७
अल-आराफ़
الأعراف
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
७:१
الٓمٓصٓ
अलिफ़ लाम मीम सोआद
alif-lam-meem-sad
अलिफ़ लाम मीम सोआद ١ (1)
(1)
अलिफ़ लाम मीम सोआद ١ (1)
(1)
अलिफ़, लाम, मीम, साद।
७:२
كِتَـٰبٌ
ये किताब
kitābun
ये किताब أُنزِلَ नाज़िल की गई है unzila
नाज़िल की गई है إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके فَلَا पस ना falā
पस ना يَكُن हो yakun
हो فِى in fī
in صَدْرِكَ आपके सीने में ṣadrika
आपके सीने में حَرَجٌۭ कोई तंगी ḥarajun
कोई तंगी مِّنْهُ इससे min'hu
इससे لِتُنذِرَ ताकि आप डराऐं litundhira
ताकि आप डराऐं بِهِۦ साथ इसके bihi
साथ इसके وَذِكْرَىٰ और नसीहत है wadhik'rā
और नसीहत है لِلْمُؤْمِنِينَ ईमान लाने वालों के लिए lil'mu'minīna
ईमान लाने वालों के लिए ٢ (2)
(2)
ये किताब أُنزِلَ नाज़िल की गई है unzila
नाज़िल की गई है إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके فَلَا पस ना falā
पस ना يَكُن हो yakun
हो فِى in fī
in صَدْرِكَ आपके सीने में ṣadrika
आपके सीने में حَرَجٌۭ कोई तंगी ḥarajun
कोई तंगी مِّنْهُ इससे min'hu
इससे لِتُنذِرَ ताकि आप डराऐं litundhira
ताकि आप डराऐं بِهِۦ साथ इसके bihi
साथ इसके وَذِكْرَىٰ और नसीहत है wadhik'rā
और नसीहत है لِلْمُؤْمِنِينَ ईमान लाने वालों के लिए lil'mu'minīna
ईमान लाने वालों के लिए ٢ (2)
(2)
यह एक पुस्तक है, जो आपकी ओर उतारी गई है। अतः (ऐ नबी!) आपके सीने में इससे कोई तंगी न हो। ताकि आप इसके द्वारा (लोगों को) सावधान करें1 और (यह) ईमान वालों के लिए उपदेश है।
७:३
ٱتَّبِعُوا۟
पैरवी करो
ittabiʿū
पैरवी करो مَآ उसकी जो mā
उसकी जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया إِلَيْكُم तरफ़ तुम्हारे ilaykum
तरफ़ तुम्हारे مِّن from min
from رَّبِّكُمْ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से وَلَا और ना walā
और ना تَتَّبِعُوا۟ तुम पैरवी करो tattabiʿū
तुम पैरवी करो مِن from min
from دُونِهِۦٓ इसके सिवा dūnihi
इसके सिवा أَوْلِيَآءَ ۗ सरपरस्तों की (और) awliyāa
सरपरस्तों की (और) قَلِيلًۭا Little qalīlan
Little مَّا कितना कम mā
कितना कम تَذَكَّرُونَ तुम नसीहत पकड़ते हो tadhakkarūna
तुम नसीहत पकड़ते हो ٣ (3)
(3)
पैरवी करो مَآ उसकी जो mā
उसकी जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया إِلَيْكُم तरफ़ तुम्हारे ilaykum
तरफ़ तुम्हारे مِّن from min
from رَّبِّكُمْ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से وَلَا और ना walā
और ना تَتَّبِعُوا۟ तुम पैरवी करो tattabiʿū
तुम पैरवी करो مِن from min
from دُونِهِۦٓ इसके सिवा dūnihi
इसके सिवा أَوْلِيَآءَ ۗ सरपरस्तों की (और) awliyāa
सरपरस्तों की (और) قَلِيلًۭا Little qalīlan
Little مَّا कितना कम mā
कितना कम تَذَكَّرُونَ तुम नसीहत पकड़ते हो tadhakkarūna
तुम नसीहत पकड़ते हो ٣ (3)
(3)
(ऐ लोगो!) जो कुछ तुम्हारे पालनहार की ओर से तुम्हारी ओर उतारा गया है, उसका अनुसरण करो और उसके सिवा दूसरे सहायकों के पीछे न चलो। तुम बहुत ही कम उपदेश ग्रहण करते हो।
७:४
وَكَم
और कितनी ही
wakam
और कितनी ही مِّن of min
of قَرْيَةٍ बस्तियाँ qaryatin
बस्तियाँ أَهْلَكْنَـٰهَا हलाक कर दिया हमने उन्हें ahlaknāhā
हलाक कर दिया हमने उन्हें فَجَآءَهَا पस आया उनके पास fajāahā
पस आया उनके पास بَأْسُنَا अज़ाब हमारा basunā
अज़ाब हमारा بَيَـٰتًا रात के वक़्त bayātan
रात के वक़्त أَوْ या aw
या هُمْ वो hum
वो قَآئِلُونَ क़ैलूला कर रहे थे qāilūna
क़ैलूला कर रहे थे ٤ (4)
(4)
और कितनी ही مِّن of min
of قَرْيَةٍ बस्तियाँ qaryatin
बस्तियाँ أَهْلَكْنَـٰهَا हलाक कर दिया हमने उन्हें ahlaknāhā
हलाक कर दिया हमने उन्हें فَجَآءَهَا पस आया उनके पास fajāahā
पस आया उनके पास بَأْسُنَا अज़ाब हमारा basunā
अज़ाब हमारा بَيَـٰتًا रात के वक़्त bayātan
रात के वक़्त أَوْ या aw
या هُمْ वो hum
वो قَآئِلُونَ क़ैलूला कर रहे थे qāilūna
क़ैलूला कर रहे थे ٤ (4)
(4)
कितनी ही बस्तियाँ हैं, जिन्हें हमने विनष्ट कर दिया। तो उनपर हमारा प्रकोप रातों-रात आया या जब वे दोपहर में विश्राम करने वाले थे।
७:५
فَمَا
तो ना
famā
तो ना كَانَ थी kāna
थी دَعْوَىٰهُمْ पुकार उनकी daʿwāhum
पुकार उनकी إِذْ जब idh
जब جَآءَهُم आया उनके पास jāahum
आया उनके पास بَأْسُنَآ अज़ाब हमारा basunā
अज़ाब हमारा إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि قَالُوٓا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम كُنَّا थे हम ही kunnā
थे हम ही ظَـٰلِمِينَ ज़ालिम ẓālimīna
ज़ालिम ٥ (5)
(5)
तो ना كَانَ थी kāna
थी دَعْوَىٰهُمْ पुकार उनकी daʿwāhum
पुकार उनकी إِذْ जब idh
जब جَآءَهُم आया उनके पास jāahum
आया उनके पास بَأْسُنَآ अज़ाब हमारा basunā
अज़ाब हमारा إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि قَالُوٓا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम كُنَّا थे हम ही kunnā
थे हम ही ظَـٰلِمِينَ ज़ालिम ẓālimīna
ज़ालिम ٥ (5)
(5)
फिर जब उनपर हमारा प्रकोप आ पड़ा, तो उनकी पुकार यह कहने के सिवा कुछ नहीं थी : निश्चय हम ही अत्याचारी1 थे।
७:६
فَلَنَسْـَٔلَنَّ
पस अलबत्ता हम ज़रूर सवाल करेंगे
falanasalanna
पस अलबत्ता हम ज़रूर सवाल करेंगे ٱلَّذِينَ उन लोगों से alladhīna
उन लोगों से أُرْسِلَ भेजे गए (रसूल) ur'sila
भेजे गए (रसूल) إِلَيْهِمْ तरफ़ जिनके ilayhim
तरफ़ जिनके وَلَنَسْـَٔلَنَّ और अलबत्ता हम ज़रूर सवाल करेंगे walanasalanna
और अलबत्ता हम ज़रूर सवाल करेंगे ٱلْمُرْسَلِينَ रसूलों से l-mur'salīna
रसूलों से ٦ (6)
(6)
पस अलबत्ता हम ज़रूर सवाल करेंगे ٱلَّذِينَ उन लोगों से alladhīna
उन लोगों से أُرْسِلَ भेजे गए (रसूल) ur'sila
भेजे गए (रसूल) إِلَيْهِمْ तरफ़ जिनके ilayhim
तरफ़ जिनके وَلَنَسْـَٔلَنَّ और अलबत्ता हम ज़रूर सवाल करेंगे walanasalanna
और अलबत्ता हम ज़रूर सवाल करेंगे ٱلْمُرْسَلِينَ रसूलों से l-mur'salīna
रसूलों से ٦ (6)
(6)
तो निश्चय हम उन लोगों से अवश्य पूछेंगे, जिनके पास रसूल भेजे गए तथा निश्चय हम रसूलों से (भी) ज़रूर1 पूछेंगे।
७:७
فَلَنَقُصَّنَّ
पस अलबत्ता हम ज़रूर बयान करेंगे
falanaquṣṣanna
पस अलबत्ता हम ज़रूर बयान करेंगे عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर بِعِلْمٍۢ ۖ साथ इल्म के biʿil'min
साथ इल्म के وَمَا और नहीं wamā
और नहीं كُنَّا थे हम kunnā
थे हम غَآئِبِينَ ग़ायब ghāibīna
ग़ायब ٧ (7)
(7)
पस अलबत्ता हम ज़रूर बयान करेंगे عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर بِعِلْمٍۢ ۖ साथ इल्म के biʿil'min
साथ इल्म के وَمَا और नहीं wamā
और नहीं كُنَّا थे हम kunnā
थे हम غَآئِبِينَ ग़ायब ghāibīna
ग़ायब ٧ (7)
(7)
फिर निश्चय हम पूरी जानकारी के साथ उनके सामने सब कुछ बयान कर देंगे और हम कहीं अनुपस्थित नहीं थे।
७:८
وَٱلْوَزْنُ
और वज़न
wal-waznu
और वज़न يَوْمَئِذٍ उस दिन yawma-idhin
उस दिन ٱلْحَقُّ ۚ हक़ होगा l-ḥaqu
हक़ होगा فَمَن तो जो कोई faman
तो जो कोई ثَقُلَتْ भारी हुए thaqulat
भारी हुए مَوَٰزِينُهُۥ मीज़ान/तराज़ू उसके mawāzīnuhu
मीज़ान/तराज़ू उसके فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْمُفْلِحُونَ जो फ़लाह पाने वाले हैं l-muf'liḥūna
जो फ़लाह पाने वाले हैं ٨ (8)
(8)
और वज़न يَوْمَئِذٍ उस दिन yawma-idhin
उस दिन ٱلْحَقُّ ۚ हक़ होगा l-ḥaqu
हक़ होगा فَمَن तो जो कोई faman
तो जो कोई ثَقُلَتْ भारी हुए thaqulat
भारी हुए مَوَٰزِينُهُۥ मीज़ान/तराज़ू उसके mawāzīnuhu
मीज़ान/तराज़ू उसके فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْمُفْلِحُونَ जो फ़लाह पाने वाले हैं l-muf'liḥūna
जो फ़लाह पाने वाले हैं ٨ (8)
(8)
तथा उस दिन (कर्मों का) वज़न न्याय के साथ होगा। फिर जिसके पलड़े भारी हो गए, तो वही लोग सफल होने वाले हैं।
७:९
وَمَنْ
और जो कोई
waman
और जो कोई خَفَّتْ हल्के हुए khaffat
हल्के हुए مَوَٰزِينُهُۥ मीज़ान/तराज़ू उसके mawāzīnuhu
मीज़ान/तराज़ू उसके فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने خَسِرُوٓا۟ ख़सारे में डाला khasirū
ख़सारे में डाला أَنفُسَهُم अपने नफ़्सों को anfusahum
अपने नफ़्सों को بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो بِـَٔايَـٰتِنَا साथ हमारी आयात के biāyātinā
साथ हमारी आयात के يَظْلِمُونَ वो ज़ुल्म करते yaẓlimūna
वो ज़ुल्म करते ٩ (9)
(9)
और जो कोई خَفَّتْ हल्के हुए khaffat
हल्के हुए مَوَٰزِينُهُۥ मीज़ान/तराज़ू उसके mawāzīnuhu
मीज़ान/तराज़ू उसके فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने خَسِرُوٓا۟ ख़सारे में डाला khasirū
ख़सारे में डाला أَنفُسَهُم अपने नफ़्सों को anfusahum
अपने नफ़्सों को بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो بِـَٔايَـٰتِنَا साथ हमारी आयात के biāyātinā
साथ हमारी आयात के يَظْلِمُونَ वो ज़ुल्म करते yaẓlimūna
वो ज़ुल्म करते ٩ (9)
(9)
और जिसके पलड़े हल्के हो गए, तो यही वे लोग हैं जिन्होंने अपने आपको घाटे में डाला, क्योंकि वे हमारी आयतों के साथ अन्याय करते थे।1
७:१०
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ مَكَّنَّـٰكُمْ ठिकाना दिया हमने तुम्हें makkannākum
ठिकाना दिया हमने तुम्हें فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में وَجَعَلْنَا और बनाए हमने wajaʿalnā
और बनाए हमने لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए فِيهَا उसमें fīhā
उसमें مَعَـٰيِشَ ۗ ज़िन्दगी के सामान maʿāyisha
ज़िन्दगी के सामान قَلِيلًۭا Little qalīlan
Little مَّا कितना कम mā
कितना कम تَشْكُرُونَ तुम शुक्र करते हो tashkurūna
तुम शुक्र करते हो ١٠ (10)
(10)
और अलबत्ता तहक़ीक़ مَكَّنَّـٰكُمْ ठिकाना दिया हमने तुम्हें makkannākum
ठिकाना दिया हमने तुम्हें فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में وَجَعَلْنَا और बनाए हमने wajaʿalnā
और बनाए हमने لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए فِيهَا उसमें fīhā
उसमें مَعَـٰيِشَ ۗ ज़िन्दगी के सामान maʿāyisha
ज़िन्दगी के सामान قَلِيلًۭا Little qalīlan
Little مَّا कितना कम mā
कितना कम تَشْكُرُونَ तुम शुक्र करते हो tashkurūna
तुम शुक्र करते हो ١٠ (10)
(10)
तथा निःसंदेह हमने तुम्हें धरती में बसा दिया और उसमें तुम्हारे लिए जीवन के संसाधन बनाए। तुम बहुत कम शुक्र करते हो।
७:११
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ خَلَقْنَـٰكُمْ पैदा किया हमने तुम्हें khalaqnākum
पैदा किया हमने तुम्हें ثُمَّ फिर thumma
फिर صَوَّرْنَـٰكُمْ सूरत बनाई हमने तुम्हारी ṣawwarnākum
सूरत बनाई हमने तुम्हारी ثُمَّ फिर thumma
फिर قُلْنَا कहा हमने qul'nā
कहा हमने لِلْمَلَـٰٓئِكَةِ फ़रिश्तों को lil'malāikati
फ़रिश्तों को ٱسْجُدُوا۟ सजदा करो us'judū
सजदा करो لِـَٔادَمَ आदम को liādama
आदम को فَسَجَدُوٓا۟ तो उन्होंने सजदा किया fasajadū
तो उन्होंने सजदा किया إِلَّآ सिवाय illā
सिवाय إِبْلِيسَ इब्लीस के ib'līsa
इब्लीस के لَمْ ना lam
ना يَكُن था वो yakun
था वो مِّنَ of mina
of ٱلسَّـٰجِدِينَ सजदा करने वालों में से l-sājidīna
सजदा करने वालों में से ١١ (11)
(11)
और अलबत्ता तहक़ीक़ خَلَقْنَـٰكُمْ पैदा किया हमने तुम्हें khalaqnākum
पैदा किया हमने तुम्हें ثُمَّ फिर thumma
फिर صَوَّرْنَـٰكُمْ सूरत बनाई हमने तुम्हारी ṣawwarnākum
सूरत बनाई हमने तुम्हारी ثُمَّ फिर thumma
फिर قُلْنَا कहा हमने qul'nā
कहा हमने لِلْمَلَـٰٓئِكَةِ फ़रिश्तों को lil'malāikati
फ़रिश्तों को ٱسْجُدُوا۟ सजदा करो us'judū
सजदा करो لِـَٔادَمَ आदम को liādama
आदम को فَسَجَدُوٓا۟ तो उन्होंने सजदा किया fasajadū
तो उन्होंने सजदा किया إِلَّآ सिवाय illā
सिवाय إِبْلِيسَ इब्लीस के ib'līsa
इब्लीस के لَمْ ना lam
ना يَكُن था वो yakun
था वो مِّنَ of mina
of ٱلسَّـٰجِدِينَ सजदा करने वालों में से l-sājidīna
सजदा करने वालों में से ١١ (11)
(11)
और निःसंदेह हमने तुम्हें पैदा किया1, फिर तुम्हारा रूप बनाया, फिर फ़रिश्तों से कहा कि आदम को सजदा करो। तो उन्होंने सजदा किया, सिवाय इबलीस के। वह सदजा करने वालों में से न हुआ।
७:१२
قَالَ
फ़रमाया
qāla
फ़रमाया مَا किसने mā
किसने مَنَعَكَ मना किया तुझे manaʿaka
मना किया तुझे أَلَّا कि ना allā
कि ना تَسْجُدَ तू सजदा करे tasjuda
तू सजदा करे إِذْ जब कि idh
जब कि أَمَرْتُكَ ۖ हुक्म दिया था मैंने तुझे amartuka
हुक्म दिया था मैंने तुझे قَالَ वो बोला qāla
वो बोला أَنَا۠ मैं anā
मैं خَيْرٌۭ बेहतर हूँ khayrun
बेहतर हूँ مِّنْهُ उससे min'hu
उससे خَلَقْتَنِى पैदा किया तूने मुझे khalaqtanī
पैदा किया तूने मुझे مِن from min
from نَّارٍۢ आग से nārin
आग से وَخَلَقْتَهُۥ और पैदा किया तूने उसे wakhalaqtahu
और पैदा किया तूने उसे مِن from min
from طِينٍۢ मिट्टी से ṭīnin
मिट्टी से ١٢ (12)
(12)
फ़रमाया مَا किसने mā
किसने مَنَعَكَ मना किया तुझे manaʿaka
मना किया तुझे أَلَّا कि ना allā
कि ना تَسْجُدَ तू सजदा करे tasjuda
तू सजदा करे إِذْ जब कि idh
जब कि أَمَرْتُكَ ۖ हुक्म दिया था मैंने तुझे amartuka
हुक्म दिया था मैंने तुझे قَالَ वो बोला qāla
वो बोला أَنَا۠ मैं anā
मैं خَيْرٌۭ बेहतर हूँ khayrun
बेहतर हूँ مِّنْهُ उससे min'hu
उससे خَلَقْتَنِى पैदा किया तूने मुझे khalaqtanī
पैदा किया तूने मुझे مِن from min
from نَّارٍۢ आग से nārin
आग से وَخَلَقْتَهُۥ और पैदा किया तूने उसे wakhalaqtahu
और पैदा किया तूने उसे مِن from min
from طِينٍۢ मिट्टी से ṭīnin
मिट्टी से ١٢ (12)
(12)
(अल्लाह ने) कहा : जब मैंने तुझे आदेश दिया था तो तुझे किस बात ने सजदा करने से रोका? उसने कहा : मैं उससे अच्छा हूँ। तूने मुझे आग से पैदा किया है और तूने उसे मिट्टी से बनाया है।
७:१३
قَالَ
फ़रमाया
qāla
फ़रमाया فَٱهْبِطْ पस उतर जा fa-ih'biṭ
पस उतर जा مِنْهَا इससे min'hā
इससे فَمَا पस नहीं famā
पस नहीं يَكُونُ है yakūnu
है لَكَ तेरे लिए laka
तेरे लिए أَن कि an
कि تَتَكَبَّرَ तू तकब्बुर करे tatakabbara
तू तकब्बुर करे فِيهَا इसमें fīhā
इसमें فَٱخْرُجْ पस निकल जा fa-ukh'ruj
पस निकल जा إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू مِنَ (are) of mina
(are) of ٱلصَّـٰغِرِينَ ज़लील होने वालों में से है l-ṣāghirīna
ज़लील होने वालों में से है ١٣ (13)
(13)
फ़रमाया فَٱهْبِطْ पस उतर जा fa-ih'biṭ
पस उतर जा مِنْهَا इससे min'hā
इससे فَمَا पस नहीं famā
पस नहीं يَكُونُ है yakūnu
है لَكَ तेरे लिए laka
तेरे लिए أَن कि an
कि تَتَكَبَّرَ तू तकब्बुर करे tatakabbara
तू तकब्बुर करे فِيهَا इसमें fīhā
इसमें فَٱخْرُجْ पस निकल जा fa-ukh'ruj
पस निकल जा إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू مِنَ (are) of mina
(are) of ٱلصَّـٰغِرِينَ ज़लील होने वालों में से है l-ṣāghirīna
ज़लील होने वालों में से है ١٣ (13)
(13)
(अल्लाह ने) कहा : फिर इस (जन्नत) से उतर जा। क्योंकि तेरे लिए यह न होगा कि तू इसमें घमंड करे। सो निकल जा। निश्चय ही तू अपमानित होने वालों में से है।
७:१४
قَالَ
उसने कहा
qāla
उसने कहा أَنظِرْنِىٓ मोहलत दे मुझे anẓir'nī
मोहलत दे मुझे إِلَىٰ till ilā
till يَوْمِ उस दिन तक yawmi
उस दिन तक يُبْعَثُونَ वो उठाए जाऐंगे (जब) yub'ʿathūna
वो उठाए जाऐंगे (जब) ١٤ (14)
(14)
उसने कहा أَنظِرْنِىٓ मोहलत दे मुझे anẓir'nī
मोहलत दे मुझे إِلَىٰ till ilā
till يَوْمِ उस दिन तक yawmi
उस दिन तक يُبْعَثُونَ वो उठाए जाऐंगे (जब) yub'ʿathūna
वो उठाए जाऐंगे (जब) ١٤ (14)
(14)
(इबलीस ने) कहा : मुझे उस दिन तक मोहलत दे, जब वे उठाए जाएँगे।
७:१५
قَالَ
फ़रमाया
qāla
फ़रमाया إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू مِنَ (are) of mina
(are) of ٱلْمُنظَرِينَ मोहलत दिए जाने वालों में से है l-munẓarīna
मोहलत दिए जाने वालों में से है ١٥ (15)
(15)
फ़रमाया إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू مِنَ (are) of mina
(are) of ٱلْمُنظَرِينَ मोहलत दिए जाने वालों में से है l-munẓarīna
मोहलत दिए जाने वालों में से है ١٥ (15)
(15)
(अल्लाह ने) कहा : निःसंदेह तू मोहलत दिए जाने वालों में से है।
७:१६
قَالَ
उसने कहा
qāla
उसने कहा فَبِمَآ पस बवजह उसके जो fabimā
पस बवजह उसके जो أَغْوَيْتَنِى गुमराह किया तूने मुझे aghwaytanī
गुमराह किया तूने मुझे لَأَقْعُدَنَّ अलबत्ता मैं ज़रूर बैठूँगा la-aqʿudanna
अलबत्ता मैं ज़रूर बैठूँगा لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए صِرَٰطَكَ तेरे रास्ते ṣirāṭaka
तेरे रास्ते ٱلْمُسْتَقِيمَ सीधे पर l-mus'taqīma
सीधे पर ١٦ (16)
(16)
उसने कहा فَبِمَآ पस बवजह उसके जो fabimā
पस बवजह उसके जो أَغْوَيْتَنِى गुमराह किया तूने मुझे aghwaytanī
गुमराह किया तूने मुझे لَأَقْعُدَنَّ अलबत्ता मैं ज़रूर बैठूँगा la-aqʿudanna
अलबत्ता मैं ज़रूर बैठूँगा لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए صِرَٰطَكَ तेरे रास्ते ṣirāṭaka
तेरे रास्ते ٱلْمُسْتَقِيمَ सीधे पर l-mus'taqīma
सीधे पर ١٦ (16)
(16)
उसने कहा : फिर इस कारण कि तूने मुझे गुमराह किया है, मैं निश्चय उनके लिए तेरे सीधे मार्ग पर अवश्य बैठूँगा।
७:१७
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर لَـَٔاتِيَنَّهُم अलबत्ता मैं ज़रूर आऊँगा उनके पास laātiyannahum
अलबत्ता मैं ज़रूर आऊँगा उनके पास مِّنۢ from min
from بَيْنِ before bayni
before أَيْدِيهِمْ उनके सामने से aydīhim
उनके सामने से وَمِنْ and from wamin
and from خَلْفِهِمْ और उनके पीछे से khalfihim
और उनके पीछे से وَعَنْ and from waʿan
and from أَيْمَـٰنِهِمْ और उनके दाऐं से aymānihim
और उनके दाऐं से وَعَن and from waʿan
and from شَمَآئِلِهِمْ ۖ और उनके बाऐं से shamāilihim
और उनके बाऐं से وَلَا और ना walā
और ना تَجِدُ तू पाएगा tajidu
तू पाएगा أَكْثَرَهُمْ उनकी अक्सरियत को aktharahum
उनकी अक्सरियत को شَـٰكِرِينَ शुक्र गुज़ार shākirīna
शुक्र गुज़ार ١٧ (17)
(17)
फिर لَـَٔاتِيَنَّهُم अलबत्ता मैं ज़रूर आऊँगा उनके पास laātiyannahum
अलबत्ता मैं ज़रूर आऊँगा उनके पास مِّنۢ from min
from بَيْنِ before bayni
before أَيْدِيهِمْ उनके सामने से aydīhim
उनके सामने से وَمِنْ and from wamin
and from خَلْفِهِمْ और उनके पीछे से khalfihim
और उनके पीछे से وَعَنْ and from waʿan
and from أَيْمَـٰنِهِمْ और उनके दाऐं से aymānihim
और उनके दाऐं से وَعَن and from waʿan
and from شَمَآئِلِهِمْ ۖ और उनके बाऐं से shamāilihim
और उनके बाऐं से وَلَا और ना walā
और ना تَجِدُ तू पाएगा tajidu
तू पाएगा أَكْثَرَهُمْ उनकी अक्सरियत को aktharahum
उनकी अक्सरियत को شَـٰكِرِينَ शुक्र गुज़ार shākirīna
शुक्र गुज़ार ١٧ (17)
(17)
फिर मैं उनके पास उनके आगे से, उनके पीछे से, उनके दाएँ से और उनके बाएँ से आऊँगा। और तू उनमें से अधिकतर लोगों को शुक्र करने वाला नहीं पाएगा।1
७:१८
قَالَ
फ़रमाया
qāla
फ़रमाया ٱخْرُجْ निकल जा ukh'ruj
निकल जा مِنْهَا इससे min'hā
इससे مَذْءُومًۭا मज़म्मत किया हुआ madhūman
मज़म्मत किया हुआ مَّدْحُورًۭا ۖ रहमत से दूर किया हुआ madḥūran
रहमत से दूर किया हुआ لَّمَن अलबत्ता जो laman
अलबत्ता जो تَبِعَكَ पैरवी करेगा तेरी tabiʿaka
पैरवी करेगा तेरी مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से لَأَمْلَأَنَّ अलबत्ता मैं ज़रूर भर दूँगा la-amla-anna
अलबत्ता मैं ज़रूर भर दूँगा جَهَنَّمَ जहन्नम को jahannama
जहन्नम को مِنكُمْ तुमसे minkum
तुमसे أَجْمَعِينَ सबके सबसे ajmaʿīna
सबके सबसे ١٨ (18)
(18)
फ़रमाया ٱخْرُجْ निकल जा ukh'ruj
निकल जा مِنْهَا इससे min'hā
इससे مَذْءُومًۭا मज़म्मत किया हुआ madhūman
मज़म्मत किया हुआ مَّدْحُورًۭا ۖ रहमत से दूर किया हुआ madḥūran
रहमत से दूर किया हुआ لَّمَن अलबत्ता जो laman
अलबत्ता जो تَبِعَكَ पैरवी करेगा तेरी tabiʿaka
पैरवी करेगा तेरी مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से لَأَمْلَأَنَّ अलबत्ता मैं ज़रूर भर दूँगा la-amla-anna
अलबत्ता मैं ज़रूर भर दूँगा جَهَنَّمَ जहन्नम को jahannama
जहन्नम को مِنكُمْ तुमसे minkum
तुमसे أَجْمَعِينَ सबके सबसे ajmaʿīna
सबके सबसे ١٨ (18)
(18)
(अल्लाह ने) कहा : यहाँ से निंदित धिक्कारा हुआ निकल जा। निःसंदेह उनमें से जो तेरे पीछे चलेगा, मैं निश्चय ही तुम सब से नरक को अवश्य भर दूँगा।
७:१९
وَيَـٰٓـَٔادَمُ
और ऐ आदम
wayāādamu
और ऐ आदम ٱسْكُنْ रहो us'kun
रहो أَنتَ तुम anta
तुम وَزَوْجُكَ और बीवी तुम्हारी wazawjuka
और बीवी तुम्हारी ٱلْجَنَّةَ जन्नत में l-janata
जन्नत में فَكُلَا पस दोनों खाओ fakulā
पस दोनों खाओ مِنْ from min
from حَيْثُ जहाँ से ḥaythu
जहाँ से شِئْتُمَا तुम दोनों चाहो shi'tumā
तुम दोनों चाहो وَلَا और ना walā
और ना تَقْرَبَا तुम दोनों क़रीब जाना taqrabā
तुम दोनों क़रीब जाना هَـٰذِهِ this hādhihi
this ٱلشَّجَرَةَ इस दरख़्त के l-shajarata
इस दरख़्त के فَتَكُونَا वरना तुम दोनों हो जाओगे fatakūnā
वरना तुम दोनों हो जाओगे مِنَ among mina
among ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों में से l-ẓālimīna
ज़ालिमों में से ١٩ (19)
(19)
और ऐ आदम ٱسْكُنْ रहो us'kun
रहो أَنتَ तुम anta
तुम وَزَوْجُكَ और बीवी तुम्हारी wazawjuka
और बीवी तुम्हारी ٱلْجَنَّةَ जन्नत में l-janata
जन्नत में فَكُلَا पस दोनों खाओ fakulā
पस दोनों खाओ مِنْ from min
from حَيْثُ जहाँ से ḥaythu
जहाँ से شِئْتُمَا तुम दोनों चाहो shi'tumā
तुम दोनों चाहो وَلَا और ना walā
और ना تَقْرَبَا तुम दोनों क़रीब जाना taqrabā
तुम दोनों क़रीब जाना هَـٰذِهِ this hādhihi
this ٱلشَّجَرَةَ इस दरख़्त के l-shajarata
इस दरख़्त के فَتَكُونَا वरना तुम दोनों हो जाओगे fatakūnā
वरना तुम दोनों हो जाओगे مِنَ among mina
among ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों में से l-ẓālimīna
ज़ालिमों में से ١٩ (19)
(19)
और ऐ आदम! तुम और तुम्हारी पत्नी इस जन्नत में रहो। अतः दोनों जहाँ से चाहो, खाओ और इस पेड़ के पास मत जाना कि दोनों अत्याचारियों में से हो जाओगे।
७:२०
فَوَسْوَسَ
पस वसवसा डाला
fawaswasa
पस वसवसा डाला لَهُمَا उन दोनों के लिए lahumā
उन दोनों के लिए ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान ने l-shayṭānu
शैतान ने لِيُبْدِىَ ताकि वो ज़ाहिर कर दे liyub'diya
ताकि वो ज़ाहिर कर दे لَهُمَا उन दोनों के लिए lahumā
उन दोनों के लिए مَا what mā
what وُۥرِىَ जो छुपाई गई थीं wūriya
जो छुपाई गई थीं عَنْهُمَا उन दोनों से ʿanhumā
उन दोनों से مِن of min
of سَوْءَٰتِهِمَا शर्मगाहें उन दोनों की sawātihimā
शर्मगाहें उन दोनों की وَقَالَ और कहा waqāla
और कहा مَا नहीं mā
नहीं نَهَىٰكُمَا रोका तुम दोनों को nahākumā
रोका तुम दोनों को رَبُّكُمَا तुम्हारे रब ने rabbukumā
तुम्हारे रब ने عَنْ from ʿan
from هَـٰذِهِ this hādhihi
this ٱلشَّجَرَةِ इस दरख़्त से l-shajarati
इस दरख़्त से إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि تَكُونَا तुम दोनों हो जाओ takūnā
तुम दोनों हो जाओ مَلَكَيْنِ दो फरिश्ते malakayni
दो फरिश्ते أَوْ या aw
या تَكُونَا तुम दोनों हो जाओ takūnā
तुम दोनों हो जाओ مِنَ of mina
of ٱلْخَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वालों में से l-khālidīna
हमेशा रहने वालों में से ٢٠ (20)
(20)
पस वसवसा डाला لَهُمَا उन दोनों के लिए lahumā
उन दोनों के लिए ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान ने l-shayṭānu
शैतान ने لِيُبْدِىَ ताकि वो ज़ाहिर कर दे liyub'diya
ताकि वो ज़ाहिर कर दे لَهُمَا उन दोनों के लिए lahumā
उन दोनों के लिए مَا what mā
what وُۥرِىَ जो छुपाई गई थीं wūriya
जो छुपाई गई थीं عَنْهُمَا उन दोनों से ʿanhumā
उन दोनों से مِن of min
of سَوْءَٰتِهِمَا शर्मगाहें उन दोनों की sawātihimā
शर्मगाहें उन दोनों की وَقَالَ और कहा waqāla
और कहा مَا नहीं mā
नहीं نَهَىٰكُمَا रोका तुम दोनों को nahākumā
रोका तुम दोनों को رَبُّكُمَا तुम्हारे रब ने rabbukumā
तुम्हारे रब ने عَنْ from ʿan
from هَـٰذِهِ this hādhihi
this ٱلشَّجَرَةِ इस दरख़्त से l-shajarati
इस दरख़्त से إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि تَكُونَا तुम दोनों हो जाओ takūnā
तुम दोनों हो जाओ مَلَكَيْنِ दो फरिश्ते malakayni
दो फरिश्ते أَوْ या aw
या تَكُونَا तुम दोनों हो जाओ takūnā
तुम दोनों हो जाओ مِنَ of mina
of ٱلْخَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वालों में से l-khālidīna
हमेशा रहने वालों में से ٢٠ (20)
(20)
फिर शैतान ने उन दोनों के हृदय में वसवसा डाला। ताकि उनके लिए प्रकट कर दे जो कुछ उनके गुप्तांगों में से उनसे छिपाया गया था, और उसने कहा : तुम दोनों के पालनहार ने तुम्हें इस पेड़ से केवल इसलिए मना किया है कि कहीं तुम दोनों फ़रिश्ते न बन जाओ, अथवा हमेशा रहने वालों में से न हो जाओ।
७:२१
وَقَاسَمَهُمَآ
और उसने क़सम खाई उन दोनों से
waqāsamahumā
और उसने क़सम खाई उन दोनों से إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं لَكُمَا तुम दोनों के लिए lakumā
तुम दोनों के लिए لَمِنَ among lamina
among ٱلنَّـٰصِحِينَ अलबत्ता ख़ैरख़्वाहों में से हूँ l-nāṣiḥīna
अलबत्ता ख़ैरख़्वाहों में से हूँ ٢١ (21)
(21)
और उसने क़सम खाई उन दोनों से إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं لَكُمَا तुम दोनों के लिए lakumā
तुम दोनों के लिए لَمِنَ among lamina
among ٱلنَّـٰصِحِينَ अलबत्ता ख़ैरख़्वाहों में से हूँ l-nāṣiḥīna
अलबत्ता ख़ैरख़्वाहों में से हूँ ٢١ (21)
(21)
तथा उसने उन दोनों से क़सम खाकर कहा : निःसंदेह मैं तुम दोनों का निश्चित रूप से हितैषी हूँ।
७:२२
فَدَلَّىٰهُمَا
पस उसने खींच लिया उन दोनों को
fadallāhumā
पस उसने खींच लिया उन दोनों को بِغُرُورٍۢ ۚ साथ धोखे के bighurūrin
साथ धोखे के فَلَمَّا फिर जब falammā
फिर जब ذَاقَا दोनों ने चखा dhāqā
दोनों ने चखा ٱلشَّجَرَةَ उस दरख़्त को l-shajarata
उस दरख़्त को بَدَتْ ज़ाहिर हो गईं badat
ज़ाहिर हो गईं لَهُمَا उन दोनों के लिए lahumā
उन दोनों के लिए سَوْءَٰتُهُمَا शर्मगाहें उन दोनों की sawātuhumā
शर्मगाहें उन दोनों की وَطَفِقَا और वो दोनों शुरु हो गए waṭafiqā
और वो दोनों शुरु हो गए يَخْصِفَانِ वो दोनों चिपकाने लगे yakhṣifāni
वो दोनों चिपकाने लगे عَلَيْهِمَا अपने ऊपर ʿalayhimā
अपने ऊपर مِن from min
from وَرَقِ पत्तों से waraqi
पत्तों से ٱلْجَنَّةِ ۖ जन्नत के l-janati
जन्नत के وَنَادَىٰهُمَا और पुकारा उन दोनों को wanādāhumā
और पुकारा उन दोनों को رَبُّهُمَآ उनके रब ने rabbuhumā
उनके रब ने أَلَمْ क़्या नहीं alam
क़्या नहीं أَنْهَكُمَا मैंने रोका था तुम दोनों को anhakumā
मैंने रोका था तुम दोनों को عَن from ʿan
from تِلْكُمَا this til'kumā
this ٱلشَّجَرَةِ उस दरख़्त से l-shajarati
उस दरख़्त से وَأَقُل और मैंने कहा था wa-aqul
और मैंने कहा था لَّكُمَآ तुम दोनों को lakumā
तुम दोनों को إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلشَّيْطَـٰنَ शैतान l-shayṭāna
शैतान لَكُمَا तुम दोनों का lakumā
तुम दोनों का عَدُوٌّۭ दुश्मन है ʿaduwwun
दुश्मन है مُّبِينٌۭ खुल्लम-खुल्ला mubīnun
खुल्लम-खुल्ला ٢٢ (22)
(22)
पस उसने खींच लिया उन दोनों को بِغُرُورٍۢ ۚ साथ धोखे के bighurūrin
साथ धोखे के فَلَمَّا फिर जब falammā
फिर जब ذَاقَا दोनों ने चखा dhāqā
दोनों ने चखा ٱلشَّجَرَةَ उस दरख़्त को l-shajarata
उस दरख़्त को بَدَتْ ज़ाहिर हो गईं badat
ज़ाहिर हो गईं لَهُمَا उन दोनों के लिए lahumā
उन दोनों के लिए سَوْءَٰتُهُمَا शर्मगाहें उन दोनों की sawātuhumā
शर्मगाहें उन दोनों की وَطَفِقَا और वो दोनों शुरु हो गए waṭafiqā
और वो दोनों शुरु हो गए يَخْصِفَانِ वो दोनों चिपकाने लगे yakhṣifāni
वो दोनों चिपकाने लगे عَلَيْهِمَا अपने ऊपर ʿalayhimā
अपने ऊपर مِن from min
from وَرَقِ पत्तों से waraqi
पत्तों से ٱلْجَنَّةِ ۖ जन्नत के l-janati
जन्नत के وَنَادَىٰهُمَا और पुकारा उन दोनों को wanādāhumā
और पुकारा उन दोनों को رَبُّهُمَآ उनके रब ने rabbuhumā
उनके रब ने أَلَمْ क़्या नहीं alam
क़्या नहीं أَنْهَكُمَا मैंने रोका था तुम दोनों को anhakumā
मैंने रोका था तुम दोनों को عَن from ʿan
from تِلْكُمَا this til'kumā
this ٱلشَّجَرَةِ उस दरख़्त से l-shajarati
उस दरख़्त से وَأَقُل और मैंने कहा था wa-aqul
और मैंने कहा था لَّكُمَآ तुम दोनों को lakumā
तुम दोनों को إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلشَّيْطَـٰنَ शैतान l-shayṭāna
शैतान لَكُمَا तुम दोनों का lakumā
तुम दोनों का عَدُوٌّۭ दुश्मन है ʿaduwwun
दुश्मन है مُّبِينٌۭ खुल्लम-खुल्ला mubīnun
खुल्लम-खुल्ला ٢٢ (22)
(22)
चुनाँचे उसने उन दोनों को धोखे से नीचे उतार लिया। फिर जब उन दोनों ने उस वृक्ष को चखा, तो उनके लिए उनके गुप्तांग प्रकट हो गए और दोनों अपने आपपर जन्नत के पत्ते चिपकाने लगे। और उन दोनों को उनके पालनहार ने आवाज़ दी : क्या मैंने तुम दोनों को इस वृक्ष से रोका नहीं था और तुम दोनों से नहीं कहा था कि निःसंदेह शैतान तुम दोनों का खुला शत्रु है?
७:२३
قَالَا
उन दोनों ने कहा
qālā
उन दोनों ने कहा رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब ظَلَمْنَآ ज़ुल्म किया हमने ẓalamnā
ज़ुल्म किया हमने أَنفُسَنَا अपनी जानों पर anfusanā
अपनी जानों पर وَإِن और अगर wa-in
और अगर لَّمْ ना lam
ना تَغْفِرْ You forgive taghfir
You forgive لَنَا तूने बख़्शा हमें lanā
तूने बख़्शा हमें وَتَرْحَمْنَا और (ना) तूने रहम किया हम पर watarḥamnā
और (ना) तूने रहम किया हम पर لَنَكُونَنَّ अलबत्ता हम ज़रूर हो जाऐंगे lanakūnanna
अलबत्ता हम ज़रूर हो जाऐंगे مِنَ among mina
among ٱلْخَـٰسِرِينَ ख़सारा पाने वालों में से l-khāsirīna
ख़सारा पाने वालों में से ٢٣ (23)
(23)
उन दोनों ने कहा رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब ظَلَمْنَآ ज़ुल्म किया हमने ẓalamnā
ज़ुल्म किया हमने أَنفُسَنَا अपनी जानों पर anfusanā
अपनी जानों पर وَإِن और अगर wa-in
और अगर لَّمْ ना lam
ना تَغْفِرْ You forgive taghfir
You forgive لَنَا तूने बख़्शा हमें lanā
तूने बख़्शा हमें وَتَرْحَمْنَا और (ना) तूने रहम किया हम पर watarḥamnā
और (ना) तूने रहम किया हम पर لَنَكُونَنَّ अलबत्ता हम ज़रूर हो जाऐंगे lanakūnanna
अलबत्ता हम ज़रूर हो जाऐंगे مِنَ among mina
among ٱلْخَـٰسِرِينَ ख़सारा पाने वालों में से l-khāsirīna
ख़सारा पाने वालों में से ٢٣ (23)
(23)
दोनों ने कहा : ऐ हमारे पालनहार! हमने अपने आपपर अत्याचार किया है। और यदि तूने हमें क्षमा न किया तथा हमपर दया न की, तो निश्चय हम अवश्य घाटा उठाने वालों में से हो जाएँगे।1
७:२४
قَالَ
फ़रमाया
qāla
फ़रमाया ٱهْبِطُوا۟ उतर जाओ ih'biṭū
उतर जाओ بَعْضُكُمْ बाज़ तुम्हारे baʿḍukum
बाज़ तुम्हारे لِبَعْضٍ बाज़ के libaʿḍin
बाज़ के عَدُوٌّۭ ۖ दुश्मन हैं ʿaduwwun
दुश्मन हैं وَلَكُمْ और तुम्हारे लिए walakum
और तुम्हारे लिए فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में مُسْتَقَرٌّۭ एक जाय क़रार है mus'taqarrun
एक जाय क़रार है وَمَتَـٰعٌ और कुछ फ़ायदा उठाना है wamatāʿun
और कुछ फ़ायदा उठाना है إِلَىٰ for ilā
for حِينٍۢ एक वक़्त तक ḥīnin
एक वक़्त तक ٢٤ (24)
(24)
फ़रमाया ٱهْبِطُوا۟ उतर जाओ ih'biṭū
उतर जाओ بَعْضُكُمْ बाज़ तुम्हारे baʿḍukum
बाज़ तुम्हारे لِبَعْضٍ बाज़ के libaʿḍin
बाज़ के عَدُوٌّۭ ۖ दुश्मन हैं ʿaduwwun
दुश्मन हैं وَلَكُمْ और तुम्हारे लिए walakum
और तुम्हारे लिए فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में مُسْتَقَرٌّۭ एक जाय क़रार है mus'taqarrun
एक जाय क़रार है وَمَتَـٰعٌ और कुछ फ़ायदा उठाना है wamatāʿun
और कुछ फ़ायदा उठाना है إِلَىٰ for ilā
for حِينٍۢ एक वक़्त तक ḥīnin
एक वक़्त तक ٢٤ (24)
(24)
(अल्लाह ने) कहा : उतर जाओ। तुम एक-दूसरे के शत्रु हो और तुम्हारे लिए धरती में एक अवधि तक रहने का स्थान और कुछ जीवन-सामग्री है।
७:२५
قَالَ
फ़रमाया
qāla
फ़रमाया فِيهَا उसी में fīhā
उसी में تَحْيَوْنَ तुम जियोगे taḥyawna
तुम जियोगे وَفِيهَا और उसी में wafīhā
और उसी में تَمُوتُونَ तुम मरोगे tamūtūna
तुम मरोगे وَمِنْهَا और उसी से wamin'hā
और उसी से تُخْرَجُونَ तुम निकाले जाओगे tukh'rajūna
तुम निकाले जाओगे ٢٥ (25)
(25)
फ़रमाया فِيهَا उसी में fīhā
उसी में تَحْيَوْنَ तुम जियोगे taḥyawna
तुम जियोगे وَفِيهَا और उसी में wafīhā
और उसी में تَمُوتُونَ तुम मरोगे tamūtūna
तुम मरोगे وَمِنْهَا और उसी से wamin'hā
और उसी से تُخْرَجُونَ तुम निकाले जाओगे tukh'rajūna
तुम निकाले जाओगे ٢٥ (25)
(25)
उसने कहा : तुम उसी में जीवित रहोगे और उसी में मरोगे और उसी से निकाले जाओगे।
७:२६
يَـٰبَنِىٓ
O Children
yābanī
O Children ءَادَمَ ऐ बनी आदम ādama
ऐ बनी आदम قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ أَنزَلْنَا उतारा हमने anzalnā
उतारा हमने عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर لِبَاسًۭا लिबास libāsan
लिबास يُوَٰرِى जो छुपाता है yuwārī
जो छुपाता है سَوْءَٰتِكُمْ शर्मगाहें तुम्हारी sawātikum
शर्मगाहें तुम्हारी وَرِيشًۭا ۖ और ज़ीनत (भी) है warīshan
और ज़ीनत (भी) है وَلِبَاسُ और लिबास walibāsu
और लिबास ٱلتَّقْوَىٰ तक़वा का l-taqwā
तक़वा का ذَٰلِكَ ये dhālika
ये خَيْرٌۭ ۚ बेहतर है khayrun
बेहतर है ذَٰلِكَ ये dhālika
ये مِنْ (is) from min
(is) from ءَايَـٰتِ निशानियों में से है āyāti
निशानियों में से है ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की لَعَلَّهُمْ शायद कि वो laʿallahum
शायद कि वो يَذَّكَّرُونَ वो नसीहत पकड़ें yadhakkarūna
वो नसीहत पकड़ें ٢٦ (26)
(26)
O Children ءَادَمَ ऐ बनी आदम ādama
ऐ बनी आदम قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ أَنزَلْنَا उतारा हमने anzalnā
उतारा हमने عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर لِبَاسًۭا लिबास libāsan
लिबास يُوَٰرِى जो छुपाता है yuwārī
जो छुपाता है سَوْءَٰتِكُمْ शर्मगाहें तुम्हारी sawātikum
शर्मगाहें तुम्हारी وَرِيشًۭا ۖ और ज़ीनत (भी) है warīshan
और ज़ीनत (भी) है وَلِبَاسُ और लिबास walibāsu
और लिबास ٱلتَّقْوَىٰ तक़वा का l-taqwā
तक़वा का ذَٰلِكَ ये dhālika
ये خَيْرٌۭ ۚ बेहतर है khayrun
बेहतर है ذَٰلِكَ ये dhālika
ये مِنْ (is) from min
(is) from ءَايَـٰتِ निशानियों में से है āyāti
निशानियों में से है ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की لَعَلَّهُمْ शायद कि वो laʿallahum
शायद कि वो يَذَّكَّرُونَ वो नसीहत पकड़ें yadhakkarūna
वो नसीहत पकड़ें ٢٦ (26)
(26)
ऐ आदम की संतान! निश्चय हमने तुमपर वस्त्र उतारा है, जो तुम्हारे गुप्तांगों को छिपाता है और शोभा भी है। और तक़वा (अल्लाह की आज्ञाकारिता) का वस्त्र सबसे अच्छा है। यह अल्लाह की निशानियों में से है, ताकि वे उपदेश ग्रहण करें।1
७:२७
يَـٰبَنِىٓ
O Children
yābanī
O Children ءَادَمَ ऐ बनी आदम ādama
ऐ बनी आदम لَا (Let) not lā
(Let) not يَفْتِنَنَّكُمُ हरगिज़ ना फ़ितने में डाले तुम्हें yaftinannakumu
हरगिज़ ना फ़ितने में डाले तुम्हें ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान l-shayṭānu
शैतान كَمَآ जैसा कि kamā
जैसा कि أَخْرَجَ उसने निकलवा दिया akhraja
उसने निकलवा दिया أَبَوَيْكُم तुम्हारे वालिदैन को abawaykum
तुम्हारे वालिदैन को مِّنَ from mina
from ٱلْجَنَّةِ जन्नत से l-janati
जन्नत से يَنزِعُ उसने उतरवा दिया yanziʿu
उसने उतरवा दिया عَنْهُمَا उन दोनों से ʿanhumā
उन दोनों से لِبَاسَهُمَا लिबास उन दोनों का libāsahumā
लिबास उन दोनों का لِيُرِيَهُمَا ताकि वो दिखाए उन्हें liyuriyahumā
ताकि वो दिखाए उन्हें سَوْءَٰتِهِمَآ ۗ शर्मगाहें उन दोनों की sawātihimā
शर्मगाहें उन दोनों की إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो يَرَىٰكُمْ वो देखता है तुम्हें yarākum
वो देखता है तुम्हें هُوَ वो huwa
वो وَقَبِيلُهُۥ और क़बीला उसका waqabīluhu
और क़बीला उसका مِنْ from min
from حَيْثُ जहाँ से ḥaythu
जहाँ से لَا not lā
not تَرَوْنَهُمْ ۗ नहीं तुम देखते उन्हें tarawnahum
नहीं तुम देखते उन्हें إِنَّا बेशक हमने innā
बेशक हमने جَعَلْنَا बनाया हमने jaʿalnā
बनाया हमने ٱلشَّيَـٰطِينَ शैतानों को l-shayāṭīna
शैतानों को أَوْلِيَآءَ दोस्त awliyāa
दोस्त لِلَّذِينَ उनका जो lilladhīna
उनका जो لَا (do) not lā
(do) not يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाते yu'minūna
नहीं वो ईमान लाते ٢٧ (27)
(27)
O Children ءَادَمَ ऐ बनी आदम ādama
ऐ बनी आदम لَا (Let) not lā
(Let) not يَفْتِنَنَّكُمُ हरगिज़ ना फ़ितने में डाले तुम्हें yaftinannakumu
हरगिज़ ना फ़ितने में डाले तुम्हें ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान l-shayṭānu
शैतान كَمَآ जैसा कि kamā
जैसा कि أَخْرَجَ उसने निकलवा दिया akhraja
उसने निकलवा दिया أَبَوَيْكُم तुम्हारे वालिदैन को abawaykum
तुम्हारे वालिदैन को مِّنَ from mina
from ٱلْجَنَّةِ जन्नत से l-janati
जन्नत से يَنزِعُ उसने उतरवा दिया yanziʿu
उसने उतरवा दिया عَنْهُمَا उन दोनों से ʿanhumā
उन दोनों से لِبَاسَهُمَا लिबास उन दोनों का libāsahumā
लिबास उन दोनों का لِيُرِيَهُمَا ताकि वो दिखाए उन्हें liyuriyahumā
ताकि वो दिखाए उन्हें سَوْءَٰتِهِمَآ ۗ शर्मगाहें उन दोनों की sawātihimā
शर्मगाहें उन दोनों की إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो يَرَىٰكُمْ वो देखता है तुम्हें yarākum
वो देखता है तुम्हें هُوَ वो huwa
वो وَقَبِيلُهُۥ और क़बीला उसका waqabīluhu
और क़बीला उसका مِنْ from min
from حَيْثُ जहाँ से ḥaythu
जहाँ से لَا not lā
not تَرَوْنَهُمْ ۗ नहीं तुम देखते उन्हें tarawnahum
नहीं तुम देखते उन्हें إِنَّا बेशक हमने innā
बेशक हमने جَعَلْنَا बनाया हमने jaʿalnā
बनाया हमने ٱلشَّيَـٰطِينَ शैतानों को l-shayāṭīna
शैतानों को أَوْلِيَآءَ दोस्त awliyāa
दोस्त لِلَّذِينَ उनका जो lilladhīna
उनका जो لَا (do) not lā
(do) not يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाते yu'minūna
नहीं वो ईमान लाते ٢٧ (27)
(27)
ऐ आदम की संतान! ऐसा न हो कि शैतान तुम्हें लुभाए, जैसे उसने तुम्हारे माता-पिता को जन्नत से निकाल दिया; वह दोनों के वस्त्र उतारता था, ताकि दोनों को उनके गुप्तांग दिखाए। निःसंदेह वह तथा उसकी जाति, तुम्हें वहाँ से देखते हैं, जहाँ से तुम उन्हें नहीं देखते। निःसंदेह हमने शैतानों को उन लोगों का मित्र बनाया है, जो ईमान नहीं रखते।
७:२८
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब فَعَلُوا۟ वो करते हैं faʿalū
वो करते हैं فَـٰحِشَةًۭ कोई बेहयाई fāḥishatan
कोई बेहयाई قَالُوا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं وَجَدْنَا पाया हमने wajadnā
पाया हमने عَلَيْهَآ उस पर ʿalayhā
उस पर ءَابَآءَنَا अपने आबा ओ अजदाद को ābāanā
अपने आबा ओ अजदाद को وَٱللَّهُ और अल्लाह ने wal-lahu
और अल्लाह ने أَمَرَنَا हुक्म दिया है हमें amaranā
हुक्म दिया है हमें بِهَا ۗ उसका bihā
उसका قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يَأْمُرُ नहीं वो हुक्म देता yamuru
नहीं वो हुक्म देता بِٱلْفَحْشَآءِ ۖ बेहयाई का bil-faḥshāi
बेहयाई का أَتَقُولُونَ क्या तुम कहते हो ataqūlūna
क्या तुम कहते हो عَلَى about ʿalā
about ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर مَا वो जो mā
वो जो لَا not lā
not تَعْلَمُونَ नहीं तुम जानते taʿlamūna
नहीं तुम जानते ٢٨ (28)
(28)
और जब فَعَلُوا۟ वो करते हैं faʿalū
वो करते हैं فَـٰحِشَةًۭ कोई बेहयाई fāḥishatan
कोई बेहयाई قَالُوا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं وَجَدْنَا पाया हमने wajadnā
पाया हमने عَلَيْهَآ उस पर ʿalayhā
उस पर ءَابَآءَنَا अपने आबा ओ अजदाद को ābāanā
अपने आबा ओ अजदाद को وَٱللَّهُ और अल्लाह ने wal-lahu
और अल्लाह ने أَمَرَنَا हुक्म दिया है हमें amaranā
हुक्म दिया है हमें بِهَا ۗ उसका bihā
उसका قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يَأْمُرُ नहीं वो हुक्म देता yamuru
नहीं वो हुक्म देता بِٱلْفَحْشَآءِ ۖ बेहयाई का bil-faḥshāi
बेहयाई का أَتَقُولُونَ क्या तुम कहते हो ataqūlūna
क्या तुम कहते हो عَلَى about ʿalā
about ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर مَا वो जो mā
वो जो لَا not lā
not تَعْلَمُونَ नहीं तुम जानते taʿlamūna
नहीं तुम जानते ٢٨ (28)
(28)
तथा जब वे कोई निर्लज्जता का काम करते हैं, तो कहते हैं कि हमने अपने पूर्वजों को कि इसी (रीति) पर पाया तथा अल्लाह ने हमें इसका आदेश दिया है। (ऐ नबी!) आप उनसे कह दें : निःसंदेह अल्लाह निर्लज्जता का आदेश नहीं देता। क्या तुम अल्लाह पर ऐसी बात का आरोप धरते हो, जो तुम नहीं जानते?
७:२९
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए أَمَرَ हुक्म दिया है amara
हुक्म दिया है رَبِّى मेरे रब ने rabbī
मेरे रब ने بِٱلْقِسْطِ ۖ इन्साफ़ का bil-qis'ṭi
इन्साफ़ का وَأَقِيمُوا۟ और सीधे करो wa-aqīmū
और सीधे करो وُجُوهَكُمْ अपने चेहरे wujūhakum
अपने चेहरे عِندَ at ʿinda
at كُلِّ every kulli
every مَسْجِدٍۢ हर नमाज़ के वक़्त masjidin
हर नमाज़ के वक़्त وَٱدْعُوهُ और पुकारो उसे wa-id'ʿūhu
और पुकारो उसे مُخْلِصِينَ ख़ालिस करते हुए mukh'liṣīna
ख़ालिस करते हुए لَهُ उसके लिए lahu
उसके लिए ٱلدِّينَ ۚ दीन को l-dīna
दीन को كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि بَدَأَكُمْ उसने इब्तिदा की थी तुम्हारी bada-akum
उसने इब्तिदा की थी तुम्हारी تَعُودُونَ तुम लौटोगे (वैसे ही) taʿūdūna
तुम लौटोगे (वैसे ही) ٢٩ (29)
(29)
कह दीजिए أَمَرَ हुक्म दिया है amara
हुक्म दिया है رَبِّى मेरे रब ने rabbī
मेरे रब ने بِٱلْقِسْطِ ۖ इन्साफ़ का bil-qis'ṭi
इन्साफ़ का وَأَقِيمُوا۟ और सीधे करो wa-aqīmū
और सीधे करो وُجُوهَكُمْ अपने चेहरे wujūhakum
अपने चेहरे عِندَ at ʿinda
at كُلِّ every kulli
every مَسْجِدٍۢ हर नमाज़ के वक़्त masjidin
हर नमाज़ के वक़्त وَٱدْعُوهُ और पुकारो उसे wa-id'ʿūhu
और पुकारो उसे مُخْلِصِينَ ख़ालिस करते हुए mukh'liṣīna
ख़ालिस करते हुए لَهُ उसके लिए lahu
उसके लिए ٱلدِّينَ ۚ दीन को l-dīna
दीन को كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि بَدَأَكُمْ उसने इब्तिदा की थी तुम्हारी bada-akum
उसने इब्तिदा की थी तुम्हारी تَعُودُونَ तुम लौटोगे (वैसे ही) taʿūdūna
तुम लौटोगे (वैसे ही) ٢٩ (29)
(29)
आप कह दें : मेरे पालनहार ने न्याय का आदेश दिया है। तथा प्रत्येक नमाज़ के समय अपने चेहरे को सीधा रखो, और उसके लिए धर्म को विशुद्ध करते हुए उसे पुकारो। जिस तरह उसने तुम्हें पहली बार पैदा किया, उसी तरह वह तुम्हें दोबारा पैदा करेगा।1
७:३०
فَرِيقًا
एक गिरोह को
farīqan
एक गिरोह को هَدَىٰ उसने हिदायत दी hadā
उसने हिदायत दी وَفَرِيقًا और एक गिरोह wafarīqan
और एक गिरोह حَقَّ चसपाँ हो गई ḥaqqa
चसपाँ हो गई عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلضَّلَـٰلَةُ ۗ गुमराही l-ḍalālatu
गुमराही إِنَّهُمُ बेशक वो innahumu
बेशक वो ٱتَّخَذُوا۟ उन्होंने बना लिया ittakhadhū
उन्होंने बना लिया ٱلشَّيَـٰطِينَ शयातीन को l-shayāṭīna
शयातीन को أَوْلِيَآءَ दोस्त awliyāa
दोस्त مِن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَيَحْسَبُونَ और वो समझते हैं wayaḥsabūna
और वो समझते हैं أَنَّهُم बेशक वो annahum
बेशक वो مُّهْتَدُونَ हिदायत याफ़्ता हैं muh'tadūna
हिदायत याफ़्ता हैं ٣٠ (30)
(30)
एक गिरोह को هَدَىٰ उसने हिदायत दी hadā
उसने हिदायत दी وَفَرِيقًا और एक गिरोह wafarīqan
और एक गिरोह حَقَّ चसपाँ हो गई ḥaqqa
चसपाँ हो गई عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلضَّلَـٰلَةُ ۗ गुमराही l-ḍalālatu
गुमराही إِنَّهُمُ बेशक वो innahumu
बेशक वो ٱتَّخَذُوا۟ उन्होंने बना लिया ittakhadhū
उन्होंने बना लिया ٱلشَّيَـٰطِينَ शयातीन को l-shayāṭīna
शयातीन को أَوْلِيَآءَ दोस्त awliyāa
दोस्त مِن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَيَحْسَبُونَ और वो समझते हैं wayaḥsabūna
और वो समझते हैं أَنَّهُم बेशक वो annahum
बेशक वो مُّهْتَدُونَ हिदायत याफ़्ता हैं muh'tadūna
हिदायत याफ़्ता हैं ٣٠ (30)
(30)
एक समूह का उसने मार्गदर्शन किया और एक समूह पर गुमराही सिद्ध हो गई। निःसंदेह उन्होंने अल्लाह को छोड़कर शैतानों को दोस्त बना लिया और समझते हैं कि निश्चय वे सीधे मार्ग पर हैं।
७:३१
۞ يَـٰبَنِىٓ
O Children
yābanī
O Children ءَادَمَ ऐ बनी आदम ādama
ऐ बनी आदम خُذُوا۟ इख़्तियार करो khudhū
इख़्तियार करो زِينَتَكُمْ ज़ीनत अपनी zīnatakum
ज़ीनत अपनी عِندَ at ʿinda
at كُلِّ every kulli
every مَسْجِدٍۢ हर नमाज़ के वक़्त masjidin
हर नमाज़ के वक़्त وَكُلُوا۟ और खाओ wakulū
और खाओ وَٱشْرَبُوا۟ और पियो wa-ish'rabū
और पियो وَلَا और ना walā
और ना تُسْرِفُوٓا۟ ۚ तुम इसराफ़ करो tus'rifū
तुम इसराफ़ करो إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो لَا (does) not lā
(does) not يُحِبُّ नहीं वो पसंद करता yuḥibbu
नहीं वो पसंद करता ٱلْمُسْرِفِينَ इसराफ़ करने वालों को l-mus'rifīna
इसराफ़ करने वालों को ٣١ (31)
(31)
O Children ءَادَمَ ऐ बनी आदम ādama
ऐ बनी आदम خُذُوا۟ इख़्तियार करो khudhū
इख़्तियार करो زِينَتَكُمْ ज़ीनत अपनी zīnatakum
ज़ीनत अपनी عِندَ at ʿinda
at كُلِّ every kulli
every مَسْجِدٍۢ हर नमाज़ के वक़्त masjidin
हर नमाज़ के वक़्त وَكُلُوا۟ और खाओ wakulū
और खाओ وَٱشْرَبُوا۟ और पियो wa-ish'rabū
और पियो وَلَا और ना walā
और ना تُسْرِفُوٓا۟ ۚ तुम इसराफ़ करो tus'rifū
तुम इसराफ़ करो إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो لَا (does) not lā
(does) not يُحِبُّ नहीं वो पसंद करता yuḥibbu
नहीं वो पसंद करता ٱلْمُسْرِفِينَ इसराफ़ करने वालों को l-mus'rifīna
इसराफ़ करने वालों को ٣١ (31)
(31)
ऐ आदम की संतान! प्रत्येक नमाज़ के समय अपनी शोभा धारण1 करो। तथा खाओ और पियो और हद से आगे न बढ़ो। निःसंदेह वह हद से आगे बढ़ने वालों से प्रेम नहीं करता।
७:३२
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए مَنْ किसने man
किसने حَرَّمَ हराम की ḥarrama
हराम की زِينَةَ ज़ीनत zīnata
ज़ीनत ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की ٱلَّتِىٓ वो जो allatī
वो जो أَخْرَجَ उसने निकाली akhraja
उसने निकाली لِعِبَادِهِۦ अपने बन्दों के लिए liʿibādihi
अपने बन्दों के लिए وَٱلطَّيِّبَـٰتِ और पाकीज़ा चीज़ें wal-ṭayibāti
और पाकीज़ा चीज़ें مِنَ of mina
of ٱلرِّزْقِ ۚ रिज़्क़ में से l-riz'qi
रिज़्क़ में से قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए هِىَ ये हैं hiya
ये हैं لِلَّذِينَ उनके लिए जो lilladhīna
उनके लिए जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए فِى during fī
during ٱلْحَيَوٰةِ the life l-ḥayati
the life ٱلدُّنْيَا दुनिया की ज़िन्दगी में l-dun'yā
दुनिया की ज़िन्दगी में خَالِصَةًۭ ख़ालिसतन (होंगी) khāliṣatan
ख़ालिसतन (होंगी) يَوْمَ (on the) Day yawma
(on the) Day ٱلْقِيَـٰمَةِ ۗ क़यामत के दिन l-qiyāmati
क़यामत के दिन كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह نُفَصِّلُ हम खोल कर बयान करते है nufaṣṣilu
हम खोल कर बयान करते है ٱلْـَٔايَـٰتِ आयात l-āyāti
आयात لِقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يَعْلَمُونَ जो इल्म रखते हैं yaʿlamūna
जो इल्म रखते हैं ٣٢ (32)
(32)
कह दीजिए مَنْ किसने man
किसने حَرَّمَ हराम की ḥarrama
हराम की زِينَةَ ज़ीनत zīnata
ज़ीनत ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की ٱلَّتِىٓ वो जो allatī
वो जो أَخْرَجَ उसने निकाली akhraja
उसने निकाली لِعِبَادِهِۦ अपने बन्दों के लिए liʿibādihi
अपने बन्दों के लिए وَٱلطَّيِّبَـٰتِ और पाकीज़ा चीज़ें wal-ṭayibāti
और पाकीज़ा चीज़ें مِنَ of mina
of ٱلرِّزْقِ ۚ रिज़्क़ में से l-riz'qi
रिज़्क़ में से قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए هِىَ ये हैं hiya
ये हैं لِلَّذِينَ उनके लिए जो lilladhīna
उनके लिए जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए فِى during fī
during ٱلْحَيَوٰةِ the life l-ḥayati
the life ٱلدُّنْيَا दुनिया की ज़िन्दगी में l-dun'yā
दुनिया की ज़िन्दगी में خَالِصَةًۭ ख़ालिसतन (होंगी) khāliṣatan
ख़ालिसतन (होंगी) يَوْمَ (on the) Day yawma
(on the) Day ٱلْقِيَـٰمَةِ ۗ क़यामत के दिन l-qiyāmati
क़यामत के दिन كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह نُفَصِّلُ हम खोल कर बयान करते है nufaṣṣilu
हम खोल कर बयान करते है ٱلْـَٔايَـٰتِ आयात l-āyāti
आयात لِقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يَعْلَمُونَ जो इल्म रखते हैं yaʿlamūna
जो इल्म रखते हैं ٣٢ (32)
(32)
(ऐ नबी!) कह दें : किसने अल्लाह की उस शोभा को, जिसे उसने अपने बंदों के लिए पैदा किया है तथा खाने-पीने की पवित्र चीज़ों को हराम किया है? आप कह दें : ये चीज़ें सांसारिक जीवन में (भी) ईमान वालों के लिए हैं, जबकि क़ियामत के दिन केवल उन्हीं के लिए विशिष्ट2 होंगी। इसी तरह, हम निशानियों को उन लोगों के लिए खोल-खोलकर बयान करते हैं, जो जानते हैं।
७:३३
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक حَرَّمَ हराम किया ḥarrama
हराम किया رَبِّىَ मेरे रब ने rabbiya
मेरे रब ने ٱلْفَوَٰحِشَ बेहयाई के कामों को l-fawāḥisha
बेहयाई के कामों को مَا जो mā
जो ظَهَرَ ज़ाहिरी हों ẓahara
ज़ाहिरी हों مِنْهَا उनमें से min'hā
उनमें से وَمَا और जो wamā
और जो بَطَنَ पोशीदा हों baṭana
पोशीदा हों وَٱلْإِثْمَ और गुनाह को wal-ith'ma
और गुनाह को وَٱلْبَغْىَ और सरकशी को wal-baghya
और सरकशी को بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर ٱلْحَقِّ हक़ के l-ḥaqi
हक़ के وَأَن और ये कि wa-an
और ये कि تُشْرِكُوا۟ तुम शरीक ठहराओ tush'rikū
तुम शरीक ठहराओ بِٱللَّهِ साथ अल्लाह के bil-lahi
साथ अल्लाह के مَا जो mā
जो لَمْ नहीं lam
नहीं يُنَزِّلْ उसने उतारी yunazzil
उसने उतारी بِهِۦ उसकी bihi
उसकी سُلْطَـٰنًۭا कोई दलील sul'ṭānan
कोई दलील وَأَن और ये कि wa-an
और ये कि تَقُولُوا۟ तुम कहो taqūlū
तुम कहो عَلَى about ʿalā
about ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर مَا जो mā
जो لَا not lā
not تَعْلَمُونَ नहीं तुम जानते taʿlamūna
नहीं तुम जानते ٣٣ (33)
(33)
कह दीजिए إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक حَرَّمَ हराम किया ḥarrama
हराम किया رَبِّىَ मेरे रब ने rabbiya
मेरे रब ने ٱلْفَوَٰحِشَ बेहयाई के कामों को l-fawāḥisha
बेहयाई के कामों को مَا जो mā
जो ظَهَرَ ज़ाहिरी हों ẓahara
ज़ाहिरी हों مِنْهَا उनमें से min'hā
उनमें से وَمَا और जो wamā
और जो بَطَنَ पोशीदा हों baṭana
पोशीदा हों وَٱلْإِثْمَ और गुनाह को wal-ith'ma
और गुनाह को وَٱلْبَغْىَ और सरकशी को wal-baghya
और सरकशी को بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर ٱلْحَقِّ हक़ के l-ḥaqi
हक़ के وَأَن और ये कि wa-an
और ये कि تُشْرِكُوا۟ तुम शरीक ठहराओ tush'rikū
तुम शरीक ठहराओ بِٱللَّهِ साथ अल्लाह के bil-lahi
साथ अल्लाह के مَا जो mā
जो لَمْ नहीं lam
नहीं يُنَزِّلْ उसने उतारी yunazzil
उसने उतारी بِهِۦ उसकी bihi
उसकी سُلْطَـٰنًۭا कोई दलील sul'ṭānan
कोई दलील وَأَن और ये कि wa-an
और ये कि تَقُولُوا۟ तुम कहो taqūlū
तुम कहो عَلَى about ʿalā
about ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर مَا जो mā
जो لَا not lā
not تَعْلَمُونَ नहीं तुम जानते taʿlamūna
नहीं तुम जानते ٣٣ (33)
(33)
(ऐ नबी!) आप कह दें कि मेरे पालनहार ने तो केवल खुले एवं छिपे अश्लील कर्मों को तथा पाप एवं नाहक़ अत्याचार को हराम किया है, तथा इस बात को कि तुम उसे अल्लाह का साझी बनाओ, जिस (के साझी होने) का कोई प्रमाण उसने नहीं उतारा है तथा यह कि तुम अल्लाह पर ऐसी बात कहो, जो तुम नहीं जानते।
७:३४
وَلِكُلِّ
And for every
walikulli
And for every أُمَّةٍ और हर उम्मत के लिए ummatin
और हर उम्मत के लिए أَجَلٌۭ ۖ एक वक़्त मुक़र्रर है ajalun
एक वक़्त मुक़र्रर है فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब جَآءَ आ जाता है jāa
आ जाता है أَجَلُهُمْ मुक़र्रर वक़्त उनका ajaluhum
मुक़र्रर वक़्त उनका لَا (they can) not lā
(they can) not يَسْتَأْخِرُونَ नहीं वो पीछे हो सकते yastakhirūna
नहीं वो पीछे हो सकते سَاعَةًۭ ۖ एक घड़ी sāʿatan
एक घड़ी وَلَا और ना walā
और ना يَسْتَقْدِمُونَ वो आगे बढ़ सकते हैं yastaqdimūna
वो आगे बढ़ सकते हैं ٣٤ (34)
(34)
And for every أُمَّةٍ और हर उम्मत के लिए ummatin
और हर उम्मत के लिए أَجَلٌۭ ۖ एक वक़्त मुक़र्रर है ajalun
एक वक़्त मुक़र्रर है فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब جَآءَ आ जाता है jāa
आ जाता है أَجَلُهُمْ मुक़र्रर वक़्त उनका ajaluhum
मुक़र्रर वक़्त उनका لَا (they can) not lā
(they can) not يَسْتَأْخِرُونَ नहीं वो पीछे हो सकते yastakhirūna
नहीं वो पीछे हो सकते سَاعَةًۭ ۖ एक घड़ी sāʿatan
एक घड़ी وَلَا और ना walā
और ना يَسْتَقْدِمُونَ वो आगे बढ़ सकते हैं yastaqdimūna
वो आगे बढ़ सकते हैं ٣٤ (34)
(34)
प्रत्येक समुदाय का1 एक निर्धारित समय है। फिर जब उनका नियत समय आ जाता है, तो वे एक घड़ी न पीछे होते हैं और न आगे होते हैं।
७:३५
يَـٰبَنِىٓ
O Children
yābanī
O Children ءَادَمَ ऐ बनी आदम ādama
ऐ बनी आदम إِمَّا अगर immā
अगर يَأْتِيَنَّكُمْ आ जाऐं तुम्हारे पास yatiyannakum
आ जाऐं तुम्हारे पास رُسُلٌۭ रसूल rusulun
रसूल مِّنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से يَقُصُّونَ जो बयान करते हों yaquṣṣūna
जो बयान करते हों عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर ءَايَـٰتِى ۙ मेरी आयात āyātī
मेरी आयात فَمَنِ तो जो कोई famani
तो जो कोई ٱتَّقَىٰ तक़वा करे ittaqā
तक़वा करे وَأَصْلَحَ और इस्लाह कर ले wa-aṣlaḥa
और इस्लाह कर ले فَلَا तो ना falā
तो ना خَوْفٌ कोई ख़ौफ़ होगा khawfun
कोई ख़ौफ़ होगा عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يَحْزَنُونَ वो ग़मगीन होंगे yaḥzanūna
वो ग़मगीन होंगे ٣٥ (35)
(35)
O Children ءَادَمَ ऐ बनी आदम ādama
ऐ बनी आदम إِمَّا अगर immā
अगर يَأْتِيَنَّكُمْ आ जाऐं तुम्हारे पास yatiyannakum
आ जाऐं तुम्हारे पास رُسُلٌۭ रसूल rusulun
रसूल مِّنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से يَقُصُّونَ जो बयान करते हों yaquṣṣūna
जो बयान करते हों عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर ءَايَـٰتِى ۙ मेरी आयात āyātī
मेरी आयात فَمَنِ तो जो कोई famani
तो जो कोई ٱتَّقَىٰ तक़वा करे ittaqā
तक़वा करे وَأَصْلَحَ और इस्लाह कर ले wa-aṣlaḥa
और इस्लाह कर ले فَلَا तो ना falā
तो ना خَوْفٌ कोई ख़ौफ़ होगा khawfun
कोई ख़ौफ़ होगा عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يَحْزَنُونَ वो ग़मगीन होंगे yaḥzanūna
वो ग़मगीन होंगे ٣٥ (35)
(35)
ऐ आदम की संतान! जब तुम्हारे पास तुम्हीं में से रसूल आएँ, जो तुम्हें मेरी आयतें सुनाएँ, तो जो कोई डरा और अपना सुधार कर लिया, तो उनके लिए न तो कोई भय होगा और न वे शोक करेंगे।1
७:३६
وَٱلَّذِينَ
और वो जिन्होंने
wa-alladhīna
और वो जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को وَٱسْتَكْبَرُوا۟ और तकब्बुर किया wa-is'takbarū
और तकब्बुर किया عَنْهَآ उनसे ʿanhā
उनसे أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं أَصْحَـٰبُ साथी aṣḥābu
साथी ٱلنَّارِ ۖ आग के l-nāri
आग के هُمْ वो hum
वो فِيهَا उसमें fīhā
उसमें خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं ٣٦ (36)
(36)
और वो जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को وَٱسْتَكْبَرُوا۟ और तकब्बुर किया wa-is'takbarū
और तकब्बुर किया عَنْهَآ उनसे ʿanhā
उनसे أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं أَصْحَـٰبُ साथी aṣḥābu
साथी ٱلنَّارِ ۖ आग के l-nāri
आग के هُمْ वो hum
वो فِيهَا उसमें fīhā
उसमें خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं ٣٦ (36)
(36)
तथा जिन लोगों ने हमारी आयतों को झुठलाया और उन्हें मानने से अभिमान किया, वही लोग आग (जहन्नम) वाले हैं, वे उसमें हमेशा रहने वाले हैं।
७:३७
فَمَنْ
तो कौन
faman
तो कौन أَظْلَمُ बड़ा ज़ालिम है aẓlamu
बड़ा ज़ालिम है مِمَّنِ उससे जो mimmani
उससे जो ٱفْتَرَىٰ गढ़ ले if'tarā
गढ़ ले عَلَى against ʿalā
against ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर كَذِبًا झूठ kadhiban
झूठ أَوْ या aw
या كَذَّبَ वो झुठलाऐ kadhaba
वो झुठलाऐ بِـَٔايَـٰتِهِۦٓ ۚ उसकी आयात को biāyātihi
उसकी आयात को أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं يَنَالُهُمْ पहुँचेगा उन्हें yanāluhum
पहुँचेगा उन्हें نَصِيبُهُم हिस्सा उनका naṣībuhum
हिस्सा उनका مِّنَ from mina
from ٱلْكِتَـٰبِ ۖ लिखे हुए में से l-kitābi
लिखे हुए में से حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब جَآءَتْهُمْ आ जाऐंगे उनके पास jāathum
आ जाऐंगे उनके पास رُسُلُنَا भेजे हुए हमारे rusulunā
भेजे हुए हमारे يَتَوَفَّوْنَهُمْ वो फ़ौत करेंगे उन्हें yatawaffawnahum
वो फ़ौत करेंगे उन्हें قَالُوٓا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे أَيْنَ कहाँ हैं ayna
कहाँ हैं مَا जिन्हें mā
जिन्हें كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَدْعُونَ तुम पुकारते tadʿūna
तुम पुकारते مِن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ ۖ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे ضَلُّوا۟ गुम हो गए ḍallū
गुम हो गए عَنَّا हम से ʿannā
हम से وَشَهِدُوا۟ और वो गवाही देंगे washahidū
और वो गवाही देंगे عَلَىٰٓ against ʿalā
against أَنفُسِهِمْ अपने नफ़्सों पर anfusihim
अपने नफ़्सों पर أَنَّهُمْ कि बेशक वो annahum
कि बेशक वो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो كَـٰفِرِينَ काफ़िर kāfirīna
काफ़िर ٣٧ (37)
(37)
तो कौन أَظْلَمُ बड़ा ज़ालिम है aẓlamu
बड़ा ज़ालिम है مِمَّنِ उससे जो mimmani
उससे जो ٱفْتَرَىٰ गढ़ ले if'tarā
गढ़ ले عَلَى against ʿalā
against ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर كَذِبًا झूठ kadhiban
झूठ أَوْ या aw
या كَذَّبَ वो झुठलाऐ kadhaba
वो झुठलाऐ بِـَٔايَـٰتِهِۦٓ ۚ उसकी आयात को biāyātihi
उसकी आयात को أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं يَنَالُهُمْ पहुँचेगा उन्हें yanāluhum
पहुँचेगा उन्हें نَصِيبُهُم हिस्सा उनका naṣībuhum
हिस्सा उनका مِّنَ from mina
from ٱلْكِتَـٰبِ ۖ लिखे हुए में से l-kitābi
लिखे हुए में से حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब جَآءَتْهُمْ आ जाऐंगे उनके पास jāathum
आ जाऐंगे उनके पास رُسُلُنَا भेजे हुए हमारे rusulunā
भेजे हुए हमारे يَتَوَفَّوْنَهُمْ वो फ़ौत करेंगे उन्हें yatawaffawnahum
वो फ़ौत करेंगे उन्हें قَالُوٓا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे أَيْنَ कहाँ हैं ayna
कहाँ हैं مَا जिन्हें mā
जिन्हें كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَدْعُونَ तुम पुकारते tadʿūna
तुम पुकारते مِن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ ۖ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे ضَلُّوا۟ गुम हो गए ḍallū
गुम हो गए عَنَّا हम से ʿannā
हम से وَشَهِدُوا۟ और वो गवाही देंगे washahidū
और वो गवाही देंगे عَلَىٰٓ against ʿalā
against أَنفُسِهِمْ अपने नफ़्सों पर anfusihim
अपने नफ़्सों पर أَنَّهُمْ कि बेशक वो annahum
कि बेशक वो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो كَـٰفِرِينَ काफ़िर kāfirīna
काफ़िर ٣٧ (37)
(37)
फिर उससे बड़ा अत्याचारी कौन है, जो अल्लाह पर झूठा आरोप लगाए या उसकी आयतों को झुठलाए? ये वही लोग हैं, जिन्हें लिखे हुए में से उनका हिस्सा मिलता रहेगा। यहाँ तक कि जब उनके पास हमारे भेजे हुए (फ़रिश्ते) उनका प्राण निकालने के लिए आएँगे, तो कहेंगे : कहाँ हैं वे जिन्हें तुम अल्लाह को छोड़कर पुकारते थे? वे कहेंगे : वे हमसे गुम हो गए। तथा वे अपने ख़िलाफ़ गवाही देंगे कि वे वास्तव में काफ़िर थे।
७:३८
قَالَ
वो फ़रमाएगा
qāla
वो फ़रमाएगा ٱدْخُلُوا۟ दाख़िल हो जाओ ud'khulū
दाख़िल हो जाओ فِىٓ among fī
among أُمَمٍۢ जमाअतों में umamin
जमाअतों में قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ خَلَتْ जो गुज़र चुकी हैं khalat
जो गुज़र चुकी हैं مِن from min
from قَبْلِكُم तुम से पहले qablikum
तुम से पहले مِّنَ of mina
of ٱلْجِنِّ the jinn l-jini
the jinn وَٱلْإِنسِ जिन्न व इन्स में से wal-insi
जिन्न व इन्स में से فِى in fī
in ٱلنَّارِ ۖ आग में l-nāri
आग में كُلَّمَا जब कभी kullamā
जब कभी دَخَلَتْ दाख़िल होगी dakhalat
दाख़िल होगी أُمَّةٌۭ कोई जमाअत ummatun
कोई जमाअत لَّعَنَتْ लानत करेगी laʿanat
लानत करेगी أُخْتَهَا ۖ अपनी बहन को ukh'tahā
अपनी बहन को حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब ٱدَّارَكُوا۟ वो जमा हो जाऐंगे iddārakū
वो जमा हो जाऐंगे فِيهَا उसमें fīhā
उसमें جَمِيعًۭا सबके सब jamīʿan
सबके सब قَالَتْ कहेगी qālat
कहेगी أُخْرَىٰهُمْ पिछली उनकी ukh'rāhum
पिछली उनकी لِأُولَىٰهُمْ अपनी पहली को liūlāhum
अपनी पहली को رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब هَـٰٓؤُلَآءِ ये हैं वो लोग hāulāi
ये हैं वो लोग أَضَلُّونَا जिन्होंने गुमराह किया हमें aḍallūnā
जिन्होंने गुमराह किया हमें فَـَٔاتِهِمْ पस दे इन्हें faātihim
पस दे इन्हें عَذَابًۭا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब ضِعْفًۭا दोगुना ḍiʿ'fan
दोगुना مِّنَ of mina
of ٱلنَّارِ ۖ आग से l-nāri
आग से قَالَ वो फ़रमाएगा qāla
वो फ़रमाएगा لِكُلٍّۢ हर एक के लिए likullin
हर एक के लिए ضِعْفٌۭ दोगुना है ḍiʿ'fun
दोगुना है وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन لَّا not lā
not تَعْلَمُونَ नहीं तुम जानते taʿlamūna
नहीं तुम जानते ٣٨ (38)
(38)
वो फ़रमाएगा ٱدْخُلُوا۟ दाख़िल हो जाओ ud'khulū
दाख़िल हो जाओ فِىٓ among fī
among أُمَمٍۢ जमाअतों में umamin
जमाअतों में قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ خَلَتْ जो गुज़र चुकी हैं khalat
जो गुज़र चुकी हैं مِن from min
from قَبْلِكُم तुम से पहले qablikum
तुम से पहले مِّنَ of mina
of ٱلْجِنِّ the jinn l-jini
the jinn وَٱلْإِنسِ जिन्न व इन्स में से wal-insi
जिन्न व इन्स में से فِى in fī
in ٱلنَّارِ ۖ आग में l-nāri
आग में كُلَّمَا जब कभी kullamā
जब कभी دَخَلَتْ दाख़िल होगी dakhalat
दाख़िल होगी أُمَّةٌۭ कोई जमाअत ummatun
कोई जमाअत لَّعَنَتْ लानत करेगी laʿanat
लानत करेगी أُخْتَهَا ۖ अपनी बहन को ukh'tahā
अपनी बहन को حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब ٱدَّارَكُوا۟ वो जमा हो जाऐंगे iddārakū
वो जमा हो जाऐंगे فِيهَا उसमें fīhā
उसमें جَمِيعًۭا सबके सब jamīʿan
सबके सब قَالَتْ कहेगी qālat
कहेगी أُخْرَىٰهُمْ पिछली उनकी ukh'rāhum
पिछली उनकी لِأُولَىٰهُمْ अपनी पहली को liūlāhum
अपनी पहली को رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब هَـٰٓؤُلَآءِ ये हैं वो लोग hāulāi
ये हैं वो लोग أَضَلُّونَا जिन्होंने गुमराह किया हमें aḍallūnā
जिन्होंने गुमराह किया हमें فَـَٔاتِهِمْ पस दे इन्हें faātihim
पस दे इन्हें عَذَابًۭا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब ضِعْفًۭا दोगुना ḍiʿ'fan
दोगुना مِّنَ of mina
of ٱلنَّارِ ۖ आग से l-nāri
आग से قَالَ वो फ़रमाएगा qāla
वो फ़रमाएगा لِكُلٍّۢ हर एक के लिए likullin
हर एक के लिए ضِعْفٌۭ दोगुना है ḍiʿ'fun
दोगुना है وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन لَّا not lā
not تَعْلَمُونَ नहीं तुम जानते taʿlamūna
नहीं तुम जानते ٣٨ (38)
(38)
वह कहेगा : उन समूहों के साथ जो जिन्नों और इनसानों में से तुमसे पहले गुज़र चुके हैं, आग में प्रवेश कर जाओ। जब भी कोई समूह प्रवेश करेगा, तो अपने साथ वाले समूह को लानत करेगा। यहाँ तक कि जब उसमें सभी एकत्र हो जाएँगे, तो उनमें से बाद में आने वाले लोग पहले आने वाले लोगों के बारे में कहेंगे : ऐ हमारे पालनहार! इन लोगों ने हमें गुमराह किया था। अतः इन्हें आग की दुगनी यातना दे! अल्लाह कहेगा : सभी के लिए दुगनी यातना है, परंतु तुम नहीं जानते।
७:३९
وَقَالَتْ
और कहेगी
waqālat
और कहेगी أُولَىٰهُمْ पहली उनकी ūlāhum
पहली उनकी لِأُخْرَىٰهُمْ उनकी पिछली को li-ukh'rāhum
उनकी पिछली को فَمَا पस ना famā
पस ना كَانَ हुई kāna
हुई لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर مِن any min
any فَضْلٍۢ कोई फ़ज़ीलत faḍlin
कोई फ़ज़ीलत فَذُوقُوا۟ पस चखो fadhūqū
पस चखो ٱلْعَذَابَ अज़ाब l-ʿadhāba
अज़ाब بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَكْسِبُونَ तुम कमाई करते taksibūna
तुम कमाई करते ٣٩ (39)
(39)
और कहेगी أُولَىٰهُمْ पहली उनकी ūlāhum
पहली उनकी لِأُخْرَىٰهُمْ उनकी पिछली को li-ukh'rāhum
उनकी पिछली को فَمَا पस ना famā
पस ना كَانَ हुई kāna
हुई لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर مِن any min
any فَضْلٍۢ कोई फ़ज़ीलत faḍlin
कोई फ़ज़ीलत فَذُوقُوا۟ पस चखो fadhūqū
पस चखो ٱلْعَذَابَ अज़ाब l-ʿadhāba
अज़ाब بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَكْسِبُونَ तुम कमाई करते taksibūna
तुम कमाई करते ٣٩ (39)
(39)
तथा उनमें से पहला समूह अपने बाद के समूह से कहेगा : फिर तुम्हें हमपर कोई श्रेष्ठता1 नहीं है। अतः जो कुछ तुम कमाया करते थे उसके बदले में यातना का स्वाद चखो।
७:४०
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को وَٱسْتَكْبَرُوا۟ और उन्होंने तकब्बुर किया wa-is'takbarū
और उन्होंने तकब्बुर किया عَنْهَا उनसे ʿanhā
उनसे لَا (will) not lā
(will) not تُفَتَّحُ नहीं खोले जाऐंगे tufattaḥu
नहीं खोले जाऐंगे لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए أَبْوَٰبُ दरवाज़े abwābu
दरवाज़े ٱلسَّمَآءِ आसमान के l-samāi
आसमान के وَلَا और ना walā
और ना يَدْخُلُونَ वो दाख़िल होंगे yadkhulūna
वो दाख़िल होंगे ٱلْجَنَّةَ जन्नत में l-janata
जन्नत में حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَلِجَ दाख़िल हो जाए yalija
दाख़िल हो जाए ٱلْجَمَلُ ऊँट l-jamalu
ऊँट فِى through fī
through سَمِّ नाके में sammi
नाके में ٱلْخِيَاطِ ۚ सूई के l-khiyāṭi
सूई के وَكَذَٰلِكَ और इसी तरह wakadhālika
और इसी तरह نَجْزِى हम बदला देंगे najzī
हम बदला देंगे ٱلْمُجْرِمِينَ मुजरिमों को l-muj'rimīna
मुजरिमों को ٤٠ (40)
(40)
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को وَٱسْتَكْبَرُوا۟ और उन्होंने तकब्बुर किया wa-is'takbarū
और उन्होंने तकब्बुर किया عَنْهَا उनसे ʿanhā
उनसे لَا (will) not lā
(will) not تُفَتَّحُ नहीं खोले जाऐंगे tufattaḥu
नहीं खोले जाऐंगे لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए أَبْوَٰبُ दरवाज़े abwābu
दरवाज़े ٱلسَّمَآءِ आसमान के l-samāi
आसमान के وَلَا और ना walā
और ना يَدْخُلُونَ वो दाख़िल होंगे yadkhulūna
वो दाख़िल होंगे ٱلْجَنَّةَ जन्नत में l-janata
जन्नत में حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَلِجَ दाख़िल हो जाए yalija
दाख़िल हो जाए ٱلْجَمَلُ ऊँट l-jamalu
ऊँट فِى through fī
through سَمِّ नाके में sammi
नाके में ٱلْخِيَاطِ ۚ सूई के l-khiyāṭi
सूई के وَكَذَٰلِكَ और इसी तरह wakadhālika
और इसी तरह نَجْزِى हम बदला देंगे najzī
हम बदला देंगे ٱلْمُجْرِمِينَ मुजरिमों को l-muj'rimīna
मुजरिमों को ٤٠ (40)
(40)
निःसंदेह जिन लोगों ने हमारी आयतों को झुठलाया और उन्हें स्वीकार करने से अहंकार किया, उनके लिए न आकाश के द्वार खोले जाएँगे और न वे जन्नत में प्रवेश करेंगे, यहाँ तक1 कि ऊँट सुई के नाके में प्रवेश कर जाए और हम अपराधियों को इसी प्रकार बदला देते हैं।
७:४१
لَهُم
उनके लिए
lahum
उनके लिए مِّن of min
of جَهَنَّمَ जहन्नम से jahannama
जहन्नम से مِهَادٌۭ बिछौना है mihādun
बिछौना है وَمِن and from wamin
and from فَوْقِهِمْ और उनके ऊपर से fawqihim
और उनके ऊपर से غَوَاشٍۢ ۚ ओढ़ना है ghawāshin
ओढ़ना है وَكَذَٰلِكَ और इसी तरह wakadhālika
और इसी तरह نَجْزِى हम बदला देंगे najzī
हम बदला देंगे ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों को l-ẓālimīna
ज़ालिमों को ٤١ (41)
(41)
उनके लिए مِّن of min
of جَهَنَّمَ जहन्नम से jahannama
जहन्नम से مِهَادٌۭ बिछौना है mihādun
बिछौना है وَمِن and from wamin
and from فَوْقِهِمْ और उनके ऊपर से fawqihim
और उनके ऊपर से غَوَاشٍۢ ۚ ओढ़ना है ghawāshin
ओढ़ना है وَكَذَٰلِكَ और इसी तरह wakadhālika
और इसी तरह نَجْزِى हम बदला देंगे najzī
हम बदला देंगे ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों को l-ẓālimīna
ज़ालिमों को ٤١ (41)
(41)
उनके लिए जहन्नम ही का बिछौना और उनके ऊपर का ओढ़ना होगा और हम अत्याचारियों को इसी तरह बदला1 देते हैं।
७:४२
وَٱلَّذِينَ
और वो जो
wa-alladhīna
और वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक لَا not lā
not نُكَلِّفُ नहीं हम तकलीफ़ देते nukallifu
नहीं हम तकलीफ़ देते نَفْسًا किसी जान को nafsan
किसी जान को إِلَّا मगर illā
मगर وُسْعَهَآ उसकी वुसअत के मुताबिक़ wus'ʿahā
उसकी वुसअत के मुताबिक़ أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं أَصْحَـٰبُ साथी aṣḥābu
साथी ٱلْجَنَّةِ ۖ जन्नत के l-janati
जन्नत के هُمْ वो hum
वो فِيهَا उसमें fīhā
उसमें خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं ٤٢ (42)
(42)
और वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक لَا not lā
not نُكَلِّفُ नहीं हम तकलीफ़ देते nukallifu
नहीं हम तकलीफ़ देते نَفْسًا किसी जान को nafsan
किसी जान को إِلَّا मगर illā
मगर وُسْعَهَآ उसकी वुसअत के मुताबिक़ wus'ʿahā
उसकी वुसअत के मुताबिक़ أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं أَصْحَـٰبُ साथी aṣḥābu
साथी ٱلْجَنَّةِ ۖ जन्नत के l-janati
जन्नत के هُمْ वो hum
वो فِيهَا उसमें fīhā
उसमें خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं ٤٢ (42)
(42)
और जो लोग ईमान लाए और उन्होंने नेक काम किए, हम किसी पर उसके सामर्थ्य से बढ़कर भार नहीं डालते, वही लोग जन्नत वाले हैं, वे उसमें हमेशा रहने वाले हैं।
७:४३
وَنَزَعْنَا
और निकाल लेंगे हम
wanazaʿnā
और निकाल लेंगे हम مَا जो mā
जो فِى (is) in fī
(is) in صُدُورِهِم उनके सीनों में होगा ṣudūrihim
उनके सीनों में होगा مِّنْ of min
of غِلٍّۢ कोई कीना ghillin
कोई कीना تَجْرِى बहती होंगी tajrī
बहती होंगी مِن from min
from تَحْتِهِمُ उनके नीचे से taḥtihimu
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ ۖ नहरें l-anhāru
नहरें وَقَالُوا۟ और वो कहेंगे waqālū
और वो कहेंगे ٱلْحَمْدُ सब तारीफ़ l-ḥamdu
सब तारीफ़ لِلَّهِ अल्लाह के लिए है lillahi
अल्लाह के लिए है ٱلَّذِى वो जिसने alladhī
वो जिसने هَدَىٰنَا रहनुमाई की हमारी hadānā
रहनुमाई की हमारी لِهَـٰذَا इसके लिए lihādhā
इसके लिए وَمَا और ना wamā
और ना كُنَّا थे हम kunnā
थे हम لِنَهْتَدِىَ कि हम हिदायत पाते linahtadiya
कि हम हिदायत पाते لَوْلَآ अगर ना (होता) lawlā
अगर ना (होता) أَنْ ये कि an
ये कि هَدَىٰنَا हिदायत देता हमें hadānā
हिदायत देता हमें ٱللَّهُ ۖ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لَقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ جَآءَتْ आ गए jāat
आ गए رُسُلُ रसूल rusulu
रसूल رَبِّنَا हमारे रब के rabbinā
हमारे रब के بِٱلْحَقِّ ۖ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के وَنُودُوٓا۟ और वो पुकारे जाऐंगे wanūdū
और वो पुकारे जाऐंगे أَن कि an
कि تِلْكُمُ ये til'kumu
ये ٱلْجَنَّةُ जन्नत है l-janatu
जन्नत है أُورِثْتُمُوهَا वारिस बनाए गए हो तुम इसके ūrith'tumūhā
वारिस बनाए गए हो तुम इसके بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَعْمَلُونَ तुम अमल करते taʿmalūna
तुम अमल करते ٤٣ (43)
(43)
और निकाल लेंगे हम مَا जो mā
जो فِى (is) in fī
(is) in صُدُورِهِم उनके सीनों में होगा ṣudūrihim
उनके सीनों में होगा مِّنْ of min
of غِلٍّۢ कोई कीना ghillin
कोई कीना تَجْرِى बहती होंगी tajrī
बहती होंगी مِن from min
from تَحْتِهِمُ उनके नीचे से taḥtihimu
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ ۖ नहरें l-anhāru
नहरें وَقَالُوا۟ और वो कहेंगे waqālū
और वो कहेंगे ٱلْحَمْدُ सब तारीफ़ l-ḥamdu
सब तारीफ़ لِلَّهِ अल्लाह के लिए है lillahi
अल्लाह के लिए है ٱلَّذِى वो जिसने alladhī
वो जिसने هَدَىٰنَا रहनुमाई की हमारी hadānā
रहनुमाई की हमारी لِهَـٰذَا इसके लिए lihādhā
इसके लिए وَمَا और ना wamā
और ना كُنَّا थे हम kunnā
थे हम لِنَهْتَدِىَ कि हम हिदायत पाते linahtadiya
कि हम हिदायत पाते لَوْلَآ अगर ना (होता) lawlā
अगर ना (होता) أَنْ ये कि an
ये कि هَدَىٰنَا हिदायत देता हमें hadānā
हिदायत देता हमें ٱللَّهُ ۖ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لَقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ جَآءَتْ आ गए jāat
आ गए رُسُلُ रसूल rusulu
रसूल رَبِّنَا हमारे रब के rabbinā
हमारे रब के بِٱلْحَقِّ ۖ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के وَنُودُوٓا۟ और वो पुकारे जाऐंगे wanūdū
और वो पुकारे जाऐंगे أَن कि an
कि تِلْكُمُ ये til'kumu
ये ٱلْجَنَّةُ जन्नत है l-janatu
जन्नत है أُورِثْتُمُوهَا वारिस बनाए गए हो तुम इसके ūrith'tumūhā
वारिस बनाए गए हो तुम इसके بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَعْمَلُونَ तुम अमल करते taʿmalūna
तुम अमल करते ٤٣ (43)
(43)
तथा उनके सीनों में जो भी द्वेष होगा, हम उसे निकाल देंगे।1 उनके नीचे से नहरें बहती होंगी। तथा वे कहेंगे : सब प्रशंसा उस अल्लाह के लिए है, जिसने इसके लिए हमारा मार्गदर्शन किया। और यदि अल्लाह हमारा मार्गदर्शन न किया होता, तो हम कभी भी मार्ग न पाते। निश्चय ही हमारे पालनहार के रसूल सत्य लेकर आए। तथा उन्हें पुकार कर कहा जाएगा : यही वह जन्नत है, जिसके वारिस तुम उसके कारण बनाए गए हो, जो तुम किया करते थे।
७:४४
وَنَادَىٰٓ
और पुकारेंगे
wanādā
और पुकारेंगे أَصْحَـٰبُ (the) companions aṣḥābu
(the) companions ٱلْجَنَّةِ जन्नत वाले l-janati
जन्नत वाले أَصْحَـٰبَ (to the) companions aṣḥāba
(to the) companions ٱلنَّارِ आग वालों को l-nāri
आग वालों को أَن कि an
कि قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ وَجَدْنَا पा लिया हमने wajadnā
पा लिया हमने مَا जो mā
जो وَعَدَنَا वादा किया था हम से waʿadanā
वादा किया था हम से رَبُّنَا हमारे रब ने rabbunā
हमारे रब ने حَقًّۭا सच्चा ḥaqqan
सच्चा فَهَلْ तो क्या fahal
तो क्या وَجَدتُّم पा लिया तुमने wajadttum
पा लिया तुमने مَّا जो mā
जो وَعَدَ वादा किया था waʿada
वादा किया था رَبُّكُمْ तुम्हारे रब ने rabbukum
तुम्हारे रब ने حَقًّۭا ۖ सच्चा ḥaqqan
सच्चा قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे نَعَمْ ۚ हाँ naʿam
हाँ فَأَذَّنَ तो पुकारेगा fa-adhana
तो पुकारेगा مُؤَذِّنٌۢ एक पुकारने वाला mu-adhinun
एक पुकारने वाला بَيْنَهُمْ उनके दर्मियान baynahum
उनके दर्मियान أَن कि an
कि لَّعْنَةُ लानत हो laʿnatu
लानत हो ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की عَلَى (is) on ʿalā
(is) on ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों पर l-ẓālimīna
ज़ालिमों पर ٤٤ (44)
(44)
और पुकारेंगे أَصْحَـٰبُ (the) companions aṣḥābu
(the) companions ٱلْجَنَّةِ जन्नत वाले l-janati
जन्नत वाले أَصْحَـٰبَ (to the) companions aṣḥāba
(to the) companions ٱلنَّارِ आग वालों को l-nāri
आग वालों को أَن कि an
कि قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ وَجَدْنَا पा लिया हमने wajadnā
पा लिया हमने مَا जो mā
जो وَعَدَنَا वादा किया था हम से waʿadanā
वादा किया था हम से رَبُّنَا हमारे रब ने rabbunā
हमारे रब ने حَقًّۭا सच्चा ḥaqqan
सच्चा فَهَلْ तो क्या fahal
तो क्या وَجَدتُّم पा लिया तुमने wajadttum
पा लिया तुमने مَّا जो mā
जो وَعَدَ वादा किया था waʿada
वादा किया था رَبُّكُمْ तुम्हारे रब ने rabbukum
तुम्हारे रब ने حَقًّۭا ۖ सच्चा ḥaqqan
सच्चा قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे نَعَمْ ۚ हाँ naʿam
हाँ فَأَذَّنَ तो पुकारेगा fa-adhana
तो पुकारेगा مُؤَذِّنٌۢ एक पुकारने वाला mu-adhinun
एक पुकारने वाला بَيْنَهُمْ उनके दर्मियान baynahum
उनके दर्मियान أَن कि an
कि لَّعْنَةُ लानत हो laʿnatu
लानत हो ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की عَلَى (is) on ʿalā
(is) on ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों पर l-ẓālimīna
ज़ालिमों पर ٤٤ (44)
(44)
तथा स्वर्गवासी नरकवासियों को पुकारकर कहेंगे कि हमें, हमारे पालनहार ने जो वचन दिया था, उसे हमने सच पाया, तो क्या तुम्हारे पानलहार ने तुम्हें जो वचन दिया था, उसे तुमने सच पाया? वे कहेंगे कि हाँ! फिर उनके बीच एक पुकारने वाला पुकारेगा कि अत्याचारियों पर अल्लाह की लानत है।
७:४५
ٱلَّذِينَ
वो जो
alladhīna
वो जो يَصُدُّونَ रोकते थे yaṣuddūna
रोकते थे عَن from ʿan
from سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते से l-lahi
अल्लाह के रास्ते से وَيَبْغُونَهَا और वो तलाश करते थे उसमें wayabghūnahā
और वो तलाश करते थे उसमें عِوَجًۭا टेढ़ापन ʿiwajan
टेढ़ापन وَهُم और वो wahum
और वो بِٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत का bil-ākhirati
आख़िरत का كَـٰفِرُونَ इन्कार करने वाले थे kāfirūna
इन्कार करने वाले थे ٤٥ (45)
(45)
वो जो يَصُدُّونَ रोकते थे yaṣuddūna
रोकते थे عَن from ʿan
from سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते से l-lahi
अल्लाह के रास्ते से وَيَبْغُونَهَا और वो तलाश करते थे उसमें wayabghūnahā
और वो तलाश करते थे उसमें عِوَجًۭا टेढ़ापन ʿiwajan
टेढ़ापन وَهُم और वो wahum
और वो بِٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत का bil-ākhirati
आख़िरत का كَـٰفِرُونَ इन्कार करने वाले थे kāfirūna
इन्कार करने वाले थे ٤٥ (45)
(45)
जो अल्लाह के मार्ग से रोकते हैं और उसमें टेढ़ापन ढूँढ़ते हैं तथा वे आख़िरत का इनकार करने वाले हैं।
७:४६
وَبَيْنَهُمَا
और दर्मियान उन दोनों के
wabaynahumā
और दर्मियान उन दोनों के حِجَابٌۭ ۚ एक हिजाब होगा ḥijābun
एक हिजाब होगा وَعَلَى and on waʿalā
and on ٱلْأَعْرَافِ और आराफ़ पर l-aʿrāfi
और आराफ़ पर رِجَالٌۭ कुछ लोग होंगे rijālun
कुछ लोग होंगे يَعْرِفُونَ वो पहचानते होंगे yaʿrifūna
वो पहचानते होंगे كُلًّۢا हर एक को kullan
हर एक को بِسِيمَىٰهُمْ ۚ उनकी अलामत से bisīmāhum
उनकी अलामत से وَنَادَوْا۟ और वो पुकारेंगे wanādaw
और वो पुकारेंगे أَصْحَـٰبَ (to the) companions aṣḥāba
(to the) companions ٱلْجَنَّةِ जन्नत वालों को l-janati
जन्नत वालों को أَن कि an
कि سَلَـٰمٌ सलाम हो salāmun
सलाम हो عَلَيْكُمْ ۚ तुम पर ʿalaykum
तुम पर لَمْ नहीं lam
नहीं يَدْخُلُوهَا वो दाख़िल हुए होंगे उसमें yadkhulūhā
वो दाख़िल हुए होंगे उसमें وَهُمْ और वो wahum
और वो يَطْمَعُونَ वो उम्मीद रखते होंगे yaṭmaʿūna
वो उम्मीद रखते होंगे ٤٦ (46)
(46)
और दर्मियान उन दोनों के حِجَابٌۭ ۚ एक हिजाब होगा ḥijābun
एक हिजाब होगा وَعَلَى and on waʿalā
and on ٱلْأَعْرَافِ और आराफ़ पर l-aʿrāfi
और आराफ़ पर رِجَالٌۭ कुछ लोग होंगे rijālun
कुछ लोग होंगे يَعْرِفُونَ वो पहचानते होंगे yaʿrifūna
वो पहचानते होंगे كُلًّۢا हर एक को kullan
हर एक को بِسِيمَىٰهُمْ ۚ उनकी अलामत से bisīmāhum
उनकी अलामत से وَنَادَوْا۟ और वो पुकारेंगे wanādaw
और वो पुकारेंगे أَصْحَـٰبَ (to the) companions aṣḥāba
(to the) companions ٱلْجَنَّةِ जन्नत वालों को l-janati
जन्नत वालों को أَن कि an
कि سَلَـٰمٌ सलाम हो salāmun
सलाम हो عَلَيْكُمْ ۚ तुम पर ʿalaykum
तुम पर لَمْ नहीं lam
नहीं يَدْخُلُوهَا वो दाख़िल हुए होंगे उसमें yadkhulūhā
वो दाख़िल हुए होंगे उसमें وَهُمْ और वो wahum
और वो يَطْمَعُونَ वो उम्मीद रखते होंगे yaṭmaʿūna
वो उम्मीद रखते होंगे ٤٦ (46)
(46)
और दोनों के बीच एक परदा होगा। और उसकी ऊँचाइयों (आराफ़)1 पर कुछ आदमी होंगे, जो सभी को उनके लक्षणों से पहचानें गे। और वे जन्नत वालों को पुकारकर कहेंगे : तुमपर सलाम हो। वे उसमें दाखिल न हुए होंगे, जबकि उसकी आशा रखते होंगे।
७:४७
۞ وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब صُرِفَتْ फेरी जाऐंगी ṣurifat
फेरी जाऐंगी أَبْصَـٰرُهُمْ निगाहें उनकी abṣāruhum
निगाहें उनकी تِلْقَآءَ तरफ़ til'qāa
तरफ़ أَصْحَـٰبِ (the) companions aṣḥābi
(the) companions ٱلنَّارِ आग वालों के l-nāri
आग वालों के قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब لَا (Do) not lā
(Do) not تَجْعَلْنَا ना तू कर हमें tajʿalnā
ना तू कर हमें مَعَ with maʿa
with ٱلْقَوْمِ साथ उन लोगों के l-qawmi
साथ उन लोगों के ٱلظَّـٰلِمِينَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimīna
जो ज़ालिम हैं ٤٧ (47)
(47)
और जब صُرِفَتْ फेरी जाऐंगी ṣurifat
फेरी जाऐंगी أَبْصَـٰرُهُمْ निगाहें उनकी abṣāruhum
निगाहें उनकी تِلْقَآءَ तरफ़ til'qāa
तरफ़ أَصْحَـٰبِ (the) companions aṣḥābi
(the) companions ٱلنَّارِ आग वालों के l-nāri
आग वालों के قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब لَا (Do) not lā
(Do) not تَجْعَلْنَا ना तू कर हमें tajʿalnā
ना तू कर हमें مَعَ with maʿa
with ٱلْقَوْمِ साथ उन लोगों के l-qawmi
साथ उन लोगों के ٱلظَّـٰلِمِينَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimīna
जो ज़ालिम हैं ٤٧ (47)
(47)
और जब उनकी आँखें जहन्नम वालों की ओर फेरी जाएँगी, तो कहेंगे : ऐ हमारे पालनहार! हमें अत्याचारी लोगों में सम्मिलित न करना।
७:४८
وَنَادَىٰٓ
और पुकारेंगे
wanādā
और पुकारेंगे أَصْحَـٰبُ (the) companions aṣḥābu
(the) companions ٱلْأَعْرَافِ आराफ़ वाले l-aʿrāfi
आराफ़ वाले رِجَالًۭا कुछ लोगों को rijālan
कुछ लोगों को يَعْرِفُونَهُم वो पहचानते होंगे उन्हें yaʿrifūnahum
वो पहचानते होंगे उन्हें بِسِيمَىٰهُمْ उनकी अलामत से bisīmāhum
उनकी अलामत से قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे مَآ ना mā
ना أَغْنَىٰ काम आई aghnā
काम आई عَنكُمْ तुम्हें ʿankum
तुम्हें جَمْعُكُمْ जमाअत तुम्हारी jamʿukum
जमाअत तुम्हारी وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَسْتَكْبِرُونَ तुम तकब्बुर करते tastakbirūna
तुम तकब्बुर करते ٤٨ (48)
(48)
और पुकारेंगे أَصْحَـٰبُ (the) companions aṣḥābu
(the) companions ٱلْأَعْرَافِ आराफ़ वाले l-aʿrāfi
आराफ़ वाले رِجَالًۭا कुछ लोगों को rijālan
कुछ लोगों को يَعْرِفُونَهُم वो पहचानते होंगे उन्हें yaʿrifūnahum
वो पहचानते होंगे उन्हें بِسِيمَىٰهُمْ उनकी अलामत से bisīmāhum
उनकी अलामत से قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे مَآ ना mā
ना أَغْنَىٰ काम आई aghnā
काम आई عَنكُمْ तुम्हें ʿankum
तुम्हें جَمْعُكُمْ जमाअत तुम्हारी jamʿukum
जमाअत तुम्हारी وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَسْتَكْبِرُونَ तुम तकब्बुर करते tastakbirūna
तुम तकब्बुर करते ٤٨ (48)
(48)
तथा आराफ़ (ऊँचाइयों) वाले कुछ लोगों को पुकारेंगे, जिन्हें वे उनके लक्षणों से पहचानते होंगे1, कहेंगे : तुम्हारे काम न तुम्हारे जत्थे आए और न जो तुम बड़े बनते थे।
७:४९
أَهَـٰٓؤُلَآءِ
क्या यही लोग हैं
ahāulāi
क्या यही लोग हैं ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो أَقْسَمْتُمْ क़सम खाई थी तुमने aqsamtum
क़सम खाई थी तुमने لَا (that) not lā
(that) not يَنَالُهُمُ नहीं पहुँचाएगा उन्हें yanāluhumu
नहीं पहुँचाएगा उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِرَحْمَةٍ ۚ कोई रहमत biraḥmatin
कोई रहमत ٱدْخُلُوا۟ दाख़िल हो जाओ ud'khulū
दाख़िल हो जाओ ٱلْجَنَّةَ जन्नत में l-janata
जन्नत में لَا नहीं lā
नहीं خَوْفٌ कोई ख़ौफ़ होगा khawfun
कोई ख़ौफ़ होगा عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर وَلَآ और ना walā
और ना أَنتُمْ तुम antum
तुम تَحْزَنُونَ तुम ग़मगीन होगे taḥzanūna
तुम ग़मगीन होगे ٤٩ (49)
(49)
क्या यही लोग हैं ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो أَقْسَمْتُمْ क़सम खाई थी तुमने aqsamtum
क़सम खाई थी तुमने لَا (that) not lā
(that) not يَنَالُهُمُ नहीं पहुँचाएगा उन्हें yanāluhumu
नहीं पहुँचाएगा उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِرَحْمَةٍ ۚ कोई रहमत biraḥmatin
कोई रहमत ٱدْخُلُوا۟ दाख़िल हो जाओ ud'khulū
दाख़िल हो जाओ ٱلْجَنَّةَ जन्नत में l-janata
जन्नत में لَا नहीं lā
नहीं خَوْفٌ कोई ख़ौफ़ होगा khawfun
कोई ख़ौफ़ होगा عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर وَلَآ और ना walā
और ना أَنتُمْ तुम antum
तुम تَحْزَنُونَ तुम ग़मगीन होगे taḥzanūna
तुम ग़मगीन होगे ٤٩ (49)
(49)
(और अल्लाह काफ़िरों को फटकारते हुए कहेगा :) क्या ये वही लोग हैं, जिनके बारे में तुमने क़सम खाई थी कि अल्लाह उन्हें कोई दया प्रदान नहीं करेगा? (तथा अल्लाह मोमिनों से कहेगा :) जन्नत में प्रवेश कर जाओ। न तुम्हें कोई डर है और न तुम्हें शोक होगा।
७:५०
وَنَادَىٰٓ
और पुकारेंगे
wanādā
और पुकारेंगे أَصْحَـٰبُ (the) companions aṣḥābu
(the) companions ٱلنَّارِ आग वाले l-nāri
आग वाले أَصْحَـٰبَ (to the) companions aṣḥāba
(to the) companions ٱلْجَنَّةِ जन्नत वालों को l-janati
जन्नत वालों को أَنْ कि an
कि أَفِيضُوا۟ डालो afīḍū
डालो عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर مِنَ [of] mina
[of] ٱلْمَآءِ कुछ पानी l-māi
कुछ पानी أَوْ या aw
या مِمَّا उससे जो mimmā
उससे जो رَزَقَكُمُ रिज़्क़ दिया तुम्हें razaqakumu
रिज़्क़ दिया तुम्हें ٱللَّهُ ۚ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने قَالُوٓا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने حَرَّمَهُمَا हराम कर दिया उन दोनों को ḥarramahumā
हराम कर दिया उन दोनों को عَلَى to ʿalā
to ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों पर l-kāfirīna
काफ़िरों पर ٥٠ (50)
(50)
और पुकारेंगे أَصْحَـٰبُ (the) companions aṣḥābu
(the) companions ٱلنَّارِ आग वाले l-nāri
आग वाले أَصْحَـٰبَ (to the) companions aṣḥāba
(to the) companions ٱلْجَنَّةِ जन्नत वालों को l-janati
जन्नत वालों को أَنْ कि an
कि أَفِيضُوا۟ डालो afīḍū
डालो عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर مِنَ [of] mina
[of] ٱلْمَآءِ कुछ पानी l-māi
कुछ पानी أَوْ या aw
या مِمَّا उससे जो mimmā
उससे जो رَزَقَكُمُ रिज़्क़ दिया तुम्हें razaqakumu
रिज़्क़ दिया तुम्हें ٱللَّهُ ۚ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने قَالُوٓا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने حَرَّمَهُمَا हराम कर दिया उन दोनों को ḥarramahumā
हराम कर दिया उन दोनों को عَلَى to ʿalā
to ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों पर l-kāfirīna
काफ़िरों पर ٥٠ (50)
(50)
तथा जहन्नम वाले जन्नत वालों को पुकारेंगे कि हमपर कुछ पानी डाल दो, या उसमें से कुछ जो अल्लाह ने तुम्हें प्रदान किया है। वे कहेंगे : निःसंदेह अल्लाह ने ये दोनों चीज़ें काफ़िरों पर हराम कर दी हैं।
७:५१
ٱلَّذِينَ
वो जिन्होंने
alladhīna
वो जिन्होंने ٱتَّخَذُوا۟ बना लिया ittakhadhū
बना लिया دِينَهُمْ अपने दीन को dīnahum
अपने दीन को لَهْوًۭا शुग़ल lahwan
शुग़ल وَلَعِبًۭا और खेल walaʿiban
और खेल وَغَرَّتْهُمُ और धोखे में डाला उनको wagharrathumu
और धोखे में डाला उनको ٱلْحَيَوٰةُ ज़िन्दगी ने l-ḥayatu
ज़िन्दगी ने ٱلدُّنْيَا ۚ दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की فَٱلْيَوْمَ तो आज fal-yawma
तो आज نَنسَىٰهُمْ हम भुला देंगे उन्हें nansāhum
हम भुला देंगे उन्हें كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि نَسُوا۟ उन्होंने भुला दिया nasū
उन्होंने भुला दिया لِقَآءَ मुलाक़ात को liqāa
मुलाक़ात को يَوْمِهِمْ (of) their day yawmihim
(of) their day هَـٰذَا अपने उस दिन की hādhā
अपने उस दिन की وَمَا और जो wamā
और जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात का biāyātinā
हमारी आयात का يَجْحَدُونَ वो इन्कार करते yajḥadūna
वो इन्कार करते ٥١ (51)
(51)
वो जिन्होंने ٱتَّخَذُوا۟ बना लिया ittakhadhū
बना लिया دِينَهُمْ अपने दीन को dīnahum
अपने दीन को لَهْوًۭا शुग़ल lahwan
शुग़ल وَلَعِبًۭا और खेल walaʿiban
और खेल وَغَرَّتْهُمُ और धोखे में डाला उनको wagharrathumu
और धोखे में डाला उनको ٱلْحَيَوٰةُ ज़िन्दगी ने l-ḥayatu
ज़िन्दगी ने ٱلدُّنْيَا ۚ दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की فَٱلْيَوْمَ तो आज fal-yawma
तो आज نَنسَىٰهُمْ हम भुला देंगे उन्हें nansāhum
हम भुला देंगे उन्हें كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि نَسُوا۟ उन्होंने भुला दिया nasū
उन्होंने भुला दिया لِقَآءَ मुलाक़ात को liqāa
मुलाक़ात को يَوْمِهِمْ (of) their day yawmihim
(of) their day هَـٰذَا अपने उस दिन की hādhā
अपने उस दिन की وَمَا और जो wamā
और जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात का biāyātinā
हमारी आयात का يَجْحَدُونَ वो इन्कार करते yajḥadūna
वो इन्कार करते ٥١ (51)
(51)
जिन्होंने अपने धर्म को तमाशा और खेल बना लिया तथा उन्हें सांसारिक जीवन ने धोखे में डाल रखा था। अतः आज हम उन्हें वैसे ही भुला देंगे, जैसे वे आज के दिन की मुलाकात को भूल गए1 और जैसे वे हमारे प्रमाणों का इनकार किया करते थे।
७:५२
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ جِئْنَـٰهُم लाए हम उनके पास ji'nāhum
लाए हम उनके पास بِكِتَـٰبٍۢ एक किताब bikitābin
एक किताब فَصَّلْنَـٰهُ खोल कर बयान किया हमने उसे faṣṣalnāhu
खोल कर बयान किया हमने उसे عَلَىٰ with ʿalā
with عِلْمٍ इल्म की बिना पर ʿil'min
इल्म की बिना पर هُدًۭى हिदायत hudan
हिदायत وَرَحْمَةًۭ और रहमत है waraḥmatan
और रहमत है لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يُؤْمِنُونَ जो ईमान रखते हैं yu'minūna
जो ईमान रखते हैं ٥٢ (52)
(52)
और अलबत्ता तहक़ीक़ جِئْنَـٰهُم लाए हम उनके पास ji'nāhum
लाए हम उनके पास بِكِتَـٰبٍۢ एक किताब bikitābin
एक किताब فَصَّلْنَـٰهُ खोल कर बयान किया हमने उसे faṣṣalnāhu
खोल कर बयान किया हमने उसे عَلَىٰ with ʿalā
with عِلْمٍ इल्म की बिना पर ʿil'min
इल्म की बिना पर هُدًۭى हिदायत hudan
हिदायत وَرَحْمَةًۭ और रहमत है waraḥmatan
और रहमत है لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يُؤْمِنُونَ जो ईमान रखते हैं yu'minūna
जो ईमान रखते हैं ٥٢ (52)
(52)
निःसंदेह हम उनके पास एक ऐसी पुस्तक लाए हैं, जिसे हमने ज्ञान के आधार पर सविस्तार बयान कर दिया है, उन लोगों के लिए मार्गदर्शन और दया बनाकर, जो ईमान रखते हैं।
७:५३
هَلْ
नहीं
hal
नहीं يَنظُرُونَ वो इन्तिज़ार करते yanẓurūna
वो इन्तिज़ार करते إِلَّا मगर illā
मगर تَأْوِيلَهُۥ ۚ उसके अंजाम का tawīlahu
उसके अंजाम का يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन يَأْتِى आ जाएगा yatī
आ जाएगा تَأْوِيلُهُۥ अंजाम उसका tawīluhu
अंजाम उसका يَقُولُ कहेंगे yaqūlu
कहेंगे ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो نَسُوهُ भूल गए थे उसे nasūhu
भूल गए थे उसे مِن from min
from قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ جَآءَتْ लाए थे jāat
लाए थे رُسُلُ रसूल rusulu
रसूल رَبِّنَا हमारे रब के rabbinā
हमारे रब के بِٱلْحَقِّ हक़ bil-ḥaqi
हक़ فَهَل पस क्या हैं fahal
पस क्या हैं لَّنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए مِن any min
any شُفَعَآءَ कोई सिफ़ारिशी shufaʿāa
कोई सिफ़ारिशी فَيَشْفَعُوا۟ कि वो सिफ़ारिश करें fayashfaʿū
कि वो सिफ़ारिश करें لَنَآ हमारे लिए lanā
हमारे लिए أَوْ या aw
या نُرَدُّ हम लौटाए जाऐं nuraddu
हम लौटाए जाऐं فَنَعْمَلَ फिर हम अमल करें fanaʿmala
फिर हम अमल करें غَيْرَ अलावा ghayra
अलावा ٱلَّذِى उसके जो alladhī
उसके जो كُنَّا थे हम kunnā
थे हम نَعْمَلُ ۚ हम अमल करते naʿmalu
हम अमल करते قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ خَسِرُوٓا۟ उन्होंने ख़सारे में डाला khasirū
उन्होंने ख़सारे में डाला أَنفُسَهُمْ अपने नफ़्सों को anfusahum
अपने नफ़्सों को وَضَلَّ और खो गए waḍalla
और खो गए عَنْهُم उनसे ʿanhum
उनसे مَّا जो mā
जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَفْتَرُونَ वो गढ़ते yaftarūna
वो गढ़ते ٥٣ (53)
(53)
नहीं يَنظُرُونَ वो इन्तिज़ार करते yanẓurūna
वो इन्तिज़ार करते إِلَّا मगर illā
मगर تَأْوِيلَهُۥ ۚ उसके अंजाम का tawīlahu
उसके अंजाम का يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन يَأْتِى आ जाएगा yatī
आ जाएगा تَأْوِيلُهُۥ अंजाम उसका tawīluhu
अंजाम उसका يَقُولُ कहेंगे yaqūlu
कहेंगे ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो نَسُوهُ भूल गए थे उसे nasūhu
भूल गए थे उसे مِن from min
from قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ جَآءَتْ लाए थे jāat
लाए थे رُسُلُ रसूल rusulu
रसूल رَبِّنَا हमारे रब के rabbinā
हमारे रब के بِٱلْحَقِّ हक़ bil-ḥaqi
हक़ فَهَل पस क्या हैं fahal
पस क्या हैं لَّنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए مِن any min
any شُفَعَآءَ कोई सिफ़ारिशी shufaʿāa
कोई सिफ़ारिशी فَيَشْفَعُوا۟ कि वो सिफ़ारिश करें fayashfaʿū
कि वो सिफ़ारिश करें لَنَآ हमारे लिए lanā
हमारे लिए أَوْ या aw
या نُرَدُّ हम लौटाए जाऐं nuraddu
हम लौटाए जाऐं فَنَعْمَلَ फिर हम अमल करें fanaʿmala
फिर हम अमल करें غَيْرَ अलावा ghayra
अलावा ٱلَّذِى उसके जो alladhī
उसके जो كُنَّا थे हम kunnā
थे हम نَعْمَلُ ۚ हम अमल करते naʿmalu
हम अमल करते قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ خَسِرُوٓا۟ उन्होंने ख़सारे में डाला khasirū
उन्होंने ख़सारे में डाला أَنفُسَهُمْ अपने नफ़्सों को anfusahum
अपने नफ़्सों को وَضَلَّ और खो गए waḍalla
और खो गए عَنْهُم उनसे ʿanhum
उनसे مَّا जो mā
जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَفْتَرُونَ वो गढ़ते yaftarūna
वो गढ़ते ٥٣ (53)
(53)
वे इसके परिणाम के सिवा किस चीज़ की प्रतीक्षा कर रहे हैं? जिस दिन इसका परिणाम आ पहुँचेगा, तो वे लोग, जिन्होंने इससे पहले इसे भुला दिया था, कहेंगे कि निश्चय हमारे पालनहार के रसूल सच लेकर आए। तो क्या हमारे लिए कोई सिफ़ारिशी हैं कि वे हमारे लिए सिफ़ारिश करें? या हमें वापस भेज दिया जाए, तो जो कुछ हम करते थे उसके विपरीत कार्य करें? निःसंदेह उन्होंने स्वयं को घाटे में डाल दिया और उनसे वह गुम हो गया, जो वे झूठ गढ़ा करते थे।
७:५४
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक رَبَّكُمُ रब तुम्हारा rabbakumu
रब तुम्हारा ٱللَّهُ अल्लाह है l-lahu
अल्लाह है ٱلَّذِى जिस ने alladhī
जिस ने خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को فِى in fī
in سِتَّةِ six sittati
six أَيَّامٍۢ छः दिनों में ayyāmin
छः दिनों में ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱسْتَوَىٰ वो बुलन्द हुआ is'tawā
वो बुलन्द हुआ عَلَى on ʿalā
on ٱلْعَرْشِ अर्श पर l-ʿarshi
अर्श पर يُغْشِى वो ढाँप देता है yugh'shī
वो ढाँप देता है ٱلَّيْلَ रात को al-layla
रात को ٱلنَّهَارَ दिन पर l-nahāra
दिन पर يَطْلُبُهُۥ जो तलब करता है उसे yaṭlubuhu
जो तलब करता है उसे حَثِيثًۭا तेज़ी से ḥathīthan
तेज़ी से وَٱلشَّمْسَ और सूरज wal-shamsa
और सूरज وَٱلْقَمَرَ और चाँद wal-qamara
और चाँद وَٱلنُّجُومَ और सितारे wal-nujūma
और सितारे مُسَخَّرَٰتٍۭ जो मुसख़्ख़र किए हुए हैं musakharātin
जो मुसख़्ख़र किए हुए हैं بِأَمْرِهِۦٓ ۗ उसके हुक्म के bi-amrihi
उसके हुक्म के أَلَا ख़बरदार alā
ख़बरदार لَهُ उसके लिए है lahu
उसके लिए है ٱلْخَلْقُ पैदा करना l-khalqu
पैदा करना وَٱلْأَمْرُ ۗ और हुक्म देना wal-amru
और हुक्म देना تَبَارَكَ बहुत बाबरकत है tabāraka
बहुत बाबरकत है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह رَبُّ जो रब है rabbu
जो रब है ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों का l-ʿālamīna
तमाम जहानों का ٥٤ (54)
(54)
बेशक رَبَّكُمُ रब तुम्हारा rabbakumu
रब तुम्हारा ٱللَّهُ अल्लाह है l-lahu
अल्लाह है ٱلَّذِى जिस ने alladhī
जिस ने خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को فِى in fī
in سِتَّةِ six sittati
six أَيَّامٍۢ छः दिनों में ayyāmin
छः दिनों में ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱسْتَوَىٰ वो बुलन्द हुआ is'tawā
वो बुलन्द हुआ عَلَى on ʿalā
on ٱلْعَرْشِ अर्श पर l-ʿarshi
अर्श पर يُغْشِى वो ढाँप देता है yugh'shī
वो ढाँप देता है ٱلَّيْلَ रात को al-layla
रात को ٱلنَّهَارَ दिन पर l-nahāra
दिन पर يَطْلُبُهُۥ जो तलब करता है उसे yaṭlubuhu
जो तलब करता है उसे حَثِيثًۭا तेज़ी से ḥathīthan
तेज़ी से وَٱلشَّمْسَ और सूरज wal-shamsa
और सूरज وَٱلْقَمَرَ और चाँद wal-qamara
और चाँद وَٱلنُّجُومَ और सितारे wal-nujūma
और सितारे مُسَخَّرَٰتٍۭ जो मुसख़्ख़र किए हुए हैं musakharātin
जो मुसख़्ख़र किए हुए हैं بِأَمْرِهِۦٓ ۗ उसके हुक्म के bi-amrihi
उसके हुक्म के أَلَا ख़बरदार alā
ख़बरदार لَهُ उसके लिए है lahu
उसके लिए है ٱلْخَلْقُ पैदा करना l-khalqu
पैदा करना وَٱلْأَمْرُ ۗ और हुक्म देना wal-amru
और हुक्म देना تَبَارَكَ बहुत बाबरकत है tabāraka
बहुत बाबरकत है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह رَبُّ जो रब है rabbu
जो रब है ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों का l-ʿālamīna
तमाम जहानों का ٥٤ (54)
(54)
निःसंदेह तुम्हारा पालनहार वह अल्लाह है, जिसने आकाशों तथा धरती को छह दिनों1 में बनाया। फिर अर्श (सिंहासन) पर बुलंद हुआ। वह रात से दिन को ढाँप देता है, जो उसके पीछे दौड़ता हुआ चला आता है। तथा सूर्य और चाँद और तारे (बनाए), इस हाल में कि वे उसके आदेश के अधीन किए हुए हैं। सुन लो! सृष्टि करना और आदेश देना उसी का काम2 है। बहुत बरकत वाला है अल्लाह, जो सारे संसारों का पालनहार है।
७:५५
ٱدْعُوا۟
पुकारो
id'ʿū
पुकारो رَبَّكُمْ अपने रब को rabbakum
अपने रब को تَضَرُّعًۭا आजिज़ी से taḍarruʿan
आजिज़ी से وَخُفْيَةً ۚ और चुपके-चुपके wakhuf'yatan
और चुपके-चुपके إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो لَا (does) not lā
(does) not يُحِبُّ नहीं वो पसंद करता yuḥibbu
नहीं वो पसंद करता ٱلْمُعْتَدِينَ हद से तजावुज़ करने वालों को l-muʿ'tadīna
हद से तजावुज़ करने वालों को ٥٥ (55)
(55)
पुकारो رَبَّكُمْ अपने रब को rabbakum
अपने रब को تَضَرُّعًۭا आजिज़ी से taḍarruʿan
आजिज़ी से وَخُفْيَةً ۚ और चुपके-चुपके wakhuf'yatan
और चुपके-चुपके إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो لَا (does) not lā
(does) not يُحِبُّ नहीं वो पसंद करता yuḥibbu
नहीं वो पसंद करता ٱلْمُعْتَدِينَ हद से तजावुज़ करने वालों को l-muʿ'tadīna
हद से तजावुज़ करने वालों को ٥٥ (55)
(55)
तुम अपने पालनहर को गिड़गिड़ाकर और चुपके-चुपके पुकारो। निःसंदेह वह हद से बढ़ने वालों से प्रेम नहीं करता।
७:५६
وَلَا
और ना
walā
और ना تُفْسِدُوا۟ तुम फ़साद करो tuf'sidū
तुम फ़साद करो فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में بَعْدَ after baʿda
after إِصْلَـٰحِهَا बाद उसकी इस्लाह के iṣ'lāḥihā
बाद उसकी इस्लाह के وَٱدْعُوهُ और पुकारो उसे wa-id'ʿūhu
और पुकारो उसे خَوْفًۭا ख़ौफ khawfan
ख़ौफ وَطَمَعًا ۚ और उम्मीद से waṭamaʿan
और उम्मीद से إِنَّ बेशक inna
बेशक رَحْمَتَ रहमत raḥmata
रहमत ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की قَرِيبٌۭ क़रीब है qarībun
क़रीब है مِّنَ for mina
for ٱلْمُحْسِنِينَ एहसान करने वालों के l-muḥ'sinīna
एहसान करने वालों के ٥٦ (56)
(56)
और ना تُفْسِدُوا۟ तुम फ़साद करो tuf'sidū
तुम फ़साद करो فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में بَعْدَ after baʿda
after إِصْلَـٰحِهَا बाद उसकी इस्लाह के iṣ'lāḥihā
बाद उसकी इस्लाह के وَٱدْعُوهُ और पुकारो उसे wa-id'ʿūhu
और पुकारो उसे خَوْفًۭا ख़ौफ khawfan
ख़ौफ وَطَمَعًا ۚ और उम्मीद से waṭamaʿan
और उम्मीद से إِنَّ बेशक inna
बेशक رَحْمَتَ रहमत raḥmata
रहमत ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की قَرِيبٌۭ क़रीब है qarībun
क़रीब है مِّنَ for mina
for ٱلْمُحْسِنِينَ एहसान करने वालों के l-muḥ'sinīna
एहसान करने वालों के ٥٦ (56)
(56)
तथा धरती में उसके सुधार के पश्चात्1 बिगाड़ न पैदा करो, और उसे भय और लोभ के साथ2 पुकारो। निःसंदेह अल्लाह की दया अच्छे कर्म करने वालों के क़रीब है।
७:५७
وَهُوَ
और वो ही है
wahuwa
और वो ही है ٱلَّذِى जो alladhī
जो يُرْسِلُ भेजता है yur'silu
भेजता है ٱلرِّيَـٰحَ हवाओं को l-riyāḥa
हवाओं को بُشْرًۢا ख़ुशख़बरी बनाकर bush'ran
ख़ुशख़बरी बनाकर بَيْنَ from bayna
from يَدَىْ आगे-आगे yaday
आगे-आगे رَحْمَتِهِۦ ۖ अपनी रहमत के raḥmatihi
अपनी रहमत के حَتَّىٰٓ हत्ता कि ḥattā
हत्ता कि إِذَآ जब idhā
जब أَقَلَّتْ वो उठा लेती हैं aqallat
वो उठा लेती हैं سَحَابًۭا बादल saḥāban
बादल ثِقَالًۭا बोझल thiqālan
बोझल سُقْنَـٰهُ चलाते/हाँकते हैं हम उसे suq'nāhu
चलाते/हाँकते हैं हम उसे لِبَلَدٍۢ तरफ़ ज़मीन libaladin
तरफ़ ज़मीन مَّيِّتٍۢ मुर्दा के mayyitin
मुर्दा के فَأَنزَلْنَا फिर उतारते हैं हम fa-anzalnā
फिर उतारते हैं हम بِهِ साथ इसके bihi
साथ इसके ٱلْمَآءَ पानी को l-māa
पानी को فَأَخْرَجْنَا फिर निकालते हैं हम fa-akhrajnā
फिर निकालते हैं हम بِهِۦ साथ इसके bihi
साथ इसके مِن (of) min
(of) كُلِّ all (kinds) kulli
all (kinds) ٱلثَّمَرَٰتِ ۚ हर तरह के फलों से l-thamarāti
हर तरह के फलों से كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह نُخْرِجُ हम निकालेंगे nukh'riju
हम निकालेंगे ٱلْمَوْتَىٰ मुर्दों को l-mawtā
मुर्दों को لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَذَكَّرُونَ तुम नसीहत पकड़ो tadhakkarūna
तुम नसीहत पकड़ो ٥٧ (57)
(57)
और वो ही है ٱلَّذِى जो alladhī
जो يُرْسِلُ भेजता है yur'silu
भेजता है ٱلرِّيَـٰحَ हवाओं को l-riyāḥa
हवाओं को بُشْرًۢا ख़ुशख़बरी बनाकर bush'ran
ख़ुशख़बरी बनाकर بَيْنَ from bayna
from يَدَىْ आगे-आगे yaday
आगे-आगे رَحْمَتِهِۦ ۖ अपनी रहमत के raḥmatihi
अपनी रहमत के حَتَّىٰٓ हत्ता कि ḥattā
हत्ता कि إِذَآ जब idhā
जब أَقَلَّتْ वो उठा लेती हैं aqallat
वो उठा लेती हैं سَحَابًۭا बादल saḥāban
बादल ثِقَالًۭا बोझल thiqālan
बोझल سُقْنَـٰهُ चलाते/हाँकते हैं हम उसे suq'nāhu
चलाते/हाँकते हैं हम उसे لِبَلَدٍۢ तरफ़ ज़मीन libaladin
तरफ़ ज़मीन مَّيِّتٍۢ मुर्दा के mayyitin
मुर्दा के فَأَنزَلْنَا फिर उतारते हैं हम fa-anzalnā
फिर उतारते हैं हम بِهِ साथ इसके bihi
साथ इसके ٱلْمَآءَ पानी को l-māa
पानी को فَأَخْرَجْنَا फिर निकालते हैं हम fa-akhrajnā
फिर निकालते हैं हम بِهِۦ साथ इसके bihi
साथ इसके مِن (of) min
(of) كُلِّ all (kinds) kulli
all (kinds) ٱلثَّمَرَٰتِ ۚ हर तरह के फलों से l-thamarāti
हर तरह के फलों से كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह نُخْرِجُ हम निकालेंगे nukh'riju
हम निकालेंगे ٱلْمَوْتَىٰ मुर्दों को l-mawtā
मुर्दों को لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَذَكَّرُونَ तुम नसीहत पकड़ो tadhakkarūna
तुम नसीहत पकड़ो ٥٧ (57)
(57)
और वही है, जो अपनी दया (वर्षा) से पहले हवाओं को (वर्षा) की शुभ सूचना देने के लिए भेजता है। यहाँ तक कि जब वे भारी बादलउठाती हैं, तो हम उसे एक मृत शहर की ओर ले जाते हैं। फिर हम उससे पानी उतारते हैं, फिर उसके साथ सभी प्रकार के कुछ फल पैदा करते हैं। इसी तरह हम मरे हुए लोगों को निकालेंगे। ताकि तुम उपदेश ग्रहण करो।
७:५८
وَٱلْبَلَدُ
और ज़मीन
wal-baladu
और ज़मीन ٱلطَّيِّبُ पाकीज़ा l-ṭayibu
पाकीज़ा يَخْرُجُ निकलती है yakhruju
निकलती है نَبَاتُهُۥ नबातात उसकी nabātuhu
नबातात उसकी بِإِذْنِ इज़्न से bi-idh'ni
इज़्न से رَبِّهِۦ ۖ उसके रब के rabbihi
उसके रब के وَٱلَّذِى और वो जो wa-alladhī
और वो जो خَبُثَ ख़राब हो गई khabutha
ख़राब हो गई لَا (does) not lā
(does) not يَخْرُجُ नहीं निकलती (उससे) yakhruju
नहीं निकलती (उससे) إِلَّا मगर illā
मगर نَكِدًۭا ۚ नाक़िस nakidan
नाक़िस كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह نُصَرِّفُ हम फेर-फेर कर लाते है nuṣarrifu
हम फेर-फेर कर लाते है ٱلْـَٔايَـٰتِ निशानियाँ l-āyāti
निशानियाँ لِقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يَشْكُرُونَ जो शुक्र करते हैं yashkurūna
जो शुक्र करते हैं ٥٨ (58)
(58)
और ज़मीन ٱلطَّيِّبُ पाकीज़ा l-ṭayibu
पाकीज़ा يَخْرُجُ निकलती है yakhruju
निकलती है نَبَاتُهُۥ नबातात उसकी nabātuhu
नबातात उसकी بِإِذْنِ इज़्न से bi-idh'ni
इज़्न से رَبِّهِۦ ۖ उसके रब के rabbihi
उसके रब के وَٱلَّذِى और वो जो wa-alladhī
और वो जो خَبُثَ ख़राब हो गई khabutha
ख़राब हो गई لَا (does) not lā
(does) not يَخْرُجُ नहीं निकलती (उससे) yakhruju
नहीं निकलती (उससे) إِلَّا मगर illā
मगर نَكِدًۭا ۚ नाक़िस nakidan
नाक़िस كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह نُصَرِّفُ हम फेर-फेर कर लाते है nuṣarrifu
हम फेर-फेर कर लाते है ٱلْـَٔايَـٰتِ निशानियाँ l-āyāti
निशानियाँ لِقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يَشْكُرُونَ जो शुक्र करते हैं yashkurūna
जो शुक्र करते हैं ٥٨ (58)
(58)
और अच्छी भूमि के पौधे उसके रब के आदेश से (भरपूर) निकलते हैं, और जो (भूमि) ख़राब है उससे आधी-अधूरी पैदावार के सिवा कुछ नहीं निकलता। इसी प्रकार हम निशानियों1 को उन लोगों के लिए फेर-फेरकर बयान करते हैं, जो शुक्र अदा करते हैं।
७:५९
لَقَدْ
अलबत्ता तहक़ीक़
laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ أَرْسَلْنَا भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने نُوحًا नूह को nūḥan
नूह को إِلَىٰ to ilā
to قَوْمِهِۦ तरफ़ उसकी क़ौम के qawmihi
तरफ़ उसकी क़ौम के فَقَالَ तो उसने कहा faqāla
तो उसने कहा يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम ٱعْبُدُوا۟ इबादत करो uʿ'budū
इबादत करो ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की مَا नहीं है mā
नहीं है لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّنْ any min
any إِلَـٰهٍ कोई इलाह ilāhin
कोई इलाह غَيْرُهُۥٓ उसके सिवा ghayruhu
उसके सिवा إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أَخَافُ मैं डरता हूँ akhāfu
मैं डरता हूँ عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर عَذَابَ अज़ाब से ʿadhāba
अज़ाब से يَوْمٍ (of the) Day yawmin
(of the) Day عَظِيمٍۢ बड़े दिन के ʿaẓīmin
बड़े दिन के ٥٩ (59)
(59)
अलबत्ता तहक़ीक़ أَرْسَلْنَا भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने نُوحًا नूह को nūḥan
नूह को إِلَىٰ to ilā
to قَوْمِهِۦ तरफ़ उसकी क़ौम के qawmihi
तरफ़ उसकी क़ौम के فَقَالَ तो उसने कहा faqāla
तो उसने कहा يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम ٱعْبُدُوا۟ इबादत करो uʿ'budū
इबादत करो ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की مَا नहीं है mā
नहीं है لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّنْ any min
any إِلَـٰهٍ कोई इलाह ilāhin
कोई इलाह غَيْرُهُۥٓ उसके सिवा ghayruhu
उसके सिवा إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أَخَافُ मैं डरता हूँ akhāfu
मैं डरता हूँ عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर عَذَابَ अज़ाब से ʿadhāba
अज़ाब से يَوْمٍ (of the) Day yawmin
(of the) Day عَظِيمٍۢ बड़े दिन के ʿaẓīmin
बड़े दिन के ٥٩ (59)
(59)
निःसंदेह हमने नूह़1 को उसकी जाति की ओर भेजा, तो उसने कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! अल्लाह की इबादत करो। उसके सिवा तुम्हारा कोई पूज्य नहीं। निःसंदेह मैं तुमपर एक बड़े दिन की यातना से डरता हूँ।
७:६०
قَالَ
कहा
qāla
कहा ٱلْمَلَأُ सरदारों ने l-mala-u
सरदारों ने مِن of min
of قَوْمِهِۦٓ उसकी क़ौम में से qawmihi
उसकी क़ौम में से إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम لَنَرَىٰكَ अलबत्ता हम देखते हैं तुझे lanarāka
अलबत्ता हम देखते हैं तुझे فِى in fī
in ضَلَـٰلٍۢ गुमराही में ḍalālin
गुमराही में مُّبِينٍۢ खुली-खुली mubīnin
खुली-खुली ٦٠ (60)
(60)
कहा ٱلْمَلَأُ सरदारों ने l-mala-u
सरदारों ने مِن of min
of قَوْمِهِۦٓ उसकी क़ौम में से qawmihi
उसकी क़ौम में से إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम لَنَرَىٰكَ अलबत्ता हम देखते हैं तुझे lanarāka
अलबत्ता हम देखते हैं तुझे فِى in fī
in ضَلَـٰلٍۢ गुमराही में ḍalālin
गुमराही में مُّبِينٍۢ खुली-खुली mubīnin
खुली-खुली ٦٠ (60)
(60)
उसकी जाति के प्रमुखों ने कहा : निःसंदेह हम निश्चय तुझे खुली गुमराही में देख रहे हैं।
७:६१
قَالَ
उसने कहा
qāla
उसने कहा يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम لَيْسَ नहीं है laysa
नहीं है بِى मुझ में bī
मुझ में ضَلَـٰلَةٌۭ कोई गुमराही ḍalālatun
कोई गुमराही وَلَـٰكِنِّى और लेकिन मैं walākinnī
और लेकिन मैं رَسُولٌۭ रसूल हूँ rasūlun
रसूल हूँ مِّن from min
from رَّبِّ (the) Lord rabbi
(the) Lord ٱلْعَـٰلَمِينَ रब्बुल आलमीन की तरफ़ से l-ʿālamīna
रब्बुल आलमीन की तरफ़ से ٦١ (61)
(61)
उसने कहा يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम لَيْسَ नहीं है laysa
नहीं है بِى मुझ में bī
मुझ में ضَلَـٰلَةٌۭ कोई गुमराही ḍalālatun
कोई गुमराही وَلَـٰكِنِّى और लेकिन मैं walākinnī
और लेकिन मैं رَسُولٌۭ रसूल हूँ rasūlun
रसूल हूँ مِّن from min
from رَّبِّ (the) Lord rabbi
(the) Lord ٱلْعَـٰلَمِينَ रब्बुल आलमीन की तरफ़ से l-ʿālamīna
रब्बुल आलमीन की तरफ़ से ٦١ (61)
(61)
उसने कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! मुझमें कोई गुमराही नहीं है, बल्कि मैं सारे संसारों के पालनहार की ओर से एक रसूल हूँ।
७:६२
أُبَلِّغُكُمْ
मैं पहुँचाता हूँ तुम्हें
uballighukum
मैं पहुँचाता हूँ तुम्हें رِسَـٰلَـٰتِ पैग़ामात risālāti
पैग़ामात رَبِّى अपने रब के rabbī
अपने रब के وَأَنصَحُ और मैं ख़ैरख़्वाही करता हूँ wa-anṣaḥu
और मैं ख़ैरख़्वाही करता हूँ لَكُمْ तुम्हारी lakum
तुम्हारी وَأَعْلَمُ और मैं जानता हूँ wa-aʿlamu
और मैं जानता हूँ مِنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से مَا जो mā
जो لَا not lā
not تَعْلَمُونَ नहीं तुम जानते taʿlamūna
नहीं तुम जानते ٦٢ (62)
(62)
मैं पहुँचाता हूँ तुम्हें رِسَـٰلَـٰتِ पैग़ामात risālāti
पैग़ामात رَبِّى अपने रब के rabbī
अपने रब के وَأَنصَحُ और मैं ख़ैरख़्वाही करता हूँ wa-anṣaḥu
और मैं ख़ैरख़्वाही करता हूँ لَكُمْ तुम्हारी lakum
तुम्हारी وَأَعْلَمُ और मैं जानता हूँ wa-aʿlamu
और मैं जानता हूँ مِنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से مَا जो mā
जो لَا not lā
not تَعْلَمُونَ नहीं तुम जानते taʿlamūna
नहीं तुम जानते ٦٢ (62)
(62)
मैं तुम्हें अपने पालनहार के संदेश पहुँचाता हूँ और तुम्हारी भलाई चाहता हूँ और अल्लाह की ओर से वे बातें जानता हूँ, जो तुम नहीं जानते।
७:६३
أَوَعَجِبْتُمْ
क्या भला ताज्जुब हुआ तुम्हें
awaʿajib'tum
क्या भला ताज्जुब हुआ तुम्हें أَن कि an
कि جَآءَكُمْ आई तुम्हारे पास jāakum
आई तुम्हारे पास ذِكْرٌۭ एक नसीहत dhik'run
एक नसीहत مِّن from min
from رَّبِّكُمْ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से عَلَىٰ on ʿalā
on رَجُلٍۢ एक शख़्स पर rajulin
एक शख़्स पर مِّنكُمْ तुम ही में से minkum
तुम ही में से لِيُنذِرَكُمْ ताकि वो डराए तुम्हें liyundhirakum
ताकि वो डराए तुम्हें وَلِتَتَّقُوا۟ और ताकि तुम बचो walitattaqū
और ताकि तुम बचो وَلَعَلَّكُمْ और ताकि तुम walaʿallakum
और ताकि तुम تُرْحَمُونَ तुम रहम किए जाओ tur'ḥamūna
तुम रहम किए जाओ ٦٣ (63)
(63)
क्या भला ताज्जुब हुआ तुम्हें أَن कि an
कि جَآءَكُمْ आई तुम्हारे पास jāakum
आई तुम्हारे पास ذِكْرٌۭ एक नसीहत dhik'run
एक नसीहत مِّن from min
from رَّبِّكُمْ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से عَلَىٰ on ʿalā
on رَجُلٍۢ एक शख़्स पर rajulin
एक शख़्स पर مِّنكُمْ तुम ही में से minkum
तुम ही में से لِيُنذِرَكُمْ ताकि वो डराए तुम्हें liyundhirakum
ताकि वो डराए तुम्हें وَلِتَتَّقُوا۟ और ताकि तुम बचो walitattaqū
और ताकि तुम बचो وَلَعَلَّكُمْ और ताकि तुम walaʿallakum
और ताकि तुम تُرْحَمُونَ तुम रहम किए जाओ tur'ḥamūna
तुम रहम किए जाओ ٦٣ (63)
(63)
क्या तुम्हें इस पार आश्चर्य हुआ कि तुम्हारे पास तुम्हारे पालनहार की ओर से तुम्हीं में से एक आदमी पर नसीहत आई, ताकि वह तुम्हें डराए और ताकि तुम बच जाओ और ताकि तुमपर दया की जाए?
७:६४
فَكَذَّبُوهُ
तो उन्होंने झुठला दिया उसे
fakadhabūhu
तो उन्होंने झुठला दिया उसे فَأَنجَيْنَـٰهُ तो निजात दी हमने उसे fa-anjaynāhu
तो निजात दी हमने उसे وَٱلَّذِينَ और उन्हें जो wa-alladhīna
और उन्हें जो مَعَهُۥ उसके साथ थे maʿahu
उसके साथ थे فِى in fī
in ٱلْفُلْكِ कश्ती में l-ful'ki
कश्ती में وَأَغْرَقْنَا और ग़र्क़ कर दिया हमने wa-aghraqnā
और ग़र्क़ कर दिया हमने ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَآ ۚ हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो قَوْمًا लोग qawman
लोग عَمِينَ अँधे ʿamīna
अँधे ٦٤ (64)
(64)
तो उन्होंने झुठला दिया उसे فَأَنجَيْنَـٰهُ तो निजात दी हमने उसे fa-anjaynāhu
तो निजात दी हमने उसे وَٱلَّذِينَ और उन्हें जो wa-alladhīna
और उन्हें जो مَعَهُۥ उसके साथ थे maʿahu
उसके साथ थे فِى in fī
in ٱلْفُلْكِ कश्ती में l-ful'ki
कश्ती में وَأَغْرَقْنَا और ग़र्क़ कर दिया हमने wa-aghraqnā
और ग़र्क़ कर दिया हमने ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَآ ۚ हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो قَوْمًا लोग qawman
लोग عَمِينَ अँधे ʿamīna
अँधे ٦٤ (64)
(64)
फिर उन्होंने उसे झुठला दिया, तो हमने उसे और उन लोगों को, जो नाव में उसके साथ थे, बचा लिया और उन लोगों को डुबो दिया, जिन्होंने हमारी आयतों को झुठलाया। निश्चय ही वे अंधे लोग थे।
७:६५
۞ وَإِلَىٰ
और तरफ़
wa-ilā
और तरफ़ عَادٍ आद के ʿādin
आद के أَخَاهُمْ उनके भाई akhāhum
उनके भाई هُودًۭا ۗ हूद को (भेजा) hūdan
हूद को (भेजा) قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम ٱعْبُدُوا۟ इबादत करो uʿ'budū
इबादत करो ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की مَا not mā
not لَكُم नहीं तुम्हारे लिए lakum
नहीं तुम्हारे लिए مِّنْ any min
any إِلَـٰهٍ कोई इलाह (बरहक़) ilāhin
कोई इलाह (बरहक़) غَيْرُهُۥٓ ۚ उसके सिवा ghayruhu
उसके सिवा أَفَلَا क्या भला नहीं afalā
क्या भला नहीं تَتَّقُونَ तुम डरते tattaqūna
तुम डरते ٦٥ (65)
(65)
और तरफ़ عَادٍ आद के ʿādin
आद के أَخَاهُمْ उनके भाई akhāhum
उनके भाई هُودًۭا ۗ हूद को (भेजा) hūdan
हूद को (भेजा) قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम ٱعْبُدُوا۟ इबादत करो uʿ'budū
इबादत करो ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की مَا not mā
not لَكُم नहीं तुम्हारे लिए lakum
नहीं तुम्हारे लिए مِّنْ any min
any إِلَـٰهٍ कोई इलाह (बरहक़) ilāhin
कोई इलाह (बरहक़) غَيْرُهُۥٓ ۚ उसके सिवा ghayruhu
उसके सिवा أَفَلَا क्या भला नहीं afalā
क्या भला नहीं تَتَّقُونَ तुम डरते tattaqūna
तुम डरते ٦٥ (65)
(65)
और 'आद'1 (जाति) की ओर उनके भाई हूद को (भेजा)। उसने कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! अल्लाह की इबादत करो। उसके सिवा तुम्हारा कोई पूज्य नहीं। तो क्या तुम नहीं डरते?
७:६६
قَالَ
कहा
qāla
कहा ٱلْمَلَأُ सरदारों ने l-mala-u
सरदारों ने ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया था kafarū
कुफ़्र किया था مِن from min
from قَوْمِهِۦٓ उसकी क़ौम में से qawmihi
उसकी क़ौम में से إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम لَنَرَىٰكَ अलबत्ता हम देखते हैं तुझे lanarāka
अलबत्ता हम देखते हैं तुझे فِى in fī
in سَفَاهَةٍۢ बेवक़ूफी में safāhatin
बेवक़ूफी में وَإِنَّا और बेशक हम wa-innā
और बेशक हम لَنَظُنُّكَ अलबत्ता हम गुमान करते हैं तुझे lanaẓunnuka
अलबत्ता हम गुमान करते हैं तुझे مِنَ (are) of mina
(are) of ٱلْكَـٰذِبِينَ झूठों में से l-kādhibīna
झूठों में से ٦٦ (66)
(66)
कहा ٱلْمَلَأُ सरदारों ने l-mala-u
सरदारों ने ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया था kafarū
कुफ़्र किया था مِن from min
from قَوْمِهِۦٓ उसकी क़ौम में से qawmihi
उसकी क़ौम में से إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम لَنَرَىٰكَ अलबत्ता हम देखते हैं तुझे lanarāka
अलबत्ता हम देखते हैं तुझे فِى in fī
in سَفَاهَةٍۢ बेवक़ूफी में safāhatin
बेवक़ूफी में وَإِنَّا और बेशक हम wa-innā
और बेशक हम لَنَظُنُّكَ अलबत्ता हम गुमान करते हैं तुझे lanaẓunnuka
अलबत्ता हम गुमान करते हैं तुझे مِنَ (are) of mina
(are) of ٱلْكَـٰذِبِينَ झूठों में से l-kādhibīna
झूठों में से ٦٦ (66)
(66)
उसकी जाति में से उन सरदारों ने, जिन्होंने कुफ़्र किया, कहा : निःसंदेह हम निश्चय तुझे एक प्रकार की मूर्खता में (पीड़ित) देख रहे हैं और निःसंदेह हम निश्चय तुझे झूठे लोगों में से समझते हैं।
७:६७
قَالَ
उसने कहा
qāla
उसने कहा يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम لَيْسَ नहीं है laysa
नहीं है بِى मुझ में bī
मुझ में سَفَاهَةٌۭ कोई बेवक़ूफ़ी safāhatun
कोई बेवक़ूफ़ी وَلَـٰكِنِّى और लेकिन मैं तो walākinnī
और लेकिन मैं तो رَسُولٌۭ रसूल हूँ rasūlun
रसूल हूँ مِّن from min
from رَّبِّ (the) Lord rabbi
(the) Lord ٱلْعَـٰلَمِينَ रब्बुल आलमीन की तरफ़ से l-ʿālamīna
रब्बुल आलमीन की तरफ़ से ٦٧ (67)
(67)
उसने कहा يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम لَيْسَ नहीं है laysa
नहीं है بِى मुझ में bī
मुझ में سَفَاهَةٌۭ कोई बेवक़ूफ़ी safāhatun
कोई बेवक़ूफ़ी وَلَـٰكِنِّى और लेकिन मैं तो walākinnī
और लेकिन मैं तो رَسُولٌۭ रसूल हूँ rasūlun
रसूल हूँ مِّن from min
from رَّبِّ (the) Lord rabbi
(the) Lord ٱلْعَـٰلَمِينَ रब्बुल आलमीन की तरफ़ से l-ʿālamīna
रब्बुल आलमीन की तरफ़ से ٦٧ (67)
(67)
उसने कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! मुझमें कोई मूर्खता नहीं है, बल्कि मैं सारे संसारों के पालनहार की ओर से एक रसूल हूँ।
७:६८
أُبَلِّغُكُمْ
मैं पहुँचाता हूँ तुम्हें
uballighukum
मैं पहुँचाता हूँ तुम्हें رِسَـٰلَـٰتِ पैग़ामात risālāti
पैग़ामात رَبِّى अपने रब के rabbī
अपने रब के وَأَنَا۠ और मैं wa-anā
और मैं لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए نَاصِحٌ ख़ैरख़्वाह हूँ nāṣiḥun
ख़ैरख़्वाह हूँ أَمِينٌ अमानतदार हूँ amīnun
अमानतदार हूँ ٦٨ (68)
(68)
मैं पहुँचाता हूँ तुम्हें رِسَـٰلَـٰتِ पैग़ामात risālāti
पैग़ामात رَبِّى अपने रब के rabbī
अपने रब के وَأَنَا۠ और मैं wa-anā
और मैं لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए نَاصِحٌ ख़ैरख़्वाह हूँ nāṣiḥun
ख़ैरख़्वाह हूँ أَمِينٌ अमानतदार हूँ amīnun
अमानतदार हूँ ٦٨ (68)
(68)
मैं तुम्हें अपने पालनहार के संदेश पहुँचाता हूँ और मैं तुम्हारे लिए एक अमानतदार हितैषी हूँ।
७:६९
أَوَعَجِبْتُمْ
क्या भला ताज्जुब हुआ तुम्हें
awaʿajib'tum
क्या भला ताज्जुब हुआ तुम्हें أَن कि an
कि جَآءَكُمْ आई तुम्हारे पास jāakum
आई तुम्हारे पास ذِكْرٌۭ एक नसीहत dhik'run
एक नसीहत مِّن from min
from رَّبِّكُمْ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से عَلَىٰ on ʿalā
on رَجُلٍۢ एक शख़्स पर rajulin
एक शख़्स पर مِّنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से لِيُنذِرَكُمْ ۚ ताकि वो डराए तुम्हें liyundhirakum
ताकि वो डराए तुम्हें وَٱذْكُرُوٓا۟ और याद करो wa-udh'kurū
और याद करो إِذْ जब idh
जब جَعَلَكُمْ उसने बनाया तुम्हें jaʿalakum
उसने बनाया तुम्हें خُلَفَآءَ जानशीन khulafāa
जानशीन مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद قَوْمِ क़ौमे qawmi
क़ौमे نُوحٍۢ नूह के nūḥin
नूह के وَزَادَكُمْ और उसने ज़्यादा दी तुम्हें wazādakum
और उसने ज़्यादा दी तुम्हें فِى in fī
in ٱلْخَلْقِ तख़्लीक़ में l-khalqi
तख़्लीक़ में بَصْۜطَةًۭ ۖ फ़राख़ी/फैलाव baṣ'ṭatan
फ़राख़ी/फैलाव فَٱذْكُرُوٓا۟ पस याद करो fa-udh'kurū
पस याद करो ءَالَآءَ नेअमतों को ālāa
नेअमतों को ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تُفْلِحُونَ तुम फलाह पा जाओ tuf'liḥūna
तुम फलाह पा जाओ ٦٩ (69)
(69)
क्या भला ताज्जुब हुआ तुम्हें أَن कि an
कि جَآءَكُمْ आई तुम्हारे पास jāakum
आई तुम्हारे पास ذِكْرٌۭ एक नसीहत dhik'run
एक नसीहत مِّن from min
from رَّبِّكُمْ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से عَلَىٰ on ʿalā
on رَجُلٍۢ एक शख़्स पर rajulin
एक शख़्स पर مِّنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से لِيُنذِرَكُمْ ۚ ताकि वो डराए तुम्हें liyundhirakum
ताकि वो डराए तुम्हें وَٱذْكُرُوٓا۟ और याद करो wa-udh'kurū
और याद करो إِذْ जब idh
जब جَعَلَكُمْ उसने बनाया तुम्हें jaʿalakum
उसने बनाया तुम्हें خُلَفَآءَ जानशीन khulafāa
जानशीन مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद قَوْمِ क़ौमे qawmi
क़ौमे نُوحٍۢ नूह के nūḥin
नूह के وَزَادَكُمْ और उसने ज़्यादा दी तुम्हें wazādakum
और उसने ज़्यादा दी तुम्हें فِى in fī
in ٱلْخَلْقِ तख़्लीक़ में l-khalqi
तख़्लीक़ में بَصْۜطَةًۭ ۖ फ़राख़ी/फैलाव baṣ'ṭatan
फ़राख़ी/फैलाव فَٱذْكُرُوٓا۟ पस याद करो fa-udh'kurū
पस याद करो ءَالَآءَ नेअमतों को ālāa
नेअमतों को ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تُفْلِحُونَ तुम फलाह पा जाओ tuf'liḥūna
तुम फलाह पा जाओ ٦٩ (69)
(69)
क्या तुम्हें इस पार आश्चर्य हुआ कि तुम्हारे पास तुम्हारे पालनहार की ओर से तुम्हीं में से एक आदमी पर नसीहत आई, ताकि वह तुम्हें डराए तथा याद करो, जब उसने तुम्हें नूह़ की जाति के बाद उत्तराधिकारी बनाया और तुम्हें डील-डौल में भारी-भरकम बनाया। अतः अल्लाह की नेमतों को याद1 करो, ताकि तुम्हें सफलता प्राप्त हो।
७:७०
قَالُوٓا۟
उन्होंने कहा
qālū
उन्होंने कहा أَجِئْتَنَا क्या तू आया है हमारे पास aji'tanā
क्या तू आया है हमारे पास لِنَعْبُدَ कि हम इबादत करें linaʿbuda
कि हम इबादत करें ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَحْدَهُۥ अकेले उसी की waḥdahu
अकेले उसी की وَنَذَرَ और हम छोड़ दें wanadhara
और हम छोड़ दें مَا जिनकी mā
जिनकी كَانَ थे kāna
थे يَعْبُدُ इबादत करते yaʿbudu
इबादत करते ءَابَآؤُنَا ۖ हमारे आबा ओ अजदाद ābāunā
हमारे आबा ओ अजदाद فَأْتِنَا पस ले आओ हमारे पास fatinā
पस ले आओ हमारे पास بِمَا उसे जो bimā
उसे जो تَعِدُنَآ तू धमकी देता है हमें taʿidunā
तू धमकी देता है हमें إِن अगर in
अगर كُنتَ है तू kunta
है तू مِنَ of mina
of ٱلصَّـٰدِقِينَ सच्चों में से l-ṣādiqīna
सच्चों में से ٧٠ (70)
(70)
उन्होंने कहा أَجِئْتَنَا क्या तू आया है हमारे पास aji'tanā
क्या तू आया है हमारे पास لِنَعْبُدَ कि हम इबादत करें linaʿbuda
कि हम इबादत करें ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَحْدَهُۥ अकेले उसी की waḥdahu
अकेले उसी की وَنَذَرَ और हम छोड़ दें wanadhara
और हम छोड़ दें مَا जिनकी mā
जिनकी كَانَ थे kāna
थे يَعْبُدُ इबादत करते yaʿbudu
इबादत करते ءَابَآؤُنَا ۖ हमारे आबा ओ अजदाद ābāunā
हमारे आबा ओ अजदाद فَأْتِنَا पस ले आओ हमारे पास fatinā
पस ले आओ हमारे पास بِمَا उसे जो bimā
उसे जो تَعِدُنَآ तू धमकी देता है हमें taʿidunā
तू धमकी देता है हमें إِن अगर in
अगर كُنتَ है तू kunta
है तू مِنَ of mina
of ٱلصَّـٰدِقِينَ सच्चों में से l-ṣādiqīna
सच्चों में से ٧٠ (70)
(70)
उन्होंने कहा : क्या तू हमारे पास इसलिए आया है कि हम अकेले अल्लाह की इबादत करें और उन्हें छोड़ दें जिनकी पूजा हमारे बाप-दादा करते थे? तो जिसकी तू हमें धमकी देता है, वह हमारे ऊपर ले आ, यदि तू सच्चों में से है।
७:७१
قَالَ
उसने कहा
qāla
उसने कहा قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ وَقَعَ पड़ चुकी waqaʿa
पड़ चुकी عَلَيْكُم तुम पर ʿalaykum
तुम पर مِّن from min
from رَّبِّكُمْ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से رِجْسٌۭ नापाकी/गन्दगी rij'sun
नापाकी/गन्दगी وَغَضَبٌ ۖ और ग़ज़ब waghaḍabun
और ग़ज़ब أَتُجَـٰدِلُونَنِى क्या तुम झगड़ते हो मुझसे atujādilūnanī
क्या तुम झगड़ते हो मुझसे فِىٓ concerning fī
concerning أَسْمَآءٍۢ चंद नामों के बारे में asmāin
चंद नामों के बारे में سَمَّيْتُمُوهَآ नाम रख लिया तुमने उनका sammaytumūhā
नाम रख लिया तुमने उनका أَنتُمْ तुमने antum
तुमने وَءَابَآؤُكُم और तुम्हारे आबा ओ अजदाद ने waābāukum
और तुम्हारे आबा ओ अजदाद ने مَّا नहीं mā
नहीं نَزَّلَ उतारी nazzala
उतारी ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने بِهَا इसकी bihā
इसकी مِن any min
any سُلْطَـٰنٍۢ ۚ कोई दलील sul'ṭānin
कोई दलील فَٱنتَظِرُوٓا۟ पस इन्तिज़ार करो fa-intaẓirū
पस इन्तिज़ार करो إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं مَعَكُم साथ तुम्हारे maʿakum
साथ तुम्हारे مِّنَ of mina
of ٱلْمُنتَظِرِينَ इन्तिज़ार करने वालों में से हूँ l-muntaẓirīna
इन्तिज़ार करने वालों में से हूँ ٧١ (71)
(71)
उसने कहा قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ وَقَعَ पड़ चुकी waqaʿa
पड़ चुकी عَلَيْكُم तुम पर ʿalaykum
तुम पर مِّن from min
from رَّبِّكُمْ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से رِجْسٌۭ नापाकी/गन्दगी rij'sun
नापाकी/गन्दगी وَغَضَبٌ ۖ और ग़ज़ब waghaḍabun
और ग़ज़ब أَتُجَـٰدِلُونَنِى क्या तुम झगड़ते हो मुझसे atujādilūnanī
क्या तुम झगड़ते हो मुझसे فِىٓ concerning fī
concerning أَسْمَآءٍۢ चंद नामों के बारे में asmāin
चंद नामों के बारे में سَمَّيْتُمُوهَآ नाम रख लिया तुमने उनका sammaytumūhā
नाम रख लिया तुमने उनका أَنتُمْ तुमने antum
तुमने وَءَابَآؤُكُم और तुम्हारे आबा ओ अजदाद ने waābāukum
और तुम्हारे आबा ओ अजदाद ने مَّا नहीं mā
नहीं نَزَّلَ उतारी nazzala
उतारी ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने بِهَا इसकी bihā
इसकी مِن any min
any سُلْطَـٰنٍۢ ۚ कोई दलील sul'ṭānin
कोई दलील فَٱنتَظِرُوٓا۟ पस इन्तिज़ार करो fa-intaẓirū
पस इन्तिज़ार करो إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं مَعَكُم साथ तुम्हारे maʿakum
साथ तुम्हारे مِّنَ of mina
of ٱلْمُنتَظِرِينَ इन्तिज़ार करने वालों में से हूँ l-muntaẓirīna
इन्तिज़ार करने वालों में से हूँ ٧١ (71)
(71)
उसने कहा : निश्चय तुमपर तुम्हारे पालनहार की ओर से यातना और प्रकोप आ पड़ा है। क्या तुम मुझसे उन नामों के विषय में झगड़ते हो, जो तुमने तथा तुम्हारे बाप-दादा ने रख लिए हैं, जिनका अल्लाह ने कोई प्रमाण नहीं उतारा है? तो तुम प्रतीक्षा करो, निःसंदेह मैं भी तुम्हारे साथ प्रतीक्षा करने वालों में से हूँ।
७:७२
فَأَنجَيْنَـٰهُ
पस निजात दे दी हमने उसे
fa-anjaynāhu
पस निजात दे दी हमने उसे وَٱلَّذِينَ और उन्हें जो wa-alladhīna
और उन्हें जो مَعَهُۥ उसके साथ थे maʿahu
उसके साथ थे بِرَحْمَةٍۢ साथ रहमत के biraḥmatin
साथ रहमत के مِّنَّا अपनी तरफ़ से minnā
अपनी तरफ़ से وَقَطَعْنَا और काट दी हमने waqaṭaʿnā
और काट दी हमने دَابِرَ जड़ dābira
जड़ ٱلَّذِينَ उनकी जिन्होंने alladhīna
उनकी जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَا ۖ हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को وَمَا और ना wamā
और ना كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो مُؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले ٧٢ (72)
(72)
पस निजात दे दी हमने उसे وَٱلَّذِينَ और उन्हें जो wa-alladhīna
और उन्हें जो مَعَهُۥ उसके साथ थे maʿahu
उसके साथ थे بِرَحْمَةٍۢ साथ रहमत के biraḥmatin
साथ रहमत के مِّنَّا अपनी तरफ़ से minnā
अपनी तरफ़ से وَقَطَعْنَا और काट दी हमने waqaṭaʿnā
और काट दी हमने دَابِرَ जड़ dābira
जड़ ٱلَّذِينَ उनकी जिन्होंने alladhīna
उनकी जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَا ۖ हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को وَمَا और ना wamā
और ना كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो مُؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले ٧٢ (72)
(72)
अंततः हमने उसे और उन लोगों को जो उसके साथ थे, अपनी रहमत से बचा लिया तथा उन लोगों की जड़ काट दी, जिन्होंने हमारी आयतों को झुठलाया और वे ईमान लाने वाले न थे।
७:७३
وَإِلَىٰ
और तरफ़
wa-ilā
और तरफ़ ثَمُودَ समूद के thamūda
समूद के أَخَاهُمْ उनके भाई akhāhum
उनके भाई صَـٰلِحًۭا ۗ सालेह को (भेजा) ṣāliḥan
सालेह को (भेजा) قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम ٱعْبُدُوا۟ इबादत करो uʿ'budū
इबादत करो ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की مَا नहीं है mā
नहीं है لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّنْ any min
any إِلَـٰهٍ कोई इलाह (बरहक़) ilāhin
कोई इलाह (बरहक़) غَيْرُهُۥ ۖ उसके अलावा ghayruhu
उसके अलावा قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ جَآءَتْكُم आ गई तुम्हारे पास jāatkum
आ गई तुम्हारे पास بَيِّنَةٌۭ खुली दलील bayyinatun
खुली दलील مِّن from min
from رَّبِّكُمْ ۖ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से هَـٰذِهِۦ ये hādhihi
ये نَاقَةُ ऊँटनी है nāqatu
ऊँटनी है ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए ءَايَةًۭ ۖ एक निशानी āyatan
एक निशानी فَذَرُوهَا पस छोड़ दो उसे fadharūhā
पस छोड़ दो उसे تَأْكُلْ वो चरती फिरे takul
वो चरती फिरे فِىٓ on fī
on أَرْضِ ज़मीन में arḍi
ज़मीन में ٱللَّهِ ۖ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की وَلَا और ना walā
और ना تَمَسُّوهَا तुम छूना उसे tamassūhā
तुम छूना उसे بِسُوٓءٍۢ साथ बुराई के bisūin
साथ बुराई के فَيَأْخُذَكُمْ वरना पकड़ लेगा तुम्हें fayakhudhakum
वरना पकड़ लेगा तुम्हें عَذَابٌ अज़ाब ʿadhābun
अज़ाब أَلِيمٌۭ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक ٧٣ (73)
(73)
और तरफ़ ثَمُودَ समूद के thamūda
समूद के أَخَاهُمْ उनके भाई akhāhum
उनके भाई صَـٰلِحًۭا ۗ सालेह को (भेजा) ṣāliḥan
सालेह को (भेजा) قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम ٱعْبُدُوا۟ इबादत करो uʿ'budū
इबादत करो ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की مَا नहीं है mā
नहीं है لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّنْ any min
any إِلَـٰهٍ कोई इलाह (बरहक़) ilāhin
कोई इलाह (बरहक़) غَيْرُهُۥ ۖ उसके अलावा ghayruhu
उसके अलावा قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ جَآءَتْكُم आ गई तुम्हारे पास jāatkum
आ गई तुम्हारे पास بَيِّنَةٌۭ खुली दलील bayyinatun
खुली दलील مِّن from min
from رَّبِّكُمْ ۖ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से هَـٰذِهِۦ ये hādhihi
ये نَاقَةُ ऊँटनी है nāqatu
ऊँटनी है ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए ءَايَةًۭ ۖ एक निशानी āyatan
एक निशानी فَذَرُوهَا पस छोड़ दो उसे fadharūhā
पस छोड़ दो उसे تَأْكُلْ वो चरती फिरे takul
वो चरती फिरे فِىٓ on fī
on أَرْضِ ज़मीन में arḍi
ज़मीन में ٱللَّهِ ۖ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की وَلَا और ना walā
और ना تَمَسُّوهَا तुम छूना उसे tamassūhā
तुम छूना उसे بِسُوٓءٍۢ साथ बुराई के bisūin
साथ बुराई के فَيَأْخُذَكُمْ वरना पकड़ लेगा तुम्हें fayakhudhakum
वरना पकड़ लेगा तुम्हें عَذَابٌ अज़ाब ʿadhābun
अज़ाब أَلِيمٌۭ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक ٧٣ (73)
(73)
और समूद1 की ओर उनके भाई सालेह़ को (भेजा)। उसने कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! अल्लाह की इबादत करो। उसके सिवा तुम्हारा कोई पूज्य नहीं। निःसंदेह तुम्हारे पास तुम्हारे पालनहार की ओर से एक स्पष्ट प्रमाण आ चुका है। यह अल्लाह की ऊँटनी तुम्हारे लिए एक निशानी2 के रूप में है। अतः इसे छोड़ दो कि अल्लाह की धरती में खाती फिरे और इसे बुरे इरादे से हाथ न लगाना, अन्यथा तुम्हें एक दुःखदायी यातना घेर लेगी।
७:७४
وَٱذْكُرُوٓا۟
और याद करो
wa-udh'kurū
और याद करो إِذْ जब idh
जब جَعَلَكُمْ उसने बनाया तुम्हें jaʿalakum
उसने बनाया तुम्हें خُلَفَآءَ जानशीन khulafāa
जानशीन مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद عَادٍۢ आद के ʿādin
आद के وَبَوَّأَكُمْ और उसने ठिकाना दिया तुम्हें wabawwa-akum
और उसने ठिकाना दिया तुम्हें فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में تَتَّخِذُونَ तुम बनाते हो tattakhidhūna
तुम बनाते हो مِن from min
from سُهُولِهَا उसकी नर्म मिट्टी से suhūlihā
उसकी नर्म मिट्टी से قُصُورًۭا महल्लात quṣūran
महल्लात وَتَنْحِتُونَ और तुम तराशते हो watanḥitūna
और तुम तराशते हो ٱلْجِبَالَ पहाड़ों को l-jibāla
पहाड़ों को بُيُوتًۭا ۖ घरों में buyūtan
घरों में فَٱذْكُرُوٓا۟ पस याद करो fa-udh'kurū
पस याद करो ءَالَآءَ नेअमतों को ālāa
नेअमतों को ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की وَلَا और ना walā
और ना تَعْثَوْا۟ तुम फ़साद करो taʿthaw
तुम फ़साद करो فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में مُفْسِدِينَ मुफ़सिद बनकर muf'sidīna
मुफ़सिद बनकर ٧٤ (74)
(74)
और याद करो إِذْ जब idh
जब جَعَلَكُمْ उसने बनाया तुम्हें jaʿalakum
उसने बनाया तुम्हें خُلَفَآءَ जानशीन khulafāa
जानशीन مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद عَادٍۢ आद के ʿādin
आद के وَبَوَّأَكُمْ और उसने ठिकाना दिया तुम्हें wabawwa-akum
और उसने ठिकाना दिया तुम्हें فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में تَتَّخِذُونَ तुम बनाते हो tattakhidhūna
तुम बनाते हो مِن from min
from سُهُولِهَا उसकी नर्म मिट्टी से suhūlihā
उसकी नर्म मिट्टी से قُصُورًۭا महल्लात quṣūran
महल्लात وَتَنْحِتُونَ और तुम तराशते हो watanḥitūna
और तुम तराशते हो ٱلْجِبَالَ पहाड़ों को l-jibāla
पहाड़ों को بُيُوتًۭا ۖ घरों में buyūtan
घरों में فَٱذْكُرُوٓا۟ पस याद करो fa-udh'kurū
पस याद करो ءَالَآءَ नेअमतों को ālāa
नेअमतों को ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की وَلَا और ना walā
और ना تَعْثَوْا۟ तुम फ़साद करो taʿthaw
तुम फ़साद करो فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में مُفْسِدِينَ मुफ़सिद बनकर muf'sidīna
मुफ़सिद बनकर ٧٤ (74)
(74)
तथा याद करो जब उसने तुम्हें आद जाति के पश्चात् उत्तराधिकारी बनाया और तुम्हें धरती में बसाया, तुम उसके समतल भागों में भवन बनाते हो और पहाड़ों को घरों के रूप में तराशते हो। अतः अल्लाह की नेमतों को याद करो और धरती में बिगाड़ पैदा करते न फिरो।
७:७५
قَالَ
कहा
qāla
कहा ٱلْمَلَأُ सरदारों ने l-mala-u
सरदारों ने ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने ٱسْتَكْبَرُوا۟ तकब्बुर किया is'takbarū
तकब्बुर किया مِن among min
among قَوْمِهِۦ उसकी क़ौम में से qawmihi
उसकी क़ौम में से لِلَّذِينَ उन्हें जो lilladhīna
उन्हें जो ٱسْتُضْعِفُوا۟ कमज़ोर समझे जाते थे us'tuḍ'ʿifū
कमज़ोर समझे जाते थे لِمَنْ उनको जो liman
उनको जो ءَامَنَ ईमान ले आए थे āmana
ईमान ले आए थे مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से أَتَعْلَمُونَ क्या तुम जानते हो ataʿlamūna
क्या तुम जानते हो أَنَّ बेशक anna
बेशक صَـٰلِحًۭا सालेह ṣāliḥan
सालेह مُّرْسَلٌۭ भेजा हुआ है mur'salun
भेजा हुआ है مِّن from min
from رَّبِّهِۦ ۚ अपने रब की तरफ़ से rabbihi
अपने रब की तरफ़ से قَالُوٓا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम بِمَآ साथ उस चीज़ के जो bimā
साथ उस चीज़ के जो أُرْسِلَ वो भेजा गया ur'sila
वो भेजा गया بِهِۦ उस पर bihi
उस पर مُؤْمِنُونَ ईमान लाने वाले हैं mu'minūna
ईमान लाने वाले हैं ٧٥ (75)
(75)
कहा ٱلْمَلَأُ सरदारों ने l-mala-u
सरदारों ने ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने ٱسْتَكْبَرُوا۟ तकब्बुर किया is'takbarū
तकब्बुर किया مِن among min
among قَوْمِهِۦ उसकी क़ौम में से qawmihi
उसकी क़ौम में से لِلَّذِينَ उन्हें जो lilladhīna
उन्हें जो ٱسْتُضْعِفُوا۟ कमज़ोर समझे जाते थे us'tuḍ'ʿifū
कमज़ोर समझे जाते थे لِمَنْ उनको जो liman
उनको जो ءَامَنَ ईमान ले आए थे āmana
ईमान ले आए थे مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से أَتَعْلَمُونَ क्या तुम जानते हो ataʿlamūna
क्या तुम जानते हो أَنَّ बेशक anna
बेशक صَـٰلِحًۭا सालेह ṣāliḥan
सालेह مُّرْسَلٌۭ भेजा हुआ है mur'salun
भेजा हुआ है مِّن from min
from رَّبِّهِۦ ۚ अपने रब की तरफ़ से rabbihi
अपने रब की तरफ़ से قَالُوٓا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम بِمَآ साथ उस चीज़ के जो bimā
साथ उस चीज़ के जो أُرْسِلَ वो भेजा गया ur'sila
वो भेजा गया بِهِۦ उस पर bihi
उस पर مُؤْمِنُونَ ईमान लाने वाले हैं mu'minūna
ईमान लाने वाले हैं ٧٥ (75)
(75)
उसकी जाति के उन सरदारों ने जो बड़े बने हुए थे, उन लोगों से जो निर्बल समझे जाते थे, जो उनमें से ईमान लाए थे, कहा : क्या तुम जानते हो कि सचमुच सालेह़ अपने रब की ओर से भेजा हुआ है? उन्होंने कहा : निःसंदेह हम जो कुछ उसे देकर भेजा गया है उसपर ईमान लाने वाले हैं।
७:७६
قَالَ
कहा
qāla
कहा ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जिन्होंने alladhīna
उन लोगों ने जिन्होंने ٱسْتَكْبَرُوٓا۟ तकब्बुर किया is'takbarū
तकब्बुर किया إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम بِٱلَّذِىٓ जिस चीज़ पर bi-alladhī
जिस चीज़ पर ءَامَنتُم तुम ईमान लाए हो āmantum
तुम ईमान लाए हो بِهِۦ उसका bihi
उसका كَـٰفِرُونَ इन्कार करने वाले हैं kāfirūna
इन्कार करने वाले हैं ٧٦ (76)
(76)
कहा ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जिन्होंने alladhīna
उन लोगों ने जिन्होंने ٱسْتَكْبَرُوٓا۟ तकब्बुर किया is'takbarū
तकब्बुर किया إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम بِٱلَّذِىٓ जिस चीज़ पर bi-alladhī
जिस चीज़ पर ءَامَنتُم तुम ईमान लाए हो āmantum
तुम ईमान लाए हो بِهِۦ उसका bihi
उसका كَـٰفِرُونَ इन्कार करने वाले हैं kāfirūna
इन्कार करने वाले हैं ٧٦ (76)
(76)
जो लोग बड़े बने हुए थे1, उन्होंने कहा : निःसंदेह हम उसका इनकार करने वाले हैं, जिसपर तुम ईमान लाए हो।
७:७७
فَعَقَرُوا۟
पस उन्होंने कूँचें काट डालीं
faʿaqarū
पस उन्होंने कूँचें काट डालीं ٱلنَّاقَةَ ऊँटनी की l-nāqata
ऊँटनी की وَعَتَوْا۟ और उन्होंने सरकशी की waʿataw
और उन्होंने सरकशी की عَنْ towards ʿan
towards أَمْرِ हुक्म से amri
हुक्म से رَبِّهِمْ अपने रब के rabbihim
अपने रब के وَقَالُوا۟ और उन्होंने कहा waqālū
और उन्होंने कहा يَـٰصَـٰلِحُ ऐ सालेह yāṣāliḥu
ऐ सालेह ٱئْتِنَا ले आ हमारे पास i'tinā
ले आ हमारे पास بِمَا जिसकी bimā
जिसकी تَعِدُنَآ तू धमकी देता है हमें taʿidunā
तू धमकी देता है हमें إِن अगर in
अगर كُنتَ है तू kunta
है तू مِنَ of mina
of ٱلْمُرْسَلِينَ रसूलों में से l-mur'salīna
रसूलों में से ٧٧ (77)
(77)
पस उन्होंने कूँचें काट डालीं ٱلنَّاقَةَ ऊँटनी की l-nāqata
ऊँटनी की وَعَتَوْا۟ और उन्होंने सरकशी की waʿataw
और उन्होंने सरकशी की عَنْ towards ʿan
towards أَمْرِ हुक्म से amri
हुक्म से رَبِّهِمْ अपने रब के rabbihim
अपने रब के وَقَالُوا۟ और उन्होंने कहा waqālū
और उन्होंने कहा يَـٰصَـٰلِحُ ऐ सालेह yāṣāliḥu
ऐ सालेह ٱئْتِنَا ले आ हमारे पास i'tinā
ले आ हमारे पास بِمَا जिसकी bimā
जिसकी تَعِدُنَآ तू धमकी देता है हमें taʿidunā
तू धमकी देता है हमें إِن अगर in
अगर كُنتَ है तू kunta
है तू مِنَ of mina
of ٱلْمُرْسَلِينَ रसूलों में से l-mur'salīna
रसूलों में से ٧٧ (77)
(77)
फिर उन्होंने ऊँटनी की हत्या कर दी और अपने पालनहार की आज्ञा का उल्लंघन किया, और उन्होंने कहा : ऐ सालेह! तू हमें जिसकी धमकी देता है, वह हमपर ले आ, यदि तू रसूलों में से है।
७:७८
فَأَخَذَتْهُمُ
पस पकड़ लिया उन्हें
fa-akhadhathumu
पस पकड़ लिया उन्हें ٱلرَّجْفَةُ ज़लज़ले ने l-rajfatu
ज़लज़ले ने فَأَصْبَحُوا۟ तो वो हो गए fa-aṣbaḥū
तो वो हो गए فِى in fī
in دَارِهِمْ अपने घरों में dārihim
अपने घरों में جَـٰثِمِينَ औंधे मुँह गिरने वाले jāthimīna
औंधे मुँह गिरने वाले ٧٨ (78)
(78)
पस पकड़ लिया उन्हें ٱلرَّجْفَةُ ज़लज़ले ने l-rajfatu
ज़लज़ले ने فَأَصْبَحُوا۟ तो वो हो गए fa-aṣbaḥū
तो वो हो गए فِى in fī
in دَارِهِمْ अपने घरों में dārihim
अपने घरों में جَـٰثِمِينَ औंधे मुँह गिरने वाले jāthimīna
औंधे मुँह गिरने वाले ٧٨ (78)
(78)
तो उन्हें भूकंप ने पकड़ लिया, तो वे अपने घरों में औंधे पड़े रह गए।
७:७९
فَتَوَلَّىٰ
पस वो मुँह मोड़ कर चला गया
fatawallā
पस वो मुँह मोड़ कर चला गया عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे وَقَالَ और कहा waqāla
और कहा يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम لَقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ أَبْلَغْتُكُمْ पहुँचा दिया था मैंने तुम्हें ablaghtukum
पहुँचा दिया था मैंने तुम्हें رِسَالَةَ पैग़ाम risālata
पैग़ाम رَبِّى अपने रब का rabbī
अपने रब का وَنَصَحْتُ और ख़ैरख़्वाही की मैंने wanaṣaḥtu
और ख़ैरख़्वाही की मैंने لَكُمْ तुम्हारी lakum
तुम्हारी وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन لَّا not lā
not تُحِبُّونَ नहीं तुम पसंद करते tuḥibbūna
नहीं तुम पसंद करते ٱلنَّـٰصِحِينَ नसीहत करने वालों को l-nāṣiḥīna
नसीहत करने वालों को ٧٩ (79)
(79)
पस वो मुँह मोड़ कर चला गया عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे وَقَالَ और कहा waqāla
और कहा يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम لَقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ أَبْلَغْتُكُمْ पहुँचा दिया था मैंने तुम्हें ablaghtukum
पहुँचा दिया था मैंने तुम्हें رِسَالَةَ पैग़ाम risālata
पैग़ाम رَبِّى अपने रब का rabbī
अपने रब का وَنَصَحْتُ और ख़ैरख़्वाही की मैंने wanaṣaḥtu
और ख़ैरख़्वाही की मैंने لَكُمْ तुम्हारी lakum
तुम्हारी وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन لَّا not lā
not تُحِبُّونَ नहीं तुम पसंद करते tuḥibbūna
नहीं तुम पसंद करते ٱلنَّـٰصِحِينَ नसीहत करने वालों को l-nāṣiḥīna
नसीहत करने वालों को ٧٩ (79)
(79)
तो सालेह़ ने उनसे मुँह मोड़ लिया और कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! मैंने तुम्हें अपने पालनहार का संदेश पहुँचा दिया और मैंने तुम्हारे लिए मंगलकामना की, लेकिन तुम शुभचिंतकों को पसंद नहीं करते।
७:८०
وَلُوطًا
और लूत को (भेजा)
walūṭan
और लूत को (भेजा) إِذْ जब idh
जब قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा لِقَوْمِهِۦٓ अपनी क़ौम से liqawmihi
अपनी क़ौम से أَتَأْتُونَ क्या तुम आते हो atatūna
क्या तुम आते हो ٱلْفَـٰحِشَةَ बेहयाई को l-fāḥishata
बेहयाई को مَا नहीं mā
नहीं سَبَقَكُم सबक़त की तुम पर sabaqakum
सबक़त की तुम पर بِهَا साथ इसके bihā
साथ इसके مِنْ any min
any أَحَدٍۢ किसी एक ने aḥadin
किसी एक ने مِّنَ of mina
of ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहान वालों में से l-ʿālamīna
तमाम जहान वालों में से ٨٠ (80)
(80)
और लूत को (भेजा) إِذْ जब idh
जब قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा لِقَوْمِهِۦٓ अपनी क़ौम से liqawmihi
अपनी क़ौम से أَتَأْتُونَ क्या तुम आते हो atatūna
क्या तुम आते हो ٱلْفَـٰحِشَةَ बेहयाई को l-fāḥishata
बेहयाई को مَا नहीं mā
नहीं سَبَقَكُم सबक़त की तुम पर sabaqakum
सबक़त की तुम पर بِهَا साथ इसके bihā
साथ इसके مِنْ any min
any أَحَدٍۢ किसी एक ने aḥadin
किसी एक ने مِّنَ of mina
of ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहान वालों में से l-ʿālamīna
तमाम जहान वालों में से ٨٠ (80)
(80)
तथा लूत1 को (भेजा), जब उसने अपनी जाति से कहा : क्या तुम ऐसी निर्लज्जता का कार्य करते हो, जिसे तुमसे पहले दुनिया में किसी ने नहीं किया?
७:८१
إِنَّكُمْ
बेशक तुम
innakum
बेशक तुम لَتَأْتُونَ अलबत्ता तुम आते हो latatūna
अलबत्ता तुम आते हो ٱلرِّجَالَ मर्दों के पास l-rijāla
मर्दों के पास شَهْوَةًۭ शहवत के लिए shahwatan
शहवत के लिए مِّن from min
from دُونِ अलावा dūni
अलावा ٱلنِّسَآءِ ۚ औरतों के l-nisāi
औरतों के بَلْ बल्कि bal
बल्कि أَنتُمْ तुम antum
तुम قَوْمٌۭ लोग हो qawmun
लोग हो مُّسْرِفُونَ हद से गुज़रने वाले mus'rifūna
हद से गुज़रने वाले ٨١ (81)
(81)
बेशक तुम لَتَأْتُونَ अलबत्ता तुम आते हो latatūna
अलबत्ता तुम आते हो ٱلرِّجَالَ मर्दों के पास l-rijāla
मर्दों के पास شَهْوَةًۭ शहवत के लिए shahwatan
शहवत के लिए مِّن from min
from دُونِ अलावा dūni
अलावा ٱلنِّسَآءِ ۚ औरतों के l-nisāi
औरतों के بَلْ बल्कि bal
बल्कि أَنتُمْ तुम antum
तुम قَوْمٌۭ लोग हो qawmun
लोग हो مُّسْرِفُونَ हद से गुज़रने वाले mus'rifūna
हद से गुज़रने वाले ٨١ (81)
(81)
निःसंदेह तुम स्त्रियों को छोड़कर काम-वासना की पूर्ति के लिए पुरुषों के पास आते हो। बल्कि तुम सीमा का उल्लंघन1 करने वाले हो।
७:८२
وَمَا
और ना
wamā
और ना كَانَ था kāna
था جَوَابَ जवाब jawāba
जवाब قَوْمِهِۦٓ उसकी क़ौम का qawmihi
उसकी क़ौम का إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि قَالُوٓا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा أَخْرِجُوهُم निकाल दो उन्हें akhrijūhum
निकाल दो उन्हें مِّن of min
of قَرْيَتِكُمْ ۖ अपनी बस्ती से qaryatikum
अपनी बस्ती से إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो أُنَاسٌۭ कुछ लोग हैं unāsun
कुछ लोग हैं يَتَطَهَّرُونَ जो बहुत पाक बनते हैं yataṭahharūna
जो बहुत पाक बनते हैं ٨٢ (82)
(82)
और ना كَانَ था kāna
था جَوَابَ जवाब jawāba
जवाब قَوْمِهِۦٓ उसकी क़ौम का qawmihi
उसकी क़ौम का إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि قَالُوٓا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा أَخْرِجُوهُم निकाल दो उन्हें akhrijūhum
निकाल दो उन्हें مِّن of min
of قَرْيَتِكُمْ ۖ अपनी बस्ती से qaryatikum
अपनी बस्ती से إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो أُنَاسٌۭ कुछ लोग हैं unāsun
कुछ लोग हैं يَتَطَهَّرُونَ जो बहुत पाक बनते हैं yataṭahharūna
जो बहुत पाक बनते हैं ٨٢ (82)
(82)
और उसकी जाति का उत्तर इसके सिवा कुछ न था कि उन्होंने कहा : इन्हें अपनी बस्ती से बाहर निकालो। निःसंदेह ये ऐसे लोग हैं जो बड़े पाक बनते हैं।
७:८३
فَأَنجَيْنَـٰهُ
पस निजात दी हमने उसे
fa-anjaynāhu
पस निजात दी हमने उसे وَأَهْلَهُۥٓ और उसके घर वालों को wa-ahlahu
और उसके घर वालों को إِلَّا सिवाय illā
सिवाय ٱمْرَأَتَهُۥ उसकी बीवी के im'ra-atahu
उसकी बीवी के كَانَتْ थी वो kānat
थी वो مِنَ of mina
of ٱلْغَـٰبِرِينَ पीछे रह जाने वालों में से l-ghābirīna
पीछे रह जाने वालों में से ٨٣ (83)
(83)
पस निजात दी हमने उसे وَأَهْلَهُۥٓ और उसके घर वालों को wa-ahlahu
और उसके घर वालों को إِلَّا सिवाय illā
सिवाय ٱمْرَأَتَهُۥ उसकी बीवी के im'ra-atahu
उसकी बीवी के كَانَتْ थी वो kānat
थी वो مِنَ of mina
of ٱلْغَـٰبِرِينَ पीछे रह जाने वालों में से l-ghābirīna
पीछे रह जाने वालों में से ٨٣ (83)
(83)
तो हमने उसे तथा उसके घर वालों को बचा लिया, उसकी पत्नी को छोड़कर, वह पीछे रहने वालों में से थी।
७:८४
وَأَمْطَرْنَا
और बरसाई हमने
wa-amṭarnā
और बरसाई हमने عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर مَّطَرًۭا ۖ एक बारिश maṭaran
एक बारिश فَٱنظُرْ तो देखो fa-unẓur
तो देखो كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह كَانَ हुआ kāna
हुआ عَـٰقِبَةُ अंजाम ʿāqibatu
अंजाम ٱلْمُجْرِمِينَ मुजरिमों का l-muj'rimīna
मुजरिमों का ٨٤ (84)
(84)
और बरसाई हमने عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर مَّطَرًۭا ۖ एक बारिश maṭaran
एक बारिश فَٱنظُرْ तो देखो fa-unẓur
तो देखो كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह كَانَ हुआ kāna
हुआ عَـٰقِبَةُ अंजाम ʿāqibatu
अंजाम ٱلْمُجْرِمِينَ मुजरिमों का l-muj'rimīna
मुजरिमों का ٨٤ (84)
(84)
और हमने उनपर (पत्थरों की) भारी बारिश बरसाई। तो देखो अपराधियों का परिणाम कैसा हुआ?
७:८५
وَإِلَىٰ
And to
wa-ilā
And to مَدْيَنَ और तरफ़ मदयन के madyana
और तरफ़ मदयन के أَخَاهُمْ उनके भाई akhāhum
उनके भाई شُعَيْبًۭا ۗ शुऐब को (भेजा) shuʿayban
शुऐब को (भेजा) قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम ٱعْبُدُوا۟ इबादत करो uʿ'budū
इबादत करो ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की مَا नहीं है mā
नहीं है لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّنْ any min
any إِلَـٰهٍ कोई इलाह (बरहक़) ilāhin
कोई इलाह (बरहक़) غَيْرُهُۥ ۖ उसके सिवा ghayruhu
उसके सिवा قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ جَآءَتْكُم आ चुकी तुम्हारे पास jāatkum
आ चुकी तुम्हारे पास بَيِّنَةٌۭ वाज़ेह दलील bayyinatun
वाज़ेह दलील مِّن from min
from رَّبِّكُمْ ۖ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से فَأَوْفُوا۟ पस पूरा करो fa-awfū
पस पूरा करो ٱلْكَيْلَ नाप l-kayla
नाप وَٱلْمِيزَانَ और तौल को wal-mīzāna
और तौल को وَلَا और ना walā
और ना تَبْخَسُوا۟ तुम कम करके दो tabkhasū
तुम कम करके दो ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को أَشْيَآءَهُمْ चीज़ें उनकी ashyāahum
चीज़ें उनकी وَلَا और ना walā
और ना تُفْسِدُوا۟ तुम फ़साद करो tuf'sidū
तुम फ़साद करो فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में بَعْدَ बाद baʿda
बाद إِصْلَـٰحِهَا ۚ उसकी इस्लाह के iṣ'lāḥihā
उसकी इस्लाह के ذَٰلِكُمْ ये बात dhālikum
ये बात خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है لَّكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए إِن अगर in
अगर كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम مُّؤْمِنِينَ ईमान वाले mu'minīna
ईमान वाले ٨٥ (85)
(85)
And to مَدْيَنَ और तरफ़ मदयन के madyana
और तरफ़ मदयन के أَخَاهُمْ उनके भाई akhāhum
उनके भाई شُعَيْبًۭا ۗ शुऐब को (भेजा) shuʿayban
शुऐब को (भेजा) قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम ٱعْبُدُوا۟ इबादत करो uʿ'budū
इबादत करो ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की مَا नहीं है mā
नहीं है لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّنْ any min
any إِلَـٰهٍ कोई इलाह (बरहक़) ilāhin
कोई इलाह (बरहक़) غَيْرُهُۥ ۖ उसके सिवा ghayruhu
उसके सिवा قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ جَآءَتْكُم आ चुकी तुम्हारे पास jāatkum
आ चुकी तुम्हारे पास بَيِّنَةٌۭ वाज़ेह दलील bayyinatun
वाज़ेह दलील مِّن from min
from رَّبِّكُمْ ۖ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से فَأَوْفُوا۟ पस पूरा करो fa-awfū
पस पूरा करो ٱلْكَيْلَ नाप l-kayla
नाप وَٱلْمِيزَانَ और तौल को wal-mīzāna
और तौल को وَلَا और ना walā
और ना تَبْخَسُوا۟ तुम कम करके दो tabkhasū
तुम कम करके दो ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को أَشْيَآءَهُمْ चीज़ें उनकी ashyāahum
चीज़ें उनकी وَلَا और ना walā
और ना تُفْسِدُوا۟ तुम फ़साद करो tuf'sidū
तुम फ़साद करो فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में بَعْدَ बाद baʿda
बाद إِصْلَـٰحِهَا ۚ उसकी इस्लाह के iṣ'lāḥihā
उसकी इस्लाह के ذَٰلِكُمْ ये बात dhālikum
ये बात خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है لَّكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए إِن अगर in
अगर كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम مُّؤْمِنِينَ ईमान वाले mu'minīna
ईमान वाले ٨٥ (85)
(85)
तथा मद्यन1 की ओर उनके भाई शुऐब को (भेजा)। उसने कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! अल्लाह की इबादत करो, उसके सिवा तुम्हारा कोई पूज्य नहीं। निःसंदेह तुम्हारे पास तुम्हारे पालनहार की ओर से एक स्पष्ट प्रमाण आ चुका है। अतः पूरा-पूरा नाप और तौलकर दो और लोगों की चीज़ों में कमी न करो। तथा धरती में उसके सुधार के पश्चात बिगाड़ न फैलाओ। यही तुम्हारे लिए बेहतर है, यदि तुम ईमानवाले हो।
७:८६
وَلَا
और ना
walā
और ना تَقْعُدُوا۟ तुम बैठो taqʿudū
तुम बैठो بِكُلِّ on every bikulli
on every صِرَٰطٍۢ हर रास्ते पर ṣirāṭin
हर रास्ते पर تُوعِدُونَ तुम धमकाते हो tūʿidūna
तुम धमकाते हो وَتَصُدُّونَ और तुम रोकते हो wataṣuddūna
और तुम रोकते हो عَن from ʿan
from سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते से l-lahi
अल्लाह के रास्ते से مَنْ उसे जो man
उसे जो ءَامَنَ ईमान लाया āmana
ईमान लाया بِهِۦ उस पर bihi
उस पर وَتَبْغُونَهَا और तुम तलाश करते हो उसमें watabghūnahā
और तुम तलाश करते हो उसमें عِوَجًۭا ۚ टेढ़ापन ʿiwajan
टेढ़ापन وَٱذْكُرُوٓا۟ और याद करो wa-udh'kurū
और याद करो إِذْ जब idh
जब كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम قَلِيلًۭا थोड़े qalīlan
थोड़े فَكَثَّرَكُمْ ۖ तो उसने ज़्यादा कर दिया तुम्हें fakatharakum
तो उसने ज़्यादा कर दिया तुम्हें وَٱنظُرُوا۟ और देखो wa-unẓurū
और देखो كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह كَانَ हुआ kāna
हुआ عَـٰقِبَةُ अंजाम ʿāqibatu
अंजाम ٱلْمُفْسِدِينَ फ़साद करने वालों का l-muf'sidīna
फ़साद करने वालों का ٨٦ (86)
(86)
और ना تَقْعُدُوا۟ तुम बैठो taqʿudū
तुम बैठो بِكُلِّ on every bikulli
on every صِرَٰطٍۢ हर रास्ते पर ṣirāṭin
हर रास्ते पर تُوعِدُونَ तुम धमकाते हो tūʿidūna
तुम धमकाते हो وَتَصُدُّونَ और तुम रोकते हो wataṣuddūna
और तुम रोकते हो عَن from ʿan
from سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते से l-lahi
अल्लाह के रास्ते से مَنْ उसे जो man
उसे जो ءَامَنَ ईमान लाया āmana
ईमान लाया بِهِۦ उस पर bihi
उस पर وَتَبْغُونَهَا और तुम तलाश करते हो उसमें watabghūnahā
और तुम तलाश करते हो उसमें عِوَجًۭا ۚ टेढ़ापन ʿiwajan
टेढ़ापन وَٱذْكُرُوٓا۟ और याद करो wa-udh'kurū
और याद करो إِذْ जब idh
जब كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम قَلِيلًۭا थोड़े qalīlan
थोड़े فَكَثَّرَكُمْ ۖ तो उसने ज़्यादा कर दिया तुम्हें fakatharakum
तो उसने ज़्यादा कर दिया तुम्हें وَٱنظُرُوا۟ और देखो wa-unẓurū
और देखो كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह كَانَ हुआ kāna
हुआ عَـٰقِبَةُ अंजाम ʿāqibatu
अंजाम ٱلْمُفْسِدِينَ फ़साद करने वालों का l-muf'sidīna
फ़साद करने वालों का ٨٦ (86)
(86)
तथा प्रत्येक मार्ग पर न बैठो कि (लोगों को) धमकाते हो और उसको अल्लाह के रास्ते रोकते हो, जो उसपर ईमान लाए1, और उसमें टेढ़ापन खोजते हो। तथा याद करो जब तुम थोड़े थे, तो उसने तुम्हें अधिक कर दिया। तथा देखो बिगाड़ पैदा करने वालों का परिणाम कैसा हुआ?
७:८७
وَإِن
और अगरचे
wa-in
और अगरचे كَانَ है kāna
है طَآئِفَةٌۭ एक गिरोह ṭāifatun
एक गिरोह مِّنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से ءَامَنُوا۟ जो ईमान लाया āmanū
जो ईमान लाया بِٱلَّذِىٓ उस चीज़ पर जो bi-alladhī
उस चीज़ पर जो أُرْسِلْتُ भेजा गया हूँ मैं ur'sil'tu
भेजा गया हूँ मैं بِهِۦ साथ जिसके bihi
साथ जिसके وَطَآئِفَةٌۭ और एक गिरोह waṭāifatun
और एक गिरोह لَّمْ नहीं lam
नहीं يُؤْمِنُوا۟ वो ईमान लाया yu'minū
वो ईमान लाया فَٱصْبِرُوا۟ पस सब्र करो fa-iṣ'birū
पस सब्र करो حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَحْكُمَ फ़ैसला कर दे yaḥkuma
फ़ैसला कर दे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بَيْنَنَا ۚ दर्मियान हमारे baynanā
दर्मियान हमारे وَهُوَ और वो wahuwa
और वो خَيْرُ बेहतरीन है khayru
बेहतरीन है ٱلْحَـٰكِمِينَ फ़ैसला करने वालों में l-ḥākimīna
फ़ैसला करने वालों में ٨٧ (87)
(87)
और अगरचे كَانَ है kāna
है طَآئِفَةٌۭ एक गिरोह ṭāifatun
एक गिरोह مِّنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से ءَامَنُوا۟ जो ईमान लाया āmanū
जो ईमान लाया بِٱلَّذِىٓ उस चीज़ पर जो bi-alladhī
उस चीज़ पर जो أُرْسِلْتُ भेजा गया हूँ मैं ur'sil'tu
भेजा गया हूँ मैं بِهِۦ साथ जिसके bihi
साथ जिसके وَطَآئِفَةٌۭ और एक गिरोह waṭāifatun
और एक गिरोह لَّمْ नहीं lam
नहीं يُؤْمِنُوا۟ वो ईमान लाया yu'minū
वो ईमान लाया فَٱصْبِرُوا۟ पस सब्र करो fa-iṣ'birū
पस सब्र करो حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَحْكُمَ फ़ैसला कर दे yaḥkuma
फ़ैसला कर दे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بَيْنَنَا ۚ दर्मियान हमारे baynanā
दर्मियान हमारे وَهُوَ और वो wahuwa
और वो خَيْرُ बेहतरीन है khayru
बेहतरीन है ٱلْحَـٰكِمِينَ फ़ैसला करने वालों में l-ḥākimīna
फ़ैसला करने वालों में ٨٧ (87)
(87)
और यदि तुममें से एक समूह उसपर ईमान लाया है, जिसके साथ मैं भेजा गया हूँ और दूसरा समूह ईमान नहीं लाया, तो तुम धैर्य रखो, यहाँ तक कि अल्लाह हमारे बीच निर्णय कर दे और वह सब निर्णय करने वालों से बेहतर है।
७:८८
۞ قَالَ
कहा
qāla
कहा ٱلْمَلَأُ सरदारों ने l-mala-u
सरदारों ने ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने ٱسْتَكْبَرُوا۟ तकब्बुर किया is'takbarū
तकब्बुर किया مِن among min
among قَوْمِهِۦ उसकी क़ौम में से qawmihi
उसकी क़ौम में से لَنُخْرِجَنَّكَ अलबत्ता हम ज़रूर निकाल देंगे तुझे lanukh'rijannaka
अलबत्ता हम ज़रूर निकाल देंगे तुझे يَـٰشُعَيْبُ ऐ शुऐब yāshuʿaybu
ऐ शुऐब وَٱلَّذِينَ और उन्हें जो wa-alladhīna
और उन्हें जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हैं āmanū
ईमान लाए हैं مَعَكَ साथ तेरे maʿaka
साथ तेरे مِن from min
from قَرْيَتِنَآ अपनी बस्ती से qaryatinā
अपनी बस्ती से أَوْ या aw
या لَتَعُودُنَّ अलबत्ता तुम ज़रूर पलटोगे lataʿūdunna
अलबत्ता तुम ज़रूर पलटोगे فِى to fī
to مِلَّتِنَا ۚ हमारी मिल्लत में millatinā
हमारी मिल्लत में قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा أَوَلَوْ क्या भला अगरचे awalaw
क्या भला अगरचे كُنَّا हों हम kunnā
हों हम كَـٰرِهِينَ नापसंद करने वाले kārihīna
नापसंद करने वाले ٨٨ (88)
(88)
कहा ٱلْمَلَأُ सरदारों ने l-mala-u
सरदारों ने ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने ٱسْتَكْبَرُوا۟ तकब्बुर किया is'takbarū
तकब्बुर किया مِن among min
among قَوْمِهِۦ उसकी क़ौम में से qawmihi
उसकी क़ौम में से لَنُخْرِجَنَّكَ अलबत्ता हम ज़रूर निकाल देंगे तुझे lanukh'rijannaka
अलबत्ता हम ज़रूर निकाल देंगे तुझे يَـٰشُعَيْبُ ऐ शुऐब yāshuʿaybu
ऐ शुऐब وَٱلَّذِينَ और उन्हें जो wa-alladhīna
और उन्हें जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हैं āmanū
ईमान लाए हैं مَعَكَ साथ तेरे maʿaka
साथ तेरे مِن from min
from قَرْيَتِنَآ अपनी बस्ती से qaryatinā
अपनी बस्ती से أَوْ या aw
या لَتَعُودُنَّ अलबत्ता तुम ज़रूर पलटोगे lataʿūdunna
अलबत्ता तुम ज़रूर पलटोगे فِى to fī
to مِلَّتِنَا ۚ हमारी मिल्लत में millatinā
हमारी मिल्लत में قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा أَوَلَوْ क्या भला अगरचे awalaw
क्या भला अगरचे كُنَّا हों हम kunnā
हों हम كَـٰرِهِينَ नापसंद करने वाले kārihīna
नापसंद करने वाले ٨٨ (88)
(88)
उसकी जाति के उन प्रमुखों ने कहा जो बड़े बने हुए थे कि ऐ शुऐब! हम तुझे तथा उन लोगों को जो तेरे साथ ईमान लाए हैं, अपने नगर से अवश्य ही निकाल देंगे, या हर हाल में तुम हमारे धर्म में वापस आओगे। (शुऐब ने) कहा : क्या अगरचे हम नापसंद करने वाले हों?
७:८९
قَدِ
तहक़ीक़
qadi
तहक़ीक़ ٱفْتَرَيْنَا गढ़ लिया हमने if'taraynā
गढ़ लिया हमने عَلَى against ʿalā
against ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर كَذِبًا झूठ kadhiban
झूठ إِنْ अगर in
अगर عُدْنَا पलटें हम ʿud'nā
पलटें हम فِى in fī
in مِلَّتِكُم तुम्हारी मिल्लत में millatikum
तुम्हारी मिल्लत में بَعْدَ बाद इसके baʿda
बाद इसके إِذْ जब idh
जब نَجَّىٰنَا निजात दी हमें najjānā
निजात दी हमें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مِنْهَا ۚ उससे min'hā
उससे وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَكُونُ है (जायज़) yakūnu
है (जायज़) لَنَآ हमारे लिए lanā
हमारे लिए أَن कि an
कि نَّعُودَ हम पलटें naʿūda
हम पलटें فِيهَآ उसमें fīhā
उसमें إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि يَشَآءَ चाहे yashāa
चाहे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह رَبُّنَا ۚ जो रब है हमारा rabbunā
जो रब है हमारा وَسِعَ घेर रखा है wasiʿa
घेर रखा है رَبُّنَا हमारे रब ने rabbunā
हमारे रब ने كُلَّ हर kulla
हर شَىْءٍ चीज़ पर shayin
चीज़ पर عِلْمًا ۚ इल्म के ऐतबार से ʿil'man
इल्म के ऐतबार से عَلَى Upon ʿalā
Upon ٱللَّهِ अल्लाह ही पर l-lahi
अल्लाह ही पर تَوَكَّلْنَا ۚ तवक्कल किया हमने tawakkalnā
तवक्कल किया हमने رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब ٱفْتَحْ फ़ैसला कर दे if'taḥ
फ़ैसला कर दे بَيْنَنَا दर्मियान हमारे baynanā
दर्मियान हमारे وَبَيْنَ और दर्मियान wabayna
और दर्मियान قَوْمِنَا हमारी क़ौम के qawminā
हमारी क़ौम के بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के وَأَنتَ और तू wa-anta
और तू خَيْرُ बेहतर है khayru
बेहतर है ٱلْفَـٰتِحِينَ सब फ़ैसला करने वालों से l-fātiḥīna
सब फ़ैसला करने वालों से ٨٩ (89)
(89)
तहक़ीक़ ٱفْتَرَيْنَا गढ़ लिया हमने if'taraynā
गढ़ लिया हमने عَلَى against ʿalā
against ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर كَذِبًا झूठ kadhiban
झूठ إِنْ अगर in
अगर عُدْنَا पलटें हम ʿud'nā
पलटें हम فِى in fī
in مِلَّتِكُم तुम्हारी मिल्लत में millatikum
तुम्हारी मिल्लत में بَعْدَ बाद इसके baʿda
बाद इसके إِذْ जब idh
जब نَجَّىٰنَا निजात दी हमें najjānā
निजात दी हमें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مِنْهَا ۚ उससे min'hā
उससे وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَكُونُ है (जायज़) yakūnu
है (जायज़) لَنَآ हमारे लिए lanā
हमारे लिए أَن कि an
कि نَّعُودَ हम पलटें naʿūda
हम पलटें فِيهَآ उसमें fīhā
उसमें إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि يَشَآءَ चाहे yashāa
चाहे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह رَبُّنَا ۚ जो रब है हमारा rabbunā
जो रब है हमारा وَسِعَ घेर रखा है wasiʿa
घेर रखा है رَبُّنَا हमारे रब ने rabbunā
हमारे रब ने كُلَّ हर kulla
हर شَىْءٍ चीज़ पर shayin
चीज़ पर عِلْمًا ۚ इल्म के ऐतबार से ʿil'man
इल्म के ऐतबार से عَلَى Upon ʿalā
Upon ٱللَّهِ अल्लाह ही पर l-lahi
अल्लाह ही पर تَوَكَّلْنَا ۚ तवक्कल किया हमने tawakkalnā
तवक्कल किया हमने رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब ٱفْتَحْ फ़ैसला कर दे if'taḥ
फ़ैसला कर दे بَيْنَنَا दर्मियान हमारे baynanā
दर्मियान हमारे وَبَيْنَ और दर्मियान wabayna
और दर्मियान قَوْمِنَا हमारी क़ौम के qawminā
हमारी क़ौम के بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के وَأَنتَ और तू wa-anta
और तू خَيْرُ बेहतर है khayru
बेहतर है ٱلْفَـٰتِحِينَ सब फ़ैसला करने वालों से l-fātiḥīna
सब फ़ैसला करने वालों से ٨٩ (89)
(89)
निश्चय हमने अल्लाह पर झूठ गढ़ा यदि हम तुम्हारे धर्म में फिर आ जाएँ, इसके बाद कि अल्लाह ने हमें उससे बचा लिया। और हमारे लिए संभव नहीं कि हम उसमें फिर आ जाएँ, परंतु यह कि हमारा पालनहार अल्लाह ही ऐसा चाहे। हमारा पालनहार प्रत्येक वस्तु को अपने ज्ञान के घेरे में लिए हुए है। हमने अल्लाह ही पर भरोसा किया। ऐ हमारे पालनहार! हमारे और हमारी जाति के बीच न्याय के साथ निर्णय कर दे। और तू सब निर्णय करने वालों से बेहतर है।
७:९०
وَقَالَ
और कहा
waqāla
और कहा ٱلْمَلَأُ सरदारों ने l-mala-u
सरदारों ने ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया مِن among min
among قَوْمِهِۦ उसकी क़ौम में से qawmihi
उसकी क़ौम में से لَئِنِ अलबत्ता अगर la-ini
अलबत्ता अगर ٱتَّبَعْتُمْ पैरवी की तुमने ittabaʿtum
पैरवी की तुमने شُعَيْبًا शुऐब की shuʿayban
शुऐब की إِنَّكُمْ बेशक तुम innakum
बेशक तुम إِذًۭا तब idhan
तब لَّخَـٰسِرُونَ अलबत्ता ख़सारा पाने वाले हो lakhāsirūna
अलबत्ता ख़सारा पाने वाले हो ٩٠ (90)
(90)
और कहा ٱلْمَلَأُ सरदारों ने l-mala-u
सरदारों ने ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया مِن among min
among قَوْمِهِۦ उसकी क़ौम में से qawmihi
उसकी क़ौम में से لَئِنِ अलबत्ता अगर la-ini
अलबत्ता अगर ٱتَّبَعْتُمْ पैरवी की तुमने ittabaʿtum
पैरवी की तुमने شُعَيْبًا शुऐब की shuʿayban
शुऐब की إِنَّكُمْ बेशक तुम innakum
बेशक तुम إِذًۭا तब idhan
तब لَّخَـٰسِرُونَ अलबत्ता ख़सारा पाने वाले हो lakhāsirūna
अलबत्ता ख़सारा पाने वाले हो ٩٠ (90)
(90)
तथा उसकी जाति के काफ़िर प्रमुखों ने कहा कि यदि तुम शुऐब के पीछे चले, तो निःसंदेह तुम उस समय अवश्य घाटा उठाने वाले हो।
७:९१
فَأَخَذَتْهُمُ
पस पकड़ लिया उन्हें
fa-akhadhathumu
पस पकड़ लिया उन्हें ٱلرَّجْفَةُ ज़लज़ले ने l-rajfatu
ज़लज़ले ने فَأَصْبَحُوا۟ तो उन्होंने सुबह की fa-aṣbaḥū
तो उन्होंने सुबह की فِى in fī
in دَارِهِمْ अपने घरों में dārihim
अपने घरों में جَـٰثِمِينَ औंधे मुँह jāthimīna
औंधे मुँह ٩١ (91)
(91)
पस पकड़ लिया उन्हें ٱلرَّجْفَةُ ज़लज़ले ने l-rajfatu
ज़लज़ले ने فَأَصْبَحُوا۟ तो उन्होंने सुबह की fa-aṣbaḥū
तो उन्होंने सुबह की فِى in fī
in دَارِهِمْ अपने घरों में dārihim
अपने घरों में جَـٰثِمِينَ औंधे मुँह jāthimīna
औंधे मुँह ٩١ (91)
(91)
तो उन्हें भूकंप ने पकड़ लिया, तो वे अपने घरों में औंधे पड़े रह गए।
७:९२
ٱلَّذِينَ
वो जिन्होंने
alladhīna
वो जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया شُعَيْبًۭا शुऐब को shuʿayban
शुऐब को كَأَن गोया कि ka-an
गोया कि لَّمْ ना lam
ना يَغْنَوْا۟ वो बसे थे yaghnaw
वो बसे थे فِيهَا ۚ उनमें fīhā
उनमें ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया شُعَيْبًۭا शुऐब को shuʿayban
शुऐब को كَانُوا۟ थे kānū
थे هُمُ वो ही humu
वो ही ٱلْخَـٰسِرِينَ ख़सारा पाने वाले l-khāsirīna
ख़सारा पाने वाले ٩٢ (92)
(92)
वो जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया شُعَيْبًۭا शुऐब को shuʿayban
शुऐब को كَأَن गोया कि ka-an
गोया कि لَّمْ ना lam
ना يَغْنَوْا۟ वो बसे थे yaghnaw
वो बसे थे فِيهَا ۚ उनमें fīhā
उनमें ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया شُعَيْبًۭا शुऐब को shuʿayban
शुऐब को كَانُوا۟ थे kānū
थे هُمُ वो ही humu
वो ही ٱلْخَـٰسِرِينَ ख़सारा पाने वाले l-khāsirīna
ख़सारा पाने वाले ٩٢ (92)
(92)
जिन लोगों ने शुऐब को झुठलाया (वे ऐसे हो गए कि) मानो कभी वे उन (घरों) में बसे ही न थे। जिन लोगों ने शुऐब को झुठलाया, वही लोग घाटा उठाने वाले थे।
७:९३
فَتَوَلَّىٰ
तो उसने मुँह फेर लिया
fatawallā
तो उसने मुँह फेर लिया عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे وَقَالَ और कहा waqāla
और कहा يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम لَقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ أَبْلَغْتُكُمْ पहुँचा दिए मैंने तुम्हें ablaghtukum
पहुँचा दिए मैंने तुम्हें رِسَـٰلَـٰتِ पैग़ामात risālāti
पैग़ामात رَبِّى अपने रब के rabbī
अपने रब के وَنَصَحْتُ और ख़ैरख़्वाही की मैंने wanaṣaḥtu
और ख़ैरख़्वाही की मैंने لَكُمْ ۖ तुम्हारी lakum
तुम्हारी فَكَيْفَ तो क्यों कर fakayfa
तो क्यों कर ءَاسَىٰ मैं अफ़सोस करूँ āsā
मैं अफ़सोस करूँ عَلَىٰ for ʿalā
for قَوْمٍۢ ऐसे लोगों पर qawmin
ऐसे लोगों पर كَـٰفِرِينَ जो काफ़िर हैं kāfirīna
जो काफ़िर हैं ٩٣ (93)
(93)
तो उसने मुँह फेर लिया عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे وَقَالَ और कहा waqāla
और कहा يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम لَقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ أَبْلَغْتُكُمْ पहुँचा दिए मैंने तुम्हें ablaghtukum
पहुँचा दिए मैंने तुम्हें رِسَـٰلَـٰتِ पैग़ामात risālāti
पैग़ामात رَبِّى अपने रब के rabbī
अपने रब के وَنَصَحْتُ और ख़ैरख़्वाही की मैंने wanaṣaḥtu
और ख़ैरख़्वाही की मैंने لَكُمْ ۖ तुम्हारी lakum
तुम्हारी فَكَيْفَ तो क्यों कर fakayfa
तो क्यों कर ءَاسَىٰ मैं अफ़सोस करूँ āsā
मैं अफ़सोस करूँ عَلَىٰ for ʿalā
for قَوْمٍۢ ऐसे लोगों पर qawmin
ऐसे लोगों पर كَـٰفِرِينَ जो काफ़िर हैं kāfirīna
जो काफ़िर हैं ٩٣ (93)
(93)
तो शुऐब उनसे विमुख हो गए और कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! मैंने तुम्हें अपने पालनहार के संदेश पहुँचा दिए, तथा मैं तुम्हारा हितकारी रहा। तो फिर मैं काफ़िर जाति (के विनाश) पर कैसे शोक करूँ?
७:९४
وَمَآ
और नहीं
wamā
और नहीं أَرْسَلْنَا भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने فِى in fī
in قَرْيَةٍۢ किसी बस्ती में qaryatin
किसी बस्ती में مِّن any min
any نَّبِىٍّ कोई नबी nabiyyin
कोई नबी إِلَّآ मगर illā
मगर أَخَذْنَآ पकड़ लिया हमने akhadhnā
पकड़ लिया हमने أَهْلَهَا उसके रहने वालों को ahlahā
उसके रहने वालों को بِٱلْبَأْسَآءِ साथ सख़्ती bil-basāi
साथ सख़्ती وَٱلضَّرَّآءِ और तकलीफ़ के wal-ḍarāi
और तकलीफ़ के لَعَلَّهُمْ ताकि वो laʿallahum
ताकि वो يَضَّرَّعُونَ वो गिड़ गिड़ाऐं/आजिज़ी करें yaḍḍarraʿūna
वो गिड़ गिड़ाऐं/आजिज़ी करें ٩٤ (94)
(94)
और नहीं أَرْسَلْنَا भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने فِى in fī
in قَرْيَةٍۢ किसी बस्ती में qaryatin
किसी बस्ती में مِّن any min
any نَّبِىٍّ कोई नबी nabiyyin
कोई नबी إِلَّآ मगर illā
मगर أَخَذْنَآ पकड़ लिया हमने akhadhnā
पकड़ लिया हमने أَهْلَهَا उसके रहने वालों को ahlahā
उसके रहने वालों को بِٱلْبَأْسَآءِ साथ सख़्ती bil-basāi
साथ सख़्ती وَٱلضَّرَّآءِ और तकलीफ़ के wal-ḍarāi
और तकलीफ़ के لَعَلَّهُمْ ताकि वो laʿallahum
ताकि वो يَضَّرَّعُونَ वो गिड़ गिड़ाऐं/आजिज़ी करें yaḍḍarraʿūna
वो गिड़ गिड़ाऐं/आजिज़ी करें ٩٤ (94)
(94)
तथा हमने जिस बस्ती में भी कोई नबी भेजा, तो उसके वासियों को तंगी और कष्ट से ग्रस्त कर दिया ताकि वे गिड़गिड़ाएँ।1
७:९५
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर بَدَّلْنَا बदल दिया हमने baddalnā
बदल दिया हमने مَكَانَ जगह makāna
जगह ٱلسَّيِّئَةِ बुराई के l-sayi-ati
बुराई के ٱلْحَسَنَةَ भलाई को l-ḥasanata
भलाई को حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि عَفَوا۟ वो ज़्यादा हो गए ʿafaw
वो ज़्यादा हो गए وَّقَالُوا۟ और वो कहने लगे waqālū
और वो कहने लगे قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ مَسَّ पहुँची थी massa
पहुँची थी ءَابَآءَنَا हमारे आबा ओ अजदाद को (भी) ābāanā
हमारे आबा ओ अजदाद को (भी) ٱلضَّرَّآءُ तकलीफ़ l-ḍarāu
तकलीफ़ وَٱلسَّرَّآءُ और ख़ुशी wal-sarāu
और ख़ुशी فَأَخَذْنَـٰهُم तो पकड़ लिया हमने उन्हें fa-akhadhnāhum
तो पकड़ लिया हमने उन्हें بَغْتَةًۭ अचानक baghtatan
अचानक وَهُمْ और वो wahum
और वो لَا (did) not lā
(did) not يَشْعُرُونَ वो शऊर ना रखते थे yashʿurūna
वो शऊर ना रखते थे ٩٥ (95)
(95)
फिर بَدَّلْنَا बदल दिया हमने baddalnā
बदल दिया हमने مَكَانَ जगह makāna
जगह ٱلسَّيِّئَةِ बुराई के l-sayi-ati
बुराई के ٱلْحَسَنَةَ भलाई को l-ḥasanata
भलाई को حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि عَفَوا۟ वो ज़्यादा हो गए ʿafaw
वो ज़्यादा हो गए وَّقَالُوا۟ और वो कहने लगे waqālū
और वो कहने लगे قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ مَسَّ पहुँची थी massa
पहुँची थी ءَابَآءَنَا हमारे आबा ओ अजदाद को (भी) ābāanā
हमारे आबा ओ अजदाद को (भी) ٱلضَّرَّآءُ तकलीफ़ l-ḍarāu
तकलीफ़ وَٱلسَّرَّآءُ और ख़ुशी wal-sarāu
और ख़ुशी فَأَخَذْنَـٰهُم तो पकड़ लिया हमने उन्हें fa-akhadhnāhum
तो पकड़ लिया हमने उन्हें بَغْتَةًۭ अचानक baghtatan
अचानक وَهُمْ और वो wahum
और वो لَا (did) not lā
(did) not يَشْعُرُونَ वो शऊर ना रखते थे yashʿurūna
वो शऊर ना रखते थे ٩٥ (95)
(95)
फिर हमने उस खराब स्थिति को अच्छी स्थिति में बदल दिया, यहाँ तक कि वे (संख्या और धन में) बहुत बढ़ गए और उन्होंने कहा यह दुख और सुख हमारे बाप-दादा को भी पहुँचा था। तो हमने उन्हें अचानक इस हाल में पकड़ लिया कि वे सोचते न थे।
७:९६
وَلَوْ
और अगर
walaw
और अगर أَنَّ बेशक anna
बेशक أَهْلَ people ahla
people ٱلْقُرَىٰٓ बस्तियों वाले l-qurā
बस्तियों वाले ءَامَنُوا۟ ईमान ले आते āmanū
ईमान ले आते وَٱتَّقَوْا۟ और तक़वा करते wa-ittaqaw
और तक़वा करते لَفَتَحْنَا अलबत्ता खोल देते हम lafataḥnā
अलबत्ता खोल देते हम عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर بَرَكَـٰتٍۢ बरकतें barakātin
बरकतें مِّنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन से wal-arḍi
और ज़मीन से وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन كَذَّبُوا۟ उन्होंने झुठलाया kadhabū
उन्होंने झुठलाया فَأَخَذْنَـٰهُم तो पकड़ लिया हमने उन्हें fa-akhadhnāhum
तो पकड़ लिया हमने उन्हें بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَكْسِبُونَ वो कमाई करते yaksibūna
वो कमाई करते ٩٦ (96)
(96)
और अगर أَنَّ बेशक anna
बेशक أَهْلَ people ahla
people ٱلْقُرَىٰٓ बस्तियों वाले l-qurā
बस्तियों वाले ءَامَنُوا۟ ईमान ले आते āmanū
ईमान ले आते وَٱتَّقَوْا۟ और तक़वा करते wa-ittaqaw
और तक़वा करते لَفَتَحْنَا अलबत्ता खोल देते हम lafataḥnā
अलबत्ता खोल देते हम عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर بَرَكَـٰتٍۢ बरकतें barakātin
बरकतें مِّنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन से wal-arḍi
और ज़मीन से وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन كَذَّبُوا۟ उन्होंने झुठलाया kadhabū
उन्होंने झुठलाया فَأَخَذْنَـٰهُم तो पकड़ लिया हमने उन्हें fa-akhadhnāhum
तो पकड़ लिया हमने उन्हें بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَكْسِبُونَ वो कमाई करते yaksibūna
वो कमाई करते ٩٦ (96)
(96)
और यदि इन बस्तियों के वासी ईमान ले आते और डरते, तो हम अवश्य ही उनपर आकाश और धरती की बरकतों के द्वार खोल देते, परन्तु उन्होंने झुठला दिया। अतः हमने उनकी करतूतों के कारण उन्हें पकड़ लिया।
७:९७
أَفَأَمِنَ
क्या भला बेख़ौफ़ हो गए
afa-amina
क्या भला बेख़ौफ़ हो गए أَهْلُ (the) people ahlu
(the) people ٱلْقُرَىٰٓ बस्तियों वाले l-qurā
बस्तियों वाले أَن कि an
कि يَأْتِيَهُم आ जाए उन पर yatiyahum
आ जाए उन पर بَأْسُنَا अज़ाब हमारा basunā
अज़ाब हमारा بَيَـٰتًۭا रात को bayātan
रात को وَهُمْ और वो wahum
और वो نَآئِمُونَ सो रहे हों nāimūna
सो रहे हों ٩٧ (97)
(97)
क्या भला बेख़ौफ़ हो गए أَهْلُ (the) people ahlu
(the) people ٱلْقُرَىٰٓ बस्तियों वाले l-qurā
बस्तियों वाले أَن कि an
कि يَأْتِيَهُم आ जाए उन पर yatiyahum
आ जाए उन पर بَأْسُنَا अज़ाब हमारा basunā
अज़ाब हमारा بَيَـٰتًۭا रात को bayātan
रात को وَهُمْ और वो wahum
और वो نَآئِمُونَ सो रहे हों nāimūna
सो रहे हों ٩٧ (97)
(97)
क्या फिर इन बस्तियों के वासी इस बात से निश्चिंत हो गए हैं कि उनपर हमारी यातना रात के समय आ जाए, जबकि वे सोए हुए हों?
७:९८
أَوَأَمِنَ
या क्या बेख़ौफ़ हो गए
awa-amina
या क्या बेख़ौफ़ हो गए أَهْلُ (the) people ahlu
(the) people ٱلْقُرَىٰٓ बस्तियों वाले l-qurā
बस्तियों वाले أَن कि an
कि يَأْتِيَهُم आ जाए उन पर yatiyahum
आ जाए उन पर بَأْسُنَا अज़ाब हमारा basunā
अज़ाब हमारा ضُحًۭى चाश्त के वक़्त ḍuḥan
चाश्त के वक़्त وَهُمْ और वो wahum
और वो يَلْعَبُونَ वो खेलते हों yalʿabūna
वो खेलते हों ٩٨ (98)
(98)
या क्या बेख़ौफ़ हो गए أَهْلُ (the) people ahlu
(the) people ٱلْقُرَىٰٓ बस्तियों वाले l-qurā
बस्तियों वाले أَن कि an
कि يَأْتِيَهُم आ जाए उन पर yatiyahum
आ जाए उन पर بَأْسُنَا अज़ाब हमारा basunā
अज़ाब हमारा ضُحًۭى चाश्त के वक़्त ḍuḥan
चाश्त के वक़्त وَهُمْ और वो wahum
और वो يَلْعَبُونَ वो खेलते हों yalʿabūna
वो खेलते हों ٩٨ (98)
(98)
और क्या नगर वासी इस बात से निश्चिंत हो गए हैं कि उनपर हमारी यातना दिन चढ़े आ जाए और वे खेल रहे हों?
७:९९
أَفَأَمِنُوا۟
क्या भला वो बेख़ौफ़ हो गए
afa-aminū
क्या भला वो बेख़ौफ़ हो गए مَكْرَ (from the) plan makra
(from the) plan ٱللَّهِ ۚ अल्लाह की तदबीर से l-lahi
अल्लाह की तदबीर से فَلَا पस नहीं falā
पस नहीं يَأْمَنُ बेख़ौफ़ हुआ करते yamanu
बेख़ौफ़ हुआ करते مَكْرَ (from the) plan makra
(from the) plan ٱللَّهِ अल्लाह की तदबीर से l-lahi
अल्लाह की तदबीर से إِلَّا मगर illā
मगर ٱلْقَوْمُ वो लोग l-qawmu
वो लोग ٱلْخَـٰسِرُونَ जो ख़सारा पाने वाले हैं l-khāsirūna
जो ख़सारा पाने वाले हैं ٩٩ (99)
(99)
क्या भला वो बेख़ौफ़ हो गए مَكْرَ (from the) plan makra
(from the) plan ٱللَّهِ ۚ अल्लाह की तदबीर से l-lahi
अल्लाह की तदबीर से فَلَا पस नहीं falā
पस नहीं يَأْمَنُ बेख़ौफ़ हुआ करते yamanu
बेख़ौफ़ हुआ करते مَكْرَ (from the) plan makra
(from the) plan ٱللَّهِ अल्लाह की तदबीर से l-lahi
अल्लाह की तदबीर से إِلَّا मगर illā
मगर ٱلْقَوْمُ वो लोग l-qawmu
वो लोग ٱلْخَـٰسِرُونَ जो ख़सारा पाने वाले हैं l-khāsirūna
जो ख़सारा पाने वाले हैं ٩٩ (99)
(99)
तो क्या वे अल्लाह के गुप्त उपाय से निश्चिंत हो गए हैं? तो (याद रखो!) अल्लाह के गुप्त उपाय से वही लोग निश्चिंत होते हैं, जो घाटा उठाने वाले हैं।
७:१००
أَوَلَمْ
क्या भला नहीं
awalam
क्या भला नहीं يَهْدِ रहनुमाई की yahdi
रहनुमाई की لِلَّذِينَ उन लोगों की जो lilladhīna
उन लोगों की जो يَرِثُونَ वारिस बनते हैं yarithūna
वारिस बनते हैं ٱلْأَرْضَ ज़मीन के l-arḍa
ज़मीन के مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद أَهْلِهَآ उसके रहने वालों के ahlihā
उसके रहने वालों के أَن कि (इस बात ने ) an
कि (इस बात ने ) لَّوْ अगर law
अगर نَشَآءُ हम चाहें nashāu
हम चाहें أَصَبْنَـٰهُم पकड़ लें हम उन्हें aṣabnāhum
पकड़ लें हम उन्हें بِذُنُوبِهِمْ ۚ बवजह उनके गुनाहों के bidhunūbihim
बवजह उनके गुनाहों के وَنَطْبَعُ और हम मोहर लगा दें wanaṭbaʿu
और हम मोहर लगा दें عَلَىٰ over ʿalā
over قُلُوبِهِمْ उनके दिलों पर qulūbihim
उनके दिलों पर فَهُمْ फिर वो fahum
फिर वो لَا (do) not lā
(do) not يَسْمَعُونَ ना वो सुनें yasmaʿūna
ना वो सुनें ١٠٠ (100)
(100)
क्या भला नहीं يَهْدِ रहनुमाई की yahdi
रहनुमाई की لِلَّذِينَ उन लोगों की जो lilladhīna
उन लोगों की जो يَرِثُونَ वारिस बनते हैं yarithūna
वारिस बनते हैं ٱلْأَرْضَ ज़मीन के l-arḍa
ज़मीन के مِنۢ from min
from بَعْدِ बाद baʿdi
बाद أَهْلِهَآ उसके रहने वालों के ahlihā
उसके रहने वालों के أَن कि (इस बात ने ) an
कि (इस बात ने ) لَّوْ अगर law
अगर نَشَآءُ हम चाहें nashāu
हम चाहें أَصَبْنَـٰهُم पकड़ लें हम उन्हें aṣabnāhum
पकड़ लें हम उन्हें بِذُنُوبِهِمْ ۚ बवजह उनके गुनाहों के bidhunūbihim
बवजह उनके गुनाहों के وَنَطْبَعُ और हम मोहर लगा दें wanaṭbaʿu
और हम मोहर लगा दें عَلَىٰ over ʿalā
over قُلُوبِهِمْ उनके दिलों पर qulūbihim
उनके दिलों पर فَهُمْ फिर वो fahum
फिर वो لَا (do) not lā
(do) not يَسْمَعُونَ ना वो सुनें yasmaʿūna
ना वो सुनें ١٠٠ (100)
(100)
तो क्या उन लोगों के लिए यह तथ्य स्पष्ट नहीं हुआ, जो धरती के अगले वासियों के बाद उसके वारिस हुए कि यदि हम चाहें, तो उन्हें उनके पापों के कारण पकड़ लें और उनके दिलों पर मुहर लगा दें, फिर वे कोई बात न सुन सकें?
७:१०१
تِلْكَ
ये
til'ka
ये ٱلْقُرَىٰ बस्तियाँ हैं l-qurā
बस्तियाँ हैं نَقُصُّ हम बयान कर रहे हैं naquṣṣu
हम बयान कर रहे हैं عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर مِنْ of min
of أَنۢبَآئِهَا ۚ उनकी ख़बरों में से anbāihā
उनकी ख़बरों में से وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ جَآءَتْهُمْ आए उनके पास jāathum
आए उनके पास رُسُلُهُم रसूल उनके rusuluhum
रसूल उनके بِٱلْبَيِّنَـٰتِ साथ खुली निशानियों के bil-bayināti
साथ खुली निशानियों के فَمَا पस ना famā
पस ना كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो لِيُؤْمِنُوا۟ कि वो ईमान लाते liyu'minū
कि वो ईमान लाते بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَذَّبُوا۟ उन्होंने झुठलाया kadhabū
उन्होंने झुठलाया مِن from min
from قَبْلُ ۚ इस से पहले qablu
इस से पहले كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह يَطْبَعُ मोहर लगा देता है yaṭbaʿu
मोहर लगा देता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلَىٰ on ʿalā
on قُلُوبِ दिलों पर qulūbi
दिलों पर ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों के l-kāfirīna
काफ़िरों के ١٠١ (101)
(101)
ये ٱلْقُرَىٰ बस्तियाँ हैं l-qurā
बस्तियाँ हैं نَقُصُّ हम बयान कर रहे हैं naquṣṣu
हम बयान कर रहे हैं عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर مِنْ of min
of أَنۢبَآئِهَا ۚ उनकी ख़बरों में से anbāihā
उनकी ख़बरों में से وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ جَآءَتْهُمْ आए उनके पास jāathum
आए उनके पास رُسُلُهُم रसूल उनके rusuluhum
रसूल उनके بِٱلْبَيِّنَـٰتِ साथ खुली निशानियों के bil-bayināti
साथ खुली निशानियों के فَمَا पस ना famā
पस ना كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो لِيُؤْمِنُوا۟ कि वो ईमान लाते liyu'minū
कि वो ईमान लाते بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَذَّبُوا۟ उन्होंने झुठलाया kadhabū
उन्होंने झुठलाया مِن from min
from قَبْلُ ۚ इस से पहले qablu
इस से पहले كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह يَطْبَعُ मोहर लगा देता है yaṭbaʿu
मोहर लगा देता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلَىٰ on ʿalā
on قُلُوبِ दिलों पर qulūbi
दिलों पर ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों के l-kāfirīna
काफ़िरों के ١٠١ (101)
(101)
ये बस्तियाँ हैं, हम (ऐ नबी!) आपसे उनके कुछ वृत्तान्त सुना रहे हैं। निःसंदेह उनके पास उनके रसूल खुले प्रमाण लेकर आए, तो वे ऐसे न थे कि उस चीज़ पर ईमान ले आते, जिसे वे इससे पहले झुठला1 चुके थे। इसी प्रकार अल्लाह काफ़िरों के दिलों पर मुहर लगा देता है।
७:१०२
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं وَجَدْنَا पाया हमने wajadnā
पाया हमने لِأَكْثَرِهِم उनकी अक्सरियत के लिए li-aktharihim
उनकी अक्सरियत के लिए مِّنْ any min
any عَهْدٍۢ ۖ कोई अहद ʿahdin
कोई अहद وَإِن और बेशक wa-in
और बेशक وَجَدْنَآ पाया हमने wajadnā
पाया हमने أَكْثَرَهُمْ उनकी अक्सरियत को aktharahum
उनकी अक्सरियत को لَفَـٰسِقِينَ अलबत्ता फ़ासिक़ lafāsiqīna
अलबत्ता फ़ासिक़ ١٠٢ (102)
(102)
और नहीं وَجَدْنَا पाया हमने wajadnā
पाया हमने لِأَكْثَرِهِم उनकी अक्सरियत के लिए li-aktharihim
उनकी अक्सरियत के लिए مِّنْ any min
any عَهْدٍۢ ۖ कोई अहद ʿahdin
कोई अहद وَإِن और बेशक wa-in
और बेशक وَجَدْنَآ पाया हमने wajadnā
पाया हमने أَكْثَرَهُمْ उनकी अक्सरियत को aktharahum
उनकी अक्सरियत को لَفَـٰسِقِينَ अलबत्ता फ़ासिक़ lafāsiqīna
अलबत्ता फ़ासिक़ ١٠٢ (102)
(102)
और हमने उनमें से अधिकतर लोगों में प्रतिज्ञा पालन नहीं पाया1 तथा निःसंदेह हमने उनमें अधिकतर लोगों को अवज्ञाकारी ही पाया।
७:१०३
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर بَعَثْنَا भेजा हमने baʿathnā
भेजा हमने مِنۢ from min
from بَعْدِهِم बाद उनके baʿdihim
बाद उनके مُّوسَىٰ मूसा को mūsā
मूसा को بِـَٔايَـٰتِنَآ साथ अपनी निशानियों के biāyātinā
साथ अपनी निशानियों के إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ فِرْعَوْنَ फ़िरऔन के fir'ʿawna
फ़िरऔन के وَمَلَإِي۟هِۦ और उसके सरदारों के wamala-ihi
और उसके सरदारों के فَظَلَمُوا۟ तो उन्होंने ज़ुल्म किया faẓalamū
तो उन्होंने ज़ुल्म किया بِهَا ۖ साथ उनके bihā
साथ उनके فَٱنظُرْ पस देखिए fa-unẓur
पस देखिए كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह كَانَ हुआ kāna
हुआ عَـٰقِبَةُ अंजाम ʿāqibatu
अंजाम ٱلْمُفْسِدِينَ फ़साद करने वालों का l-muf'sidīna
फ़साद करने वालों का ١٠٣ (103)
(103)
फिर بَعَثْنَا भेजा हमने baʿathnā
भेजा हमने مِنۢ from min
from بَعْدِهِم बाद उनके baʿdihim
बाद उनके مُّوسَىٰ मूसा को mūsā
मूसा को بِـَٔايَـٰتِنَآ साथ अपनी निशानियों के biāyātinā
साथ अपनी निशानियों के إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ فِرْعَوْنَ फ़िरऔन के fir'ʿawna
फ़िरऔन के وَمَلَإِي۟هِۦ और उसके सरदारों के wamala-ihi
और उसके सरदारों के فَظَلَمُوا۟ तो उन्होंने ज़ुल्म किया faẓalamū
तो उन्होंने ज़ुल्म किया بِهَا ۖ साथ उनके bihā
साथ उनके فَٱنظُرْ पस देखिए fa-unẓur
पस देखिए كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह كَانَ हुआ kāna
हुआ عَـٰقِبَةُ अंजाम ʿāqibatu
अंजाम ٱلْمُفْسِدِينَ फ़साद करने वालों का l-muf'sidīna
फ़साद करने वालों का ١٠٣ (103)
(103)
फिर उन (रसूलों) के बाद, हमने मूसा को अपनी आयतों (चमत्कारों) के साथ फ़िरऔन1 और उसके प्रमुखों के पास भेजा। तो उन्होंने उन (आयतों) के साथ अन्याय किया। तो देख लो कि बिगाड़ पैदा करने वालों का परिणाम कैसा हुआ?
७:१०४
وَقَالَ
और कहा
waqāla
और कहा مُوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने يَـٰفِرْعَوْنُ ऐ फ़िरऔन yāfir'ʿawnu
ऐ फ़िरऔन إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं رَسُولٌۭ एक रसूल हूँ rasūlun
एक रसूल हूँ مِّن from min
from رَّبِّ (the) Lord rabbi
(the) Lord ٱلْعَـٰلَمِينَ रब्बुल आलमीन की तरफ़ से l-ʿālamīna
रब्बुल आलमीन की तरफ़ से ١٠٤ (104)
(104)
और कहा مُوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने يَـٰفِرْعَوْنُ ऐ फ़िरऔन yāfir'ʿawnu
ऐ फ़िरऔन إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं رَسُولٌۭ एक रसूल हूँ rasūlun
एक रसूल हूँ مِّن from min
from رَّبِّ (the) Lord rabbi
(the) Lord ٱلْعَـٰلَمِينَ रब्बुल आलमीन की तरफ़ से l-ʿālamīna
रब्बुल आलमीन की तरफ़ से ١٠٤ (104)
(104)
तथा मूसा ने कहा : ऐ फ़िरऔन! निःसंदेह मैं सर्व संसार के पालनहार की ओर से भेजा हुआ (रसूल) हूँ।
७:१०५
حَقِيقٌ
क़ायम हूँ
ḥaqīqun
क़ायम हूँ عَلَىٰٓ इस पर ʿalā
इस पर أَن कि an
कि لَّآ ना lā
ना أَقُولَ मैं कहूँ aqūla
मैं कहूँ عَلَى about ʿalā
about ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर إِلَّا मगर illā
मगर ٱلْحَقَّ ۚ हक़ (बात) l-ḥaqa
हक़ (बात) قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ جِئْتُكُم लाया हूँ मैं तुम्हारे पास ji'tukum
लाया हूँ मैं तुम्हारे पास بِبَيِّنَةٍۢ एक वाज़ेह निशानी bibayyinatin
एक वाज़ेह निशानी مِّن from min
from رَّبِّكُمْ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से فَأَرْسِلْ पस भेज दो fa-arsil
पस भेज दो مَعِىَ साथ मेरे maʿiya
साथ मेरे بَنِىٓ (the) Children banī
(the) Children إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल को is'rāīla
बनी इस्राईल को ١٠٥ (105)
(105)
क़ायम हूँ عَلَىٰٓ इस पर ʿalā
इस पर أَن कि an
कि لَّآ ना lā
ना أَقُولَ मैं कहूँ aqūla
मैं कहूँ عَلَى about ʿalā
about ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर إِلَّا मगर illā
मगर ٱلْحَقَّ ۚ हक़ (बात) l-ḥaqa
हक़ (बात) قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ جِئْتُكُم लाया हूँ मैं तुम्हारे पास ji'tukum
लाया हूँ मैं तुम्हारे पास بِبَيِّنَةٍۢ एक वाज़ेह निशानी bibayyinatin
एक वाज़ेह निशानी مِّن from min
from رَّبِّكُمْ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से فَأَرْسِلْ पस भेज दो fa-arsil
पस भेज दो مَعِىَ साथ मेरे maʿiya
साथ मेरे بَنِىٓ (the) Children banī
(the) Children إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल को is'rāīla
बनी इस्राईल को ١٠٥ (105)
(105)
मेरे लिए यही योग्य है कि अल्लाह पर सत्य के अतिरिक्त कोई बात न कहूँ। मैं तुम्हारे पास तुम्हारे पालनहार की ओर से एक खुला प्रमाण लाया हूँ। इसलिए बनी इसराई1 को मेरे साथ भेज दे।
७:१०६
قَالَ
उसने कहा
qāla
उसने कहा إِن अगर in
अगर كُنتَ है तू kunta
है तू جِئْتَ लाया तू ji'ta
लाया तू بِـَٔايَةٍۢ कोई निशानी biāyatin
कोई निशानी فَأْتِ तो ले आ fati
तो ले आ بِهَآ उसे bihā
उसे إِن अगर in
अगर كُنتَ है तू kunta
है तू مِنَ of mina
of ٱلصَّـٰدِقِينَ सच्चों में से l-ṣādiqīna
सच्चों में से ١٠٦ (106)
(106)
उसने कहा إِن अगर in
अगर كُنتَ है तू kunta
है तू جِئْتَ लाया तू ji'ta
लाया तू بِـَٔايَةٍۢ कोई निशानी biāyatin
कोई निशानी فَأْتِ तो ले आ fati
तो ले आ بِهَآ उसे bihā
उसे إِن अगर in
अगर كُنتَ है तू kunta
है तू مِنَ of mina
of ٱلصَّـٰدِقِينَ सच्चों में से l-ṣādiqīna
सच्चों में से ١٠٦ (106)
(106)
उसने कहा : यदि तुम कोई प्रमाण (चमत्कार) लाए हो, तो प्रस्तुत करो, यदि तुम सच्चों में से हो।
७:१०७
فَأَلْقَىٰ
तो उसने डाला
fa-alqā
तो उसने डाला عَصَاهُ असा अपना ʿaṣāhu
असा अपना فَإِذَا तो यकायक fa-idhā
तो यकायक هِىَ वो hiya
वो ثُعْبَانٌۭ अज़दहा था thuʿ'bānun
अज़दहा था مُّبِينٌۭ वाज़ेह mubīnun
वाज़ेह ١٠٧ (107)
(107)
तो उसने डाला عَصَاهُ असा अपना ʿaṣāhu
असा अपना فَإِذَا तो यकायक fa-idhā
तो यकायक هِىَ वो hiya
वो ثُعْبَانٌۭ अज़दहा था thuʿ'bānun
अज़दहा था مُّبِينٌۭ वाज़ेह mubīnun
वाज़ेह ١٠٧ (107)
(107)
फिर उसने अपनी लाठी फेंकी, तो अचानक वह एक प्रत्यक्ष अजगर बन गई।
७:१०८
وَنَزَعَ
और उसने बाहर निकाला
wanazaʿa
और उसने बाहर निकाला يَدَهُۥ हाथ अपना yadahu
हाथ अपना فَإِذَا तो यकायक fa-idhā
तो यकायक هِىَ वो hiya
वो بَيْضَآءُ सफ़ेद चमकता हुआ था bayḍāu
सफ़ेद चमकता हुआ था لِلنَّـٰظِرِينَ देखने वालों के लिए lilnnāẓirīna
देखने वालों के लिए ١٠٨ (108)
(108)
और उसने बाहर निकाला يَدَهُۥ हाथ अपना yadahu
हाथ अपना فَإِذَا तो यकायक fa-idhā
तो यकायक هِىَ वो hiya
वो بَيْضَآءُ सफ़ेद चमकता हुआ था bayḍāu
सफ़ेद चमकता हुआ था لِلنَّـٰظِرِينَ देखने वालों के लिए lilnnāẓirīna
देखने वालों के लिए ١٠٨ (108)
(108)
तथा अपना हाथ निकाला, तो अचानक वह देखने वालों के लिए चमक रहा था।
७:१०९
قَالَ
कहा
qāla
कहा ٱلْمَلَأُ सरदारों ने l-mala-u
सरदारों ने مِن of min
of قَوْمِ क़ौम में से qawmi
क़ौम में से فِرْعَوْنَ फ़िरऔन की fir'ʿawna
फ़िरऔन की إِنَّ बेशक inna
बेशक هَـٰذَا ये hādhā
ये لَسَـٰحِرٌ अलबत्ता जादूगर है lasāḥirun
अलबत्ता जादूगर है عَلِيمٌۭ ख़ूब इल्म रखने वाला ʿalīmun
ख़ूब इल्म रखने वाला ١٠٩ (109)
(109)
कहा ٱلْمَلَأُ सरदारों ने l-mala-u
सरदारों ने مِن of min
of قَوْمِ क़ौम में से qawmi
क़ौम में से فِرْعَوْنَ फ़िरऔन की fir'ʿawna
फ़िरऔन की إِنَّ बेशक inna
बेशक هَـٰذَا ये hādhā
ये لَسَـٰحِرٌ अलबत्ता जादूगर है lasāḥirun
अलबत्ता जादूगर है عَلِيمٌۭ ख़ूब इल्म रखने वाला ʿalīmun
ख़ूब इल्म रखने वाला ١٠٩ (109)
(109)
फ़िरऔन की जाति के प्रमुखों ने कहा : निश्चय यह तो एक दक्ष जादूगर है।
७:११०
يُرِيدُ
वो चाहता है
yurīdu
वो चाहता है أَن कि an
कि يُخْرِجَكُم वो निकाल दे तुम्हें yukh'rijakum
वो निकाल दे तुम्हें مِّنْ from min
from أَرْضِكُمْ ۖ तुम्हारी ज़मीन से arḍikum
तुम्हारी ज़मीन से فَمَاذَا तो क्या famādhā
तो क्या تَأْمُرُونَ तुम हुक्म (मशवरा ) देते हो tamurūna
तुम हुक्म (मशवरा ) देते हो ١١٠ (110)
(110)
वो चाहता है أَن कि an
कि يُخْرِجَكُم वो निकाल दे तुम्हें yukh'rijakum
वो निकाल दे तुम्हें مِّنْ from min
from أَرْضِكُمْ ۖ तुम्हारी ज़मीन से arḍikum
तुम्हारी ज़मीन से فَمَاذَا तो क्या famādhā
तो क्या تَأْمُرُونَ तुम हुक्म (मशवरा ) देते हो tamurūna
तुम हुक्म (मशवरा ) देते हो ١١٠ (110)
(110)
वह चाहता है कि तुम्हें तुम्हारी धरती से निकाल दे, तो तुम क्या आदेश देते हो?
७:१११
قَالُوٓا۟
उन्होंने कहा
qālū
उन्होंने कहा أَرْجِهْ इन्तिज़ार में रखो इसे arjih
इन्तिज़ार में रखो इसे وَأَخَاهُ और इसके भाई को wa-akhāhu
और इसके भाई को وَأَرْسِلْ और भेज दो wa-arsil
और भेज दो فِى in fī
in ٱلْمَدَآئِنِ शहरों में l-madāini
शहरों में حَـٰشِرِينَ इकट्ठा करने वाले ḥāshirīna
इकट्ठा करने वाले ١١١ (111)
(111)
उन्होंने कहा أَرْجِهْ इन्तिज़ार में रखो इसे arjih
इन्तिज़ार में रखो इसे وَأَخَاهُ और इसके भाई को wa-akhāhu
और इसके भाई को وَأَرْسِلْ और भेज दो wa-arsil
और भेज दो فِى in fī
in ٱلْمَدَآئِنِ शहरों में l-madāini
शहरों में حَـٰشِرِينَ इकट्ठा करने वाले ḥāshirīna
इकट्ठा करने वाले ١١١ (111)
(111)
उन्होंने कहा : इसे और इसके भाई के मामले को स्थगित कर दो और नगरों में जमा करने वाले भेज दो।
७:११२
يَأْتُوكَ
वो ले आऐंगे तेरे पास
yatūka
वो ले आऐंगे तेरे पास بِكُلِّ हर bikulli
हर سَـٰحِرٍ जादूगर sāḥirin
जादूगर عَلِيمٍۢ माहिर को ʿalīmin
माहिर को ١١٢ (112)
(112)
वो ले आऐंगे तेरे पास بِكُلِّ हर bikulli
हर سَـٰحِرٍ जादूगर sāḥirin
जादूगर عَلِيمٍۢ माहिर को ʿalīmin
माहिर को ١١٢ (112)
(112)
वे तेरे पास हर कुशल जादूगर ले आएँ।
७:११३
وَجَآءَ
और आए
wajāa
और आए ٱلسَّحَرَةُ जादूगर l-saḥaratu
जादूगर فِرْعَوْنَ फ़िरऔन के पास fir'ʿawna
फ़िरऔन के पास قَالُوٓا۟ वो कहने लगे qālū
वो कहने लगे إِنَّ बेशक inna
बेशक لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए لَأَجْرًا अलबत्ता अजर (इनाम ) होगा la-ajran
अलबत्ता अजर (इनाम ) होगा إِن अगर in
अगर كُنَّا हुए हम kunnā
हुए हम نَحْنُ हम naḥnu
हम ٱلْغَـٰلِبِينَ ग़ालिब l-ghālibīna
ग़ालिब ١١٣ (113)
(113)
और आए ٱلسَّحَرَةُ जादूगर l-saḥaratu
जादूगर فِرْعَوْنَ फ़िरऔन के पास fir'ʿawna
फ़िरऔन के पास قَالُوٓا۟ वो कहने लगे qālū
वो कहने लगे إِنَّ बेशक inna
बेशक لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए لَأَجْرًا अलबत्ता अजर (इनाम ) होगा la-ajran
अलबत्ता अजर (इनाम ) होगा إِن अगर in
अगर كُنَّا हुए हम kunnā
हुए हम نَحْنُ हम naḥnu
हम ٱلْغَـٰلِبِينَ ग़ालिब l-ghālibīna
ग़ालिब ١١٣ (113)
(113)
और जादूगर फ़िरऔन के पास आए। उन्होंने कहा : यदि हम ही विजयी हुए, तो निश्चय हमें अवश्य कुछ पुरस्कार मिलेगा?
७:११४
قَالَ
उसने कहा
qāla
उसने कहा نَعَمْ हाँ naʿam
हाँ وَإِنَّكُمْ और बेशक तुम wa-innakum
और बेशक तुम لَمِنَ surely (will be) of lamina
surely (will be) of ٱلْمُقَرَّبِينَ अलबत्ता मुक़र्रबीन में से होगे l-muqarabīna
अलबत्ता मुक़र्रबीन में से होगे ١١٤ (114)
(114)
उसने कहा نَعَمْ हाँ naʿam
हाँ وَإِنَّكُمْ और बेशक तुम wa-innakum
और बेशक तुम لَمِنَ surely (will be) of lamina
surely (will be) of ٱلْمُقَرَّبِينَ अलबत्ता मुक़र्रबीन में से होगे l-muqarabīna
अलबत्ता मुक़र्रबीन में से होगे ١١٤ (114)
(114)
उसने कहा : हाँ! और निश्चय तुम अवश्य निकटवर्तियों में से हो जाओगे ।
७:११५
قَالُوا۟
उन्होंने कहा
qālū
उन्होंने कहा يَـٰمُوسَىٰٓ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा إِمَّآ या immā
या أَن ये कि an
ये कि تُلْقِىَ तुम डालो tul'qiya
तुम डालो وَإِمَّآ और या wa-immā
और या أَن ये कि an
ये कि نَّكُونَ हम हों nakūna
हम हों نَحْنُ हम ही naḥnu
हम ही ٱلْمُلْقِينَ डालने वाले l-mul'qīna
डालने वाले ١١٥ (115)
(115)
उन्होंने कहा يَـٰمُوسَىٰٓ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा إِمَّآ या immā
या أَن ये कि an
ये कि تُلْقِىَ तुम डालो tul'qiya
तुम डालो وَإِمَّآ और या wa-immā
और या أَن ये कि an
ये कि نَّكُونَ हम हों nakūna
हम हों نَحْنُ हम ही naḥnu
हम ही ٱلْمُلْقِينَ डालने वाले l-mul'qīna
डालने वाले ١١٥ (115)
(115)
उन्होंने कहा : ऐ मूसा! या तो तुम (पहले) फेंको, या हम ही फेंकने वाले हों?
७:११६
قَالَ
उसने कहा
qāla
उसने कहा أَلْقُوا۟ ۖ तुम डालो alqū
तुम डालो فَلَمَّآ तो जब falammā
तो जब أَلْقَوْا۟ उन्होंने डाला alqaw
उन्होंने डाला سَحَرُوٓا۟ उन्होंने मसहूर कर दिया saḥarū
उन्होंने मसहूर कर दिया أَعْيُنَ निगाहों को aʿyuna
निगाहों को ٱلنَّاسِ लोगों की l-nāsi
लोगों की وَٱسْتَرْهَبُوهُمْ और उन्होंने ख़ौफ़ज़दा कर दिया उन्हें wa-is'tarhabūhum
और उन्होंने ख़ौफ़ज़दा कर दिया उन्हें وَجَآءُو और वो लाए wajāū
और वो लाए بِسِحْرٍ जादू bisiḥ'rin
जादू عَظِيمٍۢ बहुत बड़ा ʿaẓīmin
बहुत बड़ा ١١٦ (116)
(116)
उसने कहा أَلْقُوا۟ ۖ तुम डालो alqū
तुम डालो فَلَمَّآ तो जब falammā
तो जब أَلْقَوْا۟ उन्होंने डाला alqaw
उन्होंने डाला سَحَرُوٓا۟ उन्होंने मसहूर कर दिया saḥarū
उन्होंने मसहूर कर दिया أَعْيُنَ निगाहों को aʿyuna
निगाहों को ٱلنَّاسِ लोगों की l-nāsi
लोगों की وَٱسْتَرْهَبُوهُمْ और उन्होंने ख़ौफ़ज़दा कर दिया उन्हें wa-is'tarhabūhum
और उन्होंने ख़ौफ़ज़दा कर दिया उन्हें وَجَآءُو और वो लाए wajāū
और वो लाए بِسِحْرٍ जादू bisiḥ'rin
जादू عَظِيمٍۢ बहुत बड़ा ʿaẓīmin
बहुत बड़ा ١١٦ (116)
(116)
मूसा ने कहा : तुम्हीं फेंको। चुनाँचे जब उन्होंने (रस्सियाँ) फेंकीं, तो लोंगों की आँखों पर जादू कर दिया, और उन्हें सख़्त भयभीत कर दिया, और वे बहुत बड़ा जादू लेकर आए।
७:११७
۞ وَأَوْحَيْنَآ
और वही की हमने
wa-awḥaynā
और वही की हमने إِلَىٰ to ilā
to مُوسَىٰٓ तरफ़ मूसा के mūsā
तरफ़ मूसा के أَنْ ये कि an
ये कि أَلْقِ फेंको तुम alqi
फेंको तुम عَصَاكَ ۖ लाठी अपनी ʿaṣāka
लाठी अपनी فَإِذَا तो यकायक fa-idhā
तो यकायक هِىَ वो hiya
वो تَلْقَفُ वो निगल रही थी talqafu
वो निगल रही थी مَا उसे जो mā
उसे जो يَأْفِكُونَ वो गढ़ लाए थे yafikūna
वो गढ़ लाए थे ١١٧ (117)
(117)
और वही की हमने إِلَىٰ to ilā
to مُوسَىٰٓ तरफ़ मूसा के mūsā
तरफ़ मूसा के أَنْ ये कि an
ये कि أَلْقِ फेंको तुम alqi
फेंको तुम عَصَاكَ ۖ लाठी अपनी ʿaṣāka
लाठी अपनी فَإِذَا तो यकायक fa-idhā
तो यकायक هِىَ वो hiya
वो تَلْقَفُ वो निगल रही थी talqafu
वो निगल रही थी مَا उसे जो mā
उसे जो يَأْفِكُونَ वो गढ़ लाए थे yafikūna
वो गढ़ लाए थे ١١٧ (117)
(117)
और हमने मूसा को वह़्य की कि अपनी लाठी फेंको, तो अचानक वह उन चीज़ों को निगलने लगी, जो वे झूठ-मूठ बना रहे थे।
७:११८
فَوَقَعَ
तो साबित हो गया
fawaqaʿa
तो साबित हो गया ٱلْحَقُّ हक़ l-ḥaqu
हक़ وَبَطَلَ और बातिल हो गया wabaṭala
और बातिल हो गया مَا जो mā
जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते ١١٨ (118)
(118)
तो साबित हो गया ٱلْحَقُّ हक़ l-ḥaqu
हक़ وَبَطَلَ और बातिल हो गया wabaṭala
और बातिल हो गया مَا जो mā
जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते ١١٨ (118)
(118)
अतः सत्य सामने आ गया और जो कुछ वे कर रहे थे, असत्य1 होकर रह गया।
७:११९
فَغُلِبُوا۟
पस मग़लूब कर दिए गए
faghulibū
पस मग़लूब कर दिए गए هُنَالِكَ उसी जगह hunālika
उसी जगह وَٱنقَلَبُوا۟ और वो पलटे wa-inqalabū
और वो पलटे صَـٰغِرِينَ ज़लील होकर ṣāghirīna
ज़लील होकर ١١٩ (119)
(119)
पस मग़लूब कर दिए गए هُنَالِكَ उसी जगह hunālika
उसी जगह وَٱنقَلَبُوا۟ और वो पलटे wa-inqalabū
और वो पलटे صَـٰغِرِينَ ज़लील होकर ṣāghirīna
ज़लील होकर ١١٩ (119)
(119)
अंततः वे उस जगह पराजित हो गए और अपमानित होकर लौटे।
७:१२०
وَأُلْقِىَ
और डाल दिए गए
wa-ul'qiya
और डाल दिए गए ٱلسَّحَرَةُ जादूगर l-saḥaratu
जादूगर سَـٰجِدِينَ सजदे में sājidīna
सजदे में ١٢٠ (120)
(120)
और डाल दिए गए ٱلسَّحَرَةُ जादूगर l-saḥaratu
जादूगर سَـٰجِدِينَ सजदे में sājidīna
सजदे में ١٢٠ (120)
(120)
और जादूगर सजदे में गिर गए।
७:१२१
قَالُوٓا۟
उन्होंने कहा
qālū
उन्होंने कहा ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम بِرَبِّ in (the) Lord birabbi
in (the) Lord ٱلْعَـٰلَمِينَ रब्बुल आलमीन पर l-ʿālamīna
रब्बुल आलमीन पर ١٢١ (121)
(121)
उन्होंने कहा ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम بِرَبِّ in (the) Lord birabbi
in (the) Lord ٱلْعَـٰلَمِينَ रब्बुल आलमीन पर l-ʿālamīna
रब्बुल आलमीन पर ١٢١ (121)
(121)
उन्होंने कहा : हम सर्व संसार के पालनहार पर ईमान लाए।
७:१२२
رَبِّ
जो रब है
rabbi
जो रब है مُوسَىٰ मूसा mūsā
मूसा وَهَـٰرُونَ और हारून का wahārūna
और हारून का ١٢٢ (122)
(122)
जो रब है مُوسَىٰ मूसा mūsā
मूसा وَهَـٰرُونَ और हारून का wahārūna
और हारून का ١٢٢ (122)
(122)
मूसा तथा हारून के पालनहार पर।
७:१२३
قَالَ
कहा
qāla
कहा فِرْعَوْنُ फ़िरऔन ने fir'ʿawnu
फ़िरऔन ने ءَامَنتُم ईमान लाए तुम āmantum
ईमान लाए तुम بِهِۦ उस पर bihi
उस पर قَبْلَ इससे पहले qabla
इससे पहले أَنْ कि an
कि ءَاذَنَ मैं इजाज़त दूँ ādhana
मैं इजाज़त दूँ لَكُمْ ۖ तुम्हें lakum
तुम्हें إِنَّ बेशक inna
बेशक هَـٰذَا ये hādhā
ये لَمَكْرٌۭ अलबत्ता चाल थी lamakrun
अलबत्ता चाल थी مَّكَرْتُمُوهُ चाल चली तुमने ये makartumūhu
चाल चली तुमने ये فِى in fī
in ٱلْمَدِينَةِ शहर में l-madīnati
शहर में لِتُخْرِجُوا۟ ताकि तुम निकाल ले जाओ litukh'rijū
ताकि तुम निकाल ले जाओ مِنْهَآ इससे min'hā
इससे أَهْلَهَا ۖ इसके रहने वालों को ahlahā
इसके रहने वालों को فَسَوْفَ पस अनक़रीब fasawfa
पस अनक़रीब تَعْلَمُونَ तुम जान लोगे taʿlamūna
तुम जान लोगे ١٢٣ (123)
(123)
कहा فِرْعَوْنُ फ़िरऔन ने fir'ʿawnu
फ़िरऔन ने ءَامَنتُم ईमान लाए तुम āmantum
ईमान लाए तुम بِهِۦ उस पर bihi
उस पर قَبْلَ इससे पहले qabla
इससे पहले أَنْ कि an
कि ءَاذَنَ मैं इजाज़त दूँ ādhana
मैं इजाज़त दूँ لَكُمْ ۖ तुम्हें lakum
तुम्हें إِنَّ बेशक inna
बेशक هَـٰذَا ये hādhā
ये لَمَكْرٌۭ अलबत्ता चाल थी lamakrun
अलबत्ता चाल थी مَّكَرْتُمُوهُ चाल चली तुमने ये makartumūhu
चाल चली तुमने ये فِى in fī
in ٱلْمَدِينَةِ शहर में l-madīnati
शहर में لِتُخْرِجُوا۟ ताकि तुम निकाल ले जाओ litukh'rijū
ताकि तुम निकाल ले जाओ مِنْهَآ इससे min'hā
इससे أَهْلَهَا ۖ इसके रहने वालों को ahlahā
इसके रहने वालों को فَسَوْفَ पस अनक़रीब fasawfa
पस अनक़रीब تَعْلَمُونَ तुम जान लोगे taʿlamūna
तुम जान लोगे ١٢٣ (123)
(123)
फ़िरऔन ने कहा : इससे पहले कि मैं तुम्हें अनुमति दूँ, तुम उसपर ईमान ले आए? निःसंदेह यह एक चाल है, जो तुमने इस नगर में चली है, ताकि उसके निवासियों को उससे निकाल दो! तो शीघ्र ही तुम (इसका परिणाम) जान लोगे।
७:१२४
لَأُقَطِّعَنَّ
अलबत्ता मैं ज़रूर काट दूँगा
la-uqaṭṭiʿanna
अलबत्ता मैं ज़रूर काट दूँगा أَيْدِيَكُمْ हाथ तुम्हारे aydiyakum
हाथ तुम्हारे وَأَرْجُلَكُم और पाँव तुम्हारे wa-arjulakum
और पाँव तुम्हारे مِّنْ of min
of خِلَـٰفٍۢ मुख़ालिफ़ सिम्त से khilāfin
मुख़ालिफ़ सिम्त से ثُمَّ फिर thumma
फिर لَأُصَلِّبَنَّكُمْ अलबत्ता मैं ज़रूर सूली चढ़ाऊँगा तुम्हें la-uṣallibannakum
अलबत्ता मैं ज़रूर सूली चढ़ाऊँगा तुम्हें أَجْمَعِينَ सबके-सबको ajmaʿīna
सबके-सबको ١٢٤ (124)
(124)
अलबत्ता मैं ज़रूर काट दूँगा أَيْدِيَكُمْ हाथ तुम्हारे aydiyakum
हाथ तुम्हारे وَأَرْجُلَكُم और पाँव तुम्हारे wa-arjulakum
और पाँव तुम्हारे مِّنْ of min
of خِلَـٰفٍۢ मुख़ालिफ़ सिम्त से khilāfin
मुख़ालिफ़ सिम्त से ثُمَّ फिर thumma
फिर لَأُصَلِّبَنَّكُمْ अलबत्ता मैं ज़रूर सूली चढ़ाऊँगा तुम्हें la-uṣallibannakum
अलबत्ता मैं ज़रूर सूली चढ़ाऊँगा तुम्हें أَجْمَعِينَ सबके-सबको ajmaʿīna
सबके-सबको ١٢٤ (124)
(124)
निश्चय मैं अवश्य तुम्हारे हाथ और तुम्हारे पाँव विपरीत दिशाओं से बुरी तरह काटूँगा, फिर तुम सभी को अवश्य सूली चढ़ा दूँगा।
७:१२५
قَالُوٓا۟
उन्होंने कहा
qālū
उन्होंने कहा إِنَّآ बेशक हम innā
बेशक हम إِلَىٰ to ilā
to رَبِّنَا तरफ़ अपने रब के rabbinā
तरफ़ अपने रब के مُنقَلِبُونَ पलटने वाले हैं munqalibūna
पलटने वाले हैं ١٢٥ (125)
(125)
उन्होंने कहा إِنَّآ बेशक हम innā
बेशक हम إِلَىٰ to ilā
to رَبِّنَا तरफ़ अपने रब के rabbinā
तरफ़ अपने रब के مُنقَلِبُونَ पलटने वाले हैं munqalibūna
पलटने वाले हैं ١٢٥ (125)
(125)
उन्होंने कहा : निश्चय हम अपने पालनहार ही की ओर लौटने वाले हैं।
७:१२६
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं تَنقِمُ तुम नाराज़ होते tanqimu
तुम नाराज़ होते مِنَّآ हमसे minnā
हमसे إِلَّآ मगर illā
मगर أَنْ ये कि an
ये कि ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम بِـَٔايَـٰتِ निशानियों पर biāyāti
निशानियों पर رَبِّنَا अपने रब की rabbinā
अपने रब की لَمَّا जब lammā
जब جَآءَتْنَا ۚ वो आईं हमारे पास jāatnā
वो आईं हमारे पास رَبَّنَآ ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब أَفْرِغْ उँडेल दे afrigh
उँडेल दे عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर صَبْرًۭا सब्र ṣabran
सब्र وَتَوَفَّنَا और फ़ौत कर हमें watawaffanā
और फ़ौत कर हमें مُسْلِمِينَ इस हाल में कि मुसलमान हों mus'limīna
इस हाल में कि मुसलमान हों ١٢٦ (126)
(126)
और नहीं تَنقِمُ तुम नाराज़ होते tanqimu
तुम नाराज़ होते مِنَّآ हमसे minnā
हमसे إِلَّآ मगर illā
मगर أَنْ ये कि an
ये कि ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम بِـَٔايَـٰتِ निशानियों पर biāyāti
निशानियों पर رَبِّنَا अपने रब की rabbinā
अपने रब की لَمَّا जब lammā
जब جَآءَتْنَا ۚ वो आईं हमारे पास jāatnā
वो आईं हमारे पास رَبَّنَآ ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब أَفْرِغْ उँडेल दे afrigh
उँडेल दे عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर صَبْرًۭا सब्र ṣabran
सब्र وَتَوَفَّنَا और फ़ौत कर हमें watawaffanā
और फ़ौत कर हमें مُسْلِمِينَ इस हाल में कि मुसलमान हों mus'limīna
इस हाल में कि मुसलमान हों ١٢٦ (126)
(126)
और तू हमसे केवल इस बात का बदला ले रहा है कि हम अपने पालनहार की निशानियों पर ईमान ले आए, जब वे हमारे पास आईं? ऐ हमारे पालनहार! हमपर धैर्य उड़ेल दे और हमें इस दशा में (संसार से) उठा कि तेरे आज्ञाकारी हों।
७:१२७
وَقَالَ
और कहा
waqāla
और कहा ٱلْمَلَأُ सरदारों ने l-mala-u
सरदारों ने مِن of min
of قَوْمِ क़ौम में से qawmi
क़ौम में से فِرْعَوْنَ फ़िरऔन की fir'ʿawna
फ़िरऔन की أَتَذَرُ क्या तुम छोड़ दोगे atadharu
क्या तुम छोड़ दोगे مُوسَىٰ मूसा को mūsā
मूसा को وَقَوْمَهُۥ और उसकी क़ौम को waqawmahu
और उसकी क़ौम को لِيُفْسِدُوا۟ कि वो फ़साद फैलाऐं liyuf'sidū
कि वो फ़साद फैलाऐं فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में وَيَذَرَكَ और छोड़ दें तुझे wayadharaka
और छोड़ दें तुझे وَءَالِهَتَكَ ۚ और तेरे इलाहों को waālihataka
और तेरे इलाहों को قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा سَنُقَتِّلُ ज़रूर हम ख़ूब क़त्ल कर देंगे sanuqattilu
ज़रूर हम ख़ूब क़त्ल कर देंगे أَبْنَآءَهُمْ उनके बेटों को abnāahum
उनके बेटों को وَنَسْتَحْىِۦ और हम ज़िंदा छोड़ देंगे wanastaḥyī
और हम ज़िंदा छोड़ देंगे نِسَآءَهُمْ उनकी औरतों को nisāahum
उनकी औरतों को وَإِنَّا और बेशक हम wa-innā
और बेशक हम فَوْقَهُمْ ऊपर उनके fawqahum
ऊपर उनके قَـٰهِرُونَ ज़बरदस्त हैं qāhirūna
ज़बरदस्त हैं ١٢٧ (127)
(127)
और कहा ٱلْمَلَأُ सरदारों ने l-mala-u
सरदारों ने مِن of min
of قَوْمِ क़ौम में से qawmi
क़ौम में से فِرْعَوْنَ फ़िरऔन की fir'ʿawna
फ़िरऔन की أَتَذَرُ क्या तुम छोड़ दोगे atadharu
क्या तुम छोड़ दोगे مُوسَىٰ मूसा को mūsā
मूसा को وَقَوْمَهُۥ और उसकी क़ौम को waqawmahu
और उसकी क़ौम को لِيُفْسِدُوا۟ कि वो फ़साद फैलाऐं liyuf'sidū
कि वो फ़साद फैलाऐं فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में وَيَذَرَكَ और छोड़ दें तुझे wayadharaka
और छोड़ दें तुझे وَءَالِهَتَكَ ۚ और तेरे इलाहों को waālihataka
और तेरे इलाहों को قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा سَنُقَتِّلُ ज़रूर हम ख़ूब क़त्ल कर देंगे sanuqattilu
ज़रूर हम ख़ूब क़त्ल कर देंगे أَبْنَآءَهُمْ उनके बेटों को abnāahum
उनके बेटों को وَنَسْتَحْىِۦ और हम ज़िंदा छोड़ देंगे wanastaḥyī
और हम ज़िंदा छोड़ देंगे نِسَآءَهُمْ उनकी औरतों को nisāahum
उनकी औरतों को وَإِنَّا और बेशक हम wa-innā
और बेशक हम فَوْقَهُمْ ऊपर उनके fawqahum
ऊपर उनके قَـٰهِرُونَ ज़बरदस्त हैं qāhirūna
ज़बरदस्त हैं ١٢٧ (127)
(127)
और फ़िरऔन की जाति के प्रमुखों ने (उससे) कहा : क्या तुम मूसा और उसकी जाति को छोड़े रखोगे कि वे देश में बिगाड़ फैलाएँ तथा तुम्हें और तुम्हारे पूज्यों1 को छोड़ दें? उसने कहा : हम उनके बेटों को बुरी तरह क़त्ल करेंगे और उनकी स्त्रियों को जीवित रखेंगे। निश्चय हम उनपर पूर्ण नियंत्रण रखने वाले हैं।
७:१२८
قَالَ
कहा
qāla
कहा مُوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने لِقَوْمِهِ अपनी क़ौम से liqawmihi
अपनी क़ौम से ٱسْتَعِينُوا۟ मदद माँगो तुम is'taʿīnū
मदद माँगो तुम بِٱللَّهِ अल्लाह से bil-lahi
अल्लाह से وَٱصْبِرُوٓا۟ ۖ और सब्र करो wa-iṣ'birū
और सब्र करो إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلْأَرْضَ ज़मीन l-arḍa
ज़मीन لِلَّهِ अल्लाह ही के लिए है lillahi
अल्लाह ही के लिए है يُورِثُهَا वो वारिस बनाता है उसका yūrithuhā
वो वारिस बनाता है उसका مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है مِنْ of min
of عِبَادِهِۦ ۖ अपने बन्दों में से ʿibādihi
अपने बन्दों में से وَٱلْعَـٰقِبَةُ और अंजाम wal-ʿāqibatu
और अंजाम لِلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों के लिए है lil'muttaqīna
मुत्तक़ी लोगों के लिए है ١٢٨ (128)
(128)
कहा مُوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने لِقَوْمِهِ अपनी क़ौम से liqawmihi
अपनी क़ौम से ٱسْتَعِينُوا۟ मदद माँगो तुम is'taʿīnū
मदद माँगो तुम بِٱللَّهِ अल्लाह से bil-lahi
अल्लाह से وَٱصْبِرُوٓا۟ ۖ और सब्र करो wa-iṣ'birū
और सब्र करो إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلْأَرْضَ ज़मीन l-arḍa
ज़मीन لِلَّهِ अल्लाह ही के लिए है lillahi
अल्लाह ही के लिए है يُورِثُهَا वो वारिस बनाता है उसका yūrithuhā
वो वारिस बनाता है उसका مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है مِنْ of min
of عِبَادِهِۦ ۖ अपने बन्दों में से ʿibādihi
अपने बन्दों में से وَٱلْعَـٰقِبَةُ और अंजाम wal-ʿāqibatu
और अंजाम لِلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों के लिए है lil'muttaqīna
मुत्तक़ी लोगों के लिए है ١٢٨ (128)
(128)
मूसा ने अपनी जाति से कहा : अल्लाह से सहायता माँगो और धैर्य से काम लो। निःसंदेह धरती अल्लाह की है। वह अपने बंदों में जिसे चाहता है, उसका वारिस (उत्तराधिकारी) बनाता है। और अच्छा परिणाम परहेज़गारों के लिए है।
७:१२९
قَالُوٓا۟
उन्होंने कहा
qālū
उन्होंने कहा أُوذِينَا अज़ियत दिए गए हम ūdhīnā
अज़ियत दिए गए हम مِن from min
from قَبْلِ इससे पहले qabli
इससे पहले أَن कि an
कि تَأْتِيَنَا तू आए हमारे पास tatiyanā
तू आए हमारे पास وَمِنۢ from wamin
from بَعْدِ और बाद इसके baʿdi
और बाद इसके مَا जो mā
जो جِئْتَنَا ۚ तू आ गया हमारे पास ji'tanā
तू आ गया हमारे पास قَالَ उसने जवाब दिया qāla
उसने जवाब दिया عَسَىٰ क़रीब है ʿasā
क़रीब है رَبُّكُمْ रब तुम्हारा rabbukum
रब तुम्हारा أَن कि an
कि يُهْلِكَ हलाक कर दे yuh'lika
हलाक कर दे عَدُوَّكُمْ तुम्हारे दुश्मन को ʿaduwwakum
तुम्हारे दुश्मन को وَيَسْتَخْلِفَكُمْ और जानशीन बनाए तुम्हें wayastakhlifakum
और जानशीन बनाए तुम्हें فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में فَيَنظُرَ फिर वो देखे fayanẓura
फिर वो देखे كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो ١٢٩ (129)
(129)
उन्होंने कहा أُوذِينَا अज़ियत दिए गए हम ūdhīnā
अज़ियत दिए गए हम مِن from min
from قَبْلِ इससे पहले qabli
इससे पहले أَن कि an
कि تَأْتِيَنَا तू आए हमारे पास tatiyanā
तू आए हमारे पास وَمِنۢ from wamin
from بَعْدِ और बाद इसके baʿdi
और बाद इसके مَا जो mā
जो جِئْتَنَا ۚ तू आ गया हमारे पास ji'tanā
तू आ गया हमारे पास قَالَ उसने जवाब दिया qāla
उसने जवाब दिया عَسَىٰ क़रीब है ʿasā
क़रीब है رَبُّكُمْ रब तुम्हारा rabbukum
रब तुम्हारा أَن कि an
कि يُهْلِكَ हलाक कर दे yuh'lika
हलाक कर दे عَدُوَّكُمْ तुम्हारे दुश्मन को ʿaduwwakum
तुम्हारे दुश्मन को وَيَسْتَخْلِفَكُمْ और जानशीन बनाए तुम्हें wayastakhlifakum
और जानशीन बनाए तुम्हें فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में فَيَنظُرَ फिर वो देखे fayanẓura
फिर वो देखे كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो ١٢٩ (129)
(129)
उन्होंने कहा : हम तुम्हारे आने से पहले भी सताए गए और तुम्हारे आने के बाद भी (सताए जा रहे हैं)! (मूसा ने) कहा : निकट है कि तुम्हारा पालनहार तुम्हारे शत्रु को विनष्ट कर दे और तुम्हें देश में ख़लीफ़ा बना दे। फिर देखे कि तुम कैसे कर्म करते हो?
७:१३०
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ أَخَذْنَآ पकड़ा हमने akhadhnā
पकड़ा हमने ءَالَ (the) people āla
(the) people فِرْعَوْنَ आले फ़िरऔन को fir'ʿawna
आले फ़िरऔन को بِٱلسِّنِينَ साथ क़हतसालियों के bil-sinīna
साथ क़हतसालियों के وَنَقْصٍۢ और कमी के wanaqṣin
और कमी के مِّنَ of mina
of ٱلثَّمَرَٰتِ फलों में से l-thamarāti
फलों में से لَعَلَّهُمْ शायद कि वो laʿallahum
शायद कि वो يَذَّكَّرُونَ वो नसीहत पकड़ें yadhakkarūna
वो नसीहत पकड़ें ١٣٠ (130)
(130)
और अलबत्ता तहक़ीक़ أَخَذْنَآ पकड़ा हमने akhadhnā
पकड़ा हमने ءَالَ (the) people āla
(the) people فِرْعَوْنَ आले फ़िरऔन को fir'ʿawna
आले फ़िरऔन को بِٱلسِّنِينَ साथ क़हतसालियों के bil-sinīna
साथ क़हतसालियों के وَنَقْصٍۢ और कमी के wanaqṣin
और कमी के مِّنَ of mina
of ٱلثَّمَرَٰتِ फलों में से l-thamarāti
फलों में से لَعَلَّهُمْ शायद कि वो laʿallahum
शायद कि वो يَذَّكَّرُونَ वो नसीहत पकड़ें yadhakkarūna
वो नसीहत पकड़ें ١٣٠ (130)
(130)
और निःसंदेह हमने फ़िरऔन की जाति को अकालों तथा फलों की कमी से ग्रस्त कर दिया, ताकि वे शिक्षा ग्रहण करें।
७:१३१
فَإِذَا
फिर जब
fa-idhā
फिर जब جَآءَتْهُمُ आती उनके पास jāathumu
आती उनके पास ٱلْحَسَنَةُ भलाई l-ḥasanatu
भलाई قَالُوا۟ वो कहते qālū
वो कहते لَنَا हमारे लिए है lanā
हमारे लिए है هَـٰذِهِۦ ۖ ये hādhihi
ये وَإِن और अगर wa-in
और अगर تُصِبْهُمْ पहुँचती उन्हें tuṣib'hum
पहुँचती उन्हें سَيِّئَةٌۭ कोई बुराई sayyi-atun
कोई बुराई يَطَّيَّرُوا۟ वो बदशगूनी लेते yaṭṭayyarū
वो बदशगूनी लेते بِمُوسَىٰ मूसा से bimūsā
मूसा से وَمَن और उनसे जो waman
और उनसे जो مَّعَهُۥٓ ۗ साथ थे उसके maʿahu
साथ थे उसके أَلَآ ख़बरदार alā
ख़बरदार إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक طَـٰٓئِرُهُمْ नहूसत उनकी ṭāiruhum
नहूसत उनकी عِندَ (are) with ʿinda
(are) with ٱللَّهِ अल्लाह के पास है l-lahi
अल्लाह के पास है وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन أَكْثَرَهُمْ अक्सर उनके aktharahum
अक्सर उनके لَا (do) not lā
(do) not يَعْلَمُونَ नहीं वो जानते yaʿlamūna
नहीं वो जानते ١٣١ (131)
(131)
फिर जब جَآءَتْهُمُ आती उनके पास jāathumu
आती उनके पास ٱلْحَسَنَةُ भलाई l-ḥasanatu
भलाई قَالُوا۟ वो कहते qālū
वो कहते لَنَا हमारे लिए है lanā
हमारे लिए है هَـٰذِهِۦ ۖ ये hādhihi
ये وَإِن और अगर wa-in
और अगर تُصِبْهُمْ पहुँचती उन्हें tuṣib'hum
पहुँचती उन्हें سَيِّئَةٌۭ कोई बुराई sayyi-atun
कोई बुराई يَطَّيَّرُوا۟ वो बदशगूनी लेते yaṭṭayyarū
वो बदशगूनी लेते بِمُوسَىٰ मूसा से bimūsā
मूसा से وَمَن और उनसे जो waman
और उनसे जो مَّعَهُۥٓ ۗ साथ थे उसके maʿahu
साथ थे उसके أَلَآ ख़बरदार alā
ख़बरदार إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक طَـٰٓئِرُهُمْ नहूसत उनकी ṭāiruhum
नहूसत उनकी عِندَ (are) with ʿinda
(are) with ٱللَّهِ अल्लाह के पास है l-lahi
अल्लाह के पास है وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन أَكْثَرَهُمْ अक्सर उनके aktharahum
अक्सर उनके لَا (do) not lā
(do) not يَعْلَمُونَ नहीं वो जानते yaʿlamūna
नहीं वो जानते ١٣١ (131)
(131)
फिर जब उन्हें संपन्नता प्राप्त होती, तो कहते कि यह तो हमारा हक़ है और यदि उन्हें कोई विपत्ति पहुँचती, तो मूसा और उसके साथियों से अपशकुन लेते। सुन लो! उनका अपशकुन तो अल्लाह ही के पास1 है, परंतु उनमें से अधिकतर लोग नहीं जानते।
७:१३२
وَقَالُوا۟
और उन्होंने कहा
waqālū
और उन्होंने कहा مَهْمَا जो भी mahmā
जो भी تَأْتِنَا you bring us tatinā
you bring us بِهِۦ तू लाएगा हमारे पास bihi
तू लाएगा हमारे पास مِنْ of min
of ءَايَةٍۢ कोई निशानी āyatin
कोई निशानी لِّتَسْحَرَنَا कि तू मसहूर कर दे हमें litasḥaranā
कि तू मसहूर कर दे हमें بِهَا साथ उसके bihā
साथ उसके فَمَا तो नहीं famā
तो नहीं نَحْنُ हम naḥnu
हम لَكَ तुझ पर laka
तुझ पर بِمُؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले bimu'minīna
ईमान लाने वाले ١٣٢ (132)
(132)
और उन्होंने कहा مَهْمَا जो भी mahmā
जो भी تَأْتِنَا you bring us tatinā
you bring us بِهِۦ तू लाएगा हमारे पास bihi
तू लाएगा हमारे पास مِنْ of min
of ءَايَةٍۢ कोई निशानी āyatin
कोई निशानी لِّتَسْحَرَنَا कि तू मसहूर कर दे हमें litasḥaranā
कि तू मसहूर कर दे हमें بِهَا साथ उसके bihā
साथ उसके فَمَا तो नहीं famā
तो नहीं نَحْنُ हम naḥnu
हम لَكَ तुझ पर laka
तुझ पर بِمُؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले bimu'minīna
ईमान लाने वाले ١٣٢ (132)
(132)
और उन्होंने कहा : तू हमपर जादू करने के लिए हमारे पास जो निशानी भी ले आए, हम तेरा विश्वास करने वाले नहीं हैं।
७:१३३
فَأَرْسَلْنَا
तो भेजा हमने
fa-arsalnā
तो भेजा हमने عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلطُّوفَانَ तूफ़ान l-ṭūfāna
तूफ़ान وَٱلْجَرَادَ और टिड्डियाँ wal-jarāda
और टिड्डियाँ وَٱلْقُمَّلَ और जुएँ wal-qumala
और जुएँ وَٱلضَّفَادِعَ और मेंढक wal-ḍafādiʿa
और मेंढक وَٱلدَّمَ और ख़ून wal-dama
और ख़ून ءَايَـٰتٍۢ निशानियाँ āyātin
निशानियाँ مُّفَصَّلَـٰتٍۢ अलग-अलग mufaṣṣalātin
अलग-अलग فَٱسْتَكْبَرُوا۟ तो उन्होंने तकब्बुर किया fa-is'takbarū
तो उन्होंने तकब्बुर किया وَكَانُوا۟ और थे वो wakānū
और थे वो قَوْمًۭا लोग qawman
लोग مُّجْرِمِينَ मुजरिम muj'rimīna
मुजरिम ١٣٣ (133)
(133)
तो भेजा हमने عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلطُّوفَانَ तूफ़ान l-ṭūfāna
तूफ़ान وَٱلْجَرَادَ और टिड्डियाँ wal-jarāda
और टिड्डियाँ وَٱلْقُمَّلَ और जुएँ wal-qumala
और जुएँ وَٱلضَّفَادِعَ और मेंढक wal-ḍafādiʿa
और मेंढक وَٱلدَّمَ और ख़ून wal-dama
और ख़ून ءَايَـٰتٍۢ निशानियाँ āyātin
निशानियाँ مُّفَصَّلَـٰتٍۢ अलग-अलग mufaṣṣalātin
अलग-अलग فَٱسْتَكْبَرُوا۟ तो उन्होंने तकब्बुर किया fa-is'takbarū
तो उन्होंने तकब्बुर किया وَكَانُوا۟ और थे वो wakānū
और थे वो قَوْمًۭا लोग qawman
लोग مُّجْرِمِينَ मुजरिम muj'rimīna
मुजरिम ١٣٣ (133)
(133)
फिर हमने उनपर तूफ़ान भेजा और टिड्डियाँ और जुएँ और मेंढक और रक्त, जो अलग-अलग निशानियाँ थीं। फिर भी उन्होंने अभिमान किया और वे अपराधी लोग थे।
७:१३४
وَلَمَّا
और जब
walammā
और जब وَقَعَ वाक़ेअ हुआ waqaʿa
वाक़ेअ हुआ عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلرِّجْزُ अज़ाब l-rij'zu
अज़ाब قَالُوا۟ कहने लगे qālū
कहने लगे يَـٰمُوسَى ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा ٱدْعُ दुआ कर ud'ʿu
दुआ कर لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए رَبَّكَ अपने रब से rabbaka
अपने रब से بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो عَهِدَ उसने अहद किया ʿahida
उसने अहद किया عِندَكَ ۖ पास तेरे ʿindaka
पास तेरे لَئِن अलबत्ता अगर la-in
अलबत्ता अगर كَشَفْتَ हटा दे तू kashafta
हटा दे तू عَنَّا हमसे ʿannā
हमसे ٱلرِّجْزَ अज़ाब l-rij'za
अज़ाब لَنُؤْمِنَنَّ अलबत्ता हम ज़रूर ईमान ले आऐंगे lanu'minanna
अलबत्ता हम ज़रूर ईमान ले आऐंगे لَكَ तुझ पर laka
तुझ पर وَلَنُرْسِلَنَّ और अलबत्ता हम ज़रूर भेजेंगे walanur'silanna
और अलबत्ता हम ज़रूर भेजेंगे مَعَكَ साथ तेरे maʿaka
साथ तेरे بَنِىٓ (the) Children banī
(the) Children إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल को is'rāīla
बनी इस्राईल को ١٣٤ (134)
(134)
और जब وَقَعَ वाक़ेअ हुआ waqaʿa
वाक़ेअ हुआ عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلرِّجْزُ अज़ाब l-rij'zu
अज़ाब قَالُوا۟ कहने लगे qālū
कहने लगे يَـٰمُوسَى ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा ٱدْعُ दुआ कर ud'ʿu
दुआ कर لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए رَبَّكَ अपने रब से rabbaka
अपने रब से بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो عَهِدَ उसने अहद किया ʿahida
उसने अहद किया عِندَكَ ۖ पास तेरे ʿindaka
पास तेरे لَئِن अलबत्ता अगर la-in
अलबत्ता अगर كَشَفْتَ हटा दे तू kashafta
हटा दे तू عَنَّا हमसे ʿannā
हमसे ٱلرِّجْزَ अज़ाब l-rij'za
अज़ाब لَنُؤْمِنَنَّ अलबत्ता हम ज़रूर ईमान ले आऐंगे lanu'minanna
अलबत्ता हम ज़रूर ईमान ले आऐंगे لَكَ तुझ पर laka
तुझ पर وَلَنُرْسِلَنَّ और अलबत्ता हम ज़रूर भेजेंगे walanur'silanna
और अलबत्ता हम ज़रूर भेजेंगे مَعَكَ साथ तेरे maʿaka
साथ तेरे بَنِىٓ (the) Children banī
(the) Children إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल को is'rāīla
बनी इस्राईल को ١٣٤ (134)
(134)
और जब उनपर यातना आती, तो कहते : ऐ मूसा! तुम अपने पालनहार से हमारे लिए उस प्रतिज्ञा के आधार पर दुआ करो, जो उसने तुमसे कर रखी है। यदि तुम (अपनी दुआ से) हमसे यह यातना दूर कर दो, तो हम अवश्य ही तुमपर ईमान ले आएँगे और तुम्हारे साथ बनी इसराईल को अवश्य भेज देंगे।
७:१३५
فَلَمَّا
फिर जब
falammā
फिर जब كَشَفْنَا हटा देते हम kashafnā
हटा देते हम عَنْهُمُ उनसे ʿanhumu
उनसे ٱلرِّجْزَ अज़ाब को l-rij'za
अज़ाब को إِلَىٰٓ till ilā
till أَجَلٍ एक वक़्त तक ajalin
एक वक़्त तक هُم वो hum
वो بَـٰلِغُوهُ पहुँचने वाले थे जिसे bālighūhu
पहुँचने वाले थे जिसे إِذَا यकायक idhā
यकायक هُمْ वो hum
वो يَنكُثُونَ वो अहद तोड़ डालते yankuthūna
वो अहद तोड़ डालते ١٣٥ (135)
(135)
फिर जब كَشَفْنَا हटा देते हम kashafnā
हटा देते हम عَنْهُمُ उनसे ʿanhumu
उनसे ٱلرِّجْزَ अज़ाब को l-rij'za
अज़ाब को إِلَىٰٓ till ilā
till أَجَلٍ एक वक़्त तक ajalin
एक वक़्त तक هُم वो hum
वो بَـٰلِغُوهُ पहुँचने वाले थे जिसे bālighūhu
पहुँचने वाले थे जिसे إِذَا यकायक idhā
यकायक هُمْ वो hum
वो يَنكُثُونَ वो अहद तोड़ डालते yankuthūna
वो अहद तोड़ डालते ١٣٥ (135)
(135)
फिर जब हम उनसे यातना को उस समय तक दूर कर देते, जिसे वे पहुँचने वाले होते, तो अचानक वे वचन भंग कर देते थे।
७:१३६
فَٱنتَقَمْنَا
पस इन्तिक़ाम लिया हमने
fa-intaqamnā
पस इन्तिक़ाम लिया हमने مِنْهُمْ उनसे min'hum
उनसे فَأَغْرَقْنَـٰهُمْ फ़िर ग़र्क़ कर दिया हमने उन्हें fa-aghraqnāhum
फ़िर ग़र्क़ कर दिया हमने उन्हें فِى in fī
in ٱلْيَمِّ समुन्दर में l-yami
समुन्दर में بِأَنَّهُمْ बवजह उसके कि उन्होंने bi-annahum
बवजह उसके कि उन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठला दिया था kadhabū
झुठला दिया था بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को وَكَانُوا۟ और थे वो wakānū
और थे वो عَنْهَا उनसे ʿanhā
उनसे غَـٰفِلِينَ ग़ाफ़िल ghāfilīna
ग़ाफ़िल ١٣٦ (136)
(136)
पस इन्तिक़ाम लिया हमने مِنْهُمْ उनसे min'hum
उनसे فَأَغْرَقْنَـٰهُمْ फ़िर ग़र्क़ कर दिया हमने उन्हें fa-aghraqnāhum
फ़िर ग़र्क़ कर दिया हमने उन्हें فِى in fī
in ٱلْيَمِّ समुन्दर में l-yami
समुन्दर में بِأَنَّهُمْ बवजह उसके कि उन्होंने bi-annahum
बवजह उसके कि उन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठला दिया था kadhabū
झुठला दिया था بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को وَكَانُوا۟ और थे वो wakānū
और थे वो عَنْهَا उनसे ʿanhā
उनसे غَـٰفِلِينَ ग़ाफ़िल ghāfilīna
ग़ाफ़िल ١٣٦ (136)
(136)
अंततः हमने उनसे बदला लिया और उन्हें सागर में डुबो दिया, इस कारण कि उन्होंने हमारी आयतों (निशानियों) को झुठलाया और वे उनसे ग़ाफ़िल थे।
७:१३७
وَأَوْرَثْنَا
और वारिस बना दिया हमने
wa-awrathnā
और वारिस बना दिया हमने ٱلْقَوْمَ उन लोगों को l-qawma
उन लोगों को ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يُسْتَضْعَفُونَ वो कमज़ोर समझे जाते yus'taḍʿafūna
वो कमज़ोर समझे जाते مَشَـٰرِقَ (the) eastern (parts) mashāriqa
(the) eastern (parts) ٱلْأَرْضِ ज़मीन के मशरिक़ों का l-arḍi
ज़मीन के मशरिक़ों का وَمَغَـٰرِبَهَا और उसके मग़रिबों का wamaghāribahā
और उसके मग़रिबों का ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो بَـٰرَكْنَا बरकत दी थी हमने bāraknā
बरकत दी थी हमने فِيهَا ۖ उसमें fīhā
उसमें وَتَمَّتْ और पूरी हो गई watammat
और पूरी हो गई كَلِمَتُ बात kalimatu
बात رَبِّكَ आपके रब के rabbika
आपके रब के ٱلْحُسْنَىٰ भलाई वाली l-ḥus'nā
भलाई वाली عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर بَنِىٓ (the) Children banī
(the) Children إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल के is'rāīla
बनी इस्राईल के بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो صَبَرُوا۟ ۖ उन्होंने सब्र किया ṣabarū
उन्होंने सब्र किया وَدَمَّرْنَا और बरबाद कर दिया हमने wadammarnā
और बरबाद कर दिया हमने مَا जो mā
जो كَانَ था kāna
था يَصْنَعُ बनाता yaṣnaʿu
बनाता فِرْعَوْنُ फ़िरऔन fir'ʿawnu
फ़िरऔन وَقَوْمُهُۥ और उसकी क़ौम के लोग waqawmuhu
और उसकी क़ौम के लोग وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَعْرِشُونَ वो बुलन्द करते yaʿrishūna
वो बुलन्द करते ١٣٧ (137)
(137)
और वारिस बना दिया हमने ٱلْقَوْمَ उन लोगों को l-qawma
उन लोगों को ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يُسْتَضْعَفُونَ वो कमज़ोर समझे जाते yus'taḍʿafūna
वो कमज़ोर समझे जाते مَشَـٰرِقَ (the) eastern (parts) mashāriqa
(the) eastern (parts) ٱلْأَرْضِ ज़मीन के मशरिक़ों का l-arḍi
ज़मीन के मशरिक़ों का وَمَغَـٰرِبَهَا और उसके मग़रिबों का wamaghāribahā
और उसके मग़रिबों का ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो بَـٰرَكْنَا बरकत दी थी हमने bāraknā
बरकत दी थी हमने فِيهَا ۖ उसमें fīhā
उसमें وَتَمَّتْ और पूरी हो गई watammat
और पूरी हो गई كَلِمَتُ बात kalimatu
बात رَبِّكَ आपके रब के rabbika
आपके रब के ٱلْحُسْنَىٰ भलाई वाली l-ḥus'nā
भलाई वाली عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर بَنِىٓ (the) Children banī
(the) Children إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल के is'rāīla
बनी इस्राईल के بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो صَبَرُوا۟ ۖ उन्होंने सब्र किया ṣabarū
उन्होंने सब्र किया وَدَمَّرْنَا और बरबाद कर दिया हमने wadammarnā
और बरबाद कर दिया हमने مَا जो mā
जो كَانَ था kāna
था يَصْنَعُ बनाता yaṣnaʿu
बनाता فِرْعَوْنُ फ़िरऔन fir'ʿawnu
फ़िरऔन وَقَوْمُهُۥ और उसकी क़ौम के लोग waqawmuhu
और उसकी क़ौम के लोग وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَعْرِشُونَ वो बुलन्द करते yaʿrishūna
वो बुलन्द करते ١٣٧ (137)
(137)
और हमने उन लोगों को जो कमज़ोर समझे जाते थे, उस धरती के पूर्व और पश्चिम के भूभागों का वारिस बना दिया, जिसमें हमने बरकत रखी है। और (इस प्रकार) बनी इसराईल के हक़ में (ऐ नबी!) आपके पालनहार का शुभ वचन पूरा हो गया, इस कारण कि उन्होंने धैर्य से काम लिया। तथा फ़िरऔन और उसकी जाति के लोग जो कुछ बनाते थे और वे जो इमारते ऊँची करते थे, हमने उन्हें नष्ट कर दिया।1
७:१३८
وَجَـٰوَزْنَا
और पार उतार दिया हमने
wajāwaznā
और पार उतार दिया हमने بِبَنِىٓ (the) Children bibanī
(the) Children إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल को is'rāīla
बनी इस्राईल को ٱلْبَحْرَ समुन्दर के l-baḥra
समुन्दर के فَأَتَوْا۟ तो वो आए fa-ataw
तो वो आए عَلَىٰ upon ʿalā
upon قَوْمٍۢ ऐसे लोगों पर qawmin
ऐसे लोगों पर يَعْكُفُونَ जो जमे बैठे थे yaʿkufūna
जो जमे बैठे थे عَلَىٰٓ to ʿalā
to أَصْنَامٍۢ बुतों पर aṣnāmin
बुतों पर لَّهُمْ ۚ अपने lahum
अपने قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा يَـٰمُوسَى ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा ٱجْعَل बना ij'ʿal
बना لَّنَآ हमारे लिए lanā
हमारे लिए إِلَـٰهًۭا कोई इलाह ilāhan
कोई इलाह كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि لَهُمْ उन लोगों के लिए lahum
उन लोगों के लिए ءَالِهَةٌۭ ۚ इलाह हैं ālihatun
इलाह हैं قَالَ कहा qāla
कहा إِنَّكُمْ बेशक तुम innakum
बेशक तुम قَوْمٌۭ लोग qawmun
लोग تَجْهَلُونَ तुम जहालत बरत रहे हो tajhalūna
तुम जहालत बरत रहे हो ١٣٨ (138)
(138)
और पार उतार दिया हमने بِبَنِىٓ (the) Children bibanī
(the) Children إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल को is'rāīla
बनी इस्राईल को ٱلْبَحْرَ समुन्दर के l-baḥra
समुन्दर के فَأَتَوْا۟ तो वो आए fa-ataw
तो वो आए عَلَىٰ upon ʿalā
upon قَوْمٍۢ ऐसे लोगों पर qawmin
ऐसे लोगों पर يَعْكُفُونَ जो जमे बैठे थे yaʿkufūna
जो जमे बैठे थे عَلَىٰٓ to ʿalā
to أَصْنَامٍۢ बुतों पर aṣnāmin
बुतों पर لَّهُمْ ۚ अपने lahum
अपने قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा يَـٰمُوسَى ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा ٱجْعَل बना ij'ʿal
बना لَّنَآ हमारे लिए lanā
हमारे लिए إِلَـٰهًۭا कोई इलाह ilāhan
कोई इलाह كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि لَهُمْ उन लोगों के लिए lahum
उन लोगों के लिए ءَالِهَةٌۭ ۚ इलाह हैं ālihatun
इलाह हैं قَالَ कहा qāla
कहा إِنَّكُمْ बेशक तुम innakum
बेशक तुम قَوْمٌۭ लोग qawmun
लोग تَجْهَلُونَ तुम जहालत बरत रहे हो tajhalūna
तुम जहालत बरत रहे हो ١٣٨ (138)
(138)
और हमने बनी इसराईल को सागर के पार उतार दिया। तो वे एक ऐसी जाति पर आए, जो अपनी कुछ मूर्तियों पर जमी बैठी थी। उन्होंने कहा : ऐ मूसा! हमारे लिए कोई पूज्य बना दीजिए, जैसे इनके कुछ पूज्य हैं। (मूसा ने) कहा : निःसंदेह तुम ऐसे लोग हो जो नादानी करते हो।
७:१३९
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक هَـٰٓؤُلَآءِ ये सब hāulāi
ये सब مُتَبَّرٌۭ बरबाद होने वाला है mutabbarun
बरबाद होने वाला है مَّا जो mā
जो هُمْ वो हैं hum
वो हैं فِيهِ उसमें fīhi
उसमें وَبَـٰطِلٌۭ और बातिल/ग़लत हैं wabāṭilun
और बातिल/ग़लत हैं مَّا जो कुछ mā
जो कुछ كَانُوا۟ हैं वो kānū
हैं वो يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते ١٣٩ (139)
(139)
बेशक هَـٰٓؤُلَآءِ ये सब hāulāi
ये सब مُتَبَّرٌۭ बरबाद होने वाला है mutabbarun
बरबाद होने वाला है مَّا जो mā
जो هُمْ वो हैं hum
वो हैं فِيهِ उसमें fīhi
उसमें وَبَـٰطِلٌۭ और बातिल/ग़लत हैं wabāṭilun
और बातिल/ग़लत हैं مَّا जो कुछ mā
जो कुछ كَانُوا۟ हैं वो kānū
हैं वो يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते ١٣٩ (139)
(139)
ये लोग जिस काम में लगे हुए हैं, निश्चय ही वह नष्ट किया जाने वाला है और वे जो कुछ करते चले आ रहे हैं, बिलकुल असत्य है।
७:१४०
قَالَ
कहा
qāla
कहा أَغَيْرَ क्या ग़ैर aghayra
क्या ग़ैर ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के أَبْغِيكُمْ मैं तलाश करूँ तुम्हारे लिए abghīkum
मैं तलाश करूँ तुम्हारे लिए إِلَـٰهًۭا कोई इलाह ilāhan
कोई इलाह وَهُوَ हालाँकि वो wahuwa
हालाँकि वो فَضَّلَكُمْ उसने फ़ज़ीलत बख़्शी तुम्हें faḍḍalakum
उसने फ़ज़ीलत बख़्शी तुम्हें عَلَى over ʿalā
over ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहान वालों पर l-ʿālamīna
तमाम जहान वालों पर ١٤٠ (140)
(140)
कहा أَغَيْرَ क्या ग़ैर aghayra
क्या ग़ैर ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के أَبْغِيكُمْ मैं तलाश करूँ तुम्हारे लिए abghīkum
मैं तलाश करूँ तुम्हारे लिए إِلَـٰهًۭا कोई इलाह ilāhan
कोई इलाह وَهُوَ हालाँकि वो wahuwa
हालाँकि वो فَضَّلَكُمْ उसने फ़ज़ीलत बख़्शी तुम्हें faḍḍalakum
उसने फ़ज़ीलत बख़्शी तुम्हें عَلَى over ʿalā
over ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहान वालों पर l-ʿālamīna
तमाम जहान वालों पर ١٤٠ (140)
(140)
(मूसा ने) कहा : क्या मैं अल्लाह के सिवा तुम्हारे लिए कोई पूज्य तलाश करूँ? हालाँकि उसने तुम्हें सारे संसार वालों पर श्रेष्ठता प्रदान की है।
७:१४१
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब أَنجَيْنَـٰكُم निजात दी हमने तुम्हें anjaynākum
निजात दी हमने तुम्हें مِّنْ from min
from ءَالِ (the) people āli
(the) people فِرْعَوْنَ आले फ़िरऔन से fir'ʿawna
आले फ़िरऔन से يَسُومُونَكُمْ वो चखाते थे तुम्हें yasūmūnakum
वो चखाते थे तुम्हें سُوٓءَ बुरा sūa
बुरा ٱلْعَذَابِ ۖ अज़ाब l-ʿadhābi
अज़ाब يُقَتِّلُونَ वो खूब क़त्ल करते yuqattilūna
वो खूब क़त्ल करते أَبْنَآءَكُمْ तुम्हारे बेटों को abnāakum
तुम्हारे बेटों को وَيَسْتَحْيُونَ और वो ज़िन्दा छोड़ देते wayastaḥyūna
और वो ज़िन्दा छोड़ देते نِسَآءَكُمْ ۚ तुम्हारी औरतों को nisāakum
तुम्हारी औरतों को وَفِى And in wafī
And in ذَٰلِكُم और इसमें dhālikum
और इसमें بَلَآءٌۭ आज़माइश थी balāon
आज़माइश थी مِّن from min
from رَّبِّكُمْ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से عَظِيمٌۭ बहुत बड़ी ʿaẓīmun
बहुत बड़ी ١٤١ (141)
(141)
और जब أَنجَيْنَـٰكُم निजात दी हमने तुम्हें anjaynākum
निजात दी हमने तुम्हें مِّنْ from min
from ءَالِ (the) people āli
(the) people فِرْعَوْنَ आले फ़िरऔन से fir'ʿawna
आले फ़िरऔन से يَسُومُونَكُمْ वो चखाते थे तुम्हें yasūmūnakum
वो चखाते थे तुम्हें سُوٓءَ बुरा sūa
बुरा ٱلْعَذَابِ ۖ अज़ाब l-ʿadhābi
अज़ाब يُقَتِّلُونَ वो खूब क़त्ल करते yuqattilūna
वो खूब क़त्ल करते أَبْنَآءَكُمْ तुम्हारे बेटों को abnāakum
तुम्हारे बेटों को وَيَسْتَحْيُونَ और वो ज़िन्दा छोड़ देते wayastaḥyūna
और वो ज़िन्दा छोड़ देते نِسَآءَكُمْ ۚ तुम्हारी औरतों को nisāakum
तुम्हारी औरतों को وَفِى And in wafī
And in ذَٰلِكُم और इसमें dhālikum
और इसमें بَلَآءٌۭ आज़माइश थी balāon
आज़माइश थी مِّن from min
from رَّبِّكُمْ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से عَظِيمٌۭ बहुत बड़ी ʿaẓīmun
बहुत बड़ी ١٤١ (141)
(141)
तथा (वह समय याद करो) जब हमने तुम्हें फ़िरऔनियों से मुक्ति दिलाई, जो तुम्हें बुरी यातना देते थे; तुम्हारे पुत्रों को बुरी तरह मार डालते थे तथा तुम्हारी नारियों को जीवित रहने देते थे। इसमें तुम्हारे पालनहार की ओर से बहुत बड़ी परीक्षा थी।
७:१४२
۞ وَوَٰعَدْنَا
और वादा लिया हमने
wawāʿadnā
और वादा लिया हमने مُوسَىٰ मूसा से mūsā
मूसा से ثَلَـٰثِينَ तीस thalāthīna
तीस لَيْلَةًۭ रात का laylatan
रात का وَأَتْمَمْنَـٰهَا और पूरा किया हमने उन्हें wa-atmamnāhā
और पूरा किया हमने उन्हें بِعَشْرٍۢ साथ दस के biʿashrin
साथ दस के فَتَمَّ तो पूरा हुआ fatamma
तो पूरा हुआ مِيقَـٰتُ मुक़र्रर वक़्त mīqātu
मुक़र्रर वक़्त رَبِّهِۦٓ उसके रब का rabbihi
उसके रब का أَرْبَعِينَ चालीस arbaʿīna
चालीस لَيْلَةًۭ ۚ रात का laylatan
रात का وَقَالَ और कहा waqāla
और कहा مُوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने لِأَخِيهِ to his brother li-akhīhi
to his brother هَـٰرُونَ अपने भाई हारून से hārūna
अपने भाई हारून से ٱخْلُفْنِى जानशीनी करो मेरी ukh'luf'nī
जानशीनी करो मेरी فِى in fī
in قَوْمِى मेरी क़ौम में qawmī
मेरी क़ौम में وَأَصْلِحْ और इस्लाह करो wa-aṣliḥ
और इस्लाह करो وَلَا और ना walā
और ना تَتَّبِعْ तुम पैरवी करो tattabiʿ
तुम पैरवी करो سَبِيلَ रास्ते की sabīla
रास्ते की ٱلْمُفْسِدِينَ फ़साद करने वालों के l-muf'sidīna
फ़साद करने वालों के ١٤٢ (142)
(142)
और वादा लिया हमने مُوسَىٰ मूसा से mūsā
मूसा से ثَلَـٰثِينَ तीस thalāthīna
तीस لَيْلَةًۭ रात का laylatan
रात का وَأَتْمَمْنَـٰهَا और पूरा किया हमने उन्हें wa-atmamnāhā
और पूरा किया हमने उन्हें بِعَشْرٍۢ साथ दस के biʿashrin
साथ दस के فَتَمَّ तो पूरा हुआ fatamma
तो पूरा हुआ مِيقَـٰتُ मुक़र्रर वक़्त mīqātu
मुक़र्रर वक़्त رَبِّهِۦٓ उसके रब का rabbihi
उसके रब का أَرْبَعِينَ चालीस arbaʿīna
चालीस لَيْلَةًۭ ۚ रात का laylatan
रात का وَقَالَ और कहा waqāla
और कहा مُوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने لِأَخِيهِ to his brother li-akhīhi
to his brother هَـٰرُونَ अपने भाई हारून से hārūna
अपने भाई हारून से ٱخْلُفْنِى जानशीनी करो मेरी ukh'luf'nī
जानशीनी करो मेरी فِى in fī
in قَوْمِى मेरी क़ौम में qawmī
मेरी क़ौम में وَأَصْلِحْ और इस्लाह करो wa-aṣliḥ
और इस्लाह करो وَلَا और ना walā
और ना تَتَّبِعْ तुम पैरवी करो tattabiʿ
तुम पैरवी करो سَبِيلَ रास्ते की sabīla
रास्ते की ٱلْمُفْسِدِينَ फ़साद करने वालों के l-muf'sidīna
फ़साद करने वालों के ١٤٢ (142)
(142)
और हमने मूसा से तीस रातों का वादा1 किया और उसकी पूर्ति दस रातों से कर दी। तो तेरे पालनहार की निर्धारित अवधि चालीस रातें पूरी हो गई। तथा मूसा ने अपने भाई हारून से कहा : तुम मेरी जाति में मेरा उत्तराधिकारी बनकर रहना, और सुधार करते रहना तथा उपद्रवकारियों की नीति न अपनाना।
७:१४३
وَلَمَّا
और जब
walammā
और जब جَآءَ आया jāa
आया مُوسَىٰ मूसा mūsā
मूसा لِمِيقَـٰتِنَا हमारे मुक़र्रर वक़्त पर limīqātinā
हमारे मुक़र्रर वक़्त पर وَكَلَّمَهُۥ और कलाम किया उससे wakallamahu
और कलाम किया उससे رَبُّهُۥ उसके रब ने rabbuhu
उसके रब ने قَالَ कहा qāla
कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब أَرِنِىٓ दिखा मुझे arinī
दिखा मुझे أَنظُرْ मैं देखूँ anẓur
मैं देखूँ إِلَيْكَ ۚ तेरी तरफ़ ilayka
तेरी तरफ़ قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया لَن हरगिज़ ना lan
हरगिज़ ना تَرَىٰنِى तुम देख सकोगे मुझे tarānī
तुम देख सकोगे मुझे وَلَـٰكِنِ और लेकिन walākini
और लेकिन ٱنظُرْ देखो unẓur
देखो إِلَى at ilā
at ٱلْجَبَلِ तरफ़ पहाड़ के l-jabali
तरफ़ पहाड़ के فَإِنِ फिर अगर fa-ini
फिर अगर ٱسْتَقَرَّ वो क़ायम रहे is'taqarra
वो क़ायम रहे مَكَانَهُۥ अपनी जगह पर makānahu
अपनी जगह पर فَسَوْفَ तो अनक़रीब fasawfa
तो अनक़रीब تَرَىٰنِى ۚ तुम देख लोगे मुझे tarānī
तुम देख लोगे मुझे فَلَمَّا तो जब falammā
तो जब تَجَلَّىٰ तजल्ली की tajallā
तजल्ली की رَبُّهُۥ उसके रब ने rabbuhu
उसके रब ने لِلْجَبَلِ पहाड़ पर lil'jabali
पहाड़ पर جَعَلَهُۥ उसने कर दिया उसे jaʿalahu
उसने कर दिया उसे دَكًّۭا रेज़ा-रेज़ा dakkan
रेज़ा-रेज़ा وَخَرَّ और गिर पड़ा wakharra
और गिर पड़ा مُوسَىٰ मूसा mūsā
मूसा صَعِقًۭا ۚ बेहोश होकर ṣaʿiqan
बेहोश होकर فَلَمَّآ फिर जब falammā
फिर जब أَفَاقَ होश में आया afāqa
होश में आया قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा سُبْحَـٰنَكَ पाक है तू sub'ḥānaka
पाक है तू تُبْتُ तौबा करता हूँ मैं tub'tu
तौबा करता हूँ मैं إِلَيْكَ तेरी तरफ़ ilayka
तेरी तरफ़ وَأَنَا۠ और मैं wa-anā
और मैं أَوَّلُ सब से पहला हूँ awwalu
सब से पहला हूँ ٱلْمُؤْمِنِينَ ईमान लाने वालों में l-mu'minīna
ईमान लाने वालों में ١٤٣ (143)
(143)
और जब جَآءَ आया jāa
आया مُوسَىٰ मूसा mūsā
मूसा لِمِيقَـٰتِنَا हमारे मुक़र्रर वक़्त पर limīqātinā
हमारे मुक़र्रर वक़्त पर وَكَلَّمَهُۥ और कलाम किया उससे wakallamahu
और कलाम किया उससे رَبُّهُۥ उसके रब ने rabbuhu
उसके रब ने قَالَ कहा qāla
कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब أَرِنِىٓ दिखा मुझे arinī
दिखा मुझे أَنظُرْ मैं देखूँ anẓur
मैं देखूँ إِلَيْكَ ۚ तेरी तरफ़ ilayka
तेरी तरफ़ قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया لَن हरगिज़ ना lan
हरगिज़ ना تَرَىٰنِى तुम देख सकोगे मुझे tarānī
तुम देख सकोगे मुझे وَلَـٰكِنِ और लेकिन walākini
और लेकिन ٱنظُرْ देखो unẓur
देखो إِلَى at ilā
at ٱلْجَبَلِ तरफ़ पहाड़ के l-jabali
तरफ़ पहाड़ के فَإِنِ फिर अगर fa-ini
फिर अगर ٱسْتَقَرَّ वो क़ायम रहे is'taqarra
वो क़ायम रहे مَكَانَهُۥ अपनी जगह पर makānahu
अपनी जगह पर فَسَوْفَ तो अनक़रीब fasawfa
तो अनक़रीब تَرَىٰنِى ۚ तुम देख लोगे मुझे tarānī
तुम देख लोगे मुझे فَلَمَّا तो जब falammā
तो जब تَجَلَّىٰ तजल्ली की tajallā
तजल्ली की رَبُّهُۥ उसके रब ने rabbuhu
उसके रब ने لِلْجَبَلِ पहाड़ पर lil'jabali
पहाड़ पर جَعَلَهُۥ उसने कर दिया उसे jaʿalahu
उसने कर दिया उसे دَكًّۭا रेज़ा-रेज़ा dakkan
रेज़ा-रेज़ा وَخَرَّ और गिर पड़ा wakharra
और गिर पड़ा مُوسَىٰ मूसा mūsā
मूसा صَعِقًۭا ۚ बेहोश होकर ṣaʿiqan
बेहोश होकर فَلَمَّآ फिर जब falammā
फिर जब أَفَاقَ होश में आया afāqa
होश में आया قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा سُبْحَـٰنَكَ पाक है तू sub'ḥānaka
पाक है तू تُبْتُ तौबा करता हूँ मैं tub'tu
तौबा करता हूँ मैं إِلَيْكَ तेरी तरफ़ ilayka
तेरी तरफ़ وَأَنَا۠ और मैं wa-anā
और मैं أَوَّلُ सब से पहला हूँ awwalu
सब से पहला हूँ ٱلْمُؤْمِنِينَ ईमान लाने वालों में l-mu'minīna
ईमान लाने वालों में ١٤٣ (143)
(143)
और जब मूसा हमारे निर्धारित समय पर आ गया और उसके पालनहार ने उससे बात की, तो उसने कहा : ऐ मेरे पालनहार! मुझे दिखा कि मैं तुझे देखूँ। (अल्लाह ने) फरमाया : तू मुझे कदापि नहीं देख सकेगा। लेकिन इस पर्वत की ओर देख! यदि वह अपने स्थान पर स्थिर रहा, तो तू मुझे देख लेगा। फिर जब उसका पालनहार पर्वत के समक्ष प्रकट हुआ, तो उसे चूर-चूर कर दिया और मूसा बेहोश होकर गिर गया। फिर जब उसे होश आया, तो उसने कहा : तू पवित्र है! मैंने तेरी ओर तौबा की और मैं ईमान लाने वालों में सबसे पहला1 हूँ।
७:१४४
قَالَ
फ़रमाया
qāla
फ़रमाया يَـٰمُوسَىٰٓ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं ٱصْطَفَيْتُكَ चुन लिया मैंने तुझे iṣ'ṭafaytuka
चुन लिया मैंने तुझे عَلَى over ʿalā
over ٱلنَّاسِ लोगों पर l-nāsi
लोगों पर بِرِسَـٰلَـٰتِى साथ अपने पैग़ामात के birisālātī
साथ अपने पैग़ामात के وَبِكَلَـٰمِى और सात अपने कलाम के wabikalāmī
और सात अपने कलाम के فَخُذْ पस ले लो fakhudh
पस ले लो مَآ जो mā
जो ءَاتَيْتُكَ दिया मैंने तुझे ātaytuka
दिया मैंने तुझे وَكُن और हो जाओ wakun
और हो जाओ مِّنَ among mina
among ٱلشَّـٰكِرِينَ शुक्र करने वालों में से l-shākirīna
शुक्र करने वालों में से ١٤٤ (144)
(144)
फ़रमाया يَـٰمُوسَىٰٓ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं ٱصْطَفَيْتُكَ चुन लिया मैंने तुझे iṣ'ṭafaytuka
चुन लिया मैंने तुझे عَلَى over ʿalā
over ٱلنَّاسِ लोगों पर l-nāsi
लोगों पर بِرِسَـٰلَـٰتِى साथ अपने पैग़ामात के birisālātī
साथ अपने पैग़ामात के وَبِكَلَـٰمِى और सात अपने कलाम के wabikalāmī
और सात अपने कलाम के فَخُذْ पस ले लो fakhudh
पस ले लो مَآ जो mā
जो ءَاتَيْتُكَ दिया मैंने तुझे ātaytuka
दिया मैंने तुझे وَكُن और हो जाओ wakun
और हो जाओ مِّنَ among mina
among ٱلشَّـٰكِرِينَ शुक्र करने वालों में से l-shākirīna
शुक्र करने वालों में से ١٤٤ (144)
(144)
अल्लाह ने कहा : ऐ मूसा! निःसंदेह मैंने तुम्हें अपने संदेशों तथा अपने वार्तालाप के साथ लोगों पर चुन लिया है। अतः जो कुछ मैंने तुम्हें प्रदान किया है, उसे ले लो और आभार प्रकट करने वालों में से हो जाओ।
७:१४५
وَكَتَبْنَا
और लिख दी हमने
wakatabnā
और लिख दी हमने لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए فِى in fī
in ٱلْأَلْوَاحِ तख़्तियों में l-alwāḥi
तख़्तियों में مِن of min
of كُلِّ every kulli
every شَىْءٍۢ हर चीज़ के बारे में shayin
हर चीज़ के बारे में مَّوْعِظَةًۭ नसीहत mawʿiẓatan
नसीहत وَتَفْصِيلًۭا और तफ़सील watafṣīlan
और तफ़सील لِّكُلِّ वास्ते हर likulli
वास्ते हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के فَخُذْهَا पस पकड़ लो उसे fakhudh'hā
पस पकड़ लो उसे بِقُوَّةٍۢ मज़बूती से biquwwatin
मज़बूती से وَأْمُرْ और हुक्म दो wamur
और हुक्म दो قَوْمَكَ अपनी क़ौम को qawmaka
अपनी क़ौम को يَأْخُذُوا۟ वो ले लें yakhudhū
वो ले लें بِأَحْسَنِهَا ۚ उनके बेहतरीन को bi-aḥsanihā
उनके बेहतरीन को سَأُو۟رِيكُمْ अनक़रीब मैं दिखाऊँगा तुम्हें sa-urīkum
अनक़रीब मैं दिखाऊँगा तुम्हें دَارَ घर dāra
घर ٱلْفَـٰسِقِينَ फ़ासिक़ों के l-fāsiqīna
फ़ासिक़ों के ١٤٥ (145)
(145)
और लिख दी हमने لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए فِى in fī
in ٱلْأَلْوَاحِ तख़्तियों में l-alwāḥi
तख़्तियों में مِن of min
of كُلِّ every kulli
every شَىْءٍۢ हर चीज़ के बारे में shayin
हर चीज़ के बारे में مَّوْعِظَةًۭ नसीहत mawʿiẓatan
नसीहत وَتَفْصِيلًۭا और तफ़सील watafṣīlan
और तफ़सील لِّكُلِّ वास्ते हर likulli
वास्ते हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के فَخُذْهَا पस पकड़ लो उसे fakhudh'hā
पस पकड़ लो उसे بِقُوَّةٍۢ मज़बूती से biquwwatin
मज़बूती से وَأْمُرْ और हुक्म दो wamur
और हुक्म दो قَوْمَكَ अपनी क़ौम को qawmaka
अपनी क़ौम को يَأْخُذُوا۟ वो ले लें yakhudhū
वो ले लें بِأَحْسَنِهَا ۚ उनके बेहतरीन को bi-aḥsanihā
उनके बेहतरीन को سَأُو۟رِيكُمْ अनक़रीब मैं दिखाऊँगा तुम्हें sa-urīkum
अनक़रीब मैं दिखाऊँगा तुम्हें دَارَ घर dāra
घर ٱلْفَـٰسِقِينَ फ़ासिक़ों के l-fāsiqīna
फ़ासिक़ों के ١٤٥ (145)
(145)
और हमने उसके लिए तख़्तियों पर हर चीज़ से संबंधित निर्देश और हर चीज़ का विवरण लिख दिया। (तथा कह दिया कि) इसे मज़बूती से पकड़ लो और अपनी जाति को आदेश दो कि वे उसके उत्तम निर्देशों का पालन करें। शीघ्र ही मैं तुम्हें अवज्ञाकारियों का घर दिखाऊँगा।
७:१४६
سَأَصْرِفُ
अनक़रीब मैं फेर दूँगा
sa-aṣrifu
अनक़रीब मैं फेर दूँगा عَنْ from ʿan
from ءَايَـٰتِىَ अपनी निशानियों से āyātiya
अपनी निशानियों से ٱلَّذِينَ उन लोगों को जो alladhīna
उन लोगों को जो يَتَكَبَّرُونَ तकब्बुर करते हैं yatakabbarūna
तकब्बुर करते हैं فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर ٱلْحَقِّ हक़ के l-ḥaqi
हक़ के وَإِن और अगर wa-in
और अगर يَرَوْا۟ वो देख लें yaraw
वो देख लें كُلَّ हर kulla
हर ءَايَةٍۢ निशानी āyatin
निशानी لَّا not lā
not يُؤْمِنُوا۟ नहीं वो ईमान लाऐंगे yu'minū
नहीं वो ईमान लाऐंगे بِهَا उस पर bihā
उस पर وَإِن और अगर wa-in
और अगर يَرَوْا۟ वो देख लें yaraw
वो देख लें سَبِيلَ रास्ता sabīla
रास्ता ٱلرُّشْدِ हिदायत का l-rush'di
हिदायत का لَا not lā
not يَتَّخِذُوهُ नहीं वो बनाऐंगे उसे yattakhidhūhu
नहीं वो बनाऐंगे उसे سَبِيلًۭا रास्ता sabīlan
रास्ता وَإِن और अगर wa-in
और अगर يَرَوْا۟ वो देख लें yaraw
वो देख लें سَبِيلَ रास्ता sabīla
रास्ता ٱلْغَىِّ गुमराही का l-ghayi
गुमराही का يَتَّخِذُوهُ वो बना लेंगे उसे yattakhidhūhu
वो बना लेंगे उसे سَبِيلًۭا ۚ रास्ता sabīlan
रास्ता ذَٰلِكَ ये dhālika
ये بِأَنَّهُمْ बवजह उसके कि उन्होंने bi-annahum
बवजह उसके कि उन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को وَكَانُوا۟ और थे वो wakānū
और थे वो عَنْهَا उनसे ʿanhā
उनसे غَـٰفِلِينَ ग़ाफ़िल ghāfilīna
ग़ाफ़िल ١٤٦ (146)
(146)
अनक़रीब मैं फेर दूँगा عَنْ from ʿan
from ءَايَـٰتِىَ अपनी निशानियों से āyātiya
अपनी निशानियों से ٱلَّذِينَ उन लोगों को जो alladhīna
उन लोगों को जो يَتَكَبَّرُونَ तकब्बुर करते हैं yatakabbarūna
तकब्बुर करते हैं فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर ٱلْحَقِّ हक़ के l-ḥaqi
हक़ के وَإِن और अगर wa-in
और अगर يَرَوْا۟ वो देख लें yaraw
वो देख लें كُلَّ हर kulla
हर ءَايَةٍۢ निशानी āyatin
निशानी لَّا not lā
not يُؤْمِنُوا۟ नहीं वो ईमान लाऐंगे yu'minū
नहीं वो ईमान लाऐंगे بِهَا उस पर bihā
उस पर وَإِن और अगर wa-in
और अगर يَرَوْا۟ वो देख लें yaraw
वो देख लें سَبِيلَ रास्ता sabīla
रास्ता ٱلرُّشْدِ हिदायत का l-rush'di
हिदायत का لَا not lā
not يَتَّخِذُوهُ नहीं वो बनाऐंगे उसे yattakhidhūhu
नहीं वो बनाऐंगे उसे سَبِيلًۭا रास्ता sabīlan
रास्ता وَإِن और अगर wa-in
और अगर يَرَوْا۟ वो देख लें yaraw
वो देख लें سَبِيلَ रास्ता sabīla
रास्ता ٱلْغَىِّ गुमराही का l-ghayi
गुमराही का يَتَّخِذُوهُ वो बना लेंगे उसे yattakhidhūhu
वो बना लेंगे उसे سَبِيلًۭا ۚ रास्ता sabīlan
रास्ता ذَٰلِكَ ये dhālika
ये بِأَنَّهُمْ बवजह उसके कि उन्होंने bi-annahum
बवजह उसके कि उन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को وَكَانُوا۟ और थे वो wakānū
और थे वो عَنْهَا उनसे ʿanhā
उनसे غَـٰفِلِينَ ग़ाफ़िल ghāfilīna
ग़ाफ़िल ١٤٦ (146)
(146)
मैं अपनी आयतों (निशानियों) से उन लोगों1 को फेर दूँगा, जो धरती में नाहक़ बड़े बनते2 हैं। और यदि वे प्रत्येक निशानी देख लें, तब भी उसपर ईमान नहीं लाते। और यदि वे भलाई का मार्ग देख लें, तो उसे मार्ग नहीं बनाते और यदि गुमराही का मार्ग देखें, तो उसे मार्ग बना लेते हैं। यह इस कारण कि उन्होंने हमारी आयतों (निशानियों) को झुठलाया और वे उनसे ग़ाफ़िल थे।
७:१४७
وَٱلَّذِينَ
और वो जिन्होंने
wa-alladhīna
और वो जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी निशानियों को biāyātinā
हमारी निशानियों को وَلِقَآءِ और मुलाक़ात को waliqāi
और मुलाक़ात को ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत की l-ākhirati
आख़िरत की حَبِطَتْ ज़ाया हो गए ḥabiṭat
ज़ाया हो गए أَعْمَـٰلُهُمْ ۚ आमाल उनके aʿmāluhum
आमाल उनके هَلْ नहीं hal
नहीं يُجْزَوْنَ वो बदला दिए जाऐंगे yuj'zawna
वो बदला दिए जाऐंगे إِلَّا मगर illā
मगर مَا जो mā
जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते ١٤٧ (147)
(147)
और वो जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी निशानियों को biāyātinā
हमारी निशानियों को وَلِقَآءِ और मुलाक़ात को waliqāi
और मुलाक़ात को ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत की l-ākhirati
आख़िरत की حَبِطَتْ ज़ाया हो गए ḥabiṭat
ज़ाया हो गए أَعْمَـٰلُهُمْ ۚ आमाल उनके aʿmāluhum
आमाल उनके هَلْ नहीं hal
नहीं يُجْزَوْنَ वो बदला दिए जाऐंगे yuj'zawna
वो बदला दिए जाऐंगे إِلَّا मगर illā
मगर مَا जो mā
जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते ١٤٧ (147)
(147)
और जिन लोगों ने हमारी आयतों तथा परलोक (में हमसे) मिलने को झुठलाया, उनके कर्म व्यर्थ हो गए और उन्हें उसी का बदला मिलेगा, जो वे किया करते थे।
७:१४८
وَٱتَّخَذَ
और बना लिया
wa-ittakhadha
और बना लिया قَوْمُ क़ौम ने qawmu
क़ौम ने مُوسَىٰ मूसा की mūsā
मूसा की مِنۢ from min
from بَعْدِهِۦ उसके पीछे से baʿdihi
उसके पीछे से مِنْ from min
from حُلِيِّهِمْ अपने ज़ेवरात में से ḥuliyyihim
अपने ज़ेवरात में से عِجْلًۭا एक बछ्ड़ा ʿij'lan
एक बछ्ड़ा جَسَدًۭا जिस्म वाला jasadan
जिस्म वाला لَّهُۥ उसकी lahu
उसकी خُوَارٌ ۚ गाय की आवाज़ थी khuwārun
गाय की आवाज़ थी أَلَمْ क्या नहीं alam
क्या नहीं يَرَوْا۟ उन्होंने देखा yaraw
उन्होंने देखा أَنَّهُۥ कि बेशक वो annahu
कि बेशक वो لَا (could) not lā
(could) not يُكَلِّمُهُمْ नहीं वो कलाम करता था उनसे yukallimuhum
नहीं वो कलाम करता था उनसे وَلَا और ना walā
और ना يَهْدِيهِمْ वो रहनुमाई करता था उनकी yahdīhim
वो रहनुमाई करता था उनकी سَبِيلًا ۘ किसी रास्ते (की तरफ़) sabīlan
किसी रास्ते (की तरफ़) ٱتَّخَذُوهُ उन्होंने बना लिया उसे (माबूद) ittakhadhūhu
उन्होंने बना लिया उसे (माबूद) وَكَانُوا۟ और थे वो wakānū
और थे वो ظَـٰلِمِينَ ज़ालिम ẓālimīna
ज़ालिम ١٤٨ (148)
(148)
और बना लिया قَوْمُ क़ौम ने qawmu
क़ौम ने مُوسَىٰ मूसा की mūsā
मूसा की مِنۢ from min
from بَعْدِهِۦ उसके पीछे से baʿdihi
उसके पीछे से مِنْ from min
from حُلِيِّهِمْ अपने ज़ेवरात में से ḥuliyyihim
अपने ज़ेवरात में से عِجْلًۭا एक बछ्ड़ा ʿij'lan
एक बछ्ड़ा جَسَدًۭا जिस्म वाला jasadan
जिस्म वाला لَّهُۥ उसकी lahu
उसकी خُوَارٌ ۚ गाय की आवाज़ थी khuwārun
गाय की आवाज़ थी أَلَمْ क्या नहीं alam
क्या नहीं يَرَوْا۟ उन्होंने देखा yaraw
उन्होंने देखा أَنَّهُۥ कि बेशक वो annahu
कि बेशक वो لَا (could) not lā
(could) not يُكَلِّمُهُمْ नहीं वो कलाम करता था उनसे yukallimuhum
नहीं वो कलाम करता था उनसे وَلَا और ना walā
और ना يَهْدِيهِمْ वो रहनुमाई करता था उनकी yahdīhim
वो रहनुमाई करता था उनकी سَبِيلًا ۘ किसी रास्ते (की तरफ़) sabīlan
किसी रास्ते (की तरफ़) ٱتَّخَذُوهُ उन्होंने बना लिया उसे (माबूद) ittakhadhūhu
उन्होंने बना लिया उसे (माबूद) وَكَانُوا۟ और थे वो wakānū
और थे वो ظَـٰلِمِينَ ज़ालिम ẓālimīna
ज़ालिम ١٤٨ (148)
(148)
और मूसा की जाति ने उसके (पर्वत पर जाने के) पश्चात् अपने ज़ेवरों से एक बछड़ा बना लिया, जो एक शरीर था, जिसकी गाय जैसी आवाज़ थी। क्या उन्होंने यह नहीं देखा कि वह न तो उनसे बात करता1 है और न उन्हें कोई राह दिखाता है? उन्होंने उसे (पूज्य) बना लिया तथा वे अत्याचारी थे।
७:१४९
وَلَمَّا
और जब
walammā
और जब سُقِطَ वो गिराए गए suqiṭa
वो गिराए गए فِىٓ into fī
into أَيْدِيهِمْ अपने हाथों में (नादिम हुए) aydīhim
अपने हाथों में (नादिम हुए) وَرَأَوْا۟ और उन्होंने देखा wara-aw
और उन्होंने देखा أَنَّهُمْ कि बेशक वो annahum
कि बेशक वो قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ ضَلُّوا۟ वो भटक गए हैं ḍallū
वो भटक गए हैं قَالُوا۟ वो कहने लगे qālū
वो कहने लगे لَئِن यक़ीनन अगर la-in
यक़ीनन अगर لَّمْ ना lam
ना يَرْحَمْنَا रहम किया हम पर yarḥamnā
रहम किया हम पर رَبُّنَا हमारे रब ने rabbunā
हमारे रब ने وَيَغْفِرْ और (ना) उसने बख़्शिश फ़रमाई wayaghfir
और (ना) उसने बख़्शिश फ़रमाई لَنَا हमारी lanā
हमारी لَنَكُونَنَّ अलबत्ता हम ज़रूर हो जाऐंगे lanakūnanna
अलबत्ता हम ज़रूर हो जाऐंगे مِنَ among mina
among ٱلْخَـٰسِرِينَ ख़सारा पाने वालों में से l-khāsirīna
ख़सारा पाने वालों में से ١٤٩ (149)
(149)
और जब سُقِطَ वो गिराए गए suqiṭa
वो गिराए गए فِىٓ into fī
into أَيْدِيهِمْ अपने हाथों में (नादिम हुए) aydīhim
अपने हाथों में (नादिम हुए) وَرَأَوْا۟ और उन्होंने देखा wara-aw
और उन्होंने देखा أَنَّهُمْ कि बेशक वो annahum
कि बेशक वो قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ ضَلُّوا۟ वो भटक गए हैं ḍallū
वो भटक गए हैं قَالُوا۟ वो कहने लगे qālū
वो कहने लगे لَئِن यक़ीनन अगर la-in
यक़ीनन अगर لَّمْ ना lam
ना يَرْحَمْنَا रहम किया हम पर yarḥamnā
रहम किया हम पर رَبُّنَا हमारे रब ने rabbunā
हमारे रब ने وَيَغْفِرْ और (ना) उसने बख़्शिश फ़रमाई wayaghfir
और (ना) उसने बख़्शिश फ़रमाई لَنَا हमारी lanā
हमारी لَنَكُونَنَّ अलबत्ता हम ज़रूर हो जाऐंगे lanakūnanna
अलबत्ता हम ज़रूर हो जाऐंगे مِنَ among mina
among ٱلْخَـٰسِرِينَ ख़सारा पाने वालों में से l-khāsirīna
ख़सारा पाने वालों में से ١٤٩ (149)
(149)
और जब वे (अपने किए पर) लज्जित हुए और उन्होंने देखा कि निःसंदेह वे तो पथभ्रष्ट हो गए हैं। तो कहने लगे : यदि हमारे पालनहार ने हमपर दया नहीं की और हमें क्षमा नहीं किया, तो हम अवश्य घाटा उठाने वालों में से हो जाएँगे।
७:१५०
وَلَمَّا
और जब
walammā
और जब رَجَعَ पलटा rajaʿa
पलटा مُوسَىٰٓ मूसा mūsā
मूसा إِلَىٰ to ilā
to قَوْمِهِۦ तरफ़ अपनी क़ौम के qawmihi
तरफ़ अपनी क़ौम के غَضْبَـٰنَ बहुत ग़ुस्से में ghaḍbāna
बहुत ग़ुस्से में أَسِفًۭا अफ़सोस करते हुए asifan
अफ़सोस करते हुए قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा بِئْسَمَا कितनी बुरी है जो bi'samā
कितनी बुरी है जो خَلَفْتُمُونِى जानशीनी की तुमने मेरी khalaftumūnī
जानशीनी की तुमने मेरी مِنۢ from min
from بَعْدِىٓ ۖ बाद मेरे baʿdī
बाद मेरे أَعَجِلْتُمْ क्या जल्दी की तुमने aʿajil'tum
क्या जल्दी की तुमने أَمْرَ हुक्म से amra
हुक्म से رَبِّكُمْ ۖ अपने रब के rabbikum
अपने रब के وَأَلْقَى और उसने डाल दीं wa-alqā
और उसने डाल दीं ٱلْأَلْوَاحَ तख़्तियाँ l-alwāḥa
तख़्तियाँ وَأَخَذَ और उसने पकड़ लिया wa-akhadha
और उसने पकड़ लिया بِرَأْسِ सर birasi
सर أَخِيهِ अपने भाई का akhīhi
अपने भाई का يَجُرُّهُۥٓ वो खींचने लगा उसे yajurruhu
वो खींचने लगा उसे إِلَيْهِ ۚ तरफ़ अपने ilayhi
तरफ़ अपने قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा ٱبْنَ O son ib'na
O son أُمَّ ऐ मेरी माँ के बेटे umma
ऐ मेरी माँ के बेटे إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلْقَوْمَ उन लोगों ने l-qawma
उन लोगों ने ٱسْتَضْعَفُونِى कमज़ोर समझा मुझे is'taḍʿafūnī
कमज़ोर समझा मुझे وَكَادُوا۟ और क़रीब था कि wakādū
और क़रीब था कि يَقْتُلُونَنِى वो क़त्ल कर देते मुझे yaqtulūnanī
वो क़त्ल कर देते मुझे فَلَا पस ना falā
पस ना تُشْمِتْ तू हँसा tush'mit
तू हँसा بِىَ मुझ पर biya
मुझ पर ٱلْأَعْدَآءَ दुश्मनों को l-aʿdāa
दुश्मनों को وَلَا और ना walā
और ना تَجْعَلْنِى तू शामिल कर मुझे tajʿalnī
तू शामिल कर मुझे مَعَ with maʿa
with ٱلْقَوْمِ साथ उन लोगों के l-qawmi
साथ उन लोगों के ٱلظَّـٰلِمِينَ जो ज़ालिम है l-ẓālimīna
जो ज़ालिम है ١٥٠ (150)
(150)
और जब رَجَعَ पलटा rajaʿa
पलटा مُوسَىٰٓ मूसा mūsā
मूसा إِلَىٰ to ilā
to قَوْمِهِۦ तरफ़ अपनी क़ौम के qawmihi
तरफ़ अपनी क़ौम के غَضْبَـٰنَ बहुत ग़ुस्से में ghaḍbāna
बहुत ग़ुस्से में أَسِفًۭا अफ़सोस करते हुए asifan
अफ़सोस करते हुए قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा بِئْسَمَا कितनी बुरी है जो bi'samā
कितनी बुरी है जो خَلَفْتُمُونِى जानशीनी की तुमने मेरी khalaftumūnī
जानशीनी की तुमने मेरी مِنۢ from min
from بَعْدِىٓ ۖ बाद मेरे baʿdī
बाद मेरे أَعَجِلْتُمْ क्या जल्दी की तुमने aʿajil'tum
क्या जल्दी की तुमने أَمْرَ हुक्म से amra
हुक्म से رَبِّكُمْ ۖ अपने रब के rabbikum
अपने रब के وَأَلْقَى और उसने डाल दीं wa-alqā
और उसने डाल दीं ٱلْأَلْوَاحَ तख़्तियाँ l-alwāḥa
तख़्तियाँ وَأَخَذَ और उसने पकड़ लिया wa-akhadha
और उसने पकड़ लिया بِرَأْسِ सर birasi
सर أَخِيهِ अपने भाई का akhīhi
अपने भाई का يَجُرُّهُۥٓ वो खींचने लगा उसे yajurruhu
वो खींचने लगा उसे إِلَيْهِ ۚ तरफ़ अपने ilayhi
तरफ़ अपने قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा ٱبْنَ O son ib'na
O son أُمَّ ऐ मेरी माँ के बेटे umma
ऐ मेरी माँ के बेटे إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلْقَوْمَ उन लोगों ने l-qawma
उन लोगों ने ٱسْتَضْعَفُونِى कमज़ोर समझा मुझे is'taḍʿafūnī
कमज़ोर समझा मुझे وَكَادُوا۟ और क़रीब था कि wakādū
और क़रीब था कि يَقْتُلُونَنِى वो क़त्ल कर देते मुझे yaqtulūnanī
वो क़त्ल कर देते मुझे فَلَا पस ना falā
पस ना تُشْمِتْ तू हँसा tush'mit
तू हँसा بِىَ मुझ पर biya
मुझ पर ٱلْأَعْدَآءَ दुश्मनों को l-aʿdāa
दुश्मनों को وَلَا और ना walā
और ना تَجْعَلْنِى तू शामिल कर मुझे tajʿalnī
तू शामिल कर मुझे مَعَ with maʿa
with ٱلْقَوْمِ साथ उन लोगों के l-qawmi
साथ उन लोगों के ٱلظَّـٰلِمِينَ जो ज़ालिम है l-ẓālimīna
जो ज़ालिम है ١٥٠ (150)
(150)
और जब मूसा अपनी जाति की ओर क्रोध तथा दुःख से भरा हुआ वापस आया, तो उसने कहा : तुमने मेरे बाद मेरा बहुत बुरा प्रतिनिधित्व किया। क्या तुम अपने पालनहार की आज्ञा से पहले ही जल्दी कर1 गए? तथा उसने तख़्तियाँ डाल दीं और अपने भाई (हारून) का सिर पकड़कर अपनी ओर खींचने लगा। उसने कहा : ऐ मेरे माँ जाये भाई! लोगों ने मुझे कमज़ोर समझ लिया और निकट था कि वे मुझे मार डालें। अतः तू शत्रुओं को मुझपर हँसने का अवसर न दे और मुझे अत्याचारियों का साथी न बना।
७:१५१
قَالَ
कहा
qāla
कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब ٱغْفِرْ बख़्श दे igh'fir
बख़्श दे لِى मुझे lī
मुझे وَلِأَخِى और मेरे भाई को wali-akhī
और मेरे भाई को وَأَدْخِلْنَا और दाख़िल कर हमें wa-adkhil'nā
और दाख़िल कर हमें فِى into fī
into رَحْمَتِكَ ۖ अपनी रहमत में raḥmatika
अपनी रहमत में وَأَنتَ और तू wa-anta
और तू أَرْحَمُ सबसे ज़्यादा रहम वाला है arḥamu
सबसे ज़्यादा रहम वाला है ٱلرَّٰحِمِينَ सब रहम करने वालों से l-rāḥimīna
सब रहम करने वालों से ١٥١ (151)
(151)
कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब ٱغْفِرْ बख़्श दे igh'fir
बख़्श दे لِى मुझे lī
मुझे وَلِأَخِى और मेरे भाई को wali-akhī
और मेरे भाई को وَأَدْخِلْنَا और दाख़िल कर हमें wa-adkhil'nā
और दाख़िल कर हमें فِى into fī
into رَحْمَتِكَ ۖ अपनी रहमत में raḥmatika
अपनी रहमत में وَأَنتَ और तू wa-anta
और तू أَرْحَمُ सबसे ज़्यादा रहम वाला है arḥamu
सबसे ज़्यादा रहम वाला है ٱلرَّٰحِمِينَ सब रहम करने वालों से l-rāḥimīna
सब रहम करने वालों से ١٥١ (151)
(151)
उसने कहा1 : ऐ मेरे पालनहार! मुझे तथा मेरे भाई को क्षमा कर दे और हमें अपनी दया में प्रवेश प्रदान कर दे और तू सब दया करने वालों से अधिक दयावान् है।
७:१५२
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो लोग जिन्होंने alladhīna
वो लोग जिन्होंने ٱتَّخَذُوا۟ बना लिया ittakhadhū
बना लिया ٱلْعِجْلَ बछड़े को (माबूद) l-ʿij'la
बछड़े को (माबूद) سَيَنَالُهُمْ अनक़रीब पहुँचेगा उन्हें sayanāluhum
अनक़रीब पहुँचेगा उन्हें غَضَبٌۭ ग़ज़ब ghaḍabun
ग़ज़ब مِّن from min
from رَّبِّهِمْ उनके रब की तरफ़ से rabbihim
उनके रब की तरफ़ से وَذِلَّةٌۭ और रुसवाई wadhillatun
और रुसवाई فِى in fī
in ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी में l-ḥayati
ज़िन्दगी में ٱلدُّنْيَا ۚ दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَكَذَٰلِكَ और इसी तरह wakadhālika
और इसी तरह نَجْزِى हम बदला देते हैं najzī
हम बदला देते हैं ٱلْمُفْتَرِينَ झूठ बाँधने वालों को l-muf'tarīna
झूठ बाँधने वालों को ١٥٢ (152)
(152)
बेशक ٱلَّذِينَ वो लोग जिन्होंने alladhīna
वो लोग जिन्होंने ٱتَّخَذُوا۟ बना लिया ittakhadhū
बना लिया ٱلْعِجْلَ बछड़े को (माबूद) l-ʿij'la
बछड़े को (माबूद) سَيَنَالُهُمْ अनक़रीब पहुँचेगा उन्हें sayanāluhum
अनक़रीब पहुँचेगा उन्हें غَضَبٌۭ ग़ज़ब ghaḍabun
ग़ज़ब مِّن from min
from رَّبِّهِمْ उनके रब की तरफ़ से rabbihim
उनके रब की तरफ़ से وَذِلَّةٌۭ और रुसवाई wadhillatun
और रुसवाई فِى in fī
in ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी में l-ḥayati
ज़िन्दगी में ٱلدُّنْيَا ۚ दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَكَذَٰلِكَ और इसी तरह wakadhālika
और इसी तरह نَجْزِى हम बदला देते हैं najzī
हम बदला देते हैं ٱلْمُفْتَرِينَ झूठ बाँधने वालों को l-muf'tarīna
झूठ बाँधने वालों को ١٥٢ (152)
(152)
निःसंदेह जिन लोगों ने बछड़े को पूज्य बनाया, उन्हें उनके पालनहार की ओर से बड़ा प्रकोप और सांसारिक जीवन में अपमान पहुँचेगा और हम झूठ गढ़ने वालों को इसी प्रकार दंड देते हैं।
७:१५३
وَٱلَّذِينَ
और वो लोग
wa-alladhīna
और वो लोग عَمِلُوا۟ जिन्होंने अमल किए ʿamilū
जिन्होंने अमल किए ٱلسَّيِّـَٔاتِ बुरे l-sayiāti
बुरे ثُمَّ फिर thumma
फिर تَابُوا۟ तौबा कर ली tābū
तौबा कर ली مِنۢ from min
from بَعْدِهَا बाद उसके baʿdihā
बाद उसके وَءَامَنُوٓا۟ और वो ईमान ले आए waāmanū
और वो ईमान ले आए إِنَّ बेशक inna
बेशक رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका مِنۢ from min
from بَعْدِهَا बाद उसके baʿdihā
बाद उसके لَغَفُورٌۭ अलबत्ता बहुत बख़्शने वाला है laghafūrun
अलबत्ता बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ١٥٣ (153)
(153)
और वो लोग عَمِلُوا۟ जिन्होंने अमल किए ʿamilū
जिन्होंने अमल किए ٱلسَّيِّـَٔاتِ बुरे l-sayiāti
बुरे ثُمَّ फिर thumma
फिर تَابُوا۟ तौबा कर ली tābū
तौबा कर ली مِنۢ from min
from بَعْدِهَا बाद उसके baʿdihā
बाद उसके وَءَامَنُوٓا۟ और वो ईमान ले आए waāmanū
और वो ईमान ले आए إِنَّ बेशक inna
बेशक رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका مِنۢ from min
from بَعْدِهَا बाद उसके baʿdihā
बाद उसके لَغَفُورٌۭ अलबत्ता बहुत बख़्शने वाला है laghafūrun
अलबत्ता बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ١٥٣ (153)
(153)
और जिन लोगों ने बुरे कर्म किए, फिर उसके पश्चात् क्षमा माँग ली और ईमान ले आए, तो निःसंदेह तेरा पालनहार इसके बाद अवश्य अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।
७:१५४
وَلَمَّا
और जब
walammā
और जब سَكَتَ थम गया sakata
थम गया عَن from ʿan
from مُّوسَى मूसा से mūsā
मूसा से ٱلْغَضَبُ ग़ज़ब l-ghaḍabu
ग़ज़ब أَخَذَ उसने ले लीं akhadha
उसने ले लीं ٱلْأَلْوَاحَ ۖ तख़्तियाँ l-alwāḥa
तख़्तियाँ وَفِى and in wafī
and in نُسْخَتِهَا और उनकी तहरीर में nus'khatihā
और उनकी तहरीर में هُدًۭى हिदायत hudan
हिदायत وَرَحْمَةٌۭ और रहमत थी waraḥmatun
और रहमत थी لِّلَّذِينَ उन लोगों के लिए lilladhīna
उन लोगों के लिए هُمْ वो जो hum
वो जो لِرَبِّهِمْ अपने रब से lirabbihim
अपने रब से يَرْهَبُونَ वो डरते थे yarhabūna
वो डरते थे ١٥٤ (154)
(154)
और जब سَكَتَ थम गया sakata
थम गया عَن from ʿan
from مُّوسَى मूसा से mūsā
मूसा से ٱلْغَضَبُ ग़ज़ब l-ghaḍabu
ग़ज़ब أَخَذَ उसने ले लीं akhadha
उसने ले लीं ٱلْأَلْوَاحَ ۖ तख़्तियाँ l-alwāḥa
तख़्तियाँ وَفِى and in wafī
and in نُسْخَتِهَا और उनकी तहरीर में nus'khatihā
और उनकी तहरीर में هُدًۭى हिदायत hudan
हिदायत وَرَحْمَةٌۭ और रहमत थी waraḥmatun
और रहमत थी لِّلَّذِينَ उन लोगों के लिए lilladhīna
उन लोगों के लिए هُمْ वो जो hum
वो जो لِرَبِّهِمْ अपने रब से lirabbihim
अपने रब से يَرْهَبُونَ वो डरते थे yarhabūna
वो डरते थे ١٥٤ (154)
(154)
फिर जब मूसा का क्रोध शांत हो गया, तो उसने तख़्तियाँ उठा लीं, और उनके लेख में उन लोगों के लिए मार्गदर्शन तथा दया थी, जो केवल अपने पालनहार से डरते हों।
७:१५५
وَٱخْتَارَ
और मुन्तख़िब कर लिए
wa-ikh'tāra
और मुन्तख़िब कर लिए مُوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने قَوْمَهُۥ अपनी क़ौम से qawmahu
अपनी क़ौम से سَبْعِينَ सत्तर sabʿīna
सत्तर رَجُلًۭا आदमी rajulan
आदमी لِّمِيقَـٰتِنَا ۖ हमारे मुक़र्रर वक़्त के लिए limīqātinā
हमारे मुक़र्रर वक़्त के लिए فَلَمَّآ फिर जब falammā
फिर जब أَخَذَتْهُمُ पकड़ लिया उन्हें akhadhathumu
पकड़ लिया उन्हें ٱلرَّجْفَةُ ज़लज़ले ने l-rajfatu
ज़लज़ले ने قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब لَوْ अगर law
अगर شِئْتَ चाहता तू shi'ta
चाहता तू أَهْلَكْتَهُم हलाक कर देता तू इन्हें ahlaktahum
हलाक कर देता तू इन्हें مِّن from min
from قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले وَإِيَّـٰىَ ۖ और मुझे भी wa-iyyāya
और मुझे भी أَتُهْلِكُنَا क्या तू हलाक करता है हमें atuh'likunā
क्या तू हलाक करता है हमें بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो فَعَلَ किया faʿala
किया ٱلسُّفَهَآءُ कुछ नादानों ने l-sufahāu
कुछ नादानों ने مِنَّآ ۖ हम में से minnā
हम में से إِنْ नहीं है in
नहीं है هِىَ ये hiya
ये إِلَّا मगर illā
मगर فِتْنَتُكَ आज़माइश तेरी fit'natuka
आज़माइश तेरी تُضِلُّ तू गुमराह करता है tuḍillu
तू गुमराह करता है بِهَا साथ इसके bihā
साथ इसके مَن जिसे man
जिसे تَشَآءُ तू चाहता है tashāu
तू चाहता है وَتَهْدِى और तू हिदायत देता है watahdī
और तू हिदायत देता है مَن जिसे man
जिसे تَشَآءُ ۖ तू चाहता है tashāu
तू चाहता है أَنتَ तू ही anta
तू ही وَلِيُّنَا दोस्त है हमारा waliyyunā
दोस्त है हमारा فَٱغْفِرْ पस बख़्श दे fa-igh'fir
पस बख़्श दे لَنَا हमें lanā
हमें وَٱرْحَمْنَا ۖ और रहम फ़रमा हम पर wa-ir'ḥamnā
और रहम फ़रमा हम पर وَأَنتَ और तू wa-anta
और तू خَيْرُ बेहतर है khayru
बेहतर है ٱلْغَـٰفِرِينَ सब बख़्शने वालों से l-ghāfirīna
सब बख़्शने वालों से ١٥٥ (155)
(155)
और मुन्तख़िब कर लिए مُوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने قَوْمَهُۥ अपनी क़ौम से qawmahu
अपनी क़ौम से سَبْعِينَ सत्तर sabʿīna
सत्तर رَجُلًۭا आदमी rajulan
आदमी لِّمِيقَـٰتِنَا ۖ हमारे मुक़र्रर वक़्त के लिए limīqātinā
हमारे मुक़र्रर वक़्त के लिए فَلَمَّآ फिर जब falammā
फिर जब أَخَذَتْهُمُ पकड़ लिया उन्हें akhadhathumu
पकड़ लिया उन्हें ٱلرَّجْفَةُ ज़लज़ले ने l-rajfatu
ज़लज़ले ने قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब لَوْ अगर law
अगर شِئْتَ चाहता तू shi'ta
चाहता तू أَهْلَكْتَهُم हलाक कर देता तू इन्हें ahlaktahum
हलाक कर देता तू इन्हें مِّن from min
from قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले وَإِيَّـٰىَ ۖ और मुझे भी wa-iyyāya
और मुझे भी أَتُهْلِكُنَا क्या तू हलाक करता है हमें atuh'likunā
क्या तू हलाक करता है हमें بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो فَعَلَ किया faʿala
किया ٱلسُّفَهَآءُ कुछ नादानों ने l-sufahāu
कुछ नादानों ने مِنَّآ ۖ हम में से minnā
हम में से إِنْ नहीं है in
नहीं है هِىَ ये hiya
ये إِلَّا मगर illā
मगर فِتْنَتُكَ आज़माइश तेरी fit'natuka
आज़माइश तेरी تُضِلُّ तू गुमराह करता है tuḍillu
तू गुमराह करता है بِهَا साथ इसके bihā
साथ इसके مَن जिसे man
जिसे تَشَآءُ तू चाहता है tashāu
तू चाहता है وَتَهْدِى और तू हिदायत देता है watahdī
और तू हिदायत देता है مَن जिसे man
जिसे تَشَآءُ ۖ तू चाहता है tashāu
तू चाहता है أَنتَ तू ही anta
तू ही وَلِيُّنَا दोस्त है हमारा waliyyunā
दोस्त है हमारा فَٱغْفِرْ पस बख़्श दे fa-igh'fir
पस बख़्श दे لَنَا हमें lanā
हमें وَٱرْحَمْنَا ۖ और रहम फ़रमा हम पर wa-ir'ḥamnā
और रहम फ़रमा हम पर وَأَنتَ और तू wa-anta
और तू خَيْرُ बेहतर है khayru
बेहतर है ٱلْغَـٰفِرِينَ सब बख़्शने वालों से l-ghāfirīna
सब बख़्शने वालों से ١٥٥ (155)
(155)
और मूसा ने हमारे निर्धारित1 समय के लिए अपनी जाति के सत्तर व्यक्तियों को चुन लिया। फिर जब उन्हें भूकंप ने पकड़2 लिया, तो उसने कहा : ऐ मेरे पालनहार! यदि तू चाहता तो इससे पहले ही इन सबका और मेरा विनाश कर देता। क्या तू उसके कारण हमारा विनाश करता है, जो हममें से मूर्खों ने किया है? यह3 तो केवल तेरी ओर से एक परीक्षा है। जिसके द्वारा तू जिसे चाहता है, गुमराह करता है और जिसे चाहता है, सीधा मार्ग दिखाता है। तू ही हमारा संरक्षक है। अतः हमारे पापों को क्षमा कर दे और हमपर दया कर। तू क्षमा करने वालों में सबसे बेहतर है।
७:१५६
۞ وَٱكْتُبْ
और लिख दे
wa-uk'tub
और लिख दे لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए فِى in fī
in هَـٰذِهِ this hādhihi
this ٱلدُّنْيَا इस दुनिया में l-dun'yā
इस दुनिया में حَسَنَةًۭ भलाई ḥasanatan
भलाई وَفِى and in wafī
and in ٱلْـَٔاخِرَةِ और आख़िरत में l-ākhirati
और आख़िरत में إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम هُدْنَآ रुजूअ किया हमने hud'nā
रुजूअ किया हमने إِلَيْكَ ۚ तेरी तरफ़ ilayka
तेरी तरफ़ قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया عَذَابِىٓ अज़ाब मेरा ʿadhābī
अज़ाब मेरा أُصِيبُ मैं पहुँचाता हूँ uṣību
मैं पहुँचाता हूँ بِهِۦ उसको bihi
उसको مَنْ जिसे man
जिसे أَشَآءُ ۖ मैं चाहता हूँ ashāu
मैं चाहता हूँ وَرَحْمَتِى और रहमत मेरी waraḥmatī
और रहमत मेरी وَسِعَتْ छाई हुई है wasiʿat
छाई हुई है كُلَّ हर kulla
हर شَىْءٍۢ ۚ चीज़ पर shayin
चीज़ पर فَسَأَكْتُبُهَا पस ज़रूर मैं लिख दूँगा उसे fasa-aktubuhā
पस ज़रूर मैं लिख दूँगा उसे لِلَّذِينَ उन लोगों के लिए जो lilladhīna
उन लोगों के लिए जो يَتَّقُونَ डरते हैं yattaqūna
डरते हैं وَيُؤْتُونَ और वो अदा करते हैं wayu'tūna
और वो अदा करते हैं ٱلزَّكَوٰةَ ज़कात l-zakata
ज़कात وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो هُم वो hum
वो بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात पर biāyātinā
हमारी आयात पर يُؤْمِنُونَ वो ईमान लाते हैं yu'minūna
वो ईमान लाते हैं ١٥٦ (156)
(156)
और लिख दे لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए فِى in fī
in هَـٰذِهِ this hādhihi
this ٱلدُّنْيَا इस दुनिया में l-dun'yā
इस दुनिया में حَسَنَةًۭ भलाई ḥasanatan
भलाई وَفِى and in wafī
and in ٱلْـَٔاخِرَةِ और आख़िरत में l-ākhirati
और आख़िरत में إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम هُدْنَآ रुजूअ किया हमने hud'nā
रुजूअ किया हमने إِلَيْكَ ۚ तेरी तरफ़ ilayka
तेरी तरफ़ قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया عَذَابِىٓ अज़ाब मेरा ʿadhābī
अज़ाब मेरा أُصِيبُ मैं पहुँचाता हूँ uṣību
मैं पहुँचाता हूँ بِهِۦ उसको bihi
उसको مَنْ जिसे man
जिसे أَشَآءُ ۖ मैं चाहता हूँ ashāu
मैं चाहता हूँ وَرَحْمَتِى और रहमत मेरी waraḥmatī
और रहमत मेरी وَسِعَتْ छाई हुई है wasiʿat
छाई हुई है كُلَّ हर kulla
हर شَىْءٍۢ ۚ चीज़ पर shayin
चीज़ पर فَسَأَكْتُبُهَا पस ज़रूर मैं लिख दूँगा उसे fasa-aktubuhā
पस ज़रूर मैं लिख दूँगा उसे لِلَّذِينَ उन लोगों के लिए जो lilladhīna
उन लोगों के लिए जो يَتَّقُونَ डरते हैं yattaqūna
डरते हैं وَيُؤْتُونَ और वो अदा करते हैं wayu'tūna
और वो अदा करते हैं ٱلزَّكَوٰةَ ज़कात l-zakata
ज़कात وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो هُم वो hum
वो بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात पर biāyātinā
हमारी आयात पर يُؤْمِنُونَ वो ईमान लाते हैं yu'minūna
वो ईमान लाते हैं ١٥٦ (156)
(156)
और हमारे लिए इस संसार में भलाई लिख दे तथा परलोक (आख़िरत) में भी। निःसंदेह हम तेरी ओर लौट आए। अल्लाह ने कहा : मैं अपनी यातना से जिसे चाहता हूँ, ग्रस्त करता हूँ। और मेरी दया प्रत्येक चीज़ को घेरे हुए है। अतः मैं उसे उन लोगों के लिए अवश्य लिख दूँगा, जो डरते हैं और ज़कात देते है और जो हमारी आयतों पर ईमान लाते हैं।
७:१५७
ٱلَّذِينَ
वो लोग जो
alladhīna
वो लोग जो يَتَّبِعُونَ पैरवी करेंगे yattabiʿūna
पैरवी करेंगे ٱلرَّسُولَ इस रसूल l-rasūla
इस रसूल ٱلنَّبِىَّ नबी की l-nabiya
नबी की ٱلْأُمِّىَّ जो उम्मी है l-umiya
जो उम्मी है ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो يَجِدُونَهُۥ वो पाते हैं उसे yajidūnahu
वो पाते हैं उसे مَكْتُوبًا लिखा हुआ maktūban
लिखा हुआ عِندَهُمْ अपने पास ʿindahum
अपने पास فِى in fī
in ٱلتَّوْرَىٰةِ तौरात में l-tawrāti
तौरात में وَٱلْإِنجِيلِ और इंजील में wal-injīli
और इंजील में يَأْمُرُهُم वो हुक्म देता है yamuruhum
वो हुक्म देता है بِٱلْمَعْرُوفِ नेकी का bil-maʿrūfi
नेकी का وَيَنْهَىٰهُمْ और वो रोकता है उन्हें wayanhāhum
और वो रोकता है उन्हें عَنِ from ʿani
from ٱلْمُنكَرِ मुन्कर/बुराई से l-munkari
मुन्कर/बुराई से وَيُحِلُّ और वो हलाल करता है wayuḥillu
और वो हलाल करता है لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए ٱلطَّيِّبَـٰتِ पाकीज़ा चीज़ें l-ṭayibāti
पाकीज़ा चीज़ें وَيُحَرِّمُ और वो हराम करता है wayuḥarrimu
और वो हराम करता है عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلْخَبَـٰٓئِثَ नापाक चीज़ें l-khabāitha
नापाक चीज़ें وَيَضَعُ और वो उतारता है wayaḍaʿu
और वो उतारता है عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे إِصْرَهُمْ बोझ उनके iṣ'rahum
बोझ उनके وَٱلْأَغْلَـٰلَ और वो तौक़ wal-aghlāla
और वो तौक़ ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो كَانَتْ थे वो kānat
थे वो عَلَيْهِمْ ۚ उन पर ʿalayhim
उन पर فَٱلَّذِينَ पस वो जो fa-alladhīna
पस वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए بِهِۦ उस पर bihi
उस पर وَعَزَّرُوهُ और उन्होंने क़ुव्वत दी उसे waʿazzarūhu
और उन्होंने क़ुव्वत दी उसे وَنَصَرُوهُ और उन्होंने मदद की उसकी wanaṣarūhu
और उन्होंने मदद की उसकी وَٱتَّبَعُوا۟ और उन्होंने पैरवी की wa-ittabaʿū
और उन्होंने पैरवी की ٱلنُّورَ उस नूर की l-nūra
उस नूर की ٱلَّذِىٓ वो जो alladhī
वो जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया مَعَهُۥٓ ۙ साथ उसके maʿahu
साथ उसके أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْمُفْلِحُونَ जो फ़लाह पाने वाले हैं l-muf'liḥūna
जो फ़लाह पाने वाले हैं ١٥٧ (157)
(157)
वो लोग जो يَتَّبِعُونَ पैरवी करेंगे yattabiʿūna
पैरवी करेंगे ٱلرَّسُولَ इस रसूल l-rasūla
इस रसूल ٱلنَّبِىَّ नबी की l-nabiya
नबी की ٱلْأُمِّىَّ जो उम्मी है l-umiya
जो उम्मी है ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो يَجِدُونَهُۥ वो पाते हैं उसे yajidūnahu
वो पाते हैं उसे مَكْتُوبًا लिखा हुआ maktūban
लिखा हुआ عِندَهُمْ अपने पास ʿindahum
अपने पास فِى in fī
in ٱلتَّوْرَىٰةِ तौरात में l-tawrāti
तौरात में وَٱلْإِنجِيلِ और इंजील में wal-injīli
और इंजील में يَأْمُرُهُم वो हुक्म देता है yamuruhum
वो हुक्म देता है بِٱلْمَعْرُوفِ नेकी का bil-maʿrūfi
नेकी का وَيَنْهَىٰهُمْ और वो रोकता है उन्हें wayanhāhum
और वो रोकता है उन्हें عَنِ from ʿani
from ٱلْمُنكَرِ मुन्कर/बुराई से l-munkari
मुन्कर/बुराई से وَيُحِلُّ और वो हलाल करता है wayuḥillu
और वो हलाल करता है لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए ٱلطَّيِّبَـٰتِ पाकीज़ा चीज़ें l-ṭayibāti
पाकीज़ा चीज़ें وَيُحَرِّمُ और वो हराम करता है wayuḥarrimu
और वो हराम करता है عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلْخَبَـٰٓئِثَ नापाक चीज़ें l-khabāitha
नापाक चीज़ें وَيَضَعُ और वो उतारता है wayaḍaʿu
और वो उतारता है عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे إِصْرَهُمْ बोझ उनके iṣ'rahum
बोझ उनके وَٱلْأَغْلَـٰلَ और वो तौक़ wal-aghlāla
और वो तौक़ ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो كَانَتْ थे वो kānat
थे वो عَلَيْهِمْ ۚ उन पर ʿalayhim
उन पर فَٱلَّذِينَ पस वो जो fa-alladhīna
पस वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए بِهِۦ उस पर bihi
उस पर وَعَزَّرُوهُ और उन्होंने क़ुव्वत दी उसे waʿazzarūhu
और उन्होंने क़ुव्वत दी उसे وَنَصَرُوهُ और उन्होंने मदद की उसकी wanaṣarūhu
और उन्होंने मदद की उसकी وَٱتَّبَعُوا۟ और उन्होंने पैरवी की wa-ittabaʿū
और उन्होंने पैरवी की ٱلنُّورَ उस नूर की l-nūra
उस नूर की ٱلَّذِىٓ वो जो alladhī
वो जो أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया مَعَهُۥٓ ۙ साथ उसके maʿahu
साथ उसके أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْمُفْلِحُونَ जो फ़लाह पाने वाले हैं l-muf'liḥūna
जो फ़लाह पाने वाले हैं ١٥٧ (157)
(157)
जो लोग उस रसूल का अनुसरण करते हैं, जो उम्मी नबी1 है, जिसे वे अपने पास तौरात तथा इंजील में लिखा हुआ पाते हैं, जो उन्हें नेकी का आदेश देता है और बुराई से रोकता है, तथा उनके लिए पाकीज़ा चीज़ों को हलाल (वैध) करता और उनपर अपवित्र चीज़ों को हराम (अवैध) ठहराता है और उनसे उनका बोझ और वह तौक़ उतारता है, जो उनपर पड़े हुए थे। अतः जो लोग उसपर ईमान लाए, उसका समर्थन किया, उसकी सहायता की और उस प्रकाश (क़ुरआन) का अनुसरण किया, जो उसके साथ उतारा गया, वही लोग सफलता प्राप्त करने वाले हैं।
७:१५८
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए يَـٰٓأَيُّهَا ऐ yāayyuhā
ऐ ٱلنَّاسُ लोगो l-nāsu
लोगो إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं رَسُولُ रसूल हूँ rasūlu
रसूल हूँ ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का إِلَيْكُمْ तरफ़ तुम्हारे ilaykum
तरफ़ तुम्हारे جَمِيعًا सब के jamīʿan
सब के ٱلَّذِى वो ही है alladhī
वो ही है لَهُۥ जिसके लिए lahu
जिसके लिए مُلْكُ बादशाहत है mul'ku
बादशाहत है ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों की l-samāwāti
आसमानों की وَٱلْأَرْضِ ۖ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की لَآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ वो ही huwa
वो ही يُحْىِۦ वो ज़िन्दा करता है yuḥ'yī
वो ज़िन्दा करता है وَيُمِيتُ ۖ और वो मौत देता है wayumītu
और वो मौत देता है فَـَٔامِنُوا۟ पस ईमान लाओ faāminū
पस ईमान लाओ بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَرَسُولِهِ और उसके रसूल पर warasūlihi
और उसके रसूल पर ٱلنَّبِىِّ जो नबी l-nabiyi
जो नबी ٱلْأُمِّىِّ उम्मी है l-umiyi
उम्मी है ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो يُؤْمِنُ ईमान रखता है yu'minu
ईमान रखता है بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَكَلِمَـٰتِهِۦ और उसके कलिमात पर wakalimātihi
और उसके कलिमात पर وَٱتَّبِعُوهُ और इत्तिबा करो उसका wa-ittabiʿūhu
और इत्तिबा करो उसका لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَهْتَدُونَ तुम हिदायत पा जाओ tahtadūna
तुम हिदायत पा जाओ ١٥٨ (158)
(158)
कह दीजिए يَـٰٓأَيُّهَا ऐ yāayyuhā
ऐ ٱلنَّاسُ लोगो l-nāsu
लोगो إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं رَسُولُ रसूल हूँ rasūlu
रसूल हूँ ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का إِلَيْكُمْ तरफ़ तुम्हारे ilaykum
तरफ़ तुम्हारे جَمِيعًا सब के jamīʿan
सब के ٱلَّذِى वो ही है alladhī
वो ही है لَهُۥ जिसके लिए lahu
जिसके लिए مُلْكُ बादशाहत है mul'ku
बादशाहत है ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों की l-samāwāti
आसमानों की وَٱلْأَرْضِ ۖ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की لَآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ वो ही huwa
वो ही يُحْىِۦ वो ज़िन्दा करता है yuḥ'yī
वो ज़िन्दा करता है وَيُمِيتُ ۖ और वो मौत देता है wayumītu
और वो मौत देता है فَـَٔامِنُوا۟ पस ईमान लाओ faāminū
पस ईमान लाओ بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَرَسُولِهِ और उसके रसूल पर warasūlihi
और उसके रसूल पर ٱلنَّبِىِّ जो नबी l-nabiyi
जो नबी ٱلْأُمِّىِّ उम्मी है l-umiyi
उम्मी है ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो يُؤْمِنُ ईमान रखता है yu'minu
ईमान रखता है بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَكَلِمَـٰتِهِۦ और उसके कलिमात पर wakalimātihi
और उसके कलिमात पर وَٱتَّبِعُوهُ और इत्तिबा करो उसका wa-ittabiʿūhu
और इत्तिबा करो उसका لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَهْتَدُونَ तुम हिदायत पा जाओ tahtadūna
तुम हिदायत पा जाओ ١٥٨ (158)
(158)
(ऐ नबी!) आप कह दें कि ऐ मानव जाति के लोगो! निःसंदेह मैं तुम सब की ओर उस अल्लाह का रसूल हूँ, जिसके लिए आकाशों तथा धरती का राज्य है। उसके सिवा कोई पूज्य नहीं। वही जीवन देता और मारता है। अतः तुम अल्लाह पर और उसके रसूल उम्मी नबी पर ईमान लाओ, जो अल्लाह पर और उसकी सभी वाणियों (पुस्तकों) पर ईमान रखता है और उसका अनुसरण करो, ताकि तुम सीधा मार्ग पाओ।1
७:१५९
وَمِن
And among
wamin
And among قَوْمِ (the) people qawmi
(the) people مُوسَىٰٓ और मूसा की क़ौम में से mūsā
और मूसा की क़ौम में से أُمَّةٌۭ एक गिरोह था ummatun
एक गिरोह था يَهْدُونَ वो रहनुमाई करते yahdūna
वो रहनुमाई करते بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के وَبِهِۦ और साथ उसी के wabihi
और साथ उसी के يَعْدِلُونَ वो अदल करते yaʿdilūna
वो अदल करते ١٥٩ (159)
(159)
And among قَوْمِ (the) people qawmi
(the) people مُوسَىٰٓ और मूसा की क़ौम में से mūsā
और मूसा की क़ौम में से أُمَّةٌۭ एक गिरोह था ummatun
एक गिरोह था يَهْدُونَ वो रहनुमाई करते yahdūna
वो रहनुमाई करते بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के وَبِهِۦ और साथ उसी के wabihi
और साथ उसी के يَعْدِلُونَ वो अदल करते yaʿdilūna
वो अदल करते ١٥٩ (159)
(159)
और मूसा की जाति के अंदर एक गिरोह ऐसा है, जो सत्य के साथ मार्गदर्शन करता है और उसी के अनुसार न्याय करता है।1
७:१६०
وَقَطَّعْنَـٰهُمُ
और अलग-अलग कर दिया हमने उन्हें
waqaṭṭaʿnāhumu
और अलग-अलग कर दिया हमने उन्हें ٱثْنَتَىْ (into) two ith'natay
(into) two عَشْرَةَ बारह ʿashrata
बारह أَسْبَاطًا क़बीलों में asbāṭan
क़बीलों में أُمَمًۭا ۚ जमाअतें बनाकर umaman
जमाअतें बनाकर وَأَوْحَيْنَآ और वही की हमने wa-awḥaynā
और वही की हमने إِلَىٰ to ilā
to مُوسَىٰٓ तरफ़ मूसा के mūsā
तरफ़ मूसा के إِذِ जब idhi
जब ٱسْتَسْقَىٰهُ पानी माँगा उससे is'tasqāhu
पानी माँगा उससे قَوْمُهُۥٓ उसकी क़ौम ने qawmuhu
उसकी क़ौम ने أَنِ कि ani
कि ٱضْرِب मार iḍ'rib
मार بِّعَصَاكَ असा अपना biʿaṣāka
असा अपना ٱلْحَجَرَ ۖ पत्थर पर l-ḥajara
पत्थर पर فَٱنۢبَجَسَتْ पस फूट निकले fa-inbajasat
पस फूट निकले مِنْهُ उससे min'hu
उससे ٱثْنَتَا two ith'natā
two عَشْرَةَ बारह ʿashrata
बारह عَيْنًۭا ۖ चश्मे ʿaynan
चश्मे قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ عَلِمَ जान लिया ʿalima
जान लिया كُلُّ हर kullu
हर أُنَاسٍۢ गिरोह ने unāsin
गिरोह ने مَّشْرَبَهُمْ ۚ घाट अपना mashrabahum
घाट अपना وَظَلَّلْنَا और साया किया हमने waẓallalnā
और साया किया हमने عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلْغَمَـٰمَ बादलों का l-ghamāma
बादलों का وَأَنزَلْنَا और नाज़िल किया हमने wa-anzalnā
और नाज़िल किया हमने عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلْمَنَّ मन्न l-mana
मन्न وَٱلسَّلْوَىٰ ۖ और सलवा wal-salwā
और सलवा كُلُوا۟ खाओ kulū
खाओ مِن from min
from طَيِّبَـٰتِ पाकीज़ा चीज़ों में से ṭayyibāti
पाकीज़ा चीज़ों में से مَا जो mā
जो رَزَقْنَـٰكُمْ ۚ अता कीं हमने तुम्हें razaqnākum
अता कीं हमने तुम्हें وَمَا और नहीं wamā
और नहीं ظَلَمُونَا उन्होंने ज़ुल्म किया हम पर ẓalamūnā
उन्होंने ज़ुल्म किया हम पर وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन كَانُوٓا۟ थे वो kānū
थे वो أَنفُسَهُمْ अपनी ही जानों पर anfusahum
अपनी ही जानों पर يَظْلِمُونَ वो ज़ुल्म करते yaẓlimūna
वो ज़ुल्म करते ١٦٠ (160)
(160)
और अलग-अलग कर दिया हमने उन्हें ٱثْنَتَىْ (into) two ith'natay
(into) two عَشْرَةَ बारह ʿashrata
बारह أَسْبَاطًا क़बीलों में asbāṭan
क़बीलों में أُمَمًۭا ۚ जमाअतें बनाकर umaman
जमाअतें बनाकर وَأَوْحَيْنَآ और वही की हमने wa-awḥaynā
और वही की हमने إِلَىٰ to ilā
to مُوسَىٰٓ तरफ़ मूसा के mūsā
तरफ़ मूसा के إِذِ जब idhi
जब ٱسْتَسْقَىٰهُ पानी माँगा उससे is'tasqāhu
पानी माँगा उससे قَوْمُهُۥٓ उसकी क़ौम ने qawmuhu
उसकी क़ौम ने أَنِ कि ani
कि ٱضْرِب मार iḍ'rib
मार بِّعَصَاكَ असा अपना biʿaṣāka
असा अपना ٱلْحَجَرَ ۖ पत्थर पर l-ḥajara
पत्थर पर فَٱنۢبَجَسَتْ पस फूट निकले fa-inbajasat
पस फूट निकले مِنْهُ उससे min'hu
उससे ٱثْنَتَا two ith'natā
two عَشْرَةَ बारह ʿashrata
बारह عَيْنًۭا ۖ चश्मे ʿaynan
चश्मे قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ عَلِمَ जान लिया ʿalima
जान लिया كُلُّ हर kullu
हर أُنَاسٍۢ गिरोह ने unāsin
गिरोह ने مَّشْرَبَهُمْ ۚ घाट अपना mashrabahum
घाट अपना وَظَلَّلْنَا और साया किया हमने waẓallalnā
और साया किया हमने عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلْغَمَـٰمَ बादलों का l-ghamāma
बादलों का وَأَنزَلْنَا और नाज़िल किया हमने wa-anzalnā
और नाज़िल किया हमने عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلْمَنَّ मन्न l-mana
मन्न وَٱلسَّلْوَىٰ ۖ और सलवा wal-salwā
और सलवा كُلُوا۟ खाओ kulū
खाओ مِن from min
from طَيِّبَـٰتِ पाकीज़ा चीज़ों में से ṭayyibāti
पाकीज़ा चीज़ों में से مَا जो mā
जो رَزَقْنَـٰكُمْ ۚ अता कीं हमने तुम्हें razaqnākum
अता कीं हमने तुम्हें وَمَا और नहीं wamā
और नहीं ظَلَمُونَا उन्होंने ज़ुल्म किया हम पर ẓalamūnā
उन्होंने ज़ुल्म किया हम पर وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन كَانُوٓا۟ थे वो kānū
थे वो أَنفُسَهُمْ अपनी ही जानों पर anfusahum
अपनी ही जानों पर يَظْلِمُونَ वो ज़ुल्म करते yaẓlimūna
वो ज़ुल्म करते ١٦٠ (160)
(160)
और हमने उन्हें बारह गोत्रों में विभाजित करके अलग-अलग समूह बना दिया। और जब मूसा की जाति ने उनसे पानी माँगा, तो हमने उनकी ओर वह़्य भेजी कि अपनी लाठी पत्थर पर मारो। तो उससे बारह स्रोत फूट निकले। निःसंदेह सब लोगों ने अपने पानी पीने का स्थान जान लिया। तथा हमने उनपर बादल की छाया की और उनपर मन्न और सलवा उतारा। (हमने कहा :) इन पाकीज़ा चीज़ों में से, जो हमने तुम्हें प्रदान की हैं, खाओ। और उन्होंने हमपर अत्याचार नहीं किया, परंतु वे अपने आप ही पर अत्याचार करते थे।
७:१६१
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब قِيلَ कहा गया qīla
कहा गया لَهُمُ उनसे lahumu
उनसे ٱسْكُنُوا۟ तुम ठहरो/रहो us'kunū
तुम ठहरो/रहो هَـٰذِهِ इस hādhihi
इस ٱلْقَرْيَةَ बस्ती में l-qaryata
बस्ती में وَكُلُوا۟ और खाओ wakulū
और खाओ مِنْهَا उसमें से min'hā
उसमें से حَيْثُ जहाँ से ḥaythu
जहाँ से شِئْتُمْ चाहो तुम shi'tum
चाहो तुम وَقُولُوا۟ और कहो waqūlū
और कहो حِطَّةٌۭ हित्तातुन/बख़्श दे ḥiṭṭatun
हित्तातुन/बख़्श दे وَٱدْخُلُوا۟ और दाख़िल हो जाओ wa-ud'khulū
और दाख़िल हो जाओ ٱلْبَابَ दरवाज़े से l-bāba
दरवाज़े से سُجَّدًۭا सजदा करते हुए sujjadan
सजदा करते हुए نَّغْفِرْ हम बख़्श देंगे naghfir
हम बख़्श देंगे لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए خَطِيٓـَٔـٰتِكُمْ ۚ ख़ताऐं तुम्हारी khaṭīātikum
ख़ताऐं तुम्हारी سَنَزِيدُ अनक़रीब हम ज़्यादा देंगे sanazīdu
अनक़रीब हम ज़्यादा देंगे ٱلْمُحْسِنِينَ एहसान करने वालों को l-muḥ'sinīna
एहसान करने वालों को ١٦١ (161)
(161)
और जब قِيلَ कहा गया qīla
कहा गया لَهُمُ उनसे lahumu
उनसे ٱسْكُنُوا۟ तुम ठहरो/रहो us'kunū
तुम ठहरो/रहो هَـٰذِهِ इस hādhihi
इस ٱلْقَرْيَةَ बस्ती में l-qaryata
बस्ती में وَكُلُوا۟ और खाओ wakulū
और खाओ مِنْهَا उसमें से min'hā
उसमें से حَيْثُ जहाँ से ḥaythu
जहाँ से شِئْتُمْ चाहो तुम shi'tum
चाहो तुम وَقُولُوا۟ और कहो waqūlū
और कहो حِطَّةٌۭ हित्तातुन/बख़्श दे ḥiṭṭatun
हित्तातुन/बख़्श दे وَٱدْخُلُوا۟ और दाख़िल हो जाओ wa-ud'khulū
और दाख़िल हो जाओ ٱلْبَابَ दरवाज़े से l-bāba
दरवाज़े से سُجَّدًۭا सजदा करते हुए sujjadan
सजदा करते हुए نَّغْفِرْ हम बख़्श देंगे naghfir
हम बख़्श देंगे لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए خَطِيٓـَٔـٰتِكُمْ ۚ ख़ताऐं तुम्हारी khaṭīātikum
ख़ताऐं तुम्हारी سَنَزِيدُ अनक़रीब हम ज़्यादा देंगे sanazīdu
अनक़रीब हम ज़्यादा देंगे ٱلْمُحْسِنِينَ एहसान करने वालों को l-muḥ'sinīna
एहसान करने वालों को ١٦١ (161)
(161)
और जब उनसे कहा गया कि इस नगर (बैतुल मक़्दिस) में बस जाओ और उसमें से जहाँ से इच्छा हो खाओ और कहो कि हमें क्षमा कर दे तथा द्वार में सज्दा करते हुए प्रवेश करो, हम तुम्हारे लिए तुम्हारे पाप क्षमा कर देंगे। हम सत्कर्मियों को और अधिक देंगे।
७:१६२
فَبَدَّلَ
पस बदल दिया
fabaddala
पस बदल दिया ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जिन्होंने alladhīna
उन लोगों ने जिन्होंने ظَلَمُوا۟ ज़ुल्म किया ẓalamū
ज़ुल्म किया مِنْهُمْ उन में से min'hum
उन में से قَوْلًا बात को qawlan
बात को غَيْرَ सिवाय ghayra
सिवाय ٱلَّذِى उसके जो alladhī
उसके जो قِيلَ कही गई थी qīla
कही गई थी لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें فَأَرْسَلْنَا तो भेजा हमने fa-arsalnā
तो भेजा हमने عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर رِجْزًۭا अज़ाब rij'zan
अज़ाब مِّنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَظْلِمُونَ वो ज़ुल्म करते yaẓlimūna
वो ज़ुल्म करते ١٦٢ (162)
(162)
पस बदल दिया ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जिन्होंने alladhīna
उन लोगों ने जिन्होंने ظَلَمُوا۟ ज़ुल्म किया ẓalamū
ज़ुल्म किया مِنْهُمْ उन में से min'hum
उन में से قَوْلًا बात को qawlan
बात को غَيْرَ सिवाय ghayra
सिवाय ٱلَّذِى उसके जो alladhī
उसके जो قِيلَ कही गई थी qīla
कही गई थी لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें فَأَرْسَلْنَا तो भेजा हमने fa-arsalnā
तो भेजा हमने عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर رِجْزًۭا अज़ाब rij'zan
अज़ाब مِّنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَظْلِمُونَ वो ज़ुल्म करते yaẓlimūna
वो ज़ुल्म करते ١٦٢ (162)
(162)
तो उनमें से जो अत्याचारी थे, उन्होंने उस बात को जो उनसे कही गई थी, दूसरी बात से बदल1 दिया। तो हमने उनपर, उनके अत्याचार के कारण, आकाश से अज़ाब भेजा।
७:१६३
وَسْـَٔلْهُمْ
और पूछिए उन से
wasalhum
और पूछिए उन से عَنِ about ʿani
about ٱلْقَرْيَةِ उस बस्ती के बारे में l-qaryati
उस बस्ती के बारे में ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो كَانَتْ थी वो kānat
थी वो حَاضِرَةَ किनारे पर ḥāḍirata
किनारे पर ٱلْبَحْرِ समुन्दर के l-baḥri
समुन्दर के إِذْ जब idh
जब يَعْدُونَ वो ज़्यादती करते थे yaʿdūna
वो ज़्यादती करते थे فِى in fī
in ٱلسَّبْتِ सब्त/हफ़्ते के दिन में l-sabti
सब्त/हफ़्ते के दिन में إِذْ जब idh
जब تَأْتِيهِمْ आती थीं उनके पास tatīhim
आती थीं उनके पास حِيتَانُهُمْ मछलियाँ उनकी ḥītānuhum
मछलियाँ उनकी يَوْمَ (on the) day yawma
(on the) day سَبْتِهِمْ दिन उनके हफ़्ते के sabtihim
दिन उनके हफ़्ते के شُرَّعًۭا ज़ाहिर होकर shurraʿan
ज़ाहिर होकर وَيَوْمَ और जिस दिन wayawma
और जिस दिन لَا not lā
not يَسْبِتُونَ ۙ वो सब्त/हफ़्ते का दिन ना मनाते yasbitūna
वो सब्त/हफ़्ते का दिन ना मनाते لَا (they did) not lā
(they did) not تَأْتِيهِمْ ۚ नहीं वो आती थीं उनके पास tatīhim
नहीं वो आती थीं उनके पास كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह نَبْلُوهُم हम आज़माते थे उन्हें nablūhum
हम आज़माते थे उन्हें بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَفْسُقُونَ वो नाफ़रमानी करते yafsuqūna
वो नाफ़रमानी करते ١٦٣ (163)
(163)
और पूछिए उन से عَنِ about ʿani
about ٱلْقَرْيَةِ उस बस्ती के बारे में l-qaryati
उस बस्ती के बारे में ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो كَانَتْ थी वो kānat
थी वो حَاضِرَةَ किनारे पर ḥāḍirata
किनारे पर ٱلْبَحْرِ समुन्दर के l-baḥri
समुन्दर के إِذْ जब idh
जब يَعْدُونَ वो ज़्यादती करते थे yaʿdūna
वो ज़्यादती करते थे فِى in fī
in ٱلسَّبْتِ सब्त/हफ़्ते के दिन में l-sabti
सब्त/हफ़्ते के दिन में إِذْ जब idh
जब تَأْتِيهِمْ आती थीं उनके पास tatīhim
आती थीं उनके पास حِيتَانُهُمْ मछलियाँ उनकी ḥītānuhum
मछलियाँ उनकी يَوْمَ (on the) day yawma
(on the) day سَبْتِهِمْ दिन उनके हफ़्ते के sabtihim
दिन उनके हफ़्ते के شُرَّعًۭا ज़ाहिर होकर shurraʿan
ज़ाहिर होकर وَيَوْمَ और जिस दिन wayawma
और जिस दिन لَا not lā
not يَسْبِتُونَ ۙ वो सब्त/हफ़्ते का दिन ना मनाते yasbitūna
वो सब्त/हफ़्ते का दिन ना मनाते لَا (they did) not lā
(they did) not تَأْتِيهِمْ ۚ नहीं वो आती थीं उनके पास tatīhim
नहीं वो आती थीं उनके पास كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह نَبْلُوهُم हम आज़माते थे उन्हें nablūhum
हम आज़माते थे उन्हें بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَفْسُقُونَ वो नाफ़रमानी करते yafsuqūna
वो नाफ़रमानी करते ١٦٣ (163)
(163)
तथा (ऐ नबी!) उनसे उस बस्ती के संबंध में पूछें, जो समुद्र (लाल सागर) के किनारे पर थी, जब वे शनिवार के दिन के विषय में सीमा का उल्लंघन1 करते थे, जब उनके पास उनकी मछलियाँ उनके शनिवार के दिन पानी की सतह पर प्रत्यक्ष होकर आती थीं और जिस दिन उनका शनिवार न होता, वे उनके पास नहीं आती थीं। इस प्रकार हम उनका परीक्षण करते थे, इस कारण कि वे अवज्ञा करते थे।
७:१६४
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब قَالَتْ कहा qālat
कहा أُمَّةٌۭ एक जमाअत ने ummatun
एक जमाअत ने مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से لِمَ क्यों lima
क्यों تَعِظُونَ तुम नसीहत करते हो taʿiẓūna
तुम नसीहत करते हो قَوْمًا ۙ ऐसी क़ौम को qawman
ऐसी क़ौम को ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مُهْلِكُهُمْ हलाक करने वाला है जिन्हें muh'likuhum
हलाक करने वाला है जिन्हें أَوْ या aw
या مُعَذِّبُهُمْ अज़ाब देने वाला है जिन्हें muʿadhibuhum
अज़ाब देने वाला है जिन्हें عَذَابًۭا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब شَدِيدًۭا ۖ शदीद shadīdan
शदीद قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा مَعْذِرَةً माज़रत (करने के लिए) maʿdhiratan
माज़रत (करने के लिए) إِلَىٰ before ilā
before رَبِّكُمْ तरफ़ तुम्हारे रब के rabbikum
तरफ़ तुम्हारे रब के وَلَعَلَّهُمْ और शायद कि वो walaʿallahum
और शायद कि वो يَتَّقُونَ वो डर जाऐं yattaqūna
वो डर जाऐं ١٦٤ (164)
(164)
और जब قَالَتْ कहा qālat
कहा أُمَّةٌۭ एक जमाअत ने ummatun
एक जमाअत ने مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से لِمَ क्यों lima
क्यों تَعِظُونَ तुम नसीहत करते हो taʿiẓūna
तुम नसीहत करते हो قَوْمًا ۙ ऐसी क़ौम को qawman
ऐसी क़ौम को ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مُهْلِكُهُمْ हलाक करने वाला है जिन्हें muh'likuhum
हलाक करने वाला है जिन्हें أَوْ या aw
या مُعَذِّبُهُمْ अज़ाब देने वाला है जिन्हें muʿadhibuhum
अज़ाब देने वाला है जिन्हें عَذَابًۭا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब شَدِيدًۭا ۖ शदीद shadīdan
शदीद قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा مَعْذِرَةً माज़रत (करने के लिए) maʿdhiratan
माज़रत (करने के लिए) إِلَىٰ before ilā
before رَبِّكُمْ तरफ़ तुम्हारे रब के rabbikum
तरफ़ तुम्हारे रब के وَلَعَلَّهُمْ और शायद कि वो walaʿallahum
और शायद कि वो يَتَّقُونَ वो डर जाऐं yattaqūna
वो डर जाऐं ١٦٤ (164)
(164)
तथा जब उनमें से एक समूह ने कहा कि तुम ऐसे लोगों को क्यों समझा रहे हो, जिन्हें अल्लाह (उनकी अवज्ञा के कारण) विनष्ट करने वाला है, या उन्हें बहुत सख़्त यातना देने वाला है? उन्होंने कहा : तुम्हारे पालनहार के समक्ष उज़्र करने के लिए और इसलिए कि शायद वे डर जाएँ।1
७:१६५
فَلَمَّا
फिर जब
falammā
फिर जब نَسُوا۟ वो भूल गए nasū
वो भूल गए مَا जो mā
जो ذُكِّرُوا۟ वो नसीहत किए गए थे dhukkirū
वो नसीहत किए गए थे بِهِۦٓ जिसकी bihi
जिसकी أَنجَيْنَا निजात दी हमने anjaynā
निजात दी हमने ٱلَّذِينَ उन्हें जो alladhīna
उन्हें जो يَنْهَوْنَ वो रोकते थे yanhawna
वो रोकते थे عَنِ [from] ʿani
[from] ٱلسُّوٓءِ बुराई से l-sūi
बुराई से وَأَخَذْنَا और पकड़ लिया हमने wa-akhadhnā
और पकड़ लिया हमने ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने ظَلَمُوا۟ ज़ुल्म किया ẓalamū
ज़ुल्म किया بِعَذَابٍۭ साथ अज़ाब biʿadhābin
साथ अज़ाब بَـِٔيسٍۭ सख़्त के baīsin
सख़्त के بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَفْسُقُونَ वो नाफ़रमानी करते yafsuqūna
वो नाफ़रमानी करते ١٦٥ (165)
(165)
फिर जब نَسُوا۟ वो भूल गए nasū
वो भूल गए مَا जो mā
जो ذُكِّرُوا۟ वो नसीहत किए गए थे dhukkirū
वो नसीहत किए गए थे بِهِۦٓ जिसकी bihi
जिसकी أَنجَيْنَا निजात दी हमने anjaynā
निजात दी हमने ٱلَّذِينَ उन्हें जो alladhīna
उन्हें जो يَنْهَوْنَ वो रोकते थे yanhawna
वो रोकते थे عَنِ [from] ʿani
[from] ٱلسُّوٓءِ बुराई से l-sūi
बुराई से وَأَخَذْنَا और पकड़ लिया हमने wa-akhadhnā
और पकड़ लिया हमने ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने ظَلَمُوا۟ ज़ुल्म किया ẓalamū
ज़ुल्म किया بِعَذَابٍۭ साथ अज़ाब biʿadhābin
साथ अज़ाब بَـِٔيسٍۭ सख़्त के baīsin
सख़्त के بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَفْسُقُونَ वो नाफ़रमानी करते yafsuqūna
वो नाफ़रमानी करते ١٦٥ (165)
(165)
फिर जब वे उस बात को भूल गए, जिसकी उन्हें नसीहत की गई थी, तो हमने उन लोगों को बचा लिया, जो बुराई से रोक रहे थे, और उन लोगों को जिन्होंने अत्याचार किया, उनकी अवज्ञा के कारण कठोर यातना में पकड़ लिया।
७:१६६
فَلَمَّا
फिर जब
falammā
फिर जब عَتَوْا۟ उन्होंने सरकशी की ʿataw
उन्होंने सरकशी की عَن उससे ʿan
उससे مَّا जो mā
जो نُهُوا۟ वो रोके गए थे nuhū
वो रोके गए थे عَنْهُ जिससे ʿanhu
जिससे قُلْنَا कहा हमने qul'nā
कहा हमने لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें كُونُوا۟ हो जाओ kūnū
हो जाओ قِرَدَةً बन्दर qiradatan
बन्दर خَـٰسِـِٔينَ ज़लील khāsiīna
ज़लील ١٦٦ (166)
(166)
फिर जब عَتَوْا۟ उन्होंने सरकशी की ʿataw
उन्होंने सरकशी की عَن उससे ʿan
उससे مَّا जो mā
जो نُهُوا۟ वो रोके गए थे nuhū
वो रोके गए थे عَنْهُ जिससे ʿanhu
जिससे قُلْنَا कहा हमने qul'nā
कहा हमने لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें كُونُوا۟ हो जाओ kūnū
हो जाओ قِرَدَةً बन्दर qiradatan
बन्दर خَـٰسِـِٔينَ ज़लील khāsiīna
ज़लील ١٦٦ (166)
(166)
फिर जब वे उस काम में सीमा से आगे बढ़ गए, जिससे वे रोके गए थे, तो हमने उनसे कहा कि अपमानित बंदर बन जाओ।
७:१६७
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब تَأَذَّنَ ख़बर दी ta-adhana
ख़बर दी رَبُّكَ आपके रब ने rabbuka
आपके रब ने لَيَبْعَثَنَّ अलबत्ता वो ज़रूर भेजेगा layabʿathanna
अलबत्ता वो ज़रूर भेजेगा عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर إِلَىٰ till ilā
till يَوْمِ (the) Day yawmi
(the) Day ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के दिन तक l-qiyāmati
क़यामत के दिन तक مَن उसे जो man
उसे जो يَسُومُهُمْ चखाएगा उन्हें yasūmuhum
चखाएगा उन्हें سُوٓءَ बुरा sūa
बुरा ٱلْعَذَابِ ۗ अज़ाब l-ʿadhābi
अज़ाब إِنَّ बेशक inna
बेशक رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका لَسَرِيعُ अलबत्ता जल्द देने वाला है lasarīʿu
अलबत्ता जल्द देने वाला है ٱلْعِقَابِ ۖ सज़ा l-ʿiqābi
सज़ा وَإِنَّهُۥ और बेशक वो है wa-innahu
और बेशक वो है لَغَفُورٌۭ अल्बत्ता बहुत बख़्शने वाला laghafūrun
अल्बत्ता बहुत बख़्शने वाला رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला raḥīmun
निहायत रहम करने वाला ١٦٧ (167)
(167)
और जब تَأَذَّنَ ख़बर दी ta-adhana
ख़बर दी رَبُّكَ आपके रब ने rabbuka
आपके रब ने لَيَبْعَثَنَّ अलबत्ता वो ज़रूर भेजेगा layabʿathanna
अलबत्ता वो ज़रूर भेजेगा عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर إِلَىٰ till ilā
till يَوْمِ (the) Day yawmi
(the) Day ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के दिन तक l-qiyāmati
क़यामत के दिन तक مَن उसे जो man
उसे जो يَسُومُهُمْ चखाएगा उन्हें yasūmuhum
चखाएगा उन्हें سُوٓءَ बुरा sūa
बुरा ٱلْعَذَابِ ۗ अज़ाब l-ʿadhābi
अज़ाब إِنَّ बेशक inna
बेशक رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका لَسَرِيعُ अलबत्ता जल्द देने वाला है lasarīʿu
अलबत्ता जल्द देने वाला है ٱلْعِقَابِ ۖ सज़ा l-ʿiqābi
सज़ा وَإِنَّهُۥ और बेशक वो है wa-innahu
और बेशक वो है لَغَفُورٌۭ अल्बत्ता बहुत बख़्शने वाला laghafūrun
अल्बत्ता बहुत बख़्शने वाला رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला raḥīmun
निहायत रहम करने वाला ١٦٧ (167)
(167)
और याद करो, जब आपके पालनहार ने घोषणा कर दी कि वह क़ियामत के दिन तक, उन (यहूदियों) पर, ऐसा व्यक्ति अवश्य भेजता रहेगा, जो उन्हें घोर यातना दे।1 निःसंदेह आपका पालनहार शीघ्र दंड देने वाला है और निःसंदेह वह अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान है।
७:१६८
وَقَطَّعْنَـٰهُمْ
और टुकड़े-टुकड़े कर दिया हमने उन्हें
waqaṭṭaʿnāhum
और टुकड़े-टुकड़े कर दिया हमने उन्हें فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में أُمَمًۭا ۖ गिरोह-गिरोह (बनाकर) umaman
गिरोह-गिरोह (बनाकर) مِّنْهُمُ उनमें से कुछ min'humu
उनमें से कुछ ٱلصَّـٰلِحُونَ नेक हैं l-ṣāliḥūna
नेक हैं وَمِنْهُمْ और उनमें से wamin'hum
और उनमें से دُونَ (are) other than dūna
(are) other than ذَٰلِكَ ۖ इसके अलावा हैं dhālika
इसके अलावा हैं وَبَلَوْنَـٰهُم और आज़माया हमने उन्हें wabalawnāhum
और आज़माया हमने उन्हें بِٱلْحَسَنَـٰتِ साथ अच्छाइयों के bil-ḥasanāti
साथ अच्छाइयों के وَٱلسَّيِّـَٔاتِ और बुराइयों के wal-sayiāti
और बुराइयों के لَعَلَّهُمْ शायद कि वो laʿallahum
शायद कि वो يَرْجِعُونَ वो रुजूअ करें yarjiʿūna
वो रुजूअ करें ١٦٨ (168)
(168)
और टुकड़े-टुकड़े कर दिया हमने उन्हें فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में أُمَمًۭا ۖ गिरोह-गिरोह (बनाकर) umaman
गिरोह-गिरोह (बनाकर) مِّنْهُمُ उनमें से कुछ min'humu
उनमें से कुछ ٱلصَّـٰلِحُونَ नेक हैं l-ṣāliḥūna
नेक हैं وَمِنْهُمْ और उनमें से wamin'hum
और उनमें से دُونَ (are) other than dūna
(are) other than ذَٰلِكَ ۖ इसके अलावा हैं dhālika
इसके अलावा हैं وَبَلَوْنَـٰهُم और आज़माया हमने उन्हें wabalawnāhum
और आज़माया हमने उन्हें بِٱلْحَسَنَـٰتِ साथ अच्छाइयों के bil-ḥasanāti
साथ अच्छाइयों के وَٱلسَّيِّـَٔاتِ और बुराइयों के wal-sayiāti
और बुराइयों के لَعَلَّهُمْ शायद कि वो laʿallahum
शायद कि वो يَرْجِعُونَ वो रुजूअ करें yarjiʿūna
वो रुजूअ करें ١٦٨ (168)
(168)
और हमने उन्हें धरती में कई समूहों में टुकड़े-टुकड़े कर दिया। उनमें से कुछ लोग सदाचारी थे और उनमें से कुछ इसके अलावा थे। तथा हमने अच्छी परिस्थितियों और बुरी परिस्थितियों के साथ उनका परीक्षण किया, ताकि वे बाज़ आ जाएँ।
७:१६९
فَخَلَفَ
तो पीछे आए
fakhalafa
तो पीछे आए مِنۢ from min
from بَعْدِهِمْ बाद उनके baʿdihim
बाद उनके خَلْفٌۭ नाख़ल्फ़ khalfun
नाख़ल्फ़ وَرِثُوا۟ जो वारिस हुए warithū
जो वारिस हुए ٱلْكِتَـٰبَ किताब के l-kitāba
किताब के يَأْخُذُونَ वो ले लेते हैं yakhudhūna
वो ले लेते हैं عَرَضَ मालो मता ʿaraḍa
मालो मता هَـٰذَا इस hādhā
इस ٱلْأَدْنَىٰ हक़ीर दुनिया का l-adnā
हक़ीर दुनिया का وَيَقُولُونَ और वो कहते हैं wayaqūlūna
और वो कहते हैं سَيُغْفَرُ ज़रूर बख़्श दिया जाएगा sayugh'faru
ज़रूर बख़्श दिया जाएगा لَنَا हमें lanā
हमें وَإِن और अगर wa-in
और अगर يَأْتِهِمْ आता है उनके पास yatihim
आता है उनके पास عَرَضٌۭ मालो मता ʿaraḍun
मालो मता مِّثْلُهُۥ मानिन्द उसी के mith'luhu
मानिन्द उसी के يَأْخُذُوهُ ۚ वो ले लेते हैं उसे yakhudhūhu
वो ले लेते हैं उसे أَلَمْ क्या नहीं alam
क्या नहीं يُؤْخَذْ लिया गया yu'khadh
लिया गया عَلَيْهِم उनसे ʿalayhim
उनसे مِّيثَـٰقُ पुख़्ता अहद mīthāqu
पुख़्ता अहद ٱلْكِتَـٰبِ किताब में l-kitābi
किताब में أَن कि an
कि لَّا not lā
not يَقُولُوا۟ ना वो कहें yaqūlū
ना वो कहें عَلَى about ʿalā
about ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर إِلَّا सिवाय illā
सिवाय ٱلْحَقَّ हक़ के l-ḥaqa
हक़ के وَدَرَسُوا۟ और उन्होंने पढ़ लिया था wadarasū
और उन्होंने पढ़ लिया था مَا जो mā
जो فِيهِ ۗ उसमें है fīhi
उसमें है وَٱلدَّارُ और घर wal-dāru
और घर ٱلْـَٔاخِرَةُ आख़िरत का l-ākhiratu
आख़िरत का خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है لِّلَّذِينَ उनके लिए जो lilladhīna
उनके लिए जो يَتَّقُونَ ۗ डरते हैं yattaqūna
डरते हैं أَفَلَا क्या भला नहीं afalā
क्या भला नहीं تَعْقِلُونَ तुम अक़्ल रखते taʿqilūna
तुम अक़्ल रखते ١٦٩ (169)
(169)
तो पीछे आए مِنۢ from min
from بَعْدِهِمْ बाद उनके baʿdihim
बाद उनके خَلْفٌۭ नाख़ल्फ़ khalfun
नाख़ल्फ़ وَرِثُوا۟ जो वारिस हुए warithū
जो वारिस हुए ٱلْكِتَـٰبَ किताब के l-kitāba
किताब के يَأْخُذُونَ वो ले लेते हैं yakhudhūna
वो ले लेते हैं عَرَضَ मालो मता ʿaraḍa
मालो मता هَـٰذَا इस hādhā
इस ٱلْأَدْنَىٰ हक़ीर दुनिया का l-adnā
हक़ीर दुनिया का وَيَقُولُونَ और वो कहते हैं wayaqūlūna
और वो कहते हैं سَيُغْفَرُ ज़रूर बख़्श दिया जाएगा sayugh'faru
ज़रूर बख़्श दिया जाएगा لَنَا हमें lanā
हमें وَإِن और अगर wa-in
और अगर يَأْتِهِمْ आता है उनके पास yatihim
आता है उनके पास عَرَضٌۭ मालो मता ʿaraḍun
मालो मता مِّثْلُهُۥ मानिन्द उसी के mith'luhu
मानिन्द उसी के يَأْخُذُوهُ ۚ वो ले लेते हैं उसे yakhudhūhu
वो ले लेते हैं उसे أَلَمْ क्या नहीं alam
क्या नहीं يُؤْخَذْ लिया गया yu'khadh
लिया गया عَلَيْهِم उनसे ʿalayhim
उनसे مِّيثَـٰقُ पुख़्ता अहद mīthāqu
पुख़्ता अहद ٱلْكِتَـٰبِ किताब में l-kitābi
किताब में أَن कि an
कि لَّا not lā
not يَقُولُوا۟ ना वो कहें yaqūlū
ना वो कहें عَلَى about ʿalā
about ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर إِلَّا सिवाय illā
सिवाय ٱلْحَقَّ हक़ के l-ḥaqa
हक़ के وَدَرَسُوا۟ और उन्होंने पढ़ लिया था wadarasū
और उन्होंने पढ़ लिया था مَا जो mā
जो فِيهِ ۗ उसमें है fīhi
उसमें है وَٱلدَّارُ और घर wal-dāru
और घर ٱلْـَٔاخِرَةُ आख़िरत का l-ākhiratu
आख़िरत का خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है لِّلَّذِينَ उनके लिए जो lilladhīna
उनके लिए जो يَتَّقُونَ ۗ डरते हैं yattaqūna
डरते हैं أَفَلَا क्या भला नहीं afalā
क्या भला नहीं تَعْقِلُونَ तुम अक़्ल रखते taʿqilūna
तुम अक़्ल रखते ١٦٩ (169)
(169)
फिर उनके बाद उनकी जगह नालायक़ उत्तराधिकारी आए, जो पुस्तक के वारिस बने, वे इस तुच्छ संसार का सामान लेते हैं और कहते हैं कि हमें क्षमा कर दिया जाएगा। और यदि उनके पास इस जैसा और सामान भी आ जाए, तो उसे भी ले लेते हैं। क्या उनसे पुस्तक का दृढ़ वचन नहीं लिया गया था कि अल्लाह पर सत्य के सिवा कुछ नहीं कहेंगे, और उन्होंने जो कुछ उसमें था, पढ़ भी लिया था। और आख़िरत का घर (जन्नत) उन लोगों के लिए उत्तम है, जो अल्लाह से डरते हैं। तो क्या तुम नहीं1 समझते?
७:१७०
وَٱلَّذِينَ
और वो जो
wa-alladhīna
और वो जो يُمَسِّكُونَ मज़बूती से पकड़ते हैं yumassikūna
मज़बूती से पकड़ते हैं بِٱلْكِتَـٰبِ किताब को bil-kitābi
किताब को وَأَقَامُوا۟ और वो क़ायम करते हैं wa-aqāmū
और वो क़ायम करते हैं ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ को l-ṣalata
नमाज़ को إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम لَا (will) not lā
(will) not نُضِيعُ नहीं हम ज़ाया करते nuḍīʿu
नहीं हम ज़ाया करते أَجْرَ अजर ajra
अजर ٱلْمُصْلِحِينَ इस्लाह करने वालों का l-muṣ'liḥīna
इस्लाह करने वालों का ١٧٠ (170)
(170)
और वो जो يُمَسِّكُونَ मज़बूती से पकड़ते हैं yumassikūna
मज़बूती से पकड़ते हैं بِٱلْكِتَـٰبِ किताब को bil-kitābi
किताब को وَأَقَامُوا۟ और वो क़ायम करते हैं wa-aqāmū
और वो क़ायम करते हैं ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ को l-ṣalata
नमाज़ को إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम لَا (will) not lā
(will) not نُضِيعُ नहीं हम ज़ाया करते nuḍīʿu
नहीं हम ज़ाया करते أَجْرَ अजर ajra
अजर ٱلْمُصْلِحِينَ इस्लाह करने वालों का l-muṣ'liḥīna
इस्लाह करने वालों का ١٧٠ (170)
(170)
और जो लोग पुस्तक को दृढ़ता से पकड़ते हैं और उन्होंने नमाज़ क़ायम की, निश्चय हम सुधार करने वालों का प्रतिफल अकारथ नहीं करते।
७:१७१
۞ وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब نَتَقْنَا उठाया हमने nataqnā
उठाया हमने ٱلْجَبَلَ पहाड़ को l-jabala
पहाड़ को فَوْقَهُمْ ऊपर उनके fawqahum
ऊपर उनके كَأَنَّهُۥ गोया कि वो ka-annahu
गोया कि वो ظُلَّةٌۭ एक सायबान था ẓullatun
एक सायबान था وَظَنُّوٓا۟ और उन्होंने समझ लिया waẓannū
और उन्होंने समझ लिया أَنَّهُۥ कि बेशक वो annahu
कि बेशक वो وَاقِعٌۢ गिरने वाला है wāqiʿun
गिरने वाला है بِهِمْ उन पर bihim
उन पर خُذُوا۟ पकड़ो khudhū
पकड़ो مَآ जो mā
जो ءَاتَيْنَـٰكُم दिया हमने तुम्हें ātaynākum
दिया हमने तुम्हें بِقُوَّةٍۢ साथ क़ुव्वत के biquwwatin
साथ क़ुव्वत के وَٱذْكُرُوا۟ और याद करो wa-udh'kurū
और याद करो مَا जो mā
जो فِيهِ इसमें है fīhi
इसमें है لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَتَّقُونَ तुम मुत्तक़ी बन जाओ tattaqūna
तुम मुत्तक़ी बन जाओ ١٧١ (171)
(171)
और जब نَتَقْنَا उठाया हमने nataqnā
उठाया हमने ٱلْجَبَلَ पहाड़ को l-jabala
पहाड़ को فَوْقَهُمْ ऊपर उनके fawqahum
ऊपर उनके كَأَنَّهُۥ गोया कि वो ka-annahu
गोया कि वो ظُلَّةٌۭ एक सायबान था ẓullatun
एक सायबान था وَظَنُّوٓا۟ और उन्होंने समझ लिया waẓannū
और उन्होंने समझ लिया أَنَّهُۥ कि बेशक वो annahu
कि बेशक वो وَاقِعٌۢ गिरने वाला है wāqiʿun
गिरने वाला है بِهِمْ उन पर bihim
उन पर خُذُوا۟ पकड़ो khudhū
पकड़ो مَآ जो mā
जो ءَاتَيْنَـٰكُم दिया हमने तुम्हें ātaynākum
दिया हमने तुम्हें بِقُوَّةٍۢ साथ क़ुव्वत के biquwwatin
साथ क़ुव्वत के وَٱذْكُرُوا۟ और याद करो wa-udh'kurū
और याद करो مَا जो mā
जो فِيهِ इसमें है fīhi
इसमें है لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَتَّقُونَ तुम मुत्तक़ी बन जाओ tattaqūna
तुम मुत्तक़ी बन जाओ ١٧١ (171)
(171)
और जब हमने उनके ऊपर पर्वत को इस तरह उठा लिया, जैसे वह एक छतरी हो, और उन्हें विश्वास हो गया कि वह उनपर गिरने वाला है। (तथा यह आदेश दिया कि) जो (पुस्तक) हमने तुम्हें प्रदान की है, उसे मज़बूती से थाम लो तथा उसमें जो कुछ है, उसे याद रखो, ताकि तुम परहेज़गार हो जाओ।
७:१७२
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब أَخَذَ लिया akhadha
लिया رَبُّكَ आपके रब ने rabbuka
आपके रब ने مِنۢ from min
from بَنِىٓ (the) Children banī
(the) Children ءَادَمَ बनी आदम से ādama
बनी आदम से مِن from min
from ظُهُورِهِمْ उनकी पुश्तों से ẓuhūrihim
उनकी पुश्तों से ذُرِّيَّتَهُمْ उनकी औलाद को dhurriyyatahum
उनकी औलाद को وَأَشْهَدَهُمْ और गवाह बनाया उनको wa-ashhadahum
और गवाह बनाया उनको عَلَىٰٓ over ʿalā
over أَنفُسِهِمْ उनके नफ़्सों पर anfusihim
उनके नफ़्सों पर أَلَسْتُ क्या नहीं हूँ मैं (फ़रमाया) alastu
क्या नहीं हूँ मैं (फ़रमाया) بِرَبِّكُمْ ۖ रब तुम्हारा birabbikum
रब तुम्हारा قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा بَلَىٰ ۛ क्यों नहीं balā
क्यों नहीं شَهِدْنَآ ۛ गवाही दी हमने shahid'nā
गवाही दी हमने أَن ताकि (ना) an
ताकि (ना) تَقُولُوا۟ तुम कहो taqūlū
तुम कहो يَوْمَ (on the) Day yawma
(on the) Day ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के दिन l-qiyāmati
क़यामत के दिन إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम كُنَّا थे हम kunnā
थे हम عَنْ about ʿan
about هَـٰذَا उससे hādhā
उससे غَـٰفِلِينَ ग़ाफ़िल ghāfilīna
ग़ाफ़िल ١٧٢ (172)
(172)
और जब أَخَذَ लिया akhadha
लिया رَبُّكَ आपके रब ने rabbuka
आपके रब ने مِنۢ from min
from بَنِىٓ (the) Children banī
(the) Children ءَادَمَ बनी आदम से ādama
बनी आदम से مِن from min
from ظُهُورِهِمْ उनकी पुश्तों से ẓuhūrihim
उनकी पुश्तों से ذُرِّيَّتَهُمْ उनकी औलाद को dhurriyyatahum
उनकी औलाद को وَأَشْهَدَهُمْ और गवाह बनाया उनको wa-ashhadahum
और गवाह बनाया उनको عَلَىٰٓ over ʿalā
over أَنفُسِهِمْ उनके नफ़्सों पर anfusihim
उनके नफ़्सों पर أَلَسْتُ क्या नहीं हूँ मैं (फ़रमाया) alastu
क्या नहीं हूँ मैं (फ़रमाया) بِرَبِّكُمْ ۖ रब तुम्हारा birabbikum
रब तुम्हारा قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा بَلَىٰ ۛ क्यों नहीं balā
क्यों नहीं شَهِدْنَآ ۛ गवाही दी हमने shahid'nā
गवाही दी हमने أَن ताकि (ना) an
ताकि (ना) تَقُولُوا۟ तुम कहो taqūlū
तुम कहो يَوْمَ (on the) Day yawma
(on the) Day ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के दिन l-qiyāmati
क़यामत के दिन إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम كُنَّا थे हम kunnā
थे हम عَنْ about ʿan
about هَـٰذَا उससे hādhā
उससे غَـٰفِلِينَ ग़ाफ़िल ghāfilīna
ग़ाफ़िल ١٧٢ (172)
(172)
तथा (वह समय याद करें) जब आपके पालनहार ने आदम के बेटों की पीठों से उनकी संतति को निकाला और उन्हें स्वयं उनपर गवाह बनाते हुए कहा : क्या मैं तुम्हारा पालनहार नहीं हूँ? उन्होंने कहा : क्यों नहीं, हम (इसके) गवाह1 हैं। (ऐसा न हो) कि तुम क़ियामत के दिन कहो निःसंदेह हम इससे ग़ाफ़िल थे।
७:१७३
أَوْ
या
aw
या تَقُولُوٓا۟ तुम कहो taqūlū
तुम कहो إِنَّمَآ बेशक innamā
बेशक أَشْرَكَ शिर्क किया था ashraka
शिर्क किया था ءَابَآؤُنَا हमारे आबा ओ अजदाद ने ābāunā
हमारे आबा ओ अजदाद ने مِن from min
from قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले وَكُنَّا और थे हम wakunnā
और थे हम ذُرِّيَّةًۭ औलाद dhurriyyatan
औलाद مِّنۢ from min
from بَعْدِهِمْ ۖ उनके बाद वालों की baʿdihim
उनके बाद वालों की أَفَتُهْلِكُنَا क्या पस तू हलाक करता है हमें afatuh'likunā
क्या पस तू हलाक करता है हमें بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो فَعَلَ किया faʿala
किया ٱلْمُبْطِلُونَ ग़लतकारों ने l-mub'ṭilūna
ग़लतकारों ने ١٧٣ (173)
(173)
या تَقُولُوٓا۟ तुम कहो taqūlū
तुम कहो إِنَّمَآ बेशक innamā
बेशक أَشْرَكَ शिर्क किया था ashraka
शिर्क किया था ءَابَآؤُنَا हमारे आबा ओ अजदाद ने ābāunā
हमारे आबा ओ अजदाद ने مِن from min
from قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले وَكُنَّا और थे हम wakunnā
और थे हम ذُرِّيَّةًۭ औलाद dhurriyyatan
औलाद مِّنۢ from min
from بَعْدِهِمْ ۖ उनके बाद वालों की baʿdihim
उनके बाद वालों की أَفَتُهْلِكُنَا क्या पस तू हलाक करता है हमें afatuh'likunā
क्या पस तू हलाक करता है हमें بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो فَعَلَ किया faʿala
किया ٱلْمُبْطِلُونَ ग़लतकारों ने l-mub'ṭilūna
ग़लतकारों ने ١٧٣ (173)
(173)
अथवा यह कहो कि शिर्क तो हमसे पहले हमारे बाप-दादा ही ने किया था और हम तो उनके बाद उनकी संतान थे। तो क्या तू गुमराहों के कर्म के कारण हमें विनष्ट करता है?
७:१७४
وَكَذَٰلِكَ
और इसी तरह
wakadhālika
और इसी तरह نُفَصِّلُ हम खोल कर बयान करते हैं nufaṣṣilu
हम खोल कर बयान करते हैं ٱلْـَٔايَـٰتِ आयात l-āyāti
आयात وَلَعَلَّهُمْ और ताकि वो walaʿallahum
और ताकि वो يَرْجِعُونَ वो रुजूअ कर लें yarjiʿūna
वो रुजूअ कर लें ١٧٤ (174)
(174)
और इसी तरह نُفَصِّلُ हम खोल कर बयान करते हैं nufaṣṣilu
हम खोल कर बयान करते हैं ٱلْـَٔايَـٰتِ आयात l-āyāti
आयात وَلَعَلَّهُمْ और ताकि वो walaʿallahum
और ताकि वो يَرْجِعُونَ वो रुजूअ कर लें yarjiʿūna
वो रुजूअ कर लें ١٧٤ (174)
(174)
और इसी प्रकार, हम आयतों को खोल-खोल कर बयान करते हैं, और ताकि वे (सत्य की ओर) पलट आएँ।
७:१७५
وَٱتْلُ
और पढ़िए
wa-ut'lu
और पढ़िए عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर نَبَأَ ख़बर naba-a
ख़बर ٱلَّذِىٓ उस शख़्स की alladhī
उस शख़्स की ءَاتَيْنَـٰهُ दीं हमने उसको ātaynāhu
दीं हमने उसको ءَايَـٰتِنَا आयात अपनी āyātinā
आयात अपनी فَٱنسَلَخَ पस वो निकल गया fa-insalakha
पस वो निकल गया مِنْهَا उनसे min'hā
उनसे فَأَتْبَعَهُ फिर पीछे लग गया उसके fa-atbaʿahu
फिर पीछे लग गया उसके ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान l-shayṭānu
शैतान فَكَانَ तो वो हो गया fakāna
तो वो हो गया مِنَ of mina
of ٱلْغَاوِينَ गुमराहों में से l-ghāwīna
गुमराहों में से ١٧٥ (175)
(175)
और पढ़िए عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर نَبَأَ ख़बर naba-a
ख़बर ٱلَّذِىٓ उस शख़्स की alladhī
उस शख़्स की ءَاتَيْنَـٰهُ दीं हमने उसको ātaynāhu
दीं हमने उसको ءَايَـٰتِنَا आयात अपनी āyātinā
आयात अपनी فَٱنسَلَخَ पस वो निकल गया fa-insalakha
पस वो निकल गया مِنْهَا उनसे min'hā
उनसे فَأَتْبَعَهُ फिर पीछे लग गया उसके fa-atbaʿahu
फिर पीछे लग गया उसके ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान l-shayṭānu
शैतान فَكَانَ तो वो हो गया fakāna
तो वो हो गया مِنَ of mina
of ٱلْغَاوِينَ गुमराहों में से l-ghāwīna
गुमराहों में से ١٧٥ (175)
(175)
और उन्हें उस व्यक्ति का हाल पढ़कर सुनाएँ, जिसे हमने अपनी आयतें प्रदान कीं, तो वह उनसे निकल गया। फिर शैतान उसके पीछे लग गया, तो वह गुमराहों में से हो गया।
७:१७६
وَلَوْ
और अगर
walaw
और अगर شِئْنَا चाहते हम shi'nā
चाहते हम لَرَفَعْنَـٰهُ अलबत्ता बुलन्द करते हम उसे larafaʿnāhu
अलबत्ता बुलन्द करते हम उसे بِهَا साथ उनके bihā
साथ उनके وَلَـٰكِنَّهُۥٓ और लेकिन वो walākinnahu
और लेकिन वो أَخْلَدَ वो झुक गया akhlada
वो झुक गया إِلَى to ilā
to ٱلْأَرْضِ तरफ़ ज़मीन के l-arḍi
तरफ़ ज़मीन के وَٱتَّبَعَ और उसने पैरवी की wa-ittabaʿa
और उसने पैरवी की هَوَىٰهُ ۚ अपनी ख़्वाहिशात की hawāhu
अपनी ख़्वाहिशात की فَمَثَلُهُۥ तो मिसाल उसकी famathaluhu
तो मिसाल उसकी كَمَثَلِ मानिन्द मिसाल kamathali
मानिन्द मिसाल ٱلْكَلْبِ कुत्ते की है l-kalbi
कुत्ते की है إِن अगर in
अगर تَحْمِلْ तू हमला करे taḥmil
तू हमला करे عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर يَلْهَثْ वो ज़बान लटकाता है yalhath
वो ज़बान लटकाता है أَوْ या aw
या تَتْرُكْهُ तू छोड़ दे उसे tatruk'hu
तू छोड़ दे उसे يَلْهَث ۚ वो ज़बान लटकाता है yalhath
वो ज़बान लटकाता है ذَّٰلِكَ ये dhālika
ये مَثَلُ मिसाल है mathalu
मिसाल है ٱلْقَوْمِ उस क़ौम की l-qawmi
उस क़ौम की ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَا ۚ हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को فَٱقْصُصِ पस बयान कीजिए fa-uq'ṣuṣi
पस बयान कीजिए ٱلْقَصَصَ वाक़िआत l-qaṣaṣa
वाक़िआत لَعَلَّهُمْ ताकि वो laʿallahum
ताकि वो يَتَفَكَّرُونَ वो ग़ौरो फ़िक्र करें yatafakkarūna
वो ग़ौरो फ़िक्र करें ١٧٦ (176)
(176)
और अगर شِئْنَا चाहते हम shi'nā
चाहते हम لَرَفَعْنَـٰهُ अलबत्ता बुलन्द करते हम उसे larafaʿnāhu
अलबत्ता बुलन्द करते हम उसे بِهَا साथ उनके bihā
साथ उनके وَلَـٰكِنَّهُۥٓ और लेकिन वो walākinnahu
और लेकिन वो أَخْلَدَ वो झुक गया akhlada
वो झुक गया إِلَى to ilā
to ٱلْأَرْضِ तरफ़ ज़मीन के l-arḍi
तरफ़ ज़मीन के وَٱتَّبَعَ और उसने पैरवी की wa-ittabaʿa
और उसने पैरवी की هَوَىٰهُ ۚ अपनी ख़्वाहिशात की hawāhu
अपनी ख़्वाहिशात की فَمَثَلُهُۥ तो मिसाल उसकी famathaluhu
तो मिसाल उसकी كَمَثَلِ मानिन्द मिसाल kamathali
मानिन्द मिसाल ٱلْكَلْبِ कुत्ते की है l-kalbi
कुत्ते की है إِن अगर in
अगर تَحْمِلْ तू हमला करे taḥmil
तू हमला करे عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर يَلْهَثْ वो ज़बान लटकाता है yalhath
वो ज़बान लटकाता है أَوْ या aw
या تَتْرُكْهُ तू छोड़ दे उसे tatruk'hu
तू छोड़ दे उसे يَلْهَث ۚ वो ज़बान लटकाता है yalhath
वो ज़बान लटकाता है ذَّٰلِكَ ये dhālika
ये مَثَلُ मिसाल है mathalu
मिसाल है ٱلْقَوْمِ उस क़ौम की l-qawmi
उस क़ौम की ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَا ۚ हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को فَٱقْصُصِ पस बयान कीजिए fa-uq'ṣuṣi
पस बयान कीजिए ٱلْقَصَصَ वाक़िआत l-qaṣaṣa
वाक़िआत لَعَلَّهُمْ ताकि वो laʿallahum
ताकि वो يَتَفَكَّرُونَ वो ग़ौरो फ़िक्र करें yatafakkarūna
वो ग़ौरो फ़िक्र करें ١٧٦ (176)
(176)
और यदि हम चाहते, तो उन (आयतों) के द्वारा उसका पद ऊँचा कर देते, परंतु वह धरती से चिमट गया और अपनी इच्छा के पीछे लग गया। अतः उसकी दशा उस कुत्ते के समान हो गई, जिसे हाँको, तब भी जीभ निकाले हाँफता रहे और छोड़ दो, तब भी जीभ निकाले हाँफता है। यह उन लोगों की मिसाल है, जिन्होंने हमारी आयतों को झुठलाया। तो आप ये कथाएँ (उन्हें) सुना दें, ताकि वे सोच-विचार करें।
७:१७७
سَآءَ
कितनी बुरी है
sāa
कितनी बुरी है مَثَلًا मिसाल mathalan
मिसाल ٱلْقَوْمُ उन लोगों की l-qawmu
उन लोगों की ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को وَأَنفُسَهُمْ और अपने ही नफ़्सों पर wa-anfusahum
और अपने ही नफ़्सों पर كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَظْلِمُونَ वो ज़ुल्म करते yaẓlimūna
वो ज़ुल्म करते ١٧٧ (177)
(177)
कितनी बुरी है مَثَلًا मिसाल mathalan
मिसाल ٱلْقَوْمُ उन लोगों की l-qawmu
उन लोगों की ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को وَأَنفُسَهُمْ और अपने ही नफ़्सों पर wa-anfusahum
और अपने ही नफ़्सों पर كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَظْلِمُونَ वो ज़ुल्म करते yaẓlimūna
वो ज़ुल्म करते ١٧٧ (177)
(177)
उन लोगों की मिसाल बहुत बुरी है, जिन्होंने हमारी आयतों को झुठलाया और वे अपने ही ऊपर अत्याचार करते रहे।1
७:१७८
مَن
जिसे
man
जिसे يَهْدِ हिदायत बख़्शे yahdi
हिदायत बख़्शे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فَهُوَ पस वो ही fahuwa
पस वो ही ٱلْمُهْتَدِى ۖ हिदायत पाने वाला है l-muh'tadī
हिदायत पाने वाला है وَمَن और जिसे waman
और जिसे يُضْلِلْ वो भटका दे yuḍ'lil
वो भटका दे فَأُو۟لَـٰٓئِكَ पस यही लोग हैं fa-ulāika
पस यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْخَـٰسِرُونَ जो ख़सारा पाने वाले हैं l-khāsirūna
जो ख़सारा पाने वाले हैं ١٧٨ (178)
(178)
जिसे يَهْدِ हिदायत बख़्शे yahdi
हिदायत बख़्शे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فَهُوَ पस वो ही fahuwa
पस वो ही ٱلْمُهْتَدِى ۖ हिदायत पाने वाला है l-muh'tadī
हिदायत पाने वाला है وَمَن और जिसे waman
और जिसे يُضْلِلْ वो भटका दे yuḍ'lil
वो भटका दे فَأُو۟لَـٰٓئِكَ पस यही लोग हैं fa-ulāika
पस यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْخَـٰسِرُونَ जो ख़सारा पाने वाले हैं l-khāsirūna
जो ख़सारा पाने वाले हैं ١٧٨ (178)
(178)
जिसे अल्लाह मार्गदर्शन प्रदान कर दे, तो वही मार्गदर्शन पाने वाला है और जिसे वह गुमराह1 कर दे, तो वही घाटा उठाने वाले हैं।
७:१७९
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ ذَرَأْنَا पैदा किए हमने dharanā
पैदा किए हमने لِجَهَنَّمَ जहन्नम के लिए lijahannama
जहन्नम के लिए كَثِيرًۭا बहुत से kathīran
बहुत से مِّنَ of mina
of ٱلْجِنِّ जिन्नों में से l-jini
जिन्नों में से وَٱلْإِنسِ ۖ और इन्सानों में से wal-insi
और इन्सानों में से لَهُمْ उनके lahum
उनके قُلُوبٌۭ दिल हैं qulūbun
दिल हैं لَّا (but) not lā
(but) not يَفْقَهُونَ नहीं वो समझते yafqahūna
नहीं वो समझते بِهَا साथ उनके bihā
साथ उनके وَلَهُمْ और उनकी walahum
और उनकी أَعْيُنٌۭ आँखें हैं aʿyunun
आँखें हैं لَّا (but) not lā
(but) not يُبْصِرُونَ नहीं वो देखते yub'ṣirūna
नहीं वो देखते بِهَا साथ उनके bihā
साथ उनके وَلَهُمْ और उनके walahum
और उनके ءَاذَانٌۭ कान हैं ādhānun
कान हैं لَّا (but) not lā
(but) not يَسْمَعُونَ नहीं वो सुनते yasmaʿūna
नहीं वो सुनते بِهَآ ۚ साथ उनके bihā
साथ उनके أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग ulāika
यही लोग كَٱلْأَنْعَـٰمِ मवेशियों की तरह हैं kal-anʿāmi
मवेशियों की तरह हैं بَلْ बल्कि bal
बल्कि هُمْ वो hum
वो أَضَلُّ ۚ ज़्यादा गुमराह हैं aḍallu
ज़्यादा गुमराह हैं أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْغَـٰفِلُونَ जो ग़ाफ़िल हैं l-ghāfilūna
जो ग़ाफ़िल हैं ١٧٩ (179)
(179)
और अलबत्ता तहक़ीक़ ذَرَأْنَا पैदा किए हमने dharanā
पैदा किए हमने لِجَهَنَّمَ जहन्नम के लिए lijahannama
जहन्नम के लिए كَثِيرًۭا बहुत से kathīran
बहुत से مِّنَ of mina
of ٱلْجِنِّ जिन्नों में से l-jini
जिन्नों में से وَٱلْإِنسِ ۖ और इन्सानों में से wal-insi
और इन्सानों में से لَهُمْ उनके lahum
उनके قُلُوبٌۭ दिल हैं qulūbun
दिल हैं لَّا (but) not lā
(but) not يَفْقَهُونَ नहीं वो समझते yafqahūna
नहीं वो समझते بِهَا साथ उनके bihā
साथ उनके وَلَهُمْ और उनकी walahum
और उनकी أَعْيُنٌۭ आँखें हैं aʿyunun
आँखें हैं لَّا (but) not lā
(but) not يُبْصِرُونَ नहीं वो देखते yub'ṣirūna
नहीं वो देखते بِهَا साथ उनके bihā
साथ उनके وَلَهُمْ और उनके walahum
और उनके ءَاذَانٌۭ कान हैं ādhānun
कान हैं لَّا (but) not lā
(but) not يَسْمَعُونَ नहीं वो सुनते yasmaʿūna
नहीं वो सुनते بِهَآ ۚ साथ उनके bihā
साथ उनके أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग ulāika
यही लोग كَٱلْأَنْعَـٰمِ मवेशियों की तरह हैं kal-anʿāmi
मवेशियों की तरह हैं بَلْ बल्कि bal
बल्कि هُمْ वो hum
वो أَضَلُّ ۚ ज़्यादा गुमराह हैं aḍallu
ज़्यादा गुमराह हैं أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْغَـٰفِلُونَ जो ग़ाफ़िल हैं l-ghāfilūna
जो ग़ाफ़िल हैं ١٧٩ (179)
(179)
और निःसंदेह हमने बहुत-से जिन्न और इनसान जहन्नम ही के लिए पैदा किए हैं। उनके दिल हैं, जिनसे वे समझते नहीं, उनकी आँखें हैं, जिनसे वे देखते नहीं और उनके कान हैं, जिनसे वे सुनते नहीं। ये लोग पशुओं के समान हैं; बल्कि ये उनसे भी अधिक गुमराह हैं। यही लोग हैं जो ग़फ़लत में पड़े हुए हैं।1
७:१८०
وَلِلَّهِ
और अल्लाह ही के लिए है
walillahi
और अल्लाह ही के लिए है ٱلْأَسْمَآءُ नाम l-asmāu
नाम ٱلْحُسْنَىٰ अच्छे-अच्छे l-ḥus'nā
अच्छे-अच्छे فَٱدْعُوهُ पस पुकारो उसे fa-id'ʿūhu
पस पुकारो उसे بِهَا ۖ साथ उनके bihā
साथ उनके وَذَرُوا۟ और छोड़ दो wadharū
और छोड़ दो ٱلَّذِينَ उन्हें जो alladhīna
उन्हें जो يُلْحِدُونَ कज रवी करते हैं yul'ḥidūna
कज रवी करते हैं فِىٓ concerning fī
concerning أَسْمَـٰٓئِهِۦ ۚ उसके नामों में asmāihi
उसके नामों में سَيُجْزَوْنَ अनक़रीब वो बदला दिए जाऐंगे sayuj'zawna
अनक़रीब वो बदला दिए जाऐंगे مَا उसका जो mā
उसका जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते ١٨٠ (180)
(180)
और अल्लाह ही के लिए है ٱلْأَسْمَآءُ नाम l-asmāu
नाम ٱلْحُسْنَىٰ अच्छे-अच्छे l-ḥus'nā
अच्छे-अच्छे فَٱدْعُوهُ पस पुकारो उसे fa-id'ʿūhu
पस पुकारो उसे بِهَا ۖ साथ उनके bihā
साथ उनके وَذَرُوا۟ और छोड़ दो wadharū
और छोड़ दो ٱلَّذِينَ उन्हें जो alladhīna
उन्हें जो يُلْحِدُونَ कज रवी करते हैं yul'ḥidūna
कज रवी करते हैं فِىٓ concerning fī
concerning أَسْمَـٰٓئِهِۦ ۚ उसके नामों में asmāihi
उसके नामों में سَيُجْزَوْنَ अनक़रीब वो बदला दिए जाऐंगे sayuj'zawna
अनक़रीब वो बदला दिए जाऐंगे مَا उसका जो mā
उसका जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते ١٨٠ (180)
(180)
और सबसे अच्छे नाम अल्लाह ही के हैं। अतः उसे उन्हीं के द्वारा पुकारो और उन लोगों को छोड़ दो, जो उसके नामों के बारे में सीधे रास्ते से हटते1 हैं। उन्हें शीघ्र ही उसका बदला दिया जाएगा, जो वे किया करते थे।
७:१८१
وَمِمَّنْ
और उनमें से जिन्हें
wamimman
और उनमें से जिन्हें خَلَقْنَآ पैदा किए हमने khalaqnā
पैदा किए हमने أُمَّةٌۭ एक गिरोह है ummatun
एक गिरोह है يَهْدُونَ वो रहनुमाई करते हैं yahdūna
वो रहनुमाई करते हैं بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के وَبِهِۦ और साथ उसी के wabihi
और साथ उसी के يَعْدِلُونَ वो अदल करते हैं yaʿdilūna
वो अदल करते हैं ١٨١ (181)
(181)
और उनमें से जिन्हें خَلَقْنَآ पैदा किए हमने khalaqnā
पैदा किए हमने أُمَّةٌۭ एक गिरोह है ummatun
एक गिरोह है يَهْدُونَ वो रहनुमाई करते हैं yahdūna
वो रहनुमाई करते हैं بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के وَبِهِۦ और साथ उसी के wabihi
और साथ उसी के يَعْدِلُونَ वो अदल करते हैं yaʿdilūna
वो अदल करते हैं ١٨١ (181)
(181)
और उन लोगों में से जिन्हें हमने पैदा किया कुछ लोग ऐसे हैं, जो सत्य के साथ मार्गदर्शन करते और उसी के अनुसार न्याय करते हैं।
७:१८२
وَٱلَّذِينَ
और वो जिन्होंने
wa-alladhīna
और वो जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को سَنَسْتَدْرِجُهُم ज़रूर हम आहिस्ता-आहिस्ता पकड़ेंगे उन्हें sanastadrijuhum
ज़रूर हम आहिस्ता-आहिस्ता पकड़ेंगे उन्हें مِّنْ from min
from حَيْثُ जहाँ से ḥaythu
जहाँ से لَا not lā
not يَعْلَمُونَ नहीं वो इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं वो इल्म रखते ١٨٢ (182)
(182)
और वो जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को سَنَسْتَدْرِجُهُم ज़रूर हम आहिस्ता-आहिस्ता पकड़ेंगे उन्हें sanastadrijuhum
ज़रूर हम आहिस्ता-आहिस्ता पकड़ेंगे उन्हें مِّنْ from min
from حَيْثُ जहाँ से ḥaythu
जहाँ से لَا not lā
not يَعْلَمُونَ नहीं वो इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं वो इल्म रखते ١٨٢ (182)
(182)
और जिन लोगों ने हमारी आयतों को झुठलाया, हम उन्हें धीरे-धीरे (विनाश तक) ऐसे खींच कर ले जाएँगे कि उन्हें इसका ज्ञान नहीं होगा।
७:१८३
وَأُمْلِى
और मैं मोहलत दे रहा हूँ
wa-um'lī
और मैं मोहलत दे रहा हूँ لَهُمْ ۚ उन्हें lahum
उन्हें إِنَّ बेशक inna
बेशक كَيْدِى तदबीर मेरी kaydī
तदबीर मेरी مَتِينٌ बहुत मज़बूत है matīnun
बहुत मज़बूत है ١٨٣ (183)
(183)
और मैं मोहलत दे रहा हूँ لَهُمْ ۚ उन्हें lahum
उन्हें إِنَّ बेशक inna
बेशक كَيْدِى तदबीर मेरी kaydī
तदबीर मेरी مَتِينٌ बहुत मज़बूत है matīnun
बहुत मज़बूत है ١٨٣ (183)
(183)
और मैं उन्हें मोहलत दूँगा। निःसंदेह मेरा गुप्त उपाय बहुत मज़बूत है।
७:१८४
أَوَلَمْ
क्या भला नहीं
awalam
क्या भला नहीं يَتَفَكَّرُوا۟ ۗ उन्होंने ग़ौरो फ़िक्र किया yatafakkarū
उन्होंने ग़ौरो फ़िक्र किया مَا नहीं है mā
नहीं है بِصَاحِبِهِم उनके साथी को biṣāḥibihim
उनके साथी को مِّن [of] min
[of] جِنَّةٍ ۚ कोई जुनून jinnatin
कोई जुनून إِنْ नहीं in
नहीं هُوَ वो huwa
वो إِلَّا मगर illā
मगर نَذِيرٌۭ डराने वाला nadhīrun
डराने वाला مُّبِينٌ खुल्लम-खुल्ला mubīnun
खुल्लम-खुल्ला ١٨٤ (184)
(184)
क्या भला नहीं يَتَفَكَّرُوا۟ ۗ उन्होंने ग़ौरो फ़िक्र किया yatafakkarū
उन्होंने ग़ौरो फ़िक्र किया مَا नहीं है mā
नहीं है بِصَاحِبِهِم उनके साथी को biṣāḥibihim
उनके साथी को مِّن [of] min
[of] جِنَّةٍ ۚ कोई जुनून jinnatin
कोई जुनून إِنْ नहीं in
नहीं هُوَ वो huwa
वो إِلَّا मगर illā
मगर نَذِيرٌۭ डराने वाला nadhīrun
डराने वाला مُّبِينٌ खुल्लम-खुल्ला mubīnun
खुल्लम-खुल्ला ١٨٤ (184)
(184)
और क्या उन्होंने विचार नहीं किया कि उनके साथी1 में कोई पागलपन नहीं है? वह तो केवल खुले रूप से सचेत करने वाला है।
७:१८५
أَوَلَمْ
क्या भला नहीं
awalam
क्या भला नहीं يَنظُرُوا۟ उन्होंने देखा yanẓurū
उन्होंने देखा فِى in fī
in مَلَكُوتِ बादशाहत में malakūti
बादशाहत में ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की وَمَا और जो भी wamā
और जो भी خَلَقَ पैदा की khalaqa
पैदा की ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مِن of min
of شَىْءٍۢ कोई चीज़ shayin
कोई चीज़ وَأَنْ और ये कि wa-an
और ये कि عَسَىٰٓ उम्मीद है ʿasā
उम्मीद है أَن कि an
कि يَكُونَ हो yakūna
हो قَدِ तहक़ीक़ qadi
तहक़ीक़ ٱقْتَرَبَ क़रीब आ चुकी iq'taraba
क़रीब आ चुकी أَجَلُهُمْ ۖ मुद्दत उनकी ajaluhum
मुद्दत उनकी فَبِأَىِّ तो साथ किस fabi-ayyi
तो साथ किस حَدِيثٍۭ बात के ḥadīthin
बात के بَعْدَهُۥ बाद उसके baʿdahu
बाद उसके يُؤْمِنُونَ वो ईमान लाऐंगे yu'minūna
वो ईमान लाऐंगे ١٨٥ (185)
(185)
क्या भला नहीं يَنظُرُوا۟ उन्होंने देखा yanẓurū
उन्होंने देखा فِى in fī
in مَلَكُوتِ बादशाहत में malakūti
बादशाहत में ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की وَمَا और जो भी wamā
और जो भी خَلَقَ पैदा की khalaqa
पैदा की ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مِن of min
of شَىْءٍۢ कोई चीज़ shayin
कोई चीज़ وَأَنْ और ये कि wa-an
और ये कि عَسَىٰٓ उम्मीद है ʿasā
उम्मीद है أَن कि an
कि يَكُونَ हो yakūna
हो قَدِ तहक़ीक़ qadi
तहक़ीक़ ٱقْتَرَبَ क़रीब आ चुकी iq'taraba
क़रीब आ चुकी أَجَلُهُمْ ۖ मुद्दत उनकी ajaluhum
मुद्दत उनकी فَبِأَىِّ तो साथ किस fabi-ayyi
तो साथ किस حَدِيثٍۭ बात के ḥadīthin
बात के بَعْدَهُۥ बाद उसके baʿdahu
बाद उसके يُؤْمِنُونَ वो ईमान लाऐंगे yu'minūna
वो ईमान लाऐंगे ١٨٥ (185)
(185)
क्या उन्होंने आकाशों तथा धरती के विशाल राज्य पर और जो चीज़ भी अल्लाह ने पैदा की है, उसपर दृष्टि नहीं डाली1, और इस बात पर कि हो सकता है कि उनका (निर्धारित) समय बहुत निकट आ गया हो? तो फिर इस (क़ुरआन) के बाद वे किस बात पर ईमान लाएँगे?
७:१८६
مَن
जिसे
man
जिसे يُضْلِلِ भटका देता है yuḍ'lili
भटका देता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فَلَا पस नहीं falā
पस नहीं هَادِىَ कोई हिदायत देने वाला hādiya
कोई हिदायत देने वाला لَهُۥ ۚ उसे lahu
उसे وَيَذَرُهُمْ और वो छोड़ देता है उन्हें wayadharuhum
और वो छोड़ देता है उन्हें فِى in fī
in طُغْيَـٰنِهِمْ उनकी सरकशी में ṭugh'yānihim
उनकी सरकशी में يَعْمَهُونَ वो सरगरदाँ फिरते हैं yaʿmahūna
वो सरगरदाँ फिरते हैं ١٨٦ (186)
(186)
जिसे يُضْلِلِ भटका देता है yuḍ'lili
भटका देता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فَلَا पस नहीं falā
पस नहीं هَادِىَ कोई हिदायत देने वाला hādiya
कोई हिदायत देने वाला لَهُۥ ۚ उसे lahu
उसे وَيَذَرُهُمْ और वो छोड़ देता है उन्हें wayadharuhum
और वो छोड़ देता है उन्हें فِى in fī
in طُغْيَـٰنِهِمْ उनकी सरकशी में ṭugh'yānihim
उनकी सरकशी में يَعْمَهُونَ वो सरगरदाँ फिरते हैं yaʿmahūna
वो सरगरदाँ फिरते हैं ١٨٦ (186)
(186)
जिसे अल्लाह पथभ्रष्ट कर दे, उसे कोई मार्गदर्शन करने वाला नहीं और वह उन्हें उनकी सरकशी में भटकते हुए छोड़ देता है।
७:१८७
يَسْـَٔلُونَكَ
वो पूछते हैं आप से
yasalūnaka
वो पूछते हैं आप से عَنِ about ʿani
about ٱلسَّاعَةِ उस घड़ी (क़यामत) के बारे में l-sāʿati
उस घड़ी (क़यामत) के बारे में أَيَّانَ कब है ayyāna
कब है مُرْسَىٰهَا ۖ ठहराना उसका mur'sāhā
ठहराना उसका قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक عِلْمُهَا इल्म उसका ʿil'muhā
इल्म उसका عِندَ पास है ʿinda
पास है رَبِّى ۖ मेरे रब के rabbī
मेरे रब के لَا no (one) lā
no (one) يُجَلِّيهَا नहीं ज़ाहिर करेगा उसे yujallīhā
नहीं ज़ाहिर करेगा उसे لِوَقْتِهَآ उसके वक़्त पर liwaqtihā
उसके वक़्त पर إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ ۚ वो ही huwa
वो ही ثَقُلَتْ भारी होगी thaqulat
भारी होगी فِى in fī
in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में وَٱلْأَرْضِ ۚ और ज़मीन में wal-arḍi
और ज़मीन में لَا Not lā
Not تَأْتِيكُمْ नहीं वो आएगी तुम्हारे पास tatīkum
नहीं वो आएगी तुम्हारे पास إِلَّا मगर illā
मगर بَغْتَةًۭ ۗ अचानक baghtatan
अचानक يَسْـَٔلُونَكَ वो पूछते हैं आपसे yasalūnaka
वो पूछते हैं आपसे كَأَنَّكَ गोया कि आप ka-annaka
गोया कि आप حَفِىٌّ पूरे बाख़बर हैं ḥafiyyun
पूरे बाख़बर हैं عَنْهَا ۖ उससे ʿanhā
उससे قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक عِلْمُهَا इल्म उसका ʿil'muhā
इल्म उसका عِندَ पास है ʿinda
पास है ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन أَكْثَرَ अक्सर akthara
अक्सर ٱلنَّاسِ लोग l-nāsi
लोग لَا (do) not lā
(do) not يَعْلَمُونَ नहीं वो जानते yaʿlamūna
नहीं वो जानते ١٨٧ (187)
(187)
वो पूछते हैं आप से عَنِ about ʿani
about ٱلسَّاعَةِ उस घड़ी (क़यामत) के बारे में l-sāʿati
उस घड़ी (क़यामत) के बारे में أَيَّانَ कब है ayyāna
कब है مُرْسَىٰهَا ۖ ठहराना उसका mur'sāhā
ठहराना उसका قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक عِلْمُهَا इल्म उसका ʿil'muhā
इल्म उसका عِندَ पास है ʿinda
पास है رَبِّى ۖ मेरे रब के rabbī
मेरे रब के لَا no (one) lā
no (one) يُجَلِّيهَا नहीं ज़ाहिर करेगा उसे yujallīhā
नहीं ज़ाहिर करेगा उसे لِوَقْتِهَآ उसके वक़्त पर liwaqtihā
उसके वक़्त पर إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ ۚ वो ही huwa
वो ही ثَقُلَتْ भारी होगी thaqulat
भारी होगी فِى in fī
in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में وَٱلْأَرْضِ ۚ और ज़मीन में wal-arḍi
और ज़मीन में لَا Not lā
Not تَأْتِيكُمْ नहीं वो आएगी तुम्हारे पास tatīkum
नहीं वो आएगी तुम्हारे पास إِلَّا मगर illā
मगर بَغْتَةًۭ ۗ अचानक baghtatan
अचानक يَسْـَٔلُونَكَ वो पूछते हैं आपसे yasalūnaka
वो पूछते हैं आपसे كَأَنَّكَ गोया कि आप ka-annaka
गोया कि आप حَفِىٌّ पूरे बाख़बर हैं ḥafiyyun
पूरे बाख़बर हैं عَنْهَا ۖ उससे ʿanhā
उससे قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक عِلْمُهَا इल्म उसका ʿil'muhā
इल्म उसका عِندَ पास है ʿinda
पास है ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन أَكْثَرَ अक्सर akthara
अक्सर ٱلنَّاسِ लोग l-nāsi
लोग لَا (do) not lā
(do) not يَعْلَمُونَ नहीं वो जानते yaʿlamūna
नहीं वो जानते ١٨٧ (187)
(187)
(ऐ नबी!) वे आपसे क़ियामत के विषय में पूछते हैं कि वह कब घटित होगी? कह दें कि उसका ज्ञान तो मेरे पालनहार ही के पास है। उसे उसके समय पर वही प्रकट करेगा। वह आकाशों तथा धरती में बहुत भारी है। तुमपर अचानक ही आएगी। वे आपसे ऐसे पूछ रहे हैं, जैसे कि आप उसी की खोज में लगे हुए हों। आप कह दें कि उसका ज्ञान तो अल्लाह ही के पास है। परंतु1 अधिकांश लोग (इस तथ्य को) नहीं जानते।
७:१८८
قُل
कह दीजिए
qul
कह दीजिए لَّآ Not lā
Not أَمْلِكُ नहीं हूँ मैं मालिक amliku
नहीं हूँ मैं मालिक لِنَفْسِى अपने नफ़्स के लिए linafsī
अपने नफ़्स के लिए نَفْعًۭا किसी नफ़ा का nafʿan
किसी नफ़ा का وَلَا और ना walā
और ना ضَرًّا किसी नुक़सान का ḍarran
किसी नुक़सान का إِلَّا मगर illā
मगर مَا जो mā
जो شَآءَ चाहे shāa
चाहे ٱللَّهُ ۚ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَلَوْ और अगर walaw
और अगर كُنتُ होता मैं kuntu
होता मैं أَعْلَمُ मैं जानता aʿlamu
मैं जानता ٱلْغَيْبَ ग़ैब को l-ghayba
ग़ैब को لَٱسْتَكْثَرْتُ अलबत्ता कसरत से ले लेता मैं la-is'takthartu
अलबत्ता कसरत से ले लेता मैं مِنَ of mina
of ٱلْخَيْرِ भलाई में से l-khayri
भलाई में से وَمَا और ना wamā
और ना مَسَّنِىَ पहुँचती मुझे massaniya
पहुँचती मुझे ٱلسُّوٓءُ ۚ कोई तकलीफ़ l-sūu
कोई तकलीफ़ إِنْ नहीं हूँ in
नहीं हूँ أَنَا۠ मैं anā
मैं إِلَّا मगर illā
मगर نَذِيرٌۭ डराने वाला nadhīrun
डराने वाला وَبَشِيرٌۭ और ख़ुशख़बरी देने वाला wabashīrun
और ख़ुशख़बरी देने वाला لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يُؤْمِنُونَ जो ईमान लाते हैं yu'minūna
जो ईमान लाते हैं ١٨٨ (188)
(188)
कह दीजिए لَّآ Not lā
Not أَمْلِكُ नहीं हूँ मैं मालिक amliku
नहीं हूँ मैं मालिक لِنَفْسِى अपने नफ़्स के लिए linafsī
अपने नफ़्स के लिए نَفْعًۭا किसी नफ़ा का nafʿan
किसी नफ़ा का وَلَا और ना walā
और ना ضَرًّا किसी नुक़सान का ḍarran
किसी नुक़सान का إِلَّا मगर illā
मगर مَا जो mā
जो شَآءَ चाहे shāa
चाहे ٱللَّهُ ۚ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَلَوْ और अगर walaw
और अगर كُنتُ होता मैं kuntu
होता मैं أَعْلَمُ मैं जानता aʿlamu
मैं जानता ٱلْغَيْبَ ग़ैब को l-ghayba
ग़ैब को لَٱسْتَكْثَرْتُ अलबत्ता कसरत से ले लेता मैं la-is'takthartu
अलबत्ता कसरत से ले लेता मैं مِنَ of mina
of ٱلْخَيْرِ भलाई में से l-khayri
भलाई में से وَمَا और ना wamā
और ना مَسَّنِىَ पहुँचती मुझे massaniya
पहुँचती मुझे ٱلسُّوٓءُ ۚ कोई तकलीफ़ l-sūu
कोई तकलीफ़ إِنْ नहीं हूँ in
नहीं हूँ أَنَا۠ मैं anā
मैं إِلَّا मगर illā
मगर نَذِيرٌۭ डराने वाला nadhīrun
डराने वाला وَبَشِيرٌۭ और ख़ुशख़बरी देने वाला wabashīrun
और ख़ुशख़बरी देने वाला لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يُؤْمِنُونَ जो ईमान लाते हैं yu'minūna
जो ईमान लाते हैं ١٨٨ (188)
(188)
आप कह दें कि मैं अपने लिए किसी लाभ और हानि का मालिक नहीं हूँ, परंतु जो अल्लाह चाहे। और यदि मैं ग़ैब (परोक्ष) का ज्ञान रखता होता, तो अवश्य बहुत अधिक भलाइयाँ प्राप्त कर लेता और मुझे कोई कष्ट नहीं पहुँचता। मैं तो केवल उन लोगों को सावधान करने वाला तथा शुभ सूचना देने वाला हूँ, जो ईमान (विश्वास) रखते हैं।
७:१८९
۞ هُوَ
वो ही है
huwa
वो ही है ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने خَلَقَكُم पैदा किया तुम्हें khalaqakum
पैदा किया तुम्हें مِّن from min
from نَّفْسٍۢ जान से nafsin
जान से وَٰحِدَةٍۢ एक ही wāḥidatin
एक ही وَجَعَلَ और उसने बनाया wajaʿala
और उसने बनाया مِنْهَا उससे min'hā
उससे زَوْجَهَا जोड़ा उसका zawjahā
जोड़ा उसका لِيَسْكُنَ ताकि वो सुकून हासिल करें liyaskuna
ताकि वो सुकून हासिल करें إِلَيْهَا ۖ तरफ़ उसके ilayhā
तरफ़ उसके فَلَمَّا फिर जब falammā
फिर जब تَغَشَّىٰهَا उसने ढाँप लिया उसे taghashāhā
उसने ढाँप लिया उसे حَمَلَتْ उसने उठाया ḥamalat
उसने उठाया حَمْلًا बोझ ḥamlan
बोझ خَفِيفًۭا हल्का khafīfan
हल्का فَمَرَّتْ पस वो चलती रही famarrat
पस वो चलती रही بِهِۦ ۖ साथ उसके bihi
साथ उसके فَلَمَّآ फिर जब falammā
फिर जब أَثْقَلَت वो बोझल हो गई athqalat
वो बोझल हो गई دَّعَوَا दोंनो ने दुआ की daʿawā
दोंनो ने दुआ की ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से رَبَّهُمَا जो रब है उन दोनों का rabbahumā
जो रब है उन दोनों का لَئِنْ अलबत्ता अगर la-in
अलबत्ता अगर ءَاتَيْتَنَا दे दिया तूने हमें ātaytanā
दे दिया तूने हमें صَـٰلِحًۭا सही सलामत (बच्चा) ṣāliḥan
सही सलामत (बच्चा) لَّنَكُونَنَّ अलबत्ता हम ज़रूर हो जाऐंगे lanakūnanna
अलबत्ता हम ज़रूर हो जाऐंगे مِنَ among mina
among ٱلشَّـٰكِرِينَ शुक्र करने वालों में से l-shākirīna
शुक्र करने वालों में से ١٨٩ (189)
(189)
वो ही है ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने خَلَقَكُم पैदा किया तुम्हें khalaqakum
पैदा किया तुम्हें مِّن from min
from نَّفْسٍۢ जान से nafsin
जान से وَٰحِدَةٍۢ एक ही wāḥidatin
एक ही وَجَعَلَ और उसने बनाया wajaʿala
और उसने बनाया مِنْهَا उससे min'hā
उससे زَوْجَهَا जोड़ा उसका zawjahā
जोड़ा उसका لِيَسْكُنَ ताकि वो सुकून हासिल करें liyaskuna
ताकि वो सुकून हासिल करें إِلَيْهَا ۖ तरफ़ उसके ilayhā
तरफ़ उसके فَلَمَّا फिर जब falammā
फिर जब تَغَشَّىٰهَا उसने ढाँप लिया उसे taghashāhā
उसने ढाँप लिया उसे حَمَلَتْ उसने उठाया ḥamalat
उसने उठाया حَمْلًا बोझ ḥamlan
बोझ خَفِيفًۭا हल्का khafīfan
हल्का فَمَرَّتْ पस वो चलती रही famarrat
पस वो चलती रही بِهِۦ ۖ साथ उसके bihi
साथ उसके فَلَمَّآ फिर जब falammā
फिर जब أَثْقَلَت वो बोझल हो गई athqalat
वो बोझल हो गई دَّعَوَا दोंनो ने दुआ की daʿawā
दोंनो ने दुआ की ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से رَبَّهُمَا जो रब है उन दोनों का rabbahumā
जो रब है उन दोनों का لَئِنْ अलबत्ता अगर la-in
अलबत्ता अगर ءَاتَيْتَنَا दे दिया तूने हमें ātaytanā
दे दिया तूने हमें صَـٰلِحًۭا सही सलामत (बच्चा) ṣāliḥan
सही सलामत (बच्चा) لَّنَكُونَنَّ अलबत्ता हम ज़रूर हो जाऐंगे lanakūnanna
अलबत्ता हम ज़रूर हो जाऐंगे مِنَ among mina
among ٱلشَّـٰكِرِينَ शुक्र करने वालों में से l-shākirīna
शुक्र करने वालों में से ١٨٩ (189)
(189)
वही (अल्लाह) है, जिसने तुम्हें एक जान1 से पैदा किया और उसी से उसका जोड़ा बनाया, ताकि वह उसके पास सुकून हासिल करे। फिर जब उस (पति) ने उस (पत्नी) से सहवास किया, तो उसको हल्का सा गर्भ रह गया। तो वह उसे लेकर चलती फिरती रही, फिर जब वह बोझल हो गई, तो दोनों (पति-पत्नी) ने अपने पालनहार अल्लाह से दुआ की : निःसंदेह यदि तूने हमें अच्छा स्वस्थ बच्चा प्रदान किया, तो हम अवश्य ही आभार प्रकट करने वालों में से होंगे।
७:१९०
فَلَمَّآ
तो जब
falammā
तो जब ءَاتَىٰهُمَا उसने दिया उन दोनों को ātāhumā
उसने दिया उन दोनों को صَـٰلِحًۭا सही सलामत ṣāliḥan
सही सलामत جَعَلَا उन दोनों ने बना लिया jaʿalā
उन दोनों ने बना लिया لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए شُرَكَآءَ शरीक shurakāa
शरीक فِيمَآ उसमें जो fīmā
उसमें जो ءَاتَىٰهُمَا ۚ उसने दिया उन्हें ātāhumā
उसने दिया उन्हें فَتَعَـٰلَى पस बुलन्दतर है fataʿālā
पस बुलन्दतर है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो يُشْرِكُونَ वो शरीक ठहराते हैं yush'rikūna
वो शरीक ठहराते हैं ١٩٠ (190)
(190)
तो जब ءَاتَىٰهُمَا उसने दिया उन दोनों को ātāhumā
उसने दिया उन दोनों को صَـٰلِحًۭا सही सलामत ṣāliḥan
सही सलामत جَعَلَا उन दोनों ने बना लिया jaʿalā
उन दोनों ने बना लिया لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए شُرَكَآءَ शरीक shurakāa
शरीक فِيمَآ उसमें जो fīmā
उसमें जो ءَاتَىٰهُمَا ۚ उसने दिया उन्हें ātāhumā
उसने दिया उन्हें فَتَعَـٰلَى पस बुलन्दतर है fataʿālā
पस बुलन्दतर है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो يُشْرِكُونَ वो शरीक ठहराते हैं yush'rikūna
वो शरीक ठहराते हैं ١٩٠ (190)
(190)
फिर जब उस (अल्लाह) ने उन्हें एक स्वस्थ बच्चा प्रदान कर दिया, तो दोनों ने उस (अल्लाह) के लिए उसमें साझी बना लिए, जो उसने उन्हें प्रदान किया था। तो अल्लाह उससे बहुत ऊँचा है जो वे साझी बनाते हैं।1
७:१९१
أَيُشْرِكُونَ
क्या वो शरीक ठहराते हैं
ayush'rikūna
क्या वो शरीक ठहराते हैं مَا उनको जो mā
उनको जो لَا (can) not lā
(can) not يَخْلُقُ नहीं वो पैदा कर सकते yakhluqu
नहीं वो पैदा कर सकते شَيْـًۭٔا कुछ भी shayan
कुछ भी وَهُمْ और वो wahum
और वो يُخْلَقُونَ वो पैदा किए जाते हैं yukh'laqūna
वो पैदा किए जाते हैं ١٩١ (191)
(191)
क्या वो शरीक ठहराते हैं مَا उनको जो mā
उनको जो لَا (can) not lā
(can) not يَخْلُقُ नहीं वो पैदा कर सकते yakhluqu
नहीं वो पैदा कर सकते شَيْـًۭٔا कुछ भी shayan
कुछ भी وَهُمْ और वो wahum
और वो يُخْلَقُونَ वो पैदा किए जाते हैं yukh'laqūna
वो पैदा किए जाते हैं ١٩١ (191)
(191)
क्या वे उन्हें (अल्लाह का) साझी बनाते हैं, जो कोई चीज़ पैदा नहीं करते और वे स्वयं पैदा किए जाते हैं?
७:१९२
وَلَا
और नहीं
walā
और नहीं يَسْتَطِيعُونَ वो इस्तिताअत रखते yastaṭīʿūna
वो इस्तिताअत रखते لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए نَصْرًۭا किसी मदद की naṣran
किसी मदद की وَلَآ और ना walā
और ना أَنفُسَهُمْ अपने नफ़्सों की anfusahum
अपने नफ़्सों की يَنصُرُونَ वो मदद कर सकते हैं yanṣurūna
वो मदद कर सकते हैं ١٩٢ (192)
(192)
और नहीं يَسْتَطِيعُونَ वो इस्तिताअत रखते yastaṭīʿūna
वो इस्तिताअत रखते لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए نَصْرًۭا किसी मदद की naṣran
किसी मदद की وَلَآ और ना walā
और ना أَنفُسَهُمْ अपने नफ़्सों की anfusahum
अपने नफ़्सों की يَنصُرُونَ वो मदद कर सकते हैं yanṣurūna
वो मदद कर सकते हैं ١٩٢ (192)
(192)
तथा वे न उनकी कोई सहायता कर सकते हैं और न स्वयं अपनी सहायता करते हैं?
७:१९३
وَإِن
और अगर
wa-in
और अगर تَدْعُوهُمْ तुम बुलाओ उन्हें tadʿūhum
तुम बुलाओ उन्हें إِلَى to ilā
to ٱلْهُدَىٰ तरफ़ हिदायत के l-hudā
तरफ़ हिदायत के لَا not lā
not يَتَّبِعُوكُمْ ۚ नहीं वो पैरवी करेंगे तुम्हारी yattabiʿūkum
नहीं वो पैरवी करेंगे तुम्हारी سَوَآءٌ यकसाँ है sawāon
यकसाँ है عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर أَدَعَوْتُمُوهُمْ ख़्वाह बुलाओ तुम उन्हें adaʿawtumūhum
ख़्वाह बुलाओ तुम उन्हें أَمْ या am
या أَنتُمْ तुम antum
तुम صَـٰمِتُونَ ख़ामोश रहो ṣāmitūna
ख़ामोश रहो ١٩٣ (193)
(193)
और अगर تَدْعُوهُمْ तुम बुलाओ उन्हें tadʿūhum
तुम बुलाओ उन्हें إِلَى to ilā
to ٱلْهُدَىٰ तरफ़ हिदायत के l-hudā
तरफ़ हिदायत के لَا not lā
not يَتَّبِعُوكُمْ ۚ नहीं वो पैरवी करेंगे तुम्हारी yattabiʿūkum
नहीं वो पैरवी करेंगे तुम्हारी سَوَآءٌ यकसाँ है sawāon
यकसाँ है عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर أَدَعَوْتُمُوهُمْ ख़्वाह बुलाओ तुम उन्हें adaʿawtumūhum
ख़्वाह बुलाओ तुम उन्हें أَمْ या am
या أَنتُمْ तुम antum
तुम صَـٰمِتُونَ ख़ामोश रहो ṣāmitūna
ख़ामोश रहो ١٩٣ (193)
(193)
और यदि तुम उन्हें सीधी राह की ओर बुलाओ, तो वे तुम्हारे पीछे नहीं आएँगे। तुम्हारे लिए बराबर है, चाहे उन्हें पुकारो अथवा तुम चुप रहो।
७:१९४
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्हें alladhīna
वो जिन्हें تَدْعُونَ तुम पुकारते हो tadʿūna
तुम पुकारते हो مِن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के عِبَادٌ बन्दे हैं ʿibādun
बन्दे हैं أَمْثَالُكُمْ ۖ तुम्हारी तरह के amthālukum
तुम्हारी तरह के فَٱدْعُوهُمْ पस पुकारो उन्हें fa-id'ʿūhum
पस पुकारो उन्हें فَلْيَسْتَجِيبُوا۟ तो चाहिए कि वो जवाब दें falyastajībū
तो चाहिए कि वो जवाब दें لَكُمْ तुम्हें lakum
तुम्हें إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ١٩٤ (194)
(194)
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्हें alladhīna
वो जिन्हें تَدْعُونَ तुम पुकारते हो tadʿūna
तुम पुकारते हो مِن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के عِبَادٌ बन्दे हैं ʿibādun
बन्दे हैं أَمْثَالُكُمْ ۖ तुम्हारी तरह के amthālukum
तुम्हारी तरह के فَٱدْعُوهُمْ पस पुकारो उन्हें fa-id'ʿūhum
पस पुकारो उन्हें فَلْيَسْتَجِيبُوا۟ तो चाहिए कि वो जवाब दें falyastajībū
तो चाहिए कि वो जवाब दें لَكُمْ तुम्हें lakum
तुम्हें إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ١٩٤ (194)
(194)
निःसंदेह जिन्हें तुम अल्लाह के सिवा पुकारते हो, वे तुम्हारे ही जैसे (अल्लाह के) बंदे हैं। अतः तुम उन्हें पुकारो, तो वे तुम्हारी दुआ क़बूल करें, यदि तुम सच्चे हो।
७:१९५
أَلَهُمْ
क्या उनके
alahum
क्या उनके أَرْجُلٌۭ पाँव हैं arjulun
पाँव हैं يَمْشُونَ कि वो चलते हों yamshūna
कि वो चलते हों بِهَآ ۖ साथ उनके bihā
साथ उनके أَمْ या am
या لَهُمْ उनके lahum
उनके أَيْدٍۢ हाथ हैं aydin
हाथ हैं يَبْطِشُونَ कि वो पकड़ते हों yabṭishūna
कि वो पकड़ते हों بِهَآ ۖ साथ उनके bihā
साथ उनके أَمْ या am
या لَهُمْ उनकी lahum
उनकी أَعْيُنٌۭ आँखें हैं aʿyunun
आँखें हैं يُبْصِرُونَ कि वो देखते हों yub'ṣirūna
कि वो देखते हों بِهَآ ۖ साथ उनके bihā
साथ उनके أَمْ या am
या لَهُمْ उनके lahum
उनके ءَاذَانٌۭ कान हैं ādhānun
कान हैं يَسْمَعُونَ कि वो सुनते हों yasmaʿūna
कि वो सुनते हों بِهَا ۗ साथ उनके bihā
साथ उनके قُلِ कह दीजिए quli
कह दीजिए ٱدْعُوا۟ पुकारो id'ʿū
पुकारो شُرَكَآءَكُمْ अपने शरीकों को shurakāakum
अपने शरीकों को ثُمَّ फिर thumma
फिर كِيدُونِ चाल चलो मेरे ख़िलाफ़ kīdūni
चाल चलो मेरे ख़िलाफ़ فَلَا फिर ना falā
फिर ना تُنظِرُونِ तुम मोहलत दो मुझे tunẓirūni
तुम मोहलत दो मुझे ١٩٥ (195)
(195)
क्या उनके أَرْجُلٌۭ पाँव हैं arjulun
पाँव हैं يَمْشُونَ कि वो चलते हों yamshūna
कि वो चलते हों بِهَآ ۖ साथ उनके bihā
साथ उनके أَمْ या am
या لَهُمْ उनके lahum
उनके أَيْدٍۢ हाथ हैं aydin
हाथ हैं يَبْطِشُونَ कि वो पकड़ते हों yabṭishūna
कि वो पकड़ते हों بِهَآ ۖ साथ उनके bihā
साथ उनके أَمْ या am
या لَهُمْ उनकी lahum
उनकी أَعْيُنٌۭ आँखें हैं aʿyunun
आँखें हैं يُبْصِرُونَ कि वो देखते हों yub'ṣirūna
कि वो देखते हों بِهَآ ۖ साथ उनके bihā
साथ उनके أَمْ या am
या لَهُمْ उनके lahum
उनके ءَاذَانٌۭ कान हैं ādhānun
कान हैं يَسْمَعُونَ कि वो सुनते हों yasmaʿūna
कि वो सुनते हों بِهَا ۗ साथ उनके bihā
साथ उनके قُلِ कह दीजिए quli
कह दीजिए ٱدْعُوا۟ पुकारो id'ʿū
पुकारो شُرَكَآءَكُمْ अपने शरीकों को shurakāakum
अपने शरीकों को ثُمَّ फिर thumma
फिर كِيدُونِ चाल चलो मेरे ख़िलाफ़ kīdūni
चाल चलो मेरे ख़िलाफ़ فَلَا फिर ना falā
फिर ना تُنظِرُونِ तुम मोहलत दो मुझे tunẓirūni
तुम मोहलत दो मुझे ١٩٥ (195)
(195)
क्या इन (पत्थर की मूर्तियों) के पाँव हैं, जिनसे वे चलती हैं? या उनके हाथ हैं, जिनसे वे पकड़ती हैं? या उनकी आँखें हैं, जिनसे वे देखती हैं? या उनके कान हैं, जिनसे वे सुनती हैं? आप कह दें कि अपने साझियों को बुला लो, फिर मेरे विरुद्ध उपाय करो और मुझे कोई अवसर न दो!
७:१९६
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक وَلِـِّۧىَ मेरा दोस्त waliyyiya
मेरा दोस्त ٱللَّهُ अल्लाह है l-lahu
अल्लाह है ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने نَزَّلَ नाज़िल की है nazzala
नाज़िल की है ٱلْكِتَـٰبَ ۖ किताब l-kitāba
किताब وَهُوَ और वो ही wahuwa
और वो ही يَتَوَلَّى दोस्त रखता है yatawallā
दोस्त रखता है ٱلصَّـٰلِحِينَ सालेहीन को l-ṣāliḥīna
सालेहीन को ١٩٦ (196)
(196)
बेशक وَلِـِّۧىَ मेरा दोस्त waliyyiya
मेरा दोस्त ٱللَّهُ अल्लाह है l-lahu
अल्लाह है ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने نَزَّلَ नाज़िल की है nazzala
नाज़िल की है ٱلْكِتَـٰبَ ۖ किताब l-kitāba
किताब وَهُوَ और वो ही wahuwa
और वो ही يَتَوَلَّى दोस्त रखता है yatawallā
दोस्त रखता है ٱلصَّـٰلِحِينَ सालेहीन को l-ṣāliḥīna
सालेहीन को ١٩٦ (196)
(196)
निःसंदेह मेरा संरक्षक अल्लाह है, जिसने यह पुस्तक (क़ुरआन) उतारी है और वही सदाचारियों का संरक्षण करता है।
७:१९७
وَٱلَّذِينَ
और वो जिन्हें
wa-alladhīna
और वो जिन्हें تَدْعُونَ तुम पुकारते हो tadʿūna
तुम पुकारते हो مِن from min
from دُونِهِۦ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा لَا not lā
not يَسْتَطِيعُونَ नहीं वो इस्तिताअत रखते yastaṭīʿūna
नहीं वो इस्तिताअत रखते نَصْرَكُمْ तुम्हारी मदद की naṣrakum
तुम्हारी मदद की وَلَآ और ना walā
और ना أَنفُسَهُمْ अपने नफ़्सों की anfusahum
अपने नफ़्सों की يَنصُرُونَ वो मदद कर सकते हैं yanṣurūna
वो मदद कर सकते हैं ١٩٧ (197)
(197)
और वो जिन्हें تَدْعُونَ तुम पुकारते हो tadʿūna
तुम पुकारते हो مِن from min
from دُونِهِۦ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा لَا not lā
not يَسْتَطِيعُونَ नहीं वो इस्तिताअत रखते yastaṭīʿūna
नहीं वो इस्तिताअत रखते نَصْرَكُمْ तुम्हारी मदद की naṣrakum
तुम्हारी मदद की وَلَآ और ना walā
और ना أَنفُسَهُمْ अपने नफ़्सों की anfusahum
अपने नफ़्सों की يَنصُرُونَ वो मदद कर सकते हैं yanṣurūna
वो मदद कर सकते हैं ١٩٧ (197)
(197)
और जिन्हें तुम अल्लाह के सिवा पुकारते हो, वे न तुम्हारी सहायता कर सकते हैं और न स्वयं अपनी सहायता करते हैं।
७:१९८
وَإِن
और अगर
wa-in
और अगर تَدْعُوهُمْ तुम पुकारो उन्हें tadʿūhum
तुम पुकारो उन्हें إِلَى to ilā
to ٱلْهُدَىٰ तरफ़ हिदायत के l-hudā
तरफ़ हिदायत के لَا not lā
not يَسْمَعُوا۟ ۖ नहीं वो सुनेंगे yasmaʿū
नहीं वो सुनेंगे وَتَرَىٰهُمْ और आप देखेंगे उन्हें watarāhum
और आप देखेंगे उन्हें يَنظُرُونَ कि वो देख रहे हैं yanẓurūna
कि वो देख रहे हैं إِلَيْكَ तरफ़ आप के ilayka
तरफ़ आप के وَهُمْ हालाँकि वो wahum
हालाँकि वो لَا not lā
not يُبْصِرُونَ नहीं वो देख रहे yub'ṣirūna
नहीं वो देख रहे ١٩٨ (198)
(198)
और अगर تَدْعُوهُمْ तुम पुकारो उन्हें tadʿūhum
तुम पुकारो उन्हें إِلَى to ilā
to ٱلْهُدَىٰ तरफ़ हिदायत के l-hudā
तरफ़ हिदायत के لَا not lā
not يَسْمَعُوا۟ ۖ नहीं वो सुनेंगे yasmaʿū
नहीं वो सुनेंगे وَتَرَىٰهُمْ और आप देखेंगे उन्हें watarāhum
और आप देखेंगे उन्हें يَنظُرُونَ कि वो देख रहे हैं yanẓurūna
कि वो देख रहे हैं إِلَيْكَ तरफ़ आप के ilayka
तरफ़ आप के وَهُمْ हालाँकि वो wahum
हालाँकि वो لَا not lā
not يُبْصِرُونَ नहीं वो देख रहे yub'ṣirūna
नहीं वो देख रहे ١٩٨ (198)
(198)
और यदि तुम उन्हें सीधी राह की ओर बुलाओ, तो वे नहीं सुनेंगे और (ऐ नबी!) आप उन्हें देखेंगे कि वे आपकी ओर देख रहे हैं, हालाँकि वे कुछ नहीं देखते।
७:१९९
خُذِ
इख़्तियार कीजिए
khudhi
इख़्तियार कीजिए ٱلْعَفْوَ दरगुज़र को l-ʿafwa
दरगुज़र को وَأْمُرْ और हुक्म दीजिए wamur
और हुक्म दीजिए بِٱلْعُرْفِ नेकी का bil-ʿur'fi
नेकी का وَأَعْرِضْ और ऐराज़ कीजिए wa-aʿriḍ
और ऐराज़ कीजिए عَنِ from ʿani
from ٱلْجَـٰهِلِينَ जाहिलों से l-jāhilīna
जाहिलों से ١٩٩ (199)
(199)
इख़्तियार कीजिए ٱلْعَفْوَ दरगुज़र को l-ʿafwa
दरगुज़र को وَأْمُرْ और हुक्म दीजिए wamur
और हुक्म दीजिए بِٱلْعُرْفِ नेकी का bil-ʿur'fi
नेकी का وَأَعْرِضْ और ऐराज़ कीजिए wa-aʿriḍ
और ऐराज़ कीजिए عَنِ from ʿani
from ٱلْجَـٰهِلِينَ जाहिलों से l-jāhilīna
जाहिलों से ١٩٩ (199)
(199)
(ऐ नबी!) आप क्षमा से काम लें, भलाई का आदेश दें तथा अज्ञानियों की ओर ध्यान न दें।1
७:२००
وَإِمَّا
और अगर
wa-immā
और अगर يَنزَغَنَّكَ वसवसा आए आपको yanzaghannaka
वसवसा आए आपको مِنَ from mina
from ٱلشَّيْطَـٰنِ शैतान की तरफ़ से l-shayṭāni
शैतान की तरफ़ से نَزْغٌۭ कोई वसवसा nazghun
कोई वसवसा فَٱسْتَعِذْ पस पनाह तलब कीजिए fa-is'taʿidh
पस पनाह तलब कीजिए بِٱللَّهِ ۚ अल्लाह की bil-lahi
अल्लाह की إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो سَمِيعٌ ख़ूब सुनने वाला है samīʿun
ख़ूब सुनने वाला है عَلِيمٌ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٢٠٠ (200)
(200)
और अगर يَنزَغَنَّكَ वसवसा आए आपको yanzaghannaka
वसवसा आए आपको مِنَ from mina
from ٱلشَّيْطَـٰنِ शैतान की तरफ़ से l-shayṭāni
शैतान की तरफ़ से نَزْغٌۭ कोई वसवसा nazghun
कोई वसवसा فَٱسْتَعِذْ पस पनाह तलब कीजिए fa-is'taʿidh
पस पनाह तलब कीजिए بِٱللَّهِ ۚ अल्लाह की bil-lahi
अल्लाह की إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो سَمِيعٌ ख़ूब सुनने वाला है samīʿun
ख़ूब सुनने वाला है عَلِيمٌ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٢٠٠ (200)
(200)
और यदि शैतान आपको उकसाए, तो अल्लाह से शरण माँगिए। निःसंदेह वह सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।
७:२०१
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने ٱتَّقَوْا۟ तक़वा किया ittaqaw
तक़वा किया إِذَا जब idhā
जब مَسَّهُمْ छू जाता है उन्हें massahum
छू जाता है उन्हें طَـٰٓئِفٌۭ कोई ख़्याल ṭāifun
कोई ख़्याल مِّنَ from mina
from ٱلشَّيْطَـٰنِ शैतान की तरफ़ से l-shayṭāni
शैतान की तरफ़ से تَذَكَّرُوا۟ तो वो चौंक पड़ते हैं tadhakkarū
तो वो चौंक पड़ते हैं فَإِذَا फिर यकायक fa-idhā
फिर यकायक هُم वो hum
वो مُّبْصِرُونَ देखने लगते हैं mub'ṣirūna
देखने लगते हैं ٢٠١ (201)
(201)
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने ٱتَّقَوْا۟ तक़वा किया ittaqaw
तक़वा किया إِذَا जब idhā
जब مَسَّهُمْ छू जाता है उन्हें massahum
छू जाता है उन्हें طَـٰٓئِفٌۭ कोई ख़्याल ṭāifun
कोई ख़्याल مِّنَ from mina
from ٱلشَّيْطَـٰنِ शैतान की तरफ़ से l-shayṭāni
शैतान की तरफ़ से تَذَكَّرُوا۟ तो वो चौंक पड़ते हैं tadhakkarū
तो वो चौंक पड़ते हैं فَإِذَا फिर यकायक fa-idhā
फिर यकायक هُم वो hum
वो مُّبْصِرُونَ देखने लगते हैं mub'ṣirūna
देखने लगते हैं ٢٠١ (201)
(201)
निश्चय जो लोग (अल्लाह का) डर रखते हैं, यदि शैतान की ओर से उन्हें कोई बुरा विचार आ भी जाए, तो तत्काल संभल जाते हैं, फिर अचानक वे साफ़ देखने लगते हैं।
७:२०२
وَإِخْوَٰنُهُمْ
और भाई उन (शैतानों) के
wa-ikh'wānuhum
और भाई उन (शैतानों) के يَمُدُّونَهُمْ वो खींचते हैं उन्हें yamuddūnahum
वो खींचते हैं उन्हें فِى in fī
in ٱلْغَىِّ गुमराही में l-ghayi
गुमराही में ثُمَّ फिर thumma
फिर لَا not lā
not يُقْصِرُونَ नहीं वो कमी करते yuq'ṣirūna
नहीं वो कमी करते ٢٠٢ (202)
(202)
और भाई उन (शैतानों) के يَمُدُّونَهُمْ वो खींचते हैं उन्हें yamuddūnahum
वो खींचते हैं उन्हें فِى in fī
in ٱلْغَىِّ गुमराही में l-ghayi
गुमराही में ثُمَّ फिर thumma
फिर لَا not lā
not يُقْصِرُونَ नहीं वो कमी करते yuq'ṣirūna
नहीं वो कमी करते ٢٠٢ (202)
(202)
और जो उन (शैतानों) के भाई हैं, वे उन्हें गुमराही में बढ़ाते रहते हैं, फिर वे (उन्हें गुमराह करने में) तनिक भी कमी नहीं करते।
७:२०३
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब لَمْ नहीं lam
नहीं تَأْتِهِم आप लाते उनके पास tatihim
आप लाते उनके पास بِـَٔايَةٍۢ कोई निशानी biāyatin
कोई निशानी قَالُوا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं لَوْلَا क्यों ना lawlā
क्यों ना ٱجْتَبَيْتَهَا ۚ चुन लाया तू उसे ij'tabaytahā
चुन लाया तू उसे قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए إِنَّمَآ बेशक innamā
बेशक أَتَّبِعُ मैं पैरवी करता हूँ attabiʿu
मैं पैरवी करता हूँ مَا उसकी जो mā
उसकी जो يُوحَىٰٓ वही की जाती है yūḥā
वही की जाती है إِلَىَّ तरफ़ मेरे ilayya
तरफ़ मेरे مِن from min
from رَّبِّى ۚ मेरे रब की तरफ़ से rabbī
मेरे रब की तरफ़ से هَـٰذَا ये hādhā
ये بَصَآئِرُ बसीरत की बातें हैं baṣāiru
बसीरत की बातें हैं مِن from min
from رَّبِّكُمْ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से وَهُدًۭى और हिदायत wahudan
और हिदायत وَرَحْمَةٌۭ और रहमत है waraḥmatun
और रहमत है لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يُؤْمِنُونَ जो ईमान लाते हैं yu'minūna
जो ईमान लाते हैं ٢٠٣ (203)
(203)
और जब لَمْ नहीं lam
नहीं تَأْتِهِم आप लाते उनके पास tatihim
आप लाते उनके पास بِـَٔايَةٍۢ कोई निशानी biāyatin
कोई निशानी قَالُوا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं لَوْلَا क्यों ना lawlā
क्यों ना ٱجْتَبَيْتَهَا ۚ चुन लाया तू उसे ij'tabaytahā
चुन लाया तू उसे قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए إِنَّمَآ बेशक innamā
बेशक أَتَّبِعُ मैं पैरवी करता हूँ attabiʿu
मैं पैरवी करता हूँ مَا उसकी जो mā
उसकी जो يُوحَىٰٓ वही की जाती है yūḥā
वही की जाती है إِلَىَّ तरफ़ मेरे ilayya
तरफ़ मेरे مِن from min
from رَّبِّى ۚ मेरे रब की तरफ़ से rabbī
मेरे रब की तरफ़ से هَـٰذَا ये hādhā
ये بَصَآئِرُ बसीरत की बातें हैं baṣāiru
बसीरत की बातें हैं مِن from min
from رَّبِّكُمْ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से وَهُدًۭى और हिदायत wahudan
और हिदायत وَرَحْمَةٌۭ और रहमत है waraḥmatun
और रहमत है لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يُؤْمِنُونَ जो ईमान लाते हैं yu'minūna
जो ईमान लाते हैं ٢٠٣ (203)
(203)
और जब आप इन (बहुदेववादियों) के पास कोई आयत (निशानी) नहीं लाते, तो कहते हैं कि तुमने स्वयं कोई आयत क्यों न बना ली? आप कह दें कि मैं केवल उसी का अनुसरण करता हूँ, जो मेरे पालनहार के पास से मेरी ओर वह़्य की जाती है। यह (क़ुरआन) तुम्हारे पालनहार की ओर से सूझ की बातें (प्रमाण) है, तथा ईमान वालों के लिए मार्गदर्शन और दया है।
७:२०४
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब قُرِئَ पढ़ा जाए quri-a
पढ़ा जाए ٱلْقُرْءَانُ क़ुरआन l-qur'ānu
क़ुरआन فَٱسْتَمِعُوا۟ पस ग़ौर से सुनो fa-is'tamiʿū
पस ग़ौर से सुनो لَهُۥ उसे lahu
उसे وَأَنصِتُوا۟ और ख़ामोश रहो wa-anṣitū
और ख़ामोश रहो لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تُرْحَمُونَ तुम रहम किए जाओ tur'ḥamūna
तुम रहम किए जाओ ٢٠٤ (204)
(204)
और जब قُرِئَ पढ़ा जाए quri-a
पढ़ा जाए ٱلْقُرْءَانُ क़ुरआन l-qur'ānu
क़ुरआन فَٱسْتَمِعُوا۟ पस ग़ौर से सुनो fa-is'tamiʿū
पस ग़ौर से सुनो لَهُۥ उसे lahu
उसे وَأَنصِتُوا۟ और ख़ामोश रहो wa-anṣitū
और ख़ामोश रहो لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تُرْحَمُونَ तुम रहम किए जाओ tur'ḥamūna
तुम रहम किए जाओ ٢٠٤ (204)
(204)
और जब क़ुरआन पढ़ा जाए, तो उसे ध्यानपूर्वक सुनो तथा मौन साध लो। ताकि तुमपर दया1 की जाए।
७:२०५
وَٱذْكُر
और ज़िक्र कीजिए
wa-udh'kur
और ज़िक्र कीजिए رَّبَّكَ अपने रब का rabbaka
अपने रब का فِى in fī
in نَفْسِكَ अपने दिल में nafsika
अपने दिल में تَضَرُّعًۭا आजिज़ी taḍarruʿan
आजिज़ी وَخِيفَةًۭ और ख़ौफ़ से wakhīfatan
और ख़ौफ़ से وَدُونَ और बग़ैर wadūna
और बग़ैर ٱلْجَهْرِ बुलन्द l-jahri
बुलन्द مِنَ of mina
of ٱلْقَوْلِ आवाज़ के l-qawli
आवाज़ के بِٱلْغُدُوِّ सुबह के वक़्त bil-ghuduwi
सुबह के वक़्त وَٱلْـَٔاصَالِ और शाम के वक़्त wal-āṣāli
और शाम के वक़्त وَلَا और ना walā
और ना تَكُن हों आप takun
हों आप مِّنَ among mina
among ٱلْغَـٰفِلِينَ ग़ाफ़िलों में से l-ghāfilīna
ग़ाफ़िलों में से ٢٠٥ (205)
(205)
और ज़िक्र कीजिए رَّبَّكَ अपने रब का rabbaka
अपने रब का فِى in fī
in نَفْسِكَ अपने दिल में nafsika
अपने दिल में تَضَرُّعًۭا आजिज़ी taḍarruʿan
आजिज़ी وَخِيفَةًۭ और ख़ौफ़ से wakhīfatan
और ख़ौफ़ से وَدُونَ और बग़ैर wadūna
और बग़ैर ٱلْجَهْرِ बुलन्द l-jahri
बुलन्द مِنَ of mina
of ٱلْقَوْلِ आवाज़ के l-qawli
आवाज़ के بِٱلْغُدُوِّ सुबह के वक़्त bil-ghuduwi
सुबह के वक़्त وَٱلْـَٔاصَالِ और शाम के वक़्त wal-āṣāli
और शाम के वक़्त وَلَا और ना walā
और ना تَكُن हों आप takun
हों आप مِّنَ among mina
among ٱلْغَـٰفِلِينَ ग़ाफ़िलों में से l-ghāfilīna
ग़ाफ़िलों में से ٢٠٥ (205)
(205)
और (ऐ नबी!) अपने पालनहार का स्मरण अपने दिल में विनयपूर्वक तथा डरते हुए और धीमे स्वर में प्रातः तथा संध्या करते रहो और ग़ाफ़िलों में से न हो जाओ।
७:२०६
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो (फ़रिश्ते ) जो alladhīna
वो (फ़रिश्ते ) जो عِندَ (are) near ʿinda
(are) near رَبِّكَ आपके रब के पास हैं rabbika
आपके रब के पास हैं لَا not lā
not يَسْتَكْبِرُونَ नहीं वो तकब्बुर करते yastakbirūna
नहीं वो तकब्बुर करते عَنْ from ʿan
from عِبَادَتِهِۦ उसकी इबादत से ʿibādatihi
उसकी इबादत से وَيُسَبِّحُونَهُۥ और वो तस्बीह करते हैं उसकी wayusabbiḥūnahu
और वो तस्बीह करते हैं उसकी وَلَهُۥ और उसी को walahu
और उसी को يَسْجُدُونَ ۩ वो सजदा करते हैं yasjudūna
वो सजदा करते हैं ٢٠٦ (206)
(206)
बेशक ٱلَّذِينَ वो (फ़रिश्ते ) जो alladhīna
वो (फ़रिश्ते ) जो عِندَ (are) near ʿinda
(are) near رَبِّكَ आपके रब के पास हैं rabbika
आपके रब के पास हैं لَا not lā
not يَسْتَكْبِرُونَ नहीं वो तकब्बुर करते yastakbirūna
नहीं वो तकब्बुर करते عَنْ from ʿan
from عِبَادَتِهِۦ उसकी इबादत से ʿibādatihi
उसकी इबादत से وَيُسَبِّحُونَهُۥ और वो तस्बीह करते हैं उसकी wayusabbiḥūnahu
और वो तस्बीह करते हैं उसकी وَلَهُۥ और उसी को walahu
और उसी को يَسْجُدُونَ ۩ वो सजदा करते हैं yasjudūna
वो सजदा करते हैं ٢٠٦ (206)
(206)
निःसंदेह जो (फ़रिश्ते) आपके पालनहार के पास हैं, वे उसकी इबादत से अभिमान नहीं करते और उसकी पवित्रता का वर्णन करते हैं और उसी को सजदा करते हैं।1