९५
अत-तीन
التين
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
९५:१
وَٱلتِّينِ
क़सम है इनजीर की
wal-tīni
क़सम है इनजीर की وَٱلزَّيْتُونِ और ज़ैतून की wal-zaytūni
और ज़ैतून की ١ (1)
(1)
क़सम है इनजीर की وَٱلزَّيْتُونِ और ज़ैतून की wal-zaytūni
और ज़ैतून की ١ (1)
(1)
क़सम है अंजीर की! तथा ज़ैतून की!
९५:२
وَطُورِ
And (the) Mount
waṭūri
And (the) Mount سِينِينَ और तूरे सीना की sīnīna
और तूरे सीना की ٢ (2)
(2)
And (the) Mount سِينِينَ और तूरे सीना की sīnīna
और तूरे सीना की ٢ (2)
(2)
एवं "तूरे सीनीन" की क़सम!
९५:३
وَهَـٰذَا
और इस
wahādhā
और इस ٱلْبَلَدِ शहर की l-baladi
शहर की ٱلْأَمِينِ अमन वाले की l-amīni
अमन वाले की ٣ (3)
(3)
और इस ٱلْبَلَدِ शहर की l-baladi
शहर की ٱلْأَمِينِ अमन वाले की l-amīni
अमन वाले की ٣ (3)
(3)
और इस शान्ति वाले नगर की क़सम!
९५:४
لَقَدْ
अलबत्ता तहक़ीक़
laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ خَلَقْنَا पैदा किया हमने khalaqnā
पैदा किया हमने ٱلْإِنسَـٰنَ इन्सान को l-insāna
इन्सान को فِىٓ in fī
in أَحْسَنِ (the) best aḥsani
(the) best تَقْوِيمٍۢ बेहतरीन साख़्त में taqwīmin
बेहतरीन साख़्त में ٤ (4)
(4)
अलबत्ता तहक़ीक़ خَلَقْنَا पैदा किया हमने khalaqnā
पैदा किया हमने ٱلْإِنسَـٰنَ इन्सान को l-insāna
इन्सान को فِىٓ in fī
in أَحْسَنِ (the) best aḥsani
(the) best تَقْوِيمٍۢ बेहतरीन साख़्त में taqwīmin
बेहतरीन साख़्त में ٤ (4)
(4)
निःसंदेह हमने इनसान को सबसे अच्छी संरचना में पैदा किया है।
९५:५
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर رَدَدْنَـٰهُ लौटा दिया हमने उसे radadnāhu
लौटा दिया हमने उसे أَسْفَلَ सबसे ज़्यादा निचला asfala
सबसे ज़्यादा निचला سَـٰفِلِينَ निचलों से sāfilīna
निचलों से ٥ (5)
(5)
फिर رَدَدْنَـٰهُ लौटा दिया हमने उसे radadnāhu
लौटा दिया हमने उसे أَسْفَلَ सबसे ज़्यादा निचला asfala
सबसे ज़्यादा निचला سَـٰفِلِينَ निचलों से sāfilīna
निचलों से ٥ (5)
(5)
फिर हमने उसे सबसे नीची हालत की ओर लौटा दिया।
९५:६
إِلَّا
सिवाए
illā
सिवाए ٱلَّذِينَ उनके जो alladhīna
उनके जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने असम किए waʿamilū
और उन्होंने असम किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक فَلَهُمْ तो उनके लिए falahum
तो उनके लिए أَجْرٌ अजर है ajrun
अजर है غَيْرُ ना ghayru
ना مَمْنُونٍۢ ख़त्म होने वाला mamnūnin
ख़त्म होने वाला ٦ (6)
(6)
सिवाए ٱلَّذِينَ उनके जो alladhīna
उनके जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने असम किए waʿamilū
और उन्होंने असम किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक فَلَهُمْ तो उनके लिए falahum
तो उनके लिए أَجْرٌ अजर है ajrun
अजर है غَيْرُ ना ghayru
ना مَمْنُونٍۢ ख़त्म होने वाला mamnūnin
ख़त्म होने वाला ٦ (6)
(6)
परंतु जो लोग ईमान लाए तथा उन्होंने सत्कर्म किए, उनके लिए समाप्त न होने वाला बदला है।
९५:७
فَمَا
तो क्या(आमादा करता है)
famā
तो क्या(आमादा करता है) يُكَذِّبُكَ झुठलाने पर तुझे yukadhibuka
झुठलाने पर तुझे بَعْدُ बाद उसके baʿdu
बाद उसके بِٱلدِّينِ बदले (के दिन) को bil-dīni
बदले (के दिन) को ٧ (7)
(7)
तो क्या(आमादा करता है) يُكَذِّبُكَ झुठलाने पर तुझे yukadhibuka
झुठलाने पर तुझे بَعْدُ बाद उसके baʿdu
बाद उसके بِٱلدِّينِ बदले (के दिन) को bil-dīni
बदले (के दिन) को ٧ (7)
(7)
फिर (ऐ मनुष्य) तुझे कौन-सी चीज़ बदले (के दिन) को झुठलाने पर आमादा करती है?
९५:८
أَلَيْسَ
क्या नहीं है
alaysa
क्या नहीं है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِأَحْكَمِ बड़ा हाकिम bi-aḥkami
बड़ा हाकिम ٱلْحَـٰكِمِينَ सब हाकिमों से l-ḥākimīna
सब हाकिमों से ٨ (8)
(8)
क्या नहीं है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِأَحْكَمِ बड़ा हाकिम bi-aḥkami
बड़ा हाकिम ٱلْحَـٰكِمِينَ सब हाकिमों से l-ḥākimīna
सब हाकिमों से ٨ (8)
(8)
क्या अल्लाह सब हाकिमों से बड़ा हाकिम नहीं है?