८४

अल-इंशिक़ाक़

मक्की २५ आयतें पारा ३०
الإنشقاق
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ साथ नाम bis'mi
साथ नाम
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान
ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
८४:१
إِذَا जब idhā
जब
ٱلسَّمَآءُ आसमान l-samāu
आसमान
ٱنشَقَّتْ फट जाऐगा inshaqqat
फट जाऐगा
١ (1)
(1)
जब आकाश फट जाएगा।
८४:२
وَأَذِنَتْ और वो कान लगाए हुए है wa-adhinat
और वो कान लगाए हुए है
لِرَبِّهَا अपने रब के लिए lirabbihā
अपने रब के लिए
وَحُقَّتْ और वो हक़ दिया गया है waḥuqqat
और वो हक़ दिया गया है
٢ (2)
(2)
और अपने पालनहार के आदेश पर कान लगाएगा और यही उसके योग्य है।
८४:३
وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब
ٱلْأَرْضُ ज़मीन l-arḍu
ज़मीन
مُدَّتْ फैला दी जाएगी muddat
फैला दी जाएगी
٣ (3)
(3)
तथा जब धरती फैला दी जाएगी।
८४:४
وَأَلْقَتْ और वो डाल देगी wa-alqat
और वो डाल देगी
مَا जो कुछ
जो कुछ
فِيهَا उसमें है fīhā
उसमें है
وَتَخَلَّتْ और वो ख़ाली हो जाएगी watakhallat
और वो ख़ाली हो जाएगी
٤ (4)
(4)
और जो कुछ उसके भीतर है, उसे निकाल बाहर फेंक देगी और खाली हो जाएगी।
८४:५
وَأَذِنَتْ और वो कान लगाए हुए है wa-adhinat
और वो कान लगाए हुए है
لِرَبِّهَا अपने रब के लिए lirabbihā
अपने रब के लिए
وَحُقَّتْ और वो हक़ दी गई है waḥuqqat
और वो हक़ दी गई है
٥ (5)
(5)
और अपने पालनहार के आदेश पर कान लगाएगी और यही उसके योग्य है।1
८४:६
يَـٰٓأَيُّهَا yāayyuhā
ٱلْإِنسَـٰنُ इन्सान l-insānu
इन्सान
إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू
كَادِحٌ मेहनत करने वाला है kādiḥun
मेहनत करने वाला है
إِلَىٰ to ilā
to
رَبِّكَ तरफ़ अपने रब के rabbika
तरफ़ अपने रब के
كَدْحًۭا सख़्त मेहनत kadḥan
सख़्त मेहनत
فَمُلَـٰقِيهِ फिर मिलने वाला है उससे famulāqīhi
फिर मिलने वाला है उससे
٦ (6)
(6)
ऐ इनसान! निःसंदेह तू कठिन परिश्रम करते-करते अपने पालनहार की ओर जाने वाला है, फिर तू उससे मिलने वाला है।
८४:७
فَأَمَّا तो रहा fa-ammā
तो रहा
مَنْ वो जो man
वो जो
أُوتِىَ दिया गया ūtiya
दिया गया
كِتَـٰبَهُۥ किताब अपनी kitābahu
किताब अपनी
بِيَمِينِهِۦ अपने दाऐं हाथ में biyamīnihi
अपने दाऐं हाथ में
٧ (7)
(7)
फिर जिस व्यक्ति को उसका कर्मपत्र उसके दाहिने हाथ में दिया गया।
८४:८
فَسَوْفَ तो अनक़रीब fasawfa
तो अनक़रीब
يُحَاسَبُ वो हिसाब लिया जाएग yuḥāsabu
वो हिसाब लिया जाएग
حِسَابًۭا हिसाब ḥisāban
हिसाब
يَسِيرًۭا निहायत आसान yasīran
निहायत आसान
٨ (8)
(8)
तो उसका आसान हिसाब लिया जाएगा।
८४:९
وَيَنقَلِبُ और वो लौटेगा wayanqalibu
और वो लौटेगा
إِلَىٰٓ to ilā
to
أَهْلِهِۦ तरफ़ अपने घर वालों के ahlihi
तरफ़ अपने घर वालों के
مَسْرُورًۭا मसरूर/ ख़ुश masrūran
मसरूर/ ख़ुश
٩ (9)
(9)
तथा वह अपने लोगों की ओर ख़ुश-ख़ुश लौटेगा।
८४:१०
وَأَمَّا और रहा wa-ammā
और रहा
مَنْ वो जो man
वो जो
أُوتِىَ दिया गया ūtiya
दिया गया
كِتَـٰبَهُۥ किताब अपनी kitābahu
किताब अपनी
وَرَآءَ पीछे से warāa
पीछे से
ظَهْرِهِۦ अपनी पुश्त के ẓahrihi
अपनी पुश्त के
١٠ (10)
(10)
और लेकिन जिसे उसका कर्मपत्र उसकी पीठ के पीछे दिया गया।
८४:११
فَسَوْفَ तो अनक़रीब fasawfa
तो अनक़रीब
يَدْعُوا۟ वो पुकारेगा yadʿū
वो पुकारेगा
ثُبُورًۭا हलाकत को thubūran
हलाकत को
١١ (11)
(11)
तो वह विनाश को पुकारेगा।
८४:१२
وَيَصْلَىٰ और वो जलेगा wayaṣlā
और वो जलेगा
سَعِيرًا भड़कती आग में saʿīran
भड़कती आग में
١٢ (12)
(12)
तथा जहन्नम में प्रवेश करेगा।
८४:१३
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
كَانَ था वो kāna
था वो
فِىٓ among
among
أَهْلِهِۦ अपने घर वालों में ahlihi
अपने घर वालों में
مَسْرُورًا मसरूर /ख़ुश masrūran
मसरूर /ख़ुश
١٣ (13)
(13)
निःसंदेह वह अपने घर वालों में बड़ा प्रसन्न था।
८४:१४
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
ظَنَّ वो समझता था ẓanna
वो समझता था
أَن कि an
कि
لَّن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं
يَحُورَ वो लौटेगा yaḥūra
वो लौटेगा
١٤ (14)
(14)
निश्चय उसने समझा था कि वह कभी (अल्लाह की ओर) वापस नहीं लौटेगा।
८४:१५
بَلَىٰٓ क्यों नहीं balā
क्यों नहीं
إِنَّ बेशक inna
बेशक
رَبَّهُۥ रब उसका rabbahu
रब उसका
كَانَ था kāna
था
بِهِۦ उसे bihi
उसे
بَصِيرًۭا ख़ूब देखने वाला baṣīran
ख़ूब देखने वाला
١٥ (15)
(15)
क्यों नहीं, निश्चय उसका पालनहार उसे देख रहा था।1
८४:१६
فَلَآ पस नहीं falā
पस नहीं
أُقْسِمُ मैं क़सम खाता हूँ uq'simu
मैं क़सम खाता हूँ
بِٱلشَّفَقِ शफ़क़ की bil-shafaqi
शफ़क़ की
١٦ (16)
(16)
मैं क़सम खाता हूँ शफ़क़ (सूर्यास्त के बाद की लाली) की।
८४:१७
وَٱلَّيْلِ और रात की wa-al-layli
और रात की
وَمَا और उसकी जिसे wamā
और उसकी जिसे
وَسَقَ वो समेट ले wasaqa
वो समेट ले
١٧ (17)
(17)
तथा रात की और उसकी जो कुछ वह एकत्रित करती है!
८४:१८
وَٱلْقَمَرِ और चाँद की wal-qamari
और चाँद की
إِذَا जब idhā
जब
ٱتَّسَقَ वो पूरा हो जाए ittasaqa
वो पूरा हो जाए
١٨ (18)
(18)
तथा चाँद की, जब वह पूरा हो जाता है।
८४:१९
لَتَرْكَبُنَّ अलबत्ता तुम ज़रूर चढ़ते जाओगे latarkabunna
अलबत्ता तुम ज़रूर चढ़ते जाओगे
طَبَقًا एक दर्जे को ṭabaqan
एक दर्जे को
عَن from ʿan
from
طَبَقٍۢ दूसरे दर्जे से ṭabaqin
दूसरे दर्जे से
١٩ (19)
(19)
तुम अवश्य एक अवस्था से दूसरी अवस्था में स्थानांतरित होते रहोगे।
८४:२०
فَمَا पस क्या है famā
पस क्या है
لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें
لَا not
not
يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाते yu'minūna
नहीं वो ईमान लाते
٢٠ (20)
(20)
फिर उन्हें क्या हो गया है कि वे ईमान नहीं लाते?
८४:२१
وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब
قُرِئَ पढ़ा जाता है quri-a
पढ़ा जाता है
عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर
ٱلْقُرْءَانُ क़ुरआन l-qur'ānu
क़ुरआन
لَا not
not
يَسْجُدُونَ ۩ नहीं वो सजदा करते yasjudūna
नहीं वो सजदा करते
٢١ (21)
(21)
और जब उनके सामने क़ुरआन पढ़ा जाता है, तो सजदा नहीं करते।1
८४:२२
بَلِ बल्कि bali
बल्कि
ٱلَّذِينَ वो लोग जिन्होंने alladhīna
वो लोग जिन्होंने
كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया
يُكَذِّبُونَ वो झुठलाते हैं yukadhibūna
वो झुठलाते हैं
٢٢ (22)
(22)
बल्कि जिन्होंने कुफ़्र किया, वे (उसे) झुठलाते हैं।
८४:२३
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
أَعْلَمُ ख़ूब जानता है aʿlamu
ख़ूब जानता है
بِمَا उसे जो bimā
उसे जो
يُوعُونَ वो समेट रहे हैं yūʿūna
वो समेट रहे हैं
٢٣ (23)
(23)
और अल्लाह सबसे अधिक जानने वाला है जो कुछ वे अपने भीतर रखते हैं।
८४:२४
فَبَشِّرْهُم पस ख़ुशख़बरी दे दीजिए उन्हें fabashir'hum
पस ख़ुशख़बरी दे दीजिए उन्हें
بِعَذَابٍ अज़ाब की biʿadhābin
अज़ाब की
أَلِيمٍ दर्दनाक alīmin
दर्दनाक
٢٤ (24)
(24)
अतः उन्हें एक दर्दनाक यातना की शुभ सूचना दे दो।
८४:२५
إِلَّا सिवाए illā
सिवाए
ٱلَّذِينَ उन लोगों के जो alladhīna
उन लोगों के जो
ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए
وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए
ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक
لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए
أَجْرٌ अजर है ajrun
अजर है
غَيْرُ ना ghayru
ना
مَمْنُونٍۭ ख़त्म होने वाला mamnūnin
ख़त्म होने वाला
٢٥ (25)
(25)
परंतु जो लोग ईमान लाए तथा उन्होंने सत्कर्म किए, उनके लिए कभी न समाप्त होने वाला बदला है।1