८२
अल-इन्फ़ितार
الإنفطار
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
८२:१
إِذَا
जब
idhā
जब ٱلسَّمَآءُ आसमान l-samāu
आसमान ٱنفَطَرَتْ फट जाएगा infaṭarat
फट जाएगा ١ (1)
(1)
जब ٱلسَّمَآءُ आसमान l-samāu
आसमान ٱنفَطَرَتْ फट जाएगा infaṭarat
फट जाएगा ١ (1)
(1)
जब आकाश फट जाएगा।
८२:२
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब ٱلْكَوَاكِبُ सितारे l-kawākibu
सितारे ٱنتَثَرَتْ बिखर जाऐंगे intatharat
बिखर जाऐंगे ٢ (2)
(2)
और जब ٱلْكَوَاكِبُ सितारे l-kawākibu
सितारे ٱنتَثَرَتْ बिखर जाऐंगे intatharat
बिखर जाऐंगे ٢ (2)
(2)
तथा जब तारे झड़ जाएँगे।
८२:३
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब ٱلْبِحَارُ समुन्दर l-biḥāru
समुन्दर فُجِّرَتْ फाड़ दिए जाऐंगे fujjirat
फाड़ दिए जाऐंगे ٣ (3)
(3)
और जब ٱلْبِحَارُ समुन्दर l-biḥāru
समुन्दर فُجِّرَتْ फाड़ दिए जाऐंगे fujjirat
फाड़ दिए जाऐंगे ٣ (3)
(3)
और जब समुद्र बह निकलेंगे।
८२:४
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब ٱلْقُبُورُ क़ब्रें l-qubūru
क़ब्रें بُعْثِرَتْ खोल दी जाऐंगी buʿ'thirat
खोल दी जाऐंगी ٤ (4)
(4)
और जब ٱلْقُبُورُ क़ब्रें l-qubūru
क़ब्रें بُعْثِرَتْ खोल दी जाऐंगी buʿ'thirat
खोल दी जाऐंगी ٤ (4)
(4)
और जब क़बरें उलट दी जाएँगी।
८२:५
عَلِمَتْ
जान लेगा
ʿalimat
जान लेगा نَفْسٌۭ हर नफ़्स nafsun
हर नफ़्स مَّا जो mā
जो قَدَّمَتْ उसने आगे भेजा qaddamat
उसने आगे भेजा وَأَخَّرَتْ और जो उसने पीछे छोड़ा wa-akharat
और जो उसने पीछे छोड़ा ٥ (5)
(5)
जान लेगा نَفْسٌۭ हर नफ़्स nafsun
हर नफ़्स مَّا जो mā
जो قَدَّمَتْ उसने आगे भेजा qaddamat
उसने आगे भेजा وَأَخَّرَتْ और जो उसने पीछे छोड़ा wa-akharat
और जो उसने पीछे छोड़ा ٥ (5)
(5)
तब प्रत्येक प्राणी जान लेगा, जो उसने आगे भेजा और जो पीछे छोड़ा।1
८२:६
يَـٰٓأَيُّهَا
ऐ
yāayyuhā
ऐ ٱلْإِنسَـٰنُ इन्सान l-insānu
इन्सान مَا किस चीज़ ने mā
किस चीज़ ने غَرَّكَ धोके में डाला तुझे gharraka
धोके में डाला तुझे بِرَبِّكَ तेरे रब के बारे में birabbika
तेरे रब के बारे में ٱلْكَرِيمِ जो बहुत इज़्ज़त वाला है l-karīmi
जो बहुत इज़्ज़त वाला है ٦ (6)
(6)
ऐ ٱلْإِنسَـٰنُ इन्सान l-insānu
इन्सान مَا किस चीज़ ने mā
किस चीज़ ने غَرَّكَ धोके में डाला तुझे gharraka
धोके में डाला तुझे بِرَبِّكَ तेरे रब के बारे में birabbika
तेरे रब के बारे में ٱلْكَرِيمِ जो बहुत इज़्ज़त वाला है l-karīmi
जो बहुत इज़्ज़त वाला है ٦ (6)
(6)
ऐ इनसान! तुझे किस चीज़ ने तेरे उदार पालनहार से बहका दिया?
८२:७
ٱلَّذِى
वो जिसने
alladhī
वो जिसने خَلَقَكَ पैदा किया तुझे khalaqaka
पैदा किया तुझे فَسَوَّىٰكَ फिर उसने दुरुस्त किया तुझे fasawwāka
फिर उसने दुरुस्त किया तुझे فَعَدَلَكَ फिर उसने बराबर किया तुझे faʿadalaka
फिर उसने बराबर किया तुझे ٧ (7)
(7)
वो जिसने خَلَقَكَ पैदा किया तुझे khalaqaka
पैदा किया तुझे فَسَوَّىٰكَ फिर उसने दुरुस्त किया तुझे fasawwāka
फिर उसने दुरुस्त किया तुझे فَعَدَلَكَ फिर उसने बराबर किया तुझे faʿadalaka
फिर उसने बराबर किया तुझे ٧ (7)
(7)
जिसने तेरी रचना की, फिर तुझे ठीक ठाक किया, फिर तुझे संतुलित बनाया।
८२:८
فِىٓ
In
fī
In أَىِّ whatever ayyi
whatever صُورَةٍۢ जिस सूरत में ṣūratin
जिस सूरत में مَّا जो mā
जो شَآءَ उसने चाहा shāa
उसने चाहा رَكَّبَكَ उसने जोड़ दिया तुझे rakkabaka
उसने जोड़ दिया तुझे ٨ (8)
(8)
In أَىِّ whatever ayyi
whatever صُورَةٍۢ जिस सूरत में ṣūratin
जिस सूरत में مَّا जो mā
जो شَآءَ उसने चाहा shāa
उसने चाहा رَكَّبَكَ उसने जोड़ दिया तुझे rakkabaka
उसने जोड़ दिया तुझे ٨ (8)
(8)
जिस रूप में भी उसने चाहा, तुझे बना दिया।1
८२:९
كَلَّا
हरगिज़ नहीं
kallā
हरगिज़ नहीं بَلْ बल्कि bal
बल्कि تُكَذِّبُونَ तुम झुठलाते हो tukadhibūna
तुम झुठलाते हो بِٱلدِّينِ बदले (के दिन ) को bil-dīni
बदले (के दिन ) को ٩ (9)
(9)
हरगिज़ नहीं بَلْ बल्कि bal
बल्कि تُكَذِّبُونَ तुम झुठलाते हो tukadhibūna
तुम झुठलाते हो بِٱلدِّينِ बदले (के दिन ) को bil-dīni
बदले (के दिन ) को ٩ (9)
(9)
हरगिज़ नहीं, बल्कि तुम बदले (के दिन) को झुठलाते हो।
८२:१०
وَإِنَّ
और बेशक
wa-inna
और बेशक عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर لَحَـٰفِظِينَ यक़ीनन निगरान हैं laḥāfiẓīna
यक़ीनन निगरान हैं ١٠ (10)
(10)
और बेशक عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर لَحَـٰفِظِينَ यक़ीनन निगरान हैं laḥāfiẓīna
यक़ीनन निगरान हैं ١٠ (10)
(10)
हालाँकि निःसंदेह तुमपर निगेहबान नियुक्त हैं।
८२:११
كِرَامًۭا
जो मुअज़्ज़िज़
kirāman
जो मुअज़्ज़िज़ كَـٰتِبِينَ लिखने वालो हैं kātibīna
लिखने वालो हैं ١١ (11)
(11)
जो मुअज़्ज़िज़ كَـٰتِبِينَ लिखने वालो हैं kātibīna
लिखने वालो हैं ١١ (11)
(11)
जो सम्माननीय लिखने वाले हैं।
८२:१२
يَعْلَمُونَ
वो जानते हैं
yaʿlamūna
वो जानते हैं مَا जो कुछ mā
जो कुछ تَفْعَلُونَ तुम करते हो tafʿalūna
तुम करते हो ١٢ (12)
(12)
वो जानते हैं مَا जो कुछ mā
जो कुछ تَفْعَلُونَ तुम करते हो tafʿalūna
तुम करते हो ١٢ (12)
(12)
वे जानते हैं, जो तुम करते हो।1
८२:१३
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلْأَبْرَارَ नेक लोग l-abrāra
नेक लोग لَفِى (will be) surely in lafī
(will be) surely in نَعِيمٍۢ यक़ीनन नेअमतों में होंगे naʿīmin
यक़ीनन नेअमतों में होंगे ١٣ (13)
(13)
बेशक ٱلْأَبْرَارَ नेक लोग l-abrāra
नेक लोग لَفِى (will be) surely in lafī
(will be) surely in نَعِيمٍۢ यक़ीनन नेअमतों में होंगे naʿīmin
यक़ीनन नेअमतों में होंगे ١٣ (13)
(13)
निःसंदेह नेक लोग बड़ी नेमत (आनंद) में होंगे।
८२:१४
وَإِنَّ
और बेशक
wa-inna
और बेशक ٱلْفُجَّارَ बदकार लोग l-fujāra
बदकार लोग لَفِى (will be) surely in lafī
(will be) surely in جَحِيمٍۢ यक़ीनन जहन्नम में होंगे jaḥīmin
यक़ीनन जहन्नम में होंगे ١٤ (14)
(14)
और बेशक ٱلْفُجَّارَ बदकार लोग l-fujāra
बदकार लोग لَفِى (will be) surely in lafī
(will be) surely in جَحِيمٍۢ यक़ीनन जहन्नम में होंगे jaḥīmin
यक़ीनन जहन्नम में होंगे ١٤ (14)
(14)
और निःसंदेह दुराचारी लोग जहन्नम में होंगे।
८२:१५
يَصْلَوْنَهَا
वो जलेंगे उसमें
yaṣlawnahā
वो जलेंगे उसमें يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلدِّينِ बदले के l-dīni
बदले के ١٥ (15)
(15)
वो जलेंगे उसमें يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلدِّينِ बदले के l-dīni
बदले के ١٥ (15)
(15)
वे उसमें बदले के दिन प्रवेश करेंगे।
८२:१६
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं هُمْ वो hum
वो عَنْهَا उससे ʿanhā
उससे بِغَآئِبِينَ कभी ग़ायब होने वाले bighāibīna
कभी ग़ायब होने वाले ١٦ (16)
(16)
और नहीं هُمْ वो hum
वो عَنْهَا उससे ʿanhā
उससे بِغَآئِبِينَ कभी ग़ायब होने वाले bighāibīna
कभी ग़ायब होने वाले ١٦ (16)
(16)
और वे उससे कभी ग़ायब होने वाले नहीं हैं।1
८२:१७
وَمَآ
और क्या चीज़
wamā
और क्या चीज़ أَدْرَىٰكَ बताए आपको adrāka
बताए आपको مَا क्या है mā
क्या है يَوْمُ दिन yawmu
दिन ٱلدِّينِ बदले का l-dīni
बदले का ١٧ (17)
(17)
और क्या चीज़ أَدْرَىٰكَ बताए आपको adrāka
बताए आपको مَا क्या है mā
क्या है يَوْمُ दिन yawmu
दिन ٱلدِّينِ बदले का l-dīni
बदले का ١٧ (17)
(17)
और आप क्या जानें कि बदले का दिन क्या है?
८२:१८
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर مَآ क्या चीज़ mā
क्या चीज़ أَدْرَىٰكَ बताए आपको adrāka
बताए आपको مَا क्या है mā
क्या है يَوْمُ दिन yawmu
दिन ٱلدِّينِ बदले का l-dīni
बदले का ١٨ (18)
(18)
फिर مَآ क्या चीज़ mā
क्या चीज़ أَدْرَىٰكَ बताए आपको adrāka
बताए आपको مَا क्या है mā
क्या है يَوْمُ दिन yawmu
दिन ٱلدِّينِ बदले का l-dīni
बदले का ١٨ (18)
(18)
फिर आप क्या जानें कि बदले का दिन क्या है?
८२:१९
يَوْمَ
जिस दिन
yawma
जिस दिन لَا not lā
not تَمْلِكُ ना मालिक होगा tamliku
ना मालिक होगा نَفْسٌۭ कोई नफ़्स nafsun
कोई नफ़्स لِّنَفْسٍۢ किसी नफ़्स के लिए linafsin
किसी नफ़्स के लिए شَيْـًۭٔا ۖ कुछ भी shayan
कुछ भी وَٱلْأَمْرُ और हुक्म wal-amru
और हुक्म يَوْمَئِذٍۢ उस दिन yawma-idhin
उस दिन لِّلَّهِ अल्लाह ही का होगा lillahi
अल्लाह ही का होगा ١٩ (19)
(19)
जिस दिन لَا not lā
not تَمْلِكُ ना मालिक होगा tamliku
ना मालिक होगा نَفْسٌۭ कोई नफ़्स nafsun
कोई नफ़्स لِّنَفْسٍۢ किसी नफ़्स के लिए linafsin
किसी नफ़्स के लिए شَيْـًۭٔا ۖ कुछ भी shayan
कुछ भी وَٱلْأَمْرُ और हुक्म wal-amru
और हुक्म يَوْمَئِذٍۢ उस दिन yawma-idhin
उस दिन لِّلَّهِ अल्लाह ही का होगा lillahi
अल्लाह ही का होगा ١٩ (19)
(19)
जिस दिन कोई प्राणी किसी प्राणी के लिए किसी चीज़ का अधिकार न रखेगा और उस दिन आदेश केवल अल्लाह का होगा।1