८३

अल-मुतफ़्फ़िफ़ीन

मक्की ३६ आयतें पारा ३०
المطففين

सूरह अल-मुतफ़्फ़िफ़ीन (المطففين) पवित्र क़ुरआन का ८३ वाँ अध्याय है — यह एक मक्की सूरह है जिसमें ३६ आयतें हैं। मक्की सूरहें पैग़म्बर मुहम्मद (सल्ल.) के मदीना प्रवास से पहले उतरीं और प्रायः ईमान, अल्लाह की एकता और आख़िरत पर बल देती हैं।

बिस्मिल्लाह
بِسْمِसाथ नामbis'miٱللَّهِअल्लाह केl-lahiٱلرَّحْمَـٰنِजो बहुत मेहरबानl-raḥmāniٱلرَّحِيمِनिहायत रहम करने वाला हैl-raḥīmi
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
८३:१
وَيْلٌۭहलाकतहैwaylunلِّلْمُطَفِّفِينَनाप-तोल में कमी करने वालों के लिएlil'muṭaffifīna١
विनाश है नाप-तौल में कमी करने वालों के लिए।
८३:२
ٱلَّذِينَवो लोगalladhīnaإِذَاजबidhāٱكْتَالُوا۟वो नाप कर लेते हैंik'tālūعَلَىfromʿalāٱلنَّاسِलोगों सेl-nāsiيَسْتَوْفُونَवो पूरा-पूरा लेते हैंyastawfūna٢
वे लोग कि जब लोगों से नापकर लेते हैं, तो पूरा लेते हैं।
८३:३
وَإِذَاऔर जबwa-idhāكَالُوهُمْवो नाप कर देते हैं उन्हेंkālūhumأَوयाawوَّزَنُوهُمْवो तोल कर देते हैं उन्हेंwazanūhumيُخْسِرُونَवो कम देते हैंyukh'sirūna٣
और जब उन्हें नापकर या तौलकर देते हैं, तो कम देते हैं।
८३:४
أَلَاक्या नहींalāيَظُنُّयक़ीन रखतेyaẓunnuأُو۟لَـٰٓئِكَये लोगulāikaأَنَّهُمबेशक वोannahumمَّبْعُوثُونَउठाए जाने वाले हैंmabʿūthūna٤
क्या वे लोग विश्वास नहीं रखते कि वे (मरने के बाद) उठाए जाने वाले हैं?
८३:५
لِيَوْمٍFor a Dayliyawminعَظِيمٍۢएक बड़े दिन के लिएʿaẓīmin٥
एक बहुत बड़े दिन के लिए।
८३:६
يَوْمَजिस दिनyawmaيَقُومُखड़े होंगेyaqūmuٱلنَّاسُलोगl-nāsuلِرَبِّरब के लिएlirabbiٱلْعَـٰلَمِينَतमाम जहानों केl-ʿālamīna٦
जिस दिन लोग सर्व संसार के पालनहार के सामने खड़े होंगे।1
८३:७
كَلَّآहरगिज़ नहींkallāإِنَّबेशकinnaكِتَـٰبَकिताब(आमाल नामा)kitābaٱلْفُجَّارِबदकारों कीl-fujāriلَفِى(is) surely inlafīسِجِّينٍۢयक़ीनन सिज्जीन में हैsijjīnin٧
हरगिज़ नहीं, निःसंदेह दुराचारियों का कर्म-पत्र "सिज्जीन" में है।
८३:८
وَمَآऔर क्या चीज़wamāأَدْرَىٰكَबताए आपकोadrākaمَاक्या हैسِجِّينٌۭसिज्जीनsijjīnun٨
और तुम क्या जानो कि 'सिज्जीन' क्या है?
८३:९
كِتَـٰبٌۭएक किताब हैkitābunمَّرْقُومٌۭलिखी हुईmarqūmun٩
वह एक लिखित पुस्तक है।
८३:१०
وَيْلٌۭहलाकत हैwaylunيَوْمَئِذٍۢउस दिनyawma-idhinلِّلْمُكَذِّبِينَझुठलाने वालों के लिएlil'mukadhibīna١٠
उस दिन झुठलाने वालों के लिए विनाश है।
८३:११
ٱلَّذِينَवो जोalladhīnaيُكَذِّبُونَझुठलाते हैंyukadhibūnaبِيَوْمِ(the) Daybiyawmiٱلدِّينِबदले के दिन कोl-dīni١١
जो बदले के दिन को झुठलाते हैं।
८३:१२
وَمَاऔर नहींwamāيُكَذِّبُझुठलाताyukadhibuبِهِۦٓउसेbihiإِلَّاमगरillāكُلُّहरkulluمُعْتَدٍहद से बढ़ने वालाmuʿ'tadinأَثِيمٍसख़्त गुनाहगारathīmin١٢
तथा उसे केवल वही झुठलाता है, जो सीमा का उल्लंघन करने वाला, बड़ा पापी है।
८३:१३
إِذَاजबidhāتُتْلَىٰपढ़ी जाती हैंtut'lāعَلَيْهِउस परʿalayhiءَايَـٰتُنَاआयात हमारीāyātunāقَالَवो कहता हैqālaأَسَـٰطِيرُकहानियाँ हैंasāṭīruٱلْأَوَّلِينَपहलों कीl-awalīna١٣
जब उसके सामने हमारी आयतों को पढ़ा जाता है, तो कहता है : यह पहले लोगों की कहानियाँ हैं।
८३:१४
كَلَّا ۖहरगिज़ नहींkallāبَلْ ۜबल्किbalرَانَज़ंग चढ़ गया हैrānaعَلَىٰ[over]ʿalāقُلُوبِهِمउनके दिलों परqulūbihimمَّاउसका जोكَانُوا۟थे वोkānūيَكْسِبُونَवो कमाई करतेyaksibūna١٤
हरगिज़ नहीं, बल्कि जो कुछ वे कमाते थे, वह ज़ंग बनकर उनके दिलों पर छा गया है।
८३:१५
كَلَّآहरगिज़ नहींkallāإِنَّهُمْबेशक वोinnahumعَنfromʿanرَّبِّهِمْअपने रब सेrabbihimيَوْمَئِذٍۢउस दिनyawma-idhinلَّمَحْجُوبُونَअलबत्ता हिजाब में रखे जाने वाले हैंlamaḥjūbūna١٥
हरगिज़ नहीं, निश्चय वे उस दिन अपने पालनहार (के दर्शन) से रोक दिए जाएँगे।
८३:१६
ثُمَّफिरthummaإِنَّهُمْबेशक वोinnahumلَصَالُوا۟अलबत्ता झोंके जाने वाले हैंlaṣālūٱلْجَحِيمِजहन्नम मेंl-jaḥīmi١٦
फिर निःसंदेह वे अवश्य जहन्नम में प्रवेश करने वाले हैं।
८३:१७
ثُمَّफिरthummaيُقَالُकहा जाएगाyuqāluهَـٰذَاये हैhādhāٱلَّذِىवो चीज़alladhīكُنتُمथे तुमkuntumبِهِۦजिसेbihiتُكَذِّبُونَतुम झुठलाया करतेtukadhibūna١٧
फिर कहा जाएगा : यही है, जिसे तुम झुठलाया करते थे।1
८३:१८
كَلَّآहरगिज़ नहींkallāإِنَّबेशकinnaكِتَـٰبَकिताबkitābaٱلْأَبْرَارِनेक लोगों कीl-abrāriلَفِى(will be) surely inlafīعِلِّيِّينَयक़ीनन इल्लीयीन में हैʿilliyyīna١٨
हरगिज़ नहीं, निःसंदेह नेक लोगों का कर्म-पत्र निश्चय "इल्लिय्यीन" में है।
८३:१९
وَمَآऔर क्या चीज़wamāأَدْرَىٰكَबताए आपकोadrākaمَاक्या हैعِلِّيُّونَइल्लीयीनʿilliyyūna١٩
और तुम क्या जानो कि 'इल्लिय्यीन' क्या है?
८३:२०
كِتَـٰبٌۭएक किताब हैkitābunمَّرْقُومٌۭलिखी हुईmarqūmun٢٠
वह एक लिखित पुस्तक है।
८३:२१
يَشْهَدُهُहाज़िर रहते है उस परyashhaduhuٱلْمُقَرَّبُونَमुक़र्रब (फ़रिश्ते )l-muqarabūna٢١
जिसके पास समीपवर्ती (फरिश्ते) उपस्थित रहते हैं।
८३:२२
إِنَّबेशकinnaٱلْأَبْرَارَनेक लोगl-abrāraلَفِى(will be) surely inlafīنَعِيمٍयक़ीनन नेअमतों मे होंगेnaʿīmin٢٢
निःसंदेह नेक लोग बड़ी नेमत (आनंद) में होंगे।
८३:२३
عَلَىOnʿalāٱلْأَرَآئِكِमसनदों परl-arāikiيَنظُرُونَवो देख रहे होंगेyanẓurūna٢٣
तख़्तों पर (बैठे) देख रहे होंगे।
८३:२४
تَعْرِفُआप पहचान लेंगेtaʿrifuفِىinوُجُوهِهِمْउनके चेहरों मेंwujūhihimنَضْرَةَरौनक़naḍrataٱلنَّعِيمِनेअमत कीl-naʿīmi٢٤
तुम उनके चेहरों पर नेमत की ताज़गी का आभास करोगे।
८३:२५
يُسْقَوْنَवो पिलाए जाऐंगेyus'qawnaمِنofminرَّحِيقٍۢख़ालिस शराबraḥīqinمَّخْتُومٍमोहर बन्दmakhtūmin٢٥
उन्हें मुहर लगी शुद्ध शराब पिलाई जाएगी।
८३:२६
خِتَـٰمُهُۥउसकी मोहरkhitāmuhuمِسْكٌۭ ۚमुश्क होगीmis'kunوَفِىAnd forwafīذَٰلِكَऔर उसमेंdhālikaفَلْيَتَنَافَسِपस चाहिए कि एक दूसरे पर बाज़ी ले जाऐंfalyatanāfasiٱلْمُتَنَـٰفِسُونَबाज़ी ले जाने वालेl-mutanāfisūna٢٦
उसकी मुहर कस्तूरी की होगी। अतः प्रतिस्पर्धा करने वालों को इसी (की प्राप्ति) के लिए प्रतिस्पर्धा करना चाहिए।
८३:२७
وَمِزَاجُهُۥऔर आमेज़िश उसकीwamizājuhuمِن(is) ofminتَسْنِيمٍतसनीम होगीtasnīmin٢٧
उसमें 'तसनीम' की मिलावट होगी।
८३:२८
عَيْنًۭاजो एक चश्मा हैʿaynanيَشْرَبُपिऐंगेyashrabuبِهَاउससेbihāٱلْمُقَرَّبُونَमुक़र्रब लोगl-muqarabūna٢٨
वह एक स्रोत है, जिससे समीपवर्ती लोग पिएँगे।1
८३:२९
إِنَّबेशकinnaٱلَّذِينَवो जिन्होंनेalladhīnaأَجْرَمُوا۟जुर्म किएajramūكَانُوا۟थे वोkānūمِنَatminaٱلَّذِينَउन लोगों पर जोalladhīnaءَامَنُوا۟ईमान लाएāmanūيَضْحَكُونَवो हँसा करतेyaḍḥakūna٢٩
निःसंदेह जो लोग अपराधी हैं, वे (दुनिया में) ईमान लाने वालों पर हँसा करते थे।
८३:३०
وَإِذَاऔर जबwa-idhāمَرُّوا۟वो गुज़रतेmarrūبِهِمْउनके पास सेbihimيَتَغَامَزُونَवो एक दूसरे को आँख से इशारे करतेyataghāmazūna٣٠
और जब वे उनके पास से गुज़रते, तो आपस में आँखों से इशारे किया करते थे।
८३:३१
وَإِذَاऔर जबwa-idhāٱنقَلَبُوٓا۟वो पलट कर जातेinqalabūإِلَىٰٓतरफ़ilāأَهْلِهِمُअपने घर वालों केahlihimuٱنقَلَبُوا۟वो पलटतेinqalabūفَكِهِينَदिल्लगी करते हुएfakihīna٣١
और जब अपने घर वालों की ओर लौटते, तो (मोमिनों के परिहास का) आनंद लेते हुए लौटते थे।
८३:३२
وَإِذَاऔर जबwa-idhāرَأَوْهُمْवो देखते उन्हेंra-awhumقَالُوٓا۟वो कहतेqālūإِنَّबेशकinnaهَـٰٓؤُلَآءِये लोगhāulāiلَضَآلُّونَयक़ीनन गुमराह हैंlaḍāllūna٣٢
और जब वे उन (मोमिनों) को देखते, तो कहते थे : निःसंदेह ये लोग निश्चय भटके हुए हैं।
८३:३३
وَمَآहालाँकि नहींwamāأُرْسِلُوا۟वो भेजे गए थेur'silūعَلَيْهِمْउन परʿalayhimحَـٰفِظِينَनिगहबान बना करḥāfiẓīna٣٣
हालाँकि वे उनपर निरीक्षक बनाकर नहीं भेजे गए थे।
८३:३४
فَٱلْيَوْمَपस आज के दिनfal-yawmaٱلَّذِينَवो लोग जोalladhīnaءَامَنُوا۟ईमान लाएāmanūمِنَatminaٱلْكُفَّارِकाफ़िरों परl-kufāriيَضْحَكُونَवो हँस रहे होंगेyaḍḥakūna٣٤
तो आज वे लोग जो ईमान लाए, काफ़िरों पर हँस रहे हैं।
८३:३५
عَلَىOnʿalāٱلْأَرَآئِكِमसनदों परl-arāikiيَنظُرُونَवो देख रहे होंगेyanẓurūna٣٥
तख़्तों पर बैठे देख रहे हैं।
८३:३६
هَلْक्याhalثُوِّبَबदला दिए गएthuwwibaٱلْكُفَّارُकाफ़िरl-kufāruمَاजोكَانُوا۟थे वोkānūيَفْعَلُونَवो किया करतेyafʿalūna٣٦
क्या काफ़िरों को उसका बदला मिल गया, जो वे किया करते थे?