१३
अर-रअ्द
الرعد
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
१३:१
الٓمٓر ۚ
अलिफ़ लाम मीम रा
alif-lam-meem-ra
अलिफ़ लाम मीम रा تِلْكَ ये til'ka
ये ءَايَـٰتُ आयात हैं āyātu
आयात हैं ٱلْكِتَـٰبِ ۗ किताब की l-kitābi
किताब की وَٱلَّذِىٓ और जो कुछ wa-alladhī
और जो कुछ أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके مِن from min
from رَّبِّكَ आपके रब की तरफ़ से rabbika
आपके रब की तरफ़ से ٱلْحَقُّ हक़ है l-ḥaqu
हक़ है وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन أَكْثَرَ अक्सर akthara
अक्सर ٱلنَّاسِ लोग l-nāsi
लोग لَا (do) not lā
(do) not يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाते yu'minūna
नहीं वो ईमान लाते ١ (1)
(1)
अलिफ़ लाम मीम रा تِلْكَ ये til'ka
ये ءَايَـٰتُ आयात हैं āyātu
आयात हैं ٱلْكِتَـٰبِ ۗ किताब की l-kitābi
किताब की وَٱلَّذِىٓ और जो कुछ wa-alladhī
और जो कुछ أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके مِن from min
from رَّبِّكَ आपके रब की तरफ़ से rabbika
आपके रब की तरफ़ से ٱلْحَقُّ हक़ है l-ḥaqu
हक़ है وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन أَكْثَرَ अक्सर akthara
अक्सर ٱلنَّاسِ लोग l-nāsi
लोग لَا (do) not lā
(do) not يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाते yu'minūna
नहीं वो ईमान लाते ١ (1)
(1)
अलिफ़॰ लाम॰ मीम॰ रा॰। ये पूर्ण पुस्तक (क़ुरआन) की आयतें हैं। और जो कुछ (ऐ नबी!) आपपर, आपके पालनहार की ओर से उतारा गया है, सर्वथा सत्य है। परंतु अधिकतर लोग ईमान (विश्वास) नहीं लाते।
१३:२
ٱللَّهُ
अल्लाह
al-lahu
अल्लाह ٱلَّذِى वो ही है जिसने alladhī
वो ही है जिसने رَفَعَ बुलन्द किया rafaʿa
बुलन्द किया ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों को l-samāwāti
आसमानों को بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर عَمَدٍۢ सुतूनों के ʿamadin
सुतूनों के تَرَوْنَهَا ۖ तुम देखते हो जिन्हें tarawnahā
तुम देखते हो जिन्हें ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱسْتَوَىٰ वो बुलन्द हुआ is'tawā
वो बुलन्द हुआ عَلَى on ʿalā
on ٱلْعَرْشِ ۖ अर्श पर l-ʿarshi
अर्श पर وَسَخَّرَ और उसने मुसख़्ख़र किया wasakhara
और उसने मुसख़्ख़र किया ٱلشَّمْسَ सूरज l-shamsa
सूरज وَٱلْقَمَرَ ۖ और चाँद को wal-qamara
और चाँद को كُلٌّۭ सब kullun
सब يَجْرِى चल रहे हैं yajrī
चल रहे हैं لِأَجَلٍۢ एक वक़्त तक li-ajalin
एक वक़्त तक مُّسَمًّۭى ۚ मुक़र्रर musamman
मुक़र्रर يُدَبِّرُ वो तदबीर करता है yudabbiru
वो तदबीर करता है ٱلْأَمْرَ काम की l-amra
काम की يُفَصِّلُ वो खोल कर बयान करता है yufaṣṣilu
वो खोल कर बयान करता है ٱلْـَٔايَـٰتِ आयात को l-āyāti
आयात को لَعَلَّكُم ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम بِلِقَآءِ मुलाक़ात का biliqāi
मुलाक़ात का رَبِّكُمْ अपने रब की rabbikum
अपने रब की تُوقِنُونَ तुम यक़ीन करो tūqinūna
तुम यक़ीन करो ٢ (2)
(2)
अल्लाह ٱلَّذِى वो ही है जिसने alladhī
वो ही है जिसने رَفَعَ बुलन्द किया rafaʿa
बुलन्द किया ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों को l-samāwāti
आसमानों को بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर عَمَدٍۢ सुतूनों के ʿamadin
सुतूनों के تَرَوْنَهَا ۖ तुम देखते हो जिन्हें tarawnahā
तुम देखते हो जिन्हें ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱسْتَوَىٰ वो बुलन्द हुआ is'tawā
वो बुलन्द हुआ عَلَى on ʿalā
on ٱلْعَرْشِ ۖ अर्श पर l-ʿarshi
अर्श पर وَسَخَّرَ और उसने मुसख़्ख़र किया wasakhara
और उसने मुसख़्ख़र किया ٱلشَّمْسَ सूरज l-shamsa
सूरज وَٱلْقَمَرَ ۖ और चाँद को wal-qamara
और चाँद को كُلٌّۭ सब kullun
सब يَجْرِى चल रहे हैं yajrī
चल रहे हैं لِأَجَلٍۢ एक वक़्त तक li-ajalin
एक वक़्त तक مُّسَمًّۭى ۚ मुक़र्रर musamman
मुक़र्रर يُدَبِّرُ वो तदबीर करता है yudabbiru
वो तदबीर करता है ٱلْأَمْرَ काम की l-amra
काम की يُفَصِّلُ वो खोल कर बयान करता है yufaṣṣilu
वो खोल कर बयान करता है ٱلْـَٔايَـٰتِ आयात को l-āyāti
आयात को لَعَلَّكُم ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम بِلِقَآءِ मुलाक़ात का biliqāi
मुलाक़ात का رَبِّكُمْ अपने रब की rabbikum
अपने रब की تُوقِنُونَ तुम यक़ीन करो tūqinūna
तुम यक़ीन करो ٢ (2)
(2)
अल्लाह वह है, जिसने आकाशों को बिना स्तंभों के ऊँचा किया, जिन्हें तुम देखते हो। फिर वह अर्श (सिंहासन) पर बुलंद हुआ। तथा सूरज और चाँद को वशीभूत किया। प्रत्येक एक नियत समय के लिए चल रहा है। वह हर काम की व्यवस्था करता है। वह निशानियों को विस्तार से बयान करता है, ताकि तुम अपने पालनहार से मिलने का विश्वास कर लो।
१३:३
وَهُوَ
और वो ही है
wahuwa
और वो ही है ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने مَدَّ फैला दिया madda
फैला दिया ٱلْأَرْضَ ज़मीन को l-arḍa
ज़मीन को وَجَعَلَ और बनाए wajaʿala
और बनाए فِيهَا उसमें fīhā
उसमें رَوَٰسِىَ पहाड़ rawāsiya
पहाड़ وَأَنْهَـٰرًۭا ۖ और नहरें wa-anhāran
और नहरें وَمِن and from wamin
and from كُلِّ और हर क़िस्म से kulli
और हर क़िस्म से ٱلثَّمَرَٰتِ फलों की l-thamarāti
फलों की جَعَلَ उसने बनाए jaʿala
उसने बनाए فِيهَا उसमें fīhā
उसमें زَوْجَيْنِ जोड़े zawjayni
जोड़े ٱثْنَيْنِ ۖ दो दो ith'nayni
दो दो يُغْشِى वो ढाँपता है yugh'shī
वो ढाँपता है ٱلَّيْلَ रात को al-layla
रात को ٱلنَّهَارَ ۚ दिन पर l-nahāra
दिन पर إِنَّ बेशक inna
बेशक فِى in fī
in ذَٰلِكَ उसमें dhālika
उसमें لَـَٔايَـٰتٍۢ अलबत्ता निशानियाँ हैं laāyātin
अलबत्ता निशानियाँ हैं لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يَتَفَكَّرُونَ जो ग़ौरो फ़िक्र करते हैं yatafakkarūna
जो ग़ौरो फ़िक्र करते हैं ٣ (3)
(3)
और वो ही है ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने مَدَّ फैला दिया madda
फैला दिया ٱلْأَرْضَ ज़मीन को l-arḍa
ज़मीन को وَجَعَلَ और बनाए wajaʿala
और बनाए فِيهَا उसमें fīhā
उसमें رَوَٰسِىَ पहाड़ rawāsiya
पहाड़ وَأَنْهَـٰرًۭا ۖ और नहरें wa-anhāran
और नहरें وَمِن and from wamin
and from كُلِّ और हर क़िस्म से kulli
और हर क़िस्म से ٱلثَّمَرَٰتِ फलों की l-thamarāti
फलों की جَعَلَ उसने बनाए jaʿala
उसने बनाए فِيهَا उसमें fīhā
उसमें زَوْجَيْنِ जोड़े zawjayni
जोड़े ٱثْنَيْنِ ۖ दो दो ith'nayni
दो दो يُغْشِى वो ढाँपता है yugh'shī
वो ढाँपता है ٱلَّيْلَ रात को al-layla
रात को ٱلنَّهَارَ ۚ दिन पर l-nahāra
दिन पर إِنَّ बेशक inna
बेशक فِى in fī
in ذَٰلِكَ उसमें dhālika
उसमें لَـَٔايَـٰتٍۢ अलबत्ता निशानियाँ हैं laāyātin
अलबत्ता निशानियाँ हैं لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يَتَفَكَّرُونَ जो ग़ौरो फ़िक्र करते हैं yatafakkarūna
जो ग़ौरो फ़िक्र करते हैं ٣ (3)
(3)
तथा वही है, जिसने धरती को फैलाया और उसमें पर्वत और नदियाँ बनाईं और प्रत्येक फल के दो-दो प्रकार बनाए। वह रात को दिन पर उढ़ा देता है। निःसंदेह इसमें उन लोगों के लिए निश्चय बहुत-सी निशानियाँ हैं, जो सोच-विचार करते हैं।
१३:४
وَفِى
And in
wafī
And in ٱلْأَرْضِ और ज़मीन में l-arḍi
और ज़मीन में قِطَعٌۭ टुकड़े हैं qiṭaʿun
टुकड़े हैं مُّتَجَـٰوِرَٰتٌۭ बाहम मिले हुए mutajāwirātun
बाहम मिले हुए وَجَنَّـٰتٌۭ और बाग़ात हैं wajannātun
और बाग़ात हैं مِّنْ of min
of أَعْنَـٰبٍۢ अंगूरों के aʿnābin
अंगूरों के وَزَرْعٌۭ और खेतियाँ wazarʿun
और खेतियाँ وَنَخِيلٌۭ और खजूर के दरख़्त wanakhīlun
और खजूर के दरख़्त صِنْوَانٌۭ जड़ से मिले हुए ṣin'wānun
जड़ से मिले हुए وَغَيْرُ और बग़ैर waghayru
और बग़ैर صِنْوَانٍۢ जड़ से मिले हुए ṣin'wānin
जड़ से मिले हुए يُسْقَىٰ वो पिलाए जाते हैं yus'qā
वो पिलाए जाते हैं بِمَآءٍۢ पानी bimāin
पानी وَٰحِدٍۢ एक ही wāḥidin
एक ही وَنُفَضِّلُ और हम फ़ज़ीलत देते है wanufaḍḍilu
और हम फ़ज़ीलत देते है بَعْضَهَا उनके बाज़ को baʿḍahā
उनके बाज़ को عَلَىٰ over ʿalā
over بَعْضٍۢ बाज़ पर baʿḍin
बाज़ पर فِى in fī
in ٱلْأُكُلِ ۚ फलों में l-ukuli
फलों में إِنَّ यक़ीनन inna
यक़ीनन فِى in fī
in ذَٰلِكَ उसमें dhālika
उसमें لَـَٔايَـٰتٍۢ अलबत्ता निशानियाँ हैं laāyātin
अलबत्ता निशानियाँ हैं لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يَعْقِلُونَ जो अक़्ल से काम लेते हैं yaʿqilūna
जो अक़्ल से काम लेते हैं ٤ (4)
(4)
And in ٱلْأَرْضِ और ज़मीन में l-arḍi
और ज़मीन में قِطَعٌۭ टुकड़े हैं qiṭaʿun
टुकड़े हैं مُّتَجَـٰوِرَٰتٌۭ बाहम मिले हुए mutajāwirātun
बाहम मिले हुए وَجَنَّـٰتٌۭ और बाग़ात हैं wajannātun
और बाग़ात हैं مِّنْ of min
of أَعْنَـٰبٍۢ अंगूरों के aʿnābin
अंगूरों के وَزَرْعٌۭ और खेतियाँ wazarʿun
और खेतियाँ وَنَخِيلٌۭ और खजूर के दरख़्त wanakhīlun
और खजूर के दरख़्त صِنْوَانٌۭ जड़ से मिले हुए ṣin'wānun
जड़ से मिले हुए وَغَيْرُ और बग़ैर waghayru
और बग़ैर صِنْوَانٍۢ जड़ से मिले हुए ṣin'wānin
जड़ से मिले हुए يُسْقَىٰ वो पिलाए जाते हैं yus'qā
वो पिलाए जाते हैं بِمَآءٍۢ पानी bimāin
पानी وَٰحِدٍۢ एक ही wāḥidin
एक ही وَنُفَضِّلُ और हम फ़ज़ीलत देते है wanufaḍḍilu
और हम फ़ज़ीलत देते है بَعْضَهَا उनके बाज़ को baʿḍahā
उनके बाज़ को عَلَىٰ over ʿalā
over بَعْضٍۢ बाज़ पर baʿḍin
बाज़ पर فِى in fī
in ٱلْأُكُلِ ۚ फलों में l-ukuli
फलों में إِنَّ यक़ीनन inna
यक़ीनन فِى in fī
in ذَٰلِكَ उसमें dhālika
उसमें لَـَٔايَـٰتٍۢ अलबत्ता निशानियाँ हैं laāyātin
अलबत्ता निशानियाँ हैं لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يَعْقِلُونَ जो अक़्ल से काम लेते हैं yaʿqilūna
जो अक़्ल से काम लेते हैं ٤ (4)
(4)
और धरती में आपस में मिले हुए विभिन्न खंड हैं, तथा अंगूरों के बाग़, खेती और खजूर के पेड़ हैं, कई तनों वाले और एक तने वाले, जो एक ही जल से सींचे जाते हैं, और हम उनमें से कुछ को स्वाद आदि में कुछ से बढ़ा देते हैं। निःसंदेह इसमें उन लोगों के लिए निश्चय बहुत-सी निशानियाँ हैं, जो सूझ-बूझ रखते हैं।
१३:५
۞ وَإِن
और अगर
wa-in
और अगर تَعْجَبْ तुम तआज्जुब करते हो taʿjab
तुम तआज्जुब करते हो فَعَجَبٌۭ तो क़ाबिले तआज्जुब है faʿajabun
तो क़ाबिले तआज्जुब है قَوْلُهُمْ बात उनकी qawluhum
बात उनकी أَءِذَا क्या जब a-idhā
क्या जब كُنَّا हो जाऐंगे हम kunnā
हो जाऐंगे हम تُرَٰبًا मिट्टी turāban
मिट्टी أَءِنَّا क्या बेशक हम a-innā
क्या बेशक हम لَفِى (be) indeed, in lafī
(be) indeed, in خَلْقٍۢ अलबत्ता पैदाइश में होंगे khalqin
अलबत्ता पैदाइश में होंगे جَدِيدٍ ۗ नई jadīdin
नई أُو۟لَـٰٓئِكَ यही वो लोग हैं ulāika
यही वो लोग हैं ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया بِرَبِّهِمْ ۖ अपने रब के साथ birabbihim
अपने रब के साथ وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग हैं wa-ulāika
और यही लोग हैं ٱلْأَغْلَـٰلُ तौक़ होंगे l-aghlālu
तौक़ होंगे فِىٓ (will be) in fī
(will be) in أَعْنَاقِهِمْ ۖ जिनकी गर्दनों में aʿnāqihim
जिनकी गर्दनों में وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग हैं wa-ulāika
और यही लोग हैं أَصْحَـٰبُ साथी aṣḥābu
साथी ٱلنَّارِ ۖ आग के l-nāri
आग के هُمْ वो hum
वो فِيهَا उसमें fīhā
उसमें خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं ٥ (5)
(5)
और अगर تَعْجَبْ तुम तआज्जुब करते हो taʿjab
तुम तआज्जुब करते हो فَعَجَبٌۭ तो क़ाबिले तआज्जुब है faʿajabun
तो क़ाबिले तआज्जुब है قَوْلُهُمْ बात उनकी qawluhum
बात उनकी أَءِذَا क्या जब a-idhā
क्या जब كُنَّا हो जाऐंगे हम kunnā
हो जाऐंगे हम تُرَٰبًا मिट्टी turāban
मिट्टी أَءِنَّا क्या बेशक हम a-innā
क्या बेशक हम لَفِى (be) indeed, in lafī
(be) indeed, in خَلْقٍۢ अलबत्ता पैदाइश में होंगे khalqin
अलबत्ता पैदाइश में होंगे جَدِيدٍ ۗ नई jadīdin
नई أُو۟لَـٰٓئِكَ यही वो लोग हैं ulāika
यही वो लोग हैं ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया بِرَبِّهِمْ ۖ अपने रब के साथ birabbihim
अपने रब के साथ وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग हैं wa-ulāika
और यही लोग हैं ٱلْأَغْلَـٰلُ तौक़ होंगे l-aghlālu
तौक़ होंगे فِىٓ (will be) in fī
(will be) in أَعْنَاقِهِمْ ۖ जिनकी गर्दनों में aʿnāqihim
जिनकी गर्दनों में وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग हैं wa-ulāika
और यही लोग हैं أَصْحَـٰبُ साथी aṣḥābu
साथी ٱلنَّارِ ۖ आग के l-nāri
आग के هُمْ वो hum
वो فِيهَا उसमें fīhā
उसमें خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं ٥ (5)
(5)
तथा यदि आप आश्चर्य करते हैं, तो उनका यह कहना1 बुत आश्चर्यपूर्ण है कि क्या जब हम मिट्टी हो जाएँगे, तो क्या वास्तव में हम निश्चय एक नया जीवन पाएँगे। यही लोग हैं जिन्होंने अपने पालनहार के साथ कुफ़्र किया, तथा यही हैं जिनकी गर्दनों में तौक़ होंगे और यही नरक वाले हैं, वे उसमें सदैव रहने वाले हैं।
१३:६
وَيَسْتَعْجِلُونَكَ
और वो जल्दी माँगते हैं आपसे
wayastaʿjilūnaka
और वो जल्दी माँगते हैं आपसे بِٱلسَّيِّئَةِ बुराई (अज़ाब) को bil-sayi-ati
बुराई (अज़ाब) को قَبْلَ पहले qabla
पहले ٱلْحَسَنَةِ भलाई से l-ḥasanati
भलाई से وَقَدْ हालाँकि तहक़ीक़ waqad
हालाँकि तहक़ीक़ خَلَتْ गुज़र चुकीं khalat
गुज़र चुकीं مِن from min
from قَبْلِهِمُ इनसे पहले qablihimu
इनसे पहले ٱلْمَثُلَـٰتُ ۗ इबरतनाक मिसालें l-mathulātu
इबरतनाक मिसालें وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका لَذُو (is) full ladhū
(is) full مَغْفِرَةٍۢ अलबत्ता बख़्शिश वाला है maghfiratin
अलबत्ता बख़्शिश वाला है لِّلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए عَلَىٰ for ʿalā
for ظُلْمِهِمْ ۖ बावजूद उनके ज़ुल्म के ẓul'mihim
बावजूद उनके ज़ुल्म के وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका لَشَدِيدُ अलबत्ता सख़्त lashadīdu
अलबत्ता सख़्त ٱلْعِقَابِ सज़ा वाला है l-ʿiqābi
सज़ा वाला है ٦ (6)
(6)
और वो जल्दी माँगते हैं आपसे بِٱلسَّيِّئَةِ बुराई (अज़ाब) को bil-sayi-ati
बुराई (अज़ाब) को قَبْلَ पहले qabla
पहले ٱلْحَسَنَةِ भलाई से l-ḥasanati
भलाई से وَقَدْ हालाँकि तहक़ीक़ waqad
हालाँकि तहक़ीक़ خَلَتْ गुज़र चुकीं khalat
गुज़र चुकीं مِن from min
from قَبْلِهِمُ इनसे पहले qablihimu
इनसे पहले ٱلْمَثُلَـٰتُ ۗ इबरतनाक मिसालें l-mathulātu
इबरतनाक मिसालें وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका لَذُو (is) full ladhū
(is) full مَغْفِرَةٍۢ अलबत्ता बख़्शिश वाला है maghfiratin
अलबत्ता बख़्शिश वाला है لِّلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए عَلَىٰ for ʿalā
for ظُلْمِهِمْ ۖ बावजूद उनके ज़ुल्म के ẓul'mihim
बावजूद उनके ज़ुल्म के وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका لَشَدِيدُ अलबत्ता सख़्त lashadīdu
अलबत्ता सख़्त ٱلْعِقَابِ सज़ा वाला है l-ʿiqābi
सज़ा वाला है ٦ (6)
(6)
और वे आपसे भलाई (रहमत) से पहले बुराई (यातना) को जल्दी माँगते हैं। जबकि इनसे पहले कई शिक्षाप्रद यातनाएँ गुज़र चुकी हैं। और निःसंदेह आपका पालनहार निश्चय लोगों को उनके अत्याचार के बावजूद बहुत क्षमा करने वाला है। तथा निःसंदेह आपका पालनहार निश्चय कड़ी यातना देने वाला है।
१३:७
وَيَقُولُ
और कहते हैं
wayaqūlu
और कहते हैं ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया لَوْلَآ क्यों नहीं lawlā
क्यों नहीं أُنزِلَ उतारी गई unzila
उतारी गई عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर ءَايَةٌۭ कोई निशानी āyatun
कोई निशानी مِّن from min
from رَّبِّهِۦٓ ۗ उसके रब की तरफ़ से rabbihi
उसके रब की तरफ़ से إِنَّمَآ बेशक innamā
बेशक أَنتَ आप तो anta
आप तो مُنذِرٌۭ ۖ डराने वाले हैं mundhirun
डराने वाले हैं وَلِكُلِّ और वास्ते हर walikulli
और वास्ते हर قَوْمٍ क़ौम के qawmin
क़ौम के هَادٍ एक हादी है hādin
एक हादी है ٧ (7)
(7)
और कहते हैं ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया لَوْلَآ क्यों नहीं lawlā
क्यों नहीं أُنزِلَ उतारी गई unzila
उतारी गई عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर ءَايَةٌۭ कोई निशानी āyatun
कोई निशानी مِّن from min
from رَّبِّهِۦٓ ۗ उसके रब की तरफ़ से rabbihi
उसके रब की तरफ़ से إِنَّمَآ बेशक innamā
बेशक أَنتَ आप तो anta
आप तो مُنذِرٌۭ ۖ डराने वाले हैं mundhirun
डराने वाले हैं وَلِكُلِّ और वास्ते हर walikulli
और वास्ते हर قَوْمٍ क़ौम के qawmin
क़ौम के هَادٍ एक हादी है hādin
एक हादी है ٧ (7)
(7)
तथा जो काफ़िर हो गए, वे कहते हैं : उसपर उसके पालनहार की ओर से कोई निशानी क्यों नहीं उतारी गई? आप तो केवल एक डराने वाले हैं। तथा प्रत्येक जाति के लिए एक मार्गदर्शक है।
१३:८
ٱللَّهُ
अल्लाह
al-lahu
अल्लाह يَعْلَمُ जानता है yaʿlamu
जानता है مَا जो कुछ mā
जो कुछ تَحْمِلُ उठाती है taḥmilu
उठाती है كُلُّ हर kullu
हर أُنثَىٰ मादा unthā
मादा وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ تَغِيضُ कमी करते हैं taghīḍu
कमी करते हैं ٱلْأَرْحَامُ रहम l-arḥāmu
रहम وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ تَزْدَادُ ۖ वो ज़्यादा करते हैं tazdādu
वो ज़्यादा करते हैं وَكُلُّ और हर wakullu
और हर شَىْءٍ चीज़ shayin
चीज़ عِندَهُۥ उसके पास ʿindahu
उसके पास بِمِقْدَارٍ साथ एक अन्दाज़े के है bimiq'dārin
साथ एक अन्दाज़े के है ٨ (8)
(8)
अल्लाह يَعْلَمُ जानता है yaʿlamu
जानता है مَا जो कुछ mā
जो कुछ تَحْمِلُ उठाती है taḥmilu
उठाती है كُلُّ हर kullu
हर أُنثَىٰ मादा unthā
मादा وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ تَغِيضُ कमी करते हैं taghīḍu
कमी करते हैं ٱلْأَرْحَامُ रहम l-arḥāmu
रहम وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ تَزْدَادُ ۖ वो ज़्यादा करते हैं tazdādu
वो ज़्यादा करते हैं وَكُلُّ और हर wakullu
और हर شَىْءٍ चीज़ shayin
चीज़ عِندَهُۥ उसके पास ʿindahu
उसके पास بِمِقْدَارٍ साथ एक अन्दाज़े के है bimiq'dārin
साथ एक अन्दाज़े के है ٨ (8)
(8)
अल्लाह जानता है जो हर मादा (अपने पेट में) उठाए हुए है तथा जो कुछ गर्भाशय कम करते हैं और जो ज़्यादा1 करते हैं। और प्रत्येक चीज़ उसके यहाँ एक अनुमान से है।
१३:९
عَـٰلِمُ
जानने वाला है
ʿālimu
जानने वाला है ٱلْغَيْبِ ग़ैब l-ghaybi
ग़ैब وَٱلشَّهَـٰدَةِ और हाज़िर का wal-shahādati
और हाज़िर का ٱلْكَبِيرُ सबसे बड़ा है l-kabīru
सबसे बड़ा है ٱلْمُتَعَالِ बहुत बुलन्द है l-mutaʿāli
बहुत बुलन्द है ٩ (9)
(9)
जानने वाला है ٱلْغَيْبِ ग़ैब l-ghaybi
ग़ैब وَٱلشَّهَـٰدَةِ और हाज़िर का wal-shahādati
और हाज़िर का ٱلْكَبِيرُ सबसे बड़ा है l-kabīru
सबसे बड़ा है ٱلْمُتَعَالِ बहुत बुलन्द है l-mutaʿāli
बहुत बुलन्द है ٩ (9)
(9)
वह परोक्ष और प्रत्यक्ष को जानने वाला, बहुत बड़ा, अत्यंत ऊँचा है।
१३:१०
سَوَآءٌۭ
यक्साँ/बराबर है
sawāon
यक्साँ/बराबर है مِّنكُم तुम में से minkum
तुम में से مَّنْ जो man
जो أَسَرَّ छुपा कर करे asarra
छुपा कर करे ٱلْقَوْلَ बात को l-qawla
बात को وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई جَهَرَ ज़ाहिर करे jahara
ज़ाहिर करे بِهِۦ उसे bihi
उसे وَمَنْ और जो कोई waman
और जो कोई هُوَ वो huwa
वो مُسْتَخْفٍۭ छुपने वाला है mus'takhfin
छुपने वाला है بِٱلَّيْلِ रात को bi-al-layli
रात को وَسَارِبٌۢ और चलने वाला है wasāribun
और चलने वाला है بِٱلنَّهَارِ दिन को bil-nahāri
दिन को ١٠ (10)
(10)
यक्साँ/बराबर है مِّنكُم तुम में से minkum
तुम में से مَّنْ जो man
जो أَسَرَّ छुपा कर करे asarra
छुपा कर करे ٱلْقَوْلَ बात को l-qawla
बात को وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई جَهَرَ ज़ाहिर करे jahara
ज़ाहिर करे بِهِۦ उसे bihi
उसे وَمَنْ और जो कोई waman
और जो कोई هُوَ वो huwa
वो مُسْتَخْفٍۭ छुपने वाला है mus'takhfin
छुपने वाला है بِٱلَّيْلِ रात को bi-al-layli
रात को وَسَارِبٌۢ और चलने वाला है wasāribun
और चलने वाला है بِٱلنَّهَارِ दिन को bil-nahāri
दिन को ١٠ (10)
(10)
तुममें से जो चुपके से बात करे और जो ऊँची आवाज़ में बोले तथा जो रात के अंधेरे में छिपा हुआ है और जो दिन के उजाले में चलने वाला है, (उसके लिए) बराबर है।
१३:११
لَهُۥ
उसके लिए
lahu
उसके लिए مُعَقِّبَـٰتٌۭ पहरेदार हैं muʿaqqibātun
पहरेदार हैं مِّنۢ from min
from بَيْنِ (before) bayni
(before) يَدَيْهِ उसके सामने से yadayhi
उसके सामने से وَمِنْ and from wamin
and from خَلْفِهِۦ और उसके पीछे से khalfihi
और उसके पीछे से يَحْفَظُونَهُۥ जो हिफ़ाज़त करते हैं उसकी yaḥfaẓūnahu
जो हिफ़ाज़त करते हैं उसकी مِنْ by min
by أَمْرِ हुक्म से amri
हुक्म से ٱللَّهِ ۗ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يُغَيِّرُ नहीं तबदील करता yughayyiru
नहीं तबदील करता مَا जो mā
जो بِقَوْمٍ किसी क़ौम में है biqawmin
किसी क़ौम में है حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يُغَيِّرُوا۟ वो बदल दें yughayyirū
वो बदल दें مَا उसको जो mā
उसको जो بِأَنفُسِهِمْ ۗ उनके दिलों में है bi-anfusihim
उनके दिलों में है وَإِذَآ और जब wa-idhā
और जब أَرَادَ इरादा करता है arāda
इरादा करता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِقَوْمٍۢ साथ किसी क़ौम के biqawmin
साथ किसी क़ौम के سُوٓءًۭا किसी बुराई का sūan
किसी बुराई का فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं مَرَدَّ कोई फेरने वाला maradda
कोई फेरने वाला لَهُۥ ۚ उसे lahu
उसे وَمَا और नहीं wamā
और नहीं لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مِّن from min
from دُونِهِۦ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा مِن any min
any وَالٍ कोई मददगार wālin
कोई मददगार ١١ (11)
(11)
उसके लिए مُعَقِّبَـٰتٌۭ पहरेदार हैं muʿaqqibātun
पहरेदार हैं مِّنۢ from min
from بَيْنِ (before) bayni
(before) يَدَيْهِ उसके सामने से yadayhi
उसके सामने से وَمِنْ and from wamin
and from خَلْفِهِۦ और उसके पीछे से khalfihi
और उसके पीछे से يَحْفَظُونَهُۥ जो हिफ़ाज़त करते हैं उसकी yaḥfaẓūnahu
जो हिफ़ाज़त करते हैं उसकी مِنْ by min
by أَمْرِ हुक्म से amri
हुक्म से ٱللَّهِ ۗ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يُغَيِّرُ नहीं तबदील करता yughayyiru
नहीं तबदील करता مَا जो mā
जो بِقَوْمٍ किसी क़ौम में है biqawmin
किसी क़ौम में है حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يُغَيِّرُوا۟ वो बदल दें yughayyirū
वो बदल दें مَا उसको जो mā
उसको जो بِأَنفُسِهِمْ ۗ उनके दिलों में है bi-anfusihim
उनके दिलों में है وَإِذَآ और जब wa-idhā
और जब أَرَادَ इरादा करता है arāda
इरादा करता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِقَوْمٍۢ साथ किसी क़ौम के biqawmin
साथ किसी क़ौम के سُوٓءًۭا किसी बुराई का sūan
किसी बुराई का فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं مَرَدَّ कोई फेरने वाला maradda
कोई फेरने वाला لَهُۥ ۚ उसे lahu
उसे وَمَا और नहीं wamā
और नहीं لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مِّن from min
from دُونِهِۦ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा مِن any min
any وَالٍ कोई मददगार wālin
कोई मददगार ١١ (11)
(11)
उसके लिए उसके आगे और उसके पीछे बारी-बारी आने वाले कई पहरेदार (फरिश्ते) हैं, जो अल्लाह के आदेश से उसकी रक्षा करते हैं। निःसंदेह अल्लाह किसी जाति की दशा नहीं बदलता, जब तक वे स्वयं अपनी दशा न बदल लें। तथा जब अल्लाह किसी जाति के साथ बुराई का निश्चय कर ले, तो उसे हटाने का कोई उपाय नहीं, और उसके अलावा उनका कोई सहायक नहीं।
१३:१२
هُوَ
वो ही है
huwa
वो ही है ٱلَّذِى जो alladhī
जो يُرِيكُمُ दिखाता है तुम्हें yurīkumu
दिखाता है तुम्हें ٱلْبَرْقَ बिजली की चमक l-barqa
बिजली की चमक خَوْفًۭا ख़ौफ़ khawfan
ख़ौफ़ وَطَمَعًۭا और उम्मीद से waṭamaʿan
और उम्मीद से وَيُنشِئُ और वो उठाता है wayunshi-u
और वो उठाता है ٱلسَّحَابَ बादल l-saḥāba
बादल ٱلثِّقَالَ बोझल l-thiqāla
बोझल ١٢ (12)
(12)
वो ही है ٱلَّذِى जो alladhī
जो يُرِيكُمُ दिखाता है तुम्हें yurīkumu
दिखाता है तुम्हें ٱلْبَرْقَ बिजली की चमक l-barqa
बिजली की चमक خَوْفًۭا ख़ौफ़ khawfan
ख़ौफ़ وَطَمَعًۭا और उम्मीद से waṭamaʿan
और उम्मीद से وَيُنشِئُ और वो उठाता है wayunshi-u
और वो उठाता है ٱلسَّحَابَ बादल l-saḥāba
बादल ٱلثِّقَالَ बोझल l-thiqāla
बोझल ١٢ (12)
(12)
वही है जो तुम्हें डराने और आशा1 दिलाने के लिए बिजली दिखाता है और भारी बादल पैदा करता है।
१३:१३
وَيُسَبِّحُ
और तस्बीह करती है
wayusabbiḥu
और तस्बीह करती है ٱلرَّعْدُ कड़क l-raʿdu
कड़क بِحَمْدِهِۦ साथ उसकी तारीफ़ के biḥamdihi
साथ उसकी तारीफ़ के وَٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ और फ़रिश्ते wal-malāikatu
और फ़रिश्ते مِنْ for min
for خِيفَتِهِۦ उसके ख़ौफ़ से khīfatihi
उसके ख़ौफ़ से وَيُرْسِلُ और वो भेजता है wayur'silu
और वो भेजता है ٱلصَّوَٰعِقَ कड़कती बिजलियों को l-ṣawāʿiqa
कड़कती बिजलियों को فَيُصِيبُ फिर वो पहुँचाता है fayuṣību
फिर वो पहुँचाता है بِهَا उन्हें bihā
उन्हें مَن जिस पर man
जिस पर يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَهُمْ हालाँकि वो wahum
हालाँकि वो يُجَـٰدِلُونَ वो झगड़ रहे होते हैं yujādilūna
वो झगड़ रहे होते हैं فِى about fī
about ٱللَّهِ अल्लाह के बारे में l-lahi
अल्लाह के बारे में وَهُوَ और वो wahuwa
और वो شَدِيدُ सख़्त shadīdu
सख़्त ٱلْمِحَالِ क़ुव्वत वाला है l-miḥāli
क़ुव्वत वाला है ١٣ (13)
(13)
और तस्बीह करती है ٱلرَّعْدُ कड़क l-raʿdu
कड़क بِحَمْدِهِۦ साथ उसकी तारीफ़ के biḥamdihi
साथ उसकी तारीफ़ के وَٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ और फ़रिश्ते wal-malāikatu
और फ़रिश्ते مِنْ for min
for خِيفَتِهِۦ उसके ख़ौफ़ से khīfatihi
उसके ख़ौफ़ से وَيُرْسِلُ और वो भेजता है wayur'silu
और वो भेजता है ٱلصَّوَٰعِقَ कड़कती बिजलियों को l-ṣawāʿiqa
कड़कती बिजलियों को فَيُصِيبُ फिर वो पहुँचाता है fayuṣību
फिर वो पहुँचाता है بِهَا उन्हें bihā
उन्हें مَن जिस पर man
जिस पर يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَهُمْ हालाँकि वो wahum
हालाँकि वो يُجَـٰدِلُونَ वो झगड़ रहे होते हैं yujādilūna
वो झगड़ रहे होते हैं فِى about fī
about ٱللَّهِ अल्लाह के बारे में l-lahi
अल्लाह के बारे में وَهُوَ और वो wahuwa
और वो شَدِيدُ सख़्त shadīdu
सख़्त ٱلْمِحَالِ क़ुव्वत वाला है l-miḥāli
क़ुव्वत वाला है ١٣ (13)
(13)
और बादल की गरज, अल्लाह की प्रशंसा के साथ उसकी पवित्रता का वर्णन करती है, और फ़रिश्ते भी उसके भय से (उसकी पवित्रता का गुणगान करते हैं)। और वह कड़कने वाली बिजलियाँ भेजता है, फिर उन्हें जिसपर चाहता है, गिरा देता है, जबकि वे अल्लाह के बारे में झगड़ रहे होते हैं, और वह बहुत शक्ति वाला है।1
१३:१४
لَهُۥ
उसी के लिए है
lahu
उसी के लिए है دَعْوَةُ पुकारना daʿwatu
पुकारना ٱلْحَقِّ ۖ बरहक़ l-ḥaqi
बरहक़ وَٱلَّذِينَ और जिन्हें wa-alladhīna
और जिन्हें يَدْعُونَ वो पुकारते हैं yadʿūna
वो पुकारते हैं مِن besides Him min
besides Him دُونِهِۦ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा لَا not lā
not يَسْتَجِيبُونَ नहीं वो जवाब देते yastajībūna
नहीं वो जवाब देते لَهُم उनको lahum
उनको بِشَىْءٍ कुछ भी bishayin
कुछ भी إِلَّا मगर illā
मगर كَبَـٰسِطِ मानिन्द फैलाने वाले के kabāsiṭi
मानिन्द फैलाने वाले के كَفَّيْهِ अपनी दोनों हथेलियाँ kaffayhi
अपनी दोनों हथेलियाँ إِلَى towards ilā
towards ٱلْمَآءِ तरफ़ पानी के l-māi
तरफ़ पानी के لِيَبْلُغَ ताकि वो पहुँचे liyablugha
ताकि वो पहुँचे فَاهُ उसके मुँह को fāhu
उसके मुँह को وَمَا और नहीं wamā
और नहीं هُوَ वो huwa
वो بِبَـٰلِغِهِۦ ۚ पहुँचने वाला उसे bibālighihi
पहुँचने वाला उसे وَمَا और नहीं wamā
और नहीं دُعَآءُ दुआ duʿāu
दुआ ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों की l-kāfirīna
काफ़िरों की إِلَّا मगर illā
मगर فِى in fī
in ضَلَـٰلٍۢ गुमराही में ḍalālin
गुमराही में ١٤ (14)
(14)
उसी के लिए है دَعْوَةُ पुकारना daʿwatu
पुकारना ٱلْحَقِّ ۖ बरहक़ l-ḥaqi
बरहक़ وَٱلَّذِينَ और जिन्हें wa-alladhīna
और जिन्हें يَدْعُونَ वो पुकारते हैं yadʿūna
वो पुकारते हैं مِن besides Him min
besides Him دُونِهِۦ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा لَا not lā
not يَسْتَجِيبُونَ नहीं वो जवाब देते yastajībūna
नहीं वो जवाब देते لَهُم उनको lahum
उनको بِشَىْءٍ कुछ भी bishayin
कुछ भी إِلَّا मगर illā
मगर كَبَـٰسِطِ मानिन्द फैलाने वाले के kabāsiṭi
मानिन्द फैलाने वाले के كَفَّيْهِ अपनी दोनों हथेलियाँ kaffayhi
अपनी दोनों हथेलियाँ إِلَى towards ilā
towards ٱلْمَآءِ तरफ़ पानी के l-māi
तरफ़ पानी के لِيَبْلُغَ ताकि वो पहुँचे liyablugha
ताकि वो पहुँचे فَاهُ उसके मुँह को fāhu
उसके मुँह को وَمَا और नहीं wamā
और नहीं هُوَ वो huwa
वो بِبَـٰلِغِهِۦ ۚ पहुँचने वाला उसे bibālighihi
पहुँचने वाला उसे وَمَا और नहीं wamā
और नहीं دُعَآءُ दुआ duʿāu
दुआ ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों की l-kāfirīna
काफ़िरों की إِلَّا मगर illā
मगर فِى in fī
in ضَلَـٰلٍۢ गुमराही में ḍalālin
गुमराही में ١٤ (14)
(14)
उसी को पुकारना सत्य है। और जिनको वे उसके सिवा पुकारते हैं, वे उनकी प्रार्थना कुछ भी स्वीकार नहीं करते, परंतु उस व्यक्ति की तरह जो अपनी दोनों हथेलियाँ पानी की ओर फैलाने वाला है, ताकि वह उसके मुँह तक पहुँच जाए, हालाँकि वह उस तक हरगिज़ पहुँचने वाला नहीं। और काफ़िरों की पुकार पूर्णतः व्यर्थ (निष्फल) है।
१३:१५
وَلِلَّهِ
और अल्लाह ही के लिए
walillahi
और अल्लाह ही के लिए يَسْجُدُ सजदा करता है yasjudu
सजदा करता है مَن जो कोई man
जो कोई فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन में है wal-arḍi
और ज़मीन में है طَوْعًۭا ख़ुशी से ṭawʿan
ख़ुशी से وَكَرْهًۭا और नाख़ुशी से wakarhan
और नाख़ुशी से وَظِلَـٰلُهُم और साये उनके waẓilāluhum
और साये उनके بِٱلْغُدُوِّ सुबह bil-ghuduwi
सुबह وَٱلْـَٔاصَالِ ۩ और शाम wal-āṣāli
और शाम ١٥ (15)
(15)
और अल्लाह ही के लिए يَسْجُدُ सजदा करता है yasjudu
सजदा करता है مَن जो कोई man
जो कोई فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन में है wal-arḍi
और ज़मीन में है طَوْعًۭا ख़ुशी से ṭawʿan
ख़ुशी से وَكَرْهًۭا और नाख़ुशी से wakarhan
और नाख़ुशी से وَظِلَـٰلُهُم और साये उनके waẓilāluhum
और साये उनके بِٱلْغُدُوِّ सुबह bil-ghuduwi
सुबह وَٱلْـَٔاصَالِ ۩ और शाम wal-āṣāli
और शाम ١٥ (15)
(15)
और आकाशों तथा धरती में जो भी है, अल्लाह ही को सजदा कर रहा है, स्वेच्छा से या अनिच्छा से और उनकी परछाइयाँ1 भी सुबह और शाम।2
१३:१६
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए مَن कौन है man
कौन है رَّبُّ रब rabbu
रब ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन का wal-arḍi
और ज़मीन का قُلِ कह दीजिए quli
कह दीजिए ٱللَّهُ ۚ अल्लाह l-lahu
अल्लाह قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए أَفَٱتَّخَذْتُم क्या फिर (भी) बना लिए तुमने afa-ittakhadhtum
क्या फिर (भी) बना लिए तुमने مِّن from min
from دُونِهِۦٓ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा أَوْلِيَآءَ हिमायती awliyāa
हिमायती لَا not lā
not يَمْلِكُونَ नहीं वो मालिक हो सकते yamlikūna
नहीं वो मालिक हो सकते لِأَنفُسِهِمْ अपने नफ़्सों के लिए li-anfusihim
अपने नफ़्सों के लिए نَفْعًۭا किसी नफ़ा के nafʿan
किसी नफ़ा के وَلَا और ना walā
और ना ضَرًّۭا ۚ किसी नुक़सान के ḍarran
किसी नुक़सान के قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए هَلْ क्या hal
क्या يَسْتَوِى बराबर हो सकता है yastawī
बराबर हो सकता है ٱلْأَعْمَىٰ अँधा l-aʿmā
अँधा وَٱلْبَصِيرُ और देखने वाला wal-baṣīru
और देखने वाला أَمْ या am
या هَلْ क्या hal
क्या تَسْتَوِى बराबर हो सकते हैं tastawī
बराबर हो सकते हैं ٱلظُّلُمَـٰتُ अँधेरे l-ẓulumātu
अँधेरे وَٱلنُّورُ ۗ और रोशनी wal-nūru
और रोशनी أَمْ या am
या جَعَلُوا۟ उन्होंने बना लिए jaʿalū
उन्होंने बना लिए لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए شُرَكَآءَ कुछ शरीक shurakāa
कुछ शरीक خَلَقُوا۟ उन्होंने पैदा किया क्या khalaqū
उन्होंने पैदा किया क्या كَخَلْقِهِۦ मानिन्द उसकी तख़लीक़ के kakhalqihi
मानिन्द उसकी तख़लीक़ के فَتَشَـٰبَهَ तो मुश्तबाह हो गई fatashābaha
तो मुश्तबाह हो गई ٱلْخَلْقُ पैदाइश l-khalqu
पैदाइश عَلَيْهِمْ ۚ उन पर ʿalayhim
उन पर قُلِ कह दीजिए quli
कह दीजिए ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह خَـٰلِقُ ख़ालिक़ है khāliqu
ख़ालिक़ है كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ का shayin
चीज़ का وَهُوَ और वो ही wahuwa
और वो ही ٱلْوَٰحِدُ अकेला है l-wāḥidu
अकेला है ٱلْقَهَّـٰرُ बहुत ज़बरदस्त है l-qahāru
बहुत ज़बरदस्त है ١٦ (16)
(16)
कह दीजिए مَن कौन है man
कौन है رَّبُّ रब rabbu
रब ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन का wal-arḍi
और ज़मीन का قُلِ कह दीजिए quli
कह दीजिए ٱللَّهُ ۚ अल्लाह l-lahu
अल्लाह قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए أَفَٱتَّخَذْتُم क्या फिर (भी) बना लिए तुमने afa-ittakhadhtum
क्या फिर (भी) बना लिए तुमने مِّن from min
from دُونِهِۦٓ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा أَوْلِيَآءَ हिमायती awliyāa
हिमायती لَا not lā
not يَمْلِكُونَ नहीं वो मालिक हो सकते yamlikūna
नहीं वो मालिक हो सकते لِأَنفُسِهِمْ अपने नफ़्सों के लिए li-anfusihim
अपने नफ़्सों के लिए نَفْعًۭا किसी नफ़ा के nafʿan
किसी नफ़ा के وَلَا और ना walā
और ना ضَرًّۭا ۚ किसी नुक़सान के ḍarran
किसी नुक़सान के قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए هَلْ क्या hal
क्या يَسْتَوِى बराबर हो सकता है yastawī
बराबर हो सकता है ٱلْأَعْمَىٰ अँधा l-aʿmā
अँधा وَٱلْبَصِيرُ और देखने वाला wal-baṣīru
और देखने वाला أَمْ या am
या هَلْ क्या hal
क्या تَسْتَوِى बराबर हो सकते हैं tastawī
बराबर हो सकते हैं ٱلظُّلُمَـٰتُ अँधेरे l-ẓulumātu
अँधेरे وَٱلنُّورُ ۗ और रोशनी wal-nūru
और रोशनी أَمْ या am
या جَعَلُوا۟ उन्होंने बना लिए jaʿalū
उन्होंने बना लिए لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए شُرَكَآءَ कुछ शरीक shurakāa
कुछ शरीक خَلَقُوا۟ उन्होंने पैदा किया क्या khalaqū
उन्होंने पैदा किया क्या كَخَلْقِهِۦ मानिन्द उसकी तख़लीक़ के kakhalqihi
मानिन्द उसकी तख़लीक़ के فَتَشَـٰبَهَ तो मुश्तबाह हो गई fatashābaha
तो मुश्तबाह हो गई ٱلْخَلْقُ पैदाइश l-khalqu
पैदाइश عَلَيْهِمْ ۚ उन पर ʿalayhim
उन पर قُلِ कह दीजिए quli
कह दीजिए ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह خَـٰلِقُ ख़ालिक़ है khāliqu
ख़ालिक़ है كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ का shayin
चीज़ का وَهُوَ और वो ही wahuwa
और वो ही ٱلْوَٰحِدُ अकेला है l-wāḥidu
अकेला है ٱلْقَهَّـٰرُ बहुत ज़बरदस्त है l-qahāru
बहुत ज़बरदस्त है ١٦ (16)
(16)
उनसे पूछो : आकाशों तथा धरती का पालनहार कौन है? कह दो : अल्लाह। कहो : फिर क्या तुमने अल्लाह के सिवा उन्हें सहायक बना रखे हैं, जो अपने लिए न किसी लाभ का अधिकार रखते हैं और न किसी हानि का? उनसे कहो : क्या अंधा और देखने वाला बराबर होते हैं? या क्या अँधेरे और प्रकाश बराबर होते हैं? या उन्होंने अल्लाह के लिए कुछ साझी बना लिए हैं, जिन्होंने उसके पैदा करने की तरह पैदा किया है, अतः पैदा करने का मामला उनपर उलझ गया है? आप कह दें : अल्लाह ही प्रत्येक चीज़ को पैदा करने वाला है2 और वही अकेला, अत्यंत प्रभुत्वशाली है।
१३:१७
أَنزَلَ
उसने उतारा
anzala
उसने उतारा مِنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से مَآءًۭ पानी māan
पानी فَسَالَتْ तो बह निकलीं fasālat
तो बह निकलीं أَوْدِيَةٌۢ वादियाँ awdiyatun
वादियाँ بِقَدَرِهَا अपने-अपने अन्दाज़े से biqadarihā
अपने-अपने अन्दाज़े से فَٱحْتَمَلَ तो उठा लिया fa-iḥ'tamala
तो उठा लिया ٱلسَّيْلُ सैलाब ने l-saylu
सैलाब ने زَبَدًۭا झाग zabadan
झाग رَّابِيًۭا ۚ चढ़ा हुआ rābiyan
चढ़ा हुआ وَمِمَّا और उसमें से जो wamimmā
और उसमें से जो يُوقِدُونَ वो जलाते हैं yūqidūna
वो जलाते हैं عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर فِى in fī
in ٱلنَّارِ आग में l-nāri
आग में ٱبْتِغَآءَ हासिल करने को ib'tighāa
हासिल करने को حِلْيَةٍ ज़ेवर ḥil'yatin
ज़ेवर أَوْ या aw
या مَتَـٰعٍۢ बर्तन matāʿin
बर्तन زَبَدٌۭ झाग है zabadun
झाग है مِّثْلُهُۥ ۚ इस जैसा mith'luhu
इस जैसा كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह يَضْرِبُ बयान करता है yaḍribu
बयान करता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلْحَقَّ हक़ l-ḥaqa
हक़ وَٱلْبَـٰطِلَ ۚ और बातिल को wal-bāṭila
और बातिल को فَأَمَّا तो रहा fa-ammā
तो रहा ٱلزَّبَدُ झाग l-zabadu
झाग فَيَذْهَبُ तो वो चला जाता है fayadhhabu
तो वो चला जाता है جُفَآءًۭ ۖ नाकारा होकर jufāan
नाकारा होकर وَأَمَّا और लेकिन wa-ammā
और लेकिन مَا जो mā
जो يَنفَعُ नफ़ा देता है yanfaʿu
नफ़ा देता है ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को فَيَمْكُثُ तो वो ठहर जाता है fayamkuthu
तो वो ठहर जाता है فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ۚ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह يَضْرِبُ बयान करता है yaḍribu
बयान करता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلْأَمْثَالَ मिसालें l-amthāla
मिसालें ١٧ (17)
(17)
उसने उतारा مِنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से مَآءًۭ पानी māan
पानी فَسَالَتْ तो बह निकलीं fasālat
तो बह निकलीं أَوْدِيَةٌۢ वादियाँ awdiyatun
वादियाँ بِقَدَرِهَا अपने-अपने अन्दाज़े से biqadarihā
अपने-अपने अन्दाज़े से فَٱحْتَمَلَ तो उठा लिया fa-iḥ'tamala
तो उठा लिया ٱلسَّيْلُ सैलाब ने l-saylu
सैलाब ने زَبَدًۭا झाग zabadan
झाग رَّابِيًۭا ۚ चढ़ा हुआ rābiyan
चढ़ा हुआ وَمِمَّا और उसमें से जो wamimmā
और उसमें से जो يُوقِدُونَ वो जलाते हैं yūqidūna
वो जलाते हैं عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर فِى in fī
in ٱلنَّارِ आग में l-nāri
आग में ٱبْتِغَآءَ हासिल करने को ib'tighāa
हासिल करने को حِلْيَةٍ ज़ेवर ḥil'yatin
ज़ेवर أَوْ या aw
या مَتَـٰعٍۢ बर्तन matāʿin
बर्तन زَبَدٌۭ झाग है zabadun
झाग है مِّثْلُهُۥ ۚ इस जैसा mith'luhu
इस जैसा كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह يَضْرِبُ बयान करता है yaḍribu
बयान करता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلْحَقَّ हक़ l-ḥaqa
हक़ وَٱلْبَـٰطِلَ ۚ और बातिल को wal-bāṭila
और बातिल को فَأَمَّا तो रहा fa-ammā
तो रहा ٱلزَّبَدُ झाग l-zabadu
झाग فَيَذْهَبُ तो वो चला जाता है fayadhhabu
तो वो चला जाता है جُفَآءًۭ ۖ नाकारा होकर jufāan
नाकारा होकर وَأَمَّا और लेकिन wa-ammā
और लेकिन مَا जो mā
जो يَنفَعُ नफ़ा देता है yanfaʿu
नफ़ा देता है ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को فَيَمْكُثُ तो वो ठहर जाता है fayamkuthu
तो वो ठहर जाता है فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ۚ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह يَضْرِبُ बयान करता है yaḍribu
बयान करता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلْأَمْثَالَ मिसालें l-amthāla
मिसालें ١٧ (17)
(17)
उसने आकाश से कुछ पानी उतारा, तो कई नाले अपनी-अपनी समाई के अनुसार बह निकले। फिर (पानी के) रेले ने उभरा हुआ झाग उठा लिया। और जिस चीज़ को वे कोई आभूषण अथवा सामान बनाने के लिए आग में तपाते हैं, उससे भी ऐसा ही झाग उभरता है। इसी प्रकार, अल्लाह सत्य तथा असत्य का उदाहरण प्रस्तुत करता है। फिर जो झाग है, वह सूखकर नष्ट हो जाता है और जो चीज़ लोगों को लाभ पहुँचाती है, वह धरती में रह जाती है। इसी प्रकार, अल्लाह उदाहरण प्रस्तुत करता है।1
१३:१८
لِلَّذِينَ
उन लोगों के लिए जिन्होंने
lilladhīna
उन लोगों के लिए जिन्होंने ٱسْتَجَابُوا۟ क़ुबूल किया (हुक्म) is'tajābū
क़ुबूल किया (हुक्म) لِرَبِّهِمُ अपने रब का lirabbihimu
अपने रब का ٱلْحُسْنَىٰ ۚ भलाई है l-ḥus'nā
भलाई है وَٱلَّذِينَ और जिन लोगों ने wa-alladhīna
और जिन लोगों ने لَمْ नहीं lam
नहीं يَسْتَجِيبُوا۟ कुबूल किया yastajībū
कुबूल किया لَهُۥ उसे lahu
उसे لَوْ काश law
काश أَنَّ कि (होता) anna
कि (होता) لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مَّا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है جَمِيعًۭا सबका सब jamīʿan
सबका सब وَمِثْلَهُۥ और इसकी मानिन्द wamith'lahu
और इसकी मानिन्द مَعَهُۥ साथ इसके maʿahu
साथ इसके لَٱفْتَدَوْا۟ अलबत्ता वो फ़िदये में दे देते la-if'tadaw
अलबत्ता वो फ़िदये में दे देते بِهِۦٓ ۚ उसको bihi
उसको أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं لَهُمْ उनके लिए है lahum
उनके लिए है سُوٓءُ बुरा sūu
बुरा ٱلْحِسَابِ हिसाब l-ḥisābi
हिसाब وَمَأْوَىٰهُمْ और ठिकाना उनका wamawāhum
और ठिकाना उनका جَهَنَّمُ ۖ जहन्नम है jahannamu
जहन्नम है وَبِئْسَ और वो बहुत ही बुरा wabi'sa
और वो बहुत ही बुरा ٱلْمِهَادُ ठिकाना है l-mihādu
ठिकाना है ١٨ (18)
(18)
उन लोगों के लिए जिन्होंने ٱسْتَجَابُوا۟ क़ुबूल किया (हुक्म) is'tajābū
क़ुबूल किया (हुक्म) لِرَبِّهِمُ अपने रब का lirabbihimu
अपने रब का ٱلْحُسْنَىٰ ۚ भलाई है l-ḥus'nā
भलाई है وَٱلَّذِينَ और जिन लोगों ने wa-alladhīna
और जिन लोगों ने لَمْ नहीं lam
नहीं يَسْتَجِيبُوا۟ कुबूल किया yastajībū
कुबूल किया لَهُۥ उसे lahu
उसे لَوْ काश law
काश أَنَّ कि (होता) anna
कि (होता) لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مَّا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है جَمِيعًۭا सबका सब jamīʿan
सबका सब وَمِثْلَهُۥ और इसकी मानिन्द wamith'lahu
और इसकी मानिन्द مَعَهُۥ साथ इसके maʿahu
साथ इसके لَٱفْتَدَوْا۟ अलबत्ता वो फ़िदये में दे देते la-if'tadaw
अलबत्ता वो फ़िदये में दे देते بِهِۦٓ ۚ उसको bihi
उसको أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं لَهُمْ उनके लिए है lahum
उनके लिए है سُوٓءُ बुरा sūu
बुरा ٱلْحِسَابِ हिसाब l-ḥisābi
हिसाब وَمَأْوَىٰهُمْ और ठिकाना उनका wamawāhum
और ठिकाना उनका جَهَنَّمُ ۖ जहन्नम है jahannamu
जहन्नम है وَبِئْسَ और वो बहुत ही बुरा wabi'sa
और वो बहुत ही बुरा ٱلْمِهَادُ ठिकाना है l-mihādu
ठिकाना है ١٨ (18)
(18)
जिन लोगों ने अपने पालनहार की बात स्वीकार कर ली, उन्हीं के लिए भलाई है। और जिन्होंने उसकी बात स्वीकार न की, यदि उनके पास वह सब कुछ हो जो धरती में हैं और उसके साथ उतना और भी हो, तो वे अवश्य उसे (अल्लाह के दंड से) छुड़ौती में दे दें। यही लोग हैं जिनके लिए बुरा हिसाब है तथा उनका ठिकाना नरक है और वह बुरा ठिकाना है।
१३:१९
۞ أَفَمَن
क्या फिर जो
afaman
क्या फिर जो يَعْلَمُ जानता है yaʿlamu
जानता है أَنَّمَآ कि बेशक जो annamā
कि बेशक जो أُنزِلَ उतारा गया unzila
उतारा गया إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके مِن from min
from رَّبِّكَ आपके रब की तरफ़ से rabbika
आपके रब की तरफ़ से ٱلْحَقُّ हक़ है l-ḥaqu
हक़ है كَمَنْ उसकी मानिन्द है जो kaman
उसकी मानिन्द है जो هُوَ वो huwa
वो أَعْمَىٰٓ ۚ अँधा है aʿmā
अँधा है إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक يَتَذَكَّرُ नसीहत पकड़ते हैं yatadhakkaru
नसीहत पकड़ते हैं أُو۟لُوا۟ men ulū
men ٱلْأَلْبَـٰبِ अक़्ल वाले l-albābi
अक़्ल वाले ١٩ (19)
(19)
क्या फिर जो يَعْلَمُ जानता है yaʿlamu
जानता है أَنَّمَآ कि बेशक जो annamā
कि बेशक जो أُنزِلَ उतारा गया unzila
उतारा गया إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके مِن from min
from رَّبِّكَ आपके रब की तरफ़ से rabbika
आपके रब की तरफ़ से ٱلْحَقُّ हक़ है l-ḥaqu
हक़ है كَمَنْ उसकी मानिन्द है जो kaman
उसकी मानिन्द है जो هُوَ वो huwa
वो أَعْمَىٰٓ ۚ अँधा है aʿmā
अँधा है إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक يَتَذَكَّرُ नसीहत पकड़ते हैं yatadhakkaru
नसीहत पकड़ते हैं أُو۟لُوا۟ men ulū
men ٱلْأَلْبَـٰبِ अक़्ल वाले l-albābi
अक़्ल वाले ١٩ (19)
(19)
फिर क्या वह व्यक्ति जो जानता है कि जो कुछ आपके पालनहार की ओर से आपपर उतारा गया है, वही सत्य है, उस व्यक्ति के समान है, जो अंधा है? उपदेश तो बुद्धि और समझ वाले ही स्वीकार करते हैं।
१३:२०
ٱلَّذِينَ
वो लोग जो
alladhīna
वो लोग जो يُوفُونَ पूरा करते हैं yūfūna
पूरा करते हैं بِعَهْدِ the covenant biʿahdi
the covenant ٱللَّهِ अल्लाह के अहद को l-lahi
अल्लाह के अहद को وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَنقُضُونَ वो तोड़ते yanquḍūna
वो तोड़ते ٱلْمِيثَـٰقَ पुख़्ता वादे को l-mīthāqa
पुख़्ता वादे को ٢٠ (20)
(20)
वो लोग जो يُوفُونَ पूरा करते हैं yūfūna
पूरा करते हैं بِعَهْدِ the covenant biʿahdi
the covenant ٱللَّهِ अल्लाह के अहद को l-lahi
अल्लाह के अहद को وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَنقُضُونَ वो तोड़ते yanquḍūna
वो तोड़ते ٱلْمِيثَـٰقَ पुख़्ता वादे को l-mīthāqa
पुख़्ता वादे को ٢٠ (20)
(20)
जो अल्लाह के साथ की हुई प्रतिज्ञा1 को पूरा करते हैं और दृढ़ प्रतिज्ञा को नहीं तोड़ते।
१३:२१
وَٱلَّذِينَ
और वो जो
wa-alladhīna
और वो जो يَصِلُونَ जोड़ते हैं yaṣilūna
जोड़ते हैं مَآ उसको जो mā
उसको जो أَمَرَ हुक्म दिया amara
हुक्म दिया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने بِهِۦٓ जिस का bihi
जिस का أَن कि an
कि يُوصَلَ वो जोड़ा जाए yūṣala
वो जोड़ा जाए وَيَخْشَوْنَ और वो डरते हैं wayakhshawna
और वो डरते हैं رَبَّهُمْ अपने रब से rabbahum
अपने रब से وَيَخَافُونَ और वो डरते हैं wayakhāfūna
और वो डरते हैं سُوٓءَ बुरे sūa
बुरे ٱلْحِسَابِ हिसाब से l-ḥisābi
हिसाब से ٢١ (21)
(21)
और वो जो يَصِلُونَ जोड़ते हैं yaṣilūna
जोड़ते हैं مَآ उसको जो mā
उसको जो أَمَرَ हुक्म दिया amara
हुक्म दिया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने بِهِۦٓ जिस का bihi
जिस का أَن कि an
कि يُوصَلَ वो जोड़ा जाए yūṣala
वो जोड़ा जाए وَيَخْشَوْنَ और वो डरते हैं wayakhshawna
और वो डरते हैं رَبَّهُمْ अपने रब से rabbahum
अपने रब से وَيَخَافُونَ और वो डरते हैं wayakhāfūna
और वो डरते हैं سُوٓءَ बुरे sūa
बुरे ٱلْحِسَابِ हिसाब से l-ḥisābi
हिसाब से ٢١ (21)
(21)
और वे जो उस चीज़ को जोड़ते हैं, जिसके जोड़ने का अल्लाह ने आदेश दिया है और अपने पालनहार का भय रखते हैं तथा बुरे हिसाब से डरते हैं।
१३:२२
وَٱلَّذِينَ
और वो जिन्होंने
wa-alladhīna
और वो जिन्होंने صَبَرُوا۟ सब्र किया ṣabarū
सब्र किया ٱبْتِغَآءَ चाहने के लिए ib'tighāa
चाहने के लिए وَجْهِ चेहरा wajhi
चेहरा رَبِّهِمْ अपने रब का rabbihim
अपने रब का وَأَقَامُوا۟ और क़ायम की wa-aqāmū
और क़ायम की ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَأَنفَقُوا۟ और ख़र्च किया wa-anfaqū
और ख़र्च किया مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो رَزَقْنَـٰهُمْ रिज़्क़ दिया हमने उन्हें razaqnāhum
रिज़्क़ दिया हमने उन्हें سِرًّۭا पोशीदा sirran
पोशीदा وَعَلَانِيَةًۭ और ज़ाहिर waʿalāniyatan
और ज़ाहिर وَيَدْرَءُونَ और वो दूर करते हैं wayadraūna
और वो दूर करते हैं بِٱلْحَسَنَةِ साथ भलाई के bil-ḥasanati
साथ भलाई के ٱلسَّيِّئَةَ बुराई को l-sayi-ata
बुराई को أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं لَهُمْ उनके लिए है lahum
उनके लिए है عُقْبَى अंजाम ʿuq'bā
अंजाम ٱلدَّارِ घर का (आख़िरत के) l-dāri
घर का (आख़िरत के) ٢٢ (22)
(22)
और वो जिन्होंने صَبَرُوا۟ सब्र किया ṣabarū
सब्र किया ٱبْتِغَآءَ चाहने के लिए ib'tighāa
चाहने के लिए وَجْهِ चेहरा wajhi
चेहरा رَبِّهِمْ अपने रब का rabbihim
अपने रब का وَأَقَامُوا۟ और क़ायम की wa-aqāmū
और क़ायम की ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَأَنفَقُوا۟ और ख़र्च किया wa-anfaqū
और ख़र्च किया مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो رَزَقْنَـٰهُمْ रिज़्क़ दिया हमने उन्हें razaqnāhum
रिज़्क़ दिया हमने उन्हें سِرًّۭا पोशीदा sirran
पोशीदा وَعَلَانِيَةًۭ और ज़ाहिर waʿalāniyatan
और ज़ाहिर وَيَدْرَءُونَ और वो दूर करते हैं wayadraūna
और वो दूर करते हैं بِٱلْحَسَنَةِ साथ भलाई के bil-ḥasanati
साथ भलाई के ٱلسَّيِّئَةَ बुराई को l-sayi-ata
बुराई को أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं لَهُمْ उनके लिए है lahum
उनके लिए है عُقْبَى अंजाम ʿuq'bā
अंजाम ٱلدَّارِ घर का (आख़िरत के) l-dāri
घर का (आख़िरत के) ٢٢ (22)
(22)
तथा वे जिन्होंने अपने पालनहार का चेहरा चाहने के लिए धैर्य से काम लिया, और नमाज़ का आयोजन किया तथा हमने उन्हें जो कुछ प्रदान किया है, उसमें से छिपे और खुले ख़र्च किया, तथा भलाई के द्वारा बुराई को दूर करते हैं, यही लोग हैं जिनके लिए आख़िरत के घर का अच्छा परिणाम है।
१३:२३
جَنَّـٰتُ
बाग़ात हैं
jannātu
बाग़ात हैं عَدْنٍۢ हमेशगी के ʿadnin
हमेशगी के يَدْخُلُونَهَا वो दाख़िल होंगे उनमें yadkhulūnahā
वो दाख़िल होंगे उनमें وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई صَلَحَ नेक हुआ ṣalaḥa
नेक हुआ مِنْ among min
among ءَابَآئِهِمْ उनके आबा ओ अजदाद में से ābāihim
उनके आबा ओ अजदाद में से وَأَزْوَٰجِهِمْ और उनकी बीवियों में से wa-azwājihim
और उनकी बीवियों में से وَذُرِّيَّـٰتِهِمْ ۖ और उनकी औलाद में से wadhurriyyātihim
और उनकी औलाद में से وَٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ और फ़रिश्ते wal-malāikatu
और फ़रिश्ते يَدْخُلُونَ वो दाख़िल होंगे yadkhulūna
वो दाख़िल होंगे عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर مِّن from min
from كُلِّ every kulli
every بَابٍۢ हर दरवाज़े से bābin
हर दरवाज़े से ٢٣ (23)
(23)
बाग़ात हैं عَدْنٍۢ हमेशगी के ʿadnin
हमेशगी के يَدْخُلُونَهَا वो दाख़िल होंगे उनमें yadkhulūnahā
वो दाख़िल होंगे उनमें وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई صَلَحَ नेक हुआ ṣalaḥa
नेक हुआ مِنْ among min
among ءَابَآئِهِمْ उनके आबा ओ अजदाद में से ābāihim
उनके आबा ओ अजदाद में से وَأَزْوَٰجِهِمْ और उनकी बीवियों में से wa-azwājihim
और उनकी बीवियों में से وَذُرِّيَّـٰتِهِمْ ۖ और उनकी औलाद में से wadhurriyyātihim
और उनकी औलाद में से وَٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ और फ़रिश्ते wal-malāikatu
और फ़रिश्ते يَدْخُلُونَ वो दाख़िल होंगे yadkhulūna
वो दाख़िल होंगे عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर مِّن from min
from كُلِّ every kulli
every بَابٍۢ हर दरवाज़े से bābin
हर दरवाज़े से ٢٣ (23)
(23)
सदैव रहने के बाग़, जिनमें वे प्रवेश करेंगे और उनके बाप-दादा और उनकी पत्नियों और उनकी संतानों में से जो नेक हुए (वे भी प्रवेश करेंगे)। तथा फ़रिश्ते प्रत्येक द्वार से उनके पास आएँगे।
१३:२४
سَلَـٰمٌ
सलाम हो
salāmun
सलाम हो عَلَيْكُم तुम पर ʿalaykum
तुम पर بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो صَبَرْتُمْ ۚ सब्र किया तुमने ṣabartum
सब्र किया तुमने فَنِعْمَ तो कितना अच्छा है faniʿ'ma
तो कितना अच्छा है عُقْبَى अंजाम ʿuq'bā
अंजाम ٱلدَّارِ घर का (आख़िरत के) l-dāri
घर का (आख़िरत के) ٢٤ (24)
(24)
सलाम हो عَلَيْكُم तुम पर ʿalaykum
तुम पर بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो صَبَرْتُمْ ۚ सब्र किया तुमने ṣabartum
सब्र किया तुमने فَنِعْمَ तो कितना अच्छा है faniʿ'ma
तो कितना अच्छा है عُقْبَى अंजाम ʿuq'bā
अंजाम ٱلدَّارِ घर का (आख़िरत के) l-dāri
घर का (आख़िरत के) ٢٤ (24)
(24)
(वे कहेंगे :) सलाम (शांति) हो तुमपर उसके बदले जो तुमने धैर्य किया। तो क्या ही अच्छा है इस घर (आखिरत) का परिणाम!
१३:२५
وَٱلَّذِينَ
और वो लोग जो
wa-alladhīna
और वो लोग जो يَنقُضُونَ तोड़ते हैं yanquḍūna
तोड़ते हैं عَهْدَ अहद को ʿahda
अहद को ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद مِيثَـٰقِهِۦ उसके पक्का करने के mīthāqihi
उसके पक्का करने के وَيَقْطَعُونَ और वो काटते हैं wayaqṭaʿūna
और वो काटते हैं مَآ उसको जो mā
उसको जो أَمَرَ हुक्म दिया amara
हुक्म दिया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने بِهِۦٓ जिसका bihi
जिसका أَن कि an
कि يُوصَلَ वो जोड़ा जाए yūṣala
वो जोड़ा जाए وَيُفْسِدُونَ और वो फ़साद करते हैं wayuf'sidūna
और वो फ़साद करते हैं فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ۙ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं لَهُمُ उनके लिए है lahumu
उनके लिए है ٱللَّعْنَةُ लानत l-laʿnatu
लानत وَلَهُمْ और उन्हीं के लिए है walahum
और उन्हीं के लिए है سُوٓءُ बुरा sūu
बुरा ٱلدَّارِ घर l-dāri
घर ٢٥ (25)
(25)
और वो लोग जो يَنقُضُونَ तोड़ते हैं yanquḍūna
तोड़ते हैं عَهْدَ अहद को ʿahda
अहद को ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद مِيثَـٰقِهِۦ उसके पक्का करने के mīthāqihi
उसके पक्का करने के وَيَقْطَعُونَ और वो काटते हैं wayaqṭaʿūna
और वो काटते हैं مَآ उसको जो mā
उसको जो أَمَرَ हुक्म दिया amara
हुक्म दिया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने بِهِۦٓ जिसका bihi
जिसका أَن कि an
कि يُوصَلَ वो जोड़ा जाए yūṣala
वो जोड़ा जाए وَيُفْسِدُونَ और वो फ़साद करते हैं wayuf'sidūna
और वो फ़साद करते हैं فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ۙ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं لَهُمُ उनके लिए है lahumu
उनके लिए है ٱللَّعْنَةُ लानत l-laʿnatu
लानत وَلَهُمْ और उन्हीं के लिए है walahum
और उन्हीं के लिए है سُوٓءُ बुरा sūu
बुरा ٱلدَّارِ घर l-dāri
घर ٢٥ (25)
(25)
और जो लोग अल्लाह की प्रतिज्ञा को उसे दृढ़ करने के बाद तोड़ देते हैं और उस चीज़ को काट देते हैं, जिसे अल्लाह ने जोड़ने1 का आदेश दिया है और धरती में बिगाड़ पैदा करते हैं, यही लोगो हैं जिनके लिए लानत (धिक्कार) है और उन्हीं के लिए (आख़िरत का) बुरा घर है।
१३:२६
ٱللَّهُ
अल्लाह
al-lahu
अल्लाह يَبْسُطُ फैलाता है yabsuṭu
फैलाता है ٱلرِّزْقَ रिज़्क़ को l-riz'qa
रिज़्क़ को لِمَن जिसके लिए liman
जिसके लिए يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَيَقْدِرُ ۚ और वो तंग कर देता है wayaqdiru
और वो तंग कर देता है وَفَرِحُوا۟ और वो ख़ुश हो गए wafariḥū
और वो ख़ुश हो गए بِٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी पर bil-ḥayati
ज़िन्दगी पर ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَمَا और नहीं wamā
और नहीं ٱلْحَيَوٰةُ ज़िन्दगी l-ḥayatu
ज़िन्दगी ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की فِى in (comparison to) fī
in (comparison to) ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत (के मुक़ाबले) में l-ākhirati
आख़िरत (के मुक़ाबले) में إِلَّا मगर illā
मगर مَتَـٰعٌۭ एक मताअ (हक़ीर) matāʿun
एक मताअ (हक़ीर) ٢٦ (26)
(26)
अल्लाह يَبْسُطُ फैलाता है yabsuṭu
फैलाता है ٱلرِّزْقَ रिज़्क़ को l-riz'qa
रिज़्क़ को لِمَن जिसके लिए liman
जिसके लिए يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَيَقْدِرُ ۚ और वो तंग कर देता है wayaqdiru
और वो तंग कर देता है وَفَرِحُوا۟ और वो ख़ुश हो गए wafariḥū
और वो ख़ुश हो गए بِٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी पर bil-ḥayati
ज़िन्दगी पर ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَمَا और नहीं wamā
और नहीं ٱلْحَيَوٰةُ ज़िन्दगी l-ḥayatu
ज़िन्दगी ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की فِى in (comparison to) fī
in (comparison to) ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत (के मुक़ाबले) में l-ākhirati
आख़िरत (के मुक़ाबले) में إِلَّا मगर illā
मगर مَتَـٰعٌۭ एक मताअ (हक़ीर) matāʿun
एक मताअ (हक़ीर) ٢٦ (26)
(26)
और अल्लाह जिसके लिए चाहता है, जीविका विस्तृत कर देता है और (जिसके लिए चाहता है) तंग कर देता है। और वे (काफ़िर) सांसारिक जीवन पर प्रसन्न हो गए। हालाँकि सांसारिक जीवन आख़िरत के मुक़ाबले में थोड़े-से सामान के सिवा कुछ नहीं है।
१३:२७
وَيَقُولُ
और कहते हैं
wayaqūlu
और कहते हैं ٱلَّذِينَ वो लोग जिन्होंने alladhīna
वो लोग जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया لَوْلَآ क्यों नहीं lawlā
क्यों नहीं أُنزِلَ उतारी गई unzila
उतारी गई عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर ءَايَةٌۭ कोई निशानी āyatun
कोई निशानी مِّن from min
from رَّبِّهِۦ ۗ उसके रब की तरफ़ से rabbihi
उसके रब की तरफ़ से قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يُضِلُّ भटकाता है yuḍillu
भटकाता है مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَيَهْدِىٓ और वो हिदायत देता है wayahdī
और वो हिदायत देता है إِلَيْهِ अपनी तरफ़ ilayhi
अपनी तरफ़ مَنْ उसे जो man
उसे जो أَنَابَ रुजूअ करे anāba
रुजूअ करे ٢٧ (27)
(27)
और कहते हैं ٱلَّذِينَ वो लोग जिन्होंने alladhīna
वो लोग जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया لَوْلَآ क्यों नहीं lawlā
क्यों नहीं أُنزِلَ उतारी गई unzila
उतारी गई عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर ءَايَةٌۭ कोई निशानी āyatun
कोई निशानी مِّن from min
from رَّبِّهِۦ ۗ उसके रब की तरफ़ से rabbihi
उसके रब की तरफ़ से قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يُضِلُّ भटकाता है yuḍillu
भटकाता है مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَيَهْدِىٓ और वो हिदायत देता है wayahdī
और वो हिदायत देता है إِلَيْهِ अपनी तरफ़ ilayhi
अपनी तरफ़ مَنْ उसे जो man
उसे जो أَنَابَ रुजूअ करे anāba
रुजूअ करे ٢٧ (27)
(27)
और जिन लोगों ने कुफ़्र किया, वे कहते हैं : इसपर इसके पालनहार की ओर से कोई निशानी क्यों नहीं उतारी गई? (ऐ नबी!) आप कह दें : निःसंदेह अल्लाह जिसे चाहता है, पथभ्रष्ट कर देता है। और अपनी ओर उसे राह दिखाता है, जो उसकी ओर ध्यानमग्न हो।
१३:२८
ٱلَّذِينَ
वो लोग जो
alladhīna
वो लोग जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَتَطْمَئِنُّ और मुत्मईन होते हैं wataṭma-innu
और मुत्मईन होते हैं قُلُوبُهُم दिल उनके qulūbuhum
दिल उनके بِذِكْرِ in the remembrance bidhik'ri
in the remembrance ٱللَّهِ ۗ अल्लाह के ज़िक्र से l-lahi
अल्लाह के ज़िक्र से أَلَا ख़बरदार alā
ख़बरदार بِذِكْرِ in the remembrance bidhik'ri
in the remembrance ٱللَّهِ अल्लाह के ज़िक्र से l-lahi
अल्लाह के ज़िक्र से تَطْمَئِنُّ मुत्मईन हो जाते हैं taṭma-innu
मुत्मईन हो जाते हैं ٱلْقُلُوبُ दिल l-qulūbu
दिल ٢٨ (28)
(28)
वो लोग जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَتَطْمَئِنُّ और मुत्मईन होते हैं wataṭma-innu
और मुत्मईन होते हैं قُلُوبُهُم दिल उनके qulūbuhum
दिल उनके بِذِكْرِ in the remembrance bidhik'ri
in the remembrance ٱللَّهِ ۗ अल्लाह के ज़िक्र से l-lahi
अल्लाह के ज़िक्र से أَلَا ख़बरदार alā
ख़बरदार بِذِكْرِ in the remembrance bidhik'ri
in the remembrance ٱللَّهِ अल्लाह के ज़िक्र से l-lahi
अल्लाह के ज़िक्र से تَطْمَئِنُّ मुत्मईन हो जाते हैं taṭma-innu
मुत्मईन हो जाते हैं ٱلْقُلُوبُ दिल l-qulūbu
दिल ٢٨ (28)
(28)
वे जो ईमान लाए और उनके दिलों को अल्लाह की याद से संतुष्टि मिलती है। सुन लो! अल्लाह की याद ही से दिलों को संतुष्टि मिलती है।
१३:२९
ٱلَّذِينَ
वो लोग जो
alladhīna
वो लोग जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक طُوبَىٰ ख़ुशहाली है ṭūbā
ख़ुशहाली है لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए وَحُسْنُ और उम्दा waḥus'nu
और उम्दा مَـَٔابٍۢ ठिकाना maābin
ठिकाना ٢٩ (29)
(29)
वो लोग जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक طُوبَىٰ ख़ुशहाली है ṭūbā
ख़ुशहाली है لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए وَحُسْنُ और उम्दा waḥus'nu
और उम्दा مَـَٔابٍۢ ठिकाना maābin
ठिकाना ٢٩ (29)
(29)
जो लोग ईमान लाए और उन्होंने अच्छे कर्म किए उनके लिए आनंद1 और उत्तम ठिकाना है।
१३:३०
كَذَٰلِكَ
इसी तरह
kadhālika
इसी तरह أَرْسَلْنَـٰكَ भेजा हमने आपको arsalnāka
भेजा हमने आपको فِىٓ to fī
to أُمَّةٍۢ इस उम्मत में ummatin
इस उम्मत में قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ خَلَتْ गुज़र चुकीं khalat
गुज़र चुकीं مِن from min
from قَبْلِهَآ इससे पहले qablihā
इससे पहले أُمَمٌۭ कई उम्मतें umamun
कई उम्मतें لِّتَتْلُوَا۟ ताकि आप पढ़ें litatluwā
ताकि आप पढ़ें عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلَّذِىٓ वो जो alladhī
वो जो أَوْحَيْنَآ वही की हमने awḥaynā
वही की हमने إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके وَهُمْ और वो wahum
और वो يَكْفُرُونَ वो कुफ़्र करते हैं yakfurūna
वो कुफ़्र करते हैं بِٱلرَّحْمَـٰنِ ۚ रहमान का bil-raḥmāni
रहमान का قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए هُوَ वो huwa
वो رَبِّى रब है मेरा rabbī
रब है मेरा لَآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ वो ही huwa
वो ही عَلَيْهِ उसी पर ʿalayhi
उसी पर تَوَكَّلْتُ तवक्कल किया मैंने tawakkaltu
तवक्कल किया मैंने وَإِلَيْهِ और तरफ़ उसी के wa-ilayhi
और तरफ़ उसी के مَتَابِ लौटना है मेरा matābi
लौटना है मेरा ٣٠ (30)
(30)
इसी तरह أَرْسَلْنَـٰكَ भेजा हमने आपको arsalnāka
भेजा हमने आपको فِىٓ to fī
to أُمَّةٍۢ इस उम्मत में ummatin
इस उम्मत में قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ خَلَتْ गुज़र चुकीं khalat
गुज़र चुकीं مِن from min
from قَبْلِهَآ इससे पहले qablihā
इससे पहले أُمَمٌۭ कई उम्मतें umamun
कई उम्मतें لِّتَتْلُوَا۟ ताकि आप पढ़ें litatluwā
ताकि आप पढ़ें عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلَّذِىٓ वो जो alladhī
वो जो أَوْحَيْنَآ वही की हमने awḥaynā
वही की हमने إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके وَهُمْ और वो wahum
और वो يَكْفُرُونَ वो कुफ़्र करते हैं yakfurūna
वो कुफ़्र करते हैं بِٱلرَّحْمَـٰنِ ۚ रहमान का bil-raḥmāni
रहमान का قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए هُوَ वो huwa
वो رَبِّى रब है मेरा rabbī
रब है मेरा لَآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ वो ही huwa
वो ही عَلَيْهِ उसी पर ʿalayhi
उसी पर تَوَكَّلْتُ तवक्कल किया मैंने tawakkaltu
तवक्कल किया मैंने وَإِلَيْهِ और तरफ़ उसी के wa-ilayhi
और तरफ़ उसी के مَتَابِ लौटना है मेरा matābi
लौटना है मेरा ٣٠ (30)
(30)
इसी प्रकार हमने आपको एक ऐसे समुदाय में रसूल बनाकर भेजा, जिससे पहले बहुत-से समुदाय गुज़र चुके हैं। ताकि आप उन्हें वह संदेश सुनाएँ, जो हमने आपकी ओर वह़्य द्वारा भेजा है। इस हाल में कि वे अत्यंत दयावान् (अल्लाह) का इनकार करते हैं। आप कह दें : वही मेरा पालनहार है। उसके सिवा कोई पूज्य नहीं है। मैंने उसी पर भरोसा किया है और उसी की ओर मुझे जाना है।
१३:३१
وَلَوْ
और अगर
walaw
और अगर أَنَّ यक़ीनन anna
यक़ीनन قُرْءَانًۭا क़ुरआन (होता) qur'ānan
क़ुरआन (होता) سُيِّرَتْ (कि) चलाए जाते suyyirat
(कि) चलाए जाते بِهِ उसके ज़रिए bihi
उसके ज़रिए ٱلْجِبَالُ पहाड़ l-jibālu
पहाड़ أَوْ या aw
या قُطِّعَتْ फाड़ दी जाती quṭṭiʿat
फाड़ दी जाती بِهِ उसके ज़रिए bihi
उसके ज़रिए ٱلْأَرْضُ ज़मीन l-arḍu
ज़मीन أَوْ या aw
या كُلِّمَ कलाम किया जाता kullima
कलाम किया जाता بِهِ उसके ज़रिए bihi
उसके ज़रिए ٱلْمَوْتَىٰ ۗ मुर्दों से l-mawtā
मुर्दों से بَل बल्कि bal
बल्कि لِّلَّهِ अल्लाह ही के लिए है lillahi
अल्लाह ही के लिए है ٱلْأَمْرُ मामला l-amru
मामला جَمِيعًا ۗ सारा का सारा jamīʿan
सारा का सारा أَفَلَمْ क्या भला नहीं afalam
क्या भला नहीं يَا۟يْـَٔسِ मायूस हो गए yāy'asi
मायूस हो गए ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए أَن कि an
कि لَّوْ अगर law
अगर يَشَآءُ चाहता yashāu
चाहता ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لَهَدَى अलबत्ता वो हिदायत दे देता lahadā
अलबत्ता वो हिदायत दे देता ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को جَمِيعًۭا ۗ सबके सबको jamīʿan
सबके सबको وَلَا And not walā
And not يَزَالُ और हमेशा रहेंगे yazālu
और हमेशा रहेंगे ٱلَّذِينَ वो लोग जिन्होंने alladhīna
वो लोग जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया تُصِيبُهُم पहुँचती रहेगी उन्हें tuṣībuhum
पहुँचती रहेगी उन्हें بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो صَنَعُوا۟ उन्होंने किया ṣanaʿū
उन्होंने किया قَارِعَةٌ कोई आफ़त qāriʿatun
कोई आफ़त أَوْ या aw
या تَحُلُّ वो उतरती रहेगी taḥullu
वो उतरती रहेगी قَرِيبًۭا क़रीब ही qarīban
क़रीब ही مِّن from min
from دَارِهِمْ उनके घर के dārihim
उनके घर के حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَأْتِىَ आ जाए yatiya
आ जाए وَعْدُ वादा waʿdu
वादा ٱللَّهِ ۚ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (will) not lā
(will) not يُخْلِفُ नहीं वो ख़िलाफ़ करता yukh'lifu
नहीं वो ख़िलाफ़ करता ٱلْمِيعَادَ वादे के l-mīʿāda
वादे के ٣١ (31)
(31)
और अगर أَنَّ यक़ीनन anna
यक़ीनन قُرْءَانًۭا क़ुरआन (होता) qur'ānan
क़ुरआन (होता) سُيِّرَتْ (कि) चलाए जाते suyyirat
(कि) चलाए जाते بِهِ उसके ज़रिए bihi
उसके ज़रिए ٱلْجِبَالُ पहाड़ l-jibālu
पहाड़ أَوْ या aw
या قُطِّعَتْ फाड़ दी जाती quṭṭiʿat
फाड़ दी जाती بِهِ उसके ज़रिए bihi
उसके ज़रिए ٱلْأَرْضُ ज़मीन l-arḍu
ज़मीन أَوْ या aw
या كُلِّمَ कलाम किया जाता kullima
कलाम किया जाता بِهِ उसके ज़रिए bihi
उसके ज़रिए ٱلْمَوْتَىٰ ۗ मुर्दों से l-mawtā
मुर्दों से بَل बल्कि bal
बल्कि لِّلَّهِ अल्लाह ही के लिए है lillahi
अल्लाह ही के लिए है ٱلْأَمْرُ मामला l-amru
मामला جَمِيعًا ۗ सारा का सारा jamīʿan
सारा का सारा أَفَلَمْ क्या भला नहीं afalam
क्या भला नहीं يَا۟يْـَٔسِ मायूस हो गए yāy'asi
मायूस हो गए ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए أَن कि an
कि لَّوْ अगर law
अगर يَشَآءُ चाहता yashāu
चाहता ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لَهَدَى अलबत्ता वो हिदायत दे देता lahadā
अलबत्ता वो हिदायत दे देता ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को جَمِيعًۭا ۗ सबके सबको jamīʿan
सबके सबको وَلَا And not walā
And not يَزَالُ और हमेशा रहेंगे yazālu
और हमेशा रहेंगे ٱلَّذِينَ वो लोग जिन्होंने alladhīna
वो लोग जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया تُصِيبُهُم पहुँचती रहेगी उन्हें tuṣībuhum
पहुँचती रहेगी उन्हें بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो صَنَعُوا۟ उन्होंने किया ṣanaʿū
उन्होंने किया قَارِعَةٌ कोई आफ़त qāriʿatun
कोई आफ़त أَوْ या aw
या تَحُلُّ वो उतरती रहेगी taḥullu
वो उतरती रहेगी قَرِيبًۭا क़रीब ही qarīban
क़रीब ही مِّن from min
from دَارِهِمْ उनके घर के dārihim
उनके घर के حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَأْتِىَ आ जाए yatiya
आ जाए وَعْدُ वादा waʿdu
वादा ٱللَّهِ ۚ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (will) not lā
(will) not يُخْلِفُ नहीं वो ख़िलाफ़ करता yukh'lifu
नहीं वो ख़िलाफ़ करता ٱلْمِيعَادَ वादे के l-mīʿāda
वादे के ٣١ (31)
(31)
और यदि निश्चय कोई ऐसा क़ुरआन होता जिसके द्वारा पहाड़ चलाए1 जाते, या उसके द्वारा धरती खंड-खंड कर दी जाती, या उसके द्वारा मुर्दों से बात की जाती (तो भी वे ईमान नहीं लाते)। बल्कि सारे का सारा काम अल्लाह ही के अधिकार में है। तो क्या जो लोग ईमान लाए हैं, निराश नहीं हुए कि यदि अल्लाह चाहे, तो निश्चय सब के सब लोगों को सीधी राह पर कर दे! और वे लोग जिन्होंने कुफ़्र किया, हमेशा इस हाल में रहेंगे कि उन्हें उनकी करतूतों के कारण कोई न कोई आपदा पहुँचती रहेगी, अथवा उनके घर के निकट उतरती रेहगी, यहाँ तक कि अल्लाह का वादा2 आ जाए। निःसंदेह अल्लाह अपने वादे के विरुद्ध नहीं करता।
१३:३२
وَلَقَدِ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqadi
और अलबत्ता तहक़ीक़ ٱسْتُهْزِئَ मज़ाक़ उड़ाया गया us'tuh'zi-a
मज़ाक़ उड़ाया गया بِرُسُلٍۢ कई रसूलों का birusulin
कई रसूलों का مِّن from min
from قَبْلِكَ आपसे क़ब्ल qablika
आपसे क़ब्ल فَأَمْلَيْتُ तो ढील दी मैंने fa-amlaytu
तो ढील दी मैंने لِلَّذِينَ उनको जिन्होंने lilladhīna
उनको जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया ثُمَّ फिर thumma
फिर أَخَذْتُهُمْ ۖ पकड़ लिया मैंने उन्हें akhadhtuhum
पकड़ लिया मैंने उन्हें فَكَيْفَ तो कैसी fakayfa
तो कैसी كَانَ थी kāna
थी عِقَابِ सज़ा मेरी ʿiqābi
सज़ा मेरी ٣٢ (32)
(32)
और अलबत्ता तहक़ीक़ ٱسْتُهْزِئَ मज़ाक़ उड़ाया गया us'tuh'zi-a
मज़ाक़ उड़ाया गया بِرُسُلٍۢ कई रसूलों का birusulin
कई रसूलों का مِّن from min
from قَبْلِكَ आपसे क़ब्ल qablika
आपसे क़ब्ल فَأَمْلَيْتُ तो ढील दी मैंने fa-amlaytu
तो ढील दी मैंने لِلَّذِينَ उनको जिन्होंने lilladhīna
उनको जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया ثُمَّ फिर thumma
फिर أَخَذْتُهُمْ ۖ पकड़ लिया मैंने उन्हें akhadhtuhum
पकड़ लिया मैंने उन्हें فَكَيْفَ तो कैसी fakayfa
तो कैसी كَانَ थी kāna
थी عِقَابِ सज़ा मेरी ʿiqābi
सज़ा मेरी ٣٢ (32)
(32)
और निःसंदेह आपसे पहले भी कई रसूलों का मज़ाक उड़ाया गया, तो मैंने काफ़िरों को मोहलत दी। फिर उन्हें पकड़ लिया। तो मेरी सज़ा कैसी थी?
१३:३३
أَفَمَنْ
क्या भला जो
afaman
क्या भला जो هُوَ वो huwa
वो قَآئِمٌ क़ायम/निगरान है qāimun
क़ायम/निगरान है عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर نَفْسٍۭ नफ़्स के nafsin
नफ़्स के بِمَا साथ उसके जो bimā
साथ उसके जो كَسَبَتْ ۗ उसने कमाई की kasabat
उसने कमाई की وَجَعَلُوا۟ और उन्होंने बना रखे हैं wajaʿalū
और उन्होंने बना रखे हैं لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए شُرَكَآءَ कुछ शरीक shurakāa
कुछ शरीक قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए سَمُّوهُمْ ۚ नाम लो उनके sammūhum
नाम लो उनके أَمْ क्या am
क्या تُنَبِّـُٔونَهُۥ तुम ख़बर दे रहे हो उसे tunabbiūnahu
तुम ख़बर दे रहे हो उसे بِمَا उसकी जो bimā
उसकी जो لَا not lā
not يَعْلَمُ नहीं वो जानता yaʿlamu
नहीं वो जानता فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में أَم या am
या بِظَـٰهِرٍۢ बज़ाहिर biẓāhirin
बज़ाहिर مِّنَ of mina
of ٱلْقَوْلِ ۗ बात से l-qawli
बात से بَلْ बल्कि bal
बल्कि زُيِّنَ मुज़य्यन कर दी गई zuyyina
मुज़य्यन कर दी गई لِلَّذِينَ उनके लिए जिन्होंने lilladhīna
उनके लिए जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया مَكْرُهُمْ चाल उनकी makruhum
चाल उनकी وَصُدُّوا۟ और वो रोक दिए गए waṣuddū
और वो रोक दिए गए عَنِ from ʿani
from ٱلسَّبِيلِ ۗ रास्ते से l-sabīli
रास्ते से وَمَن और जिसे waman
और जिसे يُضْلِلِ गुमराह कर दे yuḍ'lili
गुमराह कर दे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فَمَا तो नहीं famā
तो नहीं لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए مِنْ any min
any هَادٍۢ कोई हिदायत देने वाला hādin
कोई हिदायत देने वाला ٣٣ (33)
(33)
क्या भला जो هُوَ वो huwa
वो قَآئِمٌ क़ायम/निगरान है qāimun
क़ायम/निगरान है عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर نَفْسٍۭ नफ़्स के nafsin
नफ़्स के بِمَا साथ उसके जो bimā
साथ उसके जो كَسَبَتْ ۗ उसने कमाई की kasabat
उसने कमाई की وَجَعَلُوا۟ और उन्होंने बना रखे हैं wajaʿalū
और उन्होंने बना रखे हैं لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए شُرَكَآءَ कुछ शरीक shurakāa
कुछ शरीक قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए سَمُّوهُمْ ۚ नाम लो उनके sammūhum
नाम लो उनके أَمْ क्या am
क्या تُنَبِّـُٔونَهُۥ तुम ख़बर दे रहे हो उसे tunabbiūnahu
तुम ख़बर दे रहे हो उसे بِمَا उसकी जो bimā
उसकी जो لَا not lā
not يَعْلَمُ नहीं वो जानता yaʿlamu
नहीं वो जानता فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में أَم या am
या بِظَـٰهِرٍۢ बज़ाहिर biẓāhirin
बज़ाहिर مِّنَ of mina
of ٱلْقَوْلِ ۗ बात से l-qawli
बात से بَلْ बल्कि bal
बल्कि زُيِّنَ मुज़य्यन कर दी गई zuyyina
मुज़य्यन कर दी गई لِلَّذِينَ उनके लिए जिन्होंने lilladhīna
उनके लिए जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया مَكْرُهُمْ चाल उनकी makruhum
चाल उनकी وَصُدُّوا۟ और वो रोक दिए गए waṣuddū
और वो रोक दिए गए عَنِ from ʿani
from ٱلسَّبِيلِ ۗ रास्ते से l-sabīli
रास्ते से وَمَن और जिसे waman
और जिसे يُضْلِلِ गुमराह कर दे yuḍ'lili
गुमराह कर दे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فَمَا तो नहीं famā
तो नहीं لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए مِنْ any min
any هَادٍۢ कोई हिदायत देने वाला hādin
कोई हिदायत देने वाला ٣٣ (33)
(33)
तो क्या वह जो प्रत्येक प्राणी के कार्यों का संरक्षक है (वह उपासना के अधिक योग्य है या ये मूर्तियाँ?) और उन्होंने अल्लाह के कुछ साझी बना लिए हैं। आप कहिए कि उनके नाम बताओ। या क्या तुम उसे उस चीज़ की सूचना देते हो, जिसे वह धरती में नहीं जानता, या केवल ऊपर ही ऊपर1 बातें कर रहे हो? बल्कि उन लोगों के लिए जिन्होंने कुफ़्र किया, उनका छल सुंदर बना दिया गया और वे सीधे रास्ते से रोक दिए गए। और जिसे अल्लाह पथभ्रष्ट कर दे, फिर उसे कोई राह दिखाने वाला नहीं।
१३:३४
لَّهُمْ
उनके लिए
lahum
उनके लिए عَذَابٌۭ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है فِى in fī
in ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी में l-ḥayati
ज़िन्दगी में ٱلدُّنْيَا ۖ दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَلَعَذَابُ और अलबत्ता अज़ाब walaʿadhābu
और अलबत्ता अज़ाब ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत का l-ākhirati
आख़िरत का أَشَقُّ ۖ ज़्यादा सख़्त है ashaqqu
ज़्यादा सख़्त है وَمَا और नहीं wamā
और नहीं لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مِّنَ against mina
against ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से مِن any min
any وَاقٍۢ कोई बचाने वाला wāqin
कोई बचाने वाला ٣٤ (34)
(34)
उनके लिए عَذَابٌۭ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है فِى in fī
in ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी में l-ḥayati
ज़िन्दगी में ٱلدُّنْيَا ۖ दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَلَعَذَابُ और अलबत्ता अज़ाब walaʿadhābu
और अलबत्ता अज़ाब ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत का l-ākhirati
आख़िरत का أَشَقُّ ۖ ज़्यादा सख़्त है ashaqqu
ज़्यादा सख़्त है وَمَا और नहीं wamā
और नहीं لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مِّنَ against mina
against ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से مِن any min
any وَاقٍۢ कोई बचाने वाला wāqin
कोई बचाने वाला ٣٤ (34)
(34)
उनके लिए एक यातना सांसारिक जीवन में है और निश्चय आख़िरत की यातना अधिक कड़ी है। और उन्हें अल्लाह से कोई भी बचाने वाला नहीं।
१३:३५
۞ مَّثَلُ
मिसाल
mathalu
मिसाल ٱلْجَنَّةِ उस जन्नत की l-janati
उस जन्नत की ٱلَّتِى जिस का allatī
जिस का وُعِدَ वादा किए गए wuʿida
वादा किए गए ٱلْمُتَّقُونَ ۖ मुत्तक़ी लोग l-mutaqūna
मुत्तक़ी लोग تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهَا उसके नीचे से taḥtihā
उसके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ ۖ नहरें l-anhāru
नहरें أُكُلُهَا फल उसके ukuluhā
फल उसके دَآئِمٌۭ दाइमी हैं dāimun
दाइमी हैं وَظِلُّهَا ۚ और उसका साया (भी) waẓilluhā
और उसका साया (भी) تِلْكَ ये til'ka
ये عُقْبَى अंजाम है ʿuq'bā
अंजाम है ٱلَّذِينَ उन लोगों का जिन्होंने alladhīna
उन लोगों का जिन्होंने ٱتَّقَوا۟ ۖ तक़वा किया ittaqaw
तक़वा किया وَّعُقْبَى और अंजाम waʿuq'bā
और अंजाम ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों का l-kāfirīna
काफ़िरों का ٱلنَّارُ आग है l-nāru
आग है ٣٥ (35)
(35)
मिसाल ٱلْجَنَّةِ उस जन्नत की l-janati
उस जन्नत की ٱلَّتِى जिस का allatī
जिस का وُعِدَ वादा किए गए wuʿida
वादा किए गए ٱلْمُتَّقُونَ ۖ मुत्तक़ी लोग l-mutaqūna
मुत्तक़ी लोग تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهَا उसके नीचे से taḥtihā
उसके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ ۖ नहरें l-anhāru
नहरें أُكُلُهَا फल उसके ukuluhā
फल उसके دَآئِمٌۭ दाइमी हैं dāimun
दाइमी हैं وَظِلُّهَا ۚ और उसका साया (भी) waẓilluhā
और उसका साया (भी) تِلْكَ ये til'ka
ये عُقْبَى अंजाम है ʿuq'bā
अंजाम है ٱلَّذِينَ उन लोगों का जिन्होंने alladhīna
उन लोगों का जिन्होंने ٱتَّقَوا۟ ۖ तक़वा किया ittaqaw
तक़वा किया وَّعُقْبَى और अंजाम waʿuq'bā
और अंजाम ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों का l-kāfirīna
काफ़िरों का ٱلنَّارُ आग है l-nāru
आग है ٣٥ (35)
(35)
उस जन्नत की विशेषता, जिसका अल्लाह से डरने वालों (मुत्तक़ियों) से वादा किया गया है, यह है कि उसके नीचे से नहरें बह रही हैं, उसका फल हमेशा रहने वाला है और उसकी छाया भी। यह उन लोगों का परिणाम है, जो अल्लाह से डरते रहे। और काफ़िरों का परिणाम आग (जहन्नम) है।
१३:३६
وَٱلَّذِينَ
और वो लोग जो
wa-alladhīna
और वो लोग जो ءَاتَيْنَـٰهُمُ दी हमने उन्हें ātaynāhumu
दी हमने उन्हें ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब يَفْرَحُونَ वो ख़ुश होते हैं yafraḥūna
वो ख़ुश होते हैं بِمَآ उस पर जो bimā
उस पर जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया إِلَيْكَ ۖ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके وَمِنَ but among wamina
but among ٱلْأَحْزَابِ और कुछ गिरोह हैं l-aḥzābi
और कुछ गिरोह हैं مَن जो man
जो يُنكِرُ इन्कार करते हैं yunkiru
इन्कार करते हैं بَعْضَهُۥ ۚ उसके बाज़ का baʿḍahu
उसके बाज़ का قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए إِنَّمَآ बेशक innamā
बेशक أُمِرْتُ हुक्म दिया गया मुझे umir'tu
हुक्म दिया गया मुझे أَنْ कि an
कि أَعْبُدَ मैं इबादत करूँ aʿbuda
मैं इबादत करूँ ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَلَآ और ना walā
और ना أُشْرِكَ मैं शरीक ठहराऊँ ush'rika
मैं शरीक ठहराऊँ بِهِۦٓ ۚ साथ उसके bihi
साथ उसके إِلَيْهِ तरफ़ उसी के ilayhi
तरफ़ उसी के أَدْعُوا۟ मैं बुलाता हूँ adʿū
मैं बुलाता हूँ وَإِلَيْهِ और तरफ़ उसी के wa-ilayhi
और तरफ़ उसी के مَـَٔابِ लौटना है मेरा maābi
लौटना है मेरा ٣٦ (36)
(36)
और वो लोग जो ءَاتَيْنَـٰهُمُ दी हमने उन्हें ātaynāhumu
दी हमने उन्हें ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब يَفْرَحُونَ वो ख़ुश होते हैं yafraḥūna
वो ख़ुश होते हैं بِمَآ उस पर जो bimā
उस पर जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया إِلَيْكَ ۖ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके وَمِنَ but among wamina
but among ٱلْأَحْزَابِ और कुछ गिरोह हैं l-aḥzābi
और कुछ गिरोह हैं مَن जो man
जो يُنكِرُ इन्कार करते हैं yunkiru
इन्कार करते हैं بَعْضَهُۥ ۚ उसके बाज़ का baʿḍahu
उसके बाज़ का قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए إِنَّمَآ बेशक innamā
बेशक أُمِرْتُ हुक्म दिया गया मुझे umir'tu
हुक्म दिया गया मुझे أَنْ कि an
कि أَعْبُدَ मैं इबादत करूँ aʿbuda
मैं इबादत करूँ ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَلَآ और ना walā
और ना أُشْرِكَ मैं शरीक ठहराऊँ ush'rika
मैं शरीक ठहराऊँ بِهِۦٓ ۚ साथ उसके bihi
साथ उसके إِلَيْهِ तरफ़ उसी के ilayhi
तरफ़ उसी के أَدْعُوا۟ मैं बुलाता हूँ adʿū
मैं बुलाता हूँ وَإِلَيْهِ और तरफ़ उसी के wa-ilayhi
और तरफ़ उसी के مَـَٔابِ लौटना है मेरा maābi
लौटना है मेरा ٣٦ (36)
(36)
और जिन्हें हमने पुस्तक दी है, वे उस (क़ुरआन) से प्रसन्न होते हैं1, जो आपकी ओर उतारा गया है। और कुछ समूह ऐसे हैं, जो उसकी कुछ बातों का इनकार करते2 हैं। आप कह दें कि मुझे तो यही आदेश दिया गया है कि मैं अल्लाह की इबादत करूँ और उसके साथ किसी को साझी न बनाऊँ। मैं उसी की ओर बुलाता हूँ और उसी की ओर मेरा लौटना है।3
१३:३७
وَكَذَٰلِكَ
और इसी तरह
wakadhālika
और इसी तरह أَنزَلْنَـٰهُ नाज़िल किया हमने उसे anzalnāhu
नाज़िल किया हमने उसे حُكْمًا हुक्म/फ़रमान ḥuk'man
हुक्म/फ़रमान عَرَبِيًّۭا ۚ अरबी ज़बान में ʿarabiyyan
अरबी ज़बान में وَلَئِنِ और अलबत्ता अगर wala-ini
और अलबत्ता अगर ٱتَّبَعْتَ पैरवी की आपने ittabaʿta
पैरवी की आपने أَهْوَآءَهُم उनकी ख़्वाहिशात की ahwāahum
उनकी ख़्वाहिशात की بَعْدَ مَا बाद इसके जो baʿdamā
बाद इसके जो جَآءَكَ आ गया आपके पास jāaka
आ गया आपके पास مِنَ of mina
of ٱلْعِلْمِ इल्म में से l-ʿil'mi
इल्म में से مَا नहीं mā
नहीं لَكَ आपके लिए laka
आपके लिए مِنَ against mina
against ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से مِن any min
any وَلِىٍّۢ कोई दोस्त waliyyin
कोई दोस्त وَلَا और ना walā
और ना وَاقٍۢ कोई बचाने वाला wāqin
कोई बचाने वाला ٣٧ (37)
(37)
और इसी तरह أَنزَلْنَـٰهُ नाज़िल किया हमने उसे anzalnāhu
नाज़िल किया हमने उसे حُكْمًا हुक्म/फ़रमान ḥuk'man
हुक्म/फ़रमान عَرَبِيًّۭا ۚ अरबी ज़बान में ʿarabiyyan
अरबी ज़बान में وَلَئِنِ और अलबत्ता अगर wala-ini
और अलबत्ता अगर ٱتَّبَعْتَ पैरवी की आपने ittabaʿta
पैरवी की आपने أَهْوَآءَهُم उनकी ख़्वाहिशात की ahwāahum
उनकी ख़्वाहिशात की بَعْدَ مَا बाद इसके जो baʿdamā
बाद इसके जो جَآءَكَ आ गया आपके पास jāaka
आ गया आपके पास مِنَ of mina
of ٱلْعِلْمِ इल्म में से l-ʿil'mi
इल्म में से مَا नहीं mā
नहीं لَكَ आपके लिए laka
आपके लिए مِنَ against mina
against ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से مِن any min
any وَلِىٍّۢ कोई दोस्त waliyyin
कोई दोस्त وَلَا और ना walā
और ना وَاقٍۢ कोई बचाने वाला wāqin
कोई बचाने वाला ٣٧ (37)
(37)
और इसी प्रकार, हमने इसे अरबी (भाषा का) फरमान बनाकर उतारा है।1 और यदि आपने अपने पास ज्ञान आ जाने के बाद उन लोगों की इच्छाओं का अनुसरण किया, तो अल्लाह के मुक़ाबले में आपका न कोई सहायक होगा और न कोई बचाने वाला।
१३:३८
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ أَرْسَلْنَا भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने رُسُلًۭا कई रसूलों को rusulan
कई रसूलों को مِّن from min
from قَبْلِكَ आपसे पहले qablika
आपसे पहले وَجَعَلْنَا और बनाईं हमने wajaʿalnā
और बनाईं हमने لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए أَزْوَٰجًۭا बीवियाँ azwājan
बीवियाँ وَذُرِّيَّةًۭ ۚ और औलाद wadhurriyyatan
और औलाद وَمَا और नहीं wamā
और नहीं كَانَ था (मुमकिन) kāna
था (मुमकिन) لِرَسُولٍ किसी रसूल के लिए lirasūlin
किसी रसूल के लिए أَن कि an
कि يَأْتِىَ वो ले आए yatiya
वो ले आए بِـَٔايَةٍ कोई निशानी biāyatin
कोई निशानी إِلَّا मगर illā
मगर بِإِذْنِ by the leave bi-idh'ni
by the leave ٱللَّهِ ۗ अल्लाह के इज़्न से l-lahi
अल्लाह के इज़्न से لِكُلِّ For everything likulli
For everything أَجَلٍۢ हर मुद्दत के लिए ajalin
हर मुद्दत के लिए كِتَابٌۭ एक किताब है kitābun
एक किताब है ٣٨ (38)
(38)
और अलबत्ता तहक़ीक़ أَرْسَلْنَا भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने رُسُلًۭا कई रसूलों को rusulan
कई रसूलों को مِّن from min
from قَبْلِكَ आपसे पहले qablika
आपसे पहले وَجَعَلْنَا और बनाईं हमने wajaʿalnā
और बनाईं हमने لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए أَزْوَٰجًۭا बीवियाँ azwājan
बीवियाँ وَذُرِّيَّةًۭ ۚ और औलाद wadhurriyyatan
और औलाद وَمَا और नहीं wamā
और नहीं كَانَ था (मुमकिन) kāna
था (मुमकिन) لِرَسُولٍ किसी रसूल के लिए lirasūlin
किसी रसूल के लिए أَن कि an
कि يَأْتِىَ वो ले आए yatiya
वो ले आए بِـَٔايَةٍ कोई निशानी biāyatin
कोई निशानी إِلَّا मगर illā
मगर بِإِذْنِ by the leave bi-idh'ni
by the leave ٱللَّهِ ۗ अल्लाह के इज़्न से l-lahi
अल्लाह के इज़्न से لِكُلِّ For everything likulli
For everything أَجَلٍۢ हर मुद्दत के लिए ajalin
हर मुद्दत के लिए كِتَابٌۭ एक किताब है kitābun
एक किताब है ٣٨ (38)
(38)
और निश्चय हमने आपसे पहले कई रसूल भेजे और उनके लिए बीवियाँ और बच्चे1 बनाए। और किसी रसूल के लिए संभव नहीं था कि वह अल्लाह की अनुमति के बिना कोई निशानी ले आता। हर समय के लिए एक लेख्य है।2
१३:३९
يَمْحُوا۟
मिटाता है
yamḥū
मिटाता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مَا जो mā
जो يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَيُثْبِتُ ۖ और वो साबित रखता है wayuth'bitu
और वो साबित रखता है وَعِندَهُۥٓ और उसी के पास है waʿindahu
और उसी के पास है أُمُّ (is) the Mother (of) the Book ummu
(is) the Mother (of) the Book ٱلْكِتَـٰبِ असल किताब l-kitābi
असल किताब ٣٩ (39)
(39)
मिटाता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مَا जो mā
जो يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَيُثْبِتُ ۖ और वो साबित रखता है wayuth'bitu
और वो साबित रखता है وَعِندَهُۥٓ और उसी के पास है waʿindahu
और उसी के पास है أُمُّ (is) the Mother (of) the Book ummu
(is) the Mother (of) the Book ٱلْكِتَـٰبِ असल किताब l-kitābi
असल किताब ٣٩ (39)
(39)
अल्लाह जो चाहता है, मिटा देता है और बाक़ी रखता है। और उसी के पास मूल किताब1 है।
१३:४०
وَإِن
And whether
wa-in
And whether مَّا और अगर mā
और अगर نُرِيَنَّكَ हम दिखाऐं आपको nuriyannaka
हम दिखाऐं आपको بَعْضَ बाज़ baʿḍa
बाज़ ٱلَّذِى वो जिसका alladhī
वो जिसका نَعِدُهُمْ हम वादा करते हैं उनसे naʿiduhum
हम वादा करते हैं उनसे أَوْ या aw
या نَتَوَفَّيَنَّكَ हम फ़ौत कर लें आपको natawaffayannaka
हम फ़ौत कर लें आपको فَإِنَّمَا तो बेशक fa-innamā
तो बेशक عَلَيْكَ आपके ज़िम्मे है ʿalayka
आपके ज़िम्मे है ٱلْبَلَـٰغُ पहुँचाना l-balāghu
पहुँचाना وَعَلَيْنَا और हमारे ज़िम्मे है waʿalaynā
और हमारे ज़िम्मे है ٱلْحِسَابُ हिसाब लेना l-ḥisābu
हिसाब लेना ٤٠ (40)
(40)
And whether مَّا और अगर mā
और अगर نُرِيَنَّكَ हम दिखाऐं आपको nuriyannaka
हम दिखाऐं आपको بَعْضَ बाज़ baʿḍa
बाज़ ٱلَّذِى वो जिसका alladhī
वो जिसका نَعِدُهُمْ हम वादा करते हैं उनसे naʿiduhum
हम वादा करते हैं उनसे أَوْ या aw
या نَتَوَفَّيَنَّكَ हम फ़ौत कर लें आपको natawaffayannaka
हम फ़ौत कर लें आपको فَإِنَّمَا तो बेशक fa-innamā
तो बेशक عَلَيْكَ आपके ज़िम्मे है ʿalayka
आपके ज़िम्मे है ٱلْبَلَـٰغُ पहुँचाना l-balāghu
पहुँचाना وَعَلَيْنَا और हमारे ज़िम्मे है waʿalaynā
और हमारे ज़िम्मे है ٱلْحِسَابُ हिसाब लेना l-ḥisābu
हिसाब लेना ٤٠ (40)
(40)
और यदि हम वस्तुतः (ऐ नबी!) आपको उसमें से कुछ दिखा दें, जिसका हम उन (काफ़िरों) से वादा करते हैं या वास्तव में आपको उठा लें, तो आपका काम केवल उपदेश पहुँचा देना है और हमारे ज़िम्मे हिसाब लेना है।
१३:४१
أَوَلَمْ
क्या भला नहीं
awalam
क्या भला नहीं يَرَوْا۟ उन्होंने देखा yaraw
उन्होंने देखा أَنَّا बेशक हम annā
बेशक हम نَأْتِى हम आ रहे हैं natī
हम आ रहे हैं ٱلْأَرْضَ ज़मीन को l-arḍa
ज़मीन को نَنقُصُهَا हम घटा रहे है उसे nanquṣuhā
हम घटा रहे है उसे مِنْ from min
from أَطْرَافِهَا ۚ उसके किनारों से aṭrāfihā
उसके किनारों से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يَحْكُمُ फ़ैसला करता है yaḥkumu
फ़ैसला करता है لَا (there is) no lā
(there is) no مُعَقِّبَ नहीं कोई पीछा करने वाला muʿaqqiba
नहीं कोई पीछा करने वाला لِحُكْمِهِۦ ۚ उसके फ़ैसले का liḥuk'mihi
उसके फ़ैसले का وَهُوَ और वो wahuwa
और वो سَرِيعُ जल्द लेने वाला है sarīʿu
जल्द लेने वाला है ٱلْحِسَابِ हिसाब l-ḥisābi
हिसाब ٤١ (41)
(41)
क्या भला नहीं يَرَوْا۟ उन्होंने देखा yaraw
उन्होंने देखा أَنَّا बेशक हम annā
बेशक हम نَأْتِى हम आ रहे हैं natī
हम आ रहे हैं ٱلْأَرْضَ ज़मीन को l-arḍa
ज़मीन को نَنقُصُهَا हम घटा रहे है उसे nanquṣuhā
हम घटा रहे है उसे مِنْ from min
from أَطْرَافِهَا ۚ उसके किनारों से aṭrāfihā
उसके किनारों से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يَحْكُمُ फ़ैसला करता है yaḥkumu
फ़ैसला करता है لَا (there is) no lā
(there is) no مُعَقِّبَ नहीं कोई पीछा करने वाला muʿaqqiba
नहीं कोई पीछा करने वाला لِحُكْمِهِۦ ۚ उसके फ़ैसले का liḥuk'mihi
उसके फ़ैसले का وَهُوَ और वो wahuwa
और वो سَرِيعُ जल्द लेने वाला है sarīʿu
जल्द लेने वाला है ٱلْحِسَابِ हिसाब l-ḥisābi
हिसाब ٤١ (41)
(41)
क्या उन्होंने नहीं देखा कि हम धरती को, उसके किनारों से कम करते1 जा रहे हैं। और अल्लाह ही फ़ैसला करता है। उसके फ़ैसले को कोई लौटाने वाला नहीं। और वह शीघ्र हिसाब लेने वाला है।
१३:४२
وَقَدْ
और तहक़ीक़
waqad
और तहक़ीक़ مَكَرَ चाल चली makara
चाल चली ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जो alladhīna
उन लोगों ने जो مِن (were) from min
(were) from قَبْلِهِمْ उनसे पहले थे qablihim
उनसे पहले थे فَلِلَّهِ तो अल्लाह ही के लिए है falillahi
तो अल्लाह ही के लिए है ٱلْمَكْرُ तदबीर l-makru
तदबीर جَمِيعًۭا ۖ सारी की सारी jamīʿan
सारी की सारी يَعْلَمُ वो जानता है yaʿlamu
वो जानता है مَا जो mā
जो تَكْسِبُ कमाई करता है taksibu
कमाई करता है كُلُّ हर kullu
हर نَفْسٍۢ ۗ नफ़्स nafsin
नफ़्स وَسَيَعْلَمُ और अनक़रीब जान लेंगे wasayaʿlamu
और अनक़रीब जान लेंगे ٱلْكُفَّـٰرُ कुफ़्फ़ार l-kufāru
कुफ़्फ़ार لِمَنْ किस के लिए liman
किस के लिए عُقْبَى अंजाम है ʿuq'bā
अंजाम है ٱلدَّارِ घर का (आख़िरत के) l-dāri
घर का (आख़िरत के) ٤٢ (42)
(42)
और तहक़ीक़ مَكَرَ चाल चली makara
चाल चली ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जो alladhīna
उन लोगों ने जो مِن (were) from min
(were) from قَبْلِهِمْ उनसे पहले थे qablihim
उनसे पहले थे فَلِلَّهِ तो अल्लाह ही के लिए है falillahi
तो अल्लाह ही के लिए है ٱلْمَكْرُ तदबीर l-makru
तदबीर جَمِيعًۭا ۖ सारी की सारी jamīʿan
सारी की सारी يَعْلَمُ वो जानता है yaʿlamu
वो जानता है مَا जो mā
जो تَكْسِبُ कमाई करता है taksibu
कमाई करता है كُلُّ हर kullu
हर نَفْسٍۢ ۗ नफ़्स nafsin
नफ़्स وَسَيَعْلَمُ और अनक़रीब जान लेंगे wasayaʿlamu
और अनक़रीब जान लेंगे ٱلْكُفَّـٰرُ कुफ़्फ़ार l-kufāru
कुफ़्फ़ार لِمَنْ किस के लिए liman
किस के लिए عُقْبَى अंजाम है ʿuq'bā
अंजाम है ٱلدَّارِ घर का (आख़िरत के) l-dāri
घर का (आख़िरत के) ٤٢ (42)
(42)
तथा निःसंदहे उन लोगों ने (भी) उपाय किए, जो इनसे पहले थे, किंतु वास्तविक योजना तो पूरी की पूरी अल्लाह के हाथ में है। वह जानता है जो कुछ प्रत्येक प्राणी कर रहा है। और काफ़िरों को शीघ्र ही पता चल जाएगा कि उस घर का अच्छा परिणाम किसके लिए है?
१३:४३
وَيَقُولُ
और कहते हैं
wayaqūlu
और कहते हैं ٱلَّذِينَ वो लोग जिन्होंने alladhīna
वो लोग जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया لَسْتَ नहीं हैं आप lasta
नहीं हैं आप مُرْسَلًۭا ۚ रसूल mur'salan
रसूल قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए كَفَىٰ काफ़ी है kafā
काफ़ी है بِٱللَّهِ अल्लाह bil-lahi
अल्लाह شَهِيدًۢا गवाह shahīdan
गवाह بَيْنِى दर्मियान मेरे baynī
दर्मियान मेरे وَبَيْنَكُمْ और दर्मियान तुम्हारे wabaynakum
और दर्मियान तुम्हारे وَمَنْ और वो (भी) जो waman
और वो (भी) जो عِندَهُۥ अपने पास (रखता है) ʿindahu
अपने पास (रखता है) عِلْمُ इल्म ʿil'mu
इल्म ٱلْكِتَـٰبِ किताब का l-kitābi
किताब का ٤٣ (43)
(43)
और कहते हैं ٱلَّذِينَ वो लोग जिन्होंने alladhīna
वो लोग जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया لَسْتَ नहीं हैं आप lasta
नहीं हैं आप مُرْسَلًۭا ۚ रसूल mur'salan
रसूल قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए كَفَىٰ काफ़ी है kafā
काफ़ी है بِٱللَّهِ अल्लाह bil-lahi
अल्लाह شَهِيدًۢا गवाह shahīdan
गवाह بَيْنِى दर्मियान मेरे baynī
दर्मियान मेरे وَبَيْنَكُمْ और दर्मियान तुम्हारे wabaynakum
और दर्मियान तुम्हारे وَمَنْ और वो (भी) जो waman
और वो (भी) जो عِندَهُۥ अपने पास (रखता है) ʿindahu
अपने पास (रखता है) عِلْمُ इल्म ʿil'mu
इल्म ٱلْكِتَـٰبِ किताब का l-kitābi
किताब का ٤٣ (43)
(43)
और वे लोग जिन्होंने कुफ़्र किया, कहते हैं : आप किसी तरह रसूल नहीं हैं। आप कह दें : मेरे और तुम्हारे बीच अल्लाह ही गवाह पर्याप्त है, तथा वह व्यक्ति भी जिसके पास किताब का ज्ञान है।1