१९
मरयम
مريم
सूरह मरयम (مريم) पवित्र क़ुरआन का १९ वाँ अध्याय है — यह एक मक्की सूरह है जिसमें ९८ आयतें हैं। मक्की सूरहें पैग़म्बर मुहम्मद (सल्ल.) के मदीना प्रवास से पहले उतरीं और प्रायः ईमान, अल्लाह की एकता और आख़िरत पर बल देती हैं।
Bookmarks (0)
No bookmarks yet. Click the bookmark icon next to any ayah to save it.
बिस्मिल्लाह
بِسْمِसाथ नामbis'miٱللَّهِअल्लाह केl-lahiٱلرَّحْمَـٰنِजो बहुत मेहरबानl-raḥmāniٱلرَّحِيمِनिहायत रहम करने वाला हैl-raḥīmi
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
१९:१
كٓهيعٓصٓک ہ ی ع صkaf-ha-ya-ain-sad١
काफ़, हा, या, ऐन, स़ाद।
१९:२
ذِكْرُज़िक्र हैdhik'ruرَحْمَتِरहमत काraḥmatiرَبِّكَआपके रब कीrabbikaعَبْدَهُۥअपने बन्देʿabdahuزَكَرِيَّآज़करिया परzakariyyā٢
(यह) आपके पालनहार की अपने बंदे ज़करिय्या पर दया की चर्चा है।
१९:३
إِذْजबidhنَادَىٰउसने पुकाराnādāرَبَّهُۥअपने रब कोrabbahuنِدَآءًपुकारनाnidāanخَفِيًّۭاछुपी (आवाज़) सेkhafiyyan٣
जब उसने अपने पालनहार को गुप्त स्वर में पुकारा।
१९:४
قَالَकहाqālaرَبِّऐ मेरे रबrabbiإِنِّىबेशक मैंinnīوَهَنَकमज़ोर हो गईंwahanaٱلْعَظْمُहड्डियाँl-ʿaẓmuمِنِّىमेरीminnīوَٱشْتَعَلَऔर भड़क उठाwa-ish'taʿalaٱلرَّأْسُसरl-rasuشَيْبًۭاबुढ़ापे सेshaybanوَلَمْऔर नहींwalamأَكُنۢहुआ मैंakunبِدُعَآئِكَपुकार कर तुझेbiduʿāikaرَبِّऐ मेरे रबrabbiشَقِيًّۭاकभी नामुरादshaqiyyan٤
उसने कहा : ऐ मेरे पालनहार! निश्चय मेरी हड्डियाँ कमज़ोर हो गईं और सिर बुढ़ापे से सफेद1 हो गया, तथा ऐ मेरे पालनहार! मैं तुझे पुकारकर कभी असफल नहीं हुआ।
१९:५
وَإِنِّىऔर बेशक मैंwa-innīخِفْتُमैं डरता हूँkhif'tuٱلْمَوَٰلِىَवारिसों सेl-mawāliyaمِنafter meminوَرَآءِىपीछे अपनेwarāīوَكَانَتِऔर हैwakānatiٱمْرَأَتِىबीवी मेरीim'ra-atīعَاقِرًۭاबाँझʿāqiranفَهَبْपस अता करfahabلِىमुझेlīمِنfromminلَّدُنكَअपने पास सेladunkaوَلِيًّۭاवारिसwaliyyan٥
और निःसंदेह मैं अपने पीछे रिश्तेदारों से डरता हूँ, और मेरी पत्नी आरंभ से बाँझ है, अतः मुझे अपनी ओर से एक उत्तराधिकारी प्रदान कर दे।
१९:६
يَرِثُنِىजो वारिस हो मेराyarithunīوَيَرِثُऔर वारिस होwayarithuمِنْfromminءَالِ(the) familyāliيَعْقُوبَ ۖआले याक़ूब काyaʿqūbaوَٱجْعَلْهُऔर बना दे उसेwa-ij'ʿalhuرَبِّऐ मेरे रबrabbiرَضِيًّۭاपसंदीदाraḍiyyan٦
जो मेरा उत्तराधिकारी हो तथा याक़ूब के वंश का उत्तराधिकारी1 हो और ऐ मेरे पालनहार! उसे पसंदीदा बना दे।
१९:७
يَـٰزَكَرِيَّآऐ ज़करियाyāzakariyyāإِنَّاबेशक हमinnāنُبَشِّرُكَहम ख़ुशख़बरी देते हैं तुझेnubashirukaبِغُلَـٰمٍएक लड़के कीbighulāminٱسْمُهُۥनाम जिसकाus'muhuيَحْيَىٰयाहया (होगा)yaḥyāلَمْनहींlamنَجْعَلहमने बनायाnajʿalلَّهُۥइसकाlahuمِنbeforeminقَبْلُइससे पहलेqabluسَمِيًّۭاकोई हम नामsamiyyan٧
ऐ ज़करिय्या! निःसंदेह हम तुझे एक बालक की शुभ सूचना देते हैं, जिसका नाम यह़्या है। हमने इससे पहले उसका कोई समनाम नहीं बनाया।
१९:८
قَالَकहाqālaرَبِّऐ मेरे रबrabbiأَنَّىٰकैसेannāيَكُونُहोगाyakūnuلِىमेरे लिएlīغُلَـٰمٌۭलड़काghulāmunوَكَانَتِजबकि हैwakānatiٱمْرَأَتِىबीवी मेरीim'ra-atīعَاقِرًۭاबाँझʿāqiranوَقَدْऔर तहक़ीक़waqadبَلَغْتُपहुँचा हुआ हूँ मैंbalaghtuمِنَofminaٱلْكِبَرِबुढ़ापे केl-kibariعِتِيًّۭاइन्तिहाई दर्जे कोʿitiyyan٨
उसने कहा : ऐ मेरे पालनहार! मेरे यहाँ बालक कैसे होगा, जबकि मेरी पत्नी शुरू से बाँझ है और मैं बुढ़ापे की अंतिम सीमा को पहुँच गया हूँ।
१९:९
قَالَउसने कहाqālaكَذَٰلِكَइसी तरहkadhālikaقَالَफ़रमाया हैqālaرَبُّكَतेरे रब नेrabbukaهُوَवोhuwaعَلَىَّमुझ परʿalayyaهَيِّنٌۭबहुत आसान हैhayyinunوَقَدْऔर तहक़ीक़waqadخَلَقْتُكَपैदा किया मैंने तुझेkhalaqtukaمِنbeforeminقَبْلُइससे पहलेqabluوَلَمْऔर नाwalamتَكُथा तूtakuشَيْـًۭٔاकुछ भीshayan٩
उसने कहा : ऐसा ही है, तेरे पालनहार ने कहा है : यह मेरे लिए सरल है, और निश्चय मैंने तुझे इससे पहले पैदा किया, जबकि तू कुछ भी नहीं था।
१९:१०
قَالَकहाqālaرَبِّऐ मेरे रबrabbiٱجْعَلबनाij'ʿalلِّىٓमेरे लिएlīءَايَةًۭ ۚकोई निशानीāyatanقَالَकहाqālaءَايَتُكَनिशानी तेरीāyatukaأَلَّاये कि नाallāتُكَلِّمَतू कलाम करेगाtukallimaٱلنَّاسَलोगों सेl-nāsaثَلَـٰثَतीनthalāthaلَيَالٍۢरातेंlayālinسَوِيًّۭاतंदरुस्ती (के बावजूद)sawiyyan١٠
उस (ज़करिय्या) ने कहा : ऐ मेरे पालनहार! मेरे लिए कोई निशानी निर्धारित कर दे। (अल्लाह ने) फरमाया : तेरी निशानी यह है कि तू स्वस्थ होते हुए लोगों से तीन रातों तक बात नहीं करेगा।1
१९:११
فَخَرَجَपस वो निकलाfakharajaعَلَىٰtoʿalāقَوْمِهِۦअपनी क़ौम परqawmihiمِنَfromminaٱلْمِحْرَابِमेहराब सेl-miḥ'rābiفَأَوْحَىٰٓतो उसने इशारा कियाfa-awḥāإِلَيْهِمْतरफ़ उनकेilayhimأَنकिanسَبِّحُوا۟तस्बीह करोsabbiḥūبُكْرَةًۭसुबहbuk'ratanوَعَشِيًّۭاऔर शामwaʿashiyyan١١
फिर वह उपासना-गृह से निकलकर अपनी जाति के पास आया और उन्हें संकेत द्वारा आदेश दिया कि सुबह और शाम (अल्लाह की) पवित्रता का वर्णन करो।
१९:१२
يَـٰيَحْيَىٰऐ याहयाyāyaḥyāخُذِपकड़ोkhudhiٱلْكِتَـٰبَकिताब कोl-kitābaبِقُوَّةٍۢ ۖक़ुव्वत सेbiquwwatinوَءَاتَيْنَـٰهُऔर दी हमने उसेwaātaynāhuٱلْحُكْمَहिकमत/दानाईl-ḥuk'maصَبِيًّۭاबचपन ही सेṣabiyyan١٢
ऐ यह़्या1! इस पुस्तक (तौरात) को मज़बूती से थाम लो। और हमने उसे बचपन ही में निर्णय-शक्ति प्रदान की।
१९:१३
وَحَنَانًۭاऔर नर्म दिलीwaḥanānanمِّنfromminلَّدُنَّاअपने पास सेladunnāوَزَكَوٰةًۭ ۖऔर पाकीज़गीwazakatanوَكَانَऔर था वोwakānaتَقِيًّۭاपरहेज़गारtaqiyyan١٣
तथा अपनी ओर से दया तथा पवित्रता (प्रदान की) और वह बड़ा संयमी (परहेज़गार) था।
१९:१४
وَبَرًّۢاऔर नेकोकारwabarranبِوَٰلِدَيْهِसाथ अपने वालिदैन केbiwālidayhiوَلَمْऔर नाwalamيَكُنथा वोyakunجَبَّارًاसरकशjabbāranعَصِيًّۭاनाफ़रमानʿaṣiyyan١٤
तथा अपने माता-पिता के साथ सुशील था। तथा वह क्रूर और अवज्ञाकारी नहीं था।
१९:१५
وَسَلَـٰمٌऔर सलाम हैwasalāmunعَلَيْهِउस परʿalayhiيَوْمَजिस दिनyawmaوُلِدَवो पैदा किया गयाwulidaوَيَوْمَऔर जिस दिनwayawmaيَمُوتُवो फ़ौत होगाyamūtuوَيَوْمَऔर जिस दिनwayawmaيُبْعَثُवो उठाया जाएगाyub'ʿathuحَيًّۭاज़िन्दा करकेḥayyan١٥
और उसपर सलामती हो जिस दिन वह पैदा हुआ और जिस दिन वह मरेगा और जिस दिन वह जीवित करके उठाया जाएगा।
१९:१६
وَٱذْكُرْऔर ज़िक्र करोwa-udh'kurفِىinfīٱلْكِتَـٰبِकिताब मेंl-kitābiمَرْيَمَमरियम काmaryamaإِذِजबidhiٱنتَبَذَتْवो अलग हो गईintabadhatمِنْfromminأَهْلِهَاअपने घर वालों सेahlihāمَكَانًۭاएक जगह परmakānanشَرْقِيًّۭاमशरिक़ी जानिबsharqiyyan١٦
तथा इस किताब में मरयम1 की चर्चा करें, जब वह अपने घरवालों से एक स्थान पर अलग हो गईं जो (उनसे) पूरब की ओर था।
१९:१७
فَٱتَّخَذَتْफिर उसने बना लियाfa-ittakhadhatمِنfrom themminدُونِهِمْउनकी तरफ़ सेdūnihimحِجَابًۭاएक पर्दाḥijābanفَأَرْسَلْنَآतो भेजा हमनेfa-arsalnāإِلَيْهَاतरफ़ उसकेilayhāرُوحَنَاअपनी रूह (फ़रिश्ता) कोrūḥanāفَتَمَثَّلَतो उसने शक्ल इख़्तियार कीfatamathalaلَهَاउसके लिएlahāبَشَرًۭاएक इन्सान कीbasharanسَوِيًّۭاकामिलsawiyyan١٧
फिर उसने उनकी ओर से एक परदा बना लिया, तो हमने उसकी ओर अपनी रूह़ (विशेष फ़रिश्ता)1 को भेजा, तो उसने उसके लिए एक पूरे मनुष्य का रूप धारण कर लिया।
१९:१८
قَالَتْवो कहने लगीqālatإِنِّىٓबेशक मैंinnīأَعُوذُमैं पनाह लेती हूँaʿūdhuبِٱلرَّحْمَـٰنِरहमान कीbil-raḥmāniمِنكَतुझसेminkaإِنअगरinكُنتَहै तूkuntaتَقِيًّۭاमुत्तक़ी/डरने वालाtaqiyyan١٨
उसने कहा : निःसंदेह मैं तुझसे रहमान (परम दयावान्) की शरण माँगती हूँ, यदि तू डर रखने वाला है।
१९:१९
قَالَउसने कहाqālaإِنَّمَآबेशकinnamāأَنَا۠मैंanāرَسُولُभेजा हुआ हूँrasūluرَبِّكِतेरे रब काrabbikiلِأَهَبَकि मैं अता करूँli-ahabaلَكِतुझेlakiغُلَـٰمًۭاएक लड़काghulāmanزَكِيًّۭاपाकीज़ाzakiyyan١٩
उसने कहा : मैं तेरे पालनहार का भेजा हुआ हूँ, ताकि तुझे एक पवित्र लड़का प्रदान करूँ।
१९:२०
قَالَتْवो कहने लगीqālatأَنَّىٰकैसेannāيَكُونُहोगाyakūnuلِىमेरे लिएlīغُلَـٰمٌۭकोई लड़काghulāmunوَلَمْहालाँकि नहींwalamيَمْسَسْنِىछुआ मुझेyamsasnīبَشَرٌۭकिसी इन्सान नेbasharunوَلَمْऔर नहींwalamأَكُहूँ मैंakuبَغِيًّۭاबदकारbaghiyyan٢٠
वह बोली : मुझे लड़का कैसे हो सकता है, जबकि किसी पुरुष ने मुझे छुआ तक नहीं है और न मैं कभी व्यभिचारिणी थी।
१९:२१
قَالَकहाqālaكَذَٰلِكِइसी तरह (होगा)kadhālikiقَالَकहाqālaرَبُّكِतेरे रब नेrabbukiهُوَवोhuwaعَلَىَّमुझ परʿalayyaهَيِّنٌۭ ۖबहुत आसान हैhayyinunوَلِنَجْعَلَهُۥٓऔर ताकि हम बना दें उसेwalinajʿalahuءَايَةًۭएक निशानीāyatanلِّلنَّاسِलोगों के लिएlilnnāsiوَرَحْمَةًۭऔर रहमतwaraḥmatanمِّنَّا ۚअपनी तरफ़ सेminnāوَكَانَऔर हैwakānaأَمْرًۭاएक कामamranمَّقْضِيًّۭاतयशुदाmaqḍiyyan٢١
उसने कहा : ऐसा ही है, तेरे पालनहार ने कहा है कि यह मेरे लिए आसान है और ताकि हम इसे लोगों के लिए एक निशानी1 और अपनी ओर से रहमत बनाएँ और यह एक पूर्वनियत कार्य है।
१९:२२
۞ فَحَمَلَتْهُतो हमल ठहर गया उसे उसकाfaḥamalathuفَٱنتَبَذَتْफिर वो अलग हो गईfa-intabadhatبِهِۦसाथ उसकेbihiمَكَانًۭاएक जगह परmakānanقَصِيًّۭاदूर कीqaṣiyyan٢٢
फिर वह उस (लड़के) के साथ गर्भवती हो गई, तो उसे लेकर एक दूर स्थान पर अलग चली गई।
१९:२३
فَأَجَآءَهَاतो ले आया उसेfa-ajāahāٱلْمَخَاضُदर्दे ज़हl-makhāḍuإِلَىٰतरफ़ilāجِذْعِतने केjidh'ʿiٱلنَّخْلَةِखजूर केl-nakhlatiقَالَتْवो कहने लगीqālatيَـٰلَيْتَنِىऐ काश कि मैंyālaytanīمِتُّमर जाती मैंmittuقَبْلَपहलेqablaهَـٰذَاइससेhādhāوَكُنتُऔर होती मैंwakuntuنَسْيًۭا(in) oblivionnasyanمَّنسِيًّۭاभूली-बिसरीmansiyyan٢٣
फिर प्रसव पीड़ा उसे खजूर के एक तने के पास ले लाई, कहने लगी : ऐ काश! मैं इससे पहले मर जाती और भूली-बिसरी होती।
१९:२४
فَنَادَىٰهَاतो पुकारा उसे (फ़रिश्ते ने)fanādāhāمِنfromminتَحْتِهَآउसके नीचे सेtaḥtihāأَلَّاकि नाallāتَحْزَنِىतू ग़मगीन होtaḥzanīقَدْतहक़ीक़qadجَعَلَबना दियाjaʿalaرَبُّكِतेरे रब नेrabbukiتَحْتَكِतेरे नीचेtaḥtakiسَرِيًّۭاएक चश्माsariyyan٢٤
तो उसने उसके नीचे से पुकारा1 कि शोकाकुल न हो, तेरे पालनहार ने तेरे नीचे2 एक नदी (प्रवाह) कर दी है।
१९:२५
وَهُزِّىٓऔर हिला लेwahuzzīإِلَيْكِतरफ़ अपनेilaykiبِجِذْعِतने कोbijidh'ʿiٱلنَّخْلَةِखजूर केl-nakhlatiتُسَـٰقِطْवो गिराएगाtusāqiṭعَلَيْكِतुझ परʿalaykiرُطَبًۭاपकी हुई खजूरruṭabanجَنِيًّۭاतरो-ताज़ाjaniyyan٢٥
और खजूर के तने को अपनी ओर हिला, वह तुझपर ताज़ा पकी हुई खजूरें गिराएगा।1
१९:२६
فَكُلِىफिर खाfakulīوَٱشْرَبِىऔर पीwa-ish'rabīوَقَرِّىऔर ठंडी करwaqarrīعَيْنًۭا ۖआँखेंʿaynanفَإِمَّاफिर अगरfa-immāتَرَيِنَّतू देखेtarayinnaمِنَfromminaٱلْبَشَرِइन्सान में सेl-bashariأَحَدًۭاकिसी एक कोaḥadanفَقُولِىٓतो कह देfaqūlīإِنِّىबेशक मैंinnīنَذَرْتُनज़र मानी है मैंनेnadhartuلِلرَّحْمَـٰنِरहमान के लिएlilrraḥmāniصَوْمًۭاरोज़े कीṣawmanفَلَنْतो हरगिज़ नहींfalanأُكَلِّمَमैं कलाम करूँगीukallimaٱلْيَوْمَआजl-yawmaإِنسِيًّۭاकिसी इन्सान सेinsiyyan٢٦
अतः खा और पी और आँख ठंडी कर। फिर यदि तू किसी आदमी को देखे, तो कह दे : मैंने तो रहमान के लिए रोज़े की मन्नत मानी है। अतः आज मैं कदापि किसी मनुष्य से बात नहीं करूँगी।
१९:२७
فَأَتَتْतो वो ले आईfa-atatبِهِۦउसेbihiقَوْمَهَاअपनी क़ौम के पासqawmahāتَحْمِلُهُۥ ۖवो उठाए हुए थी उसेtaḥmiluhuقَالُوا۟वो कहने लगेqālūيَـٰمَرْيَمُऐ मरियमyāmaryamuلَقَدْअलबत्ता तहक़ीक़laqadجِئْتِलाई है तूji'tiشَيْـًۭٔاएक चीज़shayanفَرِيًّۭاबहुत बुरी/अजीबfariyyan٢٧
फिर वह उसे उठाए हुए अपनी जाति के पास ले आई, उन्होंने कहा : ऐ मरयम! तूने बहुत बुरा काम किया है।
१९:२८
يَـٰٓأُخْتَऐ बहनyāukh'taهَـٰرُونَहारून कीhārūnaمَاनाmāكَانَथाkānaأَبُوكِबाप तेराabūkiٱمْرَأَआदमीim'ra-aسَوْءٍۢबुराsawinوَمَاऔर नाwamāكَانَتْथीkānatأُمُّكِमाँ तेरीummukiبَغِيًّۭاबदकारbaghiyyan٢٨
ऐ हारून की बहन! न तेरा पिता कोई बुरा व्यक्ति था और न तेरी माँ कोई व्यभिचारिणी थी।
१९:२९
فَأَشَارَتْतो उसने इशारा कर दियाfa-ashāratإِلَيْهِ ۖतरफ़ उसकेilayhiقَالُوا۟उन्होंने कहाqālūكَيْفَकिस तरहkayfaنُكَلِّمُहम कलाम करेंnukallimuمَنउससे जोmanكَانَहै वोkānaفِىinfīٱلْمَهْدِपंघोड़े मेंl-mahdiصَبِيًّۭاएक बच्चाṣabiyyan٢٩
तो उसने उस (शिशु) की ओर संकेत किया। उन्होंने कहा : हम उससे कैसे बात करें, जो अभी तक गोद में बच्चा है?
१९:३०
قَالَवो बोलाqālaإِنِّىबेशक मैंinnīعَبْدُबंदा हूँʿabduٱللَّهِअल्लाह काl-lahiءَاتَىٰنِىَउसने दी मुझेātāniyaٱلْكِتَـٰبَकिताबl-kitābaوَجَعَلَنِىऔर उसने बनाया मुझेwajaʿalanīنَبِيًّۭاनबीnabiyyan٣٠
वह (शिशु) बोल पड़ा : निःसंदेह मैं अल्लाह का बंदा हूँ। उसने मुझे पुस्तक (इन्जील) प्रदान की तथा मुझे नबी बनाया है।1
१९:३१
وَجَعَلَنِىऔर उसने बनाया मुझेwajaʿalanīمُبَارَكًاमुबारकmubārakanأَيْنَwhereveraynaمَاजहाँ कहींmāكُنتُमैं हूँkuntuوَأَوْصَـٰنِىऔर उसने ताकीद की मुझेwa-awṣānīبِٱلصَّلَوٰةِनमाज़ कीbil-ṣalatiوَٱلزَّكَوٰةِऔर ज़कात कीwal-zakatiمَاas long as I ammāدُمْتُजब तक मैं रहूँdum'tuحَيًّۭاज़िन्दाḥayyan٣١
तथा मुझे बरकत वाला बनाया है, जहाँ भी मैं रहूँ और मुझे नमाज़ तथा ज़कात का आदेश दिया है, जब तक मैं जीवित रहूँ।
१९:३२
وَبَرًّۢاऔर नेक सुलूक करने वालाwabarranبِوَٰلِدَتِىअपनी वालिदा सेbiwālidatīوَلَمْऔर नहींwalamيَجْعَلْنِىउसने बनाया मुझेyajʿalnīجَبَّارًۭاसरकशjabbāranشَقِيًّۭاबदबख़्तshaqiyyan٣٢
तथा आपनी माँ के साथ अच्छा व्यवहार करने वाला (बनाया) और उसने मुझे क्रूर तथा अभागा1 नहीं बनाया।
१९:३३
وَٱلسَّلَـٰمُऔर सलामती हैwal-salāmuعَلَىَّमुझ परʿalayyaيَوْمَजिस दिनyawmaوُلِدتُّपैदा किया गया मैंwulidttuوَيَوْمَऔर जिस दिनwayawmaأَمُوتُमैं मरुँगाamūtuوَيَوْمَऔर जिस दिनwayawmaأُبْعَثُमैं उठाया जाऊँगाub'ʿathuحَيًّۭاज़िन्दा करकेḥayyan٣٣
तथा सलामती है मुझपर, जिस दिन मैं पैदा हुआ और जिस दिन मैं मरूँगा और जिस दिन मैं जीवित करके उठाया जाऊँगा।
१९:३४
ذَٰلِكَये हैंdhālikaعِيسَى(was) Isaʿīsāٱبْنُ(the) sonub'nuمَرْيَمَ ۚईसा इब्ने मरियमmaryamaقَوْلَबातqawlaٱلْحَقِّहक़ कीl-ḥaqiٱلَّذِىवो जोalladhīفِيهِइसमेंfīhiيَمْتَرُونَवो शक करते हैंyamtarūna٣٤
यह है ईसा बिन मरयम। यही सत्य बात है, जिसमें वे संदेह कर रहे हैं।
१९:३५
مَاनहींmāكَانَहै (लायक़)kānaلِلَّهِअल्लाह केlillahiأَنकिanيَتَّخِذَवो बनाएyattakhidhaمِنany sonminوَلَدٍۢ ۖकोई औलादwaladinسُبْحَـٰنَهُۥٓ ۚपाक है वोsub'ḥānahuإِذَاजबidhāقَضَىٰٓवो फ़ैसला करता हैqaḍāأَمْرًۭاकिसी काम काamranفَإِنَّمَاतो बेशकfa-innamāيَقُولُवो कहता हैyaqūluلَهُۥउसेlahuكُنहो जाkunفَيَكُونُतो वो हो जाता हैfayakūnu٣٥
अल्लाह के योग्य नहीं है कि वह कोई संतान बनाए। वह पवित्र है! जब वह किसी कार्य का निर्णय करता है, तो उससे केवल यह कहता है कि "हो जा", तो वह हो जाता है।
१९:३६
وَإِنَّऔर बेशकwa-innaٱللَّهَअल्लाहl-lahaرَبِّىरब है मेराrabbīوَرَبُّكُمْऔर रब है तुम्हाराwarabbukumفَٱعْبُدُوهُ ۚपस इबादत करो उसकीfa-uʿ'budūhuهَـٰذَاये हैhādhāصِرَٰطٌۭरास्ताṣirāṭunمُّسْتَقِيمٌۭसीधाmus'taqīmun٣٦
और निःसंदेह अल्लाह ही मेरा पालनहार और तुम्हारा पालनहार है, अतः उसी की इबादत करो, यही सीधा रास्ता है।
१९:३७
فَٱخْتَلَفَतो इख़्तिलाफ़ कियाfa-ikh'talafaٱلْأَحْزَابُगिरोहों नेl-aḥzābuمِنۢfrom among themminبَيْنِهِمْ ۖआपस मेंbaynihimفَوَيْلٌۭतो हलाकत हैfawaylunلِّلَّذِينَउनके लिए जिन्होंनेlilladhīnaكَفَرُوا۟कुफ़्र कियाkafarūمِنfromminمَّشْهَدِहाज़री सेmashhadiيَوْمٍ(of) a Dayyawminعَظِيمٍबड़े दिन कीʿaẓīmin٣٧
फिर इन गिरोहों1 ने आपस में मतभेद कर लिया, तो उन लोगों के लिए जिन्होंने कुफ़्र किया, एक बड़े दिन की उपस्थिति के कारण बड़ा विनाश है।
१९:३८
أَسْمِعْHow they will hearasmiʿبِهِمْक्या ख़ूब सुनने वाले होंगे वोbihimوَأَبْصِرْऔर क्या ख़ूब देखने वालेwa-abṣirيَوْمَजिस दिनyawmaيَأْتُونَنَا ۖवो आऐंगे हमारे पासyatūnanāلَـٰكِنِलेकिनlākiniٱلظَّـٰلِمُونَज़ालिम लोगl-ẓālimūnaٱلْيَوْمَआजl-yawmaفِى(are) infīضَلَـٰلٍۢगुमराही में हैंḍalālinمُّبِينٍۢखुलीmubīnin٣٨
वे कितने सुनने वाले होंगे और कितने देखने वाले होंगे! जिस दिन वे हमारे पास आएँगे, किंतु अत्याचारी लोग आज खुली गुमराही में हैं।
१९:३९
وَأَنذِرْهُمْऔर डराइए उन्हेंwa-andhir'humيَوْمَ(of the) Dayyawmaٱلْحَسْرَةِहसरत के दिन सेl-ḥasratiإِذْजबidhقُضِىَफ़ैसला किया जाएगाquḍiyaٱلْأَمْرُइस मामले काl-amruوَهُمْऔर वोwahumفِى(are) infīغَفْلَةٍۢ(अब) ग़फ़लत में हैंghaflatinوَهُمْऔर वोwahumلَا(do) notlāيُؤْمِنُونَनहीं वो ईमान लातेyu'minūna٣٩
और (ऐ नबी!) आप उन्हें पछतावे के दिन से डराएँ, जब हर काम का फैसला1 कर दिया जाएगा, और वे पूरी तरह से ग़फ़लत में हैं और वे ईमान नहीं लाते।
१९:४०
إِنَّاबेशक हमinnāنَحْنُहम हीnaḥnuنَرِثُहम वारिस होंगेnarithuٱلْأَرْضَज़मीन केl-arḍaوَمَنْऔर जोwamanعَلَيْهَاउस पर हैʿalayhāوَإِلَيْنَاऔर तरफ़ हमारे हीwa-ilaynāيُرْجَعُونَवो लौटाए जाऐंगेyur'jaʿūna٤٠
निःसंदेह हम ही धरती के उत्तराधिकारी होंगे और उनके भी जो उसपर हैं और वे हमारी ही ओर लौटाए जाएँगे।
१९:४१
وَٱذْكُرْऔर ज़िक्र कीजिएwa-udh'kurفِىinfīٱلْكِتَـٰبِकिताब मेंl-kitābiإِبْرَٰهِيمَ ۚइब्राहीम काib'rāhīmaإِنَّهُۥबेशक वोinnahuكَانَथा वोkānaصِدِّيقًۭاसच्चाṣiddīqanنَّبِيًّاनबीnabiyyan٤١
तथा इस किताब में इबराहीम की चर्चा करें, निःसंदेह वह बहुत सच्चा (और) नबी था।
१९:४२
إِذْजबidhقَالَउसने कहाqālaلِأَبِيهِअपने बाप सेli-abīhiيَـٰٓأَبَتِऐ मेरे अब्बाजानyāabatiلِمَक्योंlimaتَعْبُدُआप इबादत करते हैंtaʿbuduمَاउसकी जोmāلَاnotlāيَسْمَعُना वो सुनता हैyasmaʿuوَلَاऔर नाwalāيُبْصِرُवो देखता हैyub'ṣiruوَلَاऔर नाwalāيُغْنِىवो काम आता हैyugh'nīعَنكَआपकेʿankaشَيْـًۭٔاकुछ भीshayan٤٢
जब उसने अपने पिता से कहा : ऐ मेरे पिता! आप उस चीज़ को क्यों पूजते हैं, जो न सुनती है और न देखती है और न आपके किसी काम आती है?
१९:४३
يَـٰٓأَبَتِऐ मेरे अब्बाजानyāabatiإِنِّىबेशक मैंinnīقَدْतहक़ीक़qadجَآءَنِىआया है मेरे पासjāanīمِنَofminaٱلْعِلْمِइल्म में सेl-ʿil'miمَاजोmāلَمْनहींlamيَأْتِكَआया आपके पासyatikaفَٱتَّبِعْنِىٓपस पैरवी कीजिए मेरीfa-ittabiʿ'nīأَهْدِكَमैं रहनुमाई करुँगा आपकीahdikaصِرَٰطًۭا(तरफ़) रास्तेṣirāṭanسَوِيًّۭاसीधे केsawiyyan٤٣
ऐ मेरे पिता! निःसंदेह मेरे पास वह ज्ञान आया है, जो आपके पास नहीं आया, अतः आप मेरा अनुसरण करें, मैं आपको सीधा मार्ग दिखाऊँगा।
१९:४४
يَـٰٓأَبَتِऐ मेरे अब्बाजानyāabatiلَا(Do) notlāتَعْبُدِना आप इबादत कीजिएtaʿbudiٱلشَّيْطَـٰنَ ۖशैतान कीl-shayṭānaإِنَّबेशकinnaٱلشَّيْطَـٰنَशैतानl-shayṭānaكَانَहै वोkānaلِلرَّحْمَـٰنِरहमान काlilrraḥmāniعَصِيًّۭاनाफ़रमानʿaṣiyyan٤٤
ऐ मेरे पिता! शैतान की पूजा न करें। निःसंदेह शैतान हमेशा से रहमान (परम दयालु अल्लाह) का अवज्ञाकारी है।
१९:४५
يَـٰٓأَبَتِऐ मेरे अब्बाजानyāabatiإِنِّىٓबेशक मैंinnīأَخَافُमैं डरता हूँakhāfuأَنकिanيَمَسَّكَपहुँचेगा आपकोyamassakaعَذَابٌۭअज़ाबʿadhābunمِّنَfromminaٱلرَّحْمَـٰنِरहमान की तरफ़ सेl-raḥmāniفَتَكُونَफिर आप हो जाऐंगेfatakūnaلِلشَّيْطَـٰنِशैतान केlilshayṭāniوَلِيًّۭاदोस्तwaliyyan٤٥
ऐ मेरे पिता! वास्तव में, मुझे डर है कि आपको रहमान (परम दयालु) की ओर से कोई यातना आ लगे, फिर आप शैतान के मित्र हो जाएँगे।
१९:४६
قَالَउसने कहाqālaأَرَاغِبٌक्या फिरने वाला हैarāghibunأَنتَतूantaعَنْ(from)ʿanءَالِهَتِىमेरे इलाहों सेālihatīيَـٰٓإِبْرَٰهِيمُ ۖऐ इब्राहीमyāib'rāhīmuلَئِنअलबत्ता अगरla-inلَّمْनाlamتَنتَهِतू बाज़ आयाtantahiلَأَرْجُمَنَّكَ ۖअलबत्ता मैं ज़रुर संगसार कर दूँगाla-arjumannakaوَٱهْجُرْنِىऔर छोड़ दे मुझेwa-uh'jur'nīمَلِيًّۭاलम्बी मुद्दत तकmaliyyan٤٦
उसने कहा : क्या तू हमारे पूज्यों से विमुख हो रहा है, ऐ इबराहीम!? निश्चय यदि तू बाज़ न आया, तो मैं अवश्य ही तुझे संगसार कर दूँगा और तू लंबे समय के लिए मुझसे अलग हो जा।
१९:४७
قَالَउसने कहाqālaسَلَـٰمٌसलाम होsalāmunعَلَيْكَ ۖआप परʿalaykaسَأَسْتَغْفِرُज़रूर मैं बख़्शिश माँगूंगाsa-astaghfiruلَكَआपके लिएlakaرَبِّىٓ ۖअपने रब सेrabbīإِنَّهُۥबेशक वोinnahuكَانَहै वोkānaبِىमुझ परbīحَفِيًّۭاबड़ा मेहरबानḥafiyyan٤٧
(इबराहीम ने) कहा : आपपर सलाम हो! मैं अपने पालनहार से आपके लिए अवश्य क्षमा की प्रार्थना करूँगा। निःसंदेह वह हमेशा से मुझपर बहुत दयालु है।
१९:४८
وَأَعْتَزِلُكُمْऔर मैं छोड़ता हूँ तुम्हेंwa-aʿtazilukumوَمَاऔर जिन्हेंwamāتَدْعُونَतुम पुकारते होtadʿūnaمِنbesidesminدُونِसिवायdūniٱللَّهِअल्लाह केl-lahiوَأَدْعُوا۟और मैं पुकारता हूँwa-adʿūرَبِّىअपने रब कोrabbīعَسَىٰٓउम्मीद हैʿasāأَلَّآकि नाallāأَكُونَमैं हूँगाakūnaبِدُعَآءِपुकार करbiduʿāiرَبِّىअपने रब कोrabbīشَقِيًّۭاमहरूम/बदनसीबshaqiyyan٤٨
तथा मैं आप लोगों से और उन चीज़ों से जिन्हें आप लोग अल्लाह के सिवा पुकारते हैं, किनारा करता हूँ और अपने पालनहार को पुकारता हूँ। आशा है कि मैं अपने रब को पुकारकर असफल नहीं रहूँगा।
१९:४९
فَلَمَّاतो जबfalammāٱعْتَزَلَهُمْउसने छोड़ दिया उन्हेंiʿ'tazalahumوَمَاऔर जिनकीwamāيَعْبُدُونَवो इबादत करते थेyaʿbudūnaمِنbesides Allahminدُونِसिवायdūniٱللَّهِअल्लाह केl-lahiوَهَبْنَاअता किए हमनेwahabnāلَهُۥٓउसके लिएlahuإِسْحَـٰقَइसहाक़is'ḥāqaوَيَعْقُوبَ ۖऔर याक़ूबwayaʿqūbaوَكُلًّۭاऔर हर एक कोwakullanجَعَلْنَاबनाया हमनेjaʿalnāنَبِيًّۭاनबीnabiyyan٤٩
फिर जब वह उनसे और उन चीज़ों से जिनकी वे अल्लाह के सिवा पूजा करते थे, अलग हो गया, तो हमने उसे इसहाक़ और याक़ूब प्रदान किए और हर एक को हमने नबी बनाया।
१९:५०
وَوَهَبْنَاऔर अता किया हमनेwawahabnāلَهُمउन्हेंlahumمِّنofminرَّحْمَتِنَاअपनी रहमत सेraḥmatināوَجَعَلْنَاऔर कर दी हमनेwajaʿalnāلَهُمْउनके लिएlahumلِسَانَज़बान/नामवरीlisānaصِدْقٍसच्चाई कीṣid'qinعَلِيًّۭاबुलन्द मर्तबाʿaliyyan٥٠
तथा हमने उन्हें अपनी रहमत से हिस्सा दिया और उन्हें बहुत ऊँची, सच्ची ख्याति प्रदान की।
१९:५१
وَٱذْكُرْऔर ज़िक्र कीजिएwa-udh'kurفِىinfīٱلْكِتَـٰبِकिताब मेंl-kitābiمُوسَىٰٓ ۚमूसा काmūsāإِنَّهُۥबेशक वोinnahuكَانَथा वोkānaمُخْلَصًۭاख़ालिस किया हुआ/चुना हुआmukh'laṣanوَكَانَऔर था वोwakānaرَسُولًۭاएक रसूलrasūlanنَّبِيًّۭاनबीnabiyyan٥١
और आप इस पुस्तक में मूसा की चर्चा करें। निश्चय वह चुना हुआ था तथा रसूल एवं नबी था।
१९:५२
وَنَـٰدَيْنَـٰهُऔर पुकारा हमने उसेwanādaynāhuمِنfromminجَانِبِजानिब सेjānibiٱلطُّورِतूर कीl-ṭūriٱلْأَيْمَنِदाऐंl-aymaniوَقَرَّبْنَـٰهُऔर क़रीब कर लिया हमने उसेwaqarrabnāhuنَجِيًّۭاसरगोशी के लिएnajiyyan٥٢
और हमने उसे पहाड़ की दाहिनी ओर से पुकारा तथा सरगोशी करते हुए उसे समीप कर लिया।
१९:५३
وَوَهَبْنَاऔर अता किया हमनेwawahabnāلَهُۥउसेlahuمِنfromminرَّحْمَتِنَآअपनी रहमत सेraḥmatināأَخَاهُउसका भाईakhāhuهَـٰرُونَहारूनhārūnaنَبِيًّۭاनबी बनाकरnabiyyan٥٣
और हमने उसे अपनी दया से उसके भाई हारून को नबी बनाकर प्रदान किया।
१९:५४
وَٱذْكُرْऔर ज़िक्र कीजिएwa-udh'kurفِىinfīٱلْكِتَـٰبِकिताब मेंl-kitābiإِسْمَـٰعِيلَ ۚइस्माईल काis'māʿīlaإِنَّهُۥबेशक वोinnahuكَانَथा वोkānaصَادِقَसच्चाṣādiqaٱلْوَعْدِवादे काl-waʿdiوَكَانَऔर था वोwakānaرَسُولًۭاएक रसूलrasūlanنَّبِيًّۭاनबीnabiyyan٥٤
तथा इस किताब में इसमाईल1 की चर्चा करें। निश्चय वह वादे का सच्चा तथा रसूल एवं नबी था।
१९:५५
وَكَانَऔर था वोwakānaيَأْمُرُवो हुक्म देताyamuruأَهْلَهُۥअपने घर वालों कोahlahuبِٱلصَّلَوٰةِनमाज़ काbil-ṣalatiوَٱلزَّكَوٰةِऔर ज़कात काwal-zakatiوَكَانَऔर था वोwakānaعِندَnearʿindaرَبِّهِۦअपने रब का यहाँrabbihiمَرْضِيًّۭاपसंदीदाmarḍiyyan٥٥
और वह अपने घरवालों को नमाज़ और ज़कात का आदेश देता था और वह अपने पालनहार के निकट पसंदीदा था।
१९:५६
وَٱذْكُرْऔर ज़िक्र कीजिएwa-udh'kurفِىinfīٱلْكِتَـٰبِकिताब मेंl-kitābiإِدْرِيسَ ۚइदरीस काid'rīsaإِنَّهُۥबेशक वोinnahuكَانَथा वोkānaصِدِّيقًۭاसिद्दीक़/निहायत सच्चाṣiddīqanنَّبِيًّۭاनबीnabiyyan٥٦
तथा इस किताब में इदरीस की चर्चा करें। निःसंदेह वह बड़ा सत्यवादी और नबी था।
१९:५७
وَرَفَعْنَـٰهُऔर बुलन्द किया हमने उसेwarafaʿnāhuمَكَانًاमक़ामmakānanعَلِيًّاबुलन्द परʿaliyyan٥٧
तथा हमने उसे बहुत ऊँचे स्थान पर उठाया।
१९:५८
أُو۟لَـٰٓئِكَयही लोग हैंulāikaٱلَّذِينَजोalladhīnaأَنْعَمَइनाम कियाanʿamaٱللَّهُअल्लाह नेl-lahuعَلَيْهِمउन परʿalayhimمِّنَfrom (among)minaٱلنَّبِيِّـۧنَनबियों में सेl-nabiyīnaمِنofminذُرِّيَّةِऔलाद में सेdhurriyyatiءَادَمَआदम कीādamaوَمِمَّنْऔर उनमें से जिन्हेंwamimmanحَمَلْنَاसवार किया हमनेḥamalnāمَعَwithmaʿaنُوحٍۢसाथ नूह केnūḥinوَمِنand ofwaminذُرِّيَّةِऔर औलाद में सेdhurriyyatiإِبْرَٰهِيمَइब्राहीमib'rāhīmaوَإِسْرَٰٓءِيلَऔर इस्राईल (याक़ूब) कीwa-is'rāīlaوَمِمَّنْऔर उनमें से जिन्हेंwamimmanهَدَيْنَاहिदायत दी हमनेhadaynāوَٱجْتَبَيْنَآ ۚऔर चुन लिया हमनेwa-ij'tabaynāإِذَاजबidhāتُتْلَىٰपढ़ी जाती थींtut'lāعَلَيْهِمْउन परʿalayhimءَايَـٰتُआयातāyātuٱلرَّحْمَـٰنِरहमान कीl-raḥmāniخَرُّوا۟वो गिर पड़ते थेkharrūسُجَّدًۭاसजदा करते हुएsujjadanوَبُكِيًّۭا ۩और रोते हुएwabukiyyan٥٨
ये वे लोग हैं, जिनपर अल्लाह ने अनुग्रह किया नबियों में से, आदम की संतान में से तथा उन लोगों में से जिन्हें हमने नूह़ के साथ सवार किया तथा इबराहीम और इसराईल की संतान में से तथा उन लोगों में से जिन्हें हमने मार्गदर्शन प्रदान किया और चुन लिया। जब उनपर रहमान की आयतें पढ़ी जाती थीं, तो वे सजदा करते और रोते हुए गिर जाते थे।
१९:५९
۞ فَخَلَفَतो पीछे आएfakhalafaمِنۢafter themminبَعْدِهِمْबाद उनकेbaʿdihimخَلْفٌबुरे जानशीनkhalfunأَضَاعُوا۟जिन्होंने ज़ाया कर दीaḍāʿūٱلصَّلَوٰةَनमाज़l-ṣalataوَٱتَّبَعُوا۟और उन्होंने पैरवी कीwa-ittabaʿūٱلشَّهَوَٰتِ ۖख़्वाहिशात कीl-shahawātiفَسَوْفَतो अनक़रीबfasawfaيَلْقَوْنَवो जा मिलेंगेyalqawnaغَيًّاगुमराही/हलाकत कोghayyan٥٩
फिर उनके बाद उनके स्थान पर ऐसे अयोग्य उत्तराधिकारी आए, जिन्होंने नमाज़ की उपेक्षा की और अपनी इच्छाओं का पालन किया, तो वे जल्द ही पथभ्रष्टता का सामना करेंगे।
१९:६०
إِلَّاसिवायillāمَنउसके जोmanتَابَतौबा करेtābaوَءَامَنَऔर वो ईमान ले आएwaāmanaوَعَمِلَऔर वो अमल करेwaʿamilaصَـٰلِحًۭاनेकṣāliḥanفَأُو۟لَـٰٓئِكَतो यही लोग हैंfa-ulāikaيَدْخُلُونَवो दाख़िल होंगेyadkhulūnaٱلْجَنَّةَजन्नत मेंl-janataوَلَاऔर नाwalāيُظْلَمُونَवो ज़ुल्म किए जाऐंगेyuẓ'lamūnaشَيْـًۭٔاकुछ भीshayan٦٠
परंतु जिसने तौबा कर ली और ईमान लाया और अच्छे कर्म किए, तो ये लोग जन्नत में प्रवेश करेंगे और उनपर कुछ भी अत्याचार नहीं किया जाएगा।
१९:६१
جَنَّـٰتِबाग़ातjannātiعَدْنٍहमेशगी केʿadninٱلَّتِىवो जिनकाallatīوَعَدَवादा कियाwaʿadaٱلرَّحْمَـٰنُरहमान नेl-raḥmānuعِبَادَهُۥअपने बन्दों सेʿibādahuبِٱلْغَيْبِ ۚग़ायबानाbil-ghaybiإِنَّهُۥबेशक वोinnahuكَانَहैkānaوَعْدُهُۥवादा उसकाwaʿduhuمَأْتِيًّۭاआया हुआmatiyyan٦١
सदा निवास के बाग़ो में, जिनका रहमान ने अपने बंदों से (उनके) बिन देखे वादा किया है। निःसंदेह उसका वादा पूरा होकर रहने वाला है।
१९:६२
لَّاNotlāيَسْمَعُونَना वो सुनेंगेyasmaʿūnaفِيهَاउसमेंfīhāلَغْوًاकोई लग़्वlaghwanإِلَّاसिवायillāسَلَـٰمًۭا ۖसलाम केsalāmanوَلَهُمْऔर उनके लिएwalahumرِزْقُهُمْउनका रिज़्क़ (होगा)riz'quhumفِيهَاउसमेंfīhāبُكْرَةًۭसुबहbuk'ratanوَعَشِيًّۭاऔर शामwaʿashiyyan٦٢
वे उसमें 'सलाम' के सिवा कोई व्यर्थ बात नहीं सुनेंगे, तथा उनके लिए उसमें सुबह और शाम उनकी जीविका होगी।
१९:६३
تِلْكَये हैtil'kaٱلْجَنَّةُजन्नतl-janatuٱلَّتِىजिसकाallatīنُورِثُहम वारिस बनाऐंगेnūrithuمِنْ[of] (to)minعِبَادِنَاअपने बन्दों में सेʿibādināمَنउसे जोmanكَانَहोगाkānaتَقِيًّۭاमुत्तक़ी/डरने वालाtaqiyyan٦٣
यह है वह जन्नत, जिसका वारिस हम अपने बंदों में से उसे बनाते हैं, जो परहेज़गार हो।
१९:६४
وَمَاऔर नहींwamāنَتَنَزَّلُहम उतरा करतेnatanazzaluإِلَّاमगरillāبِأَمْرِहुक्म सेbi-amriرَبِّكَ ۖआपके रब केrabbikaلَهُۥउसी के लिए हैlahuمَاजोmāبَيْنَ(is) before usbaynaأَيْدِينَاहमारे आगे हैaydīnāوَمَاऔर जोwamāخَلْفَنَاहमारे पीछे हैkhalfanāوَمَاऔर जोwamāبَيْنَ(is) betweenbaynaذَٰلِكَ ۚदर्मियान है उसकेdhālikaوَمَاऔर नहींwamāكَانَहैkānaرَبُّكَरब आपकाrabbukaنَسِيًّۭاभूलने वालाnasiyyan٦٤
और हम1 नहीं उतरते, परंतु आपके पालनहार के आदेश से, उसी का है जो हमारे आगे है तथा जो हमारे पीछे है और जो इसके बीच है और आपका पालनहार कभी भूलने वाला नहीं है।
१९:६५
رَّبُّरब हैrabbuٱلسَّمَـٰوَٰتِआसमानोंl-samāwātiوَٱلْأَرْضِऔर ज़मीन काwal-arḍiوَمَاऔर उसका जोwamāبَيْنَهُمَاदर्मियान है उन दोनों केbaynahumāفَٱعْبُدْهُपस इबादत करो उसकीfa-uʿ'bud'huوَٱصْطَبِرْऔर जमे रहो/क़ायम रहोwa-iṣ'ṭabirلِعِبَـٰدَتِهِۦ ۚउसकी इबादत परliʿibādatihiهَلْक्याhalتَعْلَمُतुम जानते होtaʿlamuلَهُۥउसकाlahuسَمِيًّۭاकोई हमनामsamiyyan٦٥
जो आकाशों और धरती का और उन दोनों के बीच की चीज़ों का पालनहार है। अतः उसी की इबादत करें तथा उसकी इबादत पर पर दृढ़ रहें। क्या आप उसका समकक्ष किसी को जानते हैं?
१९:६६
وَيَقُولُऔर कहता हैwayaqūluٱلْإِنسَـٰنُइन्सानl-insānuأَءِذَاWhat! Whena-idhāمَاक्या जबmāمِتُّमर जाऊँगा मैंmittuلَسَوْفَअलबत्ता अनक़रीबlasawfaأُخْرَجُमैं निकाला जाऊँगाukh'rajuحَيًّاज़िन्दा करकेḥayyan٦٦
तथा मनुष्य कहता है : जब मैं मर गया, तो क्या मैं सचमुच फिर जीवित करके निकाला जाऊँगा?
१९:६७
أَوَلَاक्या भला नहींawalāيَذْكُرُयाद करताyadhkuruٱلْإِنسَـٰنُइन्सानl-insānuأَنَّاकि बेशक हमannāخَلَقْنَـٰهُपैदा किया हमने उसेkhalaqnāhuمِنbeforeminقَبْلُइससे क़ब्लqabluوَلَمْऔर नाwalamيَكُथा वोyakuشَيْـًۭٔاकोई चीज़shayan٦٧
और क्या मनुष्य याद नहीं करता कि निःसंदेह हम ही ने उसे इससे पूर्व पैदा किया, जबकि वह कुछ भी नहीं था?
१९:६८
فَوَرَبِّكَपस क़सम है आपके रब कीfawarabbikaلَنَحْشُرَنَّهُمْअलबत्ता हम ज़रूर जमा करेंगे उन्हेंlanaḥshurannahumوَٱلشَّيَـٰطِينَऔर शैतानों कोwal-shayāṭīnaثُمَّफिरthummaلَنُحْضِرَنَّهُمْअलबत्ता हम ज़रूर हाज़िर करेंगे उन्हेंlanuḥ'ḍirannahumحَوْلَइर्द-गिर्दḥawlaجَهَنَّمَजहन्नम केjahannamaجِثِيًّۭاघुटनों के बल गिरे हुएjithiyyan٦٨
तो क़सम है आपके पालनहार की! निःसंदेह हम उन्हें और शैतानों को ज़रूर इकट्ठा करेंगे, फिर निःसंदेह हम उन्हें जहन्नम के आसपास घुटनों के बल गिरे हुए ज़रूर उपस्थित करेंगे।
१९:६९
ثُمَّफिरthummaلَنَنزِعَنَّअलबत्ता हम ज़रूर खींच लेंगेlananziʿannaمِنfromminكُلِّeverykulliشِيعَةٍहर गिरोह में सेshīʿatinأَيُّهُمْजो भी उनमें सेayyuhumأَشَدُّज़्यादा सख़्त थाashadduعَلَىagainstʿalāٱلرَّحْمَـٰنِरहमान के (मुक़ाबले) परl-raḥmāniعِتِيًّۭاसरकशी मेंʿitiyyan٦٩
फिर निश्चय ही हम प्रत्येक गिरोह में से उस व्यक्ति को अवश्य निकालेंगे, जो रहमान (परम दयावान) के प्रति सबसे बढ़कर सरकश है।
१९:७०
ثُمَّफिरthummaلَنَحْنُअलबत्ता हमlanaḥnuأَعْلَمُज़्यादा जानने वाले हैंaʿlamuبِٱلَّذِينَउनको जोbi-alladhīnaهُمْवोhumأَوْلَىٰज़्यादा मुस्तहिक़ हैंawlāبِهَاउसमेंbihāصِلِيًّۭاझोंके जाने केṣiliyyan٧٠
फिर, निश्चित रूप से, हम उन लोगों को अधिक जानने वाले हैं, जो इसमें झोंके जाने के अधिक योग्य हैं।
१९:७१
وَإِنऔर नहींwa-inمِّنكُمْतुम में से कोईminkumإِلَّاमगरillāوَارِدُهَا ۚवारिद होने वाला है उस परwāriduhāكَانَहैkānaعَلَىٰuponʿalāرَبِّكَआपके रब परrabbikaحَتْمًۭاहतमी/लाज़िमḥatmanمَّقْضِيًّۭاतयशुदा फ़ैसलाmaqḍiyyan٧١
और तुममें से जो भी है, उस पर से गुज़रने वाला1 है। यह एक पूर्वनिर्धारित निर्णय है जिसे पूरा करना आपके पालनहार के ज़िम्मे है।
१९:७२
ثُمَّफिरthummaنُنَجِّىहम निजात देंगेnunajjīٱلَّذِينَउनको जिन्होंनेalladhīnaٱتَّقَوا۟तक़वा कियाittaqawوَّنَذَرُऔर हम छोड़ देंगेwanadharuٱلظَّـٰلِمِينَज़लिमों कोl-ẓālimīnaفِيهَاउसमेंfīhāجِثِيًّۭاघुटनों के बल गिरा हुआjithiyyan٧٢
फिर हम डरने वालों को बचा लेंगे तथा अत्याचारियों को उसमें मुँह के बल गिरे हुए छोड़ देंगे।
१९:७३
وَإِذَاऔर जबwa-idhāتُتْلَىٰपढ़ी जाती हैंtut'lāعَلَيْهِمْउन परʿalayhimءَايَـٰتُنَاआयात हमारीāyātunāبَيِّنَـٰتٍۢवाज़ेहbayyinātinقَالَकहते हैंqālaٱلَّذِينَवो जिन्होंनेalladhīnaكَفَرُوا۟कुफ़्र कियाkafarūلِلَّذِينَउनसे जोlilladhīnaءَامَنُوٓا۟ईमान लाएāmanūأَىُّकौन साayyuٱلْفَرِيقَيْنِदोनों फ़रीक़ों में सेl-farīqayniخَيْرٌۭबेहतर हैkhayrunمَّقَامًۭاमक़ाम मेंmaqāmanوَأَحْسَنُऔर ख़ूबतरwa-aḥsanuنَدِيًّۭاमजलिस मेंnadiyyan٧٣
तथा जब उनके समक्ष हमारी स्पष्ट आयतें पढ़ी जाती हैं, तो काफ़िर लोग ईमान लाने वालों से कहते हैं कि दोनों गिरोहों में से किसकी स्थिति बेहतर और सभा की दृष्टि से कौन अधिक अच्छा है?
१९:७४
وَكَمْऔर कितनी हीwakamأَهْلَكْنَاहलाक कर दीं हमनेahlaknāقَبْلَهُمइनसे पहलेqablahumمِّنofminقَرْنٍउम्मतेंqarninهُمْवोhumأَحْسَنُज़्यादा अच्छे थेaḥsanuأَثَـٰثًۭاसाज़ो सामान मेंathāthanوَرِءْيًۭاऔर नमूद व नुमाइश मेंwari'yan٧٤
और हम इनसे पहले कितनी ही जातियों को नष्ट कर चुके हैं, जो जीवन-साधन और शक्ल-सूरत (वेशभूषा) में कहीं अधिक अच्छी थीं।
१९:७५
قُلْकह दीजिएqulمَنजो कोईmanكَانَहैkānaفِىinfīٱلضَّلَـٰلَةِगुमराही मेंl-ḍalālatiفَلْيَمْدُدْपस ज़रूर ढील देता हैfalyamdudلَهُउसेlahuٱلرَّحْمَـٰنُरहमानl-raḥmānuمَدًّا ۚख़ूब ढील देनाmaddanحَتَّىٰٓयहाँ तक किḥattāإِذَاजबidhāرَأَوْا۟वो देख लेंगेra-awمَاजोmāيُوعَدُونَवो वादा किए जाते हैंyūʿadūnaإِمَّاख़्वाहimmāٱلْعَذَابَअज़ाब होl-ʿadhābaوَإِمَّاऔर ख़्वाहwa-immāٱلسَّاعَةَक़यामत होl-sāʿataفَسَيَعْلَمُونَतो अनक़रीब वो जान लेंगेfasayaʿlamūnaمَنْकौन हैmanهُوَवो (जो)huwaشَرٌّۭबेहतर हैsharrunمَّكَانًۭاमक़ाम मेंmakānanوَأَضْعَفُऔर कमज़ोर तरwa-aḍʿafuجُندًۭاलश्कर के ऐतबार सेjundan٧٥
(हे नबी!) आप कह दें कि जो व्यक्ति गुमराही में पड़ा हुआ है, तो रहमान उसे एक अवधि तक मोहलत देता है। यहाँ तक कि जब वे उस चीज़ को देख लेंगे जिसका उनसे वादा किया जाता है; या तो यातना और या क़ियामत, तो वे अवश्य जान लेंगे कि कौन स्थिति में अधिक बुरा और जत्थे की दृष्टि से अधिक कमज़ोर है।
१९:७६
وَيَزِيدُऔर ज़्यादा करता हैwayazīduٱللَّهُअल्लाहl-lahuٱلَّذِينَउनको जिन्होंनेalladhīnaٱهْتَدَوْا۟हिदायत पाईih'tadawهُدًۭى ۗहिदायत मेंhudanوَٱلْبَـٰقِيَـٰتُऔर बाक़ी रहने वालीwal-bāqiyātuٱلصَّـٰلِحَـٰتُनेकियाँl-ṣāliḥātuخَيْرٌबेहतर हैंkhayrunعِندَनज़दीकʿindaرَبِّكَआपके रब केrabbikaثَوَابًۭاसवाब मेंthawābanوَخَيْرٌۭऔर बेहतर हैंwakhayrunمَّرَدًّاअंजाम मेंmaraddan٧٦
और अल्लाह हिदायत पाने वालों को हिदायत में आधिक कर देता है और शेष रहने वाली नेकियाँ आपके पालनहार के निकट सवाब की दृष्टि से बेहतर तथा परिणाम की दृष्टि से कहीं अच्छी हैं।
१९:७७
أَفَرَءَيْتَक्या फिर देखा आपनेafara-aytaٱلَّذِىउसे जिसनेalladhīكَفَرَकुफ़्र कियाkafaraبِـَٔايَـٰتِنَاसाथ हमारी आयात केbiāyātināوَقَالَऔर कहाwaqālaلَأُوتَيَنَّअलबत्ता मैं ज़रूर दिया जाऊँगाlaūtayannaمَالًۭاमालmālanوَوَلَدًاऔर औलादwawaladan٧٧
तो क्या (ऐ नबी!) आपने उस व्यक्ति को देखा, जिसने हमारी आयतों का इनकार किया और कहा : मैं अवश्य ही धन तथा संतान दिया जाऊँगा?
१९:७८
أَطَّلَعَक्या वो मुत्तला हो गया हैaṭṭalaʿaٱلْغَيْبَग़ैब परl-ghaybaأَمِयाamiٱتَّخَذَउसने ले रखा हैittakhadhaعِندَfromʿindaٱلرَّحْمَـٰنِरहमान के यहाँl-raḥmāniعَهْدًۭاकोई अहदʿahdan٧٨
क्या उसने परोक्ष को झाँककर देख लिया है, या उसने रहमान से कोई वचन ले रखा है?
१९:७९
كَلَّا ۚहरगिज़ नहींkallāسَنَكْتُبُअनक़रीब हम लिख लेंगेsanaktubuمَاजोmāيَقُولُवो कहता हैyaqūluوَنَمُدُّऔर हम बढ़ाते जाऐंगेwanamudduلَهُۥउसके लिएlahuمِنَfromminaٱلْعَذَابِअज़ाब में सेl-ʿadhābiمَدًّۭاबढ़ानाmaddan٧٩
कदापि नहीं! हम अवश्य लिखेंगे, जो कुछ वह कहता है और हम उसके लिए यातना में अत्यधिक वृद्धि कर देंगे।
१९:८०
وَنَرِثُهُۥऔर हम वारिस होंगे उसकेwanarithuhuمَاजोmāيَقُولُवो कहता हैyaqūluوَيَأْتِينَاऔर वो आएगा हमारे पासwayatīnāفَرْدًۭاअकेलाfardan٨٠
और हम उसके वारिस होंगे उन चीज़ों में जो वह कर रहा है और वह अकेला1 हमारे पास आएगा।
१९:८१
وَٱتَّخَذُوا۟और उन्होंने बना लिएwa-ittakhadhūمِنbesides Allahminدُونِसिवायdūniٱللَّهِअल्लाह केl-lahiءَالِهَةًۭकुछ इलाहālihatanلِّيَكُونُوا۟ताकि वो होंliyakūnūلَهُمْउनके लिएlahumعِزًّۭاइज़्ज़त का सबबʿizzan٨١
तथा उन्होंने अल्लाह के सिवा अन्य पूज्य बना लिए, ताकि वे उनके लिए सम्मान का कारण हों।
१९:८२
كَلَّا ۚहरगिज़ नहींkallāسَيَكْفُرُونَअनक़रीब वो इन्कार करेंगेsayakfurūnaبِعِبَادَتِهِمْउनकी इबादत काbiʿibādatihimوَيَكُونُونَऔर वो हो जाऐंगेwayakūnūnaعَلَيْهِمْउनकेʿalayhimضِدًّاमुख़ालिफ़ḍiddan٨٢
ऐसा कभी नहीं होगा, जल्द ही वे उनकी पूजा का इनकार1 कर देंगे और उनके खिलाफ (विरोधी) हो जाएँगे।
१९:८३
أَلَمْक्या नहींalamتَرَआपने देखाtaraأَنَّآबेशक हमannāأَرْسَلْنَاछोड़ रखा है हमनेarsalnāٱلشَّيَـٰطِينَशैतानों कोl-shayāṭīnaعَلَىuponʿalāٱلْكَـٰفِرِينَकाफ़िरों परl-kāfirīnaتَؤُزُّهُمْवो उकसाते हैं उन्हेंta-uzzuhumأَزًّۭاख़ूब उकसानाazzan٨٣
क्या आपने नहीं देखा कि हमने शैतानों को काफ़िरों पर छोड़ रखा है, वे उन्हें ख़ूब उकसाते रहते हैं?
१९:८४
فَلَاतो नाfalāتَعْجَلْआप जल्दी कीजिएtaʿjalعَلَيْهِمْ ۖउन परʿalayhimإِنَّمَاबेशकinnamāنَعُدُّहम गिन रहे हैंnaʿudduلَهُمْउनके लिएlahumعَدًّۭاख़ूब गिननाʿaddan٨٤
अतः आपर उनपर जल्दी न करें , हम तो केवल उनके लिए (दिन) गिन रहे हैं।
१९:८५
يَوْمَजिस दिनyawmaنَحْشُرُहम इकट्ठा करेंगेnaḥshuruٱلْمُتَّقِينَमुत्तक़ी लोगों कोl-mutaqīnaإِلَىtoilāٱلرَّحْمَـٰنِतरफ़ रहमान केl-raḥmāniوَفْدًۭاमेहमान बनाकरwafdan٨٥
जिस दिन हम परहेज़गारों को रहमान के पास मेहमान बनाकर इकट्ठा करेंगे।
१९:८६
وَنَسُوقُऔर हम हाँक ले जाऐंगेwanasūquٱلْمُجْرِمِينَमुजरिमों कोl-muj'rimīnaإِلَىٰtoilāجَهَنَّمَतरफ़ जहन्नम केjahannamaوِرْدًۭاसख़्त प्यासेwir'dan٨٦
तथा अपराधियों को नरक की ओर प्यासे हाँककर ले जाएँगे।
१९:८७
لَّاNotlāيَمْلِكُونَना वो मालिक होंगेyamlikūnaٱلشَّفَـٰعَةَशफ़ाअत केl-shafāʿataإِلَّاमगरillāمَنِजिसनेmaniٱتَّخَذَले लियाittakhadhaعِندَfromʿindaٱلرَّحْمَـٰنِरहमान सेl-raḥmāniعَهْدًۭاकोई अहदʿahdan٨٧
वे सिफारिश का अधिकार नहीं रखेंगे, सिवाय उसके जिसने रहमान के पास कोई प्रतिज्ञा प्राप्त कर ली हो।1
१९:८८
وَقَالُوا۟और उन्होंने कहाwaqālūٱتَّخَذَबना ली हैittakhadhaٱلرَّحْمَـٰنُरहमान नेl-raḥmānuوَلَدًۭاकोई औलादwaladan٨٨
तथा उन्होंने कहा कि रहमान ने संतान बना रखी है।1
१९:८९
لَّقَدْअलबत्ता तहक़ीक़laqadجِئْتُمْलाए हो तुमji'tumشَيْـًٔاएक चीज़shayanإِدًّۭاबहुत भारीiddan٨٩
निश्चय ही तुम एक बड़ी भारी बात गढ़कर लाए हो।
१९:९०
تَكَادُक़रीब हैtakāduٱلسَّمَـٰوَٰتُआसमानl-samāwātuيَتَفَطَّرْنَकि वो फट पड़ेंyatafaṭṭarnaمِنْهُउससेmin'huوَتَنشَقُّऔर शक़ हो जाएwatanshaqquٱلْأَرْضُज़मीनl-arḍuوَتَخِرُّऔर गिर पड़ेंwatakhirruٱلْجِبَالُपहाड़l-jibāluهَدًّاरेज़ा-रेज़ा होकरhaddan٩٠
समीप है कि इस कथन के कारण आकाश फट पड़ें तथा धरती चिर जाए और और पहाड़ ध्वस्त होकर गिर पड़ें।
१९:९१
أَنकिanدَعَوْا۟उन्होंने दावा कियाdaʿawلِلرَّحْمَـٰنِरहमान के लिएlilrraḥmāniوَلَدًۭاऔलाद काwaladan٩١
इस बात पर कि उन्होंने रहमान की संतान होने का दावा किया।
१९:९२
وَمَاऔर नहींwamāيَنۢبَغِىलायक़yanbaghīلِلرَّحْمَـٰنِरहमान केlilrraḥmāniأَنकिanيَتَّخِذَवो बना लेyattakhidhaوَلَدًاऔलादwaladan٩٢
हालाँकि, रहमान के योग्य नहीं कि कोई संतान बनाए।
१९:९३
إِنNotinكُلُّनहीं है कोई भीkulluمَنजोmanفِى(are) infīٱلسَّمَـٰوَٰتِआसमानों मेंl-samāwātiوَٱلْأَرْضِऔर ज़मीन में हैwal-arḍiإِلَّآमगरillāءَاتِىआने वाला हैātīٱلرَّحْمَـٰنِरहमान के (पास)l-raḥmāniعَبْدًۭاबन्दा बनकरʿabdan٩٣
आकाशों तथा धरती में जो कोई भी है, वह रहमान के पास दास के रूप में आने वाला है।
१९:९४
لَّقَدْअलबत्ता तहक़ीक़laqadأَحْصَىٰهُمْउसने घेर रखा है उन्हेंaḥṣāhumوَعَدَّهُمْऔर गिन रखा है उन्हेंwaʿaddahumعَدًّۭاगिननाʿaddan٩٤
निश्चय उसने उन्हें (अपने ज्ञान के साथ) घेर रखा है तथा उन्हें अच्छी तरह गिन रखा है।
१९:९५
وَكُلُّهُمْहर एक उनमें सेwakulluhumءَاتِيهِआने वाला है उसके पासātīhiيَوْمَदिनyawmaٱلْقِيَـٰمَةِक़यामत केl-qiyāmatiفَرْدًاअकेलाfardan٩٥
और उनमें से हर एक क़ियामत के दिन उसके पास अकेला आने वाला है।1
१९:९६
إِنَّबेशकinnaٱلَّذِينَवो लोग जोalladhīnaءَامَنُوا۟ईमान लाएāmanūوَعَمِلُوا۟और उन्होंने अमल किएwaʿamilūٱلصَّـٰلِحَـٰتِनेकl-ṣāliḥātiسَيَجْعَلُअनक़रीब पैदा कर देगाsayajʿaluلَهُمُउनके लिएlahumuٱلرَّحْمَـٰنُरहमानl-raḥmānuوُدًّۭاमोहब्बतwuddan٩٦
निःसंदेह जो लोग ईमान लाए और उन्होंने अच्छे कर्म किए, शीघ्र ही रहमान उनके लिए प्रेम पैदा करेगा।1
१९:९७
فَإِنَّمَاपस बेशकfa-innamāيَسَّرْنَـٰهُआसान कर दिया हमने उसेyassarnāhuبِلِسَانِكَआपकी ज़बान मेंbilisānikaلِتُبَشِّرَताकि आप ख़ुशख़बरी देंlitubashiraبِهِसाथ उसकेbihiٱلْمُتَّقِينَमुत्तक़ी लोगों कोl-mutaqīnaوَتُنذِرَऔर आप डराऐंwatundhiraبِهِۦसाथ उसकेbihiقَوْمًۭاऐसी क़ौम कोqawmanلُّدًّۭاजो झगड़ालू हैluddan٩٧
अतः (ऐ नबी!) हमने इसे आपकी भाषा में सरल बना दिया है, ताकि आप इसके द्वारा डर रखने वालों को शुभ सूचना दें तथा इसके द्वारा उन लोगों को डराएँ जो सख़्त झगड़ालू हैं।
१९:९८
وَكَمْऔर कितनी हीwakamأَهْلَكْنَاहलाक कर दीं हमनेahlaknāقَبْلَهُمइनसे पहलेqablahumمِّنofminقَرْنٍउम्मतें/बस्तियाँqarninهَلْक्याhalتُحِسُّआप महसूस करते हैंtuḥissuمِنْهُمउनमें सेmin'humمِّنْanyminأَحَدٍकिसी एक को भीaḥadinأَوْयाawتَسْمَعُआप सुनते हैंtasmaʿuلَهُمْउनकीlahumرِكْزًۢاकोई आहट/भनकrik'zan٩٨
और हमने उनसे पहले कितनी ही जातियों को विनष्ट कर दिया, तो क्या आप उनमें से किसी एक को महसूस करते हैं, या उनकी कोई भनक सुनते हैं?!
—
—
—
—
Loading…