१९
मरयम
مريم
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
१९:१
كٓهيعٓصٓ
ک ہ ی ع ص
kaf-ha-ya-ain-sad
ک ہ ی ع ص ١ (1)
(1)
ک ہ ی ع ص ١ (1)
(1)
काफ़, हा, या, ऐन, स़ाद।
१९:२
ذِكْرُ
ज़िक्र है
dhik'ru
ज़िक्र है رَحْمَتِ रहमत का raḥmati
रहमत का رَبِّكَ आपके रब की rabbika
आपके रब की عَبْدَهُۥ अपने बन्दे ʿabdahu
अपने बन्दे زَكَرِيَّآ ज़करिया पर zakariyyā
ज़करिया पर ٢ (2)
(2)
ज़िक्र है رَحْمَتِ रहमत का raḥmati
रहमत का رَبِّكَ आपके रब की rabbika
आपके रब की عَبْدَهُۥ अपने बन्दे ʿabdahu
अपने बन्दे زَكَرِيَّآ ज़करिया पर zakariyyā
ज़करिया पर ٢ (2)
(2)
(यह) आपके पालनहार की अपने बंदे ज़करिय्या पर दया की चर्चा है।
१९:३
إِذْ
जब
idh
जब نَادَىٰ उसने पुकारा nādā
उसने पुकारा رَبَّهُۥ अपने रब को rabbahu
अपने रब को نِدَآءً पुकारना nidāan
पुकारना خَفِيًّۭا छुपी (आवाज़) से khafiyyan
छुपी (आवाज़) से ٣ (3)
(3)
जब نَادَىٰ उसने पुकारा nādā
उसने पुकारा رَبَّهُۥ अपने रब को rabbahu
अपने रब को نِدَآءً पुकारना nidāan
पुकारना خَفِيًّۭا छुपी (आवाज़) से khafiyyan
छुपी (आवाज़) से ٣ (3)
(3)
जब उसने अपने पालनहार को गुप्त स्वर में पुकारा।
१९:४
قَالَ
कहा
qāla
कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं وَهَنَ कमज़ोर हो गईं wahana
कमज़ोर हो गईं ٱلْعَظْمُ हड्डियाँ l-ʿaẓmu
हड्डियाँ مِنِّى मेरी minnī
मेरी وَٱشْتَعَلَ और भड़क उठा wa-ish'taʿala
और भड़क उठा ٱلرَّأْسُ सर l-rasu
सर شَيْبًۭا बुढ़ापे से shayban
बुढ़ापे से وَلَمْ और नहीं walam
और नहीं أَكُنۢ हुआ मैं akun
हुआ मैं بِدُعَآئِكَ पुकार कर तुझे biduʿāika
पुकार कर तुझे رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब شَقِيًّۭا कभी नामुराद shaqiyyan
कभी नामुराद ٤ (4)
(4)
कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं وَهَنَ कमज़ोर हो गईं wahana
कमज़ोर हो गईं ٱلْعَظْمُ हड्डियाँ l-ʿaẓmu
हड्डियाँ مِنِّى मेरी minnī
मेरी وَٱشْتَعَلَ और भड़क उठा wa-ish'taʿala
और भड़क उठा ٱلرَّأْسُ सर l-rasu
सर شَيْبًۭا बुढ़ापे से shayban
बुढ़ापे से وَلَمْ और नहीं walam
और नहीं أَكُنۢ हुआ मैं akun
हुआ मैं بِدُعَآئِكَ पुकार कर तुझे biduʿāika
पुकार कर तुझे رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब شَقِيًّۭا कभी नामुराद shaqiyyan
कभी नामुराद ٤ (4)
(4)
उसने कहा : ऐ मेरे पालनहार! निश्चय मेरी हड्डियाँ कमज़ोर हो गईं और सिर बुढ़ापे से सफेद1 हो गया, तथा ऐ मेरे पालनहार! मैं तुझे पुकारकर कभी असफल नहीं हुआ।
१९:५
وَإِنِّى
और बेशक मैं
wa-innī
और बेशक मैं خِفْتُ मैं डरता हूँ khif'tu
मैं डरता हूँ ٱلْمَوَٰلِىَ वारिसों से l-mawāliya
वारिसों से مِن after me min
after me وَرَآءِى पीछे अपने warāī
पीछे अपने وَكَانَتِ और है wakānati
और है ٱمْرَأَتِى बीवी मेरी im'ra-atī
बीवी मेरी عَاقِرًۭا बाँझ ʿāqiran
बाँझ فَهَبْ पस अता कर fahab
पस अता कर لِى मुझे lī
मुझे مِن from min
from لَّدُنكَ अपने पास से ladunka
अपने पास से وَلِيًّۭا वारिस waliyyan
वारिस ٥ (5)
(5)
और बेशक मैं خِفْتُ मैं डरता हूँ khif'tu
मैं डरता हूँ ٱلْمَوَٰلِىَ वारिसों से l-mawāliya
वारिसों से مِن after me min
after me وَرَآءِى पीछे अपने warāī
पीछे अपने وَكَانَتِ और है wakānati
और है ٱمْرَأَتِى बीवी मेरी im'ra-atī
बीवी मेरी عَاقِرًۭا बाँझ ʿāqiran
बाँझ فَهَبْ पस अता कर fahab
पस अता कर لِى मुझे lī
मुझे مِن from min
from لَّدُنكَ अपने पास से ladunka
अपने पास से وَلِيًّۭا वारिस waliyyan
वारिस ٥ (5)
(5)
और निःसंदेह मैं अपने पीछे रिश्तेदारों से डरता हूँ, और मेरी पत्नी आरंभ से बाँझ है, अतः मुझे अपनी ओर से एक उत्तराधिकारी प्रदान कर दे।
१९:६
يَرِثُنِى
जो वारिस हो मेरा
yarithunī
जो वारिस हो मेरा وَيَرِثُ और वारिस हो wayarithu
और वारिस हो مِنْ from min
from ءَالِ (the) family āli
(the) family يَعْقُوبَ ۖ आले याक़ूब का yaʿqūba
आले याक़ूब का وَٱجْعَلْهُ और बना दे उसे wa-ij'ʿalhu
और बना दे उसे رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब رَضِيًّۭا पसंदीदा raḍiyyan
पसंदीदा ٦ (6)
(6)
जो वारिस हो मेरा وَيَرِثُ और वारिस हो wayarithu
और वारिस हो مِنْ from min
from ءَالِ (the) family āli
(the) family يَعْقُوبَ ۖ आले याक़ूब का yaʿqūba
आले याक़ूब का وَٱجْعَلْهُ और बना दे उसे wa-ij'ʿalhu
और बना दे उसे رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब رَضِيًّۭا पसंदीदा raḍiyyan
पसंदीदा ٦ (6)
(6)
जो मेरा उत्तराधिकारी हो तथा याक़ूब के वंश का उत्तराधिकारी1 हो और ऐ मेरे पालनहार! उसे पसंदीदा बना दे।
१९:७
يَـٰزَكَرِيَّآ
ऐ ज़करिया
yāzakariyyā
ऐ ज़करिया إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम نُبَشِّرُكَ हम ख़ुशख़बरी देते हैं तुझे nubashiruka
हम ख़ुशख़बरी देते हैं तुझे بِغُلَـٰمٍ एक लड़के की bighulāmin
एक लड़के की ٱسْمُهُۥ नाम जिसका us'muhu
नाम जिसका يَحْيَىٰ याहया (होगा) yaḥyā
याहया (होगा) لَمْ नहीं lam
नहीं نَجْعَل हमने बनाया najʿal
हमने बनाया لَّهُۥ इसका lahu
इसका مِن before min
before قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले سَمِيًّۭا कोई हम नाम samiyyan
कोई हम नाम ٧ (7)
(7)
ऐ ज़करिया إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम نُبَشِّرُكَ हम ख़ुशख़बरी देते हैं तुझे nubashiruka
हम ख़ुशख़बरी देते हैं तुझे بِغُلَـٰمٍ एक लड़के की bighulāmin
एक लड़के की ٱسْمُهُۥ नाम जिसका us'muhu
नाम जिसका يَحْيَىٰ याहया (होगा) yaḥyā
याहया (होगा) لَمْ नहीं lam
नहीं نَجْعَل हमने बनाया najʿal
हमने बनाया لَّهُۥ इसका lahu
इसका مِن before min
before قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले سَمِيًّۭا कोई हम नाम samiyyan
कोई हम नाम ٧ (7)
(7)
ऐ ज़करिय्या! निःसंदेह हम तुझे एक बालक की शुभ सूचना देते हैं, जिसका नाम यह़्या है। हमने इससे पहले उसका कोई समनाम नहीं बनाया।
१९:८
قَالَ
कहा
qāla
कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब أَنَّىٰ कैसे annā
कैसे يَكُونُ होगा yakūnu
होगा لِى मेरे लिए lī
मेरे लिए غُلَـٰمٌۭ लड़का ghulāmun
लड़का وَكَانَتِ जबकि है wakānati
जबकि है ٱمْرَأَتِى बीवी मेरी im'ra-atī
बीवी मेरी عَاقِرًۭا बाँझ ʿāqiran
बाँझ وَقَدْ और तहक़ीक़ waqad
और तहक़ीक़ بَلَغْتُ पहुँचा हुआ हूँ मैं balaghtu
पहुँचा हुआ हूँ मैं مِنَ of mina
of ٱلْكِبَرِ बुढ़ापे के l-kibari
बुढ़ापे के عِتِيًّۭا इन्तिहाई दर्जे को ʿitiyyan
इन्तिहाई दर्जे को ٨ (8)
(8)
कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब أَنَّىٰ कैसे annā
कैसे يَكُونُ होगा yakūnu
होगा لِى मेरे लिए lī
मेरे लिए غُلَـٰمٌۭ लड़का ghulāmun
लड़का وَكَانَتِ जबकि है wakānati
जबकि है ٱمْرَأَتِى बीवी मेरी im'ra-atī
बीवी मेरी عَاقِرًۭا बाँझ ʿāqiran
बाँझ وَقَدْ और तहक़ीक़ waqad
और तहक़ीक़ بَلَغْتُ पहुँचा हुआ हूँ मैं balaghtu
पहुँचा हुआ हूँ मैं مِنَ of mina
of ٱلْكِبَرِ बुढ़ापे के l-kibari
बुढ़ापे के عِتِيًّۭا इन्तिहाई दर्जे को ʿitiyyan
इन्तिहाई दर्जे को ٨ (8)
(8)
उसने कहा : ऐ मेरे पालनहार! मेरे यहाँ बालक कैसे होगा, जबकि मेरी पत्नी शुरू से बाँझ है और मैं बुढ़ापे की अंतिम सीमा को पहुँच गया हूँ।
१९:९
قَالَ
उसने कहा
qāla
उसने कहा كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह قَالَ फ़रमाया है qāla
फ़रमाया है رَبُّكَ तेरे रब ने rabbuka
तेरे रब ने هُوَ वो huwa
वो عَلَىَّ मुझ पर ʿalayya
मुझ पर هَيِّنٌۭ बहुत आसान है hayyinun
बहुत आसान है وَقَدْ और तहक़ीक़ waqad
और तहक़ीक़ خَلَقْتُكَ पैदा किया मैंने तुझे khalaqtuka
पैदा किया मैंने तुझे مِن before min
before قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले وَلَمْ और ना walam
और ना تَكُ था तू taku
था तू شَيْـًۭٔا कुछ भी shayan
कुछ भी ٩ (9)
(9)
उसने कहा كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह قَالَ फ़रमाया है qāla
फ़रमाया है رَبُّكَ तेरे रब ने rabbuka
तेरे रब ने هُوَ वो huwa
वो عَلَىَّ मुझ पर ʿalayya
मुझ पर هَيِّنٌۭ बहुत आसान है hayyinun
बहुत आसान है وَقَدْ और तहक़ीक़ waqad
और तहक़ीक़ خَلَقْتُكَ पैदा किया मैंने तुझे khalaqtuka
पैदा किया मैंने तुझे مِن before min
before قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले وَلَمْ और ना walam
और ना تَكُ था तू taku
था तू شَيْـًۭٔا कुछ भी shayan
कुछ भी ٩ (9)
(9)
उसने कहा : ऐसा ही है, तेरे पालनहार ने कहा है : यह मेरे लिए सरल है, और निश्चय मैंने तुझे इससे पहले पैदा किया, जबकि तू कुछ भी नहीं था।
१९:१०
قَالَ
कहा
qāla
कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब ٱجْعَل बना ij'ʿal
बना لِّىٓ मेरे लिए lī
मेरे लिए ءَايَةًۭ ۚ कोई निशानी āyatan
कोई निशानी قَالَ कहा qāla
कहा ءَايَتُكَ निशानी तेरी āyatuka
निशानी तेरी أَلَّا ये कि ना allā
ये कि ना تُكَلِّمَ तू कलाम करेगा tukallima
तू कलाम करेगा ٱلنَّاسَ लोगों से l-nāsa
लोगों से ثَلَـٰثَ तीन thalātha
तीन لَيَالٍۢ रातें layālin
रातें سَوِيًّۭا तंदरुस्ती (के बावजूद) sawiyyan
तंदरुस्ती (के बावजूद) ١٠ (10)
(10)
कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब ٱجْعَل बना ij'ʿal
बना لِّىٓ मेरे लिए lī
मेरे लिए ءَايَةًۭ ۚ कोई निशानी āyatan
कोई निशानी قَالَ कहा qāla
कहा ءَايَتُكَ निशानी तेरी āyatuka
निशानी तेरी أَلَّا ये कि ना allā
ये कि ना تُكَلِّمَ तू कलाम करेगा tukallima
तू कलाम करेगा ٱلنَّاسَ लोगों से l-nāsa
लोगों से ثَلَـٰثَ तीन thalātha
तीन لَيَالٍۢ रातें layālin
रातें سَوِيًّۭا तंदरुस्ती (के बावजूद) sawiyyan
तंदरुस्ती (के बावजूद) ١٠ (10)
(10)
उस (ज़करिय्या) ने कहा : ऐ मेरे पालनहार! मेरे लिए कोई निशानी निर्धारित कर दे। (अल्लाह ने) फरमाया : तेरी निशानी यह है कि तू स्वस्थ होते हुए लोगों से तीन रातों तक बात नहीं करेगा।1
१९:११
فَخَرَجَ
पस वो निकला
fakharaja
पस वो निकला عَلَىٰ to ʿalā
to قَوْمِهِۦ अपनी क़ौम पर qawmihi
अपनी क़ौम पर مِنَ from mina
from ٱلْمِحْرَابِ मेहराब से l-miḥ'rābi
मेहराब से فَأَوْحَىٰٓ तो उसने इशारा किया fa-awḥā
तो उसने इशारा किया إِلَيْهِمْ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके أَن कि an
कि سَبِّحُوا۟ तस्बीह करो sabbiḥū
तस्बीह करो بُكْرَةًۭ सुबह buk'ratan
सुबह وَعَشِيًّۭا और शाम waʿashiyyan
और शाम ١١ (11)
(11)
पस वो निकला عَلَىٰ to ʿalā
to قَوْمِهِۦ अपनी क़ौम पर qawmihi
अपनी क़ौम पर مِنَ from mina
from ٱلْمِحْرَابِ मेहराब से l-miḥ'rābi
मेहराब से فَأَوْحَىٰٓ तो उसने इशारा किया fa-awḥā
तो उसने इशारा किया إِلَيْهِمْ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके أَن कि an
कि سَبِّحُوا۟ तस्बीह करो sabbiḥū
तस्बीह करो بُكْرَةًۭ सुबह buk'ratan
सुबह وَعَشِيًّۭا और शाम waʿashiyyan
और शाम ١١ (11)
(11)
फिर वह उपासना-गृह से निकलकर अपनी जाति के पास आया और उन्हें संकेत द्वारा आदेश दिया कि सुबह और शाम (अल्लाह की) पवित्रता का वर्णन करो।
१९:१२
يَـٰيَحْيَىٰ
ऐ याहया
yāyaḥyā
ऐ याहया خُذِ पकड़ो khudhi
पकड़ो ٱلْكِتَـٰبَ किताब को l-kitāba
किताब को بِقُوَّةٍۢ ۖ क़ुव्वत से biquwwatin
क़ुव्वत से وَءَاتَيْنَـٰهُ और दी हमने उसे waātaynāhu
और दी हमने उसे ٱلْحُكْمَ हिकमत/दानाई l-ḥuk'ma
हिकमत/दानाई صَبِيًّۭا बचपन ही से ṣabiyyan
बचपन ही से ١٢ (12)
(12)
ऐ याहया خُذِ पकड़ो khudhi
पकड़ो ٱلْكِتَـٰبَ किताब को l-kitāba
किताब को بِقُوَّةٍۢ ۖ क़ुव्वत से biquwwatin
क़ुव्वत से وَءَاتَيْنَـٰهُ और दी हमने उसे waātaynāhu
और दी हमने उसे ٱلْحُكْمَ हिकमत/दानाई l-ḥuk'ma
हिकमत/दानाई صَبِيًّۭا बचपन ही से ṣabiyyan
बचपन ही से ١٢ (12)
(12)
ऐ यह़्या1! इस पुस्तक (तौरात) को मज़बूती से थाम लो। और हमने उसे बचपन ही में निर्णय-शक्ति प्रदान की।
१९:१३
وَحَنَانًۭا
और नर्म दिली
waḥanānan
और नर्म दिली مِّن from min
from لَّدُنَّا अपने पास से ladunnā
अपने पास से وَزَكَوٰةًۭ ۖ और पाकीज़गी wazakatan
और पाकीज़गी وَكَانَ और था वो wakāna
और था वो تَقِيًّۭا परहेज़गार taqiyyan
परहेज़गार ١٣ (13)
(13)
और नर्म दिली مِّن from min
from لَّدُنَّا अपने पास से ladunnā
अपने पास से وَزَكَوٰةًۭ ۖ और पाकीज़गी wazakatan
और पाकीज़गी وَكَانَ और था वो wakāna
और था वो تَقِيًّۭا परहेज़गार taqiyyan
परहेज़गार ١٣ (13)
(13)
तथा अपनी ओर से दया तथा पवित्रता (प्रदान की) और वह बड़ा संयमी (परहेज़गार) था।
१९:१४
وَبَرًّۢا
और नेकोकार
wabarran
और नेकोकार بِوَٰلِدَيْهِ साथ अपने वालिदैन के biwālidayhi
साथ अपने वालिदैन के وَلَمْ और ना walam
और ना يَكُن था वो yakun
था वो جَبَّارًا सरकश jabbāran
सरकश عَصِيًّۭا नाफ़रमान ʿaṣiyyan
नाफ़रमान ١٤ (14)
(14)
और नेकोकार بِوَٰلِدَيْهِ साथ अपने वालिदैन के biwālidayhi
साथ अपने वालिदैन के وَلَمْ और ना walam
और ना يَكُن था वो yakun
था वो جَبَّارًا सरकश jabbāran
सरकश عَصِيًّۭا नाफ़रमान ʿaṣiyyan
नाफ़रमान ١٤ (14)
(14)
तथा अपने माता-पिता के साथ सुशील था। तथा वह क्रूर और अवज्ञाकारी नहीं था।
१९:१५
وَسَلَـٰمٌ
और सलाम है
wasalāmun
और सलाम है عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन وُلِدَ वो पैदा किया गया wulida
वो पैदा किया गया وَيَوْمَ और जिस दिन wayawma
और जिस दिन يَمُوتُ वो फ़ौत होगा yamūtu
वो फ़ौत होगा وَيَوْمَ और जिस दिन wayawma
और जिस दिन يُبْعَثُ वो उठाया जाएगा yub'ʿathu
वो उठाया जाएगा حَيًّۭا ज़िन्दा करके ḥayyan
ज़िन्दा करके ١٥ (15)
(15)
और सलाम है عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन وُلِدَ वो पैदा किया गया wulida
वो पैदा किया गया وَيَوْمَ और जिस दिन wayawma
और जिस दिन يَمُوتُ वो फ़ौत होगा yamūtu
वो फ़ौत होगा وَيَوْمَ और जिस दिन wayawma
और जिस दिन يُبْعَثُ वो उठाया जाएगा yub'ʿathu
वो उठाया जाएगा حَيًّۭا ज़िन्दा करके ḥayyan
ज़िन्दा करके ١٥ (15)
(15)
और उसपर सलामती हो जिस दिन वह पैदा हुआ और जिस दिन वह मरेगा और जिस दिन वह जीवित करके उठाया जाएगा।
१९:१६
وَٱذْكُرْ
और ज़िक्र करो
wa-udh'kur
और ज़िक्र करो فِى in fī
in ٱلْكِتَـٰبِ किताब में l-kitābi
किताब में مَرْيَمَ मरियम का maryama
मरियम का إِذِ जब idhi
जब ٱنتَبَذَتْ वो अलग हो गई intabadhat
वो अलग हो गई مِنْ from min
from أَهْلِهَا अपने घर वालों से ahlihā
अपने घर वालों से مَكَانًۭا एक जगह पर makānan
एक जगह पर شَرْقِيًّۭا मशरिक़ी जानिब sharqiyyan
मशरिक़ी जानिब ١٦ (16)
(16)
और ज़िक्र करो فِى in fī
in ٱلْكِتَـٰبِ किताब में l-kitābi
किताब में مَرْيَمَ मरियम का maryama
मरियम का إِذِ जब idhi
जब ٱنتَبَذَتْ वो अलग हो गई intabadhat
वो अलग हो गई مِنْ from min
from أَهْلِهَا अपने घर वालों से ahlihā
अपने घर वालों से مَكَانًۭا एक जगह पर makānan
एक जगह पर شَرْقِيًّۭا मशरिक़ी जानिब sharqiyyan
मशरिक़ी जानिब ١٦ (16)
(16)
तथा इस किताब में मरयम1 की चर्चा करें, जब वह अपने घरवालों से एक स्थान पर अलग हो गईं जो (उनसे) पूरब की ओर था।
१९:१७
فَٱتَّخَذَتْ
फिर उसने बना लिया
fa-ittakhadhat
फिर उसने बना लिया مِن from them min
from them دُونِهِمْ उनकी तरफ़ से dūnihim
उनकी तरफ़ से حِجَابًۭا एक पर्दा ḥijāban
एक पर्दा فَأَرْسَلْنَآ तो भेजा हमने fa-arsalnā
तो भेजा हमने إِلَيْهَا तरफ़ उसके ilayhā
तरफ़ उसके رُوحَنَا अपनी रूह (फ़रिश्ता) को rūḥanā
अपनी रूह (फ़रिश्ता) को فَتَمَثَّلَ तो उसने शक्ल इख़्तियार की fatamathala
तो उसने शक्ल इख़्तियार की لَهَا उसके लिए lahā
उसके लिए بَشَرًۭا एक इन्सान की basharan
एक इन्सान की سَوِيًّۭا कामिल sawiyyan
कामिल ١٧ (17)
(17)
फिर उसने बना लिया مِن from them min
from them دُونِهِمْ उनकी तरफ़ से dūnihim
उनकी तरफ़ से حِجَابًۭا एक पर्दा ḥijāban
एक पर्दा فَأَرْسَلْنَآ तो भेजा हमने fa-arsalnā
तो भेजा हमने إِلَيْهَا तरफ़ उसके ilayhā
तरफ़ उसके رُوحَنَا अपनी रूह (फ़रिश्ता) को rūḥanā
अपनी रूह (फ़रिश्ता) को فَتَمَثَّلَ तो उसने शक्ल इख़्तियार की fatamathala
तो उसने शक्ल इख़्तियार की لَهَا उसके लिए lahā
उसके लिए بَشَرًۭا एक इन्सान की basharan
एक इन्सान की سَوِيًّۭا कामिल sawiyyan
कामिल ١٧ (17)
(17)
फिर उसने उनकी ओर से एक परदा बना लिया, तो हमने उसकी ओर अपनी रूह़ (विशेष फ़रिश्ता)1 को भेजा, तो उसने उसके लिए एक पूरे मनुष्य का रूप धारण कर लिया।
१९:१८
قَالَتْ
वो कहने लगी
qālat
वो कहने लगी إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أَعُوذُ मैं पनाह लेती हूँ aʿūdhu
मैं पनाह लेती हूँ بِٱلرَّحْمَـٰنِ रहमान की bil-raḥmāni
रहमान की مِنكَ तुझसे minka
तुझसे إِن अगर in
अगर كُنتَ है तू kunta
है तू تَقِيًّۭا मुत्तक़ी/डरने वाला taqiyyan
मुत्तक़ी/डरने वाला ١٨ (18)
(18)
वो कहने लगी إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أَعُوذُ मैं पनाह लेती हूँ aʿūdhu
मैं पनाह लेती हूँ بِٱلرَّحْمَـٰنِ रहमान की bil-raḥmāni
रहमान की مِنكَ तुझसे minka
तुझसे إِن अगर in
अगर كُنتَ है तू kunta
है तू تَقِيًّۭا मुत्तक़ी/डरने वाला taqiyyan
मुत्तक़ी/डरने वाला ١٨ (18)
(18)
उसने कहा : निःसंदेह मैं तुझसे रहमान (परम दयावान्) की शरण माँगती हूँ, यदि तू डर रखने वाला है।
१९:१९
قَالَ
उसने कहा
qāla
उसने कहा إِنَّمَآ बेशक innamā
बेशक أَنَا۠ मैं anā
मैं رَسُولُ भेजा हुआ हूँ rasūlu
भेजा हुआ हूँ رَبِّكِ तेरे रब का rabbiki
तेरे रब का لِأَهَبَ कि मैं अता करूँ li-ahaba
कि मैं अता करूँ لَكِ तुझे laki
तुझे غُلَـٰمًۭا एक लड़का ghulāman
एक लड़का زَكِيًّۭا पाकीज़ा zakiyyan
पाकीज़ा ١٩ (19)
(19)
उसने कहा إِنَّمَآ बेशक innamā
बेशक أَنَا۠ मैं anā
मैं رَسُولُ भेजा हुआ हूँ rasūlu
भेजा हुआ हूँ رَبِّكِ तेरे रब का rabbiki
तेरे रब का لِأَهَبَ कि मैं अता करूँ li-ahaba
कि मैं अता करूँ لَكِ तुझे laki
तुझे غُلَـٰمًۭا एक लड़का ghulāman
एक लड़का زَكِيًّۭا पाकीज़ा zakiyyan
पाकीज़ा ١٩ (19)
(19)
उसने कहा : मैं तेरे पालनहार का भेजा हुआ हूँ, ताकि तुझे एक पवित्र लड़का प्रदान करूँ।
१९:२०
قَالَتْ
वो कहने लगी
qālat
वो कहने लगी أَنَّىٰ कैसे annā
कैसे يَكُونُ होगा yakūnu
होगा لِى मेरे लिए lī
मेरे लिए غُلَـٰمٌۭ कोई लड़का ghulāmun
कोई लड़का وَلَمْ हालाँकि नहीं walam
हालाँकि नहीं يَمْسَسْنِى छुआ मुझे yamsasnī
छुआ मुझे بَشَرٌۭ किसी इन्सान ने basharun
किसी इन्सान ने وَلَمْ और नहीं walam
और नहीं أَكُ हूँ मैं aku
हूँ मैं بَغِيًّۭا बदकार baghiyyan
बदकार ٢٠ (20)
(20)
वो कहने लगी أَنَّىٰ कैसे annā
कैसे يَكُونُ होगा yakūnu
होगा لِى मेरे लिए lī
मेरे लिए غُلَـٰمٌۭ कोई लड़का ghulāmun
कोई लड़का وَلَمْ हालाँकि नहीं walam
हालाँकि नहीं يَمْسَسْنِى छुआ मुझे yamsasnī
छुआ मुझे بَشَرٌۭ किसी इन्सान ने basharun
किसी इन्सान ने وَلَمْ और नहीं walam
और नहीं أَكُ हूँ मैं aku
हूँ मैं بَغِيًّۭا बदकार baghiyyan
बदकार ٢٠ (20)
(20)
वह बोली : मुझे लड़का कैसे हो सकता है, जबकि किसी पुरुष ने मुझे छुआ तक नहीं है और न मैं कभी व्यभिचारिणी थी।
१९:२१
قَالَ
कहा
qāla
कहा كَذَٰلِكِ इसी तरह (होगा) kadhāliki
इसी तरह (होगा) قَالَ कहा qāla
कहा رَبُّكِ तेरे रब ने rabbuki
तेरे रब ने هُوَ वो huwa
वो عَلَىَّ मुझ पर ʿalayya
मुझ पर هَيِّنٌۭ ۖ बहुत आसान है hayyinun
बहुत आसान है وَلِنَجْعَلَهُۥٓ और ताकि हम बना दें उसे walinajʿalahu
और ताकि हम बना दें उसे ءَايَةًۭ एक निशानी āyatan
एक निशानी لِّلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए وَرَحْمَةًۭ और रहमत waraḥmatan
और रहमत مِّنَّا ۚ अपनी तरफ़ से minnā
अपनी तरफ़ से وَكَانَ और है wakāna
और है أَمْرًۭا एक काम amran
एक काम مَّقْضِيًّۭا तयशुदा maqḍiyyan
तयशुदा ٢١ (21)
(21)
कहा كَذَٰلِكِ इसी तरह (होगा) kadhāliki
इसी तरह (होगा) قَالَ कहा qāla
कहा رَبُّكِ तेरे रब ने rabbuki
तेरे रब ने هُوَ वो huwa
वो عَلَىَّ मुझ पर ʿalayya
मुझ पर هَيِّنٌۭ ۖ बहुत आसान है hayyinun
बहुत आसान है وَلِنَجْعَلَهُۥٓ और ताकि हम बना दें उसे walinajʿalahu
और ताकि हम बना दें उसे ءَايَةًۭ एक निशानी āyatan
एक निशानी لِّلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए وَرَحْمَةًۭ और रहमत waraḥmatan
और रहमत مِّنَّا ۚ अपनी तरफ़ से minnā
अपनी तरफ़ से وَكَانَ और है wakāna
और है أَمْرًۭا एक काम amran
एक काम مَّقْضِيًّۭا तयशुदा maqḍiyyan
तयशुदा ٢١ (21)
(21)
उसने कहा : ऐसा ही है, तेरे पालनहार ने कहा है कि यह मेरे लिए आसान है और ताकि हम इसे लोगों के लिए एक निशानी1 और अपनी ओर से रहमत बनाएँ और यह एक पूर्वनियत कार्य है।
१९:२२
۞ فَحَمَلَتْهُ
तो हमल ठहर गया उसे उसका
faḥamalathu
तो हमल ठहर गया उसे उसका فَٱنتَبَذَتْ फिर वो अलग हो गई fa-intabadhat
फिर वो अलग हो गई بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके مَكَانًۭا एक जगह पर makānan
एक जगह पर قَصِيًّۭا दूर की qaṣiyyan
दूर की ٢٢ (22)
(22)
तो हमल ठहर गया उसे उसका فَٱنتَبَذَتْ फिर वो अलग हो गई fa-intabadhat
फिर वो अलग हो गई بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके مَكَانًۭا एक जगह पर makānan
एक जगह पर قَصِيًّۭا दूर की qaṣiyyan
दूर की ٢٢ (22)
(22)
फिर वह उस (लड़के) के साथ गर्भवती हो गई, तो उसे लेकर एक दूर स्थान पर अलग चली गई।
१९:२३
فَأَجَآءَهَا
तो ले आया उसे
fa-ajāahā
तो ले आया उसे ٱلْمَخَاضُ दर्दे ज़ह l-makhāḍu
दर्दे ज़ह إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ جِذْعِ तने के jidh'ʿi
तने के ٱلنَّخْلَةِ खजूर के l-nakhlati
खजूर के قَالَتْ वो कहने लगी qālat
वो कहने लगी يَـٰلَيْتَنِى ऐ काश कि मैं yālaytanī
ऐ काश कि मैं مِتُّ मर जाती मैं mittu
मर जाती मैं قَبْلَ पहले qabla
पहले هَـٰذَا इससे hādhā
इससे وَكُنتُ और होती मैं wakuntu
और होती मैं نَسْيًۭا (in) oblivion nasyan
(in) oblivion مَّنسِيًّۭا भूली-बिसरी mansiyyan
भूली-बिसरी ٢٣ (23)
(23)
तो ले आया उसे ٱلْمَخَاضُ दर्दे ज़ह l-makhāḍu
दर्दे ज़ह إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ جِذْعِ तने के jidh'ʿi
तने के ٱلنَّخْلَةِ खजूर के l-nakhlati
खजूर के قَالَتْ वो कहने लगी qālat
वो कहने लगी يَـٰلَيْتَنِى ऐ काश कि मैं yālaytanī
ऐ काश कि मैं مِتُّ मर जाती मैं mittu
मर जाती मैं قَبْلَ पहले qabla
पहले هَـٰذَا इससे hādhā
इससे وَكُنتُ और होती मैं wakuntu
और होती मैं نَسْيًۭا (in) oblivion nasyan
(in) oblivion مَّنسِيًّۭا भूली-बिसरी mansiyyan
भूली-बिसरी ٢٣ (23)
(23)
फिर प्रसव पीड़ा उसे खजूर के एक तने के पास ले लाई, कहने लगी : ऐ काश! मैं इससे पहले मर जाती और भूली-बिसरी होती।
१९:२४
فَنَادَىٰهَا
तो पुकारा उसे (फ़रिश्ते ने)
fanādāhā
तो पुकारा उसे (फ़रिश्ते ने) مِن from min
from تَحْتِهَآ उसके नीचे से taḥtihā
उसके नीचे से أَلَّا कि ना allā
कि ना تَحْزَنِى तू ग़मगीन हो taḥzanī
तू ग़मगीन हो قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ جَعَلَ बना दिया jaʿala
बना दिया رَبُّكِ तेरे रब ने rabbuki
तेरे रब ने تَحْتَكِ तेरे नीचे taḥtaki
तेरे नीचे سَرِيًّۭا एक चश्मा sariyyan
एक चश्मा ٢٤ (24)
(24)
तो पुकारा उसे (फ़रिश्ते ने) مِن from min
from تَحْتِهَآ उसके नीचे से taḥtihā
उसके नीचे से أَلَّا कि ना allā
कि ना تَحْزَنِى तू ग़मगीन हो taḥzanī
तू ग़मगीन हो قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ جَعَلَ बना दिया jaʿala
बना दिया رَبُّكِ तेरे रब ने rabbuki
तेरे रब ने تَحْتَكِ तेरे नीचे taḥtaki
तेरे नीचे سَرِيًّۭا एक चश्मा sariyyan
एक चश्मा ٢٤ (24)
(24)
तो उसने उसके नीचे से पुकारा1 कि शोकाकुल न हो, तेरे पालनहार ने तेरे नीचे2 एक नदी (प्रवाह) कर दी है।
१९:२५
وَهُزِّىٓ
और हिला ले
wahuzzī
और हिला ले إِلَيْكِ तरफ़ अपने ilayki
तरफ़ अपने بِجِذْعِ तने को bijidh'ʿi
तने को ٱلنَّخْلَةِ खजूर के l-nakhlati
खजूर के تُسَـٰقِطْ वो गिराएगा tusāqiṭ
वो गिराएगा عَلَيْكِ तुझ पर ʿalayki
तुझ पर رُطَبًۭا पकी हुई खजूर ruṭaban
पकी हुई खजूर جَنِيًّۭا तरो-ताज़ा janiyyan
तरो-ताज़ा ٢٥ (25)
(25)
और हिला ले إِلَيْكِ तरफ़ अपने ilayki
तरफ़ अपने بِجِذْعِ तने को bijidh'ʿi
तने को ٱلنَّخْلَةِ खजूर के l-nakhlati
खजूर के تُسَـٰقِطْ वो गिराएगा tusāqiṭ
वो गिराएगा عَلَيْكِ तुझ पर ʿalayki
तुझ पर رُطَبًۭا पकी हुई खजूर ruṭaban
पकी हुई खजूर جَنِيًّۭا तरो-ताज़ा janiyyan
तरो-ताज़ा ٢٥ (25)
(25)
और खजूर के तने को अपनी ओर हिला, वह तुझपर ताज़ा पकी हुई खजूरें गिराएगा।1
१९:२६
فَكُلِى
फिर खा
fakulī
फिर खा وَٱشْرَبِى और पी wa-ish'rabī
और पी وَقَرِّى और ठंडी कर waqarrī
और ठंडी कर عَيْنًۭا ۖ आँखें ʿaynan
आँखें فَإِمَّا फिर अगर fa-immā
फिर अगर تَرَيِنَّ तू देखे tarayinna
तू देखे مِنَ from mina
from ٱلْبَشَرِ इन्सान में से l-bashari
इन्सान में से أَحَدًۭا किसी एक को aḥadan
किसी एक को فَقُولِىٓ तो कह दे faqūlī
तो कह दे إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं نَذَرْتُ नज़र मानी है मैंने nadhartu
नज़र मानी है मैंने لِلرَّحْمَـٰنِ रहमान के लिए lilrraḥmāni
रहमान के लिए صَوْمًۭا रोज़े की ṣawman
रोज़े की فَلَنْ तो हरगिज़ नहीं falan
तो हरगिज़ नहीं أُكَلِّمَ मैं कलाम करूँगी ukallima
मैं कलाम करूँगी ٱلْيَوْمَ आज l-yawma
आज إِنسِيًّۭا किसी इन्सान से insiyyan
किसी इन्सान से ٢٦ (26)
(26)
फिर खा وَٱشْرَبِى और पी wa-ish'rabī
और पी وَقَرِّى और ठंडी कर waqarrī
और ठंडी कर عَيْنًۭا ۖ आँखें ʿaynan
आँखें فَإِمَّا फिर अगर fa-immā
फिर अगर تَرَيِنَّ तू देखे tarayinna
तू देखे مِنَ from mina
from ٱلْبَشَرِ इन्सान में से l-bashari
इन्सान में से أَحَدًۭا किसी एक को aḥadan
किसी एक को فَقُولِىٓ तो कह दे faqūlī
तो कह दे إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं نَذَرْتُ नज़र मानी है मैंने nadhartu
नज़र मानी है मैंने لِلرَّحْمَـٰنِ रहमान के लिए lilrraḥmāni
रहमान के लिए صَوْمًۭا रोज़े की ṣawman
रोज़े की فَلَنْ तो हरगिज़ नहीं falan
तो हरगिज़ नहीं أُكَلِّمَ मैं कलाम करूँगी ukallima
मैं कलाम करूँगी ٱلْيَوْمَ आज l-yawma
आज إِنسِيًّۭا किसी इन्सान से insiyyan
किसी इन्सान से ٢٦ (26)
(26)
अतः खा और पी और आँख ठंडी कर। फिर यदि तू किसी आदमी को देखे, तो कह दे : मैंने तो रहमान के लिए रोज़े की मन्नत मानी है। अतः आज मैं कदापि किसी मनुष्य से बात नहीं करूँगी।
१९:२७
فَأَتَتْ
तो वो ले आई
fa-atat
तो वो ले आई بِهِۦ उसे bihi
उसे قَوْمَهَا अपनी क़ौम के पास qawmahā
अपनी क़ौम के पास تَحْمِلُهُۥ ۖ वो उठाए हुए थी उसे taḥmiluhu
वो उठाए हुए थी उसे قَالُوا۟ वो कहने लगे qālū
वो कहने लगे يَـٰمَرْيَمُ ऐ मरियम yāmaryamu
ऐ मरियम لَقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ جِئْتِ लाई है तू ji'ti
लाई है तू شَيْـًۭٔا एक चीज़ shayan
एक चीज़ فَرِيًّۭا बहुत बुरी/अजीब fariyyan
बहुत बुरी/अजीब ٢٧ (27)
(27)
तो वो ले आई بِهِۦ उसे bihi
उसे قَوْمَهَا अपनी क़ौम के पास qawmahā
अपनी क़ौम के पास تَحْمِلُهُۥ ۖ वो उठाए हुए थी उसे taḥmiluhu
वो उठाए हुए थी उसे قَالُوا۟ वो कहने लगे qālū
वो कहने लगे يَـٰمَرْيَمُ ऐ मरियम yāmaryamu
ऐ मरियम لَقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ جِئْتِ लाई है तू ji'ti
लाई है तू شَيْـًۭٔا एक चीज़ shayan
एक चीज़ فَرِيًّۭا बहुत बुरी/अजीब fariyyan
बहुत बुरी/अजीब ٢٧ (27)
(27)
फिर वह उसे उठाए हुए अपनी जाति के पास ले आई, उन्होंने कहा : ऐ मरयम! तूने बहुत बुरा काम किया है।
१९:२८
يَـٰٓأُخْتَ
ऐ बहन
yāukh'ta
ऐ बहन هَـٰرُونَ हारून की hārūna
हारून की مَا ना mā
ना كَانَ था kāna
था أَبُوكِ बाप तेरा abūki
बाप तेरा ٱمْرَأَ आदमी im'ra-a
आदमी سَوْءٍۢ बुरा sawin
बुरा وَمَا और ना wamā
और ना كَانَتْ थी kānat
थी أُمُّكِ माँ तेरी ummuki
माँ तेरी بَغِيًّۭا बदकार baghiyyan
बदकार ٢٨ (28)
(28)
ऐ बहन هَـٰرُونَ हारून की hārūna
हारून की مَا ना mā
ना كَانَ था kāna
था أَبُوكِ बाप तेरा abūki
बाप तेरा ٱمْرَأَ आदमी im'ra-a
आदमी سَوْءٍۢ बुरा sawin
बुरा وَمَا और ना wamā
और ना كَانَتْ थी kānat
थी أُمُّكِ माँ तेरी ummuki
माँ तेरी بَغِيًّۭا बदकार baghiyyan
बदकार ٢٨ (28)
(28)
ऐ हारून की बहन! न तेरा पिता कोई बुरा व्यक्ति था और न तेरी माँ कोई व्यभिचारिणी थी।
१९:२९
فَأَشَارَتْ
तो उसने इशारा कर दिया
fa-ashārat
तो उसने इशारा कर दिया إِلَيْهِ ۖ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह نُكَلِّمُ हम कलाम करें nukallimu
हम कलाम करें مَن उससे जो man
उससे जो كَانَ है वो kāna
है वो فِى in fī
in ٱلْمَهْدِ पंघोड़े में l-mahdi
पंघोड़े में صَبِيًّۭا एक बच्चा ṣabiyyan
एक बच्चा ٢٩ (29)
(29)
तो उसने इशारा कर दिया إِلَيْهِ ۖ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह نُكَلِّمُ हम कलाम करें nukallimu
हम कलाम करें مَن उससे जो man
उससे जो كَانَ है वो kāna
है वो فِى in fī
in ٱلْمَهْدِ पंघोड़े में l-mahdi
पंघोड़े में صَبِيًّۭا एक बच्चा ṣabiyyan
एक बच्चा ٢٩ (29)
(29)
तो उसने उस (शिशु) की ओर संकेत किया। उन्होंने कहा : हम उससे कैसे बात करें, जो अभी तक गोद में बच्चा है?
१९:३०
قَالَ
वो बोला
qāla
वो बोला إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं عَبْدُ बंदा हूँ ʿabdu
बंदा हूँ ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का ءَاتَىٰنِىَ उसने दी मुझे ātāniya
उसने दी मुझे ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब وَجَعَلَنِى और उसने बनाया मुझे wajaʿalanī
और उसने बनाया मुझे نَبِيًّۭا नबी nabiyyan
नबी ٣٠ (30)
(30)
वो बोला إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं عَبْدُ बंदा हूँ ʿabdu
बंदा हूँ ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का ءَاتَىٰنِىَ उसने दी मुझे ātāniya
उसने दी मुझे ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब وَجَعَلَنِى और उसने बनाया मुझे wajaʿalanī
और उसने बनाया मुझे نَبِيًّۭا नबी nabiyyan
नबी ٣٠ (30)
(30)
वह (शिशु) बोल पड़ा : निःसंदेह मैं अल्लाह का बंदा हूँ। उसने मुझे पुस्तक (इन्जील) प्रदान की तथा मुझे नबी बनाया है।1
१९:३१
وَجَعَلَنِى
और उसने बनाया मुझे
wajaʿalanī
और उसने बनाया मुझे مُبَارَكًا मुबारक mubārakan
मुबारक أَيْنَ wherever ayna
wherever مَا जहाँ कहीं mā
जहाँ कहीं كُنتُ मैं हूँ kuntu
मैं हूँ وَأَوْصَـٰنِى और उसने ताकीद की मुझे wa-awṣānī
और उसने ताकीद की मुझे بِٱلصَّلَوٰةِ नमाज़ की bil-ṣalati
नमाज़ की وَٱلزَّكَوٰةِ और ज़कात की wal-zakati
और ज़कात की مَا as long as I am mā
as long as I am دُمْتُ जब तक मैं रहूँ dum'tu
जब तक मैं रहूँ حَيًّۭا ज़िन्दा ḥayyan
ज़िन्दा ٣١ (31)
(31)
और उसने बनाया मुझे مُبَارَكًا मुबारक mubārakan
मुबारक أَيْنَ wherever ayna
wherever مَا जहाँ कहीं mā
जहाँ कहीं كُنتُ मैं हूँ kuntu
मैं हूँ وَأَوْصَـٰنِى और उसने ताकीद की मुझे wa-awṣānī
और उसने ताकीद की मुझे بِٱلصَّلَوٰةِ नमाज़ की bil-ṣalati
नमाज़ की وَٱلزَّكَوٰةِ और ज़कात की wal-zakati
और ज़कात की مَا as long as I am mā
as long as I am دُمْتُ जब तक मैं रहूँ dum'tu
जब तक मैं रहूँ حَيًّۭا ज़िन्दा ḥayyan
ज़िन्दा ٣١ (31)
(31)
तथा मुझे बरकत वाला बनाया है, जहाँ भी मैं रहूँ और मुझे नमाज़ तथा ज़कात का आदेश दिया है, जब तक मैं जीवित रहूँ।
१९:३२
وَبَرًّۢا
और नेक सुलूक करने वाला
wabarran
और नेक सुलूक करने वाला بِوَٰلِدَتِى अपनी वालिदा से biwālidatī
अपनी वालिदा से وَلَمْ और नहीं walam
और नहीं يَجْعَلْنِى उसने बनाया मुझे yajʿalnī
उसने बनाया मुझे جَبَّارًۭا सरकश jabbāran
सरकश شَقِيًّۭا बदबख़्त shaqiyyan
बदबख़्त ٣٢ (32)
(32)
और नेक सुलूक करने वाला بِوَٰلِدَتِى अपनी वालिदा से biwālidatī
अपनी वालिदा से وَلَمْ और नहीं walam
और नहीं يَجْعَلْنِى उसने बनाया मुझे yajʿalnī
उसने बनाया मुझे جَبَّارًۭا सरकश jabbāran
सरकश شَقِيًّۭا बदबख़्त shaqiyyan
बदबख़्त ٣٢ (32)
(32)
तथा आपनी माँ के साथ अच्छा व्यवहार करने वाला (बनाया) और उसने मुझे क्रूर तथा अभागा1 नहीं बनाया।
१९:३३
وَٱلسَّلَـٰمُ
और सलामती है
wal-salāmu
और सलामती है عَلَىَّ मुझ पर ʿalayya
मुझ पर يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन وُلِدتُّ पैदा किया गया मैं wulidttu
पैदा किया गया मैं وَيَوْمَ और जिस दिन wayawma
और जिस दिन أَمُوتُ मैं मरुँगा amūtu
मैं मरुँगा وَيَوْمَ और जिस दिन wayawma
और जिस दिन أُبْعَثُ मैं उठाया जाऊँगा ub'ʿathu
मैं उठाया जाऊँगा حَيًّۭا ज़िन्दा करके ḥayyan
ज़िन्दा करके ٣٣ (33)
(33)
और सलामती है عَلَىَّ मुझ पर ʿalayya
मुझ पर يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन وُلِدتُّ पैदा किया गया मैं wulidttu
पैदा किया गया मैं وَيَوْمَ और जिस दिन wayawma
और जिस दिन أَمُوتُ मैं मरुँगा amūtu
मैं मरुँगा وَيَوْمَ और जिस दिन wayawma
और जिस दिन أُبْعَثُ मैं उठाया जाऊँगा ub'ʿathu
मैं उठाया जाऊँगा حَيًّۭا ज़िन्दा करके ḥayyan
ज़िन्दा करके ٣٣ (33)
(33)
तथा सलामती है मुझपर, जिस दिन मैं पैदा हुआ और जिस दिन मैं मरूँगा और जिस दिन मैं जीवित करके उठाया जाऊँगा।
१९:३४
ذَٰلِكَ
ये हैं
dhālika
ये हैं عِيسَى (was) Isa ʿīsā
(was) Isa ٱبْنُ (the) son ub'nu
(the) son مَرْيَمَ ۚ ईसा इब्ने मरियम maryama
ईसा इब्ने मरियम قَوْلَ बात qawla
बात ٱلْحَقِّ हक़ की l-ḥaqi
हक़ की ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो فِيهِ इसमें fīhi
इसमें يَمْتَرُونَ वो शक करते हैं yamtarūna
वो शक करते हैं ٣٤ (34)
(34)
ये हैं عِيسَى (was) Isa ʿīsā
(was) Isa ٱبْنُ (the) son ub'nu
(the) son مَرْيَمَ ۚ ईसा इब्ने मरियम maryama
ईसा इब्ने मरियम قَوْلَ बात qawla
बात ٱلْحَقِّ हक़ की l-ḥaqi
हक़ की ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो فِيهِ इसमें fīhi
इसमें يَمْتَرُونَ वो शक करते हैं yamtarūna
वो शक करते हैं ٣٤ (34)
(34)
यह है ईसा बिन मरयम। यही सत्य बात है, जिसमें वे संदेह कर रहे हैं।
१९:३५
مَا
नहीं
mā
नहीं كَانَ है (लायक़) kāna
है (लायक़) لِلَّهِ अल्लाह के lillahi
अल्लाह के أَن कि an
कि يَتَّخِذَ वो बनाए yattakhidha
वो बनाए مِن any son min
any son وَلَدٍۢ ۖ कोई औलाद waladin
कोई औलाद سُبْحَـٰنَهُۥٓ ۚ पाक है वो sub'ḥānahu
पाक है वो إِذَا जब idhā
जब قَضَىٰٓ वो फ़ैसला करता है qaḍā
वो फ़ैसला करता है أَمْرًۭا किसी काम का amran
किसी काम का فَإِنَّمَا तो बेशक fa-innamā
तो बेशक يَقُولُ वो कहता है yaqūlu
वो कहता है لَهُۥ उसे lahu
उसे كُن हो जा kun
हो जा فَيَكُونُ तो वो हो जाता है fayakūnu
तो वो हो जाता है ٣٥ (35)
(35)
नहीं كَانَ है (लायक़) kāna
है (लायक़) لِلَّهِ अल्लाह के lillahi
अल्लाह के أَن कि an
कि يَتَّخِذَ वो बनाए yattakhidha
वो बनाए مِن any son min
any son وَلَدٍۢ ۖ कोई औलाद waladin
कोई औलाद سُبْحَـٰنَهُۥٓ ۚ पाक है वो sub'ḥānahu
पाक है वो إِذَا जब idhā
जब قَضَىٰٓ वो फ़ैसला करता है qaḍā
वो फ़ैसला करता है أَمْرًۭا किसी काम का amran
किसी काम का فَإِنَّمَا तो बेशक fa-innamā
तो बेशक يَقُولُ वो कहता है yaqūlu
वो कहता है لَهُۥ उसे lahu
उसे كُن हो जा kun
हो जा فَيَكُونُ तो वो हो जाता है fayakūnu
तो वो हो जाता है ٣٥ (35)
(35)
अल्लाह के योग्य नहीं है कि वह कोई संतान बनाए। वह पवित्र है! जब वह किसी कार्य का निर्णय करता है, तो उससे केवल यह कहता है कि "हो जा", तो वह हो जाता है।
१९:३६
وَإِنَّ
और बेशक
wa-inna
और बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह رَبِّى रब है मेरा rabbī
रब है मेरा وَرَبُّكُمْ और रब है तुम्हारा warabbukum
और रब है तुम्हारा فَٱعْبُدُوهُ ۚ पस इबादत करो उसकी fa-uʿ'budūhu
पस इबादत करो उसकी هَـٰذَا ये है hādhā
ये है صِرَٰطٌۭ रास्ता ṣirāṭun
रास्ता مُّسْتَقِيمٌۭ सीधा mus'taqīmun
सीधा ٣٦ (36)
(36)
और बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह رَبِّى रब है मेरा rabbī
रब है मेरा وَرَبُّكُمْ और रब है तुम्हारा warabbukum
और रब है तुम्हारा فَٱعْبُدُوهُ ۚ पस इबादत करो उसकी fa-uʿ'budūhu
पस इबादत करो उसकी هَـٰذَا ये है hādhā
ये है صِرَٰطٌۭ रास्ता ṣirāṭun
रास्ता مُّسْتَقِيمٌۭ सीधा mus'taqīmun
सीधा ٣٦ (36)
(36)
और निःसंदेह अल्लाह ही मेरा पालनहार और तुम्हारा पालनहार है, अतः उसी की इबादत करो, यही सीधा रास्ता है।
१९:३७
فَٱخْتَلَفَ
तो इख़्तिलाफ़ किया
fa-ikh'talafa
तो इख़्तिलाफ़ किया ٱلْأَحْزَابُ गिरोहों ने l-aḥzābu
गिरोहों ने مِنۢ from among them min
from among them بَيْنِهِمْ ۖ आपस में baynihim
आपस में فَوَيْلٌۭ तो हलाकत है fawaylun
तो हलाकत है لِّلَّذِينَ उनके लिए जिन्होंने lilladhīna
उनके लिए जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया مِن from min
from مَّشْهَدِ हाज़री से mashhadi
हाज़री से يَوْمٍ (of) a Day yawmin
(of) a Day عَظِيمٍ बड़े दिन की ʿaẓīmin
बड़े दिन की ٣٧ (37)
(37)
तो इख़्तिलाफ़ किया ٱلْأَحْزَابُ गिरोहों ने l-aḥzābu
गिरोहों ने مِنۢ from among them min
from among them بَيْنِهِمْ ۖ आपस में baynihim
आपस में فَوَيْلٌۭ तो हलाकत है fawaylun
तो हलाकत है لِّلَّذِينَ उनके लिए जिन्होंने lilladhīna
उनके लिए जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया مِن from min
from مَّشْهَدِ हाज़री से mashhadi
हाज़री से يَوْمٍ (of) a Day yawmin
(of) a Day عَظِيمٍ बड़े दिन की ʿaẓīmin
बड़े दिन की ٣٧ (37)
(37)
फिर इन गिरोहों1 ने आपस में मतभेद कर लिया, तो उन लोगों के लिए जिन्होंने कुफ़्र किया, एक बड़े दिन की उपस्थिति के कारण बड़ा विनाश है।
१९:३८
أَسْمِعْ
How they will hear
asmiʿ
How they will hear بِهِمْ क्या ख़ूब सुनने वाले होंगे वो bihim
क्या ख़ूब सुनने वाले होंगे वो وَأَبْصِرْ और क्या ख़ूब देखने वाले wa-abṣir
और क्या ख़ूब देखने वाले يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन يَأْتُونَنَا ۖ वो आऐंगे हमारे पास yatūnanā
वो आऐंगे हमारे पास لَـٰكِنِ लेकिन lākini
लेकिन ٱلظَّـٰلِمُونَ ज़ालिम लोग l-ẓālimūna
ज़ालिम लोग ٱلْيَوْمَ आज l-yawma
आज فِى (are) in fī
(are) in ضَلَـٰلٍۢ गुमराही में हैं ḍalālin
गुमराही में हैं مُّبِينٍۢ खुली mubīnin
खुली ٣٨ (38)
(38)
How they will hear بِهِمْ क्या ख़ूब सुनने वाले होंगे वो bihim
क्या ख़ूब सुनने वाले होंगे वो وَأَبْصِرْ और क्या ख़ूब देखने वाले wa-abṣir
और क्या ख़ूब देखने वाले يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन يَأْتُونَنَا ۖ वो आऐंगे हमारे पास yatūnanā
वो आऐंगे हमारे पास لَـٰكِنِ लेकिन lākini
लेकिन ٱلظَّـٰلِمُونَ ज़ालिम लोग l-ẓālimūna
ज़ालिम लोग ٱلْيَوْمَ आज l-yawma
आज فِى (are) in fī
(are) in ضَلَـٰلٍۢ गुमराही में हैं ḍalālin
गुमराही में हैं مُّبِينٍۢ खुली mubīnin
खुली ٣٨ (38)
(38)
वे कितने सुनने वाले होंगे और कितने देखने वाले होंगे! जिस दिन वे हमारे पास आएँगे, किंतु अत्याचारी लोग आज खुली गुमराही में हैं।
१९:३९
وَأَنذِرْهُمْ
और डराइए उन्हें
wa-andhir'hum
और डराइए उन्हें يَوْمَ (of the) Day yawma
(of the) Day ٱلْحَسْرَةِ हसरत के दिन से l-ḥasrati
हसरत के दिन से إِذْ जब idh
जब قُضِىَ फ़ैसला किया जाएगा quḍiya
फ़ैसला किया जाएगा ٱلْأَمْرُ इस मामले का l-amru
इस मामले का وَهُمْ और वो wahum
और वो فِى (are) in fī
(are) in غَفْلَةٍۢ (अब) ग़फ़लत में हैं ghaflatin
(अब) ग़फ़लत में हैं وَهُمْ और वो wahum
और वो لَا (do) not lā
(do) not يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाते yu'minūna
नहीं वो ईमान लाते ٣٩ (39)
(39)
और डराइए उन्हें يَوْمَ (of the) Day yawma
(of the) Day ٱلْحَسْرَةِ हसरत के दिन से l-ḥasrati
हसरत के दिन से إِذْ जब idh
जब قُضِىَ फ़ैसला किया जाएगा quḍiya
फ़ैसला किया जाएगा ٱلْأَمْرُ इस मामले का l-amru
इस मामले का وَهُمْ और वो wahum
और वो فِى (are) in fī
(are) in غَفْلَةٍۢ (अब) ग़फ़लत में हैं ghaflatin
(अब) ग़फ़लत में हैं وَهُمْ और वो wahum
और वो لَا (do) not lā
(do) not يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाते yu'minūna
नहीं वो ईमान लाते ٣٩ (39)
(39)
और (ऐ नबी!) आप उन्हें पछतावे के दिन से डराएँ, जब हर काम का फैसला1 कर दिया जाएगा, और वे पूरी तरह से ग़फ़लत में हैं और वे ईमान नहीं लाते।
१९:४०
إِنَّا
बेशक हम
innā
बेशक हम نَحْنُ हम ही naḥnu
हम ही نَرِثُ हम वारिस होंगे narithu
हम वारिस होंगे ٱلْأَرْضَ ज़मीन के l-arḍa
ज़मीन के وَمَنْ और जो waman
और जो عَلَيْهَا उस पर है ʿalayhā
उस पर है وَإِلَيْنَا और तरफ़ हमारे ही wa-ilaynā
और तरफ़ हमारे ही يُرْجَعُونَ वो लौटाए जाऐंगे yur'jaʿūna
वो लौटाए जाऐंगे ٤٠ (40)
(40)
बेशक हम نَحْنُ हम ही naḥnu
हम ही نَرِثُ हम वारिस होंगे narithu
हम वारिस होंगे ٱلْأَرْضَ ज़मीन के l-arḍa
ज़मीन के وَمَنْ और जो waman
और जो عَلَيْهَا उस पर है ʿalayhā
उस पर है وَإِلَيْنَا और तरफ़ हमारे ही wa-ilaynā
और तरफ़ हमारे ही يُرْجَعُونَ वो लौटाए जाऐंगे yur'jaʿūna
वो लौटाए जाऐंगे ٤٠ (40)
(40)
निःसंदेह हम ही धरती के उत्तराधिकारी होंगे और उनके भी जो उसपर हैं और वे हमारी ही ओर लौटाए जाएँगे।
१९:४१
وَٱذْكُرْ
और ज़िक्र कीजिए
wa-udh'kur
और ज़िक्र कीजिए فِى in fī
in ٱلْكِتَـٰبِ किताब में l-kitābi
किताब में إِبْرَٰهِيمَ ۚ इब्राहीम का ib'rāhīma
इब्राहीम का إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो كَانَ था वो kāna
था वो صِدِّيقًۭا सच्चा ṣiddīqan
सच्चा نَّبِيًّا नबी nabiyyan
नबी ٤١ (41)
(41)
और ज़िक्र कीजिए فِى in fī
in ٱلْكِتَـٰبِ किताब में l-kitābi
किताब में إِبْرَٰهِيمَ ۚ इब्राहीम का ib'rāhīma
इब्राहीम का إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो كَانَ था वो kāna
था वो صِدِّيقًۭا सच्चा ṣiddīqan
सच्चा نَّبِيًّا नबी nabiyyan
नबी ٤١ (41)
(41)
तथा इस किताब में इबराहीम की चर्चा करें, निःसंदेह वह बहुत सच्चा (और) नबी था।
१९:४२
إِذْ
जब
idh
जब قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा لِأَبِيهِ अपने बाप से li-abīhi
अपने बाप से يَـٰٓأَبَتِ ऐ मेरे अब्बाजान yāabati
ऐ मेरे अब्बाजान لِمَ क्यों lima
क्यों تَعْبُدُ आप इबादत करते हैं taʿbudu
आप इबादत करते हैं مَا उसकी जो mā
उसकी जो لَا not lā
not يَسْمَعُ ना वो सुनता है yasmaʿu
ना वो सुनता है وَلَا और ना walā
और ना يُبْصِرُ वो देखता है yub'ṣiru
वो देखता है وَلَا और ना walā
और ना يُغْنِى वो काम आता है yugh'nī
वो काम आता है عَنكَ आपके ʿanka
आपके شَيْـًۭٔا कुछ भी shayan
कुछ भी ٤٢ (42)
(42)
जब قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा لِأَبِيهِ अपने बाप से li-abīhi
अपने बाप से يَـٰٓأَبَتِ ऐ मेरे अब्बाजान yāabati
ऐ मेरे अब्बाजान لِمَ क्यों lima
क्यों تَعْبُدُ आप इबादत करते हैं taʿbudu
आप इबादत करते हैं مَا उसकी जो mā
उसकी जो لَا not lā
not يَسْمَعُ ना वो सुनता है yasmaʿu
ना वो सुनता है وَلَا और ना walā
और ना يُبْصِرُ वो देखता है yub'ṣiru
वो देखता है وَلَا और ना walā
और ना يُغْنِى वो काम आता है yugh'nī
वो काम आता है عَنكَ आपके ʿanka
आपके شَيْـًۭٔا कुछ भी shayan
कुछ भी ٤٢ (42)
(42)
जब उसने अपने पिता से कहा : ऐ मेरे पिता! आप उस चीज़ को क्यों पूजते हैं, जो न सुनती है और न देखती है और न आपके किसी काम आती है?
१९:४३
يَـٰٓأَبَتِ
ऐ मेरे अब्बाजान
yāabati
ऐ मेरे अब्बाजान إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ جَآءَنِى आया है मेरे पास jāanī
आया है मेरे पास مِنَ of mina
of ٱلْعِلْمِ इल्म में से l-ʿil'mi
इल्म में से مَا जो mā
जो لَمْ नहीं lam
नहीं يَأْتِكَ आया आपके पास yatika
आया आपके पास فَٱتَّبِعْنِىٓ पस पैरवी कीजिए मेरी fa-ittabiʿ'nī
पस पैरवी कीजिए मेरी أَهْدِكَ मैं रहनुमाई करुँगा आपकी ahdika
मैं रहनुमाई करुँगा आपकी صِرَٰطًۭا (तरफ़) रास्ते ṣirāṭan
(तरफ़) रास्ते سَوِيًّۭا सीधे के sawiyyan
सीधे के ٤٣ (43)
(43)
ऐ मेरे अब्बाजान إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ جَآءَنِى आया है मेरे पास jāanī
आया है मेरे पास مِنَ of mina
of ٱلْعِلْمِ इल्म में से l-ʿil'mi
इल्म में से مَا जो mā
जो لَمْ नहीं lam
नहीं يَأْتِكَ आया आपके पास yatika
आया आपके पास فَٱتَّبِعْنِىٓ पस पैरवी कीजिए मेरी fa-ittabiʿ'nī
पस पैरवी कीजिए मेरी أَهْدِكَ मैं रहनुमाई करुँगा आपकी ahdika
मैं रहनुमाई करुँगा आपकी صِرَٰطًۭا (तरफ़) रास्ते ṣirāṭan
(तरफ़) रास्ते سَوِيًّۭا सीधे के sawiyyan
सीधे के ٤٣ (43)
(43)
ऐ मेरे पिता! निःसंदेह मेरे पास वह ज्ञान आया है, जो आपके पास नहीं आया, अतः आप मेरा अनुसरण करें, मैं आपको सीधा मार्ग दिखाऊँगा।
१९:४४
يَـٰٓأَبَتِ
ऐ मेरे अब्बाजान
yāabati
ऐ मेरे अब्बाजान لَا (Do) not lā
(Do) not تَعْبُدِ ना आप इबादत कीजिए taʿbudi
ना आप इबादत कीजिए ٱلشَّيْطَـٰنَ ۖ शैतान की l-shayṭāna
शैतान की إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلشَّيْطَـٰنَ शैतान l-shayṭāna
शैतान كَانَ है वो kāna
है वो لِلرَّحْمَـٰنِ रहमान का lilrraḥmāni
रहमान का عَصِيًّۭا नाफ़रमान ʿaṣiyyan
नाफ़रमान ٤٤ (44)
(44)
ऐ मेरे अब्बाजान لَا (Do) not lā
(Do) not تَعْبُدِ ना आप इबादत कीजिए taʿbudi
ना आप इबादत कीजिए ٱلشَّيْطَـٰنَ ۖ शैतान की l-shayṭāna
शैतान की إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلشَّيْطَـٰنَ शैतान l-shayṭāna
शैतान كَانَ है वो kāna
है वो لِلرَّحْمَـٰنِ रहमान का lilrraḥmāni
रहमान का عَصِيًّۭا नाफ़रमान ʿaṣiyyan
नाफ़रमान ٤٤ (44)
(44)
ऐ मेरे पिता! शैतान की पूजा न करें। निःसंदेह शैतान हमेशा से रहमान (परम दयालु अल्लाह) का अवज्ञाकारी है।
१९:४५
يَـٰٓأَبَتِ
ऐ मेरे अब्बाजान
yāabati
ऐ मेरे अब्बाजान إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أَخَافُ मैं डरता हूँ akhāfu
मैं डरता हूँ أَن कि an
कि يَمَسَّكَ पहुँचेगा आपको yamassaka
पहुँचेगा आपको عَذَابٌۭ अज़ाब ʿadhābun
अज़ाब مِّنَ from mina
from ٱلرَّحْمَـٰنِ रहमान की तरफ़ से l-raḥmāni
रहमान की तरफ़ से فَتَكُونَ फिर आप हो जाऐंगे fatakūna
फिर आप हो जाऐंगे لِلشَّيْطَـٰنِ शैतान के lilshayṭāni
शैतान के وَلِيًّۭا दोस्त waliyyan
दोस्त ٤٥ (45)
(45)
ऐ मेरे अब्बाजान إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أَخَافُ मैं डरता हूँ akhāfu
मैं डरता हूँ أَن कि an
कि يَمَسَّكَ पहुँचेगा आपको yamassaka
पहुँचेगा आपको عَذَابٌۭ अज़ाब ʿadhābun
अज़ाब مِّنَ from mina
from ٱلرَّحْمَـٰنِ रहमान की तरफ़ से l-raḥmāni
रहमान की तरफ़ से فَتَكُونَ फिर आप हो जाऐंगे fatakūna
फिर आप हो जाऐंगे لِلشَّيْطَـٰنِ शैतान के lilshayṭāni
शैतान के وَلِيًّۭا दोस्त waliyyan
दोस्त ٤٥ (45)
(45)
ऐ मेरे पिता! वास्तव में, मुझे डर है कि आपको रहमान (परम दयालु) की ओर से कोई यातना आ लगे, फिर आप शैतान के मित्र हो जाएँगे।
१९:४६
قَالَ
उसने कहा
qāla
उसने कहा أَرَاغِبٌ क्या फिरने वाला है arāghibun
क्या फिरने वाला है أَنتَ तू anta
तू عَنْ (from) ʿan
(from) ءَالِهَتِى मेरे इलाहों से ālihatī
मेरे इलाहों से يَـٰٓإِبْرَٰهِيمُ ۖ ऐ इब्राहीम yāib'rāhīmu
ऐ इब्राहीम لَئِن अलबत्ता अगर la-in
अलबत्ता अगर لَّمْ ना lam
ना تَنتَهِ तू बाज़ आया tantahi
तू बाज़ आया لَأَرْجُمَنَّكَ ۖ अलबत्ता मैं ज़रुर संगसार कर दूँगा la-arjumannaka
अलबत्ता मैं ज़रुर संगसार कर दूँगा وَٱهْجُرْنِى और छोड़ दे मुझे wa-uh'jur'nī
और छोड़ दे मुझे مَلِيًّۭا लम्बी मुद्दत तक maliyyan
लम्बी मुद्दत तक ٤٦ (46)
(46)
उसने कहा أَرَاغِبٌ क्या फिरने वाला है arāghibun
क्या फिरने वाला है أَنتَ तू anta
तू عَنْ (from) ʿan
(from) ءَالِهَتِى मेरे इलाहों से ālihatī
मेरे इलाहों से يَـٰٓإِبْرَٰهِيمُ ۖ ऐ इब्राहीम yāib'rāhīmu
ऐ इब्राहीम لَئِن अलबत्ता अगर la-in
अलबत्ता अगर لَّمْ ना lam
ना تَنتَهِ तू बाज़ आया tantahi
तू बाज़ आया لَأَرْجُمَنَّكَ ۖ अलबत्ता मैं ज़रुर संगसार कर दूँगा la-arjumannaka
अलबत्ता मैं ज़रुर संगसार कर दूँगा وَٱهْجُرْنِى और छोड़ दे मुझे wa-uh'jur'nī
और छोड़ दे मुझे مَلِيًّۭا लम्बी मुद्दत तक maliyyan
लम्बी मुद्दत तक ٤٦ (46)
(46)
उसने कहा : क्या तू हमारे पूज्यों से विमुख हो रहा है, ऐ इबराहीम!? निश्चय यदि तू बाज़ न आया, तो मैं अवश्य ही तुझे संगसार कर दूँगा और तू लंबे समय के लिए मुझसे अलग हो जा।
१९:४७
قَالَ
उसने कहा
qāla
उसने कहा سَلَـٰمٌ सलाम हो salāmun
सलाम हो عَلَيْكَ ۖ आप पर ʿalayka
आप पर سَأَسْتَغْفِرُ ज़रूर मैं बख़्शिश माँगूंगा sa-astaghfiru
ज़रूर मैं बख़्शिश माँगूंगा لَكَ आपके लिए laka
आपके लिए رَبِّىٓ ۖ अपने रब से rabbī
अपने रब से إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो كَانَ है वो kāna
है वो بِى मुझ पर bī
मुझ पर حَفِيًّۭا बड़ा मेहरबान ḥafiyyan
बड़ा मेहरबान ٤٧ (47)
(47)
उसने कहा سَلَـٰمٌ सलाम हो salāmun
सलाम हो عَلَيْكَ ۖ आप पर ʿalayka
आप पर سَأَسْتَغْفِرُ ज़रूर मैं बख़्शिश माँगूंगा sa-astaghfiru
ज़रूर मैं बख़्शिश माँगूंगा لَكَ आपके लिए laka
आपके लिए رَبِّىٓ ۖ अपने रब से rabbī
अपने रब से إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो كَانَ है वो kāna
है वो بِى मुझ पर bī
मुझ पर حَفِيًّۭا बड़ा मेहरबान ḥafiyyan
बड़ा मेहरबान ٤٧ (47)
(47)
(इबराहीम ने) कहा : आपपर सलाम हो! मैं अपने पालनहार से आपके लिए अवश्य क्षमा की प्रार्थना करूँगा। निःसंदेह वह हमेशा से मुझपर बहुत दयालु है।
१९:४८
وَأَعْتَزِلُكُمْ
और मैं छोड़ता हूँ तुम्हें
wa-aʿtazilukum
और मैं छोड़ता हूँ तुम्हें وَمَا और जिन्हें wamā
और जिन्हें تَدْعُونَ तुम पुकारते हो tadʿūna
तुम पुकारते हो مِن besides min
besides دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَأَدْعُوا۟ और मैं पुकारता हूँ wa-adʿū
और मैं पुकारता हूँ رَبِّى अपने रब को rabbī
अपने रब को عَسَىٰٓ उम्मीद है ʿasā
उम्मीद है أَلَّآ कि ना allā
कि ना أَكُونَ मैं हूँगा akūna
मैं हूँगा بِدُعَآءِ पुकार कर biduʿāi
पुकार कर رَبِّى अपने रब को rabbī
अपने रब को شَقِيًّۭا महरूम/बदनसीब shaqiyyan
महरूम/बदनसीब ٤٨ (48)
(48)
और मैं छोड़ता हूँ तुम्हें وَمَا और जिन्हें wamā
और जिन्हें تَدْعُونَ तुम पुकारते हो tadʿūna
तुम पुकारते हो مِن besides min
besides دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَأَدْعُوا۟ और मैं पुकारता हूँ wa-adʿū
और मैं पुकारता हूँ رَبِّى अपने रब को rabbī
अपने रब को عَسَىٰٓ उम्मीद है ʿasā
उम्मीद है أَلَّآ कि ना allā
कि ना أَكُونَ मैं हूँगा akūna
मैं हूँगा بِدُعَآءِ पुकार कर biduʿāi
पुकार कर رَبِّى अपने रब को rabbī
अपने रब को شَقِيًّۭا महरूम/बदनसीब shaqiyyan
महरूम/बदनसीब ٤٨ (48)
(48)
तथा मैं आप लोगों से और उन चीज़ों से जिन्हें आप लोग अल्लाह के सिवा पुकारते हैं, किनारा करता हूँ और अपने पालनहार को पुकारता हूँ। आशा है कि मैं अपने रब को पुकारकर असफल नहीं रहूँगा।
१९:४९
فَلَمَّا
तो जब
falammā
तो जब ٱعْتَزَلَهُمْ उसने छोड़ दिया उन्हें iʿ'tazalahum
उसने छोड़ दिया उन्हें وَمَا और जिनकी wamā
और जिनकी يَعْبُدُونَ वो इबादत करते थे yaʿbudūna
वो इबादत करते थे مِن besides Allah min
besides Allah دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَهَبْنَا अता किए हमने wahabnā
अता किए हमने لَهُۥٓ उसके लिए lahu
उसके लिए إِسْحَـٰقَ इसहाक़ is'ḥāqa
इसहाक़ وَيَعْقُوبَ ۖ और याक़ूब wayaʿqūba
और याक़ूब وَكُلًّۭا और हर एक को wakullan
और हर एक को جَعَلْنَا बनाया हमने jaʿalnā
बनाया हमने نَبِيًّۭا नबी nabiyyan
नबी ٤٩ (49)
(49)
तो जब ٱعْتَزَلَهُمْ उसने छोड़ दिया उन्हें iʿ'tazalahum
उसने छोड़ दिया उन्हें وَمَا और जिनकी wamā
और जिनकी يَعْبُدُونَ वो इबादत करते थे yaʿbudūna
वो इबादत करते थे مِن besides Allah min
besides Allah دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَهَبْنَا अता किए हमने wahabnā
अता किए हमने لَهُۥٓ उसके लिए lahu
उसके लिए إِسْحَـٰقَ इसहाक़ is'ḥāqa
इसहाक़ وَيَعْقُوبَ ۖ और याक़ूब wayaʿqūba
और याक़ूब وَكُلًّۭا और हर एक को wakullan
और हर एक को جَعَلْنَا बनाया हमने jaʿalnā
बनाया हमने نَبِيًّۭا नबी nabiyyan
नबी ٤٩ (49)
(49)
फिर जब वह उनसे और उन चीज़ों से जिनकी वे अल्लाह के सिवा पूजा करते थे, अलग हो गया, तो हमने उसे इसहाक़ और याक़ूब प्रदान किए और हर एक को हमने नबी बनाया।
१९:५०
وَوَهَبْنَا
और अता किया हमने
wawahabnā
और अता किया हमने لَهُم उन्हें lahum
उन्हें مِّن of min
of رَّحْمَتِنَا अपनी रहमत से raḥmatinā
अपनी रहमत से وَجَعَلْنَا और कर दी हमने wajaʿalnā
और कर दी हमने لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए لِسَانَ ज़बान/नामवरी lisāna
ज़बान/नामवरी صِدْقٍ सच्चाई की ṣid'qin
सच्चाई की عَلِيًّۭا बुलन्द मर्तबा ʿaliyyan
बुलन्द मर्तबा ٥٠ (50)
(50)
और अता किया हमने لَهُم उन्हें lahum
उन्हें مِّن of min
of رَّحْمَتِنَا अपनी रहमत से raḥmatinā
अपनी रहमत से وَجَعَلْنَا और कर दी हमने wajaʿalnā
और कर दी हमने لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए لِسَانَ ज़बान/नामवरी lisāna
ज़बान/नामवरी صِدْقٍ सच्चाई की ṣid'qin
सच्चाई की عَلِيًّۭا बुलन्द मर्तबा ʿaliyyan
बुलन्द मर्तबा ٥٠ (50)
(50)
तथा हमने उन्हें अपनी रहमत से हिस्सा दिया और उन्हें बहुत ऊँची, सच्ची ख्याति प्रदान की।
१९:५१
وَٱذْكُرْ
और ज़िक्र कीजिए
wa-udh'kur
और ज़िक्र कीजिए فِى in fī
in ٱلْكِتَـٰبِ किताब में l-kitābi
किताब में مُوسَىٰٓ ۚ मूसा का mūsā
मूसा का إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो كَانَ था वो kāna
था वो مُخْلَصًۭا ख़ालिस किया हुआ/चुना हुआ mukh'laṣan
ख़ालिस किया हुआ/चुना हुआ وَكَانَ और था वो wakāna
और था वो رَسُولًۭا एक रसूल rasūlan
एक रसूल نَّبِيًّۭا नबी nabiyyan
नबी ٥١ (51)
(51)
और ज़िक्र कीजिए فِى in fī
in ٱلْكِتَـٰبِ किताब में l-kitābi
किताब में مُوسَىٰٓ ۚ मूसा का mūsā
मूसा का إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो كَانَ था वो kāna
था वो مُخْلَصًۭا ख़ालिस किया हुआ/चुना हुआ mukh'laṣan
ख़ालिस किया हुआ/चुना हुआ وَكَانَ और था वो wakāna
और था वो رَسُولًۭا एक रसूल rasūlan
एक रसूल نَّبِيًّۭا नबी nabiyyan
नबी ٥١ (51)
(51)
और आप इस पुस्तक में मूसा की चर्चा करें। निश्चय वह चुना हुआ था तथा रसूल एवं नबी था।
१९:५२
وَنَـٰدَيْنَـٰهُ
और पुकारा हमने उसे
wanādaynāhu
और पुकारा हमने उसे مِن from min
from جَانِبِ जानिब से jānibi
जानिब से ٱلطُّورِ तूर की l-ṭūri
तूर की ٱلْأَيْمَنِ दाऐं l-aymani
दाऐं وَقَرَّبْنَـٰهُ और क़रीब कर लिया हमने उसे waqarrabnāhu
और क़रीब कर लिया हमने उसे نَجِيًّۭا सरगोशी के लिए najiyyan
सरगोशी के लिए ٥٢ (52)
(52)
और पुकारा हमने उसे مِن from min
from جَانِبِ जानिब से jānibi
जानिब से ٱلطُّورِ तूर की l-ṭūri
तूर की ٱلْأَيْمَنِ दाऐं l-aymani
दाऐं وَقَرَّبْنَـٰهُ और क़रीब कर लिया हमने उसे waqarrabnāhu
और क़रीब कर लिया हमने उसे نَجِيًّۭا सरगोशी के लिए najiyyan
सरगोशी के लिए ٥٢ (52)
(52)
और हमने उसे पहाड़ की दाहिनी ओर से पुकारा तथा सरगोशी करते हुए उसे समीप कर लिया।
१९:५३
وَوَهَبْنَا
और अता किया हमने
wawahabnā
और अता किया हमने لَهُۥ उसे lahu
उसे مِن from min
from رَّحْمَتِنَآ अपनी रहमत से raḥmatinā
अपनी रहमत से أَخَاهُ उसका भाई akhāhu
उसका भाई هَـٰرُونَ हारून hārūna
हारून نَبِيًّۭا नबी बनाकर nabiyyan
नबी बनाकर ٥٣ (53)
(53)
और अता किया हमने لَهُۥ उसे lahu
उसे مِن from min
from رَّحْمَتِنَآ अपनी रहमत से raḥmatinā
अपनी रहमत से أَخَاهُ उसका भाई akhāhu
उसका भाई هَـٰرُونَ हारून hārūna
हारून نَبِيًّۭا नबी बनाकर nabiyyan
नबी बनाकर ٥٣ (53)
(53)
और हमने उसे अपनी दया से उसके भाई हारून को नबी बनाकर प्रदान किया।
१९:५४
وَٱذْكُرْ
और ज़िक्र कीजिए
wa-udh'kur
और ज़िक्र कीजिए فِى in fī
in ٱلْكِتَـٰبِ किताब में l-kitābi
किताब में إِسْمَـٰعِيلَ ۚ इस्माईल का is'māʿīla
इस्माईल का إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो كَانَ था वो kāna
था वो صَادِقَ सच्चा ṣādiqa
सच्चा ٱلْوَعْدِ वादे का l-waʿdi
वादे का وَكَانَ और था वो wakāna
और था वो رَسُولًۭا एक रसूल rasūlan
एक रसूल نَّبِيًّۭا नबी nabiyyan
नबी ٥٤ (54)
(54)
और ज़िक्र कीजिए فِى in fī
in ٱلْكِتَـٰبِ किताब में l-kitābi
किताब में إِسْمَـٰعِيلَ ۚ इस्माईल का is'māʿīla
इस्माईल का إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो كَانَ था वो kāna
था वो صَادِقَ सच्चा ṣādiqa
सच्चा ٱلْوَعْدِ वादे का l-waʿdi
वादे का وَكَانَ और था वो wakāna
और था वो رَسُولًۭا एक रसूल rasūlan
एक रसूल نَّبِيًّۭا नबी nabiyyan
नबी ٥٤ (54)
(54)
तथा इस किताब में इसमाईल1 की चर्चा करें। निश्चय वह वादे का सच्चा तथा रसूल एवं नबी था।
१९:५५
وَكَانَ
और था वो
wakāna
और था वो يَأْمُرُ वो हुक्म देता yamuru
वो हुक्म देता أَهْلَهُۥ अपने घर वालों को ahlahu
अपने घर वालों को بِٱلصَّلَوٰةِ नमाज़ का bil-ṣalati
नमाज़ का وَٱلزَّكَوٰةِ और ज़कात का wal-zakati
और ज़कात का وَكَانَ और था वो wakāna
और था वो عِندَ near ʿinda
near رَبِّهِۦ अपने रब का यहाँ rabbihi
अपने रब का यहाँ مَرْضِيًّۭا पसंदीदा marḍiyyan
पसंदीदा ٥٥ (55)
(55)
और था वो يَأْمُرُ वो हुक्म देता yamuru
वो हुक्म देता أَهْلَهُۥ अपने घर वालों को ahlahu
अपने घर वालों को بِٱلصَّلَوٰةِ नमाज़ का bil-ṣalati
नमाज़ का وَٱلزَّكَوٰةِ और ज़कात का wal-zakati
और ज़कात का وَكَانَ और था वो wakāna
और था वो عِندَ near ʿinda
near رَبِّهِۦ अपने रब का यहाँ rabbihi
अपने रब का यहाँ مَرْضِيًّۭا पसंदीदा marḍiyyan
पसंदीदा ٥٥ (55)
(55)
और वह अपने घरवालों को नमाज़ और ज़कात का आदेश देता था और वह अपने पालनहार के निकट पसंदीदा था।
१९:५६
وَٱذْكُرْ
और ज़िक्र कीजिए
wa-udh'kur
और ज़िक्र कीजिए فِى in fī
in ٱلْكِتَـٰبِ किताब में l-kitābi
किताब में إِدْرِيسَ ۚ इदरीस का id'rīsa
इदरीस का إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो كَانَ था वो kāna
था वो صِدِّيقًۭا सिद्दीक़/निहायत सच्चा ṣiddīqan
सिद्दीक़/निहायत सच्चा نَّبِيًّۭا नबी nabiyyan
नबी ٥٦ (56)
(56)
और ज़िक्र कीजिए فِى in fī
in ٱلْكِتَـٰبِ किताब में l-kitābi
किताब में إِدْرِيسَ ۚ इदरीस का id'rīsa
इदरीस का إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो كَانَ था वो kāna
था वो صِدِّيقًۭا सिद्दीक़/निहायत सच्चा ṣiddīqan
सिद्दीक़/निहायत सच्चा نَّبِيًّۭا नबी nabiyyan
नबी ٥٦ (56)
(56)
तथा इस किताब में इदरीस की चर्चा करें। निःसंदेह वह बड़ा सत्यवादी और नबी था।
१९:५७
وَرَفَعْنَـٰهُ
और बुलन्द किया हमने उसे
warafaʿnāhu
और बुलन्द किया हमने उसे مَكَانًا मक़ाम makānan
मक़ाम عَلِيًّا बुलन्द पर ʿaliyyan
बुलन्द पर ٥٧ (57)
(57)
और बुलन्द किया हमने उसे مَكَانًا मक़ाम makānan
मक़ाम عَلِيًّا बुलन्द पर ʿaliyyan
बुलन्द पर ٥٧ (57)
(57)
तथा हमने उसे बहुत ऊँचे स्थान पर उठाया।
१९:५८
أُو۟لَـٰٓئِكَ
यही लोग हैं
ulāika
यही लोग हैं ٱلَّذِينَ जो alladhīna
जो أَنْعَمَ इनाम किया anʿama
इनाम किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर مِّنَ from (among) mina
from (among) ٱلنَّبِيِّـۧنَ नबियों में से l-nabiyīna
नबियों में से مِن of min
of ذُرِّيَّةِ औलाद में से dhurriyyati
औलाद में से ءَادَمَ आदम की ādama
आदम की وَمِمَّنْ और उनमें से जिन्हें wamimman
और उनमें से जिन्हें حَمَلْنَا सवार किया हमने ḥamalnā
सवार किया हमने مَعَ with maʿa
with نُوحٍۢ साथ नूह के nūḥin
साथ नूह के وَمِن and of wamin
and of ذُرِّيَّةِ और औलाद में से dhurriyyati
और औलाद में से إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम ib'rāhīma
इब्राहीम وَإِسْرَٰٓءِيلَ और इस्राईल (याक़ूब) की wa-is'rāīla
और इस्राईल (याक़ूब) की وَمِمَّنْ और उनमें से जिन्हें wamimman
और उनमें से जिन्हें هَدَيْنَا हिदायत दी हमने hadaynā
हिदायत दी हमने وَٱجْتَبَيْنَآ ۚ और चुन लिया हमने wa-ij'tabaynā
और चुन लिया हमने إِذَا जब idhā
जब تُتْلَىٰ पढ़ी जाती थीं tut'lā
पढ़ी जाती थीं عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर ءَايَـٰتُ आयात āyātu
आयात ٱلرَّحْمَـٰنِ रहमान की l-raḥmāni
रहमान की خَرُّوا۟ वो गिर पड़ते थे kharrū
वो गिर पड़ते थे سُجَّدًۭا सजदा करते हुए sujjadan
सजदा करते हुए وَبُكِيًّۭا ۩ और रोते हुए wabukiyyan
और रोते हुए ٥٨ (58)
(58)
यही लोग हैं ٱلَّذِينَ जो alladhīna
जो أَنْعَمَ इनाम किया anʿama
इनाम किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर مِّنَ from (among) mina
from (among) ٱلنَّبِيِّـۧنَ नबियों में से l-nabiyīna
नबियों में से مِن of min
of ذُرِّيَّةِ औलाद में से dhurriyyati
औलाद में से ءَادَمَ आदम की ādama
आदम की وَمِمَّنْ और उनमें से जिन्हें wamimman
और उनमें से जिन्हें حَمَلْنَا सवार किया हमने ḥamalnā
सवार किया हमने مَعَ with maʿa
with نُوحٍۢ साथ नूह के nūḥin
साथ नूह के وَمِن and of wamin
and of ذُرِّيَّةِ और औलाद में से dhurriyyati
और औलाद में से إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम ib'rāhīma
इब्राहीम وَإِسْرَٰٓءِيلَ और इस्राईल (याक़ूब) की wa-is'rāīla
और इस्राईल (याक़ूब) की وَمِمَّنْ और उनमें से जिन्हें wamimman
और उनमें से जिन्हें هَدَيْنَا हिदायत दी हमने hadaynā
हिदायत दी हमने وَٱجْتَبَيْنَآ ۚ और चुन लिया हमने wa-ij'tabaynā
और चुन लिया हमने إِذَا जब idhā
जब تُتْلَىٰ पढ़ी जाती थीं tut'lā
पढ़ी जाती थीं عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर ءَايَـٰتُ आयात āyātu
आयात ٱلرَّحْمَـٰنِ रहमान की l-raḥmāni
रहमान की خَرُّوا۟ वो गिर पड़ते थे kharrū
वो गिर पड़ते थे سُجَّدًۭا सजदा करते हुए sujjadan
सजदा करते हुए وَبُكِيًّۭا ۩ और रोते हुए wabukiyyan
और रोते हुए ٥٨ (58)
(58)
ये वे लोग हैं, जिनपर अल्लाह ने अनुग्रह किया नबियों में से, आदम की संतान में से तथा उन लोगों में से जिन्हें हमने नूह़ के साथ सवार किया तथा इबराहीम और इसराईल की संतान में से तथा उन लोगों में से जिन्हें हमने मार्गदर्शन प्रदान किया और चुन लिया। जब उनपर रहमान की आयतें पढ़ी जाती थीं, तो वे सजदा करते और रोते हुए गिर जाते थे।
१९:५९
۞ فَخَلَفَ
तो पीछे आए
fakhalafa
तो पीछे आए مِنۢ after them min
after them بَعْدِهِمْ बाद उनके baʿdihim
बाद उनके خَلْفٌ बुरे जानशीन khalfun
बुरे जानशीन أَضَاعُوا۟ जिन्होंने ज़ाया कर दी aḍāʿū
जिन्होंने ज़ाया कर दी ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَٱتَّبَعُوا۟ और उन्होंने पैरवी की wa-ittabaʿū
और उन्होंने पैरवी की ٱلشَّهَوَٰتِ ۖ ख़्वाहिशात की l-shahawāti
ख़्वाहिशात की فَسَوْفَ तो अनक़रीब fasawfa
तो अनक़रीब يَلْقَوْنَ वो जा मिलेंगे yalqawna
वो जा मिलेंगे غَيًّا गुमराही/हलाकत को ghayyan
गुमराही/हलाकत को ٥٩ (59)
(59)
तो पीछे आए مِنۢ after them min
after them بَعْدِهِمْ बाद उनके baʿdihim
बाद उनके خَلْفٌ बुरे जानशीन khalfun
बुरे जानशीन أَضَاعُوا۟ जिन्होंने ज़ाया कर दी aḍāʿū
जिन्होंने ज़ाया कर दी ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَٱتَّبَعُوا۟ और उन्होंने पैरवी की wa-ittabaʿū
और उन्होंने पैरवी की ٱلشَّهَوَٰتِ ۖ ख़्वाहिशात की l-shahawāti
ख़्वाहिशात की فَسَوْفَ तो अनक़रीब fasawfa
तो अनक़रीब يَلْقَوْنَ वो जा मिलेंगे yalqawna
वो जा मिलेंगे غَيًّا गुमराही/हलाकत को ghayyan
गुमराही/हलाकत को ٥٩ (59)
(59)
फिर उनके बाद उनके स्थान पर ऐसे अयोग्य उत्तराधिकारी आए, जिन्होंने नमाज़ की उपेक्षा की और अपनी इच्छाओं का पालन किया, तो वे जल्द ही पथभ्रष्टता का सामना करेंगे।
१९:६०
إِلَّا
सिवाय
illā
सिवाय مَن उसके जो man
उसके जो تَابَ तौबा करे tāba
तौबा करे وَءَامَنَ और वो ईमान ले आए waāmana
और वो ईमान ले आए وَعَمِلَ और वो अमल करे waʿamila
और वो अमल करे صَـٰلِحًۭا नेक ṣāliḥan
नेक فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं يَدْخُلُونَ वो दाख़िल होंगे yadkhulūna
वो दाख़िल होंगे ٱلْجَنَّةَ जन्नत में l-janata
जन्नत में وَلَا और ना walā
और ना يُظْلَمُونَ वो ज़ुल्म किए जाऐंगे yuẓ'lamūna
वो ज़ुल्म किए जाऐंगे شَيْـًۭٔا कुछ भी shayan
कुछ भी ٦٠ (60)
(60)
सिवाय مَن उसके जो man
उसके जो تَابَ तौबा करे tāba
तौबा करे وَءَامَنَ और वो ईमान ले आए waāmana
और वो ईमान ले आए وَعَمِلَ और वो अमल करे waʿamila
और वो अमल करे صَـٰلِحًۭا नेक ṣāliḥan
नेक فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं يَدْخُلُونَ वो दाख़िल होंगे yadkhulūna
वो दाख़िल होंगे ٱلْجَنَّةَ जन्नत में l-janata
जन्नत में وَلَا और ना walā
और ना يُظْلَمُونَ वो ज़ुल्म किए जाऐंगे yuẓ'lamūna
वो ज़ुल्म किए जाऐंगे شَيْـًۭٔا कुछ भी shayan
कुछ भी ٦٠ (60)
(60)
परंतु जिसने तौबा कर ली और ईमान लाया और अच्छे कर्म किए, तो ये लोग जन्नत में प्रवेश करेंगे और उनपर कुछ भी अत्याचार नहीं किया जाएगा।
१९:६१
جَنَّـٰتِ
बाग़ात
jannāti
बाग़ात عَدْنٍ हमेशगी के ʿadnin
हमेशगी के ٱلَّتِى वो जिनका allatī
वो जिनका وَعَدَ वादा किया waʿada
वादा किया ٱلرَّحْمَـٰنُ रहमान ने l-raḥmānu
रहमान ने عِبَادَهُۥ अपने बन्दों से ʿibādahu
अपने बन्दों से بِٱلْغَيْبِ ۚ ग़ायबाना bil-ghaybi
ग़ायबाना إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो كَانَ है kāna
है وَعْدُهُۥ वादा उसका waʿduhu
वादा उसका مَأْتِيًّۭا आया हुआ matiyyan
आया हुआ ٦١ (61)
(61)
बाग़ात عَدْنٍ हमेशगी के ʿadnin
हमेशगी के ٱلَّتِى वो जिनका allatī
वो जिनका وَعَدَ वादा किया waʿada
वादा किया ٱلرَّحْمَـٰنُ रहमान ने l-raḥmānu
रहमान ने عِبَادَهُۥ अपने बन्दों से ʿibādahu
अपने बन्दों से بِٱلْغَيْبِ ۚ ग़ायबाना bil-ghaybi
ग़ायबाना إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो كَانَ है kāna
है وَعْدُهُۥ वादा उसका waʿduhu
वादा उसका مَأْتِيًّۭا आया हुआ matiyyan
आया हुआ ٦١ (61)
(61)
सदा निवास के बाग़ो में, जिनका रहमान ने अपने बंदों से (उनके) बिन देखे वादा किया है। निःसंदेह उसका वादा पूरा होकर रहने वाला है।
१९:६२
لَّا
Not
lā
Not يَسْمَعُونَ ना वो सुनेंगे yasmaʿūna
ना वो सुनेंगे فِيهَا उसमें fīhā
उसमें لَغْوًا कोई लग़्व laghwan
कोई लग़्व إِلَّا सिवाय illā
सिवाय سَلَـٰمًۭا ۖ सलाम के salāman
सलाम के وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए رِزْقُهُمْ उनका रिज़्क़ (होगा) riz'quhum
उनका रिज़्क़ (होगा) فِيهَا उसमें fīhā
उसमें بُكْرَةًۭ सुबह buk'ratan
सुबह وَعَشِيًّۭا और शाम waʿashiyyan
और शाम ٦٢ (62)
(62)
Not يَسْمَعُونَ ना वो सुनेंगे yasmaʿūna
ना वो सुनेंगे فِيهَا उसमें fīhā
उसमें لَغْوًا कोई लग़्व laghwan
कोई लग़्व إِلَّا सिवाय illā
सिवाय سَلَـٰمًۭا ۖ सलाम के salāman
सलाम के وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए رِزْقُهُمْ उनका रिज़्क़ (होगा) riz'quhum
उनका रिज़्क़ (होगा) فِيهَا उसमें fīhā
उसमें بُكْرَةًۭ सुबह buk'ratan
सुबह وَعَشِيًّۭا और शाम waʿashiyyan
और शाम ٦٢ (62)
(62)
वे उसमें 'सलाम' के सिवा कोई व्यर्थ बात नहीं सुनेंगे, तथा उनके लिए उसमें सुबह और शाम उनकी जीविका होगी।
१९:६३
تِلْكَ
ये है
til'ka
ये है ٱلْجَنَّةُ जन्नत l-janatu
जन्नत ٱلَّتِى जिसका allatī
जिसका نُورِثُ हम वारिस बनाऐंगे nūrithu
हम वारिस बनाऐंगे مِنْ [of] (to) min
[of] (to) عِبَادِنَا अपने बन्दों में से ʿibādinā
अपने बन्दों में से مَن उसे जो man
उसे जो كَانَ होगा kāna
होगा تَقِيًّۭا मुत्तक़ी/डरने वाला taqiyyan
मुत्तक़ी/डरने वाला ٦٣ (63)
(63)
ये है ٱلْجَنَّةُ जन्नत l-janatu
जन्नत ٱلَّتِى जिसका allatī
जिसका نُورِثُ हम वारिस बनाऐंगे nūrithu
हम वारिस बनाऐंगे مِنْ [of] (to) min
[of] (to) عِبَادِنَا अपने बन्दों में से ʿibādinā
अपने बन्दों में से مَن उसे जो man
उसे जो كَانَ होगा kāna
होगा تَقِيًّۭا मुत्तक़ी/डरने वाला taqiyyan
मुत्तक़ी/डरने वाला ٦٣ (63)
(63)
यह है वह जन्नत, जिसका वारिस हम अपने बंदों में से उसे बनाते हैं, जो परहेज़गार हो।
१९:६४
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं نَتَنَزَّلُ हम उतरा करते natanazzalu
हम उतरा करते إِلَّا मगर illā
मगर بِأَمْرِ हुक्म से bi-amri
हुक्म से رَبِّكَ ۖ आपके रब के rabbika
आपके रब के لَهُۥ उसी के लिए है lahu
उसी के लिए है مَا जो mā
जो بَيْنَ (is) before us bayna
(is) before us أَيْدِينَا हमारे आगे है aydīnā
हमारे आगे है وَمَا और जो wamā
और जो خَلْفَنَا हमारे पीछे है khalfanā
हमारे पीछे है وَمَا और जो wamā
और जो بَيْنَ (is) between bayna
(is) between ذَٰلِكَ ۚ दर्मियान है उसके dhālika
दर्मियान है उसके وَمَا और नहीं wamā
और नहीं كَانَ है kāna
है رَبُّكَ रब आपका rabbuka
रब आपका نَسِيًّۭا भूलने वाला nasiyyan
भूलने वाला ٦٤ (64)
(64)
और नहीं نَتَنَزَّلُ हम उतरा करते natanazzalu
हम उतरा करते إِلَّا मगर illā
मगर بِأَمْرِ हुक्म से bi-amri
हुक्म से رَبِّكَ ۖ आपके रब के rabbika
आपके रब के لَهُۥ उसी के लिए है lahu
उसी के लिए है مَا जो mā
जो بَيْنَ (is) before us bayna
(is) before us أَيْدِينَا हमारे आगे है aydīnā
हमारे आगे है وَمَا और जो wamā
और जो خَلْفَنَا हमारे पीछे है khalfanā
हमारे पीछे है وَمَا और जो wamā
और जो بَيْنَ (is) between bayna
(is) between ذَٰلِكَ ۚ दर्मियान है उसके dhālika
दर्मियान है उसके وَمَا और नहीं wamā
और नहीं كَانَ है kāna
है رَبُّكَ रब आपका rabbuka
रब आपका نَسِيًّۭا भूलने वाला nasiyyan
भूलने वाला ٦٤ (64)
(64)
और हम1 नहीं उतरते, परंतु आपके पालनहार के आदेश से, उसी का है जो हमारे आगे है तथा जो हमारे पीछे है और जो इसके बीच है और आपका पालनहार कभी भूलने वाला नहीं है।
१९:६५
رَّبُّ
रब है
rabbu
रब है ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन का wal-arḍi
और ज़मीन का وَمَا और उसका जो wamā
और उसका जो بَيْنَهُمَا दर्मियान है उन दोनों के baynahumā
दर्मियान है उन दोनों के فَٱعْبُدْهُ पस इबादत करो उसकी fa-uʿ'bud'hu
पस इबादत करो उसकी وَٱصْطَبِرْ और जमे रहो/क़ायम रहो wa-iṣ'ṭabir
और जमे रहो/क़ायम रहो لِعِبَـٰدَتِهِۦ ۚ उसकी इबादत पर liʿibādatihi
उसकी इबादत पर هَلْ क्या hal
क्या تَعْلَمُ तुम जानते हो taʿlamu
तुम जानते हो لَهُۥ उसका lahu
उसका سَمِيًّۭا कोई हमनाम samiyyan
कोई हमनाम ٦٥ (65)
(65)
रब है ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन का wal-arḍi
और ज़मीन का وَمَا और उसका जो wamā
और उसका जो بَيْنَهُمَا दर्मियान है उन दोनों के baynahumā
दर्मियान है उन दोनों के فَٱعْبُدْهُ पस इबादत करो उसकी fa-uʿ'bud'hu
पस इबादत करो उसकी وَٱصْطَبِرْ और जमे रहो/क़ायम रहो wa-iṣ'ṭabir
और जमे रहो/क़ायम रहो لِعِبَـٰدَتِهِۦ ۚ उसकी इबादत पर liʿibādatihi
उसकी इबादत पर هَلْ क्या hal
क्या تَعْلَمُ तुम जानते हो taʿlamu
तुम जानते हो لَهُۥ उसका lahu
उसका سَمِيًّۭا कोई हमनाम samiyyan
कोई हमनाम ٦٥ (65)
(65)
जो आकाशों और धरती का और उन दोनों के बीच की चीज़ों का पालनहार है। अतः उसी की इबादत करें तथा उसकी इबादत पर पर दृढ़ रहें। क्या आप उसका समकक्ष किसी को जानते हैं?
१९:६६
وَيَقُولُ
और कहता है
wayaqūlu
और कहता है ٱلْإِنسَـٰنُ इन्सान l-insānu
इन्सान أَءِذَا What! When a-idhā
What! When مَا क्या जब mā
क्या जब مِتُّ मर जाऊँगा मैं mittu
मर जाऊँगा मैं لَسَوْفَ अलबत्ता अनक़रीब lasawfa
अलबत्ता अनक़रीब أُخْرَجُ मैं निकाला जाऊँगा ukh'raju
मैं निकाला जाऊँगा حَيًّا ज़िन्दा करके ḥayyan
ज़िन्दा करके ٦٦ (66)
(66)
और कहता है ٱلْإِنسَـٰنُ इन्सान l-insānu
इन्सान أَءِذَا What! When a-idhā
What! When مَا क्या जब mā
क्या जब مِتُّ मर जाऊँगा मैं mittu
मर जाऊँगा मैं لَسَوْفَ अलबत्ता अनक़रीब lasawfa
अलबत्ता अनक़रीब أُخْرَجُ मैं निकाला जाऊँगा ukh'raju
मैं निकाला जाऊँगा حَيًّا ज़िन्दा करके ḥayyan
ज़िन्दा करके ٦٦ (66)
(66)
तथा मनुष्य कहता है : जब मैं मर गया, तो क्या मैं सचमुच फिर जीवित करके निकाला जाऊँगा?
१९:६७
أَوَلَا
क्या भला नहीं
awalā
क्या भला नहीं يَذْكُرُ याद करता yadhkuru
याद करता ٱلْإِنسَـٰنُ इन्सान l-insānu
इन्सान أَنَّا कि बेशक हम annā
कि बेशक हम خَلَقْنَـٰهُ पैदा किया हमने उसे khalaqnāhu
पैदा किया हमने उसे مِن before min
before قَبْلُ इससे क़ब्ल qablu
इससे क़ब्ल وَلَمْ और ना walam
और ना يَكُ था वो yaku
था वो شَيْـًۭٔا कोई चीज़ shayan
कोई चीज़ ٦٧ (67)
(67)
क्या भला नहीं يَذْكُرُ याद करता yadhkuru
याद करता ٱلْإِنسَـٰنُ इन्सान l-insānu
इन्सान أَنَّا कि बेशक हम annā
कि बेशक हम خَلَقْنَـٰهُ पैदा किया हमने उसे khalaqnāhu
पैदा किया हमने उसे مِن before min
before قَبْلُ इससे क़ब्ल qablu
इससे क़ब्ल وَلَمْ और ना walam
और ना يَكُ था वो yaku
था वो شَيْـًۭٔا कोई चीज़ shayan
कोई चीज़ ٦٧ (67)
(67)
और क्या मनुष्य याद नहीं करता कि निःसंदेह हम ही ने उसे इससे पूर्व पैदा किया, जबकि वह कुछ भी नहीं था?
१९:६८
فَوَرَبِّكَ
पस क़सम है आपके रब की
fawarabbika
पस क़सम है आपके रब की لَنَحْشُرَنَّهُمْ अलबत्ता हम ज़रूर जमा करेंगे उन्हें lanaḥshurannahum
अलबत्ता हम ज़रूर जमा करेंगे उन्हें وَٱلشَّيَـٰطِينَ और शैतानों को wal-shayāṭīna
और शैतानों को ثُمَّ फिर thumma
फिर لَنُحْضِرَنَّهُمْ अलबत्ता हम ज़रूर हाज़िर करेंगे उन्हें lanuḥ'ḍirannahum
अलबत्ता हम ज़रूर हाज़िर करेंगे उन्हें حَوْلَ इर्द-गिर्द ḥawla
इर्द-गिर्द جَهَنَّمَ जहन्नम के jahannama
जहन्नम के جِثِيًّۭا घुटनों के बल गिरे हुए jithiyyan
घुटनों के बल गिरे हुए ٦٨ (68)
(68)
पस क़सम है आपके रब की لَنَحْشُرَنَّهُمْ अलबत्ता हम ज़रूर जमा करेंगे उन्हें lanaḥshurannahum
अलबत्ता हम ज़रूर जमा करेंगे उन्हें وَٱلشَّيَـٰطِينَ और शैतानों को wal-shayāṭīna
और शैतानों को ثُمَّ फिर thumma
फिर لَنُحْضِرَنَّهُمْ अलबत्ता हम ज़रूर हाज़िर करेंगे उन्हें lanuḥ'ḍirannahum
अलबत्ता हम ज़रूर हाज़िर करेंगे उन्हें حَوْلَ इर्द-गिर्द ḥawla
इर्द-गिर्द جَهَنَّمَ जहन्नम के jahannama
जहन्नम के جِثِيًّۭا घुटनों के बल गिरे हुए jithiyyan
घुटनों के बल गिरे हुए ٦٨ (68)
(68)
तो क़सम है आपके पालनहार की! निःसंदेह हम उन्हें और शैतानों को ज़रूर इकट्ठा करेंगे, फिर निःसंदेह हम उन्हें जहन्नम के आसपास घुटनों के बल गिरे हुए ज़रूर उपस्थित करेंगे।
१९:६९
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर لَنَنزِعَنَّ अलबत्ता हम ज़रूर खींच लेंगे lananziʿanna
अलबत्ता हम ज़रूर खींच लेंगे مِن from min
from كُلِّ every kulli
every شِيعَةٍ हर गिरोह में से shīʿatin
हर गिरोह में से أَيُّهُمْ जो भी उनमें से ayyuhum
जो भी उनमें से أَشَدُّ ज़्यादा सख़्त था ashaddu
ज़्यादा सख़्त था عَلَى against ʿalā
against ٱلرَّحْمَـٰنِ रहमान के (मुक़ाबले) पर l-raḥmāni
रहमान के (मुक़ाबले) पर عِتِيًّۭا सरकशी में ʿitiyyan
सरकशी में ٦٩ (69)
(69)
फिर لَنَنزِعَنَّ अलबत्ता हम ज़रूर खींच लेंगे lananziʿanna
अलबत्ता हम ज़रूर खींच लेंगे مِن from min
from كُلِّ every kulli
every شِيعَةٍ हर गिरोह में से shīʿatin
हर गिरोह में से أَيُّهُمْ जो भी उनमें से ayyuhum
जो भी उनमें से أَشَدُّ ज़्यादा सख़्त था ashaddu
ज़्यादा सख़्त था عَلَى against ʿalā
against ٱلرَّحْمَـٰنِ रहमान के (मुक़ाबले) पर l-raḥmāni
रहमान के (मुक़ाबले) पर عِتِيًّۭا सरकशी में ʿitiyyan
सरकशी में ٦٩ (69)
(69)
फिर निश्चय ही हम प्रत्येक गिरोह में से उस व्यक्ति को अवश्य निकालेंगे, जो रहमान (परम दयावान) के प्रति सबसे बढ़कर सरकश है।
१९:७०
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर لَنَحْنُ अलबत्ता हम lanaḥnu
अलबत्ता हम أَعْلَمُ ज़्यादा जानने वाले हैं aʿlamu
ज़्यादा जानने वाले हैं بِٱلَّذِينَ उनको जो bi-alladhīna
उनको जो هُمْ वो hum
वो أَوْلَىٰ ज़्यादा मुस्तहिक़ हैं awlā
ज़्यादा मुस्तहिक़ हैं بِهَا उसमें bihā
उसमें صِلِيًّۭا झोंके जाने के ṣiliyyan
झोंके जाने के ٧٠ (70)
(70)
फिर لَنَحْنُ अलबत्ता हम lanaḥnu
अलबत्ता हम أَعْلَمُ ज़्यादा जानने वाले हैं aʿlamu
ज़्यादा जानने वाले हैं بِٱلَّذِينَ उनको जो bi-alladhīna
उनको जो هُمْ वो hum
वो أَوْلَىٰ ज़्यादा मुस्तहिक़ हैं awlā
ज़्यादा मुस्तहिक़ हैं بِهَا उसमें bihā
उसमें صِلِيًّۭا झोंके जाने के ṣiliyyan
झोंके जाने के ٧٠ (70)
(70)
फिर, निश्चित रूप से, हम उन लोगों को अधिक जानने वाले हैं, जो इसमें झोंके जाने के अधिक योग्य हैं।
१९:७१
وَإِن
और नहीं
wa-in
और नहीं مِّنكُمْ तुम में से कोई minkum
तुम में से कोई إِلَّا मगर illā
मगर وَارِدُهَا ۚ वारिद होने वाला है उस पर wāriduhā
वारिद होने वाला है उस पर كَانَ है kāna
है عَلَىٰ upon ʿalā
upon رَبِّكَ आपके रब पर rabbika
आपके रब पर حَتْمًۭا हतमी/लाज़िम ḥatman
हतमी/लाज़िम مَّقْضِيًّۭا तयशुदा फ़ैसला maqḍiyyan
तयशुदा फ़ैसला ٧١ (71)
(71)
और नहीं مِّنكُمْ तुम में से कोई minkum
तुम में से कोई إِلَّا मगर illā
मगर وَارِدُهَا ۚ वारिद होने वाला है उस पर wāriduhā
वारिद होने वाला है उस पर كَانَ है kāna
है عَلَىٰ upon ʿalā
upon رَبِّكَ आपके रब पर rabbika
आपके रब पर حَتْمًۭا हतमी/लाज़िम ḥatman
हतमी/लाज़िम مَّقْضِيًّۭا तयशुदा फ़ैसला maqḍiyyan
तयशुदा फ़ैसला ٧١ (71)
(71)
और तुममें से जो भी है, उस पर से गुज़रने वाला1 है। यह एक पूर्वनिर्धारित निर्णय है जिसे पूरा करना आपके पालनहार के ज़िम्मे है।
१९:७२
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर نُنَجِّى हम निजात देंगे nunajjī
हम निजात देंगे ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने ٱتَّقَوا۟ तक़वा किया ittaqaw
तक़वा किया وَّنَذَرُ और हम छोड़ देंगे wanadharu
और हम छोड़ देंगे ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़लिमों को l-ẓālimīna
ज़लिमों को فِيهَا उसमें fīhā
उसमें جِثِيًّۭا घुटनों के बल गिरा हुआ jithiyyan
घुटनों के बल गिरा हुआ ٧٢ (72)
(72)
फिर نُنَجِّى हम निजात देंगे nunajjī
हम निजात देंगे ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने ٱتَّقَوا۟ तक़वा किया ittaqaw
तक़वा किया وَّنَذَرُ और हम छोड़ देंगे wanadharu
और हम छोड़ देंगे ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़लिमों को l-ẓālimīna
ज़लिमों को فِيهَا उसमें fīhā
उसमें جِثِيًّۭا घुटनों के बल गिरा हुआ jithiyyan
घुटनों के बल गिरा हुआ ٧٢ (72)
(72)
फिर हम डरने वालों को बचा लेंगे तथा अत्याचारियों को उसमें मुँह के बल गिरे हुए छोड़ देंगे।
१९:७३
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब تُتْلَىٰ पढ़ी जाती हैं tut'lā
पढ़ी जाती हैं عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर ءَايَـٰتُنَا आयात हमारी āyātunā
आयात हमारी بَيِّنَـٰتٍۢ वाज़ेह bayyinātin
वाज़ेह قَالَ कहते हैं qāla
कहते हैं ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया لِلَّذِينَ उनसे जो lilladhīna
उनसे जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए أَىُّ कौन सा ayyu
कौन सा ٱلْفَرِيقَيْنِ दोनों फ़रीक़ों में से l-farīqayni
दोनों फ़रीक़ों में से خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है مَّقَامًۭا मक़ाम में maqāman
मक़ाम में وَأَحْسَنُ और ख़ूबतर wa-aḥsanu
और ख़ूबतर نَدِيًّۭا मजलिस में nadiyyan
मजलिस में ٧٣ (73)
(73)
और जब تُتْلَىٰ पढ़ी जाती हैं tut'lā
पढ़ी जाती हैं عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर ءَايَـٰتُنَا आयात हमारी āyātunā
आयात हमारी بَيِّنَـٰتٍۢ वाज़ेह bayyinātin
वाज़ेह قَالَ कहते हैं qāla
कहते हैं ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया لِلَّذِينَ उनसे जो lilladhīna
उनसे जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए أَىُّ कौन सा ayyu
कौन सा ٱلْفَرِيقَيْنِ दोनों फ़रीक़ों में से l-farīqayni
दोनों फ़रीक़ों में से خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है مَّقَامًۭا मक़ाम में maqāman
मक़ाम में وَأَحْسَنُ और ख़ूबतर wa-aḥsanu
और ख़ूबतर نَدِيًّۭا मजलिस में nadiyyan
मजलिस में ٧٣ (73)
(73)
तथा जब उनके समक्ष हमारी स्पष्ट आयतें पढ़ी जाती हैं, तो काफ़िर लोग ईमान लाने वालों से कहते हैं कि दोनों गिरोहों में से किसकी स्थिति बेहतर और सभा की दृष्टि से कौन अधिक अच्छा है?
१९:७४
وَكَمْ
और कितनी ही
wakam
और कितनी ही أَهْلَكْنَا हलाक कर दीं हमने ahlaknā
हलाक कर दीं हमने قَبْلَهُم इनसे पहले qablahum
इनसे पहले مِّن of min
of قَرْنٍ उम्मतें qarnin
उम्मतें هُمْ वो hum
वो أَحْسَنُ ज़्यादा अच्छे थे aḥsanu
ज़्यादा अच्छे थे أَثَـٰثًۭا साज़ो सामान में athāthan
साज़ो सामान में وَرِءْيًۭا और नमूद व नुमाइश में wari'yan
और नमूद व नुमाइश में ٧٤ (74)
(74)
और कितनी ही أَهْلَكْنَا हलाक कर दीं हमने ahlaknā
हलाक कर दीं हमने قَبْلَهُم इनसे पहले qablahum
इनसे पहले مِّن of min
of قَرْنٍ उम्मतें qarnin
उम्मतें هُمْ वो hum
वो أَحْسَنُ ज़्यादा अच्छे थे aḥsanu
ज़्यादा अच्छे थे أَثَـٰثًۭا साज़ो सामान में athāthan
साज़ो सामान में وَرِءْيًۭا और नमूद व नुमाइश में wari'yan
और नमूद व नुमाइश में ٧٤ (74)
(74)
और हम इनसे पहले कितनी ही जातियों को नष्ट कर चुके हैं, जो जीवन-साधन और शक्ल-सूरत (वेशभूषा) में कहीं अधिक अच्छी थीं।
१९:७५
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए مَن जो कोई man
जो कोई كَانَ है kāna
है فِى in fī
in ٱلضَّلَـٰلَةِ गुमराही में l-ḍalālati
गुमराही में فَلْيَمْدُدْ पस ज़रूर ढील देता है falyamdud
पस ज़रूर ढील देता है لَهُ उसे lahu
उसे ٱلرَّحْمَـٰنُ रहमान l-raḥmānu
रहमान مَدًّا ۚ ख़ूब ढील देना maddan
ख़ूब ढील देना حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब رَأَوْا۟ वो देख लेंगे ra-aw
वो देख लेंगे مَا जो mā
जो يُوعَدُونَ वो वादा किए जाते हैं yūʿadūna
वो वादा किए जाते हैं إِمَّا ख़्वाह immā
ख़्वाह ٱلْعَذَابَ अज़ाब हो l-ʿadhāba
अज़ाब हो وَإِمَّا और ख़्वाह wa-immā
और ख़्वाह ٱلسَّاعَةَ क़यामत हो l-sāʿata
क़यामत हो فَسَيَعْلَمُونَ तो अनक़रीब वो जान लेंगे fasayaʿlamūna
तो अनक़रीब वो जान लेंगे مَنْ कौन है man
कौन है هُوَ वो (जो) huwa
वो (जो) شَرٌّۭ बेहतर है sharrun
बेहतर है مَّكَانًۭا मक़ाम में makānan
मक़ाम में وَأَضْعَفُ और कमज़ोर तर wa-aḍʿafu
और कमज़ोर तर جُندًۭا लश्कर के ऐतबार से jundan
लश्कर के ऐतबार से ٧٥ (75)
(75)
कह दीजिए مَن जो कोई man
जो कोई كَانَ है kāna
है فِى in fī
in ٱلضَّلَـٰلَةِ गुमराही में l-ḍalālati
गुमराही में فَلْيَمْدُدْ पस ज़रूर ढील देता है falyamdud
पस ज़रूर ढील देता है لَهُ उसे lahu
उसे ٱلرَّحْمَـٰنُ रहमान l-raḥmānu
रहमान مَدًّا ۚ ख़ूब ढील देना maddan
ख़ूब ढील देना حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब رَأَوْا۟ वो देख लेंगे ra-aw
वो देख लेंगे مَا जो mā
जो يُوعَدُونَ वो वादा किए जाते हैं yūʿadūna
वो वादा किए जाते हैं إِمَّا ख़्वाह immā
ख़्वाह ٱلْعَذَابَ अज़ाब हो l-ʿadhāba
अज़ाब हो وَإِمَّا और ख़्वाह wa-immā
और ख़्वाह ٱلسَّاعَةَ क़यामत हो l-sāʿata
क़यामत हो فَسَيَعْلَمُونَ तो अनक़रीब वो जान लेंगे fasayaʿlamūna
तो अनक़रीब वो जान लेंगे مَنْ कौन है man
कौन है هُوَ वो (जो) huwa
वो (जो) شَرٌّۭ बेहतर है sharrun
बेहतर है مَّكَانًۭا मक़ाम में makānan
मक़ाम में وَأَضْعَفُ और कमज़ोर तर wa-aḍʿafu
और कमज़ोर तर جُندًۭا लश्कर के ऐतबार से jundan
लश्कर के ऐतबार से ٧٥ (75)
(75)
(हे नबी!) आप कह दें कि जो व्यक्ति गुमराही में पड़ा हुआ है, तो रहमान उसे एक अवधि तक मोहलत देता है। यहाँ तक कि जब वे उस चीज़ को देख लेंगे जिसका उनसे वादा किया जाता है; या तो यातना और या क़ियामत, तो वे अवश्य जान लेंगे कि कौन स्थिति में अधिक बुरा और जत्थे की दृष्टि से अधिक कमज़ोर है।
१९:७६
وَيَزِيدُ
और ज़्यादा करता है
wayazīdu
और ज़्यादा करता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने ٱهْتَدَوْا۟ हिदायत पाई ih'tadaw
हिदायत पाई هُدًۭى ۗ हिदायत में hudan
हिदायत में وَٱلْبَـٰقِيَـٰتُ और बाक़ी रहने वाली wal-bāqiyātu
और बाक़ी रहने वाली ٱلصَّـٰلِحَـٰتُ नेकियाँ l-ṣāliḥātu
नेकियाँ خَيْرٌ बेहतर हैं khayrun
बेहतर हैं عِندَ नज़दीक ʿinda
नज़दीक رَبِّكَ आपके रब के rabbika
आपके रब के ثَوَابًۭا सवाब में thawāban
सवाब में وَخَيْرٌۭ और बेहतर हैं wakhayrun
और बेहतर हैं مَّرَدًّا अंजाम में maraddan
अंजाम में ٧٦ (76)
(76)
और ज़्यादा करता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने ٱهْتَدَوْا۟ हिदायत पाई ih'tadaw
हिदायत पाई هُدًۭى ۗ हिदायत में hudan
हिदायत में وَٱلْبَـٰقِيَـٰتُ और बाक़ी रहने वाली wal-bāqiyātu
और बाक़ी रहने वाली ٱلصَّـٰلِحَـٰتُ नेकियाँ l-ṣāliḥātu
नेकियाँ خَيْرٌ बेहतर हैं khayrun
बेहतर हैं عِندَ नज़दीक ʿinda
नज़दीक رَبِّكَ आपके रब के rabbika
आपके रब के ثَوَابًۭا सवाब में thawāban
सवाब में وَخَيْرٌۭ और बेहतर हैं wakhayrun
और बेहतर हैं مَّرَدًّا अंजाम में maraddan
अंजाम में ٧٦ (76)
(76)
और अल्लाह हिदायत पाने वालों को हिदायत में आधिक कर देता है और शेष रहने वाली नेकियाँ आपके पालनहार के निकट सवाब की दृष्टि से बेहतर तथा परिणाम की दृष्टि से कहीं अच्छी हैं।
१९:७७
أَفَرَءَيْتَ
क्या फिर देखा आपने
afara-ayta
क्या फिर देखा आपने ٱلَّذِى उसे जिसने alladhī
उसे जिसने كَفَرَ कुफ़्र किया kafara
कुफ़्र किया بِـَٔايَـٰتِنَا साथ हमारी आयात के biāyātinā
साथ हमारी आयात के وَقَالَ और कहा waqāla
और कहा لَأُوتَيَنَّ अलबत्ता मैं ज़रूर दिया जाऊँगा laūtayanna
अलबत्ता मैं ज़रूर दिया जाऊँगा مَالًۭا माल mālan
माल وَوَلَدًا और औलाद wawaladan
और औलाद ٧٧ (77)
(77)
क्या फिर देखा आपने ٱلَّذِى उसे जिसने alladhī
उसे जिसने كَفَرَ कुफ़्र किया kafara
कुफ़्र किया بِـَٔايَـٰتِنَا साथ हमारी आयात के biāyātinā
साथ हमारी आयात के وَقَالَ और कहा waqāla
और कहा لَأُوتَيَنَّ अलबत्ता मैं ज़रूर दिया जाऊँगा laūtayanna
अलबत्ता मैं ज़रूर दिया जाऊँगा مَالًۭا माल mālan
माल وَوَلَدًا और औलाद wawaladan
और औलाद ٧٧ (77)
(77)
तो क्या (ऐ नबी!) आपने उस व्यक्ति को देखा, जिसने हमारी आयतों का इनकार किया और कहा : मैं अवश्य ही धन तथा संतान दिया जाऊँगा?
१९:७८
أَطَّلَعَ
क्या वो मुत्तला हो गया है
aṭṭalaʿa
क्या वो मुत्तला हो गया है ٱلْغَيْبَ ग़ैब पर l-ghayba
ग़ैब पर أَمِ या ami
या ٱتَّخَذَ उसने ले रखा है ittakhadha
उसने ले रखा है عِندَ from ʿinda
from ٱلرَّحْمَـٰنِ रहमान के यहाँ l-raḥmāni
रहमान के यहाँ عَهْدًۭا कोई अहद ʿahdan
कोई अहद ٧٨ (78)
(78)
क्या वो मुत्तला हो गया है ٱلْغَيْبَ ग़ैब पर l-ghayba
ग़ैब पर أَمِ या ami
या ٱتَّخَذَ उसने ले रखा है ittakhadha
उसने ले रखा है عِندَ from ʿinda
from ٱلرَّحْمَـٰنِ रहमान के यहाँ l-raḥmāni
रहमान के यहाँ عَهْدًۭا कोई अहद ʿahdan
कोई अहद ٧٨ (78)
(78)
क्या उसने परोक्ष को झाँककर देख लिया है, या उसने रहमान से कोई वचन ले रखा है?
१९:७९
كَلَّا ۚ
हरगिज़ नहीं
kallā
हरगिज़ नहीं سَنَكْتُبُ अनक़रीब हम लिख लेंगे sanaktubu
अनक़रीब हम लिख लेंगे مَا जो mā
जो يَقُولُ वो कहता है yaqūlu
वो कहता है وَنَمُدُّ और हम बढ़ाते जाऐंगे wanamuddu
और हम बढ़ाते जाऐंगे لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए مِنَ from mina
from ٱلْعَذَابِ अज़ाब में से l-ʿadhābi
अज़ाब में से مَدًّۭا बढ़ाना maddan
बढ़ाना ٧٩ (79)
(79)
हरगिज़ नहीं سَنَكْتُبُ अनक़रीब हम लिख लेंगे sanaktubu
अनक़रीब हम लिख लेंगे مَا जो mā
जो يَقُولُ वो कहता है yaqūlu
वो कहता है وَنَمُدُّ और हम बढ़ाते जाऐंगे wanamuddu
और हम बढ़ाते जाऐंगे لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए مِنَ from mina
from ٱلْعَذَابِ अज़ाब में से l-ʿadhābi
अज़ाब में से مَدًّۭا बढ़ाना maddan
बढ़ाना ٧٩ (79)
(79)
कदापि नहीं! हम अवश्य लिखेंगे, जो कुछ वह कहता है और हम उसके लिए यातना में अत्यधिक वृद्धि कर देंगे।
१९:८०
وَنَرِثُهُۥ
और हम वारिस होंगे उसके
wanarithuhu
और हम वारिस होंगे उसके مَا जो mā
जो يَقُولُ वो कहता है yaqūlu
वो कहता है وَيَأْتِينَا और वो आएगा हमारे पास wayatīnā
और वो आएगा हमारे पास فَرْدًۭا अकेला fardan
अकेला ٨٠ (80)
(80)
और हम वारिस होंगे उसके مَا जो mā
जो يَقُولُ वो कहता है yaqūlu
वो कहता है وَيَأْتِينَا और वो आएगा हमारे पास wayatīnā
और वो आएगा हमारे पास فَرْدًۭا अकेला fardan
अकेला ٨٠ (80)
(80)
और हम उसके वारिस होंगे उन चीज़ों में जो वह कर रहा है और वह अकेला1 हमारे पास आएगा।
१९:८१
وَٱتَّخَذُوا۟
और उन्होंने बना लिए
wa-ittakhadhū
और उन्होंने बना लिए مِن besides Allah min
besides Allah دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ءَالِهَةًۭ कुछ इलाह ālihatan
कुछ इलाह لِّيَكُونُوا۟ ताकि वो हों liyakūnū
ताकि वो हों لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए عِزًّۭا इज़्ज़त का सबब ʿizzan
इज़्ज़त का सबब ٨١ (81)
(81)
और उन्होंने बना लिए مِن besides Allah min
besides Allah دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ءَالِهَةًۭ कुछ इलाह ālihatan
कुछ इलाह لِّيَكُونُوا۟ ताकि वो हों liyakūnū
ताकि वो हों لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए عِزًّۭا इज़्ज़त का सबब ʿizzan
इज़्ज़त का सबब ٨١ (81)
(81)
तथा उन्होंने अल्लाह के सिवा अन्य पूज्य बना लिए, ताकि वे उनके लिए सम्मान का कारण हों।
१९:८२
كَلَّا ۚ
हरगिज़ नहीं
kallā
हरगिज़ नहीं سَيَكْفُرُونَ अनक़रीब वो इन्कार करेंगे sayakfurūna
अनक़रीब वो इन्कार करेंगे بِعِبَادَتِهِمْ उनकी इबादत का biʿibādatihim
उनकी इबादत का وَيَكُونُونَ और वो हो जाऐंगे wayakūnūna
और वो हो जाऐंगे عَلَيْهِمْ उनके ʿalayhim
उनके ضِدًّا मुख़ालिफ़ ḍiddan
मुख़ालिफ़ ٨٢ (82)
(82)
हरगिज़ नहीं سَيَكْفُرُونَ अनक़रीब वो इन्कार करेंगे sayakfurūna
अनक़रीब वो इन्कार करेंगे بِعِبَادَتِهِمْ उनकी इबादत का biʿibādatihim
उनकी इबादत का وَيَكُونُونَ और वो हो जाऐंगे wayakūnūna
और वो हो जाऐंगे عَلَيْهِمْ उनके ʿalayhim
उनके ضِدًّا मुख़ालिफ़ ḍiddan
मुख़ालिफ़ ٨٢ (82)
(82)
ऐसा कभी नहीं होगा, जल्द ही वे उनकी पूजा का इनकार1 कर देंगे और उनके खिलाफ (विरोधी) हो जाएँगे।
१९:८३
أَلَمْ
क्या नहीं
alam
क्या नहीं تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा أَنَّآ बेशक हम annā
बेशक हम أَرْسَلْنَا छोड़ रखा है हमने arsalnā
छोड़ रखा है हमने ٱلشَّيَـٰطِينَ शैतानों को l-shayāṭīna
शैतानों को عَلَى upon ʿalā
upon ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों पर l-kāfirīna
काफ़िरों पर تَؤُزُّهُمْ वो उकसाते हैं उन्हें ta-uzzuhum
वो उकसाते हैं उन्हें أَزًّۭا ख़ूब उकसाना azzan
ख़ूब उकसाना ٨٣ (83)
(83)
क्या नहीं تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा أَنَّآ बेशक हम annā
बेशक हम أَرْسَلْنَا छोड़ रखा है हमने arsalnā
छोड़ रखा है हमने ٱلشَّيَـٰطِينَ शैतानों को l-shayāṭīna
शैतानों को عَلَى upon ʿalā
upon ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों पर l-kāfirīna
काफ़िरों पर تَؤُزُّهُمْ वो उकसाते हैं उन्हें ta-uzzuhum
वो उकसाते हैं उन्हें أَزًّۭا ख़ूब उकसाना azzan
ख़ूब उकसाना ٨٣ (83)
(83)
क्या आपने नहीं देखा कि हमने शैतानों को काफ़िरों पर छोड़ रखा है, वे उन्हें ख़ूब उकसाते रहते हैं?
१९:८४
فَلَا
तो ना
falā
तो ना تَعْجَلْ आप जल्दी कीजिए taʿjal
आप जल्दी कीजिए عَلَيْهِمْ ۖ उन पर ʿalayhim
उन पर إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक نَعُدُّ हम गिन रहे हैं naʿuddu
हम गिन रहे हैं لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए عَدًّۭا ख़ूब गिनना ʿaddan
ख़ूब गिनना ٨٤ (84)
(84)
तो ना تَعْجَلْ आप जल्दी कीजिए taʿjal
आप जल्दी कीजिए عَلَيْهِمْ ۖ उन पर ʿalayhim
उन पर إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक نَعُدُّ हम गिन रहे हैं naʿuddu
हम गिन रहे हैं لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए عَدًّۭا ख़ूब गिनना ʿaddan
ख़ूब गिनना ٨٤ (84)
(84)
अतः आपर उनपर जल्दी न करें , हम तो केवल उनके लिए (दिन) गिन रहे हैं।
१९:८५
يَوْمَ
जिस दिन
yawma
जिस दिन نَحْشُرُ हम इकट्ठा करेंगे naḥshuru
हम इकट्ठा करेंगे ٱلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों को l-mutaqīna
मुत्तक़ी लोगों को إِلَى to ilā
to ٱلرَّحْمَـٰنِ तरफ़ रहमान के l-raḥmāni
तरफ़ रहमान के وَفْدًۭا मेहमान बनाकर wafdan
मेहमान बनाकर ٨٥ (85)
(85)
जिस दिन نَحْشُرُ हम इकट्ठा करेंगे naḥshuru
हम इकट्ठा करेंगे ٱلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों को l-mutaqīna
मुत्तक़ी लोगों को إِلَى to ilā
to ٱلرَّحْمَـٰنِ तरफ़ रहमान के l-raḥmāni
तरफ़ रहमान के وَفْدًۭا मेहमान बनाकर wafdan
मेहमान बनाकर ٨٥ (85)
(85)
जिस दिन हम परहेज़गारों को रहमान के पास मेहमान बनाकर इकट्ठा करेंगे।
१९:८६
وَنَسُوقُ
और हम हाँक ले जाऐंगे
wanasūqu
और हम हाँक ले जाऐंगे ٱلْمُجْرِمِينَ मुजरिमों को l-muj'rimīna
मुजरिमों को إِلَىٰ to ilā
to جَهَنَّمَ तरफ़ जहन्नम के jahannama
तरफ़ जहन्नम के وِرْدًۭا सख़्त प्यासे wir'dan
सख़्त प्यासे ٨٦ (86)
(86)
और हम हाँक ले जाऐंगे ٱلْمُجْرِمِينَ मुजरिमों को l-muj'rimīna
मुजरिमों को إِلَىٰ to ilā
to جَهَنَّمَ तरफ़ जहन्नम के jahannama
तरफ़ जहन्नम के وِرْدًۭا सख़्त प्यासे wir'dan
सख़्त प्यासे ٨٦ (86)
(86)
तथा अपराधियों को नरक की ओर प्यासे हाँककर ले जाएँगे।
१९:८७
لَّا
Not
lā
Not يَمْلِكُونَ ना वो मालिक होंगे yamlikūna
ना वो मालिक होंगे ٱلشَّفَـٰعَةَ शफ़ाअत के l-shafāʿata
शफ़ाअत के إِلَّا मगर illā
मगर مَنِ जिसने mani
जिसने ٱتَّخَذَ ले लिया ittakhadha
ले लिया عِندَ from ʿinda
from ٱلرَّحْمَـٰنِ रहमान से l-raḥmāni
रहमान से عَهْدًۭا कोई अहद ʿahdan
कोई अहद ٨٧ (87)
(87)
Not يَمْلِكُونَ ना वो मालिक होंगे yamlikūna
ना वो मालिक होंगे ٱلشَّفَـٰعَةَ शफ़ाअत के l-shafāʿata
शफ़ाअत के إِلَّا मगर illā
मगर مَنِ जिसने mani
जिसने ٱتَّخَذَ ले लिया ittakhadha
ले लिया عِندَ from ʿinda
from ٱلرَّحْمَـٰنِ रहमान से l-raḥmāni
रहमान से عَهْدًۭا कोई अहद ʿahdan
कोई अहद ٨٧ (87)
(87)
वे सिफारिश का अधिकार नहीं रखेंगे, सिवाय उसके जिसने रहमान के पास कोई प्रतिज्ञा प्राप्त कर ली हो।1
१९:८८
وَقَالُوا۟
और उन्होंने कहा
waqālū
और उन्होंने कहा ٱتَّخَذَ बना ली है ittakhadha
बना ली है ٱلرَّحْمَـٰنُ रहमान ने l-raḥmānu
रहमान ने وَلَدًۭا कोई औलाद waladan
कोई औलाद ٨٨ (88)
(88)
और उन्होंने कहा ٱتَّخَذَ बना ली है ittakhadha
बना ली है ٱلرَّحْمَـٰنُ रहमान ने l-raḥmānu
रहमान ने وَلَدًۭا कोई औलाद waladan
कोई औलाद ٨٨ (88)
(88)
तथा उन्होंने कहा कि रहमान ने संतान बना रखी है।1
१९:८९
لَّقَدْ
अलबत्ता तहक़ीक़
laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ جِئْتُمْ लाए हो तुम ji'tum
लाए हो तुम شَيْـًٔا एक चीज़ shayan
एक चीज़ إِدًّۭا बहुत भारी iddan
बहुत भारी ٨٩ (89)
(89)
अलबत्ता तहक़ीक़ جِئْتُمْ लाए हो तुम ji'tum
लाए हो तुम شَيْـًٔا एक चीज़ shayan
एक चीज़ إِدًّۭا बहुत भारी iddan
बहुत भारी ٨٩ (89)
(89)
निश्चय ही तुम एक बड़ी भारी बात गढ़कर लाए हो।
१९:९०
تَكَادُ
क़रीब है
takādu
क़रीब है ٱلسَّمَـٰوَٰتُ आसमान l-samāwātu
आसमान يَتَفَطَّرْنَ कि वो फट पड़ें yatafaṭṭarna
कि वो फट पड़ें مِنْهُ उससे min'hu
उससे وَتَنشَقُّ और शक़ हो जाए watanshaqqu
और शक़ हो जाए ٱلْأَرْضُ ज़मीन l-arḍu
ज़मीन وَتَخِرُّ और गिर पड़ें watakhirru
और गिर पड़ें ٱلْجِبَالُ पहाड़ l-jibālu
पहाड़ هَدًّا रेज़ा-रेज़ा होकर haddan
रेज़ा-रेज़ा होकर ٩٠ (90)
(90)
क़रीब है ٱلسَّمَـٰوَٰتُ आसमान l-samāwātu
आसमान يَتَفَطَّرْنَ कि वो फट पड़ें yatafaṭṭarna
कि वो फट पड़ें مِنْهُ उससे min'hu
उससे وَتَنشَقُّ और शक़ हो जाए watanshaqqu
और शक़ हो जाए ٱلْأَرْضُ ज़मीन l-arḍu
ज़मीन وَتَخِرُّ और गिर पड़ें watakhirru
और गिर पड़ें ٱلْجِبَالُ पहाड़ l-jibālu
पहाड़ هَدًّا रेज़ा-रेज़ा होकर haddan
रेज़ा-रेज़ा होकर ٩٠ (90)
(90)
समीप है कि इस कथन के कारण आकाश फट पड़ें तथा धरती चिर जाए और और पहाड़ ध्वस्त होकर गिर पड़ें।
१९:९१
أَن
कि
an
कि دَعَوْا۟ उन्होंने दावा किया daʿaw
उन्होंने दावा किया لِلرَّحْمَـٰنِ रहमान के लिए lilrraḥmāni
रहमान के लिए وَلَدًۭا औलाद का waladan
औलाद का ٩١ (91)
(91)
कि دَعَوْا۟ उन्होंने दावा किया daʿaw
उन्होंने दावा किया لِلرَّحْمَـٰنِ रहमान के लिए lilrraḥmāni
रहमान के लिए وَلَدًۭا औलाद का waladan
औलाद का ٩١ (91)
(91)
इस बात पर कि उन्होंने रहमान की संतान होने का दावा किया।
१९:९२
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं يَنۢبَغِى लायक़ yanbaghī
लायक़ لِلرَّحْمَـٰنِ रहमान के lilrraḥmāni
रहमान के أَن कि an
कि يَتَّخِذَ वो बना ले yattakhidha
वो बना ले وَلَدًا औलाद waladan
औलाद ٩٢ (92)
(92)
और नहीं يَنۢبَغِى लायक़ yanbaghī
लायक़ لِلرَّحْمَـٰنِ रहमान के lilrraḥmāni
रहमान के أَن कि an
कि يَتَّخِذَ वो बना ले yattakhidha
वो बना ले وَلَدًا औलाद waladan
औलाद ٩٢ (92)
(92)
हालाँकि, रहमान के योग्य नहीं कि कोई संतान बनाए।
१९:९३
إِن
Not
in
Not كُلُّ नहीं है कोई भी kullu
नहीं है कोई भी مَن जो man
जो فِى (are) in fī
(are) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन में है wal-arḍi
और ज़मीन में है إِلَّآ मगर illā
मगर ءَاتِى आने वाला है ātī
आने वाला है ٱلرَّحْمَـٰنِ रहमान के (पास) l-raḥmāni
रहमान के (पास) عَبْدًۭا बन्दा बनकर ʿabdan
बन्दा बनकर ٩٣ (93)
(93)
Not كُلُّ नहीं है कोई भी kullu
नहीं है कोई भी مَن जो man
जो فِى (are) in fī
(are) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन में है wal-arḍi
और ज़मीन में है إِلَّآ मगर illā
मगर ءَاتِى आने वाला है ātī
आने वाला है ٱلرَّحْمَـٰنِ रहमान के (पास) l-raḥmāni
रहमान के (पास) عَبْدًۭا बन्दा बनकर ʿabdan
बन्दा बनकर ٩٣ (93)
(93)
आकाशों तथा धरती में जो कोई भी है, वह रहमान के पास दास के रूप में आने वाला है।
१९:९४
لَّقَدْ
अलबत्ता तहक़ीक़
laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ أَحْصَىٰهُمْ उसने घेर रखा है उन्हें aḥṣāhum
उसने घेर रखा है उन्हें وَعَدَّهُمْ और गिन रखा है उन्हें waʿaddahum
और गिन रखा है उन्हें عَدًّۭا गिनना ʿaddan
गिनना ٩٤ (94)
(94)
अलबत्ता तहक़ीक़ أَحْصَىٰهُمْ उसने घेर रखा है उन्हें aḥṣāhum
उसने घेर रखा है उन्हें وَعَدَّهُمْ और गिन रखा है उन्हें waʿaddahum
और गिन रखा है उन्हें عَدًّۭا गिनना ʿaddan
गिनना ٩٤ (94)
(94)
निश्चय उसने उन्हें (अपने ज्ञान के साथ) घेर रखा है तथा उन्हें अच्छी तरह गिन रखा है।
१९:९५
وَكُلُّهُمْ
हर एक उनमें से
wakulluhum
हर एक उनमें से ءَاتِيهِ आने वाला है उसके पास ātīhi
आने वाला है उसके पास يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के فَرْدًا अकेला fardan
अकेला ٩٥ (95)
(95)
हर एक उनमें से ءَاتِيهِ आने वाला है उसके पास ātīhi
आने वाला है उसके पास يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के فَرْدًا अकेला fardan
अकेला ٩٥ (95)
(95)
और उनमें से हर एक क़ियामत के दिन उसके पास अकेला आने वाला है।1
१९:९६
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक سَيَجْعَلُ अनक़रीब पैदा कर देगा sayajʿalu
अनक़रीब पैदा कर देगा لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए ٱلرَّحْمَـٰنُ रहमान l-raḥmānu
रहमान وُدًّۭا मोहब्बत wuddan
मोहब्बत ٩٦ (96)
(96)
बेशक ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक سَيَجْعَلُ अनक़रीब पैदा कर देगा sayajʿalu
अनक़रीब पैदा कर देगा لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए ٱلرَّحْمَـٰنُ रहमान l-raḥmānu
रहमान وُدًّۭا मोहब्बत wuddan
मोहब्बत ٩٦ (96)
(96)
निःसंदेह जो लोग ईमान लाए और उन्होंने अच्छे कर्म किए, शीघ्र ही रहमान उनके लिए प्रेम पैदा करेगा।1
१९:९७
فَإِنَّمَا
पस बेशक
fa-innamā
पस बेशक يَسَّرْنَـٰهُ आसान कर दिया हमने उसे yassarnāhu
आसान कर दिया हमने उसे بِلِسَانِكَ आपकी ज़बान में bilisānika
आपकी ज़बान में لِتُبَشِّرَ ताकि आप ख़ुशख़बरी दें litubashira
ताकि आप ख़ुशख़बरी दें بِهِ साथ उसके bihi
साथ उसके ٱلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों को l-mutaqīna
मुत्तक़ी लोगों को وَتُنذِرَ और आप डराऐं watundhira
और आप डराऐं بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके قَوْمًۭا ऐसी क़ौम को qawman
ऐसी क़ौम को لُّدًّۭا जो झगड़ालू है luddan
जो झगड़ालू है ٩٧ (97)
(97)
पस बेशक يَسَّرْنَـٰهُ आसान कर दिया हमने उसे yassarnāhu
आसान कर दिया हमने उसे بِلِسَانِكَ आपकी ज़बान में bilisānika
आपकी ज़बान में لِتُبَشِّرَ ताकि आप ख़ुशख़बरी दें litubashira
ताकि आप ख़ुशख़बरी दें بِهِ साथ उसके bihi
साथ उसके ٱلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों को l-mutaqīna
मुत्तक़ी लोगों को وَتُنذِرَ और आप डराऐं watundhira
और आप डराऐं بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके قَوْمًۭا ऐसी क़ौम को qawman
ऐसी क़ौम को لُّدًّۭا जो झगड़ालू है luddan
जो झगड़ालू है ٩٧ (97)
(97)
अतः (ऐ नबी!) हमने इसे आपकी भाषा में सरल बना दिया है, ताकि आप इसके द्वारा डर रखने वालों को शुभ सूचना दें तथा इसके द्वारा उन लोगों को डराएँ जो सख़्त झगड़ालू हैं।
१९:९८
وَكَمْ
और कितनी ही
wakam
और कितनी ही أَهْلَكْنَا हलाक कर दीं हमने ahlaknā
हलाक कर दीं हमने قَبْلَهُم इनसे पहले qablahum
इनसे पहले مِّن of min
of قَرْنٍ उम्मतें/बस्तियाँ qarnin
उम्मतें/बस्तियाँ هَلْ क्या hal
क्या تُحِسُّ आप महसूस करते हैं tuḥissu
आप महसूस करते हैं مِنْهُم उनमें से min'hum
उनमें से مِّنْ any min
any أَحَدٍ किसी एक को भी aḥadin
किसी एक को भी أَوْ या aw
या تَسْمَعُ आप सुनते हैं tasmaʿu
आप सुनते हैं لَهُمْ उनकी lahum
उनकी رِكْزًۢا कोई आहट/भनक rik'zan
कोई आहट/भनक ٩٨ (98)
(98)
और कितनी ही أَهْلَكْنَا हलाक कर दीं हमने ahlaknā
हलाक कर दीं हमने قَبْلَهُم इनसे पहले qablahum
इनसे पहले مِّن of min
of قَرْنٍ उम्मतें/बस्तियाँ qarnin
उम्मतें/बस्तियाँ هَلْ क्या hal
क्या تُحِسُّ आप महसूस करते हैं tuḥissu
आप महसूस करते हैं مِنْهُم उनमें से min'hum
उनमें से مِّنْ any min
any أَحَدٍ किसी एक को भी aḥadin
किसी एक को भी أَوْ या aw
या تَسْمَعُ आप सुनते हैं tasmaʿu
आप सुनते हैं لَهُمْ उनकी lahum
उनकी رِكْزًۢا कोई आहट/भनक rik'zan
कोई आहट/भनक ٩٨ (98)
(98)
और हमने उनसे पहले कितनी ही जातियों को विनष्ट कर दिया, तो क्या आप उनमें से किसी एक को महसूस करते हैं, या उनकी कोई भनक सुनते हैं?!