८५
अल-बुरूज
البروج
सूरह अल-बुरूज (البروج) पवित्र क़ुरआन का ८५ वाँ अध्याय है — यह एक मक्की सूरह है जिसमें २२ आयतें हैं। मक्की सूरहें पैग़म्बर मुहम्मद (सल्ल.) के मदीना प्रवास से पहले उतरीं और प्रायः ईमान, अल्लाह की एकता और आख़िरत पर बल देती हैं।
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बिस्मिल्लाह
بِسْمِसाथ नामbis'miٱللَّهِअल्लाह केl-lahiٱلرَّحْمَـٰنِजो बहुत मेहरबानl-raḥmāniٱلرَّحِيمِनिहायत रहम करने वाला हैl-raḥīmi
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
८५:१
وَٱلسَّمَآءِक़सम है आसमानwal-samāiذَاتِcontainingdhātiٱلْبُرُوجِबुर्जों वाले कीl-burūji١
क़सम है बुर्जों वाले आकाश की!
८५:२
وَٱلْيَوْمِऔर दिनwal-yawmiٱلْمَوْعُودِवादा किए गए कीl-mawʿūdi٢
और क़सम है उस दिन की, जिसका वादा किया गया है!
८५:३
وَشَاهِدٍۢऔर हाज़िर होने वालेwashāhidinوَمَشْهُودٍۢऔर हाज़िर किए हुए कीwamashhūdin٣
क़सम है गवाह की और उसकी, जिसके बारे में गवाही दी जाएगी!
८५:४
قُتِلَमारे गएqutilaأَصْحَـٰبُ(the) companionsaṣḥābuٱلْأُخْدُودِख़नदक़ों वालेl-ukh'dūdi٤
खाई वालों का नाश हो गया!
८५:५
ٱلنَّارِजो आग थीal-nāriذَاتِfulldhātiٱلْوَقُودِईन्धन वालीl-waqūdi٥
जिसमें ईंधन से भरी आग थी।
८५:६
إِذْजबidhهُمْवोhumعَلَيْهَاउस परʿalayhāقُعُودٌۭबैठे हुए थेquʿūdun٦
जबकि वे उस (के किनारों) पर बैठे हुए थे।
८५:७
وَهُمْऔर वोwahumعَلَىٰऊपरʿalāمَاउसके जोmāيَفْعَلُونَवो कर रहे थेyafʿalūnaبِٱلْمُؤْمِنِينَसाथ मोमिनों केbil-mu'minīnaشُهُودٌۭगवाह थेshuhūdun٧
और वे ईमान वालों के साथ जो कुछ कर रहे थे, उस पर गवाह थे।
८५:८
وَمَاऔर नहींwamāنَقَمُوا۟उन्होंने इन्तिक़ाम लियाnaqamūمِنْهُمْउनसेmin'humإِلَّآमगरillāأَنये किanيُؤْمِنُوا۟वो ईमान लाएyu'minūبِٱللَّهِअल्लाह परbil-lahiٱلْعَزِيزِजो बहुत ज़बरदस्त हैl-ʿazīziٱلْحَمِيدِख़ूब तारीफ़ वाला हैl-ḥamīdi٨
और उन्हें ईमान वालों की केवल यह बात बुरी लगी कि वे उस अल्लाह पर ईमान रखते थे, जो प्रभुत्वशाली और हर प्रकार की प्रशंसा के योग्य है।
८५:९
ٱلَّذِىवो जोalladhīلَهُۥउसके लिए हैlahuمُلْكُबादशाहतmul'kuٱلسَّمَـٰوَٰتِआसमानोंl-samāwātiوَٱلْأَرْضِ ۚऔर ज़मीन कीwal-arḍiوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuعَلَىٰऊपरʿalāكُلِّहरkulliشَىْءٍۢचीज़ केshayinشَهِيدٌगवाह हैshahīdun٩
वह (अल्लाह) कि जिसके लिए आकाशों और धरती का राज्य है, और अल्लाह हर चीज़ से अवगत है।
८५:१०
إِنَّबेशकinnaٱلَّذِينَवो लोग जिन्होंनेalladhīnaفَتَنُوا۟आज़माइश में डालाfatanūٱلْمُؤْمِنِينَमोमिन मर्दों कोl-mu'minīnaوَٱلْمُؤْمِنَـٰتِऔर मोमिन औरतों कोwal-mu'minātiثُمَّफिरthummaلَمْनाlamيَتُوبُوا۟उन्होंने तौबा कीyatūbūفَلَهُمْतो उनके लिएfalahumعَذَابُअज़ाब हैʿadhābuجَهَنَّمَजहन्नम काjahannamaوَلَهُمْऔर उनके लिएwalahumعَذَابُअज़ाब हैʿadhābuٱلْحَرِيقِजलने काl-ḥarīqi١٠
निश्चय जिन लोगों ने ईमान वाले पुरुषों और ईमान वाली स्त्रियों को परीक्षण में डाला (सताया), फिर तौबा न की, तो उनके लिए जहन्नम की यातना है तथा उनके लिए जलाने वाली यातना है।
८५:११
إِنَّबेशकinnaٱلَّذِينَवो जोalladhīnaءَامَنُوا۟ईमान लाएāmanūوَعَمِلُوا۟और उन्होंने अमल किएwaʿamilūٱلصَّـٰلِحَـٰتِनेकl-ṣāliḥātiلَهُمْउनके लिएlahumجَنَّـٰتٌۭबाग़ात हैंjannātunتَجْرِىबहती हैंtajrīمِنfromminتَحْتِهَاउनके नीचे सेtaḥtihāٱلْأَنْهَـٰرُ ۚनहरेंl-anhāruذَٰلِكَयेdhālikaٱلْفَوْزُकामयाबी हैl-fawzuٱلْكَبِيرُबहुत बड़ीl-kabīru١١
निःसंदेह जो लोग ईमान लाए और उन्होंने अच्छे काम किए, उनके लिए ऐसे बाग़ हैं, जिनके नीचे नहरें बह रही हैं और यही बहुत बड़ी सफलता है।1
८५:१२
إِنَّबेशकinnaبَطْشَपकड़baṭshaرَبِّكَआपके रब कीrabbikaلَشَدِيدٌअलबत्ता बहुत शदीद हैlashadīdun١٢
निःसंदेह तेरे पालनहार की पकड़ बड़ी सख्त है।
८५:१३
إِنَّهُۥबेशक वोinnahuهُوَवो हीhuwaيُبْدِئُपहली बार पैदा करता हैyub'di-uوَيُعِيدُऔर वो ही लौटाएगाwayuʿīdu١٣
निःसंदेह वही पहली बार पैदा करता है और (वही) दूसरी बार पैदा करेगा।
८५:१४
وَهُوَऔर वो ही हैwahuwaٱلْغَفُورُबहुत बख़्शने वालाl-ghafūruٱلْوَدُودُबहुत मुहब्बत करने वाला हैl-wadūdu١٤
और वह है जो अत्यंत क्षमा करने वाला, बहुत प्रेम करने वाला है।
८५:१५
ذُوOwner (of)dhūٱلْعَرْشِअर्श वालाl-ʿarshiٱلْمَجِيدُबड़ी शान वालाl-majīdu١٥
वह अर्श (सिंहासन) का मालिक, बड़ा गौरवशाली है।
८५:१६
فَعَّالٌۭकर गुज़रने वाला हैfaʿʿālunلِّمَاउसे जोlimāيُرِيدُवो चाहता हैyurīdu١٦
वह जो चाहता है, कर गुज़रने वाला है।1
८५:१७
هَلْक्याhalأَتَىٰكَआई आपके पासatākaحَدِيثُख़बरḥadīthuٱلْجُنُودِलश्करों कीl-junūdi١٧
(ऐ नबी!) क्या तुम्हें सेनाओं की ख़बर पहुँची है?
८५:१८
فِرْعَوْنَफ़िरऔनfir'ʿawnaوَثَمُودَऔर समूद केwathamūda١٨
फ़िरऔन तथा समूद की?
८५:१९
بَلِबल्किbaliٱلَّذِينَवो जिन्होंनेalladhīnaكَفَرُوا۟कुफ़्र कियाkafarūفِى(are) infīتَكْذِيبٍۢझुठलाने में लगे हुए हैंtakdhībin١٩
बल्कि वे लोग जिन्होंने कुफ़्र किया, झुठलाने में लगे हुए हैं।
८५:२०
وَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuمِنfromminوَرَآئِهِمउनके पीछे से (उन्हें)warāihimمُّحِيطٌۢघेरने वाला हैmuḥīṭun٢٠
और अल्लाह उनके पीछे से (उन्हें) घेरे हुए है।1
८५:२१
بَلْबल्किbalهُوَवोhuwaقُرْءَانٌۭक़ुरआन हैqur'ānunمَّجِيدٌۭबड़ी शान वालाmajīdun٢١
बल्कि वह गौरव वाला क़ुरआन है।
८५:२२
فِىInfīلَوْحٍۢa Tabletlawḥinمَّحْفُوظٍۭलौहे महफ़ूज़ मेंmaḥfūẓin٢٢
जो लौह़े मह़फ़ूज़ (सुरक्षित पट्टिका) में लिखा हुआ है।1
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