१८
अल-कहफ़
الكهف
सूरह अल-कहफ़ (الكهف) पवित्र क़ुरआन का १८ वाँ अध्याय है — यह एक मक्की सूरह है जिसमें ११० आयतें हैं। मक्की सूरहें पैग़म्बर मुहम्मद (सल्ल.) के मदीना प्रवास से पहले उतरीं और प्रायः ईमान, अल्लाह की एकता और आख़िरत पर बल देती हैं।
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बिस्मिल्लाह
بِسْمِसाथ नामbis'miٱللَّهِअल्लाह केl-lahiٱلرَّحْمَـٰنِजो बहुत मेहरबानl-raḥmāniٱلرَّحِيمِनिहायत रहम करने वाला हैl-raḥīmi
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
१८:१
ٱلْحَمْدُसब तारीफ़al-ḥamduلِلَّهِअल्लाह के लिए हैlillahiٱلَّذِىٓवो जिसनेalladhīأَنزَلَनाज़िल कियाanzalaعَلَىٰtoʿalāعَبْدِهِअपने बन्दे परʿabdihiٱلْكِتَـٰبَकिताब कोl-kitābaوَلَمْऔर नहींwalamيَجْعَلउसने रखाyajʿalلَّهُۥउसमेंlahuعِوَجَاۜकोई टेढ़ापनʿiwajā١
सब प्रशंसा अल्लाह ही के लिए है, जिसने अपने बंदे पर पुस्तक उतारी, और उसमें कोई टेढ़ नहीं रखी।
१८:२
قَيِّمًۭاबिल्कुल सीधीqayyimanلِّيُنذِرَताकि वो डराएliyundhiraبَأْسًۭاअज़ाबbasanشَدِيدًۭاसख़्त सेshadīdanمِّنfromminلَّدُنْهُउसकी तरफ़ सेladun'huوَيُبَشِّرَऔर वो ख़ुशख़बरी देwayubashiraٱلْمُؤْمِنِينَमोमिनों कोl-mu'minīnaٱلَّذِينَवो जोalladhīnaيَعْمَلُونَअमल करते हैंyaʿmalūnaٱلصَّـٰلِحَـٰتِनेकl-ṣāliḥātiأَنَّकि बेशकannaلَهُمْउनके लिएlahumأَجْرًاअजर हैajranحَسَنًۭاअच्छाḥasanan٢
(बल्कि उसे) अति सीधा (बनाया)। ताकि वह (अल्लाह) अपनी ओर से आने वाली कठोर यातना से डराए, और उन ईमान वालों को जो अच्छे कार्य करते हैं, शुभ सूचना सुना दे कि उनके लिए अच्छा बदला है।
१८:३
مَّـٰكِثِينَरहने वाले हैंmākithīnaفِيهِउसमेंfīhiأَبَدًۭاहमेशा-हमेशाabadan٣
जिसमें वे हमेशा रहने वाले होंगे।
१८:४
وَيُنذِرَऔर वो डराएwayundhiraٱلَّذِينَउनको जिन्होंनेalladhīnaقَالُوا۟कहाqālūٱتَّخَذَबना लीittakhadhaٱللَّهُअल्लाह नेl-lahuوَلَدًۭاकोई औलादwaladan٤
और उन लोगों को डराए, जिन्होंने कहा कि अल्लाह ने कोई संतान बना रखी है।
१८:५
مَّاनहींmāلَهُمउन्हेंlahumبِهِۦइसकाbihiمِنْanyminعِلْمٍۢकोई इल्मʿil'minوَلَاऔर नाwalāلِـَٔابَآئِهِمْ ۚउनके आबा ओ अजदाद कोliābāihimكَبُرَتْबहुत बड़ी हैkaburatكَلِمَةًۭबातkalimatanتَخْرُجُजो निकलती हैtakhrujuمِنْofminأَفْوَٰهِهِمْ ۚउनके मुँहों सेafwāhihimإِنनहींinيَقُولُونَवो कहतेyaqūlūnaإِلَّاमगरillāكَذِبًۭاझूठkadhiban٥
न उन्हें इसका कुछ ज्ञान है और न उनके बाप-दादा को। बहुत बड़ी (गंभीर) बात है, जो उनके मुँह से निकल रही है। वे सरासर झूठ बोल रहे हैं।
१८:६
فَلَعَلَّكَपस शायद कि आपfalaʿallakaبَـٰخِعٌۭहलाक करने वाले हैंbākhiʿunنَّفْسَكَअपनी जान कोnafsakaعَلَىٰٓoverʿalāءَاثَـٰرِهِمْउनके पीछेāthārihimإِنअगरinلَّمْनाlamيُؤْمِنُوا۟वो ईमान लाऐंyu'minūبِهَـٰذَاसाथ इसbihādhāٱلْحَدِيثِकलाम केl-ḥadīthiأَسَفًاग़म के मारेasafan٦
ऐसा लगता है कि यदि वे इस 'हदीस' (क़ुरआन) पर ईमान नहीं लाए, तो आप इनके पीछे दुःख से अपना प्राण ही खो देंगे।
१८:७
إِنَّاबेशक हमinnāجَعَلْنَاबनाया हमनेjaʿalnāمَاउसको जोmāعَلَى(is) onʿalāٱلْأَرْضِज़मीन पर हैl-arḍiزِينَةًۭज़ीनत/आराइशzīnatanلَّهَاउसके लिएlahāلِنَبْلُوَهُمْताकि हम आज़माऐं उन्हेंlinabluwahumأَيُّهُمْकौन सा उनमें सेayyuhumأَحْسَنُज़्यादा अच्छा हैaḥsanuعَمَلًۭاअमल मेंʿamalan٧
निःसंदेह जो कुछ धरती के ऊपर है, हमने उसे उसकी शोभा बनाया है। ताकि हम उनका परीक्षण करें कि उनमें कौन कर्म की दृष्टि से सबसे अच्छा है?
१८:८
وَإِنَّاऔर बेशक हमwa-innāلَجَـٰعِلُونَअलबत्ता बनाने वाले हैंlajāʿilūnaمَاउसको जोmāعَلَيْهَاउस पर हैʿalayhāصَعِيدًۭاमैदानṣaʿīdanجُرُزًاचटियलjuruzan٨
और जो कुछ उस (धरती) के ऊपर है, निःसंदेह हम उसे चटियल मैदान कर देने1 वाले हैं।
१८:९
أَمْक्याamحَسِبْتَसमझा आपनेḥasib'taأَنَّकि बेशकannaأَصْحَـٰبَ(the) companionsaṣḥābaٱلْكَهْفِग़ार वालेl-kahfiوَٱلرَّقِيمِऔर कतबे वालेwal-raqīmiكَانُوا۟थे वोkānūمِنْamongminءَايَـٰتِنَاहमारी निशानियों में सेāyātināعَجَبًاअजीबʿajaban٩
(ऐ नबी!) क्या आपने समझ रखा है कि गुफा तथा शिलालेख वाले1, हमारी अद्भुत निशानियों में से थे?
१८:१०
إِذْजबidhأَوَىपनाह लीawāٱلْفِتْيَةُउन नौजवानों नेl-fit'yatuإِلَىतरफ़ilāٱلْكَهْفِग़ार केl-kahfiفَقَالُوا۟फिर वो कहने लगेfaqālūرَبَّنَآऐ हमारे रबrabbanāءَاتِنَاदे हमेंātināمِنfromminلَّدُنكَअपने पास सेladunkaرَحْمَةًۭरहमतraḥmatanوَهَيِّئْऔर मुहैय्या करwahayyiلَنَاहमारे लिएlanāمِنْ[from]minأَمْرِنَاहमारे मामले मेंamrināرَشَدًۭاरहनुमाईrashadan١٠
जब उन युवकों ने गुफा में शरण ली1, तो उन्होंने कहा : ऐ हमारे पालनहार! हमें अपने पास से दया प्रदान कर और हमारे लिए हमारे मामले में मार्गदर्शन (सीधे रास्ते पर चलने) को आसान कर दे।
१८:११
فَضَرَبْنَاतो डाल दिया हमने (पर्दा)faḍarabnāعَلَىٰٓoverʿalāءَاذَانِهِمْउनके कानों परādhānihimفِىinfīٱلْكَهْفِग़ार मेंl-kahfiسِنِينَकई सालsinīnaعَدَدًۭاगिनती केʿadadan١١
तो हमने उन्हें गुफा में सुला दिया कई वर्षों तक।
१८:१२
ثُمَّफिरthummaبَعَثْنَـٰهُمْउठाया हमने उन्हेंbaʿathnāhumلِنَعْلَمَताकि हम जान लेंlinaʿlamaأَىُّकौन साayyuٱلْحِزْبَيْنِदो गिरोहों मे सेl-ḥiz'bayniأَحْصَىٰख़ूब गिनने वाला हैaḥṣāلِمَاउसको जोlimāلَبِثُوٓا۟वो ठहरे रहेlabithūأَمَدًۭاमुद्दतamadan١٢
फिर हमने उन्हें (नींद से) उठाया, ताकि हम जान लें कि दोनों समूहों में से कौन उस अवधि को अधिक याद रखने वाला है, जो वे ठहरे?
१८:१३
نَّحْنُहमnaḥnuنَقُصُّहम बयान करते हैंnaquṣṣuعَلَيْكَआप परʿalaykaنَبَأَهُمख़बर उनकीnaba-ahumبِٱلْحَقِّ ۚसाथ हक़ केbil-ḥaqiإِنَّهُمْबेशक वोinnahumفِتْيَةٌचंद नौजवान थेfit'yatunءَامَنُوا۟जो ईमान लाएāmanūبِرَبِّهِمْअपने रब परbirabbihimوَزِدْنَـٰهُمْऔर ज़्यादा कर दिया हमने उन्हेंwazid'nāhumهُدًۭىहिदायत मेंhudan١٣
हम आपसे उनका हाल ठीक-ठीक बयान करते हैं। निःसंदेह, वे कुछ युवक थे, जो अपने पालनहार पर ईमान लाए और हमने उन्हें हिदायत में अधिक कर दिया।
१८:१४
وَرَبَطْنَاऔर मज़बूत कर दिया हमनेwarabaṭnāعَلَىٰ[on]ʿalāقُلُوبِهِمْउनके दिलों कोqulūbihimإِذْजबidhقَامُوا۟वो खड़े हुएqāmūفَقَالُوا۟फिर कहने लगेfaqālūرَبُّنَاरब हमाराrabbunāرَبُّरब हैrabbuٱلسَّمَـٰوَٰتِआसमानोंl-samāwātiوَٱلْأَرْضِऔर ज़मीन काwal-arḍiلَنहरगिज़ नहींlanنَّدْعُوَا۟हम पुकारेंगेnadʿuwāمِنbesides Himminدُونِهِۦٓउसके सिवाdūnihiإِلَـٰهًۭا ۖइलाह (किसी को)ilāhanلَّقَدْअलबत्ता तहक़ीक़laqadقُلْنَآकही हमनेqul'nāإِذًۭاतबidhanشَطَطًاबात नाइन्साफ़ी कीshaṭaṭan١٤
और हमने उनके दिलों को मज़बूत कर दिया, जब वे खड़े हुए, तो बोले : हमारा पालनहार तो आकाशों और धरती का पालनहार है। हम उसके सिवा किसी पूज्य को हरगिज़ नहीं पुकारेंगे। (यदि ऐसा किया) तो निश्चय ही हमने सत्य से हटी हुई बात कही।
१८:१५
هَـٰٓؤُلَآءِये हैhāulāiقَوْمُنَاक़ौम हमारीqawmunāٱتَّخَذُوا۟इन्होंने बना लिएittakhadhūمِنbesides Himminدُونِهِۦٓउसके सिवाdūnihiءَالِهَةًۭ ۖकई इलाहālihatanلَّوْلَاक्यों नहींlawlāيَأْتُونَवो लाएyatūnaعَلَيْهِمउन परʿalayhimبِسُلْطَـٰنٍۭकोई दलीलbisul'ṭāninبَيِّنٍۢ ۖवाज़ेहbayyininفَمَنْतो कौनfamanأَظْلَمُबड़ा ज़ालिम हैaẓlamuمِمَّنِउससे जोmimmaniٱفْتَرَىٰगढ़ लेif'tarāعَلَىagainstʿalāٱللَّهِअल्लाह परl-lahiكَذِبًۭاझूठkadhiban١٥
ये हमारी जाति के लोग हैं। इन्होंने अल्लाह के सिवा अन्य पूज्य बना लिए हैं। ये उन (के पूज्य होने) पर कोई स्पष्ट प्रमाण क्यों नहीं लाते? फिर उससे बड़ा अत्याचारी कौन होगा, जो अल्लाह पर झूठ गढ़े?
१८:१६
وَإِذِऔर जबwa-idhiٱعْتَزَلْتُمُوهُمْअलग हो गए तुम उनसेiʿ'tazaltumūhumوَمَاऔर जिन कीwamāيَعْبُدُونَवो इबादत कर रहे हैंyaʿbudūnaإِلَّاसिवायillāٱللَّهَअल्लाह केl-lahaفَأْوُۥٓا۟तो पनाह लोfawūإِلَىतरफ़ilāٱلْكَهْفِग़ार केl-kahfiيَنشُرْवो फैला देगाyanshurلَكُمْतुम्हारे लिएlakumرَبُّكُمरब तुम्हाराrabbukumمِّنofminرَّحْمَتِهِۦअपनी रहमत में सेraḥmatihiوَيُهَيِّئْऔर वो मुहैय्या करेगाwayuhayyiلَكُمतुम्हारे लिएlakumمِّنْ[from]minأَمْرِكُمतुम्हारे मामले में सेamrikumمِّرْفَقًۭاसहूलत/आसानीmir'faqan١٦
और जब तुमने उनसे तथा अल्लाह के अतिरिक्त उनके पूज्यों से किनारा कर लिया, तो अब गुफा में शरण लो। तुम्हारा पालनहार तुम्हारे लिए अपनी कुछ दया खोल देगा, तथा तुम्हारे लिए तुम्हारे काम में कोई आसानी पैदा कर देगा।
१८:१७
۞ وَتَرَىऔर आप देखतेwatarāٱلشَّمْسَसूरज कोl-shamsaإِذَاजबidhāطَلَعَتवो तुलूअ होताṭalaʿatتَّزَٰوَرُवो किनारा कर जाताtazāwaruعَنfromʿanكَهْفِهِمْउनके ग़ार सेkahfihimذَاتَtodhātaٱلْيَمِينِदाऐं जानिबl-yamīniوَإِذَاऔर जबwa-idhāغَرَبَتवो ग़ुरूब होताgharabatتَّقْرِضُهُمْवो कतरा जाता उनसेtaqriḍuhumذَاتَtodhātaٱلشِّمَالِबाऐं जानिबl-shimāliوَهُمْऔर वोwahumفِى(lay) infīفَجْوَةٍۢएक खुली जगह में थेfajwatinمِّنْهُ ۚउस (ग़ार) कीmin'huذَٰلِكَयेdhālikaمِنْ(was) fromminءَايَـٰتِनिशानियों में से हैāyātiٱللَّهِ ۗअल्लाह कीl-lahiمَنजिसेmanيَهْدِहिदायत देyahdiٱللَّهُअल्लाहl-lahuفَهُوَतो वो हीfahuwaٱلْمُهْتَدِ ۖहिदायत पाने वाला हैl-muh'tadiوَمَنऔर जिसेwamanيُضْلِلْवो भटका देyuḍ'lilفَلَنतो हरगिज़ नहींfalanتَجِدَआप पाऐंगेtajidaلَهُۥउसके लिएlahuوَلِيًّۭاकोई दोस्तwaliyyanمُّرْشِدًۭاरहनुमाई करने वालाmur'shidan١٧
और तुम सूर्य को देखोगे, जब वह निकलता है, तो उनकी गुफा से दायीं ओर झुक (हट) जाता है और जब डूबता है, तो उनसे बायीं ओर कतरा जाता है और वे उस (गुफा) के एक विस्तृत स्थान में हैं। यह अल्लाह की निशानियों में से है। और जिसे अल्लाह मार्ग दिखा दे, वही मार्ग पाने वाला है और जिसे राह से हटा दे, तो तुम उसके लिए हरगिज़ कोई मार्ग दर्शाने वाला सहायक नहीं पाओगे।
१८:१८
وَتَحْسَبُهُمْऔर आप समझते उन्हेंwataḥsabuhumأَيْقَاظًۭاकि वो जाग रहे हैंayqāẓanوَهُمْहालाँकि वोwahumرُقُودٌۭ ۚसोए हुए थेruqūdunوَنُقَلِّبُهُمْऔर हम करवटें बदलते रहते उनकीwanuqallibuhumذَاتَtodhātaٱلْيَمِينِदाऐं जानिबl-yamīniوَذَاتَand towadhātaٱلشِّمَالِ ۖऔर बाऐं जानिबl-shimāliوَكَلْبُهُمऔर कुत्ता उनकाwakalbuhumبَـٰسِطٌۭफैलाए हुए थाbāsiṭunذِرَاعَيْهِअपने दोनों हाथdhirāʿayhiبِٱلْوَصِيدِ ۚदहाने परbil-waṣīdiلَوِअगरlawiٱطَّلَعْتَझाँकते आपiṭṭalaʿtaعَلَيْهِمْउन परʿalayhimلَوَلَّيْتَअलबत्ता पीठ फेर लेते आपlawallaytaمِنْهُمْउनसेmin'humفِرَارًۭاभागते हुएfirāranوَلَمُلِئْتَऔर अलबत्ता भर दिए जाते आपwalamuli'taمِنْهُمْउनसेmin'humرُعْبًۭاरौब मेंruʿ'ban١٨
और तुम1 उन्हें समझते कि जाग रहे हैं, जबकि वे सोए हुए थे। और हम उन्हें दायें तथा बायें फेरते रहे। और उनका कुत्ता गुफा की चौखट पर अपनी दोनों बाहें फैलाए हुए था। यदि तुम झाँककर देख लेते, तो पीठ फेरकर भाग जाते और उनसे भयभीत हो जाते।
१८:१९
وَكَذَٰلِكَऔर इसी तरहwakadhālikaبَعَثْنَـٰهُمْउठाया हमने उन्हेंbaʿathnāhumلِيَتَسَآءَلُوا۟ताकि वो एक दूसरे से सवाल करेंliyatasāalūبَيْنَهُمْ ۚआपस मेंbaynahumقَالَकहाqālaقَآئِلٌۭकहने वाले नेqāilunمِّنْهُمْउनमें सेmin'humكَمْकितनाkamلَبِثْتُمْ ۖठहरे तुमlabith'tumقَالُوا۟उन्होंने कहाqālūلَبِثْنَاठहरे हमlabith'nāيَوْمًاएक दिनyawmanأَوْयाawبَعْضَकुछ हिस्साbaʿḍaيَوْمٍۢ ۚदिन काyawminقَالُوا۟वो कहने लगेqālūرَبُّكُمْरब तुम्हाराrabbukumأَعْلَمُज़्यादा जानता हैaʿlamuبِمَاउसे जोbimāلَبِثْتُمْठहरे तुमlabith'tumفَٱبْعَثُوٓا۟पस भेजोfa-ib'ʿathūأَحَدَكُمअपने में से किसी एक कोaḥadakumبِوَرِقِكُمْwith this silver coin of yoursbiwariqikumهَـٰذِهِۦٓसाथ अपनी इस चाँदी केhādhihiإِلَىtoilāٱلْمَدِينَةِतरफ़ शहर केl-madīnatiفَلْيَنظُرْफिर चाहिए कि वो देखेfalyanẓurأَيُّهَآकौन सा उनमें सेayyuhāأَزْكَىٰज़्यादा पाकीज़ाazkāطَعَامًۭاखाना हैṭaʿāmanفَلْيَأْتِكُمपस चाहिए कि वो लाए तुम्हारे पासfalyatikumبِرِزْقٍۢखानाbiriz'qinمِّنْهُउस सेmin'huوَلْيَتَلَطَّفْऔर चाहिए कि वो नर्मी करेwalyatalaṭṭafوَلَاऔर नाwalāيُشْعِرَنَّवो हरगिज़ ख़बर देyush'ʿirannaبِكُمْतुम्हारे बारे मेंbikumأَحَدًاकिसी एक कोaḥadan١٩
और इसी प्रकार, हमने उन्हें जगा दिया, ताकि वे आपस में एक-दूसरे से पूछें। उनमें से एक कहने वाले ने कहा : तुम कितना समय ठहरे? उन्होंने कहा : हम एक दिन या दिन का कुछ हिस्सा ठहरे। (फिर) उन्होंने कहा : तुम्हारा पालनहार अधिक जानता है कि तुम कितना (समय) ठहरे। (अब) अपने में से किसी को अपना यह चाँदी का सिक्का देकर नगर की ओर भेजो। फिर वह देखे कि किसके पास अधिक स्वच्छ (पवित्र) भोजन है, तो वह उसमें से तुम्हारे लिए कुछ खाना ले आए, तथा वह नरमी व सावधानी बरते और तुम्हारे बारे में किसी को बिल्कुल ख़बर न होने दे।
१८:२०
إِنَّهُمْबेशक वोinnahumإِنअगरinيَظْهَرُوا۟वो मुत्तिलाअ हो गएyaẓharūعَلَيْكُمْतुम परʿalaykumيَرْجُمُوكُمْवो संगसार कर देंगे तुम्हेंyarjumūkumأَوْयाawيُعِيدُوكُمْवो लौटा ले जाऐंगे तुम्हेंyuʿīdūkumفِىtofīمِلَّتِهِمْअपनी मिल्लत मेंmillatihimوَلَنऔर हरगिज़ नहींwalanتُفْلِحُوٓا۟तुम फ़लाह पाओगेtuf'liḥūإِذًاतबidhanأَبَدًۭاकभी भीabadan٢٠
क्योंकि यदि वे तुम्हें जान जाएँगे, तो तुम्हें पथराव करके मार डालेंगे या तुम्हें अपने धर्म में लौटा लेंगे और उस समय तुम कभी सफल नहीं हो सकोगे।
१८:२१
وَكَذَٰلِكَऔर इसी तरहwakadhālikaأَعْثَرْنَاआगाह कर दिया हमनेaʿtharnāعَلَيْهِمْउन पर (लोगों को)ʿalayhimلِيَعْلَمُوٓا۟ताकि वो जान लेंliyaʿlamūأَنَّकि बेशकannaوَعْدَवादाwaʿdaٱللَّهِअल्लाह काl-lahiحَقٌّۭसच्चा हैḥaqqunوَأَنَّऔर बेशकwa-annaٱلسَّاعَةَक़यामतl-sāʿataلَا(there is) nolāرَيْبَनहीं कोई शकraybaفِيهَآउसमेंfīhāإِذْजबidhيَتَنَـٰزَعُونَवो झगड़ रहे थेyatanāzaʿūnaبَيْنَهُمْआपस मेंbaynahumأَمْرَهُمْ ۖउनके मामले मेंamrahumفَقَالُوا۟तो उन्होंने कहाfaqālūٱبْنُوا۟बनाओib'nūعَلَيْهِمउन परʿalayhimبُنْيَـٰنًۭا ۖएक इमारतbun'yānanرَّبُّهُمْरब उनकाrabbuhumأَعْلَمُज़्यादा जानता हैaʿlamuبِهِمْ ۚउन्हेंbihimقَالَकहाqālaٱلَّذِينَउन लोगों ने जोalladhīnaغَلَبُوا۟ग़ालिब थेghalabūعَلَىٰٓinʿalāأَمْرِهِمْउनके मामले मेंamrihimلَنَتَّخِذَنَّअलबत्ता हम ज़रूर बनाऐंगेlanattakhidhannaعَلَيْهِمउन परʿalayhimمَّسْجِدًۭاएक सजदागाहmasjidan٢١
और इसी प्रकार, हमने (लोगों को) उनसे अवगत करा दिया, ताकि वे जान लें कि अल्लाह का वादा सत्य है, और क़ियामत (के आने) में कोई संदेह1 नहीं। (याद करो) जब वे2 (उनके विषय में) आपस में विवाद करने लगे। कुछ लोगों ने कहा : उनपर कोई भवन निर्माण करा दो, उनका पालनहार उनके बारे में अधिक जानता है। जो लोग उनके मामले में प्रभावी रहे, उन्होंने कहा : हम तो उन (की गुफा के स्थान) पर अवश्य एक मस्जिद बनाएँगे।
१८:२२
سَيَقُولُونَअनक़रीब वो कहेंगेsayaqūlūnaثَلَـٰثَةٌۭतीन थेthalāthatunرَّابِعُهُمْचौथा उनकाrābiʿuhumكَلْبُهُمْकुत्ता था उनकाkalbuhumوَيَقُولُونَऔर वो कहेंगेwayaqūlūnaخَمْسَةٌۭपाँच थेkhamsatunسَادِسُهُمْछटा उनकाsādisuhumكَلْبُهُمْकुत्ता था उनकाkalbuhumرَجْمًۢاफेंकते हुए (बात)rajmanبِٱلْغَيْبِ ۖबिन देखेbil-ghaybiوَيَقُولُونَऔर वो कहेंगेwayaqūlūnaسَبْعَةٌۭसात थेsabʿatunوَثَامِنُهُمْऔर आठवाँ उनकाwathāminuhumكَلْبُهُمْ ۚकुत्ता था उनकाkalbuhumقُلकह दीजिएqulرَّبِّىٓमेरा रबrabbīأَعْلَمُज़्यादा जानता हैaʿlamuبِعِدَّتِهِمतादाद उनकीbiʿiddatihimمَّاनहींmāيَعْلَمُهُمْजानते उन्हेंyaʿlamuhumإِلَّاमगरillāقَلِيلٌۭ ۗथोड़ेqalīlunفَلَاतो नाfalāتُمَارِआप झगड़ा कीजिएtumāriفِيهِمْउनके बारे मेंfīhimإِلَّاमगरillāمِرَآءًۭझगड़नाmirāanظَـٰهِرًۭاसरसरीẓāhiranوَلَاऔर नाwalāتَسْتَفْتِआप पूछिएtastaftiفِيهِمउनके बारे मेंfīhimمِّنْهُمْउनमें सेmin'humأَحَدًۭاकिसी एक सेaḥadan٢٢
अब कुछ1 लोग कहेंगे : वे तीन हैं, उनका चौथा उनका कुत्ता है। और कुछ कहेंगे : वे पाँच हैं, उनका छठा उनका कुत्ता है। ये लोग अँधेरे में तीर चलाते हैं। और (कुछ लोग) कहेंगे : वे सात हैं, उनका आठवाँ उनका कुत्ता है। (ऐ नबी!) आप कह दें : मेरा पालनहार ही उनकी संख्या को भली-भाँति जानता है। उन्हें बहुत थोड़े लोगों के सिवा कोई नहीं जानता।2 अतः आप उनके संबंध में बहस न करें, सिवाय सरसरी बहस के, और आप उनके विषय में इनमें से किसी से भी न पूछें।3
१८:२३
وَلَاऔर नाwalāتَقُولَنَّहरगिज़ आप कहेंtaqūlannaلِشَا۟ىْءٍकिसी चीज़ के लिएlishāy'inإِنِّىकि बेशक मैंinnīفَاعِلٌۭकरने वाला हूँfāʿilunذَٰلِكَयेdhālikaغَدًاकलghadan٢٣
और किसी चीज़ के बारे में हरगिज़ न कहें : निःसंदेह मैं इसे कल करने वाला हूँ।
१८:२४
إِلَّآमगरillāأَنये किanيَشَآءَचाहेyashāaٱللَّهُ ۚअल्लाहl-lahuوَٱذْكُرऔर याद कीजिएwa-udh'kurرَّبَّكَअपने रब कोrabbakaإِذَاजबidhāنَسِيتَभूल जाऐं आपnasītaوَقُلْऔर कह दीजिएwaqulعَسَىٰٓउम्मीद हैʿasāأَنकिanيَهْدِيَنِरहनुमाई करेगा मेरीyahdiyaniرَبِّىमेरा रबrabbīلِأَقْرَبَक़रीबतर कीli-aqrabaمِنْthanminهَـٰذَاइससेhādhāرَشَدًۭاभलाई मेंrashadan٢٤
परंतु यह कि अल्लाह1 चाहे। तथा जब भूल जाएँ तो अपने पालनहार को याद करें और कहें : आशा है कि मेरा पालनहार मुझे हिदायत (भलाई) का इससे निकटतर मार्ग दिखा दे।
१८:२५
وَلَبِثُوا۟और वो ठहरेwalabithūفِىinfīكَهْفِهِمْअपने ग़ार मेंkahfihimثَلَـٰثَतीनthalāthaمِا۟ئَةٍۢसौmi-atinسِنِينَसालsinīnaوَٱزْدَادُوا۟और उन्होंने ज़्यादा कर दिएwa-iz'dādūتِسْعًۭاनौ (साल)tis'ʿan٢٥
और वे अपनी गुफा में तीन सौ वर्ष रहे और नौ वर्ष और अधिक1 रहे।
१८:२६
قُلِकह दीजिएquliٱللَّهُअल्लाहl-lahuأَعْلَمُज़्यादा जानता हैaʿlamuبِمَاउसे जोbimāلَبِثُوا۟ ۖवो ठहरेlabithūلَهُۥउसी के लिए हैlahuغَيْبُग़ैबghaybuٱلسَّمَـٰوَٰتِआसमानोंl-samāwātiوَٱلْأَرْضِ ۖऔर ज़मीन काwal-arḍiأَبْصِرْHow clearly He seesabṣirبِهِۦक्या ख़ूब देखने वाला है वोbihiوَأَسْمِعْ ۚऔर क्या ख़ूब सुनने वाला हैwa-asmiʿمَاनहींmāلَهُمउनके लिएlahumمِّنbesides Himminدُونِهِۦउसके सिवाdūnihiمِنanyminوَلِىٍّۢकोई दोस्तwaliyyinوَلَاऔर नहींwalāيُشْرِكُवो शरीक करताyush'rikuفِى[in]fīحُكْمِهِۦٓअपने हुक्म मेंḥuk'mihiأَحَدًۭاकिसी एक कोaḥadan٢٦
आप कह दें : अल्लाह ही उनके ठहरे रहने की अवधि को बेहतर जानता है। आकाशों तथा धरती की छिपी हुई बातें उसी के ज्ञान में हैं। वह क्या ही खूब देखने वाला और क्या ही खूब सुनने वाला है। न उसके सिवा उनका कोई सहायक है और न वह अपने शासन में किसी को साझी बनाता है।
१८:२७
وَٱتْلُऔर पढ़िएwa-ut'luمَآजोmāأُوحِىَवही किया गया हैūḥiyaإِلَيْكَतरफ़ आपकेilaykaمِنofminكِتَابِकिताब सेkitābiرَبِّكَ ۖआपके रब कीrabbikaلَاनहींlāمُبَدِّلَकोई बदलने वालाmubaddilaلِكَلِمَـٰتِهِۦउसके कलिमात कोlikalimātihiوَلَنऔर हरगिज़ नहींwalanتَجِدَआप पाऐंगेtajidaمِنbesides Himminدُونِهِۦउसके सिवाdūnihiمُلْتَحَدًۭاकोई पनाहगाहmul'taḥadan٢٧
और आपके पालनहार की किताब में से आपकी ओर जो वह़्य की गई है, उसे पढ़ते रहें। उसकी बातों को कोई बदलने वाला नहीं है। और आप उसके सिवा कोई शरण लेने की जगह हरगिज़ नहीं पाएँगे।
१८:२८
وَٱصْبِرْऔर रोक रखिएwa-iṣ'birنَفْسَكَअपने नफ़्स कोnafsakaمَعَसाथmaʿaٱلَّذِينَउन लोगों के जोalladhīnaيَدْعُونَपुकारते हैंyadʿūnaرَبَّهُمअपने रब कोrabbahumبِٱلْغَدَوٰةِसुबहbil-ghadatiوَٱلْعَشِىِّऔर शामwal-ʿashiyiيُرِيدُونَवो चाहते हैंyurīdūnaوَجْهَهُۥ ۖचेहरा उसकाwajhahuوَلَاऔर नाwalāتَعْدُआप फेरिएtaʿduعَيْنَاكَअपनी दोनों आँखों कोʿaynākaعَنْهُمْउनसेʿanhumتُرِيدُआप चाहते हैंturīduزِينَةَज़ीनतzīnataٱلْحَيَوٰةِ(of) the lifel-ḥayatiٱلدُّنْيَا ۖदुनिया की ज़िन्दगी कीl-dun'yāوَلَاऔर नाwalāتُطِعْआप इताअत कीजिएtuṭiʿمَنْउसकी जोmanأَغْفَلْنَاग़ाफ़िल कर दिया हमनेaghfalnāقَلْبَهُۥदिल उसकाqalbahuعَنofʿanذِكْرِنَاअपने ज़िक्र सेdhik'rināوَٱتَّبَعَऔर उसने पैरवी कीwa-ittabaʿaهَوَىٰهُअपनी ख़्वाहिश कीhawāhuوَكَانَऔर हैwakānaأَمْرُهُۥमामला उसकाamruhuفُرُطًۭاहद से बढ़ा हुआfuruṭan٢٨
और अपने आपको उन लोगों के साथ रोके रखें, जो सुबह-शाम अपने पालनहार को पुकारते हैं। वे उसका चेहरा चाहते हैं। और सांसारिक जीवन की शोभा की चाह1 में अपनी आँखों को उनसे न फेरें। और उसकी बात न मानें, जिसके दिल को हमने अपनी याद से ग़ाफ़िल कर दिया है, और वह अपनी इच्छा के पीछे लगा हुआ है, और उसका मामला हद से बढ़ा हुआ है।
१८:२९
وَقُلِऔर कह दीजिएwaquliٱلْحَقُّहक़l-ḥaquمِن(is) fromminرَّبِّكُمْ ۖतुम्हारे रब की तरफ़ से हैrabbikumفَمَنतो जोfamanشَآءَचाहेshāaفَلْيُؤْمِنपस वो ईमान ले आएfalyu'minوَمَنऔर जोwamanشَآءَचाहेshāaفَلْيَكْفُرْ ۚपस वो कुफ़्र करेfalyakfurإِنَّآबेशक हमinnāأَعْتَدْنَاतैयार कर रखी है हमनेaʿtadnāلِلظَّـٰلِمِينَज़ालिमों के लिएlilẓẓālimīnaنَارًاऐसी आगnāranأَحَاطَघेर लेंगीaḥāṭaبِهِمْउन्हेंbihimسُرَادِقُهَا ۚक़नातें (लपटें) उसकीsurādiquhāوَإِنऔर अगरwa-inيَسْتَغِيثُوا۟वो फ़रियाद करेंगेyastaghīthūيُغَاثُوا۟फ़रियादरसी किए जाऐंगेyughāthūبِمَآءٍۢसाथ पानी केbimāinكَٱلْمُهْلِमानिन्द तेल की तिलछट केkal-muh'liيَشْوِىजो भून डालेगाyashwīٱلْوُجُوهَ ۚचेहरों कोl-wujūhaبِئْسَकितनी बुरी हैbi'saٱلشَّرَابُपीने की चीज़l-sharābuوَسَآءَتْऔर कितनी बुरी हैwasāatمُرْتَفَقًاआरामग़ाहmur'tafaqan٢٩
आप कह दें : यह सत्य तुम्हारे पालनहार की ओर से है। अब जो चाहे, ईमान लाए और जो चाहे कुफ़्र करे। निःसंदेह हमने अत्याचारियों के लिए ऐसी आग तैयार कर रखी है, जिसकी दीवारें1 उन्हें घेर लेंगी। और यदि वे फ़र्याद करेंगे, तो उन्हें ऐसा जल दिया जाएगा, जो तेल की तलछट जैसा होगा, जो चेहरों को भून डालेगा। वह क्या ही बुरा पेय है और वह क्या ही बुरा विश्राम स्थान है!
१८:३०
إِنَّबेशकinnaٱلَّذِينَवो जोalladhīnaءَامَنُوا۟ईमान लाएāmanūوَعَمِلُوا۟और उन्होंने अमल किएwaʿamilūٱلصَّـٰلِحَـٰتِनेकl-ṣāliḥātiإِنَّاबेशक हमinnāلَاwill not let go wastelāنُضِيعُनहीं हम ज़ाया करतेnuḍīʿuأَجْرَअजरajraمَنْउसका जोmanأَحْسَنَअच्छा करेaḥsanaعَمَلًاअमलʿamalan٣٠
निःसंदेह जो लोग ईमान लाए तथा अच्छे कार्य किए। निश्चय हम उसका प्रतिफल व्यर्थ नहीं करते, जिसने अच्छे कार्य किए।
१८:३१
أُو۟لَـٰٓئِكَयही लोग हैंulāikaلَهُمْउनके लिएlahumجَنَّـٰتُबाग़ात हैंjannātuعَدْنٍۢहमेशगी केʿadninتَجْرِىबहती हैंtajrīمِنfromminتَحْتِهِمُउनके नीचे सेtaḥtihimuٱلْأَنْهَـٰرُनहरेंl-anhāruيُحَلَّوْنَवो पहनाए जाऐंगेyuḥallawnaفِيهَاउनमेंfīhāمِنْ[of] (with)minأَسَاوِرَकंगनasāwiraمِنofminذَهَبٍۢसोने केdhahabinوَيَلْبَسُونَऔर वो पहनेंगेwayalbasūnaثِيَابًاलिबासthiyābanخُضْرًۭاसब्ज़khuḍ'ranمِّنofminسُندُسٍۢबारीक रेशम केsundusinوَإِسْتَبْرَقٍۢऔर मोटे रेशम केwa-is'tabraqinمُّتَّكِـِٔينَतकिया लगाए होंगेmuttakiīnaفِيهَاउनमेंfīhāعَلَىonʿalāٱلْأَرَآئِكِ ۚतख़्तों परl-arāikiنِعْمَकितना अच्छा हैniʿ'maٱلثَّوَابُबदलाl-thawābuوَحَسُنَتْऔर कितनी अच्छी हैwaḥasunatمُرْتَفَقًۭاआरामगाहmur'tafaqan٣١
यही लोग हैं, जिनके लिए स्थायी बाग़ हैं, जिनके नीचे से नहरें बहती हैं। वहाँ उन्हें सोने के कंगन1 पहनाए जाएँगे। तथा वे महीन और गाढ़े रेशम के हरे वस्त्र पहनेंगे। वहाँ तख़्तों पर तकिया लगाए हुए होंगे। यह क्या ही अच्छा बदला है और क्या ही अच्छा विश्राम स्थान है।
१८:३२
۞ وَٱضْرِبْऔर बयान कीजिएwa-iḍ'ribلَهُمउनके लिएlahumمَّثَلًۭاमिसालmathalanرَّجُلَيْنِदो आदमियों कीrajulayniجَعَلْنَاबनाए हमनेjaʿalnāلِأَحَدِهِمَاउन दोनों में से एक केli-aḥadihimāجَنَّتَيْنِदो बाग़jannatayniمِنْofminأَعْنَـٰبٍۢअँगूरों केaʿnābinوَحَفَفْنَـٰهُمَاऔर घेर लिया हमने उन दोनों कोwaḥafafnāhumāبِنَخْلٍۢखजूर के दरख़्तों सेbinakhlinوَجَعَلْنَاऔर बनाए हमनेwajaʿalnāبَيْنَهُمَاदर्मियान उन दोनों केbaynahumāزَرْعًۭاखेतzarʿan٣٢
और (ऐ नबी!) आप उन्हें दो व्यक्तियों का एक उदाहरण दें; जिनमें से एक को हमने अंगूरों के दो बाग़ दिए और हमने दोनों को खजूरों के पेड़ों से घेर दिया और दोनों के बीच कुछ खेती रखी।
१८:३३
كِلْتَاदोनोंkil'tāٱلْجَنَّتَيْنِबाग़ों नेl-janatayniءَاتَتْदियाātatأُكُلَهَاफल अपनाukulahāوَلَمْऔर नाwalamتَظْلِمकमी कीtaẓlimمِّنْهُउसमेंmin'huشَيْـًۭٔا ۚकुछ भीshayanوَفَجَّرْنَاऔर जारी कर दी हमनेwafajjarnāخِلَـٰلَهُمَاउन दोनों के बीचkhilālahumāنَهَرًۭاएक नहरnaharan٣٣
दोनों बाग़ों ने अपने पूरे फल दिए और उसमें से कुछ कमी नहीं की। और हमने दोनों के बीच एक नहर जारी कर दी।
१८:३४
وَكَانَऔर हुआwakānaلَهُۥउसके लिएlahuثَمَرٌۭफलthamarunفَقَالَतो उसने कहाfaqālaلِصَـٰحِبِهِۦअपने साथी सेliṣāḥibihiوَهُوَजब कि वोwahuwaيُحَاوِرُهُۥٓवो उससे बात चीत कर रहा थाyuḥāwiruhuأَنَا۠मैंanāأَكْثَرُज़्यादा हूँaktharuمِنكَतुझसेminkaمَالًۭاमाल मेंmālanوَأَعَزُّऔर ज़्यादा इज़्ज़त वाला हूँwa-aʿazzuنَفَرًۭاजत्थे मेंnafaran٣٤
और उसके पास बहुत-सा फल था। तो उसने अपने साथी से, जबकि वह उससे बात कर रहा था, कहा : मैं तुझसे धन-दौलत में अधिक हूँ तथा जत्थे में भी बढ़कर हूँ।
१८:३५
وَدَخَلَऔर वो दाख़िल हुआwadakhalaجَنَّتَهُۥअपने बाग़ मेंjannatahuوَهُوَइस हाल में कि वोwahuwaظَالِمٌۭज़ुल्म करने वाला थाẓālimunلِّنَفْسِهِۦअपनी जान परlinafsihiقَالَकहने लगाqālaمَآनहींmāأَظُنُّमैं गुमान करताaẓunnuأَنकिanتَبِيدَबर्बाद होगाtabīdaهَـٰذِهِۦٓये (बाग़)hādhihiأَبَدًۭاकभी भीabadan٣٥
और उसने अपने बाग़ में (इस हाल में) प्रवेश किया कि वह अपने आप पर अत्याचार करने वाला था। उसने कहा : मैं नहीं समझता कि इसका कभी विनाश होगा।
१८:३६
وَمَآऔर नहींwamāأَظُنُّमैं गुमान करता किaẓunnuٱلسَّاعَةَक़यामतl-sāʿataقَآئِمَةًۭक़ायम होने वाली हैqāimatanوَلَئِنऔर अलबत्ता अगरwala-inرُّدِدتُّमैं लौटाया गयाrudidttuإِلَىٰtoilāرَبِّىतरफ़ अपने रब केrabbīلَأَجِدَنَّअलबत्ता मैं ज़रूर पाऊँगाla-ajidannaخَيْرًۭاबेहतरkhayranمِّنْهَاउससेmin'hāمُنقَلَبًۭاलौटने की जगह/अंजामmunqalaban٣٦
और न मैं यह समझता हूँ कि क़ियामत आने वाली है। और वाक़ई यदि मुझे अपने पालनहार की ओर लौटाया गया, तो निश्चय ही मैं ज़रूर इससे उत्तम लौटने का स्थान पाऊँगा।
१८:३७
قَالَकहाqālaلَهُۥउसेlahuصَاحِبُهُۥउसके साथी नेṣāḥibuhuوَهُوَजब कि वोwahuwaيُحَاوِرُهُۥٓवो उससे बात चीत कर रहा थाyuḥāwiruhuأَكَفَرْتَक्या इन्कार करता है तूakafartaبِٱلَّذِىउसका जिसनेbi-alladhīخَلَقَكَपैदा किया तुझेkhalaqakaمِنfromminتُرَابٍۢमिट्टी सेturābinثُمَّफिरthummaمِنfromminنُّطْفَةٍۢनुत्फ़े सेnuṭ'fatinثُمَّफिरthummaسَوَّىٰكَदुरुस्त बनाया तुझेsawwākaرَجُلًۭاएक मर्दrajulan٣٧
उसके साथी ने, जबकि वह उससे बातें कर रहा था, उससे कहा : क्या तूने उसके साथ कुफ़्र किया, जिसने तुझे तुच्छ मिट्टी से पैदा किया, फिर वीर्य से, फिर तुझे ठीक-ठाक एक पुरुष बना दिया?
१८:३८
لَّـٰكِنَّا۠लेकिनlākinnāهُوَवोhuwaٱللَّهُअल्लाहl-lahuرَبِّىमेरा रब हैrabbīوَلَآऔर नहींwalāأُشْرِكُमैं शरीक ठहराताush'rikuبِرَبِّىٓसाथ अपने रब केbirabbīأَحَدًۭاकिसी एक कोaḥadan٣٨
लेकिन मैं, तो वह अल्लाह ही मेरा पालनहार है और मैं अपने पालनहार के साथ किसी को साझी नहीं बनाता।
१८:३९
وَلَوْلَآऔर क्यों नाwalawlāإِذْजबidhدَخَلْتَदाख़िल हुआ तूdakhaltaجَنَّتَكَअपने बाग़ मेंjannatakaقُلْتَकहा तूनेqul'taمَاजोmāشَآءَचाहाshāaٱللَّهُअल्लाह नेl-lahuلَا(there is) nolāقُوَّةَनहीं कोई क़ुव्वतquwwataإِلَّاमगरillāبِٱللَّهِ ۚअल्लाह की (तौफ़ीक़) सेbil-lahiإِنअगरinتَرَنِतू देखता है मुझेtaraniأَنَا۠कि मैंanāأَقَلَّकमतर हूँaqallaمِنكَतुझसेminkaمَالًۭاमाल मेंmālanوَوَلَدًۭاऔर औलाद मेंwawaladan٣٩
और जब तूने अपने बाग़ में प्रवेश किया, तो क्यों नहीं कहा : ''जो अल्लाह ने चाहा, अल्लाह की मदद के बिना कोई शक्ति नहीं'', यदि तू मुझे देखता है कि मैं धन तथा संतान में तुझसे कमतर हूँ।
१८:४०
فَعَسَىٰतो उम्मीद हैfaʿasāرَبِّىٓमेरा रबrabbīأَنकिanيُؤْتِيَنِवो दे दे मुझेyu'tiyaniخَيْرًۭاबेहतरkhayranمِّنthanminجَنَّتِكَतेरे बाग़ सेjannatikaوَيُرْسِلَऔर वो भेजेwayur'silaعَلَيْهَاउस परʿalayhāحُسْبَانًۭاकोई अज़ाबḥus'bānanمِّنَfromminaٱلسَّمَآءِआसमान सेl-samāiفَتُصْبِحَतो वो हो जाएfatuṣ'biḥaصَعِيدًۭاमैदानṣaʿīdanزَلَقًاसाफ़/चटियलzalaqan٤٠
तो आशा है कि मेरा पालनहार मुझे तेरे बाग़ से अच्छा प्रदान कर दे, और इस (बाग़) पर आकाश से कोई आपदा भेज दे, तो यह (चटियल) चिकनी भूमि बन जाए।
१८:४१
أَوْयाawيُصْبِحَहो जाएyuṣ'biḥaمَآؤُهَاपानी उसकाmāuhāغَوْرًۭاगहराghawranفَلَنतो हरगिज़ नहींfalanتَسْتَطِيعَतुम इस्तिताअत रखोगेtastaṭīʿaلَهُۥउसेlahuطَلَبًۭاतलाश करने कीṭalaban٤١
या उसका पानी गहरा हो जाए, फिर तू उसे कभी तलाश न कर सकेगा।
१८:४२
وَأُحِيطَऔर घेर लिया गयाwa-uḥīṭaبِثَمَرِهِۦफल उसकाbithamarihiفَأَصْبَحَतो उसने सुबह कीfa-aṣbaḥaيُقَلِّبُवो मलता थाyuqallibuكَفَّيْهِअपनी दोनों हथेलियाँkaffayhiعَلَىٰउस परʿalāمَآजोmāأَنفَقَउसने ख़र्च किया थाanfaqaفِيهَاउसमेंfīhāوَهِىَऔर वो (बाग़)wahiyaخَاوِيَةٌगिरा पड़ा थाkhāwiyatunعَلَىٰonʿalāعُرُوشِهَاअपनी छतों परʿurūshihāوَيَقُولُऔर वो कह रहा थाwayaqūluيَـٰلَيْتَنِىऐ काश कि मैंyālaytanīلَمْनाlamأُشْرِكْमैं शरीक करताush'rikبِرَبِّىٓसाथ अपने रब केbirabbīأَحَدًۭاकिसी एक कोaḥadan٤٢
(अंततः) उसका सारा फल मारा गया।1 फिर वह अपने दोनों हाथ मलता रह गया, उस (धन) पर जो उसमें खर्च किया था। जबकि वह (बाग़) अपने छप्परों सहित गिरा हुआ था और वह कहता था : काश मैं अपने पालनहार के साथ किसी को साझी न बनाता।
१८:४३
وَلَمْऔर नाwalamتَكُنथेtakunلَّهُۥउसके लिएlahuفِئَةٌۭजमाअत (के लोग)fi-atunيَنصُرُونَهُۥजो मदद करते उसकीyanṣurūnahuمِنother thanminدُونِसिवायdūniٱللَّهِअल्लाह केl-lahiوَمَاऔर नाwamāكَانَथा वोkānaمُنتَصِرًاबदला लेने वालाmuntaṣiran٤٣
और नहीं था उसके पास कोई जत्था, जो अल्लाह के मुक़ाबले में उसकी मदद करता और न वह अपनी सहायता आप कर सका।
१८:४४
هُنَالِكَवहाँhunālikaٱلْوَلَـٰيَةُसारा इख़्तियारl-walāyatuلِلَّهِअल्लाह ही के लिए हैlillahiٱلْحَقِّ ۚजो सच्चा हैl-ḥaqiهُوَवोhuwaخَيْرٌۭबेहतर हैkhayrunثَوَابًۭاबदला (देने में)thawābanوَخَيْرٌऔर बेहतर हैwakhayrunعُقْبًۭاअंजाम के ऐतबार सेʿuq'ban٤٤
वहाँ सहायता करना केवल परम सत्य अल्लाह के अधिकार में है। वह प्रतिफल प्रदान करने में सबसे बेहतर तथा परिणाम कि दृष्टि से सबसे अच्छा है।
१८:४५
وَٱضْرِبْऔर बयान कीजिएwa-iḍ'ribلَهُمउनके लिएlahumمَّثَلَमिसालmathalaٱلْحَيَوٰةِ(of) the lifel-ḥayatiٱلدُّنْيَاदुनिया की ज़िन्दगी कीl-dun'yāكَمَآءٍजैसे पानीkamāinأَنزَلْنَـٰهُउतारा हमने उसेanzalnāhuمِنَfromminaٱلسَّمَآءِआसमान सेl-samāiفَٱخْتَلَطَतो मिल जुल गईंfa-ikh'talaṭaبِهِۦसाथ उसकेbihiنَبَاتُनबातातnabātuٱلْأَرْضِज़मीन कीl-arḍiفَأَصْبَحَतो वो हो गईंfa-aṣbaḥaهَشِيمًۭاचूरा-चूराhashīmanتَذْرُوهُबिखेरती हैं उसेtadhrūhuٱلرِّيَـٰحُ ۗहवाऐंl-riyāḥuوَكَانَऔर हैwakānaٱللَّهُअल्लाहl-lahuعَلَىٰऊपरʿalāكُلِّहरkulliشَىْءٍۢचीज़ केshayinمُّقْتَدِرًاक़ुदरत रखने वाला हैmuq'tadiran٤٥
और (ऐ नबी!) आप उन्हें सांसारिक जीवन का उदाहरण दें, वह उस पानी के समान है, जिसे हमने आकाश से बरसाया, तो पृथ्वी की वनस्पति (घनी होकर) उसके साथ मिल गई। फिर वह चूरा-चूरा हो गई, जिसे हवाएँ उड़ाए फिरती1 हैं। और अल्लाह प्रत्येक चीज़ का सामर्थ्य रखने वाला है।
१८:४६
ٱلْمَالُमालal-māluوَٱلْبَنُونَऔर बेटेwal-banūnaزِينَةُज़ीनत हैंzīnatuٱلْحَيَوٰةِ(of) the lifel-ḥayatiٱلدُّنْيَا ۖदुनिया की ज़िन्दगी कीl-dun'yāوَٱلْبَـٰقِيَـٰتُऔर बाक़ी रहने वालीwal-bāqiyātuٱلصَّـٰلِحَـٰتُनेकियाँl-ṣāliḥātuخَيْرٌबेहतर हैंkhayrunعِندَnearʿindaرَبِّكَआपके रब के नज़दीकrabbikaثَوَابًۭاसवाब के ऐतबार सेthawābanوَخَيْرٌऔर बेहतर हैwakhayrunأَمَلًۭاउम्मीद के ऐतबार सेamalan٤٦
धन और पुत्र सांसारिक जीवन की शोभा हैं। और बाकी रहने वाली नेकियाँ तेरे पालनहार के यहाँ सवाब में बहुत उत्तम और आशा की दृष्टि से भी बहुत बेहतर हैं।
१८:४७
وَيَوْمَऔर जिस दिनwayawmaنُسَيِّرُहम चलाऐंगेnusayyiruٱلْجِبَالَपहाड़ों कोl-jibālaوَتَرَىऔर आप देखेंगेwatarāٱلْأَرْضَज़मीन कोl-arḍaبَارِزَةًۭखुली हुई/अयाँbārizatanوَحَشَرْنَـٰهُمْऔर इकट्ठा कर लेंगे हम उन्हेंwaḥasharnāhumفَلَمْफिर नहींfalamنُغَادِرْहम छोड़ेंगेnughādirمِنْهُمْउनमें सेmin'humأَحَدًۭاकिसी एक कोaḥadan٤٧
तथा जिस दिन हम पर्वतों को चलाएँगे, और तुम धरती को साफ़ मैदान1 देखोगे, और हम उन्हें एकत्रित करेंगे, तो उनमें से किसी को नहीं छोड़ेंगे।
१८:४८
وَعُرِضُوا۟और वो पेश किए जाऐंगेwaʿuriḍūعَلَىٰbeforeʿalāرَبِّكَआपके रब परrabbikaصَفًّۭاसफ़ दर सफ़ṣaffanلَّقَدْअलबत्ता तहक़ीक़laqadجِئْتُمُونَاआ गए तुम हमारे पासji'tumūnāكَمَاजैसा किkamāخَلَقْنَـٰكُمْपैदा किया था हमने तुम्हेंkhalaqnākumأَوَّلَपहलीawwalaمَرَّةٍۭ ۚबार/मर्तबाmarratinبَلْबल्किbalزَعَمْتُمْगुमान किया तुमनेzaʿamtumأَلَّنकि हरगिज़ नहींallanنَّجْعَلَहम बनाऐंगेnajʿalaلَكُمतुम्हारे लिएlakumمَّوْعِدًۭاकोई वादे का वक़्त/जगहmawʿidan٤٨
और वे आपके पालनहार के समक्ष पंक्तिबद्ध प्रस्तुत किए जाएँगे। (और कहा जाएगा :) निश्चय ही तुम हमारे पास उसी तरह आए हो, जैसे हमने तुम्हें पहली बार पैदा किया था। बल्कि तुम समझते थे कि हम तुम्हारे लिए वादे का कोई समय निर्धारित नहीं करेंगे।
१८:४९
وَوُضِعَऔर रख दी जाएगीwawuḍiʿaٱلْكِتَـٰبُकिताबl-kitābuفَتَرَىपस आप देखेंगेfatarāٱلْمُجْرِمِينَमुजरिमों कोl-muj'rimīnaمُشْفِقِينَडर रहे होंगेmush'fiqīnaمِمَّاउससे जोmimmāفِيهِउसमें (होगा)fīhiوَيَقُولُونَऔर वो कहेंगेwayaqūlūnaيَـٰوَيْلَتَنَاहाय अफ़सोस हम परyāwaylatanāمَالِWhat (is) formāliهَـٰذَاthishādhāٱلْكِتَـٰبِक्या है इस किताब कोl-kitābiلَاnotlāيُغَادِرُनहीं छोड़ाyughādiruصَغِيرَةًۭकिसी छोटी (चीज़) कोṣaghīratanوَلَاऔर नाwalāكَبِيرَةًबड़ी (चीज़) कोkabīratanإِلَّآमगरillāأَحْصَىٰهَا ۚउसने शुमार कर रखा है उसेaḥṣāhāوَوَجَدُوا۟और वो पा लेंगेwawajadūمَاजोmāعَمِلُوا۟उन्होंने अमल किएʿamilūحَاضِرًۭا ۗहाज़िरḥāḍiranوَلَاऔर नाwalāيَظْلِمُज़ुल्म करेगाyaẓlimuرَبُّكَरब आपकाrabbukaأَحَدًۭاकिसी एक परaḥadan٤٩
और किताब1 सामने रख दी जाएगी, तो आप अपराधियों को देखेंगे कि जो कुछ उसमें होगा, उससे डरने वाले होंगे और कहेंगे : हाय हमारा विनाश! यह कैसी किताब है, जो न कोई छोटी बात छोड़ती है न बड़ी, परंतु उसने उसे संरक्षित कर रखा है। तथा उन्होंने जो कर्म किए थे, सब अंकित पाएँगे। और आपका पालनहार किसी पर अत्याचार नहीं करेगा।
१८:५०
وَإِذْऔर जबwa-idhقُلْنَاकहा हमनेqul'nāلِلْمَلَـٰٓئِكَةِफ़रिश्तों सेlil'malāikatiٱسْجُدُوا۟सजदा करोus'judūلِـَٔادَمَआदम कोliādamaفَسَجَدُوٓا۟तो उन्होंने सजदा कियाfasajadūإِلَّآसिवायillāإِبْلِيسَइब्लीस केib'līsaكَانَथा वोkānaمِنَofminaٱلْجِنِّजिन्नों में सेl-jiniفَفَسَقَतो उसने नाफ़रमानी कीfafasaqaعَنْagainstʿanأَمْرِहुक्म कीamriرَبِّهِۦٓ ۗअपने रब केrabbihiأَفَتَتَّخِذُونَهُۥक्या फिर तुम बनाते हो उसेafatattakhidhūnahuوَذُرِّيَّتَهُۥٓऔर उसकी औलाद कोwadhurriyyatahuأَوْلِيَآءَदोस्तawliyāaمِنother than Meminدُونِىमेरे सिवाdūnīوَهُمْहालाँकि वोwahumلَكُمْतुम्हारे लिएlakumعَدُوٌّۢ ۚदुश्मन हैʿaduwwunبِئْسَकितना बुरा हैbi'saلِلظَّـٰلِمِينَज़ालिमों के लिएlilẓẓālimīnaبَدَلًۭاबतौर बदलbadalan٥٠
तथा (याद करो) जब हमने फ़रिश्तों से कहा : आदम को सजदा करो। तो इबलीस के सिवा सबने सजदा किया। वह जिन्नों में से था। अतः उसने अपने पालनहार के आदेश का उल्लंघन किया। क्या फिर (भी) तुम उसे और उसकी संतान को मुझे छोड़कर मित्र बनाते हो, जबकि वे तुम्हारे शत्रु हैं? वह (शैतान) अत्याचारियों के लिए क्या ही बुरा बदल (विकल्प) है।
१८:५१
۞ مَّآनहींmāأَشْهَدتُّهُمْमैंने हाज़िर किया था उन्हेंashhadttuhumخَلْقَपैदाइश (के वक़्त)khalqaٱلسَّمَـٰوَٰتِआसमानोंl-samāwātiوَٱلْأَرْضِऔर ज़मीन कीwal-arḍiوَلَاऔर नाwalāخَلْقَपैदाइश मेंkhalqaأَنفُسِهِمْउनकी अपनीanfusihimوَمَاऔर नहींwamāكُنتُहूँ मैंkuntuمُتَّخِذَबनाने वालाmuttakhidhaٱلْمُضِلِّينَगुमराह करने वालों कोl-muḍilīnaعَضُدًۭاबाज़ू (मददगार)ʿaḍudan٥١
मैंने उन्हें न आकाशों तथा धरती के पैदा करने में उपस्थित किया और न स्वयं उनके पैदा करने में, और न ही मैं पथभ्रष्ट करने वालों को सहायक1 बनाने वाला था।
१८:५२
وَيَوْمَऔर जिस दिनwayawmaيَقُولُवो फ़रमाएगाyaqūluنَادُوا۟पुकारोnādūشُرَكَآءِىَमेरे शरीकों कोshurakāiyaٱلَّذِينَवो जिन्हेंalladhīnaزَعَمْتُمْगुमान करते थे तुमzaʿamtumفَدَعَوْهُمْतो वो पुकारेंगे उन्हेंfadaʿawhumفَلَمْपस नाfalamيَسْتَجِيبُوا۟वो जवाब देंगेyastajībūلَهُمْउन्हेंlahumوَجَعَلْنَاऔर बना देंगे हमwajaʿalnāبَيْنَهُمदर्मियान उनकेbaynahumمَّوْبِقًۭاहलाकत की जगहmawbiqan٥٢
और जिस दिन वह (अल्लाह) कहेगा : मेरे उन साझियों को पुकारो, जिनका तुम दावा करते थे। तो ये उन्हें पुकारेंगे, पर वे इन्हें कोई उत्तर नहीं देंगे। और हम उनके बीच एक विनाश का स्थान बना देंगे।
१८:५३
وَرَءَاऔर देखेंगेwaraāٱلْمُجْرِمُونَमुजरिमl-muj'rimūnaٱلنَّارَआग कोl-nāraفَظَنُّوٓا۟तो वो समझ लेंगेfaẓannūأَنَّهُمबेशक वोannahumمُّوَاقِعُوهَاगिरने वाले हैं उसमेंmuwāqiʿūhāوَلَمْऔर नाwalamيَجِدُوا۟वो पाऐंगेyajidūعَنْهَاउससेʿanhāمَصْرِفًۭاफिरने की जगहmaṣrifan٥٣
और अपराधी लोग जहन्नम को देखेंगे, तो उन्हें यक़ीन हो जाएगा कि वे उसमें गिरने वाले हैं। और उससे फिरने (बचने) का कोई स्थान नहीं पाएँगे।
१८:५४
وَلَقَدْऔर अलबत्ता तहक़ीक़walaqadصَرَّفْنَاफेर-फेर कर बयान की हमनेṣarrafnāفِىinfīهَـٰذَاthishādhāٱلْقُرْءَانِइस क़ुरआन मेंl-qur'āniلِلنَّاسِलोगों के लिएlilnnāsiمِنofminكُلِّहर तरह कीkulliمَثَلٍۢ ۚमिसालmathalinوَكَانَऔर हैwakānaٱلْإِنسَـٰنُइन्सानl-insānuأَكْثَرَज़्यादाaktharaشَىْءٍۢहर चीज़ सेshayinجَدَلًۭاझगड़ा करने मेंjadalan٥٤
और हमने इस क़ुरआन में लोगों (को समझाने) के लिए हर प्रकार के उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। और इनसान सब चीज़ों से अधिक झगड़ालू है।
१८:५५
وَمَاऔर नहींwamāمَنَعَरोकाmanaʿaٱلنَّاسَलोगों कोl-nāsaأَنकिanيُؤْمِنُوٓا۟वो ईमान लाऐंyu'minūإِذْजबidhجَآءَهُمُआ गई उनके पासjāahumuٱلْهُدَىٰहिदायतl-hudāوَيَسْتَغْفِرُوا۟और वो बख़्शिश माँगेंwayastaghfirūرَبَّهُمْअपने रब सेrabbahumإِلَّآमगरillāأَنये किanتَأْتِيَهُمْआ जाए उनके पासtatiyahumسُنَّةُतरीक़ा/मामलाsunnatuٱلْأَوَّلِينَपहलों काl-awalīnaأَوْयाawيَأْتِيَهُمُआ जाए उनके पासyatiyahumuٱلْعَذَابُअज़ाबl-ʿadhābuقُبُلًۭاसामने सेqubulan٥٥
और जब लोगों के पास मार्गदर्शन आ गया, तो उन्हें ईमान लाने और अपने पालनहार से क्षमा याचना करने से केवल इस बात ने रोका कि उनको भी पहले लोगों जैसा मामला पेश आ जाए या यातना उनके सामने आ खड़ी हो।
१८:५६
وَمَاऔर नहींwamāنُرْسِلُहम भेजतेnur'siluٱلْمُرْسَلِينَरसूलों कोl-mur'salīnaإِلَّاमगरillāمُبَشِّرِينَख़ुशख़बरी देने वालेmubashirīnaوَمُنذِرِينَ ۚऔर डराने वाले बनाकरwamundhirīnaوَيُجَـٰدِلُऔर झगड़ते हैंwayujādiluٱلَّذِينَवो लोग जिन्होंनेalladhīnaكَفَرُوا۟कुफ़्र कियाkafarūبِٱلْبَـٰطِلِसाथ बातिल केbil-bāṭiliلِيُدْحِضُوا۟ताकि वो फुसला देंliyud'ḥiḍūبِهِसाथ उसकेbihiٱلْحَقَّ ۖहक़ कोl-ḥaqaوَٱتَّخَذُوٓا۟और उन्होंने बना लियाwa-ittakhadhūءَايَـٰتِىमेरी आयात कोāyātīوَمَآऔर जिससेwamāأُنذِرُوا۟वो डराए गएundhirūهُزُوًۭاमज़ाक़huzuwan٥٦
तथा हम रसूलों को केवल शुभ सूचना देने वाले और डराने वाले बनाकर भेजते हैं। और जो काफ़िर हैं, वे असत्य के सहारे झगड़ा करते हैं, ताकि उसके द्वारा सत्य को विचलित1 कर दें। और उन्होंने हमारी आयतों को तथा उन चीज़ों को जिनसे उन्हें डराया गया, मज़ाक बना लिया।
१८:५७
وَمَنْऔर कौनwamanأَظْلَمُबड़ा ज़ालिम हैaẓlamuمِمَّنउससे जोmimmanذُكِّرَनसीहत किया गयाdhukkiraبِـَٔايَـٰتِआयात के ज़रिएbiāyātiرَبِّهِۦअपने रब कीrabbihiفَأَعْرَضَफिर उसने ऐराज़ कियाfa-aʿraḍaعَنْهَاउससेʿanhāوَنَسِىَऔर वो भूल गयाwanasiyaمَاजोmāقَدَّمَتْआगे भेजाqaddamatيَدَاهُ ۚउसके दोनों हाथों नेyadāhuإِنَّاबेशक हमinnāجَعَلْنَاडाल दिए हमनेjaʿalnāعَلَىٰoverʿalāقُلُوبِهِمْउनके दिलों परqulūbihimأَكِنَّةًपर्देakinnatanأَنकिanيَفْقَهُوهُ(ना) वो समझ सकें उसेyafqahūhuوَفِىٓand inwafīءَاذَانِهِمْऔर उनके कानों मेंādhānihimوَقْرًۭا ۖबोझ हैwaqranوَإِنऔर अगरwa-inتَدْعُهُمْआप बुलाए उन्हेंtadʿuhumإِلَىtoilāٱلْهُدَىٰतरफ़ हिदायत केl-hudāفَلَنतो हरगिज़ नहींfalanيَهْتَدُوٓا۟वो हिदायत पाऐंगेyahtadūإِذًاतबidhanأَبَدًۭاकभी भीabadan٥٧
और उससे बड़ा अत्याचारी कौन है, जिसे उसके पालनहार की आयतें सुनाकर समझाया जाए, तो वह उनसे मुँह मोड़ ले और जो कुछ उसके दोनों हाथों ने आगे भेजा हो, उसे भूल जाए? निःसंदेह हमने उनके दिलों पर पर्दे डाल दिए हैं कि उसे1 समझ न पाएँ और उनके कानों में बोझ डाल दिया है। और यदि आप उन्हें सीधी राह की ओर बुलाएँ, तब (भी) वे कभी सीधी राह पर नहीं आएँगे।
१८:५८
وَرَبُّكَऔर रब आपकाwarabbukaٱلْغَفُورُबहुत बख़्शने वाला हैl-ghafūruذُوOwnerdhūٱلرَّحْمَةِ ۖरहमत वाला हैl-raḥmatiلَوْअगरlawيُؤَاخِذُهُمवो पकड़े उन्हेंyuākhidhuhumبِمَاबवजह उसके जोbimāكَسَبُوا۟उन्होंने कमाई कीkasabūلَعَجَّلَअलबत्ता वो जल्दी दे देlaʿajjalaلَهُمُउन्हेंlahumuٱلْعَذَابَ ۚअज़ाबl-ʿadhābaبَلबल्किbalلَّهُمउनके लिए हैlahumمَّوْعِدٌۭवादे का एक वक़्तmawʿidunلَّنहरगिज़ नाlanيَجِدُوا۟वो पाऐंगेyajidūمِنother than itminدُونِهِۦउसके सिवाdūnihiمَوْئِلًۭاकोई पनाहगाहmawilan٥٨
और आपका पालनहार अत्यंत क्षमाशील, दयावान् है। यदि वह उन्हें उसकी वजह से पकड़े, जो उन्होंने कमाया है, तो निश्चय उनपर शीघ्र ही यातना भेज दे। बल्कि उनके लिए वादे का एक समय है, जिससे बचने का उन्हें कदापि कोई स्थान नहीं मिलेगा।
१८:५९
وَتِلْكَऔर येwatil'kaٱلْقُرَىٰٓबस्तियाँ हैंl-qurāأَهْلَكْنَـٰهُمْहलाक किया हमने उन्हेंahlaknāhumلَمَّاजबlammāظَلَمُوا۟उन्होंने ज़ुल्म कियाẓalamūوَجَعَلْنَاऔर बना दिया हमनेwajaʿalnāلِمَهْلِكِهِمउनकी हलाकत के लिएlimahlikihimمَّوْعِدًۭاवादे का एक वक़्तmawʿidan٥٩
तथा यही बस्तियाँ हैं, हमने इन (के निवासियों) का विनाश कर दिया, जब उन्होंने अत्याचार किया। और हमने उनके विनाश का एक समय निश्चित कर रखा था।
१८:६०
وَإِذْऔर जबwa-idhقَالَकहाqālaمُوسَىٰमूसा नेmūsāلِفَتَىٰهُअपने नौजवान कोlifatāhuلَآNotlāأَبْرَحُनहीं मैं हटूँगाabraḥuحَتَّىٰٓयहाँ तक किḥattāأَبْلُغَमैं पहुँच जाऊँablughaمَجْمَعَजमा होने की जगहmajmaʿaٱلْبَحْرَيْنِदो समुन्दरों केl-baḥrayniأَوْयाawأَمْضِىَमैं चलता रहूँगाamḍiyaحُقُبًۭاमुद्दतोंḥuquban٦٠
तथा (याद करो) जब मूसा ने अपने युवक (सेवक) से कहा : मैं बराबर चलता रहूँगा, यहाँ तक कि दो सागरों के संगम पर पहुँच जाऊँ या वर्षों चलता रहूँ।1
१८:६१
فَلَمَّاतो जबfalammāبَلَغَاवो दोनों पहुँचेbalaghāمَجْمَعَजमा होने की जगहmajmaʿaبَيْنِهِمَاदर्मियान उन दो (समुन्दरों) केbaynihimāنَسِيَاतो दोनों भूल गएnasiyāحُوتَهُمَاअपनी मछलीḥūtahumāفَٱتَّخَذَपस उसने बना लियाfa-ittakhadhaسَبِيلَهُۥरास्ता अपनाsabīlahuفِىintofīٱلْبَحْرِसमुन्दर मेंl-baḥriسَرَبًۭاसुरंग की तरहsaraban٦١
फिर जब वे दोनों उन दोनों (सागरों) के मिलने की जगह पर पहुँचे, तो वे दोनों अपनी मछली भूल गए और उसने सागर में अपना रास्ता सुरंग जैसा बना लिया।
१८:६२
فَلَمَّاतो जबfalammāجَاوَزَاवो दोनों आगे बढ़ेjāwazāقَالَउसने कहाqālaلِفَتَىٰهُअपने नौजवान सेlifatāhuءَاتِنَاदो हमेंātināغَدَآءَنَاखाना हमाराghadāanāلَقَدْअलबत्ता तहक़ीक़laqadلَقِينَاपाई हमनेlaqīnāمِنinminسَفَرِنَاour journeysafarināهَـٰذَاअपने इस सफ़र मेंhādhāنَصَبًۭاथकावटnaṣaban٦٢
फिर जब दोनों आगे बढ़ गए, तो मूसा ने अपने सेवक से कहा कि हमारा खाना लाओ। हम अपनी इस यात्रा से काफ़ी थक गए हैं।
१८:६३
قَالَउसने कहाqālaأَرَءَيْتَक्या देखा तुमनेara-aytaإِذْजबidhأَوَيْنَآपनाह ली थी हमनेawaynāإِلَىtoilāٱلصَّخْرَةِतरफ़ चट्टान केl-ṣakhratiفَإِنِّىतो बेशक मैंfa-innīنَسِيتُभूल गया था मैंnasītuٱلْحُوتَमछली कोl-ḥūtaوَمَآऔर नहींwamāأَنسَىٰنِيهُभुलाया मुझे उसकोansānīhuإِلَّاमगरillāٱلشَّيْطَـٰنُशैतान नेl-shayṭānuأَنْकिanأَذْكُرَهُۥ ۚमैं ज़िक्र करूँ उसकाadhkurahuوَٱتَّخَذَऔर उसने बना लिया थाwa-ittakhadhaسَبِيلَهُۥरास्ता अपनाsabīlahuفِىintofīٱلْبَحْرِसमुन्दर मेंl-baḥriعَجَبًۭاअजीब तरह सेʿajaban٦٣
उसने कहा : क्या आपने देखा? जब हम चट्टान के पास ठहरे थे तो निःसंदेह मैं मछली भूल गया, और मुझे शैतान ही ने भुलाया कि मैं (आपसे) उसकी चर्चा करूँ, और उसने अनोखे तरीक़े से सागर में अपनी राह बना ली।
१८:६४
قَالَकहाqālaذَٰلِكَयही हैdhālikaمَاजोmāكُنَّاथे हमkunnāنَبْغِ ۚहम चाहतेnabghiفَٱرْتَدَّاतो वो दोनों पलटेfa-ir'taddāعَلَىٰٓonʿalāءَاثَارِهِمَاअपने निशानाते क़दम परāthārihimāقَصَصًۭاइत्तिबा करते हुएqaṣaṣan٦٤
मूसा ने कहा : यही तो है, जो हम तलाश कर रहे थे। फिर वे दोनों अपने क़दमों के निशान देखते हुए वापस लौटे।
१८:६५
فَوَجَدَاतो दोनों ने पायाfawajadāعَبْدًۭاएक बन्दे कोʿabdanمِّنْfromminعِبَادِنَآहमारे बन्दों में सेʿibādināءَاتَيْنَـٰهُदी थी हमने उसेātaynāhuرَحْمَةًۭरहमतraḥmatanمِّنْfromminعِندِنَاअपने पास सेʿindināوَعَلَّمْنَـٰهُऔर सिखाया था हमने उसेwaʿallamnāhuمِنfromminلَّدُنَّاअपने पास सेladunnāعِلْمًۭاएक (ख़ास) इल्मʿil'man٦٥
तो उन दोनों ने हमारे बंदों में से एक बंदे1 को पाया, जिसे हमने अपने पास से दया प्रदान की थी और उसे अपने पास से एक ज्ञान सिखाया था।
१८:६६
قَالَकहाqālaلَهُۥउसेlahuمُوسَىٰमूसा नेmūsāهَلْक्याhalأَتَّبِعُكَमैं पैरवी करूँ तुम्हारीattabiʿukaعَلَىٰٓउस परʿalāأَنकिanتُعَلِّمَنِतुम सिखाओ मुझेtuʿallimaniمِمَّاउसमें से जोmimmāعُلِّمْتَतुम सिखाए गएʿullim'taرُشْدًۭاहिदायत (समझ बूझ)rush'dan٦٦
मूसा ने उनसे कहा : क्या मैं आपका अनुसरण करूँ, इस (शर्त) पर कि मुझे उस मार्गदर्शन की बातों में से कुछ सिखा दें, जो आपको सिखाई गई हैं?
१८:६७
قَالَउसने कहाqālaإِنَّكَबेशक तुमinnakaلَنहरगिज़ नाlanتَسْتَطِيعَतुम इस्तिताअत रखोगेtastaṭīʿaمَعِىَमेरे साथmaʿiyaصَبْرًۭاसब्र कीṣabran٦٧
उन्होंने कहा : तुम मेरे साथ हरगिज़ धैर्य न रख सकोगे।
१८:६८
وَكَيْفَऔर किस तरहwakayfaتَصْبِرُतुम सब्र कर सकते होtaṣbiruعَلَىٰउस परʿalāمَاजोmāلَمْनहींlamتُحِطْतुमने अहाता कियाtuḥiṭبِهِۦजिसकाbihiخُبْرًۭاइल्म सेkhub'ran٦٨
और तुम उसपर कैसे धीरज रख सकते हो, जिसका तुम्हें पूरा ज्ञान नहीं?
१८:६९
قَالَउसने कहाqālaسَتَجِدُنِىٓयक़ीनन तुम पाओगे मुझेsatajidunīإِنअगरinشَآءَचाहाshāaٱللَّهُअल्लाह नेl-lahuصَابِرًۭاसब्र करने वालाṣābiranوَلَآऔर नहींwalāأَعْصِىमैं नाफ़रमानी करूँगाaʿṣīلَكَतुम्हारीlakaأَمْرًۭاकिसी हुक्म मेंamran٦٩
उसने कहा : यदि अल्लाह ने चाहा, तो आप मुझे धैर्य रखने वाला पाएँगे और मैं आपके किसी आदेश का उल्लंघन नहीं करूँगा।
१८:७०
قَالَकहाqālaفَإِنِफिर अगरfa-iniٱتَّبَعْتَنِىपैरवी करो तुम मेरीittabaʿtanīفَلَاपस नाfalāتَسْـَٔلْنِىतुम सवाल करना मुझसेtasalnīعَنaboutʿanشَىْءٍकिसी चीज़ के बारे मेंshayinحَتَّىٰٓयहाँ तक किḥattāأُحْدِثَमैं बयान करूँuḥ'dithaلَكَतुम्हारे लिएlakaمِنْهُउसकाmin'huذِكْرًۭاज़िक्रdhik'ran٧٠
उन्होंने कहा : यदि तुम्हें मेरा अनुसरण करना है, तो मुझसे किसी चीज़ के बारे में प्रश्न न करना, यहाँ तक कि मैं (स्वयं ही) तुमसे उसकी चर्चा शुरू करूँ।
१८:७१
فَٱنطَلَقَاतो दोनों चल दिएfa-inṭalaqāحَتَّىٰٓयहाँ तक किḥattāإِذَاजबidhāرَكِبَاवो दोनों सवार हुएrakibāفِىonfīٱلسَّفِينَةِकश्ती मेंl-safīnatiخَرَقَهَا ۖतो उसने सूराख़ कर दिया उसमेंkharaqahāقَالَकहाqālaأَخَرَقْتَهَاक्या सूराख़ कर दिया तुमने इसमेंakharaqtahāلِتُغْرِقَताकि तुम ग़र्क़ करोlitugh'riqaأَهْلَهَاउसके मालिकों (सवारों) कोahlahāلَقَدْअलबत्ता तहक़ीक़laqadجِئْتَलाए हो तुमji'taشَيْـًٔاएक चीज़shayanإِمْرًۭاबड़ी अजीबim'ran٧١
फिर वे दोनों चले, यहाँ तक कि जब वे नौका पर सवार हुए, तो उस (ख़ज़िर) ने उसे फाड़ दिया। मूसा ने कहा : क्या आपने इसे इसलिए फाड़ दिया है कि इसके सवारों को डुबो दें? निश्चित रूप से आपने एक गंभीर काम कर डाला।
१८:७२
قَالَउसने कहाqālaأَلَمْक्या नहींalamأَقُلْमैंने कहा थाaqulإِنَّكَबेशक तुमinnakaلَنहरगिज़ नाlanتَسْتَطِيعَतुम इस्तिताअत रखोगेtastaṭīʿaمَعِىَमेरे साथmaʿiyaصَبْرًۭاसब्र कीṣabran٧٢
उन्होंने कहा : क्या मैंने नहीं कहा था कि तुम मेरे साथ हरगिज़ धैर्य न रख सकोगे?
१८:७३
قَالَकहाqālaلَا(Do) notlāتُؤَاخِذْنِىना तुम मुआख़ज़ा करो मेराtuākhidh'nīبِمَاउस पर जोbimāنَسِيتُभूल गया मैंnasītuوَلَاऔर नाwalāتُرْهِقْنِىछा जा मुझपरtur'hiq'nīمِنْinminأَمْرِىमेरे मामले मेंamrīعُسْرًۭاतँगी करकेʿus'ran٧٣
मूसा ने कहा : मुझे मेरी भूल पर न पकड़ें और मेरे मामले में मुझे किसी कठिनाई में न डालें।
१८:७४
فَٱنطَلَقَاतो दोनों चल दिएfa-inṭalaqāحَتَّىٰٓयहाँ तक किḥattāإِذَاजबidhāلَقِيَاवो दोनों मिलेlaqiyāغُلَـٰمًۭاएक लड़के कोghulāmanفَقَتَلَهُۥतो उसने क़त्ल कर दिया उसेfaqatalahuقَالَकहाqālaأَقَتَلْتَक्या क़त्ल कर दिया तुमनेaqataltaنَفْسًۭاएक जान कोnafsanزَكِيَّةًۢजो पाक थीzakiyyatanبِغَيْرِबग़ैरbighayriنَفْسٍۢकिसी जान के (बदले)nafsinلَّقَدْअलबत्ता तहक़ीक़laqadجِئْتَलाए हो तुमji'taشَيْـًۭٔاएक चीज़shayanنُّكْرًۭاइन्तिहाई नापसंदीदाnuk'ran٧٤
फिर वे दोनों चल पड़े, यहाँ तक कि जब वे एक बालक से मिले, तो उस (ख़ज़िर) ने उसे क़त्ल कर दिया। उस (मूसा) ने कहा : क्या आपने एक निर्दोष जान को किसी जान के बदले के बिना1 क़त्ल कर दिया? निःसंदेह आपने बहुत ही बुरा काम किया।
१८:७५
۞ قَالَउसने कहाqālaأَلَمْक्या नहींalamأَقُلमैंने कहा थाaqulلَّكَतुम्हेंlakaإِنَّكَबेशक तुमinnakaلَنहरगिज़ नहींlanتَسْتَطِيعَतुम इस्तिताअत रखोगेtastaṭīʿaمَعِىَमेरे साथmaʿiyaصَبْرًۭاसब्र कीṣabran٧٥
उन्होंने कहा : क्या मैंने तुमसे नहीं कहा था कि निश्चय तुम मेरे साथ हरगिज़ धैर्य न रख सकोगे?
१८:७६
قَالَकहा (मूसा ने)qālaإِنअगरinسَأَلْتُكَसवाल करूँ मैं तुमसेsa-altukaعَنaboutʿanشَىْءٍۭकिसी चीज़ के बारे मेंshayinبَعْدَهَاबाद इसकेbaʿdahāفَلَاतो नाfalāتُصَـٰحِبْنِى ۖतुम साथ रखना मुझेtuṣāḥib'nīقَدْतहक़ीक़qadبَلَغْتَपहुँच गए तुमbalaghtaمِنfrom meminلَّدُنِّىमेरी तरफ़ सेladunnīعُذْرًۭاउज़र कोʿudh'ran٧٦
(मूसा ने) कहा : यदि मैं इसके बाद आपसे किसी चीज़ के विषय में प्रश्न करूँ, तो मुझे अपने साथ न रखें। निश्चय आप मेरी ओर से उज़्र को पहुँच1 चुके।
१८:७७
فَٱنطَلَقَاपस वो दोनों चल दिएfa-inṭalaqāحَتَّىٰٓयहाँ तक किḥattāإِذَآजबidhāأَتَيَآवो दोनों आएatayāأَهْلَ(to the) peopleahlaقَرْيَةٍएक बस्ती वालों के पासqaryatinٱسْتَطْعَمَآउन दोनों ने खाना माँगाis'taṭʿamāأَهْلَهَاउसके रहने वालों सेahlahāفَأَبَوْا۟तो उन्होंने इन्कार कर दियाfa-abawأَنकिanيُضَيِّفُوهُمَاवो मेहमान बनाऐं उन्हेंyuḍayyifūhumāفَوَجَدَاतो उन दोनों ने पाईfawajadāفِيهَاउसमेंfīhāجِدَارًۭاएक दीवारjidāranيُرِيدُवो चाहती थीyurīduأَنकिanيَنقَضَّवो टूट गिरेyanqaḍḍaفَأَقَامَهُۥ ۖतो उसने सीधा खड़ा कर दिया उसेfa-aqāmahuقَالَउसने कहाqālaلَوْअगरlawشِئْتَचाहते तुमshi'taلَتَّخَذْتَअलबत्ता ले लेते तुमlattakhadhtaعَلَيْهِउस परʿalayhiأَجْرًۭاकोई उजरतajran٧٧
फिर दोनो चले, यहाँ तक कि जब एक गाँव वालों के पास आए, तो उसके वासियों से भोजन माँगा। परंतु उन्होंने उनका अतिथि सत्कार करने से इनकार कर दिया। फिर वहाँ उन्होंने एक दीवार पाई, जो गिरा चाहती थी। तो उस (खज़िर) ने उसे सीधा कर दिया। (मूसा ने) कहा : यदि आप चाहते, तो इसपर पारिश्रमिक ले लेते।
१८:७८
قَالَकहाqālaهَـٰذَاये हैhādhāفِرَاقُजुदाईfirāquبَيْنِىदर्मियान मेरेbaynīوَبَيْنِكَ ۚऔर दर्मियान तुम्हारेwabaynikaسَأُنَبِّئُكَअनक़रीब मैं बताऊँगा तुम्हेंsa-unabbi-ukaبِتَأْوِيلِहक़ीक़तbitawīliمَاउसकी जोmāلَمْनहींlamتَسْتَطِعतुम कर सकेtastaṭiʿعَّلَيْهِजिस परʿalayhiصَبْرًاसब्रṣabran٧٨
उसने कहा : यह मेरे और तुम्हारे बीच जुदाई है। मैं तुम्हें उसकी वास्तविकता बताऊँगा, जिसपर तुम धैर्य नहीं रख सके।
१८:७९
أَمَّاरहीammāٱلسَّفِينَةُकश्तीl-safīnatuفَكَانَتْतो थी वोfakānatلِمَسَـٰكِينَमिस्कीनों कीlimasākīnaيَعْمَلُونَजो काम करते थेyaʿmalūnaفِىinfīٱلْبَحْرِदरिया मेंl-baḥriفَأَرَدتُّतो चाहा मैंनेfa-aradttuأَنْकिanأَعِيبَهَاमैं ऐबदार कर दूँ उसेaʿībahāوَكَانَऔर थाwakānaوَرَآءَهُمआगे उनकेwarāahumمَّلِكٌۭएक बादशाहmalikunيَأْخُذُजो ले रहा थाyakhudhuكُلَّहरkullaسَفِينَةٍकश्ती कोsafīnatinغَصْبًۭاज़ुल्म/जबर सेghaṣban٧٩
रही नाव, तो वह कुछ निर्धनों की थी, जो सागर में काम करते थे। तो मैंने चाहा कि उसे ख़राब1 कर दूँ और उनके आगे एक राजा था, जो हर (अच्छी) नाव को छीन लेता था।
१८:८०
وَأَمَّاऔर रहाwa-ammāٱلْغُلَـٰمُलड़काl-ghulāmuفَكَانَतो थेfakānaأَبَوَاهُवालिदैन उसकेabawāhuمُؤْمِنَيْنِदोनों मोमिनmu'minayniفَخَشِينَآतो डर हुआ हमेंfakhashīnāأَنकिanيُرْهِقَهُمَاवो तकलीफ़ देगा उन्हेंyur'hiqahumāطُغْيَـٰنًۭاसरकशीṭugh'yānanوَكُفْرًۭاऔर कुफ़्र सेwakuf'ran٨٠
और रहा बालक, तो उसके माता-पिता दोनों ईमान वाले थे। अतः हम डरे कि वह उन दोनों को अवज्ञा और कुफ़्र में फँसा देगा।
१८:८१
فَأَرَدْنَآतो इरादा किया हमनेfa-aradnāأَنकिanيُبْدِلَهُمَاबदल कर दे उन दोनों कोyub'dilahumāرَبُّهُمَاरब उन दोनों काrabbuhumāخَيْرًۭاबेहतरkhayranمِّنْهُउससेmin'huزَكَوٰةًۭपाकीज़गी मेंzakatanوَأَقْرَبَऔर ज़्यादा क़रीबwa-aqrabaرُحْمًۭاरहमत मेंruḥ'man٨١
इसलिए हमने चाहा कि उन दोनों का पालनहार उन्हें बदले में ऐसा बच्चा दे, जो पवित्रता में उससे बेहतर और करुणा में अधिक क़रीब हो।
१८:८२
وَأَمَّاऔर रहीwa-ammāٱلْجِدَارُदीवारl-jidāruفَكَانَपस वो थीfakānaلِغُلَـٰمَيْنِदो लड़कों कीlighulāmayniيَتِيمَيْنِजो दोनों यतीम थेyatīmayniفِىinfīٱلْمَدِينَةِशहर मेंl-madīnatiوَكَانَऔर थाwakānaتَحْتَهُۥनीचे उसकेtaḥtahuكَنزٌۭएक ख़ज़ानाkanzunلَّهُمَاउन दोनों काlahumāوَكَانَऔर थाwakānaأَبُوهُمَاउन दोनों का बापabūhumāصَـٰلِحًۭاनेकṣāliḥanفَأَرَادَतो इरादा कियाfa-arādaرَبُّكَतेरे रब नेrabbukaأَنकिanيَبْلُغَآवो दोनों पहुँचेंyablughāأَشُدَّهُمَاअपनी जवानी कोashuddahumāوَيَسْتَخْرِجَاऔर वो दोनों निकालेंwayastakhrijāكَنزَهُمَاअपने ख़ज़ाने कोkanzahumāرَحْمَةًۭबतौरे रहमतraḥmatanمِّنfromminرَّبِّكَ ۚतेरे रब की तरफ़ सेrabbikaوَمَاऔर नहींwamāفَعَلْتُهُۥकिया मैंने उसेfaʿaltuhuعَنْonʿanأَمْرِى ۚअपनी राय सेamrīذَٰلِكَये हैdhālikaتَأْوِيلُहक़ीक़तtawīluمَاउसकी जोmāلَمْनहींlamتَسْطِعतुम कर सकेtasṭiʿعَّلَيْهِजिस परʿalayhiصَبْرًۭاसब्रṣabran٨٢
और रही दीवार, तो वह शहर के दो अनाथ लड़कों की थी और उसके नीचे उन दोनों के लिए एक खज़ाना था और उनके पिता नेक थे। तो तेरे पालनहार ने चाहा कि वे दोनों अपनी जवानी को पहुँच जाएँ और अपना खज़ाना निकाल लें, तेरे पालनहार की ओर से दया स्वरूप। और मैंने यह अपनी मर्जी से नहीं किया।1 यह है उन बातों का असली सच जिनपर तुम धैर्य न रख सके।
१८:८३
وَيَسْـَٔلُونَكَऔर वो सवाल करते हैं आपसेwayasalūnakaعَنaboutʿanذِىDhul-qarnaindhīٱلْقَرْنَيْنِ ۖज़ुलक़रनैन के बारे मेंl-qarnayniقُلْकह दीजिएqulسَأَتْلُوا۟अनक़रीब मैं पढ़ूँगाsa-atlūعَلَيْكُمतुम परʿalaykumمِّنْهُउसकाmin'huذِكْرًاकुछ हालdhik'ran٨٣
और (ऐ नबी!) वे आपसे ज़ुल-क़रनैन1 के विषय में प्रश्न करते हैं। आप कह दें : मैं तुम्हें उसका कुछ वृत्तांत पढ़कर सुनाऊँगा।
१८:८४
إِنَّاबेशक हमinnāمَكَّنَّاइक़्तिदार दिया हमनेmakkannāلَهُۥउसेlahuفِىinfīٱلْأَرْضِज़मीन मेंl-arḍiوَءَاتَيْنَـٰهُऔर दिए हमने उसेwaātaynāhuمِنofminكُلِّeverykulliشَىْءٍۢहर चीज़ सेshayinسَبَبًۭاअसबाबsababan٨٤
हमने उसे धरती में प्रभुत्व प्रदान किया तथा उसे प्रत्येक प्रकार का साधन दिया।
१८:८५
فَأَتْبَعَतो उसने पीछे लगायाfa-atbaʿaسَبَبًاअसबाब कोsababan٨٥
तो वह कुछ सामान लेकर चला।
१८:८६
حَتَّىٰٓयहाँ तक किḥattāإِذَاजबidhāبَلَغَवो पहुँच गयाbalaghaمَغْرِبَग़ुरूब होने की जगहmaghribaٱلشَّمْسِसूरज केl-shamsiوَجَدَهَاउसने पाया उसेwajadahāتَغْرُبُवो ग़ुरूब हो रहा हैtaghrubuفِىinfīعَيْنٍएक चश्मे मेंʿayninحَمِئَةٍۢस्याह कीचड़ वालेḥami-atinوَوَجَدَऔर उसने पायाwawajadaعِندَهَاपास उसकेʿindahāقَوْمًۭا ۗएक क़ौम कोqawmanقُلْنَاकहा हमनेqul'nāيَـٰذَاO Dhul-qarnainyādhāٱلْقَرْنَيْنِऐ ज़ुलक़रनैनl-qarnayniإِمَّآख़्वाहimmāأَنये किanتُعَذِّبَतू सज़ा देtuʿadhibaوَإِمَّآऔर ख़्वाहwa-immāأَنये किanتَتَّخِذَतू इख़्तियार करेtattakhidhaفِيهِمْउनके मामले मेंfīhimحُسْنًۭاभलाईḥus'nan٨٦
यहाँ तक कि जब वह सूर्यास्त के स्थान1 तक पहुँचा, तो उसे पाया कि वह एक काले कीचड़ वाले जलस्रोत में डूब रहा है और उसके पास एक जाति को पाया। हमने कहा : ऐ ज़ुल-क़रनैन! या तो तू उन्हें यातना दे और या तो तू उनके साथ अच्छा व्यवहार कर।
१८:८७
قَالَउसने कहाqālaأَمَّاरहा वोammāمَنजिसनेmanظَلَمَज़ुल्म कियाẓalamaفَسَوْفَतो अनक़रीबfasawfaنُعَذِّبُهُۥहम सज़ा देंगे उसेnuʿadhibuhuثُمَّफिरthummaيُرَدُّवो लौटाया जाएगाyuradduإِلَىٰtoilāرَبِّهِۦतरफ़ अपने रब केrabbihiفَيُعَذِّبُهُۥतो वो अजाब देगा उसेfayuʿadhibuhuعَذَابًۭاअज़ाबʿadhābanنُّكْرًۭاसख़्तnuk'ran٨٧
उसने कहा : जो अत्याचार करेगा, हम उसे शीघ्र दंड देंगे। फिर वह अपने पालनहार की ओर लौटाया1 जाएगा, तो वह उसे बहुत बुरी यातना देगा।
१८:८८
وَأَمَّاऔर रहाwa-ammāمَنْवो जोmanءَامَنَईमान लायाāmanaوَعَمِلَऔर उसने अमल किएwaʿamilaصَـٰلِحًۭاनेकṣāliḥanفَلَهُۥतो उसके लिएfalahuجَزَآءًजज़ा हैjazāanٱلْحُسْنَىٰ ۖअच्छीl-ḥus'nāوَسَنَقُولُऔर अनक़रीब हम कहेंगेwasanaqūluلَهُۥउसेlahuمِنْfromminأَمْرِنَاअपने काम में सेamrināيُسْرًۭاआसानyus'ran٨٨
परंतु जो ईमान लाया और उसने अच्छा कर्म किया, तो उसके लिए बदले में भलाई है और शीघ्र ही हम उसे अपने काम में से सर्वथा सरलता का आदेश देंगे।
१८:८९
ثُمَّफिरthummaأَتْبَعَउसने पीछे लगायाatbaʿaسَبَبًاअसबाब कोsababan٨٩
फिर वह कुछ और सामान लेकर चला।
१८:९०
حَتَّىٰٓयहाँ तक किḥattāإِذَاजबidhāبَلَغَवो पहुँच गयाbalaghaمَطْلِعَतुलूअ होने की जगहmaṭliʿaٱلشَّمْسِसूरज केl-shamsiوَجَدَهَاउसने पाया उसेwajadahāتَطْلُعُकि वो तुलूअ हो रहा हैtaṭluʿuعَلَىٰonʿalāقَوْمٍۢउन लोगों परqawminلَّمْनहींlamنَجْعَلबनाया हमनेnajʿalلَّهُمउनके लिएlahumمِّنagainst itminدُونِهَاउस (सूरज) के आगेdūnihāسِتْرًۭاकोई परदा/ओटsit'ran٩٠
यहाँ तक कि जब वह सूरज उगने के स्थान पर पहुँचा, तो उसे ऐसे लोगों पर उगता हुआ पाया, जिनके लिए हमने उसके सामने पर्दा नहीं बनाया था।
१८:९१
كَذَٰلِكَइसी तरहkadhālikaوَقَدْऔर तहक़ीक़waqadأَحَطْنَاघेर रखा था हमनेaḥaṭnāبِمَاउसको जोbimāلَدَيْهِउसके पास थाladayhiخُبْرًۭاख़बर में सेkhub'ran٩١
मामला ऐसा ही था और उस (ज़ुल-क़रनैन) के पास जो कुछ था, निश्चित रूप से वह हमारे ज्ञान के घेरे में था।
१८:९२
ثُمَّफिरthummaأَتْبَعَउसने पीछे लगायाatbaʿaسَبَبًاअसबाब कोsababan٩٢
फिर वह कुछ और सामान लेकर चला।
१८:९३
حَتَّىٰٓयहाँ तक किḥattāإِذَاजबidhāبَلَغَवो पहुँचाbalaghaبَيْنَbetweenbaynaٱلسَّدَّيْنِदर्मियान दो पहाड़ों केl-sadayniوَجَدَउसने पायाwajadaمِنbesides themminدُونِهِمَاउन दोनों से उस तरफ़dūnihimāقَوْمًۭاऐसे लोगों कोqawmanلَّاnotlāيَكَادُونَना वो क़रीब थेyakādūnaيَفْقَهُونَकि वो समझतेyafqahūnaقَوْلًۭاबात कोqawlan٩٣
यहाँ तक कि जब वह दो पर्वतों के बीच पहुँचा, तो उन दोनों की उस ओर एक जाति को पाया, जो क़रीब न थी कि कोई बात समझे।1
१८:९४
قَالُوا۟उन्होंने कहाqālūيَـٰذَاO Dhul-qarnainyādhāٱلْقَرْنَيْنِऐ ज़ुलक़रनैनl-qarnayniإِنَّबेशकinnaيَأْجُوجَयाजूजyajūjaوَمَأْجُوجَऔर माजूजwamajūjaمُفْسِدُونَफ़साद करने वाले हैंmuf'sidūnaفِىinfīٱلْأَرْضِज़मीन मेंl-arḍiفَهَلْतो क्याfahalنَجْعَلُहम (जमा) कर देंnajʿaluلَكَतेरे लिएlakaخَرْجًاकुछ ख़राजkharjanعَلَىٰٓइस परʿalāأَنकिanتَجْعَلَतू बना देtajʿalaبَيْنَنَاदर्मियान हमारेbaynanāوَبَيْنَهُمْऔर दर्मियान उनकेwabaynahumسَدًّۭاएक बँद/दीवारsaddan٩٤
उन्होंने कहा : ऐ ज़ुल-क़रनैन! निःसंदेह याजूज और माजूज इस भूभाग में उत्पात मचाने वाले हैं। तो क्या हम आपके लिए कुछ राजस्व तय कर दें, इस शर्त पर कि आप हमारे और उनके बीच एक अवरोध बना दें?
१८:९५
قَالَउसने कहाqālaمَاजोmāمَكَّنِّىक़ुदरत दी है मुझेmakkannīفِيهِइसमेंfīhiرَبِّىमेरे रब नेrabbīخَيْرٌۭबेहतर हैkhayrunفَأَعِينُونِىपस तुम सब मदद करो मेरीfa-aʿīnūnīبِقُوَّةٍसाथ क़ुव्वत केbiquwwatinأَجْعَلْमैं बनाऊँajʿalبَيْنَكُمْदर्मियान तुम्हारेbaynakumوَبَيْنَهُمْऔर दर्मियान उनकेwabaynahumرَدْمًاएक मज़बूत बँदradman٩٥
उसने कहा : मेरे पालनहार ने जो कुछ मुझे प्रदान किया है, वह उत्तम है। अतः तुम श्रमशक्ति से मेरी सहायता करो, मैं तुम्हारे और उनके बीच एक मोटी (और दृढ़) दीवार बना दूँगा।
१८:९६
ءَاتُونِىदो मुझेātūnīزُبَرَतख़्तेzubaraٱلْحَدِيدِ ۖलोहे केl-ḥadīdiحَتَّىٰٓयहाँ तक किḥattāإِذَاजबidhāسَاوَىٰउसने बराबर कर दियाsāwāبَيْنَदर्मियानbaynaٱلصَّدَفَيْنِदो पहाड़ों के ख़ला कोl-ṣadafayniقَالَकहाqālaٱنفُخُوا۟ ۖफूँकोunfukhūحَتَّىٰٓयहाँ तक किḥattāإِذَاजबidhāجَعَلَهُۥउसने कर दिया उसेjaʿalahuنَارًۭاआगnāranقَالَकहाqālaءَاتُونِىٓदो मुझेātūnīأُفْرِغْमैं उँडेलूंuf'righعَلَيْهِइस परʿalayhiقِطْرًۭاपिघला हुआ ताँबाqiṭ'ran٩٦
मुझे लोहे के टुकड़े ला दो, यहाँ तक कि जब दोनों पहाड़ों के बीच का हिस्सा ऊपर तक बराबर कर दिया, तो कहा : अब इसमें आग दहकाओ, यहाँ तक कि जब उसे आग कर दिया, तो कहा : मुझे पिघला हुआ ताँबा ला दो, ताकि मैं इसपर उँड़ेल दूँ।
१८:९७
فَمَاतो नाfamāٱسْطَـٰعُوٓا۟वो ताक़त रखते थेis'ṭāʿūأَنकिanيَظْهَرُوهُवो चढ़ सकें उस परyaẓharūhuوَمَاऔर नाwamāٱسْتَطَـٰعُوا۟वो ताक़त रखते थेis'taṭāʿūلَهُۥउसमेंlahuنَقْبًۭاसूराख़ करने कीnaqban٩٧
फिर उनमें न यह शक्ति रही कि उस पर चढ़ सकें और न वे उसमें कोई छेद कर सके।
१८:९८
قَالَकहाqālaهَـٰذَاये हैhādhāرَحْمَةٌۭरहमतraḥmatunمِّنfromminرَّبِّى ۖमेरे रब की तरफ़ सेrabbīفَإِذَاफिर जबfa-idhāجَآءَआ जाएगाjāaوَعْدُवादाwaʿduرَبِّىमेरे रब काrabbīجَعَلَهُۥवो कर देगा उसेjaʿalahuدَكَّآءَ ۖरेज़ा-रेज़ाdakkāaوَكَانَऔर हैwakānaوَعْدُवादाwaʿduرَبِّىमेरे रब काrabbīحَقًّۭاबरहक़ḥaqqan٩٨
उस (ज़ुलक़रनैन) ने कहा : यह मेरे पालनहार की ओर से एक दया है। फिर जब मेरे पालनहार का वादा1 आ जाएगा, तो वह इसे पृथ्वी के बराबर कर देगा, और मेरे पालनहार का वादा हमेशा से सच्चा है।
१८:९९
۞ وَتَرَكْنَاऔर छोड़ देंगे हमwataraknāبَعْضَهُمْउनके बाज़ कोbaʿḍahumيَوْمَئِذٍۢउस दिनyawma-idhinيَمُوجُवो मौज की तरह घुस जाऐंगेyamūjuفِىoverfīبَعْضٍۢ ۖबाज़ मेंbaʿḍinوَنُفِخَऔर फूँक मारी जाएगीwanufikhaفِىinfīٱلصُّورِसूर मेंl-ṣūriفَجَمَعْنَـٰهُمْतो जमा कर लेंगे हम उन्हेंfajamaʿnāhumجَمْعًۭاजमा करनाjamʿan٩٩
और उस1 दिन हम उन्हें इस अवस्था में छोड़ देंगे कि वे एक-दूसरे से मौजों की तरह परस्पर गुत्थम-गुत्था हो जाएँगे और “सूर” फूँक दिया जाएगा, तो हम उन सभी को इकट्ठा करेंगे।
१८:१००
وَعَرَضْنَاऔर पेश करेंगे हमwaʿaraḍnāجَهَنَّمَजहन्नम कोjahannamaيَوْمَئِذٍۢउस दिनyawma-idhinلِّلْكَـٰفِرِينَकाफ़िरों के लिएlil'kāfirīnaعَرْضًاपेश करनाʿarḍan١٠٠
और उस दिन हम जहन्नम को काफिरों के ठीक सामने कर देंगे।
१८:१०१
ٱلَّذِينَवो लोग जोalladhīnaكَانَتْथींkānatأَعْيُنُهُمْआँखें उनकीaʿyunuhumفِىwithinfīغِطَآءٍपर्दे मेंghiṭāinعَنfromʿanذِكْرِىमेरे ज़िक्र सेdhik'rīوَكَانُوا۟और थे वोwakānūلَاnotlāيَسْتَطِيعُونَना वो इस्तिताअत रखतेyastaṭīʿūnaسَمْعًاसुनने कीsamʿan١٠١
जिनकी आँखें मेरी याद से पर्दे में थीं और वे सुन ही नहीं सकते थे।
१८:१०२
أَفَحَسِبَक्या फिर गुमान करते हैंafaḥasibaٱلَّذِينَवो लोग जिन्होंनेalladhīnaكَفَرُوٓا۟कुफ़्र कियाkafarūأَنकिanيَتَّخِذُوا۟वो बना लेंगेyattakhidhūعِبَادِىमेरे बन्दों कोʿibādīمِنbesides Meminدُونِىٓमेरे सिवाdūnīأَوْلِيَآءَ ۚहिमायती/दोस्तawliyāaإِنَّآबेशक हमinnāأَعْتَدْنَاतैयार कर रखा है हमनेaʿtadnāجَهَنَّمَजहन्नम कोjahannamaلِلْكَـٰفِرِينَकाफ़िरों के लिएlil'kāfirīnaنُزُلًۭاबतौरे मेहमानी केnuzulan١٠٢
तो क्या जिन लोगों ने कुफ़्र किया, उन्होंने यह सोचा है कि वे मुझे छोड़कर मेरे बंदों को सहायक बना लेंगे? निःसंदेह हमने जहन्नम को काफिरों के लिए आतिथ्य के रूप में तैयार कर रखा है।
१८:१०३
قُلْकह दीजिएqulهَلْक्याhalنُنَبِّئُكُمहम बताऐं तुम्हेंnunabbi-ukumبِٱلْأَخْسَرِينَसबसे ज़्यादा ख़सारा वालेbil-akhsarīnaأَعْمَـٰلًاआमाल मेंaʿmālan١٠٣
आप कह दें : क्या हम तुम्हें उन लोगों के बारे में बताएँ जो कर्मों में सबसे अधिक घाटा वाले हैं?
१८:१०४
ٱلَّذِينَवो लोग जोalladhīnaضَلَّज़ाया हो गईḍallaسَعْيُهُمْकोशिश उनकीsaʿyuhumفِىinfīٱلْحَيَوٰةِज़िन्दगी मेंl-ḥayatiٱلدُّنْيَاदुनिया कीl-dun'yāوَهُمْऔर वोwahumيَحْسَبُونَवो समझते हैंyaḥsabūnaأَنَّهُمْकि बेशक वोannahumيُحْسِنُونَवो अच्छे कर रहे हैंyuḥ'sinūnaصُنْعًاकामṣun'ʿan١٠٤
वे लोग जिनका प्रयास संसार के जीवन में व्यर्थ हो गया है और वे सोचते हैं कि निःसंदेह वे एक अच्छा काम कर रहे हैं।
१८:१०५
أُو۟لَـٰٓئِكَयही वो लोग हैंulāikaٱلَّذِينَजिन्होंनेalladhīnaكَفَرُوا۟कुफ़्र कियाkafarūبِـَٔايَـٰتِसाथ आयात केbiāyātiرَبِّهِمْअपने रब कीrabbihimوَلِقَآئِهِۦऔर उसकी मुलाक़ात कीwaliqāihiفَحَبِطَتْतो ज़ाया हो गएfaḥabiṭatأَعْمَـٰلُهُمْआमाल उनकेaʿmāluhumفَلَاतो नहींfalāنُقِيمُहम क़ायम करेंगेnuqīmuلَهُمْउनके लिएlahumيَوْمَदिनyawmaٱلْقِيَـٰمَةِक़यामत केl-qiyāmatiوَزْنًۭاकोई वज़नwaznan١٠٥
यही वे लोग हैं, जिन्होंने अपने पालनहार की आयतों और उससे मिलन का इनकार किया। तो उनके कर्म बेकार हो गए, अतः हम क़ियामत के दिन उनके लिए कोई वज़न नहीं रखेंगे।1
१८:१०६
ذَٰلِكَये हैdhālikaجَزَآؤُهُمْबदला उनकाjazāuhumجَهَنَّمُजहन्नमjahannamuبِمَاबवजह उसके जोbimāكَفَرُوا۟उन्होंने कुफ़्र कियाkafarūوَٱتَّخَذُوٓا۟और उन्होंने बना लियाwa-ittakhadhūءَايَـٰتِىमेरी आयात कोāyātīوَرُسُلِىऔर मेरे रसूलों कोwarusulīهُزُوًاमज़ाक़huzuwan١٠٦
यह उनका बदला नरक है, इस कारण कि उन्होंने कुफ़्र किया और मेरी आयतों और मेरे रसूलों का मज़ाक उड़ाया।
१८:१०७
إِنَّबेशकinnaٱلَّذِينَवो लोग जोalladhīnaءَامَنُوا۟ईमान लाएāmanūوَعَمِلُوا۟और उन्होंने अमल किएwaʿamilūٱلصَّـٰلِحَـٰتِनेकl-ṣāliḥātiكَانَتْहैंkānatلَهُمْउनके लिएlahumجَنَّـٰتُबाग़ातjannātuٱلْفِرْدَوْسِफ़िरदौस केl-fir'dawsiنُزُلًاबतौरे मेहमनीnuzulan١٠٧
निःसंदेह जो लोग ईमान लाए और उन्होंने अच्छे कर्म किए, उनके आतिथ्य के लिए फ़िरदौस1 के बाग़ होंगे।
१८:१०८
خَـٰلِدِينَहमेशा रहने वाले हैंkhālidīnaفِيهَاउनमेंfīhāلَاNotlāيَبْغُونَना वो चाहेंगेyabghūnaعَنْهَاउनसेʿanhāحِوَلًۭاफिरनाḥiwalan١٠٨
उनमें हमेशा रहने वाले होंगे, वे उससे स्थान बदलना नहीं चाहेंगे।
१८:१०९
قُلकह दीजिएqulلَّوْअगरlawكَانَहो जाएkānaٱلْبَحْرُसमन्दर (का पानी)l-baḥruمِدَادًۭاरोशनाईmidādanلِّكَلِمَـٰتِकलिमात के लिएlikalimātiرَبِّىमेरे रब केrabbīلَنَفِدَअलबत्ता ख़त्म हो जाएlanafidaٱلْبَحْرُसमन्दर (का पानी)l-baḥruقَبْلَइससे पहलेqablaأَنकिanتَنفَدَख़त्म होंtanfadaكَلِمَـٰتُकलिमातkalimātuرَبِّىमेरे रब केrabbīوَلَوْऔर अगरचेwalawجِئْنَاलाऐं हमji'nāبِمِثْلِهِۦमानिन्द इसकेbimith'lihiمَدَدًۭاमदद (मज़ीद)madadan١٠٩
(ऐ नबी!) आप कह दें : यदि सागर मेरे पालनहार की बातें लिखने के लिए स्याही बन जाए, तो निश्चय सागर समाप्त हो जाएगा इससे पहले कि मेरे पालनहार की बातें समाप्त हों, यद्यपि हम उसके बराबर और स्याही ले आएँ।
१८:११०
قُلْकह दीजिएqulإِنَّمَآबेशकinnamāأَنَا۠मैंanāبَشَرٌۭएक इन्सान हूँbasharunمِّثْلُكُمْतुम जैसाmith'lukumيُوحَىٰٓवही की जाती हैyūḥāإِلَىَّमेरी तरफ़ilayyaأَنَّمَآबेशकannamāإِلَـٰهُكُمْइलाह तुम्हाराilāhukumإِلَـٰهٌۭइलाह हैilāhunوَٰحِدٌۭ ۖएक हीwāḥidunفَمَنतो जो कोईfamanكَانَहो वोkānaيَرْجُوا۟वो उम्मीद रखताyarjūلِقَآءَमुलाक़ात कीliqāaرَبِّهِۦअपने रब सेrabbihiفَلْيَعْمَلْपस चाहिए कि वो अमल करेfalyaʿmalعَمَلًۭاअमलʿamalanصَـٰلِحًۭاनेकṣāliḥanوَلَاऔर नाwalāيُشْرِكْवो शरीक ठहराएyush'rikبِعِبَادَةِइबादत मेंbiʿibādatiرَبِّهِۦٓअपने रब कीrabbihiأَحَدًۢاकिसी एक कोaḥadan١١٠
आप कह दे : मैं तो तुम्हारे जैसा ही एक मनुष्य हूँ, मेरी ओर प्रकाशना (वह़्य) की जाती है कि तुम्हारा पूज्य केवल एक ही पूज्य है। अतः जो कोई अपने पालनहार से मिलने की आशा रखता हो, उसके लिए आवश्यक है कि वह अच्छे कर्म करे और अपने पालनहार की इबादत में किसी को साझी न बनाए।
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