८२

अल-इन्फ़ितार

मक्की १९ आयतें पारा ३०
الإنفطار

सूरह अल-इन्फ़ितार (الإنفطار) पवित्र क़ुरआन का ८२ वाँ अध्याय है — यह एक मक्की सूरह है जिसमें १९ आयतें हैं। मक्की सूरहें पैग़म्बर मुहम्मद (सल्ल.) के मदीना प्रवास से पहले उतरीं और प्रायः ईमान, अल्लाह की एकता और आख़िरत पर बल देती हैं।

बिस्मिल्लाह
بِسْمِसाथ नामbis'miٱللَّهِअल्लाह केl-lahiٱلرَّحْمَـٰنِजो बहुत मेहरबानl-raḥmāniٱلرَّحِيمِनिहायत रहम करने वाला हैl-raḥīmi
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
८२:१
إِذَاजबidhāٱلسَّمَآءُआसमानl-samāuٱنفَطَرَتْफट जाएगाinfaṭarat١
जब आकाश फट जाएगा।
८२:२
وَإِذَاऔर जबwa-idhāٱلْكَوَاكِبُसितारेl-kawākibuٱنتَثَرَتْबिखर जाऐंगेintatharat٢
तथा जब तारे झड़ जाएँगे।
८२:३
وَإِذَاऔर जबwa-idhāٱلْبِحَارُसमुन्दरl-biḥāruفُجِّرَتْफाड़ दिए जाऐंगेfujjirat٣
और जब समुद्र बह निकलेंगे।
८२:४
وَإِذَاऔर जबwa-idhāٱلْقُبُورُक़ब्रेंl-qubūruبُعْثِرَتْखोल दी जाऐंगीbuʿ'thirat٤
और जब क़बरें उलट दी जाएँगी।
८२:५
عَلِمَتْजान लेगाʿalimatنَفْسٌۭहर नफ़्सnafsunمَّاजोقَدَّمَتْउसने आगे भेजाqaddamatوَأَخَّرَتْऔर जो उसने पीछे छोड़ाwa-akharat٥
तब प्रत्येक प्राणी जान लेगा, जो उसने आगे भेजा और जो पीछे छोड़ा।1
८२:६
يَـٰٓأَيُّهَاyāayyuhāٱلْإِنسَـٰنُइन्सानl-insānuمَاकिस चीज़ नेغَرَّكَधोके में डाला तुझेgharrakaبِرَبِّكَतेरे रब के बारे मेंbirabbikaٱلْكَرِيمِजो बहुत इज़्ज़त वाला हैl-karīmi٦
ऐ इनसान! तुझे किस चीज़ ने तेरे उदार पालनहार से बहका दिया?
८२:७
ٱلَّذِىवो जिसनेalladhīخَلَقَكَपैदा किया तुझेkhalaqakaفَسَوَّىٰكَफिर उसने दुरुस्त किया तुझेfasawwākaفَعَدَلَكَफिर उसने बराबर किया तुझेfaʿadalaka٧
जिसने तेरी रचना की, फिर तुझे ठीक ठाक किया, फिर तुझे संतुलित बनाया।
८२:८
فِىٓInأَىِّwhateverayyiصُورَةٍۢजिस सूरत मेंṣūratinمَّاजोشَآءَउसने चाहाshāaرَكَّبَكَउसने जोड़ दिया तुझेrakkabaka٨
जिस रूप में भी उसने चाहा, तुझे बना दिया।1
८२:९
كَلَّاहरगिज़ नहींkallāبَلْबल्किbalتُكَذِّبُونَतुम झुठलाते होtukadhibūnaبِٱلدِّينِबदले (के दिन ) कोbil-dīni٩
हरगिज़ नहीं, बल्कि तुम बदले (के दिन) को झुठलाते हो।
८२:१०
وَإِنَّऔर बेशकwa-innaعَلَيْكُمْतुम परʿalaykumلَحَـٰفِظِينَयक़ीनन निगरान हैंlaḥāfiẓīna١٠
हालाँकि निःसंदेह तुमपर निगेहबान नियुक्त हैं।
८२:११
كِرَامًۭاजो मुअज़्ज़िज़kirāmanكَـٰتِبِينَलिखने वालो हैंkātibīna١١
जो सम्माननीय लिखने वाले हैं।
८२:१२
يَعْلَمُونَवो जानते हैंyaʿlamūnaمَاजो कुछتَفْعَلُونَतुम करते होtafʿalūna١٢
वे जानते हैं, जो तुम करते हो।1
८२:१३
إِنَّबेशकinnaٱلْأَبْرَارَनेक लोगl-abrāraلَفِى(will be) surely inlafīنَعِيمٍۢयक़ीनन नेअमतों में होंगेnaʿīmin١٣
निःसंदेह नेक लोग बड़ी नेमत (आनंद) में होंगे।
८२:१४
وَإِنَّऔर बेशकwa-innaٱلْفُجَّارَबदकार लोगl-fujāraلَفِى(will be) surely inlafīجَحِيمٍۢयक़ीनन जहन्नम में होंगेjaḥīmin١٤
और निःसंदेह दुराचारी लोग जहन्नम में होंगे।
८२:१५
يَصْلَوْنَهَاवो जलेंगे उसमेंyaṣlawnahāيَوْمَदिनyawmaٱلدِّينِबदले केl-dīni١٥
वे उसमें बदले के दिन प्रवेश करेंगे।
८२:१६
وَمَاऔर नहींwamāهُمْवोhumعَنْهَاउससेʿanhāبِغَآئِبِينَकभी ग़ायब होने वालेbighāibīna١٦
और वे उससे कभी ग़ायब होने वाले नहीं हैं।1
८२:१७
وَمَآऔर क्या चीज़wamāأَدْرَىٰكَबताए आपकोadrākaمَاक्या हैيَوْمُदिनyawmuٱلدِّينِबदले काl-dīni١٧
और आप क्या जानें कि बदले का दिन क्या है?
८२:१८
ثُمَّफिरthummaمَآक्या चीज़أَدْرَىٰكَबताए आपकोadrākaمَاक्या हैيَوْمُदिनyawmuٱلدِّينِबदले काl-dīni١٨
फिर आप क्या जानें कि बदले का दिन क्या है?
८२:१९
يَوْمَजिस दिनyawmaلَاnotتَمْلِكُना मालिक होगाtamlikuنَفْسٌۭकोई नफ़्सnafsunلِّنَفْسٍۢकिसी नफ़्स के लिएlinafsinشَيْـًۭٔا ۖकुछ भीshayanوَٱلْأَمْرُऔर हुक्मwal-amruيَوْمَئِذٍۢउस दिनyawma-idhinلِّلَّهِअल्लाह ही का होगाlillahi١٩
जिस दिन कोई प्राणी किसी प्राणी के लिए किसी चीज़ का अधिकार न रखेगा और उस दिन आदेश केवल अल्लाह का होगा।1