१८
अल-कहफ़
الكهف
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
१८:१
ٱلْحَمْدُ
सब तारीफ़
al-ḥamdu
सब तारीफ़ لِلَّهِ अल्लाह के लिए है lillahi
अल्लाह के लिए है ٱلَّذِىٓ वो जिसने alladhī
वो जिसने أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया عَلَىٰ to ʿalā
to عَبْدِهِ अपने बन्दे पर ʿabdihi
अपने बन्दे पर ٱلْكِتَـٰبَ किताब को l-kitāba
किताब को وَلَمْ और नहीं walam
और नहीं يَجْعَل उसने रखा yajʿal
उसने रखा لَّهُۥ उसमें lahu
उसमें عِوَجَاۜ कोई टेढ़ापन ʿiwajā
कोई टेढ़ापन ١ (1)
(1)
सब तारीफ़ لِلَّهِ अल्लाह के लिए है lillahi
अल्लाह के लिए है ٱلَّذِىٓ वो जिसने alladhī
वो जिसने أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया عَلَىٰ to ʿalā
to عَبْدِهِ अपने बन्दे पर ʿabdihi
अपने बन्दे पर ٱلْكِتَـٰبَ किताब को l-kitāba
किताब को وَلَمْ और नहीं walam
और नहीं يَجْعَل उसने रखा yajʿal
उसने रखा لَّهُۥ उसमें lahu
उसमें عِوَجَاۜ कोई टेढ़ापन ʿiwajā
कोई टेढ़ापन ١ (1)
(1)
सब प्रशंसा अल्लाह ही के लिए है, जिसने अपने बंदे पर पुस्तक उतारी, और उसमें कोई टेढ़ नहीं रखी।
१८:२
قَيِّمًۭا
बिल्कुल सीधी
qayyiman
बिल्कुल सीधी لِّيُنذِرَ ताकि वो डराए liyundhira
ताकि वो डराए بَأْسًۭا अज़ाब basan
अज़ाब شَدِيدًۭا सख़्त से shadīdan
सख़्त से مِّن from min
from لَّدُنْهُ उसकी तरफ़ से ladun'hu
उसकी तरफ़ से وَيُبَشِّرَ और वो ख़ुशख़बरी दे wayubashira
और वो ख़ुशख़बरी दे ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों को l-mu'minīna
मोमिनों को ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो يَعْمَلُونَ अमल करते हैं yaʿmalūna
अमल करते हैं ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक أَنَّ कि बेशक anna
कि बेशक لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए أَجْرًا अजर है ajran
अजर है حَسَنًۭا अच्छा ḥasanan
अच्छा ٢ (2)
(2)
बिल्कुल सीधी لِّيُنذِرَ ताकि वो डराए liyundhira
ताकि वो डराए بَأْسًۭا अज़ाब basan
अज़ाब شَدِيدًۭا सख़्त से shadīdan
सख़्त से مِّن from min
from لَّدُنْهُ उसकी तरफ़ से ladun'hu
उसकी तरफ़ से وَيُبَشِّرَ और वो ख़ुशख़बरी दे wayubashira
और वो ख़ुशख़बरी दे ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों को l-mu'minīna
मोमिनों को ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो يَعْمَلُونَ अमल करते हैं yaʿmalūna
अमल करते हैं ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक أَنَّ कि बेशक anna
कि बेशक لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए أَجْرًا अजर है ajran
अजर है حَسَنًۭا अच्छा ḥasanan
अच्छा ٢ (2)
(2)
(बल्कि उसे) अति सीधा (बनाया)। ताकि वह (अल्लाह) अपनी ओर से आने वाली कठोर यातना से डराए, और उन ईमान वालों को जो अच्छे कार्य करते हैं, शुभ सूचना सुना दे कि उनके लिए अच्छा बदला है।
१८:३
مَّـٰكِثِينَ
रहने वाले हैं
mākithīna
रहने वाले हैं فِيهِ उसमें fīhi
उसमें أَبَدًۭا हमेशा-हमेशा abadan
हमेशा-हमेशा ٣ (3)
(3)
रहने वाले हैं فِيهِ उसमें fīhi
उसमें أَبَدًۭا हमेशा-हमेशा abadan
हमेशा-हमेशा ٣ (3)
(3)
जिसमें वे हमेशा रहने वाले होंगे।
१८:४
وَيُنذِرَ
और वो डराए
wayundhira
और वो डराए ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने قَالُوا۟ कहा qālū
कहा ٱتَّخَذَ बना ली ittakhadha
बना ली ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَلَدًۭا कोई औलाद waladan
कोई औलाद ٤ (4)
(4)
और वो डराए ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने قَالُوا۟ कहा qālū
कहा ٱتَّخَذَ बना ली ittakhadha
बना ली ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَلَدًۭا कोई औलाद waladan
कोई औलाद ٤ (4)
(4)
और उन लोगों को डराए, जिन्होंने कहा कि अल्लाह ने कोई संतान बना रखी है।
१८:५
مَّا
नहीं
mā
नहीं لَهُم उन्हें lahum
उन्हें بِهِۦ इसका bihi
इसका مِنْ any min
any عِلْمٍۢ कोई इल्म ʿil'min
कोई इल्म وَلَا और ना walā
और ना لِـَٔابَآئِهِمْ ۚ उनके आबा ओ अजदाद को liābāihim
उनके आबा ओ अजदाद को كَبُرَتْ बहुत बड़ी है kaburat
बहुत बड़ी है كَلِمَةًۭ बात kalimatan
बात تَخْرُجُ जो निकलती है takhruju
जो निकलती है مِنْ of min
of أَفْوَٰهِهِمْ ۚ उनके मुँहों से afwāhihim
उनके मुँहों से إِن नहीं in
नहीं يَقُولُونَ वो कहते yaqūlūna
वो कहते إِلَّا मगर illā
मगर كَذِبًۭا झूठ kadhiban
झूठ ٥ (5)
(5)
नहीं لَهُم उन्हें lahum
उन्हें بِهِۦ इसका bihi
इसका مِنْ any min
any عِلْمٍۢ कोई इल्म ʿil'min
कोई इल्म وَلَا और ना walā
और ना لِـَٔابَآئِهِمْ ۚ उनके आबा ओ अजदाद को liābāihim
उनके आबा ओ अजदाद को كَبُرَتْ बहुत बड़ी है kaburat
बहुत बड़ी है كَلِمَةًۭ बात kalimatan
बात تَخْرُجُ जो निकलती है takhruju
जो निकलती है مِنْ of min
of أَفْوَٰهِهِمْ ۚ उनके मुँहों से afwāhihim
उनके मुँहों से إِن नहीं in
नहीं يَقُولُونَ वो कहते yaqūlūna
वो कहते إِلَّا मगर illā
मगर كَذِبًۭا झूठ kadhiban
झूठ ٥ (5)
(5)
न उन्हें इसका कुछ ज्ञान है और न उनके बाप-दादा को। बहुत बड़ी (गंभीर) बात है, जो उनके मुँह से निकल रही है। वे सरासर झूठ बोल रहे हैं।
१८:६
فَلَعَلَّكَ
पस शायद कि आप
falaʿallaka
पस शायद कि आप بَـٰخِعٌۭ हलाक करने वाले हैं bākhiʿun
हलाक करने वाले हैं نَّفْسَكَ अपनी जान को nafsaka
अपनी जान को عَلَىٰٓ over ʿalā
over ءَاثَـٰرِهِمْ उनके पीछे āthārihim
उनके पीछे إِن अगर in
अगर لَّمْ ना lam
ना يُؤْمِنُوا۟ वो ईमान लाऐं yu'minū
वो ईमान लाऐं بِهَـٰذَا साथ इस bihādhā
साथ इस ٱلْحَدِيثِ कलाम के l-ḥadīthi
कलाम के أَسَفًا ग़म के मारे asafan
ग़म के मारे ٦ (6)
(6)
पस शायद कि आप بَـٰخِعٌۭ हलाक करने वाले हैं bākhiʿun
हलाक करने वाले हैं نَّفْسَكَ अपनी जान को nafsaka
अपनी जान को عَلَىٰٓ over ʿalā
over ءَاثَـٰرِهِمْ उनके पीछे āthārihim
उनके पीछे إِن अगर in
अगर لَّمْ ना lam
ना يُؤْمِنُوا۟ वो ईमान लाऐं yu'minū
वो ईमान लाऐं بِهَـٰذَا साथ इस bihādhā
साथ इस ٱلْحَدِيثِ कलाम के l-ḥadīthi
कलाम के أَسَفًا ग़म के मारे asafan
ग़म के मारे ٦ (6)
(6)
ऐसा लगता है कि यदि वे इस 'हदीस' (क़ुरआन) पर ईमान नहीं लाए, तो आप इनके पीछे दुःख से अपना प्राण ही खो देंगे।
१८:७
إِنَّا
बेशक हम
innā
बेशक हम جَعَلْنَا बनाया हमने jaʿalnā
बनाया हमने مَا उसको जो mā
उसको जो عَلَى (is) on ʿalā
(is) on ٱلْأَرْضِ ज़मीन पर है l-arḍi
ज़मीन पर है زِينَةًۭ ज़ीनत/आराइश zīnatan
ज़ीनत/आराइश لَّهَا उसके लिए lahā
उसके लिए لِنَبْلُوَهُمْ ताकि हम आज़माऐं उन्हें linabluwahum
ताकि हम आज़माऐं उन्हें أَيُّهُمْ कौन सा उनमें से ayyuhum
कौन सा उनमें से أَحْسَنُ ज़्यादा अच्छा है aḥsanu
ज़्यादा अच्छा है عَمَلًۭا अमल में ʿamalan
अमल में ٧ (7)
(7)
बेशक हम جَعَلْنَا बनाया हमने jaʿalnā
बनाया हमने مَا उसको जो mā
उसको जो عَلَى (is) on ʿalā
(is) on ٱلْأَرْضِ ज़मीन पर है l-arḍi
ज़मीन पर है زِينَةًۭ ज़ीनत/आराइश zīnatan
ज़ीनत/आराइश لَّهَا उसके लिए lahā
उसके लिए لِنَبْلُوَهُمْ ताकि हम आज़माऐं उन्हें linabluwahum
ताकि हम आज़माऐं उन्हें أَيُّهُمْ कौन सा उनमें से ayyuhum
कौन सा उनमें से أَحْسَنُ ज़्यादा अच्छा है aḥsanu
ज़्यादा अच्छा है عَمَلًۭا अमल में ʿamalan
अमल में ٧ (7)
(7)
निःसंदेह जो कुछ धरती के ऊपर है, हमने उसे उसकी शोभा बनाया है। ताकि हम उनका परीक्षण करें कि उनमें कौन कर्म की दृष्टि से सबसे अच्छा है?
१८:८
وَإِنَّا
और बेशक हम
wa-innā
और बेशक हम لَجَـٰعِلُونَ अलबत्ता बनाने वाले हैं lajāʿilūna
अलबत्ता बनाने वाले हैं مَا उसको जो mā
उसको जो عَلَيْهَا उस पर है ʿalayhā
उस पर है صَعِيدًۭا मैदान ṣaʿīdan
मैदान جُرُزًا चटियल juruzan
चटियल ٨ (8)
(8)
और बेशक हम لَجَـٰعِلُونَ अलबत्ता बनाने वाले हैं lajāʿilūna
अलबत्ता बनाने वाले हैं مَا उसको जो mā
उसको जो عَلَيْهَا उस पर है ʿalayhā
उस पर है صَعِيدًۭا मैदान ṣaʿīdan
मैदान جُرُزًا चटियल juruzan
चटियल ٨ (8)
(8)
और जो कुछ उस (धरती) के ऊपर है, निःसंदेह हम उसे चटियल मैदान कर देने1 वाले हैं।
१८:९
أَمْ
क्या
am
क्या حَسِبْتَ समझा आपने ḥasib'ta
समझा आपने أَنَّ कि बेशक anna
कि बेशक أَصْحَـٰبَ (the) companions aṣḥāba
(the) companions ٱلْكَهْفِ ग़ार वाले l-kahfi
ग़ार वाले وَٱلرَّقِيمِ और कतबे वाले wal-raqīmi
और कतबे वाले كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो مِنْ among min
among ءَايَـٰتِنَا हमारी निशानियों में से āyātinā
हमारी निशानियों में से عَجَبًا अजीब ʿajaban
अजीब ٩ (9)
(9)
क्या حَسِبْتَ समझा आपने ḥasib'ta
समझा आपने أَنَّ कि बेशक anna
कि बेशक أَصْحَـٰبَ (the) companions aṣḥāba
(the) companions ٱلْكَهْفِ ग़ार वाले l-kahfi
ग़ार वाले وَٱلرَّقِيمِ और कतबे वाले wal-raqīmi
और कतबे वाले كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो مِنْ among min
among ءَايَـٰتِنَا हमारी निशानियों में से āyātinā
हमारी निशानियों में से عَجَبًا अजीब ʿajaban
अजीब ٩ (9)
(9)
(ऐ नबी!) क्या आपने समझ रखा है कि गुफा तथा शिलालेख वाले1, हमारी अद्भुत निशानियों में से थे?
१८:१०
إِذْ
जब
idh
जब أَوَى पनाह ली awā
पनाह ली ٱلْفِتْيَةُ उन नौजवानों ने l-fit'yatu
उन नौजवानों ने إِلَى तरफ़ ilā
तरफ़ ٱلْكَهْفِ ग़ार के l-kahfi
ग़ार के فَقَالُوا۟ फिर वो कहने लगे faqālū
फिर वो कहने लगे رَبَّنَآ ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब ءَاتِنَا दे हमें ātinā
दे हमें مِن from min
from لَّدُنكَ अपने पास से ladunka
अपने पास से رَحْمَةًۭ रहमत raḥmatan
रहमत وَهَيِّئْ और मुहैय्या कर wahayyi
और मुहैय्या कर لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए مِنْ [from] min
[from] أَمْرِنَا हमारे मामले में amrinā
हमारे मामले में رَشَدًۭا रहनुमाई rashadan
रहनुमाई ١٠ (10)
(10)
जब أَوَى पनाह ली awā
पनाह ली ٱلْفِتْيَةُ उन नौजवानों ने l-fit'yatu
उन नौजवानों ने إِلَى तरफ़ ilā
तरफ़ ٱلْكَهْفِ ग़ार के l-kahfi
ग़ार के فَقَالُوا۟ फिर वो कहने लगे faqālū
फिर वो कहने लगे رَبَّنَآ ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब ءَاتِنَا दे हमें ātinā
दे हमें مِن from min
from لَّدُنكَ अपने पास से ladunka
अपने पास से رَحْمَةًۭ रहमत raḥmatan
रहमत وَهَيِّئْ और मुहैय्या कर wahayyi
और मुहैय्या कर لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए مِنْ [from] min
[from] أَمْرِنَا हमारे मामले में amrinā
हमारे मामले में رَشَدًۭا रहनुमाई rashadan
रहनुमाई ١٠ (10)
(10)
जब उन युवकों ने गुफा में शरण ली1, तो उन्होंने कहा : ऐ हमारे पालनहार! हमें अपने पास से दया प्रदान कर और हमारे लिए हमारे मामले में मार्गदर्शन (सीधे रास्ते पर चलने) को आसान कर दे।
१८:११
فَضَرَبْنَا
तो डाल दिया हमने (पर्दा)
faḍarabnā
तो डाल दिया हमने (पर्दा) عَلَىٰٓ over ʿalā
over ءَاذَانِهِمْ उनके कानों पर ādhānihim
उनके कानों पर فِى in fī
in ٱلْكَهْفِ ग़ार में l-kahfi
ग़ार में سِنِينَ कई साल sinīna
कई साल عَدَدًۭا गिनती के ʿadadan
गिनती के ١١ (11)
(11)
तो डाल दिया हमने (पर्दा) عَلَىٰٓ over ʿalā
over ءَاذَانِهِمْ उनके कानों पर ādhānihim
उनके कानों पर فِى in fī
in ٱلْكَهْفِ ग़ार में l-kahfi
ग़ार में سِنِينَ कई साल sinīna
कई साल عَدَدًۭا गिनती के ʿadadan
गिनती के ١١ (11)
(11)
तो हमने उन्हें गुफा में सुला दिया कई वर्षों तक।
१८:१२
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर بَعَثْنَـٰهُمْ उठाया हमने उन्हें baʿathnāhum
उठाया हमने उन्हें لِنَعْلَمَ ताकि हम जान लें linaʿlama
ताकि हम जान लें أَىُّ कौन सा ayyu
कौन सा ٱلْحِزْبَيْنِ दो गिरोहों मे से l-ḥiz'bayni
दो गिरोहों मे से أَحْصَىٰ ख़ूब गिनने वाला है aḥṣā
ख़ूब गिनने वाला है لِمَا उसको जो limā
उसको जो لَبِثُوٓا۟ वो ठहरे रहे labithū
वो ठहरे रहे أَمَدًۭا मुद्दत amadan
मुद्दत ١٢ (12)
(12)
फिर بَعَثْنَـٰهُمْ उठाया हमने उन्हें baʿathnāhum
उठाया हमने उन्हें لِنَعْلَمَ ताकि हम जान लें linaʿlama
ताकि हम जान लें أَىُّ कौन सा ayyu
कौन सा ٱلْحِزْبَيْنِ दो गिरोहों मे से l-ḥiz'bayni
दो गिरोहों मे से أَحْصَىٰ ख़ूब गिनने वाला है aḥṣā
ख़ूब गिनने वाला है لِمَا उसको जो limā
उसको जो لَبِثُوٓا۟ वो ठहरे रहे labithū
वो ठहरे रहे أَمَدًۭا मुद्दत amadan
मुद्दत ١٢ (12)
(12)
फिर हमने उन्हें (नींद से) उठाया, ताकि हम जान लें कि दोनों समूहों में से कौन उस अवधि को अधिक याद रखने वाला है, जो वे ठहरे?
१८:१३
نَّحْنُ
हम
naḥnu
हम نَقُصُّ हम बयान करते हैं naquṣṣu
हम बयान करते हैं عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर نَبَأَهُم ख़बर उनकी naba-ahum
ख़बर उनकी بِٱلْحَقِّ ۚ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो فِتْيَةٌ चंद नौजवान थे fit'yatun
चंद नौजवान थे ءَامَنُوا۟ जो ईमान लाए āmanū
जो ईमान लाए بِرَبِّهِمْ अपने रब पर birabbihim
अपने रब पर وَزِدْنَـٰهُمْ और ज़्यादा कर दिया हमने उन्हें wazid'nāhum
और ज़्यादा कर दिया हमने उन्हें هُدًۭى हिदायत में hudan
हिदायत में ١٣ (13)
(13)
हम نَقُصُّ हम बयान करते हैं naquṣṣu
हम बयान करते हैं عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर نَبَأَهُم ख़बर उनकी naba-ahum
ख़बर उनकी بِٱلْحَقِّ ۚ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो فِتْيَةٌ चंद नौजवान थे fit'yatun
चंद नौजवान थे ءَامَنُوا۟ जो ईमान लाए āmanū
जो ईमान लाए بِرَبِّهِمْ अपने रब पर birabbihim
अपने रब पर وَزِدْنَـٰهُمْ और ज़्यादा कर दिया हमने उन्हें wazid'nāhum
और ज़्यादा कर दिया हमने उन्हें هُدًۭى हिदायत में hudan
हिदायत में ١٣ (13)
(13)
हम आपसे उनका हाल ठीक-ठीक बयान करते हैं। निःसंदेह, वे कुछ युवक थे, जो अपने पालनहार पर ईमान लाए और हमने उन्हें हिदायत में अधिक कर दिया।
१८:१४
وَرَبَطْنَا
और मज़बूत कर दिया हमने
warabaṭnā
और मज़बूत कर दिया हमने عَلَىٰ [on] ʿalā
[on] قُلُوبِهِمْ उनके दिलों को qulūbihim
उनके दिलों को إِذْ जब idh
जब قَامُوا۟ वो खड़े हुए qāmū
वो खड़े हुए فَقَالُوا۟ फिर कहने लगे faqālū
फिर कहने लगे رَبُّنَا रब हमारा rabbunā
रब हमारा رَبُّ रब है rabbu
रब है ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन का wal-arḍi
और ज़मीन का لَن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं نَّدْعُوَا۟ हम पुकारेंगे nadʿuwā
हम पुकारेंगे مِن besides Him min
besides Him دُونِهِۦٓ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा إِلَـٰهًۭا ۖ इलाह (किसी को) ilāhan
इलाह (किसी को) لَّقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ قُلْنَآ कही हमने qul'nā
कही हमने إِذًۭا तब idhan
तब شَطَطًا बात नाइन्साफ़ी की shaṭaṭan
बात नाइन्साफ़ी की ١٤ (14)
(14)
और मज़बूत कर दिया हमने عَلَىٰ [on] ʿalā
[on] قُلُوبِهِمْ उनके दिलों को qulūbihim
उनके दिलों को إِذْ जब idh
जब قَامُوا۟ वो खड़े हुए qāmū
वो खड़े हुए فَقَالُوا۟ फिर कहने लगे faqālū
फिर कहने लगे رَبُّنَا रब हमारा rabbunā
रब हमारा رَبُّ रब है rabbu
रब है ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन का wal-arḍi
और ज़मीन का لَن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं نَّدْعُوَا۟ हम पुकारेंगे nadʿuwā
हम पुकारेंगे مِن besides Him min
besides Him دُونِهِۦٓ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा إِلَـٰهًۭا ۖ इलाह (किसी को) ilāhan
इलाह (किसी को) لَّقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ قُلْنَآ कही हमने qul'nā
कही हमने إِذًۭا तब idhan
तब شَطَطًا बात नाइन्साफ़ी की shaṭaṭan
बात नाइन्साफ़ी की ١٤ (14)
(14)
और हमने उनके दिलों को मज़बूत कर दिया, जब वे खड़े हुए, तो बोले : हमारा पालनहार तो आकाशों और धरती का पालनहार है। हम उसके सिवा किसी पूज्य को हरगिज़ नहीं पुकारेंगे। (यदि ऐसा किया) तो निश्चय ही हमने सत्य से हटी हुई बात कही।
१८:१५
هَـٰٓؤُلَآءِ
ये है
hāulāi
ये है قَوْمُنَا क़ौम हमारी qawmunā
क़ौम हमारी ٱتَّخَذُوا۟ इन्होंने बना लिए ittakhadhū
इन्होंने बना लिए مِن besides Him min
besides Him دُونِهِۦٓ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा ءَالِهَةًۭ ۖ कई इलाह ālihatan
कई इलाह لَّوْلَا क्यों नहीं lawlā
क्यों नहीं يَأْتُونَ वो लाए yatūna
वो लाए عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर بِسُلْطَـٰنٍۭ कोई दलील bisul'ṭānin
कोई दलील بَيِّنٍۢ ۖ वाज़ेह bayyinin
वाज़ेह فَمَنْ तो कौन faman
तो कौन أَظْلَمُ बड़ा ज़ालिम है aẓlamu
बड़ा ज़ालिम है مِمَّنِ उससे जो mimmani
उससे जो ٱفْتَرَىٰ गढ़ ले if'tarā
गढ़ ले عَلَى against ʿalā
against ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर كَذِبًۭا झूठ kadhiban
झूठ ١٥ (15)
(15)
ये है قَوْمُنَا क़ौम हमारी qawmunā
क़ौम हमारी ٱتَّخَذُوا۟ इन्होंने बना लिए ittakhadhū
इन्होंने बना लिए مِن besides Him min
besides Him دُونِهِۦٓ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा ءَالِهَةًۭ ۖ कई इलाह ālihatan
कई इलाह لَّوْلَا क्यों नहीं lawlā
क्यों नहीं يَأْتُونَ वो लाए yatūna
वो लाए عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर بِسُلْطَـٰنٍۭ कोई दलील bisul'ṭānin
कोई दलील بَيِّنٍۢ ۖ वाज़ेह bayyinin
वाज़ेह فَمَنْ तो कौन faman
तो कौन أَظْلَمُ बड़ा ज़ालिम है aẓlamu
बड़ा ज़ालिम है مِمَّنِ उससे जो mimmani
उससे जो ٱفْتَرَىٰ गढ़ ले if'tarā
गढ़ ले عَلَى against ʿalā
against ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर كَذِبًۭا झूठ kadhiban
झूठ ١٥ (15)
(15)
ये हमारी जाति के लोग हैं। इन्होंने अल्लाह के सिवा अन्य पूज्य बना लिए हैं। ये उन (के पूज्य होने) पर कोई स्पष्ट प्रमाण क्यों नहीं लाते? फिर उससे बड़ा अत्याचारी कौन होगा, जो अल्लाह पर झूठ गढ़े?
१८:१६
وَإِذِ
और जब
wa-idhi
और जब ٱعْتَزَلْتُمُوهُمْ अलग हो गए तुम उनसे iʿ'tazaltumūhum
अलग हो गए तुम उनसे وَمَا और जिन की wamā
और जिन की يَعْبُدُونَ वो इबादत कर रहे हैं yaʿbudūna
वो इबादत कर रहे हैं إِلَّا सिवाय illā
सिवाय ٱللَّهَ अल्लाह के l-laha
अल्लाह के فَأْوُۥٓا۟ तो पनाह लो fawū
तो पनाह लो إِلَى तरफ़ ilā
तरफ़ ٱلْكَهْفِ ग़ार के l-kahfi
ग़ार के يَنشُرْ वो फैला देगा yanshur
वो फैला देगा لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए رَبُّكُم रब तुम्हारा rabbukum
रब तुम्हारा مِّن of min
of رَّحْمَتِهِۦ अपनी रहमत में से raḥmatihi
अपनी रहमत में से وَيُهَيِّئْ और वो मुहैय्या करेगा wayuhayyi
और वो मुहैय्या करेगा لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّنْ [from] min
[from] أَمْرِكُم तुम्हारे मामले में से amrikum
तुम्हारे मामले में से مِّرْفَقًۭا सहूलत/आसानी mir'faqan
सहूलत/आसानी ١٦ (16)
(16)
और जब ٱعْتَزَلْتُمُوهُمْ अलग हो गए तुम उनसे iʿ'tazaltumūhum
अलग हो गए तुम उनसे وَمَا और जिन की wamā
और जिन की يَعْبُدُونَ वो इबादत कर रहे हैं yaʿbudūna
वो इबादत कर रहे हैं إِلَّا सिवाय illā
सिवाय ٱللَّهَ अल्लाह के l-laha
अल्लाह के فَأْوُۥٓا۟ तो पनाह लो fawū
तो पनाह लो إِلَى तरफ़ ilā
तरफ़ ٱلْكَهْفِ ग़ार के l-kahfi
ग़ार के يَنشُرْ वो फैला देगा yanshur
वो फैला देगा لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए رَبُّكُم रब तुम्हारा rabbukum
रब तुम्हारा مِّن of min
of رَّحْمَتِهِۦ अपनी रहमत में से raḥmatihi
अपनी रहमत में से وَيُهَيِّئْ और वो मुहैय्या करेगा wayuhayyi
और वो मुहैय्या करेगा لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّنْ [from] min
[from] أَمْرِكُم तुम्हारे मामले में से amrikum
तुम्हारे मामले में से مِّرْفَقًۭا सहूलत/आसानी mir'faqan
सहूलत/आसानी ١٦ (16)
(16)
और जब तुमने उनसे तथा अल्लाह के अतिरिक्त उनके पूज्यों से किनारा कर लिया, तो अब गुफा में शरण लो। तुम्हारा पालनहार तुम्हारे लिए अपनी कुछ दया खोल देगा, तथा तुम्हारे लिए तुम्हारे काम में कोई आसानी पैदा कर देगा।
१८:१७
۞ وَتَرَى
और आप देखते
watarā
और आप देखते ٱلشَّمْسَ सूरज को l-shamsa
सूरज को إِذَا जब idhā
जब طَلَعَت वो तुलूअ होता ṭalaʿat
वो तुलूअ होता تَّزَٰوَرُ वो किनारा कर जाता tazāwaru
वो किनारा कर जाता عَن from ʿan
from كَهْفِهِمْ उनके ग़ार से kahfihim
उनके ग़ार से ذَاتَ to dhāta
to ٱلْيَمِينِ दाऐं जानिब l-yamīni
दाऐं जानिब وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब غَرَبَت वो ग़ुरूब होता gharabat
वो ग़ुरूब होता تَّقْرِضُهُمْ वो कतरा जाता उनसे taqriḍuhum
वो कतरा जाता उनसे ذَاتَ to dhāta
to ٱلشِّمَالِ बाऐं जानिब l-shimāli
बाऐं जानिब وَهُمْ और वो wahum
और वो فِى (lay) in fī
(lay) in فَجْوَةٍۢ एक खुली जगह में थे fajwatin
एक खुली जगह में थे مِّنْهُ ۚ उस (ग़ार) की min'hu
उस (ग़ार) की ذَٰلِكَ ये dhālika
ये مِنْ (was) from min
(was) from ءَايَـٰتِ निशानियों में से है āyāti
निशानियों में से है ٱللَّهِ ۗ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की مَن जिसे man
जिसे يَهْدِ हिदायत दे yahdi
हिदायत दे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فَهُوَ तो वो ही fahuwa
तो वो ही ٱلْمُهْتَدِ ۖ हिदायत पाने वाला है l-muh'tadi
हिदायत पाने वाला है وَمَن और जिसे waman
और जिसे يُضْلِلْ वो भटका दे yuḍ'lil
वो भटका दे فَلَن तो हरगिज़ नहीं falan
तो हरगिज़ नहीं تَجِدَ आप पाऐंगे tajida
आप पाऐंगे لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए وَلِيًّۭا कोई दोस्त waliyyan
कोई दोस्त مُّرْشِدًۭا रहनुमाई करने वाला mur'shidan
रहनुमाई करने वाला ١٧ (17)
(17)
और आप देखते ٱلشَّمْسَ सूरज को l-shamsa
सूरज को إِذَا जब idhā
जब طَلَعَت वो तुलूअ होता ṭalaʿat
वो तुलूअ होता تَّزَٰوَرُ वो किनारा कर जाता tazāwaru
वो किनारा कर जाता عَن from ʿan
from كَهْفِهِمْ उनके ग़ार से kahfihim
उनके ग़ार से ذَاتَ to dhāta
to ٱلْيَمِينِ दाऐं जानिब l-yamīni
दाऐं जानिब وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब غَرَبَت वो ग़ुरूब होता gharabat
वो ग़ुरूब होता تَّقْرِضُهُمْ वो कतरा जाता उनसे taqriḍuhum
वो कतरा जाता उनसे ذَاتَ to dhāta
to ٱلشِّمَالِ बाऐं जानिब l-shimāli
बाऐं जानिब وَهُمْ और वो wahum
और वो فِى (lay) in fī
(lay) in فَجْوَةٍۢ एक खुली जगह में थे fajwatin
एक खुली जगह में थे مِّنْهُ ۚ उस (ग़ार) की min'hu
उस (ग़ार) की ذَٰلِكَ ये dhālika
ये مِنْ (was) from min
(was) from ءَايَـٰتِ निशानियों में से है āyāti
निशानियों में से है ٱللَّهِ ۗ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की مَن जिसे man
जिसे يَهْدِ हिदायत दे yahdi
हिदायत दे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فَهُوَ तो वो ही fahuwa
तो वो ही ٱلْمُهْتَدِ ۖ हिदायत पाने वाला है l-muh'tadi
हिदायत पाने वाला है وَمَن और जिसे waman
और जिसे يُضْلِلْ वो भटका दे yuḍ'lil
वो भटका दे فَلَن तो हरगिज़ नहीं falan
तो हरगिज़ नहीं تَجِدَ आप पाऐंगे tajida
आप पाऐंगे لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए وَلِيًّۭا कोई दोस्त waliyyan
कोई दोस्त مُّرْشِدًۭا रहनुमाई करने वाला mur'shidan
रहनुमाई करने वाला ١٧ (17)
(17)
और तुम सूर्य को देखोगे, जब वह निकलता है, तो उनकी गुफा से दायीं ओर झुक (हट) जाता है और जब डूबता है, तो उनसे बायीं ओर कतरा जाता है और वे उस (गुफा) के एक विस्तृत स्थान में हैं। यह अल्लाह की निशानियों में से है। और जिसे अल्लाह मार्ग दिखा दे, वही मार्ग पाने वाला है और जिसे राह से हटा दे, तो तुम उसके लिए हरगिज़ कोई मार्ग दर्शाने वाला सहायक नहीं पाओगे।
१८:१८
وَتَحْسَبُهُمْ
और आप समझते उन्हें
wataḥsabuhum
और आप समझते उन्हें أَيْقَاظًۭا कि वो जाग रहे हैं ayqāẓan
कि वो जाग रहे हैं وَهُمْ हालाँकि वो wahum
हालाँकि वो رُقُودٌۭ ۚ सोए हुए थे ruqūdun
सोए हुए थे وَنُقَلِّبُهُمْ और हम करवटें बदलते रहते उनकी wanuqallibuhum
और हम करवटें बदलते रहते उनकी ذَاتَ to dhāta
to ٱلْيَمِينِ दाऐं जानिब l-yamīni
दाऐं जानिब وَذَاتَ and to wadhāta
and to ٱلشِّمَالِ ۖ और बाऐं जानिब l-shimāli
और बाऐं जानिब وَكَلْبُهُم और कुत्ता उनका wakalbuhum
और कुत्ता उनका بَـٰسِطٌۭ फैलाए हुए था bāsiṭun
फैलाए हुए था ذِرَاعَيْهِ अपने दोनों हाथ dhirāʿayhi
अपने दोनों हाथ بِٱلْوَصِيدِ ۚ दहाने पर bil-waṣīdi
दहाने पर لَوِ अगर lawi
अगर ٱطَّلَعْتَ झाँकते आप iṭṭalaʿta
झाँकते आप عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर لَوَلَّيْتَ अलबत्ता पीठ फेर लेते आप lawallayta
अलबत्ता पीठ फेर लेते आप مِنْهُمْ उनसे min'hum
उनसे فِرَارًۭا भागते हुए firāran
भागते हुए وَلَمُلِئْتَ और अलबत्ता भर दिए जाते आप walamuli'ta
और अलबत्ता भर दिए जाते आप مِنْهُمْ उनसे min'hum
उनसे رُعْبًۭا रौब में ruʿ'ban
रौब में ١٨ (18)
(18)
और आप समझते उन्हें أَيْقَاظًۭا कि वो जाग रहे हैं ayqāẓan
कि वो जाग रहे हैं وَهُمْ हालाँकि वो wahum
हालाँकि वो رُقُودٌۭ ۚ सोए हुए थे ruqūdun
सोए हुए थे وَنُقَلِّبُهُمْ और हम करवटें बदलते रहते उनकी wanuqallibuhum
और हम करवटें बदलते रहते उनकी ذَاتَ to dhāta
to ٱلْيَمِينِ दाऐं जानिब l-yamīni
दाऐं जानिब وَذَاتَ and to wadhāta
and to ٱلشِّمَالِ ۖ और बाऐं जानिब l-shimāli
और बाऐं जानिब وَكَلْبُهُم और कुत्ता उनका wakalbuhum
और कुत्ता उनका بَـٰسِطٌۭ फैलाए हुए था bāsiṭun
फैलाए हुए था ذِرَاعَيْهِ अपने दोनों हाथ dhirāʿayhi
अपने दोनों हाथ بِٱلْوَصِيدِ ۚ दहाने पर bil-waṣīdi
दहाने पर لَوِ अगर lawi
अगर ٱطَّلَعْتَ झाँकते आप iṭṭalaʿta
झाँकते आप عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर لَوَلَّيْتَ अलबत्ता पीठ फेर लेते आप lawallayta
अलबत्ता पीठ फेर लेते आप مِنْهُمْ उनसे min'hum
उनसे فِرَارًۭا भागते हुए firāran
भागते हुए وَلَمُلِئْتَ और अलबत्ता भर दिए जाते आप walamuli'ta
और अलबत्ता भर दिए जाते आप مِنْهُمْ उनसे min'hum
उनसे رُعْبًۭا रौब में ruʿ'ban
रौब में ١٨ (18)
(18)
और तुम1 उन्हें समझते कि जाग रहे हैं, जबकि वे सोए हुए थे। और हम उन्हें दायें तथा बायें फेरते रहे। और उनका कुत्ता गुफा की चौखट पर अपनी दोनों बाहें फैलाए हुए था। यदि तुम झाँककर देख लेते, तो पीठ फेरकर भाग जाते और उनसे भयभीत हो जाते।
१८:१९
وَكَذَٰلِكَ
और इसी तरह
wakadhālika
और इसी तरह بَعَثْنَـٰهُمْ उठाया हमने उन्हें baʿathnāhum
उठाया हमने उन्हें لِيَتَسَآءَلُوا۟ ताकि वो एक दूसरे से सवाल करें liyatasāalū
ताकि वो एक दूसरे से सवाल करें بَيْنَهُمْ ۚ आपस में baynahum
आपस में قَالَ कहा qāla
कहा قَآئِلٌۭ कहने वाले ने qāilun
कहने वाले ने مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से كَمْ कितना kam
कितना لَبِثْتُمْ ۖ ठहरे तुम labith'tum
ठहरे तुम قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा لَبِثْنَا ठहरे हम labith'nā
ठहरे हम يَوْمًا एक दिन yawman
एक दिन أَوْ या aw
या بَعْضَ कुछ हिस्सा baʿḍa
कुछ हिस्सा يَوْمٍۢ ۚ दिन का yawmin
दिन का قَالُوا۟ वो कहने लगे qālū
वो कहने लगे رَبُّكُمْ रब तुम्हारा rabbukum
रब तुम्हारा أَعْلَمُ ज़्यादा जानता है aʿlamu
ज़्यादा जानता है بِمَا उसे जो bimā
उसे जो لَبِثْتُمْ ठहरे तुम labith'tum
ठहरे तुम فَٱبْعَثُوٓا۟ पस भेजो fa-ib'ʿathū
पस भेजो أَحَدَكُم अपने में से किसी एक को aḥadakum
अपने में से किसी एक को بِوَرِقِكُمْ with this silver coin of yours biwariqikum
with this silver coin of yours هَـٰذِهِۦٓ साथ अपनी इस चाँदी के hādhihi
साथ अपनी इस चाँदी के إِلَى to ilā
to ٱلْمَدِينَةِ तरफ़ शहर के l-madīnati
तरफ़ शहर के فَلْيَنظُرْ फिर चाहिए कि वो देखे falyanẓur
फिर चाहिए कि वो देखे أَيُّهَآ कौन सा उनमें से ayyuhā
कौन सा उनमें से أَزْكَىٰ ज़्यादा पाकीज़ा azkā
ज़्यादा पाकीज़ा طَعَامًۭا खाना है ṭaʿāman
खाना है فَلْيَأْتِكُم पस चाहिए कि वो लाए तुम्हारे पास falyatikum
पस चाहिए कि वो लाए तुम्हारे पास بِرِزْقٍۢ खाना biriz'qin
खाना مِّنْهُ उस से min'hu
उस से وَلْيَتَلَطَّفْ और चाहिए कि वो नर्मी करे walyatalaṭṭaf
और चाहिए कि वो नर्मी करे وَلَا और ना walā
और ना يُشْعِرَنَّ वो हरगिज़ ख़बर दे yush'ʿiranna
वो हरगिज़ ख़बर दे بِكُمْ तुम्हारे बारे में bikum
तुम्हारे बारे में أَحَدًا किसी एक को aḥadan
किसी एक को ١٩ (19)
(19)
और इसी तरह بَعَثْنَـٰهُمْ उठाया हमने उन्हें baʿathnāhum
उठाया हमने उन्हें لِيَتَسَآءَلُوا۟ ताकि वो एक दूसरे से सवाल करें liyatasāalū
ताकि वो एक दूसरे से सवाल करें بَيْنَهُمْ ۚ आपस में baynahum
आपस में قَالَ कहा qāla
कहा قَآئِلٌۭ कहने वाले ने qāilun
कहने वाले ने مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से كَمْ कितना kam
कितना لَبِثْتُمْ ۖ ठहरे तुम labith'tum
ठहरे तुम قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा لَبِثْنَا ठहरे हम labith'nā
ठहरे हम يَوْمًا एक दिन yawman
एक दिन أَوْ या aw
या بَعْضَ कुछ हिस्सा baʿḍa
कुछ हिस्सा يَوْمٍۢ ۚ दिन का yawmin
दिन का قَالُوا۟ वो कहने लगे qālū
वो कहने लगे رَبُّكُمْ रब तुम्हारा rabbukum
रब तुम्हारा أَعْلَمُ ज़्यादा जानता है aʿlamu
ज़्यादा जानता है بِمَا उसे जो bimā
उसे जो لَبِثْتُمْ ठहरे तुम labith'tum
ठहरे तुम فَٱبْعَثُوٓا۟ पस भेजो fa-ib'ʿathū
पस भेजो أَحَدَكُم अपने में से किसी एक को aḥadakum
अपने में से किसी एक को بِوَرِقِكُمْ with this silver coin of yours biwariqikum
with this silver coin of yours هَـٰذِهِۦٓ साथ अपनी इस चाँदी के hādhihi
साथ अपनी इस चाँदी के إِلَى to ilā
to ٱلْمَدِينَةِ तरफ़ शहर के l-madīnati
तरफ़ शहर के فَلْيَنظُرْ फिर चाहिए कि वो देखे falyanẓur
फिर चाहिए कि वो देखे أَيُّهَآ कौन सा उनमें से ayyuhā
कौन सा उनमें से أَزْكَىٰ ज़्यादा पाकीज़ा azkā
ज़्यादा पाकीज़ा طَعَامًۭا खाना है ṭaʿāman
खाना है فَلْيَأْتِكُم पस चाहिए कि वो लाए तुम्हारे पास falyatikum
पस चाहिए कि वो लाए तुम्हारे पास بِرِزْقٍۢ खाना biriz'qin
खाना مِّنْهُ उस से min'hu
उस से وَلْيَتَلَطَّفْ और चाहिए कि वो नर्मी करे walyatalaṭṭaf
और चाहिए कि वो नर्मी करे وَلَا और ना walā
और ना يُشْعِرَنَّ वो हरगिज़ ख़बर दे yush'ʿiranna
वो हरगिज़ ख़बर दे بِكُمْ तुम्हारे बारे में bikum
तुम्हारे बारे में أَحَدًا किसी एक को aḥadan
किसी एक को ١٩ (19)
(19)
और इसी प्रकार, हमने उन्हें जगा दिया, ताकि वे आपस में एक-दूसरे से पूछें। उनमें से एक कहने वाले ने कहा : तुम कितना समय ठहरे? उन्होंने कहा : हम एक दिन या दिन का कुछ हिस्सा ठहरे। (फिर) उन्होंने कहा : तुम्हारा पालनहार अधिक जानता है कि तुम कितना (समय) ठहरे। (अब) अपने में से किसी को अपना यह चाँदी का सिक्का देकर नगर की ओर भेजो। फिर वह देखे कि किसके पास अधिक स्वच्छ (पवित्र) भोजन है, तो वह उसमें से तुम्हारे लिए कुछ खाना ले आए, तथा वह नरमी व सावधानी बरते और तुम्हारे बारे में किसी को बिल्कुल ख़बर न होने दे।
१८:२०
إِنَّهُمْ
बेशक वो
innahum
बेशक वो إِن अगर in
अगर يَظْهَرُوا۟ वो मुत्तिलाअ हो गए yaẓharū
वो मुत्तिलाअ हो गए عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर يَرْجُمُوكُمْ वो संगसार कर देंगे तुम्हें yarjumūkum
वो संगसार कर देंगे तुम्हें أَوْ या aw
या يُعِيدُوكُمْ वो लौटा ले जाऐंगे तुम्हें yuʿīdūkum
वो लौटा ले जाऐंगे तुम्हें فِى to fī
to مِلَّتِهِمْ अपनी मिल्लत में millatihim
अपनी मिल्लत में وَلَن और हरगिज़ नहीं walan
और हरगिज़ नहीं تُفْلِحُوٓا۟ तुम फ़लाह पाओगे tuf'liḥū
तुम फ़लाह पाओगे إِذًا तब idhan
तब أَبَدًۭا कभी भी abadan
कभी भी ٢٠ (20)
(20)
बेशक वो إِن अगर in
अगर يَظْهَرُوا۟ वो मुत्तिलाअ हो गए yaẓharū
वो मुत्तिलाअ हो गए عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर يَرْجُمُوكُمْ वो संगसार कर देंगे तुम्हें yarjumūkum
वो संगसार कर देंगे तुम्हें أَوْ या aw
या يُعِيدُوكُمْ वो लौटा ले जाऐंगे तुम्हें yuʿīdūkum
वो लौटा ले जाऐंगे तुम्हें فِى to fī
to مِلَّتِهِمْ अपनी मिल्लत में millatihim
अपनी मिल्लत में وَلَن और हरगिज़ नहीं walan
और हरगिज़ नहीं تُفْلِحُوٓا۟ तुम फ़लाह पाओगे tuf'liḥū
तुम फ़लाह पाओगे إِذًا तब idhan
तब أَبَدًۭا कभी भी abadan
कभी भी ٢٠ (20)
(20)
क्योंकि यदि वे तुम्हें जान जाएँगे, तो तुम्हें पथराव करके मार डालेंगे या तुम्हें अपने धर्म में लौटा लेंगे और उस समय तुम कभी सफल नहीं हो सकोगे।
१८:२१
وَكَذَٰلِكَ
और इसी तरह
wakadhālika
और इसी तरह أَعْثَرْنَا आगाह कर दिया हमने aʿtharnā
आगाह कर दिया हमने عَلَيْهِمْ उन पर (लोगों को) ʿalayhim
उन पर (लोगों को) لِيَعْلَمُوٓا۟ ताकि वो जान लें liyaʿlamū
ताकि वो जान लें أَنَّ कि बेशक anna
कि बेशक وَعْدَ वादा waʿda
वादा ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का حَقٌّۭ सच्चा है ḥaqqun
सच्चा है وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक ٱلسَّاعَةَ क़यामत l-sāʿata
क़यामत لَا (there is) no lā
(there is) no رَيْبَ नहीं कोई शक rayba
नहीं कोई शक فِيهَآ उसमें fīhā
उसमें إِذْ जब idh
जब يَتَنَـٰزَعُونَ वो झगड़ रहे थे yatanāzaʿūna
वो झगड़ रहे थे بَيْنَهُمْ आपस में baynahum
आपस में أَمْرَهُمْ ۖ उनके मामले में amrahum
उनके मामले में فَقَالُوا۟ तो उन्होंने कहा faqālū
तो उन्होंने कहा ٱبْنُوا۟ बनाओ ib'nū
बनाओ عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर بُنْيَـٰنًۭا ۖ एक इमारत bun'yānan
एक इमारत رَّبُّهُمْ रब उनका rabbuhum
रब उनका أَعْلَمُ ज़्यादा जानता है aʿlamu
ज़्यादा जानता है بِهِمْ ۚ उन्हें bihim
उन्हें قَالَ कहा qāla
कहा ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जो alladhīna
उन लोगों ने जो غَلَبُوا۟ ग़ालिब थे ghalabū
ग़ालिब थे عَلَىٰٓ in ʿalā
in أَمْرِهِمْ उनके मामले में amrihim
उनके मामले में لَنَتَّخِذَنَّ अलबत्ता हम ज़रूर बनाऐंगे lanattakhidhanna
अलबत्ता हम ज़रूर बनाऐंगे عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर مَّسْجِدًۭا एक सजदागाह masjidan
एक सजदागाह ٢١ (21)
(21)
और इसी तरह أَعْثَرْنَا आगाह कर दिया हमने aʿtharnā
आगाह कर दिया हमने عَلَيْهِمْ उन पर (लोगों को) ʿalayhim
उन पर (लोगों को) لِيَعْلَمُوٓا۟ ताकि वो जान लें liyaʿlamū
ताकि वो जान लें أَنَّ कि बेशक anna
कि बेशक وَعْدَ वादा waʿda
वादा ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का حَقٌّۭ सच्चा है ḥaqqun
सच्चा है وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक ٱلسَّاعَةَ क़यामत l-sāʿata
क़यामत لَا (there is) no lā
(there is) no رَيْبَ नहीं कोई शक rayba
नहीं कोई शक فِيهَآ उसमें fīhā
उसमें إِذْ जब idh
जब يَتَنَـٰزَعُونَ वो झगड़ रहे थे yatanāzaʿūna
वो झगड़ रहे थे بَيْنَهُمْ आपस में baynahum
आपस में أَمْرَهُمْ ۖ उनके मामले में amrahum
उनके मामले में فَقَالُوا۟ तो उन्होंने कहा faqālū
तो उन्होंने कहा ٱبْنُوا۟ बनाओ ib'nū
बनाओ عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर بُنْيَـٰنًۭا ۖ एक इमारत bun'yānan
एक इमारत رَّبُّهُمْ रब उनका rabbuhum
रब उनका أَعْلَمُ ज़्यादा जानता है aʿlamu
ज़्यादा जानता है بِهِمْ ۚ उन्हें bihim
उन्हें قَالَ कहा qāla
कहा ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जो alladhīna
उन लोगों ने जो غَلَبُوا۟ ग़ालिब थे ghalabū
ग़ालिब थे عَلَىٰٓ in ʿalā
in أَمْرِهِمْ उनके मामले में amrihim
उनके मामले में لَنَتَّخِذَنَّ अलबत्ता हम ज़रूर बनाऐंगे lanattakhidhanna
अलबत्ता हम ज़रूर बनाऐंगे عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर مَّسْجِدًۭا एक सजदागाह masjidan
एक सजदागाह ٢١ (21)
(21)
और इसी प्रकार, हमने (लोगों को) उनसे अवगत करा दिया, ताकि वे जान लें कि अल्लाह का वादा सत्य है, और क़ियामत (के आने) में कोई संदेह1 नहीं। (याद करो) जब वे2 (उनके विषय में) आपस में विवाद करने लगे। कुछ लोगों ने कहा : उनपर कोई भवन निर्माण करा दो, उनका पालनहार उनके बारे में अधिक जानता है। जो लोग उनके मामले में प्रभावी रहे, उन्होंने कहा : हम तो उन (की गुफा के स्थान) पर अवश्य एक मस्जिद बनाएँगे।
१८:२२
سَيَقُولُونَ
अनक़रीब वो कहेंगे
sayaqūlūna
अनक़रीब वो कहेंगे ثَلَـٰثَةٌۭ तीन थे thalāthatun
तीन थे رَّابِعُهُمْ चौथा उनका rābiʿuhum
चौथा उनका كَلْبُهُمْ कुत्ता था उनका kalbuhum
कुत्ता था उनका وَيَقُولُونَ और वो कहेंगे wayaqūlūna
और वो कहेंगे خَمْسَةٌۭ पाँच थे khamsatun
पाँच थे سَادِسُهُمْ छटा उनका sādisuhum
छटा उनका كَلْبُهُمْ कुत्ता था उनका kalbuhum
कुत्ता था उनका رَجْمًۢا फेंकते हुए (बात) rajman
फेंकते हुए (बात) بِٱلْغَيْبِ ۖ बिन देखे bil-ghaybi
बिन देखे وَيَقُولُونَ और वो कहेंगे wayaqūlūna
और वो कहेंगे سَبْعَةٌۭ सात थे sabʿatun
सात थे وَثَامِنُهُمْ और आठवाँ उनका wathāminuhum
और आठवाँ उनका كَلْبُهُمْ ۚ कुत्ता था उनका kalbuhum
कुत्ता था उनका قُل कह दीजिए qul
कह दीजिए رَّبِّىٓ मेरा रब rabbī
मेरा रब أَعْلَمُ ज़्यादा जानता है aʿlamu
ज़्यादा जानता है بِعِدَّتِهِم तादाद उनकी biʿiddatihim
तादाद उनकी مَّا नहीं mā
नहीं يَعْلَمُهُمْ जानते उन्हें yaʿlamuhum
जानते उन्हें إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلٌۭ ۗ थोड़े qalīlun
थोड़े فَلَا तो ना falā
तो ना تُمَارِ आप झगड़ा कीजिए tumāri
आप झगड़ा कीजिए فِيهِمْ उनके बारे में fīhim
उनके बारे में إِلَّا मगर illā
मगर مِرَآءًۭ झगड़ना mirāan
झगड़ना ظَـٰهِرًۭا सरसरी ẓāhiran
सरसरी وَلَا और ना walā
और ना تَسْتَفْتِ आप पूछिए tastafti
आप पूछिए فِيهِم उनके बारे में fīhim
उनके बारे में مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से أَحَدًۭا किसी एक से aḥadan
किसी एक से ٢٢ (22)
(22)
अनक़रीब वो कहेंगे ثَلَـٰثَةٌۭ तीन थे thalāthatun
तीन थे رَّابِعُهُمْ चौथा उनका rābiʿuhum
चौथा उनका كَلْبُهُمْ कुत्ता था उनका kalbuhum
कुत्ता था उनका وَيَقُولُونَ और वो कहेंगे wayaqūlūna
और वो कहेंगे خَمْسَةٌۭ पाँच थे khamsatun
पाँच थे سَادِسُهُمْ छटा उनका sādisuhum
छटा उनका كَلْبُهُمْ कुत्ता था उनका kalbuhum
कुत्ता था उनका رَجْمًۢا फेंकते हुए (बात) rajman
फेंकते हुए (बात) بِٱلْغَيْبِ ۖ बिन देखे bil-ghaybi
बिन देखे وَيَقُولُونَ और वो कहेंगे wayaqūlūna
और वो कहेंगे سَبْعَةٌۭ सात थे sabʿatun
सात थे وَثَامِنُهُمْ और आठवाँ उनका wathāminuhum
और आठवाँ उनका كَلْبُهُمْ ۚ कुत्ता था उनका kalbuhum
कुत्ता था उनका قُل कह दीजिए qul
कह दीजिए رَّبِّىٓ मेरा रब rabbī
मेरा रब أَعْلَمُ ज़्यादा जानता है aʿlamu
ज़्यादा जानता है بِعِدَّتِهِم तादाद उनकी biʿiddatihim
तादाद उनकी مَّا नहीं mā
नहीं يَعْلَمُهُمْ जानते उन्हें yaʿlamuhum
जानते उन्हें إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلٌۭ ۗ थोड़े qalīlun
थोड़े فَلَا तो ना falā
तो ना تُمَارِ आप झगड़ा कीजिए tumāri
आप झगड़ा कीजिए فِيهِمْ उनके बारे में fīhim
उनके बारे में إِلَّا मगर illā
मगर مِرَآءًۭ झगड़ना mirāan
झगड़ना ظَـٰهِرًۭا सरसरी ẓāhiran
सरसरी وَلَا और ना walā
और ना تَسْتَفْتِ आप पूछिए tastafti
आप पूछिए فِيهِم उनके बारे में fīhim
उनके बारे में مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से أَحَدًۭا किसी एक से aḥadan
किसी एक से ٢٢ (22)
(22)
अब कुछ1 लोग कहेंगे : वे तीन हैं, उनका चौथा उनका कुत्ता है। और कुछ कहेंगे : वे पाँच हैं, उनका छठा उनका कुत्ता है। ये लोग अँधेरे में तीर चलाते हैं। और (कुछ लोग) कहेंगे : वे सात हैं, उनका आठवाँ उनका कुत्ता है। (ऐ नबी!) आप कह दें : मेरा पालनहार ही उनकी संख्या को भली-भाँति जानता है। उन्हें बहुत थोड़े लोगों के सिवा कोई नहीं जानता।2 अतः आप उनके संबंध में बहस न करें, सिवाय सरसरी बहस के, और आप उनके विषय में इनमें से किसी से भी न पूछें।3
१८:२३
وَلَا
और ना
walā
और ना تَقُولَنَّ हरगिज़ आप कहें taqūlanna
हरगिज़ आप कहें لِشَا۟ىْءٍ किसी चीज़ के लिए lishāy'in
किसी चीज़ के लिए إِنِّى कि बेशक मैं innī
कि बेशक मैं فَاعِلٌۭ करने वाला हूँ fāʿilun
करने वाला हूँ ذَٰلِكَ ये dhālika
ये غَدًا कल ghadan
कल ٢٣ (23)
(23)
और ना تَقُولَنَّ हरगिज़ आप कहें taqūlanna
हरगिज़ आप कहें لِشَا۟ىْءٍ किसी चीज़ के लिए lishāy'in
किसी चीज़ के लिए إِنِّى कि बेशक मैं innī
कि बेशक मैं فَاعِلٌۭ करने वाला हूँ fāʿilun
करने वाला हूँ ذَٰلِكَ ये dhālika
ये غَدًا कल ghadan
कल ٢٣ (23)
(23)
और किसी चीज़ के बारे में हरगिज़ न कहें : निःसंदेह मैं इसे कल करने वाला हूँ।
१८:२४
إِلَّآ
मगर
illā
मगर أَن ये कि an
ये कि يَشَآءَ चाहे yashāa
चाहे ٱللَّهُ ۚ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَٱذْكُر और याद कीजिए wa-udh'kur
और याद कीजिए رَّبَّكَ अपने रब को rabbaka
अपने रब को إِذَا जब idhā
जब نَسِيتَ भूल जाऐं आप nasīta
भूल जाऐं आप وَقُلْ और कह दीजिए waqul
और कह दीजिए عَسَىٰٓ उम्मीद है ʿasā
उम्मीद है أَن कि an
कि يَهْدِيَنِ रहनुमाई करेगा मेरी yahdiyani
रहनुमाई करेगा मेरी رَبِّى मेरा रब rabbī
मेरा रब لِأَقْرَبَ क़रीबतर की li-aqraba
क़रीबतर की مِنْ than min
than هَـٰذَا इससे hādhā
इससे رَشَدًۭا भलाई में rashadan
भलाई में ٢٤ (24)
(24)
मगर أَن ये कि an
ये कि يَشَآءَ चाहे yashāa
चाहे ٱللَّهُ ۚ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَٱذْكُر और याद कीजिए wa-udh'kur
और याद कीजिए رَّبَّكَ अपने रब को rabbaka
अपने रब को إِذَا जब idhā
जब نَسِيتَ भूल जाऐं आप nasīta
भूल जाऐं आप وَقُلْ और कह दीजिए waqul
और कह दीजिए عَسَىٰٓ उम्मीद है ʿasā
उम्मीद है أَن कि an
कि يَهْدِيَنِ रहनुमाई करेगा मेरी yahdiyani
रहनुमाई करेगा मेरी رَبِّى मेरा रब rabbī
मेरा रब لِأَقْرَبَ क़रीबतर की li-aqraba
क़रीबतर की مِنْ than min
than هَـٰذَا इससे hādhā
इससे رَشَدًۭا भलाई में rashadan
भलाई में ٢٤ (24)
(24)
परंतु यह कि अल्लाह1 चाहे। तथा जब भूल जाएँ तो अपने पालनहार को याद करें और कहें : आशा है कि मेरा पालनहार मुझे हिदायत (भलाई) का इससे निकटतर मार्ग दिखा दे।
१८:२५
وَلَبِثُوا۟
और वो ठहरे
walabithū
और वो ठहरे فِى in fī
in كَهْفِهِمْ अपने ग़ार में kahfihim
अपने ग़ार में ثَلَـٰثَ तीन thalātha
तीन مِا۟ئَةٍۢ सौ mi-atin
सौ سِنِينَ साल sinīna
साल وَٱزْدَادُوا۟ और उन्होंने ज़्यादा कर दिए wa-iz'dādū
और उन्होंने ज़्यादा कर दिए تِسْعًۭا नौ (साल) tis'ʿan
नौ (साल) ٢٥ (25)
(25)
और वो ठहरे فِى in fī
in كَهْفِهِمْ अपने ग़ार में kahfihim
अपने ग़ार में ثَلَـٰثَ तीन thalātha
तीन مِا۟ئَةٍۢ सौ mi-atin
सौ سِنِينَ साल sinīna
साल وَٱزْدَادُوا۟ और उन्होंने ज़्यादा कर दिए wa-iz'dādū
और उन्होंने ज़्यादा कर दिए تِسْعًۭا नौ (साल) tis'ʿan
नौ (साल) ٢٥ (25)
(25)
और वे अपनी गुफा में तीन सौ वर्ष रहे और नौ वर्ष और अधिक1 रहे।
१८:२६
قُلِ
कह दीजिए
quli
कह दीजिए ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَعْلَمُ ज़्यादा जानता है aʿlamu
ज़्यादा जानता है بِمَا उसे जो bimā
उसे जो لَبِثُوا۟ ۖ वो ठहरे labithū
वो ठहरे لَهُۥ उसी के लिए है lahu
उसी के लिए है غَيْبُ ग़ैब ghaybu
ग़ैब ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ ۖ और ज़मीन का wal-arḍi
और ज़मीन का أَبْصِرْ How clearly He sees abṣir
How clearly He sees بِهِۦ क्या ख़ूब देखने वाला है वो bihi
क्या ख़ूब देखने वाला है वो وَأَسْمِعْ ۚ और क्या ख़ूब सुनने वाला है wa-asmiʿ
और क्या ख़ूब सुनने वाला है مَا नहीं mā
नहीं لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مِّن besides Him min
besides Him دُونِهِۦ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा مِن any min
any وَلِىٍّۢ कोई दोस्त waliyyin
कोई दोस्त وَلَا और नहीं walā
और नहीं يُشْرِكُ वो शरीक करता yush'riku
वो शरीक करता فِى [in] fī
[in] حُكْمِهِۦٓ अपने हुक्म में ḥuk'mihi
अपने हुक्म में أَحَدًۭا किसी एक को aḥadan
किसी एक को ٢٦ (26)
(26)
कह दीजिए ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَعْلَمُ ज़्यादा जानता है aʿlamu
ज़्यादा जानता है بِمَا उसे जो bimā
उसे जो لَبِثُوا۟ ۖ वो ठहरे labithū
वो ठहरे لَهُۥ उसी के लिए है lahu
उसी के लिए है غَيْبُ ग़ैब ghaybu
ग़ैब ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ ۖ और ज़मीन का wal-arḍi
और ज़मीन का أَبْصِرْ How clearly He sees abṣir
How clearly He sees بِهِۦ क्या ख़ूब देखने वाला है वो bihi
क्या ख़ूब देखने वाला है वो وَأَسْمِعْ ۚ और क्या ख़ूब सुनने वाला है wa-asmiʿ
और क्या ख़ूब सुनने वाला है مَا नहीं mā
नहीं لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مِّن besides Him min
besides Him دُونِهِۦ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा مِن any min
any وَلِىٍّۢ कोई दोस्त waliyyin
कोई दोस्त وَلَا और नहीं walā
और नहीं يُشْرِكُ वो शरीक करता yush'riku
वो शरीक करता فِى [in] fī
[in] حُكْمِهِۦٓ अपने हुक्म में ḥuk'mihi
अपने हुक्म में أَحَدًۭا किसी एक को aḥadan
किसी एक को ٢٦ (26)
(26)
आप कह दें : अल्लाह ही उनके ठहरे रहने की अवधि को बेहतर जानता है। आकाशों तथा धरती की छिपी हुई बातें उसी के ज्ञान में हैं। वह क्या ही खूब देखने वाला और क्या ही खूब सुनने वाला है। न उसके सिवा उनका कोई सहायक है और न वह अपने शासन में किसी को साझी बनाता है।
१८:२७
وَٱتْلُ
और पढ़िए
wa-ut'lu
और पढ़िए مَآ जो mā
जो أُوحِىَ वही किया गया है ūḥiya
वही किया गया है إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके مِن of min
of كِتَابِ किताब से kitābi
किताब से رَبِّكَ ۖ आपके रब की rabbika
आपके रब की لَا नहीं lā
नहीं مُبَدِّلَ कोई बदलने वाला mubaddila
कोई बदलने वाला لِكَلِمَـٰتِهِۦ उसके कलिमात को likalimātihi
उसके कलिमात को وَلَن और हरगिज़ नहीं walan
और हरगिज़ नहीं تَجِدَ आप पाऐंगे tajida
आप पाऐंगे مِن besides Him min
besides Him دُونِهِۦ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा مُلْتَحَدًۭا कोई पनाहगाह mul'taḥadan
कोई पनाहगाह ٢٧ (27)
(27)
और पढ़िए مَآ जो mā
जो أُوحِىَ वही किया गया है ūḥiya
वही किया गया है إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके مِن of min
of كِتَابِ किताब से kitābi
किताब से رَبِّكَ ۖ आपके रब की rabbika
आपके रब की لَا नहीं lā
नहीं مُبَدِّلَ कोई बदलने वाला mubaddila
कोई बदलने वाला لِكَلِمَـٰتِهِۦ उसके कलिमात को likalimātihi
उसके कलिमात को وَلَن और हरगिज़ नहीं walan
और हरगिज़ नहीं تَجِدَ आप पाऐंगे tajida
आप पाऐंगे مِن besides Him min
besides Him دُونِهِۦ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा مُلْتَحَدًۭا कोई पनाहगाह mul'taḥadan
कोई पनाहगाह ٢٧ (27)
(27)
और आपके पालनहार की किताब में से आपकी ओर जो वह़्य की गई है, उसे पढ़ते रहें। उसकी बातों को कोई बदलने वाला नहीं है। और आप उसके सिवा कोई शरण लेने की जगह हरगिज़ नहीं पाएँगे।
१८:२८
وَٱصْبِرْ
और रोक रखिए
wa-iṣ'bir
और रोक रखिए نَفْسَكَ अपने नफ़्स को nafsaka
अपने नफ़्स को مَعَ साथ maʿa
साथ ٱلَّذِينَ उन लोगों के जो alladhīna
उन लोगों के जो يَدْعُونَ पुकारते हैं yadʿūna
पुकारते हैं رَبَّهُم अपने रब को rabbahum
अपने रब को بِٱلْغَدَوٰةِ सुबह bil-ghadati
सुबह وَٱلْعَشِىِّ और शाम wal-ʿashiyi
और शाम يُرِيدُونَ वो चाहते हैं yurīdūna
वो चाहते हैं وَجْهَهُۥ ۖ चेहरा उसका wajhahu
चेहरा उसका وَلَا और ना walā
और ना تَعْدُ आप फेरिए taʿdu
आप फेरिए عَيْنَاكَ अपनी दोनों आँखों को ʿaynāka
अपनी दोनों आँखों को عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे تُرِيدُ आप चाहते हैं turīdu
आप चाहते हैं زِينَةَ ज़ीनत zīnata
ज़ीनत ٱلْحَيَوٰةِ (of) the life l-ḥayati
(of) the life ٱلدُّنْيَا ۖ दुनिया की ज़िन्दगी की l-dun'yā
दुनिया की ज़िन्दगी की وَلَا और ना walā
और ना تُطِعْ आप इताअत कीजिए tuṭiʿ
आप इताअत कीजिए مَنْ उसकी जो man
उसकी जो أَغْفَلْنَا ग़ाफ़िल कर दिया हमने aghfalnā
ग़ाफ़िल कर दिया हमने قَلْبَهُۥ दिल उसका qalbahu
दिल उसका عَن of ʿan
of ذِكْرِنَا अपने ज़िक्र से dhik'rinā
अपने ज़िक्र से وَٱتَّبَعَ और उसने पैरवी की wa-ittabaʿa
और उसने पैरवी की هَوَىٰهُ अपनी ख़्वाहिश की hawāhu
अपनी ख़्वाहिश की وَكَانَ और है wakāna
और है أَمْرُهُۥ मामला उसका amruhu
मामला उसका فُرُطًۭا हद से बढ़ा हुआ furuṭan
हद से बढ़ा हुआ ٢٨ (28)
(28)
और रोक रखिए نَفْسَكَ अपने नफ़्स को nafsaka
अपने नफ़्स को مَعَ साथ maʿa
साथ ٱلَّذِينَ उन लोगों के जो alladhīna
उन लोगों के जो يَدْعُونَ पुकारते हैं yadʿūna
पुकारते हैं رَبَّهُم अपने रब को rabbahum
अपने रब को بِٱلْغَدَوٰةِ सुबह bil-ghadati
सुबह وَٱلْعَشِىِّ और शाम wal-ʿashiyi
और शाम يُرِيدُونَ वो चाहते हैं yurīdūna
वो चाहते हैं وَجْهَهُۥ ۖ चेहरा उसका wajhahu
चेहरा उसका وَلَا और ना walā
और ना تَعْدُ आप फेरिए taʿdu
आप फेरिए عَيْنَاكَ अपनी दोनों आँखों को ʿaynāka
अपनी दोनों आँखों को عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे تُرِيدُ आप चाहते हैं turīdu
आप चाहते हैं زِينَةَ ज़ीनत zīnata
ज़ीनत ٱلْحَيَوٰةِ (of) the life l-ḥayati
(of) the life ٱلدُّنْيَا ۖ दुनिया की ज़िन्दगी की l-dun'yā
दुनिया की ज़िन्दगी की وَلَا और ना walā
और ना تُطِعْ आप इताअत कीजिए tuṭiʿ
आप इताअत कीजिए مَنْ उसकी जो man
उसकी जो أَغْفَلْنَا ग़ाफ़िल कर दिया हमने aghfalnā
ग़ाफ़िल कर दिया हमने قَلْبَهُۥ दिल उसका qalbahu
दिल उसका عَن of ʿan
of ذِكْرِنَا अपने ज़िक्र से dhik'rinā
अपने ज़िक्र से وَٱتَّبَعَ और उसने पैरवी की wa-ittabaʿa
और उसने पैरवी की هَوَىٰهُ अपनी ख़्वाहिश की hawāhu
अपनी ख़्वाहिश की وَكَانَ और है wakāna
और है أَمْرُهُۥ मामला उसका amruhu
मामला उसका فُرُطًۭا हद से बढ़ा हुआ furuṭan
हद से बढ़ा हुआ ٢٨ (28)
(28)
और अपने आपको उन लोगों के साथ रोके रखें, जो सुबह-शाम अपने पालनहार को पुकारते हैं। वे उसका चेहरा चाहते हैं। और सांसारिक जीवन की शोभा की चाह1 में अपनी आँखों को उनसे न फेरें। और उसकी बात न मानें, जिसके दिल को हमने अपनी याद से ग़ाफ़िल कर दिया है, और वह अपनी इच्छा के पीछे लगा हुआ है, और उसका मामला हद से बढ़ा हुआ है।
१८:२९
وَقُلِ
और कह दीजिए
waquli
और कह दीजिए ٱلْحَقُّ हक़ l-ḥaqu
हक़ مِن (is) from min
(is) from رَّبِّكُمْ ۖ तुम्हारे रब की तरफ़ से है rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से है فَمَن तो जो faman
तो जो شَآءَ चाहे shāa
चाहे فَلْيُؤْمِن पस वो ईमान ले आए falyu'min
पस वो ईमान ले आए وَمَن और जो waman
और जो شَآءَ चाहे shāa
चाहे فَلْيَكْفُرْ ۚ पस वो कुफ़्र करे falyakfur
पस वो कुफ़्र करे إِنَّآ बेशक हम innā
बेशक हम أَعْتَدْنَا तैयार कर रखी है हमने aʿtadnā
तैयार कर रखी है हमने لِلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों के लिए lilẓẓālimīna
ज़ालिमों के लिए نَارًا ऐसी आग nāran
ऐसी आग أَحَاطَ घेर लेंगी aḥāṭa
घेर लेंगी بِهِمْ उन्हें bihim
उन्हें سُرَادِقُهَا ۚ क़नातें (लपटें) उसकी surādiquhā
क़नातें (लपटें) उसकी وَإِن और अगर wa-in
और अगर يَسْتَغِيثُوا۟ वो फ़रियाद करेंगे yastaghīthū
वो फ़रियाद करेंगे يُغَاثُوا۟ फ़रियादरसी किए जाऐंगे yughāthū
फ़रियादरसी किए जाऐंगे بِمَآءٍۢ साथ पानी के bimāin
साथ पानी के كَٱلْمُهْلِ मानिन्द तेल की तिलछट के kal-muh'li
मानिन्द तेल की तिलछट के يَشْوِى जो भून डालेगा yashwī
जो भून डालेगा ٱلْوُجُوهَ ۚ चेहरों को l-wujūha
चेहरों को بِئْسَ कितनी बुरी है bi'sa
कितनी बुरी है ٱلشَّرَابُ पीने की चीज़ l-sharābu
पीने की चीज़ وَسَآءَتْ और कितनी बुरी है wasāat
और कितनी बुरी है مُرْتَفَقًا आरामग़ाह mur'tafaqan
आरामग़ाह ٢٩ (29)
(29)
और कह दीजिए ٱلْحَقُّ हक़ l-ḥaqu
हक़ مِن (is) from min
(is) from رَّبِّكُمْ ۖ तुम्हारे रब की तरफ़ से है rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से है فَمَن तो जो faman
तो जो شَآءَ चाहे shāa
चाहे فَلْيُؤْمِن पस वो ईमान ले आए falyu'min
पस वो ईमान ले आए وَمَن और जो waman
और जो شَآءَ चाहे shāa
चाहे فَلْيَكْفُرْ ۚ पस वो कुफ़्र करे falyakfur
पस वो कुफ़्र करे إِنَّآ बेशक हम innā
बेशक हम أَعْتَدْنَا तैयार कर रखी है हमने aʿtadnā
तैयार कर रखी है हमने لِلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों के लिए lilẓẓālimīna
ज़ालिमों के लिए نَارًا ऐसी आग nāran
ऐसी आग أَحَاطَ घेर लेंगी aḥāṭa
घेर लेंगी بِهِمْ उन्हें bihim
उन्हें سُرَادِقُهَا ۚ क़नातें (लपटें) उसकी surādiquhā
क़नातें (लपटें) उसकी وَإِن और अगर wa-in
और अगर يَسْتَغِيثُوا۟ वो फ़रियाद करेंगे yastaghīthū
वो फ़रियाद करेंगे يُغَاثُوا۟ फ़रियादरसी किए जाऐंगे yughāthū
फ़रियादरसी किए जाऐंगे بِمَآءٍۢ साथ पानी के bimāin
साथ पानी के كَٱلْمُهْلِ मानिन्द तेल की तिलछट के kal-muh'li
मानिन्द तेल की तिलछट के يَشْوِى जो भून डालेगा yashwī
जो भून डालेगा ٱلْوُجُوهَ ۚ चेहरों को l-wujūha
चेहरों को بِئْسَ कितनी बुरी है bi'sa
कितनी बुरी है ٱلشَّرَابُ पीने की चीज़ l-sharābu
पीने की चीज़ وَسَآءَتْ और कितनी बुरी है wasāat
और कितनी बुरी है مُرْتَفَقًا आरामग़ाह mur'tafaqan
आरामग़ाह ٢٩ (29)
(29)
आप कह दें : यह सत्य तुम्हारे पालनहार की ओर से है। अब जो चाहे, ईमान लाए और जो चाहे कुफ़्र करे। निःसंदेह हमने अत्याचारियों के लिए ऐसी आग तैयार कर रखी है, जिसकी दीवारें1 उन्हें घेर लेंगी। और यदि वे फ़र्याद करेंगे, तो उन्हें ऐसा जल दिया जाएगा, जो तेल की तलछट जैसा होगा, जो चेहरों को भून डालेगा। वह क्या ही बुरा पेय है और वह क्या ही बुरा विश्राम स्थान है!
१८:३०
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम لَا will not let go waste lā
will not let go waste نُضِيعُ नहीं हम ज़ाया करते nuḍīʿu
नहीं हम ज़ाया करते أَجْرَ अजर ajra
अजर مَنْ उसका जो man
उसका जो أَحْسَنَ अच्छा करे aḥsana
अच्छा करे عَمَلًا अमल ʿamalan
अमल ٣٠ (30)
(30)
बेशक ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम لَا will not let go waste lā
will not let go waste نُضِيعُ नहीं हम ज़ाया करते nuḍīʿu
नहीं हम ज़ाया करते أَجْرَ अजर ajra
अजर مَنْ उसका जो man
उसका जो أَحْسَنَ अच्छा करे aḥsana
अच्छा करे عَمَلًا अमल ʿamalan
अमल ٣٠ (30)
(30)
निःसंदेह जो लोग ईमान लाए तथा अच्छे कार्य किए। निश्चय हम उसका प्रतिफल व्यर्थ नहीं करते, जिसने अच्छे कार्य किए।
१८:३१
أُو۟لَـٰٓئِكَ
यही लोग हैं
ulāika
यही लोग हैं لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए جَنَّـٰتُ बाग़ात हैं jannātu
बाग़ात हैं عَدْنٍۢ हमेशगी के ʿadnin
हमेशगी के تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهِمُ उनके नीचे से taḥtihimu
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें يُحَلَّوْنَ वो पहनाए जाऐंगे yuḥallawna
वो पहनाए जाऐंगे فِيهَا उनमें fīhā
उनमें مِنْ [of] (with) min
[of] (with) أَسَاوِرَ कंगन asāwira
कंगन مِن of min
of ذَهَبٍۢ सोने के dhahabin
सोने के وَيَلْبَسُونَ और वो पहनेंगे wayalbasūna
और वो पहनेंगे ثِيَابًا लिबास thiyāban
लिबास خُضْرًۭا सब्ज़ khuḍ'ran
सब्ज़ مِّن of min
of سُندُسٍۢ बारीक रेशम के sundusin
बारीक रेशम के وَإِسْتَبْرَقٍۢ और मोटे रेशम के wa-is'tabraqin
और मोटे रेशम के مُّتَّكِـِٔينَ तकिया लगाए होंगे muttakiīna
तकिया लगाए होंगे فِيهَا उनमें fīhā
उनमें عَلَى on ʿalā
on ٱلْأَرَآئِكِ ۚ तख़्तों पर l-arāiki
तख़्तों पर نِعْمَ कितना अच्छा है niʿ'ma
कितना अच्छा है ٱلثَّوَابُ बदला l-thawābu
बदला وَحَسُنَتْ और कितनी अच्छी है waḥasunat
और कितनी अच्छी है مُرْتَفَقًۭا आरामगाह mur'tafaqan
आरामगाह ٣١ (31)
(31)
यही लोग हैं لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए جَنَّـٰتُ बाग़ात हैं jannātu
बाग़ात हैं عَدْنٍۢ हमेशगी के ʿadnin
हमेशगी के تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهِمُ उनके नीचे से taḥtihimu
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें يُحَلَّوْنَ वो पहनाए जाऐंगे yuḥallawna
वो पहनाए जाऐंगे فِيهَا उनमें fīhā
उनमें مِنْ [of] (with) min
[of] (with) أَسَاوِرَ कंगन asāwira
कंगन مِن of min
of ذَهَبٍۢ सोने के dhahabin
सोने के وَيَلْبَسُونَ और वो पहनेंगे wayalbasūna
और वो पहनेंगे ثِيَابًا लिबास thiyāban
लिबास خُضْرًۭا सब्ज़ khuḍ'ran
सब्ज़ مِّن of min
of سُندُسٍۢ बारीक रेशम के sundusin
बारीक रेशम के وَإِسْتَبْرَقٍۢ और मोटे रेशम के wa-is'tabraqin
और मोटे रेशम के مُّتَّكِـِٔينَ तकिया लगाए होंगे muttakiīna
तकिया लगाए होंगे فِيهَا उनमें fīhā
उनमें عَلَى on ʿalā
on ٱلْأَرَآئِكِ ۚ तख़्तों पर l-arāiki
तख़्तों पर نِعْمَ कितना अच्छा है niʿ'ma
कितना अच्छा है ٱلثَّوَابُ बदला l-thawābu
बदला وَحَسُنَتْ और कितनी अच्छी है waḥasunat
और कितनी अच्छी है مُرْتَفَقًۭا आरामगाह mur'tafaqan
आरामगाह ٣١ (31)
(31)
यही लोग हैं, जिनके लिए स्थायी बाग़ हैं, जिनके नीचे से नहरें बहती हैं। वहाँ उन्हें सोने के कंगन1 पहनाए जाएँगे। तथा वे महीन और गाढ़े रेशम के हरे वस्त्र पहनेंगे। वहाँ तख़्तों पर तकिया लगाए हुए होंगे। यह क्या ही अच्छा बदला है और क्या ही अच्छा विश्राम स्थान है।
१८:३२
۞ وَٱضْرِبْ
और बयान कीजिए
wa-iḍ'rib
और बयान कीजिए لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مَّثَلًۭا मिसाल mathalan
मिसाल رَّجُلَيْنِ दो आदमियों की rajulayni
दो आदमियों की جَعَلْنَا बनाए हमने jaʿalnā
बनाए हमने لِأَحَدِهِمَا उन दोनों में से एक के li-aḥadihimā
उन दोनों में से एक के جَنَّتَيْنِ दो बाग़ jannatayni
दो बाग़ مِنْ of min
of أَعْنَـٰبٍۢ अँगूरों के aʿnābin
अँगूरों के وَحَفَفْنَـٰهُمَا और घेर लिया हमने उन दोनों को waḥafafnāhumā
और घेर लिया हमने उन दोनों को بِنَخْلٍۢ खजूर के दरख़्तों से binakhlin
खजूर के दरख़्तों से وَجَعَلْنَا और बनाए हमने wajaʿalnā
और बनाए हमने بَيْنَهُمَا दर्मियान उन दोनों के baynahumā
दर्मियान उन दोनों के زَرْعًۭا खेत zarʿan
खेत ٣٢ (32)
(32)
और बयान कीजिए لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مَّثَلًۭا मिसाल mathalan
मिसाल رَّجُلَيْنِ दो आदमियों की rajulayni
दो आदमियों की جَعَلْنَا बनाए हमने jaʿalnā
बनाए हमने لِأَحَدِهِمَا उन दोनों में से एक के li-aḥadihimā
उन दोनों में से एक के جَنَّتَيْنِ दो बाग़ jannatayni
दो बाग़ مِنْ of min
of أَعْنَـٰبٍۢ अँगूरों के aʿnābin
अँगूरों के وَحَفَفْنَـٰهُمَا और घेर लिया हमने उन दोनों को waḥafafnāhumā
और घेर लिया हमने उन दोनों को بِنَخْلٍۢ खजूर के दरख़्तों से binakhlin
खजूर के दरख़्तों से وَجَعَلْنَا और बनाए हमने wajaʿalnā
और बनाए हमने بَيْنَهُمَا दर्मियान उन दोनों के baynahumā
दर्मियान उन दोनों के زَرْعًۭا खेत zarʿan
खेत ٣٢ (32)
(32)
और (ऐ नबी!) आप उन्हें दो व्यक्तियों का एक उदाहरण दें; जिनमें से एक को हमने अंगूरों के दो बाग़ दिए और हमने दोनों को खजूरों के पेड़ों से घेर दिया और दोनों के बीच कुछ खेती रखी।
१८:३३
كِلْتَا
दोनों
kil'tā
दोनों ٱلْجَنَّتَيْنِ बाग़ों ने l-janatayni
बाग़ों ने ءَاتَتْ दिया ātat
दिया أُكُلَهَا फल अपना ukulahā
फल अपना وَلَمْ और ना walam
और ना تَظْلِم कमी की taẓlim
कमी की مِّنْهُ उसमें min'hu
उसमें شَيْـًۭٔا ۚ कुछ भी shayan
कुछ भी وَفَجَّرْنَا और जारी कर दी हमने wafajjarnā
और जारी कर दी हमने خِلَـٰلَهُمَا उन दोनों के बीच khilālahumā
उन दोनों के बीच نَهَرًۭا एक नहर naharan
एक नहर ٣٣ (33)
(33)
दोनों ٱلْجَنَّتَيْنِ बाग़ों ने l-janatayni
बाग़ों ने ءَاتَتْ दिया ātat
दिया أُكُلَهَا फल अपना ukulahā
फल अपना وَلَمْ और ना walam
और ना تَظْلِم कमी की taẓlim
कमी की مِّنْهُ उसमें min'hu
उसमें شَيْـًۭٔا ۚ कुछ भी shayan
कुछ भी وَفَجَّرْنَا और जारी कर दी हमने wafajjarnā
और जारी कर दी हमने خِلَـٰلَهُمَا उन दोनों के बीच khilālahumā
उन दोनों के बीच نَهَرًۭا एक नहर naharan
एक नहर ٣٣ (33)
(33)
दोनों बाग़ों ने अपने पूरे फल दिए और उसमें से कुछ कमी नहीं की। और हमने दोनों के बीच एक नहर जारी कर दी।
१८:३४
وَكَانَ
और हुआ
wakāna
और हुआ لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए ثَمَرٌۭ फल thamarun
फल فَقَالَ तो उसने कहा faqāla
तो उसने कहा لِصَـٰحِبِهِۦ अपने साथी से liṣāḥibihi
अपने साथी से وَهُوَ जब कि वो wahuwa
जब कि वो يُحَاوِرُهُۥٓ वो उससे बात चीत कर रहा था yuḥāwiruhu
वो उससे बात चीत कर रहा था أَنَا۠ मैं anā
मैं أَكْثَرُ ज़्यादा हूँ aktharu
ज़्यादा हूँ مِنكَ तुझसे minka
तुझसे مَالًۭا माल में mālan
माल में وَأَعَزُّ और ज़्यादा इज़्ज़त वाला हूँ wa-aʿazzu
और ज़्यादा इज़्ज़त वाला हूँ نَفَرًۭا जत्थे में nafaran
जत्थे में ٣٤ (34)
(34)
और हुआ لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए ثَمَرٌۭ फल thamarun
फल فَقَالَ तो उसने कहा faqāla
तो उसने कहा لِصَـٰحِبِهِۦ अपने साथी से liṣāḥibihi
अपने साथी से وَهُوَ जब कि वो wahuwa
जब कि वो يُحَاوِرُهُۥٓ वो उससे बात चीत कर रहा था yuḥāwiruhu
वो उससे बात चीत कर रहा था أَنَا۠ मैं anā
मैं أَكْثَرُ ज़्यादा हूँ aktharu
ज़्यादा हूँ مِنكَ तुझसे minka
तुझसे مَالًۭا माल में mālan
माल में وَأَعَزُّ और ज़्यादा इज़्ज़त वाला हूँ wa-aʿazzu
और ज़्यादा इज़्ज़त वाला हूँ نَفَرًۭا जत्थे में nafaran
जत्थे में ٣٤ (34)
(34)
और उसके पास बहुत-सा फल था। तो उसने अपने साथी से, जबकि वह उससे बात कर रहा था, कहा : मैं तुझसे धन-दौलत में अधिक हूँ तथा जत्थे में भी बढ़कर हूँ।
१८:३५
وَدَخَلَ
और वो दाख़िल हुआ
wadakhala
और वो दाख़िल हुआ جَنَّتَهُۥ अपने बाग़ में jannatahu
अपने बाग़ में وَهُوَ इस हाल में कि वो wahuwa
इस हाल में कि वो ظَالِمٌۭ ज़ुल्म करने वाला था ẓālimun
ज़ुल्म करने वाला था لِّنَفْسِهِۦ अपनी जान पर linafsihi
अपनी जान पर قَالَ कहने लगा qāla
कहने लगा مَآ नहीं mā
नहीं أَظُنُّ मैं गुमान करता aẓunnu
मैं गुमान करता أَن कि an
कि تَبِيدَ बर्बाद होगा tabīda
बर्बाद होगा هَـٰذِهِۦٓ ये (बाग़) hādhihi
ये (बाग़) أَبَدًۭا कभी भी abadan
कभी भी ٣٥ (35)
(35)
और वो दाख़िल हुआ جَنَّتَهُۥ अपने बाग़ में jannatahu
अपने बाग़ में وَهُوَ इस हाल में कि वो wahuwa
इस हाल में कि वो ظَالِمٌۭ ज़ुल्म करने वाला था ẓālimun
ज़ुल्म करने वाला था لِّنَفْسِهِۦ अपनी जान पर linafsihi
अपनी जान पर قَالَ कहने लगा qāla
कहने लगा مَآ नहीं mā
नहीं أَظُنُّ मैं गुमान करता aẓunnu
मैं गुमान करता أَن कि an
कि تَبِيدَ बर्बाद होगा tabīda
बर्बाद होगा هَـٰذِهِۦٓ ये (बाग़) hādhihi
ये (बाग़) أَبَدًۭا कभी भी abadan
कभी भी ٣٥ (35)
(35)
और उसने अपने बाग़ में (इस हाल में) प्रवेश किया कि वह अपने आप पर अत्याचार करने वाला था। उसने कहा : मैं नहीं समझता कि इसका कभी विनाश होगा।
१८:३६
وَمَآ
और नहीं
wamā
और नहीं أَظُنُّ मैं गुमान करता कि aẓunnu
मैं गुमान करता कि ٱلسَّاعَةَ क़यामत l-sāʿata
क़यामत قَآئِمَةًۭ क़ायम होने वाली है qāimatan
क़ायम होने वाली है وَلَئِن और अलबत्ता अगर wala-in
और अलबत्ता अगर رُّدِدتُّ मैं लौटाया गया rudidttu
मैं लौटाया गया إِلَىٰ to ilā
to رَبِّى तरफ़ अपने रब के rabbī
तरफ़ अपने रब के لَأَجِدَنَّ अलबत्ता मैं ज़रूर पाऊँगा la-ajidanna
अलबत्ता मैं ज़रूर पाऊँगा خَيْرًۭا बेहतर khayran
बेहतर مِّنْهَا उससे min'hā
उससे مُنقَلَبًۭا लौटने की जगह/अंजाम munqalaban
लौटने की जगह/अंजाम ٣٦ (36)
(36)
और नहीं أَظُنُّ मैं गुमान करता कि aẓunnu
मैं गुमान करता कि ٱلسَّاعَةَ क़यामत l-sāʿata
क़यामत قَآئِمَةًۭ क़ायम होने वाली है qāimatan
क़ायम होने वाली है وَلَئِن और अलबत्ता अगर wala-in
और अलबत्ता अगर رُّدِدتُّ मैं लौटाया गया rudidttu
मैं लौटाया गया إِلَىٰ to ilā
to رَبِّى तरफ़ अपने रब के rabbī
तरफ़ अपने रब के لَأَجِدَنَّ अलबत्ता मैं ज़रूर पाऊँगा la-ajidanna
अलबत्ता मैं ज़रूर पाऊँगा خَيْرًۭا बेहतर khayran
बेहतर مِّنْهَا उससे min'hā
उससे مُنقَلَبًۭا लौटने की जगह/अंजाम munqalaban
लौटने की जगह/अंजाम ٣٦ (36)
(36)
और न मैं यह समझता हूँ कि क़ियामत आने वाली है। और वाक़ई यदि मुझे अपने पालनहार की ओर लौटाया गया, तो निश्चय ही मैं ज़रूर इससे उत्तम लौटने का स्थान पाऊँगा।
१८:३७
قَالَ
कहा
qāla
कहा لَهُۥ उसे lahu
उसे صَاحِبُهُۥ उसके साथी ने ṣāḥibuhu
उसके साथी ने وَهُوَ जब कि वो wahuwa
जब कि वो يُحَاوِرُهُۥٓ वो उससे बात चीत कर रहा था yuḥāwiruhu
वो उससे बात चीत कर रहा था أَكَفَرْتَ क्या इन्कार करता है तू akafarta
क्या इन्कार करता है तू بِٱلَّذِى उसका जिसने bi-alladhī
उसका जिसने خَلَقَكَ पैदा किया तुझे khalaqaka
पैदा किया तुझे مِن from min
from تُرَابٍۢ मिट्टी से turābin
मिट्टी से ثُمَّ फिर thumma
फिर مِن from min
from نُّطْفَةٍۢ नुत्फ़े से nuṭ'fatin
नुत्फ़े से ثُمَّ फिर thumma
फिर سَوَّىٰكَ दुरुस्त बनाया तुझे sawwāka
दुरुस्त बनाया तुझे رَجُلًۭا एक मर्द rajulan
एक मर्द ٣٧ (37)
(37)
कहा لَهُۥ उसे lahu
उसे صَاحِبُهُۥ उसके साथी ने ṣāḥibuhu
उसके साथी ने وَهُوَ जब कि वो wahuwa
जब कि वो يُحَاوِرُهُۥٓ वो उससे बात चीत कर रहा था yuḥāwiruhu
वो उससे बात चीत कर रहा था أَكَفَرْتَ क्या इन्कार करता है तू akafarta
क्या इन्कार करता है तू بِٱلَّذِى उसका जिसने bi-alladhī
उसका जिसने خَلَقَكَ पैदा किया तुझे khalaqaka
पैदा किया तुझे مِن from min
from تُرَابٍۢ मिट्टी से turābin
मिट्टी से ثُمَّ फिर thumma
फिर مِن from min
from نُّطْفَةٍۢ नुत्फ़े से nuṭ'fatin
नुत्फ़े से ثُمَّ फिर thumma
फिर سَوَّىٰكَ दुरुस्त बनाया तुझे sawwāka
दुरुस्त बनाया तुझे رَجُلًۭا एक मर्द rajulan
एक मर्द ٣٧ (37)
(37)
उसके साथी ने, जबकि वह उससे बातें कर रहा था, उससे कहा : क्या तूने उसके साथ कुफ़्र किया, जिसने तुझे तुच्छ मिट्टी से पैदा किया, फिर वीर्य से, फिर तुझे ठीक-ठाक एक पुरुष बना दिया?
१८:३८
لَّـٰكِنَّا۠
लेकिन
lākinnā
लेकिन هُوَ वो huwa
वो ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह رَبِّى मेरा रब है rabbī
मेरा रब है وَلَآ और नहीं walā
और नहीं أُشْرِكُ मैं शरीक ठहराता ush'riku
मैं शरीक ठहराता بِرَبِّىٓ साथ अपने रब के birabbī
साथ अपने रब के أَحَدًۭا किसी एक को aḥadan
किसी एक को ٣٨ (38)
(38)
लेकिन هُوَ वो huwa
वो ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह رَبِّى मेरा रब है rabbī
मेरा रब है وَلَآ और नहीं walā
और नहीं أُشْرِكُ मैं शरीक ठहराता ush'riku
मैं शरीक ठहराता بِرَبِّىٓ साथ अपने रब के birabbī
साथ अपने रब के أَحَدًۭا किसी एक को aḥadan
किसी एक को ٣٨ (38)
(38)
लेकिन मैं, तो वह अल्लाह ही मेरा पालनहार है और मैं अपने पालनहार के साथ किसी को साझी नहीं बनाता।
१८:३९
وَلَوْلَآ
और क्यों ना
walawlā
और क्यों ना إِذْ जब idh
जब دَخَلْتَ दाख़िल हुआ तू dakhalta
दाख़िल हुआ तू جَنَّتَكَ अपने बाग़ में jannataka
अपने बाग़ में قُلْتَ कहा तूने qul'ta
कहा तूने مَا जो mā
जो شَآءَ चाहा shāa
चाहा ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने لَا (there is) no lā
(there is) no قُوَّةَ नहीं कोई क़ुव्वत quwwata
नहीं कोई क़ुव्वत إِلَّا मगर illā
मगर بِٱللَّهِ ۚ अल्लाह की (तौफ़ीक़) से bil-lahi
अल्लाह की (तौफ़ीक़) से إِن अगर in
अगर تَرَنِ तू देखता है मुझे tarani
तू देखता है मुझे أَنَا۠ कि मैं anā
कि मैं أَقَلَّ कमतर हूँ aqalla
कमतर हूँ مِنكَ तुझसे minka
तुझसे مَالًۭا माल में mālan
माल में وَوَلَدًۭا और औलाद में wawaladan
और औलाद में ٣٩ (39)
(39)
और क्यों ना إِذْ जब idh
जब دَخَلْتَ दाख़िल हुआ तू dakhalta
दाख़िल हुआ तू جَنَّتَكَ अपने बाग़ में jannataka
अपने बाग़ में قُلْتَ कहा तूने qul'ta
कहा तूने مَا जो mā
जो شَآءَ चाहा shāa
चाहा ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने لَا (there is) no lā
(there is) no قُوَّةَ नहीं कोई क़ुव्वत quwwata
नहीं कोई क़ुव्वत إِلَّا मगर illā
मगर بِٱللَّهِ ۚ अल्लाह की (तौफ़ीक़) से bil-lahi
अल्लाह की (तौफ़ीक़) से إِن अगर in
अगर تَرَنِ तू देखता है मुझे tarani
तू देखता है मुझे أَنَا۠ कि मैं anā
कि मैं أَقَلَّ कमतर हूँ aqalla
कमतर हूँ مِنكَ तुझसे minka
तुझसे مَالًۭا माल में mālan
माल में وَوَلَدًۭا और औलाद में wawaladan
और औलाद में ٣٩ (39)
(39)
और जब तूने अपने बाग़ में प्रवेश किया, तो क्यों नहीं कहा : ''जो अल्लाह ने चाहा, अल्लाह की मदद के बिना कोई शक्ति नहीं'', यदि तू मुझे देखता है कि मैं धन तथा संतान में तुझसे कमतर हूँ।
१८:४०
فَعَسَىٰ
तो उम्मीद है
faʿasā
तो उम्मीद है رَبِّىٓ मेरा रब rabbī
मेरा रब أَن कि an
कि يُؤْتِيَنِ वो दे दे मुझे yu'tiyani
वो दे दे मुझे خَيْرًۭا बेहतर khayran
बेहतर مِّن than min
than جَنَّتِكَ तेरे बाग़ से jannatika
तेरे बाग़ से وَيُرْسِلَ और वो भेजे wayur'sila
और वो भेजे عَلَيْهَا उस पर ʿalayhā
उस पर حُسْبَانًۭا कोई अज़ाब ḥus'bānan
कोई अज़ाब مِّنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से فَتُصْبِحَ तो वो हो जाए fatuṣ'biḥa
तो वो हो जाए صَعِيدًۭا मैदान ṣaʿīdan
मैदान زَلَقًا साफ़/चटियल zalaqan
साफ़/चटियल ٤٠ (40)
(40)
तो उम्मीद है رَبِّىٓ मेरा रब rabbī
मेरा रब أَن कि an
कि يُؤْتِيَنِ वो दे दे मुझे yu'tiyani
वो दे दे मुझे خَيْرًۭا बेहतर khayran
बेहतर مِّن than min
than جَنَّتِكَ तेरे बाग़ से jannatika
तेरे बाग़ से وَيُرْسِلَ और वो भेजे wayur'sila
और वो भेजे عَلَيْهَا उस पर ʿalayhā
उस पर حُسْبَانًۭا कोई अज़ाब ḥus'bānan
कोई अज़ाब مِّنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से فَتُصْبِحَ तो वो हो जाए fatuṣ'biḥa
तो वो हो जाए صَعِيدًۭا मैदान ṣaʿīdan
मैदान زَلَقًا साफ़/चटियल zalaqan
साफ़/चटियल ٤٠ (40)
(40)
तो आशा है कि मेरा पालनहार मुझे तेरे बाग़ से अच्छा प्रदान कर दे, और इस (बाग़) पर आकाश से कोई आपदा भेज दे, तो यह (चटियल) चिकनी भूमि बन जाए।
१८:४१
أَوْ
या
aw
या يُصْبِحَ हो जाए yuṣ'biḥa
हो जाए مَآؤُهَا पानी उसका māuhā
पानी उसका غَوْرًۭا गहरा ghawran
गहरा فَلَن तो हरगिज़ नहीं falan
तो हरगिज़ नहीं تَسْتَطِيعَ तुम इस्तिताअत रखोगे tastaṭīʿa
तुम इस्तिताअत रखोगे لَهُۥ उसे lahu
उसे طَلَبًۭا तलाश करने की ṭalaban
तलाश करने की ٤١ (41)
(41)
या يُصْبِحَ हो जाए yuṣ'biḥa
हो जाए مَآؤُهَا पानी उसका māuhā
पानी उसका غَوْرًۭا गहरा ghawran
गहरा فَلَن तो हरगिज़ नहीं falan
तो हरगिज़ नहीं تَسْتَطِيعَ तुम इस्तिताअत रखोगे tastaṭīʿa
तुम इस्तिताअत रखोगे لَهُۥ उसे lahu
उसे طَلَبًۭا तलाश करने की ṭalaban
तलाश करने की ٤١ (41)
(41)
या उसका पानी गहरा हो जाए, फिर तू उसे कभी तलाश न कर सकेगा।
१८:४२
وَأُحِيطَ
और घेर लिया गया
wa-uḥīṭa
और घेर लिया गया بِثَمَرِهِۦ फल उसका bithamarihi
फल उसका فَأَصْبَحَ तो उसने सुबह की fa-aṣbaḥa
तो उसने सुबह की يُقَلِّبُ वो मलता था yuqallibu
वो मलता था كَفَّيْهِ अपनी दोनों हथेलियाँ kaffayhi
अपनी दोनों हथेलियाँ عَلَىٰ उस पर ʿalā
उस पर مَآ जो mā
जो أَنفَقَ उसने ख़र्च किया था anfaqa
उसने ख़र्च किया था فِيهَا उसमें fīhā
उसमें وَهِىَ और वो (बाग़) wahiya
और वो (बाग़) خَاوِيَةٌ गिरा पड़ा था khāwiyatun
गिरा पड़ा था عَلَىٰ on ʿalā
on عُرُوشِهَا अपनी छतों पर ʿurūshihā
अपनी छतों पर وَيَقُولُ और वो कह रहा था wayaqūlu
और वो कह रहा था يَـٰلَيْتَنِى ऐ काश कि मैं yālaytanī
ऐ काश कि मैं لَمْ ना lam
ना أُشْرِكْ मैं शरीक करता ush'rik
मैं शरीक करता بِرَبِّىٓ साथ अपने रब के birabbī
साथ अपने रब के أَحَدًۭا किसी एक को aḥadan
किसी एक को ٤٢ (42)
(42)
और घेर लिया गया بِثَمَرِهِۦ फल उसका bithamarihi
फल उसका فَأَصْبَحَ तो उसने सुबह की fa-aṣbaḥa
तो उसने सुबह की يُقَلِّبُ वो मलता था yuqallibu
वो मलता था كَفَّيْهِ अपनी दोनों हथेलियाँ kaffayhi
अपनी दोनों हथेलियाँ عَلَىٰ उस पर ʿalā
उस पर مَآ जो mā
जो أَنفَقَ उसने ख़र्च किया था anfaqa
उसने ख़र्च किया था فِيهَا उसमें fīhā
उसमें وَهِىَ और वो (बाग़) wahiya
और वो (बाग़) خَاوِيَةٌ गिरा पड़ा था khāwiyatun
गिरा पड़ा था عَلَىٰ on ʿalā
on عُرُوشِهَا अपनी छतों पर ʿurūshihā
अपनी छतों पर وَيَقُولُ और वो कह रहा था wayaqūlu
और वो कह रहा था يَـٰلَيْتَنِى ऐ काश कि मैं yālaytanī
ऐ काश कि मैं لَمْ ना lam
ना أُشْرِكْ मैं शरीक करता ush'rik
मैं शरीक करता بِرَبِّىٓ साथ अपने रब के birabbī
साथ अपने रब के أَحَدًۭا किसी एक को aḥadan
किसी एक को ٤٢ (42)
(42)
(अंततः) उसका सारा फल मारा गया।1 फिर वह अपने दोनों हाथ मलता रह गया, उस (धन) पर जो उसमें खर्च किया था। जबकि वह (बाग़) अपने छप्परों सहित गिरा हुआ था और वह कहता था : काश मैं अपने पालनहार के साथ किसी को साझी न बनाता।
१८:४३
وَلَمْ
और ना
walam
और ना تَكُن थे takun
थे لَّهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए فِئَةٌۭ जमाअत (के लोग) fi-atun
जमाअत (के लोग) يَنصُرُونَهُۥ जो मदद करते उसकी yanṣurūnahu
जो मदद करते उसकी مِن other than min
other than دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَمَا और ना wamā
और ना كَانَ था वो kāna
था वो مُنتَصِرًا बदला लेने वाला muntaṣiran
बदला लेने वाला ٤٣ (43)
(43)
और ना تَكُن थे takun
थे لَّهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए فِئَةٌۭ जमाअत (के लोग) fi-atun
जमाअत (के लोग) يَنصُرُونَهُۥ जो मदद करते उसकी yanṣurūnahu
जो मदद करते उसकी مِن other than min
other than دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَمَا और ना wamā
और ना كَانَ था वो kāna
था वो مُنتَصِرًا बदला लेने वाला muntaṣiran
बदला लेने वाला ٤٣ (43)
(43)
और नहीं था उसके पास कोई जत्था, जो अल्लाह के मुक़ाबले में उसकी मदद करता और न वह अपनी सहायता आप कर सका।
१८:४४
هُنَالِكَ
वहाँ
hunālika
वहाँ ٱلْوَلَـٰيَةُ सारा इख़्तियार l-walāyatu
सारा इख़्तियार لِلَّهِ अल्लाह ही के लिए है lillahi
अल्लाह ही के लिए है ٱلْحَقِّ ۚ जो सच्चा है l-ḥaqi
जो सच्चा है هُوَ वो huwa
वो خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है ثَوَابًۭا बदला (देने में) thawāban
बदला (देने में) وَخَيْرٌ और बेहतर है wakhayrun
और बेहतर है عُقْبًۭا अंजाम के ऐतबार से ʿuq'ban
अंजाम के ऐतबार से ٤٤ (44)
(44)
वहाँ ٱلْوَلَـٰيَةُ सारा इख़्तियार l-walāyatu
सारा इख़्तियार لِلَّهِ अल्लाह ही के लिए है lillahi
अल्लाह ही के लिए है ٱلْحَقِّ ۚ जो सच्चा है l-ḥaqi
जो सच्चा है هُوَ वो huwa
वो خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है ثَوَابًۭا बदला (देने में) thawāban
बदला (देने में) وَخَيْرٌ और बेहतर है wakhayrun
और बेहतर है عُقْبًۭا अंजाम के ऐतबार से ʿuq'ban
अंजाम के ऐतबार से ٤٤ (44)
(44)
वहाँ सहायता करना केवल परम सत्य अल्लाह के अधिकार में है। वह प्रतिफल प्रदान करने में सबसे बेहतर तथा परिणाम कि दृष्टि से सबसे अच्छा है।
१८:४५
وَٱضْرِبْ
और बयान कीजिए
wa-iḍ'rib
और बयान कीजिए لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مَّثَلَ मिसाल mathala
मिसाल ٱلْحَيَوٰةِ (of) the life l-ḥayati
(of) the life ٱلدُّنْيَا दुनिया की ज़िन्दगी की l-dun'yā
दुनिया की ज़िन्दगी की كَمَآءٍ जैसे पानी kamāin
जैसे पानी أَنزَلْنَـٰهُ उतारा हमने उसे anzalnāhu
उतारा हमने उसे مِنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से فَٱخْتَلَطَ तो मिल जुल गईं fa-ikh'talaṭa
तो मिल जुल गईं بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके نَبَاتُ नबातात nabātu
नबातात ٱلْأَرْضِ ज़मीन की l-arḍi
ज़मीन की فَأَصْبَحَ तो वो हो गईं fa-aṣbaḥa
तो वो हो गईं هَشِيمًۭا चूरा-चूरा hashīman
चूरा-चूरा تَذْرُوهُ बिखेरती हैं उसे tadhrūhu
बिखेरती हैं उसे ٱلرِّيَـٰحُ ۗ हवाऐं l-riyāḥu
हवाऐं وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के مُّقْتَدِرًا क़ुदरत रखने वाला है muq'tadiran
क़ुदरत रखने वाला है ٤٥ (45)
(45)
और बयान कीजिए لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مَّثَلَ मिसाल mathala
मिसाल ٱلْحَيَوٰةِ (of) the life l-ḥayati
(of) the life ٱلدُّنْيَا दुनिया की ज़िन्दगी की l-dun'yā
दुनिया की ज़िन्दगी की كَمَآءٍ जैसे पानी kamāin
जैसे पानी أَنزَلْنَـٰهُ उतारा हमने उसे anzalnāhu
उतारा हमने उसे مِنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से فَٱخْتَلَطَ तो मिल जुल गईं fa-ikh'talaṭa
तो मिल जुल गईं بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके نَبَاتُ नबातात nabātu
नबातात ٱلْأَرْضِ ज़मीन की l-arḍi
ज़मीन की فَأَصْبَحَ तो वो हो गईं fa-aṣbaḥa
तो वो हो गईं هَشِيمًۭا चूरा-चूरा hashīman
चूरा-चूरा تَذْرُوهُ बिखेरती हैं उसे tadhrūhu
बिखेरती हैं उसे ٱلرِّيَـٰحُ ۗ हवाऐं l-riyāḥu
हवाऐं وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के مُّقْتَدِرًا क़ुदरत रखने वाला है muq'tadiran
क़ुदरत रखने वाला है ٤٥ (45)
(45)
और (ऐ नबी!) आप उन्हें सांसारिक जीवन का उदाहरण दें, वह उस पानी के समान है, जिसे हमने आकाश से बरसाया, तो पृथ्वी की वनस्पति (घनी होकर) उसके साथ मिल गई। फिर वह चूरा-चूरा हो गई, जिसे हवाएँ उड़ाए फिरती1 हैं। और अल्लाह प्रत्येक चीज़ का सामर्थ्य रखने वाला है।
१८:४६
ٱلْمَالُ
माल
al-mālu
माल وَٱلْبَنُونَ और बेटे wal-banūna
और बेटे زِينَةُ ज़ीनत हैं zīnatu
ज़ीनत हैं ٱلْحَيَوٰةِ (of) the life l-ḥayati
(of) the life ٱلدُّنْيَا ۖ दुनिया की ज़िन्दगी की l-dun'yā
दुनिया की ज़िन्दगी की وَٱلْبَـٰقِيَـٰتُ और बाक़ी रहने वाली wal-bāqiyātu
और बाक़ी रहने वाली ٱلصَّـٰلِحَـٰتُ नेकियाँ l-ṣāliḥātu
नेकियाँ خَيْرٌ बेहतर हैं khayrun
बेहतर हैं عِندَ near ʿinda
near رَبِّكَ आपके रब के नज़दीक rabbika
आपके रब के नज़दीक ثَوَابًۭا सवाब के ऐतबार से thawāban
सवाब के ऐतबार से وَخَيْرٌ और बेहतर है wakhayrun
और बेहतर है أَمَلًۭا उम्मीद के ऐतबार से amalan
उम्मीद के ऐतबार से ٤٦ (46)
(46)
माल وَٱلْبَنُونَ और बेटे wal-banūna
और बेटे زِينَةُ ज़ीनत हैं zīnatu
ज़ीनत हैं ٱلْحَيَوٰةِ (of) the life l-ḥayati
(of) the life ٱلدُّنْيَا ۖ दुनिया की ज़िन्दगी की l-dun'yā
दुनिया की ज़िन्दगी की وَٱلْبَـٰقِيَـٰتُ और बाक़ी रहने वाली wal-bāqiyātu
और बाक़ी रहने वाली ٱلصَّـٰلِحَـٰتُ नेकियाँ l-ṣāliḥātu
नेकियाँ خَيْرٌ बेहतर हैं khayrun
बेहतर हैं عِندَ near ʿinda
near رَبِّكَ आपके रब के नज़दीक rabbika
आपके रब के नज़दीक ثَوَابًۭا सवाब के ऐतबार से thawāban
सवाब के ऐतबार से وَخَيْرٌ और बेहतर है wakhayrun
और बेहतर है أَمَلًۭا उम्मीद के ऐतबार से amalan
उम्मीद के ऐतबार से ٤٦ (46)
(46)
धन और पुत्र सांसारिक जीवन की शोभा हैं। और बाकी रहने वाली नेकियाँ तेरे पालनहार के यहाँ सवाब में बहुत उत्तम और आशा की दृष्टि से भी बहुत बेहतर हैं।
१८:४७
وَيَوْمَ
और जिस दिन
wayawma
और जिस दिन نُسَيِّرُ हम चलाऐंगे nusayyiru
हम चलाऐंगे ٱلْجِبَالَ पहाड़ों को l-jibāla
पहाड़ों को وَتَرَى और आप देखेंगे watarā
और आप देखेंगे ٱلْأَرْضَ ज़मीन को l-arḍa
ज़मीन को بَارِزَةًۭ खुली हुई/अयाँ bārizatan
खुली हुई/अयाँ وَحَشَرْنَـٰهُمْ और इकट्ठा कर लेंगे हम उन्हें waḥasharnāhum
और इकट्ठा कर लेंगे हम उन्हें فَلَمْ फिर नहीं falam
फिर नहीं نُغَادِرْ हम छोड़ेंगे nughādir
हम छोड़ेंगे مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से أَحَدًۭا किसी एक को aḥadan
किसी एक को ٤٧ (47)
(47)
और जिस दिन نُسَيِّرُ हम चलाऐंगे nusayyiru
हम चलाऐंगे ٱلْجِبَالَ पहाड़ों को l-jibāla
पहाड़ों को وَتَرَى और आप देखेंगे watarā
और आप देखेंगे ٱلْأَرْضَ ज़मीन को l-arḍa
ज़मीन को بَارِزَةًۭ खुली हुई/अयाँ bārizatan
खुली हुई/अयाँ وَحَشَرْنَـٰهُمْ और इकट्ठा कर लेंगे हम उन्हें waḥasharnāhum
और इकट्ठा कर लेंगे हम उन्हें فَلَمْ फिर नहीं falam
फिर नहीं نُغَادِرْ हम छोड़ेंगे nughādir
हम छोड़ेंगे مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से أَحَدًۭا किसी एक को aḥadan
किसी एक को ٤٧ (47)
(47)
तथा जिस दिन हम पर्वतों को चलाएँगे, और तुम धरती को साफ़ मैदान1 देखोगे, और हम उन्हें एकत्रित करेंगे, तो उनमें से किसी को नहीं छोड़ेंगे।
१८:४८
وَعُرِضُوا۟
और वो पेश किए जाऐंगे
waʿuriḍū
और वो पेश किए जाऐंगे عَلَىٰ before ʿalā
before رَبِّكَ आपके रब पर rabbika
आपके रब पर صَفًّۭا सफ़ दर सफ़ ṣaffan
सफ़ दर सफ़ لَّقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ جِئْتُمُونَا आ गए तुम हमारे पास ji'tumūnā
आ गए तुम हमारे पास كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि خَلَقْنَـٰكُمْ पैदा किया था हमने तुम्हें khalaqnākum
पैदा किया था हमने तुम्हें أَوَّلَ पहली awwala
पहली مَرَّةٍۭ ۚ बार/मर्तबा marratin
बार/मर्तबा بَلْ बल्कि bal
बल्कि زَعَمْتُمْ गुमान किया तुमने zaʿamtum
गुमान किया तुमने أَلَّن कि हरगिज़ नहीं allan
कि हरगिज़ नहीं نَّجْعَلَ हम बनाऐंगे najʿala
हम बनाऐंगे لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مَّوْعِدًۭا कोई वादे का वक़्त/जगह mawʿidan
कोई वादे का वक़्त/जगह ٤٨ (48)
(48)
और वो पेश किए जाऐंगे عَلَىٰ before ʿalā
before رَبِّكَ आपके रब पर rabbika
आपके रब पर صَفًّۭا सफ़ दर सफ़ ṣaffan
सफ़ दर सफ़ لَّقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ جِئْتُمُونَا आ गए तुम हमारे पास ji'tumūnā
आ गए तुम हमारे पास كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि خَلَقْنَـٰكُمْ पैदा किया था हमने तुम्हें khalaqnākum
पैदा किया था हमने तुम्हें أَوَّلَ पहली awwala
पहली مَرَّةٍۭ ۚ बार/मर्तबा marratin
बार/मर्तबा بَلْ बल्कि bal
बल्कि زَعَمْتُمْ गुमान किया तुमने zaʿamtum
गुमान किया तुमने أَلَّن कि हरगिज़ नहीं allan
कि हरगिज़ नहीं نَّجْعَلَ हम बनाऐंगे najʿala
हम बनाऐंगे لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مَّوْعِدًۭا कोई वादे का वक़्त/जगह mawʿidan
कोई वादे का वक़्त/जगह ٤٨ (48)
(48)
और वे आपके पालनहार के समक्ष पंक्तिबद्ध प्रस्तुत किए जाएँगे। (और कहा जाएगा :) निश्चय ही तुम हमारे पास उसी तरह आए हो, जैसे हमने तुम्हें पहली बार पैदा किया था। बल्कि तुम समझते थे कि हम तुम्हारे लिए वादे का कोई समय निर्धारित नहीं करेंगे।
१८:४९
وَوُضِعَ
और रख दी जाएगी
wawuḍiʿa
और रख दी जाएगी ٱلْكِتَـٰبُ किताब l-kitābu
किताब فَتَرَى पस आप देखेंगे fatarā
पस आप देखेंगे ٱلْمُجْرِمِينَ मुजरिमों को l-muj'rimīna
मुजरिमों को مُشْفِقِينَ डर रहे होंगे mush'fiqīna
डर रहे होंगे مِمَّا उससे जो mimmā
उससे जो فِيهِ उसमें (होगा) fīhi
उसमें (होगा) وَيَقُولُونَ और वो कहेंगे wayaqūlūna
और वो कहेंगे يَـٰوَيْلَتَنَا हाय अफ़सोस हम पर yāwaylatanā
हाय अफ़सोस हम पर مَالِ What (is) for māli
What (is) for هَـٰذَا this hādhā
this ٱلْكِتَـٰبِ क्या है इस किताब को l-kitābi
क्या है इस किताब को لَا not lā
not يُغَادِرُ नहीं छोड़ा yughādiru
नहीं छोड़ा صَغِيرَةًۭ किसी छोटी (चीज़) को ṣaghīratan
किसी छोटी (चीज़) को وَلَا और ना walā
और ना كَبِيرَةً बड़ी (चीज़) को kabīratan
बड़ी (चीज़) को إِلَّآ मगर illā
मगर أَحْصَىٰهَا ۚ उसने शुमार कर रखा है उसे aḥṣāhā
उसने शुमार कर रखा है उसे وَوَجَدُوا۟ और वो पा लेंगे wawajadū
और वो पा लेंगे مَا जो mā
जो عَمِلُوا۟ उन्होंने अमल किए ʿamilū
उन्होंने अमल किए حَاضِرًۭا ۗ हाज़िर ḥāḍiran
हाज़िर وَلَا और ना walā
और ना يَظْلِمُ ज़ुल्म करेगा yaẓlimu
ज़ुल्म करेगा رَبُّكَ रब आपका rabbuka
रब आपका أَحَدًۭا किसी एक पर aḥadan
किसी एक पर ٤٩ (49)
(49)
और रख दी जाएगी ٱلْكِتَـٰبُ किताब l-kitābu
किताब فَتَرَى पस आप देखेंगे fatarā
पस आप देखेंगे ٱلْمُجْرِمِينَ मुजरिमों को l-muj'rimīna
मुजरिमों को مُشْفِقِينَ डर रहे होंगे mush'fiqīna
डर रहे होंगे مِمَّا उससे जो mimmā
उससे जो فِيهِ उसमें (होगा) fīhi
उसमें (होगा) وَيَقُولُونَ और वो कहेंगे wayaqūlūna
और वो कहेंगे يَـٰوَيْلَتَنَا हाय अफ़सोस हम पर yāwaylatanā
हाय अफ़सोस हम पर مَالِ What (is) for māli
What (is) for هَـٰذَا this hādhā
this ٱلْكِتَـٰبِ क्या है इस किताब को l-kitābi
क्या है इस किताब को لَا not lā
not يُغَادِرُ नहीं छोड़ा yughādiru
नहीं छोड़ा صَغِيرَةًۭ किसी छोटी (चीज़) को ṣaghīratan
किसी छोटी (चीज़) को وَلَا और ना walā
और ना كَبِيرَةً बड़ी (चीज़) को kabīratan
बड़ी (चीज़) को إِلَّآ मगर illā
मगर أَحْصَىٰهَا ۚ उसने शुमार कर रखा है उसे aḥṣāhā
उसने शुमार कर रखा है उसे وَوَجَدُوا۟ और वो पा लेंगे wawajadū
और वो पा लेंगे مَا जो mā
जो عَمِلُوا۟ उन्होंने अमल किए ʿamilū
उन्होंने अमल किए حَاضِرًۭا ۗ हाज़िर ḥāḍiran
हाज़िर وَلَا और ना walā
और ना يَظْلِمُ ज़ुल्म करेगा yaẓlimu
ज़ुल्म करेगा رَبُّكَ रब आपका rabbuka
रब आपका أَحَدًۭا किसी एक पर aḥadan
किसी एक पर ٤٩ (49)
(49)
और किताब1 सामने रख दी जाएगी, तो आप अपराधियों को देखेंगे कि जो कुछ उसमें होगा, उससे डरने वाले होंगे और कहेंगे : हाय हमारा विनाश! यह कैसी किताब है, जो न कोई छोटी बात छोड़ती है न बड़ी, परंतु उसने उसे संरक्षित कर रखा है। तथा उन्होंने जो कर्म किए थे, सब अंकित पाएँगे। और आपका पालनहार किसी पर अत्याचार नहीं करेगा।
१८:५०
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब قُلْنَا कहा हमने qul'nā
कहा हमने لِلْمَلَـٰٓئِكَةِ फ़रिश्तों से lil'malāikati
फ़रिश्तों से ٱسْجُدُوا۟ सजदा करो us'judū
सजदा करो لِـَٔادَمَ आदम को liādama
आदम को فَسَجَدُوٓا۟ तो उन्होंने सजदा किया fasajadū
तो उन्होंने सजदा किया إِلَّآ सिवाय illā
सिवाय إِبْلِيسَ इब्लीस के ib'līsa
इब्लीस के كَانَ था वो kāna
था वो مِنَ of mina
of ٱلْجِنِّ जिन्नों में से l-jini
जिन्नों में से فَفَسَقَ तो उसने नाफ़रमानी की fafasaqa
तो उसने नाफ़रमानी की عَنْ against ʿan
against أَمْرِ हुक्म की amri
हुक्म की رَبِّهِۦٓ ۗ अपने रब के rabbihi
अपने रब के أَفَتَتَّخِذُونَهُۥ क्या फिर तुम बनाते हो उसे afatattakhidhūnahu
क्या फिर तुम बनाते हो उसे وَذُرِّيَّتَهُۥٓ और उसकी औलाद को wadhurriyyatahu
और उसकी औलाद को أَوْلِيَآءَ दोस्त awliyāa
दोस्त مِن other than Me min
other than Me دُونِى मेरे सिवा dūnī
मेरे सिवा وَهُمْ हालाँकि वो wahum
हालाँकि वो لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए عَدُوٌّۢ ۚ दुश्मन है ʿaduwwun
दुश्मन है بِئْسَ कितना बुरा है bi'sa
कितना बुरा है لِلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों के लिए lilẓẓālimīna
ज़ालिमों के लिए بَدَلًۭا बतौर बदल badalan
बतौर बदल ٥٠ (50)
(50)
और जब قُلْنَا कहा हमने qul'nā
कहा हमने لِلْمَلَـٰٓئِكَةِ फ़रिश्तों से lil'malāikati
फ़रिश्तों से ٱسْجُدُوا۟ सजदा करो us'judū
सजदा करो لِـَٔادَمَ आदम को liādama
आदम को فَسَجَدُوٓا۟ तो उन्होंने सजदा किया fasajadū
तो उन्होंने सजदा किया إِلَّآ सिवाय illā
सिवाय إِبْلِيسَ इब्लीस के ib'līsa
इब्लीस के كَانَ था वो kāna
था वो مِنَ of mina
of ٱلْجِنِّ जिन्नों में से l-jini
जिन्नों में से فَفَسَقَ तो उसने नाफ़रमानी की fafasaqa
तो उसने नाफ़रमानी की عَنْ against ʿan
against أَمْرِ हुक्म की amri
हुक्म की رَبِّهِۦٓ ۗ अपने रब के rabbihi
अपने रब के أَفَتَتَّخِذُونَهُۥ क्या फिर तुम बनाते हो उसे afatattakhidhūnahu
क्या फिर तुम बनाते हो उसे وَذُرِّيَّتَهُۥٓ और उसकी औलाद को wadhurriyyatahu
और उसकी औलाद को أَوْلِيَآءَ दोस्त awliyāa
दोस्त مِن other than Me min
other than Me دُونِى मेरे सिवा dūnī
मेरे सिवा وَهُمْ हालाँकि वो wahum
हालाँकि वो لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए عَدُوٌّۢ ۚ दुश्मन है ʿaduwwun
दुश्मन है بِئْسَ कितना बुरा है bi'sa
कितना बुरा है لِلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों के लिए lilẓẓālimīna
ज़ालिमों के लिए بَدَلًۭا बतौर बदल badalan
बतौर बदल ٥٠ (50)
(50)
तथा (याद करो) जब हमने फ़रिश्तों से कहा : आदम को सजदा करो। तो इबलीस के सिवा सबने सजदा किया। वह जिन्नों में से था। अतः उसने अपने पालनहार के आदेश का उल्लंघन किया। क्या फिर (भी) तुम उसे और उसकी संतान को मुझे छोड़कर मित्र बनाते हो, जबकि वे तुम्हारे शत्रु हैं? वह (शैतान) अत्याचारियों के लिए क्या ही बुरा बदल (विकल्प) है।
१८:५१
۞ مَّآ
नहीं
mā
नहीं أَشْهَدتُّهُمْ मैंने हाज़िर किया था उन्हें ashhadttuhum
मैंने हाज़िर किया था उन्हें خَلْقَ पैदाइश (के वक़्त) khalqa
पैदाइश (के वक़्त) ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की وَلَا और ना walā
और ना خَلْقَ पैदाइश में khalqa
पैदाइश में أَنفُسِهِمْ उनकी अपनी anfusihim
उनकी अपनी وَمَا और नहीं wamā
और नहीं كُنتُ हूँ मैं kuntu
हूँ मैं مُتَّخِذَ बनाने वाला muttakhidha
बनाने वाला ٱلْمُضِلِّينَ गुमराह करने वालों को l-muḍilīna
गुमराह करने वालों को عَضُدًۭا बाज़ू (मददगार) ʿaḍudan
बाज़ू (मददगार) ٥١ (51)
(51)
नहीं أَشْهَدتُّهُمْ मैंने हाज़िर किया था उन्हें ashhadttuhum
मैंने हाज़िर किया था उन्हें خَلْقَ पैदाइश (के वक़्त) khalqa
पैदाइश (के वक़्त) ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की وَلَا और ना walā
और ना خَلْقَ पैदाइश में khalqa
पैदाइश में أَنفُسِهِمْ उनकी अपनी anfusihim
उनकी अपनी وَمَا और नहीं wamā
और नहीं كُنتُ हूँ मैं kuntu
हूँ मैं مُتَّخِذَ बनाने वाला muttakhidha
बनाने वाला ٱلْمُضِلِّينَ गुमराह करने वालों को l-muḍilīna
गुमराह करने वालों को عَضُدًۭا बाज़ू (मददगार) ʿaḍudan
बाज़ू (मददगार) ٥١ (51)
(51)
मैंने उन्हें न आकाशों तथा धरती के पैदा करने में उपस्थित किया और न स्वयं उनके पैदा करने में, और न ही मैं पथभ्रष्ट करने वालों को सहायक1 बनाने वाला था।
१८:५२
وَيَوْمَ
और जिस दिन
wayawma
और जिस दिन يَقُولُ वो फ़रमाएगा yaqūlu
वो फ़रमाएगा نَادُوا۟ पुकारो nādū
पुकारो شُرَكَآءِىَ मेरे शरीकों को shurakāiya
मेरे शरीकों को ٱلَّذِينَ वो जिन्हें alladhīna
वो जिन्हें زَعَمْتُمْ गुमान करते थे तुम zaʿamtum
गुमान करते थे तुम فَدَعَوْهُمْ तो वो पुकारेंगे उन्हें fadaʿawhum
तो वो पुकारेंगे उन्हें فَلَمْ पस ना falam
पस ना يَسْتَجِيبُوا۟ वो जवाब देंगे yastajībū
वो जवाब देंगे لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें وَجَعَلْنَا और बना देंगे हम wajaʿalnā
और बना देंगे हम بَيْنَهُم दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके مَّوْبِقًۭا हलाकत की जगह mawbiqan
हलाकत की जगह ٥٢ (52)
(52)
और जिस दिन يَقُولُ वो फ़रमाएगा yaqūlu
वो फ़रमाएगा نَادُوا۟ पुकारो nādū
पुकारो شُرَكَآءِىَ मेरे शरीकों को shurakāiya
मेरे शरीकों को ٱلَّذِينَ वो जिन्हें alladhīna
वो जिन्हें زَعَمْتُمْ गुमान करते थे तुम zaʿamtum
गुमान करते थे तुम فَدَعَوْهُمْ तो वो पुकारेंगे उन्हें fadaʿawhum
तो वो पुकारेंगे उन्हें فَلَمْ पस ना falam
पस ना يَسْتَجِيبُوا۟ वो जवाब देंगे yastajībū
वो जवाब देंगे لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें وَجَعَلْنَا और बना देंगे हम wajaʿalnā
और बना देंगे हम بَيْنَهُم दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके مَّوْبِقًۭا हलाकत की जगह mawbiqan
हलाकत की जगह ٥٢ (52)
(52)
और जिस दिन वह (अल्लाह) कहेगा : मेरे उन साझियों को पुकारो, जिनका तुम दावा करते थे। तो ये उन्हें पुकारेंगे, पर वे इन्हें कोई उत्तर नहीं देंगे। और हम उनके बीच एक विनाश का स्थान बना देंगे।
१८:५३
وَرَءَا
और देखेंगे
waraā
और देखेंगे ٱلْمُجْرِمُونَ मुजरिम l-muj'rimūna
मुजरिम ٱلنَّارَ आग को l-nāra
आग को فَظَنُّوٓا۟ तो वो समझ लेंगे faẓannū
तो वो समझ लेंगे أَنَّهُم बेशक वो annahum
बेशक वो مُّوَاقِعُوهَا गिरने वाले हैं उसमें muwāqiʿūhā
गिरने वाले हैं उसमें وَلَمْ और ना walam
और ना يَجِدُوا۟ वो पाऐंगे yajidū
वो पाऐंगे عَنْهَا उससे ʿanhā
उससे مَصْرِفًۭا फिरने की जगह maṣrifan
फिरने की जगह ٥٣ (53)
(53)
और देखेंगे ٱلْمُجْرِمُونَ मुजरिम l-muj'rimūna
मुजरिम ٱلنَّارَ आग को l-nāra
आग को فَظَنُّوٓا۟ तो वो समझ लेंगे faẓannū
तो वो समझ लेंगे أَنَّهُم बेशक वो annahum
बेशक वो مُّوَاقِعُوهَا गिरने वाले हैं उसमें muwāqiʿūhā
गिरने वाले हैं उसमें وَلَمْ और ना walam
और ना يَجِدُوا۟ वो पाऐंगे yajidū
वो पाऐंगे عَنْهَا उससे ʿanhā
उससे مَصْرِفًۭا फिरने की जगह maṣrifan
फिरने की जगह ٥٣ (53)
(53)
और अपराधी लोग जहन्नम को देखेंगे, तो उन्हें यक़ीन हो जाएगा कि वे उसमें गिरने वाले हैं। और उससे फिरने (बचने) का कोई स्थान नहीं पाएँगे।
१८:५४
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ صَرَّفْنَا फेर-फेर कर बयान की हमने ṣarrafnā
फेर-फेर कर बयान की हमने فِى in fī
in هَـٰذَا this hādhā
this ٱلْقُرْءَانِ इस क़ुरआन में l-qur'āni
इस क़ुरआन में لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए مِن of min
of كُلِّ हर तरह की kulli
हर तरह की مَثَلٍۢ ۚ मिसाल mathalin
मिसाल وَكَانَ और है wakāna
और है ٱلْإِنسَـٰنُ इन्सान l-insānu
इन्सान أَكْثَرَ ज़्यादा akthara
ज़्यादा شَىْءٍۢ हर चीज़ से shayin
हर चीज़ से جَدَلًۭا झगड़ा करने में jadalan
झगड़ा करने में ٥٤ (54)
(54)
और अलबत्ता तहक़ीक़ صَرَّفْنَا फेर-फेर कर बयान की हमने ṣarrafnā
फेर-फेर कर बयान की हमने فِى in fī
in هَـٰذَا this hādhā
this ٱلْقُرْءَانِ इस क़ुरआन में l-qur'āni
इस क़ुरआन में لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए مِن of min
of كُلِّ हर तरह की kulli
हर तरह की مَثَلٍۢ ۚ मिसाल mathalin
मिसाल وَكَانَ और है wakāna
और है ٱلْإِنسَـٰنُ इन्सान l-insānu
इन्सान أَكْثَرَ ज़्यादा akthara
ज़्यादा شَىْءٍۢ हर चीज़ से shayin
हर चीज़ से جَدَلًۭا झगड़ा करने में jadalan
झगड़ा करने में ٥٤ (54)
(54)
और हमने इस क़ुरआन में लोगों (को समझाने) के लिए हर प्रकार के उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। और इनसान सब चीज़ों से अधिक झगड़ालू है।
१८:५५
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं مَنَعَ रोका manaʿa
रोका ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को أَن कि an
कि يُؤْمِنُوٓا۟ वो ईमान लाऐं yu'minū
वो ईमान लाऐं إِذْ जब idh
जब جَآءَهُمُ आ गई उनके पास jāahumu
आ गई उनके पास ٱلْهُدَىٰ हिदायत l-hudā
हिदायत وَيَسْتَغْفِرُوا۟ और वो बख़्शिश माँगें wayastaghfirū
और वो बख़्शिश माँगें رَبَّهُمْ अपने रब से rabbahum
अपने रब से إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि تَأْتِيَهُمْ आ जाए उनके पास tatiyahum
आ जाए उनके पास سُنَّةُ तरीक़ा/मामला sunnatu
तरीक़ा/मामला ٱلْأَوَّلِينَ पहलों का l-awalīna
पहलों का أَوْ या aw
या يَأْتِيَهُمُ आ जाए उनके पास yatiyahumu
आ जाए उनके पास ٱلْعَذَابُ अज़ाब l-ʿadhābu
अज़ाब قُبُلًۭا सामने से qubulan
सामने से ٥٥ (55)
(55)
और नहीं مَنَعَ रोका manaʿa
रोका ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को أَن कि an
कि يُؤْمِنُوٓا۟ वो ईमान लाऐं yu'minū
वो ईमान लाऐं إِذْ जब idh
जब جَآءَهُمُ आ गई उनके पास jāahumu
आ गई उनके पास ٱلْهُدَىٰ हिदायत l-hudā
हिदायत وَيَسْتَغْفِرُوا۟ और वो बख़्शिश माँगें wayastaghfirū
और वो बख़्शिश माँगें رَبَّهُمْ अपने रब से rabbahum
अपने रब से إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि تَأْتِيَهُمْ आ जाए उनके पास tatiyahum
आ जाए उनके पास سُنَّةُ तरीक़ा/मामला sunnatu
तरीक़ा/मामला ٱلْأَوَّلِينَ पहलों का l-awalīna
पहलों का أَوْ या aw
या يَأْتِيَهُمُ आ जाए उनके पास yatiyahumu
आ जाए उनके पास ٱلْعَذَابُ अज़ाब l-ʿadhābu
अज़ाब قُبُلًۭا सामने से qubulan
सामने से ٥٥ (55)
(55)
और जब लोगों के पास मार्गदर्शन आ गया, तो उन्हें ईमान लाने और अपने पालनहार से क्षमा याचना करने से केवल इस बात ने रोका कि उनको भी पहले लोगों जैसा मामला पेश आ जाए या यातना उनके सामने आ खड़ी हो।
१८:५६
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं نُرْسِلُ हम भेजते nur'silu
हम भेजते ٱلْمُرْسَلِينَ रसूलों को l-mur'salīna
रसूलों को إِلَّا मगर illā
मगर مُبَشِّرِينَ ख़ुशख़बरी देने वाले mubashirīna
ख़ुशख़बरी देने वाले وَمُنذِرِينَ ۚ और डराने वाले बनाकर wamundhirīna
और डराने वाले बनाकर وَيُجَـٰدِلُ और झगड़ते हैं wayujādilu
और झगड़ते हैं ٱلَّذِينَ वो लोग जिन्होंने alladhīna
वो लोग जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया بِٱلْبَـٰطِلِ साथ बातिल के bil-bāṭili
साथ बातिल के لِيُدْحِضُوا۟ ताकि वो फुसला दें liyud'ḥiḍū
ताकि वो फुसला दें بِهِ साथ उसके bihi
साथ उसके ٱلْحَقَّ ۖ हक़ को l-ḥaqa
हक़ को وَٱتَّخَذُوٓا۟ और उन्होंने बना लिया wa-ittakhadhū
और उन्होंने बना लिया ءَايَـٰتِى मेरी आयात को āyātī
मेरी आयात को وَمَآ और जिससे wamā
और जिससे أُنذِرُوا۟ वो डराए गए undhirū
वो डराए गए هُزُوًۭا मज़ाक़ huzuwan
मज़ाक़ ٥٦ (56)
(56)
और नहीं نُرْسِلُ हम भेजते nur'silu
हम भेजते ٱلْمُرْسَلِينَ रसूलों को l-mur'salīna
रसूलों को إِلَّا मगर illā
मगर مُبَشِّرِينَ ख़ुशख़बरी देने वाले mubashirīna
ख़ुशख़बरी देने वाले وَمُنذِرِينَ ۚ और डराने वाले बनाकर wamundhirīna
और डराने वाले बनाकर وَيُجَـٰدِلُ और झगड़ते हैं wayujādilu
और झगड़ते हैं ٱلَّذِينَ वो लोग जिन्होंने alladhīna
वो लोग जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया بِٱلْبَـٰطِلِ साथ बातिल के bil-bāṭili
साथ बातिल के لِيُدْحِضُوا۟ ताकि वो फुसला दें liyud'ḥiḍū
ताकि वो फुसला दें بِهِ साथ उसके bihi
साथ उसके ٱلْحَقَّ ۖ हक़ को l-ḥaqa
हक़ को وَٱتَّخَذُوٓا۟ और उन्होंने बना लिया wa-ittakhadhū
और उन्होंने बना लिया ءَايَـٰتِى मेरी आयात को āyātī
मेरी आयात को وَمَآ और जिससे wamā
और जिससे أُنذِرُوا۟ वो डराए गए undhirū
वो डराए गए هُزُوًۭا मज़ाक़ huzuwan
मज़ाक़ ٥٦ (56)
(56)
तथा हम रसूलों को केवल शुभ सूचना देने वाले और डराने वाले बनाकर भेजते हैं। और जो काफ़िर हैं, वे असत्य के सहारे झगड़ा करते हैं, ताकि उसके द्वारा सत्य को विचलित1 कर दें। और उन्होंने हमारी आयतों को तथा उन चीज़ों को जिनसे उन्हें डराया गया, मज़ाक बना लिया।
१८:५७
وَمَنْ
और कौन
waman
और कौन أَظْلَمُ बड़ा ज़ालिम है aẓlamu
बड़ा ज़ालिम है مِمَّن उससे जो mimman
उससे जो ذُكِّرَ नसीहत किया गया dhukkira
नसीहत किया गया بِـَٔايَـٰتِ आयात के ज़रिए biāyāti
आयात के ज़रिए رَبِّهِۦ अपने रब की rabbihi
अपने रब की فَأَعْرَضَ फिर उसने ऐराज़ किया fa-aʿraḍa
फिर उसने ऐराज़ किया عَنْهَا उससे ʿanhā
उससे وَنَسِىَ और वो भूल गया wanasiya
और वो भूल गया مَا जो mā
जो قَدَّمَتْ आगे भेजा qaddamat
आगे भेजा يَدَاهُ ۚ उसके दोनों हाथों ने yadāhu
उसके दोनों हाथों ने إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम جَعَلْنَا डाल दिए हमने jaʿalnā
डाल दिए हमने عَلَىٰ over ʿalā
over قُلُوبِهِمْ उनके दिलों पर qulūbihim
उनके दिलों पर أَكِنَّةً पर्दे akinnatan
पर्दे أَن कि an
कि يَفْقَهُوهُ (ना) वो समझ सकें उसे yafqahūhu
(ना) वो समझ सकें उसे وَفِىٓ and in wafī
and in ءَاذَانِهِمْ और उनके कानों में ādhānihim
और उनके कानों में وَقْرًۭا ۖ बोझ है waqran
बोझ है وَإِن और अगर wa-in
और अगर تَدْعُهُمْ आप बुलाए उन्हें tadʿuhum
आप बुलाए उन्हें إِلَى to ilā
to ٱلْهُدَىٰ तरफ़ हिदायत के l-hudā
तरफ़ हिदायत के فَلَن तो हरगिज़ नहीं falan
तो हरगिज़ नहीं يَهْتَدُوٓا۟ वो हिदायत पाऐंगे yahtadū
वो हिदायत पाऐंगे إِذًا तब idhan
तब أَبَدًۭا कभी भी abadan
कभी भी ٥٧ (57)
(57)
और कौन أَظْلَمُ बड़ा ज़ालिम है aẓlamu
बड़ा ज़ालिम है مِمَّن उससे जो mimman
उससे जो ذُكِّرَ नसीहत किया गया dhukkira
नसीहत किया गया بِـَٔايَـٰتِ आयात के ज़रिए biāyāti
आयात के ज़रिए رَبِّهِۦ अपने रब की rabbihi
अपने रब की فَأَعْرَضَ फिर उसने ऐराज़ किया fa-aʿraḍa
फिर उसने ऐराज़ किया عَنْهَا उससे ʿanhā
उससे وَنَسِىَ और वो भूल गया wanasiya
और वो भूल गया مَا जो mā
जो قَدَّمَتْ आगे भेजा qaddamat
आगे भेजा يَدَاهُ ۚ उसके दोनों हाथों ने yadāhu
उसके दोनों हाथों ने إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम جَعَلْنَا डाल दिए हमने jaʿalnā
डाल दिए हमने عَلَىٰ over ʿalā
over قُلُوبِهِمْ उनके दिलों पर qulūbihim
उनके दिलों पर أَكِنَّةً पर्दे akinnatan
पर्दे أَن कि an
कि يَفْقَهُوهُ (ना) वो समझ सकें उसे yafqahūhu
(ना) वो समझ सकें उसे وَفِىٓ and in wafī
and in ءَاذَانِهِمْ और उनके कानों में ādhānihim
और उनके कानों में وَقْرًۭا ۖ बोझ है waqran
बोझ है وَإِن और अगर wa-in
और अगर تَدْعُهُمْ आप बुलाए उन्हें tadʿuhum
आप बुलाए उन्हें إِلَى to ilā
to ٱلْهُدَىٰ तरफ़ हिदायत के l-hudā
तरफ़ हिदायत के فَلَن तो हरगिज़ नहीं falan
तो हरगिज़ नहीं يَهْتَدُوٓا۟ वो हिदायत पाऐंगे yahtadū
वो हिदायत पाऐंगे إِذًا तब idhan
तब أَبَدًۭا कभी भी abadan
कभी भी ٥٧ (57)
(57)
और उससे बड़ा अत्याचारी कौन है, जिसे उसके पालनहार की आयतें सुनाकर समझाया जाए, तो वह उनसे मुँह मोड़ ले और जो कुछ उसके दोनों हाथों ने आगे भेजा हो, उसे भूल जाए? निःसंदेह हमने उनके दिलों पर पर्दे डाल दिए हैं कि उसे1 समझ न पाएँ और उनके कानों में बोझ डाल दिया है। और यदि आप उन्हें सीधी राह की ओर बुलाएँ, तब (भी) वे कभी सीधी राह पर नहीं आएँगे।
१८:५८
وَرَبُّكَ
और रब आपका
warabbuka
और रब आपका ٱلْغَفُورُ बहुत बख़्शने वाला है l-ghafūru
बहुत बख़्शने वाला है ذُو Owner dhū
Owner ٱلرَّحْمَةِ ۖ रहमत वाला है l-raḥmati
रहमत वाला है لَوْ अगर law
अगर يُؤَاخِذُهُم वो पकड़े उन्हें yuākhidhuhum
वो पकड़े उन्हें بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَسَبُوا۟ उन्होंने कमाई की kasabū
उन्होंने कमाई की لَعَجَّلَ अलबत्ता वो जल्दी दे दे laʿajjala
अलबत्ता वो जल्दी दे दे لَهُمُ उन्हें lahumu
उन्हें ٱلْعَذَابَ ۚ अज़ाब l-ʿadhāba
अज़ाब بَل बल्कि bal
बल्कि لَّهُم उनके लिए है lahum
उनके लिए है مَّوْعِدٌۭ वादे का एक वक़्त mawʿidun
वादे का एक वक़्त لَّن हरगिज़ ना lan
हरगिज़ ना يَجِدُوا۟ वो पाऐंगे yajidū
वो पाऐंगे مِن other than it min
other than it دُونِهِۦ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा مَوْئِلًۭا कोई पनाहगाह mawilan
कोई पनाहगाह ٥٨ (58)
(58)
और रब आपका ٱلْغَفُورُ बहुत बख़्शने वाला है l-ghafūru
बहुत बख़्शने वाला है ذُو Owner dhū
Owner ٱلرَّحْمَةِ ۖ रहमत वाला है l-raḥmati
रहमत वाला है لَوْ अगर law
अगर يُؤَاخِذُهُم वो पकड़े उन्हें yuākhidhuhum
वो पकड़े उन्हें بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَسَبُوا۟ उन्होंने कमाई की kasabū
उन्होंने कमाई की لَعَجَّلَ अलबत्ता वो जल्दी दे दे laʿajjala
अलबत्ता वो जल्दी दे दे لَهُمُ उन्हें lahumu
उन्हें ٱلْعَذَابَ ۚ अज़ाब l-ʿadhāba
अज़ाब بَل बल्कि bal
बल्कि لَّهُم उनके लिए है lahum
उनके लिए है مَّوْعِدٌۭ वादे का एक वक़्त mawʿidun
वादे का एक वक़्त لَّن हरगिज़ ना lan
हरगिज़ ना يَجِدُوا۟ वो पाऐंगे yajidū
वो पाऐंगे مِن other than it min
other than it دُونِهِۦ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा مَوْئِلًۭا कोई पनाहगाह mawilan
कोई पनाहगाह ٥٨ (58)
(58)
और आपका पालनहार अत्यंत क्षमाशील, दयावान् है। यदि वह उन्हें उसकी वजह से पकड़े, जो उन्होंने कमाया है, तो निश्चय उनपर शीघ्र ही यातना भेज दे। बल्कि उनके लिए वादे का एक समय है, जिससे बचने का उन्हें कदापि कोई स्थान नहीं मिलेगा।
१८:५९
وَتِلْكَ
और ये
watil'ka
और ये ٱلْقُرَىٰٓ बस्तियाँ हैं l-qurā
बस्तियाँ हैं أَهْلَكْنَـٰهُمْ हलाक किया हमने उन्हें ahlaknāhum
हलाक किया हमने उन्हें لَمَّا जब lammā
जब ظَلَمُوا۟ उन्होंने ज़ुल्म किया ẓalamū
उन्होंने ज़ुल्म किया وَجَعَلْنَا और बना दिया हमने wajaʿalnā
और बना दिया हमने لِمَهْلِكِهِم उनकी हलाकत के लिए limahlikihim
उनकी हलाकत के लिए مَّوْعِدًۭا वादे का एक वक़्त mawʿidan
वादे का एक वक़्त ٥٩ (59)
(59)
और ये ٱلْقُرَىٰٓ बस्तियाँ हैं l-qurā
बस्तियाँ हैं أَهْلَكْنَـٰهُمْ हलाक किया हमने उन्हें ahlaknāhum
हलाक किया हमने उन्हें لَمَّا जब lammā
जब ظَلَمُوا۟ उन्होंने ज़ुल्म किया ẓalamū
उन्होंने ज़ुल्म किया وَجَعَلْنَا और बना दिया हमने wajaʿalnā
और बना दिया हमने لِمَهْلِكِهِم उनकी हलाकत के लिए limahlikihim
उनकी हलाकत के लिए مَّوْعِدًۭا वादे का एक वक़्त mawʿidan
वादे का एक वक़्त ٥٩ (59)
(59)
तथा यही बस्तियाँ हैं, हमने इन (के निवासियों) का विनाश कर दिया, जब उन्होंने अत्याचार किया। और हमने उनके विनाश का एक समय निश्चित कर रखा था।
१८:६०
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब قَالَ कहा qāla
कहा مُوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने لِفَتَىٰهُ अपने नौजवान को lifatāhu
अपने नौजवान को لَآ Not lā
Not أَبْرَحُ नहीं मैं हटूँगा abraḥu
नहीं मैं हटूँगा حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि أَبْلُغَ मैं पहुँच जाऊँ ablugha
मैं पहुँच जाऊँ مَجْمَعَ जमा होने की जगह majmaʿa
जमा होने की जगह ٱلْبَحْرَيْنِ दो समुन्दरों के l-baḥrayni
दो समुन्दरों के أَوْ या aw
या أَمْضِىَ मैं चलता रहूँगा amḍiya
मैं चलता रहूँगा حُقُبًۭا मुद्दतों ḥuquban
मुद्दतों ٦٠ (60)
(60)
और जब قَالَ कहा qāla
कहा مُوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने لِفَتَىٰهُ अपने नौजवान को lifatāhu
अपने नौजवान को لَآ Not lā
Not أَبْرَحُ नहीं मैं हटूँगा abraḥu
नहीं मैं हटूँगा حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि أَبْلُغَ मैं पहुँच जाऊँ ablugha
मैं पहुँच जाऊँ مَجْمَعَ जमा होने की जगह majmaʿa
जमा होने की जगह ٱلْبَحْرَيْنِ दो समुन्दरों के l-baḥrayni
दो समुन्दरों के أَوْ या aw
या أَمْضِىَ मैं चलता रहूँगा amḍiya
मैं चलता रहूँगा حُقُبًۭا मुद्दतों ḥuquban
मुद्दतों ٦٠ (60)
(60)
तथा (याद करो) जब मूसा ने अपने युवक (सेवक) से कहा : मैं बराबर चलता रहूँगा, यहाँ तक कि दो सागरों के संगम पर पहुँच जाऊँ या वर्षों चलता रहूँ।1
१८:६१
فَلَمَّا
तो जब
falammā
तो जब بَلَغَا वो दोनों पहुँचे balaghā
वो दोनों पहुँचे مَجْمَعَ जमा होने की जगह majmaʿa
जमा होने की जगह بَيْنِهِمَا दर्मियान उन दो (समुन्दरों) के baynihimā
दर्मियान उन दो (समुन्दरों) के نَسِيَا तो दोनों भूल गए nasiyā
तो दोनों भूल गए حُوتَهُمَا अपनी मछली ḥūtahumā
अपनी मछली فَٱتَّخَذَ पस उसने बना लिया fa-ittakhadha
पस उसने बना लिया سَبِيلَهُۥ रास्ता अपना sabīlahu
रास्ता अपना فِى into fī
into ٱلْبَحْرِ समुन्दर में l-baḥri
समुन्दर में سَرَبًۭا सुरंग की तरह saraban
सुरंग की तरह ٦١ (61)
(61)
तो जब بَلَغَا वो दोनों पहुँचे balaghā
वो दोनों पहुँचे مَجْمَعَ जमा होने की जगह majmaʿa
जमा होने की जगह بَيْنِهِمَا दर्मियान उन दो (समुन्दरों) के baynihimā
दर्मियान उन दो (समुन्दरों) के نَسِيَا तो दोनों भूल गए nasiyā
तो दोनों भूल गए حُوتَهُمَا अपनी मछली ḥūtahumā
अपनी मछली فَٱتَّخَذَ पस उसने बना लिया fa-ittakhadha
पस उसने बना लिया سَبِيلَهُۥ रास्ता अपना sabīlahu
रास्ता अपना فِى into fī
into ٱلْبَحْرِ समुन्दर में l-baḥri
समुन्दर में سَرَبًۭا सुरंग की तरह saraban
सुरंग की तरह ٦١ (61)
(61)
फिर जब वे दोनों उन दोनों (सागरों) के मिलने की जगह पर पहुँचे, तो वे दोनों अपनी मछली भूल गए और उसने सागर में अपना रास्ता सुरंग जैसा बना लिया।
१८:६२
فَلَمَّا
तो जब
falammā
तो जब جَاوَزَا वो दोनों आगे बढ़े jāwazā
वो दोनों आगे बढ़े قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा لِفَتَىٰهُ अपने नौजवान से lifatāhu
अपने नौजवान से ءَاتِنَا दो हमें ātinā
दो हमें غَدَآءَنَا खाना हमारा ghadāanā
खाना हमारा لَقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ لَقِينَا पाई हमने laqīnā
पाई हमने مِن in min
in سَفَرِنَا our journey safarinā
our journey هَـٰذَا अपने इस सफ़र में hādhā
अपने इस सफ़र में نَصَبًۭا थकावट naṣaban
थकावट ٦٢ (62)
(62)
तो जब جَاوَزَا वो दोनों आगे बढ़े jāwazā
वो दोनों आगे बढ़े قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा لِفَتَىٰهُ अपने नौजवान से lifatāhu
अपने नौजवान से ءَاتِنَا दो हमें ātinā
दो हमें غَدَآءَنَا खाना हमारा ghadāanā
खाना हमारा لَقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ لَقِينَا पाई हमने laqīnā
पाई हमने مِن in min
in سَفَرِنَا our journey safarinā
our journey هَـٰذَا अपने इस सफ़र में hādhā
अपने इस सफ़र में نَصَبًۭا थकावट naṣaban
थकावट ٦٢ (62)
(62)
फिर जब दोनों आगे बढ़ गए, तो मूसा ने अपने सेवक से कहा कि हमारा खाना लाओ। हम अपनी इस यात्रा से काफ़ी थक गए हैं।
१८:६३
قَالَ
उसने कहा
qāla
उसने कहा أَرَءَيْتَ क्या देखा तुमने ara-ayta
क्या देखा तुमने إِذْ जब idh
जब أَوَيْنَآ पनाह ली थी हमने awaynā
पनाह ली थी हमने إِلَى to ilā
to ٱلصَّخْرَةِ तरफ़ चट्टान के l-ṣakhrati
तरफ़ चट्टान के فَإِنِّى तो बेशक मैं fa-innī
तो बेशक मैं نَسِيتُ भूल गया था मैं nasītu
भूल गया था मैं ٱلْحُوتَ मछली को l-ḥūta
मछली को وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं أَنسَىٰنِيهُ भुलाया मुझे उसको ansānīhu
भुलाया मुझे उसको إِلَّا मगर illā
मगर ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान ने l-shayṭānu
शैतान ने أَنْ कि an
कि أَذْكُرَهُۥ ۚ मैं ज़िक्र करूँ उसका adhkurahu
मैं ज़िक्र करूँ उसका وَٱتَّخَذَ और उसने बना लिया था wa-ittakhadha
और उसने बना लिया था سَبِيلَهُۥ रास्ता अपना sabīlahu
रास्ता अपना فِى into fī
into ٱلْبَحْرِ समुन्दर में l-baḥri
समुन्दर में عَجَبًۭا अजीब तरह से ʿajaban
अजीब तरह से ٦٣ (63)
(63)
उसने कहा أَرَءَيْتَ क्या देखा तुमने ara-ayta
क्या देखा तुमने إِذْ जब idh
जब أَوَيْنَآ पनाह ली थी हमने awaynā
पनाह ली थी हमने إِلَى to ilā
to ٱلصَّخْرَةِ तरफ़ चट्टान के l-ṣakhrati
तरफ़ चट्टान के فَإِنِّى तो बेशक मैं fa-innī
तो बेशक मैं نَسِيتُ भूल गया था मैं nasītu
भूल गया था मैं ٱلْحُوتَ मछली को l-ḥūta
मछली को وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं أَنسَىٰنِيهُ भुलाया मुझे उसको ansānīhu
भुलाया मुझे उसको إِلَّا मगर illā
मगर ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान ने l-shayṭānu
शैतान ने أَنْ कि an
कि أَذْكُرَهُۥ ۚ मैं ज़िक्र करूँ उसका adhkurahu
मैं ज़िक्र करूँ उसका وَٱتَّخَذَ और उसने बना लिया था wa-ittakhadha
और उसने बना लिया था سَبِيلَهُۥ रास्ता अपना sabīlahu
रास्ता अपना فِى into fī
into ٱلْبَحْرِ समुन्दर में l-baḥri
समुन्दर में عَجَبًۭا अजीब तरह से ʿajaban
अजीब तरह से ٦٣ (63)
(63)
उसने कहा : क्या आपने देखा? जब हम चट्टान के पास ठहरे थे तो निःसंदेह मैं मछली भूल गया, और मुझे शैतान ही ने भुलाया कि मैं (आपसे) उसकी चर्चा करूँ, और उसने अनोखे तरीक़े से सागर में अपनी राह बना ली।
१८:६४
قَالَ
कहा
qāla
कहा ذَٰلِكَ यही है dhālika
यही है مَا जो mā
जो كُنَّا थे हम kunnā
थे हम نَبْغِ ۚ हम चाहते nabghi
हम चाहते فَٱرْتَدَّا तो वो दोनों पलटे fa-ir'taddā
तो वो दोनों पलटे عَلَىٰٓ on ʿalā
on ءَاثَارِهِمَا अपने निशानाते क़दम पर āthārihimā
अपने निशानाते क़दम पर قَصَصًۭا इत्तिबा करते हुए qaṣaṣan
इत्तिबा करते हुए ٦٤ (64)
(64)
कहा ذَٰلِكَ यही है dhālika
यही है مَا जो mā
जो كُنَّا थे हम kunnā
थे हम نَبْغِ ۚ हम चाहते nabghi
हम चाहते فَٱرْتَدَّا तो वो दोनों पलटे fa-ir'taddā
तो वो दोनों पलटे عَلَىٰٓ on ʿalā
on ءَاثَارِهِمَا अपने निशानाते क़दम पर āthārihimā
अपने निशानाते क़दम पर قَصَصًۭا इत्तिबा करते हुए qaṣaṣan
इत्तिबा करते हुए ٦٤ (64)
(64)
मूसा ने कहा : यही तो है, जो हम तलाश कर रहे थे। फिर वे दोनों अपने क़दमों के निशान देखते हुए वापस लौटे।
१८:६५
فَوَجَدَا
तो दोनों ने पाया
fawajadā
तो दोनों ने पाया عَبْدًۭا एक बन्दे को ʿabdan
एक बन्दे को مِّنْ from min
from عِبَادِنَآ हमारे बन्दों में से ʿibādinā
हमारे बन्दों में से ءَاتَيْنَـٰهُ दी थी हमने उसे ātaynāhu
दी थी हमने उसे رَحْمَةًۭ रहमत raḥmatan
रहमत مِّنْ from min
from عِندِنَا अपने पास से ʿindinā
अपने पास से وَعَلَّمْنَـٰهُ और सिखाया था हमने उसे waʿallamnāhu
और सिखाया था हमने उसे مِن from min
from لَّدُنَّا अपने पास से ladunnā
अपने पास से عِلْمًۭا एक (ख़ास) इल्म ʿil'man
एक (ख़ास) इल्म ٦٥ (65)
(65)
तो दोनों ने पाया عَبْدًۭا एक बन्दे को ʿabdan
एक बन्दे को مِّنْ from min
from عِبَادِنَآ हमारे बन्दों में से ʿibādinā
हमारे बन्दों में से ءَاتَيْنَـٰهُ दी थी हमने उसे ātaynāhu
दी थी हमने उसे رَحْمَةًۭ रहमत raḥmatan
रहमत مِّنْ from min
from عِندِنَا अपने पास से ʿindinā
अपने पास से وَعَلَّمْنَـٰهُ और सिखाया था हमने उसे waʿallamnāhu
और सिखाया था हमने उसे مِن from min
from لَّدُنَّا अपने पास से ladunnā
अपने पास से عِلْمًۭا एक (ख़ास) इल्म ʿil'man
एक (ख़ास) इल्म ٦٥ (65)
(65)
तो उन दोनों ने हमारे बंदों में से एक बंदे1 को पाया, जिसे हमने अपने पास से दया प्रदान की थी और उसे अपने पास से एक ज्ञान सिखाया था।
१८:६६
قَالَ
कहा
qāla
कहा لَهُۥ उसे lahu
उसे مُوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने هَلْ क्या hal
क्या أَتَّبِعُكَ मैं पैरवी करूँ तुम्हारी attabiʿuka
मैं पैरवी करूँ तुम्हारी عَلَىٰٓ उस पर ʿalā
उस पर أَن कि an
कि تُعَلِّمَنِ तुम सिखाओ मुझे tuʿallimani
तुम सिखाओ मुझे مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो عُلِّمْتَ तुम सिखाए गए ʿullim'ta
तुम सिखाए गए رُشْدًۭا हिदायत (समझ बूझ) rush'dan
हिदायत (समझ बूझ) ٦٦ (66)
(66)
कहा لَهُۥ उसे lahu
उसे مُوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने هَلْ क्या hal
क्या أَتَّبِعُكَ मैं पैरवी करूँ तुम्हारी attabiʿuka
मैं पैरवी करूँ तुम्हारी عَلَىٰٓ उस पर ʿalā
उस पर أَن कि an
कि تُعَلِّمَنِ तुम सिखाओ मुझे tuʿallimani
तुम सिखाओ मुझे مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो عُلِّمْتَ तुम सिखाए गए ʿullim'ta
तुम सिखाए गए رُشْدًۭا हिदायत (समझ बूझ) rush'dan
हिदायत (समझ बूझ) ٦٦ (66)
(66)
मूसा ने उनसे कहा : क्या मैं आपका अनुसरण करूँ, इस (शर्त) पर कि मुझे उस मार्गदर्शन की बातों में से कुछ सिखा दें, जो आपको सिखाई गई हैं?
१८:६७
قَالَ
उसने कहा
qāla
उसने कहा إِنَّكَ बेशक तुम innaka
बेशक तुम لَن हरगिज़ ना lan
हरगिज़ ना تَسْتَطِيعَ तुम इस्तिताअत रखोगे tastaṭīʿa
तुम इस्तिताअत रखोगे مَعِىَ मेरे साथ maʿiya
मेरे साथ صَبْرًۭا सब्र की ṣabran
सब्र की ٦٧ (67)
(67)
उसने कहा إِنَّكَ बेशक तुम innaka
बेशक तुम لَن हरगिज़ ना lan
हरगिज़ ना تَسْتَطِيعَ तुम इस्तिताअत रखोगे tastaṭīʿa
तुम इस्तिताअत रखोगे مَعِىَ मेरे साथ maʿiya
मेरे साथ صَبْرًۭا सब्र की ṣabran
सब्र की ٦٧ (67)
(67)
उन्होंने कहा : तुम मेरे साथ हरगिज़ धैर्य न रख सकोगे।
१८:६८
وَكَيْفَ
और किस तरह
wakayfa
और किस तरह تَصْبِرُ तुम सब्र कर सकते हो taṣbiru
तुम सब्र कर सकते हो عَلَىٰ उस पर ʿalā
उस पर مَا जो mā
जो لَمْ नहीं lam
नहीं تُحِطْ तुमने अहाता किया tuḥiṭ
तुमने अहाता किया بِهِۦ जिसका bihi
जिसका خُبْرًۭا इल्म से khub'ran
इल्म से ٦٨ (68)
(68)
और किस तरह تَصْبِرُ तुम सब्र कर सकते हो taṣbiru
तुम सब्र कर सकते हो عَلَىٰ उस पर ʿalā
उस पर مَا जो mā
जो لَمْ नहीं lam
नहीं تُحِطْ तुमने अहाता किया tuḥiṭ
तुमने अहाता किया بِهِۦ जिसका bihi
जिसका خُبْرًۭا इल्म से khub'ran
इल्म से ٦٨ (68)
(68)
और तुम उसपर कैसे धीरज रख सकते हो, जिसका तुम्हें पूरा ज्ञान नहीं?
१८:६९
قَالَ
उसने कहा
qāla
उसने कहा سَتَجِدُنِىٓ यक़ीनन तुम पाओगे मुझे satajidunī
यक़ीनन तुम पाओगे मुझे إِن अगर in
अगर شَآءَ चाहा shāa
चाहा ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने صَابِرًۭا सब्र करने वाला ṣābiran
सब्र करने वाला وَلَآ और नहीं walā
और नहीं أَعْصِى मैं नाफ़रमानी करूँगा aʿṣī
मैं नाफ़रमानी करूँगा لَكَ तुम्हारी laka
तुम्हारी أَمْرًۭا किसी हुक्म में amran
किसी हुक्म में ٦٩ (69)
(69)
उसने कहा سَتَجِدُنِىٓ यक़ीनन तुम पाओगे मुझे satajidunī
यक़ीनन तुम पाओगे मुझे إِن अगर in
अगर شَآءَ चाहा shāa
चाहा ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने صَابِرًۭا सब्र करने वाला ṣābiran
सब्र करने वाला وَلَآ और नहीं walā
और नहीं أَعْصِى मैं नाफ़रमानी करूँगा aʿṣī
मैं नाफ़रमानी करूँगा لَكَ तुम्हारी laka
तुम्हारी أَمْرًۭا किसी हुक्म में amran
किसी हुक्म में ٦٩ (69)
(69)
उसने कहा : यदि अल्लाह ने चाहा, तो आप मुझे धैर्य रखने वाला पाएँगे और मैं आपके किसी आदेश का उल्लंघन नहीं करूँगा।
१८:७०
قَالَ
कहा
qāla
कहा فَإِنِ फिर अगर fa-ini
फिर अगर ٱتَّبَعْتَنِى पैरवी करो तुम मेरी ittabaʿtanī
पैरवी करो तुम मेरी فَلَا पस ना falā
पस ना تَسْـَٔلْنِى तुम सवाल करना मुझसे tasalnī
तुम सवाल करना मुझसे عَن about ʿan
about شَىْءٍ किसी चीज़ के बारे में shayin
किसी चीज़ के बारे में حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि أُحْدِثَ मैं बयान करूँ uḥ'ditha
मैं बयान करूँ لَكَ तुम्हारे लिए laka
तुम्हारे लिए مِنْهُ उसका min'hu
उसका ذِكْرًۭا ज़िक्र dhik'ran
ज़िक्र ٧٠ (70)
(70)
कहा فَإِنِ फिर अगर fa-ini
फिर अगर ٱتَّبَعْتَنِى पैरवी करो तुम मेरी ittabaʿtanī
पैरवी करो तुम मेरी فَلَا पस ना falā
पस ना تَسْـَٔلْنِى तुम सवाल करना मुझसे tasalnī
तुम सवाल करना मुझसे عَن about ʿan
about شَىْءٍ किसी चीज़ के बारे में shayin
किसी चीज़ के बारे में حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि أُحْدِثَ मैं बयान करूँ uḥ'ditha
मैं बयान करूँ لَكَ तुम्हारे लिए laka
तुम्हारे लिए مِنْهُ उसका min'hu
उसका ذِكْرًۭا ज़िक्र dhik'ran
ज़िक्र ٧٠ (70)
(70)
उन्होंने कहा : यदि तुम्हें मेरा अनुसरण करना है, तो मुझसे किसी चीज़ के बारे में प्रश्न न करना, यहाँ तक कि मैं (स्वयं ही) तुमसे उसकी चर्चा शुरू करूँ।
१८:७१
فَٱنطَلَقَا
तो दोनों चल दिए
fa-inṭalaqā
तो दोनों चल दिए حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब رَكِبَا वो दोनों सवार हुए rakibā
वो दोनों सवार हुए فِى on fī
on ٱلسَّفِينَةِ कश्ती में l-safīnati
कश्ती में خَرَقَهَا ۖ तो उसने सूराख़ कर दिया उसमें kharaqahā
तो उसने सूराख़ कर दिया उसमें قَالَ कहा qāla
कहा أَخَرَقْتَهَا क्या सूराख़ कर दिया तुमने इसमें akharaqtahā
क्या सूराख़ कर दिया तुमने इसमें لِتُغْرِقَ ताकि तुम ग़र्क़ करो litugh'riqa
ताकि तुम ग़र्क़ करो أَهْلَهَا उसके मालिकों (सवारों) को ahlahā
उसके मालिकों (सवारों) को لَقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ جِئْتَ लाए हो तुम ji'ta
लाए हो तुम شَيْـًٔا एक चीज़ shayan
एक चीज़ إِمْرًۭا बड़ी अजीब im'ran
बड़ी अजीब ٧١ (71)
(71)
तो दोनों चल दिए حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब رَكِبَا वो दोनों सवार हुए rakibā
वो दोनों सवार हुए فِى on fī
on ٱلسَّفِينَةِ कश्ती में l-safīnati
कश्ती में خَرَقَهَا ۖ तो उसने सूराख़ कर दिया उसमें kharaqahā
तो उसने सूराख़ कर दिया उसमें قَالَ कहा qāla
कहा أَخَرَقْتَهَا क्या सूराख़ कर दिया तुमने इसमें akharaqtahā
क्या सूराख़ कर दिया तुमने इसमें لِتُغْرِقَ ताकि तुम ग़र्क़ करो litugh'riqa
ताकि तुम ग़र्क़ करो أَهْلَهَا उसके मालिकों (सवारों) को ahlahā
उसके मालिकों (सवारों) को لَقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ جِئْتَ लाए हो तुम ji'ta
लाए हो तुम شَيْـًٔا एक चीज़ shayan
एक चीज़ إِمْرًۭا बड़ी अजीब im'ran
बड़ी अजीब ٧١ (71)
(71)
फिर वे दोनों चले, यहाँ तक कि जब वे नौका पर सवार हुए, तो उस (ख़ज़िर) ने उसे फाड़ दिया। मूसा ने कहा : क्या आपने इसे इसलिए फाड़ दिया है कि इसके सवारों को डुबो दें? निश्चित रूप से आपने एक गंभीर काम कर डाला।
१८:७२
قَالَ
उसने कहा
qāla
उसने कहा أَلَمْ क्या नहीं alam
क्या नहीं أَقُلْ मैंने कहा था aqul
मैंने कहा था إِنَّكَ बेशक तुम innaka
बेशक तुम لَن हरगिज़ ना lan
हरगिज़ ना تَسْتَطِيعَ तुम इस्तिताअत रखोगे tastaṭīʿa
तुम इस्तिताअत रखोगे مَعِىَ मेरे साथ maʿiya
मेरे साथ صَبْرًۭا सब्र की ṣabran
सब्र की ٧٢ (72)
(72)
उसने कहा أَلَمْ क्या नहीं alam
क्या नहीं أَقُلْ मैंने कहा था aqul
मैंने कहा था إِنَّكَ बेशक तुम innaka
बेशक तुम لَن हरगिज़ ना lan
हरगिज़ ना تَسْتَطِيعَ तुम इस्तिताअत रखोगे tastaṭīʿa
तुम इस्तिताअत रखोगे مَعِىَ मेरे साथ maʿiya
मेरे साथ صَبْرًۭا सब्र की ṣabran
सब्र की ٧٢ (72)
(72)
उन्होंने कहा : क्या मैंने नहीं कहा था कि तुम मेरे साथ हरगिज़ धैर्य न रख सकोगे?
१८:७३
قَالَ
कहा
qāla
कहा لَا (Do) not lā
(Do) not تُؤَاخِذْنِى ना तुम मुआख़ज़ा करो मेरा tuākhidh'nī
ना तुम मुआख़ज़ा करो मेरा بِمَا उस पर जो bimā
उस पर जो نَسِيتُ भूल गया मैं nasītu
भूल गया मैं وَلَا और ना walā
और ना تُرْهِقْنِى छा जा मुझपर tur'hiq'nī
छा जा मुझपर مِنْ in min
in أَمْرِى मेरे मामले में amrī
मेरे मामले में عُسْرًۭا तँगी करके ʿus'ran
तँगी करके ٧٣ (73)
(73)
कहा لَا (Do) not lā
(Do) not تُؤَاخِذْنِى ना तुम मुआख़ज़ा करो मेरा tuākhidh'nī
ना तुम मुआख़ज़ा करो मेरा بِمَا उस पर जो bimā
उस पर जो نَسِيتُ भूल गया मैं nasītu
भूल गया मैं وَلَا और ना walā
और ना تُرْهِقْنِى छा जा मुझपर tur'hiq'nī
छा जा मुझपर مِنْ in min
in أَمْرِى मेरे मामले में amrī
मेरे मामले में عُسْرًۭا तँगी करके ʿus'ran
तँगी करके ٧٣ (73)
(73)
मूसा ने कहा : मुझे मेरी भूल पर न पकड़ें और मेरे मामले में मुझे किसी कठिनाई में न डालें।
१८:७४
فَٱنطَلَقَا
तो दोनों चल दिए
fa-inṭalaqā
तो दोनों चल दिए حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब لَقِيَا वो दोनों मिले laqiyā
वो दोनों मिले غُلَـٰمًۭا एक लड़के को ghulāman
एक लड़के को فَقَتَلَهُۥ तो उसने क़त्ल कर दिया उसे faqatalahu
तो उसने क़त्ल कर दिया उसे قَالَ कहा qāla
कहा أَقَتَلْتَ क्या क़त्ल कर दिया तुमने aqatalta
क्या क़त्ल कर दिया तुमने نَفْسًۭا एक जान को nafsan
एक जान को زَكِيَّةًۢ जो पाक थी zakiyyatan
जो पाक थी بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर نَفْسٍۢ किसी जान के (बदले) nafsin
किसी जान के (बदले) لَّقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ جِئْتَ लाए हो तुम ji'ta
लाए हो तुम شَيْـًۭٔا एक चीज़ shayan
एक चीज़ نُّكْرًۭا इन्तिहाई नापसंदीदा nuk'ran
इन्तिहाई नापसंदीदा ٧٤ (74)
(74)
तो दोनों चल दिए حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब لَقِيَا वो दोनों मिले laqiyā
वो दोनों मिले غُلَـٰمًۭا एक लड़के को ghulāman
एक लड़के को فَقَتَلَهُۥ तो उसने क़त्ल कर दिया उसे faqatalahu
तो उसने क़त्ल कर दिया उसे قَالَ कहा qāla
कहा أَقَتَلْتَ क्या क़त्ल कर दिया तुमने aqatalta
क्या क़त्ल कर दिया तुमने نَفْسًۭا एक जान को nafsan
एक जान को زَكِيَّةًۢ जो पाक थी zakiyyatan
जो पाक थी بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर نَفْسٍۢ किसी जान के (बदले) nafsin
किसी जान के (बदले) لَّقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ جِئْتَ लाए हो तुम ji'ta
लाए हो तुम شَيْـًۭٔا एक चीज़ shayan
एक चीज़ نُّكْرًۭا इन्तिहाई नापसंदीदा nuk'ran
इन्तिहाई नापसंदीदा ٧٤ (74)
(74)
फिर वे दोनों चल पड़े, यहाँ तक कि जब वे एक बालक से मिले, तो उस (ख़ज़िर) ने उसे क़त्ल कर दिया। उस (मूसा) ने कहा : क्या आपने एक निर्दोष जान को किसी जान के बदले के बिना1 क़त्ल कर दिया? निःसंदेह आपने बहुत ही बुरा काम किया।
१८:७५
۞ قَالَ
उसने कहा
qāla
उसने कहा أَلَمْ क्या नहीं alam
क्या नहीं أَقُل मैंने कहा था aqul
मैंने कहा था لَّكَ तुम्हें laka
तुम्हें إِنَّكَ बेशक तुम innaka
बेशक तुम لَن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं تَسْتَطِيعَ तुम इस्तिताअत रखोगे tastaṭīʿa
तुम इस्तिताअत रखोगे مَعِىَ मेरे साथ maʿiya
मेरे साथ صَبْرًۭا सब्र की ṣabran
सब्र की ٧٥ (75)
(75)
उसने कहा أَلَمْ क्या नहीं alam
क्या नहीं أَقُل मैंने कहा था aqul
मैंने कहा था لَّكَ तुम्हें laka
तुम्हें إِنَّكَ बेशक तुम innaka
बेशक तुम لَن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं تَسْتَطِيعَ तुम इस्तिताअत रखोगे tastaṭīʿa
तुम इस्तिताअत रखोगे مَعِىَ मेरे साथ maʿiya
मेरे साथ صَبْرًۭا सब्र की ṣabran
सब्र की ٧٥ (75)
(75)
उन्होंने कहा : क्या मैंने तुमसे नहीं कहा था कि निश्चय तुम मेरे साथ हरगिज़ धैर्य न रख सकोगे?
१८:७६
قَالَ
कहा (मूसा ने)
qāla
कहा (मूसा ने) إِن अगर in
अगर سَأَلْتُكَ सवाल करूँ मैं तुमसे sa-altuka
सवाल करूँ मैं तुमसे عَن about ʿan
about شَىْءٍۭ किसी चीज़ के बारे में shayin
किसी चीज़ के बारे में بَعْدَهَا बाद इसके baʿdahā
बाद इसके فَلَا तो ना falā
तो ना تُصَـٰحِبْنِى ۖ तुम साथ रखना मुझे tuṣāḥib'nī
तुम साथ रखना मुझे قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ بَلَغْتَ पहुँच गए तुम balaghta
पहुँच गए तुम مِن from me min
from me لَّدُنِّى मेरी तरफ़ से ladunnī
मेरी तरफ़ से عُذْرًۭا उज़र को ʿudh'ran
उज़र को ٧٦ (76)
(76)
कहा (मूसा ने) إِن अगर in
अगर سَأَلْتُكَ सवाल करूँ मैं तुमसे sa-altuka
सवाल करूँ मैं तुमसे عَن about ʿan
about شَىْءٍۭ किसी चीज़ के बारे में shayin
किसी चीज़ के बारे में بَعْدَهَا बाद इसके baʿdahā
बाद इसके فَلَا तो ना falā
तो ना تُصَـٰحِبْنِى ۖ तुम साथ रखना मुझे tuṣāḥib'nī
तुम साथ रखना मुझे قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ بَلَغْتَ पहुँच गए तुम balaghta
पहुँच गए तुम مِن from me min
from me لَّدُنِّى मेरी तरफ़ से ladunnī
मेरी तरफ़ से عُذْرًۭا उज़र को ʿudh'ran
उज़र को ٧٦ (76)
(76)
(मूसा ने) कहा : यदि मैं इसके बाद आपसे किसी चीज़ के विषय में प्रश्न करूँ, तो मुझे अपने साथ न रखें। निश्चय आप मेरी ओर से उज़्र को पहुँच1 चुके।
१८:७७
فَٱنطَلَقَا
पस वो दोनों चल दिए
fa-inṭalaqā
पस वो दोनों चल दिए حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَآ जब idhā
जब أَتَيَآ वो दोनों आए atayā
वो दोनों आए أَهْلَ (to the) people ahla
(to the) people قَرْيَةٍ एक बस्ती वालों के पास qaryatin
एक बस्ती वालों के पास ٱسْتَطْعَمَآ उन दोनों ने खाना माँगा is'taṭʿamā
उन दोनों ने खाना माँगा أَهْلَهَا उसके रहने वालों से ahlahā
उसके रहने वालों से فَأَبَوْا۟ तो उन्होंने इन्कार कर दिया fa-abaw
तो उन्होंने इन्कार कर दिया أَن कि an
कि يُضَيِّفُوهُمَا वो मेहमान बनाऐं उन्हें yuḍayyifūhumā
वो मेहमान बनाऐं उन्हें فَوَجَدَا तो उन दोनों ने पाई fawajadā
तो उन दोनों ने पाई فِيهَا उसमें fīhā
उसमें جِدَارًۭا एक दीवार jidāran
एक दीवार يُرِيدُ वो चाहती थी yurīdu
वो चाहती थी أَن कि an
कि يَنقَضَّ वो टूट गिरे yanqaḍḍa
वो टूट गिरे فَأَقَامَهُۥ ۖ तो उसने सीधा खड़ा कर दिया उसे fa-aqāmahu
तो उसने सीधा खड़ा कर दिया उसे قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा لَوْ अगर law
अगर شِئْتَ चाहते तुम shi'ta
चाहते तुम لَتَّخَذْتَ अलबत्ता ले लेते तुम lattakhadhta
अलबत्ता ले लेते तुम عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर أَجْرًۭا कोई उजरत ajran
कोई उजरत ٧٧ (77)
(77)
पस वो दोनों चल दिए حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَآ जब idhā
जब أَتَيَآ वो दोनों आए atayā
वो दोनों आए أَهْلَ (to the) people ahla
(to the) people قَرْيَةٍ एक बस्ती वालों के पास qaryatin
एक बस्ती वालों के पास ٱسْتَطْعَمَآ उन दोनों ने खाना माँगा is'taṭʿamā
उन दोनों ने खाना माँगा أَهْلَهَا उसके रहने वालों से ahlahā
उसके रहने वालों से فَأَبَوْا۟ तो उन्होंने इन्कार कर दिया fa-abaw
तो उन्होंने इन्कार कर दिया أَن कि an
कि يُضَيِّفُوهُمَا वो मेहमान बनाऐं उन्हें yuḍayyifūhumā
वो मेहमान बनाऐं उन्हें فَوَجَدَا तो उन दोनों ने पाई fawajadā
तो उन दोनों ने पाई فِيهَا उसमें fīhā
उसमें جِدَارًۭا एक दीवार jidāran
एक दीवार يُرِيدُ वो चाहती थी yurīdu
वो चाहती थी أَن कि an
कि يَنقَضَّ वो टूट गिरे yanqaḍḍa
वो टूट गिरे فَأَقَامَهُۥ ۖ तो उसने सीधा खड़ा कर दिया उसे fa-aqāmahu
तो उसने सीधा खड़ा कर दिया उसे قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा لَوْ अगर law
अगर شِئْتَ चाहते तुम shi'ta
चाहते तुम لَتَّخَذْتَ अलबत्ता ले लेते तुम lattakhadhta
अलबत्ता ले लेते तुम عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर أَجْرًۭا कोई उजरत ajran
कोई उजरत ٧٧ (77)
(77)
फिर दोनो चले, यहाँ तक कि जब एक गाँव वालों के पास आए, तो उसके वासियों से भोजन माँगा। परंतु उन्होंने उनका अतिथि सत्कार करने से इनकार कर दिया। फिर वहाँ उन्होंने एक दीवार पाई, जो गिरा चाहती थी। तो उस (खज़िर) ने उसे सीधा कर दिया। (मूसा ने) कहा : यदि आप चाहते, तो इसपर पारिश्रमिक ले लेते।
१८:७८
قَالَ
कहा
qāla
कहा هَـٰذَا ये है hādhā
ये है فِرَاقُ जुदाई firāqu
जुदाई بَيْنِى दर्मियान मेरे baynī
दर्मियान मेरे وَبَيْنِكَ ۚ और दर्मियान तुम्हारे wabaynika
और दर्मियान तुम्हारे سَأُنَبِّئُكَ अनक़रीब मैं बताऊँगा तुम्हें sa-unabbi-uka
अनक़रीब मैं बताऊँगा तुम्हें بِتَأْوِيلِ हक़ीक़त bitawīli
हक़ीक़त مَا उसकी जो mā
उसकी जो لَمْ नहीं lam
नहीं تَسْتَطِع तुम कर सके tastaṭiʿ
तुम कर सके عَّلَيْهِ जिस पर ʿalayhi
जिस पर صَبْرًا सब्र ṣabran
सब्र ٧٨ (78)
(78)
कहा هَـٰذَا ये है hādhā
ये है فِرَاقُ जुदाई firāqu
जुदाई بَيْنِى दर्मियान मेरे baynī
दर्मियान मेरे وَبَيْنِكَ ۚ और दर्मियान तुम्हारे wabaynika
और दर्मियान तुम्हारे سَأُنَبِّئُكَ अनक़रीब मैं बताऊँगा तुम्हें sa-unabbi-uka
अनक़रीब मैं बताऊँगा तुम्हें بِتَأْوِيلِ हक़ीक़त bitawīli
हक़ीक़त مَا उसकी जो mā
उसकी जो لَمْ नहीं lam
नहीं تَسْتَطِع तुम कर सके tastaṭiʿ
तुम कर सके عَّلَيْهِ जिस पर ʿalayhi
जिस पर صَبْرًا सब्र ṣabran
सब्र ٧٨ (78)
(78)
उसने कहा : यह मेरे और तुम्हारे बीच जुदाई है। मैं तुम्हें उसकी वास्तविकता बताऊँगा, जिसपर तुम धैर्य नहीं रख सके।
१८:७९
أَمَّا
रही
ammā
रही ٱلسَّفِينَةُ कश्ती l-safīnatu
कश्ती فَكَانَتْ तो थी वो fakānat
तो थी वो لِمَسَـٰكِينَ मिस्कीनों की limasākīna
मिस्कीनों की يَعْمَلُونَ जो काम करते थे yaʿmalūna
जो काम करते थे فِى in fī
in ٱلْبَحْرِ दरिया में l-baḥri
दरिया में فَأَرَدتُّ तो चाहा मैंने fa-aradttu
तो चाहा मैंने أَنْ कि an
कि أَعِيبَهَا मैं ऐबदार कर दूँ उसे aʿībahā
मैं ऐबदार कर दूँ उसे وَكَانَ और था wakāna
और था وَرَآءَهُم आगे उनके warāahum
आगे उनके مَّلِكٌۭ एक बादशाह malikun
एक बादशाह يَأْخُذُ जो ले रहा था yakhudhu
जो ले रहा था كُلَّ हर kulla
हर سَفِينَةٍ कश्ती को safīnatin
कश्ती को غَصْبًۭا ज़ुल्म/जबर से ghaṣban
ज़ुल्म/जबर से ٧٩ (79)
(79)
रही ٱلسَّفِينَةُ कश्ती l-safīnatu
कश्ती فَكَانَتْ तो थी वो fakānat
तो थी वो لِمَسَـٰكِينَ मिस्कीनों की limasākīna
मिस्कीनों की يَعْمَلُونَ जो काम करते थे yaʿmalūna
जो काम करते थे فِى in fī
in ٱلْبَحْرِ दरिया में l-baḥri
दरिया में فَأَرَدتُّ तो चाहा मैंने fa-aradttu
तो चाहा मैंने أَنْ कि an
कि أَعِيبَهَا मैं ऐबदार कर दूँ उसे aʿībahā
मैं ऐबदार कर दूँ उसे وَكَانَ और था wakāna
और था وَرَآءَهُم आगे उनके warāahum
आगे उनके مَّلِكٌۭ एक बादशाह malikun
एक बादशाह يَأْخُذُ जो ले रहा था yakhudhu
जो ले रहा था كُلَّ हर kulla
हर سَفِينَةٍ कश्ती को safīnatin
कश्ती को غَصْبًۭا ज़ुल्म/जबर से ghaṣban
ज़ुल्म/जबर से ٧٩ (79)
(79)
रही नाव, तो वह कुछ निर्धनों की थी, जो सागर में काम करते थे। तो मैंने चाहा कि उसे ख़राब1 कर दूँ और उनके आगे एक राजा था, जो हर (अच्छी) नाव को छीन लेता था।
१८:८०
وَأَمَّا
और रहा
wa-ammā
और रहा ٱلْغُلَـٰمُ लड़का l-ghulāmu
लड़का فَكَانَ तो थे fakāna
तो थे أَبَوَاهُ वालिदैन उसके abawāhu
वालिदैन उसके مُؤْمِنَيْنِ दोनों मोमिन mu'minayni
दोनों मोमिन فَخَشِينَآ तो डर हुआ हमें fakhashīnā
तो डर हुआ हमें أَن कि an
कि يُرْهِقَهُمَا वो तकलीफ़ देगा उन्हें yur'hiqahumā
वो तकलीफ़ देगा उन्हें طُغْيَـٰنًۭا सरकशी ṭugh'yānan
सरकशी وَكُفْرًۭا और कुफ़्र से wakuf'ran
और कुफ़्र से ٨٠ (80)
(80)
और रहा ٱلْغُلَـٰمُ लड़का l-ghulāmu
लड़का فَكَانَ तो थे fakāna
तो थे أَبَوَاهُ वालिदैन उसके abawāhu
वालिदैन उसके مُؤْمِنَيْنِ दोनों मोमिन mu'minayni
दोनों मोमिन فَخَشِينَآ तो डर हुआ हमें fakhashīnā
तो डर हुआ हमें أَن कि an
कि يُرْهِقَهُمَا वो तकलीफ़ देगा उन्हें yur'hiqahumā
वो तकलीफ़ देगा उन्हें طُغْيَـٰنًۭا सरकशी ṭugh'yānan
सरकशी وَكُفْرًۭا और कुफ़्र से wakuf'ran
और कुफ़्र से ٨٠ (80)
(80)
और रहा बालक, तो उसके माता-पिता दोनों ईमान वाले थे। अतः हम डरे कि वह उन दोनों को अवज्ञा और कुफ़्र में फँसा देगा।
१८:८१
فَأَرَدْنَآ
तो इरादा किया हमने
fa-aradnā
तो इरादा किया हमने أَن कि an
कि يُبْدِلَهُمَا बदल कर दे उन दोनों को yub'dilahumā
बदल कर दे उन दोनों को رَبُّهُمَا रब उन दोनों का rabbuhumā
रब उन दोनों का خَيْرًۭا बेहतर khayran
बेहतर مِّنْهُ उससे min'hu
उससे زَكَوٰةًۭ पाकीज़गी में zakatan
पाकीज़गी में وَأَقْرَبَ और ज़्यादा क़रीब wa-aqraba
और ज़्यादा क़रीब رُحْمًۭا रहमत में ruḥ'man
रहमत में ٨١ (81)
(81)
तो इरादा किया हमने أَن कि an
कि يُبْدِلَهُمَا बदल कर दे उन दोनों को yub'dilahumā
बदल कर दे उन दोनों को رَبُّهُمَا रब उन दोनों का rabbuhumā
रब उन दोनों का خَيْرًۭا बेहतर khayran
बेहतर مِّنْهُ उससे min'hu
उससे زَكَوٰةًۭ पाकीज़गी में zakatan
पाकीज़गी में وَأَقْرَبَ और ज़्यादा क़रीब wa-aqraba
और ज़्यादा क़रीब رُحْمًۭا रहमत में ruḥ'man
रहमत में ٨١ (81)
(81)
इसलिए हमने चाहा कि उन दोनों का पालनहार उन्हें बदले में ऐसा बच्चा दे, जो पवित्रता में उससे बेहतर और करुणा में अधिक क़रीब हो।
१८:८२
وَأَمَّا
और रही
wa-ammā
और रही ٱلْجِدَارُ दीवार l-jidāru
दीवार فَكَانَ पस वो थी fakāna
पस वो थी لِغُلَـٰمَيْنِ दो लड़कों की lighulāmayni
दो लड़कों की يَتِيمَيْنِ जो दोनों यतीम थे yatīmayni
जो दोनों यतीम थे فِى in fī
in ٱلْمَدِينَةِ शहर में l-madīnati
शहर में وَكَانَ और था wakāna
और था تَحْتَهُۥ नीचे उसके taḥtahu
नीचे उसके كَنزٌۭ एक ख़ज़ाना kanzun
एक ख़ज़ाना لَّهُمَا उन दोनों का lahumā
उन दोनों का وَكَانَ और था wakāna
और था أَبُوهُمَا उन दोनों का बाप abūhumā
उन दोनों का बाप صَـٰلِحًۭا नेक ṣāliḥan
नेक فَأَرَادَ तो इरादा किया fa-arāda
तो इरादा किया رَبُّكَ तेरे रब ने rabbuka
तेरे रब ने أَن कि an
कि يَبْلُغَآ वो दोनों पहुँचें yablughā
वो दोनों पहुँचें أَشُدَّهُمَا अपनी जवानी को ashuddahumā
अपनी जवानी को وَيَسْتَخْرِجَا और वो दोनों निकालें wayastakhrijā
और वो दोनों निकालें كَنزَهُمَا अपने ख़ज़ाने को kanzahumā
अपने ख़ज़ाने को رَحْمَةًۭ बतौरे रहमत raḥmatan
बतौरे रहमत مِّن from min
from رَّبِّكَ ۚ तेरे रब की तरफ़ से rabbika
तेरे रब की तरफ़ से وَمَا और नहीं wamā
और नहीं فَعَلْتُهُۥ किया मैंने उसे faʿaltuhu
किया मैंने उसे عَنْ on ʿan
on أَمْرِى ۚ अपनी राय से amrī
अपनी राय से ذَٰلِكَ ये है dhālika
ये है تَأْوِيلُ हक़ीक़त tawīlu
हक़ीक़त مَا उसकी जो mā
उसकी जो لَمْ नहीं lam
नहीं تَسْطِع तुम कर सके tasṭiʿ
तुम कर सके عَّلَيْهِ जिस पर ʿalayhi
जिस पर صَبْرًۭا सब्र ṣabran
सब्र ٨٢ (82)
(82)
और रही ٱلْجِدَارُ दीवार l-jidāru
दीवार فَكَانَ पस वो थी fakāna
पस वो थी لِغُلَـٰمَيْنِ दो लड़कों की lighulāmayni
दो लड़कों की يَتِيمَيْنِ जो दोनों यतीम थे yatīmayni
जो दोनों यतीम थे فِى in fī
in ٱلْمَدِينَةِ शहर में l-madīnati
शहर में وَكَانَ और था wakāna
और था تَحْتَهُۥ नीचे उसके taḥtahu
नीचे उसके كَنزٌۭ एक ख़ज़ाना kanzun
एक ख़ज़ाना لَّهُمَا उन दोनों का lahumā
उन दोनों का وَكَانَ और था wakāna
और था أَبُوهُمَا उन दोनों का बाप abūhumā
उन दोनों का बाप صَـٰلِحًۭا नेक ṣāliḥan
नेक فَأَرَادَ तो इरादा किया fa-arāda
तो इरादा किया رَبُّكَ तेरे रब ने rabbuka
तेरे रब ने أَن कि an
कि يَبْلُغَآ वो दोनों पहुँचें yablughā
वो दोनों पहुँचें أَشُدَّهُمَا अपनी जवानी को ashuddahumā
अपनी जवानी को وَيَسْتَخْرِجَا और वो दोनों निकालें wayastakhrijā
और वो दोनों निकालें كَنزَهُمَا अपने ख़ज़ाने को kanzahumā
अपने ख़ज़ाने को رَحْمَةًۭ बतौरे रहमत raḥmatan
बतौरे रहमत مِّن from min
from رَّبِّكَ ۚ तेरे रब की तरफ़ से rabbika
तेरे रब की तरफ़ से وَمَا और नहीं wamā
और नहीं فَعَلْتُهُۥ किया मैंने उसे faʿaltuhu
किया मैंने उसे عَنْ on ʿan
on أَمْرِى ۚ अपनी राय से amrī
अपनी राय से ذَٰلِكَ ये है dhālika
ये है تَأْوِيلُ हक़ीक़त tawīlu
हक़ीक़त مَا उसकी जो mā
उसकी जो لَمْ नहीं lam
नहीं تَسْطِع तुम कर सके tasṭiʿ
तुम कर सके عَّلَيْهِ जिस पर ʿalayhi
जिस पर صَبْرًۭا सब्र ṣabran
सब्र ٨٢ (82)
(82)
और रही दीवार, तो वह शहर के दो अनाथ लड़कों की थी और उसके नीचे उन दोनों के लिए एक खज़ाना था और उनके पिता नेक थे। तो तेरे पालनहार ने चाहा कि वे दोनों अपनी जवानी को पहुँच जाएँ और अपना खज़ाना निकाल लें, तेरे पालनहार की ओर से दया स्वरूप। और मैंने यह अपनी मर्जी से नहीं किया।1 यह है उन बातों का असली सच जिनपर तुम धैर्य न रख सके।
१८:८३
وَيَسْـَٔلُونَكَ
और वो सवाल करते हैं आपसे
wayasalūnaka
और वो सवाल करते हैं आपसे عَن about ʿan
about ذِى Dhul-qarnain dhī
Dhul-qarnain ٱلْقَرْنَيْنِ ۖ ज़ुलक़रनैन के बारे में l-qarnayni
ज़ुलक़रनैन के बारे में قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए سَأَتْلُوا۟ अनक़रीब मैं पढ़ूँगा sa-atlū
अनक़रीब मैं पढ़ूँगा عَلَيْكُم तुम पर ʿalaykum
तुम पर مِّنْهُ उसका min'hu
उसका ذِكْرًا कुछ हाल dhik'ran
कुछ हाल ٨٣ (83)
(83)
और वो सवाल करते हैं आपसे عَن about ʿan
about ذِى Dhul-qarnain dhī
Dhul-qarnain ٱلْقَرْنَيْنِ ۖ ज़ुलक़रनैन के बारे में l-qarnayni
ज़ुलक़रनैन के बारे में قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए سَأَتْلُوا۟ अनक़रीब मैं पढ़ूँगा sa-atlū
अनक़रीब मैं पढ़ूँगा عَلَيْكُم तुम पर ʿalaykum
तुम पर مِّنْهُ उसका min'hu
उसका ذِكْرًا कुछ हाल dhik'ran
कुछ हाल ٨٣ (83)
(83)
और (ऐ नबी!) वे आपसे ज़ुल-क़रनैन1 के विषय में प्रश्न करते हैं। आप कह दें : मैं तुम्हें उसका कुछ वृत्तांत पढ़कर सुनाऊँगा।
१८:८४
إِنَّا
बेशक हम
innā
बेशक हम مَكَّنَّا इक़्तिदार दिया हमने makkannā
इक़्तिदार दिया हमने لَهُۥ उसे lahu
उसे فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में وَءَاتَيْنَـٰهُ और दिए हमने उसे waātaynāhu
और दिए हमने उसे مِن of min
of كُلِّ every kulli
every شَىْءٍۢ हर चीज़ से shayin
हर चीज़ से سَبَبًۭا असबाब sababan
असबाब ٨٤ (84)
(84)
बेशक हम مَكَّنَّا इक़्तिदार दिया हमने makkannā
इक़्तिदार दिया हमने لَهُۥ उसे lahu
उसे فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में وَءَاتَيْنَـٰهُ और दिए हमने उसे waātaynāhu
और दिए हमने उसे مِن of min
of كُلِّ every kulli
every شَىْءٍۢ हर चीज़ से shayin
हर चीज़ से سَبَبًۭا असबाब sababan
असबाब ٨٤ (84)
(84)
हमने उसे धरती में प्रभुत्व प्रदान किया तथा उसे प्रत्येक प्रकार का साधन दिया।
१८:८५
فَأَتْبَعَ
तो उसने पीछे लगाया
fa-atbaʿa
तो उसने पीछे लगाया سَبَبًا असबाब को sababan
असबाब को ٨٥ (85)
(85)
तो उसने पीछे लगाया سَبَبًا असबाब को sababan
असबाब को ٨٥ (85)
(85)
तो वह कुछ सामान लेकर चला।
१८:८६
حَتَّىٰٓ
यहाँ तक कि
ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब بَلَغَ वो पहुँच गया balagha
वो पहुँच गया مَغْرِبَ ग़ुरूब होने की जगह maghriba
ग़ुरूब होने की जगह ٱلشَّمْسِ सूरज के l-shamsi
सूरज के وَجَدَهَا उसने पाया उसे wajadahā
उसने पाया उसे تَغْرُبُ वो ग़ुरूब हो रहा है taghrubu
वो ग़ुरूब हो रहा है فِى in fī
in عَيْنٍ एक चश्मे में ʿaynin
एक चश्मे में حَمِئَةٍۢ स्याह कीचड़ वाले ḥami-atin
स्याह कीचड़ वाले وَوَجَدَ और उसने पाया wawajada
और उसने पाया عِندَهَا पास उसके ʿindahā
पास उसके قَوْمًۭا ۗ एक क़ौम को qawman
एक क़ौम को قُلْنَا कहा हमने qul'nā
कहा हमने يَـٰذَا O Dhul-qarnain yādhā
O Dhul-qarnain ٱلْقَرْنَيْنِ ऐ ज़ुलक़रनैन l-qarnayni
ऐ ज़ुलक़रनैन إِمَّآ ख़्वाह immā
ख़्वाह أَن ये कि an
ये कि تُعَذِّبَ तू सज़ा दे tuʿadhiba
तू सज़ा दे وَإِمَّآ और ख़्वाह wa-immā
और ख़्वाह أَن ये कि an
ये कि تَتَّخِذَ तू इख़्तियार करे tattakhidha
तू इख़्तियार करे فِيهِمْ उनके मामले में fīhim
उनके मामले में حُسْنًۭا भलाई ḥus'nan
भलाई ٨٦ (86)
(86)
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब بَلَغَ वो पहुँच गया balagha
वो पहुँच गया مَغْرِبَ ग़ुरूब होने की जगह maghriba
ग़ुरूब होने की जगह ٱلشَّمْسِ सूरज के l-shamsi
सूरज के وَجَدَهَا उसने पाया उसे wajadahā
उसने पाया उसे تَغْرُبُ वो ग़ुरूब हो रहा है taghrubu
वो ग़ुरूब हो रहा है فِى in fī
in عَيْنٍ एक चश्मे में ʿaynin
एक चश्मे में حَمِئَةٍۢ स्याह कीचड़ वाले ḥami-atin
स्याह कीचड़ वाले وَوَجَدَ और उसने पाया wawajada
और उसने पाया عِندَهَا पास उसके ʿindahā
पास उसके قَوْمًۭا ۗ एक क़ौम को qawman
एक क़ौम को قُلْنَا कहा हमने qul'nā
कहा हमने يَـٰذَا O Dhul-qarnain yādhā
O Dhul-qarnain ٱلْقَرْنَيْنِ ऐ ज़ुलक़रनैन l-qarnayni
ऐ ज़ुलक़रनैन إِمَّآ ख़्वाह immā
ख़्वाह أَن ये कि an
ये कि تُعَذِّبَ तू सज़ा दे tuʿadhiba
तू सज़ा दे وَإِمَّآ और ख़्वाह wa-immā
और ख़्वाह أَن ये कि an
ये कि تَتَّخِذَ तू इख़्तियार करे tattakhidha
तू इख़्तियार करे فِيهِمْ उनके मामले में fīhim
उनके मामले में حُسْنًۭا भलाई ḥus'nan
भलाई ٨٦ (86)
(86)
यहाँ तक कि जब वह सूर्यास्त के स्थान1 तक पहुँचा, तो उसे पाया कि वह एक काले कीचड़ वाले जलस्रोत में डूब रहा है और उसके पास एक जाति को पाया। हमने कहा : ऐ ज़ुल-क़रनैन! या तो तू उन्हें यातना दे और या तो तू उनके साथ अच्छा व्यवहार कर।
१८:८७
قَالَ
उसने कहा
qāla
उसने कहा أَمَّا रहा वो ammā
रहा वो مَن जिसने man
जिसने ظَلَمَ ज़ुल्म किया ẓalama
ज़ुल्म किया فَسَوْفَ तो अनक़रीब fasawfa
तो अनक़रीब نُعَذِّبُهُۥ हम सज़ा देंगे उसे nuʿadhibuhu
हम सज़ा देंगे उसे ثُمَّ फिर thumma
फिर يُرَدُّ वो लौटाया जाएगा yuraddu
वो लौटाया जाएगा إِلَىٰ to ilā
to رَبِّهِۦ तरफ़ अपने रब के rabbihi
तरफ़ अपने रब के فَيُعَذِّبُهُۥ तो वो अजाब देगा उसे fayuʿadhibuhu
तो वो अजाब देगा उसे عَذَابًۭا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब نُّكْرًۭا सख़्त nuk'ran
सख़्त ٨٧ (87)
(87)
उसने कहा أَمَّا रहा वो ammā
रहा वो مَن जिसने man
जिसने ظَلَمَ ज़ुल्म किया ẓalama
ज़ुल्म किया فَسَوْفَ तो अनक़रीब fasawfa
तो अनक़रीब نُعَذِّبُهُۥ हम सज़ा देंगे उसे nuʿadhibuhu
हम सज़ा देंगे उसे ثُمَّ फिर thumma
फिर يُرَدُّ वो लौटाया जाएगा yuraddu
वो लौटाया जाएगा إِلَىٰ to ilā
to رَبِّهِۦ तरफ़ अपने रब के rabbihi
तरफ़ अपने रब के فَيُعَذِّبُهُۥ तो वो अजाब देगा उसे fayuʿadhibuhu
तो वो अजाब देगा उसे عَذَابًۭا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब نُّكْرًۭا सख़्त nuk'ran
सख़्त ٨٧ (87)
(87)
उसने कहा : जो अत्याचार करेगा, हम उसे शीघ्र दंड देंगे। फिर वह अपने पालनहार की ओर लौटाया1 जाएगा, तो वह उसे बहुत बुरी यातना देगा।
१८:८८
وَأَمَّا
और रहा
wa-ammā
और रहा مَنْ वो जो man
वो जो ءَامَنَ ईमान लाया āmana
ईमान लाया وَعَمِلَ और उसने अमल किए waʿamila
और उसने अमल किए صَـٰلِحًۭا नेक ṣāliḥan
नेक فَلَهُۥ तो उसके लिए falahu
तो उसके लिए جَزَآءً जज़ा है jazāan
जज़ा है ٱلْحُسْنَىٰ ۖ अच्छी l-ḥus'nā
अच्छी وَسَنَقُولُ और अनक़रीब हम कहेंगे wasanaqūlu
और अनक़रीब हम कहेंगे لَهُۥ उसे lahu
उसे مِنْ from min
from أَمْرِنَا अपने काम में से amrinā
अपने काम में से يُسْرًۭا आसान yus'ran
आसान ٨٨ (88)
(88)
और रहा مَنْ वो जो man
वो जो ءَامَنَ ईमान लाया āmana
ईमान लाया وَعَمِلَ और उसने अमल किए waʿamila
और उसने अमल किए صَـٰلِحًۭا नेक ṣāliḥan
नेक فَلَهُۥ तो उसके लिए falahu
तो उसके लिए جَزَآءً जज़ा है jazāan
जज़ा है ٱلْحُسْنَىٰ ۖ अच्छी l-ḥus'nā
अच्छी وَسَنَقُولُ और अनक़रीब हम कहेंगे wasanaqūlu
और अनक़रीब हम कहेंगे لَهُۥ उसे lahu
उसे مِنْ from min
from أَمْرِنَا अपने काम में से amrinā
अपने काम में से يُسْرًۭا आसान yus'ran
आसान ٨٨ (88)
(88)
परंतु जो ईमान लाया और उसने अच्छा कर्म किया, तो उसके लिए बदले में भलाई है और शीघ्र ही हम उसे अपने काम में से सर्वथा सरलता का आदेश देंगे।
१८:८९
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर أَتْبَعَ उसने पीछे लगाया atbaʿa
उसने पीछे लगाया سَبَبًا असबाब को sababan
असबाब को ٨٩ (89)
(89)
फिर أَتْبَعَ उसने पीछे लगाया atbaʿa
उसने पीछे लगाया سَبَبًا असबाब को sababan
असबाब को ٨٩ (89)
(89)
फिर वह कुछ और सामान लेकर चला।
१८:९०
حَتَّىٰٓ
यहाँ तक कि
ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब بَلَغَ वो पहुँच गया balagha
वो पहुँच गया مَطْلِعَ तुलूअ होने की जगह maṭliʿa
तुलूअ होने की जगह ٱلشَّمْسِ सूरज के l-shamsi
सूरज के وَجَدَهَا उसने पाया उसे wajadahā
उसने पाया उसे تَطْلُعُ कि वो तुलूअ हो रहा है taṭluʿu
कि वो तुलूअ हो रहा है عَلَىٰ on ʿalā
on قَوْمٍۢ उन लोगों पर qawmin
उन लोगों पर لَّمْ नहीं lam
नहीं نَجْعَل बनाया हमने najʿal
बनाया हमने لَّهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مِّن against it min
against it دُونِهَا उस (सूरज) के आगे dūnihā
उस (सूरज) के आगे سِتْرًۭا कोई परदा/ओट sit'ran
कोई परदा/ओट ٩٠ (90)
(90)
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब بَلَغَ वो पहुँच गया balagha
वो पहुँच गया مَطْلِعَ तुलूअ होने की जगह maṭliʿa
तुलूअ होने की जगह ٱلشَّمْسِ सूरज के l-shamsi
सूरज के وَجَدَهَا उसने पाया उसे wajadahā
उसने पाया उसे تَطْلُعُ कि वो तुलूअ हो रहा है taṭluʿu
कि वो तुलूअ हो रहा है عَلَىٰ on ʿalā
on قَوْمٍۢ उन लोगों पर qawmin
उन लोगों पर لَّمْ नहीं lam
नहीं نَجْعَل बनाया हमने najʿal
बनाया हमने لَّهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مِّن against it min
against it دُونِهَا उस (सूरज) के आगे dūnihā
उस (सूरज) के आगे سِتْرًۭا कोई परदा/ओट sit'ran
कोई परदा/ओट ٩٠ (90)
(90)
यहाँ तक कि जब वह सूरज उगने के स्थान पर पहुँचा, तो उसे ऐसे लोगों पर उगता हुआ पाया, जिनके लिए हमने उसके सामने पर्दा नहीं बनाया था।
१८:९१
كَذَٰلِكَ
इसी तरह
kadhālika
इसी तरह وَقَدْ और तहक़ीक़ waqad
और तहक़ीक़ أَحَطْنَا घेर रखा था हमने aḥaṭnā
घेर रखा था हमने بِمَا उसको जो bimā
उसको जो لَدَيْهِ उसके पास था ladayhi
उसके पास था خُبْرًۭا ख़बर में से khub'ran
ख़बर में से ٩١ (91)
(91)
इसी तरह وَقَدْ और तहक़ीक़ waqad
और तहक़ीक़ أَحَطْنَا घेर रखा था हमने aḥaṭnā
घेर रखा था हमने بِمَا उसको जो bimā
उसको जो لَدَيْهِ उसके पास था ladayhi
उसके पास था خُبْرًۭا ख़बर में से khub'ran
ख़बर में से ٩١ (91)
(91)
मामला ऐसा ही था और उस (ज़ुल-क़रनैन) के पास जो कुछ था, निश्चित रूप से वह हमारे ज्ञान के घेरे में था।
१८:९२
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर أَتْبَعَ उसने पीछे लगाया atbaʿa
उसने पीछे लगाया سَبَبًا असबाब को sababan
असबाब को ٩٢ (92)
(92)
फिर أَتْبَعَ उसने पीछे लगाया atbaʿa
उसने पीछे लगाया سَبَبًا असबाब को sababan
असबाब को ٩٢ (92)
(92)
फिर वह कुछ और सामान लेकर चला।
१८:९३
حَتَّىٰٓ
यहाँ तक कि
ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब بَلَغَ वो पहुँचा balagha
वो पहुँचा بَيْنَ between bayna
between ٱلسَّدَّيْنِ दर्मियान दो पहाड़ों के l-sadayni
दर्मियान दो पहाड़ों के وَجَدَ उसने पाया wajada
उसने पाया مِن besides them min
besides them دُونِهِمَا उन दोनों से उस तरफ़ dūnihimā
उन दोनों से उस तरफ़ قَوْمًۭا ऐसे लोगों को qawman
ऐसे लोगों को لَّا not lā
not يَكَادُونَ ना वो क़रीब थे yakādūna
ना वो क़रीब थे يَفْقَهُونَ कि वो समझते yafqahūna
कि वो समझते قَوْلًۭا बात को qawlan
बात को ٩٣ (93)
(93)
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब بَلَغَ वो पहुँचा balagha
वो पहुँचा بَيْنَ between bayna
between ٱلسَّدَّيْنِ दर्मियान दो पहाड़ों के l-sadayni
दर्मियान दो पहाड़ों के وَجَدَ उसने पाया wajada
उसने पाया مِن besides them min
besides them دُونِهِمَا उन दोनों से उस तरफ़ dūnihimā
उन दोनों से उस तरफ़ قَوْمًۭا ऐसे लोगों को qawman
ऐसे लोगों को لَّا not lā
not يَكَادُونَ ना वो क़रीब थे yakādūna
ना वो क़रीब थे يَفْقَهُونَ कि वो समझते yafqahūna
कि वो समझते قَوْلًۭا बात को qawlan
बात को ٩٣ (93)
(93)
यहाँ तक कि जब वह दो पर्वतों के बीच पहुँचा, तो उन दोनों की उस ओर एक जाति को पाया, जो क़रीब न थी कि कोई बात समझे।1
१८:९४
قَالُوا۟
उन्होंने कहा
qālū
उन्होंने कहा يَـٰذَا O Dhul-qarnain yādhā
O Dhul-qarnain ٱلْقَرْنَيْنِ ऐ ज़ुलक़रनैन l-qarnayni
ऐ ज़ुलक़रनैन إِنَّ बेशक inna
बेशक يَأْجُوجَ याजूज yajūja
याजूज وَمَأْجُوجَ और माजूज wamajūja
और माजूज مُفْسِدُونَ फ़साद करने वाले हैं muf'sidūna
फ़साद करने वाले हैं فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में فَهَلْ तो क्या fahal
तो क्या نَجْعَلُ हम (जमा) कर दें najʿalu
हम (जमा) कर दें لَكَ तेरे लिए laka
तेरे लिए خَرْجًا कुछ ख़राज kharjan
कुछ ख़राज عَلَىٰٓ इस पर ʿalā
इस पर أَن कि an
कि تَجْعَلَ तू बना दे tajʿala
तू बना दे بَيْنَنَا दर्मियान हमारे baynanā
दर्मियान हमारे وَبَيْنَهُمْ और दर्मियान उनके wabaynahum
और दर्मियान उनके سَدًّۭا एक बँद/दीवार saddan
एक बँद/दीवार ٩٤ (94)
(94)
उन्होंने कहा يَـٰذَا O Dhul-qarnain yādhā
O Dhul-qarnain ٱلْقَرْنَيْنِ ऐ ज़ुलक़रनैन l-qarnayni
ऐ ज़ुलक़रनैन إِنَّ बेशक inna
बेशक يَأْجُوجَ याजूज yajūja
याजूज وَمَأْجُوجَ और माजूज wamajūja
और माजूज مُفْسِدُونَ फ़साद करने वाले हैं muf'sidūna
फ़साद करने वाले हैं فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में فَهَلْ तो क्या fahal
तो क्या نَجْعَلُ हम (जमा) कर दें najʿalu
हम (जमा) कर दें لَكَ तेरे लिए laka
तेरे लिए خَرْجًا कुछ ख़राज kharjan
कुछ ख़राज عَلَىٰٓ इस पर ʿalā
इस पर أَن कि an
कि تَجْعَلَ तू बना दे tajʿala
तू बना दे بَيْنَنَا दर्मियान हमारे baynanā
दर्मियान हमारे وَبَيْنَهُمْ और दर्मियान उनके wabaynahum
और दर्मियान उनके سَدًّۭا एक बँद/दीवार saddan
एक बँद/दीवार ٩٤ (94)
(94)
उन्होंने कहा : ऐ ज़ुल-क़रनैन! निःसंदेह याजूज और माजूज इस भूभाग में उत्पात मचाने वाले हैं। तो क्या हम आपके लिए कुछ राजस्व तय कर दें, इस शर्त पर कि आप हमारे और उनके बीच एक अवरोध बना दें?
१८:९५
قَالَ
उसने कहा
qāla
उसने कहा مَا जो mā
जो مَكَّنِّى क़ुदरत दी है मुझे makkannī
क़ुदरत दी है मुझे فِيهِ इसमें fīhi
इसमें رَبِّى मेरे रब ने rabbī
मेरे रब ने خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है فَأَعِينُونِى पस तुम सब मदद करो मेरी fa-aʿīnūnī
पस तुम सब मदद करो मेरी بِقُوَّةٍ साथ क़ुव्वत के biquwwatin
साथ क़ुव्वत के أَجْعَلْ मैं बनाऊँ ajʿal
मैं बनाऊँ بَيْنَكُمْ दर्मियान तुम्हारे baynakum
दर्मियान तुम्हारे وَبَيْنَهُمْ और दर्मियान उनके wabaynahum
और दर्मियान उनके رَدْمًا एक मज़बूत बँद radman
एक मज़बूत बँद ٩٥ (95)
(95)
उसने कहा مَا जो mā
जो مَكَّنِّى क़ुदरत दी है मुझे makkannī
क़ुदरत दी है मुझे فِيهِ इसमें fīhi
इसमें رَبِّى मेरे रब ने rabbī
मेरे रब ने خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है فَأَعِينُونِى पस तुम सब मदद करो मेरी fa-aʿīnūnī
पस तुम सब मदद करो मेरी بِقُوَّةٍ साथ क़ुव्वत के biquwwatin
साथ क़ुव्वत के أَجْعَلْ मैं बनाऊँ ajʿal
मैं बनाऊँ بَيْنَكُمْ दर्मियान तुम्हारे baynakum
दर्मियान तुम्हारे وَبَيْنَهُمْ और दर्मियान उनके wabaynahum
और दर्मियान उनके رَدْمًا एक मज़बूत बँद radman
एक मज़बूत बँद ٩٥ (95)
(95)
उसने कहा : मेरे पालनहार ने जो कुछ मुझे प्रदान किया है, वह उत्तम है। अतः तुम श्रमशक्ति से मेरी सहायता करो, मैं तुम्हारे और उनके बीच एक मोटी (और दृढ़) दीवार बना दूँगा।
१८:९६
ءَاتُونِى
दो मुझे
ātūnī
दो मुझे زُبَرَ तख़्ते zubara
तख़्ते ٱلْحَدِيدِ ۖ लोहे के l-ḥadīdi
लोहे के حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब سَاوَىٰ उसने बराबर कर दिया sāwā
उसने बराबर कर दिया بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान ٱلصَّدَفَيْنِ दो पहाड़ों के ख़ला को l-ṣadafayni
दो पहाड़ों के ख़ला को قَالَ कहा qāla
कहा ٱنفُخُوا۟ ۖ फूँको unfukhū
फूँको حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब جَعَلَهُۥ उसने कर दिया उसे jaʿalahu
उसने कर दिया उसे نَارًۭا आग nāran
आग قَالَ कहा qāla
कहा ءَاتُونِىٓ दो मुझे ātūnī
दो मुझे أُفْرِغْ मैं उँडेलूं uf'righ
मैं उँडेलूं عَلَيْهِ इस पर ʿalayhi
इस पर قِطْرًۭا पिघला हुआ ताँबा qiṭ'ran
पिघला हुआ ताँबा ٩٦ (96)
(96)
दो मुझे زُبَرَ तख़्ते zubara
तख़्ते ٱلْحَدِيدِ ۖ लोहे के l-ḥadīdi
लोहे के حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब سَاوَىٰ उसने बराबर कर दिया sāwā
उसने बराबर कर दिया بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान ٱلصَّدَفَيْنِ दो पहाड़ों के ख़ला को l-ṣadafayni
दो पहाड़ों के ख़ला को قَالَ कहा qāla
कहा ٱنفُخُوا۟ ۖ फूँको unfukhū
फूँको حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब جَعَلَهُۥ उसने कर दिया उसे jaʿalahu
उसने कर दिया उसे نَارًۭا आग nāran
आग قَالَ कहा qāla
कहा ءَاتُونِىٓ दो मुझे ātūnī
दो मुझे أُفْرِغْ मैं उँडेलूं uf'righ
मैं उँडेलूं عَلَيْهِ इस पर ʿalayhi
इस पर قِطْرًۭا पिघला हुआ ताँबा qiṭ'ran
पिघला हुआ ताँबा ٩٦ (96)
(96)
मुझे लोहे के टुकड़े ला दो, यहाँ तक कि जब दोनों पहाड़ों के बीच का हिस्सा ऊपर तक बराबर कर दिया, तो कहा : अब इसमें आग दहकाओ, यहाँ तक कि जब उसे आग कर दिया, तो कहा : मुझे पिघला हुआ ताँबा ला दो, ताकि मैं इसपर उँड़ेल दूँ।
१८:९७
فَمَا
तो ना
famā
तो ना ٱسْطَـٰعُوٓا۟ वो ताक़त रखते थे is'ṭāʿū
वो ताक़त रखते थे أَن कि an
कि يَظْهَرُوهُ वो चढ़ सकें उस पर yaẓharūhu
वो चढ़ सकें उस पर وَمَا और ना wamā
और ना ٱسْتَطَـٰعُوا۟ वो ताक़त रखते थे is'taṭāʿū
वो ताक़त रखते थे لَهُۥ उसमें lahu
उसमें نَقْبًۭا सूराख़ करने की naqban
सूराख़ करने की ٩٧ (97)
(97)
तो ना ٱسْطَـٰعُوٓا۟ वो ताक़त रखते थे is'ṭāʿū
वो ताक़त रखते थे أَن कि an
कि يَظْهَرُوهُ वो चढ़ सकें उस पर yaẓharūhu
वो चढ़ सकें उस पर وَمَا और ना wamā
और ना ٱسْتَطَـٰعُوا۟ वो ताक़त रखते थे is'taṭāʿū
वो ताक़त रखते थे لَهُۥ उसमें lahu
उसमें نَقْبًۭا सूराख़ करने की naqban
सूराख़ करने की ٩٧ (97)
(97)
फिर उनमें न यह शक्ति रही कि उस पर चढ़ सकें और न वे उसमें कोई छेद कर सके।
१८:९८
قَالَ
कहा
qāla
कहा هَـٰذَا ये है hādhā
ये है رَحْمَةٌۭ रहमत raḥmatun
रहमत مِّن from min
from رَّبِّى ۖ मेरे रब की तरफ़ से rabbī
मेरे रब की तरफ़ से فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब جَآءَ आ जाएगा jāa
आ जाएगा وَعْدُ वादा waʿdu
वादा رَبِّى मेरे रब का rabbī
मेरे रब का جَعَلَهُۥ वो कर देगा उसे jaʿalahu
वो कर देगा उसे دَكَّآءَ ۖ रेज़ा-रेज़ा dakkāa
रेज़ा-रेज़ा وَكَانَ और है wakāna
और है وَعْدُ वादा waʿdu
वादा رَبِّى मेरे रब का rabbī
मेरे रब का حَقًّۭا बरहक़ ḥaqqan
बरहक़ ٩٨ (98)
(98)
कहा هَـٰذَا ये है hādhā
ये है رَحْمَةٌۭ रहमत raḥmatun
रहमत مِّن from min
from رَّبِّى ۖ मेरे रब की तरफ़ से rabbī
मेरे रब की तरफ़ से فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब جَآءَ आ जाएगा jāa
आ जाएगा وَعْدُ वादा waʿdu
वादा رَبِّى मेरे रब का rabbī
मेरे रब का جَعَلَهُۥ वो कर देगा उसे jaʿalahu
वो कर देगा उसे دَكَّآءَ ۖ रेज़ा-रेज़ा dakkāa
रेज़ा-रेज़ा وَكَانَ और है wakāna
और है وَعْدُ वादा waʿdu
वादा رَبِّى मेरे रब का rabbī
मेरे रब का حَقًّۭا बरहक़ ḥaqqan
बरहक़ ٩٨ (98)
(98)
उस (ज़ुलक़रनैन) ने कहा : यह मेरे पालनहार की ओर से एक दया है। फिर जब मेरे पालनहार का वादा1 आ जाएगा, तो वह इसे पृथ्वी के बराबर कर देगा, और मेरे पालनहार का वादा हमेशा से सच्चा है।
१८:९९
۞ وَتَرَكْنَا
और छोड़ देंगे हम
wataraknā
और छोड़ देंगे हम بَعْضَهُمْ उनके बाज़ को baʿḍahum
उनके बाज़ को يَوْمَئِذٍۢ उस दिन yawma-idhin
उस दिन يَمُوجُ वो मौज की तरह घुस जाऐंगे yamūju
वो मौज की तरह घुस जाऐंगे فِى over fī
over بَعْضٍۢ ۖ बाज़ में baʿḍin
बाज़ में وَنُفِخَ और फूँक मारी जाएगी wanufikha
और फूँक मारी जाएगी فِى in fī
in ٱلصُّورِ सूर में l-ṣūri
सूर में فَجَمَعْنَـٰهُمْ तो जमा कर लेंगे हम उन्हें fajamaʿnāhum
तो जमा कर लेंगे हम उन्हें جَمْعًۭا जमा करना jamʿan
जमा करना ٩٩ (99)
(99)
और छोड़ देंगे हम بَعْضَهُمْ उनके बाज़ को baʿḍahum
उनके बाज़ को يَوْمَئِذٍۢ उस दिन yawma-idhin
उस दिन يَمُوجُ वो मौज की तरह घुस जाऐंगे yamūju
वो मौज की तरह घुस जाऐंगे فِى over fī
over بَعْضٍۢ ۖ बाज़ में baʿḍin
बाज़ में وَنُفِخَ और फूँक मारी जाएगी wanufikha
और फूँक मारी जाएगी فِى in fī
in ٱلصُّورِ सूर में l-ṣūri
सूर में فَجَمَعْنَـٰهُمْ तो जमा कर लेंगे हम उन्हें fajamaʿnāhum
तो जमा कर लेंगे हम उन्हें جَمْعًۭا जमा करना jamʿan
जमा करना ٩٩ (99)
(99)
और उस1 दिन हम उन्हें इस अवस्था में छोड़ देंगे कि वे एक-दूसरे से मौजों की तरह परस्पर गुत्थम-गुत्था हो जाएँगे और “सूर” फूँक दिया जाएगा, तो हम उन सभी को इकट्ठा करेंगे।
१८:१००
وَعَرَضْنَا
और पेश करेंगे हम
waʿaraḍnā
और पेश करेंगे हम جَهَنَّمَ जहन्नम को jahannama
जहन्नम को يَوْمَئِذٍۢ उस दिन yawma-idhin
उस दिन لِّلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों के लिए lil'kāfirīna
काफ़िरों के लिए عَرْضًا पेश करना ʿarḍan
पेश करना ١٠٠ (100)
(100)
और पेश करेंगे हम جَهَنَّمَ जहन्नम को jahannama
जहन्नम को يَوْمَئِذٍۢ उस दिन yawma-idhin
उस दिन لِّلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों के लिए lil'kāfirīna
काफ़िरों के लिए عَرْضًا पेश करना ʿarḍan
पेश करना ١٠٠ (100)
(100)
और उस दिन हम जहन्नम को काफिरों के ठीक सामने कर देंगे।
१८:१०१
ٱلَّذِينَ
वो लोग जो
alladhīna
वो लोग जो كَانَتْ थीं kānat
थीं أَعْيُنُهُمْ आँखें उनकी aʿyunuhum
आँखें उनकी فِى within fī
within غِطَآءٍ पर्दे में ghiṭāin
पर्दे में عَن from ʿan
from ذِكْرِى मेरे ज़िक्र से dhik'rī
मेरे ज़िक्र से وَكَانُوا۟ और थे वो wakānū
और थे वो لَا not lā
not يَسْتَطِيعُونَ ना वो इस्तिताअत रखते yastaṭīʿūna
ना वो इस्तिताअत रखते سَمْعًا सुनने की samʿan
सुनने की ١٠١ (101)
(101)
वो लोग जो كَانَتْ थीं kānat
थीं أَعْيُنُهُمْ आँखें उनकी aʿyunuhum
आँखें उनकी فِى within fī
within غِطَآءٍ पर्दे में ghiṭāin
पर्दे में عَن from ʿan
from ذِكْرِى मेरे ज़िक्र से dhik'rī
मेरे ज़िक्र से وَكَانُوا۟ और थे वो wakānū
और थे वो لَا not lā
not يَسْتَطِيعُونَ ना वो इस्तिताअत रखते yastaṭīʿūna
ना वो इस्तिताअत रखते سَمْعًا सुनने की samʿan
सुनने की ١٠١ (101)
(101)
जिनकी आँखें मेरी याद से पर्दे में थीं और वे सुन ही नहीं सकते थे।
१८:१०२
أَفَحَسِبَ
क्या फिर गुमान करते हैं
afaḥasiba
क्या फिर गुमान करते हैं ٱلَّذِينَ वो लोग जिन्होंने alladhīna
वो लोग जिन्होंने كَفَرُوٓا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया أَن कि an
कि يَتَّخِذُوا۟ वो बना लेंगे yattakhidhū
वो बना लेंगे عِبَادِى मेरे बन्दों को ʿibādī
मेरे बन्दों को مِن besides Me min
besides Me دُونِىٓ मेरे सिवा dūnī
मेरे सिवा أَوْلِيَآءَ ۚ हिमायती/दोस्त awliyāa
हिमायती/दोस्त إِنَّآ बेशक हम innā
बेशक हम أَعْتَدْنَا तैयार कर रखा है हमने aʿtadnā
तैयार कर रखा है हमने جَهَنَّمَ जहन्नम को jahannama
जहन्नम को لِلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों के लिए lil'kāfirīna
काफ़िरों के लिए نُزُلًۭا बतौरे मेहमानी के nuzulan
बतौरे मेहमानी के ١٠٢ (102)
(102)
क्या फिर गुमान करते हैं ٱلَّذِينَ वो लोग जिन्होंने alladhīna
वो लोग जिन्होंने كَفَرُوٓا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया أَن कि an
कि يَتَّخِذُوا۟ वो बना लेंगे yattakhidhū
वो बना लेंगे عِبَادِى मेरे बन्दों को ʿibādī
मेरे बन्दों को مِن besides Me min
besides Me دُونِىٓ मेरे सिवा dūnī
मेरे सिवा أَوْلِيَآءَ ۚ हिमायती/दोस्त awliyāa
हिमायती/दोस्त إِنَّآ बेशक हम innā
बेशक हम أَعْتَدْنَا तैयार कर रखा है हमने aʿtadnā
तैयार कर रखा है हमने جَهَنَّمَ जहन्नम को jahannama
जहन्नम को لِلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों के लिए lil'kāfirīna
काफ़िरों के लिए نُزُلًۭا बतौरे मेहमानी के nuzulan
बतौरे मेहमानी के ١٠٢ (102)
(102)
तो क्या जिन लोगों ने कुफ़्र किया, उन्होंने यह सोचा है कि वे मुझे छोड़कर मेरे बंदों को सहायक बना लेंगे? निःसंदेह हमने जहन्नम को काफिरों के लिए आतिथ्य के रूप में तैयार कर रखा है।
१८:१०३
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए هَلْ क्या hal
क्या نُنَبِّئُكُم हम बताऐं तुम्हें nunabbi-ukum
हम बताऐं तुम्हें بِٱلْأَخْسَرِينَ सबसे ज़्यादा ख़सारा वाले bil-akhsarīna
सबसे ज़्यादा ख़सारा वाले أَعْمَـٰلًا आमाल में aʿmālan
आमाल में ١٠٣ (103)
(103)
कह दीजिए هَلْ क्या hal
क्या نُنَبِّئُكُم हम बताऐं तुम्हें nunabbi-ukum
हम बताऐं तुम्हें بِٱلْأَخْسَرِينَ सबसे ज़्यादा ख़सारा वाले bil-akhsarīna
सबसे ज़्यादा ख़सारा वाले أَعْمَـٰلًا आमाल में aʿmālan
आमाल में ١٠٣ (103)
(103)
आप कह दें : क्या हम तुम्हें उन लोगों के बारे में बताएँ जो कर्मों में सबसे अधिक घाटा वाले हैं?
१८:१०४
ٱلَّذِينَ
वो लोग जो
alladhīna
वो लोग जो ضَلَّ ज़ाया हो गई ḍalla
ज़ाया हो गई سَعْيُهُمْ कोशिश उनकी saʿyuhum
कोशिश उनकी فِى in fī
in ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी में l-ḥayati
ज़िन्दगी में ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَهُمْ और वो wahum
और वो يَحْسَبُونَ वो समझते हैं yaḥsabūna
वो समझते हैं أَنَّهُمْ कि बेशक वो annahum
कि बेशक वो يُحْسِنُونَ वो अच्छे कर रहे हैं yuḥ'sinūna
वो अच्छे कर रहे हैं صُنْعًا काम ṣun'ʿan
काम ١٠٤ (104)
(104)
वो लोग जो ضَلَّ ज़ाया हो गई ḍalla
ज़ाया हो गई سَعْيُهُمْ कोशिश उनकी saʿyuhum
कोशिश उनकी فِى in fī
in ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी में l-ḥayati
ज़िन्दगी में ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَهُمْ और वो wahum
और वो يَحْسَبُونَ वो समझते हैं yaḥsabūna
वो समझते हैं أَنَّهُمْ कि बेशक वो annahum
कि बेशक वो يُحْسِنُونَ वो अच्छे कर रहे हैं yuḥ'sinūna
वो अच्छे कर रहे हैं صُنْعًا काम ṣun'ʿan
काम ١٠٤ (104)
(104)
वे लोग जिनका प्रयास संसार के जीवन में व्यर्थ हो गया है और वे सोचते हैं कि निःसंदेह वे एक अच्छा काम कर रहे हैं।
१८:१०५
أُو۟لَـٰٓئِكَ
यही वो लोग हैं
ulāika
यही वो लोग हैं ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया بِـَٔايَـٰتِ साथ आयात के biāyāti
साथ आयात के رَبِّهِمْ अपने रब की rabbihim
अपने रब की وَلِقَآئِهِۦ और उसकी मुलाक़ात की waliqāihi
और उसकी मुलाक़ात की فَحَبِطَتْ तो ज़ाया हो गए faḥabiṭat
तो ज़ाया हो गए أَعْمَـٰلُهُمْ आमाल उनके aʿmāluhum
आमाल उनके فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं نُقِيمُ हम क़ायम करेंगे nuqīmu
हम क़ायम करेंगे لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के وَزْنًۭا कोई वज़न waznan
कोई वज़न ١٠٥ (105)
(105)
यही वो लोग हैं ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया بِـَٔايَـٰتِ साथ आयात के biāyāti
साथ आयात के رَبِّهِمْ अपने रब की rabbihim
अपने रब की وَلِقَآئِهِۦ और उसकी मुलाक़ात की waliqāihi
और उसकी मुलाक़ात की فَحَبِطَتْ तो ज़ाया हो गए faḥabiṭat
तो ज़ाया हो गए أَعْمَـٰلُهُمْ आमाल उनके aʿmāluhum
आमाल उनके فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं نُقِيمُ हम क़ायम करेंगे nuqīmu
हम क़ायम करेंगे لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के وَزْنًۭا कोई वज़न waznan
कोई वज़न ١٠٥ (105)
(105)
यही वे लोग हैं, जिन्होंने अपने पालनहार की आयतों और उससे मिलन का इनकार किया। तो उनके कर्म बेकार हो गए, अतः हम क़ियामत के दिन उनके लिए कोई वज़न नहीं रखेंगे।1
१८:१०६
ذَٰلِكَ
ये है
dhālika
ये है جَزَآؤُهُمْ बदला उनका jazāuhum
बदला उनका جَهَنَّمُ जहन्नम jahannamu
जहन्नम بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَفَرُوا۟ उन्होंने कुफ़्र किया kafarū
उन्होंने कुफ़्र किया وَٱتَّخَذُوٓا۟ और उन्होंने बना लिया wa-ittakhadhū
और उन्होंने बना लिया ءَايَـٰتِى मेरी आयात को āyātī
मेरी आयात को وَرُسُلِى और मेरे रसूलों को warusulī
और मेरे रसूलों को هُزُوًا मज़ाक़ huzuwan
मज़ाक़ ١٠٦ (106)
(106)
ये है جَزَآؤُهُمْ बदला उनका jazāuhum
बदला उनका جَهَنَّمُ जहन्नम jahannamu
जहन्नम بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَفَرُوا۟ उन्होंने कुफ़्र किया kafarū
उन्होंने कुफ़्र किया وَٱتَّخَذُوٓا۟ और उन्होंने बना लिया wa-ittakhadhū
और उन्होंने बना लिया ءَايَـٰتِى मेरी आयात को āyātī
मेरी आयात को وَرُسُلِى और मेरे रसूलों को warusulī
और मेरे रसूलों को هُزُوًا मज़ाक़ huzuwan
मज़ाक़ ١٠٦ (106)
(106)
यह उनका बदला नरक है, इस कारण कि उन्होंने कुफ़्र किया और मेरी आयतों और मेरे रसूलों का मज़ाक उड़ाया।
१८:१०७
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक كَانَتْ हैं kānat
हैं لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए جَنَّـٰتُ बाग़ात jannātu
बाग़ात ٱلْفِرْدَوْسِ फ़िरदौस के l-fir'dawsi
फ़िरदौस के نُزُلًا बतौरे मेहमनी nuzulan
बतौरे मेहमनी ١٠٧ (107)
(107)
बेशक ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक كَانَتْ हैं kānat
हैं لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए جَنَّـٰتُ बाग़ात jannātu
बाग़ात ٱلْفِرْدَوْسِ फ़िरदौस के l-fir'dawsi
फ़िरदौस के نُزُلًا बतौरे मेहमनी nuzulan
बतौरे मेहमनी ١٠٧ (107)
(107)
निःसंदेह जो लोग ईमान लाए और उन्होंने अच्छे कर्म किए, उनके आतिथ्य के लिए फ़िरदौस1 के बाग़ होंगे।
१८:१०८
خَـٰلِدِينَ
हमेशा रहने वाले हैं
khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَا उनमें fīhā
उनमें لَا Not lā
Not يَبْغُونَ ना वो चाहेंगे yabghūna
ना वो चाहेंगे عَنْهَا उनसे ʿanhā
उनसे حِوَلًۭا फिरना ḥiwalan
फिरना ١٠٨ (108)
(108)
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَا उनमें fīhā
उनमें لَا Not lā
Not يَبْغُونَ ना वो चाहेंगे yabghūna
ना वो चाहेंगे عَنْهَا उनसे ʿanhā
उनसे حِوَلًۭا फिरना ḥiwalan
फिरना ١٠٨ (108)
(108)
उनमें हमेशा रहने वाले होंगे, वे उससे स्थान बदलना नहीं चाहेंगे।
१८:१०९
قُل
कह दीजिए
qul
कह दीजिए لَّوْ अगर law
अगर كَانَ हो जाए kāna
हो जाए ٱلْبَحْرُ समन्दर (का पानी) l-baḥru
समन्दर (का पानी) مِدَادًۭا रोशनाई midādan
रोशनाई لِّكَلِمَـٰتِ कलिमात के लिए likalimāti
कलिमात के लिए رَبِّى मेरे रब के rabbī
मेरे रब के لَنَفِدَ अलबत्ता ख़त्म हो जाए lanafida
अलबत्ता ख़त्म हो जाए ٱلْبَحْرُ समन्दर (का पानी) l-baḥru
समन्दर (का पानी) قَبْلَ इससे पहले qabla
इससे पहले أَن कि an
कि تَنفَدَ ख़त्म हों tanfada
ख़त्म हों كَلِمَـٰتُ कलिमात kalimātu
कलिमात رَبِّى मेरे रब के rabbī
मेरे रब के وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे جِئْنَا लाऐं हम ji'nā
लाऐं हम بِمِثْلِهِۦ मानिन्द इसके bimith'lihi
मानिन्द इसके مَدَدًۭا मदद (मज़ीद) madadan
मदद (मज़ीद) ١٠٩ (109)
(109)
कह दीजिए لَّوْ अगर law
अगर كَانَ हो जाए kāna
हो जाए ٱلْبَحْرُ समन्दर (का पानी) l-baḥru
समन्दर (का पानी) مِدَادًۭا रोशनाई midādan
रोशनाई لِّكَلِمَـٰتِ कलिमात के लिए likalimāti
कलिमात के लिए رَبِّى मेरे रब के rabbī
मेरे रब के لَنَفِدَ अलबत्ता ख़त्म हो जाए lanafida
अलबत्ता ख़त्म हो जाए ٱلْبَحْرُ समन्दर (का पानी) l-baḥru
समन्दर (का पानी) قَبْلَ इससे पहले qabla
इससे पहले أَن कि an
कि تَنفَدَ ख़त्म हों tanfada
ख़त्म हों كَلِمَـٰتُ कलिमात kalimātu
कलिमात رَبِّى मेरे रब के rabbī
मेरे रब के وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे جِئْنَا लाऐं हम ji'nā
लाऐं हम بِمِثْلِهِۦ मानिन्द इसके bimith'lihi
मानिन्द इसके مَدَدًۭا मदद (मज़ीद) madadan
मदद (मज़ीद) ١٠٩ (109)
(109)
(ऐ नबी!) आप कह दें : यदि सागर मेरे पालनहार की बातें लिखने के लिए स्याही बन जाए, तो निश्चय सागर समाप्त हो जाएगा इससे पहले कि मेरे पालनहार की बातें समाप्त हों, यद्यपि हम उसके बराबर और स्याही ले आएँ।
१८:११०
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए إِنَّمَآ बेशक innamā
बेशक أَنَا۠ मैं anā
मैं بَشَرٌۭ एक इन्सान हूँ basharun
एक इन्सान हूँ مِّثْلُكُمْ तुम जैसा mith'lukum
तुम जैसा يُوحَىٰٓ वही की जाती है yūḥā
वही की जाती है إِلَىَّ मेरी तरफ़ ilayya
मेरी तरफ़ أَنَّمَآ बेशक annamā
बेशक إِلَـٰهُكُمْ इलाह तुम्हारा ilāhukum
इलाह तुम्हारा إِلَـٰهٌۭ इलाह है ilāhun
इलाह है وَٰحِدٌۭ ۖ एक ही wāḥidun
एक ही فَمَن तो जो कोई faman
तो जो कोई كَانَ हो वो kāna
हो वो يَرْجُوا۟ वो उम्मीद रखता yarjū
वो उम्मीद रखता لِقَآءَ मुलाक़ात की liqāa
मुलाक़ात की رَبِّهِۦ अपने रब से rabbihi
अपने रब से فَلْيَعْمَلْ पस चाहिए कि वो अमल करे falyaʿmal
पस चाहिए कि वो अमल करे عَمَلًۭا अमल ʿamalan
अमल صَـٰلِحًۭا नेक ṣāliḥan
नेक وَلَا और ना walā
और ना يُشْرِكْ वो शरीक ठहराए yush'rik
वो शरीक ठहराए بِعِبَادَةِ इबादत में biʿibādati
इबादत में رَبِّهِۦٓ अपने रब की rabbihi
अपने रब की أَحَدًۢا किसी एक को aḥadan
किसी एक को ١١٠ (110)
(110)
कह दीजिए إِنَّمَآ बेशक innamā
बेशक أَنَا۠ मैं anā
मैं بَشَرٌۭ एक इन्सान हूँ basharun
एक इन्सान हूँ مِّثْلُكُمْ तुम जैसा mith'lukum
तुम जैसा يُوحَىٰٓ वही की जाती है yūḥā
वही की जाती है إِلَىَّ मेरी तरफ़ ilayya
मेरी तरफ़ أَنَّمَآ बेशक annamā
बेशक إِلَـٰهُكُمْ इलाह तुम्हारा ilāhukum
इलाह तुम्हारा إِلَـٰهٌۭ इलाह है ilāhun
इलाह है وَٰحِدٌۭ ۖ एक ही wāḥidun
एक ही فَمَن तो जो कोई faman
तो जो कोई كَانَ हो वो kāna
हो वो يَرْجُوا۟ वो उम्मीद रखता yarjū
वो उम्मीद रखता لِقَآءَ मुलाक़ात की liqāa
मुलाक़ात की رَبِّهِۦ अपने रब से rabbihi
अपने रब से فَلْيَعْمَلْ पस चाहिए कि वो अमल करे falyaʿmal
पस चाहिए कि वो अमल करे عَمَلًۭا अमल ʿamalan
अमल صَـٰلِحًۭا नेक ṣāliḥan
नेक وَلَا और ना walā
और ना يُشْرِكْ वो शरीक ठहराए yush'rik
वो शरीक ठहराए بِعِبَادَةِ इबादत में biʿibādati
इबादत में رَبِّهِۦٓ अपने रब की rabbihi
अपने रब की أَحَدًۢا किसी एक को aḥadan
किसी एक को ١١٠ (110)
(110)
आप कह दे : मैं तो तुम्हारे जैसा ही एक मनुष्य हूँ, मेरी ओर प्रकाशना (वह़्य) की जाती है कि तुम्हारा पूज्य केवल एक ही पूज्य है। अतः जो कोई अपने पालनहार से मिलने की आशा रखता हो, उसके लिए आवश्यक है कि वह अच्छे कर्म करे और अपने पालनहार की इबादत में किसी को साझी न बनाए।