२१
अल-अम्बिया
الأنبياء
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
२१:१
ٱقْتَرَبَ
क़रीब आ गया
iq'taraba
क़रीब आ गया لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए حِسَابُهُمْ हिसाब उनका ḥisābuhum
हिसाब उनका وَهُمْ और वो wahum
और वो فِى (are) in fī
(are) in غَفْلَةٍۢ ग़फ़्लत में ghaflatin
ग़फ़्लत में مُّعْرِضُونَ ऐराज़ करने वाले हैं muʿ'riḍūna
ऐराज़ करने वाले हैं ١ (1)
(1)
क़रीब आ गया لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए حِسَابُهُمْ हिसाब उनका ḥisābuhum
हिसाब उनका وَهُمْ और वो wahum
और वो فِى (are) in fī
(are) in غَفْلَةٍۢ ग़फ़्लत में ghaflatin
ग़फ़्लत में مُّعْرِضُونَ ऐराज़ करने वाले हैं muʿ'riḍūna
ऐराज़ करने वाले हैं ١ (1)
(1)
लोगों के लिए उनका हिसाब1 बहुत निकट आ गया और वे बड़ी लापरवाही में मुँह फेरने वाले हैं।
२१:२
مَا
नहीं
mā
नहीं يَأْتِيهِم आता उनके पास yatīhim
आता उनके पास مِّن of min
of ذِكْرٍۢ कोई ज़िक्र dhik'rin
कोई ज़िक्र مِّن from min
from رَّبِّهِم उनके रब की तरफ़ से rabbihim
उनके रब की तरफ़ से مُّحْدَثٍ नया muḥ'dathin
नया إِلَّا मगर illā
मगर ٱسْتَمَعُوهُ वो सुनते हैं उसे is'tamaʿūhu
वो सुनते हैं उसे وَهُمْ जब कि वो wahum
जब कि वो يَلْعَبُونَ वो खैल रहे होते हैं yalʿabūna
वो खैल रहे होते हैं ٢ (2)
(2)
नहीं يَأْتِيهِم आता उनके पास yatīhim
आता उनके पास مِّن of min
of ذِكْرٍۢ कोई ज़िक्र dhik'rin
कोई ज़िक्र مِّن from min
from رَّبِّهِم उनके रब की तरफ़ से rabbihim
उनके रब की तरफ़ से مُّحْدَثٍ नया muḥ'dathin
नया إِلَّا मगर illā
मगर ٱسْتَمَعُوهُ वो सुनते हैं उसे is'tamaʿūhu
वो सुनते हैं उसे وَهُمْ जब कि वो wahum
जब कि वो يَلْعَبُونَ वो खैल रहे होते हैं yalʿabūna
वो खैल रहे होते हैं ٢ (2)
(2)
उनके पालनहार की ओर से उनके पास कोई नया उपदेश1 नहीं आता, परंतु वे उसे हँसी-खेल करते हुए बड़ी कठिनाई से सुनते हैं।
२१:३
لَاهِيَةًۭ
ग़ाफ़िल हैं
lāhiyatan
ग़ाफ़िल हैं قُلُوبُهُمْ ۗ दिल उनके qulūbuhum
दिल उनके وَأَسَرُّوا۟ और चुपके-चुपके की wa-asarrū
और चुपके-चुपके की ٱلنَّجْوَى सरगोशी l-najwā
सरगोशी ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जिन्होंने alladhīna
उन लोगों ने जिन्होंने ظَلَمُوا۟ ज़ुल्म किया ẓalamū
ज़ुल्म किया هَلْ नहीं hal
नहीं هَـٰذَآ ये hādhā
ये إِلَّا मगर illā
मगर بَشَرٌۭ एक इन्सान basharun
एक इन्सान مِّثْلُكُمْ ۖ तुम्हारे जैसा mith'lukum
तुम्हारे जैसा أَفَتَأْتُونَ क्या फिर तुम आते हो afatatūna
क्या फिर तुम आते हो ٱلسِّحْرَ जादू को l-siḥ'ra
जादू को وَأَنتُمْ जब कि तुम wa-antum
जब कि तुम تُبْصِرُونَ तुम देखते हो tub'ṣirūna
तुम देखते हो ٣ (3)
(3)
ग़ाफ़िल हैं قُلُوبُهُمْ ۗ दिल उनके qulūbuhum
दिल उनके وَأَسَرُّوا۟ और चुपके-चुपके की wa-asarrū
और चुपके-चुपके की ٱلنَّجْوَى सरगोशी l-najwā
सरगोशी ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जिन्होंने alladhīna
उन लोगों ने जिन्होंने ظَلَمُوا۟ ज़ुल्म किया ẓalamū
ज़ुल्म किया هَلْ नहीं hal
नहीं هَـٰذَآ ये hādhā
ये إِلَّا मगर illā
मगर بَشَرٌۭ एक इन्सान basharun
एक इन्सान مِّثْلُكُمْ ۖ तुम्हारे जैसा mith'lukum
तुम्हारे जैसा أَفَتَأْتُونَ क्या फिर तुम आते हो afatatūna
क्या फिर तुम आते हो ٱلسِّحْرَ जादू को l-siḥ'ra
जादू को وَأَنتُمْ जब कि तुम wa-antum
जब कि तुम تُبْصِرُونَ तुम देखते हो tub'ṣirūna
तुम देखते हो ٣ (3)
(3)
उनके दिल पूरी तरह ग़ाफ़िल होते हैं। और उन लोगों ने चुपके-चुपके कानाफूसी की जिन्होंने अत्याचार किया था, कि यह (नबी) तो तुम्हारे ही जैसा एक इनसान है, तो क्या तुम जादू के पास आते हो, हालाँकि तुम देख रहे हो?
२१:४
قَالَ
कहा
qāla
कहा رَبِّى रब मेरा rabbī
रब मेरा يَعْلَمُ जानता है yaʿlamu
जानता है ٱلْقَوْلَ हर बात को l-qawla
हर बात को فِى in fī
in ٱلسَّمَآءِ आसमान में l-samāi
आसमान में وَٱلْأَرْضِ ۖ और ज़मीन में wal-arḍi
और ज़मीन में وَهُوَ और वो wahuwa
और वो ٱلسَّمِيعُ ख़ूब सुनने वाला है l-samīʿu
ख़ूब सुनने वाला है ٱلْعَلِيمُ ख़ूब जानने वाला है l-ʿalīmu
ख़ूब जानने वाला है ٤ (4)
(4)
कहा رَبِّى रब मेरा rabbī
रब मेरा يَعْلَمُ जानता है yaʿlamu
जानता है ٱلْقَوْلَ हर बात को l-qawla
हर बात को فِى in fī
in ٱلسَّمَآءِ आसमान में l-samāi
आसमान में وَٱلْأَرْضِ ۖ और ज़मीन में wal-arḍi
और ज़मीन में وَهُوَ और वो wahuwa
और वो ٱلسَّمِيعُ ख़ूब सुनने वाला है l-samīʿu
ख़ूब सुनने वाला है ٱلْعَلِيمُ ख़ूब जानने वाला है l-ʿalīmu
ख़ूब जानने वाला है ٤ (4)
(4)
उस (रसूल) ने कहा : मेरा पालनहार आकाश और धरती की हर बात को जानता है और वही सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।
२१:५
بَلْ
बल्कि
bal
बल्कि قَالُوٓا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा أَضْغَـٰثُ परेशान aḍghāthu
परेशान أَحْلَـٰمٍۭ ख़्वाब हैं aḥlāmin
ख़्वाब हैं بَلِ बल्कि bali
बल्कि ٱفْتَرَىٰهُ उसने गढ़ लिया है उसे if'tarāhu
उसने गढ़ लिया है उसे بَلْ बल्कि bal
बल्कि هُوَ वो huwa
वो شَاعِرٌۭ शायर है shāʿirun
शायर है فَلْيَأْتِنَا पस चाहिए कि लाए हमारे पास falyatinā
पस चाहिए कि लाए हमारे पास بِـَٔايَةٍۢ कोई निशानी biāyatin
कोई निशानी كَمَآ जैसा कि kamā
जैसा कि أُرْسِلَ भेजे गए ur'sila
भेजे गए ٱلْأَوَّلُونَ पहले (रसूल) l-awalūna
पहले (रसूल) ٥ (5)
(5)
बल्कि قَالُوٓا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा أَضْغَـٰثُ परेशान aḍghāthu
परेशान أَحْلَـٰمٍۭ ख़्वाब हैं aḥlāmin
ख़्वाब हैं بَلِ बल्कि bali
बल्कि ٱفْتَرَىٰهُ उसने गढ़ लिया है उसे if'tarāhu
उसने गढ़ लिया है उसे بَلْ बल्कि bal
बल्कि هُوَ वो huwa
वो شَاعِرٌۭ शायर है shāʿirun
शायर है فَلْيَأْتِنَا पस चाहिए कि लाए हमारे पास falyatinā
पस चाहिए कि लाए हमारे पास بِـَٔايَةٍۢ कोई निशानी biāyatin
कोई निशानी كَمَآ जैसा कि kamā
जैसा कि أُرْسِلَ भेजे गए ur'sila
भेजे गए ٱلْأَوَّلُونَ पहले (रसूल) l-awalūna
पहले (रसूल) ٥ (5)
(5)
बल्कि उन्होंने (क़ुरआन के बारे में) कहा : यह1 सपनों की उलझी हुई बातें हैं, बल्कि उसने इसे स्वयं गढ़ लिया है, बल्कि वह कवि है! अतः उसे चाहिए कि हमारे पास कोई निशानी लाए, जैसे पहले के रसूल (निशानियों के साथ) भेजे गए थे।
२१:६
مَآ
नहीं
mā
नहीं ءَامَنَتْ ईमान लाई थी āmanat
ईमान लाई थी قَبْلَهُم उनसे पहले qablahum
उनसे पहले مِّن any min
any قَرْيَةٍ कोई बस्ती qaryatin
कोई बस्ती أَهْلَكْنَـٰهَآ ۖ हलाक कर दिया हमने जिसे ahlaknāhā
हलाक कर दिया हमने जिसे أَفَهُمْ क्या फिर वो afahum
क्या फिर वो يُؤْمِنُونَ वो ईमान लाऐंगे yu'minūna
वो ईमान लाऐंगे ٦ (6)
(6)
नहीं ءَامَنَتْ ईमान लाई थी āmanat
ईमान लाई थी قَبْلَهُم उनसे पहले qablahum
उनसे पहले مِّن any min
any قَرْيَةٍ कोई बस्ती qaryatin
कोई बस्ती أَهْلَكْنَـٰهَآ ۖ हलाक कर दिया हमने जिसे ahlaknāhā
हलाक कर दिया हमने जिसे أَفَهُمْ क्या फिर वो afahum
क्या फिर वो يُؤْمِنُونَ वो ईमान लाऐंगे yu'minūna
वो ईमान लाऐंगे ٦ (6)
(6)
इनसे पहले कोई बस्ती, जिसे हमने विनष्ट किया, ईमान1 नहीं लाई। तो क्या ये ईमान ले आएँगे?
२१:७
وَمَآ
और नहीं
wamā
और नहीं أَرْسَلْنَا भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने قَبْلَكَ आपसे पहले qablaka
आपसे पहले إِلَّا मगर illā
मगर رِجَالًۭا मर्दों को rijālan
मर्दों को نُّوحِىٓ हम वही करते थे nūḥī
हम वही करते थे إِلَيْهِمْ ۖ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके فَسْـَٔلُوٓا۟ पस पूछ लो fasalū
पस पूछ लो أَهْلَ (the) people ahla
(the) people ٱلذِّكْرِ अहले ज़िक्र से l-dhik'ri
अहले ज़िक्र से إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम لَا (do) not lā
(do) not تَعْلَمُونَ नहीं तुम जानते taʿlamūna
नहीं तुम जानते ٧ (7)
(7)
और नहीं أَرْسَلْنَا भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने قَبْلَكَ आपसे पहले qablaka
आपसे पहले إِلَّا मगर illā
मगर رِجَالًۭا मर्दों को rijālan
मर्दों को نُّوحِىٓ हम वही करते थे nūḥī
हम वही करते थे إِلَيْهِمْ ۖ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके فَسْـَٔلُوٓا۟ पस पूछ लो fasalū
पस पूछ लो أَهْلَ (the) people ahla
(the) people ٱلذِّكْرِ अहले ज़िक्र से l-dhik'ri
अहले ज़िक्र से إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम لَا (do) not lā
(do) not تَعْلَمُونَ नहीं तुम जानते taʿlamūna
नहीं तुम जानते ٧ (7)
(7)
और (ऐ नबी!) हमने आपसे पहले पुरुषों ही को रसूल बनाकर भेजे, जिनकी ओर हम वह़्य (प्रकाशना) करते थे। अतः तुम ज़िक्र (किताब) वालों1 से पूछ लो, यदि तुम (स्वयं) नहीं जानते हो।
२१:८
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं جَعَلْنَـٰهُمْ बनाए हमने उनके jaʿalnāhum
बनाए हमने उनके جَسَدًۭا ऐसे जिस्म jasadan
ऐसे जिस्म لَّا not lā
not يَأْكُلُونَ कि ना वो खाते हों yakulūna
कि ना वो खाते हों ٱلطَّعَامَ खाना l-ṭaʿāma
खाना وَمَا और ना wamā
और ना كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले khālidīna
हमेशा रहने वाले ٨ (8)
(8)
और नहीं جَعَلْنَـٰهُمْ बनाए हमने उनके jaʿalnāhum
बनाए हमने उनके جَسَدًۭا ऐसे जिस्म jasadan
ऐसे जिस्म لَّا not lā
not يَأْكُلُونَ कि ना वो खाते हों yakulūna
कि ना वो खाते हों ٱلطَّعَامَ खाना l-ṭaʿāma
खाना وَمَا और ना wamā
और ना كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले khālidīna
हमेशा रहने वाले ٨ (8)
(8)
तथा हमने उन्हें ऐसे शरीर (वाले) नहीं बनाए थे, जो खाना न खाते हों और न वे हमेशा रहने वाले थे।1
२१:९
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर صَدَقْنَـٰهُمُ सच्चा किया हमने उसे ṣadaqnāhumu
सच्चा किया हमने उसे ٱلْوَعْدَ वादा l-waʿda
वादा فَأَنجَيْنَـٰهُمْ पस निजात दी हमने उन्हें fa-anjaynāhum
पस निजात दी हमने उन्हें وَمَن और जिसे waman
और जिसे نَّشَآءُ हमने चाहा nashāu
हमने चाहा وَأَهْلَكْنَا और हलाक कर दिया हमने wa-ahlaknā
और हलाक कर दिया हमने ٱلْمُسْرِفِينَ हद से बढ़ने वालों को l-mus'rifīna
हद से बढ़ने वालों को ٩ (9)
(9)
फिर صَدَقْنَـٰهُمُ सच्चा किया हमने उसे ṣadaqnāhumu
सच्चा किया हमने उसे ٱلْوَعْدَ वादा l-waʿda
वादा فَأَنجَيْنَـٰهُمْ पस निजात दी हमने उन्हें fa-anjaynāhum
पस निजात दी हमने उन्हें وَمَن और जिसे waman
और जिसे نَّشَآءُ हमने चाहा nashāu
हमने चाहा وَأَهْلَكْنَا और हलाक कर दिया हमने wa-ahlaknā
और हलाक कर दिया हमने ٱلْمُسْرِفِينَ हद से बढ़ने वालों को l-mus'rifīna
हद से बढ़ने वालों को ٩ (9)
(9)
फिर हमने उनसे किए हुए वादे को सच कर दिखाया। तो हमने उन्हें बचा लिया और उसे भी जिसे हम चाहते थे। और हमने हद से बढ़ने वालों को नष्ट कर दिया।
२१:१०
لَقَدْ
अलबत्ता तहक़ीक़
laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ أَنزَلْنَآ नाज़िल की हमने anzalnā
नाज़िल की हमने إِلَيْكُمْ तरफ़ तुम्हारे ilaykum
तरफ़ तुम्हारे كِتَـٰبًۭا एक किताब kitāban
एक किताब فِيهِ जिसमें fīhi
जिसमें ذِكْرُكُمْ ۖ ज़िक्र है तुम्हारा dhik'rukum
ज़िक्र है तुम्हारा أَفَلَا क्या फिर नहीं afalā
क्या फिर नहीं تَعْقِلُونَ तुम अक़्ल से काम लेते taʿqilūna
तुम अक़्ल से काम लेते ١٠ (10)
(10)
अलबत्ता तहक़ीक़ أَنزَلْنَآ नाज़िल की हमने anzalnā
नाज़िल की हमने إِلَيْكُمْ तरफ़ तुम्हारे ilaykum
तरफ़ तुम्हारे كِتَـٰبًۭا एक किताब kitāban
एक किताब فِيهِ जिसमें fīhi
जिसमें ذِكْرُكُمْ ۖ ज़िक्र है तुम्हारा dhik'rukum
ज़िक्र है तुम्हारा أَفَلَا क्या फिर नहीं afalā
क्या फिर नहीं تَعْقِلُونَ तुम अक़्ल से काम लेते taʿqilūna
तुम अक़्ल से काम लेते ١٠ (10)
(10)
निःसंदेह हमने तुम्हारी ओर एक किताब (क़ुरआन) उतारी है, जिसमें तुम्हारा सम्मान है। तो क्या तुम नहीं समझते?
२१:११
وَكَمْ
और कितनी ही
wakam
और कितनी ही قَصَمْنَا तोड़ कर रखदीं हमने qaṣamnā
तोड़ कर रखदीं हमने مِن of min
of قَرْيَةٍۢ बस्तियाँ qaryatin
बस्तियाँ كَانَتْ थीं वो kānat
थीं वो ظَالِمَةًۭ ज़ालिम ẓālimatan
ज़ालिम وَأَنشَأْنَا और उठाया हमने wa-anshanā
और उठाया हमने بَعْدَهَا बाद इसके baʿdahā
बाद इसके قَوْمًا क़ौमों को qawman
क़ौमों को ءَاخَرِينَ दूसरी ākharīna
दूसरी ١١ (11)
(11)
और कितनी ही قَصَمْنَا तोड़ कर रखदीं हमने qaṣamnā
तोड़ कर रखदीं हमने مِن of min
of قَرْيَةٍۢ बस्तियाँ qaryatin
बस्तियाँ كَانَتْ थीं वो kānat
थीं वो ظَالِمَةًۭ ज़ालिम ẓālimatan
ज़ालिम وَأَنشَأْنَا और उठाया हमने wa-anshanā
और उठाया हमने بَعْدَهَا बाद इसके baʿdahā
बाद इसके قَوْمًا क़ौमों को qawman
क़ौमों को ءَاخَرِينَ दूसरी ākharīna
दूसरी ١١ (11)
(11)
और हमने बहुत-सी बस्तियों को तोड़कर रख दिया, जो अत्याचारी थीं और हमने उनके बाद दूसरी जाति को पैदा कर दिया।
२१:१२
فَلَمَّآ
तो जब
falammā
तो जब أَحَسُّوا۟ उन्होंने महसूस किया aḥassū
उन्होंने महसूस किया بَأْسَنَآ अज़ाब हमारा basanā
अज़ाब हमारा إِذَا अचानक idhā
अचानक هُم वो hum
वो مِّنْهَا उनसे min'hā
उनसे يَرْكُضُونَ वो भागने लगे yarkuḍūna
वो भागने लगे ١٢ (12)
(12)
तो जब أَحَسُّوا۟ उन्होंने महसूस किया aḥassū
उन्होंने महसूस किया بَأْسَنَآ अज़ाब हमारा basanā
अज़ाब हमारा إِذَا अचानक idhā
अचानक هُم वो hum
वो مِّنْهَا उनसे min'hā
उनसे يَرْكُضُونَ वो भागने लगे yarkuḍūna
वो भागने लगे ١٢ (12)
(12)
फिर जब उन्होंने हमारे अज़ाब को देख लिया, तो वे तुरंत वहाँ से भागने लगे।
२१:१३
لَا
Flee not
lā
Flee not تَرْكُضُوا۟ ना तुम भागो tarkuḍū
ना तुम भागो وَٱرْجِعُوٓا۟ और लौट आओ wa-ir'jiʿū
और लौट आओ إِلَىٰ to ilā
to مَآ तरफ़ उसके जो mā
तरफ़ उसके जो أُتْرِفْتُمْ ऐश दिए गए तुम ut'rif'tum
ऐश दिए गए तुम فِيهِ जिसमें fīhi
जिसमें وَمَسَـٰكِنِكُمْ और अपने घरों के wamasākinikum
और अपने घरों के لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تُسْـَٔلُونَ तुम पूछे जाओ tus'alūna
तुम पूछे जाओ ١٣ (13)
(13)
Flee not تَرْكُضُوا۟ ना तुम भागो tarkuḍū
ना तुम भागो وَٱرْجِعُوٓا۟ और लौट आओ wa-ir'jiʿū
और लौट आओ إِلَىٰ to ilā
to مَآ तरफ़ उसके जो mā
तरफ़ उसके जो أُتْرِفْتُمْ ऐश दिए गए तुम ut'rif'tum
ऐश दिए गए तुम فِيهِ जिसमें fīhi
जिसमें وَمَسَـٰكِنِكُمْ और अपने घरों के wamasākinikum
और अपने घरों के لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تُسْـَٔلُونَ तुम पूछे जाओ tus'alūna
तुम पूछे जाओ ١٣ (13)
(13)
(तो उनसे उपहास के तौर पर कहा जाएगा :) भागो नहीं, और वापस चलो उन (जगहों) की ओर जिनमें तुम्हें खुशहाली दी गई थी और अपने घरों की ओर, ताकि तुमसे पूछा जाए।1
२१:१४
قَالُوا۟
उन्होंने कहा
qālū
उन्होंने कहा يَـٰوَيْلَنَآ हाय अफ़्सोस हम पर yāwaylanā
हाय अफ़्सोस हम पर إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम كُنَّا थे हम kunnā
थे हम ظَـٰلِمِينَ ज़ालिम ẓālimīna
ज़ालिम ١٤ (14)
(14)
उन्होंने कहा يَـٰوَيْلَنَآ हाय अफ़्सोस हम पर yāwaylanā
हाय अफ़्सोस हम पर إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम كُنَّا थे हम kunnā
थे हम ظَـٰلِمِينَ ज़ालिम ẓālimīna
ज़ालिम ١٤ (14)
(14)
उन्होंने कहा : हाय हमारा विनाश! निश्चय हम अत्याचारी थे।
२१:१५
فَمَا
Then not
famā
Then not زَالَت तो मुसलसल रही zālat
तो मुसलसल रही تِّلْكَ यही til'ka
यही دَعْوَىٰهُمْ पुकार उनकी daʿwāhum
पुकार उनकी حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि جَعَلْنَـٰهُمْ बना दिया हमने उन्हें jaʿalnāhum
बना दिया हमने उन्हें حَصِيدًا जड़ से कटी हुई खेती ḥaṣīdan
जड़ से कटी हुई खेती خَـٰمِدِينَ बुझी हुई khāmidīna
बुझी हुई ١٥ (15)
(15)
Then not زَالَت तो मुसलसल रही zālat
तो मुसलसल रही تِّلْكَ यही til'ka
यही دَعْوَىٰهُمْ पुकार उनकी daʿwāhum
पुकार उनकी حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि جَعَلْنَـٰهُمْ बना दिया हमने उन्हें jaʿalnāhum
बना दिया हमने उन्हें حَصِيدًا जड़ से कटी हुई खेती ḥaṣīdan
जड़ से कटी हुई खेती خَـٰمِدِينَ बुझी हुई khāmidīna
बुझी हुई ١٥ (15)
(15)
तो उनकी पुकार हमेशा यही रही, यहाँ तक कि हमने उन्हें कटे हुए, बुझे हुए बना दिया।
२१:१६
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं خَلَقْنَا पैदा किया हमने khalaqnā
पैदा किया हमने ٱلسَّمَآءَ आसमान l-samāa
आसमान وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को وَمَا और जो wamā
और जो بَيْنَهُمَا इन दोनों के दर्मियान है baynahumā
इन दोनों के दर्मियान है لَـٰعِبِينَ खेलते हुए lāʿibīna
खेलते हुए ١٦ (16)
(16)
और नहीं خَلَقْنَا पैदा किया हमने khalaqnā
पैदा किया हमने ٱلسَّمَآءَ आसमान l-samāa
आसमान وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को وَمَا और जो wamā
और जो بَيْنَهُمَا इन दोनों के दर्मियान है baynahumā
इन दोनों के दर्मियान है لَـٰعِبِينَ खेलते हुए lāʿibīna
खेलते हुए ١٦ (16)
(16)
तथा हमने आकाश और धरती को और जो कुछ उन दोनों के बीच है, खेलते हुए नहीं बनाया।
२१:१७
لَوْ
अगर
law
अगर أَرَدْنَآ चाहते हम aradnā
चाहते हम أَن कि an
कि نَّتَّخِذَ हम बना लें nattakhidha
हम बना लें لَهْوًۭا कोई खेल lahwan
कोई खेल لَّٱتَّخَذْنَـٰهُ यक़ीनन बना लेते हम उसे la-ittakhadhnāhu
यक़ीनन बना लेते हम उसे مِن from min
from لَّدُنَّآ अपने पास से ladunnā
अपने पास से إِن अगर in
अगर كُنَّا होते हम kunnā
होते हम فَـٰعِلِينَ करने वाले fāʿilīna
करने वाले ١٧ (17)
(17)
अगर أَرَدْنَآ चाहते हम aradnā
चाहते हम أَن कि an
कि نَّتَّخِذَ हम बना लें nattakhidha
हम बना लें لَهْوًۭا कोई खेल lahwan
कोई खेल لَّٱتَّخَذْنَـٰهُ यक़ीनन बना लेते हम उसे la-ittakhadhnāhu
यक़ीनन बना लेते हम उसे مِن from min
from لَّدُنَّآ अपने पास से ladunnā
अपने पास से إِن अगर in
अगर كُنَّا होते हम kunnā
होते हम فَـٰعِلِينَ करने वाले fāʿilīna
करने वाले ١٧ (17)
(17)
यदि हम कोई खेल बनाना चाहते, तो निश्चय उसे अपने पास से बना1 लेते। (परंतु) हम ऐसा करने वाले नहीं हैं।
२१:१८
بَلْ
बल्कि
bal
बल्कि نَقْذِفُ हम फेंकते हैं naqdhifu
हम फेंकते हैं بِٱلْحَقِّ हक़ को bil-ḥaqi
हक़ को عَلَى against ʿalā
against ٱلْبَـٰطِلِ बातिल पर l-bāṭili
बातिल पर فَيَدْمَغُهُۥ पस वो सर तोड़ देता है उसका fayadmaghuhu
पस वो सर तोड़ देता है उसका فَإِذَا तो यकायक fa-idhā
तो यकायक هُوَ वो huwa
वो زَاهِقٌۭ ۚ ज़ाइल हो जाता है zāhiqun
ज़ाइल हो जाता है وَلَكُمُ और तुम्हारे लिए walakumu
और तुम्हारे लिए ٱلْوَيْلُ हलाकत है l-waylu
हलाकत है مِمَّا उससे जो mimmā
उससे जो تَصِفُونَ तुम बयान करते हो taṣifūna
तुम बयान करते हो ١٨ (18)
(18)
बल्कि نَقْذِفُ हम फेंकते हैं naqdhifu
हम फेंकते हैं بِٱلْحَقِّ हक़ को bil-ḥaqi
हक़ को عَلَى against ʿalā
against ٱلْبَـٰطِلِ बातिल पर l-bāṭili
बातिल पर فَيَدْمَغُهُۥ पस वो सर तोड़ देता है उसका fayadmaghuhu
पस वो सर तोड़ देता है उसका فَإِذَا तो यकायक fa-idhā
तो यकायक هُوَ वो huwa
वो زَاهِقٌۭ ۚ ज़ाइल हो जाता है zāhiqun
ज़ाइल हो जाता है وَلَكُمُ और तुम्हारे लिए walakumu
और तुम्हारे लिए ٱلْوَيْلُ हलाकत है l-waylu
हलाकत है مِمَّا उससे जो mimmā
उससे जो تَصِفُونَ तुम बयान करते हो taṣifūna
तुम बयान करते हो ١٨ (18)
(18)
बल्कि हम सत्य को असत्य पर फेंक मारते हैं, तो वह उसका सिर कुचल देता है, तो एकाएक वह मिटने वाला होता है। और तुम्हारे लिए उसके कारण विनाश है, जो तुम बयान करते हो।
२१:१९
وَلَهُۥ
और उसी के लिए है
walahu
और उसी के लिए है مَن जो man
जो فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में وَٱلْأَرْضِ ۚ और ज़मीन में है wal-arḍi
और ज़मीन में है وَمَنْ और जो waman
और जो عِندَهُۥ उसके पास हैं ʿindahu
उसके पास हैं لَا not lā
not يَسْتَكْبِرُونَ नहीं वो तकब्बुर करते yastakbirūna
नहीं वो तकब्बुर करते عَنْ to ʿan
to عِبَادَتِهِۦ उसकी इबादत से ʿibādatihi
उसकी इबादत से وَلَا और ना walā
और ना يَسْتَحْسِرُونَ वो थकते हैं yastaḥsirūna
वो थकते हैं ١٩ (19)
(19)
और उसी के लिए है مَن जो man
जो فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में وَٱلْأَرْضِ ۚ और ज़मीन में है wal-arḍi
और ज़मीन में है وَمَنْ और जो waman
और जो عِندَهُۥ उसके पास हैं ʿindahu
उसके पास हैं لَا not lā
not يَسْتَكْبِرُونَ नहीं वो तकब्बुर करते yastakbirūna
नहीं वो तकब्बुर करते عَنْ to ʿan
to عِبَادَتِهِۦ उसकी इबादत से ʿibādatihi
उसकी इबादत से وَلَا और ना walā
और ना يَسْتَحْسِرُونَ वो थकते हैं yastaḥsirūna
वो थकते हैं ١٩ (19)
(19)
और उसी का है, जो कोई आकाशों तथा धरती में है। और जो (फ़रिश्ते) उसके पास हैं, वे न उसकी इबादत से अभिमान करते हैं और न ज़रा भर थकते हैं।
२१:२०
يُسَبِّحُونَ
वो तस्बीह करते हैं
yusabbiḥūna
वो तस्बीह करते हैं ٱلَّيْلَ रात al-layla
रात وَٱلنَّهَارَ और दिन wal-nahāra
और दिन لَا not lā
not يَفْتُرُونَ नहीं वो दम लेते yafturūna
नहीं वो दम लेते ٢٠ (20)
(20)
वो तस्बीह करते हैं ٱلَّيْلَ रात al-layla
रात وَٱلنَّهَارَ और दिन wal-nahāra
और दिन لَا not lā
not يَفْتُرُونَ नहीं वो दम लेते yafturūna
नहीं वो दम लेते ٢٠ (20)
(20)
वे रात-दिन (अल्लाह की) पवित्रता का गान करते हैं, दम नहीं लेते।
२१:२१
أَمِ
क्या
ami
क्या ٱتَّخَذُوٓا۟ उन्होंने बना लिए हैं ittakhadhū
उन्होंने बना लिए हैं ءَالِهَةًۭ कुछ इलाह ālihatan
कुछ इलाह مِّنَ from mina
from ٱلْأَرْضِ ज़मीन से l-arḍi
ज़मीन से هُمْ कि वो hum
कि वो يُنشِرُونَ वो ज़िन्दा करेंगे yunshirūna
वो ज़िन्दा करेंगे ٢١ (21)
(21)
क्या ٱتَّخَذُوٓا۟ उन्होंने बना लिए हैं ittakhadhū
उन्होंने बना लिए हैं ءَالِهَةًۭ कुछ इलाह ālihatan
कुछ इलाह مِّنَ from mina
from ٱلْأَرْضِ ज़मीन से l-arḍi
ज़मीन से هُمْ कि वो hum
कि वो يُنشِرُونَ वो ज़िन्दा करेंगे yunshirūna
वो ज़िन्दा करेंगे ٢١ (21)
(21)
क्या उन्होंने धरती से ऐसे पूज्य बना लिए हैं, जो मरे हुए लोगों को ज़िंदा कर सकते हैं?
२१:२२
لَوْ
अगर
law
अगर كَانَ होते kāna
होते فِيهِمَآ उन दोनों में fīhimā
उन दोनों में ءَالِهَةٌ कुछ इलाह ālihatun
कुछ इलाह إِلَّا सिवाए illā
सिवाए ٱللَّهُ अल्लाह के l-lahu
अल्लाह के لَفَسَدَتَا ۚ अलबत्ता वो दोनों बिगड़ जाते lafasadatā
अलबत्ता वो दोनों बिगड़ जाते فَسُبْحَـٰنَ पस पाक है fasub'ḥāna
पस पाक है ٱللَّهِ अल्लाह l-lahi
अल्लाह رَبِّ जो रब है rabbi
जो रब है ٱلْعَرْشِ अर्श का l-ʿarshi
अर्श का عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो يَصِفُونَ वो बयान करते हैं yaṣifūna
वो बयान करते हैं ٢٢ (22)
(22)
अगर كَانَ होते kāna
होते فِيهِمَآ उन दोनों में fīhimā
उन दोनों में ءَالِهَةٌ कुछ इलाह ālihatun
कुछ इलाह إِلَّا सिवाए illā
सिवाए ٱللَّهُ अल्लाह के l-lahu
अल्लाह के لَفَسَدَتَا ۚ अलबत्ता वो दोनों बिगड़ जाते lafasadatā
अलबत्ता वो दोनों बिगड़ जाते فَسُبْحَـٰنَ पस पाक है fasub'ḥāna
पस पाक है ٱللَّهِ अल्लाह l-lahi
अल्लाह رَبِّ जो रब है rabbi
जो रब है ٱلْعَرْشِ अर्श का l-ʿarshi
अर्श का عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो يَصِفُونَ वो बयान करते हैं yaṣifūna
वो बयान करते हैं ٢٢ (22)
(22)
अगर उन दोनों में अल्लाह के सिवा कोई और पूज्य होते, तो वे दोनों अवश्य बिगड़1 जाते। अतः पवित्र है अल्लाह जो अर्श (सिंहासन) का मालिक है, उन चीज़ों से जो वे बयान करते हैं।
२१:२३
لَا
Not
lā
Not يُسْـَٔلُ नहीं वो पूछा जाता yus'alu
नहीं वो पूछा जाता عَمَّا उसके बारे में जो ʿammā
उसके बारे में जो يَفْعَلُ वो करता है yafʿalu
वो करता है وَهُمْ और वो wahum
और वो يُسْـَٔلُونَ वो पूछे जाऐंगे yus'alūna
वो पूछे जाऐंगे ٢٣ (23)
(23)
Not يُسْـَٔلُ नहीं वो पूछा जाता yus'alu
नहीं वो पूछा जाता عَمَّا उसके बारे में जो ʿammā
उसके बारे में जो يَفْعَلُ वो करता है yafʿalu
वो करता है وَهُمْ और वो wahum
और वो يُسْـَٔلُونَ वो पूछे जाऐंगे yus'alūna
वो पूछे जाऐंगे ٢٣ (23)
(23)
वह जो कुछ करता है, उससे (उसके बारे में) नहीं पूछा जाता, और उनसे पूछा जाता है।
२१:२४
أَمِ
या
ami
या ٱتَّخَذُوا۟ उन्होंने बना लिए ittakhadhū
उन्होंने बना लिए مِن besides Him min
besides Him دُونِهِۦٓ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा ءَالِهَةًۭ ۖ कुछ इलाह ālihatan
कुछ इलाह قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए هَاتُوا۟ लाओ hātū
लाओ بُرْهَـٰنَكُمْ ۖ दलील अपनी bur'hānakum
दलील अपनी هَـٰذَا ये hādhā
ये ذِكْرُ ज़िक्र है dhik'ru
ज़िक्र है مَن उनका जो man
उनका जो مَّعِىَ मेरे साथ हैं maʿiya
मेरे साथ हैं وَذِكْرُ और ज़िक्र है wadhik'ru
और ज़िक्र है مَن उनका भी( जो) man
उनका भी( जो) قَبْلِى ۗ मुझसे पहले थे qablī
मुझसे पहले थे بَلْ बल्कि bal
बल्कि أَكْثَرُهُمْ अकसर उनके aktharuhum
अकसर उनके لَا (do) not lā
(do) not يَعْلَمُونَ नही वो जानते yaʿlamūna
नही वो जानते ٱلْحَقَّ ۖ हक़ को l-ḥaqa
हक़ को فَهُم तो वो fahum
तो वो مُّعْرِضُونَ ऐराज़ करने वाले हैं muʿ'riḍūna
ऐराज़ करने वाले हैं ٢٤ (24)
(24)
या ٱتَّخَذُوا۟ उन्होंने बना लिए ittakhadhū
उन्होंने बना लिए مِن besides Him min
besides Him دُونِهِۦٓ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा ءَالِهَةًۭ ۖ कुछ इलाह ālihatan
कुछ इलाह قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए هَاتُوا۟ लाओ hātū
लाओ بُرْهَـٰنَكُمْ ۖ दलील अपनी bur'hānakum
दलील अपनी هَـٰذَا ये hādhā
ये ذِكْرُ ज़िक्र है dhik'ru
ज़िक्र है مَن उनका जो man
उनका जो مَّعِىَ मेरे साथ हैं maʿiya
मेरे साथ हैं وَذِكْرُ और ज़िक्र है wadhik'ru
और ज़िक्र है مَن उनका भी( जो) man
उनका भी( जो) قَبْلِى ۗ मुझसे पहले थे qablī
मुझसे पहले थे بَلْ बल्कि bal
बल्कि أَكْثَرُهُمْ अकसर उनके aktharuhum
अकसर उनके لَا (do) not lā
(do) not يَعْلَمُونَ नही वो जानते yaʿlamūna
नही वो जानते ٱلْحَقَّ ۖ हक़ को l-ḥaqa
हक़ को فَهُم तो वो fahum
तो वो مُّعْرِضُونَ ऐराज़ करने वाले हैं muʿ'riḍūna
ऐराज़ करने वाले हैं ٢٤ (24)
(24)
क्या उन्होंने उसके सिवा और भी पूज्य बना लिए हैं? (ऐ नबी!) आप कह दें कि अपना प्रमाण लाओ। यह मेरे साथ वालों की किताब (क़ुरआन) है, और ये मुझसे पहले के लोगों पर उतरने वाली किताबें1 हैं, (इनमें तुम्हारे लिए कोई प्रमाण नहीं है)। बल्कि उनमें से अधिकतर लोग सत्य का ज्ञान नहीं रखते। इसी कारण, वे मुँह फेरने वाले हैं।
२१:२५
وَمَآ
और नहीं
wamā
और नहीं أَرْسَلْنَا भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने مِن before you min
before you قَبْلِكَ आपसे पहले qablika
आपसे पहले مِن any min
any رَّسُولٍ कोई रसूल rasūlin
कोई रसूल إِلَّا मगर illā
मगर نُوحِىٓ हमने वही की nūḥī
हमने वही की إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके أَنَّهُۥ कि बैशक वो annahu
कि बैशक वो لَآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّآ मगर illā
मगर أَنَا۠ मैं ही anā
मैं ही فَٱعْبُدُونِ पस इबादत करो मेरी fa-uʿ'budūni
पस इबादत करो मेरी ٢٥ (25)
(25)
और नहीं أَرْسَلْنَا भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने مِن before you min
before you قَبْلِكَ आपसे पहले qablika
आपसे पहले مِن any min
any رَّسُولٍ कोई रसूल rasūlin
कोई रसूल إِلَّا मगर illā
मगर نُوحِىٓ हमने वही की nūḥī
हमने वही की إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके أَنَّهُۥ कि बैशक वो annahu
कि बैशक वो لَآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़) إِلَّآ मगर illā
मगर أَنَا۠ मैं ही anā
मैं ही فَٱعْبُدُونِ पस इबादत करो मेरी fa-uʿ'budūni
पस इबादत करो मेरी ٢٥ (25)
(25)
और हमने आपसे पहले जो भी रसूल भेजा, उसकी ओर यही वह़्य (प्रकाशना) करते थे कि मेरे सिवा कोई पूज्य नहीं है। अतः मेरी ही इबादत करो।
२१:२६
وَقَالُوا۟
और उन्होंने कहा
waqālū
और उन्होंने कहा ٱتَّخَذَ बना ली है ittakhadha
बना ली है ٱلرَّحْمَـٰنُ रहमान ने l-raḥmānu
रहमान ने وَلَدًۭا ۗ औलाद waladan
औलाद سُبْحَـٰنَهُۥ ۚ पाक है वो sub'ḥānahu
पाक है वो بَلْ बल्कि bal
बल्कि عِبَادٌۭ वो बन्दे हैं ʿibādun
वो बन्दे हैं مُّكْرَمُونَ जो इज़्ज़त दिए गए हैं muk'ramūna
जो इज़्ज़त दिए गए हैं ٢٦ (26)
(26)
और उन्होंने कहा ٱتَّخَذَ बना ली है ittakhadha
बना ली है ٱلرَّحْمَـٰنُ रहमान ने l-raḥmānu
रहमान ने وَلَدًۭا ۗ औलाद waladan
औलाद سُبْحَـٰنَهُۥ ۚ पाक है वो sub'ḥānahu
पाक है वो بَلْ बल्कि bal
बल्कि عِبَادٌۭ वो बन्दे हैं ʿibādun
वो बन्दे हैं مُّكْرَمُونَ जो इज़्ज़त दिए गए हैं muk'ramūna
जो इज़्ज़त दिए गए हैं ٢٦ (26)
(26)
और उन (मुश्रिकों) ने कहा कि 'रहमान' (अत्यंत दयावान्) ने कोई संतान बना रखी है। वह (इससे) पवित्र है। बल्कि वे (फ़रिश्ते)1 सम्मानित बंदे हैं।
२१:२७
لَا
Not
lā
Not يَسْبِقُونَهُۥ नहीं वो आगे बढ़ते उससे yasbiqūnahu
नहीं वो आगे बढ़ते उससे بِٱلْقَوْلِ बात में bil-qawli
बात में وَهُم और वो wahum
और वो بِأَمْرِهِۦ उसके हुक्म पर ही bi-amrihi
उसके हुक्म पर ही يَعْمَلُونَ वो अमल करते हैं yaʿmalūna
वो अमल करते हैं ٢٧ (27)
(27)
Not يَسْبِقُونَهُۥ नहीं वो आगे बढ़ते उससे yasbiqūnahu
नहीं वो आगे बढ़ते उससे بِٱلْقَوْلِ बात में bil-qawli
बात में وَهُم और वो wahum
और वो بِأَمْرِهِۦ उसके हुक्म पर ही bi-amrihi
उसके हुक्म पर ही يَعْمَلُونَ वो अमल करते हैं yaʿmalūna
वो अमल करते हैं ٢٧ (27)
(27)
वे बात करने में उससे पहल नहीं करते और वे उसके आदेशानुसार ही काम करते हैं।
२१:२८
يَعْلَمُ
वो जानता है
yaʿlamu
वो जानता है مَا जो कुछ mā
जो कुछ بَيْنَ (is) before them bayna
(is) before them أَيْدِيهِمْ उनके आगे है aydīhim
उनके आगे है وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ خَلْفَهُمْ उनके पीछे है khalfahum
उनके पीछे है وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَشْفَعُونَ वो शफ़ाअत करेंगे yashfaʿūna
वो शफ़ाअत करेंगे إِلَّا मगर illā
मगर لِمَنِ जिसके लिए limani
जिसके लिए ٱرْتَضَىٰ वो राज़ी होजाए ir'taḍā
वो राज़ी होजाए وَهُم और वो wahum
और वो مِّنْ from min
from خَشْيَتِهِۦ उसकी ख़शियत से khashyatihi
उसकी ख़शियत से مُشْفِقُونَ डरने वाले हैं mush'fiqūna
डरने वाले हैं ٢٨ (28)
(28)
वो जानता है مَا जो कुछ mā
जो कुछ بَيْنَ (is) before them bayna
(is) before them أَيْدِيهِمْ उनके आगे है aydīhim
उनके आगे है وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ خَلْفَهُمْ उनके पीछे है khalfahum
उनके पीछे है وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَشْفَعُونَ वो शफ़ाअत करेंगे yashfaʿūna
वो शफ़ाअत करेंगे إِلَّا मगर illā
मगर لِمَنِ जिसके लिए limani
जिसके लिए ٱرْتَضَىٰ वो राज़ी होजाए ir'taḍā
वो राज़ी होजाए وَهُم और वो wahum
और वो مِّنْ from min
from خَشْيَتِهِۦ उसकी ख़शियत से khashyatihi
उसकी ख़शियत से مُشْفِقُونَ डरने वाले हैं mush'fiqūna
डरने वाले हैं ٢٨ (28)
(28)
वह जानता है, जो उनके सामने है और जो उनके पीछे है। और वे सिफ़ारिश नहीं करते, परंतु उसी के लिए जिसे वह पसंद1 करे। तथा वे उसी के भय से डरने वाले हैं।
२१:२९
۞ وَمَن
और जो कोई
waman
और जो कोई يَقُلْ कहे yaqul
कहे مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं إِلَـٰهٌۭ इलाह हूँ ilāhun
इलाह हूँ مِّن besides Him min
besides Him دُونِهِۦ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा فَذَٰلِكَ तो एसी सूरत में fadhālika
तो एसी सूरत में نَجْزِيهِ हम बदले में देंगे उसे najzīhi
हम बदले में देंगे उसे جَهَنَّمَ ۚ जहन्नम jahannama
जहन्नम كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह نَجْزِى हम बदला देते हैं najzī
हम बदला देते हैं ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों को l-ẓālimīna
ज़ालिमों को ٢٩ (29)
(29)
और जो कोई يَقُلْ कहे yaqul
कहे مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं إِلَـٰهٌۭ इलाह हूँ ilāhun
इलाह हूँ مِّن besides Him min
besides Him دُونِهِۦ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा فَذَٰلِكَ तो एसी सूरत में fadhālika
तो एसी सूरत में نَجْزِيهِ हम बदले में देंगे उसे najzīhi
हम बदले में देंगे उसे جَهَنَّمَ ۚ जहन्नम jahannama
जहन्नम كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह نَجْزِى हम बदला देते हैं najzī
हम बदला देते हैं ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों को l-ẓālimīna
ज़ालिमों को ٢٩ (29)
(29)
और उनमें से जो यह कहे कि मैं अल्लाह के सिवा पूज्य हूँ, तो यही है जिसे हम जहन्नम की सज़ा देंगे। ऐसे ही हम ज़ालिमों को सज़ा देते हैं।
२१:३०
أَوَلَمْ
क्या भला नहीं
awalam
क्या भला नहीं يَرَ देखा yara
देखा ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जिन्होंने alladhīna
उन लोगों ने जिन्होंने كَفَرُوٓا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया أَنَّ कि बेशक anna
कि बेशक ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमान l-samāwāti
आसमान وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन wal-arḍa
और ज़मीन كَانَتَا थे वो दोनों kānatā
थे वो दोनों رَتْقًۭا मिले हुए ratqan
मिले हुए فَفَتَقْنَـٰهُمَا ۖ तो जुदा-जुदा कर दिया हमने उन दोनों को fafataqnāhumā
तो जुदा-जुदा कर दिया हमने उन दोनों को وَجَعَلْنَا और बनाई हमने wajaʿalnā
और बनाई हमने مِنَ from mina
from ٱلْمَآءِ पानी से l-māi
पानी से كُلَّ every kulla
every شَىْءٍ हर चीज़ shayin
हर चीज़ حَىٍّ ۖ ज़िन्दा ḥayyin
ज़िन्दा أَفَلَا क्या फिर नहीं afalā
क्या फिर नहीं يُؤْمِنُونَ वो ईमान लाते yu'minūna
वो ईमान लाते ٣٠ (30)
(30)
क्या भला नहीं يَرَ देखा yara
देखा ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जिन्होंने alladhīna
उन लोगों ने जिन्होंने كَفَرُوٓا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया أَنَّ कि बेशक anna
कि बेशक ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमान l-samāwāti
आसमान وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन wal-arḍa
और ज़मीन كَانَتَا थे वो दोनों kānatā
थे वो दोनों رَتْقًۭا मिले हुए ratqan
मिले हुए فَفَتَقْنَـٰهُمَا ۖ तो जुदा-जुदा कर दिया हमने उन दोनों को fafataqnāhumā
तो जुदा-जुदा कर दिया हमने उन दोनों को وَجَعَلْنَا और बनाई हमने wajaʿalnā
और बनाई हमने مِنَ from mina
from ٱلْمَآءِ पानी से l-māi
पानी से كُلَّ every kulla
every شَىْءٍ हर चीज़ shayin
हर चीज़ حَىٍّ ۖ ज़िन्दा ḥayyin
ज़िन्दा أَفَلَا क्या फिर नहीं afalā
क्या फिर नहीं يُؤْمِنُونَ वो ईमान लाते yu'minūna
वो ईमान लाते ٣٠ (30)
(30)
क्या जिन लोगों ने कुफ़्र किया यह नहीं देखा कि आकाश और धरती दोनों मिले हुए1 थे, फिर हमने दोनों को अलग-अलग कर दिया, तथा हमने पानी से हर जीवित चीज़ को बनाया? तो क्या ये लोग ईमान नहीं लाते?
२१:३१
وَجَعَلْنَا
और बनाया हमने
wajaʿalnā
और बनाया हमने فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में رَوَٰسِىَ पहाड़ों को rawāsiya
पहाड़ों को أَن कि an
कि تَمِيدَ वो ढुलक (ना) जाए tamīda
वो ढुलक (ना) जाए بِهِمْ साथ उनके bihim
साथ उनके وَجَعَلْنَا और बनाए हमने wajaʿalnā
और बनाए हमने فِيهَا उसमें fīhā
उसमें فِجَاجًۭا कुशादा fijājan
कुशादा سُبُلًۭا रास्ते subulan
रास्ते لَّعَلَّهُمْ ताकि वो laʿallahum
ताकि वो يَهْتَدُونَ वो राह पा जाऐं yahtadūna
वो राह पा जाऐं ٣١ (31)
(31)
और बनाया हमने فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में رَوَٰسِىَ पहाड़ों को rawāsiya
पहाड़ों को أَن कि an
कि تَمِيدَ वो ढुलक (ना) जाए tamīda
वो ढुलक (ना) जाए بِهِمْ साथ उनके bihim
साथ उनके وَجَعَلْنَا और बनाए हमने wajaʿalnā
और बनाए हमने فِيهَا उसमें fīhā
उसमें فِجَاجًۭا कुशादा fijājan
कुशादा سُبُلًۭا रास्ते subulan
रास्ते لَّعَلَّهُمْ ताकि वो laʿallahum
ताकि वो يَهْتَدُونَ वो राह पा जाऐं yahtadūna
वो राह पा जाऐं ٣١ (31)
(31)
और हमने धरती में पर्वत बना दिए, ताकि वह उनके साथ हिलने-डुलने1 न लगे और उसमें चौड़े रास्ते बना दिए, ताकि वे मार्ग पाएँ।
२१:३२
وَجَعَلْنَا
और बनाया हमने
wajaʿalnā
और बनाया हमने ٱلسَّمَآءَ आसमान को l-samāa
आसमान को سَقْفًۭا छत saqfan
छत مَّحْفُوظًۭا ۖ महफ़ूज़ maḥfūẓan
महफ़ूज़ وَهُمْ और वो wahum
और वो عَنْ from ʿan
from ءَايَـٰتِهَا उसकी निशानियों से āyātihā
उसकी निशानियों से مُعْرِضُونَ मूँह मोड़ने वाले हैं muʿ'riḍūna
मूँह मोड़ने वाले हैं ٣٢ (32)
(32)
और बनाया हमने ٱلسَّمَآءَ आसमान को l-samāa
आसमान को سَقْفًۭا छत saqfan
छत مَّحْفُوظًۭا ۖ महफ़ूज़ maḥfūẓan
महफ़ूज़ وَهُمْ और वो wahum
और वो عَنْ from ʿan
from ءَايَـٰتِهَا उसकी निशानियों से āyātihā
उसकी निशानियों से مُعْرِضُونَ मूँह मोड़ने वाले हैं muʿ'riḍūna
मूँह मोड़ने वाले हैं ٣٢ (32)
(32)
और हमने आकाश को एक संरक्षित छत बनाया। और वे उसकी निशानियों से मुँह फेरने वाले हैं।
२१:३३
وَهُوَ
और वो ही है
wahuwa
और वो ही है ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने خَلَقَ बनाया khalaqa
बनाया ٱلَّيْلَ रात al-layla
रात وَٱلنَّهَارَ और दिन को wal-nahāra
और दिन को وَٱلشَّمْسَ और सूरज wal-shamsa
और सूरज وَٱلْقَمَرَ ۖ और चाँद को wal-qamara
और चाँद को كُلٌّۭ सब के सब kullun
सब के सब فِى in fī
in فَلَكٍۢ मदार में (अपने) falakin
मदार में (अपने) يَسْبَحُونَ वो तैरते हैं yasbaḥūna
वो तैरते हैं ٣٣ (33)
(33)
और वो ही है ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने خَلَقَ बनाया khalaqa
बनाया ٱلَّيْلَ रात al-layla
रात وَٱلنَّهَارَ और दिन को wal-nahāra
और दिन को وَٱلشَّمْسَ और सूरज wal-shamsa
और सूरज وَٱلْقَمَرَ ۖ और चाँद को wal-qamara
और चाँद को كُلٌّۭ सब के सब kullun
सब के सब فِى in fī
in فَلَكٍۢ मदार में (अपने) falakin
मदार में (अपने) يَسْبَحُونَ वो तैरते हैं yasbaḥūna
वो तैरते हैं ٣٣ (33)
(33)
और वही है, जिसने रात और दिन, तथा सूरज और चाँद बनाए। सब एक-एक कक्षा में तैर रहे हैं।1
२१:३४
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं جَعَلْنَا बनाई हमने jaʿalnā
बनाई हमने لِبَشَرٍۢ किसी इन्सान के लिए libasharin
किसी इन्सान के लिए مِّن before you min
before you قَبْلِكَ आपसे पहले qablika
आपसे पहले ٱلْخُلْدَ ۖ हमेशगी l-khul'da
हमेशगी أَفَإِي۟ن क्या फिर अगर afa-in
क्या फिर अगर مِّتَّ आप फ़ौत होगए mitta
आप फ़ौत होगए فَهُمُ तो वो fahumu
तो वो ٱلْخَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले l-khālidūna
हमेशा रहने वाले ٣٤ (34)
(34)
और नहीं جَعَلْنَا बनाई हमने jaʿalnā
बनाई हमने لِبَشَرٍۢ किसी इन्सान के लिए libasharin
किसी इन्सान के लिए مِّن before you min
before you قَبْلِكَ आपसे पहले qablika
आपसे पहले ٱلْخُلْدَ ۖ हमेशगी l-khul'da
हमेशगी أَفَإِي۟ن क्या फिर अगर afa-in
क्या फिर अगर مِّتَّ आप फ़ौत होगए mitta
आप फ़ौत होगए فَهُمُ तो वो fahumu
तो वो ٱلْخَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले l-khālidūna
हमेशा रहने वाले ٣٤ (34)
(34)
और (ऐ नबी!) हमने आपसे पहले किसी मनुष्य के लिए अमरता नहीं रखी। फिर क्या अगर आप मर1 गए, तो ये सदैव रहने वाले हैं?
२१:३५
كُلُّ
Every
kullu
Every نَفْسٍۢ हर नफ़्स nafsin
हर नफ़्स ذَآئِقَةُ चखने वाला है dhāiqatu
चखने वाला है ٱلْمَوْتِ ۗ मौत को l-mawti
मौत को وَنَبْلُوكُم और हम मुब्तिला करते हैं तुम्हें wanablūkum
और हम मुब्तिला करते हैं तुम्हें بِٱلشَّرِّ साथ बुराई bil-shari
साथ बुराई وَٱلْخَيْرِ और भलाई के wal-khayri
और भलाई के فِتْنَةًۭ ۖ आज़माने के लिए fit'natan
आज़माने के लिए وَإِلَيْنَا और हमारी ही तरफ़ wa-ilaynā
और हमारी ही तरफ़ تُرْجَعُونَ तुम लौटाए जाओगे tur'jaʿūna
तुम लौटाए जाओगे ٣٥ (35)
(35)
Every نَفْسٍۢ हर नफ़्स nafsin
हर नफ़्स ذَآئِقَةُ चखने वाला है dhāiqatu
चखने वाला है ٱلْمَوْتِ ۗ मौत को l-mawti
मौत को وَنَبْلُوكُم और हम मुब्तिला करते हैं तुम्हें wanablūkum
और हम मुब्तिला करते हैं तुम्हें بِٱلشَّرِّ साथ बुराई bil-shari
साथ बुराई وَٱلْخَيْرِ और भलाई के wal-khayri
और भलाई के فِتْنَةًۭ ۖ आज़माने के लिए fit'natan
आज़माने के लिए وَإِلَيْنَا और हमारी ही तरफ़ wa-ilaynā
और हमारी ही तरफ़ تُرْجَعُونَ तुम लौटाए जाओगे tur'jaʿūna
तुम लौटाए जाओगे ٣٥ (35)
(35)
हर जीव को मौत का स्वाद चखना है। और हम अच्छी तथा बुरी परिस्थितियों से तुम्हारी परीक्षा करते हैं तथा तुम हमारी ही ओर लौटाए जाओगे।
२१:३६
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब رَءَاكَ देखते हैं आपको raāka
देखते हैं आपको ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوٓا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया إِن नहीं in
नहीं يَتَّخِذُونَكَ वो बनाते आपका yattakhidhūnaka
वो बनाते आपका إِلَّا मगर illā
मगर هُزُوًا मज़ाक़ huzuwan
मज़ाक़ أَهَـٰذَا क्या ये है ahādhā
क्या ये है ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो يَذْكُرُ ज़िक्र करता है yadhkuru
ज़िक्र करता है ءَالِهَتَكُمْ तुम्हारे इलाहों का ālihatakum
तुम्हारे इलाहों का وَهُم हालाँकि वो wahum
हालाँकि वो بِذِكْرِ ज़िक्र से bidhik'ri
ज़िक्र से ٱلرَّحْمَـٰنِ रहमान के l-raḥmāni
रहमान के هُمْ वो hum
वो كَـٰفِرُونَ इन्कारी हैं kāfirūna
इन्कारी हैं ٣٦ (36)
(36)
और जब رَءَاكَ देखते हैं आपको raāka
देखते हैं आपको ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوٓا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया إِن नहीं in
नहीं يَتَّخِذُونَكَ वो बनाते आपका yattakhidhūnaka
वो बनाते आपका إِلَّا मगर illā
मगर هُزُوًا मज़ाक़ huzuwan
मज़ाक़ أَهَـٰذَا क्या ये है ahādhā
क्या ये है ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो يَذْكُرُ ज़िक्र करता है yadhkuru
ज़िक्र करता है ءَالِهَتَكُمْ तुम्हारे इलाहों का ālihatakum
तुम्हारे इलाहों का وَهُم हालाँकि वो wahum
हालाँकि वो بِذِكْرِ ज़िक्र से bidhik'ri
ज़िक्र से ٱلرَّحْمَـٰنِ रहमान के l-raḥmāni
रहमान के هُمْ वो hum
वो كَـٰفِرُونَ इन्कारी हैं kāfirūna
इन्कारी हैं ٣٦ (36)
(36)
तथा जब काफ़िर आपको देखते हैं, तो आपको उपहास बना लेते हैं। (वे कहते हैं :) क्या यही है, जो तुम्हारे पूज्यों की चर्चा करता है? जबकि वे स्वयं 'रहमान' (अत्यंत दयावान्) के ज़िक्र1 का इनकार करने वाले हैं।
२१:३७
خُلِقَ
पैदा किया गया
khuliqa
पैदा किया गया ٱلْإِنسَـٰنُ इन्सान l-insānu
इन्सान مِنْ of min
of عَجَلٍۢ ۚ उजलत (के ख़मीर) से ʿajalin
उजलत (के ख़मीर) से سَأُو۟رِيكُمْ अनक़रीब मैं दिखाऊँगा तुम्हें sa-urīkum
अनक़रीब मैं दिखाऊँगा तुम्हें ءَايَـٰتِى अपनी निशानियाँ āyātī
अपनी निशानियाँ فَلَا पस ना falā
पस ना تَسْتَعْجِلُونِ तुम जल्दी माँगो मुझसे tastaʿjilūni
तुम जल्दी माँगो मुझसे ٣٧ (37)
(37)
पैदा किया गया ٱلْإِنسَـٰنُ इन्सान l-insānu
इन्सान مِنْ of min
of عَجَلٍۢ ۚ उजलत (के ख़मीर) से ʿajalin
उजलत (के ख़मीर) से سَأُو۟رِيكُمْ अनक़रीब मैं दिखाऊँगा तुम्हें sa-urīkum
अनक़रीब मैं दिखाऊँगा तुम्हें ءَايَـٰتِى अपनी निशानियाँ āyātī
अपनी निशानियाँ فَلَا पस ना falā
पस ना تَسْتَعْجِلُونِ तुम जल्दी माँगो मुझसे tastaʿjilūni
तुम जल्दी माँगो मुझसे ٣٧ (37)
(37)
इनसान जन्मजात जल्दबाज़ है। मैं शीघ्र तुम्हें अपनी निशानियाँ दिखाऊँगा। अतः तुम मुझसे जल्दी की माँग न करो।
२१:३८
وَيَقُولُونَ
और वो कहते हैं
wayaqūlūna
और वो कहते हैं مَتَىٰ कब है matā
कब है هَـٰذَا ये hādhā
ये ٱلْوَعْدُ वादा l-waʿdu
वादा إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ٣٨ (38)
(38)
और वो कहते हैं مَتَىٰ कब है matā
कब है هَـٰذَا ये hādhā
ये ٱلْوَعْدُ वादा l-waʿdu
वादा إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ٣٨ (38)
(38)
तथा वे कहते हैं : यह वादा1 कब पूरा होगा, यदि तुम सच्चे हो?
२१:३९
لَوْ
अगर
law
अगर يَعْلَمُ जानलें yaʿlamu
जानलें ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया حِينَ जिस वक़्त ḥīna
जिस वक़्त لَا (when) not lā
(when) not يَكُفُّونَ ना वो रोक सकेंगे yakuffūna
ना वो रोक सकेंगे عَن from ʿan
from وُجُوهِهِمُ अपने चहरों से wujūhihimu
अपने चहरों से ٱلنَّارَ आग को l-nāra
आग को وَلَا और ना walā
और ना عَن from ʿan
from ظُهُورِهِمْ अपनी पुश्तों से ẓuhūrihim
अपनी पुश्तों से وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يُنصَرُونَ वो मदद किए जाऐंगे yunṣarūna
वो मदद किए जाऐंगे ٣٩ (39)
(39)
अगर يَعْلَمُ जानलें yaʿlamu
जानलें ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया حِينَ जिस वक़्त ḥīna
जिस वक़्त لَا (when) not lā
(when) not يَكُفُّونَ ना वो रोक सकेंगे yakuffūna
ना वो रोक सकेंगे عَن from ʿan
from وُجُوهِهِمُ अपने चहरों से wujūhihimu
अपने चहरों से ٱلنَّارَ आग को l-nāra
आग को وَلَا और ना walā
और ना عَن from ʿan
from ظُهُورِهِمْ अपनी पुश्तों से ẓuhūrihim
अपनी पुश्तों से وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يُنصَرُونَ वो मदद किए जाऐंगे yunṣarūna
वो मदद किए जाऐंगे ٣٩ (39)
(39)
यदि ये काफ़िर लोग उस समय को जान लें, जब वे न अपने चेहरों से आग को रोक सकेंगे और न अपनी पीठों से और न उनकी सहायता की जाएगी। (तो यातना के लिए जल्दी न मचाएँ)।
२१:४०
بَلْ
बल्कि
bal
बल्कि تَأْتِيهِم वो आ जाएगी उनके पास tatīhim
वो आ जाएगी उनके पास بَغْتَةًۭ अचानक baghtatan
अचानक فَتَبْهَتُهُمْ तो वो मबहूत/हैरान कर देगी उन्हें fatabhatuhum
तो वो मबहूत/हैरान कर देगी उन्हें فَلَا तो ना falā
तो ना يَسْتَطِيعُونَ वो इस्तिताअत रखते होंगे yastaṭīʿūna
वो इस्तिताअत रखते होंगे رَدَّهَا उसको रद करने की raddahā
उसको रद करने की وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يُنظَرُونَ वो मोहलत दिए जाऐंगे yunẓarūna
वो मोहलत दिए जाऐंगे ٤٠ (40)
(40)
बल्कि تَأْتِيهِم वो आ जाएगी उनके पास tatīhim
वो आ जाएगी उनके पास بَغْتَةًۭ अचानक baghtatan
अचानक فَتَبْهَتُهُمْ तो वो मबहूत/हैरान कर देगी उन्हें fatabhatuhum
तो वो मबहूत/हैरान कर देगी उन्हें فَلَا तो ना falā
तो ना يَسْتَطِيعُونَ वो इस्तिताअत रखते होंगे yastaṭīʿūna
वो इस्तिताअत रखते होंगे رَدَّهَا उसको रद करने की raddahā
उसको रद करने की وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يُنظَرُونَ वो मोहलत दिए जाऐंगे yunẓarūna
वो मोहलत दिए जाऐंगे ٤٠ (40)
(40)
बल्कि वह उनपर अचानक आएगी, तो उन्हें आश्चर्यचकित कर देगी। फिर वे न उसे फेर सकेंगे और न उन्हें मोहलत दी जाएगी।
२१:४१
وَلَقَدِ
अलबत्ता तहक़ीक़
walaqadi
अलबत्ता तहक़ीक़ ٱسْتُهْزِئَ मज़ाक़ उड़ाया गया us'tuh'zi-a
मज़ाक़ उड़ाया गया بِرُسُلٍۢ कई रसूलों का birusulin
कई रसूलों का مِّن before you min
before you قَبْلِكَ आपसे पहले qablika
आपसे पहले فَحَاقَ तो घेर लिया faḥāqa
तो घेर लिया بِٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने bi-alladhīna
उनको जिन्होंने سَخِرُوا۟ मज़ाक़ उड़ाया sakhirū
मज़ाक़ उड़ाया مِنْهُم उनमें से min'hum
उनमें से مَّا उसने जो mā
उसने जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो بِهِۦ जिसका bihi
जिसका يَسْتَهْزِءُونَ वो मज़ाक उड़ाते yastahziūna
वो मज़ाक उड़ाते ٤١ (41)
(41)
अलबत्ता तहक़ीक़ ٱسْتُهْزِئَ मज़ाक़ उड़ाया गया us'tuh'zi-a
मज़ाक़ उड़ाया गया بِرُسُلٍۢ कई रसूलों का birusulin
कई रसूलों का مِّن before you min
before you قَبْلِكَ आपसे पहले qablika
आपसे पहले فَحَاقَ तो घेर लिया faḥāqa
तो घेर लिया بِٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने bi-alladhīna
उनको जिन्होंने سَخِرُوا۟ मज़ाक़ उड़ाया sakhirū
मज़ाक़ उड़ाया مِنْهُم उनमें से min'hum
उनमें से مَّا उसने जो mā
उसने जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो بِهِۦ जिसका bihi
जिसका يَسْتَهْزِءُونَ वो मज़ाक उड़ाते yastahziūna
वो मज़ाक उड़ाते ٤١ (41)
(41)
निःसंदेह आपसे पहले कई रसूलों का मज़ाक़ उड़ाया गया, तो उनमें से जिन लोगों ने मज़ाक उड़ाया, उन्हें उसी चीज़1 ने घेर लिया, जिसका वे मज़ाक़ उड़ाते थे।
२१:४२
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए مَن कौन man
कौन يَكْلَؤُكُم निग्हबानी कर रहा है तुम्हारी yakla-ukum
निग्हबानी कर रहा है तुम्हारी بِٱلَّيْلِ रात bi-al-layli
रात وَٱلنَّهَارِ और दिन को wal-nahāri
और दिन को مِنَ from mina
from ٱلرَّحْمَـٰنِ ۗ रहमान से l-raḥmāni
रहमान से بَلْ बल्कि bal
बल्कि هُمْ वो hum
वो عَن from ʿan
from ذِكْرِ ज़िक्र से dhik'ri
ज़िक्र से رَبِّهِم अपने रब के rabbihim
अपने रब के مُّعْرِضُونَ ऐराज़ करने वाले हैं muʿ'riḍūna
ऐराज़ करने वाले हैं ٤٢ (42)
(42)
कह दीजिए مَن कौन man
कौन يَكْلَؤُكُم निग्हबानी कर रहा है तुम्हारी yakla-ukum
निग्हबानी कर रहा है तुम्हारी بِٱلَّيْلِ रात bi-al-layli
रात وَٱلنَّهَارِ और दिन को wal-nahāri
और दिन को مِنَ from mina
from ٱلرَّحْمَـٰنِ ۗ रहमान से l-raḥmāni
रहमान से بَلْ बल्कि bal
बल्कि هُمْ वो hum
वो عَن from ʿan
from ذِكْرِ ज़िक्र से dhik'ri
ज़िक्र से رَبِّهِم अपने रब के rabbihim
अपने रब के مُّعْرِضُونَ ऐराज़ करने वाले हैं muʿ'riḍūna
ऐराज़ करने वाले हैं ٤٢ (42)
(42)
आप पूछिए कि कौन है जो रात और दिन में 'रहमान' से1 तुम्हारी रक्षा करता है? बल्कि वे अपने पालनहार की याद से मुँह फेरने वाले हैं।
२१:४३
أَمْ
या
am
या لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए ءَالِهَةٌۭ कुछ इलाह हैं ālihatun
कुछ इलाह हैं تَمْنَعُهُم जो बचाते हैं उन्हें tamnaʿuhum
जो बचाते हैं उन्हें مِّن from min
from دُونِنَا ۚ हमारे सिवा dūninā
हमारे सिवा لَا Not lā
Not يَسْتَطِيعُونَ नहीं वो इस्तिताअत रखते yastaṭīʿūna
नहीं वो इस्तिताअत रखते نَصْرَ मदद की naṣra
मदद की أَنفُسِهِمْ अपनी जानों की anfusihim
अपनी जानों की وَلَا और ना walā
और ना هُم वो hum
वो مِّنَّا हमारी तरफ़ से minnā
हमारी तरफ़ से يُصْحَبُونَ वो साथ दिए जाते हैं yuṣ'ḥabūna
वो साथ दिए जाते हैं ٤٣ (43)
(43)
या لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए ءَالِهَةٌۭ कुछ इलाह हैं ālihatun
कुछ इलाह हैं تَمْنَعُهُم जो बचाते हैं उन्हें tamnaʿuhum
जो बचाते हैं उन्हें مِّن from min
from دُونِنَا ۚ हमारे सिवा dūninā
हमारे सिवा لَا Not lā
Not يَسْتَطِيعُونَ नहीं वो इस्तिताअत रखते yastaṭīʿūna
नहीं वो इस्तिताअत रखते نَصْرَ मदद की naṣra
मदद की أَنفُسِهِمْ अपनी जानों की anfusihim
अपनी जानों की وَلَا और ना walā
और ना هُم वो hum
वो مِّنَّا हमारी तरफ़ से minnā
हमारी तरफ़ से يُصْحَبُونَ वो साथ दिए जाते हैं yuṣ'ḥabūna
वो साथ दिए जाते हैं ٤٣ (43)
(43)
क्या उनके कुछ पूज्य हैं, जो उन्हें हमारी यातना से बचाते हैं? वे न तो खुद अपनी सहायता कर सकते हैं और न हमारी यातना से उन्हें बचाया जाता है।
२१:४४
بَلْ
बल्कि
bal
बल्कि مَتَّعْنَا फायदा दिया हमने mattaʿnā
फायदा दिया हमने هَـٰٓؤُلَآءِ उन लोगों को hāulāi
उन लोगों को وَءَابَآءَهُمْ और उनके आबाओ अजदाद को waābāahum
और उनके आबाओ अजदाद को حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि طَالَ लम्बी होगई ṭāla
लम्बी होगई عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلْعُمُرُ ۗ उम्र l-ʿumuru
उम्र أَفَلَا क्या फिर नहीं afalā
क्या फिर नहीं يَرَوْنَ वो देखते yarawna
वो देखते أَنَّا कि बेशक हम annā
कि बेशक हम نَأْتِى हम आते हैं natī
हम आते हैं ٱلْأَرْضَ ज़मीन को l-arḍa
ज़मीन को نَنقُصُهَا हम घटाते हैं उसे nanquṣuhā
हम घटाते हैं उसे مِنْ from min
from أَطْرَافِهَآ ۚ उसके किनारों से aṭrāfihā
उसके किनारों से أَفَهُمُ क्या फिर वो afahumu
क्या फिर वो ٱلْغَـٰلِبُونَ ग़ालिब आने वाले हैं l-ghālibūna
ग़ालिब आने वाले हैं ٤٤ (44)
(44)
बल्कि مَتَّعْنَا फायदा दिया हमने mattaʿnā
फायदा दिया हमने هَـٰٓؤُلَآءِ उन लोगों को hāulāi
उन लोगों को وَءَابَآءَهُمْ और उनके आबाओ अजदाद को waābāahum
और उनके आबाओ अजदाद को حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि طَالَ लम्बी होगई ṭāla
लम्बी होगई عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلْعُمُرُ ۗ उम्र l-ʿumuru
उम्र أَفَلَا क्या फिर नहीं afalā
क्या फिर नहीं يَرَوْنَ वो देखते yarawna
वो देखते أَنَّا कि बेशक हम annā
कि बेशक हम نَأْتِى हम आते हैं natī
हम आते हैं ٱلْأَرْضَ ज़मीन को l-arḍa
ज़मीन को نَنقُصُهَا हम घटाते हैं उसे nanquṣuhā
हम घटाते हैं उसे مِنْ from min
from أَطْرَافِهَآ ۚ उसके किनारों से aṭrāfihā
उसके किनारों से أَفَهُمُ क्या फिर वो afahumu
क्या फिर वो ٱلْغَـٰلِبُونَ ग़ालिब आने वाले हैं l-ghālibūna
ग़ालिब आने वाले हैं ٤٤ (44)
(44)
बल्कि हमने इन (काफ़िरों) को और इनके बाप-दादों को जीवन की सुख-सुविधाएँ प्रदान कीं, यहाँ तक कि उनपर लंबा समय बीत गया। तो क्या वे देखते नहीं कि हम धरती को उसके किनारों से कम करते आ रहे हैं? तो क्या वही प्रभावी रहने वाले हैं?
२१:४५
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए إِنَّمَآ बेशक innamā
बेशक أُنذِرُكُم मैं डराता हूँ तुम्हें undhirukum
मैं डराता हूँ तुम्हें بِٱلْوَحْىِ ۚ साथ वही के bil-waḥyi
साथ वही के وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَسْمَعُ सुना करते yasmaʿu
सुना करते ٱلصُّمُّ बहरे l-ṣumu
बहरे ٱلدُّعَآءَ पुकार को l-duʿāa
पुकार को إِذَا when idhā
when مَا जब कभी mā
जब कभी يُنذَرُونَ वो डराए जाते हैं yundharūna
वो डराए जाते हैं ٤٥ (45)
(45)
कह दीजिए إِنَّمَآ बेशक innamā
बेशक أُنذِرُكُم मैं डराता हूँ तुम्हें undhirukum
मैं डराता हूँ तुम्हें بِٱلْوَحْىِ ۚ साथ वही के bil-waḥyi
साथ वही के وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَسْمَعُ सुना करते yasmaʿu
सुना करते ٱلصُّمُّ बहरे l-ṣumu
बहरे ٱلدُّعَآءَ पुकार को l-duʿāa
पुकार को إِذَا when idhā
when مَا जब कभी mā
जब कभी يُنذَرُونَ वो डराए जाते हैं yundharūna
वो डराए जाते हैं ٤٥ (45)
(45)
(ऐ नबी!) आप कह दें कि मैं तो तुम्हें केवल वह़्य के साथ डराता हूँ। और बहरे पुकार को नहीं सुनते, जब कभी डराए जाते हैं।
२१:४६
وَلَئِن
और अलबत्ता अगर
wala-in
और अलबत्ता अगर مَّسَّتْهُمْ छू जाए massathum
छू जाए نَفْحَةٌۭ एक झोंका nafḥatun
एक झोंका مِّنْ of min
of عَذَابِ अज़ाब से ʿadhābi
अज़ाब से رَبِّكَ आपके रब के rabbika
आपके रब के لَيَقُولُنَّ अलबत्ता वो ज़रूर कहेंगे layaqūlunna
अलबत्ता वो ज़रूर कहेंगे يَـٰوَيْلَنَآ हाय अफ़सोस हम पर yāwaylanā
हाय अफ़सोस हम पर إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम كُنَّا थे हम ही kunnā
थे हम ही ظَـٰلِمِينَ ज़लिम ẓālimīna
ज़लिम ٤٦ (46)
(46)
और अलबत्ता अगर مَّسَّتْهُمْ छू जाए massathum
छू जाए نَفْحَةٌۭ एक झोंका nafḥatun
एक झोंका مِّنْ of min
of عَذَابِ अज़ाब से ʿadhābi
अज़ाब से رَبِّكَ आपके रब के rabbika
आपके रब के لَيَقُولُنَّ अलबत्ता वो ज़रूर कहेंगे layaqūlunna
अलबत्ता वो ज़रूर कहेंगे يَـٰوَيْلَنَآ हाय अफ़सोस हम पर yāwaylanā
हाय अफ़सोस हम पर إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम كُنَّا थे हम ही kunnā
थे हम ही ظَـٰلِمِينَ ज़लिम ẓālimīna
ज़लिम ٤٦ (46)
(46)
और निश्चय यदि उन्हें आपके पालनहार की तनिक यातना भी छू जाए, तो अवश्य पुकार उठेंगे : हाय हमारा विनाश! निश्चय हम ही अत्याचारी1 थे।
२१:४७
وَنَضَعُ
और हम रख देंगे
wanaḍaʿu
और हम रख देंगे ٱلْمَوَٰزِينَ तराज़ू l-mawāzīna
तराज़ू ٱلْقِسْطَ इन्साफ़ वाले l-qis'ṭa
इन्साफ़ वाले لِيَوْمِ दिन liyawmi
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के فَلَا तो ना falā
तो ना تُظْلَمُ ज़ुल्म किया जाएगा tuẓ'lamu
ज़ुल्म किया जाएगा نَفْسٌۭ किसी नफ़्स पर nafsun
किसी नफ़्स पर شَيْـًۭٔا ۖ कुछ भी shayan
कुछ भी وَإِن और अगरचे wa-in
और अगरचे كَانَ हो वो kāna
हो वो مِثْقَالَ बराबर mith'qāla
बराबर حَبَّةٍۢ दाने ḥabbatin
दाने مِّنْ of min
of خَرْدَلٍ राई के khardalin
राई के أَتَيْنَا हम ले आऐंगे ataynā
हम ले आऐंगे بِهَا ۗ उसे bihā
उसे وَكَفَىٰ और काफ़ी हैं wakafā
और काफ़ी हैं بِنَا हम binā
हम حَـٰسِبِينَ हिसाब लेने वाले ḥāsibīna
हिसाब लेने वाले ٤٧ (47)
(47)
और हम रख देंगे ٱلْمَوَٰزِينَ तराज़ू l-mawāzīna
तराज़ू ٱلْقِسْطَ इन्साफ़ वाले l-qis'ṭa
इन्साफ़ वाले لِيَوْمِ दिन liyawmi
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के فَلَا तो ना falā
तो ना تُظْلَمُ ज़ुल्म किया जाएगा tuẓ'lamu
ज़ुल्म किया जाएगा نَفْسٌۭ किसी नफ़्स पर nafsun
किसी नफ़्स पर شَيْـًۭٔا ۖ कुछ भी shayan
कुछ भी وَإِن और अगरचे wa-in
और अगरचे كَانَ हो वो kāna
हो वो مِثْقَالَ बराबर mith'qāla
बराबर حَبَّةٍۢ दाने ḥabbatin
दाने مِّنْ of min
of خَرْدَلٍ राई के khardalin
राई के أَتَيْنَا हम ले आऐंगे ataynā
हम ले आऐंगे بِهَا ۗ उसे bihā
उसे وَكَفَىٰ और काफ़ी हैं wakafā
और काफ़ी हैं بِنَا हम binā
हम حَـٰسِبِينَ हिसाब लेने वाले ḥāsibīna
हिसाब लेने वाले ٤٧ (47)
(47)
और हम क़ियामत के दिन न्याय के तराज़ू1 रखेंगे। फिर किसी पर कुछ भी ज़ुल्म नहीं किया जाएगा। और अगर राई के एक दाने के बराबर (भी किसी का) कर्म होगा, तो हम उसे ले आएँगे। और हम हिसाब लेने वाले काफ़ी हैं।
२१:४८
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ ءَاتَيْنَا दिया हमने ātaynā
दिया हमने مُوسَىٰ मूसा mūsā
मूसा وَهَـٰرُونَ और हारून को wahārūna
और हारून को ٱلْفُرْقَانَ फ़ुरक़ान l-fur'qāna
फ़ुरक़ान وَضِيَآءًۭ और रौशनी waḍiyāan
और रौशनी وَذِكْرًۭا और ज़िक्र wadhik'ran
और ज़िक्र لِّلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों के लिए lil'muttaqīna
मुत्तक़ी लोगों के लिए ٤٨ (48)
(48)
और अलबत्ता तहक़ीक़ ءَاتَيْنَا दिया हमने ātaynā
दिया हमने مُوسَىٰ मूसा mūsā
मूसा وَهَـٰرُونَ और हारून को wahārūna
और हारून को ٱلْفُرْقَانَ फ़ुरक़ान l-fur'qāna
फ़ुरक़ान وَضِيَآءًۭ और रौशनी waḍiyāan
और रौशनी وَذِكْرًۭا और ज़िक्र wadhik'ran
और ज़िक्र لِّلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों के लिए lil'muttaqīna
मुत्तक़ी लोगों के लिए ٤٨ (48)
(48)
और निःसंदेह हमने मूसा तथा हारून को सत्य एवं असत्य के बीच अंतर करने वाली चीज़, तथा प्रकाश और तक़्वा वालों के लिए उपदेश प्रदान किया।
२१:४९
ٱلَّذِينَ
वो जो
alladhīna
वो जो يَخْشَوْنَ डरते हैं yakhshawna
डरते हैं رَبَّهُم अपने रब से rabbahum
अपने रब से بِٱلْغَيْبِ ग़ायबाना तौर पर bil-ghaybi
ग़ायबाना तौर पर وَهُم और वो wahum
और वो مِّنَ of mina
of ٱلسَّاعَةِ क़यामत से l-sāʿati
क़यामत से مُشْفِقُونَ डरने वाले हैं mush'fiqūna
डरने वाले हैं ٤٩ (49)
(49)
वो जो يَخْشَوْنَ डरते हैं yakhshawna
डरते हैं رَبَّهُم अपने रब से rabbahum
अपने रब से بِٱلْغَيْبِ ग़ायबाना तौर पर bil-ghaybi
ग़ायबाना तौर पर وَهُم और वो wahum
और वो مِّنَ of mina
of ٱلسَّاعَةِ क़यामत से l-sāʿati
क़यामत से مُشْفِقُونَ डरने वाले हैं mush'fiqūna
डरने वाले हैं ٤٩ (49)
(49)
जो अपने पालनहार से बिन देखे डरते हैं और वे क़ियामत से भयभीत रहने वाले हैं।
२१:५०
وَهَـٰذَا
और ये है
wahādhā
और ये है ذِكْرٌۭ ज़िक्र dhik'run
ज़िक्र مُّبَارَكٌ बाबरकत mubārakun
बाबरकत أَنزَلْنَـٰهُ ۚ नाज़िल किया हमने उसे anzalnāhu
नाज़िल किया हमने उसे أَفَأَنتُمْ क्या फिर तुम afa-antum
क्या फिर तुम لَهُۥ उसका lahu
उसका مُنكِرُونَ इन्कार करने वाले हो munkirūna
इन्कार करने वाले हो ٥٠ (50)
(50)
और ये है ذِكْرٌۭ ज़िक्र dhik'run
ज़िक्र مُّبَارَكٌ बाबरकत mubārakun
बाबरकत أَنزَلْنَـٰهُ ۚ नाज़िल किया हमने उसे anzalnāhu
नाज़िल किया हमने उसे أَفَأَنتُمْ क्या फिर तुम afa-antum
क्या फिर तुम لَهُۥ उसका lahu
उसका مُنكِرُونَ इन्कार करने वाले हो munkirūna
इन्कार करने वाले हो ٥٠ (50)
(50)
और यह (क़ुरआन) एक बरकत वाला उपदेश है, जिसे हमने उतारा है। तो क्या तुम इसके इनकारी हो?
२१:५१
۞ وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ ءَاتَيْنَآ दी हमने ātaynā
दी हमने إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम को ib'rāhīma
इब्राहीम को رُشْدَهُۥ समझ बूझ उसकी rush'dahu
समझ बूझ उसकी مِن before min
before قَبْلُ इससे क़ब्ल qablu
इससे क़ब्ल وَكُنَّا और थे हम wakunnā
और थे हम بِهِۦ उसे bihi
उसे عَـٰلِمِينَ जानने वाले ʿālimīna
जानने वाले ٥١ (51)
(51)
और अलबत्ता तहक़ीक़ ءَاتَيْنَآ दी हमने ātaynā
दी हमने إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम को ib'rāhīma
इब्राहीम को رُشْدَهُۥ समझ बूझ उसकी rush'dahu
समझ बूझ उसकी مِن before min
before قَبْلُ इससे क़ब्ल qablu
इससे क़ब्ल وَكُنَّا और थे हम wakunnā
और थे हम بِهِۦ उसे bihi
उसे عَـٰلِمِينَ जानने वाले ʿālimīna
जानने वाले ٥١ (51)
(51)
और निःसंदेह हमने इससे पहले इबराहीम को उसकी समझ-बूझ प्रदान की थी और हम उससे भली-भाँति अवगत थे।
२१:५२
إِذْ
जब
idh
जब قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा لِأَبِيهِ अपने बाप से li-abīhi
अपने बाप से وَقَوْمِهِۦ और अपनी क़ौम से waqawmihi
और अपनी क़ौम से مَا क्या हैं mā
क्या हैं هَـٰذِهِ ये hādhihi
ये ٱلتَّمَاثِيلُ मूर्तियाँ l-tamāthīlu
मूर्तियाँ ٱلَّتِىٓ वो जो allatī
वो जो أَنتُمْ तुम antum
तुम لَهَا उनके लिए lahā
उनके लिए عَـٰكِفُونَ जम कर बैठने वाले हो ʿākifūna
जम कर बैठने वाले हो ٥٢ (52)
(52)
जब قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा لِأَبِيهِ अपने बाप से li-abīhi
अपने बाप से وَقَوْمِهِۦ और अपनी क़ौम से waqawmihi
और अपनी क़ौम से مَا क्या हैं mā
क्या हैं هَـٰذِهِ ये hādhihi
ये ٱلتَّمَاثِيلُ मूर्तियाँ l-tamāthīlu
मूर्तियाँ ٱلَّتِىٓ वो जो allatī
वो जो أَنتُمْ तुम antum
तुम لَهَا उनके लिए lahā
उनके लिए عَـٰكِفُونَ जम कर बैठने वाले हो ʿākifūna
जम कर बैठने वाले हो ٥٢ (52)
(52)
जब उसने अपने बाप तथा अपनी जाति से कहा : ये प्रतिमाएँ (मूर्तियाँ) क्या हैं, जिनकी पूजा में तुम लगे हुए हो?
२१:५३
قَالُوا۟
उन्होंने कहा
qālū
उन्होंने कहा وَجَدْنَآ पाया हमने wajadnā
पाया हमने ءَابَآءَنَا अपने आबा ओ अजदाद को ābāanā
अपने आबा ओ अजदाद को لَهَا उनकी lahā
उनकी عَـٰبِدِينَ इबादत करने वाले ʿābidīna
इबादत करने वाले ٥٣ (53)
(53)
उन्होंने कहा وَجَدْنَآ पाया हमने wajadnā
पाया हमने ءَابَآءَنَا अपने आबा ओ अजदाद को ābāanā
अपने आबा ओ अजदाद को لَهَا उनकी lahā
उनकी عَـٰبِدِينَ इबादत करने वाले ʿābidīna
इबादत करने वाले ٥٣ (53)
(53)
उन्होंने कहा : हमने अपने बाप-दादा को इन्हीं की पूजा करने वाला पाया है।
२१:५४
قَالَ
उसने कहा
qāla
उसने कहा لَقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम أَنتُمْ तुम antum
तुम وَءَابَآؤُكُمْ और आबा ओ अजदाद तुम्हारे waābāukum
और आबा ओ अजदाद तुम्हारे فِى (were) in fī
(were) in ضَلَـٰلٍۢ गुमराही में ḍalālin
गुमराही में مُّبِينٍۢ खुली mubīnin
खुली ٥٤ (54)
(54)
उसने कहा لَقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम أَنتُمْ तुम antum
तुम وَءَابَآؤُكُمْ और आबा ओ अजदाद तुम्हारे waābāukum
और आबा ओ अजदाद तुम्हारे فِى (were) in fī
(were) in ضَلَـٰلٍۢ गुमराही में ḍalālin
गुमराही में مُّبِينٍۢ खुली mubīnin
खुली ٥٤ (54)
(54)
उस (इबराहीम) ने कहा : निश्चय तुम और तुम्हारे बाप-दादा खुली गुमराही में रहे हो।
२१:५५
قَالُوٓا۟
उन्होंने कहा
qālū
उन्होंने कहा أَجِئْتَنَا क्या तू लाया है हमारे पास aji'tanā
क्या तू लाया है हमारे पास بِٱلْحَقِّ हक़ को bil-ḥaqi
हक़ को أَمْ या am
या أَنتَ तू anta
तू مِنَ (are) of mina
(are) of ٱللَّـٰعِبِينَ दिल्लगी करने वालों में से है l-lāʿibīna
दिल्लगी करने वालों में से है ٥٥ (55)
(55)
उन्होंने कहा أَجِئْتَنَا क्या तू लाया है हमारे पास aji'tanā
क्या तू लाया है हमारे पास بِٱلْحَقِّ हक़ को bil-ḥaqi
हक़ को أَمْ या am
या أَنتَ तू anta
तू مِنَ (are) of mina
(are) of ٱللَّـٰعِبِينَ दिल्लगी करने वालों में से है l-lāʿibīna
दिल्लगी करने वालों में से है ٥٥ (55)
(55)
उन्होंने कहा : क्या तुम हमारे पास सत्य लाए हो या (हमसे) दिल-लगी कर रहे हो?
२१:५६
قَالَ
कहा
qāla
कहा بَل बल्कि bal
बल्कि رَّبُّكُمْ रब तुम्हारा rabbukum
रब तुम्हारा رَبُّ रब है rabbu
रब है ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन का wal-arḍi
और ज़मीन का ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने فَطَرَهُنَّ पैदा किया है उन्हें faṭarahunna
पैदा किया है उन्हें وَأَنَا۠ और मैं wa-anā
और मैं عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर ذَٰلِكُم इसके dhālikum
इसके مِّنَ of mina
of ٱلشَّـٰهِدِينَ गवाहों में से हूँ l-shāhidīna
गवाहों में से हूँ ٥٦ (56)
(56)
कहा بَل बल्कि bal
बल्कि رَّبُّكُمْ रब तुम्हारा rabbukum
रब तुम्हारा رَبُّ रब है rabbu
रब है ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन का wal-arḍi
और ज़मीन का ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने فَطَرَهُنَّ पैदा किया है उन्हें faṭarahunna
पैदा किया है उन्हें وَأَنَا۠ और मैं wa-anā
और मैं عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर ذَٰلِكُم इसके dhālikum
इसके مِّنَ of mina
of ٱلشَّـٰهِدِينَ गवाहों में से हूँ l-shāhidīna
गवाहों में से हूँ ٥٦ (56)
(56)
उसने कहा : बल्कि तुम्हारा पालनहार आकाशों तथा धरती का पालनहार है, जिसने उन्हें पैदा किया है और मैं इसकी गवाही देने वालों में से हूँ।
२१:५७
وَتَٱللَّهِ
और क़सम अल्लाह की
watal-lahi
और क़सम अल्लाह की لَأَكِيدَنَّ अलबत्ता मैं ज़रूर चाल चलूँगा la-akīdanna
अलबत्ता मैं ज़रूर चाल चलूँगा أَصْنَـٰمَكُم तुम्हारे बुतों से aṣnāmakum
तुम्हारे बुतों से بَعْدَ इसके बाद baʿda
इसके बाद أَن कि an
कि تُوَلُّوا۟ तुम चले जाओगे tuwallū
तुम चले जाओगे مُدْبِرِينَ पीठ फेर कर mud'birīna
पीठ फेर कर ٥٧ (57)
(57)
और क़सम अल्लाह की لَأَكِيدَنَّ अलबत्ता मैं ज़रूर चाल चलूँगा la-akīdanna
अलबत्ता मैं ज़रूर चाल चलूँगा أَصْنَـٰمَكُم तुम्हारे बुतों से aṣnāmakum
तुम्हारे बुतों से بَعْدَ इसके बाद baʿda
इसके बाद أَن कि an
कि تُوَلُّوا۟ तुम चले जाओगे tuwallū
तुम चले जाओगे مُدْبِرِينَ पीठ फेर कर mud'birīna
पीठ फेर कर ٥٧ (57)
(57)
और अल्लाह की क़सम! मैं अवश्य ही तुम्हारी मूर्तियों का गुप्त उपाय करूँगा, इसके बाद कि तुम पीठ फेरकर चले जाओगे।
२१:५८
فَجَعَلَهُمْ
तो उसने कर दिया उन्हें
fajaʿalahum
तो उसने कर दिया उन्हें جُذَٰذًا टुकड़े-टुकड़े judhādhan
टुकड़े-टुकड़े إِلَّا सिवाए illā
सिवाए كَبِيرًۭا एक बड़े के kabīran
एक बड़े के لَّهُمْ उनके lahum
उनके لَعَلَّهُمْ शायद की वो laʿallahum
शायद की वो إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके يَرْجِعُونَ वो रुजूअ करें yarjiʿūna
वो रुजूअ करें ٥٨ (58)
(58)
तो उसने कर दिया उन्हें جُذَٰذًا टुकड़े-टुकड़े judhādhan
टुकड़े-टुकड़े إِلَّا सिवाए illā
सिवाए كَبِيرًۭا एक बड़े के kabīran
एक बड़े के لَّهُمْ उनके lahum
उनके لَعَلَّهُمْ शायद की वो laʿallahum
शायद की वो إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके يَرْجِعُونَ वो रुजूअ करें yarjiʿūna
वो रुजूअ करें ٥٨ (58)
(58)
फिर उसने उन्हें टुकड़े-टुकड़े कर दिया, सिवाय उनके एक बड़े के, ताकि वे उसकी ओर लौटें।
२१:५९
قَالُوا۟
उन्होंने कहा
qālū
उन्होंने कहा مَن किस ने man
किस ने فَعَلَ किया है faʿala
किया है هَـٰذَا ये hādhā
ये بِـَٔالِهَتِنَآ साथ हमारे इलाहों के biālihatinā
साथ हमारे इलाहों के إِنَّهُۥ यक़ीनन वो innahu
यक़ीनन वो لَمِنَ (is) of lamina
(is) of ٱلظَّـٰلِمِينَ अलबत्ता ज़ालिमों में से है l-ẓālimīna
अलबत्ता ज़ालिमों में से है ٥٩ (59)
(59)
उन्होंने कहा مَن किस ने man
किस ने فَعَلَ किया है faʿala
किया है هَـٰذَا ये hādhā
ये بِـَٔالِهَتِنَآ साथ हमारे इलाहों के biālihatinā
साथ हमारे इलाहों के إِنَّهُۥ यक़ीनन वो innahu
यक़ीनन वो لَمِنَ (is) of lamina
(is) of ٱلظَّـٰلِمِينَ अलबत्ता ज़ालिमों में से है l-ẓālimīna
अलबत्ता ज़ालिमों में से है ٥٩ (59)
(59)
उन्होंने कहा : हमारे पूज्यों के साथ यह किसने किया है? निःसंदेह वह निश्चय अत्याचारियों में से है!
२१:६०
قَالُوا۟
उन्होंने कहा
qālū
उन्होंने कहा سَمِعْنَا सुना हमने samiʿ'nā
सुना हमने فَتًۭى एक नौजवान को fatan
एक नौजवान को يَذْكُرُهُمْ वो ज़िक्र करता था उनका yadhkuruhum
वो ज़िक्र करता था उनका يُقَالُ कहा जाता है yuqālu
कहा जाता है لَهُۥٓ उसे lahu
उसे إِبْرَٰهِيمُ इब्राहीम ib'rāhīmu
इब्राहीम ٦٠ (60)
(60)
उन्होंने कहा سَمِعْنَا सुना हमने samiʿ'nā
सुना हमने فَتًۭى एक नौजवान को fatan
एक नौजवान को يَذْكُرُهُمْ वो ज़िक्र करता था उनका yadhkuruhum
वो ज़िक्र करता था उनका يُقَالُ कहा जाता है yuqālu
कहा जाता है لَهُۥٓ उसे lahu
उसे إِبْرَٰهِيمُ इब्राहीम ib'rāhīmu
इब्राहीम ٦٠ (60)
(60)
लोगों ने कहा : हमने एक नवयुवक को उनकी चर्चा करते हुए सुना है, जिसे इबराहीम कहा जाता है।
२१:६१
قَالُوا۟
उन्होंने कहा
qālū
उन्होंने कहा فَأْتُوا۟ पस लाओ fatū
पस लाओ بِهِۦ उसे bihi
उसे عَلَىٰٓ before ʿalā
before أَعْيُنِ आँखों के सामने aʿyuni
आँखों के सामने ٱلنَّاسِ लोगों की l-nāsi
लोगों की لَعَلَّهُمْ ताकि वो laʿallahum
ताकि वो يَشْهَدُونَ वो गवाह हो जाऐं yashhadūna
वो गवाह हो जाऐं ٦١ (61)
(61)
उन्होंने कहा فَأْتُوا۟ पस लाओ fatū
पस लाओ بِهِۦ उसे bihi
उसे عَلَىٰٓ before ʿalā
before أَعْيُنِ आँखों के सामने aʿyuni
आँखों के सामने ٱلنَّاسِ लोगों की l-nāsi
लोगों की لَعَلَّهُمْ ताकि वो laʿallahum
ताकि वो يَشْهَدُونَ वो गवाह हो जाऐं yashhadūna
वो गवाह हो जाऐं ٦١ (61)
(61)
उन्होंने कहा : उसे लोगों की आँखों के सामने लाओ, ताकि वे गवाह हो जाएँ।
२१:६२
قَالُوٓا۟
उन्होंने कहा
qālū
उन्होंने कहा ءَأَنتَ क्या तुम a-anta
क्या तुम فَعَلْتَ किया तुमने faʿalta
किया तुमने هَـٰذَا ये hādhā
ये بِـَٔالِهَتِنَا साथ हमारे इलाहों के biālihatinā
साथ हमारे इलाहों के يَـٰٓإِبْرَٰهِيمُ ऐ इब्राहीम yāib'rāhīmu
ऐ इब्राहीम ٦٢ (62)
(62)
उन्होंने कहा ءَأَنتَ क्या तुम a-anta
क्या तुम فَعَلْتَ किया तुमने faʿalta
किया तुमने هَـٰذَا ये hādhā
ये بِـَٔالِهَتِنَا साथ हमारे इलाहों के biālihatinā
साथ हमारे इलाहों के يَـٰٓإِبْرَٰهِيمُ ऐ इब्राहीम yāib'rāhīmu
ऐ इब्राहीम ٦٢ (62)
(62)
उन्होंने पूछा : ऐ इबराहीम! क्या तूने ही हमारे पूज्यों के साथ यह किया है?
२१:६३
قَالَ
उसने कहा
qāla
उसने कहा بَلْ बल्कि bal
बल्कि فَعَلَهُۥ किया है उसे faʿalahu
किया है उसे كَبِيرُهُمْ उनके बड़े kabīruhum
उनके बड़े هَـٰذَا उसने hādhā
उसने فَسْـَٔلُوهُمْ पस पूछो उनसे fasalūhum
पस पूछो उनसे إِن अगर in
अगर كَانُوا۟ हैं वो kānū
हैं वो يَنطِقُونَ वो बोलते yanṭiqūna
वो बोलते ٦٣ (63)
(63)
उसने कहा بَلْ बल्कि bal
बल्कि فَعَلَهُۥ किया है उसे faʿalahu
किया है उसे كَبِيرُهُمْ उनके बड़े kabīruhum
उनके बड़े هَـٰذَا उसने hādhā
उसने فَسْـَٔلُوهُمْ पस पूछो उनसे fasalūhum
पस पूछो उनसे إِن अगर in
अगर كَانُوا۟ हैं वो kānū
हैं वो يَنطِقُونَ वो बोलते yanṭiqūna
वो बोलते ٦٣ (63)
(63)
उसने कहा : बल्कि यह उनके इस बड़े ने किया है। अतः उन्हीं से पूछ लो, यदि वे बोलते हैं?
२१:६४
فَرَجَعُوٓا۟
तो वो पलटे
farajaʿū
तो वो पलटे إِلَىٰٓ to ilā
to أَنفُسِهِمْ तरफ़ अपने दिलों के anfusihim
तरफ़ अपने दिलों के فَقَالُوٓا۟ तो उन्होंने कहा faqālū
तो उन्होंने कहा إِنَّكُمْ बेशक तुम innakum
बेशक तुम أَنتُمُ तुम ही antumu
तुम ही ٱلظَّـٰلِمُونَ ज़ालिम हो l-ẓālimūna
ज़ालिम हो ٦٤ (64)
(64)
तो वो पलटे إِلَىٰٓ to ilā
to أَنفُسِهِمْ तरफ़ अपने दिलों के anfusihim
तरफ़ अपने दिलों के فَقَالُوٓا۟ तो उन्होंने कहा faqālū
तो उन्होंने कहा إِنَّكُمْ बेशक तुम innakum
बेशक तुम أَنتُمُ तुम ही antumu
तुम ही ٱلظَّـٰلِمُونَ ज़ालिम हो l-ẓālimūna
ज़ालिम हो ٦٤ (64)
(64)
फिर उन्होंने अपने मन में विचार किया और कहने लगे : निश्चय तुम खुद ही अत्याचारी हो।
२१:६५
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर نُكِسُوا۟ वो औंधे कर दिए गए nukisū
वो औंधे कर दिए गए عَلَىٰ on ʿalā
on رُءُوسِهِمْ अपने सरों पर ruūsihim
अपने सरों पर لَقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ عَلِمْتَ जानता है तू ʿalim'ta
जानता है तू مَا नहीं mā
नहीं هَـٰٓؤُلَآءِ हैं ये hāulāi
हैं ये يَنطِقُونَ बोलते yanṭiqūna
बोलते ٦٥ (65)
(65)
फिर نُكِسُوا۟ वो औंधे कर दिए गए nukisū
वो औंधे कर दिए गए عَلَىٰ on ʿalā
on رُءُوسِهِمْ अपने सरों पर ruūsihim
अपने सरों पर لَقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ عَلِمْتَ जानता है तू ʿalim'ta
जानता है तू مَا नहीं mā
नहीं هَـٰٓؤُلَآءِ हैं ये hāulāi
हैं ये يَنطِقُونَ बोलते yanṭiqūna
बोलते ٦٥ (65)
(65)
फिर वे अपने सिरों के बल औंधे कर दिए गए1, (और बोले :) निःसंदेह तू जानता है कि ये बोलते नहीं।
२१:६६
قَالَ
उसने कहा
qāla
उसने कहा أَفَتَعْبُدُونَ क्या भला तुम इबादत करते हो afataʿbudūna
क्या भला तुम इबादत करते हो مِن besides min
besides دُونِ सिवाए dūni
सिवाए ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के مَا उनकी जो mā
उनकी जो لَا (does) not lā
(does) not يَنفَعُكُمْ नहीं वो नफ़ा देते तुम्हें yanfaʿukum
नहीं वो नफ़ा देते तुम्हें شَيْـًۭٔا कुछ भी shayan
कुछ भी وَلَا और ना walā
और ना يَضُرُّكُمْ वो नुक़्सान दे सकते हैं तुम्हें yaḍurrukum
वो नुक़्सान दे सकते हैं तुम्हें ٦٦ (66)
(66)
उसने कहा أَفَتَعْبُدُونَ क्या भला तुम इबादत करते हो afataʿbudūna
क्या भला तुम इबादत करते हो مِن besides min
besides دُونِ सिवाए dūni
सिवाए ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के مَا उनकी जो mā
उनकी जो لَا (does) not lā
(does) not يَنفَعُكُمْ नहीं वो नफ़ा देते तुम्हें yanfaʿukum
नहीं वो नफ़ा देते तुम्हें شَيْـًۭٔا कुछ भी shayan
कुछ भी وَلَا और ना walā
और ना يَضُرُّكُمْ वो नुक़्सान दे सकते हैं तुम्हें yaḍurrukum
वो नुक़्सान दे सकते हैं तुम्हें ٦٦ (66)
(66)
(इबराहीम ने) कहा : फिर क्या तुम अल्लाह को छोड़ उस चीज़ की इबादत करते हो, जो न तुम्हें कुछ लाभ पहुँचाती है और न तुम्हें हानि पहुँचाती है?
२१:६७
أُفٍّۢ
उफ़ है
uffin
उफ़ है لَّكُمْ तुम पर lakum
तुम पर وَلِمَا और जिनकी walimā
और जिनकी تَعْبُدُونَ तुम इबादत करते हो taʿbudūna
तुम इबादत करते हो مِن besides min
besides دُونِ सिवाए dūni
सिवाए ٱللَّهِ ۖ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के أَفَلَا क्या भला नहीं afalā
क्या भला नहीं تَعْقِلُونَ तुम अक़्ल से काम लेते taʿqilūna
तुम अक़्ल से काम लेते ٦٧ (67)
(67)
उफ़ है لَّكُمْ तुम पर lakum
तुम पर وَلِمَا और जिनकी walimā
और जिनकी تَعْبُدُونَ तुम इबादत करते हो taʿbudūna
तुम इबादत करते हो مِن besides min
besides دُونِ सिवाए dūni
सिवाए ٱللَّهِ ۖ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के أَفَلَا क्या भला नहीं afalā
क्या भला नहीं تَعْقِلُونَ तुम अक़्ल से काम लेते taʿqilūna
तुम अक़्ल से काम लेते ٦٧ (67)
(67)
तुफ़ है तुमपर और उनपर जिनकी तुम अल्लाह को छोड़कर इबादत करते हो। तो क्या तुम समझते नहीं?
२१:६८
قَالُوا۟
उन्होंने कहा
qālū
उन्होंने कहा حَرِّقُوهُ जला डालो इसे ḥarriqūhu
जला डालो इसे وَٱنصُرُوٓا۟ और मदद करो wa-unṣurū
और मदद करो ءَالِهَتَكُمْ अपने इलाहों की ālihatakum
अपने इलाहों की إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम فَـٰعِلِينَ करने वाले fāʿilīna
करने वाले ٦٨ (68)
(68)
उन्होंने कहा حَرِّقُوهُ जला डालो इसे ḥarriqūhu
जला डालो इसे وَٱنصُرُوٓا۟ और मदद करो wa-unṣurū
और मदद करो ءَالِهَتَكُمْ अपने इलाहों की ālihatakum
अपने इलाहों की إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम فَـٰعِلِينَ करने वाले fāʿilīna
करने वाले ٦٨ (68)
(68)
उन्होंने कहा : इसे जला दो तथा अपने पूज्यों की सहायता करो, अगर तुम कुछ करने वाले हो।
२१:६९
قُلْنَا
कहा हमने
qul'nā
कहा हमने يَـٰنَارُ ऐ आग yānāru
ऐ आग كُونِى हो जा kūnī
हो जा بَرْدًۭا ठंडी bardan
ठंडी وَسَلَـٰمًا और सलामती( वाली) wasalāman
और सलामती( वाली) عَلَىٰٓ for ʿalā
for إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम पर ib'rāhīma
इब्राहीम पर ٦٩ (69)
(69)
कहा हमने يَـٰنَارُ ऐ आग yānāru
ऐ आग كُونِى हो जा kūnī
हो जा بَرْدًۭا ठंडी bardan
ठंडी وَسَلَـٰمًا और सलामती( वाली) wasalāman
और सलामती( वाली) عَلَىٰٓ for ʿalā
for إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम पर ib'rāhīma
इब्राहीम पर ٦٩ (69)
(69)
हमने कहा : ऐ आग! तू इबराहीम पर ठंडक और सुरक्षा सुरक्षा बन जा।
२१:७०
وَأَرَادُوا۟
और उन्होंने इरादा किया
wa-arādū
और उन्होंने इरादा किया بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके كَيْدًۭا चाल चलने का kaydan
चाल चलने का فَجَعَلْنَـٰهُمُ तो बना दिया हमने उन्हें fajaʿalnāhumu
तो बना दिया हमने उन्हें ٱلْأَخْسَرِينَ सब से ज़्यादा ख़सारा पाने वाला l-akhsarīna
सब से ज़्यादा ख़सारा पाने वाला ٧٠ (70)
(70)
और उन्होंने इरादा किया بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके كَيْدًۭا चाल चलने का kaydan
चाल चलने का فَجَعَلْنَـٰهُمُ तो बना दिया हमने उन्हें fajaʿalnāhumu
तो बना दिया हमने उन्हें ٱلْأَخْسَرِينَ सब से ज़्यादा ख़सारा पाने वाला l-akhsarīna
सब से ज़्यादा ख़सारा पाने वाला ٧٠ (70)
(70)
और उन्होंने उसके साथ एक चाल का इरादा किया, तो हमने उन्हीं को अत्यंत घाटे वाला कर दिया।
२१:७१
وَنَجَّيْنَـٰهُ
और निजात दी हमने उसे
wanajjaynāhu
और निजात दी हमने उसे وَلُوطًا और लूत को walūṭan
और लूत को إِلَى to ilā
to ٱلْأَرْضِ तरफ़ उस ज़मीन के l-arḍi
तरफ़ उस ज़मीन के ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो بَـٰرَكْنَا बरकत रखी हमने bāraknā
बरकत रखी हमने فِيهَا उसमें fīhā
उसमें لِلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहान वालों के लिए lil'ʿālamīna
तमाम जहान वालों के लिए ٧١ (71)
(71)
और निजात दी हमने उसे وَلُوطًا और लूत को walūṭan
और लूत को إِلَى to ilā
to ٱلْأَرْضِ तरफ़ उस ज़मीन के l-arḍi
तरफ़ उस ज़मीन के ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो بَـٰرَكْنَا बरकत रखी हमने bāraknā
बरकत रखी हमने فِيهَا उसमें fīhā
उसमें لِلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहान वालों के लिए lil'ʿālamīna
तमाम जहान वालों के लिए ٧١ (71)
(71)
और हम उसे (इबराहीम को) और लूत1 को बचाकर उस भूमि2 की ओर ले गए, जिसमें हमने संसार वालों के लिए बरकत रखी।
२१:७२
وَوَهَبْنَا
और अता किया हमने
wawahabnā
और अता किया हमने لَهُۥٓ उसे lahu
उसे إِسْحَـٰقَ इस्हाक़ is'ḥāqa
इस्हाक़ وَيَعْقُوبَ और याक़ूब wayaʿqūba
और याक़ूब نَافِلَةًۭ ۖ मज़ीद nāfilatan
मज़ीद وَكُلًّۭا और सब को wakullan
और सब को جَعَلْنَا बनाया हमने jaʿalnā
बनाया हमने صَـٰلِحِينَ सालेह/नेक ṣāliḥīna
सालेह/नेक ٧٢ (72)
(72)
और अता किया हमने لَهُۥٓ उसे lahu
उसे إِسْحَـٰقَ इस्हाक़ is'ḥāqa
इस्हाक़ وَيَعْقُوبَ और याक़ूब wayaʿqūba
और याक़ूब نَافِلَةًۭ ۖ मज़ीद nāfilatan
मज़ीद وَكُلًّۭا और सब को wakullan
और सब को جَعَلْنَا बनाया हमने jaʿalnā
बनाया हमने صَـٰلِحِينَ सालेह/नेक ṣāliḥīna
सालेह/नेक ٧٢ (72)
(72)
और हमने उन्हें इसहाक़ प्रदान किया और उसके अतिरिक्त याक़ूब भी। और हमने हर एक को नेक बनाया।
२१:७३
وَجَعَلْنَـٰهُمْ
और बनाया हमने उन्हें
wajaʿalnāhum
और बनाया हमने उन्हें أَئِمَّةًۭ इमाम a-immatan
इमाम يَهْدُونَ वो रहनुमाई करते थे yahdūna
वो रहनुमाई करते थे بِأَمْرِنَا हमारे हुक्म से bi-amrinā
हमारे हुक्म से وَأَوْحَيْنَآ और वही की हमने wa-awḥaynā
और वही की हमने إِلَيْهِمْ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके فِعْلَ करने को fiʿ'la
करने को ٱلْخَيْرَٰتِ भलाइयाँ l-khayrāti
भलाइयाँ وَإِقَامَ और क़ायम करना wa-iqāma
और क़ायम करना ٱلصَّلَوٰةِ नमाज़ का l-ṣalati
नमाज़ का وَإِيتَآءَ और अदा करना waītāa
और अदा करना ٱلزَّكَوٰةِ ۖ ज़कात का l-zakati
ज़कात का وَكَانُوا۟ और थे वो wakānū
और थे वो لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए عَـٰبِدِينَ इबादत गुज़ार ʿābidīna
इबादत गुज़ार ٧٣ (73)
(73)
और बनाया हमने उन्हें أَئِمَّةًۭ इमाम a-immatan
इमाम يَهْدُونَ वो रहनुमाई करते थे yahdūna
वो रहनुमाई करते थे بِأَمْرِنَا हमारे हुक्म से bi-amrinā
हमारे हुक्म से وَأَوْحَيْنَآ और वही की हमने wa-awḥaynā
और वही की हमने إِلَيْهِمْ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके فِعْلَ करने को fiʿ'la
करने को ٱلْخَيْرَٰتِ भलाइयाँ l-khayrāti
भलाइयाँ وَإِقَامَ और क़ायम करना wa-iqāma
और क़ायम करना ٱلصَّلَوٰةِ नमाज़ का l-ṣalati
नमाज़ का وَإِيتَآءَ और अदा करना waītāa
और अदा करना ٱلزَّكَوٰةِ ۖ ज़कात का l-zakati
ज़कात का وَكَانُوا۟ और थे वो wakānū
और थे वो لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए عَـٰبِدِينَ इबादत गुज़ार ʿābidīna
इबादत गुज़ार ٧٣ (73)
(73)
और हमने उन्हें ऐसे अग्रणी (पेशवा) बनाया, जो हमारे आदेशानुसार (लोगों को) सही राह दिखाते थे। और हमने उनकी ओर नेक कार्य करने, नमाज़ क़ायम करने और ज़कात देने की वह़्य (प्रकाशना) की। और वे केवल हमारी इबादत करने वाले थे।
२१:७४
وَلُوطًا
और लूत
walūṭan
और लूत ءَاتَيْنَـٰهُ अता किया हमने उसे ātaynāhu
अता किया हमने उसे حُكْمًۭا हुक्म ḥuk'man
हुक्म وَعِلْمًۭا और इल्म waʿil'man
और इल्म وَنَجَّيْنَـٰهُ और निजात दी हमने wanajjaynāhu
और निजात दी हमने مِنَ from mina
from ٱلْقَرْيَةِ उस बस्ती से l-qaryati
उस बस्ती से ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो كَانَت थी kānat
थी تَّعْمَلُ वो करती taʿmalu
वो करती ٱلْخَبَـٰٓئِثَ ۗ ख़बीस काम l-khabāitha
ख़बीस काम إِنَّهُمْ यक़ीनन वो innahum
यक़ीनन वो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो قَوْمَ लोग qawma
लोग سَوْءٍۢ बुरे sawin
बुरे فَـٰسِقِينَ फ़ासिक़ fāsiqīna
फ़ासिक़ ٧٤ (74)
(74)
और लूत ءَاتَيْنَـٰهُ अता किया हमने उसे ātaynāhu
अता किया हमने उसे حُكْمًۭا हुक्म ḥuk'man
हुक्म وَعِلْمًۭا और इल्म waʿil'man
और इल्म وَنَجَّيْنَـٰهُ और निजात दी हमने wanajjaynāhu
और निजात दी हमने مِنَ from mina
from ٱلْقَرْيَةِ उस बस्ती से l-qaryati
उस बस्ती से ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो كَانَت थी kānat
थी تَّعْمَلُ वो करती taʿmalu
वो करती ٱلْخَبَـٰٓئِثَ ۗ ख़बीस काम l-khabāitha
ख़बीस काम إِنَّهُمْ यक़ीनन वो innahum
यक़ीनन वो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो قَوْمَ लोग qawma
लोग سَوْءٍۢ बुरे sawin
बुरे فَـٰسِقِينَ फ़ासिक़ fāsiqīna
फ़ासिक़ ٧٤ (74)
(74)
और लूत को हमने निर्णय शक्ति और ज्ञान दिया और उसे उस बस्ती से बचा लिया, जो गंदे काम किया करती थी। निश्चय वे बुरे, अवज्ञा करने वाले लोग थे।
२१:७५
وَأَدْخَلْنَـٰهُ
और दाख़िल किया हमने उसे
wa-adkhalnāhu
और दाख़िल किया हमने उसे فِى into fī
into رَحْمَتِنَآ ۖ अपनी रहमत में raḥmatinā
अपनी रहमत में إِنَّهُۥ यक़ीनन वो innahu
यक़ीनन वो مِنَ (was) of mina
(was) of ٱلصَّـٰلِحِينَ नेक लोगों में से था l-ṣāliḥīna
नेक लोगों में से था ٧٥ (75)
(75)
और दाख़िल किया हमने उसे فِى into fī
into رَحْمَتِنَآ ۖ अपनी रहमत में raḥmatinā
अपनी रहमत में إِنَّهُۥ यक़ीनन वो innahu
यक़ीनन वो مِنَ (was) of mina
(was) of ٱلصَّـٰلِحِينَ नेक लोगों में से था l-ṣāliḥīna
नेक लोगों में से था ٧٥ (75)
(75)
और हमने उन्हें अपनी दया में दाख़िल कर लिया। निःसंदेह वह सदाचारियों में से थे।
२१:७६
وَنُوحًا
और नूह
wanūḥan
और नूह إِذْ जब idh
जब نَادَىٰ उसने पुकारा nādā
उसने पुकारा مِن before min
before قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले فَٱسْتَجَبْنَا तो दुआ क़ुबूल कर ली हमने fa-is'tajabnā
तो दुआ क़ुबूल कर ली हमने لَهُۥ उसकी lahu
उसकी فَنَجَّيْنَـٰهُ तो निजात दी हमने उसे fanajjaynāhu
तो निजात दी हमने उसे وَأَهْلَهُۥ और उसके घर वालों को wa-ahlahu
और उसके घर वालों को مِنَ from mina
from ٱلْكَرْبِ कर्ब/दुख से l-karbi
कर्ब/दुख से ٱلْعَظِيمِ बहुत बड़े l-ʿaẓīmi
बहुत बड़े ٧٦ (76)
(76)
और नूह إِذْ जब idh
जब نَادَىٰ उसने पुकारा nādā
उसने पुकारा مِن before min
before قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले فَٱسْتَجَبْنَا तो दुआ क़ुबूल कर ली हमने fa-is'tajabnā
तो दुआ क़ुबूल कर ली हमने لَهُۥ उसकी lahu
उसकी فَنَجَّيْنَـٰهُ तो निजात दी हमने उसे fanajjaynāhu
तो निजात दी हमने उसे وَأَهْلَهُۥ और उसके घर वालों को wa-ahlahu
और उसके घर वालों को مِنَ from mina
from ٱلْكَرْبِ कर्ब/दुख से l-karbi
कर्ब/दुख से ٱلْعَظِيمِ बहुत बड़े l-ʿaẓīmi
बहुत बड़े ٧٦ (76)
(76)
तथा नूह को (याद करो) जब उन्होंने इससे पहले (अल्लाह को) पुकारा, तो हमने उनकी दुआ क़बूल कर ली, फिर उन्हें और उनके घर वालों को बड़े कष्ट से बचा लिया।
२१:७७
وَنَصَرْنَـٰهُ
और मदद की हमने उसकी
wanaṣarnāhu
और मदद की हमने उसकी مِنَ from mina
from ٱلْقَوْمِ उन लोगों के मुक़ाबले में l-qawmi
उन लोगों के मुक़ाबले में ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَآ ۚ हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो قَوْمَ लोग qawma
लोग سَوْءٍۢ बुरे sawin
बुरे فَأَغْرَقْنَـٰهُمْ तो ग़र्क़ कर दिया हमने उनको fa-aghraqnāhum
तो ग़र्क़ कर दिया हमने उनको أَجْمَعِينَ सब के सब को ajmaʿīna
सब के सब को ٧٧ (77)
(77)
और मदद की हमने उसकी مِنَ from mina
from ٱلْقَوْمِ उन लोगों के मुक़ाबले में l-qawmi
उन लोगों के मुक़ाबले में ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَآ ۚ हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो قَوْمَ लोग qawma
लोग سَوْءٍۢ बुरे sawin
बुरे فَأَغْرَقْنَـٰهُمْ तो ग़र्क़ कर दिया हमने उनको fa-aghraqnāhum
तो ग़र्क़ कर दिया हमने उनको أَجْمَعِينَ सब के सब को ajmaʿīna
सब के सब को ٧٧ (77)
(77)
और हमने उन लोगों के विरुद्ध उनकी मदद की, जिन्होंने हमारी निशानियों को झुठलाया। निःसंदेह वे बुरे लोग थे। अतः हमने उन सभी को डुबो दिया।
२१:७८
وَدَاوُۥدَ
और दाऊद
wadāwūda
और दाऊद وَسُلَيْمَـٰنَ और सुलैमान wasulaymāna
और सुलैमान إِذْ जब idh
जब يَحْكُمَانِ वो दोनों फ़ैसला कर रहे थे yaḥkumāni
वो दोनों फ़ैसला कर रहे थे فِى concerning fī
concerning ٱلْحَرْثِ खेत के मामले में l-ḥarthi
खेत के मामले में إِذْ जब idh
जब نَفَشَتْ रात को चर लिया था nafashat
रात को चर लिया था فِيهِ उसमें fīhi
उसमें غَنَمُ बकरियों ने ghanamu
बकरियों ने ٱلْقَوْمِ क़ौम की l-qawmi
क़ौम की وَكُنَّا और थे हम wakunnā
और थे हम لِحُكْمِهِمْ उनके फ़ैसले को liḥuk'mihim
उनके फ़ैसले को شَـٰهِدِينَ देखने वाले shāhidīna
देखने वाले ٧٨ (78)
(78)
और दाऊद وَسُلَيْمَـٰنَ और सुलैमान wasulaymāna
और सुलैमान إِذْ जब idh
जब يَحْكُمَانِ वो दोनों फ़ैसला कर रहे थे yaḥkumāni
वो दोनों फ़ैसला कर रहे थे فِى concerning fī
concerning ٱلْحَرْثِ खेत के मामले में l-ḥarthi
खेत के मामले में إِذْ जब idh
जब نَفَشَتْ रात को चर लिया था nafashat
रात को चर लिया था فِيهِ उसमें fīhi
उसमें غَنَمُ बकरियों ने ghanamu
बकरियों ने ٱلْقَوْمِ क़ौम की l-qawmi
क़ौम की وَكُنَّا और थे हम wakunnā
और थे हम لِحُكْمِهِمْ उनके फ़ैसले को liḥuk'mihim
उनके फ़ैसले को شَـٰهِدِينَ देखने वाले shāhidīna
देखने वाले ٧٨ (78)
(78)
तथा दाऊद और सुलैमान को (याद करो), जब वे दोनों खेत के विषय में निर्णय कर रहे थे, जब रात के समय उसमें अन्य लोगों की बकरियाँ फैल गईं थीं, और हम उनके निर्णय के समय उपस्थित थे।
२१:७९
فَفَهَّمْنَـٰهَا
पस समझा दिया हमने ये(फ़ैसला)
fafahhamnāhā
पस समझा दिया हमने ये(फ़ैसला) سُلَيْمَـٰنَ ۚ सुलैमान को sulaymāna
सुलैमान को وَكُلًّا और हर एक को wakullan
और हर एक को ءَاتَيْنَا दिया हमने ātaynā
दिया हमने حُكْمًۭا हुक्म ḥuk'man
हुक्म وَعِلْمًۭا ۚ और इल्म waʿil'man
और इल्म وَسَخَّرْنَا और मुसख़्ख़र किए हमने wasakharnā
और मुसख़्ख़र किए हमने مَعَ साथ maʿa
साथ دَاوُۥدَ दाऊद के dāwūda
दाऊद के ٱلْجِبَالَ पहाड़ l-jibāla
पहाड़ يُسَبِّحْنَ वो तस्बीह करते थे yusabbiḥ'na
वो तस्बीह करते थे وَٱلطَّيْرَ ۚ और परिन्दे ( भी ) wal-ṭayra
और परिन्दे ( भी ) وَكُنَّا और थे हम ही wakunnā
और थे हम ही فَـٰعِلِينَ करने वाले fāʿilīna
करने वाले ٧٩ (79)
(79)
पस समझा दिया हमने ये(फ़ैसला) سُلَيْمَـٰنَ ۚ सुलैमान को sulaymāna
सुलैमान को وَكُلًّا और हर एक को wakullan
और हर एक को ءَاتَيْنَا दिया हमने ātaynā
दिया हमने حُكْمًۭا हुक्म ḥuk'man
हुक्म وَعِلْمًۭا ۚ और इल्म waʿil'man
और इल्म وَسَخَّرْنَا और मुसख़्ख़र किए हमने wasakharnā
और मुसख़्ख़र किए हमने مَعَ साथ maʿa
साथ دَاوُۥدَ दाऊद के dāwūda
दाऊद के ٱلْجِبَالَ पहाड़ l-jibāla
पहाड़ يُسَبِّحْنَ वो तस्बीह करते थे yusabbiḥ'na
वो तस्बीह करते थे وَٱلطَّيْرَ ۚ और परिन्दे ( भी ) wal-ṭayra
और परिन्दे ( भी ) وَكُنَّا और थे हम ही wakunnā
और थे हम ही فَـٰعِلِينَ करने वाले fāʿilīna
करने वाले ٧٩ (79)
(79)
तो हमने वह (निर्णय) सुलैमान1 को समझा दिया। और हमने हर एक को हुक्म (नुबुव्वत या निर्णय-शक्ति) और ज्ञान प्रदान किया। और हमने पहाड़ों को दाऊद के अधीन कर दिया, जो (अल्लाह की) पवित्रता का गान करते थे, तथा पक्षियों को भी। और हम ही (इस कार्य के) करने वाले थे।
२१:८०
وَعَلَّمْنَـٰهُ
और सिखाया हमने उसे
waʿallamnāhu
और सिखाया हमने उसे صَنْعَةَ बनाना ṣanʿata
बनाना لَبُوسٍۢ लिबास का labūsin
लिबास का لَّكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए لِتُحْصِنَكُم ताकि वो बचाए तुम्हें lituḥ'ṣinakum
ताकि वो बचाए तुम्हें مِّنۢ from min
from بَأْسِكُمْ ۖ तुम्हारी जंग से basikum
तुम्हारी जंग से فَهَلْ तो क्या fahal
तो क्या أَنتُمْ तुम antum
तुम شَـٰكِرُونَ शुक्र गुज़ार हो shākirūna
शुक्र गुज़ार हो ٨٠ (80)
(80)
और सिखाया हमने उसे صَنْعَةَ बनाना ṣanʿata
बनाना لَبُوسٍۢ लिबास का labūsin
लिबास का لَّكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए لِتُحْصِنَكُم ताकि वो बचाए तुम्हें lituḥ'ṣinakum
ताकि वो बचाए तुम्हें مِّنۢ from min
from بَأْسِكُمْ ۖ तुम्हारी जंग से basikum
तुम्हारी जंग से فَهَلْ तो क्या fahal
तो क्या أَنتُمْ तुम antum
तुम شَـٰكِرُونَ शुक्र गुज़ार हो shākirūna
शुक्र गुज़ार हो ٨٠ (80)
(80)
तथा हमने उन्हें (दाऊद को) तुम्हारे लिए कवच बनाना सिखाया, ताकि वह तुम्हारी लड़ाई से तुम्हारी रक्षा करे। तो क्या तुम शुक्रिया अदा करने वाले हो?
२१:८१
وَلِسُلَيْمَـٰنَ
और सुलैमान के लिए
walisulaymāna
और सुलैमान के लिए ٱلرِّيحَ हवा (मुसख़्ख़र की) l-rīḥa
हवा (मुसख़्ख़र की) عَاصِفَةًۭ तुंदो तेज़ चलने वाली ʿāṣifatan
तुंदो तेज़ चलने वाली تَجْرِى वो चलती थी tajrī
वो चलती थी بِأَمْرِهِۦٓ उसके हुक्म से bi-amrihi
उसके हुक्म से إِلَى to ilā
to ٱلْأَرْضِ तरफ़ उस ज़मीन के l-arḍi
तरफ़ उस ज़मीन के ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो بَـٰرَكْنَا बरकत रखी हमने bāraknā
बरकत रखी हमने فِيهَا ۚ जिस में fīhā
जिस में وَكُنَّا और थे हम wakunnā
और थे हम بِكُلِّ of every bikulli
of every شَىْءٍ हर चीज़ को shayin
हर चीज़ को عَـٰلِمِينَ जानने वाले ʿālimīna
जानने वाले ٨١ (81)
(81)
और सुलैमान के लिए ٱلرِّيحَ हवा (मुसख़्ख़र की) l-rīḥa
हवा (मुसख़्ख़र की) عَاصِفَةًۭ तुंदो तेज़ चलने वाली ʿāṣifatan
तुंदो तेज़ चलने वाली تَجْرِى वो चलती थी tajrī
वो चलती थी بِأَمْرِهِۦٓ उसके हुक्म से bi-amrihi
उसके हुक्म से إِلَى to ilā
to ٱلْأَرْضِ तरफ़ उस ज़मीन के l-arḍi
तरफ़ उस ज़मीन के ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो بَـٰرَكْنَا बरकत रखी हमने bāraknā
बरकत रखी हमने فِيهَا ۚ जिस में fīhā
जिस में وَكُنَّا और थे हम wakunnā
और थे हम بِكُلِّ of every bikulli
of every شَىْءٍ हर चीज़ को shayin
हर चीज़ को عَـٰلِمِينَ जानने वाले ʿālimīna
जानने वाले ٨١ (81)
(81)
और तेज़ चलने वाली हवा को सुलैमान के अधीन कर दिया, जो उसके आदेश1 से उस धरती की ओर चलती थी, जिसमें हमने बरकत रखी और हम हर चीज़ को जानने वाले थे।
२१:८२
وَمِنَ
And of
wamina
And of ٱلشَّيَـٰطِينِ और कुछ शयातीन l-shayāṭīni
और कुछ शयातीन مَن जो man
जो يَغُوصُونَ ग़ोता लगाते थे yaghūṣūna
ग़ोता लगाते थे لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए وَيَعْمَلُونَ और वो करते थे wayaʿmalūna
और वो करते थे عَمَلًۭا कुछ काम ʿamalan
कुछ काम دُونَ अलावा dūna
अलावा ذَٰلِكَ ۖ उसके dhālika
उसके وَكُنَّا और थे हम ही wakunnā
और थे हम ही لَهُمْ उनकी lahum
उनकी حَـٰفِظِينَ निगरानी करने वाले ḥāfiẓīna
निगरानी करने वाले ٨٢ (82)
(82)
And of ٱلشَّيَـٰطِينِ और कुछ शयातीन l-shayāṭīni
और कुछ शयातीन مَن जो man
जो يَغُوصُونَ ग़ोता लगाते थे yaghūṣūna
ग़ोता लगाते थे لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए وَيَعْمَلُونَ और वो करते थे wayaʿmalūna
और वो करते थे عَمَلًۭا कुछ काम ʿamalan
कुछ काम دُونَ अलावा dūna
अलावा ذَٰلِكَ ۖ उसके dhālika
उसके وَكُنَّا और थे हम ही wakunnā
और थे हम ही لَهُمْ उनकी lahum
उनकी حَـٰفِظِينَ निगरानी करने वाले ḥāfiẓīna
निगरानी करने वाले ٨٢ (82)
(82)
और कई शैतान (उनके अधीन कर दिए गए थे), जो उनके लिए ग़ोता लगाते1 थे तथा इसके अलावा काम (भी) करते थे। और हम ही उनके निरीक्षक2 थे।
२१:८३
۞ وَأَيُّوبَ
और अय्यूब
wa-ayyūba
और अय्यूब إِذْ जब idh
जब نَادَىٰ पुकारा उसने nādā
पुकारा उसने رَبَّهُۥٓ अपने रब को rabbahu
अपने रब को أَنِّى कि बेशक मैं annī
कि बेशक मैं مَسَّنِىَ पहुँची है मुझे massaniya
पहुँची है मुझे ٱلضُّرُّ तक्लीफ़ l-ḍuru
तक्लीफ़ وَأَنتَ और तू wa-anta
और तू أَرْحَمُ सबसे ज़्यादा रहम वाला है arḥamu
सबसे ज़्यादा रहम वाला है ٱلرَّٰحِمِينَ सब रहम करने वालों से l-rāḥimīna
सब रहम करने वालों से ٨٣ (83)
(83)
और अय्यूब إِذْ जब idh
जब نَادَىٰ पुकारा उसने nādā
पुकारा उसने رَبَّهُۥٓ अपने रब को rabbahu
अपने रब को أَنِّى कि बेशक मैं annī
कि बेशक मैं مَسَّنِىَ पहुँची है मुझे massaniya
पहुँची है मुझे ٱلضُّرُّ तक्लीफ़ l-ḍuru
तक्लीफ़ وَأَنتَ और तू wa-anta
और तू أَرْحَمُ सबसे ज़्यादा रहम वाला है arḥamu
सबसे ज़्यादा रहम वाला है ٱلرَّٰحِمِينَ सब रहम करने वालों से l-rāḥimīna
सब रहम करने वालों से ٨٣ (83)
(83)
तथा अय्यूब (की कहानी) को (याद करो), जब उन्होंने अपने पालनहार को पुकारा कि निःसंदेह मुझे कष्ट पहुँची है और तू दया करने वालों में सबसे अधिक दयावान् है।
२१:८४
فَٱسْتَجَبْنَا
तो दुआ क़ुबूल कर ली हमने
fa-is'tajabnā
तो दुआ क़ुबूल कर ली हमने لَهُۥ उसकी lahu
उसकी فَكَشَفْنَا तो दूर कर दी हमने fakashafnā
तो दूर कर दी हमने مَا जो कुछ mā
जो कुछ بِهِۦ उसे bihi
उसे مِن of min
of ضُرٍّۢ ۖ तक्लीफ़ थी ḍurrin
तक्लीफ़ थी وَءَاتَيْنَـٰهُ और दिए हमने उसे waātaynāhu
और दिए हमने उसे أَهْلَهُۥ अहल व अयाल उसके ahlahu
अहल व अयाल उसके وَمِثْلَهُم और उनकी मानिन्द wamith'lahum
और उनकी मानिन्द مَّعَهُمْ साथ उसके maʿahum
साथ उसके رَحْمَةًۭ बतौर ए रहमत raḥmatan
बतौर ए रहमत مِّنْ from Ourselves min
from Ourselves عِندِنَا अपने पास से ʿindinā
अपने पास से وَذِكْرَىٰ और नसीहत wadhik'rā
और नसीहत لِلْعَـٰبِدِينَ इबादत करने वालों के लिए lil'ʿābidīna
इबादत करने वालों के लिए ٨٤ (84)
(84)
तो दुआ क़ुबूल कर ली हमने لَهُۥ उसकी lahu
उसकी فَكَشَفْنَا तो दूर कर दी हमने fakashafnā
तो दूर कर दी हमने مَا जो कुछ mā
जो कुछ بِهِۦ उसे bihi
उसे مِن of min
of ضُرٍّۢ ۖ तक्लीफ़ थी ḍurrin
तक्लीफ़ थी وَءَاتَيْنَـٰهُ और दिए हमने उसे waātaynāhu
और दिए हमने उसे أَهْلَهُۥ अहल व अयाल उसके ahlahu
अहल व अयाल उसके وَمِثْلَهُم और उनकी मानिन्द wamith'lahum
और उनकी मानिन्द مَّعَهُمْ साथ उसके maʿahum
साथ उसके رَحْمَةًۭ बतौर ए रहमत raḥmatan
बतौर ए रहमत مِّنْ from Ourselves min
from Ourselves عِندِنَا अपने पास से ʿindinā
अपने पास से وَذِكْرَىٰ और नसीहत wadhik'rā
और नसीहत لِلْعَـٰبِدِينَ इबादत करने वालों के लिए lil'ʿābidīna
इबादत करने वालों के लिए ٨٤ (84)
(84)
तो हमने उनकी दुआ क़बूल कर ली।1 चुनाँचे उन्हें जो भी कष्ट था, उसे दूर कर दिया और हमने उन्हें उनके घर वाले तथा उनके साथ उनके समान (और) भी प्रदान किए। अपनी ओर से दया के रूप में और उन लोगों की याद-दहानी के लिए जो इबादत करने वाले हैं।
२१:८५
وَإِسْمَـٰعِيلَ
और इस्माइल
wa-is'māʿīla
और इस्माइल وَإِدْرِيسَ और इदरीस wa-id'rīsa
और इदरीस وَذَا and Dhul-Kifl wadhā
and Dhul-Kifl ٱلْكِفْلِ ۖ और ज़ुल किफ़्ल l-kif'li
और ज़ुल किफ़्ल كُلٌّۭ सब kullun
सब مِّنَ (were) of mina
(were) of ٱلصَّـٰبِرِينَ सब्र करने वालों में से थे l-ṣābirīna
सब्र करने वालों में से थे ٨٥ (85)
(85)
और इस्माइल وَإِدْرِيسَ और इदरीस wa-id'rīsa
और इदरीस وَذَا and Dhul-Kifl wadhā
and Dhul-Kifl ٱلْكِفْلِ ۖ और ज़ुल किफ़्ल l-kif'li
और ज़ुल किफ़्ल كُلٌّۭ सब kullun
सब مِّنَ (were) of mina
(were) of ٱلصَّـٰبِرِينَ सब्र करने वालों में से थे l-ṣābirīna
सब्र करने वालों में से थे ٨٥ (85)
(85)
तथा इसमाईल, इदरीस और ज़ुल किफ़्ल को (याद करो)। हर एक धैर्यवानों में से था।
२१:८६
وَأَدْخَلْنَـٰهُمْ
और दाख़िल किया हमने उन्हें
wa-adkhalnāhum
और दाख़िल किया हमने उन्हें فِى in fī
in رَحْمَتِنَآ ۖ अपनी रहमत में raḥmatinā
अपनी रहमत में إِنَّهُم यक़ीनन वो innahum
यक़ीनन वो مِّنَ (were) of mina
(were) of ٱلصَّـٰلِحِينَ सालेह लोगों में से थे l-ṣāliḥīna
सालेह लोगों में से थे ٨٦ (86)
(86)
और दाख़िल किया हमने उन्हें فِى in fī
in رَحْمَتِنَآ ۖ अपनी रहमत में raḥmatinā
अपनी रहमत में إِنَّهُم यक़ीनन वो innahum
यक़ीनन वो مِّنَ (were) of mina
(were) of ٱلصَّـٰلِحِينَ सालेह लोगों में से थे l-ṣāliḥīna
सालेह लोगों में से थे ٨٦ (86)
(86)
और हमने उन्हें अपनी दया में दाख़िल कर लिया। निःसंदेह वे सदाचारियों में से थे।
२१:८७
وَذَا
And Dhun-Nun
wadhā
And Dhun-Nun ٱلنُّونِ और मछली वाला l-nūni
और मछली वाला إِذ जब idh
जब ذَّهَبَ वो चला गया dhahaba
वो चला गया مُغَـٰضِبًۭا ग़ज़बनाक हो कर mughāḍiban
ग़ज़बनाक हो कर فَظَنَّ तो उसने समझ लिया faẓanna
तो उसने समझ लिया أَن कि an
कि لَّن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं نَّقْدِرَ हम क़ादिर होंगे naqdira
हम क़ादिर होंगे عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर فَنَادَىٰ तो उसने पुकारा fanādā
तो उसने पुकारा فِى in fī
in ٱلظُّلُمَـٰتِ अँघेरों में l-ẓulumāti
अँघेरों में أَن कि an
कि لَّآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़ ) ilāha
कोई इलाह (बरहक़ ) إِلَّآ मगर illā
मगर أَنتَ तू ही anta
तू ही سُبْحَـٰنَكَ पाक है तू sub'ḥānaka
पाक है तू إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं كُنتُ हूँ मैं kuntu
हूँ मैं مِنَ of mina
of ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़लिमों में से l-ẓālimīna
ज़लिमों में से ٨٧ (87)
(87)
And Dhun-Nun ٱلنُّونِ और मछली वाला l-nūni
और मछली वाला إِذ जब idh
जब ذَّهَبَ वो चला गया dhahaba
वो चला गया مُغَـٰضِبًۭا ग़ज़बनाक हो कर mughāḍiban
ग़ज़बनाक हो कर فَظَنَّ तो उसने समझ लिया faẓanna
तो उसने समझ लिया أَن कि an
कि لَّن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं نَّقْدِرَ हम क़ादिर होंगे naqdira
हम क़ादिर होंगे عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर فَنَادَىٰ तो उसने पुकारा fanādā
तो उसने पुकारा فِى in fī
in ٱلظُّلُمَـٰتِ अँघेरों में l-ẓulumāti
अँघेरों में أَن कि an
कि لَّآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़ ) ilāha
कोई इलाह (बरहक़ ) إِلَّآ मगर illā
मगर أَنتَ तू ही anta
तू ही سُبْحَـٰنَكَ पाक है तू sub'ḥānaka
पाक है तू إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं كُنتُ हूँ मैं kuntu
हूँ मैं مِنَ of mina
of ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़लिमों में से l-ẓālimīna
ज़लिमों में से ٨٧ (87)
(87)
तथा मछली वाले1 (की कहानी याद करो), जब वह ग़ुस्से से भरा हुआ चला गया2 और उसने सोचा कि हम उसे तंगी में नहीं डालेंगे। अंततः उसने अंधेरों में पुकारा कि (ऐ अल्लाह!) तेरे सिवा कोई पूज्य नहीं, तू पवित्र है। निश्चय मैं ही अत्याचारियों में हो गया।3
२१:८८
فَٱسْتَجَبْنَا
तो दुआ क़ुबूल कर ली हमने
fa-is'tajabnā
तो दुआ क़ुबूल कर ली हमने لَهُۥ उसकी lahu
उसकी وَنَجَّيْنَـٰهُ और निजात दी हमने उसे wanajjaynāhu
और निजात दी हमने उसे مِنَ from mina
from ٱلْغَمِّ ۚ ग़म से l-ghami
ग़म से وَكَذَٰلِكَ और इसी तरह wakadhālika
और इसी तरह نُـۨجِى हम निजात दिया करते हैं nunjī
हम निजात दिया करते हैं ٱلْمُؤْمِنِينَ ईमान वालों को l-mu'minīna
ईमान वालों को ٨٨ (88)
(88)
तो दुआ क़ुबूल कर ली हमने لَهُۥ उसकी lahu
उसकी وَنَجَّيْنَـٰهُ और निजात दी हमने उसे wanajjaynāhu
और निजात दी हमने उसे مِنَ from mina
from ٱلْغَمِّ ۚ ग़म से l-ghami
ग़म से وَكَذَٰلِكَ और इसी तरह wakadhālika
और इसी तरह نُـۨجِى हम निजात दिया करते हैं nunjī
हम निजात दिया करते हैं ٱلْمُؤْمِنِينَ ईमान वालों को l-mu'minīna
ईमान वालों को ٨٨ (88)
(88)
तो हमने उनकी दुआ क़बूल की तथा उन्हें शोक से मुक्त कर दिया। और इसी तरह हम ईमान वालों को बचा लिया करते हैं।
२१:८९
وَزَكَرِيَّآ
और ज़करिया
wazakariyyā
और ज़करिया إِذْ जब idh
जब نَادَىٰ उसने पुकारा nādā
उसने पुकारा رَبَّهُۥ अपने रब को rabbahu
अपने रब को رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब لَا (Do) not lā
(Do) not تَذَرْنِى ना तू छोड़ मुझे tadharnī
ना तू छोड़ मुझे فَرْدًۭا अकेला fardan
अकेला وَأَنتَ और तू ही wa-anta
और तू ही خَيْرُ बेहतर है khayru
बेहतर है ٱلْوَٰرِثِينَ सब वारिसों में l-wārithīna
सब वारिसों में ٨٩ (89)
(89)
और ज़करिया إِذْ जब idh
जब نَادَىٰ उसने पुकारा nādā
उसने पुकारा رَبَّهُۥ अपने रब को rabbahu
अपने रब को رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब لَا (Do) not lā
(Do) not تَذَرْنِى ना तू छोड़ मुझे tadharnī
ना तू छोड़ मुझे فَرْدًۭا अकेला fardan
अकेला وَأَنتَ और तू ही wa-anta
और तू ही خَيْرُ बेहतर है khayru
बेहतर है ٱلْوَٰرِثِينَ सब वारिसों में l-wārithīna
सब वारिसों में ٨٩ (89)
(89)
तथा ज़करिया को (याद करो), जब उन्होंने अपने पालनहार को पुकारा : ऐ मेरे पालनहार! मुझे अकेला मत छोड़ और तू सब वारिसों से बेहतर है।
२१:९०
فَٱسْتَجَبْنَا
तो दुआ क़ुबूल कर ली हमने
fa-is'tajabnā
तो दुआ क़ुबूल कर ली हमने لَهُۥ उसकी lahu
उसकी وَوَهَبْنَا और अता किया हमने wawahabnā
और अता किया हमने لَهُۥ उसे lahu
उसे يَحْيَىٰ यहया yaḥyā
यहया وَأَصْلَحْنَا और दुरुस्त कर दी हमने wa-aṣlaḥnā
और दुरुस्त कर दी हमने لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए زَوْجَهُۥٓ ۚ बीवी उसकी zawjahu
बीवी उसकी إِنَّهُمْ यक़ीनन वो innahum
यक़ीनन वो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يُسَـٰرِعُونَ वो जल्दी करते yusāriʿūna
वो जल्दी करते فِى in fī
in ٱلْخَيْرَٰتِ नेकियों में l-khayrāti
नेकियों में وَيَدْعُونَنَا और वो पुकारते थे हमें wayadʿūnanā
और वो पुकारते थे हमें رَغَبًۭا रग़बत raghaban
रग़बत وَرَهَبًۭا ۖ और ख़ौफ़ से warahaban
और ख़ौफ़ से وَكَانُوا۟ और थे वो wakānū
और थे वो لَنَا हमारे ही लिए lanā
हमारे ही लिए خَـٰشِعِينَ ख़ुशूअ करने वाले khāshiʿīna
ख़ुशूअ करने वाले ٩٠ (90)
(90)
तो दुआ क़ुबूल कर ली हमने لَهُۥ उसकी lahu
उसकी وَوَهَبْنَا और अता किया हमने wawahabnā
और अता किया हमने لَهُۥ उसे lahu
उसे يَحْيَىٰ यहया yaḥyā
यहया وَأَصْلَحْنَا और दुरुस्त कर दी हमने wa-aṣlaḥnā
और दुरुस्त कर दी हमने لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए زَوْجَهُۥٓ ۚ बीवी उसकी zawjahu
बीवी उसकी إِنَّهُمْ यक़ीनन वो innahum
यक़ीनन वो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يُسَـٰرِعُونَ वो जल्दी करते yusāriʿūna
वो जल्दी करते فِى in fī
in ٱلْخَيْرَٰتِ नेकियों में l-khayrāti
नेकियों में وَيَدْعُونَنَا और वो पुकारते थे हमें wayadʿūnanā
और वो पुकारते थे हमें رَغَبًۭا रग़बत raghaban
रग़बत وَرَهَبًۭا ۖ और ख़ौफ़ से warahaban
और ख़ौफ़ से وَكَانُوا۟ और थे वो wakānū
और थे वो لَنَا हमारे ही लिए lanā
हमारे ही लिए خَـٰشِعِينَ ख़ुशूअ करने वाले khāshiʿīna
ख़ुशूअ करने वाले ٩٠ (90)
(90)
तो हमने उनकी दुआ क़बूल की और उन्हें यह़या प्रदान किया, और उनकी पत्नी को उनके लिए ठीक कर दिया। निःसंदेह वे नेकी के कामों में बहुत जल्दी करते थे और हमें आशा तथा भय के साथ पुकारते थे, और वे हमसे दीनतापूर्वक विनती करने वाले थे।
२१:९१
وَٱلَّتِىٓ
और उस औरत को
wa-allatī
और उस औरत को أَحْصَنَتْ जिसने हिफ़ाज़त की aḥṣanat
जिसने हिफ़ाज़त की فَرْجَهَا अपनी शर्मगाह की farjahā
अपनी शर्मगाह की فَنَفَخْنَا तो फूँक दिया हमने fanafakhnā
तो फूँक दिया हमने فِيهَا उसमें fīhā
उसमें مِن of min
of رُّوحِنَا अपनी रूह से rūḥinā
अपनी रूह से وَجَعَلْنَـٰهَا और बनाया हमने उसे wajaʿalnāhā
और बनाया हमने उसे وَٱبْنَهَآ और उसके बेटे को wa-ib'nahā
और उसके बेटे को ءَايَةًۭ एक निशानी āyatan
एक निशानी لِّلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहान वालों के लिए lil'ʿālamīna
तमाम जहान वालों के लिए ٩١ (91)
(91)
और उस औरत को أَحْصَنَتْ जिसने हिफ़ाज़त की aḥṣanat
जिसने हिफ़ाज़त की فَرْجَهَا अपनी शर्मगाह की farjahā
अपनी शर्मगाह की فَنَفَخْنَا तो फूँक दिया हमने fanafakhnā
तो फूँक दिया हमने فِيهَا उसमें fīhā
उसमें مِن of min
of رُّوحِنَا अपनी रूह से rūḥinā
अपनी रूह से وَجَعَلْنَـٰهَا और बनाया हमने उसे wajaʿalnāhā
और बनाया हमने उसे وَٱبْنَهَآ और उसके बेटे को wa-ib'nahā
और उसके बेटे को ءَايَةًۭ एक निशानी āyatan
एक निशानी لِّلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहान वालों के लिए lil'ʿālamīna
तमाम जहान वालों के लिए ٩١ (91)
(91)
तथा उस महिला (को याद करो) जिसने अपने सतीत्व की रक्षा की, तो हमने उसमें अपनी रूह से फूँका तथा उसे और उसके पुत्र को संसार वालों के लिए एक बड़ी निशानी बना दिया।1
२१:९२
إِنَّ
यक़ीनन
inna
यक़ीनन هَـٰذِهِۦٓ ये hādhihi
ये أُمَّتُكُمْ उम्मत है तुम्हारी ummatukum
उम्मत है तुम्हारी أُمَّةًۭ उम्मत ummatan
उम्मत وَٰحِدَةًۭ एक ही wāḥidatan
एक ही وَأَنَا۠ और मैं wa-anā
और मैं رَبُّكُمْ रब हूँ तुम्हारा rabbukum
रब हूँ तुम्हारा فَٱعْبُدُونِ पस इबादत करो मेरी fa-uʿ'budūni
पस इबादत करो मेरी ٩٢ (92)
(92)
यक़ीनन هَـٰذِهِۦٓ ये hādhihi
ये أُمَّتُكُمْ उम्मत है तुम्हारी ummatukum
उम्मत है तुम्हारी أُمَّةًۭ उम्मत ummatan
उम्मत وَٰحِدَةًۭ एक ही wāḥidatan
एक ही وَأَنَا۠ और मैं wa-anā
और मैं رَبُّكُمْ रब हूँ तुम्हारा rabbukum
रब हूँ तुम्हारा فَٱعْبُدُونِ पस इबादत करो मेरी fa-uʿ'budūni
पस इबादत करो मेरी ٩٢ (92)
(92)
निःसंदेह यह है तुम्हारी उम्मत (धर्म) जो एक ही उम्मत (धर्म)1 है, और मैं ही तुम्हारा पालनहार (पूज्य) हूँ। अतः मेरी इबादत करो।
२१:९३
وَتَقَطَّعُوٓا۟
और उन्होंने टुकड़े-टुकड़े कर डाला
wataqaṭṭaʿū
और उन्होंने टुकड़े-टुकड़े कर डाला أَمْرَهُم अपने काम (दीन ) को amrahum
अपने काम (दीन ) को بَيْنَهُمْ ۖ आपस में baynahum
आपस में كُلٌّ सब के सब kullun
सब के सब إِلَيْنَا तरफ़ हमारे ilaynā
तरफ़ हमारे رَٰجِعُونَ लौटने वाले हैं rājiʿūna
लौटने वाले हैं ٩٣ (93)
(93)
और उन्होंने टुकड़े-टुकड़े कर डाला أَمْرَهُم अपने काम (दीन ) को amrahum
अपने काम (दीन ) को بَيْنَهُمْ ۖ आपस में baynahum
आपस में كُلٌّ सब के सब kullun
सब के सब إِلَيْنَا तरफ़ हमारे ilaynā
तरफ़ हमारे رَٰجِعُونَ लौटने वाले हैं rājiʿūna
लौटने वाले हैं ٩٣ (93)
(93)
और वे अपने धर्म के मामले में आपस में टुकड़े-टुकड़े हो गए। सब हमारी ही ओर लोटने वाले हैं।
२१:९४
فَمَن
तो जो कोई
faman
तो जो कोई يَعْمَلْ अमल करेगा yaʿmal
अमल करेगा مِنَ [of] mina
[of] ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेकियों में से l-ṣāliḥāti
नेकियों में से وَهُوَ जबकि वो wahuwa
जबकि वो مُؤْمِنٌۭ मोमिन हो mu'minun
मोमिन हो فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं كُفْرَانَ कोई नाक़दरी kuf'rāna
कोई नाक़दरी لِسَعْيِهِۦ उसकी कोशिश की lisaʿyihi
उसकी कोशिश की وَإِنَّا और बेशक हम wa-innā
और बेशक हम لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए كَـٰتِبُونَ लिखने वाले हैं kātibūna
लिखने वाले हैं ٩٤ (94)
(94)
तो जो कोई يَعْمَلْ अमल करेगा yaʿmal
अमल करेगा مِنَ [of] mina
[of] ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेकियों में से l-ṣāliḥāti
नेकियों में से وَهُوَ जबकि वो wahuwa
जबकि वो مُؤْمِنٌۭ मोमिन हो mu'minun
मोमिन हो فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं كُفْرَانَ कोई नाक़दरी kuf'rāna
कोई नाक़दरी لِسَعْيِهِۦ उसकी कोशिश की lisaʿyihi
उसकी कोशिश की وَإِنَّا और बेशक हम wa-innā
और बेशक हम لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए كَـٰتِبُونَ लिखने वाले हैं kātibūna
लिखने वाले हैं ٩٤ (94)
(94)
अतः जो व्यक्ति अच्छे काम करे और वह मोमिन हो, तो उसके प्रयास की उपेक्षा नहीं की जाएगी और निश्चय हम उसके लिए लिखने वाले हैं।
२१:९५
وَحَرَٰمٌ
और लाज़िम है
waḥarāmun
और लाज़िम है عَلَىٰ upon ʿalā
upon قَرْيَةٍ बस्ती (वालों ) पर qaryatin
बस्ती (वालों ) पर أَهْلَكْنَـٰهَآ हलाक कर दिया हमने जिसे ahlaknāhā
हलाक कर दिया हमने जिसे أَنَّهُمْ कि बेशक वो annahum
कि बेशक वो لَا not lā
not يَرْجِعُونَ नहीं वो लौटेंगे yarjiʿūna
नहीं वो लौटेंगे ٩٥ (95)
(95)
और लाज़िम है عَلَىٰ upon ʿalā
upon قَرْيَةٍ बस्ती (वालों ) पर qaryatin
बस्ती (वालों ) पर أَهْلَكْنَـٰهَآ हलाक कर दिया हमने जिसे ahlaknāhā
हलाक कर दिया हमने जिसे أَنَّهُمْ कि बेशक वो annahum
कि बेशक वो لَا not lā
not يَرْجِعُونَ नहीं वो लौटेंगे yarjiʿūna
नहीं वो लौटेंगे ٩٥ (95)
(95)
तथा जिस बस्ती को हम विनष्ट1 कर दें, उसके लिए असंभव है कि वह फिर (संसार में) लौट आए।
२१:९६
حَتَّىٰٓ
यहाँ तक कि
ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब فُتِحَتْ खोले जाऐंगे futiḥat
खोले जाऐंगे يَأْجُوجُ याजूज yajūju
याजूज وَمَأْجُوجُ और माजूज wamajūju
और माजूज وَهُم और वो wahum
और वो مِّن from min
from كُلِّ every kulli
every حَدَبٍۢ हर बुलन्दी से ḥadabin
हर बुलन्दी से يَنسِلُونَ वो तेज़ चल पड़ेंगे yansilūna
वो तेज़ चल पड़ेंगे ٩٦ (96)
(96)
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब فُتِحَتْ खोले जाऐंगे futiḥat
खोले जाऐंगे يَأْجُوجُ याजूज yajūju
याजूज وَمَأْجُوجُ और माजूज wamajūju
और माजूज وَهُم और वो wahum
और वो مِّن from min
from كُلِّ every kulli
every حَدَبٍۢ हर बुलन्दी से ḥadabin
हर बुलन्दी से يَنسِلُونَ वो तेज़ चल पड़ेंगे yansilūna
वो तेज़ चल पड़ेंगे ٩٦ (96)
(96)
यहाँ तक कि जब याजूज और माजूज1 खोल दिए जाएँगे और वे प्रत्येक ऊँची जगह से दौड़ते हुए आएँगे।
२१:९७
وَٱقْتَرَبَ
और क़रीब आ जाएगा
wa-iq'taraba
और क़रीब आ जाएगा ٱلْوَعْدُ वादा l-waʿdu
वादा ٱلْحَقُّ सच्चा l-ḥaqu
सच्चा فَإِذَا तो अचानक fa-idhā
तो अचानक هِىَ वो hiya
वो شَـٰخِصَةٌ खली की खुली रह जाऐंगी shākhiṣatun
खली की खुली रह जाऐंगी أَبْصَـٰرُ आँखें abṣāru
आँखें ٱلَّذِينَ उनकी जिन्होंने alladhīna
उनकी जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया يَـٰوَيْلَنَا हाय अफ़सोस हम पर yāwaylanā
हाय अफ़सोस हम पर قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ كُنَّا थे हम kunnā
थे हम فِى in fī
in غَفْلَةٍۢ ग़फ़्लत में ghaflatin
ग़फ़्लत में مِّنْ of min
of هَـٰذَا इससे hādhā
इससे بَلْ बल्कि bal
बल्कि كُنَّا थे हम ही kunnā
थे हम ही ظَـٰلِمِينَ ज़ालिम ẓālimīna
ज़ालिम ٩٧ (97)
(97)
और क़रीब आ जाएगा ٱلْوَعْدُ वादा l-waʿdu
वादा ٱلْحَقُّ सच्चा l-ḥaqu
सच्चा فَإِذَا तो अचानक fa-idhā
तो अचानक هِىَ वो hiya
वो شَـٰخِصَةٌ खली की खुली रह जाऐंगी shākhiṣatun
खली की खुली रह जाऐंगी أَبْصَـٰرُ आँखें abṣāru
आँखें ٱلَّذِينَ उनकी जिन्होंने alladhīna
उनकी जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया يَـٰوَيْلَنَا हाय अफ़सोस हम पर yāwaylanā
हाय अफ़सोस हम पर قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ كُنَّا थे हम kunnā
थे हम فِى in fī
in غَفْلَةٍۢ ग़फ़्लत में ghaflatin
ग़फ़्लत में مِّنْ of min
of هَـٰذَا इससे hādhā
इससे بَلْ बल्कि bal
बल्कि كُنَّا थे हम ही kunnā
थे हम ही ظَـٰلِمِينَ ज़ालिम ẓālimīna
ज़ालिम ٩٧ (97)
(97)
और सच्चा वादा1 क़रीब आ जाएगा, तो अचानक यह होगा कि उन लोगों की आँखें खुली रह जाएँगी, जिन्होंने कुफ़्र किया। (वे कहेंगे :) हाय हमारा विनाश! निःसंदेह हम इससे ग़फ़लत में थे, बल्कि हम अत्याचारी थे।
२१:९८
إِنَّكُمْ
बेशक तुम
innakum
बेशक तुम وَمَا और जिनकी wamā
और जिनकी تَعْبُدُونَ तुम इबादत करते हो taʿbudūna
तुम इबादत करते हो مِن besides Allah min
besides Allah دُونِ सिवाए dūni
सिवाए ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के حَصَبُ ईंधन होंगे ḥaṣabu
ईंधन होंगे جَهَنَّمَ जहन्नम का jahannama
जहन्नम का أَنتُمْ तुम antum
तुम لَهَا उसी पर lahā
उसी पर وَٰرِدُونَ वारिद/दाख़िल होने वाले हो wāridūna
वारिद/दाख़िल होने वाले हो ٩٨ (98)
(98)
बेशक तुम وَمَا और जिनकी wamā
और जिनकी تَعْبُدُونَ तुम इबादत करते हो taʿbudūna
तुम इबादत करते हो مِن besides Allah min
besides Allah دُونِ सिवाए dūni
सिवाए ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के حَصَبُ ईंधन होंगे ḥaṣabu
ईंधन होंगे جَهَنَّمَ जहन्नम का jahannama
जहन्नम का أَنتُمْ तुम antum
तुम لَهَا उसी पर lahā
उसी पर وَٰرِدُونَ वारिद/दाख़िल होने वाले हो wāridūna
वारिद/दाख़िल होने वाले हो ٩٨ (98)
(98)
निःसंदेह तुम और जिन्हें तुम अल्लाह को छोड़कर पूजते हो, नरक का ईंधन हैं। तुम उसी में दाखिल होने वाले हो।
२१:९९
لَوْ
अगर
law
अगर كَانَ होते kāna
होते هَـٰٓؤُلَآءِ ये hāulāi
ये ءَالِهَةًۭ इलाह ālihatan
इलाह مَّا ना mā
ना وَرَدُوهَا ۖ वो वारिद होते उसमें waradūhā
वो वारिद होते उसमें وَكُلٌّۭ और सब के सब wakullun
और सब के सब فِيهَا उसमें fīhā
उसमें خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं ٩٩ (99)
(99)
अगर كَانَ होते kāna
होते هَـٰٓؤُلَآءِ ये hāulāi
ये ءَالِهَةًۭ इलाह ālihatan
इलाह مَّا ना mā
ना وَرَدُوهَا ۖ वो वारिद होते उसमें waradūhā
वो वारिद होते उसमें وَكُلٌّۭ और सब के सब wakullun
और सब के सब فِيهَا उसमें fīhā
उसमें خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं ٩٩ (99)
(99)
यदि ये पूज्य होते, तो उस (नरक) में प्रवेश न करते। और ये सब उसी में सदैव रहने वाले हैं।
२१:१००
لَهُمْ
उनके लिए
lahum
उनके लिए فِيهَا उसमें fīhā
उसमें زَفِيرٌۭ चिल्लाना होगा zafīrun
चिल्लाना होगा وَهُمْ और वो wahum
और वो فِيهَا उसमें fīhā
उसमें لَا not lā
not يَسْمَعُونَ ना वो सुनेंगे yasmaʿūna
ना वो सुनेंगे ١٠٠ (100)
(100)
उनके लिए فِيهَا उसमें fīhā
उसमें زَفِيرٌۭ चिल्लाना होगा zafīrun
चिल्लाना होगा وَهُمْ और वो wahum
और वो فِيهَا उसमें fīhā
उसमें لَا not lā
not يَسْمَعُونَ ना वो सुनेंगे yasmaʿūna
ना वो सुनेंगे ١٠٠ (100)
(100)
उनकी साँस चढ़ी होगी (तेज़ साँसें निकलेंगी) तथा वे उसमें (कुछ) नहीं सुन सकेंगे।
२१:१०१
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो लोग alladhīna
वो लोग سَبَقَتْ पहले तय हो गई sabaqat
पहले तय हो गई لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مِّنَّا हमारी तरफ़ से minnā
हमारी तरफ़ से ٱلْحُسْنَىٰٓ भलाई l-ḥus'nā
भलाई أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं عَنْهَا उससे ʿanhā
उससे مُبْعَدُونَ दूर रखे जाने वाले mub'ʿadūna
दूर रखे जाने वाले ١٠١ (101)
(101)
बेशक ٱلَّذِينَ वो लोग alladhīna
वो लोग سَبَقَتْ पहले तय हो गई sabaqat
पहले तय हो गई لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए مِّنَّا हमारी तरफ़ से minnā
हमारी तरफ़ से ٱلْحُسْنَىٰٓ भलाई l-ḥus'nā
भलाई أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं عَنْهَا उससे ʿanhā
उससे مُبْعَدُونَ दूर रखे जाने वाले mub'ʿadūna
दूर रखे जाने वाले ١٠١ (101)
(101)
निःसंदेह वे लोग जिनके लिए हमारी ओर से पहले भलाई का निर्णय हो चुका है, वे उससे दूर रखे गए होंगे।
२१:१०२
لَا
Not
lā
Not يَسْمَعُونَ नहीं वो सुनेंगे yasmaʿūna
नहीं वो सुनेंगे حَسِيسَهَا ۖ उसकी आहट को ḥasīsahā
उसकी आहट को وَهُمْ और वो wahum
और वो فِى in fī
in مَا उसमें जो mā
उसमें जो ٱشْتَهَتْ ख़्वाहिश करेंगे ish'tahat
ख़्वाहिश करेंगे أَنفُسُهُمْ नफ़्स उनके anfusuhum
नफ़्स उनके خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं ١٠٢ (102)
(102)
Not يَسْمَعُونَ नहीं वो सुनेंगे yasmaʿūna
नहीं वो सुनेंगे حَسِيسَهَا ۖ उसकी आहट को ḥasīsahā
उसकी आहट को وَهُمْ और वो wahum
और वो فِى in fī
in مَا उसमें जो mā
उसमें जो ٱشْتَهَتْ ख़्वाहिश करेंगे ish'tahat
ख़्वाहिश करेंगे أَنفُسُهُمْ नफ़्स उनके anfusuhum
नफ़्स उनके خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं ١٠٢ (102)
(102)
वे उस (जहन्नम) की आहट भी नहीं सुनेंगे, और वे अपनी मनचाही चीज़ों में सदा रहने वाले हैं।
२१:१०३
لَا
Not
lā
Not يَحْزُنُهُمُ ना ग़मगीन करेगी उन्हें yaḥzunuhumu
ना ग़मगीन करेगी उन्हें ٱلْفَزَعُ घबराहट l-fazaʿu
घबराहट ٱلْأَكْبَرُ बड़ी l-akbaru
बड़ी وَتَتَلَقَّىٰهُمُ और इस्तक़बाल करेंगे उनका watatalaqqāhumu
और इस्तक़बाल करेंगे उनका ٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ फ़रिश्ते l-malāikatu
फ़रिश्ते هَـٰذَا ये है hādhā
ये है يَوْمُكُمُ दिन तुम्हारा yawmukumu
दिन तुम्हारा ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تُوعَدُونَ तुम वादा दिए जाते tūʿadūna
तुम वादा दिए जाते ١٠٣ (103)
(103)
Not يَحْزُنُهُمُ ना ग़मगीन करेगी उन्हें yaḥzunuhumu
ना ग़मगीन करेगी उन्हें ٱلْفَزَعُ घबराहट l-fazaʿu
घबराहट ٱلْأَكْبَرُ बड़ी l-akbaru
बड़ी وَتَتَلَقَّىٰهُمُ और इस्तक़बाल करेंगे उनका watatalaqqāhumu
और इस्तक़बाल करेंगे उनका ٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ फ़रिश्ते l-malāikatu
फ़रिश्ते هَـٰذَا ये है hādhā
ये है يَوْمُكُمُ दिन तुम्हारा yawmukumu
दिन तुम्हारा ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تُوعَدُونَ तुम वादा दिए जाते tūʿadūna
तुम वादा दिए जाते ١٠٣ (103)
(103)
उन्हें सबसे बड़ी घबराहट दुःखित नहीं करेगी, तथा फ़रिश्ते उनका स्वागत करेंगे (और कहेंगे :) यह है तुम्हारा वह दिन, जिसका तुम्हें वचन दिया जाता था।
२१:१०४
يَوْمَ
जिस दिन
yawma
जिस दिन نَطْوِى हम लपेट देंगे naṭwī
हम लपेट देंगे ٱلسَّمَآءَ आसमान को l-samāa
आसमान को كَطَىِّ मानिन्द लपेटना kaṭayyi
मानिन्द लपेटना ٱلسِّجِلِّ तूमार के (औराक़ को ) l-sijili
तूमार के (औराक़ को ) لِلْكُتُبِ ۚ किताबों के लिए lil'kutubi
किताबों के लिए كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि بَدَأْنَآ इब्तिदा की हमने badanā
इब्तिदा की हमने أَوَّلَ पहली awwala
पहली خَلْقٍۢ पैदाइश की khalqin
पैदाइश की نُّعِيدُهُۥ ۚ हम एआदा करेंगे उसका nuʿīduhu
हम एआदा करेंगे उसका وَعْدًا वादा है waʿdan
वादा है عَلَيْنَآ ۚ हमारे ज़िम्मे ʿalaynā
हमारे ज़िम्मे إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम كُنَّا हैं हम kunnā
हैं हम فَـٰعِلِينَ करने वाले fāʿilīna
करने वाले ١٠٤ (104)
(104)
जिस दिन نَطْوِى हम लपेट देंगे naṭwī
हम लपेट देंगे ٱلسَّمَآءَ आसमान को l-samāa
आसमान को كَطَىِّ मानिन्द लपेटना kaṭayyi
मानिन्द लपेटना ٱلسِّجِلِّ तूमार के (औराक़ को ) l-sijili
तूमार के (औराक़ को ) لِلْكُتُبِ ۚ किताबों के लिए lil'kutubi
किताबों के लिए كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि بَدَأْنَآ इब्तिदा की हमने badanā
इब्तिदा की हमने أَوَّلَ पहली awwala
पहली خَلْقٍۢ पैदाइश की khalqin
पैदाइश की نُّعِيدُهُۥ ۚ हम एआदा करेंगे उसका nuʿīduhu
हम एआदा करेंगे उसका وَعْدًا वादा है waʿdan
वादा है عَلَيْنَآ ۚ हमारे ज़िम्मे ʿalaynā
हमारे ज़िम्मे إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम كُنَّا हैं हम kunnā
हैं हम فَـٰعِلِينَ करने वाले fāʿilīna
करने वाले ١٠٤ (104)
(104)
जिस दिन हम आकाश को पंजिका के पन्नों को लपेटने की तरह लपेट1 देंगे। जिस तरह हमने प्रथम सृष्टि का आरंभ किया, (उसी तरह) हम उसे लौटाएँगे।2 यह हमारे ज़िम्मे वादा है। निश्चय हम इसे पूरा करने वाले हैं।
२१:१०५
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ كَتَبْنَا लिख दिया हमने katabnā
लिख दिया हमने فِى in fī
in ٱلزَّبُورِ ज़बूर में l-zabūri
ज़बूर में مِنۢ after min
after بَعْدِ after baʿdi
after ٱلذِّكْرِ बाद ज़िक्र के l-dhik'ri
बाद ज़िक्र के أَنَّ कि बेशक anna
कि बेशक ٱلْأَرْضَ ज़मीन l-arḍa
ज़मीन يَرِثُهَا वारिस होंगे उसके yarithuhā
वारिस होंगे उसके عِبَادِىَ मेरे बन्दे ʿibādiya
मेरे बन्दे ٱلصَّـٰلِحُونَ जो नेक हैं l-ṣāliḥūna
जो नेक हैं ١٠٥ (105)
(105)
और अलबत्ता तहक़ीक़ كَتَبْنَا लिख दिया हमने katabnā
लिख दिया हमने فِى in fī
in ٱلزَّبُورِ ज़बूर में l-zabūri
ज़बूर में مِنۢ after min
after بَعْدِ after baʿdi
after ٱلذِّكْرِ बाद ज़िक्र के l-dhik'ri
बाद ज़िक्र के أَنَّ कि बेशक anna
कि बेशक ٱلْأَرْضَ ज़मीन l-arḍa
ज़मीन يَرِثُهَا वारिस होंगे उसके yarithuhā
वारिस होंगे उसके عِبَادِىَ मेरे बन्दे ʿibādiya
मेरे बन्दे ٱلصَّـٰلِحُونَ जो नेक हैं l-ṣāliḥūna
जो नेक हैं ١٠٥ (105)
(105)
तथा निःसंदेह हमने 'लौहे महफ़ूज़' (में लिखने) के बाद अवतरित पुस्तकों1 में लिख दिया कि धरती के उत्तराधिकारी मेरे सदाचारी बंदे होंगे।
२१:१०६
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक فِى in fī
in هَـٰذَا उसमें hādhā
उसमें لَبَلَـٰغًۭا अलबत्ता एक बड़ी ख़बर है labalāghan
अलबत्ता एक बड़ी ख़बर है لِّقَوْمٍ उस क़ौम के लिए liqawmin
उस क़ौम के लिए عَـٰبِدِينَ जो इबादत गुज़ार है ʿābidīna
जो इबादत गुज़ार है ١٠٦ (106)
(106)
बेशक فِى in fī
in هَـٰذَا उसमें hādhā
उसमें لَبَلَـٰغًۭا अलबत्ता एक बड़ी ख़बर है labalāghan
अलबत्ता एक बड़ी ख़बर है لِّقَوْمٍ उस क़ौम के लिए liqawmin
उस क़ौम के लिए عَـٰبِدِينَ जो इबादत गुज़ार है ʿābidīna
जो इबादत गुज़ार है ١٠٦ (106)
(106)
निःसंदेह इबादत करने वालों के लिए इसमें एक बड़ा संदेश है।
२१:१०७
وَمَآ
और नहीं
wamā
और नहीं أَرْسَلْنَـٰكَ भेजा हमने आपको arsalnāka
भेजा हमने आपको إِلَّا मगर illā
मगर رَحْمَةًۭ रहमत बना कर raḥmatan
रहमत बना कर لِّلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहान वालों के लिए lil'ʿālamīna
तमाम जहान वालों के लिए ١٠٧ (107)
(107)
और नहीं أَرْسَلْنَـٰكَ भेजा हमने आपको arsalnāka
भेजा हमने आपको إِلَّا मगर illā
मगर رَحْمَةًۭ रहमत बना कर raḥmatan
रहमत बना कर لِّلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहान वालों के लिए lil'ʿālamīna
तमाम जहान वालों के लिए ١٠٧ (107)
(107)
और (ऐ नबी!) हमने आपको समस्त संसार के लिए दया1 बनाकर भेजा है।
२१:१०८
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए إِنَّمَا कि बेशक innamā
कि बेशक يُوحَىٰٓ वही की जाती है yūḥā
वही की जाती है إِلَىَّ मेरी तरफ़ ilayya
मेरी तरफ़ أَنَّمَآ बेशक annamā
बेशक إِلَـٰهُكُمْ इलाह तुम्हारा ilāhukum
इलाह तुम्हारा إِلَـٰهٌۭ इलाह है ilāhun
इलाह है وَٰحِدٌۭ ۖ एक ही wāḥidun
एक ही فَهَلْ तो क्या fahal
तो क्या أَنتُم तुम antum
तुम مُّسْلِمُونَ फ़रमांबरदार हो mus'limūna
फ़रमांबरदार हो ١٠٨ (108)
(108)
कह दीजिए إِنَّمَا कि बेशक innamā
कि बेशक يُوحَىٰٓ वही की जाती है yūḥā
वही की जाती है إِلَىَّ मेरी तरफ़ ilayya
मेरी तरफ़ أَنَّمَآ बेशक annamā
बेशक إِلَـٰهُكُمْ इलाह तुम्हारा ilāhukum
इलाह तुम्हारा إِلَـٰهٌۭ इलाह है ilāhun
इलाह है وَٰحِدٌۭ ۖ एक ही wāḥidun
एक ही فَهَلْ तो क्या fahal
तो क्या أَنتُم तुम antum
तुम مُّسْلِمُونَ फ़रमांबरदार हो mus'limūna
फ़रमांबरदार हो ١٠٨ (108)
(108)
(ऐ रसूल!) आप कह दें कि मेरी ओर केवल यही वह़्य की जाती है कि तुम्हारा पूज्य केवल एक ही पूज्य है। तो क्या तुम आज्ञाकारी1 बनते हो?
२१:१०९
فَإِن
फिर अगर
fa-in
फिर अगर تَوَلَّوْا۟ वो मुँह मोड़ लें tawallaw
वो मुँह मोड़ लें فَقُلْ तो कह दीजिए faqul
तो कह दीजिए ءَاذَنتُكُمْ ख़बरदार कर दिया मैं ने तुम्हें ādhantukum
ख़बरदार कर दिया मैं ने तुम्हें عَلَىٰ equally ʿalā
equally سَوَآءٍۢ ۖ यक्साँ तौर पर sawāin
यक्साँ तौर पर وَإِنْ और नहीं wa-in
और नहीं أَدْرِىٓ मैं जानता adrī
मैं जानता أَقَرِيبٌ क्या क़रीब है aqarībun
क्या क़रीब है أَم या am
या بَعِيدٌۭ दूर है baʿīdun
दूर है مَّا जो mā
जो تُوعَدُونَ तुम वादा दिए जाते हो tūʿadūna
तुम वादा दिए जाते हो ١٠٩ (109)
(109)
फिर अगर تَوَلَّوْا۟ वो मुँह मोड़ लें tawallaw
वो मुँह मोड़ लें فَقُلْ तो कह दीजिए faqul
तो कह दीजिए ءَاذَنتُكُمْ ख़बरदार कर दिया मैं ने तुम्हें ādhantukum
ख़बरदार कर दिया मैं ने तुम्हें عَلَىٰ equally ʿalā
equally سَوَآءٍۢ ۖ यक्साँ तौर पर sawāin
यक्साँ तौर पर وَإِنْ और नहीं wa-in
और नहीं أَدْرِىٓ मैं जानता adrī
मैं जानता أَقَرِيبٌ क्या क़रीब है aqarībun
क्या क़रीब है أَم या am
या بَعِيدٌۭ दूर है baʿīdun
दूर है مَّا जो mā
जो تُوعَدُونَ तुम वादा दिए जाते हो tūʿadūna
तुम वादा दिए जाते हो ١٠٩ (109)
(109)
फिर अगर वे मुँह फेरें, तो (ऐ रसूल!) आप कह दें कि मैंने तुम्हें इस प्रकार सावधान1 कर दिया है कि (हम और तुम इसकी जानकारी में) बराबर हैं। और मैं नहीं जानता कि जिस (यातना) का तुम्हें वचन दिया जा रहा है, वह क़रीब है अथवा दूर।
२१:११०
إِنَّهُۥ
बेशक वो
innahu
बेशक वो يَعْلَمُ वो जानता है yaʿlamu
वो जानता है ٱلْجَهْرَ ज़ाहिर को l-jahra
ज़ाहिर को مِنَ [of] mina
[of] ٱلْقَوْلِ बात में से l-qawli
बात में से وَيَعْلَمُ और वो जानता है wayaʿlamu
और वो जानता है مَا उस को जो mā
उस को जो تَكْتُمُونَ तुम छुपाते हो taktumūna
तुम छुपाते हो ١١٠ (110)
(110)
बेशक वो يَعْلَمُ वो जानता है yaʿlamu
वो जानता है ٱلْجَهْرَ ज़ाहिर को l-jahra
ज़ाहिर को مِنَ [of] mina
[of] ٱلْقَوْلِ बात में से l-qawli
बात में से وَيَعْلَمُ और वो जानता है wayaʿlamu
और वो जानता है مَا उस को जो mā
उस को जो تَكْتُمُونَ तुम छुपाते हो taktumūna
तुम छुपाते हो ١١٠ (110)
(110)
निःसंदेह वह ऊँची आवाज़ से कही हुई बात को जानता है और वह भी जानता है जो तुम छिपाते हो।
२१:१११
وَإِنْ
और नहीं
wa-in
और नहीं أَدْرِى मैं जानता adrī
मैं जानता لَعَلَّهُۥ शायद कि वो laʿallahu
शायद कि वो فِتْنَةٌۭ फ़ितना हो fit'natun
फ़ितना हो لَّكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَمَتَـٰعٌ और फ़ायदा उठाना wamatāʿun
और फ़ायदा उठाना إِلَىٰ for ilā
for حِينٍۢ एक मुद्दत तक ḥīnin
एक मुद्दत तक ١١١ (111)
(111)
और नहीं أَدْرِى मैं जानता adrī
मैं जानता لَعَلَّهُۥ शायद कि वो laʿallahu
शायद कि वो فِتْنَةٌۭ फ़ितना हो fit'natun
फ़ितना हो لَّكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَمَتَـٰعٌ और फ़ायदा उठाना wamatāʿun
और फ़ायदा उठाना إِلَىٰ for ilā
for حِينٍۢ एक मुद्दत तक ḥīnin
एक मुद्दत तक ١١١ (111)
(111)
और मैं नहीं जानता शायद यह1 तुम्हारे लिए एक परीक्षा हो और एक समय तक कुछ लाभ उठाना हो।
२१:११२
قَـٰلَ
कहा
qāla
कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब ٱحْكُم फ़ैसला कर दे uḥ'kum
फ़ैसला कर दे بِٱلْحَقِّ ۗ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के وَرَبُّنَا और रब तुम्हारा warabbunā
और रब तुम्हारा ٱلرَّحْمَـٰنُ रहमान है l-raḥmānu
रहमान है ٱلْمُسْتَعَانُ जिससे मदद तलब की जाती है l-mus'taʿānu
जिससे मदद तलब की जाती है عَلَىٰ उस पर ʿalā
उस पर مَا जो mā
जो تَصِفُونَ तुम बयान करते हो taṣifūna
तुम बयान करते हो ١١٢ (112)
(112)
कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब ٱحْكُم फ़ैसला कर दे uḥ'kum
फ़ैसला कर दे بِٱلْحَقِّ ۗ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के وَرَبُّنَا और रब तुम्हारा warabbunā
और रब तुम्हारा ٱلرَّحْمَـٰنُ रहमान है l-raḥmānu
रहमान है ٱلْمُسْتَعَانُ जिससे मदद तलब की जाती है l-mus'taʿānu
जिससे मदद तलब की जाती है عَلَىٰ उस पर ʿalā
उस पर مَا जो mā
जो تَصِفُونَ तुम बयान करते हो taṣifūna
तुम बयान करते हो ١١٢ (112)
(112)
उस (नबी) ने कहा : ऐ मेरे पालनहार! सत्य के साथ फ़ैसला कर दे। और हमारा पालनहार ही वह अत्यंत दयावान् है, जिससे उन बोतों पर सहायता माँगी जाती है, जो तुम बयान करते हो।