी दिया गया
بِهِۦٓ ۚ जिसकी bihi
जिसकी
أَيُمْسِكُهُۥ क्या वो रोके रखे उसे ayum'sikuhu
क्या वो रोके रखे उसे
عَلَىٰ in ʿalā
in
هُونٍ साथ ज़िल्लत के hūnin
साथ ज़िल्लत के
أَمْ या am
या
يَدُسُّهُۥ वो दबा दे उसे yadussuhu
वो दबा दे उसे
فِى in
in
ٱلتُّرَابِ ۗ मिट्टी में l-turābi
मिट्टी में
أَلَا ख़बरदार alā
ख़बरदार
سَآءَ कितना बुरा है sāa
कितना बुरा है
مَا जो
जो
يَحْكُمُونَ वो फ़ैसला करते हैं yaḥkumūna
वो फ़ैसला करते हैं
٥٩ (59)
(59)
वह उस बुरी सूचना के कारण लोगों से छिपता फिरता है, जो उसे दी गई है। (सोचता है कि) क्या1 उसे अपमान के साथ रहने दे, अथवा उसे मिट्टी में गाड़ दे? देखो! बहुत बुरा है, जो वे निर्णय करते हैं।
१६:६०
لِلَّذِينَ उन लोगों के लिए जो lilladhīna
उन लोगों के लिए जो
لَا (do) not
(do) not
يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाते yu'minūna
नहीं वो ईमान लाते
بِٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत पर bil-ākhirati
आख़िरत पर
مَثَلُ मिसाल है mathalu
मिसाल है
ٱلسَّوْءِ ۖ बुरी l-sawi
बुरी
وَلِلَّهِ और अल्लाह के लिए walillahi
और अल्लाह के लिए
ٱلْمَثَلُ मिसाल है l-mathalu
मिसाल है
ٱلْأَعْلَىٰ ۚ आला l-aʿlā
आला
وَهُوَ और वो wahuwa
और वो
ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त है l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त है
ٱلْحَكِيمُ ख़ूब हिक्मत वाला है l-ḥakīmu
ख़ूब हिक्मत वाला है
٦٠ (60)
(60)
जो लोग आख़िरत (परलोक) को नहीं मानते, उनकी बुरी मिसाल है। और अल्लाह की सर्वोच्च विशेषता है, तथा वही प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
१६:६१
وَلَوْ और अगर walaw
और अगर
يُؤَاخِذُ मुआख़िज़ा करे yuākhidhu
मुआख़िज़ा करे
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
ٱلنَّاسَ लोगों का l-nāsa
लोगों का
بِظُلْمِهِم बवजह उनके ज़ुल्म के biẓul'mihim
बवजह उनके ज़ुल्म के
مَّا ना
ना
تَرَكَ वो छोड़े taraka
वो छोड़े
عَلَيْهَا इस (ज़मीन) पर ʿalayhā
इस (ज़मीन) पर
مِن any min
any
دَآبَّةٍۢ कोई जानदार dābbatin
कोई जानदार
وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन
يُؤَخِّرُهُمْ वो मोहलत दे रहा है उन्हें yu-akhiruhum
वो मोहलत दे रहा है उन्हें
إِلَىٰٓ for ilā
for
أَجَلٍۢ एक मुद्दत तक ajalin
एक मुद्दत तक
مُّسَمًّۭى ۖ मुक़र्रर musamman
मुक़र्रर
فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब
جَآءَ आ जाएगा jāa
आ जाएगा
أَجَلُهُمْ उनका वक़त मुक़र्रर ajaluhum
उनका वक़त मुक़र्रर
لَا not
not
يَسْتَـْٔخِرُونَ ना वो पीछे रहेंगे yastakhirūna
ना वो पीछे रहेंगे
سَاعَةًۭ ۖ एक घड़ी sāʿatan
एक घड़ी
وَلَا और ना walā
और ना
يَسْتَقْدِمُونَ वो आगे बढ़ सकेंगे yastaqdimūna
वो आगे बढ़ सकेंगे
٦١ (61)
(61)
और यदि अल्लाह, लोगों को उनके अत्याचार1 की वजह से पकड़े, तो धरती पर किसी जीवधारी को न छोड़े। परंतु वह उन्हें एक निर्धारित समय तक ढील2 देता है। फिर जब उनका समय आ जाता है, तो एक घड़ी न पीछे रहते हैं और न आगे बढ़ते हैं।
१६:६२
وَيَجْعَلُونَ और वो मुक़र्रर करते हैं wayajʿalūna
और वो मुक़र्रर करते हैं
لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए
مَا जो
जो
يَكْرَهُونَ वो (ख़ुद) नापसंद करते हैं yakrahūna
वो (ख़ुद) नापसंद करते हैं
وَتَصِفُ और बयान करती हैं wataṣifu
और बयान करती हैं
أَلْسِنَتُهُمُ ज़बानें उनकी alsinatuhumu
ज़बानें उनकी
ٱلْكَذِبَ झूठ l-kadhiba
झूठ
أَنَّ कि बेशक anna
कि बेशक
لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए
ٱلْحُسْنَىٰ ۖ भलाई है l-ḥus'nā
भलाई है
لَا No
No
جَرَمَ नहीं कोई शक jarama
नहीं कोई शक
أَنَّ यक़ीनन anna
यक़ीनन
لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए
ٱلنَّارَ आग है l-nāra
आग है
وَأَنَّهُم और यक़ीनन वो wa-annahum
और यक़ीनन वो
مُّفْرَطُونَ आगे पहुँचाए जाने वाले हैं muf'raṭūna
आगे पहुँचाए जाने वाले हैं
٦٢ (62)
(62)
वे अल्लाह के लिए वह कुछ1 ठहराते हैं, जिसे अपने लिए नापसंद करते हैं। और उनकी ज़बानें झूठ बोलती हैं कि उनके लिए अच्छा परिणाम है। कोई संदेह नहीं कि उन्हीं के लिए जहन्नम है और वे उसमें छोड़ दिए जाएँगे।
१६:६३
تَٱللَّهِ क़सम अल्लाह की tal-lahi
क़सम अल्लाह की
لَقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़
أَرْسَلْنَآ भेजा हमने (रसूलों को) arsalnā
भेजा हमने (रसूलों को)
إِلَىٰٓ to ilā
to
أُمَمٍۢ तरफ़ कुछ क़ौमों के umamin
तरफ़ कुछ क़ौमों के
مِّن before you min
before you
قَبْلِكَ आपसे पहले qablika
आपसे पहले
فَزَيَّنَ तो मुज़य्यन कर दिया fazayyana
तो मुज़य्यन कर दिया
لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए
ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान ने l-shayṭānu
शैतान ने
أَعْمَـٰلَهُمْ उनके आमाल को aʿmālahum
उनके आमाल को
فَهُوَ पस वो ही fahuwa
पस वो ही
وَلِيُّهُمُ दोस्त है उनका waliyyuhumu
दोस्त है उनका
ٱلْيَوْمَ आज l-yawma
आज
وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए
عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है
أَلِيمٌۭ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक
٦٣ (63)
(63)
अल्लाह की क़सम! निश्चय हमने (ऐ नबी!) आपसे पहले बहुत-से समुदायों की ओर रसूल भेजे। तो शैतान ने उनके कुकर्मों को उनके लिए सुंदर बना दिया। अतः वही आज उनका सहायक है। और उन्हीं के लिए दुःखदायी यातना है।
१६:६४
وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं
أَنزَلْنَا नाज़िल किया हमने anzalnā
नाज़िल किया हमने
عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर
ٱلْكِتَـٰبَ किताब को l-kitāba
किताब को
إِلَّا मगर illā
मगर
لِتُبَيِّنَ ताकि आप वाज़ेह करें litubayyina
ताकि आप वाज़ेह करें
لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए
ٱلَّذِى वो चीज़ alladhī
वो चीज़
ٱخْتَلَفُوا۟ उन्होंने इख़्तिलाफ़ किया ikh'talafū
उन्होंने इख़्तिलाफ़ किया
فِيهِ ۙ जिसमें fīhi
जिसमें
وَهُدًۭى और हिदायत wahudan
और हिदायत
وَرَحْمَةًۭ और रहमत है waraḥmatan
और रहमत है
لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए
يُؤْمِنُونَ जो ईमान रखते हों yu'minūna
जो ईमान रखते हों
٦٤ (64)
(64)
और हमने आपपर यह पुस्तक (क़ुरआन) केवल इसलिए उतारी है कि आप उनके सामने वह बात खोल-खोलकर बयान कर दें, जिसमें उन्होंने मतभेद किया है। तथा उन लोगों के लिए मार्गदर्शन और दया के रूप में जो ईमान लाते हैं।
१६:६५
وَٱللَّهُ और अल्लाह ने wal-lahu
और अल्लाह ने
أَنزَلَ उतारा anzala
उतारा
مِنَ from mina
from
ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से
مَآءًۭ पानी māan
पानी
فَأَحْيَا फिर ज़िन्दा कर दिया fa-aḥyā
फिर ज़िन्दा कर दिया
بِهِ साथ उसके bihi
साथ उसके
ٱلْأَرْضَ ज़मीन को l-arḍa
ज़मीन को
بَعْدَ बाद baʿda
बाद
مَوْتِهَآ ۚ उसकी मौत के mawtihā
उसकी मौत के
إِنَّ बेशक inna
बेशक
فِى in
in
ذَٰلِكَ इसमें dhālika
इसमें
لَـَٔايَةًۭ अलबत्ता एक निशानी है laāyatan
अलबत्ता एक निशानी है
لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए
يَسْمَعُونَ जो सुनते हैं yasmaʿūna
जो सुनते हैं
٦٥ (65)
(65)
और अल्लाह ने आकाश से कुछ पानी बरसाया, फिर उससे धरती को उसके मृत होने के बाद जीवित कर दिया। निःसंदेह इसमें उन लोगों के लिए निश्चय एक निशानी है, जो सुनते हैं।
१६:६६
وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक
لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
فِى in
in
ٱلْأَنْعَـٰمِ मवेशी जानवरों में l-anʿāmi
मवेशी जानवरों में
لَعِبْرَةًۭ ۖ अलबत्ता इबरत है laʿib'ratan
अलबत्ता इबरत है
نُّسْقِيكُم हम पिलाते हैं तुम्हें nus'qīkum
हम पिलाते हैं तुम्हें
مِّمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो
فِى (is) in
(is) in
بُطُونِهِۦ उनके पेटों में है buṭūnihi
उनके पेटों में है
مِنۢ from min
from
بَيْنِ दर्मियान bayni
दर्मियान
فَرْثٍۢ गोबर farthin
गोबर
وَدَمٍۢ और ख़ून के wadamin
और ख़ून के
لَّبَنًا दूध labanan
दूध
خَالِصًۭا ख़ालिस khāliṣan
ख़ालिस
سَآئِغًۭا ख़ुशगवार sāighan
ख़ुशगवार
لِّلشَّـٰرِبِينَ पीने वालों के लिए lilshāribīna
पीने वालों के लिए
٦٦ (66)
(66)
तथा निःसंदेह तुम्हारे लिए पशुओं में बड़ा उपदेश है। हम उन चीज़ों में से जो उनके पेटों में हैं, गोबर और रक्त के मध्य से तुम्हें शुद्ध दूध पिलाते हैं, जो पीने वालों के लिए रुचिकर होता है।
१६:६७
وَمِن And from wamin
And from
ثَمَرَٰتِ और फलों में से thamarāti
और फलों में से
ٱلنَّخِيلِ खजूर l-nakhīli
खजूर
وَٱلْأَعْنَـٰبِ और अंगूर wal-aʿnābi
और अंगूर
تَتَّخِذُونَ तुम बनालेते हो tattakhidhūna
तुम बनालेते हो
مِنْهُ उससे min'hu
उससे
سَكَرًۭا नशाआवर चीज़ sakaran
नशाआवर चीज़
وَرِزْقًا और रिज़्क़ wariz'qan
और रिज़्क़
حَسَنًا ۗ अच्छा ḥasanan
अच्छा
إِنَّ बेशक inna
बेशक
فِى in
in
ذَٰلِكَ इसमें dhālika
इसमें
لَـَٔايَةًۭ अलबत्ता एक निशानी है laāyatan
अलबत्ता एक निशानी है
لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए
يَعْقِلُونَ जो अक़्ल रखते हैं yaʿqilūna
जो अक़्ल रखते हैं
٦٧ (67)
(67)
तथा खजूरों और अंगूरों के फलों से भी, जिससे तुम मादक पदार्थ तथा उत्तम रोज़ी बनाते हो। निःसंदेह इसमें उन लोगों के लिए एक निशानी है, जो समझ-बूझ रखते हैं।
१६:६८
وَأَوْحَىٰ और वही की wa-awḥā
और वही की
رَبُّكَ आपके रब ने rabbuka
आपके रब ने
إِلَى to ilā
to
ٱلنَّحْلِ तरफ़ शहद की मक्खी के l-naḥli
तरफ़ शहद की मक्खी के
أَنِ कि ani
कि
ٱتَّخِذِى तू बनाले ittakhidhī
तू बनाले
مِنَ among mina
among
ٱلْجِبَالِ पहाड़ों में से l-jibāli
पहाड़ों में से
بُيُوتًۭا घर buyūtan
घर
وَمِنَ and among wamina
and among
ٱلشَّجَرِ और दरख़्तों में से l-shajari
और दरख़्तों में से
وَمِمَّا और उसमें से जो wamimmā
और उसमें से जो
يَعْرِشُونَ वो ऊपर चढ़ाते हैं yaʿrishūna
वो ऊपर चढ़ाते हैं
٦٨ (68)
(68)
और तेरे पालनहार ने मधुमक्खी को प्रेरित किया कि कुछ पर्वतों में से घर (छत्ते) बना तथा कुछ वृक्षों में से और कुछ उसमें से जो लोग छप्पर बनाते हैं।
१६:६९
ثُمَّ फिर thumma
फिर
كُلِى खा kulī
खा
مِن from min
from
كُلِّ हर क़िस्म के kulli
हर क़िस्म के
ٱلثَّمَرَٰتِ फलों की l-thamarāti
फलों की
فَٱسْلُكِى फिर चलती रह fa-us'lukī
फिर चलती रह
سُبُلَ रास्तों पर subula
रास्तों पर
رَبِّكِ अपने रब के rabbiki
अपने रब के
ذُلُلًۭا ۚ हमवार/आसान dhululan
हमवार/आसान
يَخْرُجُ निकलता है yakhruju
निकलता है
مِنۢ from min
from
بُطُونِهَا उसके पेटों से buṭūnihā
उसके पेटों से
شَرَابٌۭ शरबत/शहद sharābun
शरबत/शहद
مُّخْتَلِفٌ मुख़्तलिफ़ हैं mukh'talifun
मुख़्तलिफ़ हैं
أَلْوَٰنُهُۥ रंग उसके alwānuhu
रंग उसके
فِيهِ उसमें fīhi
उसमें
شِفَآءٌۭ शिफ़ा है shifāon
शिफ़ा है
لِّلنَّاسِ ۗ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए
إِنَّ यक़ीनन inna
यक़ीनन
فِى in
in
ذَٰلِكَ उसमें dhālika
उसमें
لَـَٔايَةًۭ अलबत्ता निशानी है laāyatan
अलबत्ता निशानी है
لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए
يَتَفَكَّرُونَ जो ग़ौरो फ़िक्र करते हैं yatafakkarūna
जो ग़ौरो फ़िक्र करते हैं
٦٩ (69)
(69)
फिर हर तरह के फलों से खा, फिर अपने पालनहार के प्रशस्त किए हुए रास्तों पर चल। उनके पेटों से विभिन्न रंगों का एक पेय निकलता है, जिसमें लोगों के लिए आरोग्य (शिफ़ा) है। निःसंदेह इसमें उन लोगों के लिए निश्चय एक निशानी है, जो सोच-विचार करते हैं।
१६:७०
وَٱللَّهُ और अल्लाह ने wal-lahu
और अल्लाह ने
خَلَقَكُمْ पैदा किया तुम्हें khalaqakum
पैदा किया तुम्हें
ثُمَّ फिर thumma
फिर
يَتَوَفَّىٰكُمْ ۚ वो फ़ौत करता है तुम्हें yatawaffākum
वो फ़ौत करता है तुम्हें
وَمِنكُم और तुम में से waminkum
और तुम में से
مَّن कोई man
कोई
يُرَدُّ फेरा जाता है yuraddu
फेरा जाता है
إِلَىٰٓ तरफ़ ilā
तरफ़
أَرْذَلِ the worst ardhali
the worst
ٱلْعُمُرِ नाकारा उमर के l-ʿumuri
नाकारा उमर के
لِكَىْ ताकि likay
ताकि
لَا not
not
يَعْلَمَ ना वो जाने yaʿlama
ना वो जाने
بَعْدَ बाद baʿda
बाद
عِلْمٍۢ जानने के ʿil'min
जानने के
شَيْـًٔا ۚ कुछ भी shayan
कुछ भी
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
عَلِيمٌۭ बहुत इल्म वाला है ʿalīmun
बहुत इल्म वाला है
قَدِيرٌۭ ख़ूब क़ुदरत वाला है qadīrun
ख़ूब क़ुदरत वाला है
٧٠ (70)
(70)
और अल्लाह ही ने तुम्हें पैदा किया। फिर वही तुम्हें मौत देता है। और तुममें से कोई वह है जो अति वृद्धावस्था की ओर पहुँचा दिया जाता है, ताकि वह जान लेने के पश्चात् कुछ न जाने। निःसंदेह अल्लाह सब कुछ जानने वाला, सर्वशक्तिमान है।1
१६:७१
وَٱللَّهُ और अल्लाह ने wal-lahu
और अल्लाह ने
فَضَّلَ फ़ज़ीलत दी faḍḍala
फ़ज़ीलत दी
بَعْضَكُمْ तुम्हारे बाज़ को baʿḍakum
तुम्हारे बाज़ को
عَلَىٰ over ʿalā
over
بَعْضٍۢ बाज़ पर baʿḍin
बाज़ पर
فِى in
in
ٱلرِّزْقِ ۚ रिज़्क़ में l-riz'qi
रिज़्क़ में
فَمَا तो नहीं famā
तो नहीं
ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो
فُضِّلُوا۟ फ़ज़ीलत दिए गए fuḍḍilū
फ़ज़ीलत दिए गए
بِرَآدِّى लौटाने वाले birāddī
लौटाने वाले
رِزْقِهِمْ रिज़्क़ अपना riz'qihim
रिज़्क़ अपना
عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर
مَا उनके जो
उनके जो
مَلَكَتْ मालिक हुए malakat
मालिक हुए
أَيْمَـٰنُهُمْ दाऐं हाथ उनके aymānuhum
दाऐं हाथ उनके
فَهُمْ तो वो fahum
तो वो
فِيهِ उसमें fīhi
उसमें
سَوَآءٌ ۚ यक्सां/बराबर हों sawāon
यक्सां/बराबर हों
أَفَبِنِعْمَةِ क्या फिर नेअमत का afabiniʿ'mati
क्या फिर नेअमत का
ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की
يَجْحَدُونَ वो इन्कार करते हैं yajḥadūna
वो इन्कार करते हैं
٧١ (71)
(71)
और अल्लाह ने तुममें से कुछ को, कुछ पर जीविका में श्रेष्ठता प्रदान की है। तो वे लोग जिन्हें श्रेष्ठता प्रदान की गई है, किसी तरह अपनी जीविका अपने दासों की ओर फेरने वाले नहीं कि वे उसमें बराबर हो जाएँ। तो क्या वे अल्लाह के उपकारों का इनकार करते हैं?
१६:७२
وَٱللَّهُ और अल्लाह ने wal-lahu
और अल्लाह ने
جَعَلَ बनाया jaʿala
बनाया
لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
مِّنْ from min
from
أَنفُسِكُمْ तुम्हारे नफ़्सों से anfusikum
तुम्हारे नफ़्सों से
أَزْوَٰجًۭا बीवियों को azwājan
बीवियों को
وَجَعَلَ और उसने बनाया wajaʿala
और उसने बनाया
لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
مِّنْ from min
from
أَزْوَٰجِكُم तुम्हारी बीवियों से azwājikum
तुम्हारी बीवियों से
بَنِينَ बेटों banīna
बेटों
وَحَفَدَةًۭ और पोतों को waḥafadatan
और पोतों को
وَرَزَقَكُم और उसने रिज़्क़ दिया तुम्हें warazaqakum
और उसने रिज़्क़ दिया तुम्हें
مِّنَ from mina
from
ٱلطَّيِّبَـٰتِ ۚ पाकीज़ा चीज़ों से l-ṭayibāti
पाकीज़ा चीज़ों से
أَفَبِٱلْبَـٰطِلِ क्या फिर बातिल पर afabil-bāṭili
क्या फिर बातिल पर
يُؤْمِنُونَ वो ईमान रखते हैं yu'minūna
वो ईमान रखते हैं
وَبِنِعْمَتِ और नेअमत का wabiniʿ'mati
और नेअमत का
ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की
هُمْ वो hum
वो
يَكْفُرُونَ वो इन्कार करते हैं yakfurūna
वो इन्कार करते हैं
٧٢ (72)
(72)
और अल्लाह ने तुम्हारे लिए खुद तुम्हीं में से पत्नियाँ बनाईं। और तुम्हारे लिए तुम्हारी पत्नियों से बेटे तथा पोते बनाए। और तुम्हें पवित्र चीज़ों से रोज़ी प्रदान की। तो क्या वे असत्य को मानते हैं और अल्लाह की नेमत का वे इनकार करते हैं?
१६:७३
وَيَعْبُدُونَ और वो इबादत करते हैं wayaʿbudūna
और वो इबादत करते हैं
مِن other than min
other than
دُونِ सिवाय dūni
सिवाय
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
مَا उनकी जो
उनकी जो
لَا not
not
يَمْلِكُ नहीं मालिक होते yamliku
नहीं मालिक होते
لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए
رِزْقًۭا रिज़्क़ के riz'qan
रिज़्क़ के
مِّنَ from mina
from
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमामों से l-samāwāti
आसमामों से
وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन से wal-arḍi
और ज़मीन से
شَيْـًۭٔا कुछ भी shayan
कुछ भी
وَلَا और ना walā
और ना
يَسْتَطِيعُونَ वो इस्तिताअत रखते हैं yastaṭīʿūna
वो इस्तिताअत रखते हैं
٧٣ (73)
(73)
और वे अल्लाह के सिवा उनकी उपासना करते हैं, जो न उन्हें आकाशों तथा धरती से कुछ भी जीविका देने के मालिक हैं और न वे इसका सामर्थ्य ही रखते हैं।
१६:७४
فَلَا पस ना falā
पस ना
تَضْرِبُوا۟ तुम बयान करो taḍribū
तुम बयान करो
لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए
ٱلْأَمْثَالَ ۚ मिसालें l-amthāla
मिसालें
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
يَعْلَمُ जानता है yaʿlamu
जानता है
وَأَنتُمْ और तुम wa-antum
और तुम
لَا (do) not
(do) not
تَعْلَمُونَ नहीं तुम जानते taʿlamūna
नहीं तुम जानते
٧٤ (74)
(74)
अतः अल्लाह के लिए उदाहरण (उपमा) न गढ़ो। निःसंदेह अल्लाह जानता है और तुम नहीं जानते।1
१६:७५
۞ ضَرَبَ बयान की ḍaraba
बयान की
ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने
مَثَلًا मिसाल mathalan
मिसाल
عَبْدًۭا एक ग़ुलाम ʿabdan
एक ग़ुलाम
مَّمْلُوكًۭا ममलूक की mamlūkan
ममलूक की
لَّا not
not
يَقْدِرُ नहीं वो क़ुदरत रखता yaqdiru
नहीं वो क़ुदरत रखता
عَلَىٰ on ʿalā
on
شَىْءٍۢ किसी चीज़ पर shayin
किसी चीज़ पर
وَمَن और उसकी जो waman
और उसकी जो
رَّزَقْنَـٰهُ रिज़्क दिया हमने उसे razaqnāhu
रिज़्क दिया हमने उसे
مِنَّا अपनी तरफ़ से minnā
अपनी तरफ़ से
رِزْقًا रिज़्क़ riz'qan
रिज़्क़
حَسَنًۭا अच्छा ḥasanan
अच्छा
فَهُوَ तो वो fahuwa
तो वो
يُنفِقُ वो ख़र्च करता हैं yunfiqu
वो ख़र्च करता हैं
مِنْهُ उसमें से min'hu
उसमें से
سِرًّۭا पोशीदा sirran
पोशीदा
وَجَهْرًا ۖ एलानिया wajahran
एलानिया
هَلْ क्या hal
क्या
يَسْتَوُۥنَ ۚ वो बराबर हो सकते हैं yastawūna
वो बराबर हो सकते हैं
ٱلْحَمْدُ सब तारीफ़ l-ḥamdu
सब तारीफ़
لِلَّهِ ۚ अल्लाह के लिए है lillahi
अल्लाह के लिए है
بَلْ बल्कि bal
बल्कि
أَكْثَرُهُمْ अक्सर उनके aktharuhum
अक्सर उनके
لَا (do) not
(do) not
يَعْلَمُونَ नहीं वो इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं वो इल्म रखते
٧٥ (75)
(75)
अल्लाह ने एक उदाहरण1 दिया है; एक पराधीन दास है, जो किसी चीज़ का सामर्थ्य नहीं रखता। और एक वह व्यक्ति है, जिसे हमने अपनी ओर से उत्तम जीविका प्रदान की है। तो वह उसमें से गुप्त रूप से और खुल्लम-खुल्ला खर्च करता है। क्या दोनों समान हो सकते हैं? सब प्रशंसा अल्लाह2 के लिए है। बल्कि उनमें से अधिकतर लोग (यह बात) नहीं जानते।
१६:७६
وَضَرَبَ और बयान की waḍaraba
और बयान की
ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने
مَثَلًۭا एक मिसाल mathalan
एक मिसाल
رَّجُلَيْنِ दो मर्दों की rajulayni
दो मर्दों की
أَحَدُهُمَآ उन दोनों में से एक aḥaduhumā
उन दोनों में से एक
أَبْكَمُ गूँगा है abkamu
गूँगा है
لَا not
not
يَقْدِرُ नहीं वो क़ुदरत रखता yaqdiru
नहीं वो क़ुदरत रखता
عَلَىٰ on ʿalā
on
شَىْءٍۢ किसी चीज़ पर shayin
किसी चीज़ पर
وَهُوَ और वो wahuwa
और वो
كَلٌّ बोझ है kallun
बोझ है
عَلَىٰ on ʿalā
on
مَوْلَىٰهُ अपने मालिक पर mawlāhu
अपने मालिक पर
أَيْنَمَا जहां कहीं aynamā
जहां कहीं
يُوَجِّههُّ वो भेजता है उसे yuwajjihhu
वो भेजता है उसे
لَا not
not
يَأْتِ नहीं वो लाता yati
नहीं वो लाता
بِخَيْرٍ ۖ कोई भलाई bikhayrin
कोई भलाई
هَلْ क्या hal
क्या
يَسْتَوِى बराबर हो सकता है yastawī
बराबर हो सकता है
هُوَ वो huwa
वो
وَمَن और वो जो waman
और वो जो
يَأْمُرُ हुक्म देता है yamuru
हुक्म देता है
بِٱلْعَدْلِ ۙ इन्साफ़ का bil-ʿadli
इन्साफ़ का
وَهُوَ और वो wahuwa
और वो
عَلَىٰ (is) on ʿalā
(is) on
صِرَٰطٍۢ ऊपर रास्ते ṣirāṭin
ऊपर रास्ते
مُّسْتَقِيمٍۢ सीधे के है mus'taqīmin
सीधे के है
٧٦ (76)
(76)
तथा अल्लाह ने एक (और) उदाहरण1 दिया है; दो व्यक्ति हैं। जिनमें से एक गूँगा है। वह कुछ करने की योग्यता नहीं रखता और वह अपने मालिक पर बोझ है। वह उसे जहाँ भी भेजता है, कोई भलाई लेकर नहीं आता। तो क्या यह और वह व्यक्ति बराबर हैं, जो न्याय का आदेश देता है और वह (स्वयं) सीधे मार्ग पर है?
१६:७७
وَلِلَّهِ और अल्लाह ही के लिए है walillahi
और अल्लाह ही के लिए है
غَيْبُ ग़ैब ghaybu
ग़ैब
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों
وَٱلْأَرْضِ ۚ और ज़मीन का wal-arḍi
और ज़मीन का
وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं
أَمْرُ मामला amru
मामला
ٱلسَّاعَةِ क़यामत का l-sāʿati
क़यामत का
إِلَّا मगर illā
मगर
كَلَمْحِ जैसे झपकना kalamḥi
जैसे झपकना
ٱلْبَصَرِ आँख का l-baṣari
आँख का
أَوْ या aw
या
هُوَ है वो huwa
है वो
أَقْرَبُ ۚ उस से भी ज़्यादा क़रीब aqrabu
उस से भी ज़्यादा क़रीब
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर
كُلِّ हर kulli
हर
شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के
قَدِيرٌۭ ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है qadīrun
ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है
٧٧ (77)
(77)
और अल्लाह ही के पास आकाशों तथा धरती की छिपी1 बातों का ज्ञान है। और क़ियामत का मामला तो बस पलक झपकने जैसा2 है या उससे भी अधिक निकट है। निःसंदेह अल्लाह हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है।
१६:७८
وَٱللَّهُ और अल्लाह ने wal-lahu
और अल्लाह ने
أَخْرَجَكُم निकाला तुम्हें akhrajakum
निकाला तुम्हें
مِّنۢ from min
from
بُطُونِ पेटों से buṭūni
पेटों से
أُمَّهَـٰتِكُمْ तुम्हारी माओं के ummahātikum
तुम्हारी माओं के
لَا not
not
تَعْلَمُونَ नहीं तुम जानते थे taʿlamūna
नहीं तुम जानते थे
شَيْـًۭٔا कुछ भी shayan
कुछ भी
وَجَعَلَ और उसने बनाए wajaʿala
और उसने बनाए
لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए
ٱلسَّمْعَ कान l-samʿa
कान
وَٱلْأَبْصَـٰرَ और आँखें wal-abṣāra
और आँखें
وَٱلْأَفْـِٔدَةَ ۙ और दिल wal-afidata
और दिल
لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम
تَشْكُرُونَ तुम शुक्रगुज़ार बनो tashkurūna
तुम शुक्रगुज़ार बनो
٧٨ (78)
(78)
और अल्लाह ने तुम्हें तुम्हारी माताओं के पेटों से इस हाल में निकाला कि तुम कुछ न जानते थे। और उसने तुम्हारे लिए कान और आँखें और दिल बनाए, ताकि तुम शुक्रिया अदा करो।
१६:७९
أَلَمْ क्या नहीं alam
क्या नहीं
يَرَوْا۟ उन्होंने देखा yaraw
उन्होंने देखा
إِلَى towards ilā
towards
ٱلطَّيْرِ तरफ़ परिन्दों के l-ṭayri
तरफ़ परिन्दों के
مُسَخَّرَٰتٍۢ जो मुसख़्ख़र किए गए हैं musakharātin
जो मुसख़्ख़र किए गए हैं
فِى in
in
جَوِّ फ़ज़ा में jawwi
फ़ज़ा में
ٱلسَّمَآءِ आसमान की l-samāi
आसमान की
مَا नहीं
नहीं
يُمْسِكُهُنَّ थामे हुए उन्हें yum'sikuhunna
थामे हुए उन्हें
إِلَّا मगर illā
मगर
ٱللَّهُ ۗ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
إِنَّ बेशक inna
बेशक
فِى in
in
ذَٰلِكَ इसमें dhālika
इसमें
لَـَٔايَـٰتٍۢ अलबत्ता निशानियां हैं laāyātin
अलबत्ता निशानियां हैं
لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए
يُؤْمِنُونَ जो ईमान लाते हों yu'minūna
जो ईमान लाते हों
٧٩ (79)
(79)
क्या उन्होंने पक्षियों की ओर नहीं देखा कि वे अंतरिक्ष में वशीभूत हैं? उन्हें अल्लाह ही थामता1 है। निःसंदेह इसमें उन लोगों के लिए बहुत-सी निशानियाँ हैं, जो ईमान लाते हैं।
१६:८०
وَٱللَّهُ और अल्लाह ने wal-lahu
और अल्लाह ने
جَعَلَ बनाया jaʿala
बनाया
لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
مِّنۢ [from] min
[from]
بُيُوتِكُمْ तुम्हारे घरों को buyūtikum
तुम्हारे घरों को
سَكَنًۭا रहने की जगह sakanan
रहने की जगह
وَجَعَلَ और उसने बनाया wajaʿala
और उसने बनाया
لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
مِّن from min
from
جُلُودِ खालों से julūdi
खालों से
ٱلْأَنْعَـٰمِ मवेशियों की l-anʿāmi
मवेशियों की
بُيُوتًۭا घरों को buyūtan
घरों को
تَسْتَخِفُّونَهَا तुम हलका-फुलका पाते हो उन्हें tastakhiffūnahā
तुम हलका-फुलका पाते हो उन्हें
يَوْمَ दिन yawma
दिन
ظَعْنِكُمْ अपने सफ़र के ẓaʿnikum
अपने सफ़र के
وَيَوْمَ और दिन wayawma
और दिन
إِقَامَتِكُمْ ۙ अपनी इक़ामत के iqāmatikum
अपनी इक़ामत के
وَمِنْ and from wamin
and from
أَصْوَافِهَا और उनकी ऊन से aṣwāfihā
और उनकी ऊन से
وَأَوْبَارِهَا और उनकी पशम से wa-awbārihā
और उनकी पशम से
وَأَشْعَارِهَآ और उनके बालों से wa-ashʿārihā
और उनके बालों से
أَثَـٰثًۭا सामान athāthan
सामान
وَمَتَـٰعًا और फायदे की चीज़ें wamatāʿan
और फायदे की चीज़ें
إِلَىٰ for ilā
for
حِينٍۢ एक वक़्त तक ḥīnin
एक वक़्त तक
٨٠ (80)
(80)
और अल्लाह ने तुम्हारे लिए तुम्हारे घरों को निवास स्थान बनाए। और पशुओं की खालों से तुम्हारे लिए ऐसे घर1 बनाए, जिन्हें तुम अपनी यात्रा के दिन तथा अपने ठहरने के दिन हल्का-फुल्का पाते हो। और उनके ऊन, उनके रोएँ और उनके बालों से (तुम्हारे लिए) विभिन्न वस्तुएँ और एक निर्धारित समय तक के लिए लाभ के सामान (बनाए)।
१६:८१
وَٱللَّهُ और अल्लाह ने wal-lahu
और अल्लाह ने
جَعَلَ बनाए jaʿala
बनाए
لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
مِّمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो
خَلَقَ उसने पैदा किया khalaqa
उसने पैदा किया
ظِلَـٰلًۭا साये ẓilālan
साये
وَجَعَلَ और उसने बनाईं wajaʿala
और उसने बनाईं
لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
مِّنَ from mina
from
ٱلْجِبَالِ पहाड़ों में l-jibāli
पहाड़ों में
أَكْنَـٰنًۭا छुपने की जगहें aknānan
छुपने की जगहें
وَجَعَلَ और उसने बनाए wajaʿala
और उसने बनाए
لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
سَرَٰبِيلَ कुर्ते sarābīla
कुर्ते
تَقِيكُمُ जो बचाते हैं तुम्हें taqīkumu
जो बचाते हैं तुम्हें
ٱلْحَرَّ गर्मी से l-ḥara
गर्मी से
وَسَرَٰبِيلَ और कुर्ते wasarābīla
और कुर्ते
تَقِيكُم जो बचाते हैं तुम्हें taqīkum
जो बचाते हैं तुम्हें
بَأْسَكُمْ ۚ तुम्हारी जंग से basakum
तुम्हारी जंग से
كَذَٰلِكَ इस तरह kadhālika
इस तरह
يُتِمُّ वो पूरा करता है yutimmu
वो पूरा करता है
نِعْمَتَهُۥ अपनी नेअमत को niʿ'matahu
अपनी नेअमत को
عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर
لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम
تُسْلِمُونَ तुम फरमाबरदार बन जाओ tus'limūna
तुम फरमाबरदार बन जाओ
٨١ (81)
(81)
और अल्लाह ही ने तुम्हारे लिए अपनी पैदा की हुई चीज़ों की छाया बनाई, और तुम्हारे लिए पर्वतों में छिपने के स्थान बनाए, और तुम्हारे लिए ऐसे वस्त्र बनाए, जो तुम्हें गरमी से बचाते हैं, और ऐसे वस्त्र बनाए जो तुम्हें तुम्हारी लड़ाई में बचाते1 हैं। इसी प्रकार, वह तुमपर अपनी नेमत पूरी करता है, ताकि तुम आज्ञाकारी बनो।
१६:८२
فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर
تَوَلَّوْا۟ वो मुंह मोड़ जाऐं tawallaw
वो मुंह मोड़ जाऐं
فَإِنَّمَا तो बेशक fa-innamā
तो बेशक
عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर
ٱلْبَلَـٰغُ पहुँचाना है l-balāghu
पहुँचाना है
ٱلْمُبِينُ खुल्लम-खुल्ला l-mubīnu
खुल्लम-खुल्ला
٨٢ (82)
(82)
फिर यदि वे मुँह फेरें, तो आपका कार्य केवल स्पष्ट रूप से संदेश पहुँचा देना है।
१६:८३
يَعْرِفُونَ वो पहुँचाते हैं yaʿrifūna
वो पहुँचाते हैं
نِعْمَتَ नेअमत को niʿ'mata
नेअमत को
ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की
ثُمَّ फिर thumma
फिर
يُنكِرُونَهَا वो इन्कार करते हैं उसका yunkirūnahā
वो इन्कार करते हैं उसका
وَأَكْثَرُهُمُ और अकसर उनके wa-aktharuhumu
और अकसर उनके
ٱلْكَـٰفِرُونَ नाशुक्रे हैं l-kāfirūna
नाशुक्रे हैं
٨٣ (83)
(83)
वे अल्लाह की नेमत को पहचानते हैं, फिर उसका इनकार करते हैं और उनमें से अधिकतर लोग अकृतज्ञ हैं।
१६:८४
وَيَوْمَ और जिस दिन wayawma
और जिस दिन
نَبْعَثُ हम खड़ा करेंगे nabʿathu
हम खड़ा करेंगे
مِن from min
from
كُلِّ every kulli
every
أُمَّةٍۢ हर उम्मत से ummatin
हर उम्मत से
شَهِيدًۭا एक गवाह shahīdan
एक गवाह
ثُمَّ फिर thumma
फिर
لَا not
not
يُؤْذَنُ ना इजाज़त दी जाएगी yu'dhanu
ना इजाज़त दी जाएगी
لِلَّذِينَ उनके जिन्होंने lilladhīna
उनके जिन्होंने
كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया
وَلَا और ना walā
और ना
هُمْ वो hum
वो
يُسْتَعْتَبُونَ वो उज़्र क़ुबूल किए जाऐंगे yus'taʿtabūna
वो उज़्र क़ुबूल किए जाऐंगे
٨٤ (84)
(84)
और जिस दिन1 हम प्रत्येक समुदाय से एक गवाह खड़ा2 करेंगे, फिर काफ़िरों को अनुमति नहीं दी जाएगी और न उनसे क्षमा की याचना स्वीकार की जाएगी।
१६:८५
وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब
رَءَا देखेंगे raā
देखेंगे
ٱلَّذِينَ वो लोग जिन्होंने alladhīna
वो लोग जिन्होंने
ظَلَمُوا۟ ज़ुल्म किया ẓalamū
ज़ुल्म किया
ٱلْعَذَابَ अज़ाब को l-ʿadhāba
अज़ाब को
فَلَا तो ना falā
तो ना
يُخَفَّفُ तख़्फ़ीफ की जाएगी yukhaffafu
तख़्फ़ीफ की जाएगी
عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे
وَلَا और ना walā
और ना
هُمْ वो hum
वो
يُنظَرُونَ वो मोहलत दिए जाऐंगे yunẓarūna
वो मोहलत दिए जाऐंगे
٨٥ (85)
(85)
और जब अत्याचारी लोग यातना देख लेंगे, तो न उनकी यातना कुछ कम की जाएगी और न उन्हें अवसर दिया1 जाएगा।
१६:८६
وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब
رَءَا देखेंगे raā
देखेंगे
ٱلَّذِينَ वो लोग जिन्होंने alladhīna
वो लोग जिन्होंने
أَشْرَكُوا۟ शरीक बनाए ashrakū
शरीक बनाए
شُرَكَآءَهُمْ अपने शरीकों को shurakāahum
अपने शरीकों को
قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे
رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब
هَـٰٓؤُلَآءِ ये हैं hāulāi
ये हैं
شُرَكَآؤُنَا शरीक हमारे shurakāunā
शरीक हमारे
ٱلَّذِينَ वो जिन्हें alladhīna
वो जिन्हें
كُنَّا थे हम kunnā
थे हम
نَدْعُوا۟ हम पुकारते nadʿū
हम पुकारते
مِن besides You min
besides You
دُونِكَ ۖ तेरे सिवा dūnika
तेरे सिवा
فَأَلْقَوْا۟ तो वो डालेंगे fa-alqaw
तो वो डालेंगे
إِلَيْهِمُ तरफ़ उनके ilayhimu
तरफ़ उनके
ٱلْقَوْلَ बात को l-qawla
बात को
إِنَّكُمْ बेशक तुम innakum
बेशक तुम
لَكَـٰذِبُونَ अलबत्ता झूठे हो lakādhibūna
अलबत्ता झूठे हो
٨٦ (86)
(86)
और जब मुश्रिक अपने (ठहराए हुए) साझियों को देखेंगे, तो कहेंगे : ऐ हमारे पालनहार! यही हमारे वे साझी हैं, जिन्हें हम तेरे सिवा पुकारा करते थे। तो वे (साझी) उनकी ओर यह बात फेंक मारेंगे कि निश्चय तुम बिलकुल झूठे हो।
१६:८७
وَأَلْقَوْا۟ और वो पेश करेंगे wa-alqaw
और वो पेश करेंगे
إِلَى to ilā
to
ٱللَّهِ तरफ़ अल्लाह के l-lahi
तरफ़ अल्लाह के
يَوْمَئِذٍ उस दिन yawma-idhin
उस दिन
ٱلسَّلَمَ ۖ सुलह l-salama
सुलह
وَضَلَّ और गुम हो जाऐंगे waḍalla
और गुम हो जाऐंगे
عَنْهُم उनसे ʿanhum
उनसे
مَّا जो
जो
كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो
يَفْتَرُونَ वो झूठ गढ़ते yaftarūna
वो झूठ गढ़ते
٨٧ (87)
(87)
उस दिन वे अल्लाह के आगे समर्पण कर देंगे और जो कुछ वे मिथ्यारोपण किया करते थे, वह सब उनसे गुम हो जाएगा।
१६:८८
ٱلَّذِينَ वो लोग जिन्होंने alladhīna
वो लोग जिन्होंने
كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया
وَصَدُّوا۟ और रोका waṣaddū
और रोका
عَن from ʿan
from
سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way
ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते से l-lahi
अल्लाह के रास्ते से
زِدْنَـٰهُمْ ज़्यादा देंगे हम उन्हें zid'nāhum
ज़्यादा देंगे हम उन्हें
عَذَابًۭا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब
فَوْقَ over fawqa
over
ٱلْعَذَابِ ऊपर अज़ाब के l-ʿadhābi
ऊपर अज़ाब के
بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो
كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो
يُفْسِدُونَ वो फ़साद करते yuf'sidūna
वो फ़साद करते
٨٨ (88)
(88)
जिन लोगों ने कुफ़्र किया और अल्लाह की राह से रोका, हम उन्हें यातना पर यातना बढ़ाते जाएँगे, उस बिगाड़ के बदले, जो वे पैदा किया करते थे।
१६:८९
وَيَوْمَ और जिस दिन wayawma
और जिस दिन
نَبْعَثُ हम उठाऐंगे nabʿathu
हम उठाऐंगे
فِى among
among
كُلِّ every kulli
every
أُمَّةٍۢ हर उम्मत से ummatin
हर उम्मत से
شَهِيدًا एक गवाह shahīdan
एक गवाह
عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर
مِّنْ from min
from
أَنفُسِهِمْ ۖ उन्हीं में से anfusihim
उन्हीं में से
وَجِئْنَا And We (will) bring waji'nā
And We (will) bring
بِكَ और हम लाऐंगे आपको bika
और हम लाऐंगे आपको
شَهِيدًا गवाह बनाकर shahīdan
गवाह बनाकर
عَلَىٰ over ʿalā
over
هَـٰٓؤُلَآءِ ۚ उन लोगों पर hāulāi
उन लोगों पर
وَنَزَّلْنَا और नाज़िल की हमने wanazzalnā
और नाज़िल की हमने
عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर
ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब
تِبْيَـٰنًۭا खोलकर बयान करने वाली tib'yānan
खोलकर बयान करने वाली
لِّكُلِّ of every likulli
of every
شَىْءٍۢ हर चीज़ को shayin
हर चीज़ को
وَهُدًۭى और हिदायत wahudan
और हिदायत
وَرَحْمَةًۭ और रहमत waraḥmatan
और रहमत
وَبُشْرَىٰ और ख़ुशख़बरी wabush'rā
और ख़ुशख़बरी
لِلْمُسْلِمِينَ मुसलमानों के लिए lil'mus'limīna
मुसलमानों के लिए
٨٩ (89)
(89)
और जिस दिन हम प्रत्येक समुदाय में उनपर उन्हीं में से एक गवाह खड़ा करेंगे। और आपको इन लोगों पर गवाह बनाकर लाएँगे।1 और हमने आपपर यह पुस्तक (क़ुरआन) अवतरित की, जो प्रत्येक विषय का स्पष्टीकरण और मार्गदर्शन और दया और आज्ञाकारियों के लिए शुभ सूचना है।
१६:९०
۞ إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
يَأْمُرُ हुक्म देता है yamuru
हुक्म देता है
بِٱلْعَدْلِ अदल का bil-ʿadli
अदल का
وَٱلْإِحْسَـٰنِ और एहसान का wal-iḥ'sāni
और एहसान का
وَإِيتَآئِ और देने का waītāi
और देने का
ذِى (to) relatives dhī
(to) relatives
ٱلْقُرْبَىٰ कराबतदारों को l-qur'bā
कराबतदारों को
وَيَنْهَىٰ और वो रोकता है wayanhā
और वो रोकता है
عَنِ [from] ʿani
[from]
ٱلْفَحْشَآءِ बेहयाई से l-faḥshāi
बेहयाई से
وَٱلْمُنكَرِ और बुराई से wal-munkari
और बुराई से
وَٱلْبَغْىِ ۚ और ज़्यादती से wal-baghyi
और ज़्यादती से
يَعِظُكُمْ वो नसीहत करता है तुम्हें yaʿiẓukum
वो नसीहत करता है तुम्हें
لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम
تَذَكَّرُونَ तुम नसीहत पकड़ो tadhakkarūna
तुम नसीहत पकड़ो
٩٠ (90)
(90)
निःसंदेह अल्लाह न्याय और उपकार और निकटवर्तियों को देने का आदेश देता है और अश्लीलता और बुराई और सरकशी से रोकता है। वह तुम्हें नसीहत करता है, ताकि तुम नसीहत हासिल करो।
१६:९१
وَأَوْفُوا۟ और पूरा करो wa-awfū
और पूरा करो
بِعَهْدِ अहद को biʿahdi
अहद को
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
إِذَا जब idhā
जब
عَـٰهَدتُّمْ अहद करो तुम ʿāhadttum
अहद करो तुम
وَلَا और ना walā
और ना
تَنقُضُوا۟ तुम तोड़ो tanquḍū
तुम तोड़ो
ٱلْأَيْمَـٰنَ क़समों को l-aymāna
क़समों को
بَعْدَ बाद baʿda
बाद
تَوْكِيدِهَا उनके पक्का करने के tawkīdihā
उनके पक्का करने के
وَقَدْ हालाँकि तहक़ीक़ waqad
हालाँकि तहक़ीक़
جَعَلْتُمُ बनालिया है तुमने jaʿaltumu
बनालिया है तुमने
ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को
عَلَيْكُمْ अपने ऊपर ʿalaykum
अपने ऊपर
كَفِيلًا ۚ ज़ामिन kafīlan
ज़ामिन
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
يَعْلَمُ जानता है yaʿlamu
जानता है
مَا जो
जो
تَفْعَلُونَ तुम करते हो tafʿalūna
तुम करते हो
٩١ (91)
(91)
और अल्लाह की प्रतिज्ञा को पूरा करो, जब तुम परस्पर प्रतिज्ञा करो। तथा क़समों को उन्हें सुदृढ़ करने के पश्चात् मत तोड़ो, हालाँकि निश्चय तुमने अल्लाह को अपने आपपर ज़ामिन (गवाह) बनाया है। निःसंदेह अल्लाह जानता है, जो कुछ तुम करते हो।
१६:९२
وَلَا और ना walā
और ना
تَكُونُوا۟ तुम हो जाओ takūnū
तुम हो जाओ
كَٱلَّتِى उस औरत की तरह ka-allatī
उस औरत की तरह
نَقَضَتْ जिसने तोड़ डाला naqaḍat
जिसने तोड़ डाला
غَزْلَهَا सूत अपना ghazlahā
सूत अपना
مِنۢ after min
after
بَعْدِ बाद baʿdi
बाद
قُوَّةٍ मज़्बूत (कातने) के quwwatin
मज़्बूत (कातने) के
أَنكَـٰثًۭا टुकड़े-टुकड़े करके ankāthan
टुकड़े-टुकड़े करके
تَتَّخِذُونَ तुम बना लेते हो tattakhidhūna
तुम बना लेते हो
أَيْمَـٰنَكُمْ अपनी क़समों को aymānakum
अपनी क़समों को
دَخَلًۢا बहाना dakhalan
बहाना
بَيْنَكُمْ आपस में baynakum
आपस में
أَن ताकि an
ताकि
تَكُونَ हो जाए takūna
हो जाए
أُمَّةٌ एक जमाअत ummatun
एक जमाअत
هِىَ वो hiya
वो
أَرْبَىٰ ज़्यादा बढ़ी हुई (माल में) arbā
ज़्यादा बढ़ी हुई (माल में)
مِنْ than min
than
أُمَّةٍ ۚ जमाअत से (दूसरी) ummatin
जमाअत से (दूसरी)
إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक
يَبْلُوكُمُ आज़माता है तुम्हें yablūkumu
आज़माता है तुम्हें
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
بِهِۦ ۚ साथ उसके bihi
साथ उसके
وَلَيُبَيِّنَنَّ और अलबत्ता वो ज़रूर वाज़ेह करेगा walayubayyinanna
और अलबत्ता वो ज़रूर वाज़ेह करेगा
لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
يَوْمَ दिन yawma
दिन
ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के
مَا वो जो
वो जो
كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम
فِيهِ जिसमें fīhi
जिसमें
تَخْتَلِفُونَ तुम इख़्तिलाफ़ करते takhtalifūna
तुम इख़्तिलाफ़ करते
٩٢ (92)
(92)
और उस स्त्री की तरह न बन जाओ, जिसने अपना सूत मज़बूत कातने के बाद उधेड़ दिया। तुम अपनी क़समों को परस्पर धोखा देने का माध्यम बनाते हो, ताकि एक समुदाय दूसरे समुदाय से अधिक हो जाए। अल्लाह इसके1 द्वारा तुम्हारी परीक्षा लेता है। और निश्चय क़ियामत के दिन वह तुम्हारे लिए उसे अवश्य स्पष्ट कर देगा, जिसमें तुम मतभेद किया करते थे।
१६:९३
وَلَوْ और अगर walaw
और अगर
شَآءَ चाहता shāa
चाहता
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
لَجَعَلَكُمْ अलबत्ता वो बना देता तुम्हें lajaʿalakum
अलबत्ता वो बना देता तुम्हें
أُمَّةًۭ उम्मत ummatan
उम्मत
وَٰحِدَةًۭ एक ही wāḥidatan
एक ही
وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन
يُضِلُّ वो गुमराह करता है yuḍillu
वो गुमराह करता है
مَن जिसे man
जिसे
يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है
وَيَهْدِى और वो हिदायत देता है wayahdī
और वो हिदायत देता है
مَن जिसे man
जिसे
يَشَآءُ ۚ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है
وَلَتُسْـَٔلُنَّ और अलबत्ता तुम ज़रूर सवाल किए जाओगे walatus'alunna
और अलबत्ता तुम ज़रूर सवाल किए जाओगे
عَمَّا उसके बारे में जो ʿammā
उसके बारे में जो
كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम
تَعْمَلُونَ तुम अमल करते taʿmalūna
तुम अमल करते
٩٣ (93)
(93)
और यदि अल्लाह चाहता, तो निश्चय तुम्हें एक ही समुदाय बना देता। परंतु वह जिसे चाहता है, राह से भटका देता है और जिसे चाहता है, सीधा रास्ता दिखा देता है। और निश्चय तुमसे उसके बारे में अवश्य पूछा जाएगा, जो तुम किया करते थे।
१६:९४
وَلَا और ना walā
और ना
تَتَّخِذُوٓا۟ तुम बनाओ tattakhidhū
तुम बनाओ
أَيْمَـٰنَكُمْ अपनी क़समों को aymānakum
अपनी क़समों को
دَخَلًۢا धोखा देने का ज़रिया dakhalan
धोखा देने का ज़रिया
بَيْنَكُمْ आपस में baynakum
आपस में
فَتَزِلَّ वरना फिसल जाएगा fatazilla
वरना फिसल जाएगा
قَدَمٌۢ क़दम qadamun
क़दम
بَعْدَ बाद baʿda
बाद
ثُبُوتِهَا उसके जम जाने के thubūtihā
उसके जम जाने के
وَتَذُوقُوا۟ और तुम चखोगे watadhūqū
और तुम चखोगे
ٱلسُّوٓءَ बुराई/सज़ा l-sūa
बुराई/सज़ा
بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो
صَدَدتُّمْ रोका तुमने ṣadadttum
रोका तुमने
عَن from ʿan
from
سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way
ٱللَّهِ ۖ अल्लाह के रास्ते से l-lahi
अल्लाह के रास्ते से
وَلَكُمْ और तुम्हारे लिए walakum
और तुम्हारे लिए
عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है
عَظِيمٌۭ बहुत बड़ा ʿaẓīmun
बहुत बड़ा
٩٤ (94)
(94)
और अपनी क़समों को आपस में धोखे का साधन न बनाओ। कहीं ऐसा न हो कि कोई क़दम जमने के बाद फिसल1 जाए और तुम्हें अल्लाह के मार्ग से रोकने के कारण बुरा परिणाम चखना पड़े और तुम्हारे लिए (परलोक में) बड़ी यातना हो।
१६:९५
وَلَا और ना walā
और ना
تَشْتَرُوا۟ तुम लो tashtarū
तुम लो
بِعَهْدِ the covenant biʿahdi
the covenant
ٱللَّهِ बदले अल्लाह के अहद के l-lahi
बदले अल्लाह के अहद के
ثَمَنًۭا क़ीमत thamanan
क़ीमत
قَلِيلًا ۚ थोड़ी qalīlan
थोड़ी
إِنَّمَا बेशक जो innamā
बेशक जो
عِندَ (is) with ʿinda
(is) with
ٱللَّهِ अल्लाह के पास है l-lahi
अल्लाह के पास है
هُوَ वो huwa
वो
خَيْرٌۭ बहतर है khayrun
बहतर है
لَّكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
إِن अगर in
अगर
كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम
تَعْلَمُونَ तुम जानते taʿlamūna
तुम जानते
٩٥ (95)
(95)
और अल्लाह की प्रतिज्ञा को थोड़ी सी कीमत के लिए न बेचो।1 निःसंदेह जो अल्लाह के पास है, वही तुम्हारे लिए उत्तम है, यदि तुम जानते हो।
१६:९६
مَا जो कुछ
जो कुछ
عِندَكُمْ तुम्हारे पास है ʿindakum
तुम्हारे पास है
يَنفَدُ ۖ ख़तम हो जाएगा yanfadu
ख़तम हो जाएगा
وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ
عِندَ (is) with ʿinda
(is) with
ٱللَّهِ अल्लाह के पास है l-lahi
अल्लाह के पास है
بَاقٍۢ ۗ बाक़ी रहने वाला है bāqin
बाक़ी रहने वाला है
وَلَنَجْزِيَنَّ और अलबत्ता हम ज़रूर बदले में देंगे walanajziyanna
और अलबत्ता हम ज़रूर बदले में देंगे
ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने
صَبَرُوٓا۟ सब्र किया ṣabarū
सब्र किया
أَجْرَهُم अज्र उनका ajrahum
अज्र उनका
بِأَحْسَنِ बेहतरीन bi-aḥsani
बेहतरीन
مَا उसका जो
उसका जो
كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो
يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते
٩٦ (96)
(96)
जो तुम्हारे पास है, वह ख़त्म हो जाएगा, और जो अल्लाह के पास है, वह बाकी रहने वाला है। और निश्चय हम धैर्य से काम लेने वालों को उनका बदला उन उत्तम कार्यों के अनुसार प्रदान करेंगे जो वे किया करते थे।
१६:९७
مَنْ जिसने man
जिसने
عَمِلَ अमल किया ʿamila
अमल किया
صَـٰلِحًۭا नेक ṣāliḥan
नेक
مِّن whether min
whether
ذَكَرٍ ख़्वाह कोई मर्द हो dhakarin
ख़्वाह कोई मर्द हो
أَوْ या aw
या
أُنثَىٰ औरत unthā
औरत
وَهُوَ जबकि वो wahuwa
जबकि वो
مُؤْمِنٌۭ मोमिन हो mu'minun
मोमिन हो
فَلَنُحْيِيَنَّهُۥ पस अलबत्ता हम ज़रूर ज़िन्दगी देंगे उसे falanuḥ'yiyannahu
पस अलबत्ता हम ज़रूर ज़िन्दगी देंगे उसे
حَيَوٰةًۭ ज़िन्दगी ḥayatan
ज़िन्दगी
طَيِّبَةًۭ ۖ पाकीज़ा ṭayyibatan
पाकीज़ा
وَلَنَجْزِيَنَّهُمْ और अलबत्ता हम ज़रूर बदले में देंगे उन्हें walanajziyannahum
और अलबत्ता हम ज़रूर बदले में देंगे उन्हें
أَجْرَهُم अज्र उनका ajrahum
अज्र उनका
بِأَحْسَنِ बेहतरीन bi-aḥsani
बेहतरीन
مَا उसका जो
उसका जो
كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो
يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते
٩٧ (97)
(97)
जो भी अच्छा कार्य करे, नर हो अथवा नारी, जबकि वह ईमान वाला हो, तो हम उसे अच्छा जीवन व्यतीत कराएँगे। और निश्चय हम उन्हें उनका बदला उन उत्तम कार्यों के अनुसार प्रदान करेंगे जो वे किया करते थे।
१६:९८
فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब
قَرَأْتَ पढ़ें आप qarata
पढ़ें आप
ٱلْقُرْءَانَ क़ुरआन को l-qur'āna
क़ुरआन को
فَٱسْتَعِذْ तो पनाह माँगिए fa-is'taʿidh
तो पनाह माँगिए
بِٱللَّهِ अल्लाह की bil-lahi
अल्लाह की
مِنَ from mina
from
ٱلشَّيْطَـٰنِ शैतान से l-shayṭāni
शैतान से
ٱلرَّجِيمِ जो मरदूद है l-rajīmi
जो मरदूद है
٩٨ (98)
(98)
अतः जब तुम क़ुरआन पढ़ने लगो, तो धिक्कारे हुए शैतान से अल्लाह की शरण1 माँग लिया करो।
१६:९९
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
لَيْسَ नहीं है laysa
नहीं है
لَهُۥ उसका lahu
उसका
سُلْطَـٰنٌ कोई ज़ोर sul'ṭānun
कोई ज़ोर
عَلَى on ʿalā
on
ٱلَّذِينَ उन लोगों पर जो alladhīna
उन लोगों पर जो
ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए
وَعَلَىٰ and upon waʿalā
and upon
رَبِّهِمْ और अपने रब पर ही rabbihim
और अपने रब पर ही
يَتَوَكَّلُونَ वो तवक्कल करते हैं yatawakkalūna
वो तवक्कल करते हैं
٩٩ (99)
(99)
निःसंदेह तथ्य यह है कि उसका उन लोगों पर कोई प्रभुत्व नहीं, जो ईमान लाए और केवल अपने पालनहार पर भरोसा रखते हैं।
१६:१००
إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक
سُلْطَـٰنُهُۥ ज़ोर उसका sul'ṭānuhu
ज़ोर उसका
عَلَى (is) over ʿalā
(is) over
ٱلَّذِينَ उन लोगों पर है जो alladhīna
उन लोगों पर है जो
يَتَوَلَّوْنَهُۥ दोस्त बनाते हैं उसे yatawallawnahu
दोस्त बनाते हैं उसे
وَٱلَّذِينَ और (उन पर) जो wa-alladhīna
और (उन पर) जो
هُم वो hum
वो
بِهِۦ उसकी वजह से bihi
उसकी वजह से
مُشْرِكُونَ शिर्क करने वाले हैं mush'rikūna
शिर्क करने वाले हैं
١٠٠ (100)
(100)
उसका वश तो केवल उन लोगों पर है, जो उससे दोस्ती रखते हैं और जो उसके कारण शिर्क करने वाले हैं।
१६:१०१
وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब
بَدَّلْنَآ बदल देते हैं हम baddalnā
बदल देते हैं हम
ءَايَةًۭ किसी आयत को āyatan
किसी आयत को
مَّكَانَ जगह makāna
जगह
ءَايَةٍۢ ۙ आयत के āyatin
आयत के
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
أَعْلَمُ ख़ूब जानता है aʿlamu
ख़ूब जानता है
بِمَا उसको जो bimā
उसको जो
يُنَزِّلُ वो नाज़िल करता है yunazzilu
वो नाज़िल करता है
قَالُوٓا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं
إِنَّمَآ बेशक innamā
बेशक
أَنتَ तू anta
तू
مُفْتَرٍۭ ۚ गढ़ने वाला है muf'tarin
गढ़ने वाला है
بَلْ बल्कि bal
बल्कि
أَكْثَرُهُمْ अक्सर उनके aktharuhum
अक्सर उनके
لَا (do) not
(do) not
يَعْلَمُونَ नहीं वो जानते yaʿlamūna
नहीं वो जानते
١٠١ (101)
(101)
और जब हम किसी आयत के स्थान पर कोई आयत बदलकर लाते हैं, और अल्लाह अधिक जानने वाला है, जो वह उतारता है, तो वे कहते हैं : तू तो गढ़कर लाने वाला है, बल्कि उनके अधिकतर लोग नहीं जानते।
१६:१०२
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
نَزَّلَهُۥ नाज़िल किया है उसे nazzalahu
नाज़िल किया है उसे
رُوحُ the Holy Spirit rūḥu
the Holy Spirit
ٱلْقُدُسِ रूहल क़ुदुस ने l-qudusi
रूहल क़ुदुस ने
مِن from min
from
رَّبِّكَ आपके रब की तरफ़ से rabbika
आपके रब की तरफ़ से
بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के
لِيُثَبِّتَ ताकि वो साबित क़दम रखे liyuthabbita
ताकि वो साबित क़दम रखे
ٱلَّذِينَ उन्हें जो alladhīna
उन्हें जो
ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए
وَهُدًۭى और हिदायत wahudan
और हिदायत
وَبُشْرَىٰ और ख़ुशख़बरी wabush'rā
और ख़ुशख़बरी
لِلْمُسْلِمِينَ मुसलमानों के लिए lil'mus'limīna
मुसलमानों के लिए
١٠٢ (102)
(102)
आप कह दें कि इसे रूह़ुल क़ुदुस1 ने आपके पालनहार की ओर से सत्य के साथ थोड़ा-थोड़ा करके उतारा है। ताकि उन लोगों के पाँव जमा दे, जो ईमान लाए। तथा आज्ञाकारियों के लिए मार्गदर्शन और शुभ सूचना हो।
१६:१०३
وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़
نَعْلَمُ हम जानते हैं naʿlamu
हम जानते हैं
أَنَّهُمْ बेशक वो annahum
बेशक वो
يَقُولُونَ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं
إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक
يُعَلِّمُهُۥ सिखाता है उसे yuʿallimuhu
सिखाता है उसे
بَشَرٌۭ ۗ एक इन्सान basharun
एक इन्सान
لِّسَانُ ज़बान lisānu
ज़बान
ٱلَّذِى उसकी alladhī
उसकी
يُلْحِدُونَ वो ग़लत निस्बत करते हैं yul'ḥidūna
वो ग़लत निस्बत करते हैं
إِلَيْهِ तरफ़ जिसके ilayhi
तरफ़ जिसके
أَعْجَمِىٌّۭ अजमी है aʿjamiyyun
अजमी है
وَهَـٰذَا और ये wahādhā
और ये
لِسَانٌ ज़बान है lisānun
ज़बान है
عَرَبِىٌّۭ अरबी ʿarabiyyun
अरबी
مُّبِينٌ वाज़ेह mubīnun
वाज़ेह
١٠٣ (103)
(103)
तथा निःसंदेह हम जानते हैं कि वे (काफ़िर) कहते हैं : इसे तो एक मानव ही सिखाता1 है। उस व्यक्ति की भाषा जिसकी ओर वे ग़लत निस्बत कर रहे हैं, अजमी (ग़ैर-अरबी)2 है और यह स्पष्ट अरबी भाषा है।
१६:१०४
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो
لَا (do) not
(do) not
يُؤْمِنُونَ नहीं ईमान लाते yu'minūna
नहीं ईमान लाते
بِـَٔايَـٰتِ in the Verses biāyāti
in the Verses
ٱللَّهِ साथ अल्लाह की आयात के l-lahi
साथ अल्लाह की आयात के
لَا not
not
يَهْدِيهِمُ नहीं हिदायत देता उन्हें yahdīhimu
नहीं हिदायत देता उन्हें
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
وَلَهُمْ और उनके लिए है walahum
और उनके लिए है
عَذَابٌ अज़ाब ʿadhābun
अज़ाब
أَلِيمٌ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक
١٠٤ (104)
(104)
निःसंदेह जो लोग अल्लाह की आयतों पर ईमान नहीं लाते, अल्लाह उन्हें सीधा रास्ता नहीं दिखाता और उन्हीं के लिए दुःखदायी यातना है।
१६:१०५
إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक
يَفْتَرِى गढ़ लेते हैं yaftarī
गढ़ लेते हैं
ٱلْكَذِبَ झूठ को l-kadhiba
झूठ को
ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो
لَا (do) not
(do) not
يُؤْمِنُونَ नहीं ईमान लाते yu'minūna
नहीं ईमान लाते
بِـَٔايَـٰتِ साथ आयात के biāyāti
साथ आयात के
ٱللَّهِ ۖ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की
وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग हैं wa-ulāika
और यही लोग हैं
هُمُ वो humu
वो
ٱلْكَـٰذِبُونَ जो झूठे हैं l-kādhibūna
जो झूठे हैं
١٠٥ (105)
(105)
झूठ तो वही लोग गढ़ते हैं, जो अल्लाह की आयतों पर ईमान नहीं रखते और वही लोग झूठे हैं।
१६:१०६
مَن जो कोई man
जो कोई
كَفَرَ कुफ़्र करे kafara
कुफ़्र करे
بِٱللَّهِ साथ अल्लाह के bil-lahi
साथ अल्लाह के
مِنۢ after min
after
بَعْدِ बाद baʿdi
बाद
إِيمَـٰنِهِۦٓ अपने ईमान लाने के īmānihi
अपने ईमान लाने के
إِلَّا सिवाय illā
सिवाय
مَنْ उसके जो man
उसके जो
أُكْرِهَ मजबूर किया गया uk'riha
मजबूर किया गया
وَقَلْبُهُۥ और दिल उसका waqalbuhu
और दिल उसका
مُطْمَئِنٌّۢ मुत्मइन है muṭ'ma-innun
मुत्मइन है
بِٱلْإِيمَـٰنِ ईमान पर bil-īmāni
ईमान पर
وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन
مَّن जो कोई man
जो कोई
شَرَحَ खोल दे sharaḥa
खोल दे
بِٱلْكُفْرِ कुफ़्र के लिए bil-kuf'ri
कुफ़्र के लिए
صَدْرًۭا सीना ṣadran
सीना
فَعَلَيْهِمْ तो उन पर faʿalayhim
तो उन पर
غَضَبٌۭ ग़ज़ब है ghaḍabun
ग़ज़ब है
مِّنَ of mina
of
ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से
وَلَهُمْ और उनके लिए है walahum
और उनके लिए है
عَذَابٌ अज़ाब ʿadhābun
अज़ाब
عَظِيمٌۭ बहुत बड़ा ʿaẓīmun
बहुत बड़ा
١٠٦ (106)
(106)
जिसने ईमान लाने के बाद अल्लाह के साथ कुफ़्र किया, सिवाय उसके जो इसके लिए विवश कर दिया गया हो और उसका दिल ईमान से संतुष्ट हो, लेकिन जिसने अपना सीना कुफ़्र के लिए खोल दिया1 हो, तो ऐसे लोगों पर अल्लाह का प्रकोप है और उन्हीं के लिए बड़ी यातना है।
१६:१०७
ذَٰلِكَ ये dhālika
ये
بِأَنَّهُمُ बवजह उसके कि वो bi-annahumu
बवजह उसके कि वो
ٱسْتَحَبُّوا۟ उन्होंने तरजीह दी is'taḥabbū
उन्होंने तरजीह दी
ٱلْحَيَوٰةَ ज़िन्दगी को l-ḥayata
ज़िन्दगी को
ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की
عَلَى over ʿalā
over
ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत पर l-ākhirati
आख़िरत पर
وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
لَا (does) not
(does) not
يَهْدِى नहीं हिदायत देता yahdī
नहीं हिदायत देता
ٱلْقَوْمَ उन लोगों को l-qawma
उन लोगों को
ٱلْكَـٰفِرِينَ जो काफ़िर हैं l-kāfirīna
जो काफ़िर हैं
١٠٧ (107)
(107)
यह इसलिए कि उन्होंने दुनिया के जीवन को आख़िरत की तुलना में प्रिय रखा। और यह कि अल्लाह काफ़िरों को सीधे मार्ग का सामर्थ्य नहीं देता।
१६:१०८
أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं
ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो
طَبَعَ मोहर लगादी ṭabaʿa
मोहर लगादी
ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने
عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर
قُلُوبِهِمْ उनके दिलों के qulūbihim
उनके दिलों के
وَسَمْعِهِمْ और उनके कानों के wasamʿihim
और उनके कानों के
وَأَبْصَـٰرِهِمْ ۖ और उनकी आँखों के wa-abṣārihim
और उनकी आँखों के
وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग हैं wa-ulāika
और यही लोग हैं
هُمُ वो humu
वो
ٱلْغَـٰفِلُونَ जो ग़ाफ़िल हैं l-ghāfilūna
जो ग़ाफ़िल हैं
١٠٨ (108)
(108)
ये वही लोग हैं, जिनके दिलों और उनके कानों और उनकी आँखों पर अल्लाह ने मुहर लगा दी है तथा यही लोग हैं जो बिल्कुल ग़ाफ़िल हैं।
१६:१०९
لَا No
No
جَرَمَ नहीं कोई शक jarama
नहीं कोई शक
أَنَّهُمْ यक़ीनन वो annahum
यक़ीनन वो
فِى in
in
ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत में l-ākhirati
आख़िरत में
هُمُ वो ही humu
वो ही
ٱلْخَـٰسِرُونَ ख़सारा पाने वाले हैं l-khāsirūna
ख़सारा पाने वाले हैं
١٠٩ (109)
(109)
कोई संदेह नहीं कि यही लोग आख़िरत में घाटा उठाने वाले हैं।
१६:११०
ثُمَّ फिर thumma
फिर
إِنَّ बेशक inna
बेशक
رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका
لِلَّذِينَ उनके लिए जिन्होंने lilladhīna
उनके लिए जिन्होंने
هَاجَرُوا۟ हिजरत की hājarū
हिजरत की
مِنۢ after min
after
بَعْدِ बाद इसके baʿdi
बाद इसके
مَا जो
जो
فُتِنُوا۟ वो आज़माइश में डाले गए futinū
वो आज़माइश में डाले गए
ثُمَّ फिर thumma
फिर
جَـٰهَدُوا۟ उन्होंने जिहाद किया jāhadū
उन्होंने जिहाद किया
وَصَبَرُوٓا۟ और उन्होंने सबर किया waṣabarū
और उन्होंने सबर किया
إِنَّ बेशक inna
बेशक
رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका
مِنۢ after it min
after it
بَعْدِهَا बाद इसके baʿdihā
बाद इसके
لَغَفُورٌۭ अलबत्ता बहुत बख़्शने वाला है laghafūrun
अलबत्ता बहुत बख़्शने वाला है
رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है
١١٠ (110)
(110)
फिर निःसंदेह आपका पालनहार उन लोगों1 के लिए जिन्होंने आज़माइशों का सामना करने के बाद हिजरत की, फिर जिहाद किया और धैर्य रखा, निश्चय आपका पालनहार इस (परीक्षा) के बाद बड़ा क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।
१६:१११
۞ يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन
تَأْتِى आएगा tatī
आएगा
كُلُّ हर kullu
हर
نَفْسٍۢ नफ़्स nafsin
नफ़्स
تُجَـٰدِلُ वो झगड़ेगा tujādilu
वो झगड़ेगा
عَن for ʿan
for
نَّفْسِهَا अपने नफ़्स के बारे में nafsihā
अपने नफ़्स के बारे में
وَتُوَفَّىٰ और पूरा-पूरा दिया जाएगा watuwaffā
और पूरा-पूरा दिया जाएगा
كُلُّ हर kullu
हर
نَفْسٍۢ नफ़्स को nafsin
नफ़्स को
مَّا जो
जो
عَمِلَتْ उसने अमल किया ʿamilat
उसने अमल किया
وَهُمْ और वो wahum
और वो
لَا (will) not
(will) not
يُظْلَمُونَ ना वो ज़ुल्म किए जाऐंगे yuẓ'lamūna
ना वो ज़ुल्म किए जाऐंगे
١١١ (111)
(111)
जिस दिन प्रत्येक व्यक्ति अपने ही लिए झगड़ता हुआ आएगा और प्रत्येक व्यक्ति को उसके कर्मों का पूरा बदला दिया जाएगा और उनपर अत्याचार नहीं किया जाएगा।
१६:११२
وَضَرَبَ और बयान की waḍaraba
और बयान की
ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने
مَثَلًۭا मिसाल mathalan
मिसाल
قَرْيَةًۭ एक बस्ती की qaryatan
एक बस्ती की
كَانَتْ वो थी kānat
वो थी
ءَامِنَةًۭ अमन वाली āminatan
अमन वाली
مُّطْمَئِنَّةًۭ मुत्मइन muṭ'ma-innatan
मुत्मइन
يَأْتِيهَا आता था उसके पास yatīhā
आता था उसके पास
رِزْقُهَا रिज़्क़ उसका riz'quhā
रिज़्क़ उसका
رَغَدًۭا बाफ़राग़त raghadan
बाफ़राग़त
مِّن from min
from
كُلِّ every kulli
every
مَكَانٍۢ हर जगह से makānin
हर जगह से
فَكَفَرَتْ तो उसने नाशुक्री की fakafarat
तो उसने नाशुक्री की
بِأَنْعُمِ (the) Favors of Allah bi-anʿumi
(the) Favors of Allah
ٱللَّهِ अल्लाह की नेअमतों की l-lahi
अल्लाह की नेअमतों की
فَأَذَٰقَهَا तो चखाया उसे fa-adhāqahā
तो चखाया उसे
ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने
لِبَاسَ लिबास libāsa
लिबास
ٱلْجُوعِ भूख का l-jūʿi
भूख का
وَٱلْخَوْفِ और ख़ौफ़ का wal-khawfi
और ख़ौफ़ का
بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो
كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो
يَصْنَعُونَ किया करते yaṣnaʿūna
किया करते
١١٢ (112)
(112)
अल्लाह ने एक बस्ती का उदाहरण दिया है, जो सुरक्षा और शांति वाली थी। उसकी रोज़ी प्रत्येक स्थान से आसानी के साथ पहुँच रही थी। फिर उसने अल्लाह की नेमतों की नाशुक्री की, तो अल्लाह ने उसे भूख और भय का वस्त्र1 पहना दिया, उसके बदले जो वे2 किया करते थे।
१६:११३
وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़
جَآءَهُمْ आया उनके पास jāahum
आया उनके पास
رَسُولٌۭ एक रसूल rasūlun
एक रसूल
مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से
فَكَذَّبُوهُ तो उन्होंने झुठलाया उसे fakadhabūhu
तो उन्होंने झुठलाया उसे
فَأَخَذَهُمُ तो पकड़ लिया उन्हें fa-akhadhahumu
तो पकड़ लिया उन्हें
ٱلْعَذَابُ अज़ाब ने l-ʿadhābu
अज़ाब ने
وَهُمْ जबकि वो wahum
जबकि वो
ظَـٰلِمُونَ ज़ालिम थे ẓālimūna
ज़ालिम थे
١١٣ (113)
(113)
और निःसंदेह उनके पास उन्हीं में से एक रसूल1 आया, तो उन्होंने उसे झुठला दिया। अतः उन्हें यातना ने इस हाल में पकड़ लिया कि वे अत्याचारी थे।
१६:११४
فَكُلُوا۟ पस खाओ fakulū
पस खाओ
مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो
رَزَقَكُمُ रिज़्क़ दिया तुम्हें razaqakumu
रिज़्क़ दिया तुम्हें
ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने
حَلَـٰلًۭا हलाल ḥalālan
हलाल
طَيِّبًۭا पाक ṭayyiban
पाक
وَٱشْكُرُوا۟ और शुक्र करो wa-ush'kurū
और शुक्र करो
نِعْمَتَ (for the) Favor niʿ'mata
(for the) Favor
ٱللَّهِ अल्लाह की नेअमत का l-lahi
अल्लाह की नेअमत का
إِن अगर in
अगर
كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम
إِيَّاهُ सिर्फ़ उसी की iyyāhu
सिर्फ़ उसी की
تَعْبُدُونَ तुम इबादत करते taʿbudūna
तुम इबादत करते
١١٤ (114)
(114)
अतः उस हलाल एवं पवित्र रोज़ी में से खाओ, जो अल्लाह ने तुम्हें प्रदान की है और अल्लाह की नेमत का शुक्रिया अदा करो, यदि तुम उसी की इबादत करते हो।
१६:११५
إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक
حَرَّمَ उसने हराम किया ḥarrama
उसने हराम किया
عَلَيْكُمُ तुम पर ʿalaykumu
तुम पर
ٱلْمَيْتَةَ मुर्दार l-maytata
मुर्दार
وَٱلدَّمَ और ख़ून wal-dama
और ख़ून
وَلَحْمَ और गोशत walaḥma
और गोशत
ٱلْخِنزِيرِ ख़िन्ज़ीर का l-khinzīri
ख़िन्ज़ीर का
وَمَآ और जो wamā
और जो
أُهِلَّ पुकारा जाए uhilla
पुकारा जाए
لِغَيْرِ वास्ते ग़ैर lighayri
वास्ते ग़ैर
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
بِهِۦ ۖ उस पर bihi
उस पर
فَمَنِ तो जो कोई famani
तो जो कोई
ٱضْطُرَّ मजबूर किया गया uḍ'ṭurra
मजबूर किया गया
غَيْرَ ना ghayra
ना
بَاغٍۢ रग़बत करने वाला हो bāghin
रग़बत करने वाला हो
وَلَا और ना walā
और ना
عَادٍۢ हद से गुज़रने वाला ʿādin
हद से गुज़रने वाला
فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है
رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है
١١٥ (115)
(115)
अल्लाह ने तुमपर जो चीज़ें हराम की हैं, वे यह हैं - मुर्दार, (बहता) रक्त, सूअर का मांस तथा वह वस्तु जिसपर अल्लाह के सिवा किसी और का नाम पुकारा जाए।1 फिर जो (इन वस्तुओं को खाने पर) विवश हो जाए, जबकि वह न (हराम के उपयोग की) इच्छा रखता हो और न आवश्यकता की सीमा से आगे2 बढ़ रहा हो, तो उसपर कोई दोष नहीं। अल्लाह अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।
१६:११६
وَلَا और ना walā
और ना
تَقُولُوا۟ तुम कहो taqūlū
तुम कहो
لِمَا वो जो limā
वो जो
تَصِفُ बयान करती हैं taṣifu
बयान करती हैं
أَلْسِنَتُكُمُ ज़बानें तुम्हारी alsinatukumu
ज़बानें तुम्हारी
ٱلْكَذِبَ झूठ l-kadhiba
झूठ
هَـٰذَا कि ये hādhā
कि ये
حَلَـٰلٌۭ हलाल है ḥalālun
हलाल है
وَهَـٰذَا और ये wahādhā
और ये
حَرَامٌۭ हराम है ḥarāmun
हराम है
لِّتَفْتَرُوا۟ ताकि तुम गढ़ सको litaftarū
ताकि तुम गढ़ सको
عَلَى about ʿalā
about
ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर
ٱلْكَذِبَ ۚ झूठ l-kadhiba
झूठ
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो
يَفْتَرُونَ गढ़ते हैं yaftarūna
गढ़ते हैं
عَلَى about ʿalā
about
ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर
ٱلْكَذِبَ झूठ l-kadhiba
झूठ
لَا they will not succeed
they will not succeed
يُفْلِحُونَ नहीं वो फ़लाह पाऐंगे yuf'liḥūna
नहीं वो फ़लाह पाऐंगे
١١٦ (116)
(116)
और उसके कारण जो तुम्हारी ज़बानें झूठ कहती हैं, मत कहो कि यह हलाल (वैध) है और यह हराम (निषिद्ध) है, ताकि अल्लाह पर झूठ1 गढ़ो। निःसंदेह जो लोग अल्लाह पर झूठ गढ़ते हैं, वे (कभी) सफल नहीं होते।
१६:११७
مَتَـٰعٌۭ फ़ायदा है matāʿun
फ़ायदा है
قَلِيلٌۭ थोड़ा सा qalīlun
थोड़ा सा
وَلَهُمْ और उनके लिए है walahum
और उनके लिए है
عَذَابٌ अज़ाब ʿadhābun
अज़ाब
أَلِيمٌۭ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक
١١٧ (117)
(117)
बहुत थोड़ा लाभ है और उनके लिए दर्दनाक यातना है।
१६:११८
وَعَلَى और ऊपर waʿalā
और ऊपर
ٱلَّذِينَ उन लोगों के जो alladhīna
उन लोगों के जो
هَادُوا۟ यहूदी बन गए hādū
यहूदी बन गए
حَرَّمْنَا हराम कर दिया हमने ḥarramnā
हराम कर दिया हमने
مَا जो
जो
قَصَصْنَا बयान किया हमने qaṣaṣnā
बयान किया हमने
عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर
مِن before min
before
قَبْلُ ۖ इससे पहले qablu
इससे पहले
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
ظَلَمْنَـٰهُمْ ज़ुल्म किया था हमने उन पर ẓalamnāhum
ज़ुल्म किया था हमने उन पर
وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन
كَانُوٓا۟ थे वो kānū
थे वो
أَنفُسَهُمْ अपनी जानों पर anfusahum
अपनी जानों पर
يَظْلِمُونَ वो ज़ुल्म करते yaẓlimūna
वो ज़ुल्म करते
١١٨ (118)
(118)
और यहूदियों पर हमने वे चीज़ें हराम कीं, जिनका वर्णन हम इससे पहले1 आपके सामने कर चुके हैं। और हमने उनपर अत्याचार नहीं किया, परन्तु वे अपने आप ही पर अत्याचार करते थे।
१६:११९
ثُمَّ फिर thumma
फिर
إِنَّ बेशक inna
बेशक
رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका
لِلَّذِينَ उन लोगों के लिए जिन्होंने lilladhīna
उन लोगों के लिए जिन्होंने
عَمِلُوا۟ अमल किए ʿamilū
अमल किए
ٱلسُّوٓءَ बुरे l-sūa
बुरे
بِجَهَـٰلَةٍۢ बवजह जहालत के bijahālatin
बवजह जहालत के
ثُمَّ फिर thumma
फिर
تَابُوا۟ उन्होंने तौबा करली tābū
उन्होंने तौबा करली
مِنۢ after min
after
بَعْدِ बाद baʿdi
बाद
ذَٰلِكَ इसके dhālika
इसके
وَأَصْلَحُوٓا۟ और उन्होंने इस्लाह करली wa-aṣlaḥū
और उन्होंने इस्लाह करली
إِنَّ बेशक inna
बेशक
رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका
مِنۢ after that min
after that
بَعْدِهَا बाद इसके baʿdihā
बाद इसके
لَغَفُورٌۭ अलबत्ता बहुत बख़्शने वाला है laghafūrun
अलबत्ता बहुत बख़्शने वाला है
رَّحِيمٌ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है
١١٩ (119)
(119)
फिर निःसंदेह आपका पालनहार उन लोगों के लिए, जो अज्ञानतावश बुराई कर बैठे, फिर उसके बाद तौबा कर ली और अपना सुधार कर लिया, तो निश्चय ही आपका पालनहार इसके बाद अति क्षमाशील, बड़ा दयावान् है।
१६:१२०
إِنَّ बेशक inna
बेशक
إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम ib'rāhīma
इब्राहीम
كَانَ था kāna
था
أُمَّةًۭ एक उम्मत ummatan
एक उम्मत
قَانِتًۭا मुतीअ/फ़रमाबरदार qānitan
मुतीअ/फ़रमाबरदार
لِّلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए
حَنِيفًۭا यकसू ḥanīfan
यकसू
وَلَمْ और ना walam
और ना
يَكُ था वो yaku
था वो
مِنَ of mina
of
ٱلْمُشْرِكِينَ मुशरिकीन में से l-mush'rikīna
मुशरिकीन में से
١٢٠ (120)
(120)
निःसंदेह इबराहीम एक समुदाय1 थे। वह अल्लाह के आज्ञाकारी, उसकी ओर एकाग्र थे। और बहुदेववादियों (मुश्रिकों) में से नहीं थे।
१६:१२१
شَاكِرًۭا शुक्र गुज़ार था shākiran
शुक्र गुज़ार था
لِّأَنْعُمِهِ ۚ उसकी नेअमतों पर li-anʿumihi
उसकी नेअमतों पर
ٱجْتَبَىٰهُ उसने चुन लिया उसे ij'tabāhu
उसने चुन लिया उसे
وَهَدَىٰهُ और उसने हिदायत दी उसे wahadāhu
और उसने हिदायत दी उसे
إِلَىٰ to ilā
to
صِرَٰطٍۢ तरफ़ रास्ते ṣirāṭin
तरफ़ रास्ते
مُّسْتَقِيمٍۢ सीधे के mus'taqīmin
सीधे के
١٢١ (121)
(121)
वह उसके अनुग्रहों के प्रति आभार प्रकट करने वाले थे। उस (अल्लाह) ने उन्हें चुन लिया और सीधे रास्ते की ओर उनका मार्गदर्शन किया।
१६:१२२
وَءَاتَيْنَـٰهُ और दी हमने उसे waātaynāhu
और दी हमने उसे
فِى in
in
ٱلدُّنْيَا दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में
حَسَنَةًۭ ۖ भलाई ḥasanatan
भलाई
وَإِنَّهُۥ और बेशक वो wa-innahu
और बेशक वो
فِى in
in
ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत में l-ākhirati
आख़िरत में
لَمِنَ (he) will surely (be) among lamina
(he) will surely (be) among
ٱلصَّـٰلِحِينَ अलबत्ता सालिहीन में से है l-ṣāliḥīna
अलबत्ता सालिहीन में से है
١٢٢ (122)
(122)
और हमने उन्हें संसार में भलाई प्रदान की और निःसंदेह वह आख़िरत में भी निश्चय सदाचारियों में से हैं।
१६:१२३
ثُمَّ फिर thumma
फिर
أَوْحَيْنَآ वही की हमने awḥaynā
वही की हमने
إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके
أَنِ कि ani
कि
ٱتَّبِعْ पैरवी कीजिए ittabiʿ
पैरवी कीजिए
مِلَّةَ तरीक़े की millata
तरीक़े की
إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम के ib'rāhīma
इब्राहीम के
حَنِيفًۭا ۖ जो यकसू था ḥanīfan
जो यकसू था
وَمَا और ना wamā
और ना
كَانَ था वो kāna
था वो
مِنَ of mina
of
ٱلْمُشْرِكِينَ मुशरिकीन में से l-mush'rikīna
मुशरिकीन में से
١٢٣ (123)
(123)
फिर हमने (ऐ नबी!) आपकी ओर वह़्य की कि इबराहीम के धर्म का अनुसरण करें जो (एक अल्लाह की ओर) एकाग्र थे और वह बहुदेववादियों में से न थे।
१६:१२४
إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक
جُعِلَ फ़र्ज़ किया गया juʿila
फ़र्ज़ किया गया
ٱلسَّبْتُ हफ़्ते का दिन l-sabtu
हफ़्ते का दिन
عَلَى for ʿalā
for
ٱلَّذِينَ उन लोगों पर alladhīna
उन लोगों पर
ٱخْتَلَفُوا۟ जिन्होंने इख़्तिलाफ़ किया ikh'talafū
जिन्होंने इख़्तिलाफ़ किया
فِيهِ ۚ उसमें fīhi
उसमें
وَإِنَّ औ बेशक wa-inna
औ बेशक
رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका
لَيَحْكُمُ अलबत्ता वो फ़ैसला करेगा layaḥkumu
अलबत्ता वो फ़ैसला करेगा
بَيْنَهُمْ दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके
يَوْمَ दिन yawma
दिन
ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के
فِيمَا उसमें जो fīmā
उसमें जो
كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो
فِيهِ जिसमें fīhi
जिसमें
يَخْتَلِفُونَ वो इख़्तिलाफ़ करते yakhtalifūna
वो इख़्तिलाफ़ करते
١٢٤ (124)
(124)
सब्त' (शनिवार के दिन का सम्मान)1 तो केवल उन लोगों पर अनिवार्य किया गया, जिन्होंने उसके विषय में मतभेद किया। और निःसंदेह आपका पालनहार उनके बीच क़ियामत के दिन निश्चय उस विषय में फ़ैसला करेगा, जिसमें वे मतभेद किया करते थे।
१६:१२५
ٱدْعُ दावत दीजिए ud'ʿu
दावत दीजिए
إِلَىٰ to ilā
to
سَبِيلِ तरफ़ रास्ते के sabīli
तरफ़ रास्ते के
رَبِّكَ अपने रब के rabbika
अपने रब के
بِٱلْحِكْمَةِ साथ हिकमत के bil-ḥik'mati
साथ हिकमत के
وَٱلْمَوْعِظَةِ और नसीहत के wal-mawʿiẓati
और नसीहत के
ٱلْحَسَنَةِ ۖ जो अच्छी हो l-ḥasanati
जो अच्छी हो
وَجَـٰدِلْهُم और बहस कीजिए उनसे wajādil'hum
और बहस कीजिए उनसे
بِٱلَّتِى साथ उस तरीक़े के bi-allatī
साथ उस तरीक़े के
هِىَ वो जो hiya
वो जो
أَحْسَنُ ۚ बेहतरीन है aḥsanu
बेहतरीन है
إِنَّ बेशक inna
बेशक
رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका
هُوَ वो huwa
वो
أَعْلَمُ ख़ूब जानता है aʿlamu
ख़ूब जानता है
بِمَن उसे जो biman
उसे जो
ضَلَّ भटक गया ḍalla
भटक गया
عَن from ʿan
from
سَبِيلِهِۦ ۖ उसके रास्ते से sabīlihi
उसके रास्ते से
وَهُوَ और वो wahuwa
और वो
أَعْلَمُ ख़ूब जानता है aʿlamu
ख़ूब जानता है
بِٱلْمُهْتَدِينَ हिदायत याफ़्ता को bil-muh'tadīna
हिदायत याफ़्ता को
١٢٥ (125)
(125)
(ऐ नबी!) आप उन्हें अपने पालनहार के मार्ग (इस्लाम) की ओर हिकमत तथा सदुपदेश के साथ बुलाएँ और उनसे ऐसे ढंग से वाद-विवाद करें, जो सबसे उत्तम है। निःसंदेह आपका पालनहार उसे सबसे अधिक जानने वाला है, जो उसके मार्ग से भटक गया और वही सीधे मार्ग पर चलने वालों को भी अधिक जानने वाला है।
१६:१२६
وَإِنْ और अगर wa-in
और अगर
عَاقَبْتُمْ बदला लो तुम ʿāqabtum
बदला लो तुम
فَعَاقِبُوا۟ तो बदला लो faʿāqibū
तो बदला लो
بِمِثْلِ मानिन्द bimith'li
मानिन्द
مَا उसके जो
उसके जो
عُوقِبْتُم तकलीफ़ दिए गए तुम ʿūqib'tum
तकलीफ़ दिए गए तुम
بِهِۦ ۖ साथ जिसके bihi
साथ जिसके
وَلَئِن और अलबत्ता अगर wala-in
और अलबत्ता अगर
صَبَرْتُمْ सब्र करो तुम ṣabartum
सब्र करो तुम
لَهُوَ अलबत्ता वो lahuwa
अलबत्ता वो
خَيْرٌۭ बहतर है khayrun
बहतर है
لِّلصَّـٰبِرِينَ सब्र करने वालों के लिए lilṣṣābirīna
सब्र करने वालों के लिए
١٢٦ (126)
(126)
और यदि तुम बदला लो, तो उतना ही बदला लो जितना तुम्हें कष्ट पहुँचाया गया है। और निःसंदेह यदि तुम सब्र करो तो निश्चय वह सब्र करने वालों के लिए बेहतर है।
१६:१२७
وَٱصْبِرْ और सब्र कीजिए wa-iṣ'bir
और सब्र कीजिए
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
صَبْرُكَ सब्र आपका ṣabruka
सब्र आपका
إِلَّا मगर illā
मगर
بِٱللَّهِ ۚ साथ अल्लाह (की तोफ़ीक़) के bil-lahi
साथ अल्लाह (की तोफ़ीक़) के
وَلَا और ना walā
और ना
تَحْزَنْ आप ग़म कीजिए taḥzan
आप ग़म कीजिए
عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर
وَلَا और ना walā
और ना
تَكُ आप हों taku
आप हों
فِى in
in
ضَيْقٍۢ घुटन/तंगी में ḍayqin
घुटन/तंगी में
مِّمَّا उससे जो mimmā
उससे जो
يَمْكُرُونَ वो चालें चल रहे हैं yamkurūna
वो चालें चल रहे हैं
١٢٧ (127)
(127)
और (ऐ नबी!) आप सब्र करें। और आपका सब्र करना अल्लाह ही की तौफ़ीक़ से है। और उन पर शोक न करें तथा वे जो चालें चल रहे हैं, उनसे आप का दिल तंग न हो।
१६:१२८
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
مَعَ साथ है maʿa
साथ है
ٱلَّذِينَ उनके जो alladhīna
उनके जो
ٱتَّقَوا۟ तक़वा करें ittaqaw
तक़वा करें
وَّٱلَّذِينَ और वो लोग जो wa-alladhīna
और वो लोग जो
هُم वो hum
वो
مُّحْسِنُونَ एहसान करने वाले हैं muḥ'sinūna
एहसान करने वाले हैं
١٢٨ (128)
(128)
निःसंदेह अल्लाह उन लोगों के साथ है, जो उससे डरते हैं और जो उत्तम कार्य करने वाले हैं।