८३
अल-मुतफ़्फ़िफ़ीन
المطففين
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
८३:१
وَيْلٌۭ
हलाकतहै
waylun
हलाकतहै لِّلْمُطَفِّفِينَ नाप-तोल में कमी करने वालों के लिए lil'muṭaffifīna
नाप-तोल में कमी करने वालों के लिए ١ (1)
(1)
हलाकतहै لِّلْمُطَفِّفِينَ नाप-तोल में कमी करने वालों के लिए lil'muṭaffifīna
नाप-तोल में कमी करने वालों के लिए ١ (1)
(1)
विनाश है नाप-तौल में कमी करने वालों के लिए।
८३:२
ٱلَّذِينَ
वो लोग
alladhīna
वो लोग إِذَا जब idhā
जब ٱكْتَالُوا۟ वो नाप कर लेते हैं ik'tālū
वो नाप कर लेते हैं عَلَى from ʿalā
from ٱلنَّاسِ लोगों से l-nāsi
लोगों से يَسْتَوْفُونَ वो पूरा-पूरा लेते हैं yastawfūna
वो पूरा-पूरा लेते हैं ٢ (2)
(2)
वो लोग إِذَا जब idhā
जब ٱكْتَالُوا۟ वो नाप कर लेते हैं ik'tālū
वो नाप कर लेते हैं عَلَى from ʿalā
from ٱلنَّاسِ लोगों से l-nāsi
लोगों से يَسْتَوْفُونَ वो पूरा-पूरा लेते हैं yastawfūna
वो पूरा-पूरा लेते हैं ٢ (2)
(2)
वे लोग कि जब लोगों से नापकर लेते हैं, तो पूरा लेते हैं।
८३:३
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब كَالُوهُمْ वो नाप कर देते हैं उन्हें kālūhum
वो नाप कर देते हैं उन्हें أَو या aw
या وَّزَنُوهُمْ वो तोल कर देते हैं उन्हें wazanūhum
वो तोल कर देते हैं उन्हें يُخْسِرُونَ वो कम देते हैं yukh'sirūna
वो कम देते हैं ٣ (3)
(3)
और जब كَالُوهُمْ वो नाप कर देते हैं उन्हें kālūhum
वो नाप कर देते हैं उन्हें أَو या aw
या وَّزَنُوهُمْ वो तोल कर देते हैं उन्हें wazanūhum
वो तोल कर देते हैं उन्हें يُخْسِرُونَ वो कम देते हैं yukh'sirūna
वो कम देते हैं ٣ (3)
(3)
और जब उन्हें नापकर या तौलकर देते हैं, तो कम देते हैं।
८३:४
أَلَا
क्या नहीं
alā
क्या नहीं يَظُنُّ यक़ीन रखते yaẓunnu
यक़ीन रखते أُو۟لَـٰٓئِكَ ये लोग ulāika
ये लोग أَنَّهُم बेशक वो annahum
बेशक वो مَّبْعُوثُونَ उठाए जाने वाले हैं mabʿūthūna
उठाए जाने वाले हैं ٤ (4)
(4)
क्या नहीं يَظُنُّ यक़ीन रखते yaẓunnu
यक़ीन रखते أُو۟لَـٰٓئِكَ ये लोग ulāika
ये लोग أَنَّهُم बेशक वो annahum
बेशक वो مَّبْعُوثُونَ उठाए जाने वाले हैं mabʿūthūna
उठाए जाने वाले हैं ٤ (4)
(4)
क्या वे लोग विश्वास नहीं रखते कि वे (मरने के बाद) उठाए जाने वाले हैं?
८३:५
لِيَوْمٍ
For a Day
liyawmin
For a Day عَظِيمٍۢ एक बड़े दिन के लिए ʿaẓīmin
एक बड़े दिन के लिए ٥ (5)
(5)
For a Day عَظِيمٍۢ एक बड़े दिन के लिए ʿaẓīmin
एक बड़े दिन के लिए ٥ (5)
(5)
एक बहुत बड़े दिन के लिए।
८३:६
يَوْمَ
जिस दिन
yawma
जिस दिन يَقُومُ खड़े होंगे yaqūmu
खड़े होंगे ٱلنَّاسُ लोग l-nāsu
लोग لِرَبِّ रब के लिए lirabbi
रब के लिए ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों के l-ʿālamīna
तमाम जहानों के ٦ (6)
(6)
जिस दिन يَقُومُ खड़े होंगे yaqūmu
खड़े होंगे ٱلنَّاسُ लोग l-nāsu
लोग لِرَبِّ रब के लिए lirabbi
रब के लिए ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों के l-ʿālamīna
तमाम जहानों के ٦ (6)
(6)
जिस दिन लोग सर्व संसार के पालनहार के सामने खड़े होंगे।1
८३:७
كَلَّآ
हरगिज़ नहीं
kallā
हरगिज़ नहीं إِنَّ बेशक inna
बेशक كِتَـٰبَ किताब(आमाल नामा) kitāba
किताब(आमाल नामा) ٱلْفُجَّارِ बदकारों की l-fujāri
बदकारों की لَفِى (is) surely in lafī
(is) surely in سِجِّينٍۢ यक़ीनन सिज्जीन में है sijjīnin
यक़ीनन सिज्जीन में है ٧ (7)
(7)
हरगिज़ नहीं إِنَّ बेशक inna
बेशक كِتَـٰبَ किताब(आमाल नामा) kitāba
किताब(आमाल नामा) ٱلْفُجَّارِ बदकारों की l-fujāri
बदकारों की لَفِى (is) surely in lafī
(is) surely in سِجِّينٍۢ यक़ीनन सिज्जीन में है sijjīnin
यक़ीनन सिज्जीन में है ٧ (7)
(7)
हरगिज़ नहीं, निःसंदेह दुराचारियों का कर्म-पत्र "सिज्जीन" में है।
८३:८
وَمَآ
और क्या चीज़
wamā
और क्या चीज़ أَدْرَىٰكَ बताए आपको adrāka
बताए आपको مَا क्या है mā
क्या है سِجِّينٌۭ सिज्जीन sijjīnun
सिज्जीन ٨ (8)
(8)
और क्या चीज़ أَدْرَىٰكَ बताए आपको adrāka
बताए आपको مَا क्या है mā
क्या है سِجِّينٌۭ सिज्जीन sijjīnun
सिज्जीन ٨ (8)
(8)
और तुम क्या जानो कि 'सिज्जीन' क्या है?
८३:९
كِتَـٰبٌۭ
एक किताब है
kitābun
एक किताब है مَّرْقُومٌۭ लिखी हुई marqūmun
लिखी हुई ٩ (9)
(9)
एक किताब है مَّرْقُومٌۭ लिखी हुई marqūmun
लिखी हुई ٩ (9)
(9)
वह एक लिखित पुस्तक है।
८३:१०
وَيْلٌۭ
हलाकत है
waylun
हलाकत है يَوْمَئِذٍۢ उस दिन yawma-idhin
उस दिन لِّلْمُكَذِّبِينَ झुठलाने वालों के लिए lil'mukadhibīna
झुठलाने वालों के लिए ١٠ (10)
(10)
हलाकत है يَوْمَئِذٍۢ उस दिन yawma-idhin
उस दिन لِّلْمُكَذِّبِينَ झुठलाने वालों के लिए lil'mukadhibīna
झुठलाने वालों के लिए ١٠ (10)
(10)
उस दिन झुठलाने वालों के लिए विनाश है।
८३:११
ٱلَّذِينَ
वो जो
alladhīna
वो जो يُكَذِّبُونَ झुठलाते हैं yukadhibūna
झुठलाते हैं بِيَوْمِ (the) Day biyawmi
(the) Day ٱلدِّينِ बदले के दिन को l-dīni
बदले के दिन को ١١ (11)
(11)
वो जो يُكَذِّبُونَ झुठलाते हैं yukadhibūna
झुठलाते हैं بِيَوْمِ (the) Day biyawmi
(the) Day ٱلدِّينِ बदले के दिन को l-dīni
बदले के दिन को ١١ (11)
(11)
जो बदले के दिन को झुठलाते हैं।
८३:१२
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं يُكَذِّبُ झुठलाता yukadhibu
झुठलाता بِهِۦٓ उसे bihi
उसे إِلَّا मगर illā
मगर كُلُّ हर kullu
हर مُعْتَدٍ हद से बढ़ने वाला muʿ'tadin
हद से बढ़ने वाला أَثِيمٍ सख़्त गुनाहगार athīmin
सख़्त गुनाहगार ١٢ (12)
(12)
और नहीं يُكَذِّبُ झुठलाता yukadhibu
झुठलाता بِهِۦٓ उसे bihi
उसे إِلَّا मगर illā
मगर كُلُّ हर kullu
हर مُعْتَدٍ हद से बढ़ने वाला muʿ'tadin
हद से बढ़ने वाला أَثِيمٍ सख़्त गुनाहगार athīmin
सख़्त गुनाहगार ١٢ (12)
(12)
तथा उसे केवल वही झुठलाता है, जो सीमा का उल्लंघन करने वाला, बड़ा पापी है।
८३:१३
إِذَا
जब
idhā
जब تُتْلَىٰ पढ़ी जाती हैं tut'lā
पढ़ी जाती हैं عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर ءَايَـٰتُنَا आयात हमारी āyātunā
आयात हमारी قَالَ वो कहता है qāla
वो कहता है أَسَـٰطِيرُ कहानियाँ हैं asāṭīru
कहानियाँ हैं ٱلْأَوَّلِينَ पहलों की l-awalīna
पहलों की ١٣ (13)
(13)
जब تُتْلَىٰ पढ़ी जाती हैं tut'lā
पढ़ी जाती हैं عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर ءَايَـٰتُنَا आयात हमारी āyātunā
आयात हमारी قَالَ वो कहता है qāla
वो कहता है أَسَـٰطِيرُ कहानियाँ हैं asāṭīru
कहानियाँ हैं ٱلْأَوَّلِينَ पहलों की l-awalīna
पहलों की ١٣ (13)
(13)
जब उसके सामने हमारी आयतों को पढ़ा जाता है, तो कहता है : यह पहले लोगों की कहानियाँ हैं।
८३:१४
كَلَّا ۖ
हरगिज़ नहीं
kallā
हरगिज़ नहीं بَلْ ۜ बल्कि bal
बल्कि رَانَ ज़ंग चढ़ गया है rāna
ज़ंग चढ़ गया है عَلَىٰ [over] ʿalā
[over] قُلُوبِهِم उनके दिलों पर qulūbihim
उनके दिलों पर مَّا उसका जो mā
उसका जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَكْسِبُونَ वो कमाई करते yaksibūna
वो कमाई करते ١٤ (14)
(14)
हरगिज़ नहीं بَلْ ۜ बल्कि bal
बल्कि رَانَ ज़ंग चढ़ गया है rāna
ज़ंग चढ़ गया है عَلَىٰ [over] ʿalā
[over] قُلُوبِهِم उनके दिलों पर qulūbihim
उनके दिलों पर مَّا उसका जो mā
उसका जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَكْسِبُونَ वो कमाई करते yaksibūna
वो कमाई करते ١٤ (14)
(14)
हरगिज़ नहीं, बल्कि जो कुछ वे कमाते थे, वह ज़ंग बनकर उनके दिलों पर छा गया है।
८३:१५
كَلَّآ
हरगिज़ नहीं
kallā
हरगिज़ नहीं إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो عَن from ʿan
from رَّبِّهِمْ अपने रब से rabbihim
अपने रब से يَوْمَئِذٍۢ उस दिन yawma-idhin
उस दिन لَّمَحْجُوبُونَ अलबत्ता हिजाब में रखे जाने वाले हैं lamaḥjūbūna
अलबत्ता हिजाब में रखे जाने वाले हैं ١٥ (15)
(15)
हरगिज़ नहीं إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो عَن from ʿan
from رَّبِّهِمْ अपने रब से rabbihim
अपने रब से يَوْمَئِذٍۢ उस दिन yawma-idhin
उस दिन لَّمَحْجُوبُونَ अलबत्ता हिजाब में रखे जाने वाले हैं lamaḥjūbūna
अलबत्ता हिजाब में रखे जाने वाले हैं ١٥ (15)
(15)
हरगिज़ नहीं, निश्चय वे उस दिन अपने पालनहार (के दर्शन) से रोक दिए जाएँगे।
८३:१६
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो لَصَالُوا۟ अलबत्ता झोंके जाने वाले हैं laṣālū
अलबत्ता झोंके जाने वाले हैं ٱلْجَحِيمِ जहन्नम में l-jaḥīmi
जहन्नम में ١٦ (16)
(16)
फिर إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो لَصَالُوا۟ अलबत्ता झोंके जाने वाले हैं laṣālū
अलबत्ता झोंके जाने वाले हैं ٱلْجَحِيمِ जहन्नम में l-jaḥīmi
जहन्नम में ١٦ (16)
(16)
फिर निःसंदेह वे अवश्य जहन्नम में प्रवेश करने वाले हैं।
८३:१७
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर يُقَالُ कहा जाएगा yuqālu
कहा जाएगा هَـٰذَا ये है hādhā
ये है ٱلَّذِى वो चीज़ alladhī
वो चीज़ كُنتُم थे तुम kuntum
थे तुम بِهِۦ जिसे bihi
जिसे تُكَذِّبُونَ तुम झुठलाया करते tukadhibūna
तुम झुठलाया करते ١٧ (17)
(17)
फिर يُقَالُ कहा जाएगा yuqālu
कहा जाएगा هَـٰذَا ये है hādhā
ये है ٱلَّذِى वो चीज़ alladhī
वो चीज़ كُنتُم थे तुम kuntum
थे तुम بِهِۦ जिसे bihi
जिसे تُكَذِّبُونَ तुम झुठलाया करते tukadhibūna
तुम झुठलाया करते ١٧ (17)
(17)
फिर कहा जाएगा : यही है, जिसे तुम झुठलाया करते थे।1
८३:१८
كَلَّآ
हरगिज़ नहीं
kallā
हरगिज़ नहीं إِنَّ बेशक inna
बेशक كِتَـٰبَ किताब kitāba
किताब ٱلْأَبْرَارِ नेक लोगों की l-abrāri
नेक लोगों की لَفِى (will be) surely in lafī
(will be) surely in عِلِّيِّينَ यक़ीनन इल्लीयीन में है ʿilliyyīna
यक़ीनन इल्लीयीन में है ١٨ (18)
(18)
हरगिज़ नहीं إِنَّ बेशक inna
बेशक كِتَـٰبَ किताब kitāba
किताब ٱلْأَبْرَارِ नेक लोगों की l-abrāri
नेक लोगों की لَفِى (will be) surely in lafī
(will be) surely in عِلِّيِّينَ यक़ीनन इल्लीयीन में है ʿilliyyīna
यक़ीनन इल्लीयीन में है ١٨ (18)
(18)
हरगिज़ नहीं, निःसंदेह नेक लोगों का कर्म-पत्र निश्चय "इल्लिय्यीन" में है।
८३:१९
وَمَآ
और क्या चीज़
wamā
और क्या चीज़ أَدْرَىٰكَ बताए आपको adrāka
बताए आपको مَا क्या है mā
क्या है عِلِّيُّونَ इल्लीयीन ʿilliyyūna
इल्लीयीन ١٩ (19)
(19)
और क्या चीज़ أَدْرَىٰكَ बताए आपको adrāka
बताए आपको مَا क्या है mā
क्या है عِلِّيُّونَ इल्लीयीन ʿilliyyūna
इल्लीयीन ١٩ (19)
(19)
और तुम क्या जानो कि 'इल्लिय्यीन' क्या है?
८३:२०
كِتَـٰبٌۭ
एक किताब है
kitābun
एक किताब है مَّرْقُومٌۭ लिखी हुई marqūmun
लिखी हुई ٢٠ (20)
(20)
एक किताब है مَّرْقُومٌۭ लिखी हुई marqūmun
लिखी हुई ٢٠ (20)
(20)
वह एक लिखित पुस्तक है।
८३:२१
يَشْهَدُهُ
हाज़िर रहते है उस पर
yashhaduhu
हाज़िर रहते है उस पर ٱلْمُقَرَّبُونَ मुक़र्रब (फ़रिश्ते ) l-muqarabūna
मुक़र्रब (फ़रिश्ते ) ٢١ (21)
(21)
हाज़िर रहते है उस पर ٱلْمُقَرَّبُونَ मुक़र्रब (फ़रिश्ते ) l-muqarabūna
मुक़र्रब (फ़रिश्ते ) ٢١ (21)
(21)
जिसके पास समीपवर्ती (फरिश्ते) उपस्थित रहते हैं।
८३:२२
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلْأَبْرَارَ नेक लोग l-abrāra
नेक लोग لَفِى (will be) surely in lafī
(will be) surely in نَعِيمٍ यक़ीनन नेअमतों मे होंगे naʿīmin
यक़ीनन नेअमतों मे होंगे ٢٢ (22)
(22)
बेशक ٱلْأَبْرَارَ नेक लोग l-abrāra
नेक लोग لَفِى (will be) surely in lafī
(will be) surely in نَعِيمٍ यक़ीनन नेअमतों मे होंगे naʿīmin
यक़ीनन नेअमतों मे होंगे ٢٢ (22)
(22)
निःसंदेह नेक लोग बड़ी नेमत (आनंद) में होंगे।
८३:२३
عَلَى
On
ʿalā
On ٱلْأَرَآئِكِ मसनदों पर l-arāiki
मसनदों पर يَنظُرُونَ वो देख रहे होंगे yanẓurūna
वो देख रहे होंगे ٢٣ (23)
(23)
On ٱلْأَرَآئِكِ मसनदों पर l-arāiki
मसनदों पर يَنظُرُونَ वो देख रहे होंगे yanẓurūna
वो देख रहे होंगे ٢٣ (23)
(23)
तख़्तों पर (बैठे) देख रहे होंगे।
८३:२४
تَعْرِفُ
आप पहचान लेंगे
taʿrifu
आप पहचान लेंगे فِى in fī
in وُجُوهِهِمْ उनके चेहरों में wujūhihim
उनके चेहरों में نَضْرَةَ रौनक़ naḍrata
रौनक़ ٱلنَّعِيمِ नेअमत की l-naʿīmi
नेअमत की ٢٤ (24)
(24)
आप पहचान लेंगे فِى in fī
in وُجُوهِهِمْ उनके चेहरों में wujūhihim
उनके चेहरों में نَضْرَةَ रौनक़ naḍrata
रौनक़ ٱلنَّعِيمِ नेअमत की l-naʿīmi
नेअमत की ٢٤ (24)
(24)
तुम उनके चेहरों पर नेमत की ताज़गी का आभास करोगे।
८३:२५
يُسْقَوْنَ
वो पिलाए जाऐंगे
yus'qawna
वो पिलाए जाऐंगे مِن of min
of رَّحِيقٍۢ ख़ालिस शराब raḥīqin
ख़ालिस शराब مَّخْتُومٍ मोहर बन्द makhtūmin
मोहर बन्द ٢٥ (25)
(25)
वो पिलाए जाऐंगे مِن of min
of رَّحِيقٍۢ ख़ालिस शराब raḥīqin
ख़ालिस शराब مَّخْتُومٍ मोहर बन्द makhtūmin
मोहर बन्द ٢٥ (25)
(25)
उन्हें मुहर लगी शुद्ध शराब पिलाई जाएगी।
८३:२६
خِتَـٰمُهُۥ
उसकी मोहर
khitāmuhu
उसकी मोहर مِسْكٌۭ ۚ मुश्क होगी mis'kun
मुश्क होगी وَفِى And for wafī
And for ذَٰلِكَ और उसमें dhālika
और उसमें فَلْيَتَنَافَسِ पस चाहिए कि एक दूसरे पर बाज़ी ले जाऐं falyatanāfasi
पस चाहिए कि एक दूसरे पर बाज़ी ले जाऐं ٱلْمُتَنَـٰفِسُونَ बाज़ी ले जाने वाले l-mutanāfisūna
बाज़ी ले जाने वाले ٢٦ (26)
(26)
उसकी मोहर مِسْكٌۭ ۚ मुश्क होगी mis'kun
मुश्क होगी وَفِى And for wafī
And for ذَٰلِكَ और उसमें dhālika
और उसमें فَلْيَتَنَافَسِ पस चाहिए कि एक दूसरे पर बाज़ी ले जाऐं falyatanāfasi
पस चाहिए कि एक दूसरे पर बाज़ी ले जाऐं ٱلْمُتَنَـٰفِسُونَ बाज़ी ले जाने वाले l-mutanāfisūna
बाज़ी ले जाने वाले ٢٦ (26)
(26)
उसकी मुहर कस्तूरी की होगी। अतः प्रतिस्पर्धा करने वालों को इसी (की प्राप्ति) के लिए प्रतिस्पर्धा करना चाहिए।
८३:२७
وَمِزَاجُهُۥ
और आमेज़िश उसकी
wamizājuhu
और आमेज़िश उसकी مِن (is) of min
(is) of تَسْنِيمٍ तसनीम होगी tasnīmin
तसनीम होगी ٢٧ (27)
(27)
और आमेज़िश उसकी مِن (is) of min
(is) of تَسْنِيمٍ तसनीम होगी tasnīmin
तसनीम होगी ٢٧ (27)
(27)
उसमें 'तसनीम' की मिलावट होगी।
८३:२८
عَيْنًۭا
जो एक चश्मा है
ʿaynan
जो एक चश्मा है يَشْرَبُ पिऐंगे yashrabu
पिऐंगे بِهَا उससे bihā
उससे ٱلْمُقَرَّبُونَ मुक़र्रब लोग l-muqarabūna
मुक़र्रब लोग ٢٨ (28)
(28)
जो एक चश्मा है يَشْرَبُ पिऐंगे yashrabu
पिऐंगे بِهَا उससे bihā
उससे ٱلْمُقَرَّبُونَ मुक़र्रब लोग l-muqarabūna
मुक़र्रब लोग ٢٨ (28)
(28)
वह एक स्रोत है, जिससे समीपवर्ती लोग पिएँगे।1
८३:२९
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने أَجْرَمُوا۟ जुर्म किए ajramū
जुर्म किए كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो مِنَ at mina
at ٱلَّذِينَ उन लोगों पर जो alladhīna
उन लोगों पर जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए يَضْحَكُونَ वो हँसा करते yaḍḥakūna
वो हँसा करते ٢٩ (29)
(29)
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने أَجْرَمُوا۟ जुर्म किए ajramū
जुर्म किए كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो مِنَ at mina
at ٱلَّذِينَ उन लोगों पर जो alladhīna
उन लोगों पर जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए يَضْحَكُونَ वो हँसा करते yaḍḥakūna
वो हँसा करते ٢٩ (29)
(29)
निःसंदेह जो लोग अपराधी हैं, वे (दुनिया में) ईमान लाने वालों पर हँसा करते थे।
८३:३०
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब مَرُّوا۟ वो गुज़रते marrū
वो गुज़रते بِهِمْ उनके पास से bihim
उनके पास से يَتَغَامَزُونَ वो एक दूसरे को आँख से इशारे करते yataghāmazūna
वो एक दूसरे को आँख से इशारे करते ٣٠ (30)
(30)
और जब مَرُّوا۟ वो गुज़रते marrū
वो गुज़रते بِهِمْ उनके पास से bihim
उनके पास से يَتَغَامَزُونَ वो एक दूसरे को आँख से इशारे करते yataghāmazūna
वो एक दूसरे को आँख से इशारे करते ٣٠ (30)
(30)
और जब वे उनके पास से गुज़रते, तो आपस में आँखों से इशारे किया करते थे।
८३:३१
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब ٱنقَلَبُوٓا۟ वो पलट कर जाते inqalabū
वो पलट कर जाते إِلَىٰٓ तरफ़ ilā
तरफ़ أَهْلِهِمُ अपने घर वालों के ahlihimu
अपने घर वालों के ٱنقَلَبُوا۟ वो पलटते inqalabū
वो पलटते فَكِهِينَ दिल्लगी करते हुए fakihīna
दिल्लगी करते हुए ٣١ (31)
(31)
और जब ٱنقَلَبُوٓا۟ वो पलट कर जाते inqalabū
वो पलट कर जाते إِلَىٰٓ तरफ़ ilā
तरफ़ أَهْلِهِمُ अपने घर वालों के ahlihimu
अपने घर वालों के ٱنقَلَبُوا۟ वो पलटते inqalabū
वो पलटते فَكِهِينَ दिल्लगी करते हुए fakihīna
दिल्लगी करते हुए ٣١ (31)
(31)
और जब अपने घर वालों की ओर लौटते, तो (मोमिनों के परिहास का) आनंद लेते हुए लौटते थे।
८३:३२
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब رَأَوْهُمْ वो देखते उन्हें ra-awhum
वो देखते उन्हें قَالُوٓا۟ वो कहते qālū
वो कहते إِنَّ बेशक inna
बेशक هَـٰٓؤُلَآءِ ये लोग hāulāi
ये लोग لَضَآلُّونَ यक़ीनन गुमराह हैं laḍāllūna
यक़ीनन गुमराह हैं ٣٢ (32)
(32)
और जब رَأَوْهُمْ वो देखते उन्हें ra-awhum
वो देखते उन्हें قَالُوٓا۟ वो कहते qālū
वो कहते إِنَّ बेशक inna
बेशक هَـٰٓؤُلَآءِ ये लोग hāulāi
ये लोग لَضَآلُّونَ यक़ीनन गुमराह हैं laḍāllūna
यक़ीनन गुमराह हैं ٣٢ (32)
(32)
और जब वे उन (मोमिनों) को देखते, तो कहते थे : निःसंदेह ये लोग निश्चय भटके हुए हैं।
८३:३३
وَمَآ
हालाँकि नहीं
wamā
हालाँकि नहीं أُرْسِلُوا۟ वो भेजे गए थे ur'silū
वो भेजे गए थे عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर حَـٰفِظِينَ निगहबान बना कर ḥāfiẓīna
निगहबान बना कर ٣٣ (33)
(33)
हालाँकि नहीं أُرْسِلُوا۟ वो भेजे गए थे ur'silū
वो भेजे गए थे عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर حَـٰفِظِينَ निगहबान बना कर ḥāfiẓīna
निगहबान बना कर ٣٣ (33)
(33)
हालाँकि वे उनपर निरीक्षक बनाकर नहीं भेजे गए थे।
८३:३४
فَٱلْيَوْمَ
पस आज के दिन
fal-yawma
पस आज के दिन ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए مِنَ at mina
at ٱلْكُفَّارِ काफ़िरों पर l-kufāri
काफ़िरों पर يَضْحَكُونَ वो हँस रहे होंगे yaḍḥakūna
वो हँस रहे होंगे ٣٤ (34)
(34)
पस आज के दिन ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए مِنَ at mina
at ٱلْكُفَّارِ काफ़िरों पर l-kufāri
काफ़िरों पर يَضْحَكُونَ वो हँस रहे होंगे yaḍḥakūna
वो हँस रहे होंगे ٣٤ (34)
(34)
तो आज वे लोग जो ईमान लाए, काफ़िरों पर हँस रहे हैं।
८३:३५
عَلَى
On
ʿalā
On ٱلْأَرَآئِكِ मसनदों पर l-arāiki
मसनदों पर يَنظُرُونَ वो देख रहे होंगे yanẓurūna
वो देख रहे होंगे ٣٥ (35)
(35)
On ٱلْأَرَآئِكِ मसनदों पर l-arāiki
मसनदों पर يَنظُرُونَ वो देख रहे होंगे yanẓurūna
वो देख रहे होंगे ٣٥ (35)
(35)
तख़्तों पर बैठे देख रहे हैं।
८३:३६
هَلْ
क्या
hal
क्या ثُوِّبَ बदला दिए गए thuwwiba
बदला दिए गए ٱلْكُفَّارُ काफ़िर l-kufāru
काफ़िर مَا जो mā
जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَفْعَلُونَ वो किया करते yafʿalūna
वो किया करते ٣٦ (36)
(36)
क्या ثُوِّبَ बदला दिए गए thuwwiba
बदला दिए गए ٱلْكُفَّارُ काफ़िर l-kufāru
काफ़िर مَا जो mā
जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَفْعَلُونَ वो किया करते yafʿalūna
वो किया करते ٣٦ (36)
(36)
क्या काफ़िरों को उसका बदला मिल गया, जो वे किया करते थे?