१७
अल-इसरा
الإسراء
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
१७:१
سُبْحَـٰنَ
पाक है
sub'ḥāna
पाक है ٱلَّذِىٓ वो जो alladhī
वो जो أَسْرَىٰ ले गया asrā
ले गया بِعَبْدِهِۦ अपने बन्दे को biʿabdihi
अपने बन्दे को لَيْلًۭا रात के एक हिस्से में laylan
रात के एक हिस्से में مِّنَ from mina
from ٱلْمَسْجِدِ Al-Masjid Al-Haraam l-masjidi
Al-Masjid Al-Haraam ٱلْحَرَامِ मस्जिदे हराम से l-ḥarāmi
मस्जिदे हराम से إِلَى तरफ़ ilā
तरफ़ ٱلْمَسْجِدِ Al-Masjid Al-Aqsa l-masjidi
Al-Masjid Al-Aqsa ٱلْأَقْصَا मस्जिदे अक़्सा के l-aqṣā
मस्जिदे अक़्सा के ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो بَـٰرَكْنَا बरकत दी हमने bāraknā
बरकत दी हमने حَوْلَهُۥ उसके इर्द-गिर्द को ḥawlahu
उसके इर्द-गिर्द को لِنُرِيَهُۥ ताकि हम दिखाऐं उसे linuriyahu
ताकि हम दिखाऐं उसे مِنْ of min
of ءَايَـٰتِنَآ ۚ अपनी निशानियों में से āyātinā
अपनी निशानियों में से إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो هُوَ वो ही है huwa
वो ही है ٱلسَّمِيعُ ख़ूब सुनने वाला l-samīʿu
ख़ूब सुनने वाला ٱلْبَصِيرُ ख़ूब देखने वाला l-baṣīru
ख़ूब देखने वाला ١ (1)
(1)
पाक है ٱلَّذِىٓ वो जो alladhī
वो जो أَسْرَىٰ ले गया asrā
ले गया بِعَبْدِهِۦ अपने बन्दे को biʿabdihi
अपने बन्दे को لَيْلًۭا रात के एक हिस्से में laylan
रात के एक हिस्से में مِّنَ from mina
from ٱلْمَسْجِدِ Al-Masjid Al-Haraam l-masjidi
Al-Masjid Al-Haraam ٱلْحَرَامِ मस्जिदे हराम से l-ḥarāmi
मस्जिदे हराम से إِلَى तरफ़ ilā
तरफ़ ٱلْمَسْجِدِ Al-Masjid Al-Aqsa l-masjidi
Al-Masjid Al-Aqsa ٱلْأَقْصَا मस्जिदे अक़्सा के l-aqṣā
मस्जिदे अक़्सा के ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो بَـٰرَكْنَا बरकत दी हमने bāraknā
बरकत दी हमने حَوْلَهُۥ उसके इर्द-गिर्द को ḥawlahu
उसके इर्द-गिर्द को لِنُرِيَهُۥ ताकि हम दिखाऐं उसे linuriyahu
ताकि हम दिखाऐं उसे مِنْ of min
of ءَايَـٰتِنَآ ۚ अपनी निशानियों में से āyātinā
अपनी निशानियों में से إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो هُوَ वो ही है huwa
वो ही है ٱلسَّمِيعُ ख़ूब सुनने वाला l-samīʿu
ख़ूब सुनने वाला ٱلْبَصِيرُ ख़ूब देखने वाला l-baṣīru
ख़ूब देखने वाला ١ (1)
(1)
पवित्र है वह (अल्लाह) जो अपने बंदे1 को रातों-रात मस्जिदे-हराम (काबा) से मस्जिदे-अक़सा तक ले गया, जिसके चारों ओर हमने बरकत रखी है। ताकि हम उसे अपनी कुछ निशानियाँ दिखाएँ। निःसंदेह वह सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ देखने वाला है।
१७:२
وَءَاتَيْنَا
और दी हमने
waātaynā
और दी हमने مُوسَى मूसा को mūsā
मूसा को ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब وَجَعَلْنَـٰهُ और बनाया हमने उसे wajaʿalnāhu
और बनाया हमने उसे هُدًۭى हिदायत का ज़रिया hudan
हिदायत का ज़रिया لِّبَنِىٓ for the Children libanī
for the Children إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल के लिए is'rāīla
बनी इस्राईल के लिए أَلَّا कि ना allā
कि ना تَتَّخِذُوا۟ तुम बनाओ tattakhidhū
तुम बनाओ مِن other than Me min
other than Me دُونِى मेरे सिवा dūnī
मेरे सिवा وَكِيلًۭا कोई कारसाज़ wakīlan
कोई कारसाज़ ٢ (2)
(2)
और दी हमने مُوسَى मूसा को mūsā
मूसा को ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब وَجَعَلْنَـٰهُ और बनाया हमने उसे wajaʿalnāhu
और बनाया हमने उसे هُدًۭى हिदायत का ज़रिया hudan
हिदायत का ज़रिया لِّبَنِىٓ for the Children libanī
for the Children إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल के लिए is'rāīla
बनी इस्राईल के लिए أَلَّا कि ना allā
कि ना تَتَّخِذُوا۟ तुम बनाओ tattakhidhū
तुम बनाओ مِن other than Me min
other than Me دُونِى मेरे सिवा dūnī
मेरे सिवा وَكِيلًۭا कोई कारसाज़ wakīlan
कोई कारसाज़ ٢ (2)
(2)
और हमने मूसा को पुस्तक प्रदान की और उसे बनी इसराईल के लिए मार्गदर्शन का साधन बनाया कि मेरे सिवा किसी को कार्यसाधक1 न बनाओ।
१७:३
ذُرِّيَّةَ
(ऐ) औलाद
dhurriyyata
(ऐ) औलाद مَنْ उनकी जिन्हें man
उनकी जिन्हें حَمَلْنَا सवार किया हमने ḥamalnā
सवार किया हमने مَعَ with maʿa
with نُوحٍ ۚ साथ नूह के nūḥin
साथ नूह के إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो كَانَ था वो kāna
था वो عَبْدًۭا बन्दा ʿabdan
बन्दा شَكُورًۭا शुक्र गुज़ार shakūran
शुक्र गुज़ार ٣ (3)
(3)
(ऐ) औलाद مَنْ उनकी जिन्हें man
उनकी जिन्हें حَمَلْنَا सवार किया हमने ḥamalnā
सवार किया हमने مَعَ with maʿa
with نُوحٍ ۚ साथ नूह के nūḥin
साथ नूह के إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो كَانَ था वो kāna
था वो عَبْدًۭا बन्दा ʿabdan
बन्दा شَكُورًۭا शुक्र गुज़ार shakūran
शुक्र गुज़ार ٣ (3)
(3)
ऐ उनकी संतति जिन्हें हमने नूह़ के साथ (नौका) में सवार किया था! निःसंदेह वह बहुत आभार1 प्रकट करने वाला बंदा था।
१७:४
وَقَضَيْنَآ
और फ़ैसला सुना दिया हमने
waqaḍaynā
और फ़ैसला सुना दिया हमने إِلَىٰ for ilā
for بَنِىٓ (the) Children banī
(the) Children إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल को is'rāīla
बनी इस्राईल को فِى in fī
in ٱلْكِتَـٰبِ किताब में l-kitābi
किताब में لَتُفْسِدُنَّ अलबत्ता तुम ज़रूर फ़साद करोगे latuf'sidunna
अलबत्ता तुम ज़रूर फ़साद करोगे فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में مَرَّتَيْنِ दो बार marratayni
दो बार وَلَتَعْلُنَّ और अलबत्ता तुम ज़रूर सरकशी करोगे walataʿlunna
और अलबत्ता तुम ज़रूर सरकशी करोगे عُلُوًّۭا सरकशी ʿuluwwan
सरकशी كَبِيرًۭا बहुत बड़ी kabīran
बहुत बड़ी ٤ (4)
(4)
और फ़ैसला सुना दिया हमने إِلَىٰ for ilā
for بَنِىٓ (the) Children banī
(the) Children إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल को is'rāīla
बनी इस्राईल को فِى in fī
in ٱلْكِتَـٰبِ किताब में l-kitābi
किताब में لَتُفْسِدُنَّ अलबत्ता तुम ज़रूर फ़साद करोगे latuf'sidunna
अलबत्ता तुम ज़रूर फ़साद करोगे فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में مَرَّتَيْنِ दो बार marratayni
दो बार وَلَتَعْلُنَّ और अलबत्ता तुम ज़रूर सरकशी करोगे walataʿlunna
और अलबत्ता तुम ज़रूर सरकशी करोगे عُلُوًّۭا सरकशी ʿuluwwan
सरकशी كَبِيرًۭا बहुत बड़ी kabīran
बहुत बड़ी ٤ (4)
(4)
और हमने बनी इसराईल को उनकी पुस्तक में सूचित कर दिया था कि तुम इस धरती1 में दो बार उपद्रव करोगे और बड़ी सरकशी करोगे।
१७:५
فَإِذَا
फिर जब
fa-idhā
फिर जब جَآءَ आ गया jāa
आ गया وَعْدُ वादा waʿdu
वादा أُولَىٰهُمَا उन दोनों में से पहला ūlāhumā
उन दोनों में से पहला بَعَثْنَا भेजा हमने baʿathnā
भेजा हमने عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर عِبَادًۭا servants ʿibādan
servants لَّنَآ अपने बन्दों को lanā
अपने बन्दों को أُو۟لِى those of great military might ulī
those of great military might بَأْسٍۢ लड़ाई वाले basin
लड़ाई वाले شَدِيدٍۢ शदीद shadīdin
शदीद فَجَاسُوا۟ तो वो घुस गए fajāsū
तो वो घुस गए خِلَـٰلَ अन्दर khilāla
अन्दर ٱلدِّيَارِ ۚ शहरों/घरों के l-diyāri
शहरों/घरों के وَكَانَ और था वो wakāna
और था वो وَعْدًۭا एक वादा waʿdan
एक वादा مَّفْعُولًۭا होकर रहने वाला mafʿūlan
होकर रहने वाला ٥ (5)
(5)
फिर जब جَآءَ आ गया jāa
आ गया وَعْدُ वादा waʿdu
वादा أُولَىٰهُمَا उन दोनों में से पहला ūlāhumā
उन दोनों में से पहला بَعَثْنَا भेजा हमने baʿathnā
भेजा हमने عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर عِبَادًۭا servants ʿibādan
servants لَّنَآ अपने बन्दों को lanā
अपने बन्दों को أُو۟لِى those of great military might ulī
those of great military might بَأْسٍۢ लड़ाई वाले basin
लड़ाई वाले شَدِيدٍۢ शदीद shadīdin
शदीद فَجَاسُوا۟ तो वो घुस गए fajāsū
तो वो घुस गए خِلَـٰلَ अन्दर khilāla
अन्दर ٱلدِّيَارِ ۚ शहरों/घरों के l-diyāri
शहरों/घरों के وَكَانَ और था वो wakāna
और था वो وَعْدًۭا एक वादा waʿdan
एक वादा مَّفْعُولًۭا होकर रहने वाला mafʿūlan
होकर रहने वाला ٥ (5)
(5)
तो जब उनमें से प्रथम (उपद्रव) का समय आया, तो हमने तुमपर अपने शक्तिशाली बंदों को भेज दिया, जो घरों के अंदर तक फैल गए। और यह वादा तो पूरा होना1 ही था।
१७:६
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर رَدَدْنَا लौटा दी हमने radadnā
लौटा दी हमने لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلْكَرَّةَ बारी l-karata
बारी عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर وَأَمْدَدْنَـٰكُم और मदद दी हमने तुम्हें wa-amdadnākum
और मदद दी हमने तुम्हें بِأَمْوَٰلٍۢ साथ मालों bi-amwālin
साथ मालों وَبَنِينَ और बेटों के wabanīna
और बेटों के وَجَعَلْنَـٰكُمْ और कर दिया हमने तुम्हें wajaʿalnākum
और कर दिया हमने तुम्हें أَكْثَرَ ज़्यादा akthara
ज़्यादा نَفِيرًا नफ़री/तादाद में nafīran
नफ़री/तादाद में ٦ (6)
(6)
फिर رَدَدْنَا लौटा दी हमने radadnā
लौटा दी हमने لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلْكَرَّةَ बारी l-karata
बारी عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर وَأَمْدَدْنَـٰكُم और मदद दी हमने तुम्हें wa-amdadnākum
और मदद दी हमने तुम्हें بِأَمْوَٰلٍۢ साथ मालों bi-amwālin
साथ मालों وَبَنِينَ और बेटों के wabanīna
और बेटों के وَجَعَلْنَـٰكُمْ और कर दिया हमने तुम्हें wajaʿalnākum
और कर दिया हमने तुम्हें أَكْثَرَ ज़्यादा akthara
ज़्यादा نَفِيرًا नफ़री/तादाद में nafīran
नफ़री/तादाद में ٦ (6)
(6)
फिर हमने तुम्हें पुनः उनपर प्रभुत्व प्रदान किया। तथा धनों और पुत्रों से तुम्हारी सहायता की। और तुम्हारी संख्या बहुत अधिक कर दी।
१७:७
إِنْ
अगर
in
अगर أَحْسَنتُمْ भलाई की तुमने aḥsantum
भलाई की तुमने أَحْسَنتُمْ भलाई की तुमने aḥsantum
भलाई की तुमने لِأَنفُسِكُمْ ۖ अपने नफ़्सों के लिए li-anfusikum
अपने नफ़्सों के लिए وَإِنْ और अगर wa-in
और अगर أَسَأْتُمْ बुरा किया तुमने asatum
बुरा किया तुमने فَلَهَا ۚ तो अपने ही लिए है falahā
तो अपने ही लिए है فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब جَآءَ आ जाएगा jāa
आ जाएगा وَعْدُ वादा waʿdu
वादा ٱلْـَٔاخِرَةِ दूसरी (बारी का) l-ākhirati
दूसरी (बारी का) لِيَسُـۥٓـُٔوا۟ ताकि वो बिगाड़ दें liyasūū
ताकि वो बिगाड़ दें وُجُوهَكُمْ चेहरे तुम्हारे wujūhakum
चेहरे तुम्हारे وَلِيَدْخُلُوا۟ और ताकि वो दाख़िल हों waliyadkhulū
और ताकि वो दाख़िल हों ٱلْمَسْجِدَ मस्जिद में l-masjida
मस्जिद में كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि دَخَلُوهُ वो दाख़िल हुए थे उसमें dakhalūhu
वो दाख़िल हुए थे उसमें أَوَّلَ पहली awwala
पहली مَرَّةٍۢ बार marratin
बार وَلِيُتَبِّرُوا۟ और ताकि वो तबाह कर दें waliyutabbirū
और ताकि वो तबाह कर दें مَا जिस पर mā
जिस पर عَلَوْا۟ वो ग़लबा पाऐं ʿalaw
वो ग़लबा पाऐं تَتْبِيرًا बुरी तरह तबाह करना tatbīran
बुरी तरह तबाह करना ٧ (7)
(7)
अगर أَحْسَنتُمْ भलाई की तुमने aḥsantum
भलाई की तुमने أَحْسَنتُمْ भलाई की तुमने aḥsantum
भलाई की तुमने لِأَنفُسِكُمْ ۖ अपने नफ़्सों के लिए li-anfusikum
अपने नफ़्सों के लिए وَإِنْ और अगर wa-in
और अगर أَسَأْتُمْ बुरा किया तुमने asatum
बुरा किया तुमने فَلَهَا ۚ तो अपने ही लिए है falahā
तो अपने ही लिए है فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब جَآءَ आ जाएगा jāa
आ जाएगा وَعْدُ वादा waʿdu
वादा ٱلْـَٔاخِرَةِ दूसरी (बारी का) l-ākhirati
दूसरी (बारी का) لِيَسُـۥٓـُٔوا۟ ताकि वो बिगाड़ दें liyasūū
ताकि वो बिगाड़ दें وُجُوهَكُمْ चेहरे तुम्हारे wujūhakum
चेहरे तुम्हारे وَلِيَدْخُلُوا۟ और ताकि वो दाख़िल हों waliyadkhulū
और ताकि वो दाख़िल हों ٱلْمَسْجِدَ मस्जिद में l-masjida
मस्जिद में كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि دَخَلُوهُ वो दाख़िल हुए थे उसमें dakhalūhu
वो दाख़िल हुए थे उसमें أَوَّلَ पहली awwala
पहली مَرَّةٍۢ बार marratin
बार وَلِيُتَبِّرُوا۟ और ताकि वो तबाह कर दें waliyutabbirū
और ताकि वो तबाह कर दें مَا जिस पर mā
जिस पर عَلَوْا۟ वो ग़लबा पाऐं ʿalaw
वो ग़लबा पाऐं تَتْبِيرًا बुरी तरह तबाह करना tatbīran
बुरी तरह तबाह करना ٧ (7)
(7)
यदि तुम भला करोगे, तो अपने ही लिए भला करोगे, और यदि तुम बुरा करोगे, तो अपने ही लिए (बुरा करोगे)। फिर जब दूसरे (उपद्रव) का समय आया (तो हमने तुम्हारे शत्रुओं को तुमपर हावी कर दिया) ताकि तुम्हें अपमानित करें और मस्जिद (अक़सा) में उसी तरह घुस जाएँ, जैसे प्रथम बार घुसे थे, और ताकि जो भी उनके हाथ आए, उसे पूर्ण रूप से नाश1 कर दें।
१७:८
عَسَىٰ
उम्मीद है
ʿasā
उम्मीद है رَبُّكُمْ रब तुम्हारा rabbukum
रब तुम्हारा أَن कि an
कि يَرْحَمَكُمْ ۚ वो रहम करे तुम पर yarḥamakum
वो रहम करे तुम पर وَإِنْ ओर अगर wa-in
ओर अगर عُدتُّمْ लौटोगे तुम ʿudttum
लौटोगे तुम عُدْنَا ۘ लौटेंगे हम ʿud'nā
लौटेंगे हम وَجَعَلْنَا और बनाया हमने wajaʿalnā
और बनाया हमने جَهَنَّمَ जहन्नम को jahannama
जहन्नम को لِلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों के लिए lil'kāfirīna
काफ़िरों के लिए حَصِيرًا क़ैद ख़ाना ḥaṣīran
क़ैद ख़ाना ٨ (8)
(8)
उम्मीद है رَبُّكُمْ रब तुम्हारा rabbukum
रब तुम्हारा أَن कि an
कि يَرْحَمَكُمْ ۚ वो रहम करे तुम पर yarḥamakum
वो रहम करे तुम पर وَإِنْ ओर अगर wa-in
ओर अगर عُدتُّمْ लौटोगे तुम ʿudttum
लौटोगे तुम عُدْنَا ۘ लौटेंगे हम ʿud'nā
लौटेंगे हम وَجَعَلْنَا और बनाया हमने wajaʿalnā
और बनाया हमने جَهَنَّمَ जहन्नम को jahannama
जहन्नम को لِلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों के लिए lil'kāfirīna
काफ़िरों के लिए حَصِيرًا क़ैद ख़ाना ḥaṣīran
क़ैद ख़ाना ٨ (8)
(8)
संभव है कि तुम्हारा पालनहार तुमपर दया करे। और यदि तुम दोबारा (उत्पात) करोगे, तो हम भी दोबारा1 (दंडित) करेंगे। और हमने जहन्नम को काफ़िरों के लिए कारागार बना दिया है।
१७:९
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक هَـٰذَا ये hādhā
ये ٱلْقُرْءَانَ क़ुरआन l-qur'āna
क़ुरआन يَهْدِى वो रहनुमाई करता है yahdī
वो रहनुमाई करता है لِلَّتِى उस (राह) के लिए lillatī
उस (राह) के लिए هِىَ वो (जो) hiya
वो (जो) أَقْوَمُ सबसे ज़्यादा सीधी है aqwamu
सबसे ज़्यादा सीधी है وَيُبَشِّرُ और वो ख़ुशख़बरी देता है wayubashiru
और वो ख़ुशख़बरी देता है ٱلْمُؤْمِنِينَ ईमान वालों को l-mu'minīna
ईमान वालों को ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो يَعْمَلُونَ अमल करते हैं yaʿmalūna
अमल करते हैं ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक أَنَّ बेशक anna
बेशक لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए أَجْرًۭا अजर है ajran
अजर है كَبِيرًۭا बहुत बड़ा kabīran
बहुत बड़ा ٩ (9)
(9)
बेशक هَـٰذَا ये hādhā
ये ٱلْقُرْءَانَ क़ुरआन l-qur'āna
क़ुरआन يَهْدِى वो रहनुमाई करता है yahdī
वो रहनुमाई करता है لِلَّتِى उस (राह) के लिए lillatī
उस (राह) के लिए هِىَ वो (जो) hiya
वो (जो) أَقْوَمُ सबसे ज़्यादा सीधी है aqwamu
सबसे ज़्यादा सीधी है وَيُبَشِّرُ और वो ख़ुशख़बरी देता है wayubashiru
और वो ख़ुशख़बरी देता है ٱلْمُؤْمِنِينَ ईमान वालों को l-mu'minīna
ईमान वालों को ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो يَعْمَلُونَ अमल करते हैं yaʿmalūna
अमल करते हैं ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक أَنَّ बेशक anna
बेशक لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए أَجْرًۭا अजर है ajran
अजर है كَبِيرًۭا बहुत बड़ा kabīran
बहुत बड़ा ٩ (9)
(9)
निःसंदेह यह क़ुरआन वह मार्ग दिखाता है, जो सबसे सीधा है और उन ईमान वालों को, जो अच्छे कर्म करते हैं, शुभ सूचना देता है कि उनके लिए बड़ा बदला है।
१७:१०
وَأَنَّ
और बेशक
wa-anna
और बेशक ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो لَا (do) not lā
(do) not يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाते yu'minūna
नहीं वो ईमान लाते بِٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत पर bil-ākhirati
आख़िरत पर أَعْتَدْنَا तैयार कर रखा है हमने aʿtadnā
तैयार कर रखा है हमने لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए عَذَابًا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब أَلِيمًۭا दर्दनाक alīman
दर्दनाक ١٠ (10)
(10)
और बेशक ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो لَا (do) not lā
(do) not يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाते yu'minūna
नहीं वो ईमान लाते بِٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत पर bil-ākhirati
आख़िरत पर أَعْتَدْنَا तैयार कर रखा है हमने aʿtadnā
तैयार कर रखा है हमने لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए عَذَابًا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब أَلِيمًۭا दर्दनाक alīman
दर्दनाक ١٠ (10)
(10)
और जो लोग आख़िरत (परलोक) पर ईमान नहीं रखते, हमने उनके लिए दुःखदायी यातना तैयार कर रखी है।
१७:११
وَيَدْعُ
और दुआ करता है
wayadʿu
और दुआ करता है ٱلْإِنسَـٰنُ इन्सान l-insānu
इन्सान بِٱلشَّرِّ शर/बुराई की bil-shari
शर/बुराई की دُعَآءَهُۥ (जैसा) दुआ करना उसका duʿāahu
(जैसा) दुआ करना उसका بِٱلْخَيْرِ ۖ ख़ैर/भलाई की bil-khayri
ख़ैर/भलाई की وَكَانَ और है wakāna
और है ٱلْإِنسَـٰنُ इन्सान l-insānu
इन्सान عَجُولًۭا बहुत जल्द बाज़ ʿajūlan
बहुत जल्द बाज़ ١١ (11)
(11)
और दुआ करता है ٱلْإِنسَـٰنُ इन्सान l-insānu
इन्सान بِٱلشَّرِّ शर/बुराई की bil-shari
शर/बुराई की دُعَآءَهُۥ (जैसा) दुआ करना उसका duʿāahu
(जैसा) दुआ करना उसका بِٱلْخَيْرِ ۖ ख़ैर/भलाई की bil-khayri
ख़ैर/भलाई की وَكَانَ और है wakāna
और है ٱلْإِنسَـٰنُ इन्सान l-insānu
इन्सान عَجُولًۭا बहुत जल्द बाज़ ʿajūlan
बहुत जल्द बाज़ ١١ (11)
(11)
और मनुष्य उसी प्रकार बुराई की दुआ माँगता1 है, जैसे वह भलाई की दुआ माँगता है। और मनुष्य बड़ा ही जल्दबाज़ है।
१७:१२
وَجَعَلْنَا
और बनाया हमने
wajaʿalnā
और बनाया हमने ٱلَّيْلَ रात al-layla
रात وَٱلنَّهَارَ और दिन को wal-nahāra
और दिन को ءَايَتَيْنِ ۖ दो निशानियाँ āyatayni
दो निशानियाँ فَمَحَوْنَآ तो मिटा दी हमने famaḥawnā
तो मिटा दी हमने ءَايَةَ निशानी āyata
निशानी ٱلَّيْلِ रात की al-layli
रात की وَجَعَلْنَآ और बनाई हमने wajaʿalnā
और बनाई हमने ءَايَةَ निशानी āyata
निशानी ٱلنَّهَارِ दिन की l-nahāri
दिन की مُبْصِرَةًۭ रौशन mub'ṣiratan
रौशन لِّتَبْتَغُوا۟ ताकि तुम तलाश करो litabtaghū
ताकि तुम तलाश करो فَضْلًۭا फ़ज़ल faḍlan
फ़ज़ल مِّن from min
from رَّبِّكُمْ अपने रब का rabbikum
अपने रब का وَلِتَعْلَمُوا۟ और ताकि तुम जान लो walitaʿlamū
और ताकि तुम जान लो عَدَدَ गिनती ʿadada
गिनती ٱلسِّنِينَ सालों की l-sinīna
सालों की وَٱلْحِسَابَ ۚ और हिसाब wal-ḥisāba
और हिसाब وَكُلَّ और हर wakulla
और हर شَىْءٍۢ चीज़ को shayin
चीज़ को فَصَّلْنَـٰهُ खोल कर बयान किया हमने उसे faṣṣalnāhu
खोल कर बयान किया हमने उसे تَفْصِيلًۭا खोल कर बयान करना tafṣīlan
खोल कर बयान करना ١٢ (12)
(12)
और बनाया हमने ٱلَّيْلَ रात al-layla
रात وَٱلنَّهَارَ और दिन को wal-nahāra
और दिन को ءَايَتَيْنِ ۖ दो निशानियाँ āyatayni
दो निशानियाँ فَمَحَوْنَآ तो मिटा दी हमने famaḥawnā
तो मिटा दी हमने ءَايَةَ निशानी āyata
निशानी ٱلَّيْلِ रात की al-layli
रात की وَجَعَلْنَآ और बनाई हमने wajaʿalnā
और बनाई हमने ءَايَةَ निशानी āyata
निशानी ٱلنَّهَارِ दिन की l-nahāri
दिन की مُبْصِرَةًۭ रौशन mub'ṣiratan
रौशन لِّتَبْتَغُوا۟ ताकि तुम तलाश करो litabtaghū
ताकि तुम तलाश करो فَضْلًۭا फ़ज़ल faḍlan
फ़ज़ल مِّن from min
from رَّبِّكُمْ अपने रब का rabbikum
अपने रब का وَلِتَعْلَمُوا۟ और ताकि तुम जान लो walitaʿlamū
और ताकि तुम जान लो عَدَدَ गिनती ʿadada
गिनती ٱلسِّنِينَ सालों की l-sinīna
सालों की وَٱلْحِسَابَ ۚ और हिसाब wal-ḥisāba
और हिसाब وَكُلَّ और हर wakulla
और हर شَىْءٍۢ चीज़ को shayin
चीज़ को فَصَّلْنَـٰهُ खोल कर बयान किया हमने उसे faṣṣalnāhu
खोल कर बयान किया हमने उसे تَفْصِيلًۭا खोल कर बयान करना tafṣīlan
खोल कर बयान करना ١٢ (12)
(12)
और हमने रात तथा दिन को दो निशानियाँ बनाया। फिर हमने रात की निशानी को मिटा दिया (प्रकाशहीन कर दिया) तथा दिन की निशानी को प्रकाशमान बनाया। ताकि तुम अपने पालनहार का अनुग्रह (रोज़ी) तलाश करो और ताकि तुम वर्षों की गणना और हिसाब मालूम कर सको। तथा हमने प्रत्येक चीज़ का विस्तार के साथ वर्णन कर दिया है।
१७:१३
وَكُلَّ
और हर
wakulla
और हर إِنسَـٰنٍ इन्सान को insānin
इन्सान को أَلْزَمْنَـٰهُ लाज़िम कर दिया हमने उसको alzamnāhu
लाज़िम कर दिया हमने उसको طَـٰٓئِرَهُۥ शगून उसका ṭāirahu
शगून उसका فِى in fī
in عُنُقِهِۦ ۖ उसकी गर्दन में ʿunuqihi
उसकी गर्दन में وَنُخْرِجُ और हम निकालेंगे wanukh'riju
और हम निकालेंगे لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के كِتَـٰبًۭا एक किताब kitāban
एक किताब يَلْقَىٰهُ वो पाएगा उसे yalqāhu
वो पाएगा उसे مَنشُورًا नशर किया हुआ/खुला हुआ manshūran
नशर किया हुआ/खुला हुआ ١٣ (13)
(13)
और हर إِنسَـٰنٍ इन्सान को insānin
इन्सान को أَلْزَمْنَـٰهُ लाज़िम कर दिया हमने उसको alzamnāhu
लाज़िम कर दिया हमने उसको طَـٰٓئِرَهُۥ शगून उसका ṭāirahu
शगून उसका فِى in fī
in عُنُقِهِۦ ۖ उसकी गर्दन में ʿunuqihi
उसकी गर्दन में وَنُخْرِجُ और हम निकालेंगे wanukh'riju
और हम निकालेंगे لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के كِتَـٰبًۭا एक किताब kitāban
एक किताब يَلْقَىٰهُ वो पाएगा उसे yalqāhu
वो पाएगा उसे مَنشُورًا नशर किया हुआ/खुला हुआ manshūran
नशर किया हुआ/खुला हुआ ١٣ (13)
(13)
और हमने हर इनसान के (अच्छे-बुरे) कार्य को उसके गले से लगा दिया है। और क़ियामत के दिन हम उसके लिए एक किताब (कर्मपत्र) निकालेंगे, जिसे वह अपने सामने खुली हुई पाएगा।
१७:१४
ٱقْرَأْ
पढ़ो
iq'ra
पढ़ो كِتَـٰبَكَ किताब अपनी kitābaka
किताब अपनी كَفَىٰ काफ़ी है kafā
काफ़ी है بِنَفْسِكَ तेरा नफ़्स ही binafsika
तेरा नफ़्स ही ٱلْيَوْمَ आज l-yawma
आज عَلَيْكَ तुझ पर ʿalayka
तुझ पर حَسِيبًۭا हिसाब लेने वाला ḥasīban
हिसाब लेने वाला ١٤ (14)
(14)
पढ़ो كِتَـٰبَكَ किताब अपनी kitābaka
किताब अपनी كَفَىٰ काफ़ी है kafā
काफ़ी है بِنَفْسِكَ तेरा नफ़्स ही binafsika
तेरा नफ़्स ही ٱلْيَوْمَ आज l-yawma
आज عَلَيْكَ तुझ पर ʿalayka
तुझ पर حَسِيبًۭا हिसाब लेने वाला ḥasīban
हिसाब लेने वाला ١٤ (14)
(14)
अपनी किताब (कर्मपत्र) पढ़ ले। आज तू स्वयं अपना हिसाब लेने के लिए काफ़ी है।
१७:१५
مَّنِ
जो
mani
जो ٱهْتَدَىٰ हिदायत पाए ih'tadā
हिदायत पाए فَإِنَّمَا तो बेशक fa-innamā
तो बेशक يَهْتَدِى वो हिदायत पाता है yahtadī
वो हिदायत पाता है لِنَفْسِهِۦ ۖ अपने ही नफ़्स के लिए linafsihi
अपने ही नफ़्स के लिए وَمَن और जो waman
और जो ضَلَّ गुमराह हुआ/भटका ḍalla
गुमराह हुआ/भटका فَإِنَّمَا तो बेशक fa-innamā
तो बेशक يَضِلُّ वो भटकता है yaḍillu
वो भटकता है عَلَيْهَا ۚ अपने ही ख़िलाफ़ ʿalayhā
अपने ही ख़िलाफ़ وَلَا और ना walā
और ना تَزِرُ बोझ उठाएगी taziru
बोझ उठाएगी وَازِرَةٌۭ कोई बोझ उठाने वाली wāziratun
कोई बोझ उठाने वाली وِزْرَ बोझ wiz'ra
बोझ أُخْرَىٰ ۗ दूसरी का ukh'rā
दूसरी का وَمَا और नहीं wamā
और नहीं كُنَّا हैं हम kunnā
हैं हम مُعَذِّبِينَ अज़ाब देने वाले muʿadhibīna
अज़ाब देने वाले حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि نَبْعَثَ हम भेजें nabʿatha
हम भेजें رَسُولًۭا कोई रसूल rasūlan
कोई रसूल ١٥ (15)
(15)
जो ٱهْتَدَىٰ हिदायत पाए ih'tadā
हिदायत पाए فَإِنَّمَا तो बेशक fa-innamā
तो बेशक يَهْتَدِى वो हिदायत पाता है yahtadī
वो हिदायत पाता है لِنَفْسِهِۦ ۖ अपने ही नफ़्स के लिए linafsihi
अपने ही नफ़्स के लिए وَمَن और जो waman
और जो ضَلَّ गुमराह हुआ/भटका ḍalla
गुमराह हुआ/भटका فَإِنَّمَا तो बेशक fa-innamā
तो बेशक يَضِلُّ वो भटकता है yaḍillu
वो भटकता है عَلَيْهَا ۚ अपने ही ख़िलाफ़ ʿalayhā
अपने ही ख़िलाफ़ وَلَا और ना walā
और ना تَزِرُ बोझ उठाएगी taziru
बोझ उठाएगी وَازِرَةٌۭ कोई बोझ उठाने वाली wāziratun
कोई बोझ उठाने वाली وِزْرَ बोझ wiz'ra
बोझ أُخْرَىٰ ۗ दूसरी का ukh'rā
दूसरी का وَمَا और नहीं wamā
और नहीं كُنَّا हैं हम kunnā
हैं हम مُعَذِّبِينَ अज़ाब देने वाले muʿadhibīna
अज़ाब देने वाले حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि نَبْعَثَ हम भेजें nabʿatha
हम भेजें رَسُولًۭا कोई रसूल rasūlan
कोई रसूल ١٥ (15)
(15)
जो मार्गदर्शन पा गया, तो वह अपने ही लिए मार्गदर्शन पाता है, और जो गुमराह हुआ, तो वह अपने आप ही पर गुमराह होता है। तथा कोई बोझ उठाने वाला दूसरे का बोझ नहीं उठाएगा।1 और हम (किसी को) यातना नहीं देते, जब तक कि कोई रसूल न भेज दें।2
१७:१६
وَإِذَآ
और जब
wa-idhā
और जब أَرَدْنَآ इरादा करते हैं हम aradnā
इरादा करते हैं हम أَن कि an
कि نُّهْلِكَ हम हलाक कर दें nuh'lika
हम हलाक कर दें قَرْيَةً किसी बस्ती को qaryatan
किसी बस्ती को أَمَرْنَا हुक्म देते हैं हम amarnā
हुक्म देते हैं हम مُتْرَفِيهَا उसके ख़ुशहाल लोगों को mut'rafīhā
उसके ख़ुशहाल लोगों को فَفَسَقُوا۟ तो वो नाफ़रमानी करते हैं fafasaqū
तो वो नाफ़रमानी करते हैं فِيهَا उसमें fīhā
उसमें فَحَقَّ तो साबित हो जाती है faḥaqqa
तो साबित हो जाती है عَلَيْهَا उस पर ʿalayhā
उस पर ٱلْقَوْلُ बात l-qawlu
बात فَدَمَّرْنَـٰهَا तो तबाह कर देते हैं हम उसे fadammarnāhā
तो तबाह कर देते हैं हम उसे تَدْمِيرًۭا तबाह कर देना tadmīran
तबाह कर देना ١٦ (16)
(16)
और जब أَرَدْنَآ इरादा करते हैं हम aradnā
इरादा करते हैं हम أَن कि an
कि نُّهْلِكَ हम हलाक कर दें nuh'lika
हम हलाक कर दें قَرْيَةً किसी बस्ती को qaryatan
किसी बस्ती को أَمَرْنَا हुक्म देते हैं हम amarnā
हुक्म देते हैं हम مُتْرَفِيهَا उसके ख़ुशहाल लोगों को mut'rafīhā
उसके ख़ुशहाल लोगों को فَفَسَقُوا۟ तो वो नाफ़रमानी करते हैं fafasaqū
तो वो नाफ़रमानी करते हैं فِيهَا उसमें fīhā
उसमें فَحَقَّ तो साबित हो जाती है faḥaqqa
तो साबित हो जाती है عَلَيْهَا उस पर ʿalayhā
उस पर ٱلْقَوْلُ बात l-qawlu
बात فَدَمَّرْنَـٰهَا तो तबाह कर देते हैं हम उसे fadammarnāhā
तो तबाह कर देते हैं हम उसे تَدْمِيرًۭا तबाह कर देना tadmīran
तबाह कर देना ١٦ (16)
(16)
और जब हम किसी बस्ती को विनष्ट करना चाहते हैं, तो उसके संपन्न लोगों को आदेश1 देते हैं। फिर वे उसमें अवज्ञा2 करते हैं। अंततः उसपर यातना की बात सिद्ध हो जाती है। और हम उसका पूरी तरह उन्मूलन कर देते हैं।
१७:१७
وَكَمْ
और कितनी ही
wakam
और कितनी ही أَهْلَكْنَا हलाक कीं हमने ahlaknā
हलाक कीं हमने مِنَ from mina
from ٱلْقُرُونِ उम्मतें/बस्तियाँ l-qurūni
उम्मतें/बस्तियाँ مِنۢ after min
after بَعْدِ बाद baʿdi
बाद نُوحٍۢ ۗ नूह के nūḥin
नूह के وَكَفَىٰ और काफ़ी है wakafā
और काफ़ी है بِرَبِّكَ रब आपका birabbika
रब आपका بِذُنُوبِ गुनाहों की bidhunūbi
गुनाहों की عِبَادِهِۦ अपने बन्दों के ʿibādihi
अपने बन्दों के خَبِيرًۢا ख़ूब ख़बर रखने वाला khabīran
ख़ूब ख़बर रखने वाला بَصِيرًۭا ख़ूब देखने वाला baṣīran
ख़ूब देखने वाला ١٧ (17)
(17)
और कितनी ही أَهْلَكْنَا हलाक कीं हमने ahlaknā
हलाक कीं हमने مِنَ from mina
from ٱلْقُرُونِ उम्मतें/बस्तियाँ l-qurūni
उम्मतें/बस्तियाँ مِنۢ after min
after بَعْدِ बाद baʿdi
बाद نُوحٍۢ ۗ नूह के nūḥin
नूह के وَكَفَىٰ और काफ़ी है wakafā
और काफ़ी है بِرَبِّكَ रब आपका birabbika
रब आपका بِذُنُوبِ गुनाहों की bidhunūbi
गुनाहों की عِبَادِهِۦ अपने बन्दों के ʿibādihi
अपने बन्दों के خَبِيرًۢا ख़ूब ख़बर रखने वाला khabīran
ख़ूब ख़बर रखने वाला بَصِيرًۭا ख़ूब देखने वाला baṣīran
ख़ूब देखने वाला ١٧ (17)
(17)
और हमने नूह़ के पश्चात् बहुत-से समुदायों को विनष्ट कर दिया। और आपका पालनहार अपने बंदों के पापों की ख़बर रखने, देखने के लिए काफ़ी है।
१७:१८
مَّن
जो कोई
man
जो कोई كَانَ है kāna
है يُرِيدُ चाहता yurīdu
चाहता ٱلْعَاجِلَةَ जल्द मिलने वाली चीज़ को l-ʿājilata
जल्द मिलने वाली चीज़ को عَجَّلْنَا जल्द देते हैं हम ʿajjalnā
जल्द देते हैं हम لَهُۥ उसे lahu
उसे فِيهَا उसमें fīhā
उसमें مَا जो mā
जो نَشَآءُ हम चाहते हैं nashāu
हम चाहते हैं لِمَن जिसके लिए liman
जिसके लिए نُّرِيدُ हम चाहते हैं nurīdu
हम चाहते हैं ثُمَّ फिर thumma
फिर جَعَلْنَا बना देते हैं हम jaʿalnā
बना देते हैं हम لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए جَهَنَّمَ जहन्नम को jahannama
जहन्नम को يَصْلَىٰهَا वो जलेगा उसमें yaṣlāhā
वो जलेगा उसमें مَذْمُومًۭا मज़म्मत किया हुआ madhmūman
मज़म्मत किया हुआ مَّدْحُورًۭا रहमत से दूर किया हुआ madḥūran
रहमत से दूर किया हुआ ١٨ (18)
(18)
जो कोई كَانَ है kāna
है يُرِيدُ चाहता yurīdu
चाहता ٱلْعَاجِلَةَ जल्द मिलने वाली चीज़ को l-ʿājilata
जल्द मिलने वाली चीज़ को عَجَّلْنَا जल्द देते हैं हम ʿajjalnā
जल्द देते हैं हम لَهُۥ उसे lahu
उसे فِيهَا उसमें fīhā
उसमें مَا जो mā
जो نَشَآءُ हम चाहते हैं nashāu
हम चाहते हैं لِمَن जिसके लिए liman
जिसके लिए نُّرِيدُ हम चाहते हैं nurīdu
हम चाहते हैं ثُمَّ फिर thumma
फिर جَعَلْنَا बना देते हैं हम jaʿalnā
बना देते हैं हम لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए جَهَنَّمَ जहन्नम को jahannama
जहन्नम को يَصْلَىٰهَا वो जलेगा उसमें yaṣlāhā
वो जलेगा उसमें مَذْمُومًۭا मज़म्मत किया हुआ madhmūman
मज़म्मत किया हुआ مَّدْحُورًۭا रहमत से दूर किया हुआ madḥūran
रहमत से दूर किया हुआ ١٨ (18)
(18)
जो व्यक्ति जल्द प्राप्त होने वाली (दुनिया) चाहता है, तो हम उसे इसी (दुनिया) में जो चाहते हैं, जिसके लिए चाहते हैं जल्द ही दे देते हैं। फिर हमने उसके लिए (आख़िरत में) जहन्नम बना रखी है, जिसमें वह निंदित और धुत्कारा हुआ प्रवेश करेगा।
१७:१९
وَمَنْ
और जो
waman
और जो أَرَادَ चाहे arāda
चाहे ٱلْـَٔاخِرَةَ आख़िरत को l-ākhirata
आख़िरत को وَسَعَىٰ और वो कोशिश करे wasaʿā
और वो कोशिश करे لَهَا उसके लिए lahā
उसके लिए سَعْيَهَا (ज़रूरी) कोशिश उसकी saʿyahā
(ज़रूरी) कोशिश उसकी وَهُوَ जबकि वो wahuwa
जबकि वो مُؤْمِنٌۭ मोमिन हो mu'minun
मोमिन हो فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं كَانَ है kāna
है سَعْيُهُم कोशिश उनकी saʿyuhum
कोशिश उनकी مَّشْكُورًۭا क़ाबिले क़द्र mashkūran
क़ाबिले क़द्र ١٩ (19)
(19)
और जो أَرَادَ चाहे arāda
चाहे ٱلْـَٔاخِرَةَ आख़िरत को l-ākhirata
आख़िरत को وَسَعَىٰ और वो कोशिश करे wasaʿā
और वो कोशिश करे لَهَا उसके लिए lahā
उसके लिए سَعْيَهَا (ज़रूरी) कोशिश उसकी saʿyahā
(ज़रूरी) कोशिश उसकी وَهُوَ जबकि वो wahuwa
जबकि वो مُؤْمِنٌۭ मोमिन हो mu'minun
मोमिन हो فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं كَانَ है kāna
है سَعْيُهُم कोशिश उनकी saʿyuhum
कोशिश उनकी مَّشْكُورًۭا क़ाबिले क़द्र mashkūran
क़ाबिले क़द्र ١٩ (19)
(19)
तथा जो व्यक्ति आख़िरत चाहता है और उसके लिए प्रयास करता है, जबकि वह ईमान रखने वाला हो, तो वही लोग हैं, जिनके प्रयास का सम्मान किया जाएगा।
१७:२०
كُلًّۭا
हर एक को
kullan
हर एक को نُّمِدُّ हम मदद देते हैं numiddu
हम मदद देते हैं هَـٰٓؤُلَآءِ इनको (भी) hāulāi
इनको (भी) وَهَـٰٓؤُلَآءِ और उनको (भी) wahāulāi
और उनको (भी) مِنْ from min
from عَطَآءِ अता में से ʿaṭāi
अता में से رَبِّكَ ۚ आपके रब की rabbika
आपके रब की وَمَا और नहीं wamā
और नहीं كَانَ है kāna
है عَطَآءُ अता ʿaṭāu
अता رَبِّكَ आपके रब की rabbika
आपके रब की مَحْظُورًا रोकी गई maḥẓūran
रोकी गई ٢٠ (20)
(20)
हर एक को نُّمِدُّ हम मदद देते हैं numiddu
हम मदद देते हैं هَـٰٓؤُلَآءِ इनको (भी) hāulāi
इनको (भी) وَهَـٰٓؤُلَآءِ और उनको (भी) wahāulāi
और उनको (भी) مِنْ from min
from عَطَآءِ अता में से ʿaṭāi
अता में से رَبِّكَ ۚ आपके रब की rabbika
आपके रब की وَمَا और नहीं wamā
और नहीं كَانَ है kāna
है عَطَآءُ अता ʿaṭāu
अता رَبِّكَ आपके रब की rabbika
आपके रब की مَحْظُورًا रोकी गई maḥẓūran
रोकी गई ٢٠ (20)
(20)
हम आपके पालनहार के अनुदान से प्रत्येक को प्रदान करते हैं, इनको भी और उनको भी। और आपके पालनहार का अनुदान किसी से रोका हुआ नहीं1 है।
१७:२१
ٱنظُرْ
देखो
unẓur
देखो كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह فَضَّلْنَا फ़ज़ीलत दी हमने faḍḍalnā
फ़ज़ीलत दी हमने بَعْضَهُمْ उनके बाज़ को baʿḍahum
उनके बाज़ को عَلَىٰ over ʿalā
over بَعْضٍۢ ۚ बाज़ पर baʿḍin
बाज़ पर وَلَلْـَٔاخِرَةُ और यक़ीनन आख़िरत walalākhiratu
और यक़ीनन आख़िरत أَكْبَرُ ज़्यादा बड़ी है akbaru
ज़्यादा बड़ी है دَرَجَـٰتٍۢ दरजात में darajātin
दरजात में وَأَكْبَرُ और ज़्यादा बढ़ कर है wa-akbaru
और ज़्यादा बढ़ कर है تَفْضِيلًۭا फ़जीलत में tafḍīlan
फ़जीलत में ٢١ (21)
(21)
देखो كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह فَضَّلْنَا फ़ज़ीलत दी हमने faḍḍalnā
फ़ज़ीलत दी हमने بَعْضَهُمْ उनके बाज़ को baʿḍahum
उनके बाज़ को عَلَىٰ over ʿalā
over بَعْضٍۢ ۚ बाज़ पर baʿḍin
बाज़ पर وَلَلْـَٔاخِرَةُ और यक़ीनन आख़िरत walalākhiratu
और यक़ीनन आख़िरत أَكْبَرُ ज़्यादा बड़ी है akbaru
ज़्यादा बड़ी है دَرَجَـٰتٍۢ दरजात में darajātin
दरजात में وَأَكْبَرُ और ज़्यादा बढ़ कर है wa-akbaru
और ज़्यादा बढ़ कर है تَفْضِيلًۭا फ़जीलत में tafḍīlan
फ़जीलत में ٢١ (21)
(21)
आप विचार करें कि हमने (संसार में) उनमें से कुछ को कुछ पर किस तरह श्रेष्ठता प्रदान की है? और निश्चय ही आख़िरत दर्जों में कहीं बढ़कर और श्रेष्ठता के एतिबार से बहुत बढ़कर है।
१७:२२
لَّا
ना
lā
ना تَجْعَلْ तुम बनाओ tajʿal
तुम बनाओ مَعَ with maʿa
with ٱللَّهِ साथ अल्लाह के l-lahi
साथ अल्लाह के إِلَـٰهًا इलाह ilāhan
इलाह ءَاخَرَ दूसरा ākhara
दूसरा فَتَقْعُدَ वरना तुम बैठे रहोगे fataqʿuda
वरना तुम बैठे रहोगे مَذْمُومًۭا मज़म्मत ज़दा madhmūman
मज़म्मत ज़दा مَّخْذُولًۭا बेयारो मददगार makhdhūlan
बेयारो मददगार ٢٢ (22)
(22)
ना تَجْعَلْ तुम बनाओ tajʿal
तुम बनाओ مَعَ with maʿa
with ٱللَّهِ साथ अल्लाह के l-lahi
साथ अल्लाह के إِلَـٰهًا इलाह ilāhan
इलाह ءَاخَرَ दूसरा ākhara
दूसरा فَتَقْعُدَ वरना तुम बैठे रहोगे fataqʿuda
वरना तुम बैठे रहोगे مَذْمُومًۭا मज़म्मत ज़दा madhmūman
मज़म्मत ज़दा مَّخْذُولًۭا बेयारो मददगार makhdhūlan
बेयारो मददगार ٢٢ (22)
(22)
(ऐ बंदे!) अल्लाह के साथ कोई दूसरा पूज्य न बना, अन्यथा तू निंदित और असहाय होकर रह जाएगा।
१७:२३
۞ وَقَضَىٰ
और फ़ैसला कर दिया है
waqaḍā
और फ़ैसला कर दिया है رَبُّكَ आपके रब ने rabbuka
आपके रब ने أَلَّا कि ना allā
कि ना تَعْبُدُوٓا۟ तुम इबादत करो taʿbudū
तुम इबादत करो إِلَّآ मगर illā
मगर إِيَّاهُ सिर्फ़ उसी की iyyāhu
सिर्फ़ उसी की وَبِٱلْوَٰلِدَيْنِ और साथ वालिदैन के wabil-wālidayni
और साथ वालिदैन के إِحْسَـٰنًا ۚ एहसान करना iḥ'sānan
एहसान करना إِمَّا अगर immā
अगर يَبْلُغَنَّ वो पहुँचें yablughanna
वो पहुँचें عِندَكَ तेरे पास ʿindaka
तेरे पास ٱلْكِبَرَ बुढ़ापे को l-kibara
बुढ़ापे को أَحَدُهُمَآ उन दोनों में से एक aḥaduhumā
उन दोनों में से एक أَوْ या aw
या كِلَاهُمَا वो दोनों kilāhumā
वो दोनों فَلَا तो ना falā
तो ना تَقُل तुम कहना taqul
तुम कहना لَّهُمَآ उन दोनों के लिए lahumā
उन दोनों के लिए أُفٍّۢ उफ़ uffin
उफ़ وَلَا और ना walā
और ना تَنْهَرْهُمَا तुम झिड़कना उन दोनों को tanharhumā
तुम झिड़कना उन दोनों को وَقُل और कहना waqul
और कहना لَّهُمَا उन दोनों को lahumā
उन दोनों को قَوْلًۭا बात qawlan
बात كَرِيمًۭا इज़्ज़त वाली/उम्दा karīman
इज़्ज़त वाली/उम्दा ٢٣ (23)
(23)
और फ़ैसला कर दिया है رَبُّكَ आपके रब ने rabbuka
आपके रब ने أَلَّا कि ना allā
कि ना تَعْبُدُوٓا۟ तुम इबादत करो taʿbudū
तुम इबादत करो إِلَّآ मगर illā
मगर إِيَّاهُ सिर्फ़ उसी की iyyāhu
सिर्फ़ उसी की وَبِٱلْوَٰلِدَيْنِ और साथ वालिदैन के wabil-wālidayni
और साथ वालिदैन के إِحْسَـٰنًا ۚ एहसान करना iḥ'sānan
एहसान करना إِمَّا अगर immā
अगर يَبْلُغَنَّ वो पहुँचें yablughanna
वो पहुँचें عِندَكَ तेरे पास ʿindaka
तेरे पास ٱلْكِبَرَ बुढ़ापे को l-kibara
बुढ़ापे को أَحَدُهُمَآ उन दोनों में से एक aḥaduhumā
उन दोनों में से एक أَوْ या aw
या كِلَاهُمَا वो दोनों kilāhumā
वो दोनों فَلَا तो ना falā
तो ना تَقُل तुम कहना taqul
तुम कहना لَّهُمَآ उन दोनों के लिए lahumā
उन दोनों के लिए أُفٍّۢ उफ़ uffin
उफ़ وَلَا और ना walā
और ना تَنْهَرْهُمَا तुम झिड़कना उन दोनों को tanharhumā
तुम झिड़कना उन दोनों को وَقُل और कहना waqul
और कहना لَّهُمَا उन दोनों को lahumā
उन दोनों को قَوْلًۭا बात qawlan
बात كَرِيمًۭا इज़्ज़त वाली/उम्दा karīman
इज़्ज़त वाली/उम्दा ٢٣ (23)
(23)
और (ऐ बंदे) तेरे पालनहार ने आदेश दिया है कि उसके सिवा किसी की इबादत न करो, तथा माता-पिता के साथ अच्छा व्यवहार करो। यदि तेरे पास दोनों में से एक या दोनों वृद्धावस्था को पहुँच जाएँ, तो उन्हें 'उफ़' तक न कहो, और न उन्हें झिड़को, और उनसे नरमी से बात करो।
१७:२४
وَٱخْفِضْ
और झुकाए रखना
wa-ikh'fiḍ
और झुकाए रखना لَهُمَا उन दोनों के लिए lahumā
उन दोनों के लिए جَنَاحَ बाज़ू janāḥa
बाज़ू ٱلذُّلِّ आजिज़ी के l-dhuli
आजिज़ी के مِنَ (out) of mina
(out) of ٱلرَّحْمَةِ रहमत से l-raḥmati
रहमत से وَقُل और कहना waqul
और कहना رَّبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब ٱرْحَمْهُمَا रहम कीजिए इन दोनों पर ir'ḥamhumā
रहम कीजिए इन दोनों पर كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि رَبَّيَانِى इन दोनों ने परवरिश की मेरी rabbayānī
इन दोनों ने परवरिश की मेरी صَغِيرًۭا बचपन में ṣaghīran
बचपन में ٢٤ (24)
(24)
और झुकाए रखना لَهُمَا उन दोनों के लिए lahumā
उन दोनों के लिए جَنَاحَ बाज़ू janāḥa
बाज़ू ٱلذُّلِّ आजिज़ी के l-dhuli
आजिज़ी के مِنَ (out) of mina
(out) of ٱلرَّحْمَةِ रहमत से l-raḥmati
रहमत से وَقُل और कहना waqul
और कहना رَّبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब ٱرْحَمْهُمَا रहम कीजिए इन दोनों पर ir'ḥamhumā
रहम कीजिए इन दोनों पर كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि رَبَّيَانِى इन दोनों ने परवरिश की मेरी rabbayānī
इन दोनों ने परवरिश की मेरी صَغِيرًۭا बचपन में ṣaghīran
बचपन में ٢٤ (24)
(24)
और दयालुता से उनके लिए विनम्रता की बाँहें झुकाए1 रखो और कहो : ऐ मेरे पालनहार! उन दोनों पर दया कर, जैसे उन्होंने बचपन में मेरा पालन-पोषण किया।
१७:२५
رَّبُّكُمْ
रब तुम्हारा
rabbukum
रब तुम्हारा أَعْلَمُ ज़्यादा जानता है aʿlamu
ज़्यादा जानता है بِمَا उसे जो bimā
उसे जो فِى (is) in fī
(is) in نُفُوسِكُمْ ۚ तुम्हारे नफ़्सों में है nufūsikum
तुम्हारे नफ़्सों में है إِن अगर in
अगर تَكُونُوا۟ तुम होगे takūnū
तुम होगे صَـٰلِحِينَ नेक ṣāliḥīna
नेक فَإِنَّهُۥ तो यक़ीनन वो fa-innahu
तो यक़ीनन वो كَانَ है वो kāna
है वो لِلْأَوَّٰبِينَ रुजूअ करने वालों के लिए lil'awwābīna
रुजूअ करने वालों के लिए غَفُورًۭا बहुत बख़्शने वाला ghafūran
बहुत बख़्शने वाला ٢٥ (25)
(25)
रब तुम्हारा أَعْلَمُ ज़्यादा जानता है aʿlamu
ज़्यादा जानता है بِمَا उसे जो bimā
उसे जो فِى (is) in fī
(is) in نُفُوسِكُمْ ۚ तुम्हारे नफ़्सों में है nufūsikum
तुम्हारे नफ़्सों में है إِن अगर in
अगर تَكُونُوا۟ तुम होगे takūnū
तुम होगे صَـٰلِحِينَ नेक ṣāliḥīna
नेक فَإِنَّهُۥ तो यक़ीनन वो fa-innahu
तो यक़ीनन वो كَانَ है वो kāna
है वो لِلْأَوَّٰبِينَ रुजूअ करने वालों के लिए lil'awwābīna
रुजूअ करने वालों के लिए غَفُورًۭا बहुत बख़्शने वाला ghafūran
बहुत बख़्शने वाला ٢٥ (25)
(25)
तुम्हारा पालनहार अधिक जानता है, जो कुछ तुम्हारे मन में है। यदि तुम सदाचारी होगे, तो वह (अपनी ओर) लौट आने वालों के लिए अति क्षमावान् है।
१७:२६
وَءَاتِ
और दो
waāti
और दो ذَا the relatives dhā
the relatives ٱلْقُرْبَىٰ क़राबतदार को l-qur'bā
क़राबतदार को حَقَّهُۥ हक़ उसका ḥaqqahu
हक़ उसका وَٱلْمِسْكِينَ और मिस्कीन को wal-mis'kīna
और मिस्कीन को وَٱبْنَ and the wayfarer wa-ib'na
and the wayfarer ٱلسَّبِيلِ और मुसाफ़िर को l-sabīli
और मुसाफ़िर को وَلَا और ना walā
और ना تُبَذِّرْ तुम बेजा ख़र्च करो tubadhir
तुम बेजा ख़र्च करो تَبْذِيرًا बेजा ख़र्च करना tabdhīran
बेजा ख़र्च करना ٢٦ (26)
(26)
और दो ذَا the relatives dhā
the relatives ٱلْقُرْبَىٰ क़राबतदार को l-qur'bā
क़राबतदार को حَقَّهُۥ हक़ उसका ḥaqqahu
हक़ उसका وَٱلْمِسْكِينَ और मिस्कीन को wal-mis'kīna
और मिस्कीन को وَٱبْنَ and the wayfarer wa-ib'na
and the wayfarer ٱلسَّبِيلِ और मुसाफ़िर को l-sabīli
और मुसाफ़िर को وَلَا और ना walā
और ना تُبَذِّرْ तुम बेजा ख़र्च करो tubadhir
तुम बेजा ख़र्च करो تَبْذِيرًا बेजा ख़र्च करना tabdhīran
बेजा ख़र्च करना ٢٦ (26)
(26)
और रिश्तेदारों को उनका हक़ दो, तथा निर्धन और यात्री को (भी) और अपव्यय1 न करो।
१७:२७
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلْمُبَذِّرِينَ फ़िज़ूल ख़र्च लोग l-mubadhirīna
फ़िज़ूल ख़र्च लोग كَانُوٓا۟ हैं वो kānū
हैं वो إِخْوَٰنَ भाई ikh'wāna
भाई ٱلشَّيَـٰطِينِ ۖ शैतानों के l-shayāṭīni
शैतानों के وَكَانَ और है wakāna
और है ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान l-shayṭānu
शैतान لِرَبِّهِۦ अपने रब का lirabbihi
अपने रब का كَفُورًۭا बहुत नाशुक्रा kafūran
बहुत नाशुक्रा ٢٧ (27)
(27)
बेशक ٱلْمُبَذِّرِينَ फ़िज़ूल ख़र्च लोग l-mubadhirīna
फ़िज़ूल ख़र्च लोग كَانُوٓا۟ हैं वो kānū
हैं वो إِخْوَٰنَ भाई ikh'wāna
भाई ٱلشَّيَـٰطِينِ ۖ शैतानों के l-shayāṭīni
शैतानों के وَكَانَ और है wakāna
और है ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान l-shayṭānu
शैतान لِرَبِّهِۦ अपने रब का lirabbihi
अपने रब का كَفُورًۭا बहुत नाशुक्रा kafūran
बहुत नाशुक्रा ٢٧ (27)
(27)
निःसंदेह अपव्यय करने वाले शैतान के भाई हैं। और शैतान अपने पालनहार का बहुत कृतघ्न है।
१७:२८
وَإِمَّا
और अगर
wa-immā
और अगर تُعْرِضَنَّ तुम ऐराज़ करते हो tuʿ'riḍanna
तुम ऐराज़ करते हो عَنْهُمُ उनसे ʿanhumu
उनसे ٱبْتِغَآءَ चाहने को ib'tighāa
चाहने को رَحْمَةٍۢ रहमत raḥmatin
रहमत مِّن from min
from رَّبِّكَ अपने रब की तरफ़ से rabbika
अपने रब की तरफ़ से تَرْجُوهَا तुम उम्मीद रखते हो जिसकी tarjūhā
तुम उम्मीद रखते हो जिसकी فَقُل तो कहना faqul
तो कहना لَّهُمْ उनसे lahum
उनसे قَوْلًۭا बात qawlan
बात مَّيْسُورًۭا आसान maysūran
आसान ٢٨ (28)
(28)
और अगर تُعْرِضَنَّ तुम ऐराज़ करते हो tuʿ'riḍanna
तुम ऐराज़ करते हो عَنْهُمُ उनसे ʿanhumu
उनसे ٱبْتِغَآءَ चाहने को ib'tighāa
चाहने को رَحْمَةٍۢ रहमत raḥmatin
रहमत مِّن from min
from رَّبِّكَ अपने रब की तरफ़ से rabbika
अपने रब की तरफ़ से تَرْجُوهَا तुम उम्मीद रखते हो जिसकी tarjūhā
तुम उम्मीद रखते हो जिसकी فَقُل तो कहना faqul
तो कहना لَّهُمْ उनसे lahum
उनसे قَوْلًۭا बात qawlan
बात مَّيْسُورًۭا आसान maysūran
आसान ٢٨ (28)
(28)
और यदि तुम अपने पालनहार की दया की खोज में, जिसकी तुम आशा रखते हो, उनसे मुँह फेरो, तो (भी) उनसे विनम्र1 बात कहो।
१७:२९
وَلَا
और ना
walā
और ना تَجْعَلْ तुम रखो tajʿal
तुम रखो يَدَكَ हाथ अपना yadaka
हाथ अपना مَغْلُولَةً बँधा हुआ maghlūlatan
बँधा हुआ إِلَىٰ to ilā
to عُنُقِكَ तरफ़ अपनी गर्दन के ʿunuqika
तरफ़ अपनी गर्दन के وَلَا और ना walā
और ना تَبْسُطْهَا तुम फैला दो उसे tabsuṭ'hā
तुम फैला दो उसे كُلَّ पूरा kulla
पूरा ٱلْبَسْطِ फैला देना l-basṭi
फैला देना فَتَقْعُدَ पस तुम बैठ जाओगे fataqʿuda
पस तुम बैठ जाओगे مَلُومًۭا मलामत ज़दा malūman
मलामत ज़दा مَّحْسُورًا हसरत ज़दा होकर maḥsūran
हसरत ज़दा होकर ٢٩ (29)
(29)
और ना تَجْعَلْ तुम रखो tajʿal
तुम रखो يَدَكَ हाथ अपना yadaka
हाथ अपना مَغْلُولَةً बँधा हुआ maghlūlatan
बँधा हुआ إِلَىٰ to ilā
to عُنُقِكَ तरफ़ अपनी गर्दन के ʿunuqika
तरफ़ अपनी गर्दन के وَلَا और ना walā
और ना تَبْسُطْهَا तुम फैला दो उसे tabsuṭ'hā
तुम फैला दो उसे كُلَّ पूरा kulla
पूरा ٱلْبَسْطِ फैला देना l-basṭi
फैला देना فَتَقْعُدَ पस तुम बैठ जाओगे fataqʿuda
पस तुम बैठ जाओगे مَلُومًۭا मलामत ज़दा malūman
मलामत ज़दा مَّحْسُورًا हसरत ज़दा होकर maḥsūran
हसरत ज़दा होकर ٢٩ (29)
(29)
और न अपना हाथ अपनी गर्दन से बँधा1 हुआ रखो, और न उसे पूरा खोल दो कि फिर निंदित, थका हारा (खाली हाथ) होकर बैठ रहो।
१७:३०
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका يَبْسُطُ कुशादा कर देता है yabsuṭu
कुशादा कर देता है ٱلرِّزْقَ रिज़्क़ को l-riz'qa
रिज़्क़ को لِمَن जिसके लिए liman
जिसके लिए يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَيَقْدِرُ ۚ और वो तंग कर देता है wayaqdiru
और वो तंग कर देता है إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो كَانَ है वो kāna
है वो بِعِبَادِهِۦ अपने बन्दों की biʿibādihi
अपने बन्दों की خَبِيرًۢا पूरी ख़बर रखने वाला khabīran
पूरी ख़बर रखने वाला بَصِيرًۭا ख़ूब देखने वाला baṣīran
ख़ूब देखने वाला ٣٠ (30)
(30)
बेशक رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका يَبْسُطُ कुशादा कर देता है yabsuṭu
कुशादा कर देता है ٱلرِّزْقَ रिज़्क़ को l-riz'qa
रिज़्क़ को لِمَن जिसके लिए liman
जिसके लिए يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَيَقْدِرُ ۚ और वो तंग कर देता है wayaqdiru
और वो तंग कर देता है إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो كَانَ है वो kāna
है वो بِعِبَادِهِۦ अपने बन्दों की biʿibādihi
अपने बन्दों की خَبِيرًۢا पूरी ख़बर रखने वाला khabīran
पूरी ख़बर रखने वाला بَصِيرًۭا ख़ूब देखने वाला baṣīran
ख़ूब देखने वाला ٣٠ (30)
(30)
निःसंदेह आपका पालनहार जिसके लिए चाहता है, रोज़ी विस्तृत कर देता है, और (जिसके लिए चाहता है) तंग कर देता है। निःसंदेह वह अपने बंदों की पूरी ख़बर रखने वाला1, सब कुछ देखने वाला है।2
१७:३१
وَلَا
और ना
walā
और ना تَقْتُلُوٓا۟ तुम क़त्ल करो taqtulū
तुम क़त्ल करो أَوْلَـٰدَكُمْ औलाद अपनी awlādakum
औलाद अपनी خَشْيَةَ ख़ौफ़ से khashyata
ख़ौफ़ से إِمْلَـٰقٍۢ ۖ मुफ़लिसी के im'lāqin
मुफ़लिसी के نَّحْنُ हम naḥnu
हम نَرْزُقُهُمْ हम रिज़्क़ देते हैं उन्हें narzuquhum
हम रिज़्क़ देते हैं उन्हें وَإِيَّاكُمْ ۚ और तुम्हें (भी) wa-iyyākum
और तुम्हें (भी) إِنَّ बेशक inna
बेशक قَتْلَهُمْ क़त्ल करना उनका qatlahum
क़त्ल करना उनका كَانَ है kāna
है خِطْـًۭٔا ख़ता khiṭ'an
ख़ता كَبِيرًۭا बहुत बड़ी kabīran
बहुत बड़ी ٣١ (31)
(31)
और ना تَقْتُلُوٓا۟ तुम क़त्ल करो taqtulū
तुम क़त्ल करो أَوْلَـٰدَكُمْ औलाद अपनी awlādakum
औलाद अपनी خَشْيَةَ ख़ौफ़ से khashyata
ख़ौफ़ से إِمْلَـٰقٍۢ ۖ मुफ़लिसी के im'lāqin
मुफ़लिसी के نَّحْنُ हम naḥnu
हम نَرْزُقُهُمْ हम रिज़्क़ देते हैं उन्हें narzuquhum
हम रिज़्क़ देते हैं उन्हें وَإِيَّاكُمْ ۚ और तुम्हें (भी) wa-iyyākum
और तुम्हें (भी) إِنَّ बेशक inna
बेशक قَتْلَهُمْ क़त्ल करना उनका qatlahum
क़त्ल करना उनका كَانَ है kāna
है خِطْـًۭٔا ख़ता khiṭ'an
ख़ता كَبِيرًۭا बहुत बड़ी kabīran
बहुत बड़ी ٣١ (31)
(31)
तथा अपनी संतान को गरीबी के भय से क़त्ल न करो। हम ही उन्हें रोज़ी प्रदान करते हैं और तुम्हें भी। निःसंदेह उनका क़त्ल बहुत बड़ा पाप है।
१७:३२
وَلَا
और ना
walā
और ना تَقْرَبُوا۟ तुम क़रीब जाओ taqrabū
तुम क़रीब जाओ ٱلزِّنَىٰٓ ۖ ज़िना के l-zinā
ज़िना के إِنَّهُۥ यक़ीनन वो innahu
यक़ीनन वो كَانَ है वो kāna
है वो فَـٰحِشَةًۭ बेहयाई fāḥishatan
बेहयाई وَسَآءَ और बहुत बुरा wasāa
और बहुत बुरा سَبِيلًۭا रास्ता sabīlan
रास्ता ٣٢ (32)
(32)
और ना تَقْرَبُوا۟ तुम क़रीब जाओ taqrabū
तुम क़रीब जाओ ٱلزِّنَىٰٓ ۖ ज़िना के l-zinā
ज़िना के إِنَّهُۥ यक़ीनन वो innahu
यक़ीनन वो كَانَ है वो kāna
है वो فَـٰحِشَةًۭ बेहयाई fāḥishatan
बेहयाई وَسَآءَ और बहुत बुरा wasāa
और बहुत बुरा سَبِيلًۭا रास्ता sabīlan
रास्ता ٣٢ (32)
(32)
और व्यभिचार के निकट भी न जाओ। निःसंदेह वह निर्लज्जता (अश्लीलता) तथा बुरी राह है।
१७:३३
وَلَا
और ना
walā
और ना تَقْتُلُوا۟ तुम क़त्ल करो taqtulū
तुम क़त्ल करो ٱلنَّفْسَ किसी जान को l-nafsa
किसी जान को ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो حَرَّمَ हराम की ḥarrama
हराम की ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने إِلَّا मगर illā
मगर بِٱلْحَقِّ ۗ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई قُتِلَ क़त्ल किया गया qutila
क़त्ल किया गया مَظْلُومًۭا मज़लूम maẓlūman
मज़लूम فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ جَعَلْنَا बनाया हमने jaʿalnā
बनाया हमने لِوَلِيِّهِۦ उसके वली के लिए liwaliyyihi
उसके वली के लिए سُلْطَـٰنًۭا इख़्तियार/क़ुव्वत sul'ṭānan
इख़्तियार/क़ुव्वत فَلَا पस ना falā
पस ना يُسْرِف वो ज़्यादती करे yus'rif
वो ज़्यादती करे فِّى in fī
in ٱلْقَتْلِ ۖ क़त्ल में l-qatli
क़त्ल में إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो كَانَ है वो kāna
है वो مَنصُورًۭا मदद किया हुआ manṣūran
मदद किया हुआ ٣٣ (33)
(33)
और ना تَقْتُلُوا۟ तुम क़त्ल करो taqtulū
तुम क़त्ल करो ٱلنَّفْسَ किसी जान को l-nafsa
किसी जान को ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो حَرَّمَ हराम की ḥarrama
हराम की ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने إِلَّا मगर illā
मगर بِٱلْحَقِّ ۗ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई قُتِلَ क़त्ल किया गया qutila
क़त्ल किया गया مَظْلُومًۭا मज़लूम maẓlūman
मज़लूम فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ جَعَلْنَا बनाया हमने jaʿalnā
बनाया हमने لِوَلِيِّهِۦ उसके वली के लिए liwaliyyihi
उसके वली के लिए سُلْطَـٰنًۭا इख़्तियार/क़ुव्वत sul'ṭānan
इख़्तियार/क़ुव्वत فَلَا पस ना falā
पस ना يُسْرِف वो ज़्यादती करे yus'rif
वो ज़्यादती करे فِّى in fī
in ٱلْقَتْلِ ۖ क़त्ल में l-qatli
क़त्ल में إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो كَانَ है वो kāna
है वो مَنصُورًۭا मदद किया हुआ manṣūran
मदद किया हुआ ٣٣ (33)
(33)
और किसी (ऐसे) प्राणी को क़त्ल न करो, जिसे (क़त्ल करना) अल्लाह ने हराम किया है, परंतु अधिकार1 के साथ। और जिसे अन्यायपूर्ण रूप से क़त्ल कर दिया जाए, तो हमने उसके उत्तराधिकारी को (बदला लेने का) अधिकार2 दिया है। अतः वह क़त्ल (बदला लेने) में सीमा से आगे3 न बढ़े। निश्चय वह मदद किया हुआ है।
१७:३४
وَلَا
और ना
walā
और ना تَقْرَبُوا۟ तुम क़रीब जाओ taqrabū
तुम क़रीब जाओ مَالَ माले māla
माले ٱلْيَتِيمِ यतीम के l-yatīmi
यतीम के إِلَّا मगर illā
मगर بِٱلَّتِى साथ उस तरीक़े के bi-allatī
साथ उस तरीक़े के هِىَ वो (जो) hiya
वो (जो) أَحْسَنُ ज़्यादा अच्छा है aḥsanu
ज़्यादा अच्छा है حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَبْلُغَ वो पहुँच जाए yablugha
वो पहुँच जाए أَشُدَّهُۥ ۚ अपनी जवानी को ashuddahu
अपनी जवानी को وَأَوْفُوا۟ और पूरा करो wa-awfū
और पूरा करो بِٱلْعَهْدِ ۖ अहद को bil-ʿahdi
अहद को إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلْعَهْدَ अहद l-ʿahda
अहद كَانَ है kāna
है مَسْـُٔولًۭا पूछा जाने वाला masūlan
पूछा जाने वाला ٣٤ (34)
(34)
और ना تَقْرَبُوا۟ तुम क़रीब जाओ taqrabū
तुम क़रीब जाओ مَالَ माले māla
माले ٱلْيَتِيمِ यतीम के l-yatīmi
यतीम के إِلَّا मगर illā
मगर بِٱلَّتِى साथ उस तरीक़े के bi-allatī
साथ उस तरीक़े के هِىَ वो (जो) hiya
वो (जो) أَحْسَنُ ज़्यादा अच्छा है aḥsanu
ज़्यादा अच्छा है حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَبْلُغَ वो पहुँच जाए yablugha
वो पहुँच जाए أَشُدَّهُۥ ۚ अपनी जवानी को ashuddahu
अपनी जवानी को وَأَوْفُوا۟ और पूरा करो wa-awfū
और पूरा करो بِٱلْعَهْدِ ۖ अहद को bil-ʿahdi
अहद को إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلْعَهْدَ अहद l-ʿahda
अहद كَانَ है kāna
है مَسْـُٔولًۭا पूछा जाने वाला masūlan
पूछा जाने वाला ٣٤ (34)
(34)
और अनाथ के धन के निकट न जाओ, परन्तु उस तरीक़े से जो सबसे उत्तम हो, यहाँ तक कि वह अपनी युवावस्था को पहुँच जाए। तथा प्रतिज्ञा पूरा करो। निःसंदेह प्रतिज्ञा के विषय में प्रश्न किया जाएगा।
१७:३५
وَأَوْفُوا۟
और पूरा करो
wa-awfū
और पूरा करो ٱلْكَيْلَ पैमाना l-kayla
पैमाना إِذَا जब idhā
जब كِلْتُمْ नापो तुम kil'tum
नापो तुम وَزِنُوا۟ और तोलो wazinū
और तोलो بِٱلْقِسْطَاسِ साथ तराज़ू bil-qis'ṭāsi
साथ तराज़ू ٱلْمُسْتَقِيمِ ۚ सीधी के l-mus'taqīmi
सीधी के ذَٰلِكَ ये dhālika
ये خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है وَأَحْسَنُ और ज़्यादा अच्छा है wa-aḥsanu
और ज़्यादा अच्छा है تَأْوِيلًۭا अंजाम के ऐतबार से tawīlan
अंजाम के ऐतबार से ٣٥ (35)
(35)
और पूरा करो ٱلْكَيْلَ पैमाना l-kayla
पैमाना إِذَا जब idhā
जब كِلْتُمْ नापो तुम kil'tum
नापो तुम وَزِنُوا۟ और तोलो wazinū
और तोलो بِٱلْقِسْطَاسِ साथ तराज़ू bil-qis'ṭāsi
साथ तराज़ू ٱلْمُسْتَقِيمِ ۚ सीधी के l-mus'taqīmi
सीधी के ذَٰلِكَ ये dhālika
ये خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है وَأَحْسَنُ और ज़्यादा अच्छा है wa-aḥsanu
और ज़्यादा अच्छा है تَأْوِيلًۭا अंजाम के ऐतबार से tawīlan
अंजाम के ऐतबार से ٣٥ (35)
(35)
और जब मापकर दो, तो माप पूरा करो और सीधी तराज़ू से तौलो। यह सर्वोत्तम है और परिणाम की दृष्टि से बहुत बेहतर है।
१७:३६
وَلَا
और ना
walā
और ना تَقْفُ तुम पीछे पड़ो taqfu
तुम पीछे पड़ो مَا उसके जो mā
उसके जो لَيْسَ नहीं laysa
नहीं لَكَ तुम्हें laka
तुम्हें بِهِۦ उसका bihi
उसका عِلْمٌ ۚ कोई इल्म ʿil'mun
कोई इल्म إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلسَّمْعَ कान l-samʿa
कान وَٱلْبَصَرَ और आँख wal-baṣara
और आँख وَٱلْفُؤَادَ और दिल wal-fuāda
और दिल كُلُّ हर एक kullu
हर एक أُو۟لَـٰٓئِكَ उनमें से ulāika
उनमें से كَانَ है kāna
है عَنْهُ उसके बारे में ʿanhu
उसके बारे में مَسْـُٔولًۭا सवाल किया जाने वाला masūlan
सवाल किया जाने वाला ٣٦ (36)
(36)
और ना تَقْفُ तुम पीछे पड़ो taqfu
तुम पीछे पड़ो مَا उसके जो mā
उसके जो لَيْسَ नहीं laysa
नहीं لَكَ तुम्हें laka
तुम्हें بِهِۦ उसका bihi
उसका عِلْمٌ ۚ कोई इल्म ʿil'mun
कोई इल्म إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلسَّمْعَ कान l-samʿa
कान وَٱلْبَصَرَ और आँख wal-baṣara
और आँख وَٱلْفُؤَادَ और दिल wal-fuāda
और दिल كُلُّ हर एक kullu
हर एक أُو۟لَـٰٓئِكَ उनमें से ulāika
उनमें से كَانَ है kāna
है عَنْهُ उसके बारे में ʿanhu
उसके बारे में مَسْـُٔولًۭا सवाल किया जाने वाला masūlan
सवाल किया जाने वाला ٣٦ (36)
(36)
और ऐसी बात के पीछे न पड़ो, जिसका तुम्हें कोई ज्ञान न हो। निश्चय ही कान तथा आँख और दिल, इनमें से प्रत्येक के बारे में (क़ियामत के दिन) पूछा जाएगा।1
१७:३७
وَلَا
और ना
walā
और ना تَمْشِ तुम चलो tamshi
तुम चलो فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में مَرَحًا ۖ इतराते हुए maraḥan
इतराते हुए إِنَّكَ बेशक तुम innaka
बेशक तुम لَن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं تَخْرِقَ तुम फाड़ सकते takhriqa
तुम फाड़ सकते ٱلْأَرْضَ ज़मीन को l-arḍa
ज़मीन को وَلَن और हरगिज़ नहीं walan
और हरगिज़ नहीं تَبْلُغَ तुम पहुँच सकते tablugha
तुम पहुँच सकते ٱلْجِبَالَ पहाड़ों को l-jibāla
पहाड़ों को طُولًۭا लम्बाई में ṭūlan
लम्बाई में ٣٧ (37)
(37)
और ना تَمْشِ तुम चलो tamshi
तुम चलो فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में مَرَحًا ۖ इतराते हुए maraḥan
इतराते हुए إِنَّكَ बेशक तुम innaka
बेशक तुम لَن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं تَخْرِقَ तुम फाड़ सकते takhriqa
तुम फाड़ सकते ٱلْأَرْضَ ज़मीन को l-arḍa
ज़मीन को وَلَن और हरगिज़ नहीं walan
और हरगिज़ नहीं تَبْلُغَ तुम पहुँच सकते tablugha
तुम पहुँच सकते ٱلْجِبَالَ पहाड़ों को l-jibāla
पहाड़ों को طُولًۭا लम्बाई में ṭūlan
लम्बाई में ٣٧ (37)
(37)
और धरती पर अकड़कर न चलो। निःसंदेह न तुम धरती को फाड़ सकोगे और न लंबाई में पर्वतों तक पहुँच सकोगे।
१७:३८
كُلُّ
All
kullu
All ذَٰلِكَ ये सब (काम) dhālika
ये सब (काम) كَانَ है kāna
है سَيِّئُهُۥ बुराई उनकी sayyi-uhu
बुराई उनकी عِندَ near ʿinda
near رَبِّكَ आपके रब के नज़दीक rabbika
आपके रब के नज़दीक مَكْرُوهًۭا मकरूह/नापसंदीदा makrūhan
मकरूह/नापसंदीदा ٣٨ (38)
(38)
All ذَٰلِكَ ये सब (काम) dhālika
ये सब (काम) كَانَ है kāna
है سَيِّئُهُۥ बुराई उनकी sayyi-uhu
बुराई उनकी عِندَ near ʿinda
near رَبِّكَ आपके रब के नज़दीक rabbika
आपके रब के नज़दीक مَكْرُوهًۭا मकरूह/नापसंदीदा makrūhan
मकरूह/नापसंदीदा ٣٨ (38)
(38)
इन सब चीज़ों में से जो बुरी है, वह आपके पालनहार के निकट अप्रिय है।
१७:३९
ذَٰلِكَ
ये
dhālika
ये مِمَّآ उसमें से है जो mimmā
उसमें से है जो أَوْحَىٰٓ वही की awḥā
वही की إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके رَبُّكَ आपके रब ने rabbuka
आपके रब ने مِنَ of mina
of ٱلْحِكْمَةِ ۗ हिकमत में से l-ḥik'mati
हिकमत में से وَلَا और ना walā
और ना تَجْعَلْ तुम बनाओ tajʿal
तुम बनाओ مَعَ साथ maʿa
साथ ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के إِلَـٰهًا कोई इलाह ilāhan
कोई इलाह ءَاخَرَ दूसरा ākhara
दूसरा فَتُلْقَىٰ वरना तुम डाल दिए जाओगे fatul'qā
वरना तुम डाल दिए जाओगे فِى in fī
in جَهَنَّمَ जहन्नम में jahannama
जहन्नम में مَلُومًۭا मलामत किए हुए malūman
मलामत किए हुए مَّدْحُورًا धुतकारे हुए madḥūran
धुतकारे हुए ٣٩ (39)
(39)
ये مِمَّآ उसमें से है जो mimmā
उसमें से है जो أَوْحَىٰٓ वही की awḥā
वही की إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके رَبُّكَ आपके रब ने rabbuka
आपके रब ने مِنَ of mina
of ٱلْحِكْمَةِ ۗ हिकमत में से l-ḥik'mati
हिकमत में से وَلَا और ना walā
और ना تَجْعَلْ तुम बनाओ tajʿal
तुम बनाओ مَعَ साथ maʿa
साथ ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के إِلَـٰهًا कोई इलाह ilāhan
कोई इलाह ءَاخَرَ दूसरा ākhara
दूसरा فَتُلْقَىٰ वरना तुम डाल दिए जाओगे fatul'qā
वरना तुम डाल दिए जाओगे فِى in fī
in جَهَنَّمَ जहन्नम में jahannama
जहन्नम में مَلُومًۭا मलामत किए हुए malūman
मलामत किए हुए مَّدْحُورًا धुतकारे हुए madḥūran
धुतकारे हुए ٣٩ (39)
(39)
ये हिकमत की वे बातें हैं, जिनकी आपके पालनहार ने आपकी ओर वह़्य (प्रकाशना) की है। और अल्लाह के साथ कोई दूसरा पूज्य न बनाओ। अन्यथा तुम निंदित, धुत्कारे हुए जहन्नम में फेंक दिए जाओगे।
१७:४०
أَفَأَصْفَىٰكُمْ
क्या फिर चुन लिया तुम्हें
afa-aṣfākum
क्या फिर चुन लिया तुम्हें رَبُّكُم तुम्हारे रब ने rabbukum
तुम्हारे रब ने بِٱلْبَنِينَ साथ बेटों के bil-banīna
साथ बेटों के وَٱتَّخَذَ और उसने बना लिया wa-ittakhadha
और उसने बना लिया مِنَ from mina
from ٱلْمَلَـٰٓئِكَةِ फ़रिश्तों को l-malāikati
फ़रिश्तों को إِنَـٰثًا ۚ बेटियाँ ināthan
बेटियाँ إِنَّكُمْ बेशक तुम innakum
बेशक तुम لَتَقُولُونَ अलबत्ता तुम कहते हो lataqūlūna
अलबत्ता तुम कहते हो قَوْلًا बात qawlan
बात عَظِيمًۭا बहुत बड़ी ʿaẓīman
बहुत बड़ी ٤٠ (40)
(40)
क्या फिर चुन लिया तुम्हें رَبُّكُم तुम्हारे रब ने rabbukum
तुम्हारे रब ने بِٱلْبَنِينَ साथ बेटों के bil-banīna
साथ बेटों के وَٱتَّخَذَ और उसने बना लिया wa-ittakhadha
और उसने बना लिया مِنَ from mina
from ٱلْمَلَـٰٓئِكَةِ फ़रिश्तों को l-malāikati
फ़रिश्तों को إِنَـٰثًا ۚ बेटियाँ ināthan
बेटियाँ إِنَّكُمْ बेशक तुम innakum
बेशक तुम لَتَقُولُونَ अलबत्ता तुम कहते हो lataqūlūna
अलबत्ता तुम कहते हो قَوْلًا बात qawlan
बात عَظِيمًۭا बहुत बड़ी ʿaẓīman
बहुत बड़ी ٤٠ (40)
(40)
क्या तुम्हारे पालनहार ने बेटों के लिए तुम्हें चुन लिया है और (अपने लिए) फ़रिश्तों में से बेटियाँ बना ली हैं? निःसंदेह तुम बहुत बड़ी (गंभीर) बात कह रहे हो।1
१७:४१
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ صَرَّفْنَا फेर-फेर कर लाए हैं हम ṣarrafnā
फेर-फेर कर लाए हैं हम فِى in fī
in هَـٰذَا this hādhā
this ٱلْقُرْءَانِ इस क़ुरआन में l-qur'āni
इस क़ुरआन में لِيَذَّكَّرُوا۟ ताकि वो नसीहत पकड़ें liyadhakkarū
ताकि वो नसीहत पकड़ें وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَزِيدُهُمْ वो ज़्यादा करता उन्हें yazīduhum
वो ज़्यादा करता उन्हें إِلَّا मगर illā
मगर نُفُورًۭا नफ़रत में nufūran
नफ़रत में ٤١ (41)
(41)
और अलबत्ता तहक़ीक़ صَرَّفْنَا फेर-फेर कर लाए हैं हम ṣarrafnā
फेर-फेर कर लाए हैं हम فِى in fī
in هَـٰذَا this hādhā
this ٱلْقُرْءَانِ इस क़ुरआन में l-qur'āni
इस क़ुरआन में لِيَذَّكَّرُوا۟ ताकि वो नसीहत पकड़ें liyadhakkarū
ताकि वो नसीहत पकड़ें وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَزِيدُهُمْ वो ज़्यादा करता उन्हें yazīduhum
वो ज़्यादा करता उन्हें إِلَّا मगर illā
मगर نُفُورًۭا नफ़रत में nufūran
नफ़रत में ٤١ (41)
(41)
और हमने इस क़ुरआन में विभिन्न प्रकार से (तथ्यों का) वर्णन किया है, ताकि लोग शिक्षा ग्रहण करें, परन्तु इससे उनकी घृणा (सत्य से दूरी) ही में वृद्धि होती है।
१७:४२
قُل
कह दीजिए
qul
कह दीजिए لَّوْ अगर law
अगर كَانَ होते kāna
होते مَعَهُۥٓ साथ उसके maʿahu
साथ उसके ءَالِهَةٌۭ कुछ इलाह ālihatun
कुछ इलाह كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि يَقُولُونَ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं إِذًۭا तब idhan
तब لَّٱبْتَغَوْا۟ अलबत्ता वो तलाश करते la-ib'taghaw
अलबत्ता वो तलाश करते إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ ذِى (the) Owner dhī
(the) Owner ٱلْعَرْشِ अर्श वाले के l-ʿarshi
अर्श वाले के سَبِيلًۭا कोई रास्ता sabīlan
कोई रास्ता ٤٢ (42)
(42)
कह दीजिए لَّوْ अगर law
अगर كَانَ होते kāna
होते مَعَهُۥٓ साथ उसके maʿahu
साथ उसके ءَالِهَةٌۭ कुछ इलाह ālihatun
कुछ इलाह كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि يَقُولُونَ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं إِذًۭا तब idhan
तब لَّٱبْتَغَوْا۟ अलबत्ता वो तलाश करते la-ib'taghaw
अलबत्ता वो तलाश करते إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ ذِى (the) Owner dhī
(the) Owner ٱلْعَرْشِ अर्श वाले के l-ʿarshi
अर्श वाले के سَبِيلًۭا कोई रास्ता sabīlan
कोई रास्ता ٤٢ (42)
(42)
आप कह दें कि यदि अल्लाह के साथ दूसरे पूज्य (भी) होते, जैसा कि वे (मुश्रिक) कहते हैं, तो वे अर्श (सिंहासन) वाले (अल्लाह) की ओर (पहुँचने की) अवश्य कोई राह खोजते।1
१७:४३
سُبْحَـٰنَهُۥ
पाक है वो
sub'ḥānahu
पाक है वो وَتَعَـٰلَىٰ और वो बुलन्दतर है wataʿālā
और वो बुलन्दतर है عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो يَقُولُونَ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं عُلُوًّۭا बहुत बुलन्द ʿuluwwan
बहुत बुलन्द كَبِيرًۭا बहुत बड़ा kabīran
बहुत बड़ा ٤٣ (43)
(43)
पाक है वो وَتَعَـٰلَىٰ और वो बुलन्दतर है wataʿālā
और वो बुलन्दतर है عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो يَقُولُونَ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं عُلُوًّۭا बहुत बुलन्द ʿuluwwan
बहुत बुलन्द كَبِيرًۭا बहुत बड़ा kabīran
बहुत बड़ा ٤٣ (43)
(43)
वह पवित्र है और सर्वोच्च है, उन बातों से, जो वे कहते हैं।
१७:४४
تُسَبِّحُ
तस्बीह कर रहे हैं
tusabbiḥu
तस्बीह कर रहे हैं لَهُ उसके लिए lahu
उसके लिए ٱلسَّمَـٰوَٰتُ आसमान l-samāwātu
आसमान ٱلسَّبْعُ सात l-sabʿu
सात وَٱلْأَرْضُ और ज़मीन wal-arḍu
और ज़मीन وَمَن और वो जो waman
और वो जो فِيهِنَّ ۚ इनमें हैं fīhinna
इनमें हैं وَإِن और नहीं wa-in
और नहीं مِّن any min
any شَىْءٍ कोई चीज़ shayin
कोई चीज़ إِلَّا मगर illā
मगर يُسَبِّحُ वो तस्बीह कर रही है yusabbiḥu
वो तस्बीह कर रही है بِحَمْدِهِۦ साथ उसकी हम्द के biḥamdihi
साथ उसकी हम्द के وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन لَّا not lā
not تَفْقَهُونَ नहीं तुम समझते tafqahūna
नहीं तुम समझते تَسْبِيحَهُمْ ۗ तस्बीह उनकी tasbīḥahum
तस्बीह उनकी إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो كَانَ है वो kāna
है वो حَلِيمًا बहुत हिल्म वाला ḥalīman
बहुत हिल्म वाला غَفُورًۭا बहुत बख़्शने वाला ghafūran
बहुत बख़्शने वाला ٤٤ (44)
(44)
तस्बीह कर रहे हैं لَهُ उसके लिए lahu
उसके लिए ٱلسَّمَـٰوَٰتُ आसमान l-samāwātu
आसमान ٱلسَّبْعُ सात l-sabʿu
सात وَٱلْأَرْضُ और ज़मीन wal-arḍu
और ज़मीन وَمَن और वो जो waman
और वो जो فِيهِنَّ ۚ इनमें हैं fīhinna
इनमें हैं وَإِن और नहीं wa-in
और नहीं مِّن any min
any شَىْءٍ कोई चीज़ shayin
कोई चीज़ إِلَّا मगर illā
मगर يُسَبِّحُ वो तस्बीह कर रही है yusabbiḥu
वो तस्बीह कर रही है بِحَمْدِهِۦ साथ उसकी हम्द के biḥamdihi
साथ उसकी हम्द के وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन لَّا not lā
not تَفْقَهُونَ नहीं तुम समझते tafqahūna
नहीं तुम समझते تَسْبِيحَهُمْ ۗ तस्बीह उनकी tasbīḥahum
तस्बीह उनकी إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो كَانَ है वो kāna
है वो حَلِيمًا बहुत हिल्म वाला ḥalīman
बहुत हिल्म वाला غَفُورًۭا बहुत बख़्शने वाला ghafūran
बहुत बख़्शने वाला ٤٤ (44)
(44)
सातों आकाश तथा धरती और उनके अंदर मौजूद सभी चीज़ें उसकी पवित्रता का वर्णन करती हैं। और कोई चीज़ ऐसी नहीं है जो उसकी प्रशंसा के साथ उसकी पवित्रता का गान न करती हो। लेकिन तुम उनकी तस्बीह (जप) को नहीं समझते। निःसंदेह वह अत्यंत सहनशील, बहुत क्षमा करने वाला है।
१७:४५
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब قَرَأْتَ पढ़ते हैं आप qarata
पढ़ते हैं आप ٱلْقُرْءَانَ क़ुरआन l-qur'āna
क़ुरआन جَعَلْنَا बना देते है हम jaʿalnā
बना देते है हम بَيْنَكَ दर्मियान आपके baynaka
दर्मियान आपके وَبَيْنَ और दर्मियान wabayna
और दर्मियान ٱلَّذِينَ उन लोगों के जो alladhīna
उन लोगों के जो لَا (do) not lā
(do) not يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान रखते yu'minūna
नहीं वो ईमान रखते بِٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत पर bil-ākhirati
आख़िरत पर حِجَابًۭا एक पर्दा ḥijāban
एक पर्दा مَّسْتُورًۭا छुपा हुआ mastūran
छुपा हुआ ٤٥ (45)
(45)
और जब قَرَأْتَ पढ़ते हैं आप qarata
पढ़ते हैं आप ٱلْقُرْءَانَ क़ुरआन l-qur'āna
क़ुरआन جَعَلْنَا बना देते है हम jaʿalnā
बना देते है हम بَيْنَكَ दर्मियान आपके baynaka
दर्मियान आपके وَبَيْنَ और दर्मियान wabayna
और दर्मियान ٱلَّذِينَ उन लोगों के जो alladhīna
उन लोगों के जो لَا (do) not lā
(do) not يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान रखते yu'minūna
नहीं वो ईमान रखते بِٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत पर bil-ākhirati
आख़िरत पर حِجَابًۭا एक पर्दा ḥijāban
एक पर्दा مَّسْتُورًۭا छुपा हुआ mastūran
छुपा हुआ ٤٥ (45)
(45)
और जब आप क़ुरआन पढ़ते हैं, तो हम आपके बीच और उनके बीच, जो आख़िरत (परलोक) पर ईमान नहीं रखते, एक छिपाने वाले पर्दे की आड़1 बना देते हैं।
१७:४६
وَجَعَلْنَا
और डाल देते हैं हम
wajaʿalnā
और डाल देते हैं हम عَلَىٰ over ʿalā
over قُلُوبِهِمْ उनके दिलों पर qulūbihim
उनके दिलों पर أَكِنَّةً पर्दे akinnatan
पर्दे أَن कि an
कि يَفْقَهُوهُ (ना) वो समझ सकें उसे yafqahūhu
(ना) वो समझ सकें उसे وَفِىٓ and in wafī
and in ءَاذَانِهِمْ और उनके कानों में ādhānihim
और उनके कानों में وَقْرًۭا ۚ बोझ waqran
बोझ وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब ذَكَرْتَ ज़िक्र करते आप dhakarta
ज़िक्र करते आप رَبَّكَ अपने रब का rabbaka
अपने रब का فِى in fī
in ٱلْقُرْءَانِ क़ुरआन में l-qur'āni
क़ुरआन में وَحْدَهُۥ अकेले उसी का waḥdahu
अकेले उसी का وَلَّوْا۟ वो फिर जाते हैं wallaw
वो फिर जाते हैं عَلَىٰٓ on ʿalā
on أَدْبَـٰرِهِمْ अपनी पुश्तों पर adbārihim
अपनी पुश्तों पर نُفُورًۭا नफ़रत करते हुए nufūran
नफ़रत करते हुए ٤٦ (46)
(46)
और डाल देते हैं हम عَلَىٰ over ʿalā
over قُلُوبِهِمْ उनके दिलों पर qulūbihim
उनके दिलों पर أَكِنَّةً पर्दे akinnatan
पर्दे أَن कि an
कि يَفْقَهُوهُ (ना) वो समझ सकें उसे yafqahūhu
(ना) वो समझ सकें उसे وَفِىٓ and in wafī
and in ءَاذَانِهِمْ और उनके कानों में ādhānihim
और उनके कानों में وَقْرًۭا ۚ बोझ waqran
बोझ وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब ذَكَرْتَ ज़िक्र करते आप dhakarta
ज़िक्र करते आप رَبَّكَ अपने रब का rabbaka
अपने रब का فِى in fī
in ٱلْقُرْءَانِ क़ुरआन में l-qur'āni
क़ुरआन में وَحْدَهُۥ अकेले उसी का waḥdahu
अकेले उसी का وَلَّوْا۟ वो फिर जाते हैं wallaw
वो फिर जाते हैं عَلَىٰٓ on ʿalā
on أَدْبَـٰرِهِمْ अपनी पुश्तों पर adbārihim
अपनी पुश्तों पर نُفُورًۭا नफ़रत करते हुए nufūran
नफ़रत करते हुए ٤٦ (46)
(46)
तथा हमने उनके दिलों पर ऐसे खोल चढ़ा दिए हैं कि उसे न समझ सकें तथा उनके कानों में भारीपन (पैदा कर दिए हैं)। और जब आप क़ुरआन में अपने अकेले पालनहार की चर्चा करते हैं, तो वे घृणा से पीठ फेर लेते हैं।
१७:४७
نَّحْنُ
हम
naḥnu
हम أَعْلَمُ ज़्यादा जानते हैं aʿlamu
ज़्यादा जानते हैं بِمَا उसको जो bimā
उसको जो يَسْتَمِعُونَ वो ग़ौर से सुनते हैं yastamiʿūna
वो ग़ौर से सुनते हैं بِهِۦٓ साथ उसके bihi
साथ उसके إِذْ जब idh
जब يَسْتَمِعُونَ वो ग़ौर से सुनते हैं yastamiʿūna
वो ग़ौर से सुनते हैं إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके وَإِذْ और जब wa-idh
और जब هُمْ वो hum
वो نَجْوَىٰٓ सरगोशियाँ (करते हैं) najwā
सरगोशियाँ (करते हैं) إِذْ जब idh
जब يَقُولُ कहते हैं yaqūlu
कहते हैं ٱلظَّـٰلِمُونَ ज़ालिम लोग l-ẓālimūna
ज़ालिम लोग إِن नहीं in
नहीं تَتَّبِعُونَ तुम पैरवी करते tattabiʿūna
तुम पैरवी करते إِلَّا मगर illā
मगर رَجُلًۭا एक मर्द rajulan
एक मर्द مَّسْحُورًا सहरज़दा की masḥūran
सहरज़दा की ٤٧ (47)
(47)
हम أَعْلَمُ ज़्यादा जानते हैं aʿlamu
ज़्यादा जानते हैं بِمَا उसको जो bimā
उसको जो يَسْتَمِعُونَ वो ग़ौर से सुनते हैं yastamiʿūna
वो ग़ौर से सुनते हैं بِهِۦٓ साथ उसके bihi
साथ उसके إِذْ जब idh
जब يَسْتَمِعُونَ वो ग़ौर से सुनते हैं yastamiʿūna
वो ग़ौर से सुनते हैं إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके وَإِذْ और जब wa-idh
और जब هُمْ वो hum
वो نَجْوَىٰٓ सरगोशियाँ (करते हैं) najwā
सरगोशियाँ (करते हैं) إِذْ जब idh
जब يَقُولُ कहते हैं yaqūlu
कहते हैं ٱلظَّـٰلِمُونَ ज़ालिम लोग l-ẓālimūna
ज़ालिम लोग إِن नहीं in
नहीं تَتَّبِعُونَ तुम पैरवी करते tattabiʿūna
तुम पैरवी करते إِلَّا मगर illā
मगर رَجُلًۭا एक मर्द rajulan
एक मर्द مَّسْحُورًا सहरज़दा की masḥūran
सहरज़दा की ٤٧ (47)
(47)
हम उस उद्देश्य को भली-भाँति जानते हैं जिसके लिए वे इसे सुनते हैं, जब वे आपकी ओर कान लगाते हैं और जब वे आपस में कानाफूसी करते हैं, जब वे अत्याचारी कहते हैं कि तुम लोग तो बस एक जादू किए हुए व्यक्ति के पीछे चल रहे हो।1
१७:४८
ٱنظُرْ
देखो
unẓur
देखो كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह ضَرَبُوا۟ उन्होंने बयान कीं ḍarabū
उन्होंने बयान कीं لَكَ आपके लिए laka
आपके लिए ٱلْأَمْثَالَ मिसालें l-amthāla
मिसालें فَضَلُّوا۟ तो वो भटक गए faḍallū
तो वो भटक गए فَلَا पस नहीं falā
पस नहीं يَسْتَطِيعُونَ वो इस्तिताअत रखते yastaṭīʿūna
वो इस्तिताअत रखते سَبِيلًۭا किसी रास्ते की sabīlan
किसी रास्ते की ٤٨ (48)
(48)
देखो كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह ضَرَبُوا۟ उन्होंने बयान कीं ḍarabū
उन्होंने बयान कीं لَكَ आपके लिए laka
आपके लिए ٱلْأَمْثَالَ मिसालें l-amthāla
मिसालें فَضَلُّوا۟ तो वो भटक गए faḍallū
तो वो भटक गए فَلَا पस नहीं falā
पस नहीं يَسْتَطِيعُونَ वो इस्तिताअत रखते yastaṭīʿūna
वो इस्तिताअत रखते سَبِيلًۭا किसी रास्ते की sabīlan
किसी रास्ते की ٤٨ (48)
(48)
देखें तो सही, वे आपके लिए कैसे उदाहरण दे रहे हैं? अतः वे सीधी राह से भटक गए। अब वे सीधी राह नहीं पा सकेंगे।
१७:४९
وَقَالُوٓا۟
और वो कहते हैं
waqālū
और वो कहते हैं أَءِذَا क्या जब a-idhā
क्या जब كُنَّا होंगे हम kunnā
होंगे हम عِظَـٰمًۭا हड्डियाँ ʿiẓāman
हड्डियाँ وَرُفَـٰتًا और चूरा-चूरा warufātan
और चूरा-चूरा أَءِنَّا क्या बेशक हम a-innā
क्या बेशक हम لَمَبْعُوثُونَ अलबत्ता उठाए जाऐंगे lamabʿūthūna
अलबत्ता उठाए जाऐंगे خَلْقًۭا पैदा करके khalqan
पैदा करके جَدِيدًۭا नए सिरे से jadīdan
नए सिरे से ٤٩ (49)
(49)
और वो कहते हैं أَءِذَا क्या जब a-idhā
क्या जब كُنَّا होंगे हम kunnā
होंगे हम عِظَـٰمًۭا हड्डियाँ ʿiẓāman
हड्डियाँ وَرُفَـٰتًا और चूरा-चूरा warufātan
और चूरा-चूरा أَءِنَّا क्या बेशक हम a-innā
क्या बेशक हम لَمَبْعُوثُونَ अलबत्ता उठाए जाऐंगे lamabʿūthūna
अलबत्ता उठाए जाऐंगे خَلْقًۭا पैदा करके khalqan
पैदा करके جَدِيدًۭا नए सिरे से jadīdan
नए सिरे से ٤٩ (49)
(49)
और उन्होंने कहा : क्या जब हम हड्डियाँ और चूर्ण-विचूर्ण हो जाएँगे, तो क्या हम सचमुच नए सिरे से पैदा करके उठाए जाएँगे।1
१७:५०
۞ قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए كُونُوا۟ हो जाओ kūnū
हो जाओ حِجَارَةً पत्थर ḥijāratan
पत्थर أَوْ या aw
या حَدِيدًا लोहा ḥadīdan
लोहा ٥٠ (50)
(50)
कह दीजिए كُونُوا۟ हो जाओ kūnū
हो जाओ حِجَارَةً पत्थर ḥijāratan
पत्थर أَوْ या aw
या حَدِيدًا लोहा ḥadīdan
लोहा ٥٠ (50)
(50)
आप कह दें कि तुम पत्थर या लोहा हो जाओ।
१७:५१
أَوْ
या
aw
या خَلْقًۭا कोई मख़लूक़ khalqan
कोई मख़लूक़ مِّمَّا उससे जो mimmā
उससे जो يَكْبُرُ बड़ी हो yakburu
बड़ी हो فِى in fī
in صُدُورِكُمْ ۚ तुम्हारे सीनों में ṣudūrikum
तुम्हारे सीनों में فَسَيَقُولُونَ पस अनक़रीब वो कहेंगे fasayaqūlūna
पस अनक़रीब वो कहेंगे مَن कौन man
कौन يُعِيدُنَا ۖ लौटाएगा हमें yuʿīdunā
लौटाएगा हमें قُلِ कह दीजिए quli
कह दीजिए ٱلَّذِى वो जिसने alladhī
वो जिसने فَطَرَكُمْ पैदा किया तुम्हें faṭarakum
पैदा किया तुम्हें أَوَّلَ पहली awwala
पहली مَرَّةٍۢ ۚ बार marratin
बार فَسَيُنْغِضُونَ पस अनक़रीब वो हिलाऐंगे fasayun'ghiḍūna
पस अनक़रीब वो हिलाऐंगे إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके رُءُوسَهُمْ अपने सरों को ruūsahum
अपने सरों को وَيَقُولُونَ और वो कहेंगे wayaqūlūna
और वो कहेंगे مَتَىٰ कब है matā
कब है هُوَ ۖ वो huwa
वो قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए عَسَىٰٓ उम्मीद है ʿasā
उम्मीद है أَن कि an
कि يَكُونَ हो वो yakūna
हो वो قَرِيبًۭا क़रीब ही qarīban
क़रीब ही ٥١ (51)
(51)
या خَلْقًۭا कोई मख़लूक़ khalqan
कोई मख़लूक़ مِّمَّا उससे जो mimmā
उससे जो يَكْبُرُ बड़ी हो yakburu
बड़ी हो فِى in fī
in صُدُورِكُمْ ۚ तुम्हारे सीनों में ṣudūrikum
तुम्हारे सीनों में فَسَيَقُولُونَ पस अनक़रीब वो कहेंगे fasayaqūlūna
पस अनक़रीब वो कहेंगे مَن कौन man
कौन يُعِيدُنَا ۖ लौटाएगा हमें yuʿīdunā
लौटाएगा हमें قُلِ कह दीजिए quli
कह दीजिए ٱلَّذِى वो जिसने alladhī
वो जिसने فَطَرَكُمْ पैदा किया तुम्हें faṭarakum
पैदा किया तुम्हें أَوَّلَ पहली awwala
पहली مَرَّةٍۢ ۚ बार marratin
बार فَسَيُنْغِضُونَ पस अनक़रीब वो हिलाऐंगे fasayun'ghiḍūna
पस अनक़रीब वो हिलाऐंगे إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके رُءُوسَهُمْ अपने सरों को ruūsahum
अपने सरों को وَيَقُولُونَ और वो कहेंगे wayaqūlūna
और वो कहेंगे مَتَىٰ कब है matā
कब है هُوَ ۖ वो huwa
वो قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए عَسَىٰٓ उम्मीद है ʿasā
उम्मीद है أَن कि an
कि يَكُونَ हो वो yakūna
हो वो قَرِيبًۭا क़रीब ही qarīban
क़रीब ही ٥١ (51)
(51)
या कोई और रचना (बन जाओ), जो तुम्हारे दिलों में इससे बड़ी मालूम होती हो। फिर वे पूछेंगे : कौन हमें दोबारा पैदा करेगा? आप कह दें : वही जिसने तुम्हें पहली बार पैदा किया। फिर वे आपके आगे अपना सिर हिलाएँगे1 और कहेंगे : ऐसा कब होगा? आप कह दें : हो सकता है कि वह निकट हो।
१७:५२
يَوْمَ
जिस दिन
yawma
जिस दिन يَدْعُوكُمْ वो पुकारेगा तुम्हें yadʿūkum
वो पुकारेगा तुम्हें فَتَسْتَجِيبُونَ पस तुम जवाब दोगे fatastajībūna
पस तुम जवाब दोगे بِحَمْدِهِۦ साथ उसकी हम्द के biḥamdihi
साथ उसकी हम्द के وَتَظُنُّونَ और तुम समझ जाओगे wataẓunnūna
और तुम समझ जाओगे إِن कि नहीं in
कि नहीं لَّبِثْتُمْ ठहरे तुम labith'tum
ठहरे तुम إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلًۭا बहुत थोड़ा qalīlan
बहुत थोड़ा ٥٢ (52)
(52)
जिस दिन يَدْعُوكُمْ वो पुकारेगा तुम्हें yadʿūkum
वो पुकारेगा तुम्हें فَتَسْتَجِيبُونَ पस तुम जवाब दोगे fatastajībūna
पस तुम जवाब दोगे بِحَمْدِهِۦ साथ उसकी हम्द के biḥamdihi
साथ उसकी हम्द के وَتَظُنُّونَ और तुम समझ जाओगे wataẓunnūna
और तुम समझ जाओगे إِن कि नहीं in
कि नहीं لَّبِثْتُمْ ठहरे तुम labith'tum
ठहरे तुम إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلًۭا बहुत थोड़ा qalīlan
बहुत थोड़ा ٥٢ (52)
(52)
जिस दिन वह तुम्हें पुकारेगा, तो तुम उसकी प्रशंसा करते हुए उसकी पुकार का उत्तर दोगे1 और यह सोचोगे कि तुम (संसार में) थोड़े ही समय रहे हो।
१७:५३
وَقُل
और कह दीजिए
waqul
और कह दीजिए لِّعِبَادِى मेरे बन्दों को liʿibādī
मेरे बन्दों को يَقُولُوا۟ वो कहें yaqūlū
वो कहें ٱلَّتِى वो (बात) जो allatī
वो (बात) जो هِىَ वो hiya
वो أَحْسَنُ ۚ ज़्यादा अच्छी हो aḥsanu
ज़्यादा अच्छी हो إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلشَّيْطَـٰنَ शैतान l-shayṭāna
शैतान يَنزَغُ फ़साद डालता है yanzaghu
फ़साद डालता है بَيْنَهُمْ ۚ दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके إِنَّ यक़ीनन inna
यक़ीनन ٱلشَّيْطَـٰنَ शैतान l-shayṭāna
शैतान كَانَ है kāna
है لِلْإِنسَـٰنِ इन्सान के लिए lil'insāni
इन्सान के लिए عَدُوًّۭا दुश्मन ʿaduwwan
दुश्मन مُّبِينًۭا खुला mubīnan
खुला ٥٣ (53)
(53)
और कह दीजिए لِّعِبَادِى मेरे बन्दों को liʿibādī
मेरे बन्दों को يَقُولُوا۟ वो कहें yaqūlū
वो कहें ٱلَّتِى वो (बात) जो allatī
वो (बात) जो هِىَ वो hiya
वो أَحْسَنُ ۚ ज़्यादा अच्छी हो aḥsanu
ज़्यादा अच्छी हो إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلشَّيْطَـٰنَ शैतान l-shayṭāna
शैतान يَنزَغُ फ़साद डालता है yanzaghu
फ़साद डालता है بَيْنَهُمْ ۚ दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके إِنَّ यक़ीनन inna
यक़ीनन ٱلشَّيْطَـٰنَ शैतान l-shayṭāna
शैतान كَانَ है kāna
है لِلْإِنسَـٰنِ इन्सान के लिए lil'insāni
इन्सान के लिए عَدُوًّۭا दुश्मन ʿaduwwan
दुश्मन مُّبِينًۭا खुला mubīnan
खुला ٥٣ (53)
(53)
और आप मेरे बंदों से कह दें कि वह बात कहें जो सबसे उत्तम हो। निःसंदेह शैतान उनके बीच बिगाड़ पैदा करता1 है। निःसंदेह शैतान इनसान का खुला दुश्मन है।
१७:५४
رَّبُّكُمْ
रब तुम्हारा
rabbukum
रब तुम्हारा أَعْلَمُ ख़ूब जानता है aʿlamu
ख़ूब जानता है بِكُمْ ۖ तुम्हें bikum
तुम्हें إِن अगर in
अगर يَشَأْ वो चाहे yasha
वो चाहे يَرْحَمْكُمْ वो रहम करे तुम पर yarḥamkum
वो रहम करे तुम पर أَوْ या aw
या إِن अगर in
अगर يَشَأْ वो चाहे yasha
वो चाहे يُعَذِّبْكُمْ ۚ वो अज़ाब दे तुम्हें yuʿadhib'kum
वो अज़ाब दे तुम्हें وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं أَرْسَلْنَـٰكَ भेजा हमने आपको arsalnāka
भेजा हमने आपको عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर وَكِيلًۭا ज़िम्मेदार बनाकर wakīlan
ज़िम्मेदार बनाकर ٥٤ (54)
(54)
रब तुम्हारा أَعْلَمُ ख़ूब जानता है aʿlamu
ख़ूब जानता है بِكُمْ ۖ तुम्हें bikum
तुम्हें إِن अगर in
अगर يَشَأْ वो चाहे yasha
वो चाहे يَرْحَمْكُمْ वो रहम करे तुम पर yarḥamkum
वो रहम करे तुम पर أَوْ या aw
या إِن अगर in
अगर يَشَأْ वो चाहे yasha
वो चाहे يُعَذِّبْكُمْ ۚ वो अज़ाब दे तुम्हें yuʿadhib'kum
वो अज़ाब दे तुम्हें وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं أَرْسَلْنَـٰكَ भेजा हमने आपको arsalnāka
भेजा हमने आपको عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर وَكِيلًۭا ज़िम्मेदार बनाकर wakīlan
ज़िम्मेदार बनाकर ٥٤ (54)
(54)
तुम्हारा पालनहार, तुम्हें बेहतर जानता है। यदि वह चाहे तो तुमपर दया करे या यदि चाहे तो तुम्हें अज़ाब दे। और हमने आपको उनपर ज़िम्मेदार बनाकर नहीं भेजा है।1
१७:५५
وَرَبُّكَ
और रब आपका
warabbuka
और रब आपका أَعْلَمُ ख़ूब जानता है aʿlamu
ख़ूब जानता है بِمَن उसे जो biman
उसे जो فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में وَٱلْأَرْضِ ۗ और ज़मीन में है wal-arḍi
और ज़मीन में है وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ فَضَّلْنَا फ़जीलत दी हमने faḍḍalnā
फ़जीलत दी हमने بَعْضَ बाज़ baʿḍa
बाज़ ٱلنَّبِيِّـۧنَ नबियों को l-nabiyīna
नबियों को عَلَىٰ to ʿalā
to بَعْضٍۢ ۖ बाज़ पर baʿḍin
बाज़ पर وَءَاتَيْنَا और दी हमने waātaynā
और दी हमने دَاوُۥدَ दाऊद को dāwūda
दाऊद को زَبُورًۭا ज़बूर zabūran
ज़बूर ٥٥ (55)
(55)
और रब आपका أَعْلَمُ ख़ूब जानता है aʿlamu
ख़ूब जानता है بِمَن उसे जो biman
उसे जो فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में وَٱلْأَرْضِ ۗ और ज़मीन में है wal-arḍi
और ज़मीन में है وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ فَضَّلْنَا फ़जीलत दी हमने faḍḍalnā
फ़जीलत दी हमने بَعْضَ बाज़ baʿḍa
बाज़ ٱلنَّبِيِّـۧنَ नबियों को l-nabiyīna
नबियों को عَلَىٰ to ʿalā
to بَعْضٍۢ ۖ बाज़ पर baʿḍin
बाज़ पर وَءَاتَيْنَا और दी हमने waātaynā
और दी हमने دَاوُۥدَ दाऊद को dāwūda
दाऊद को زَبُورًۭا ज़बूर zabūran
ज़बूर ٥٥ (55)
(55)
तथा आपका पालनहार उन्हें अधिक जानता है, जो आकाशों तथा धरती में हैं। और हमने कुछ नबियों को कुछ पर श्रेष्ठता प्रदान की और दाऊद को ज़बूर (पुस्तक) प्रदान की।
१७:५६
قُلِ
कह दीजिए
quli
कह दीजिए ٱدْعُوا۟ पुकारो id'ʿū
पुकारो ٱلَّذِينَ उनको जिन्हें alladhīna
उनको जिन्हें زَعَمْتُم समझते हो तुम zaʿamtum
समझते हो तुम مِّن besides Him min
besides Him دُونِهِۦ उसके सिवा (माबूद) dūnihi
उसके सिवा (माबूद) فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं يَمْلِكُونَ वो मालिक हो सकते yamlikūna
वो मालिक हो सकते كَشْفَ दूर करने के kashfa
दूर करने के ٱلضُّرِّ तकलीफ़ को l-ḍuri
तकलीफ़ को عَنكُمْ तुमसे ʿankum
तुमसे وَلَا और ना walā
और ना تَحْوِيلًا बदलने के taḥwīlan
बदलने के ٥٦ (56)
(56)
कह दीजिए ٱدْعُوا۟ पुकारो id'ʿū
पुकारो ٱلَّذِينَ उनको जिन्हें alladhīna
उनको जिन्हें زَعَمْتُم समझते हो तुम zaʿamtum
समझते हो तुम مِّن besides Him min
besides Him دُونِهِۦ उसके सिवा (माबूद) dūnihi
उसके सिवा (माबूद) فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं يَمْلِكُونَ वो मालिक हो सकते yamlikūna
वो मालिक हो सकते كَشْفَ दूर करने के kashfa
दूर करने के ٱلضُّرِّ तकलीफ़ को l-ḍuri
तकलीफ़ को عَنكُمْ तुमसे ʿankum
तुमसे وَلَا और ना walā
और ना تَحْوِيلًا बदलने के taḥwīlan
बदलने के ٥٦ (56)
(56)
आप कह दें कि उन्हें पुकारो, जिन्हें तुम अल्लाह के सिवा (पूज्य) समझते हो। वे न तो तुमसे कष्ट दूर करने का अधिकार रखते है और न (उसे) बदलने का।
१७:५७
أُو۟لَـٰٓئِكَ
ये लोग
ulāika
ये लोग ٱلَّذِينَ जिन्हें alladhīna
जिन्हें يَدْعُونَ वो पुकारते हैं yadʿūna
वो पुकारते हैं يَبْتَغُونَ वो (ख़ुद) तलाश करते हैं yabtaghūna
वो (ख़ुद) तलाश करते हैं إِلَىٰ to ilā
to رَبِّهِمُ तरफ़ अपने रब के rabbihimu
तरफ़ अपने रब के ٱلْوَسِيلَةَ वसीला/ज़रिया l-wasīlata
वसीला/ज़रिया أَيُّهُمْ कौन उनमें से ayyuhum
कौन उनमें से أَقْرَبُ ज़्यादा क़रीब है aqrabu
ज़्यादा क़रीब है وَيَرْجُونَ और वो उम्मीद रखते हैं wayarjūna
और वो उम्मीद रखते हैं رَحْمَتَهُۥ उसकी रहमत की raḥmatahu
उसकी रहमत की وَيَخَافُونَ और वो डरते हैं wayakhāfūna
और वो डरते हैं عَذَابَهُۥٓ ۚ उसके अज़ाब से ʿadhābahu
उसके अज़ाब से إِنَّ बेशक inna
बेशक عَذَابَ अज़ाब ʿadhāba
अज़ाब رَبِّكَ आपके रब का rabbika
आपके रब का كَانَ है kāna
है مَحْذُورًۭا डरने की चीज़ maḥdhūran
डरने की चीज़ ٥٧ (57)
(57)
ये लोग ٱلَّذِينَ जिन्हें alladhīna
जिन्हें يَدْعُونَ वो पुकारते हैं yadʿūna
वो पुकारते हैं يَبْتَغُونَ वो (ख़ुद) तलाश करते हैं yabtaghūna
वो (ख़ुद) तलाश करते हैं إِلَىٰ to ilā
to رَبِّهِمُ तरफ़ अपने रब के rabbihimu
तरफ़ अपने रब के ٱلْوَسِيلَةَ वसीला/ज़रिया l-wasīlata
वसीला/ज़रिया أَيُّهُمْ कौन उनमें से ayyuhum
कौन उनमें से أَقْرَبُ ज़्यादा क़रीब है aqrabu
ज़्यादा क़रीब है وَيَرْجُونَ और वो उम्मीद रखते हैं wayarjūna
और वो उम्मीद रखते हैं رَحْمَتَهُۥ उसकी रहमत की raḥmatahu
उसकी रहमत की وَيَخَافُونَ और वो डरते हैं wayakhāfūna
और वो डरते हैं عَذَابَهُۥٓ ۚ उसके अज़ाब से ʿadhābahu
उसके अज़ाब से إِنَّ बेशक inna
बेशक عَذَابَ अज़ाब ʿadhāba
अज़ाब رَبِّكَ आपके रब का rabbika
आपके रब का كَانَ है kāna
है مَحْذُورًۭا डरने की चीज़ maḥdhūran
डरने की चीज़ ٥٧ (57)
(57)
जिन्हें ये (मुश्रिक) लोग1 पुकारते हैं, वे स्वयं अपने पालनहार की निकटता का साधन2 तलाश करते हैं कि उनमें से कौन (अल्लाह से) सबसे अधिक निकट हो जाए, तथा उसकी दया की आशा रखते हैं और उसकी यातना से डरते हैं। निःसंदेह आपके पालनहार की यातना डरने की चीज़ है।
१७:५८
وَإِن
और नहीं
wa-in
और नहीं مِّن (is) any min
(is) any قَرْيَةٍ कोई बस्ती qaryatin
कोई बस्ती إِلَّا मगर illā
मगर نَحْنُ हम naḥnu
हम مُهْلِكُوهَا हलाक करने वाले है उसे muh'likūhā
हलाक करने वाले है उसे قَبْلَ क़ब्ल qabla
क़ब्ल يَوْمِ दिन yawmi
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के أَوْ या aw
या مُعَذِّبُوهَا अज़ाब देने वाले हैं उसे muʿadhibūhā
अज़ाब देने वाले हैं उसे عَذَابًۭا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब شَدِيدًۭا ۚ सख़्त shadīdan
सख़्त كَانَ है kāna
है ذَٰلِكَ ये dhālika
ये فِى in fī
in ٱلْكِتَـٰبِ किताब में l-kitābi
किताब में مَسْطُورًۭا लिखा हुआ masṭūran
लिखा हुआ ٥٨ (58)
(58)
और नहीं مِّن (is) any min
(is) any قَرْيَةٍ कोई बस्ती qaryatin
कोई बस्ती إِلَّا मगर illā
मगर نَحْنُ हम naḥnu
हम مُهْلِكُوهَا हलाक करने वाले है उसे muh'likūhā
हलाक करने वाले है उसे قَبْلَ क़ब्ल qabla
क़ब्ल يَوْمِ दिन yawmi
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के أَوْ या aw
या مُعَذِّبُوهَا अज़ाब देने वाले हैं उसे muʿadhibūhā
अज़ाब देने वाले हैं उसे عَذَابًۭا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब شَدِيدًۭا ۚ सख़्त shadīdan
सख़्त كَانَ है kāna
है ذَٰلِكَ ये dhālika
ये فِى in fī
in ٱلْكِتَـٰبِ किताब में l-kitābi
किताब में مَسْطُورًۭا लिखा हुआ masṭūran
लिखा हुआ ٥٨ (58)
(58)
और कोई (अत्याचारी) बस्ती ऐसी नहीं है, जिसे हम क़ियामत के दिन से पहले विनष्ट न कर दें या कड़ी यातना न दें। यह बात किताब (लौहे महफ़ूज़) में लिखी हुई है।
१७:५९
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं مَنَعَنَآ रोका हमें manaʿanā
रोका हमें أَن कि an
कि نُّرْسِلَ हम भेजें nur'sila
हम भेजें بِٱلْـَٔايَـٰتِ निशानियाँ bil-āyāti
निशानियाँ إِلَّآ मगर illā
मगर أَن (इस बात ने) कि an
(इस बात ने) कि كَذَّبَ झुठलाया kadhaba
झुठलाया بِهَا उन्हें bihā
उन्हें ٱلْأَوَّلُونَ ۚ पहलों ने l-awalūna
पहलों ने وَءَاتَيْنَا और दी हमने waātaynā
और दी हमने ثَمُودَ समूद को thamūda
समूद को ٱلنَّاقَةَ ऊँटनी l-nāqata
ऊँटनी مُبْصِرَةًۭ वाज़ेह निशानी mub'ṣiratan
वाज़ेह निशानी فَظَلَمُوا۟ तो उन्होंने ज़ुल्म किया faẓalamū
तो उन्होंने ज़ुल्म किया بِهَا ۚ साथ उसके bihā
साथ उसके وَمَا और नहीं wamā
और नहीं نُرْسِلُ हम भेजते nur'silu
हम भेजते بِٱلْـَٔايَـٰتِ निशानियाँ bil-āyāti
निशानियाँ إِلَّا मगर illā
मगर تَخْوِيفًۭا डराने के लिए takhwīfan
डराने के लिए ٥٩ (59)
(59)
और नहीं مَنَعَنَآ रोका हमें manaʿanā
रोका हमें أَن कि an
कि نُّرْسِلَ हम भेजें nur'sila
हम भेजें بِٱلْـَٔايَـٰتِ निशानियाँ bil-āyāti
निशानियाँ إِلَّآ मगर illā
मगर أَن (इस बात ने) कि an
(इस बात ने) कि كَذَّبَ झुठलाया kadhaba
झुठलाया بِهَا उन्हें bihā
उन्हें ٱلْأَوَّلُونَ ۚ पहलों ने l-awalūna
पहलों ने وَءَاتَيْنَا और दी हमने waātaynā
और दी हमने ثَمُودَ समूद को thamūda
समूद को ٱلنَّاقَةَ ऊँटनी l-nāqata
ऊँटनी مُبْصِرَةًۭ वाज़ेह निशानी mub'ṣiratan
वाज़ेह निशानी فَظَلَمُوا۟ तो उन्होंने ज़ुल्म किया faẓalamū
तो उन्होंने ज़ुल्म किया بِهَا ۚ साथ उसके bihā
साथ उसके وَمَا और नहीं wamā
और नहीं نُرْسِلُ हम भेजते nur'silu
हम भेजते بِٱلْـَٔايَـٰتِ निशानियाँ bil-āyāti
निशानियाँ إِلَّا मगर illā
मगर تَخْوِيفًۭا डराने के लिए takhwīfan
डराने के लिए ٥٩ (59)
(59)
और हमें निशानियाँ भेजने से केवल इस बात ने रोका कि पिछले लोगों ने उन्हें झुठला1 दिया। और हमने समूद (समुदाय) को ऊँटनी का स्पष्ट चमत्कार दिया, तो उन्होंने उसपर अत्याचार किया। और हम निशानियाँ (चमत्कार) केवल डराने के लिए भेजते हैं।
१७:६०
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब قُلْنَا कहा हमने qul'nā
कहा हमने لَكَ आपको laka
आपको إِنَّ बेशक inna
बेशक رَبَّكَ आपके रब ने rabbaka
आपके रब ने أَحَاطَ घेर लिया है aḥāṭa
घेर लिया है بِٱلنَّاسِ ۚ लोगों को bil-nāsi
लोगों को وَمَا और नहीं wamā
और नहीं جَعَلْنَا बनाया हमने jaʿalnā
बनाया हमने ٱلرُّءْيَا इस मन्ज़र को l-ru'yā
इस मन्ज़र को ٱلَّتِىٓ वो जो allatī
वो जो أَرَيْنَـٰكَ दिखाया हमने आपको araynāka
दिखाया हमने आपको إِلَّا मगर illā
मगर فِتْنَةًۭ एक आज़माइश fit'natan
एक आज़माइश لِّلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए وَٱلشَّجَرَةَ और इस दरख़्त को (भी) wal-shajarata
और इस दरख़्त को (भी) ٱلْمَلْعُونَةَ जो लानत किया गया l-malʿūnata
जो लानत किया गया فِى in fī
in ٱلْقُرْءَانِ ۚ क़ुरआन में l-qur'āni
क़ुरआन में وَنُخَوِّفُهُمْ और हम डराते हैं उन्हें wanukhawwifuhum
और हम डराते हैं उन्हें فَمَا तो नहीं famā
तो नहीं يَزِيدُهُمْ वो ज़्यादा करता उन्हें yazīduhum
वो ज़्यादा करता उन्हें إِلَّا मगर illā
मगर طُغْيَـٰنًۭا सरकशी में ṭugh'yānan
सरकशी में كَبِيرًۭا बहुत बड़ी kabīran
बहुत बड़ी ٦٠ (60)
(60)
और जब قُلْنَا कहा हमने qul'nā
कहा हमने لَكَ आपको laka
आपको إِنَّ बेशक inna
बेशक رَبَّكَ आपके रब ने rabbaka
आपके रब ने أَحَاطَ घेर लिया है aḥāṭa
घेर लिया है بِٱلنَّاسِ ۚ लोगों को bil-nāsi
लोगों को وَمَا और नहीं wamā
और नहीं جَعَلْنَا बनाया हमने jaʿalnā
बनाया हमने ٱلرُّءْيَا इस मन्ज़र को l-ru'yā
इस मन्ज़र को ٱلَّتِىٓ वो जो allatī
वो जो أَرَيْنَـٰكَ दिखाया हमने आपको araynāka
दिखाया हमने आपको إِلَّا मगर illā
मगर فِتْنَةًۭ एक आज़माइश fit'natan
एक आज़माइश لِّلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए وَٱلشَّجَرَةَ और इस दरख़्त को (भी) wal-shajarata
और इस दरख़्त को (भी) ٱلْمَلْعُونَةَ जो लानत किया गया l-malʿūnata
जो लानत किया गया فِى in fī
in ٱلْقُرْءَانِ ۚ क़ुरआन में l-qur'āni
क़ुरआन में وَنُخَوِّفُهُمْ और हम डराते हैं उन्हें wanukhawwifuhum
और हम डराते हैं उन्हें فَمَا तो नहीं famā
तो नहीं يَزِيدُهُمْ वो ज़्यादा करता उन्हें yazīduhum
वो ज़्यादा करता उन्हें إِلَّا मगर illā
मगर طُغْيَـٰنًۭا सरकशी में ṭugh'yānan
सरकशी में كَبِيرًۭا बहुत बड़ी kabīran
बहुत बड़ी ٦٠ (60)
(60)
और (ऐ नबी! याद करें) जब हमने आपसे कहा : निःसंदेह आपके पालनहार ने लोगों को घेरे में ले रखा है। और हमने (मेराज की रात) आपको जो कुछ दिखाया1, उसे लोगों के लिए एक आज़माइश बना दिया2, और उस वृक्ष को भी (आज़माइश बना दिया) जिसे क़ुरआन में शापित ठहराया गया है। और हम उन्हें डराते हैं, किंतु यह (डराना) उनकी बड़ी सरकशी ही को बढ़ाता है।
१७:६१
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब قُلْنَا कहा हमने qul'nā
कहा हमने لِلْمَلَـٰٓئِكَةِ फ़रिश्तों से lil'malāikati
फ़रिश्तों से ٱسْجُدُوا۟ सजदा करो us'judū
सजदा करो لِـَٔادَمَ आदम को liādama
आदम को فَسَجَدُوٓا۟ तो उन्होंने सजदा किया fasajadū
तो उन्होंने सजदा किया إِلَّآ सिवाय illā
सिवाय إِبْلِيسَ इब्लीस के ib'līsa
इब्लीस के قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा ءَأَسْجُدُ क्या मैं सजदा करुँ a-asjudu
क्या मैं सजदा करुँ لِمَنْ उसको जिसे liman
उसको जिसे خَلَقْتَ पैदा किया तूने khalaqta
पैदा किया तूने طِينًۭا मिट्टी से ṭīnan
मिट्टी से ٦١ (61)
(61)
और जब قُلْنَا कहा हमने qul'nā
कहा हमने لِلْمَلَـٰٓئِكَةِ फ़रिश्तों से lil'malāikati
फ़रिश्तों से ٱسْجُدُوا۟ सजदा करो us'judū
सजदा करो لِـَٔادَمَ आदम को liādama
आदम को فَسَجَدُوٓا۟ तो उन्होंने सजदा किया fasajadū
तो उन्होंने सजदा किया إِلَّآ सिवाय illā
सिवाय إِبْلِيسَ इब्लीस के ib'līsa
इब्लीस के قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा ءَأَسْجُدُ क्या मैं सजदा करुँ a-asjudu
क्या मैं सजदा करुँ لِمَنْ उसको जिसे liman
उसको जिसे خَلَقْتَ पैदा किया तूने khalaqta
पैदा किया तूने طِينًۭا मिट्टी से ṭīnan
मिट्टी से ٦١ (61)
(61)
और जब हमने फ़रिश्तों से कहा : आदम को सजदा करो, तो इबलीस के सिवा सबने सजदा किया। उसने कहा कि क्या मैं उसे सजदा करूँ, जिसे तूने मिट्टी से पैदा किया है?
१७:६२
قَالَ
उसने कहा
qāla
उसने कहा أَرَءَيْتَكَ क्या देखा तूने ara-aytaka
क्या देखा तूने هَـٰذَا ये hādhā
ये ٱلَّذِى जिसे alladhī
जिसे كَرَّمْتَ इज़्ज़त दी तूने karramta
इज़्ज़त दी तूने عَلَىَّ मुझ पर ʿalayya
मुझ पर لَئِنْ अलबत्ता अगर la-in
अलबत्ता अगर أَخَّرْتَنِ मोहलत दी तूने मुझे akhartani
मोहलत दी तूने मुझे إِلَىٰ till ilā
till يَوْمِ (the) Day yawmi
(the) Day ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के दिन तक l-qiyāmati
क़यामत के दिन तक لَأَحْتَنِكَنَّ अलबत्ता मैं ज़रूर काबू में कर लूगाँ la-aḥtanikanna
अलबत्ता मैं ज़रूर काबू में कर लूगाँ ذُرِّيَّتَهُۥٓ उसकी औलाद को dhurriyyatahu
उसकी औलाद को إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلًۭا बहुत थोड़े qalīlan
बहुत थोड़े ٦٢ (62)
(62)
उसने कहा أَرَءَيْتَكَ क्या देखा तूने ara-aytaka
क्या देखा तूने هَـٰذَا ये hādhā
ये ٱلَّذِى जिसे alladhī
जिसे كَرَّمْتَ इज़्ज़त दी तूने karramta
इज़्ज़त दी तूने عَلَىَّ मुझ पर ʿalayya
मुझ पर لَئِنْ अलबत्ता अगर la-in
अलबत्ता अगर أَخَّرْتَنِ मोहलत दी तूने मुझे akhartani
मोहलत दी तूने मुझे إِلَىٰ till ilā
till يَوْمِ (the) Day yawmi
(the) Day ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के दिन तक l-qiyāmati
क़यामत के दिन तक لَأَحْتَنِكَنَّ अलबत्ता मैं ज़रूर काबू में कर लूगाँ la-aḥtanikanna
अलबत्ता मैं ज़रूर काबू में कर लूगाँ ذُرِّيَّتَهُۥٓ उसकी औलाद को dhurriyyatahu
उसकी औलाद को إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلًۭا बहुत थोड़े qalīlan
बहुत थोड़े ٦٢ (62)
(62)
(तथा) उसने कहा : क्या तूने इसे देखा, जिसे तूने मेरे ऊपर सम्मानित किया है? यदि तूने मुझे क़ियामत के दिन तक अवसर दिया, तो मैं निश्चित रूप से कुछ को छोड़कर, उसकी संतति को अपने वश1 में कर लूँगा।
१७:६३
قَالَ
फ़रमाया
qāla
फ़रमाया ٱذْهَبْ जा idh'hab
जा فَمَن पस जो कोई faman
पस जो कोई تَبِعَكَ पैरवी करे तेरी tabiʿaka
पैरवी करे तेरी مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक جَهَنَّمَ जहन्नम jahannama
जहन्नम جَزَآؤُكُمْ बदला है तुम्हारा jazāukum
बदला है तुम्हारा جَزَآءًۭ बदला jazāan
बदला مَّوْفُورًۭا पूरा-पूरा mawfūran
पूरा-पूरा ٦٣ (63)
(63)
फ़रमाया ٱذْهَبْ जा idh'hab
जा فَمَن पस जो कोई faman
पस जो कोई تَبِعَكَ पैरवी करे तेरी tabiʿaka
पैरवी करे तेरी مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक جَهَنَّمَ जहन्नम jahannama
जहन्नम جَزَآؤُكُمْ बदला है तुम्हारा jazāukum
बदला है तुम्हारा جَزَآءًۭ बदला jazāan
बदला مَّوْفُورًۭا पूरा-पूरा mawfūran
पूरा-पूरा ٦٣ (63)
(63)
अल्लाह ने कहा : जा! उनमें से जो भी तेरी बात मानेगा, तो निःसंदेह तुम सब का भरपूर बदला जहन्नम है।
१७:६४
وَٱسْتَفْزِزْ
और बहका ले
wa-is'tafziz
और बहका ले مَنِ जिसे mani
जिसे ٱسْتَطَعْتَ इस्तिताअत रखता है तू is'taṭaʿta
इस्तिताअत रखता है तू مِنْهُم उनमें से min'hum
उनमें से بِصَوْتِكَ साथ अपनी आवाज़ के biṣawtika
साथ अपनी आवाज़ के وَأَجْلِبْ और चढ़ा ला wa-ajlib
और चढ़ा ला عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर بِخَيْلِكَ सवार अपने bikhaylika
सवार अपने وَرَجِلِكَ और प्यादे अपने warajilika
और प्यादे अपने وَشَارِكْهُمْ और शरीक हो जा उनका washārik'hum
और शरीक हो जा उनका فِى in fī
in ٱلْأَمْوَٰلِ मालों में l-amwāli
मालों में وَٱلْأَوْلَـٰدِ और औलाद में wal-awlādi
और औलाद में وَعِدْهُمْ ۚ और वादा कर उनसे waʿid'hum
और वादा कर उनसे وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَعِدُهُمُ वादा करता उनसे yaʿiduhumu
वादा करता उनसे ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान l-shayṭānu
शैतान إِلَّا मगर illā
मगर غُرُورًا धोखे का ghurūran
धोखे का ٦٤ (64)
(64)
और बहका ले مَنِ जिसे mani
जिसे ٱسْتَطَعْتَ इस्तिताअत रखता है तू is'taṭaʿta
इस्तिताअत रखता है तू مِنْهُم उनमें से min'hum
उनमें से بِصَوْتِكَ साथ अपनी आवाज़ के biṣawtika
साथ अपनी आवाज़ के وَأَجْلِبْ और चढ़ा ला wa-ajlib
और चढ़ा ला عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर بِخَيْلِكَ सवार अपने bikhaylika
सवार अपने وَرَجِلِكَ और प्यादे अपने warajilika
और प्यादे अपने وَشَارِكْهُمْ और शरीक हो जा उनका washārik'hum
और शरीक हो जा उनका فِى in fī
in ٱلْأَمْوَٰلِ मालों में l-amwāli
मालों में وَٱلْأَوْلَـٰدِ और औलाद में wal-awlādi
और औलाद में وَعِدْهُمْ ۚ और वादा कर उनसे waʿid'hum
और वादा कर उनसे وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَعِدُهُمُ वादा करता उनसे yaʿiduhumu
वादा करता उनसे ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान l-shayṭānu
शैतान إِلَّا मगर illā
मगर غُرُورًا धोखे का ghurūran
धोखे का ٦٤ (64)
(64)
उनमें से जिस पर तेरा बस चल सके, उसे अपनी आवाज़1 से बहका ले, और उनपर अपने सवार और प्यादे चढ़ा2 ला, तथा धन और संतान में उनका साझी बन3 जा, और उनसे झूठे वादे कर। और शैतान उनसे जो वादा करता है, वह धोखे के सिवा कुछ नहीं होता।
१७:६५
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक عِبَادِى मेरे बन्दे ʿibādī
मेरे बन्दे لَيْسَ नहीं है laysa
नहीं है لَكَ तेरे लिए laka
तेरे लिए عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर سُلْطَـٰنٌۭ ۚ कोई ज़ोर sul'ṭānun
कोई ज़ोर وَكَفَىٰ और काफ़ी है wakafā
और काफ़ी है بِرَبِّكَ रब आपका birabbika
रब आपका وَكِيلًۭا कारसाज़ wakīlan
कारसाज़ ٦٥ (65)
(65)
बेशक عِبَادِى मेरे बन्दे ʿibādī
मेरे बन्दे لَيْسَ नहीं है laysa
नहीं है لَكَ तेरे लिए laka
तेरे लिए عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर سُلْطَـٰنٌۭ ۚ कोई ज़ोर sul'ṭānun
कोई ज़ोर وَكَفَىٰ और काफ़ी है wakafā
और काफ़ी है بِرَبِّكَ रब आपका birabbika
रब आपका وَكِيلًۭا कारसाज़ wakīlan
कारसाज़ ٦٥ (65)
(65)
निःसंदेह मेरे (सच्चे) बंदों पर तेरा कोई वश नहीं चल सकता और आपका पालनहार संरक्षक के रूप में काफ़ी है।
१७:६६
رَّبُّكُمُ
रब तुम्हारा
rabbukumu
रब तुम्हारा ٱلَّذِى वो है जो alladhī
वो है जो يُزْجِى चलाता है yuz'jī
चलाता है لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلْفُلْكَ कश्तियों को l-ful'ka
कश्तियों को فِى in fī
in ٱلْبَحْرِ समुन्दर में l-baḥri
समुन्दर में لِتَبْتَغُوا۟ ताकि तुम तलाश करो litabtaghū
ताकि तुम तलाश करो مِن of min
of فَضْلِهِۦٓ ۚ उसके फ़ज़ल से faḍlihi
उसके फ़ज़ल से إِنَّهُۥ यक़ीनन वो innahu
यक़ीनन वो كَانَ है वो kāna
है वो بِكُمْ तुम पर bikum
तुम पर رَحِيمًۭا निहायत रहम करने वाला raḥīman
निहायत रहम करने वाला ٦٦ (66)
(66)
रब तुम्हारा ٱلَّذِى वो है जो alladhī
वो है जो يُزْجِى चलाता है yuz'jī
चलाता है لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلْفُلْكَ कश्तियों को l-ful'ka
कश्तियों को فِى in fī
in ٱلْبَحْرِ समुन्दर में l-baḥri
समुन्दर में لِتَبْتَغُوا۟ ताकि तुम तलाश करो litabtaghū
ताकि तुम तलाश करो مِن of min
of فَضْلِهِۦٓ ۚ उसके फ़ज़ल से faḍlihi
उसके फ़ज़ल से إِنَّهُۥ यक़ीनन वो innahu
यक़ीनन वो كَانَ है वो kāna
है वो بِكُمْ तुम पर bikum
तुम पर رَحِيمًۭا निहायत रहम करने वाला raḥīman
निहायत रहम करने वाला ٦٦ (66)
(66)
तुम्हारा पालनहार वह है, जो तुम्हारे लिए समुद्र में नौका चलाता है, ताकि तुम उसका अनुग्रह (रोज़ी) तलाश करो। निःसंदेह वह तुमपर अत्यंत दयालु है।
१७:६७
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब مَسَّكُمُ पहुँचती है तुम्हें massakumu
पहुँचती है तुम्हें ٱلضُّرُّ तकलीफ़ l-ḍuru
तकलीफ़ فِى in fī
in ٱلْبَحْرِ समुन्दर में l-baḥri
समुन्दर में ضَلَّ गुम हो जाते हैं ḍalla
गुम हो जाते हैं مَن वो जिन्हें man
वो जिन्हें تَدْعُونَ तुम पुकारते हो tadʿūna
तुम पुकारते हो إِلَّآ मगर illā
मगर إِيَّاهُ ۖ सिर्फ़ वो ही iyyāhu
सिर्फ़ वो ही فَلَمَّا तो जब falammā
तो जब نَجَّىٰكُمْ वो निजात देता है तुम्हें najjākum
वो निजात देता है तुम्हें إِلَى to ilā
to ٱلْبَرِّ तरफ़ ख़ुश्की के l-bari
तरफ़ ख़ुश्की के أَعْرَضْتُمْ ۚ तो ऐराज़ करते हो तुम aʿraḍtum
तो ऐराज़ करते हो तुम وَكَانَ और है wakāna
और है ٱلْإِنسَـٰنُ इन्सान l-insānu
इन्सान كَفُورًا बड़ा नाशुक्रा kafūran
बड़ा नाशुक्रा ٦٧ (67)
(67)
और जब مَسَّكُمُ पहुँचती है तुम्हें massakumu
पहुँचती है तुम्हें ٱلضُّرُّ तकलीफ़ l-ḍuru
तकलीफ़ فِى in fī
in ٱلْبَحْرِ समुन्दर में l-baḥri
समुन्दर में ضَلَّ गुम हो जाते हैं ḍalla
गुम हो जाते हैं مَن वो जिन्हें man
वो जिन्हें تَدْعُونَ तुम पुकारते हो tadʿūna
तुम पुकारते हो إِلَّآ मगर illā
मगर إِيَّاهُ ۖ सिर्फ़ वो ही iyyāhu
सिर्फ़ वो ही فَلَمَّا तो जब falammā
तो जब نَجَّىٰكُمْ वो निजात देता है तुम्हें najjākum
वो निजात देता है तुम्हें إِلَى to ilā
to ٱلْبَرِّ तरफ़ ख़ुश्की के l-bari
तरफ़ ख़ुश्की के أَعْرَضْتُمْ ۚ तो ऐराज़ करते हो तुम aʿraḍtum
तो ऐराज़ करते हो तुम وَكَانَ और है wakāna
और है ٱلْإِنسَـٰنُ इन्सान l-insānu
इन्सान كَفُورًا बड़ा नाशुक्रा kafūran
बड़ा नाशुक्रा ٦٧ (67)
(67)
और जब समुद्र में तुमपर कोई आपदा आती है, तो अल्लाह के सिवा तुम जिन्हें पुकारते हो, गुम हो जाते हैं1, फिर जब वह (अल्लाह) तुम्हें बचाकर थल तक पहुँचा देता है, तो (उससे) मुँह फेर लेते हो। और मनुष्य बहुत ही कृतघ्न है।
१७:६८
أَفَأَمِنتُمْ
क्या बेख़ौफ़ हो गए तुम
afa-amintum
क्या बेख़ौफ़ हो गए तुम أَن कि an
कि يَخْسِفَ वो धँसा दे yakhsifa
वो धँसा दे بِكُمْ तुम्हें bikum
तुम्हें جَانِبَ side jāniba
side ٱلْبَرِّ ख़ुश्की की जानिब l-bari
ख़ुश्की की जानिब أَوْ या aw
या يُرْسِلَ वो भेज दे yur'sila
वो भेज दे عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर حَاصِبًۭا पत्थर बरसाने वाली आँधी ḥāṣiban
पत्थर बरसाने वाली आँधी ثُمَّ फिर thumma
फिर لَا not lā
not تَجِدُوا۟ ना तुम पाओगे tajidū
ना तुम पाओगे لَكُمْ अपने लिए lakum
अपने लिए وَكِيلًا कोई कारसाज़ wakīlan
कोई कारसाज़ ٦٨ (68)
(68)
क्या बेख़ौफ़ हो गए तुम أَن कि an
कि يَخْسِفَ वो धँसा दे yakhsifa
वो धँसा दे بِكُمْ तुम्हें bikum
तुम्हें جَانِبَ side jāniba
side ٱلْبَرِّ ख़ुश्की की जानिब l-bari
ख़ुश्की की जानिब أَوْ या aw
या يُرْسِلَ वो भेज दे yur'sila
वो भेज दे عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर حَاصِبًۭا पत्थर बरसाने वाली आँधी ḥāṣiban
पत्थर बरसाने वाली आँधी ثُمَّ फिर thumma
फिर لَا not lā
not تَجِدُوا۟ ना तुम पाओगे tajidū
ना तुम पाओगे لَكُمْ अपने लिए lakum
अपने लिए وَكِيلًا कोई कारसाज़ wakīlan
कोई कारसाज़ ٦٨ (68)
(68)
क्या तुम इस बात से निश्चिंत हो गए हो कि अल्लाह तुम्हें थल की ओर ले जाकर (धरती में) धँसा दे या तुमपर पत्थरों की बारिश कर दे, फिर तुम अपना कोई संरक्षक न पाओ?
१७:६९
أَمْ
या
am
या أَمِنتُمْ बेख़ौफ़ हो गए तुम amintum
बेख़ौफ़ हो गए तुम أَن कि an
कि يُعِيدَكُمْ वो लौटाए तुम्हें yuʿīdakum
वो लौटाए तुम्हें فِيهِ उसमें fīhi
उसमें تَارَةً another time tāratan
another time أُخْرَىٰ दूसरी मर्तबा ukh'rā
दूसरी मर्तबा فَيُرْسِلَ फिर वो भेजे fayur'sila
फिर वो भेजे عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर قَاصِفًۭا तोड़-फोड़ देने वाली qāṣifan
तोड़-फोड़ देने वाली مِّنَ of mina
of ٱلرِّيحِ हवा में से l-rīḥi
हवा में से فَيُغْرِقَكُم फिर वो ग़र्क कर दे तुम्हें fayugh'riqakum
फिर वो ग़र्क कर दे तुम्हें بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَفَرْتُمْ ۙ नाशुक्री की तुमने kafartum
नाशुक्री की तुमने ثُمَّ फिर thumma
फिर لَا not lā
not تَجِدُوا۟ ना तुम पाओ tajidū
ना तुम पाओ لَكُمْ अपने लिए lakum
अपने लिए عَلَيْنَا हमारे ख़िलाफ़ ʿalaynā
हमारे ख़िलाफ़ بِهِۦ उसमें bihi
उसमें تَبِيعًۭا कोई पीछा करने वाला tabīʿan
कोई पीछा करने वाला ٦٩ (69)
(69)
या أَمِنتُمْ बेख़ौफ़ हो गए तुम amintum
बेख़ौफ़ हो गए तुम أَن कि an
कि يُعِيدَكُمْ वो लौटाए तुम्हें yuʿīdakum
वो लौटाए तुम्हें فِيهِ उसमें fīhi
उसमें تَارَةً another time tāratan
another time أُخْرَىٰ दूसरी मर्तबा ukh'rā
दूसरी मर्तबा فَيُرْسِلَ फिर वो भेजे fayur'sila
फिर वो भेजे عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर قَاصِفًۭا तोड़-फोड़ देने वाली qāṣifan
तोड़-फोड़ देने वाली مِّنَ of mina
of ٱلرِّيحِ हवा में से l-rīḥi
हवा में से فَيُغْرِقَكُم फिर वो ग़र्क कर दे तुम्हें fayugh'riqakum
फिर वो ग़र्क कर दे तुम्हें بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَفَرْتُمْ ۙ नाशुक्री की तुमने kafartum
नाशुक्री की तुमने ثُمَّ फिर thumma
फिर لَا not lā
not تَجِدُوا۟ ना तुम पाओ tajidū
ना तुम पाओ لَكُمْ अपने लिए lakum
अपने लिए عَلَيْنَا हमारे ख़िलाफ़ ʿalaynā
हमारे ख़िलाफ़ بِهِۦ उसमें bihi
उसमें تَبِيعًۭا कोई पीछा करने वाला tabīʿan
कोई पीछा करने वाला ٦٩ (69)
(69)
या तुम इस बात से निश्चिंत हो गए हो कि वह तुम्हें दूसरी बार उस (समुद्र) में लौटा दे, फिर तुमपर तोड़ देने वाली प्रचंड हवा भेज दे, तो वह तुम्हें तुम्हारी कृतघ्नता के कारण डुबो दे। फिर तुम अपने लिए हमारे विरुद्ध इस मामले में कोई हमारा पीछा करने वाला न पाओ?
१७:७०
۞ وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ كَرَّمْنَا इज़्ज़त दी हमने karramnā
इज़्ज़त दी हमने بَنِىٓ (the) children of Adam banī
(the) children of Adam ءَادَمَ बनी आदम को ādama
बनी आदम को وَحَمَلْنَـٰهُمْ और सवार किया हमने उन्हें waḥamalnāhum
और सवार किया हमने उन्हें فِى on fī
on ٱلْبَرِّ ख़ुश्की में l-bari
ख़ुश्की में وَٱلْبَحْرِ और समुन्दर में wal-baḥri
और समुन्दर में وَرَزَقْنَـٰهُم और रिज़्क़ दिया हमने warazaqnāhum
और रिज़्क़ दिया हमने مِّنَ of mina
of ٱلطَّيِّبَـٰتِ पाकीज़ा चीज़ों से l-ṭayibāti
पाकीज़ा चीज़ों से وَفَضَّلْنَـٰهُمْ और फ़ज़ीलत दी हमने उन्हें wafaḍḍalnāhum
और फ़ज़ीलत दी हमने उन्हें عَلَىٰ over ʿalā
over كَثِيرٍۢ कसीर तादाद पर kathīrin
कसीर तादाद पर مِّمَّنْ उनमें से जो mimman
उनमें से जो خَلَقْنَا पैदा किए हमने khalaqnā
पैदा किए हमने تَفْضِيلًۭا बड़ी फ़ज़ीलत देना tafḍīlan
बड़ी फ़ज़ीलत देना ٧٠ (70)
(70)
और अलबत्ता तहक़ीक़ كَرَّمْنَا इज़्ज़त दी हमने karramnā
इज़्ज़त दी हमने بَنِىٓ (the) children of Adam banī
(the) children of Adam ءَادَمَ बनी आदम को ādama
बनी आदम को وَحَمَلْنَـٰهُمْ और सवार किया हमने उन्हें waḥamalnāhum
और सवार किया हमने उन्हें فِى on fī
on ٱلْبَرِّ ख़ुश्की में l-bari
ख़ुश्की में وَٱلْبَحْرِ और समुन्दर में wal-baḥri
और समुन्दर में وَرَزَقْنَـٰهُم और रिज़्क़ दिया हमने warazaqnāhum
और रिज़्क़ दिया हमने مِّنَ of mina
of ٱلطَّيِّبَـٰتِ पाकीज़ा चीज़ों से l-ṭayibāti
पाकीज़ा चीज़ों से وَفَضَّلْنَـٰهُمْ और फ़ज़ीलत दी हमने उन्हें wafaḍḍalnāhum
और फ़ज़ीलत दी हमने उन्हें عَلَىٰ over ʿalā
over كَثِيرٍۢ कसीर तादाद पर kathīrin
कसीर तादाद पर مِّمَّنْ उनमें से जो mimman
उनमें से जो خَلَقْنَا पैदा किए हमने khalaqnā
पैदा किए हमने تَفْضِيلًۭا बड़ी फ़ज़ीलत देना tafḍīlan
बड़ी फ़ज़ीलत देना ٧٠ (70)
(70)
निश्चय ही हमने आदम की संतान को सम्मान प्रदान किया, और उन्हें थल और जल में सवार1 किया, और उन्हें अच्छी-पाक चीज़ों की रोज़ी दी, तथा हमने अपने पैदा किए हुए बहुत-से प्राणियों पर उन्हें श्रेष्ठता प्रदान की।
१७:७१
يَوْمَ
जिस दिन
yawma
जिस दिन نَدْعُوا۟ हम बुलाऐंगे nadʿū
हम बुलाऐंगे كُلَّ सब kulla
सब أُنَاسٍۭ लोगों को unāsin
लोगों को بِإِمَـٰمِهِمْ ۖ साथ उनके इमाम के bi-imāmihim
साथ उनके इमाम के فَمَنْ तो जो कोई faman
तो जो कोई أُوتِىَ दिया गया ūtiya
दिया गया كِتَـٰبَهُۥ किताब अपनी kitābahu
किताब अपनी بِيَمِينِهِۦ अपने दाऐं हाथ में biyamīnihi
अपने दाऐं हाथ में فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं يَقْرَءُونَ जो पढ़ेंगे yaqraūna
जो पढ़ेंगे كِتَـٰبَهُمْ किताब अपनी kitābahum
किताब अपनी وَلَا और ना walā
और ना يُظْلَمُونَ वो ज़ुल्म किए जाऐंगे yuẓ'lamūna
वो ज़ुल्म किए जाऐंगे فَتِيلًۭا धागे बराबर fatīlan
धागे बराबर ٧١ (71)
(71)
जिस दिन نَدْعُوا۟ हम बुलाऐंगे nadʿū
हम बुलाऐंगे كُلَّ सब kulla
सब أُنَاسٍۭ लोगों को unāsin
लोगों को بِإِمَـٰمِهِمْ ۖ साथ उनके इमाम के bi-imāmihim
साथ उनके इमाम के فَمَنْ तो जो कोई faman
तो जो कोई أُوتِىَ दिया गया ūtiya
दिया गया كِتَـٰبَهُۥ किताब अपनी kitābahu
किताब अपनी بِيَمِينِهِۦ अपने दाऐं हाथ में biyamīnihi
अपने दाऐं हाथ में فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं يَقْرَءُونَ जो पढ़ेंगे yaqraūna
जो पढ़ेंगे كِتَـٰبَهُمْ किताब अपनी kitābahum
किताब अपनी وَلَا और ना walā
और ना يُظْلَمُونَ वो ज़ुल्म किए जाऐंगे yuẓ'lamūna
वो ज़ुल्म किए जाऐंगे فَتِيلًۭا धागे बराबर fatīlan
धागे बराबर ٧١ (71)
(71)
जिस दिन हम लोगों (के प्रत्येक समूह) को उनके इमाम (नायक) के साथ बुलाएँगे, फिर जिसे उसका कर्मपत्र उसके दाहिने हाथ में दिया गया, तो ऐसे लोग अपना कर्मपत्र पढ़ेंगे और उनपर खजूर की गुठली के धागे के बराबर भी अत्याचार नहीं किया जाएगा।
१७:७२
وَمَن
और जो कोई
waman
और जो कोई كَانَ है kāna
है فِى in fī
in هَـٰذِهِۦٓ इस (दुनिया) में hādhihi
इस (दुनिया) में أَعْمَىٰ अँधा aʿmā
अँधा فَهُوَ तो वो fahuwa
तो वो فِى in fī
in ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत में l-ākhirati
आख़िरत में أَعْمَىٰ अँधा (होगा) aʿmā
अँधा (होगा) وَأَضَلُّ और सब से ज़्यादा भटका हुआ wa-aḍallu
और सब से ज़्यादा भटका हुआ سَبِيلًۭا रास्ते से sabīlan
रास्ते से ٧٢ (72)
(72)
और जो कोई كَانَ है kāna
है فِى in fī
in هَـٰذِهِۦٓ इस (दुनिया) में hādhihi
इस (दुनिया) में أَعْمَىٰ अँधा aʿmā
अँधा فَهُوَ तो वो fahuwa
तो वो فِى in fī
in ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत में l-ākhirati
आख़िरत में أَعْمَىٰ अँधा (होगा) aʿmā
अँधा (होगा) وَأَضَلُّ और सब से ज़्यादा भटका हुआ wa-aḍallu
और सब से ज़्यादा भटका हुआ سَبِيلًۭا रास्ते से sabīlan
रास्ते से ٧٢ (72)
(72)
और जो इस (संसार) में अंधा1 बनकर रहा, वह आख़िरत में अधिक अंधा होगा और रास्ते से बहुत ज़्यादा भटका हुआ होगा।
१७:७३
وَإِن
और बेशक
wa-in
और बेशक كَادُوا۟ वो क़रीब थे कि kādū
वो क़रीब थे कि لَيَفْتِنُونَكَ अलबत्ता वो फ़ितने में डालें आपको layaftinūnaka
अलबत्ता वो फ़ितने में डालें आपको عَنِ from ʿani
from ٱلَّذِىٓ उससे जो alladhī
उससे जो أَوْحَيْنَآ वही की हमने awḥaynā
वही की हमने إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके لِتَفْتَرِىَ ताकि आप गढ़ लाऐं litaftariya
ताकि आप गढ़ लाऐं عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर غَيْرَهُۥ ۖ सिवाय उस (वही) के ghayrahu
सिवाय उस (वही) के وَإِذًۭا और तब wa-idhan
और तब لَّٱتَّخَذُوكَ ज़रूर वो बना लेते आपको la-ittakhadhūka
ज़रूर वो बना लेते आपको خَلِيلًۭا दिली दोस्त khalīlan
दिली दोस्त ٧٣ (73)
(73)
और बेशक كَادُوا۟ वो क़रीब थे कि kādū
वो क़रीब थे कि لَيَفْتِنُونَكَ अलबत्ता वो फ़ितने में डालें आपको layaftinūnaka
अलबत्ता वो फ़ितने में डालें आपको عَنِ from ʿani
from ٱلَّذِىٓ उससे जो alladhī
उससे जो أَوْحَيْنَآ वही की हमने awḥaynā
वही की हमने إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके لِتَفْتَرِىَ ताकि आप गढ़ लाऐं litaftariya
ताकि आप गढ़ लाऐं عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर غَيْرَهُۥ ۖ सिवाय उस (वही) के ghayrahu
सिवाय उस (वही) के وَإِذًۭا और तब wa-idhan
और तब لَّٱتَّخَذُوكَ ज़रूर वो बना लेते आपको la-ittakhadhūka
ज़रूर वो बना लेते आपको خَلِيلًۭا दिली दोस्त khalīlan
दिली दोस्त ٧٣ (73)
(73)
निःसंदेह क़रीब था कि वे (काफ़िर लोग) आपको उस वह़्य से फेर दें, जो हमने आपकी ओर भेजी है, ताकि आप उसके अलावा हमपर कुछ और गढ़ लें। और तब तो वे आपको अवश्य अपना घनिष्ठ मित्र बना लेते।
१७:७४
وَلَوْلَآ
और अगर ना होता
walawlā
और अगर ना होता أَن ये कि an
ये कि ثَبَّتْنَـٰكَ हम साबित क़दम रखते आपको thabbatnāka
हम साबित क़दम रखते आपको لَقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ كِدتَّ क़रीब थे आप kidtta
क़रीब थे आप تَرْكَنُ कि आप झुक जाते tarkanu
कि आप झुक जाते إِلَيْهِمْ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके شَيْـًۭٔا कुछ shayan
कुछ قَلِيلًا थोड़ा सा qalīlan
थोड़ा सा ٧٤ (74)
(74)
और अगर ना होता أَن ये कि an
ये कि ثَبَّتْنَـٰكَ हम साबित क़दम रखते आपको thabbatnāka
हम साबित क़दम रखते आपको لَقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ كِدتَّ क़रीब थे आप kidtta
क़रीब थे आप تَرْكَنُ कि आप झुक जाते tarkanu
कि आप झुक जाते إِلَيْهِمْ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके شَيْـًۭٔا कुछ shayan
कुछ قَلِيلًا थोड़ा सा qalīlan
थोड़ा सा ٧٤ (74)
(74)
और यदि हम आपको सुदृढ़ न रखते, तो निःसंदेह निकट था कि आप उनकी ओर कुछ थोड़ा-सा झुक जाते।
१७:७५
إِذًۭا
तब
idhan
तब لَّأَذَقْنَـٰكَ अलबत्ता चखाते हम आपको la-adhaqnāka
अलबत्ता चखाते हम आपको ضِعْفَ दोगुना (अज़ाब) ḍiʿ'fa
दोगुना (अज़ाब) ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी का l-ḥayati
ज़िन्दगी का وَضِعْفَ और दोहरा waḍiʿ'fa
और दोहरा ٱلْمَمَاتِ मौत का l-mamāti
मौत का ثُمَّ फिर thumma
फिर لَا not lā
not تَجِدُ ना आप पाते tajidu
ना आप पाते لَكَ अपने लिए laka
अपने लिए عَلَيْنَا हमारे ख़िलाफ़ ʿalaynā
हमारे ख़िलाफ़ نَصِيرًۭا कोई मददगार naṣīran
कोई मददगार ٧٥ (75)
(75)
तब لَّأَذَقْنَـٰكَ अलबत्ता चखाते हम आपको la-adhaqnāka
अलबत्ता चखाते हम आपको ضِعْفَ दोगुना (अज़ाब) ḍiʿ'fa
दोगुना (अज़ाब) ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी का l-ḥayati
ज़िन्दगी का وَضِعْفَ और दोहरा waḍiʿ'fa
और दोहरा ٱلْمَمَاتِ मौत का l-mamāti
मौत का ثُمَّ फिर thumma
फिर لَا not lā
not تَجِدُ ना आप पाते tajidu
ना आप पाते لَكَ अपने लिए laka
अपने लिए عَلَيْنَا हमारे ख़िलाफ़ ʿalaynā
हमारे ख़िलाफ़ نَصِيرًۭا कोई मददगार naṣīran
कोई मददगार ٧٥ (75)
(75)
तब हम आपको जीवन में भी दोहरा तथा मरने के बाद भी दोहरा (अज़ाब) चखाते। फिर आप अपने लिए हमारे विरुद्ध कोई सहायक न पाते।
१७:७६
وَإِن
और बेशक
wa-in
और बेशक كَادُوا۟ वो क़रीब थे कि kādū
वो क़रीब थे कि لَيَسْتَفِزُّونَكَ अलबत्ता वो क़दम उखाड़ दें आपके layastafizzūnaka
अलबत्ता वो क़दम उखाड़ दें आपके مِنَ from mina
from ٱلْأَرْضِ ज़मीन से l-arḍi
ज़मीन से لِيُخْرِجُوكَ ताकि वो निकाल दें आपको liyukh'rijūka
ताकि वो निकाल दें आपको مِنْهَا ۖ उससे min'hā
उससे وَإِذًۭا और तब wa-idhan
और तब لَّا not lā
not يَلْبَثُونَ ना वो ठहरते yalbathūna
ना वो ठहरते خِلَـٰفَكَ बाद आपके khilāfaka
बाद आपके إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلًۭا थोड़ा सा qalīlan
थोड़ा सा ٧٦ (76)
(76)
और बेशक كَادُوا۟ वो क़रीब थे कि kādū
वो क़रीब थे कि لَيَسْتَفِزُّونَكَ अलबत्ता वो क़दम उखाड़ दें आपके layastafizzūnaka
अलबत्ता वो क़दम उखाड़ दें आपके مِنَ from mina
from ٱلْأَرْضِ ज़मीन से l-arḍi
ज़मीन से لِيُخْرِجُوكَ ताकि वो निकाल दें आपको liyukh'rijūka
ताकि वो निकाल दें आपको مِنْهَا ۖ उससे min'hā
उससे وَإِذًۭا और तब wa-idhan
और तब لَّا not lā
not يَلْبَثُونَ ना वो ठहरते yalbathūna
ना वो ठहरते خِلَـٰفَكَ बाद आपके khilāfaka
बाद आपके إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلًۭا थोड़ा सा qalīlan
थोड़ा सा ٧٦ (76)
(76)
और निश्चय ही वे क़रीब थे कि आपको इस भूभाग (मक्का) से फिसला दें ताकि आपको यहाँ से बाहर निकाल दें। और तब वे आपके पश्चात् थोड़ा ही ठहर पाते।
१७:७७
سُنَّةَ
तरीक़ा
sunnata
तरीक़ा مَن उनका जिन्हें man
उनका जिन्हें قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ أَرْسَلْنَا भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने قَبْلَكَ आपसे पहले qablaka
आपसे पहले مِن of min
of رُّسُلِنَا ۖ अपने रसूलों में से rusulinā
अपने रसूलों में से وَلَا और ना walā
और ना تَجِدُ आप पाऐंगे tajidu
आप पाऐंगे لِسُنَّتِنَا हमारे तरीक़े में lisunnatinā
हमारे तरीक़े में تَحْوِيلًا कोई तब्दीली taḥwīlan
कोई तब्दीली ٧٧ (77)
(77)
तरीक़ा مَن उनका जिन्हें man
उनका जिन्हें قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ أَرْسَلْنَا भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने قَبْلَكَ आपसे पहले qablaka
आपसे पहले مِن of min
of رُّسُلِنَا ۖ अपने रसूलों में से rusulinā
अपने रसूलों में से وَلَا और ना walā
और ना تَجِدُ आप पाऐंगे tajidu
आप पाऐंगे لِسُنَّتِنَا हमारे तरीक़े में lisunnatinā
हमारे तरीक़े में تَحْوِيلًا कोई तब्दीली taḥwīlan
कोई तब्दीली ٧٧ (77)
(77)
उन (रसूलों) के नियम के समान1 जिन्हें हमने आपसे पहले अपने रसूलों में से भेजा। और आप हमारे नियम में कोई परिवर्तन नहीं पाएँगे।
१७:७८
أَقِمِ
क़ायम कीजिए
aqimi
क़ायम कीजिए ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ لِدُلُوكِ ढलने के वक़्त से lidulūki
ढलने के वक़्त से ٱلشَّمْسِ सूरज के l-shamsi
सूरज के إِلَىٰ till ilā
till غَسَقِ अँधेरे तक ghasaqi
अँधेरे तक ٱلَّيْلِ रात के al-layli
रात के وَقُرْءَانَ और क़ुरआन waqur'āna
और क़ुरआन ٱلْفَجْرِ ۖ फ़ज्र का l-fajri
फ़ज्र का إِنَّ बेशक inna
बेशक قُرْءَانَ क़ुरआन qur'āna
क़ुरआन ٱلْفَجْرِ फ़ज्र का l-fajri
फ़ज्र का كَانَ है kāna
है مَشْهُودًۭا हाज़िर किया गया mashhūdan
हाज़िर किया गया ٧٨ (78)
(78)
क़ायम कीजिए ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ لِدُلُوكِ ढलने के वक़्त से lidulūki
ढलने के वक़्त से ٱلشَّمْسِ सूरज के l-shamsi
सूरज के إِلَىٰ till ilā
till غَسَقِ अँधेरे तक ghasaqi
अँधेरे तक ٱلَّيْلِ रात के al-layli
रात के وَقُرْءَانَ और क़ुरआन waqur'āna
और क़ुरआन ٱلْفَجْرِ ۖ फ़ज्र का l-fajri
फ़ज्र का إِنَّ बेशक inna
बेशक قُرْءَانَ क़ुरआन qur'āna
क़ुरआन ٱلْفَجْرِ फ़ज्र का l-fajri
फ़ज्र का كَانَ है kāna
है مَشْهُودًۭا हाज़िर किया गया mashhūdan
हाज़िर किया गया ٧٨ (78)
(78)
सूर्य के ढलने से रात के अँधेरे1 तक नमाज़ क़ायम करें, तथा फ़ज्र की नमाज़ भी (क़ायम करें)। निःसंदेह फ़ज्र की नमाज़ (फ़रिश्तों की) उपस्थिति2 का समय है।
१७:७९
وَمِنَ
And from
wamina
And from ٱلَّيْلِ और कुछ हिस्सा रात का al-layli
और कुछ हिस्सा रात का فَتَهَجَّدْ पस तहाज्जुद पढ़ा कीजिए fatahajjad
पस तहाज्जुद पढ़ा कीजिए بِهِۦ साथ इस (क़ुरआन) के bihi
साथ इस (क़ुरआन) के نَافِلَةًۭ नफ़िल/ज़ायद हैं nāfilatan
नफ़िल/ज़ायद हैं لَّكَ आपके लिए laka
आपके लिए عَسَىٰٓ उम्मीद है ʿasā
उम्मीद है أَن कि an
कि يَبْعَثَكَ खड़ा कर दे आपको yabʿathaka
खड़ा कर दे आपको رَبُّكَ रब आपका rabbuka
रब आपका مَقَامًۭا मक़ामे maqāman
मक़ामे مَّحْمُودًۭا महमूद पर maḥmūdan
महमूद पर ٧٩ (79)
(79)
And from ٱلَّيْلِ और कुछ हिस्सा रात का al-layli
और कुछ हिस्सा रात का فَتَهَجَّدْ पस तहाज्जुद पढ़ा कीजिए fatahajjad
पस तहाज्जुद पढ़ा कीजिए بِهِۦ साथ इस (क़ुरआन) के bihi
साथ इस (क़ुरआन) के نَافِلَةًۭ नफ़िल/ज़ायद हैं nāfilatan
नफ़िल/ज़ायद हैं لَّكَ आपके लिए laka
आपके लिए عَسَىٰٓ उम्मीद है ʿasā
उम्मीद है أَن कि an
कि يَبْعَثَكَ खड़ा कर दे आपको yabʿathaka
खड़ा कर दे आपको رَبُّكَ रब आपका rabbuka
रब आपका مَقَامًۭا मक़ामे maqāman
मक़ामे مَّحْمُودًۭا महमूद पर maḥmūdan
महमूद पर ٧٩ (79)
(79)
तथा आप रात के कुछ समय में उठकर नमाज़ (तहज्जुद)1 पढ़िए। यह आपके लिए अतिरिक्त है। क़रीब है कि आपका पालनहार आपको "मक़ामे महमूद"2 पर खड़ा करे।
१७:८०
وَقُل
और आप कह दीजिए
waqul
और आप कह दीजिए رَّبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब أَدْخِلْنِى दाख़िल कर मुझे adkhil'nī
दाख़िल कर मुझे مُدْخَلَ दाख़िल करना mud'khala
दाख़िल करना صِدْقٍۢ सच्चा ṣid'qin
सच्चा وَأَخْرِجْنِى और निकाल मुझे wa-akhrij'nī
और निकाल मुझे مُخْرَجَ निकालना mukh'raja
निकालना صِدْقٍۢ सच्चा ṣid'qin
सच्चा وَٱجْعَل और बना दे wa-ij'ʿal
और बना दे لِّى मेरे लिए lī
मेरे लिए مِن from min
from لَّدُنكَ अपने पास से ladunka
अपने पास से سُلْطَـٰنًۭا क़ुव्वत sul'ṭānan
क़ुव्वत نَّصِيرًۭا मददगार naṣīran
मददगार ٨٠ (80)
(80)
और आप कह दीजिए رَّبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब أَدْخِلْنِى दाख़िल कर मुझे adkhil'nī
दाख़िल कर मुझे مُدْخَلَ दाख़िल करना mud'khala
दाख़िल करना صِدْقٍۢ सच्चा ṣid'qin
सच्चा وَأَخْرِجْنِى और निकाल मुझे wa-akhrij'nī
और निकाल मुझे مُخْرَجَ निकालना mukh'raja
निकालना صِدْقٍۢ सच्चा ṣid'qin
सच्चा وَٱجْعَل और बना दे wa-ij'ʿal
और बना दे لِّى मेरे लिए lī
मेरे लिए مِن from min
from لَّدُنكَ अपने पास से ladunka
अपने पास से سُلْطَـٰنًۭا क़ुव्वत sul'ṭānan
क़ुव्वत نَّصِيرًۭا मददगार naṣīran
मददगार ٨٠ (80)
(80)
और आप प्रार्थना करें : ऐ मेरे पालनहार! मुझे अच्छी तरह प्रवेश1 दे, और अच्छी तरह निकाल, तथा अपनी ओर से मुझे सहायक प्रमाण प्रदान कर।
१७:८१
وَقُلْ
और कह दीजिए
waqul
और कह दीजिए جَآءَ आ गया jāa
आ गया ٱلْحَقُّ हक़ l-ḥaqu
हक़ وَزَهَقَ और मिट गया wazahaqa
और मिट गया ٱلْبَـٰطِلُ ۚ बातिल l-bāṭilu
बातिल إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلْبَـٰطِلَ बातिल l-bāṭila
बातिल كَانَ है kāna
है زَهُوقًۭا मिट जाने वला zahūqan
मिट जाने वला ٨١ (81)
(81)
और कह दीजिए جَآءَ आ गया jāa
आ गया ٱلْحَقُّ हक़ l-ḥaqu
हक़ وَزَهَقَ और मिट गया wazahaqa
और मिट गया ٱلْبَـٰطِلُ ۚ बातिल l-bāṭilu
बातिल إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلْبَـٰطِلَ बातिल l-bāṭila
बातिल كَانَ है kāna
है زَهُوقًۭا मिट जाने वला zahūqan
मिट जाने वला ٨١ (81)
(81)
तथा कहिए कि सत्य आ गया और असत्य मिट गया। निःसंदेह असत्य तो मिटने ही वाला था।1
१७:८२
وَنُنَزِّلُ
और हम नाज़िल करते हैं
wanunazzilu
और हम नाज़िल करते हैं مِنَ from mina
from ٱلْقُرْءَانِ क़ुरआन से l-qur'āni
क़ुरआन से مَا जो mā
जो هُوَ वो huwa
वो شِفَآءٌۭ शिफ़ा shifāon
शिफ़ा وَرَحْمَةٌۭ और रहमत है waraḥmatun
और रहमत है لِّلْمُؤْمِنِينَ ۙ ईमान लाने वालों के लिए lil'mu'minīna
ईमान लाने वालों के लिए وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَزِيدُ वो ज़्यादा करता yazīdu
वो ज़्यादा करता ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों को l-ẓālimīna
ज़ालिमों को إِلَّا मगर illā
मगर خَسَارًۭا ख़सारे में khasāran
ख़सारे में ٨٢ (82)
(82)
और हम नाज़िल करते हैं مِنَ from mina
from ٱلْقُرْءَانِ क़ुरआन से l-qur'āni
क़ुरआन से مَا जो mā
जो هُوَ वो huwa
वो شِفَآءٌۭ शिफ़ा shifāon
शिफ़ा وَرَحْمَةٌۭ और रहमत है waraḥmatun
और रहमत है لِّلْمُؤْمِنِينَ ۙ ईमान लाने वालों के लिए lil'mu'minīna
ईमान लाने वालों के लिए وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَزِيدُ वो ज़्यादा करता yazīdu
वो ज़्यादा करता ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों को l-ẓālimīna
ज़ालिमों को إِلَّا मगर illā
मगर خَسَارًۭا ख़सारे में khasāran
ख़सारे में ٨٢ (82)
(82)
और हम क़ुरआन में से जो उतारते हैं, वह ईमान वालों के लिए शिफ़ा (आरोग्य) तथा दया है। और वह अत्याचारियों को घाटे ही में बढ़ाता है।
१७:८३
وَإِذَآ
और जब
wa-idhā
और जब أَنْعَمْنَا इनआम करते हैं हम anʿamnā
इनआम करते हैं हम عَلَى on ʿalā
on ٱلْإِنسَـٰنِ इन्सान पर l-insāni
इन्सान पर أَعْرَضَ वो ऐराज़ करता है aʿraḍa
वो ऐराज़ करता है وَنَـَٔا और वो दूर कर लेता है wanaā
और वो दूर कर लेता है بِجَانِبِهِۦ ۖ पहलू अपना bijānibihi
पहलू अपना وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब مَسَّهُ पहुँचती है उसे massahu
पहुँचती है उसे ٱلشَّرُّ तकलीफ़ l-sharu
तकलीफ़ كَانَ हो जाता है वो kāna
हो जाता है वो يَـُٔوسًۭا बहुत मायूस yaūsan
बहुत मायूस ٨٣ (83)
(83)
और जब أَنْعَمْنَا इनआम करते हैं हम anʿamnā
इनआम करते हैं हम عَلَى on ʿalā
on ٱلْإِنسَـٰنِ इन्सान पर l-insāni
इन्सान पर أَعْرَضَ वो ऐराज़ करता है aʿraḍa
वो ऐराज़ करता है وَنَـَٔا और वो दूर कर लेता है wanaā
और वो दूर कर लेता है بِجَانِبِهِۦ ۖ पहलू अपना bijānibihi
पहलू अपना وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब مَسَّهُ पहुँचती है उसे massahu
पहुँचती है उसे ٱلشَّرُّ तकलीफ़ l-sharu
तकलीफ़ كَانَ हो जाता है वो kāna
हो जाता है वो يَـُٔوسًۭا बहुत मायूस yaūsan
बहुत मायूस ٨٣ (83)
(83)
और जब हम इनसान पर उपकार करते हैं, तो वह मुँह फेर लेता है और दूर हो जाता1 है। तथा जब उसे दुःख पहुँचता है, तो निराश हो जाता है।
१७:८४
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए كُلٌّۭ हर एक kullun
हर एक يَعْمَلُ अमल करता है yaʿmalu
अमल करता है عَلَىٰ on ʿalā
on شَاكِلَتِهِۦ अपने तरीक़े पर shākilatihi
अपने तरीक़े पर فَرَبُّكُمْ तो रब तुम्हारा farabbukum
तो रब तुम्हारा أَعْلَمُ ज़्यादा जानता है aʿlamu
ज़्यादा जानता है بِمَنْ उसे जो biman
उसे जो هُوَ वो huwa
वो أَهْدَىٰ ज़्यादा हिदायत याफ़्ता है ahdā
ज़्यादा हिदायत याफ़्ता है سَبِيلًۭا रास्ते (के ऐतबार से) sabīlan
रास्ते (के ऐतबार से) ٨٤ (84)
(84)
कह दीजिए كُلٌّۭ हर एक kullun
हर एक يَعْمَلُ अमल करता है yaʿmalu
अमल करता है عَلَىٰ on ʿalā
on شَاكِلَتِهِۦ अपने तरीक़े पर shākilatihi
अपने तरीक़े पर فَرَبُّكُمْ तो रब तुम्हारा farabbukum
तो रब तुम्हारा أَعْلَمُ ज़्यादा जानता है aʿlamu
ज़्यादा जानता है بِمَنْ उसे जो biman
उसे जो هُوَ वो huwa
वो أَهْدَىٰ ज़्यादा हिदायत याफ़्ता है ahdā
ज़्यादा हिदायत याफ़्ता है سَبِيلًۭا रास्ते (के ऐतबार से) sabīlan
रास्ते (के ऐतबार से) ٨٤ (84)
(84)
आप कह दें : हर इनसान अपने तरीक़े के अनुसार कार्य करता है। अतः आपका पालनहार सबसे अधिक जानने वाला है कि कौन ज़्यादा सीधे मार्ग पर है।
१७:८५
وَيَسْـَٔلُونَكَ
और वो सवाल करते हैं आपसे
wayasalūnaka
और वो सवाल करते हैं आपसे عَنِ concerning ʿani
concerning ٱلرُّوحِ ۖ रूह के बारे में l-rūḥi
रूह के बारे में قُلِ कह दीजिए quli
कह दीजिए ٱلرُّوحُ रूह l-rūḥu
रूह مِنْ (is) of min
(is) of أَمْرِ हुक्म से है amri
हुक्म से है رَبِّى मेरे रब के rabbī
मेरे रब के وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं أُوتِيتُم दिए गए तुम ūtītum
दिए गए तुम مِّنَ of mina
of ٱلْعِلْمِ इल्म में से l-ʿil'mi
इल्म में से إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلًۭا बहुत थोड़ा qalīlan
बहुत थोड़ा ٨٥ (85)
(85)
और वो सवाल करते हैं आपसे عَنِ concerning ʿani
concerning ٱلرُّوحِ ۖ रूह के बारे में l-rūḥi
रूह के बारे में قُلِ कह दीजिए quli
कह दीजिए ٱلرُّوحُ रूह l-rūḥu
रूह مِنْ (is) of min
(is) of أَمْرِ हुक्म से है amri
हुक्म से है رَبِّى मेरे रब के rabbī
मेरे रब के وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं أُوتِيتُم दिए गए तुम ūtītum
दिए गए तुम مِّنَ of mina
of ٱلْعِلْمِ इल्म में से l-ʿil'mi
इल्म में से إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلًۭا बहुत थोड़ा qalīlan
बहुत थोड़ा ٨٥ (85)
(85)
और वे (ऐ नबी!) आपसे 'रूह' (आत्मा)1 के विषय में पूछते हैं। आप कह दें : 'रूह' मेरे पालनहार के आदेश से है। और तुम्हें बहुत ही थोड़ा ज्ञान दिया गया है।
१७:८६
وَلَئِن
और अलबत्ता अगर
wala-in
और अलबत्ता अगर شِئْنَا चाहें हम shi'nā
चाहें हम لَنَذْهَبَنَّ अलबत्ता हम ज़रूर ले जाऐं lanadhhabanna
अलबत्ता हम ज़रूर ले जाऐं بِٱلَّذِىٓ उसे जो bi-alladhī
उसे जो أَوْحَيْنَآ वही की हमने awḥaynā
वही की हमने إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके ثُمَّ फिर thumma
फिर لَا not lā
not تَجِدُ ना आप पाऐंगे tajidu
ना आप पाऐंगे لَكَ अपने लिए laka
अपने लिए بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके عَلَيْنَا हमारे (मुक़ाबले) पर ʿalaynā
हमारे (मुक़ाबले) पर وَكِيلًا कोई कारसाज़ wakīlan
कोई कारसाज़ ٨٦ (86)
(86)
और अलबत्ता अगर شِئْنَا चाहें हम shi'nā
चाहें हम لَنَذْهَبَنَّ अलबत्ता हम ज़रूर ले जाऐं lanadhhabanna
अलबत्ता हम ज़रूर ले जाऐं بِٱلَّذِىٓ उसे जो bi-alladhī
उसे जो أَوْحَيْنَآ वही की हमने awḥaynā
वही की हमने إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके ثُمَّ फिर thumma
फिर لَا not lā
not تَجِدُ ना आप पाऐंगे tajidu
ना आप पाऐंगे لَكَ अपने लिए laka
अपने लिए بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके عَلَيْنَا हमारे (मुक़ाबले) पर ʿalaynā
हमारे (मुक़ाबले) पर وَكِيلًا कोई कारसाज़ wakīlan
कोई कारसाज़ ٨٦ (86)
(86)
और यदि हम चाहें, तो वह सब कुछ (वापस) ले जाएँ, जो हमने आपकी ओर वह़्य भेजी है। फिर आप उसपर हमारे मुक़ाबले में अपना कोई सहायक नहीं पाएँगे।
१७:८७
إِلَّا
सिवाय
illā
सिवाय رَحْمَةًۭ रहमत के raḥmatan
रहमत के مِّن from min
from رَّبِّكَ ۚ आपके रब की तरफ़ से rabbika
आपके रब की तरफ़ से إِنَّ बेशक inna
बेशक فَضْلَهُۥ फ़ज़ल उसका faḍlahu
फ़ज़ल उसका كَانَ है kāna
है عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर كَبِيرًۭا बहुत बड़ा kabīran
बहुत बड़ा ٨٧ (87)
(87)
सिवाय رَحْمَةًۭ रहमत के raḥmatan
रहमत के مِّن from min
from رَّبِّكَ ۚ आपके रब की तरफ़ से rabbika
आपके रब की तरफ़ से إِنَّ बेशक inna
बेशक فَضْلَهُۥ फ़ज़ल उसका faḍlahu
फ़ज़ल उसका كَانَ है kāna
है عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर كَبِيرًۭا बहुत बड़ा kabīran
बहुत बड़ा ٨٧ (87)
(87)
परंतु आपके पालनहार की दया से (ऐसा नहीं हुआ)। निःसंदेह आप पर उसका अनुग्रह बहुत बड़ा है।
१७:८८
قُل
कह दीजिए
qul
कह दीजिए لَّئِنِ अलबत्ता अगर la-ini
अलबत्ता अगर ٱجْتَمَعَتِ जमा हो जाऐं ij'tamaʿati
जमा हो जाऐं ٱلْإِنسُ इन्सान l-insu
इन्सान وَٱلْجِنُّ और जिन्न wal-jinu
और जिन्न عَلَىٰٓ इस (बात) पर ʿalā
इस (बात) पर أَن कि an
कि يَأْتُوا۟ वो ले आऐं yatū
वो ले आऐं بِمِثْلِ मानिन्द bimith'li
मानिन्द هَـٰذَا इस hādhā
इस ٱلْقُرْءَانِ क़ुरआन के l-qur'āni
क़ुरआन के لَا not lā
not يَأْتُونَ ना वो ला सकेंगे yatūna
ना वो ला सकेंगे بِمِثْلِهِۦ इसकी तरह का bimith'lihi
इसकी तरह का وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे كَانَ हों kāna
हों بَعْضُهُمْ बाज़ उनके baʿḍuhum
बाज़ उनके لِبَعْضٍۢ बाज़ के लिए libaʿḍin
बाज़ के लिए ظَهِيرًۭا मददगार ẓahīran
मददगार ٨٨ (88)
(88)
कह दीजिए لَّئِنِ अलबत्ता अगर la-ini
अलबत्ता अगर ٱجْتَمَعَتِ जमा हो जाऐं ij'tamaʿati
जमा हो जाऐं ٱلْإِنسُ इन्सान l-insu
इन्सान وَٱلْجِنُّ और जिन्न wal-jinu
और जिन्न عَلَىٰٓ इस (बात) पर ʿalā
इस (बात) पर أَن कि an
कि يَأْتُوا۟ वो ले आऐं yatū
वो ले आऐं بِمِثْلِ मानिन्द bimith'li
मानिन्द هَـٰذَا इस hādhā
इस ٱلْقُرْءَانِ क़ुरआन के l-qur'āni
क़ुरआन के لَا not lā
not يَأْتُونَ ना वो ला सकेंगे yatūna
ना वो ला सकेंगे بِمِثْلِهِۦ इसकी तरह का bimith'lihi
इसकी तरह का وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे كَانَ हों kāna
हों بَعْضُهُمْ बाज़ उनके baʿḍuhum
बाज़ उनके لِبَعْضٍۢ बाज़ के लिए libaʿḍin
बाज़ के लिए ظَهِيرًۭا मददगार ẓahīran
मददगार ٨٨ (88)
(88)
आप कह दें : यदि समस्त मनुष्य तथा जिन्न इस बात पर एकत्रित हो जाएँ कि इस क़ुरआन के समान (कोई पुस्तक) ले आएँ, तो इस जैसी पुस्तक नहीं ला सकेंगे, चाहे वे एक-दूसरे के सहायक ही क्यों न हो जाएँ!
१७:८९
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ صَرَّفْنَا फेर-फेर कर लाते हैं हम ṣarrafnā
फेर-फेर कर लाते हैं हम لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए فِى in fī
in هَـٰذَا this hādhā
this ٱلْقُرْءَانِ इस क़ुरआन में l-qur'āni
इस क़ुरआन में مِن from min
from كُلِّ हर तरह की kulli
हर तरह की مَثَلٍۢ मिसाल mathalin
मिसाल فَأَبَىٰٓ पस इन्कार किया fa-abā
पस इन्कार किया أَكْثَرُ अक्सर aktharu
अक्सर ٱلنَّاسِ लोगों ने l-nāsi
लोगों ने إِلَّا सिवाय illā
सिवाय كُفُورًۭا कुफ़्र करने के kufūran
कुफ़्र करने के ٨٩ (89)
(89)
और अलबत्ता तहक़ीक़ صَرَّفْنَا फेर-फेर कर लाते हैं हम ṣarrafnā
फेर-फेर कर लाते हैं हम لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए فِى in fī
in هَـٰذَا this hādhā
this ٱلْقُرْءَانِ इस क़ुरआन में l-qur'āni
इस क़ुरआन में مِن from min
from كُلِّ हर तरह की kulli
हर तरह की مَثَلٍۢ मिसाल mathalin
मिसाल فَأَبَىٰٓ पस इन्कार किया fa-abā
पस इन्कार किया أَكْثَرُ अक्सर aktharu
अक्सर ٱلنَّاسِ लोगों ने l-nāsi
लोगों ने إِلَّا सिवाय illā
सिवाय كُفُورًۭا कुफ़्र करने के kufūran
कुफ़्र करने के ٨٩ (89)
(89)
और हमने इस क़ुरआन में लोगों के लिए हर उदाहरण को विविध ढंग से बयान किया है। फिर भी अधिकतर लोगों ने इनकार ही का रास्ता अपनाया।
१७:९०
وَقَالُوا۟
और उन्होंने कहा
waqālū
और उन्होंने कहा لَن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं نُّؤْمِنَ हम ईमान लाऐंगे nu'mina
हम ईमान लाऐंगे لَكَ तुम पर laka
तुम पर حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि تَفْجُرَ तुम जारी करो tafjura
तुम जारी करो لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए مِنَ from mina
from ٱلْأَرْضِ ज़मीन से l-arḍi
ज़मीन से يَنۢبُوعًا एक चश्मा yanbūʿan
एक चश्मा ٩٠ (90)
(90)
और उन्होंने कहा لَن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं نُّؤْمِنَ हम ईमान लाऐंगे nu'mina
हम ईमान लाऐंगे لَكَ तुम पर laka
तुम पर حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि تَفْجُرَ तुम जारी करो tafjura
तुम जारी करो لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए مِنَ from mina
from ٱلْأَرْضِ ज़मीन से l-arḍi
ज़मीन से يَنۢبُوعًا एक चश्मा yanbūʿan
एक चश्मा ٩٠ (90)
(90)
और उन्होंने कहा : हम आपपर कदापि ईमान नहीं लाएँगे, यहाँ तक कि आप हमारे लिए धरती से एक चश्मा प्रवाहित कर दें।
१७:९१
أَوْ
या
aw
या تَكُونَ हो takūna
हो لَكَ तुम्हारे लिए laka
तुम्हारे लिए جَنَّةٌۭ एक बाग़ jannatun
एक बाग़ مِّن of min
of نَّخِيلٍۢ खजूरों से nakhīlin
खजूरों से وَعِنَبٍۢ और अंगूरों से waʿinabin
और अंगूरों से فَتُفَجِّرَ फिर तुम जारी करो fatufajjira
फिर तुम जारी करो ٱلْأَنْهَـٰرَ नहरें l-anhāra
नहरें خِلَـٰلَهَا दर्मियान उसके khilālahā
दर्मियान उसके تَفْجِيرًا ख़ूब जारी करना tafjīran
ख़ूब जारी करना ٩١ (91)
(91)
या تَكُونَ हो takūna
हो لَكَ तुम्हारे लिए laka
तुम्हारे लिए جَنَّةٌۭ एक बाग़ jannatun
एक बाग़ مِّن of min
of نَّخِيلٍۢ खजूरों से nakhīlin
खजूरों से وَعِنَبٍۢ और अंगूरों से waʿinabin
और अंगूरों से فَتُفَجِّرَ फिर तुम जारी करो fatufajjira
फिर तुम जारी करो ٱلْأَنْهَـٰرَ नहरें l-anhāra
नहरें خِلَـٰلَهَا दर्मियान उसके khilālahā
दर्मियान उसके تَفْجِيرًا ख़ूब जारी करना tafjīran
ख़ूब जारी करना ٩١ (91)
(91)
या आपके लिए खजूरों और अंगूर का एक बाग़ हो और आप उसके बीच नहरें प्रवाहित कर दें।
१७:९२
أَوْ
या
aw
या تُسْقِطَ तुम गिराओ tus'qiṭa
तुम गिराओ ٱلسَّمَآءَ आसमान को l-samāa
आसमान को كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि زَعَمْتَ तुम दावा करते हो zaʿamta
तुम दावा करते हो عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर كِسَفًا टुकड़े-टुकड़े करके kisafan
टुकड़े-टुकड़े करके أَوْ या aw
या تَأْتِىَ तुम ले आओ tatiya
तुम ले आओ بِٱللَّهِ अल्लाह को bil-lahi
अल्लाह को وَٱلْمَلَـٰٓئِكَةِ और फ़रिशतों को wal-malāikati
और फ़रिशतों को قَبِيلًا सामने qabīlan
सामने ٩٢ (92)
(92)
या تُسْقِطَ तुम गिराओ tus'qiṭa
तुम गिराओ ٱلسَّمَآءَ आसमान को l-samāa
आसमान को كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि زَعَمْتَ तुम दावा करते हो zaʿamta
तुम दावा करते हो عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर كِسَفًا टुकड़े-टुकड़े करके kisafan
टुकड़े-टुकड़े करके أَوْ या aw
या تَأْتِىَ तुम ले आओ tatiya
तुम ले आओ بِٱللَّهِ अल्लाह को bil-lahi
अल्लाह को وَٱلْمَلَـٰٓئِكَةِ और फ़रिशतों को wal-malāikati
और फ़रिशतों को قَبِيلًا सामने qabīlan
सामने ٩٢ (92)
(92)
या आकाश को टुकड़े-टुकड़े करके हमपर गिरा दें, जैसा कि आपका दावा है, या अल्लाह और फ़रिश्तों को हमारे सामने ले आएँ।
१७:९३
أَوْ
या
aw
या يَكُونَ हो yakūna
हो لَكَ तुम्हारे लिए laka
तुम्हारे लिए بَيْتٌۭ घर baytun
घर مِّن of min
of زُخْرُفٍ सोने का zukh'rufin
सोने का أَوْ या aw
या تَرْقَىٰ तुम चढ़ जाओ tarqā
तुम चढ़ जाओ فِى into fī
into ٱلسَّمَآءِ आसमान में l-samāi
आसमान में وَلَن और हरगिज़ नहीं walan
और हरगिज़ नहीं نُّؤْمِنَ हम मानेंगे nu'mina
हम मानेंगे لِرُقِيِّكَ तुम्हारे चढ़ने को liruqiyyika
तुम्हारे चढ़ने को حَتَّىٰ हत्ता कि ḥattā
हत्ता कि تُنَزِّلَ तुम उतार लाओ tunazzila
तुम उतार लाओ عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर كِتَـٰبًۭا एक किताब kitāban
एक किताब نَّقْرَؤُهُۥ ۗ हम पढ़ें उसे naqra-uhu
हम पढ़ें उसे قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए سُبْحَانَ पाक है sub'ḥāna
पाक है رَبِّى रब मेरा rabbī
रब मेरा هَلْ नहीं hal
नहीं كُنتُ हूँ मैं kuntu
हूँ मैं إِلَّا मगर illā
मगर بَشَرًۭا एक इन्सान basharan
एक इन्सान رَّسُولًۭا जो रसूल है rasūlan
जो रसूल है ٩٣ (93)
(93)
या يَكُونَ हो yakūna
हो لَكَ तुम्हारे लिए laka
तुम्हारे लिए بَيْتٌۭ घर baytun
घर مِّن of min
of زُخْرُفٍ सोने का zukh'rufin
सोने का أَوْ या aw
या تَرْقَىٰ तुम चढ़ जाओ tarqā
तुम चढ़ जाओ فِى into fī
into ٱلسَّمَآءِ आसमान में l-samāi
आसमान में وَلَن और हरगिज़ नहीं walan
और हरगिज़ नहीं نُّؤْمِنَ हम मानेंगे nu'mina
हम मानेंगे لِرُقِيِّكَ तुम्हारे चढ़ने को liruqiyyika
तुम्हारे चढ़ने को حَتَّىٰ हत्ता कि ḥattā
हत्ता कि تُنَزِّلَ तुम उतार लाओ tunazzila
तुम उतार लाओ عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर كِتَـٰبًۭا एक किताब kitāban
एक किताब نَّقْرَؤُهُۥ ۗ हम पढ़ें उसे naqra-uhu
हम पढ़ें उसे قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए سُبْحَانَ पाक है sub'ḥāna
पाक है رَبِّى रब मेरा rabbī
रब मेरा هَلْ नहीं hal
नहीं كُنتُ हूँ मैं kuntu
हूँ मैं إِلَّا मगर illā
मगर بَشَرًۭا एक इन्सान basharan
एक इन्सान رَّسُولًۭا जो रसूल है rasūlan
जो रसूल है ٩٣ (93)
(93)
या आपके पास सोने का एक घर हो, या आप आकाश में चढ़ जाएँ। और हम आपके चढ़ने का हरगिज़ विश्वास नहीं करेंगे, यहाँ तक कि आप हमारे पास एक पुस्तक उतार लाएँ, जिसे हम पढ़ें। आप कह दें : मेरा पालनहार पवित्र है! मैं तो बस एक इनसान1 हूँ, जो रसूल बनाकर भेजा गया है।
१७:९४
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं مَنَعَ रोका manaʿa
रोका ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को أَن कि an
कि يُؤْمِنُوٓا۟ वो ईमान लाऐं yu'minū
वो ईमान लाऐं إِذْ जब idh
जब جَآءَهُمُ आ गई उनके पास jāahumu
आ गई उनके पास ٱلْهُدَىٰٓ हिदायत l-hudā
हिदायत إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि قَالُوٓا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा أَبَعَثَ क्या भेजा abaʿatha
क्या भेजा ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने بَشَرًۭا एक इन्सान को basharan
एक इन्सान को رَّسُولًۭا रसूल बना कर rasūlan
रसूल बना कर ٩٤ (94)
(94)
और नहीं مَنَعَ रोका manaʿa
रोका ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को أَن कि an
कि يُؤْمِنُوٓا۟ वो ईमान लाऐं yu'minū
वो ईमान लाऐं إِذْ जब idh
जब جَآءَهُمُ आ गई उनके पास jāahumu
आ गई उनके पास ٱلْهُدَىٰٓ हिदायत l-hudā
हिदायत إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि قَالُوٓا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा أَبَعَثَ क्या भेजा abaʿatha
क्या भेजा ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने بَشَرًۭا एक इन्सान को basharan
एक इन्सान को رَّسُولًۭا रसूल बना कर rasūlan
रसूल बना कर ٩٤ (94)
(94)
और जब लोगों के पास मार्गदर्शन1 आ गया, तो उन्हें केवल इस बात ने ईमान लाने से रोक दिया कि उन्होंने कहा : क्या अल्लाह ने एक मनुष्य को रसूल बनाकर भेजा है?
१७:९५
قُل
कह दीजिए
qul
कह दीजिए لَّوْ अगर law
अगर كَانَ होते kāna
होते فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में مَلَـٰٓئِكَةٌۭ फ़रिश्ते malāikatun
फ़रिश्ते يَمْشُونَ चलते-फिरते yamshūna
चलते-फिरते مُطْمَئِنِّينَ इत्मिनान के साथ muṭ'ma-innīna
इत्मिनान के साथ لَنَزَّلْنَا अलबत्ता नाज़िल करते हम lanazzalnā
अलबत्ता नाज़िल करते हम عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर مِّنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से مَلَكًۭا एक फ़रिश्ता malakan
एक फ़रिश्ता رَّسُولًۭا रसूल rasūlan
रसूल ٩٥ (95)
(95)
कह दीजिए لَّوْ अगर law
अगर كَانَ होते kāna
होते فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में مَلَـٰٓئِكَةٌۭ फ़रिश्ते malāikatun
फ़रिश्ते يَمْشُونَ चलते-फिरते yamshūna
चलते-फिरते مُطْمَئِنِّينَ इत्मिनान के साथ muṭ'ma-innīna
इत्मिनान के साथ لَنَزَّلْنَا अलबत्ता नाज़िल करते हम lanazzalnā
अलबत्ता नाज़िल करते हम عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर مِّنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से مَلَكًۭا एक फ़रिश्ता malakan
एक फ़रिश्ता رَّسُولًۭا रसूल rasūlan
रसूल ٩٥ (95)
(95)
(ऐ नबी!) आप कह दें : यदि धरती में फ़रिश्ते (आबाद) होते, जो निश्चिंत होकर चलते-फिरते, तो हम अवश्य उनपर आकाश से कोई फ़रिश्ता ही रसूल बनाकर उतारते।
१७:९६
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए كَفَىٰ काफ़ी है kafā
काफ़ी है بِٱللَّهِ अल्लाह bil-lahi
अल्लाह شَهِيدًۢا गवाह shahīdan
गवाह بَيْنِى दर्मियान मेरे baynī
दर्मियान मेरे وَبَيْنَكُمْ ۚ और दर्मियान तुम्हारे wabaynakum
और दर्मियान तुम्हारे إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो كَانَ है वो kāna
है वो بِعِبَادِهِۦ अपने बन्दों की biʿibādihi
अपने बन्दों की خَبِيرًۢا ख़ूब ख़बर रखने वाला khabīran
ख़ूब ख़बर रखने वाला بَصِيرًۭا ख़ूब देखने वाला baṣīran
ख़ूब देखने वाला ٩٦ (96)
(96)
कह दीजिए كَفَىٰ काफ़ी है kafā
काफ़ी है بِٱللَّهِ अल्लाह bil-lahi
अल्लाह شَهِيدًۢا गवाह shahīdan
गवाह بَيْنِى दर्मियान मेरे baynī
दर्मियान मेरे وَبَيْنَكُمْ ۚ और दर्मियान तुम्हारे wabaynakum
और दर्मियान तुम्हारे إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो كَانَ है वो kāna
है वो بِعِبَادِهِۦ अपने बन्दों की biʿibādihi
अपने बन्दों की خَبِيرًۢا ख़ूब ख़बर रखने वाला khabīran
ख़ूब ख़बर रखने वाला بَصِيرًۭا ख़ूब देखने वाला baṣīran
ख़ूब देखने वाला ٩٦ (96)
(96)
आप कह दें कि मेरे और तुम्हारे बीच गवाह1 के रूप में अल्लाह काफ़ी है। निःसंदेह वह अपने बंदों की पूरी ख़बर रखने वाला, सबको देखने वाला है।
१७:९७
وَمَن
और जिसे
waman
और जिसे يَهْدِ हिदायत दे yahdi
हिदायत दे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فَهُوَ तो वो ही है fahuwa
तो वो ही है ٱلْمُهْتَدِ ۖ हिदायत याफ़्ता l-muh'tadi
हिदायत याफ़्ता وَمَن और जिसे waman
और जिसे يُضْلِلْ वो भटका दे yuḍ'lil
वो भटका दे فَلَن तो हरगिज़ नहीं falan
तो हरगिज़ नहीं تَجِدَ आप पाऐंगे tajida
आप पाऐंगे لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए أَوْلِيَآءَ कोई मददगार awliyāa
कोई मददगार مِن besides Him min
besides Him دُونِهِۦ ۖ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा وَنَحْشُرُهُمْ और हम इकट्ठा करेंगे उन्हें wanaḥshuruhum
और हम इकट्ठा करेंगे उन्हें يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के عَلَىٰ on ʿalā
on وُجُوهِهِمْ उनके चेहरों के बल wujūhihim
उनके चेहरों के बल عُمْيًۭا अँधा ʿum'yan
अँधा وَبُكْمًۭا और गूँगा wabuk'man
और गूँगा وَصُمًّۭا ۖ और बहरा (बना कर) waṣumman
और बहरा (बना कर) مَّأْوَىٰهُمْ ठिकाना उनका mawāhum
ठिकाना उनका جَهَنَّمُ ۖ जहन्नम (होगा) jahannamu
जहन्नम (होगा) كُلَّمَا जब कभी kullamā
जब कभी خَبَتْ धीमी होने लगेगी khabat
धीमी होने लगेगी زِدْنَـٰهُمْ ज़्यादा कर देंगे हम उन पर zid'nāhum
ज़्यादा कर देंगे हम उन पर سَعِيرًۭا दहकती आग saʿīran
दहकती आग ٩٧ (97)
(97)
और जिसे يَهْدِ हिदायत दे yahdi
हिदायत दे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فَهُوَ तो वो ही है fahuwa
तो वो ही है ٱلْمُهْتَدِ ۖ हिदायत याफ़्ता l-muh'tadi
हिदायत याफ़्ता وَمَن और जिसे waman
और जिसे يُضْلِلْ वो भटका दे yuḍ'lil
वो भटका दे فَلَن तो हरगिज़ नहीं falan
तो हरगिज़ नहीं تَجِدَ आप पाऐंगे tajida
आप पाऐंगे لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए أَوْلِيَآءَ कोई मददगार awliyāa
कोई मददगार مِن besides Him min
besides Him دُونِهِۦ ۖ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा وَنَحْشُرُهُمْ और हम इकट्ठा करेंगे उन्हें wanaḥshuruhum
और हम इकट्ठा करेंगे उन्हें يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के عَلَىٰ on ʿalā
on وُجُوهِهِمْ उनके चेहरों के बल wujūhihim
उनके चेहरों के बल عُمْيًۭا अँधा ʿum'yan
अँधा وَبُكْمًۭا और गूँगा wabuk'man
और गूँगा وَصُمًّۭا ۖ और बहरा (बना कर) waṣumman
और बहरा (बना कर) مَّأْوَىٰهُمْ ठिकाना उनका mawāhum
ठिकाना उनका جَهَنَّمُ ۖ जहन्नम (होगा) jahannamu
जहन्नम (होगा) كُلَّمَا जब कभी kullamā
जब कभी خَبَتْ धीमी होने लगेगी khabat
धीमी होने लगेगी زِدْنَـٰهُمْ ज़्यादा कर देंगे हम उन पर zid'nāhum
ज़्यादा कर देंगे हम उन पर سَعِيرًۭا दहकती आग saʿīran
दहकती आग ٩٧ (97)
(97)
और जिसे अल्लाह सीधा मार्ग दिखाए, वही मार्ग पाने वाला है और जिन्हें पथभ्रष्ट कर दे, आप उनके लिए अल्लाह के सिवा सहायक नहीं पाएँगे। और हम उन्हें क़ियामत के दिन उनके चेहरों के बल अंधे, गूँगे और बहरे बनाकर उठाएँगे। और उनका ठिकाना जहन्नम है। जब भी उसकी लपट कम होगी, हम उसे और भड़का देंगे।
१७:९८
ذَٰلِكَ
ये
dhālika
ये جَزَآؤُهُم बदला है उनका jazāuhum
बदला है उनका بِأَنَّهُمْ बवजह इसके कि उन्होंने bi-annahum
बवजह इसके कि उन्होंने كَفَرُوا۟ इन्कार किया kafarū
इन्कार किया بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात का biāyātinā
हमारी आयात का وَقَالُوٓا۟ और उन्होंने कहा waqālū
और उन्होंने कहा أَءِذَا क्या जब a-idhā
क्या जब كُنَّا होंगे हम kunnā
होंगे हम عِظَـٰمًۭا हड्डियाँ ʿiẓāman
हड्डियाँ وَرُفَـٰتًا और चूरा-चूरा warufātan
और चूरा-चूरा أَءِنَّا क्या बेशक हम a-innā
क्या बेशक हम لَمَبْعُوثُونَ अलबत्ता उठाए जाने वाले हैं lamabʿūthūna
अलबत्ता उठाए जाने वाले हैं خَلْقًۭا पैदा करके khalqan
पैदा करके جَدِيدًا नए सिरे से jadīdan
नए सिरे से ٩٨ (98)
(98)
ये جَزَآؤُهُم बदला है उनका jazāuhum
बदला है उनका بِأَنَّهُمْ बवजह इसके कि उन्होंने bi-annahum
बवजह इसके कि उन्होंने كَفَرُوا۟ इन्कार किया kafarū
इन्कार किया بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात का biāyātinā
हमारी आयात का وَقَالُوٓا۟ और उन्होंने कहा waqālū
और उन्होंने कहा أَءِذَا क्या जब a-idhā
क्या जब كُنَّا होंगे हम kunnā
होंगे हम عِظَـٰمًۭا हड्डियाँ ʿiẓāman
हड्डियाँ وَرُفَـٰتًا और चूरा-चूरा warufātan
और चूरा-चूरा أَءِنَّا क्या बेशक हम a-innā
क्या बेशक हम لَمَبْعُوثُونَ अलबत्ता उठाए जाने वाले हैं lamabʿūthūna
अलबत्ता उठाए जाने वाले हैं خَلْقًۭا पैदा करके khalqan
पैदा करके جَدِيدًا नए सिरे से jadīdan
नए सिरे से ٩٨ (98)
(98)
यही उनका बदला है। क्योंकि उन्होंने हमारी आयतों का इनकार किया और कहा : क्या जब हम हड्डियाँ और चूरा-चूरा हो जाएँगे, तो क्या निश्चय ही हम नए सिरे से पैदा करके उठाए जाने वाले हैं?
१७:९९
۞ أَوَلَمْ
क्या भला नहीं
awalam
क्या भला नहीं يَرَوْا۟ उन्होंने देखा yaraw
उन्होंने देखा أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह ٱلَّذِى वो है जिसने alladhī
वो है जिसने خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को قَادِرٌ क़ादिर है qādirun
क़ादिर है عَلَىٰٓ उस पर ʿalā
उस पर أَن कि an
कि يَخْلُقَ वो पैदा करे yakhluqa
वो पैदा करे مِثْلَهُمْ मानिन्द उनके mith'lahum
मानिन्द उनके وَجَعَلَ और उसने बना रखा है wajaʿala
और उसने बना रखा है لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए أَجَلًۭا एक मुक़र्रर वक़्त ajalan
एक मुक़र्रर वक़्त لَّا no lā
no رَيْبَ नहीं कोई शक rayba
नहीं कोई शक فِيهِ इसमें fīhi
इसमें فَأَبَى पस इन्कार किया fa-abā
पस इन्कार किया ٱلظَّـٰلِمُونَ ज़लिमों ने l-ẓālimūna
ज़लिमों ने إِلَّا सिवाय illā
सिवाय كُفُورًۭا कुफ़्र करने के kufūran
कुफ़्र करने के ٩٩ (99)
(99)
क्या भला नहीं يَرَوْا۟ उन्होंने देखा yaraw
उन्होंने देखा أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह ٱلَّذِى वो है जिसने alladhī
वो है जिसने خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को قَادِرٌ क़ादिर है qādirun
क़ादिर है عَلَىٰٓ उस पर ʿalā
उस पर أَن कि an
कि يَخْلُقَ वो पैदा करे yakhluqa
वो पैदा करे مِثْلَهُمْ मानिन्द उनके mith'lahum
मानिन्द उनके وَجَعَلَ और उसने बना रखा है wajaʿala
और उसने बना रखा है لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए أَجَلًۭا एक मुक़र्रर वक़्त ajalan
एक मुक़र्रर वक़्त لَّا no lā
no رَيْبَ नहीं कोई शक rayba
नहीं कोई शक فِيهِ इसमें fīhi
इसमें فَأَبَى पस इन्कार किया fa-abā
पस इन्कार किया ٱلظَّـٰلِمُونَ ज़लिमों ने l-ẓālimūna
ज़लिमों ने إِلَّا सिवाय illā
सिवाय كُفُورًۭا कुफ़्र करने के kufūran
कुफ़्र करने के ٩٩ (99)
(99)
क्या इन लोगों ने नहीं देखा कि जिस अल्लाह ने आकाशों तथा धरती को पैदा किया, वह इसपर सामर्थ्यवान है कि उन जैसे (फिर) पैदा कर दे? तथा उसने उनके लिए एक समय निर्धारित कर रखा है, जिसमें कोई संदेह नहीं है। फिर भी अत्याचारियों ने कुफ़्र के सिवा (हर चीज़ से) इनकार किया।
१७:१००
قُل
कह दीजिए
qul
कह दीजिए لَّوْ अगर law
अगर أَنتُمْ तुम antum
तुम تَمْلِكُونَ तुम मालिक होते tamlikūna
तुम मालिक होते خَزَآئِنَ ख़जानों के khazāina
ख़जानों के رَحْمَةِ रहमत के raḥmati
रहमत के رَبِّىٓ मेरे रब के rabbī
मेरे रब के إِذًۭا तब idhan
तब لَّأَمْسَكْتُمْ अलबत्ता रोक लेते तुम la-amsaktum
अलबत्ता रोक लेते तुम خَشْيَةَ डर से khashyata
डर से ٱلْإِنفَاقِ ۚ ख़र्च हो जाने के l-infāqi
ख़र्च हो जाने के وَكَانَ और है wakāna
और है ٱلْإِنسَـٰنُ इन्सान l-insānu
इन्सान قَتُورًۭا बहुत कंजूस/बख़ील qatūran
बहुत कंजूस/बख़ील ١٠٠ (100)
(100)
कह दीजिए لَّوْ अगर law
अगर أَنتُمْ तुम antum
तुम تَمْلِكُونَ तुम मालिक होते tamlikūna
तुम मालिक होते خَزَآئِنَ ख़जानों के khazāina
ख़जानों के رَحْمَةِ रहमत के raḥmati
रहमत के رَبِّىٓ मेरे रब के rabbī
मेरे रब के إِذًۭا तब idhan
तब لَّأَمْسَكْتُمْ अलबत्ता रोक लेते तुम la-amsaktum
अलबत्ता रोक लेते तुम خَشْيَةَ डर से khashyata
डर से ٱلْإِنفَاقِ ۚ ख़र्च हो जाने के l-infāqi
ख़र्च हो जाने के وَكَانَ और है wakāna
और है ٱلْإِنسَـٰنُ इन्सान l-insānu
इन्सान قَتُورًۭا बहुत कंजूस/बख़ील qatūran
बहुत कंजूस/बख़ील ١٠٠ (100)
(100)
आप कह दें : यदि तुम मेरे पालनहार की दया के खज़ानों के मालिक होते, तो उस समय तुम (उन्हें) खर्च हो जाने के भय से अवश्य रोक लेते। और इनसान बड़ा ही कंजूस है।
१७:१०१
وَلَقَدْ
और अलबत्ता
walaqad
और अलबत्ता ءَاتَيْنَا दीं हमने ātaynā
दीं हमने مُوسَىٰ मूसा को mūsā
मूसा को تِسْعَ नौ tis'ʿa
नौ ءَايَـٰتٍۭ निशानियाँ āyātin
निशानियाँ بَيِّنَـٰتٍۢ ۖ वाज़ेह bayyinātin
वाज़ेह فَسْـَٔلْ तो पूछ लो fasal
तो पूछ लो بَنِىٓ (the) Children of Israel banī
(the) Children of Israel إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल से is'rāīla
बनी इस्राईल से إِذْ जब idh
जब جَآءَهُمْ वो आया उनके पास jāahum
वो आया उनके पास فَقَالَ तो कहा faqāla
तो कहा لَهُۥ उसे lahu
उसे فِرْعَوْنُ फ़िरऔन ने fir'ʿawnu
फ़िरऔन ने إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं لَأَظُنُّكَ अलबत्ता मैं गुमान करता हूँ तुझे la-aẓunnuka
अलबत्ता मैं गुमान करता हूँ तुझे يَـٰمُوسَىٰ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा مَسْحُورًۭا सहरज़दा masḥūran
सहरज़दा ١٠١ (101)
(101)
और अलबत्ता ءَاتَيْنَا दीं हमने ātaynā
दीं हमने مُوسَىٰ मूसा को mūsā
मूसा को تِسْعَ नौ tis'ʿa
नौ ءَايَـٰتٍۭ निशानियाँ āyātin
निशानियाँ بَيِّنَـٰتٍۢ ۖ वाज़ेह bayyinātin
वाज़ेह فَسْـَٔلْ तो पूछ लो fasal
तो पूछ लो بَنِىٓ (the) Children of Israel banī
(the) Children of Israel إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल से is'rāīla
बनी इस्राईल से إِذْ जब idh
जब جَآءَهُمْ वो आया उनके पास jāahum
वो आया उनके पास فَقَالَ तो कहा faqāla
तो कहा لَهُۥ उसे lahu
उसे فِرْعَوْنُ फ़िरऔन ने fir'ʿawnu
फ़िरऔन ने إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं لَأَظُنُّكَ अलबत्ता मैं गुमान करता हूँ तुझे la-aẓunnuka
अलबत्ता मैं गुमान करता हूँ तुझे يَـٰمُوسَىٰ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा مَسْحُورًۭا सहरज़दा masḥūran
सहरज़दा ١٠١ (101)
(101)
और निश्चय हमने मूसा को नौ स्पष्ट निशानियाँ1 दीं। अतः आप बनी इसराईल से पूछ लें, जब वह (मूसा) उनके पास आए, तो फ़िरऔन ने उनसे कहा : ऐ मूसा! मैं समझता हूँ कि तुझपर जादू कर दिया गया है।
१७:१०२
قَالَ
उसने कहा
qāla
उसने कहा لَقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ عَلِمْتَ जानते हो तुम ʿalim'ta
जानते हो तुम مَآ नहीं mā
नहीं أَنزَلَ उतारा anzala
उतारा هَـٰٓؤُلَآءِ उन्हें hāulāi
उन्हें إِلَّا मगर illā
मगर رَبُّ रब ने rabbu
रब ने ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन के wal-arḍi
और ज़मीन के بَصَآئِرَ वाज़ेह निशानियाँ बना कर baṣāira
वाज़ेह निशानियाँ बना कर وَإِنِّى और बेशक मैं wa-innī
और बेशक मैं لَأَظُنُّكَ अलबत्ता मैं गुमान करता हूँ तुझे la-aẓunnuka
अलबत्ता मैं गुमान करता हूँ तुझे يَـٰفِرْعَوْنُ ऐ फ़िरऔन yāfir'ʿawnu
ऐ फ़िरऔन مَثْبُورًۭا हलाक किया हुआ mathbūran
हलाक किया हुआ ١٠٢ (102)
(102)
उसने कहा لَقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ عَلِمْتَ जानते हो तुम ʿalim'ta
जानते हो तुम مَآ नहीं mā
नहीं أَنزَلَ उतारा anzala
उतारा هَـٰٓؤُلَآءِ उन्हें hāulāi
उन्हें إِلَّا मगर illā
मगर رَبُّ रब ने rabbu
रब ने ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन के wal-arḍi
और ज़मीन के بَصَآئِرَ वाज़ेह निशानियाँ बना कर baṣāira
वाज़ेह निशानियाँ बना कर وَإِنِّى और बेशक मैं wa-innī
और बेशक मैं لَأَظُنُّكَ अलबत्ता मैं गुमान करता हूँ तुझे la-aẓunnuka
अलबत्ता मैं गुमान करता हूँ तुझे يَـٰفِرْعَوْنُ ऐ फ़िरऔन yāfir'ʿawnu
ऐ फ़िरऔन مَثْبُورًۭا हलाक किया हुआ mathbūran
हलाक किया हुआ ١٠٢ (102)
(102)
मूसा ने उत्तर दिया : निःसंदेह तुम जान चुके हो कि इन (निशानियों) को आकाशों और धरती के पालनहार ही ने (समझाने के लिए) स्पष्ट प्रमाण बनाकर पर उतारा है। और निश्चय ही मैं जानता हूँ कि ऐ फ़िरऔन! तेरा विनाश हुआ।
१७:१०३
فَأَرَادَ
तो उसने इरादा किया
fa-arāda
तो उसने इरादा किया أَن कि an
कि يَسْتَفِزَّهُم वो उखाड़ फेंके उन्हें yastafizzahum
वो उखाड़ फेंके उन्हें مِّنَ from mina
from ٱلْأَرْضِ ज़मीन से l-arḍi
ज़मीन से فَأَغْرَقْنَـٰهُ तो ग़र्क़ कर दिया हमने उसे fa-aghraqnāhu
तो ग़र्क़ कर दिया हमने उसे وَمَن और जो waman
और जो مَّعَهُۥ उसके साथ थे maʿahu
उसके साथ थे جَمِيعًۭا सबके सबको jamīʿan
सबके सबको ١٠٣ (103)
(103)
तो उसने इरादा किया أَن कि an
कि يَسْتَفِزَّهُم वो उखाड़ फेंके उन्हें yastafizzahum
वो उखाड़ फेंके उन्हें مِّنَ from mina
from ٱلْأَرْضِ ज़मीन से l-arḍi
ज़मीन से فَأَغْرَقْنَـٰهُ तो ग़र्क़ कर दिया हमने उसे fa-aghraqnāhu
तो ग़र्क़ कर दिया हमने उसे وَمَن और जो waman
और जो مَّعَهُۥ उसके साथ थे maʿahu
उसके साथ थे جَمِيعًۭا सबके सबको jamīʿan
सबके सबको ١٠٣ (103)
(103)
अंततः उसने उन्हें1 उस भूभाग से2 निकाल बाहर करने का इरादा किया, तो हमने उसे और उसके सब साथियों को डुबो दिया।
१७:१०४
وَقُلْنَا
और कहा हमने
waqul'nā
और कहा हमने مِنۢ after him min
after him بَعْدِهِۦ बाद इसके baʿdihi
बाद इसके لِبَنِىٓ to the Children of Israel libanī
to the Children of Israel إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल को is'rāīla
बनी इस्राईल को ٱسْكُنُوا۟ रहो/बसो us'kunū
रहो/बसो ٱلْأَرْضَ ज़मीन में l-arḍa
ज़मीन में فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब جَآءَ आ जाएगा jāa
आ जाएगा وَعْدُ वादा waʿdu
वादा ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत का l-ākhirati
आख़िरत का جِئْنَا ले आऐंगे हम ji'nā
ले आऐंगे हम بِكُمْ तुम्हें bikum
तुम्हें لَفِيفًۭا इकट्ठा करके lafīfan
इकट्ठा करके ١٠٤ (104)
(104)
और कहा हमने مِنۢ after him min
after him بَعْدِهِۦ बाद इसके baʿdihi
बाद इसके لِبَنِىٓ to the Children of Israel libanī
to the Children of Israel إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल को is'rāīla
बनी इस्राईल को ٱسْكُنُوا۟ रहो/बसो us'kunū
रहो/बसो ٱلْأَرْضَ ज़मीन में l-arḍa
ज़मीन में فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब جَآءَ आ जाएगा jāa
आ जाएगा وَعْدُ वादा waʿdu
वादा ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत का l-ākhirati
आख़िरत का جِئْنَا ले आऐंगे हम ji'nā
ले आऐंगे हम بِكُمْ तुम्हें bikum
तुम्हें لَفِيفًۭا इकट्ठा करके lafīfan
इकट्ठा करके ١٠٤ (104)
(104)
और हमने उसके बाद बनी इसराईल से कहा : तुम इस धरती में बस जाओ। फिर जब आख़िरत का वादा आएगा, तो हम तुम सबको ले आएँगे।
१७:१०५
وَبِٱلْحَقِّ
और साथ हक़ के
wabil-ḥaqi
और साथ हक़ के أَنزَلْنَـٰهُ नाज़िल किया हमने उसे anzalnāhu
नाज़िल किया हमने उसे وَبِٱلْحَقِّ और साथ हक़ के ही wabil-ḥaqi
और साथ हक़ के ही نَزَلَ ۗ वो उतरा nazala
वो उतरा وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं أَرْسَلْنَـٰكَ भेजा हमने आपको arsalnāka
भेजा हमने आपको إِلَّا मगर illā
मगर مُبَشِّرًۭا ख़ुशख़बरी देने वाला mubashiran
ख़ुशख़बरी देने वाला وَنَذِيرًۭا और डराने वाला बनाकर wanadhīran
और डराने वाला बनाकर ١٠٥ (105)
(105)
और साथ हक़ के أَنزَلْنَـٰهُ नाज़िल किया हमने उसे anzalnāhu
नाज़िल किया हमने उसे وَبِٱلْحَقِّ और साथ हक़ के ही wabil-ḥaqi
और साथ हक़ के ही نَزَلَ ۗ वो उतरा nazala
वो उतरा وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं أَرْسَلْنَـٰكَ भेजा हमने आपको arsalnāka
भेजा हमने आपको إِلَّا मगर illā
मगर مُبَشِّرًۭا ख़ुशख़बरी देने वाला mubashiran
ख़ुशख़बरी देने वाला وَنَذِيرًۭا और डराने वाला बनाकर wanadhīran
और डराने वाला बनाकर ١٠٥ (105)
(105)
और हमने सत्य ही के साथ इस (क़ुरआन) को उतारा है, तथा यह सत्य ही के साथ उतरा है। और हमने आपको केवल शुभ सूचना देने वाला तथा डराने वाला बनाकर भेजा है।
१७:१०६
وَقُرْءَانًۭا
और क़ुरआन को
waqur'ānan
और क़ुरआन को فَرَقْنَـٰهُ अलग-अलग (नाज़िल) किया हमने उसे faraqnāhu
अलग-अलग (नाज़िल) किया हमने उसे لِتَقْرَأَهُۥ ताकि आप पढ़ें उसे litaqra-ahu
ताकि आप पढ़ें उसे عَلَى to ʿalā
to ٱلنَّاسِ लोगों पर l-nāsi
लोगों पर عَلَىٰ at ʿalā
at مُكْثٍۢ ठहर-ठहर कर muk'thin
ठहर-ठहर कर وَنَزَّلْنَـٰهُ और नाज़िल किया हमने इसे wanazzalnāhu
और नाज़िल किया हमने इसे تَنزِيلًۭا थोड़ा-थोड़ा नाज़िल करना tanzīlan
थोड़ा-थोड़ा नाज़िल करना ١٠٦ (106)
(106)
और क़ुरआन को فَرَقْنَـٰهُ अलग-अलग (नाज़िल) किया हमने उसे faraqnāhu
अलग-अलग (नाज़िल) किया हमने उसे لِتَقْرَأَهُۥ ताकि आप पढ़ें उसे litaqra-ahu
ताकि आप पढ़ें उसे عَلَى to ʿalā
to ٱلنَّاسِ लोगों पर l-nāsi
लोगों पर عَلَىٰ at ʿalā
at مُكْثٍۢ ठहर-ठहर कर muk'thin
ठहर-ठहर कर وَنَزَّلْنَـٰهُ और नाज़िल किया हमने इसे wanazzalnāhu
और नाज़िल किया हमने इसे تَنزِيلًۭا थोड़ा-थोड़ा नाज़िल करना tanzīlan
थोड़ा-थोड़ा नाज़िल करना ١٠٦ (106)
(106)
और हमने इस क़ुरआन को अलग-अलग करके उतारा है, ताकि आप इसे लोगों के सामने ठहर-ठहर कर पढ़ें और हमने इसे थोड़ा-थोड़ा1 करके उतारा है।
१७:१०७
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए ءَامِنُوا۟ तुम ईमान लाओ āminū
तुम ईमान लाओ بِهِۦٓ उस पर bihi
उस पर أَوْ या aw
या لَا (do) not lā
(do) not تُؤْمِنُوٓا۟ ۚ ना तुम ईमान लाओ tu'minū
ना तुम ईमान लाओ إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए ٱلْعِلْمَ इल्म l-ʿil'ma
इल्म مِن before it min
before it قَبْلِهِۦٓ इससे पहले qablihi
इससे पहले إِذَا जब idhā
जब يُتْلَىٰ वो पढ़ा जाता है yut'lā
वो पढ़ा जाता है عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर يَخِرُّونَ वो गिर पड़ते हैं yakhirrūna
वो गिर पड़ते हैं لِلْأَذْقَانِ ठोड़ियों के बल lil'adhqāni
ठोड़ियों के बल سُجَّدًۭا सजदा करते हुए sujjadan
सजदा करते हुए ١٠٧ (107)
(107)
कह दीजिए ءَامِنُوا۟ तुम ईमान लाओ āminū
तुम ईमान लाओ بِهِۦٓ उस पर bihi
उस पर أَوْ या aw
या لَا (do) not lā
(do) not تُؤْمِنُوٓا۟ ۚ ना तुम ईमान लाओ tu'minū
ना तुम ईमान लाओ إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए ٱلْعِلْمَ इल्म l-ʿil'ma
इल्म مِن before it min
before it قَبْلِهِۦٓ इससे पहले qablihi
इससे पहले إِذَا जब idhā
जब يُتْلَىٰ वो पढ़ा जाता है yut'lā
वो पढ़ा जाता है عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर يَخِرُّونَ वो गिर पड़ते हैं yakhirrūna
वो गिर पड़ते हैं لِلْأَذْقَانِ ठोड़ियों के बल lil'adhqāni
ठोड़ियों के बल سُجَّدًۭا सजदा करते हुए sujjadan
सजदा करते हुए ١٠٧ (107)
(107)
आप कह दें : तुम इस (क़ुरआन) पर ईमान लाओ या ईमान न लाओ, निःसंदेह जिन लोगों को इससे पहले ज्ञान दिया गया1, जब उनके सामने इसे पढ़कर सुनाया जाता है, तो वे ठुड्डियों के बल सजदे में गिर जाते हैं।
१७:१०८
وَيَقُولُونَ
और वो कहते हैं
wayaqūlūna
और वो कहते हैं سُبْحَـٰنَ पाक है sub'ḥāna
पाक है رَبِّنَآ रब हमारा rabbinā
रब हमारा إِن बेशक in
बेशक كَانَ है kāna
है وَعْدُ वादा waʿdu
वादा رَبِّنَا हमारे रब का rabbinā
हमारे रब का لَمَفْعُولًۭا अलबत्ता होकर रहने वाला lamafʿūlan
अलबत्ता होकर रहने वाला ١٠٨ (108)
(108)
और वो कहते हैं سُبْحَـٰنَ पाक है sub'ḥāna
पाक है رَبِّنَآ रब हमारा rabbinā
रब हमारा إِن बेशक in
बेशक كَانَ है kāna
है وَعْدُ वादा waʿdu
वादा رَبِّنَا हमारे रब का rabbinā
हमारे रब का لَمَفْعُولًۭا अलबत्ता होकर रहने वाला lamafʿūlan
अलबत्ता होकर रहने वाला ١٠٨ (108)
(108)
और कहते हैं : पवित्र है हमारा पालनहार! निःसंदेह हमारे पालनहार का वादा अवश्य पूरा होना है।
१७:१०९
وَيَخِرُّونَ
और वो गिर पड़ते हैं
wayakhirrūna
और वो गिर पड़ते हैं لِلْأَذْقَانِ ठोड़ियों के बल lil'adhqāni
ठोड़ियों के बल يَبْكُونَ रोते हुए yabkūna
रोते हुए وَيَزِيدُهُمْ और वो बढ़ा देता है उन्हें wayazīduhum
और वो बढ़ा देता है उन्हें خُشُوعًۭا ۩ ख़ुशूअ में khushūʿan
ख़ुशूअ में ١٠٩ (109)
(109)
और वो गिर पड़ते हैं لِلْأَذْقَانِ ठोड़ियों के बल lil'adhqāni
ठोड़ियों के बल يَبْكُونَ रोते हुए yabkūna
रोते हुए وَيَزِيدُهُمْ और वो बढ़ा देता है उन्हें wayazīduhum
और वो बढ़ा देता है उन्हें خُشُوعًۭا ۩ ख़ुशूअ में khushūʿan
ख़ुशूअ में ١٠٩ (109)
(109)
और वे रोते हुए ठुड्डियों के बल गिर जाते हैं और यह (क़ुरआन) उनके विनय को बढ़ा देता है।
१७:११०
قُلِ
कह दीजिए
quli
कह दीजिए ٱدْعُوا۟ पुकारो id'ʿū
पुकारो ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को أَوِ या awi
या ٱدْعُوا۟ पुकारो id'ʿū
पुकारो ٱلرَّحْمَـٰنَ ۖ रहमान को l-raḥmāna
रहमान को أَيًّۭا By whatever (name) ayyan
By whatever (name) مَّا जिस (नाम) से भी mā
जिस (नाम) से भी تَدْعُوا۟ तुम पुकारोगे tadʿū
तुम पुकारोगे فَلَهُ तो उसी के लिए हैं falahu
तो उसी के लिए हैं ٱلْأَسْمَآءُ नाम l-asmāu
नाम ٱلْحُسْنَىٰ ۚ अच्छे-अच्छे l-ḥus'nā
अच्छे-अच्छे وَلَا और ना walā
और ना تَجْهَرْ आप आवाज़ बुलन्द कीजिए tajhar
आप आवाज़ बुलन्द कीजिए بِصَلَاتِكَ अपनी नमाज़ में biṣalātika
अपनी नमाज़ में وَلَا और ना walā
और ना تُخَافِتْ आप पस्त कीजिए tukhāfit
आप पस्त कीजिए بِهَا उसे bihā
उसे وَٱبْتَغِ और इख़्तियार कीजिए wa-ib'taghi
और इख़्तियार कीजिए بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान ذَٰلِكَ उसके dhālika
उसके سَبِيلًۭا कोई रास्ता sabīlan
कोई रास्ता ١١٠ (110)
(110)
कह दीजिए ٱدْعُوا۟ पुकारो id'ʿū
पुकारो ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को أَوِ या awi
या ٱدْعُوا۟ पुकारो id'ʿū
पुकारो ٱلرَّحْمَـٰنَ ۖ रहमान को l-raḥmāna
रहमान को أَيًّۭا By whatever (name) ayyan
By whatever (name) مَّا जिस (नाम) से भी mā
जिस (नाम) से भी تَدْعُوا۟ तुम पुकारोगे tadʿū
तुम पुकारोगे فَلَهُ तो उसी के लिए हैं falahu
तो उसी के लिए हैं ٱلْأَسْمَآءُ नाम l-asmāu
नाम ٱلْحُسْنَىٰ ۚ अच्छे-अच्छे l-ḥus'nā
अच्छे-अच्छे وَلَا और ना walā
और ना تَجْهَرْ आप आवाज़ बुलन्द कीजिए tajhar
आप आवाज़ बुलन्द कीजिए بِصَلَاتِكَ अपनी नमाज़ में biṣalātika
अपनी नमाज़ में وَلَا और ना walā
और ना تُخَافِتْ आप पस्त कीजिए tukhāfit
आप पस्त कीजिए بِهَا उसे bihā
उसे وَٱبْتَغِ और इख़्तियार कीजिए wa-ib'taghi
और इख़्तियार कीजिए بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान ذَٰلِكَ उसके dhālika
उसके سَبِيلًۭا कोई रास्ता sabīlan
कोई रास्ता ١١٠ (110)
(110)
(ऐ नबी!) आप कह दें : 'अल्लाह' कहकर पुकारो या 'रहमान' कहकर पुकारो। तुम जिस नाम से भी पुकारोगे, उसके सभी नाम अच्छे1 हैं। और (ऐ नबी!) नमाज़ में आवाज़ न तो ऊँची रखो और न नीची, बल्कि इन दोनों के बीच का मार्ग अपनाओ।2
१७:१११
وَقُلِ
और कह दीजिए
waquli
और कह दीजिए ٱلْحَمْدُ सब तारीफ़ l-ḥamdu
सब तारीफ़ لِلَّهِ अल्लाह के लिए है lillahi
अल्लाह के लिए है ٱلَّذِى वो जिसने alladhī
वो जिसने لَمْ नहीं lam
नहीं يَتَّخِذْ बनाई yattakhidh
बनाई وَلَدًۭا कोई औलाद waladan
कोई औलाद وَلَمْ और नहीं walam
और नहीं يَكُن है yakun
है لَّهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए شَرِيكٌۭ कोई शरीक sharīkun
कोई शरीक فِى in fī
in ٱلْمُلْكِ बादशाहत में l-mul'ki
बादशाहत में وَلَمْ और नहीं walam
और नहीं يَكُن है yakun
है لَّهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए وَلِىٌّۭ कोई मददगार waliyyun
कोई मददगार مِّنَ out of mina
out of ٱلذُّلِّ ۖ कमज़ोरी (की वजह) से l-dhuli
कमज़ोरी (की वजह) से وَكَبِّرْهُ और बड़ाई बयान कीजिए उसकी wakabbir'hu
और बड़ाई बयान कीजिए उसकी تَكْبِيرًۢا ख़ूब बड़ाई बयान करना takbīran
ख़ूब बड़ाई बयान करना ١١١ (111)
(111)
और कह दीजिए ٱلْحَمْدُ सब तारीफ़ l-ḥamdu
सब तारीफ़ لِلَّهِ अल्लाह के लिए है lillahi
अल्लाह के लिए है ٱلَّذِى वो जिसने alladhī
वो जिसने لَمْ नहीं lam
नहीं يَتَّخِذْ बनाई yattakhidh
बनाई وَلَدًۭا कोई औलाद waladan
कोई औलाद وَلَمْ और नहीं walam
और नहीं يَكُن है yakun
है لَّهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए شَرِيكٌۭ कोई शरीक sharīkun
कोई शरीक فِى in fī
in ٱلْمُلْكِ बादशाहत में l-mul'ki
बादशाहत में وَلَمْ और नहीं walam
और नहीं يَكُن है yakun
है لَّهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए وَلِىٌّۭ कोई मददगार waliyyun
कोई मददगार مِّنَ out of mina
out of ٱلذُّلِّ ۖ कमज़ोरी (की वजह) से l-dhuli
कमज़ोरी (की वजह) से وَكَبِّرْهُ और बड़ाई बयान कीजिए उसकी wakabbir'hu
और बड़ाई बयान कीजिए उसकी تَكْبِيرًۢا ख़ूब बड़ाई बयान करना takbīran
ख़ूब बड़ाई बयान करना ١١١ (111)
(111)
तथा कहो : सब प्रशंसा अल्लाह के लिए है, जिसने (अपने लिए) कोई संतान नहीं बनाई, और न राज्य में उसका कोई साझी है, और न विवशता (कमज़ोरी) के कारण उसका कोई मददगार है। और आप उसकी पूर्ण महिमा का गान करें।