१०
यूनुस
يونس
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
१०:१
الٓر ۚ
अलिफ़ लाम रा
alif-lam-ra
अलिफ़ लाम रा تِلْكَ ये til'ka
ये ءَايَـٰتُ आयात हैं āyātu
आयात हैं ٱلْكِتَـٰبِ किताब l-kitābi
किताब ٱلْحَكِيمِ हिकमत वाली की l-ḥakīmi
हिकमत वाली की ١ (1)
(1)
अलिफ़ लाम रा تِلْكَ ये til'ka
ये ءَايَـٰتُ आयात हैं āyātu
आयात हैं ٱلْكِتَـٰبِ किताब l-kitābi
किताब ٱلْحَكِيمِ हिकमत वाली की l-ḥakīmi
हिकमत वाली की ١ (1)
(1)
अलिफ़, लाम, रा। ये पूर्ण हिकमत वाली किताब की आयतें हैं।
१०:२
أَكَانَ
क्या है
akāna
क्या है لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए عَجَبًا अजीब बात ʿajaban
अजीब बात أَنْ कि an
कि أَوْحَيْنَآ वही की हमने awḥaynā
वही की हमने إِلَىٰ to ilā
to رَجُلٍۢ तरफ़ एक शख़्स के rajulin
तरफ़ एक शख़्स के مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से أَنْ कि an
कि أَنذِرِ डराइए andhiri
डराइए ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को وَبَشِّرِ और ख़ुश ख़बरी दे दीजिए wabashiri
और ख़ुश ख़बरी दे दीजिए ٱلَّذِينَ उन्हें जो alladhīna
उन्हें जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए أَنَّ कि बेशक anna
कि बेशक لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए قَدَمَ मर्तबा है qadama
मर्तबा है صِدْقٍ सच्चा ṣid'qin
सच्चा عِندَ पास ʿinda
पास رَبِّهِمْ ۗ उनके रब के rabbihim
उनके रब के قَالَ कहा qāla
कहा ٱلْكَـٰفِرُونَ काफ़िरों ने l-kāfirūna
काफ़िरों ने إِنَّ बेशक inna
बेशक هَـٰذَا ये hādhā
ये لَسَـٰحِرٌۭ अलबत्ता जादूगर है lasāḥirun
अलबत्ता जादूगर है مُّبِينٌ खुल्लम-खुल्ला mubīnun
खुल्लम-खुल्ला ٢ (2)
(2)
क्या है لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए عَجَبًا अजीब बात ʿajaban
अजीब बात أَنْ कि an
कि أَوْحَيْنَآ वही की हमने awḥaynā
वही की हमने إِلَىٰ to ilā
to رَجُلٍۢ तरफ़ एक शख़्स के rajulin
तरफ़ एक शख़्स के مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से أَنْ कि an
कि أَنذِرِ डराइए andhiri
डराइए ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को وَبَشِّرِ और ख़ुश ख़बरी दे दीजिए wabashiri
और ख़ुश ख़बरी दे दीजिए ٱلَّذِينَ उन्हें जो alladhīna
उन्हें जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए أَنَّ कि बेशक anna
कि बेशक لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए قَدَمَ मर्तबा है qadama
मर्तबा है صِدْقٍ सच्चा ṣid'qin
सच्चा عِندَ पास ʿinda
पास رَبِّهِمْ ۗ उनके रब के rabbihim
उनके रब के قَالَ कहा qāla
कहा ٱلْكَـٰفِرُونَ काफ़िरों ने l-kāfirūna
काफ़िरों ने إِنَّ बेशक inna
बेशक هَـٰذَا ये hādhā
ये لَسَـٰحِرٌۭ अलबत्ता जादूगर है lasāḥirun
अलबत्ता जादूगर है مُّبِينٌ खुल्लम-खुल्ला mubīnun
खुल्लम-खुल्ला ٢ (2)
(2)
क्या लोगों के लिए आश्चर्य की बात है कि हमने उनमें से एक व्यक्ति की ओर वह़्य (प्रकाशना) भेजी कि लोगों को डराए और उन लोगों को शुभ-सूचना दे, जो ईमान लाए हैं कि उनके लिए उनके पालनहार के पास उच्च स्थान है। काफ़िरों ने कहा : निःसंदेह यह तो खुला जादूगर है।
१०:३
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक رَبَّكُمُ रब तुम्हारा rabbakumu
रब तुम्हारा ٱللَّهُ अल्लाह है l-lahu
अल्लाह है ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को فِى in fī
in سِتَّةِ six sittati
six أَيَّامٍۢ छःदिनों में ayyāmin
छःदिनों में ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱسْتَوَىٰ वो बुलन्द हुआ is'tawā
वो बुलन्द हुआ عَلَى on ʿalā
on ٱلْعَرْشِ ۖ अर्श पर l-ʿarshi
अर्श पर يُدَبِّرُ वो तदबीर करता है yudabbiru
वो तदबीर करता है ٱلْأَمْرَ ۖ तमाम मामलात की l-amra
तमाम मामलात की مَا नहीं mā
नहीं مِن (is) any intercessor min
(is) any intercessor شَفِيعٍ कोई सिफ़ारिशी shafīʿin
कोई सिफ़ारिशी إِلَّا मगर illā
मगर مِنۢ after min
after بَعْدِ बाद baʿdi
बाद إِذْنِهِۦ ۚ उसके इज़्न के idh'nihi
उसके इज़्न के ذَٰلِكُمُ यही है dhālikumu
यही है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह رَبُّكُمْ रब तुम्हारा rabbukum
रब तुम्हारा فَٱعْبُدُوهُ ۚ पस इबादत करो इसकी fa-uʿ'budūhu
पस इबादत करो इसकी أَفَلَا क्या भला नहीं afalā
क्या भला नहीं تَذَكَّرُونَ तुम नसीहत पकड़ते tadhakkarūna
तुम नसीहत पकड़ते ٣ (3)
(3)
बेशक رَبَّكُمُ रब तुम्हारा rabbakumu
रब तुम्हारा ٱللَّهُ अल्लाह है l-lahu
अल्लाह है ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को فِى in fī
in سِتَّةِ six sittati
six أَيَّامٍۢ छःदिनों में ayyāmin
छःदिनों में ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱسْتَوَىٰ वो बुलन्द हुआ is'tawā
वो बुलन्द हुआ عَلَى on ʿalā
on ٱلْعَرْشِ ۖ अर्श पर l-ʿarshi
अर्श पर يُدَبِّرُ वो तदबीर करता है yudabbiru
वो तदबीर करता है ٱلْأَمْرَ ۖ तमाम मामलात की l-amra
तमाम मामलात की مَا नहीं mā
नहीं مِن (is) any intercessor min
(is) any intercessor شَفِيعٍ कोई सिफ़ारिशी shafīʿin
कोई सिफ़ारिशी إِلَّا मगर illā
मगर مِنۢ after min
after بَعْدِ बाद baʿdi
बाद إِذْنِهِۦ ۚ उसके इज़्न के idh'nihi
उसके इज़्न के ذَٰلِكُمُ यही है dhālikumu
यही है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह رَبُّكُمْ रब तुम्हारा rabbukum
रब तुम्हारा فَٱعْبُدُوهُ ۚ पस इबादत करो इसकी fa-uʿ'budūhu
पस इबादत करो इसकी أَفَلَا क्या भला नहीं afalā
क्या भला नहीं تَذَكَّرُونَ तुम नसीहत पकड़ते tadhakkarūna
तुम नसीहत पकड़ते ٣ (3)
(3)
निःसंदेह तुम्हारा पालनहार अल्लाह ही है, जिसने आकाशों तथा धरती को छह दिनों में पैदा किया, फिर अर्श (सिंहासन) पर बुलंद हुआ। वह हर चीज़ की व्यवस्था चला रहा है। कोई सिफ़ारिश करने वाला नहीं परंतु उसकी अनुमति के बाद। वही अल्लाह तुम्हारा पालनहार है, अतः उसी की इबादत करो। क्या तुम उपदेश ग्रहण नहीं करतेॽ1
१०:४
إِلَيْهِ
तरफ़ उसी के
ilayhi
तरफ़ उसी के مَرْجِعُكُمْ लौटना है तुम्हारा marjiʿukum
लौटना है तुम्हारा جَمِيعًۭا ۖ सबके सबका jamīʿan
सबके सबका وَعْدَ वादा है waʿda
वादा है ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का حَقًّا ۚ सच्चा ḥaqqan
सच्चा إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो يَبْدَؤُا۟ वो इब्तिदा करता है yabda-u
वो इब्तिदा करता है ٱلْخَلْقَ पैदाइश की l-khalqa
पैदाइश की ثُمَّ फिर thumma
फिर يُعِيدُهُۥ वो दोबारा लौटाएगा उसे yuʿīduhu
वो दोबारा लौटाएगा उसे لِيَجْزِىَ ताकि वो बदला दे liyajziya
ताकि वो बदला दे ٱلَّذِينَ उन्हें जो alladhīna
उन्हें जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक بِٱلْقِسْطِ ۚ साथ इन्साफ़ के bil-qis'ṭi
साथ इन्साफ़ के وَٱلَّذِينَ और वो जिन्होंने wa-alladhīna
और वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए شَرَابٌۭ पीना है sharābun
पीना है مِّنْ of min
of حَمِيمٍۢ सख़्त गर्म पानी की ḥamīmin
सख़्त गर्म पानी की وَعَذَابٌ और अज़ाब है waʿadhābun
और अज़ाब है أَلِيمٌۢ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَكْفُرُونَ वो कुफ़्र करते yakfurūna
वो कुफ़्र करते ٤ (4)
(4)
तरफ़ उसी के مَرْجِعُكُمْ लौटना है तुम्हारा marjiʿukum
लौटना है तुम्हारा جَمِيعًۭا ۖ सबके सबका jamīʿan
सबके सबका وَعْدَ वादा है waʿda
वादा है ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का حَقًّا ۚ सच्चा ḥaqqan
सच्चा إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो يَبْدَؤُا۟ वो इब्तिदा करता है yabda-u
वो इब्तिदा करता है ٱلْخَلْقَ पैदाइश की l-khalqa
पैदाइश की ثُمَّ फिर thumma
फिर يُعِيدُهُۥ वो दोबारा लौटाएगा उसे yuʿīduhu
वो दोबारा लौटाएगा उसे لِيَجْزِىَ ताकि वो बदला दे liyajziya
ताकि वो बदला दे ٱلَّذِينَ उन्हें जो alladhīna
उन्हें जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक بِٱلْقِسْطِ ۚ साथ इन्साफ़ के bil-qis'ṭi
साथ इन्साफ़ के وَٱلَّذِينَ और वो जिन्होंने wa-alladhīna
और वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए شَرَابٌۭ पीना है sharābun
पीना है مِّنْ of min
of حَمِيمٍۢ सख़्त गर्म पानी की ḥamīmin
सख़्त गर्म पानी की وَعَذَابٌ और अज़ाब है waʿadhābun
और अज़ाब है أَلِيمٌۢ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَكْفُرُونَ वो कुफ़्र करते yakfurūna
वो कुफ़्र करते ٤ (4)
(4)
तुम सब को उसी की ओर लौटना है। यह अल्लाह का सच्चा वादा है। निःसंदेह वही रचना का आरंभ करता है, फिर उसे दोबारा पैदा करेगा, ताकि उन लोगों को न्याय के साथ बदला1 दे, जो ईमान लाए और अच्छे कर्म किए। तथा जिन लोगों ने कुफ़्र किया, उनके लिए खौलते हुए जल का पेय और दर्दनाक यातना है, उसके बदले जो वे कुफ़्र किया करते थे।
१०:५
هُوَ
वो ही है
huwa
वो ही है ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने جَعَلَ बनाया jaʿala
बनाया ٱلشَّمْسَ सूरज को l-shamsa
सूरज को ضِيَآءًۭ रोशन ḍiyāan
रोशन وَٱلْقَمَرَ और चाँद को wal-qamara
और चाँद को نُورًۭا मुनव्वर nūran
मुनव्वर وَقَدَّرَهُۥ और उसने मुक़र्रर कीं उसकी waqaddarahu
और उसने मुक़र्रर कीं उसकी مَنَازِلَ मन्ज़िलें manāzila
मन्ज़िलें لِتَعْلَمُوا۟ ताकि तुम जान लो litaʿlamū
ताकि तुम जान लो عَدَدَ गिनती ʿadada
गिनती ٱلسِّنِينَ सालों की l-sinīna
सालों की وَٱلْحِسَابَ ۚ और हिसाब wal-ḥisāba
और हिसाब مَا नहीं mā
नहीं خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ذَٰلِكَ ये (सब) dhālika
ये (सब) إِلَّا मगर illā
मगर بِٱلْحَقِّ ۚ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के يُفَصِّلُ वो खोलकर बयान करता है yufaṣṣilu
वो खोलकर बयान करता है ٱلْـَٔايَـٰتِ आयात को l-āyāti
आयात को لِقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يَعْلَمُونَ जो इल्म रखते हैं yaʿlamūna
जो इल्म रखते हैं ٥ (5)
(5)
वो ही है ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने جَعَلَ बनाया jaʿala
बनाया ٱلشَّمْسَ सूरज को l-shamsa
सूरज को ضِيَآءًۭ रोशन ḍiyāan
रोशन وَٱلْقَمَرَ और चाँद को wal-qamara
और चाँद को نُورًۭا मुनव्वर nūran
मुनव्वर وَقَدَّرَهُۥ और उसने मुक़र्रर कीं उसकी waqaddarahu
और उसने मुक़र्रर कीं उसकी مَنَازِلَ मन्ज़िलें manāzila
मन्ज़िलें لِتَعْلَمُوا۟ ताकि तुम जान लो litaʿlamū
ताकि तुम जान लो عَدَدَ गिनती ʿadada
गिनती ٱلسِّنِينَ सालों की l-sinīna
सालों की وَٱلْحِسَابَ ۚ और हिसाब wal-ḥisāba
और हिसाब مَا नहीं mā
नहीं خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ذَٰلِكَ ये (सब) dhālika
ये (सब) إِلَّا मगर illā
मगर بِٱلْحَقِّ ۚ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के يُفَصِّلُ वो खोलकर बयान करता है yufaṣṣilu
वो खोलकर बयान करता है ٱلْـَٔايَـٰتِ आयात को l-āyāti
आयात को لِقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يَعْلَمُونَ जो इल्म रखते हैं yaʿlamūna
जो इल्म रखते हैं ٥ (5)
(5)
वही है जिसने सूर्य को ज्योति तथा चाँद को प्रकाश बनाया और उस (चाँद) की मंज़िलें निर्धारित कीं, ताकि तुम वर्षों की गिनती तथा हिसाब जान सको। अल्लाह ने इन सब को सत्य के साथ बनाया है। वह उन लोगों के लिए निशानियों को खोलकर बयान करता है, जो जानते हैं।
१०:६
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक فِى in fī
in ٱخْتِلَـٰفِ इख़्तिलाफ़ में ikh'tilāfi
इख़्तिलाफ़ में ٱلَّيْلِ रात al-layli
रात وَٱلنَّهَارِ और दिन के wal-nahāri
और दिन के وَمَا और जो wamā
और जो خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने فِى in fī
in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन में wal-arḍi
और ज़मीन में لَـَٔايَـٰتٍۢ अलबत्ता निशानियाँ हैं laāyātin
अलबत्ता निशानियाँ हैं لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يَتَّقُونَ जो डरते हैं yattaqūna
जो डरते हैं ٦ (6)
(6)
बेशक فِى in fī
in ٱخْتِلَـٰفِ इख़्तिलाफ़ में ikh'tilāfi
इख़्तिलाफ़ में ٱلَّيْلِ रात al-layli
रात وَٱلنَّهَارِ और दिन के wal-nahāri
और दिन के وَمَا और जो wamā
और जो خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने فِى in fī
in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन में wal-arḍi
और ज़मीन में لَـَٔايَـٰتٍۢ अलबत्ता निशानियाँ हैं laāyātin
अलबत्ता निशानियाँ हैं لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يَتَّقُونَ जो डरते हैं yattaqūna
जो डरते हैं ٦ (6)
(6)
निःसंदेह रात और दिन के एक-दूसरे के बाद आने में और उन चीज़ों में जो अल्लाह ने आकाशों तथा धरती में पैदा की हैं, निश्चय उन लोगों के लिए निशानियाँ हैं, जो अल्लाह का डर रखते हैं।
१०:७
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो لَا (do) not lā
(do) not يَرْجُونَ नहीं वो उम्मीद रखते yarjūna
नहीं वो उम्मीद रखते لِقَآءَنَا हमारी मुलाक़ात की liqāanā
हमारी मुलाक़ात की وَرَضُوا۟ और वो राज़ी हो गए waraḍū
और वो राज़ी हो गए بِٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी पर bil-ḥayati
ज़िन्दगी पर ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَٱطْمَأَنُّوا۟ और वो मुत्मइन हो गए wa-iṭ'ma-annū
और वो मुत्मइन हो गए بِهَا उस पर bihā
उस पर وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो هُمْ वो hum
वो عَنْ (are) of ʿan
(are) of ءَايَـٰتِنَا हमारी आयात से āyātinā
हमारी आयात से غَـٰفِلُونَ ग़ाफ़िल हैं ghāfilūna
ग़ाफ़िल हैं ٧ (7)
(7)
बेशक ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो لَا (do) not lā
(do) not يَرْجُونَ नहीं वो उम्मीद रखते yarjūna
नहीं वो उम्मीद रखते لِقَآءَنَا हमारी मुलाक़ात की liqāanā
हमारी मुलाक़ात की وَرَضُوا۟ और वो राज़ी हो गए waraḍū
और वो राज़ी हो गए بِٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी पर bil-ḥayati
ज़िन्दगी पर ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَٱطْمَأَنُّوا۟ और वो मुत्मइन हो गए wa-iṭ'ma-annū
और वो मुत्मइन हो गए بِهَا उस पर bihā
उस पर وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो هُمْ वो hum
वो عَنْ (are) of ʿan
(are) of ءَايَـٰتِنَا हमारी आयात से āyātinā
हमारी आयात से غَـٰفِلُونَ ग़ाफ़िल हैं ghāfilūna
ग़ाफ़िल हैं ٧ (7)
(7)
निःसंदेह जो लोग हमसे मिलने की आशा नहीं रखते और वे सांसारिक जीवन से प्रसन्न हो गए तथा उसी से संतुष्ट हो गए और वे लोग जो हमारी निशानियों से असावधान हैं।
१०:८
أُو۟لَـٰٓئِكَ
यही लोग हैं
ulāika
यही लोग हैं مَأْوَىٰهُمُ ठिकाना उनका mawāhumu
ठिकाना उनका ٱلنَّارُ आग है l-nāru
आग है بِمَا बवजह इसके जो bimā
बवजह इसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَكْسِبُونَ वो कमाई करते yaksibūna
वो कमाई करते ٨ (8)
(8)
यही लोग हैं مَأْوَىٰهُمُ ठिकाना उनका mawāhumu
ठिकाना उनका ٱلنَّارُ आग है l-nāru
आग है بِمَا बवजह इसके जो bimā
बवजह इसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَكْسِبُونَ वो कमाई करते yaksibūna
वो कमाई करते ٨ (8)
(8)
यही लोग हैं जिनका ठिकाना जहन्नम है, उसके बदले जो वे कमाया करते थे।
१०:९
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक يَهْدِيهِمْ रहनुमाई करेगा उनकी yahdīhim
रहनुमाई करेगा उनकी رَبُّهُم रब उनका rabbuhum
रब उनका بِإِيمَـٰنِهِمْ ۖ बवजह उनके ईमान के biīmānihim
बवजह उनके ईमान के تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهِمُ उनके नीचे से taḥtihimu
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें فِى in fī
in جَنَّـٰتِ बाग़ात में jannāti
बाग़ात में ٱلنَّعِيمِ नेअमतों वाले l-naʿīmi
नेअमतों वाले ٩ (9)
(9)
बेशक ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक يَهْدِيهِمْ रहनुमाई करेगा उनकी yahdīhim
रहनुमाई करेगा उनकी رَبُّهُم रब उनका rabbuhum
रब उनका بِإِيمَـٰنِهِمْ ۖ बवजह उनके ईमान के biīmānihim
बवजह उनके ईमान के تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं مِن from min
from تَحْتِهِمُ उनके नीचे से taḥtihimu
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें فِى in fī
in جَنَّـٰتِ बाग़ात में jannāti
बाग़ात में ٱلنَّعِيمِ नेअमतों वाले l-naʿīmi
नेअमतों वाले ٩ (9)
(9)
निःसंदेह जो लोग ईमान लाए और अच्छे कर्म किए, उनका पालनहार उनके ईमान के कारण उनका मार्गदर्शन करेगा, उनके नीचे नेमत के बाग़ों में नहरें बहती होंगी।
१०:१०
دَعْوَىٰهُمْ
उनकी दुआ (होगी)
daʿwāhum
उनकी दुआ (होगी) فِيهَا उसमें fīhā
उसमें سُبْحَـٰنَكَ पाक है तू sub'ḥānaka
पाक है तू ٱللَّهُمَّ ऐ अल्लाह l-lahuma
ऐ अल्लाह وَتَحِيَّتُهُمْ और दुआ उनकी wataḥiyyatuhum
और दुआ उनकी فِيهَا उसमें fīhā
उसमें سَلَـٰمٌۭ ۚ सलाम (होगा) salāmun
सलाम (होगा) وَءَاخِرُ और आख़िरी waākhiru
और आख़िरी دَعْوَىٰهُمْ पुकार उनकी (होगी) daʿwāhum
पुकार उनकी (होगी) أَنِ ये कि ani
ये कि ٱلْحَمْدُ सब तारीफ़ l-ḥamdu
सब तारीफ़ لِلَّهِ अल्लाह के लिए है lillahi
अल्लाह के लिए है رَبِّ जो रब है rabbi
जो रब है ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों का l-ʿālamīna
तमाम जहानों का ١٠ (10)
(10)
उनकी दुआ (होगी) فِيهَا उसमें fīhā
उसमें سُبْحَـٰنَكَ पाक है तू sub'ḥānaka
पाक है तू ٱللَّهُمَّ ऐ अल्लाह l-lahuma
ऐ अल्लाह وَتَحِيَّتُهُمْ और दुआ उनकी wataḥiyyatuhum
और दुआ उनकी فِيهَا उसमें fīhā
उसमें سَلَـٰمٌۭ ۚ सलाम (होगा) salāmun
सलाम (होगा) وَءَاخِرُ और आख़िरी waākhiru
और आख़िरी دَعْوَىٰهُمْ पुकार उनकी (होगी) daʿwāhum
पुकार उनकी (होगी) أَنِ ये कि ani
ये कि ٱلْحَمْدُ सब तारीफ़ l-ḥamdu
सब तारीफ़ لِلَّهِ अल्लाह के लिए है lillahi
अल्लाह के लिए है رَبِّ जो रब है rabbi
जो रब है ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों का l-ʿālamīna
तमाम जहानों का ١٠ (10)
(10)
उनमें उनकी प्रार्थना यह होगी : ''ऐ अल्लाह! तू पवित्र है।'' और उनमें उनका अभिवादन 'सलाम' होगा, और उनकी प्रार्थना का अंत यह होगा कि : ''सब प्रशंसा अल्लाह के लिए है, जो सारे संसारों का पालनहार है।''
१०:११
۞ وَلَوْ
और अगर
walaw
और अगर يُعَجِّلُ जल्दी करता yuʿajjilu
जल्दी करता ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए ٱلشَّرَّ बुराई को (देने में) l-shara
बुराई को (देने में) ٱسْتِعْجَالَهُم जल्दी माँगना है उनका (जैसे) is'tiʿ'jālahum
जल्दी माँगना है उनका (जैसे) بِٱلْخَيْرِ भलाई को bil-khayri
भलाई को لَقُضِىَ अलबत्ता पूरी कर दी जाए laquḍiya
अलबत्ता पूरी कर दी जाए إِلَيْهِمْ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके أَجَلُهُمْ ۖ मुद्दत उनकी ajaluhum
मुद्दत उनकी فَنَذَرُ तो हम छोड़ देते हैं fanadharu
तो हम छोड़ देते हैं ٱلَّذِينَ उन्हें जो alladhīna
उन्हें जो لَا (do) not lā
(do) not يَرْجُونَ नहीं वो उम्मीद रखते yarjūna
नहीं वो उम्मीद रखते لِقَآءَنَا हमारी मुलाक़ात की liqāanā
हमारी मुलाक़ात की فِى in fī
in طُغْيَـٰنِهِمْ अपनी सरकशी में ṭugh'yānihim
अपनी सरकशी में يَعْمَهُونَ वो भटकते फिरते हैं yaʿmahūna
वो भटकते फिरते हैं ١١ (11)
(11)
और अगर يُعَجِّلُ जल्दी करता yuʿajjilu
जल्दी करता ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए ٱلشَّرَّ बुराई को (देने में) l-shara
बुराई को (देने में) ٱسْتِعْجَالَهُم जल्दी माँगना है उनका (जैसे) is'tiʿ'jālahum
जल्दी माँगना है उनका (जैसे) بِٱلْخَيْرِ भलाई को bil-khayri
भलाई को لَقُضِىَ अलबत्ता पूरी कर दी जाए laquḍiya
अलबत्ता पूरी कर दी जाए إِلَيْهِمْ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके أَجَلُهُمْ ۖ मुद्दत उनकी ajaluhum
मुद्दत उनकी فَنَذَرُ तो हम छोड़ देते हैं fanadharu
तो हम छोड़ देते हैं ٱلَّذِينَ उन्हें जो alladhīna
उन्हें जो لَا (do) not lā
(do) not يَرْجُونَ नहीं वो उम्मीद रखते yarjūna
नहीं वो उम्मीद रखते لِقَآءَنَا हमारी मुलाक़ात की liqāanā
हमारी मुलाक़ात की فِى in fī
in طُغْيَـٰنِهِمْ अपनी सरकशी में ṭugh'yānihim
अपनी सरकशी में يَعْمَهُونَ वो भटकते फिरते हैं yaʿmahūna
वो भटकते फिरते हैं ١١ (11)
(11)
और अगर अल्लाह लोगों को बुराई जल्दी दे दे, उन्हें बहुत जल्दी भलाई प्रदान करने की तरह, तो निश्चय उनकी ओर उनकी अवधि पूरी कर दी जाए। (किंतु) हम उन लोगों को जो हमसे मिलने की आशा नहीं रखते, उनकी सरकशी ही में भटकता1 हुआ छोड़ देते हैं।
१०:१२
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब مَسَّ पहुँचती है massa
पहुँचती है ٱلْإِنسَـٰنَ इन्सान को l-insāna
इन्सान को ٱلضُّرُّ तकलीफ़ l-ḍuru
तकलीफ़ دَعَانَا वो पुकारता है हमें daʿānā
वो पुकारता है हमें لِجَنۢبِهِۦٓ अपनी करवट पर lijanbihi
अपनी करवट पर أَوْ या aw
या قَاعِدًا बैठे हुए qāʿidan
बैठे हुए أَوْ या aw
या قَآئِمًۭا खड़े हुए qāiman
खड़े हुए فَلَمَّا फिर जब falammā
फिर जब كَشَفْنَا हम हटा देते हैं kashafnā
हम हटा देते हैं عَنْهُ उससे ʿanhu
उससे ضُرَّهُۥ तकलीफ़ उसकी ḍurrahu
तकलीफ़ उसकी مَرَّ वो चल देता है marra
वो चल देता है كَأَن गोया कि ka-an
गोया कि لَّمْ नहीं lam
नहीं يَدْعُنَآ पुकारा था उसने हमें yadʿunā
पुकारा था उसने हमें إِلَىٰ for ilā
for ضُرٍّۢ तरफ़ किसी तकलीफ़ के ḍurrin
तरफ़ किसी तकलीफ़ के مَّسَّهُۥ ۚ जो पहुँची उसे massahu
जो पहुँची उसे كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह زُيِّنَ मुज़य्यन कर दिए गए zuyyina
मुज़य्यन कर दिए गए لِلْمُسْرِفِينَ हद से बढ़ने वालों के लिए lil'mus'rifīna
हद से बढ़ने वालों के लिए مَا जो mā
जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते ١٢ (12)
(12)
और जब مَسَّ पहुँचती है massa
पहुँचती है ٱلْإِنسَـٰنَ इन्सान को l-insāna
इन्सान को ٱلضُّرُّ तकलीफ़ l-ḍuru
तकलीफ़ دَعَانَا वो पुकारता है हमें daʿānā
वो पुकारता है हमें لِجَنۢبِهِۦٓ अपनी करवट पर lijanbihi
अपनी करवट पर أَوْ या aw
या قَاعِدًا बैठे हुए qāʿidan
बैठे हुए أَوْ या aw
या قَآئِمًۭا खड़े हुए qāiman
खड़े हुए فَلَمَّا फिर जब falammā
फिर जब كَشَفْنَا हम हटा देते हैं kashafnā
हम हटा देते हैं عَنْهُ उससे ʿanhu
उससे ضُرَّهُۥ तकलीफ़ उसकी ḍurrahu
तकलीफ़ उसकी مَرَّ वो चल देता है marra
वो चल देता है كَأَن गोया कि ka-an
गोया कि لَّمْ नहीं lam
नहीं يَدْعُنَآ पुकारा था उसने हमें yadʿunā
पुकारा था उसने हमें إِلَىٰ for ilā
for ضُرٍّۢ तरफ़ किसी तकलीफ़ के ḍurrin
तरफ़ किसी तकलीफ़ के مَّسَّهُۥ ۚ जो पहुँची उसे massahu
जो पहुँची उसे كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह زُيِّنَ मुज़य्यन कर दिए गए zuyyina
मुज़य्यन कर दिए गए لِلْمُسْرِفِينَ हद से बढ़ने वालों के लिए lil'mus'rifīna
हद से बढ़ने वालों के लिए مَا जो mā
जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते ١٢ (12)
(12)
और जब मनुष्य को कोई दुःख पहुँचता है, तो अपने पहलू पर, या बैठा हुआ या खड़ा हुआ हमें पुकारता है। फिर जब हम उससे उसका दुःख दूर कर देते हैं, तो ऐसे चल देता है, जैसे उसने हमें किसी दुःख के पहुँचने पर पुकारा ही नहीं। इसी प्रकार सीमा से आगे बढ़ने वालों के लिए शोभित कर दिया गया, जो वे किया करते थे।
१०:१३
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ أَهْلَكْنَا हलाक किया हमने ahlaknā
हलाक किया हमने ٱلْقُرُونَ उम्मतों को l-qurūna
उम्मतों को مِن before you min
before you قَبْلِكُمْ तुमसे पहले qablikum
तुमसे पहले لَمَّا जब lammā
जब ظَلَمُوا۟ ۙ उन्होंने ज़ुल्म किया ẓalamū
उन्होंने ज़ुल्म किया وَجَآءَتْهُمْ और आए उनके पास wajāathum
और आए उनके पास رُسُلُهُم रसूल उनके rusuluhum
रसूल उनके بِٱلْبَيِّنَـٰتِ साथ वाज़ेह निशानियों के bil-bayināti
साथ वाज़ेह निशानियों के وَمَا और ना wamā
और ना كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो لِيُؤْمِنُوا۟ ۚ कि वो ईमान ले आते liyu'minū
कि वो ईमान ले आते كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह نَجْزِى हम बदला देते हैं najzī
हम बदला देते हैं ٱلْقَوْمَ उन लोगों को l-qawma
उन लोगों को ٱلْمُجْرِمِينَ जो मुजरिम हैं l-muj'rimīna
जो मुजरिम हैं ١٣ (13)
(13)
और अलबत्ता तहक़ीक़ أَهْلَكْنَا हलाक किया हमने ahlaknā
हलाक किया हमने ٱلْقُرُونَ उम्मतों को l-qurūna
उम्मतों को مِن before you min
before you قَبْلِكُمْ तुमसे पहले qablikum
तुमसे पहले لَمَّا जब lammā
जब ظَلَمُوا۟ ۙ उन्होंने ज़ुल्म किया ẓalamū
उन्होंने ज़ुल्म किया وَجَآءَتْهُمْ और आए उनके पास wajāathum
और आए उनके पास رُسُلُهُم रसूल उनके rusuluhum
रसूल उनके بِٱلْبَيِّنَـٰتِ साथ वाज़ेह निशानियों के bil-bayināti
साथ वाज़ेह निशानियों के وَمَا और ना wamā
और ना كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो لِيُؤْمِنُوا۟ ۚ कि वो ईमान ले आते liyu'minū
कि वो ईमान ले आते كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह نَجْزِى हम बदला देते हैं najzī
हम बदला देते हैं ٱلْقَوْمَ उन लोगों को l-qawma
उन लोगों को ٱلْمُجْرِمِينَ जो मुजरिम हैं l-muj'rimīna
जो मुजरिम हैं ١٣ (13)
(13)
और निःसंदेह हमने तुमसे पहले बहुत-से समुदायों को विनष्ट कर दिया, जब उन्होंने अत्याचार किया। हालाँकि उनके रसूल उनके पास खुली निशानियाँ लेकर आए थे, परंतु वे ऐसे नहीं थे कि ईमान लाते। इसी प्रकार हम अपराधी लोगों को बदला दिया करते हैं।
१०:१४
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर جَعَلْنَـٰكُمْ बनाया हमने तुम्हें jaʿalnākum
बनाया हमने तुम्हें خَلَـٰٓئِفَ जानशीन khalāifa
जानशीन فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में مِنۢ after them min
after them بَعْدِهِمْ बाद उनके baʿdihim
बाद उनके لِنَنظُرَ ताकि हम देखें linanẓura
ताकि हम देखें كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो ١٤ (14)
(14)
फिर جَعَلْنَـٰكُمْ बनाया हमने तुम्हें jaʿalnākum
बनाया हमने तुम्हें خَلَـٰٓئِفَ जानशीन khalāifa
जानशीन فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में مِنۢ after them min
after them بَعْدِهِمْ बाद उनके baʿdihim
बाद उनके لِنَنظُرَ ताकि हम देखें linanẓura
ताकि हम देखें كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो ١٤ (14)
(14)
फिर उनके बद हमने तुम्हें धरती में उत्तराधिकारी बनाया, ताकि हम देखें कि तुम कैसे कार्य करते हो?
१०:१५
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब تُتْلَىٰ पढ़ी जाती हैं tut'lā
पढ़ी जाती हैं عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर ءَايَاتُنَا आयात हमारी āyātunā
आयात हमारी بَيِّنَـٰتٍۢ ۙ वाज़ेह bayyinātin
वाज़ेह قَالَ कहते हैं qāla
कहते हैं ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो لَا (do) not lā
(do) not يَرْجُونَ नहीं वो उम्मीद रखते yarjūna
नहीं वो उम्मीद रखते لِقَآءَنَا हमारी मुलाक़ात की liqāanā
हमारी मुलाक़ात की ٱئْتِ ले आओ i'ti
ले आओ بِقُرْءَانٍ क़ुरआन biqur'ānin
क़ुरआन غَيْرِ other (than) ghayri
other (than) هَـٰذَآ अलावा इसके hādhā
अलावा इसके أَوْ या aw
या بَدِّلْهُ ۚ बदल दो इसे baddil'hu
बदल दो इसे قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए مَا नहीं mā
नहीं يَكُونُ है yakūnu
है لِىٓ मेरे लिए lī
मेरे लिए أَنْ कि an
कि أُبَدِّلَهُۥ मैं बदल दूँ इसे ubaddilahu
मैं बदल दूँ इसे مِن of min
of تِلْقَآئِ my own accord til'qāi
my own accord نَفْسِىٓ ۖ अपनी तरफ़ से nafsī
अपनी तरफ़ से إِنْ नहीं in
नहीं أَتَّبِعُ मैं पैरवी करता attabiʿu
मैं पैरवी करता إِلَّا मगर illā
मगर مَا उसकी जो mā
उसकी जो يُوحَىٰٓ वही की जाती है yūḥā
वही की जाती है إِلَىَّ ۖ मेरी तरफ़ ilayya
मेरी तरफ़ إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أَخَافُ मैं डरता हूँ akhāfu
मैं डरता हूँ إِنْ अगर in
अगर عَصَيْتُ नाफ़रमानी की मैंने ʿaṣaytu
नाफ़रमानी की मैंने رَبِّى अपने रब की rabbī
अपने रब की عَذَابَ अज़ाब से ʿadhāba
अज़ाब से يَوْمٍ (of) a Day yawmin
(of) a Day عَظِيمٍۢ बड़े दिन के ʿaẓīmin
बड़े दिन के ١٥ (15)
(15)
और जब تُتْلَىٰ पढ़ी जाती हैं tut'lā
पढ़ी जाती हैं عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर ءَايَاتُنَا आयात हमारी āyātunā
आयात हमारी بَيِّنَـٰتٍۢ ۙ वाज़ेह bayyinātin
वाज़ेह قَالَ कहते हैं qāla
कहते हैं ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो لَا (do) not lā
(do) not يَرْجُونَ नहीं वो उम्मीद रखते yarjūna
नहीं वो उम्मीद रखते لِقَآءَنَا हमारी मुलाक़ात की liqāanā
हमारी मुलाक़ात की ٱئْتِ ले आओ i'ti
ले आओ بِقُرْءَانٍ क़ुरआन biqur'ānin
क़ुरआन غَيْرِ other (than) ghayri
other (than) هَـٰذَآ अलावा इसके hādhā
अलावा इसके أَوْ या aw
या بَدِّلْهُ ۚ बदल दो इसे baddil'hu
बदल दो इसे قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए مَا नहीं mā
नहीं يَكُونُ है yakūnu
है لِىٓ मेरे लिए lī
मेरे लिए أَنْ कि an
कि أُبَدِّلَهُۥ मैं बदल दूँ इसे ubaddilahu
मैं बदल दूँ इसे مِن of min
of تِلْقَآئِ my own accord til'qāi
my own accord نَفْسِىٓ ۖ अपनी तरफ़ से nafsī
अपनी तरफ़ से إِنْ नहीं in
नहीं أَتَّبِعُ मैं पैरवी करता attabiʿu
मैं पैरवी करता إِلَّا मगर illā
मगर مَا उसकी जो mā
उसकी जो يُوحَىٰٓ वही की जाती है yūḥā
वही की जाती है إِلَىَّ ۖ मेरी तरफ़ ilayya
मेरी तरफ़ إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أَخَافُ मैं डरता हूँ akhāfu
मैं डरता हूँ إِنْ अगर in
अगर عَصَيْتُ नाफ़रमानी की मैंने ʿaṣaytu
नाफ़रमानी की मैंने رَبِّى अपने रब की rabbī
अपने रब की عَذَابَ अज़ाब से ʿadhāba
अज़ाब से يَوْمٍ (of) a Day yawmin
(of) a Day عَظِيمٍۢ बड़े दिन के ʿaẓīmin
बड़े दिन के ١٥ (15)
(15)
और जब उन्हें हमारी स्पष्ट आयतें सुनाई जाती हैं, तो जो लोग हमसे मिलने की आशा नहीं रखते, वे कहते हैं : "इसके अलावा कोई और क़ुरआन ले आओ, या इसे बदल दो।" कह दो : मेरे लिए यह संभव नहीं है कि मैं इसे अपनी ओर से बदल दूँ। मैं तो केवल उसी का पालन करता हूँ, जो मेरी ओर वह़्य की जाती है। निःसंदेह, यदि मैं अपने पालनहार की अवज्ञा करूँ, तो मुझे एक बड़े दिन की यातना का डर है।
१०:१६
قُل
कह दीजिए
qul
कह दीजिए لَّوْ अगर law
अगर شَآءَ चाहता shāa
चाहता ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مَا ना mā
ना تَلَوْتُهُۥ पढ़ता मैं उसे talawtuhu
पढ़ता मैं उसे عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर وَلَآ और ना walā
और ना أَدْرَىٰكُم ख़बर देता तुम्हें (अल्लाह) adrākum
ख़बर देता तुम्हें (अल्लाह) بِهِۦ ۖ उसकी bihi
उसकी فَقَدْ पस तहक़ीक़ faqad
पस तहक़ीक़ لَبِثْتُ ठहरा रहा मैं labith'tu
ठहरा रहा मैं فِيكُمْ तुम में fīkum
तुम में عُمُرًۭا एक उम्र ʿumuran
एक उम्र مِّن before it min
before it قَبْلِهِۦٓ ۚ इससे पहले qablihi
इससे पहले أَفَلَا क्या पस नहीं afalā
क्या पस नहीं تَعْقِلُونَ तुम अक़्ल रखते taʿqilūna
तुम अक़्ल रखते ١٦ (16)
(16)
कह दीजिए لَّوْ अगर law
अगर شَآءَ चाहता shāa
चाहता ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مَا ना mā
ना تَلَوْتُهُۥ पढ़ता मैं उसे talawtuhu
पढ़ता मैं उसे عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर وَلَآ और ना walā
और ना أَدْرَىٰكُم ख़बर देता तुम्हें (अल्लाह) adrākum
ख़बर देता तुम्हें (अल्लाह) بِهِۦ ۖ उसकी bihi
उसकी فَقَدْ पस तहक़ीक़ faqad
पस तहक़ीक़ لَبِثْتُ ठहरा रहा मैं labith'tu
ठहरा रहा मैं فِيكُمْ तुम में fīkum
तुम में عُمُرًۭا एक उम्र ʿumuran
एक उम्र مِّن before it min
before it قَبْلِهِۦٓ ۚ इससे पहले qablihi
इससे पहले أَفَلَا क्या पस नहीं afalā
क्या पस नहीं تَعْقِلُونَ तुम अक़्ल रखते taʿqilūna
तुम अक़्ल रखते ١٦ (16)
(16)
आप कह दें : यदि अल्लाह चाहता, तो मैं तुम्हें इसे पढ़कर न सुनाता और न वह तुम्हें इसकी ख़बर देता। फिर निःसंदेह मैं इससे पहले तुम्हारे बीच जीवन की एक अवधि व्यतीत कर चुका हूँ। तो क्या तुम नहीं समझतेॽ1
१०:१७
فَمَنْ
तो कौन
faman
तो कौन أَظْلَمُ बड़ा ज़ालिम है aẓlamu
बड़ा ज़ालिम है مِمَّنِ उससे जो mimmani
उससे जो ٱفْتَرَىٰ गढ़ ले if'tarā
गढ़ ले عَلَى against ʿalā
against ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर كَذِبًا झूठ kadhiban
झूठ أَوْ या aw
या كَذَّبَ वो झुठलाए kadhaba
वो झुठलाए بِـَٔايَـٰتِهِۦٓ ۚ उसकी आयात को biāyātihi
उसकी आयात को إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो لَا not lā
not يُفْلِحُ नहीं वो फ़लाह पाते yuf'liḥu
नहीं वो फ़लाह पाते ٱلْمُجْرِمُونَ जो मुजरिम हैं l-muj'rimūna
जो मुजरिम हैं ١٧ (17)
(17)
तो कौन أَظْلَمُ बड़ा ज़ालिम है aẓlamu
बड़ा ज़ालिम है مِمَّنِ उससे जो mimmani
उससे जो ٱفْتَرَىٰ गढ़ ले if'tarā
गढ़ ले عَلَى against ʿalā
against ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर كَذِبًا झूठ kadhiban
झूठ أَوْ या aw
या كَذَّبَ वो झुठलाए kadhaba
वो झुठलाए بِـَٔايَـٰتِهِۦٓ ۚ उसकी आयात को biāyātihi
उसकी आयात को إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो لَا not lā
not يُفْلِحُ नहीं वो फ़लाह पाते yuf'liḥu
नहीं वो फ़लाह पाते ٱلْمُجْرِمُونَ जो मुजरिम हैं l-muj'rimūna
जो मुजरिम हैं ١٧ (17)
(17)
फिर उससे बढ़कर अत्याचारी कौन होगा, जो अल्लाह पर झूठा आरोप लगाए अथवा उसकी आयतों को झुठलाएॽ निःसंदेह अपराधी लोग सफल नहीं होते।
१०:१८
وَيَعْبُدُونَ
और वो इबादत करते हैं
wayaʿbudūna
और वो इबादत करते हैं مِن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के مَا उसकी जो mā
उसकी जो لَا (does) not lā
(does) not يَضُرُّهُمْ नहीं वो नुक़सान देता उन्हें yaḍurruhum
नहीं वो नुक़सान देता उन्हें وَلَا और ना walā
और ना يَنفَعُهُمْ वो नफ़ा देता है उन्हें yanfaʿuhum
वो नफ़ा देता है उन्हें وَيَقُولُونَ और वो कहते हैं wayaqūlūna
और वो कहते हैं هَـٰٓؤُلَآءِ ये हैं hāulāi
ये हैं شُفَعَـٰٓؤُنَا सिफ़ारिशी हमारे shufaʿāunā
सिफ़ारिशी हमारे عِندَ with ʿinda
with ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के यहाँ l-lahi
अल्लाह के यहाँ قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए أَتُنَبِّـُٔونَ क्या तुम ख़बर देते हो atunabbiūna
क्या तुम ख़बर देते हो ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को بِمَا उसकी जो bimā
उसकी जो لَا not lā
not يَعْلَمُ नहीं वो जानता yaʿlamu
नहीं वो जानता فِى in fī
in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में وَلَا और ना walā
और ना فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ۚ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में سُبْحَـٰنَهُۥ पाक है वो sub'ḥānahu
पाक है वो وَتَعَـٰلَىٰ और वो बुलन्दतर है wataʿālā
और वो बुलन्दतर है عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो يُشْرِكُونَ वो शरीक ठहराते हैं yush'rikūna
वो शरीक ठहराते हैं ١٨ (18)
(18)
और वो इबादत करते हैं مِن from min
from دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के مَا उसकी जो mā
उसकी जो لَا (does) not lā
(does) not يَضُرُّهُمْ नहीं वो नुक़सान देता उन्हें yaḍurruhum
नहीं वो नुक़सान देता उन्हें وَلَا और ना walā
और ना يَنفَعُهُمْ वो नफ़ा देता है उन्हें yanfaʿuhum
वो नफ़ा देता है उन्हें وَيَقُولُونَ और वो कहते हैं wayaqūlūna
और वो कहते हैं هَـٰٓؤُلَآءِ ये हैं hāulāi
ये हैं شُفَعَـٰٓؤُنَا सिफ़ारिशी हमारे shufaʿāunā
सिफ़ारिशी हमारे عِندَ with ʿinda
with ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के यहाँ l-lahi
अल्लाह के यहाँ قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए أَتُنَبِّـُٔونَ क्या तुम ख़बर देते हो atunabbiūna
क्या तुम ख़बर देते हो ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को بِمَا उसकी जो bimā
उसकी जो لَا not lā
not يَعْلَمُ नहीं वो जानता yaʿlamu
नहीं वो जानता فِى in fī
in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में وَلَا और ना walā
और ना فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ۚ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में سُبْحَـٰنَهُۥ पाक है वो sub'ḥānahu
पाक है वो وَتَعَـٰلَىٰ और वो बुलन्दतर है wataʿālā
और वो बुलन्दतर है عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो يُشْرِكُونَ वो शरीक ठहराते हैं yush'rikūna
वो शरीक ठहराते हैं ١٨ (18)
(18)
और वे लोग अल्लाह को छोड़कर उनको पूजते हैं, जो न उन्हें कोई हानि पहुँचाते हैं और न उन्हें कोई लाभ पहुँचाते हैं और कहते हैं कि ये लोग अल्लाह के यहाँ हमारे सिफ़ारिशी हैं। आप कह दें : क्या तुम अल्लाह को ऐसी बात की सूचना दे रहे हो, जिसे वह न आकाशों में जानता है और न धरती में? वह पवित्र है और उससे बहुत ऊँचा है, जिसे वे साझीदार ठहराते हैं।
१०:१९
وَمَا
और ना
wamā
और ना كَانَ थे kāna
थे ٱلنَّاسُ लोग l-nāsu
लोग إِلَّآ मगर illā
मगर أُمَّةًۭ उम्मत ummatan
उम्मत وَٰحِدَةًۭ एक ही wāḥidatan
एक ही فَٱخْتَلَفُوا۟ ۚ फिर उन्होंने इख़्तिलाफ़ किया fa-ikh'talafū
फिर उन्होंने इख़्तिलाफ़ किया وَلَوْلَا और अगर ना होती walawlā
और अगर ना होती كَلِمَةٌۭ एक बात kalimatun
एक बात سَبَقَتْ जो तय हो चुकी sabaqat
जो तय हो चुकी مِن from min
from رَّبِّكَ आपके रब की तरफ़ से rabbika
आपके रब की तरफ़ से لَقُضِىَ अलबत्ता फ़ैसला कर दिया जाता laquḍiya
अलबत्ता फ़ैसला कर दिया जाता بَيْنَهُمْ दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके فِيمَا इस मामले में fīmā
इस मामले में فِيهِ जिस में fīhi
जिस में يَخْتَلِفُونَ वो इख़्तिलाफ़ कर रहे थे yakhtalifūna
वो इख़्तिलाफ़ कर रहे थे ١٩ (19)
(19)
और ना كَانَ थे kāna
थे ٱلنَّاسُ लोग l-nāsu
लोग إِلَّآ मगर illā
मगर أُمَّةًۭ उम्मत ummatan
उम्मत وَٰحِدَةًۭ एक ही wāḥidatan
एक ही فَٱخْتَلَفُوا۟ ۚ फिर उन्होंने इख़्तिलाफ़ किया fa-ikh'talafū
फिर उन्होंने इख़्तिलाफ़ किया وَلَوْلَا और अगर ना होती walawlā
और अगर ना होती كَلِمَةٌۭ एक बात kalimatun
एक बात سَبَقَتْ जो तय हो चुकी sabaqat
जो तय हो चुकी مِن from min
from رَّبِّكَ आपके रब की तरफ़ से rabbika
आपके रब की तरफ़ से لَقُضِىَ अलबत्ता फ़ैसला कर दिया जाता laquḍiya
अलबत्ता फ़ैसला कर दिया जाता بَيْنَهُمْ दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके فِيمَا इस मामले में fīmā
इस मामले में فِيهِ जिस में fīhi
जिस में يَخْتَلِفُونَ वो इख़्तिलाफ़ कर रहे थे yakhtalifūna
वो इख़्तिलाफ़ कर रहे थे ١٩ (19)
(19)
तथा लोग एक ही समुदाय थे, फिर वे अलग-अलग1 हो गए और यदि वह बात न होती जो तुम्हारे पालनहार की ओर से पहले ही निश्चित हो चुकी2, तो उनके बीच उसके बारे में अवश्य फ़ैसला कर दिया जाता, जिसमें वे विभेद कर रहे हैं।
१०:२०
وَيَقُولُونَ
और वो कहते हैं
wayaqūlūna
और वो कहते हैं لَوْلَآ क्यों ना lawlā
क्यों ना أُنزِلَ उतारी गई unzila
उतारी गई عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर ءَايَةٌۭ कोई निशानी āyatun
कोई निशानी مِّن from min
from رَّبِّهِۦ ۖ उसके रब की तरफ़ से rabbihi
उसके रब की तरफ़ से فَقُلْ तो कह दीजिए faqul
तो कह दीजिए إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक ٱلْغَيْبُ ग़ैब l-ghaybu
ग़ैब لِلَّهِ अल्लाह ही के लिए है lillahi
अल्लाह ही के लिए है فَٱنتَظِرُوٓا۟ पस तुम इन्तिज़ार करो fa-intaẓirū
पस तुम इन्तिज़ार करो إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं مَعَكُم तुम्हारे साथ maʿakum
तुम्हारे साथ مِّنَ among mina
among ٱلْمُنتَظِرِينَ इन्तिज़ार करने वालों में से हूँ l-muntaẓirīna
इन्तिज़ार करने वालों में से हूँ ٢٠ (20)
(20)
और वो कहते हैं لَوْلَآ क्यों ना lawlā
क्यों ना أُنزِلَ उतारी गई unzila
उतारी गई عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर ءَايَةٌۭ कोई निशानी āyatun
कोई निशानी مِّن from min
from رَّبِّهِۦ ۖ उसके रब की तरफ़ से rabbihi
उसके रब की तरफ़ से فَقُلْ तो कह दीजिए faqul
तो कह दीजिए إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक ٱلْغَيْبُ ग़ैब l-ghaybu
ग़ैब لِلَّهِ अल्लाह ही के लिए है lillahi
अल्लाह ही के लिए है فَٱنتَظِرُوٓا۟ पस तुम इन्तिज़ार करो fa-intaẓirū
पस तुम इन्तिज़ार करो إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं مَعَكُم तुम्हारे साथ maʿakum
तुम्हारे साथ مِّنَ among mina
among ٱلْمُنتَظِرِينَ इन्तिज़ार करने वालों में से हूँ l-muntaẓirīna
इन्तिज़ार करने वालों में से हूँ ٢٠ (20)
(20)
और वे कहते हैं कि उसपर उसके पालनहार की ओर से कोई निशानी क्यों नहीं उतारी गईॽ1 आप कह दें : परोक्ष (का ज्ञान) तो केवल अल्लाह के पास है। अतः तुम प्रतीक्षा करो, मैं भी तुम्हारे साथ प्रतीक्षा करने वालों में से हूँ।2
१०:२१
وَإِذَآ
और जब
wa-idhā
और जब أَذَقْنَا मज़ा चखाते हैं हम adhaqnā
मज़ा चखाते हैं हम ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को رَحْمَةًۭ रहमत का raḥmatan
रहमत का مِّنۢ after min
after بَعْدِ बाद baʿdi
बाद ضَرَّآءَ मुसीबत के ḍarrāa
मुसीबत के مَسَّتْهُمْ जो पहुँची उन्हें massathum
जो पहुँची उन्हें إِذَا तब idhā
तब لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مَّكْرٌۭ चालें चलना है makrun
चालें चलना है فِىٓ against fī
against ءَايَاتِنَا ۚ हमारी आयात में āyātinā
हमारी आयात में قُلِ कह दीजिए quli
कह दीजिए ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَسْرَعُ ज़्यादा तेज़ है asraʿu
ज़्यादा तेज़ है مَكْرًا ۚ चाल चलने में makran
चाल चलने में إِنَّ बेशक inna
बेशक رُسُلَنَا फ़रिश्ते हमारे rusulanā
फ़रिश्ते हमारे يَكْتُبُونَ लिख रहे हैं yaktubūna
लिख रहे हैं مَا जो mā
जो تَمْكُرُونَ तुम चालें चल रहे हो tamkurūna
तुम चालें चल रहे हो ٢١ (21)
(21)
और जब أَذَقْنَا मज़ा चखाते हैं हम adhaqnā
मज़ा चखाते हैं हम ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को رَحْمَةًۭ रहमत का raḥmatan
रहमत का مِّنۢ after min
after بَعْدِ बाद baʿdi
बाद ضَرَّآءَ मुसीबत के ḍarrāa
मुसीबत के مَسَّتْهُمْ जो पहुँची उन्हें massathum
जो पहुँची उन्हें إِذَا तब idhā
तब لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مَّكْرٌۭ चालें चलना है makrun
चालें चलना है فِىٓ against fī
against ءَايَاتِنَا ۚ हमारी आयात में āyātinā
हमारी आयात में قُلِ कह दीजिए quli
कह दीजिए ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह أَسْرَعُ ज़्यादा तेज़ है asraʿu
ज़्यादा तेज़ है مَكْرًا ۚ चाल चलने में makran
चाल चलने में إِنَّ बेशक inna
बेशक رُسُلَنَا फ़रिश्ते हमारे rusulanā
फ़रिश्ते हमारे يَكْتُبُونَ लिख रहे हैं yaktubūna
लिख रहे हैं مَا जो mā
जो تَمْكُرُونَ तुम चालें चल रहे हो tamkurūna
तुम चालें चल रहे हो ٢١ (21)
(21)
और जब हम लोगों को उनके किसी तकलीफ़ में पड़ने के बाद कोई दया चखाते हैं, तो अचानक उनके लिए हमारी आयतों के बारे में कोई न कोई चाल होती है। कह दें कि अल्लाह अधिक तेज़ उपाय करने वाला है। निःसंदेह हमारे भेजे हुए (फ़रिश्ते) लिख रहे हैं, जो तुम चाल चलते हो।
१०:२२
هُوَ
वो ही है
huwa
वो ही है ٱلَّذِى जो alladhī
जो يُسَيِّرُكُمْ चलाता है तुम्हें yusayyirukum
चलाता है तुम्हें فِى in fī
in ٱلْبَرِّ ख़ुश्की में l-bari
ख़ुश्की में وَٱلْبَحْرِ ۖ और समुन्दर में wal-baḥri
और समुन्दर में حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब كُنتُمْ होते हो तुम kuntum
होते हो तुम فِى in fī
in ٱلْفُلْكِ कश्तियों में l-ful'ki
कश्तियों में وَجَرَيْنَ और वो ले चलती हैं wajarayna
और वो ले चलती हैं بِهِم उन्हें bihim
उन्हें بِرِيحٍۢ साथ हवा birīḥin
साथ हवा طَيِّبَةٍۢ उम्दा के ṭayyibatin
उम्दा के وَفَرِحُوا۟ और वो ख़ुश होते हैं wafariḥū
और वो ख़ुश होते हैं بِهَا साथ उसके bihā
साथ उसके جَآءَتْهَا आ जाती है उन (कश्तियों) पर jāathā
आ जाती है उन (कश्तियों) पर رِيحٌ हवा rīḥun
हवा عَاصِفٌۭ शदीद ʿāṣifun
शदीद وَجَآءَهُمُ और आ जाती है उन पर wajāahumu
और आ जाती है उन पर ٱلْمَوْجُ मौज l-mawju
मौज مِن from min
from كُلِّ every kulli
every مَكَانٍۢ हर तरफ़ से makānin
हर तरफ़ से وَظَنُّوٓا۟ और वो समझते हैं waẓannū
और वो समझते हैं أَنَّهُمْ कि बेशक वो annahum
कि बेशक वो أُحِيطَ घेर लिया गया है uḥīṭa
घेर लिया गया है بِهِمْ ۙ उन्हें bihim
उन्हें دَعَوُا۟ वो पुकारते हैं daʿawū
वो पुकारते हैं ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को مُخْلِصِينَ ख़ालिस करने वाले होकर mukh'liṣīna
ख़ालिस करने वाले होकर لَهُ उसके लिए lahu
उसके लिए ٱلدِّينَ दीन को l-dīna
दीन को لَئِنْ अलबत्ता अगर la-in
अलबत्ता अगर أَنجَيْتَنَا निजात दी तूने हमें anjaytanā
निजात दी तूने हमें مِنْ from min
from هَـٰذِهِۦ इस से hādhihi
इस से لَنَكُونَنَّ अलबत्ता हम ज़रूर हो जाऐंगे lanakūnanna
अलबत्ता हम ज़रूर हो जाऐंगे مِنَ among mina
among ٱلشَّـٰكِرِينَ शुक्र गुज़ारों में से l-shākirīna
शुक्र गुज़ारों में से ٢٢ (22)
(22)
वो ही है ٱلَّذِى जो alladhī
जो يُسَيِّرُكُمْ चलाता है तुम्हें yusayyirukum
चलाता है तुम्हें فِى in fī
in ٱلْبَرِّ ख़ुश्की में l-bari
ख़ुश्की में وَٱلْبَحْرِ ۖ और समुन्दर में wal-baḥri
और समुन्दर में حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब كُنتُمْ होते हो तुम kuntum
होते हो तुम فِى in fī
in ٱلْفُلْكِ कश्तियों में l-ful'ki
कश्तियों में وَجَرَيْنَ और वो ले चलती हैं wajarayna
और वो ले चलती हैं بِهِم उन्हें bihim
उन्हें بِرِيحٍۢ साथ हवा birīḥin
साथ हवा طَيِّبَةٍۢ उम्दा के ṭayyibatin
उम्दा के وَفَرِحُوا۟ और वो ख़ुश होते हैं wafariḥū
और वो ख़ुश होते हैं بِهَا साथ उसके bihā
साथ उसके جَآءَتْهَا आ जाती है उन (कश्तियों) पर jāathā
आ जाती है उन (कश्तियों) पर رِيحٌ हवा rīḥun
हवा عَاصِفٌۭ शदीद ʿāṣifun
शदीद وَجَآءَهُمُ और आ जाती है उन पर wajāahumu
और आ जाती है उन पर ٱلْمَوْجُ मौज l-mawju
मौज مِن from min
from كُلِّ every kulli
every مَكَانٍۢ हर तरफ़ से makānin
हर तरफ़ से وَظَنُّوٓا۟ और वो समझते हैं waẓannū
और वो समझते हैं أَنَّهُمْ कि बेशक वो annahum
कि बेशक वो أُحِيطَ घेर लिया गया है uḥīṭa
घेर लिया गया है بِهِمْ ۙ उन्हें bihim
उन्हें دَعَوُا۟ वो पुकारते हैं daʿawū
वो पुकारते हैं ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को مُخْلِصِينَ ख़ालिस करने वाले होकर mukh'liṣīna
ख़ालिस करने वाले होकर لَهُ उसके लिए lahu
उसके लिए ٱلدِّينَ दीन को l-dīna
दीन को لَئِنْ अलबत्ता अगर la-in
अलबत्ता अगर أَنجَيْتَنَا निजात दी तूने हमें anjaytanā
निजात दी तूने हमें مِنْ from min
from هَـٰذِهِۦ इस से hādhihi
इस से لَنَكُونَنَّ अलबत्ता हम ज़रूर हो जाऐंगे lanakūnanna
अलबत्ता हम ज़रूर हो जाऐंगे مِنَ among mina
among ٱلشَّـٰكِرِينَ शुक्र गुज़ारों में से l-shākirīna
शुक्र गुज़ारों में से ٢٢ (22)
(22)
वही है जो तुम्हें जल और थल में चलाता है, यहाँ तक कि जब तुम नावों में होते हो और वे उन्हें लेकर अच्छी (अनुकूल) हवा के सहारे चल पड़ती हैं और वे उससे प्रसन्न हो उठते हैं, कि अचानक एक तेज़ हवा उन (नावों) पर आती है और उनपर प्रत्येक स्थान से लहरें आ जाती हैं और वे समझते हैं कि निःसंदेह उन्हें घेर लिया गया है, तो वे अल्लाह को इस तरह पुकारते हैं कि उसके लिए हर इबादत को विशुद्ध करने वाले1 होते हैं, निश्चय अगर तूने हमें उससे नजात दे दी, तो हम अवश्य ही शुक्रगुज़ारों में से होंगे।
१०:२३
فَلَمَّآ
फिर जब
falammā
फिर जब أَنجَىٰهُمْ वो निजात दे देता है उन्हें anjāhum
वो निजात दे देता है उन्हें إِذَا तब idhā
तब هُمْ वो hum
वो يَبْغُونَ वो बग़ावत करने लगते हैं yabghūna
वो बग़ावत करने लगते हैं فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर ٱلْحَقِّ ۗ हक़ के l-ḥaqi
हक़ के يَـٰٓأَيُّهَا O mankind yāayyuhā
O mankind ٱلنَّاسُ ऐ लोगो l-nāsu
ऐ लोगो إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक بَغْيُكُمْ बग़ावत तुम्हारी baghyukum
बग़ावत तुम्हारी عَلَىٰٓ (is) against ʿalā
(is) against أَنفُسِكُم ۖ तुम्हारे अपने ख़िलाफ़ है anfusikum
तुम्हारे अपने ख़िलाफ़ है مَّتَـٰعَ फ़ायदा उठाना है matāʿa
फ़ायदा उठाना है ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी का l-ḥayati
ज़िन्दगी का ٱلدُّنْيَا ۖ दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की ثُمَّ फिर thumma
फिर إِلَيْنَا हमारी ही तरफ़ ilaynā
हमारी ही तरफ़ مَرْجِعُكُمْ लौटना है तुम्हारा marjiʿukum
लौटना है तुम्हारा فَنُنَبِّئُكُم फिर हम बताऐंगे तुम्हें fanunabbi-ukum
फिर हम बताऐंगे तुम्हें بِمَا वो जो bimā
वो जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَعْمَلُونَ तुम अमल करते रहे taʿmalūna
तुम अमल करते रहे ٢٣ (23)
(23)
फिर जब أَنجَىٰهُمْ वो निजात दे देता है उन्हें anjāhum
वो निजात दे देता है उन्हें إِذَا तब idhā
तब هُمْ वो hum
वो يَبْغُونَ वो बग़ावत करने लगते हैं yabghūna
वो बग़ावत करने लगते हैं فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर ٱلْحَقِّ ۗ हक़ के l-ḥaqi
हक़ के يَـٰٓأَيُّهَا O mankind yāayyuhā
O mankind ٱلنَّاسُ ऐ लोगो l-nāsu
ऐ लोगो إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक بَغْيُكُمْ बग़ावत तुम्हारी baghyukum
बग़ावत तुम्हारी عَلَىٰٓ (is) against ʿalā
(is) against أَنفُسِكُم ۖ तुम्हारे अपने ख़िलाफ़ है anfusikum
तुम्हारे अपने ख़िलाफ़ है مَّتَـٰعَ फ़ायदा उठाना है matāʿa
फ़ायदा उठाना है ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी का l-ḥayati
ज़िन्दगी का ٱلدُّنْيَا ۖ दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की ثُمَّ फिर thumma
फिर إِلَيْنَا हमारी ही तरफ़ ilaynā
हमारी ही तरफ़ مَرْجِعُكُمْ लौटना है तुम्हारा marjiʿukum
लौटना है तुम्हारा فَنُنَبِّئُكُم फिर हम बताऐंगे तुम्हें fanunabbi-ukum
फिर हम बताऐंगे तुम्हें بِمَا वो जो bimā
वो जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَعْمَلُونَ तुम अमल करते रहे taʿmalūna
तुम अमल करते रहे ٢٣ (23)
(23)
फिर जब वह उन्हें बचा लेता है, तो वे अचानक धरती में नाहक़ सरकशी करने लगते हैं। ऐ लोगो! तुम्हारी सरकशी, तुम्हारे अपने ही विरुद्ध है। ये सांसारिक जीवन के कुछ लाभ1 हैं। फिर तुम्हें हमारी ही ओर लौटकर आना है। तब हम तुम्हें बताएँगे जो कुछ तुम किया करते थे।
१०:२४
إِنَّمَا
बेशक
innamā
बेशक مَثَلُ मिसाल mathalu
मिसाल ٱلْحَيَوٰةِ (of) the life l-ḥayati
(of) the life ٱلدُّنْيَا दुनिया की ज़िन्दगी की l-dun'yā
दुनिया की ज़िन्दगी की كَمَآءٍ पानी की तरह है kamāin
पानी की तरह है أَنزَلْنَـٰهُ उतारा हमने उसे anzalnāhu
उतारा हमने उसे مِنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से فَٱخْتَلَطَ फिर मिल जुल गई fa-ikh'talaṭa
फिर मिल जुल गई بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके نَبَاتُ नबातात nabātu
नबातात ٱلْأَرْضِ ज़मीन की l-arḍi
ज़मीन की مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो يَأْكُلُ खाते हैं yakulu
खाते हैं ٱلنَّاسُ लोग l-nāsu
लोग وَٱلْأَنْعَـٰمُ और जानवर (मवेशी) wal-anʿāmu
और जानवर (मवेशी) حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَآ जब idhā
जब أَخَذَتِ पकड़ लिया akhadhati
पकड़ लिया ٱلْأَرْضُ ज़मीन ने l-arḍu
ज़मीन ने زُخْرُفَهَا अपनी रौनक़ को zukh'rufahā
अपनी रौनक़ को وَٱزَّيَّنَتْ और वो मुज़य्यन हो गई wa-izzayyanat
और वो मुज़य्यन हो गई وَظَنَّ और समझ लिया waẓanna
और समझ लिया أَهْلُهَآ उसके रहने वालों ने ahluhā
उसके रहने वालों ने أَنَّهُمْ बेशक वो annahum
बेशक वो قَـٰدِرُونَ क़ादिर हैं qādirūna
क़ादिर हैं عَلَيْهَآ उस पर ʿalayhā
उस पर أَتَىٰهَآ आ गया उस पर atāhā
आ गया उस पर أَمْرُنَا हुक्म हमारा amrunā
हुक्म हमारा لَيْلًا रात को laylan
रात को أَوْ या aw
या نَهَارًۭا दिन को nahāran
दिन को فَجَعَلْنَـٰهَا तो कर दिया हमने उसे fajaʿalnāhā
तो कर दिया हमने उसे حَصِيدًۭا कटी हुई खेती ḥaṣīdan
कटी हुई खेती كَأَن गोया कि ka-an
गोया कि لَّمْ नहीं lam
नहीं تَغْنَ वो बसी थी taghna
वो बसी थी بِٱلْأَمْسِ ۚ कल bil-amsi
कल كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह نُفَصِّلُ हम खोल कर बयान करते हैं nufaṣṣilu
हम खोल कर बयान करते हैं ٱلْـَٔايَـٰتِ आयात l-āyāti
आयात لِقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يَتَفَكَّرُونَ जो ग़ौरो फ़िक्र करते हैं yatafakkarūna
जो ग़ौरो फ़िक्र करते हैं ٢٤ (24)
(24)
बेशक مَثَلُ मिसाल mathalu
मिसाल ٱلْحَيَوٰةِ (of) the life l-ḥayati
(of) the life ٱلدُّنْيَا दुनिया की ज़िन्दगी की l-dun'yā
दुनिया की ज़िन्दगी की كَمَآءٍ पानी की तरह है kamāin
पानी की तरह है أَنزَلْنَـٰهُ उतारा हमने उसे anzalnāhu
उतारा हमने उसे مِنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से فَٱخْتَلَطَ फिर मिल जुल गई fa-ikh'talaṭa
फिर मिल जुल गई بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके نَبَاتُ नबातात nabātu
नबातात ٱلْأَرْضِ ज़मीन की l-arḍi
ज़मीन की مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो يَأْكُلُ खाते हैं yakulu
खाते हैं ٱلنَّاسُ लोग l-nāsu
लोग وَٱلْأَنْعَـٰمُ और जानवर (मवेशी) wal-anʿāmu
और जानवर (मवेशी) حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَآ जब idhā
जब أَخَذَتِ पकड़ लिया akhadhati
पकड़ लिया ٱلْأَرْضُ ज़मीन ने l-arḍu
ज़मीन ने زُخْرُفَهَا अपनी रौनक़ को zukh'rufahā
अपनी रौनक़ को وَٱزَّيَّنَتْ और वो मुज़य्यन हो गई wa-izzayyanat
और वो मुज़य्यन हो गई وَظَنَّ और समझ लिया waẓanna
और समझ लिया أَهْلُهَآ उसके रहने वालों ने ahluhā
उसके रहने वालों ने أَنَّهُمْ बेशक वो annahum
बेशक वो قَـٰدِرُونَ क़ादिर हैं qādirūna
क़ादिर हैं عَلَيْهَآ उस पर ʿalayhā
उस पर أَتَىٰهَآ आ गया उस पर atāhā
आ गया उस पर أَمْرُنَا हुक्म हमारा amrunā
हुक्म हमारा لَيْلًا रात को laylan
रात को أَوْ या aw
या نَهَارًۭا दिन को nahāran
दिन को فَجَعَلْنَـٰهَا तो कर दिया हमने उसे fajaʿalnāhā
तो कर दिया हमने उसे حَصِيدًۭا कटी हुई खेती ḥaṣīdan
कटी हुई खेती كَأَن गोया कि ka-an
गोया कि لَّمْ नहीं lam
नहीं تَغْنَ वो बसी थी taghna
वो बसी थी بِٱلْأَمْسِ ۚ कल bil-amsi
कल كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह نُفَصِّلُ हम खोल कर बयान करते हैं nufaṣṣilu
हम खोल कर बयान करते हैं ٱلْـَٔايَـٰتِ आयात l-āyāti
आयात لِقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يَتَفَكَّرُونَ जो ग़ौरो फ़िक्र करते हैं yatafakkarūna
जो ग़ौरो फ़िक्र करते हैं ٢٤ (24)
(24)
सांसारिक जीवन की मिसाल तो बस उस पानी जैसी है, जिसे हमने आकाश से बरसाया, तो उसके साथ धरती से उगने वाले पौधे ख़ूब मिल गए, जिन्हें इनसान और जानवर खाते हैं, यहाँ तक कि जब धरती ने अपनी शोभा पूरी कर ली और खूब ससज्जित हो गई और उसके मालिकों ने समझ लिया कि निःसंदेह वे उसपर सक्षम हैं, तो रात या दिन में उसपर हमारा आदेश आ गया, तो हमने उसे कटी हुई कर दिया, जैसे वह कल थी ही नहीं।1 इसी प्रकार हम उन लोगों के लिए आयतें खोलकर बयान करते हैं, जो मनन-चिंतन करते हैं।
१०:२५
وَٱللَّهُ
और अल्लाह
wal-lahu
और अल्लाह يَدْعُوٓا۟ वो बुला रहा है yadʿū
वो बुला रहा है إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ دَارِ (the) Home dāri
(the) Home ٱلسَّلَـٰمِ सलामती वाले घर के l-salāmi
सलामती वाले घर के وَيَهْدِى और वो हिदायत देता है wayahdī
और वो हिदायत देता है مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है إِلَىٰ to ilā
to صِرَٰطٍۢ तरफ़ रास्ते ṣirāṭin
तरफ़ रास्ते مُّسْتَقِيمٍۢ सीधे के mus'taqīmin
सीधे के ٢٥ (25)
(25)
और अल्लाह يَدْعُوٓا۟ वो बुला रहा है yadʿū
वो बुला रहा है إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़ دَارِ (the) Home dāri
(the) Home ٱلسَّلَـٰمِ सलामती वाले घर के l-salāmi
सलामती वाले घर के وَيَهْدِى और वो हिदायत देता है wayahdī
और वो हिदायत देता है مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है إِلَىٰ to ilā
to صِرَٰطٍۢ तरफ़ रास्ते ṣirāṭin
तरफ़ रास्ते مُّسْتَقِيمٍۢ सीधे के mus'taqīmin
सीधे के ٢٥ (25)
(25)
और अल्लाह शांति के घर की ओर बुलाता है और जिसे चाहता है सीधा मार्ग दिखा देता है।
१०:२६
۞ لِّلَّذِينَ
उनके लिए जिन्होंने
lilladhīna
उनके लिए जिन्होंने أَحْسَنُوا۟ अच्छा किया aḥsanū
अच्छा किया ٱلْحُسْنَىٰ अच्छाई है l-ḥus'nā
अच्छाई है وَزِيَادَةٌۭ ۖ और ज़्यादा भी waziyādatun
और ज़्यादा भी وَلَا और ना walā
और ना يَرْهَقُ छाएगी yarhaqu
छाएगी وُجُوهَهُمْ उनके चेहरों पर wujūhahum
उनके चेहरों पर قَتَرٌۭ स्याही qatarun
स्याही وَلَا और ना walā
और ना ذِلَّةٌ ۚ ज़िल्लत dhillatun
ज़िल्लत أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं أَصْحَـٰبُ साथी aṣḥābu
साथी ٱلْجَنَّةِ ۖ जन्नत के l-janati
जन्नत के هُمْ वो hum
वो فِيهَا उसमें fīhā
उसमें خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं ٢٦ (26)
(26)
उनके लिए जिन्होंने أَحْسَنُوا۟ अच्छा किया aḥsanū
अच्छा किया ٱلْحُسْنَىٰ अच्छाई है l-ḥus'nā
अच्छाई है وَزِيَادَةٌۭ ۖ और ज़्यादा भी waziyādatun
और ज़्यादा भी وَلَا और ना walā
और ना يَرْهَقُ छाएगी yarhaqu
छाएगी وُجُوهَهُمْ उनके चेहरों पर wujūhahum
उनके चेहरों पर قَتَرٌۭ स्याही qatarun
स्याही وَلَا और ना walā
और ना ذِلَّةٌ ۚ ज़िल्लत dhillatun
ज़िल्लत أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं أَصْحَـٰبُ साथी aṣḥābu
साथी ٱلْجَنَّةِ ۖ जन्नत के l-janati
जन्नत के هُمْ वो hum
वो فِيهَا उसमें fīhā
उसमें خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं ٢٦ (26)
(26)
जिन लोगों ने अच्छे कर्म किए, उन्हीं के लिए सबसे अच्छा बदला और कुछ अधिक1 है और उनके चेहरों पर न कोई कलौंस छाएगी और न ज़िल्लत। यही लोग जन्नत वाले हैं, वे उसमें हमेशा रहने वाले हैं।
१०:२७
وَٱلَّذِينَ
और वो जिन्होंने
wa-alladhīna
और वो जिन्होंने كَسَبُوا۟ कमाईं kasabū
कमाईं ٱلسَّيِّـَٔاتِ बुराईयाँ l-sayiāti
बुराईयाँ جَزَآءُ बदला (तो) jazāu
बदला (तो) سَيِّئَةٍۭ बुराई का sayyi-atin
बुराई का بِمِثْلِهَا उसी की मानिन्द है bimith'lihā
उसी की मानिन्द है وَتَرْهَقُهُمْ और छा जाएगी उन पर watarhaquhum
और छा जाएगी उन पर ذِلَّةٌۭ ۖ ज़िल्लत dhillatun
ज़िल्लत مَّا नहीं है mā
नहीं है لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से مِنْ any min
any عَاصِمٍۢ ۖ कोई बचाने वाला ʿāṣimin
कोई बचाने वाला كَأَنَّمَآ गोया कि ka-annamā
गोया कि أُغْشِيَتْ ढाँप दिए गए हैं ugh'shiyat
ढाँप दिए गए हैं وُجُوهُهُمْ चेहरे उनके wujūhuhum
चेहरे उनके قِطَعًۭا टुकड़ों से qiṭaʿan
टुकड़ों से مِّنَ from mina
from ٱلَّيْلِ रात के al-layli
रात के مُظْلِمًا ۚ तारीक muẓ'liman
तारीक أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं أَصْحَـٰبُ साथी aṣḥābu
साथी ٱلنَّارِ ۖ आग के l-nāri
आग के هُمْ वो hum
वो فِيهَا उसमें fīhā
उसमें خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं ٢٧ (27)
(27)
और वो जिन्होंने كَسَبُوا۟ कमाईं kasabū
कमाईं ٱلسَّيِّـَٔاتِ बुराईयाँ l-sayiāti
बुराईयाँ جَزَآءُ बदला (तो) jazāu
बदला (तो) سَيِّئَةٍۭ बुराई का sayyi-atin
बुराई का بِمِثْلِهَا उसी की मानिन्द है bimith'lihā
उसी की मानिन्द है وَتَرْهَقُهُمْ और छा जाएगी उन पर watarhaquhum
और छा जाएगी उन पर ذِلَّةٌۭ ۖ ज़िल्लत dhillatun
ज़िल्लत مَّا नहीं है mā
नहीं है لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से مِنْ any min
any عَاصِمٍۢ ۖ कोई बचाने वाला ʿāṣimin
कोई बचाने वाला كَأَنَّمَآ गोया कि ka-annamā
गोया कि أُغْشِيَتْ ढाँप दिए गए हैं ugh'shiyat
ढाँप दिए गए हैं وُجُوهُهُمْ चेहरे उनके wujūhuhum
चेहरे उनके قِطَعًۭا टुकड़ों से qiṭaʿan
टुकड़ों से مِّنَ from mina
from ٱلَّيْلِ रात के al-layli
रात के مُظْلِمًا ۚ तारीक muẓ'liman
तारीक أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं أَصْحَـٰبُ साथी aṣḥābu
साथी ٱلنَّارِ ۖ आग के l-nāri
आग के هُمْ वो hum
वो فِيهَا उसमें fīhā
उसमें خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं ٢٧ (27)
(27)
और जिन लोगों ने बुराइयाँ कमाईं, तो किसी भी बुराई का बदला उसी के समान मिलेगा और उनपर अपमान छाया होगा। उन्हें अल्लाह से बचाने वाला कोई न होगा। मानो कि उनके चेहरों पर अँधेरी रात के बहुत-से टुकड़े ओढ़ा दिए गए हों। यही लोग जहन्नम वाले हैं। वे उसमें हमेशा रहने वाले हैं।
१०:२८
وَيَوْمَ
और जिस दिन
wayawma
और जिस दिन نَحْشُرُهُمْ हम इकट्ठा करेंगे उनको naḥshuruhum
हम इकट्ठा करेंगे उनको جَمِيعًۭا सबके सबको jamīʿan
सबके सबको ثُمَّ फिर thumma
फिर نَقُولُ हम कहेंगे naqūlu
हम कहेंगे لِلَّذِينَ उनको जिन्होंने lilladhīna
उनको जिन्होंने أَشْرَكُوا۟ शिर्क किया ashrakū
शिर्क किया مَكَانَكُمْ अपनी जगह (ठहरो) makānakum
अपनी जगह (ठहरो) أَنتُمْ तुम antum
तुम وَشُرَكَآؤُكُمْ ۚ और शरीक तुम्हारे washurakāukum
और शरीक तुम्हारे فَزَيَّلْنَا तो जुदाई डाल देंगे हम fazayyalnā
तो जुदाई डाल देंगे हम بَيْنَهُمْ ۖ दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके وَقَالَ और कहेंगे waqāla
और कहेंगे شُرَكَآؤُهُم शरीक उनके shurakāuhum
शरीक उनके مَّا ना mā
ना كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम إِيَّانَا सिर्फ़ हमारी ही iyyānā
सिर्फ़ हमारी ही تَعْبُدُونَ तुम इबादत करते taʿbudūna
तुम इबादत करते ٢٨ (28)
(28)
और जिस दिन نَحْشُرُهُمْ हम इकट्ठा करेंगे उनको naḥshuruhum
हम इकट्ठा करेंगे उनको جَمِيعًۭا सबके सबको jamīʿan
सबके सबको ثُمَّ फिर thumma
फिर نَقُولُ हम कहेंगे naqūlu
हम कहेंगे لِلَّذِينَ उनको जिन्होंने lilladhīna
उनको जिन्होंने أَشْرَكُوا۟ शिर्क किया ashrakū
शिर्क किया مَكَانَكُمْ अपनी जगह (ठहरो) makānakum
अपनी जगह (ठहरो) أَنتُمْ तुम antum
तुम وَشُرَكَآؤُكُمْ ۚ और शरीक तुम्हारे washurakāukum
और शरीक तुम्हारे فَزَيَّلْنَا तो जुदाई डाल देंगे हम fazayyalnā
तो जुदाई डाल देंगे हम بَيْنَهُمْ ۖ दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके وَقَالَ और कहेंगे waqāla
और कहेंगे شُرَكَآؤُهُم शरीक उनके shurakāuhum
शरीक उनके مَّا ना mā
ना كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम إِيَّانَا सिर्फ़ हमारी ही iyyānā
सिर्फ़ हमारी ही تَعْبُدُونَ तुम इबादत करते taʿbudūna
तुम इबादत करते ٢٨ (28)
(28)
और जिस दिन हम उन सबको एकत्र करेंगे, फिर हम उन लोगों से, जिन्होंने शिर्क किया, कहेंगे : तुम अपने साझीदारों समेत अपनी जगह ठहरे रहो, फिर हम उनके बीच अलगाव कर देंगे और उनके साझीदार कहेंगे कि तुम हमारी इबादत तो नहीं किया करते थे।
१०:२९
فَكَفَىٰ
पस काफ़ी है
fakafā
पस काफ़ी है بِٱللَّهِ अल्लाह bil-lahi
अल्लाह شَهِيدًۢا गवाह shahīdan
गवाह بَيْنَنَا दर्मियान हमारे baynanā
दर्मियान हमारे وَبَيْنَكُمْ और दर्मियान तुम्हारे wabaynakum
और दर्मियान तुम्हारे إِن बेशक in
बेशक كُنَّا थे हम kunnā
थे हम عَنْ of ʿan
of عِبَادَتِكُمْ तुम्हारी इबादत से ʿibādatikum
तुम्हारी इबादत से لَغَـٰفِلِينَ अलबत्ता ग़ाफ़िल laghāfilīna
अलबत्ता ग़ाफ़िल ٢٩ (29)
(29)
पस काफ़ी है بِٱللَّهِ अल्लाह bil-lahi
अल्लाह شَهِيدًۢا गवाह shahīdan
गवाह بَيْنَنَا दर्मियान हमारे baynanā
दर्मियान हमारे وَبَيْنَكُمْ और दर्मियान तुम्हारे wabaynakum
और दर्मियान तुम्हारे إِن बेशक in
बेशक كُنَّا थे हम kunnā
थे हम عَنْ of ʿan
of عِبَادَتِكُمْ तुम्हारी इबादत से ʿibādatikum
तुम्हारी इबादत से لَغَـٰفِلِينَ अलबत्ता ग़ाफ़िल laghāfilīna
अलबत्ता ग़ाफ़िल ٢٩ (29)
(29)
अतः हमारे और तुम्हारे बीच अल्लाह ही गवाह काफ़ी है कि निःसंदेह हम तुम्हारी इबादत से निश्चय बेख़बर थे।
१०:३०
هُنَالِكَ
उसी जगह/वक़्त
hunālika
उसी जगह/वक़्त تَبْلُوا۟ जाँच लेगा tablū
जाँच लेगा كُلُّ हर kullu
हर نَفْسٍۢ नफ़्स nafsin
नफ़्स مَّآ जो mā
जो أَسْلَفَتْ ۚ उसने पहले किया aslafat
उसने पहले किया وَرُدُّوٓا۟ और वो लौटाए जाऐंगे waruddū
और वो लौटाए जाऐंगे إِلَى तरफ़ ilā
तरफ़ ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के مَوْلَىٰهُمُ जो मौला है उनका mawlāhumu
जो मौला है उनका ٱلْحَقِّ ۖ सच्चा l-ḥaqi
सच्चा وَضَلَّ और गुम हो जाएगा waḍalla
और गुम हो जाएगा عَنْهُم उनसे ʿanhum
उनसे مَّا जो mā
जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَفْتَرُونَ वो गढ़ते yaftarūna
वो गढ़ते ٣٠ (30)
(30)
उसी जगह/वक़्त تَبْلُوا۟ जाँच लेगा tablū
जाँच लेगा كُلُّ हर kullu
हर نَفْسٍۢ नफ़्स nafsin
नफ़्स مَّآ जो mā
जो أَسْلَفَتْ ۚ उसने पहले किया aslafat
उसने पहले किया وَرُدُّوٓا۟ और वो लौटाए जाऐंगे waruddū
और वो लौटाए जाऐंगे إِلَى तरफ़ ilā
तरफ़ ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के مَوْلَىٰهُمُ जो मौला है उनका mawlāhumu
जो मौला है उनका ٱلْحَقِّ ۖ सच्चा l-ḥaqi
सच्चा وَضَلَّ और गुम हो जाएगा waḍalla
और गुम हो जाएगा عَنْهُم उनसे ʿanhum
उनसे مَّا जो mā
जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَفْتَرُونَ वो गढ़ते yaftarūna
वो गढ़ते ٣٠ (30)
(30)
उस अवसर पर प्रत्येक व्यक्ति अपने पहले के किए हुए कामों को जाँच लेगा और वे अपने सच्चे मालिक अल्लाह की ओर लौटाए जाएँगे और वे जो कुछ झूठा आरोप लगाया करते थे, सब उनसे गुम हो जाएगा।
१०:३१
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए مَن कौन man
कौन يَرْزُقُكُم रिज़्क़ देता है तुम्हें yarzuqukum
रिज़्क़ देता है तुम्हें مِّنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन से wal-arḍi
और ज़मीन से أَمَّن या कौन amman
या कौन يَمْلِكُ मालिक हो सकता है yamliku
मालिक हो सकता है ٱلسَّمْعَ कानों l-samʿa
कानों وَٱلْأَبْصَـٰرَ और आँखों का wal-abṣāra
और आँखों का وَمَن और कौन waman
और कौन يُخْرِجُ निकालता है yukh'riju
निकालता है ٱلْحَىَّ ज़िन्दा को l-ḥaya
ज़िन्दा को مِنَ from mina
from ٱلْمَيِّتِ मुर्दा से l-mayiti
मुर्दा से وَيُخْرِجُ और निकालता है wayukh'riju
और निकालता है ٱلْمَيِّتَ मुर्दा को l-mayita
मुर्दा को مِنَ from mina
from ٱلْحَىِّ ज़िन्दा से l-ḥayi
ज़िन्दा से وَمَن और कौन waman
और कौन يُدَبِّرُ तदबीर करता है yudabbiru
तदबीर करता है ٱلْأَمْرَ ۚ काम की l-amra
काम की فَسَيَقُولُونَ तो वो ज़रूर कहेंगे fasayaqūlūna
तो वो ज़रूर कहेंगे ٱللَّهُ ۚ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فَقُلْ तो कह दीजिए faqul
तो कह दीजिए أَفَلَا क्या भला नहीं afalā
क्या भला नहीं تَتَّقُونَ तुम डरते tattaqūna
तुम डरते ٣١ (31)
(31)
कह दीजिए مَن कौन man
कौन يَرْزُقُكُم रिज़्क़ देता है तुम्हें yarzuqukum
रिज़्क़ देता है तुम्हें مِّنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन से wal-arḍi
और ज़मीन से أَمَّن या कौन amman
या कौन يَمْلِكُ मालिक हो सकता है yamliku
मालिक हो सकता है ٱلسَّمْعَ कानों l-samʿa
कानों وَٱلْأَبْصَـٰرَ और आँखों का wal-abṣāra
और आँखों का وَمَن और कौन waman
और कौन يُخْرِجُ निकालता है yukh'riju
निकालता है ٱلْحَىَّ ज़िन्दा को l-ḥaya
ज़िन्दा को مِنَ from mina
from ٱلْمَيِّتِ मुर्दा से l-mayiti
मुर्दा से وَيُخْرِجُ और निकालता है wayukh'riju
और निकालता है ٱلْمَيِّتَ मुर्दा को l-mayita
मुर्दा को مِنَ from mina
from ٱلْحَىِّ ज़िन्दा से l-ḥayi
ज़िन्दा से وَمَن और कौन waman
और कौन يُدَبِّرُ तदबीर करता है yudabbiru
तदबीर करता है ٱلْأَمْرَ ۚ काम की l-amra
काम की فَسَيَقُولُونَ तो वो ज़रूर कहेंगे fasayaqūlūna
तो वो ज़रूर कहेंगे ٱللَّهُ ۚ अल्लाह l-lahu
अल्लाह فَقُلْ तो कह दीजिए faqul
तो कह दीजिए أَفَلَا क्या भला नहीं afalā
क्या भला नहीं تَتَّقُونَ तुम डरते tattaqūna
तुम डरते ٣١ (31)
(31)
कहो : वह कौन है जो तुम्हें आकाश और धरती1 से जीविका देता है? या फिर कान और आँख का मालिक कौन है? और कौन जीवित को मृत से निकालता और मृत को जीवित से निकालता है? और कौन है जो हर काम का प्रबंध करता है? तो वे ज़रूर कहेंगे : ''अल्लाह''2, तो कहो : फिर क्या तुम डरते नहीं?
१०:३२
فَذَٰلِكُمُ
पस ये है
fadhālikumu
पस ये है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह رَبُّكُمُ रब तुम्हारा rabbukumu
रब तुम्हारा ٱلْحَقُّ ۖ सच्चा l-ḥaqu
सच्चा فَمَاذَا तो क्या कुछ है famādhā
तो क्या कुछ है بَعْدَ बाद baʿda
बाद ٱلْحَقِّ हक़ के l-ḥaqi
हक़ के إِلَّا सिवाय illā
सिवाय ٱلضَّلَـٰلُ ۖ गुमराही के l-ḍalālu
गुमराही के فَأَنَّىٰ तो कहाँ/किधर fa-annā
तो कहाँ/किधर تُصْرَفُونَ तुम फेरे जाते हो tuṣ'rafūna
तुम फेरे जाते हो ٣٢ (32)
(32)
पस ये है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह رَبُّكُمُ रब तुम्हारा rabbukumu
रब तुम्हारा ٱلْحَقُّ ۖ सच्चा l-ḥaqu
सच्चा فَمَاذَا तो क्या कुछ है famādhā
तो क्या कुछ है بَعْدَ बाद baʿda
बाद ٱلْحَقِّ हक़ के l-ḥaqi
हक़ के إِلَّا सिवाय illā
सिवाय ٱلضَّلَـٰلُ ۖ गुमराही के l-ḍalālu
गुमराही के فَأَنَّىٰ तो कहाँ/किधर fa-annā
तो कहाँ/किधर تُصْرَفُونَ तुम फेरे जाते हो tuṣ'rafūna
तुम फेरे जाते हो ٣٢ (32)
(32)
तो वह अल्लाह ही तुम्हारा सच्चा पालनहार है, फिर सत्य के बाद पथभ्रष्टता के सिवा और क्या हैॽ फिर तुम कहाँ फेरे जाते हो?
१०:३३
كَذَٰلِكَ
इसी तरह
kadhālika
इसी तरह حَقَّتْ हक़ हो गई ḥaqqat
हक़ हो गई كَلِمَتُ बात kalimatu
बात رَبِّكَ आपके रब की rabbika
आपके रब की عَلَى upon ʿalā
upon ٱلَّذِينَ उन पर जिन्होंने alladhīna
उन पर जिन्होंने فَسَقُوٓا۟ नाफ़रमानी की fasaqū
नाफ़रमानी की أَنَّهُمْ बेशक वो annahum
बेशक वो لَا (will) not lā
(will) not يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाऐंगे yu'minūna
नहीं वो ईमान लाऐंगे ٣٣ (33)
(33)
इसी तरह حَقَّتْ हक़ हो गई ḥaqqat
हक़ हो गई كَلِمَتُ बात kalimatu
बात رَبِّكَ आपके रब की rabbika
आपके रब की عَلَى upon ʿalā
upon ٱلَّذِينَ उन पर जिन्होंने alladhīna
उन पर जिन्होंने فَسَقُوٓا۟ नाफ़रमानी की fasaqū
नाफ़रमानी की أَنَّهُمْ बेशक वो annahum
बेशक वो لَا (will) not lā
(will) not يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाऐंगे yu'minūna
नहीं वो ईमान लाऐंगे ٣٣ (33)
(33)
इसी प्रकार आपके पालनहार की बात उन लोगों के बारे में सत्य सिद्ध हुई जिन्होंने अवज्ञा की थी कि वे ईमान नहीं लाएँगे।
१०:३४
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए هَلْ क्या है hal
क्या है مِن of min
of شُرَكَآئِكُم तुम्हारे शरीकों में से कोई shurakāikum
तुम्हारे शरीकों में से कोई مَّن जो man
जो يَبْدَؤُا۟ इब्तिदा करता हो yabda-u
इब्तिदा करता हो ٱلْخَلْقَ तख़लीक़ की l-khalqa
तख़लीक़ की ثُمَّ फिर thumma
फिर يُعِيدُهُۥ ۚ वो लौटाता हो उसे yuʿīduhu
वो लौटाता हो उसे قُلِ कह दीजिए quli
कह दीजिए ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह يَبْدَؤُا۟ वो इब्तिदा करता है yabda-u
वो इब्तिदा करता है ٱلْخَلْقَ तख़लीक़ की l-khalqa
तख़लीक़ की ثُمَّ फिर thumma
फिर يُعِيدُهُۥ ۖ वो ही लौटाएगा उसे yuʿīduhu
वो ही लौटाएगा उसे فَأَنَّىٰ तो कहाँ/किधर fa-annā
तो कहाँ/किधर تُؤْفَكُونَ तुम फेरे जाते हो tu'fakūna
तुम फेरे जाते हो ٣٤ (34)
(34)
कह दीजिए هَلْ क्या है hal
क्या है مِن of min
of شُرَكَآئِكُم तुम्हारे शरीकों में से कोई shurakāikum
तुम्हारे शरीकों में से कोई مَّن जो man
जो يَبْدَؤُا۟ इब्तिदा करता हो yabda-u
इब्तिदा करता हो ٱلْخَلْقَ तख़लीक़ की l-khalqa
तख़लीक़ की ثُمَّ फिर thumma
फिर يُعِيدُهُۥ ۚ वो लौटाता हो उसे yuʿīduhu
वो लौटाता हो उसे قُلِ कह दीजिए quli
कह दीजिए ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह يَبْدَؤُا۟ वो इब्तिदा करता है yabda-u
वो इब्तिदा करता है ٱلْخَلْقَ तख़लीक़ की l-khalqa
तख़लीक़ की ثُمَّ फिर thumma
फिर يُعِيدُهُۥ ۖ वो ही लौटाएगा उसे yuʿīduhu
वो ही लौटाएगा उसे فَأَنَّىٰ तो कहाँ/किधर fa-annā
तो कहाँ/किधर تُؤْفَكُونَ तुम फेरे जाते हो tu'fakūna
तुम फेरे जाते हो ٣٤ (34)
(34)
(आप उनसे) कह दें : क्या तुम्हारे साझीदारों में से कोई है, जो सृष्टि का आरंभ करता हो, फिर उसे दोबारा बनाता होॽ आप कह दें : अल्लाह ही सृष्टि का आरंभ करता है, फिर उसे दोबारा बनाता है, तो तुम कहाँ बहकाए जाते होॽ
१०:३५
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए هَلْ क्या है hal
क्या है مِن of min
of شُرَكَآئِكُم तुम्हारे शरीकों में से कोई shurakāikum
तुम्हारे शरीकों में से कोई مَّن जो man
जो يَهْدِىٓ रहनुमाई करता हो yahdī
रहनुमाई करता हो إِلَى to ilā
to ٱلْحَقِّ ۚ तरफ़ हक़ के l-ḥaqi
तरफ़ हक़ के قُلِ कह दीजिए quli
कह दीजिए ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह يَهْدِى वो रहनुमाई करता है yahdī
वो रहनुमाई करता है لِلْحَقِّ ۗ तरफ़ हक़ के lil'ḥaqqi
तरफ़ हक़ के أَفَمَن क्या भला जो afaman
क्या भला जो يَهْدِىٓ रहनुमाई करता है yahdī
रहनुमाई करता है إِلَى to ilā
to ٱلْحَقِّ तरफ़ हक़ के l-ḥaqi
तरफ़ हक़ के أَحَقُّ ज़्यादा हक़दार है aḥaqqu
ज़्यादा हक़दार है أَن कि an
कि يُتَّبَعَ वो पैरवी किया जाए yuttabaʿa
वो पैरवी किया जाए أَمَّن या जो amman
या जो لَّا (does) not lā
(does) not يَهِدِّىٓ नही वो राह पाता yahiddī
नही वो राह पाता إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि يُهْدَىٰ ۖ वो रहनुमाई किया जाए yuh'dā
वो रहनुमाई किया जाए فَمَا तो क्या है famā
तो क्या है لَكُمْ तुम्हें lakum
तुम्हें كَيْفَ कैसे kayfa
कैसे تَحْكُمُونَ तुम फ़ैसले करते हो taḥkumūna
तुम फ़ैसले करते हो ٣٥ (35)
(35)
कह दीजिए هَلْ क्या है hal
क्या है مِن of min
of شُرَكَآئِكُم तुम्हारे शरीकों में से कोई shurakāikum
तुम्हारे शरीकों में से कोई مَّن जो man
जो يَهْدِىٓ रहनुमाई करता हो yahdī
रहनुमाई करता हो إِلَى to ilā
to ٱلْحَقِّ ۚ तरफ़ हक़ के l-ḥaqi
तरफ़ हक़ के قُلِ कह दीजिए quli
कह दीजिए ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह يَهْدِى वो रहनुमाई करता है yahdī
वो रहनुमाई करता है لِلْحَقِّ ۗ तरफ़ हक़ के lil'ḥaqqi
तरफ़ हक़ के أَفَمَن क्या भला जो afaman
क्या भला जो يَهْدِىٓ रहनुमाई करता है yahdī
रहनुमाई करता है إِلَى to ilā
to ٱلْحَقِّ तरफ़ हक़ के l-ḥaqi
तरफ़ हक़ के أَحَقُّ ज़्यादा हक़दार है aḥaqqu
ज़्यादा हक़दार है أَن कि an
कि يُتَّبَعَ वो पैरवी किया जाए yuttabaʿa
वो पैरवी किया जाए أَمَّن या जो amman
या जो لَّا (does) not lā
(does) not يَهِدِّىٓ नही वो राह पाता yahiddī
नही वो राह पाता إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि يُهْدَىٰ ۖ वो रहनुमाई किया जाए yuh'dā
वो रहनुमाई किया जाए فَمَا तो क्या है famā
तो क्या है لَكُمْ तुम्हें lakum
तुम्हें كَيْفَ कैसे kayfa
कैसे تَحْكُمُونَ तुम फ़ैसले करते हो taḥkumūna
तुम फ़ैसले करते हो ٣٥ (35)
(35)
आप कह दें कि क्या तुम्हारे साझीदारों में से कोई है, जो सत्य की ओर मार्गदर्शन करे? आप कह दें कि अल्लाह ही सत्य का मार्गदर्शन करता है। तो क्या जो सत्य की ओर मार्गदर्शन करे, वह अधिक हक़दार है कि उसका अनुसरण किया जाए, या वह जो स्वयं रास्ता नहीं पाता सिवाय इसके कि उसे रास्ता बताया जाए? फिर तुम्हें क्या है, तुम कैसे फ़ैसला करते होॽ
१०:३६
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं يَتَّبِعُ पैरवी करते yattabiʿu
पैरवी करते أَكْثَرُهُمْ अक्सर उनके aktharuhum
अक्सर उनके إِلَّا मगर illā
मगर ظَنًّا ۚ गुमान की ẓannan
गुमान की إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلظَّنَّ गुमान l-ẓana
गुमान لَا (does) not lā
(does) not يُغْنِى नहीं काम आता yugh'nī
नहीं काम आता مِنَ against mina
against ٱلْحَقِّ हक़ के मुक़ाबले में l-ḥaqi
हक़ के मुक़ाबले में شَيْـًٔا ۚ कुछ भी shayan
कुछ भी إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَلِيمٌۢ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है بِمَا उसे जो bimā
उसे जो يَفْعَلُونَ वो कर रहे हैं yafʿalūna
वो कर रहे हैं ٣٦ (36)
(36)
और नहीं يَتَّبِعُ पैरवी करते yattabiʿu
पैरवी करते أَكْثَرُهُمْ अक्सर उनके aktharuhum
अक्सर उनके إِلَّا मगर illā
मगर ظَنًّا ۚ गुमान की ẓannan
गुमान की إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلظَّنَّ गुमान l-ẓana
गुमान لَا (does) not lā
(does) not يُغْنِى नहीं काम आता yugh'nī
नहीं काम आता مِنَ against mina
against ٱلْحَقِّ हक़ के मुक़ाबले में l-ḥaqi
हक़ के मुक़ाबले में شَيْـًٔا ۚ कुछ भी shayan
कुछ भी إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह عَلِيمٌۢ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है بِمَا उसे जो bimā
उसे जो يَفْعَلُونَ वो कर रहे हैं yafʿalūna
वो कर रहे हैं ٣٦ (36)
(36)
और उनमें से अधिकांश लोग केवल अनुमान का पालन करते हैं। निश्चित रूप से अनुमान सत्य की तुलना में किसी काम का नहीं है। निःसंदेह अल्लाह उसे भली-भाँति जानने वाला है, जो कुछ वे कर रहे हैं।
१०:३७
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं كَانَ है kāna
है هَـٰذَا ये hādhā
ये ٱلْقُرْءَانُ क़ुरआन l-qur'ānu
क़ुरआन أَن कि an
कि يُفْتَرَىٰ वो गढ़ लिया जाए yuf'tarā
वो गढ़ लिया जाए مِن by min
by دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन تَصْدِيقَ तस्दीक़ है taṣdīqa
तस्दीक़ है ٱلَّذِى उस चीज़ की जो alladhī
उस चीज़ की जो بَيْنَ (was) before it bayna
(was) before it يَدَيْهِ उससे पहले है yadayhi
उससे पहले है وَتَفْصِيلَ और तफ़सील है watafṣīla
और तफ़सील है ٱلْكِتَـٰبِ किताब की l-kitābi
किताब की لَا (there is) no lā
(there is) no رَيْبَ नहीं कोई शक rayba
नहीं कोई शक فِيهِ उसमें fīhi
उसमें مِن from min
from رَّبِّ रब की तरफ़ से है rabbi
रब की तरफ़ से है ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों के l-ʿālamīna
तमाम जहानों के ٣٧ (37)
(37)
और नहीं كَانَ है kāna
है هَـٰذَا ये hādhā
ये ٱلْقُرْءَانُ क़ुरआन l-qur'ānu
क़ुरआन أَن कि an
कि يُفْتَرَىٰ वो गढ़ लिया जाए yuf'tarā
वो गढ़ लिया जाए مِن by min
by دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन تَصْدِيقَ तस्दीक़ है taṣdīqa
तस्दीक़ है ٱلَّذِى उस चीज़ की जो alladhī
उस चीज़ की जो بَيْنَ (was) before it bayna
(was) before it يَدَيْهِ उससे पहले है yadayhi
उससे पहले है وَتَفْصِيلَ और तफ़सील है watafṣīla
और तफ़सील है ٱلْكِتَـٰبِ किताब की l-kitābi
किताब की لَا (there is) no lā
(there is) no رَيْبَ नहीं कोई शक rayba
नहीं कोई शक فِيهِ उसमें fīhi
उसमें مِن from min
from رَّبِّ रब की तरफ़ से है rabbi
रब की तरफ़ से है ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों के l-ʿālamīna
तमाम जहानों के ٣٧ (37)
(37)
और यह क़ुरआन ऐसा नहीं है कि अल्लाह के अलावा किसी और द्वारा घड़ लिया जाए, बल्कि यह उसकी पुष्टि करता है, जो इससे पहले है और किताब का विवरण (अर्थात् हलाल एवं हराम तथा धर्म के नियमों की व्याख्या) है। इसमें कोई संदेह नहीं कि यह सारे संसारों के पालनहार की ओर से है।
१०:३८
أَمْ
या
am
या يَقُولُونَ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं ٱفْتَرَىٰهُ ۖ उसने गढ़ लिया है उसे if'tarāhu
उसने गढ़ लिया है उसे قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए فَأْتُوا۟ पस ले आओ fatū
पस ले आओ بِسُورَةٍۢ एक सूरत bisūratin
एक सूरत مِّثْلِهِۦ इस जैसी mith'lihi
इस जैसी وَٱدْعُوا۟ और बुला लो wa-id'ʿū
और बुला लो مَنِ जिन्हें mani
जिन्हें ٱسْتَطَعْتُم इस्तिताअत रखते हो तुम is'taṭaʿtum
इस्तिताअत रखते हो तुम مِّن besides Allah min
besides Allah دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ٣٨ (38)
(38)
या يَقُولُونَ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं ٱفْتَرَىٰهُ ۖ उसने गढ़ लिया है उसे if'tarāhu
उसने गढ़ लिया है उसे قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए فَأْتُوا۟ पस ले आओ fatū
पस ले आओ بِسُورَةٍۢ एक सूरत bisūratin
एक सूरत مِّثْلِهِۦ इस जैसी mith'lihi
इस जैसी وَٱدْعُوا۟ और बुला लो wa-id'ʿū
और बुला लो مَنِ जिन्हें mani
जिन्हें ٱسْتَطَعْتُم इस्तिताअत रखते हो तुम is'taṭaʿtum
इस्तिताअत रखते हो तुम مِّن besides Allah min
besides Allah دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ٣٨ (38)
(38)
क्या वे कहते हैं कि उसने इस (क़ुरआन) को स्वयं गढ़ लिया हैॽ आप कह दें : तो तुम इस जैसी एक सूरत ले आओ और अल्लाह के सिवा जिसे बुला सको बुला लो, यदि तुम सच्चे हो।
१०:३९
بَلْ
बल्कि
bal
बल्कि كَذَّبُوا۟ उन्होंने झुठलाया kadhabū
उन्होंने झुठलाया بِمَا उसे जो bimā
उसे जो لَمْ नहीं lam
नहीं يُحِيطُوا۟ उन्होंने अहाता किया yuḥīṭū
उन्होंने अहाता किया بِعِلْمِهِۦ जिसके इल्म का biʿil'mihi
जिसके इल्म का وَلَمَّا हालाँकि नहीं walammā
हालाँकि नहीं يَأْتِهِمْ आई उनके पास yatihim
आई उनके पास تَأْوِيلُهُۥ ۚ तावील/हक़ीक़त उसकी tawīluhu
तावील/हक़ीक़त उसकी كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह كَذَّبَ झुठलाया kadhaba
झुठलाया ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जो alladhīna
उन लोगों ने जो مِن before them min
before them قَبْلِهِمْ ۖ उनसे पहले थे qablihim
उनसे पहले थे فَٱنظُرْ तो देखो fa-unẓur
तो देखो كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह كَانَ हुआ kāna
हुआ عَـٰقِبَةُ अंजाम ʿāqibatu
अंजाम ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों का l-ẓālimīna
ज़ालिमों का ٣٩ (39)
(39)
बल्कि كَذَّبُوا۟ उन्होंने झुठलाया kadhabū
उन्होंने झुठलाया بِمَا उसे जो bimā
उसे जो لَمْ नहीं lam
नहीं يُحِيطُوا۟ उन्होंने अहाता किया yuḥīṭū
उन्होंने अहाता किया بِعِلْمِهِۦ जिसके इल्म का biʿil'mihi
जिसके इल्म का وَلَمَّا हालाँकि नहीं walammā
हालाँकि नहीं يَأْتِهِمْ आई उनके पास yatihim
आई उनके पास تَأْوِيلُهُۥ ۚ तावील/हक़ीक़त उसकी tawīluhu
तावील/हक़ीक़त उसकी كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह كَذَّبَ झुठलाया kadhaba
झुठलाया ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जो alladhīna
उन लोगों ने जो مِن before them min
before them قَبْلِهِمْ ۖ उनसे पहले थे qablihim
उनसे पहले थे فَٱنظُرْ तो देखो fa-unẓur
तो देखो كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह كَانَ हुआ kāna
हुआ عَـٰقِبَةُ अंजाम ʿāqibatu
अंजाम ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों का l-ẓālimīna
ज़ालिमों का ٣٩ (39)
(39)
बल्कि उन्होंने उस चीज़ को झुठला दिया, जो उनके ज्ञान के घेरे में नहीं1 आया, हालाँकि उसका वास्तविक तथ्य अभी तक उनके पास नहीं आया था। इसी तरह उन लोगों ने झुठलाया जो इनसे पहले थे। तो देखो कि अत्याचारियों का परिणाम कैसा हुआ?
१०:४०
وَمِنْهُم
और उनमें से कोई है
wamin'hum
और उनमें से कोई है مَّن जो man
जो يُؤْمِنُ ईमान लाता है yu'minu
ईमान लाता है بِهِۦ उस पर bihi
उस पर وَمِنْهُم और उनमें से कोई है wamin'hum
और उनमें से कोई है مَّن जो man
जो لَّا (does) not lā
(does) not يُؤْمِنُ नहीं वो ईमान लाता yu'minu
नहीं वो ईमान लाता بِهِۦ ۚ उस पर bihi
उस पर وَرَبُّكَ और रब आपका warabbuka
और रब आपका أَعْلَمُ ख़ूब जानता है aʿlamu
ख़ूब जानता है بِٱلْمُفْسِدِينَ फ़साद करने वालों को bil-muf'sidīna
फ़साद करने वालों को ٤٠ (40)
(40)
और उनमें से कोई है مَّن जो man
जो يُؤْمِنُ ईमान लाता है yu'minu
ईमान लाता है بِهِۦ उस पर bihi
उस पर وَمِنْهُم और उनमें से कोई है wamin'hum
और उनमें से कोई है مَّن जो man
जो لَّا (does) not lā
(does) not يُؤْمِنُ नहीं वो ईमान लाता yu'minu
नहीं वो ईमान लाता بِهِۦ ۚ उस पर bihi
उस पर وَرَبُّكَ और रब आपका warabbuka
और रब आपका أَعْلَمُ ख़ूब जानता है aʿlamu
ख़ूब जानता है بِٱلْمُفْسِدِينَ फ़साद करने वालों को bil-muf'sidīna
फ़साद करने वालों को ٤٠ (40)
(40)
और उनमें से कुछ ऐसे हैं जो इस (क़ुरआन) पर ईमान लाते हैं और उनमें से कुछ ऐसे हैं जो इसपर ईमान नहीं लाते और आपका पालनहार बिगाड़ पैदा करने वालों को भली-भाँति जानने वाला है।
१०:४१
وَإِن
और अगर
wa-in
और अगर كَذَّبُوكَ वो झुठलाऐं आपको kadhabūka
वो झुठलाऐं आपको فَقُل तो कह दीजिए faqul
तो कह दीजिए لِّى मेरे लिए है lī
मेरे लिए है عَمَلِى अमल मेरा ʿamalī
अमल मेरा وَلَكُمْ और तुम्हारे लिए है walakum
और तुम्हारे लिए है عَمَلُكُمْ ۖ अमल तुम्हरा ʿamalukum
अमल तुम्हरा أَنتُم तुम antum
तुम بَرِيٓـُٔونَ बरी उज़ ज़िम्मा हो barīūna
बरी उज़ ज़िम्मा हो مِمَّآ उससे जो mimmā
उससे जो أَعْمَلُ मैं अमल करता हूँ aʿmalu
मैं अमल करता हूँ وَأَنَا۠ और मैं wa-anā
और मैं بَرِىٓءٌۭ बरी उज़ ज़िम्मा हूँ barīon
बरी उज़ ज़िम्मा हूँ مِّمَّا उससे जो mimmā
उससे जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो ٤١ (41)
(41)
और अगर كَذَّبُوكَ वो झुठलाऐं आपको kadhabūka
वो झुठलाऐं आपको فَقُل तो कह दीजिए faqul
तो कह दीजिए لِّى मेरे लिए है lī
मेरे लिए है عَمَلِى अमल मेरा ʿamalī
अमल मेरा وَلَكُمْ और तुम्हारे लिए है walakum
और तुम्हारे लिए है عَمَلُكُمْ ۖ अमल तुम्हरा ʿamalukum
अमल तुम्हरा أَنتُم तुम antum
तुम بَرِيٓـُٔونَ बरी उज़ ज़िम्मा हो barīūna
बरी उज़ ज़िम्मा हो مِمَّآ उससे जो mimmā
उससे जो أَعْمَلُ मैं अमल करता हूँ aʿmalu
मैं अमल करता हूँ وَأَنَا۠ और मैं wa-anā
और मैं بَرِىٓءٌۭ बरी उज़ ज़िम्मा हूँ barīon
बरी उज़ ज़िम्मा हूँ مِّمَّا उससे जो mimmā
उससे जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो ٤١ (41)
(41)
और यदि वे आपको झुठलाएँ, तो आप कह दें कि मेरे लिए मेरा कर्म है और तुम्हारे लिए तुम्हारा कर्म। तुमपर उसका दोष नहीं, जो मैं करता हूँ और मुझपर उसका दोष नहीं, जो तुम करते हो।
१०:४२
وَمِنْهُم
और कुछ उनमें से हैं
wamin'hum
और कुछ उनमें से हैं مَّن जो man
जो يَسْتَمِعُونَ कान लगाते हैं yastamiʿūna
कान लगाते हैं إِلَيْكَ ۚ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके أَفَأَنتَ क्या फिर आप afa-anta
क्या फिर आप تُسْمِعُ सुनाऐंगे tus'miʿu
सुनाऐंगे ٱلصُّمَّ बहरों को l-ṣuma
बहरों को وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे كَانُوا۟ हों वो kānū
हों वो لَا (do) not lā
(do) not يَعْقِلُونَ ना वो अक़्ल रखते yaʿqilūna
ना वो अक़्ल रखते ٤٢ (42)
(42)
और कुछ उनमें से हैं مَّن जो man
जो يَسْتَمِعُونَ कान लगाते हैं yastamiʿūna
कान लगाते हैं إِلَيْكَ ۚ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके أَفَأَنتَ क्या फिर आप afa-anta
क्या फिर आप تُسْمِعُ सुनाऐंगे tus'miʿu
सुनाऐंगे ٱلصُّمَّ बहरों को l-ṣuma
बहरों को وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे كَانُوا۟ हों वो kānū
हों वो لَا (do) not lā
(do) not يَعْقِلُونَ ना वो अक़्ल रखते yaʿqilūna
ना वो अक़्ल रखते ٤٢ (42)
(42)
और उनमें से कुछ ऐसे हैं, जो आपकी ओर कान लगाते हैं। तो क्या आप बहरों1 को सुनाएँगे, अगरचे वे कुछ भी न समझते होंॽ
१०:४३
وَمِنْهُم
और उनमें से कोई है
wamin'hum
और उनमें से कोई है مَّن जो man
जो يَنظُرُ देखता है yanẓuru
देखता है إِلَيْكَ ۚ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके أَفَأَنتَ क्या फिर आप afa-anta
क्या फिर आप تَهْدِى राह दिखाऐंगे tahdī
राह दिखाऐंगे ٱلْعُمْىَ अँधों को l-ʿum'ya
अँधों को وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे كَانُوا۟ हों वो kānū
हों वो لَا (do) not lā
(do) not يُبْصِرُونَ ना वो देखते yub'ṣirūna
ना वो देखते ٤٣ (43)
(43)
और उनमें से कोई है مَّن जो man
जो يَنظُرُ देखता है yanẓuru
देखता है إِلَيْكَ ۚ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके أَفَأَنتَ क्या फिर आप afa-anta
क्या फिर आप تَهْدِى राह दिखाऐंगे tahdī
राह दिखाऐंगे ٱلْعُمْىَ अँधों को l-ʿum'ya
अँधों को وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे كَانُوا۟ हों वो kānū
हों वो لَا (do) not lā
(do) not يُبْصِرُونَ ना वो देखते yub'ṣirūna
ना वो देखते ٤٣ (43)
(43)
और उनमें से कुछ ऐसे हैं, जो आपकी ओर देखते हैं। तो क्या आप अंधों को मार्ग दिखाएँगे, यद्यपि वे न देखते होंॽ
१०:४४
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يَظْلِمُ नहीं ज़ुल्म करता yaẓlimu
नहीं ज़ुल्म करता ٱلنَّاسَ लोगों पर l-nāsa
लोगों पर شَيْـًۭٔا कुछ भी shayan
कुछ भी وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन ٱلنَّاسَ लोग l-nāsa
लोग أَنفُسَهُمْ अपनी ही जानों पर anfusahum
अपनी ही जानों पर يَظْلِمُونَ वो ज़ुल्म करते हैं yaẓlimūna
वो ज़ुल्म करते हैं ٤٤ (44)
(44)
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يَظْلِمُ नहीं ज़ुल्म करता yaẓlimu
नहीं ज़ुल्म करता ٱلنَّاسَ लोगों पर l-nāsa
लोगों पर شَيْـًۭٔا कुछ भी shayan
कुछ भी وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन ٱلنَّاسَ लोग l-nāsa
लोग أَنفُسَهُمْ अपनी ही जानों पर anfusahum
अपनी ही जानों पर يَظْلِمُونَ वो ज़ुल्म करते हैं yaẓlimūna
वो ज़ुल्म करते हैं ٤٤ (44)
(44)
निःसंदेह अल्लाह लोगों पर कुछ भी अत्याचार नहीं करता, परंतु लोग स्वयं ही अपने ऊपर अत्याचार करते हैं।1
१०:४५
وَيَوْمَ
और जिस दिन
wayawma
और जिस दिन يَحْشُرُهُمْ वो इकट्ठा करेगा उन्हें yaḥshuruhum
वो इकट्ठा करेगा उन्हें كَأَن गोया कि ka-an
गोया कि لَّمْ नहीं lam
नहीं يَلْبَثُوٓا۟ वो ठहरे yalbathū
वो ठहरे إِلَّا मगर illā
मगर سَاعَةًۭ एक घड़ी sāʿatan
एक घड़ी مِّنَ of mina
of ٱلنَّهَارِ दिन की l-nahāri
दिन की يَتَعَارَفُونَ वो एक दूसरे को पहचानते रहे yataʿārafūna
वो एक दूसरे को पहचानते रहे بَيْنَهُمْ ۚ आपस में baynahum
आपस में قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ خَسِرَ ख़सारा पाया khasira
ख़सारा पाया ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया بِلِقَآءِ मुलाक़ात को biliqāi
मुलाक़ात को ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की وَمَا और ना wamā
और ना كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो مُهْتَدِينَ हिदायत पाने वाले muh'tadīna
हिदायत पाने वाले ٤٥ (45)
(45)
और जिस दिन يَحْشُرُهُمْ वो इकट्ठा करेगा उन्हें yaḥshuruhum
वो इकट्ठा करेगा उन्हें كَأَن गोया कि ka-an
गोया कि لَّمْ नहीं lam
नहीं يَلْبَثُوٓا۟ वो ठहरे yalbathū
वो ठहरे إِلَّا मगर illā
मगर سَاعَةًۭ एक घड़ी sāʿatan
एक घड़ी مِّنَ of mina
of ٱلنَّهَارِ दिन की l-nahāri
दिन की يَتَعَارَفُونَ वो एक दूसरे को पहचानते रहे yataʿārafūna
वो एक दूसरे को पहचानते रहे بَيْنَهُمْ ۚ आपस में baynahum
आपस में قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ خَسِرَ ख़सारा पाया khasira
ख़सारा पाया ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया بِلِقَآءِ मुलाक़ात को biliqāi
मुलाक़ात को ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की وَمَا और ना wamā
और ना كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो مُهْتَدِينَ हिदायत पाने वाले muh'tadīna
हिदायत पाने वाले ٤٥ (45)
(45)
और जिस दिन वह उन्हें इकट्ठा करेगा, (उन्हें लगेगा) मानो वे दिन की एक घड़ी भर ठहरे हों, वे एक-दूसरे को पहचानेंगे। निःसंदेह वे लोग घाटे में पड़ गए, जिन्होंने अल्लाह से मिलने को झुठलाया और वे मार्ग पाने वाले न हुए।
१०:४६
وَإِمَّا
और अगर
wa-immā
और अगर نُرِيَنَّكَ हम दिखाऐं आपको nuriyannaka
हम दिखाऐं आपको بَعْضَ बाज़ baʿḍa
बाज़ ٱلَّذِى वो चीज़ जो alladhī
वो चीज़ जो نَعِدُهُمْ हम वादा करते हैं उनसे naʿiduhum
हम वादा करते हैं उनसे أَوْ या aw
या نَتَوَفَّيَنَّكَ हम फ़ौत कर दें आपको natawaffayannaka
हम फ़ौत कर दें आपको فَإِلَيْنَا तो तरफ़ हमारे ही fa-ilaynā
तो तरफ़ हमारे ही مَرْجِعُهُمْ लौटना है उनको marjiʿuhum
लौटना है उनको ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह شَهِيدٌ ख़ूब गवाह है shahīdun
ख़ूब गवाह है عَلَىٰ उस पर ʿalā
उस पर مَا जो mā
जो يَفْعَلُونَ वो करते हैं yafʿalūna
वो करते हैं ٤٦ (46)
(46)
और अगर نُرِيَنَّكَ हम दिखाऐं आपको nuriyannaka
हम दिखाऐं आपको بَعْضَ बाज़ baʿḍa
बाज़ ٱلَّذِى वो चीज़ जो alladhī
वो चीज़ जो نَعِدُهُمْ हम वादा करते हैं उनसे naʿiduhum
हम वादा करते हैं उनसे أَوْ या aw
या نَتَوَفَّيَنَّكَ हम फ़ौत कर दें आपको natawaffayannaka
हम फ़ौत कर दें आपको فَإِلَيْنَا तो तरफ़ हमारे ही fa-ilaynā
तो तरफ़ हमारे ही مَرْجِعُهُمْ लौटना है उनको marjiʿuhum
लौटना है उनको ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह شَهِيدٌ ख़ूब गवाह है shahīdun
ख़ूब गवाह है عَلَىٰ उस पर ʿalā
उस पर مَا जो mā
जो يَفْعَلُونَ वो करते हैं yafʿalūna
वो करते हैं ٤٦ (46)
(46)
और अगर कभी हम आपको उसका कुछ हिस्सा दिखा दें, जो हम उनसे वादा करते हैं, या आपको उठा ही लें, तो उनकी वापसी हमारी ही ओर है, फिर जो कुछ वे कर रहे हैं अल्लाह उसका गवाह है।
१०:४७
وَلِكُلِّ
और वास्ते हर
walikulli
और वास्ते हर أُمَّةٍۢ उम्मत के ummatin
उम्मत के رَّسُولٌۭ ۖ एक रसूल है rasūlun
एक रसूल है فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब جَآءَ आ जाता है jāa
आ जाता है رَسُولُهُمْ रसूल उनका rasūluhum
रसूल उनका قُضِىَ फ़ैसला कर दिया जाता है quḍiya
फ़ैसला कर दिया जाता है بَيْنَهُم दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके بِٱلْقِسْطِ साथ इन्साफ़ के bil-qis'ṭi
साथ इन्साफ़ के وَهُمْ और वो wahum
और वो لَا (will) not lā
(will) not يُظْلَمُونَ नहीं वो ज़ुल्म किए जाते yuẓ'lamūna
नहीं वो ज़ुल्म किए जाते ٤٧ (47)
(47)
और वास्ते हर أُمَّةٍۢ उम्मत के ummatin
उम्मत के رَّسُولٌۭ ۖ एक रसूल है rasūlun
एक रसूल है فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब جَآءَ आ जाता है jāa
आ जाता है رَسُولُهُمْ रसूल उनका rasūluhum
रसूल उनका قُضِىَ फ़ैसला कर दिया जाता है quḍiya
फ़ैसला कर दिया जाता है بَيْنَهُم दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके بِٱلْقِسْطِ साथ इन्साफ़ के bil-qis'ṭi
साथ इन्साफ़ के وَهُمْ और वो wahum
और वो لَا (will) not lā
(will) not يُظْلَمُونَ नहीं वो ज़ुल्म किए जाते yuẓ'lamūna
नहीं वो ज़ुल्म किए जाते ٤٧ (47)
(47)
और प्रत्येक समुदाय के लिए एक रसूल है। फिर जब उनका रसूल आ जाता है, तो उनके बीच न्याय के साथ फ़ैसला कर दिया जाता है और उनपर अत्याचार नहीं किया जाता।
१०:४८
وَيَقُولُونَ
और वो कहते हैं
wayaqūlūna
और वो कहते हैं مَتَىٰ कब होगा matā
कब होगा هَـٰذَا (will) this hādhā
(will) this ٱلْوَعْدُ ये वादा l-waʿdu
ये वादा إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ٤٨ (48)
(48)
और वो कहते हैं مَتَىٰ कब होगा matā
कब होगा هَـٰذَا (will) this hādhā
(will) this ٱلْوَعْدُ ये वादा l-waʿdu
ये वादा إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ٤٨ (48)
(48)
और वे कहते हैं कि यह वादा कब पूरा होगा, यदि तुम सच्चे होॽ
१०:४९
قُل
कह दीजिए
qul
कह दीजिए لَّآ Not lā
Not أَمْلِكُ नहीं मैं मालिक amliku
नहीं मैं मालिक لِنَفْسِى अपनी जान के लिए linafsī
अपनी जान के लिए ضَرًّۭا किसी नुक़सान का ḍarran
किसी नुक़सान का وَلَا और ना walā
और ना نَفْعًا किसी नफ़ा का nafʿan
किसी नफ़ा का إِلَّا मगर illā
मगर مَا जो mā
जो شَآءَ चाहे shāa
चाहे ٱللَّهُ ۗ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لِكُلِّ वास्ते हर likulli
वास्ते हर أُمَّةٍ उम्मत के ummatin
उम्मत के أَجَلٌ ۚ एक मुक़र्रर मुद्दत है ajalun
एक मुक़र्रर मुद्दत है إِذَا जब idhā
जब جَآءَ आ जाएगी jāa
आ जाएगी أَجَلُهُمْ मुक़र्रर मुद्दत उनकी ajaluhum
मुक़र्रर मुद्दत उनकी فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं يَسْتَـْٔخِرُونَ वो पीछे रह सकेंगे yastakhirūna
वो पीछे रह सकेंगे سَاعَةًۭ ۖ एक घड़ी sāʿatan
एक घड़ी وَلَا और ना walā
और ना يَسْتَقْدِمُونَ वो आगे बढ़ सकेंगे yastaqdimūna
वो आगे बढ़ सकेंगे ٤٩ (49)
(49)
कह दीजिए لَّآ Not lā
Not أَمْلِكُ नहीं मैं मालिक amliku
नहीं मैं मालिक لِنَفْسِى अपनी जान के लिए linafsī
अपनी जान के लिए ضَرًّۭا किसी नुक़सान का ḍarran
किसी नुक़सान का وَلَا और ना walā
और ना نَفْعًا किसी नफ़ा का nafʿan
किसी नफ़ा का إِلَّا मगर illā
मगर مَا जो mā
जो شَآءَ चाहे shāa
चाहे ٱللَّهُ ۗ अल्लाह l-lahu
अल्लाह لِكُلِّ वास्ते हर likulli
वास्ते हर أُمَّةٍ उम्मत के ummatin
उम्मत के أَجَلٌ ۚ एक मुक़र्रर मुद्दत है ajalun
एक मुक़र्रर मुद्दत है إِذَا जब idhā
जब جَآءَ आ जाएगी jāa
आ जाएगी أَجَلُهُمْ मुक़र्रर मुद्दत उनकी ajaluhum
मुक़र्रर मुद्दत उनकी فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं يَسْتَـْٔخِرُونَ वो पीछे रह सकेंगे yastakhirūna
वो पीछे रह सकेंगे سَاعَةًۭ ۖ एक घड़ी sāʿatan
एक घड़ी وَلَا और ना walā
और ना يَسْتَقْدِمُونَ वो आगे बढ़ सकेंगे yastaqdimūna
वो आगे बढ़ सकेंगे ٤٩ (49)
(49)
आप कह दें कि मैं अपने लिए किसी हानि या लाभ का मालिक नहीं हूँ, परंतु जो अल्लाह चाहे। प्रत्येक समुदाय का एक समय है। जब उनका समय आ जाता है, तो वे एक घड़ी न पीछे रहते हैं और न आगे बढ़ते हैं।
१०:५०
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए أَرَءَيْتُمْ क्या ग़ौर किया तुमने ara-aytum
क्या ग़ौर किया तुमने إِنْ अगर in
अगर أَتَىٰكُمْ आ जाए तुम्हारे पास atākum
आ जाए तुम्हारे पास عَذَابُهُۥ अज़ाब उसका ʿadhābuhu
अज़ाब उसका بَيَـٰتًا रात को bayātan
रात को أَوْ या aw
या نَهَارًۭا दिन को nahāran
दिन को مَّاذَا क़्या है mādhā
क़्या है يَسْتَعْجِلُ वो जल्दी तलब कर रहे हैं (जो) yastaʿjilu
वो जल्दी तलब कर रहे हैं (जो) مِنْهُ उसमें से min'hu
उसमें से ٱلْمُجْرِمُونَ मुजरिम l-muj'rimūna
मुजरिम ٥٠ (50)
(50)
कह दीजिए أَرَءَيْتُمْ क्या ग़ौर किया तुमने ara-aytum
क्या ग़ौर किया तुमने إِنْ अगर in
अगर أَتَىٰكُمْ आ जाए तुम्हारे पास atākum
आ जाए तुम्हारे पास عَذَابُهُۥ अज़ाब उसका ʿadhābuhu
अज़ाब उसका بَيَـٰتًا रात को bayātan
रात को أَوْ या aw
या نَهَارًۭا दिन को nahāran
दिन को مَّاذَا क़्या है mādhā
क़्या है يَسْتَعْجِلُ वो जल्दी तलब कर रहे हैं (जो) yastaʿjilu
वो जल्दी तलब कर रहे हैं (जो) مِنْهُ उसमें से min'hu
उसमें से ٱلْمُجْرِمُونَ मुजरिम l-muj'rimūna
मुजरिम ٥٠ (50)
(50)
(ऐ नबी!) कह दें कि तुम बताओ, यदि उसकी यातना तुमपर रात को या दिन के समय आ जाए, तो अपराधी इसमें से कौन-सी चीज़ जल्दी माँग रहे हैं?
१०:५१
أَثُمَّ
क्या फिर
athumma
क्या फिर إِذَا when idhā
when مَا ज्योहीं mā
ज्योहीं وَقَعَ वो वाक़ेअ होगा waqaʿa
वो वाक़ेअ होगा ءَامَنتُم ईमान लाओगे तुम (तब) āmantum
ईमान लाओगे तुम (तब) بِهِۦٓ ۚ उस पर bihi
उस पर ءَآلْـَٔـٰنَ क्या अब āl'āna
क्या अब وَقَدْ हालाँकि तहक़ीक़ waqad
हालाँकि तहक़ीक़ كُنتُم थे तुम kuntum
थे तुम بِهِۦ उसी को bihi
उसी को تَسْتَعْجِلُونَ तुम जल्दी तलब किया करते tastaʿjilūna
तुम जल्दी तलब किया करते ٥١ (51)
(51)
क्या फिर إِذَا when idhā
when مَا ज्योहीं mā
ज्योहीं وَقَعَ वो वाक़ेअ होगा waqaʿa
वो वाक़ेअ होगा ءَامَنتُم ईमान लाओगे तुम (तब) āmantum
ईमान लाओगे तुम (तब) بِهِۦٓ ۚ उस पर bihi
उस पर ءَآلْـَٔـٰنَ क्या अब āl'āna
क्या अब وَقَدْ हालाँकि तहक़ीक़ waqad
हालाँकि तहक़ीक़ كُنتُم थे तुम kuntum
थे तुम بِهِۦ उसी को bihi
उसी को تَسْتَعْجِلُونَ तुम जल्दी तलब किया करते tastaʿjilūna
तुम जल्दी तलब किया करते ٥١ (51)
(51)
क्या फिर जब वह (यातना) आ जाएगी, तो उसपर ईमान लाओगे? क्या अब! हालाँकि निश्चय तुम इसी के लिए जल्दी मचा रहे थे?
१०:५२
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर قِيلَ कहा जाएगा qīla
कहा जाएगा لِلَّذِينَ उनको जिन्होंने lilladhīna
उनको जिन्होंने ظَلَمُوا۟ ज़ुल्म किया ẓalamū
ज़ुल्म किया ذُوقُوا۟ चखो dhūqū
चखो عَذَابَ अज़ाब ʿadhāba
अज़ाब ٱلْخُلْدِ हमेशगी का l-khul'di
हमेशगी का هَلْ नहीं hal
नहीं تُجْزَوْنَ तुम बदला दिए जा रहे tuj'zawna
तुम बदला दिए जा रहे إِلَّا मगर illā
मगर بِمَا उसका जो bimā
उसका जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَكْسِبُونَ तुम कमाई करते taksibūna
तुम कमाई करते ٥٢ (52)
(52)
फिर قِيلَ कहा जाएगा qīla
कहा जाएगा لِلَّذِينَ उनको जिन्होंने lilladhīna
उनको जिन्होंने ظَلَمُوا۟ ज़ुल्म किया ẓalamū
ज़ुल्म किया ذُوقُوا۟ चखो dhūqū
चखो عَذَابَ अज़ाब ʿadhāba
अज़ाब ٱلْخُلْدِ हमेशगी का l-khul'di
हमेशगी का هَلْ नहीं hal
नहीं تُجْزَوْنَ तुम बदला दिए जा रहे tuj'zawna
तुम बदला दिए जा रहे إِلَّا मगर illā
मगर بِمَا उसका जो bimā
उसका जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَكْسِبُونَ तुम कमाई करते taksibūna
तुम कमाई करते ٥٢ (52)
(52)
फिर अत्याचारियों से कहा जाएगा कि स्थायी यातना का मज़ा चखो। तुम्हें उसी का बदला दिया जाएगा, जो तुम कमाया करते थे।
१०:५३
۞ وَيَسْتَنۢبِـُٔونَكَ
और वो पूछते हैं आपसे
wayastanbiūnaka
और वो पूछते हैं आपसे أَحَقٌّ क्या सच है aḥaqqun
क्या सच है هُوَ ۖ वो huwa
वो قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए إِى हाँ ī
हाँ وَرَبِّىٓ क़सम है मेरे रब की warabbī
क़सम है मेरे रब की إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो لَحَقٌّۭ ۖ यक़ीनन हक़ है laḥaqqun
यक़ीनन हक़ है وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं أَنتُم तुम antum
तुम بِمُعْجِزِينَ आजिज़ करने वाले bimuʿ'jizīna
आजिज़ करने वाले ٥٣ (53)
(53)
और वो पूछते हैं आपसे أَحَقٌّ क्या सच है aḥaqqun
क्या सच है هُوَ ۖ वो huwa
वो قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए إِى हाँ ī
हाँ وَرَبِّىٓ क़सम है मेरे रब की warabbī
क़सम है मेरे रब की إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो لَحَقٌّۭ ۖ यक़ीनन हक़ है laḥaqqun
यक़ीनन हक़ है وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं أَنتُم तुम antum
तुम بِمُعْجِزِينَ आजिज़ करने वाले bimuʿ'jizīna
आजिज़ करने वाले ٥٣ (53)
(53)
और वे आपसे पूछते हैं कि क्या यह बात सत्य ही है? आप कह दें : हाँ, मेरे पालनहार की क़सम! निःसंदेह यह अवश्य सत्य है और तुम अल्लाह को बिल्कुल भी विवश करने वाले नहीं हो।
१०:५४
وَلَوْ
और अगर
walaw
और अगर أَنَّ बेशक हो anna
बेशक हो لِكُلِّ for every likulli
for every نَفْسٍۢ हर नफ़्स के लिए nafsin
हर नफ़्स के लिए ظَلَمَتْ जिसने ज़ुल्म किया ẓalamat
जिसने ज़ुल्म किया مَا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है لَٱفْتَدَتْ अलबत्ता वो फ़िदया दे दे la-if'tadat
अलबत्ता वो फ़िदया दे दे بِهِۦ ۗ उसका bihi
उसका وَأَسَرُّوا۟ और वो छुपाऐंगे wa-asarrū
और वो छुपाऐंगे ٱلنَّدَامَةَ नदामत को l-nadāmata
नदामत को لَمَّا जब lammā
जब رَأَوُا۟ वो देखेंगे ra-awū
वो देखेंगे ٱلْعَذَابَ ۖ अज़ाब l-ʿadhāba
अज़ाब وَقُضِىَ और फ़ैसला कर दिया जाएगा waquḍiya
और फ़ैसला कर दिया जाएगा بَيْنَهُم दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके بِٱلْقِسْطِ ۚ साथ इन्साफ़ के bil-qis'ṭi
साथ इन्साफ़ के وَهُمْ और वो wahum
और वो لَا (will) not lā
(will) not يُظْلَمُونَ ना वो ज़ुल्म किए जाऐंगे yuẓ'lamūna
ना वो ज़ुल्म किए जाऐंगे ٥٤ (54)
(54)
और अगर أَنَّ बेशक हो anna
बेशक हो لِكُلِّ for every likulli
for every نَفْسٍۢ हर नफ़्स के लिए nafsin
हर नफ़्स के लिए ظَلَمَتْ जिसने ज़ुल्म किया ẓalamat
जिसने ज़ुल्म किया مَا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है لَٱفْتَدَتْ अलबत्ता वो फ़िदया दे दे la-if'tadat
अलबत्ता वो फ़िदया दे दे بِهِۦ ۗ उसका bihi
उसका وَأَسَرُّوا۟ और वो छुपाऐंगे wa-asarrū
और वो छुपाऐंगे ٱلنَّدَامَةَ नदामत को l-nadāmata
नदामत को لَمَّا जब lammā
जब رَأَوُا۟ वो देखेंगे ra-awū
वो देखेंगे ٱلْعَذَابَ ۖ अज़ाब l-ʿadhāba
अज़ाब وَقُضِىَ और फ़ैसला कर दिया जाएगा waquḍiya
और फ़ैसला कर दिया जाएगा بَيْنَهُم दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके بِٱلْقِسْطِ ۚ साथ इन्साफ़ के bil-qis'ṭi
साथ इन्साफ़ के وَهُمْ और वो wahum
और वो لَا (will) not lā
(will) not يُظْلَمُونَ ना वो ज़ुल्म किए जाऐंगे yuẓ'lamūna
ना वो ज़ुल्म किए जाऐंगे ٥٤ (54)
(54)
यदि अपने आपपर अत्याचार करने वाले व्यक्ति के पास वह सब कुछ हो, जो धरती पर है, तो वह उसे अवश्य छुड़ौती के रूप में दे डाले। और जब वे यातना को देखेंगे, तो अपने पछतावे को छिपाएँगे। तथा उनके बीच न्याय के साथ फ़ैसला कर दिया जाएगा और उनपर कोई अत्याचार नहीं किया जाएगा।
१०:५५
أَلَآ
ख़बरदार
alā
ख़बरदार إِنَّ बेशक inna
बेशक لِلَّهِ अल्लाह ही के लिए है lillahi
अल्लाह ही के लिए है مَا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में وَٱلْأَرْضِ ۗ और ज़मीन में है wal-arḍi
और ज़मीन में है أَلَآ ख़बरदार alā
ख़बरदार إِنَّ बेशक inna
बेशक وَعْدَ वादा waʿda
वादा ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का حَقٌّۭ सच्चा है ḥaqqun
सच्चा है وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन أَكْثَرَهُمْ अक्सर उनके aktharahum
अक्सर उनके لَا (do) not lā
(do) not يَعْلَمُونَ नहीं वो इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं वो इल्म रखते ٥٥ (55)
(55)
ख़बरदार إِنَّ बेशक inna
बेशक لِلَّهِ अल्लाह ही के लिए है lillahi
अल्लाह ही के लिए है مَا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में وَٱلْأَرْضِ ۗ और ज़मीन में है wal-arḍi
और ज़मीन में है أَلَآ ख़बरदार alā
ख़बरदार إِنَّ बेशक inna
बेशक وَعْدَ वादा waʿda
वादा ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का حَقٌّۭ सच्चा है ḥaqqun
सच्चा है وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन أَكْثَرَهُمْ अक्सर उनके aktharahum
अक्सर उनके لَا (do) not lā
(do) not يَعْلَمُونَ नहीं वो इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं वो इल्म रखते ٥٥ (55)
(55)
सुनो! आकाशों और धरती में जो कुछ है, अल्लाह ही का है। सुनो! निःसंदेह अल्लाह का वादा सच्चा है, लेकिन उनमें से अधिकतर लोग नहीं जानते।
१०:५६
هُوَ
वो ही
huwa
वो ही يُحْىِۦ वो ज़िन्दा करता है yuḥ'yī
वो ज़िन्दा करता है وَيُمِيتُ और वो मौत देता है wayumītu
और वो मौत देता है وَإِلَيْهِ और तरफ़ उसी के wa-ilayhi
और तरफ़ उसी के تُرْجَعُونَ तुम लौटाए जाओगे tur'jaʿūna
तुम लौटाए जाओगे ٥٦ (56)
(56)
वो ही يُحْىِۦ वो ज़िन्दा करता है yuḥ'yī
वो ज़िन्दा करता है وَيُمِيتُ और वो मौत देता है wayumītu
और वो मौत देता है وَإِلَيْهِ और तरफ़ उसी के wa-ilayhi
और तरफ़ उसी के تُرْجَعُونَ तुम लौटाए जाओगे tur'jaʿūna
तुम लौटाए जाओगे ٥٦ (56)
(56)
वही जीवन देता तथा मारता है और उसी की ओर तुम लौटाए जाओगे।1
१०:५७
يَـٰٓأَيُّهَا
O mankind
yāayyuhā
O mankind ٱلنَّاسُ ऐ लोगो l-nāsu
ऐ लोगो قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ جَآءَتْكُم आ चुकी तुम्हारे पास jāatkum
आ चुकी तुम्हारे पास مَّوْعِظَةٌۭ एक नसीहत mawʿiẓatun
एक नसीहत مِّن from min
from رَّبِّكُمْ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से وَشِفَآءٌۭ और शिफ़ा washifāon
और शिफ़ा لِّمَا उसके लिए जो limā
उसके लिए जो فِى (is) in fī
(is) in ٱلصُّدُورِ सीनों में है l-ṣudūri
सीनों में है وَهُدًۭى और हिदायत wahudan
और हिदायत وَرَحْمَةٌۭ और रहमत waraḥmatun
और रहमत لِّلْمُؤْمِنِينَ ईमान लाने वालों के लिए lil'mu'minīna
ईमान लाने वालों के लिए ٥٧ (57)
(57)
O mankind ٱلنَّاسُ ऐ लोगो l-nāsu
ऐ लोगो قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ جَآءَتْكُم आ चुकी तुम्हारे पास jāatkum
आ चुकी तुम्हारे पास مَّوْعِظَةٌۭ एक नसीहत mawʿiẓatun
एक नसीहत مِّن from min
from رَّبِّكُمْ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से وَشِفَآءٌۭ और शिफ़ा washifāon
और शिफ़ा لِّمَا उसके लिए जो limā
उसके लिए जो فِى (is) in fī
(is) in ٱلصُّدُورِ सीनों में है l-ṣudūri
सीनों में है وَهُدًۭى और हिदायत wahudan
और हिदायत وَرَحْمَةٌۭ और रहमत waraḥmatun
और रहमत لِّلْمُؤْمِنِينَ ईमान लाने वालों के लिए lil'mu'minīna
ईमान लाने वालों के लिए ٥٧ (57)
(57)
ऐ लोगो! निःसंदेह तुम्हारे पास तुम्हारे पालनहार की ओर से बड़ी नसीहत और सीनों में जो कुछ (रोग) है उसके लिए पूर्णतया शिफ़ा और ईमान वालों के लिए सर्वथा हिदायत और रहमत आई है।
१०:५८
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए بِفَضْلِ In the Bounty bifaḍli
In the Bounty ٱللَّهِ साथ अल्लाह के फ़ज़ल के l-lahi
साथ अल्लाह के फ़ज़ल के وَبِرَحْمَتِهِۦ और उसकी रहमत के wabiraḥmatihi
और उसकी रहमत के فَبِذَٰلِكَ तो उस पर fabidhālika
तो उस पर فَلْيَفْرَحُوا۟ पस ज़रूर वो ख़ुश हों falyafraḥū
पस ज़रूर वो ख़ुश हों هُوَ वो huwa
वो خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है مِّمَّا उससे जो mimmā
उससे जो يَجْمَعُونَ वो जमा करते हैं yajmaʿūna
वो जमा करते हैं ٥٨ (58)
(58)
कह दीजिए بِفَضْلِ In the Bounty bifaḍli
In the Bounty ٱللَّهِ साथ अल्लाह के फ़ज़ल के l-lahi
साथ अल्लाह के फ़ज़ल के وَبِرَحْمَتِهِۦ और उसकी रहमत के wabiraḥmatihi
और उसकी रहमत के فَبِذَٰلِكَ तो उस पर fabidhālika
तो उस पर فَلْيَفْرَحُوا۟ पस ज़रूर वो ख़ुश हों falyafraḥū
पस ज़रूर वो ख़ुश हों هُوَ वो huwa
वो خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है مِّمَّا उससे जो mimmā
उससे जो يَجْمَعُونَ वो जमा करते हैं yajmaʿūna
वो जमा करते हैं ٥٨ (58)
(58)
आप कह दें : (यह) अल्लाह के अनुग्रह और उसकी दया के कारण है। अतः उन्हें इसी पर प्रसन्न होना चाहिए। यह उससे उत्तम है, जो वे इकट्ठा कर रहे हैं।
१०:५९
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए أَرَءَيْتُم क्या ग़ौर किया तुमने ara-aytum
क्या ग़ौर किया तुमने مَّآ जो mā
जो أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّن of min
of رِّزْقٍۢ रिज़्क़ में से riz'qin
रिज़्क़ में से فَجَعَلْتُم तो बना लिया तुमने fajaʿaltum
तो बना लिया तुमने مِّنْهُ उसमें से min'hu
उसमें से حَرَامًۭا कुछ हराम ḥarāman
कुछ हराम وَحَلَـٰلًۭا और कुछ हलाल waḥalālan
और कुछ हलाल قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए ءَآللَّهُ क्या अल्लाह ने āllahu
क्या अल्लाह ने أَذِنَ इजाज़त दी है adhina
इजाज़त दी है لَكُمْ ۖ तुम्हें lakum
तुम्हें أَمْ या am
या عَلَى about ʿalā
about ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर تَفْتَرُونَ तुम झूठ गढ़ते हो taftarūna
तुम झूठ गढ़ते हो ٥٩ (59)
(59)
कह दीजिए أَرَءَيْتُم क्या ग़ौर किया तुमने ara-aytum
क्या ग़ौर किया तुमने مَّآ जो mā
जो أَنزَلَ नाज़िल किया anzala
नाज़िल किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّن of min
of رِّزْقٍۢ रिज़्क़ में से riz'qin
रिज़्क़ में से فَجَعَلْتُم तो बना लिया तुमने fajaʿaltum
तो बना लिया तुमने مِّنْهُ उसमें से min'hu
उसमें से حَرَامًۭا कुछ हराम ḥarāman
कुछ हराम وَحَلَـٰلًۭا और कुछ हलाल waḥalālan
और कुछ हलाल قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए ءَآللَّهُ क्या अल्लाह ने āllahu
क्या अल्लाह ने أَذِنَ इजाज़त दी है adhina
इजाज़त दी है لَكُمْ ۖ तुम्हें lakum
तुम्हें أَمْ या am
या عَلَى about ʿalā
about ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर تَفْتَرُونَ तुम झूठ गढ़ते हो taftarūna
तुम झूठ गढ़ते हो ٥٩ (59)
(59)
(ऐ नबी!) कह दें : क्या तुमने देखा जो अल्लाह ने तुम्हारे लिए रोज़ी उतारी है, फिर तुमने उसमें से कुछ को हराम और कुछ को हलाल ठहरा लिया? (आप उनसे) पूछें : क्या अल्लाह ने तुम्हें (इसकी) अनुमति दी है या तुम अल्लाह पर झूठा आरोप लगा रहे होॽ1
१०:६०
وَمَا
और क्या है
wamā
और क्या है ظَنُّ गुमान ẓannu
गुमान ٱلَّذِينَ उनका जो alladhīna
उनका जो يَفْتَرُونَ गढ़ते हैं yaftarūna
गढ़ते हैं عَلَى against ʿalā
against ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर ٱلْكَذِبَ झूठ l-kadhiba
झूठ يَوْمَ (on) the Day yawma
(on) the Day ٱلْقِيَـٰمَةِ ۗ क़यामत के दिन में l-qiyāmati
क़यामत के दिन में إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَذُو (is) surely Full (of) Bounty ladhū
(is) surely Full (of) Bounty فَضْلٍ अलबत्ता फ़ज़ल वाला है faḍlin
अलबत्ता फ़ज़ल वाला है عَلَى to ʿalā
to ٱلنَّاسِ लोगों पर l-nāsi
लोगों पर وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन أَكْثَرَهُمْ अक्सर उनके aktharahum
अक्सर उनके لَا (are) not lā
(are) not يَشْكُرُونَ नहीं वो शुक्र करते yashkurūna
नहीं वो शुक्र करते ٦٠ (60)
(60)
और क्या है ظَنُّ गुमान ẓannu
गुमान ٱلَّذِينَ उनका जो alladhīna
उनका जो يَفْتَرُونَ गढ़ते हैं yaftarūna
गढ़ते हैं عَلَى against ʿalā
against ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर ٱلْكَذِبَ झूठ l-kadhiba
झूठ يَوْمَ (on) the Day yawma
(on) the Day ٱلْقِيَـٰمَةِ ۗ क़यामत के दिन में l-qiyāmati
क़यामत के दिन में إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَذُو (is) surely Full (of) Bounty ladhū
(is) surely Full (of) Bounty فَضْلٍ अलबत्ता फ़ज़ल वाला है faḍlin
अलबत्ता फ़ज़ल वाला है عَلَى to ʿalā
to ٱلنَّاسِ लोगों पर l-nāsi
लोगों पर وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन أَكْثَرَهُمْ अक्सर उनके aktharahum
अक्सर उनके لَا (are) not lā
(are) not يَشْكُرُونَ नहीं वो शुक्र करते yashkurūna
नहीं वो शुक्र करते ٦٠ (60)
(60)
और जो लोग अल्लाह पर झूठा आरोप लगा रहे हैं, उनका क़ियामत के दिन के बारे में क्या ख़याल हैॽ निःसंदेह अल्लाह तो लोगों पर बड़े अनुग्रह1 वाला है, परंतु उनमें से अक्सर शुक्र अदा नहीं करते।
१०:६१
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं تَكُونُ आप होते takūnu
आप होते فِى [in] fī
[in] شَأْنٍۢ किसी हाल में shanin
किसी हाल में وَمَا और नहीं wamā
और नहीं تَتْلُوا۟ आप पढ़ते tatlū
आप पढ़ते مِنْهُ उस (की तरफ़) से min'hu
उस (की तरफ़) से مِن from min
from قُرْءَانٍۢ कुछ क़ुरआन qur'ānin
कुछ क़ुरआन وَلَا और नहीं walā
और नहीं تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो مِنْ any min
any عَمَلٍ कोई अमल ʿamalin
कोई अमल إِلَّا मगर illā
मगर كُنَّا होते हैं हम kunnā
होते हैं हम عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर شُهُودًا गवाह/शाहिद shuhūdan
गवाह/शाहिद إِذْ जब idh
जब تُفِيضُونَ तुम मशग़ूल होते हो tufīḍūna
तुम मशग़ूल होते हो فِيهِ ۚ उसमें fīhi
उसमें وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَعْزُبُ छुपता yaʿzubu
छुपता عَن from ʿan
from رَّبِّكَ आपके रब से rabbika
आपके रब से مِن of min
of مِّثْقَالِ हम वज़न mith'qāli
हम वज़न ذَرَّةٍۢ ज़र्रे के dharratin
ज़र्रे के فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में وَلَا और ना walā
और ना فِى in fī
in ٱلسَّمَآءِ आसमान में l-samāi
आसमान में وَلَآ और ना walā
और ना أَصْغَرَ छोटा aṣghara
छोटा مِن than min
than ذَٰلِكَ उससे dhālika
उससे وَلَآ और ना walā
और ना أَكْبَرَ बड़ा akbara
बड़ा إِلَّا मगर illā
मगर فِى (is) in fī
(is) in كِتَـٰبٍۢ a Record kitābin
a Record مُّبِينٍ एक खुली किताब में है mubīnin
एक खुली किताब में है ٦١ (61)
(61)
और नहीं تَكُونُ आप होते takūnu
आप होते فِى [in] fī
[in] شَأْنٍۢ किसी हाल में shanin
किसी हाल में وَمَا और नहीं wamā
और नहीं تَتْلُوا۟ आप पढ़ते tatlū
आप पढ़ते مِنْهُ उस (की तरफ़) से min'hu
उस (की तरफ़) से مِن from min
from قُرْءَانٍۢ कुछ क़ुरआन qur'ānin
कुछ क़ुरआन وَلَا और नहीं walā
और नहीं تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो مِنْ any min
any عَمَلٍ कोई अमल ʿamalin
कोई अमल إِلَّا मगर illā
मगर كُنَّا होते हैं हम kunnā
होते हैं हम عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर شُهُودًا गवाह/शाहिद shuhūdan
गवाह/शाहिद إِذْ जब idh
जब تُفِيضُونَ तुम मशग़ूल होते हो tufīḍūna
तुम मशग़ूल होते हो فِيهِ ۚ उसमें fīhi
उसमें وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَعْزُبُ छुपता yaʿzubu
छुपता عَن from ʿan
from رَّبِّكَ आपके रब से rabbika
आपके रब से مِن of min
of مِّثْقَالِ हम वज़न mith'qāli
हम वज़न ذَرَّةٍۢ ज़र्रे के dharratin
ज़र्रे के فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में وَلَا और ना walā
और ना فِى in fī
in ٱلسَّمَآءِ आसमान में l-samāi
आसमान में وَلَآ और ना walā
और ना أَصْغَرَ छोटा aṣghara
छोटा مِن than min
than ذَٰلِكَ उससे dhālika
उससे وَلَآ और ना walā
और ना أَكْبَرَ बड़ा akbara
बड़ा إِلَّا मगर illā
मगर فِى (is) in fī
(is) in كِتَـٰبٍۢ a Record kitābin
a Record مُّبِينٍ एक खुली किताब में है mubīnin
एक खुली किताब में है ٦١ (61)
(61)
(ऐ नबी!) आप जिस दशा में भी होते हैं और क़ुरआन में से जो कुछ भी पढ़ते हैं, तथा (ऐ ईमान वालो!) तुम जो भी कर्म करते हो, हम तुम्हें देख रहे होते हैं, जब तुम उसमें लगे होतो हो। और आपके पालनहार से कोई कण भर भी चीज़ न तो धरती में छिपी रहती है और न आकाश में, तथा न उससे कोई छोटी चीज़ है और न बड़ी, परंतु एक स्पष्ट पुस्तक में मौजूद है।
१०:६२
أَلَآ
ख़बरदार
alā
ख़बरदार إِنَّ बेशक inna
बेशक أَوْلِيَآءَ दोस्त awliyāa
दोस्त ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के لَا (there will be) no lā
(there will be) no خَوْفٌ ना कोई ख़ौफ़ होगा khawfun
ना कोई ख़ौफ़ होगा عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يَحْزَنُونَ वो ग़मगीन होंगे yaḥzanūna
वो ग़मगीन होंगे ٦٢ (62)
(62)
ख़बरदार إِنَّ बेशक inna
बेशक أَوْلِيَآءَ दोस्त awliyāa
दोस्त ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के لَا (there will be) no lā
(there will be) no خَوْفٌ ना कोई ख़ौफ़ होगा khawfun
ना कोई ख़ौफ़ होगा عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يَحْزَنُونَ वो ग़मगीन होंगे yaḥzanūna
वो ग़मगीन होंगे ٦٢ (62)
(62)
सुन लो! निःसंदेह अल्लाह के मित्रों को न कोई भय है और न वे शोकाकुल होंगे।
१०:६३
ٱلَّذِينَ
वो जो
alladhīna
वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَكَانُوا۟ और हैं वो wakānū
और हैं वो يَتَّقُونَ वो तक़वा करते yattaqūna
वो तक़वा करते ٦٣ (63)
(63)
वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَكَانُوا۟ और हैं वो wakānū
और हैं वो يَتَّقُونَ वो तक़वा करते yattaqūna
वो तक़वा करते ٦٣ (63)
(63)
वे लोग जो ईमान लाए और अल्लाह से डरते थे।
१०:६४
لَهُمُ
उन्हीं के लिए
lahumu
उन्हीं के लिए ٱلْبُشْرَىٰ ख़ुशख़बरी है l-bush'rā
ख़ुशख़बरी है فِى in fī
in ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी में l-ḥayati
ज़िन्दगी में ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَفِى and in wafī
and in ٱلْـَٔاخِرَةِ ۚ और आख़िरत में l-ākhirati
और आख़िरत में لَا No lā
No تَبْدِيلَ नहीं तबदील होना tabdīla
नहीं तबदील होना لِكَلِمَـٰتِ कलिमात को likalimāti
कलिमात को ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ذَٰلِكَ ये है dhālika
ये है هُوَ वो ही huwa
वो ही ٱلْفَوْزُ कामयाबी l-fawzu
कामयाबी ٱلْعَظِيمُ बहुत बड़ी l-ʿaẓīmu
बहुत बड़ी ٦٤ (64)
(64)
उन्हीं के लिए ٱلْبُشْرَىٰ ख़ुशख़बरी है l-bush'rā
ख़ुशख़बरी है فِى in fī
in ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी में l-ḥayati
ज़िन्दगी में ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَفِى and in wafī
and in ٱلْـَٔاخِرَةِ ۚ और आख़िरत में l-ākhirati
और आख़िरत में لَا No lā
No تَبْدِيلَ नहीं तबदील होना tabdīla
नहीं तबदील होना لِكَلِمَـٰتِ कलिमात को likalimāti
कलिमात को ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ذَٰلِكَ ये है dhālika
ये है هُوَ वो ही huwa
वो ही ٱلْفَوْزُ कामयाबी l-fawzu
कामयाबी ٱلْعَظِيمُ बहुत बड़ी l-ʿaẓīmu
बहुत बड़ी ٦٤ (64)
(64)
उन्हीं के लिए सांसारिक जीवन में शुभ सूचना है और आख़िरत में भी। अल्लाह की बातों के लिए कोई बदलाव नहीं है। यही बहुत बड़ी सफलता है।
१०:६५
وَلَا
और ना
walā
और ना يَحْزُنكَ ग़मगीन करे आपको yaḥzunka
ग़मगीन करे आपको قَوْلُهُمْ ۘ बात उनकी qawluhum
बात उनकी إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلْعِزَّةَ इज़्ज़त l-ʿizata
इज़्ज़त لِلَّهِ अल्लाह ही के लिए है lillahi
अल्लाह ही के लिए है جَمِيعًا ۚ सारी की सारी jamīʿan
सारी की सारी هُوَ वो huwa
वो ٱلسَّمِيعُ ख़ूब सुनने वाला है l-samīʿu
ख़ूब सुनने वाला है ٱلْعَلِيمُ ख़ूब जानने वाला है l-ʿalīmu
ख़ूब जानने वाला है ٦٥ (65)
(65)
और ना يَحْزُنكَ ग़मगीन करे आपको yaḥzunka
ग़मगीन करे आपको قَوْلُهُمْ ۘ बात उनकी qawluhum
बात उनकी إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلْعِزَّةَ इज़्ज़त l-ʿizata
इज़्ज़त لِلَّهِ अल्लाह ही के लिए है lillahi
अल्लाह ही के लिए है جَمِيعًا ۚ सारी की सारी jamīʿan
सारी की सारी هُوَ वो huwa
वो ٱلسَّمِيعُ ख़ूब सुनने वाला है l-samīʿu
ख़ूब सुनने वाला है ٱلْعَلِيمُ ख़ूब जानने वाला है l-ʿalīmu
ख़ूब जानने वाला है ٦٥ (65)
(65)
तथा (ऐ नबी!) आपको उनकी बात दुःखी न करे। निःसंदेह सारा प्रभुत्व अल्लाह ही के लिए है। वही सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।
१०:६६
أَلَآ
ख़बरदार
alā
ख़बरदार إِنَّ बेशक inna
बेशक لِلَّهِ अल्लाह ही के लिए है lillahi
अल्लाह ही के लिए है مَن जो कोई man
जो कोई فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ۗ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है وَمَا और किसकी wamā
और किसकी يَتَّبِعُ पैरवी करते हैं yattabiʿu
पैरवी करते हैं ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो يَدْعُونَ पुकारते हैं yadʿūna
पुकारते हैं مِن other than Allah min
other than Allah دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के شُرَكَآءَ ۚ शरीकों को shurakāa
शरीकों को إِن नहीं in
नहीं يَتَّبِعُونَ वो पैरवी करते yattabiʿūna
वो पैरवी करते إِلَّا मगर illā
मगर ٱلظَّنَّ गुमान की l-ẓana
गुमान की وَإِنْ और नहीं wa-in
और नहीं هُمْ वो hum
वो إِلَّا मगर illā
मगर يَخْرُصُونَ वो क़यास आराईयाँ करते हैं yakhruṣūna
वो क़यास आराईयाँ करते हैं ٦٦ (66)
(66)
ख़बरदार إِنَّ बेशक inna
बेशक لِلَّهِ अल्लाह ही के लिए है lillahi
अल्लाह ही के लिए है مَن जो कोई man
जो कोई فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ۗ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है وَمَا और किसकी wamā
और किसकी يَتَّبِعُ पैरवी करते हैं yattabiʿu
पैरवी करते हैं ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो يَدْعُونَ पुकारते हैं yadʿūna
पुकारते हैं مِن other than Allah min
other than Allah دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के شُرَكَآءَ ۚ शरीकों को shurakāa
शरीकों को إِن नहीं in
नहीं يَتَّبِعُونَ वो पैरवी करते yattabiʿūna
वो पैरवी करते إِلَّا मगर illā
मगर ٱلظَّنَّ गुमान की l-ẓana
गुमान की وَإِنْ और नहीं wa-in
और नहीं هُمْ वो hum
वो إِلَّا मगर illā
मगर يَخْرُصُونَ वो क़यास आराईयाँ करते हैं yakhruṣūna
वो क़यास आराईयाँ करते हैं ٦٦ (66)
(66)
सुन लो! निःसंदेह अल्लाह ही के लिए है जो कोई आसमानों में है और जो कोई ज़मीन में है और जो अल्लाह के सिवा दूसरे साझीदारों को पुकारते हैं, वे किस चीज़ की पैरवी कर रहे हैंॽ वे केवल अनुमान की पैरवी कर रहे हैं और वे मात्र अटकलें लगा रहे हैं।
१०:६७
هُوَ
वो ही है
huwa
वो ही है ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने جَعَلَ बनाया jaʿala
बनाया لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلَّيْلَ रात को al-layla
रात को لِتَسْكُنُوا۟ ताकि तुम सुकून हासिल करो litaskunū
ताकि तुम सुकून हासिल करो فِيهِ उसमें fīhi
उसमें وَٱلنَّهَارَ और दिन को wal-nahāra
और दिन को مُبْصِرًا ۚ रोशन/दिखाने वाला mub'ṣiran
रोशन/दिखाने वाला إِنَّ बेशक inna
बेशक فِى in fī
in ذَٰلِكَ इसमें dhālika
इसमें لَـَٔايَـٰتٍۢ अलबत्ता निशानियाँ हैं laāyātin
अलबत्ता निशानियाँ हैं لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يَسْمَعُونَ जो सुनते हों yasmaʿūna
जो सुनते हों ٦٧ (67)
(67)
वो ही है ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने جَعَلَ बनाया jaʿala
बनाया لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلَّيْلَ रात को al-layla
रात को لِتَسْكُنُوا۟ ताकि तुम सुकून हासिल करो litaskunū
ताकि तुम सुकून हासिल करो فِيهِ उसमें fīhi
उसमें وَٱلنَّهَارَ और दिन को wal-nahāra
और दिन को مُبْصِرًا ۚ रोशन/दिखाने वाला mub'ṣiran
रोशन/दिखाने वाला إِنَّ बेशक inna
बेशक فِى in fī
in ذَٰلِكَ इसमें dhālika
इसमें لَـَٔايَـٰتٍۢ अलबत्ता निशानियाँ हैं laāyātin
अलबत्ता निशानियाँ हैं لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يَسْمَعُونَ जो सुनते हों yasmaʿūna
जो सुनते हों ٦٧ (67)
(67)
वही है, जिसने तुम्हारे लिए रात बनाई, ताकि उसमें आराम करो और दिन को प्रकाशमान बनाया। निःसंदेह इसमें उन लोगों के लिए बहुत-सी निशानियाँ हैं, जो सुनते हैं।
१०:६८
قَالُوا۟
उन्होंने कहा
qālū
उन्होंने कहा ٱتَّخَذَ बना ली ittakhadha
बना ली ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَلَدًۭا ۗ औलाद waladan
औलाद سُبْحَـٰنَهُۥ ۖ पाक है वो sub'ḥānahu
पाक है वो هُوَ वो huwa
वो ٱلْغَنِىُّ ۖ बहुत बेनियाज़ है l-ghaniyu
बहुत बेनियाज़ है لَهُۥ उसी के लिए है lahu
उसी के लिए है مَا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ۚ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है إِنْ नहीं in
नहीं عِندَكُم तुम्हारे पास ʿindakum
तुम्हारे पास مِّن any min
any سُلْطَـٰنٍۭ कोई दलील sul'ṭānin
कोई दलील بِهَـٰذَآ ۚ इसकी bihādhā
इसकी أَتَقُولُونَ क्या तुम कहते हो ataqūlūna
क्या तुम कहते हो عَلَى about ʿalā
about ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर مَا जो mā
जो لَا not lā
not تَعْلَمُونَ नहीं तुम जानते taʿlamūna
नहीं तुम जानते ٦٨ (68)
(68)
उन्होंने कहा ٱتَّخَذَ बना ली ittakhadha
बना ली ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने وَلَدًۭا ۗ औलाद waladan
औलाद سُبْحَـٰنَهُۥ ۖ पाक है वो sub'ḥānahu
पाक है वो هُوَ वो huwa
वो ٱلْغَنِىُّ ۖ बहुत बेनियाज़ है l-ghaniyu
बहुत बेनियाज़ है لَهُۥ उसी के लिए है lahu
उसी के लिए है مَا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ۚ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है إِنْ नहीं in
नहीं عِندَكُم तुम्हारे पास ʿindakum
तुम्हारे पास مِّن any min
any سُلْطَـٰنٍۭ कोई दलील sul'ṭānin
कोई दलील بِهَـٰذَآ ۚ इसकी bihādhā
इसकी أَتَقُولُونَ क्या तुम कहते हो ataqūlūna
क्या तुम कहते हो عَلَى about ʿalā
about ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर مَا जो mā
जो لَا not lā
not تَعْلَمُونَ नहीं तुम जानते taʿlamūna
नहीं तुम जानते ٦٨ (68)
(68)
उन्होंने कहा कि अल्लाह ने कोई औलाद बना रखी है। वह पवित्र है, वह निस्पृह है। जो कुछ आकाशों में है और जो कुछ धरती में है, उसी का है।तुम्हारे पास इसका कोई प्रमाण नहीं है। क्या तुम अल्लाह के विषय में ऐसी बात कहते हो, जिसे तुम नहीं जानते?
१०:६९
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो يَفْتَرُونَ गढ़ते हैं yaftarūna
गढ़ते हैं عَلَى against ʿalā
against ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर ٱلْكَذِبَ झूठ l-kadhiba
झूठ لَا they will not succeed lā
they will not succeed يُفْلِحُونَ नहीं वो फ़लाह पाऐंगे yuf'liḥūna
नहीं वो फ़लाह पाऐंगे ٦٩ (69)
(69)
कह दीजिए إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो يَفْتَرُونَ गढ़ते हैं yaftarūna
गढ़ते हैं عَلَى against ʿalā
against ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर ٱلْكَذِبَ झूठ l-kadhiba
झूठ لَا they will not succeed lā
they will not succeed يُفْلِحُونَ नहीं वो फ़लाह पाऐंगे yuf'liḥūna
नहीं वो फ़लाह पाऐंगे ٦٩ (69)
(69)
आप कह दें : निःसंदेह जो लोग अल्लाह पर झूठ गढ़ते हैं, वे सफल नहीं होंगे।
१०:७०
مَتَـٰعٌۭ
फ़ायदा उठाना है
matāʿun
फ़ायदा उठाना है فِى in fī
in ٱلدُّنْيَا दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में ثُمَّ फिर thumma
फिर إِلَيْنَا तरफ़ हमारे ही ilaynā
तरफ़ हमारे ही مَرْجِعُهُمْ लौटना है उनका marjiʿuhum
लौटना है उनका ثُمَّ फिर thumma
फिर نُذِيقُهُمُ हम चखाऐंगे उन्हें nudhīquhumu
हम चखाऐंगे उन्हें ٱلْعَذَابَ अज़ाब l-ʿadhāba
अज़ाब ٱلشَّدِيدَ सख़्त/शदीद l-shadīda
सख़्त/शदीद بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَكْفُرُونَ वो कुफ़्र करते yakfurūna
वो कुफ़्र करते ٧٠ (70)
(70)
फ़ायदा उठाना है فِى in fī
in ٱلدُّنْيَا दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में ثُمَّ फिर thumma
फिर إِلَيْنَا तरफ़ हमारे ही ilaynā
तरफ़ हमारे ही مَرْجِعُهُمْ लौटना है उनका marjiʿuhum
लौटना है उनका ثُمَّ फिर thumma
फिर نُذِيقُهُمُ हम चखाऐंगे उन्हें nudhīquhumu
हम चखाऐंगे उन्हें ٱلْعَذَابَ अज़ाब l-ʿadhāba
अज़ाब ٱلشَّدِيدَ सख़्त/शदीद l-shadīda
सख़्त/शदीद بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَكْفُرُونَ वो कुफ़्र करते yakfurūna
वो कुफ़्र करते ٧٠ (70)
(70)
दुनिया में थोड़ा-सा फ़ायदा है, फिर हमारी ही तरफ़ उनकी वापसी है, फिर हम उन्हें बहुत सख़्त अज़ाब चखाएँगे, उसके कारण जो वे कुफ़्र करते थे।
१०:७१
۞ وَٱتْلُ
और पढ़िए
wa-ut'lu
और पढ़िए عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर نَبَأَ खबर naba-a
खबर نُوحٍ नूह की nūḥin
नूह की إِذْ जब idh
जब قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा لِقَوْمِهِۦ अपनी क़ौम से liqawmihi
अपनी क़ौम से يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम إِن अगर in
अगर كَانَ है kāna
है كَبُرَ भारी kabura
भारी عَلَيْكُم तुम पर ʿalaykum
तुम पर مَّقَامِى खड़ा होना मेरा maqāmī
खड़ा होना मेरा وَتَذْكِيرِى और नसीहत करना मेरा watadhkīrī
और नसीहत करना मेरा بِـَٔايَـٰتِ the Signs of Allah biāyāti
the Signs of Allah ٱللَّهِ साथ अल्लाह की आयात के l-lahi
साथ अल्लाह की आयात के فَعَلَى then on faʿalā
then on ٱللَّهِ तो अल्लाह ही पर l-lahi
तो अल्लाह ही पर تَوَكَّلْتُ तवक्कल किया मैंने tawakkaltu
तवक्कल किया मैंने فَأَجْمِعُوٓا۟ तो पुख़्ता कर लो तुम fa-ajmiʿū
तो पुख़्ता कर लो तुम أَمْرَكُمْ मामला अपना amrakum
मामला अपना وَشُرَكَآءَكُمْ और शरीक तुम्हारे (भी) washurakāakum
और शरीक तुम्हारे (भी) ثُمَّ फिर thumma
फिर لَا let not be lā
let not be يَكُنْ ना हो yakun
ना हो أَمْرُكُمْ मामला तुम्हारा amrukum
मामला तुम्हारा عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर غُمَّةًۭ पोशीदा/मख़्फी ghummatan
पोशीदा/मख़्फी ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱقْضُوٓا۟ फ़ैसला करो iq'ḍū
फ़ैसला करो إِلَىَّ साथ मेरे ilayya
साथ मेरे وَلَا और ना walā
और ना تُنظِرُونِ तुम मोहलत दो मुझे tunẓirūni
तुम मोहलत दो मुझे ٧١ (71)
(71)
और पढ़िए عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर نَبَأَ खबर naba-a
खबर نُوحٍ नूह की nūḥin
नूह की إِذْ जब idh
जब قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा لِقَوْمِهِۦ अपनी क़ौम से liqawmihi
अपनी क़ौम से يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम إِن अगर in
अगर كَانَ है kāna
है كَبُرَ भारी kabura
भारी عَلَيْكُم तुम पर ʿalaykum
तुम पर مَّقَامِى खड़ा होना मेरा maqāmī
खड़ा होना मेरा وَتَذْكِيرِى और नसीहत करना मेरा watadhkīrī
और नसीहत करना मेरा بِـَٔايَـٰتِ the Signs of Allah biāyāti
the Signs of Allah ٱللَّهِ साथ अल्लाह की आयात के l-lahi
साथ अल्लाह की आयात के فَعَلَى then on faʿalā
then on ٱللَّهِ तो अल्लाह ही पर l-lahi
तो अल्लाह ही पर تَوَكَّلْتُ तवक्कल किया मैंने tawakkaltu
तवक्कल किया मैंने فَأَجْمِعُوٓا۟ तो पुख़्ता कर लो तुम fa-ajmiʿū
तो पुख़्ता कर लो तुम أَمْرَكُمْ मामला अपना amrakum
मामला अपना وَشُرَكَآءَكُمْ और शरीक तुम्हारे (भी) washurakāakum
और शरीक तुम्हारे (भी) ثُمَّ फिर thumma
फिर لَا let not be lā
let not be يَكُنْ ना हो yakun
ना हो أَمْرُكُمْ मामला तुम्हारा amrukum
मामला तुम्हारा عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर غُمَّةًۭ पोशीदा/मख़्फी ghummatan
पोशीदा/मख़्फी ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱقْضُوٓا۟ फ़ैसला करो iq'ḍū
फ़ैसला करो إِلَىَّ साथ मेरे ilayya
साथ मेरे وَلَا और ना walā
और ना تُنظِرُونِ तुम मोहलत दो मुझे tunẓirūni
तुम मोहलत दो मुझे ٧١ (71)
(71)
तथा उन्हें नूह का समाचार सुनाएँ, जब उन्होंने अपनी जाति से कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! यदि मेरा खड़ा होना और अल्लाह की आयतों के द्वारा नसीहत करना तुमपर भारी पड़ गया, तो मैंने अल्लाह ही पर भरोसा किया है। अतः तुम अपना मामला अपने साझीदारों के साथ मिलकर पक्का कर लो, फिर तुम्हारा मामला तुमपर किसी तरह रहस्य न रहे। फिर (जो करना हो) मेरे साथ कर डालो और मुझे मोहलत न दो।
१०:७२
فَإِن
फिर अगर
fa-in
फिर अगर تَوَلَّيْتُمْ मुँह फेर लो तुम tawallaytum
मुँह फेर लो तुम فَمَا तो नहीं famā
तो नहीं سَأَلْتُكُم माँगा मैंने तुमसे sa-altukum
माँगा मैंने तुमसे مِّنْ any min
any أَجْرٍ ۖ कोई अजर ajrin
कोई अजर إِنْ नहीं in
नहीं أَجْرِىَ अजर मेरा ajriya
अजर मेरा إِلَّا मगर illā
मगर عَلَى on ʿalā
on ٱللَّهِ ۖ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर وَأُمِرْتُ और मैं हुक्म दिया गया हूँ wa-umir'tu
और मैं हुक्म दिया गया हूँ أَنْ कि an
कि أَكُونَ मैं हो जाऊँ akūna
मैं हो जाऊँ مِنَ of mina
of ٱلْمُسْلِمِينَ फ़रमाबरदारों में से l-mus'limīna
फ़रमाबरदारों में से ٧٢ (72)
(72)
फिर अगर تَوَلَّيْتُمْ मुँह फेर लो तुम tawallaytum
मुँह फेर लो तुम فَمَا तो नहीं famā
तो नहीं سَأَلْتُكُم माँगा मैंने तुमसे sa-altukum
माँगा मैंने तुमसे مِّنْ any min
any أَجْرٍ ۖ कोई अजर ajrin
कोई अजर إِنْ नहीं in
नहीं أَجْرِىَ अजर मेरा ajriya
अजर मेरा إِلَّا मगर illā
मगर عَلَى on ʿalā
on ٱللَّهِ ۖ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर وَأُمِرْتُ और मैं हुक्म दिया गया हूँ wa-umir'tu
और मैं हुक्म दिया गया हूँ أَنْ कि an
कि أَكُونَ मैं हो जाऊँ akūna
मैं हो जाऊँ مِنَ of mina
of ٱلْمُسْلِمِينَ फ़रमाबरदारों में से l-mus'limīna
फ़रमाबरदारों में से ٧٢ (72)
(72)
फिर यदि तुम मुँह फेर लो, तो मैंने तुमसे कोई पारिश्रमिक नहीं माँगा, मेरा पारिश्रमिक तो अल्लाह के ज़िम्मे है और मुझे आदेश दिया गया है कि मैं आज्ञाकारियों में से हो जाऊँ।
१०:७३
فَكَذَّبُوهُ
तो उन्होंने झुठलाया उसे
fakadhabūhu
तो उन्होंने झुठलाया उसे فَنَجَّيْنَـٰهُ पस निजात दी हमने उसे fanajjaynāhu
पस निजात दी हमने उसे وَمَن और उनको जो waman
और उनको जो مَّعَهُۥ उसके साथ थे maʿahu
उसके साथ थे فِى in fī
in ٱلْفُلْكِ कश्ती में l-ful'ki
कश्ती में وَجَعَلْنَـٰهُمْ और बनाया हमने उन्हें wajaʿalnāhum
और बनाया हमने उन्हें خَلَـٰٓئِفَ जानशीन khalāifa
जानशीन وَأَغْرَقْنَا और ग़र्क़ कर दिया हमने wa-aghraqnā
और ग़र्क़ कर दिया हमने ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَا ۖ हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को فَٱنظُرْ तो देखो fa-unẓur
तो देखो كَيْفَ कैसा kayfa
कैसा كَانَ हुआ kāna
हुआ عَـٰقِبَةُ अन्जाम ʿāqibatu
अन्जाम ٱلْمُنذَرِينَ डराए जाने वालों का l-mundharīna
डराए जाने वालों का ٧٣ (73)
(73)
तो उन्होंने झुठलाया उसे فَنَجَّيْنَـٰهُ पस निजात दी हमने उसे fanajjaynāhu
पस निजात दी हमने उसे وَمَن और उनको जो waman
और उनको जो مَّعَهُۥ उसके साथ थे maʿahu
उसके साथ थे فِى in fī
in ٱلْفُلْكِ कश्ती में l-ful'ki
कश्ती में وَجَعَلْنَـٰهُمْ और बनाया हमने उन्हें wajaʿalnāhum
और बनाया हमने उन्हें خَلَـٰٓئِفَ जानशीन khalāifa
जानशीन وَأَغْرَقْنَا और ग़र्क़ कर दिया हमने wa-aghraqnā
और ग़र्क़ कर दिया हमने ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَا ۖ हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को فَٱنظُرْ तो देखो fa-unẓur
तो देखो كَيْفَ कैसा kayfa
कैसा كَانَ हुआ kāna
हुआ عَـٰقِبَةُ अन्जाम ʿāqibatu
अन्जाम ٱلْمُنذَرِينَ डराए जाने वालों का l-mundharīna
डराए जाने वालों का ٧٣ (73)
(73)
किंतु उन्होंने उसे झुठला दिया, तो हमने उसे और उन लोगों को जो उसके साथ कश्ती में थे बचा लिया और उन्हें उत्तराधिकारी बना दिया और उन लोगों को डुबो दिया जिन्होंने हमारी आयतों को झुठलाया था। तो देखिए उन लोगों का परिणाम कैसा हुआ जिन्हें डराया गया था।
१०:७४
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर بَعَثْنَا भेजे हमने baʿathnā
भेजे हमने مِنۢ after him min
after him بَعْدِهِۦ बाद इसके baʿdihi
बाद इसके رُسُلًا कई रसूल rusulan
कई रसूल إِلَىٰ to ilā
to قَوْمِهِمْ तरफ़ उनकी क़ौम के qawmihim
तरफ़ उनकी क़ौम के فَجَآءُوهُم तो वो आए उनके पास fajāūhum
तो वो आए उनके पास بِٱلْبَيِّنَـٰتِ साथ वाज़ेह दलाइल के bil-bayināti
साथ वाज़ेह दलाइल के فَمَا तो ना famā
तो ना كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो لِيُؤْمِنُوا۟ कि वो ईमान लाते liyu'minū
कि वो ईमान लाते بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَذَّبُوا۟ वो झुठला चुके थे kadhabū
वो झुठला चुके थे بِهِۦ उसे bihi
उसे مِن before min
before قَبْلُ ۚ इससे पहले qablu
इससे पहले كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह نَطْبَعُ हम मोहर लगा देते हैं naṭbaʿu
हम मोहर लगा देते हैं عَلَىٰ [on] ʿalā
[on] قُلُوبِ दिलों पर qulūbi
दिलों पर ٱلْمُعْتَدِينَ हद से तजावुज़ करने वालों के l-muʿ'tadīna
हद से तजावुज़ करने वालों के ٧٤ (74)
(74)
फिर بَعَثْنَا भेजे हमने baʿathnā
भेजे हमने مِنۢ after him min
after him بَعْدِهِۦ बाद इसके baʿdihi
बाद इसके رُسُلًا कई रसूल rusulan
कई रसूल إِلَىٰ to ilā
to قَوْمِهِمْ तरफ़ उनकी क़ौम के qawmihim
तरफ़ उनकी क़ौम के فَجَآءُوهُم तो वो आए उनके पास fajāūhum
तो वो आए उनके पास بِٱلْبَيِّنَـٰتِ साथ वाज़ेह दलाइल के bil-bayināti
साथ वाज़ेह दलाइल के فَمَا तो ना famā
तो ना كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो لِيُؤْمِنُوا۟ कि वो ईमान लाते liyu'minū
कि वो ईमान लाते بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَذَّبُوا۟ वो झुठला चुके थे kadhabū
वो झुठला चुके थे بِهِۦ उसे bihi
उसे مِن before min
before قَبْلُ ۚ इससे पहले qablu
इससे पहले كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह نَطْبَعُ हम मोहर लगा देते हैं naṭbaʿu
हम मोहर लगा देते हैं عَلَىٰ [on] ʿalā
[on] قُلُوبِ दिलों पर qulūbi
दिलों पर ٱلْمُعْتَدِينَ हद से तजावुज़ करने वालों के l-muʿ'tadīna
हद से तजावुज़ करने वालों के ٧٤ (74)
(74)
फिर उसके बाद हमने कई रसूल उनकी जाति की ओर भेजे, तो वे उनके पास खुली निशानियाँ लेकर आए। पर वे ऐसे न थे कि जिसे वे पहले झुठला चुके थे, उसपर ईमान लाते। इसी तरह हम सीमा से आगे बढ़ने वालों के दिलों पर मुहर1 लगा देते हैं।
१०:७५
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर بَعَثْنَا भेजा हमने baʿathnā
भेजा हमने مِنۢ after them min
after them بَعْدِهِم बाद उनके baʿdihim
बाद उनके مُّوسَىٰ मूसा mūsā
मूसा وَهَـٰرُونَ और हारून को wahārūna
और हारून को إِلَىٰ to ilā
to فِرْعَوْنَ तरफ़ फ़िरऔन fir'ʿawna
तरफ़ फ़िरऔन وَمَلَإِي۟هِۦ और उसके सरदारों के wamala-ihi
और उसके सरदारों के بِـَٔايَـٰتِنَا साथ अपनी आयात के biāyātinā
साथ अपनी आयात के فَٱسْتَكْبَرُوا۟ तो उन्होंने तकब्बुर किया fa-is'takbarū
तो उन्होंने तकब्बुर किया وَكَانُوا۟ और थे वो wakānū
और थे वो قَوْمًۭا लोग qawman
लोग مُّجْرِمِينَ मुजरिम muj'rimīna
मुजरिम ٧٥ (75)
(75)
फिर بَعَثْنَا भेजा हमने baʿathnā
भेजा हमने مِنۢ after them min
after them بَعْدِهِم बाद उनके baʿdihim
बाद उनके مُّوسَىٰ मूसा mūsā
मूसा وَهَـٰرُونَ और हारून को wahārūna
और हारून को إِلَىٰ to ilā
to فِرْعَوْنَ तरफ़ फ़िरऔन fir'ʿawna
तरफ़ फ़िरऔन وَمَلَإِي۟هِۦ और उसके सरदारों के wamala-ihi
और उसके सरदारों के بِـَٔايَـٰتِنَا साथ अपनी आयात के biāyātinā
साथ अपनी आयात के فَٱسْتَكْبَرُوا۟ तो उन्होंने तकब्बुर किया fa-is'takbarū
तो उन्होंने तकब्बुर किया وَكَانُوا۟ और थे वो wakānū
और थे वो قَوْمًۭا लोग qawman
लोग مُّجْرِمِينَ मुजरिम muj'rimīna
मुजरिम ٧٥ (75)
(75)
फिर उनके बाद हमने मूसा और हारून को अपनी निशानियों के साथ फ़िरऔन और उसके सरदारों के पास भेजा, तो उन्होंने बहुत घमंड किया और वे अपराधी लोग थे।
१०:७६
فَلَمَّا
तो जब
falammā
तो जब جَآءَهُمُ आया उनके पास jāahumu
आया उनके पास ٱلْحَقُّ हक़ l-ḥaqu
हक़ مِنْ from Us min
from Us عِندِنَا हमारी तरफ़ से ʿindinā
हमारी तरफ़ से قَالُوٓا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा إِنَّ यक़ीनन inna
यक़ीनन هَـٰذَا ये hādhā
ये لَسِحْرٌۭ अलबत्ता जादू है lasiḥ'run
अलबत्ता जादू है مُّبِينٌۭ खुल्लम-खुल्ला mubīnun
खुल्लम-खुल्ला ٧٦ (76)
(76)
तो जब جَآءَهُمُ आया उनके पास jāahumu
आया उनके पास ٱلْحَقُّ हक़ l-ḥaqu
हक़ مِنْ from Us min
from Us عِندِنَا हमारी तरफ़ से ʿindinā
हमारी तरफ़ से قَالُوٓا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा إِنَّ यक़ीनन inna
यक़ीनन هَـٰذَا ये hādhā
ये لَسِحْرٌۭ अलबत्ता जादू है lasiḥ'run
अलबत्ता जादू है مُّبِينٌۭ खुल्लम-खुल्ला mubīnun
खुल्लम-खुल्ला ٧٦ (76)
(76)
अतः जब उनके पास हमारी ओर से सत्य आया, तो उन्होंने कहा कि : नि:संदेह यह तो खुला जादू है।
१०:७७
قَالَ
कहा
qāla
कहा مُوسَىٰٓ मूसा ने mūsā
मूसा ने أَتَقُولُونَ क्या तुम कहते हो ataqūlūna
क्या तुम कहते हो لِلْحَقِّ हक़ को (जादू) lil'ḥaqqi
हक़ को (जादू) لَمَّا जब lammā
जब جَآءَكُمْ ۖ वो आ गया तुम्हारे पास jāakum
वो आ गया तुम्हारे पास أَسِحْرٌ क्या जादू है asiḥ'run
क्या जादू है هَـٰذَا ये hādhā
ये وَلَا हालाँकि नहीं walā
हालाँकि नहीं يُفْلِحُ फ़लाह पाते yuf'liḥu
फ़लाह पाते ٱلسَّـٰحِرُونَ साहिर/जादूगर l-sāḥirūna
साहिर/जादूगर ٧٧ (77)
(77)
कहा مُوسَىٰٓ मूसा ने mūsā
मूसा ने أَتَقُولُونَ क्या तुम कहते हो ataqūlūna
क्या तुम कहते हो لِلْحَقِّ हक़ को (जादू) lil'ḥaqqi
हक़ को (जादू) لَمَّا जब lammā
जब جَآءَكُمْ ۖ वो आ गया तुम्हारे पास jāakum
वो आ गया तुम्हारे पास أَسِحْرٌ क्या जादू है asiḥ'run
क्या जादू है هَـٰذَا ये hādhā
ये وَلَا हालाँकि नहीं walā
हालाँकि नहीं يُفْلِحُ फ़लाह पाते yuf'liḥu
फ़लाह पाते ٱلسَّـٰحِرُونَ साहिर/जादूगर l-sāḥirūna
साहिर/जादूगर ٧٧ (77)
(77)
मूसा (अलैहिस्सलाम) ने कहा : क्या तुम सत्य के बारे में (ऐसा) कहते हो, जब वह तुम्हारे पास आया? क्या जादू है यह? हालाँकि, जादूगर सफल नहीं होते।
१०:७८
قَالُوٓا۟
उन्होंने कहा
qālū
उन्होंने कहा أَجِئْتَنَا क्या आया है तू हमारे पास aji'tanā
क्या आया है तू हमारे पास لِتَلْفِتَنَا ताकि तू फेर दे हमें litalfitanā
ताकि तू फेर दे हमें عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो وَجَدْنَا पाया हमने wajadnā
पाया हमने عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर ءَابَآءَنَا अपने आबा ओ अजदाद को ābāanā
अपने आबा ओ अजदाद को وَتَكُونَ और हो जाए watakūna
और हो जाए لَكُمَا तुम दोनों के लिए lakumā
तुम दोनों के लिए ٱلْكِبْرِيَآءُ बड़ाई l-kib'riyāu
बड़ाई فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ जमीन में l-arḍi
जमीन में وَمَا और नहीं wamā
और नहीं نَحْنُ हम naḥnu
हम لَكُمَا तुम दोनों को lakumā
तुम दोनों को بِمُؤْمِنِينَ मानने वाले bimu'minīna
मानने वाले ٧٨ (78)
(78)
उन्होंने कहा أَجِئْتَنَا क्या आया है तू हमारे पास aji'tanā
क्या आया है तू हमारे पास لِتَلْفِتَنَا ताकि तू फेर दे हमें litalfitanā
ताकि तू फेर दे हमें عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो وَجَدْنَا पाया हमने wajadnā
पाया हमने عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर ءَابَآءَنَا अपने आबा ओ अजदाद को ābāanā
अपने आबा ओ अजदाद को وَتَكُونَ और हो जाए watakūna
और हो जाए لَكُمَا तुम दोनों के लिए lakumā
तुम दोनों के लिए ٱلْكِبْرِيَآءُ बड़ाई l-kib'riyāu
बड़ाई فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ जमीन में l-arḍi
जमीन में وَمَا और नहीं wamā
और नहीं نَحْنُ हम naḥnu
हम لَكُمَا तुम दोनों को lakumā
तुम दोनों को بِمُؤْمِنِينَ मानने वाले bimu'minīna
मानने वाले ٧٨ (78)
(78)
उन्होंने कहा : क्या तू हमारे पास इसलिए आया है कि हमको उस मार्ग से फेर दे जिसपर हमने अपने बाप-दादा को पाया है और इस देश में तुम दोनों की बड़ाई स्थापित हो जाए? और हम तुम दोनों को बिलकुल मानने वाले नहीं।
१०:७९
وَقَالَ
और कहा
waqāla
और कहा فِرْعَوْنُ फ़िरऔन ने fir'ʿawnu
फ़िरऔन ने ٱئْتُونِى लाओ मेरे पास i'tūnī
लाओ मेरे पास بِكُلِّ हर bikulli
हर سَـٰحِرٍ जादूगर को sāḥirin
जादूगर को عَلِيمٍۢ जो माहिर हो ʿalīmin
जो माहिर हो ٧٩ (79)
(79)
और कहा فِرْعَوْنُ फ़िरऔन ने fir'ʿawnu
फ़िरऔन ने ٱئْتُونِى लाओ मेरे पास i'tūnī
लाओ मेरे पास بِكُلِّ हर bikulli
हर سَـٰحِرٍ जादूगर को sāḥirin
जादूगर को عَلِيمٍۢ जो माहिर हो ʿalīmin
जो माहिर हो ٧٩ (79)
(79)
और फ़िरऔन ने कहा : हर कुशल जादूगर को मेरे पास लेकर आओ।
१०:८०
فَلَمَّا
तो जब
falammā
तो जब جَآءَ आ गए jāa
आ गए ٱلسَّحَرَةُ जादूगर l-saḥaratu
जादूगर قَالَ कहा qāla
कहा لَهُم उनसे lahum
उनसे مُّوسَىٰٓ मूसा ने mūsā
मूसा ने أَلْقُوا۟ तुम सब डालो alqū
तुम सब डालो مَآ जो mā
जो أَنتُم तुम antum
तुम مُّلْقُونَ डालने वाले हो mul'qūna
डालने वाले हो ٨٠ (80)
(80)
तो जब جَآءَ आ गए jāa
आ गए ٱلسَّحَرَةُ जादूगर l-saḥaratu
जादूगर قَالَ कहा qāla
कहा لَهُم उनसे lahum
उनसे مُّوسَىٰٓ मूसा ने mūsā
मूसा ने أَلْقُوا۟ तुम सब डालो alqū
तुम सब डालो مَآ जो mā
जो أَنتُم तुम antum
तुम مُّلْقُونَ डालने वाले हो mul'qūna
डालने वाले हो ٨٠ (80)
(80)
फिर जब जादूगर आ गए, तो मूसा ने उनसे कहा : जो कुछ तुम फेंकने वाले हो, फेंको।
१०:८१
فَلَمَّآ
तो जब
falammā
तो जब أَلْقَوْا۟ उन्होंने डाला alqaw
उन्होंने डाला قَالَ कहा qāla
कहा مُوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने مَا वो जो mā
वो जो جِئْتُم लाए हो तुम ji'tum
लाए हो तुम بِهِ जिसको bihi
जिसको ٱلسِّحْرُ ۖ जादू है l-siḥ'ru
जादू है إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह سَيُبْطِلُهُۥٓ ۖ अनक़रीब वो बातिल कर देगा उसे sayub'ṭiluhu
अनक़रीब वो बातिल कर देगा उसे إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يُصْلِحُ नहीं वो संवारता yuṣ'liḥu
नहीं वो संवारता عَمَلَ काम ʿamala
काम ٱلْمُفْسِدِينَ मुफ़सिदों का l-muf'sidīna
मुफ़सिदों का ٨١ (81)
(81)
तो जब أَلْقَوْا۟ उन्होंने डाला alqaw
उन्होंने डाला قَالَ कहा qāla
कहा مُوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने مَا वो जो mā
वो जो جِئْتُم लाए हो तुम ji'tum
लाए हो तुम بِهِ जिसको bihi
जिसको ٱلسِّحْرُ ۖ जादू है l-siḥ'ru
जादू है إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह سَيُبْطِلُهُۥٓ ۖ अनक़रीब वो बातिल कर देगा उसे sayub'ṭiluhu
अनक़रीब वो बातिल कर देगा उसे إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يُصْلِحُ नहीं वो संवारता yuṣ'liḥu
नहीं वो संवारता عَمَلَ काम ʿamala
काम ٱلْمُفْسِدِينَ मुफ़सिदों का l-muf'sidīna
मुफ़सिदों का ٨١ (81)
(81)
फिर जब उन्होंने फेंक दिया, तो मूसा ने कहा : तुम जो कुछ लाए हो, वह तो जादू है। निश्चय ही अल्लाह उसे शीघ्र ही निष्फल कर देगा। निःसंदेह अल्लाह बिगाड़ पैदा करने वालों का काम बनने नहीं देता।
१०:८२
وَيُحِقُّ
और सच्चा साबित कर दिखाता है
wayuḥiqqu
और सच्चा साबित कर दिखाता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلْحَقَّ हक़ को l-ḥaqa
हक़ को بِكَلِمَـٰتِهِۦ अपने कलिमात से bikalimātihi
अपने कलिमात से وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे كَرِهَ नापसंद करें kariha
नापसंद करें ٱلْمُجْرِمُونَ मुजरिम l-muj'rimūna
मुजरिम ٨٢ (82)
(82)
और सच्चा साबित कर दिखाता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह ٱلْحَقَّ हक़ को l-ḥaqa
हक़ को بِكَلِمَـٰتِهِۦ अपने कलिमात से bikalimātihi
अपने कलिमात से وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे كَرِهَ नापसंद करें kariha
नापसंद करें ٱلْمُجْرِمُونَ मुजरिम l-muj'rimūna
मुजरिम ٨٢ (82)
(82)
और अल्लाह सत्य को, अपने शब्दों से, सत्य कर दिखाता है, यद्यपि अपराधियों को बुरा लगे।
१०:८३
فَمَآ
तो ना
famā
तो ना ءَامَنَ बात मानी āmana
बात मानी لِمُوسَىٰٓ मूसा की limūsā
मूसा की إِلَّا मगर illā
मगर ذُرِّيَّةٌۭ चंद नौजवानों ने dhurriyyatun
चंद नौजवानों ने مِّن among min
among قَوْمِهِۦ उसकी क़ौम में से qawmihi
उसकी क़ौम में से عَلَىٰ for ʿalā
for خَوْفٍۢ ख़ौफ़ की बिना पर khawfin
ख़ौफ़ की बिना पर مِّن of min
of فِرْعَوْنَ फ़िरऔन से fir'ʿawna
फ़िरऔन से وَمَلَإِي۟هِمْ और उसके सरदारों से wamala-ihim
और उसके सरदारों से أَن कि an
कि يَفْتِنَهُمْ ۚ वो फ़ितने में डाल देगा उन्हें yaftinahum
वो फ़ितने में डाल देगा उन्हें وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक فِرْعَوْنَ फ़िरऔन fir'ʿawna
फ़िरऔन لَعَالٍۢ अलबत्ता सरकश था laʿālin
अलबत्ता सरकश था فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में وَإِنَّهُۥ और बेशक वो wa-innahu
और बेशक वो لَمِنَ (was) of lamina
(was) of ٱلْمُسْرِفِينَ यक़ीनन हद से बढ़ जाने वालों में से था l-mus'rifīna
यक़ीनन हद से बढ़ जाने वालों में से था ٨٣ (83)
(83)
तो ना ءَامَنَ बात मानी āmana
बात मानी لِمُوسَىٰٓ मूसा की limūsā
मूसा की إِلَّا मगर illā
मगर ذُرِّيَّةٌۭ चंद नौजवानों ने dhurriyyatun
चंद नौजवानों ने مِّن among min
among قَوْمِهِۦ उसकी क़ौम में से qawmihi
उसकी क़ौम में से عَلَىٰ for ʿalā
for خَوْفٍۢ ख़ौफ़ की बिना पर khawfin
ख़ौफ़ की बिना पर مِّن of min
of فِرْعَوْنَ फ़िरऔन से fir'ʿawna
फ़िरऔन से وَمَلَإِي۟هِمْ और उसके सरदारों से wamala-ihim
और उसके सरदारों से أَن कि an
कि يَفْتِنَهُمْ ۚ वो फ़ितने में डाल देगा उन्हें yaftinahum
वो फ़ितने में डाल देगा उन्हें وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक فِرْعَوْنَ फ़िरऔन fir'ʿawna
फ़िरऔन لَعَالٍۢ अलबत्ता सरकश था laʿālin
अलबत्ता सरकश था فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में وَإِنَّهُۥ और बेशक वो wa-innahu
और बेशक वो لَمِنَ (was) of lamina
(was) of ٱلْمُسْرِفِينَ यक़ीनन हद से बढ़ जाने वालों में से था l-mus'rifīna
यक़ीनन हद से बढ़ जाने वालों में से था ٨٣ (83)
(83)
चुनाँचे मूसा पर उसकी जाति के कुछ युवाओं के सिवा कोई ईमान न लाया, (वह भी) फ़िरऔन और उनके सरदारों से डरते हुए कि कहीं वे उन्हें आज़माइश में न डाल दें। और निःसंदेह फ़िरऔन का धरती में बड़ा प्रभुत्व था और निश्चय ही वह हद पार करने वालों में से था।
१०:८४
وَقَالَ
और कहा
waqāla
और कहा مُوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम ءَامَنتُم ईमान लाए तुम āmantum
ईमान लाए तुम بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर فَعَلَيْهِ तो उसी पर faʿalayhi
तो उसी पर تَوَكَّلُوٓا۟ तुम तवक्कल करो tawakkalū
तुम तवक्कल करो إِن अगर in
अगर كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम مُّسْلِمِينَ फ़रमाबरदार mus'limīna
फ़रमाबरदार ٨٤ (84)
(84)
और कहा مُوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम ءَامَنتُم ईमान लाए तुम āmantum
ईमान लाए तुम بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर فَعَلَيْهِ तो उसी पर faʿalayhi
तो उसी पर تَوَكَّلُوٓا۟ तुम तवक्कल करो tawakkalū
तुम तवक्कल करो إِن अगर in
अगर كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम مُّسْلِمِينَ फ़रमाबरदार mus'limīna
फ़रमाबरदार ٨٤ (84)
(84)
और मूसा ने कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! यदि तुम अल्लाह पर ईमान लाए हो, तो उसी पर भरोसा करो, यदि तुम आज्ञाकारी हो।
१०:८५
فَقَالُوا۟
तो उन्होंने कहा
faqālū
तो उन्होंने कहा عَلَى Upon ʿalā
Upon ٱللَّهِ अल्लाह ही पर l-lahi
अल्लाह ही पर تَوَكَّلْنَا तवक्कल किया हमने tawakkalnā
तवक्कल किया हमने رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब لَا (Do) not lā
(Do) not تَجْعَلْنَا ना तू बनाना हमें tajʿalnā
ना तू बनाना हमें فِتْنَةًۭ फ़ितना fit'natan
फ़ितना لِّلْقَوْمِ उन लोगों के लिए lil'qawmi
उन लोगों के लिए ٱلظَّـٰلِمِينَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimīna
जो ज़ालिम हैं ٨٥ (85)
(85)
तो उन्होंने कहा عَلَى Upon ʿalā
Upon ٱللَّهِ अल्लाह ही पर l-lahi
अल्लाह ही पर تَوَكَّلْنَا तवक्कल किया हमने tawakkalnā
तवक्कल किया हमने رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब لَا (Do) not lā
(Do) not تَجْعَلْنَا ना तू बनाना हमें tajʿalnā
ना तू बनाना हमें فِتْنَةًۭ फ़ितना fit'natan
फ़ितना لِّلْقَوْمِ उन लोगों के लिए lil'qawmi
उन लोगों के लिए ٱلظَّـٰلِمِينَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimīna
जो ज़ालिम हैं ٨٥ (85)
(85)
तो उन्होंने कहा : हमने अल्लाह ही पर भरोसा किया है। ऐ हमारे पालनहार! हमें अत्याचारी लोगों के लिए आज़माइश न बना।
१०:८६
وَنَجِّنَا
और निजात दे हमें
wanajjinā
और निजात दे हमें بِرَحْمَتِكَ साथ अपनी रहमत के biraḥmatika
साथ अपनी रहमत के مِنَ from mina
from ٱلْقَوْمِ उन लोगों से l-qawmi
उन लोगों से ٱلْكَـٰفِرِينَ जो काफ़िर हैं l-kāfirīna
जो काफ़िर हैं ٨٦ (86)
(86)
और निजात दे हमें بِرَحْمَتِكَ साथ अपनी रहमत के biraḥmatika
साथ अपनी रहमत के مِنَ from mina
from ٱلْقَوْمِ उन लोगों से l-qawmi
उन लोगों से ٱلْكَـٰفِرِينَ जो काफ़िर हैं l-kāfirīna
जो काफ़िर हैं ٨٦ (86)
(86)
और हमें काफ़िर लोगों से अपनी रहमत से नजात दे।
१०:८७
وَأَوْحَيْنَآ
और वही की हमने
wa-awḥaynā
और वही की हमने إِلَىٰ to ilā
to مُوسَىٰ तरफ़ मूसा mūsā
तरफ़ मूसा وَأَخِيهِ और उसके भाई के wa-akhīhi
और उसके भाई के أَن कि an
कि تَبَوَّءَا तुम दोनों मुतय्यन करो tabawwaā
तुम दोनों मुतय्यन करो لِقَوْمِكُمَا अपनी क़ौम के लिए liqawmikumā
अपनी क़ौम के लिए بِمِصْرَ मिस्र में bimiṣ'ra
मिस्र में بُيُوتًۭا कुछ घर buyūtan
कुछ घर وَٱجْعَلُوا۟ और बना लो wa-ij'ʿalū
और बना लो بُيُوتَكُمْ अपने घरों को buyūtakum
अपने घरों को قِبْلَةًۭ क़िबला/मरकज़ qib'latan
क़िबला/मरकज़ وَأَقِيمُوا۟ और क़ायम करो wa-aqīmū
और क़ायम करो ٱلصَّلَوٰةَ ۗ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَبَشِّرِ और ख़ुशखबरी दो wabashiri
और ख़ुशखबरी दो ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों को l-mu'minīna
मोमिनों को ٨٧ (87)
(87)
और वही की हमने إِلَىٰ to ilā
to مُوسَىٰ तरफ़ मूसा mūsā
तरफ़ मूसा وَأَخِيهِ और उसके भाई के wa-akhīhi
और उसके भाई के أَن कि an
कि تَبَوَّءَا तुम दोनों मुतय्यन करो tabawwaā
तुम दोनों मुतय्यन करो لِقَوْمِكُمَا अपनी क़ौम के लिए liqawmikumā
अपनी क़ौम के लिए بِمِصْرَ मिस्र में bimiṣ'ra
मिस्र में بُيُوتًۭا कुछ घर buyūtan
कुछ घर وَٱجْعَلُوا۟ और बना लो wa-ij'ʿalū
और बना लो بُيُوتَكُمْ अपने घरों को buyūtakum
अपने घरों को قِبْلَةًۭ क़िबला/मरकज़ qib'latan
क़िबला/मरकज़ وَأَقِيمُوا۟ और क़ायम करो wa-aqīmū
और क़ायम करो ٱلصَّلَوٰةَ ۗ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَبَشِّرِ और ख़ुशखबरी दो wabashiri
और ख़ुशखबरी दो ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों को l-mu'minīna
मोमिनों को ٨٧ (87)
(87)
और हमने मूसा तथा उनके भाई (हारून) की ओर वह़्य भेजी कि अपनी जाति के लिए मिस्र में कुछ घरों को उपासनागृह नियत कर लो, और अपने घरों को क़िबले की तरफ़ बना लो, और नमाज़ क़ायम करो, और ईमान वालों को ख़ुशख़बरी दे दो।
१०:८८
وَقَالَ
और कहा
waqāla
और कहा مُوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने رَبَّنَآ ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू ءَاتَيْتَ दी तूने ātayta
दी तूने فِرْعَوْنَ फ़िरऔन को fir'ʿawna
फ़िरऔन को وَمَلَأَهُۥ और उसके सरदारों को wamala-ahu
और उसके सरदारों को زِينَةًۭ ज़ीनत zīnatan
ज़ीनत وَأَمْوَٰلًۭا और माल wa-amwālan
और माल فِى in fī
in ٱلْحَيَوٰةِ the life l-ḥayati
the life ٱلدُّنْيَا दुनिया की ज़िन्दगी में l-dun'yā
दुनिया की ज़िन्दगी में رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब لِيُضِلُّوا۟ ताकि वो भटकाऐं liyuḍillū
ताकि वो भटकाऐं عَن from ʿan
from سَبِيلِكَ ۖ तेरे रास्ते से sabīlika
तेरे रास्ते से رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब ٱطْمِسْ मिटा दे iṭ'mis
मिटा दे عَلَىٰٓ [on] ʿalā
[on] أَمْوَٰلِهِمْ इनके मालों को amwālihim
इनके मालों को وَٱشْدُدْ और सख़्ती डाल दे wa-ush'dud
और सख़्ती डाल दे عَلَىٰ [on] ʿalā
[on] قُلُوبِهِمْ इनके दिलों पर qulūbihim
इनके दिलों पर فَلَا तो ना falā
तो ना يُؤْمِنُوا۟ वो ईमान लाऐं yu'minū
वो ईमान लाऐं حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَرَوُا۟ वो देख लें yarawū
वो देख लें ٱلْعَذَابَ अज़ाब l-ʿadhāba
अज़ाब ٱلْأَلِيمَ दर्दनाक l-alīma
दर्दनाक ٨٨ (88)
(88)
और कहा مُوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने رَبَّنَآ ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू ءَاتَيْتَ दी तूने ātayta
दी तूने فِرْعَوْنَ फ़िरऔन को fir'ʿawna
फ़िरऔन को وَمَلَأَهُۥ और उसके सरदारों को wamala-ahu
और उसके सरदारों को زِينَةًۭ ज़ीनत zīnatan
ज़ीनत وَأَمْوَٰلًۭا और माल wa-amwālan
और माल فِى in fī
in ٱلْحَيَوٰةِ the life l-ḥayati
the life ٱلدُّنْيَا दुनिया की ज़िन्दगी में l-dun'yā
दुनिया की ज़िन्दगी में رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब لِيُضِلُّوا۟ ताकि वो भटकाऐं liyuḍillū
ताकि वो भटकाऐं عَن from ʿan
from سَبِيلِكَ ۖ तेरे रास्ते से sabīlika
तेरे रास्ते से رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब ٱطْمِسْ मिटा दे iṭ'mis
मिटा दे عَلَىٰٓ [on] ʿalā
[on] أَمْوَٰلِهِمْ इनके मालों को amwālihim
इनके मालों को وَٱشْدُدْ और सख़्ती डाल दे wa-ush'dud
और सख़्ती डाल दे عَلَىٰ [on] ʿalā
[on] قُلُوبِهِمْ इनके दिलों पर qulūbihim
इनके दिलों पर فَلَا तो ना falā
तो ना يُؤْمِنُوا۟ वो ईमान लाऐं yu'minū
वो ईमान लाऐं حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَرَوُا۟ वो देख लें yarawū
वो देख लें ٱلْعَذَابَ अज़ाब l-ʿadhāba
अज़ाब ٱلْأَلِيمَ दर्दनाक l-alīma
दर्दनाक ٨٨ (88)
(88)
और मूसा ने कहा : ऐ हमारे पालनहार! तूने फ़िरऔन और उसके सरदारों को सांसारिक जीवन में शोभा-सामग्री तथा धन-संपत्ति प्रदान की है, ऐ हमारे पालनहार! ताकि वे (लोगों को) तेरे मार्ग से भटकाएँ। ऐ मेरे पालनहार! उनके धनों को मिटा दे और उनके दिलों को कसकर बाँध दे, ताकि वे ईमान न लाएँ, यहाँ तक कि दर्दनाक अज़ाब देख लें।
१०:८९
قَالَ
फ़रमाया
qāla
फ़रमाया قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ أُجِيبَت क़ुबूल कर ली गई ujībat
क़ुबूल कर ली गई دَّعْوَتُكُمَا दुआ तुम दोनों की daʿwatukumā
दुआ तुम दोनों की فَٱسْتَقِيمَا पस तुम दोनों साबित क़दम रहो fa-is'taqīmā
पस तुम दोनों साबित क़दम रहो وَلَا और ना walā
और ना تَتَّبِعَآنِّ तुम दोनों हरगिज़ पैरवी करना tattabiʿānni
तुम दोनों हरगिज़ पैरवी करना سَبِيلَ रास्ते की sabīla
रास्ते की ٱلَّذِينَ उनके जो alladhīna
उनके जो لَا (do) not lā
(do) not يَعْلَمُونَ नहीं वो इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं वो इल्म रखते ٨٩ (89)
(89)
फ़रमाया قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ أُجِيبَت क़ुबूल कर ली गई ujībat
क़ुबूल कर ली गई دَّعْوَتُكُمَا दुआ तुम दोनों की daʿwatukumā
दुआ तुम दोनों की فَٱسْتَقِيمَا पस तुम दोनों साबित क़दम रहो fa-is'taqīmā
पस तुम दोनों साबित क़दम रहो وَلَا और ना walā
और ना تَتَّبِعَآنِّ तुम दोनों हरगिज़ पैरवी करना tattabiʿānni
तुम दोनों हरगिज़ पैरवी करना سَبِيلَ रास्ते की sabīla
रास्ते की ٱلَّذِينَ उनके जो alladhīna
उनके जो لَا (do) not lā
(do) not يَعْلَمُونَ नहीं वो इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं वो इल्म रखते ٨٩ (89)
(89)
अल्लाह ने कहा : निःसंदेह तुम दोनों की प्रार्थना स्वीकार कर ली गई। अतः तुम दोनों दृढ़ रहो और उन लोगों के मार्ग पर न चलो, जो नहीं जानते।
१०:९०
۞ وَجَـٰوَزْنَا
और पार करा दिया हमने
wajāwaznā
और पार करा दिया हमने بِبَنِىٓ (the) Children bibanī
(the) Children إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल को is'rāīla
बनी इस्राईल को ٱلْبَحْرَ समुन्दर l-baḥra
समुन्दर فَأَتْبَعَهُمْ फिर पीछा किया उनका fa-atbaʿahum
फिर पीछा किया उनका فِرْعَوْنُ फ़िरऔन fir'ʿawnu
फ़िरऔन وَجُنُودُهُۥ और उसके लश्करों ने wajunūduhu
और उसके लश्करों ने بَغْيًۭا सरकशी baghyan
सरकशी وَعَدْوًا ۖ और ज़्यादती से waʿadwan
और ज़्यादती से حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَآ जब idhā
जब أَدْرَكَهُ पा लिया उसे adrakahu
पा लिया उसे ٱلْغَرَقُ ग़र्क़ होने ने l-gharaqu
ग़र्क़ होने ने قَالَ वो बोला qāla
वो बोला ءَامَنتُ मैं ईमान ले आया āmantu
मैं ईमान ले आया أَنَّهُۥ कि बेशक वो annahu
कि बेशक वो لَآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर ٱلَّذِىٓ वो ही जो alladhī
वो ही जो ءَامَنَتْ ईमान लाए āmanat
ईमान लाए بِهِۦ जिस पर bihi
जिस पर بَنُوٓا۟ the Children of Israel banū
the Children of Israel إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल is'rāīla
बनी इस्राईल وَأَنَا۠ और मैं wa-anā
और मैं مِنَ of mina
of ٱلْمُسْلِمِينَ मुसलमानों में से हूँ l-mus'limīna
मुसलमानों में से हूँ ٩٠ (90)
(90)
और पार करा दिया हमने بِبَنِىٓ (the) Children bibanī
(the) Children إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल को is'rāīla
बनी इस्राईल को ٱلْبَحْرَ समुन्दर l-baḥra
समुन्दर فَأَتْبَعَهُمْ फिर पीछा किया उनका fa-atbaʿahum
फिर पीछा किया उनका فِرْعَوْنُ फ़िरऔन fir'ʿawnu
फ़िरऔन وَجُنُودُهُۥ और उसके लश्करों ने wajunūduhu
और उसके लश्करों ने بَغْيًۭا सरकशी baghyan
सरकशी وَعَدْوًا ۖ और ज़्यादती से waʿadwan
और ज़्यादती से حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَآ जब idhā
जब أَدْرَكَهُ पा लिया उसे adrakahu
पा लिया उसे ٱلْغَرَقُ ग़र्क़ होने ने l-gharaqu
ग़र्क़ होने ने قَالَ वो बोला qāla
वो बोला ءَامَنتُ मैं ईमान ले आया āmantu
मैं ईमान ले आया أَنَّهُۥ कि बेशक वो annahu
कि बेशक वो لَآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर ٱلَّذِىٓ वो ही जो alladhī
वो ही जो ءَامَنَتْ ईमान लाए āmanat
ईमान लाए بِهِۦ जिस पर bihi
जिस पर بَنُوٓا۟ the Children of Israel banū
the Children of Israel إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल is'rāīla
बनी इस्राईल وَأَنَا۠ और मैं wa-anā
और मैं مِنَ of mina
of ٱلْمُسْلِمِينَ मुसलमानों में से हूँ l-mus'limīna
मुसलमानों में से हूँ ٩٠ (90)
(90)
और हमने बनी इसराईल को सागर पार करा दिया, तो फ़िरऔन और उसकी सेना ने सरकशी और ज़्यादती करते हुए उनका पीछा किया। यहाँ तक कि जब वह डूबने लगा, तो बोला : मैं ईमान ले आया कि निःसंदेह उसके सिवा कोई पूज्य नहीं, जिसपर बनी इसराईल ईमान लाए हैं और मैं आज्ञाकारियों में से हूँ।
१०:९१
ءَآلْـَٔـٰنَ
क्या अब
āl'āna
क्या अब وَقَدْ हालाँकि तहक़ीक़ waqad
हालाँकि तहक़ीक़ عَصَيْتَ नाफ़रमानी की तूने ʿaṣayta
नाफ़रमानी की तूने قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले وَكُنتَ और था तू wakunta
और था तू مِنَ of mina
of ٱلْمُفْسِدِينَ फ़साद करने वालों में से l-muf'sidīna
फ़साद करने वालों में से ٩١ (91)
(91)
क्या अब وَقَدْ हालाँकि तहक़ीक़ waqad
हालाँकि तहक़ीक़ عَصَيْتَ नाफ़रमानी की तूने ʿaṣayta
नाफ़रमानी की तूने قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले وَكُنتَ और था तू wakunta
और था तू مِنَ of mina
of ٱلْمُفْسِدِينَ फ़साद करने वालों में से l-muf'sidīna
फ़साद करने वालों में से ٩١ (91)
(91)
क्या अब? हालाँकि निःसंदेह तूने इससे पहले अवज्ञा की और तू बिगाड़ पैदा करने वालों में से था।
१०:९२
فَٱلْيَوْمَ
तो आज
fal-yawma
तो आज نُنَجِّيكَ हम बचा लेंगे तुझे nunajjīka
हम बचा लेंगे तुझे بِبَدَنِكَ साथ तेरे बदन के bibadanika
साथ तेरे बदन के لِتَكُونَ ताकि तू हो जाए litakūna
ताकि तू हो जाए لِمَنْ उनके लिए जो liman
उनके लिए जो خَلْفَكَ तेरे बाद हों khalfaka
तेरे बाद हों ءَايَةًۭ ۚ एक निशानी āyatan
एक निशानी وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक كَثِيرًۭا बहुत से kathīran
बहुत से مِّنَ among mina
among ٱلنَّاسِ लोगों में से l-nāsi
लोगों में से عَنْ of ʿan
of ءَايَـٰتِنَا हमारी आयात से āyātinā
हमारी आयात से لَغَـٰفِلُونَ अलबत्ता ग़ाफ़िल हैं laghāfilūna
अलबत्ता ग़ाफ़िल हैं ٩٢ (92)
(92)
तो आज نُنَجِّيكَ हम बचा लेंगे तुझे nunajjīka
हम बचा लेंगे तुझे بِبَدَنِكَ साथ तेरे बदन के bibadanika
साथ तेरे बदन के لِتَكُونَ ताकि तू हो जाए litakūna
ताकि तू हो जाए لِمَنْ उनके लिए जो liman
उनके लिए जो خَلْفَكَ तेरे बाद हों khalfaka
तेरे बाद हों ءَايَةًۭ ۚ एक निशानी āyatan
एक निशानी وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक كَثِيرًۭا बहुत से kathīran
बहुत से مِّنَ among mina
among ٱلنَّاسِ लोगों में से l-nāsi
लोगों में से عَنْ of ʿan
of ءَايَـٰتِنَا हमारी आयात से āyātinā
हमारी आयात से لَغَـٰفِلُونَ अलबत्ता ग़ाफ़िल हैं laghāfilūna
अलबत्ता ग़ाफ़िल हैं ٩٢ (92)
(92)
अतः आज हम तेरे शरीर को बचा लेंगे, ताकि तू अपने बाद आने वालों के लिए एक बड़ी निशानी1 बन जाए और निःसंदेह बहुत-से लोग हमारी निशानियों से निश्चय ग़ाफ़िल हैं।
१०:९३
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ بَوَّأْنَا ठिकाना दिया हमने bawwanā
ठिकाना दिया हमने بَنِىٓ (the) Children banī
(the) Children إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल को is'rāīla
बनी इस्राईल को مُبَوَّأَ ठिकाना mubawwa-a
ठिकाना صِدْقٍۢ सच्चा/उम्दा ṣid'qin
सच्चा/उम्दा وَرَزَقْنَـٰهُم और रिज़्क़ दिया हमने उन्हें warazaqnāhum
और रिज़्क़ दिया हमने उन्हें مِّنَ with mina
with ٱلطَّيِّبَـٰتِ पाकीज़ा चीज़ों से l-ṭayibāti
पाकीज़ा चीज़ों से فَمَا तो नहीं famā
तो नहीं ٱخْتَلَفُوا۟ उन्होंने इख़्तिलाफ़ किया ikh'talafū
उन्होंने इख़्तिलाफ़ किया حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि جَآءَهُمُ आ गया उनके पास jāahumu
आ गया उनके पास ٱلْعِلْمُ ۚ इल्म l-ʿil'mu
इल्म إِنَّ बेशक inna
बेशक رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका يَقْضِى वो फ़ैसला करेगा yaqḍī
वो फ़ैसला करेगा بَيْنَهُمْ दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के فِيمَا उसमें जो fīmā
उसमें जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो فِيهِ जिसमें fīhi
जिसमें يَخْتَلِفُونَ वो इख़्तिलाफ़ करते yakhtalifūna
वो इख़्तिलाफ़ करते ٩٣ (93)
(93)
और अलबत्ता तहक़ीक़ بَوَّأْنَا ठिकाना दिया हमने bawwanā
ठिकाना दिया हमने بَنِىٓ (the) Children banī
(the) Children إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल को is'rāīla
बनी इस्राईल को مُبَوَّأَ ठिकाना mubawwa-a
ठिकाना صِدْقٍۢ सच्चा/उम्दा ṣid'qin
सच्चा/उम्दा وَرَزَقْنَـٰهُم और रिज़्क़ दिया हमने उन्हें warazaqnāhum
और रिज़्क़ दिया हमने उन्हें مِّنَ with mina
with ٱلطَّيِّبَـٰتِ पाकीज़ा चीज़ों से l-ṭayibāti
पाकीज़ा चीज़ों से فَمَا तो नहीं famā
तो नहीं ٱخْتَلَفُوا۟ उन्होंने इख़्तिलाफ़ किया ikh'talafū
उन्होंने इख़्तिलाफ़ किया حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि جَآءَهُمُ आ गया उनके पास jāahumu
आ गया उनके पास ٱلْعِلْمُ ۚ इल्म l-ʿil'mu
इल्म إِنَّ बेशक inna
बेशक رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका يَقْضِى वो फ़ैसला करेगा yaqḍī
वो फ़ैसला करेगा بَيْنَهُمْ दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के فِيمَا उसमें जो fīmā
उसमें जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो فِيهِ जिसमें fīhi
जिसमें يَخْتَلِفُونَ वो इख़्तिलाफ़ करते yakhtalifūna
वो इख़्तिलाफ़ करते ٩٣ (93)
(93)
और निःसंदेह हमने बनी इसराईल को सम्मानित ठिकाना1 दिया और उन्हें पाकीज़ा चीज़ों से जीविका प्रदान की। फिर उन्होंने आपस में मतभेद नहीं किया, यहाँ तक कि उनके पास ज्ञान आ गया। निःसंदेह आपका पालनहार क़ियामत के दिन उनके बीच उस चीज़ का निर्णय कर देगा, जिसमें वे मतभेद करते थे।
१०:९४
فَإِن
फिर अगर
fa-in
फिर अगर كُنتَ हैं आप kunta
हैं आप فِى in fī
in شَكٍّۢ किसी शक में shakkin
किसी शक में مِّمَّآ उसके बारे में जो mimmā
उसके बारे में जो أَنزَلْنَآ नाज़िल किया हमने anzalnā
नाज़िल किया हमने إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके فَسْـَٔلِ तो पूछ लीजिए fasali
तो पूछ लीजिए ٱلَّذِينَ उन लोगों से जो alladhīna
उन लोगों से जो يَقْرَءُونَ पढ़ते हैं yaqraūna
पढ़ते हैं ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब مِن before you min
before you قَبْلِكَ ۚ आपसे पहले qablika
आपसे पहले لَقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ جَآءَكَ आ गया आपके पास jāaka
आ गया आपके पास ٱلْحَقُّ हक़ l-ḥaqu
हक़ مِن from min
from رَّبِّكَ आपके रब की तरफ़ से rabbika
आपके रब की तरफ़ से فَلَا so (do) not falā
so (do) not تَكُونَنَّ पस हरगिज़ ना आप हों takūnanna
पस हरगिज़ ना आप हों مِنَ among mina
among ٱلْمُمْتَرِينَ शक करने वालों में से l-mum'tarīna
शक करने वालों में से ٩٤ (94)
(94)
फिर अगर كُنتَ हैं आप kunta
हैं आप فِى in fī
in شَكٍّۢ किसी शक में shakkin
किसी शक में مِّمَّآ उसके बारे में जो mimmā
उसके बारे में जो أَنزَلْنَآ नाज़िल किया हमने anzalnā
नाज़िल किया हमने إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके فَسْـَٔلِ तो पूछ लीजिए fasali
तो पूछ लीजिए ٱلَّذِينَ उन लोगों से जो alladhīna
उन लोगों से जो يَقْرَءُونَ पढ़ते हैं yaqraūna
पढ़ते हैं ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब مِن before you min
before you قَبْلِكَ ۚ आपसे पहले qablika
आपसे पहले لَقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ جَآءَكَ आ गया आपके पास jāaka
आ गया आपके पास ٱلْحَقُّ हक़ l-ḥaqu
हक़ مِن from min
from رَّبِّكَ आपके रब की तरफ़ से rabbika
आपके रब की तरफ़ से فَلَا so (do) not falā
so (do) not تَكُونَنَّ पस हरगिज़ ना आप हों takūnanna
पस हरगिज़ ना आप हों مِنَ among mina
among ٱلْمُمْتَرِينَ शक करने वालों में से l-mum'tarīna
शक करने वालों में से ٩٤ (94)
(94)
फिर यदि आपको उसमें कुछ संदेह1 हो, जो हमने आपकी ओर उतारा है, तो उन लोगों से पूछ लें, जो आपसे पहले किताब पढ़ते हैं। निःसंदेह आपके पास आपके पालनहार की ओर से सत्य आ चुका है। अतः आप हरगिज़ संदेह करने वालों में से न हों।
१०:९५
وَلَا
And (do) not
walā
And (do) not تَكُونَنَّ और हरगिज़ ना आप हों takūnanna
और हरगिज़ ना आप हों مِنَ of mina
of ٱلَّذِينَ उनमें से जिन्होंने alladhīna
उनमें से जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया بِـَٔايَـٰتِ (the) Signs of Allah biāyāti
(the) Signs of Allah ٱللَّهِ अल्लाह की आयात को l-lahi
अल्लाह की आयात को فَتَكُونَ वरना आप हो जाऐंगे fatakūna
वरना आप हो जाऐंगे مِنَ among mina
among ٱلْخَـٰسِرِينَ ख़सारा पाने वालों मे से l-khāsirīna
ख़सारा पाने वालों मे से ٩٥ (95)
(95)
And (do) not تَكُونَنَّ और हरगिज़ ना आप हों takūnanna
और हरगिज़ ना आप हों مِنَ of mina
of ٱلَّذِينَ उनमें से जिन्होंने alladhīna
उनमें से जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया بِـَٔايَـٰتِ (the) Signs of Allah biāyāti
(the) Signs of Allah ٱللَّهِ अल्लाह की आयात को l-lahi
अल्लाह की आयात को فَتَكُونَ वरना आप हो जाऐंगे fatakūna
वरना आप हो जाऐंगे مِنَ among mina
among ٱلْخَـٰسِرِينَ ख़सारा पाने वालों मे से l-khāsirīna
ख़सारा पाने वालों मे से ٩٥ (95)
(95)
तथा आप उन लोगों में कभी न होना, जिन्होंने अल्लाह की आयतों को झुठलाया, अन्यथा आप घाटा उठाने वालों में से हो जाएँगे।
१०:९६
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो حَقَّتْ साबित हो गई ḥaqqat
साबित हो गई عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर كَلِمَتُ बात kalimatu
बात رَبِّكَ आपके रब की rabbika
आपके रब की لَا will not lā
will not يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाऐंगे yu'minūna
नहीं वो ईमान लाऐंगे ٩٦ (96)
(96)
बेशक ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो حَقَّتْ साबित हो गई ḥaqqat
साबित हो गई عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर كَلِمَتُ बात kalimatu
बात رَبِّكَ आपके रब की rabbika
आपके रब की لَا will not lā
will not يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाऐंगे yu'minūna
नहीं वो ईमान लाऐंगे ٩٦ (96)
(96)
निःसंदेह जिन लोगों के विरुद्ध आपके पालनहार का फ़ैसला सिद्ध हो चुका, वे ईमान नहीं लाएँगे।
१०:९७
وَلَوْ
और अगरचे
walaw
और अगरचे جَآءَتْهُمْ आ जाए उनके पास jāathum
आ जाए उनके पास كُلُّ हर kullu
हर ءَايَةٍ निशानी āyatin
निशानी حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَرَوُا۟ वो देख लें yarawū
वो देख लें ٱلْعَذَابَ अज़ाब l-ʿadhāba
अज़ाब ٱلْأَلِيمَ दर्दनाक l-alīma
दर्दनाक ٩٧ (97)
(97)
और अगरचे جَآءَتْهُمْ आ जाए उनके पास jāathum
आ जाए उनके पास كُلُّ हर kullu
हर ءَايَةٍ निशानी āyatin
निशानी حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَرَوُا۟ वो देख लें yarawū
वो देख लें ٱلْعَذَابَ अज़ाब l-ʿadhāba
अज़ाब ٱلْأَلِيمَ दर्दनाक l-alīma
दर्दनाक ٩٧ (97)
(97)
चाहे उनके पास हर निशानी आ जाए, यहाँ तक कि वे दर्दनाक अज़ाब देख लें।
१०:९८
فَلَوْلَا
फिर क्यों ना
falawlā
फिर क्यों ना كَانَتْ हुई kānat
हुई قَرْيَةٌ कोई बस्ती qaryatun
कोई बस्ती ءَامَنَتْ जो ईमान लाई āmanat
जो ईमान लाई فَنَفَعَهَآ तो नफ़ा दिया उसे fanafaʿahā
तो नफ़ा दिया उसे إِيمَـٰنُهَآ उसके ईमान ने īmānuhā
उसके ईमान ने إِلَّا सिवाय illā
सिवाय قَوْمَ क़ौमे qawma
क़ौमे يُونُسَ यूनुस के yūnusa
यूनुस के لَمَّآ जब lammā
जब ءَامَنُوا۟ वो ईमान लाए āmanū
वो ईमान लाए كَشَفْنَا हटा दिया हमने kashafnā
हटा दिया हमने عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे عَذَابَ अज़ाब ʿadhāba
अज़ाब ٱلْخِزْىِ रुस्वाई का l-khiz'yi
रुस्वाई का فِى in fī
in ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी में l-ḥayati
ज़िन्दगी में ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَمَتَّعْنَـٰهُمْ और फ़ायदा दिया हमने उन्हें wamattaʿnāhum
और फ़ायदा दिया हमने उन्हें إِلَىٰ for ilā
for حِينٍۢ एक मुद्दत तक ḥīnin
एक मुद्दत तक ٩٨ (98)
(98)
फिर क्यों ना كَانَتْ हुई kānat
हुई قَرْيَةٌ कोई बस्ती qaryatun
कोई बस्ती ءَامَنَتْ जो ईमान लाई āmanat
जो ईमान लाई فَنَفَعَهَآ तो नफ़ा दिया उसे fanafaʿahā
तो नफ़ा दिया उसे إِيمَـٰنُهَآ उसके ईमान ने īmānuhā
उसके ईमान ने إِلَّا सिवाय illā
सिवाय قَوْمَ क़ौमे qawma
क़ौमे يُونُسَ यूनुस के yūnusa
यूनुस के لَمَّآ जब lammā
जब ءَامَنُوا۟ वो ईमान लाए āmanū
वो ईमान लाए كَشَفْنَا हटा दिया हमने kashafnā
हटा दिया हमने عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे عَذَابَ अज़ाब ʿadhāba
अज़ाब ٱلْخِزْىِ रुस्वाई का l-khiz'yi
रुस्वाई का فِى in fī
in ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी में l-ḥayati
ज़िन्दगी में ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَمَتَّعْنَـٰهُمْ और फ़ायदा दिया हमने उन्हें wamattaʿnāhum
और फ़ायदा दिया हमने उन्हें إِلَىٰ for ilā
for حِينٍۢ एक मुद्दत तक ḥīnin
एक मुद्दत तक ٩٨ (98)
(98)
तो कोई ऐसी बस्ती1 क्यों न हुई जो ईमान लाई हो, फिर उसके ईमान ने उसे लाभ पहुँचाया हो, सिवाए यूनुस की जाति के लोगों के। जब वे ईमान ले आए, तो हमने उनसे सांसारिक जीवन में अपमान की यातना को टाल दिया2 और उन्हें एक निश्चित समय तक लाभ उठाने का अवसर दे दिया।
१०:९९
وَلَوْ
और अगर
walaw
और अगर شَآءَ चाहता shāa
चाहता رَبُّكَ रब आपका rabbuka
रब आपका لَـَٔامَنَ अलबत्ता ईमान ले आते laāmana
अलबत्ता ईमान ले आते مَن जो man
जो فِى (are) in fī
(are) in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में हैं l-arḍi
ज़मीन में हैं كُلُّهُمْ सबके सब kulluhum
सबके सब جَمِيعًا ۚ इकट्ठे jamīʿan
इकट्ठे أَفَأَنتَ क्या भला आप afa-anta
क्या भला आप تُكْرِهُ मजबूर करेंगे tuk'rihu
मजबूर करेंगे ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَكُونُوا۟ वो हो जाऐं yakūnū
वो हो जाऐं مُؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले ٩٩ (99)
(99)
और अगर شَآءَ चाहता shāa
चाहता رَبُّكَ रब आपका rabbuka
रब आपका لَـَٔامَنَ अलबत्ता ईमान ले आते laāmana
अलबत्ता ईमान ले आते مَن जो man
जो فِى (are) in fī
(are) in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में हैं l-arḍi
ज़मीन में हैं كُلُّهُمْ सबके सब kulluhum
सबके सब جَمِيعًا ۚ इकट्ठे jamīʿan
इकट्ठे أَفَأَنتَ क्या भला आप afa-anta
क्या भला आप تُكْرِهُ मजबूर करेंगे tuk'rihu
मजबूर करेंगे ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَكُونُوا۟ वो हो जाऐं yakūnū
वो हो जाऐं مُؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले ٩٩ (99)
(99)
और यदि आपका पालनहार चाहता, तो निश्चय धरती में रहने वाले सभी लोग ईमान ले आते। तो क्या आप लोगों को बाध्य करेंगे कि वे मोमिन बन जाएँॽ1
१०:१००
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं كَانَ है kāna
है لِنَفْسٍ किसी नफ़्स के लिए linafsin
किसी नफ़्स के लिए أَن कि an
कि تُؤْمِنَ वो ईमान लाए tu'mina
वो ईमान लाए إِلَّا मगर illā
मगर بِإِذْنِ by (the) permission bi-idh'ni
by (the) permission ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के इज़्न से l-lahi
अल्लाह के इज़्न से وَيَجْعَلُ और वो डाल देता है wayajʿalu
और वो डाल देता है ٱلرِّجْسَ गंदगी को l-rij'sa
गंदगी को عَلَى on ʿalā
on ٱلَّذِينَ उन पर जो alladhīna
उन पर जो لَا (do) not lā
(do) not يَعْقِلُونَ नहीं वो अक़्ल रखते yaʿqilūna
नहीं वो अक़्ल रखते ١٠٠ (100)
(100)
और नहीं كَانَ है kāna
है لِنَفْسٍ किसी नफ़्स के लिए linafsin
किसी नफ़्स के लिए أَن कि an
कि تُؤْمِنَ वो ईमान लाए tu'mina
वो ईमान लाए إِلَّا मगर illā
मगर بِإِذْنِ by (the) permission bi-idh'ni
by (the) permission ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के इज़्न से l-lahi
अल्लाह के इज़्न से وَيَجْعَلُ और वो डाल देता है wayajʿalu
और वो डाल देता है ٱلرِّجْسَ गंदगी को l-rij'sa
गंदगी को عَلَى on ʿalā
on ٱلَّذِينَ उन पर जो alladhīna
उन पर जो لَا (do) not lā
(do) not يَعْقِلُونَ नहीं वो अक़्ल रखते yaʿqilūna
नहीं वो अक़्ल रखते ١٠٠ (100)
(100)
किसी प्राणी के लिए यह संभव नहीं है कि वह अल्लाह की अनुमति1 के बिना ईमान लाए और वह उन लोगों पर मलिनता डाल देता है, जो समझ नहीं रखते।
१०:१०१
قُلِ
कह दीजिए
quli
कह दीजिए ٱنظُرُوا۟ देखो unẓurū
देखो مَاذَا क्या कुछ है mādhā
क्या कुछ है فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में وَٱلْأَرْضِ ۚ और ज़मीन में wal-arḍi
और ज़मीन में وَمَا और नहीं wamā
और नहीं تُغْنِى फ़ायदा देतीं tugh'nī
फ़ायदा देतीं ٱلْـَٔايَـٰتُ आयात l-āyātu
आयात وَٱلنُّذُرُ और डरावे wal-nudhuru
और डरावे عَن to ʿan
to قَوْمٍۢ उन लोगों को जो qawmin
उन लोगों को जो لَّا (who do) not lā
(who do) not يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाते yu'minūna
नहीं वो ईमान लाते ١٠١ (101)
(101)
कह दीजिए ٱنظُرُوا۟ देखो unẓurū
देखो مَاذَا क्या कुछ है mādhā
क्या कुछ है فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में وَٱلْأَرْضِ ۚ और ज़मीन में wal-arḍi
और ज़मीन में وَمَا और नहीं wamā
और नहीं تُغْنِى फ़ायदा देतीं tugh'nī
फ़ायदा देतीं ٱلْـَٔايَـٰتُ आयात l-āyātu
आयात وَٱلنُّذُرُ और डरावे wal-nudhuru
और डरावे عَن to ʿan
to قَوْمٍۢ उन लोगों को जो qawmin
उन लोगों को जो لَّا (who do) not lā
(who do) not يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाते yu'minūna
नहीं वो ईमान लाते ١٠١ (101)
(101)
(ऐ नबी!) उनसे कह दें : तुम देखो आकाशों और धरती में क्या कुछ है? तथा निशानियाँ और चेतावनियाँ उन लोगों के लिए किसी काम की नहीं हैं जो ईमान नहीं लाते।
१०:१०२
فَهَلْ
तो नहीं
fahal
तो नहीं يَنتَظِرُونَ वो इन्तिज़ार कर रहे yantaẓirūna
वो इन्तिज़ार कर रहे إِلَّا मगर illā
मगर مِثْلَ मानिन्द mith'la
मानिन्द أَيَّامِ दिनों के ayyāmi
दिनों के ٱلَّذِينَ उन लोगों के जो alladhīna
उन लोगों के जो خَلَوْا۟ गुज़र चुके हैं khalaw
गुज़र चुके हैं مِن before them min
before them قَبْلِهِمْ ۚ उनसे पहले qablihim
उनसे पहले قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए فَٱنتَظِرُوٓا۟ पस इन्तिज़ार करो fa-intaẓirū
पस इन्तिज़ार करो إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं مَعَكُم साथ तुम्हारे maʿakum
साथ तुम्हारे مِّنَ among mina
among ٱلْمُنتَظِرِينَ इन्तिज़ार करने वालों में से हूँ l-muntaẓirīna
इन्तिज़ार करने वालों में से हूँ ١٠٢ (102)
(102)
तो नहीं يَنتَظِرُونَ वो इन्तिज़ार कर रहे yantaẓirūna
वो इन्तिज़ार कर रहे إِلَّا मगर illā
मगर مِثْلَ मानिन्द mith'la
मानिन्द أَيَّامِ दिनों के ayyāmi
दिनों के ٱلَّذِينَ उन लोगों के जो alladhīna
उन लोगों के जो خَلَوْا۟ गुज़र चुके हैं khalaw
गुज़र चुके हैं مِن before them min
before them قَبْلِهِمْ ۚ उनसे पहले qablihim
उनसे पहले قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए فَٱنتَظِرُوٓا۟ पस इन्तिज़ार करो fa-intaẓirū
पस इन्तिज़ार करो إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं مَعَكُم साथ तुम्हारे maʿakum
साथ तुम्हारे مِّنَ among mina
among ٱلْمُنتَظِرِينَ इन्तिज़ार करने वालों में से हूँ l-muntaẓirīna
इन्तिज़ार करने वालों में से हूँ ١٠٢ (102)
(102)
तो क्या ये लोग उन लोगों के दिनों के समान (दिनों) की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जो उनसे पहले गुज़र चुके हैंॽ आप कह दें : फिर प्रतीक्षा करो, निश्चय मैं भी तुम्हारे साथ प्रतीक्षा करने वालों में से हूँ।
१०:१०३
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर نُنَجِّى हम निजात देते हैं nunajjī
हम निजात देते हैं رُسُلَنَا अपने रसूलों को rusulanā
अपने रसूलों को وَٱلَّذِينَ और उनको जो wa-alladhīna
और उनको जो ءَامَنُوا۟ ۚ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह حَقًّا हक़ है ḥaqqan
हक़ है عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर نُنجِ कि हम निजात दें nunji
कि हम निजात दें ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों को l-mu'minīna
मोमिनों को ١٠٣ (103)
(103)
फिर نُنَجِّى हम निजात देते हैं nunajjī
हम निजात देते हैं رُسُلَنَا अपने रसूलों को rusulanā
अपने रसूलों को وَٱلَّذِينَ और उनको जो wa-alladhīna
और उनको जो ءَامَنُوا۟ ۚ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह حَقًّا हक़ है ḥaqqan
हक़ है عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर نُنجِ कि हम निजात दें nunji
कि हम निजात दें ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों को l-mu'minīna
मोमिनों को ١٠٣ (103)
(103)
फिर हम अपने रसूलों को और ईमान लाने वालों को बचा लेते हैं। इसी तरह हमपर हक़ है कि हम ईमान वालों को बचा लें।
१०:१०४
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए يَـٰٓأَيُّهَا O mankind yāayyuhā
O mankind ٱلنَّاسُ ऐ लोगो l-nāsu
ऐ लोगो إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम فِى in fī
in شَكٍّۢ किसी शक में shakkin
किसी शक में مِّن of min
of دِينِى मेरे दीन से dīnī
मेरे दीन से فَلَآ पस नहीं falā
पस नहीं أَعْبُدُ मैं इबादत करता aʿbudu
मैं इबादत करता ٱلَّذِينَ जिनकी alladhīna
जिनकी تَعْبُدُونَ तुम इबादत करते हो taʿbudūna
तुम इबादत करते हो مِن besides Allah min
besides Allah دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَلَـٰكِنْ और लेकिन walākin
और लेकिन أَعْبُدُ मैं इबादत करता हूँ aʿbudu
मैं इबादत करता हूँ ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो يَتَوَفَّىٰكُمْ ۖ फ़ौत करता है तुम्हें yatawaffākum
फ़ौत करता है तुम्हें وَأُمِرْتُ और हुक्म दिया गया हूँ मैं wa-umir'tu
और हुक्म दिया गया हूँ मैं أَنْ कि an
कि أَكُونَ मैं हो जाऊँ akūna
मैं हो जाऊँ مِنَ of mina
of ٱلْمُؤْمِنِينَ ईमान लाने वालों में से l-mu'minīna
ईमान लाने वालों में से ١٠٤ (104)
(104)
कह दीजिए يَـٰٓأَيُّهَا O mankind yāayyuhā
O mankind ٱلنَّاسُ ऐ लोगो l-nāsu
ऐ लोगो إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम فِى in fī
in شَكٍّۢ किसी शक में shakkin
किसी शक में مِّن of min
of دِينِى मेरे दीन से dīnī
मेरे दीन से فَلَآ पस नहीं falā
पस नहीं أَعْبُدُ मैं इबादत करता aʿbudu
मैं इबादत करता ٱلَّذِينَ जिनकी alladhīna
जिनकी تَعْبُدُونَ तुम इबादत करते हो taʿbudūna
तुम इबादत करते हो مِن besides Allah min
besides Allah دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَلَـٰكِنْ और लेकिन walākin
और लेकिन أَعْبُدُ मैं इबादत करता हूँ aʿbudu
मैं इबादत करता हूँ ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो يَتَوَفَّىٰكُمْ ۖ फ़ौत करता है तुम्हें yatawaffākum
फ़ौत करता है तुम्हें وَأُمِرْتُ और हुक्म दिया गया हूँ मैं wa-umir'tu
और हुक्म दिया गया हूँ मैं أَنْ कि an
कि أَكُونَ मैं हो जाऊँ akūna
मैं हो जाऊँ مِنَ of mina
of ٱلْمُؤْمِنِينَ ईमान लाने वालों में से l-mu'minīna
ईमान लाने वालों में से ١٠٤ (104)
(104)
आप कह दें : ऐ लोगो! यदि तुम मेरे धर्म के बारे में किसी संदेह में हो, तो मैं उनकी इबादत नहीं करता, जिनकी तुम अल्लाह को छोड़कर इबादत करते हो, बल्कि मैं उस अल्लाह की इबादत करता हूँ, जो तुम्हें मौत देता है और मुझे आदेश दिया गया है कि मैं ईमान वालों में से जाऊँ।
१०:१०५
وَأَنْ
और ये कि
wa-an
और ये कि أَقِمْ क़ायम रखिए aqim
क़ायम रखिए وَجْهَكَ चेहरा अपना wajhaka
चेहरा अपना لِلدِّينِ दीन के लिए lilddīni
दीन के लिए حَنِيفًۭا यकसू होकर ḥanīfan
यकसू होकर وَلَا and (do) not walā
and (do) not تَكُونَنَّ और हरगिज़ ना आप हों takūnanna
और हरगिज़ ना आप हों مِنَ of mina
of ٱلْمُشْرِكِينَ मुशरिकों में से l-mush'rikīna
मुशरिकों में से ١٠٥ (105)
(105)
और ये कि أَقِمْ क़ायम रखिए aqim
क़ायम रखिए وَجْهَكَ चेहरा अपना wajhaka
चेहरा अपना لِلدِّينِ दीन के लिए lilddīni
दीन के लिए حَنِيفًۭا यकसू होकर ḥanīfan
यकसू होकर وَلَا and (do) not walā
and (do) not تَكُونَنَّ और हरगिज़ ना आप हों takūnanna
और हरगिज़ ना आप हों مِنَ of mina
of ٱلْمُشْرِكِينَ मुशरिकों में से l-mush'rikīna
मुशरिकों में से ١٠٥ (105)
(105)
और यह कि आप एकाग्र होकर अपना मुख इस धर्म की ओर सीधा रखें और कदापि बहुदेववादियों में से न हों।
१०:१०६
وَلَا
और ना
walā
और ना تَدْعُ आप पुकारिए tadʿu
आप पुकारिए مِن besides Allah min
besides Allah دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के مَا उसे जो mā
उसे जो لَا (will) not lā
(will) not يَنفَعُكَ ना वो फ़ायदा दे सकता है आपको yanfaʿuka
ना वो फ़ायदा दे सकता है आपको وَلَا और ना walā
और ना يَضُرُّكَ ۖ वो नुक़सान दे सकता है आपको yaḍurruka
वो नुक़सान दे सकता है आपको فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर فَعَلْتَ किया आपने (ऐसा) faʿalta
किया आपने (ऐसा) فَإِنَّكَ तो बेशक आप fa-innaka
तो बेशक आप إِذًۭا उस वक़्त idhan
उस वक़्त مِّنَ of mina
of ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों में से होंगे l-ẓālimīna
ज़ालिमों में से होंगे ١٠٦ (106)
(106)
और ना تَدْعُ आप पुकारिए tadʿu
आप पुकारिए مِن besides Allah min
besides Allah دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के مَا उसे जो mā
उसे जो لَا (will) not lā
(will) not يَنفَعُكَ ना वो फ़ायदा दे सकता है आपको yanfaʿuka
ना वो फ़ायदा दे सकता है आपको وَلَا और ना walā
और ना يَضُرُّكَ ۖ वो नुक़सान दे सकता है आपको yaḍurruka
वो नुक़सान दे सकता है आपको فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर فَعَلْتَ किया आपने (ऐसा) faʿalta
किया आपने (ऐसा) فَإِنَّكَ तो बेशक आप fa-innaka
तो बेशक आप إِذًۭا उस वक़्त idhan
उस वक़्त مِّنَ of mina
of ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों में से होंगे l-ẓālimīna
ज़ालिमों में से होंगे ١٠٦ (106)
(106)
और अल्लाह को छोड़कर उसे न पुकारें, जो न आपको लाभ पहुँचाए और न आपको हानि पहुँचा सके। फिर यदि आपने ऐसा किया, तो निश्चय ही आप उस समय अत्याचारियों में से हो जाएँगे।
१०:१०७
وَإِن
और अगर
wa-in
और अगर يَمْسَسْكَ पहुँचाए आपको yamsaska
पहुँचाए आपको ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِضُرٍّۢ कोई तकलीफ़ biḍurrin
कोई तकलीफ़ فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं كَاشِفَ कोई हटाने वाला kāshifa
कोई हटाने वाला لَهُۥٓ उसे lahu
उसे إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ ۖ वो ही huwa
वो ही وَإِن और अगर wa-in
और अगर يُرِدْكَ वो इरादा करे आपके साथ yurid'ka
वो इरादा करे आपके साथ بِخَيْرٍۢ किसी भलाई का bikhayrin
किसी भलाई का فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं رَآدَّ कोई फेरने वाला rādda
कोई फेरने वाला لِفَضْلِهِۦ ۚ उसके फ़ज़ल को lifaḍlihi
उसके फ़ज़ल को يُصِيبُ वो पहुँचाता है yuṣību
वो पहुँचाता है بِهِۦ उसे bihi
उसे مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है مِنْ of min
of عِبَادِهِۦ ۚ अपने बन्दों में से ʿibādihi
अपने बन्दों में से وَهُوَ और वो wahuwa
और वो ٱلْغَفُورُ बहुत बख़्शने वाला है l-ghafūru
बहुत बख़्शने वाला है ٱلرَّحِيمُ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmu
निहायत रहम करने वाला है ١٠٧ (107)
(107)
और अगर يَمْسَسْكَ पहुँचाए आपको yamsaska
पहुँचाए आपको ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह بِضُرٍّۢ कोई तकलीफ़ biḍurrin
कोई तकलीफ़ فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं كَاشِفَ कोई हटाने वाला kāshifa
कोई हटाने वाला لَهُۥٓ उसे lahu
उसे إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ ۖ वो ही huwa
वो ही وَإِن और अगर wa-in
और अगर يُرِدْكَ वो इरादा करे आपके साथ yurid'ka
वो इरादा करे आपके साथ بِخَيْرٍۢ किसी भलाई का bikhayrin
किसी भलाई का فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं رَآدَّ कोई फेरने वाला rādda
कोई फेरने वाला لِفَضْلِهِۦ ۚ उसके फ़ज़ल को lifaḍlihi
उसके फ़ज़ल को يُصِيبُ वो पहुँचाता है yuṣību
वो पहुँचाता है بِهِۦ उसे bihi
उसे مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है مِنْ of min
of عِبَادِهِۦ ۚ अपने बन्दों में से ʿibādihi
अपने बन्दों में से وَهُوَ और वो wahuwa
और वो ٱلْغَفُورُ बहुत बख़्शने वाला है l-ghafūru
बहुत बख़्शने वाला है ٱلرَّحِيمُ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmu
निहायत रहम करने वाला है ١٠٧ (107)
(107)
और यदि अल्लाह आपको कोई कष्ट पहुँचाए, तो उसके सिवा कोई उसे दूर करने वाला नहीं और यदि वह आपके लिए कोई भलाई चाहे, तो उसके अनुग्रह को कोई हटाने वाला नहीं। वह उसे अपने बंदों में से जिसे चाहता है, प्रदान करता है तथा वही बड़ा क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।
१०:१०८
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए يَـٰٓأَيُّهَا O mankind yāayyuhā
O mankind ٱلنَّاسُ ऐ लोगो l-nāsu
ऐ लोगो قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ جَآءَكُمُ आ चुका तुम्हारे पास jāakumu
आ चुका तुम्हारे पास ٱلْحَقُّ हक़ l-ḥaqu
हक़ مِن from min
from رَّبِّكُمْ ۖ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से فَمَنِ तो जिसने famani
तो जिसने ٱهْتَدَىٰ हिदायत पाई ih'tadā
हिदायत पाई فَإِنَّمَا तो बेशक fa-innamā
तो बेशक يَهْتَدِى वो हिदायत पाएगा yahtadī
वो हिदायत पाएगा لِنَفْسِهِۦ ۖ अपने नफ़्स के लिए linafsihi
अपने नफ़्स के लिए وَمَن और जो waman
और जो ضَلَّ गुमराह हुआ ḍalla
गुमराह हुआ فَإِنَّمَا तो बेशक fa-innamā
तो बेशक يَضِلُّ वो गुमराह होगा yaḍillu
वो गुमराह होगा عَلَيْهَا ۖ अपने (नफ़्स) पर ʿalayhā
अपने (नफ़्स) पर وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं أَنَا۠ मैं anā
मैं عَلَيْكُم तुम पर ʿalaykum
तुम पर بِوَكِيلٍۢ कोई ज़िम्मेदार biwakīlin
कोई ज़िम्मेदार ١٠٨ (108)
(108)
कह दीजिए يَـٰٓأَيُّهَا O mankind yāayyuhā
O mankind ٱلنَّاسُ ऐ लोगो l-nāsu
ऐ लोगो قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ جَآءَكُمُ आ चुका तुम्हारे पास jāakumu
आ चुका तुम्हारे पास ٱلْحَقُّ हक़ l-ḥaqu
हक़ مِن from min
from رَّبِّكُمْ ۖ तुम्हारे रब की तरफ़ से rabbikum
तुम्हारे रब की तरफ़ से فَمَنِ तो जिसने famani
तो जिसने ٱهْتَدَىٰ हिदायत पाई ih'tadā
हिदायत पाई فَإِنَّمَا तो बेशक fa-innamā
तो बेशक يَهْتَدِى वो हिदायत पाएगा yahtadī
वो हिदायत पाएगा لِنَفْسِهِۦ ۖ अपने नफ़्स के लिए linafsihi
अपने नफ़्स के लिए وَمَن और जो waman
और जो ضَلَّ गुमराह हुआ ḍalla
गुमराह हुआ فَإِنَّمَا तो बेशक fa-innamā
तो बेशक يَضِلُّ वो गुमराह होगा yaḍillu
वो गुमराह होगा عَلَيْهَا ۖ अपने (नफ़्स) पर ʿalayhā
अपने (नफ़्स) पर وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं أَنَا۠ मैं anā
मैं عَلَيْكُم तुम पर ʿalaykum
तुम पर بِوَكِيلٍۢ कोई ज़िम्मेदार biwakīlin
कोई ज़िम्मेदार ١٠٨ (108)
(108)
(ऐ नबी!) आप कह दें : ऐ लोगो! निःसंदेह तुम्हारे पालनहार की ओर से तुम्हारे पास सत्य1 आ गया है। तो जो सीधे मार्ग पर आया, तो वह अपने आप ही के लिए मार्ग पर आता है और जो पथभ्रष्ट हुआ, तो वह अपने आप ही पर पथभ्रष्ट होता है और मैं तुमपर हरगिज़ कोई निरीक्षक नहीं हूँ।2
१०:१०९
وَٱتَّبِعْ
और पैरवी कीजिए
wa-ittabiʿ
और पैरवी कीजिए مَا उसकी जो mā
उसकी जो يُوحَىٰٓ वही की जाती है yūḥā
वही की जाती है إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके وَٱصْبِرْ और सब्र कीजिए wa-iṣ'bir
और सब्र कीजिए حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَحْكُمَ फ़ैसला कर दे yaḥkuma
फ़ैसला कर दे ٱللَّهُ ۚ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَهُوَ और वो wahuwa
और वो خَيْرُ बेहतर है khayru
बेहतर है ٱلْحَـٰكِمِينَ सब फ़ैसला करने वालों से l-ḥākimīna
सब फ़ैसला करने वालों से ١٠٩ (109)
(109)
और पैरवी कीजिए مَا उसकी जो mā
उसकी जो يُوحَىٰٓ वही की जाती है yūḥā
वही की जाती है إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके وَٱصْبِرْ और सब्र कीजिए wa-iṣ'bir
और सब्र कीजिए حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَحْكُمَ फ़ैसला कर दे yaḥkuma
फ़ैसला कर दे ٱللَّهُ ۚ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَهُوَ और वो wahuwa
और वो خَيْرُ बेहतर है khayru
बेहतर है ٱلْحَـٰكِمِينَ सब फ़ैसला करने वालों से l-ḥākimīna
सब फ़ैसला करने वालों से ١٠٩ (109)
(109)
और आप उसी का अनुसरण करें, जो आपकी ओर वह़्य की जाती है और धैर्य से काम लें, यहाँ तक कि अल्लाह फ़ैसला कर दे और वह सब फ़ैसला करने वालों से बेहतर है।