६
अल-अनआम
الأنعام
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
६:१
ٱلْحَمْدُ
सब तारीफ़
al-ḥamdu
सब तारीफ़ لِلَّهِ अल्लाह के लिए है lillahi
अल्लाह के लिए है ٱلَّذِى वो जिसने alladhī
वो जिसने خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को وَجَعَلَ और उसने बनाया wajaʿala
और उसने बनाया ٱلظُّلُمَـٰتِ अँधेरों l-ẓulumāti
अँधेरों وَٱلنُّورَ ۖ और रोशनी को wal-nūra
और रोशनी को ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया بِرَبِّهِمْ साथ अपने रब के birabbihim
साथ अपने रब के يَعْدِلُونَ वो बराबर क़रार देते हैं yaʿdilūna
वो बराबर क़रार देते हैं ١ (1)
(1)
सब तारीफ़ لِلَّهِ अल्लाह के लिए है lillahi
अल्लाह के लिए है ٱلَّذِى वो जिसने alladhī
वो जिसने خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को وَجَعَلَ और उसने बनाया wajaʿala
और उसने बनाया ٱلظُّلُمَـٰتِ अँधेरों l-ẓulumāti
अँधेरों وَٱلنُّورَ ۖ और रोशनी को wal-nūra
और रोशनी को ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया بِرَبِّهِمْ साथ अपने रब के birabbihim
साथ अपने रब के يَعْدِلُونَ वो बराबर क़रार देते हैं yaʿdilūna
वो बराबर क़रार देते हैं ١ (1)
(1)
सब प्रशंसा उस अल्लाह के लिए है, जिसने आकाशों तथा धरती को पैदा किया और अँधेरों और प्रकाश को बनाया, फिर (भी) वे लोग जिन्होंने कुफ़्र किया, अपने रब के साथ (दूसरों को) बराबर1 ठहराते हैं।
६:२
هُوَ
वो ही है
huwa
वो ही है ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने خَلَقَكُم पैदा किया तुम्हें khalaqakum
पैदा किया तुम्हें مِّن from min
from طِينٍۢ मिट्टी से ṭīnin
मिट्टी से ثُمَّ फिर thumma
फिर قَضَىٰٓ उस ने मुक़र्रर की qaḍā
उस ने मुक़र्रर की أَجَلًۭا ۖ एक मुद्दत ajalan
एक मुद्दत وَأَجَلٌۭ और एक (और) मुद्दत wa-ajalun
और एक (और) मुद्दत مُّسَمًّى मुक़र्रर है musamman
मुक़र्रर है عِندَهُۥ ۖ उसके यहाँ ʿindahu
उसके यहाँ ثُمَّ फिर (भी) thumma
फिर (भी) أَنتُمْ तुम antum
तुम تَمْتَرُونَ तुम शक करते हो tamtarūna
तुम शक करते हो ٢ (2)
(2)
वो ही है ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने خَلَقَكُم पैदा किया तुम्हें khalaqakum
पैदा किया तुम्हें مِّن from min
from طِينٍۢ मिट्टी से ṭīnin
मिट्टी से ثُمَّ फिर thumma
फिर قَضَىٰٓ उस ने मुक़र्रर की qaḍā
उस ने मुक़र्रर की أَجَلًۭا ۖ एक मुद्दत ajalan
एक मुद्दत وَأَجَلٌۭ और एक (और) मुद्दत wa-ajalun
और एक (और) मुद्दत مُّسَمًّى मुक़र्रर है musamman
मुक़र्रर है عِندَهُۥ ۖ उसके यहाँ ʿindahu
उसके यहाँ ثُمَّ फिर (भी) thumma
फिर (भी) أَنتُمْ तुम antum
तुम تَمْتَرُونَ तुम शक करते हो tamtarūna
तुम शक करते हो ٢ (2)
(2)
वही है जिसने तुम्हें तुच्छ मिट्टी1 से पैदा किया, फिर एक अवधि निर्धारित कर दी तथा एक और अवधि उसके पास2 निर्धारित है। फिर (भी) तुम संदेह करते हो।
६:३
وَهُوَ
और वो है
wahuwa
और वो है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فِى in fī
in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में وَفِى and in wafī
and in ٱلْأَرْضِ ۖ और ज़मीन में l-arḍi
और ज़मीन में يَعْلَمُ वो जानता है yaʿlamu
वो जानता है سِرَّكُمْ पोशीदा तुम्हारा sirrakum
पोशीदा तुम्हारा وَجَهْرَكُمْ और ज़ाहिर तुम्हारा wajahrakum
और ज़ाहिर तुम्हारा وَيَعْلَمُ और वो जानता है wayaʿlamu
और वो जानता है مَا जो mā
जो تَكْسِبُونَ तुम कमाते हो taksibūna
तुम कमाते हो ٣ (3)
(3)
और वो है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فِى in fī
in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में وَفِى and in wafī
and in ٱلْأَرْضِ ۖ और ज़मीन में l-arḍi
और ज़मीन में يَعْلَمُ वो जानता है yaʿlamu
वो जानता है سِرَّكُمْ पोशीदा तुम्हारा sirrakum
पोशीदा तुम्हारा وَجَهْرَكُمْ और ज़ाहिर तुम्हारा wajahrakum
और ज़ाहिर तुम्हारा وَيَعْلَمُ और वो जानता है wayaʿlamu
और वो जानता है مَا जो mā
जो تَكْسِبُونَ तुम कमाते हो taksibūna
तुम कमाते हो ٣ (3)
(3)
तथा आकाशों में और धरती में वही (एकमात्र) अल्लाह है, वह तुम्हारे छिपे और तुम्हारे खुले को जानता है तथा जानता है जो तुम कमाते हो।
६:४
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं تَأْتِيهِم आती उनके पास tatīhim
आती उनके पास مِّنْ [of] min
[of] ءَايَةٍۢ कोई निशानी āyatin
कोई निशानी مِّنْ from min
from ءَايَـٰتِ निशानियों में से āyāti
निशानियों में से رَبِّهِمْ उनके रब की rabbihim
उनके रब की إِلَّا मगर illā
मगर كَانُوا۟ हैं वो kānū
हैं वो عَنْهَا उनसे ʿanhā
उनसे مُعْرِضِينَ ऐराज़ करने वाले muʿ'riḍīna
ऐराज़ करने वाले ٤ (4)
(4)
और नहीं تَأْتِيهِم आती उनके पास tatīhim
आती उनके पास مِّنْ [of] min
[of] ءَايَةٍۢ कोई निशानी āyatin
कोई निशानी مِّنْ from min
from ءَايَـٰتِ निशानियों में से āyāti
निशानियों में से رَبِّهِمْ उनके रब की rabbihim
उनके रब की إِلَّا मगर illā
मगर كَانُوا۟ हैं वो kānū
हैं वो عَنْهَا उनसे ʿanhā
उनसे مُعْرِضِينَ ऐराज़ करने वाले muʿ'riḍīna
ऐराज़ करने वाले ٤ (4)
(4)
और उनके पास1 उनके पालनहार की आयतों (निशानियों) में से कोई आयत (निशानी) नहीं आती, परंतु वे उससे मुँह फेरने वाले होते हैं।
६:५
فَقَدْ
पस तहक़ीक़
faqad
पस तहक़ीक़ كَذَّبُوا۟ उन्होंने झुठलाया kadhabū
उन्होंने झुठलाया بِٱلْحَقِّ हक़ को bil-ḥaqi
हक़ को لَمَّا जब lammā
जब جَآءَهُمْ ۖ वो आया उनके पास jāahum
वो आया उनके पास فَسَوْفَ पस अनक़रीब fasawfa
पस अनक़रीब يَأْتِيهِمْ आऐंगी उनके पास yatīhim
आऐंगी उनके पास أَنۢبَـٰٓؤُا۟ ख़बरें anbāu
ख़बरें مَا उसकी जो mā
उसकी जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो بِهِۦ जिसका bihi
जिसका يَسْتَهْزِءُونَ वो मज़ाक़ उड़ाते yastahziūna
वो मज़ाक़ उड़ाते ٥ (5)
(5)
पस तहक़ीक़ كَذَّبُوا۟ उन्होंने झुठलाया kadhabū
उन्होंने झुठलाया بِٱلْحَقِّ हक़ को bil-ḥaqi
हक़ को لَمَّا जब lammā
जब جَآءَهُمْ ۖ वो आया उनके पास jāahum
वो आया उनके पास فَسَوْفَ पस अनक़रीब fasawfa
पस अनक़रीब يَأْتِيهِمْ आऐंगी उनके पास yatīhim
आऐंगी उनके पास أَنۢبَـٰٓؤُا۟ ख़बरें anbāu
ख़बरें مَا उसकी जो mā
उसकी जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो بِهِۦ जिसका bihi
जिसका يَسْتَهْزِءُونَ वो मज़ाक़ उड़ाते yastahziūna
वो मज़ाक़ उड़ाते ٥ (5)
(5)
चुनाँचे निःसंदेह उन्होंने सत्य को झुठला दिया, जब वह उनके पास आया। तो शीघ्र ही उनके पास उसके समाचार आ जाएँगे1, जिसका वे उपहास किया करते हैं।
६:६
أَلَمْ
क्या नहीं
alam
क्या नहीं يَرَوْا۟ उन्होंने देखा yaraw
उन्होंने देखा كَمْ कितनी ही kam
कितनी ही أَهْلَكْنَا हलाक कर दीं हमने ahlaknā
हलाक कर दीं हमने مِن from min
from قَبْلِهِم उनसे पहले qablihim
उनसे पहले مِّن of min
of قَرْنٍۢ क़ौमें qarnin
क़ौमें مَّكَّنَّـٰهُمْ क़ुदरत दी थी हम ने उन्हें makkannāhum
क़ुदरत दी थी हम ने उन्हें فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में مَا वो जो mā
वो जो لَمْ नहीं lam
नहीं نُمَكِّن हमने क़ुदरत दी numakkin
हमने क़ुदरत दी لَّكُمْ तुम्हें lakum
तुम्हें وَأَرْسَلْنَا और भेजा हमने wa-arsalnā
और भेजा हमने ٱلسَّمَآءَ आसमान को l-samāa
आसमान को عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर مِّدْرَارًۭا बहुत बरसने वाला mid'rāran
बहुत बरसने वाला وَجَعَلْنَا और बनाईं हमने wajaʿalnā
और बनाईं हमने ٱلْأَنْهَـٰرَ नहरें l-anhāra
नहरें تَجْرِى जो बहती थीं tajrī
जो बहती थीं مِن from min
from تَحْتِهِمْ उनके नीचे से taḥtihim
उनके नीचे से فَأَهْلَكْنَـٰهُم पस हलाक कर दिया हमने उन्हें fa-ahlaknāhum
पस हलाक कर दिया हमने उन्हें بِذُنُوبِهِمْ बवजह उनके गुनाहों के bidhunūbihim
बवजह उनके गुनाहों के وَأَنشَأْنَا और उठाईं हमने wa-anshanā
और उठाईं हमने مِنۢ from min
from بَعْدِهِمْ बाद उनके baʿdihim
बाद उनके قَرْنًا क़ौमें qarnan
क़ौमें ءَاخَرِينَ दूसरी ākharīna
दूसरी ٦ (6)
(6)
क्या नहीं يَرَوْا۟ उन्होंने देखा yaraw
उन्होंने देखा كَمْ कितनी ही kam
कितनी ही أَهْلَكْنَا हलाक कर दीं हमने ahlaknā
हलाक कर दीं हमने مِن from min
from قَبْلِهِم उनसे पहले qablihim
उनसे पहले مِّن of min
of قَرْنٍۢ क़ौमें qarnin
क़ौमें مَّكَّنَّـٰهُمْ क़ुदरत दी थी हम ने उन्हें makkannāhum
क़ुदरत दी थी हम ने उन्हें فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में مَا वो जो mā
वो जो لَمْ नहीं lam
नहीं نُمَكِّن हमने क़ुदरत दी numakkin
हमने क़ुदरत दी لَّكُمْ तुम्हें lakum
तुम्हें وَأَرْسَلْنَا और भेजा हमने wa-arsalnā
और भेजा हमने ٱلسَّمَآءَ आसमान को l-samāa
आसमान को عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर مِّدْرَارًۭا बहुत बरसने वाला mid'rāran
बहुत बरसने वाला وَجَعَلْنَا और बनाईं हमने wajaʿalnā
और बनाईं हमने ٱلْأَنْهَـٰرَ नहरें l-anhāra
नहरें تَجْرِى जो बहती थीं tajrī
जो बहती थीं مِن from min
from تَحْتِهِمْ उनके नीचे से taḥtihim
उनके नीचे से فَأَهْلَكْنَـٰهُم पस हलाक कर दिया हमने उन्हें fa-ahlaknāhum
पस हलाक कर दिया हमने उन्हें بِذُنُوبِهِمْ बवजह उनके गुनाहों के bidhunūbihim
बवजह उनके गुनाहों के وَأَنشَأْنَا और उठाईं हमने wa-anshanā
और उठाईं हमने مِنۢ from min
from بَعْدِهِمْ बाद उनके baʿdihim
बाद उनके قَرْنًا क़ौमें qarnan
क़ौमें ءَاخَرِينَ दूसरी ākharīna
दूसरी ٦ (6)
(6)
क्या उन्होंने नहीं देखा कि हमने उनसे पहले कितने समुदायों को नष्ट कर दिया, जिन्हें हमने धरती में वह सत्ता (शक्ति एवं अधिकार) दी थी, जो सत्ता तुम्हें नहीं दी, और हमने उनपर मूसला धार वर्षा की, और हमने नहरें बनाईं, जो उनके नीचे से बहती थीं। फिर हमने उन्हें उनके पापों के कारण विनष्ट कर दिया1, और उनके पश्चात् दूसरे समुदायों को पैदा कर दिया।
६:७
وَلَوْ
और अगर
walaw
और अगर نَزَّلْنَا नाज़िल करते हम nazzalnā
नाज़िल करते हम عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर كِتَـٰبًۭا एक किताब kitāban
एक किताब فِى in fī
in قِرْطَاسٍۢ काग़ज़ में qir'ṭāsin
काग़ज़ में فَلَمَسُوهُ फिर वो छू लेते उसे falamasūhu
फिर वो छू लेते उसे بِأَيْدِيهِمْ अपने हाथों से bi-aydīhim
अपने हाथों से لَقَالَ अलबत्ता कहते laqāla
अलबत्ता कहते ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوٓا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया إِنْ नहीं है in
नहीं है هَـٰذَآ ये hādhā
ये إِلَّا मगर illā
मगर سِحْرٌۭ जादू siḥ'run
जादू مُّبِينٌۭ खुल्लम-खुल्ला/वाज़ेह mubīnun
खुल्लम-खुल्ला/वाज़ेह ٧ (7)
(7)
और अगर نَزَّلْنَا नाज़िल करते हम nazzalnā
नाज़िल करते हम عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर كِتَـٰبًۭا एक किताब kitāban
एक किताब فِى in fī
in قِرْطَاسٍۢ काग़ज़ में qir'ṭāsin
काग़ज़ में فَلَمَسُوهُ फिर वो छू लेते उसे falamasūhu
फिर वो छू लेते उसे بِأَيْدِيهِمْ अपने हाथों से bi-aydīhim
अपने हाथों से لَقَالَ अलबत्ता कहते laqāla
अलबत्ता कहते ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوٓا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया إِنْ नहीं है in
नहीं है هَـٰذَآ ये hādhā
ये إِلَّا मगर illā
मगर سِحْرٌۭ जादू siḥ'run
जादू مُّبِينٌۭ खुल्लम-खुल्ला/वाज़ेह mubīnun
खुल्लम-खुल्ला/वाज़ेह ٧ (7)
(7)
(ऐ नबी!) यदि हम आपपर काग़ज़ में लिखी हुई कोई पुस्तक उतारते, फिर वे उसे अपने हाथों से छूते, तो निश्चय वे लोग जिन्होंने कुफ़्र किया, यही कहते कि यह तो स्पष्ट जादू के सिवा कुछ नहीं।1
६:८
وَقَالُوا۟
और उन्होंने कहा
waqālū
और उन्होंने कहा لَوْلَآ क्यों नहीं lawlā
क्यों नहीं أُنزِلَ उतारा गया unzila
उतारा गया عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर مَلَكٌۭ ۖ कोई फ़रिश्ता malakun
कोई फ़रिश्ता وَلَوْ और अगर walaw
और अगर أَنزَلْنَا उतारते हम anzalnā
उतारते हम مَلَكًۭا कोई फ़रिश्ता malakan
कोई फ़रिश्ता لَّقُضِىَ अलबत्ता फ़ैसला कर दिया जाता laquḍiya
अलबत्ता फ़ैसला कर दिया जाता ٱلْأَمْرُ मामले का l-amru
मामले का ثُمَّ फिर thumma
फिर لَا no lā
no يُنظَرُونَ ना वो मोहलत दिए जाते yunẓarūna
ना वो मोहलत दिए जाते ٨ (8)
(8)
और उन्होंने कहा لَوْلَآ क्यों नहीं lawlā
क्यों नहीं أُنزِلَ उतारा गया unzila
उतारा गया عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर مَلَكٌۭ ۖ कोई फ़रिश्ता malakun
कोई फ़रिश्ता وَلَوْ और अगर walaw
और अगर أَنزَلْنَا उतारते हम anzalnā
उतारते हम مَلَكًۭا कोई फ़रिश्ता malakan
कोई फ़रिश्ता لَّقُضِىَ अलबत्ता फ़ैसला कर दिया जाता laquḍiya
अलबत्ता फ़ैसला कर दिया जाता ٱلْأَمْرُ मामले का l-amru
मामले का ثُمَّ फिर thumma
फिर لَا no lā
no يُنظَرُونَ ना वो मोहलत दिए जाते yunẓarūna
ना वो मोहलत दिए जाते ٨ (8)
(8)
तथा उन्होंने कहा : इस (नबी) पर कोई फ़रिश्ता क्यों न उतारा2 गया? और यदि हम कोई फ़रिश्ता उतारते, तो अवश्य काम तमाम कर दिया जाता, फिर उन्हें मोहलत न दी जाती।3
६:९
وَلَوْ
और अगर
walaw
और अगर جَعَلْنَـٰهُ बनाते हम उसे jaʿalnāhu
बनाते हम उसे مَلَكًۭا एक फ़रिश्ता malakan
एक फ़रिश्ता لَّجَعَلْنَـٰهُ अलबत्ता बनाते हम उसे lajaʿalnāhu
अलबत्ता बनाते हम उसे رَجُلًۭا आदमी ही rajulan
आदमी ही وَلَلَبَسْنَا और अलबत्ता मुशतबा कर देते हम walalabasnā
और अलबत्ता मुशतबा कर देते हम عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर مَّا जो mā
जो يَلْبِسُونَ वो शुबह करते हैं yalbisūna
वो शुबह करते हैं ٩ (9)
(9)
और अगर جَعَلْنَـٰهُ बनाते हम उसे jaʿalnāhu
बनाते हम उसे مَلَكًۭا एक फ़रिश्ता malakan
एक फ़रिश्ता لَّجَعَلْنَـٰهُ अलबत्ता बनाते हम उसे lajaʿalnāhu
अलबत्ता बनाते हम उसे رَجُلًۭا आदमी ही rajulan
आदमी ही وَلَلَبَسْنَا और अलबत्ता मुशतबा कर देते हम walalabasnā
और अलबत्ता मुशतबा कर देते हम عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर مَّا जो mā
जो يَلْبِسُونَ वो शुबह करते हैं yalbisūna
वो शुबह करते हैं ٩ (9)
(9)
और यदि हम उसे फ़रिश्ता बनाते, तो निश्चय उसे आदमी (के रूप में) बनाते1 और अवश्य उनपर वही संदेह डाल देते, जिस संदेह में वे (अब) पड़े हुए हैं।
६:१०
وَلَقَدِ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqadi
और अलबत्ता तहक़ीक़ ٱسْتُهْزِئَ मज़ाक़ उड़ाया गया us'tuh'zi-a
मज़ाक़ उड़ाया गया بِرُسُلٍۢ कई रसूलों का birusulin
कई रसूलों का مِّن from min
from قَبْلِكَ आप से पहले qablika
आप से पहले فَحَاقَ तो घेर लिया faḥāqa
तो घेर लिया بِٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने bi-alladhīna
उनको जिन्होंने سَخِرُوا۟ तमस्ख़र किया sakhirū
तमस्ख़र किया مِنْهُم उनमें से min'hum
उनमें से مَّا उसने जो mā
उसने जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो بِهِۦ जिसका bihi
जिसका يَسْتَهْزِءُونَ वो मज़ाक़ उड़ाते yastahziūna
वो मज़ाक़ उड़ाते ١٠ (10)
(10)
और अलबत्ता तहक़ीक़ ٱسْتُهْزِئَ मज़ाक़ उड़ाया गया us'tuh'zi-a
मज़ाक़ उड़ाया गया بِرُسُلٍۢ कई रसूलों का birusulin
कई रसूलों का مِّن from min
from قَبْلِكَ आप से पहले qablika
आप से पहले فَحَاقَ तो घेर लिया faḥāqa
तो घेर लिया بِٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने bi-alladhīna
उनको जिन्होंने سَخِرُوا۟ तमस्ख़र किया sakhirū
तमस्ख़र किया مِنْهُم उनमें से min'hum
उनमें से مَّا उसने जो mā
उसने जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो بِهِۦ जिसका bihi
जिसका يَسْتَهْزِءُونَ वो मज़ाक़ उड़ाते yastahziūna
वो मज़ाक़ उड़ाते ١٠ (10)
(10)
और निःसंदेह (ऐ नबी!) आपसे पहले कई रसूलों का उपहास किया गया, तो उन लोगों को जिन्होंने उनमें से उपहास किया था, उसी चीज़ ने घेर लिया, जिसका वे उपहास किया करते थे।
६:११
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए سِيرُوا۟ चलो फिरो sīrū
चलो फिरो فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱنظُرُوا۟ देखो unẓurū
देखो كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह كَانَ हुआ kāna
हुआ عَـٰقِبَةُ अंजाम ʿāqibatu
अंजाम ٱلْمُكَذِّبِينَ झुठलाने वालों का l-mukadhibīna
झुठलाने वालों का ١١ (11)
(11)
कह दीजिए سِيرُوا۟ चलो फिरो sīrū
चलो फिरो فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱنظُرُوا۟ देखो unẓurū
देखो كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह كَانَ हुआ kāna
हुआ عَـٰقِبَةُ अंजाम ʿāqibatu
अंजाम ٱلْمُكَذِّبِينَ झुठलाने वालों का l-mukadhibīna
झुठलाने वालों का ١١ (11)
(11)
(ऐ नबी!) आप कह दें कि धरती में चलो-फिरो, फिर देखो कि झुठलाने वालों का परिणाम कैसा हुआ?
६:१२
قُل
कह दीजिए
qul
कह दीजिए لِّمَن किस के लिए है liman
किस के लिए है مَّا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में وَٱلْأَرْضِ ۖ और ज़मीन में है wal-arḍi
और ज़मीन में है قُل कह दीजिए qul
कह दीजिए لِّلَّهِ ۚ अल्लाह ही के लिए है lillahi
अल्लाह ही के लिए है كَتَبَ उस ने लिख दी kataba
उस ने लिख दी عَلَىٰ upon ʿalā
upon نَفْسِهِ अपने नफ़्स पर nafsihi
अपने नफ़्स पर ٱلرَّحْمَةَ ۚ रहमत l-raḥmata
रहमत لَيَجْمَعَنَّكُمْ अलबत्ता वो ज़रूर जमा करेगा तुम्हें layajmaʿannakum
अलबत्ता वो ज़रूर जमा करेगा तुम्हें إِلَىٰ on ilā
on يَوْمِ तरफ़ दिन yawmi
तरफ़ दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के لَا (there is) no lā
(there is) no رَيْبَ नहीं कोई शक rayba
नहीं कोई शक فِيهِ ۚ उसमें fīhi
उसमें ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने خَسِرُوٓا۟ नुक़सान में डाला khasirū
नुक़सान में डाला أَنفُسَهُمْ अपने नफ़्सों को anfusahum
अपने नफ़्सों को فَهُمْ पस वो fahum
पस वो لَا (do) not lā
(do) not يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाऐंगे yu'minūna
नहीं वो ईमान लाऐंगे ١٢ (12)
(12)
कह दीजिए لِّمَن किस के लिए है liman
किस के लिए है مَّا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में وَٱلْأَرْضِ ۖ और ज़मीन में है wal-arḍi
और ज़मीन में है قُل कह दीजिए qul
कह दीजिए لِّلَّهِ ۚ अल्लाह ही के लिए है lillahi
अल्लाह ही के लिए है كَتَبَ उस ने लिख दी kataba
उस ने लिख दी عَلَىٰ upon ʿalā
upon نَفْسِهِ अपने नफ़्स पर nafsihi
अपने नफ़्स पर ٱلرَّحْمَةَ ۚ रहमत l-raḥmata
रहमत لَيَجْمَعَنَّكُمْ अलबत्ता वो ज़रूर जमा करेगा तुम्हें layajmaʿannakum
अलबत्ता वो ज़रूर जमा करेगा तुम्हें إِلَىٰ on ilā
on يَوْمِ तरफ़ दिन yawmi
तरफ़ दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के لَا (there is) no lā
(there is) no رَيْبَ नहीं कोई शक rayba
नहीं कोई शक فِيهِ ۚ उसमें fīhi
उसमें ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने خَسِرُوٓا۟ नुक़सान में डाला khasirū
नुक़सान में डाला أَنفُسَهُمْ अपने नफ़्सों को anfusahum
अपने नफ़्सों को فَهُمْ पस वो fahum
पस वो لَا (do) not lā
(do) not يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाऐंगे yu'minūna
नहीं वो ईमान लाऐंगे ١٢ (12)
(12)
(ऐ नबी!) (उनसे) पूछिए कि जो कुछ आकाशों तथा धरती में है, वह किसका है? कह दें : अल्लाह का है! उसने अपने ऊपर दया करना लिख दिया है। निश्चय वह तुम्हें क़ियामत के दिन की ओर (ले जाकर) अवश्य एकत्र1 करेगा, जिसमें कोई संदेह नहीं। जिन लोगों ने अपने-आपको क्षति में डाला, वही ईमान नहीं लाते।
६:१३
۞ وَلَهُۥ
और उसी के लिए है
walahu
और उसी के लिए है مَا जो mā
जो سَكَنَ साकिन है (ठहरा हुआ) sakana
साकिन है (ठहरा हुआ) فِى in fī
in ٱلَّيْلِ रात में al-layli
रात में وَٱلنَّهَارِ ۚ और दिन में wal-nahāri
और दिन में وَهُوَ और वो wahuwa
और वो ٱلسَّمِيعُ खूब सुनने वाला है l-samīʿu
खूब सुनने वाला है ٱلْعَلِيمُ खूब जानने वाला है l-ʿalīmu
खूब जानने वाला है ١٣ (13)
(13)
और उसी के लिए है مَا जो mā
जो سَكَنَ साकिन है (ठहरा हुआ) sakana
साकिन है (ठहरा हुआ) فِى in fī
in ٱلَّيْلِ रात में al-layli
रात में وَٱلنَّهَارِ ۚ और दिन में wal-nahāri
और दिन में وَهُوَ और वो wahuwa
और वो ٱلسَّمِيعُ खूब सुनने वाला है l-samīʿu
खूब सुनने वाला है ٱلْعَلِيمُ खूब जानने वाला है l-ʿalīmu
खूब जानने वाला है ١٣ (13)
(13)
तथा उसी1 (अल्लाह) का है, जो कुछ रात और दिन में बस रहा है और वह सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।
६:१४
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए أَغَيْرَ क्या सिवाय aghayra
क्या सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के أَتَّخِذُ मैं बना लूँ attakhidhu
मैं बना लूँ وَلِيًّۭا कोई दोस्त waliyyan
कोई दोस्त فَاطِرِ पैदा करने वाला है fāṭiri
पैदा करने वाला है ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन का wal-arḍi
और ज़मीन का وَهُوَ और वो wahuwa
और वो يُطْعِمُ वो खिलाता है yuṭ'ʿimu
वो खिलाता है وَلَا और नहीं walā
और नहीं يُطْعَمُ ۗ वो खिलाया जाता yuṭ'ʿamu
वो खिलाया जाता قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أُمِرْتُ हुक्म दिया गया हूँ मैं umir'tu
हुक्म दिया गया हूँ मैं أَنْ कि an
कि أَكُونَ मैं हो जाऊँ akūna
मैं हो जाऊँ أَوَّلَ सबसे पहला awwala
सबसे पहला مَنْ जो man
जो أَسْلَمَ ۖ इस्लाम लाया aslama
इस्लाम लाया وَلَا और ना walā
और ना تَكُونَنَّ हरगिज़ आप हों takūnanna
हरगिज़ आप हों مِنَ of mina
of ٱلْمُشْرِكِينَ मुशरिकीन में से l-mush'rikīna
मुशरिकीन में से ١٤ (14)
(14)
कह दीजिए أَغَيْرَ क्या सिवाय aghayra
क्या सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के أَتَّخِذُ मैं बना लूँ attakhidhu
मैं बना लूँ وَلِيًّۭا कोई दोस्त waliyyan
कोई दोस्त فَاطِرِ पैदा करने वाला है fāṭiri
पैदा करने वाला है ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन का wal-arḍi
और ज़मीन का وَهُوَ और वो wahuwa
और वो يُطْعِمُ वो खिलाता है yuṭ'ʿimu
वो खिलाता है وَلَا और नहीं walā
और नहीं يُطْعَمُ ۗ वो खिलाया जाता yuṭ'ʿamu
वो खिलाया जाता قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أُمِرْتُ हुक्म दिया गया हूँ मैं umir'tu
हुक्म दिया गया हूँ मैं أَنْ कि an
कि أَكُونَ मैं हो जाऊँ akūna
मैं हो जाऊँ أَوَّلَ सबसे पहला awwala
सबसे पहला مَنْ जो man
जो أَسْلَمَ ۖ इस्लाम लाया aslama
इस्लाम लाया وَلَا और ना walā
और ना تَكُونَنَّ हरगिज़ आप हों takūnanna
हरगिज़ आप हों مِنَ of mina
of ٱلْمُشْرِكِينَ मुशरिकीन में से l-mush'rikīna
मुशरिकीन में से ١٤ (14)
(14)
(ऐ नबी!) कह दो : क्या मैं अल्लाह के सिवा कोई सहायक बनाऊँ, जो आकाशों तथा धरती का बनाने वाला है, हालाँकि वह खिलाता है और उसे नहीं खिलाया जाता। आप कहिए : निःसंदेह मुझे आदेश दिया गया है कि सबसे पहला व्यक्ति बनूँ जो आज्ञाकारी हुआ, तथा तुम कदापि साझी बनाने वालों में से न हो।
६:१५
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أَخَافُ मैं डरता हूँ akhāfu
मैं डरता हूँ إِنْ अगर in
अगर عَصَيْتُ नाफ़रमानी की मैंने ʿaṣaytu
नाफ़रमानी की मैंने رَبِّى अपने रब की rabbī
अपने रब की عَذَابَ अज़ाब से ʿadhāba
अज़ाब से يَوْمٍ (of) a Day yawmin
(of) a Day عَظِيمٍۢ बड़े दिन के ʿaẓīmin
बड़े दिन के ١٥ (15)
(15)
कह दीजिए إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أَخَافُ मैं डरता हूँ akhāfu
मैं डरता हूँ إِنْ अगर in
अगर عَصَيْتُ नाफ़रमानी की मैंने ʿaṣaytu
नाफ़रमानी की मैंने رَبِّى अपने रब की rabbī
अपने रब की عَذَابَ अज़ाब से ʿadhāba
अज़ाब से يَوْمٍ (of) a Day yawmin
(of) a Day عَظِيمٍۢ बड़े दिन के ʿaẓīmin
बड़े दिन के ١٥ (15)
(15)
आप कह दें कि यदि मैं अपने पालनहार की अवज्ञा करूँ, तो निःसंदेह मैं एक बड़े दिन की यातना से डरता हूँ।1
६:१६
مَّن
जो कोई
man
जो कोई يُصْرَفْ फेर दिया गया yuṣ'raf
फेर दिया गया عَنْهُ उस से (अज़ाब) ʿanhu
उस से (अज़ाब) يَوْمَئِذٍۢ उस दिन yawma-idhin
उस दिन فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ رَحِمَهُۥ ۚ उसने रहम किया उस पर raḥimahu
उसने रहम किया उस पर وَذَٰلِكَ और यही है wadhālika
और यही है ٱلْفَوْزُ कामयाबी l-fawzu
कामयाबी ٱلْمُبِينُ खुली/वाज़ेह l-mubīnu
खुली/वाज़ेह ١٦ (16)
(16)
जो कोई يُصْرَفْ फेर दिया गया yuṣ'raf
फेर दिया गया عَنْهُ उस से (अज़ाब) ʿanhu
उस से (अज़ाब) يَوْمَئِذٍۢ उस दिन yawma-idhin
उस दिन فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ رَحِمَهُۥ ۚ उसने रहम किया उस पर raḥimahu
उसने रहम किया उस पर وَذَٰلِكَ और यही है wadhālika
और यही है ٱلْفَوْزُ कामयाबी l-fawzu
कामयाबी ٱلْمُبِينُ खुली/वाज़ेह l-mubīnu
खुली/वाज़ेह ١٦ (16)
(16)
जिस व्यक्ति से उस दिन वह हटा लिया जाएगा, तो निश्चय अल्लाह ने उसपर दया कर दी और यही खुली सफलता है।
६:१७
وَإِن
और अगर
wa-in
और अगर يَمْسَسْكَ पहुँचाए आपको yamsaska
पहुँचाए आपको ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِضُرٍّۢ कोई नुक़सान biḍurrin
कोई नुक़सान فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं كَاشِفَ कोई दूर करने वाला kāshifa
कोई दूर करने वाला لَهُۥٓ उसे lahu
उसे إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ ۖ वो ही huwa
वो ही وَإِن और अगर wa-in
और अगर يَمْسَسْكَ वो पहुँचाए आपको yamsaska
वो पहुँचाए आपको بِخَيْرٍۢ कोई भलाई bikhayrin
कोई भलाई فَهُوَ तो वो fahuwa
तो वो عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرٌۭ ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है qadīrun
ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है ١٧ (17)
(17)
और अगर يَمْسَسْكَ पहुँचाए आपको yamsaska
पहुँचाए आपको ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِضُرٍّۢ कोई नुक़सान biḍurrin
कोई नुक़सान فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं كَاشِفَ कोई दूर करने वाला kāshifa
कोई दूर करने वाला لَهُۥٓ उसे lahu
उसे إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ ۖ वो ही huwa
वो ही وَإِن और अगर wa-in
और अगर يَمْسَسْكَ वो पहुँचाए आपको yamsaska
वो पहुँचाए आपको بِخَيْرٍۢ कोई भलाई bikhayrin
कोई भलाई فَهُوَ तो वो fahuwa
तो वो عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرٌۭ ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है qadīrun
ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है ١٧ (17)
(17)
यदि अल्लाह तुझे कोई हानि पहुँचाए, तो उसके सिवा कोई उसे दूर करने वाला नहीं, और यदि वह तुझे कोई भलाई पहुँचाए, तो वह हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है।
६:१८
وَهُوَ
और वो
wahuwa
और वो ٱلْقَاهِرُ ग़लबा रखने वाला है l-qāhiru
ग़लबा रखने वाला है فَوْقَ ऊपर fawqa
ऊपर عِبَادِهِۦ ۚ अपने बन्दों के ʿibādihi
अपने बन्दों के وَهُوَ और वो wahuwa
और वो ٱلْحَكِيمُ बहुत हिकमत वाला है l-ḥakīmu
बहुत हिकमत वाला है ٱلْخَبِيرُ ख़ूब बाख़बर है l-khabīru
ख़ूब बाख़बर है ١٨ (18)
(18)
और वो ٱلْقَاهِرُ ग़लबा रखने वाला है l-qāhiru
ग़लबा रखने वाला है فَوْقَ ऊपर fawqa
ऊपर عِبَادِهِۦ ۚ अपने बन्दों के ʿibādihi
अपने बन्दों के وَهُوَ और वो wahuwa
और वो ٱلْحَكِيمُ बहुत हिकमत वाला है l-ḥakīmu
बहुत हिकमत वाला है ٱلْخَبِيرُ ख़ूब बाख़बर है l-khabīru
ख़ूब बाख़बर है ١٨ (18)
(18)
तथा वही अपने बंदों पर ग़ालिब (हावी) है तथा वही पूर्ण हिकमत वाला, हर चीज़ की ख़बर रखने वाला है।
६:१९
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए أَىُّ कौन सी ayyu
कौन सी شَىْءٍ चीज़ है shayin
चीज़ है أَكْبَرُ सबसे बड़ी akbaru
सबसे बड़ी شَهَـٰدَةًۭ ۖ गवाही में shahādatan
गवाही में قُلِ कह दीजिए quli
कह दीजिए ٱللَّهُ ۖ अल्लाह l-lahu
अल्लाह شَهِيدٌۢ गवाह है shahīdun
गवाह है بَيْنِى दर्मियान मेरे baynī
दर्मियान मेरे وَبَيْنَكُمْ ۚ और दर्मियान तुम्हारे wabaynakum
और दर्मियान तुम्हारे وَأُوحِىَ और वही किया गया waūḥiya
और वही किया गया إِلَىَّ मेरी तरफ़ ilayya
मेरी तरफ़ هَـٰذَا ये hādhā
ये ٱلْقُرْءَانُ क़ुरआन l-qur'ānu
क़ुरआन لِأُنذِرَكُم ताकि मैं डराऊँ तुम्हें li-undhirakum
ताकि मैं डराऊँ तुम्हें بِهِۦ साथ इसके bihi
साथ इसके وَمَنۢ और जिसे waman
और जिसे بَلَغَ ۚ ये पहुँचे balagha
ये पहुँचे أَئِنَّكُمْ क्या बेशक तुम a-innakum
क्या बेशक तुम لَتَشْهَدُونَ अलबत्ता तुम गवाही देते हो latashhadūna
अलबत्ता तुम गवाही देते हो أَنَّ बेशक anna
बेशक مَعَ साथ maʿa
साथ ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ءَالِهَةً इलाह हैं ālihatan
इलाह हैं أُخْرَىٰ ۚ दूसरे ukh'rā
दूसरे قُل कह दीजिए qul
कह दीजिए لَّآ Not lā
Not أَشْهَدُ ۚ नहीं मैं गवाही देता ashhadu
नहीं मैं गवाही देता قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक هُوَ वो huwa
वो إِلَـٰهٌۭ इलाह है ilāhun
इलाह है وَٰحِدٌۭ एक ही wāḥidun
एक ही وَإِنَّنِى और बेशक मैं wa-innanī
और बेशक मैं بَرِىٓءٌۭ बरी-उज़-ज़िम्मा हूँ barīon
बरी-उज़-ज़िम्मा हूँ مِّمَّا उससे जो mimmā
उससे जो تُشْرِكُونَ तुम शिर्क करते हो tush'rikūna
तुम शिर्क करते हो ١٩ (19)
(19)
कह दीजिए أَىُّ कौन सी ayyu
कौन सी شَىْءٍ चीज़ है shayin
चीज़ है أَكْبَرُ सबसे बड़ी akbaru
सबसे बड़ी شَهَـٰدَةًۭ ۖ गवाही में shahādatan
गवाही में قُلِ कह दीजिए quli
कह दीजिए ٱللَّهُ ۖ अल्लाह l-lahu
अल्लाह شَهِيدٌۢ गवाह है shahīdun
गवाह है بَيْنِى दर्मियान मेरे baynī
दर्मियान मेरे وَبَيْنَكُمْ ۚ और दर्मियान तुम्हारे wabaynakum
और दर्मियान तुम्हारे وَأُوحِىَ और वही किया गया waūḥiya
और वही किया गया إِلَىَّ मेरी तरफ़ ilayya
मेरी तरफ़ هَـٰذَا ये hādhā
ये ٱلْقُرْءَانُ क़ुरआन l-qur'ānu
क़ुरआन لِأُنذِرَكُم ताकि मैं डराऊँ तुम्हें li-undhirakum
ताकि मैं डराऊँ तुम्हें بِهِۦ साथ इसके bihi
साथ इसके وَمَنۢ और जिसे waman
और जिसे بَلَغَ ۚ ये पहुँचे balagha
ये पहुँचे أَئِنَّكُمْ क्या बेशक तुम a-innakum
क्या बेशक तुम لَتَشْهَدُونَ अलबत्ता तुम गवाही देते हो latashhadūna
अलबत्ता तुम गवाही देते हो أَنَّ बेशक anna
बेशक مَعَ साथ maʿa
साथ ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ءَالِهَةً इलाह हैं ālihatan
इलाह हैं أُخْرَىٰ ۚ दूसरे ukh'rā
दूसरे قُل कह दीजिए qul
कह दीजिए لَّآ Not lā
Not أَشْهَدُ ۚ नहीं मैं गवाही देता ashhadu
नहीं मैं गवाही देता قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक هُوَ वो huwa
वो إِلَـٰهٌۭ इलाह है ilāhun
इलाह है وَٰحِدٌۭ एक ही wāḥidun
एक ही وَإِنَّنِى और बेशक मैं wa-innanī
और बेशक मैं بَرِىٓءٌۭ बरी-उज़-ज़िम्मा हूँ barīon
बरी-उज़-ज़िम्मा हूँ مِّمَّا उससे जो mimmā
उससे जो تُشْرِكُونَ तुम शिर्क करते हो tush'rikūna
तुम शिर्क करते हो ١٩ (19)
(19)
(ऐ नबी!) आप (इन मुश्रिकों से) पूछें कि कौन-सी चीज़ गवाही में सबसे बड़ी है? आप कह दें कि अल्लाह मेरे और तुम्हारे बीच गवाह1 है तथा मेरी ओर यह क़ुरआन वह़्य (प्रकाशना) द्वारा भेजा गया है, ताकि मैं तुम्हें इसके द्वारा डराऊँ2 और उसे भी जिस तक यह पहुँचे। क्या निःसंदेह तुम वास्तव में यह गवाही देते हो कि बेशक अल्लाह के साथ कुछ और पूज्य भी हैं? आप कह दें कि मैं तो इसकी गवाही नहीं देता। आप कह दें कि वह तो केवल एक ही पूज्य है तथा निःसंदेह मैं उससे बरी हूँ जो तुम शरीक ठहराते हो।
६:२०
ٱلَّذِينَ
वो लोग जो
alladhīna
वो लोग जो ءَاتَيْنَـٰهُمُ दी हमने उन्हें ātaynāhumu
दी हमने उन्हें ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब يَعْرِفُونَهُۥ वो पहचानते हैं उसे yaʿrifūnahu
वो पहचानते हैं उसे كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि يَعْرِفُونَ वो पहचानते हैं yaʿrifūna
वो पहचानते हैं أَبْنَآءَهُمُ ۘ अपने बेटों को abnāahumu
अपने बेटों को ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने خَسِرُوٓا۟ ख़सारे में डाला khasirū
ख़सारे में डाला أَنفُسَهُمْ अपने नफ़्सों को anfusahum
अपने नफ़्सों को فَهُمْ तो वो fahum
तो वो لَا (do) not lā
(do) not يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाते yu'minūna
नहीं वो ईमान लाते ٢٠ (20)
(20)
वो लोग जो ءَاتَيْنَـٰهُمُ दी हमने उन्हें ātaynāhumu
दी हमने उन्हें ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब يَعْرِفُونَهُۥ वो पहचानते हैं उसे yaʿrifūnahu
वो पहचानते हैं उसे كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि يَعْرِفُونَ वो पहचानते हैं yaʿrifūna
वो पहचानते हैं أَبْنَآءَهُمُ ۘ अपने बेटों को abnāahumu
अपने बेटों को ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने خَسِرُوٓا۟ ख़सारे में डाला khasirū
ख़सारे में डाला أَنفُسَهُمْ अपने नफ़्सों को anfusahum
अपने नफ़्सों को فَهُمْ तो वो fahum
तो वो لَا (do) not lā
(do) not يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाते yu'minūna
नहीं वो ईमान लाते ٢٠ (20)
(20)
जिन लोगों को हमने पुस्तक1 प्रदान की, वे उसे उसी प्रकार पहचानते हैं, जैसे वे अपने बेटों को पहचानते2 हैं। वे लोग जिन्होंने स्वयं को क्षति में डाला, तो वे ईमान नहीं लाते।
६:२१
وَمَنْ
और कौन
waman
और कौन أَظْلَمُ बड़ा ज़ालिम है aẓlamu
बड़ा ज़ालिम है مِمَّنِ उससे जो mimmani
उससे जो ٱفْتَرَىٰ गढ़ ले if'tarā
गढ़ ले عَلَى against ʿalā
against ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर كَذِبًا झूठ kadhiban
झूठ أَوْ या aw
या كَذَّبَ झुठलाए kadhaba
झुठलाए بِـَٔايَـٰتِهِۦٓ ۗ उसकी आयात को biāyātihi
उसकी आयात को إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो لَا not lā
not يُفْلِحُ नहीं वो फ़लाह पाऐंगे yuf'liḥu
नहीं वो फ़लाह पाऐंगे ٱلظَّـٰلِمُونَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimūna
जो ज़ालिम हैं ٢١ (21)
(21)
और कौन أَظْلَمُ बड़ा ज़ालिम है aẓlamu
बड़ा ज़ालिम है مِمَّنِ उससे जो mimmani
उससे जो ٱفْتَرَىٰ गढ़ ले if'tarā
गढ़ ले عَلَى against ʿalā
against ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर كَذِبًا झूठ kadhiban
झूठ أَوْ या aw
या كَذَّبَ झुठलाए kadhaba
झुठलाए بِـَٔايَـٰتِهِۦٓ ۗ उसकी आयात को biāyātihi
उसकी आयात को إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो لَا not lā
not يُفْلِحُ नहीं वो फ़लाह पाऐंगे yuf'liḥu
नहीं वो फ़लाह पाऐंगे ٱلظَّـٰلِمُونَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimūna
जो ज़ालिम हैं ٢١ (21)
(21)
तथा उससे बड़ा अत्याचारी कौन है, जिसने अल्लाह पर कोई झूठ गढ़ा, या उसकी आयतों को झुठलाया। निःसंदेह अत्याचारी कभी सफल नहीं होते।
६:२२
وَيَوْمَ
और जिस दिन
wayawma
और जिस दिन نَحْشُرُهُمْ हम इकट्ठा करेंगे उनको naḥshuruhum
हम इकट्ठा करेंगे उनको جَمِيعًۭا सबके सब को jamīʿan
सबके सब को ثُمَّ फिर thumma
फिर نَقُولُ हम कहेंगे naqūlu
हम कहेंगे لِلَّذِينَ उन से जिन्होंने lilladhīna
उन से जिन्होंने أَشْرَكُوٓا۟ शिर्क किया ashrakū
शिर्क किया أَيْنَ कहाँ हैं ayna
कहाँ हैं شُرَكَآؤُكُمُ शरीक तुम्हारे shurakāukumu
शरीक तुम्हारे ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَزْعُمُونَ तुम दावा करते tazʿumūna
तुम दावा करते ٢٢ (22)
(22)
और जिस दिन نَحْشُرُهُمْ हम इकट्ठा करेंगे उनको naḥshuruhum
हम इकट्ठा करेंगे उनको جَمِيعًۭا सबके सब को jamīʿan
सबके सब को ثُمَّ फिर thumma
फिर نَقُولُ हम कहेंगे naqūlu
हम कहेंगे لِلَّذِينَ उन से जिन्होंने lilladhīna
उन से जिन्होंने أَشْرَكُوٓا۟ शिर्क किया ashrakū
शिर्क किया أَيْنَ कहाँ हैं ayna
कहाँ हैं شُرَكَآؤُكُمُ शरीक तुम्हारे shurakāukumu
शरीक तुम्हारे ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَزْعُمُونَ तुम दावा करते tazʿumūna
तुम दावा करते ٢٢ (22)
(22)
और जिस दिन हम उन सबको एकत्र करेंगे, फिर हम उन लोगों से कहेंगे, जिन्होंने साझी ठहराए : तुम्हारे वे साझी कहाँ हैं, जिनका तुम दावा करते थे?
६:२३
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर لَمْ नहीं lam
नहीं تَكُن होगा takun
होगा فِتْنَتُهُمْ उज़र उनका fit'natuhum
उज़र उनका إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे وَٱللَّهِ क़सम है अल्लाह की wal-lahi
क़सम है अल्लाह की رَبِّنَا जो रब है हमारा rabbinā
जो रब है हमारा مَا ना mā
ना كُنَّا थे हम kunnā
थे हम مُشْرِكِينَ शिर्क करने वाले mush'rikīna
शिर्क करने वाले ٢٣ (23)
(23)
फिर لَمْ नहीं lam
नहीं تَكُن होगा takun
होगा فِتْنَتُهُمْ उज़र उनका fit'natuhum
उज़र उनका إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे وَٱللَّهِ क़सम है अल्लाह की wal-lahi
क़सम है अल्लाह की رَبِّنَا जो रब है हमारा rabbinā
जो रब है हमारा مَا ना mā
ना كُنَّا थे हम kunnā
थे हम مُشْرِكِينَ शिर्क करने वाले mush'rikīna
शिर्क करने वाले ٢٣ (23)
(23)
फिर उनका कोई बहाना न होगा सिवाय इसके कि वे कहेंगे : अल्लाह की क़सम! जो हमारा पालनहार है, हम मुश्रिक न थे।
६:२४
ٱنظُرْ
देखिए
unẓur
देखिए كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह كَذَبُوا۟ उन्होंने झूठ बोला kadhabū
उन्होंने झूठ बोला عَلَىٰٓ against ʿalā
against أَنفُسِهِمْ ۚ अपने नफ़्सों पर anfusihim
अपने नफ़्सों पर وَضَلَّ और गुम हो गए waḍalla
और गुम हो गए عَنْهُم उनसे ʿanhum
उनसे مَّا जो mā
जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَفْتَرُونَ वो गढ़ते yaftarūna
वो गढ़ते ٢٤ (24)
(24)
देखिए كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह كَذَبُوا۟ उन्होंने झूठ बोला kadhabū
उन्होंने झूठ बोला عَلَىٰٓ against ʿalā
against أَنفُسِهِمْ ۚ अपने नफ़्सों पर anfusihim
अपने नफ़्सों पर وَضَلَّ और गुम हो गए waḍalla
और गुम हो गए عَنْهُم उनसे ʿanhum
उनसे مَّا जो mā
जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَفْتَرُونَ वो गढ़ते yaftarūna
वो गढ़ते ٢٤ (24)
(24)
देखो उन्होंने कैसे अपने आपपर झूठ बोला और उनसे गुम हो गया, जो वे झूठ बनाया करते थे।
६:२५
وَمِنْهُم
और उनमें से कोई है
wamin'hum
और उनमें से कोई है مَّن जो man
जो يَسْتَمِعُ कान लगाता है yastamiʿu
कान लगाता है إِلَيْكَ ۖ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके وَجَعَلْنَا और डाल दिए हमने wajaʿalnā
और डाल दिए हमने عَلَىٰ over ʿalā
over قُلُوبِهِمْ उनके दिलों पर qulūbihim
उनके दिलों पर أَكِنَّةً पर्दे akinnatan
पर्दे أَن कि an
कि يَفْقَهُوهُ वो समझ सकें उसे (ना) yafqahūhu
वो समझ सकें उसे (ना) وَفِىٓ and in wafī
and in ءَاذَانِهِمْ और उनके कानों में ādhānihim
और उनके कानों में وَقْرًۭا ۚ बोझ है waqran
बोझ है وَإِن और अगर wa-in
और अगर يَرَوْا۟ वो देख लें yaraw
वो देख लें كُلَّ हर kulla
हर ءَايَةٍۢ निशानी āyatin
निशानी لَّا not lā
not يُؤْمِنُوا۟ ना वो ईमान लाऐंगे yu'minū
ना वो ईमान लाऐंगे بِهَا ۚ उस पर bihā
उस पर حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब جَآءُوكَ वो आते हैं आपके पास jāūka
वो आते हैं आपके पास يُجَـٰدِلُونَكَ वो झगड़ा करते हैं आपसे yujādilūnaka
वो झगड़ा करते हैं आपसे يَقُولُ कहते हैं yaqūlu
कहते हैं ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوٓا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया إِنْ नहीं in
नहीं هَـٰذَآ ये hādhā
ये إِلَّآ मगर illā
मगर أَسَـٰطِيرُ कहानियाँ asāṭīru
कहानियाँ ٱلْأَوَّلِينَ पहलों की l-awalīna
पहलों की ٢٥ (25)
(25)
और उनमें से कोई है مَّن जो man
जो يَسْتَمِعُ कान लगाता है yastamiʿu
कान लगाता है إِلَيْكَ ۖ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके وَجَعَلْنَا और डाल दिए हमने wajaʿalnā
और डाल दिए हमने عَلَىٰ over ʿalā
over قُلُوبِهِمْ उनके दिलों पर qulūbihim
उनके दिलों पर أَكِنَّةً पर्दे akinnatan
पर्दे أَن कि an
कि يَفْقَهُوهُ वो समझ सकें उसे (ना) yafqahūhu
वो समझ सकें उसे (ना) وَفِىٓ and in wafī
and in ءَاذَانِهِمْ और उनके कानों में ādhānihim
और उनके कानों में وَقْرًۭا ۚ बोझ है waqran
बोझ है وَإِن और अगर wa-in
और अगर يَرَوْا۟ वो देख लें yaraw
वो देख लें كُلَّ हर kulla
हर ءَايَةٍۢ निशानी āyatin
निशानी لَّا not lā
not يُؤْمِنُوا۟ ना वो ईमान लाऐंगे yu'minū
ना वो ईमान लाऐंगे بِهَا ۚ उस पर bihā
उस पर حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब جَآءُوكَ वो आते हैं आपके पास jāūka
वो आते हैं आपके पास يُجَـٰدِلُونَكَ वो झगड़ा करते हैं आपसे yujādilūnaka
वो झगड़ा करते हैं आपसे يَقُولُ कहते हैं yaqūlu
कहते हैं ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوٓا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया إِنْ नहीं in
नहीं هَـٰذَآ ये hādhā
ये إِلَّآ मगर illā
मगर أَسَـٰطِيرُ कहानियाँ asāṭīru
कहानियाँ ٱلْأَوَّلِينَ पहलों की l-awalīna
पहलों की ٢٥ (25)
(25)
और उनमें से कुछ ऐसे हैं जो आपकी ओर कान लगाते हैं, और हमने उनके दिलों पर परदे डाल दिए हैं, कि बात न समझें1 और उनके कानों में बोझ डाल दिया है। यदि वे प्रत्येक निशानी देख लें, (तब भी) उसपर ईमान नहीं लाएँगे, यहाँ तक कि जब वे आपके पास झगड़ते हुए आते हैं, तो वे लोग जिन्होंने कुफ़्र किया, कहते हैं : ये पहले लोगों की कल्पित कथाओं के सिवा कुछ नहीं।
६:२६
وَهُمْ
और वो
wahum
और वो يَنْهَوْنَ वो रोकते हैं yanhawna
वो रोकते हैं عَنْهُ उससे ʿanhu
उससे وَيَنْـَٔوْنَ और वो दूर रहते हैं wayanawna
और वो दूर रहते हैं عَنْهُ ۖ उससे ʿanhu
उससे وَإِن और नहीं wa-in
और नहीं يُهْلِكُونَ वो हलाक करते yuh'likūna
वो हलाक करते إِلَّآ मगर illā
मगर أَنفُسَهُمْ अपने नफ़्सों को anfusahum
अपने नफ़्सों को وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَشْعُرُونَ वो शऊर रखते yashʿurūna
वो शऊर रखते ٢٦ (26)
(26)
और वो يَنْهَوْنَ वो रोकते हैं yanhawna
वो रोकते हैं عَنْهُ उससे ʿanhu
उससे وَيَنْـَٔوْنَ और वो दूर रहते हैं wayanawna
और वो दूर रहते हैं عَنْهُ ۖ उससे ʿanhu
उससे وَإِن और नहीं wa-in
और नहीं يُهْلِكُونَ वो हलाक करते yuh'likūna
वो हलाक करते إِلَّآ मगर illā
मगर أَنفُسَهُمْ अपने नफ़्सों को anfusahum
अपने नफ़्सों को وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَشْعُرُونَ वो शऊर रखते yashʿurūna
वो शऊर रखते ٢٦ (26)
(26)
और वे उससे1 (लोगों को) रोकते हैं और (स्वयं भी) उससे दूर रहते हैं, और वे मात्र अपने आपको विनष्ट कर रहे हैं और वे नहीं समझते।
६:२७
وَلَوْ
और काश
walaw
और काश تَرَىٰٓ आप देखें tarā
आप देखें إِذْ जब idh
जब وُقِفُوا۟ वो खड़े किए जाऐंगे wuqifū
वो खड़े किए जाऐंगे عَلَى by ʿalā
by ٱلنَّارِ ऊपर आग के l-nāri
ऊपर आग के فَقَالُوا۟ तो वो कहेंगे faqālū
तो वो कहेंगे يَـٰلَيْتَنَا ऐ काश हम yālaytanā
ऐ काश हम نُرَدُّ हम लौटाए जाऐं nuraddu
हम लौटाए जाऐं وَلَا और ना walā
और ना نُكَذِّبَ हम झुठलाऐं nukadhiba
हम झुठलाऐं بِـَٔايَـٰتِ आयात को biāyāti
आयात को رَبِّنَا अपने रब की rabbinā
अपने रब की وَنَكُونَ और हम हों wanakūna
और हम हों مِنَ among mina
among ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों मे से l-mu'minīna
मोमिनों मे से ٢٧ (27)
(27)
और काश تَرَىٰٓ आप देखें tarā
आप देखें إِذْ जब idh
जब وُقِفُوا۟ वो खड़े किए जाऐंगे wuqifū
वो खड़े किए जाऐंगे عَلَى by ʿalā
by ٱلنَّارِ ऊपर आग के l-nāri
ऊपर आग के فَقَالُوا۟ तो वो कहेंगे faqālū
तो वो कहेंगे يَـٰلَيْتَنَا ऐ काश हम yālaytanā
ऐ काश हम نُرَدُّ हम लौटाए जाऐं nuraddu
हम लौटाए जाऐं وَلَا और ना walā
और ना نُكَذِّبَ हम झुठलाऐं nukadhiba
हम झुठलाऐं بِـَٔايَـٰتِ आयात को biāyāti
आयात को رَبِّنَا अपने रब की rabbinā
अपने रब की وَنَكُونَ और हम हों wanakūna
और हम हों مِنَ among mina
among ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों मे से l-mu'minīna
मोमिनों मे से ٢٧ (27)
(27)
तथा (ऐ नबी!) यदि आप उस समय देखें, जब वे आग पर खड़े किए जाएँगे, तो वे कहेंगे : ऐ काश! हम वापस भेजे जाएँ और अपने पालनहार की आयतों को न झुठलाएँ और हम ईमान वालों में से हो जाएँ।
६:२८
بَلْ
बल्कि
bal
बल्कि بَدَا ज़ाहिर हो गया badā
ज़ाहिर हो गया لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مَّا जो mā
जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يُخْفُونَ वो छुपाते yukh'fūna
वो छुपाते مِن from min
from قَبْلُ ۖ इससे क़ब्ल qablu
इससे क़ब्ल وَلَوْ और अगर walaw
और अगर رُدُّوا۟ वो लौटाए जाऐं ruddū
वो लौटाए जाऐं لَعَادُوا۟ अलबत्ता फिर करेंगे laʿādū
अलबत्ता फिर करेंगे لِمَا उसी को जो limā
उसी को जो نُهُوا۟ वो रोके गए थे nuhū
वो रोके गए थे عَنْهُ जिससे ʿanhu
जिससे وَإِنَّهُمْ और बेशक वो wa-innahum
और बेशक वो لَكَـٰذِبُونَ अलबत्ता झूठे हैं lakādhibūna
अलबत्ता झूठे हैं ٢٨ (28)
(28)
बल्कि بَدَا ज़ाहिर हो गया badā
ज़ाहिर हो गया لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مَّا जो mā
जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يُخْفُونَ वो छुपाते yukh'fūna
वो छुपाते مِن from min
from قَبْلُ ۖ इससे क़ब्ल qablu
इससे क़ब्ल وَلَوْ और अगर walaw
और अगर رُدُّوا۟ वो लौटाए जाऐं ruddū
वो लौटाए जाऐं لَعَادُوا۟ अलबत्ता फिर करेंगे laʿādū
अलबत्ता फिर करेंगे لِمَا उसी को जो limā
उसी को जो نُهُوا۟ वो रोके गए थे nuhū
वो रोके गए थे عَنْهُ जिससे ʿanhu
जिससे وَإِنَّهُمْ और बेशक वो wa-innahum
और बेशक वो لَكَـٰذِبُونَ अलबत्ता झूठे हैं lakādhibūna
अलबत्ता झूठे हैं ٢٨ (28)
(28)
बल्कि उनके लिए वह प्रकट हो गया, जो वे इससे पहले छिपाते1 थे। और यदि उन्हें वापस भेज दिया जाए, तो अवश्य फिर वही करेंगे, जिससे उन्हें रोका गया था। और निःसंदेह वे निश्चय झूठे हैं।
६:२९
وَقَالُوٓا۟
और उन्होंने कहा
waqālū
और उन्होंने कहा إِنْ नहीं in
नहीं هِىَ ये hiya
ये إِلَّا मगर illā
मगर حَيَاتُنَا ज़िन्दगी हमारी ḥayātunā
ज़िन्दगी हमारी ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَمَا और नहीं wamā
और नहीं نَحْنُ हम naḥnu
हम بِمَبْعُوثِينَ उठाए जाने वाले bimabʿūthīna
उठाए जाने वाले ٢٩ (29)
(29)
और उन्होंने कहा إِنْ नहीं in
नहीं هِىَ ये hiya
ये إِلَّا मगर illā
मगर حَيَاتُنَا ज़िन्दगी हमारी ḥayātunā
ज़िन्दगी हमारी ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَمَا और नहीं wamā
और नहीं نَحْنُ हम naḥnu
हम بِمَبْعُوثِينَ उठाए जाने वाले bimabʿūthīna
उठाए जाने वाले ٢٩ (29)
(29)
और उन्होंने कहा : जीवन तो बस यही हमारा सांसारिक जीवन है। और हम हरगिज़ उठाए जाने वाले नहीं।1
६:३०
وَلَوْ
और काश
walaw
और काश تَرَىٰٓ आप देखें tarā
आप देखें إِذْ जब idh
जब وُقِفُوا۟ वो खड़े किए जाऐंगे wuqifū
वो खड़े किए जाऐंगे عَلَىٰ before ʿalā
before رَبِّهِمْ ۚ अपने रब के सामने rabbihim
अपने रब के सामने قَالَ वो फ़रमाएगा qāla
वो फ़रमाएगा أَلَيْسَ क्या नहीं है alaysa
क्या नहीं है هَـٰذَا ये hādhā
ये بِٱلْحَقِّ ۚ हक़ bil-ḥaqi
हक़ قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे بَلَىٰ क्यों नहीं balā
क्यों नहीं وَرَبِّنَا ۚ क़सम है हमारे रब की warabbinā
क़सम है हमारे रब की قَالَ वो फ़रमाएगा qāla
वो फ़रमाएगा فَذُوقُوا۟ पस चखो fadhūqū
पस चखो ٱلْعَذَابَ अज़ाब l-ʿadhāba
अज़ाब بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَكْفُرُونَ तुम कुफ़्र करते takfurūna
तुम कुफ़्र करते ٣٠ (30)
(30)
और काश تَرَىٰٓ आप देखें tarā
आप देखें إِذْ जब idh
जब وُقِفُوا۟ वो खड़े किए जाऐंगे wuqifū
वो खड़े किए जाऐंगे عَلَىٰ before ʿalā
before رَبِّهِمْ ۚ अपने रब के सामने rabbihim
अपने रब के सामने قَالَ वो फ़रमाएगा qāla
वो फ़रमाएगा أَلَيْسَ क्या नहीं है alaysa
क्या नहीं है هَـٰذَا ये hādhā
ये بِٱلْحَقِّ ۚ हक़ bil-ḥaqi
हक़ قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे بَلَىٰ क्यों नहीं balā
क्यों नहीं وَرَبِّنَا ۚ क़सम है हमारे रब की warabbinā
क़सम है हमारे रब की قَالَ वो फ़रमाएगा qāla
वो फ़रमाएगा فَذُوقُوا۟ पस चखो fadhūqū
पस चखो ٱلْعَذَابَ अज़ाब l-ʿadhāba
अज़ाब بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَكْفُرُونَ तुम कुफ़्र करते takfurūna
तुम कुफ़्र करते ٣٠ (30)
(30)
तथा यदि आप उस समय देखें, जब वे अपने पालनहार के समक्ष खड़े किए जाएँगे।वह कहेगा : क्या यह (जीवन) सत्य नहीं है? वे कहेंगे : क्यों नहीं, हमारे पालनहार की क़सम! वह (अल्लाह) कहेगा : तो अब यातना चखो उसके बदले जो तुम कुफ़्र किया करते थे।
६:३१
قَدْ
तहक़ीक़
qad
तहक़ीक़ خَسِرَ ख़सारे में रहे khasira
ख़सारे में रहे ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया بِلِقَآءِ मुलाक़ात को biliqāi
मुलाक़ात को ٱللَّهِ ۖ अल्लाह कि l-lahi
अल्लाह कि حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब جَآءَتْهُمُ आ जाएगी उनके पास jāathumu
आ जाएगी उनके पास ٱلسَّاعَةُ घड़ी (क़यामत की) l-sāʿatu
घड़ी (क़यामत की) بَغْتَةًۭ अचानक baghtatan
अचानक قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे يَـٰحَسْرَتَنَا हाय अफ़सोस हमारा yāḥasratanā
हाय अफ़सोस हमारा عَلَىٰ उस पर ʿalā
उस पर مَا जो mā
जो فَرَّطْنَا कमी-कोताही की हमने farraṭnā
कमी-कोताही की हमने فِيهَا उस के बारे में fīhā
उस के बारे में وَهُمْ और वो wahum
और वो يَحْمِلُونَ वो उठाऐंगे yaḥmilūna
वो उठाऐंगे أَوْزَارَهُمْ बोझ अपने awzārahum
बोझ अपने عَلَىٰ on ʿalā
on ظُهُورِهِمْ ۚ अपनी पुश्तों पर ẓuhūrihim
अपनी पुश्तों पर أَلَا ख़बरदार alā
ख़बरदार سَآءَ कितना बुरा है sāa
कितना बुरा है مَا जो mā
जो يَزِرُونَ बोझ वो उठाऐंगे yazirūna
बोझ वो उठाऐंगे ٣١ (31)
(31)
तहक़ीक़ خَسِرَ ख़सारे में रहे khasira
ख़सारे में रहे ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया بِلِقَآءِ मुलाक़ात को biliqāi
मुलाक़ात को ٱللَّهِ ۖ अल्लाह कि l-lahi
अल्लाह कि حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब جَآءَتْهُمُ आ जाएगी उनके पास jāathumu
आ जाएगी उनके पास ٱلسَّاعَةُ घड़ी (क़यामत की) l-sāʿatu
घड़ी (क़यामत की) بَغْتَةًۭ अचानक baghtatan
अचानक قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे يَـٰحَسْرَتَنَا हाय अफ़सोस हमारा yāḥasratanā
हाय अफ़सोस हमारा عَلَىٰ उस पर ʿalā
उस पर مَا जो mā
जो فَرَّطْنَا कमी-कोताही की हमने farraṭnā
कमी-कोताही की हमने فِيهَا उस के बारे में fīhā
उस के बारे में وَهُمْ और वो wahum
और वो يَحْمِلُونَ वो उठाऐंगे yaḥmilūna
वो उठाऐंगे أَوْزَارَهُمْ बोझ अपने awzārahum
बोझ अपने عَلَىٰ on ʿalā
on ظُهُورِهِمْ ۚ अपनी पुश्तों पर ẓuhūrihim
अपनी पुश्तों पर أَلَا ख़बरदार alā
ख़बरदार سَآءَ कितना बुरा है sāa
कितना बुरा है مَا जो mā
जो يَزِرُونَ बोझ वो उठाऐंगे yazirūna
बोझ वो उठाऐंगे ٣١ (31)
(31)
निश्चय वे लोग घाटे में रहे, जिन्होंने अल्लाह से मिलने को झुठलाया, यहाँ तक कि जब क़ियामत उनपर अचानक आ पहुँचेगी, तो कहेंगे : हाय अफ़सोस! उसपर जो हमने इसमें कोताही की। और वे अपने (पापों के) बोझ अपनी पीठों पर उठाए होंगे। सुन लो! बहुत बुरा बोझ है, जो वे उठाएँगे।
६:३२
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं ٱلْحَيَوٰةُ ज़िन्दगी l-ḥayatu
ज़िन्दगी ٱلدُّنْيَآ दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की إِلَّا मगर illā
मगर لَعِبٌۭ खेल laʿibun
खेल وَلَهْوٌۭ ۖ और तमाशा walahwun
और तमाशा وَلَلدَّارُ और अलबत्ता घर walalddāru
और अलबत्ता घर ٱلْـَٔاخِرَةُ आख़िरत का l-ākhiratu
आख़िरत का خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है لِّلَّذِينَ उनके लिए जो lilladhīna
उनके लिए जो يَتَّقُونَ ۗ तक़वा करते हैं yattaqūna
तक़वा करते हैं أَفَلَا क्या भला नहीं afalā
क्या भला नहीं تَعْقِلُونَ तुम अक़्ल से काम लेते taʿqilūna
तुम अक़्ल से काम लेते ٣٢ (32)
(32)
और नहीं ٱلْحَيَوٰةُ ज़िन्दगी l-ḥayatu
ज़िन्दगी ٱلدُّنْيَآ दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की إِلَّا मगर illā
मगर لَعِبٌۭ खेल laʿibun
खेल وَلَهْوٌۭ ۖ और तमाशा walahwun
और तमाशा وَلَلدَّارُ और अलबत्ता घर walalddāru
और अलबत्ता घर ٱلْـَٔاخِرَةُ आख़िरत का l-ākhiratu
आख़िरत का خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है لِّلَّذِينَ उनके लिए जो lilladhīna
उनके लिए जो يَتَّقُونَ ۗ तक़वा करते हैं yattaqūna
तक़वा करते हैं أَفَلَا क्या भला नहीं afalā
क्या भला नहीं تَعْقِلُونَ तुम अक़्ल से काम लेते taʿqilūna
तुम अक़्ल से काम लेते ٣٢ (32)
(32)
तथा सांसारिक जीवन खेल और मनोरंजन1 के सिवा कुछ नहीं, तथा निश्चय आख़िरत का घर उन लोगों के लिए बेहतर2 है जो (अल्लाह से) डरते हैं, तो क्या तुम नहीं समझते?
६:३३
قَدْ
तहक़ीक़
qad
तहक़ीक़ نَعْلَمُ हम जानते हैं naʿlamu
हम जानते हैं إِنَّهُۥ कि बेशक वो innahu
कि बेशक वो لَيَحْزُنُكَ अलबत्ता ग़मगीन करता है आपको layaḥzunuka
अलबत्ता ग़मगीन करता है आपको ٱلَّذِى जो alladhī
जो يَقُولُونَ ۖ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं فَإِنَّهُمْ पस बेशक वो fa-innahum
पस बेशक वो لَا (do) not lā
(do) not يُكَذِّبُونَكَ नहीं वो झुठलाते आपको yukadhibūnaka
नहीं वो झुठलाते आपको وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिम l-ẓālimīna
ज़ालिम بِـَٔايَـٰتِ the Verses biāyāti
the Verses ٱللَّهِ अल्लाह की आयात का ही l-lahi
अल्लाह की आयात का ही يَجْحَدُونَ वो इन्कार करते हैं yajḥadūna
वो इन्कार करते हैं ٣٣ (33)
(33)
तहक़ीक़ نَعْلَمُ हम जानते हैं naʿlamu
हम जानते हैं إِنَّهُۥ कि बेशक वो innahu
कि बेशक वो لَيَحْزُنُكَ अलबत्ता ग़मगीन करता है आपको layaḥzunuka
अलबत्ता ग़मगीन करता है आपको ٱلَّذِى जो alladhī
जो يَقُولُونَ ۖ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं فَإِنَّهُمْ पस बेशक वो fa-innahum
पस बेशक वो لَا (do) not lā
(do) not يُكَذِّبُونَكَ नहीं वो झुठलाते आपको yukadhibūnaka
नहीं वो झुठलाते आपको وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिम l-ẓālimīna
ज़ालिम بِـَٔايَـٰتِ the Verses biāyāti
the Verses ٱللَّهِ अल्लाह की आयात का ही l-lahi
अल्लाह की आयात का ही يَجْحَدُونَ वो इन्कार करते हैं yajḥadūna
वो इन्कार करते हैं ٣٣ (33)
(33)
निःसंदेह हम जानते हैं कि निश्चय (ऐ नबी!) आपको वह बात दुखी करती है, जो वे कहते हैं। तो वास्तव में वे आपको नहीं झुठलाते, परंतु वे अत्याचारी अल्लाह की आयतों ही का इनकार करते हैं।
६:३४
وَلَقَدْ
और अलबत्ता
walaqad
और अलबत्ता كُذِّبَتْ झुठलाए गए kudhibat
झुठलाए गए رُسُلٌۭ कई रसूल rusulun
कई रसूल مِّن from min
from قَبْلِكَ आप से पहले qablika
आप से पहले فَصَبَرُوا۟ पस उन्होंने सब्र किया faṣabarū
पस उन्होंने सब्र किया عَلَىٰ over ʿalā
over مَا उस पर जो mā
उस पर जो كُذِّبُوا۟ वो झुठलाए गए kudhibū
वो झुठलाए गए وَأُوذُوا۟ और वो सताए गए waūdhū
और वो सताए गए حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि أَتَىٰهُمْ आ गई उनके पास atāhum
आ गई उनके पास نَصْرُنَا ۚ मदद हमारी naṣrunā
मदद हमारी وَلَا और नहीं walā
और नहीं مُبَدِّلَ कोई बदलने वाला mubaddila
कोई बदलने वाला لِكَلِمَـٰتِ कलिमात को likalimāti
कलिमात को ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ جَآءَكَ आ गईं आपके पास jāaka
आ गईं आपके पास مِن of min
of نَّبَإِى۟ ख़बरें naba-i
ख़बरें ٱلْمُرْسَلِينَ रसूलों की l-mur'salīna
रसूलों की ٣٤ (34)
(34)
और अलबत्ता كُذِّبَتْ झुठलाए गए kudhibat
झुठलाए गए رُسُلٌۭ कई रसूल rusulun
कई रसूल مِّن from min
from قَبْلِكَ आप से पहले qablika
आप से पहले فَصَبَرُوا۟ पस उन्होंने सब्र किया faṣabarū
पस उन्होंने सब्र किया عَلَىٰ over ʿalā
over مَا उस पर जो mā
उस पर जो كُذِّبُوا۟ वो झुठलाए गए kudhibū
वो झुठलाए गए وَأُوذُوا۟ और वो सताए गए waūdhū
और वो सताए गए حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि أَتَىٰهُمْ आ गई उनके पास atāhum
आ गई उनके पास نَصْرُنَا ۚ मदद हमारी naṣrunā
मदद हमारी وَلَا और नहीं walā
और नहीं مُبَدِّلَ कोई बदलने वाला mubaddila
कोई बदलने वाला لِكَلِمَـٰتِ कलिमात को likalimāti
कलिमात को ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ جَآءَكَ आ गईं आपके पास jāaka
आ गईं आपके पास مِن of min
of نَّبَإِى۟ ख़बरें naba-i
ख़बरें ٱلْمُرْسَلِينَ रसूलों की l-mur'salīna
रसूलों की ٣٤ (34)
(34)
और निःसंदेह आपसे पहले कई रसूल झुठलाए गए, तो उन्होंने अपने झुठलाए जाने और कष्ट दिए जाने पर सब्र किया, यहाँ तक कि उनके पास हमारी सहायता आ गई। तथा कोई अल्लाह की बातों को बदलने वाला नहीं1 और निःसंदेह आपके पास (उन) रसूलों के कुछ समाचार आ चुके हैं।
६:३५
وَإِن
और अगर
wa-in
और अगर كَانَ है kāna
है كَبُرَ भारी kabura
भारी عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर إِعْرَاضُهُمْ ऐराज़ करना उनका iʿ'rāḍuhum
ऐराज़ करना उनका فَإِنِ फिर अगर fa-ini
फिर अगर ٱسْتَطَعْتَ इस्तिताअत रखते हैं आप is'taṭaʿta
इस्तिताअत रखते हैं आप أَن कि an
कि تَبْتَغِىَ आप तलाश करें tabtaghiya
आप तलाश करें نَفَقًۭا एक सुरंग nafaqan
एक सुरंग فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में أَوْ या aw
या سُلَّمًۭا एक सीढ़ी sullaman
एक सीढ़ी فِى into fī
into ٱلسَّمَآءِ आसमान में l-samāi
आसमान में فَتَأْتِيَهُم तो आप ले आऐं उनके पास fatatiyahum
तो आप ले आऐं उनके पास بِـَٔايَةٍۢ ۚ कोई निशानी biāyatin
कोई निशानी وَلَوْ और अगर walaw
और अगर شَآءَ चाहता shāa
चाहता ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لَجَمَعَهُمْ अलबत्ता वो जमा कर देता उन्हें lajamaʿahum
अलबत्ता वो जमा कर देता उन्हें عَلَى on ʿalā
on ٱلْهُدَىٰ ۚ हिदायत पर l-hudā
हिदायत पर فَلَا पस ना falā
पस ना تَكُونَنَّ हरगिज़ आप हों takūnanna
हरगिज़ आप हों مِنَ of mina
of ٱلْجَـٰهِلِينَ नादानों में से l-jāhilīna
नादानों में से ٣٥ (35)
(35)
और अगर كَانَ है kāna
है كَبُرَ भारी kabura
भारी عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर إِعْرَاضُهُمْ ऐराज़ करना उनका iʿ'rāḍuhum
ऐराज़ करना उनका فَإِنِ फिर अगर fa-ini
फिर अगर ٱسْتَطَعْتَ इस्तिताअत रखते हैं आप is'taṭaʿta
इस्तिताअत रखते हैं आप أَن कि an
कि تَبْتَغِىَ आप तलाश करें tabtaghiya
आप तलाश करें نَفَقًۭا एक सुरंग nafaqan
एक सुरंग فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में أَوْ या aw
या سُلَّمًۭا एक सीढ़ी sullaman
एक सीढ़ी فِى into fī
into ٱلسَّمَآءِ आसमान में l-samāi
आसमान में فَتَأْتِيَهُم तो आप ले आऐं उनके पास fatatiyahum
तो आप ले आऐं उनके पास بِـَٔايَةٍۢ ۚ कोई निशानी biāyatin
कोई निशानी وَلَوْ और अगर walaw
और अगर شَآءَ चाहता shāa
चाहता ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لَجَمَعَهُمْ अलबत्ता वो जमा कर देता उन्हें lajamaʿahum
अलबत्ता वो जमा कर देता उन्हें عَلَى on ʿalā
on ٱلْهُدَىٰ ۚ हिदायत पर l-hudā
हिदायत पर فَلَا पस ना falā
पस ना تَكُونَنَّ हरगिज़ आप हों takūnanna
हरगिज़ आप हों مِنَ of mina
of ٱلْجَـٰهِلِينَ नादानों में से l-jāhilīna
नादानों में से ٣٥ (35)
(35)
और यदि आपपर उनकी विमुखता भारी गुज़र रही है, तो यदि आपसे हो सके कि धरती में कोई सुरंग अथवा आकाश में कोई सीढ़ी ढूँढ निकालें, फिर उनके पास कोई निशानी (चमत्कार) ले आएँ, (तो ले आएँ) और यदि अल्लाह चाहता, तो निश्चय उन्हें मार्गदर्शन पर एकत्र कर देता। अतः आप कदापि अज्ञानियों में से न हों।
६:३६
۞ إِنَّمَا
बेशक
innamā
बेशक يَسْتَجِيبُ क़ुबूल करते हैं yastajību
क़ुबूल करते हैं ٱلَّذِينَ वही जो alladhīna
वही जो يَسْمَعُونَ ۘ सुनते हैं yasmaʿūna
सुनते हैं وَٱلْمَوْتَىٰ और मुर्दे wal-mawtā
और मुर्दे يَبْعَثُهُمُ उठाएगा उन्हें yabʿathuhumu
उठाएगा उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ثُمَّ फिर thumma
फिर إِلَيْهِ उसी की तरफ़ ilayhi
उसी की तरफ़ يُرْجَعُونَ वो लौटाए जाऐंगे yur'jaʿūna
वो लौटाए जाऐंगे ٣٦ (36)
(36)
बेशक يَسْتَجِيبُ क़ुबूल करते हैं yastajību
क़ुबूल करते हैं ٱلَّذِينَ वही जो alladhīna
वही जो يَسْمَعُونَ ۘ सुनते हैं yasmaʿūna
सुनते हैं وَٱلْمَوْتَىٰ और मुर्दे wal-mawtā
और मुर्दे يَبْعَثُهُمُ उठाएगा उन्हें yabʿathuhumu
उठाएगा उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ثُمَّ फिर thumma
फिर إِلَيْهِ उसी की तरफ़ ilayhi
उसी की तरफ़ يُرْجَعُونَ वो लौटाए जाऐंगे yur'jaʿūna
वो लौटाए जाऐंगे ٣٦ (36)
(36)
स्वीकार तो केवल वही लोग करते हैं, जो सुनते हैं। और जो मुर्दे हैं, उन्हें अल्लाह उठाएगा1, फिर वे उसी की ओर लौटाए जाएँगे।
६:३७
وَقَالُوا۟
और वो कहते हैं
waqālū
और वो कहते हैं لَوْلَا क्यों ना lawlā
क्यों ना نُزِّلَ नाज़िल की गई nuzzila
नाज़िल की गई عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर ءَايَةٌۭ कोई निशानी āyatun
कोई निशानी مِّن from min
from رَّبِّهِۦ ۚ उसके रब की तरफ़ से rabbihi
उसके रब की तरफ़ से قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह قَادِرٌ क़ादिर है qādirun
क़ादिर है عَلَىٰٓ इस पर ʿalā
इस पर أَن कि an
कि يُنَزِّلَ वो नाज़िल करे yunazzila
वो नाज़िल करे ءَايَةًۭ कोई निशानी āyatan
कोई निशानी وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन أَكْثَرَهُمْ अक्सर उनके aktharahum
अक्सर उनके لَا (do) not lā
(do) not يَعْلَمُونَ नहीं वो इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं वो इल्म रखते ٣٧ (37)
(37)
और वो कहते हैं لَوْلَا क्यों ना lawlā
क्यों ना نُزِّلَ नाज़िल की गई nuzzila
नाज़िल की गई عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर ءَايَةٌۭ कोई निशानी āyatun
कोई निशानी مِّن from min
from رَّبِّهِۦ ۚ उसके रब की तरफ़ से rabbihi
उसके रब की तरफ़ से قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह قَادِرٌ क़ादिर है qādirun
क़ादिर है عَلَىٰٓ इस पर ʿalā
इस पर أَن कि an
कि يُنَزِّلَ वो नाज़िल करे yunazzila
वो नाज़िल करे ءَايَةًۭ कोई निशानी āyatan
कोई निशानी وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन أَكْثَرَهُمْ अक्सर उनके aktharahum
अक्सर उनके لَا (do) not lā
(do) not يَعْلَمُونَ नहीं वो इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं वो इल्म रखते ٣٧ (37)
(37)
तथा उन्होंने कहा : उस (नबी) पर उसके पालनहार की ओर से कोई निशानी क्यों नहीं उतारी गई? आप कह दें : निःसंदेह अल्लाह इसका सामर्थ्य रखता है कि कोई निशानी उतारे, परंतु उनके अधिकतर लोग नहीं जानते।
६:३८
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं مِن [of] min
[of] دَآبَّةٍۢ कोई जानदार dābbatin
कोई जानदार فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में وَلَا और ना walā
और ना طَـٰٓئِرٍۢ कोई परिन्दा ṭāirin
कोई परिन्दा يَطِيرُ जो उड़ता हो yaṭīru
जो उड़ता हो بِجَنَاحَيْهِ साथ अपने दो परों के bijanāḥayhi
साथ अपने दो परों के إِلَّآ मगर illā
मगर أُمَمٌ गिरोह हैं umamun
गिरोह हैं أَمْثَالُكُم ۚ तुम्हारी ही तरह amthālukum
तुम्हारी ही तरह مَّا नहीं mā
नहीं فَرَّطْنَا कमी की हमने farraṭnā
कमी की हमने فِى in fī
in ٱلْكِتَـٰبِ किताब में l-kitābi
किताब में مِن [of] min
[of] شَىْءٍۢ ۚ किसी चीज़ की shayin
किसी चीज़ की ثُمَّ फिर thumma
फिर إِلَىٰ to ilā
to رَبِّهِمْ तरफ़ अपने रब के rabbihim
तरफ़ अपने रब के يُحْشَرُونَ वो इकट्ठे किए जाऐंगे yuḥ'sharūna
वो इकट्ठे किए जाऐंगे ٣٨ (38)
(38)
और नहीं مِن [of] min
[of] دَآبَّةٍۢ कोई जानदार dābbatin
कोई जानदार فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में وَلَا और ना walā
और ना طَـٰٓئِرٍۢ कोई परिन्दा ṭāirin
कोई परिन्दा يَطِيرُ जो उड़ता हो yaṭīru
जो उड़ता हो بِجَنَاحَيْهِ साथ अपने दो परों के bijanāḥayhi
साथ अपने दो परों के إِلَّآ मगर illā
मगर أُمَمٌ गिरोह हैं umamun
गिरोह हैं أَمْثَالُكُم ۚ तुम्हारी ही तरह amthālukum
तुम्हारी ही तरह مَّا नहीं mā
नहीं فَرَّطْنَا कमी की हमने farraṭnā
कमी की हमने فِى in fī
in ٱلْكِتَـٰبِ किताब में l-kitābi
किताब में مِن [of] min
[of] شَىْءٍۢ ۚ किसी चीज़ की shayin
किसी चीज़ की ثُمَّ फिर thumma
फिर إِلَىٰ to ilā
to رَبِّهِمْ तरफ़ अपने रब के rabbihim
तरफ़ अपने रब के يُحْشَرُونَ वो इकट्ठे किए जाऐंगे yuḥ'sharūna
वो इकट्ठे किए जाऐंगे ٣٨ (38)
(38)
तथा धरती में न कोई चलने वाला है तथा न कोई उड़ने वाला, जो अपने दो पंखों से उड़ता है, परंतु तुम्हारी जैसी जातियाँ हैं। हमने पुस्तक1 में किसी चीज़ की कमी2 नहीं छोड़ी। फिर वे अपने पालनहार की ओर एकत्र किए जाएँगे।3
६:३९
وَٱلَّذِينَ
और वो जिन्होंने
wa-alladhīna
और वो जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को صُمٌّۭ बहरे ṣummun
बहरे وَبُكْمٌۭ और गूँगे हैं wabuk'mun
और गूँगे हैं فِى in fī
in ٱلظُّلُمَـٰتِ ۗ अँधेरों में हैं l-ẓulumāti
अँधेरों में हैं مَن जिसको man
जिसको يَشَإِ चाहता है yasha-i
चाहता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह يُضْلِلْهُ भटका देता है उसे yuḍ'lil'hu
भटका देता है उसे وَمَن और जिसको waman
और जिसको يَشَأْ वो चाहता है yasha
वो चाहता है يَجْعَلْهُ वो कर देता है उसे yajʿalhu
वो कर देता है उसे عَلَىٰ on ʿalā
on صِرَٰطٍۢ ऊपर रास्ते ṣirāṭin
ऊपर रास्ते مُّسْتَقِيمٍۢ सीधे के mus'taqīmin
सीधे के ٣٩ (39)
(39)
और वो जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को صُمٌّۭ बहरे ṣummun
बहरे وَبُكْمٌۭ और गूँगे हैं wabuk'mun
और गूँगे हैं فِى in fī
in ٱلظُّلُمَـٰتِ ۗ अँधेरों में हैं l-ẓulumāti
अँधेरों में हैं مَن जिसको man
जिसको يَشَإِ चाहता है yasha-i
चाहता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह يُضْلِلْهُ भटका देता है उसे yuḍ'lil'hu
भटका देता है उसे وَمَن और जिसको waman
और जिसको يَشَأْ वो चाहता है yasha
वो चाहता है يَجْعَلْهُ वो कर देता है उसे yajʿalhu
वो कर देता है उसे عَلَىٰ on ʿalā
on صِرَٰطٍۢ ऊपर रास्ते ṣirāṭin
ऊपर रास्ते مُّسْتَقِيمٍۢ सीधे के mus'taqīmin
सीधे के ٣٩ (39)
(39)
तथा जिन लोगों ने हमारी आयतों (निशानियों) को झुठलाया, वे बहरे और गूँगे है, अँधेरों में पड़े हुए हैं। जिसे अल्लाह चाहता है, पथभ्रष्ट कर देता है और जिसे चाहता है, सीधे मार्ग पर लगा देता है।
६:४०
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए أَرَءَيْتَكُمْ क्या ग़ौर किया तुमने ara-aytakum
क्या ग़ौर किया तुमने إِنْ अगर in
अगर أَتَىٰكُمْ आ जाए तुम्हारे पास atākum
आ जाए तुम्हारे पास عَذَابُ अज़ाब ʿadhābu
अज़ाब ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का أَوْ या aw
या أَتَتْكُمُ आ जाए तुम्हारे पास atatkumu
आ जाए तुम्हारे पास ٱلسَّاعَةُ घड़ी (क़यामत की) l-sāʿatu
घड़ी (क़यामत की) أَغَيْرَ क्या ग़ैर aghayra
क्या ग़ैर ٱللَّهِ अल्लाह को l-lahi
अल्लाह को تَدْعُونَ तुम पुकारोगे tadʿūna
तुम पुकारोगे إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ٤٠ (40)
(40)
कह दीजिए أَرَءَيْتَكُمْ क्या ग़ौर किया तुमने ara-aytakum
क्या ग़ौर किया तुमने إِنْ अगर in
अगर أَتَىٰكُمْ आ जाए तुम्हारे पास atākum
आ जाए तुम्हारे पास عَذَابُ अज़ाब ʿadhābu
अज़ाब ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का أَوْ या aw
या أَتَتْكُمُ आ जाए तुम्हारे पास atatkumu
आ जाए तुम्हारे पास ٱلسَّاعَةُ घड़ी (क़यामत की) l-sāʿatu
घड़ी (क़यामत की) أَغَيْرَ क्या ग़ैर aghayra
क्या ग़ैर ٱللَّهِ अल्लाह को l-lahi
अल्लाह को تَدْعُونَ तुम पुकारोगे tadʿūna
तुम पुकारोगे إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ٤٠ (40)
(40)
(ऐ नबी!) उनसे कहो, भला बताओ तो सही कि यदि तुमपर अल्लाह की यातना आ जाए, या तुमपर क़ियामत आ जाए, तो क्या तुम अल्लाह के सिवा किसी और को पुकारोगे? यदि तुम सच्चे हो।
६:४१
بَلْ
बल्कि
bal
बल्कि إِيَّاهُ सिर्फ़ उसी को iyyāhu
सिर्फ़ उसी को تَدْعُونَ तुम पुकारोगे tadʿūna
तुम पुकारोगे فَيَكْشِفُ फिर वो खोल देगा fayakshifu
फिर वो खोल देगा مَا उसे जो mā
उसे जो تَدْعُونَ तुम पुकारोगे tadʿūna
तुम पुकारोगे إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके إِن अगर in
अगर شَآءَ वो चाहे shāa
वो चाहे وَتَنسَوْنَ और तुम भूल जाओगे watansawna
और तुम भूल जाओगे مَا जिन्हें mā
जिन्हें تُشْرِكُونَ तुम शरीक ठहराते हो tush'rikūna
तुम शरीक ठहराते हो ٤١ (41)
(41)
बल्कि إِيَّاهُ सिर्फ़ उसी को iyyāhu
सिर्फ़ उसी को تَدْعُونَ तुम पुकारोगे tadʿūna
तुम पुकारोगे فَيَكْشِفُ फिर वो खोल देगा fayakshifu
फिर वो खोल देगा مَا उसे जो mā
उसे जो تَدْعُونَ तुम पुकारोगे tadʿūna
तुम पुकारोगे إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके إِن अगर in
अगर شَآءَ वो चाहे shāa
वो चाहे وَتَنسَوْنَ और तुम भूल जाओगे watansawna
और तुम भूल जाओगे مَا जिन्हें mā
जिन्हें تُشْرِكُونَ तुम शरीक ठहराते हो tush'rikūna
तुम शरीक ठहराते हो ٤١ (41)
(41)
बल्कि तुम उसी को पुकारोगे, फिर वह दूर कर देगा (उस विपत्ति को) जिसके लिए तुम उसे पुकारोगे, यदि उसने चाहा, और तुम भूल जाओगे जिसे साझी बनाते हो।1
६:४२
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ أَرْسَلْنَآ भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने إِلَىٰٓ to ilā
to أُمَمٍۢ तरफ़ उम्मतों के umamin
तरफ़ उम्मतों के مِّن from min
from قَبْلِكَ आप से क़ब्ल qablika
आप से क़ब्ल فَأَخَذْنَـٰهُم पस पकड़ लिया हमने उन्हें fa-akhadhnāhum
पस पकड़ लिया हमने उन्हें بِٱلْبَأْسَآءِ साथ तंगी bil-basāi
साथ तंगी وَٱلضَّرَّآءِ और तकलीफ़ के wal-ḍarāi
और तकलीफ़ के لَعَلَّهُمْ शायद कि वो laʿallahum
शायद कि वो يَتَضَرَّعُونَ वो आजिज़ी करें yataḍarraʿūna
वो आजिज़ी करें ٤٢ (42)
(42)
और अलबत्ता तहक़ीक़ أَرْسَلْنَآ भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने إِلَىٰٓ to ilā
to أُمَمٍۢ तरफ़ उम्मतों के umamin
तरफ़ उम्मतों के مِّن from min
from قَبْلِكَ आप से क़ब्ल qablika
आप से क़ब्ल فَأَخَذْنَـٰهُم पस पकड़ लिया हमने उन्हें fa-akhadhnāhum
पस पकड़ लिया हमने उन्हें بِٱلْبَأْسَآءِ साथ तंगी bil-basāi
साथ तंगी وَٱلضَّرَّآءِ और तकलीफ़ के wal-ḍarāi
और तकलीफ़ के لَعَلَّهُمْ शायद कि वो laʿallahum
शायद कि वो يَتَضَرَّعُونَ वो आजिज़ी करें yataḍarraʿūna
वो आजिज़ी करें ٤٢ (42)
(42)
और निःसंदेह हमने आपसे पहले कई समुदायों की ओर रसूल भेजे, फिर हमने उन्हें दरिद्रता और कष्ट के साथ पकड़ा, ताकि वे गिड़गिड़ाएँ।1
६:४३
فَلَوْلَآ
फिर क्यूँ ना
falawlā
फिर क्यूँ ना إِذْ जब idh
जब جَآءَهُم आया उनके पास jāahum
आया उनके पास بَأْسُنَا अज़ाब हमारा basunā
अज़ाब हमारा تَضَرَّعُوا۟ उन्होंने आजिज़ी की taḍarraʿū
उन्होंने आजिज़ी की وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन قَسَتْ सख़्त हो गए qasat
सख़्त हो गए قُلُوبُهُمْ दिल उनके qulūbuhum
दिल उनके وَزَيَّنَ और मुज़य्यन कर दिया wazayyana
और मुज़य्यन कर दिया لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान ने l-shayṭānu
शैतान ने مَا जो mā
जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते ٤٣ (43)
(43)
फिर क्यूँ ना إِذْ जब idh
जब جَآءَهُم आया उनके पास jāahum
आया उनके पास بَأْسُنَا अज़ाब हमारा basunā
अज़ाब हमारा تَضَرَّعُوا۟ उन्होंने आजिज़ी की taḍarraʿū
उन्होंने आजिज़ी की وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन قَسَتْ सख़्त हो गए qasat
सख़्त हो गए قُلُوبُهُمْ दिल उनके qulūbuhum
दिल उनके وَزَيَّنَ और मुज़य्यन कर दिया wazayyana
और मुज़य्यन कर दिया لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान ने l-shayṭānu
शैतान ने مَا जो mā
जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते ٤٣ (43)
(43)
फिर वे क्यों न गिड़गिड़ाए, जब उनपर हमारी यातना आई? परंतु उनके दिल कठोर हो गए तथा शैतान ने उनके लिए उसे सुंदर बना1 दिया, जो कुछ वे किया करते थे।
६:४४
فَلَمَّا
फिर जब
falammā
फिर जब نَسُوا۟ वो भूल गए nasū
वो भूल गए مَا जो कुछ mā
जो कुछ ذُكِّرُوا۟ वो नसीहत किए गए थे dhukkirū
वो नसीहत किए गए थे بِهِۦ जिसकी bihi
जिसकी فَتَحْنَا खोल दिए हमने fataḥnā
खोल दिए हमने عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर أَبْوَٰبَ दरवाज़े abwāba
दरवाज़े كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍ चीज़ के shayin
चीज़ के حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब فَرِحُوا۟ वो ख़ुश हो गए fariḥū
वो ख़ुश हो गए بِمَآ उस पर जो bimā
उस पर जो أُوتُوٓا۟ वो दिए गए थे ūtū
वो दिए गए थे أَخَذْنَـٰهُم पकड़ लिया हमने उन्हें akhadhnāhum
पकड़ लिया हमने उन्हें بَغْتَةًۭ अचानक baghtatan
अचानक فَإِذَا तो उस वक़्त fa-idhā
तो उस वक़्त هُم वो hum
वो مُّبْلِسُونَ मायूस होने वाले थे mub'lisūna
मायूस होने वाले थे ٤٤ (44)
(44)
फिर जब نَسُوا۟ वो भूल गए nasū
वो भूल गए مَا जो कुछ mā
जो कुछ ذُكِّرُوا۟ वो नसीहत किए गए थे dhukkirū
वो नसीहत किए गए थे بِهِۦ जिसकी bihi
जिसकी فَتَحْنَا खोल दिए हमने fataḥnā
खोल दिए हमने عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर أَبْوَٰبَ दरवाज़े abwāba
दरवाज़े كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍ चीज़ के shayin
चीज़ के حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब فَرِحُوا۟ वो ख़ुश हो गए fariḥū
वो ख़ुश हो गए بِمَآ उस पर जो bimā
उस पर जो أُوتُوٓا۟ वो दिए गए थे ūtū
वो दिए गए थे أَخَذْنَـٰهُم पकड़ लिया हमने उन्हें akhadhnāhum
पकड़ लिया हमने उन्हें بَغْتَةًۭ अचानक baghtatan
अचानक فَإِذَا तो उस वक़्त fa-idhā
तो उस वक़्त هُم वो hum
वो مُّبْلِسُونَ मायूस होने वाले थे mub'lisūna
मायूस होने वाले थे ٤٤ (44)
(44)
फिर जब वे उसको भूल गए, जिसका उन्हें उपदेश दिया गया था, तो हमने उनपर हर चीज़ के द्वार खोल दिए। यहाँ तक कि जब वे उन चीज़ों पर खुश हो गए, जो उन्हें दी गई थीं, हमने उन्हें अचानक पकड़ लिया तो वे निराश होकर रह गए।
६:४५
فَقُطِعَ
पस काट दी गई
faquṭiʿa
पस काट दी गई دَابِرُ जड़ dābiru
जड़ ٱلْقَوْمِ उस क़ौम की l-qawmi
उस क़ौम की ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने ظَلَمُوا۟ ۚ ज़ुल्म किया ẓalamū
ज़ुल्म किया وَٱلْحَمْدُ और सब तारीफ़ wal-ḥamdu
और सब तारीफ़ لِلَّهِ अल्लाह के लिए है lillahi
अल्लाह के लिए है رَبِّ जो रब है rabbi
जो रब है ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों का l-ʿālamīna
तमाम जहानों का ٤٥ (45)
(45)
पस काट दी गई دَابِرُ जड़ dābiru
जड़ ٱلْقَوْمِ उस क़ौम की l-qawmi
उस क़ौम की ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने ظَلَمُوا۟ ۚ ज़ुल्म किया ẓalamū
ज़ुल्म किया وَٱلْحَمْدُ और सब तारीफ़ wal-ḥamdu
और सब तारीफ़ لِلَّهِ अल्लाह के लिए है lillahi
अल्लाह के लिए है رَبِّ जो रब है rabbi
जो रब है ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों का l-ʿālamīna
तमाम जहानों का ٤٥ (45)
(45)
तो उन लोगों की जड़ काट दी गई, जिन्होंने अत्याचार किया। और सब प्रशंसा अल्लाह ही के लिए है, जो सारे संसारों का पालनहार है।
६:४६
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए أَرَءَيْتُمْ क्या ग़ौर किया तुमने ara-aytum
क्या ग़ौर किया तुमने إِنْ अगर in
अगर أَخَذَ ले जाए akhadha
ले जाए ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह سَمْعَكُمْ कान तुम्हारे samʿakum
कान तुम्हारे وَأَبْصَـٰرَكُمْ और आँखें तुम्हारी wa-abṣārakum
और आँखें तुम्हारी وَخَتَمَ और वो मोहर लगा दे wakhatama
और वो मोहर लगा दे عَلَىٰ [on] ʿalā
[on] قُلُوبِكُم तुम्हारे दिलों पर qulūbikum
तुम्हारे दिलों पर مَّنْ कौन है man
कौन है إِلَـٰهٌ इलाह ilāhun
इलाह غَيْرُ सिवाय ghayru
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के يَأْتِيكُم जो लाए तुम्हारे पास yatīkum
जो लाए तुम्हारे पास بِهِ ۗ उसे bihi
उसे ٱنظُرْ देखो unẓur
देखो كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह نُصَرِّفُ हम फेर-फेर कर लाते हैं nuṣarrifu
हम फेर-फेर कर लाते हैं ٱلْـَٔايَـٰتِ आयात को l-āyāti
आयात को ثُمَّ फिर thumma
फिर هُمْ वो hum
वो يَصْدِفُونَ वो ऐराज़ करते हैं yaṣdifūna
वो ऐराज़ करते हैं ٤٦ (46)
(46)
कह दीजिए أَرَءَيْتُمْ क्या ग़ौर किया तुमने ara-aytum
क्या ग़ौर किया तुमने إِنْ अगर in
अगर أَخَذَ ले जाए akhadha
ले जाए ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह سَمْعَكُمْ कान तुम्हारे samʿakum
कान तुम्हारे وَأَبْصَـٰرَكُمْ और आँखें तुम्हारी wa-abṣārakum
और आँखें तुम्हारी وَخَتَمَ और वो मोहर लगा दे wakhatama
और वो मोहर लगा दे عَلَىٰ [on] ʿalā
[on] قُلُوبِكُم तुम्हारे दिलों पर qulūbikum
तुम्हारे दिलों पर مَّنْ कौन है man
कौन है إِلَـٰهٌ इलाह ilāhun
इलाह غَيْرُ सिवाय ghayru
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के يَأْتِيكُم जो लाए तुम्हारे पास yatīkum
जो लाए तुम्हारे पास بِهِ ۗ उसे bihi
उसे ٱنظُرْ देखो unẓur
देखो كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह نُصَرِّفُ हम फेर-फेर कर लाते हैं nuṣarrifu
हम फेर-फेर कर लाते हैं ٱلْـَٔايَـٰتِ आयात को l-āyāti
आयात को ثُمَّ फिर thumma
फिर هُمْ वो hum
वो يَصْدِفُونَ वो ऐराज़ करते हैं yaṣdifūna
वो ऐराज़ करते हैं ٤٦ (46)
(46)
ऐ नबी! आप कह दें कि भला बताओ तो सही कि यदि अल्लाह तुम्हारे सुनने तथा देखने की शक्ति छीन ले और तुम्हारे दिलों पर मुहर लगा दे, तो अल्लाह के सिवा कौन-सा पूज्य है, जो तुम्हें ये चीज़ें लाकर दे? देखो, हम कैसे तरह-तरह से आयतें1 बयान करते हैं, फिर (भी) वे मुँह फेर लेते2 हैं।
६:४७
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए أَرَءَيْتَكُمْ क्या ग़ौर किया तुमने ara-aytakum
क्या ग़ौर किया तुमने إِنْ अगर in
अगर أَتَىٰكُمْ आए तुम्हारे पास atākum
आए तुम्हारे पास عَذَابُ अज़ाब ʿadhābu
अज़ाब ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का بَغْتَةً अचानक baghtatan
अचानक أَوْ या aw
या جَهْرَةً ऐलानिया jahratan
ऐलानिया هَلْ नहीं hal
नहीं يُهْلَكُ हलाक किए जाऐंगे yuh'laku
हलाक किए जाऐंगे إِلَّا मगर illā
मगर ٱلْقَوْمُ लोग l-qawmu
लोग ٱلظَّـٰلِمُونَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimūna
जो ज़ालिम हैं ٤٧ (47)
(47)
कह दीजिए أَرَءَيْتَكُمْ क्या ग़ौर किया तुमने ara-aytakum
क्या ग़ौर किया तुमने إِنْ अगर in
अगर أَتَىٰكُمْ आए तुम्हारे पास atākum
आए तुम्हारे पास عَذَابُ अज़ाब ʿadhābu
अज़ाब ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का بَغْتَةً अचानक baghtatan
अचानक أَوْ या aw
या جَهْرَةً ऐलानिया jahratan
ऐलानिया هَلْ नहीं hal
नहीं يُهْلَكُ हलाक किए जाऐंगे yuh'laku
हलाक किए जाऐंगे إِلَّا मगर illā
मगर ٱلْقَوْمُ लोग l-qawmu
लोग ٱلظَّـٰلِمُونَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimūna
जो ज़ालिम हैं ٤٧ (47)
(47)
आप कह दें, भला बताओ तो सही कि यदि तुमपर अल्लाह की यातना अचानक या खुल्लम-खुल्ला आ जाए, तो क्या अत्याचारी लोगों के सिवा कोई और विनष्ट किया जाएगा?
६:४८
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं نُرْسِلُ हम भेजते nur'silu
हम भेजते ٱلْمُرْسَلِينَ रसूलों को l-mur'salīna
रसूलों को إِلَّا मगर illā
मगर مُبَشِّرِينَ ख़ुशख़बरी देने वाले mubashirīna
ख़ुशख़बरी देने वाले وَمُنذِرِينَ ۖ और डराने वाले (बनाकर) wamundhirīna
और डराने वाले (बनाकर) فَمَنْ पस जो कोई faman
पस जो कोई ءَامَنَ ईमान लाया āmana
ईमान लाया وَأَصْلَحَ और उसने इस्लाह कर ली wa-aṣlaḥa
और उसने इस्लाह कर ली فَلَا तो ना falā
तो ना خَوْفٌ कोई ख़ौफ़ होगा khawfun
कोई ख़ौफ़ होगा عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يَحْزَنُونَ वो ग़मगीन होंगे yaḥzanūna
वो ग़मगीन होंगे ٤٨ (48)
(48)
और नहीं نُرْسِلُ हम भेजते nur'silu
हम भेजते ٱلْمُرْسَلِينَ रसूलों को l-mur'salīna
रसूलों को إِلَّا मगर illā
मगर مُبَشِّرِينَ ख़ुशख़बरी देने वाले mubashirīna
ख़ुशख़बरी देने वाले وَمُنذِرِينَ ۖ और डराने वाले (बनाकर) wamundhirīna
और डराने वाले (बनाकर) فَمَنْ पस जो कोई faman
पस जो कोई ءَامَنَ ईमान लाया āmana
ईमान लाया وَأَصْلَحَ और उसने इस्लाह कर ली wa-aṣlaḥa
और उसने इस्लाह कर ली فَلَا तो ना falā
तो ना خَوْفٌ कोई ख़ौफ़ होगा khawfun
कोई ख़ौफ़ होगा عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يَحْزَنُونَ वो ग़मगीन होंगे yaḥzanūna
वो ग़मगीन होंगे ٤٨ (48)
(48)
और हम रसूलों को केवल इसलिए भेजते हैं कि वे (आज्ञाकारियों को) शुभ सूचना दें तथा (अवज्ञाकारियों को) डराएँ। फिर जो व्यक्ति ईमान ले आए और अपना सुधार कर ले, तो उनपर कोई भय नहीं और न वे शोकाकुल होंगे।
६:४९
وَٱلَّذِينَ
और वो जिन्होंने
wa-alladhīna
और वो जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को يَمَسُّهُمُ छुऐगा उन्हें yamassuhumu
छुऐगा उन्हें ٱلْعَذَابُ अज़ाब l-ʿadhābu
अज़ाब بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَفْسُقُونَ वो नाफ़रमानी करते yafsuqūna
वो नाफ़रमानी करते ٤٩ (49)
(49)
और वो जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को يَمَسُّهُمُ छुऐगा उन्हें yamassuhumu
छुऐगा उन्हें ٱلْعَذَابُ अज़ाब l-ʿadhābu
अज़ाब بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَفْسُقُونَ वो नाफ़रमानी करते yafsuqūna
वो नाफ़रमानी करते ٤٩ (49)
(49)
और जिन लोगों ने हमारी आयतों को झुठलाया, उन्हें यातना पहुँचेगी इस कारणवश कि वे अवज्ञा करते थे।
६:५०
قُل
कह दीजिए
qul
कह दीजिए لَّآ Not lā
Not أَقُولُ नहीं मैं कहता aqūlu
नहीं मैं कहता لَكُمْ तुमसे lakum
तुमसे عِندِى मेरे पास ʿindī
मेरे पास خَزَآئِنُ ख़ज़ाने हैं khazāinu
ख़ज़ाने हैं ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَلَآ और नहीं walā
और नहीं أَعْلَمُ मै जानता aʿlamu
मै जानता ٱلْغَيْبَ ग़ैब को l-ghayba
ग़ैब को وَلَآ और नहीं walā
और नहीं أَقُولُ मैं कहता aqūlu
मैं कहता لَكُمْ तुमसे lakum
तुमसे إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं مَلَكٌ ۖ फ़रिश्ता हूँ malakun
फ़रिश्ता हूँ إِنْ नहीं in
नहीं أَتَّبِعُ मैं पैरवी करता attabiʿu
मैं पैरवी करता إِلَّا मगर illā
मगर مَا उसकी जो mā
उसकी जो يُوحَىٰٓ वही की जाती है yūḥā
वही की जाती है إِلَىَّ ۚ तरफ़ मेरे ilayya
तरफ़ मेरे قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए هَلْ क्या hal
क्या يَسْتَوِى बराबर हो सकता है yastawī
बराबर हो सकता है ٱلْأَعْمَىٰ अँधा l-aʿmā
अँधा وَٱلْبَصِيرُ ۚ और देखने वाला wal-baṣīru
और देखने वाला أَفَلَا क्या फिर नहीं afalā
क्या फिर नहीं تَتَفَكَّرُونَ तुम ग़ौरो फ़िक्र करते tatafakkarūna
तुम ग़ौरो फ़िक्र करते ٥٠ (50)
(50)
कह दीजिए لَّآ Not lā
Not أَقُولُ नहीं मैं कहता aqūlu
नहीं मैं कहता لَكُمْ तुमसे lakum
तुमसे عِندِى मेरे पास ʿindī
मेरे पास خَزَآئِنُ ख़ज़ाने हैं khazāinu
ख़ज़ाने हैं ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَلَآ और नहीं walā
और नहीं أَعْلَمُ मै जानता aʿlamu
मै जानता ٱلْغَيْبَ ग़ैब को l-ghayba
ग़ैब को وَلَآ और नहीं walā
और नहीं أَقُولُ मैं कहता aqūlu
मैं कहता لَكُمْ तुमसे lakum
तुमसे إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं مَلَكٌ ۖ फ़रिश्ता हूँ malakun
फ़रिश्ता हूँ إِنْ नहीं in
नहीं أَتَّبِعُ मैं पैरवी करता attabiʿu
मैं पैरवी करता إِلَّا मगर illā
मगर مَا उसकी जो mā
उसकी जो يُوحَىٰٓ वही की जाती है yūḥā
वही की जाती है إِلَىَّ ۚ तरफ़ मेरे ilayya
तरफ़ मेरे قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए هَلْ क्या hal
क्या يَسْتَوِى बराबर हो सकता है yastawī
बराबर हो सकता है ٱلْأَعْمَىٰ अँधा l-aʿmā
अँधा وَٱلْبَصِيرُ ۚ और देखने वाला wal-baṣīru
और देखने वाला أَفَلَا क्या फिर नहीं afalā
क्या फिर नहीं تَتَفَكَّرُونَ तुम ग़ौरो फ़िक्र करते tatafakkarūna
तुम ग़ौरो फ़िक्र करते ٥٠ (50)
(50)
(ऐ नबी!) आप कह दें : मैं तुमसे यह नहीं कहता कि मेरे पास अल्लाह के ख़ज़ाने हैं, और न मैं परोक्ष (ग़ैब) का ज्ञान रखता हूँ, और न मैं तुमसे यह कहता हूँ कि मैं कोई फ़रिश्ता हूँ। मैं तो केवल उसी का अनुसरण करता हूँ, जो मेरी ओर वह़्य (प्रकाशना) की जाती है। आप कह दें : क्या अंधा1 और देखने वाला बराबर होते हैं? तो क्या तुम सोच-विचार नहीं करते?
६:५१
وَأَنذِرْ
और डराइए
wa-andhir
और डराइए بِهِ साथ उसके bihi
साथ उसके ٱلَّذِينَ उनको जो alladhīna
उनको जो يَخَافُونَ ख़ौफ़ खाते हैं yakhāfūna
ख़ौफ़ खाते हैं أَن कि an
कि يُحْشَرُوٓا۟ वो इकट्ठे किए जाऐंगे yuḥ'sharū
वो इकट्ठे किए जाऐंगे إِلَىٰ to ilā
to رَبِّهِمْ ۙ तरफ़ अपने रब के rabbihim
तरफ़ अपने रब के لَيْسَ नहीं (होगा) laysa
नहीं (होगा) لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مِّن of min
of دُونِهِۦ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा وَلِىٌّۭ कोई दोस्त waliyyun
कोई दोस्त وَلَا और ना walā
और ना شَفِيعٌۭ कोई सिफ़ारिशी shafīʿun
कोई सिफ़ारिशी لَّعَلَّهُمْ ताकि वो laʿallahum
ताकि वो يَتَّقُونَ वो बच जाऐं yattaqūna
वो बच जाऐं ٥١ (51)
(51)
और डराइए بِهِ साथ उसके bihi
साथ उसके ٱلَّذِينَ उनको जो alladhīna
उनको जो يَخَافُونَ ख़ौफ़ खाते हैं yakhāfūna
ख़ौफ़ खाते हैं أَن कि an
कि يُحْشَرُوٓا۟ वो इकट्ठे किए जाऐंगे yuḥ'sharū
वो इकट्ठे किए जाऐंगे إِلَىٰ to ilā
to رَبِّهِمْ ۙ तरफ़ अपने रब के rabbihim
तरफ़ अपने रब के لَيْسَ नहीं (होगा) laysa
नहीं (होगा) لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مِّن of min
of دُونِهِۦ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा وَلِىٌّۭ कोई दोस्त waliyyun
कोई दोस्त وَلَا और ना walā
और ना شَفِيعٌۭ कोई सिफ़ारिशी shafīʿun
कोई सिफ़ारिशी لَّعَلَّهُمْ ताकि वो laʿallahum
ताकि वो يَتَّقُونَ वो बच जाऐं yattaqūna
वो बच जाऐं ٥١ (51)
(51)
और इस (क़ुरआन) के द्वारा उन लोगों को डराएँ, जो इस बात का भय रखते हैं कि वे अपने पालनहार के पास (क़ियामत के दिन) एकत्र किए जाएँगे, उनके लिए उस (अल्लाह) के सिवा न कोई सहायक होगा और न कोई सिफ़ारिशी, ताकि वे (अल्लाह से) डरें।
६:५२
وَلَا
और ना
walā
और ना تَطْرُدِ आप दूर कीजिए taṭrudi
आप दूर कीजिए ٱلَّذِينَ उनको जो alladhīna
उनको जो يَدْعُونَ पुकारते हैं yadʿūna
पुकारते हैं رَبَّهُم अपने रब को rabbahum
अपने रब को بِٱلْغَدَوٰةِ सुबह bil-ghadati
सुबह وَٱلْعَشِىِّ और शाम wal-ʿashiyi
और शाम يُرِيدُونَ वो चाहते हैं yurīdūna
वो चाहते हैं وَجْهَهُۥ ۖ चेहरा उसका wajhahu
चेहरा उसका مَا नहीं mā
नहीं عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर مِنْ of min
of حِسَابِهِم उनके हिसाब में से ḥisābihim
उनके हिसाब में से مِّن [of] min
[of] شَىْءٍۢ कोई चीज़ shayin
कोई चीज़ وَمَا और नहीं wamā
और नहीं مِنْ from min
from حِسَابِكَ आपके हिसाब में से ḥisābika
आपके हिसाब में से عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर مِّن [of] min
[of] شَىْءٍۢ कोई चीज़ shayin
कोई चीज़ فَتَطْرُدَهُمْ फिर (अगर) आप दूर करेंगे उन्हें fataṭrudahum
फिर (अगर) आप दूर करेंगे उन्हें فَتَكُونَ तो आप हो जाऐंगे fatakūna
तो आप हो जाऐंगे مِنَ of mina
of ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों में से l-ẓālimīna
ज़ालिमों में से ٥٢ (52)
(52)
और ना تَطْرُدِ आप दूर कीजिए taṭrudi
आप दूर कीजिए ٱلَّذِينَ उनको जो alladhīna
उनको जो يَدْعُونَ पुकारते हैं yadʿūna
पुकारते हैं رَبَّهُم अपने रब को rabbahum
अपने रब को بِٱلْغَدَوٰةِ सुबह bil-ghadati
सुबह وَٱلْعَشِىِّ और शाम wal-ʿashiyi
और शाम يُرِيدُونَ वो चाहते हैं yurīdūna
वो चाहते हैं وَجْهَهُۥ ۖ चेहरा उसका wajhahu
चेहरा उसका مَا नहीं mā
नहीं عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर مِنْ of min
of حِسَابِهِم उनके हिसाब में से ḥisābihim
उनके हिसाब में से مِّن [of] min
[of] شَىْءٍۢ कोई चीज़ shayin
कोई चीज़ وَمَا और नहीं wamā
और नहीं مِنْ from min
from حِسَابِكَ आपके हिसाब में से ḥisābika
आपके हिसाब में से عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर مِّن [of] min
[of] شَىْءٍۢ कोई चीज़ shayin
कोई चीज़ فَتَطْرُدَهُمْ फिर (अगर) आप दूर करेंगे उन्हें fataṭrudahum
फिर (अगर) आप दूर करेंगे उन्हें فَتَكُونَ तो आप हो जाऐंगे fatakūna
तो आप हो जाऐंगे مِنَ of mina
of ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों में से l-ẓālimīna
ज़ालिमों में से ٥٢ (52)
(52)
तथा (ऐ नबी!) आप उन लोगों को (अपने से) दूर न करें, जो सुबह और शाम अपने पालनहार को पुकारते हैं, वे उसका चेहरा चाहते हैं। आपपर उनके हिसाब में से कुछ नहीं और न आपके हिसाब में से उनपर1 कुछ है कि आप उन्हें दूर हटा दें, फिर आप अत्याचारियों में से हो जाएँ।
६:५३
وَكَذَٰلِكَ
और इसी तरह
wakadhālika
और इसी तरह فَتَنَّا आज़माया हमने fatannā
आज़माया हमने بَعْضَهُم उनके बाज़ को baʿḍahum
उनके बाज़ को بِبَعْضٍۢ साथ बाज़ के bibaʿḍin
साथ बाज़ के لِّيَقُولُوٓا۟ ताकि वो कहें liyaqūlū
ताकि वो कहें أَهَـٰٓؤُلَآءِ क्या ये हैं वो लोग ahāulāi
क्या ये हैं वो लोग مَنَّ एहसान किया manna
एहसान किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَلَيْهِم जिन पर ʿalayhim
जिन पर مِّنۢ from min
from بَيْنِنَآ ۗ हमारे दर्मियान में से bayninā
हमारे दर्मियान में से أَلَيْسَ क्या नहीं है alaysa
क्या नहीं है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِأَعْلَمَ ख़ूब जानने वाला bi-aʿlama
ख़ूब जानने वाला بِٱلشَّـٰكِرِينَ शुक्र करने वालों को bil-shākirīna
शुक्र करने वालों को ٥٣ (53)
(53)
और इसी तरह فَتَنَّا आज़माया हमने fatannā
आज़माया हमने بَعْضَهُم उनके बाज़ को baʿḍahum
उनके बाज़ को بِبَعْضٍۢ साथ बाज़ के bibaʿḍin
साथ बाज़ के لِّيَقُولُوٓا۟ ताकि वो कहें liyaqūlū
ताकि वो कहें أَهَـٰٓؤُلَآءِ क्या ये हैं वो लोग ahāulāi
क्या ये हैं वो लोग مَنَّ एहसान किया manna
एहसान किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَلَيْهِم जिन पर ʿalayhim
जिन पर مِّنۢ from min
from بَيْنِنَآ ۗ हमारे दर्मियान में से bayninā
हमारे दर्मियान में से أَلَيْسَ क्या नहीं है alaysa
क्या नहीं है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِأَعْلَمَ ख़ूब जानने वाला bi-aʿlama
ख़ूब जानने वाला بِٱلشَّـٰكِرِينَ शुक्र करने वालों को bil-shākirīna
शुक्र करने वालों को ٥٣ (53)
(53)
और इसी प्रकार1 हमने उनमें से कुछ को कुछ के द्वारा परीक्षा में डाला, ताकि वे कहें : क्या यही लोग हैं, जिनपर अल्लाह ने हमारे बीच में से उपकार किया2 है? क्या अल्लाह शुक्र करने वालों को अधिक जानने वाला नहीं?
६:५४
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब جَآءَكَ आऐं आपके पास jāaka
आऐं आपके पास ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो يُؤْمِنُونَ ईमान लाते हैं yu'minūna
ईमान लाते हैं بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात पर biāyātinā
हमारी आयात पर فَقُلْ पस कह दीजिए faqul
पस कह दीजिए سَلَـٰمٌ सलाम हो salāmun
सलाम हो عَلَيْكُمْ ۖ तुम पर ʿalaykum
तुम पर كَتَبَ लिख दी kataba
लिख दी رَبُّكُمْ तुम्हारे रब ने rabbukum
तुम्हारे रब ने عَلَىٰ upon ʿalā
upon نَفْسِهِ अपने नफ़्स पर nafsihi
अपने नफ़्स पर ٱلرَّحْمَةَ ۖ रहमत l-raḥmata
रहमत أَنَّهُۥ कि बेशक वो annahu
कि बेशक वो مَنْ जो man
जो عَمِلَ अमल करे ʿamila
अमल करे مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से سُوٓءًۢا बुरे sūan
बुरे بِجَهَـٰلَةٍۢ बवजह जहालत के bijahālatin
बवजह जहालत के ثُمَّ फिर thumma
फिर تَابَ वो तौबा कर ले tāba
वो तौबा कर ले مِنۢ from min
from بَعْدِهِۦ बाद उसके baʿdihi
बाद उसके وَأَصْلَحَ और वो इस्लाह कर ले wa-aṣlaḥa
और वो इस्लाह कर ले فَأَنَّهُۥ तो बेशक वो fa-annahu
तो बेशक वो غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ٥٤ (54)
(54)
और जब جَآءَكَ आऐं आपके पास jāaka
आऐं आपके पास ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो يُؤْمِنُونَ ईमान लाते हैं yu'minūna
ईमान लाते हैं بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात पर biāyātinā
हमारी आयात पर فَقُلْ पस कह दीजिए faqul
पस कह दीजिए سَلَـٰمٌ सलाम हो salāmun
सलाम हो عَلَيْكُمْ ۖ तुम पर ʿalaykum
तुम पर كَتَبَ लिख दी kataba
लिख दी رَبُّكُمْ तुम्हारे रब ने rabbukum
तुम्हारे रब ने عَلَىٰ upon ʿalā
upon نَفْسِهِ अपने नफ़्स पर nafsihi
अपने नफ़्स पर ٱلرَّحْمَةَ ۖ रहमत l-raḥmata
रहमत أَنَّهُۥ कि बेशक वो annahu
कि बेशक वो مَنْ जो man
जो عَمِلَ अमल करे ʿamila
अमल करे مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से سُوٓءًۢا बुरे sūan
बुरे بِجَهَـٰلَةٍۢ बवजह जहालत के bijahālatin
बवजह जहालत के ثُمَّ फिर thumma
फिर تَابَ वो तौबा कर ले tāba
वो तौबा कर ले مِنۢ from min
from بَعْدِهِۦ बाद उसके baʿdihi
बाद उसके وَأَصْلَحَ और वो इस्लाह कर ले wa-aṣlaḥa
और वो इस्लाह कर ले فَأَنَّهُۥ तो बेशक वो fa-annahu
तो बेशक वो غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ٥٤ (54)
(54)
तथा (ऐ नबी!) जब आपके पास वे लोग आएँ, जो हमारी आयतों (क़ुरआन) पर ईमान रखते हैं, तो आप कह दें कि तुमपर1 सलाम (शांति) है। तुम्हारे रब ने दया करना अपने ऊपर अनिवार्य कर लिया है कि निःसंदेह तुममें से जो व्यक्ति अज्ञानतावश कोई बुराई करे, फिर उसके पश्चात् तौबा (क्षमा याचना) करे और अपना सुधार कर ले, तो निश्चय वह (अल्लाह) अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।
६:५५
وَكَذَٰلِكَ
और इसी तरह
wakadhālika
और इसी तरह نُفَصِّلُ हम खोल-खोल कर बयान करते हैं nufaṣṣilu
हम खोल-खोल कर बयान करते हैं ٱلْـَٔايَـٰتِ आयात को l-āyāti
आयात को وَلِتَسْتَبِينَ और ताकि वाज़ेह हो जाए walitastabīna
और ताकि वाज़ेह हो जाए سَبِيلُ रास्ता sabīlu
रास्ता ٱلْمُجْرِمِينَ मुजरिमों का l-muj'rimīna
मुजरिमों का ٥٥ (55)
(55)
और इसी तरह نُفَصِّلُ हम खोल-खोल कर बयान करते हैं nufaṣṣilu
हम खोल-खोल कर बयान करते हैं ٱلْـَٔايَـٰتِ आयात को l-āyāti
आयात को وَلِتَسْتَبِينَ और ताकि वाज़ेह हो जाए walitastabīna
और ताकि वाज़ेह हो जाए سَبِيلُ रास्ता sabīlu
रास्ता ٱلْمُجْرِمِينَ मुजरिमों का l-muj'rimīna
मुजरिमों का ٥٥ (55)
(55)
और इसी प्रकार हम आयतों को खोलकर बयान करते हैं और ताकि अपराधियों का मार्ग स्पष्ट हो जाए।
६:५६
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं نُهِيتُ रोका गया हूँ मैं nuhītu
रोका गया हूँ मैं أَنْ कि an
कि أَعْبُدَ मैं इबादत करूँ aʿbuda
मैं इबादत करूँ ٱلَّذِينَ उनकी जिन्हें alladhīna
उनकी जिन्हें تَدْعُونَ तुम पुकारते हो tadʿūna
तुम पुकारते हो مِن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के قُل कह दीजिए qul
कह दीजिए لَّآ Not lā
Not أَتَّبِعُ नहीं मैं पैरवी करूँगा attabiʿu
नहीं मैं पैरवी करूँगा أَهْوَآءَكُمْ ۙ तुम्हारी ख़्वाहिशात की ahwāakum
तुम्हारी ख़्वाहिशात की قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ ضَلَلْتُ मैं भटक गया ḍalaltu
मैं भटक गया إِذًۭا तब idhan
तब وَمَآ और नहीं (हूँगा) wamā
और नहीं (हूँगा) أَنَا۠ मैं anā
मैं مِنَ from mina
from ٱلْمُهْتَدِينَ हिदायत पाने वालों में से l-muh'tadīna
हिदायत पाने वालों में से ٥٦ (56)
(56)
कह दीजिए إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं نُهِيتُ रोका गया हूँ मैं nuhītu
रोका गया हूँ मैं أَنْ कि an
कि أَعْبُدَ मैं इबादत करूँ aʿbuda
मैं इबादत करूँ ٱلَّذِينَ उनकी जिन्हें alladhīna
उनकी जिन्हें تَدْعُونَ तुम पुकारते हो tadʿūna
तुम पुकारते हो مِن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के قُل कह दीजिए qul
कह दीजिए لَّآ Not lā
Not أَتَّبِعُ नहीं मैं पैरवी करूँगा attabiʿu
नहीं मैं पैरवी करूँगा أَهْوَآءَكُمْ ۙ तुम्हारी ख़्वाहिशात की ahwāakum
तुम्हारी ख़्वाहिशात की قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ ضَلَلْتُ मैं भटक गया ḍalaltu
मैं भटक गया إِذًۭا तब idhan
तब وَمَآ और नहीं (हूँगा) wamā
और नहीं (हूँगा) أَنَا۠ मैं anā
मैं مِنَ from mina
from ٱلْمُهْتَدِينَ हिदायत पाने वालों में से l-muh'tadīna
हिदायत पाने वालों में से ٥٦ (56)
(56)
(ऐ नबी!) आप (मुश्रिकों से) कह दें : निःसंदेह मुझे मना किया गया है कि मैं उनकी इबादत करूँ, जिन्हें तुम अल्लाह के सिवा पुकारते हो। आप कह दें : मैं तुम्हारी इच्छाओं के पीछे नहीं चलता। निश्चय मैं उस समय पथभ्रष्ट हो गया और मैं मार्गदर्शन पाने वालो में से न रहा।
६:५७
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं عَلَىٰ on ʿalā
on بَيِّنَةٍۢ एक वाज़ेह दलील पर हूँ bayyinatin
एक वाज़ेह दलील पर हूँ مِّن from min
from رَّبِّى अपने रब की तरफ़ से rabbī
अपने रब की तरफ़ से وَكَذَّبْتُم और झुठलाया तुमने wakadhabtum
और झुठलाया तुमने بِهِۦ ۚ उसे bihi
उसे مَا नहीं mā
नहीं عِندِى मेरे पास ʿindī
मेरे पास مَا वो जो mā
वो जो تَسْتَعْجِلُونَ तुम जल्द तलब कर रहे हो tastaʿjilūna
तुम जल्द तलब कर रहे हो بِهِۦٓ ۚ उसको bihi
उसको إِنِ नहीं ini
नहीं ٱلْحُكْمُ हुक्म l-ḥuk'mu
हुक्म إِلَّا मगर illā
मगर لِلَّهِ ۖ अल्लाह ही का lillahi
अल्लाह ही का يَقُصُّ वो बयान करता है yaquṣṣu
वो बयान करता है ٱلْحَقَّ ۖ हक़ को l-ḥaqa
हक़ को وَهُوَ और वो wahuwa
और वो خَيْرُ बेहतर है khayru
बेहतर है ٱلْفَـٰصِلِينَ सब फ़ैसला करने वालों से l-fāṣilīna
सब फ़ैसला करने वालों से ٥٧ (57)
(57)
कह दीजिए إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं عَلَىٰ on ʿalā
on بَيِّنَةٍۢ एक वाज़ेह दलील पर हूँ bayyinatin
एक वाज़ेह दलील पर हूँ مِّن from min
from رَّبِّى अपने रब की तरफ़ से rabbī
अपने रब की तरफ़ से وَكَذَّبْتُم और झुठलाया तुमने wakadhabtum
और झुठलाया तुमने بِهِۦ ۚ उसे bihi
उसे مَا नहीं mā
नहीं عِندِى मेरे पास ʿindī
मेरे पास مَا वो जो mā
वो जो تَسْتَعْجِلُونَ तुम जल्द तलब कर रहे हो tastaʿjilūna
तुम जल्द तलब कर रहे हो بِهِۦٓ ۚ उसको bihi
उसको إِنِ नहीं ini
नहीं ٱلْحُكْمُ हुक्म l-ḥuk'mu
हुक्म إِلَّا मगर illā
मगर لِلَّهِ ۖ अल्लाह ही का lillahi
अल्लाह ही का يَقُصُّ वो बयान करता है yaquṣṣu
वो बयान करता है ٱلْحَقَّ ۖ हक़ को l-ḥaqa
हक़ को وَهُوَ और वो wahuwa
और वो خَيْرُ बेहतर है khayru
बेहतर है ٱلْفَـٰصِلِينَ सब फ़ैसला करने वालों से l-fāṣilīna
सब फ़ैसला करने वालों से ٥٧ (57)
(57)
आप कह दें कि मैं अपने पालनहार की ओर से एक स्पष्ट प्रमाण पर क़ायम1 हूँ और तुमने उसे झुठला दिया है। मेरे पास वह चीज़ नहीं है जिसके लिए तुम जल्दी मचा रहे हो। निर्णय अल्लाह के सिवा किसी के अधिकार में नहीं। वह सत्य का वर्णन करता है और वही निर्णय करने वालों में सबसे बेहतर है।
६:५८
قُل
कह दीजिए
qul
कह दीजिए لَّوْ अगर law
अगर أَنَّ बेशक anna
बेशक عِندِى मेरे पास (होता) ʿindī
मेरे पास (होता) مَا वो जो mā
वो जो تَسْتَعْجِلُونَ तुम जल्द तलब कर रहे हो tastaʿjilūna
तुम जल्द तलब कर रहे हो بِهِۦ उसे bihi
उसे لَقُضِىَ अलबत्ता फ़ैसला कर दिया जाता laquḍiya
अलबत्ता फ़ैसला कर दिया जाता ٱلْأَمْرُ मामले का l-amru
मामले का بَيْنِى दर्मियान मेरे baynī
दर्मियान मेरे وَبَيْنَكُمْ ۗ और दर्मियान तुम्हारे wabaynakum
और दर्मियान तुम्हारे وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह أَعْلَمُ ख़ूब जानता है aʿlamu
ख़ूब जानता है بِٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों को bil-ẓālimīna
ज़ालिमों को ٥٨ (58)
(58)
कह दीजिए لَّوْ अगर law
अगर أَنَّ बेशक anna
बेशक عِندِى मेरे पास (होता) ʿindī
मेरे पास (होता) مَا वो जो mā
वो जो تَسْتَعْجِلُونَ तुम जल्द तलब कर रहे हो tastaʿjilūna
तुम जल्द तलब कर रहे हो بِهِۦ उसे bihi
उसे لَقُضِىَ अलबत्ता फ़ैसला कर दिया जाता laquḍiya
अलबत्ता फ़ैसला कर दिया जाता ٱلْأَمْرُ मामले का l-amru
मामले का بَيْنِى दर्मियान मेरे baynī
दर्मियान मेरे وَبَيْنَكُمْ ۗ और दर्मियान तुम्हारे wabaynakum
और दर्मियान तुम्हारे وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह أَعْلَمُ ख़ूब जानता है aʿlamu
ख़ूब जानता है بِٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों को bil-ẓālimīna
ज़ालिमों को ٥٨ (58)
(58)
आप कह दें : यदि वाक़ई मेरे पास वह चीज़ होती जो तुम जल्दी माँग रहे हो, तो हमारे और तुम्हारे बीच मामले का निर्णय अवश्य कर दिया जाता1 तथा अल्लाह अत्याचारियों को अधिक जानने वाला है।
६:५९
۞ وَعِندَهُۥ
और उसी के पास हैं
waʿindahu
और उसी के पास हैं مَفَاتِحُ चाबियाँ mafātiḥu
चाबियाँ ٱلْغَيْبِ ग़ैब की l-ghaybi
ग़ैब की لَا no (one) lā
no (one) يَعْلَمُهَآ नहीं जानता उन्हें yaʿlamuhā
नहीं जानता उन्हें إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ ۚ वो ही huwa
वो ही وَيَعْلَمُ और वो जानता है wayaʿlamu
और वो जानता है مَا जो mā
जो فِى (is) in fī
(is) in ٱلْبَرِّ ख़ुश्की में है l-bari
ख़ुश्की में है وَٱلْبَحْرِ ۚ और समुन्दर में wal-baḥri
और समुन्दर में وَمَا और नहीं wamā
और नहीं تَسْقُطُ गिरता tasquṭu
गिरता مِن of min
of وَرَقَةٍ कोई पत्ता waraqatin
कोई पत्ता إِلَّا मगर illā
मगर يَعْلَمُهَا वो जानता है उसे yaʿlamuhā
वो जानता है उसे وَلَا और ना walā
और ना حَبَّةٍۢ कोई दाना ḥabbatin
कोई दाना فِى in fī
in ظُلُمَـٰتِ अँधेरों में ẓulumāti
अँधेरों में ٱلْأَرْضِ ज़मीन के l-arḍi
ज़मीन के وَلَا और ना walā
और ना رَطْبٍۢ कोई तर raṭbin
कोई तर وَلَا और ना walā
और ना يَابِسٍ कोई ख़ुश्क yābisin
कोई ख़ुश्क إِلَّا मगर illā
मगर فِى (is) in fī
(is) in كِتَـٰبٍۢ एक किताब में है kitābin
एक किताब में है مُّبِينٍۢ वाज़ेह mubīnin
वाज़ेह ٥٩ (59)
(59)
और उसी के पास हैं مَفَاتِحُ चाबियाँ mafātiḥu
चाबियाँ ٱلْغَيْبِ ग़ैब की l-ghaybi
ग़ैब की لَا no (one) lā
no (one) يَعْلَمُهَآ नहीं जानता उन्हें yaʿlamuhā
नहीं जानता उन्हें إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ ۚ वो ही huwa
वो ही وَيَعْلَمُ और वो जानता है wayaʿlamu
और वो जानता है مَا जो mā
जो فِى (is) in fī
(is) in ٱلْبَرِّ ख़ुश्की में है l-bari
ख़ुश्की में है وَٱلْبَحْرِ ۚ और समुन्दर में wal-baḥri
और समुन्दर में وَمَا और नहीं wamā
और नहीं تَسْقُطُ गिरता tasquṭu
गिरता مِن of min
of وَرَقَةٍ कोई पत्ता waraqatin
कोई पत्ता إِلَّا मगर illā
मगर يَعْلَمُهَا वो जानता है उसे yaʿlamuhā
वो जानता है उसे وَلَا और ना walā
और ना حَبَّةٍۢ कोई दाना ḥabbatin
कोई दाना فِى in fī
in ظُلُمَـٰتِ अँधेरों में ẓulumāti
अँधेरों में ٱلْأَرْضِ ज़मीन के l-arḍi
ज़मीन के وَلَا और ना walā
और ना رَطْبٍۢ कोई तर raṭbin
कोई तर وَلَا और ना walā
और ना يَابِسٍ कोई ख़ुश्क yābisin
कोई ख़ुश्क إِلَّا मगर illā
मगर فِى (is) in fī
(is) in كِتَـٰبٍۢ एक किताब में है kitābin
एक किताब में है مُّبِينٍۢ वाज़ेह mubīnin
वाज़ेह ٥٩ (59)
(59)
और उसी (अल्लाह) के पास ग़ैब (परोक्ष) की कुंजियाँ1 हैं, उन्हें उसके सिवा कोई नहीं जानता। तथा वह जानता है जो कुछ थल और जल में है और कोई पत्ता नहीं गिरता, परंतु वह उसे जानता है। और धरती के अँधेरों में कोई दाना नहीं और न कोई गीली चीज़ है और न कोई सूखी चीज़, परंतु वह एक स्पष्ट पुस्तक में (अंकित) है।
६:६०
وَهُوَ
और वो ही है
wahuwa
और वो ही है ٱلَّذِى जो alladhī
जो يَتَوَفَّىٰكُم फ़ौत करता है तुम्हें yatawaffākum
फ़ौत करता है तुम्हें بِٱلَّيْلِ रात को bi-al-layli
रात को وَيَعْلَمُ और वो जानता है wayaʿlamu
और वो जानता है مَا जो mā
जो جَرَحْتُم कमाई करते हो तुम jaraḥtum
कमाई करते हो तुम بِٱلنَّهَارِ दिन को bil-nahāri
दिन को ثُمَّ फिर thumma
फिर يَبْعَثُكُمْ वो उठाता है तुम्हें yabʿathukum
वो उठाता है तुम्हें فِيهِ उसमें fīhi
उसमें لِيُقْضَىٰٓ ताकि पूरा किया जाए liyuq'ḍā
ताकि पूरा किया जाए أَجَلٌۭ वक़्त ajalun
वक़्त مُّسَمًّۭى ۖ मुक़र्रर musamman
मुक़र्रर ثُمَّ फिर thumma
फिर إِلَيْهِ उसी की तरफ़ ilayhi
उसी की तरफ़ مَرْجِعُكُمْ लौटना है तुम्हारा marjiʿukum
लौटना है तुम्हारा ثُمَّ फिर thumma
फिर يُنَبِّئُكُم वो बताएगा तुम्हें yunabbi-ukum
वो बताएगा तुम्हें بِمَا जो bimā
जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَعْمَلُونَ तुम अमल करते taʿmalūna
तुम अमल करते ٦٠ (60)
(60)
और वो ही है ٱلَّذِى जो alladhī
जो يَتَوَفَّىٰكُم फ़ौत करता है तुम्हें yatawaffākum
फ़ौत करता है तुम्हें بِٱلَّيْلِ रात को bi-al-layli
रात को وَيَعْلَمُ और वो जानता है wayaʿlamu
और वो जानता है مَا जो mā
जो جَرَحْتُم कमाई करते हो तुम jaraḥtum
कमाई करते हो तुम بِٱلنَّهَارِ दिन को bil-nahāri
दिन को ثُمَّ फिर thumma
फिर يَبْعَثُكُمْ वो उठाता है तुम्हें yabʿathukum
वो उठाता है तुम्हें فِيهِ उसमें fīhi
उसमें لِيُقْضَىٰٓ ताकि पूरा किया जाए liyuq'ḍā
ताकि पूरा किया जाए أَجَلٌۭ वक़्त ajalun
वक़्त مُّسَمًّۭى ۖ मुक़र्रर musamman
मुक़र्रर ثُمَّ फिर thumma
फिर إِلَيْهِ उसी की तरफ़ ilayhi
उसी की तरफ़ مَرْجِعُكُمْ लौटना है तुम्हारा marjiʿukum
लौटना है तुम्हारा ثُمَّ फिर thumma
फिर يُنَبِّئُكُم वो बताएगा तुम्हें yunabbi-ukum
वो बताएगा तुम्हें بِمَا जो bimā
जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَعْمَلُونَ तुम अमल करते taʿmalūna
तुम अमल करते ٦٠ (60)
(60)
और वही है, जो रात को तुम्हारी रूह़ क़ब्ज़ कर लेता है तथा जानता है जो कुछ तुमने दिन में कमाया। फिर वह तुम्हें उस (दिन) में उठा देता है, ताकि निर्धारित अवधि1 पूरी की जाए। फिर उसी की ओर तुम्हारा लौटना है, फिर वह तुम्हें बताएगा जो कुछ तुम किया करते थे।
६:६१
وَهُوَ
और वो
wahuwa
और वो ٱلْقَاهِرُ ग़ालिब है l-qāhiru
ग़ालिब है فَوْقَ ऊपर fawqa
ऊपर عِبَادِهِۦ ۖ अपने बन्दों के ʿibādihi
अपने बन्दों के وَيُرْسِلُ और वो भेजता है wayur'silu
और वो भेजता है عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर حَفَظَةً निगेहबान ḥafaẓatan
निगेहबान حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब جَآءَ आती है jāa
आती है أَحَدَكُمُ तुम में से किसी एक को aḥadakumu
तुम में से किसी एक को ٱلْمَوْتُ मौत l-mawtu
मौत تَوَفَّتْهُ फ़ौत करते हैं उसे tawaffathu
फ़ौत करते हैं उसे رُسُلُنَا हमारे भेजे हुए rusulunā
हमारे भेजे हुए وَهُمْ और वो wahum
और वो لَا (do) not lā
(do) not يُفَرِّطُونَ नहीं वो कमी-कोताही करते yufarriṭūna
नहीं वो कमी-कोताही करते ٦١ (61)
(61)
और वो ٱلْقَاهِرُ ग़ालिब है l-qāhiru
ग़ालिब है فَوْقَ ऊपर fawqa
ऊपर عِبَادِهِۦ ۖ अपने बन्दों के ʿibādihi
अपने बन्दों के وَيُرْسِلُ और वो भेजता है wayur'silu
और वो भेजता है عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर حَفَظَةً निगेहबान ḥafaẓatan
निगेहबान حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब جَآءَ आती है jāa
आती है أَحَدَكُمُ तुम में से किसी एक को aḥadakumu
तुम में से किसी एक को ٱلْمَوْتُ मौत l-mawtu
मौत تَوَفَّتْهُ फ़ौत करते हैं उसे tawaffathu
फ़ौत करते हैं उसे رُسُلُنَا हमारे भेजे हुए rusulunā
हमारे भेजे हुए وَهُمْ और वो wahum
और वो لَا (do) not lā
(do) not يُفَرِّطُونَ नहीं वो कमी-कोताही करते yufarriṭūna
नहीं वो कमी-कोताही करते ٦١ (61)
(61)
तथा वही अपने बंदों पर ग़ालिब (हावी) है और वह तुमपर रक्षकों1 को भेजता है। यहाँ तक कि जब तुममें से किसी को मौत आती है, तो हमारे फ़रिश्ते उसका प्राण निकाल लेते हैं और वे कोताही नहीं करते।
६:६२
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर رُدُّوٓا۟ वो लौटाए जाते हैं ruddū
वो लौटाए जाते हैं إِلَى to ilā
to ٱللَّهِ तरफ़ अल्लाह के l-lahi
तरफ़ अल्लाह के مَوْلَىٰهُمُ जो मौला है उनका mawlāhumu
जो मौला है उनका ٱلْحَقِّ ۚ हक़ीक़ी l-ḥaqi
हक़ीक़ी أَلَا ख़बरदार alā
ख़बरदार لَهُ उसी के लिए है lahu
उसी के लिए है ٱلْحُكْمُ फ़ैसला l-ḥuk'mu
फ़ैसला وَهُوَ और वो wahuwa
और वो أَسْرَعُ ज़्यादा जल्द है (हिसाब में) asraʿu
ज़्यादा जल्द है (हिसाब में) ٱلْحَـٰسِبِينَ सब हिसाब लेने वालों में l-ḥāsibīna
सब हिसाब लेने वालों में ٦٢ (62)
(62)
फिर رُدُّوٓا۟ वो लौटाए जाते हैं ruddū
वो लौटाए जाते हैं إِلَى to ilā
to ٱللَّهِ तरफ़ अल्लाह के l-lahi
तरफ़ अल्लाह के مَوْلَىٰهُمُ जो मौला है उनका mawlāhumu
जो मौला है उनका ٱلْحَقِّ ۚ हक़ीक़ी l-ḥaqi
हक़ीक़ी أَلَا ख़बरदार alā
ख़बरदार لَهُ उसी के लिए है lahu
उसी के लिए है ٱلْحُكْمُ फ़ैसला l-ḥuk'mu
फ़ैसला وَهُوَ और वो wahuwa
और वो أَسْرَعُ ज़्यादा जल्द है (हिसाब में) asraʿu
ज़्यादा जल्द है (हिसाब में) ٱلْحَـٰسِبِينَ सब हिसाब लेने वालों में l-ḥāsibīna
सब हिसाब लेने वालों में ٦٢ (62)
(62)
फिर वे अल्लाह की ओर लौटाए जाएँगे, जो उनका वास्तविक स्वामी है। सावधान! उसी को निर्णय करने का अधिकार है और वही सब हिसाब लेने वालों से अधिक शीध्र हिसाब लेने वाला है।
६:६३
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए مَن कौन man
कौन يُنَجِّيكُم निजात देता है तुम्हें yunajjīkum
निजात देता है तुम्हें مِّن from min
from ظُلُمَـٰتِ अँधेरों से ẓulumāti
अँधेरों से ٱلْبَرِّ खुश्की l-bari
खुश्की وَٱلْبَحْرِ और समुन्दर के wal-baḥri
और समुन्दर के تَدْعُونَهُۥ तुम पुकारते हो उसे tadʿūnahu
तुम पुकारते हो उसे تَضَرُّعًۭا गिड़-गिड़ा कर taḍarruʿan
गिड़-गिड़ा कर وَخُفْيَةًۭ और चुपके-चुपके wakhuf'yatan
और चुपके-चुपके لَّئِنْ अलबत्ता अगर la-in
अलबत्ता अगर أَنجَىٰنَا उसने निजात दी हमें anjānā
उसने निजात दी हमें مِنْ from min
from هَـٰذِهِۦ इससे hādhihi
इससे لَنَكُونَنَّ अलबत्ता हम ज़रूर हो जाऐगे lanakūnanna
अलबत्ता हम ज़रूर हो जाऐगे مِنَ from mina
from ٱلشَّـٰكِرِينَ शुक्र करने वालों में से l-shākirīna
शुक्र करने वालों में से ٦٣ (63)
(63)
कह दीजिए مَن कौन man
कौन يُنَجِّيكُم निजात देता है तुम्हें yunajjīkum
निजात देता है तुम्हें مِّن from min
from ظُلُمَـٰتِ अँधेरों से ẓulumāti
अँधेरों से ٱلْبَرِّ खुश्की l-bari
खुश्की وَٱلْبَحْرِ और समुन्दर के wal-baḥri
और समुन्दर के تَدْعُونَهُۥ तुम पुकारते हो उसे tadʿūnahu
तुम पुकारते हो उसे تَضَرُّعًۭا गिड़-गिड़ा कर taḍarruʿan
गिड़-गिड़ा कर وَخُفْيَةًۭ और चुपके-चुपके wakhuf'yatan
और चुपके-चुपके لَّئِنْ अलबत्ता अगर la-in
अलबत्ता अगर أَنجَىٰنَا उसने निजात दी हमें anjānā
उसने निजात दी हमें مِنْ from min
from هَـٰذِهِۦ इससे hādhihi
इससे لَنَكُونَنَّ अलबत्ता हम ज़रूर हो जाऐगे lanakūnanna
अलबत्ता हम ज़रूर हो जाऐगे مِنَ from mina
from ٱلشَّـٰكِرِينَ शुक्र करने वालों में से l-shākirīna
शुक्र करने वालों में से ٦٣ (63)
(63)
(ऐ नबी!) उनसे पूछिए कि थल तथा जल के अँधेरों में तुम्हें कौन बचाता है? तुम उसे गिड़गिड़ाकर और चुपके-चुपके पुकारते हो कि निःसंदेह यदि वह हमें इससे बचा ले, तो हम अवश्य शुक्र करने वालों में से हो जाएँगे?
६:६४
قُلِ
कह दीजिए
quli
कह दीजिए ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह يُنَجِّيكُم वो निजात देता है तुम्हें yunajjīkum
वो निजात देता है तुम्हें مِّنْهَا उस से min'hā
उस से وَمِن and from wamin
and from كُلِّ every kulli
every كَرْبٍۢ और हर मुसीबत से karbin
और हर मुसीबत से ثُمَّ फिर thumma
फिर أَنتُمْ तुम antum
तुम تُشْرِكُونَ तुम शरीक बनाते हो tush'rikūna
तुम शरीक बनाते हो ٦٤ (64)
(64)
कह दीजिए ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह يُنَجِّيكُم वो निजात देता है तुम्हें yunajjīkum
वो निजात देता है तुम्हें مِّنْهَا उस से min'hā
उस से وَمِن and from wamin
and from كُلِّ every kulli
every كَرْبٍۢ और हर मुसीबत से karbin
और हर मुसीबत से ثُمَّ फिर thumma
फिर أَنتُمْ तुम antum
तुम تُشْرِكُونَ तुम शरीक बनाते हो tush'rikūna
तुम शरीक बनाते हो ٦٤ (64)
(64)
आप कह दें : अल्लाह ही तुम्हें इससे तथा प्रत्येक संकट से बचाता है। फिर (भी) तुम उसका साझी बनाते हो!
६:६५
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए هُوَ वो huwa
वो ٱلْقَادِرُ क़ादिर है l-qādiru
क़ादिर है عَلَىٰٓ इस पर ʿalā
इस पर أَن कि an
कि يَبْعَثَ वो भेजे yabʿatha
वो भेजे عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर عَذَابًۭا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब مِّن from min
from فَوْقِكُمْ तुम्हारे ऊपर से fawqikum
तुम्हारे ऊपर से أَوْ या aw
या مِن from min
from تَحْتِ नीचे से taḥti
नीचे से أَرْجُلِكُمْ तुम्हारे पाँव के arjulikum
तुम्हारे पाँव के أَوْ या aw
या يَلْبِسَكُمْ वो लड़ा दे तुम्हें yalbisakum
वो लड़ा दे तुम्हें شِيَعًۭا गिरोहों में shiyaʿan
गिरोहों में وَيُذِيقَ और चखा दे wayudhīqa
और चखा दे بَعْضَكُم तुम्हारे बाज़ को baʿḍakum
तुम्हारे बाज़ को بَأْسَ क़ुव्वत basa
क़ुव्वत بَعْضٍ ۗ बाज़ की baʿḍin
बाज़ की ٱنظُرْ देखो unẓur
देखो كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह نُصَرِّفُ हम फेर-फेर कर बयान करते हैं nuṣarrifu
हम फेर-फेर कर बयान करते हैं ٱلْـَٔايَـٰتِ आयात l-āyāti
आयात لَعَلَّهُمْ ताकि वो laʿallahum
ताकि वो يَفْقَهُونَ वो समझें yafqahūna
वो समझें ٦٥ (65)
(65)
कह दीजिए هُوَ वो huwa
वो ٱلْقَادِرُ क़ादिर है l-qādiru
क़ादिर है عَلَىٰٓ इस पर ʿalā
इस पर أَن कि an
कि يَبْعَثَ वो भेजे yabʿatha
वो भेजे عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर عَذَابًۭا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब مِّن from min
from فَوْقِكُمْ तुम्हारे ऊपर से fawqikum
तुम्हारे ऊपर से أَوْ या aw
या مِن from min
from تَحْتِ नीचे से taḥti
नीचे से أَرْجُلِكُمْ तुम्हारे पाँव के arjulikum
तुम्हारे पाँव के أَوْ या aw
या يَلْبِسَكُمْ वो लड़ा दे तुम्हें yalbisakum
वो लड़ा दे तुम्हें شِيَعًۭا गिरोहों में shiyaʿan
गिरोहों में وَيُذِيقَ और चखा दे wayudhīqa
और चखा दे بَعْضَكُم तुम्हारे बाज़ को baʿḍakum
तुम्हारे बाज़ को بَأْسَ क़ुव्वत basa
क़ुव्वत بَعْضٍ ۗ बाज़ की baʿḍin
बाज़ की ٱنظُرْ देखो unẓur
देखो كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह نُصَرِّفُ हम फेर-फेर कर बयान करते हैं nuṣarrifu
हम फेर-फेर कर बयान करते हैं ٱلْـَٔايَـٰتِ आयात l-āyāti
आयात لَعَلَّهُمْ ताकि वो laʿallahum
ताकि वो يَفْقَهُونَ वो समझें yafqahūna
वो समझें ٦٥ (65)
(65)
आप (उनसे) कह दें : वही इसका सामर्थ्य रखता है कि तुमपर तुम्हारे ऊपर से यातना भेज दे, या तुम्हारे पैरों के नीचे से, या तुम्हें विभिन्न समूह बनाकर परस्पर भिड़ा दे और तुममें से कुछ को कुछ की लड़ाई1 (का स्वाद) चखा दे। देखिए, हम कैसे आयतों को विभिन्न प्रकार से बयान करते हैं, ताकि वे समझें।
६:६६
وَكَذَّبَ
और झुठला दिया
wakadhaba
और झुठला दिया بِهِۦ उसे bihi
उसे قَوْمُكَ आपकी क़ौम ने qawmuka
आपकी क़ौम ने وَهُوَ हालाँकि वो wahuwa
हालाँकि वो ٱلْحَقُّ ۚ हक़ है l-ḥaqu
हक़ है قُل कह दीजिए qul
कह दीजिए لَّسْتُ नहीं हूँ मैं lastu
नहीं हूँ मैं عَلَيْكُم तुम पर ʿalaykum
तुम पर بِوَكِيلٍۢ कोई ज़िम्मेदार biwakīlin
कोई ज़िम्मेदार ٦٦ (66)
(66)
और झुठला दिया بِهِۦ उसे bihi
उसे قَوْمُكَ आपकी क़ौम ने qawmuka
आपकी क़ौम ने وَهُوَ हालाँकि वो wahuwa
हालाँकि वो ٱلْحَقُّ ۚ हक़ है l-ḥaqu
हक़ है قُل कह दीजिए qul
कह दीजिए لَّسْتُ नहीं हूँ मैं lastu
नहीं हूँ मैं عَلَيْكُم तुम पर ʿalaykum
तुम पर بِوَكِيلٍۢ कोई ज़िम्मेदार biwakīlin
कोई ज़िम्मेदार ٦٦ (66)
(66)
और (ऐ नबी!) आपकी जाति ने इस (क़ुरआन) को झुठला दिया, हालाँकि वह सत्य है।आप कह दें : मैं हरगिज़ तुमपर कोई निरीक्षक नहीं हूँ।1
६:६७
لِّكُلِّ
वास्ते हर
likulli
वास्ते हर نَبَإٍۢ ख़बर के naba-in
ख़बर के مُّسْتَقَرٌّۭ ۚ एक वक़्त मुक़र्रर है mus'taqarrun
एक वक़्त मुक़र्रर है وَسَوْفَ और अनक़रीब wasawfa
और अनक़रीब تَعْلَمُونَ तुम जान लोगे taʿlamūna
तुम जान लोगे ٦٧ (67)
(67)
वास्ते हर نَبَإٍۢ ख़बर के naba-in
ख़बर के مُّسْتَقَرٌّۭ ۚ एक वक़्त मुक़र्रर है mus'taqarrun
एक वक़्त मुक़र्रर है وَسَوْفَ और अनक़रीब wasawfa
और अनक़रीब تَعْلَمُونَ तुम जान लोगे taʿlamūna
तुम जान लोगे ٦٧ (67)
(67)
प्रत्येक सूचना का एक समय नियत है और तुम शीघ्र ही जान लोगे।
६:६८
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब رَأَيْتَ देखें आप ra-ayta
देखें आप ٱلَّذِينَ उन लोगों को alladhīna
उन लोगों को يَخُوضُونَ जो मशग़ूल होते हैं yakhūḍūna
जो मशग़ूल होते हैं فِىٓ about fī
about ءَايَـٰتِنَا हमारी आयात में āyātinā
हमारी आयात में فَأَعْرِضْ तो ऐराज़ कीजिए fa-aʿriḍ
तो ऐराज़ कीजिए عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَخُوضُوا۟ वो मशग़ूल हो जाऐं yakhūḍū
वो मशग़ूल हो जाऐं فِى in fī
in حَدِيثٍ किसी बात में ḥadīthin
किसी बात में غَيْرِهِۦ ۚ सिवाय उसके ghayrihi
सिवाय उसके وَإِمَّا और अगर wa-immā
और अगर يُنسِيَنَّكَ भुला दे आपको yunsiyannaka
भुला दे आपको ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान l-shayṭānu
शैतान فَلَا तो ना falā
तो ना تَقْعُدْ आप बैठिए taqʿud
आप बैठिए بَعْدَ बाद baʿda
बाद ٱلذِّكْرَىٰ याद आने के l-dhik'rā
याद आने के مَعَ with maʿa
with ٱلْقَوْمِ साथ उन लोगों के l-qawmi
साथ उन लोगों के ٱلظَّـٰلِمِينَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimīna
जो ज़ालिम हैं ٦٨ (68)
(68)
और जब رَأَيْتَ देखें आप ra-ayta
देखें आप ٱلَّذِينَ उन लोगों को alladhīna
उन लोगों को يَخُوضُونَ जो मशग़ूल होते हैं yakhūḍūna
जो मशग़ूल होते हैं فِىٓ about fī
about ءَايَـٰتِنَا हमारी आयात में āyātinā
हमारी आयात में فَأَعْرِضْ तो ऐराज़ कीजिए fa-aʿriḍ
तो ऐराज़ कीजिए عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَخُوضُوا۟ वो मशग़ूल हो जाऐं yakhūḍū
वो मशग़ूल हो जाऐं فِى in fī
in حَدِيثٍ किसी बात में ḥadīthin
किसी बात में غَيْرِهِۦ ۚ सिवाय उसके ghayrihi
सिवाय उसके وَإِمَّا और अगर wa-immā
और अगर يُنسِيَنَّكَ भुला दे आपको yunsiyannaka
भुला दे आपको ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान l-shayṭānu
शैतान فَلَا तो ना falā
तो ना تَقْعُدْ आप बैठिए taqʿud
आप बैठिए بَعْدَ बाद baʿda
बाद ٱلذِّكْرَىٰ याद आने के l-dhik'rā
याद आने के مَعَ with maʿa
with ٱلْقَوْمِ साथ उन लोगों के l-qawmi
साथ उन लोगों के ٱلظَّـٰلِمِينَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimīna
जो ज़ालिम हैं ٦٨ (68)
(68)
और जब आप उन लोगों को देखें, जो हमारी आयतों के विषय में (उपहास के साथ) बात करते हैं, तो उनसे मुँह फेर लें, यहाँ तक कि वे उसके अलावा बात में लग जाएँ, और यदि कभी शैतान आपको भुला दे, तो याद आ जाने के बाद ऐसे अत्याचारी लोगों के साथ न बैठें।
६:६९
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं عَلَى (is) on ʿalā
(is) on ٱلَّذِينَ उनके ज़िम्मे alladhīna
उनके ज़िम्मे يَتَّقُونَ जो तक़वा करते हैं yattaqūna
जो तक़वा करते हैं مِنْ of min
of حِسَابِهِم उनके हिसाब में से ḥisābihim
उनके हिसाब में से مِّن [of] min
[of] شَىْءٍۢ कोई चीज़ shayin
कोई चीज़ وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन ذِكْرَىٰ याद दिहानी है dhik'rā
याद दिहानी है لَعَلَّهُمْ ताकि वो laʿallahum
ताकि वो يَتَّقُونَ वो तक़वा करें yattaqūna
वो तक़वा करें ٦٩ (69)
(69)
और नहीं عَلَى (is) on ʿalā
(is) on ٱلَّذِينَ उनके ज़िम्मे alladhīna
उनके ज़िम्मे يَتَّقُونَ जो तक़वा करते हैं yattaqūna
जो तक़वा करते हैं مِنْ of min
of حِسَابِهِم उनके हिसाब में से ḥisābihim
उनके हिसाब में से مِّن [of] min
[of] شَىْءٍۢ कोई चीज़ shayin
कोई चीज़ وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन ذِكْرَىٰ याद दिहानी है dhik'rā
याद दिहानी है لَعَلَّهُمْ ताकि वो laʿallahum
ताकि वो يَتَّقُونَ वो तक़वा करें yattaqūna
वो तक़वा करें ٦٩ (69)
(69)
तथा उन लोगों पर जो अल्लाह से डरते हैं, इनके1 हिसाब का कुछ भार नहीं है, परंतु याद दिलाना2 है, ताकि वे बच जाएँ।
६:७०
وَذَرِ
और छोड़ दीजिए
wadhari
और छोड़ दीजिए ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने ٱتَّخَذُوا۟ बना लिया है ittakhadhū
बना लिया है دِينَهُمْ अपने दीन को dīnahum
अपने दीन को لَعِبًۭا खेल laʿiban
खेल وَلَهْوًۭا और तमाशा walahwan
और तमाशा وَغَرَّتْهُمُ और धोखे में डाल दिया उन्हें wagharrathumu
और धोखे में डाल दिया उन्हें ٱلْحَيَوٰةُ ज़िन्दगी ने l-ḥayatu
ज़िन्दगी ने ٱلدُّنْيَا ۚ दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَذَكِّرْ और नसीहत कीजिए wadhakkir
और नसीहत कीजिए بِهِۦٓ साथ उसके bihi
साथ उसके أَن कि an
कि تُبْسَلَ (ना) हलाक किया जाए tub'sala
(ना) हलाक किया जाए نَفْسٌۢ कोई नफ़्स nafsun
कोई नफ़्स بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَسَبَتْ उसने कमाई की kasabat
उसने कमाई की لَيْسَ नहीं है laysa
नहीं है لَهَا उसके लिए lahā
उसके लिए مِن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَلِىٌّۭ कोई दोस्त waliyyun
कोई दोस्त وَلَا और ना walā
और ना شَفِيعٌۭ कोई सिफ़ारिशी shafīʿun
कोई सिफ़ारिशी وَإِن और अगर wa-in
और अगर تَعْدِلْ वो बदला दे taʿdil
वो बदला दे كُلَّ हर तरह का kulla
हर तरह का عَدْلٍۢ बदला ʿadlin
बदला لَّا not lā
not يُؤْخَذْ ना लिया जाएगा yu'khadh
ना लिया जाएगा مِنْهَآ ۗ उससे min'hā
उससे أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो أُبْسِلُوا۟ हलाक कर दिए गए ub'silū
हलाक कर दिए गए بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَسَبُوا۟ ۖ उन्होंने कमाया kasabū
उन्होंने कमाया لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए شَرَابٌۭ पीना sharābun
पीना مِّنْ of min
of حَمِيمٍۢ खौलते हुए पानी से ḥamīmin
खौलते हुए पानी से وَعَذَابٌ और अज़ाब waʿadhābun
और अज़ाब أَلِيمٌۢ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَكْفُرُونَ वो कुफ़्र करते yakfurūna
वो कुफ़्र करते ٧٠ (70)
(70)
और छोड़ दीजिए ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने ٱتَّخَذُوا۟ बना लिया है ittakhadhū
बना लिया है دِينَهُمْ अपने दीन को dīnahum
अपने दीन को لَعِبًۭا खेल laʿiban
खेल وَلَهْوًۭا और तमाशा walahwan
और तमाशा وَغَرَّتْهُمُ और धोखे में डाल दिया उन्हें wagharrathumu
और धोखे में डाल दिया उन्हें ٱلْحَيَوٰةُ ज़िन्दगी ने l-ḥayatu
ज़िन्दगी ने ٱلدُّنْيَا ۚ दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَذَكِّرْ और नसीहत कीजिए wadhakkir
और नसीहत कीजिए بِهِۦٓ साथ उसके bihi
साथ उसके أَن कि an
कि تُبْسَلَ (ना) हलाक किया जाए tub'sala
(ना) हलाक किया जाए نَفْسٌۢ कोई नफ़्स nafsun
कोई नफ़्स بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَسَبَتْ उसने कमाई की kasabat
उसने कमाई की لَيْسَ नहीं है laysa
नहीं है لَهَا उसके लिए lahā
उसके लिए مِن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَلِىٌّۭ कोई दोस्त waliyyun
कोई दोस्त وَلَا और ना walā
और ना شَفِيعٌۭ कोई सिफ़ारिशी shafīʿun
कोई सिफ़ारिशी وَإِن और अगर wa-in
और अगर تَعْدِلْ वो बदला दे taʿdil
वो बदला दे كُلَّ हर तरह का kulla
हर तरह का عَدْلٍۢ बदला ʿadlin
बदला لَّا not lā
not يُؤْخَذْ ना लिया जाएगा yu'khadh
ना लिया जाएगा مِنْهَآ ۗ उससे min'hā
उससे أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो أُبْسِلُوا۟ हलाक कर दिए गए ub'silū
हलाक कर दिए गए بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَسَبُوا۟ ۖ उन्होंने कमाया kasabū
उन्होंने कमाया لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए شَرَابٌۭ पीना sharābun
पीना مِّنْ of min
of حَمِيمٍۢ खौलते हुए पानी से ḥamīmin
खौलते हुए पानी से وَعَذَابٌ और अज़ाब waʿadhābun
और अज़ाब أَلِيمٌۢ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَكْفُرُونَ वो कुफ़्र करते yakfurūna
वो कुफ़्र करते ٧٠ (70)
(70)
तथा आप उन लोगों को छोड़ दें, जिन्होंने अपने धर्म को खेल और मनोरंजन बना लिया और उन्हें सांसारिक जीवन ने धोखे में डाल रखा है। आप इस (क़ुरआन) के द्वारा उपदेश दें कि कहीं कोई प्राणी अपने कमाए हुए के बदले विनाश में न डाल दिया जाए, उसके लिए अल्लाह के सिवा कोई न कोई सहायक हो और न कोई सिफ़ारिश करने वाला। और यदि वह हर प्रकार की छुड़ौती दे, तो उससे न ली जाए।1 यही लोग हैं जो विनाश के हवाले किए गए, उसके बदले जो उन्होंने कमाया। उनके लिए पीने को खौलता हुआ पानी तथा दर्दनाक यातना है, इस कारण कि वे कुफ़्र करते थे।
६:७१
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए أَنَدْعُوا۟ क्या हम पुकारें anadʿū
क्या हम पुकारें مِن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के مَا उसको जो mā
उसको जो لَا not lā
not يَنفَعُنَا नहीं वो नफ़ा दे सकता हमें yanfaʿunā
नहीं वो नफ़ा दे सकता हमें وَلَا और ना ही walā
और ना ही يَضُرُّنَا वो नुक़सान दे सकता है हमें yaḍurrunā
वो नुक़सान दे सकता है हमें وَنُرَدُّ और हम फेर दिए जाऐंगे wanuraddu
और हम फेर दिए जाऐंगे عَلَىٰٓ on ʿalā
on أَعْقَابِنَا अपनी एड़ियों पर aʿqābinā
अपनी एड़ियों पर بَعْدَ बाद उसके baʿda
बाद उसके إِذْ जब idh
जब هَدَىٰنَا हिदायत दी हमें hadānā
हिदायत दी हमें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने كَٱلَّذِى उस शख़्स की तरह ka-alladhī
उस शख़्स की तरह ٱسْتَهْوَتْهُ बहका दिया उसे is'tahwathu
बहका दिया उसे ٱلشَّيَـٰطِينُ शैतानों ने l-shayāṭīnu
शैतानों ने فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में حَيْرَانَ हैरान कर के ḥayrāna
हैरान कर के لَهُۥٓ उसके lahu
उसके أَصْحَـٰبٌۭ कुछ साथी हैं aṣḥābun
कुछ साथी हैं يَدْعُونَهُۥٓ वो पुकारते हैं उसे yadʿūnahu
वो पुकारते हैं उसे إِلَى तरफ़ ilā
तरफ़ ٱلْهُدَى हिदायत के l-hudā
हिदायत के ٱئْتِنَا ۗ आ जाओ हमारे पास i'tinā
आ जाओ हमारे पास قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए إِنَّ बेशक inna
बेशक هُدَى हिदायत hudā
हिदायत ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की هُوَ वो ही huwa
वो ही ٱلْهُدَىٰ ۖ हिदायत है (असल) l-hudā
हिदायत है (असल) وَأُمِرْنَا और हुक्म दिए गए हम wa-umir'nā
और हुक्म दिए गए हम لِنُسْلِمَ ताकि हम फ़रमाबरदार हो जाऐं linus'lima
ताकि हम फ़रमाबरदार हो जाऐं لِرَبِّ to (the) Lord lirabbi
to (the) Lord ٱلْعَـٰلَمِينَ रब्बुल आलमीन के लिए l-ʿālamīna
रब्बुल आलमीन के लिए ٧١ (71)
(71)
कह दीजिए أَنَدْعُوا۟ क्या हम पुकारें anadʿū
क्या हम पुकारें مِن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के مَا उसको जो mā
उसको जो لَا not lā
not يَنفَعُنَا नहीं वो नफ़ा दे सकता हमें yanfaʿunā
नहीं वो नफ़ा दे सकता हमें وَلَا और ना ही walā
और ना ही يَضُرُّنَا वो नुक़सान दे सकता है हमें yaḍurrunā
वो नुक़सान दे सकता है हमें وَنُرَدُّ और हम फेर दिए जाऐंगे wanuraddu
और हम फेर दिए जाऐंगे عَلَىٰٓ on ʿalā
on أَعْقَابِنَا अपनी एड़ियों पर aʿqābinā
अपनी एड़ियों पर بَعْدَ बाद उसके baʿda
बाद उसके إِذْ जब idh
जब هَدَىٰنَا हिदायत दी हमें hadānā
हिदायत दी हमें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने كَٱلَّذِى उस शख़्स की तरह ka-alladhī
उस शख़्स की तरह ٱسْتَهْوَتْهُ बहका दिया उसे is'tahwathu
बहका दिया उसे ٱلشَّيَـٰطِينُ शैतानों ने l-shayāṭīnu
शैतानों ने فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में حَيْرَانَ हैरान कर के ḥayrāna
हैरान कर के لَهُۥٓ उसके lahu
उसके أَصْحَـٰبٌۭ कुछ साथी हैं aṣḥābun
कुछ साथी हैं يَدْعُونَهُۥٓ वो पुकारते हैं उसे yadʿūnahu
वो पुकारते हैं उसे إِلَى तरफ़ ilā
तरफ़ ٱلْهُدَى हिदायत के l-hudā
हिदायत के ٱئْتِنَا ۗ आ जाओ हमारे पास i'tinā
आ जाओ हमारे पास قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए إِنَّ बेशक inna
बेशक هُدَى हिदायत hudā
हिदायत ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की هُوَ वो ही huwa
वो ही ٱلْهُدَىٰ ۖ हिदायत है (असल) l-hudā
हिदायत है (असल) وَأُمِرْنَا और हुक्म दिए गए हम wa-umir'nā
और हुक्म दिए गए हम لِنُسْلِمَ ताकि हम फ़रमाबरदार हो जाऐं linus'lima
ताकि हम फ़रमाबरदार हो जाऐं لِرَبِّ to (the) Lord lirabbi
to (the) Lord ٱلْعَـٰلَمِينَ रब्बुल आलमीन के लिए l-ʿālamīna
रब्बुल आलमीन के लिए ٧١ (71)
(71)
(ऐ नबी!) कह दीजिए : क्या हम अल्लाह के सिवा उसको पुकारें, जो न हमें लाभ पहुँचा सके और न हमें हानि पहुँचा सके और हम अपनी एड़ियों पर फेर दिए जाएँ, इसके बाद कि अल्लाह ने हमें मार्गदर्शन प्रदान किया है, उस व्यक्ति की तरह जिसे शैतानों ने धरती में बहका दिया, इस हाल में कि चकित है, उसके कुछ साथी हैं जो उसे सीधे मार्ग की ओर बुला रहे हैं कि हमारे पास चला आ।1 आप कह दें कि निःसंदेह अल्लाह का दर्शाया हुआ मार्ग ही असल मार्ग है और हमें आदेश दिया गया है कि हम सारे संसारों के पालनहार के आज्ञाकारी हो जाएँ।
६:७२
وَأَنْ
और ये कि
wa-an
और ये कि أَقِيمُوا۟ क़ायम करो aqīmū
क़ायम करो ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَٱتَّقُوهُ ۚ और डरो उससे wa-ittaqūhu
और डरो उससे وَهُوَ और वो wahuwa
और वो ٱلَّذِىٓ वो ही है alladhī
वो ही है إِلَيْهِ जिसकी तरफ़ ilayhi
जिसकी तरफ़ تُحْشَرُونَ तुम इकट्ठे किए जाओगे tuḥ'sharūna
तुम इकट्ठे किए जाओगे ٧٢ (72)
(72)
और ये कि أَقِيمُوا۟ क़ायम करो aqīmū
क़ायम करो ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَٱتَّقُوهُ ۚ और डरो उससे wa-ittaqūhu
और डरो उससे وَهُوَ और वो wahuwa
और वो ٱلَّذِىٓ वो ही है alladhī
वो ही है إِلَيْهِ जिसकी तरफ़ ilayhi
जिसकी तरफ़ تُحْشَرُونَ तुम इकट्ठे किए जाओगे tuḥ'sharūna
तुम इकट्ठे किए जाओगे ٧٢ (72)
(72)
और यह कि नमाज़ स्थापित करो और उस (अल्लाह) से डरो, तथा वही है, जिसकी ओर तुम इकट्ठे किए जाओगे।
६:७३
وَهُوَ
और वो ही है
wahuwa
और वो ही है ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों को l-samāwāti
आसमानों को وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को بِٱلْحَقِّ ۖ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के وَيَوْمَ और जिस दिन wayawma
और जिस दिन يَقُولُ वो कहेगा yaqūlu
वो कहेगा كُن हो जा kun
हो जा فَيَكُونُ ۚ तो वो हो जाएगा fayakūnu
तो वो हो जाएगा قَوْلُهُ उसकी बात ही qawluhu
उसकी बात ही ٱلْحَقُّ ۚ सच्ची है l-ḥaqu
सच्ची है وَلَهُ और उसी के लिए है walahu
और उसी के लिए है ٱلْمُلْكُ बादशाहत l-mul'ku
बादशाहत يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन يُنفَخُ फूँका जाएगा yunfakhu
फूँका जाएगा فِى in fī
in ٱلصُّورِ ۚ सूर में l-ṣūri
सूर में عَـٰلِمُ जानने वाला है ʿālimu
जानने वाला है ٱلْغَيْبِ ग़ैब का l-ghaybi
ग़ैब का وَٱلشَّهَـٰدَةِ ۚ और हाज़िर का wal-shahādati
और हाज़िर का وَهُوَ और वो wahuwa
और वो ٱلْحَكِيمُ बहुत हिकमत वाला है l-ḥakīmu
बहुत हिकमत वाला है ٱلْخَبِيرُ ख़ूब ख़बर रखने वाला है l-khabīru
ख़ूब ख़बर रखने वाला है ٧٣ (73)
(73)
और वो ही है ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों को l-samāwāti
आसमानों को وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को بِٱلْحَقِّ ۖ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के وَيَوْمَ और जिस दिन wayawma
और जिस दिन يَقُولُ वो कहेगा yaqūlu
वो कहेगा كُن हो जा kun
हो जा فَيَكُونُ ۚ तो वो हो जाएगा fayakūnu
तो वो हो जाएगा قَوْلُهُ उसकी बात ही qawluhu
उसकी बात ही ٱلْحَقُّ ۚ सच्ची है l-ḥaqu
सच्ची है وَلَهُ और उसी के लिए है walahu
और उसी के लिए है ٱلْمُلْكُ बादशाहत l-mul'ku
बादशाहत يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन يُنفَخُ फूँका जाएगा yunfakhu
फूँका जाएगा فِى in fī
in ٱلصُّورِ ۚ सूर में l-ṣūri
सूर में عَـٰلِمُ जानने वाला है ʿālimu
जानने वाला है ٱلْغَيْبِ ग़ैब का l-ghaybi
ग़ैब का وَٱلشَّهَـٰدَةِ ۚ और हाज़िर का wal-shahādati
और हाज़िर का وَهُوَ और वो wahuwa
और वो ٱلْحَكِيمُ बहुत हिकमत वाला है l-ḥakīmu
बहुत हिकमत वाला है ٱلْخَبِيرُ ख़ूब ख़बर रखने वाला है l-khabīru
ख़ूब ख़बर रखने वाला है ٧٣ (73)
(73)
और वही है, जिसने आकाशों तथा धरती की रचना सत्य के साथ की1 और जिस दिन वह कहेगा "हो जा" तो वह हो जाएगा। उसकी बात सत्य है और उसी का राज्य होगा, जिस दिन सूर में फूँका जाएगा। वह परोक्ष2 तथा प्रत्यक्ष को जानने वाला है और वही पूर्ण हिकमत वाला, हर चीज़ की खबर रखने वाला है।
६:७४
۞ وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब قَالَ कहा qāla
कहा إِبْرَٰهِيمُ इब्राहीम ने ib'rāhīmu
इब्राहीम ने لِأَبِيهِ अपने बाप li-abīhi
अपने बाप ءَازَرَ आज़र को āzara
आज़र को أَتَتَّخِذُ क्या तू बनाता है atattakhidhu
क्या तू बनाता है أَصْنَامًا बुतों को aṣnāman
बुतों को ءَالِهَةً ۖ इलाह ālihatan
इलाह إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أَرَىٰكَ मैं देखता हूँ तुझे arāka
मैं देखता हूँ तुझे وَقَوْمَكَ और तेरी क़ौम को waqawmaka
और तेरी क़ौम को فِى in fī
in ضَلَـٰلٍۢ गुमराही में ḍalālin
गुमराही में مُّبِينٍۢ खुली mubīnin
खुली ٧٤ (74)
(74)
और जब قَالَ कहा qāla
कहा إِبْرَٰهِيمُ इब्राहीम ने ib'rāhīmu
इब्राहीम ने لِأَبِيهِ अपने बाप li-abīhi
अपने बाप ءَازَرَ आज़र को āzara
आज़र को أَتَتَّخِذُ क्या तू बनाता है atattakhidhu
क्या तू बनाता है أَصْنَامًا बुतों को aṣnāman
बुतों को ءَالِهَةً ۖ इलाह ālihatan
इलाह إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أَرَىٰكَ मैं देखता हूँ तुझे arāka
मैं देखता हूँ तुझे وَقَوْمَكَ और तेरी क़ौम को waqawmaka
और तेरी क़ौम को فِى in fī
in ضَلَـٰلٍۢ गुमराही में ḍalālin
गुमराही में مُّبِينٍۢ खुली mubīnin
खुली ٧٤ (74)
(74)
तथा जब इबराहीम ने अपने पिता आज़र से कहा : क्या आप मूर्तियों को पूज्य बनाते हो? निःसंदेह मैं आपको तथा आपकी जाति को खुली पथभ्रष्टता में देखता हूँ।
६:७५
وَكَذَٰلِكَ
और इसी तरह
wakadhālika
और इसी तरह نُرِىٓ हम दिखाते थे nurī
हम दिखाते थे إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम को ib'rāhīma
इब्राहीम को مَلَكُوتَ बादशाहत malakūta
बादशाहत ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की وَلِيَكُونَ और ताकि वो हो जाए waliyakūna
और ताकि वो हो जाए مِنَ among mina
among ٱلْمُوقِنِينَ यक़ीन करने वालों में से l-mūqinīna
यक़ीन करने वालों में से ٧٥ (75)
(75)
और इसी तरह نُرِىٓ हम दिखाते थे nurī
हम दिखाते थे إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम को ib'rāhīma
इब्राहीम को مَلَكُوتَ बादशाहत malakūta
बादशाहत ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की وَلِيَكُونَ और ताकि वो हो जाए waliyakūna
और ताकि वो हो जाए مِنَ among mina
among ٱلْمُوقِنِينَ यक़ीन करने वालों में से l-mūqinīna
यक़ीन करने वालों में से ٧٥ (75)
(75)
और इसी प्रकार हम इबराहीम को आकाशों तथा धरती का महान राज्य दिखाते थे और ताकि वह परिपूर्ण विश्वास रखने वालों में से हो जाए।
६:७६
فَلَمَّا
फिर जब
falammā
फिर जब جَنَّ छा गई janna
छा गई عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर ٱلَّيْلُ रात al-laylu
रात رَءَا उसने देखा raā
उसने देखा كَوْكَبًۭا ۖ एक सितारा kawkaban
एक सितारा قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा هَـٰذَا ये hādhā
ये رَبِّى ۖ मेरा रब है rabbī
मेरा रब है فَلَمَّآ फिर जब falammā
फिर जब أَفَلَ वो छुप गया afala
वो छुप गया قَالَ कहा qāla
कहा لَآ Not lā
Not أُحِبُّ नहीं मैं पसंद करता uḥibbu
नहीं मैं पसंद करता ٱلْـَٔافِلِينَ छुपने वालों को l-āfilīna
छुपने वालों को ٧٦ (76)
(76)
फिर जब جَنَّ छा गई janna
छा गई عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर ٱلَّيْلُ रात al-laylu
रात رَءَا उसने देखा raā
उसने देखा كَوْكَبًۭا ۖ एक सितारा kawkaban
एक सितारा قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा هَـٰذَا ये hādhā
ये رَبِّى ۖ मेरा रब है rabbī
मेरा रब है فَلَمَّآ फिर जब falammā
फिर जब أَفَلَ वो छुप गया afala
वो छुप गया قَالَ कहा qāla
कहा لَآ Not lā
Not أُحِبُّ नहीं मैं पसंद करता uḥibbu
नहीं मैं पसंद करता ٱلْـَٔافِلِينَ छुपने वालों को l-āfilīna
छुपने वालों को ٧٦ (76)
(76)
तो जब उसपर रात छा गई, तो उसने एक तारा देखा। कहने लगा : यह मेरा पालनहार है। फिर जब वह डूब गया, तो उसने कहा : मैं डूबने वालों से प्रेम नहीं करता।
६:७७
فَلَمَّا
फिर जब
falammā
फिर जब رَءَا उसने देखा raā
उसने देखा ٱلْقَمَرَ चाँद को l-qamara
चाँद को بَازِغًۭا चमकता हुआ bāzighan
चमकता हुआ قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा هَـٰذَا ये hādhā
ये رَبِّى ۖ मेरा रब है rabbī
मेरा रब है فَلَمَّآ फिर जब falammā
फिर जब أَفَلَ वो छुप गया afala
वो छुप गया قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा لَئِن अलबत्ता अगर la-in
अलबत्ता अगर لَّمْ ना lam
ना يَهْدِنِى हिदायत दी मुझे yahdinī
हिदायत दी मुझे رَبِّى मेरे रब ने rabbī
मेरे रब ने لَأَكُونَنَّ अलबत्ता मैं ज़रूर हो जाऊँगा la-akūnanna
अलबत्ता मैं ज़रूर हो जाऊँगा مِنَ among mina
among ٱلْقَوْمِ उन लोगों में से l-qawmi
उन लोगों में से ٱلضَّآلِّينَ जो गुमराह हैं l-ḍālīna
जो गुमराह हैं ٧٧ (77)
(77)
फिर जब رَءَا उसने देखा raā
उसने देखा ٱلْقَمَرَ चाँद को l-qamara
चाँद को بَازِغًۭا चमकता हुआ bāzighan
चमकता हुआ قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा هَـٰذَا ये hādhā
ये رَبِّى ۖ मेरा रब है rabbī
मेरा रब है فَلَمَّآ फिर जब falammā
फिर जब أَفَلَ वो छुप गया afala
वो छुप गया قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा لَئِن अलबत्ता अगर la-in
अलबत्ता अगर لَّمْ ना lam
ना يَهْدِنِى हिदायत दी मुझे yahdinī
हिदायत दी मुझे رَبِّى मेरे रब ने rabbī
मेरे रब ने لَأَكُونَنَّ अलबत्ता मैं ज़रूर हो जाऊँगा la-akūnanna
अलबत्ता मैं ज़रूर हो जाऊँगा مِنَ among mina
among ٱلْقَوْمِ उन लोगों में से l-qawmi
उन लोगों में से ٱلضَّآلِّينَ जो गुमराह हैं l-ḍālīna
जो गुमराह हैं ٧٧ (77)
(77)
फिर जब उसने चाँद को चमकता हुआ देखा, तो कहा : यह मेरा पालनहार है। फिर जब वह डूब गया, तो उसने कहा : निःसंदेह यदि मेरे पालनहार ने मुझे मार्ग नहीं दिखाया, तो निश्चय मैं अवश्य पथभ्रष्ट लोगों में से हो जाऊँगा।
६:७८
فَلَمَّا
फिर जब
falammā
फिर जब رَءَا उसने देखा raā
उसने देखा ٱلشَّمْسَ सूरज को l-shamsa
सूरज को بَازِغَةًۭ चमकता हुआ bāzighatan
चमकता हुआ قَالَ कहा qāla
कहा هَـٰذَا ये hādhā
ये رَبِّى मेरा रब है rabbī
मेरा रब है هَـٰذَآ ये hādhā
ये أَكْبَرُ ۖ सबसे बड़ा है akbaru
सबसे बड़ा है فَلَمَّآ फिर जब falammā
फिर जब أَفَلَتْ वो छुप गया afalat
वो छुप गया قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं بَرِىٓءٌۭ बरी-उज़-ज़िम्मा हूँ barīon
बरी-उज़-ज़िम्मा हूँ مِّمَّا उससे जो mimmā
उससे जो تُشْرِكُونَ तुम शरीक ठहराते हो tush'rikūna
तुम शरीक ठहराते हो ٧٨ (78)
(78)
फिर जब رَءَا उसने देखा raā
उसने देखा ٱلشَّمْسَ सूरज को l-shamsa
सूरज को بَازِغَةًۭ चमकता हुआ bāzighatan
चमकता हुआ قَالَ कहा qāla
कहा هَـٰذَا ये hādhā
ये رَبِّى मेरा रब है rabbī
मेरा रब है هَـٰذَآ ये hādhā
ये أَكْبَرُ ۖ सबसे बड़ा है akbaru
सबसे बड़ा है فَلَمَّآ फिर जब falammā
फिर जब أَفَلَتْ वो छुप गया afalat
वो छुप गया قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं بَرِىٓءٌۭ बरी-उज़-ज़िम्मा हूँ barīon
बरी-उज़-ज़िम्मा हूँ مِّمَّا उससे जो mimmā
उससे जो تُشْرِكُونَ तुम शरीक ठहराते हो tush'rikūna
तुम शरीक ठहराते हो ٧٨ (78)
(78)
फिर जब उसने सूर्य को चमकता हुआ देखा, तो कहा : यह मेरा पालनहार है। यह सबसे बड़ा है। फिर जब वह (भी) डूब गया, तो कहने लगे : ऐ मेरी जाति के लोगो! निःसंदेह मैं उससे बरी हूँ, जो तुम (अल्लाह के साथ) साझी बनाते हो।
६:७९
إِنِّى
बेशक मैं
innī
बेशक मैं وَجَّهْتُ रुख़ कर लिया मैंने wajjahtu
रुख़ कर लिया मैंने وَجْهِىَ अपने चेहरे का wajhiya
अपने चेहरे का لِلَّذِى उसके लिए जिसने lilladhī
उसके लिए जिसने فَطَرَ पैदा किया faṭara
पैदा किया ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को حَنِيفًۭا ۖ यकसू होकर ḥanīfan
यकसू होकर وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं أَنَا۠ मैं anā
मैं مِنَ of mina
of ٱلْمُشْرِكِينَ मुशरिकीन में से l-mush'rikīna
मुशरिकीन में से ٧٩ (79)
(79)
बेशक मैं وَجَّهْتُ रुख़ कर लिया मैंने wajjahtu
रुख़ कर लिया मैंने وَجْهِىَ अपने चेहरे का wajhiya
अपने चेहरे का لِلَّذِى उसके लिए जिसने lilladhī
उसके लिए जिसने فَطَرَ पैदा किया faṭara
पैदा किया ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को حَنِيفًۭا ۖ यकसू होकर ḥanīfan
यकसू होकर وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं أَنَا۠ मैं anā
मैं مِنَ of mina
of ٱلْمُشْرِكِينَ मुशरिकीन में से l-mush'rikīna
मुशरिकीन में से ٧٩ (79)
(79)
निःसंदेह मैंने एकाग्र होकर अपना चेहरा उसकी ओर कर लिया, जिसने आकाशों तथा धरती को पैदा किया है, और मैं मुश्रिकों में से नहीं हूँ।1
६:८०
وَحَآجَّهُۥ
और झगड़ा किया उससे
waḥājjahu
और झगड़ा किया उससे قَوْمُهُۥ ۚ उसकी क़ौम ने qawmuhu
उसकी क़ौम ने قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा أَتُحَـٰٓجُّوٓنِّى क्या तुम झगड़ते हो मुझसे atuḥājjūnnī
क्या तुम झगड़ते हो मुझसे فِى concerning fī
concerning ٱللَّهِ अल्लाह के बारे में l-lahi
अल्लाह के बारे में وَقَدْ हालाँकि तहक़ीक़ waqad
हालाँकि तहक़ीक़ هَدَىٰنِ ۚ उसने हिदायत दी मुझे hadāni
उसने हिदायत दी मुझे وَلَآ और नहीं walā
और नहीं أَخَافُ मैं डरता (उन से) akhāfu
मैं डरता (उन से) مَا जिनको mā
जिनको تُشْرِكُونَ तुम शरीक ठहराते हो tush'rikūna
तुम शरीक ठहराते हो بِهِۦٓ साथ उसके bihi
साथ उसके إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि يَشَآءَ चाहे yashāa
चाहे رَبِّى रब मेरा rabbī
रब मेरा شَيْـًۭٔا ۗ कोई चीज़ shayan
कोई चीज़ وَسِعَ अहाता कर रखा है wasiʿa
अहाता कर रखा है رَبِّى मेरे रब ने rabbī
मेरे रब ने كُلَّ हर kulla
हर شَىْءٍ चीज़ का shayin
चीज़ का عِلْمًا ۗ इल्म के ऐतबार से ʿil'man
इल्म के ऐतबार से أَفَلَا क्या भला नहीं afalā
क्या भला नहीं تَتَذَكَّرُونَ तुम नसीहत पकड़ते tatadhakkarūna
तुम नसीहत पकड़ते ٨٠ (80)
(80)
और झगड़ा किया उससे قَوْمُهُۥ ۚ उसकी क़ौम ने qawmuhu
उसकी क़ौम ने قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा أَتُحَـٰٓجُّوٓنِّى क्या तुम झगड़ते हो मुझसे atuḥājjūnnī
क्या तुम झगड़ते हो मुझसे فِى concerning fī
concerning ٱللَّهِ अल्लाह के बारे में l-lahi
अल्लाह के बारे में وَقَدْ हालाँकि तहक़ीक़ waqad
हालाँकि तहक़ीक़ هَدَىٰنِ ۚ उसने हिदायत दी मुझे hadāni
उसने हिदायत दी मुझे وَلَآ और नहीं walā
और नहीं أَخَافُ मैं डरता (उन से) akhāfu
मैं डरता (उन से) مَا जिनको mā
जिनको تُشْرِكُونَ तुम शरीक ठहराते हो tush'rikūna
तुम शरीक ठहराते हो بِهِۦٓ साथ उसके bihi
साथ उसके إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि يَشَآءَ चाहे yashāa
चाहे رَبِّى रब मेरा rabbī
रब मेरा شَيْـًۭٔا ۗ कोई चीज़ shayan
कोई चीज़ وَسِعَ अहाता कर रखा है wasiʿa
अहाता कर रखा है رَبِّى मेरे रब ने rabbī
मेरे रब ने كُلَّ हर kulla
हर شَىْءٍ चीज़ का shayin
चीज़ का عِلْمًا ۗ इल्म के ऐतबार से ʿil'man
इल्म के ऐतबार से أَفَلَا क्या भला नहीं afalā
क्या भला नहीं تَتَذَكَّرُونَ तुम नसीहत पकड़ते tatadhakkarūna
तुम नसीहत पकड़ते ٨٠ (80)
(80)
और उसकी जाति ने उससे झगड़ा किया, उसने कहा : क्या तुम मुझसे अल्लाह के विषय में झगड़ते हो, हालाँकि निश्चय उसने मुझे मार्गदर्शन प्रदान किया है तथा मैं उससे नहीं डरता, जिसे तुम उसके साथ साझी बनाते हो। परंतु यह कि मेरा पालनहार कुछ चाहे। मेरे पालनहार ने प्रत्येक वस्तु को अपने ज्ञान से घेर रखा है। तो क्या तुम उपदेश ग्रहण नहीं करते?
६:८१
وَكَيْفَ
और क्यों कर
wakayfa
और क्यों कर أَخَافُ मैं डरूँ akhāfu
मैं डरूँ مَآ उससे जिसको mā
उससे जिसको أَشْرَكْتُمْ शरीक बनाया तुमने ashraktum
शरीक बनाया तुमने وَلَا जबकि नहीं walā
जबकि नहीं تَخَافُونَ तुम डरते takhāfūna
तुम डरते أَنَّكُمْ कि बेशक तुम annakum
कि बेशक तुम أَشْرَكْتُم शरीक बनाया तुमने ashraktum
शरीक बनाया तुमने بِٱللَّهِ अल्लाह का bil-lahi
अल्लाह का مَا उसे जो mā
उसे जो لَمْ नहीं lam
नहीं يُنَزِّلْ उसने नाज़िल की yunazzil
उसने नाज़िल की بِهِۦ जिसकी bihi
जिसकी عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर سُلْطَـٰنًۭا ۚ कोई दलील sul'ṭānan
कोई दलील فَأَىُّ तो कौन सा fa-ayyu
तो कौन सा ٱلْفَرِيقَيْنِ दोनों गिरोहों में से l-farīqayni
दोनों गिरोहों में से أَحَقُّ ज़्यादा हक़दार है aḥaqqu
ज़्यादा हक़दार है بِٱلْأَمْنِ ۖ अमन का bil-amni
अमन का إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम تَعْلَمُونَ तुम जानते taʿlamūna
तुम जानते ٨١ (81)
(81)
और क्यों कर أَخَافُ मैं डरूँ akhāfu
मैं डरूँ مَآ उससे जिसको mā
उससे जिसको أَشْرَكْتُمْ शरीक बनाया तुमने ashraktum
शरीक बनाया तुमने وَلَا जबकि नहीं walā
जबकि नहीं تَخَافُونَ तुम डरते takhāfūna
तुम डरते أَنَّكُمْ कि बेशक तुम annakum
कि बेशक तुम أَشْرَكْتُم शरीक बनाया तुमने ashraktum
शरीक बनाया तुमने بِٱللَّهِ अल्लाह का bil-lahi
अल्लाह का مَا उसे जो mā
उसे जो لَمْ नहीं lam
नहीं يُنَزِّلْ उसने नाज़िल की yunazzil
उसने नाज़िल की بِهِۦ जिसकी bihi
जिसकी عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर سُلْطَـٰنًۭا ۚ कोई दलील sul'ṭānan
कोई दलील فَأَىُّ तो कौन सा fa-ayyu
तो कौन सा ٱلْفَرِيقَيْنِ दोनों गिरोहों में से l-farīqayni
दोनों गिरोहों में से أَحَقُّ ज़्यादा हक़दार है aḥaqqu
ज़्यादा हक़दार है بِٱلْأَمْنِ ۖ अमन का bil-amni
अमन का إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम تَعْلَمُونَ तुम जानते taʿlamūna
तुम जानते ٨١ (81)
(81)
और मैं उससे कैसे डरूँ, जिसे तुमने साझी बनाया है, हालाँकि तुम इस बात से नहीं डरते कि निःसंदेह तुमने अल्लाह के साथ उसको साझी बनाया है, जिसकी कोई दलील उसने तुमपर नहीं उतारी, तो दोनों पक्षों में शांति का अधिक हक़दार कौन है, यदि तुम जानते हो?
६:८२
ٱلَّذِينَ
वो जो
alladhīna
वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَلَمْ और नहीं walam
और नहीं يَلْبِسُوٓا۟ उन्होंने मिलाया yalbisū
उन्होंने मिलाया إِيمَـٰنَهُم अपने ईमान को īmānahum
अपने ईमान को بِظُلْمٍ साथ ज़ुल्म के biẓul'min
साथ ज़ुल्म के أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए ٱلْأَمْنُ अमन है l-amnu
अमन है وَهُم और वो ही wahum
और वो ही مُّهْتَدُونَ हिदायत याफ़्ता हैं muh'tadūna
हिदायत याफ़्ता हैं ٨٢ (82)
(82)
वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَلَمْ और नहीं walam
और नहीं يَلْبِسُوٓا۟ उन्होंने मिलाया yalbisū
उन्होंने मिलाया إِيمَـٰنَهُم अपने ईमान को īmānahum
अपने ईमान को بِظُلْمٍ साथ ज़ुल्म के biẓul'min
साथ ज़ुल्म के أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए ٱلْأَمْنُ अमन है l-amnu
अमन है وَهُم और वो ही wahum
और वो ही مُّهْتَدُونَ हिदायत याफ़्ता हैं muh'tadūna
हिदायत याफ़्ता हैं ٨٢ (82)
(82)
जो लोग ईमान लाए और उन्होंने अपने ईमान को अत्याचार (शिर्क) के साथ नहीं मिलाया1, यही लोग हैं जिनके लिए शांति है तथा वही मार्गदर्शन पाने वाले हैं।
६:८३
وَتِلْكَ
और ये है
watil'ka
और ये है حُجَّتُنَآ हुज्जत हमारी ḥujjatunā
हुज्जत हमारी ءَاتَيْنَـٰهَآ दिया था हमने उसे ātaynāhā
दिया था हमने उसे إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम को ib'rāhīma
इब्राहीम को عَلَىٰ against ʿalā
against قَوْمِهِۦ ۚ उसकी क़ौम के ख़िलाफ़ qawmihi
उसकी क़ौम के ख़िलाफ़ نَرْفَعُ हम बुलन्द करते हैं narfaʿu
हम बुलन्द करते हैं دَرَجَـٰتٍۢ दरजात darajātin
दरजात مَّن जिसके man
जिसके نَّشَآءُ ۗ हम चाहते हैं nashāu
हम चाहते हैं إِنَّ बेशक inna
बेशक رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका حَكِيمٌ बहुत हिकमत वाला है ḥakīmun
बहुत हिकमत वाला है عَلِيمٌۭ बहुत इल्म वाला है ʿalīmun
बहुत इल्म वाला है ٨٣ (83)
(83)
और ये है حُجَّتُنَآ हुज्जत हमारी ḥujjatunā
हुज्जत हमारी ءَاتَيْنَـٰهَآ दिया था हमने उसे ātaynāhā
दिया था हमने उसे إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम को ib'rāhīma
इब्राहीम को عَلَىٰ against ʿalā
against قَوْمِهِۦ ۚ उसकी क़ौम के ख़िलाफ़ qawmihi
उसकी क़ौम के ख़िलाफ़ نَرْفَعُ हम बुलन्द करते हैं narfaʿu
हम बुलन्द करते हैं دَرَجَـٰتٍۢ दरजात darajātin
दरजात مَّن जिसके man
जिसके نَّشَآءُ ۗ हम चाहते हैं nashāu
हम चाहते हैं إِنَّ बेशक inna
बेशक رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका حَكِيمٌ बहुत हिकमत वाला है ḥakīmun
बहुत हिकमत वाला है عَلِيمٌۭ बहुत इल्म वाला है ʿalīmun
बहुत इल्म वाला है ٨٣ (83)
(83)
यह हमारा तर्क है, जो हमने इबराहीम को उसकी जाति के विरुद्ध प्रदान किया। हम जिसे चाहते है, पदों में ऊँचा1 कर देते हैं। निःसंदेह आपका पालनहार पूर्ण हिकमत वाला, सब कुछ जानने वाला है।
६:८४
وَوَهَبْنَا
और अता किए हमने
wawahabnā
और अता किए हमने لَهُۥٓ उसे lahu
उसे إِسْحَـٰقَ इसहाक़ is'ḥāqa
इसहाक़ وَيَعْقُوبَ ۚ और याक़ूब wayaʿqūba
और याक़ूब كُلًّا हर एक को kullan
हर एक को هَدَيْنَا ۚ हिदायत दी हमने hadaynā
हिदायत दी हमने وَنُوحًا और नूह को wanūḥan
और नूह को هَدَيْنَا हिदायत दी हमने hadaynā
हिदायत दी हमने مِن from min
from قَبْلُ ۖ इससे क़ब्ल qablu
इससे क़ब्ल وَمِن and of wamin
and of ذُرِّيَّتِهِۦ और उसकी औलाद में से dhurriyyatihi
और उसकी औलाद में से دَاوُۥدَ दाऊद dāwūda
दाऊद وَسُلَيْمَـٰنَ और सुलेमान wasulaymāna
और सुलेमान وَأَيُّوبَ और अय्यूब wa-ayyūba
और अय्यूब وَيُوسُفَ और यूसुफ़ wayūsufa
और यूसुफ़ وَمُوسَىٰ और मूसा wamūsā
और मूसा وَهَـٰرُونَ ۚ और हारून को wahārūna
और हारून को وَكَذَٰلِكَ और इसी तरह wakadhālika
और इसी तरह نَجْزِى हम बदला देते हैं najzī
हम बदला देते हैं ٱلْمُحْسِنِينَ एहसान करने वालों को l-muḥ'sinīna
एहसान करने वालों को ٨٤ (84)
(84)
और अता किए हमने لَهُۥٓ उसे lahu
उसे إِسْحَـٰقَ इसहाक़ is'ḥāqa
इसहाक़ وَيَعْقُوبَ ۚ और याक़ूब wayaʿqūba
और याक़ूब كُلًّا हर एक को kullan
हर एक को هَدَيْنَا ۚ हिदायत दी हमने hadaynā
हिदायत दी हमने وَنُوحًا और नूह को wanūḥan
और नूह को هَدَيْنَا हिदायत दी हमने hadaynā
हिदायत दी हमने مِن from min
from قَبْلُ ۖ इससे क़ब्ल qablu
इससे क़ब्ल وَمِن and of wamin
and of ذُرِّيَّتِهِۦ और उसकी औलाद में से dhurriyyatihi
और उसकी औलाद में से دَاوُۥدَ दाऊद dāwūda
दाऊद وَسُلَيْمَـٰنَ और सुलेमान wasulaymāna
और सुलेमान وَأَيُّوبَ और अय्यूब wa-ayyūba
और अय्यूब وَيُوسُفَ और यूसुफ़ wayūsufa
और यूसुफ़ وَمُوسَىٰ और मूसा wamūsā
और मूसा وَهَـٰرُونَ ۚ और हारून को wahārūna
और हारून को وَكَذَٰلِكَ और इसी तरह wakadhālika
और इसी तरह نَجْزِى हम बदला देते हैं najzī
हम बदला देते हैं ٱلْمُحْسِنِينَ एहसान करने वालों को l-muḥ'sinīna
एहसान करने वालों को ٨٤ (84)
(84)
और हमने उसे (इबराहीम को) इसहाक़ और याक़ूब प्रदान किए, प्रत्येक को हमने मार्गदर्शन दिया और उससे पहले नूह को मार्गदर्शन प्रदान किया और उसकी संतति में से दाऊद और सुलैमान और अय्यूब और यूसुफ़ और मूसा तथा हारून को। और इसी प्रकार हम नेकी करने वालों को प्रतिफल प्रदान करते हैं।
६:८५
وَزَكَرِيَّا
और ज़करिया
wazakariyyā
और ज़करिया وَيَحْيَىٰ और यहया wayaḥyā
और यहया وَعِيسَىٰ और ईसा waʿīsā
और ईसा وَإِلْيَاسَ ۖ और इलयास wa-il'yāsa
और इलयास كُلٌّۭ सबके सब kullun
सबके सब مِّنَ of mina
of ٱلصَّـٰلِحِينَ नेक लोगों में से थे l-ṣāliḥīna
नेक लोगों में से थे ٨٥ (85)
(85)
और ज़करिया وَيَحْيَىٰ और यहया wayaḥyā
और यहया وَعِيسَىٰ और ईसा waʿīsā
और ईसा وَإِلْيَاسَ ۖ और इलयास wa-il'yāsa
और इलयास كُلٌّۭ सबके सब kullun
सबके सब مِّنَ of mina
of ٱلصَّـٰلِحِينَ नेक लोगों में से थे l-ṣāliḥīna
नेक लोगों में से थे ٨٥ (85)
(85)
तथा ज़करीया और यह़्या और ईसा और इलयास को। ये सभी सदाचारियों में से थे।
६:८६
وَإِسْمَـٰعِيلَ
और इस्माईल
wa-is'māʿīla
और इस्माईल وَٱلْيَسَعَ और अल यसअ wal-yasaʿa
और अल यसअ وَيُونُسَ और यूनुस wayūnusa
और यूनुस وَلُوطًۭا ۚ और लूत walūṭan
और लूत وَكُلًّۭا और हर एक को wakullan
और हर एक को فَضَّلْنَا फ़ज़ीलत दी हमने faḍḍalnā
फ़ज़ीलत दी हमने عَلَى over ʿalā
over ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहान वालों पर l-ʿālamīna
तमाम जहान वालों पर ٨٦ (86)
(86)
और इस्माईल وَٱلْيَسَعَ और अल यसअ wal-yasaʿa
और अल यसअ وَيُونُسَ और यूनुस wayūnusa
और यूनुस وَلُوطًۭا ۚ और लूत walūṭan
और लूत وَكُلًّۭا और हर एक को wakullan
और हर एक को فَضَّلْنَا फ़ज़ीलत दी हमने faḍḍalnā
फ़ज़ीलत दी हमने عَلَى over ʿalā
over ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहान वालों पर l-ʿālamīna
तमाम जहान वालों पर ٨٦ (86)
(86)
तथा इसमाईल और अल-यसअ, यूनुस और लूत को। और उन सबको हमने संसार वालों पर श्रेष्ठता प्रदान की है।
६:८७
وَمِنْ
And from
wamin
And from ءَابَآئِهِمْ और उनके आबा ओ अजदाद में से ābāihim
और उनके आबा ओ अजदाद में से وَذُرِّيَّـٰتِهِمْ और उनकी औलादों में से wadhurriyyātihim
और उनकी औलादों में से وَإِخْوَٰنِهِمْ ۖ और उनके भाईयों में से wa-ikh'wānihim
और उनके भाईयों में से وَٱجْتَبَيْنَـٰهُمْ और चुन लिया हमने उन्हें wa-ij'tabaynāhum
और चुन लिया हमने उन्हें وَهَدَيْنَـٰهُمْ और हिदायत दी हमने उन्हें wahadaynāhum
और हिदायत दी हमने उन्हें إِلَىٰ to ilā
to صِرَٰطٍۢ तरफ़ रास्ते ṣirāṭin
तरफ़ रास्ते مُّسْتَقِيمٍۢ सीधे के mus'taqīmin
सीधे के ٨٧ (87)
(87)
And from ءَابَآئِهِمْ और उनके आबा ओ अजदाद में से ābāihim
और उनके आबा ओ अजदाद में से وَذُرِّيَّـٰتِهِمْ और उनकी औलादों में से wadhurriyyātihim
और उनकी औलादों में से وَإِخْوَٰنِهِمْ ۖ और उनके भाईयों में से wa-ikh'wānihim
और उनके भाईयों में से وَٱجْتَبَيْنَـٰهُمْ और चुन लिया हमने उन्हें wa-ij'tabaynāhum
और चुन लिया हमने उन्हें وَهَدَيْنَـٰهُمْ और हिदायत दी हमने उन्हें wahadaynāhum
और हिदायत दी हमने उन्हें إِلَىٰ to ilā
to صِرَٰطٍۢ तरफ़ रास्ते ṣirāṭin
तरफ़ रास्ते مُّسْتَقِيمٍۢ सीधे के mus'taqīmin
सीधे के ٨٧ (87)
(87)
तथा उनके बाप-दादा और उनकी संतानों तथा उनके भाइयों में से भी कुछ को (तौफ़ीक़ दी) और हमने उन्हें चुन लिया और सीधे मार्ग की ओर उनका मार्गदर्शन किया।
६:८८
ذَٰلِكَ
ये
dhālika
ये هُدَى हिदायत है hudā
हिदायत है ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की يَهْدِى वो हिदायत देता है yahdī
वो हिदायत देता है بِهِۦ साथ इसके bihi
साथ इसके مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है مِنْ of min
of عِبَادِهِۦ ۚ अपने बन्दों में से ʿibādihi
अपने बन्दों में से وَلَوْ और अगर walaw
और अगर أَشْرَكُوا۟ वो शिर्क करते ashrakū
वो शिर्क करते لَحَبِطَ अलबत्ता ज़ाया हो जाते laḥabiṭa
अलबत्ता ज़ाया हो जाते عَنْهُم उनसे ʿanhum
उनसे مَّا जो mā
जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते ٨٨ (88)
(88)
ये هُدَى हिदायत है hudā
हिदायत है ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की يَهْدِى वो हिदायत देता है yahdī
वो हिदायत देता है بِهِۦ साथ इसके bihi
साथ इसके مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है مِنْ of min
of عِبَادِهِۦ ۚ अपने बन्दों में से ʿibādihi
अपने बन्दों में से وَلَوْ और अगर walaw
और अगर أَشْرَكُوا۟ वो शिर्क करते ashrakū
वो शिर्क करते لَحَبِطَ अलबत्ता ज़ाया हो जाते laḥabiṭa
अलबत्ता ज़ाया हो जाते عَنْهُم उनसे ʿanhum
उनसे مَّا जो mā
जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते ٨٨ (88)
(88)
यह अल्लाह का मार्गदर्शन है, जिसपर वह अपने बंदों में से जिसे चाहता है, चलाता है। और यदि ये लोग शिर्क करते, तो निश्चय उनसे वह सब नष्ट हो जाता जो वे किया करते थे।1
६:८९
أُو۟لَـٰٓئِكَ
यही लोग हैं
ulāika
यही लोग हैं ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो ءَاتَيْنَـٰهُمُ दी हमने उन्हें ātaynāhumu
दी हमने उन्हें ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब وَٱلْحُكْمَ और हिकमत wal-ḥuk'ma
और हिकमत وَٱلنُّبُوَّةَ ۚ और नबुव्वत wal-nubuwata
और नबुव्वत فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर يَكْفُرْ कुफ़्र करते हैं yakfur
कुफ़्र करते हैं بِهَا उसका bihā
उसका هَـٰٓؤُلَآءِ ये लोग hāulāi
ये लोग فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ وَكَّلْنَا मुक़र्रर कर दिया हमने wakkalnā
मुक़र्रर कर दिया हमने بِهَا साथ उसके bihā
साथ उसके قَوْمًۭا एक क़ौम को qawman
एक क़ौम को لَّيْسُوا۟ नहीं हैं वो laysū
नहीं हैं वो بِهَا उसका bihā
उसका بِكَـٰفِرِينَ इन्कार करने वाले bikāfirīna
इन्कार करने वाले ٨٩ (89)
(89)
यही लोग हैं ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो ءَاتَيْنَـٰهُمُ दी हमने उन्हें ātaynāhumu
दी हमने उन्हें ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब وَٱلْحُكْمَ और हिकमत wal-ḥuk'ma
और हिकमत وَٱلنُّبُوَّةَ ۚ और नबुव्वत wal-nubuwata
और नबुव्वत فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर يَكْفُرْ कुफ़्र करते हैं yakfur
कुफ़्र करते हैं بِهَا उसका bihā
उसका هَـٰٓؤُلَآءِ ये लोग hāulāi
ये लोग فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ وَكَّلْنَا मुक़र्रर कर दिया हमने wakkalnā
मुक़र्रर कर दिया हमने بِهَا साथ उसके bihā
साथ उसके قَوْمًۭا एक क़ौम को qawman
एक क़ौम को لَّيْسُوا۟ नहीं हैं वो laysū
नहीं हैं वो بِهَا उसका bihā
उसका بِكَـٰفِرِينَ इन्कार करने वाले bikāfirīna
इन्कार करने वाले ٨٩ (89)
(89)
यही वे लोग हैं जिन्हें हमने पुस्तक, हिकमत एवं नुबुव्वत प्रदान की। फिर यदि ये (मुश्रिक) इन बातों का इनकार करें, तो हमने इन (बातों) के लिए ऐसे लोग नियत किए हैं, जो इनका इनकार करने वाले नहीं।
६:९०
أُو۟لَـٰٓئِكَ
यही वो लोग हैं
ulāika
यही वो लोग हैं ٱلَّذِينَ जिन्हें alladhīna
जिन्हें هَدَى हिदायत दी hadā
हिदायत दी ٱللَّهُ ۖ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने فَبِهُدَىٰهُمُ पस उनकी हिदायत की fabihudāhumu
पस उनकी हिदायत की ٱقْتَدِهْ ۗ आप पैरवी कीजिए iq'tadih
आप पैरवी कीजिए قُل कह दीजिए qul
कह दीजिए لَّآ Not lā
Not أَسْـَٔلُكُمْ नहीं मैं सवाल करता तुमसे asalukum
नहीं मैं सवाल करता तुमसे عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर أَجْرًا ۖ किसी अजर का ajran
किसी अजर का إِنْ नहीं in
नहीं هُوَ वो huwa
वो إِلَّا मगर illā
मगर ذِكْرَىٰ एक नसीहत dhik'rā
एक नसीहत لِلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहान वालों के लिए lil'ʿālamīna
तमाम जहान वालों के लिए ٩٠ (90)
(90)
यही वो लोग हैं ٱلَّذِينَ जिन्हें alladhīna
जिन्हें هَدَى हिदायत दी hadā
हिदायत दी ٱللَّهُ ۖ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने فَبِهُدَىٰهُمُ पस उनकी हिदायत की fabihudāhumu
पस उनकी हिदायत की ٱقْتَدِهْ ۗ आप पैरवी कीजिए iq'tadih
आप पैरवी कीजिए قُل कह दीजिए qul
कह दीजिए لَّآ Not lā
Not أَسْـَٔلُكُمْ नहीं मैं सवाल करता तुमसे asalukum
नहीं मैं सवाल करता तुमसे عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर أَجْرًا ۖ किसी अजर का ajran
किसी अजर का إِنْ नहीं in
नहीं هُوَ वो huwa
वो إِلَّا मगर illā
मगर ذِكْرَىٰ एक नसीहत dhik'rā
एक नसीहत لِلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहान वालों के लिए lil'ʿālamīna
तमाम जहान वालों के लिए ٩٠ (90)
(90)
यही वे लोग हैं, जिन्हें अल्लाह ने मार्गदर्शन प्रदान किया, तो आप उनके मार्गदर्शन का अनुसरण करें। आप कह दें : मैं इस (कार्य) पर1 तुमसे कोई बदला नहीं माँगता। यह तो सारे संसारों के लिए एक उपदेश के सिवा कुछ नहीं।
६:९१
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं قَدَرُوا۟ उन्होंने क़द्र की qadarū
उन्होंने क़द्र की ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की حَقَّ जिस तरह हक़ है ḥaqqa
जिस तरह हक़ है قَدْرِهِۦٓ उसकी क़द्र करने का qadrihi
उसकी क़द्र करने का إِذْ जब idh
जब قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा مَآ नहीं mā
नहीं أَنزَلَ नाज़िल की anzala
नाज़िल की ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَلَىٰ on ʿalā
on بَشَرٍۢ किसी इन्सान पर basharin
किसी इन्सान पर مِّن [of] min
[of] شَىْءٍۢ ۗ कोई चीज़ shayin
कोई चीज़ قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए مَنْ किसने man
किसने أَنزَلَ नाज़िल की anzala
नाज़िल की ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो جَآءَ लाए jāa
लाए بِهِۦ उसे bihi
उसे مُوسَىٰ मूसा mūsā
मूसा نُورًۭا नूर nūran
नूर وَهُدًۭى और हिदायत थी wahudan
और हिदायत थी لِّلنَّاسِ ۖ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए تَجْعَلُونَهُۥ तुम बना देते हो उसे tajʿalūnahu
तुम बना देते हो उसे قَرَاطِيسَ वर्क़-वर्क़ qarāṭīsa
वर्क़-वर्क़ تُبْدُونَهَا तुम ज़ाहिर करते हो उसे tub'dūnahā
तुम ज़ाहिर करते हो उसे وَتُخْفُونَ और तुम छुपाते हो watukh'fūna
और तुम छुपाते हो كَثِيرًۭا ۖ बहुत सा kathīran
बहुत सा وَعُلِّمْتُم और सिखाए गए हो तुम waʿullim'tum
और सिखाए गए हो तुम مَّا जो mā
जो لَمْ नहीं lam
नहीं تَعْلَمُوٓا۟ तुम जानते थे taʿlamū
तुम जानते थे أَنتُمْ तुम antum
तुम وَلَآ और ना walā
और ना ءَابَآؤُكُمْ ۖ आबा ओ अजदाद तुम्हारे ābāukum
आबा ओ अजदाद तुम्हारे قُلِ कह दीजिए quli
कह दीजिए ٱللَّهُ ۖ अल्लाह ने (उतारा है) l-lahu
अल्लाह ने (उतारा है) ثُمَّ फिर thumma
फिर ذَرْهُمْ छोड़ दीजिए उन्हें dharhum
छोड़ दीजिए उन्हें فِى in fī
in خَوْضِهِمْ अपनी बहस में khawḍihim
अपनी बहस में يَلْعَبُونَ वो खेलते फिरें yalʿabūna
वो खेलते फिरें ٩١ (91)
(91)
और नहीं قَدَرُوا۟ उन्होंने क़द्र की qadarū
उन्होंने क़द्र की ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की حَقَّ जिस तरह हक़ है ḥaqqa
जिस तरह हक़ है قَدْرِهِۦٓ उसकी क़द्र करने का qadrihi
उसकी क़द्र करने का إِذْ जब idh
जब قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा مَآ नहीं mā
नहीं أَنزَلَ नाज़िल की anzala
नाज़िल की ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَلَىٰ on ʿalā
on بَشَرٍۢ किसी इन्सान पर basharin
किसी इन्सान पर مِّن [of] min
[of] شَىْءٍۢ ۗ कोई चीज़ shayin
कोई चीज़ قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए مَنْ किसने man
किसने أَنزَلَ नाज़िल की anzala
नाज़िल की ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो جَآءَ लाए jāa
लाए بِهِۦ उसे bihi
उसे مُوسَىٰ मूसा mūsā
मूसा نُورًۭا नूर nūran
नूर وَهُدًۭى और हिदायत थी wahudan
और हिदायत थी لِّلنَّاسِ ۖ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए تَجْعَلُونَهُۥ तुम बना देते हो उसे tajʿalūnahu
तुम बना देते हो उसे قَرَاطِيسَ वर्क़-वर्क़ qarāṭīsa
वर्क़-वर्क़ تُبْدُونَهَا तुम ज़ाहिर करते हो उसे tub'dūnahā
तुम ज़ाहिर करते हो उसे وَتُخْفُونَ और तुम छुपाते हो watukh'fūna
और तुम छुपाते हो كَثِيرًۭا ۖ बहुत सा kathīran
बहुत सा وَعُلِّمْتُم और सिखाए गए हो तुम waʿullim'tum
और सिखाए गए हो तुम مَّا जो mā
जो لَمْ नहीं lam
नहीं تَعْلَمُوٓا۟ तुम जानते थे taʿlamū
तुम जानते थे أَنتُمْ तुम antum
तुम وَلَآ और ना walā
और ना ءَابَآؤُكُمْ ۖ आबा ओ अजदाद तुम्हारे ābāukum
आबा ओ अजदाद तुम्हारे قُلِ कह दीजिए quli
कह दीजिए ٱللَّهُ ۖ अल्लाह ने (उतारा है) l-lahu
अल्लाह ने (उतारा है) ثُمَّ फिर thumma
फिर ذَرْهُمْ छोड़ दीजिए उन्हें dharhum
छोड़ दीजिए उन्हें فِى in fī
in خَوْضِهِمْ अपनी बहस में khawḍihim
अपनी बहस में يَلْعَبُونَ वो खेलते फिरें yalʿabūna
वो खेलते फिरें ٩١ (91)
(91)
तथा उन्होंने अल्लाह की महिमा नहीं की, जो उसकी महिमा का हक़ था, जब उन्होंने कहा कि अल्लाह ने किसी मनुष्य पर कोई चीज़ नहीं उतारी। कहो : वह पुस्तक किसने उतारी, जो मूसा लेकर आए? जो लोगों के लिए प्रकाश तथा मार्गदर्शन थी, तुम उसे पन्नों में करके रखते हो, जिन्हें तुम प्रकट करते हो और बहुत-से छिपाते हो, तथा तुम्हें वह ज्ञान दिया गया, जिसे न तुम जानते थे और न तुम्हारे बाप-दादा। आप कह दें कि अल्लाह ने। फिर उन्हें छोड़ दें अपनी व्यर्थ की चर्चा में खेलते रहें।
६:९२
وَهَـٰذَا
और ये
wahādhā
और ये كِتَـٰبٌ किताब है kitābun
किताब है أَنزَلْنَـٰهُ नाज़िल किया हमने उसे anzalnāhu
नाज़िल किया हमने उसे مُبَارَكٌۭ बरकत वाली mubārakun
बरकत वाली مُّصَدِّقُ तसदीक़ करने वाली muṣaddiqu
तसदीक़ करने वाली ٱلَّذِى उसकी जो alladhī
उसकी जो بَيْنَ (came) before bayna
(came) before يَدَيْهِ इससे पहले है yadayhi
इससे पहले है وَلِتُنذِرَ और ताकि आप डराऐं walitundhira
और ताकि आप डराऐं أُمَّ (the) mother umma
(the) mother ٱلْقُرَىٰ अहले मक्का को l-qurā
अहले मक्का को وَمَنْ और जो waman
और जो حَوْلَهَا ۚ उसके इर्द-गिर्द हैं ḥawlahā
उसके इर्द-गिर्द हैं وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो يُؤْمِنُونَ ईमान रखते हैं yu'minūna
ईमान रखते हैं بِٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत पर bil-ākhirati
आख़िरत पर يُؤْمِنُونَ वो ईमान लाते हैं yu'minūna
वो ईमान लाते हैं بِهِۦ ۖ उस पर bihi
उस पर وَهُمْ और वो wahum
और वो عَلَىٰ over ʿalā
over صَلَاتِهِمْ अपनी नमाज़ की ṣalātihim
अपनी नमाज़ की يُحَافِظُونَ वो हिफ़ाज़त करते हैं yuḥāfiẓūna
वो हिफ़ाज़त करते हैं ٩٢ (92)
(92)
और ये كِتَـٰبٌ किताब है kitābun
किताब है أَنزَلْنَـٰهُ नाज़िल किया हमने उसे anzalnāhu
नाज़िल किया हमने उसे مُبَارَكٌۭ बरकत वाली mubārakun
बरकत वाली مُّصَدِّقُ तसदीक़ करने वाली muṣaddiqu
तसदीक़ करने वाली ٱلَّذِى उसकी जो alladhī
उसकी जो بَيْنَ (came) before bayna
(came) before يَدَيْهِ इससे पहले है yadayhi
इससे पहले है وَلِتُنذِرَ और ताकि आप डराऐं walitundhira
और ताकि आप डराऐं أُمَّ (the) mother umma
(the) mother ٱلْقُرَىٰ अहले मक्का को l-qurā
अहले मक्का को وَمَنْ और जो waman
और जो حَوْلَهَا ۚ उसके इर्द-गिर्द हैं ḥawlahā
उसके इर्द-गिर्द हैं وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो يُؤْمِنُونَ ईमान रखते हैं yu'minūna
ईमान रखते हैं بِٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत पर bil-ākhirati
आख़िरत पर يُؤْمِنُونَ वो ईमान लाते हैं yu'minūna
वो ईमान लाते हैं بِهِۦ ۖ उस पर bihi
उस पर وَهُمْ और वो wahum
और वो عَلَىٰ over ʿalā
over صَلَاتِهِمْ अपनी नमाज़ की ṣalātihim
अपनी नमाज़ की يُحَافِظُونَ वो हिफ़ाज़त करते हैं yuḥāfiẓūna
वो हिफ़ाज़त करते हैं ٩٢ (92)
(92)
तथा यह (क़ुरआन) एक पुस्तक है, जिसे हमने उतारा है, बड़ी बरकत वाली है, उसकी पुष्टि करने वाली है जो उससे पहले है, और ताकि आप बस्तियों के केंद्र (मक्का) तथा उसके चारों ओर के लोगों को डराएँ1, तथा जो लोग आख़िरत पर ईमान रखते हैं, वे इसपर ईमान लाते हैं और वे अपनी नमाज़ों की रक्षा2 करते हैं।
६:९३
وَمَنْ
और कौन
waman
और कौन أَظْلَمُ बड़ा ज़ालिम है aẓlamu
बड़ा ज़ालिम है مِمَّنِ उससे जो mimmani
उससे जो ٱفْتَرَىٰ गढ़ ले if'tarā
गढ़ ले عَلَى about ʿalā
about ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर كَذِبًا झूठ kadhiban
झूठ أَوْ या aw
या قَالَ वो कहे qāla
वो कहे أُوحِىَ वही की गई ūḥiya
वही की गई إِلَىَّ तरफ़ मेरे ilayya
तरफ़ मेरे وَلَمْ हालाँकि नहीं walam
हालाँकि नहीं يُوحَ वही की गई yūḥa
वही की गई إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके شَىْءٌۭ कोई चीज़ shayon
कोई चीज़ وَمَن और जो waman
और जो قَالَ कहे qāla
कहे سَأُنزِلُ ज़रूर मैं नाज़िल करुँगा sa-unzilu
ज़रूर मैं नाज़िल करुँगा مِثْلَ मानिन्द mith'la
मानिन्द مَآ उसके जो mā
उसके जो أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया ٱللَّهُ ۗ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَلَوْ और काश walaw
और काश تَرَىٰٓ आप देखें tarā
आप देखें إِذِ जब idhi
जब ٱلظَّـٰلِمُونَ ज़ालिम l-ẓālimūna
ज़ालिम فِى (are) in fī
(are) in غَمَرَٰتِ सख़्तियों में होंगे ghamarāti
सख़्तियों में होंगे ٱلْمَوْتِ मौत की l-mawti
मौत की وَٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ और फ़रिश्ते wal-malāikatu
और फ़रिश्ते بَاسِطُوٓا۟ फैलाए हुए होंगे bāsiṭū
फैलाए हुए होंगे أَيْدِيهِمْ अपने हाथों को aydīhim
अपने हाथों को أَخْرِجُوٓا۟ निकालो akhrijū
निकालो أَنفُسَكُمُ ۖ जानें अपनी anfusakumu
जानें अपनी ٱلْيَوْمَ आज l-yawma
आज تُجْزَوْنَ तुम बदला दिए जाओगे tuj'zawna
तुम बदला दिए जाओगे عَذَابَ अज़ाब ʿadhāba
अज़ाब ٱلْهُونِ रुस्वाई का l-hūni
रुस्वाई का بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَقُولُونَ तुम कहते taqūlūna
तुम कहते عَلَى against ʿalā
against ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर غَيْرَ other than ghayra
other than ٱلْحَقِّ नाहक़ l-ḥaqi
नाहक़ وَكُنتُمْ और थे तुम wakuntum
और थे तुम عَنْ towards ʿan
towards ءَايَـٰتِهِۦ उसकी आयात से āyātihi
उसकी आयात से تَسْتَكْبِرُونَ तुम तकब्बुर करते tastakbirūna
तुम तकब्बुर करते ٩٣ (93)
(93)
और कौन أَظْلَمُ बड़ा ज़ालिम है aẓlamu
बड़ा ज़ालिम है مِمَّنِ उससे जो mimmani
उससे जो ٱفْتَرَىٰ गढ़ ले if'tarā
गढ़ ले عَلَى about ʿalā
about ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर كَذِبًا झूठ kadhiban
झूठ أَوْ या aw
या قَالَ वो कहे qāla
वो कहे أُوحِىَ वही की गई ūḥiya
वही की गई إِلَىَّ तरफ़ मेरे ilayya
तरफ़ मेरे وَلَمْ हालाँकि नहीं walam
हालाँकि नहीं يُوحَ वही की गई yūḥa
वही की गई إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके شَىْءٌۭ कोई चीज़ shayon
कोई चीज़ وَمَن और जो waman
और जो قَالَ कहे qāla
कहे سَأُنزِلُ ज़रूर मैं नाज़िल करुँगा sa-unzilu
ज़रूर मैं नाज़िल करुँगा مِثْلَ मानिन्द mith'la
मानिन्द مَآ उसके जो mā
उसके जो أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया ٱللَّهُ ۗ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَلَوْ और काश walaw
और काश تَرَىٰٓ आप देखें tarā
आप देखें إِذِ जब idhi
जब ٱلظَّـٰلِمُونَ ज़ालिम l-ẓālimūna
ज़ालिम فِى (are) in fī
(are) in غَمَرَٰتِ सख़्तियों में होंगे ghamarāti
सख़्तियों में होंगे ٱلْمَوْتِ मौत की l-mawti
मौत की وَٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ और फ़रिश्ते wal-malāikatu
और फ़रिश्ते بَاسِطُوٓا۟ फैलाए हुए होंगे bāsiṭū
फैलाए हुए होंगे أَيْدِيهِمْ अपने हाथों को aydīhim
अपने हाथों को أَخْرِجُوٓا۟ निकालो akhrijū
निकालो أَنفُسَكُمُ ۖ जानें अपनी anfusakumu
जानें अपनी ٱلْيَوْمَ आज l-yawma
आज تُجْزَوْنَ तुम बदला दिए जाओगे tuj'zawna
तुम बदला दिए जाओगे عَذَابَ अज़ाब ʿadhāba
अज़ाब ٱلْهُونِ रुस्वाई का l-hūni
रुस्वाई का بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَقُولُونَ तुम कहते taqūlūna
तुम कहते عَلَى against ʿalā
against ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर غَيْرَ other than ghayra
other than ٱلْحَقِّ नाहक़ l-ḥaqi
नाहक़ وَكُنتُمْ और थे तुम wakuntum
और थे तुम عَنْ towards ʿan
towards ءَايَـٰتِهِۦ उसकी आयात से āyātihi
उसकी आयात से تَسْتَكْبِرُونَ तुम तकब्बुर करते tastakbirūna
तुम तकब्बुर करते ٩٣ (93)
(93)
और उससे बढ़कर अत्याचारी कौन है, जो अल्लाह पर झूठ गढ़े, या कहे कि मेरी ओर वह़्य (प्रकाशना) की गई है, हालाँकि उसकी ओर कोई चीज़ वह़्य (प्रकाशना) नहीं की गई तथा जो कहे कि अल्लाह ने जो उतारा है, उसके समान मैं (भी) उतार दूँगा। और काश! (ऐ नबी!) आप देखें जब अत्याचारी लोग मौत की कठिनाइयों में होते हैं और फ़रिश्ते अपने हाथ फैलाए हुए होते हैं, (कहते हैं) : निकालो अपने प्राण! आज तुम्हें अपमानजनक यातना दी जाएगी, इस कारण कि तुम अल्लाह पर अनुचित (झूठ) बातें कहते थे और तुम उसकी आयतों (को मानने) से अभिमान करते थे।
६:९४
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ جِئْتُمُونَا आ गए तुम हमारे पास ji'tumūnā
आ गए तुम हमारे पास فُرَٰدَىٰ अकेले-अकेले furādā
अकेले-अकेले كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि خَلَقْنَـٰكُمْ पैदा किया था हमने तुम्हें khalaqnākum
पैदा किया था हमने तुम्हें أَوَّلَ पहली awwala
पहली مَرَّةٍۢ बार marratin
बार وَتَرَكْتُم और छोड़ आए तुम wataraktum
और छोड़ आए तुम مَّا जो mā
जो خَوَّلْنَـٰكُمْ दिया हमने तुम्हें khawwalnākum
दिया हमने तुम्हें وَرَآءَ पीछे warāa
पीछे ظُهُورِكُمْ ۖ अपनी पुश्तों के ẓuhūrikum
अपनी पुश्तों के وَمَا और नहीं wamā
और नहीं نَرَىٰ हम देखते narā
हम देखते مَعَكُمْ साथ तुम्हारे maʿakum
साथ तुम्हारे شُفَعَآءَكُمُ तुम्हारे सिफ़ारिशियों को shufaʿāakumu
तुम्हारे सिफ़ारिशियों को ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो زَعَمْتُمْ गुमान किया था तुमने zaʿamtum
गुमान किया था तुमने أَنَّهُمْ कि बेशक वो annahum
कि बेशक वो فِيكُمْ तुम में fīkum
तुम में شُرَكَـٰٓؤُا۟ ۚ शरीक हैं shurakāu
शरीक हैं لَقَد अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ تَّقَطَّعَ कट गया (ताल्लुक़) taqaṭṭaʿa
कट गया (ताल्लुक़) بَيْنَكُمْ तुम्हारे दर्मियान baynakum
तुम्हारे दर्मियान وَضَلَّ और गुम हो गया waḍalla
और गुम हो गया عَنكُم तुमसे ʿankum
तुमसे مَّا वो जो mā
वो जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَزْعُمُونَ तुम गुमान करते tazʿumūna
तुम गुमान करते ٩٤ (94)
(94)
और अलबत्ता तहक़ीक़ جِئْتُمُونَا आ गए तुम हमारे पास ji'tumūnā
आ गए तुम हमारे पास فُرَٰدَىٰ अकेले-अकेले furādā
अकेले-अकेले كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि خَلَقْنَـٰكُمْ पैदा किया था हमने तुम्हें khalaqnākum
पैदा किया था हमने तुम्हें أَوَّلَ पहली awwala
पहली مَرَّةٍۢ बार marratin
बार وَتَرَكْتُم और छोड़ आए तुम wataraktum
और छोड़ आए तुम مَّا जो mā
जो خَوَّلْنَـٰكُمْ दिया हमने तुम्हें khawwalnākum
दिया हमने तुम्हें وَرَآءَ पीछे warāa
पीछे ظُهُورِكُمْ ۖ अपनी पुश्तों के ẓuhūrikum
अपनी पुश्तों के وَمَا और नहीं wamā
और नहीं نَرَىٰ हम देखते narā
हम देखते مَعَكُمْ साथ तुम्हारे maʿakum
साथ तुम्हारे شُفَعَآءَكُمُ तुम्हारे सिफ़ारिशियों को shufaʿāakumu
तुम्हारे सिफ़ारिशियों को ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो زَعَمْتُمْ गुमान किया था तुमने zaʿamtum
गुमान किया था तुमने أَنَّهُمْ कि बेशक वो annahum
कि बेशक वो فِيكُمْ तुम में fīkum
तुम में شُرَكَـٰٓؤُا۟ ۚ शरीक हैं shurakāu
शरीक हैं لَقَد अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ تَّقَطَّعَ कट गया (ताल्लुक़) taqaṭṭaʿa
कट गया (ताल्लुक़) بَيْنَكُمْ तुम्हारे दर्मियान baynakum
तुम्हारे दर्मियान وَضَلَّ और गुम हो गया waḍalla
और गुम हो गया عَنكُم तुमसे ʿankum
तुमसे مَّا वो जो mā
वो जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَزْعُمُونَ तुम गुमान करते tazʿumūna
तुम गुमान करते ٩٤ (94)
(94)
तथा निःसंदेह तुम हमारे पास अकेले-अकेले आए हो, जैसे हमने तुम्हें प्रथम बार पैदा किया था, तथा हमने जो कुछ तु्म्हें दिया था, अपनी पीठों के पीछे छोड़ आए हो और हम तुम्हारे साथ तुम्हारे उन सिफ़ारिशियों को नहीं देखते, जिनके बारे में तुम्हारा भ्रम था कि निःसंदेह वे तुम्हारे कामों में (अल्लाह के) साझी हैं? निश्चय तुम्हारे बीच का संबंध कट गया और तुमसे गुम हो गया, जो कुछ तुम गुमान किया करते थे।
६:९५
۞ إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह فَالِقُ फाड़ने वाला है fāliqu
फाड़ने वाला है ٱلْحَبِّ दाने l-ḥabi
दाने وَٱلنَّوَىٰ ۖ और गुठली को wal-nawā
और गुठली को يُخْرِجُ वो निकालता है yukh'riju
वो निकालता है ٱلْحَىَّ ज़िन्दा को l-ḥaya
ज़िन्दा को مِنَ from mina
from ٱلْمَيِّتِ मुर्दा से l-mayiti
मुर्दा से وَمُخْرِجُ और निकालने वाला है wamukh'riju
और निकालने वाला है ٱلْمَيِّتِ मुर्दा को l-mayiti
मुर्दा को مِنَ from mina
from ٱلْحَىِّ ۚ ज़िन्दा से l-ḥayi
ज़िन्दा से ذَٰلِكُمُ ये है dhālikumu
ये है ٱللَّهُ ۖ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فَأَنَّىٰ तो कहाँ से fa-annā
तो कहाँ से تُؤْفَكُونَ तुम फेरे जाते हो tu'fakūna
तुम फेरे जाते हो ٩٥ (95)
(95)
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह فَالِقُ फाड़ने वाला है fāliqu
फाड़ने वाला है ٱلْحَبِّ दाने l-ḥabi
दाने وَٱلنَّوَىٰ ۖ और गुठली को wal-nawā
और गुठली को يُخْرِجُ वो निकालता है yukh'riju
वो निकालता है ٱلْحَىَّ ज़िन्दा को l-ḥaya
ज़िन्दा को مِنَ from mina
from ٱلْمَيِّتِ मुर्दा से l-mayiti
मुर्दा से وَمُخْرِجُ और निकालने वाला है wamukh'riju
और निकालने वाला है ٱلْمَيِّتِ मुर्दा को l-mayiti
मुर्दा को مِنَ from mina
from ٱلْحَىِّ ۚ ज़िन्दा से l-ḥayi
ज़िन्दा से ذَٰلِكُمُ ये है dhālikumu
ये है ٱللَّهُ ۖ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فَأَنَّىٰ तो कहाँ से fa-annā
तो कहाँ से تُؤْفَكُونَ तुम फेरे जाते हो tu'fakūna
तुम फेरे जाते हो ٩٥ (95)
(95)
निःसंदेह अल्लाह ही दाने तथा गुठलियों को फाड़ने वाला है। वह सजीव को निर्जीव से निकालता है तथा निर्जीव को सजीव से निकालने वाला है। यही अल्लाह है, फिर तुम कहाँ बहकाए जाते हो?
६:९६
فَالِقُ
फाड़ने वाला है
fāliqu
फाड़ने वाला है ٱلْإِصْبَاحِ सुबह का l-iṣ'bāḥi
सुबह का وَجَعَلَ और उसने बनाया wajaʿala
और उसने बनाया ٱلَّيْلَ रात को al-layla
रात को سَكَنًۭا बाइसे सुकून sakanan
बाइसे सुकून وَٱلشَّمْسَ और सूरज wal-shamsa
और सूरज وَٱلْقَمَرَ और चाँद को wal-qamara
और चाँद को حُسْبَانًۭا ۚ हिसाब का ज़रिया ḥus'bānan
हिसाब का ज़रिया ذَٰلِكَ ये dhālika
ये تَقْدِيرُ अन्दाज़ा है taqdīru
अन्दाज़ा है ٱلْعَزِيزِ बहुत ज़बरदस्त का l-ʿazīzi
बहुत ज़बरदस्त का ٱلْعَلِيمِ बहुत इल्म वाले का l-ʿalīmi
बहुत इल्म वाले का ٩٦ (96)
(96)
फाड़ने वाला है ٱلْإِصْبَاحِ सुबह का l-iṣ'bāḥi
सुबह का وَجَعَلَ और उसने बनाया wajaʿala
और उसने बनाया ٱلَّيْلَ रात को al-layla
रात को سَكَنًۭا बाइसे सुकून sakanan
बाइसे सुकून وَٱلشَّمْسَ और सूरज wal-shamsa
और सूरज وَٱلْقَمَرَ और चाँद को wal-qamara
और चाँद को حُسْبَانًۭا ۚ हिसाब का ज़रिया ḥus'bānan
हिसाब का ज़रिया ذَٰلِكَ ये dhālika
ये تَقْدِيرُ अन्दाज़ा है taqdīru
अन्दाज़ा है ٱلْعَزِيزِ बहुत ज़बरदस्त का l-ʿazīzi
बहुत ज़बरदस्त का ٱلْعَلِيمِ बहुत इल्म वाले का l-ʿalīmi
बहुत इल्म वाले का ٩٦ (96)
(96)
(वही) पौ फाड़ने वाला है और उसी ने रात को आराम के लिए तथा सूर्य और चाँद को हिसाब का साधन बनाया। यह अति प्रभुत्वशाली, सब कुछ जानने वाले का ठहराया हुआ अंदाज़ा1 है।
६:९७
وَهُوَ
और वो ही है
wahuwa
और वो ही है ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने جَعَلَ बनाए jaʿala
बनाए لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلنُّجُومَ सितारे l-nujūma
सितारे لِتَهْتَدُوا۟ ताकि तुम राह पाओ litahtadū
ताकि तुम राह पाओ بِهَا उनके ज़रिए bihā
उनके ज़रिए فِى in fī
in ظُلُمَـٰتِ तारीकियों में ẓulumāti
तारीकियों में ٱلْبَرِّ खुश्की की l-bari
खुश्की की وَٱلْبَحْرِ ۗ और समुन्दर की wal-baḥri
और समुन्दर की قَدْ तहक़ीक qad
तहक़ीक فَصَّلْنَا खोल कर बयान कर दीं हमने faṣṣalnā
खोल कर बयान कर दीं हमने ٱلْـَٔايَـٰتِ आयात l-āyāti
आयात لِقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يَعْلَمُونَ जो इल्म रखते हैं yaʿlamūna
जो इल्म रखते हैं ٩٧ (97)
(97)
और वो ही है ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने جَعَلَ बनाए jaʿala
बनाए لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلنُّجُومَ सितारे l-nujūma
सितारे لِتَهْتَدُوا۟ ताकि तुम राह पाओ litahtadū
ताकि तुम राह पाओ بِهَا उनके ज़रिए bihā
उनके ज़रिए فِى in fī
in ظُلُمَـٰتِ तारीकियों में ẓulumāti
तारीकियों में ٱلْبَرِّ खुश्की की l-bari
खुश्की की وَٱلْبَحْرِ ۗ और समुन्दर की wal-baḥri
और समुन्दर की قَدْ तहक़ीक qad
तहक़ीक فَصَّلْنَا खोल कर बयान कर दीं हमने faṣṣalnā
खोल कर बयान कर दीं हमने ٱلْـَٔايَـٰتِ आयात l-āyāti
आयात لِقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يَعْلَمُونَ जो इल्म रखते हैं yaʿlamūna
जो इल्म रखते हैं ٩٧ (97)
(97)
तथा वही है जिसने तुम्हारे लिए तारे बनाए, ताकि तुम उनके द्वारा थल और समुद्र के अँधेरों में मार्ग पा सको। निःसंदेह हमने उन लोगों के लिए खोलकर निशानियाँ बयान कर दी हैं, जो ज्ञान रखते हैं।
६:९८
وَهُوَ
और वो ही है
wahuwa
और वो ही है ٱلَّذِىٓ जिसने alladhī
जिसने أَنشَأَكُم पैदा किया तुम्हें ansha-akum
पैदा किया तुम्हें مِّن from min
from نَّفْسٍۢ a soul nafsin
a soul وَٰحِدَةٍۢ एक जान से wāḥidatin
एक जान से فَمُسْتَقَرٌّۭ फिर एक रहने की जगह famus'taqarrun
फिर एक रहने की जगह وَمُسْتَوْدَعٌۭ ۗ और एक सुपुर्द किए जाने की जगह है wamus'tawdaʿun
और एक सुपुर्द किए जाने की जगह है قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ فَصَّلْنَا खोल कर बयान कर दीं हमने faṣṣalnā
खोल कर बयान कर दीं हमने ٱلْـَٔايَـٰتِ आयात l-āyāti
आयात لِقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يَفْقَهُونَ जो समझते हों yafqahūna
जो समझते हों ٩٨ (98)
(98)
और वो ही है ٱلَّذِىٓ जिसने alladhī
जिसने أَنشَأَكُم पैदा किया तुम्हें ansha-akum
पैदा किया तुम्हें مِّن from min
from نَّفْسٍۢ a soul nafsin
a soul وَٰحِدَةٍۢ एक जान से wāḥidatin
एक जान से فَمُسْتَقَرٌّۭ फिर एक रहने की जगह famus'taqarrun
फिर एक रहने की जगह وَمُسْتَوْدَعٌۭ ۗ और एक सुपुर्द किए जाने की जगह है wamus'tawdaʿun
और एक सुपुर्द किए जाने की जगह है قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ فَصَّلْنَا खोल कर बयान कर दीं हमने faṣṣalnā
खोल कर बयान कर दीं हमने ٱلْـَٔايَـٰتِ आयात l-āyāti
आयात لِقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يَفْقَهُونَ जो समझते हों yafqahūna
जो समझते हों ٩٨ (98)
(98)
वही है, जिसने तुम्हें एक जान से पैदा किया। फिर एक ठहरने का स्थान और एक सौंपे जाने का स्थान है। निःसंदहे हमने उन लोगों के लिए निशानियाँ खोलकर बयान कर दी हैं, जो समझते हैं।
६:९९
وَهُوَ
और वो ही है
wahuwa
और वो ही है ٱلَّذِىٓ जिसने alladhī
जिसने أَنزَلَ उतारा anzala
उतारा مِنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से مَآءًۭ पानी māan
पानी فَأَخْرَجْنَا फिर निकाली हमने fa-akhrajnā
फिर निकाली हमने بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके نَبَاتَ पैदावार nabāta
पैदावार كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ की shayin
चीज़ की فَأَخْرَجْنَا फिर निकाला हमने fa-akhrajnā
फिर निकाला हमने مِنْهُ उससे min'hu
उससे خَضِرًۭا सब्ज़ा khaḍiran
सब्ज़ा نُّخْرِجُ हम निकालते हैं nukh'riju
हम निकालते हैं مِنْهُ उससे min'hu
उससे حَبًّۭا दाने ḥabban
दाने مُّتَرَاكِبًۭا तह-ब-तह mutarākiban
तह-ब-तह وَمِنَ And from wamina
And from ٱلنَّخْلِ और खजूरों से l-nakhli
और खजूरों से مِن from min
from طَلْعِهَا उनकेशगूफ़ों से ṭalʿihā
उनकेशगूफ़ों से قِنْوَانٌۭ ख़ोशे qin'wānun
ख़ोशे دَانِيَةٌۭ झुके हुए dāniyatun
झुके हुए وَجَنَّـٰتٍۢ और बाग़ात wajannātin
और बाग़ात مِّنْ of min
of أَعْنَابٍۢ अंगूरों के aʿnābin
अंगूरों के وَٱلزَّيْتُونَ और ज़ैतून wal-zaytūna
और ज़ैतून وَٱلرُّمَّانَ और अनार के wal-rumāna
और अनार के مُشْتَبِهًۭا मिलते-जुलते mush'tabihan
मिलते-जुलते وَغَيْرَ और नहीं भी waghayra
और नहीं भी مُتَشَـٰبِهٍ ۗ मिलते-जुलते mutashābihin
मिलते-जुलते ٱنظُرُوٓا۟ देखो unẓurū
देखो إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ ثَمَرِهِۦٓ उसके फल के thamarihi
उसके फल के إِذَآ जब idhā
जब أَثْمَرَ वो फल लाए athmara
वो फल लाए وَيَنْعِهِۦٓ ۚ और उसके पकने के wayanʿihi
और उसके पकने के إِنَّ बेशक inna
बेशक فِى in fī
in ذَٰلِكُمْ इसमें dhālikum
इसमें لَـَٔايَـٰتٍۢ अलबत्ता निशानियाँ हैं laāyātin
अलबत्ता निशानियाँ हैं لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يُؤْمِنُونَ जो ईमान रखते हों yu'minūna
जो ईमान रखते हों ٩٩ (99)
(99)
और वो ही है ٱلَّذِىٓ जिसने alladhī
जिसने أَنزَلَ उतारा anzala
उतारा مِنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से مَآءًۭ पानी māan
पानी فَأَخْرَجْنَا फिर निकाली हमने fa-akhrajnā
फिर निकाली हमने بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके نَبَاتَ पैदावार nabāta
पैदावार كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ की shayin
चीज़ की فَأَخْرَجْنَا फिर निकाला हमने fa-akhrajnā
फिर निकाला हमने مِنْهُ उससे min'hu
उससे خَضِرًۭا सब्ज़ा khaḍiran
सब्ज़ा نُّخْرِجُ हम निकालते हैं nukh'riju
हम निकालते हैं مِنْهُ उससे min'hu
उससे حَبًّۭا दाने ḥabban
दाने مُّتَرَاكِبًۭا तह-ब-तह mutarākiban
तह-ब-तह وَمِنَ And from wamina
And from ٱلنَّخْلِ और खजूरों से l-nakhli
और खजूरों से مِن from min
from طَلْعِهَا उनकेशगूफ़ों से ṭalʿihā
उनकेशगूफ़ों से قِنْوَانٌۭ ख़ोशे qin'wānun
ख़ोशे دَانِيَةٌۭ झुके हुए dāniyatun
झुके हुए وَجَنَّـٰتٍۢ और बाग़ात wajannātin
और बाग़ात مِّنْ of min
of أَعْنَابٍۢ अंगूरों के aʿnābin
अंगूरों के وَٱلزَّيْتُونَ और ज़ैतून wal-zaytūna
और ज़ैतून وَٱلرُّمَّانَ और अनार के wal-rumāna
और अनार के مُشْتَبِهًۭا मिलते-जुलते mush'tabihan
मिलते-जुलते وَغَيْرَ और नहीं भी waghayra
और नहीं भी مُتَشَـٰبِهٍ ۗ मिलते-जुलते mutashābihin
मिलते-जुलते ٱنظُرُوٓا۟ देखो unẓurū
देखो إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ ثَمَرِهِۦٓ उसके फल के thamarihi
उसके फल के إِذَآ जब idhā
जब أَثْمَرَ वो फल लाए athmara
वो फल लाए وَيَنْعِهِۦٓ ۚ और उसके पकने के wayanʿihi
और उसके पकने के إِنَّ बेशक inna
बेशक فِى in fī
in ذَٰلِكُمْ इसमें dhālikum
इसमें لَـَٔايَـٰتٍۢ अलबत्ता निशानियाँ हैं laāyātin
अलबत्ता निशानियाँ हैं لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يُؤْمِنُونَ जो ईमान रखते हों yu'minūna
जो ईमान रखते हों ٩٩ (99)
(99)
तथा वही है जिसने आकाश से कुछ पानी उतारा, फिर हमने उसके द्वारा प्रत्येक प्रकार के पौधे निकाले। फिर हमने उससे हरियाली निकाली। जिसमें से हम तह-ब-तह चढ़े हुए दाने निकालते हैं तथा खजूर के पेड़ों से उनके गाभे से झुके हुए गुच्छे हैं तथा अंगूरों के बाग़ और ज़ैतून और अनार मिलते-जुलते और न मिलने-जुलने वाले। उसके फल को देखो, जब वह फल लाए तथा उसके पकने की ओर। निःसंदेह इनमें उन लोगों के लिए निश्चय बहुत-सी निशानियाँ1 हैं, जो ईमान लाते हैं।
६:१००
وَجَعَلُوا۟
और उन्होंने बना लिया
wajaʿalū
और उन्होंने बना लिया لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए شُرَكَآءَ शरीक shurakāa
शरीक ٱلْجِنَّ जिन्नों को l-jina
जिन्नों को وَخَلَقَهُمْ ۖ हालाँकि उसने पैदा किया उन्हें wakhalaqahum
हालाँकि उसने पैदा किया उन्हें وَخَرَقُوا۟ और उन्होंने गढ़ लिए wakharaqū
और उन्होंने गढ़ लिए لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए بَنِينَ बेटे banīna
बेटे وَبَنَـٰتٍۭ और बेटियाँ wabanātin
और बेटियाँ بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर عِلْمٍۢ ۚ इल्म के ʿil'min
इल्म के سُبْحَـٰنَهُۥ पाक है वो sub'ḥānahu
पाक है वो وَتَعَـٰلَىٰ और बुलन्दतर है wataʿālā
और बुलन्दतर है عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो يَصِفُونَ वो वस्फ़ बयान करते हैं yaṣifūna
वो वस्फ़ बयान करते हैं ١٠٠ (100)
(100)
और उन्होंने बना लिया لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए شُرَكَآءَ शरीक shurakāa
शरीक ٱلْجِنَّ जिन्नों को l-jina
जिन्नों को وَخَلَقَهُمْ ۖ हालाँकि उसने पैदा किया उन्हें wakhalaqahum
हालाँकि उसने पैदा किया उन्हें وَخَرَقُوا۟ और उन्होंने गढ़ लिए wakharaqū
और उन्होंने गढ़ लिए لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए بَنِينَ बेटे banīna
बेटे وَبَنَـٰتٍۭ और बेटियाँ wabanātin
और बेटियाँ بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर عِلْمٍۢ ۚ इल्म के ʿil'min
इल्म के سُبْحَـٰنَهُۥ पाक है वो sub'ḥānahu
पाक है वो وَتَعَـٰلَىٰ और बुलन्दतर है wataʿālā
और बुलन्दतर है عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो يَصِفُونَ वो वस्फ़ बयान करते हैं yaṣifūna
वो वस्फ़ बयान करते हैं ١٠٠ (100)
(100)
और उन्होंने जिन्नों को अल्लाह का साझी बना दिया। हालाँकि उस (अल्लाह) ने उन्हें पैदा किया है, तथा बिना कुछ ज्ञान के उसके लिए बेटे और बेटियाँ गढ़ लीं। वह पवित्र तथा सर्वोच्च है, उन बातों से, जो वे बयान करते हैं।
६:१०१
بَدِيعُ
मूजिद है
badīʿu
मूजिद है ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ ۖ और ज़मीन का wal-arḍi
और ज़मीन का أَنَّىٰ क्यों कर annā
क्यों कर يَكُونُ हो सकती है yakūnu
हो सकती है لَهُۥ उसकी lahu
उसकी وَلَدٌۭ कोई औलाद waladun
कोई औलाद وَلَمْ हालाँकि नहीं walam
हालाँकि नहीं تَكُن है takun
है لَّهُۥ उसकी lahu
उसकी صَـٰحِبَةٌۭ ۖ कोई बीवी ṣāḥibatun
कोई बीवी وَخَلَقَ और उसने पैदा किया wakhalaqa
और उसने पैदा किया كُلَّ हर kulla
हर شَىْءٍۢ ۖ चीज़ को shayin
चीज़ को وَهُوَ और वो wahuwa
और वो بِكُلِّ हर bikulli
हर شَىْءٍ चीज़ को shayin
चीज़ को عَلِيمٌۭ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ١٠١ (101)
(101)
मूजिद है ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ ۖ और ज़मीन का wal-arḍi
और ज़मीन का أَنَّىٰ क्यों कर annā
क्यों कर يَكُونُ हो सकती है yakūnu
हो सकती है لَهُۥ उसकी lahu
उसकी وَلَدٌۭ कोई औलाद waladun
कोई औलाद وَلَمْ हालाँकि नहीं walam
हालाँकि नहीं تَكُن है takun
है لَّهُۥ उसकी lahu
उसकी صَـٰحِبَةٌۭ ۖ कोई बीवी ṣāḥibatun
कोई बीवी وَخَلَقَ और उसने पैदा किया wakhalaqa
और उसने पैदा किया كُلَّ हर kulla
हर شَىْءٍۢ ۖ चीज़ को shayin
चीज़ को وَهُوَ और वो wahuwa
और वो بِكُلِّ हर bikulli
हर شَىْءٍ चीज़ को shayin
चीज़ को عَلِيمٌۭ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ١٠١ (101)
(101)
वह आकाशों तथा धरती का अविष्कारक है, उसकी संतान कैसे होगी, जबकि उसकी कोई पत्नी नहीं? तथा उसी ने हर चीज़ पैदा की और वह प्रत्येक वस्तु को भली-भाँति जानने वाला है।
६:१०२
ذَٰلِكُمُ
ये है
dhālikumu
ये है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह رَبُّكُمْ ۖ रब तुम्हारा rabbukum
रब तुम्हारा لَآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ ۖ वो ही huwa
वो ही خَـٰلِقُ पैदा करने वाला है khāliqu
पैदा करने वाला है كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ का shayin
चीज़ का فَٱعْبُدُوهُ ۚ पस इबादत करो उसकी fa-uʿ'budūhu
पस इबादत करो उसकी وَهُوَ और वो wahuwa
और वो عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के وَكِيلٌۭ कारसाज़ है wakīlun
कारसाज़ है ١٠٢ (102)
(102)
ये है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह رَبُّكُمْ ۖ रब तुम्हारा rabbukum
रब तुम्हारा لَآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ ۖ वो ही huwa
वो ही خَـٰلِقُ पैदा करने वाला है khāliqu
पैदा करने वाला है كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ का shayin
चीज़ का فَٱعْبُدُوهُ ۚ पस इबादत करो उसकी fa-uʿ'budūhu
पस इबादत करो उसकी وَهُوَ और वो wahuwa
और वो عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के وَكِيلٌۭ कारसाज़ है wakīlun
कारसाज़ है ١٠٢ (102)
(102)
यही अल्लाह तुम्हारा पालनहार है, उसके सिवा कोई सच्चा पूज्य नहीं, हर चीज़ का स्रष्टा है। अतः तुम उसी की इबादत करो तथा वह हर चीज़ का निरीक्षक है।
६:१०३
لَّا
Not (can)
lā
Not (can) تُدْرِكُهُ नहीं पा सकतीं उसे tud'rikuhu
नहीं पा सकतीं उसे ٱلْأَبْصَـٰرُ निगाहें l-abṣāru
निगाहें وَهُوَ और वो wahuwa
और वो يُدْرِكُ वो पा लेता है yud'riku
वो पा लेता है ٱلْأَبْصَـٰرَ ۖ निगाहों को l-abṣāra
निगाहों को وَهُوَ और वो wahuwa
और वो ٱللَّطِيفُ बहुत बारीक बीन है l-laṭīfu
बहुत बारीक बीन है ٱلْخَبِيرُ ख़ूब बाख़बर है l-khabīru
ख़ूब बाख़बर है ١٠٣ (103)
(103)
Not (can) تُدْرِكُهُ नहीं पा सकतीं उसे tud'rikuhu
नहीं पा सकतीं उसे ٱلْأَبْصَـٰرُ निगाहें l-abṣāru
निगाहें وَهُوَ और वो wahuwa
और वो يُدْرِكُ वो पा लेता है yud'riku
वो पा लेता है ٱلْأَبْصَـٰرَ ۖ निगाहों को l-abṣāra
निगाहों को وَهُوَ और वो wahuwa
और वो ٱللَّطِيفُ बहुत बारीक बीन है l-laṭīfu
बहुत बारीक बीन है ٱلْخَبِيرُ ख़ूब बाख़बर है l-khabīru
ख़ूब बाख़बर है ١٠٣ (103)
(103)
उसे निगाहें नहीं पातीं1 और वह सब निगाहों को पाता है और वही अत्यंत सूक्ष्मदर्शी, सब ख़बर रखने वाला है।
६:१०४
قَدْ
तहक़ीक़
qad
तहक़ीक़ جَآءَكُم आ गईं तुम्हारे पास jāakum
आ गईं तुम्हारे पास بَصَآئِرُ खुली दलीलें baṣāiru
खुली दलीलें مِن from min
from رَّبِّكُمْ ۖ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से فَمَنْ तो जिसने faman
तो जिसने أَبْصَرَ देख लिया abṣara
देख लिया فَلِنَفْسِهِۦ ۖ तो उसके अपने लिए है falinafsihi
तो उसके अपने लिए है وَمَنْ और जो waman
और जो عَمِىَ अँधा हुआ ʿamiya
अँधा हुआ فَعَلَيْهَا ۚ तो उसी पर है faʿalayhā
तो उसी पर है وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं أَنَا۠ मैं anā
मैं عَلَيْكُم तुम पर ʿalaykum
तुम पर بِحَفِيظٍۢ कोई निगरान biḥafīẓin
कोई निगरान ١٠٤ (104)
(104)
तहक़ीक़ جَآءَكُم आ गईं तुम्हारे पास jāakum
आ गईं तुम्हारे पास بَصَآئِرُ खुली दलीलें baṣāiru
खुली दलीलें مِن from min
from رَّبِّكُمْ ۖ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से فَمَنْ तो जिसने faman
तो जिसने أَبْصَرَ देख लिया abṣara
देख लिया فَلِنَفْسِهِۦ ۖ तो उसके अपने लिए है falinafsihi
तो उसके अपने लिए है وَمَنْ और जो waman
और जो عَمِىَ अँधा हुआ ʿamiya
अँधा हुआ فَعَلَيْهَا ۚ तो उसी पर है faʿalayhā
तो उसी पर है وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं أَنَا۠ मैं anā
मैं عَلَيْكُم तुम पर ʿalaykum
तुम पर بِحَفِيظٍۢ कोई निगरान biḥafīẓin
कोई निगरान ١٠٤ (104)
(104)
निःसंदेह तुम्हारे पास तुम्हारे पालनहार की ओर से कई निशानियाँ आ चुकीं। फिर जिसने देख लिया, तो उसका लाभ उसी के लिए है और जो अंधा रहा, तो उसकी हानि उसी पर है और मैं तुमपर कोई संरक्षक1 नहीं।
६:१०५
وَكَذَٰلِكَ
और इसी तरह
wakadhālika
और इसी तरह نُصَرِّفُ हम फेर-फेर कर लाते हैं nuṣarrifu
हम फेर-फेर कर लाते हैं ٱلْـَٔايَـٰتِ आयात को l-āyāti
आयात को وَلِيَقُولُوا۟ और ताकि वो कहें waliyaqūlū
और ताकि वो कहें دَرَسْتَ पढ़ लिया है तूने darasta
पढ़ लिया है तूने وَلِنُبَيِّنَهُۥ और ताकि हम बयान करें उसे walinubayyinahu
और ताकि हम बयान करें उसे لِقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يَعْلَمُونَ जो इल्म रखते हैं yaʿlamūna
जो इल्म रखते हैं ١٠٥ (105)
(105)
और इसी तरह نُصَرِّفُ हम फेर-फेर कर लाते हैं nuṣarrifu
हम फेर-फेर कर लाते हैं ٱلْـَٔايَـٰتِ आयात को l-āyāti
आयात को وَلِيَقُولُوا۟ और ताकि वो कहें waliyaqūlū
और ताकि वो कहें دَرَسْتَ पढ़ लिया है तूने darasta
पढ़ लिया है तूने وَلِنُبَيِّنَهُۥ और ताकि हम बयान करें उसे walinubayyinahu
और ताकि हम बयान करें उसे لِقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يَعْلَمُونَ जो इल्म रखते हैं yaʿlamūna
जो इल्म रखते हैं ١٠٥ (105)
(105)
और इसी प्रकार, हम आयतों को विविध ढंग से बयान करते हैं और ताकि वे (मुश्रिक) कहें : आपने पढ़ा1 है, और ताकि हम उसे उन लोगों के लिए उजागर कर दें, जो ज्ञान रखते हैं।
६:१०६
ٱتَّبِعْ
पैरवी कीजिए
ittabiʿ
पैरवी कीजिए مَآ उसकी जो mā
उसकी जो أُوحِىَ वही किया गया ūḥiya
वही किया गया إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके مِن from min
from رَّبِّكَ ۖ आपके रब की तरफ़ से rabbika
आपके रब की तरफ़ से لَآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ ۖ वो ही huwa
वो ही وَأَعْرِضْ और ऐराज़ कीजिए wa-aʿriḍ
और ऐराज़ कीजिए عَنِ from ʿani
from ٱلْمُشْرِكِينَ मुशरिकीन से l-mush'rikīna
मुशरिकीन से ١٠٦ (106)
(106)
पैरवी कीजिए مَآ उसकी जो mā
उसकी जो أُوحِىَ वही किया गया ūḥiya
वही किया गया إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके مِن from min
from رَّبِّكَ ۖ आपके रब की तरफ़ से rabbika
आपके रब की तरफ़ से لَآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ ۖ वो ही huwa
वो ही وَأَعْرِضْ और ऐराज़ कीजिए wa-aʿriḍ
और ऐराज़ कीजिए عَنِ from ʿani
from ٱلْمُشْرِكِينَ मुशरिकीन से l-mush'rikīna
मुशरिकीन से ١٠٦ (106)
(106)
आप उसका पालन करें, जो आपकी ओर आपके पालनहार की तरफ़ से वह़्य की गई है, उसके सिवा कोई सत्य पूज्य नहीं और मुश्रिकों से किनारा कर लें।
६:१०७
وَلَوْ
और अगर
walaw
और अगर شَآءَ चाहता shāa
चाहता ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مَآ ना mā
ना أَشْرَكُوا۟ ۗ वो शिर्क करते ashrakū
वो शिर्क करते وَمَا और नहीं wamā
और नहीं جَعَلْنَـٰكَ बनाया हमने आपको jaʿalnāka
बनाया हमने आपको عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर حَفِيظًۭا ۖ मुहाफ़िज़ ḥafīẓan
मुहाफ़िज़ وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं أَنتَ आप anta
आप عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर بِوَكِيلٍۢ कोई कारसाज़ biwakīlin
कोई कारसाज़ ١٠٧ (107)
(107)
और अगर شَآءَ चाहता shāa
चाहता ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مَآ ना mā
ना أَشْرَكُوا۟ ۗ वो शिर्क करते ashrakū
वो शिर्क करते وَمَا और नहीं wamā
और नहीं جَعَلْنَـٰكَ बनाया हमने आपको jaʿalnāka
बनाया हमने आपको عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर حَفِيظًۭا ۖ मुहाफ़िज़ ḥafīẓan
मुहाफ़िज़ وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं أَنتَ आप anta
आप عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर بِوَكِيلٍۢ कोई कारसाज़ biwakīlin
कोई कारसाज़ ١٠٧ (107)
(107)
और यदि अल्लाह चाहता, तो वे लोग साझी न बनाते, तथा हमने आपको उनपर संरक्षक नहीं बनाया और न आप उनके कोई निरीक्षक हैं।1
६:१०८
وَلَا
और ना
walā
और ना تَسُبُّوا۟ तुम गाली दो tasubbū
तुम गाली दो ٱلَّذِينَ उनको जिन्हें alladhīna
उनको जिन्हें يَدْعُونَ वो पुकारते हैं yadʿūna
वो पुकारते हैं مِن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के فَيَسُبُّوا۟ तो वो गाली देंगे fayasubbū
तो वो गाली देंगे ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को عَدْوًۢا ज़्यादती करके ʿadwan
ज़्यादती करके بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर عِلْمٍۢ ۗ इल्म के ʿil'min
इल्म के كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह زَيَّنَّا मुज़य्यन कर दिए हमने zayyannā
मुज़य्यन कर दिए हमने لِكُلِّ वास्ते हर likulli
वास्ते हर أُمَّةٍ उम्मत के ummatin
उम्मत के عَمَلَهُمْ अमल उनके ʿamalahum
अमल उनके ثُمَّ फिर thumma
फिर إِلَىٰ to ilā
to رَبِّهِم तरफ़ अपने रब के rabbihim
तरफ़ अपने रब के مَّرْجِعُهُمْ लौटना है उनका marjiʿuhum
लौटना है उनका فَيُنَبِّئُهُم फिर वो बता देगा उन्हें fayunabbi-uhum
फिर वो बता देगा उन्हें بِمَا वो जो bimā
वो जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते ١٠٨ (108)
(108)
और ना تَسُبُّوا۟ तुम गाली दो tasubbū
तुम गाली दो ٱلَّذِينَ उनको जिन्हें alladhīna
उनको जिन्हें يَدْعُونَ वो पुकारते हैं yadʿūna
वो पुकारते हैं مِن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के فَيَسُبُّوا۟ तो वो गाली देंगे fayasubbū
तो वो गाली देंगे ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को عَدْوًۢا ज़्यादती करके ʿadwan
ज़्यादती करके بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर عِلْمٍۢ ۗ इल्म के ʿil'min
इल्म के كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह زَيَّنَّا मुज़य्यन कर दिए हमने zayyannā
मुज़य्यन कर दिए हमने لِكُلِّ वास्ते हर likulli
वास्ते हर أُمَّةٍ उम्मत के ummatin
उम्मत के عَمَلَهُمْ अमल उनके ʿamalahum
अमल उनके ثُمَّ फिर thumma
फिर إِلَىٰ to ilā
to رَبِّهِم तरफ़ अपने रब के rabbihim
तरफ़ अपने रब के مَّرْجِعُهُمْ लौटना है उनका marjiʿuhum
लौटना है उनका فَيُنَبِّئُهُم फिर वो बता देगा उन्हें fayunabbi-uhum
फिर वो बता देगा उन्हें بِمَا वो जो bimā
वो जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते ١٠٨ (108)
(108)
और (ऐ ईमान वालो!) उन्हें बुरा न कहो, जिन्हें ये (मुश्रिक) अल्लाह के सिवा पुकारते हैं। अन्यथा, वे अतिक्रम करते हुए अज्ञानतावश अल्लाह को बुरा कहेंगे। इसी प्रकार, हमने प्रत्येक समुदाय के लिए उनके कर्म को सुशोभित कर दिया है। फिर उनके पालनहार ही की ओर उनका लौटना है, तो वह उन्हें बताएगा, जो कुछ वे किया करते थे।
६:१०९
وَأَقْسَمُوا۟
और उन्होंने क़समें खाईं
wa-aqsamū
और उन्होंने क़समें खाईं بِٱللَّهِ अल्लाह की bil-lahi
अल्लाह की جَهْدَ पक्की jahda
पक्की أَيْمَـٰنِهِمْ क़समें अपनी aymānihim
क़समें अपनी لَئِن अलबत्ता अगर la-in
अलबत्ता अगर جَآءَتْهُمْ आई उनके पास jāathum
आई उनके पास ءَايَةٌۭ कोई निशानी āyatun
कोई निशानी لَّيُؤْمِنُنَّ अलबत्ता वो ज़रूर ईमान लाऐंगे layu'minunna
अलबत्ता वो ज़रूर ईमान लाऐंगे بِهَا ۚ उस पर bihā
उस पर قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक ٱلْـَٔايَـٰتُ निशानियाँ l-āyātu
निशानियाँ عِندَ (are) with ʿinda
(are) with ٱللَّهِ ۖ पास हैं अल्लाह के l-lahi
पास हैं अल्लाह के وَمَا और क्या चीज़ wamā
और क्या चीज़ يُشْعِرُكُمْ आगाह करे तुम्हें yush'ʿirukum
आगाह करे तुम्हें أَنَّهَآ कि बेशक वो annahā
कि बेशक वो إِذَا जब idhā
जब جَآءَتْ वो आ जाऐंगी jāat
वो आ जाऐंगी لَا not lā
not يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाऐंगे yu'minūna
नहीं वो ईमान लाऐंगे ١٠٩ (109)
(109)
और उन्होंने क़समें खाईं بِٱللَّهِ अल्लाह की bil-lahi
अल्लाह की جَهْدَ पक्की jahda
पक्की أَيْمَـٰنِهِمْ क़समें अपनी aymānihim
क़समें अपनी لَئِن अलबत्ता अगर la-in
अलबत्ता अगर جَآءَتْهُمْ आई उनके पास jāathum
आई उनके पास ءَايَةٌۭ कोई निशानी āyatun
कोई निशानी لَّيُؤْمِنُنَّ अलबत्ता वो ज़रूर ईमान लाऐंगे layu'minunna
अलबत्ता वो ज़रूर ईमान लाऐंगे بِهَا ۚ उस पर bihā
उस पर قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक ٱلْـَٔايَـٰتُ निशानियाँ l-āyātu
निशानियाँ عِندَ (are) with ʿinda
(are) with ٱللَّهِ ۖ पास हैं अल्लाह के l-lahi
पास हैं अल्लाह के وَمَا और क्या चीज़ wamā
और क्या चीज़ يُشْعِرُكُمْ आगाह करे तुम्हें yush'ʿirukum
आगाह करे तुम्हें أَنَّهَآ कि बेशक वो annahā
कि बेशक वो إِذَا जब idhā
जब جَآءَتْ वो आ जाऐंगी jāat
वो आ जाऐंगी لَا not lā
not يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाऐंगे yu'minūna
नहीं वो ईमान लाऐंगे ١٠٩ (109)
(109)
और उन्होंने अपनी मज़बूत क़समें खाते हुए अल्लाह की क़सम खाई कि निःसंदेह यदि उनके पास कोई आयत (निशानी) आई, तो वे उसपर अवश्य ही ईमान लाएँगे। आप कह दें : आयतें (निशानियाँ) तो केवल अल्लाह के पास हैं और (ऐ ईमान वालो!) तुम्हें क्या पता कि निःसंदेह वे निशानियाँ जब आ जाएँगी, तो वे ईमान नहीं लाएँगे।1
६:११०
وَنُقَلِّبُ
और हम फेर देंगे
wanuqallibu
और हम फेर देंगे أَفْـِٔدَتَهُمْ उनके दिलों को afidatahum
उनके दिलों को وَأَبْصَـٰرَهُمْ और उनकी निगाहों को wa-abṣārahum
और उनकी निगाहों को كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि لَمْ नहीं lam
नहीं يُؤْمِنُوا۟ वो ईमान लाए yu'minū
वो ईमान लाए بِهِۦٓ उस पर bihi
उस पर أَوَّلَ पहली awwala
पहली مَرَّةٍۢ बार marratin
बार وَنَذَرُهُمْ और हम छोड़ देंगे उन्हें wanadharuhum
और हम छोड़ देंगे उन्हें فِى in fī
in طُغْيَـٰنِهِمْ उनकी सरकशी में ṭugh'yānihim
उनकी सरकशी में يَعْمَهُونَ वो भटकते फिरेंगे yaʿmahūna
वो भटकते फिरेंगे ١١٠ (110)
(110)
और हम फेर देंगे أَفْـِٔدَتَهُمْ उनके दिलों को afidatahum
उनके दिलों को وَأَبْصَـٰرَهُمْ और उनकी निगाहों को wa-abṣārahum
और उनकी निगाहों को كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि لَمْ नहीं lam
नहीं يُؤْمِنُوا۟ वो ईमान लाए yu'minū
वो ईमान लाए بِهِۦٓ उस पर bihi
उस पर أَوَّلَ पहली awwala
पहली مَرَّةٍۢ बार marratin
बार وَنَذَرُهُمْ और हम छोड़ देंगे उन्हें wanadharuhum
और हम छोड़ देंगे उन्हें فِى in fī
in طُغْيَـٰنِهِمْ उनकी सरकशी में ṭugh'yānihim
उनकी सरकशी में يَعْمَهُونَ वो भटकते फिरेंगे yaʿmahūna
वो भटकते फिरेंगे ١١٠ (110)
(110)
और हम उनके दिलों और उनकी आँखों को फेर देंगे1, जैसे वे पहली बार इस (क़ुरआन) पर ईमान नहीं लाए और हम उन्हें छोड़ देंगे, अपनी सरकशी में भटकते फिरेंगे।
६:१११
۞ وَلَوْ
और अगर
walaw
और अगर أَنَّنَا बेशक हम annanā
बेशक हम نَزَّلْنَآ उतारते हम nazzalnā
उतारते हम إِلَيْهِمُ तरफ़ उनके ilayhimu
तरफ़ उनके ٱلْمَلَـٰٓئِكَةَ फ़रिश्ते l-malāikata
फ़रिश्ते وَكَلَّمَهُمُ और कलाम करते उनसे wakallamahumu
और कलाम करते उनसे ٱلْمَوْتَىٰ मुर्दे l-mawtā
मुर्दे وَحَشَرْنَا और इकट्ठा कर लाते हम waḥasharnā
और इकट्ठा कर लाते हम عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर كُلَّ हर kulla
हर شَىْءٍۢ चीज़ को shayin
चीज़ को قُبُلًۭا सामने qubulan
सामने مَّا ना mā
ना كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो لِيُؤْمِنُوٓا۟ कि वो ईमान ले आते liyu'minū
कि वो ईमान ले आते إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि يَشَآءَ चाहता yashāa
चाहता ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन أَكْثَرَهُمْ अक्सर उनके aktharahum
अक्सर उनके يَجْهَلُونَ वो जहालत बरतते हैं yajhalūna
वो जहालत बरतते हैं ١١١ (111)
(111)
और अगर أَنَّنَا बेशक हम annanā
बेशक हम نَزَّلْنَآ उतारते हम nazzalnā
उतारते हम إِلَيْهِمُ तरफ़ उनके ilayhimu
तरफ़ उनके ٱلْمَلَـٰٓئِكَةَ फ़रिश्ते l-malāikata
फ़रिश्ते وَكَلَّمَهُمُ और कलाम करते उनसे wakallamahumu
और कलाम करते उनसे ٱلْمَوْتَىٰ मुर्दे l-mawtā
मुर्दे وَحَشَرْنَا और इकट्ठा कर लाते हम waḥasharnā
और इकट्ठा कर लाते हम عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर كُلَّ हर kulla
हर شَىْءٍۢ चीज़ को shayin
चीज़ को قُبُلًۭا सामने qubulan
सामने مَّا ना mā
ना كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो لِيُؤْمِنُوٓا۟ कि वो ईमान ले आते liyu'minū
कि वो ईमान ले आते إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि يَشَآءَ चाहता yashāa
चाहता ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन أَكْثَرَهُمْ अक्सर उनके aktharahum
अक्सर उनके يَجْهَلُونَ वो जहालत बरतते हैं yajhalūna
वो जहालत बरतते हैं ١١١ (111)
(111)
और यदि हम उनकी ओर फ़रिश्ते उतार देते और उनसे मुर्दे बातें करते और हम प्रत्येक चीज़ उनके सामने लाकर इकट्ठा कर देते, तो भी वे ऐसे न थे कि ईमान लाते, परंतु यह कि अल्लाह चाहे, लेकिन उनमें से अधिकतर लोग अज्ञानता से काम लेते हैं।
६:११२
وَكَذَٰلِكَ
और इसी तरह
wakadhālika
और इसी तरह جَعَلْنَا बनाए हमने jaʿalnā
बनाए हमने لِكُلِّ for every likulli
for every نَبِىٍّ हर नबी के लिए nabiyyin
हर नबी के लिए عَدُوًّۭا दुश्मन ʿaduwwan
दुश्मन شَيَـٰطِينَ शयातीन shayāṭīna
शयातीन ٱلْإِنسِ इन्सानों l-insi
इन्सानों وَٱلْجِنِّ और जिन्नों (में से) wal-jini
और जिन्नों (में से) يُوحِى डालता है yūḥī
डालता है بَعْضُهُمْ बाज़ उनका baʿḍuhum
बाज़ उनका إِلَىٰ to ilā
to بَعْضٍۢ तरफ़ बाज़ के baʿḍin
तरफ़ बाज़ के زُخْرُفَ मुलम्मा की हुई zukh'rufa
मुलम्मा की हुई ٱلْقَوْلِ बात l-qawli
बात غُرُورًۭا ۚ धोखा देने के लिए ghurūran
धोखा देने के लिए وَلَوْ और अगर walaw
और अगर شَآءَ चाहता shāa
चाहता رَبُّكَ रब आपका rabbuka
रब आपका مَا ना mā
ना فَعَلُوهُ ۖ वो करते उसे faʿalūhu
वो करते उसे فَذَرْهُمْ पस छोड़ दीजिए उन्हें fadharhum
पस छोड़ दीजिए उन्हें وَمَا और जो wamā
और जो يَفْتَرُونَ वो झूठ गढ़ते हैं yaftarūna
वो झूठ गढ़ते हैं ١١٢ (112)
(112)
और इसी तरह جَعَلْنَا बनाए हमने jaʿalnā
बनाए हमने لِكُلِّ for every likulli
for every نَبِىٍّ हर नबी के लिए nabiyyin
हर नबी के लिए عَدُوًّۭا दुश्मन ʿaduwwan
दुश्मन شَيَـٰطِينَ शयातीन shayāṭīna
शयातीन ٱلْإِنسِ इन्सानों l-insi
इन्सानों وَٱلْجِنِّ और जिन्नों (में से) wal-jini
और जिन्नों (में से) يُوحِى डालता है yūḥī
डालता है بَعْضُهُمْ बाज़ उनका baʿḍuhum
बाज़ उनका إِلَىٰ to ilā
to بَعْضٍۢ तरफ़ बाज़ के baʿḍin
तरफ़ बाज़ के زُخْرُفَ मुलम्मा की हुई zukh'rufa
मुलम्मा की हुई ٱلْقَوْلِ बात l-qawli
बात غُرُورًۭا ۚ धोखा देने के लिए ghurūran
धोखा देने के लिए وَلَوْ और अगर walaw
और अगर شَآءَ चाहता shāa
चाहता رَبُّكَ रब आपका rabbuka
रब आपका مَا ना mā
ना فَعَلُوهُ ۖ वो करते उसे faʿalūhu
वो करते उसे فَذَرْهُمْ पस छोड़ दीजिए उन्हें fadharhum
पस छोड़ दीजिए उन्हें وَمَا और जो wamā
और जो يَفْتَرُونَ वो झूठ गढ़ते हैं yaftarūna
वो झूठ गढ़ते हैं ١١٢ (112)
(112)
और (ऐ नबी!) इसी प्रकार, हमने हर नबी के लिए मनुष्यों एवं जिन्नों के शैतानों को शत्रु बना दिया, जो धोखा देने के लिए एक-दूसरे के मन में चिकनी-चुपड़ी बात डालते रहते हैं। और यदि आपका पालनहार चाहता, तो वे ऐसा न करते। तो आप उन्हें छोड़ दें और जो वे झूठ गढ़ते हैं।
६:११३
وَلِتَصْغَىٰٓ
और ताकि माइल हों
walitaṣghā
और ताकि माइल हों إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके أَفْـِٔدَةُ दिल afidatu
दिल ٱلَّذِينَ उनके जो alladhīna
उनके जो لَا (do) not lā
(do) not يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाते yu'minūna
नहीं वो ईमान लाते بِٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत पर bil-ākhirati
आख़िरत पर وَلِيَرْضَوْهُ और ताकि वो राज़ी हों उससे waliyarḍawhu
और ताकि वो राज़ी हों उससे وَلِيَقْتَرِفُوا۟ और ताकि वो कमाई करें waliyaqtarifū
और ताकि वो कमाई करें مَا जो mā
जो هُم वो hum
वो مُّقْتَرِفُونَ कमाई करने वाले हैं muq'tarifūna
कमाई करने वाले हैं ١١٣ (113)
(113)
और ताकि माइल हों إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके أَفْـِٔدَةُ दिल afidatu
दिल ٱلَّذِينَ उनके जो alladhīna
उनके जो لَا (do) not lā
(do) not يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाते yu'minūna
नहीं वो ईमान लाते بِٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत पर bil-ākhirati
आख़िरत पर وَلِيَرْضَوْهُ और ताकि वो राज़ी हों उससे waliyarḍawhu
और ताकि वो राज़ी हों उससे وَلِيَقْتَرِفُوا۟ और ताकि वो कमाई करें waliyaqtarifū
और ताकि वो कमाई करें مَا जो mā
जो هُم वो hum
वो مُّقْتَرِفُونَ कमाई करने वाले हैं muq'tarifūna
कमाई करने वाले हैं ١١٣ (113)
(113)
और ताकि उन लोगों के दिल उस (सुशोभित झूठ) की ओर झुक जाएँ, जो आख़िरत पर विश्वास नहीं रखते और ताकि वे उसे पसंद करें और ताकि वे भी वही कुकर्म करने लगें, जो ये करने वाले हैं।
६:११४
أَفَغَيْرَ
क्या फिर सिवाय
afaghayra
क्या फिर सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के أَبْتَغِى मैं तलाश करूँ abtaghī
मैं तलाश करूँ حَكَمًۭا कोई फ़ैसला करने वाला ḥakaman
कोई फ़ैसला करने वाला وَهُوَ हालाँकि वो ही है wahuwa
हालाँकि वो ही है ٱلَّذِىٓ जिसने alladhī
जिसने أَنزَلَ नाज़िल की anzala
नाज़िल की إِلَيْكُمُ तरफ़ तुम्हारे ilaykumu
तरफ़ तुम्हारे ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब مُفَصَّلًۭا ۚ मुफ़स्सिल mufaṣṣalan
मुफ़स्सिल وَٱلَّذِينَ और वो लोग जो wa-alladhīna
और वो लोग जो ءَاتَيْنَـٰهُمُ दी हमने उन्हें ātaynāhumu
दी हमने उन्हें ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब يَعْلَمُونَ वो जानते हैं yaʿlamūna
वो जानते हैं أَنَّهُۥ कि बेशक वो annahu
कि बेशक वो مُنَزَّلٌۭ नाज़िल करदा है munazzalun
नाज़िल करदा है مِّن from min
from رَّبِّكَ आपके रब की तरफ़ से rabbika
आपके रब की तरफ़ से بِٱلْحَقِّ ۖ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के فَلَا so (do) not falā
so (do) not تَكُونَنَّ पस हरगिज़ ना आप हों takūnanna
पस हरगिज़ ना आप हों مِنَ among mina
among ٱلْمُمْتَرِينَ शक करने वालों में से l-mum'tarīna
शक करने वालों में से ١١٤ (114)
(114)
क्या फिर सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के أَبْتَغِى मैं तलाश करूँ abtaghī
मैं तलाश करूँ حَكَمًۭا कोई फ़ैसला करने वाला ḥakaman
कोई फ़ैसला करने वाला وَهُوَ हालाँकि वो ही है wahuwa
हालाँकि वो ही है ٱلَّذِىٓ जिसने alladhī
जिसने أَنزَلَ नाज़िल की anzala
नाज़िल की إِلَيْكُمُ तरफ़ तुम्हारे ilaykumu
तरफ़ तुम्हारे ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब مُفَصَّلًۭا ۚ मुफ़स्सिल mufaṣṣalan
मुफ़स्सिल وَٱلَّذِينَ और वो लोग जो wa-alladhīna
और वो लोग जो ءَاتَيْنَـٰهُمُ दी हमने उन्हें ātaynāhumu
दी हमने उन्हें ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब يَعْلَمُونَ वो जानते हैं yaʿlamūna
वो जानते हैं أَنَّهُۥ कि बेशक वो annahu
कि बेशक वो مُنَزَّلٌۭ नाज़िल करदा है munazzalun
नाज़िल करदा है مِّن from min
from رَّبِّكَ आपके रब की तरफ़ से rabbika
आपके रब की तरफ़ से بِٱلْحَقِّ ۖ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के فَلَا so (do) not falā
so (do) not تَكُونَنَّ पस हरगिज़ ना आप हों takūnanna
पस हरगिज़ ना आप हों مِنَ among mina
among ٱلْمُمْتَرِينَ शक करने वालों में से l-mum'tarīna
शक करने वालों में से ١١٤ (114)
(114)
तो क्या मैं अल्लाह के सिवा कोई और न्यायकर्ता तलाश करूँ, हालाँकि उसी ने तुम्हारी ओर यह विस्तारपूर्ण पुस्तक उतारी1 है? तथा जिन लोगों को हमने पुस्तक2 प्रदान की है, वे जानते हैं कि निश्चय यह आपके पालनहार की ओर से सत्य के साथ अवतरित की गई है। अतः आप हरगिज़ संदेह करने वालों में से न हों।
६:११५
وَتَمَّتْ
और पूरी हो गई
watammat
और पूरी हो गई كَلِمَتُ बात kalimatu
बात رَبِّكَ आपके रब की rabbika
आपके रब की صِدْقًۭا सच ṣid'qan
सच وَعَدْلًۭا ۚ और इन्साफ़ की waʿadlan
और इन्साफ़ की لَّا No lā
No مُبَدِّلَ नहीं कोई बदलने वाला mubaddila
नहीं कोई बदलने वाला لِكَلِمَـٰتِهِۦ ۚ उसके कलिमात को likalimātihi
उसके कलिमात को وَهُوَ और वो wahuwa
और वो ٱلسَّمِيعُ ख़ूब सुनने वाला है l-samīʿu
ख़ूब सुनने वाला है ٱلْعَلِيمُ ख़ूब जानने वाला है l-ʿalīmu
ख़ूब जानने वाला है ١١٥ (115)
(115)
और पूरी हो गई كَلِمَتُ बात kalimatu
बात رَبِّكَ आपके रब की rabbika
आपके रब की صِدْقًۭا सच ṣid'qan
सच وَعَدْلًۭا ۚ और इन्साफ़ की waʿadlan
और इन्साफ़ की لَّا No lā
No مُبَدِّلَ नहीं कोई बदलने वाला mubaddila
नहीं कोई बदलने वाला لِكَلِمَـٰتِهِۦ ۚ उसके कलिमात को likalimātihi
उसके कलिमात को وَهُوَ और वो wahuwa
और वो ٱلسَّمِيعُ ख़ूब सुनने वाला है l-samīʿu
ख़ूब सुनने वाला है ٱلْعَلِيمُ ख़ूब जानने वाला है l-ʿalīmu
ख़ूब जानने वाला है ١١٥ (115)
(115)
आपके पालनहार की बात सत्य एवं न्याय की दृष्टि से पूरी हो गई। उसकी बातों को कोई बदलने वाला नहीं। और वही सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।
६:११६
وَإِن
और अगर
wa-in
और अगर تُطِعْ आप इताअत करें tuṭiʿ
आप इताअत करें أَكْثَرَ अक्सरियत की akthara
अक्सरियत की مَن जो man
जो فِى (those) in fī
(those) in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है يُضِلُّوكَ वो भटका देंगे आपको yuḍillūka
वो भटका देंगे आपको عَن from ʿan
from سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के रास्ते से l-lahi
अल्लाह के रास्ते से إِن नहीं in
नहीं يَتَّبِعُونَ वो पैरवी करते yattabiʿūna
वो पैरवी करते إِلَّا मगर illā
मगर ٱلظَّنَّ गुमान की l-ẓana
गुमान की وَإِنْ और नहीं wa-in
और नहीं هُمْ वो hum
वो إِلَّا मगर illā
मगर يَخْرُصُونَ वो क़यास आराइयाँ करते हैं yakhruṣūna
वो क़यास आराइयाँ करते हैं ١١٦ (116)
(116)
और अगर تُطِعْ आप इताअत करें tuṭiʿ
आप इताअत करें أَكْثَرَ अक्सरियत की akthara
अक्सरियत की مَن जो man
जो فِى (those) in fī
(those) in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है يُضِلُّوكَ वो भटका देंगे आपको yuḍillūka
वो भटका देंगे आपको عَن from ʿan
from سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के रास्ते से l-lahi
अल्लाह के रास्ते से إِن नहीं in
नहीं يَتَّبِعُونَ वो पैरवी करते yattabiʿūna
वो पैरवी करते إِلَّا मगर illā
मगर ٱلظَّنَّ गुमान की l-ẓana
गुमान की وَإِنْ और नहीं wa-in
और नहीं هُمْ वो hum
वो إِلَّا मगर illā
मगर يَخْرُصُونَ वो क़यास आराइयाँ करते हैं yakhruṣūna
वो क़यास आराइयाँ करते हैं ١١٦ (116)
(116)
और (ऐ नबी!) यदि आप उन लोगों में से अधिकतर का कहना मानें जो धरती पर हैं, तो वे आपको अल्लाह के मार्ग से भटका देंगे। वे तो केवल अनुमान का पालन करते1 हैं और वे इसके सिवा कुछ नहीं कि अटकल दौड़ाते हैं।
६:११७
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका هُوَ वो huwa
वो أَعْلَمُ ज़्यादा जानता है aʿlamu
ज़्यादा जानता है مَن who man
who يَضِلُّ कौन भटका हुआ है yaḍillu
कौन भटका हुआ है عَن from ʿan
from سَبِيلِهِۦ ۖ उसके रास्ते से sabīlihi
उसके रास्ते से وَهُوَ और वो wahuwa
और वो أَعْلَمُ ज़्यादा जानता है aʿlamu
ज़्यादा जानता है بِٱلْمُهْتَدِينَ हिदायत पाने वालों को bil-muh'tadīna
हिदायत पाने वालों को ١١٧ (117)
(117)
बेशक رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका هُوَ वो huwa
वो أَعْلَمُ ज़्यादा जानता है aʿlamu
ज़्यादा जानता है مَن who man
who يَضِلُّ कौन भटका हुआ है yaḍillu
कौन भटका हुआ है عَن from ʿan
from سَبِيلِهِۦ ۖ उसके रास्ते से sabīlihi
उसके रास्ते से وَهُوَ और वो wahuwa
और वो أَعْلَمُ ज़्यादा जानता है aʿlamu
ज़्यादा जानता है بِٱلْمُهْتَدِينَ हिदायत पाने वालों को bil-muh'tadīna
हिदायत पाने वालों को ١١٧ (117)
(117)
निःसंदेह आपका पालनहार ही उसे भली-भाँति जानने वाला है, जो उसके मार्ग से भटकता है तथा वही मार्गदर्शन पाने वालों को खूब जानने वाला है।
६:११८
فَكُلُوا۟
पस खाओ
fakulū
पस खाओ مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो ذُكِرَ ज़िक्र किया गया dhukira
ज़िक्र किया गया ٱسْمُ नाम us'mu
नाम ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर إِن अगर in
अगर كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम بِـَٔايَـٰتِهِۦ उसकी आयात पर biāyātihi
उसकी आयात पर مُؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले ١١٨ (118)
(118)
पस खाओ مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो ذُكِرَ ज़िक्र किया गया dhukira
ज़िक्र किया गया ٱسْمُ नाम us'mu
नाम ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर إِن अगर in
अगर كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम بِـَٔايَـٰتِهِۦ उसकी आयात पर biāyātihi
उसकी आयात पर مُؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले ١١٨ (118)
(118)
तो तुम उसमें से खाओ, जिसपर (ज़बह करते समय) अल्लाह का नाम लिया गया1 है, यदि तुम उसकी आयतों पर ईमान रखने वाले हो।
६:११९
وَمَا
और क्या है
wamā
और क्या है لَكُمْ तुम्हें lakum
तुम्हें أَلَّا कि नहीं allā
कि नहीं تَأْكُلُوا۟ तुम खाते takulū
तुम खाते مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो ذُكِرَ ज़िक्र किया गया dhukira
ज़िक्र किया गया ٱسْمُ नाम us'mu
नाम ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर وَقَدْ हालाँकि तहक़ीक़ waqad
हालाँकि तहक़ीक़ فَصَّلَ उसने खोलकर बयान किया faṣṣala
उसने खोलकर बयान किया لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مَّا जो mā
जो حَرَّمَ उसने हराम किया ḥarrama
उसने हराम किया عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर إِلَّا मगर illā
मगर مَا वो जो mā
वो जो ٱضْطُرِرْتُمْ मजबूर कर दिए जाओ तुम uḍ'ṭurir'tum
मजबूर कर दिए जाओ तुम إِلَيْهِ ۗ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक كَثِيرًۭا अक्सर लोग kathīran
अक्सर लोग لَّيُضِلُّونَ अलबत्ता वो गुमराह करते हैं layuḍillūna
अलबत्ता वो गुमराह करते हैं بِأَهْوَآئِهِم अपनी ख़्वाहिशात के ज़रिए bi-ahwāihim
अपनी ख़्वाहिशात के ज़रिए بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर عِلْمٍ ۗ इल्म के ʿil'min
इल्म के إِنَّ बेशक inna
बेशक رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका هُوَ वो huwa
वो أَعْلَمُ ज़्यादा जानने वाला है aʿlamu
ज़्यादा जानने वाला है بِٱلْمُعْتَدِينَ हद से तजावुज़ करने वालों को bil-muʿ'tadīna
हद से तजावुज़ करने वालों को ١١٩ (119)
(119)
और क्या है لَكُمْ तुम्हें lakum
तुम्हें أَلَّا कि नहीं allā
कि नहीं تَأْكُلُوا۟ तुम खाते takulū
तुम खाते مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो ذُكِرَ ज़िक्र किया गया dhukira
ज़िक्र किया गया ٱسْمُ नाम us'mu
नाम ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर وَقَدْ हालाँकि तहक़ीक़ waqad
हालाँकि तहक़ीक़ فَصَّلَ उसने खोलकर बयान किया faṣṣala
उसने खोलकर बयान किया لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مَّا जो mā
जो حَرَّمَ उसने हराम किया ḥarrama
उसने हराम किया عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर إِلَّا मगर illā
मगर مَا वो जो mā
वो जो ٱضْطُرِرْتُمْ मजबूर कर दिए जाओ तुम uḍ'ṭurir'tum
मजबूर कर दिए जाओ तुम إِلَيْهِ ۗ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक كَثِيرًۭا अक्सर लोग kathīran
अक्सर लोग لَّيُضِلُّونَ अलबत्ता वो गुमराह करते हैं layuḍillūna
अलबत्ता वो गुमराह करते हैं بِأَهْوَآئِهِم अपनी ख़्वाहिशात के ज़रिए bi-ahwāihim
अपनी ख़्वाहिशात के ज़रिए بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर عِلْمٍ ۗ इल्म के ʿil'min
इल्म के إِنَّ बेशक inna
बेशक رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका هُوَ वो huwa
वो أَعْلَمُ ज़्यादा जानने वाला है aʿlamu
ज़्यादा जानने वाला है بِٱلْمُعْتَدِينَ हद से तजावुज़ करने वालों को bil-muʿ'tadīna
हद से तजावुज़ करने वालों को ١١٩ (119)
(119)
और तुम्हें क्या है कि तुम उसमें से न खाओ, जिसपर अल्लाह का नाम लिया गया1 है, हालाँकि निःसंदेह उसने तुम्हारे लिए वे चीज़ें खोलकर बयान कर दी हैं, जो उसने तुमपर हराम की हैं, परंतु जिसकी ओर तुम विवश कर दिए जाओ।2 और निःसंदेह बहुत-से लोग बिना किसी जानकारी के, अपनी इच्छाओं के द्वारा (लोगों को) पथभ्रष्ट करते हैं। निःसंदेह आपका पालनहार ही हद से बढ़ने वालों को अधिक जानने वाला है।
६:१२०
وَذَرُوا۟
और छोड़ दो
wadharū
और छोड़ दो ظَـٰهِرَ ज़ाहिरी ẓāhira
ज़ाहिरी ٱلْإِثْمِ गुनाह को l-ith'mi
गुनाह को وَبَاطِنَهُۥٓ ۚ और उसके छुपे को wabāṭinahu
और उसके छुपे को إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो يَكْسِبُونَ कमाते है yaksibūna
कमाते है ٱلْإِثْمَ गुनाह l-ith'ma
गुनाह سَيُجْزَوْنَ अनक़रीब वो बदला दिए जाऐंगे sayuj'zawna
अनक़रीब वो बदला दिए जाऐंगे بِمَا उसका जो bimā
उसका जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَقْتَرِفُونَ वो कमाई करते yaqtarifūna
वो कमाई करते ١٢٠ (120)
(120)
और छोड़ दो ظَـٰهِرَ ज़ाहिरी ẓāhira
ज़ाहिरी ٱلْإِثْمِ गुनाह को l-ith'mi
गुनाह को وَبَاطِنَهُۥٓ ۚ और उसके छुपे को wabāṭinahu
और उसके छुपे को إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो يَكْسِبُونَ कमाते है yaksibūna
कमाते है ٱلْإِثْمَ गुनाह l-ith'ma
गुनाह سَيُجْزَوْنَ अनक़रीब वो बदला दिए जाऐंगे sayuj'zawna
अनक़रीब वो बदला दिए जाऐंगे بِمَا उसका जो bimā
उसका जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَقْتَرِفُونَ वो कमाई करते yaqtarifūna
वो कमाई करते ١٢٠ (120)
(120)
तथा (ऐ लोगो!) खुले पाप छोड़ दो और उसके छिपे को भी। निःसंदेह जो लोग पाप कमाते हैं, वे शीघ्र ही उसका बदला दिए जाएँगे जो वे किया करते थे।
६:१२१
وَلَا
और ना
walā
और ना تَأْكُلُوا۟ तुम खाओ takulū
तुम खाओ مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो لَمْ नहीं lam
नहीं يُذْكَرِ ज़िक्र किया गया yudh'kari
ज़िक्र किया गया ٱسْمُ नाम us'mu
नाम ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर وَإِنَّهُۥ और बेशक वो wa-innahu
और बेशक वो لَفِسْقٌۭ ۗ अलबत्ता गुनाह है lafis'qun
अलबत्ता गुनाह है وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक ٱلشَّيَـٰطِينَ शयातीन l-shayāṭīna
शयातीन لَيُوحُونَ अलबत्ता वो इल्क़ा करते हैं layūḥūna
अलबत्ता वो इल्क़ा करते हैं إِلَىٰٓ to ilā
to أَوْلِيَآئِهِمْ तरफ़ अपने दोस्तों के awliyāihim
तरफ़ अपने दोस्तों के لِيُجَـٰدِلُوكُمْ ۖ ताकि वो झगड़ें तुमसे liyujādilūkum
ताकि वो झगड़ें तुमसे وَإِنْ और अगर wa-in
और अगर أَطَعْتُمُوهُمْ इताअत की तुमने उनकी aṭaʿtumūhum
इताअत की तुमने उनकी إِنَّكُمْ बेशक तुम innakum
बेशक तुम لَمُشْرِكُونَ अलबत्ता मुशरिक होगे lamush'rikūna
अलबत्ता मुशरिक होगे ١٢١ (121)
(121)
और ना تَأْكُلُوا۟ तुम खाओ takulū
तुम खाओ مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो لَمْ नहीं lam
नहीं يُذْكَرِ ज़िक्र किया गया yudh'kari
ज़िक्र किया गया ٱسْمُ नाम us'mu
नाम ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर وَإِنَّهُۥ और बेशक वो wa-innahu
और बेशक वो لَفِسْقٌۭ ۗ अलबत्ता गुनाह है lafis'qun
अलबत्ता गुनाह है وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक ٱلشَّيَـٰطِينَ शयातीन l-shayāṭīna
शयातीन لَيُوحُونَ अलबत्ता वो इल्क़ा करते हैं layūḥūna
अलबत्ता वो इल्क़ा करते हैं إِلَىٰٓ to ilā
to أَوْلِيَآئِهِمْ तरफ़ अपने दोस्तों के awliyāihim
तरफ़ अपने दोस्तों के لِيُجَـٰدِلُوكُمْ ۖ ताकि वो झगड़ें तुमसे liyujādilūkum
ताकि वो झगड़ें तुमसे وَإِنْ और अगर wa-in
और अगर أَطَعْتُمُوهُمْ इताअत की तुमने उनकी aṭaʿtumūhum
इताअत की तुमने उनकी إِنَّكُمْ बेशक तुम innakum
बेशक तुम لَمُشْرِكُونَ अलबत्ता मुशरिक होगे lamush'rikūna
अलबत्ता मुशरिक होगे ١٢١ (121)
(121)
तथा उसमें से न खाओ, जिसपर अल्लाह का नाम न लिया गया हो, तथा निःसंदेह यह (खाना) सर्वथा अवज्ञा है। तथा निःसंदेह शैतान अपने मित्रों के मन में संशय डालते रहते हैं, ताकि वे तुमसे झगड़ा करें।1 और यदि तुमने उनका कहा मान लिया, तो निःसंदेह तुम निश्चय बहुदेववादी हो।
६:१२२
أَوَمَن
क्या भला जो
awaman
क्या भला जो كَانَ था kāna
था مَيْتًۭا मुर्दा maytan
मुर्दा فَأَحْيَيْنَـٰهُ तो ज़िन्दा किया हमने उसे fa-aḥyaynāhu
तो ज़िन्दा किया हमने उसे وَجَعَلْنَا और बनाया हमने wajaʿalnā
और बनाया हमने لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए نُورًۭا एक नूर nūran
एक नूर يَمْشِى वो चलता है yamshī
वो चलता है بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके فِى among fī
among ٱلنَّاسِ लोगों में l-nāsi
लोगों में كَمَن like (one) who kaman
like (one) who مَّثَلُهُۥ उसकी तरह हो सकता है जो mathaluhu
उसकी तरह हो सकता है जो فِى (is) in fī
(is) in ٱلظُّلُمَـٰتِ अँधेरों में है l-ẓulumāti
अँधेरों में है لَيْسَ नहीं है laysa
नहीं है بِخَارِجٍۢ निकलने वाला bikhārijin
निकलने वाला مِّنْهَا ۚ उन से min'hā
उन से كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह زُيِّنَ मुज़य्यन कर दिया गया है zuyyina
मुज़य्यन कर दिया गया है لِلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों के लिए lil'kāfirīna
काफ़िरों के लिए مَا जो mā
जो كَانُوا۟ हैं वो kānū
हैं वो يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते ١٢٢ (122)
(122)
क्या भला जो كَانَ था kāna
था مَيْتًۭا मुर्दा maytan
मुर्दा فَأَحْيَيْنَـٰهُ तो ज़िन्दा किया हमने उसे fa-aḥyaynāhu
तो ज़िन्दा किया हमने उसे وَجَعَلْنَا और बनाया हमने wajaʿalnā
और बनाया हमने لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए نُورًۭا एक नूर nūran
एक नूर يَمْشِى वो चलता है yamshī
वो चलता है بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके فِى among fī
among ٱلنَّاسِ लोगों में l-nāsi
लोगों में كَمَن like (one) who kaman
like (one) who مَّثَلُهُۥ उसकी तरह हो सकता है जो mathaluhu
उसकी तरह हो सकता है जो فِى (is) in fī
(is) in ٱلظُّلُمَـٰتِ अँधेरों में है l-ẓulumāti
अँधेरों में है لَيْسَ नहीं है laysa
नहीं है بِخَارِجٍۢ निकलने वाला bikhārijin
निकलने वाला مِّنْهَا ۚ उन से min'hā
उन से كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह زُيِّنَ मुज़य्यन कर दिया गया है zuyyina
मुज़य्यन कर दिया गया है لِلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों के लिए lil'kāfirīna
काफ़िरों के लिए مَا जो mā
जो كَانُوا۟ हैं वो kānū
हैं वो يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते ١٢٢ (122)
(122)
क्या वह व्यक्ति जो मृत था, फिर हमने उसे जीवित किया तथा उसके लिए ऐसा प्रकाश बना दिया, जिसके साथ वह लोगों में चलता-फिरता है, उस व्यक्ति की तरह है जिसका हाल यह है कि वह अँधेरों में है, उनसे कदापि निकलने वाला नहीं? इसी प्रकार काफ़िरों के लिए वे कार्य सुंदर बना दिए गए, जो वे किया करते थे।
६:१२३
وَكَذَٰلِكَ
और इसी तरह
wakadhālika
और इसी तरह جَعَلْنَا बना दिया हमने jaʿalnā
बना दिया हमने فِى in fī
in كُلِّ every kulli
every قَرْيَةٍ हर बस्ती में qaryatin
हर बस्ती में أَكَـٰبِرَ बड़ों को akābira
बड़ों को مُجْرِمِيهَا मुजरिम उसके muj'rimīhā
मुजरिम उसके لِيَمْكُرُوا۟ ताकि वो मकर करें liyamkurū
ताकि वो मकर करें فِيهَا ۖ उसमें fīhā
उसमें وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَمْكُرُونَ वो मकर करते yamkurūna
वो मकर करते إِلَّا मगर illā
मगर بِأَنفُسِهِمْ अपने नफ़्सों से bi-anfusihim
अपने नफ़्सों से وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَشْعُرُونَ वो शऊर रखते yashʿurūna
वो शऊर रखते ١٢٣ (123)
(123)
और इसी तरह جَعَلْنَا बना दिया हमने jaʿalnā
बना दिया हमने فِى in fī
in كُلِّ every kulli
every قَرْيَةٍ हर बस्ती में qaryatin
हर बस्ती में أَكَـٰبِرَ बड़ों को akābira
बड़ों को مُجْرِمِيهَا मुजरिम उसके muj'rimīhā
मुजरिम उसके لِيَمْكُرُوا۟ ताकि वो मकर करें liyamkurū
ताकि वो मकर करें فِيهَا ۖ उसमें fīhā
उसमें وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَمْكُرُونَ वो मकर करते yamkurūna
वो मकर करते إِلَّا मगर illā
मगर بِأَنفُسِهِمْ अपने नफ़्सों से bi-anfusihim
अपने नफ़्सों से وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَشْعُرُونَ वो शऊर रखते yashʿurūna
वो शऊर रखते ١٢٣ (123)
(123)
और इसी प्रकार हमने प्रत्येक बस्ती में सबसे बड़े उसके अपराधियों को बना दिया, ताकि वे उसमें चालें चलें।1 हालाँकि वे अपने ही विरुद्ध चालें चलते है, परंतु वे नहीं समझते।
६:१२४
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब جَآءَتْهُمْ आती है उनके पास jāathum
आती है उनके पास ءَايَةٌۭ कोई निशानी āyatun
कोई निशानी قَالُوا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं لَن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं نُّؤْمِنَ हम ईमान लाऐंगे nu'mina
हम ईमान लाऐंगे حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि نُؤْتَىٰ हम दिए जाऐं nu'tā
हम दिए जाऐं مِثْلَ मानिन्द उसके mith'la
मानिन्द उसके مَآ जो mā
जो أُوتِىَ दिया गया ūtiya
दिया गया رُسُلُ (to the) Messengers rusulu
(to the) Messengers ٱللَّهِ ۘ अल्लाह के रसूलों को l-lahi
अल्लाह के रसूलों को ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَعْلَمُ ज़्यादा जानता है aʿlamu
ज़्यादा जानता है حَيْثُ जहाँ ḥaythu
जहाँ يَجْعَلُ वो रखता है yajʿalu
वो रखता है رِسَالَتَهُۥ ۗ अपनी रिसालत को risālatahu
अपनी रिसालत को سَيُصِيبُ अनक़रीब पहुँचेगी sayuṣību
अनक़रीब पहुँचेगी ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने أَجْرَمُوا۟ जुर्म किए ajramū
जुर्म किए صَغَارٌ ज़िल्लत ṣaghārun
ज़िल्लत عِندَ from ʿinda
from ٱللَّهِ अल्लाह के यहाँ l-lahi
अल्लाह के यहाँ وَعَذَابٌۭ और अज़ाब waʿadhābun
और अज़ाब شَدِيدٌۢ शदीद shadīdun
शदीद بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَمْكُرُونَ मकर करते yamkurūna
मकर करते ١٢٤ (124)
(124)
और जब جَآءَتْهُمْ आती है उनके पास jāathum
आती है उनके पास ءَايَةٌۭ कोई निशानी āyatun
कोई निशानी قَالُوا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं لَن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं نُّؤْمِنَ हम ईमान लाऐंगे nu'mina
हम ईमान लाऐंगे حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि نُؤْتَىٰ हम दिए जाऐं nu'tā
हम दिए जाऐं مِثْلَ मानिन्द उसके mith'la
मानिन्द उसके مَآ जो mā
जो أُوتِىَ दिया गया ūtiya
दिया गया رُسُلُ (to the) Messengers rusulu
(to the) Messengers ٱللَّهِ ۘ अल्लाह के रसूलों को l-lahi
अल्लाह के रसूलों को ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَعْلَمُ ज़्यादा जानता है aʿlamu
ज़्यादा जानता है حَيْثُ जहाँ ḥaythu
जहाँ يَجْعَلُ वो रखता है yajʿalu
वो रखता है رِسَالَتَهُۥ ۗ अपनी रिसालत को risālatahu
अपनी रिसालत को سَيُصِيبُ अनक़रीब पहुँचेगी sayuṣību
अनक़रीब पहुँचेगी ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने أَجْرَمُوا۟ जुर्म किए ajramū
जुर्म किए صَغَارٌ ज़िल्लत ṣaghārun
ज़िल्लत عِندَ from ʿinda
from ٱللَّهِ अल्लाह के यहाँ l-lahi
अल्लाह के यहाँ وَعَذَابٌۭ और अज़ाब waʿadhābun
और अज़ाब شَدِيدٌۢ शदीद shadīdun
शदीद بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَمْكُرُونَ मकर करते yamkurūna
मकर करते ١٢٤ (124)
(124)
और जब उनके पास कोई निशानी आती है, तो कहते हैं कि हम कदापि ईमान नहीं लाएँगे, यहाँ तक कि हमें उस जैसा दिया जाए, जो अल्लाह के रसूलों को दिया गया। अल्लाह अधिक जानने वाला है जहाँ वह अपनी पैग़ंबरी रखता है। शीघ्र ही उन लोगों को जिन्होंने अपराध किए, अल्लाह के पास बड़े अपमान तथा कड़ी यातना का सामना करना पड़ेगा, इस कारण कि वे चालबाज़ी (छल) किया करते थे।
६:१२५
فَمَن
पस जिसे
faman
पस जिसे يُرِدِ चाहता है yuridi
चाहता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَن कि an
कि يَهْدِيَهُۥ वो हिदायत दे उसे yahdiyahu
वो हिदायत दे उसे يَشْرَحْ खोल देता है yashraḥ
खोल देता है صَدْرَهُۥ सीना उसका ṣadrahu
सीना उसका لِلْإِسْلَـٰمِ ۖ इस्लाम के लिए lil'is'lāmi
इस्लाम के लिए وَمَن और जिसे waman
और जिसे يُرِدْ वो चाहता है yurid
वो चाहता है أَن कि an
कि يُضِلَّهُۥ वो गुमराह कर दे उसे yuḍillahu
वो गुमराह कर दे उसे يَجْعَلْ वो कर देता है yajʿal
वो कर देता है صَدْرَهُۥ सीना उसका ṣadrahu
सीना उसका ضَيِّقًا तंग ḍayyiqan
तंग حَرَجًۭا घुटा हुआ ḥarajan
घुटा हुआ كَأَنَّمَا गोया कि ka-annamā
गोया कि يَصَّعَّدُ वो चढ़ता है yaṣṣaʿʿadu
वो चढ़ता है فِى into fī
into ٱلسَّمَآءِ ۚ आसमान में l-samāi
आसमान में كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह يَجْعَلُ डालता है yajʿalu
डालता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلرِّجْسَ नजासत को l-rij'sa
नजासत को عَلَى on ʿalā
on ٱلَّذِينَ ऊपर उनके जो alladhīna
ऊपर उनके जो لَا (do) not lā
(do) not يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाते yu'minūna
नहीं वो ईमान लाते ١٢٥ (125)
(125)
पस जिसे يُرِدِ चाहता है yuridi
चाहता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَن कि an
कि يَهْدِيَهُۥ वो हिदायत दे उसे yahdiyahu
वो हिदायत दे उसे يَشْرَحْ खोल देता है yashraḥ
खोल देता है صَدْرَهُۥ सीना उसका ṣadrahu
सीना उसका لِلْإِسْلَـٰمِ ۖ इस्लाम के लिए lil'is'lāmi
इस्लाम के लिए وَمَن और जिसे waman
और जिसे يُرِدْ वो चाहता है yurid
वो चाहता है أَن कि an
कि يُضِلَّهُۥ वो गुमराह कर दे उसे yuḍillahu
वो गुमराह कर दे उसे يَجْعَلْ वो कर देता है yajʿal
वो कर देता है صَدْرَهُۥ सीना उसका ṣadrahu
सीना उसका ضَيِّقًا तंग ḍayyiqan
तंग حَرَجًۭا घुटा हुआ ḥarajan
घुटा हुआ كَأَنَّمَا गोया कि ka-annamā
गोया कि يَصَّعَّدُ वो चढ़ता है yaṣṣaʿʿadu
वो चढ़ता है فِى into fī
into ٱلسَّمَآءِ ۚ आसमान में l-samāi
आसमान में كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह يَجْعَلُ डालता है yajʿalu
डालता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلرِّجْسَ नजासत को l-rij'sa
नजासत को عَلَى on ʿalā
on ٱلَّذِينَ ऊपर उनके जो alladhīna
ऊपर उनके जो لَا (do) not lā
(do) not يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाते yu'minūna
नहीं वो ईमान लाते ١٢٥ (125)
(125)
तो वह व्यक्ति जिसे अल्लाह चाहता है कि उसे मार्गदर्शन प्रदान करे, उसका सीना इस्लाम के लिए खोल देता है और जिसे चाहता है कि उसे गुमराह करे, उसका सीना तंग, अत्यंत घुटा हुआ कर देता है, मानो वह बड़ी कठिनाई से आकाश में चढ़ रहा1 है। इसी प्रकार अल्लाह उन लोगों पर यातना भेज देता है, जो ईमान नहीं लाते।
६:१२६
وَهَـٰذَا
और ये
wahādhā
और ये صِرَٰطُ रास्ता है ṣirāṭu
रास्ता है رَبِّكَ आपके रब का rabbika
आपके रब का مُسْتَقِيمًۭا ۗ सीधा mus'taqīman
सीधा قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ فَصَّلْنَا खोल कर बयान कीं हमने faṣṣalnā
खोल कर बयान कीं हमने ٱلْـَٔايَـٰتِ आयात l-āyāti
आयात لِقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يَذَّكَّرُونَ जो नसीहत क़ुबूल करते हैं yadhakkarūna
जो नसीहत क़ुबूल करते हैं ١٢٦ (126)
(126)
और ये صِرَٰطُ रास्ता है ṣirāṭu
रास्ता है رَبِّكَ आपके रब का rabbika
आपके रब का مُسْتَقِيمًۭا ۗ सीधा mus'taqīman
सीधा قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ فَصَّلْنَا खोल कर बयान कीं हमने faṣṣalnā
खोल कर बयान कीं हमने ٱلْـَٔايَـٰتِ आयात l-āyāti
आयात لِقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يَذَّكَّرُونَ जो नसीहत क़ुबूल करते हैं yadhakkarūna
जो नसीहत क़ुबूल करते हैं ١٢٦ (126)
(126)
और यही आपके पालनहार का सीधा मार्ग है। निःसंदे हमने उन लोगों के लिए निशानियाँ खोलकर बयान कर दी हैं, जो उपदेश ग्रहण करते हों।
६:१२७
۞ لَهُمْ
उनके लिए
lahum
उनके लिए دَارُ घर है dāru
घर है ٱلسَّلَـٰمِ सलामती का l-salāmi
सलामती का عِندَ with ʿinda
with رَبِّهِمْ ۖ पास उनके रब के rabbihim
पास उनके रब के وَهُوَ और वो wahuwa
और वो وَلِيُّهُم दोस्त है उनका waliyyuhum
दोस्त है उनका بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते ١٢٧ (127)
(127)
उनके लिए دَارُ घर है dāru
घर है ٱلسَّلَـٰمِ सलामती का l-salāmi
सलामती का عِندَ with ʿinda
with رَبِّهِمْ ۖ पास उनके रब के rabbihim
पास उनके रब के وَهُوَ और वो wahuwa
और वो وَلِيُّهُم दोस्त है उनका waliyyuhum
दोस्त है उनका بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते ١٢٧ (127)
(127)
उनके लिए उनके पालनहार के पास सलामती का घर है। और वह उनका संरक्षक है, उन कर्मों के कारण, जो वे करते थे।
६:१२८
وَيَوْمَ
और जिस दिन
wayawma
और जिस दिन يَحْشُرُهُمْ वो इकट्ठा करेगा उनको yaḥshuruhum
वो इकट्ठा करेगा उनको جَمِيعًۭا सबके सबको jamīʿan
सबके सबको يَـٰمَعْشَرَ ऐ गिरोह (तो फ़रमाएगा) yāmaʿshara
ऐ गिरोह (तो फ़रमाएगा) ٱلْجِنِّ जिन्नों के l-jini
जिन्नों के قَدِ तहक़ीक़ qadi
तहक़ीक़ ٱسْتَكْثَرْتُم बहुत ज़्यादा ले लिए तुमने is'takthartum
बहुत ज़्यादा ले लिए तुमने مِّنَ of mina
of ٱلْإِنسِ ۖ इन्सानों में से l-insi
इन्सानों में से وَقَالَ और कहेंगे waqāla
और कहेंगे أَوْلِيَآؤُهُم दोस्त उनके awliyāuhum
दोस्त उनके مِّنَ among mina
among ٱلْإِنسِ इन्सानों में से l-insi
इन्सानों में से رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब ٱسْتَمْتَعَ फ़ायदा उठाया is'tamtaʿa
फ़ायदा उठाया بَعْضُنَا बाज़ हमारे ने baʿḍunā
बाज़ हमारे ने بِبَعْضٍۢ बाज़ का bibaʿḍin
बाज़ का وَبَلَغْنَآ और पहुँचे हम wabalaghnā
और पहुँचे हम أَجَلَنَا अपनी मुद्दत को ajalanā
अपनी मुद्दत को ٱلَّذِىٓ वो जो alladhī
वो जो أَجَّلْتَ मुक़र्रर की तूने ajjalta
मुक़र्रर की तूने لَنَا ۚ हमारे लिए lanā
हमारे लिए قَالَ वो फ़रमाएगा qāla
वो फ़रमाएगा ٱلنَّارُ आग l-nāru
आग مَثْوَىٰكُمْ ठिकाना है तुम्हारा mathwākum
ठिकाना है तुम्हारा خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हो khālidīna
हमेशा रहने वाले हो فِيهَآ उसमें fīhā
उसमें إِلَّا मगर illā
मगर مَا जो mā
जो شَآءَ चाहे shāa
चाहे ٱللَّهُ ۗ अल्लाह l-lahu
अल्लाह إِنَّ बेशक inna
बेशक رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका حَكِيمٌ बहुत हिकमत वाला है ḥakīmun
बहुत हिकमत वाला है عَلِيمٌۭ ख़ूब इल्म वाला है ʿalīmun
ख़ूब इल्म वाला है ١٢٨ (128)
(128)
और जिस दिन يَحْشُرُهُمْ वो इकट्ठा करेगा उनको yaḥshuruhum
वो इकट्ठा करेगा उनको جَمِيعًۭا सबके सबको jamīʿan
सबके सबको يَـٰمَعْشَرَ ऐ गिरोह (तो फ़रमाएगा) yāmaʿshara
ऐ गिरोह (तो फ़रमाएगा) ٱلْجِنِّ जिन्नों के l-jini
जिन्नों के قَدِ तहक़ीक़ qadi
तहक़ीक़ ٱسْتَكْثَرْتُم बहुत ज़्यादा ले लिए तुमने is'takthartum
बहुत ज़्यादा ले लिए तुमने مِّنَ of mina
of ٱلْإِنسِ ۖ इन्सानों में से l-insi
इन्सानों में से وَقَالَ और कहेंगे waqāla
और कहेंगे أَوْلِيَآؤُهُم दोस्त उनके awliyāuhum
दोस्त उनके مِّنَ among mina
among ٱلْإِنسِ इन्सानों में से l-insi
इन्सानों में से رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब ٱسْتَمْتَعَ फ़ायदा उठाया is'tamtaʿa
फ़ायदा उठाया بَعْضُنَا बाज़ हमारे ने baʿḍunā
बाज़ हमारे ने بِبَعْضٍۢ बाज़ का bibaʿḍin
बाज़ का وَبَلَغْنَآ और पहुँचे हम wabalaghnā
और पहुँचे हम أَجَلَنَا अपनी मुद्दत को ajalanā
अपनी मुद्दत को ٱلَّذِىٓ वो जो alladhī
वो जो أَجَّلْتَ मुक़र्रर की तूने ajjalta
मुक़र्रर की तूने لَنَا ۚ हमारे लिए lanā
हमारे लिए قَالَ वो फ़रमाएगा qāla
वो फ़रमाएगा ٱلنَّارُ आग l-nāru
आग مَثْوَىٰكُمْ ठिकाना है तुम्हारा mathwākum
ठिकाना है तुम्हारा خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हो khālidīna
हमेशा रहने वाले हो فِيهَآ उसमें fīhā
उसमें إِلَّا मगर illā
मगर مَا जो mā
जो شَآءَ चाहे shāa
चाहे ٱللَّهُ ۗ अल्लाह l-lahu
अल्लाह إِنَّ बेशक inna
बेशक رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका حَكِيمٌ बहुत हिकमत वाला है ḥakīmun
बहुत हिकमत वाला है عَلِيمٌۭ ख़ूब इल्म वाला है ʿalīmun
ख़ूब इल्म वाला है ١٢٨ (128)
(128)
तथा (ऐ नबी! याद करें) जिस दिन अल्लाह उन सबको एकत्र करेगा, (फिर कहेगा :) ऐ जिन्नों के गिरोह! निःसंदेह तुमने बहुत-से मनुष्यों को गुमराह कर दिया है! और मनुष्यों में से उनके मित्र कहेंगे : ऐ हमारे पालनहार! हमने एक-दूसरे से लाभ उठाया1 और हम अपने उस समय को पहुँच गए, जो तूने हमारे लिए नियत किया था। (अल्लाह) कहेगा : आग ही तुम्हारा ठिकाना है, उसमें हमेशा रहने वाले हो, परंतु जो अल्लाह चाहे। निःसंदेह आपका पालनहार पूर्ण हिकमत वाला, सब कुछ जानने वाला है।
६:१२९
وَكَذَٰلِكَ
और इसी तरह
wakadhālika
और इसी तरह نُوَلِّى हम मुसल्लत कर देते हैं nuwallī
हम मुसल्लत कर देते हैं بَعْضَ बाज़ baʿḍa
बाज़ ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों को l-ẓālimīna
ज़ालिमों को بَعْضًۢا बाज़ पर baʿḍan
बाज़ पर بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَكْسِبُونَ वो कमाई करते yaksibūna
वो कमाई करते ١٢٩ (129)
(129)
और इसी तरह نُوَلِّى हम मुसल्लत कर देते हैं nuwallī
हम मुसल्लत कर देते हैं بَعْضَ बाज़ baʿḍa
बाज़ ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों को l-ẓālimīna
ज़ालिमों को بَعْضًۢا बाज़ पर baʿḍan
बाज़ पर بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَكْسِبُونَ वो कमाई करते yaksibūna
वो कमाई करते ١٢٩ (129)
(129)
और इसी प्रकार हम अत्याचारियों को एक-दूसरे का दोस्त बना देते हैं, उसके कारण जो वे कमाया करते थे।
६:१३०
يَـٰمَعْشَرَ
ऐ गिरोह
yāmaʿshara
ऐ गिरोह ٱلْجِنِّ जिन्नों के l-jini
जिन्नों के وَٱلْإِنسِ और इन्सानों के wal-insi
और इन्सानों के أَلَمْ क्या नहीं alam
क्या नहीं يَأْتِكُمْ आए तुम्हारे पास yatikum
आए तुम्हारे पास رُسُلٌۭ कुछ रसूल rusulun
कुछ रसूल مِّنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से يَقُصُّونَ जो बयान करते yaquṣṣūna
जो बयान करते عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर ءَايَـٰتِى आयात मेरी āyātī
आयात मेरी وَيُنذِرُونَكُمْ और वो डराते तुम्हें wayundhirūnakum
और वो डराते तुम्हें لِقَآءَ मुलाक़ात से liqāa
मुलाक़ात से يَوْمِكُمْ (of) your day yawmikum
(of) your day هَـٰذَا ۚ तुम्हारे इस दिन की hādhā
तुम्हारे इस दिन की قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे شَهِدْنَا गवाही देते हैं हम shahid'nā
गवाही देते हैं हम عَلَىٰٓ against ʿalā
against أَنفُسِنَا ۖ अपने नफ़्सों पर anfusinā
अपने नफ़्सों पर وَغَرَّتْهُمُ और धोखे में डाला उन्हें wagharrathumu
और धोखे में डाला उन्हें ٱلْحَيَوٰةُ ज़िन्दगी ने l-ḥayatu
ज़िन्दगी ने ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَشَهِدُوا۟ और वो गवाही देंगे washahidū
और वो गवाही देंगे عَلَىٰٓ against ʿalā
against أَنفُسِهِمْ अपने नफ़्सों पर anfusihim
अपने नफ़्सों पर أَنَّهُمْ कि बेशक वो annahum
कि बेशक वो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो كَـٰفِرِينَ काफ़िर kāfirīna
काफ़िर ١٣٠ (130)
(130)
ऐ गिरोह ٱلْجِنِّ जिन्नों के l-jini
जिन्नों के وَٱلْإِنسِ और इन्सानों के wal-insi
और इन्सानों के أَلَمْ क्या नहीं alam
क्या नहीं يَأْتِكُمْ आए तुम्हारे पास yatikum
आए तुम्हारे पास رُسُلٌۭ कुछ रसूल rusulun
कुछ रसूल مِّنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से يَقُصُّونَ जो बयान करते yaquṣṣūna
जो बयान करते عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर ءَايَـٰتِى आयात मेरी āyātī
आयात मेरी وَيُنذِرُونَكُمْ और वो डराते तुम्हें wayundhirūnakum
और वो डराते तुम्हें لِقَآءَ मुलाक़ात से liqāa
मुलाक़ात से يَوْمِكُمْ (of) your day yawmikum
(of) your day هَـٰذَا ۚ तुम्हारे इस दिन की hādhā
तुम्हारे इस दिन की قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे شَهِدْنَا गवाही देते हैं हम shahid'nā
गवाही देते हैं हम عَلَىٰٓ against ʿalā
against أَنفُسِنَا ۖ अपने नफ़्सों पर anfusinā
अपने नफ़्सों पर وَغَرَّتْهُمُ और धोखे में डाला उन्हें wagharrathumu
और धोखे में डाला उन्हें ٱلْحَيَوٰةُ ज़िन्दगी ने l-ḥayatu
ज़िन्दगी ने ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَشَهِدُوا۟ और वो गवाही देंगे washahidū
और वो गवाही देंगे عَلَىٰٓ against ʿalā
against أَنفُسِهِمْ अपने नफ़्सों पर anfusihim
अपने नफ़्सों पर أَنَّهُمْ कि बेशक वो annahum
कि बेशक वो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो كَـٰفِرِينَ काफ़िर kāfirīna
काफ़िर ١٣٠ (130)
(130)
(तथा अल्लाह कहेगा :) ऐ जिन्नों तथा मनुष्यों के समूह! क्या तुम्हारे पास तुममें से कोई रसूल नहीं आए1, जो तुमपर मेरी आयतें बयान करते हों और तुम्हें तुम्हारे इस दिन की मुलाक़ात से डराते हों? वे कहेंगे : हम अपने आपपर गवाही देते हैं। तथा उन्हें सांसारिक जीवन ने धोखा दिया। और वे अपने आपपर गवाही देंगे कि निश्चय वे काफ़िर थे।
६:१३१
ذَٰلِكَ
ये (इस लिए)
dhālika
ये (इस लिए) أَن कि an
कि لَّمْ नहीं lam
नहीं يَكُن है yakun
है رَّبُّكَ रब आपका rabbuka
रब आपका مُهْلِكَ हलाक करने वाला muh'lika
हलाक करने वाला ٱلْقُرَىٰ बस्तियों को l-qurā
बस्तियों को بِظُلْمٍۢ साथ ज़ुल्म के biẓul'min
साथ ज़ुल्म के وَأَهْلُهَا जब कि हों उनके रहने वाले wa-ahluhā
जब कि हों उनके रहने वाले غَـٰفِلُونَ ग़ाफ़िल ghāfilūna
ग़ाफ़िल ١٣١ (131)
(131)
ये (इस लिए) أَن कि an
कि لَّمْ नहीं lam
नहीं يَكُن है yakun
है رَّبُّكَ रब आपका rabbuka
रब आपका مُهْلِكَ हलाक करने वाला muh'lika
हलाक करने वाला ٱلْقُرَىٰ बस्तियों को l-qurā
बस्तियों को بِظُلْمٍۢ साथ ज़ुल्म के biẓul'min
साथ ज़ुल्म के وَأَهْلُهَا जब कि हों उनके रहने वाले wa-ahluhā
जब कि हों उनके रहने वाले غَـٰفِلُونَ ग़ाफ़िल ghāfilūna
ग़ाफ़िल ١٣١ (131)
(131)
(ऐ नबी!) यह (नबियों का भेजना) इसलिए हुआ कि आपका पालनहार किसी बस्ती वालों को - कुफ़्र - इनकार के कारण ऐसी अवस्था में विनष्ट नहीं करता1 कि उसके निवासी बेखबर हों।
६:१३२
وَلِكُلٍّۢ
और हर एक के लिए
walikullin
और हर एक के लिए دَرَجَـٰتٌۭ दरजात हैं darajātun
दरजात हैं مِّمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो عَمِلُوا۟ ۚ उन्होंने अमल किए ʿamilū
उन्होंने अमल किए وَمَا और नहीं wamā
और नहीं رَبُّكَ रब आपका rabbuka
रब आपका بِغَـٰفِلٍ ग़ाफ़िल bighāfilin
ग़ाफ़िल عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो يَعْمَلُونَ वो अमल करते हैं yaʿmalūna
वो अमल करते हैं ١٣٢ (132)
(132)
और हर एक के लिए دَرَجَـٰتٌۭ दरजात हैं darajātun
दरजात हैं مِّمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो عَمِلُوا۟ ۚ उन्होंने अमल किए ʿamilū
उन्होंने अमल किए وَمَا और नहीं wamā
और नहीं رَبُّكَ रब आपका rabbuka
रब आपका بِغَـٰفِلٍ ग़ाफ़िल bighāfilin
ग़ाफ़िल عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो يَعْمَلُونَ वो अमल करते हैं yaʿmalūna
वो अमल करते हैं ١٣٢ (132)
(132)
तथा प्रत्येक व्यक्ति के लिए उसके कर्म के अनुसार पद हैं। और आपका पालनहार लोगों के कर्मों से अनभिज्ञ नहीं है।
६:१३३
وَرَبُّكَ
और रब आपका
warabbuka
और रब आपका ٱلْغَنِىُّ बहुत बेनियाज़ है l-ghaniyu
बहुत बेनियाज़ है ذُو (the) Possessor dhū
(the) Possessor ٱلرَّحْمَةِ ۚ रहमत वाला है l-raḥmati
रहमत वाला है إِن अगर in
अगर يَشَأْ वो चाहे yasha
वो चाहे يُذْهِبْكُمْ वो ले जाए तुम सबको yudh'hib'kum
वो ले जाए तुम सबको وَيَسْتَخْلِفْ और वो जानशीन बना दे wayastakhlif
और वो जानशीन बना दे مِنۢ from min
from بَعْدِكُم तुम्हारे बाद baʿdikum
तुम्हारे बाद مَّا जिसको mā
जिसको يَشَآءُ वो चाहे yashāu
वो चाहे كَمَآ जैसा कि kamā
जैसा कि أَنشَأَكُم उसने उठाया तुम्हें ansha-akum
उसने उठाया तुम्हें مِّن from min
from ذُرِّيَّةِ नस्ल से dhurriyyati
नस्ल से قَوْمٍ (of) people qawmin
(of) people ءَاخَرِينَ दूसरी क़ौम की ākharīna
दूसरी क़ौम की ١٣٣ (133)
(133)
और रब आपका ٱلْغَنِىُّ बहुत बेनियाज़ है l-ghaniyu
बहुत बेनियाज़ है ذُو (the) Possessor dhū
(the) Possessor ٱلرَّحْمَةِ ۚ रहमत वाला है l-raḥmati
रहमत वाला है إِن अगर in
अगर يَشَأْ वो चाहे yasha
वो चाहे يُذْهِبْكُمْ वो ले जाए तुम सबको yudh'hib'kum
वो ले जाए तुम सबको وَيَسْتَخْلِفْ और वो जानशीन बना दे wayastakhlif
और वो जानशीन बना दे مِنۢ from min
from بَعْدِكُم तुम्हारे बाद baʿdikum
तुम्हारे बाद مَّا जिसको mā
जिसको يَشَآءُ वो चाहे yashāu
वो चाहे كَمَآ जैसा कि kamā
जैसा कि أَنشَأَكُم उसने उठाया तुम्हें ansha-akum
उसने उठाया तुम्हें مِّن from min
from ذُرِّيَّةِ नस्ल से dhurriyyati
नस्ल से قَوْمٍ (of) people qawmin
(of) people ءَاخَرِينَ दूसरी क़ौम की ākharīna
दूसरी क़ौम की ١٣٣ (133)
(133)
तथा आपका पालनहार निस्पृह, दयाशील है। वह चाहे तो तुम्हें ले जाए और तुम्हारे स्थान पर दूसरों को ले आए। जैसे तुम लोगों को दूसरे लोगों की संतति से पैदा किया है।
६:१३४
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक مَا जो mā
जो تُوعَدُونَ तुम वादा दिए जाते हो tūʿadūna
तुम वादा दिए जाते हो لَـَٔاتٍۢ ۖ अलबत्ता आने वाला है laātin
अलबत्ता आने वाला है وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं أَنتُم तुम antum
तुम بِمُعْجِزِينَ आजिज़ करने वाले bimuʿ'jizīna
आजिज़ करने वाले ١٣٤ (134)
(134)
बेशक مَا जो mā
जो تُوعَدُونَ तुम वादा दिए जाते हो tūʿadūna
तुम वादा दिए जाते हो لَـَٔاتٍۢ ۖ अलबत्ता आने वाला है laātin
अलबत्ता आने वाला है وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं أَنتُم तुम antum
तुम بِمُعْجِزِينَ आजिज़ करने वाले bimuʿ'jizīna
आजिज़ करने वाले ١٣٤ (134)
(134)
तुम्हें जिस (क़ियामत) का वचन दिया जा रहा है, उसे अवश्य आना है। और तुम (अल्लाह को) विवश नहीं कर सकते।
६:१३५
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम ٱعْمَلُوا۟ अमल करो iʿ'malū
अमल करो عَلَىٰ on ʿalā
on مَكَانَتِكُمْ अपनी जगह पर makānatikum
अपनी जगह पर إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं عَامِلٌۭ ۖ अमल करने वाला हूँ ʿāmilun
अमल करने वाला हूँ فَسَوْفَ पस अनक़रीब fasawfa
पस अनक़रीब تَعْلَمُونَ तुम जान लोगे taʿlamūna
तुम जान लोगे مَن कौन man
कौन تَكُونُ है takūnu
है لَهُۥ जिसके लिए lahu
जिसके लिए عَـٰقِبَةُ अंजाम है ʿāqibatu
अंजाम है ٱلدَّارِ ۗ घर का (आख़िरत के) l-dāri
घर का (आख़िरत के) إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो لَا (will) not lā
(will) not يُفْلِحُ नहीं वो फ़लाह पाते yuf'liḥu
नहीं वो फ़लाह पाते ٱلظَّـٰلِمُونَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimūna
जो ज़ालिम हैं ١٣٥ (135)
(135)
कह दीजिए يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम ٱعْمَلُوا۟ अमल करो iʿ'malū
अमल करो عَلَىٰ on ʿalā
on مَكَانَتِكُمْ अपनी जगह पर makānatikum
अपनी जगह पर إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं عَامِلٌۭ ۖ अमल करने वाला हूँ ʿāmilun
अमल करने वाला हूँ فَسَوْفَ पस अनक़रीब fasawfa
पस अनक़रीब تَعْلَمُونَ तुम जान लोगे taʿlamūna
तुम जान लोगे مَن कौन man
कौन تَكُونُ है takūnu
है لَهُۥ जिसके लिए lahu
जिसके लिए عَـٰقِبَةُ अंजाम है ʿāqibatu
अंजाम है ٱلدَّارِ ۗ घर का (आख़िरत के) l-dāri
घर का (आख़िरत के) إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो لَا (will) not lā
(will) not يُفْلِحُ नहीं वो फ़लाह पाते yuf'liḥu
नहीं वो फ़लाह पाते ٱلظَّـٰلِمُونَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimūna
जो ज़ालिम हैं ١٣٥ (135)
(135)
(ऐ रसूल) आप कह दें : ऐ मेरी जाति के लोगो! (यदि तुम नहीं मानते) तो तुम अपनी जगह कर्म करते रहो। मैं भी कर्म कर रहा हूँ। शीघ्र ही तुम जान लोगे कि किसका अंत (परिणाम)1 अच्छा है। निःसंदेह अत्याचारी लोग सफल नहीं होंगे।
६:१३६
وَجَعَلُوا۟
और उन्होंने मुक़र्रर कर लिया
wajaʿalū
और उन्होंने मुक़र्रर कर लिया لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो ذَرَأَ उसने पैदा किया dhara-a
उसने पैदा किया مِنَ of mina
of ٱلْحَرْثِ खेती से l-ḥarthi
खेती से وَٱلْأَنْعَـٰمِ और मवेशियों से wal-anʿāmi
और मवेशियों से نَصِيبًۭا एक हिस्सा naṣīban
एक हिस्सा فَقَالُوا۟ तो उन्होंने कहा faqālū
तो उन्होंने कहा هَـٰذَا ये hādhā
ये لِلَّهِ अल्लाह के लिए है lillahi
अल्लाह के लिए है بِزَعْمِهِمْ उनके गुमान के मुताबिक़ bizaʿmihim
उनके गुमान के मुताबिक़ وَهَـٰذَا और ये wahādhā
और ये لِشُرَكَآئِنَا ۖ हमारे शरीकों के लिए है lishurakāinā
हमारे शरीकों के लिए है فَمَا पस जो (हिस्सा) famā
पस जो (हिस्सा) كَانَ है kāna
है لِشُرَكَآئِهِمْ उनके शरीकों के लिए lishurakāihim
उनके शरीकों के लिए فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं يَصِلُ वो पहुँचता yaṣilu
वो पहुँचता إِلَى [to] ilā
[to] ٱللَّهِ ۖ तरफ़ अल्लाह के l-lahi
तरफ़ अल्लाह के وَمَا और जो wamā
और जो كَانَ है kāna
है لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए فَهُوَ तो वो fahuwa
तो वो يَصِلُ वो पहुँच जाता है yaṣilu
वो पहुँच जाता है إِلَىٰ [to] ilā
[to] شُرَكَآئِهِمْ ۗ तरफ़ उनके शरीकों के shurakāihim
तरफ़ उनके शरीकों के سَآءَ कितना बुरा है sāa
कितना बुरा है مَا जो mā
जो يَحْكُمُونَ वो फ़ैसला करते हैं yaḥkumūna
वो फ़ैसला करते हैं ١٣٦ (136)
(136)
और उन्होंने मुक़र्रर कर लिया لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो ذَرَأَ उसने पैदा किया dhara-a
उसने पैदा किया مِنَ of mina
of ٱلْحَرْثِ खेती से l-ḥarthi
खेती से وَٱلْأَنْعَـٰمِ और मवेशियों से wal-anʿāmi
और मवेशियों से نَصِيبًۭا एक हिस्सा naṣīban
एक हिस्सा فَقَالُوا۟ तो उन्होंने कहा faqālū
तो उन्होंने कहा هَـٰذَا ये hādhā
ये لِلَّهِ अल्लाह के लिए है lillahi
अल्लाह के लिए है بِزَعْمِهِمْ उनके गुमान के मुताबिक़ bizaʿmihim
उनके गुमान के मुताबिक़ وَهَـٰذَا और ये wahādhā
और ये لِشُرَكَآئِنَا ۖ हमारे शरीकों के लिए है lishurakāinā
हमारे शरीकों के लिए है فَمَا पस जो (हिस्सा) famā
पस जो (हिस्सा) كَانَ है kāna
है لِشُرَكَآئِهِمْ उनके शरीकों के लिए lishurakāihim
उनके शरीकों के लिए فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं يَصِلُ वो पहुँचता yaṣilu
वो पहुँचता إِلَى [to] ilā
[to] ٱللَّهِ ۖ तरफ़ अल्लाह के l-lahi
तरफ़ अल्लाह के وَمَا और जो wamā
और जो كَانَ है kāna
है لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए فَهُوَ तो वो fahuwa
तो वो يَصِلُ वो पहुँच जाता है yaṣilu
वो पहुँच जाता है إِلَىٰ [to] ilā
[to] شُرَكَآئِهِمْ ۗ तरफ़ उनके शरीकों के shurakāihim
तरफ़ उनके शरीकों के سَآءَ कितना बुरा है sāa
कितना बुरा है مَا जो mā
जो يَحْكُمُونَ वो फ़ैसला करते हैं yaḥkumūna
वो फ़ैसला करते हैं ١٣٦ (136)
(136)
तथा उन्होंने अल्लाह की पैदा की हुई खेती और पशुओं में उसका एक भाग निश्चित किया। फिर वे अपने विचार से कहते हैं : "यह अल्लाह का है और यह हमारे ठहराए हुए साझीदारों का।" फिर जो हिस्सा उनके बनाए हुए साझियों का है, वह तो अल्लाह को नहीं पहुँचता, परंतु जो हिस्सा अल्लाह का है, वह उनके साझियों1 को पहुँच जाता है। क्या ही बुरा निर्णय है, जो वे करते हैं!
६:१३७
وَكَذَٰلِكَ
और इसी तरह
wakadhālika
और इसी तरह زَيَّنَ मुज़य्यन कर दिया zayyana
मुज़य्यन कर दिया لِكَثِيرٍۢ अक्सरियत के लिए likathīrin
अक्सरियत के लिए مِّنَ of mina
of ٱلْمُشْرِكِينَ मुशरिकीन में से l-mush'rikīna
मुशरिकीन में से قَتْلَ क़त्ल करना qatla
क़त्ल करना أَوْلَـٰدِهِمْ अपनी औलाद का awlādihim
अपनी औलाद का شُرَكَآؤُهُمْ उनके शरीकों ने shurakāuhum
उनके शरीकों ने لِيُرْدُوهُمْ ताकि वो हलाकत में डालें उन्हें liyur'dūhum
ताकि वो हलाकत में डालें उन्हें وَلِيَلْبِسُوا۟ और ताकि वो मुश्तबा कर दें waliyalbisū
और ताकि वो मुश्तबा कर दें عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर دِينَهُمْ ۖ उनके दीन को dīnahum
उनके दीन को وَلَوْ और अगर walaw
और अगर شَآءَ चाहता shāa
चाहता ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مَا ना mā
ना فَعَلُوهُ ۖ वो करते उसे faʿalūhu
वो करते उसे فَذَرْهُمْ पस छोड़ दीजिए उन्हें fadharhum
पस छोड़ दीजिए उन्हें وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ يَفْتَرُونَ वो झूठ गढ़ते हैं yaftarūna
वो झूठ गढ़ते हैं ١٣٧ (137)
(137)
और इसी तरह زَيَّنَ मुज़य्यन कर दिया zayyana
मुज़य्यन कर दिया لِكَثِيرٍۢ अक्सरियत के लिए likathīrin
अक्सरियत के लिए مِّنَ of mina
of ٱلْمُشْرِكِينَ मुशरिकीन में से l-mush'rikīna
मुशरिकीन में से قَتْلَ क़त्ल करना qatla
क़त्ल करना أَوْلَـٰدِهِمْ अपनी औलाद का awlādihim
अपनी औलाद का شُرَكَآؤُهُمْ उनके शरीकों ने shurakāuhum
उनके शरीकों ने لِيُرْدُوهُمْ ताकि वो हलाकत में डालें उन्हें liyur'dūhum
ताकि वो हलाकत में डालें उन्हें وَلِيَلْبِسُوا۟ और ताकि वो मुश्तबा कर दें waliyalbisū
और ताकि वो मुश्तबा कर दें عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर دِينَهُمْ ۖ उनके दीन को dīnahum
उनके दीन को وَلَوْ और अगर walaw
और अगर شَآءَ चाहता shāa
चाहता ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مَا ना mā
ना فَعَلُوهُ ۖ वो करते उसे faʿalūhu
वो करते उसे فَذَرْهُمْ पस छोड़ दीजिए उन्हें fadharhum
पस छोड़ दीजिए उन्हें وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ يَفْتَرُونَ वो झूठ गढ़ते हैं yaftarūna
वो झूठ गढ़ते हैं ١٣٧ (137)
(137)
और इसी प्रकार, बहुत-से मुश्रिकों के लिए, उनके बनाए हुए साझियों ने, उनकी अपनी संतान की हत्या1 को सुंदर बना दिया है, ताकि उनका विनाश कर दें और ताकि उनके धर्म को उनपर संदिग्ध कर दें। और यदि अल्लाह चाहता, तो वे ऐसा न करते। अतः आप उन्हें छोड़ दें तथा उनकी बनाई हुई बातों को।
६:१३८
وَقَالُوا۟
और उन्होंने कहा
waqālū
और उन्होंने कहा هَـٰذِهِۦٓ ये hādhihi
ये أَنْعَـٰمٌۭ मवेशी anʿāmun
मवेशी وَحَرْثٌ और खेती waḥarthun
और खेती حِجْرٌۭ ममनूअ हैं ḥij'run
ममनूअ हैं لَّا no (one) lā
no (one) يَطْعَمُهَآ नहीं खा सकता उन्हें yaṭʿamuhā
नहीं खा सकता उन्हें إِلَّا मगर illā
मगर مَن वो जिसे man
वो जिसे نَّشَآءُ हम चाहें nashāu
हम चाहें بِزَعْمِهِمْ उनके गुमान के मुताबिक़ bizaʿmihim
उनके गुमान के मुताबिक़ وَأَنْعَـٰمٌ और कुछ मवेशी wa-anʿāmun
और कुछ मवेशी حُرِّمَتْ हराम की गईं ḥurrimat
हराम की गईं ظُهُورُهَا पुश्तें उनकी ẓuhūruhā
पुश्तें उनकी وَأَنْعَـٰمٌۭ और कुछ मवेशी wa-anʿāmun
और कुछ मवेशी لَّا not lā
not يَذْكُرُونَ नहीं वो ज़िक्र करते yadhkurūna
नहीं वो ज़िक्र करते ٱسْمَ नाम is'ma
नाम ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का عَلَيْهَا उन पर ʿalayhā
उन पर ٱفْتِرَآءً झूठ गढ़ते हुए if'tirāan
झूठ गढ़ते हुए عَلَيْهِ ۚ उस पर ʿalayhi
उस पर سَيَجْزِيهِم अनक़रीब वो बदला देगा उन्हें sayajzīhim
अनक़रीब वो बदला देगा उन्हें بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَفْتَرُونَ वो झूठ गढ़ते yaftarūna
वो झूठ गढ़ते ١٣٨ (138)
(138)
और उन्होंने कहा هَـٰذِهِۦٓ ये hādhihi
ये أَنْعَـٰمٌۭ मवेशी anʿāmun
मवेशी وَحَرْثٌ और खेती waḥarthun
और खेती حِجْرٌۭ ममनूअ हैं ḥij'run
ममनूअ हैं لَّا no (one) lā
no (one) يَطْعَمُهَآ नहीं खा सकता उन्हें yaṭʿamuhā
नहीं खा सकता उन्हें إِلَّا मगर illā
मगर مَن वो जिसे man
वो जिसे نَّشَآءُ हम चाहें nashāu
हम चाहें بِزَعْمِهِمْ उनके गुमान के मुताबिक़ bizaʿmihim
उनके गुमान के मुताबिक़ وَأَنْعَـٰمٌ और कुछ मवेशी wa-anʿāmun
और कुछ मवेशी حُرِّمَتْ हराम की गईं ḥurrimat
हराम की गईं ظُهُورُهَا पुश्तें उनकी ẓuhūruhā
पुश्तें उनकी وَأَنْعَـٰمٌۭ और कुछ मवेशी wa-anʿāmun
और कुछ मवेशी لَّا not lā
not يَذْكُرُونَ नहीं वो ज़िक्र करते yadhkurūna
नहीं वो ज़िक्र करते ٱسْمَ नाम is'ma
नाम ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का عَلَيْهَا उन पर ʿalayhā
उन पर ٱفْتِرَآءً झूठ गढ़ते हुए if'tirāan
झूठ गढ़ते हुए عَلَيْهِ ۚ उस पर ʿalayhi
उस पर سَيَجْزِيهِم अनक़रीब वो बदला देगा उन्हें sayajzīhim
अनक़रीब वो बदला देगा उन्हें بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَفْتَرُونَ वो झूठ गढ़ते yaftarūna
वो झूठ गढ़ते ١٣٨ (138)
(138)
तथा वे कहते हैं कि ये पशु और खेत वर्जित हैं। इन्हें वही खा सकता है, जिसे हम खिलाना चाहें। ऐसा वे अपने ख़याल से कहते हैं। फिर कुछ पशु हैं, जिनकी पीठ हराम (वर्जित) हैं। और कुछ पशु हैं, जिनपर (ज़बह करते समय) अल्लाह का नाम नहीं लेते। यह उन्होंने अल्लाह पर झूठ गढ़ा है। उन्हें वह उनके इस झूठ गढ़ने का बदला अवश्य देगा।
६:१३९
وَقَالُوا۟
और उन्होंने कहा
waqālū
और उन्होंने कहा مَا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in بُطُونِ पेटों में है buṭūni
पेटों में है هَـٰذِهِ उन hādhihi
उन ٱلْأَنْعَـٰمِ मवेशियों के l-anʿāmi
मवेशियों के خَالِصَةٌۭ ख़ालिस है (वो) khāliṣatun
ख़ालिस है (वो) لِّذُكُورِنَا हमारे मर्दों के लिए lidhukūrinā
हमारे मर्दों के लिए وَمُحَرَّمٌ और हराम किया गया है wamuḥarramun
और हराम किया गया है عَلَىٰٓ on ʿalā
on أَزْوَٰجِنَا ۖ हमारी बीवियों पर azwājinā
हमारी बीवियों पर وَإِن और अगर wa-in
और अगर يَكُن हो वो yakun
हो वो مَّيْتَةًۭ मुरदार maytatan
मुरदार فَهُمْ तो वो fahum
तो वो فِيهِ उसमें fīhi
उसमें شُرَكَآءُ ۚ सब शरीक हैं shurakāu
सब शरीक हैं سَيَجْزِيهِمْ अनक़रीब वो बदला देगा उन्हें sayajzīhim
अनक़रीब वो बदला देगा उन्हें وَصْفَهُمْ ۚ उनके बयान का waṣfahum
उनके बयान का إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो حَكِيمٌ बहुत हिकमत वाला है ḥakīmun
बहुत हिकमत वाला है عَلِيمٌۭ ख़ूब इल्म वाला है ʿalīmun
ख़ूब इल्म वाला है ١٣٩ (139)
(139)
और उन्होंने कहा مَا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in بُطُونِ पेटों में है buṭūni
पेटों में है هَـٰذِهِ उन hādhihi
उन ٱلْأَنْعَـٰمِ मवेशियों के l-anʿāmi
मवेशियों के خَالِصَةٌۭ ख़ालिस है (वो) khāliṣatun
ख़ालिस है (वो) لِّذُكُورِنَا हमारे मर्दों के लिए lidhukūrinā
हमारे मर्दों के लिए وَمُحَرَّمٌ और हराम किया गया है wamuḥarramun
और हराम किया गया है عَلَىٰٓ on ʿalā
on أَزْوَٰجِنَا ۖ हमारी बीवियों पर azwājinā
हमारी बीवियों पर وَإِن और अगर wa-in
और अगर يَكُن हो वो yakun
हो वो مَّيْتَةًۭ मुरदार maytatan
मुरदार فَهُمْ तो वो fahum
तो वो فِيهِ उसमें fīhi
उसमें شُرَكَآءُ ۚ सब शरीक हैं shurakāu
सब शरीक हैं سَيَجْزِيهِمْ अनक़रीब वो बदला देगा उन्हें sayajzīhim
अनक़रीब वो बदला देगा उन्हें وَصْفَهُمْ ۚ उनके बयान का waṣfahum
उनके बयान का إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो حَكِيمٌ बहुत हिकमत वाला है ḥakīmun
बहुत हिकमत वाला है عَلِيمٌۭ ख़ूब इल्म वाला है ʿalīmun
ख़ूब इल्म वाला है ١٣٩ (139)
(139)
तथा उन्होंने कहा कि इन पशुओं के पेट में जो कुछ है, वह हमारे पुरुषों ही के लिए है और हमारी पत्नियों के लिए वर्जित है। और यदि मरा हुआ हो, तो सभी उसमें शामिल होंगे।1 शीघ्र ही अल्लाह उन्हें उनके ऐसा कहने का बदला देगा। निःसंदेह वह हिकमत वाला, सब कुछ जानने वाला है।
६:१४०
قَدْ
तहक़ीक़
qad
तहक़ीक़ خَسِرَ ख़सारे में रहे khasira
ख़सारे में रहे ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने قَتَلُوٓا۟ क़त्ल किया qatalū
क़त्ल किया أَوْلَـٰدَهُمْ अपनी औलाद को awlādahum
अपनी औलाद को سَفَهًۢا नादानी से safahan
नादानी से بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर عِلْمٍۢ इल्म के ʿil'min
इल्म के وَحَرَّمُوا۟ और हराम क़रार दिया waḥarramū
और हराम क़रार दिया مَا उसको जो mā
उसको जो رَزَقَهُمُ रिज़्क़ दिया उनको razaqahumu
रिज़्क़ दिया उनको ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱفْتِرَآءً झूठ गढ़ते हुए if'tirāan
झूठ गढ़ते हुए عَلَى against ʿalā
against ٱللَّهِ ۚ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ ضَلُّوا۟ वो भटक गए ḍallū
वो भटक गए وَمَا और ना wamā
और ना كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो مُهْتَدِينَ हिदायत पाने वाले muh'tadīna
हिदायत पाने वाले ١٤٠ (140)
(140)
तहक़ीक़ خَسِرَ ख़सारे में रहे khasira
ख़सारे में रहे ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने قَتَلُوٓا۟ क़त्ल किया qatalū
क़त्ल किया أَوْلَـٰدَهُمْ अपनी औलाद को awlādahum
अपनी औलाद को سَفَهًۢا नादानी से safahan
नादानी से بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर عِلْمٍۢ इल्म के ʿil'min
इल्म के وَحَرَّمُوا۟ और हराम क़रार दिया waḥarramū
और हराम क़रार दिया مَا उसको जो mā
उसको जो رَزَقَهُمُ रिज़्क़ दिया उनको razaqahumu
रिज़्क़ दिया उनको ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱفْتِرَآءً झूठ गढ़ते हुए if'tirāan
झूठ गढ़ते हुए عَلَى against ʿalā
against ٱللَّهِ ۚ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ ضَلُّوا۟ वो भटक गए ḍallū
वो भटक गए وَمَا और ना wamā
और ना كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो مُهْتَدِينَ हिदायत पाने वाले muh'tadīna
हिदायत पाने वाले ١٤٠ (140)
(140)
निश्चय वे लोग क्षति में पड़ गए, जिन्होंने मूर्खता के कारण, बिना किसी ज्ञान के, अपने संतान की हत्या की।1 और उस जीविका को, जो अल्लाह ने उन्हें प्रदान की थी, अल्लाह पर आरोप लगाकर, अवैध बना लिया। वास्तव में, वे भटक गए और सीधी राह प्राप्त नहीं कर सके।
६:१४१
۞ وَهُوَ
और वो ही है
wahuwa
और वो ही है ٱلَّذِىٓ जिसने alladhī
जिसने أَنشَأَ पैदा किए ansha-a
पैदा किए جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात jannātin
बाग़ात مَّعْرُوشَـٰتٍۢ छतरियों पर चढ़ाए हुए maʿrūshātin
छतरियों पर चढ़ाए हुए وَغَيْرَ और बग़ैर waghayra
और बग़ैर مَعْرُوشَـٰتٍۢ छतरियों पर चढ़ाए हुए maʿrūshātin
छतरियों पर चढ़ाए हुए وَٱلنَّخْلَ और खजूर के दरख़्त wal-nakhla
और खजूर के दरख़्त وَٱلزَّرْعَ और खेती wal-zarʿa
और खेती مُخْتَلِفًا मुख़्तलिफ़ हैं mukh'talifan
मुख़्तलिफ़ हैं أُكُلُهُۥ फल उसके ukuluhu
फल उसके وَٱلزَّيْتُونَ और ज़ैतून wal-zaytūna
और ज़ैतून وَٱلرُّمَّانَ और अनार wal-rumāna
और अनार مُتَشَـٰبِهًۭا आपस में मिलते-जुलते mutashābihan
आपस में मिलते-जुलते وَغَيْرَ और ना waghayra
और ना مُتَشَـٰبِهٍۢ ۚ मिलते-जुलते mutashābihin
मिलते-जुलते كُلُوا۟ खाओ kulū
खाओ مِن of min
of ثَمَرِهِۦٓ उसके फल में से thamarihi
उसके फल में से إِذَآ जब idhā
जब أَثْمَرَ वो फल लाए athmara
वो फल लाए وَءَاتُوا۟ और दो waātū
और दो حَقَّهُۥ हक़ उसका ḥaqqahu
हक़ उसका يَوْمَ दिन yawma
दिन حَصَادِهِۦ ۖ उसकी कटाई के ḥaṣādihi
उसकी कटाई के وَلَا और ना walā
और ना تُسْرِفُوٓا۟ ۚ तुम इसराफ़ करो tus'rifū
तुम इसराफ़ करो إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो لَا (does) not lā
(does) not يُحِبُّ नहीं वो पसंद करता yuḥibbu
नहीं वो पसंद करता ٱلْمُسْرِفِينَ इसराफ़ करने वालों को l-mus'rifīna
इसराफ़ करने वालों को ١٤١ (141)
(141)
और वो ही है ٱلَّذِىٓ जिसने alladhī
जिसने أَنشَأَ पैदा किए ansha-a
पैदा किए جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात jannātin
बाग़ात مَّعْرُوشَـٰتٍۢ छतरियों पर चढ़ाए हुए maʿrūshātin
छतरियों पर चढ़ाए हुए وَغَيْرَ और बग़ैर waghayra
और बग़ैर مَعْرُوشَـٰتٍۢ छतरियों पर चढ़ाए हुए maʿrūshātin
छतरियों पर चढ़ाए हुए وَٱلنَّخْلَ और खजूर के दरख़्त wal-nakhla
और खजूर के दरख़्त وَٱلزَّرْعَ और खेती wal-zarʿa
और खेती مُخْتَلِفًا मुख़्तलिफ़ हैं mukh'talifan
मुख़्तलिफ़ हैं أُكُلُهُۥ फल उसके ukuluhu
फल उसके وَٱلزَّيْتُونَ और ज़ैतून wal-zaytūna
और ज़ैतून وَٱلرُّمَّانَ और अनार wal-rumāna
और अनार مُتَشَـٰبِهًۭا आपस में मिलते-जुलते mutashābihan
आपस में मिलते-जुलते وَغَيْرَ और ना waghayra
और ना مُتَشَـٰبِهٍۢ ۚ मिलते-जुलते mutashābihin
मिलते-जुलते كُلُوا۟ खाओ kulū
खाओ مِن of min
of ثَمَرِهِۦٓ उसके फल में से thamarihi
उसके फल में से إِذَآ जब idhā
जब أَثْمَرَ वो फल लाए athmara
वो फल लाए وَءَاتُوا۟ और दो waātū
और दो حَقَّهُۥ हक़ उसका ḥaqqahu
हक़ उसका يَوْمَ दिन yawma
दिन حَصَادِهِۦ ۖ उसकी कटाई के ḥaṣādihi
उसकी कटाई के وَلَا और ना walā
और ना تُسْرِفُوٓا۟ ۚ तुम इसराफ़ करो tus'rifū
तुम इसराफ़ करो إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो لَا (does) not lā
(does) not يُحِبُّ नहीं वो पसंद करता yuḥibbu
नहीं वो पसंद करता ٱلْمُسْرِفِينَ इसराफ़ करने वालों को l-mus'rifīna
इसराफ़ करने वालों को ١٤١ (141)
(141)
अल्लाह वही है, जिसने बेलों वाले तथा बिना बेलों वाले बाग़ पैदा किए, तथा खजूर और खेती (पैदा की), जिनसे विभिन्न प्रकार की पैदावार प्राप्त होती है, और ज़ैतुन तथा अनार (पैदा किए), जो एक-दूसरे से मिलते-जुलते भी होते हैं और नहीं भी होते। जब वह फल दे, तो उसका फल खाओ और उकी कटाई के दिन उसका हक़ (ज़कात) अदा करो। और बेजा खर्च1 न करो। निःसंदेह अल्लाह बेजा ख़र्च करने वालों से प्रेम नहीं करता।
६:१४२
وَمِنَ
And of
wamina
And of ٱلْأَنْعَـٰمِ और मवेशियों में से हैं l-anʿāmi
और मवेशियों में से हैं حَمُولَةًۭ कुछ बोझ उठाने वाले ḥamūlatan
कुछ बोझ उठाने वाले وَفَرْشًۭا ۚ और कुछ ज़मीन से लगे हुए wafarshan
और कुछ ज़मीन से लगे हुए كُلُوا۟ खाओ kulū
खाओ مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो رَزَقَكُمُ रिज़्क़ दिया तुम्हें razaqakumu
रिज़्क़ दिया तुम्हें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَلَا और ना walā
और ना تَتَّبِعُوا۟ तुम पैरवी करो tattabiʿū
तुम पैरवी करो خُطُوَٰتِ क़दमों की khuṭuwāti
क़दमों की ٱلشَّيْطَـٰنِ ۚ शैतान के l-shayṭāni
शैतान के إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए عَدُوٌّۭ दुश्मन है ʿaduwwun
दुश्मन है مُّبِينٌۭ खुल्लम-खुल्ला mubīnun
खुल्लम-खुल्ला ١٤٢ (142)
(142)
And of ٱلْأَنْعَـٰمِ और मवेशियों में से हैं l-anʿāmi
और मवेशियों में से हैं حَمُولَةًۭ कुछ बोझ उठाने वाले ḥamūlatan
कुछ बोझ उठाने वाले وَفَرْشًۭا ۚ और कुछ ज़मीन से लगे हुए wafarshan
और कुछ ज़मीन से लगे हुए كُلُوا۟ खाओ kulū
खाओ مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो رَزَقَكُمُ रिज़्क़ दिया तुम्हें razaqakumu
रिज़्क़ दिया तुम्हें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَلَا और ना walā
और ना تَتَّبِعُوا۟ तुम पैरवी करो tattabiʿū
तुम पैरवी करो خُطُوَٰتِ क़दमों की khuṭuwāti
क़दमों की ٱلشَّيْطَـٰنِ ۚ शैतान के l-shayṭāni
शैतान के إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए عَدُوٌّۭ दुश्मन है ʿaduwwun
दुश्मन है مُّبِينٌۭ खुल्लम-खुल्ला mubīnun
खुल्लम-खुल्ला ١٤٢ (142)
(142)
तथा चौपायों में कुछ सवारी और बोझ लादने योग्य1 (पैदा किए) और कुछ धरती से लगे2 हुए। जो कुछ अल्लाह ने तुम्हें दिया है, उसमें से खाओ और शैतान के पदचिह्नों पर न चलो। निश्चय ही वह तुम्हारा खुला शत्रु3 है।
६:१४३
ثَمَـٰنِيَةَ
आठ
thamāniyata
आठ أَزْوَٰجٍۢ ۖ क़िस्में हैं azwājin
क़िस्में हैं مِّنَ of mina
of ٱلضَّأْنِ भेड़ में से l-ḍani
भेड़ में से ٱثْنَيْنِ दो ith'nayni
दो وَمِنَ and of wamina
and of ٱلْمَعْزِ और बकरी में से l-maʿzi
और बकरी में से ٱثْنَيْنِ ۗ दो ith'nayni
दो قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए ءَآلذَّكَرَيْنِ क्या दो नर āldhakarayni
क्या दो नर حَرَّمَ उसने हराम किए ḥarrama
उसने हराम किए أَمِ या ami
या ٱلْأُنثَيَيْنِ दो मादा l-unthayayni
दो मादा أَمَّا या वो जो ammā
या वो जो ٱشْتَمَلَتْ मुश्तमिल हैं ish'tamalat
मुश्तमिल हैं عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर أَرْحَامُ रहम arḥāmu
रहम ٱلْأُنثَيَيْنِ ۖ दोनों मादा के l-unthayayni
दोनों मादा के نَبِّـُٔونِى बताओ मुझे nabbiūnī
बताओ मुझे بِعِلْمٍ साथ इल्म के biʿil'min
साथ इल्म के إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ١٤٣ (143)
(143)
आठ أَزْوَٰجٍۢ ۖ क़िस्में हैं azwājin
क़िस्में हैं مِّنَ of mina
of ٱلضَّأْنِ भेड़ में से l-ḍani
भेड़ में से ٱثْنَيْنِ दो ith'nayni
दो وَمِنَ and of wamina
and of ٱلْمَعْزِ और बकरी में से l-maʿzi
और बकरी में से ٱثْنَيْنِ ۗ दो ith'nayni
दो قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए ءَآلذَّكَرَيْنِ क्या दो नर āldhakarayni
क्या दो नर حَرَّمَ उसने हराम किए ḥarrama
उसने हराम किए أَمِ या ami
या ٱلْأُنثَيَيْنِ दो मादा l-unthayayni
दो मादा أَمَّا या वो जो ammā
या वो जो ٱشْتَمَلَتْ मुश्तमिल हैं ish'tamalat
मुश्तमिल हैं عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर أَرْحَامُ रहम arḥāmu
रहम ٱلْأُنثَيَيْنِ ۖ दोनों मादा के l-unthayayni
दोनों मादा के نَبِّـُٔونِى बताओ मुझे nabbiūnī
बताओ मुझे بِعِلْمٍ साथ इल्म के biʿil'min
साथ इल्म के إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ١٤٣ (143)
(143)
(अल्लाह ने) आठ नर-मादा (पैदा किए)। भेड़ में से दो और बकरी में से दो। आप उनसे पूछिए कि क्या अल्लाह ने दोनों नर हराम किए हैं अथवा दोनों मादा या उसे जो इन दोनों मादा के पेट में हो? मुझे किसी ज्ञान के आधार पर बताओ, यदि तुम सच्चे हो।
६:१४४
وَمِنَ
And of
wamina
And of ٱلْإِبِلِ और ऊँट में से l-ibili
और ऊँट में से ٱثْنَيْنِ दो ith'nayni
दो وَمِنَ and of wamina
and of ٱلْبَقَرِ और गाय में से l-baqari
और गाय में से ٱثْنَيْنِ ۗ दो ith'nayni
दो قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए ءَآلذَّكَرَيْنِ क्या दो नर āldhakarayni
क्या दो नर حَرَّمَ उसने हराम किए ḥarrama
उसने हराम किए أَمِ या ami
या ٱلْأُنثَيَيْنِ दो मादा l-unthayayni
दो मादा أَمَّا या वो जो ammā
या वो जो ٱشْتَمَلَتْ मुश्तमिल हैं ish'tamalat
मुश्तमिल हैं عَلَيْهِ जिस पर ʿalayhi
जिस पर أَرْحَامُ रहम arḥāmu
रहम ٱلْأُنثَيَيْنِ ۖ दोनों मादा के l-unthayayni
दोनों मादा के أَمْ या am
या كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम شُهَدَآءَ गवाह shuhadāa
गवाह إِذْ जब idh
जब وَصَّىٰكُمُ ताकीद की तुम्हें waṣṣākumu
ताकीद की तुम्हें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने بِهَـٰذَا ۚ उसकी bihādhā
उसकी فَمَنْ तो कौन faman
तो कौन أَظْلَمُ बड़ा ज़ालिम है aẓlamu
बड़ा ज़ालिम है مِمَّنِ उस से जो mimmani
उस से जो ٱفْتَرَىٰ गढ़ ले if'tarā
गढ़ ले عَلَى against ʿalā
against ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर كَذِبًۭا झूठ kadhiban
झूठ لِّيُضِلَّ ताकि वो भटका दे liyuḍilla
ताकि वो भटका दे ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर عِلْمٍ ۗ इल्म के ʿil'min
इल्म के إِنَّ बेशक वो inna
बेशक वो ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يَهْدِى नही वो हिदायत देता yahdī
नही वो हिदायत देता ٱلْقَوْمَ उन लोगों को l-qawma
उन लोगों को ٱلظَّـٰلِمِينَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimīna
जो ज़ालिम हैं ١٤٤ (144)
(144)
And of ٱلْإِبِلِ और ऊँट में से l-ibili
और ऊँट में से ٱثْنَيْنِ दो ith'nayni
दो وَمِنَ and of wamina
and of ٱلْبَقَرِ और गाय में से l-baqari
और गाय में से ٱثْنَيْنِ ۗ दो ith'nayni
दो قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए ءَآلذَّكَرَيْنِ क्या दो नर āldhakarayni
क्या दो नर حَرَّمَ उसने हराम किए ḥarrama
उसने हराम किए أَمِ या ami
या ٱلْأُنثَيَيْنِ दो मादा l-unthayayni
दो मादा أَمَّا या वो जो ammā
या वो जो ٱشْتَمَلَتْ मुश्तमिल हैं ish'tamalat
मुश्तमिल हैं عَلَيْهِ जिस पर ʿalayhi
जिस पर أَرْحَامُ रहम arḥāmu
रहम ٱلْأُنثَيَيْنِ ۖ दोनों मादा के l-unthayayni
दोनों मादा के أَمْ या am
या كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम شُهَدَآءَ गवाह shuhadāa
गवाह إِذْ जब idh
जब وَصَّىٰكُمُ ताकीद की तुम्हें waṣṣākumu
ताकीद की तुम्हें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने بِهَـٰذَا ۚ उसकी bihādhā
उसकी فَمَنْ तो कौन faman
तो कौन أَظْلَمُ बड़ा ज़ालिम है aẓlamu
बड़ा ज़ालिम है مِمَّنِ उस से जो mimmani
उस से जो ٱفْتَرَىٰ गढ़ ले if'tarā
गढ़ ले عَلَى against ʿalā
against ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर كَذِبًۭا झूठ kadhiban
झूठ لِّيُضِلَّ ताकि वो भटका दे liyuḍilla
ताकि वो भटका दे ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर عِلْمٍ ۗ इल्म के ʿil'min
इल्म के إِنَّ बेशक वो inna
बेशक वो ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يَهْدِى नही वो हिदायत देता yahdī
नही वो हिदायत देता ٱلْقَوْمَ उन लोगों को l-qawma
उन लोगों को ٱلظَّـٰلِمِينَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimīna
जो ज़ालिम हैं ١٤٤ (144)
(144)
और ऊँट में से दो तथा गाय में से दो। आप पूछिए कि क्या अल्लाह ने दोनों नर हराम किए हैं अथवा दोनों मादा या उसे जो दोनों मादा के पेट में हो? क्या तुम उस समय उपस्थित थे, जब अल्लाह ने तुम्हें इसका आदेश दिया था? फिर उससे बड़ा अत्याचारी कौन होगा, जो अल्लाह पर झूठ गढ़े ताकि लोगों को बिना किसी ज्ञान के गुमराह करे? निश्चय अल्लाह अत्याचारियों को सत्य का मार्ग नहीं दिखाता।
६:१४५
قُل
कह दीजिए
qul
कह दीजिए لَّآ Not lā
Not أَجِدُ नही मैं पाता ajidu
नही मैं पाता فِى in fī
in مَآ उससे जो mā
उससे जो أُوحِىَ वही की गई ūḥiya
वही की गई إِلَىَّ मेरी तरफ़ ilayya
मेरी तरफ़ مُحَرَّمًا हराम की गई (कोई चीज़) muḥarraman
हराम की गई (कोई चीज़) عَلَىٰ to ʿalā
to طَاعِمٍۢ किसी खाने वाले पर ṭāʿimin
किसी खाने वाले पर يَطْعَمُهُۥٓ जिसे वो खाए yaṭʿamuhu
जिसे वो खाए إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि يَكُونَ वो हो yakūna
वो हो مَيْتَةً मुरदार maytatan
मुरदार أَوْ या aw
या دَمًۭا ख़ून daman
ख़ून مَّسْفُوحًا बहाया हुआ masfūḥan
बहाया हुआ أَوْ या aw
या لَحْمَ गोश्त laḥma
गोश्त خِنزِيرٍۢ ख़िन्ज़ीर का khinzīrin
ख़िन्ज़ीर का فَإِنَّهُۥ तो बेशक वो fa-innahu
तो बेशक वो رِجْسٌ नापाक है rij'sun
नापाक है أَوْ या (हो वो) aw
या (हो वो) فِسْقًا नाफ़रमानी fis'qan
नाफ़रमानी أُهِلَّ कि पुकारा गया uhilla
कि पुकारा गया لِغَيْرِ वास्ते ग़ैर lighayri
वास्ते ग़ैर ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के بِهِۦ ۚ जिसे bihi
जिसे فَمَنِ तो जो कोई famani
तो जो कोई ٱضْطُرَّ मजबूर किया गया uḍ'ṭurra
मजबूर किया गया غَيْرَ ना ghayra
ना بَاغٍۢ सरकशी करने वाला है bāghin
सरकशी करने वाला है وَلَا और ना walā
और ना عَادٍۢ हद से बढ़ने वाला ʿādin
हद से बढ़ने वाला فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ١٤٥ (145)
(145)
कह दीजिए لَّآ Not lā
Not أَجِدُ नही मैं पाता ajidu
नही मैं पाता فِى in fī
in مَآ उससे जो mā
उससे जो أُوحِىَ वही की गई ūḥiya
वही की गई إِلَىَّ मेरी तरफ़ ilayya
मेरी तरफ़ مُحَرَّمًا हराम की गई (कोई चीज़) muḥarraman
हराम की गई (कोई चीज़) عَلَىٰ to ʿalā
to طَاعِمٍۢ किसी खाने वाले पर ṭāʿimin
किसी खाने वाले पर يَطْعَمُهُۥٓ जिसे वो खाए yaṭʿamuhu
जिसे वो खाए إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि يَكُونَ वो हो yakūna
वो हो مَيْتَةً मुरदार maytatan
मुरदार أَوْ या aw
या دَمًۭا ख़ून daman
ख़ून مَّسْفُوحًا बहाया हुआ masfūḥan
बहाया हुआ أَوْ या aw
या لَحْمَ गोश्त laḥma
गोश्त خِنزِيرٍۢ ख़िन्ज़ीर का khinzīrin
ख़िन्ज़ीर का فَإِنَّهُۥ तो बेशक वो fa-innahu
तो बेशक वो رِجْسٌ नापाक है rij'sun
नापाक है أَوْ या (हो वो) aw
या (हो वो) فِسْقًا नाफ़रमानी fis'qan
नाफ़रमानी أُهِلَّ कि पुकारा गया uhilla
कि पुकारा गया لِغَيْرِ वास्ते ग़ैर lighayri
वास्ते ग़ैर ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के بِهِۦ ۚ जिसे bihi
जिसे فَمَنِ तो जो कोई famani
तो जो कोई ٱضْطُرَّ मजबूर किया गया uḍ'ṭurra
मजबूर किया गया غَيْرَ ना ghayra
ना بَاغٍۢ सरकशी करने वाला है bāghin
सरकशी करने वाला है وَلَا और ना walā
और ना عَادٍۢ हद से बढ़ने वाला ʿādin
हद से बढ़ने वाला فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ١٤٥ (145)
(145)
(ऐ नबी!) आप कह दें कि मेरी ओर जो वह़्य (प्रकाशना) की गई है, उसमें मैं किसी खाने वाले पर, कोई चीज़ जो वह खाना चाहे, हराम नहीं पाता, सिवाय इसके कि मुरदार1 हो या बहता हुआ रक्त हो या सूअर का मांस हो; क्योंकि वह निश्चय ही नापाक है, या अवैध हो, जिसे अल्लाह के सिवा दूसरे के नाम पर ज़बह किया गया हो। परंतु जो विवश हो जाए (तो वह खा सकता है) यदि वह विद्रोही तथा सीमा लाँघने वाला न हो।2 निःसंदेह आपका पालनहार अति क्षमा करने वाला, अत्यंत दयावान् है।
६:१४६
وَعَلَى
And to
waʿalā
And to ٱلَّذِينَ और उन लोगों पर जो alladhīna
और उन लोगों पर जो هَادُوا۟ यहूदी बन गए hādū
यहूदी बन गए حَرَّمْنَا हराम कर दिया हमने ḥarramnā
हराम कर दिया हमने كُلَّ हर kulla
हर ذِى (animal) with dhī
(animal) with ظُفُرٍۢ ۖ नाख़ून वाला (जानवर) ẓufurin
नाख़ून वाला (जानवर) وَمِنَ and of wamina
and of ٱلْبَقَرِ और गाय में से l-baqari
और गाय में से وَٱلْغَنَمِ और बकरी में से wal-ghanami
और बकरी में से حَرَّمْنَا हराम की हमने ḥarramnā
हराम की हमने عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर شُحُومَهُمَآ चरबियाँ इन दोनों की shuḥūmahumā
चरबियाँ इन दोनों की إِلَّا मगर illā
मगर مَا जो mā
जो حَمَلَتْ उठाया हो ḥamalat
उठाया हो ظُهُورُهُمَآ उन दोनों की पुश्तों ने ẓuhūruhumā
उन दोनों की पुश्तों ने أَوِ या awi
या ٱلْحَوَايَآ आँतों ने l-ḥawāyā
आँतों ने أَوْ या aw
या مَا जो mā
जो ٱخْتَلَطَ मिल जाए ikh'talaṭa
मिल जाए بِعَظْمٍۢ ۚ साथ हड्डी के biʿaẓmin
साथ हड्डी के ذَٰلِكَ ये dhālika
ये جَزَيْنَـٰهُم बदला दिया हमने उन्हें jazaynāhum
बदला दिया हमने उन्हें بِبَغْيِهِمْ ۖ बवजह उनकी सरकशी के bibaghyihim
बवजह उनकी सरकशी के وَإِنَّا और बेशक हम wa-innā
और बेशक हम لَصَـٰدِقُونَ अलबत्ता सच्चे हैं laṣādiqūna
अलबत्ता सच्चे हैं ١٤٦ (146)
(146)
And to ٱلَّذِينَ और उन लोगों पर जो alladhīna
और उन लोगों पर जो هَادُوا۟ यहूदी बन गए hādū
यहूदी बन गए حَرَّمْنَا हराम कर दिया हमने ḥarramnā
हराम कर दिया हमने كُلَّ हर kulla
हर ذِى (animal) with dhī
(animal) with ظُفُرٍۢ ۖ नाख़ून वाला (जानवर) ẓufurin
नाख़ून वाला (जानवर) وَمِنَ and of wamina
and of ٱلْبَقَرِ और गाय में से l-baqari
और गाय में से وَٱلْغَنَمِ और बकरी में से wal-ghanami
और बकरी में से حَرَّمْنَا हराम की हमने ḥarramnā
हराम की हमने عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर شُحُومَهُمَآ चरबियाँ इन दोनों की shuḥūmahumā
चरबियाँ इन दोनों की إِلَّا मगर illā
मगर مَا जो mā
जो حَمَلَتْ उठाया हो ḥamalat
उठाया हो ظُهُورُهُمَآ उन दोनों की पुश्तों ने ẓuhūruhumā
उन दोनों की पुश्तों ने أَوِ या awi
या ٱلْحَوَايَآ आँतों ने l-ḥawāyā
आँतों ने أَوْ या aw
या مَا जो mā
जो ٱخْتَلَطَ मिल जाए ikh'talaṭa
मिल जाए بِعَظْمٍۢ ۚ साथ हड्डी के biʿaẓmin
साथ हड्डी के ذَٰلِكَ ये dhālika
ये جَزَيْنَـٰهُم बदला दिया हमने उन्हें jazaynāhum
बदला दिया हमने उन्हें بِبَغْيِهِمْ ۖ बवजह उनकी सरकशी के bibaghyihim
बवजह उनकी सरकशी के وَإِنَّا और बेशक हम wa-innā
और बेशक हम لَصَـٰدِقُونَ अलबत्ता सच्चे हैं laṣādiqūna
अलबत्ता सच्चे हैं ١٤٦ (146)
(146)
तथा हमने यहूदियों पर नाखून वाले1 जानवर ह़राम कर दियए थे और उनपर गाय एवं बकरी की चर्बियाँ भी हराम कर दी2 थीं। परंतु जो दोनों की पीठों या आँतों से लगी हों अथवा जो किसी हड्डी से मिली हुई हो (हलाल है)। हमने उन्हें यह बदला3 उनकी अवज्ञा के कारण दिया था। तथा निश्चय ही हम सच्चे हैं।
६:१४७
فَإِن
फिर अगर
fa-in
फिर अगर كَذَّبُوكَ वो झुठलाऐं आपको kadhabūka
वो झुठलाऐं आपको فَقُل तो कह दीजिए faqul
तो कह दीजिए رَّبُّكُمْ रब तुम्हारा rabbukum
रब तुम्हारा ذُو (is the) Possessor dhū
(is the) Possessor رَحْمَةٍۢ (of) Mercy raḥmatin
(of) Mercy وَٰسِعَةٍۢ वसीअ रहमत वाला है wāsiʿatin
वसीअ रहमत वाला है وَلَا और नहीं walā
और नहीं يُرَدُّ फेरा जा सकता yuraddu
फेरा जा सकता بَأْسُهُۥ अज़ाब उसका basuhu
अज़ाब उसका عَنِ from ʿani
from ٱلْقَوْمِ उन लोगों से l-qawmi
उन लोगों से ٱلْمُجْرِمِينَ जो मुजरिम हैं l-muj'rimīna
जो मुजरिम हैं ١٤٧ (147)
(147)
फिर अगर كَذَّبُوكَ वो झुठलाऐं आपको kadhabūka
वो झुठलाऐं आपको فَقُل तो कह दीजिए faqul
तो कह दीजिए رَّبُّكُمْ रब तुम्हारा rabbukum
रब तुम्हारा ذُو (is the) Possessor dhū
(is the) Possessor رَحْمَةٍۢ (of) Mercy raḥmatin
(of) Mercy وَٰسِعَةٍۢ वसीअ रहमत वाला है wāsiʿatin
वसीअ रहमत वाला है وَلَا और नहीं walā
और नहीं يُرَدُّ फेरा जा सकता yuraddu
फेरा जा सकता بَأْسُهُۥ अज़ाब उसका basuhu
अज़ाब उसका عَنِ from ʿani
from ٱلْقَوْمِ उन लोगों से l-qawmi
उन लोगों से ٱلْمُجْرِمِينَ जो मुजरिम हैं l-muj'rimīna
जो मुजरिम हैं ١٤٧ (147)
(147)
फिर (ऐ नबी!) यदि ये लोग आपको झुठलाएँ, तो कह दें कि तुम्हारा पालनहार व्यापक दया का मालिक है तथा उसकी यातना को अपराधियों से फेरा नहीं जा सकेगा।
६:१४८
سَيَقُولُ
अनक़रीब कहेंगे
sayaqūlu
अनक़रीब कहेंगे ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने أَشْرَكُوا۟ शिर्क किया ashrakū
शिर्क किया لَوْ अगर law
अगर شَآءَ चाहता shāa
चाहता ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مَآ ना mā
ना أَشْرَكْنَا शिर्क करते हम ashraknā
शिर्क करते हम وَلَآ और ना walā
और ना ءَابَآؤُنَا आबा ओ अजदाद हमारे ābāunā
आबा ओ अजदाद हमारे وَلَا और ना walā
और ना حَرَّمْنَا हराम करते हम ḥarramnā
हराम करते हम مِن [of] min
[of] شَىْءٍۢ ۚ कोई चीज़ shayin
कोई चीज़ كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह كَذَّبَ झुठलाया kadhaba
झुठलाया ٱلَّذِينَ उन्होंने जो alladhīna
उन्होंने जो مِن (were from) min
(were from) قَبْلِهِمْ उनसे पहले थे qablihim
उनसे पहले थे حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि ذَاقُوا۟ उन्होंने चख लिया dhāqū
उन्होंने चख लिया بَأْسَنَا ۗ अज़ाब हमारा basanā
अज़ाब हमारा قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए هَلْ क्या है hal
क्या है عِندَكُم पास तुम्हारे ʿindakum
पास तुम्हारे مِّنْ [of] min
[of] عِلْمٍۢ कोई इल्म ʿil'min
कोई इल्म فَتُخْرِجُوهُ पस तुम निकालो उसे fatukh'rijūhu
पस तुम निकालो उसे لَنَآ ۖ हमारे लिए lanā
हमारे लिए إِن नहीं in
नहीं تَتَّبِعُونَ तुम पैरवी करते tattabiʿūna
तुम पैरवी करते إِلَّا मगर illā
मगर ٱلظَّنَّ ज़न/गुमान की l-ẓana
ज़न/गुमान की وَإِنْ और नहीं wa-in
और नहीं أَنتُمْ तुम antum
तुम إِلَّا मगर illā
मगर تَخْرُصُونَ तुम क़यास आराइयाँ करते takhruṣūna
तुम क़यास आराइयाँ करते ١٤٨ (148)
(148)
अनक़रीब कहेंगे ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने أَشْرَكُوا۟ शिर्क किया ashrakū
शिर्क किया لَوْ अगर law
अगर شَآءَ चाहता shāa
चाहता ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مَآ ना mā
ना أَشْرَكْنَا शिर्क करते हम ashraknā
शिर्क करते हम وَلَآ और ना walā
और ना ءَابَآؤُنَا आबा ओ अजदाद हमारे ābāunā
आबा ओ अजदाद हमारे وَلَا और ना walā
और ना حَرَّمْنَا हराम करते हम ḥarramnā
हराम करते हम مِن [of] min
[of] شَىْءٍۢ ۚ कोई चीज़ shayin
कोई चीज़ كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह كَذَّبَ झुठलाया kadhaba
झुठलाया ٱلَّذِينَ उन्होंने जो alladhīna
उन्होंने जो مِن (were from) min
(were from) قَبْلِهِمْ उनसे पहले थे qablihim
उनसे पहले थे حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि ذَاقُوا۟ उन्होंने चख लिया dhāqū
उन्होंने चख लिया بَأْسَنَا ۗ अज़ाब हमारा basanā
अज़ाब हमारा قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए هَلْ क्या है hal
क्या है عِندَكُم पास तुम्हारे ʿindakum
पास तुम्हारे مِّنْ [of] min
[of] عِلْمٍۢ कोई इल्म ʿil'min
कोई इल्म فَتُخْرِجُوهُ पस तुम निकालो उसे fatukh'rijūhu
पस तुम निकालो उसे لَنَآ ۖ हमारे लिए lanā
हमारे लिए إِن नहीं in
नहीं تَتَّبِعُونَ तुम पैरवी करते tattabiʿūna
तुम पैरवी करते إِلَّا मगर illā
मगर ٱلظَّنَّ ज़न/गुमान की l-ẓana
ज़न/गुमान की وَإِنْ और नहीं wa-in
और नहीं أَنتُمْ तुम antum
तुम إِلَّا मगर illā
मगर تَخْرُصُونَ तुम क़यास आराइयाँ करते takhruṣūna
तुम क़यास आराइयाँ करते ١٤٨ (148)
(148)
बहुदेववादी अवश्य कहेंगे कि यदि अल्लाह चाहता, तो हम तथा हमारे पूर्वज (अल्लाह का) साझी न बनाते और न हम किसी चीज़ को हराम ठहराते। ऐसे ही इनसे पहले के लोगों ने भी झुठलाया था, तो उन्हें हमारी यातना का स्वाद चखना पड़ा। (ऐ नबी!) उनसे पूछिए कि क्या तुम्हारे पास (इस विषय में) कोई ज्ञान है, जिसे तुम हमारे समक्ष प्रस्तुत कर सको? तुम तो केवल अनुमान पर चलते हो और केवल अटकल से काम लेते हो।
६:१४९
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए فَلِلَّهِ पस अल्लाह ही के लिए है falillahi
पस अल्लाह ही के लिए है ٱلْحُجَّةُ हुज्जत l-ḥujatu
हुज्जत ٱلْبَـٰلِغَةُ ۖ पहुँचने वाली l-bālighatu
पहुँचने वाली فَلَوْ फिर अगर falaw
फिर अगर شَآءَ वो चाहता shāa
वो चाहता لَهَدَىٰكُمْ अलबत्ता हिदायत दे देता तुम्हें lahadākum
अलबत्ता हिदायत दे देता तुम्हें أَجْمَعِينَ सबके-सबको ajmaʿīna
सबके-सबको ١٤٩ (149)
(149)
कह दीजिए فَلِلَّهِ पस अल्लाह ही के लिए है falillahi
पस अल्लाह ही के लिए है ٱلْحُجَّةُ हुज्जत l-ḥujatu
हुज्जत ٱلْبَـٰلِغَةُ ۖ पहुँचने वाली l-bālighatu
पहुँचने वाली فَلَوْ फिर अगर falaw
फिर अगर شَآءَ वो चाहता shāa
वो चाहता لَهَدَىٰكُمْ अलबत्ता हिदायत दे देता तुम्हें lahadākum
अलबत्ता हिदायत दे देता तुम्हें أَجْمَعِينَ सबके-सबको ajmaʿīna
सबके-सबको ١٤٩ (149)
(149)
(ऐ नबी!) आप कह दें कि पूर्ण तर्क तो अल्लाह ही का है। सो यदि वह चाहता, तो तुम सबको सीधे मार्ग पर लगा देता।1
६:१५०
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए هَلُمَّ हाज़िर करो halumma
हाज़िर करो شُهَدَآءَكُمُ अपने गवाहों को shuhadāakumu
अपने गवाहों को ٱلَّذِينَ उनको जो alladhīna
उनको जो يَشْهَدُونَ गवाही देते हैं yashhadūna
गवाही देते हैं أَنَّ कि बेशक anna
कि बेशक ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने حَرَّمَ हराम किया है ḥarrama
हराम किया है هَـٰذَا ۖ उसे hādhā
उसे فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर شَهِدُوا۟ वो गवाही दे दें shahidū
वो गवाही दे दें فَلَا तो ना falā
तो ना تَشْهَدْ आप गवाही दें tashhad
आप गवाही दें مَعَهُمْ ۚ साथ उनके maʿahum
साथ उनके وَلَا और ना walā
और ना تَتَّبِعْ आप पैरवी करें tattabiʿ
आप पैरवी करें أَهْوَآءَ ख़्वाहिशात की ahwāa
ख़्वाहिशात की ٱلَّذِينَ उनकी जिन्होंने alladhīna
उनकी जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को وَٱلَّذِينَ और (ना) उनकी जो wa-alladhīna
और (ना) उनकी जो لَا (do) not lā
(do) not يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाते yu'minūna
नहीं वो ईमान लाते بِٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत पर bil-ākhirati
आख़िरत पर وَهُم और वो wahum
और वो بِرَبِّهِمْ साथ अपने रब के birabbihim
साथ अपने रब के يَعْدِلُونَ वो बराबर क़रार देते हैं yaʿdilūna
वो बराबर क़रार देते हैं ١٥٠ (150)
(150)
कह दीजिए هَلُمَّ हाज़िर करो halumma
हाज़िर करो شُهَدَآءَكُمُ अपने गवाहों को shuhadāakumu
अपने गवाहों को ٱلَّذِينَ उनको जो alladhīna
उनको जो يَشْهَدُونَ गवाही देते हैं yashhadūna
गवाही देते हैं أَنَّ कि बेशक anna
कि बेशक ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने حَرَّمَ हराम किया है ḥarrama
हराम किया है هَـٰذَا ۖ उसे hādhā
उसे فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर شَهِدُوا۟ वो गवाही दे दें shahidū
वो गवाही दे दें فَلَا तो ना falā
तो ना تَشْهَدْ आप गवाही दें tashhad
आप गवाही दें مَعَهُمْ ۚ साथ उनके maʿahum
साथ उनके وَلَا और ना walā
और ना تَتَّبِعْ आप पैरवी करें tattabiʿ
आप पैरवी करें أَهْوَآءَ ख़्वाहिशात की ahwāa
ख़्वाहिशात की ٱلَّذِينَ उनकी जिन्होंने alladhīna
उनकी जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को وَٱلَّذِينَ और (ना) उनकी जो wa-alladhīna
और (ना) उनकी जो لَا (do) not lā
(do) not يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाते yu'minūna
नहीं वो ईमान लाते بِٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत पर bil-ākhirati
आख़िरत पर وَهُم और वो wahum
और वो بِرَبِّهِمْ साथ अपने रब के birabbihim
साथ अपने रब के يَعْدِلُونَ वो बराबर क़रार देते हैं yaʿdilūna
वो बराबर क़रार देते हैं ١٥٠ (150)
(150)
आप कह दें कि अपने गवाहों को लाओ1, जो गवाही दें कि इसे अल्लाह ही ने हराम ठहराया है। फिर यदि वे गवाही दें, तो आप उनकी गवाही को न मानें। और उन लोगों की इच्छाओं पर न चलें, जिन्होंने हमारी आयतों को झुठलाया और जो आख़िरत पर विश्वास नहीं रखते तथा दूसरों को अपने पालनहार का समकक्ष ठहराते हैं।
६:१५१
۞ قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए تَعَالَوْا۟ आओ taʿālaw
आओ أَتْلُ मैं पढ़ सुनाऊँ atlu
मैं पढ़ सुनाऊँ مَا जो mā
जो حَرَّمَ हराम किया ḥarrama
हराम किया رَبُّكُمْ तुम्हारे रब ने rabbukum
तुम्हारे रब ने عَلَيْكُمْ ۖ तुम पर ʿalaykum
तुम पर أَلَّا कि ना allā
कि ना تُشْرِكُوا۟ तुम शरीक ठहराओ tush'rikū
तुम शरीक ठहराओ بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके شَيْـًۭٔا ۖ किसी चीज़ को shayan
किसी चीज़ को وَبِٱلْوَٰلِدَيْنِ और साथ वालिदैन के wabil-wālidayni
और साथ वालिदैन के إِحْسَـٰنًۭا ۖ एहसान करना iḥ'sānan
एहसान करना وَلَا और ना walā
और ना تَقْتُلُوٓا۟ तुम क़त्ल करो taqtulū
तुम क़त्ल करो أَوْلَـٰدَكُم अपनी औलाद को awlādakum
अपनी औलाद को مِّنْ (out) of min
(out) of إِمْلَـٰقٍۢ ۖ तंगदस्ती (के डर) से im'lāqin
तंगदस्ती (के डर) से نَّحْنُ हम naḥnu
हम نَرْزُقُكُمْ हम रिज़्क़ देते हैं तुम्हें narzuqukum
हम रिज़्क़ देते हैं तुम्हें وَإِيَّاهُمْ ۖ और उन्हें भी wa-iyyāhum
और उन्हें भी وَلَا और ना walā
और ना تَقْرَبُوا۟ तुम क़रीब जाओ taqrabū
तुम क़रीब जाओ ٱلْفَوَٰحِشَ बेहयाई के कामों के l-fawāḥisha
बेहयाई के कामों के مَا जो mā
जो ظَهَرَ ज़ाहिर हों ẓahara
ज़ाहिर हों مِنْهَا उनमें से min'hā
उनमें से وَمَا और जो wamā
और जो بَطَنَ ۖ छुपे हों baṭana
छुपे हों وَلَا और ना walā
और ना تَقْتُلُوا۟ तुम क़त्ल करो taqtulū
तुम क़त्ल करो ٱلنَّفْسَ उस जान को l-nafsa
उस जान को ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो حَرَّمَ हराम की ḥarrama
हराम की ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने إِلَّا मगर illā
मगर بِٱلْحَقِّ ۚ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के ذَٰلِكُمْ ये है dhālikum
ये है وَصَّىٰكُم उसने ताकीद की है तुम्हें waṣṣākum
उसने ताकीद की है तुम्हें بِهِۦ जिसकी bihi
जिसकी لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَعْقِلُونَ अक़्ल से काम लो taʿqilūna
अक़्ल से काम लो ١٥١ (151)
(151)
कह दीजिए تَعَالَوْا۟ आओ taʿālaw
आओ أَتْلُ मैं पढ़ सुनाऊँ atlu
मैं पढ़ सुनाऊँ مَا जो mā
जो حَرَّمَ हराम किया ḥarrama
हराम किया رَبُّكُمْ तुम्हारे रब ने rabbukum
तुम्हारे रब ने عَلَيْكُمْ ۖ तुम पर ʿalaykum
तुम पर أَلَّا कि ना allā
कि ना تُشْرِكُوا۟ तुम शरीक ठहराओ tush'rikū
तुम शरीक ठहराओ بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके شَيْـًۭٔا ۖ किसी चीज़ को shayan
किसी चीज़ को وَبِٱلْوَٰلِدَيْنِ और साथ वालिदैन के wabil-wālidayni
और साथ वालिदैन के إِحْسَـٰنًۭا ۖ एहसान करना iḥ'sānan
एहसान करना وَلَا और ना walā
और ना تَقْتُلُوٓا۟ तुम क़त्ल करो taqtulū
तुम क़त्ल करो أَوْلَـٰدَكُم अपनी औलाद को awlādakum
अपनी औलाद को مِّنْ (out) of min
(out) of إِمْلَـٰقٍۢ ۖ तंगदस्ती (के डर) से im'lāqin
तंगदस्ती (के डर) से نَّحْنُ हम naḥnu
हम نَرْزُقُكُمْ हम रिज़्क़ देते हैं तुम्हें narzuqukum
हम रिज़्क़ देते हैं तुम्हें وَإِيَّاهُمْ ۖ और उन्हें भी wa-iyyāhum
और उन्हें भी وَلَا और ना walā
और ना تَقْرَبُوا۟ तुम क़रीब जाओ taqrabū
तुम क़रीब जाओ ٱلْفَوَٰحِشَ बेहयाई के कामों के l-fawāḥisha
बेहयाई के कामों के مَا जो mā
जो ظَهَرَ ज़ाहिर हों ẓahara
ज़ाहिर हों مِنْهَا उनमें से min'hā
उनमें से وَمَا और जो wamā
और जो بَطَنَ ۖ छुपे हों baṭana
छुपे हों وَلَا और ना walā
और ना تَقْتُلُوا۟ तुम क़त्ल करो taqtulū
तुम क़त्ल करो ٱلنَّفْسَ उस जान को l-nafsa
उस जान को ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो حَرَّمَ हराम की ḥarrama
हराम की ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने إِلَّا मगर illā
मगर بِٱلْحَقِّ ۚ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के ذَٰلِكُمْ ये है dhālikum
ये है وَصَّىٰكُم उसने ताकीद की है तुम्हें waṣṣākum
उसने ताकीद की है तुम्हें بِهِۦ जिसकी bihi
जिसकी لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَعْقِلُونَ अक़्ल से काम लो taʿqilūna
अक़्ल से काम लो ١٥١ (151)
(151)
आप उनसे कह दें कि आओ, मैं तुम्हें (आयतें) पढ़कर सुना दूँ कि तुमपर, तुम्हारे पालनहार ने क्या हराम किया है? वह यह है कि किसी चीज़ को अल्लाह का साझी न बनाओ और माता-पिता के साथ उपकार करो तथा निर्धनता के भय से अपनी संतानों की हत्या न करो। हम तुम्हें रोज़ी देते हैं और उन्हें भी देंगे। और निर्लज्जता की बातों के निकट भी न जाओ, खुली हों अथवा छिपी। और किसी प्राणी की हत्य न करो, जिस (की हत्या) को अल्लाह ने हराम ठहराया हो, सिवाय इसके कि उसका कोई उचित कारण1 हो। ये बातें हैं, जिनकी अल्लाह ने तुम्हें ताकीद की है, ताकि तुम समझो।
६:१५२
وَلَا
और ना
walā
और ना تَقْرَبُوا۟ तुम क़रीब जाओ taqrabū
तुम क़रीब जाओ مَالَ माले māla
माले ٱلْيَتِيمِ यतीम के l-yatīmi
यतीम के إِلَّا मगर illā
मगर بِٱلَّتِى साथ (उस तरीक़े के) जो bi-allatī
साथ (उस तरीक़े के) जो هِىَ वो hiya
वो أَحْسَنُ अच्छा है aḥsanu
अच्छा है حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَبْلُغَ वो पहुँच जाए yablugha
वो पहुँच जाए أَشُدَّهُۥ ۖ अपनी जवानी को ashuddahu
अपनी जवानी को وَأَوْفُوا۟ और पूरा करो wa-awfū
और पूरा करो ٱلْكَيْلَ नाप l-kayla
नाप وَٱلْمِيزَانَ और तौल को wal-mīzāna
और तौल को بِٱلْقِسْطِ ۖ साथ इन्साफ़ के bil-qis'ṭi
साथ इन्साफ़ के لَا Not lā
Not نُكَلِّفُ नहीं हम तकलीफ़ देते nukallifu
नहीं हम तकलीफ़ देते نَفْسًا किसी नफ़्स को nafsan
किसी नफ़्स को إِلَّا मगर illā
मगर وُسْعَهَا ۖ उसकी वुसअत के मुताबिक़ wus'ʿahā
उसकी वुसअत के मुताबिक़ وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब قُلْتُمْ बात करो तुम qul'tum
बात करो तुम فَٱعْدِلُوا۟ तो अदल करो fa-iʿ'dilū
तो अदल करो وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे كَانَ हो वो kāna
हो वो ذَا (one of) dhā
(one of) قُرْبَىٰ ۖ क़रीबी रिश्तेदार qur'bā
क़रीबी रिश्तेदार وَبِعَهْدِ और अहद को wabiʿahdi
और अहद को ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के أَوْفُوا۟ ۚ पूरा करो awfū
पूरा करो ذَٰلِكُمْ ये वो है dhālikum
ये वो है وَصَّىٰكُم उसने ताकीद की है तुम्हें waṣṣākum
उसने ताकीद की है तुम्हें بِهِۦ जिसकी bihi
जिसकी لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَذَكَّرُونَ तुम नसीहत पकड़ो tadhakkarūna
तुम नसीहत पकड़ो ١٥٢ (152)
(152)
और ना تَقْرَبُوا۟ तुम क़रीब जाओ taqrabū
तुम क़रीब जाओ مَالَ माले māla
माले ٱلْيَتِيمِ यतीम के l-yatīmi
यतीम के إِلَّا मगर illā
मगर بِٱلَّتِى साथ (उस तरीक़े के) जो bi-allatī
साथ (उस तरीक़े के) जो هِىَ वो hiya
वो أَحْسَنُ अच्छा है aḥsanu
अच्छा है حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَبْلُغَ वो पहुँच जाए yablugha
वो पहुँच जाए أَشُدَّهُۥ ۖ अपनी जवानी को ashuddahu
अपनी जवानी को وَأَوْفُوا۟ और पूरा करो wa-awfū
और पूरा करो ٱلْكَيْلَ नाप l-kayla
नाप وَٱلْمِيزَانَ और तौल को wal-mīzāna
और तौल को بِٱلْقِسْطِ ۖ साथ इन्साफ़ के bil-qis'ṭi
साथ इन्साफ़ के لَا Not lā
Not نُكَلِّفُ नहीं हम तकलीफ़ देते nukallifu
नहीं हम तकलीफ़ देते نَفْسًا किसी नफ़्स को nafsan
किसी नफ़्स को إِلَّا मगर illā
मगर وُسْعَهَا ۖ उसकी वुसअत के मुताबिक़ wus'ʿahā
उसकी वुसअत के मुताबिक़ وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब قُلْتُمْ बात करो तुम qul'tum
बात करो तुम فَٱعْدِلُوا۟ तो अदल करो fa-iʿ'dilū
तो अदल करो وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे كَانَ हो वो kāna
हो वो ذَا (one of) dhā
(one of) قُرْبَىٰ ۖ क़रीबी रिश्तेदार qur'bā
क़रीबी रिश्तेदार وَبِعَهْدِ और अहद को wabiʿahdi
और अहद को ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के أَوْفُوا۟ ۚ पूरा करो awfū
पूरा करो ذَٰلِكُمْ ये वो है dhālikum
ये वो है وَصَّىٰكُم उसने ताकीद की है तुम्हें waṣṣākum
उसने ताकीद की है तुम्हें بِهِۦ जिसकी bihi
जिसकी لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَذَكَّرُونَ तुम नसीहत पकड़ो tadhakkarūna
तुम नसीहत पकड़ो ١٥٢ (152)
(152)
और अनाथ के धन के पास न जाओ, परंतु ऐसे ढंग से जो उचित हो। यहाँ तक कि वह अपनी युवा अवस्था को पहुँच जाए। तथा नाप-तौल न्याय के साथ पूरा करो। हम किसी प्राणी पर उसकी शक्ति से अधिक बोझ नहीं डालते। और जब बोलो, तो न्याय की बात बोलो, यद्यपि मामला किसी निकटवर्ती का ही क्यों न हो। और अल्लाह का वचन पूरा करो। उसने तुम्हें इन बातों की ताकीद की है, ताकि तुम याद रखो।
६:१५३
وَأَنَّ
और बेशक
wa-anna
और बेशक هَـٰذَا ये hādhā
ये صِرَٰطِى रास्ता है मेरा ṣirāṭī
रास्ता है मेरा مُسْتَقِيمًۭا सीधा mus'taqīman
सीधा فَٱتَّبِعُوهُ ۖ पस पैरवी करो इसकी fa-ittabiʿūhu
पस पैरवी करो इसकी وَلَا और ना walā
और ना تَتَّبِعُوا۟ तुम पैरवी करो tattabiʿū
तुम पैरवी करो ٱلسُّبُلَ रास्तों की l-subula
रास्तों की فَتَفَرَّقَ पस वो जुदा कर देंगे fatafarraqa
पस वो जुदा कर देंगे بِكُمْ तुम्हें bikum
तुम्हें عَن from ʿan
from سَبِيلِهِۦ ۚ उसके रास्ते से sabīlihi
उसके रास्ते से ذَٰلِكُمْ ये है dhālikum
ये है وَصَّىٰكُم उसने ताकीद की है तुम्हें waṣṣākum
उसने ताकीद की है तुम्हें بِهِۦ जिसकी bihi
जिसकी لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَتَّقُونَ तुम तक़वा इख़्तियार करो tattaqūna
तुम तक़वा इख़्तियार करो ١٥٣ (153)
(153)
और बेशक هَـٰذَا ये hādhā
ये صِرَٰطِى रास्ता है मेरा ṣirāṭī
रास्ता है मेरा مُسْتَقِيمًۭا सीधा mus'taqīman
सीधा فَٱتَّبِعُوهُ ۖ पस पैरवी करो इसकी fa-ittabiʿūhu
पस पैरवी करो इसकी وَلَا और ना walā
और ना تَتَّبِعُوا۟ तुम पैरवी करो tattabiʿū
तुम पैरवी करो ٱلسُّبُلَ रास्तों की l-subula
रास्तों की فَتَفَرَّقَ पस वो जुदा कर देंगे fatafarraqa
पस वो जुदा कर देंगे بِكُمْ तुम्हें bikum
तुम्हें عَن from ʿan
from سَبِيلِهِۦ ۚ उसके रास्ते से sabīlihi
उसके रास्ते से ذَٰلِكُمْ ये है dhālikum
ये है وَصَّىٰكُم उसने ताकीद की है तुम्हें waṣṣākum
उसने ताकीद की है तुम्हें بِهِۦ जिसकी bihi
जिसकी لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَتَّقُونَ तुम तक़वा इख़्तियार करो tattaqūna
तुम तक़वा इख़्तियार करो ١٥٣ (153)
(153)
तथा यह कि यही मेरा सीधा मार्ग1 है। सो तुम उसी पर चलो। और दूसरी राहों पर न चलो, अन्यथा वे तुम्हें उसकी राह से हटाकर इधर-उधर कर देंगे। यही वह बात है, जिसकी ताकीद उसने तुम्हें की है, ताकि तुम उसके आज्ञाकारी रहो।
६:१५४
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर ءَاتَيْنَا दी हमने ātaynā
दी हमने مُوسَى मूसा को mūsā
मूसा को ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब تَمَامًا पूरी करने के लिए (नेअमत) tamāman
पूरी करने के लिए (नेअमत) عَلَى on ʿalā
on ٱلَّذِىٓ उस पर जिसने alladhī
उस पर जिसने أَحْسَنَ नेकी की aḥsana
नेकी की وَتَفْصِيلًۭا और खोल कर बयान करने के लिए watafṣīlan
और खोल कर बयान करने के लिए لِّكُلِّ हर likulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ को shayin
चीज़ को وَهُدًۭى और हिदायत wahudan
और हिदायत وَرَحْمَةًۭ और रहमत है waraḥmatan
और रहमत है لَّعَلَّهُم ताकि वो laʿallahum
ताकि वो بِلِقَآءِ मुलाक़ात पर biliqāi
मुलाक़ात पर رَبِّهِمْ अपने रब की rabbihim
अपने रब की يُؤْمِنُونَ वो ईमान लाऐं yu'minūna
वो ईमान लाऐं ١٥٤ (154)
(154)
फिर ءَاتَيْنَا दी हमने ātaynā
दी हमने مُوسَى मूसा को mūsā
मूसा को ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब تَمَامًا पूरी करने के लिए (नेअमत) tamāman
पूरी करने के लिए (नेअमत) عَلَى on ʿalā
on ٱلَّذِىٓ उस पर जिसने alladhī
उस पर जिसने أَحْسَنَ नेकी की aḥsana
नेकी की وَتَفْصِيلًۭا और खोल कर बयान करने के लिए watafṣīlan
और खोल कर बयान करने के लिए لِّكُلِّ हर likulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ को shayin
चीज़ को وَهُدًۭى और हिदायत wahudan
और हिदायत وَرَحْمَةًۭ और रहमत है waraḥmatan
और रहमत है لَّعَلَّهُم ताकि वो laʿallahum
ताकि वो بِلِقَآءِ मुलाक़ात पर biliqāi
मुलाक़ात पर رَبِّهِمْ अपने रब की rabbihim
अपने रब की يُؤْمِنُونَ वो ईमान लाऐं yu'minūna
वो ईमान लाऐं ١٥٤ (154)
(154)
फिर हमने मूसा को पुस्तक प्रदान की, उनके अच्छे काम के लिए बदला के रूप में अनुग्रह को पूरा करने के लिए, तथा प्रत्येक वस्तु के विवरण और मार्गदर्शन एवं दया के लिए। ताकि वे अपने पालनहार से मिलने पर मिलने पर ईमान ले आएँ।
६:१५५
وَهَـٰذَا
और ये
wahādhā
और ये كِتَـٰبٌ किताब kitābun
किताब أَنزَلْنَـٰهُ नाज़िल किया हमने इसे anzalnāhu
नाज़िल किया हमने इसे مُبَارَكٌۭ बाबरकत है mubārakun
बाबरकत है فَٱتَّبِعُوهُ पस पैरवी करो इसकी fa-ittabiʿūhu
पस पैरवी करो इसकी وَٱتَّقُوا۟ और तक़वा इख़्तियार करो wa-ittaqū
और तक़वा इख़्तियार करो لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تُرْحَمُونَ तुम रहम किए जाओ tur'ḥamūna
तुम रहम किए जाओ ١٥٥ (155)
(155)
और ये كِتَـٰبٌ किताब kitābun
किताब أَنزَلْنَـٰهُ नाज़िल किया हमने इसे anzalnāhu
नाज़िल किया हमने इसे مُبَارَكٌۭ बाबरकत है mubārakun
बाबरकत है فَٱتَّبِعُوهُ पस पैरवी करो इसकी fa-ittabiʿūhu
पस पैरवी करो इसकी وَٱتَّقُوا۟ और तक़वा इख़्तियार करो wa-ittaqū
और तक़वा इख़्तियार करो لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تُرْحَمُونَ तुम रहम किए जाओ tur'ḥamūna
तुम रहम किए जाओ ١٥٥ (155)
(155)
तथा यह एक बरकत वाली पुस्तक है, जिसे हमने उतारा है। अतः इसका अनुसरण करो1 और अल्लाह से डरते रहो, ताकि तुमपर दया की जाए।
६:१५६
أَن
ताकि
an
ताकि تَقُولُوٓا۟ तुम कहो (ना) taqūlū
तुम कहो (ना) إِنَّمَآ बेशक innamā
बेशक أُنزِلَ नाज़िल की गई unzila
नाज़िल की गई ٱلْكِتَـٰبُ किताब l-kitābu
किताब عَلَىٰ on ʿalā
on طَآئِفَتَيْنِ ऊपर दो गिरोहों के ṭāifatayni
ऊपर दो गिरोहों के مِن from min
from قَبْلِنَا हम से पहले qablinā
हम से पहले وَإِن और बेशक wa-in
और बेशक كُنَّا थे हम kunnā
थे हम عَن about ʿan
about دِرَاسَتِهِمْ पढ़ने पढ़ाने से उनके dirāsatihim
पढ़ने पढ़ाने से उनके لَغَـٰفِلِينَ अलबत्ता ग़ाफिल laghāfilīna
अलबत्ता ग़ाफिल ١٥٦ (156)
(156)
ताकि تَقُولُوٓا۟ तुम कहो (ना) taqūlū
तुम कहो (ना) إِنَّمَآ बेशक innamā
बेशक أُنزِلَ नाज़िल की गई unzila
नाज़िल की गई ٱلْكِتَـٰبُ किताब l-kitābu
किताब عَلَىٰ on ʿalā
on طَآئِفَتَيْنِ ऊपर दो गिरोहों के ṭāifatayni
ऊपर दो गिरोहों के مِن from min
from قَبْلِنَا हम से पहले qablinā
हम से पहले وَإِن और बेशक wa-in
और बेशक كُنَّا थे हम kunnā
थे हम عَن about ʿan
about دِرَاسَتِهِمْ पढ़ने पढ़ाने से उनके dirāsatihim
पढ़ने पढ़ाने से उनके لَغَـٰفِلِينَ अलबत्ता ग़ाफिल laghāfilīna
अलबत्ता ग़ाफिल ١٥٦ (156)
(156)
ताकि (ऐ अरब वासियो!) तुम यह न कहो कि पुस्तक तो हमसे पहले के दो समुदायों (यहूदी तथा ईसाई) पर उतारी गई थी और निश्चय हम उनके पढ़ने-पढ़ाने से अनजान थे।
६:१५७
أَوْ
या
aw
या تَقُولُوا۟ तुम कहो taqūlū
तुम कहो لَوْ अगर law
अगर أَنَّآ बेशक हम annā
बेशक हम أُنزِلَ नाज़िल की जाती unzila
नाज़िल की जाती عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर ٱلْكِتَـٰبُ किताब l-kitābu
किताब لَكُنَّآ अलबत्ता होते हम lakunnā
अलबत्ता होते हम أَهْدَىٰ ज़्यादा हिदायत याफ़्ता ahdā
ज़्यादा हिदायत याफ़्ता مِنْهُمْ ۚ उनसे min'hum
उनसे فَقَدْ पस तहक़ीक़ faqad
पस तहक़ीक़ جَآءَكُم आ गई है तुम्हारे पास jāakum
आ गई है तुम्हारे पास بَيِّنَةٌۭ खुली दलील bayyinatun
खुली दलील مِّن from min
from رَّبِّكُمْ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से وَهُدًۭى और हिदायत wahudan
और हिदायत وَرَحْمَةٌۭ ۚ और रहमत waraḥmatun
और रहमत فَمَنْ तो कौन faman
तो कौन أَظْلَمُ बड़ा ज़ालिम है aẓlamu
बड़ा ज़ालिम है مِمَّن उससे जो mimman
उससे जो كَذَّبَ झुठलाए kadhaba
झुठलाए بِـَٔايَـٰتِ [with] (the) Verses biāyāti
[with] (the) Verses ٱللَّهِ अल्लाह की आयात को l-lahi
अल्लाह की आयात को وَصَدَفَ और वो ऐराज़ करे waṣadafa
और वो ऐराज़ करे عَنْهَا ۗ उनसे ʿanhā
उनसे سَنَجْزِى अनक़रीब हम बदला देंगे sanajzī
अनक़रीब हम बदला देंगे ٱلَّذِينَ उनको जो alladhīna
उनको जो يَصْدِفُونَ ऐराज़ करते हैं yaṣdifūna
ऐराज़ करते हैं عَنْ from ʿan
from ءَايَـٰتِنَا हमारी आयात से āyātinā
हमारी आयात से سُوٓءَ बुरे sūa
बुरे ٱلْعَذَابِ अज़ाब का l-ʿadhābi
अज़ाब का بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَصْدِفُونَ वो ऐराज़ करते yaṣdifūna
वो ऐराज़ करते ١٥٧ (157)
(157)
या تَقُولُوا۟ तुम कहो taqūlū
तुम कहो لَوْ अगर law
अगर أَنَّآ बेशक हम annā
बेशक हम أُنزِلَ नाज़िल की जाती unzila
नाज़िल की जाती عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर ٱلْكِتَـٰبُ किताब l-kitābu
किताब لَكُنَّآ अलबत्ता होते हम lakunnā
अलबत्ता होते हम أَهْدَىٰ ज़्यादा हिदायत याफ़्ता ahdā
ज़्यादा हिदायत याफ़्ता مِنْهُمْ ۚ उनसे min'hum
उनसे فَقَدْ पस तहक़ीक़ faqad
पस तहक़ीक़ جَآءَكُم आ गई है तुम्हारे पास jāakum
आ गई है तुम्हारे पास بَيِّنَةٌۭ खुली दलील bayyinatun
खुली दलील مِّن from min
from رَّبِّكُمْ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से وَهُدًۭى और हिदायत wahudan
और हिदायत وَرَحْمَةٌۭ ۚ और रहमत waraḥmatun
और रहमत فَمَنْ तो कौन faman
तो कौन أَظْلَمُ बड़ा ज़ालिम है aẓlamu
बड़ा ज़ालिम है مِمَّن उससे जो mimman
उससे जो كَذَّبَ झुठलाए kadhaba
झुठलाए بِـَٔايَـٰتِ [with] (the) Verses biāyāti
[with] (the) Verses ٱللَّهِ अल्लाह की आयात को l-lahi
अल्लाह की आयात को وَصَدَفَ और वो ऐराज़ करे waṣadafa
और वो ऐराज़ करे عَنْهَا ۗ उनसे ʿanhā
उनसे سَنَجْزِى अनक़रीब हम बदला देंगे sanajzī
अनक़रीब हम बदला देंगे ٱلَّذِينَ उनको जो alladhīna
उनको जो يَصْدِفُونَ ऐराज़ करते हैं yaṣdifūna
ऐराज़ करते हैं عَنْ from ʿan
from ءَايَـٰتِنَا हमारी आयात से āyātinā
हमारी आयात से سُوٓءَ बुरे sūa
बुरे ٱلْعَذَابِ अज़ाब का l-ʿadhābi
अज़ाब का بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَصْدِفُونَ वो ऐराज़ करते yaṣdifūna
वो ऐराज़ करते ١٥٧ (157)
(157)
या यह न कहो कि यदि हमपर पुस्तक उतारी गई होती, तो हम उनसे भी अधिक सीधी राह पर होते। तो लो, अब तुम्हारे पास तुम्हारे पालनहार की ओर से एक खुला तर्क और मार्गदर्शन एवं दया आ चुकी है। अतः उससे बड़ा अत्यचारी कौन होगा, जो अल्लाह की आयतों को मिथ्या कहे और उनसे कतरा जाए? और जो लोग हमारी आयतों से कतराते हैं, हम उनके कतराने के बदले उन्हें कड़ी यातना देंगे।
६:१५८
هَلْ
नहीं
hal
नहीं يَنظُرُونَ वो इन्तिज़ार करते yanẓurūna
वो इन्तिज़ार करते إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि تَأْتِيَهُمُ आऐं उनके पास tatiyahumu
आऐं उनके पास ٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ फ़रिश्ते l-malāikatu
फ़रिश्ते أَوْ या aw
या يَأْتِىَ आ जाए yatiya
आ जाए رَبُّكَ रब आपका rabbuka
रब आपका أَوْ या aw
या يَأْتِىَ आ जाऐं yatiya
आ जाऐं بَعْضُ बाज़ baʿḍu
बाज़ ءَايَـٰتِ आयात/निशानियाँ āyāti
आयात/निशानियाँ رَبِّكَ ۗ आपके रब की rabbika
आपके रब की يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन يَأْتِى आ गईं yatī
आ गईं بَعْضُ बाज़ baʿḍu
बाज़ ءَايَـٰتِ आयात/निशानियाँ āyāti
आयात/निशानियाँ رَبِّكَ आपके रब की rabbika
आपके रब की لَا not lā
not يَنفَعُ ना नफ़ा देगा yanfaʿu
ना नफ़ा देगा نَفْسًا किसी नफ़्स को nafsan
किसी नफ़्स को إِيمَـٰنُهَا ईमान उसका īmānuhā
ईमान उसका لَمْ नहीं (कि) lam
नहीं (कि) تَكُنْ था वो takun
था वो ءَامَنَتْ ईमान लाया āmanat
ईमान लाया مِن from min
from قَبْلُ उससे पहले qablu
उससे पहले أَوْ या aw
या كَسَبَتْ (नहीं) कमाई थी उसने kasabat
(नहीं) कमाई थी उसने فِىٓ through fī
through إِيمَـٰنِهَا अपने ईमान में īmānihā
अपने ईमान में خَيْرًۭا ۗ कोई भलाई/नेकी khayran
कोई भलाई/नेकी قُلِ कह दीजिए quli
कह दीजिए ٱنتَظِرُوٓا۟ इन्तिज़ार करो intaẓirū
इन्तिज़ार करो إِنَّا बेशक हम भी innā
बेशक हम भी مُنتَظِرُونَ इन्तिज़ार करने वाले हैं muntaẓirūna
इन्तिज़ार करने वाले हैं ١٥٨ (158)
(158)
नहीं يَنظُرُونَ वो इन्तिज़ार करते yanẓurūna
वो इन्तिज़ार करते إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि تَأْتِيَهُمُ आऐं उनके पास tatiyahumu
आऐं उनके पास ٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ फ़रिश्ते l-malāikatu
फ़रिश्ते أَوْ या aw
या يَأْتِىَ आ जाए yatiya
आ जाए رَبُّكَ रब आपका rabbuka
रब आपका أَوْ या aw
या يَأْتِىَ आ जाऐं yatiya
आ जाऐं بَعْضُ बाज़ baʿḍu
बाज़ ءَايَـٰتِ आयात/निशानियाँ āyāti
आयात/निशानियाँ رَبِّكَ ۗ आपके रब की rabbika
आपके रब की يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन يَأْتِى आ गईं yatī
आ गईं بَعْضُ बाज़ baʿḍu
बाज़ ءَايَـٰتِ आयात/निशानियाँ āyāti
आयात/निशानियाँ رَبِّكَ आपके रब की rabbika
आपके रब की لَا not lā
not يَنفَعُ ना नफ़ा देगा yanfaʿu
ना नफ़ा देगा نَفْسًا किसी नफ़्स को nafsan
किसी नफ़्स को إِيمَـٰنُهَا ईमान उसका īmānuhā
ईमान उसका لَمْ नहीं (कि) lam
नहीं (कि) تَكُنْ था वो takun
था वो ءَامَنَتْ ईमान लाया āmanat
ईमान लाया مِن from min
from قَبْلُ उससे पहले qablu
उससे पहले أَوْ या aw
या كَسَبَتْ (नहीं) कमाई थी उसने kasabat
(नहीं) कमाई थी उसने فِىٓ through fī
through إِيمَـٰنِهَا अपने ईमान में īmānihā
अपने ईमान में خَيْرًۭا ۗ कोई भलाई/नेकी khayran
कोई भलाई/नेकी قُلِ कह दीजिए quli
कह दीजिए ٱنتَظِرُوٓا۟ इन्तिज़ार करो intaẓirū
इन्तिज़ार करो إِنَّا बेशक हम भी innā
बेशक हम भी مُنتَظِرُونَ इन्तिज़ार करने वाले हैं muntaẓirūna
इन्तिज़ार करने वाले हैं ١٥٨ (158)
(158)
क्या वे इसी बात की प्रतीक्षा कर रहे हैं कि उनके पास फ़रिश्ते आ जाएँ, या स्वयं उनका पालनहार आ जाए या आपके पालनहार की कोई निशानी आ जाए? जिस दिन आपके पालनहार की कोई निशानी आ जाएगी, तो किसी प्राणी को उसका ईमान लाभ नहीं देगा, जो पहले ईमान न लाया हो या अपने ईमान की हालत में कोई सत्कर्म न किया हो। आप कह दें कि तुम प्रतीक्षा करो, हम भी प्रतीक्षा कर रहे हैं।
६:१५९
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने فَرَّقُوا۟ फिरक़ा-फ़िरक़ा कर दिया farraqū
फिरक़ा-फ़िरक़ा कर दिया دِينَهُمْ अपने दीन को dīnahum
अपने दीन को وَكَانُوا۟ और हो गए वो wakānū
और हो गए वो شِيَعًۭا गिरोह-गिरोह shiyaʿan
गिरोह-गिरोह لَّسْتَ नहीं आप lasta
नहीं आप مِنْهُمْ उनसे min'hum
उनसे فِى in fī
in شَىْءٍ ۚ किसी चीज़ में shayin
किसी चीज़ में إِنَّمَآ बेशक innamā
बेशक أَمْرُهُمْ मामला उनका amruhum
मामला उनका إِلَى (is) with ilā
(is) with ٱللَّهِ तरफ़ अल्लाह के है l-lahi
तरफ़ अल्लाह के है ثُمَّ फिर thumma
फिर يُنَبِّئُهُم वो बता देगा उन्हें yunabbi-uhum
वो बता देगा उन्हें بِمَا वो जो bimā
वो जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَفْعَلُونَ वो करते yafʿalūna
वो करते ١٥٩ (159)
(159)
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने فَرَّقُوا۟ फिरक़ा-फ़िरक़ा कर दिया farraqū
फिरक़ा-फ़िरक़ा कर दिया دِينَهُمْ अपने दीन को dīnahum
अपने दीन को وَكَانُوا۟ और हो गए वो wakānū
और हो गए वो شِيَعًۭا गिरोह-गिरोह shiyaʿan
गिरोह-गिरोह لَّسْتَ नहीं आप lasta
नहीं आप مِنْهُمْ उनसे min'hum
उनसे فِى in fī
in شَىْءٍ ۚ किसी चीज़ में shayin
किसी चीज़ में إِنَّمَآ बेशक innamā
बेशक أَمْرُهُمْ मामला उनका amruhum
मामला उनका إِلَى (is) with ilā
(is) with ٱللَّهِ तरफ़ अल्लाह के है l-lahi
तरफ़ अल्लाह के है ثُمَّ फिर thumma
फिर يُنَبِّئُهُم वो बता देगा उन्हें yunabbi-uhum
वो बता देगा उन्हें بِمَا वो जो bimā
वो जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَفْعَلُونَ वो करते yafʿalūna
वो करते ١٥٩ (159)
(159)
जिन लोगों ने अपने धर्म के टुकड़े-टुकड़े कर लिए और विभिन्न गिरोहों में बट गए, आपका उनसे कोई संबंध नहीं। उनका मामला अल्लाह के हवाले है। फिर वह उन्हें बता देगा कि वे क्या करते रहे हैं।
६:१६०
مَن
जो कोई
man
जो कोई جَآءَ लाया jāa
लाया بِٱلْحَسَنَةِ नेकी को bil-ḥasanati
नेकी को فَلَهُۥ तो उसके लिए falahu
तो उसके लिए عَشْرُ दस हैं ʿashru
दस हैं أَمْثَالِهَا ۖ मिसल उसके amthālihā
मिसल उसके وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई جَآءَ लाया jāa
लाया بِٱلسَّيِّئَةِ बुराई को bil-sayi-ati
बुराई को فَلَا तो ना falā
तो ना يُجْزَىٰٓ वो बदला दिया जाएगा yuj'zā
वो बदला दिया जाएगा إِلَّا मगर illā
मगर مِثْلَهَا मानिन्द उसी के mith'lahā
मानिन्द उसी के وَهُمْ और वो wahum
और वो لَا will not lā
will not يُظْلَمُونَ ना वो ज़ुल्म किए जाऐंगे yuẓ'lamūna
ना वो ज़ुल्म किए जाऐंगे ١٦٠ (160)
(160)
जो कोई جَآءَ लाया jāa
लाया بِٱلْحَسَنَةِ नेकी को bil-ḥasanati
नेकी को فَلَهُۥ तो उसके लिए falahu
तो उसके लिए عَشْرُ दस हैं ʿashru
दस हैं أَمْثَالِهَا ۖ मिसल उसके amthālihā
मिसल उसके وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई جَآءَ लाया jāa
लाया بِٱلسَّيِّئَةِ बुराई को bil-sayi-ati
बुराई को فَلَا तो ना falā
तो ना يُجْزَىٰٓ वो बदला दिया जाएगा yuj'zā
वो बदला दिया जाएगा إِلَّا मगर illā
मगर مِثْلَهَا मानिन्द उसी के mith'lahā
मानिन्द उसी के وَهُمْ और वो wahum
और वो لَا will not lā
will not يُظْلَمُونَ ना वो ज़ुल्म किए जाऐंगे yuẓ'lamūna
ना वो ज़ुल्म किए जाऐंगे ١٦٠ (160)
(160)
जो (क़ियामत के दिन) एक नेकी लेकर आएगा, उसे उसका दस गुना बदला मिलेगा और जो एक बुराई लेकर आएगा, उसे उसका बस उतना ही बदला दिया जाएगा और उनपर कोई अत्याचार नहीं किया जाएगा।
६:१६१
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए إِنَّنِى बेशक मैं innanī
बेशक मैं هَدَىٰنِى हिदायत दी मुझे hadānī
हिदायत दी मुझे رَبِّىٓ मेरे रब ने rabbī
मेरे रब ने إِلَىٰ to ilā
to صِرَٰطٍۢ तरफ़ रास्ते ṣirāṭin
तरफ़ रास्ते مُّسْتَقِيمٍۢ सीधे के mus'taqīmin
सीधे के دِينًۭا दीन dīnan
दीन قِيَمًۭا दुरुस्त की qiyaman
दुरुस्त की مِّلَّةَ जो मिल्लत है millata
जो मिल्लत है إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम की ib'rāhīma
इब्राहीम की حَنِيفًۭا ۚ जो यकसू था ḥanīfan
जो यकसू था وَمَا और ना wamā
और ना كَانَ था वो kāna
था वो مِنَ from mina
from ٱلْمُشْرِكِينَ मुशरिकीन में से l-mush'rikīna
मुशरिकीन में से ١٦١ (161)
(161)
कह दीजिए إِنَّنِى बेशक मैं innanī
बेशक मैं هَدَىٰنِى हिदायत दी मुझे hadānī
हिदायत दी मुझे رَبِّىٓ मेरे रब ने rabbī
मेरे रब ने إِلَىٰ to ilā
to صِرَٰطٍۢ तरफ़ रास्ते ṣirāṭin
तरफ़ रास्ते مُّسْتَقِيمٍۢ सीधे के mus'taqīmin
सीधे के دِينًۭا दीन dīnan
दीन قِيَمًۭا दुरुस्त की qiyaman
दुरुस्त की مِّلَّةَ जो मिल्लत है millata
जो मिल्लत है إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम की ib'rāhīma
इब्राहीम की حَنِيفًۭا ۚ जो यकसू था ḥanīfan
जो यकसू था وَمَا और ना wamā
और ना كَانَ था वो kāna
था वो مِنَ from mina
from ٱلْمُشْرِكِينَ मुशरिकीन में से l-mush'rikīna
मुशरिकीन में से ١٦١ (161)
(161)
(ऐ नबी!) आप कह दें कि यकीनन मेरे पालनहार ने मुझे सीधी राह दिखा दी है। वही सीधा धर्म, जो एकेश्वरवादी इबराहीम का धर्म था। और वह बहुदेववादियों में से न था।
६:१६२
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए إِنَّ बेशक inna
बेशक صَلَاتِى मेरी नमाज़ ṣalātī
मेरी नमाज़ وَنُسُكِى और मेरी क़ुर्बानी wanusukī
और मेरी क़ुर्बानी وَمَحْيَاىَ और मेरा जीना wamaḥyāya
और मेरा जीना وَمَمَاتِى और मेरा मरना wamamātī
और मेरा मरना لِلَّهِ अल्लाह ही के लिए है lillahi
अल्लाह ही के लिए है رَبِّ जो रब है rabbi
जो रब है ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों का l-ʿālamīna
तमाम जहानों का ١٦٢ (162)
(162)
कह दीजिए إِنَّ बेशक inna
बेशक صَلَاتِى मेरी नमाज़ ṣalātī
मेरी नमाज़ وَنُسُكِى और मेरी क़ुर्बानी wanusukī
और मेरी क़ुर्बानी وَمَحْيَاىَ और मेरा जीना wamaḥyāya
और मेरा जीना وَمَمَاتِى और मेरा मरना wamamātī
और मेरा मरना لِلَّهِ अल्लाह ही के लिए है lillahi
अल्लाह ही के लिए है رَبِّ जो रब है rabbi
जो रब है ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों का l-ʿālamīna
तमाम जहानों का ١٦٢ (162)
(162)
आप कह दें कि निश्चय मेरी नमाज़, मेरी क़ुरबानी तथा मेरा जीवन-मरण सारे संसारों के पालनहार अल्लाह के लिए हैl
६:१६३
لَا
No
lā
No شَرِيكَ नहीं कोई शरीक sharīka
नहीं कोई शरीक لَهُۥ ۖ उसका lahu
उसका وَبِذَٰلِكَ और इसी का wabidhālika
और इसी का أُمِرْتُ हुक्म दिया गया हूँ मैं umir'tu
हुक्म दिया गया हूँ मैं وَأَنَا۠ और मैं wa-anā
और मैं أَوَّلُ सबसे पहला हूँ awwalu
सबसे पहला हूँ ٱلْمُسْلِمِينَ मुसलमानों में l-mus'limīna
मुसलमानों में ١٦٣ (163)
(163)
No شَرِيكَ नहीं कोई शरीक sharīka
नहीं कोई शरीक لَهُۥ ۖ उसका lahu
उसका وَبِذَٰلِكَ और इसी का wabidhālika
और इसी का أُمِرْتُ हुक्म दिया गया हूँ मैं umir'tu
हुक्म दिया गया हूँ मैं وَأَنَا۠ और मैं wa-anā
और मैं أَوَّلُ सबसे पहला हूँ awwalu
सबसे पहला हूँ ٱلْمُسْلِمِينَ मुसलमानों में l-mus'limīna
मुसलमानों में ١٦٣ (163)
(163)
उसका कोई साझी नहीं। मुझे इसी का आदेश दिया गया है। और मैं सबसे पहला मुसलमान हूँ।
६:१६४
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए أَغَيْرَ क्या सिवाय aghayra
क्या सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के أَبْغِى मैं तलाश करूँ abghī
मैं तलाश करूँ رَبًّۭا कोई रब rabban
कोई रब وَهُوَ हालाँकि वो wahuwa
हालाँकि वो رَبُّ रब है rabbu
रब है كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ ۚ चीज़ का shayin
चीज़ का وَلَا और नहीं walā
और नहीं تَكْسِبُ कमाता taksibu
कमाता كُلُّ every kullu
every نَفْسٍ कोई नफ़्स nafsin
कोई नफ़्स إِلَّا मगर illā
मगर عَلَيْهَا ۚ उसी पर है (वबाल) ʿalayhā
उसी पर है (वबाल) وَلَا और नहीं walā
और नहीं تَزِرُ बोझ उठाएगी taziru
बोझ उठाएगी وَازِرَةٌۭ कोई बोझ उठाने वाली wāziratun
कोई बोझ उठाने वाली وِزْرَ बोझ wiz'ra
बोझ أُخْرَىٰ ۚ दूसरी का ukh'rā
दूसरी का ثُمَّ फिर thumma
फिर إِلَىٰ to ilā
to رَبِّكُم तरफ़ अपने रब के rabbikum
तरफ़ अपने रब के مَّرْجِعُكُمْ लौटना है तुम्हारा marjiʿukum
लौटना है तुम्हारा فَيُنَبِّئُكُم फिर वो बताएगा तुम्हें fayunabbi-ukum
फिर वो बताएगा तुम्हें بِمَا वो जो bimā
वो जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम فِيهِ जिस में fīhi
जिस में تَخْتَلِفُونَ तुम इख़्तिलाफ़ करते takhtalifūna
तुम इख़्तिलाफ़ करते ١٦٤ (164)
(164)
कह दीजिए أَغَيْرَ क्या सिवाय aghayra
क्या सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के أَبْغِى मैं तलाश करूँ abghī
मैं तलाश करूँ رَبًّۭا कोई रब rabban
कोई रब وَهُوَ हालाँकि वो wahuwa
हालाँकि वो رَبُّ रब है rabbu
रब है كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ ۚ चीज़ का shayin
चीज़ का وَلَا और नहीं walā
और नहीं تَكْسِبُ कमाता taksibu
कमाता كُلُّ every kullu
every نَفْسٍ कोई नफ़्स nafsin
कोई नफ़्स إِلَّا मगर illā
मगर عَلَيْهَا ۚ उसी पर है (वबाल) ʿalayhā
उसी पर है (वबाल) وَلَا और नहीं walā
और नहीं تَزِرُ बोझ उठाएगी taziru
बोझ उठाएगी وَازِرَةٌۭ कोई बोझ उठाने वाली wāziratun
कोई बोझ उठाने वाली وِزْرَ बोझ wiz'ra
बोझ أُخْرَىٰ ۚ दूसरी का ukh'rā
दूसरी का ثُمَّ फिर thumma
फिर إِلَىٰ to ilā
to رَبِّكُم तरफ़ अपने रब के rabbikum
तरफ़ अपने रब के مَّرْجِعُكُمْ लौटना है तुम्हारा marjiʿukum
लौटना है तुम्हारा فَيُنَبِّئُكُم फिर वो बताएगा तुम्हें fayunabbi-ukum
फिर वो बताएगा तुम्हें بِمَا वो जो bimā
वो जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम فِيهِ जिस में fīhi
जिस में تَخْتَلِفُونَ तुम इख़्तिलाफ़ करते takhtalifūna
तुम इख़्तिलाफ़ करते ١٦٤ (164)
(164)
आप (उनसे) कह दें कि क्या मैं अल्लाह के सिवा किसी और पालनहार की खोज करूँ? जबकि वह प्रत्येक वस्तु का पालनहार है। तथा जो भी प्राणी कोई कार्य करेगा, उसका फल वही भोगेगा। और कोई किसी दूसरे का बोझ नहीं उठाएगा। फिर (अंततः) तुम्हें अपने पालनहार के पास ही जाना है। उस समय वह तुम्हें बता देगा, जिसमें तुम मतभेद किया करते थे।
६:१६५
وَهُوَ
और वो ही है
wahuwa
और वो ही है ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने جَعَلَكُمْ बनाया तुम्हें jaʿalakum
बनाया तुम्हें خَلَـٰٓئِفَ जानशीन khalāifa
जानशीन ٱلْأَرْضِ ज़मीन का l-arḍi
ज़मीन का وَرَفَعَ और बुलन्द किया warafaʿa
और बुलन्द किया بَعْضَكُمْ तुम्हारे बाज़ को baʿḍakum
तुम्हारे बाज़ को فَوْقَ ऊपर fawqa
ऊपर بَعْضٍۢ बाज़ के baʿḍin
बाज़ के دَرَجَـٰتٍۢ दरजात में darajātin
दरजात में لِّيَبْلُوَكُمْ ताकि वो आज़माए तुम्हें liyabluwakum
ताकि वो आज़माए तुम्हें فِى in fī
in مَآ उसमें जो mā
उसमें जो ءَاتَىٰكُمْ ۗ उसने दिया तुम्हें ātākum
उसने दिया तुम्हें إِنَّ बेशक inna
बेशक رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका سَرِيعُ जल्द देने वाला है sarīʿu
जल्द देने वाला है ٱلْعِقَابِ सज़ा l-ʿiqābi
सज़ा وَإِنَّهُۥ और बेशक वो wa-innahu
और बेशक वो لَغَفُورٌۭ अलबत्ता बहुत बख़्शने वाला है laghafūrun
अलबत्ता बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۢ बहुत रहम करने वाला है raḥīmun
बहुत रहम करने वाला है ١٦٥ (165)
(165)
और वो ही है ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने جَعَلَكُمْ बनाया तुम्हें jaʿalakum
बनाया तुम्हें خَلَـٰٓئِفَ जानशीन khalāifa
जानशीन ٱلْأَرْضِ ज़मीन का l-arḍi
ज़मीन का وَرَفَعَ और बुलन्द किया warafaʿa
और बुलन्द किया بَعْضَكُمْ तुम्हारे बाज़ को baʿḍakum
तुम्हारे बाज़ को فَوْقَ ऊपर fawqa
ऊपर بَعْضٍۢ बाज़ के baʿḍin
बाज़ के دَرَجَـٰتٍۢ दरजात में darajātin
दरजात में لِّيَبْلُوَكُمْ ताकि वो आज़माए तुम्हें liyabluwakum
ताकि वो आज़माए तुम्हें فِى in fī
in مَآ उसमें जो mā
उसमें जो ءَاتَىٰكُمْ ۗ उसने दिया तुम्हें ātākum
उसने दिया तुम्हें إِنَّ बेशक inna
बेशक رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका سَرِيعُ जल्द देने वाला है sarīʿu
जल्द देने वाला है ٱلْعِقَابِ सज़ा l-ʿiqābi
सज़ा وَإِنَّهُۥ और बेशक वो wa-innahu
और बेशक वो لَغَفُورٌۭ अलबत्ता बहुत बख़्शने वाला है laghafūrun
अलबत्ता बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۢ बहुत रहम करने वाला है raḥīmun
बहुत रहम करने वाला है ١٦٥ (165)
(165)
और वही है, जिसने तुम्हें धरती में उत्तराधिकारी बनाया और तुममें से कुछ लोगों के दरजे दूसरे लोगों की अपेक्षा ऊँचे रखे। ताकि उसने तुम्हें जो कुछ दिया है, उसमें तुम्हारी परीक्षा ले।1 निश्चय आपका पालनहार शीघ्र ही दंड देने वाला2 है। और निश्चय वह बहुत क्षमा करने वाला, अत्यंत दयावान् है।