अल-अनफ़ाल

मदनी ७५ आयतें पारा ९
الأنفال

सूरह अल-अनफ़ाल (الأنفال) पवित्र क़ुरआन का ८ वाँ अध्याय है — यह एक मदनी सूरह है जिसमें ७५ आयतें हैं। मदनी सूरहें प्रवास के बाद उतरीं और प्रायः इबादत, क़ानून और मुस्लिम समाज के जीवन से संबंधित हैं।

बिस्मिल्लाह
بِسْمِसाथ नामbis'miٱللَّهِअल्लाह केl-lahiٱلرَّحْمَـٰنِजो बहुत मेहरबानl-raḥmāniٱلرَّحِيمِनिहायत रहम करने वाला हैl-raḥīmi
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
८:१
يَسْـَٔلُونَكَवो सवाल करते हैं आप सेyasalūnakaعَنِaboutʿaniٱلْأَنفَالِ ۖग़नीमतों के बारे मेंl-anfāliقُلِकह दीजिएquliٱلْأَنفَالُग़नीमतेंl-anfāluلِلَّهِअल्लाह के लिएlillahiوَٱلرَّسُولِ ۖऔर रसूल के लिए हैंwal-rasūliفَٱتَّقُوا۟पस डरोfa-ittaqūٱللَّهَअल्लाह सेl-lahaوَأَصْلِحُوا۟और इस्लाह करोwa-aṣliḥūذَاتَthatdhātaبَيْنِكُمْ ۖआपस मेंbaynikumوَأَطِيعُوا۟और इताअत करोwa-aṭīʿūٱللَّهَअल्लाह कीl-lahaوَرَسُولَهُۥٓऔर उसके रसूल कीwarasūlahuإِنअगरinكُنتُمहो तुमkuntumمُّؤْمِنِينَईमान लाने वालेmu'minīna١
(ऐ नबी!) वे (आपके साथी) आपसे युद्ध में प्राप्त धन के विषय में पूछते हैं। आप कह दें कि युद्ध में प्राप्त धन अल्लाह और रसूल के हैं। अतः अल्लाह से डरो और आपस में सुधार रखो तथा अल्लाह और उसके रसूल की आज्ञा का पालन करो1, यदि तुम ईमान वाले हो।
८:२
إِنَّمَاबेशकinnamāٱلْمُؤْمِنُونَमोमिन तोl-mu'minūnaٱلَّذِينَवो हैंalladhīnaإِذَاजबidhāذُكِرَज़िक्र किया जाता हैdhukiraٱللَّهُअल्लाह काl-lahuوَجِلَتْडर जाते हैंwajilatقُلُوبُهُمْदिल उनकेqulūbuhumوَإِذَاऔर जबwa-idhāتُلِيَتْपढ़ी जाती हैंtuliyatعَلَيْهِمْउन परʿalayhimءَايَـٰتُهُۥआयात उसकीāyātuhuزَادَتْهُمْवो ज़्यादा कर देती है उन्हेंzādathumإِيمَـٰنًۭاईमान मेंīmānanوَعَلَىٰand uponwaʿalāرَبِّهِمْऔर अपने रब पर हीrabbihimيَتَوَكَّلُونَवो तवक्कल करते हैंyatawakkalūna٢
(वास्तव में) ईमान वाले तो वही हैं कि जब अल्लाह का ज़िक्र किया जाए, तो उनके दिल काँप उठते हैं, और जब उनके सामने उसकी आयतें पढ़ी जाएँ, तो उनका ईमान बढ़ा देती हैं, और वे अपने पालनहार ही पर भरोसा रखते हैं।
८:३
ٱلَّذِينَवो जोalladhīnaيُقِيمُونَक़ायम करते हैंyuqīmūnaٱلصَّلَوٰةَनमाज़l-ṣalataوَمِمَّاऔर उसमें से जोwamimmāرَزَقْنَـٰهُمْरिज़्क़ दिया हमने उन्हेंrazaqnāhumيُنفِقُونَवो ख़र्च करते हैंyunfiqūna٣
वे लोग जो नमाज़ स्थापित करते हैं तथा हमने उन्हें जो कुछ प्रदान किया है, उसमें से ख़र्च करते हैं।
८:४
أُو۟لَـٰٓئِكَयही लोग हैंulāikaهُمُवोhumuٱلْمُؤْمِنُونَजो मोमिन हैंl-mu'minūnaحَقًّۭا ۚसच्चेḥaqqanلَّهُمْउनके लिएlahumدَرَجَـٰتٌदर्जे हैंdarajātunعِندَwithʿindaرَبِّهِمْउनके रब के पासrabbihimوَمَغْفِرَةٌۭऔर बख़्शिशwamaghfiratunوَرِزْقٌۭऔर रिज़्क़ हैwariz'qunكَرِيمٌۭइज़्ज़त वालाkarīmun٤
वही सच्चे ईमान वाले हैं, उन्हीं के लिए उनके पालनहार के पास बहुत से दर्जे तथा बड़ी क्षमा और सम्मानित (उत्तम) जीविका है।
८:५
كَمَآजैसा किkamāأَخْرَجَكَनिकाला आपकोakhrajakaرَبُّكَआपके रब नेrabbukaمِنۢfromminبَيْتِكَआपके घर सेbaytikaبِٱلْحَقِّसाथ हक़ केbil-ḥaqiوَإِنَّऔर बेशकwa-innaفَرِيقًۭاगिरोहfarīqanمِّنَamongminaٱلْمُؤْمِنِينَमोमिनों में सेl-mu'minīnaلَكَـٰرِهُونَअलबत्ता नापसंद करने वाला थाlakārihūna٥
जिस प्रकार1 आपके पालनहार ने आपको आपके घर (मदीना) से (बहुदेववादियों से युद्ध के लिए) सत्य के साथ निकाला, हालाँकि निश्चय ईमान वालों का एक समूह तो (इसे) नापसंद करने वाला था।
८:६
يُجَـٰدِلُونَكَवो झगड़ते थे आप सेyujādilūnakaفِىconcerningٱلْحَقِّहक़ मेंl-ḥaqiبَعْدَ مَاबाद उसके जोbaʿdamāتَبَيَّنَवो वाज़ेह हो गया थाtabayyanaكَأَنَّمَاगोया किka-annamāيُسَاقُونَवो हाँके जा रहे थेyusāqūnaإِلَىtoilāٱلْمَوْتِतरफ़ मौत केl-mawtiوَهُمْऔर वोwahumيَنظُرُونَवो देख रहे थेyanẓurūna٦
वे आपसे सच के बारे में झगड़ते थे, इसके बाद कि वह स्पष्ट हो चुका था, जैसे उन्हें मौत की ओर हाँका जा रहा है और वे उसे देख रहे हैं।
८:७
وَإِذْऔर जबwa-idhيَعِدُكُمُवादा कर रहा था तुमसेyaʿidukumuٱللَّهُअल्लाहl-lahuإِحْدَىएक काiḥ'dāٱلطَّآئِفَتَيْنِदो गिरोहों में सेl-ṭāifatayniأَنَّهَاबेशक वोannahāلَكُمْतुम्हारे लिए हैlakumوَتَوَدُّونَऔर तुम चाहते थेwatawaddūnaأَنَّबेशकannaغَيْرَबग़ैरghayraذَاتِthatdhātiٱلشَّوْكَةِहथियार वालाl-shawkatiتَكُونُहो जाएtakūnuلَكُمْतुम्हारे लिएlakumوَيُرِيدُऔर चाहता थाwayurīduٱللَّهُअल्लाहl-lahuأَنकिanيُحِقَّवो साबित कर देyuḥiqqaٱلْحَقَّहक़ कोl-ḥaqaبِكَلِمَـٰتِهِۦअपने कलिमात सेbikalimātihiوَيَقْطَعَऔर वो काट डालेwayaqṭaʿaدَابِرَजड़dābiraٱلْكَـٰفِرِينَकाफ़िरों कीl-kāfirīna٧
तथा (वह समय याद करो) जब अल्लाह तुम्हें वचन दे रहा था कि दो गिरोहों1 में से एक तुम्हारे हाथ आएगा और तुम चाहते थे कि निर्बल (निःशस्त्र) गिरोह तुम्हारे हाथ लगे। और अल्लाह चाहता था कि अपने वचन द्वारा सत्य को सिद्ध कर दे और काफ़िरों की जड़ काट दे।
८:८
لِيُحِقَّताकि वो साबित कर देliyuḥiqqaٱلْحَقَّहक़ कोl-ḥaqaوَيُبْطِلَऔर वो बातिल कर देwayub'ṭilaٱلْبَـٰطِلَबातिल कोl-bāṭilaوَلَوْऔर अगरचेwalawكَرِهَनापसंद करेंkarihaٱلْمُجْرِمُونَमुजरिम लोगl-muj'rimūna٨
ताकि वह सत्य को सत्य कर दे और असत्य को असत्य कर दे, यद्यपि अपराधियों को बुरा लगे।
८:९
إِذْजबidhتَسْتَغِيثُونَतुम फ़रियाद कर रहे थेtastaghīthūnaرَبَّكُمْअपने रब सेrabbakumفَٱسْتَجَابَतो उसने (दुआ) क़ुबूल कर लीfa-is'tajābaلَكُمْतुम्हारीlakumأَنِّىकि बेशक मैंannīمُمِدُّكُمमदद देने वाला हूँ तुम्हेंmumiddukumبِأَلْفٍۢसाथ एक हज़ारbi-alfinمِّنَofminaٱلْمَلَـٰٓئِكَةِफ़रिश्तों केl-malāikatiمُرْدِفِينَएक दूसरे के पीछे आने वालेmur'difīna٩
जब तुम अपने पालनहार से (बद्र के युद्ध के समय) मदद माँग रहे थे, तो उसने तुम्हारी प्रार्थना स्वीकार कर ली कि निःसंदेह मैं एक हज़ार फ़रिश्तों के साथ तुम्हारी सहायता करने वाला हूँ, जो एक-दूसरे के पीछे आने वाले हैं।1
८:१०
وَمَاऔर नहींwamāجَعَلَهُबनाया उसेjaʿalahuٱللَّهُअल्लाह नेl-lahuإِلَّاमगरillāبُشْرَىٰख़ुशख़बरीbush'rāوَلِتَطْمَئِنَّऔर ताकि मुत्मईन हो जाऐंwalitaṭma-innaبِهِۦसाथ उसकेbihiقُلُوبُكُمْ ۚदिल तुम्हारेqulūbukumوَمَاऔर नहींwamāٱلنَّصْرُमददl-naṣruإِلَّاमगरillāمِنْfromminعِندِ[of]ʿindiٱللَّهِ ۚअल्लाह के पास सेl-lahiإِنَّबेशकinnaٱللَّهَअल्लाहl-lahaعَزِيزٌबहुत ज़बरदस्त हैʿazīzunحَكِيمٌख़ूब हिकमत वाला हैḥakīmun١٠
और अल्लाह ने यह इसलिए किया कि (तुम्हारे लिए) शुभ सूचना हो और ताकि इसके साथ तुम्हारे दिल संतुष्ट हो जाएँ। अन्यथा सहायता तो अल्लाह ही की ओर से होती है। निःसंदेह अल्लाह सब पर प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
८:११
إِذْजबidhيُغَشِّيكُمُउसने ढांप दी तुम परyughashīkumuٱلنُّعَاسَऊँघl-nuʿāsaأَمَنَةًۭअमन के लिएamanatanمِّنْهُउसकी तरफ़ सेmin'huوَيُنَزِّلُऔर वो उतार रहा थाwayunazziluعَلَيْكُمतुम परʿalaykumمِّنَfromminaٱلسَّمَآءِआसमान सेl-samāiمَآءًۭपानीmāanلِّيُطَهِّرَكُمताकि वो पाक कर दे तुम्हेंliyuṭahhirakumبِهِۦसाथ उसकेbihiوَيُذْهِبَऔर वो ले जाएwayudh'hibaعَنكُمْतुमसेʿankumرِجْزَनजासतrij'zaٱلشَّيْطَـٰنِशैतान कीl-shayṭāniوَلِيَرْبِطَऔर ताकि वो मज़बूत कर देwaliyarbiṭaعَلَىٰ[on]ʿalāقُلُوبِكُمْतुम्हारे दिलों कोqulūbikumوَيُثَبِّتَऔर वो जमा देwayuthabbitaبِهِसाथ उसकेbihiٱلْأَقْدَامَक़दमों कोl-aqdāma١١
और वह समय याद करो जब अल्लाह अपनी ओर से शांति के लिए तुमपर ऊँघ डाल रहा था और तुमपर आकाश से जल बरसा रहा था, ताकि उसके द्वारा तुम्हें पाक कर दे और तुमसे शैतान की मलिनता दूर कर दे और तुम्हारे दिलों को मज़बूत कर दे और उसके द्वारा (तुम्हारे) पाँव जमा दे।1
८:१२
إِذْजबidhيُوحِىवही कर रहा थाyūḥīرَبُّكَरब आपकाrabbukaإِلَىtoilāٱلْمَلَـٰٓئِكَةِतरफ़ फ़रिश्तों केl-malāikatiأَنِّىबेशक मैंannīمَعَكُمْसाथ हों तुम्हारेmaʿakumفَثَبِّتُوا۟पस साबित रखोfathabbitūٱلَّذِينَउन्हें जोalladhīnaءَامَنُوا۟ ۚईमान लाएāmanūسَأُلْقِىअनक़रीब मैं डाल दूँगाsa-ul'qīفِىinقُلُوبِदिलों मेंqulūbiٱلَّذِينَउनके जिन्होंनेalladhīnaكَفَرُوا۟कुफ़्र कियाkafarūٱلرُّعْبَरौब कोl-ruʿ'baفَٱضْرِبُوا۟पस मारोfa-iḍ'ribūفَوْقَऊपरfawqaٱلْأَعْنَاقِगर्दनों केl-aʿnāqiوَٱضْرِبُوا۟और मारोwa-iḍ'ribūمِنْهُمْउनकेmin'humكُلَّहरkullaبَنَانٍۢपोर परbanānin١٢
जब आपका पालनहार फ़रिश्तों की ओर वह़्य कर रहा था कि निःसंदेह मैं तुम्हारे साथ हूँ। अतः तुम ईमान वालों को स्थिर रखो। शीघ्र ही मैं काफ़िरों के दिलों में भय डाल दूँगा। तो (ऐ मुसलमानों!) तुम उनकी गरदनों के ऊपर मारो तथा उनके पोर-पोर पर आघात पहुँचाओ।
८:१३
ذَٰلِكَयेdhālikaبِأَنَّهُمْबवजह इसके कि उन्होंनेbi-annahumشَآقُّوا۟मुख़ालिफ़त कीshāqqūٱللَّهَअल्लाह कीl-lahaوَرَسُولَهُۥ ۚऔर उसके रसूल कीwarasūlahuوَمَنऔर जो कोईwamanيُشَاقِقِमुख़ालिफ़त करेगाyushāqiqiٱللَّهَअल्लाह कीl-lahaوَرَسُولَهُۥऔर उसके रसूल कीwarasūlahuفَإِنَّतो बेशकfa-innaٱللَّهَअल्लाहl-lahaشَدِيدُसख़्तshadīduٱلْعِقَابِसज़ा वाला हैl-ʿiqābi١٣
यह इसलिए कि निःसंदेह उन्होंने अल्लाह और उसके रसूल का विरोध किया तथा जो अल्लाह और उसके रसूल का विरोध करे, तो निःसंदेह अल्लाह कड़ी यातना देने वाला है।
८:१४
ذَٰلِكُمْये है ( सज़ा)dhālikumفَذُوقُوهُपस चख़ो इसेfadhūqūhuوَأَنَّऔर बेशकwa-annaلِلْكَـٰفِرِينَकाफ़िरों के लिएlil'kāfirīnaعَذَابَअज़ाब हैʿadhābaٱلنَّارِआग काl-nāri١٤
यह है (तुम्हारी यातना), तो इसका स्वाद चखो और (जान लो कि) निःसंदेह काफ़िरों के लिए जहन्नम की यातना (भी) है।
८:१५
يَـٰٓأَيُّهَاO youyāayyuhāٱلَّذِينَऐ लोगों जोalladhīnaءَامَنُوٓا۟ईमान लाए होāmanūإِذَاजबidhāلَقِيتُمُमुलाक़ात करो तुमlaqītumuٱلَّذِينَउनसे जिन्होंनेalladhīnaكَفَرُوا۟कुफ़्र कियाkafarūزَحْفًۭاमैदाने जंग मेंzaḥfanفَلَاपस नाfalāتُوَلُّوهُمُतुम फेरो उनसेtuwallūhumuٱلْأَدْبَارَपुश्तों कोl-adbāra١٥
ऐ ईमान वालो! जब तुम काफ़िरों की सेना से भिड़ो, तो उनसे पीठें न फेरो।
८:१६
وَمَنऔर जो कोईwamanيُوَلِّهِمْफेरेगा उनसेyuwallihimيَوْمَئِذٍۢउस दिनyawma-idhinدُبُرَهُۥٓपुश्त अपनीduburahuإِلَّاसिवायillāمُتَحَرِّفًۭاपैंतरा बदलने वाले केmutaḥarrifanلِّقِتَالٍजंग के लिएliqitālinأَوْयाawمُتَحَيِّزًاपनाह लेने वाले केmutaḥayyizanإِلَىٰtoilāفِئَةٍۢतरफ़ एक गिरोह केfi-atinفَقَدْतो तहक़ीक़faqadبَآءَवो पलटाbāaبِغَضَبٍۢसाथ ग़ज़ब केbighaḍabinمِّنَofminaٱللَّهِअल्लाह की तरफ़ सेl-lahiوَمَأْوَىٰهُऔर ठिकाना उसकाwamawāhuجَهَنَّمُ ۖजहन्नम हैjahannamuوَبِئْسَऔर कितना बुरा हैwabi'saٱلْمَصِيرُठिकानाl-maṣīru١٦
और जो कोई उस दिन उनसे अपनी पीठ फेरे, सिवाय उसके जो पलटकर आक्रमण करने वाला अथवा (अपने) किसी गिरोह से मिलने वाला हो, तो निश्चय वह अल्लाह के प्रकोप के साथ लौटा, और उसका ठिकाना जहन्नम है और वह लौटने की बुरी जगह है।
८:१७
فَلَمْतो नहींfalamتَقْتُلُوهُمْतुम ने क़त्ल किया उन्हेंtaqtulūhumوَلَـٰكِنَّऔर लेकिनwalākinnaٱللَّهَअल्लाह नेl-lahaقَتَلَهُمْ ۚक़त्ल किया उन्हेंqatalahumوَمَاऔर नहींwamāرَمَيْتَफेंका आपनेramaytaإِذْजबidhرَمَيْتَफेंका था आपनेramaytaوَلَـٰكِنَّऔर लेकिनwalākinnaٱللَّهَअल्लाह नेl-lahaرَمَىٰ ۚफेंका थाramāوَلِيُبْلِىَऔर ताकि वो आज़माएwaliyub'liyaٱلْمُؤْمِنِينَमोमिनों कोl-mu'minīnaمِنْهُअपनी तरफ़ सेmin'huبَلَآءًआज़माइशbalāanحَسَنًا ۚअच्छी सेḥasananإِنَّबेशकinnaٱللَّهَअल्लाहl-lahaسَمِيعٌख़ूब सुनने वाला हैsamīʿunعَلِيمٌۭख़ूब जानने वाला हैʿalīmun١٧
अतः (रणक्षेत्र में) तुमने उन्हें क़त्ल नहीं किया, परंतु अल्लाह ने उन्हें क़त्ल किया। और (ऐ नबी!) आपने नहीं फेंका जब आपने फेंका, परंतु अल्लाह ने फेंका। और (यह इसलिए हुआ) ताकि वह इसके द्वारा ईमान वालों को अच्छी तरह आज़माए। निःसंदेह अल्लाह सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।1
८:१८
ذَٰلِكُمْये हैdhālikumوَأَنَّऔर बेशकwa-annaٱللَّهَअल्लाहl-lahaمُوهِنُकमज़ोर करने वाला हैmūhinuكَيْدِचाल कोkaydiٱلْكَـٰفِرِينَकाफ़िरों कीl-kāfirīna١٨
यह सब अल्लाह की ओर से है और निश्चय अल्लाह काफ़िरों की चालों को कमज़ोर करने वाला है।
८:१९
إِنअगरinتَسْتَفْتِحُوا۟तुम फ़ैसला चाहते होtastaftiḥūفَقَدْतो तहक़ीक़faqadجَآءَكُمُआ गया तुम्हारे पासjāakumuٱلْفَتْحُ ۖफ़ैसलाl-fatḥuوَإِنऔर अगरwa-inتَنتَهُوا۟तुम बाज़ आ जाओtantahūفَهُوَतो वोfahuwaخَيْرٌۭबेहतर हैkhayrunلَّكُمْ ۖतुम्हारे लिएlakumوَإِنऔर अगरwa-inتَعُودُوا۟तुम लौटोगेtaʿūdūنَعُدْहम भी लौटेंगेnaʿudوَلَنऔर हरगिज़ नाwalanتُغْنِىَकाम आएगाtugh'niyaعَنكُمْतुम्हेंʿankumفِئَتُكُمْगिरोह तुम्हाराfi-atukumشَيْـًۭٔاकुछ भीshayanوَلَوْऔर अगरचेwalawكَثُرَتْवो बकसरत होंkathuratوَأَنَّऔर बेशकwa-annaٱللَّهَअल्लाहl-lahaمَعَसाथ हैmaʿaٱلْمُؤْمِنِينَईमान लाने वालों केl-mu'minīna١٩
यदि तुम1 निर्णय चाहते हो, तो तुम्हारे पास निर्णय आ चुका, और यदि तुम रुक जाओ, तो वह तुम्हारे लिए बेहतर है। और यदि तुम फिर पहले जैसा करोगे, तो हम (भी) वैसा ही करेंगे, और तुम्हारा जत्था हरगिज़ तुम्हारे कुछ काम न आएगा, चाहे वह बहुत अधिक हो। और निश्चय अल्लाह ईमान वालों के साथ है।
८:२०
يَـٰٓأَيُّهَاO youyāayyuhāٱلَّذِينَऐ लोगो जोalladhīnaءَامَنُوٓا۟ईमान लाए होāmanūأَطِيعُوا۟इताअत करोaṭīʿūٱللَّهَअल्लाह कीl-lahaوَرَسُولَهُۥऔर उसके रसूल कीwarasūlahuوَلَاऔर नाwalāتَوَلَّوْا۟तुम मुँह फेरोtawallawعَنْهُउससेʿanhuوَأَنتُمْजब कि तुमwa-antumتَسْمَعُونَतुम सुन रहे होtasmaʿūna٢٠
ऐ ईमान वालो! अल्लाह और उसके रसूल का आज्ञापालन करो और उससे मुँह न फेरो, जबकि तुम सुन रहे हो।
८:२१
وَلَاऔर नाwalāتَكُونُوا۟तुम हो जाओtakūnūكَٱلَّذِينَउनकी तरह जिन्होंनेka-alladhīnaقَالُوا۟कहाqālūسَمِعْنَاसुना हमनेsamiʿ'nāوَهُمْहालाँकि वोwahumلَا(do) notيَسْمَعُونَनहीं वो सुनतेyasmaʿūna٢١
तथा उन लोगों के समान1 न हो जाओ, जिन्होंने कहा कि हमने सुन लिया, हालाँकि वे नहीं सुनते।
८:२२
۞ إِنَّबेशकinnaشَرَّबदतरीनsharraٱلدَّوَآبِّजानदारl-dawābiعِندَnearʿindaٱللَّهِअल्लाह के नज़दीकl-lahiٱلصُّمُّवो बहरेl-ṣumuٱلْبُكْمُगूँगे हैंl-buk'muٱلَّذِينَजोalladhīnaلَا(do) notيَعْقِلُونَनहीं वो अक़्ल से काम लेतेyaʿqilūna٢٢
निःसंदेह अल्लाह के निकट सब जानवरों से बुरे वे बहरे-गूँगे हैं, जो समझते नहीं।
८:२३
وَلَوْऔर अगरwalawعَلِمَजान लेताʿalimaٱللَّهُअल्लाहl-lahuفِيهِمْउनमेंfīhimخَيْرًۭاकोई भलाईkhayranلَّأَسْمَعَهُمْ ۖअलबत्ता वो सुनवा देता उन्हेंla-asmaʿahumوَلَوْऔर अगरwalawأَسْمَعَهُمْवो सुनवा देता उन्हेंasmaʿahumلَتَوَلَّوا۟यक़ीनन वो मुँह फेर जातेlatawallawوَّهُمऔर वो हैं हीwahumمُّعْرِضُونَऐराज़ करने वालेmuʿ'riḍūna٢٣
और यदि अल्लाह उनके अंदर कोई भलाई जानता, तो उन्हें अवश्य सुना देता और यदि वह उन्हें सुना देता, तो भी वे मुँह फेर जाते, इस हाल में कि वे उपेक्षा करने वाले होते।
८:२४
يَـٰٓأَيُّهَاO youyāayyuhāٱلَّذِينَऐ लोगो जोalladhīnaءَامَنُوا۟ईमान लाए होāmanūٱسْتَجِيبُوا۟क़ुबूल कर लो (हुक्म)is'tajībūلِلَّهِअल्लाह काlillahiوَلِلرَّسُولِऔर रसूल काwalilrrasūliإِذَاजबidhāدَعَاكُمْवो पुकारे तुम्हेंdaʿākumلِمَاउसके लिए जोlimāيُحْيِيكُمْ ۖज़िन्दगी बख़्शता है तुम्हेंyuḥ'yīkumوَٱعْلَمُوٓا۟और जान लोwa-iʿ'lamūأَنَّबेशकannaٱللَّهَअल्लाहl-lahaيَحُولُवो हाइल होता हैyaḥūluبَيْنَदर्मियानbaynaٱلْمَرْءِआदमीl-mariوَقَلْبِهِۦऔर उसके दिल केwaqalbihiوَأَنَّهُۥٓऔर बेशक वोwa-annahuإِلَيْهِतरफ़ उसी केilayhiتُحْشَرُونَतुम इकट्ठे किए जाओगेtuḥ'sharūna٢٤
ऐ ईमान वालो! अल्लाह और उसके रसूल के बुलावे को स्वीकार करो, जब वह तुम्हें उस चीज़ के लिए बुलाए, जो तुम्हें1 जीवन प्रदान करती है। और जान लो कि निःसंदेह अल्लाह आदमी और उसके दिल के बीच रुकावट2 बन जाता है। और यह कि निःसंदेह तुम उसी की ओर लौटाए जाओगे।
८:२५
وَٱتَّقُوا۟और डरोwa-ittaqūفِتْنَةًۭफ़ितने से (उस)fit'natanلَّاnotتُصِيبَنَّजो हरगिज़ ना पहुँचेगाtuṣībannaٱلَّذِينَउन्हें जिन्होंनेalladhīnaظَلَمُوا۟ज़ुल्म कियाẓalamūمِنكُمْतुम में सेminkumخَآصَّةًۭ ۖख़ासकरkhāṣṣatanوَٱعْلَمُوٓا۟और जान लोwa-iʿ'lamūأَنَّबेशकannaٱللَّهَअल्लाहl-lahaشَدِيدُसख़्तshadīduٱلْعِقَابِसज़ा वाला हैl-ʿiqābi٢٥
तथा उस फ़ितने से बचो, जो तुममें से विशेष रूप से अत्याचारियों ही पर नहीं आएगा और जान लो कि अल्लाह कड़ी यातना1 देने वाला है।
८:२६
وَٱذْكُرُوٓا۟और याद करोwa-udh'kurūإِذْजबidhأَنتُمْतुमantumقَلِيلٌۭथोड़े थेqalīlunمُّسْتَضْعَفُونَकमज़ोर समझे जाते थेmus'taḍʿafūnaفِىinٱلْأَرْضِज़मीन मेंl-arḍiتَخَافُونَतुम डरते थेtakhāfūnaأَنकिanيَتَخَطَّفَكُمُउचक लेंगे तुम्हेंyatakhaṭṭafakumuٱلنَّاسُलोगl-nāsuفَـَٔاوَىٰكُمْफिर उसने ठिकाना दिया तुम्हेंfaāwākumوَأَيَّدَكُمऔर उसने ताईद की तुम्हारीwa-ayyadakumبِنَصْرِهِۦअपनी मदद सेbinaṣrihiوَرَزَقَكُمऔर उसने रिज़्क़ दिया तुम्हेंwarazaqakumمِّنَofminaٱلطَّيِّبَـٰتِपाकीज़ा चीज़ों सेl-ṭayibātiلَعَلَّكُمْताकि तुमlaʿallakumتَشْكُرُونَतुम शुक्र अदा करोtashkurūna٢٦
तथा वह समय याद करो, जब तुम बहुत थोड़े थे, धरती (मक्का) में बहुत कमज़ोर समझे गए थे। तुम डरते थे कि लोग तुम्हें उचक कर ले जाएँगे। तो उस (अल्लाह) ने तुम्हें (मदीना में) शरण दी और अपनी सहायता द्वारा तुम्हें शक्ति प्रदान की और तुम्हें पवित्र चीज़ों से जीविका प्रदान की, ताकि तुम शुक्रिया अदा करो।
८:२७
يَـٰٓأَيُّهَاO youyāayyuhāٱلَّذِينَऐ लोगो जोalladhīnaءَامَنُوا۟ईमान लाए होāmanūلَا(Do) notتَخُونُوا۟ना तुम ख़यानत करोtakhūnūٱللَّهَअल्लाहl-lahaوَٱلرَّسُولَऔर रसूल कीwal-rasūlaوَتَخُونُوٓا۟और (ना) तुम ख़यानत करोwatakhūnūأَمَـٰنَـٰتِكُمْअपनी अमानतों मेंamānātikumوَأَنتُمْजबकि तुमwa-antumتَعْلَمُونَतुम जानते होtaʿlamūna٢٧
ऐ ईमान वालो! अल्लाह तथा उसके रसूल के साथ विश्वासघात न करो और न अपनी अमानतों में ख़यानत1 करो, जबकि तुम जानते हो।
८:२८
وَٱعْلَمُوٓا۟और जान लोwa-iʿ'lamūأَنَّمَآबेशकannamāأَمْوَٰلُكُمْमाल तुम्हारेamwālukumوَأَوْلَـٰدُكُمْऔर औलाद तुम्हारीwa-awlādukumفِتْنَةٌۭआज़माइश हैंfit'natunوَأَنَّऔर बेशकwa-annaٱللَّهَअल्लाहl-lahaعِندَهُۥٓउसके पासʿindahuأَجْرٌअजर हैajrunعَظِيمٌۭबहुत बड़ाʿaẓīmun٢٨
तथा जान लो कि तुम्हारे धन और तुम्हारी संतान एक परीक्षण हैं और यह कि निश्चय अल्लाह के पास बहुत बड़ा प्रतिफल है।
८:२९
يَـٰٓأَيُّهَاyāayyuhāٱلَّذِينَलोगो जोalladhīnaءَامَنُوٓا۟ईमान लाए होāmanūإِنअगरinتَتَّقُوا۟तुम डरोगेtattaqūٱللَّهَअल्लाह सेl-lahaيَجْعَلवो बना देगाyajʿalلَّكُمْतुम्हारे लिएlakumفُرْقَانًۭاफ़ुरक़ानfur'qānanوَيُكَفِّرْऔर वो दूर कर देगाwayukaffirعَنكُمْतुम सेʿankumسَيِّـَٔاتِكُمْबुराइयाँ तुम्हारीsayyiātikumوَيَغْفِرْऔर वो बख़्श देगाwayaghfirلَكُمْ ۗतुम्हेंlakumوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuذُو(is) the Possessordhūٱلْفَضْلِफ़ज़ल वाला हैl-faḍliٱلْعَظِيمِबहुत बड़ेl-ʿaẓīmi٢٩
ऐ ईमान वालो! यदि तुम अल्लाह से डरोगे, तो वह तुम्हें (सत्य और असत्य के बीच) अंतर करने की शक्ति1 प्रदान करेगा तथा तुमसे तुम्हारी बुराइयाँ दूर कर देगा और तुम्हे क्षमा कर देगा। और अल्लाह बहुत बड़े अनुग्रह वाला है।
८:३०
وَإِذْऔर जबwa-idhيَمْكُرُचालें चल रहे थेyamkuruبِكَसाथ आपकेbikaٱلَّذِينَवो जिन्होंनेalladhīnaكَفَرُوا۟कुफ़्र कियाkafarūلِيُثْبِتُوكَताकि वो क़ैद कर लें आपकोliyuth'bitūkaأَوْयाawيَقْتُلُوكَवो क़त्ल कर दें आपकोyaqtulūkaأَوْयाawيُخْرِجُوكَ ۚवो निकाल दें आपकोyukh'rijūkaوَيَمْكُرُونَऔर वो चालें चल रहे थेwayamkurūnaوَيَمْكُرُऔर तदबीर कर रहा थाwayamkuruٱللَّهُ ۖअल्लाहl-lahuوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuخَيْرُबेहतर हैkhayruٱلْمَـٰكِرِينَसब तदबीर करने वालों सेl-mākirīna٣٠
तथा (ऐ नबी! वह समय याद करो) जब (मक्का में) काफ़िर आपके विरुद्ध गुप्त उपाय कर रहे थे, ताकि आपको क़ैद कर दें, अथवा आपका वध कर दें अथवा आपको (देश से) बाहर निकाल दें। तथा वे गुप्त उपाय कर रहे थे और अल्लाह भी गुप्त उपाय कर रहा था और अल्लाह सब गुप्त उपाय करने वालों से बेहतर गुप्त उपाय करने वाला है।1
८:३१
وَإِذَاऔर जबwa-idhāتُتْلَىٰपढ़ी जाती हैंtut'lāعَلَيْهِمْउन परʿalayhimءَايَـٰتُنَاआयात हमारीāyātunāقَالُوا۟वो कहते हैंqālūقَدْतहक़ीक़qadسَمِعْنَاसुन लिया हमनेsamiʿ'nāلَوْअगरlawنَشَآءُहम चाहेंnashāuلَقُلْنَاअलबत्ता कह लें हमlaqul'nāمِثْلَमानिन्दmith'laهَـٰذَآ ۙइसी केhādhāإِنْनहींinهَـٰذَآयेhādhāإِلَّآमगरillāأَسَـٰطِيرُकहानियाँasāṭīruٱلْأَوَّلِينَपहलों कीl-awalīna٣١
और जब उनके सामने हमारी आयतें पढ़ी जाती है, तो वे कहते हैं : निःसंदेह हमने सुन लिया। यदि हम चाहें, तो निश्चय इस (क़ुरआन) जैसा हम भी कह दें। यह तो पहले लोगों की काल्पनिक कहानियों के सिवा कुछ नहीं।
८:३२
وَإِذْऔर जबwa-idhقَالُوا۟उन्होंने कहाqālūٱللَّهُمَّऐ अल्लाहl-lahumaإِنअगरinكَانَहैkānaهَـٰذَاयेhādhāهُوَवो हीhuwaٱلْحَقَّजो हक़ हैl-ḥaqaمِنْ[of]minعِندِكَतेरे पास सेʿindikaفَأَمْطِرْतो बरसाfa-amṭirعَلَيْنَاहम परʿalaynāحِجَارَةًۭपत्थरḥijāratanمِّنَfromminaٱلسَّمَآءِआसमान सेl-samāiأَوِयाawiٱئْتِنَاले आ हम परi'tināبِعَذَابٍअज़ाबbiʿadhābinأَلِيمٍۢदर्दनाकalīmin٣٢
तथा (याद करो) जब उन्होंने कहा : ऐ अल्लाह! यदि यही1 तेरी ओर से सत्य है, तो हमपर आकाश से पत्थरों की वर्षा कर दे अथवा हमपर कोई दुःखदायी यातना ले आ।
८:३३
وَمَاऔर नहींwamāكَانَहैkānaٱللَّهُअल्लाहl-lahuلِيُعَذِّبَهُمْकि वो अज़ाब दे उन्हेंliyuʿadhibahumوَأَنتَजबकि आपwa-antaفِيهِمْ ۚउनमें (मौजूद हों)fīhimوَمَاऔर नहींwamāكَانَहैkānaٱللَّهُअल्लाहl-lahuمُعَذِّبَهُمْअज़ाब देने वाला है उन्हेंmuʿadhibahumوَهُمْजबकि वोwahumيَسْتَغْفِرُونَवो इस्तग़फ़ार कर रहे होंyastaghfirūna٣٣
और अल्लाह कभी ऐसा नहीं कि उनमें आपके होते हुए उन्हें यातना दे, और अल्लाह उन्हें कभी यातना देने वाला नहीं, जब कि वे क्षमा याचना करते हों।
८:३४
وَمَاऔर क्या हैwamāلَهُمْउन्हेंlahumأَلَّاकि नाallāيُعَذِّبَهُمُअज़ाब देगा उन्हेंyuʿadhibahumuٱللَّهُअल्लाहl-lahuوَهُمْहालाँकि वोwahumيَصُدُّونَवो रोकते हैंyaṣuddūnaعَنِfromʿaniٱلْمَسْجِدِAl-Masjidl-masjidiٱلْحَرَامِमस्जिदे हराम सेl-ḥarāmiوَمَاहालाँकि नहींwamāكَانُوٓا۟हैं वोkānūأَوْلِيَآءَهُۥٓ ۚमुतवल्ली उसकेawliyāahuإِنْनहींinأَوْلِيَآؤُهُۥٓमुतवल्ली उसकेawliyāuhuإِلَّاमगरillāٱلْمُتَّقُونَमुत्तक़ी लोगl-mutaqūnaوَلَـٰكِنَّऔर लेकिनwalākinnaأَكْثَرَهُمْअक्सर उनकेaktharahumلَا(do) notيَعْلَمُونَनहीं वो इल्म रखतेyaʿlamūna٣٤
और उन्हें क्या है कि अल्लाह उन्हें यातना न दे, जबकि वे 'मस्जिदे ह़राम' (का'बा) से रोक रहे हैं, हालाँकि वे उसके संरक्षक नहीं। उसके संरक्षक तो केवल अल्लाह के डरने वाले बंदे हैं। परंतु उनके अधिकांश लोग नहीं जानते।
८:३५
وَمَاऔर नाwamāكَانَथीkānaصَلَاتُهُمْनमाज़ उनकीṣalātuhumعِندَपासʿindaٱلْبَيْتِबैतुल्लाह केl-baytiإِلَّاमगरillāمُكَآءًۭसीटियाँ बजानाmukāanوَتَصْدِيَةًۭ ۚऔर तालियाँ बजानाwataṣdiyatanفَذُوقُوا۟पस चख़ोfadhūqūٱلْعَذَابَअज़ाबl-ʿadhābaبِمَاबवजह उसके जोbimāكُنتُمْथे तुमkuntumتَكْفُرُونَतुम कुफ़्र करतेtakfurūna٣٥
और उनकी नमाज़ उस घर (काबा) के पास सीटियाँ बजाने और तालियाँ बजाने के सिवा कुछ भी नहीं होती। तो अब अपने कुफ़्र (इनकार) के बदले यातना1 का स्वाद चखो।
८:३६
إِنَّबेशकinnaٱلَّذِينَवो जिन्होंनेalladhīnaكَفَرُوا۟कुफ़्र कियाkafarūيُنفِقُونَवो ख़र्च करते हैंyunfiqūnaأَمْوَٰلَهُمْअपने मालों कोamwālahumلِيَصُدُّوا۟ताकि वो रोकेंliyaṣuddūعَنfromʿanسَبِيلِ(the) waysabīliٱللَّهِ ۚअल्लाह के रास्ते सेl-lahiفَسَيُنفِقُونَهَاपस अनक़रीब वो ख़र्च करेंगे उसेfasayunfiqūnahāثُمَّफिरthummaتَكُونُवो हो जाएगाtakūnuعَلَيْهِمْउन परʿalayhimحَسْرَةًۭहसरत (का सबब )ḥasratanثُمَّफिरthummaيُغْلَبُونَ ۗवो मग़लूब किए जाऐंगेyugh'labūnaوَٱلَّذِينَऔर वो जिन्होंनेwa-alladhīnaكَفَرُوٓا۟कुफ़्र कियाkafarūإِلَىٰतरफ़ilāجَهَنَّمَजहन्नम केjahannamaيُحْشَرُونَवो इकट्ठे किए जाऐंगेyuḥ'sharūna٣٦
निःसंदेह जिन लोगों ने कुफ़्र किया, वे अपने धन ख़र्च करते हैं ताकि अल्लाह के रास्ते से रोकें। तो वे उन्हें ख़र्च करते रहेंगे, फिर (ऐसा समय आएगा कि) वह उनके लिए पछतावे का कारण होगा। फिर वे पराजित होंगे। तथा जिन लोगों ने कुफ़्र किया, वे जहन्नम की ओर एकत्र किए जाएँगे।
८:३७
لِيَمِيزَताकि जुदा कर देliyamīzaٱللَّهُअल्लाहl-lahuٱلْخَبِيثَनापाक कोl-khabīthaمِنَfromminaٱلطَّيِّبِपाक सेl-ṭayibiوَيَجْعَلَऔर वो कर देwayajʿalaٱلْخَبِيثَनापाक कोl-khabīthaبَعْضَهُۥउसके बाज़ कोbaʿḍahuعَلَىٰonʿalāبَعْضٍۢबाज़ परbaʿḍinفَيَرْكُمَهُۥफिर वो ढेर लगा दे उसकाfayarkumahuجَمِيعًۭاसबकाjamīʿanفَيَجْعَلَهُۥफिर वो डाल दे उसेfayajʿalahuفِىinجَهَنَّمَ ۚजहन्नम मेंjahannamaأُو۟لَـٰٓئِكَयही लोग हैंulāikaهُمُवोhumuٱلْخَـٰسِرُونَजो ख़सारा पाने वाले हैंl-khāsirūna٣٧
ताकि अल्लाह अपवित्र को पवित्र से अलग कर दे, तथा अपवित्र को एक पर एक रखकर ढेर बना दे। फिर उसे जहन्नम में फेंक दे। यही लोग घाटे में पड़ने वाले हैं।
८:३८
قُلकह दीजिएqulلِّلَّذِينَउनके लिए जिन्होंनेlilladhīnaكَفَرُوٓا۟कुफ़्र कियाkafarūإِنअगरinيَنتَهُوا۟वो बाज़ आ जाऐंyantahūيُغْفَرْबख़्श दिया जाएगाyugh'farلَهُمउनके लिएlahumمَّاजोقَدْतहक़ीक़qadسَلَفَपहले हो गयाsalafaوَإِنऔर अगरwa-inيَعُودُوا۟वो पलटेंगेyaʿūdūفَقَدْतो तहक़ीक़faqadمَضَتْगुज़र चुकीmaḍatسُنَّتُसुन्नतsunnatuٱلْأَوَّلِينَपहलों की (तरीक़ा)l-awalīna٣٨
(ऐ नबी!) इन काफ़िरों से कह दें : यदि वे बाज़ आ जाएँ1, तो जो कुछ हो चुका, उन्हें क्षमा कर दिया जाएगा, और यदि वे फिर ऐसा ही करें, तो पहले लोगों (के बारे में अल्लाह) का तरीक़ा गुज़र ही चुका है।
८:३९
وَقَـٰتِلُوهُمْऔर जंग करो उनसेwaqātilūhumحَتَّىٰयहाँ तक किḥattāلَاnotتَكُونَना रहेtakūnaفِتْنَةٌۭकोई फ़ितनाfit'natunوَيَكُونَऔर हो जाएwayakūnaٱلدِّينُदीनl-dīnuكُلُّهُۥसारे का साराkulluhuلِلَّهِ ۚअल्लाह के लिएlillahiفَإِنِफिर अगरfa-iniٱنتَهَوْا۟वो बाज़ आ जाऐंintahawفَإِنَّतो बेशकfa-innaٱللَّهَअल्लाहl-lahaبِمَاउसे जोbimāيَعْمَلُونَवो अमल करते हैंyaʿmalūnaبَصِيرٌۭख़ूब देखने वाला हैbaṣīrun٣٩
तथा उनसे युद्ध करो, यहाँ तक कि कोई फ़ितना1 न रह जाए और धर्म पूरा का पूरा अल्लाह के लिए हो जाए। फिर यदि वे बाज़ आ जाएँ, तो निःसंदेह अल्लाह जो कुछ वे कर रहे हैं, उसे खूब देखने वाला है।
८:४०
وَإِنऔर अगरwa-inتَوَلَّوْا۟वो मुँह मोड़ जाऐंtawallawفَٱعْلَمُوٓا۟तो जान लोfa-iʿ'lamūأَنَّबेशकannaٱللَّهَअल्लाहl-lahaمَوْلَىٰكُمْ ۚमौला है तुम्हाराmawlākumنِعْمَकितना अच्छा हैniʿ'maٱلْمَوْلَىٰमौलाl-mawlāوَنِعْمَऔर कितना अच्छा हैwaniʿ'maٱلنَّصِيرُमददगारl-naṣīru٤٠
और यदि वे मुँह फेरें, तो जान लो कि निश्चय अल्लाह तुम्हारा संरक्षक है। वह बहुत अच्छा संरक्षक तथा बहुत अच्छा सहायक है।
८:४१
۞ وَٱعْلَمُوٓا۟और जान लोwa-iʿ'lamūأَنَّمَاकि बेशक जोannamāغَنِمْتُمग़नीमत में पाओ तुमghanim'tumمِّنofminشَىْءٍۢकोई भी चीज़shayinفَأَنَّतो बेशकfa-annaلِلَّهِअल्लाह के लिए हैlillahiخُمُسَهُۥपाँचवां हिस्सा उसकाkhumusahuوَلِلرَّسُولِऔर रसूल के लिएwalilrrasūliوَلِذِىand for thewalidhīٱلْقُرْبَىٰऔर क़राबतदारों के लिएl-qur'bāوَٱلْيَتَـٰمَىٰऔर यतीमोंwal-yatāmāوَٱلْمَسَـٰكِينِऔर मिस्कीनोंwal-masākīniوَٱبْنِand thewa-ib'niٱلسَّبِيلِऔर मुसाफ़िर के लिएl-sabīliإِنअगरinكُنتُمْहो तुमkuntumءَامَنتُمईमान लाए तुमāmantumبِٱللَّهِअल्लाह परbil-lahiوَمَآऔर उस पर जोwamāأَنزَلْنَاनाज़िल किया हमनेanzalnāعَلَىٰtoʿalāعَبْدِنَاअपने बन्दे परʿabdināيَوْمَ(on the) dayyawmaٱلْفُرْقَانِफ़ैसले के दिनl-fur'qāniيَوْمَजिस दिनyawmaٱلْتَقَىआमने-सामने हुईंl-taqāٱلْجَمْعَانِ ۗदो जमाअतेंl-jamʿāniوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuعَلَىٰऊपरʿalāكُلِّहरkulliشَىْءٍۢचीज़ केshayinقَدِيرٌख़ूब क़ुदरत रखने वाला हैqadīrun٤١
और जान लो1 कि निःसंदेह तुम्हें जो कुछ भी ग़नीमत के रूप में मिले, तो निश्चय उसका पाँचवाँ भाग अल्लाह के लिए तथा रसूल के लिए और (आपके) निकट-संबंधियों तथा अनाथों, निर्धनों और यात्रियों के लिए है, यदि तुम अल्लाह पर तथा उस चीज़ पर ईमान लाए हो, जो हमने अपने बंदे2 पर निर्णय के दिन उतारी। जिस दिन, दो सेनाएँ भिड़ गईं और अल्लाह हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है।
८:४२
إِذْजबidhأَنتُمतुमantumبِٱلْعُدْوَةِकिनारे पर थेbil-ʿud'watiٱلدُّنْيَاक़रीब केl-dun'yāوَهُمऔर वोwahumبِٱلْعُدْوَةِकिनारे पर थेbil-ʿud'watiٱلْقُصْوَىٰदूर केl-quṣ'wāوَٱلرَّكْبُऔर क़ाफ़िलाwal-rakbuأَسْفَلَनीचे थाasfalaمِنكُمْ ۚतुमसेminkumوَلَوْऔर अगरwalawتَوَاعَدتُّمْआपस में वादा करते तुमtawāʿadttumلَٱخْتَلَفْتُمْअलबत्ता इख़्तिलाफ़ करते तुमla-ikh'talaftumفِىinٱلْمِيعَـٰدِ ۙमुक़र्रर वक़्त/जगह के बारे मेंl-mīʿādiوَلَـٰكِنऔर लेकिनwalākinلِّيَقْضِىَताकि पूरा कर देliyaqḍiyaٱللَّهُअल्लाहl-lahuأَمْرًۭاएक काम कोamranكَانَजो थाkānaمَفْعُولًۭاहोकर रहने वालाmafʿūlanلِّيَهْلِكَताकि वो हलाक होliyahlikaمَنْजोmanهَلَكَहलाक होhalakaعَنۢonʿanبَيِّنَةٍۢसाथ वाज़ेह दलील केbayyinatinوَيَحْيَىٰऔर वो ज़िन्दा रहेwayaḥyāمَنْजोmanحَىَّज़िन्दा रहेḥayyaعَنۢonʿanبَيِّنَةٍۢ ۗसाथ वाज़ेह दलील केbayyinatinوَإِنَّऔर बेशकwa-innaٱللَّهَअल्लाहl-lahaلَسَمِيعٌअलबत्ता ख़ूब सुनने वाला हैlasamīʿunعَلِيمٌख़ूब जानने वाला हैʿalīmun٤٢
तथा उस समय को याद करो, जब तुम (घाटी के) निकटवर्ती छोर पर थे तथा वे (तुम्हारे शत्रु) दूरस्थ छोर पर थे और क़ाफ़िला तुमसे नीचे की ओर था। और अगर तुमने एक-दूसरे से वादा किया होता, तो तुम निश्चित रूप से नियत समय के बारे में आगे-पीछे हो जाते। लेकिन ताकि अल्लाह उस काम को पूरा कर दे, जो किया जाने वाला था। ताकि जो नष्ट हो, वह स्पष्ट प्रमाण के साथ नष्ट हो और जो जीवित रहे वह स्पष्ट प्रमाण के साथ जीवित रहे, और निःसंदेह अल्लाह सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।
८:४३
إِذْजबidhيُرِيكَهُمُदिखाया आपको उन्हेंyurīkahumuٱللَّهُअल्लाह नेl-lahuفِىinمَنَامِكَआपके ख़्वाब मेंmanāmikaقَلِيلًۭا ۖथोड़ेqalīlanوَلَوْऔर अगरwalawأَرَىٰكَهُمْवो दिखाता आपको उन्हेंarākahumكَثِيرًۭاज़्यादाkathīranلَّفَشِلْتُمْअलबत्ता हिम्मत हार जाते तुमlafashil'tumوَلَتَنَـٰزَعْتُمْऔर अलबत्ता बाहम झगड़ने लगते तुमwalatanāzaʿtumفِىinٱلْأَمْرِमामले मेंl-amriوَلَـٰكِنَّऔर लेकिनwalākinnaٱللَّهَअल्लाह नेl-lahaسَلَّمَ ۗसलामत रखाsallamaإِنَّهُۥबेशक वोinnahuعَلِيمٌۢख़ूब जानने वाला हैʿalīmunبِذَاتِof what is inbidhātiٱلصُّدُورِसीनों वाले (भेद)l-ṣudūri٤٣
जब अल्लाह आपको आपके सपने1 में उन्हें थोड़े दिखा रहा था, और यदि वह आपको उन्हें अधिक दिखाता, तो तुम अवश्य साहस खो देते और अवश्य इस मामले में आपस में झगड़ पड़ते। परंतु अल्लाह ने बचा लिया। निःसंदेह वह सीनों की बातों से भली-भाँति अवगत है।
८:४४
وَإِذْऔर जबwa-idhيُرِيكُمُوهُمْवो दिखा रहा था तुम्हें उनकोyurīkumūhumإِذِजबidhiٱلْتَقَيْتُمْआमने-सामने हुए तुमl-taqaytumفِىٓinأَعْيُنِكُمْतुम्हारी निगाहों मेंaʿyunikumقَلِيلًۭاथोड़ेqalīlanوَيُقَلِّلُكُمْऔर वो थोड़ा दिखा रहा था तुम्हेंwayuqallilukumفِىٓinأَعْيُنِهِمْउनकी निगाहों मेंaʿyunihimلِيَقْضِىَताकि वो पूरा कर देliyaqḍiyaٱللَّهُअल्लाहl-lahuأَمْرًۭاकामamranكَانَथा जोkānaمَفْعُولًۭا ۗहोकर रहने वालाmafʿūlanوَإِلَىAnd towa-ilāٱللَّهِऔर तरफ़ अल्लाह ही केl-lahiتُرْجَعُलौटाए जाते हैंtur'jaʿuٱلْأُمُورُसब कामl-umūru٤٤
तथा जब वह तुम्हें, जब तुम्हारी परस्पर मुठभेड़ हुई, उनको तुम्हारी नज़रों में थोड़े दिखाता था, और तुमको उनकी नज़रों में बहुत कम करके दिखाता था, ताकि अल्लाह उस काम को पूरा कर दे, जो किया जाने वाला था। और सारे मामले अल्लाह ही की ओर लौटाए जाते हैं।1
८:४५
يَـٰٓأَيُّهَاO youyāayyuhāٱلَّذِينَऐ लोगो जोalladhīnaءَامَنُوٓا۟ईमान लाए होāmanūإِذَاजबidhāلَقِيتُمْमुक़ाबला हो तुम्हाराlaqītumفِئَةًۭकिसी गिरोह सेfi-atanفَٱثْبُتُوا۟तो साबित क़दम रहोfa-uth'butūوَٱذْكُرُوا۟और याद करोwa-udh'kurūٱللَّهَअल्लाह कोl-lahaكَثِيرًۭاकसरत सेkathīranلَّعَلَّكُمْताकि तुमlaʿallakumتُفْلِحُونَतुम फ़लाह पाओtuf'liḥūna٤٥
ऐ ईमान वालो! जब तुम किसी गिरोह से भिड़ो, तो जमे रहो तथा अल्लाह को बहुत याद करो, ताकि तुम्हें सफलता प्राप्त हो।
८:४६
وَأَطِيعُوا۟और इताअत करोwa-aṭīʿūٱللَّهَअल्लाह कीl-lahaوَرَسُولَهُۥऔर उसके रसूल कीwarasūlahuوَلَاऔर नाwalāتَنَـٰزَعُوا۟तुम बाहम झगड़ोtanāzaʿūفَتَفْشَلُوا۟वरना तुम कम हिम्मत हो जाओगेfatafshalūوَتَذْهَبَऔर जाती रहेगीwatadhhabaرِيحُكُمْ ۖहवा (शान) तुम्हारीrīḥukumوَٱصْبِرُوٓا۟ ۚऔर सब्र करोwa-iṣ'birūإِنَّबेशकinnaٱللَّهَअल्लाहl-lahaمَعَसाथ हैmaʿaٱلصَّـٰبِرِينَसब्र करने वालों केl-ṣābirīna٤٦
तथा अल्लाह और उसके रसूल की आज्ञा का पालन करो और आपस में विवाद न करो, अन्यथा तुम कायर बन जाओगे और तुम्हारी हवा उखड़ जाएगी। तथा धैर्य रखो, निःसंदेह अल्लाह धैर्य रखने वालों के साथ है।
८:४७
وَلَاऔर नाwalāتَكُونُوا۟तुम हो जाओtakūnūكَٱلَّذِينَमानिन्द उनके जोka-alladhīnaخَرَجُوا۟निकलेkharajūمِنfromminدِيَـٰرِهِمअपने घरों सेdiyārihimبَطَرًۭاइतराते हुएbaṭaranوَرِئَآءَऔर दिखावा करते हुएwariāaٱلنَّاسِलोगों कोl-nāsiوَيَصُدُّونَऔर वो रोकते थेwayaṣuddūnaعَنfromʿanسَبِيلِ(the) waysabīliٱللَّهِ ۚअल्लाह के रास्ते सेl-lahiوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuبِمَاउसको जोbimāيَعْمَلُونَवो अमल करते हैंyaʿmalūnaمُحِيطٌۭघेरने वाला हैmuḥīṭun٤٧
और उन1 लोगों के समान न हो जाओ, जो अपने घरों से इतराते हुए तथा लोगों को दिखावा करते हुए निकले। और वे अल्लाह के मार्ग से रोकते थे। हालाँकि जो कुछ वे कर रहे थे, अल्लाह उसे (अपने ज्ञान के) घेरे में लिए हुए है।
८:४८
وَإِذْऔर जबwa-idhزَيَّنَमुज़य्यन कर दियाzayyanaلَهُمُउनके लिएlahumuٱلشَّيْطَـٰنُशैतान नेl-shayṭānuأَعْمَـٰلَهُمْउनके आमाल कोaʿmālahumوَقَالَऔर उसने कहाwaqālaلَاनहींغَالِبَकोई ग़ालिब आने वालाghālibaلَكُمُतुम परlakumuٱلْيَوْمَआज के दिनl-yawmaمِنَfromminaٱلنَّاسِलोगों में सेl-nāsiوَإِنِّىऔर बेशक मैंwa-innīجَارٌۭहमसाया/हिमायती हूँjārunلَّكُمْ ۖतुम्हाराlakumفَلَمَّاतो जबfalammāتَرَآءَتِएक-दूसरे को देखाtarāatiٱلْفِئَتَانِदोनों जमाअतों नेl-fi-atāniنَكَصَवो पलट गयाnakaṣaعَلَىٰonʿalāعَقِبَيْهِअपनी दोनों एड़ियों परʿaqibayhiوَقَالَऔर उसने कहाwaqālaإِنِّىबेशक मैंinnīبَرِىٓءٌۭबरी उज़ ज़िम्मा हूँbarīonمِّنكُمْतुम सेminkumإِنِّىٓबेशक मैंinnīأَرَىٰमैं देख रहा हूँarāمَاजोلَاnotتَرَوْنَनहीं तुम देख रहेtarawnaإِنِّىٓबेशक मैंinnīأَخَافُमैं डरता हूँakhāfuٱللَّهَ ۚअल्लाह सेl-lahaوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuشَدِيدُसख़्तshadīduٱلْعِقَابِसज़ा वाला हैl-ʿiqābi٤٨
और जब शैतान1 ने उनके लिए उनके कर्मों को सुंदर बना दिया और कहा : आज लोगों में से कोई भी तुमपर प्रबल नहीं होगा और निश्चय मैं तुम्हारा समर्थक हूँ। फिर जब दोनों समूह आमने-सामने हुए, तो वह अपनी एड़ियों के बल फिर गया और उसने कहा : निःसंदेह मैं तुमसे अलग हूँ। निःसंदेह मैं वह कुछ देख रहा हूँ, जो तुम नहीं देखते। निश्चय मैं अल्लाह से डरता हूँ और अल्लाह बहुत कठोर यातना देने वाला है।
८:४९
إِذْजबidhيَقُولُकह रह थेyaqūluٱلْمُنَـٰفِقُونَमुनाफ़िक़l-munāfiqūnaوَٱلَّذِينَऔर वो लोगwa-alladhīnaفِىinقُلُوبِهِمदिलों में जिनकेqulūbihimمَّرَضٌबीमारी थीmaraḍunغَرَّधोखे में डाल दिया हैgharraهَـٰٓؤُلَآءِउन लोगों कोhāulāiدِينُهُمْ ۗउनके दीन नेdīnuhumوَمَنऔर जो कोईwamanيَتَوَكَّلْतवक्कल करेगाyatawakkalعَلَىinʿalāٱللَّهِअल्लाह परl-lahiفَإِنَّतो बेशकfa-innaٱللَّهَअल्लाहl-lahaعَزِيزٌबहुत ज़बरदस्त हैʿazīzunحَكِيمٌۭख़ूब हिकमत वाला हैḥakīmun٤٩
जब मुनाफ़िक़ तथा वे लोग जिनके दिलों में बीमारी थे, कह रहे थे : इन लोगों को इनके धर्म ने धोखा दिया है। हालाँकि जो अल्लाह पर भरोसा करे, तो निःसंदेह अल्लाह सबपर प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
८:५०
وَلَوْऔर काशwalawتَرَىٰٓआप देखेंtarāإِذْजबidhيَتَوَفَّىफ़ौत करते हैंyatawaffāٱلَّذِينَउनको जिन्होंनेalladhīnaكَفَرُوا۟ ۙकुफ़्र कियाkafarūٱلْمَلَـٰٓئِكَةُफ़रिश्तेl-malāikatuيَضْرِبُونَवो मारते हैंyaḍribūnaوُجُوهَهُمْउनके चेहरों परwujūhahumوَأَدْبَـٰرَهُمْऔर उनकी पीठों परwa-adbārahumوَذُوقُوا۟और (वो कहते हैं) चखोwadhūqūعَذَابَअज़ाबʿadhābaٱلْحَرِيقِआग काl-ḥarīqi٥٠
और काश! आप देखें, जब फ़रिश्ते काफ़िरों के प्राण निकालते हैं, उनके चेहरों और उनकी पीठों पर मारते हैं (और कहते हैं) जलाने वाली यातना1 का मज़ा चखो।
८:५१
ذَٰلِكَयेdhālikaبِمَاबवजह उसके जोbimāقَدَّمَتْआगे भेजाqaddamatأَيْدِيكُمْतुम्हारे हाथों नेaydīkumوَأَنَّऔर बेशकwa-annaٱللَّهَअल्लाहl-lahaلَيْسَनहीं हैlaysaبِظَلَّـٰمٍۢकोई ज़ुल्म करने वालाbiẓallāminلِّلْعَبِيدِबन्दों परlil'ʿabīdi٥١
यह उसके बदले में है जो तुम्हारे हाथों ने आगे भेजा और इसलिए कि निश्चय अल्लाह बंदों पर तनिक भी अत्याचार नहीं करता।
८:५२
كَدَأْبِजैसी हालत थीkadabiءَالِ(of) peopleāliفِرْعَوْنَ ۙआले फ़िरऔन कीfir'ʿawnaوَٱلَّذِينَऔर उनकी जोwa-alladhīnaمِن(were) fromminقَبْلِهِمْ ۚउनसे पहले थेqablihimكَفَرُوا۟उन्होंने कुफ़्र कियाkafarūبِـَٔايَـٰتِin (the) Signsbiāyātiٱللَّهِअल्लाह की आयात काl-lahiفَأَخَذَهُمُफिर पकड़ लिया उन्हेंfa-akhadhahumuٱللَّهُअल्लाह नेl-lahuبِذُنُوبِهِمْ ۗबवजह उनके गुनाहों केbidhunūbihimإِنَّबेशकinnaٱللَّهَअल्लाहl-lahaقَوِىٌّۭबहुत क़ुव्वत वाला हैqawiyyunشَدِيدُसख़्तshadīduٱلْعِقَابِसज़ा वाला हैl-ʿiqābi٥٢
(इनका हाल) फ़िरऔनियों तथा उनसे पहले के लोगों के हाल की तरह हुआ। उन्होंने अल्लाह की निशानियों का इनकार किया, तो अल्लाह ने उन्हें उनके गुनाहों के कारण पकड़ लिया। निःसंदेह अल्लाह बहुत शक्तिशाली, बहुत कठोर दंड वाला है।
८:५३
ذَٰلِكَयेdhālikaبِأَنَّबवजह इसके किbi-annaٱللَّهَअल्लाहl-lahaلَمْनहींlamيَكُहै वोyakuمُغَيِّرًۭاतब्दील करने वालाmughayyiranنِّعْمَةًकिसी नेअमत कोniʿ'matanأَنْعَمَهَاउसने इनाम किया हो जिसेanʿamahāعَلَىٰonʿalāقَوْمٍकिसी क़ौम परqawminحَتَّىٰयहाँ तक किḥattāيُغَيِّرُوا۟वो तब्दील कर देंyughayyirūمَاउसे जोبِأَنفُسِهِمْ ۙउनके नफ़्सों में हैbi-anfusihimوَأَنَّऔर बेशकwa-annaٱللَّهَअल्लाहl-lahaسَمِيعٌख़ूब सुनने वाला हैsamīʿunعَلِيمٌۭख़ूब जानने वाला हैʿalīmun٥٣
यह इस कारण (हुआ) कि अल्लाह कभी भी उस नेमत को बदलने वाला नहीं है, जो उसने किसी जाति पर की हो, यहाँ तक कि वे (स्वयं) बदल दें जो उनके दिलों में है। और इसलिए कि अल्लाह सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।
८:५४
كَدَأْبِजैसी हालत थीkadabiءَالِ(of) peopleāliفِرْعَوْنَ ۙआले फ़िरऔन कीfir'ʿawnaوَٱلَّذِينَऔर उनकी जोwa-alladhīnaمِن(were) fromminقَبْلِهِمْ ۚउनसे पहले थेqablihimكَذَّبُوا۟उन्होंने झुठलायाkadhabūبِـَٔايَـٰتِआयात कोbiāyātiرَبِّهِمْअपने रब कीrabbihimفَأَهْلَكْنَـٰهُمतो हलाक कर दिया हमने उन्हेंfa-ahlaknāhumبِذُنُوبِهِمْबवजह उनके गुनाहों केbidhunūbihimوَأَغْرَقْنَآऔर ग़र्क़ कर दिया हमनेwa-aghraqnāءَالَ(the) peopleālaفِرْعَوْنَ ۚआले फ़िरऔन कोfir'ʿawnaوَكُلٌّۭऔर सबके सबwakullunكَانُوا۟थे वोkānūظَـٰلِمِينَज़ालिमẓālimīna٥٤
इनकी दशा फ़िरऔनियों तथा उन लोगों जैसी हुई, जो उनसे पहले थे। उन्होंने अल्लाह की आयतों को झुठलाया, तो हमने उन्हें उनके पापों के कारण विनष्ट कर दिया तथा फ़िरऔनियों को डुबो दिया। और वे सभी अत्याचारी थे।1
८:५५
إِنَّबेशकinnaشَرَّबदतरीनsharraٱلدَّوَآبِّजानदारों मेंl-dawābiعِندَnearʿindaٱللَّهِअल्लाह के नज़दीकl-lahiٱلَّذِينَवो हैं जिन्होंनेalladhīnaكَفَرُوا۟कुफ़्र कियाkafarūفَهُمْपस वोfahumلَا(will) notيُؤْمِنُونَनहीं वो ईमान लाऐंगेyu'minūna٥٥
निःसंदेह अल्लाह की दृष्टि में सभी जानवरों से बुरे वे लोग हैं, जिन्होंने कुफ़्र किया, इसलिए वे ईमान नहीं लाते।
८:५६
ٱلَّذِينَवो लोग जोalladhīnaعَـٰهَدتَّअहद लिया आपनेʿāhadttaمِنْهُمْउनसेmin'humثُمَّफिरthummaيَنقُضُونَवो तोड़ देते हैंyanquḍūnaعَهْدَهُمْअपने अहद कोʿahdahumفِى[in]كُلِّहरkulliمَرَّةٍۢबारmarratinوَهُمْऔर वोwahumلَا(do) notيَتَّقُونَनहीं वो डरतेyattaqūna٥٦
वे लोग1 जिनसे तूने संधि की। फिर वे हर बार अपना वचन भंग कर देते हैं। और वे (अल्लाह से) नहीं डरते।
८:५७
فَإِمَّاफिर अगरfa-immāتَثْقَفَنَّهُمْआप पाऐं उन्हेंtathqafannahumفِىinٱلْحَرْبِजंग मेंl-ḥarbiفَشَرِّدْतो मार भगाऐंfasharridبِهِمउनके ज़रिएbihimمَّنْउन्हें जोmanخَلْفَهُمْपीछे हैं उनकेkhalfahumلَعَلَّهُمْशायद कि वोlaʿallahumيَذَّكَّرُونَवो नसीहत पकड़ेंyadhakkarūna٥٧
तो यदि कभी तुम उन्हें युद्ध में पा जाओ, तो उनपर भारी प्रहार करने के साथ उन लोगों को भगा दो, जो उनके पीछे हैं, ताकि वे सीख ग्रहण करें।
८:५८
وَإِمَّاऔर अगरwa-immāتَخَافَنَّआप वाक़ई ख़ौफ़ रखते हैंtakhāfannaمِنfromminقَوْمٍकिसी क़ौम सेqawminخِيَانَةًۭख़यानत काkhiyānatanفَٱنۢبِذْपस फेंक दीजिए (अहद)fa-inbidhإِلَيْهِمْतरफ़ उनकेilayhimعَلَىٰonʿalāسَوَآءٍ ۚबराबरी परsawāinإِنَّबेशकinnaٱللَّهَअल्लाहl-lahaلَا(does) notيُحِبُّनहीं वो पसंद करताyuḥibbuٱلْخَآئِنِينَख़यानत करने वालों कोl-khāinīna٥٨
और यदि कभी आपको किसी जाति की ओर से किसी विश्वासघात का भय हो, तो समानता के आधार पर उनका वचन उन पर फेंक दें।1 निःसंदेह अल्लाह विश्वासघात करने वालों से प्रेम नहीं करता।
८:५९
وَلَاऔर नाwalāيَحْسَبَنَّहरगिज़ गुमान करेंyaḥsabannaٱلَّذِينَवो जिन्होंनेalladhīnaكَفَرُوا۟कुफ़्र कियाkafarūسَبَقُوٓا۟ ۚकि वो सबक़त ले गएsabaqūإِنَّهُمْबेशक वोinnahumلَا(can) notيُعْجِزُونَनहीं वो आजिज़ कर सकतेyuʿ'jizūna٥٩
जिन लोगों ने कुफ़्र किया, हरगिज़ न समझें कि वे बचकर निकले गए। निश्चय वे (हमें) विवश नहीं कर सकेंगे।
८:६०
وَأَعِدُّوا۟और तैयार रखोwa-aʿiddūلَهُمउनके लिएlahumمَّاजोٱسْتَطَعْتُمइस्तिताअत रखते हो तुमis'taṭaʿtumمِّنofminقُوَّةٍۢक़ुव्वत में सेquwwatinوَمِنand ofwaminرِّبَاطِtetheredribāṭiٱلْخَيْلِऔर बाँधे हुए घोड़ों सेl-khayliتُرْهِبُونَतुम डराओगेtur'hibūnaبِهِۦसाथ उसकेbihiعَدُوَّ(the) enemyʿaduwwaٱللَّهِअल्लाह के दुश्मनों कोl-lahiوَعَدُوَّكُمْऔर अपने दुश्मनों कोwaʿaduwwakumوَءَاخَرِينَऔर कुछ दूसरों कोwaākharīnaمِنfromminدُونِهِمْउनके अलावाdūnihimلَاnotتَعْلَمُونَهُمُनहीं तुम जानते उन्हेंtaʿlamūnahumuٱللَّهُअल्लाहl-lahuيَعْلَمُهُمْ ۚवो जानता है उन्हेंyaʿlamuhumوَمَاऔर जोwamāتُنفِقُوا۟तुम ख़र्च करोगेtunfiqūمِنfromminشَىْءٍۢकुछ भीshayinفِىinسَبِيلِ(the) waysabīliٱللَّهِअल्लाह के रास्ते मेंl-lahiيُوَفَّवो पूरा-पूरा दिया जाएगाyuwaffaإِلَيْكُمْतुम्हेंilaykumوَأَنتُمْऔर तुमwa-antumلَا(will) notتُظْلَمُونَना तुम ज़ुल्म किए जाओगेtuẓ'lamūna٦٠
तथा जहाँ तक तुमसे हो सके, अपनी शक्ति बढ़ाकर और घोड़ों को तैयार करके उनके (मुक़ाबले के) लिए अपने उपकरण तैयार करो, जिसके साथ तुम अल्लाह के दुश्मन और अपने दुश्मन को और उनके अलावा कुछ और लोगों को भयभीत1 करोगे, जिन्हें तुम नहीं जानते, अल्लाह उन्हें जानता है। और तुम जो चीज़ भी अल्लाह की राह में खर्च करोगे, वह तुम्हें पूरी-पूरी लौटा दी जाएगी और तुमपर अत्याचार नहीं किया जाएगा।
८:६१
۞ وَإِنऔर अगरwa-inجَنَحُوا۟वो माइल होंjanaḥūلِلسَّلْمِसुलह के लिएlilssalmiفَٱجْنَحْतो आप भी माइल हो जाइएfa-ij'naḥلَهَاउसके लिएlahāوَتَوَكَّلْऔर तवक्कल कीजिएwatawakkalعَلَىinʿalāٱللَّهِ ۚअल्लाह परl-lahiإِنَّهُۥबेशक वोinnahuهُوَवो ही हैhuwaٱلسَّمِيعُख़ूब सुनने वालाl-samīʿuٱلْعَلِيمُख़ूब जानने वालाl-ʿalīmu٦١
और यदि वे (शत्रु) संधि की ओर झुकें, तो आप भी उसकी ओर झुक जाएँ और अल्लाह पर भरोसा रखें। निःसंदेह वही सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।
८:६२
وَإِنऔर अगरwa-inيُرِيدُوٓا۟वो चाहेंyurīdūأَنकिanيَخْدَعُوكَवो धोखा दें आपकोyakhdaʿūkaفَإِنَّतो बेशकfa-innaحَسْبَكَकाफ़ी है आपकोḥasbakaٱللَّهُ ۚअल्लाहl-lahuهُوَवो ही हैhuwaٱلَّذِىٓजिसनेalladhīأَيَّدَكَताईद की आपकीayyadakaبِنَصْرِهِۦसाथ अपनी मदद केbinaṣrihiوَبِٱلْمُؤْمِنِينَऔर साथ मोमिनों केwabil-mu'minīna٦٢
और यदि वे यह चाहें कि आपको धोखा दें, तो निःसंदेह आपके लिए अल्लाह ही काफ़ी है। वही है जिसने आपको अपनी मदद से और मोमिनों के द्वारा शक्ति प्रदान की।
८:६३
وَأَلَّفَऔर उसने उलफ़त डाल दीwa-allafaبَيْنَदर्मियानbaynaقُلُوبِهِمْ ۚउनके दिलों केqulūbihimلَوْअगरlawأَنفَقْتَख़र्च करते आपanfaqtaمَاजो कुछفِى(is) inٱلْأَرْضِज़मीन में हैl-arḍiجَمِيعًۭاसारे का साराjamīʿanمَّآनाأَلَّفْتَउलफ़त डाल सकते थे आपallaftaبَيْنَदर्मियानbaynaقُلُوبِهِمْउनके दिलों केqulūbihimوَلَـٰكِنَّऔर लेकिनwalākinnaٱللَّهَअल्लाह नेl-lahaأَلَّفَउलफ़त डाल दीallafaبَيْنَهُمْ ۚदर्मियान उनकेbaynahumإِنَّهُۥबेशक वोinnahuعَزِيزٌबहुत ज़बरदस्त हैʿazīzunحَكِيمٌۭबहुत हिकमत वाला हैḥakīmun٦٣
और उसने उनके दिलों को आपस में जोड़ दिया। यदि आप धरती में जो कुछ है, सब खर्च कर देते, तो भी उनके दिलों को जोड़ न पाते। लेकिन अल्लाह ने उन्हें आपस में जोड़ दिया। निःसंदेह वह सबपर प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
८:६४
يَـٰٓأَيُّهَاyāayyuhāٱلنَّبِىُّनबीl-nabiyuحَسْبُكَकाफ़ी है आपकोḥasbukaٱللَّهُअल्लाहl-lahuوَمَنِऔर उसे जोwamaniٱتَّبَعَكَपैरवी करे आपकीittabaʿakaمِنَofminaٱلْمُؤْمِنِينَमोमिनों में सेl-mu'minīna٦٤
ऐ नबी! आपके लिए तथा आपके पीछे चलने वाले ईमानवालों के लिए अल्लाह काफ़ी है।
८:६५
يَـٰٓأَيُّهَاyāayyuhāٱلنَّبِىُّनबीl-nabiyuحَرِّضِरग़बत दिलाइएḥarriḍiٱلْمُؤْمِنِينَमोमिनों कोl-mu'minīnaعَلَىtoʿalāٱلْقِتَالِ ۚजंग परl-qitāliإِنअगरinيَكُنहोंगेyakunمِّنكُمْतुम में सेminkumعِشْرُونَबीसʿish'rūnaصَـٰبِرُونَसब्र करने वालेṣābirūnaيَغْلِبُوا۟वो ग़ालिब आ जाऐंगेyaghlibūمِا۟ئَتَيْنِ ۚदो सौ परmi-atayniوَإِنऔर अगरwa-inيَكُنहोंगेyakunمِّنكُمतुम में सेminkumمِّا۟ئَةٌۭएक सौmi-atunيَغْلِبُوٓا۟वो ग़ालिब आ जाऐंगेyaghlibūأَلْفًۭاएक हज़ार परalfanمِّنَofminaٱلَّذِينَउनमें से जिन्होंनेalladhīnaكَفَرُوا۟कुफ़्र कियाkafarūبِأَنَّهُمْबवजह उसके कि वोbi-annahumقَوْمٌۭऐसे लोग हैंqawmunلَّا(who do) notيَفْقَهُونَजो समझ नहीं रखतेyafqahūna٦٥
ऐ नबी! ईमान वालों को लड़ाई पर उभारें।1 यदि तुममें से बीस धैर्य रखने वाले हों, तो वे दो सौ पर विजय प्राप्त करेंगे, और यदि तुममें से एक सौ हों, तो वे कुफ़्र करने वालों में से एक हज़ार पर विजय प्राप्त करेंगे। यह इसलिए कि निःसंदेह वे ऐसे लोग हैं जो समझते नहीं।
८:६६
ٱلْـَٔـٰنَअबal-ānaخَفَّفَहल्का कर दिया (बोझ)khaffafaٱللَّهُअल्लाह नेl-lahuعَنكُمْतुमसेʿankumوَعَلِمَऔर उसने जान लियाwaʿalimaأَنَّबेशकannaفِيكُمْतुम मेंfīkumضَعْفًۭا ۚकमज़ोरी हैḍaʿfanفَإِنपस अगरfa-inيَكُنहोंyakunمِّنكُمतुम में सेminkumمِّا۟ئَةٌۭएक सौmi-atunصَابِرَةٌۭसब्र करने वालेṣābiratunيَغْلِبُوا۟वो ग़ालिब आ जाऐंगेyaghlibūمِا۟ئَتَيْنِ ۚदो सौ परmi-atayniوَإِنऔर अगरwa-inيَكُنहोंyakunمِّنكُمْतुम में सेminkumأَلْفٌۭएक हज़ारalfunيَغْلِبُوٓا۟वो ग़ालिब आ जाऐंगेyaghlibūأَلْفَيْنِदो हज़ार परalfayniبِإِذْنِwith (the) permissionbi-idh'niٱللَّهِ ۗअल्लाह के इज़्न सेl-lahiوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuمَعَसाथ हैmaʿaٱلصَّـٰبِرِينَसब्र करने वालों केl-ṣābirīna٦٦
अब अल्लाह ने तुम्हारा बोझ हल्का कर दिया और जान लिया कि तुम्हारे अंदर कुछ कमज़ोरी है। तो यदि तुममें से सौ धैर्य रखने वाले हों, तो दो सौ पर विजय प्राप्त करेंगे, और यदि तुममें से एक हज़ार आदमी हों, तो अल्लाह के हुक्म से दो हज़ार पर विजय प्राप्त करेंगे, और अल्लाह धैर्य रखने वालों के साथ है।1
८:६७
مَاनहींكَانَहैkānaلِنَبِىٍّकिसी नबी के लिएlinabiyyinأَنकिanيَكُونَहोंyakūnaلَهُۥٓउसके लिएlahuأَسْرَىٰक़ैदीasrāحَتَّىٰयहाँ तक किḥattāيُثْخِنَवो अच्छी तरह ख़ून बहा देyuth'khinaفِىinٱلْأَرْضِ ۚज़मीन मेंl-arḍiتُرِيدُونَतुम चाहते होturīdūnaعَرَضَसामानʿaraḍaٱلدُّنْيَاदुनिया काl-dun'yāوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuيُرِيدُचाहता हैyurīduٱلْـَٔاخِرَةَ ۗआख़िरतl-ākhirataوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuعَزِيزٌबहुत ज़बरदस्त हैʿazīzunحَكِيمٌۭख़ूब हिकमत वाला हैḥakīmun٦٧
किसी नबी के लिए उचित नहीं कि उसके पास बंदी हों, यहाँ तक कि वह धरती में (उनका) अच्छी तरह खून बहा ले। तुम संसार की सामग्री चाहते हो और अल्लाह आख़िरत (परलोक) चाहता है। और अल्लाह सबपर प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
८:६८
لَّوْلَاअगर ना होताlawlāكِتَـٰبٌۭलिखा हुआkitābunمِّنَfromminaٱللَّهِअल्लाह की तरफ़ सेl-lahiسَبَقَजो गुज़र चुका हैsabaqaلَمَسَّكُمْअलबत्ता पहुँचता तुम्हेंlamassakumفِيمَآउसके (बदले) में जोfīmāأَخَذْتُمْलिया तुमनेakhadhtumعَذَابٌअज़ाबʿadhābunعَظِيمٌۭबहुत बड़ाʿaẓīmun٦٨
यदि अल्लाह के द्वारा लिखी गई बात न होती, जो पहले तय हो चुकी, तो तुमने जो कुछ भी लिया1 उसके कारण तुम्हें बहुत बड़ी यातना पहुँचती।
८:६९
فَكُلُوا۟पस खाओfakulūمِمَّاउसमें से जोmimmāغَنِمْتُمْग़नीमत पाई तुमनेghanim'tumحَلَـٰلًۭاहलालḥalālanطَيِّبًۭا ۚपाकṭayyibanوَٱتَّقُوا۟और डरोwa-ittaqūٱللَّهَ ۚअल्लाह सेl-lahaإِنَّबेशकinnaٱللَّهَअल्लाहl-lahaغَفُورٌۭबहुत बख़्शने वाला हैghafūrunرَّحِيمٌۭनिहायत रहम करने वाला हैraḥīmun٦٩
तो जो ग़नीमत का धन तुमने प्राप्त किया है, उसमें से खाओ1, इस हाल में कि हलाल और पवित्र है, और अल्लाह से डरो। निःसंदेह अल्लाह बहुत क्षमा करने वाला, अत्यंत दयावान है।
८:७०
يَـٰٓأَيُّهَاyāayyuhāٱلنَّبِىُّनबीl-nabiyuقُلकह दीजिएqulلِّمَنउनसे जोlimanفِىٓ(is) inأَيْدِيكُمतुम्हारे हाथों में हैaydīkumمِّنَofminaٱلْأَسْرَىٰٓक़ैदियों में सेl-asrāإِنअगरinيَعْلَمِजान लेगाyaʿlamiٱللَّهُअल्लाहl-lahuفِىinقُلُوبِكُمْतुम्हारे दिलों मेंqulūbikumخَيْرًۭاकोई भलाईkhayranيُؤْتِكُمْवो देगा तुम्हेंyu'tikumخَيْرًۭاबेहतरkhayranمِّمَّآउससे जोmimmāأُخِذَले लिया गयाukhidhaمِنكُمْतुम सेminkumوَيَغْفِرْऔर वो बख़्श देगाwayaghfirلَكُمْ ۗतुम्हेंlakumوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuغَفُورٌۭबहुत बख़्शने वाला हैghafūrunرَّحِيمٌۭनिहायत रहम करने वाला हैraḥīmun٧٠
ऐ नबी! तुम्हारे हाथों में जो बंदी हैं, उनसे कह दो : यदि अल्लाह तुम्हारे दिलों में कोई भलाई जानेगा, तो तुम्हें उससे बेहतर प्रदान करेगा, जो तुमसे लिया गया है और तुम्हें क्षमा कर देगा। और अल्लाह अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान है।
८:७१
وَإِنऔर अगरwa-inيُرِيدُوا۟वो इरादा करेंगेyurīdūخِيَانَتَكَआपसे ख़यानत काkhiyānatakaفَقَدْपस तहक़ीक़faqadخَانُوا۟उन्होंने ख़यानत कीkhānūٱللَّهَअल्लाह सेl-lahaمِنfromminقَبْلُइससे पहलेqabluفَأَمْكَنَतो उसने क़ाबू में दे दियाfa-amkanaمِنْهُمْ ۗउन्हेंmin'humوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuعَلِيمٌबहुत इल्म वाला हैʿalīmunحَكِيمٌबहुत हिकमत वाला हैḥakīmun٧١
और यदि वे आपके साथ विश्वासघात करना चाहें, तो निःसंदेह वे इससे पहले अल्लाह के साथ विश्वासघात कर चुके हैं। तो उसने (आपको) उनपर नियंत्रण दे दिया। तथा अल्लाह सब कुछ जानने वाला, पूर्ण हिकमत वाला है।
८:७२
إِنَّबेशकinnaٱلَّذِينَवो जोalladhīnaءَامَنُوا۟ईमाम लाएāmanūوَهَاجَرُوا۟और उन्होंने हिजरत कीwahājarūوَجَـٰهَدُوا۟और उन्होंने जिहाद कियाwajāhadūبِأَمْوَٰلِهِمْसाथ अपने मालोंbi-amwālihimوَأَنفُسِهِمْऔर अपनी जानों केwa-anfusihimفِىinسَبِيلِ(the) waysabīliٱللَّهِअल्लाह के रास्ते मेंl-lahiوَٱلَّذِينَऔर वो जिन्होंनेwa-alladhīnaءَاوَوا۟पनाह दीāwawوَّنَصَرُوٓا۟और मदद कीwanaṣarūأُو۟لَـٰٓئِكَयही लोग हैंulāikaبَعْضُهُمْबाज़ उनकेbaʿḍuhumأَوْلِيَآءُदोस्त हैंawliyāuبَعْضٍۢ ۚबाज़ केbaʿḍinوَٱلَّذِينَऔर वो जोwa-alladhīnaءَامَنُوا۟ईमान लाएāmanūوَلَمْऔर नहींwalamيُهَاجِرُوا۟उन्होंने हिजरत कीyuhājirūمَاनहीं हैلَكُمतुम्हारे लिएlakumمِّن(of)minوَلَـٰيَتِهِمउनकी दोस्ती में सेwalāyatihimمِّن(in)minشَىْءٍकोई भी चीज़shayinحَتَّىٰयहाँ तक किḥattāيُهَاجِرُوا۟ ۚवो हिजरत कर जाऐंyuhājirūوَإِنِऔर अगरwa-iniٱسْتَنصَرُوكُمْवो मदद माँगें तुमसेis'tanṣarūkumفِىinٱلدِّينِदीन के मामले मेंl-dīniفَعَلَيْكُمُतो तुम पर (लाज़िम) हैfaʿalaykumuٱلنَّصْرُमदद करनाl-naṣruإِلَّاमगरillāعَلَىٰagainstʿalāقَوْمٍۭउस क़ौम के ख़िलाफ़qawminبَيْنَكُمْदर्मियान तुम्हारेbaynakumوَبَيْنَهُمऔर दर्मियान उनकेwabaynahumمِّيثَـٰقٌۭ ۗपुख़्ता मुआहिदा हैmīthāqunوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuبِمَاउसे जोbimāتَعْمَلُونَतुम अमल करते होtaʿmalūnaبَصِيرٌۭख़ूब देखने वाला हैbaṣīrun٧٢
निःसंदेह जो लोग ईमान लाए और उन्होंने हिजरत की तथा अल्लाह के मार्ग में अपने धन और अपने प्राण के साथ जिहाद किया, तथा जिन लोगों ने (उन्हें) शरण दिया और सहायता की, ये लोग आपस में मित्र हैं। और जो लोग ईमान लाए और हिजरत नहीं की, तुम्हारे लिए उनकी मित्रता में से कुछ भी नहीं, यहाँ तक कि वे हिजरत करें। और यदि वे धर्म के बारें में तुमसे सहायता माँगें, तो तुमपर सहायता करना आवश्यक है। परंतु किसी ऐसी जाति के विरुद्ध नहीं, जिनके और तुम्हारे बीच कोई संधि हो। तथा जो कुछ तुम कर रहे हो, अल्लाह उसे ख़ूब देखने वाला है।
८:७३
وَٱلَّذِينَऔर वो जिन्होंनेwa-alladhīnaكَفَرُوا۟कुफ़्र कियाkafarūبَعْضُهُمْबाज़ उनकेbaʿḍuhumأَوْلِيَآءُमददगार हैंawliyāuبَعْضٍ ۚबाज़ केbaʿḍinإِلَّاअगर नहींillāتَفْعَلُوهُतुम करोगे ऐसाtafʿalūhuتَكُنहोगाtakunفِتْنَةٌۭफ़ितनाfit'natunفِىinٱلْأَرْضِज़मीन मेंl-arḍiوَفَسَادٌۭऔर फ़सादwafasādunكَبِيرٌۭबहुत बड़ाkabīrun٧٣
और जिन लोगों ने कुफ़्र किया, वे आपस में एक-दूसरे के मित्र हैं। यदि तुम ऐसा न करोगे, तो धरती में बड़ा फ़ितना तथा बहुत बड़ा बिगाड़ पैदा होगा।
८:७४
وَٱلَّذِينَऔर वो जोwa-alladhīnaءَامَنُوا۟ईमान लाएāmanūوَهَاجَرُوا۟और उन्होंने हिजरत कीwahājarūوَجَـٰهَدُوا۟और उन्होंने जिहाद कियाwajāhadūفِىinسَبِيلِ(the) waysabīliٱللَّهِअल्लाह के रास्ते मेंl-lahiوَٱلَّذِينَऔर वो जिन्होंनेwa-alladhīnaءَاوَوا۟पनाह दीāwawوَّنَصَرُوٓا۟और मदद कीwanaṣarūأُو۟لَـٰٓئِكَयही लोग हैंulāikaهُمُवोhumuٱلْمُؤْمِنُونَजो मोमिन हैंl-mu'minūnaحَقًّۭا ۚसच्चेḥaqqanلَّهُمउनके लिएlahumمَّغْفِرَةٌۭबख़्शिश हैmaghfiratunوَرِزْقٌۭऔर रिज़्क़wariz'qunكَرِيمٌۭइज़्ज़त वालाkarīmun٧٤
तथ जो लोग ईमान लाए और उन्होंने हिजरत की और अल्लाह के मार्ग में जिहाद किया और जिन लोगों ने (उन्हें) शरण दी और सहायता की, वही सच्चे मोमिन हैं। उन्हीं के लिए बड़ी क्षमा और सम्मानजनक जीविका है।
८:७५
وَٱلَّذِينَऔर वो जोwa-alladhīnaءَامَنُوا۟ईमान लाएāmanūمِنۢfromminبَعْدُबाज़ उसकेbaʿduوَهَاجَرُوا۟और उन्होंने हिजरत कीwahājarūوَجَـٰهَدُوا۟और जिहाद कियाwajāhadūمَعَكُمْतुम्हारे साथmaʿakumفَأُو۟لَـٰٓئِكَतो यही लोग हैंfa-ulāikaمِنكُمْ ۚतुम में सेminkumوَأُو۟لُوا۟But thosewa-ulūٱلْأَرْحَامِऔर रहम/रिश्तों वालेl-arḥāmiبَعْضُهُمْबाज़ उनकेbaʿḍuhumأَوْلَىٰज़्यादा क़रीब हैंawlāبِبَعْضٍۢबाज़ केbibaʿḍinفِىinكِتَـٰبِ(the) Bookkitābiٱللَّهِ ۗअल्लाह की किताब मेंl-lahiإِنَّबेशकinnaٱللَّهَअल्लाहl-lahaبِكُلِّहरbikulliشَىْءٍचीज़ कोshayinعَلِيمٌۢख़ूब जानने वाला हैʿalīmun٧٥
तथा जो लोग बाद में ईमान लाए और हिजरत की और तुम्हारे साथ मिलकर जिहाद किया, तो वे तुम ही में से हैं। और अल्लाह की किताब में रिश्तेदार एक-दूसरे के अधिक हक़दार1 हैं। निःसंदेह अल्लाह प्रत्येक चीज़ को भली-भाँति जानने वाला है।