१५

अल-हिज्र

मक्की ९९ आयतें पारा १४
الحجر
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ साथ नाम bis'mi
साथ नाम
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान
ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
१५:१
الٓر ۚ अलिफ़ लाम रा alif-lam-ra
अलिफ़ लाम रा
تِلْكَ ये til'ka
ये
ءَايَـٰتُ आयात हैं āyātu
आयात हैं
ٱلْكِتَـٰبِ किताब की l-kitābi
किताब की
وَقُرْءَانٍۢ and Quran waqur'ānin
and Quran
مُّبِينٍۢ और क़ुरआन वाज़ेह की mubīnin
और क़ुरआन वाज़ेह की
١ (1)
(1)
अलिफ़, लाम, रा। ये किताब और स्पष्ट क़ुरआन की आयतें हैं।
१५:२
رُّبَمَا कभी rubamā
कभी
يَوَدُّ चाहेंगे yawaddu
चाहेंगे
ٱلَّذِينَ वो लोग जिन्होंने alladhīna
वो लोग जिन्होंने
كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया
لَوْ काश law
काश
كَانُوا۟ वो होते kānū
वो होते
مُسْلِمِينَ मुसलमान mus'limīna
मुसलमान
٢ (2)
(2)
(एक समय आएगा कि) काफ़िर चाहेंगे कि काश वे (दुनिया में) मुसलमान होते!
१५:३
ذَرْهُمْ छोड़ दीजिए उन्हें dharhum
छोड़ दीजिए उन्हें
يَأْكُلُوا۟ वो खाऐं yakulū
वो खाऐं
وَيَتَمَتَّعُوا۟ और मज़े उड़ाऐं wayatamattaʿū
और मज़े उड़ाऐं
وَيُلْهِهِمُ और ग़ाफ़िल रखे उन्हें wayul'hihimu
और ग़ाफ़िल रखे उन्हें
ٱلْأَمَلُ ۖ उम्मीद l-amalu
उम्मीद
فَسَوْفَ पस अनक़रीब fasawfa
पस अनक़रीब
يَعْلَمُونَ वो जान लेंगे yaʿlamūna
वो जान लेंगे
٣ (3)
(3)
(ऐ नबी!) आप उन्हें छोड़ दें। वे खाएँ और लाभ उठाएँ, तथा (लंबी) आशा उन्हें ग़ाफ़िल रखे, फिर शीघ्र ही जान लेंगे।1
१५:४
وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं
أَهْلَكْنَا हलाक किया ahlaknā
हलाक किया
مِن any min
any
قَرْيَةٍ किसी बस्ती को qaryatin
किसी बस्ती को
إِلَّا मगर illā
मगर
وَلَهَا जबकि उसके लिए walahā
जबकि उसके लिए
كِتَابٌۭ लिखा हुआ है kitābun
लिखा हुआ है
مَّعْلُومٌۭ मालूम (वक़्त) maʿlūmun
मालूम (वक़्त)
٤ (4)
(4)
और हमने जिस बस्ती को भी नष्ट किया, उसका एक निर्धारित समय था।
१५:५
مَّا नहीं
नहीं
تَسْبِقُ सबक़त करती/आगे बढ़ती tasbiqu
सबक़त करती/आगे बढ़ती
مِنْ any min
any
أُمَّةٍ कोई उम्मत ummatin
कोई उम्मत
أَجَلَهَا अपने मुक़र्रर वक़्त से ajalahā
अपने मुक़र्रर वक़्त से
وَمَا और ना wamā
और ना
يَسْتَـْٔخِرُونَ वो पीछे रह सकती है yastakhirūna
वो पीछे रह सकती है
٥ (5)
(5)
कोई जाति अपने नियत समय से न आगे बढ़ती है और न वे पीछे रहते हैं।
१५:६
وَقَالُوا۟ और उन्होंने कहा waqālū
और उन्होंने कहा
يَـٰٓأَيُّهَا yāayyuhā
ٱلَّذِى वो शख़्स alladhī
वो शख़्स
نُزِّلَ उतारा गया nuzzila
उतारा गया
عَلَيْهِ जिस पर ʿalayhi
जिस पर
ٱلذِّكْرُ ज़िक्र (क़ुरआन) l-dhik'ru
ज़िक्र (क़ुरआन)
إِنَّكَ यक़ीनन तू innaka
यक़ीनन तू
لَمَجْنُونٌۭ अलबत्ता मजनून है lamajnūnun
अलबत्ता मजनून है
٦ (6)
(6)
तथा उन (काफ़िरों) ने कहा : ऐ वह व्यक्ति जिसपर स्मरण (क़ुरआन) अवतरित किया गया है, निःसंदेह तू तो पागल है।
१५:७
لَّوْ Why law
Why
مَا क्यों नहीं
क्यों नहीं
تَأْتِينَا तू लाया हमारे पास tatīnā
तू लाया हमारे पास
بِٱلْمَلَـٰٓئِكَةِ फ़रिश्तों को bil-malāikati
फ़रिश्तों को
إِن अगर in
अगर
كُنتَ है तू kunta
है तू
مِنَ of mina
of
ٱلصَّـٰدِقِينَ सच्चों में से l-ṣādiqīna
सच्चों में से
٧ (7)
(7)
यदि तू सच्चों में से है, तो हमारे पास फ़रिश्तों को क्यों नहीं ले आता?
१५:८
مَا नहीं
नहीं
نُنَزِّلُ हम उतारा करते nunazzilu
हम उतारा करते
ٱلْمَلَـٰٓئِكَةَ फ़रिश्तों को l-malāikata
फ़रिश्तों को
إِلَّا मगर illā
मगर
بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
كَانُوٓا۟ होते वो kānū
होते वो
إِذًۭا तब idhan
तब
مُّنظَرِينَ मोहलत दिए गए munẓarīna
मोहलत दिए गए
٨ (8)
(8)
हम फ़रिश्तों को सत्य के साथ ही उतारते हैं और उस समय उन्हें कोई मोहलत नहीं दी जाती।
१५:९
إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम
نَحْنُ हम ही ने naḥnu
हम ही ने
نَزَّلْنَا नाज़िल किया हमने nazzalnā
नाज़िल किया हमने
ٱلذِّكْرَ ज़िक्र (क़ुरआन) l-dhik'ra
ज़िक्र (क़ुरआन)
وَإِنَّا और बेशक हम ही wa-innā
और बेशक हम ही
لَهُۥ उसकी lahu
उसकी
لَحَـٰفِظُونَ अलबत्ता हिफ़ज़त करने वाले हैं laḥāfiẓūna
अलबत्ता हिफ़ज़त करने वाले हैं
٩ (9)
(9)
निःसंदेह हमने ही यह ज़िक्र (क़ुरआन) उतारी है और निःसंदेह हम ही इसकी अवश्य रक्षा करने वाले1 हैं।
१५:१०
وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़
أَرْسَلْنَا भेजे हमने arsalnā
भेजे हमने
مِن before you min
before you
قَبْلِكَ आपसे पहले (रसूल) qablika
आपसे पहले (रसूल)
فِى in
in
شِيَعِ गिरोहों में shiyaʿi
गिरोहों में
ٱلْأَوَّلِينَ पहले लोगों के l-awalīna
पहले लोगों के
١٠ (10)
(10)
और निःसंदेह हमने आपसे पहले विगत समुदायों के समूहों में रसूल भेजे हैं।
१५:११
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
يَأْتِيهِم आया उनके पास yatīhim
आया उनके पास
مِّن any min
any
رَّسُولٍ कोई रसूल rasūlin
कोई रसूल
إِلَّا मगर illā
मगर
كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो
بِهِۦ उसका bihi
उसका
يَسْتَهْزِءُونَ वो मज़ाक़ उड़ाते yastahziūna
वो मज़ाक़ उड़ाते
١١ (11)
(11)
और उनके पास जो भी रसूल आता, वे उसका मज़ाक उड़ाया करते थे।
१५:१२
كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह
نَسْلُكُهُۥ हम दाख़िल करते हैं उसको naslukuhu
हम दाख़िल करते हैं उसको
فِى in
in
قُلُوبِ दिलों में qulūbi
दिलों में
ٱلْمُجْرِمِينَ मुजरिमों के l-muj'rimīna
मुजरिमों के
١٢ (12)
(12)
इसी तरह हम यह1 (झुठलाने की प्रवृत्ति) अपराधियों के दिलों में डाल देते हैं।
१५:१३
لَا Not
Not
يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाऐंगे yu'minūna
नहीं वो ईमान लाऐंगे
بِهِۦ ۖ इस पर bihi
इस पर
وَقَدْ और तहक़ीक़ waqad
और तहक़ीक़
خَلَتْ गुज़र चुका khalat
गुज़र चुका
سُنَّةُ तरीक़ा sunnatu
तरीक़ा
ٱلْأَوَّلِينَ पहलों का l-awalīna
पहलों का
١٣ (13)
(13)
वे उसपर ईमान नहीं लाते। और प्रथम जातियों से यही परंपरा चली आ रही है।
१५:१४
وَلَوْ और अगर walaw
और अगर
فَتَحْنَا खोलदें हमने fataḥnā
खोलदें हमने
عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर
بَابًۭا कोई दरवाज़ा bāban
कोई दरवाज़ा
مِّنَ from mina
from
ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से
فَظَلُّوا۟ तो शिरू होजाऐं faẓallū
तो शिरू होजाऐं
فِيهِ उसमें fīhi
उसमें
يَعْرُجُونَ वो चढ़ते yaʿrujūna
वो चढ़ते
١٤ (14)
(14)
और यदि हम उनपर आकाश का कोई द्वार खोल दें, फिर वे उसमें चढ़ते चले जाएँ।
१५:१५
لَقَالُوٓا۟ अलबत्ता वो कहेंगे laqālū
अलबत्ता वो कहेंगे
إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक
سُكِّرَتْ मदहोश करदी गई हैं sukkirat
मदहोश करदी गई हैं
أَبْصَـٰرُنَا निगाहें हमारी abṣārunā
निगाहें हमारी
بَلْ बल्कि bal
बल्कि
نَحْنُ हम तो naḥnu
हम तो
قَوْمٌۭ लोग हैं qawmun
लोग हैं
مَّسْحُورُونَ सहरज़दा masḥūrūna
सहरज़दा
١٥ (15)
(15)
तब भी निश्चय वे यही कहेंगे कि हमारी निगाहें बाँध दी गई हैं। बल्कि हमपर जादू कर दिया गया है।
१५:१६
وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़
جَعَلْنَا बनाए हमने jaʿalnā
बनाए हमने
فِى in
in
ٱلسَّمَآءِ आसमान में l-samāi
आसमान में
بُرُوجًۭا कई बुर्ज burūjan
कई बुर्ज
وَزَيَّنَّـٰهَا और मुज़य्यन किया हमने उसे wazayyannāhā
और मुज़य्यन किया हमने उसे
لِلنَّـٰظِرِينَ देखने वालों के लिए lilnnāẓirīna
देखने वालों के लिए
١٦ (16)
(16)
निःसंदेह हमने आकाश में कई बुर्ज (बड़े सितारे) बनाए हैं और उन्हें देखने वालों के लिए सुशोभित किया है।
१५:१७
وَحَفِظْنَـٰهَا और हिफ़ाज़त की हमने उसकी waḥafiẓ'nāhā
और हिफ़ाज़त की हमने उसकी
مِن from min
from
كُلِّ every kulli
every
شَيْطَـٰنٍۢ हर शैतान से shayṭānin
हर शैतान से
رَّجِيمٍ जो मरदूद है rajīmin
जो मरदूद है
١٧ (17)
(17)
और हमने उसे प्रत्येक धिक्कारे हुए शैतान से सुरक्षित किया है।
१५:१८
إِلَّا मगर illā
मगर
مَنِ जिसने mani
जिसने
ٱسْتَرَقَ चुरा लिया is'taraqa
चुरा लिया
ٱلسَّمْعَ सुनी हुई बात को l-samʿa
सुनी हुई बात को
فَأَتْبَعَهُۥ तो पीछा करता है उसका fa-atbaʿahu
तो पीछा करता है उसका
شِهَابٌۭ एक शोला shihābun
एक शोला
مُّبِينٌۭ चमकता हुआ mubīnun
चमकता हुआ
١٨ (18)
(18)
परंतु जो (शैतान) चोरी-छिपे सुनना चाहे, तो एक स्पष्ट ज्वाला (उल्का) उसका पीछा1 करती है।
१५:१९
وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को
مَدَدْنَـٰهَا फैला दिया हमने उसे madadnāhā
फैला दिया हमने उसे
وَأَلْقَيْنَا और डाले हमने wa-alqaynā
और डाले हमने
فِيهَا उसमें fīhā
उसमें
رَوَٰسِىَ पहाड़ rawāsiya
पहाड़
وَأَنۢبَتْنَا और उगाई हमने wa-anbatnā
और उगाई हमने
فِيهَا उसमें fīhā
उसमें
مِن of min
of
كُلِّ हर तरह की kulli
हर तरह की
شَىْءٍۢ चीज़ shayin
चीज़
مَّوْزُونٍۢ मोज़ूं/मुनासिब mawzūnin
मोज़ूं/मुनासिब
١٩ (19)
(19)
और हमने धरती को फैलाया और उसमें पर्वत डाल (गाड़) दिए और उसमें हर चीज़ निर्धारित मात्रा में उगाई।
१५:२०
وَجَعَلْنَا और बनाए हमने wajaʿalnā
और बनाए हमने
لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
فِيهَا उसमें fīhā
उसमें
مَعَـٰيِشَ असबाबे मईशत maʿāyisha
असबाबे मईशत
وَمَن और उसके लिए (भी) waman
और उसके लिए (भी)
لَّسْتُمْ नहीं हो तुम lastum
नहीं हो तुम
لَهُۥ जिसके lahu
जिसके
بِرَٰزِقِينَ राज़िक़ birāziqīna
राज़िक़
٢٠ (20)
(20)
और हमने उसमें तुम्हारे लिए जीवन के संसाधन बना दिए। तथा उनके लिए (भी) जिन्हें तुम हरगिज़ रोज़ी देने वाले नहीं।
१५:२१
وَإِن और नहीं wa-in
और नहीं
مِّن (is) any min
(is) any
شَىْءٍ कोई चीज़ shayin
कोई चीज़
إِلَّا मगर illā
मगर
عِندَنَا हमारे पास ʿindanā
हमारे पास
خَزَآئِنُهُۥ ख़ज़ाने हैं उसके khazāinuhu
ख़ज़ाने हैं उसके
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
نُنَزِّلُهُۥٓ हम उतारते उसे nunazziluhu
हम उतारते उसे
إِلَّا मगर illā
मगर
بِقَدَرٍۢ साथ अंदाज़े biqadarin
साथ अंदाज़े
مَّعْلُومٍۢ मालूम के maʿlūmin
मालूम के
٢١ (21)
(21)
और कोई चीज़ ऐसी नहीं है, जिसके ख़ज़ाने हमारे पास न हों। और हम उसे एक निश्चित मात्रा ही में उतारते हैं।
१५:२२
وَأَرْسَلْنَا और भेजा हमने wa-arsalnā
और भेजा हमने
ٱلرِّيَـٰحَ हवाओं को l-riyāḥa
हवाओं को
لَوَٰقِحَ बारआवर lawāqiḥa
बारआवर
فَأَنزَلْنَا फिर नाज़िल किया हमने fa-anzalnā
फिर नाज़िल किया हमने
مِنَ from mina
from
ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से
مَآءًۭ पानी māan
पानी
فَأَسْقَيْنَـٰكُمُوهُ पस पिलाया हमने तुम्हें वो fa-asqaynākumūhu
पस पिलाया हमने तुम्हें वो
وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं
أَنتُمْ हो तुम antum
हो तुम
لَهُۥ उसे lahu
उसे
بِخَـٰزِنِينَ ज़ख़ीरा करने वाले bikhāzinīna
ज़ख़ीरा करने वाले
٢٢ (22)
(22)
और हमने बादलों को पानी से गर्भित करने वाली हवाओं को भेजा, फिर हमने आकाश से पानी उतारा, और उसे तुम्हें पिलाया, तथा तुम हरगिज़ उसे संग्रह करने वाले नहीं।
१५:२३
وَإِنَّا और बेशक हम wa-innā
और बेशक हम
لَنَحْنُ यक़ीनन हम ही lanaḥnu
यक़ीनन हम ही
نُحْىِۦ हम ज़िन्दा करते हैं nuḥ'yī
हम ज़िन्दा करते हैं
وَنُمِيتُ और हम मौत देते हैं wanumītu
और हम मौत देते हैं
وَنَحْنُ और हम ही wanaḥnu
और हम ही
ٱلْوَٰرِثُونَ वारिस हैं l-wārithūna
वारिस हैं
٢٣ (23)
(23)
तथा निःसंदेह हम ही जीवित करते और मारते हैं और हम ही (सबके) उत्तराधिकारी हैं।
१५:२४
وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़
عَلِمْنَا जान लिया हमने ʿalim'nā
जान लिया हमने
ٱلْمُسْتَقْدِمِينَ आगे बढ़ने वालों को l-mus'taqdimīna
आगे बढ़ने वालों को
مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से
وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़
عَلِمْنَا जान लिया हमने ʿalim'nā
जान लिया हमने
ٱلْمُسْتَـْٔخِرِينَ पीछे रहने वालों को l-mus'takhirīna
पीछे रहने वालों को
٢٤ (24)
(24)
तथा निःसंदेह हम तुम्हारे पहले लोगों को भी जानते हैं, और बाद में आने वालों को भी जानते हैं।
१५:२५
وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक
رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका
هُوَ वो huwa
वो
يَحْشُرُهُمْ ۚ वो इकट्ठा करेगा उन्हें yaḥshuruhum
वो इकट्ठा करेगा उन्हें
إِنَّهُۥ बेशक वो ही है innahu
बेशक वो ही है
حَكِيمٌ बहुत हिक्मत वाला ḥakīmun
बहुत हिक्मत वाला
عَلِيمٌۭ ख़ूब इल्म वाला ʿalīmun
ख़ूब इल्म वाला
٢٥ (25)
(25)
और निःसंदेह आपका पालनहार ही उन्हें इकट्ठा1 करेगा। निश्चय वह पूर्ण हिकमत वाला, सब कुछ जानने वाला है।
१५:२६
وَلَقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
अलबत्ता तहक़ीक़
خَلَقْنَا पैदा किया हमने khalaqnā
पैदा किया हमने
ٱلْإِنسَـٰنَ इंसान को l-insāna
इंसान को
مِن (out) of min
(out) of
صَلْصَـٰلٍۢ खनकती मिट्टी से ṣalṣālin
खनकती मिट्टी से
مِّنْ from min
from
حَمَإٍۢ कीचड़ से ḥama-in
कीचड़ से
مَّسْنُونٍۢ बदबूदार masnūnin
बदबूदार
٢٦ (26)
(26)
और निःसंदेह हमने मनुष्य को सड़े हुए गारे की खनखनाती हुई मिट्टी से बनाया है।
१५:२७
وَٱلْجَآنَّ और जिन्न को wal-jāna
और जिन्न को
خَلَقْنَـٰهُ पैदा किया हमने उसे khalaqnāhu
पैदा किया हमने उसे
مِن before min
before
قَبْلُ इससे क़ब्ल qablu
इससे क़ब्ल
مِن from min
from
نَّارِ fire nāri
fire
ٱلسَّمُومِ आग की लपट से l-samūmi
आग की लपट से
٢٧ (27)
(27)
और इससे पहले जिन्नों को हमने धुँआ रहित अति गर्म आग से पैदा किया।
१५:२८
وَإِذْ और जब wa-idh
और जब
قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया
رَبُّكَ आपके रब ने rabbuka
आपके रब ने
لِلْمَلَـٰٓئِكَةِ फ़रिश्तों से lil'malāikati
फ़रिश्तों से
إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं
خَـٰلِقٌۢ पैदा करने वाला हूँ khāliqun
पैदा करने वाला हूँ
بَشَرًۭا एक इन्सान basharan
एक इन्सान
مِّن (out) of min
(out) of
صَلْصَـٰلٍۢ खनकती मिट्टी से ṣalṣālin
खनकती मिट्टी से
مِّنْ from min
from
حَمَإٍۢ कीचड़ से ḥama-in
कीचड़ से
مَّسْنُونٍۢ बदबूदार masnūnin
बदबूदार
٢٨ (28)
(28)
और (याद करो) जब आपके पालनहार ने फ़रिश्तों से कहा : मैं सड़े हुए गारे की खनखनाती मिट्टी से एक मनुष्य पैदा करने वाला हूँ।
१५:२९
فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब
سَوَّيْتُهُۥ दुरुस्त कर दूँ मैं उसे sawwaytuhu
दुरुस्त कर दूँ मैं उसे
وَنَفَخْتُ और फूँक दूँ मैं wanafakhtu
और फूँक दूँ मैं
فِيهِ उसमें fīhi
उसमें
مِن of min
of
رُّوحِى अपनी रूह से rūḥī
अपनी रूह से
فَقَعُوا۟ तो गिर पड़ना faqaʿū
तो गिर पड़ना
لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए
سَـٰجِدِينَ सजदा करते हुए sājidīna
सजदा करते हुए
٢٩ (29)
(29)
तो जब मैं उसे पूरा बना लूँ और उसमें अपनी रूह़ फूँक दूँ, तो तुम उसके आगे सजदा करते हुए गिर जाओ।1
१५:३०
فَسَجَدَ तो सजदा किया fasajada
तो सजदा किया
ٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ फ़रिश्तों ने l-malāikatu
फ़रिश्तों ने
كُلُّهُمْ सबके सबने kulluhum
सबके सबने
أَجْمَعُونَ इकट्ठे ajmaʿūna
इकट्ठे
٣٠ (30)
(30)
तो सब के सब फ़रिश्तों ने सजदा किया।
१५:३१
إِلَّآ सिवाय illā
सिवाय
إِبْلِيسَ इबलीस के ib'līsa
इबलीस के
أَبَىٰٓ उसने इन्कार किया abā
उसने इन्कार किया
أَن कि an
कि
يَكُونَ हो वो yakūna
हो वो
مَعَ साथ maʿa
साथ
ٱلسَّـٰجِدِينَ सजदा करने वालों के l-sājidīna
सजदा करने वालों के
٣١ (31)
(31)
सिवाय इबलीस के। उसने सजदा करने वालों के साथ शामिल होने से इनकार कर दिया।
१५:३२
قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया
يَـٰٓإِبْلِيسُ ऐ इब्लीस yāib'līsu
ऐ इब्लीस
مَا क्या है
क्या है
لَكَ तुझे laka
तुझे
أَلَّا कि नहीं allā
कि नहीं
تَكُونَ हुआ तू takūna
हुआ तू
مَعَ with maʿa
with
ٱلسَّـٰجِدِينَ साथ सजदा करने वालों के l-sājidīna
साथ सजदा करने वालों के
٣٢ (32)
(32)
अल्लाह ने पूछा : ऐ इबलीस! तुझे क्या हुआ कि तू सजदा करने वालों में शामिल नहीं हुआॽ
१५:३३
قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा
لَمْ नहीं lam
नहीं
أَكُن हूँ मैं akun
हूँ मैं
لِّأَسْجُدَ कि मैं सजदा करूँ li-asjuda
कि मैं सजदा करूँ
لِبَشَرٍ ऐसे इन्सान को libasharin
ऐसे इन्सान को
خَلَقْتَهُۥ बनाया तूने उसे khalaqtahu
बनाया तूने उसे
مِن (out) of min
(out) of
صَلْصَـٰلٍۢ खनकती मिट्टी से ṣalṣālin
खनकती मिट्टी से
مِّنْ from min
from
حَمَإٍۢ कीचड़ से ḥama-in
कीचड़ से
مَّسْنُونٍۢ बदबूदार masnūnin
बदबूदार
٣٣ (33)
(33)
उसने कहा : मैं ऐसा नहीं कि एक मनुष्य को सजदा करूँ, जिसे तूने सड़े हुए गारे की खनखनाती मिट्टी से पैदा किया है।
१५:३४
قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया
فَٱخْرُجْ पस निकल जा fa-ukh'ruj
पस निकल जा
مِنْهَا इससे min'hā
इससे
فَإِنَّكَ पस बेशक तू fa-innaka
पस बेशक तू
رَجِيمٌۭ मरदूद है rajīmun
मरदूद है
٣٤ (34)
(34)
अल्लाह ने कहा : फिर तू यहाँ से निकल जा। क्योंकि निश्चय तू धिक्कारा हुआ है।
१५:३५
وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक
عَلَيْكَ तुझ पर ʿalayka
तुझ पर
ٱللَّعْنَةَ लानत है l-laʿnata
लानत है
إِلَىٰ till ilā
till
يَوْمِ (the) Day yawmi
(the) Day
ٱلدِّينِ बदले के दिन तक l-dīni
बदले के दिन तक
٣٥ (35)
(35)
और निःसंदेह तुझपर बदले (क़ियामत) के दिन तक धिक्कार है।
१५:३६
قَالَ वो बोला qāla
वो बोला
رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब
فَأَنظِرْنِىٓ पस मोहलत दे मुझे fa-anẓir'nī
पस मोहलत दे मुझे
إِلَىٰ till ilā
till
يَوْمِ उस दिन तक yawmi
उस दिन तक
يُبْعَثُونَ वो सब उठाए जाऐंगे (कि) yub'ʿathūna
वो सब उठाए जाऐंगे (कि)
٣٦ (36)
(36)
उस (इबलीस) ने कहा1 : ऐ मेरे पालनहार! तो फिर मुझे उस दिन तक मोहलत दे, जब वे (पुनः जीवित कर) उठाए जाएँगे।
१५:३७
قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया
فَإِنَّكَ पस बेशक तू fa-innaka
पस बेशक तू
مِنَ (are) of mina
(are) of
ٱلْمُنظَرِينَ मोहलत दिए जाने वालों में से है l-munẓarīna
मोहलत दिए जाने वालों में से है
٣٧ (37)
(37)
(अल्लाह ने) कहा : तू निःसंदेह मोहलत दिए गए लोगों में से है।
१५:३८
إِلَىٰ Till ilā
Till
يَوْمِ उस दिन तक yawmi
उस दिन तक
ٱلْوَقْتِ वक़्त (जिस का) l-waqti
वक़्त (जिस का)
ٱلْمَعْلُومِ मालूम/मुक़र्रर है l-maʿlūmi
मालूम/मुक़र्रर है
٣٨ (38)
(38)
ज्ञात समय के दिन तक।
१५:३९
قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा
رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब
بِمَآ बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो
أَغْوَيْتَنِى बेराह किया तूने मुझे aghwaytanī
बेराह किया तूने मुझे
لَأُزَيِّنَنَّ अलबत्ता मैं ज़रूर मुज़य्यन कर दूँ गा la-uzayyinanna
अलबत्ता मैं ज़रूर मुज़य्यन कर दूँ गा
لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए
فِى in
in
ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में
وَلَأُغْوِيَنَّهُمْ और अलबत्ता मैं ज़रूर बहकाऊँगा उनको wala-ugh'wiyannahum
और अलबत्ता मैं ज़रूर बहकाऊँगा उनको
أَجْمَعِينَ सबके सबको ajmaʿīna
सबके सबको
٣٩ (39)
(39)
वह बोला : ऐ मेरे पालनहार! चूँकि तूने मुझे पथभ्रष्ट किया है, मैं अवश्य ही उनके लिए धरती में (पाप को) सुशोभित करूँगा और उन सभी को पथभ्रष्ट कर दूँगा।
१५:४०
إِلَّا सिवाय illā
सिवाय
عِبَادَكَ तेरे बन्दों के ʿibādaka
तेरे बन्दों के
مِنْهُمُ उनमें से min'humu
उनमें से
ٱلْمُخْلَصِينَ जो चुने हुए हैं l-mukh'laṣīna
जो चुने हुए हैं
٤٠ (40)
(40)
सिवाय तेरे उनमें से चुने हुए बंदों के।
१५:४१
قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया
هَـٰذَا ये hādhā
ये
صِرَٰطٌ रास्ता है ṣirāṭun
रास्ता है
عَلَىَّ मुझ तक ʿalayya
मुझ तक
مُسْتَقِيمٌ सीधा mus'taqīmun
सीधा
٤١ (41)
(41)
(अल्लाह ने) कहा : यह रास्ता है जो मुझ तक सीधा है।
१५:४२
إِنَّ बेशक inna
बेशक
عِبَادِى मेर बन्दे ʿibādī
मेर बन्दे
لَيْسَ नहीं laysa
नहीं
لَكَ तेरे लिए laka
तेरे लिए
عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर
سُلْطَـٰنٌ कोई ज़ोर sul'ṭānun
कोई ज़ोर
إِلَّا मगर illā
मगर
مَنِ जो mani
जो
ٱتَّبَعَكَ पैरवी करे तेरी ittabaʿaka
पैरवी करे तेरी
مِنَ of mina
of
ٱلْغَاوِينَ बहके हुओं में से l-ghāwīna
बहके हुओं में से
٤٢ (42)
(42)
निःसंदेह मेरे बंदों पर तेरा कोई वश नहीं1, परंतु जो बहके हुए लोगों में से तेरे पीछे चले।
१५:४३
وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक
جَهَنَّمَ जहन्नम jahannama
जहन्नम
لَمَوْعِدُهُمْ अलबत्ता उनके वादे की जगह है lamawʿiduhum
अलबत्ता उनके वादे की जगह है
أَجْمَعِينَ सबके सबकी ajmaʿīna
सबके सबकी
٤٣ (43)
(43)
और निश्चय ही उन सब के वादा की जगह जहन्नम है।
१५:४४
لَهَا उसके lahā
उसके
سَبْعَةُ सात sabʿatu
सात
أَبْوَٰبٍۢ दरवाज़े हैं abwābin
दरवाज़े हैं
لِّكُلِّ वास्ते हर likulli
वास्ते हर
بَابٍۢ दरवाज़े के bābin
दरवाज़े के
مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से
جُزْءٌۭ एक हिस्सा है juz'on
एक हिस्सा है
مَّقْسُومٌ तक़सीम शुदा maqsūmun
तक़सीम शुदा
٤٤ (44)
(44)
उस (जहन्नम) के सात द्वार हैं। और प्रत्येक द्वार के लिए उन (इबलीस के अनुयायियों) का एक विभाजित भाग1 है।
१५:४५
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोग l-mutaqīna
मुत्तक़ी लोग
فِى (will be) in
(will be) in
جَنَّـٰتٍۢ बाग़ों में होंगे jannātin
बाग़ों में होंगे
وَعُيُونٍ और चश्मों में waʿuyūnin
और चश्मों में
٤٥ (45)
(45)
निःसंदेह आज्ञाकारी लोग जन्नतों तथा स्रोतों में होंगे।
१५:४६
ٱدْخُلُوهَا दाख़िल हो जाओ इनमें ud'khulūhā
दाख़िल हो जाओ इनमें
بِسَلَـٰمٍ साथ सलामती के bisalāmin
साथ सलामती के
ءَامِنِينَ अमन में रहने वाले āminīna
अमन में रहने वाले
٤٦ (46)
(46)
(उनसे कहा जाएगा :) इसमें सलामती के साथ निर्भय होकर प्रवेश कर जाओ।
१५:४७
وَنَزَعْنَا और निकाल देंगे हम wanazaʿnā
और निकाल देंगे हम
مَا जो भी
जो भी
فِى (is) in
(is) in
صُدُورِهِم उनके सीनों में है ṣudūrihim
उनके सीनों में है
مِّنْ of min
of
غِلٍّ कोई कीना ghillin
कोई कीना
إِخْوَٰنًا भाई-भाई बनकर ikh'wānan
भाई-भाई बनकर
عَلَىٰ on ʿalā
on
سُرُرٍۢ तख़्तों पर sururin
तख़्तों पर
مُّتَقَـٰبِلِينَ आमने-सामने (होंगे) mutaqābilīna
आमने-सामने (होंगे)
٤٧ (47)
(47)
और हम निकाल देंगे उनके दिलों में जो कुछ द्वेष होगा। वे भाई-भाई होकर एक-दूसरे के आमने-सामने तख़्तों पर (बैठे) होंगे।
१५:४८
لَا Not
Not
يَمَسُّهُمْ ना छुएगी उन्हें yamassuhum
ना छुएगी उन्हें
فِيهَا उनमें fīhā
उनमें
نَصَبٌۭ कोई थकावट naṣabun
कोई थकावट
وَمَا और ना wamā
और ना
هُم वो hum
वो
مِّنْهَا उनसे min'hā
उनसे
بِمُخْرَجِينَ निकाले जाऐंगे bimukh'rajīna
निकाले जाऐंगे
٤٨ (48)
(48)
न उसमें उन्हें कोई थकान होगी और न वे वहाँ से निकाले जाएँगे।
१५:४९
۞ نَبِّئْ ख़बर दे दीजिए nabbi
ख़बर दे दीजिए
عِبَادِىٓ मेर बन्दों को ʿibādī
मेर बन्दों को
أَنِّىٓ बेशक मैं annī
बेशक मैं
أَنَا मैं ही हूँ anā
मैं ही हूँ
ٱلْغَفُورُ बहुत बख़्शने वाला l-ghafūru
बहुत बख़्शने वाला
ٱلرَّحِيمُ बहुत रहम करने वाला l-raḥīmu
बहुत रहम करने वाला
٤٩ (49)
(49)
(ऐ नबी!) आप मेरे बंदों को सूचित कर दें कि निःसंदेह मैं ही बड़ा क्षमाशील, अत्यंत दयावान्1 हूँ।
१५:५०
وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक
عَذَابِى अज़ाब मेरा ʿadhābī
अज़ाब मेरा
هُوَ वो ही huwa
वो ही
ٱلْعَذَابُ अज़ाब है l-ʿadhābu
अज़ाब है
ٱلْأَلِيمُ दर्दनाक l-alīmu
दर्दनाक
٥٠ (50)
(50)
और यह भी कि निःसंदेह मेरी यातना ही कष्टदायक यातना है।
१५:५१
وَنَبِّئْهُمْ और ख़बर दे दीजिए उन्हें wanabbi'hum
और ख़बर दे दीजिए उन्हें
عَن about ʿan
about
ضَيْفِ मेहमानों की ḍayfi
मेहमानों की
إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम के ib'rāhīma
इब्राहीम के
٥١ (51)
(51)
और आप उन्हें इबराहीम (अलैहिस्सलाम) के अतिथियों के बारे में सूचित कर दें।
१५:५२
إِذْ जब idh
जब
دَخَلُوا۟ वो दाख़िल हुए dakhalū
वो दाख़िल हुए
عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर
فَقَالُوا۟ तो उन्होंने कहा faqālū
तो उन्होंने कहा
سَلَـٰمًۭا सलाम (हो तुम पर) salāman
सलाम (हो तुम पर)
قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा
إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम
مِنكُمْ तुमसे minkum
तुमसे
وَجِلُونَ ख़ौफ़ज़दा हैं wajilūna
ख़ौफ़ज़दा हैं
٥٢ (52)
(52)
जब वे इबराहीम के पास आए, तो उन्होंने सलाम किया। उसने कहा : हमें तो तुमसे डर लग रहा है।
१५:५३
قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा
لَا (Do) not
(Do) not
تَوْجَلْ ना तुम डरो tawjal
ना तुम डरो
إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम
نُبَشِّرُكَ हम ख़ुशख़बरी देते हैं तुझे nubashiruka
हम ख़ुशख़बरी देते हैं तुझे
بِغُلَـٰمٍ एक लड़के की bighulāmin
एक लड़के की
عَلِيمٍۢ बहुत इल्म वाले ʿalīmin
बहुत इल्म वाले
٥٣ (53)
(53)
उन्होंने कहा : डरिए नहीं, निःसंदेह हम आपको एक ज्ञानी बालक की शुभ सूचना देते हैं।
१५:५४
قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा
أَبَشَّرْتُمُونِى क्या ख़ुशख़बरी देते हो तुम मुझे abashartumūnī
क्या ख़ुशख़बरी देते हो तुम मुझे
عَلَىٰٓ बावजूद इसके ʿalā
बावजूद इसके
أَن कि an
कि
مَّسَّنِىَ पहूँच चुका मुझे massaniya
पहूँच चुका मुझे
ٱلْكِبَرُ बुढ़ापा l-kibaru
बुढ़ापा
فَبِمَ पस किस चीज़ की fabima
पस किस चीज़ की
تُبَشِّرُونَ तुम ख़ुशख़बरी देते हो tubashirūna
तुम ख़ुशख़बरी देते हो
٥٤ (54)
(54)
उसने कहा : क्या तुम मुझे इस बुढ़ापे के आ जाने के उपरांत शुभ सूचना दे रहे हो? तो तुम किस आधार पर यह शुभ सूचना दे रहे होॽ
१५:५५
قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा
بَشَّرْنَـٰكَ ख़ुशख़बरी दी है हमने तुझे basharnāka
ख़ुशख़बरी दी है हमने तुझे
بِٱلْحَقِّ हक़ की bil-ḥaqi
हक़ की
فَلَا पस ना falā
पस ना
تَكُن तुम हो takun
तुम हो
مِّنَ of mina
of
ٱلْقَـٰنِطِينَ मायूस होने वालों में से l-qāniṭīna
मायूस होने वालों में से
٥٥ (55)
(55)
उन्होंने कहा : हमने आपको सच्ची शुभ सूचना दी है। अतः आप निराश होने वालों में से न हों।
१५:५६
قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा
وَمَن और कौन waman
और कौन
يَقْنَطُ मायूस हो सकता है yaqnaṭu
मायूस हो सकता है
مِن of min
of
رَّحْمَةِ रहमत से raḥmati
रहमत से
رَبِّهِۦٓ अपने रब की rabbihi
अपने रब की
إِلَّا सिवाय illā
सिवाय
ٱلضَّآلُّونَ गुमराह लोगों के l-ḍālūna
गुमराह लोगों के
٥٦ (56)
(56)
(इबराहीम अलैहिस्सलाम ने) कहा : और पथभ्रष्टों के सिवा अपने पालनहार की दया से कौन निराश होता है।
१५:५७
قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा
فَمَا तो क्या famā
तो क्या
خَطْبُكُمْ मामला है तुम्हारा khaṭbukum
मामला है तुम्हारा
أَيُّهَا ayyuhā
ٱلْمُرْسَلُونَ भेजे हुओ (फ़रिश्तो) l-mur'salūna
भेजे हुओ (फ़रिश्तो)
٥٧ (57)
(57)
उसने कहा : ऐ भेजे हुए फ़रिश्तो! तुम्हारा अभियान क्या है?
१५:५८
قَالُوٓا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा
إِنَّآ बेशक हम innā
बेशक हम
أُرْسِلْنَآ भेजे गए हम ur'sil'nā
भेजे गए हम
إِلَىٰ to ilā
to
قَوْمٍۢ तरफ़ उन लोगों के qawmin
तरफ़ उन लोगों के
مُّجْرِمِينَ जो मुजरिम हैं muj'rimīna
जो मुजरिम हैं
٥٨ (58)
(58)
उन्होंने उत्तर दिया : निःसंदेह हम एक अपराधी जाति की ओर भेजे गए हैं।
१५:५९
إِلَّآ सिवाय illā
सिवाय
ءَالَ the family āla
the family
لُوطٍ आले लूत के lūṭin
आले लूत के
إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम
لَمُنَجُّوهُمْ अलबत्ता निजात देने वाले हैं उनको lamunajjūhum
अलबत्ता निजात देने वाले हैं उनको
أَجْمَعِينَ सबके सबको ajmaʿīna
सबके सबको
٥٩ (59)
(59)
लूत के घर वालों के सिवा। निश्चय हम उन सभी को अवश्य बचा लेने वाले हैं।
१५:६०
إِلَّا सिवाय illā
सिवाय
ٱمْرَأَتَهُۥ उसकी वीवी के im'ra-atahu
उसकी वीवी के
قَدَّرْنَآ ۙ मुक़द्दर करदिया हमने qaddarnā
मुक़द्दर करदिया हमने
إِنَّهَا बेशक वो innahā
बेशक वो
لَمِنَ (is) surely of lamina
(is) surely of
ٱلْغَـٰبِرِينَ अलबत्ता पीछे रहने वालों में से है l-ghābirīna
अलबत्ता पीछे रहने वालों में से है
٦٠ (60)
(60)
परंतु लूत की पत्नी, हमने नियत कर दिया है कि निःसंदेह वह निश्चय ही पीछे रह जाने वालों में से है।
१५:६१
فَلَمَّا तो जब falammā
तो जब
جَآءَ आगए jāa
आगए
ءَالَ (to the) family āla
(to the) family
لُوطٍ आले लूत (के पास) lūṭin
आले लूत (के पास)
ٱلْمُرْسَلُونَ भेजे हुए (फरिश्ते) l-mur'salūna
भेजे हुए (फरिश्ते)
٦١ (61)
(61)
फिर जब लूत के घर वालों के पास भेजे हुए (फ़रिश्ते) आए।
१५:६२
قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा
إِنَّكُمْ बेशक तुम innakum
बेशक तुम
قَوْمٌۭ एक क़ौम हो qawmun
एक क़ौम हो
مُّنكَرُونَ अजनबी munkarūna
अजनबी
٦٢ (62)
(62)
तो उस (लूत अलैहिस्सलाम) ने कहा : तुम तो अपरिचित लोग हो।
१५:६३
قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा
بَلْ बल्कि bal
बल्कि
جِئْنَـٰكَ लाए हैं हम तेरे पास ji'nāka
लाए हैं हम तेरे पास
بِمَا वो जो bimā
वो जो
كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो
فِيهِ जिसमें fīhi
जिसमें
يَمْتَرُونَ वो शक करते yamtarūna
वो शक करते
٦٣ (63)
(63)
उन्होंने कहा : (डरो नहीं) बल्कि हम तुम्हारे पास वह चीज़ लेकर आए हैं, जिसमें वे संदेह किया करते थे।
१५:६४
وَأَتَيْنَـٰكَ और लाए हैं हम तेरे पास wa-ataynāka
और लाए हैं हम तेरे पास
بِٱلْحَقِّ हक़ को bil-ḥaqi
हक़ को
وَإِنَّا और बेशक हम wa-innā
और बेशक हम
لَصَـٰدِقُونَ अलबत्ता सच्चे हैं laṣādiqūna
अलबत्ता सच्चे हैं
٦٤ (64)
(64)
और हम तुम्हारे पास सत्य लेकर आए हैं और निःसंदेह हम निश्चय सच्चे हैं।
१५:६५
فَأَسْرِ पस ले चलो fa-asri
पस ले चलो
بِأَهْلِكَ अपने घर वालों को bi-ahlika
अपने घर वालों को
بِقِطْعٍۢ एक हिस्से में biqiṭ'ʿin
एक हिस्से में
مِّنَ of mina
of
ٱلَّيْلِ रात के al-layli
रात के
وَٱتَّبِعْ और चलते चलो wa-ittabiʿ
और चलते चलो
أَدْبَـٰرَهُمْ पीछे उनके adbārahum
पीछे उनके
وَلَا और ना walā
और ना
يَلْتَفِتْ पीछे मुड़कर देखे yaltafit
पीछे मुड़कर देखे
مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से
أَحَدٌۭ कोई एक भी aḥadun
कोई एक भी
وَٱمْضُوا۟ और चलते जाओ wa-im'ḍū
और चलते जाओ
حَيْثُ जहाँ का ḥaythu
जहाँ का
تُؤْمَرُونَ तुम हुक्म दिए जाते हो tu'marūna
तुम हुक्म दिए जाते हो
٦٥ (65)
(65)
अतः तुम अपने घर वालों को लेकर रात के किसी हिस्से में निकल जाओ और खुद उनके पीछे-पीछे चलो। और तुममें से कोई मुड़कर न देखे। तथा चले जाओ, जहाँ तुम्हें आदेश दिया जाता है।
१५:६६
وَقَضَيْنَآ और फ़ैसला पहुँचा दिया हमने waqaḍaynā
और फ़ैसला पहुँचा दिया हमने
إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके
ذَٰلِكَ उस dhālika
उस
ٱلْأَمْرَ मामले का l-amra
मामले का
أَنَّ बेशक anna
बेशक
دَابِرَ जड़ dābira
जड़
هَـٰٓؤُلَآءِ उन लोगों की hāulāi
उन लोगों की
مَقْطُوعٌۭ काटदी जाएगी maqṭūʿun
काटदी जाएगी
مُّصْبِحِينَ जबकि वो सुबह करने वाले होंगे muṣ'biḥīna
जबकि वो सुबह करने वाले होंगे
٦٦ (66)
(66)
और हमने उसकी ओर इस बात की वह़्य कर दी कि इन लोगों की जड़ सुबह होते ही काट दी जाने वाली है।
१५:६७
وَجَآءَ और आगए wajāa
और आगए
أَهْلُ (the) people ahlu
(the) people
ٱلْمَدِينَةِ शहर वाले l-madīnati
शहर वाले
يَسْتَبْشِرُونَ ख़ुशियाँ मनाते हुए yastabshirūna
ख़ुशियाँ मनाते हुए
٦٧ (67)
(67)
और उस नगर वाले इस हाल में आए कि बहुत खुश हो रहे थे।1
१५:६८
قَالَ कह (लूत ने) qāla
कह (लूत ने)
إِنَّ बेशक inna
बेशक
هَـٰٓؤُلَآءِ ये लोग hāulāi
ये लोग
ضَيْفِى मेहमान हैं मेरे ḍayfī
मेहमान हैं मेरे
فَلَا पस ना falā
पस ना
تَفْضَحُونِ तुम रुस्वा करो मुझे tafḍaḥūni
तुम रुस्वा करो मुझे
٦٨ (68)
(68)
उस (लूत अलैहिस्सलाम) ने कहा : ये लोग तो मेरे अतिथि हैं। अतः मुझे अपमानित न करो।
१५:६९
وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो
ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से
وَلَا और ना walā
और ना
تُخْزُونِ तुम ज़लील करो मुझे tukh'zūni
तुम ज़लील करो मुझे
٦٩ (69)
(69)
तथा अल्लाह से डरो और मुझे अपमानित न करो।
१५:७०
قَالُوٓا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा
أَوَلَمْ क्या भला नहीं awalam
क्या भला नहीं
نَنْهَكَ हमने रोका था तुझे nanhaka
हमने रोका था तुझे
عَنِ from ʿani
from
ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहान वालों से l-ʿālamīna
तमाम जहान वालों से
٧٠ (70)
(70)
उन्होंने कहा : क्या हमने तुम्हें विश्व वासियों (को अतिथि बनाने) से मना1 नहीं किया?
१५:७१
قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा
هَـٰٓؤُلَآءِ ये hāulāi
ये
بَنَاتِىٓ बेटियाँ हैं मेरी banātī
बेटियाँ हैं मेरी
إِن अगर in
अगर
كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम
فَـٰعِلِينَ करने वाले fāʿilīna
करने वाले
٧١ (71)
(71)
उस (लूत अलैहिस्सलाम) ने कहा : ये मेरी बेटियाँ हैं, यदि तुम कुछ करने वाले1 हो।
१५:७२
لَعَمْرُكَ आपकी ज़िन्दगी की क़सम laʿamruka
आपकी ज़िन्दगी की क़सम
إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो
لَفِى were in lafī
were in
سَكْرَتِهِمْ अलबत्ता अपने नशे में sakratihim
अलबत्ता अपने नशे में
يَعْمَهُونَ वो बहक रहे थे yaʿmahūna
वो बहक रहे थे
٧٢ (72)
(72)
ऐ नबी! आपकी आयु की क़सम! निःसंदेह वे निश्चय अपनी मस्ती में भटके फिरते थे।
१५:७३
فَأَخَذَتْهُمُ तो पकड़ लिया उन्हें fa-akhadhathumu
तो पकड़ लिया उन्हें
ٱلصَّيْحَةُ एक चिंघाड़ ने l-ṣayḥatu
एक चिंघाड़ ने
مُشْرِقِينَ सुरज तुलू होते वक़्त mush'riqīna
सुरज तुलू होते वक़्त
٧٣ (73)
(73)
अंततः सूर्योदय के समय ही चिंघाड़ ने उन्हें पकड़ लिया।
१५:७४
فَجَعَلْنَا तो करदिया हमने fajaʿalnā
तो करदिया हमने
عَـٰلِيَهَا ऊपर वाला उसका ʿāliyahā
ऊपर वाला उसका
سَافِلَهَا निचला उसका sāfilahā
निचला उसका
وَأَمْطَرْنَا और बरसाए हमने wa-amṭarnā
और बरसाए हमने
عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर
حِجَارَةًۭ पत्थर ḥijāratan
पत्थर
مِّن of min
of
سِجِّيلٍ पकी हुई मिट्टी के sijjīlin
पकी हुई मिट्टी के
٧٤ (74)
(74)
फिर हमने उस बस्ती के ऊपरी भाग को नीचे कर दिया और उनपर कंकड़ के पत्थर बरसाए।
१५:७५
إِنَّ बेशक inna
बेशक
فِى in
in
ذَٰلِكَ उसमें dhālika
उसमें
لَـَٔايَـٰتٍۢ अलबत्ता निशानियाँ हैं laāyātin
अलबत्ता निशानियाँ हैं
لِّلْمُتَوَسِّمِينَ गहरी नज़र से देखने वालों के लिए lil'mutawassimīna
गहरी नज़र से देखने वालों के लिए
٧٥ (75)
(75)
निःसंदेह इसमें सोच-विचार करने वालों1 के लिए बहुत-सी निशानियाँ हैं।
१५:७६
وَإِنَّهَا और बेशक वो wa-innahā
और बेशक वो
لَبِسَبِيلٍۢ अलबत्ता एसे रास्ते पर है labisabīlin
अलबत्ता एसे रास्ते पर है
مُّقِيمٍ जो क़ायम है muqīmin
जो क़ायम है
٧٦ (76)
(76)
और निःसंदेह वह (बस्ती) एक सार्वजनिक1 मार्ग पर स्थित है।
१५:७७
إِنَّ बेशक inna
बेशक
فِى in
in
ذَٰلِكَ उसमें dhālika
उसमें
لَـَٔايَةًۭ अलबत्ता एक निशानी है laāyatan
अलबत्ता एक निशानी है
لِّلْمُؤْمِنِينَ ईमान वालों के लिए lil'mu'minīna
ईमान वालों के लिए
٧٧ (77)
(77)
निःसंदेह इसमें ईमान वलों के लिए निश्चय बड़ी निशानी है।
१५:७८
وَإِن और बेशक wa-in
और बेशक
كَانَ थे kāna
थे
أَصْحَـٰبُ (the) companions aṣḥābu
(the) companions
ٱلْأَيْكَةِ ऐका/जंगल वाले l-aykati
ऐका/जंगल वाले
لَظَـٰلِمِينَ अलबत्ता ज़ालिम laẓālimīna
अलबत्ता ज़ालिम
٧٨ (78)
(78)
और निःसंदेह 'ऐका'1 वाले निश्चित रूप से अत्याचारी थे।
१५:७९
فَٱنتَقَمْنَا तो इन्तिक़ाम लिया हमने fa-intaqamnā
तो इन्तिक़ाम लिया हमने
مِنْهُمْ उनसे min'hum
उनसे
وَإِنَّهُمَا और बेशक वो दोनों हैं wa-innahumā
और बेशक वो दोनों हैं
لَبِإِمَامٍۢ अलबत्ता रास्ते पर labi-imāmin
अलबत्ता रास्ते पर
مُّبِينٍۢ वाज़ेह mubīnin
वाज़ेह
٧٩ (79)
(79)
तो हमने उनसे बदला लिया। और निःसंदेह वे दोनों1 (बस्तियाँ) स्पष्ट मार्ग पर हैं।
१५:८०
وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़
كَذَّبَ झुठलाया kadhaba
झुठलाया
أَصْحَـٰبُ (the) companions aṣḥābu
(the) companions
ٱلْحِجْرِ हिज्र वालों ने l-ḥij'ri
हिज्र वालों ने
ٱلْمُرْسَلِينَ रसूलों को l-mur'salīna
रसूलों को
٨٠ (80)
(80)
तथा निःसंदेह ह़िज्र1 के रहने वालों ने (भी) रसूलों को झुठलाया।
१५:८१
وَءَاتَيْنَـٰهُمْ और दीं हमने इन्हें waātaynāhum
और दीं हमने इन्हें
ءَايَـٰتِنَا अपनी निशानियाँ āyātinā
अपनी निशानियाँ
فَكَانُوا۟ तो थे वो fakānū
तो थे वो
عَنْهَا उनसे ʿanhā
उनसे
مُعْرِضِينَ ऐराज़ करने वाले muʿ'riḍīna
ऐराज़ करने वाले
٨١ (81)
(81)
और हमने उन्हें अपनी निशानियाँ दीं, तो वे उनसे मुँह फेरने वाले थे।
१५:८२
وَكَانُوا۟ और थे वो wakānū
और थे वो
يَنْحِتُونَ वो तराशते yanḥitūna
वो तराशते
مِنَ from mina
from
ٱلْجِبَالِ पहाड़ों से l-jibāli
पहाड़ों से
بُيُوتًا घरों को buyūtan
घरों को
ءَامِنِينَ अमन से रहने वाले āminīna
अमन से रहने वाले
٨٢ (82)
(82)
और वे निर्भय होकर पर्वतों को काटकर घर बनाते थे।
१५:८३
فَأَخَذَتْهُمُ तो पकड़ लिया उन्हें fa-akhadhathumu
तो पकड़ लिया उन्हें
ٱلصَّيْحَةُ चिंघाड़ ने l-ṣayḥatu
चिंघाड़ ने
مُصْبِحِينَ जबकि वो सुबह करने वाले थे muṣ'biḥīna
जबकि वो सुबह करने वाले थे
٨٣ (83)
(83)
अंततः सुबह होते ही उन्हें चिंघाड़ ने पकड़ लिया।
१५:८४
فَمَآ तो ना famā
तो ना
أَغْنَىٰ काम आया aghnā
काम आया
عَنْهُم उन्हें ʿanhum
उन्हें
مَّا जो कुछ
जो कुछ
كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो
يَكْسِبُونَ वो कमाई करते yaksibūna
वो कमाई करते
٨٤ (84)
(84)
फिर उनके किसी काम न आया, जो वे कमाया करते थे।
१५:८५
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
خَلَقْنَا पैदा किया हमने khalaqnā
पैदा किया हमने
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों
وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को
وَمَا और जो wamā
और जो
بَيْنَهُمَآ दर्मियान है इन दोनों के baynahumā
दर्मियान है इन दोनों के
إِلَّا मगर illā
मगर
بِٱلْحَقِّ ۗ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के
وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक
ٱلسَّاعَةَ क़यामत l-sāʿata
क़यामत
لَـَٔاتِيَةٌۭ ۖ ज़रूर आनेवाली है laātiyatun
ज़रूर आनेवाली है
فَٱصْفَحِ पस दरगुज़र कीजिए fa-iṣ'faḥi
पस दरगुज़र कीजिए
ٱلصَّفْحَ दरगुज़र करना l-ṣafḥa
दरगुज़र करना
ٱلْجَمِيلَ ख़ूबसूरती से l-jamīla
ख़ूबसूरती से
٨٥ (85)
(85)
और हमने आकाशों तथा धरती और उन दोनों के बीच मौजूद सारी चीज़ों को सत्य के साथ पैदा किया है। और निःसंदेह क़ियामत अवश्य आने वाली है। अतः (ऐ नबी!) आप (उन्हें) भले तौर पर क्षमा कर दें।
१५:८६
إِنَّ बेशक inna
बेशक
رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका
هُوَ वो ही है huwa
वो ही है
ٱلْخَلَّـٰقُ ख़ूब पैदा करने वाला l-khalāqu
ख़ूब पैदा करने वाला
ٱلْعَلِيمُ ख़ूब जानने वाला l-ʿalīmu
ख़ूब जानने वाला
٨٦ (86)
(86)
निःसंदेह आपका पालनहार ही हर चीज़ को पैदा करने वाला, सब कुछ जानने वाला है।
१५:८७
وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़
ءَاتَيْنَـٰكَ दीं हमने आपको ātaynāka
दीं हमने आपको
سَبْعًۭا सात sabʿan
सात
مِّنَ of mina
of
ٱلْمَثَانِى दोहराई जाने वाली (आयात) l-mathānī
दोहराई जाने वाली (आयात)
وَٱلْقُرْءَانَ और क़ुरआने wal-qur'āna
और क़ुरआने
ٱلْعَظِيمَ अज़ीम l-ʿaẓīma
अज़ीम
٨٧ (87)
(87)
तथा (ऐ नबी!) हमने आपको बार-बार दोहराई जाने वाली सात आयतें और महान क़ुरआन1 प्रदान किया है।
१५:८८
لَا (Do) not
(Do) not
تَمُدَّنَّ गरगिज़ ना आप दराज़ कीजिए tamuddanna
गरगिज़ ना आप दराज़ कीजिए
عَيْنَيْكَ अपनी दोनो आँखें ʿaynayka
अपनी दोनो आँखें
إِلَىٰ towards ilā
towards
مَا तरफ़ उसके जो
तरफ़ उसके जो
مَتَّعْنَا फ़ायदा दिया हमने mattaʿnā
फ़ायदा दिया हमने
بِهِۦٓ साथ जिसके bihi
साथ जिसके
أَزْوَٰجًۭا मुख़्तलिफ़ लोगों को azwājan
मुख़्तलिफ़ लोगों को
مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से
وَلَا और ना walā
और ना
تَحْزَنْ आप ग़म कीजिए taḥzan
आप ग़म कीजिए
عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर
وَٱخْفِضْ और झुका लीजिए wa-ikh'fiḍ
और झुका लीजिए
جَنَاحَكَ बाज़ू अपना janāḥaka
बाज़ू अपना
لِلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों के लिए lil'mu'minīna
मोमिनों के लिए
٨٨ (88)
(88)
आप उसकी ओर हरगिज़ न देखें, जो सुख-सामग्री हमने उनमें से विभिन्न प्रकार के लोगों को दे रखी है और न उनपर दुखी हों और ईमान वालों के लिए अपने बाज़ू झुका दें (यानी उनके लिए विनम्र रहें)।
१५:८९
وَقُلْ और कह दीजिए waqul
और कह दीजिए
إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं
أَنَا मैं तो anā
मैं तो
ٱلنَّذِيرُ डराने वाला हूँ l-nadhīru
डराने वाला हूँ
ٱلْمُبِينُ खुल्लम-खुल्ला l-mubīnu
खुल्लम-खुल्ला
٨٩ (89)
(89)
और कह दें कि निःसंदेह मैं तो खुल्लम-खुल्ला डराने1 वाला हूँ।
१५:९०
كَمَآ जैसा कि kamā
जैसा कि
أَنزَلْنَا नाज़िल किया हमने anzalnā
नाज़िल किया हमने
عَلَى on ʿalā
on
ٱلْمُقْتَسِمِينَ तक़सीम करने वालों पर l-muq'tasimīna
तक़सीम करने वालों पर
٩٠ (90)
(90)
जैसे कि हमने (अल्लाह की किताब को) विभाजित करने वालों1 पर (यातना) उतारी थी।
१५:९१
ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने
جَعَلُوا۟ कर दिया jaʿalū
कर दिया
ٱلْقُرْءَانَ क़ुरआन को l-qur'āna
क़ुरआन को
عِضِينَ टुकड़े-टुकड़े ʿiḍīna
टुकड़े-टुकड़े
٩١ (91)
(91)
जिन्होंने क़ुरआन को खंड-खंड कर दिया।1
१५:९२
فَوَرَبِّكَ पस क़सम है आपके रब की fawarabbika
पस क़सम है आपके रब की
لَنَسْـَٔلَنَّهُمْ अलबत्ता हम ज़रूर सवाल करेंगे उनसे lanasalannahum
अलबत्ता हम ज़रूर सवाल करेंगे उनसे
أَجْمَعِينَ सबके सबसे ajmaʿīna
सबके सबसे
٩٢ (92)
(92)
अतः आपके पालनहार की क़सम! हम उन सबसे अवश्य पूछेंगे।
१५:९३
عَمَّا उस चीज़ के बारे में जो ʿammā
उस चीज़ के बारे में जो
كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो
يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते
٩٣ (93)
(93)
उसके बारे में जो वे किया करते थे।
१५:९४
فَٱصْدَعْ पस आप खुल्लम-खुल्ला सुना दीजिए fa-iṣ'daʿ
पस आप खुल्लम-खुल्ला सुना दीजिए
بِمَا जिसका bimā
जिसका
تُؤْمَرُ आप हुक्म दिए जाते हो tu'maru
आप हुक्म दिए जाते हो
وَأَعْرِضْ और ऐराज़ कीजिए wa-aʿriḍ
और ऐराज़ कीजिए
عَنِ from ʿani
from
ٱلْمُشْرِكِينَ मुशरिकों से l-mush'rikīna
मुशरिकों से
٩٤ (94)
(94)
अतः आपको जो आदेश दिया जा रहा है, उसका ऐलान कर दें और मुश्रिकों (अनेकेश्वरवादियो) से मुँह फेर लें।
१५:९५
إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम
كَفَيْنَـٰكَ काफ़ी हैं हम आपको kafaynāka
काफ़ी हैं हम आपको
ٱلْمُسْتَهْزِءِينَ मज़ाक़ उड़ाने वालों से l-mus'tahziīna
मज़ाक़ उड़ाने वालों से
٩٥ (95)
(95)
निःसंदेह हम आपकी ओर से मज़ाक उड़ाने वालों के विरुद्ध काफ़ी हैं।
१५:९६
ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो
يَجْعَلُونَ बना लेते हैं yajʿalūna
बना लेते हैं
مَعَ साथ maʿa
साथ
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
إِلَـٰهًا इलाह ilāhan
इलाह
ءَاخَرَ ۚ दूसरा ākhara
दूसरा
فَسَوْفَ पस अनक़रीब fasawfa
पस अनक़रीब
يَعْلَمُونَ वो जान लेंगे yaʿlamūna
वो जान लेंगे
٩٦ (96)
(96)
जो अल्लाह के साथ दूसरा पूज्य बनाते हैं। तो उन्हें जल्द पता चल जाएगा।
१५:९७
وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़
نَعْلَمُ हम जानते हैं naʿlamu
हम जानते हैं
أَنَّكَ कि बेशक आप annaka
कि बेशक आप
يَضِيقُ तंग होता है yaḍīqu
तंग होता है
صَدْرُكَ सीना आपका ṣadruka
सीना आपका
بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो
يَقُولُونَ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं
٩٧ (97)
(97)
और निश्चय हम जानते हैं कि उनकी बातों से आपका सीना तंग होता है।
१५:९८
فَسَبِّحْ पस तस्बीह कीजिए fasabbiḥ
पस तस्बीह कीजिए
بِحَمْدِ साथ हम्द के biḥamdi
साथ हम्द के
رَبِّكَ अपने रब की rabbika
अपने रब की
وَكُن और हो जाइए wakun
और हो जाइए
مِّنَ of mina
of
ٱلسَّـٰجِدِينَ सजदा करने वालों में से l-sājidīna
सजदा करने वालों में से
٩٨ (98)
(98)
अतः आप अपने रब की प्रशंसा के साथ उसकी पवित्रता का गान करें और सजदा करने वालों में शामिल हो जाएँ।
१५:९९
وَٱعْبُدْ और इबादत कीजिए wa-uʿ'bud
और इबादत कीजिए
رَبَّكَ अपने रब की rabbaka
अपने रब की
حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि
يَأْتِيَكَ आजाए आपके पास yatiyaka
आजाए आपके पास
ٱلْيَقِينُ यक़ीन (मौत) l-yaqīnu
यक़ीन (मौत)
٩٩ (99)
(99)
और अपने रब की इबादत करते रहें, यहाँ तक कि आपके पास यक़ीन (मौत) आ जाए।1