८१
अत-तकवीर
التكوير
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
८१:१
إِذَا
जब
idhā
जब ٱلشَّمْسُ सूरज l-shamsu
सूरज كُوِّرَتْ लपेट दिया जाएगा kuwwirat
लपेट दिया जाएगा ١ (1)
(1)
जब ٱلشَّمْسُ सूरज l-shamsu
सूरज كُوِّرَتْ लपेट दिया जाएगा kuwwirat
लपेट दिया जाएगा ١ (1)
(1)
जब सूर्य लपेट दिया जाएगा।
८१:२
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब ٱلنُّجُومُ सितारे l-nujūmu
सितारे ٱنكَدَرَتْ बेनूर हो जाऐंगे inkadarat
बेनूर हो जाऐंगे ٢ (2)
(2)
और जब ٱلنُّجُومُ सितारे l-nujūmu
सितारे ٱنكَدَرَتْ बेनूर हो जाऐंगे inkadarat
बेनूर हो जाऐंगे ٢ (2)
(2)
और जब सितारे प्रकाश रहित हो जाएँगे।
८१:३
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब ٱلْجِبَالُ पहाड़ l-jibālu
पहाड़ سُيِّرَتْ चला दिए जाऐंगे suyyirat
चला दिए जाऐंगे ٣ (3)
(3)
और जब ٱلْجِبَالُ पहाड़ l-jibālu
पहाड़ سُيِّرَتْ चला दिए जाऐंगे suyyirat
चला दिए जाऐंगे ٣ (3)
(3)
और जब पर्वत चलाए जाएँगे।
८१:४
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब ٱلْعِشَارُ दस माह की हामिला ऊँटनियाँ l-ʿishāru
दस माह की हामिला ऊँटनियाँ عُطِّلَتْ बेकार छोड़ दी जाऐंगी ʿuṭṭilat
बेकार छोड़ दी जाऐंगी ٤ (4)
(4)
और जब ٱلْعِشَارُ दस माह की हामिला ऊँटनियाँ l-ʿishāru
दस माह की हामिला ऊँटनियाँ عُطِّلَتْ बेकार छोड़ दी जाऐंगी ʿuṭṭilat
बेकार छोड़ दी जाऐंगी ٤ (4)
(4)
और जब गाभिन ऊँटनियाँ छोड़ दी जाएँगी।
८१:५
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब ٱلْوُحُوشُ वहशी जानवर l-wuḥūshu
वहशी जानवर حُشِرَتْ इकट्ठे कर दिए जाऐंगे ḥushirat
इकट्ठे कर दिए जाऐंगे ٥ (5)
(5)
और जब ٱلْوُحُوشُ वहशी जानवर l-wuḥūshu
वहशी जानवर حُشِرَتْ इकट्ठे कर दिए जाऐंगे ḥushirat
इकट्ठे कर दिए जाऐंगे ٥ (5)
(5)
और जब जंगली जानवर एकत्रित किए जाएँगे।
८१:६
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब ٱلْبِحَارُ समुन्दर l-biḥāru
समुन्दर سُجِّرَتْ भड़का दिए जाऐंगे sujjirat
भड़का दिए जाऐंगे ٦ (6)
(6)
और जब ٱلْبِحَارُ समुन्दर l-biḥāru
समुन्दर سُجِّرَتْ भड़का दिए जाऐंगे sujjirat
भड़का दिए जाऐंगे ٦ (6)
(6)
और जब सागर भड़काए जाएँगे।1
८१:७
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब ٱلنُّفُوسُ जानें l-nufūsu
जानें زُوِّجَتْ जोड़ दी जाऐंगी zuwwijat
जोड़ दी जाऐंगी ٧ (7)
(7)
और जब ٱلنُّفُوسُ जानें l-nufūsu
जानें زُوِّجَتْ जोड़ दी जाऐंगी zuwwijat
जोड़ दी जाऐंगी ٧ (7)
(7)
और जब प्राण मिला दिए जाएँगे।
८१:८
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब ٱلْمَوْءُۥدَةُ ज़िन्दा गाड़ी हुई लड़की l-mawūdatu
ज़िन्दा गाड़ी हुई लड़की سُئِلَتْ पूछी जाएगी su-ilat
पूछी जाएगी ٨ (8)
(8)
और जब ٱلْمَوْءُۥدَةُ ज़िन्दा गाड़ी हुई लड़की l-mawūdatu
ज़िन्दा गाड़ी हुई लड़की سُئِلَتْ पूछी जाएगी su-ilat
पूछी जाएगी ٨ (8)
(8)
और जब जीवित गाड़ी गई लड़की से पूछा जाएगा।
८१:९
بِأَىِّ
बवजह किस
bi-ayyi
बवजह किस ذَنۢبٍۢ गुनाह के dhanbin
गुनाह के قُتِلَتْ वो मारी गई qutilat
वो मारी गई ٩ (9)
(9)
बवजह किस ذَنۢبٍۢ गुनाह के dhanbin
गुनाह के قُتِلَتْ वो मारी गई qutilat
वो मारी गई ٩ (9)
(9)
कि वह किस अपराध के कारण मारी गई?
८१:१०
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब ٱلصُّحُفُ आमाल नामे l-ṣuḥufu
आमाल नामे نُشِرَتْ फैला दिए जाऐंगे nushirat
फैला दिए जाऐंगे ١٠ (10)
(10)
और जब ٱلصُّحُفُ आमाल नामे l-ṣuḥufu
आमाल नामे نُشِرَتْ फैला दिए जाऐंगे nushirat
फैला दिए जाऐंगे ١٠ (10)
(10)
तथा जब कर्मपत्र (आमाल नामे) फैला दिए जाएँगे।
८१:११
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब ٱلسَّمَآءُ आसमान l-samāu
आसमान كُشِطَتْ खाल उतार दी जाएगी (उसकी ) kushiṭat
खाल उतार दी जाएगी (उसकी ) ١١ (11)
(11)
और जब ٱلسَّمَآءُ आसमान l-samāu
आसमान كُشِطَتْ खाल उतार दी जाएगी (उसकी ) kushiṭat
खाल उतार दी जाएगी (उसकी ) ١١ (11)
(11)
और जब आकाश उधेड़ दिया जाएगा।
८१:१२
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब ٱلْجَحِيمُ जहन्नम l-jaḥīmu
जहन्नम سُعِّرَتْ भड़का दी जाएगी suʿʿirat
भड़का दी जाएगी ١٢ (12)
(12)
और जब ٱلْجَحِيمُ जहन्नम l-jaḥīmu
जहन्नम سُعِّرَتْ भड़का दी जाएगी suʿʿirat
भड़का दी जाएगी ١٢ (12)
(12)
और जब जहन्नम दहकाई जाएगी।
८१:१३
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब ٱلْجَنَّةُ जन्नत l-janatu
जन्नत أُزْلِفَتْ क़रीब ले आई जाएगी uz'lifat
क़रीब ले आई जाएगी ١٣ (13)
(13)
और जब ٱلْجَنَّةُ जन्नत l-janatu
जन्नत أُزْلِفَتْ क़रीब ले आई जाएगी uz'lifat
क़रीब ले आई जाएगी ١٣ (13)
(13)
और जब जन्नत क़रीब लाई जाएगी।
८१:१४
عَلِمَتْ
जान लेगा
ʿalimat
जान लेगा نَفْسٌۭ हर नफ़्स nafsun
हर नफ़्स مَّآ जो mā
जो أَحْضَرَتْ उसने हाज़िर किया aḥḍarat
उसने हाज़िर किया ١٤ (14)
(14)
जान लेगा نَفْسٌۭ हर नफ़्स nafsun
हर नफ़्स مَّآ जो mā
जो أَحْضَرَتْ उसने हाज़िर किया aḥḍarat
उसने हाज़िर किया ١٤ (14)
(14)
तो प्रत्येक प्राणी जान लेगा कि वह क्या लेकर आया है।1
८१:१५
فَلَآ
पस नहीं
falā
पस नहीं أُقْسِمُ मैं क़सम खाता हूँ uq'simu
मैं क़सम खाता हूँ بِٱلْخُنَّسِ पीछे हटने वाले bil-khunasi
पीछे हटने वाले ١٥ (15)
(15)
पस नहीं أُقْسِمُ मैं क़सम खाता हूँ uq'simu
मैं क़सम खाता हूँ بِٱلْخُنَّسِ पीछे हटने वाले bil-khunasi
पीछे हटने वाले ١٥ (15)
(15)
मैं क़सम खाता हूँ पीछे हटने वाले सितारों की।
८१:१६
ٱلْجَوَارِ
चलने वाले
al-jawāri
चलने वाले ٱلْكُنَّسِ छुप जाने वाले (सितारों की ) l-kunasi
छुप जाने वाले (सितारों की ) ١٦ (16)
(16)
चलने वाले ٱلْكُنَّسِ छुप जाने वाले (सितारों की ) l-kunasi
छुप जाने वाले (सितारों की ) ١٦ (16)
(16)
चलने वाले, छिप जाने वाले तारों की।
८१:१७
وَٱلَّيْلِ
और रात की
wa-al-layli
और रात की إِذَا जब idhā
जब عَسْعَسَ वो रुख़्सत होती है ʿasʿasa
वो रुख़्सत होती है ١٧ (17)
(17)
और रात की إِذَا जब idhā
जब عَسْعَسَ वो रुख़्सत होती है ʿasʿasa
वो रुख़्सत होती है ١٧ (17)
(17)
और रात की (क़सम), जब वह आती और जाती है।
८१:१८
وَٱلصُّبْحِ
और सुबह की
wal-ṣub'ḥi
और सुबह की إِذَا जब idhā
जब تَنَفَّسَ वो साँस लेती है tanaffasa
वो साँस लेती है ١٨ (18)
(18)
और सुबह की إِذَا जब idhā
जब تَنَفَّسَ वो साँस लेती है tanaffasa
वो साँस लेती है ١٨ (18)
(18)
तथा सुबह की, जब वह रौशन होने लगे।
८१:१९
إِنَّهُۥ
बेशक वो (क़ुरआन)
innahu
बेशक वो (क़ुरआन) لَقَوْلُ यक़ीनन क़ौल है laqawlu
यक़ीनन क़ौल है رَسُولٍۢ एक पयामबर rasūlin
एक पयामबर كَرِيمٍۢ मुअज़्ज़िज़ का karīmin
मुअज़्ज़िज़ का ١٩ (19)
(19)
बेशक वो (क़ुरआन) لَقَوْلُ यक़ीनन क़ौल है laqawlu
यक़ीनन क़ौल है رَسُولٍۢ एक पयामबर rasūlin
एक पयामबर كَرِيمٍۢ मुअज़्ज़िज़ का karīmin
मुअज़्ज़िज़ का ١٩ (19)
(19)
निःसंदेह यह (क़ुरआन) एक आदरणीय संदेशवाहक की लाई हुई वाणी है।
८१:२०
ذِى
Possessor of
dhī
Possessor of قُوَّةٍ जो क़ुव्वत वाला है quwwatin
जो क़ुव्वत वाला है عِندَ नज़दीक ʿinda
नज़दीक ذِى (the) Owner of dhī
(the) Owner of ٱلْعَرْشِ अर्श वाले के l-ʿarshi
अर्श वाले के مَكِينٍۢ बुलन्द मरतबा है makīnin
बुलन्द मरतबा है ٢٠ (20)
(20)
Possessor of قُوَّةٍ जो क़ुव्वत वाला है quwwatin
जो क़ुव्वत वाला है عِندَ नज़दीक ʿinda
नज़दीक ذِى (the) Owner of dhī
(the) Owner of ٱلْعَرْشِ अर्श वाले के l-ʿarshi
अर्श वाले के مَكِينٍۢ बुलन्द मरतबा है makīnin
बुलन्द मरतबा है ٢٠ (20)
(20)
जो शक्तिशाली है, अर्श (सिंहासन) वाले के पास उच्च पद वाला है।
८१:२१
مُّطَاعٍۢ
इताअत किया जाता है
muṭāʿin
इताअत किया जाता है ثَمَّ वहाँ thamma
वहाँ أَمِينٍۢ अमानतदार है amīnin
अमानतदार है ٢١ (21)
(21)
इताअत किया जाता है ثَمَّ वहाँ thamma
वहाँ أَمِينٍۢ अमानतदार है amīnin
अमानतदार है ٢١ (21)
(21)
उसकी वहाँ (आसमानों में) बात मानी जाती है और बड़ा विश्वसनीय है।1
८१:२२
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं صَاحِبُكُم साथी तुम्हारा ṣāḥibukum
साथी तुम्हारा بِمَجْنُونٍۢ कोई मजनून bimajnūnin
कोई मजनून ٢٢ (22)
(22)
और नहीं صَاحِبُكُم साथी तुम्हारा ṣāḥibukum
साथी तुम्हारा بِمَجْنُونٍۢ कोई मजनून bimajnūnin
कोई मजनून ٢٢ (22)
(22)
और तुम्हारा साथी कोई दीवाना नहीं हैं।
८१:२३
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ رَءَاهُ उसने देखा उसे raāhu
उसने देखा उसे بِٱلْأُفُقِ आसमान के किनारे पर bil-ufuqi
आसमान के किनारे पर ٱلْمُبِينِ खुले l-mubīni
खुले ٢٣ (23)
(23)
और अलबत्ता तहक़ीक़ رَءَاهُ उसने देखा उसे raāhu
उसने देखा उसे بِٱلْأُفُقِ आसमान के किनारे पर bil-ufuqi
आसमान के किनारे पर ٱلْمُبِينِ खुले l-mubīni
खुले ٢٣ (23)
(23)
और निश्चय उन्होंने उस (जिबरील) को स्पष्ट क्षितिज पर देखा है।
८१:२४
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं هُوَ वो huwa
वो عَلَى on ʿalā
on ٱلْغَيْبِ ग़ैब पर l-ghaybi
ग़ैब पर بِضَنِينٍۢ हरगिज़ बख़ील biḍanīnin
हरगिज़ बख़ील ٢٤ (24)
(24)
और नहीं هُوَ वो huwa
वो عَلَى on ʿalā
on ٱلْغَيْبِ ग़ैब पर l-ghaybi
ग़ैब पर بِضَنِينٍۢ हरगिज़ बख़ील biḍanīnin
हरगिज़ बख़ील ٢٤ (24)
(24)
और वह परोक्ष (ग़ैब) की बातें बताने में कृपण नहीं हैं।1
८१:२५
وَمَا
और नहीं है
wamā
और नहीं है هُوَ वो huwa
वो بِقَوْلِ क़ौल biqawli
क़ौल شَيْطَـٰنٍۢ शैतान shayṭānin
शैतान رَّجِيمٍۢ मरदूद का rajīmin
मरदूद का ٢٥ (25)
(25)
और नहीं है هُوَ वो huwa
वो بِقَوْلِ क़ौल biqawli
क़ौल شَيْطَـٰنٍۢ शैतान shayṭānin
शैतान رَّجِيمٍۢ मरदूद का rajīmin
मरदूद का ٢٥ (25)
(25)
और यह (क़ुरआन) किसी धिक्कारे हुए शैतान की वाणी नहीं है।
८१:२६
فَأَيْنَ
फिर किधर
fa-ayna
फिर किधर تَذْهَبُونَ तुम जा रहे हो tadhhabūna
तुम जा रहे हो ٢٦ (26)
(26)
फिर किधर تَذْهَبُونَ तुम जा रहे हो tadhhabūna
तुम जा रहे हो ٢٦ (26)
(26)
फिर तुम कहाँ जा रहे हो?
८१:२७
إِنْ
नहीं है
in
नहीं है هُوَ वो huwa
वो إِلَّا मगर illā
मगर ذِكْرٌۭ एक नसीहत dhik'run
एक नसीहत لِّلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहान वालों के लिए lil'ʿālamīna
तमाम जहान वालों के लिए ٢٧ (27)
(27)
नहीं है هُوَ वो huwa
वो إِلَّا मगर illā
मगर ذِكْرٌۭ एक नसीहत dhik'run
एक नसीहत لِّلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहान वालों के लिए lil'ʿālamīna
तमाम जहान वालों के लिए ٢٧ (27)
(27)
यह तो समस्त संसार वालों के लिए एक उपदेश है।
८१:२८
لِمَن
उसके लिए जो
liman
उसके लिए जो شَآءَ चाहे shāa
चाहे مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से أَن ये कि an
ये कि يَسْتَقِيمَ वो सीधा चले yastaqīma
वो सीधा चले ٢٨ (28)
(28)
उसके लिए जो شَآءَ चाहे shāa
चाहे مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से أَن ये कि an
ये कि يَسْتَقِيمَ वो सीधा चले yastaqīma
वो सीधा चले ٢٨ (28)
(28)
उसके लिए, जो तुममें से सीधे मार्ग पर चलना चाहे।
८१:२९
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं تَشَآءُونَ तुम चाहते tashāūna
तुम चाहते إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि يَشَآءَ चाहे yashāa
चाहे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह رَبُّ जो रब है rabbu
जो रब है ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों का l-ʿālamīna
तमाम जहानों का ٢٩ (29)
(29)
और नहीं تَشَآءُونَ तुम चाहते tashāūna
तुम चाहते إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि يَشَآءَ चाहे yashāa
चाहे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह رَبُّ जो रब है rabbu
जो रब है ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों का l-ʿālamīna
तमाम जहानों का ٢٩ (29)
(29)
तथा तुम कुछ नहीं चाह सकते, सिवाय इसके कि सर्व संसार का पालनहार अल्लाह चाहे।1