१४
इबराहीम
ابراهيم
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
१४:१
الٓر ۚ
अलिफ़ लाम रा
alif-lam-ra
अलिफ़ लाम रा كِتَـٰبٌ एक किताब है (ये) kitābun
एक किताब है (ये) أَنزَلْنَـٰهُ नाज़िल किया हमने उसे anzalnāhu
नाज़िल किया हमने उसे إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके لِتُخْرِجَ ताकि आप निकालें litukh'rija
ताकि आप निकालें ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को مِنَ from mina
from ٱلظُّلُمَـٰتِ अँधेरों से l-ẓulumāti
अँधेरों से إِلَى to ilā
to ٱلنُّورِ तरफ़ रोशनी के l-nūri
तरफ़ रोशनी के بِإِذْنِ साथ इज़्न के bi-idh'ni
साथ इज़्न के رَبِّهِمْ उनके रब के rabbihim
उनके रब के إِلَىٰ to ilā
to صِرَٰطِ तरफ़ रास्ते ṣirāṭi
तरफ़ रास्ते ٱلْعَزِيزِ बहुत ज़बरदस्त l-ʿazīzi
बहुत ज़बरदस्त ٱلْحَمِيدِ ख़ूब तारीफ़ वाले के l-ḥamīdi
ख़ूब तारीफ़ वाले के ١ (1)
(1)
अलिफ़ लाम रा كِتَـٰبٌ एक किताब है (ये) kitābun
एक किताब है (ये) أَنزَلْنَـٰهُ नाज़िल किया हमने उसे anzalnāhu
नाज़िल किया हमने उसे إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके لِتُخْرِجَ ताकि आप निकालें litukh'rija
ताकि आप निकालें ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को مِنَ from mina
from ٱلظُّلُمَـٰتِ अँधेरों से l-ẓulumāti
अँधेरों से إِلَى to ilā
to ٱلنُّورِ तरफ़ रोशनी के l-nūri
तरफ़ रोशनी के بِإِذْنِ साथ इज़्न के bi-idh'ni
साथ इज़्न के رَبِّهِمْ उनके रब के rabbihim
उनके रब के إِلَىٰ to ilā
to صِرَٰطِ तरफ़ रास्ते ṣirāṭi
तरफ़ रास्ते ٱلْعَزِيزِ बहुत ज़बरदस्त l-ʿazīzi
बहुत ज़बरदस्त ٱلْحَمِيدِ ख़ूब तारीफ़ वाले के l-ḥamīdi
ख़ूब तारीफ़ वाले के ١ (1)
(1)
अलिफ़॰ लाम॰ रा॰। (यह क़ुरआन) एक पुस्तक है, जिसे हमने आपकी ओर अवतरित किया है; ताकि आप लोगों को, उनके पालनहार की अनुमति से, अंधेरों से निकालकर प्रकाश की ओर ले आएँ, उस (अल्लाह) के रास्ते की ओर जो सब पर प्रभुत्वशाली, असीम प्रशंसा वाला है।
१४:२
ٱللَّهِ
अल्लाह के
al-lahi
अल्लाह के ٱلَّذِى वो ज़ात alladhī
वो ज़ात لَهُۥ उसी के लिए है lahu
उसी के लिए है مَا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ۗ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है وَوَيْلٌۭ और हलाकत है wawaylun
और हलाकत है لِّلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों के लिए lil'kāfirīna
काफ़िरों के लिए مِنْ from min
from عَذَابٍۢ the punishment ʿadhābin
the punishment شَدِيدٍ सख़्त अज़ाब से shadīdin
सख़्त अज़ाब से ٢ (2)
(2)
अल्लाह के ٱلَّذِى वो ज़ात alladhī
वो ज़ात لَهُۥ उसी के लिए है lahu
उसी के लिए है مَا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ۗ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है وَوَيْلٌۭ और हलाकत है wawaylun
और हलाकत है لِّلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों के लिए lil'kāfirīna
काफ़िरों के लिए مِنْ from min
from عَذَابٍۢ the punishment ʿadhābin
the punishment شَدِيدٍ सख़्त अज़ाब से shadīdin
सख़्त अज़ाब से ٢ (2)
(2)
उस अल्लाह के (रास्ते की ओर) कि उसी का है जो कुछ आकाशों में है और जो कुछ धरती में है। तथा काफ़िरों के लिए कड़ी यातना के कारण बड़ा विनाश है।
१४:३
ٱلَّذِينَ
वो लोग जो
alladhīna
वो लोग जो يَسْتَحِبُّونَ तरजीह देते है yastaḥibbūna
तरजीह देते है ٱلْحَيَوٰةَ ज़िन्दगी को l-ḥayata
ज़िन्दगी को ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की عَلَى than ʿalā
than ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत पर l-ākhirati
आख़िरत पर وَيَصُدُّونَ और वो रोकते हैं wayaṣuddūna
और वो रोकते हैं عَن from ʿan
from سَبِيلِ (the) Path sabīli
(the) Path ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते से l-lahi
अल्लाह के रास्ते से وَيَبْغُونَهَا और वो तलाश करते हैं उसमें wayabghūnahā
और वो तलाश करते हैं उसमें عِوَجًا ۚ टेढ़ापन ʿiwajan
टेढ़ापन أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं فِى [in] fī
[in] ضَلَـٰلٍۭ गुमराही में ḍalālin
गुमराही में بَعِيدٍۢ दूर की baʿīdin
दूर की ٣ (3)
(3)
वो लोग जो يَسْتَحِبُّونَ तरजीह देते है yastaḥibbūna
तरजीह देते है ٱلْحَيَوٰةَ ज़िन्दगी को l-ḥayata
ज़िन्दगी को ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की عَلَى than ʿalā
than ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत पर l-ākhirati
आख़िरत पर وَيَصُدُّونَ और वो रोकते हैं wayaṣuddūna
और वो रोकते हैं عَن from ʿan
from سَبِيلِ (the) Path sabīli
(the) Path ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते से l-lahi
अल्लाह के रास्ते से وَيَبْغُونَهَا और वो तलाश करते हैं उसमें wayabghūnahā
और वो तलाश करते हैं उसमें عِوَجًا ۚ टेढ़ापन ʿiwajan
टेढ़ापन أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं فِى [in] fī
[in] ضَلَـٰلٍۭ गुमराही में ḍalālin
गुमराही में بَعِيدٍۢ दूर की baʿīdin
दूर की ٣ (3)
(3)
जो आख़िरत के मुक़ाबले में सांसारिक जीवन को बहुत अधिक पसंद करते हैं और अल्लाह के मार्ग से रोकते और उसमें टेढ़ ढूँढते हैं। ये लोग बहुत दूर की गुमराही में हैं।
१४:४
وَمَآ
और नहीं
wamā
और नहीं أَرْسَلْنَا भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने مِن any min
any رَّسُولٍ कोई रसूल rasūlin
कोई रसूल إِلَّا मगर illā
मगर بِلِسَانِ ज़बान में bilisāni
ज़बान में قَوْمِهِۦ उसकी क़ौम की qawmihi
उसकी क़ौम की لِيُبَيِّنَ ताकि वो वाज़ेह करे liyubayyina
ताकि वो वाज़ेह करे لَهُمْ ۖ उनके लिए lahum
उनके लिए فَيُضِلُّ पस भटका देता है fayuḍillu
पस भटका देता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَيَهْدِى और वो हिदायत देता है wayahdī
और वो हिदायत देता है مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ ۚ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَهُوَ और वो wahuwa
और वो ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त है l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त है ٱلْحَكِيمُ बहुत हिकमत वाला है l-ḥakīmu
बहुत हिकमत वाला है ٤ (4)
(4)
और नहीं أَرْسَلْنَا भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने مِن any min
any رَّسُولٍ कोई रसूल rasūlin
कोई रसूल إِلَّا मगर illā
मगर بِلِسَانِ ज़बान में bilisāni
ज़बान में قَوْمِهِۦ उसकी क़ौम की qawmihi
उसकी क़ौम की لِيُبَيِّنَ ताकि वो वाज़ेह करे liyubayyina
ताकि वो वाज़ेह करे لَهُمْ ۖ उनके लिए lahum
उनके लिए فَيُضِلُّ पस भटका देता है fayuḍillu
पस भटका देता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَيَهْدِى और वो हिदायत देता है wayahdī
और वो हिदायत देता है مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ ۚ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَهُوَ और वो wahuwa
और वो ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त है l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त है ٱلْحَكِيمُ बहुत हिकमत वाला है l-ḥakīmu
बहुत हिकमत वाला है ٤ (4)
(4)
और हमने कोई रसूल नहीं भेजा परंतु उसकी जाति की भाषा में, ताकि वह उनके लिए खोलकर बयान करे। फिर अल्लाह जिसे चाहता है, पथभ्रष्ट कर देता है और जिसे चाहता है, मार्गदर्शन प्रदान करता है। और वही सब पर प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
१४:५
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ أَرْسَلْنَا भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने مُوسَىٰ मूसा को mūsā
मूसा को بِـَٔايَـٰتِنَآ साथ अपनी निशानियों के biāyātinā
साथ अपनी निशानियों के أَنْ कि an
कि أَخْرِجْ निकालो akhrij
निकालो قَوْمَكَ अपनी क़ौम को qawmaka
अपनी क़ौम को مِنَ from mina
from ٱلظُّلُمَـٰتِ अँधेरों से l-ẓulumāti
अँधेरों से إِلَى to ilā
to ٱلنُّورِ तरफ़ रोशनी के l-nūri
तरफ़ रोशनी के وَذَكِّرْهُم और याद दिलाओ उन्हें wadhakkir'hum
और याद दिलाओ उन्हें بِأَيَّىٰمِ of the days bi-ayyāmi
of the days ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के दिनों की l-lahi
अल्लाह के दिनों की إِنَّ बेशक inna
बेशक فِى in fī
in ذَٰلِكَ इसमें dhālika
इसमें لَـَٔايَـٰتٍۢ अलबत्ता निशानियाँ हैं laāyātin
अलबत्ता निशानियाँ हैं لِّكُلِّ वास्ते हर likulli
वास्ते हर صَبَّارٍۢ बहुत सब्र करने वाले ṣabbārin
बहुत सब्र करने वाले شَكُورٍۢ बहुत शुक्र करने वाले के shakūrin
बहुत शुक्र करने वाले के ٥ (5)
(5)
और अलबत्ता तहक़ीक़ أَرْسَلْنَا भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने مُوسَىٰ मूसा को mūsā
मूसा को بِـَٔايَـٰتِنَآ साथ अपनी निशानियों के biāyātinā
साथ अपनी निशानियों के أَنْ कि an
कि أَخْرِجْ निकालो akhrij
निकालो قَوْمَكَ अपनी क़ौम को qawmaka
अपनी क़ौम को مِنَ from mina
from ٱلظُّلُمَـٰتِ अँधेरों से l-ẓulumāti
अँधेरों से إِلَى to ilā
to ٱلنُّورِ तरफ़ रोशनी के l-nūri
तरफ़ रोशनी के وَذَكِّرْهُم और याद दिलाओ उन्हें wadhakkir'hum
और याद दिलाओ उन्हें بِأَيَّىٰمِ of the days bi-ayyāmi
of the days ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के दिनों की l-lahi
अल्लाह के दिनों की إِنَّ बेशक inna
बेशक فِى in fī
in ذَٰلِكَ इसमें dhālika
इसमें لَـَٔايَـٰتٍۢ अलबत्ता निशानियाँ हैं laāyātin
अलबत्ता निशानियाँ हैं لِّكُلِّ वास्ते हर likulli
वास्ते हर صَبَّارٍۢ बहुत सब्र करने वाले ṣabbārin
बहुत सब्र करने वाले شَكُورٍۢ बहुत शुक्र करने वाले के shakūrin
बहुत शुक्र करने वाले के ٥ (5)
(5)
और निःसंदेह हमने मूसा को अपनी निशानियों (चमत्कारों) के साथ भेजा कि अपनी जाति को अंधेरों से प्रकाश की ओर निकाल ला और उन्हें अल्लाह के दिन याद दिला। निःसंदेह इसमें हर ऐसे व्यक्ति के लिए निश्चय बहुत-सी निशानियाँ हैं, जो बहुत सब्र करने वाला, बहुत शुक्र करने वाला है।
१४:६
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब قَالَ कहा qāla
कहा مُوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने لِقَوْمِهِ अपनी क़ौम से liqawmihi
अपनी क़ौम से ٱذْكُرُوا۟ याद करो udh'kurū
याद करो نِعْمَةَ नेअमत niʿ'mata
नेअमत ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की عَلَيْكُمْ तुम पर है (जो) ʿalaykum
तुम पर है (जो) إِذْ जब idh
जब أَنجَىٰكُم उसने निजात दी तुम्हें anjākum
उसने निजात दी तुम्हें مِّنْ from min
from ءَالِ (the) people āli
(the) people فِرْعَوْنَ आले फ़िरऔन से fir'ʿawna
आले फ़िरऔन से يَسُومُونَكُمْ वो चखाते थे तुम्हें yasūmūnakum
वो चखाते थे तुम्हें سُوٓءَ बुरा sūa
बुरा ٱلْعَذَابِ अज़ाब l-ʿadhābi
अज़ाब وَيُذَبِّحُونَ और वो ज़िबाह करते थे wayudhabbiḥūna
और वो ज़िबाह करते थे أَبْنَآءَكُمْ तुम्हारे बेटों को abnāakum
तुम्हारे बेटों को وَيَسْتَحْيُونَ और वो ज़िन्दा छोड़ देते थे wayastaḥyūna
और वो ज़िन्दा छोड़ देते थे نِسَآءَكُمْ ۚ तुम्हारी औरतों को nisāakum
तुम्हारी औरतों को وَفِى And in wafī
And in ذَٰلِكُم और इसमें dhālikum
और इसमें بَلَآءٌۭ आज़माइश थी balāon
आज़माइश थी مِّن from min
from رَّبِّكُمْ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से عَظِيمٌۭ बहुत बड़ी ʿaẓīmun
बहुत बड़ी ٦ (6)
(6)
और जब قَالَ कहा qāla
कहा مُوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने لِقَوْمِهِ अपनी क़ौम से liqawmihi
अपनी क़ौम से ٱذْكُرُوا۟ याद करो udh'kurū
याद करो نِعْمَةَ नेअमत niʿ'mata
नेअमत ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की عَلَيْكُمْ तुम पर है (जो) ʿalaykum
तुम पर है (जो) إِذْ जब idh
जब أَنجَىٰكُم उसने निजात दी तुम्हें anjākum
उसने निजात दी तुम्हें مِّنْ from min
from ءَالِ (the) people āli
(the) people فِرْعَوْنَ आले फ़िरऔन से fir'ʿawna
आले फ़िरऔन से يَسُومُونَكُمْ वो चखाते थे तुम्हें yasūmūnakum
वो चखाते थे तुम्हें سُوٓءَ बुरा sūa
बुरा ٱلْعَذَابِ अज़ाब l-ʿadhābi
अज़ाब وَيُذَبِّحُونَ और वो ज़िबाह करते थे wayudhabbiḥūna
और वो ज़िबाह करते थे أَبْنَآءَكُمْ तुम्हारे बेटों को abnāakum
तुम्हारे बेटों को وَيَسْتَحْيُونَ और वो ज़िन्दा छोड़ देते थे wayastaḥyūna
और वो ज़िन्दा छोड़ देते थे نِسَآءَكُمْ ۚ तुम्हारी औरतों को nisāakum
तुम्हारी औरतों को وَفِى And in wafī
And in ذَٰلِكُم और इसमें dhālikum
और इसमें بَلَآءٌۭ आज़माइश थी balāon
आज़माइश थी مِّن from min
from رَّبِّكُمْ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से عَظِيمٌۭ बहुत बड़ी ʿaẓīmun
बहुत बड़ी ٦ (6)
(6)
तथा जब मूसा ने अपनी जाति से कहा : तुम अपने ऊपर अल्लाह की नेमत को याद करो, जब उसने तुम्हें फ़िरऔनियों से छुटकारा दिलाया, जो तुम्हें घोर यातना देते थे, तुम्हारे बेटों का बुरी तरह वध करते और तुम्हारी स्त्रियों को जीवित1 रखते थे। और इसमें तुम्हारे पालनहार की ओर से बहुत बड़ी आज़माइश थी।
१४:७
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब تَأَذَّنَ आगाह कर दिया ta-adhana
आगाह कर दिया رَبُّكُمْ तुम्हारे रब ने rabbukum
तुम्हारे रब ने لَئِن अलबत्ता अगर la-in
अलबत्ता अगर شَكَرْتُمْ शुक्र किया तुमने shakartum
शुक्र किया तुमने لَأَزِيدَنَّكُمْ ۖ अलबत्ता मैं ज़रूर ज़्यादा दूँगा तुम्हें la-azīdannakum
अलबत्ता मैं ज़रूर ज़्यादा दूँगा तुम्हें وَلَئِن और अलबत्ता अगर wala-in
और अलबत्ता अगर كَفَرْتُمْ नाशुक्री की तुमने kafartum
नाशुक्री की तुमने إِنَّ बेशक inna
बेशक عَذَابِى अज़ाब मेरा ʿadhābī
अज़ाब मेरा لَشَدِيدٌۭ अलबत्ता सख़्त है lashadīdun
अलबत्ता सख़्त है ٧ (7)
(7)
और जब تَأَذَّنَ आगाह कर दिया ta-adhana
आगाह कर दिया رَبُّكُمْ तुम्हारे रब ने rabbukum
तुम्हारे रब ने لَئِن अलबत्ता अगर la-in
अलबत्ता अगर شَكَرْتُمْ शुक्र किया तुमने shakartum
शुक्र किया तुमने لَأَزِيدَنَّكُمْ ۖ अलबत्ता मैं ज़रूर ज़्यादा दूँगा तुम्हें la-azīdannakum
अलबत्ता मैं ज़रूर ज़्यादा दूँगा तुम्हें وَلَئِن और अलबत्ता अगर wala-in
और अलबत्ता अगर كَفَرْتُمْ नाशुक्री की तुमने kafartum
नाशुक्री की तुमने إِنَّ बेशक inna
बेशक عَذَابِى अज़ाब मेरा ʿadhābī
अज़ाब मेरा لَشَدِيدٌۭ अलबत्ता सख़्त है lashadīdun
अलबत्ता सख़्त है ٧ (7)
(7)
तथा (याद करो) जब तुम्हारे पालनहार ने साफ घोषणा कर दी कि निःसंदेह यदि तुम शुक्र करोगे, तो मैं अवश्य ही तुम्हें अधिक दूँगा तथा निःसंदेह यदि तुम नाशुक्री करोगे, तो निःसंदेह मेरी यातना निश्चय बहुत कड़ी है।
१४:८
وَقَالَ
और कहा
waqāla
और कहा مُوسَىٰٓ मूसा ने mūsā
मूसा ने إِن अगर in
अगर تَكْفُرُوٓا۟ तुम नाशुक्री करो takfurū
तुम नाशुक्री करो أَنتُمْ तुम antum
तुम وَمَن और जो waman
और जो فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में हैं l-arḍi
ज़मीन में हैं جَمِيعًۭا सबके सब jamīʿan
सबके सब فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَغَنِىٌّ अलबत्ता बहुत बेनियाज़ है laghaniyyun
अलबत्ता बहुत बेनियाज़ है حَمِيدٌ बहुत तारीफ़ वाला है ḥamīdun
बहुत तारीफ़ वाला है ٨ (8)
(8)
और कहा مُوسَىٰٓ मूसा ने mūsā
मूसा ने إِن अगर in
अगर تَكْفُرُوٓا۟ तुम नाशुक्री करो takfurū
तुम नाशुक्री करो أَنتُمْ तुम antum
तुम وَمَن और जो waman
और जो فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में हैं l-arḍi
ज़मीन में हैं جَمِيعًۭا सबके सब jamīʿan
सबके सब فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَغَنِىٌّ अलबत्ता बहुत बेनियाज़ है laghaniyyun
अलबत्ता बहुत बेनियाज़ है حَمِيدٌ बहुत तारीफ़ वाला है ḥamīdun
बहुत तारीफ़ वाला है ٨ (8)
(8)
और मूसा ने कहा : यदि तुम और वे लोग जो धरती में हैं, सब के सब कुफ़्र करो, तो निःसंदेह अल्लाह निश्चय बड़ा बेनियाज़1, असीम प्रशंसा वाला है।
१४:९
أَلَمْ
क्या नहीं
alam
क्या नहीं يَأْتِكُمْ आई तुम्हारे पास yatikum
आई तुम्हारे पास نَبَؤُا۟ ख़बर naba-u
ख़बर ٱلَّذِينَ उन लोगों की जो alladhīna
उन लोगों की जो مِن (were) before you min
(were) before you قَبْلِكُمْ तुमसे पहले थे qablikum
तुमसे पहले थे قَوْمِ क़ौमे qawmi
क़ौमे نُوحٍۢ नूह nūḥin
नूह وَعَادٍۢ और आद waʿādin
और आद وَثَمُودَ ۛ और समूद की wathamūda
और समूद की وَٱلَّذِينَ और उनकी जो wa-alladhīna
और उनकी जो مِنۢ (were) after them min
(were) after them بَعْدِهِمْ ۛ उनके बाद थे baʿdihim
उनके बाद थे لَا None lā
None يَعْلَمُهُمْ नहीं जानता उन्हें yaʿlamuhum
नहीं जानता उन्हें إِلَّا मगर illā
मगर ٱللَّهُ ۚ अल्लाह l-lahu
अल्लाह جَآءَتْهُمْ आए उनके पास jāathum
आए उनके पास رُسُلُهُم रसूल उनके rusuluhum
रसूल उनके بِٱلْبَيِّنَـٰتِ साथ वाज़ेह दलाइल के bil-bayināti
साथ वाज़ेह दलाइल के فَرَدُّوٓا۟ तो उन्होंने फेर दिया faraddū
तो उन्होंने फेर दिया أَيْدِيَهُمْ अपने हाथों को aydiyahum
अपने हाथों को فِىٓ in fī
in أَفْوَٰهِهِمْ अपने मुँहों में afwāhihim
अपने मुँहों में وَقَالُوٓا۟ और कहा waqālū
और कहा إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम كَفَرْنَا इन्कार करते हैं हम kafarnā
इन्कार करते हैं हम بِمَآ उसका जो bimā
उसका जो أُرْسِلْتُم भेजे गए तुम ur'sil'tum
भेजे गए तुम بِهِۦ साथ जिसके bihi
साथ जिसके وَإِنَّا और बेशक हम wa-innā
और बेशक हम لَفِى (are) surely in lafī
(are) surely in شَكٍّۢ अलबत्ता शक में हैं shakkin
अलबत्ता शक में हैं مِّمَّا इस चीज़ से जो mimmā
इस चीज़ से जो تَدْعُونَنَآ तुम बुलाते हो हमें tadʿūnanā
तुम बुलाते हो हमें إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके مُرِيبٍۢ जो बेचैन करने वाला है murībin
जो बेचैन करने वाला है ٩ (9)
(9)
क्या नहीं يَأْتِكُمْ आई तुम्हारे पास yatikum
आई तुम्हारे पास نَبَؤُا۟ ख़बर naba-u
ख़बर ٱلَّذِينَ उन लोगों की जो alladhīna
उन लोगों की जो مِن (were) before you min
(were) before you قَبْلِكُمْ तुमसे पहले थे qablikum
तुमसे पहले थे قَوْمِ क़ौमे qawmi
क़ौमे نُوحٍۢ नूह nūḥin
नूह وَعَادٍۢ और आद waʿādin
और आद وَثَمُودَ ۛ और समूद की wathamūda
और समूद की وَٱلَّذِينَ और उनकी जो wa-alladhīna
और उनकी जो مِنۢ (were) after them min
(were) after them بَعْدِهِمْ ۛ उनके बाद थे baʿdihim
उनके बाद थे لَا None lā
None يَعْلَمُهُمْ नहीं जानता उन्हें yaʿlamuhum
नहीं जानता उन्हें إِلَّا मगर illā
मगर ٱللَّهُ ۚ अल्लाह l-lahu
अल्लाह جَآءَتْهُمْ आए उनके पास jāathum
आए उनके पास رُسُلُهُم रसूल उनके rusuluhum
रसूल उनके بِٱلْبَيِّنَـٰتِ साथ वाज़ेह दलाइल के bil-bayināti
साथ वाज़ेह दलाइल के فَرَدُّوٓا۟ तो उन्होंने फेर दिया faraddū
तो उन्होंने फेर दिया أَيْدِيَهُمْ अपने हाथों को aydiyahum
अपने हाथों को فِىٓ in fī
in أَفْوَٰهِهِمْ अपने मुँहों में afwāhihim
अपने मुँहों में وَقَالُوٓا۟ और कहा waqālū
और कहा إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम كَفَرْنَا इन्कार करते हैं हम kafarnā
इन्कार करते हैं हम بِمَآ उसका जो bimā
उसका जो أُرْسِلْتُم भेजे गए तुम ur'sil'tum
भेजे गए तुम بِهِۦ साथ जिसके bihi
साथ जिसके وَإِنَّا और बेशक हम wa-innā
और बेशक हम لَفِى (are) surely in lafī
(are) surely in شَكٍّۢ अलबत्ता शक में हैं shakkin
अलबत्ता शक में हैं مِّمَّا इस चीज़ से जो mimmā
इस चीज़ से जो تَدْعُونَنَآ तुम बुलाते हो हमें tadʿūnanā
तुम बुलाते हो हमें إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके مُرِيبٍۢ जो बेचैन करने वाला है murībin
जो बेचैन करने वाला है ٩ (9)
(9)
क्या तुम्हारे पास उन लोगों की ख़बर नहीं आई, जो तुमसे पहले थे; नूह़ की जाति की, तथा आद और समूद की और उन लोगों की जो उनके बाद थे, जिन्हें अल्लाह के सिवा कोई नहीं जानता? उनके रसूल उनके पास स्पष्ट निशानियाँ लेकर आए, तो उन्होंने अपने हाथ अपने मुँहों में लौटा लिए1 और उन्होंने कहा : निःसंदेह हम उसे नहीं मानते, जिसके साथ तुम भेजे गए हो और निःसंदेह हम तो उसके बारे में जिसकी ओर तुम हमें बुलाते हो, एक उलझन में डाल देने वाले संदेह में पड़े हुए हैं।
१४:१०
۞ قَالَتْ
कहा
qālat
कहा رُسُلُهُمْ उनके रसूलों ने rusuluhum
उनके रसूलों ने أَفِى Can (there) be about afī
Can (there) be about ٱللَّهِ क्या अल्लाह के बारे में l-lahi
क्या अल्लाह के बारे में شَكٌّۭ शक है shakkun
शक है فَاطِرِ जो पैदा करने वाला है fāṭiri
जो पैदा करने वाला है ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ ۖ और ज़मीन का wal-arḍi
और ज़मीन का يَدْعُوكُمْ वो बुलाता है तुम्हें yadʿūkum
वो बुलाता है तुम्हें لِيَغْفِرَ ताकि वो बख़्श दे liyaghfira
ताकि वो बख़्श दे لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّن [of] min
[of] ذُنُوبِكُمْ तुम्हारे गुनाहों को dhunūbikum
तुम्हारे गुनाहों को وَيُؤَخِّرَكُمْ और वो मोहलत दे तुम्हें wayu-akhirakum
और वो मोहलत दे तुम्हें إِلَىٰٓ for ilā
for أَجَلٍۢ a term ajalin
a term مُّسَمًّۭى ۚ एक मुक़र्रर मुद्दत तक musamman
एक मुक़र्रर मुद्दत तक قَالُوٓا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा إِنْ नहीं हो in
नहीं हो أَنتُمْ तुम antum
तुम إِلَّا मगर illā
मगर بَشَرٌۭ एक इन्सान basharun
एक इन्सान مِّثْلُنَا हम जैसे mith'lunā
हम जैसे تُرِيدُونَ तुम चाहते हो turīdūna
तुम चाहते हो أَن कि an
कि تَصُدُّونَا तुम रोको हमें taṣuddūnā
तुम रोको हमें عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो كَانَ थे kāna
थे يَعْبُدُ इबादत करते yaʿbudu
इबादत करते ءَابَآؤُنَا आबा ओ अजदाद हमारे ābāunā
आबा ओ अजदाद हमारे فَأْتُونَا पस ले आओ हमारे पास fatūnā
पस ले आओ हमारे पास بِسُلْطَـٰنٍۢ कोई दलील bisul'ṭānin
कोई दलील مُّبِينٍۢ वाज़ेह mubīnin
वाज़ेह ١٠ (10)
(10)
कहा رُسُلُهُمْ उनके रसूलों ने rusuluhum
उनके रसूलों ने أَفِى Can (there) be about afī
Can (there) be about ٱللَّهِ क्या अल्लाह के बारे में l-lahi
क्या अल्लाह के बारे में شَكٌّۭ शक है shakkun
शक है فَاطِرِ जो पैदा करने वाला है fāṭiri
जो पैदा करने वाला है ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ ۖ और ज़मीन का wal-arḍi
और ज़मीन का يَدْعُوكُمْ वो बुलाता है तुम्हें yadʿūkum
वो बुलाता है तुम्हें لِيَغْفِرَ ताकि वो बख़्श दे liyaghfira
ताकि वो बख़्श दे لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّن [of] min
[of] ذُنُوبِكُمْ तुम्हारे गुनाहों को dhunūbikum
तुम्हारे गुनाहों को وَيُؤَخِّرَكُمْ और वो मोहलत दे तुम्हें wayu-akhirakum
और वो मोहलत दे तुम्हें إِلَىٰٓ for ilā
for أَجَلٍۢ a term ajalin
a term مُّسَمًّۭى ۚ एक मुक़र्रर मुद्दत तक musamman
एक मुक़र्रर मुद्दत तक قَالُوٓا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा إِنْ नहीं हो in
नहीं हो أَنتُمْ तुम antum
तुम إِلَّا मगर illā
मगर بَشَرٌۭ एक इन्सान basharun
एक इन्सान مِّثْلُنَا हम जैसे mith'lunā
हम जैसे تُرِيدُونَ तुम चाहते हो turīdūna
तुम चाहते हो أَن कि an
कि تَصُدُّونَا तुम रोको हमें taṣuddūnā
तुम रोको हमें عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो كَانَ थे kāna
थे يَعْبُدُ इबादत करते yaʿbudu
इबादत करते ءَابَآؤُنَا आबा ओ अजदाद हमारे ābāunā
आबा ओ अजदाद हमारे فَأْتُونَا पस ले आओ हमारे पास fatūnā
पस ले आओ हमारे पास بِسُلْطَـٰنٍۢ कोई दलील bisul'ṭānin
कोई दलील مُّبِينٍۢ वाज़ेह mubīnin
वाज़ेह ١٠ (10)
(10)
उनके रसूलों ने कहा : क्या अल्लाह के बारे में कोई संदेह है, जो आकाशों तथा धरती का पैदा करने वाला है? वह तुम्हें इसलिए बुलाता1 है कि तुम्हारे लिए तुम्हारे कुछ पाप क्षमा कर दे और तुम्हें एक निर्धारित अवधि तक अवसर दे।2 उन्होंने कहा : तुम तो हमारे ही जैसे इनसान हो। तुम चाहते हो कि हमें उससे रोक दो, जिसकी पूजा हमारे बाप-दादा करते थे। तो तुम हमारे पास कोई स्पष्ट प्रमाण लाओ।
१४:११
قَالَتْ
कहा
qālat
कहा لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें رُسُلُهُمْ उनके रसूलों ने rusuluhum
उनके रसूलों ने إِن नहीं हैं in
नहीं हैं نَّحْنُ हम naḥnu
हम إِلَّا मगर illā
मगर بَشَرٌۭ एक इन्सान basharun
एक इन्सान مِّثْلُكُمْ तुम जैसे mith'lukum
तुम जैसे وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يَمُنُّ एहसान करता है yamunnu
एहसान करता है عَلَىٰ on ʿalā
on مَن जिस पर man
जिस पर يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है مِنْ of min
of عِبَادِهِۦ ۖ अपने बन्दों में से ʿibādihi
अपने बन्दों में से وَمَا और नहीं wamā
और नहीं كَانَ है (मुमकिन) kāna
है (मुमकिन) لَنَآ हमारे लिए lanā
हमारे लिए أَن कि an
कि نَّأْتِيَكُم हम ले आऐं तुम्हारे पास natiyakum
हम ले आऐं तुम्हारे पास بِسُلْطَـٰنٍ कोई दलील bisul'ṭānin
कोई दलील إِلَّا मगर illā
मगर بِإِذْنِ by the permission of Allah bi-idh'ni
by the permission of Allah ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के इज़्न से l-lahi
अल्लाह के इज़्न से وَعَلَى And upon waʿalā
And upon ٱللَّهِ और अल्लाह ही पर l-lahi
और अल्लाह ही पर فَلْيَتَوَكَّلِ पस चाहिए कि तवक्कल करें falyatawakkali
पस चाहिए कि तवक्कल करें ٱلْمُؤْمِنُونَ ईमान लाने वाले l-mu'minūna
ईमान लाने वाले ١١ (11)
(11)
कहा لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें رُسُلُهُمْ उनके रसूलों ने rusuluhum
उनके रसूलों ने إِن नहीं हैं in
नहीं हैं نَّحْنُ हम naḥnu
हम إِلَّا मगर illā
मगर بَشَرٌۭ एक इन्सान basharun
एक इन्सान مِّثْلُكُمْ तुम जैसे mith'lukum
तुम जैसे وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يَمُنُّ एहसान करता है yamunnu
एहसान करता है عَلَىٰ on ʿalā
on مَن जिस पर man
जिस पर يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है مِنْ of min
of عِبَادِهِۦ ۖ अपने बन्दों में से ʿibādihi
अपने बन्दों में से وَمَا और नहीं wamā
और नहीं كَانَ है (मुमकिन) kāna
है (मुमकिन) لَنَآ हमारे लिए lanā
हमारे लिए أَن कि an
कि نَّأْتِيَكُم हम ले आऐं तुम्हारे पास natiyakum
हम ले आऐं तुम्हारे पास بِسُلْطَـٰنٍ कोई दलील bisul'ṭānin
कोई दलील إِلَّا मगर illā
मगर بِإِذْنِ by the permission of Allah bi-idh'ni
by the permission of Allah ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के इज़्न से l-lahi
अल्लाह के इज़्न से وَعَلَى And upon waʿalā
And upon ٱللَّهِ और अल्लाह ही पर l-lahi
और अल्लाह ही पर فَلْيَتَوَكَّلِ पस चाहिए कि तवक्कल करें falyatawakkali
पस चाहिए कि तवक्कल करें ٱلْمُؤْمِنُونَ ईमान लाने वाले l-mu'minūna
ईमान लाने वाले ١١ (11)
(11)
उनके रसूलों ने उनसे कहा : हम तो तुम्हारे जैसे इनसान ही हैं, परन्तु अल्लाह अपने बंदों में से जिसपर चाहे, उपकार करता है। और हमारे लिए कभी संभव नहीं कि अल्लाह की अनुमति के बिना तुम्हारे पास कोई प्रमाण ले आएँ और ईमान वालों को अल्लाह ही पर भरोसा रखना चाहिए।
१४:१२
وَمَا
और क्या है
wamā
और क्या है لَنَآ हमें lanā
हमें أَلَّا कि ना allā
कि ना نَتَوَكَّلَ हम तवक्कल करें natawakkala
हम तवक्कल करें عَلَى upon ʿalā
upon ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर وَقَدْ हालाँकि तहक़ीक़ waqad
हालाँकि तहक़ीक़ هَدَىٰنَا हिदायत दी उसने हमें hadānā
हिदायत दी उसने हमें سُبُلَنَا ۚ हमारे रास्तों की subulanā
हमारे रास्तों की وَلَنَصْبِرَنَّ और अलबत्ता हम ज़रूर सब्र करेंगे walanaṣbiranna
और अलबत्ता हम ज़रूर सब्र करेंगे عَلَىٰ on ʿalā
on مَآ उस पर जो mā
उस पर जो ءَاذَيْتُمُونَا ۚ अज़ियत दे रहे हो तुम हमें ādhaytumūnā
अज़ियत दे रहे हो तुम हमें وَعَلَى And upon waʿalā
And upon ٱللَّهِ और अल्लाह ही पर l-lahi
और अल्लाह ही पर فَلْيَتَوَكَّلِ पस चाहिए कि तवक्कल करें falyatawakkali
पस चाहिए कि तवक्कल करें ٱلْمُتَوَكِّلُونَ तवक्कल करने वाले l-mutawakilūna
तवक्कल करने वाले ١٢ (12)
(12)
और क्या है لَنَآ हमें lanā
हमें أَلَّا कि ना allā
कि ना نَتَوَكَّلَ हम तवक्कल करें natawakkala
हम तवक्कल करें عَلَى upon ʿalā
upon ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर وَقَدْ हालाँकि तहक़ीक़ waqad
हालाँकि तहक़ीक़ هَدَىٰنَا हिदायत दी उसने हमें hadānā
हिदायत दी उसने हमें سُبُلَنَا ۚ हमारे रास्तों की subulanā
हमारे रास्तों की وَلَنَصْبِرَنَّ और अलबत्ता हम ज़रूर सब्र करेंगे walanaṣbiranna
और अलबत्ता हम ज़रूर सब्र करेंगे عَلَىٰ on ʿalā
on مَآ उस पर जो mā
उस पर जो ءَاذَيْتُمُونَا ۚ अज़ियत दे रहे हो तुम हमें ādhaytumūnā
अज़ियत दे रहे हो तुम हमें وَعَلَى And upon waʿalā
And upon ٱللَّهِ और अल्लाह ही पर l-lahi
और अल्लाह ही पर فَلْيَتَوَكَّلِ पस चाहिए कि तवक्कल करें falyatawakkali
पस चाहिए कि तवक्कल करें ٱلْمُتَوَكِّلُونَ तवक्कल करने वाले l-mutawakilūna
तवक्कल करने वाले ١٢ (12)
(12)
और हमें क्या है कि हम अल्लाह पर भरोसा न करें, हालाँकि उसने हमें हमारे मार्ग दिखा दिए? और हम अवश्य उसपर धैर्य से काम लेंगे, जो तुम हमें कष्ट पहुँचाओगे। और भरोसा करने वालों को अल्लाह ही पर भरोसा करना चाहिए।
१४:१३
وَقَالَ
और कहा
waqāla
और कहा ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जिन्होंने alladhīna
उन लोगों ने जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया لِرُسُلِهِمْ अपने रसूलों को lirusulihim
अपने रसूलों को لَنُخْرِجَنَّكُم अलबत्ता हम ज़रूर निकाल देंगे तुम्हें lanukh'rijannakum
अलबत्ता हम ज़रूर निकाल देंगे तुम्हें مِّنْ of min
of أَرْضِنَآ अपनी ज़मीन से arḍinā
अपनी ज़मीन से أَوْ या aw
या لَتَعُودُنَّ अलबत्ता तुम ज़रूर लौटोगे lataʿūdunna
अलबत्ता तुम ज़रूर लौटोगे فِى to fī
to مِلَّتِنَا ۖ हमारी मिल्लत में millatinā
हमारी मिल्लत में فَأَوْحَىٰٓ तो वही की fa-awḥā
तो वही की إِلَيْهِمْ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके رَبُّهُمْ उनके रब ने rabbuhum
उनके रब ने لَنُهْلِكَنَّ अलबत्ता हम ज़रूर हलाक कर देंगे lanuh'likanna
अलबत्ता हम ज़रूर हलाक कर देंगे ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों को l-ẓālimīna
ज़ालिमों को ١٣ (13)
(13)
और कहा ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जिन्होंने alladhīna
उन लोगों ने जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया لِرُسُلِهِمْ अपने रसूलों को lirusulihim
अपने रसूलों को لَنُخْرِجَنَّكُم अलबत्ता हम ज़रूर निकाल देंगे तुम्हें lanukh'rijannakum
अलबत्ता हम ज़रूर निकाल देंगे तुम्हें مِّنْ of min
of أَرْضِنَآ अपनी ज़मीन से arḍinā
अपनी ज़मीन से أَوْ या aw
या لَتَعُودُنَّ अलबत्ता तुम ज़रूर लौटोगे lataʿūdunna
अलबत्ता तुम ज़रूर लौटोगे فِى to fī
to مِلَّتِنَا ۖ हमारी मिल्लत में millatinā
हमारी मिल्लत में فَأَوْحَىٰٓ तो वही की fa-awḥā
तो वही की إِلَيْهِمْ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके رَبُّهُمْ उनके रब ने rabbuhum
उनके रब ने لَنُهْلِكَنَّ अलबत्ता हम ज़रूर हलाक कर देंगे lanuh'likanna
अलबत्ता हम ज़रूर हलाक कर देंगे ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों को l-ẓālimīna
ज़ालिमों को ١٣ (13)
(13)
और काफ़िरों ने अपने रसूलों से कहा : हम अवश्य तुम्हें अपने भू-भाग से निकाल देंगे, या अवश्य तुम हमारे पंथ में वापस आओगे। तो उनके पालनहार ने उनकी ओर वह़्य की कि निश्चय हम इन अत्याचारियों को अवश्य विनष्ट कर देंगे।
१४:१४
وَلَنُسْكِنَنَّكُمُ
और अलबत्ता हम ज़रूर आबाद कर देंगे तुम्हें
walanus'kinannakumu
और अलबत्ता हम ज़रूर आबाद कर देंगे तुम्हें ٱلْأَرْضَ ज़मीन में l-arḍa
ज़मीन में مِنۢ after them min
after them بَعْدِهِمْ ۚ बाद इनके baʿdihim
बाद इनके ذَٰلِكَ ये dhālika
ये لِمَنْ उसके लिए है जो liman
उसके लिए है जो خَافَ डरे khāfa
डरे مَقَامِى मेरे सामने खड़ा होने से maqāmī
मेरे सामने खड़ा होने से وَخَافَ और वो डरे wakhāfa
और वो डरे وَعِيدِ मेरी वईद से waʿīdi
मेरी वईद से ١٤ (14)
(14)
और अलबत्ता हम ज़रूर आबाद कर देंगे तुम्हें ٱلْأَرْضَ ज़मीन में l-arḍa
ज़मीन में مِنۢ after them min
after them بَعْدِهِمْ ۚ बाद इनके baʿdihim
बाद इनके ذَٰلِكَ ये dhālika
ये لِمَنْ उसके लिए है जो liman
उसके लिए है जो خَافَ डरे khāfa
डरे مَقَامِى मेरे सामने खड़ा होने से maqāmī
मेरे सामने खड़ा होने से وَخَافَ और वो डरे wakhāfa
और वो डरे وَعِيدِ मेरी वईद से waʿīdi
मेरी वईद से ١٤ (14)
(14)
और निश्चय उनके बाद हम तुम्हें उस धरती में अवश्य बसा देंगे। यह उसके लिए है, जो मेरे समक्ष खड़ा होने से डरा1 तथा मेरी चेतावनी से डरा।
१४:१५
وَٱسْتَفْتَحُوا۟
और उन्होंने फ़ैसला चाहा
wa-is'taftaḥū
और उन्होंने फ़ैसला चाहा وَخَابَ और नामुराद हुआ wakhāba
और नामुराद हुआ كُلُّ हर kullu
हर جَبَّارٍ सरकश jabbārin
सरकश عَنِيدٍۢ इनाद रखने वाला ʿanīdin
इनाद रखने वाला ١٥ (15)
(15)
और उन्होंने फ़ैसला चाहा وَخَابَ और नामुराद हुआ wakhāba
और नामुराद हुआ كُلُّ हर kullu
हर جَبَّارٍ सरकश jabbārin
सरकश عَنِيدٍۢ इनाद रखने वाला ʿanīdin
इनाद रखने वाला ١٥ (15)
(15)
और उन (रसूलों) ने विजय की प्रार्थना की और प्रत्येक सरकश, हठधर्मी असफल हो गया।
१४:१६
مِّن
of him
min
of him وَرَآئِهِۦ उसके आगे warāihi
उसके आगे جَهَنَّمُ जहन्नम है jahannamu
जहन्नम है وَيُسْقَىٰ और वो पिलाया जाएगा wayus'qā
और वो पिलाया जाएगा مِن of min
of مَّآءٍۢ पानी में से māin
पानी में से صَدِيدٍۢ पीप वाले ṣadīdin
पीप वाले ١٦ (16)
(16)
of him وَرَآئِهِۦ उसके आगे warāihi
उसके आगे جَهَنَّمُ जहन्नम है jahannamu
जहन्नम है وَيُسْقَىٰ और वो पिलाया जाएगा wayus'qā
और वो पिलाया जाएगा مِن of min
of مَّآءٍۢ पानी में से māin
पानी में से صَدِيدٍۢ पीप वाले ṣadīdin
पीप वाले ١٦ (16)
(16)
उसके आगे जहन्नम है और उसे पीप का पानी पिलाया जाएगा।
१४:१७
يَتَجَرَّعُهُۥ
वो घूँट-घूँट पियेगा उसे
yatajarraʿuhu
वो घूँट-घूँट पियेगा उसे وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَكَادُ वो क़रीब होगा yakādu
वो क़रीब होगा يُسِيغُهُۥ कि वो निगल सके उसे yusīghuhu
कि वो निगल सके उसे وَيَأْتِيهِ और आएगी उसके पास wayatīhi
और आएगी उसके पास ٱلْمَوْتُ मौत l-mawtu
मौत مِن from min
from كُلِّ every kulli
every مَكَانٍۢ हर जगह से makānin
हर जगह से وَمَا और नहीं (होगा) wamā
और नहीं (होगा) هُوَ वो huwa
वो بِمَيِّتٍۢ ۖ मरने वाला bimayyitin
मरने वाला وَمِن And ahead of him wamin
And ahead of him وَرَآئِهِۦ और उसके आगे warāihi
और उसके आगे عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है غَلِيظٌۭ सख़्त ghalīẓun
सख़्त ١٧ (17)
(17)
वो घूँट-घूँट पियेगा उसे وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَكَادُ वो क़रीब होगा yakādu
वो क़रीब होगा يُسِيغُهُۥ कि वो निगल सके उसे yusīghuhu
कि वो निगल सके उसे وَيَأْتِيهِ और आएगी उसके पास wayatīhi
और आएगी उसके पास ٱلْمَوْتُ मौत l-mawtu
मौत مِن from min
from كُلِّ every kulli
every مَكَانٍۢ हर जगह से makānin
हर जगह से وَمَا और नहीं (होगा) wamā
और नहीं (होगा) هُوَ वो huwa
वो بِمَيِّتٍۢ ۖ मरने वाला bimayyitin
मरने वाला وَمِن And ahead of him wamin
And ahead of him وَرَآئِهِۦ और उसके आगे warāihi
और उसके आगे عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है غَلِيظٌۭ सख़्त ghalīẓun
सख़्त ١٧ (17)
(17)
वह उसे कठिनाई से घूँट-घूँट पिएगा और उसे गले से न उतार सकेगा। और उसके पास मृत्यु प्रत्येक स्थान से आएगी। हालाँकि वह किसी प्रकार मरने वाला नहीं। और उसके सामने एक कठोर यातना है।
१४:१८
مَّثَلُ
मिसाल
mathalu
मिसाल ٱلَّذِينَ उन लोगों की जिन्होंने alladhīna
उन लोगों की जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया بِرَبِّهِمْ ۖ अपने रब से birabbihim
अपने रब से أَعْمَـٰلُهُمْ आमाल उनके aʿmāluhum
आमाल उनके كَرَمَادٍ उस राख की तरह हैं karamādin
उस राख की तरह हैं ٱشْتَدَّتْ कि सख़्त चली हो ish'taddat
कि सख़्त चली हो بِهِ उस पर bihi
उस पर ٱلرِّيحُ हवा l-rīḥu
हवा فِى in fī
in يَوْمٍ एक दिन में yawmin
एक दिन में عَاصِفٍۢ ۖ तेज़ हवा के ʿāṣifin
तेज़ हवा के لَّا No lā
No يَقْدِرُونَ ना वो क़ुदरत रखेंगे yaqdirūna
ना वो क़ुदरत रखेंगे مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो كَسَبُوا۟ उन्होंने कमाई की kasabū
उन्होंने कमाई की عَلَىٰ on ʿalā
on شَىْءٍۢ ۚ किसी चीज़ पर shayin
किसी चीज़ पर ذَٰلِكَ यही है dhālika
यही है هُوَ वो huwa
वो ٱلضَّلَـٰلُ गुमराही l-ḍalālu
गुमराही ٱلْبَعِيدُ दूर की l-baʿīdu
दूर की ١٨ (18)
(18)
मिसाल ٱلَّذِينَ उन लोगों की जिन्होंने alladhīna
उन लोगों की जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया بِرَبِّهِمْ ۖ अपने रब से birabbihim
अपने रब से أَعْمَـٰلُهُمْ आमाल उनके aʿmāluhum
आमाल उनके كَرَمَادٍ उस राख की तरह हैं karamādin
उस राख की तरह हैं ٱشْتَدَّتْ कि सख़्त चली हो ish'taddat
कि सख़्त चली हो بِهِ उस पर bihi
उस पर ٱلرِّيحُ हवा l-rīḥu
हवा فِى in fī
in يَوْمٍ एक दिन में yawmin
एक दिन में عَاصِفٍۢ ۖ तेज़ हवा के ʿāṣifin
तेज़ हवा के لَّا No lā
No يَقْدِرُونَ ना वो क़ुदरत रखेंगे yaqdirūna
ना वो क़ुदरत रखेंगे مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो كَسَبُوا۟ उन्होंने कमाई की kasabū
उन्होंने कमाई की عَلَىٰ on ʿalā
on شَىْءٍۢ ۚ किसी चीज़ पर shayin
किसी चीज़ पर ذَٰلِكَ यही है dhālika
यही है هُوَ वो huwa
वो ٱلضَّلَـٰلُ गुमराही l-ḍalālu
गुमराही ٱلْبَعِيدُ दूर की l-baʿīdu
दूर की ١٨ (18)
(18)
उन लोगों का उदाहरण जिन्होंने अपने पालनहार के साथ कुफ़्र किया, उनके कार्य उस राख की तरह हैं, जिसपर आँधी वाले दिन में हवा बहुत प्रचंड चली। वे लोग अपने किए में से कुछ नहीं पा सकेंगे। यही (सत्य से) बहुत दूर की गुमराही है।
१४:१९
أَلَمْ
क्या नहीं
alam
क्या नहीं تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा أَنَّ कि बेशक anna
कि बेशक ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को بِٱلْحَقِّ ۚ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के إِن अगर in
अगर يَشَأْ वो चाहे yasha
वो चाहे يُذْهِبْكُمْ वो ले जाए तुम सबको yudh'hib'kum
वो ले जाए तुम सबको وَيَأْتِ और वो ले आए wayati
और वो ले आए بِخَلْقٍۢ कोई मख़लूक़ bikhalqin
कोई मख़लूक़ جَدِيدٍۢ नई jadīdin
नई ١٩ (19)
(19)
क्या नहीं تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा أَنَّ कि बेशक anna
कि बेशक ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को بِٱلْحَقِّ ۚ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के إِن अगर in
अगर يَشَأْ वो चाहे yasha
वो चाहे يُذْهِبْكُمْ वो ले जाए तुम सबको yudh'hib'kum
वो ले जाए तुम सबको وَيَأْتِ और वो ले आए wayati
और वो ले आए بِخَلْقٍۢ कोई मख़लूक़ bikhalqin
कोई मख़लूक़ جَدِيدٍۢ नई jadīdin
नई ١٩ (19)
(19)
क्या तूने नहीं देखा कि अल्लाह ने आकाशों तथा धरती की रचना सत्य के साथ की है? यदि वह चाहे, तो तुम सब को ले जाए और एक नई रचना ले आए।
१४:२०
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं ذَٰلِكَ ये dhālika
ये عَلَى on ʿalā
on ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर بِعَزِيزٍۢ कुछ मुश्किल biʿazīzin
कुछ मुश्किल ٢٠ (20)
(20)
और नहीं ذَٰلِكَ ये dhālika
ये عَلَى on ʿalā
on ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर بِعَزِيزٍۢ कुछ मुश्किल biʿazīzin
कुछ मुश्किल ٢٠ (20)
(20)
और यह अल्लाह के लिए कुछ भी कठिन नहीं है।
१४:२१
وَبَرَزُوا۟
और वो सामने होंगे
wabarazū
और वो सामने होंगे لِلَّهِ अल्लाह के lillahi
अल्लाह के جَمِيعًۭا सबके सब jamīʿan
सबके सब فَقَالَ तो कहेंगे faqāla
तो कहेंगे ٱلضُّعَفَـٰٓؤُا۟ कमज़ोर लोग l-ḍuʿafāu
कमज़ोर लोग لِلَّذِينَ उनसे जिन्होंने lilladhīna
उनसे जिन्होंने ٱسْتَكْبَرُوٓا۟ तकब्बुर किया is'takbarū
तकब्बुर किया إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम كُنَّا थे हम kunnā
थे हम لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए تَبَعًۭا ताबेअ tabaʿan
ताबेअ فَهَلْ तो क्या fahal
तो क्या أَنتُم तुम antum
तुम مُّغْنُونَ बचाने वाले हो mugh'nūna
बचाने वाले हो عَنَّا हमें ʿannā
हमें مِنْ from min
from عَذَابِ अज़ाब से ʿadhābi
अज़ाब से ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के مِن anything min
anything شَىْءٍۢ ۚ कुछ भी shayin
कुछ भी قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे لَوْ अगर law
अगर هَدَىٰنَا हिदायत देता हमें hadānā
हिदायत देता हमें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لَهَدَيْنَـٰكُمْ ۖ अलबत्ता हिदायत करते हम तुम्हें lahadaynākum
अलबत्ता हिदायत करते हम तुम्हें سَوَآءٌ यकसाँ/बराबर है sawāon
यकसाँ/बराबर है عَلَيْنَآ हम पर ʿalaynā
हम पर أَجَزِعْنَآ ख़्वाह जज़ा व फ़ज़ा करें हम ajaziʿ'nā
ख़्वाह जज़ा व फ़ज़ा करें हम أَمْ या am
या صَبَرْنَا सब्र करें हम ṣabarnā
सब्र करें हम مَا नहीं है mā
नहीं है لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए مِن any min
any مَّحِيصٍۢ कोई पनाहगाह maḥīṣin
कोई पनाहगाह ٢١ (21)
(21)
और वो सामने होंगे لِلَّهِ अल्लाह के lillahi
अल्लाह के جَمِيعًۭا सबके सब jamīʿan
सबके सब فَقَالَ तो कहेंगे faqāla
तो कहेंगे ٱلضُّعَفَـٰٓؤُا۟ कमज़ोर लोग l-ḍuʿafāu
कमज़ोर लोग لِلَّذِينَ उनसे जिन्होंने lilladhīna
उनसे जिन्होंने ٱسْتَكْبَرُوٓا۟ तकब्बुर किया is'takbarū
तकब्बुर किया إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम كُنَّا थे हम kunnā
थे हम لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए تَبَعًۭا ताबेअ tabaʿan
ताबेअ فَهَلْ तो क्या fahal
तो क्या أَنتُم तुम antum
तुम مُّغْنُونَ बचाने वाले हो mugh'nūna
बचाने वाले हो عَنَّا हमें ʿannā
हमें مِنْ from min
from عَذَابِ अज़ाब से ʿadhābi
अज़ाब से ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के مِن anything min
anything شَىْءٍۢ ۚ कुछ भी shayin
कुछ भी قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे لَوْ अगर law
अगर هَدَىٰنَا हिदायत देता हमें hadānā
हिदायत देता हमें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لَهَدَيْنَـٰكُمْ ۖ अलबत्ता हिदायत करते हम तुम्हें lahadaynākum
अलबत्ता हिदायत करते हम तुम्हें سَوَآءٌ यकसाँ/बराबर है sawāon
यकसाँ/बराबर है عَلَيْنَآ हम पर ʿalaynā
हम पर أَجَزِعْنَآ ख़्वाह जज़ा व फ़ज़ा करें हम ajaziʿ'nā
ख़्वाह जज़ा व फ़ज़ा करें हम أَمْ या am
या صَبَرْنَا सब्र करें हम ṣabarnā
सब्र करें हम مَا नहीं है mā
नहीं है لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए مِن any min
any مَّحِيصٍۢ कोई पनाहगाह maḥīṣin
कोई पनाहगाह ٢١ (21)
(21)
और वे सब के सब अल्लाह के सामने पेश1 होंगे, तो कमज़ोर लोग उन लोगों से कहेंगे, जो बड़े बने हुए थे : निःसंदेह हम तुम्हारे अनुयायी थे, तो क्या तुम हमें अल्लाह की यातना से बचाने में कुछ भी काम आने वाले हो? वे कहेंगे : यदि अल्लाह ने हमें मार्ग दिखाया होता, तो हम तुम्हें अवश्य मार्ग दिखाते। अब हमारे लिए बराबर है कि हम व्याकुल हों, या हम धैर्य से काम लें। हमारे लिए भागने की कोई जगह नहीं है।
१४:२२
وَقَالَ
और कहेगा
waqāla
और कहेगा ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान l-shayṭānu
शैतान لَمَّا जब lammā
जब قُضِىَ फ़ैसला कर दिया जाएगा quḍiya
फ़ैसला कर दिया जाएगा ٱلْأَمْرُ काम का l-amru
काम का إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने وَعَدَكُمْ वादा किया तुमसे waʿadakum
वादा किया तुमसे وَعْدَ वादा waʿda
वादा ٱلْحَقِّ सच्चा l-ḥaqi
सच्चा وَوَعَدتُّكُمْ और वादा किया मैंने तुमसे wawaʿadttukum
और वादा किया मैंने तुमसे فَأَخْلَفْتُكُمْ ۖ तो ख़िलाफ़ किया मैंने तुमसे fa-akhlaftukum
तो ख़िलाफ़ किया मैंने तुमसे وَمَا और ना wamā
और ना كَانَ था kāna
था لِىَ मेरे लिए liya
मेरे लिए عَلَيْكُم तुम पर ʿalaykum
तुम पर مِّن any min
any سُلْطَـٰنٍ कोई ज़ोर sul'ṭānin
कोई ज़ोर إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि دَعَوْتُكُمْ बुलाया मैंने तुम्हें daʿawtukum
बुलाया मैंने तुम्हें فَٱسْتَجَبْتُمْ पस क़ुबूल कर लिया तुमने fa-is'tajabtum
पस क़ुबूल कर लिया तुमने لِى ۖ मेरे लिए lī
मेरे लिए فَلَا पस ना falā
पस ना تَلُومُونِى तुम मलामत करो मुझे talūmūnī
तुम मलामत करो मुझे وَلُومُوٓا۟ बल्कि मलामत करो walūmū
बल्कि मलामत करो أَنفُسَكُم ۖ अपने नफ़्सों को anfusakum
अपने नफ़्सों को مَّآ नहीं mā
नहीं أَنَا۠ मैं anā
मैं بِمُصْرِخِكُمْ फ़रियाद रसी करने वाला तुम्हारी bimuṣ'rikhikum
फ़रियाद रसी करने वाला तुम्हारी وَمَآ और ना wamā
और ना أَنتُم तुम antum
तुम بِمُصْرِخِىَّ ۖ फ़रियाद रसी करने वाले हो मेरी bimuṣ'rikhiyya
फ़रियाद रसी करने वाले हो मेरी إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं كَفَرْتُ इन्कार किया मैंने kafartu
इन्कार किया मैंने بِمَآ उसका जो bimā
उसका जो أَشْرَكْتُمُونِ शरीक ठहराया तुमने मुझे ashraktumūni
शरीक ठहराया तुमने मुझे مِن before min
before قَبْلُ ۗ इससे पहले qablu
इससे पहले إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिम लोग l-ẓālimīna
ज़ालिम लोग لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है أَلِيمٌۭ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक ٢٢ (22)
(22)
और कहेगा ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान l-shayṭānu
शैतान لَمَّا जब lammā
जब قُضِىَ फ़ैसला कर दिया जाएगा quḍiya
फ़ैसला कर दिया जाएगा ٱلْأَمْرُ काम का l-amru
काम का إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने وَعَدَكُمْ वादा किया तुमसे waʿadakum
वादा किया तुमसे وَعْدَ वादा waʿda
वादा ٱلْحَقِّ सच्चा l-ḥaqi
सच्चा وَوَعَدتُّكُمْ और वादा किया मैंने तुमसे wawaʿadttukum
और वादा किया मैंने तुमसे فَأَخْلَفْتُكُمْ ۖ तो ख़िलाफ़ किया मैंने तुमसे fa-akhlaftukum
तो ख़िलाफ़ किया मैंने तुमसे وَمَا और ना wamā
और ना كَانَ था kāna
था لِىَ मेरे लिए liya
मेरे लिए عَلَيْكُم तुम पर ʿalaykum
तुम पर مِّن any min
any سُلْطَـٰنٍ कोई ज़ोर sul'ṭānin
कोई ज़ोर إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि دَعَوْتُكُمْ बुलाया मैंने तुम्हें daʿawtukum
बुलाया मैंने तुम्हें فَٱسْتَجَبْتُمْ पस क़ुबूल कर लिया तुमने fa-is'tajabtum
पस क़ुबूल कर लिया तुमने لِى ۖ मेरे लिए lī
मेरे लिए فَلَا पस ना falā
पस ना تَلُومُونِى तुम मलामत करो मुझे talūmūnī
तुम मलामत करो मुझे وَلُومُوٓا۟ बल्कि मलामत करो walūmū
बल्कि मलामत करो أَنفُسَكُم ۖ अपने नफ़्सों को anfusakum
अपने नफ़्सों को مَّآ नहीं mā
नहीं أَنَا۠ मैं anā
मैं بِمُصْرِخِكُمْ फ़रियाद रसी करने वाला तुम्हारी bimuṣ'rikhikum
फ़रियाद रसी करने वाला तुम्हारी وَمَآ और ना wamā
और ना أَنتُم तुम antum
तुम بِمُصْرِخِىَّ ۖ फ़रियाद रसी करने वाले हो मेरी bimuṣ'rikhiyya
फ़रियाद रसी करने वाले हो मेरी إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं كَفَرْتُ इन्कार किया मैंने kafartu
इन्कार किया मैंने بِمَآ उसका जो bimā
उसका जो أَشْرَكْتُمُونِ शरीक ठहराया तुमने मुझे ashraktumūni
शरीक ठहराया तुमने मुझे مِن before min
before قَبْلُ ۗ इससे पहले qablu
इससे पहले إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिम लोग l-ẓālimīna
ज़ालिम लोग لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है أَلِيمٌۭ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक ٢٢ (22)
(22)
और जब निर्णय कर दिया1 जाएगा, तो शैतान कहेगा : निःसंदेह अल्लाह ने तुमसे सच्चा वादा किया था। और मैंने (भी) तुमसे वादा किया था, तो मैंने तुमसे वादाखिलाफ़ी की। और मेरा तुमपर कोई आधिपत्य नहीं था, सिवाय इसके कि मैंने तुम्हें (अपनी ओर) बुलाया, तो तुमने मेरी बात मान ली। अब मेरी निंदा न करो, बल्कि स्वयं अपनी निंदा करो। न मैं तुम्हारी फ़रयाद सुन सकता हूँ और न तुम मेरी फ़रयाद सुन सकते हो। निःसंदेह मैं उसका इनकार करता हूँ, जो तुमने इससे पहले2 मुझे साझी बनाया। निश्चय अत्याचारियों के लिए दर्दनाक यातना है।
१४:२३
وَأُدْخِلَ
और दाख़िल किए जाऐंगे
wa-ud'khila
और दाख़िल किए जाऐंगे ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात में jannātin
बाग़ात में تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَا उनमें fīhā
उनमें بِإِذْنِ इज़्न से bi-idh'ni
इज़्न से رَبِّهِمْ ۖ अपने रब के rabbihim
अपने रब के تَحِيَّتُهُمْ दुआ- ए -मुलाक़ात उनकी taḥiyyatuhum
दुआ- ए -मुलाक़ात उनकी فِيهَا उनमें fīhā
उनमें سَلَـٰمٌ सलाम (होगा) salāmun
सलाम (होगा) ٢٣ (23)
(23)
और दाख़िल किए जाऐंगे ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात में jannātin
बाग़ात में تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَا उनमें fīhā
उनमें بِإِذْنِ इज़्न से bi-idh'ni
इज़्न से رَبِّهِمْ ۖ अपने रब के rabbihim
अपने रब के تَحِيَّتُهُمْ दुआ- ए -मुलाक़ात उनकी taḥiyyatuhum
दुआ- ए -मुलाक़ात उनकी فِيهَا उनमें fīhā
उनमें سَلَـٰمٌ सलाम (होगा) salāmun
सलाम (होगा) ٢٣ (23)
(23)
और जो लोग ईमान लाए और उन्होंने अच्छे कार्य किए, उन्हें ऐसी जन्नतों में प्रवेश कराया जाएगा, जिनके (महलों और पेड़ों के) नीचे से नहरें बहती हैं। वे अपने पालनहार की अनुमति से उनमें हमेशा रहने वाले होंगे। उसमें उनका अभिवादन 'सलाम' से होगा।
१४:२४
أَلَمْ
क्या नहीं
alam
क्या नहीं تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह ضَرَبَ बयान की ḍaraba
बयान की ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مَثَلًۭا मिसाल mathalan
मिसाल كَلِمَةًۭ कलमा kalimatan
कलमा طَيِّبَةًۭ तय्यबा/पाकीज़ा की ṭayyibatan
तय्यबा/पाकीज़ा की كَشَجَرَةٍۢ मानिन्द दरख़्त kashajaratin
मानिन्द दरख़्त طَيِّبَةٍ पाकीज़ा के ṭayyibatin
पाकीज़ा के أَصْلُهَا जड़ उसकी aṣluhā
जड़ उसकी ثَابِتٌۭ मज़बूत है thābitun
मज़बूत है وَفَرْعُهَا और शाख़ें उसकी wafarʿuhā
और शाख़ें उसकी فِى (are) in fī
(are) in ٱلسَّمَآءِ आसमान में हैं l-samāi
आसमान में हैं ٢٤ (24)
(24)
क्या नहीं تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह ضَرَبَ बयान की ḍaraba
बयान की ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مَثَلًۭا मिसाल mathalan
मिसाल كَلِمَةًۭ कलमा kalimatan
कलमा طَيِّبَةًۭ तय्यबा/पाकीज़ा की ṭayyibatan
तय्यबा/पाकीज़ा की كَشَجَرَةٍۢ मानिन्द दरख़्त kashajaratin
मानिन्द दरख़्त طَيِّبَةٍ पाकीज़ा के ṭayyibatin
पाकीज़ा के أَصْلُهَا जड़ उसकी aṣluhā
जड़ उसकी ثَابِتٌۭ मज़बूत है thābitun
मज़बूत है وَفَرْعُهَا और शाख़ें उसकी wafarʿuhā
और शाख़ें उसकी فِى (are) in fī
(are) in ٱلسَّمَآءِ आसमान में हैं l-samāi
आसमान में हैं ٢٤ (24)
(24)
(ऐ नबी!) क्या आपने नहीं देखा कि अल्लाह ने एक पवित्र कलिमा1 का उदाहरण कैसे दिया (कि वह) एक पवित्र वृक्ष की तरह है, जिसकी जड़ (भूमि में) सुदृढ़ है और जिसकी शाखा आकाश में है?
१४:२५
تُؤْتِىٓ
वो देता है
tu'tī
वो देता है أُكُلَهَا फल अपना ukulahā
फल अपना كُلَّ हर kulla
हर حِينٍۭ वक़्त ḥīnin
वक़्त بِإِذْنِ इज़्न से bi-idh'ni
इज़्न से رَبِّهَا ۗ अपने रब के rabbihā
अपने रब के وَيَضْرِبُ और बयान करता है wayaḍribu
और बयान करता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلْأَمْثَالَ मिसालें l-amthāla
मिसालें لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए لَعَلَّهُمْ शायद कि वो laʿallahum
शायद कि वो يَتَذَكَّرُونَ वो नसीहत पकड़ें yatadhakkarūna
वो नसीहत पकड़ें ٢٥ (25)
(25)
वो देता है أُكُلَهَا फल अपना ukulahā
फल अपना كُلَّ हर kulla
हर حِينٍۭ वक़्त ḥīnin
वक़्त بِإِذْنِ इज़्न से bi-idh'ni
इज़्न से رَبِّهَا ۗ अपने रब के rabbihā
अपने रब के وَيَضْرِبُ और बयान करता है wayaḍribu
और बयान करता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلْأَمْثَالَ मिसालें l-amthāla
मिसालें لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए لَعَلَّهُمْ शायद कि वो laʿallahum
शायद कि वो يَتَذَكَّرُونَ वो नसीहत पकड़ें yatadhakkarūna
वो नसीहत पकड़ें ٢٥ (25)
(25)
वह अपने पालनहार की अनुमति से प्रत्येक समय अपना फल देता है। और अल्लाह लोगों के लिए उदाहरण देता है, ताकि वे शिक्षा ग्रहण करें।
१४:२६
وَمَثَلُ
और मिसाल
wamathalu
और मिसाल كَلِمَةٍ कलमा kalimatin
कलमा خَبِيثَةٍۢ ख़बीसा/नापाक की khabīthatin
ख़बीसा/नापाक की كَشَجَرَةٍ मानिन्द दरख़्त kashajaratin
मानिन्द दरख़्त خَبِيثَةٍ नापाक के khabīthatin
नापाक के ٱجْتُثَّتْ जो उखाड़ा गया uj'tuthat
जो उखाड़ा गया مِن from min
from فَوْقِ ऊपर से fawqi
ऊपर से ٱلْأَرْضِ ज़मीन के l-arḍi
ज़मीन के مَا नहीं mā
नहीं لَهَا उसके लिए lahā
उसके लिए مِن (is) any min
(is) any قَرَارٍۢ कोई क़रार qarārin
कोई क़रार ٢٦ (26)
(26)
और मिसाल كَلِمَةٍ कलमा kalimatin
कलमा خَبِيثَةٍۢ ख़बीसा/नापाक की khabīthatin
ख़बीसा/नापाक की كَشَجَرَةٍ मानिन्द दरख़्त kashajaratin
मानिन्द दरख़्त خَبِيثَةٍ नापाक के khabīthatin
नापाक के ٱجْتُثَّتْ जो उखाड़ा गया uj'tuthat
जो उखाड़ा गया مِن from min
from فَوْقِ ऊपर से fawqi
ऊपर से ٱلْأَرْضِ ज़मीन के l-arḍi
ज़मीन के مَا नहीं mā
नहीं لَهَا उसके लिए lahā
उसके लिए مِن (is) any min
(is) any قَرَارٍۢ कोई क़रार qarārin
कोई क़रार ٢٦ (26)
(26)
और बुरी1 बात का उदाहरण एक बुरे पेड़ की तरह है, जो धरती की सतह से उखाड़ लिया गया, जिसमें कोई स्थिरता नहीं है।
१४:२७
يُثَبِّتُ
साबित रखता है
yuthabbitu
साबित रखता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلَّذِينَ उन लोगों को जो alladhīna
उन लोगों को जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए بِٱلْقَوْلِ साथ बात bil-qawli
साथ बात ٱلثَّابِتِ मज़बूत के l-thābiti
मज़बूत के فِى in fī
in ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी में l-ḥayati
ज़िन्दगी में ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَفِى and in wafī
and in ٱلْـَٔاخِرَةِ ۖ और आख़िरत में l-ākhirati
और आख़िरत में وَيُضِلُّ और भटकाता है wayuḍillu
और भटकाता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلظَّـٰلِمِينَ ۚ ज़ालिमों को l-ẓālimīna
ज़ालिमों को وَيَفْعَلُ और करता है wayafʿalu
और करता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مَا जो mā
जो يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है ٢٧ (27)
(27)
साबित रखता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلَّذِينَ उन लोगों को जो alladhīna
उन लोगों को जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए بِٱلْقَوْلِ साथ बात bil-qawli
साथ बात ٱلثَّابِتِ मज़बूत के l-thābiti
मज़बूत के فِى in fī
in ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी में l-ḥayati
ज़िन्दगी में ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَفِى and in wafī
and in ٱلْـَٔاخِرَةِ ۖ और आख़िरत में l-ākhirati
और आख़िरत में وَيُضِلُّ और भटकाता है wayuḍillu
और भटकाता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلظَّـٰلِمِينَ ۚ ज़ालिमों को l-ẓālimīna
ज़ालिमों को وَيَفْعَلُ और करता है wayafʿalu
और करता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مَا जो mā
जो يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है ٢٧ (27)
(27)
अल्लाह ईमान लाने वालों को दृढ़ बात1 के द्वारा दुनिया तथा आख़िरत में स्थिरता प्रदान करता है तथा अत्याचारियों को गुमराह कर देता है। और अल्लाह जो चाहता है, करता है।
१४:२८
۞ أَلَمْ
क्या नहीं
alam
क्या नहीं تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा إِلَى [to] ilā
[to] ٱلَّذِينَ तरफ़ उनके जिन्होंने alladhīna
तरफ़ उनके जिन्होंने بَدَّلُوا۟ बदल डाला baddalū
बदल डाला نِعْمَتَ नेअमत को niʿ'mata
नेअमत को ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की كُفْرًۭا कुफ़्र/नाशुक्री से kuf'ran
कुफ़्र/नाशुक्री से وَأَحَلُّوا۟ और उन्होंने ला उतारा wa-aḥallū
और उन्होंने ला उतारा قَوْمَهُمْ अपनी क़ौम को qawmahum
अपनी क़ौम को دَارَ घर में dāra
घर में ٱلْبَوَارِ हलाकत के l-bawāri
हलाकत के ٢٨ (28)
(28)
क्या नहीं تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा إِلَى [to] ilā
[to] ٱلَّذِينَ तरफ़ उनके जिन्होंने alladhīna
तरफ़ उनके जिन्होंने بَدَّلُوا۟ बदल डाला baddalū
बदल डाला نِعْمَتَ नेअमत को niʿ'mata
नेअमत को ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की كُفْرًۭا कुफ़्र/नाशुक्री से kuf'ran
कुफ़्र/नाशुक्री से وَأَحَلُّوا۟ और उन्होंने ला उतारा wa-aḥallū
और उन्होंने ला उतारा قَوْمَهُمْ अपनी क़ौम को qawmahum
अपनी क़ौम को دَارَ घर में dāra
घर में ٱلْبَوَارِ हलाकत के l-bawāri
हलाकत के ٢٨ (28)
(28)
क्या आपने उन लोगों1 को नहीं देखा, जिन्होंने अल्लाह की नेमत को नाशुक्री से बदल दिया और अपनी जाति को विनाश के घर में ला उतारा।
१४:२९
جَهَنَّمَ
जहन्नम में
jahannama
जहन्नम में يَصْلَوْنَهَا ۖ वो जलेंगे उसमें yaṣlawnahā
वो जलेंगे उसमें وَبِئْسَ और कितना बुरा है wabi'sa
और कितना बुरा है ٱلْقَرَارُ ठिकाना l-qarāru
ठिकाना ٢٩ (29)
(29)
जहन्नम में يَصْلَوْنَهَا ۖ वो जलेंगे उसमें yaṣlawnahā
वो जलेंगे उसमें وَبِئْسَ और कितना बुरा है wabi'sa
और कितना बुरा है ٱلْقَرَارُ ठिकाना l-qarāru
ठिकाना ٢٩ (29)
(29)
(अर्थात्) जहन्नम में। वे उसमें प्रवेश करेंगे और वह बुरा ठिकाना है।
१४:३०
وَجَعَلُوا۟
और उन्होंने बना लिए
wajaʿalū
और उन्होंने बना लिए لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए أَندَادًۭا कुछ शरीक andādan
कुछ शरीक لِّيُضِلُّوا۟ ताकि वो भटका दें liyuḍillū
ताकि वो भटका दें عَن from ʿan
from سَبِيلِهِۦ ۗ उसके रास्ते से sabīlihi
उसके रास्ते से قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए تَمَتَّعُوا۟ तुम फ़ायदे उठा लो tamattaʿū
तुम फ़ायदे उठा लो فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक مَصِيرَكُمْ लौटना है तुम्हारा maṣīrakum
लौटना है तुम्हारा إِلَى (is) to ilā
(is) to ٱلنَّارِ तरफ़ आग के l-nāri
तरफ़ आग के ٣٠ (30)
(30)
और उन्होंने बना लिए لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए أَندَادًۭا कुछ शरीक andādan
कुछ शरीक لِّيُضِلُّوا۟ ताकि वो भटका दें liyuḍillū
ताकि वो भटका दें عَن from ʿan
from سَبِيلِهِۦ ۗ उसके रास्ते से sabīlihi
उसके रास्ते से قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए تَمَتَّعُوا۟ तुम फ़ायदे उठा लो tamattaʿū
तुम फ़ायदे उठा लो فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक مَصِيرَكُمْ लौटना है तुम्हारा maṣīrakum
लौटना है तुम्हारा إِلَى (is) to ilā
(is) to ٱلنَّارِ तरफ़ आग के l-nāri
तरफ़ आग के ٣٠ (30)
(30)
और उन्होंने अल्लाह के कुछ साझी बना लिए, ताकि उसके मार्ग से (लोगों को) पथभ्रष्ट करें। आप कह दें : लाभ उठा लो। फिर निःसंदेह तुम्हें आग की ओर लौटना है।
१४:३१
قُل
कह दीजिए
qul
कह दीजिए لِّعِبَادِىَ मेरे बन्दों से liʿibādiya
मेरे बन्दों से ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए يُقِيمُوا۟ वो क़ायम करें yuqīmū
वो क़ायम करें ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَيُنفِقُوا۟ और वो ख़र्च करें wayunfiqū
और वो ख़र्च करें مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो رَزَقْنَـٰهُمْ रिज़्क़ दिया हमने उन्हें razaqnāhum
रिज़्क़ दिया हमने उन्हें سِرًّۭا छुप कर sirran
छुप कर وَعَلَانِيَةًۭ और ज़ाहिरी तौर पर waʿalāniyatan
और ज़ाहिरी तौर पर مِّن before min
before قَبْلِ इससे पहले qabli
इससे पहले أَن कि an
कि يَأْتِىَ आ जाए yatiya
आ जाए يَوْمٌۭ वो दिन yawmun
वो दिन لَّا नहीं lā
नहीं بَيْعٌۭ कोई तिजारत bayʿun
कोई तिजारत فِيهِ उस में fīhi
उस में وَلَا और ना walā
और ना خِلَـٰلٌ कोई दोस्ती khilālun
कोई दोस्ती ٣١ (31)
(31)
कह दीजिए لِّعِبَادِىَ मेरे बन्दों से liʿibādiya
मेरे बन्दों से ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए يُقِيمُوا۟ वो क़ायम करें yuqīmū
वो क़ायम करें ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَيُنفِقُوا۟ और वो ख़र्च करें wayunfiqū
और वो ख़र्च करें مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो رَزَقْنَـٰهُمْ रिज़्क़ दिया हमने उन्हें razaqnāhum
रिज़्क़ दिया हमने उन्हें سِرًّۭا छुप कर sirran
छुप कर وَعَلَانِيَةًۭ और ज़ाहिरी तौर पर waʿalāniyatan
और ज़ाहिरी तौर पर مِّن before min
before قَبْلِ इससे पहले qabli
इससे पहले أَن कि an
कि يَأْتِىَ आ जाए yatiya
आ जाए يَوْمٌۭ वो दिन yawmun
वो दिन لَّا नहीं lā
नहीं بَيْعٌۭ कोई तिजारत bayʿun
कोई तिजारत فِيهِ उस में fīhi
उस में وَلَا और ना walā
और ना خِلَـٰلٌ कोई दोस्ती khilālun
कोई दोस्ती ٣١ (31)
(31)
(ऐ नबी!) मेरे उन बंदों से कह दो, जो ईमान लाए हैं कि वे नमाज़ क़ायम करें और उसमें से जो हमने उन्हें प्रदान किया है, छिपे और खुले ख़र्च करें, इससे पहले कि वह दिन आए, जिसमें न कोई क्रय-विक्रय होगा और न कोई मैत्री।
१४:३२
ٱللَّهُ
अल्लाह
al-lahu
अल्लाह ٱلَّذِى वो है जिसने alladhī
वो है जिसने خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को وَأَنزَلَ और उसने उतारा wa-anzala
और उसने उतारा مِنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से مَآءًۭ पानी māan
पानी فَأَخْرَجَ फिर उसने निकाला fa-akhraja
फिर उसने निकाला بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके مِنَ of mina
of ٱلثَّمَرَٰتِ फलों में से l-thamarāti
फलों में से رِزْقًۭا रिज़्क़ riz'qan
रिज़्क़ لَّكُمْ ۖ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَسَخَّرَ और उसने मुसख़्ख़र कीं wasakhara
और उसने मुसख़्ख़र कीं لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلْفُلْكَ कश्तियाँ l-ful'ka
कश्तियाँ لِتَجْرِىَ ताकि वो चलें litajriya
ताकि वो चलें فِى in fī
in ٱلْبَحْرِ समुन्दर में l-baḥri
समुन्दर में بِأَمْرِهِۦ ۖ उसके हुक्म से bi-amrihi
उसके हुक्म से وَسَخَّرَ और उसने मुसख़्ख़र कीं wasakhara
और उसने मुसख़्ख़र कीं لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلْأَنْهَـٰرَ नहरें l-anhāra
नहरें ٣٢ (32)
(32)
अल्लाह ٱلَّذِى वो है जिसने alladhī
वो है जिसने خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को وَأَنزَلَ और उसने उतारा wa-anzala
और उसने उतारा مِنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से مَآءًۭ पानी māan
पानी فَأَخْرَجَ फिर उसने निकाला fa-akhraja
फिर उसने निकाला بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके مِنَ of mina
of ٱلثَّمَرَٰتِ फलों में से l-thamarāti
फलों में से رِزْقًۭا रिज़्क़ riz'qan
रिज़्क़ لَّكُمْ ۖ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَسَخَّرَ और उसने मुसख़्ख़र कीं wasakhara
और उसने मुसख़्ख़र कीं لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلْفُلْكَ कश्तियाँ l-ful'ka
कश्तियाँ لِتَجْرِىَ ताकि वो चलें litajriya
ताकि वो चलें فِى in fī
in ٱلْبَحْرِ समुन्दर में l-baḥri
समुन्दर में بِأَمْرِهِۦ ۖ उसके हुक्म से bi-amrihi
उसके हुक्म से وَسَخَّرَ और उसने मुसख़्ख़र कीं wasakhara
और उसने मुसख़्ख़र कीं لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلْأَنْهَـٰرَ नहरें l-anhāra
नहरें ٣٢ (32)
(32)
अल्लाह वह है, जिसने आकाशों तथा धरती को पैदा किया, और आकाश से कुछ पानी उतारा, फिर उसके द्वारा तुम्हारे लिए फलों में से कुछ जीविका निकाली, और तुम्हारे लिए नौकाओं को वशीभूत कर दिया, ताकि वे सागर में उसके आदेश से चलें और तुम्हारे लिए नदियों को वशीभूत कर दिया।
१४:३३
وَسَخَّرَ
और उसने मुसख़्ख़र किया
wasakhara
और उसने मुसख़्ख़र किया لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلشَّمْسَ सूरज l-shamsa
सूरज وَٱلْقَمَرَ और चाँद को wal-qamara
और चाँद को دَآئِبَيْنِ ۖ लगातार चलने वाले dāibayni
लगातार चलने वाले وَسَخَّرَ और उसने मुसख़्ख़र किया wasakhara
और उसने मुसख़्ख़र किया لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلَّيْلَ रात al-layla
रात وَٱلنَّهَارَ और दिन को wal-nahāra
और दिन को ٣٣ (33)
(33)
और उसने मुसख़्ख़र किया لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلشَّمْسَ सूरज l-shamsa
सूरज وَٱلْقَمَرَ और चाँद को wal-qamara
और चाँद को دَآئِبَيْنِ ۖ लगातार चलने वाले dāibayni
लगातार चलने वाले وَسَخَّرَ और उसने मुसख़्ख़र किया wasakhara
और उसने मुसख़्ख़र किया لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلَّيْلَ रात al-layla
रात وَٱلنَّهَارَ और दिन को wal-nahāra
और दिन को ٣٣ (33)
(33)
तथा तुम्हारे लिए सूर्य और चाँद को वशीभूत कर दिया कि निरंतर चलने वाले हैं, तथा तुम्हारे लिए रात और दन को वशीभूत1 कर दिया।
१४:३४
وَءَاتَىٰكُم
और उसने दी तुम्हें
waātākum
और उसने दी तुम्हें مِّن of min
of كُلِّ हर वो चीज़ kulli
हर वो चीज़ مَا जो mā
जो سَأَلْتُمُوهُ ۚ माँगी तुमने उस से sa-altumūhu
माँगी तुमने उस से وَإِن और अगर wa-in
और अगर تَعُدُّوا۟ तुम गिनने लगो taʿuddū
तुम गिनने लगो نِعْمَتَ नेअमतें niʿ'mata
नेअमतें ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की لَا not lā
not تُحْصُوهَآ ۗ नहीं तुम शुमार कर सकते उन्हें tuḥ'ṣūhā
नहीं तुम शुमार कर सकते उन्हें إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلْإِنسَـٰنَ इन्सान l-insāna
इन्सान لَظَلُومٌۭ अलबत्ता बड़ा ज़ालिम है laẓalūmun
अलबत्ता बड़ा ज़ालिम है كَفَّارٌۭ बड़ा नाशुक्रा है kaffārun
बड़ा नाशुक्रा है ٣٤ (34)
(34)
और उसने दी तुम्हें مِّن of min
of كُلِّ हर वो चीज़ kulli
हर वो चीज़ مَا जो mā
जो سَأَلْتُمُوهُ ۚ माँगी तुमने उस से sa-altumūhu
माँगी तुमने उस से وَإِن और अगर wa-in
और अगर تَعُدُّوا۟ तुम गिनने लगो taʿuddū
तुम गिनने लगो نِعْمَتَ नेअमतें niʿ'mata
नेअमतें ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की لَا not lā
not تُحْصُوهَآ ۗ नहीं तुम शुमार कर सकते उन्हें tuḥ'ṣūhā
नहीं तुम शुमार कर सकते उन्हें إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلْإِنسَـٰنَ इन्सान l-insāna
इन्सान لَظَلُومٌۭ अलबत्ता बड़ा ज़ालिम है laẓalūmun
अलबत्ता बड़ा ज़ालिम है كَفَّارٌۭ बड़ा नाशुक्रा है kaffārun
बड़ा नाशुक्रा है ٣٤ (34)
(34)
और तुम्हें हर उस चीज़ में से दिया, जो तुमने उससे माँगी।1 और यदि तुम अल्लाह की नेमत की गणना करो, तो उसकी गणना नहीं कर पाओगे। निःसंदेह मनुष्य निश्चय बड़ा अत्याचारी, बहुत नाशुक्रा है।
१४:३५
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब قَالَ कहा qāla
कहा إِبْرَٰهِيمُ इब्राहीम ने ib'rāhīmu
इब्राहीम ने رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब ٱجْعَلْ बना दे ij'ʿal
बना दे هَـٰذَا इस hādhā
इस ٱلْبَلَدَ शहर को l-balada
शहर को ءَامِنًۭا अमन वाला āminan
अमन वाला وَٱجْنُبْنِى और बचा ले मुझे wa-uj'nub'nī
और बचा ले मुझे وَبَنِىَّ और मेरी औलाद को wabaniyya
और मेरी औलाद को أَن (इससे) कि an
(इससे) कि نَّعْبُدَ हम इबादत करें naʿbuda
हम इबादत करें ٱلْأَصْنَامَ बुतों की l-aṣnāma
बुतों की ٣٥ (35)
(35)
और जब قَالَ कहा qāla
कहा إِبْرَٰهِيمُ इब्राहीम ने ib'rāhīmu
इब्राहीम ने رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब ٱجْعَلْ बना दे ij'ʿal
बना दे هَـٰذَا इस hādhā
इस ٱلْبَلَدَ शहर को l-balada
शहर को ءَامِنًۭا अमन वाला āminan
अमन वाला وَٱجْنُبْنِى और बचा ले मुझे wa-uj'nub'nī
और बचा ले मुझे وَبَنِىَّ और मेरी औलाद को wabaniyya
और मेरी औलाद को أَن (इससे) कि an
(इससे) कि نَّعْبُدَ हम इबादत करें naʿbuda
हम इबादत करें ٱلْأَصْنَامَ बुतों की l-aṣnāma
बुतों की ٣٥ (35)
(35)
तथा (याद करो) जब इबराहीम ने कहा : ऐ मेरे पालनहार! इस नगर (मक्का) को शांति एवं सुरक्षा वाला बना दे, तथा मुझे और मेरे बेटों को मूर्तियों की पूजा करने से बचा ले।
१४:३६
رَبِّ
ऐ मेरे रब
rabbi
ऐ मेरे रब إِنَّهُنَّ बेशक उन्होंने innahunna
बेशक उन्होंने أَضْلَلْنَ गुमराह कर दिया aḍlalna
गुमराह कर दिया كَثِيرًۭا कसीर तादाद को kathīran
कसीर तादाद को مِّنَ among mina
among ٱلنَّاسِ ۖ लोगों में से l-nāsi
लोगों में से فَمَن तो जो कोई faman
तो जो कोई تَبِعَنِى पैरवी करे मेरी tabiʿanī
पैरवी करे मेरी فَإِنَّهُۥ तो बेशक वो fa-innahu
तो बेशक वो مِنِّى ۖ मुझसे है minnī
मुझसे है وَمَنْ और जो कोई waman
और जो कोई عَصَانِى नाफ़रमानी करे मेरी ʿaṣānī
नाफ़रमानी करे मेरी فَإِنَّكَ तो बेशक तू ही है fa-innaka
तो बेशक तू ही है غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला raḥīmun
निहायत रहम करने वाला ٣٦ (36)
(36)
ऐ मेरे रब إِنَّهُنَّ बेशक उन्होंने innahunna
बेशक उन्होंने أَضْلَلْنَ गुमराह कर दिया aḍlalna
गुमराह कर दिया كَثِيرًۭا कसीर तादाद को kathīran
कसीर तादाद को مِّنَ among mina
among ٱلنَّاسِ ۖ लोगों में से l-nāsi
लोगों में से فَمَن तो जो कोई faman
तो जो कोई تَبِعَنِى पैरवी करे मेरी tabiʿanī
पैरवी करे मेरी فَإِنَّهُۥ तो बेशक वो fa-innahu
तो बेशक वो مِنِّى ۖ मुझसे है minnī
मुझसे है وَمَنْ और जो कोई waman
और जो कोई عَصَانِى नाफ़रमानी करे मेरी ʿaṣānī
नाफ़रमानी करे मेरी فَإِنَّكَ तो बेशक तू ही है fa-innaka
तो बेशक तू ही है غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला raḥīmun
निहायत रहम करने वाला ٣٦ (36)
(36)
ऐ मेरे पालनहार! निःसंदेह इन्होंने बहुत-से लोगों को गुमराह कर दिया। अतः जो मेरे पीछे चला, वह मुझसे है और जिसने मेरी अवज्ञा की, तो निश्चय तू अत्यंत क्षमाशील, बड़ा दयावान् है।
१४:३७
رَّبَّنَآ
ऐ हमारे रब
rabbanā
ऐ हमारे रब إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أَسْكَنتُ बसाया मैंने askantu
बसाया मैंने مِن (some) of min
(some) of ذُرِّيَّتِى अपनी कुछ औलाद को dhurriyyatī
अपनी कुछ औलाद को بِوَادٍ वादी में biwādin
वादी में غَيْرِ बग़ैर ghayri
बग़ैर ذِى with dhī
with زَرْعٍ खेती वाली zarʿin
खेती वाली عِندَ पास ʿinda
पास بَيْتِكَ तेरे घर के baytika
तेरे घर के ٱلْمُحَرَّمِ हुरमत वाले l-muḥarami
हुरमत वाले رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब لِيُقِيمُوا۟ ताकि वो क़ायम करें liyuqīmū
ताकि वो क़ायम करें ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ فَٱجْعَلْ पस कर दे fa-ij'ʿal
पस कर दे أَفْـِٔدَةًۭ दिलों को afidatan
दिलों को مِّنَ of mina
of ٱلنَّاسِ लोगों के l-nāsi
लोगों के تَهْوِىٓ वो माइल हों tahwī
वो माइल हों إِلَيْهِمْ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके وَٱرْزُقْهُم और रिज़्क़ दे उन्हें wa-ur'zuq'hum
और रिज़्क़ दे उन्हें مِّنَ with mina
with ٱلثَّمَرَٰتِ फलों में से l-thamarāti
फलों में से لَعَلَّهُمْ ताकि वो laʿallahum
ताकि वो يَشْكُرُونَ वो शुक्र अदा करें yashkurūna
वो शुक्र अदा करें ٣٧ (37)
(37)
ऐ हमारे रब إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أَسْكَنتُ बसाया मैंने askantu
बसाया मैंने مِن (some) of min
(some) of ذُرِّيَّتِى अपनी कुछ औलाद को dhurriyyatī
अपनी कुछ औलाद को بِوَادٍ वादी में biwādin
वादी में غَيْرِ बग़ैर ghayri
बग़ैर ذِى with dhī
with زَرْعٍ खेती वाली zarʿin
खेती वाली عِندَ पास ʿinda
पास بَيْتِكَ तेरे घर के baytika
तेरे घर के ٱلْمُحَرَّمِ हुरमत वाले l-muḥarami
हुरमत वाले رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब لِيُقِيمُوا۟ ताकि वो क़ायम करें liyuqīmū
ताकि वो क़ायम करें ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ فَٱجْعَلْ पस कर दे fa-ij'ʿal
पस कर दे أَفْـِٔدَةًۭ दिलों को afidatan
दिलों को مِّنَ of mina
of ٱلنَّاسِ लोगों के l-nāsi
लोगों के تَهْوِىٓ वो माइल हों tahwī
वो माइल हों إِلَيْهِمْ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके وَٱرْزُقْهُم और रिज़्क़ दे उन्हें wa-ur'zuq'hum
और रिज़्क़ दे उन्हें مِّنَ with mina
with ٱلثَّمَرَٰتِ फलों में से l-thamarāti
फलों में से لَعَلَّهُمْ ताकि वो laʿallahum
ताकि वो يَشْكُرُونَ वो शुक्र अदा करें yashkurūna
वो शुक्र अदा करें ٣٧ (37)
(37)
ऐ हमारे पालनहार! निःसंदेह मैंने अपनी कुछ संतान को इस घाटी में, जो किसी खेती वाली नहीं, तेरे सम्मानित घर (काबा) के पास, बसाया है। ऐ हमारे पालनहार! ताकि वे नमाज़ क़ायम करें। अतः कुछ लोगों के दिलों को ऐसे कर दे कि उनकी ओर झुके रहें और उन्हें फलों से जीविका प्रदान कर, ताकि वे शुक्रिया अदा करें।
१४:३८
رَبَّنَآ
ऐ हमारे रब
rabbanā
ऐ हमारे रब إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू تَعْلَمُ तू जानता है taʿlamu
तू जानता है مَا जो कुछ mā
जो कुछ نُخْفِى हम छुपाते हैं nukh'fī
हम छुपाते हैं وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ نُعْلِنُ ۗ हम ज़ाहिर करते हैं nuʿ'linu
हम ज़ाहिर करते हैं وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَخْفَىٰ छुप सकती yakhfā
छुप सकती عَلَى from ʿalā
from ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर مِن any min
any شَىْءٍۢ कोई चीज़ shayin
कोई चीज़ فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में وَلَا और ना walā
और ना فِى in fī
in ٱلسَّمَآءِ आसमान में l-samāi
आसमान में ٣٨ (38)
(38)
ऐ हमारे रब إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू تَعْلَمُ तू जानता है taʿlamu
तू जानता है مَا जो कुछ mā
जो कुछ نُخْفِى हम छुपाते हैं nukh'fī
हम छुपाते हैं وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ نُعْلِنُ ۗ हम ज़ाहिर करते हैं nuʿ'linu
हम ज़ाहिर करते हैं وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَخْفَىٰ छुप सकती yakhfā
छुप सकती عَلَى from ʿalā
from ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर مِن any min
any شَىْءٍۢ कोई चीज़ shayin
कोई चीज़ فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में وَلَا और ना walā
और ना فِى in fī
in ٱلسَّمَآءِ आसमान में l-samāi
आसमान में ٣٨ (38)
(38)
ऐ हमारे पालनहार! निश्चय तू जानता है, जो हम छिपाते हैं और जो हम प्रकट करते हैं। और अल्लाह से कोई चीज़ नहीं छिपती धरती में और न आकाश में।
१४:३९
ٱلْحَمْدُ
सब तारीफ़
al-ḥamdu
सब तारीफ़ لِلَّهِ अल्लाह के लिए है lillahi
अल्लाह के लिए है ٱلَّذِى वो जिसने alladhī
वो जिसने وَهَبَ अता किए wahaba
अता किए لِى मुझे lī
मुझे عَلَى in ʿalā
in ٱلْكِبَرِ बावजूद बुढ़ापे के l-kibari
बावजूद बुढ़ापे के إِسْمَـٰعِيلَ इस्माईल is'māʿīla
इस्माईल وَإِسْحَـٰقَ ۚ और इसहाक़ wa-is'ḥāqa
और इसहाक़ إِنَّ बेशक inna
बेशक رَبِّى मेरा रब rabbī
मेरा रब لَسَمِيعُ अलबत्ता ख़ूब सुनने वाला है lasamīʿu
अलबत्ता ख़ूब सुनने वाला है ٱلدُّعَآءِ दुआ को l-duʿāi
दुआ को ٣٩ (39)
(39)
सब तारीफ़ لِلَّهِ अल्लाह के लिए है lillahi
अल्लाह के लिए है ٱلَّذِى वो जिसने alladhī
वो जिसने وَهَبَ अता किए wahaba
अता किए لِى मुझे lī
मुझे عَلَى in ʿalā
in ٱلْكِبَرِ बावजूद बुढ़ापे के l-kibari
बावजूद बुढ़ापे के إِسْمَـٰعِيلَ इस्माईल is'māʿīla
इस्माईल وَإِسْحَـٰقَ ۚ और इसहाक़ wa-is'ḥāqa
और इसहाक़ إِنَّ बेशक inna
बेशक رَبِّى मेरा रब rabbī
मेरा रब لَسَمِيعُ अलबत्ता ख़ूब सुनने वाला है lasamīʿu
अलबत्ता ख़ूब सुनने वाला है ٱلدُّعَآءِ दुआ को l-duʿāi
दुआ को ٣٩ (39)
(39)
सब प्रशंसा उस अल्लाह के लिए है, जिसने मुझे बुढ़ापे के बावजूद (दो पुत्र) इसमाईल और इसहाक़ प्रदान किए। निःसंदेह मेरा पालनहार तो बहुत दुआ सुनने वाला है।
१४:४०
رَبِّ
ऐ मेरे रब
rabbi
ऐ मेरे रब ٱجْعَلْنِى बना मुझे ij'ʿalnī
बना मुझे مُقِيمَ क़ायम करने वाला muqīma
क़ायम करने वाला ٱلصَّلَوٰةِ नमाज़ का l-ṣalati
नमाज़ का وَمِن and from wamin
and from ذُرِّيَّتِى ۚ और मेरी औलाद को dhurriyyatī
और मेरी औलाद को رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब وَتَقَبَّلْ और तू क़ुबूल कर ले wataqabbal
और तू क़ुबूल कर ले دُعَآءِ दुआ मेरी duʿāi
दुआ मेरी ٤٠ (40)
(40)
ऐ मेरे रब ٱجْعَلْنِى बना मुझे ij'ʿalnī
बना मुझे مُقِيمَ क़ायम करने वाला muqīma
क़ायम करने वाला ٱلصَّلَوٰةِ नमाज़ का l-ṣalati
नमाज़ का وَمِن and from wamin
and from ذُرِّيَّتِى ۚ और मेरी औलाद को dhurriyyatī
और मेरी औलाद को رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब وَتَقَبَّلْ और तू क़ुबूल कर ले wataqabbal
और तू क़ुबूल कर ले دُعَآءِ दुआ मेरी duʿāi
दुआ मेरी ٤٠ (40)
(40)
मेरे पालनहार! मुझे नमाज़ क़ायम करने वाला बना तथा मेरी संतान में से भी। ऐ हमारे पालनहार! और मेरी दुआ स्वीकार कर।
१४:४१
رَبَّنَا
ऐ हमारे रब
rabbanā
ऐ हमारे रब ٱغْفِرْ बख़्श दे igh'fir
बख़्श दे لِى मुझे lī
मुझे وَلِوَٰلِدَىَّ और मेरे वालिदैन को waliwālidayya
और मेरे वालिदैन को وَلِلْمُؤْمِنِينَ और मोमिनों को walil'mu'minīna
और मोमिनों को يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन يَقُومُ क़ायम होगा yaqūmu
क़ायम होगा ٱلْحِسَابُ हिसाब l-ḥisābu
हिसाब ٤١ (41)
(41)
ऐ हमारे रब ٱغْفِرْ बख़्श दे igh'fir
बख़्श दे لِى मुझे lī
मुझे وَلِوَٰلِدَىَّ और मेरे वालिदैन को waliwālidayya
और मेरे वालिदैन को وَلِلْمُؤْمِنِينَ और मोमिनों को walil'mu'minīna
और मोमिनों को يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन يَقُومُ क़ायम होगा yaqūmu
क़ायम होगा ٱلْحِسَابُ हिसाब l-ḥisābu
हिसाब ٤١ (41)
(41)
ऐ हमारे पालनहार! मुझे क्षमा कर दे तथा मेरे माता-पिता को और ईमान वालों को, जिस दिन हिसाब लिया जाएगा।
१४:४२
وَلَا
और ना
walā
और ना تَحْسَبَنَّ तुम हरगिज़ समझो taḥsabanna
तुम हरगिज़ समझो ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को غَـٰفِلًا ग़ाफ़िल ghāfilan
ग़ाफ़िल عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो يَعْمَلُ अमल करते हैं yaʿmalu
अमल करते हैं ٱلظَّـٰلِمُونَ ۚ ज़ालिम लोग l-ẓālimūna
ज़ालिम लोग إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक يُؤَخِّرُهُمْ वो ढील दे रहा है उन्हें yu-akhiruhum
वो ढील दे रहा है उन्हें لِيَوْمٍۢ उस दिन के लिए liyawmin
उस दिन के लिए تَشْخَصُ पथरा जाऐंगी tashkhaṣu
पथरा जाऐंगी فِيهِ जिसमें fīhi
जिसमें ٱلْأَبْصَـٰرُ निगाहें l-abṣāru
निगाहें ٤٢ (42)
(42)
और ना تَحْسَبَنَّ तुम हरगिज़ समझो taḥsabanna
तुम हरगिज़ समझो ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को غَـٰفِلًا ग़ाफ़िल ghāfilan
ग़ाफ़िल عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो يَعْمَلُ अमल करते हैं yaʿmalu
अमल करते हैं ٱلظَّـٰلِمُونَ ۚ ज़ालिम लोग l-ẓālimūna
ज़ालिम लोग إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक يُؤَخِّرُهُمْ वो ढील दे रहा है उन्हें yu-akhiruhum
वो ढील दे रहा है उन्हें لِيَوْمٍۢ उस दिन के लिए liyawmin
उस दिन के लिए تَشْخَصُ पथरा जाऐंगी tashkhaṣu
पथरा जाऐंगी فِيهِ जिसमें fīhi
जिसमें ٱلْأَبْصَـٰرُ निगाहें l-abṣāru
निगाहें ٤٢ (42)
(42)
और तुम अल्लाह को उससे हरगिज़ असावधान न समझो, जो अत्याचारी लोग कर रहे हैं! वह तो उन्हें उस दिन1 के लिए विलंबित कर रहा है, जिस दिन आँखें खुली रह जाएँगी।
१४:४३
مُهْطِعِينَ
तेज़ी से दौड़ने वाले
muh'ṭiʿīna
तेज़ी से दौड़ने वाले مُقْنِعِى ऊपर उठाए हुए muq'niʿī
ऊपर उठाए हुए رُءُوسِهِمْ अपने सरों को ruūsihim
अपने सरों को لَا not lā
not يَرْتَدُّ नहीं लौटेगी yartaddu
नहीं लौटेगी إِلَيْهِمْ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके طَرْفُهُمْ ۖ निगाह उनकी ṭarfuhum
निगाह उनकी وَأَفْـِٔدَتُهُمْ और दिल उनके wa-afidatuhum
और दिल उनके هَوَآءٌۭ ख़ाली होंगे hawāon
ख़ाली होंगे ٤٣ (43)
(43)
तेज़ी से दौड़ने वाले مُقْنِعِى ऊपर उठाए हुए muq'niʿī
ऊपर उठाए हुए رُءُوسِهِمْ अपने सरों को ruūsihim
अपने सरों को لَا not lā
not يَرْتَدُّ नहीं लौटेगी yartaddu
नहीं लौटेगी إِلَيْهِمْ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके طَرْفُهُمْ ۖ निगाह उनकी ṭarfuhum
निगाह उनकी وَأَفْـِٔدَتُهُمْ और दिल उनके wa-afidatuhum
और दिल उनके هَوَآءٌۭ ख़ाली होंगे hawāon
ख़ाली होंगे ٤٣ (43)
(43)
इस हाल में कि वे तेज़ डौड़ने वाले, अपने सिर को ऊपर उठाने वाले होंगे। उनकी निगाह उनकी ओर नहीं लौटेगी और उनके दिल ख़ाली1 होंगे।
१४:४४
وَأَنذِرِ
और ख़बरदार कीजिए
wa-andhiri
और ख़बरदार कीजिए ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन يَأْتِيهِمُ आएगा उनके पास yatīhimu
आएगा उनके पास ٱلْعَذَابُ अज़ाब l-ʿadhābu
अज़ाब فَيَقُولُ तो कहेंगे fayaqūlu
तो कहेंगे ٱلَّذِينَ वो लोग जिन्होंने alladhīna
वो लोग जिन्होंने ظَلَمُوا۟ ज़ुल्म किया ẓalamū
ज़ुल्म किया رَبَّنَآ ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब أَخِّرْنَآ मोहलत दे हमें akhir'nā
मोहलत दे हमें إِلَىٰٓ for ilā
for أَجَلٍۢ एक मुद्दत तक ajalin
एक मुद्दत तक قَرِيبٍۢ क़रीब की qarībin
क़रीब की نُّجِبْ हम क़ुबूल कर लें nujib
हम क़ुबूल कर लें دَعْوَتَكَ तेरी दावत daʿwataka
तेरी दावत وَنَتَّبِعِ और हम पैरवी करें wanattabiʿi
और हम पैरवी करें ٱلرُّسُلَ ۗ रसूलों की l-rusula
रसूलों की أَوَلَمْ क्या नहीं awalam
क्या नहीं تَكُونُوٓا۟ थे तुम takūnū
थे तुम أَقْسَمْتُم क़समें खाते तुम aqsamtum
क़समें खाते तुम مِّن before min
before قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले مَا नहीं है mā
नहीं है لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّن any min
any زَوَالٍۢ कोई ज़वाल zawālin
कोई ज़वाल ٤٤ (44)
(44)
और ख़बरदार कीजिए ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन يَأْتِيهِمُ आएगा उनके पास yatīhimu
आएगा उनके पास ٱلْعَذَابُ अज़ाब l-ʿadhābu
अज़ाब فَيَقُولُ तो कहेंगे fayaqūlu
तो कहेंगे ٱلَّذِينَ वो लोग जिन्होंने alladhīna
वो लोग जिन्होंने ظَلَمُوا۟ ज़ुल्म किया ẓalamū
ज़ुल्म किया رَبَّنَآ ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब أَخِّرْنَآ मोहलत दे हमें akhir'nā
मोहलत दे हमें إِلَىٰٓ for ilā
for أَجَلٍۢ एक मुद्दत तक ajalin
एक मुद्दत तक قَرِيبٍۢ क़रीब की qarībin
क़रीब की نُّجِبْ हम क़ुबूल कर लें nujib
हम क़ुबूल कर लें دَعْوَتَكَ तेरी दावत daʿwataka
तेरी दावत وَنَتَّبِعِ और हम पैरवी करें wanattabiʿi
और हम पैरवी करें ٱلرُّسُلَ ۗ रसूलों की l-rusula
रसूलों की أَوَلَمْ क्या नहीं awalam
क्या नहीं تَكُونُوٓا۟ थे तुम takūnū
थे तुम أَقْسَمْتُم क़समें खाते तुम aqsamtum
क़समें खाते तुम مِّن before min
before قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले مَا नहीं है mā
नहीं है لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّن any min
any زَوَالٍۢ कोई ज़वाल zawālin
कोई ज़वाल ٤٤ (44)
(44)
और (ऐ नबी!) लोगों को उस दिन से डराएँ, जब उनपर यातना आ जाएगी, तो वे लोग जिन्होंने अत्याचार किया, कहेंगे : ऐ हमारे पालनहार! हमें कुछ समय तक मोहलत दे दे, हम तेरा आमंत्रण स्वीकार करेंगे और रसूलों का अनुसरण करेंगे।(कहा जाएगा :) क्या तुमने इससे पहले क़समें नहीं खाई थीं कि तुम्हारे लिए कोई भी स्थानांतरण नहीं?
१४:४५
وَسَكَنتُمْ
और ठहरे रहे तुम
wasakantum
और ठहरे रहे तुम فِى in fī
in مَسَـٰكِنِ घरों में masākini
घरों में ٱلَّذِينَ उन लोगों के जिन्होंने alladhīna
उन लोगों के जिन्होंने ظَلَمُوٓا۟ ज़ुल्म किया ẓalamū
ज़ुल्म किया أَنفُسَهُمْ अपनी जानों पर anfusahum
अपनी जानों पर وَتَبَيَّنَ और वाज़ेह हो गया watabayyana
और वाज़ेह हो गया لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए كَيْفَ कैसा kayfa
कैसा فَعَلْنَا किया हमने (सुलूक) faʿalnā
किया हमने (सुलूक) بِهِمْ साथ उनके bihim
साथ उनके وَضَرَبْنَا और बयान कर दीं हमने waḍarabnā
और बयान कर दीं हमने لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلْأَمْثَالَ मिसालें l-amthāla
मिसालें ٤٥ (45)
(45)
और ठहरे रहे तुम فِى in fī
in مَسَـٰكِنِ घरों में masākini
घरों में ٱلَّذِينَ उन लोगों के जिन्होंने alladhīna
उन लोगों के जिन्होंने ظَلَمُوٓا۟ ज़ुल्म किया ẓalamū
ज़ुल्म किया أَنفُسَهُمْ अपनी जानों पर anfusahum
अपनी जानों पर وَتَبَيَّنَ और वाज़ेह हो गया watabayyana
और वाज़ेह हो गया لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए كَيْفَ कैसा kayfa
कैसा فَعَلْنَا किया हमने (सुलूक) faʿalnā
किया हमने (सुलूक) بِهِمْ साथ उनके bihim
साथ उनके وَضَرَبْنَا और बयान कर दीं हमने waḍarabnā
और बयान कर दीं हमने لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلْأَمْثَالَ मिसालें l-amthāla
मिसालें ٤٥ (45)
(45)
और तुम उन लोगों की बस्तियों में आबाद रहे, जिन्होंने अपने ऊपर अत्याचार किया था और तुम्हारे लिए अच्छी तरह स्पष्ट हो गया कि हमने उनके साथ किस तरह किया? और हमने तुम्हारे लिए कई उदाहरण प्रस्तुत किए।
१४:४६
وَقَدْ
और तहक़ीक़
waqad
और तहक़ीक़ مَكَرُوا۟ उन्होंने चाल चली makarū
उन्होंने चाल चली مَكْرَهُمْ अपनी चाल makrahum
अपनी चाल وَعِندَ और पास है waʿinda
और पास है ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के مَكْرُهُمْ उनकी चाल (का तोड़) makruhum
उनकी चाल (का तोड़) وَإِن और नहीं wa-in
और नहीं كَانَ थी kāna
थी مَكْرُهُمْ चाल उनकी makruhum
चाल उनकी لِتَزُولَ कि टल जाऐं litazūla
कि टल जाऐं مِنْهُ उससे min'hu
उससे ٱلْجِبَالُ पहाड़ l-jibālu
पहाड़ ٤٦ (46)
(46)
और तहक़ीक़ مَكَرُوا۟ उन्होंने चाल चली makarū
उन्होंने चाल चली مَكْرَهُمْ अपनी चाल makrahum
अपनी चाल وَعِندَ और पास है waʿinda
और पास है ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के مَكْرُهُمْ उनकी चाल (का तोड़) makruhum
उनकी चाल (का तोड़) وَإِن और नहीं wa-in
और नहीं كَانَ थी kāna
थी مَكْرُهُمْ चाल उनकी makruhum
चाल उनकी لِتَزُولَ कि टल जाऐं litazūla
कि टल जाऐं مِنْهُ उससे min'hu
उससे ٱلْجِبَالُ पहाड़ l-jibālu
पहाड़ ٤٦ (46)
(46)
और निःसंदेह उन्होंने अपना उपाय किया। और अल्लाह ही के पास1 उनका उपाय है। और उनका उपाय हरगिज़ ऐसा न था कि उससे पर्वत टल जाएँ।
१४:४७
فَلَا
तो ना
falā
तो ना تَحْسَبَنَّ तुम हरगिज़ समझो taḥsabanna
तुम हरगिज़ समझो ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को مُخْلِفَ ख़िलाफ़ करने वाला mukh'lifa
ख़िलाफ़ करने वाला وَعْدِهِۦ अपने वादे का waʿdihi
अपने वादे का رُسُلَهُۥٓ ۗ अपने रसूलों से rusulahu
अपने रसूलों से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَزِيزٌۭ बहुत ज़बरदस्त है ʿazīzun
बहुत ज़बरदस्त है ذُو Owner (of) Retribution dhū
Owner (of) Retribution ٱنتِقَامٍۢ इन्तिक़ाम लेने वाला है intiqāmin
इन्तिक़ाम लेने वाला है ٤٧ (47)
(47)
तो ना تَحْسَبَنَّ तुम हरगिज़ समझो taḥsabanna
तुम हरगिज़ समझो ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को مُخْلِفَ ख़िलाफ़ करने वाला mukh'lifa
ख़िलाफ़ करने वाला وَعْدِهِۦ अपने वादे का waʿdihi
अपने वादे का رُسُلَهُۥٓ ۗ अपने रसूलों से rusulahu
अपने रसूलों से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَزِيزٌۭ बहुत ज़बरदस्त है ʿazīzun
बहुत ज़बरदस्त है ذُو Owner (of) Retribution dhū
Owner (of) Retribution ٱنتِقَامٍۢ इन्तिक़ाम लेने वाला है intiqāmin
इन्तिक़ाम लेने वाला है ٤٧ (47)
(47)
अतः आप हरगिज़ यह न समझें कि अल्लाह अपने रसूलों से किए हुए अपने वादे के विरुद्ध करने वाला है। निःसंदेह अल्लाह प्रभुत्वशाली, बदला लेने वाला है।
१४:४८
يَوْمَ
जिस दिन
yawma
जिस दिन تُبَدَّلُ बदल दी जाएगी tubaddalu
बदल दी जाएगी ٱلْأَرْضُ ज़मीन l-arḍu
ज़मीन غَيْرَ सिवाय ghayra
सिवाय ٱلْأَرْضِ इस ज़मीन के l-arḍi
इस ज़मीन के وَٱلسَّمَـٰوَٰتُ ۖ और आसमान (भी) wal-samāwātu
और आसमान (भी) وَبَرَزُوا۟ और वो सामने आ जाऐंगे wabarazū
और वो सामने आ जाऐंगे لِلَّهِ अल्लाह के lillahi
अल्लाह के ٱلْوَٰحِدِ जो अकेला है l-wāḥidi
जो अकेला है ٱلْقَهَّارِ बहुत ज़बरदस्त है l-qahāri
बहुत ज़बरदस्त है ٤٨ (48)
(48)
जिस दिन تُبَدَّلُ बदल दी जाएगी tubaddalu
बदल दी जाएगी ٱلْأَرْضُ ज़मीन l-arḍu
ज़मीन غَيْرَ सिवाय ghayra
सिवाय ٱلْأَرْضِ इस ज़मीन के l-arḍi
इस ज़मीन के وَٱلسَّمَـٰوَٰتُ ۖ और आसमान (भी) wal-samāwātu
और आसमान (भी) وَبَرَزُوا۟ और वो सामने आ जाऐंगे wabarazū
और वो सामने आ जाऐंगे لِلَّهِ अल्लाह के lillahi
अल्लाह के ٱلْوَٰحِدِ जो अकेला है l-wāḥidi
जो अकेला है ٱلْقَهَّارِ बहुत ज़बरदस्त है l-qahāri
बहुत ज़बरदस्त है ٤٨ (48)
(48)
जिस दिन यह धरती अन्य धरती से बदल दी जाएगी और सब आकाश भी। तथा लोग अल्लाह के समक्ष1 प्रस्तुत होंगे, जो अकेला, सब पर प्रभुत्वशाली है।
१४:४९
وَتَرَى
और आप देखेंगे
watarā
और आप देखेंगे ٱلْمُجْرِمِينَ मुजरिमों को l-muj'rimīna
मुजरिमों को يَوْمَئِذٍۢ उस दिन yawma-idhin
उस दिन مُّقَرَّنِينَ जकड़े हुए होंगे muqarranīna
जकड़े हुए होंगे فِى in fī
in ٱلْأَصْفَادِ बेड़ियों में l-aṣfādi
बेड़ियों में ٤٩ (49)
(49)
और आप देखेंगे ٱلْمُجْرِمِينَ मुजरिमों को l-muj'rimīna
मुजरिमों को يَوْمَئِذٍۢ उस दिन yawma-idhin
उस दिन مُّقَرَّنِينَ जकड़े हुए होंगे muqarranīna
जकड़े हुए होंगे فِى in fī
in ٱلْأَصْفَادِ बेड़ियों में l-aṣfādi
बेड़ियों में ٤٩ (49)
(49)
और आप अपराधियों को उस दिन ज़ंजीरों में एक-दूसरे के साथ जकड़े हुए देखेंगे।
१४:५०
سَرَابِيلُهُم
कुर्ते उनके
sarābīluhum
कुर्ते उनके مِّن of min
of قَطِرَانٍۢ तारकोल के होंगे qaṭirānin
तारकोल के होंगे وَتَغْشَىٰ और ढाँपे हुए होगी wataghshā
और ढाँपे हुए होगी وُجُوهَهُمُ उनके चेहरों को wujūhahumu
उनके चेहरों को ٱلنَّارُ आग l-nāru
आग ٥٠ (50)
(50)
कुर्ते उनके مِّن of min
of قَطِرَانٍۢ तारकोल के होंगे qaṭirānin
तारकोल के होंगे وَتَغْشَىٰ और ढाँपे हुए होगी wataghshā
और ढाँपे हुए होगी وُجُوهَهُمُ उनके चेहरों को wujūhahumu
उनके चेहरों को ٱلنَّارُ आग l-nāru
आग ٥٠ (50)
(50)
उनके वस्त्र तारकोल के होंगे और उनके चेहरों को आग ढाँपे होगी।
१४:५१
لِيَجْزِىَ
ताकि बदला दे
liyajziya
ताकि बदला दे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह كُلَّ हर kulla
हर نَفْسٍۢ नफ़्स को nafsin
नफ़्स को مَّا उसका जो mā
उसका जो كَسَبَتْ ۚ उसने कमाई की kasabat
उसने कमाई की إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह سَرِيعُ जल्द लेने वाला है sarīʿu
जल्द लेने वाला है ٱلْحِسَابِ हिसाब l-ḥisābi
हिसाब ٥١ (51)
(51)
ताकि बदला दे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह كُلَّ हर kulla
हर نَفْسٍۢ नफ़्स को nafsin
नफ़्स को مَّا उसका जो mā
उसका जो كَسَبَتْ ۚ उसने कमाई की kasabat
उसने कमाई की إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह سَرِيعُ जल्द लेने वाला है sarīʿu
जल्द लेने वाला है ٱلْحِسَابِ हिसाब l-ḥisābi
हिसाब ٥١ (51)
(51)
ताकि अल्लाह प्रत्येक प्राणी को उसके किए का बदला दे। निःसंदेह अल्लाह शीघ्र हिसाब लेने वाला है।
१४:५२
هَـٰذَا
ये
hādhā
ये بَلَـٰغٌۭ पैग़ाम है balāghun
पैग़ाम है لِّلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए وَلِيُنذَرُوا۟ और ताकि वो डराए जाऐं waliyundharū
और ताकि वो डराए जाऐं بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके وَلِيَعْلَمُوٓا۟ और ताकि वो जान लें waliyaʿlamū
और ताकि वो जान लें أَنَّمَا बेशक annamā
बेशक هُوَ वो huwa
वो إِلَـٰهٌۭ इलाह है ilāhun
इलाह है وَٰحِدٌۭ एक ही wāḥidun
एक ही وَلِيَذَّكَّرَ और ताकि नसीहत पकड़ें waliyadhakkara
और ताकि नसीहत पकड़ें أُو۟لُوا۟ men ulū
men ٱلْأَلْبَـٰبِ अक़्ल वाले l-albābi
अक़्ल वाले ٥٢ (52)
(52)
ये بَلَـٰغٌۭ पैग़ाम है balāghun
पैग़ाम है لِّلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए وَلِيُنذَرُوا۟ और ताकि वो डराए जाऐं waliyundharū
और ताकि वो डराए जाऐं بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके وَلِيَعْلَمُوٓا۟ और ताकि वो जान लें waliyaʿlamū
और ताकि वो जान लें أَنَّمَا बेशक annamā
बेशक هُوَ वो huwa
वो إِلَـٰهٌۭ इलाह है ilāhun
इलाह है وَٰحِدٌۭ एक ही wāḥidun
एक ही وَلِيَذَّكَّرَ और ताकि नसीहत पकड़ें waliyadhakkara
और ताकि नसीहत पकड़ें أُو۟لُوا۟ men ulū
men ٱلْأَلْبَـٰبِ अक़्ल वाले l-albābi
अक़्ल वाले ٥٢ (52)
(52)
यह लोगों के लिए एक सूचना है और ताकि उन्हें इसके साथ डराया जाए और ताकि वे जान लें कि वही एक सत्य पूज्य है और ताकि बुद्धि वाले लोग शिक्षा ग्रहण करें।