९
अत-तौबा
التوبة
९:१
بَرَآءَةٌۭ
بَرَآءَةٌ है (ऐलान)
barāatun
بَرَآءَةٌ है (ऐलान) مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से وَرَسُولِهِۦٓ और उसके रसूल (की तरफ़ से) warasūlihi
और उसके रसूल (की तरफ़ से) إِلَى to ilā
to ٱلَّذِينَ तरफ़ उनके जिनसे alladhīna
तरफ़ उनके जिनसे عَـٰهَدتُّم मुआहिदा किया तुमने ʿāhadttum
मुआहिदा किया तुमने مِّنَ from mina
from ٱلْمُشْرِكِينَ मुशरिकीन में से l-mush'rikīna
मुशरिकीन में से ١ (1)
(1)
بَرَآءَةٌ है (ऐलान) مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से وَرَسُولِهِۦٓ और उसके रसूल (की तरफ़ से) warasūlihi
और उसके रसूल (की तरफ़ से) إِلَى to ilā
to ٱلَّذِينَ तरफ़ उनके जिनसे alladhīna
तरफ़ उनके जिनसे عَـٰهَدتُّم मुआहिदा किया तुमने ʿāhadttum
मुआहिदा किया तुमने مِّنَ from mina
from ٱلْمُشْرِكِينَ मुशरिकीन में से l-mush'rikīna
मुशरिकीन में से ١ (1)
(1)
अल्लाह तथा उसके रसूल की ओर से, उन बहुदेववादियों से ज़िम्मेदारी से बरी होने की घोषणा है, जिनसे तुमने संधि की थी।1
९:२
فَسِيحُوا۟
पस चलो फिरो तुम
fasīḥū
पस चलो फिरो तुम فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में أَرْبَعَةَ चार arbaʿata
चार أَشْهُرٍۢ महीने ashhurin
महीने وَٱعْلَمُوٓا۟ और जान लो wa-iʿ'lamū
और जान लो أَنَّكُمْ बेशक तुम annakum
बेशक तुम غَيْرُ नहीं ghayru
नहीं مُعْجِزِى आजिज़ करने वाले muʿ'jizī
आजिज़ करने वाले ٱللَّهِ ۙ अल्लाह को l-lahi
अल्लाह को وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह مُخْزِى रुस्वा करने वाला है mukh'zī
रुस्वा करने वाला है ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों को l-kāfirīna
काफ़िरों को ٢ (2)
(2)
पस चलो फिरो तुम فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में أَرْبَعَةَ चार arbaʿata
चार أَشْهُرٍۢ महीने ashhurin
महीने وَٱعْلَمُوٓا۟ और जान लो wa-iʿ'lamū
और जान लो أَنَّكُمْ बेशक तुम annakum
बेशक तुम غَيْرُ नहीं ghayru
नहीं مُعْجِزِى आजिज़ करने वाले muʿ'jizī
आजिज़ करने वाले ٱللَّهِ ۙ अल्लाह को l-lahi
अल्लाह को وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह مُخْزِى रुस्वा करने वाला है mukh'zī
रुस्वा करने वाला है ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों को l-kāfirīna
काफ़िरों को ٢ (2)
(2)
तो (ऐ बहुदेववादियो!) ! तुम धरती में चार महीने चलो-फिरो, तथा जान लो कि निःसंदेह तुम अल्लाह को विवश करने वाले नहीं, और यह कि निश्चय अल्लाह काफ़िरों को अपमानित करने वाला है।
९:३
وَأَذَٰنٌۭ
और ऐलान है
wa-adhānun
और ऐलान है مِّنَ from Allah mina
from Allah ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से وَرَسُولِهِۦٓ और उसके रसूल की तरफ़ से warasūlihi
और उसके रसूल की तरफ़ से إِلَى to ilā
to ٱلنَّاسِ तरफ़ लोगों के l-nāsi
तरफ़ लोगों के يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْحَجِّ (of) the greater Pilgrimage l-ḥaji
(of) the greater Pilgrimage ٱلْأَكْبَرِ हज-ए-अकबर के l-akbari
हज-ए-अकबर के أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह بَرِىٓءٌۭ बरी-उज़-ज़िम्मा है barīon
बरी-उज़-ज़िम्मा है مِّنَ [of] mina
[of] ٱلْمُشْرِكِينَ ۙ मुशरिकों से l-mush'rikīna
मुशरिकों से وَرَسُولُهُۥ ۚ और उसका रसूल भी warasūluhu
और उसका रसूल भी فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर تُبْتُمْ तौबा कर लो तुम tub'tum
तौबा कर लो तुम فَهُوَ तो वो fahuwa
तो वो خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है لَّكُمْ ۖ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَإِن और अगर wa-in
और अगर تَوَلَّيْتُمْ मुँह फेरा तुमने tawallaytum
मुँह फेरा तुमने فَٱعْلَمُوٓا۟ तो जान लो fa-iʿ'lamū
तो जान लो أَنَّكُمْ बेशक तुम annakum
बेशक तुम غَيْرُ नहीं ghayru
नहीं مُعْجِزِى आजिज़ करने वाले muʿ'jizī
आजिज़ करने वाले ٱللَّهِ ۗ अल्लाह को l-lahi
अल्लाह को وَبَشِّرِ और ख़ुशख़बरी दे दीजिए wabashiri
और ख़ुशख़बरी दे दीजिए ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया بِعَذَابٍ अज़ाब biʿadhābin
अज़ाब أَلِيمٍ दर्दनाक की alīmin
दर्दनाक की ٣ (3)
(3)
और ऐलान है مِّنَ from Allah mina
from Allah ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से وَرَسُولِهِۦٓ और उसके रसूल की तरफ़ से warasūlihi
और उसके रसूल की तरफ़ से إِلَى to ilā
to ٱلنَّاسِ तरफ़ लोगों के l-nāsi
तरफ़ लोगों के يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْحَجِّ (of) the greater Pilgrimage l-ḥaji
(of) the greater Pilgrimage ٱلْأَكْبَرِ हज-ए-अकबर के l-akbari
हज-ए-अकबर के أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह بَرِىٓءٌۭ बरी-उज़-ज़िम्मा है barīon
बरी-उज़-ज़िम्मा है مِّنَ [of] mina
[of] ٱلْمُشْرِكِينَ ۙ मुशरिकों से l-mush'rikīna
मुशरिकों से وَرَسُولُهُۥ ۚ और उसका रसूल भी warasūluhu
और उसका रसूल भी فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर تُبْتُمْ तौबा कर लो तुम tub'tum
तौबा कर लो तुम فَهُوَ तो वो fahuwa
तो वो خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है لَّكُمْ ۖ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَإِن और अगर wa-in
और अगर تَوَلَّيْتُمْ मुँह फेरा तुमने tawallaytum
मुँह फेरा तुमने فَٱعْلَمُوٓا۟ तो जान लो fa-iʿ'lamū
तो जान लो أَنَّكُمْ बेशक तुम annakum
बेशक तुम غَيْرُ नहीं ghayru
नहीं مُعْجِزِى आजिज़ करने वाले muʿ'jizī
आजिज़ करने वाले ٱللَّهِ ۗ अल्लाह को l-lahi
अल्लाह को وَبَشِّرِ और ख़ुशख़बरी दे दीजिए wabashiri
और ख़ुशख़बरी दे दीजिए ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया بِعَذَابٍ अज़ाब biʿadhābin
अज़ाब أَلِيمٍ दर्दनाक की alīmin
दर्दनाक की ٣ (3)
(3)
तथा अल्लाह और उसके रसूल की ओर से, महा हज्ज1 के दिन, स्पष्ट घोषणा है कि अल्लाह बहुदेववादियों (मुश्रिकों) से अलग है तथा उसका रसूल भी। फिर यदि तुम तौबा कर लो, तो वह तुम्हारे लिए उत्तम है, और यदि तुम मुँह मोड़ो, तो जान लो कि निश्चय तुम अल्लाह को विवश करने वाले नहीं, और जिन लोगों ने कुफ़्र किया, उन्हें दुखदायी यातना की शुभ सूचना दे दो।
९:४
إِلَّا
सिवाय
illā
सिवाय ٱلَّذِينَ उनके जिनसे alladhīna
उनके जिनसे عَـٰهَدتُّم मुआहिदा किया तुमने ʿāhadttum
मुआहिदा किया तुमने مِّنَ among mina
among ٱلْمُشْرِكِينَ मुशरिकीन में से l-mush'rikīna
मुशरिकीन में से ثُمَّ फिर thumma
फिर لَمْ नहीं lam
नहीं يَنقُصُوكُمْ उन्होंने कमी की तुमसे yanquṣūkum
उन्होंने कमी की तुमसे شَيْـًۭٔا कुछ भी shayan
कुछ भी وَلَمْ और ना ही walam
और ना ही يُظَـٰهِرُوا۟ उन्होंने पुश्त पनाही की yuẓāhirū
उन्होंने पुश्त पनाही की عَلَيْكُمْ तुम्हारे ख़िलाफ़ ʿalaykum
तुम्हारे ख़िलाफ़ أَحَدًۭا किसी की aḥadan
किसी की فَأَتِمُّوٓا۟ तो पूरा करो fa-atimmū
तो पूरा करो إِلَيْهِمْ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके عَهْدَهُمْ अहद उनके ʿahdahum
अहद उनके إِلَىٰ till ilā
till مُدَّتِهِمْ ۚ उनकी मुद्दत तक muddatihim
उनकी मुद्दत तक إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يُحِبُّ वो पसंद करता है yuḥibbu
वो पसंद करता है ٱلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों को l-mutaqīna
मुत्तक़ी लोगों को ٤ (4)
(4)
सिवाय ٱلَّذِينَ उनके जिनसे alladhīna
उनके जिनसे عَـٰهَدتُّم मुआहिदा किया तुमने ʿāhadttum
मुआहिदा किया तुमने مِّنَ among mina
among ٱلْمُشْرِكِينَ मुशरिकीन में से l-mush'rikīna
मुशरिकीन में से ثُمَّ फिर thumma
फिर لَمْ नहीं lam
नहीं يَنقُصُوكُمْ उन्होंने कमी की तुमसे yanquṣūkum
उन्होंने कमी की तुमसे شَيْـًۭٔا कुछ भी shayan
कुछ भी وَلَمْ और ना ही walam
और ना ही يُظَـٰهِرُوا۟ उन्होंने पुश्त पनाही की yuẓāhirū
उन्होंने पुश्त पनाही की عَلَيْكُمْ तुम्हारे ख़िलाफ़ ʿalaykum
तुम्हारे ख़िलाफ़ أَحَدًۭا किसी की aḥadan
किसी की فَأَتِمُّوٓا۟ तो पूरा करो fa-atimmū
तो पूरा करो إِلَيْهِمْ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके عَهْدَهُمْ अहद उनके ʿahdahum
अहद उनके إِلَىٰ till ilā
till مُدَّتِهِمْ ۚ उनकी मुद्दत तक muddatihim
उनकी मुद्दत तक إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يُحِبُّ वो पसंद करता है yuḥibbu
वो पसंद करता है ٱلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों को l-mutaqīna
मुत्तक़ी लोगों को ٤ (4)
(4)
सिवाय उन मुश्रिकों के, जिनसे तुमने संधि की, फिर उन्होंने तुम्हारे साथ (संधि के पालन में) कोई कमी नहीं की और न तुम्हारे विरुद्ध किसी की सहायता की, तो उनके साथ उनकी संधि को उनकी अवधि तक पूरी करो। निश्चय अल्लाह डर रखने वालों से प्रेम करता है।
९:५
فَإِذَا
फिर जब
fa-idhā
फिर जब ٱنسَلَخَ गुज़र जाऐं insalakha
गुज़र जाऐं ٱلْأَشْهُرُ महीने l-ashhuru
महीने ٱلْحُرُمُ हुरमत वाले l-ḥurumu
हुरमत वाले فَٱقْتُلُوا۟ तो क़त्ल करो fa-uq'tulū
तो क़त्ल करो ٱلْمُشْرِكِينَ मुशरिकों को l-mush'rikīna
मुशरिकों को حَيْثُ जहाँ कहीं ḥaythu
जहाँ कहीं وَجَدتُّمُوهُمْ पाओ तुम उन्हें wajadttumūhum
पाओ तुम उन्हें وَخُذُوهُمْ और पकड़ो उन्हें wakhudhūhum
और पकड़ो उन्हें وَٱحْصُرُوهُمْ और घेरो उन्हें wa-uḥ'ṣurūhum
और घेरो उन्हें وَٱقْعُدُوا۟ और बैठ जाओ wa-uq'ʿudū
और बैठ जाओ لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए كُلَّ हर kulla
हर مَرْصَدٍۢ ۚ घात पर marṣadin
घात पर فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर تَابُوا۟ और वो तौबा कर लें tābū
और वो तौबा कर लें وَأَقَامُوا۟ और वो क़ायम करें wa-aqāmū
और वो क़ायम करें ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَءَاتَوُا۟ और वो अदा करें waātawū
और वो अदा करें ٱلزَّكَوٰةَ ज़कात l-zakata
ज़कात فَخَلُّوا۟ तो छोड़ दो fakhallū
तो छोड़ दो سَبِيلَهُمْ ۚ रास्ता उनका sabīlahum
रास्ता उनका إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ٥ (5)
(5)
फिर जब ٱنسَلَخَ गुज़र जाऐं insalakha
गुज़र जाऐं ٱلْأَشْهُرُ महीने l-ashhuru
महीने ٱلْحُرُمُ हुरमत वाले l-ḥurumu
हुरमत वाले فَٱقْتُلُوا۟ तो क़त्ल करो fa-uq'tulū
तो क़त्ल करो ٱلْمُشْرِكِينَ मुशरिकों को l-mush'rikīna
मुशरिकों को حَيْثُ जहाँ कहीं ḥaythu
जहाँ कहीं وَجَدتُّمُوهُمْ पाओ तुम उन्हें wajadttumūhum
पाओ तुम उन्हें وَخُذُوهُمْ और पकड़ो उन्हें wakhudhūhum
और पकड़ो उन्हें وَٱحْصُرُوهُمْ और घेरो उन्हें wa-uḥ'ṣurūhum
और घेरो उन्हें وَٱقْعُدُوا۟ और बैठ जाओ wa-uq'ʿudū
और बैठ जाओ لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए كُلَّ हर kulla
हर مَرْصَدٍۢ ۚ घात पर marṣadin
घात पर فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर تَابُوا۟ और वो तौबा कर लें tābū
और वो तौबा कर लें وَأَقَامُوا۟ और वो क़ायम करें wa-aqāmū
और वो क़ायम करें ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَءَاتَوُا۟ और वो अदा करें waātawū
और वो अदा करें ٱلزَّكَوٰةَ ज़कात l-zakata
ज़कात فَخَلُّوا۟ तो छोड़ दो fakhallū
तो छोड़ दो سَبِيلَهُمْ ۚ रास्ता उनका sabīlahum
रास्ता उनका إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ٥ (5)
(5)
अतः जब सम्मानित महीने बीत जाएँ, तो बहुदेववादियों (मुश्रिकों) को जहाँ पाओ, क़त्ल करो और उन्हें पकड़ो और उन्हें घेरो1 और उनके लिए हर घात की जगह बैठो। फिर यदि वे तौबा कर लें और नमाज़ क़ायम करें तथा ज़कात दें, तो उनका रास्ता छोड़ दो। निःसंदेह अल्लाह अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।
९:६
وَإِنْ
और अगर
wa-in
और अगर أَحَدٌۭ कोई एक aḥadun
कोई एक مِّنَ of mina
of ٱلْمُشْرِكِينَ मुशरिकीन में से l-mush'rikīna
मुशरिकीन में से ٱسْتَجَارَكَ पनाह माँगे आपसे is'tajāraka
पनाह माँगे आपसे فَأَجِرْهُ तो पनाह दे दीजिए उसे fa-ajir'hu
तो पनाह दे दीजिए उसे حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَسْمَعَ वो सुन ले yasmaʿa
वो सुन ले كَلَـٰمَ कलाम kalāma
कलाम ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का ثُمَّ फिर thumma
फिर أَبْلِغْهُ पहुँचा दीजिए उसे abligh'hu
पहुँचा दीजिए उसे مَأْمَنَهُۥ ۚ उसके अमन की जगह mamanahu
उसके अमन की जगह ذَٰلِكَ ये dhālika
ये بِأَنَّهُمْ बवजह उसके कि वो bi-annahum
बवजह उसके कि वो قَوْمٌۭ लोग qawmun
लोग لَّا (who) do not know lā
(who) do not know يَعْلَمُونَ नहीं वो इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं वो इल्म रखते ٦ (6)
(6)
और अगर أَحَدٌۭ कोई एक aḥadun
कोई एक مِّنَ of mina
of ٱلْمُشْرِكِينَ मुशरिकीन में से l-mush'rikīna
मुशरिकीन में से ٱسْتَجَارَكَ पनाह माँगे आपसे is'tajāraka
पनाह माँगे आपसे فَأَجِرْهُ तो पनाह दे दीजिए उसे fa-ajir'hu
तो पनाह दे दीजिए उसे حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَسْمَعَ वो सुन ले yasmaʿa
वो सुन ले كَلَـٰمَ कलाम kalāma
कलाम ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का ثُمَّ फिर thumma
फिर أَبْلِغْهُ पहुँचा दीजिए उसे abligh'hu
पहुँचा दीजिए उसे مَأْمَنَهُۥ ۚ उसके अमन की जगह mamanahu
उसके अमन की जगह ذَٰلِكَ ये dhālika
ये بِأَنَّهُمْ बवजह उसके कि वो bi-annahum
बवजह उसके कि वो قَوْمٌۭ लोग qawmun
लोग لَّا (who) do not know lā
(who) do not know يَعْلَمُونَ नहीं वो इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं वो इल्म रखते ٦ (6)
(6)
और यदि मुश्रिकों में से कोई तुमसे शरण माँगे, तो उसे शरण दे दो, यहाँ तक कि वह अल्लाह की वाणी सुने। फिर उसे उसके सुरक्षित स्थान तक पहुँचा दो। यह इसलिए कि निःसंदेह वे ऐसे लोग हैं, जो ज्ञान नहीं रखते।
९:७
كَيْفَ
किस तरह
kayfa
किस तरह يَكُونُ हो सकता है yakūnu
हो सकता है لِلْمُشْرِكِينَ मुशरिकीन के लिए lil'mush'rikīna
मुशरिकीन के लिए عَهْدٌ कोई अहद ʿahdun
कोई अहद عِندَ with ʿinda
with ٱللَّهِ अल्लाह के नज़दीक l-lahi
अल्लाह के नज़दीक وَعِندَ and with waʿinda
and with رَسُولِهِۦٓ और उसके रसूल के नज़दीक rasūlihi
और उसके रसूल के नज़दीक إِلَّا सिवाय illā
सिवाय ٱلَّذِينَ उनके जिनसे alladhīna
उनके जिनसे عَـٰهَدتُّمْ मुआहिदा किया तुमने ʿāhadttum
मुआहिदा किया तुमने عِندَ पास ʿinda
पास ٱلْمَسْجِدِ Al-Masjid l-masjidi
Al-Masjid ٱلْحَرَامِ ۖ मस्जिदे हराम के l-ḥarāmi
मस्जिदे हराम के فَمَا तो जब तक famā
तो जब तक ٱسْتَقَـٰمُوا۟ वो सीधे रहें is'taqāmū
वो सीधे रहें لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए فَٱسْتَقِيمُوا۟ पस तुम भी सीधे रहो fa-is'taqīmū
पस तुम भी सीधे रहो لَهُمْ ۚ उनके लिए lahum
उनके लिए إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يُحِبُّ वो पसंद करता है yuḥibbu
वो पसंद करता है ٱلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों को l-mutaqīna
मुत्तक़ी लोगों को ٧ (7)
(7)
किस तरह يَكُونُ हो सकता है yakūnu
हो सकता है لِلْمُشْرِكِينَ मुशरिकीन के लिए lil'mush'rikīna
मुशरिकीन के लिए عَهْدٌ कोई अहद ʿahdun
कोई अहद عِندَ with ʿinda
with ٱللَّهِ अल्लाह के नज़दीक l-lahi
अल्लाह के नज़दीक وَعِندَ and with waʿinda
and with رَسُولِهِۦٓ और उसके रसूल के नज़दीक rasūlihi
और उसके रसूल के नज़दीक إِلَّا सिवाय illā
सिवाय ٱلَّذِينَ उनके जिनसे alladhīna
उनके जिनसे عَـٰهَدتُّمْ मुआहिदा किया तुमने ʿāhadttum
मुआहिदा किया तुमने عِندَ पास ʿinda
पास ٱلْمَسْجِدِ Al-Masjid l-masjidi
Al-Masjid ٱلْحَرَامِ ۖ मस्जिदे हराम के l-ḥarāmi
मस्जिदे हराम के فَمَا तो जब तक famā
तो जब तक ٱسْتَقَـٰمُوا۟ वो सीधे रहें is'taqāmū
वो सीधे रहें لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए فَٱسْتَقِيمُوا۟ पस तुम भी सीधे रहो fa-is'taqīmū
पस तुम भी सीधे रहो لَهُمْ ۚ उनके लिए lahum
उनके लिए إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يُحِبُّ वो पसंद करता है yuḥibbu
वो पसंद करता है ٱلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों को l-mutaqīna
मुत्तक़ी लोगों को ٧ (7)
(7)
इन मुश्रिकों (बहुदेववादियों) की अल्लाह और उसके रसूल के पास कोई संधि कैसे हो सकती है, सिवाय उनके जिनसे तुमने सम्मानित मस्जिद (काबा) के पास संधि की1 थी? तो जब तक वे तुम्हारे लिए (वचन पर) क़ायम रहें, तो तुम भी उनके लिए क़ायम रहो। निःसंदेह अल्लाह परहेज़गारों से प्रेम करता है।
९:८
كَيْفَ
कैसे (मुमकिन है)
kayfa
कैसे (मुमकिन है) وَإِن जबकि अगर wa-in
जबकि अगर يَظْهَرُوا۟ वो ग़लबा पा जाऐं yaẓharū
वो ग़लबा पा जाऐं عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर لَا they do not regard (the ties) lā
they do not regard (the ties) يَرْقُبُوا۟ ना वो लिहाज़ करेंगे yarqubū
ना वो लिहाज़ करेंगे فِيكُمْ तुम्हारे मामले में fīkum
तुम्हारे मामले में إِلًّۭا किसी क़राबत का illan
किसी क़राबत का وَلَا और ना walā
और ना ذِمَّةًۭ ۚ किसी मुआहिदे का dhimmatan
किसी मुआहिदे का يُرْضُونَكُم वो राज़ी करते हैं तुम्हें yur'ḍūnakum
वो राज़ी करते हैं तुम्हें بِأَفْوَٰهِهِمْ अपने मुँहों से bi-afwāhihim
अपने मुँहों से وَتَأْبَىٰ और इन्कार करते हैं watabā
और इन्कार करते हैं قُلُوبُهُمْ दिल उनके qulūbuhum
दिल उनके وَأَكْثَرُهُمْ और अक्सर उनके wa-aktharuhum
और अक्सर उनके فَـٰسِقُونَ फ़ासिक़ हैं fāsiqūna
फ़ासिक़ हैं ٨ (8)
(8)
कैसे (मुमकिन है) وَإِن जबकि अगर wa-in
जबकि अगर يَظْهَرُوا۟ वो ग़लबा पा जाऐं yaẓharū
वो ग़लबा पा जाऐं عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर لَا they do not regard (the ties) lā
they do not regard (the ties) يَرْقُبُوا۟ ना वो लिहाज़ करेंगे yarqubū
ना वो लिहाज़ करेंगे فِيكُمْ तुम्हारे मामले में fīkum
तुम्हारे मामले में إِلًّۭا किसी क़राबत का illan
किसी क़राबत का وَلَا और ना walā
और ना ذِمَّةًۭ ۚ किसी मुआहिदे का dhimmatan
किसी मुआहिदे का يُرْضُونَكُم वो राज़ी करते हैं तुम्हें yur'ḍūnakum
वो राज़ी करते हैं तुम्हें بِأَفْوَٰهِهِمْ अपने मुँहों से bi-afwāhihim
अपने मुँहों से وَتَأْبَىٰ और इन्कार करते हैं watabā
और इन्कार करते हैं قُلُوبُهُمْ दिल उनके qulūbuhum
दिल उनके وَأَكْثَرُهُمْ और अक्सर उनके wa-aktharuhum
और अक्सर उनके فَـٰسِقُونَ फ़ासिक़ हैं fāsiqūna
फ़ासिक़ हैं ٨ (8)
(8)
(उन लोगों की संधि) कैसे संभव है, जबकि वे यदि तुमपर अधिकार पा जाएँ, तो तुम्हारे विषय में न किसी रिश्तेदारी का सम्मान करेंगे और न किसी वचन का। वे तुम्हें अपने मुखों से प्रसन्न करते हैं, जबकि उनके दिल इनकार करते हैं और उनमें से अधिकांश अवज्ञाकारी हैं।
९:९
ٱشْتَرَوْا۟
उन्होंने बेच डाला
ish'taraw
उन्होंने बेच डाला بِـَٔايَـٰتِ [with] the Verses of Allah biāyāti
[with] the Verses of Allah ٱللَّهِ अल्लाह की आयात को l-lahi
अल्लाह की आयात को ثَمَنًۭا क़ीमत thamanan
क़ीमत قَلِيلًۭا थोड़ी में qalīlan
थोड़ी में فَصَدُّوا۟ फिर उन्होंने रोका faṣaddū
फिर उन्होंने रोका عَن from ʿan
from سَبِيلِهِۦٓ ۚ उसके रास्ते से sabīlihi
उसके रास्ते से إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो سَآءَ कितना बुरा है sāa
कितना बुरा है مَا जो mā
जो كَانُوا۟ हैं वो kānū
हैं वो يَعْمَلُونَ वो अमल कर रहे हैं yaʿmalūna
वो अमल कर रहे हैं ٩ (9)
(9)
उन्होंने बेच डाला بِـَٔايَـٰتِ [with] the Verses of Allah biāyāti
[with] the Verses of Allah ٱللَّهِ अल्लाह की आयात को l-lahi
अल्लाह की आयात को ثَمَنًۭا क़ीमत thamanan
क़ीमत قَلِيلًۭا थोड़ी में qalīlan
थोड़ी में فَصَدُّوا۟ फिर उन्होंने रोका faṣaddū
फिर उन्होंने रोका عَن from ʿan
from سَبِيلِهِۦٓ ۚ उसके रास्ते से sabīlihi
उसके रास्ते से إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो سَآءَ कितना बुरा है sāa
कितना बुरा है مَا जो mā
जो كَانُوا۟ हैं वो kānū
हैं वो يَعْمَلُونَ वो अमल कर रहे हैं yaʿmalūna
वो अमल कर रहे हैं ٩ (9)
(9)
उन्होंने अल्लाह की आयतों के बदले थोड़ा-सा मूल्य ले लिया1, फिर उन्होंने अल्लाह की राह (इस्लाम) से रोका। निःसंदेह बुरा है, जो वे करते रहे हैं।
९:१०
لَا
Not
lā
Not يَرْقُبُونَ नहीं वो लिहाज़ करते yarqubūna
नहीं वो लिहाज़ करते فِى towards fī
towards مُؤْمِنٍ किसी मोमिन (के बारे में) mu'minin
किसी मोमिन (के बारे में) إِلًّۭا किसी क़राबत का illan
किसी क़राबत का وَلَا और ना walā
और ना ذِمَّةًۭ ۚ किसी मुआहिदे का dhimmatan
किसी मुआहिदे का وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग हैं wa-ulāika
और यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْمُعْتَدُونَ जो हद से बढ़ने वाले हैं l-muʿ'tadūna
जो हद से बढ़ने वाले हैं ١٠ (10)
(10)
Not يَرْقُبُونَ नहीं वो लिहाज़ करते yarqubūna
नहीं वो लिहाज़ करते فِى towards fī
towards مُؤْمِنٍ किसी मोमिन (के बारे में) mu'minin
किसी मोमिन (के बारे में) إِلًّۭا किसी क़राबत का illan
किसी क़राबत का وَلَا और ना walā
और ना ذِمَّةًۭ ۚ किसी मुआहिदे का dhimmatan
किसी मुआहिदे का وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग हैं wa-ulāika
और यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْمُعْتَدُونَ जो हद से बढ़ने वाले हैं l-muʿ'tadūna
जो हद से बढ़ने वाले हैं ١٠ (10)
(10)
वे किसी ईमान वाले के बारे में न किसी रिश्तेदारी का सम्मान करते हैं और न किसी वचन का, और यही लोग सीमाओं का उल्लंघन करने वाले हैं।
९:११
فَإِن
फिर अगर
fa-in
फिर अगर تَابُوا۟ वो तौबा कर लें tābū
वो तौबा कर लें وَأَقَامُوا۟ और वो क़ायम करें wa-aqāmū
और वो क़ायम करें ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَءَاتَوُا۟ और वो अदा करें waātawū
और वो अदा करें ٱلزَّكَوٰةَ ज़कात l-zakata
ज़कात فَإِخْوَٰنُكُمْ तो भाई हैं तुम्हारे fa-ikh'wānukum
तो भाई हैं तुम्हारे فِى in fī
in ٱلدِّينِ ۗ दीन में l-dīni
दीन में وَنُفَصِّلُ और हम खोल-खोल कर बयान करते हैं wanufaṣṣilu
और हम खोल-खोल कर बयान करते हैं ٱلْـَٔايَـٰتِ आयात को l-āyāti
आयात को لِقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يَعْلَمُونَ जो इल्म रखते हैं yaʿlamūna
जो इल्म रखते हैं ١١ (11)
(11)
फिर अगर تَابُوا۟ वो तौबा कर लें tābū
वो तौबा कर लें وَأَقَامُوا۟ और वो क़ायम करें wa-aqāmū
और वो क़ायम करें ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَءَاتَوُا۟ और वो अदा करें waātawū
और वो अदा करें ٱلزَّكَوٰةَ ज़कात l-zakata
ज़कात فَإِخْوَٰنُكُمْ तो भाई हैं तुम्हारे fa-ikh'wānukum
तो भाई हैं तुम्हारे فِى in fī
in ٱلدِّينِ ۗ दीन में l-dīni
दीन में وَنُفَصِّلُ और हम खोल-खोल कर बयान करते हैं wanufaṣṣilu
और हम खोल-खोल कर बयान करते हैं ٱلْـَٔايَـٰتِ आयात को l-āyāti
आयात को لِقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يَعْلَمُونَ जो इल्म रखते हैं yaʿlamūna
जो इल्म रखते हैं ١١ (11)
(11)
अतः यदि वे तौबा कर लें और नमाज़ क़ायम करें और ज़कात दें, तो धर्म में तुम्हारे भाई हैं। और हम उन लोगों के लिए आयतें खोलकर बयान करते हैं, जो जानते हैं।
९:१२
وَإِن
और अगर
wa-in
और अगर نَّكَثُوٓا۟ वो तोड़ दें nakathū
वो तोड़ दें أَيْمَـٰنَهُم अपनी क़समें aymānahum
अपनी क़समें مِّنۢ after min
after بَعْدِ बाद baʿdi
बाद عَهْدِهِمْ अपने अहद करने के ʿahdihim
अपने अहद करने के وَطَعَنُوا۟ और वो तअन(ताना) करें waṭaʿanū
और वो तअन(ताना) करें فِى [in] fī
[in] دِينِكُمْ तुम्हारे दीन में dīnikum
तुम्हारे दीन में فَقَـٰتِلُوٓا۟ तो जंग करो faqātilū
तो जंग करो أَئِمَّةَ इमामों से a-immata
इमामों से ٱلْكُفْرِ ۙ कुफ़्र के l-kuf'ri
कुफ़्र के إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो لَآ no lā
no أَيْمَـٰنَ नहीं हैं कोई क़समें aymāna
नहीं हैं कोई क़समें لَهُمْ उनकी lahum
उनकी لَعَلَّهُمْ ताकि वो laʿallahum
ताकि वो يَنتَهُونَ वो रुक जाऐं yantahūna
वो रुक जाऐं ١٢ (12)
(12)
और अगर نَّكَثُوٓا۟ वो तोड़ दें nakathū
वो तोड़ दें أَيْمَـٰنَهُم अपनी क़समें aymānahum
अपनी क़समें مِّنۢ after min
after بَعْدِ बाद baʿdi
बाद عَهْدِهِمْ अपने अहद करने के ʿahdihim
अपने अहद करने के وَطَعَنُوا۟ और वो तअन(ताना) करें waṭaʿanū
और वो तअन(ताना) करें فِى [in] fī
[in] دِينِكُمْ तुम्हारे दीन में dīnikum
तुम्हारे दीन में فَقَـٰتِلُوٓا۟ तो जंग करो faqātilū
तो जंग करो أَئِمَّةَ इमामों से a-immata
इमामों से ٱلْكُفْرِ ۙ कुफ़्र के l-kuf'ri
कुफ़्र के إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो لَآ no lā
no أَيْمَـٰنَ नहीं हैं कोई क़समें aymāna
नहीं हैं कोई क़समें لَهُمْ उनकी lahum
उनकी لَعَلَّهُمْ ताकि वो laʿallahum
ताकि वो يَنتَهُونَ वो रुक जाऐं yantahūna
वो रुक जाऐं ١٢ (12)
(12)
और यदि वे अपने वचन के बाद अपनी क़समें तोड़ दें और तुम्हारे धर्म की निंदा करें, तो कुफ़्र के प्रमुखों से युद्ध करो। क्योंकि उनकी क़समों का कोई विश्वास नहीं। ताकि वे (अत्याचार से) रुक जाएँ।
९:१३
أَلَا
क्या नहीं
alā
क्या नहीं تُقَـٰتِلُونَ तुम जंग करोगे tuqātilūna
तुम जंग करोगे قَوْمًۭا ऐसी क़ौम से qawman
ऐसी क़ौम से نَّكَثُوٓا۟ जिन्होंने तोड़ दीं nakathū
जिन्होंने तोड़ दीं أَيْمَـٰنَهُمْ अपनी क़समें aymānahum
अपनी क़समें وَهَمُّوا۟ और उन्होंने इरादा किया wahammū
और उन्होंने इरादा किया بِإِخْرَاجِ निकालने का bi-ikh'rāji
निकालने का ٱلرَّسُولِ रसूल को l-rasūli
रसूल को وَهُم हालाँकि वो wahum
हालाँकि वो بَدَءُوكُمْ उन्होंने इब्तिदा की थी तुमसे badaūkum
उन्होंने इब्तिदा की थी तुमसे أَوَّلَ first awwala
first مَرَّةٍ ۚ पहली मर्तबा marratin
पहली मर्तबा أَتَخْشَوْنَهُمْ ۚ क्या तुम डरते हो उनसे atakhshawnahum
क्या तुम डरते हो उनसे فَٱللَّهُ तो अल्लाह fal-lahu
तो अल्लाह أَحَقُّ ज़्यादा हक़दार है aḥaqqu
ज़्यादा हक़दार है أَن कि an
कि تَخْشَوْهُ तुम डरो उससे takhshawhu
तुम डरो उससे إِن अगर in
अगर كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम مُّؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले ١٣ (13)
(13)
क्या नहीं تُقَـٰتِلُونَ तुम जंग करोगे tuqātilūna
तुम जंग करोगे قَوْمًۭا ऐसी क़ौम से qawman
ऐसी क़ौम से نَّكَثُوٓا۟ जिन्होंने तोड़ दीं nakathū
जिन्होंने तोड़ दीं أَيْمَـٰنَهُمْ अपनी क़समें aymānahum
अपनी क़समें وَهَمُّوا۟ और उन्होंने इरादा किया wahammū
और उन्होंने इरादा किया بِإِخْرَاجِ निकालने का bi-ikh'rāji
निकालने का ٱلرَّسُولِ रसूल को l-rasūli
रसूल को وَهُم हालाँकि वो wahum
हालाँकि वो بَدَءُوكُمْ उन्होंने इब्तिदा की थी तुमसे badaūkum
उन्होंने इब्तिदा की थी तुमसे أَوَّلَ first awwala
first مَرَّةٍ ۚ पहली मर्तबा marratin
पहली मर्तबा أَتَخْشَوْنَهُمْ ۚ क्या तुम डरते हो उनसे atakhshawnahum
क्या तुम डरते हो उनसे فَٱللَّهُ तो अल्लाह fal-lahu
तो अल्लाह أَحَقُّ ज़्यादा हक़दार है aḥaqqu
ज़्यादा हक़दार है أَن कि an
कि تَخْشَوْهُ तुम डरो उससे takhshawhu
तुम डरो उससे إِن अगर in
अगर كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम مُّؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले ١٣ (13)
(13)
क्या तुम उन लोगों से नहीं लड़ोगे, जिन्होंने अपनी क़समें तोड़ दीं और रसूल को निकालने का इरादा किया, और उन्होंने ही तुमसे युद्ध का आरंभ किया है? क्या तुम उनसे डरते हो? तो अल्लाह अधिक हक़दार है कि तुम उससे डरो, यदि तुम ईमानवाले1 हो।
९:१४
قَـٰتِلُوهُمْ
जंग करो उनसे
qātilūhum
जंग करो उनसे يُعَذِّبْهُمُ अज़ाब देगा उन्हें yuʿadhib'humu
अज़ाब देगा उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِأَيْدِيكُمْ तुम्हारे लिए bi-aydīkum
तुम्हारे लिए وَيُخْزِهِمْ और वो रुस्वा करेगा उन्हें wayukh'zihim
और वो रुस्वा करेगा उन्हें وَيَنصُرْكُمْ और वो मदद करेगा तुम्हारी wayanṣur'kum
और वो मदद करेगा तुम्हारी عَلَيْهِمْ उनके ख़िलाफ़ ʿalayhim
उनके ख़िलाफ़ وَيَشْفِ और वो शिफ़ा बख़्शेगा wayashfi
और वो शिफ़ा बख़्शेगा صُدُورَ सीनों को ṣudūra
सीनों को قَوْمٍۢ (of) a people qawmin
(of) a people مُّؤْمِنِينَ मोमिन क़ौम के mu'minīna
मोमिन क़ौम के ١٤ (14)
(14)
जंग करो उनसे يُعَذِّبْهُمُ अज़ाब देगा उन्हें yuʿadhib'humu
अज़ाब देगा उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِأَيْدِيكُمْ तुम्हारे लिए bi-aydīkum
तुम्हारे लिए وَيُخْزِهِمْ और वो रुस्वा करेगा उन्हें wayukh'zihim
और वो रुस्वा करेगा उन्हें وَيَنصُرْكُمْ और वो मदद करेगा तुम्हारी wayanṣur'kum
और वो मदद करेगा तुम्हारी عَلَيْهِمْ उनके ख़िलाफ़ ʿalayhim
उनके ख़िलाफ़ وَيَشْفِ और वो शिफ़ा बख़्शेगा wayashfi
और वो शिफ़ा बख़्शेगा صُدُورَ सीनों को ṣudūra
सीनों को قَوْمٍۢ (of) a people qawmin
(of) a people مُّؤْمِنِينَ मोमिन क़ौम के mu'minīna
मोमिन क़ौम के ١٤ (14)
(14)
उनसे युद्ध करो, अल्लाह उन्हें तुम्हारे हाथों से सज़ा देगा और उन्हें अपमानित करेगा और उनके विरुद्ध तुम्हारी सहायता करेगा और ईमान वालों के दिलों को ठंडा करेगा।
९:१५
وَيُذْهِبْ
और वो ले जाएगा
wayudh'hib
और वो ले जाएगा غَيْظَ ग़ुस्सा ghayẓa
ग़ुस्सा قُلُوبِهِمْ ۗ उनके दिलों का qulūbihim
उनके दिलों का وَيَتُوبُ और मेहरबान होगा wayatūbu
और मेहरबान होगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلَىٰ of ʿalā
of مَن ऊपर जिसके man
ऊपर जिसके يَشَآءُ ۗ वो चाहेगा yashāu
वो चाहेगा وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلِيمٌ ख़ूब इल्म वाला है ʿalīmun
ख़ूब इल्म वाला है حَكِيمٌ बहुत हिकमत वाला है ḥakīmun
बहुत हिकमत वाला है ١٥ (15)
(15)
और वो ले जाएगा غَيْظَ ग़ुस्सा ghayẓa
ग़ुस्सा قُلُوبِهِمْ ۗ उनके दिलों का qulūbihim
उनके दिलों का وَيَتُوبُ और मेहरबान होगा wayatūbu
और मेहरबान होगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلَىٰ of ʿalā
of مَن ऊपर जिसके man
ऊपर जिसके يَشَآءُ ۗ वो चाहेगा yashāu
वो चाहेगा وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلِيمٌ ख़ूब इल्म वाला है ʿalīmun
ख़ूब इल्म वाला है حَكِيمٌ बहुत हिकमत वाला है ḥakīmun
बहुत हिकमत वाला है ١٥ (15)
(15)
और उनके दिलों के क्रोध को दूर कर देगा और जिसकी चाहेगा, तौबा क़बूल करेगा और अल्लाह सब कुछ जानने वाला, पूर्ण हिकमत वाला है।
९:१६
أَمْ
क्या
am
क्या حَسِبْتُمْ गुमान किया तुमने ḥasib'tum
गुमान किया तुमने أَن कि an
कि تُتْرَكُوا۟ तुम छोड़ दिए जाओगे tut'rakū
तुम छोड़ दिए जाओगे وَلَمَّا हालाँकि अभी तक नहीं walammā
हालाँकि अभी तक नहीं يَعْلَمِ जाना yaʿlami
जाना ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने جَـٰهَدُوا۟ जिहाद किया jāhadū
जिहाद किया مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से وَلَمْ और नहीं walam
और नहीं يَتَّخِذُوا۟ उन्होंने बनाया yattakhidhū
उन्होंने बनाया مِن besides Allah min
besides Allah دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَلَا और ना walā
और ना رَسُولِهِۦ उसके रसूल के rasūlihi
उसके रसूल के وَلَا और ना walā
और ना ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों के l-mu'minīna
मोमिनों के وَلِيجَةًۭ ۚ कोई दिली दोस्त walījatan
कोई दिली दोस्त وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह خَبِيرٌۢ ख़ूब ख़बर रखने वाला है khabīrun
ख़ूब ख़बर रखने वाला है بِمَا उसकी जो bimā
उसकी जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो ١٦ (16)
(16)
क्या حَسِبْتُمْ गुमान किया तुमने ḥasib'tum
गुमान किया तुमने أَن कि an
कि تُتْرَكُوا۟ तुम छोड़ दिए जाओगे tut'rakū
तुम छोड़ दिए जाओगे وَلَمَّا हालाँकि अभी तक नहीं walammā
हालाँकि अभी तक नहीं يَعْلَمِ जाना yaʿlami
जाना ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने جَـٰهَدُوا۟ जिहाद किया jāhadū
जिहाद किया مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से وَلَمْ और नहीं walam
और नहीं يَتَّخِذُوا۟ उन्होंने बनाया yattakhidhū
उन्होंने बनाया مِن besides Allah min
besides Allah دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَلَا और ना walā
और ना رَسُولِهِۦ उसके रसूल के rasūlihi
उसके रसूल के وَلَا और ना walā
और ना ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों के l-mu'minīna
मोमिनों के وَلِيجَةًۭ ۚ कोई दिली दोस्त walījatan
कोई दिली दोस्त وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह خَبِيرٌۢ ख़ूब ख़बर रखने वाला है khabīrun
ख़ूब ख़बर रखने वाला है بِمَا उसकी जो bimā
उसकी जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो ١٦ (16)
(16)
क्या तुमने समझ रखा है कि तुम यूँ ही छोड़ दिए जाओगे, हालाँकि अभी तक अल्लाह ने उन लोगों को नहीं जाना ही, जिन्होंने तुममें से जिहाद किया तथा अल्लाह और उसके रसूल और ईमान वालों के सिवाय किसी को भेदी मित्र नहीं बनाया? और अल्लाह उससे अच्छी तरह सूचित है, जो तुम कर रहे हो।
९:१७
مَا
नहीं
mā
नहीं كَانَ है kāna
है لِلْمُشْرِكِينَ मुशरिकीन के लिए lil'mush'rikīna
मुशरिकीन के लिए أَن कि an
कि يَعْمُرُوا۟ वो आबाद करें yaʿmurū
वो आबाद करें مَسَـٰجِدَ मस्जिदें masājida
मस्जिदें ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की شَـٰهِدِينَ शहादत देने वाले shāhidīna
शहादत देने वाले عَلَىٰٓ against ʿalā
against أَنفُسِهِم अपने नफ़्सों पर anfusihim
अपने नफ़्सों पर بِٱلْكُفْرِ ۚ कुफ़्र की bil-kuf'ri
कुफ़्र की أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं حَبِطَتْ ज़ाया हो गए ḥabiṭat
ज़ाया हो गए أَعْمَـٰلُهُمْ आमाल उनके aʿmāluhum
आमाल उनके وَفِى and in wafī
and in ٱلنَّارِ और आग में l-nāri
और आग में هُمْ वो hum
वो خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं ١٧ (17)
(17)
नहीं كَانَ है kāna
है لِلْمُشْرِكِينَ मुशरिकीन के लिए lil'mush'rikīna
मुशरिकीन के लिए أَن कि an
कि يَعْمُرُوا۟ वो आबाद करें yaʿmurū
वो आबाद करें مَسَـٰجِدَ मस्जिदें masājida
मस्जिदें ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की شَـٰهِدِينَ शहादत देने वाले shāhidīna
शहादत देने वाले عَلَىٰٓ against ʿalā
against أَنفُسِهِم अपने नफ़्सों पर anfusihim
अपने नफ़्सों पर بِٱلْكُفْرِ ۚ कुफ़्र की bil-kuf'ri
कुफ़्र की أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं حَبِطَتْ ज़ाया हो गए ḥabiṭat
ज़ाया हो गए أَعْمَـٰلُهُمْ आमाल उनके aʿmāluhum
आमाल उनके وَفِى and in wafī
and in ٱلنَّارِ और आग में l-nāri
और आग में هُمْ वो hum
वो خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं ١٧ (17)
(17)
मुश्रिकों (बहुदेववादियों) के लिए योग्य नहीं कि वे अल्लाह की मस्जिदों को आबाद करें, जबकि वे स्वयं अपने विरुद्ध कुफ़्र की गवाही देने वाले हैं। ये वही हैं जिनके कर्म व्यर्थ हो गए और वे आग ही में सदा के लिए रहने वाले हैं।
९:१८
إِنَّمَا
बेशक
innamā
बेशक يَعْمُرُ आबाद करता है yaʿmuru
आबाद करता है مَسَـٰجِدَ मस्जिदें masājida
मस्जिदें ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की مَنْ वो जो man
वो जो ءَامَنَ ईमान लाए āmana
ईमान लाए بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَٱلْيَوْمِ and the Day wal-yawmi
and the Day ٱلْـَٔاخِرِ और आख़िरी दिन पर l-ākhiri
और आख़िरी दिन पर وَأَقَامَ और वो क़ायम करे wa-aqāma
और वो क़ायम करे ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَءَاتَى और वो अदा करे waātā
और वो अदा करे ٱلزَّكَوٰةَ ज़कात l-zakata
ज़कात وَلَمْ और ना walam
और ना يَخْشَ वो डरे yakhsha
वो डरे إِلَّا सिवाय illā
सिवाय ٱللَّهَ ۖ अल्लाह के l-laha
अल्लाह के فَعَسَىٰٓ तो उम्मीद है faʿasā
तो उम्मीद है أُو۟لَـٰٓئِكَ ये लोग ulāika
ये लोग أَن कि an
कि يَكُونُوا۟ वो होंगे yakūnū
वो होंगे مِنَ of mina
of ٱلْمُهْتَدِينَ हिदायत पाने वालों में से l-muh'tadīna
हिदायत पाने वालों में से ١٨ (18)
(18)
बेशक يَعْمُرُ आबाद करता है yaʿmuru
आबाद करता है مَسَـٰجِدَ मस्जिदें masājida
मस्जिदें ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की مَنْ वो जो man
वो जो ءَامَنَ ईमान लाए āmana
ईमान लाए بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَٱلْيَوْمِ and the Day wal-yawmi
and the Day ٱلْـَٔاخِرِ और आख़िरी दिन पर l-ākhiri
और आख़िरी दिन पर وَأَقَامَ और वो क़ायम करे wa-aqāma
और वो क़ायम करे ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَءَاتَى और वो अदा करे waātā
और वो अदा करे ٱلزَّكَوٰةَ ज़कात l-zakata
ज़कात وَلَمْ और ना walam
और ना يَخْشَ वो डरे yakhsha
वो डरे إِلَّا सिवाय illā
सिवाय ٱللَّهَ ۖ अल्लाह के l-laha
अल्लाह के فَعَسَىٰٓ तो उम्मीद है faʿasā
तो उम्मीद है أُو۟لَـٰٓئِكَ ये लोग ulāika
ये लोग أَن कि an
कि يَكُونُوا۟ वो होंगे yakūnū
वो होंगे مِنَ of mina
of ٱلْمُهْتَدِينَ हिदायत पाने वालों में से l-muh'tadīna
हिदायत पाने वालों में से ١٨ (18)
(18)
अल्लाह की मस्जिदें तो वही आबाद करता है, जो अल्लाह पर और अंतिम दिन (क़ियामत) पर ईमान लाया, तथा उसने नमाज़ क़ायम की और ज़कात दी और अल्लाह के सिवा किसी से नहीं डरा। तो ये लोग आशा है कि मार्ग दर्शन पाने वालों में से होंगे।
९:१९
۞ أَجَعَلْتُمْ
क्या बना लिया तुमने
ajaʿaltum
क्या बना लिया तुमने سِقَايَةَ पानी पिलाना siqāyata
पानी पिलाना ٱلْحَآجِّ हाजियों को l-ḥāji
हाजियों को وَعِمَارَةَ और आबाद करना waʿimārata
और आबाद करना ٱلْمَسْجِدِ मस्जिदे l-masjidi
मस्जिदे ٱلْحَرَامِ हराम को l-ḥarāmi
हराम को كَمَنْ मानिन्द उसके जो kaman
मानिन्द उसके जो ءَامَنَ ईमान लाया āmana
ईमान लाया بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَٱلْيَوْمِ and the Day wal-yawmi
and the Day ٱلْـَٔاخِرِ और आख़िरी दिन पर l-ākhiri
और आख़िरी दिन पर وَجَـٰهَدَ और उसने जिहाद किया wajāhada
और उसने जिहाद किया فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में لَا They are not equal lā
They are not equal يَسْتَوُۥنَ नहीं वो बराबर हो सकते yastawūna
नहीं वो बराबर हो सकते عِندَ near ʿinda
near ٱللَّهِ ۗ अल्लाह के नज़दीक l-lahi
अल्लाह के नज़दीक وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يَهْدِى नहीं हिदायत देता yahdī
नहीं हिदायत देता ٱلْقَوْمَ उन लोगों को l-qawma
उन लोगों को ٱلظَّـٰلِمِينَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimīna
जो ज़ालिम हैं ١٩ (19)
(19)
क्या बना लिया तुमने سِقَايَةَ पानी पिलाना siqāyata
पानी पिलाना ٱلْحَآجِّ हाजियों को l-ḥāji
हाजियों को وَعِمَارَةَ और आबाद करना waʿimārata
और आबाद करना ٱلْمَسْجِدِ मस्जिदे l-masjidi
मस्जिदे ٱلْحَرَامِ हराम को l-ḥarāmi
हराम को كَمَنْ मानिन्द उसके जो kaman
मानिन्द उसके जो ءَامَنَ ईमान लाया āmana
ईमान लाया بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَٱلْيَوْمِ and the Day wal-yawmi
and the Day ٱلْـَٔاخِرِ और आख़िरी दिन पर l-ākhiri
और आख़िरी दिन पर وَجَـٰهَدَ और उसने जिहाद किया wajāhada
और उसने जिहाद किया فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में لَا They are not equal lā
They are not equal يَسْتَوُۥنَ नहीं वो बराबर हो सकते yastawūna
नहीं वो बराबर हो सकते عِندَ near ʿinda
near ٱللَّهِ ۗ अल्लाह के नज़दीक l-lahi
अल्लाह के नज़दीक وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يَهْدِى नहीं हिदायत देता yahdī
नहीं हिदायत देता ٱلْقَوْمَ उन लोगों को l-qawma
उन लोगों को ٱلظَّـٰلِمِينَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimīna
जो ज़ालिम हैं ١٩ (19)
(19)
क्या तुमने हाजियों को पानी पिलाना और मस्जिद-ए-हराम को आबाद करना, उसके जैसा बना दिया जो अल्लाह और अंतिम दिन पर ईमान लाया और उसने अल्लाह की राह में जिहाद किया? ये अल्लाह के यहाँ बराबर नहीं हैं तथा अल्लाह अत्याचारी लोगों को मार्ग नहीं दिखाता।
९:२०
ٱلَّذِينَ
वो जो
alladhīna
वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَهَاجَرُوا۟ और उन्होंने हिजरत की wahājarū
और उन्होंने हिजरत की وَجَـٰهَدُوا۟ और उन्होंने जिहाद किया wajāhadū
और उन्होंने जिहाद किया فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में بِأَمْوَٰلِهِمْ अपने मालों से bi-amwālihim
अपने मालों से وَأَنفُسِهِمْ और अपनी जानों से wa-anfusihim
और अपनी जानों से أَعْظَمُ ज़्यादा बड़े हैं aʿẓamu
ज़्यादा बड़े हैं دَرَجَةً दर्जे में darajatan
दर्जे में عِندَ near ʿinda
near ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के नज़दीक l-lahi
अल्लाह के नज़दीक وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग हैं wa-ulāika
और यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْفَآئِزُونَ जो कामयाब होने वाले हैं l-fāizūna
जो कामयाब होने वाले हैं ٢٠ (20)
(20)
वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَهَاجَرُوا۟ और उन्होंने हिजरत की wahājarū
और उन्होंने हिजरत की وَجَـٰهَدُوا۟ और उन्होंने जिहाद किया wajāhadū
और उन्होंने जिहाद किया فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में بِأَمْوَٰلِهِمْ अपने मालों से bi-amwālihim
अपने मालों से وَأَنفُسِهِمْ और अपनी जानों से wa-anfusihim
और अपनी जानों से أَعْظَمُ ज़्यादा बड़े हैं aʿẓamu
ज़्यादा बड़े हैं دَرَجَةً दर्जे में darajatan
दर्जे में عِندَ near ʿinda
near ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के नज़दीक l-lahi
अल्लाह के नज़दीक وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग हैं wa-ulāika
और यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْفَآئِزُونَ जो कामयाब होने वाले हैं l-fāizūna
जो कामयाब होने वाले हैं ٢٠ (20)
(20)
जो लोग ईमान लाए तथा हिजरत की और अल्लाह की राह में अपने धनों और अपने प्राणों के साथ जिहाद किया, अल्लाह के यहाँ पद में अधिक बड़े हैं और वही लोग सफल हैं।
९:२१
يُبَشِّرُهُمْ
ख़ुशख़बरी देता है उन्हें
yubashiruhum
ख़ुशख़बरी देता है उन्हें رَبُّهُم रब उनका rabbuhum
रब उनका بِرَحْمَةٍۢ रहमत की biraḥmatin
रहमत की مِّنْهُ अपनी तरफ़ से min'hu
अपनी तरफ़ से وَرِضْوَٰنٍۢ और रज़ामन्दी की wariḍ'wānin
और रज़ामन्दी की وَجَنَّـٰتٍۢ और बाग़ात की wajannātin
और बाग़ात की لَّهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए فِيهَا उनमें fīhā
उनमें نَعِيمٌۭ नेअमतें हैं naʿīmun
नेअमतें हैं مُّقِيمٌ क़ायम रहने वाली muqīmun
क़ायम रहने वाली ٢١ (21)
(21)
ख़ुशख़बरी देता है उन्हें رَبُّهُم रब उनका rabbuhum
रब उनका بِرَحْمَةٍۢ रहमत की biraḥmatin
रहमत की مِّنْهُ अपनी तरफ़ से min'hu
अपनी तरफ़ से وَرِضْوَٰنٍۢ और रज़ामन्दी की wariḍ'wānin
और रज़ामन्दी की وَجَنَّـٰتٍۢ और बाग़ात की wajannātin
और बाग़ात की لَّهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए فِيهَا उनमें fīhā
उनमें نَعِيمٌۭ नेअमतें हैं naʿīmun
नेअमतें हैं مُّقِيمٌ क़ायम रहने वाली muqīmun
क़ायम रहने वाली ٢١ (21)
(21)
उनका पालनहार उन्हें अपनी ओर से दया और प्रसन्नता तथा ऐसे बाग़ों की शुभ सूचना देता है, जिनमें उनके लिए शाश्वत आनंद है।
९:२२
خَـٰلِدِينَ
हमेशा रहने वाले हैं
khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَآ उनमें fīhā
उनमें أَبَدًا ۚ हमेशा-हमेशा abadan
हमेशा-हमेशा إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عِندَهُۥٓ उसके पास ʿindahu
उसके पास أَجْرٌ अजर है ajrun
अजर है عَظِيمٌۭ बहुत बड़ा ʿaẓīmun
बहुत बड़ा ٢٢ (22)
(22)
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَآ उनमें fīhā
उनमें أَبَدًا ۚ हमेशा-हमेशा abadan
हमेशा-हमेशा إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عِندَهُۥٓ उसके पास ʿindahu
उसके पास أَجْرٌ अजर है ajrun
अजर है عَظِيمٌۭ बहुत बड़ा ʿaẓīmun
बहुत बड़ा ٢٢ (22)
(22)
जिनमें वे हमेशा रहने वाले हैं। निःसंदेह अल्लाह ही के पास बड़ा बदला है।
९:२३
يَـٰٓأَيُّهَا
O you
yāayyuhā
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَا (Do) not lā
(Do) not تَتَّخِذُوٓا۟ ना तुम बनाओ tattakhidhū
ना तुम बनाओ ءَابَآءَكُمْ अपने आबा ओ अजदाद को ābāakum
अपने आबा ओ अजदाद को وَإِخْوَٰنَكُمْ और अपने भाईयों को wa-ikh'wānakum
और अपने भाईयों को أَوْلِيَآءَ दोस्त awliyāa
दोस्त إِنِ अगर ini
अगर ٱسْتَحَبُّوا۟ वो तरजीह दें is'taḥabbū
वो तरजीह दें ٱلْكُفْرَ कुफ़्र को l-kuf'ra
कुफ़्र को عَلَى over ʿalā
over ٱلْإِيمَـٰنِ ۚ ईमान पर l-īmāni
ईमान पर وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَتَوَلَّهُم दोस्त रखेगा उन्हें yatawallahum
दोस्त रखेगा उन्हें مِّنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلظَّـٰلِمُونَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimūna
जो ज़ालिम हैं ٢٣ (23)
(23)
O you ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो لَا (Do) not lā
(Do) not تَتَّخِذُوٓا۟ ना तुम बनाओ tattakhidhū
ना तुम बनाओ ءَابَآءَكُمْ अपने आबा ओ अजदाद को ābāakum
अपने आबा ओ अजदाद को وَإِخْوَٰنَكُمْ और अपने भाईयों को wa-ikh'wānakum
और अपने भाईयों को أَوْلِيَآءَ दोस्त awliyāa
दोस्त إِنِ अगर ini
अगर ٱسْتَحَبُّوا۟ वो तरजीह दें is'taḥabbū
वो तरजीह दें ٱلْكُفْرَ कुफ़्र को l-kuf'ra
कुफ़्र को عَلَى over ʿalā
over ٱلْإِيمَـٰنِ ۚ ईमान पर l-īmāni
ईमान पर وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَتَوَلَّهُم दोस्त रखेगा उन्हें yatawallahum
दोस्त रखेगा उन्हें مِّنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلظَّـٰلِمُونَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimūna
जो ज़ालिम हैं ٢٣ (23)
(23)
ऐ ईमान वालो! अपने बापों और अपने भाइयों को दोस्त न बनाओ, यदि वे ईमान की अपेक्षा कुफ़्र से प्रेम करें, और तुममें से जो व्यक्ति उनसे दोस्ती रखेगा, तो वही लोग अत्याचारी हैं।
९:२४
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए إِن अगर in
अगर كَانَ हैं kāna
हैं ءَابَآؤُكُمْ आबा ओ अजदाद तुम्हारे ābāukum
आबा ओ अजदाद तुम्हारे وَأَبْنَآؤُكُمْ और बेटे तुम्हारे wa-abnāukum
और बेटे तुम्हारे وَإِخْوَٰنُكُمْ और भाई तुम्हारे wa-ikh'wānukum
और भाई तुम्हारे وَأَزْوَٰجُكُمْ और बीवियाँ तुम्हारी wa-azwājukum
और बीवियाँ तुम्हारी وَعَشِيرَتُكُمْ और ख़ानदान तुम्हारे waʿashīratukum
और ख़ानदान तुम्हारे وَأَمْوَٰلٌ और माल wa-amwālun
और माल ٱقْتَرَفْتُمُوهَا कमाया तुमने जिन्हें iq'taraftumūhā
कमाया तुमने जिन्हें وَتِجَـٰرَةٌۭ और तिजारत watijāratun
और तिजारत تَخْشَوْنَ तुम डरते हो takhshawna
तुम डरते हो كَسَادَهَا उसके मन्दा होने से kasādahā
उसके मन्दा होने से وَمَسَـٰكِنُ और घर wamasākinu
और घर تَرْضَوْنَهَآ तुम पसंद करते हो जिन्हें tarḍawnahā
तुम पसंद करते हो जिन्हें أَحَبَّ ज़्यादा महबूब हैं aḥabba
ज़्यादा महबूब हैं إِلَيْكُم तरफ़ तुम्हारे ilaykum
तरफ़ तुम्हारे مِّنَ than mina
than ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से وَرَسُولِهِۦ और उसके रसूल से warasūlihi
और उसके रसूल से وَجِهَادٍۢ और जिहाद से wajihādin
और जिहाद से فِى in fī
in سَبِيلِهِۦ उसके रास्ते में sabīlihi
उसके रास्ते में فَتَرَبَّصُوا۟ तो इन्तिज़ार करो fatarabbaṣū
तो इन्तिज़ार करो حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَأْتِىَ ले आए yatiya
ले आए ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِأَمْرِهِۦ ۗ फ़ैसला अपना bi-amrihi
फ़ैसला अपना وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يَهْدِى नहीं वो हिदायत देता yahdī
नहीं वो हिदायत देता ٱلْقَوْمَ उन लोगों को l-qawma
उन लोगों को ٱلْفَـٰسِقِينَ जो फ़ासिक़ हैं l-fāsiqīna
जो फ़ासिक़ हैं ٢٤ (24)
(24)
कह दीजिए إِن अगर in
अगर كَانَ हैं kāna
हैं ءَابَآؤُكُمْ आबा ओ अजदाद तुम्हारे ābāukum
आबा ओ अजदाद तुम्हारे وَأَبْنَآؤُكُمْ और बेटे तुम्हारे wa-abnāukum
और बेटे तुम्हारे وَإِخْوَٰنُكُمْ और भाई तुम्हारे wa-ikh'wānukum
और भाई तुम्हारे وَأَزْوَٰجُكُمْ और बीवियाँ तुम्हारी wa-azwājukum
और बीवियाँ तुम्हारी وَعَشِيرَتُكُمْ और ख़ानदान तुम्हारे waʿashīratukum
और ख़ानदान तुम्हारे وَأَمْوَٰلٌ और माल wa-amwālun
और माल ٱقْتَرَفْتُمُوهَا कमाया तुमने जिन्हें iq'taraftumūhā
कमाया तुमने जिन्हें وَتِجَـٰرَةٌۭ और तिजारत watijāratun
और तिजारत تَخْشَوْنَ तुम डरते हो takhshawna
तुम डरते हो كَسَادَهَا उसके मन्दा होने से kasādahā
उसके मन्दा होने से وَمَسَـٰكِنُ और घर wamasākinu
और घर تَرْضَوْنَهَآ तुम पसंद करते हो जिन्हें tarḍawnahā
तुम पसंद करते हो जिन्हें أَحَبَّ ज़्यादा महबूब हैं aḥabba
ज़्यादा महबूब हैं إِلَيْكُم तरफ़ तुम्हारे ilaykum
तरफ़ तुम्हारे مِّنَ than mina
than ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से وَرَسُولِهِۦ और उसके रसूल से warasūlihi
और उसके रसूल से وَجِهَادٍۢ और जिहाद से wajihādin
और जिहाद से فِى in fī
in سَبِيلِهِۦ उसके रास्ते में sabīlihi
उसके रास्ते में فَتَرَبَّصُوا۟ तो इन्तिज़ार करो fatarabbaṣū
तो इन्तिज़ार करो حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَأْتِىَ ले आए yatiya
ले आए ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِأَمْرِهِۦ ۗ फ़ैसला अपना bi-amrihi
फ़ैसला अपना وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يَهْدِى नहीं वो हिदायत देता yahdī
नहीं वो हिदायत देता ٱلْقَوْمَ उन लोगों को l-qawma
उन लोगों को ٱلْفَـٰسِقِينَ जो फ़ासिक़ हैं l-fāsiqīna
जो फ़ासिक़ हैं ٢٤ (24)
(24)
(ऐ नबी!) कह दो कि यदि तुम्हारे बाप और तुम्हारे बेटे और तुम्हारे भाई और तुम्हारी पत्नियाँ और तुम्हारे परिवार और (वे) धन जो तुमने कमाए हैं और (वह) व्यापार जिसके मंदा होने से तुम डरते हो तथा रहने के घर जिन्हें तुम पसंद करते हो, तुम्हें अल्लाह तथा उसके रसूल और अल्लाह की राह में जिहाद करने से अधिक प्रिय हैं, तो प्रतीक्षा करो, यहाँ तक कि अल्लाह अपना हुक्म ले आए और अल्लाह अवज्ञाकारियों को मार्ग नहीं दिखाता।
९:२५
لَقَدْ
अलबत्ता तहक़ीक़
laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ نَصَرَكُمُ मदद की तुम्हारी naṣarakumu
मदद की तुम्हारी ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने فِى in fī
in مَوَاطِنَ जगहों में mawāṭina
जगहों में كَثِيرَةٍۢ ۙ बहुत सी kathīratin
बहुत सी وَيَوْمَ and (on the) day wayawma
and (on the) day حُنَيْنٍ ۙ और हुनैन के दिन ḥunaynin
और हुनैन के दिन إِذْ जब idh
जब أَعْجَبَتْكُمْ भली लगी तुम्हें aʿjabatkum
भली लगी तुम्हें كَثْرَتُكُمْ कसरत तुम्हारी kathratukum
कसरत तुम्हारी فَلَمْ पस ना falam
पस ना تُغْنِ उसने फ़ायदा दिया tugh'ni
उसने फ़ायदा दिया عَنكُمْ तुम्हें ʿankum
तुम्हें شَيْـًۭٔا कुछ भी shayan
कुछ भी وَضَاقَتْ और तंग हो गई waḍāqat
और तंग हो गई عَلَيْكُمُ तुम पर ʿalaykumu
तुम पर ٱلْأَرْضُ ज़मीन l-arḍu
ज़मीन بِمَا बावजूद उसके जो bimā
बावजूद उसके जो رَحُبَتْ कुशादा थी raḥubat
कुशादा थी ثُمَّ फिर thumma
फिर وَلَّيْتُم फिर गए तुम wallaytum
फिर गए तुम مُّدْبِرِينَ पीठ फेर कर mud'birīna
पीठ फेर कर ٢٥ (25)
(25)
अलबत्ता तहक़ीक़ نَصَرَكُمُ मदद की तुम्हारी naṣarakumu
मदद की तुम्हारी ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने فِى in fī
in مَوَاطِنَ जगहों में mawāṭina
जगहों में كَثِيرَةٍۢ ۙ बहुत सी kathīratin
बहुत सी وَيَوْمَ and (on the) day wayawma
and (on the) day حُنَيْنٍ ۙ और हुनैन के दिन ḥunaynin
और हुनैन के दिन إِذْ जब idh
जब أَعْجَبَتْكُمْ भली लगी तुम्हें aʿjabatkum
भली लगी तुम्हें كَثْرَتُكُمْ कसरत तुम्हारी kathratukum
कसरत तुम्हारी فَلَمْ पस ना falam
पस ना تُغْنِ उसने फ़ायदा दिया tugh'ni
उसने फ़ायदा दिया عَنكُمْ तुम्हें ʿankum
तुम्हें شَيْـًۭٔا कुछ भी shayan
कुछ भी وَضَاقَتْ और तंग हो गई waḍāqat
और तंग हो गई عَلَيْكُمُ तुम पर ʿalaykumu
तुम पर ٱلْأَرْضُ ज़मीन l-arḍu
ज़मीन بِمَا बावजूद उसके जो bimā
बावजूद उसके जो رَحُبَتْ कुशादा थी raḥubat
कुशादा थी ثُمَّ फिर thumma
फिर وَلَّيْتُم फिर गए तुम wallaytum
फिर गए तुम مُّدْبِرِينَ पीठ फेर कर mud'birīna
पीठ फेर कर ٢٥ (25)
(25)
निःसंदेह अल्लाह ने बहुत-से स्थानों पर तुम्हारी सहायता की तथा हुनैन1 के दिन भी, जब तुम्हारी बहुतायत ने तुम्हें आत्ममुग्ध बना दिया, फिर वह तुम्हारे कुछ काम न आई तथा तुमपर धरती अपने विस्तार के उपरांत तंग हो गई, फिर तुम पीठ फेरते हुए लौट गए।
९:२६
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर أَنزَلَ उतारी anzala
उतारी ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने سَكِينَتَهُۥ सकीनत अपनी sakīnatahu
सकीनत अपनी عَلَىٰ on ʿalā
on رَسُولِهِۦ अपने रसूल पर rasūlihi
अपने रसूल पर وَعَلَى and on waʿalā
and on ٱلْمُؤْمِنِينَ और मोमिनों पर l-mu'minīna
और मोमिनों पर وَأَنزَلَ और उसने उतारे wa-anzala
और उसने उतारे جُنُودًۭا ऐसे लश्कर junūdan
ऐसे लश्कर لَّمْ नहीं lam
नहीं تَرَوْهَا नहीं देखा तुमने उन्हें tarawhā
नहीं देखा तुमने उन्हें وَعَذَّبَ और उसने अज़ाब दिया waʿadhaba
और उसने अज़ाब दिया ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने كَفَرُوا۟ ۚ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया وَذَٰلِكَ और यही है wadhālika
और यही है جَزَآءُ बदला jazāu
बदला ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों का l-kāfirīna
काफ़िरों का ٢٦ (26)
(26)
फिर أَنزَلَ उतारी anzala
उतारी ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने سَكِينَتَهُۥ सकीनत अपनी sakīnatahu
सकीनत अपनी عَلَىٰ on ʿalā
on رَسُولِهِۦ अपने रसूल पर rasūlihi
अपने रसूल पर وَعَلَى and on waʿalā
and on ٱلْمُؤْمِنِينَ और मोमिनों पर l-mu'minīna
और मोमिनों पर وَأَنزَلَ और उसने उतारे wa-anzala
और उसने उतारे جُنُودًۭا ऐसे लश्कर junūdan
ऐसे लश्कर لَّمْ नहीं lam
नहीं تَرَوْهَا नहीं देखा तुमने उन्हें tarawhā
नहीं देखा तुमने उन्हें وَعَذَّبَ और उसने अज़ाब दिया waʿadhaba
और उसने अज़ाब दिया ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने كَفَرُوا۟ ۚ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया وَذَٰلِكَ और यही है wadhālika
और यही है جَزَآءُ बदला jazāu
बदला ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों का l-kāfirīna
काफ़िरों का ٢٦ (26)
(26)
फिर अल्लाह ने अपने रसूल पर और ईमानवालों पर अपनी शांति उतारी, और ऐसी सेनाएँ उतारीं जिन्हें तुमने नहीं देखा1, और उन लोगों को दंड दिया जिन्होंने कुफ़्र किया, और यही काफ़िरों का बदला है।
९:२७
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर يَتُوبُ मेहरबान होगा yatūbu
मेहरबान होगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مِنۢ after min
after بَعْدِ बाद baʿdi
बाद ذَٰلِكَ इसके dhālika
इसके عَلَىٰ for ʿalā
for مَن जिस पर man
जिस पर يَشَآءُ ۗ वो चाहेगा yashāu
वो चाहेगा وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ٢٧ (27)
(27)
फिर يَتُوبُ मेहरबान होगा yatūbu
मेहरबान होगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مِنۢ after min
after بَعْدِ बाद baʿdi
बाद ذَٰلِكَ इसके dhālika
इसके عَلَىٰ for ʿalā
for مَن जिस पर man
जिस पर يَشَآءُ ۗ वो चाहेगा yashāu
वो चाहेगा وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ٢٧ (27)
(27)
फिर इसके बाद अल्लाह जिसकी चाहेगा, तौबा क़बूल1 करेगा। और अल्लाह अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान है।
९:२८
يَـٰٓأَيُّهَا
O you who believe
yāayyuhā
O you who believe ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक ٱلْمُشْرِكُونَ मुशरिकीन l-mush'rikūna
मुशरिकीन نَجَسٌۭ नापाक हैं najasun
नापाक हैं فَلَا तो ना falā
तो ना يَقْرَبُوا۟ वो क़रीब आऐं yaqrabū
वो क़रीब आऐं ٱلْمَسْجِدَ मस्जिदे l-masjida
मस्जिदे ٱلْحَرَامَ हराम के l-ḥarāma
हराम के بَعْدَ बाद baʿda
बाद عَامِهِمْ this, their (final) year ʿāmihim
this, their (final) year هَـٰذَا ۚ अपने इस साल के hādhā
अपने इस साल के وَإِنْ और अगर wa-in
और अगर خِفْتُمْ ख़ौफ़ हो तुम्हें khif'tum
ख़ौफ़ हो तुम्हें عَيْلَةًۭ मुफ़लिसी का ʿaylatan
मुफ़लिसी का فَسَوْفَ तो अनक़रीब fasawfa
तो अनक़रीब يُغْنِيكُمُ ग़नी कर देगा तुम्हें yugh'nīkumu
ग़नी कर देगा तुम्हें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مِن from min
from فَضْلِهِۦٓ अपने फ़ज़ल से faḍlihi
अपने फ़ज़ल से إِن अगर in
अगर شَآءَ ۚ वो चाहे shāa
वो चाहे إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَلِيمٌ ख़ूब इल्म वाला है ʿalīmun
ख़ूब इल्म वाला है حَكِيمٌۭ बहत हिकमत वाला है ḥakīmun
बहत हिकमत वाला है ٢٨ (28)
(28)
O you who believe ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक ٱلْمُشْرِكُونَ मुशरिकीन l-mush'rikūna
मुशरिकीन نَجَسٌۭ नापाक हैं najasun
नापाक हैं فَلَا तो ना falā
तो ना يَقْرَبُوا۟ वो क़रीब आऐं yaqrabū
वो क़रीब आऐं ٱلْمَسْجِدَ मस्जिदे l-masjida
मस्जिदे ٱلْحَرَامَ हराम के l-ḥarāma
हराम के بَعْدَ बाद baʿda
बाद عَامِهِمْ this, their (final) year ʿāmihim
this, their (final) year هَـٰذَا ۚ अपने इस साल के hādhā
अपने इस साल के وَإِنْ और अगर wa-in
और अगर خِفْتُمْ ख़ौफ़ हो तुम्हें khif'tum
ख़ौफ़ हो तुम्हें عَيْلَةًۭ मुफ़लिसी का ʿaylatan
मुफ़लिसी का فَسَوْفَ तो अनक़रीब fasawfa
तो अनक़रीब يُغْنِيكُمُ ग़नी कर देगा तुम्हें yugh'nīkumu
ग़नी कर देगा तुम्हें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مِن from min
from فَضْلِهِۦٓ अपने फ़ज़ल से faḍlihi
अपने फ़ज़ल से إِن अगर in
अगर شَآءَ ۚ वो चाहे shāa
वो चाहे إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَلِيمٌ ख़ूब इल्म वाला है ʿalīmun
ख़ूब इल्म वाला है حَكِيمٌۭ बहत हिकमत वाला है ḥakīmun
बहत हिकमत वाला है ٢٨ (28)
(28)
ऐ ईमान लाने वालो! निःसंदेह बहुदेववादी अशुद्ध हैं। अतः वे इस वर्ष1 के बाद मस्जिद-ए-हराम के पास न आएँ। और यदि तुम किसी प्रकार की गरीबी से डरते2 हो, तो अल्लाह जल्द ही तुम्हें अपनी कृपा से समृद्ध करेगा, यदि उसने चाहा। निःसंदेह अल्लाह सब कुछ जानने वाला, पूर्ण हिकमत वाला है।
९:२९
قَـٰتِلُوا۟
जंग करो
qātilū
जंग करो ٱلَّذِينَ उनसे जो alladhīna
उनसे जो لَا नहीं lā
नहीं يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान रखते yu'minūna
नहीं वो ईमान रखते بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَلَا और ना walā
और ना بِٱلْيَوْمِ in the Day bil-yawmi
in the Day ٱلْـَٔاخِرِ आख़िरी दिन पर l-ākhiri
आख़िरी दिन पर وَلَا और नहीं walā
और नहीं يُحَرِّمُونَ वो हराम समझते yuḥarrimūna
वो हराम समझते مَا जो mā
जो حَرَّمَ हराम किया ḥarrama
हराम किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَرَسُولُهُۥ और उसके रसूल ने warasūluhu
और उसके रसूल ने وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَدِينُونَ वो दीन बनाते yadīnūna
वो दीन बनाते دِينَ दीने dīna
दीने ٱلْحَقِّ हक़ को l-ḥaqi
हक़ को مِنَ from mina
from ٱلَّذِينَ उनमें से जो alladhīna
उनमें से जो أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يُعْطُوا۟ वो दे दें yuʿ'ṭū
वो दे दें ٱلْجِزْيَةَ जिज़या l-jiz'yata
जिज़या عَن willingly ʿan
willingly يَدٍۢ हाथ से yadin
हाथ से وَهُمْ इस हाल में कि वो wahum
इस हाल में कि वो صَـٰغِرُونَ ज़लील हों ṣāghirūna
ज़लील हों ٢٩ (29)
(29)
जंग करो ٱلَّذِينَ उनसे जो alladhīna
उनसे जो لَا नहीं lā
नहीं يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान रखते yu'minūna
नहीं वो ईमान रखते بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَلَا और ना walā
और ना بِٱلْيَوْمِ in the Day bil-yawmi
in the Day ٱلْـَٔاخِرِ आख़िरी दिन पर l-ākhiri
आख़िरी दिन पर وَلَا और नहीं walā
और नहीं يُحَرِّمُونَ वो हराम समझते yuḥarrimūna
वो हराम समझते مَا जो mā
जो حَرَّمَ हराम किया ḥarrama
हराम किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَرَسُولُهُۥ और उसके रसूल ने warasūluhu
और उसके रसूल ने وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَدِينُونَ वो दीन बनाते yadīnūna
वो दीन बनाते دِينَ दीने dīna
दीने ٱلْحَقِّ हक़ को l-ḥaqi
हक़ को مِنَ from mina
from ٱلَّذِينَ उनमें से जो alladhīna
उनमें से जो أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يُعْطُوا۟ वो दे दें yuʿ'ṭū
वो दे दें ٱلْجِزْيَةَ जिज़या l-jiz'yata
जिज़या عَن willingly ʿan
willingly يَدٍۢ हाथ से yadin
हाथ से وَهُمْ इस हाल में कि वो wahum
इस हाल में कि वो صَـٰغِرُونَ ज़लील हों ṣāghirūna
ज़लील हों ٢٩ (29)
(29)
(ऐ ईमान वालो!) उन किताब वालों से युद्ध करो, जो न अल्लाह पर ईमान रखते हैं और न अंतिम दिन (क़ियामत) पर, और न उसे हराम समझते हैं, जिसे अल्लाह और उसके रसूल ने हराम (वर्जित) किया है और न सत्धर्म को अपनाते हैं, यहाँ तक कि वे अपमानित होकर अपने हाथ से जिज़या दें।
९:३०
وَقَالَتِ
और कहा
waqālati
और कहा ٱلْيَهُودُ यहूद ने l-yahūdu
यहूद ने عُزَيْرٌ उज़ैर ʿuzayrun
उज़ैर ٱبْنُ बेटे हैं ub'nu
बेटे हैं ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَقَالَتِ और कहा waqālati
और कहा ٱلنَّصَـٰرَى नसारा ने l-naṣārā
नसारा ने ٱلْمَسِيحُ मसीह l-masīḥu
मसीह ٱبْنُ बेटे हैं ub'nu
बेटे हैं ٱللَّهِ ۖ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ذَٰلِكَ ये dhālika
ये قَوْلُهُم बात है उनकी qawluhum
बात है उनकी بِأَفْوَٰهِهِمْ ۖ उनके मुँहों से bi-afwāhihim
उनके मुँहों से يُضَـٰهِـُٔونَ वो नक़ल करते हैं yuḍāhiūna
वो नक़ल करते हैं قَوْلَ बात qawla
बात ٱلَّذِينَ उनकी जिन्होंने alladhīna
उनकी जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया مِن before min
before قَبْلُ ۚ इससे पहले qablu
इससे पहले قَـٰتَلَهُمُ हलाक करे उन्हें qātalahumu
हलाक करे उन्हें ٱللَّهُ ۚ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَنَّىٰ कहाँ से annā
कहाँ से يُؤْفَكُونَ वो फेरे जाते हैं yu'fakūna
वो फेरे जाते हैं ٣٠ (30)
(30)
और कहा ٱلْيَهُودُ यहूद ने l-yahūdu
यहूद ने عُزَيْرٌ उज़ैर ʿuzayrun
उज़ैर ٱبْنُ बेटे हैं ub'nu
बेटे हैं ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَقَالَتِ और कहा waqālati
और कहा ٱلنَّصَـٰرَى नसारा ने l-naṣārā
नसारा ने ٱلْمَسِيحُ मसीह l-masīḥu
मसीह ٱبْنُ बेटे हैं ub'nu
बेटे हैं ٱللَّهِ ۖ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ذَٰلِكَ ये dhālika
ये قَوْلُهُم बात है उनकी qawluhum
बात है उनकी بِأَفْوَٰهِهِمْ ۖ उनके मुँहों से bi-afwāhihim
उनके मुँहों से يُضَـٰهِـُٔونَ वो नक़ल करते हैं yuḍāhiūna
वो नक़ल करते हैं قَوْلَ बात qawla
बात ٱلَّذِينَ उनकी जिन्होंने alladhīna
उनकी जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया مِن before min
before قَبْلُ ۚ इससे पहले qablu
इससे पहले قَـٰتَلَهُمُ हलाक करे उन्हें qātalahumu
हलाक करे उन्हें ٱللَّهُ ۚ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَنَّىٰ कहाँ से annā
कहाँ से يُؤْفَكُونَ वो फेरे जाते हैं yu'fakūna
वो फेरे जाते हैं ٣٠ (30)
(30)
तथा यहूदियों ने कहा कि उज़ैर अल्लाह का पुत्र है और ईसाइयों ने कहा कि मसीह अल्लाह का पुत्र है। ये उनके अपने मुँह की बातें हैं। वे उन लोगों जैसी बातें कर रहे हैं, जिन्होंने इनसे पहले कुफ़्र किया। उनपर अल्लाह की मार हो! वे कहाँ बहकाए जा रहे हैं?
९:३१
ٱتَّخَذُوٓا۟
उन्होंने बना लिया
ittakhadhū
उन्होंने बना लिया أَحْبَارَهُمْ अपने उलमा को aḥbārahum
अपने उलमा को وَرُهْبَـٰنَهُمْ और अपने राहिबों को waruh'bānahum
और अपने राहिबों को أَرْبَابًۭا रब (मुख़्तलिफ़) arbāban
रब (मुख़्तलिफ़) مِّن besides min
besides دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَٱلْمَسِيحَ and the Messiah wal-masīḥa
and the Messiah ٱبْنَ son ib'na
son مَرْيَمَ और मसीह इब्ने मरियम को maryama
और मसीह इब्ने मरियम को وَمَآ हालाँकि नहीं wamā
हालाँकि नहीं أُمِرُوٓا۟ वो हुक्म दिए गए umirū
वो हुक्म दिए गए إِلَّا मगर illā
मगर لِيَعْبُدُوٓا۟ ये कि वो इबादत करें liyaʿbudū
ये कि वो इबादत करें إِلَـٰهًۭا इलाह की ilāhan
इलाह की وَٰحِدًۭا ۖ एक ही wāḥidan
एक ही لَّآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ ۚ वो ही huwa
वो ही سُبْحَـٰنَهُۥ पाक है वो sub'ḥānahu
पाक है वो عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो يُشْرِكُونَ वो शरीक ठहराते हैं yush'rikūna
वो शरीक ठहराते हैं ٣١ (31)
(31)
उन्होंने बना लिया أَحْبَارَهُمْ अपने उलमा को aḥbārahum
अपने उलमा को وَرُهْبَـٰنَهُمْ और अपने राहिबों को waruh'bānahum
और अपने राहिबों को أَرْبَابًۭا रब (मुख़्तलिफ़) arbāban
रब (मुख़्तलिफ़) مِّن besides min
besides دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَٱلْمَسِيحَ and the Messiah wal-masīḥa
and the Messiah ٱبْنَ son ib'na
son مَرْيَمَ और मसीह इब्ने मरियम को maryama
और मसीह इब्ने मरियम को وَمَآ हालाँकि नहीं wamā
हालाँकि नहीं أُمِرُوٓا۟ वो हुक्म दिए गए umirū
वो हुक्म दिए गए إِلَّا मगर illā
मगर لِيَعْبُدُوٓا۟ ये कि वो इबादत करें liyaʿbudū
ये कि वो इबादत करें إِلَـٰهًۭا इलाह की ilāhan
इलाह की وَٰحِدًۭا ۖ एक ही wāḥidan
एक ही لَّآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ ۚ वो ही huwa
वो ही سُبْحَـٰنَهُۥ पाक है वो sub'ḥānahu
पाक है वो عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो يُشْرِكُونَ वो शरीक ठहराते हैं yush'rikūna
वो शरीक ठहराते हैं ٣١ (31)
(31)
उन्होंने अपने विद्वानों और अपने दरवेशों को अल्लाह के सिवा रब बना1 लिया तथा मरयम के पुत्र मसीह को (भी)। हालाँकि, उन्हें इसके सिवा आदेश नहीं दिया गया था कि वे एक पूज्य की इबादत करें, उसके सिवा कोई सच्चा पूज्य नहीं। वह उससे पवित्र है, जो वे साझी बनाते हैं।
९:३२
يُرِيدُونَ
वो चाहते हैं
yurīdūna
वो चाहते हैं أَن कि an
कि يُطْفِـُٔوا۟ वो बुझा दें yuṭ'fiū
वो बुझा दें نُورَ नूर nūra
नूर ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का بِأَفْوَٰهِهِمْ अपने मुँहों से bi-afwāhihim
अपने मुँहों से وَيَأْبَى और इन्कार करता है wayabā
और इन्कार करता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि वो इबादत करें an
ये कि वो इबादत करें يُتِمَّ वो पूरा करे yutimma
वो पूरा करे نُورَهُۥ अपने नूर को nūrahu
अपने नूर को وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे كَرِهَ नापसंद करें kariha
नापसंद करें ٱلْكَـٰفِرُونَ काफ़िर l-kāfirūna
काफ़िर ٣٢ (32)
(32)
वो चाहते हैं أَن कि an
कि يُطْفِـُٔوا۟ वो बुझा दें yuṭ'fiū
वो बुझा दें نُورَ नूर nūra
नूर ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का بِأَفْوَٰهِهِمْ अपने मुँहों से bi-afwāhihim
अपने मुँहों से وَيَأْبَى और इन्कार करता है wayabā
और इन्कार करता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि वो इबादत करें an
ये कि वो इबादत करें يُتِمَّ वो पूरा करे yutimma
वो पूरा करे نُورَهُۥ अपने नूर को nūrahu
अपने नूर को وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे كَرِهَ नापसंद करें kariha
नापसंद करें ٱلْكَـٰفِرُونَ काफ़िर l-kāfirūna
काफ़िर ٣٢ (32)
(32)
वे चाहते हैं कि अल्लाह के प्रकाश को अपने मुँह से से बुझा1 दें, हालाँकि अल्लाह अपने प्रकाश को पूरा किए बिना नहीं रहेगा, भले ही काफिरों को बुरा लगे।
९:३३
هُوَ
वो ही है
huwa
वो ही है ٱلَّذِىٓ जिसने alladhī
जिसने أَرْسَلَ भेजा arsala
भेजा رَسُولَهُۥ अपने रसूल को rasūlahu
अपने रसूल को بِٱلْهُدَىٰ साथ हिदायत bil-hudā
साथ हिदायत وَدِينِ और दीने wadīni
और दीने ٱلْحَقِّ हक़ के l-ḥaqi
हक़ के لِيُظْهِرَهُۥ ताकि वो ग़ालिब कर दे उसे liyuẓ'hirahu
ताकि वो ग़ालिब कर दे उसे عَلَى over ʿalā
over ٱلدِّينِ दीन पर l-dīni
दीन पर كُلِّهِۦ सबके सब kullihi
सबके सब وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे كَرِهَ नापसंद करें kariha
नापसंद करें ٱلْمُشْرِكُونَ मुशरिक l-mush'rikūna
मुशरिक ٣٣ (33)
(33)
वो ही है ٱلَّذِىٓ जिसने alladhī
जिसने أَرْسَلَ भेजा arsala
भेजा رَسُولَهُۥ अपने रसूल को rasūlahu
अपने रसूल को بِٱلْهُدَىٰ साथ हिदायत bil-hudā
साथ हिदायत وَدِينِ और दीने wadīni
और दीने ٱلْحَقِّ हक़ के l-ḥaqi
हक़ के لِيُظْهِرَهُۥ ताकि वो ग़ालिब कर दे उसे liyuẓ'hirahu
ताकि वो ग़ालिब कर दे उसे عَلَى over ʿalā
over ٱلدِّينِ दीन पर l-dīni
दीन पर كُلِّهِۦ सबके सब kullihi
सबके सब وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे كَرِهَ नापसंद करें kariha
नापसंद करें ٱلْمُشْرِكُونَ मुशरिक l-mush'rikūna
मुशरिक ٣٣ (33)
(33)
वही है जिसने अपने रसूल1 को मार्गदर्शन तथा सत्धर्म (इस्लाम) के साथ भेजा, ताकि उसे प्रत्येक धर्म पर प्रभुत्व प्रदान कर दे2, भले ही बहुदेववादियों को बुरा लगे।
९:३४
۞ يَـٰٓأَيُّهَا
ऐ
yāayyuhā
ऐ ٱلَّذِينَ लोगो जो alladhīna
लोगो जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो إِنَّ बेशक inna
बेशक كَثِيرًۭا बहुत से kathīran
बहुत से مِّنَ of mina
of ٱلْأَحْبَارِ उलमा में से l-aḥbāri
उलमा में से وَٱلرُّهْبَانِ और राहिबों में से wal-ruh'bāni
और राहिबों में से لَيَأْكُلُونَ अलबत्ता खाते हैं layakulūna
अलबत्ता खाते हैं أَمْوَٰلَ माल amwāla
माल ٱلنَّاسِ लोगों के l-nāsi
लोगों के بِٱلْبَـٰطِلِ नाहक़ bil-bāṭili
नाहक़ وَيَصُدُّونَ और वो रोकते हैं wayaṣuddūna
और वो रोकते हैं عَن from ʿan
from سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ ۗ अल्लाह के रास्ते से l-lahi
अल्लाह के रास्ते से وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो يَكْنِزُونَ जमा करते हैं yaknizūna
जमा करते हैं ٱلذَّهَبَ सोना l-dhahaba
सोना وَٱلْفِضَّةَ और चाँदी wal-fiḍata
और चाँदी وَلَا और नहीं walā
और नहीं يُنفِقُونَهَا वो ख़र्च करते उसे yunfiqūnahā
वो ख़र्च करते उसे فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में فَبَشِّرْهُم पस ख़ुशख़बरी दे दीजिए उन्हें fabashir'hum
पस ख़ुशख़बरी दे दीजिए उन्हें بِعَذَابٍ अज़ाब biʿadhābin
अज़ाब أَلِيمٍۢ दर्दनाक की alīmin
दर्दनाक की ٣٤ (34)
(34)
ऐ ٱلَّذِينَ लोगो जो alladhīna
लोगो जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो إِنَّ बेशक inna
बेशक كَثِيرًۭا बहुत से kathīran
बहुत से مِّنَ of mina
of ٱلْأَحْبَارِ उलमा में से l-aḥbāri
उलमा में से وَٱلرُّهْبَانِ और राहिबों में से wal-ruh'bāni
और राहिबों में से لَيَأْكُلُونَ अलबत्ता खाते हैं layakulūna
अलबत्ता खाते हैं أَمْوَٰلَ माल amwāla
माल ٱلنَّاسِ लोगों के l-nāsi
लोगों के بِٱلْبَـٰطِلِ नाहक़ bil-bāṭili
नाहक़ وَيَصُدُّونَ और वो रोकते हैं wayaṣuddūna
और वो रोकते हैं عَن from ʿan
from سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ ۗ अल्लाह के रास्ते से l-lahi
अल्लाह के रास्ते से وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो يَكْنِزُونَ जमा करते हैं yaknizūna
जमा करते हैं ٱلذَّهَبَ सोना l-dhahaba
सोना وَٱلْفِضَّةَ और चाँदी wal-fiḍata
और चाँदी وَلَا और नहीं walā
और नहीं يُنفِقُونَهَا वो ख़र्च करते उसे yunfiqūnahā
वो ख़र्च करते उसे فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में فَبَشِّرْهُم पस ख़ुशख़बरी दे दीजिए उन्हें fabashir'hum
पस ख़ुशख़बरी दे दीजिए उन्हें بِعَذَابٍ अज़ाब biʿadhābin
अज़ाब أَلِيمٍۢ दर्दनाक की alīmin
दर्दनाक की ٣٤ (34)
(34)
ऐ ईमान वालो! निःसंदेह बहुत-से विद्वान तथा दरवेश निश्चित रूप से लोगों का धन अवैध तरीके से खाते हैं और अल्लाह की राह से रोकते हैं। तथा जो लोग सोना-चाँदी एकत्र करके रखते हैं और उसे अल्लाह की राह में खर्च नहीं करते, तो उन्हें दर्दनाक अज़ाब की ख़ुशख़बरी दे दो।
९:३५
يَوْمَ
जिस दिन
yawma
जिस दिन يُحْمَىٰ तपाया जाएगा yuḥ'mā
तपाया जाएगा عَلَيْهَا उस (माल) को ʿalayhā
उस (माल) को فِى in fī
in نَارِ आग में nāri
आग में جَهَنَّمَ जहन्नम की jahannama
जहन्नम की فَتُكْوَىٰ फिर दाग़ी जाऐंगी fatuk'wā
फिर दाग़ी जाऐंगी بِهَا साथ उसके bihā
साथ उसके جِبَاهُهُمْ पेशानियाँ उनकी jibāhuhum
पेशानियाँ उनकी وَجُنُوبُهُمْ और पहलू उनके wajunūbuhum
और पहलू उनके وَظُهُورُهُمْ ۖ और पुश्तें उनकी waẓuhūruhum
और पुश्तें उनकी هَـٰذَا ये है hādhā
ये है مَا जो mā
जो كَنَزْتُمْ जमा किया तुमने kanaztum
जमा किया तुमने لِأَنفُسِكُمْ अपने नफ़्सों के लिए li-anfusikum
अपने नफ़्सों के लिए فَذُوقُوا۟ पस मज़ा चखो fadhūqū
पस मज़ा चखो مَا जो mā
जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَكْنِزُونَ तुम जमा करते taknizūna
तुम जमा करते ٣٥ (35)
(35)
जिस दिन يُحْمَىٰ तपाया जाएगा yuḥ'mā
तपाया जाएगा عَلَيْهَا उस (माल) को ʿalayhā
उस (माल) को فِى in fī
in نَارِ आग में nāri
आग में جَهَنَّمَ जहन्नम की jahannama
जहन्नम की فَتُكْوَىٰ फिर दाग़ी जाऐंगी fatuk'wā
फिर दाग़ी जाऐंगी بِهَا साथ उसके bihā
साथ उसके جِبَاهُهُمْ पेशानियाँ उनकी jibāhuhum
पेशानियाँ उनकी وَجُنُوبُهُمْ और पहलू उनके wajunūbuhum
और पहलू उनके وَظُهُورُهُمْ ۖ और पुश्तें उनकी waẓuhūruhum
और पुश्तें उनकी هَـٰذَا ये है hādhā
ये है مَا जो mā
जो كَنَزْتُمْ जमा किया तुमने kanaztum
जमा किया तुमने لِأَنفُسِكُمْ अपने नफ़्सों के लिए li-anfusikum
अपने नफ़्सों के लिए فَذُوقُوا۟ पस मज़ा चखो fadhūqū
पस मज़ा चखो مَا जो mā
जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَكْنِزُونَ तुम जमा करते taknizūna
तुम जमा करते ٣٥ (35)
(35)
जिस दिन उसे जहन्नम की आग में तपाया जाएगा, फिर उससे उनके माथों और उनके पहलुओं और उनकी पीठों को दागा जाएगा। (कहा जाएगा :) यही है, जो तुमने अपने लिए कोश बनाया था। तो (अब) उसका स्वाद चखो जो तुम कोश बनाया करते थे।
९:३६
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक عِدَّةَ गिनती ʿiddata
गिनती ٱلشُّهُورِ महीनों की l-shuhūri
महीनों की عِندَ with ʿinda
with ٱللَّهِ अल्लाह के नज़दीक l-lahi
अल्लाह के नज़दीक ٱثْنَا (is) twelve ith'nā
(is) twelve عَشَرَ बारह ʿashara
बारह شَهْرًۭا महीने है shahran
महीने है فِى in fī
in كِتَـٰبِ (the) ordinance kitābi
(the) ordinance ٱللَّهِ अल्लाह की किताब में l-lahi
अल्लाह की किताब में يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन خَلَقَ उसने पैदा किया khalaqa
उसने पैदा किया ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों को l-samāwāti
आसमानों को وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को مِنْهَآ उनमें से min'hā
उनमें से أَرْبَعَةٌ चार arbaʿatun
चार حُرُمٌۭ ۚ हुरमत वाले हैं ḥurumun
हुरमत वाले हैं ذَٰلِكَ ये है dhālika
ये है ٱلدِّينُ दीन l-dīnu
दीन ٱلْقَيِّمُ ۚ दुरुस्त l-qayimu
दुरुस्त فَلَا पस ना falā
पस ना تَظْلِمُوا۟ तुम ज़ुल्म करो taẓlimū
तुम ज़ुल्म करो فِيهِنَّ इनमें fīhinna
इनमें أَنفُسَكُمْ ۚ अपने नफ़्सों पर anfusakum
अपने नफ़्सों पर وَقَـٰتِلُوا۟ और जंग करो waqātilū
और जंग करो ٱلْمُشْرِكِينَ मुशरिकीन से l-mush'rikīna
मुशरिकीन से كَآفَّةًۭ इकट्ठे kāffatan
इकट्ठे كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि يُقَـٰتِلُونَكُمْ वो जंग करते हैं तुमसे yuqātilūnakum
वो जंग करते हैं तुमसे كَآفَّةًۭ ۚ इकट्ठे kāffatan
इकट्ठे وَٱعْلَمُوٓا۟ और जान लो wa-iʿ'lamū
और जान लो أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह مَعَ साथ है maʿa
साथ है ٱلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों के l-mutaqīna
मुत्तक़ी लोगों के ٣٦ (36)
(36)
बेशक عِدَّةَ गिनती ʿiddata
गिनती ٱلشُّهُورِ महीनों की l-shuhūri
महीनों की عِندَ with ʿinda
with ٱللَّهِ अल्लाह के नज़दीक l-lahi
अल्लाह के नज़दीक ٱثْنَا (is) twelve ith'nā
(is) twelve عَشَرَ बारह ʿashara
बारह شَهْرًۭا महीने है shahran
महीने है فِى in fī
in كِتَـٰبِ (the) ordinance kitābi
(the) ordinance ٱللَّهِ अल्लाह की किताब में l-lahi
अल्लाह की किताब में يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन خَلَقَ उसने पैदा किया khalaqa
उसने पैदा किया ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों को l-samāwāti
आसमानों को وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को مِنْهَآ उनमें से min'hā
उनमें से أَرْبَعَةٌ चार arbaʿatun
चार حُرُمٌۭ ۚ हुरमत वाले हैं ḥurumun
हुरमत वाले हैं ذَٰلِكَ ये है dhālika
ये है ٱلدِّينُ दीन l-dīnu
दीन ٱلْقَيِّمُ ۚ दुरुस्त l-qayimu
दुरुस्त فَلَا पस ना falā
पस ना تَظْلِمُوا۟ तुम ज़ुल्म करो taẓlimū
तुम ज़ुल्म करो فِيهِنَّ इनमें fīhinna
इनमें أَنفُسَكُمْ ۚ अपने नफ़्सों पर anfusakum
अपने नफ़्सों पर وَقَـٰتِلُوا۟ और जंग करो waqātilū
और जंग करो ٱلْمُشْرِكِينَ मुशरिकीन से l-mush'rikīna
मुशरिकीन से كَآفَّةًۭ इकट्ठे kāffatan
इकट्ठे كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि يُقَـٰتِلُونَكُمْ वो जंग करते हैं तुमसे yuqātilūnakum
वो जंग करते हैं तुमसे كَآفَّةًۭ ۚ इकट्ठे kāffatan
इकट्ठे وَٱعْلَمُوٓا۟ और जान लो wa-iʿ'lamū
और जान लो أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह مَعَ साथ है maʿa
साथ है ٱلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों के l-mutaqīna
मुत्तक़ी लोगों के ٣٦ (36)
(36)
निःसंदेह अल्लाह के निकट महीनों की संख्या, अल्लाह की किताब में बारह महीने है, जिस दिन उसने आकाशों तथा धरती की रचना की। उनमें से चार महीने हुरमत1 वाले हैं। यही सीधा धर्म है। अतः इनमें अपने प्राणों पर अत्याचार2 न करो। तथा बहुदेववादियों से सब मिलकर युद्ध करो, जैसे वे तुमसे मिलकर युद्ध करते हैं, और जान लो कि निःसंदेह अल्लाह मुत्तक़ी लोगों के साथ है।
९:३७
إِنَّمَا
बेशक
innamā
बेशक ٱلنَّسِىٓءُ महीनों को आगे पीछे करना l-nasīu
महीनों को आगे पीछे करना زِيَادَةٌۭ ज़्यादती है ziyādatun
ज़्यादती है فِى in fī
in ٱلْكُفْرِ ۖ कुफ़्र में l-kuf'ri
कुफ़्र में يُضَلُّ गुमराह किए जाते हैं yuḍallu
गुमराह किए जाते हैं بِهِ साथ उसके bihi
साथ उसके ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया يُحِلُّونَهُۥ वो हलाल करते हैं उसे yuḥillūnahu
वो हलाल करते हैं उसे عَامًۭا एक साल ʿāman
एक साल وَيُحَرِّمُونَهُۥ और हराम करते हैं उसे wayuḥarrimūnahu
और हराम करते हैं उसे عَامًۭا एक साल ʿāman
एक साल لِّيُوَاطِـُٔوا۟ ताकि वो दुरुस्त कर लें liyuwāṭiū
ताकि वो दुरुस्त कर लें عِدَّةَ गिनती ʿiddata
गिनती مَا उनकी जो mā
उनकी जो حَرَّمَ हराम ठहराए ḥarrama
हराम ठहराए ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने فَيُحِلُّوا۟ पस वो हलाल करते हैं fayuḥillū
पस वो हलाल करते हैं مَا जो mā
जो حَرَّمَ हराम किया ḥarrama
हराम किया ٱللَّهُ ۚ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने زُيِّنَ मुज़य्यन कर दिए गए zuyyina
मुज़य्यन कर दिए गए لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए سُوٓءُ बुरे sūu
बुरे أَعْمَـٰلِهِمْ ۗ आमाल उनके aʿmālihim
आमाल उनके وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يَهْدِى नहीं हिदायत देता yahdī
नहीं हिदायत देता ٱلْقَوْمَ उन लोगों को l-qawma
उन लोगों को ٱلْكَـٰفِرِينَ जो काफ़िर हैं l-kāfirīna
जो काफ़िर हैं ٣٧ (37)
(37)
बेशक ٱلنَّسِىٓءُ महीनों को आगे पीछे करना l-nasīu
महीनों को आगे पीछे करना زِيَادَةٌۭ ज़्यादती है ziyādatun
ज़्यादती है فِى in fī
in ٱلْكُفْرِ ۖ कुफ़्र में l-kuf'ri
कुफ़्र में يُضَلُّ गुमराह किए जाते हैं yuḍallu
गुमराह किए जाते हैं بِهِ साथ उसके bihi
साथ उसके ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया يُحِلُّونَهُۥ वो हलाल करते हैं उसे yuḥillūnahu
वो हलाल करते हैं उसे عَامًۭا एक साल ʿāman
एक साल وَيُحَرِّمُونَهُۥ और हराम करते हैं उसे wayuḥarrimūnahu
और हराम करते हैं उसे عَامًۭا एक साल ʿāman
एक साल لِّيُوَاطِـُٔوا۟ ताकि वो दुरुस्त कर लें liyuwāṭiū
ताकि वो दुरुस्त कर लें عِدَّةَ गिनती ʿiddata
गिनती مَا उनकी जो mā
उनकी जो حَرَّمَ हराम ठहराए ḥarrama
हराम ठहराए ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने فَيُحِلُّوا۟ पस वो हलाल करते हैं fayuḥillū
पस वो हलाल करते हैं مَا जो mā
जो حَرَّمَ हराम किया ḥarrama
हराम किया ٱللَّهُ ۚ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने زُيِّنَ मुज़य्यन कर दिए गए zuyyina
मुज़य्यन कर दिए गए لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए سُوٓءُ बुरे sūu
बुरे أَعْمَـٰلِهِمْ ۗ आमाल उनके aʿmālihim
आमाल उनके وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يَهْدِى नहीं हिदायत देता yahdī
नहीं हिदायत देता ٱلْقَوْمَ उन लोगों को l-qawma
उन लोगों को ٱلْكَـٰفِرِينَ जो काफ़िर हैं l-kāfirīna
जो काफ़िर हैं ٣٧ (37)
(37)
तथ्य यह है कि महीनों को पीछे करना1 कुफ़्र में वृद्धि है, जिसके साथ वे लोग गुमराह किए जाते हैं जिन्होंने कुफ़्र किया। वे एक वर्ष उसे हलाल (वैध) कर लेते हैं और एक वर्ष उसे हराम (अवैध) कर लेते हैं। ताकि उन (महीनों) की गिनती पूरी कर लें, जो अल्लाह ने हराम किए हैं। फिर जो अल्लाह ने हराम (अवैध) किया है, उसे हलाल (वैध) कर लें। उनके बुरे काम उनके लिए सुंदर बना दिए गए हैं और अल्लाह काफ़िरों को सीधा रास्ता नहीं दिखाता।
९:३८
يَـٰٓأَيُّهَا
O you who believe
yāayyuhā
O you who believe ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो مَا क्या है mā
क्या है لَكُمْ तुम्हें lakum
तुम्हें إِذَا जब idhā
जब قِيلَ कहा जाता है qīla
कहा जाता है لَكُمُ तुमसे lakumu
तुमसे ٱنفِرُوا۟ निकलो infirū
निकलो فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में ٱثَّاقَلْتُمْ बोझल हो जाते हो तुम ithāqaltum
बोझल हो जाते हो तुम إِلَى to ilā
to ٱلْأَرْضِ ۚ तरफ़ ज़मीन के l-arḍi
तरफ़ ज़मीन के أَرَضِيتُم क्या राज़ी हो गए तुम araḍītum
क्या राज़ी हो गए तुम بِٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी पर bil-ḥayati
ज़िन्दगी पर ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की مِنَ (rather) than mina
(rather) than ٱلْـَٔاخِرَةِ ۚ आख़िरत के (मुक़ाबले में) l-ākhirati
आख़िरत के (मुक़ाबले में) فَمَا तो नहीं famā
तो नहीं مَتَـٰعُ सामान matāʿu
सामान ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी का l-ḥayati
ज़िन्दगी का ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की فِى in (comparison to) fī
in (comparison to) ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत के (मुक़ाबले में) l-ākhirati
आख़िरत के (मुक़ाबले में) إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلٌ बहुत थोड़ा qalīlun
बहुत थोड़ा ٣٨ (38)
(38)
O you who believe ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो مَا क्या है mā
क्या है لَكُمْ तुम्हें lakum
तुम्हें إِذَا जब idhā
जब قِيلَ कहा जाता है qīla
कहा जाता है لَكُمُ तुमसे lakumu
तुमसे ٱنفِرُوا۟ निकलो infirū
निकलो فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में ٱثَّاقَلْتُمْ बोझल हो जाते हो तुम ithāqaltum
बोझल हो जाते हो तुम إِلَى to ilā
to ٱلْأَرْضِ ۚ तरफ़ ज़मीन के l-arḍi
तरफ़ ज़मीन के أَرَضِيتُم क्या राज़ी हो गए तुम araḍītum
क्या राज़ी हो गए तुम بِٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी पर bil-ḥayati
ज़िन्दगी पर ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की مِنَ (rather) than mina
(rather) than ٱلْـَٔاخِرَةِ ۚ आख़िरत के (मुक़ाबले में) l-ākhirati
आख़िरत के (मुक़ाबले में) فَمَا तो नहीं famā
तो नहीं مَتَـٰعُ सामान matāʿu
सामान ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी का l-ḥayati
ज़िन्दगी का ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की فِى in (comparison to) fī
in (comparison to) ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत के (मुक़ाबले में) l-ākhirati
आख़िरत के (मुक़ाबले में) إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلٌ बहुत थोड़ा qalīlun
बहुत थोड़ा ٣٨ (38)
(38)
ऐ ईमान वालो! तुम्हें क्या हो गया है कि जब तुमसे कहा जाता है कि अल्लाह की राह में निकलो, तो तुम धरती की ओर बहुत बोझल हो जाते हो? क्या तुम आख़िरत (परलोक) की तुलना में दुनिया के जीवन से खुश हो गए हो? तो दुनिया के जीवन का सामान आख़िरत के मुकाबले में बहुत थोड़ा है।1
९:३९
إِلَّا
अगर नहीं
illā
अगर नहीं تَنفِرُوا۟ तुम निकलोगे tanfirū
तुम निकलोगे يُعَذِّبْكُمْ वो अज़ाब देगा तुम्हें yuʿadhib'kum
वो अज़ाब देगा तुम्हें عَذَابًا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब أَلِيمًۭا दर्दनाक alīman
दर्दनाक وَيَسْتَبْدِلْ और वो बदल देगा wayastabdil
और वो बदल देगा قَوْمًا कोई क़ौम qawman
कोई क़ौम غَيْرَكُمْ तुम्हारे अलावा ghayrakum
तुम्हारे अलावा وَلَا और नहीं walā
और नहीं تَضُرُّوهُ तुम ज़रर पहुँचा सकते उसे taḍurrūhu
तुम ज़रर पहुँचा सकते उसे شَيْـًۭٔا ۗ कुछ भी shayan
कुछ भी وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرٌ ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है qadīrun
ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है ٣٩ (39)
(39)
अगर नहीं تَنفِرُوا۟ तुम निकलोगे tanfirū
तुम निकलोगे يُعَذِّبْكُمْ वो अज़ाब देगा तुम्हें yuʿadhib'kum
वो अज़ाब देगा तुम्हें عَذَابًا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब أَلِيمًۭا दर्दनाक alīman
दर्दनाक وَيَسْتَبْدِلْ और वो बदल देगा wayastabdil
और वो बदल देगा قَوْمًا कोई क़ौम qawman
कोई क़ौम غَيْرَكُمْ तुम्हारे अलावा ghayrakum
तुम्हारे अलावा وَلَا और नहीं walā
और नहीं تَضُرُّوهُ तुम ज़रर पहुँचा सकते उसे taḍurrūhu
तुम ज़रर पहुँचा सकते उसे شَيْـًۭٔا ۗ कुछ भी shayan
कुछ भी وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرٌ ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है qadīrun
ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है ٣٩ (39)
(39)
यदि तुम नहीं निकलोगे, तो वह तुम्हें दर्दनाक यातना देगा और तुम्हारे स्थान पर दूसरे लोगों को ले आएगा और तुम उसे कोई हानि नहीं पहुँचा सकोगे। और अल्लाह हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है।
९:४०
إِلَّا
अगर नहीं
illā
अगर नहीं تَنصُرُوهُ तुम मदद करोगे उसकी tanṣurūhu
तुम मदद करोगे उसकी فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ نَصَرَهُ मदद की उसकी naṣarahu
मदद की उसकी ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने إِذْ जब idh
जब أَخْرَجَهُ निकाला उसे akhrajahu
निकाला उसे ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जिन्होंने alladhīna
उन लोगों ने जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया ثَانِىَ वो दूसरा (था) thāniya
वो दूसरा (था) ٱثْنَيْنِ दो में ith'nayni
दो में إِذْ when idh
when هُمَا जब वो दोनों humā
जब वो दोनों فِى (were) in fī
(were) in ٱلْغَارِ ग़ार में थे l-ghāri
ग़ार में थे إِذْ जब idh
जब يَقُولُ वो कह रहा था yaqūlu
वो कह रहा था لِصَـٰحِبِهِۦ अपने साथी से liṣāḥibihi
अपने साथी से لَا (Do) not lā
(Do) not تَحْزَنْ ना तुम ग़म करो taḥzan
ना तुम ग़म करो إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह مَعَنَا ۖ हमारे साथ है maʿanā
हमारे साथ है فَأَنزَلَ तो उतारी fa-anzala
तो उतारी ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने سَكِينَتَهُۥ सकीनत अपनी sakīnatahu
सकीनत अपनी عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर وَأَيَّدَهُۥ और उसने ताईद की उसकी wa-ayyadahu
और उसने ताईद की उसकी بِجُنُودٍۢ ऐसे लश्करों से bijunūdin
ऐसे लश्करों से لَّمْ नहीं lam
नहीं تَرَوْهَا तुमने देखा उन्हें tarawhā
तुमने देखा उन्हें وَجَعَلَ और कर दिया wajaʿala
और कर दिया كَلِمَةَ बात को kalimata
बात को ٱلَّذِينَ उनकी जिन्होंने alladhīna
उनकी जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया ٱلسُّفْلَىٰ ۗ पस्त l-suf'lā
पस्त وَكَلِمَةُ और बात wakalimatu
और बात ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की هِىَ वो ही hiya
वो ही ٱلْعُلْيَا ۗ बुलन्द है l-ʿul'yā
बुलन्द है وَٱللَّهُ और है अल्लाह wal-lahu
और है अल्लाह عَزِيزٌ बहुत ज़बरदस्त ʿazīzun
बहुत ज़बरदस्त حَكِيمٌ खूब हिकमत वाला ḥakīmun
खूब हिकमत वाला ٤٠ (40)
(40)
अगर नहीं تَنصُرُوهُ तुम मदद करोगे उसकी tanṣurūhu
तुम मदद करोगे उसकी فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ نَصَرَهُ मदद की उसकी naṣarahu
मदद की उसकी ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने إِذْ जब idh
जब أَخْرَجَهُ निकाला उसे akhrajahu
निकाला उसे ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जिन्होंने alladhīna
उन लोगों ने जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया ثَانِىَ वो दूसरा (था) thāniya
वो दूसरा (था) ٱثْنَيْنِ दो में ith'nayni
दो में إِذْ when idh
when هُمَا जब वो दोनों humā
जब वो दोनों فِى (were) in fī
(were) in ٱلْغَارِ ग़ार में थे l-ghāri
ग़ार में थे إِذْ जब idh
जब يَقُولُ वो कह रहा था yaqūlu
वो कह रहा था لِصَـٰحِبِهِۦ अपने साथी से liṣāḥibihi
अपने साथी से لَا (Do) not lā
(Do) not تَحْزَنْ ना तुम ग़म करो taḥzan
ना तुम ग़म करो إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह مَعَنَا ۖ हमारे साथ है maʿanā
हमारे साथ है فَأَنزَلَ तो उतारी fa-anzala
तो उतारी ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने سَكِينَتَهُۥ सकीनत अपनी sakīnatahu
सकीनत अपनी عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर وَأَيَّدَهُۥ और उसने ताईद की उसकी wa-ayyadahu
और उसने ताईद की उसकी بِجُنُودٍۢ ऐसे लश्करों से bijunūdin
ऐसे लश्करों से لَّمْ नहीं lam
नहीं تَرَوْهَا तुमने देखा उन्हें tarawhā
तुमने देखा उन्हें وَجَعَلَ और कर दिया wajaʿala
और कर दिया كَلِمَةَ बात को kalimata
बात को ٱلَّذِينَ उनकी जिन्होंने alladhīna
उनकी जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया ٱلسُّفْلَىٰ ۗ पस्त l-suf'lā
पस्त وَكَلِمَةُ और बात wakalimatu
और बात ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की هِىَ वो ही hiya
वो ही ٱلْعُلْيَا ۗ बुलन्द है l-ʿul'yā
बुलन्द है وَٱللَّهُ और है अल्लाह wal-lahu
और है अल्लाह عَزِيزٌ बहुत ज़बरदस्त ʿazīzun
बहुत ज़बरदस्त حَكِيمٌ खूब हिकमत वाला ḥakīmun
खूब हिकमत वाला ٤٠ (40)
(40)
यदि तुम उनकी सहायता न करो, तो निःसंदेह अल्लाह ने उनकी सहायता की, जब उन्हें उन लोगों ने निकाल दिया1 जिन्होंने कुफ़्र किया, जब वह दो में दूसरा थे, जब वे दोनों गुफा में थे, जब वह अपने साथी से कह रहे थे : शोकाकुल न हो। निःसंदेह अल्लाह हमारे साथ है।2 तो अल्लाह ने उनपर अपनी ओर से शांति उतार दी और उन्हें ऐसी सेनाओँ के साथ शक्ति प्रदान की, जिन्हें तुमने नहीं देखे और उन लोगों की बात नीची कर दी जिन्होंने कुफ़्र किया, और अल्लाह की बात ही सबसे ऊँची है और अल्लाह सबपर प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
९:४१
ٱنفِرُوا۟
निकलो
infirū
निकलो خِفَافًۭا हल्के khifāfan
हल्के وَثِقَالًۭا और बोझल wathiqālan
और बोझल وَجَـٰهِدُوا۟ और जिहाद करो wajāhidū
और जिहाद करो بِأَمْوَٰلِكُمْ साथ अपने मालों bi-amwālikum
साथ अपने मालों وَأَنفُسِكُمْ और अपने नफ़्सों के wa-anfusikum
और अपने नफ़्सों के فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में ذَٰلِكُمْ ये बात dhālikum
ये बात خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है لَّكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम تَعْلَمُونَ तुम जानते taʿlamūna
तुम जानते ٤١ (41)
(41)
निकलो خِفَافًۭا हल्के khifāfan
हल्के وَثِقَالًۭا और बोझल wathiqālan
और बोझल وَجَـٰهِدُوا۟ और जिहाद करो wajāhidū
और जिहाद करो بِأَمْوَٰلِكُمْ साथ अपने मालों bi-amwālikum
साथ अपने मालों وَأَنفُسِكُمْ और अपने नफ़्सों के wa-anfusikum
और अपने नफ़्सों के فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में ذَٰلِكُمْ ये बात dhālikum
ये बात خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है لَّكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम تَعْلَمُونَ तुम जानते taʿlamūna
तुम जानते ٤١ (41)
(41)
हलके1 और बोझिल (हर स्थिति में) निकल पड़ो और अपने मालों और अपनी जानों के साथ अल्लाह के मार्ग में जिहाद करो। यह तुम्हारे लिए उत्तम है, यदि तुम जानते हो।
९:४२
لَوْ
अगर
law
अगर كَانَ होता kāna
होता عَرَضًۭا सामान ʿaraḍan
सामान قَرِيبًۭا क़रीब का qarīban
क़रीब का وَسَفَرًۭا और सफ़र wasafaran
और सफ़र قَاصِدًۭا दर्मियाना qāṣidan
दर्मियाना لَّٱتَّبَعُوكَ अलबत्ता वो पैरवी करते आपकी la-ittabaʿūka
अलबत्ता वो पैरवी करते आपकी وَلَـٰكِنۢ और लेकिन walākin
और लेकिन بَعُدَتْ दूर हो गई baʿudat
दूर हो गई عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلشُّقَّةُ ۚ मुसाफ़त l-shuqatu
मुसाफ़त وَسَيَحْلِفُونَ और अनक़रीब वो क़समें खाऐंगे wasayaḥlifūna
और अनक़रीब वो क़समें खाऐंगे بِٱللَّهِ अल्लाह की bil-lahi
अल्लाह की لَوِ अगर lawi
अगर ٱسْتَطَعْنَا इस्तिताअत रखते हम is'taṭaʿnā
इस्तिताअत रखते हम لَخَرَجْنَا अलबत्ता निकलते हम lakharajnā
अलबत्ता निकलते हम مَعَكُمْ साथ तुम्हारे maʿakum
साथ तुम्हारे يُهْلِكُونَ वो हलाक कर रहे हैं yuh'likūna
वो हलाक कर रहे हैं أَنفُسَهُمْ अपने नफ़्सों को anfusahum
अपने नफ़्सों को وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يَعْلَمُ जानता है yaʿlamu
जानता है إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो لَكَـٰذِبُونَ अलबत्ता झूठे हैं lakādhibūna
अलबत्ता झूठे हैं ٤٢ (42)
(42)
अगर كَانَ होता kāna
होता عَرَضًۭا सामान ʿaraḍan
सामान قَرِيبًۭا क़रीब का qarīban
क़रीब का وَسَفَرًۭا और सफ़र wasafaran
और सफ़र قَاصِدًۭا दर्मियाना qāṣidan
दर्मियाना لَّٱتَّبَعُوكَ अलबत्ता वो पैरवी करते आपकी la-ittabaʿūka
अलबत्ता वो पैरवी करते आपकी وَلَـٰكِنۢ और लेकिन walākin
और लेकिन بَعُدَتْ दूर हो गई baʿudat
दूर हो गई عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلشُّقَّةُ ۚ मुसाफ़त l-shuqatu
मुसाफ़त وَسَيَحْلِفُونَ और अनक़रीब वो क़समें खाऐंगे wasayaḥlifūna
और अनक़रीब वो क़समें खाऐंगे بِٱللَّهِ अल्लाह की bil-lahi
अल्लाह की لَوِ अगर lawi
अगर ٱسْتَطَعْنَا इस्तिताअत रखते हम is'taṭaʿnā
इस्तिताअत रखते हम لَخَرَجْنَا अलबत्ता निकलते हम lakharajnā
अलबत्ता निकलते हम مَعَكُمْ साथ तुम्हारे maʿakum
साथ तुम्हारे يُهْلِكُونَ वो हलाक कर रहे हैं yuh'likūna
वो हलाक कर रहे हैं أَنفُسَهُمْ अपने नफ़्सों को anfusahum
अपने नफ़्सों को وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يَعْلَمُ जानता है yaʿlamu
जानता है إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो لَكَـٰذِبُونَ अलबत्ता झूठे हैं lakādhibūna
अलबत्ता झूठे हैं ٤٢ (42)
(42)
यदि शीघ्र मिलने वाल सामान और मध्यम यात्रा होती, तो वे अवश्य आपके पीछे चल पड़ते, लेकिन फ़ासला उनपर दूर पड़ गया। और जल्द ही वे अल्लाह की क़समें खाएँगे कि अगर हमारे पास ताकत होती, तो हम तुम्हारे साथ अवश्य निकलते। वे अपने आपको नष्ट कर रहे हैं और अल्लाह जानता है कि वे निश्चित रूप से झूठे हैं।
९:४३
عَفَا
माफ़ कर दिया
ʿafā
माफ़ कर दिया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَنكَ आपको ʿanka
आपको لِمَ क्यों lima
क्यों أَذِنتَ इजाज़त दी आपने adhinta
इजाज़त दी आपने لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَتَبَيَّنَ ज़ाहिर हो जाते yatabayyana
ज़ाहिर हो जाते لَكَ आपके लिए laka
आपके लिए ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने صَدَقُوا۟ सच कहा ṣadaqū
सच कहा وَتَعْلَمَ और आप जान लेते wataʿlama
और आप जान लेते ٱلْكَـٰذِبِينَ झूठों को l-kādhibīna
झूठों को ٤٣ (43)
(43)
माफ़ कर दिया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَنكَ आपको ʿanka
आपको لِمَ क्यों lima
क्यों أَذِنتَ इजाज़त दी आपने adhinta
इजाज़त दी आपने لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَتَبَيَّنَ ज़ाहिर हो जाते yatabayyana
ज़ाहिर हो जाते لَكَ आपके लिए laka
आपके लिए ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने صَدَقُوا۟ सच कहा ṣadaqū
सच कहा وَتَعْلَمَ और आप जान लेते wataʿlama
और आप जान लेते ٱلْكَـٰذِبِينَ झूठों को l-kādhibīna
झूठों को ٤٣ (43)
(43)
अल्लाह ने (ऐ नबी!) आपको क्षमा कर दिया, आपने उन्हें क्यों अनुमति दी, यहाँ तक कि आपके लिए वे लोग स्पष्ट हो जाते जिन्होंने सच कहा और आप झूठे लोगों को जान लेते।
९:४४
لَا
(Would) not ask your permission
lā
(Would) not ask your permission يَسْتَـْٔذِنُكَ नहीं इजाज़त माँगते आपसे yastadhinuka
नहीं इजाज़त माँगते आपसे ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो يُؤْمِنُونَ ईमान लाते हैं yu'minūna
ईमान लाते हैं بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَٱلْيَوْمِ and the Day wal-yawmi
and the Day ٱلْـَٔاخِرِ और आख़िरी दिन पर l-ākhiri
और आख़िरी दिन पर أَن कि an
कि يُجَـٰهِدُوا۟ वो जिहाद करें yujāhidū
वो जिहाद करें بِأَمْوَٰلِهِمْ साथ अपने मालों के bi-amwālihim
साथ अपने मालों के وَأَنفُسِهِمْ ۗ और अपनी जानों के wa-anfusihim
और अपनी जानों के وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلِيمٌۢ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है بِٱلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों के bil-mutaqīna
मुत्तक़ी लोगों के ٤٤ (44)
(44)
(Would) not ask your permission يَسْتَـْٔذِنُكَ नहीं इजाज़त माँगते आपसे yastadhinuka
नहीं इजाज़त माँगते आपसे ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो يُؤْمِنُونَ ईमान लाते हैं yu'minūna
ईमान लाते हैं بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَٱلْيَوْمِ and the Day wal-yawmi
and the Day ٱلْـَٔاخِرِ और आख़िरी दिन पर l-ākhiri
और आख़िरी दिन पर أَن कि an
कि يُجَـٰهِدُوا۟ वो जिहाद करें yujāhidū
वो जिहाद करें بِأَمْوَٰلِهِمْ साथ अपने मालों के bi-amwālihim
साथ अपने मालों के وَأَنفُسِهِمْ ۗ और अपनी जानों के wa-anfusihim
और अपनी जानों के وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلِيمٌۢ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है بِٱلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों के bil-mutaqīna
मुत्तक़ी लोगों के ٤٤ (44)
(44)
जो लोग अल्लाह और आख़िरत के दिन पर ईमान रखते हैं, वे आपसे अपने धनों और अपनी जानों के साथ जिहाद करने से अनुमति नहीं माँगते, और अल्लाह मुत्तक़ी लोगों को भली-भाँति जानने वाला है।
९:४५
إِنَّمَا
बेशक
innamā
बेशक يَسْتَـْٔذِنُكَ इजाज़त माँगते हैं आपसे yastadhinuka
इजाज़त माँगते हैं आपसे ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो لَا (do) not lā
(do) not يُؤْمِنُونَ नही वो ईमान रखते yu'minūna
नही वो ईमान रखते بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَٱلْيَوْمِ and the Day wal-yawmi
and the Day ٱلْـَٔاخِرِ और आख़िरी दिन पर l-ākhiri
और आख़िरी दिन पर وَٱرْتَابَتْ और शक करते हैं wa-ir'tābat
और शक करते हैं قُلُوبُهُمْ दिल उनके qulūbuhum
दिल उनके فَهُمْ पस वो fahum
पस वो فِى in fī
in رَيْبِهِمْ अपने शक में raybihim
अपने शक में يَتَرَدَّدُونَ वो मुतरदिद/हैरान हैं yataraddadūna
वो मुतरदिद/हैरान हैं ٤٥ (45)
(45)
बेशक يَسْتَـْٔذِنُكَ इजाज़त माँगते हैं आपसे yastadhinuka
इजाज़त माँगते हैं आपसे ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो لَا (do) not lā
(do) not يُؤْمِنُونَ नही वो ईमान रखते yu'minūna
नही वो ईमान रखते بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَٱلْيَوْمِ and the Day wal-yawmi
and the Day ٱلْـَٔاخِرِ और आख़िरी दिन पर l-ākhiri
और आख़िरी दिन पर وَٱرْتَابَتْ और शक करते हैं wa-ir'tābat
और शक करते हैं قُلُوبُهُمْ दिल उनके qulūbuhum
दिल उनके فَهُمْ पस वो fahum
पस वो فِى in fī
in رَيْبِهِمْ अपने शक में raybihim
अपने शक में يَتَرَدَّدُونَ वो मुतरदिद/हैरान हैं yataraddadūna
वो मुतरदिद/हैरान हैं ٤٥ (45)
(45)
आपसे अनुमति केवल वही लोग माँगते हैं, जो अल्लाह तथा अंतिम दिन (आख़िरत) पर ईमान नहीं रखते और उनके दिल संदेह में पड़े हुए हैं। सो वे अपने संदेह में भ्रमित भटक रहे हैं।
९:४६
۞ وَلَوْ
और अगर
walaw
और अगर أَرَادُوا۟ वो इरादा करते arādū
वो इरादा करते ٱلْخُرُوجَ निकलने का l-khurūja
निकलने का لَأَعَدُّوا۟ ज़रूर वो तैयार करते la-aʿaddū
ज़रूर वो तैयार करते لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए عُدَّةًۭ साज़ो सामान ʿuddatan
साज़ो सामान وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन كَرِهَ नापसंद किया kariha
नापसंद किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱنۢبِعَاثَهُمْ उठना उनका inbiʿāthahum
उठना उनका فَثَبَّطَهُمْ तो उसने रोक दिया उन्हें fathabbaṭahum
तो उसने रोक दिया उन्हें وَقِيلَ और कहा waqīla
और कहा ٱقْعُدُوا۟ बैठ जाओ uq'ʿudū
बैठ जाओ مَعَ with maʿa
with ٱلْقَـٰعِدِينَ साथ बैठने वालों के l-qāʿidīna
साथ बैठने वालों के ٤٦ (46)
(46)
और अगर أَرَادُوا۟ वो इरादा करते arādū
वो इरादा करते ٱلْخُرُوجَ निकलने का l-khurūja
निकलने का لَأَعَدُّوا۟ ज़रूर वो तैयार करते la-aʿaddū
ज़रूर वो तैयार करते لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए عُدَّةًۭ साज़ो सामान ʿuddatan
साज़ो सामान وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन كَرِهَ नापसंद किया kariha
नापसंद किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱنۢبِعَاثَهُمْ उठना उनका inbiʿāthahum
उठना उनका فَثَبَّطَهُمْ तो उसने रोक दिया उन्हें fathabbaṭahum
तो उसने रोक दिया उन्हें وَقِيلَ और कहा waqīla
और कहा ٱقْعُدُوا۟ बैठ जाओ uq'ʿudū
बैठ जाओ مَعَ with maʿa
with ٱلْقَـٰعِدِينَ साथ बैठने वालों के l-qāʿidīna
साथ बैठने वालों के ٤٦ (46)
(46)
यदि वे निकलने का इरादा रखते, तो उसके लिए कुछ सामान अवश्य तैयार करते। लेकिन अल्लाह ने उनके उठने को नापसंद किया, तो उसने उन्हें रोक दिया। तथा कह दिया गया कि बैठने वालों के साथ बैठे रहो।
९:४७
لَوْ
अगर
law
अगर خَرَجُوا۟ वो निकलते kharajū
वो निकलते فِيكُم तुम में fīkum
तुम में مَّا ना mā
ना زَادُوكُمْ वो ज़्यादा करते तुम्हें zādūkum
वो ज़्यादा करते तुम्हें إِلَّا मगर illā
मगर خَبَالًۭا ख़राबी में khabālan
ख़राबी में وَلَأَوْضَعُوا۟ और अलबत्ता वो (घोड़े) दौड़ाते wala-awḍaʿū
और अलबत्ता वो (घोड़े) दौड़ाते خِلَـٰلَكُمْ दर्मियान तुम्हारे khilālakum
दर्मियान तुम्हारे يَبْغُونَكُمُ वो तलाश में रहते तुम में yabghūnakumu
वो तलाश में रहते तुम में ٱلْفِتْنَةَ फ़ितने की l-fit'nata
फ़ितने की وَفِيكُمْ और तुम में wafīkum
और तुम में سَمَّـٰعُونَ सुनने वाले (जासूस) हैं sammāʿūna
सुनने वाले (जासूस) हैं لَهُمْ ۗ उनके लिए lahum
उनके लिए وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلِيمٌۢ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है بِٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों को bil-ẓālimīna
ज़ालिमों को ٤٧ (47)
(47)
अगर خَرَجُوا۟ वो निकलते kharajū
वो निकलते فِيكُم तुम में fīkum
तुम में مَّا ना mā
ना زَادُوكُمْ वो ज़्यादा करते तुम्हें zādūkum
वो ज़्यादा करते तुम्हें إِلَّا मगर illā
मगर خَبَالًۭا ख़राबी में khabālan
ख़राबी में وَلَأَوْضَعُوا۟ और अलबत्ता वो (घोड़े) दौड़ाते wala-awḍaʿū
और अलबत्ता वो (घोड़े) दौड़ाते خِلَـٰلَكُمْ दर्मियान तुम्हारे khilālakum
दर्मियान तुम्हारे يَبْغُونَكُمُ वो तलाश में रहते तुम में yabghūnakumu
वो तलाश में रहते तुम में ٱلْفِتْنَةَ फ़ितने की l-fit'nata
फ़ितने की وَفِيكُمْ और तुम में wafīkum
और तुम में سَمَّـٰعُونَ सुनने वाले (जासूस) हैं sammāʿūna
सुनने वाले (जासूस) हैं لَهُمْ ۗ उनके लिए lahum
उनके लिए وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلِيمٌۢ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है بِٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों को bil-ẓālimīna
ज़ालिमों को ٤٧ (47)
(47)
यदि वे तुम्हारे साथ निकलते, तो तुम्हारे अंदर बिगाड़ के सिवा किसी और चीज़ की वृद्धि नहीं करते। और तुम्हारे बीच उपद्रव पैदा करने के लिए दौड़-धूप करते। और तुम्हारे अंदर कुछ लोग उनकी बातें कान लगाकर सुनने वाले हैं। और अल्लाह इन अत्याचारियों को भली-भाँति जानने वाला है।
९:४८
لَقَدِ
अलबत्ता तहक़ीक़
laqadi
अलबत्ता तहक़ीक़ ٱبْتَغَوُا۟ उन्होंने (डालना) चाहा ib'taghawū
उन्होंने (डालना) चाहा ٱلْفِتْنَةَ फ़ितना l-fit'nata
फ़ितना مِن before min
before قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले وَقَلَّبُوا۟ और उलट-पुलट किए waqallabū
और उलट-पुलट किए لَكَ आपके लिए laka
आपके लिए ٱلْأُمُورَ मामलात l-umūra
मामलात حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि جَآءَ आ गया jāa
आ गया ٱلْحَقُّ हक़ l-ḥaqu
हक़ وَظَهَرَ और ज़ाहिर हो गया waẓahara
और ज़ाहिर हो गया أَمْرُ हुक्म amru
हुक्म ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का وَهُمْ जबकि वो wahum
जबकि वो كَـٰرِهُونَ नापसंद करने वाले थे kārihūna
नापसंद करने वाले थे ٤٨ (48)
(48)
अलबत्ता तहक़ीक़ ٱبْتَغَوُا۟ उन्होंने (डालना) चाहा ib'taghawū
उन्होंने (डालना) चाहा ٱلْفِتْنَةَ फ़ितना l-fit'nata
फ़ितना مِن before min
before قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले وَقَلَّبُوا۟ और उलट-पुलट किए waqallabū
और उलट-पुलट किए لَكَ आपके लिए laka
आपके लिए ٱلْأُمُورَ मामलात l-umūra
मामलात حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि جَآءَ आ गया jāa
आ गया ٱلْحَقُّ हक़ l-ḥaqu
हक़ وَظَهَرَ और ज़ाहिर हो गया waẓahara
और ज़ाहिर हो गया أَمْرُ हुक्म amru
हुक्म ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का وَهُمْ जबकि वो wahum
जबकि वो كَـٰرِهُونَ नापसंद करने वाले थे kārihūna
नापसंद करने वाले थे ٤٨ (48)
(48)
निःसंदेह उन्होंने इससे पहले भी उपद्रव मचाना चाहा तथा आपके लिए कई मामले उलट-पलट किए। यहाँ तक कि सत्य आ गया और अल्लाह का आदेश प्रबल हो गया। हालाँकि वे नापसंद करने वाले थे।
९:४९
وَمِنْهُم
और उनमें से कोई है
wamin'hum
और उनमें से कोई है مَّن जो man
जो يَقُولُ कहता है yaqūlu
कहता है ٱئْذَن इजाज़त दीजिए i'dhan
इजाज़त दीजिए لِّى मुझे lī
मुझे وَلَا और ना walā
और ना تَفْتِنِّىٓ ۚ आप फ़ितने में डालिए मुझे taftinnī
आप फ़ितने में डालिए मुझे أَلَا ख़बरदार alā
ख़बरदार فِى in fī
in ٱلْفِتْنَةِ फ़ितने में तो l-fit'nati
फ़ितने में तो سَقَطُوا۟ ۗ वो पड़ चुके हैं saqaṭū
वो पड़ चुके हैं وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक جَهَنَّمَ जहन्नम jahannama
जहन्नम لَمُحِيطَةٌۢ अलबत्ता घेरने वाली है lamuḥīṭatun
अलबत्ता घेरने वाली है بِٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों को bil-kāfirīna
काफ़िरों को ٤٩ (49)
(49)
और उनमें से कोई है مَّن जो man
जो يَقُولُ कहता है yaqūlu
कहता है ٱئْذَن इजाज़त दीजिए i'dhan
इजाज़त दीजिए لِّى मुझे lī
मुझे وَلَا और ना walā
और ना تَفْتِنِّىٓ ۚ आप फ़ितने में डालिए मुझे taftinnī
आप फ़ितने में डालिए मुझे أَلَا ख़बरदार alā
ख़बरदार فِى in fī
in ٱلْفِتْنَةِ फ़ितने में तो l-fit'nati
फ़ितने में तो سَقَطُوا۟ ۗ वो पड़ चुके हैं saqaṭū
वो पड़ चुके हैं وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक جَهَنَّمَ जहन्नम jahannama
जहन्नम لَمُحِيطَةٌۢ अलबत्ता घेरने वाली है lamuḥīṭatun
अलबत्ता घेरने वाली है بِٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों को bil-kāfirīna
काफ़िरों को ٤٩ (49)
(49)
उनके अंदर ऐसा व्यक्ति भी है, जो कहता है कि आप मुझे अनुमति दे दें और मुझे फ़ितने में न डालें। सुन लो! वे फ़ितने ही में तो पड़े हुए हैं और निःसंदेह जहन्नम काफ़िरों को अवश्य घेरने वाली है।
९:५०
إِن
अगर
in
अगर تُصِبْكَ पहुँचती है आपको tuṣib'ka
पहुँचती है आपको حَسَنَةٌۭ कोई भलाई ḥasanatun
कोई भलाई تَسُؤْهُمْ ۖ वो बुरी लगती है उन्हें tasu'hum
वो बुरी लगती है उन्हें وَإِن और अगर wa-in
और अगर تُصِبْكَ पहुँचती है आपको tuṣib'ka
पहुँचती है आपको مُصِيبَةٌۭ कोई मुसीबत muṣībatun
कोई मुसीबत يَقُولُوا۟ वो कहते हैं yaqūlū
वो कहते हैं قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ أَخَذْنَآ संभाल लिया हमने akhadhnā
संभाल लिया हमने أَمْرَنَا मामला अपना amranā
मामला अपना مِن before min
before قَبْلُ पहले से qablu
पहले से وَيَتَوَلَّوا۟ और वो मुँह मोड़ जाते हैं wayatawallaw
और वो मुँह मोड़ जाते हैं وَّهُمْ इस हाल में कि वो wahum
इस हाल में कि वो فَرِحُونَ ख़ुश होने वाले हैं fariḥūna
ख़ुश होने वाले हैं ٥٠ (50)
(50)
अगर تُصِبْكَ पहुँचती है आपको tuṣib'ka
पहुँचती है आपको حَسَنَةٌۭ कोई भलाई ḥasanatun
कोई भलाई تَسُؤْهُمْ ۖ वो बुरी लगती है उन्हें tasu'hum
वो बुरी लगती है उन्हें وَإِن और अगर wa-in
और अगर تُصِبْكَ पहुँचती है आपको tuṣib'ka
पहुँचती है आपको مُصِيبَةٌۭ कोई मुसीबत muṣībatun
कोई मुसीबत يَقُولُوا۟ वो कहते हैं yaqūlū
वो कहते हैं قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ أَخَذْنَآ संभाल लिया हमने akhadhnā
संभाल लिया हमने أَمْرَنَا मामला अपना amranā
मामला अपना مِن before min
before قَبْلُ पहले से qablu
पहले से وَيَتَوَلَّوا۟ और वो मुँह मोड़ जाते हैं wayatawallaw
और वो मुँह मोड़ जाते हैं وَّهُمْ इस हाल में कि वो wahum
इस हाल में कि वो فَرِحُونَ ख़ुश होने वाले हैं fariḥūna
ख़ुश होने वाले हैं ٥٠ (50)
(50)
यदि आपको कोई भलाई पहुँचती है, तो उन्हें बुरी लगती है और यदि आपपर कोई आपदा आती है, तो कहते हैं : हमने तो पहले ही अपना बचाव कर लिया था और ऐसी अवस्था में पलटते हैं कि वे बहुत प्रसन्न होते हैं।
९:५१
قُل
कह दीजिए
qul
कह दीजिए لَّن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं يُصِيبَنَآ पहुँचेगा हमें yuṣībanā
पहुँचेगा हमें إِلَّا मगर (वो ही) illā
मगर (वो ही) مَا जो mā
जो كَتَبَ लिख दिया kataba
लिख दिया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए هُوَ वो huwa
वो مَوْلَىٰنَا ۚ मौला है हमारा mawlānā
मौला है हमारा وَعَلَى And on waʿalā
And on ٱللَّهِ और अल्लाह ही पर l-lahi
और अल्लाह ही पर فَلْيَتَوَكَّلِ पस चाहिए कि तवक्कल करें falyatawakkali
पस चाहिए कि तवक्कल करें ٱلْمُؤْمِنُونَ ईमान लाने वाले l-mu'minūna
ईमान लाने वाले ٥١ (51)
(51)
कह दीजिए لَّن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं يُصِيبَنَآ पहुँचेगा हमें yuṣībanā
पहुँचेगा हमें إِلَّا मगर (वो ही) illā
मगर (वो ही) مَا जो mā
जो كَتَبَ लिख दिया kataba
लिख दिया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए هُوَ वो huwa
वो مَوْلَىٰنَا ۚ मौला है हमारा mawlānā
मौला है हमारा وَعَلَى And on waʿalā
And on ٱللَّهِ और अल्लाह ही पर l-lahi
और अल्लाह ही पर فَلْيَتَوَكَّلِ पस चाहिए कि तवक्कल करें falyatawakkali
पस चाहिए कि तवक्कल करें ٱلْمُؤْمِنُونَ ईमान लाने वाले l-mu'minūna
ईमान लाने वाले ٥١ (51)
(51)
आप कह दें : हमें कुछ भी नहीं पहुँचेगा सिवाय उसके जो अल्लाह ने हमारे लिए लिख दिया है। वही हमारा मालिक है और अल्लाह ही पर ईमान वालों को भरोसा करना चाहिए।
९:५२
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए هَلْ नहीं hal
नहीं تَرَبَّصُونَ तुम इन्तिज़ार करते tarabbaṣūna
तुम इन्तिज़ार करते بِنَآ हमारे बारे में binā
हमारे बारे में إِلَّآ मगर illā
मगर إِحْدَى एक का iḥ'dā
एक का ٱلْحُسْنَيَيْنِ ۖ दो भलाईयों में से l-ḥus'nayayni
दो भलाईयों में से وَنَحْنُ और हम wanaḥnu
और हम نَتَرَبَّصُ हम इन्तिज़ार करते हैं natarabbaṣu
हम इन्तिज़ार करते हैं بِكُمْ तुम्हारे बारे में bikum
तुम्हारे बारे में أَن कि an
कि يُصِيبَكُمُ पहुँचाए तुम्हें yuṣībakumu
पहुँचाए तुम्हें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِعَذَابٍۢ कोई अज़ाब biʿadhābin
कोई अज़ाब مِّنْ from min
from عِندِهِۦٓ अपने पास से ʿindihi
अपने पास से أَوْ या aw
या بِأَيْدِينَا ۖ हमारे हाथों से bi-aydīnā
हमारे हाथों से فَتَرَبَّصُوٓا۟ पस तुम इन्तिज़ार करो fatarabbaṣū
पस तुम इन्तिज़ार करो إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम مَعَكُم साथ तुम्हारे maʿakum
साथ तुम्हारे مُّتَرَبِّصُونَ इन्तिज़ार करने वाले हैं mutarabbiṣūna
इन्तिज़ार करने वाले हैं ٥٢ (52)
(52)
कह दीजिए هَلْ नहीं hal
नहीं تَرَبَّصُونَ तुम इन्तिज़ार करते tarabbaṣūna
तुम इन्तिज़ार करते بِنَآ हमारे बारे में binā
हमारे बारे में إِلَّآ मगर illā
मगर إِحْدَى एक का iḥ'dā
एक का ٱلْحُسْنَيَيْنِ ۖ दो भलाईयों में से l-ḥus'nayayni
दो भलाईयों में से وَنَحْنُ और हम wanaḥnu
और हम نَتَرَبَّصُ हम इन्तिज़ार करते हैं natarabbaṣu
हम इन्तिज़ार करते हैं بِكُمْ तुम्हारे बारे में bikum
तुम्हारे बारे में أَن कि an
कि يُصِيبَكُمُ पहुँचाए तुम्हें yuṣībakumu
पहुँचाए तुम्हें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِعَذَابٍۢ कोई अज़ाब biʿadhābin
कोई अज़ाब مِّنْ from min
from عِندِهِۦٓ अपने पास से ʿindihi
अपने पास से أَوْ या aw
या بِأَيْدِينَا ۖ हमारे हाथों से bi-aydīnā
हमारे हाथों से فَتَرَبَّصُوٓا۟ पस तुम इन्तिज़ार करो fatarabbaṣū
पस तुम इन्तिज़ार करो إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम مَعَكُم साथ तुम्हारे maʿakum
साथ तुम्हारे مُّتَرَبِّصُونَ इन्तिज़ार करने वाले हैं mutarabbiṣūna
इन्तिज़ार करने वाले हैं ٥٢ (52)
(52)
आप कह दें : तुम हमारे बारे में दो भलाइयों1 में से किसी एक के सिवा किसकी प्रतीक्षा कर रहे हो और हम तुम्हारे बारे में यह प्रतीक्षा कर रहे हैं कि अल्लाह तुम्हें अपने पास से यातना दे, या हमारे हाथों से। तो तुम प्रतीक्षा करो, निःसंदेह हम (भी) तुम्हारे साथ प्रतीक्षा करने वाले हैं।
९:५३
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए أَنفِقُوا۟ ख़र्च करो anfiqū
ख़र्च करो طَوْعًا ख़ुशी से ṭawʿan
ख़ुशी से أَوْ या aw
या كَرْهًۭا नाख़ुशी से karhan
नाख़ुशी से لَّن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं يُتَقَبَّلَ वो क़ुबूल किया जाएगा yutaqabbala
वो क़ुबूल किया जाएगा مِنكُمْ ۖ तुम से minkum
तुम से إِنَّكُمْ बेशक तुम innakum
बेशक तुम كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम قَوْمًۭا लोग qawman
लोग فَـٰسِقِينَ नाफ़रमान fāsiqīna
नाफ़रमान ٥٣ (53)
(53)
कह दीजिए أَنفِقُوا۟ ख़र्च करो anfiqū
ख़र्च करो طَوْعًا ख़ुशी से ṭawʿan
ख़ुशी से أَوْ या aw
या كَرْهًۭا नाख़ुशी से karhan
नाख़ुशी से لَّن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं يُتَقَبَّلَ वो क़ुबूल किया जाएगा yutaqabbala
वो क़ुबूल किया जाएगा مِنكُمْ ۖ तुम से minkum
तुम से إِنَّكُمْ बेशक तुम innakum
बेशक तुम كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम قَوْمًۭا लोग qawman
लोग فَـٰسِقِينَ नाफ़रमान fāsiqīna
नाफ़रमान ٥٣ (53)
(53)
आप कह दें : तुम स्वेच्छापूर्वक दान करो अथवा अनिच्छापूर्वक, तुम्हारी ओर से हरगिज़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। निःसंदेह तुम हमेशा से अवज्ञाकारी लोग हो।
९:५४
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं مَنَعَهُمْ मानेअ/रुकावट हुआ उनके manaʿahum
मानेअ/रुकावट हुआ उनके أَن कि an
कि تُقْبَلَ क़ुबूल किए जाऐं tuq'bala
क़ुबूल किए जाऐं مِنْهُمْ उनसे min'hum
उनसे نَفَقَـٰتُهُمْ सदक़ात उनके nafaqātuhum
सदक़ात उनके إِلَّآ मगर illā
मगर أَنَّهُمْ ये कि वो annahum
ये कि वो كَفَرُوا۟ उन्होंने कुफ़्र किया kafarū
उन्होंने कुफ़्र किया بِٱللَّهِ साथ अल्लाह के bil-lahi
साथ अल्लाह के وَبِرَسُولِهِۦ और साथ उसके रसूल के wabirasūlihi
और साथ उसके रसूल के وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَأْتُونَ वो आते yatūna
वो आते ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ को l-ṣalata
नमाज़ को إِلَّا मगर illā
मगर وَهُمْ इस हाल में कि वो wahum
इस हाल में कि वो كُسَالَىٰ सुस्त होते हैं kusālā
सुस्त होते हैं وَلَا और नहीं walā
और नहीं يُنفِقُونَ वो ख़र्च करते yunfiqūna
वो ख़र्च करते إِلَّا मगर illā
मगर وَهُمْ इस हाल में कि वो wahum
इस हाल में कि वो كَـٰرِهُونَ नापसंद करने वाले हैं kārihūna
नापसंद करने वाले हैं ٥٤ (54)
(54)
और नहीं مَنَعَهُمْ मानेअ/रुकावट हुआ उनके manaʿahum
मानेअ/रुकावट हुआ उनके أَن कि an
कि تُقْبَلَ क़ुबूल किए जाऐं tuq'bala
क़ुबूल किए जाऐं مِنْهُمْ उनसे min'hum
उनसे نَفَقَـٰتُهُمْ सदक़ात उनके nafaqātuhum
सदक़ात उनके إِلَّآ मगर illā
मगर أَنَّهُمْ ये कि वो annahum
ये कि वो كَفَرُوا۟ उन्होंने कुफ़्र किया kafarū
उन्होंने कुफ़्र किया بِٱللَّهِ साथ अल्लाह के bil-lahi
साथ अल्लाह के وَبِرَسُولِهِۦ और साथ उसके रसूल के wabirasūlihi
और साथ उसके रसूल के وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَأْتُونَ वो आते yatūna
वो आते ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ को l-ṣalata
नमाज़ को إِلَّا मगर illā
मगर وَهُمْ इस हाल में कि वो wahum
इस हाल में कि वो كُسَالَىٰ सुस्त होते हैं kusālā
सुस्त होते हैं وَلَا और नहीं walā
और नहीं يُنفِقُونَ वो ख़र्च करते yunfiqūna
वो ख़र्च करते إِلَّا मगर illā
मगर وَهُمْ इस हाल में कि वो wahum
इस हाल में कि वो كَـٰرِهُونَ नापसंद करने वाले हैं kārihūna
नापसंद करने वाले हैं ٥٤ (54)
(54)
और उनकी ख़र्च की हुई चीज़ों को स्वीकार करने से उन्हें इसके सिवा किसी चीज़ ने नहीं रोका कि उन्होंने अल्लाह और उसके रसूल के साथ कुफ़्र किया और वे नमाज़ के लिए आलसी होकर आते हैं तथा वे खर्च नहीं करते परंतु इस अवस्था में कि वे नाख़ुश होते हैं।
९:५५
فَلَا
पस ना
falā
पस ना تُعْجِبْكَ ताज्जुब में डालें आपको tuʿ'jib'ka
ताज्जुब में डालें आपको أَمْوَٰلُهُمْ माल उनके amwāluhum
माल उनके وَلَآ और ना walā
और ना أَوْلَـٰدُهُمْ ۚ औलाद उनकी awlāduhum
औलाद उनकी إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक يُرِيدُ चाहता है yurīdu
चाहता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لِيُعَذِّبَهُم कि वो अज़ाब दे उन्हें liyuʿadhibahum
कि वो अज़ाब दे उन्हें بِهَا साथ उनके bihā
साथ उनके فِى in fī
in ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी में l-ḥayati
ज़िन्दगी में ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَتَزْهَقَ और निकलें watazhaqa
और निकलें أَنفُسُهُمْ जानें उनकी anfusuhum
जानें उनकी وَهُمْ इस हाल में कि वो wahum
इस हाल में कि वो كَـٰفِرُونَ काफ़िर हों kāfirūna
काफ़िर हों ٥٥ (55)
(55)
पस ना تُعْجِبْكَ ताज्जुब में डालें आपको tuʿ'jib'ka
ताज्जुब में डालें आपको أَمْوَٰلُهُمْ माल उनके amwāluhum
माल उनके وَلَآ और ना walā
और ना أَوْلَـٰدُهُمْ ۚ औलाद उनकी awlāduhum
औलाद उनकी إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक يُرِيدُ चाहता है yurīdu
चाहता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لِيُعَذِّبَهُم कि वो अज़ाब दे उन्हें liyuʿadhibahum
कि वो अज़ाब दे उन्हें بِهَا साथ उनके bihā
साथ उनके فِى in fī
in ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी में l-ḥayati
ज़िन्दगी में ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَتَزْهَقَ और निकलें watazhaqa
और निकलें أَنفُسُهُمْ जानें उनकी anfusuhum
जानें उनकी وَهُمْ इस हाल में कि वो wahum
इस हाल में कि वो كَـٰفِرُونَ काफ़िर हों kāfirūna
काफ़िर हों ٥٥ (55)
(55)
अतः आपको न उनके धन भले लगें और न उनकी संतान। अल्लाह तो यही चाहता है कि उन्हें इनके द्वारा सांसारिक जीवन में यातना दे और उनके प्राण इस दशा में निकलें कि वे काफ़िर हों।
९:५६
وَيَحْلِفُونَ
और वो कसमें खाते हैं
wayaḥlifūna
और वो कसमें खाते हैं بِٱللَّهِ अल्लाह की bil-lahi
अल्लाह की إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो لَمِنكُمْ अलबत्ता तुम में से हैं laminkum
अलबत्ता तुम में से हैं وَمَا हालाँकि नहीं wamā
हालाँकि नहीं هُم वो hum
वो مِّنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से وَلَـٰكِنَّهُمْ और लेकिन वो walākinnahum
और लेकिन वो قَوْمٌۭ ऐसे लोग हैं qawmun
ऐसे लोग हैं يَفْرَقُونَ जो डरते हैं yafraqūna
जो डरते हैं ٥٦ (56)
(56)
और वो कसमें खाते हैं بِٱللَّهِ अल्लाह की bil-lahi
अल्लाह की إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो لَمِنكُمْ अलबत्ता तुम में से हैं laminkum
अलबत्ता तुम में से हैं وَمَا हालाँकि नहीं wamā
हालाँकि नहीं هُم वो hum
वो مِّنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से وَلَـٰكِنَّهُمْ और लेकिन वो walākinnahum
और लेकिन वो قَوْمٌۭ ऐसे लोग हैं qawmun
ऐसे लोग हैं يَفْرَقُونَ जो डरते हैं yafraqūna
जो डरते हैं ٥٦ (56)
(56)
और वे (मुनाफ़िक़) अल्लाह की क़सम खाते हैं कि निःसंदेह वे अवश्य तुममें से हैं, हालाँकि वे तुममें से नहीं हैं, परंतु वे ऐसे लोग हैं जो डरते हैं।
९:५७
لَوْ
अगर
law
अगर يَجِدُونَ वो पाऐं yajidūna
वो पाऐं مَلْجَـًٔا कोई जाय पनाह malja-an
कोई जाय पनाह أَوْ या aw
या مَغَـٰرَٰتٍ कोई ग़ार maghārātin
कोई ग़ार أَوْ या aw
या مُدَّخَلًۭا कोई घुस बैठने की जगह muddakhalan
कोई घुस बैठने की जगह لَّوَلَّوْا۟ अलबत्ता वो मुड़ कर भाग जाऐं lawallaw
अलबत्ता वो मुड़ कर भाग जाऐं إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके وَهُمْ इस हाल में कि वो wahum
इस हाल में कि वो يَجْمَحُونَ वो सरपट दौड़ते हैं yajmaḥūna
वो सरपट दौड़ते हैं ٥٧ (57)
(57)
अगर يَجِدُونَ वो पाऐं yajidūna
वो पाऐं مَلْجَـًٔا कोई जाय पनाह malja-an
कोई जाय पनाह أَوْ या aw
या مَغَـٰرَٰتٍ कोई ग़ार maghārātin
कोई ग़ार أَوْ या aw
या مُدَّخَلًۭا कोई घुस बैठने की जगह muddakhalan
कोई घुस बैठने की जगह لَّوَلَّوْا۟ अलबत्ता वो मुड़ कर भाग जाऐं lawallaw
अलबत्ता वो मुड़ कर भाग जाऐं إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके وَهُمْ इस हाल में कि वो wahum
इस हाल में कि वो يَجْمَحُونَ वो सरपट दौड़ते हैं yajmaḥūna
वो सरपट दौड़ते हैं ٥٧ (57)
(57)
यदि वे कोई शरण स्थल, या कोई गुफाएँ या घुसने की कोई जगह पा जाएँ, तो अवश्य ही वे बगटुट उसकी ओर लौट जाएँ।
९:५८
وَمِنْهُم
और कुछ उनमें से हैं
wamin'hum
और कुछ उनमें से हैं مَّن जो man
जो يَلْمِزُكَ इलज़ाम लगाते हैं आप पर yalmizuka
इलज़ाम लगाते हैं आप पर فِى concerning fī
concerning ٱلصَّدَقَـٰتِ सदक़ात के बारे में l-ṣadaqāti
सदक़ात के बारे में فَإِنْ फिर अगर fa-in
फिर अगर أُعْطُوا۟ वो दिए जाऐं uʿ'ṭū
वो दिए जाऐं مِنْهَا उनमें से min'hā
उनमें से رَضُوا۟ वो राज़ी हो जाते हैं raḍū
वो राज़ी हो जाते हैं وَإِن और अगर wa-in
और अगर لَّمْ ना lam
ना يُعْطَوْا۟ वो दिए जाऐं yuʿ'ṭaw
वो दिए जाऐं مِنْهَآ उनमें से min'hā
उनमें से إِذَا तब idhā
तब هُمْ वो hum
वो يَسْخَطُونَ वो नाराज़ हो जाते हैं yaskhaṭūna
वो नाराज़ हो जाते हैं ٥٨ (58)
(58)
और कुछ उनमें से हैं مَّن जो man
जो يَلْمِزُكَ इलज़ाम लगाते हैं आप पर yalmizuka
इलज़ाम लगाते हैं आप पर فِى concerning fī
concerning ٱلصَّدَقَـٰتِ सदक़ात के बारे में l-ṣadaqāti
सदक़ात के बारे में فَإِنْ फिर अगर fa-in
फिर अगर أُعْطُوا۟ वो दिए जाऐं uʿ'ṭū
वो दिए जाऐं مِنْهَا उनमें से min'hā
उनमें से رَضُوا۟ वो राज़ी हो जाते हैं raḍū
वो राज़ी हो जाते हैं وَإِن और अगर wa-in
और अगर لَّمْ ना lam
ना يُعْطَوْا۟ वो दिए जाऐं yuʿ'ṭaw
वो दिए जाऐं مِنْهَآ उनमें से min'hā
उनमें से إِذَا तब idhā
तब هُمْ वो hum
वो يَسْخَطُونَ वो नाराज़ हो जाते हैं yaskhaṭūna
वो नाराज़ हो जाते हैं ٥٨ (58)
(58)
और उनमें से कुछ लोग ऐसे हैं, जो सदक़ों के (वितरण के) बारे में आपपर दोष लगाता हैं। फिर यदि उन्हें उनमें से दे दिया जाए, तो प्रसन्न हो जाते हैं और यदि उन्हें उनमें से न दिया जाए, तो तुरंत वे क्रोधित हो जाते हैं।
९:५९
وَلَوْ
और काश
walaw
और काश أَنَّهُمْ ये कि वो annahum
ये कि वो رَضُوا۟ वो राज़ी हो जाते raḍū
वो राज़ी हो जाते مَآ उस पर जो mā
उस पर जो ءَاتَىٰهُمُ दिया उन्हें ātāhumu
दिया उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَرَسُولُهُۥ और उसके रसूल ने warasūluhu
और उसके रसूल ने وَقَالُوا۟ और वो कहते waqālū
और वो कहते حَسْبُنَا काफ़ी है हमें ḥasbunā
काफ़ी है हमें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह سَيُؤْتِينَا अनक़रीब देगा हमें sayu'tīnā
अनक़रीब देगा हमें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مِن of min
of فَضْلِهِۦ अपने फ़ज़ल से faḍlihi
अपने फ़ज़ल से وَرَسُولُهُۥٓ और उसका रसूल (भी) warasūluhu
और उसका रसूल (भी) إِنَّآ बेशक हम innā
बेशक हम إِلَى to ilā
to ٱللَّهِ तरफ़ अल्लाह के l-lahi
तरफ़ अल्लाह के رَٰغِبُونَ रग़बत करने वाले हैं rāghibūna
रग़बत करने वाले हैं ٥٩ (59)
(59)
और काश أَنَّهُمْ ये कि वो annahum
ये कि वो رَضُوا۟ वो राज़ी हो जाते raḍū
वो राज़ी हो जाते مَآ उस पर जो mā
उस पर जो ءَاتَىٰهُمُ दिया उन्हें ātāhumu
दिया उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَرَسُولُهُۥ और उसके रसूल ने warasūluhu
और उसके रसूल ने وَقَالُوا۟ और वो कहते waqālū
और वो कहते حَسْبُنَا काफ़ी है हमें ḥasbunā
काफ़ी है हमें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह سَيُؤْتِينَا अनक़रीब देगा हमें sayu'tīnā
अनक़रीब देगा हमें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مِن of min
of فَضْلِهِۦ अपने फ़ज़ल से faḍlihi
अपने फ़ज़ल से وَرَسُولُهُۥٓ और उसका रसूल (भी) warasūluhu
और उसका रसूल (भी) إِنَّآ बेशक हम innā
बेशक हम إِلَى to ilā
to ٱللَّهِ तरफ़ अल्लाह के l-lahi
तरफ़ अल्लाह के رَٰغِبُونَ रग़बत करने वाले हैं rāghibūna
रग़बत करने वाले हैं ٥٩ (59)
(59)
और (कितना अच्छा होता) यदि वे उससे संतुष्ट हो जाते, जो अल्लाह और उसके रसूल ने उन्हें दिया और कहते कि हमारे लिए अल्लाह काफ़ी है। जल्द ही अल्लाह हमें अपनी कृपा से प्रदान करेगा तथा उसका रसूल भी। निःसंदेह हम अल्लाह ही की ओर रूचि रखने वाले हैं।
९:६०
۞ إِنَّمَا
बेशक
innamā
बेशक ٱلصَّدَقَـٰتُ सदक़ात तो l-ṣadaqātu
सदक़ात तो لِلْفُقَرَآءِ फ़ुक़रा के लिए हैं lil'fuqarāi
फ़ुक़रा के लिए हैं وَٱلْمَسَـٰكِينِ और मिस्कीनों के लिए wal-masākīni
और मिस्कीनों के लिए وَٱلْعَـٰمِلِينَ और जो काम करने वाले हैं wal-ʿāmilīna
और जो काम करने वाले हैं عَلَيْهَا उन पर ʿalayhā
उन पर وَٱلْمُؤَلَّفَةِ और उलफ़त दिलाए गए wal-mu-alafati
और उलफ़त दिलाए गए قُلُوبُهُمْ दिल जिनके qulūbuhum
दिल जिनके وَفِى and in wafī
and in ٱلرِّقَابِ और गर्दनों (के आज़ाद) करने में l-riqābi
और गर्दनों (के आज़ाद) करने में وَٱلْغَـٰرِمِينَ और क़र्ज़दारों (के लिए) wal-ghārimīna
और क़र्ज़दारों (के लिए) وَفِى and in wafī
and in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ और अल्लाह के रास्ते में l-lahi
और अल्लाह के रास्ते में وَٱبْنِ and the wayfarer wa-ib'ni
and the wayfarer ٱلسَّبِيلِ ۖ और मुसाफ़िर/राहगीर (के लिए) l-sabīli
और मुसाफ़िर/राहगीर (के लिए) فَرِيضَةًۭ फ़रीज़ा है farīḍatan
फ़रीज़ा है مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ ۗ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلِيمٌ ख़ूब इल्म वाला है ʿalīmun
ख़ूब इल्म वाला है حَكِيمٌۭ ख़ूब हिकमत वाला है ḥakīmun
ख़ूब हिकमत वाला है ٦٠ (60)
(60)
बेशक ٱلصَّدَقَـٰتُ सदक़ात तो l-ṣadaqātu
सदक़ात तो لِلْفُقَرَآءِ फ़ुक़रा के लिए हैं lil'fuqarāi
फ़ुक़रा के लिए हैं وَٱلْمَسَـٰكِينِ और मिस्कीनों के लिए wal-masākīni
और मिस्कीनों के लिए وَٱلْعَـٰمِلِينَ और जो काम करने वाले हैं wal-ʿāmilīna
और जो काम करने वाले हैं عَلَيْهَا उन पर ʿalayhā
उन पर وَٱلْمُؤَلَّفَةِ और उलफ़त दिलाए गए wal-mu-alafati
और उलफ़त दिलाए गए قُلُوبُهُمْ दिल जिनके qulūbuhum
दिल जिनके وَفِى and in wafī
and in ٱلرِّقَابِ और गर्दनों (के आज़ाद) करने में l-riqābi
और गर्दनों (के आज़ाद) करने में وَٱلْغَـٰرِمِينَ और क़र्ज़दारों (के लिए) wal-ghārimīna
और क़र्ज़दारों (के लिए) وَفِى and in wafī
and in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ और अल्लाह के रास्ते में l-lahi
और अल्लाह के रास्ते में وَٱبْنِ and the wayfarer wa-ib'ni
and the wayfarer ٱلسَّبِيلِ ۖ और मुसाफ़िर/राहगीर (के लिए) l-sabīli
और मुसाफ़िर/राहगीर (के लिए) فَرِيضَةًۭ फ़रीज़ा है farīḍatan
फ़रीज़ा है مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ ۗ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلِيمٌ ख़ूब इल्म वाला है ʿalīmun
ख़ूब इल्म वाला है حَكِيمٌۭ ख़ूब हिकमत वाला है ḥakīmun
ख़ूब हिकमत वाला है ٦٠ (60)
(60)
ज़कात तो केवल फ़क़ीरों1 और मिस्कीनों के लिए और उसपर नियुक्त कार्यकर्ताओं2 के लिए तथा उनके लिए है जिनके दिलों को परचाना3 अभीष्ट हो, और दास मुक्त करने में और क़र्ज़दारों एवं तावान भरने वालों में और अल्लाह के मार्ग में तथा यात्रियों के लिए है। यह अल्लाह की ओर से एक दायित्व है4 और अल्लाह सब कुछ जानने वाला, पूर्ण हिकमत वाला है।
९:६१
وَمِنْهُمُ
और कुछ उनमें से हैं
wamin'humu
और कुछ उनमें से हैं ٱلَّذِينَ जो alladhīna
जो يُؤْذُونَ अज़ियत देते हैं yu'dhūna
अज़ियत देते हैं ٱلنَّبِىَّ नबी को l-nabiya
नबी को وَيَقُولُونَ और वो कहते हैं wayaqūlūna
और वो कहते हैं هُوَ वो huwa
वो أُذُنٌۭ ۚ कान हैं udhunun
कान हैं قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए أُذُنُ कान हैं udhunu
कान हैं خَيْرٍۢ भलाई का khayrin
भलाई का لَّكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए يُؤْمِنُ वो ईमान रखता है yu'minu
वो ईमान रखता है بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَيُؤْمِنُ और वो ऐतमाद करता है wayu'minu
और वो ऐतमाद करता है لِلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों पर lil'mu'minīna
मोमिनों पर وَرَحْمَةٌۭ और रहमत है waraḥmatun
और रहमत है لِّلَّذِينَ उनके लिए जो lilladhīna
उनके लिए जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए مِنكُمْ ۚ तुम में से minkum
तुम में से وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो يُؤْذُونَ अज़ियत देते हैं yu'dhūna
अज़ियत देते हैं رَسُولَ (the) Messenger rasūla
(the) Messenger ٱللَّهِ अल्लाह के रसूल को l-lahi
अल्लाह के रसूल को لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है أَلِيمٌۭ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक ٦١ (61)
(61)
और कुछ उनमें से हैं ٱلَّذِينَ जो alladhīna
जो يُؤْذُونَ अज़ियत देते हैं yu'dhūna
अज़ियत देते हैं ٱلنَّبِىَّ नबी को l-nabiya
नबी को وَيَقُولُونَ और वो कहते हैं wayaqūlūna
और वो कहते हैं هُوَ वो huwa
वो أُذُنٌۭ ۚ कान हैं udhunun
कान हैं قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए أُذُنُ कान हैं udhunu
कान हैं خَيْرٍۢ भलाई का khayrin
भलाई का لَّكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए يُؤْمِنُ वो ईमान रखता है yu'minu
वो ईमान रखता है بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَيُؤْمِنُ और वो ऐतमाद करता है wayu'minu
और वो ऐतमाद करता है لِلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों पर lil'mu'minīna
मोमिनों पर وَرَحْمَةٌۭ और रहमत है waraḥmatun
और रहमत है لِّلَّذِينَ उनके लिए जो lilladhīna
उनके लिए जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए مِنكُمْ ۚ तुम में से minkum
तुम में से وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो يُؤْذُونَ अज़ियत देते हैं yu'dhūna
अज़ियत देते हैं رَسُولَ (the) Messenger rasūla
(the) Messenger ٱللَّهِ अल्लाह के रसूल को l-lahi
अल्लाह के रसूल को لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है أَلِيمٌۭ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक ٦١ (61)
(61)
तथा उन (मुनाफ़िक़ों) में से कुछ लोग ऐसे हैं जो नबी को दुःख देते हैं और कहते हैं कि वह तो निरा कान1 हैं! आप कह दें कि वह तुम्हारे लिए भलाई का कान हैं। वह अल्लाह पर विश्वास रखते हैं और ईमान वालों की बात का विश्वास करते हैं और तुममें से उन लोगों के लिए दया हैं, जो ईमान लाए हैं और जो लोग अल्लाह के रसूल को दुःख देते हैं, उनके लिए दर्दनाक यातना है।
९:६२
يَحْلِفُونَ
वो क़समें खाते हैं
yaḥlifūna
वो क़समें खाते हैं بِٱللَّهِ अल्लाह की bil-lahi
अल्लाह की لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए لِيُرْضُوكُمْ ताकि वो राज़ी करें तुम्हें liyur'ḍūkum
ताकि वो राज़ी करें तुम्हें وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह وَرَسُولُهُۥٓ और उसका रसूल warasūluhu
और उसका रसूल أَحَقُّ ज़्यादा हक़दार है aḥaqqu
ज़्यादा हक़दार है أَن कि an
कि يُرْضُوهُ वो राज़ी करें उसे yur'ḍūhu
वो राज़ी करें उसे إِن अगर in
अगर كَانُوا۟ हैं वो kānū
हैं वो مُؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले ٦٢ (62)
(62)
वो क़समें खाते हैं بِٱللَّهِ अल्लाह की bil-lahi
अल्लाह की لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए لِيُرْضُوكُمْ ताकि वो राज़ी करें तुम्हें liyur'ḍūkum
ताकि वो राज़ी करें तुम्हें وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह وَرَسُولُهُۥٓ और उसका रसूल warasūluhu
और उसका रसूल أَحَقُّ ज़्यादा हक़दार है aḥaqqu
ज़्यादा हक़दार है أَن कि an
कि يُرْضُوهُ वो राज़ी करें उसे yur'ḍūhu
वो राज़ी करें उसे إِن अगर in
अगर كَانُوا۟ हैं वो kānū
हैं वो مُؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले ٦٢ (62)
(62)
वे तुम्हारे समक्ष अल्लाह की क़सम खाते हैं, ताकि तुम्हें प्रसन्न करें। हालाँकि अल्लाह और उसके रसूल अधिक योग्य हैं कि वे उन्हें प्रसन्न करें, अगर वे ईमान वाले हैं।
९:६३
أَلَمْ
क्या नहीं
alam
क्या नहीं يَعْلَمُوٓا۟ वो जानते yaʿlamū
वो जानते أَنَّهُۥ बेशक वो annahu
बेशक वो مَن जो man
जो يُحَادِدِ मुख़ालिफ़त करता है yuḥādidi
मुख़ालिफ़त करता है ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَرَسُولَهُۥ और उसके रसूल की warasūlahu
और उसके रसूल की فَأَنَّ तो बेशक fa-anna
तो बेशक لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए نَارَ आग है nāra
आग है جَهَنَّمَ जहन्नम की jahannama
जहन्नम की خَـٰلِدًۭا हमेशा रहने वाला है khālidan
हमेशा रहने वाला है فِيهَا ۚ उसमें fīhā
उसमें ذَٰلِكَ ये dhālika
ये ٱلْخِزْىُ रुस्वाई है l-khiz'yu
रुस्वाई है ٱلْعَظِيمُ बहुत बड़ी l-ʿaẓīmu
बहुत बड़ी ٦٣ (63)
(63)
क्या नहीं يَعْلَمُوٓا۟ वो जानते yaʿlamū
वो जानते أَنَّهُۥ बेशक वो annahu
बेशक वो مَن जो man
जो يُحَادِدِ मुख़ालिफ़त करता है yuḥādidi
मुख़ालिफ़त करता है ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَرَسُولَهُۥ और उसके रसूल की warasūlahu
और उसके रसूल की فَأَنَّ तो बेशक fa-anna
तो बेशक لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए نَارَ आग है nāra
आग है جَهَنَّمَ जहन्नम की jahannama
जहन्नम की خَـٰلِدًۭا हमेशा रहने वाला है khālidan
हमेशा रहने वाला है فِيهَا ۚ उसमें fīhā
उसमें ذَٰلِكَ ये dhālika
ये ٱلْخِزْىُ रुस्वाई है l-khiz'yu
रुस्वाई है ٱلْعَظِيمُ बहुत बड़ी l-ʿaẓīmu
बहुत बड़ी ٦٣ (63)
(63)
क्या उन्होंने नहीं जाना कि जो अल्लाह और उसके रसूल का विरोध करता है, तो निःसंदेह उसके लिए जहन्नम की आग है, जिसमें वह सदैव रहने वाला है। यह बहुत बड़ा अपमान है।
९:६४
يَحْذَرُ
डरते हैं
yaḥdharu
डरते हैं ٱلْمُنَـٰفِقُونَ मुनाफ़िक़ l-munāfiqūna
मुनाफ़िक़ أَن कि an
कि تُنَزَّلَ उतारी जाए tunazzala
उतारी जाए عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर سُورَةٌۭ कोई सूरत sūratun
कोई सूरत تُنَبِّئُهُم जो ख़बर दे उन्हें tunabbi-uhum
जो ख़बर दे उन्हें بِمَا उसकी जो bimā
उसकी जो فِى (is) in fī
(is) in قُلُوبِهِمْ ۚ उनके दिलों में है qulūbihim
उनके दिलों में है قُلِ कह दीजिए quli
कह दीजिए ٱسْتَهْزِءُوٓا۟ कि मज़ाक़ उड़ा लो is'tahziū
कि मज़ाक़ उड़ा लो إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह مُخْرِجٌۭ ज़ाहिर करने वाला है mukh'rijun
ज़ाहिर करने वाला है مَّا वो जिससे mā
वो जिससे تَحْذَرُونَ तुम डरते हो taḥdharūna
तुम डरते हो ٦٤ (64)
(64)
डरते हैं ٱلْمُنَـٰفِقُونَ मुनाफ़िक़ l-munāfiqūna
मुनाफ़िक़ أَن कि an
कि تُنَزَّلَ उतारी जाए tunazzala
उतारी जाए عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर سُورَةٌۭ कोई सूरत sūratun
कोई सूरत تُنَبِّئُهُم जो ख़बर दे उन्हें tunabbi-uhum
जो ख़बर दे उन्हें بِمَا उसकी जो bimā
उसकी जो فِى (is) in fī
(is) in قُلُوبِهِمْ ۚ उनके दिलों में है qulūbihim
उनके दिलों में है قُلِ कह दीजिए quli
कह दीजिए ٱسْتَهْزِءُوٓا۟ कि मज़ाक़ उड़ा लो is'tahziū
कि मज़ाक़ उड़ा लो إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह مُخْرِجٌۭ ज़ाहिर करने वाला है mukh'rijun
ज़ाहिर करने वाला है مَّا वो जिससे mā
वो जिससे تَحْذَرُونَ तुम डरते हो taḥdharūna
तुम डरते हो ٦٤ (64)
(64)
मुनाफ़िक़ों को इस बात का डर है कि उनपर1 कोई ऐसी सूरत न उतार दी जाए, जो उन्हें वे बातें बता दे जो इनके दिलों में हैं। आप कह दें : तुम मज़ाक़ उड़ाते रहो। निःसंदेह अल्लाह उन बातों को निकालने वाला है, जिनसे तुम डरते हो।
९:६५
وَلَئِن
और अलबत्ता अगर
wala-in
और अलबत्ता अगर سَأَلْتَهُمْ पूछो तुम उनसे sa-altahum
पूछो तुम उनसे لَيَقُولُنَّ अलबत्ता वो ज़रूर कहेंगे layaqūlunna
अलबत्ता वो ज़रूर कहेंगे إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक كُنَّا थे हम kunnā
थे हम نَخُوضُ हम बहस कर रहे nakhūḍu
हम बहस कर रहे وَنَلْعَبُ ۚ और हम दिल्लगी करते wanalʿabu
और हम दिल्लगी करते قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए أَبِٱللَّهِ क्या अल्लाह का abil-lahi
क्या अल्लाह का وَءَايَـٰتِهِۦ और उसकी आयात का waāyātihi
और उसकी आयात का وَرَسُولِهِۦ और उसके रसूल का warasūlihi
और उसके रसूल का كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَسْتَهْزِءُونَ मज़ाक़ उड़ाते tastahziūna
मज़ाक़ उड़ाते ٦٥ (65)
(65)
और अलबत्ता अगर سَأَلْتَهُمْ पूछो तुम उनसे sa-altahum
पूछो तुम उनसे لَيَقُولُنَّ अलबत्ता वो ज़रूर कहेंगे layaqūlunna
अलबत्ता वो ज़रूर कहेंगे إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक كُنَّا थे हम kunnā
थे हम نَخُوضُ हम बहस कर रहे nakhūḍu
हम बहस कर रहे وَنَلْعَبُ ۚ और हम दिल्लगी करते wanalʿabu
और हम दिल्लगी करते قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए أَبِٱللَّهِ क्या अल्लाह का abil-lahi
क्या अल्लाह का وَءَايَـٰتِهِۦ और उसकी आयात का waāyātihi
और उसकी आयात का وَرَسُولِهِۦ और उसके रसूल का warasūlihi
और उसके रसूल का كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَسْتَهْزِءُونَ मज़ाक़ उड़ाते tastahziūna
मज़ाक़ उड़ाते ٦٥ (65)
(65)
निःसंदेह यदि आप1 उनसे पूछें, तो वे अवश्य ही कहेंगे : हम तो यूँ ही बातचीत और हँसी-मज़ाक़ कर रहे थे। आप कह दें : क्या तुम अल्लाह और उसकी आयतों और उसके रसूल के साथ मज़ाक कर रहे थे?
९:६६
لَا
(Do) not
lā
(Do) not تَعْتَذِرُوا۟ ना तुम उज़र पेश करो taʿtadhirū
ना तुम उज़र पेश करो قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ كَفَرْتُم कुफ़्र किया तुमने kafartum
कुफ़्र किया तुमने بَعْدَ बाद baʿda
बाद إِيمَـٰنِكُمْ ۚ अपने ईमान के īmānikum
अपने ईमान के إِن अगर in
अगर نَّعْفُ हम माफ़ कर दें naʿfu
हम माफ़ कर दें عَن [on] ʿan
[on] طَآئِفَةٍۢ एक गिरोह को ṭāifatin
एक गिरोह को مِّنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से نُعَذِّبْ (तो) हम अज़ाब देंगे nuʿadhib
(तो) हम अज़ाब देंगे طَآئِفَةًۢ एक गिरोह को ṭāifatan
एक गिरोह को بِأَنَّهُمْ बवजह उसके कि वो bi-annahum
बवजह उसके कि वो كَانُوا۟ हैं वो kānū
हैं वो مُجْرِمِينَ मुजरिम muj'rimīna
मुजरिम ٦٦ (66)
(66)
(Do) not تَعْتَذِرُوا۟ ना तुम उज़र पेश करो taʿtadhirū
ना तुम उज़र पेश करो قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ كَفَرْتُم कुफ़्र किया तुमने kafartum
कुफ़्र किया तुमने بَعْدَ बाद baʿda
बाद إِيمَـٰنِكُمْ ۚ अपने ईमान के īmānikum
अपने ईमान के إِن अगर in
अगर نَّعْفُ हम माफ़ कर दें naʿfu
हम माफ़ कर दें عَن [on] ʿan
[on] طَآئِفَةٍۢ एक गिरोह को ṭāifatin
एक गिरोह को مِّنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से نُعَذِّبْ (तो) हम अज़ाब देंगे nuʿadhib
(तो) हम अज़ाब देंगे طَآئِفَةًۢ एक गिरोह को ṭāifatan
एक गिरोह को بِأَنَّهُمْ बवजह उसके कि वो bi-annahum
बवजह उसके कि वो كَانُوا۟ हैं वो kānū
हैं वो مُجْرِمِينَ मुजरिम muj'rimīna
मुजरिम ٦٦ (66)
(66)
तुम बहाने मत बनाओ, निःसंदेह तुमने अपने ईमान के बाद कुफ़्र किया। यदि हम तुममें से एक समूह को क्षमा कर दें, तो एक समूह को दंड देंगे, क्योंकि निश्चय ही वे अपराधी थे।
९:६७
ٱلْمُنَـٰفِقُونَ
मुनाफ़िक़ मर्द
al-munāfiqūna
मुनाफ़िक़ मर्द وَٱلْمُنَـٰفِقَـٰتُ और मुनाफ़िक़ औरतें wal-munāfiqātu
और मुनाफ़िक़ औरतें بَعْضُهُم बाज़ उनके baʿḍuhum
बाज़ उनके مِّنۢ (are) of min
(are) of بَعْضٍۢ ۚ बाज़ से हैं baʿḍin
बाज़ से हैं يَأْمُرُونَ वो हुक्म देते हैं yamurūna
वो हुक्म देते हैं بِٱلْمُنكَرِ बुराई का bil-munkari
बुराई का وَيَنْهَوْنَ और वो रोकते हैं wayanhawna
और वो रोकते हैं عَنِ what ʿani
what ٱلْمَعْرُوفِ भलाई से l-maʿrūfi
भलाई से وَيَقْبِضُونَ और वो बंद रखते हैं wayaqbiḍūna
और वो बंद रखते हैं أَيْدِيَهُمْ ۚ अपने हाथों को aydiyahum
अपने हाथों को نَسُوا۟ वो भूल गए nasū
वो भूल गए ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को فَنَسِيَهُمْ ۗ तो उसने भुला दिया उन्हें fanasiyahum
तो उसने भुला दिया उन्हें إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلْمُنَـٰفِقِينَ मुनफिक़ l-munāfiqīna
मुनफिक़ هُمُ वो ही humu
वो ही ٱلْفَـٰسِقُونَ फ़ासिक़/नाफ़रमान हैं l-fāsiqūna
फ़ासिक़/नाफ़रमान हैं ٦٧ (67)
(67)
मुनाफ़िक़ मर्द وَٱلْمُنَـٰفِقَـٰتُ और मुनाफ़िक़ औरतें wal-munāfiqātu
और मुनाफ़िक़ औरतें بَعْضُهُم बाज़ उनके baʿḍuhum
बाज़ उनके مِّنۢ (are) of min
(are) of بَعْضٍۢ ۚ बाज़ से हैं baʿḍin
बाज़ से हैं يَأْمُرُونَ वो हुक्म देते हैं yamurūna
वो हुक्म देते हैं بِٱلْمُنكَرِ बुराई का bil-munkari
बुराई का وَيَنْهَوْنَ और वो रोकते हैं wayanhawna
और वो रोकते हैं عَنِ what ʿani
what ٱلْمَعْرُوفِ भलाई से l-maʿrūfi
भलाई से وَيَقْبِضُونَ और वो बंद रखते हैं wayaqbiḍūna
और वो बंद रखते हैं أَيْدِيَهُمْ ۚ अपने हाथों को aydiyahum
अपने हाथों को نَسُوا۟ वो भूल गए nasū
वो भूल गए ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को فَنَسِيَهُمْ ۗ तो उसने भुला दिया उन्हें fanasiyahum
तो उसने भुला दिया उन्हें إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلْمُنَـٰفِقِينَ मुनफिक़ l-munāfiqīna
मुनफिक़ هُمُ वो ही humu
वो ही ٱلْفَـٰسِقُونَ फ़ासिक़/नाफ़रमान हैं l-fāsiqūna
फ़ासिक़/नाफ़रमान हैं ٦٧ (67)
(67)
मुनाफ़िक़ पुरुष और मुनाफिक़ स्त्रियाँ, वे सब एक-जैसे हैं। वे बुराई का आदेश देते हैं तथा भलाई से रोकते हैं और अपने हाथ बंद रखते1 हैं। वे अल्लाह को भूल गए, तो उसने उन्हें भुला2 दिया। निश्चय मुनाफ़िक़ लोग ही अवज्ञाकारी हैं।
९:६८
وَعَدَ
वादा किया
waʿada
वादा किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱلْمُنَـٰفِقِينَ मुनाफ़िक़ मर्दों से l-munāfiqīna
मुनाफ़िक़ मर्दों से وَٱلْمُنَـٰفِقَـٰتِ और मुनाफ़िक़ औरतों से wal-munāfiqāti
और मुनाफ़िक़ औरतों से وَٱلْكُفَّارَ और काफ़िरों से wal-kufāra
और काफ़िरों से نَارَ आग का nāra
आग का جَهَنَّمَ जहन्नम की jahannama
जहन्नम की خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَا ۚ उसमें fīhā
उसमें هِىَ वो ही hiya
वो ही حَسْبُهُمْ ۚ काफ़ी है उन्हें ḥasbuhum
काफ़ी है उन्हें وَلَعَنَهُمُ और लानत की उन पर walaʿanahumu
और लानत की उन पर ٱللَّهُ ۖ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए عَذَابٌۭ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है مُّقِيمٌۭ क़ायम रहने वाला muqīmun
क़ायम रहने वाला ٦٨ (68)
(68)
वादा किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱلْمُنَـٰفِقِينَ मुनाफ़िक़ मर्दों से l-munāfiqīna
मुनाफ़िक़ मर्दों से وَٱلْمُنَـٰفِقَـٰتِ और मुनाफ़िक़ औरतों से wal-munāfiqāti
और मुनाफ़िक़ औरतों से وَٱلْكُفَّارَ और काफ़िरों से wal-kufāra
और काफ़िरों से نَارَ आग का nāra
आग का جَهَنَّمَ जहन्नम की jahannama
जहन्नम की خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَا ۚ उसमें fīhā
उसमें هِىَ वो ही hiya
वो ही حَسْبُهُمْ ۚ काफ़ी है उन्हें ḥasbuhum
काफ़ी है उन्हें وَلَعَنَهُمُ और लानत की उन पर walaʿanahumu
और लानत की उन पर ٱللَّهُ ۖ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए عَذَابٌۭ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है مُّقِيمٌۭ क़ायम रहने वाला muqīmun
क़ायम रहने वाला ٦٨ (68)
(68)
अल्लाह ने मुनाफ़िक़ पुरुषों तथा मुनाफ़िक़ स्त्रियों और काफ़िरों से जहन्नम की आग का वादा किया है, जिसमें वे हमेशा रहने वाले हैं। वही उनके लिए प्रयाप्त है। और अल्लाह ने उनपर ला'नत की और उनके लिए सदैव रहने वाली यातना है।
९:६९
كَٱلَّذِينَ
उन लोगों की तरह जो
ka-alladhīna
उन लोगों की तरह जो مِن before you min
before you قَبْلِكُمْ तुमसे पहले थे qablikum
तुमसे पहले थे كَانُوٓا۟ थे वो kānū
थे वो أَشَدَّ बहुत शदीद ashadda
बहुत शदीद مِنكُمْ तुम से minkum
तुम से قُوَّةًۭ क़ुव्वत में quwwatan
क़ुव्वत में وَأَكْثَرَ और ज़्यादा थे wa-akthara
और ज़्यादा थे أَمْوَٰلًۭا माल में amwālan
माल में وَأَوْلَـٰدًۭا और औलाद में wa-awlādan
और औलाद में فَٱسْتَمْتَعُوا۟ पस उन्होंने फ़ायदा उठाया fa-is'tamtaʿū
पस उन्होंने फ़ायदा उठाया بِخَلَـٰقِهِمْ अपने हिस्से से bikhalāqihim
अपने हिस्से से فَٱسْتَمْتَعْتُم पस तुमने फ़ायदा उठाया fa-is'tamtaʿtum
पस तुमने फ़ायदा उठाया بِخَلَـٰقِكُمْ अपने हिस्से से bikhalāqikum
अपने हिस्से से كَمَا जिस तरह kamā
जिस तरह ٱسْتَمْتَعَ फ़ायदा उठाया is'tamtaʿa
फ़ायदा उठाया ٱلَّذِينَ उन्होंने जो alladhīna
उन्होंने जो مِن before you min
before you قَبْلِكُم जो तुमसे पहले थे qablikum
जो तुमसे पहले थे بِخَلَـٰقِهِمْ अपने हिस्से से bikhalāqihim
अपने हिस्से से وَخُضْتُمْ और बहस की तुमने wakhuḍ'tum
और बहस की तुमने كَٱلَّذِى जिस तरह ka-alladhī
जिस तरह خَاضُوٓا۟ ۚ उन्होंने बहस की khāḍū
उन्होंने बहस की أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं حَبِطَتْ ज़ाया हो गए ḥabiṭat
ज़ाया हो गए أَعْمَـٰلُهُمْ आमाल उनके aʿmāluhum
आमाल उनके فِى in fī
in ٱلدُّنْيَا दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में وَٱلْـَٔاخِرَةِ ۖ और आख़िरत में wal-ākhirati
और आख़िरत में وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग हैं wa-ulāika
और यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْخَـٰسِرُونَ जो ख़सारा पाने वाले हैं l-khāsirūna
जो ख़सारा पाने वाले हैं ٦٩ (69)
(69)
उन लोगों की तरह जो مِن before you min
before you قَبْلِكُمْ तुमसे पहले थे qablikum
तुमसे पहले थे كَانُوٓا۟ थे वो kānū
थे वो أَشَدَّ बहुत शदीद ashadda
बहुत शदीद مِنكُمْ तुम से minkum
तुम से قُوَّةًۭ क़ुव्वत में quwwatan
क़ुव्वत में وَأَكْثَرَ और ज़्यादा थे wa-akthara
और ज़्यादा थे أَمْوَٰلًۭا माल में amwālan
माल में وَأَوْلَـٰدًۭا और औलाद में wa-awlādan
और औलाद में فَٱسْتَمْتَعُوا۟ पस उन्होंने फ़ायदा उठाया fa-is'tamtaʿū
पस उन्होंने फ़ायदा उठाया بِخَلَـٰقِهِمْ अपने हिस्से से bikhalāqihim
अपने हिस्से से فَٱسْتَمْتَعْتُم पस तुमने फ़ायदा उठाया fa-is'tamtaʿtum
पस तुमने फ़ायदा उठाया بِخَلَـٰقِكُمْ अपने हिस्से से bikhalāqikum
अपने हिस्से से كَمَا जिस तरह kamā
जिस तरह ٱسْتَمْتَعَ फ़ायदा उठाया is'tamtaʿa
फ़ायदा उठाया ٱلَّذِينَ उन्होंने जो alladhīna
उन्होंने जो مِن before you min
before you قَبْلِكُم जो तुमसे पहले थे qablikum
जो तुमसे पहले थे بِخَلَـٰقِهِمْ अपने हिस्से से bikhalāqihim
अपने हिस्से से وَخُضْتُمْ और बहस की तुमने wakhuḍ'tum
और बहस की तुमने كَٱلَّذِى जिस तरह ka-alladhī
जिस तरह خَاضُوٓا۟ ۚ उन्होंने बहस की khāḍū
उन्होंने बहस की أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं حَبِطَتْ ज़ाया हो गए ḥabiṭat
ज़ाया हो गए أَعْمَـٰلُهُمْ आमाल उनके aʿmāluhum
आमाल उनके فِى in fī
in ٱلدُّنْيَا दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में وَٱلْـَٔاخِرَةِ ۖ और आख़िरत में wal-ākhirati
और आख़िरत में وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग हैं wa-ulāika
और यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْخَـٰسِرُونَ जो ख़सारा पाने वाले हैं l-khāsirūna
जो ख़सारा पाने वाले हैं ٦٩ (69)
(69)
उन लोगों की तरह जो तुमसे पहले थे। वे शक्ति में तुमसे ज़्यादा मज़बूत तथा धन और संतान में तुमसे अधिक थे। तो उन्होंने अपने भाग का आनंद लिया। फिर तुमने अपने भाग का आनंद लिया, जैसे तुमसे पूर्व के लोगों ने आनंद लिया था और तुम (झूठ और असत्य के अंदर) घुसे, जैसे वे घुसे थे। यही लोग हैं, जिनके कर्म दुनिया एवं आखिरत में अकारथ हो गए और यही घाटा उठाने वाले लोग हैं।
९:७०
أَلَمْ
क्या नहीं
alam
क्या नहीं يَأْتِهِمْ आई उनके पास yatihim
आई उनके पास نَبَأُ ख़बर naba-u
ख़बर ٱلَّذِينَ उनकी जो alladhīna
उनकी जो مِن (were) before them min
(were) before them قَبْلِهِمْ उनसे पहले थे qablihim
उनसे पहले थे قَوْمِ (the) people qawmi
(the) people نُوحٍۢ क़ौमे नूह nūḥin
क़ौमे नूह وَعَادٍۢ और आद waʿādin
और आद وَثَمُودَ और समूद wathamūda
और समूद وَقَوْمِ and (the) people waqawmi
and (the) people إِبْرَٰهِيمَ और कौमे इब्राहीम ib'rāhīma
और कौमे इब्राहीम وَأَصْحَـٰبِ and (the) companions wa-aṣḥābi
and (the) companions مَدْيَنَ और मदयन वाले madyana
और मदयन वाले وَٱلْمُؤْتَفِكَـٰتِ ۚ और उल्टी हुई बस्तियों वाले wal-mu'tafikāti
और उल्टी हुई बस्तियों वाले أَتَتْهُمْ आए उनके पास atathum
आए उनके पास رُسُلُهُم रसूल उनके rusuluhum
रसूल उनके بِٱلْبَيِّنَـٰتِ ۖ साथ वाज़ेह दलाइल के bil-bayināti
साथ वाज़ेह दलाइल के فَمَا पस नहीं famā
पस नहीं كَانَ है kāna
है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لِيَظْلِمَهُمْ कि वो ज़ुल्म करे उन पर liyaẓlimahum
कि वो ज़ुल्म करे उन पर وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन كَانُوٓا۟ थे वो kānū
थे वो أَنفُسَهُمْ अपनी ही जानों पर anfusahum
अपनी ही जानों पर يَظْلِمُونَ वो ज़ुल्म करते yaẓlimūna
वो ज़ुल्म करते ٧٠ (70)
(70)
क्या नहीं يَأْتِهِمْ आई उनके पास yatihim
आई उनके पास نَبَأُ ख़बर naba-u
ख़बर ٱلَّذِينَ उनकी जो alladhīna
उनकी जो مِن (were) before them min
(were) before them قَبْلِهِمْ उनसे पहले थे qablihim
उनसे पहले थे قَوْمِ (the) people qawmi
(the) people نُوحٍۢ क़ौमे नूह nūḥin
क़ौमे नूह وَعَادٍۢ और आद waʿādin
और आद وَثَمُودَ और समूद wathamūda
और समूद وَقَوْمِ and (the) people waqawmi
and (the) people إِبْرَٰهِيمَ और कौमे इब्राहीम ib'rāhīma
और कौमे इब्राहीम وَأَصْحَـٰبِ and (the) companions wa-aṣḥābi
and (the) companions مَدْيَنَ और मदयन वाले madyana
और मदयन वाले وَٱلْمُؤْتَفِكَـٰتِ ۚ और उल्टी हुई बस्तियों वाले wal-mu'tafikāti
और उल्टी हुई बस्तियों वाले أَتَتْهُمْ आए उनके पास atathum
आए उनके पास رُسُلُهُم रसूल उनके rusuluhum
रसूल उनके بِٱلْبَيِّنَـٰتِ ۖ साथ वाज़ेह दलाइल के bil-bayināti
साथ वाज़ेह दलाइल के فَمَا पस नहीं famā
पस नहीं كَانَ है kāna
है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لِيَظْلِمَهُمْ कि वो ज़ुल्म करे उन पर liyaẓlimahum
कि वो ज़ुल्म करे उन पर وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन كَانُوٓا۟ थे वो kānū
थे वो أَنفُسَهُمْ अपनी ही जानों पर anfusahum
अपनी ही जानों पर يَظْلِمُونَ वो ज़ुल्म करते yaẓlimūna
वो ज़ुल्म करते ٧٠ (70)
(70)
क्या इनके पास उन लोगों की ख़बर नहीं आई, जो इनसे पहले थे? नूह़ की जाति और आद और समूद तथा इबराहीम की जाति और मदयन1 वाले और उलटी2 हुई बस्तियों के लोग? उनके पास उनके रसूल स्पष्ट प्रमाण लेकर आए, तो अल्लाह ऐसा नहीं था कि उनपर अत्याचार करता, परंतु वे स्वयं अपने आप पर अत्याचार3 करते थे।
९:७१
وَٱلْمُؤْمِنُونَ
और मोमिन मर्द
wal-mu'minūna
और मोमिन मर्द وَٱلْمُؤْمِنَـٰتُ और मोमिन औरतें wal-mu'minātu
और मोमिन औरतें بَعْضُهُمْ बाज़ उनके baʿḍuhum
बाज़ उनके أَوْلِيَآءُ दोस्त हैं awliyāu
दोस्त हैं بَعْضٍۢ ۚ बाज़ के baʿḍin
बाज़ के يَأْمُرُونَ वो हुक्म देते हैं yamurūna
वो हुक्म देते हैं بِٱلْمَعْرُوفِ भलाई का bil-maʿrūfi
भलाई का وَيَنْهَوْنَ और वो रोकते हैं wayanhawna
और वो रोकते हैं عَنِ from ʿani
from ٱلْمُنكَرِ बुराई से l-munkari
बुराई से وَيُقِيمُونَ और वो क़ायम करते हैं wayuqīmūna
और वो क़ायम करते हैं ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَيُؤْتُونَ और वो अदा करते हैं wayu'tūna
और वो अदा करते हैं ٱلزَّكَوٰةَ ज़कात l-zakata
ज़कात وَيُطِيعُونَ और वो अताअत करते हैं wayuṭīʿūna
और वो अताअत करते हैं ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَرَسُولَهُۥٓ ۚ और उसके रसूल की warasūlahu
और उसके रसूल की أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं سَيَرْحَمُهُمُ ज़रूर रहम करेगा उन पर sayarḥamuhumu
ज़रूर रहम करेगा उन पर ٱللَّهُ ۗ अल्लाह l-lahu
अल्लाह إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَزِيزٌ बहुत ज़बरदस्त है ʿazīzun
बहुत ज़बरदस्त है حَكِيمٌۭ ख़ूब हिकमत वाला है ḥakīmun
ख़ूब हिकमत वाला है ٧١ (71)
(71)
और मोमिन मर्द وَٱلْمُؤْمِنَـٰتُ और मोमिन औरतें wal-mu'minātu
और मोमिन औरतें بَعْضُهُمْ बाज़ उनके baʿḍuhum
बाज़ उनके أَوْلِيَآءُ दोस्त हैं awliyāu
दोस्त हैं بَعْضٍۢ ۚ बाज़ के baʿḍin
बाज़ के يَأْمُرُونَ वो हुक्म देते हैं yamurūna
वो हुक्म देते हैं بِٱلْمَعْرُوفِ भलाई का bil-maʿrūfi
भलाई का وَيَنْهَوْنَ और वो रोकते हैं wayanhawna
और वो रोकते हैं عَنِ from ʿani
from ٱلْمُنكَرِ बुराई से l-munkari
बुराई से وَيُقِيمُونَ और वो क़ायम करते हैं wayuqīmūna
और वो क़ायम करते हैं ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَيُؤْتُونَ और वो अदा करते हैं wayu'tūna
और वो अदा करते हैं ٱلزَّكَوٰةَ ज़कात l-zakata
ज़कात وَيُطِيعُونَ और वो अताअत करते हैं wayuṭīʿūna
और वो अताअत करते हैं ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की وَرَسُولَهُۥٓ ۚ और उसके रसूल की warasūlahu
और उसके रसूल की أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं سَيَرْحَمُهُمُ ज़रूर रहम करेगा उन पर sayarḥamuhumu
ज़रूर रहम करेगा उन पर ٱللَّهُ ۗ अल्लाह l-lahu
अल्लाह إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَزِيزٌ बहुत ज़बरदस्त है ʿazīzun
बहुत ज़बरदस्त है حَكِيمٌۭ ख़ूब हिकमत वाला है ḥakīmun
ख़ूब हिकमत वाला है ٧١ (71)
(71)
और ईमान वाले मर्द और ईमान वाली औरतें एक-दूसरे के दोस्त हैं, वे भलाई का हुक्म देते हैं और बुराई से मना करते हैं और नमाज़ क़ायम करते हैं और ज़कात देते हैं तथा अल्लाह और उसके रसूल की आज्ञा का पालन करते हैं। यही लोग हैं जिनपर अल्लाह दया करेगा। निःसंदेह अल्लाह सब पर प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
९:७२
وَعَدَ
वादा किया
waʿada
वादा किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों मर्दों से l-mu'minīna
मोमिनों मर्दों से وَٱلْمُؤْمِنَـٰتِ और मोमिन औरतों से wal-mu'mināti
और मोमिन औरतों से جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात का jannātin
बाग़ात का تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَا उनमें fīhā
उनमें وَمَسَـٰكِنَ और घर wamasākina
और घर طَيِّبَةًۭ पाकीज़ा ṭayyibatan
पाकीज़ा فِى in fī
in جَنَّـٰتِ बाग़ात में jannāti
बाग़ात में عَدْنٍۢ ۚ अदन के ʿadnin
अदन के وَرِضْوَٰنٌۭ और रज़ामन्दी wariḍ'wānun
और रज़ामन्दी مِّنَ of mina
of ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से أَكْبَرُ ۚ सबसे बड़ी है akbaru
सबसे बड़ी है ذَٰلِكَ यही dhālika
यही هُوَ वो huwa
वो ٱلْفَوْزُ कामयाबी है l-fawzu
कामयाबी है ٱلْعَظِيمُ बहुत बड़ी l-ʿaẓīmu
बहुत बड़ी ٧٢ (72)
(72)
वादा किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों मर्दों से l-mu'minīna
मोमिनों मर्दों से وَٱلْمُؤْمِنَـٰتِ और मोमिन औरतों से wal-mu'mināti
और मोमिन औरतों से جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात का jannātin
बाग़ात का تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَا उनमें fīhā
उनमें وَمَسَـٰكِنَ और घर wamasākina
और घर طَيِّبَةًۭ पाकीज़ा ṭayyibatan
पाकीज़ा فِى in fī
in جَنَّـٰتِ बाग़ात में jannāti
बाग़ात में عَدْنٍۢ ۚ अदन के ʿadnin
अदन के وَرِضْوَٰنٌۭ और रज़ामन्दी wariḍ'wānun
और रज़ामन्दी مِّنَ of mina
of ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से أَكْبَرُ ۚ सबसे बड़ी है akbaru
सबसे बड़ी है ذَٰلِكَ यही dhālika
यही هُوَ वो huwa
वो ٱلْفَوْزُ कामयाबी है l-fawzu
कामयाबी है ٱلْعَظِيمُ बहुत बड़ी l-ʿaẓīmu
बहुत बड़ी ٧٢ (72)
(72)
अल्लाह ने ईमान वाले पुरुषों तथा ईमान वाली स्त्रियों से ऐसे बाग़ों का वादा किया है जिनके नीचे से नहरें बहती हैं, जिनमें वे सदैव रहने वाले होंगे, और स्थायी बाग़ों में अच्छे आवासों का (वादा किया है)। और अल्लाह की ओर से थोड़ी-सी प्रसन्नता सबसे बड़ी है, यही तो बहुत बड़ी सफलता है।
९:७३
يَـٰٓأَيُّهَا
ऐ
yāayyuhā
ऐ ٱلنَّبِىُّ नबी l-nabiyu
नबी جَـٰهِدِ जिहाद कीजिए jāhidi
जिहाद कीजिए ٱلْكُفَّارَ कुफ़्फ़ार l-kufāra
कुफ़्फ़ार وَٱلْمُنَـٰفِقِينَ और मुनाफ़िक़ीन से wal-munāfiqīna
और मुनाफ़िक़ीन से وَٱغْلُظْ और सख़्ती कीजिए wa-ugh'luẓ
और सख़्ती कीजिए عَلَيْهِمْ ۚ उन पर ʿalayhim
उन पर وَمَأْوَىٰهُمْ और ठिकाना उनका wamawāhum
और ठिकाना उनका جَهَنَّمُ ۖ जहन्नम है jahannamu
जहन्नम है وَبِئْسَ और बहुत ही बुरा wabi'sa
और बहुत ही बुरा ٱلْمَصِيرُ ठिकाना है l-maṣīru
ठिकाना है ٧٣ (73)
(73)
ऐ ٱلنَّبِىُّ नबी l-nabiyu
नबी جَـٰهِدِ जिहाद कीजिए jāhidi
जिहाद कीजिए ٱلْكُفَّارَ कुफ़्फ़ार l-kufāra
कुफ़्फ़ार وَٱلْمُنَـٰفِقِينَ और मुनाफ़िक़ीन से wal-munāfiqīna
और मुनाफ़िक़ीन से وَٱغْلُظْ और सख़्ती कीजिए wa-ugh'luẓ
और सख़्ती कीजिए عَلَيْهِمْ ۚ उन पर ʿalayhim
उन पर وَمَأْوَىٰهُمْ और ठिकाना उनका wamawāhum
और ठिकाना उनका جَهَنَّمُ ۖ जहन्नम है jahannamu
जहन्नम है وَبِئْسَ और बहुत ही बुरा wabi'sa
और बहुत ही बुरा ٱلْمَصِيرُ ठिकाना है l-maṣīru
ठिकाना है ٧٣ (73)
(73)
ऐ नबी! काफ़िरों और मुनाफ़िक़ों से जिहाद करें और उनपर सख़्ती करें। और उनका ठिकाना जहन्नम है और वह बहुत बुरा लौटकर जाने का स्थान है।
९:७४
يَحْلِفُونَ
वो क़समें खाते हैं
yaḥlifūna
वो क़समें खाते हैं بِٱللَّهِ अल्लाह की bil-lahi
अल्लाह की مَا नहीं mā
नहीं قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा وَلَقَدْ हालाँकि अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
हालाँकि अलबत्ता तहक़ीक़ قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा كَلِمَةَ कलमा kalimata
कलमा ٱلْكُفْرِ कुफ़्र का l-kuf'ri
कुफ़्र का وَكَفَرُوا۟ और उन्होंने कुफ़्र किया wakafarū
और उन्होंने कुफ़्र किया بَعْدَ बाद baʿda
बाद إِسْلَـٰمِهِمْ अपने इस्लाम के is'lāmihim
अपने इस्लाम के وَهَمُّوا۟ और उन्होंने इरादा किया wahammū
और उन्होंने इरादा किया بِمَا उसका जो bimā
उसका जो لَمْ नहीं lam
नहीं يَنَالُوا۟ ۚ वो पा सके yanālū
वो पा सके وَمَا और नहीं wamā
और नहीं نَقَمُوٓا۟ उन्होंने इन्तिक़ाम लिया naqamū
उन्होंने इन्तिक़ाम लिया إِلَّآ मगर illā
मगर أَنْ ये कि an
ये कि أَغْنَىٰهُمُ ग़नी कर दिया उन्हें aghnāhumu
ग़नी कर दिया उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَرَسُولُهُۥ और उसके रसूल ने warasūluhu
और उसके रसूल ने مِن of min
of فَضْلِهِۦ ۚ अपने फ़ज़ल से faḍlihi
अपने फ़ज़ल से فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर يَتُوبُوا۟ वो तौबा कर लें yatūbū
वो तौबा कर लें يَكُ होगा yaku
होगा خَيْرًۭا बेहतर khayran
बेहतर لَّهُمْ ۖ उनके लिए lahum
उनके लिए وَإِن और अगर wa-in
और अगर يَتَوَلَّوْا۟ वो मुँह मोड़ें yatawallaw
वो मुँह मोड़ें يُعَذِّبْهُمُ अज़ाब देगा उन्हें yuʿadhib'humu
अज़ाब देगा उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَذَابًا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब أَلِيمًۭا दर्दनाक alīman
दर्दनाक فِى in fī
in ٱلدُّنْيَا दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में وَٱلْـَٔاخِرَةِ ۚ और आख़िरत में wal-ākhirati
और आख़िरत में وَمَا और ना होगा wamā
और ना होगा لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में مِن any min
any وَلِىٍّۢ कोई दोस्त waliyyin
कोई दोस्त وَلَا और ना walā
और ना نَصِيرٍۢ कोई मददगार naṣīrin
कोई मददगार ٧٤ (74)
(74)
वो क़समें खाते हैं بِٱللَّهِ अल्लाह की bil-lahi
अल्लाह की مَا नहीं mā
नहीं قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा وَلَقَدْ हालाँकि अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
हालाँकि अलबत्ता तहक़ीक़ قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा كَلِمَةَ कलमा kalimata
कलमा ٱلْكُفْرِ कुफ़्र का l-kuf'ri
कुफ़्र का وَكَفَرُوا۟ और उन्होंने कुफ़्र किया wakafarū
और उन्होंने कुफ़्र किया بَعْدَ बाद baʿda
बाद إِسْلَـٰمِهِمْ अपने इस्लाम के is'lāmihim
अपने इस्लाम के وَهَمُّوا۟ और उन्होंने इरादा किया wahammū
और उन्होंने इरादा किया بِمَا उसका जो bimā
उसका जो لَمْ नहीं lam
नहीं يَنَالُوا۟ ۚ वो पा सके yanālū
वो पा सके وَمَا और नहीं wamā
और नहीं نَقَمُوٓا۟ उन्होंने इन्तिक़ाम लिया naqamū
उन्होंने इन्तिक़ाम लिया إِلَّآ मगर illā
मगर أَنْ ये कि an
ये कि أَغْنَىٰهُمُ ग़नी कर दिया उन्हें aghnāhumu
ग़नी कर दिया उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَرَسُولُهُۥ और उसके रसूल ने warasūluhu
और उसके रसूल ने مِن of min
of فَضْلِهِۦ ۚ अपने फ़ज़ल से faḍlihi
अपने फ़ज़ल से فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर يَتُوبُوا۟ वो तौबा कर लें yatūbū
वो तौबा कर लें يَكُ होगा yaku
होगा خَيْرًۭا बेहतर khayran
बेहतर لَّهُمْ ۖ उनके लिए lahum
उनके लिए وَإِن और अगर wa-in
और अगर يَتَوَلَّوْا۟ वो मुँह मोड़ें yatawallaw
वो मुँह मोड़ें يُعَذِّبْهُمُ अज़ाब देगा उन्हें yuʿadhib'humu
अज़ाब देगा उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَذَابًا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब أَلِيمًۭا दर्दनाक alīman
दर्दनाक فِى in fī
in ٱلدُّنْيَا दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में وَٱلْـَٔاخِرَةِ ۚ और आख़िरत में wal-ākhirati
और आख़िरत में وَمَا और ना होगा wamā
और ना होगा لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में مِن any min
any وَلِىٍّۢ कोई दोस्त waliyyin
कोई दोस्त وَلَا और ना walā
और ना نَصِيرٍۢ कोई मददगार naṣīrin
कोई मददगार ٧٤ (74)
(74)
वे अल्लाह की क़सम खाते हैं कि उन्होंने (यह) बात1 नहीं कही। हालाँकि निःसंदेह उन्होंने कुफ़्र की बात2 कही और अपने इस्लाम लाने के पश्चात् काफ़िर हो गए और उन्होंने उस चीज़ का इरादा किया, जो उन्हें नहीं मिली। और उन्होंने केवल इसका बदला लिया कि अल्लाह और उसके रसूल ने उन्हें अपने अनुग्रह से समृद्ध3 कर दिया। अब यदि वे तौबा कर लें, तो उनके लिए बेहतर होगा और अगर वे मुँह फेर लें, तो अल्लाह उन्हें दुनिया और आख़िरत में दर्दनाक अज़ाब देगा और उनका धरती पर न कोई दोस्त होगा और न कोई मददगार।
९:७५
۞ وَمِنْهُم
और कुछ उनमें से वो हैं
wamin'hum
और कुछ उनमें से वो हैं مَّنْ जिन्होंने man
जिन्होंने عَـٰهَدَ अहद किया ʿāhada
अहद किया ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से لَئِنْ अलबत्ता अगर la-in
अलबत्ता अगर ءَاتَىٰنَا वो देगा हमें ātānā
वो देगा हमें مِن of min
of فَضْلِهِۦ अपने फ़ज़ल से faḍlihi
अपने फ़ज़ल से لَنَصَّدَّقَنَّ अलबत्ता हम ज़रूर सदक़ा करेंगे lanaṣṣaddaqanna
अलबत्ता हम ज़रूर सदक़ा करेंगे وَلَنَكُونَنَّ और अलबत्ता हम ज़रूर हो जाऐंगे walanakūnanna
और अलबत्ता हम ज़रूर हो जाऐंगे مِنَ among mina
among ٱلصَّـٰلِحِينَ नेक लोगों में से l-ṣāliḥīna
नेक लोगों में से ٧٥ (75)
(75)
और कुछ उनमें से वो हैं مَّنْ जिन्होंने man
जिन्होंने عَـٰهَدَ अहद किया ʿāhada
अहद किया ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से لَئِنْ अलबत्ता अगर la-in
अलबत्ता अगर ءَاتَىٰنَا वो देगा हमें ātānā
वो देगा हमें مِن of min
of فَضْلِهِۦ अपने फ़ज़ल से faḍlihi
अपने फ़ज़ल से لَنَصَّدَّقَنَّ अलबत्ता हम ज़रूर सदक़ा करेंगे lanaṣṣaddaqanna
अलबत्ता हम ज़रूर सदक़ा करेंगे وَلَنَكُونَنَّ और अलबत्ता हम ज़रूर हो जाऐंगे walanakūnanna
और अलबत्ता हम ज़रूर हो जाऐंगे مِنَ among mina
among ٱلصَّـٰلِحِينَ नेक लोगों में से l-ṣāliḥīna
नेक लोगों में से ٧٥ (75)
(75)
और उनमें से कुछ लोग ऐसे हैं जिन्होंने अल्लाह को वचन दिया कि निश्चय यदि उसने हमें अपने अनुग्रह से कुछ प्रदान किया, तो हम अवश्य दान करेंगे और निश्चित रूप से नेक लोगों में से हो जाएँगे।
९:७६
فَلَمَّآ
फिर जब
falammā
फिर जब ءَاتَىٰهُم उसने दिया उन्हें ātāhum
उसने दिया उन्हें مِّن of min
of فَضْلِهِۦ अपने फ़ज़ल से faḍlihi
अपने फ़ज़ल से بَخِلُوا۟ वो बुख़्ल करने लगे bakhilū
वो बुख़्ल करने लगे بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके وَتَوَلَّوا۟ और वो मुँह मोड़ गए watawallaw
और वो मुँह मोड़ गए وَّهُم इस हाल में कि वो wahum
इस हाल में कि वो مُّعْرِضُونَ ऐराज़ करने वाले थे muʿ'riḍūna
ऐराज़ करने वाले थे ٧٦ (76)
(76)
फिर जब ءَاتَىٰهُم उसने दिया उन्हें ātāhum
उसने दिया उन्हें مِّن of min
of فَضْلِهِۦ अपने फ़ज़ल से faḍlihi
अपने फ़ज़ल से بَخِلُوا۟ वो बुख़्ल करने लगे bakhilū
वो बुख़्ल करने लगे بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके وَتَوَلَّوا۟ और वो मुँह मोड़ गए watawallaw
और वो मुँह मोड़ गए وَّهُم इस हाल में कि वो wahum
इस हाल में कि वो مُّعْرِضُونَ ऐराज़ करने वाले थे muʿ'riḍūna
ऐराज़ करने वाले थे ٧٦ (76)
(76)
फिर जब उसने उन्हें अपने अनुग्रह से कुछ प्रदान किया, तो उन्होंने उसमें कंजूसी की और विमुख होकर फिर गए।
९:७७
فَأَعْقَبَهُمْ
तो उसने सज़ा दी उन्हें
fa-aʿqabahum
तो उसने सज़ा दी उन्हें نِفَاقًۭا निफ़ाक़ (डाल कर) nifāqan
निफ़ाक़ (डाल कर) فِى in fī
in قُلُوبِهِمْ उनके दिलों में qulūbihim
उनके दिलों में إِلَىٰ until ilā
until يَوْمِ उस दिन तक yawmi
उस दिन तक يَلْقَوْنَهُۥ वो मुलाक़ात करेंगे उससे yalqawnahu
वो मुलाक़ात करेंगे उससे بِمَآ बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो أَخْلَفُوا۟ उन्होंने ख़िलाफ़ किया akhlafū
उन्होंने ख़िलाफ़ किया ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से مَا जिसका mā
जिसका وَعَدُوهُ उन्होंने वादा किया था उससे waʿadūhu
उन्होंने वादा किया था उससे وَبِمَا और बवजह उसके जो wabimā
और बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَكْذِبُونَ वो झूठ बोलते yakdhibūna
वो झूठ बोलते ٧٧ (77)
(77)
तो उसने सज़ा दी उन्हें نِفَاقًۭا निफ़ाक़ (डाल कर) nifāqan
निफ़ाक़ (डाल कर) فِى in fī
in قُلُوبِهِمْ उनके दिलों में qulūbihim
उनके दिलों में إِلَىٰ until ilā
until يَوْمِ उस दिन तक yawmi
उस दिन तक يَلْقَوْنَهُۥ वो मुलाक़ात करेंगे उससे yalqawnahu
वो मुलाक़ात करेंगे उससे بِمَآ बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो أَخْلَفُوا۟ उन्होंने ख़िलाफ़ किया akhlafū
उन्होंने ख़िलाफ़ किया ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से مَا जिसका mā
जिसका وَعَدُوهُ उन्होंने वादा किया था उससे waʿadūhu
उन्होंने वादा किया था उससे وَبِمَا और बवजह उसके जो wabimā
और बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَكْذِبُونَ वो झूठ बोलते yakdhibūna
वो झूठ बोलते ٧٧ (77)
(77)
तो परिणाम यह हुआ कि उस (अल्लाह) ने उनके दिलों में उस दिन तक के लिए निफ़ाक़ डाल दिया, जब वे उससे मिलेंगे। क्योंकि उन्होंने अल्लाह से जो वादा किया था, उसका उल्लंघन किया और इसलिए कि वे झूठ बोलते थे।
९:७८
أَلَمْ
क्या नहीं
alam
क्या नहीं يَعْلَمُوٓا۟ वो जानते yaʿlamū
वो जानते أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يَعْلَمُ जानता है yaʿlamu
जानता है سِرَّهُمْ राज़ उनके sirrahum
राज़ उनके وَنَجْوَىٰهُمْ और सरगोशियाँ उनकी wanajwāhum
और सरगोशियाँ उनकी وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَلَّـٰمُ ख़ूब जानने वाला है ʿallāmu
ख़ूब जानने वाला है ٱلْغُيُوبِ ग़ैबों को l-ghuyūbi
ग़ैबों को ٧٨ (78)
(78)
क्या नहीं يَعْلَمُوٓا۟ वो जानते yaʿlamū
वो जानते أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يَعْلَمُ जानता है yaʿlamu
जानता है سِرَّهُمْ राज़ उनके sirrahum
राज़ उनके وَنَجْوَىٰهُمْ और सरगोशियाँ उनकी wanajwāhum
और सरगोशियाँ उनकी وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَلَّـٰمُ ख़ूब जानने वाला है ʿallāmu
ख़ूब जानने वाला है ٱلْغُيُوبِ ग़ैबों को l-ghuyūbi
ग़ैबों को ٧٨ (78)
(78)
क्या उन्हें नहीं मालूम कि निःसंदेह अल्लाह उनके भेद और उनकी कानाफूसी को अच्छी तरह जानता है और यह कि निःसंदेह अल्लाह परोक्ष की सभी बातों को भली-भाँति जानने वाला है?
९:७९
ٱلَّذِينَ
वो लोग जो
alladhīna
वो लोग जो يَلْمِزُونَ वो ताना देते हैं yalmizūna
वो ताना देते हैं ٱلْمُطَّوِّعِينَ ख़ुशी से देने वालों को l-muṭawiʿīna
ख़ुशी से देने वालों को مِنَ of mina
of ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों में से l-mu'minīna
मोमिनों में से فِى concerning fī
concerning ٱلصَّدَقَـٰتِ सदक़ात में l-ṣadaqāti
सदक़ात में وَٱلَّذِينَ और उनको (भी) जो wa-alladhīna
और उनको (भी) जो لَا not lā
not يَجِدُونَ नहीं वो पाते yajidūna
नहीं वो पाते إِلَّا सिवाय illā
सिवाय جُهْدَهُمْ अपनी मेहनत के juh'dahum
अपनी मेहनत के فَيَسْخَرُونَ तो वो मज़ाक़ उड़ाते हैं fayaskharūna
तो वो मज़ाक़ उड़ाते हैं مِنْهُمْ ۙ उनका min'hum
उनका سَخِرَ मज़ाक़ उड़ाता है sakhira
मज़ाक़ उड़ाता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مِنْهُمْ उनका min'hum
उनका وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है أَلِيمٌ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक ٧٩ (79)
(79)
वो लोग जो يَلْمِزُونَ वो ताना देते हैं yalmizūna
वो ताना देते हैं ٱلْمُطَّوِّعِينَ ख़ुशी से देने वालों को l-muṭawiʿīna
ख़ुशी से देने वालों को مِنَ of mina
of ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों में से l-mu'minīna
मोमिनों में से فِى concerning fī
concerning ٱلصَّدَقَـٰتِ सदक़ात में l-ṣadaqāti
सदक़ात में وَٱلَّذِينَ और उनको (भी) जो wa-alladhīna
और उनको (भी) जो لَا not lā
not يَجِدُونَ नहीं वो पाते yajidūna
नहीं वो पाते إِلَّا सिवाय illā
सिवाय جُهْدَهُمْ अपनी मेहनत के juh'dahum
अपनी मेहनत के فَيَسْخَرُونَ तो वो मज़ाक़ उड़ाते हैं fayaskharūna
तो वो मज़ाक़ उड़ाते हैं مِنْهُمْ ۙ उनका min'hum
उनका سَخِرَ मज़ाक़ उड़ाता है sakhira
मज़ाक़ उड़ाता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مِنْهُمْ उनका min'hum
उनका وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है أَلِيمٌ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक ٧٩ (79)
(79)
वे लोग जो स्वेच्छापूर्वक दान देने वाले मोमिनों को, उनके दान के विषय में, ताना देते हैं तथा उन लोगों को (भी) जो अपनी मेहनत के सिवा कुछ नहीं पाते। तो वे (मुनाफ़िक़) उनका उपहास करते हैं। अल्लाह ने उनका उपहास किया1 और उनके लिए दर्दनाक यातना है।
९:८०
ٱسْتَغْفِرْ
आप बख़्शिश माँगिए
is'taghfir
आप बख़्शिश माँगिए لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए أَوْ या aw
या لَا (do) not lā
(do) not تَسْتَغْفِرْ ना आप बख़्शिश माँगिए tastaghfir
ना आप बख़्शिश माँगिए لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए إِن अगर in
अगर تَسْتَغْفِرْ आप बख़्शिश माँगेंगे tastaghfir
आप बख़्शिश माँगेंगे لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए سَبْعِينَ सत्तर sabʿīna
सत्तर مَرَّةًۭ बार marratan
बार فَلَن पस हरगिज़ ना falan
पस हरगिज़ ना يَغْفِرَ माफ़ करेगा yaghfira
माफ़ करेगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لَهُمْ ۚ उन्हें lahum
उन्हें ذَٰلِكَ ये dhālika
ये بِأَنَّهُمْ बवजह उसके कि उन्होंने bi-annahum
बवजह उसके कि उन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया بِٱللَّهِ अल्लाह का bil-lahi
अल्लाह का وَرَسُولِهِۦ ۗ और उसके रसूल का warasūlihi
और उसके रसूल का وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يَهْدِى नहीं हिदायत देता yahdī
नहीं हिदायत देता ٱلْقَوْمَ उन लोगों को l-qawma
उन लोगों को ٱلْفَـٰسِقِينَ जो फ़ासिक़ हैं l-fāsiqīna
जो फ़ासिक़ हैं ٨٠ (80)
(80)
आप बख़्शिश माँगिए لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए أَوْ या aw
या لَا (do) not lā
(do) not تَسْتَغْفِرْ ना आप बख़्शिश माँगिए tastaghfir
ना आप बख़्शिश माँगिए لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए إِن अगर in
अगर تَسْتَغْفِرْ आप बख़्शिश माँगेंगे tastaghfir
आप बख़्शिश माँगेंगे لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए سَبْعِينَ सत्तर sabʿīna
सत्तर مَرَّةًۭ बार marratan
बार فَلَن पस हरगिज़ ना falan
पस हरगिज़ ना يَغْفِرَ माफ़ करेगा yaghfira
माफ़ करेगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لَهُمْ ۚ उन्हें lahum
उन्हें ذَٰلِكَ ये dhālika
ये بِأَنَّهُمْ बवजह उसके कि उन्होंने bi-annahum
बवजह उसके कि उन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया بِٱللَّهِ अल्लाह का bil-lahi
अल्लाह का وَرَسُولِهِۦ ۗ और उसके रसूल का warasūlihi
और उसके रसूल का وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يَهْدِى नहीं हिदायत देता yahdī
नहीं हिदायत देता ٱلْقَوْمَ उन लोगों को l-qawma
उन लोगों को ٱلْفَـٰسِقِينَ जो फ़ासिक़ हैं l-fāsiqīna
जो फ़ासिक़ हैं ٨٠ (80)
(80)
(ऐ नबी!) आप उनके लिए क्षमा याचना करें, या उनके लिए क्षमा याचना न करें, यदि आप उनके लिए सत्तर बार क्षमा याचना करें, तो भी अल्लाह उन्हें कभी क्षमा नहीं करेगा। यह इस कारण कि उन्होंने अल्लाह और उसके रसूल के साथ कुफ़्र किया और अल्लाह अवज्ञाकारी लोगों का मार्गदर्शन नहीं करता।
९:८१
فَرِحَ
ख़ुश हो गए
fariḥa
ख़ुश हो गए ٱلْمُخَلَّفُونَ पीछे छोड़े जाने वाले l-mukhalafūna
पीछे छोड़े जाने वाले بِمَقْعَدِهِمْ अपने बैठ रहने पर bimaqʿadihim
अपने बैठ रहने पर خِلَـٰفَ पीछे khilāfa
पीछे رَسُولِ (the) Messenger rasūli
(the) Messenger ٱللَّهِ अल्लाह के रसूल के l-lahi
अल्लाह के रसूल के وَكَرِهُوٓا۟ और उन्होंने नापसंद किया wakarihū
और उन्होंने नापसंद किया أَن कि an
कि يُجَـٰهِدُوا۟ वो जिहाद करें yujāhidū
वो जिहाद करें بِأَمْوَٰلِهِمْ साथ अपने मालों bi-amwālihim
साथ अपने मालों وَأَنفُسِهِمْ और अपनी जानों के wa-anfusihim
और अपनी जानों के فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में وَقَالُوا۟ और उन्होंने कहा waqālū
और उन्होंने कहा لَا (Do) not lā
(Do) not تَنفِرُوا۟ ना तुम निकलो tanfirū
ना तुम निकलो فِى in fī
in ٱلْحَرِّ ۗ गर्मी में l-ḥari
गर्मी में قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए نَارُ आग nāru
आग جَهَنَّمَ जहन्नम की jahannama
जहन्नम की أَشَدُّ ज़्यादा शदीद है ashaddu
ज़्यादा शदीद है حَرًّۭا ۚ गर्मी के ऐतबार से ḥarran
गर्मी के ऐतबार से لَّوْ काश कि law
काश कि كَانُوا۟ होते वो kānū
होते वो يَفْقَهُونَ वो समझते yafqahūna
वो समझते ٨١ (81)
(81)
ख़ुश हो गए ٱلْمُخَلَّفُونَ पीछे छोड़े जाने वाले l-mukhalafūna
पीछे छोड़े जाने वाले بِمَقْعَدِهِمْ अपने बैठ रहने पर bimaqʿadihim
अपने बैठ रहने पर خِلَـٰفَ पीछे khilāfa
पीछे رَسُولِ (the) Messenger rasūli
(the) Messenger ٱللَّهِ अल्लाह के रसूल के l-lahi
अल्लाह के रसूल के وَكَرِهُوٓا۟ और उन्होंने नापसंद किया wakarihū
और उन्होंने नापसंद किया أَن कि an
कि يُجَـٰهِدُوا۟ वो जिहाद करें yujāhidū
वो जिहाद करें بِأَمْوَٰلِهِمْ साथ अपने मालों bi-amwālihim
साथ अपने मालों وَأَنفُسِهِمْ और अपनी जानों के wa-anfusihim
और अपनी जानों के فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में وَقَالُوا۟ और उन्होंने कहा waqālū
और उन्होंने कहा لَا (Do) not lā
(Do) not تَنفِرُوا۟ ना तुम निकलो tanfirū
ना तुम निकलो فِى in fī
in ٱلْحَرِّ ۗ गर्मी में l-ḥari
गर्मी में قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए نَارُ आग nāru
आग جَهَنَّمَ जहन्नम की jahannama
जहन्नम की أَشَدُّ ज़्यादा शदीद है ashaddu
ज़्यादा शदीद है حَرًّۭا ۚ गर्मी के ऐतबार से ḥarran
गर्मी के ऐतबार से لَّوْ काश कि law
काश कि كَانُوا۟ होते वो kānū
होते वो يَفْقَهُونَ वो समझते yafqahūna
वो समझते ٨١ (81)
(81)
वे लोग जो पीछे छोड़ दिए1 गए, अल्लाह के रसूल के पीछे अपने बैठ रहने पर खुश हो गए और उन्होंने नापसंद किया कि अपने धनों और अपने प्राणों के साथ अल्लाह के मार्ग में जिहाद करें और उन्होंने (अन्य लोगों से) कहा कि गर्मी में मत निकलो। आप कह दें : जहन्नम की आग कहीं अधिक गर्म है। काश! वे समझते होते।
९:८२
فَلْيَضْحَكُوا۟
पस चाहिए कि वो हँसें
falyaḍḥakū
पस चाहिए कि वो हँसें قَلِيلًۭا बहुत थोड़ा qalīlan
बहुत थोड़ा وَلْيَبْكُوا۟ और चाहिए कि वो रोऐं walyabkū
और चाहिए कि वो रोऐं كَثِيرًۭا बहुत ज़्यादा kathīran
बहुत ज़्यादा جَزَآءًۢ बदला है jazāan
बदला है بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَكْسِبُونَ वो कमाई करते yaksibūna
वो कमाई करते ٨٢ (82)
(82)
पस चाहिए कि वो हँसें قَلِيلًۭا बहुत थोड़ा qalīlan
बहुत थोड़ा وَلْيَبْكُوا۟ और चाहिए कि वो रोऐं walyabkū
और चाहिए कि वो रोऐं كَثِيرًۭا बहुत ज़्यादा kathīran
बहुत ज़्यादा جَزَآءًۢ बदला है jazāan
बदला है بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَكْسِبُونَ वो कमाई करते yaksibūna
वो कमाई करते ٨٢ (82)
(82)
तो उन्हें चाहिए कि थोड़ा हँसें और बहुत अधिक रोएँ, उसके बदले जो वे कमाते रहे हैं।
९:८३
فَإِن
फिर अगर
fa-in
फिर अगर رَّجَعَكَ वापस लौटा लाए आपको rajaʿaka
वापस लौटा लाए आपको ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह إِلَىٰ to ilā
to طَآئِفَةٍۢ तरफ़ एक गिरोह के ṭāifatin
तरफ़ एक गिरोह के مِّنْهُمْ अमन में से min'hum
अमन में से فَٱسْتَـْٔذَنُوكَ फिर वो इजाज़त तलब करें आपसे fa-is'tadhanūka
फिर वो इजाज़त तलब करें आपसे لِلْخُرُوجِ निकलने के लिए lil'khurūji
निकलने के लिए فَقُل पस कह दीजिए faqul
पस कह दीजिए لَّن हरगिज़ ना lan
हरगिज़ ना تَخْرُجُوا۟ तुम निकलोगे takhrujū
तुम निकलोगे مَعِىَ साथ मेरे maʿiya
साथ मेरे أَبَدًۭا कभी भी abadan
कभी भी وَلَن और हरगिज़ ना walan
और हरगिज़ ना تُقَـٰتِلُوا۟ तुम जंग करोगे tuqātilū
तुम जंग करोगे مَعِىَ साथ मेरे maʿiya
साथ मेरे عَدُوًّا ۖ दुश्मन से ʿaduwwan
दुश्मन से إِنَّكُمْ बेशक तुम innakum
बेशक तुम رَضِيتُم राज़ी हो गए तुम raḍītum
राज़ी हो गए तुम بِٱلْقُعُودِ बैठने पर bil-quʿūdi
बैठने पर أَوَّلَ (the) first awwala
(the) first مَرَّةٍۢ पहली बार marratin
पहली बार فَٱقْعُدُوا۟ पस बैठे रहो fa-uq'ʿudū
पस बैठे रहो مَعَ with maʿa
with ٱلْخَـٰلِفِينَ साथ पीछे रहने वालों के l-khālifīna
साथ पीछे रहने वालों के ٨٣ (83)
(83)
फिर अगर رَّجَعَكَ वापस लौटा लाए आपको rajaʿaka
वापस लौटा लाए आपको ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह إِلَىٰ to ilā
to طَآئِفَةٍۢ तरफ़ एक गिरोह के ṭāifatin
तरफ़ एक गिरोह के مِّنْهُمْ अमन में से min'hum
अमन में से فَٱسْتَـْٔذَنُوكَ फिर वो इजाज़त तलब करें आपसे fa-is'tadhanūka
फिर वो इजाज़त तलब करें आपसे لِلْخُرُوجِ निकलने के लिए lil'khurūji
निकलने के लिए فَقُل पस कह दीजिए faqul
पस कह दीजिए لَّن हरगिज़ ना lan
हरगिज़ ना تَخْرُجُوا۟ तुम निकलोगे takhrujū
तुम निकलोगे مَعِىَ साथ मेरे maʿiya
साथ मेरे أَبَدًۭا कभी भी abadan
कभी भी وَلَن और हरगिज़ ना walan
और हरगिज़ ना تُقَـٰتِلُوا۟ तुम जंग करोगे tuqātilū
तुम जंग करोगे مَعِىَ साथ मेरे maʿiya
साथ मेरे عَدُوًّا ۖ दुश्मन से ʿaduwwan
दुश्मन से إِنَّكُمْ बेशक तुम innakum
बेशक तुम رَضِيتُم राज़ी हो गए तुम raḍītum
राज़ी हो गए तुम بِٱلْقُعُودِ बैठने पर bil-quʿūdi
बैठने पर أَوَّلَ (the) first awwala
(the) first مَرَّةٍۢ पहली बार marratin
पहली बार فَٱقْعُدُوا۟ पस बैठे रहो fa-uq'ʿudū
पस बैठे रहो مَعَ with maʿa
with ٱلْخَـٰلِفِينَ साथ पीछे रहने वालों के l-khālifīna
साथ पीछे रहने वालों के ٨٣ (83)
(83)
तो यदि अल्लाह आपको इन (मुनाफ़िक़ों) के किसी गिरोह की ओर वापस ले आए, फिर वे आपसे (युद्ध में) निकलने की अनुमति माँगें, तो आप कह दें : तुम मेरे साथ कभी नहीं निकलोगे और मेरे साथ मिलकर किसी शत्रु से नहीं लड़ोगे। निःसंदेह तुम प्रथम बार बैठे रहने पर प्रसन्न हुए, अतः पीछे रहने वालों के साथ बैठे रहो।
९:८४
وَلَا
और ना
walā
और ना تُصَلِّ आप नमाज़ पढ़िए tuṣalli
आप नमाज़ पढ़िए عَلَىٰٓ for ʿalā
for أَحَدٍۢ किसी एक पर aḥadin
किसी एक पर مِّنْهُم इनमें से min'hum
इनमें से مَّاتَ मर जाए (जो) māta
मर जाए (जो) أَبَدًۭا कभी भी abadan
कभी भी وَلَا और ना walā
और ना تَقُمْ आप खड़े हों taqum
आप खड़े हों عَلَىٰ by ʿalā
by قَبْرِهِۦٓ ۖ उसकी क़ब्र पर qabrihi
उसकी क़ब्र पर إِنَّهُمْ बेशक उन्होंने innahum
बेशक उन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया بِٱللَّهِ अल्लाह से bil-lahi
अल्लाह से وَرَسُولِهِۦ और उसके रसूल से warasūlihi
और उसके रसूल से وَمَاتُوا۟ और वो मर गए wamātū
और वो मर गए وَهُمْ इस हाल में कि वो wahum
इस हाल में कि वो فَـٰسِقُونَ फ़ासिक़ थे fāsiqūna
फ़ासिक़ थे ٨٤ (84)
(84)
और ना تُصَلِّ आप नमाज़ पढ़िए tuṣalli
आप नमाज़ पढ़िए عَلَىٰٓ for ʿalā
for أَحَدٍۢ किसी एक पर aḥadin
किसी एक पर مِّنْهُم इनमें से min'hum
इनमें से مَّاتَ मर जाए (जो) māta
मर जाए (जो) أَبَدًۭا कभी भी abadan
कभी भी وَلَا और ना walā
और ना تَقُمْ आप खड़े हों taqum
आप खड़े हों عَلَىٰ by ʿalā
by قَبْرِهِۦٓ ۖ उसकी क़ब्र पर qabrihi
उसकी क़ब्र पर إِنَّهُمْ बेशक उन्होंने innahum
बेशक उन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया بِٱللَّهِ अल्लाह से bil-lahi
अल्लाह से وَرَسُولِهِۦ और उसके रसूल से warasūlihi
और उसके रसूल से وَمَاتُوا۟ और वो मर गए wamātū
और वो मर गए وَهُمْ इस हाल में कि वो wahum
इस हाल में कि वो فَـٰسِقُونَ फ़ासिक़ थे fāsiqūna
फ़ासिक़ थे ٨٤ (84)
(84)
और उनमें से जो कोई मर जाए, उसका कभी जनाज़ा न पढ़ना और न उसकी क़ब्र पर खड़े होना। निःसंदेह उन्होंने अल्लाह और उसके रसूल के साथ कुफ़्र किया और इस अवस्था में मरे कि वे अवज्ञाकारी थे।1
९:८५
وَلَا
और ना
walā
और ना تُعْجِبْكَ ताज्जुब में डालें आपको tuʿ'jib'ka
ताज्जुब में डालें आपको أَمْوَٰلُهُمْ माल उनके amwāluhum
माल उनके وَأَوْلَـٰدُهُمْ ۚ और औलाद उनकी wa-awlāduhum
और औलाद उनकी إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक يُرِيدُ चाहता है yurīdu
चाहता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَن कि an
कि يُعَذِّبَهُم वो अज़ाब दे उन्हें yuʿadhibahum
वो अज़ाब दे उन्हें بِهَا साथ उनके bihā
साथ उनके فِى in fī
in ٱلدُّنْيَا दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में وَتَزْهَقَ और निकलें watazhaqa
और निकलें أَنفُسُهُمْ जानें उनकी anfusuhum
जानें उनकी وَهُمْ इस हाल में कि वो wahum
इस हाल में कि वो كَـٰفِرُونَ काफ़िर हों kāfirūna
काफ़िर हों ٨٥ (85)
(85)
और ना تُعْجِبْكَ ताज्जुब में डालें आपको tuʿ'jib'ka
ताज्जुब में डालें आपको أَمْوَٰلُهُمْ माल उनके amwāluhum
माल उनके وَأَوْلَـٰدُهُمْ ۚ और औलाद उनकी wa-awlāduhum
और औलाद उनकी إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक يُرِيدُ चाहता है yurīdu
चाहता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَن कि an
कि يُعَذِّبَهُم वो अज़ाब दे उन्हें yuʿadhibahum
वो अज़ाब दे उन्हें بِهَا साथ उनके bihā
साथ उनके فِى in fī
in ٱلدُّنْيَا दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में وَتَزْهَقَ और निकलें watazhaqa
और निकलें أَنفُسُهُمْ जानें उनकी anfusuhum
जानें उनकी وَهُمْ इस हाल में कि वो wahum
इस हाल में कि वो كَـٰفِرُونَ काफ़िर हों kāfirūna
काफ़िर हों ٨٥ (85)
(85)
और आपको उनके धन और उनकी संतान भले न लगें। अल्लाह तो यही चाहता है कि उन्हें इनके द्वारा सांसारिक जीवन में यातना दे और उनके प्राण इस हाल में निकलें कि वे काफ़िर हों।
९:८६
وَإِذَآ
और जब
wa-idhā
और जब أُنزِلَتْ उतारी जाती है unzilat
उतारी जाती है سُورَةٌ कोई सूरत sūratun
कोई सूरत أَنْ कि an
कि ءَامِنُوا۟ ईमान लाओ āminū
ईमान लाओ بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَجَـٰهِدُوا۟ और जिहाद करो wajāhidū
और जिहाद करो مَعَ साथ maʿa
साथ رَسُولِهِ उसके रसूल के rasūlihi
उसके रसूल के ٱسْتَـْٔذَنَكَ इजाज़त माँगते हैं आपसे is'tadhanaka
इजाज़त माँगते हैं आपसे أُو۟لُوا۟ (the) men ulū
(the) men ٱلطَّوْلِ वुसअत वाले l-ṭawli
वुसअत वाले مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से وَقَالُوا۟ और वो कहते हैं waqālū
और वो कहते हैं ذَرْنَا छोड़ दीजिए हमें dharnā
छोड़ दीजिए हमें نَكُن कि हम हो जाऐं nakun
कि हम हो जाऐं مَّعَ with maʿa
with ٱلْقَـٰعِدِينَ साथ बैठने वालों के l-qāʿidīna
साथ बैठने वालों के ٨٦ (86)
(86)
और जब أُنزِلَتْ उतारी जाती है unzilat
उतारी जाती है سُورَةٌ कोई सूरत sūratun
कोई सूरत أَنْ कि an
कि ءَامِنُوا۟ ईमान लाओ āminū
ईमान लाओ بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَجَـٰهِدُوا۟ और जिहाद करो wajāhidū
और जिहाद करो مَعَ साथ maʿa
साथ رَسُولِهِ उसके रसूल के rasūlihi
उसके रसूल के ٱسْتَـْٔذَنَكَ इजाज़त माँगते हैं आपसे is'tadhanaka
इजाज़त माँगते हैं आपसे أُو۟لُوا۟ (the) men ulū
(the) men ٱلطَّوْلِ वुसअत वाले l-ṭawli
वुसअत वाले مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से وَقَالُوا۟ और वो कहते हैं waqālū
और वो कहते हैं ذَرْنَا छोड़ दीजिए हमें dharnā
छोड़ दीजिए हमें نَكُن कि हम हो जाऐं nakun
कि हम हो जाऐं مَّعَ with maʿa
with ٱلْقَـٰعِدِينَ साथ बैठने वालों के l-qāʿidīna
साथ बैठने वालों के ٨٦ (86)
(86)
तथा जब कोई सूरत उतारी जाती है कि अल्लाह पर ईमान लाओ तथा उसके रसूल के साथ मिलकर जिहाद करो, तो उनमें से धनवान लोग आपसे अनुमति माँगते हैं और कहते हैं : आप हमें छोड़ दें कि हम बैठने वालों के साथ हो जाएँ।
९:८७
رَضُوا۟
वो राज़ी हो गए
raḍū
वो राज़ी हो गए بِأَن कि bi-an
कि يَكُونُوا۟ वो हों yakūnū
वो हों مَعَ with maʿa
with ٱلْخَوَالِفِ साथ पीछे रहने वालों के l-khawālifi
साथ पीछे रहने वालों के وَطُبِعَ और मोहर लगा दी गई waṭubiʿa
और मोहर लगा दी गई عَلَىٰ [on] ʿalā
[on] قُلُوبِهِمْ उनके दिलों पर qulūbihim
उनके दिलों पर فَهُمْ पस वो fahum
पस वो لَا (do) not lā
(do) not يَفْقَهُونَ नहीं वो समझते yafqahūna
नहीं वो समझते ٨٧ (87)
(87)
वो राज़ी हो गए بِأَن कि bi-an
कि يَكُونُوا۟ वो हों yakūnū
वो हों مَعَ with maʿa
with ٱلْخَوَالِفِ साथ पीछे रहने वालों के l-khawālifi
साथ पीछे रहने वालों के وَطُبِعَ और मोहर लगा दी गई waṭubiʿa
और मोहर लगा दी गई عَلَىٰ [on] ʿalā
[on] قُلُوبِهِمْ उनके दिलों पर qulūbihim
उनके दिलों पर فَهُمْ पस वो fahum
पस वो لَا (do) not lā
(do) not يَفْقَهُونَ नहीं वो समझते yafqahūna
नहीं वो समझते ٨٧ (87)
(87)
वे इसपर राज़ी हो गए कि पीछे रहने वाली स्त्रियों के साथ हो जाएँ और उनके दिलों पर मुहर लगा दी गई। अतः वे नहीं समझते।
९:८८
لَـٰكِنِ
लेकिन
lākini
लेकिन ٱلرَّسُولُ रसूल l-rasūlu
रसूल وَٱلَّذِينَ और वो लोग जो wa-alladhīna
और वो लोग जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए مَعَهُۥ साथ उसके maʿahu
साथ उसके جَـٰهَدُوا۟ उन्होंने जिहाद किया jāhadū
उन्होंने जिहाद किया بِأَمْوَٰلِهِمْ साथ अपने मालों के bi-amwālihim
साथ अपने मालों के وَأَنفُسِهِمْ ۚ और अपनी जानों के wa-anfusihim
और अपनी जानों के وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग हैं wa-ulāika
और यही लोग हैं لَهُمُ जिनके लिए lahumu
जिनके लिए ٱلْخَيْرَٰتُ ۖ भलाईयाँ हैं l-khayrātu
भलाईयाँ हैं وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग हैं wa-ulāika
और यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْمُفْلِحُونَ जो फ़लाह पाने वाले हैं l-muf'liḥūna
जो फ़लाह पाने वाले हैं ٨٨ (88)
(88)
लेकिन ٱلرَّسُولُ रसूल l-rasūlu
रसूल وَٱلَّذِينَ और वो लोग जो wa-alladhīna
और वो लोग जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए مَعَهُۥ साथ उसके maʿahu
साथ उसके جَـٰهَدُوا۟ उन्होंने जिहाद किया jāhadū
उन्होंने जिहाद किया بِأَمْوَٰلِهِمْ साथ अपने मालों के bi-amwālihim
साथ अपने मालों के وَأَنفُسِهِمْ ۚ और अपनी जानों के wa-anfusihim
और अपनी जानों के وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग हैं wa-ulāika
और यही लोग हैं لَهُمُ जिनके लिए lahumu
जिनके लिए ٱلْخَيْرَٰتُ ۖ भलाईयाँ हैं l-khayrātu
भलाईयाँ हैं وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग हैं wa-ulāika
और यही लोग हैं هُمُ वो humu
वो ٱلْمُفْلِحُونَ जो फ़लाह पाने वाले हैं l-muf'liḥūna
जो फ़लाह पाने वाले हैं ٨٨ (88)
(88)
परंतु रसूल ने और उन लोगों ने जो उसके साथ ईमान लाए, अपने धनों और अपने प्राणों के साथ जिहाद किया और यही लोग हैं जिनके लिए सब भलाइयाँ हैं और यही सफल होने वाले हैं।
९:८९
أَعَدَّ
तैयार कर रखा है
aʿadda
तैयार कर रखा है ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात को jannātin
बाग़ात को تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَا ۚ उनमें fīhā
उनमें ذَٰلِكَ यही है dhālika
यही है ٱلْفَوْزُ कामयाबी l-fawzu
कामयाबी ٱلْعَظِيمُ बहुत बड़ी l-ʿaẓīmu
बहुत बड़ी ٨٩ (89)
(89)
तैयार कर रखा है ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात को jannātin
बाग़ात को تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَا ۚ उनमें fīhā
उनमें ذَٰلِكَ यही है dhālika
यही है ٱلْفَوْزُ कामयाबी l-fawzu
कामयाबी ٱلْعَظِيمُ बहुत बड़ी l-ʿaẓīmu
बहुत बड़ी ٨٩ (89)
(89)
अल्लाह ने उनके लिए ऐसे बाग़ तैयार कर रखे हैं, जिनके नीचे से नहरें बहती हैं। वे उनमें हमेशा रहने वाले हैं। यही बहुत बड़ी सफलता है।
९:९०
وَجَآءَ
और आ गए
wajāa
और आ गए ٱلْمُعَذِّرُونَ उज़र करने वाले l-muʿadhirūna
उज़र करने वाले مِنَ of mina
of ٱلْأَعْرَابِ बदवियों/देहातियों में से l-aʿrābi
बदवियों/देहातियों में से لِيُؤْذَنَ कि इजाज़त दी जाए liyu'dhana
कि इजाज़त दी जाए لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें وَقَعَدَ और बैठ गए waqaʿada
और बैठ गए ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَذَبُوا۟ झूठ बोला kadhabū
झूठ बोला ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَرَسُولَهُۥ ۚ और उसके रसूल से warasūlahu
और उसके रसूल से سَيُصِيبُ अनक़रीब पहुँचेगा sayuṣību
अनक़रीब पहुँचेगा ٱلَّذِينَ उन्हें जिन्होंने alladhīna
उन्हें जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से عَذَابٌ अज़ाब ʿadhābun
अज़ाब أَلِيمٌۭ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक ٩٠ (90)
(90)
और आ गए ٱلْمُعَذِّرُونَ उज़र करने वाले l-muʿadhirūna
उज़र करने वाले مِنَ of mina
of ٱلْأَعْرَابِ बदवियों/देहातियों में से l-aʿrābi
बदवियों/देहातियों में से لِيُؤْذَنَ कि इजाज़त दी जाए liyu'dhana
कि इजाज़त दी जाए لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें وَقَعَدَ और बैठ गए waqaʿada
और बैठ गए ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَذَبُوا۟ झूठ बोला kadhabū
झूठ बोला ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَرَسُولَهُۥ ۚ और उसके रसूल से warasūlahu
और उसके रसूल से سَيُصِيبُ अनक़रीब पहुँचेगा sayuṣību
अनक़रीब पहुँचेगा ٱلَّذِينَ उन्हें जिन्होंने alladhīna
उन्हें जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से عَذَابٌ अज़ाब ʿadhābun
अज़ाब أَلِيمٌۭ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक ٩٠ (90)
(90)
और देहातियों में से बहाना करने वाले लोग आए, ताकि उन्हें (युद्ध में शरीक न होने की) अनुमति दी जाए। तथा वे लोग (अपने घरों में) बैठ रहे, जिन्होंने अल्लाह और उसके रसूल से झूठ बोला। उनमें से उन लोगों को जिन्होंने कुफ़्र किया, जल्द ही दर्दनाक यातना पहुँचेगी।
९:९१
لَّيْسَ
नहीं है
laysa
नहीं है عَلَى on ʿalā
on ٱلضُّعَفَآءِ ज़ईफ़ों पर l-ḍuʿafāi
ज़ईफ़ों पर وَلَا और ना walā
और ना عَلَى on ʿalā
on ٱلْمَرْضَىٰ मरीज़ों पर l-marḍā
मरीज़ों पर وَلَا और ना walā
और ना عَلَى on ʿalā
on ٱلَّذِينَ उन पर जो alladhīna
उन पर जो لَا not lā
not يَجِدُونَ नहीं वो पाते yajidūna
नहीं वो पाते مَا वो (चीज़) जो mā
वो (चीज़) जो يُنفِقُونَ वो ख़र्च करें yunfiqūna
वो ख़र्च करें حَرَجٌ कोई हरज ḥarajun
कोई हरज إِذَا जब idhā
जब نَصَحُوا۟ वो ख़ैरख़्वाही करें naṣaḥū
वो ख़ैरख़्वाही करें لِلَّهِ वास्ते अल्लाह के lillahi
वास्ते अल्लाह के وَرَسُولِهِۦ ۚ और उसके रसूल के warasūlihi
और उसके रसूल के مَا नहीं है mā
नहीं है عَلَى (is) on ʿalā
(is) on ٱلْمُحْسِنِينَ एहसान करने वालों पर l-muḥ'sinīna
एहसान करने वालों पर مِن any min
any سَبِيلٍۢ ۚ कोई मुआख़ज़ा sabīlin
कोई मुआख़ज़ा وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ बहुत रहम करने वाला है raḥīmun
बहुत रहम करने वाला है ٩١ (91)
(91)
नहीं है عَلَى on ʿalā
on ٱلضُّعَفَآءِ ज़ईफ़ों पर l-ḍuʿafāi
ज़ईफ़ों पर وَلَا और ना walā
और ना عَلَى on ʿalā
on ٱلْمَرْضَىٰ मरीज़ों पर l-marḍā
मरीज़ों पर وَلَا और ना walā
और ना عَلَى on ʿalā
on ٱلَّذِينَ उन पर जो alladhīna
उन पर जो لَا not lā
not يَجِدُونَ नहीं वो पाते yajidūna
नहीं वो पाते مَا वो (चीज़) जो mā
वो (चीज़) जो يُنفِقُونَ वो ख़र्च करें yunfiqūna
वो ख़र्च करें حَرَجٌ कोई हरज ḥarajun
कोई हरज إِذَا जब idhā
जब نَصَحُوا۟ वो ख़ैरख़्वाही करें naṣaḥū
वो ख़ैरख़्वाही करें لِلَّهِ वास्ते अल्लाह के lillahi
वास्ते अल्लाह के وَرَسُولِهِۦ ۚ और उसके रसूल के warasūlihi
और उसके रसूल के مَا नहीं है mā
नहीं है عَلَى (is) on ʿalā
(is) on ٱلْمُحْسِنِينَ एहसान करने वालों पर l-muḥ'sinīna
एहसान करने वालों पर مِن any min
any سَبِيلٍۢ ۚ कोई मुआख़ज़ा sabīlin
कोई मुआख़ज़ा وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ बहुत रहम करने वाला है raḥīmun
बहुत रहम करने वाला है ٩١ (91)
(91)
न तो कमज़ोरों पर कोई हर्ज (पाप) है और न बीमारों पर और न उन लोगों पर जो वह चीज़ नहीं पाते जो ख़र्च करें, जब वे अल्लाह और उसके रसूल के प्रति निष्ठावान हों। सत्कर्म करने वालों पर (आपत्ति का) का कोई रास्ता नहीं। और अल्लाह बड़ा क्षमाशील, अत्यंत दयावान है।
९:९२
وَلَا
और ना
walā
और ना عَلَى on ʿalā
on ٱلَّذِينَ उन पर जो alladhīna
उन पर जो إِذَا when idhā
when مَآ जब भी mā
जब भी أَتَوْكَ वो आए आपके पास atawka
वो आए आपके पास لِتَحْمِلَهُمْ ताकि आप सवार करें उन्हें litaḥmilahum
ताकि आप सवार करें उन्हें قُلْتَ कहा आपने qul'ta
कहा आपने لَآ Not lā
Not أَجِدُ नहीं मैं पाता ajidu
नहीं मैं पाता مَآ वो जो mā
वो जो أَحْمِلُكُمْ मैं सवार करुँ तुम्हें aḥmilukum
मैं सवार करुँ तुम्हें عَلَيْهِ जिस पर ʿalayhi
जिस पर تَوَلَّوا۟ वो पलट गए tawallaw
वो पलट गए وَّأَعْيُنُهُمْ और आँखें उनकी wa-aʿyunuhum
और आँखें उनकी تَفِيضُ बह रही थीं tafīḍu
बह रही थीं مِنَ [of] mina
[of] ٱلدَّمْعِ आँसुओं से l-damʿi
आँसुओं से حَزَنًا ग़म की वजह से ḥazanan
ग़म की वजह से أَلَّا कि नहीं allā
कि नहीं يَجِدُوا۟ वो पाते yajidū
वो पाते مَا जो mā
जो يُنفِقُونَ वो ख़र्च कर सकें yunfiqūna
वो ख़र्च कर सकें ٩٢ (92)
(92)
और ना عَلَى on ʿalā
on ٱلَّذِينَ उन पर जो alladhīna
उन पर जो إِذَا when idhā
when مَآ जब भी mā
जब भी أَتَوْكَ वो आए आपके पास atawka
वो आए आपके पास لِتَحْمِلَهُمْ ताकि आप सवार करें उन्हें litaḥmilahum
ताकि आप सवार करें उन्हें قُلْتَ कहा आपने qul'ta
कहा आपने لَآ Not lā
Not أَجِدُ नहीं मैं पाता ajidu
नहीं मैं पाता مَآ वो जो mā
वो जो أَحْمِلُكُمْ मैं सवार करुँ तुम्हें aḥmilukum
मैं सवार करुँ तुम्हें عَلَيْهِ जिस पर ʿalayhi
जिस पर تَوَلَّوا۟ वो पलट गए tawallaw
वो पलट गए وَّأَعْيُنُهُمْ और आँखें उनकी wa-aʿyunuhum
और आँखें उनकी تَفِيضُ बह रही थीं tafīḍu
बह रही थीं مِنَ [of] mina
[of] ٱلدَّمْعِ आँसुओं से l-damʿi
आँसुओं से حَزَنًا ग़म की वजह से ḥazanan
ग़म की वजह से أَلَّا कि नहीं allā
कि नहीं يَجِدُوا۟ वो पाते yajidū
वो पाते مَا जो mā
जो يُنفِقُونَ वो ख़र्च कर सकें yunfiqūna
वो ख़र्च कर सकें ٩٢ (92)
(92)
और न उन लोगों पर (कोई पाप है) कि जब वे आपके पास आए, ताकि आप उनके लिए सवारी की व्यवस्था कर दें, आपने कहा मैं वह चीज़ नहीं पाता जिसपर तुम्हें सवार करूँ, तो वे इस हाल में वापस हुए कि उनकी आँखें आँसुओं से बह रही थीं1 इस शोक के कारण कि वे खर्च करने के लिए कुछ नहीं पाते।
९:९३
۞ إِنَّمَا
बेशक
innamā
बेशक ٱلسَّبِيلُ मुआख़ज़ा तो l-sabīlu
मुआख़ज़ा तो عَلَى (is) on ʿalā
(is) on ٱلَّذِينَ उन पर है जो alladhīna
उन पर है जो يَسْتَـْٔذِنُونَكَ इजाज़त तलब करते हैं आपसे yastadhinūnaka
इजाज़त तलब करते हैं आपसे وَهُمْ हालाँकि वो wahum
हालाँकि वो أَغْنِيَآءُ ۚ ग़नी हैं aghniyāu
ग़नी हैं رَضُوا۟ वो राज़ी हो गए raḍū
वो राज़ी हो गए بِأَن कि bi-an
कि يَكُونُوا۟ हों वो yakūnū
हों वो مَعَ with maʿa
with ٱلْخَوَالِفِ साथ पीछे रहने वालों के l-khawālifi
साथ पीछे रहने वालों के وَطَبَعَ और मोहर लगा दी waṭabaʿa
और मोहर लगा दी ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَلَىٰ [on] ʿalā
[on] قُلُوبِهِمْ उनके दिलों पर qulūbihim
उनके दिलों पर فَهُمْ पस वो fahum
पस वो لَا (do) not lā
(do) not يَعْلَمُونَ नहीं वो जानते yaʿlamūna
नहीं वो जानते ٩٣ (93)
(93)
बेशक ٱلسَّبِيلُ मुआख़ज़ा तो l-sabīlu
मुआख़ज़ा तो عَلَى (is) on ʿalā
(is) on ٱلَّذِينَ उन पर है जो alladhīna
उन पर है जो يَسْتَـْٔذِنُونَكَ इजाज़त तलब करते हैं आपसे yastadhinūnaka
इजाज़त तलब करते हैं आपसे وَهُمْ हालाँकि वो wahum
हालाँकि वो أَغْنِيَآءُ ۚ ग़नी हैं aghniyāu
ग़नी हैं رَضُوا۟ वो राज़ी हो गए raḍū
वो राज़ी हो गए بِأَن कि bi-an
कि يَكُونُوا۟ हों वो yakūnū
हों वो مَعَ with maʿa
with ٱلْخَوَالِفِ साथ पीछे रहने वालों के l-khawālifi
साथ पीछे रहने वालों के وَطَبَعَ और मोहर लगा दी waṭabaʿa
और मोहर लगा दी ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَلَىٰ [on] ʿalā
[on] قُلُوبِهِمْ उनके दिलों पर qulūbihim
उनके दिलों पर فَهُمْ पस वो fahum
पस वो لَا (do) not lā
(do) not يَعْلَمُونَ नहीं वो जानते yaʿlamūna
नहीं वो जानते ٩٣ (93)
(93)
(आपत्ति का) का रास्ता तो केवल उन लोगों पर है, जो आपसे अनुमति माँगते हैं, हालाँकि वे मालदार हैं। वे इसपर राज़ी हो गए कि पीछे रहने वाली औरतों के साथ हो जाएँ और अल्लाह ने उनके दिलों पर मुहर लगा दी, सो वे नहीं जानते।
९:९४
يَعْتَذِرُونَ
वो उज़र पेश करेंगे
yaʿtadhirūna
वो उज़र पेश करेंगे إِلَيْكُمْ तरफ़ तुम्हारे ilaykum
तरफ़ तुम्हारे إِذَا जब idhā
जब رَجَعْتُمْ लौटोगे तुम rajaʿtum
लौटोगे तुम إِلَيْهِمْ ۚ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके قُل कह दीजिए qul
कह दीजिए لَّا (Do) not lā
(Do) not تَعْتَذِرُوا۟ ना तुम उज़र पेश करो taʿtadhirū
ना तुम उज़र पेश करो لَن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं نُّؤْمِنَ हम ऐतबार करेंगे nu'mina
हम ऐतबार करेंगे لَكُمْ तुम्हारा lakum
तुम्हारा قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ نَبَّأَنَا बता दीं हमें nabba-anā
बता दीं हमें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مِنْ of min
of أَخْبَارِكُمْ ۚ बाज़ ख़बरें तुम्हारी akhbārikum
बाज़ ख़बरें तुम्हारी وَسَيَرَى और अनक़रीब देखेगा wasayarā
और अनक़रीब देखेगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَمَلَكُمْ अमल तुहारा ʿamalakum
अमल तुहारा وَرَسُولُهُۥ और उसका रसूल (भी) warasūluhu
और उसका रसूल (भी) ثُمَّ फिर thumma
फिर تُرَدُّونَ तुम लौटाए जाओगे turaddūna
तुम लौटाए जाओगे إِلَىٰ to ilā
to عَـٰلِمِ तरफ़ जानने वाले ʿālimi
तरफ़ जानने वाले ٱلْغَيْبِ ग़ैब l-ghaybi
ग़ैब وَٱلشَّهَـٰدَةِ और हाज़िर के wal-shahādati
और हाज़िर के فَيُنَبِّئُكُم फिर वो बताएगा तुम्हें fayunabbi-ukum
फिर वो बताएगा तुम्हें بِمَا वो जो bimā
वो जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَعْمَلُونَ तुम अमल करते taʿmalūna
तुम अमल करते ٩٤ (94)
(94)
वो उज़र पेश करेंगे إِلَيْكُمْ तरफ़ तुम्हारे ilaykum
तरफ़ तुम्हारे إِذَا जब idhā
जब رَجَعْتُمْ लौटोगे तुम rajaʿtum
लौटोगे तुम إِلَيْهِمْ ۚ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके قُل कह दीजिए qul
कह दीजिए لَّا (Do) not lā
(Do) not تَعْتَذِرُوا۟ ना तुम उज़र पेश करो taʿtadhirū
ना तुम उज़र पेश करो لَن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं نُّؤْمِنَ हम ऐतबार करेंगे nu'mina
हम ऐतबार करेंगे لَكُمْ तुम्हारा lakum
तुम्हारा قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ نَبَّأَنَا बता दीं हमें nabba-anā
बता दीं हमें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مِنْ of min
of أَخْبَارِكُمْ ۚ बाज़ ख़बरें तुम्हारी akhbārikum
बाज़ ख़बरें तुम्हारी وَسَيَرَى और अनक़रीब देखेगा wasayarā
और अनक़रीब देखेगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَمَلَكُمْ अमल तुहारा ʿamalakum
अमल तुहारा وَرَسُولُهُۥ और उसका रसूल (भी) warasūluhu
और उसका रसूल (भी) ثُمَّ फिर thumma
फिर تُرَدُّونَ तुम लौटाए जाओगे turaddūna
तुम लौटाए जाओगे إِلَىٰ to ilā
to عَـٰلِمِ तरफ़ जानने वाले ʿālimi
तरफ़ जानने वाले ٱلْغَيْبِ ग़ैब l-ghaybi
ग़ैब وَٱلشَّهَـٰدَةِ और हाज़िर के wal-shahādati
और हाज़िर के فَيُنَبِّئُكُم फिर वो बताएगा तुम्हें fayunabbi-ukum
फिर वो बताएगा तुम्हें بِمَا वो जो bimā
वो जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَعْمَلُونَ तुम अमल करते taʿmalūna
तुम अमल करते ٩٤ (94)
(94)
जब तुम उनकी ओर वापस जाओगे, तो वे तुम्हारे सामने बहाने पेश करेंगे। आप कह दें : हम तुम्हारा कभी विश्वास नहीं करेंगे, निःसंदेह अल्लाह हमें तुम्हारी कुछ ख़बरें बता चुका है, और जल्द ही अल्लाह तुम्हारे काम को देखेगा और उसका रसूल भी। फिर तुम हर परोक्षऔर प्रत्यक्ष चीज़ को जानने वाले की ओर लौटाए जाओगे। फिर वह तुम्हें बताएगा जो कुछ तुम करते रहे थे।
९:९५
سَيَحْلِفُونَ
अनक़रीब वो क़समें खाऐंगे
sayaḥlifūna
अनक़रीब वो क़समें खाऐंगे بِٱللَّهِ अल्लाह की bil-lahi
अल्लाह की لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए إِذَا जब idhā
जब ٱنقَلَبْتُمْ लौटोगे तुम inqalabtum
लौटोगे तुम إِلَيْهِمْ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके لِتُعْرِضُوا۟ ताकि तुम ऐराज़ करो lituʿ'riḍū
ताकि तुम ऐराज़ करो عَنْهُمْ ۖ उनसे ʿanhum
उनसे فَأَعْرِضُوا۟ तो ऐराज़ कर लो fa-aʿriḍū
तो ऐराज़ कर लो عَنْهُمْ ۖ उनसे ʿanhum
उनसे إِنَّهُمْ क्योंकि वो innahum
क्योंकि वो رِجْسٌۭ ۖ गंदगी हैं rij'sun
गंदगी हैं وَمَأْوَىٰهُمْ और ठिकाना उनका wamawāhum
और ठिकाना उनका جَهَنَّمُ जहन्नम है jahannamu
जहन्नम है جَزَآءًۢ बदला है jazāan
बदला है بِمَا उसका जो bimā
उसका जो كَانُوا۟ हैं वो kānū
हैं वो يَكْسِبُونَ वो कमाई करते yaksibūna
वो कमाई करते ٩٥ (95)
(95)
अनक़रीब वो क़समें खाऐंगे بِٱللَّهِ अल्लाह की bil-lahi
अल्लाह की لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए إِذَا जब idhā
जब ٱنقَلَبْتُمْ लौटोगे तुम inqalabtum
लौटोगे तुम إِلَيْهِمْ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके لِتُعْرِضُوا۟ ताकि तुम ऐराज़ करो lituʿ'riḍū
ताकि तुम ऐराज़ करो عَنْهُمْ ۖ उनसे ʿanhum
उनसे فَأَعْرِضُوا۟ तो ऐराज़ कर लो fa-aʿriḍū
तो ऐराज़ कर लो عَنْهُمْ ۖ उनसे ʿanhum
उनसे إِنَّهُمْ क्योंकि वो innahum
क्योंकि वो رِجْسٌۭ ۖ गंदगी हैं rij'sun
गंदगी हैं وَمَأْوَىٰهُمْ और ठिकाना उनका wamawāhum
और ठिकाना उनका جَهَنَّمُ जहन्नम है jahannamu
जहन्नम है جَزَآءًۢ बदला है jazāan
बदला है بِمَا उसका जो bimā
उसका जो كَانُوا۟ हैं वो kānū
हैं वो يَكْسِبُونَ वो कमाई करते yaksibūna
वो कमाई करते ٩٥ (95)
(95)
शीघ्र ही जब तुम उनकी ओर वापस जाओगे, तो वे तुम्हारे सामने अल्लाह की क़समें खाएँगे, ताकि तुम उनसे ध्यान हटा लो। अतः उनकी उपेक्षा करो, निःसंदेह वे गंदे हैं और उनका ठिकाना जहन्नम है, उसके बदले जो वे कमाते रहे हैं।
९:९६
يَحْلِفُونَ
वो क़समें खाऐंगे
yaḥlifūna
वो क़समें खाऐंगे لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए لِتَرْضَوْا۟ ताकि तुम राज़ी हो जाओ litarḍaw
ताकि तुम राज़ी हो जाओ عَنْهُمْ ۖ उनसे ʿanhum
उनसे فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर تَرْضَوْا۟ तुम राज़ी हो भी जाओ tarḍaw
तुम राज़ी हो भी जाओ عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (is) not pleased lā
(is) not pleased يَرْضَىٰ नहीं वो राज़ी होता yarḍā
नहीं वो राज़ी होता عَنِ with ʿani
with ٱلْقَوْمِ उन लोगों से l-qawmi
उन लोगों से ٱلْفَـٰسِقِينَ जो फ़ासिक़ हैं l-fāsiqīna
जो फ़ासिक़ हैं ٩٦ (96)
(96)
वो क़समें खाऐंगे لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए لِتَرْضَوْا۟ ताकि तुम राज़ी हो जाओ litarḍaw
ताकि तुम राज़ी हो जाओ عَنْهُمْ ۖ उनसे ʿanhum
उनसे فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर تَرْضَوْا۟ तुम राज़ी हो भी जाओ tarḍaw
तुम राज़ी हो भी जाओ عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (is) not pleased lā
(is) not pleased يَرْضَىٰ नहीं वो राज़ी होता yarḍā
नहीं वो राज़ी होता عَنِ with ʿani
with ٱلْقَوْمِ उन लोगों से l-qawmi
उन लोगों से ٱلْفَـٰسِقِينَ जो फ़ासिक़ हैं l-fāsiqīna
जो फ़ासिक़ हैं ٩٦ (96)
(96)
वे तुम्हारे लिए क़समें खाएँगे, ताकि तुम उनसे राज़ी हो जाओ। तो यदि तुम उनसे राज़ी हो जाओ, तो निःसंदेह अल्लाह अवज्ञाकारी लोगों से राज़ी नहीं होता।
९:९७
ٱلْأَعْرَابُ
देहाती/बदवी
al-aʿrābu
देहाती/बदवी أَشَدُّ ज़्यादा सख़्त हैं ashaddu
ज़्यादा सख़्त हैं كُفْرًۭا कुफ़्र kuf'ran
कुफ़्र وَنِفَاقًۭا और निफ़ाक़ में wanifāqan
और निफ़ाक़ में وَأَجْدَرُ और ज़्यादा लायक़ हैं wa-ajdaru
और ज़्यादा लायक़ हैं أَلَّا कि ना allā
कि ना يَعْلَمُوا۟ वो जानें yaʿlamū
वो जानें حُدُودَ हुदूद को ḥudūda
हुदूद को مَآ उसकी जो mā
उसकी जो أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَلَىٰ to ʿalā
to رَسُولِهِۦ ۗ अपने रसूल पर rasūlihi
अपने रसूल पर وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلِيمٌ ख़ूब इल्म वाला है ʿalīmun
ख़ूब इल्म वाला है حَكِيمٌۭ बहुत हिकमत वाला है ḥakīmun
बहुत हिकमत वाला है ٩٧ (97)
(97)
देहाती/बदवी أَشَدُّ ज़्यादा सख़्त हैं ashaddu
ज़्यादा सख़्त हैं كُفْرًۭا कुफ़्र kuf'ran
कुफ़्र وَنِفَاقًۭا और निफ़ाक़ में wanifāqan
और निफ़ाक़ में وَأَجْدَرُ और ज़्यादा लायक़ हैं wa-ajdaru
और ज़्यादा लायक़ हैं أَلَّا कि ना allā
कि ना يَعْلَمُوا۟ वो जानें yaʿlamū
वो जानें حُدُودَ हुदूद को ḥudūda
हुदूद को مَآ उसकी जो mā
उसकी जो أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَلَىٰ to ʿalā
to رَسُولِهِۦ ۗ अपने रसूल पर rasūlihi
अपने रसूल पर وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلِيمٌ ख़ूब इल्म वाला है ʿalīmun
ख़ूब इल्म वाला है حَكِيمٌۭ बहुत हिकमत वाला है ḥakīmun
बहुत हिकमत वाला है ٩٧ (97)
(97)
देहाती1 अविश्वास तथा पाखंड में अधिक बढ़े हुए हैं और इस बात के अधिक योग्य हैं कि उन सीमाओं को न जानें, जो अल्लाह ने अपने रसूल पर उतारी हैं, और अल्लाह सब कुछ जानने वाला, पूर्ण हिकमत वाला है।
९:९८
وَمِنَ
And among
wamina
And among ٱلْأَعْرَابِ और देहातियों/बदवियों में से l-aʿrābi
और देहातियों/बदवियों में से مَن कोई है जो man
कोई है जो يَتَّخِذُ बना लेता है yattakhidhu
बना लेता है مَا उसे जो mā
उसे जो يُنفِقُ वो ख़र्च करता है yunfiqu
वो ख़र्च करता है مَغْرَمًۭا तावान maghraman
तावान وَيَتَرَبَّصُ और वो इन्तिज़ार करता है wayatarabbaṣu
और वो इन्तिज़ार करता है بِكُمُ तुम्हारे बारे में bikumu
तुम्हारे बारे में ٱلدَّوَآئِرَ ۚ गर्दिशों का l-dawāira
गर्दिशों का عَلَيْهِمْ उन पर है ʿalayhim
उन पर है دَآئِرَةُ गर्दिश dāiratu
गर्दिश ٱلسَّوْءِ ۗ बुरी l-sawi
बुरी وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह سَمِيعٌ खूब सुनने वाला है samīʿun
खूब सुनने वाला है عَلِيمٌۭ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٩٨ (98)
(98)
And among ٱلْأَعْرَابِ और देहातियों/बदवियों में से l-aʿrābi
और देहातियों/बदवियों में से مَن कोई है जो man
कोई है जो يَتَّخِذُ बना लेता है yattakhidhu
बना लेता है مَا उसे जो mā
उसे जो يُنفِقُ वो ख़र्च करता है yunfiqu
वो ख़र्च करता है مَغْرَمًۭا तावान maghraman
तावान وَيَتَرَبَّصُ और वो इन्तिज़ार करता है wayatarabbaṣu
और वो इन्तिज़ार करता है بِكُمُ तुम्हारे बारे में bikumu
तुम्हारे बारे में ٱلدَّوَآئِرَ ۚ गर्दिशों का l-dawāira
गर्दिशों का عَلَيْهِمْ उन पर है ʿalayhim
उन पर है دَآئِرَةُ गर्दिश dāiratu
गर्दिश ٱلسَّوْءِ ۗ बुरी l-sawi
बुरी وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह سَمِيعٌ खूब सुनने वाला है samīʿun
खूब सुनने वाला है عَلِيمٌۭ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ٩٨ (98)
(98)
देहातियों में कुछ ऐसे हैं कि जो कुछ ख़र्च करते हैं, उसे तावान समझते हैं और तुम्हारे लिए बुरे समय की प्रतीक्षा करते हैं। बुरा समय उन्हीं पर आए। और अल्लाह सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।
९:९९
وَمِنَ
But among
wamina
But among ٱلْأَعْرَابِ और देहातियों/बदवियों में से l-aʿrābi
और देहातियों/बदवियों में से مَن कोई है जो man
कोई है जो يُؤْمِنُ ईमान रखता है yu'minu
ईमान रखता है بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَٱلْيَوْمِ and the Day wal-yawmi
and the Day ٱلْـَٔاخِرِ और आख़िरी दिन पर l-ākhiri
और आख़िरी दिन पर وَيَتَّخِذُ और वो बना लेता है wayattakhidhu
और वो बना लेता है مَا उसे जो mā
उसे जो يُنفِقُ वो ख़र्च करता है yunfiqu
वो ख़र्च करता है قُرُبَـٰتٍ क़ुरबतों (का ज़रिया) qurubātin
क़ुरबतों (का ज़रिया) عِندَ with ʿinda
with ٱللَّهِ अल्लाह के नज़दीक l-lahi
अल्लाह के नज़दीक وَصَلَوَٰتِ और दुआओं का waṣalawāti
और दुआओं का ٱلرَّسُولِ ۚ रसूल की l-rasūli
रसूल की أَلَآ ख़बरदार alā
ख़बरदार إِنَّهَا बेशक वो innahā
बेशक वो قُرْبَةٌۭ क़ुरबत (का ज़रिया) है qur'batun
क़ुरबत (का ज़रिया) है لَّهُمْ ۚ उनके लिए lahum
उनके लिए سَيُدْخِلُهُمُ अनक़रीब दाख़िल करेगा उन्हें sayud'khiluhumu
अनक़रीब दाख़िल करेगा उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فِى to fī
to رَحْمَتِهِۦٓ ۗ अपनी रहमत में raḥmatihi
अपनी रहमत में إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ बहुत रहम करने वाला है raḥīmun
बहुत रहम करने वाला है ٩٩ (99)
(99)
But among ٱلْأَعْرَابِ और देहातियों/बदवियों में से l-aʿrābi
और देहातियों/बदवियों में से مَن कोई है जो man
कोई है जो يُؤْمِنُ ईमान रखता है yu'minu
ईमान रखता है بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर وَٱلْيَوْمِ and the Day wal-yawmi
and the Day ٱلْـَٔاخِرِ और आख़िरी दिन पर l-ākhiri
और आख़िरी दिन पर وَيَتَّخِذُ और वो बना लेता है wayattakhidhu
और वो बना लेता है مَا उसे जो mā
उसे जो يُنفِقُ वो ख़र्च करता है yunfiqu
वो ख़र्च करता है قُرُبَـٰتٍ क़ुरबतों (का ज़रिया) qurubātin
क़ुरबतों (का ज़रिया) عِندَ with ʿinda
with ٱللَّهِ अल्लाह के नज़दीक l-lahi
अल्लाह के नज़दीक وَصَلَوَٰتِ और दुआओं का waṣalawāti
और दुआओं का ٱلرَّسُولِ ۚ रसूल की l-rasūli
रसूल की أَلَآ ख़बरदार alā
ख़बरदार إِنَّهَا बेशक वो innahā
बेशक वो قُرْبَةٌۭ क़ुरबत (का ज़रिया) है qur'batun
क़ुरबत (का ज़रिया) है لَّهُمْ ۚ उनके लिए lahum
उनके लिए سَيُدْخِلُهُمُ अनक़रीब दाख़िल करेगा उन्हें sayud'khiluhumu
अनक़रीब दाख़िल करेगा उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فِى to fī
to رَحْمَتِهِۦٓ ۗ अपनी रहमत में raḥmatihi
अपनी रहमत में إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌۭ बहुत रहम करने वाला है raḥīmun
बहुत रहम करने वाला है ٩٩ (99)
(99)
और देहातियों में कुछ ऐसे हैं, जो अल्लाह तथा अंतिम दिन पर ईमान रखते हैं और जो कुछ ख़र्च करते हैं, उसे अल्लाह के यहाँ निकटता तथा रसूल की दुआओं (की प्राप्ति) का साधन समझते हैं। सुन लो! निःसंदेह यह उनके लिए निकटता का साधन है। शीघ्र ही अल्लाह उन्हें अपनी दया में दाखिल करेगा। निःसंदेह अल्लाह अत्यंत क्षमाशील, असीम दयावान् है।
९:१००
وَٱلسَّـٰبِقُونَ
और सबक़त करने वाले
wal-sābiqūna
और सबक़त करने वाले ٱلْأَوَّلُونَ सब से पहले l-awalūna
सब से पहले مِنَ among mina
among ٱلْمُهَـٰجِرِينَ मुहाजिरीन में से l-muhājirīna
मुहाजिरीन में से وَٱلْأَنصَارِ और अन्सार में से wal-anṣāri
और अन्सार में से وَٱلَّذِينَ और वो जिन्होंने wa-alladhīna
और वो जिन्होंने ٱتَّبَعُوهُم पैरवी की उनकी ittabaʿūhum
पैरवी की उनकी بِإِحْسَـٰنٍۢ साथ एहसान के bi-iḥ'sānin
साथ एहसान के رَّضِىَ राज़ी हो गया raḍiya
राज़ी हो गया ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे وَرَضُوا۟ और वो राज़ी हो गए waraḍū
और वो राज़ी हो गए عَنْهُ उससे ʿanhu
उससे وَأَعَدَّ और उसने तैयार कर रखा है wa-aʿadda
और उसने तैयार कर रखा है لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात को jannātin
बाग़ात को تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं تَحْتَهَا नीचे उनके taḥtahā
नीचे उनके ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَآ उसमें fīhā
उसमें أَبَدًۭا ۚ हमेशा-हमेशा abadan
हमेशा-हमेशा ذَٰلِكَ यही है dhālika
यही है ٱلْفَوْزُ कामयाबी l-fawzu
कामयाबी ٱلْعَظِيمُ बहुत बड़ी l-ʿaẓīmu
बहुत बड़ी ١٠٠ (100)
(100)
और सबक़त करने वाले ٱلْأَوَّلُونَ सब से पहले l-awalūna
सब से पहले مِنَ among mina
among ٱلْمُهَـٰجِرِينَ मुहाजिरीन में से l-muhājirīna
मुहाजिरीन में से وَٱلْأَنصَارِ और अन्सार में से wal-anṣāri
और अन्सार में से وَٱلَّذِينَ और वो जिन्होंने wa-alladhīna
और वो जिन्होंने ٱتَّبَعُوهُم पैरवी की उनकी ittabaʿūhum
पैरवी की उनकी بِإِحْسَـٰنٍۢ साथ एहसान के bi-iḥ'sānin
साथ एहसान के رَّضِىَ राज़ी हो गया raḍiya
राज़ी हो गया ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे وَرَضُوا۟ और वो राज़ी हो गए waraḍū
और वो राज़ी हो गए عَنْهُ उससे ʿanhu
उससे وَأَعَدَّ और उसने तैयार कर रखा है wa-aʿadda
और उसने तैयार कर रखा है لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात को jannātin
बाग़ात को تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं تَحْتَهَا नीचे उनके taḥtahā
नीचे उनके ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَآ उसमें fīhā
उसमें أَبَدًۭا ۚ हमेशा-हमेशा abadan
हमेशा-हमेशा ذَٰلِكَ यही है dhālika
यही है ٱلْفَوْزُ कामयाबी l-fawzu
कामयाबी ٱلْعَظِيمُ बहुत बड़ी l-ʿaẓīmu
बहुत बड़ी ١٠٠ (100)
(100)
तथा सबसे पहले (ईमान की ओर) आगे बढ़ने वाले मुहाजिरीन1 और अंसार और जिन लोगों ने नेकी के साथ उनका अनुसरण किया, अल्लाह उनसे प्रसन्न हो गया और वे उससे प्रसन्न हो गए तथा उसने उनके लिए ऐसी जन्नतें तैयार कर रखी हैं, जिनके नीचे से नहरें बहती हैं। वे उनके अंदर हमेशा रहेंगे। यही बड़ी सफलता है।
९:१०१
وَمِمَّنْ
और उनमें से जो
wamimman
और उनमें से जो حَوْلَكُم तुम्हारे आस पास हैं ḥawlakum
तुम्हारे आस पास हैं مِّنَ of mina
of ٱلْأَعْرَابِ देहातियों/बदवियों में से l-aʿrābi
देहातियों/बदवियों में से مُنَـٰفِقُونَ ۖ कुछ मुनाफ़िक़ हैं munāfiqūna
कुछ मुनाफ़िक़ हैं وَمِنْ and (also) from wamin
and (also) from أَهْلِ और कुछ रहने वालों में से ahli
और कुछ रहने वालों में से ٱلْمَدِينَةِ ۖ मदीना के l-madīnati
मदीना के مَرَدُوا۟ जो अड़ गए हैं maradū
जो अड़ गए हैं عَلَى in ʿalā
in ٱلنِّفَاقِ मुनाफ़िक़त पर l-nifāqi
मुनाफ़िक़त पर لَا not lā
not تَعْلَمُهُمْ ۖ नहीं तुम जानते उन्हें taʿlamuhum
नहीं तुम जानते उन्हें نَحْنُ हम naḥnu
हम نَعْلَمُهُمْ ۚ जानते हैं उन्हें naʿlamuhum
जानते हैं उन्हें سَنُعَذِّبُهُم अनक़रीब हम अज़ाब देंगे उन्हें sanuʿadhibuhum
अनक़रीब हम अज़ाब देंगे उन्हें مَّرَّتَيْنِ दो बार marratayni
दो बार ثُمَّ फिर thumma
फिर يُرَدُّونَ वो लौटाए जाऐंगे yuraddūna
वो लौटाए जाऐंगे إِلَىٰ to ilā
to عَذَابٍ तरफ़ अज़ाब ʿadhābin
तरफ़ अज़ाब عَظِيمٍۢ बहुत बड़े के ʿaẓīmin
बहुत बड़े के ١٠١ (101)
(101)
और उनमें से जो حَوْلَكُم तुम्हारे आस पास हैं ḥawlakum
तुम्हारे आस पास हैं مِّنَ of mina
of ٱلْأَعْرَابِ देहातियों/बदवियों में से l-aʿrābi
देहातियों/बदवियों में से مُنَـٰفِقُونَ ۖ कुछ मुनाफ़िक़ हैं munāfiqūna
कुछ मुनाफ़िक़ हैं وَمِنْ and (also) from wamin
and (also) from أَهْلِ और कुछ रहने वालों में से ahli
और कुछ रहने वालों में से ٱلْمَدِينَةِ ۖ मदीना के l-madīnati
मदीना के مَرَدُوا۟ जो अड़ गए हैं maradū
जो अड़ गए हैं عَلَى in ʿalā
in ٱلنِّفَاقِ मुनाफ़िक़त पर l-nifāqi
मुनाफ़िक़त पर لَا not lā
not تَعْلَمُهُمْ ۖ नहीं तुम जानते उन्हें taʿlamuhum
नहीं तुम जानते उन्हें نَحْنُ हम naḥnu
हम نَعْلَمُهُمْ ۚ जानते हैं उन्हें naʿlamuhum
जानते हैं उन्हें سَنُعَذِّبُهُم अनक़रीब हम अज़ाब देंगे उन्हें sanuʿadhibuhum
अनक़रीब हम अज़ाब देंगे उन्हें مَّرَّتَيْنِ दो बार marratayni
दो बार ثُمَّ फिर thumma
फिर يُرَدُّونَ वो लौटाए जाऐंगे yuraddūna
वो लौटाए जाऐंगे إِلَىٰ to ilā
to عَذَابٍ तरफ़ अज़ाब ʿadhābin
तरफ़ अज़ाब عَظِيمٍۢ बहुत बड़े के ʿaẓīmin
बहुत बड़े के ١٠١ (101)
(101)
और तुम्हारे आस-पास जो देहाती हैं, उनमें से कुछ लोग मुनाफ़िक़ हैं और मदीना वालों में से भी, जो अपने निफ़ाक़ (पाखंड) पर जमे हुए हैं। आप उन्हें नहीं जानते, हम ही उन्हें जानते हैं। जल्द ही हम उन्हें दो बार1 यातना देंगे। फिर वे बहुत बड़ी यातना की ओर लौटाए जाएँगे।
९:१०२
وَءَاخَرُونَ
और कुछ दूसरे
waākharūna
और कुछ दूसरे ٱعْتَرَفُوا۟ जिन्होंने ऐतराफ़ किया iʿ'tarafū
जिन्होंने ऐतराफ़ किया بِذُنُوبِهِمْ अपने गुनाहों का bidhunūbihim
अपने गुनाहों का خَلَطُوا۟ उन्होंने मिला दिए khalaṭū
उन्होंने मिला दिए عَمَلًۭا कुछ अमल ʿamalan
कुछ अमल صَـٰلِحًۭا नेक ṣāliḥan
नेक وَءَاخَرَ और दूसरे waākhara
और दूसरे سَيِّئًا बुरे sayyi-an
बुरे عَسَى उम्मीद है ʿasā
उम्मीद है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَن कि an
कि يَتُوبَ वो मेहरबान हो yatūba
वो मेहरबान हो عَلَيْهِمْ ۚ उन पर ʿalayhim
उन पर إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ١٠٢ (102)
(102)
और कुछ दूसरे ٱعْتَرَفُوا۟ जिन्होंने ऐतराफ़ किया iʿ'tarafū
जिन्होंने ऐतराफ़ किया بِذُنُوبِهِمْ अपने गुनाहों का bidhunūbihim
अपने गुनाहों का خَلَطُوا۟ उन्होंने मिला दिए khalaṭū
उन्होंने मिला दिए عَمَلًۭا कुछ अमल ʿamalan
कुछ अमल صَـٰلِحًۭا नेक ṣāliḥan
नेक وَءَاخَرَ और दूसरे waākhara
और दूसरे سَيِّئًا बुरे sayyi-an
बुरे عَسَى उम्मीद है ʿasā
उम्मीद है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَن कि an
कि يَتُوبَ वो मेहरबान हो yatūba
वो मेहरबान हो عَلَيْهِمْ ۚ उन पर ʿalayhim
उन पर إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है رَّحِيمٌ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ١٠٢ (102)
(102)
और कुछ अन्य लोग भी हैं, जिन्होंने अपने गुनाहों का इक़रार किया। उन्होंने कुछ काम अच्छे और कुछ दूसरे बुरे मिला दिए। निकट है कि अल्लाह उनपर फिर से दया करे। निःसंदेह अल्लाह अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।
९:१०३
خُذْ
ले लीजिए
khudh
ले लीजिए مِنْ from min
from أَمْوَٰلِهِمْ उनके मालों में से amwālihim
उनके मालों में से صَدَقَةًۭ सदक़ा ṣadaqatan
सदक़ा تُطَهِّرُهُمْ आप पाक कीजिए उन्हें tuṭahhiruhum
आप पाक कीजिए उन्हें وَتُزَكِّيهِم और आप तज़किया कीजिए उनका watuzakkīhim
और आप तज़किया कीजिए उनका بِهَا साथ उसके bihā
साथ उसके وَصَلِّ और दुआए रहमत कीजिए waṣalli
और दुआए रहमत कीजिए عَلَيْهِمْ ۖ उनके हक़ में ʿalayhim
उनके हक़ में إِنَّ बेशक inna
बेशक صَلَوٰتَكَ दुआ आपकी ṣalataka
दुआ आपकी سَكَنٌۭ सुकून का ज़रिया है sakanun
सुकून का ज़रिया है لَّهُمْ ۗ उनके लिए lahum
उनके लिए وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह سَمِيعٌ ख़ूब सुनने वाला है samīʿun
ख़ूब सुनने वाला है عَلِيمٌ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ١٠٣ (103)
(103)
ले लीजिए مِنْ from min
from أَمْوَٰلِهِمْ उनके मालों में से amwālihim
उनके मालों में से صَدَقَةًۭ सदक़ा ṣadaqatan
सदक़ा تُطَهِّرُهُمْ आप पाक कीजिए उन्हें tuṭahhiruhum
आप पाक कीजिए उन्हें وَتُزَكِّيهِم और आप तज़किया कीजिए उनका watuzakkīhim
और आप तज़किया कीजिए उनका بِهَا साथ उसके bihā
साथ उसके وَصَلِّ और दुआए रहमत कीजिए waṣalli
और दुआए रहमत कीजिए عَلَيْهِمْ ۖ उनके हक़ में ʿalayhim
उनके हक़ में إِنَّ बेशक inna
बेशक صَلَوٰتَكَ दुआ आपकी ṣalataka
दुआ आपकी سَكَنٌۭ सुकून का ज़रिया है sakanun
सुकून का ज़रिया है لَّهُمْ ۗ उनके लिए lahum
उनके लिए وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह سَمِيعٌ ख़ूब सुनने वाला है samīʿun
ख़ूब सुनने वाला है عَلِيمٌ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है ١٠٣ (103)
(103)
आप उनके मालों में से दान लें, जिसके साथ आप उन्हें पवित्र और पाक-साफ़ करें, तथा उनके लिए दुआ करें। निःसंदेह आपकी दुआ उनके लिए शांति का कारण है और अल्लाह सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।
९:१०४
أَلَمْ
क्या नहीं
alam
क्या नहीं يَعْلَمُوٓا۟ वो जानते yaʿlamū
वो जानते أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह هُوَ वो ही huwa
वो ही يَقْبَلُ वो क़ुबूल करता है yaqbalu
वो क़ुबूल करता है ٱلتَّوْبَةَ तौबा को l-tawbata
तौबा को عَنْ from ʿan
from عِبَادِهِۦ अपने बन्दों से ʿibādihi
अपने बन्दों से وَيَأْخُذُ और वो ले लेता है wayakhudhu
और वो ले लेता है ٱلصَّدَقَـٰتِ सदक़ात l-ṣadaqāti
सदक़ात وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह هُوَ वो ही है huwa
वो ही है ٱلتَّوَّابُ बहुत तौबा क़ुबूल करने वाला l-tawābu
बहुत तौबा क़ुबूल करने वाला ٱلرَّحِيمُ निहायत रहम करने वाला l-raḥīmu
निहायत रहम करने वाला ١٠٤ (104)
(104)
क्या नहीं يَعْلَمُوٓا۟ वो जानते yaʿlamū
वो जानते أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह هُوَ वो ही huwa
वो ही يَقْبَلُ वो क़ुबूल करता है yaqbalu
वो क़ुबूल करता है ٱلتَّوْبَةَ तौबा को l-tawbata
तौबा को عَنْ from ʿan
from عِبَادِهِۦ अपने बन्दों से ʿibādihi
अपने बन्दों से وَيَأْخُذُ और वो ले लेता है wayakhudhu
और वो ले लेता है ٱلصَّدَقَـٰتِ सदक़ात l-ṣadaqāti
सदक़ात وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह هُوَ वो ही है huwa
वो ही है ٱلتَّوَّابُ बहुत तौबा क़ुबूल करने वाला l-tawābu
बहुत तौबा क़ुबूल करने वाला ٱلرَّحِيمُ निहायत रहम करने वाला l-raḥīmu
निहायत रहम करने वाला ١٠٤ (104)
(104)
क्या वे नहीं जानते कि निःसंदेह अल्लाह ही अपने बंदों की तौबा क़बूल करता और सदक़े लेता है और यह कि निःसंदेह अल्लाह ही है जो बहुत अधिक तौबा क़बूल करने वाला, अत्यंत दयावान् है।
९:१०५
وَقُلِ
और कह दीजिए
waquli
और कह दीजिए ٱعْمَلُوا۟ अमल करो iʿ'malū
अमल करो فَسَيَرَى पस अनक़रीब देखेगा fasayarā
पस अनक़रीब देखेगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَمَلَكُمْ अमल तुम्हारा ʿamalakum
अमल तुम्हारा وَرَسُولُهُۥ और रसूल उसका warasūluhu
और रसूल उसका وَٱلْمُؤْمِنُونَ ۖ और अहले ईमान भी wal-mu'minūna
और अहले ईमान भी وَسَتُرَدُّونَ और अनक़रीब तुम लौटाए जाओगो wasaturaddūna
और अनक़रीब तुम लौटाए जाओगो إِلَىٰ to ilā
to عَـٰلِمِ तरफ़ जानने वाले ʿālimi
तरफ़ जानने वाले ٱلْغَيْبِ ग़ैब l-ghaybi
ग़ैब وَٱلشَّهَـٰدَةِ और हाज़िर के wal-shahādati
और हाज़िर के فَيُنَبِّئُكُم फिर वो बताएगा तुम्हें fayunabbi-ukum
फिर वो बताएगा तुम्हें بِمَا वो जो bimā
वो जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَعْمَلُونَ तुम अमल करते taʿmalūna
तुम अमल करते ١٠٥ (105)
(105)
और कह दीजिए ٱعْمَلُوا۟ अमल करो iʿ'malū
अमल करो فَسَيَرَى पस अनक़रीब देखेगा fasayarā
पस अनक़रीब देखेगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَمَلَكُمْ अमल तुम्हारा ʿamalakum
अमल तुम्हारा وَرَسُولُهُۥ और रसूल उसका warasūluhu
और रसूल उसका وَٱلْمُؤْمِنُونَ ۖ और अहले ईमान भी wal-mu'minūna
और अहले ईमान भी وَسَتُرَدُّونَ और अनक़रीब तुम लौटाए जाओगो wasaturaddūna
और अनक़रीब तुम लौटाए जाओगो إِلَىٰ to ilā
to عَـٰلِمِ तरफ़ जानने वाले ʿālimi
तरफ़ जानने वाले ٱلْغَيْبِ ग़ैब l-ghaybi
ग़ैब وَٱلشَّهَـٰدَةِ और हाज़िर के wal-shahādati
और हाज़िर के فَيُنَبِّئُكُم फिर वो बताएगा तुम्हें fayunabbi-ukum
फिर वो बताएगा तुम्हें بِمَا वो जो bimā
वो जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَعْمَلُونَ तुम अमल करते taʿmalūna
तुम अमल करते ١٠٥ (105)
(105)
और कह दीजिए : तुम कर्म किए जाओ। जल्द ही अल्लाह तुम्हारे कर्मों को देखेगा, और उसके रसूल और ईमान वाले भी। और जल्द ही तुम हर परोक्ष और प्रत्यक्ष बात को जानने वाले की ओर लौटाए जाओगे। फिर वह तुम्हें बताएगा जो कुछ तुम किया करते थे
९:१०६
وَءَاخَرُونَ
और कुछ दूसरे
waākharūna
और कुछ दूसरे مُرْجَوْنَ जो मुअख़्ख़र रखे गए हैं mur'jawna
जो मुअख़्ख़र रखे गए हैं لِأَمْرِ हुक्म के लिए li-amri
हुक्म के लिए ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के إِمَّا ख़्वाह immā
ख़्वाह يُعَذِّبُهُمْ वो अज़ाब दे उन्हें yuʿadhibuhum
वो अज़ाब दे उन्हें وَإِمَّا और ख़्वाह wa-immā
और ख़्वाह يَتُوبُ वो मेहरबान हो yatūbu
वो मेहरबान हो عَلَيْهِمْ ۗ उन पर ʿalayhim
उन पर وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلِيمٌ ख़ूब इल्म वाला है ʿalīmun
ख़ूब इल्म वाला है حَكِيمٌۭ बहुत हिकमत वाला है ḥakīmun
बहुत हिकमत वाला है ١٠٦ (106)
(106)
और कुछ दूसरे مُرْجَوْنَ जो मुअख़्ख़र रखे गए हैं mur'jawna
जो मुअख़्ख़र रखे गए हैं لِأَمْرِ हुक्म के लिए li-amri
हुक्म के लिए ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के إِمَّا ख़्वाह immā
ख़्वाह يُعَذِّبُهُمْ वो अज़ाब दे उन्हें yuʿadhibuhum
वो अज़ाब दे उन्हें وَإِمَّا और ख़्वाह wa-immā
और ख़्वाह يَتُوبُ वो मेहरबान हो yatūbu
वो मेहरबान हो عَلَيْهِمْ ۗ उन पर ʿalayhim
उन पर وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلِيمٌ ख़ूब इल्म वाला है ʿalīmun
ख़ूब इल्म वाला है حَكِيمٌۭ बहुत हिकमत वाला है ḥakīmun
बहुत हिकमत वाला है ١٠٦ (106)
(106)
और कुछ दूसरे लोग भी हैं, जिनका मामला अल्लाह का आदेश आने तक स्थगित1 है। या तो वह उन्हें यातना दे और या फिर उनकी तौबा क़बूल करे। तथा अल्लाह सब कुछ जानने वाला, पूर्ण हिकमत वाला है।
९:१०७
وَٱلَّذِينَ
और वो जिन्होंने
wa-alladhīna
और वो जिन्होंने ٱتَّخَذُوا۟ बना ली ittakhadhū
बना ली مَسْجِدًۭا एक मस्जिद masjidan
एक मस्जिद ضِرَارًۭا ज़रर पहुँचाने के लिए ḍirāran
ज़रर पहुँचाने के लिए وَكُفْرًۭا और कुफ़्र के लिए wakuf'ran
और कुफ़्र के लिए وَتَفْرِيقًۢا और जुदाई डालने के लिए watafrīqan
और जुदाई डालने के लिए بَيْنَ among bayna
among ٱلْمُؤْمِنِينَ दर्मियान ईमान वालों के l-mu'minīna
दर्मियान ईमान वालों के وَإِرْصَادًۭا और घात लगाने के लिए wa-ir'ṣādan
और घात लगाने के लिए لِّمَنْ उस शख़्स के लिए जिसने liman
उस शख़्स के लिए जिसने حَارَبَ जंग की ḥāraba
जंग की ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَرَسُولَهُۥ और उसके रसूल से warasūlahu
और उसके रसूल से مِن before min
before قَبْلُ ۚ इससे पहले qablu
इससे पहले وَلَيَحْلِفُنَّ और अलबत्ता वो ज़रूर क़समें खाऐंगे walayaḥlifunna
और अलबत्ता वो ज़रूर क़समें खाऐंगे إِنْ नहीं in
नहीं أَرَدْنَآ इरादा किया था हमने aradnā
इरादा किया था हमने إِلَّا मगर illā
मगर ٱلْحُسْنَىٰ ۖ भलाई का l-ḥus'nā
भलाई का وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يَشْهَدُ वो गवाही देता है yashhadu
वो गवाही देता है إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो لَكَـٰذِبُونَ अलबत्ता झूठे हैं lakādhibūna
अलबत्ता झूठे हैं ١٠٧ (107)
(107)
और वो जिन्होंने ٱتَّخَذُوا۟ बना ली ittakhadhū
बना ली مَسْجِدًۭا एक मस्जिद masjidan
एक मस्जिद ضِرَارًۭا ज़रर पहुँचाने के लिए ḍirāran
ज़रर पहुँचाने के लिए وَكُفْرًۭا और कुफ़्र के लिए wakuf'ran
और कुफ़्र के लिए وَتَفْرِيقًۢا और जुदाई डालने के लिए watafrīqan
और जुदाई डालने के लिए بَيْنَ among bayna
among ٱلْمُؤْمِنِينَ दर्मियान ईमान वालों के l-mu'minīna
दर्मियान ईमान वालों के وَإِرْصَادًۭا और घात लगाने के लिए wa-ir'ṣādan
और घात लगाने के लिए لِّمَنْ उस शख़्स के लिए जिसने liman
उस शख़्स के लिए जिसने حَارَبَ जंग की ḥāraba
जंग की ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَرَسُولَهُۥ और उसके रसूल से warasūlahu
और उसके रसूल से مِن before min
before قَبْلُ ۚ इससे पहले qablu
इससे पहले وَلَيَحْلِفُنَّ और अलबत्ता वो ज़रूर क़समें खाऐंगे walayaḥlifunna
और अलबत्ता वो ज़रूर क़समें खाऐंगे إِنْ नहीं in
नहीं أَرَدْنَآ इरादा किया था हमने aradnā
इरादा किया था हमने إِلَّا मगर illā
मगर ٱلْحُسْنَىٰ ۖ भलाई का l-ḥus'nā
भलाई का وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يَشْهَدُ वो गवाही देता है yashhadu
वो गवाही देता है إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो لَكَـٰذِبُونَ अलबत्ता झूठे हैं lakādhibūna
अलबत्ता झूठे हैं ١٠٧ (107)
(107)
तथा (मुनाफ़िक़ों में से) वे लोग भी हैं, जिन्होंने एक मस्जिद1 बनाई; ताकि (मुसलमानों को) हानि पहुँचाएँ, कुफ़्र करें, ईमान वालों के बीच फूट डालें तथा ऐसे व्यक्ति के लिए घात लगाने का ठिकाना बनाएँ, जो इससे पहले अल्लाह और उसके रसूल से युद्ध कर चुका2 है। तथा निश्चय वे अवश्य क़समें खाएँगे कि हमारा इरादा भलाई के सिवा और कुछ न था, और अल्लाह गवाही देता है कि निःसंदेह वे निश्चय झूठे हैं।
९:१०८
لَا
(Do) not
lā
(Do) not تَقُمْ ना आप खड़े हों taqum
ना आप खड़े हों فِيهِ उसमें fīhi
उसमें أَبَدًۭا ۚ कभी भी abadan
कभी भी لَّمَسْجِدٌ अलबत्ता मस्जिद lamasjidun
अलबत्ता मस्जिद أُسِّسَ जिसकी बुनियाद रखी गई ussisa
जिसकी बुनियाद रखी गई عَلَى on ʿalā
on ٱلتَّقْوَىٰ तक़वा पर l-taqwā
तक़वा पर مِنْ from min
from أَوَّلِ (the) first awwali
(the) first يَوْمٍ पहले दिन से yawmin
पहले दिन से أَحَقُّ ज़्यादा हक़दार है aḥaqqu
ज़्यादा हक़दार है أَن कि an
कि تَقُومَ आप खड़े हों taqūma
आप खड़े हों فِيهِ ۚ उसमें fīhi
उसमें فِيهِ उसमें fīhi
उसमें رِجَالٌۭ कुछ लोग हैं rijālun
कुछ लोग हैं يُحِبُّونَ जो पसंद करते हैं yuḥibbūna
जो पसंद करते हैं أَن कि an
कि يَتَطَهَّرُوا۟ ۚ वो पाक साफ़ रहें yataṭahharū
वो पाक साफ़ रहें وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يُحِبُّ वो पसंद करता है yuḥibbu
वो पसंद करता है ٱلْمُطَّهِّرِينَ पाक साफ़ रहने वालों को l-muṭahirīna
पाक साफ़ रहने वालों को ١٠٨ (108)
(108)
(Do) not تَقُمْ ना आप खड़े हों taqum
ना आप खड़े हों فِيهِ उसमें fīhi
उसमें أَبَدًۭا ۚ कभी भी abadan
कभी भी لَّمَسْجِدٌ अलबत्ता मस्जिद lamasjidun
अलबत्ता मस्जिद أُسِّسَ जिसकी बुनियाद रखी गई ussisa
जिसकी बुनियाद रखी गई عَلَى on ʿalā
on ٱلتَّقْوَىٰ तक़वा पर l-taqwā
तक़वा पर مِنْ from min
from أَوَّلِ (the) first awwali
(the) first يَوْمٍ पहले दिन से yawmin
पहले दिन से أَحَقُّ ज़्यादा हक़दार है aḥaqqu
ज़्यादा हक़दार है أَن कि an
कि تَقُومَ आप खड़े हों taqūma
आप खड़े हों فِيهِ ۚ उसमें fīhi
उसमें فِيهِ उसमें fīhi
उसमें رِجَالٌۭ कुछ लोग हैं rijālun
कुछ लोग हैं يُحِبُّونَ जो पसंद करते हैं yuḥibbūna
जो पसंद करते हैं أَن कि an
कि يَتَطَهَّرُوا۟ ۚ वो पाक साफ़ रहें yataṭahharū
वो पाक साफ़ रहें وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह يُحِبُّ वो पसंद करता है yuḥibbu
वो पसंद करता है ٱلْمُطَّهِّرِينَ पाक साफ़ रहने वालों को l-muṭahirīna
पाक साफ़ रहने वालों को ١٠٨ (108)
(108)
उसमें कभी खड़े न होना। निश्चय वह मस्जिद1 जिसकी बुनियाद पहले दिन से परहेज़गारी पर रखी गई है, वह अधिक योग्य है कि आप उसमें खड़े हों। उसमें ऐसे लोग हैं, जो बहुत पाक-साफ़ रहना पसंद2 करते हैं और अल्लाह पाक-साफ़ रहने वालों से प्रेम करता है।
९:१०९
أَفَمَنْ
क्या भला जिसने
afaman
क्या भला जिसने أَسَّسَ बुनियाद रखी assasa
बुनियाद रखी بُنْيَـٰنَهُۥ अपनी इमारत की bun'yānahu
अपनी इमारत की عَلَىٰ on ʿalā
on تَقْوَىٰ तक़वा पर taqwā
तक़वा पर مِنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से وَرِضْوَٰنٍ और रज़ामंदी पर wariḍ'wānin
और रज़ामंदी पर خَيْرٌ बेहतर है khayrun
बेहतर है أَم या am
या مَّنْ जिसने man
जिसने أَسَّسَ बुनियाद रखी assasa
बुनियाद रखी بُنْيَـٰنَهُۥ अपनी इमारत की bun'yānahu
अपनी इमारत की عَلَىٰ on ʿalā
on شَفَا एक किनारे पर shafā
एक किनारे पर جُرُفٍ खाई jurufin
खाई هَارٍۢ गिरने वाली के hārin
गिरने वाली के فَٱنْهَارَ तो वो ले गिरी fa-in'hāra
तो वो ले गिरी بِهِۦ उसे bihi
उसे فِى in fī
in نَارِ आग में nāri
आग में جَهَنَّمَ ۗ जहन्नम की jahannama
जहन्नम की وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يَهْدِى नहीं वो हिदायत देता yahdī
नहीं वो हिदायत देता ٱلْقَوْمَ उन लोगों को l-qawma
उन लोगों को ٱلظَّـٰلِمِينَ जो जालिम हैं l-ẓālimīna
जो जालिम हैं ١٠٩ (109)
(109)
क्या भला जिसने أَسَّسَ बुनियाद रखी assasa
बुनियाद रखी بُنْيَـٰنَهُۥ अपनी इमारत की bun'yānahu
अपनी इमारत की عَلَىٰ on ʿalā
on تَقْوَىٰ तक़वा पर taqwā
तक़वा पर مِنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से وَرِضْوَٰنٍ और रज़ामंदी पर wariḍ'wānin
और रज़ामंदी पर خَيْرٌ बेहतर है khayrun
बेहतर है أَم या am
या مَّنْ जिसने man
जिसने أَسَّسَ बुनियाद रखी assasa
बुनियाद रखी بُنْيَـٰنَهُۥ अपनी इमारत की bun'yānahu
अपनी इमारत की عَلَىٰ on ʿalā
on شَفَا एक किनारे पर shafā
एक किनारे पर جُرُفٍ खाई jurufin
खाई هَارٍۢ गिरने वाली के hārin
गिरने वाली के فَٱنْهَارَ तो वो ले गिरी fa-in'hāra
तो वो ले गिरी بِهِۦ उसे bihi
उसे فِى in fī
in نَارِ आग में nāri
आग में جَهَنَّمَ ۗ जहन्नम की jahannama
जहन्नम की وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يَهْدِى नहीं वो हिदायत देता yahdī
नहीं वो हिदायत देता ٱلْقَوْمَ उन लोगों को l-qawma
उन लोगों को ٱلظَّـٰلِمِينَ जो जालिम हैं l-ẓālimīna
जो जालिम हैं ١٠٩ (109)
(109)
तो क्या वह व्यक्ति बेहतर है जिसने अपनी इमारत की नींव अल्लाह के डर और उसकी खुशी पर रखी, या वह जिसने अपनी इमारत की नींव एक गड्ढे के किनारे पर रखी जो ढहने वाला था? तो वह उसके साथ जहन्नम की आग में गिर पड़ा और अल्लाह ज़ालिमों को हिदायत नहीं देता।
९:११०
لَا
Not
lā
Not يَزَالُ हमेशा रहेगी yazālu
हमेशा रहेगी بُنْيَـٰنُهُمُ इमारत उनकी bun'yānuhumu
इमारत उनकी ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो بَنَوْا۟ उन्होंने बनाई banaw
उन्होंने बनाई رِيبَةًۭ शक का सबब rībatan
शक का सबब فِى in fī
in قُلُوبِهِمْ उनके दिलों में qulūbihim
उनके दिलों में إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि تَقَطَّعَ टुकड़े-टुकड़े हो जाऐं taqaṭṭaʿa
टुकड़े-टुकड़े हो जाऐं قُلُوبُهُمْ ۗ दिल उनके qulūbuhum
दिल उनके وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلِيمٌ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है حَكِيمٌ बहुत हिकमत वाला है ḥakīmun
बहुत हिकमत वाला है ١١٠ (110)
(110)
Not يَزَالُ हमेशा रहेगी yazālu
हमेशा रहेगी بُنْيَـٰنُهُمُ इमारत उनकी bun'yānuhumu
इमारत उनकी ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो بَنَوْا۟ उन्होंने बनाई banaw
उन्होंने बनाई رِيبَةًۭ शक का सबब rībatan
शक का सबब فِى in fī
in قُلُوبِهِمْ उनके दिलों में qulūbihim
उनके दिलों में إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि تَقَطَّعَ टुकड़े-टुकड़े हो जाऐं taqaṭṭaʿa
टुकड़े-टुकड़े हो जाऐं قُلُوبُهُمْ ۗ दिल उनके qulūbuhum
दिल उनके وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلِيمٌ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है حَكِيمٌ बहुत हिकमत वाला है ḥakīmun
बहुत हिकमत वाला है ١١٠ (110)
(110)
उनका भवन जो उन्होंने बनाया है, उनके दिलों में हमेशा चिंता का स्रोत रहेगा, परंतु यह कि उनके दिलों के टुकड़े-टुकड़े हो जाएँ। तथा अल्लाह सब कुछ जानने वाला, पूर्ण हिकमत वाला है।
९:१११
۞ إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने ٱشْتَرَىٰ ख़रीद लीं ish'tarā
ख़रीद लीं مِنَ from mina
from ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों से l-mu'minīna
मोमिनों से أَنفُسَهُمْ जानें उनकी anfusahum
जानें उनकी وَأَمْوَٰلَهُم और माल उनके wa-amwālahum
और माल उनके بِأَنَّ बवजह उसके कि bi-anna
बवजह उसके कि لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए ٱلْجَنَّةَ ۚ जन्नत है l-janata
जन्नत है يُقَـٰتِلُونَ वो जंग करते हैं yuqātilūna
वो जंग करते हैं فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते मे l-lahi
अल्लाह के रास्ते मे فَيَقْتُلُونَ फिर वो मारते हैं fayaqtulūna
फिर वो मारते हैं وَيُقْتَلُونَ ۖ और वो मारे जाते हैं wayuq'talūna
और वो मारे जाते हैं وَعْدًا वादा है waʿdan
वादा है عَلَيْهِ उसके ज़िम्मे ʿalayhi
उसके ज़िम्मे حَقًّۭا सच्चा ḥaqqan
सच्चा فِى in fī
in ٱلتَّوْرَىٰةِ तौरात में l-tawrāti
तौरात में وَٱلْإِنجِيلِ और इन्जील wal-injīli
और इन्जील وَٱلْقُرْءَانِ ۚ और क़ुरआन में wal-qur'āni
और क़ुरआन में وَمَنْ और कौन waman
और कौन أَوْفَىٰ ज़्यादा पूरा करने वाला है awfā
ज़्यादा पूरा करने वाला है بِعَهْدِهِۦ अपने अहद को biʿahdihi
अपने अहद को مِنَ than mina
than ٱللَّهِ ۚ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से فَٱسْتَبْشِرُوا۟ पस ख़ुशियाँ मनाओ fa-is'tabshirū
पस ख़ुशियाँ मनाओ بِبَيْعِكُمُ अपने सौदे पर bibayʿikumu
अपने सौदे पर ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो بَايَعْتُم सौदा किया तुमने bāyaʿtum
सौदा किया तुमने بِهِۦ ۚ साथ उसके bihi
साथ उसके وَذَٰلِكَ और ये wadhālika
और ये هُوَ वो ही है huwa
वो ही है ٱلْفَوْزُ कामयाबी l-fawzu
कामयाबी ٱلْعَظِيمُ बहुत बड़ी l-ʿaẓīmu
बहुत बड़ी ١١١ (111)
(111)
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने ٱشْتَرَىٰ ख़रीद लीं ish'tarā
ख़रीद लीं مِنَ from mina
from ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों से l-mu'minīna
मोमिनों से أَنفُسَهُمْ जानें उनकी anfusahum
जानें उनकी وَأَمْوَٰلَهُم और माल उनके wa-amwālahum
और माल उनके بِأَنَّ बवजह उसके कि bi-anna
बवजह उसके कि لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए ٱلْجَنَّةَ ۚ जन्नत है l-janata
जन्नत है يُقَـٰتِلُونَ वो जंग करते हैं yuqātilūna
वो जंग करते हैं فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते मे l-lahi
अल्लाह के रास्ते मे فَيَقْتُلُونَ फिर वो मारते हैं fayaqtulūna
फिर वो मारते हैं وَيُقْتَلُونَ ۖ और वो मारे जाते हैं wayuq'talūna
और वो मारे जाते हैं وَعْدًا वादा है waʿdan
वादा है عَلَيْهِ उसके ज़िम्मे ʿalayhi
उसके ज़िम्मे حَقًّۭا सच्चा ḥaqqan
सच्चा فِى in fī
in ٱلتَّوْرَىٰةِ तौरात में l-tawrāti
तौरात में وَٱلْإِنجِيلِ और इन्जील wal-injīli
और इन्जील وَٱلْقُرْءَانِ ۚ और क़ुरआन में wal-qur'āni
और क़ुरआन में وَمَنْ और कौन waman
और कौन أَوْفَىٰ ज़्यादा पूरा करने वाला है awfā
ज़्यादा पूरा करने वाला है بِعَهْدِهِۦ अपने अहद को biʿahdihi
अपने अहद को مِنَ than mina
than ٱللَّهِ ۚ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से فَٱسْتَبْشِرُوا۟ पस ख़ुशियाँ मनाओ fa-is'tabshirū
पस ख़ुशियाँ मनाओ بِبَيْعِكُمُ अपने सौदे पर bibayʿikumu
अपने सौदे पर ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो بَايَعْتُم सौदा किया तुमने bāyaʿtum
सौदा किया तुमने بِهِۦ ۚ साथ उसके bihi
साथ उसके وَذَٰلِكَ और ये wadhālika
और ये هُوَ वो ही है huwa
वो ही है ٱلْفَوْزُ कामयाबी l-fawzu
कामयाबी ٱلْعَظِيمُ बहुत बड़ी l-ʿaẓīmu
बहुत बड़ी ١١١ (111)
(111)
निःसंदेह अल्लाह ने ईमान वालों के प्राणों तथा उनके धनों को इसके बदले ख़रीद लिया है कि निश्चय उनके लिए जन्नत है। वे अल्लाह की राह में युद्ध करते हैं, तो वे क़त्ल करते हैं और क़त्ल किए जाते हैं। यह तौरात और इंजील और क़ुरआन में उसके ज़िम्मे पक्का वादा है और अल्लाह से बढ़कर अपना वादा पूरा करने वाला कौन है? तो अपने उस सौदे पर प्रसन्न हो जाओ, जो तुमने उससे किया है और यही बहुत बड़ी सफलता है।
९:११२
ٱلتَّـٰٓئِبُونَ
जो तौबा करने वाले
al-tāibūna
जो तौबा करने वाले ٱلْعَـٰبِدُونَ इबादत करने वाले l-ʿābidūna
इबादत करने वाले ٱلْحَـٰمِدُونَ हम्द करने वाले l-ḥāmidūna
हम्द करने वाले ٱلسَّـٰٓئِحُونَ सियाहत करने वाले l-sāiḥūna
सियाहत करने वाले ٱلرَّٰكِعُونَ रुकू करने वाले l-rākiʿūna
रुकू करने वाले ٱلسَّـٰجِدُونَ सजदा करने वाले l-sājidūna
सजदा करने वाले ٱلْـَٔامِرُونَ हुक्म देने वाले l-āmirūna
हुक्म देने वाले بِٱلْمَعْرُوفِ नेकी का bil-maʿrūfi
नेकी का وَٱلنَّاهُونَ और रोकने वाले wal-nāhūna
और रोकने वाले عَنِ [on] ʿani
[on] ٱلْمُنكَرِ बुराई से l-munkari
बुराई से وَٱلْحَـٰفِظُونَ और हिफ़ाज़त करने वाले हैं wal-ḥāfiẓūna
और हिफ़ाज़त करने वाले हैं لِحُدُودِ (the) limits liḥudūdi
(the) limits ٱللَّهِ ۗ अल्लाह की हुदूद की l-lahi
अल्लाह की हुदूद की وَبَشِّرِ और ख़ुशख़बरी दे दीजिए wabashiri
और ख़ुशख़बरी दे दीजिए ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों को l-mu'minīna
मोमिनों को ١١٢ (112)
(112)
जो तौबा करने वाले ٱلْعَـٰبِدُونَ इबादत करने वाले l-ʿābidūna
इबादत करने वाले ٱلْحَـٰمِدُونَ हम्द करने वाले l-ḥāmidūna
हम्द करने वाले ٱلسَّـٰٓئِحُونَ सियाहत करने वाले l-sāiḥūna
सियाहत करने वाले ٱلرَّٰكِعُونَ रुकू करने वाले l-rākiʿūna
रुकू करने वाले ٱلسَّـٰجِدُونَ सजदा करने वाले l-sājidūna
सजदा करने वाले ٱلْـَٔامِرُونَ हुक्म देने वाले l-āmirūna
हुक्म देने वाले بِٱلْمَعْرُوفِ नेकी का bil-maʿrūfi
नेकी का وَٱلنَّاهُونَ और रोकने वाले wal-nāhūna
और रोकने वाले عَنِ [on] ʿani
[on] ٱلْمُنكَرِ बुराई से l-munkari
बुराई से وَٱلْحَـٰفِظُونَ और हिफ़ाज़त करने वाले हैं wal-ḥāfiẓūna
और हिफ़ाज़त करने वाले हैं لِحُدُودِ (the) limits liḥudūdi
(the) limits ٱللَّهِ ۗ अल्लाह की हुदूद की l-lahi
अल्लाह की हुदूद की وَبَشِّرِ और ख़ुशख़बरी दे दीजिए wabashiri
और ख़ुशख़बरी दे दीजिए ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों को l-mu'minīna
मोमिनों को ١١٢ (112)
(112)
(वे मोमिन) तौबा करने वाले, इबादत करने वाले, स्तुति करने वाले, रोज़ा रखने वाले, रुकू' करने वाले, सजदा करने वाले, भलाई का आदेश देने वाले, बुराई से रोकने वाले और अल्लाह की सीमाओं की रक्षा करने वाले हैं, और (ऐ नबी!) आप ऐसे मोमिनों को शुभ-सूचना दे दें।
९:११३
مَا
नहीं
mā
नहीं كَانَ है (लायक़) kāna
है (लायक़) لِلنَّبِىِّ नबी के lilnnabiyyi
नबी के وَٱلَّذِينَ और उनके wa-alladhīna
और उनके ءَامَنُوٓا۟ जो ईमान लाए āmanū
जो ईमान लाए أَن कि an
कि يَسْتَغْفِرُوا۟ वो बख़्शिश माँगें yastaghfirū
वो बख़्शिश माँगें لِلْمُشْرِكِينَ मुशरिकीन के लिए lil'mush'rikīna
मुशरिकीन के लिए وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे كَانُوٓا۟ हों वो kānū
हों वो أُو۟لِى near of kin ulī
near of kin قُرْبَىٰ क़राबत वाले qur'bā
क़राबत वाले مِنۢ after min
after بَعْدِ बाद इसके baʿdi
बाद इसके مَا जो mā
जो تَبَيَّنَ वाज़ेह हो गया tabayyana
वाज़ेह हो गया لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए أَنَّهُمْ कि बेशक वो annahum
कि बेशक वो أَصْحَـٰبُ साथी हैं aṣḥābu
साथी हैं ٱلْجَحِيمِ जहन्नम के l-jaḥīmi
जहन्नम के ١١٣ (113)
(113)
नहीं كَانَ है (लायक़) kāna
है (लायक़) لِلنَّبِىِّ नबी के lilnnabiyyi
नबी के وَٱلَّذِينَ और उनके wa-alladhīna
और उनके ءَامَنُوٓا۟ जो ईमान लाए āmanū
जो ईमान लाए أَن कि an
कि يَسْتَغْفِرُوا۟ वो बख़्शिश माँगें yastaghfirū
वो बख़्शिश माँगें لِلْمُشْرِكِينَ मुशरिकीन के लिए lil'mush'rikīna
मुशरिकीन के लिए وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे كَانُوٓا۟ हों वो kānū
हों वो أُو۟لِى near of kin ulī
near of kin قُرْبَىٰ क़राबत वाले qur'bā
क़राबत वाले مِنۢ after min
after بَعْدِ बाद इसके baʿdi
बाद इसके مَا जो mā
जो تَبَيَّنَ वाज़ेह हो गया tabayyana
वाज़ेह हो गया لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए أَنَّهُمْ कि बेशक वो annahum
कि बेशक वो أَصْحَـٰبُ साथी हैं aṣḥābu
साथी हैं ٱلْجَحِيمِ जहन्नम के l-jaḥīmi
जहन्नम के ١١٣ (113)
(113)
नबी1 तथा ईमान वालों के लिए मुशरिकों के लिए क्षमा की प्रार्थना करना कदापि जायज़ नहीं है, भले ही वे रिश्तेदार ही क्यों न हों, जबकि उनके लिए यह स्पष्ट हो गया कि निश्चय वे जहन्नम में जाने वाले2 हैं।
९:११४
وَمَا
और ना
wamā
और ना كَانَ था kāna
था ٱسْتِغْفَارُ इस्तिग़फ़ार करना is'tigh'fāru
इस्तिग़फ़ार करना إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम का ib'rāhīma
इब्राहीम का لِأَبِيهِ अपने बाप के लिए li-abīhi
अपने बाप के लिए إِلَّا मगर illā
मगर عَن because ʿan
because مَّوْعِدَةٍۢ एक वादे की वजह से mawʿidatin
एक वादे की वजह से وَعَدَهَآ उसने वादा किया उसका waʿadahā
उसने वादा किया उसका إِيَّاهُ उससे iyyāhu
उससे فَلَمَّا फिर जब falammā
फिर जब تَبَيَّنَ ज़ाहिर हो गया tabayyana
ज़ाहिर हो गया لَهُۥٓ उसके लिए lahu
उसके लिए أَنَّهُۥ कि बेशक वो annahu
कि बेशक वो عَدُوٌّۭ दुश्मन है ʿaduwwun
दुश्मन है لِّلَّهِ अल्लाह का lillahi
अल्लाह का تَبَرَّأَ वो बेज़ार हो गया tabarra-a
वो बेज़ार हो गया مِنْهُ ۚ उससे min'hu
उससे إِنَّ बेशक inna
बेशक إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम ib'rāhīma
इब्राहीम لَأَوَّٰهٌ अलबत्ता बहुत आह वा ज़ारी करने वाला la-awwāhun
अलबत्ता बहुत आह वा ज़ारी करने वाला حَلِيمٌۭ बहुत बुर्दबार था ḥalīmun
बहुत बुर्दबार था ١١٤ (114)
(114)
और ना كَانَ था kāna
था ٱسْتِغْفَارُ इस्तिग़फ़ार करना is'tigh'fāru
इस्तिग़फ़ार करना إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम का ib'rāhīma
इब्राहीम का لِأَبِيهِ अपने बाप के लिए li-abīhi
अपने बाप के लिए إِلَّا मगर illā
मगर عَن because ʿan
because مَّوْعِدَةٍۢ एक वादे की वजह से mawʿidatin
एक वादे की वजह से وَعَدَهَآ उसने वादा किया उसका waʿadahā
उसने वादा किया उसका إِيَّاهُ उससे iyyāhu
उससे فَلَمَّا फिर जब falammā
फिर जब تَبَيَّنَ ज़ाहिर हो गया tabayyana
ज़ाहिर हो गया لَهُۥٓ उसके लिए lahu
उसके लिए أَنَّهُۥ कि बेशक वो annahu
कि बेशक वो عَدُوٌّۭ दुश्मन है ʿaduwwun
दुश्मन है لِّلَّهِ अल्लाह का lillahi
अल्लाह का تَبَرَّأَ वो बेज़ार हो गया tabarra-a
वो बेज़ार हो गया مِنْهُ ۚ उससे min'hu
उससे إِنَّ बेशक inna
बेशक إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम ib'rāhīma
इब्राहीम لَأَوَّٰهٌ अलबत्ता बहुत आह वा ज़ारी करने वाला la-awwāhun
अलबत्ता बहुत आह वा ज़ारी करने वाला حَلِيمٌۭ बहुत बुर्दबार था ḥalīmun
बहुत बुर्दबार था ١١٤ (114)
(114)
और इबराहीम का अपने बाप के लिए क्षमा की प्रार्थना करना, केवल उस वादे1 के कारण था जो उसने उससे किया था, फिर जब उसके सामने स्पष्ट हो गया कि वह वास्तव में अल्लाह का शत्रु है, तो उसने अपने आपको उससे अलग कर लिया। निःसंदेह इबराहीम बड़ा कोमल हृदय, अत्यंत सहनशील था।
९:११५
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं كَانَ है kāna
है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لِيُضِلَّ कि वो भटका दे liyuḍilla
कि वो भटका दे قَوْمًۢا किसी क़ौम को qawman
किसी क़ौम को بَعْدَ बाद इसके baʿda
बाद इसके إِذْ जब idh
जब هَدَىٰهُمْ उसने हिदायत दी उन्हें hadāhum
उसने हिदायत दी उन्हें حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يُبَيِّنَ वो वाज़ेह कर दे yubayyina
वो वाज़ेह कर दे لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مَّا वो जिससे mā
वो जिससे يَتَّقُونَ ۚ वो बचें yattaqūna
वो बचें إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह بِكُلِّ हर bikulli
हर شَىْءٍ चीज़ का shayin
चीज़ का عَلِيمٌ ख़ूब इल्म रखने वाला है ʿalīmun
ख़ूब इल्म रखने वाला है ١١٥ (115)
(115)
और नहीं كَانَ है kāna
है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لِيُضِلَّ कि वो भटका दे liyuḍilla
कि वो भटका दे قَوْمًۢا किसी क़ौम को qawman
किसी क़ौम को بَعْدَ बाद इसके baʿda
बाद इसके إِذْ जब idh
जब هَدَىٰهُمْ उसने हिदायत दी उन्हें hadāhum
उसने हिदायत दी उन्हें حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يُبَيِّنَ वो वाज़ेह कर दे yubayyina
वो वाज़ेह कर दे لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مَّا वो जिससे mā
वो जिससे يَتَّقُونَ ۚ वो बचें yattaqūna
वो बचें إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह بِكُلِّ हर bikulli
हर شَىْءٍ चीज़ का shayin
चीज़ का عَلِيمٌ ख़ूब इल्म रखने वाला है ʿalīmun
ख़ूब इल्म रखने वाला है ١١٥ (115)
(115)
और अल्लाह कभी ऐसा नहीं कि किसी जाति को सीधा मार्ग दिखाने के बाद पथभ्रष्ट कर दे, जब तक उनके लिए वे बातें स्पष्ट न कर दे, जिनसे वे बचें। निःसंदेह अल्लाह प्रत्येक वस्तु को भली-भाँति जानने वाला है।
९:११६
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَهُۥ उसी के लिए है lahu
उसी के लिए है مُلْكُ बादशाहत mul'ku
बादशाहत ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ ۖ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की يُحْىِۦ वो ज़िन्दा करता है yuḥ'yī
वो ज़िन्दा करता है وَيُمِيتُ ۚ और वो मौत देता है wayumītu
और वो मौत देता है وَمَا और नहीं wamā
और नहीं لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّن besides Allah min
besides Allah دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के مِن any min
any وَلِىٍّۢ कोई दोस्त waliyyin
कोई दोस्त وَلَا और ना walā
और ना نَصِيرٍۢ कोई मददगार naṣīrin
कोई मददगार ١١٦ (116)
(116)
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَهُۥ उसी के लिए है lahu
उसी के लिए है مُلْكُ बादशाहत mul'ku
बादशाहत ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ ۖ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की يُحْىِۦ वो ज़िन्दा करता है yuḥ'yī
वो ज़िन्दा करता है وَيُمِيتُ ۚ और वो मौत देता है wayumītu
और वो मौत देता है وَمَا और नहीं wamā
और नहीं لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّن besides Allah min
besides Allah دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के مِن any min
any وَلِىٍّۢ कोई दोस्त waliyyin
कोई दोस्त وَلَا और ना walā
और ना نَصِيرٍۢ कोई मददगार naṣīrin
कोई मददगार ١١٦ (116)
(116)
निःसंदेह अल्लाह ही है, जिसके अधिकार में आकाशों तथा धरती का राज्य है। वही जीवन देता और मारता है और तुम्हारे लिए अल्लाह के सिवा न कोई मित्र है और न कोई सहायक।
९:११७
لَّقَد
अलबत्ता तहक़ीक़
laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ تَّابَ मेहरबान हुआ tāba
मेहरबान हुआ ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلَى to ʿalā
to ٱلنَّبِىِّ नबी पर l-nabiyi
नबी पर وَٱلْمُهَـٰجِرِينَ और मुहाजिरीन wal-muhājirīna
और मुहाजिरीन وَٱلْأَنصَارِ और अन्सार पर wal-anṣāri
और अन्सार पर ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने ٱتَّبَعُوهُ पैरवी की उसकी ittabaʿūhu
पैरवी की उसकी فِى in fī
in سَاعَةِ घड़ी में sāʿati
घड़ी में ٱلْعُسْرَةِ तंगी की l-ʿus'rati
तंगी की مِنۢ after min
after بَعْدِ बाद इसके baʿdi
बाद इसके مَا [what] mā
[what] كَادَ जो क़रीब था कि kāda
जो क़रीब था कि يَزِيغُ टेढ़े हो जाते yazīghu
टेढ़े हो जाते قُلُوبُ दिल qulūbu
दिल فَرِيقٍۢ एक गिरोह के farīqin
एक गिरोह के مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से ثُمَّ फिर thumma
फिर تَابَ वो मेहरबान हुआ tāba
वो मेहरबान हुआ عَلَيْهِمْ ۚ उन पर ʿalayhim
उन पर إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो بِهِمْ उन पर bihim
उन पर رَءُوفٌۭ बहुत शफ़क़त करने वाला है raūfun
बहुत शफ़क़त करने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ١١٧ (117)
(117)
अलबत्ता तहक़ीक़ تَّابَ मेहरबान हुआ tāba
मेहरबान हुआ ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلَى to ʿalā
to ٱلنَّبِىِّ नबी पर l-nabiyi
नबी पर وَٱلْمُهَـٰجِرِينَ और मुहाजिरीन wal-muhājirīna
और मुहाजिरीन وَٱلْأَنصَارِ और अन्सार पर wal-anṣāri
और अन्सार पर ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने ٱتَّبَعُوهُ पैरवी की उसकी ittabaʿūhu
पैरवी की उसकी فِى in fī
in سَاعَةِ घड़ी में sāʿati
घड़ी में ٱلْعُسْرَةِ तंगी की l-ʿus'rati
तंगी की مِنۢ after min
after بَعْدِ बाद इसके baʿdi
बाद इसके مَا [what] mā
[what] كَادَ जो क़रीब था कि kāda
जो क़रीब था कि يَزِيغُ टेढ़े हो जाते yazīghu
टेढ़े हो जाते قُلُوبُ दिल qulūbu
दिल فَرِيقٍۢ एक गिरोह के farīqin
एक गिरोह के مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से ثُمَّ फिर thumma
फिर تَابَ वो मेहरबान हुआ tāba
वो मेहरबान हुआ عَلَيْهِمْ ۚ उन पर ʿalayhim
उन पर إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो بِهِمْ उन पर bihim
उन पर رَءُوفٌۭ बहुत शफ़क़त करने वाला है raūfun
बहुत शफ़क़त करने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ١١٧ (117)
(117)
निःसंदेह अल्लाह ने नबी तथा मुहाजिरों और अंसार की तौबा क़बूल कर ली, जिन्होंने तंगी के समय नबी का साथ दिया, इसके बाद कि उनमें से एक समूह के दिल क़रीब थे कि टेढ़े हो जाएँ। फिर उसने उनकी क्षमायाचना क़बूल कर ली। निश्चय वह उनके लिए अति करुणामय, अत्यंत दयावान् है।
९:११८
وَعَلَى
And on
waʿalā
And on ٱلثَّلَـٰثَةِ और उन तीनों पर (भी) l-thalāthati
और उन तीनों पर (भी) ٱلَّذِينَ जो alladhīna
जो خُلِّفُوا۟ छोड़ दिए गए khullifū
छोड़ दिए गए حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब ضَاقَتْ तंग हो गई ḍāqat
तंग हो गई عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلْأَرْضُ ज़मीन l-arḍu
ज़मीन بِمَا बावजूद इसके bimā
बावजूद इसके رَحُبَتْ कि वो कुशादा थी raḥubat
कि वो कुशादा थी وَضَاقَتْ और तंग हो गए waḍāqat
और तंग हो गए عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर أَنفُسُهُمْ नफ़्स उनके anfusuhum
नफ़्स उनके وَظَنُّوٓا۟ और उन्होंने यक़ीन कर लिया waẓannū
और उन्होंने यक़ीन कर लिया أَن कि an
कि لَّا (there is) no lā
(there is) no مَلْجَأَ नहीं कोई जाए पनाह malja-a
नहीं कोई जाए पनाह مِنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से إِلَّآ मगर illā
मगर إِلَيْهِ तरफ़ उसी के ilayhi
तरफ़ उसी के ثُمَّ फिर thumma
फिर تَابَ वो मेहरबान हुआ tāba
वो मेहरबान हुआ عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर لِيَتُوبُوٓا۟ ۚ ताकि वो तौबा करें liyatūbū
ताकि वो तौबा करें إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह هُوَ वो ही है huwa
वो ही है ٱلتَّوَّابُ बहुत तौबा क़ुबूल करने वाला l-tawābu
बहुत तौबा क़ुबूल करने वाला ٱلرَّحِيمُ निहायत रहम करने वाला l-raḥīmu
निहायत रहम करने वाला ١١٨ (118)
(118)
And on ٱلثَّلَـٰثَةِ और उन तीनों पर (भी) l-thalāthati
और उन तीनों पर (भी) ٱلَّذِينَ जो alladhīna
जो خُلِّفُوا۟ छोड़ दिए गए khullifū
छोड़ दिए गए حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब ضَاقَتْ तंग हो गई ḍāqat
तंग हो गई عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلْأَرْضُ ज़मीन l-arḍu
ज़मीन بِمَا बावजूद इसके bimā
बावजूद इसके رَحُبَتْ कि वो कुशादा थी raḥubat
कि वो कुशादा थी وَضَاقَتْ और तंग हो गए waḍāqat
और तंग हो गए عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर أَنفُسُهُمْ नफ़्स उनके anfusuhum
नफ़्स उनके وَظَنُّوٓا۟ और उन्होंने यक़ीन कर लिया waẓannū
और उन्होंने यक़ीन कर लिया أَن कि an
कि لَّا (there is) no lā
(there is) no مَلْجَأَ नहीं कोई जाए पनाह malja-a
नहीं कोई जाए पनाह مِنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से إِلَّآ मगर illā
मगर إِلَيْهِ तरफ़ उसी के ilayhi
तरफ़ उसी के ثُمَّ फिर thumma
फिर تَابَ वो मेहरबान हुआ tāba
वो मेहरबान हुआ عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर لِيَتُوبُوٓا۟ ۚ ताकि वो तौबा करें liyatūbū
ताकि वो तौबा करें إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह هُوَ वो ही है huwa
वो ही है ٱلتَّوَّابُ बहुत तौबा क़ुबूल करने वाला l-tawābu
बहुत तौबा क़ुबूल करने वाला ٱلرَّحِيمُ निहायत रहम करने वाला l-raḥīmu
निहायत रहम करने वाला ١١٨ (118)
(118)
तथा उन तीन1 लोगों की भी (तौबा क़बूल कर ली), जिनका मामला स्थगित कर दिया गया था, यहाँ तक कि जब धरती उनपर अपने विस्तार के बावजूद तंग हो गई और उनपर उनके प्राण संकीर्ण2 हो गए और उन्होंने यक़ीन कर लिया कि अल्लाह से भागकर उनके लिए कोई शरण लेने का स्थान नहीं, परंतु उसी की ओर। फिर उसने उनपर दया करते हुए उन्हें तौबा की तौफ़ीक़ दी, ताकि वे तौबा करें। निश्चय अल्लाह ही है जो बहुत तौबा क़बूल करने वाला, अत्यंत दयावान् है।
९:११९
يَـٰٓأَيُّهَا
O you who believe
yāayyuhā
O you who believe ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो ٱتَّقُوا۟ डरो ittaqū
डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَكُونُوا۟ और हो जाओ wakūnū
और हो जाओ مَعَ साथ maʿa
साथ ٱلصَّـٰدِقِينَ सच्चे लोगों के l-ṣādiqīna
सच्चे लोगों के ١١٩ (119)
(119)
O you who believe ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो ٱتَّقُوا۟ डरो ittaqū
डरो ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَكُونُوا۟ और हो जाओ wakūnū
और हो जाओ مَعَ साथ maʿa
साथ ٱلصَّـٰدِقِينَ सच्चे लोगों के l-ṣādiqīna
सच्चे लोगों के ١١٩ (119)
(119)
ऐ ईमान लाने वालो! अल्लाह से डरो तथा सच्चे लोगों के साथ हो जाओ।
९:१२०
مَا
ना
mā
ना كَانَ था kāna
था لِأَهْلِ (for) the people li-ahli
(for) the people ٱلْمَدِينَةِ मदीना वालों के (लायक़) l-madīnati
मदीना वालों के (लायक़) وَمَنْ और उनके जो waman
और उनके जो حَوْلَهُم उनके आस पास थे ḥawlahum
उनके आस पास थे مِّنَ of mina
of ٱلْأَعْرَابِ देहातियों/बदवियों में से l-aʿrābi
देहातियों/बदवियों में से أَن कि an
कि يَتَخَلَّفُوا۟ वो पीछे रह जाऐं yatakhallafū
वो पीछे रह जाऐं عَن after ʿan
after رَّسُولِ the Messenger rasūli
the Messenger ٱللَّهِ अल्लाह के रसूल से l-lahi
अल्लाह के रसूल से وَلَا और ना walā
और ना يَرْغَبُوا۟ कि वो रग़बत रखें yarghabū
कि वो रग़बत रखें بِأَنفُسِهِمْ अपनी जानों की bi-anfusihim
अपनी जानों की عَن to ʿan
to نَّفْسِهِۦ ۚ आपकी जान से (ज़्यादा) nafsihi
आपकी जान से (ज़्यादा) ذَٰلِكَ ये dhālika
ये بِأَنَّهُمْ बवजह इसके कि वो bi-annahum
बवजह इसके कि वो لَا (does) not lā
(does) not يُصِيبُهُمْ नहीं पहुँचती उन्हें yuṣībuhum
नहीं पहुँचती उन्हें ظَمَأٌۭ कोई प्यास ẓama-on
कोई प्यास وَلَا और ना walā
और ना نَصَبٌۭ कोई थकावट naṣabun
कोई थकावट وَلَا और ना walā
और ना مَخْمَصَةٌۭ कोई भूख makhmaṣatun
कोई भूख فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَطَـُٔونَ वो रौंदते yaṭaūna
वो रौंदते مَوْطِئًۭا किसी जगह को mawṭi-an
किसी जगह को يَغِيظُ जो ग़ुस्सा दिलाए yaghīẓu
जो ग़ुस्सा दिलाए ٱلْكُفَّارَ कुफ़्फ़ार को l-kufāra
कुफ़्फ़ार को وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَنَالُونَ वो हासिल करते yanālūna
वो हासिल करते مِنْ on min
on عَدُوٍّۢ दुश्मन पर ʿaduwwin
दुश्मन पर نَّيْلًا कोई कामयाबी naylan
कोई कामयाबी إِلَّا मगर illā
मगर كُتِبَ लिखा जाता है kutiba
लिखा जाता है لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके عَمَلٌۭ अमल ʿamalun
अमल صَـٰلِحٌ ۚ नेक ṣāliḥun
नेक إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يُضِيعُ नहीं वो ज़ाया करता yuḍīʿu
नहीं वो ज़ाया करता أَجْرَ अजर ajra
अजर ٱلْمُحْسِنِينَ नेको कारों का l-muḥ'sinīna
नेको कारों का ١٢٠ (120)
(120)
ना كَانَ था kāna
था لِأَهْلِ (for) the people li-ahli
(for) the people ٱلْمَدِينَةِ मदीना वालों के (लायक़) l-madīnati
मदीना वालों के (लायक़) وَمَنْ और उनके जो waman
और उनके जो حَوْلَهُم उनके आस पास थे ḥawlahum
उनके आस पास थे مِّنَ of mina
of ٱلْأَعْرَابِ देहातियों/बदवियों में से l-aʿrābi
देहातियों/बदवियों में से أَن कि an
कि يَتَخَلَّفُوا۟ वो पीछे रह जाऐं yatakhallafū
वो पीछे रह जाऐं عَن after ʿan
after رَّسُولِ the Messenger rasūli
the Messenger ٱللَّهِ अल्लाह के रसूल से l-lahi
अल्लाह के रसूल से وَلَا और ना walā
और ना يَرْغَبُوا۟ कि वो रग़बत रखें yarghabū
कि वो रग़बत रखें بِأَنفُسِهِمْ अपनी जानों की bi-anfusihim
अपनी जानों की عَن to ʿan
to نَّفْسِهِۦ ۚ आपकी जान से (ज़्यादा) nafsihi
आपकी जान से (ज़्यादा) ذَٰلِكَ ये dhālika
ये بِأَنَّهُمْ बवजह इसके कि वो bi-annahum
बवजह इसके कि वो لَا (does) not lā
(does) not يُصِيبُهُمْ नहीं पहुँचती उन्हें yuṣībuhum
नहीं पहुँचती उन्हें ظَمَأٌۭ कोई प्यास ẓama-on
कोई प्यास وَلَا और ना walā
और ना نَصَبٌۭ कोई थकावट naṣabun
कोई थकावट وَلَا और ना walā
और ना مَخْمَصَةٌۭ कोई भूख makhmaṣatun
कोई भूख فِى in fī
in سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَطَـُٔونَ वो रौंदते yaṭaūna
वो रौंदते مَوْطِئًۭا किसी जगह को mawṭi-an
किसी जगह को يَغِيظُ जो ग़ुस्सा दिलाए yaghīẓu
जो ग़ुस्सा दिलाए ٱلْكُفَّارَ कुफ़्फ़ार को l-kufāra
कुफ़्फ़ार को وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَنَالُونَ वो हासिल करते yanālūna
वो हासिल करते مِنْ on min
on عَدُوٍّۢ दुश्मन पर ʿaduwwin
दुश्मन पर نَّيْلًا कोई कामयाबी naylan
कोई कामयाबी إِلَّا मगर illā
मगर كُتِبَ लिखा जाता है kutiba
लिखा जाता है لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके عَمَلٌۭ अमल ʿamalun
अमल صَـٰلِحٌ ۚ नेक ṣāliḥun
नेक إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يُضِيعُ नहीं वो ज़ाया करता yuḍīʿu
नहीं वो ज़ाया करता أَجْرَ अजर ajra
अजर ٱلْمُحْسِنِينَ नेको कारों का l-muḥ'sinīna
नेको कारों का ١٢٠ (120)
(120)
मदीना के वासियों तथा उनके आस-पास के देहातियों को अधिकार नहीं था कि अल्लाह के रसूल से पीछे रहते और न यह कि अपने प्राणों को आपके प्राण से प्रिय समझते। यह इसलिए कि वे अल्लाह की राह में जो भी प्यास और थकान तथा भूख की तकलीफ़ उठाते हैं और जिस स्थान पर भी क़दम रखते हैं, जो काफ़िरों के क्रोध को भड़काए और किसी शत्रु के मुक़ाबले में जो भी सफलता प्राप्त करते हैं, तो उनके लिए, उसके बदले में एक सत्कर्म लिख दिया जाता है। निश्चय अल्लाह सत्कर्म करने वालों का कर्मफल व्यर्थ नहीं करता।
९:१२१
وَلَا
और नहीं
walā
और नहीं يُنفِقُونَ वो ख़र्च करते yunfiqūna
वो ख़र्च करते نَفَقَةًۭ कोई ख़र्च करना nafaqatan
कोई ख़र्च करना صَغِيرَةًۭ छोटा ṣaghīratan
छोटा وَلَا और ना walā
और ना كَبِيرَةًۭ बड़ा kabīratan
बड़ा وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَقْطَعُونَ वो तय करते yaqṭaʿūna
वो तय करते وَادِيًا कोई वादी wādiyan
कोई वादी إِلَّا मगर illā
मगर كُتِبَ लिखा जाता है (अजर) kutiba
लिखा जाता है (अजर) لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए لِيَجْزِيَهُمُ ताकि बदला दे उन्हें liyajziyahumu
ताकि बदला दे उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَحْسَنَ बहुत अच्छा aḥsana
बहुत अच्छा مَا उसका जो mā
उसका जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते ١٢١ (121)
(121)
और नहीं يُنفِقُونَ वो ख़र्च करते yunfiqūna
वो ख़र्च करते نَفَقَةًۭ कोई ख़र्च करना nafaqatan
कोई ख़र्च करना صَغِيرَةًۭ छोटा ṣaghīratan
छोटा وَلَا और ना walā
और ना كَبِيرَةًۭ बड़ा kabīratan
बड़ा وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَقْطَعُونَ वो तय करते yaqṭaʿūna
वो तय करते وَادِيًا कोई वादी wādiyan
कोई वादी إِلَّا मगर illā
मगर كُتِبَ लिखा जाता है (अजर) kutiba
लिखा जाता है (अजर) لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए لِيَجْزِيَهُمُ ताकि बदला दे उन्हें liyajziyahumu
ताकि बदला दे उन्हें ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَحْسَنَ बहुत अच्छा aḥsana
बहुत अच्छा مَا उसका जो mā
उसका जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते ١٢١ (121)
(121)
और वे थोड़ा या अधिक, जो भी खर्च करते हैं और जो भी घाटी पार करते हैं, उसे उनके हक़ में लिख लिया जाता है, ताकि अल्लाह उन्हें उसका सबसे अच्छा बदला दे, जो वे किया करते थे।
९:१२२
۞ وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं كَانَ है kāna
है ٱلْمُؤْمِنُونَ मोमिनों के (लायक़) l-mu'minūna
मोमिनों के (लायक़) لِيَنفِرُوا۟ कि वो निकल पड़ें liyanfirū
कि वो निकल पड़ें كَآفَّةًۭ ۚ सारे के सारे kāffatan
सारे के सारे فَلَوْلَا फिर क्यों ना falawlā
फिर क्यों ना نَفَرَ निकली nafara
निकली مِن from min
from كُلِّ every kulli
every فِرْقَةٍۢ हर गिरोह से fir'qatin
हर गिरोह से مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से طَآئِفَةٌۭ एक जमाअत ṭāifatun
एक जमाअत لِّيَتَفَقَّهُوا۟ ताकि वो समझ बूझ हासिल करें liyatafaqqahū
ताकि वो समझ बूझ हासिल करें فِى in fī
in ٱلدِّينِ दीन में l-dīni
दीन में وَلِيُنذِرُوا۟ और ताकि वो डराऐं waliyundhirū
और ताकि वो डराऐं قَوْمَهُمْ अपनी कौम को qawmahum
अपनी कौम को إِذَا जब idhā
जब رَجَعُوٓا۟ वो लौटें rajaʿū
वो लौटें إِلَيْهِمْ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके لَعَلَّهُمْ ताकि वो laʿallahum
ताकि वो يَحْذَرُونَ वो डरें yaḥdharūna
वो डरें ١٢٢ (122)
(122)
और नहीं كَانَ है kāna
है ٱلْمُؤْمِنُونَ मोमिनों के (लायक़) l-mu'minūna
मोमिनों के (लायक़) لِيَنفِرُوا۟ कि वो निकल पड़ें liyanfirū
कि वो निकल पड़ें كَآفَّةًۭ ۚ सारे के सारे kāffatan
सारे के सारे فَلَوْلَا फिर क्यों ना falawlā
फिर क्यों ना نَفَرَ निकली nafara
निकली مِن from min
from كُلِّ every kulli
every فِرْقَةٍۢ हर गिरोह से fir'qatin
हर गिरोह से مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से طَآئِفَةٌۭ एक जमाअत ṭāifatun
एक जमाअत لِّيَتَفَقَّهُوا۟ ताकि वो समझ बूझ हासिल करें liyatafaqqahū
ताकि वो समझ बूझ हासिल करें فِى in fī
in ٱلدِّينِ दीन में l-dīni
दीन में وَلِيُنذِرُوا۟ और ताकि वो डराऐं waliyundhirū
और ताकि वो डराऐं قَوْمَهُمْ अपनी कौम को qawmahum
अपनी कौम को إِذَا जब idhā
जब رَجَعُوٓا۟ वो लौटें rajaʿū
वो लौटें إِلَيْهِمْ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके لَعَلَّهُمْ ताकि वो laʿallahum
ताकि वो يَحْذَرُونَ वो डरें yaḥdharūna
वो डरें ١٢٢ (122)
(122)
और संभव नहीं कि ईमान वाले सब के सब निकल पड़ें, तो उनके हर गिरोह में से कुछ लोग क्यों न निकले, ताकि वे धर्म में समझ हासिल करें और ताकि वे अपने लोगों को डराएँ, जब वे उनके पास वापस जाएँ, ताकि वे बच जाएँ।1
९:१२३
يَـٰٓأَيُّهَا
O you who believe
yāayyuhā
O you who believe ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो قَـٰتِلُوا۟ जंग करो qātilū
जंग करो ٱلَّذِينَ उनसे जो alladhīna
उनसे जो يَلُونَكُم तुम्हारे आस पास हैं yalūnakum
तुम्हारे आस पास हैं مِّنَ of mina
of ٱلْكُفَّارِ कुफ़्फ़ार में से l-kufāri
कुफ़्फ़ार में से وَلْيَجِدُوا۟ और चाहिए के वो पाऐं walyajidū
और चाहिए के वो पाऐं فِيكُمْ तुम में fīkum
तुम में غِلْظَةًۭ ۚ सख़्ती ghil'ẓatan
सख़्ती وَٱعْلَمُوٓا۟ और जान लो wa-iʿ'lamū
और जान लो أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह مَعَ साथ है maʿa
साथ है ٱلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों के l-mutaqīna
मुत्तक़ी लोगों के ١٢٣ (123)
(123)
O you who believe ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो قَـٰتِلُوا۟ जंग करो qātilū
जंग करो ٱلَّذِينَ उनसे जो alladhīna
उनसे जो يَلُونَكُم तुम्हारे आस पास हैं yalūnakum
तुम्हारे आस पास हैं مِّنَ of mina
of ٱلْكُفَّارِ कुफ़्फ़ार में से l-kufāri
कुफ़्फ़ार में से وَلْيَجِدُوا۟ और चाहिए के वो पाऐं walyajidū
और चाहिए के वो पाऐं فِيكُمْ तुम में fīkum
तुम में غِلْظَةًۭ ۚ सख़्ती ghil'ẓatan
सख़्ती وَٱعْلَمُوٓا۟ और जान लो wa-iʿ'lamū
और जान लो أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह مَعَ साथ है maʿa
साथ है ٱلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों के l-mutaqīna
मुत्तक़ी लोगों के ١٢٣ (123)
(123)
ऐ ईमान वलो! काफ़िरों में से जो तुम्हारे क़रीब हैं, उनसे लड़ो1 और ज़रूरी है कि वे तुममें कुछ सख्ती पाएँ और जान लो कि अल्लाह परहेज़गारों के साथ है।
९:१२४
وَإِذَا
And whenever
wa-idhā
And whenever مَآ और जब भी mā
और जब भी أُنزِلَتْ नाज़िल की जाती है unzilat
नाज़िल की जाती है سُورَةٌۭ कोई सूरत sūratun
कोई सूरत فَمِنْهُم तो उनमें से कोई है famin'hum
तो उनमें से कोई है مَّن जो man
जो يَقُولُ कहता है yaqūlu
कहता है أَيُّكُمْ कौन है तुम में ayyukum
कौन है तुम में زَادَتْهُ ज़्यादा किया उसको zādathu
ज़्यादा किया उसको هَـٰذِهِۦٓ इस (सूरत) ने hādhihi
इस (सूरत) ने إِيمَـٰنًۭا ۚ ईमान में īmānan
ईमान में فَأَمَّا तो रहे fa-ammā
तो रहे ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए فَزَادَتْهُمْ तो उसने ज़्यादा कर दिया उन्हें fazādathum
तो उसने ज़्यादा कर दिया उन्हें إِيمَـٰنًۭا ईमान में īmānan
ईमान में وَهُمْ और वो wahum
और वो يَسْتَبْشِرُونَ वो ख़ुश होते हैं yastabshirūna
वो ख़ुश होते हैं ١٢٤ (124)
(124)
And whenever مَآ और जब भी mā
और जब भी أُنزِلَتْ नाज़िल की जाती है unzilat
नाज़िल की जाती है سُورَةٌۭ कोई सूरत sūratun
कोई सूरत فَمِنْهُم तो उनमें से कोई है famin'hum
तो उनमें से कोई है مَّن जो man
जो يَقُولُ कहता है yaqūlu
कहता है أَيُّكُمْ कौन है तुम में ayyukum
कौन है तुम में زَادَتْهُ ज़्यादा किया उसको zādathu
ज़्यादा किया उसको هَـٰذِهِۦٓ इस (सूरत) ने hādhihi
इस (सूरत) ने إِيمَـٰنًۭا ۚ ईमान में īmānan
ईमान में فَأَمَّا तो रहे fa-ammā
तो रहे ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए فَزَادَتْهُمْ तो उसने ज़्यादा कर दिया उन्हें fazādathum
तो उसने ज़्यादा कर दिया उन्हें إِيمَـٰنًۭا ईमान में īmānan
ईमान में وَهُمْ और वो wahum
और वो يَسْتَبْشِرُونَ वो ख़ुश होते हैं yastabshirūna
वो ख़ुश होते हैं ١٢٤ (124)
(124)
और जब भी कोई सूरत उतारी जाती है, तो इन (मुनाफ़िक़ों) में से कुछ लोग कहते हैं कि इसने तुममें से किसके ईमान को बढ़ायाॽ1 चुनाँचे जो लोग ईमान लाए, तो इसने उनके ईमान को बढ़ा दिया और वे बहुत खुश होते हैं।
९:१२५
وَأَمَّا
और रहे
wa-ammā
और रहे ٱلَّذِينَ वो लोग alladhīna
वो लोग فِى in fī
in قُلُوبِهِم दिलों में जिनके qulūbihim
दिलों में जिनके مَّرَضٌۭ मर्ज़ है maraḍun
मर्ज़ है فَزَادَتْهُمْ तो उसने ज़्यादा कर दिया उन्हें fazādathum
तो उसने ज़्यादा कर दिया उन्हें رِجْسًا नजासत में rij'san
नजासत में إِلَىٰ to ilā
to رِجْسِهِمْ तरफ़ उनकी नजासत के rij'sihim
तरफ़ उनकी नजासत के وَمَاتُوا۟ और वो मर गए wamātū
और वो मर गए وَهُمْ इस हाल में कि वो wahum
इस हाल में कि वो كَـٰفِرُونَ काफ़िर थे kāfirūna
काफ़िर थे ١٢٥ (125)
(125)
और रहे ٱلَّذِينَ वो लोग alladhīna
वो लोग فِى in fī
in قُلُوبِهِم दिलों में जिनके qulūbihim
दिलों में जिनके مَّرَضٌۭ मर्ज़ है maraḍun
मर्ज़ है فَزَادَتْهُمْ तो उसने ज़्यादा कर दिया उन्हें fazādathum
तो उसने ज़्यादा कर दिया उन्हें رِجْسًا नजासत में rij'san
नजासत में إِلَىٰ to ilā
to رِجْسِهِمْ तरफ़ उनकी नजासत के rij'sihim
तरफ़ उनकी नजासत के وَمَاتُوا۟ और वो मर गए wamātū
और वो मर गए وَهُمْ इस हाल में कि वो wahum
इस हाल में कि वो كَـٰفِرُونَ काफ़िर थे kāfirūna
काफ़िर थे ١٢٥ (125)
(125)
और रहे वे लोग जिनके दिलों में रोग है, तो उसने उनकी अशुद्धता पर अशुद्धता को और बढ़ा दिया और वे इस अवस्था में मरे कि वे काफ़िर थे।
९:१२६
أَوَلَا
क्या भला नहीं
awalā
क्या भला नहीं يَرَوْنَ वो देखते yarawna
वो देखते أَنَّهُمْ कि बेशक वो annahum
कि बेशक वो يُفْتَنُونَ आज़माए जाते हैं yuf'tanūna
आज़माए जाते हैं فِى [in] fī
[in] كُلِّ every kulli
every عَامٍۢ हर साल में ʿāmin
हर साल में مَّرَّةً एक बार marratan
एक बार أَوْ या aw
या مَرَّتَيْنِ दो बार marratayni
दो बार ثُمَّ फिर thumma
फिर لَا not lā
not يَتُوبُونَ नहीं वो तौबा करते yatūbūna
नहीं वो तौबा करते وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يَذَّكَّرُونَ वो नसीहत पकड़ते हैं yadhakkarūna
वो नसीहत पकड़ते हैं ١٢٦ (126)
(126)
क्या भला नहीं يَرَوْنَ वो देखते yarawna
वो देखते أَنَّهُمْ कि बेशक वो annahum
कि बेशक वो يُفْتَنُونَ आज़माए जाते हैं yuf'tanūna
आज़माए जाते हैं فِى [in] fī
[in] كُلِّ every kulli
every عَامٍۢ हर साल में ʿāmin
हर साल में مَّرَّةً एक बार marratan
एक बार أَوْ या aw
या مَرَّتَيْنِ दो बार marratayni
दो बार ثُمَّ फिर thumma
फिर لَا not lā
not يَتُوبُونَ नहीं वो तौबा करते yatūbūna
नहीं वो तौबा करते وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يَذَّكَّرُونَ वो नसीहत पकड़ते हैं yadhakkarūna
वो नसीहत पकड़ते हैं ١٢٦ (126)
(126)
और क्या वे नहीं देखते कि निःसंदेह वे प्रत्येक वर्ष एक या दो बार आज़माए1 जाते हैं? फिर भी वे न तौबा करते हैं और न ही वे उपदेश ग्रहण करते हैं!
९:१२७
وَإِذَا
And whenever
wa-idhā
And whenever مَآ और जब भी mā
और जब भी أُنزِلَتْ नाज़िल की जाती है unzilat
नाज़िल की जाती है سُورَةٌۭ कोई सूरत sūratun
कोई सूरत نَّظَرَ देखता है naẓara
देखता है بَعْضُهُمْ बाज़ उनका baʿḍuhum
बाज़ उनका إِلَىٰ to ilā
to بَعْضٍ तरफ़ बाज़ के baʿḍin
तरफ़ बाज़ के هَلْ क्या hal
क्या يَرَىٰكُم देख रहा है तुम्हें yarākum
देख रहा है तुम्हें مِّنْ any min
any أَحَدٍۢ कोई एक aḥadin
कोई एक ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱنصَرَفُوا۟ ۚ वो फिर जाते हैं inṣarafū
वो फिर जाते हैं صَرَفَ फेर दिया ṣarafa
फेर दिया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने قُلُوبَهُم उनके दिलों को qulūbahum
उनके दिलों को بِأَنَّهُمْ बवजह इसके कि वो bi-annahum
बवजह इसके कि वो قَوْمٌۭ ऐसे लोग हैं qawmun
ऐसे लोग हैं لَّا not lā
not يَفْقَهُونَ नहीं वो समझते yafqahūna
नहीं वो समझते ١٢٧ (127)
(127)
And whenever مَآ और जब भी mā
और जब भी أُنزِلَتْ नाज़िल की जाती है unzilat
नाज़िल की जाती है سُورَةٌۭ कोई सूरत sūratun
कोई सूरत نَّظَرَ देखता है naẓara
देखता है بَعْضُهُمْ बाज़ उनका baʿḍuhum
बाज़ उनका إِلَىٰ to ilā
to بَعْضٍ तरफ़ बाज़ के baʿḍin
तरफ़ बाज़ के هَلْ क्या hal
क्या يَرَىٰكُم देख रहा है तुम्हें yarākum
देख रहा है तुम्हें مِّنْ any min
any أَحَدٍۢ कोई एक aḥadin
कोई एक ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱنصَرَفُوا۟ ۚ वो फिर जाते हैं inṣarafū
वो फिर जाते हैं صَرَفَ फेर दिया ṣarafa
फेर दिया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने قُلُوبَهُم उनके दिलों को qulūbahum
उनके दिलों को بِأَنَّهُمْ बवजह इसके कि वो bi-annahum
बवजह इसके कि वो قَوْمٌۭ ऐसे लोग हैं qawmun
ऐसे लोग हैं لَّا not lā
not يَفْقَهُونَ नहीं वो समझते yafqahūna
नहीं वो समझते ١٢٧ (127)
(127)
और जब भी कोई सूरत उतारी जाती है, तो उनमें से कुछ एक-दूसरे की तरफ देखते हैं कि क्या तुम्हें कोई देख रहा है? फिर वे वापस पलट जाते हैं। अल्लाह ने उनके दिलों को फेर दिया है, क्योंकि निःसंदेह वे ऐसे लोग हैं जो नहीं समझते।
९:१२८
لَقَدْ
अलबत्ता तहक़ीक़
laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ جَآءَكُمْ आ गया तुम्हारे पास jāakum
आ गया तुम्हारे पास رَسُولٌۭ एक रसूल rasūlun
एक रसूल مِّنْ from min
from أَنفُسِكُمْ तुम्हारे नफ़्सों में से anfusikum
तुम्हारे नफ़्सों में से عَزِيزٌ गिराँ है ʿazīzun
गिराँ है عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर مَا (is) what mā
(is) what عَنِتُّمْ कि मशक़्कत में पड़ो तुम ʿanittum
कि मशक़्कत में पड़ो तुम حَرِيصٌ हरीस है ḥarīṣun
हरीस है عَلَيْكُم तुम पर (भलाई का) ʿalaykum
तुम पर (भलाई का) بِٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों पर bil-mu'minīna
मोमिनों पर رَءُوفٌۭ बहुत शफ़क़त करने वाला है raūfun
बहुत शफ़क़त करने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ١٢٨ (128)
(128)
अलबत्ता तहक़ीक़ جَآءَكُمْ आ गया तुम्हारे पास jāakum
आ गया तुम्हारे पास رَسُولٌۭ एक रसूल rasūlun
एक रसूल مِّنْ from min
from أَنفُسِكُمْ तुम्हारे नफ़्सों में से anfusikum
तुम्हारे नफ़्सों में से عَزِيزٌ गिराँ है ʿazīzun
गिराँ है عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर مَا (is) what mā
(is) what عَنِتُّمْ कि मशक़्कत में पड़ो तुम ʿanittum
कि मशक़्कत में पड़ो तुम حَرِيصٌ हरीस है ḥarīṣun
हरीस है عَلَيْكُم तुम पर (भलाई का) ʿalaykum
तुम पर (भलाई का) بِٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों पर bil-mu'minīna
मोमिनों पर رَءُوفٌۭ बहुत शफ़क़त करने वाला है raūfun
बहुत शफ़क़त करने वाला है رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है ١٢٨ (128)
(128)
निःसंदेह तुम्हारे पास तुम्हीं में से एक रसूल आया है। तुम्हारा कठिनाई में पड़ना उसपर बहुत कठिन है। वह तुम्हारे कल्याण के लिए अति उत्सुक है, ईमान वालों के प्रति बहुत करुणामय, अत्यंत दयावान् है।
९:१२९
فَإِن
फिर अगर
fa-in
फिर अगर تَوَلَّوْا۟ वो मुँह मोड़ें tawallaw
वो मुँह मोड़ें فَقُلْ तो कह दीजिए faqul
तो कह दीजिए حَسْبِىَ काफ़ी है मुझे ḥasbiya
काफ़ी है मुझे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لَآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ ۖ वो ही huwa
वो ही عَلَيْهِ इसी पर ʿalayhi
इसी पर تَوَكَّلْتُ ۖ भरोसा किया मैंने tawakkaltu
भरोसा किया मैंने وَهُوَ और वो wahuwa
और वो رَبُّ रब है rabbu
रब है ٱلْعَرْشِ अर्शे l-ʿarshi
अर्शे ٱلْعَظِيمِ अज़ीम का l-ʿaẓīmi
अज़ीम का ١٢٩ (129)
(129)
फिर अगर تَوَلَّوْا۟ वो मुँह मोड़ें tawallaw
वो मुँह मोड़ें فَقُلْ तो कह दीजिए faqul
तो कह दीजिए حَسْبِىَ काफ़ी है मुझे ḥasbiya
काफ़ी है मुझे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لَآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ ۖ वो ही huwa
वो ही عَلَيْهِ इसी पर ʿalayhi
इसी पर تَوَكَّلْتُ ۖ भरोसा किया मैंने tawakkaltu
भरोसा किया मैंने وَهُوَ और वो wahuwa
और वो رَبُّ रब है rabbu
रब है ٱلْعَرْشِ अर्शे l-ʿarshi
अर्शे ٱلْعَظِيمِ अज़ीम का l-ʿaẓīmi
अज़ीम का ١٢٩ (129)
(129)
फिर यदि वे मुँह फेरें, तो कह दें कि मेरे लिए अल्लाह ही काफ़ी है। उसके सिवा कोई (वास्तविक) पूज्य नहीं, मैंने उसी पर भरोसा किया है, और वही बड़े अर्श का रब है।