२७
अन-नम्ल
النمل
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
२७:१
طسٓ ۚ
ط س
tta-seen
ط س تِلْكَ ये til'ka
ये ءَايَـٰتُ आयात हैं āyātu
आयात हैं ٱلْقُرْءَانِ क़ुरआन की l-qur'āni
क़ुरआन की وَكِتَابٍۢ and a Book wakitābin
and a Book مُّبِينٍ और वाज़ेह किताब की mubīnin
और वाज़ेह किताब की ١ (1)
(1)
ط س تِلْكَ ये til'ka
ये ءَايَـٰتُ आयात हैं āyātu
आयात हैं ٱلْقُرْءَانِ क़ुरआन की l-qur'āni
क़ुरआन की وَكِتَابٍۢ and a Book wakitābin
and a Book مُّبِينٍ और वाज़ेह किताब की mubīnin
और वाज़ेह किताब की ١ (1)
(1)
ता, सीन। ये क़ुरआन तथा स्पष्ट पुस्तक की आयतें हैं।
२७:२
هُدًۭى
हिदायत
hudan
हिदायत وَبُشْرَىٰ और ख़ुशख़बरी है wabush'rā
और ख़ुशख़बरी है لِلْمُؤْمِنِينَ ईमान लाने वालों के लिए lil'mu'minīna
ईमान लाने वालों के लिए ٢ (2)
(2)
हिदायत وَبُشْرَىٰ और ख़ुशख़बरी है wabush'rā
और ख़ुशख़बरी है لِلْمُؤْمِنِينَ ईमान लाने वालों के लिए lil'mu'minīna
ईमान लाने वालों के लिए ٢ (2)
(2)
ईमानवालों के लिए मार्गदर्शन तथा शुभ-सूचना हैं।
२७:३
ٱلَّذِينَ
वो जो
alladhīna
वो जो يُقِيمُونَ क़ायम करते हैं yuqīmūna
क़ायम करते हैं ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَيُؤْتُونَ और वो अदा करते हैं wayu'tūna
और वो अदा करते हैं ٱلزَّكَوٰةَ ज़कात l-zakata
ज़कात وَهُم और वो wahum
और वो بِٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत पर bil-ākhirati
आख़िरत पर هُمْ वो hum
वो يُوقِنُونَ वो यक़ीन रखते हैं yūqinūna
वो यक़ीन रखते हैं ٣ (3)
(3)
वो जो يُقِيمُونَ क़ायम करते हैं yuqīmūna
क़ायम करते हैं ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़ وَيُؤْتُونَ और वो अदा करते हैं wayu'tūna
और वो अदा करते हैं ٱلزَّكَوٰةَ ज़कात l-zakata
ज़कात وَهُم और वो wahum
और वो بِٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत पर bil-ākhirati
आख़िरत पर هُمْ वो hum
वो يُوقِنُونَ वो यक़ीन रखते हैं yūqinūna
वो यक़ीन रखते हैं ٣ (3)
(3)
जो नमाज़ स्थापित करते तथा ज़कात देते हैं और वही हैं, जो आख़िरत (परलोक) पर विश्वास रखते हैं।
२७:४
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो لَا (do) not lā
(do) not يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाते yu'minūna
नहीं वो ईमान लाते بِٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत पर bil-ākhirati
आख़िरत पर زَيَّنَّا मुज़य्यन कर दिए हमने zayyannā
मुज़य्यन कर दिए हमने لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए أَعْمَـٰلَهُمْ आमाल उनके aʿmālahum
आमाल उनके فَهُمْ तो वो fahum
तो वो يَعْمَهُونَ वो भटकते फिरते हैं yaʿmahūna
वो भटकते फिरते हैं ٤ (4)
(4)
बेशक ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो لَا (do) not lā
(do) not يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाते yu'minūna
नहीं वो ईमान लाते بِٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत पर bil-ākhirati
आख़िरत पर زَيَّنَّا मुज़य्यन कर दिए हमने zayyannā
मुज़य्यन कर दिए हमने لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए أَعْمَـٰلَهُمْ आमाल उनके aʿmālahum
आमाल उनके فَهُمْ तो वो fahum
तो वो يَعْمَهُونَ वो भटकते फिरते हैं yaʿmahūna
वो भटकते फिरते हैं ٤ (4)
(4)
निःसंदेह जो लोग आख़िरत पर ईमान नहीं रखते, हमने उनके कर्मों को उनके लिए सुंदर बना दिया है। अतः वे भटकते फिरते है।
२७:५
أُو۟لَـٰٓئِكَ
यही लोग हैं
ulāika
यही लोग हैं ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए سُوٓءُ बुरा sūu
बुरा ٱلْعَذَابِ अज़ाब है l-ʿadhābi
अज़ाब है وَهُمْ और वो wahum
और वो فِى in fī
in ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत में l-ākhirati
आख़िरत में هُمُ वो ही humu
वो ही ٱلْأَخْسَرُونَ सबसे ज़्यादा ख़सारे वाले हैं l-akhsarūna
सबसे ज़्यादा ख़सारे वाले हैं ٥ (5)
(5)
यही लोग हैं ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए سُوٓءُ बुरा sūu
बुरा ٱلْعَذَابِ अज़ाब है l-ʿadhābi
अज़ाब है وَهُمْ और वो wahum
और वो فِى in fī
in ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत में l-ākhirati
आख़िरत में هُمُ वो ही humu
वो ही ٱلْأَخْسَرُونَ सबसे ज़्यादा ख़सारे वाले हैं l-akhsarūna
सबसे ज़्यादा ख़सारे वाले हैं ٥ (5)
(5)
यही लोग हैं, जिनके लिए बुरी यातना है तथा आख़िरत में यही सबसे अधिक घाटा उठाने वाले हैं।
२७:६
وَإِنَّكَ
और बेशक आप
wa-innaka
और बेशक आप لَتُلَقَّى अलबत्ता आप दिए जाते हैं latulaqqā
अलबत्ता आप दिए जाते हैं ٱلْقُرْءَانَ क़ुरआन l-qur'āna
क़ुरआन مِن from [near] min
from [near] لَّدُنْ पास से ladun
पास से حَكِيمٍ बहुत हिकमत वाले ḥakīmin
बहुत हिकमत वाले عَلِيمٍ बहुत इल्म वाले के ʿalīmin
बहुत इल्म वाले के ٦ (6)
(6)
और बेशक आप لَتُلَقَّى अलबत्ता आप दिए जाते हैं latulaqqā
अलबत्ता आप दिए जाते हैं ٱلْقُرْءَانَ क़ुरआन l-qur'āna
क़ुरआन مِن from [near] min
from [near] لَّدُنْ पास से ladun
पास से حَكِيمٍ बहुत हिकमत वाले ḥakīmin
बहुत हिकमत वाले عَلِيمٍ बहुत इल्म वाले के ʿalīmin
बहुत इल्म वाले के ٦ (6)
(6)
और निःसंदेह आपको क़ुरर्आन एक पूर्ण हिकमत वाले, सब कुछ जानने वाले की ओर से दिया जाता है।
२७:७
إِذْ
जब
idh
जब قَالَ कहा qāla
कहा مُوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने لِأَهْلِهِۦٓ अपने घर वालों से li-ahlihi
अपने घर वालों से إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं ءَانَسْتُ देखी है मैं ने ānastu
देखी है मैं ने نَارًۭا एक आग nāran
एक आग سَـَٔاتِيكُم अनक़रीब मैं लाऊँगा तुम्हारे पास saātīkum
अनक़रीब मैं लाऊँगा तुम्हारे पास مِّنْهَا उसमें से min'hā
उसमें से بِخَبَرٍ कोई ख़बर bikhabarin
कोई ख़बर أَوْ या aw
या ءَاتِيكُم मैं लाऊँगा तुम्हारे पास ātīkum
मैं लाऊँगा तुम्हारे पास بِشِهَابٍۢ एक अँगारा bishihābin
एक अँगारा قَبَسٍۢ जलता हुआ qabasin
जलता हुआ لَّعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَصْطَلُونَ तुम ताप सको taṣṭalūna
तुम ताप सको ٧ (7)
(7)
जब قَالَ कहा qāla
कहा مُوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने لِأَهْلِهِۦٓ अपने घर वालों से li-ahlihi
अपने घर वालों से إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं ءَانَسْتُ देखी है मैं ने ānastu
देखी है मैं ने نَارًۭا एक आग nāran
एक आग سَـَٔاتِيكُم अनक़रीब मैं लाऊँगा तुम्हारे पास saātīkum
अनक़रीब मैं लाऊँगा तुम्हारे पास مِّنْهَا उसमें से min'hā
उसमें से بِخَبَرٍ कोई ख़बर bikhabarin
कोई ख़बर أَوْ या aw
या ءَاتِيكُم मैं लाऊँगा तुम्हारे पास ātīkum
मैं लाऊँगा तुम्हारे पास بِشِهَابٍۢ एक अँगारा bishihābin
एक अँगारा قَبَسٍۢ जलता हुआ qabasin
जलता हुआ لَّعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَصْطَلُونَ तुम ताप सको taṣṭalūna
तुम ताप सको ٧ (7)
(7)
जब1 मूसा ने अपने घर वालों से कहा : निःसंदेह मैंने एक आग देखी है। मैं शीघ्र तुम्हारे पास उससे कोई समाचार लाऊँगा या तुम्हारे पास उससे सुलगाया हुआ अंगारा लेकर आऊँगा, ताकि तुम तापो।
२७:८
فَلَمَّا
तो जब
falammā
तो जब جَآءَهَا वो आया उस (आग) के पास jāahā
वो आया उस (आग) के पास نُودِىَ वो पुकारा गया nūdiya
वो पुकारा गया أَنۢ कि an
कि بُورِكَ बरकत दिया गया būrika
बरकत दिया गया مَن जो man
जो فِى (is) at fī
(is) at ٱلنَّارِ आग में है l-nāri
आग में है وَمَنْ और जो waman
और जो حَوْلَهَا उसके इर्द-गिर्द है ḥawlahā
उसके इर्द-गिर्द है وَسُبْحَـٰنَ और पाक है wasub'ḥāna
और पाक है ٱللَّهِ अल्लाह l-lahi
अल्लाह رَبِّ जो रब है rabbi
जो रब है ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों का l-ʿālamīna
तमाम जहानों का ٨ (8)
(8)
तो जब جَآءَهَا वो आया उस (आग) के पास jāahā
वो आया उस (आग) के पास نُودِىَ वो पुकारा गया nūdiya
वो पुकारा गया أَنۢ कि an
कि بُورِكَ बरकत दिया गया būrika
बरकत दिया गया مَن जो man
जो فِى (is) at fī
(is) at ٱلنَّارِ आग में है l-nāri
आग में है وَمَنْ और जो waman
और जो حَوْلَهَا उसके इर्द-गिर्द है ḥawlahā
उसके इर्द-गिर्द है وَسُبْحَـٰنَ और पाक है wasub'ḥāna
और पाक है ٱللَّهِ अल्लाह l-lahi
अल्लाह رَبِّ जो रब है rabbi
जो रब है ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों का l-ʿālamīna
तमाम जहानों का ٨ (8)
(8)
फिर जब वह उसके पास आया, तो उसे आवाज़ दी गई : बरकत वाला है, वह जो इस आग में है तथा जो इसके आस-पास है। और अल्लाह पवित्र है, जाे सारे संसारों का पालनहार है।
२७:९
يَـٰمُوسَىٰٓ
ऐ मूसा
yāmūsā
ऐ मूसा إِنَّهُۥٓ बेशक innahu
बेशक أَنَا मैं ही anā
मैं ही ٱللَّهُ इलाह हूँ l-lahu
इलाह हूँ ٱلْعَزِيزُ निहायत ज़बरदस्त l-ʿazīzu
निहायत ज़बरदस्त ٱلْحَكِيمُ बहुत हिकमत वाला l-ḥakīmu
बहुत हिकमत वाला ٩ (9)
(9)
ऐ मूसा إِنَّهُۥٓ बेशक innahu
बेशक أَنَا मैं ही anā
मैं ही ٱللَّهُ इलाह हूँ l-lahu
इलाह हूँ ٱلْعَزِيزُ निहायत ज़बरदस्त l-ʿazīzu
निहायत ज़बरदस्त ٱلْحَكِيمُ बहुत हिकमत वाला l-ḥakīmu
बहुत हिकमत वाला ٩ (9)
(9)
ऐ मूसा! निःसंदेह तथ्य यह है कि मैं ही अल्लाह हूँ। जो सबपर प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
२७:१०
وَأَلْقِ
और डाल दे
wa-alqi
और डाल दे عَصَاكَ ۚ लाठी अपनी ʿaṣāka
लाठी अपनी فَلَمَّا तो जब falammā
तो जब رَءَاهَا उसने देखा उसे raāhā
उसने देखा उसे تَهْتَزُّ कि वो हरकत करती है tahtazzu
कि वो हरकत करती है كَأَنَّهَا गोया कि वो ka-annahā
गोया कि वो جَآنٌّۭ साँप है jānnun
साँप है وَلَّىٰ वो मुँह मोड़ गया wallā
वो मुँह मोड़ गया مُدْبِرًۭا पीठ फेरते हुए mud'biran
पीठ फेरते हुए وَلَمْ और ना walam
और ना يُعَقِّبْ ۚ उसने पीछे मुड़कर देखा yuʿaqqib
उसने पीछे मुड़कर देखा يَـٰمُوسَىٰ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा لَا (Do) not lā
(Do) not تَخَفْ ना तुम डरो takhaf
ना तुम डरो إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं لَا (do) not lā
(do) not يَخَافُ नहीं डरा करते yakhāfu
नहीं डरा करते لَدَىَّ मेरे पास ladayya
मेरे पास ٱلْمُرْسَلُونَ रसूल l-mur'salūna
रसूल ١٠ (10)
(10)
और डाल दे عَصَاكَ ۚ लाठी अपनी ʿaṣāka
लाठी अपनी فَلَمَّا तो जब falammā
तो जब رَءَاهَا उसने देखा उसे raāhā
उसने देखा उसे تَهْتَزُّ कि वो हरकत करती है tahtazzu
कि वो हरकत करती है كَأَنَّهَا गोया कि वो ka-annahā
गोया कि वो جَآنٌّۭ साँप है jānnun
साँप है وَلَّىٰ वो मुँह मोड़ गया wallā
वो मुँह मोड़ गया مُدْبِرًۭا पीठ फेरते हुए mud'biran
पीठ फेरते हुए وَلَمْ और ना walam
और ना يُعَقِّبْ ۚ उसने पीछे मुड़कर देखा yuʿaqqib
उसने पीछे मुड़कर देखा يَـٰمُوسَىٰ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा لَا (Do) not lā
(Do) not تَخَفْ ना तुम डरो takhaf
ना तुम डरो إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं لَا (do) not lā
(do) not يَخَافُ नहीं डरा करते yakhāfu
नहीं डरा करते لَدَىَّ मेरे पास ladayya
मेरे पास ٱلْمُرْسَلُونَ रसूल l-mur'salūna
रसूल ١٠ (10)
(10)
और अपनी लाठी फेंक दे । फिर जब उसने उसे देखा कि हिल रही है, जैसे वह कोई साँप हो, तो पीठ फेरकर भागा और पीछे न मुड़ा। ऐ मूसा! डरो मत, निःसंदेह मेरे पास रसूल नहीं डरते।
२७:११
إِلَّا
मगर
illā
मगर مَن जिसने man
जिसने ظَلَمَ ज़ुल्म किया ẓalama
ज़ुल्म किया ثُمَّ फिर thumma
फिर بَدَّلَ उसने बदल दिया baddala
उसने बदल दिया حُسْنًۢا नेकी से ḥus'nan
नेकी से بَعْدَ बाद baʿda
बाद سُوٓءٍۢ बुराई के sūin
बुराई के فَإِنِّى तो बेशक मैं fa-innī
तो बेशक मैं غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला हूँ ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला हूँ رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला हूँ raḥīmun
निहायत रहम करने वाला हूँ ١١ (11)
(11)
मगर مَن जिसने man
जिसने ظَلَمَ ज़ुल्म किया ẓalama
ज़ुल्म किया ثُمَّ फिर thumma
फिर بَدَّلَ उसने बदल दिया baddala
उसने बदल दिया حُسْنًۢا नेकी से ḥus'nan
नेकी से بَعْدَ बाद baʿda
बाद سُوٓءٍۢ बुराई के sūin
बुराई के فَإِنِّى तो बेशक मैं fa-innī
तो बेशक मैं غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला हूँ ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला हूँ رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला हूँ raḥīmun
निहायत रहम करने वाला हूँ ١١ (11)
(11)
परंतु जिसने अत्याचार किया, फिर बुराई के बाद उसे भलाई से बदल दिया, तो निःसंदेह मैं बहुत क्षमा करने वाला, अत्यंत दयावान् हूँ।
२७:१२
وَأَدْخِلْ
और दाख़िल कर दे
wa-adkhil
और दाख़िल कर दे يَدَكَ हाथ अपना yadaka
हाथ अपना فِى into fī
into جَيْبِكَ अपने गिरेबान में jaybika
अपने गिरेबान में تَخْرُجْ वो निकलेगा takhruj
वो निकलेगा بَيْضَآءَ सफ़ेद /चमकता हुआ bayḍāa
सफ़ेद /चमकता हुआ مِنْ without min
without غَيْرِ बग़ैर ghayri
बग़ैर سُوٓءٍۢ ۖ मर्ज़ /तक्लीफ़ के sūin
मर्ज़ /तक्लीफ़ के فِى (These are) among fī
(These are) among تِسْعِ nine tis'ʿi
nine ءَايَـٰتٍ नौ निशानियों में से हैं āyātin
नौ निशानियों में से हैं إِلَىٰ to ilā
to فِرْعَوْنَ तरफ़ फ़िरऔन fir'ʿawna
तरफ़ फ़िरऔन وَقَوْمِهِۦٓ ۚ और उसकी क़ौम के waqawmihi
और उसकी क़ौम के إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो كَانُوا۟ हैं वो kānū
हैं वो قَوْمًۭا लोग qawman
लोग فَـٰسِقِينَ नाफ़रमान fāsiqīna
नाफ़रमान ١٢ (12)
(12)
और दाख़िल कर दे يَدَكَ हाथ अपना yadaka
हाथ अपना فِى into fī
into جَيْبِكَ अपने गिरेबान में jaybika
अपने गिरेबान में تَخْرُجْ वो निकलेगा takhruj
वो निकलेगा بَيْضَآءَ सफ़ेद /चमकता हुआ bayḍāa
सफ़ेद /चमकता हुआ مِنْ without min
without غَيْرِ बग़ैर ghayri
बग़ैर سُوٓءٍۢ ۖ मर्ज़ /तक्लीफ़ के sūin
मर्ज़ /तक्लीफ़ के فِى (These are) among fī
(These are) among تِسْعِ nine tis'ʿi
nine ءَايَـٰتٍ नौ निशानियों में से हैं āyātin
नौ निशानियों में से हैं إِلَىٰ to ilā
to فِرْعَوْنَ तरफ़ फ़िरऔन fir'ʿawna
तरफ़ फ़िरऔन وَقَوْمِهِۦٓ ۚ और उसकी क़ौम के waqawmihi
और उसकी क़ौम के إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो كَانُوا۟ हैं वो kānū
हैं वो قَوْمًۭا लोग qawman
लोग فَـٰسِقِينَ नाफ़रमान fāsiqīna
नाफ़रमान ١٢ (12)
(12)
और अपना हाथ अपने गरीबान में डाल। वह बिना किसी दोष के (चमकता हुआ) सफ़ेद निकलेगा; नौ निशानियों में से एक, फ़िरऔन तथा उसकी जाति की ओर। निःसंदेह वे अवज्ञाकारी लोग थे।
२७:१३
فَلَمَّا
तो जब
falammā
तो जब جَآءَتْهُمْ आ गईं उनके पास jāathum
आ गईं उनके पास ءَايَـٰتُنَا निशानियाँ हमारी āyātunā
निशानियाँ हमारी مُبْصِرَةًۭ वाज़ेह mub'ṣiratan
वाज़ेह قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा هَـٰذَا ये hādhā
ये سِحْرٌۭ जादू है siḥ'run
जादू है مُّبِينٌۭ खुल्लम-खुल्ला mubīnun
खुल्लम-खुल्ला ١٣ (13)
(13)
तो जब جَآءَتْهُمْ आ गईं उनके पास jāathum
आ गईं उनके पास ءَايَـٰتُنَا निशानियाँ हमारी āyātunā
निशानियाँ हमारी مُبْصِرَةًۭ वाज़ेह mub'ṣiratan
वाज़ेह قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा هَـٰذَا ये hādhā
ये سِحْرٌۭ जादू है siḥ'run
जादू है مُّبِينٌۭ खुल्लम-खुल्ला mubīnun
खुल्लम-खुल्ला ١٣ (13)
(13)
फिर जब हमारी निशानियाँ उनके पास आईं जो आँखें खोलने वाली थीं, तो उन्होंने कहा : यह खुला जादू है।
२७:१४
وَجَحَدُوا۟
और उन्होंने इन्कार किया
wajaḥadū
और उन्होंने इन्कार किया بِهَا उनका bihā
उनका وَٱسْتَيْقَنَتْهَآ हालाँकि यक़ीन कर लिया था उसका wa-is'tayqanathā
हालाँकि यक़ीन कर लिया था उसका أَنفُسُهُمْ उनके दिलों ने anfusuhum
उनके दिलों ने ظُلْمًۭا ज़ुल्म ẓul'man
ज़ुल्म وَعُلُوًّۭا ۚ और सरकशी से waʿuluwwan
और सरकशी से فَٱنظُرْ तो देखो fa-unẓur
तो देखो كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह كَانَ हुआ kāna
हुआ عَـٰقِبَةُ अनजाम ʿāqibatu
अनजाम ٱلْمُفْسِدِينَ फ़साद करने वालों का l-muf'sidīna
फ़साद करने वालों का ١٤ (14)
(14)
और उन्होंने इन्कार किया بِهَا उनका bihā
उनका وَٱسْتَيْقَنَتْهَآ हालाँकि यक़ीन कर लिया था उसका wa-is'tayqanathā
हालाँकि यक़ीन कर लिया था उसका أَنفُسُهُمْ उनके दिलों ने anfusuhum
उनके दिलों ने ظُلْمًۭا ज़ुल्म ẓul'man
ज़ुल्म وَعُلُوًّۭا ۚ और सरकशी से waʿuluwwan
और सरकशी से فَٱنظُرْ तो देखो fa-unẓur
तो देखो كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह كَانَ हुआ kāna
हुआ عَـٰقِبَةُ अनजाम ʿāqibatu
अनजाम ٱلْمُفْسِدِينَ फ़साद करने वालों का l-muf'sidīna
फ़साद करने वालों का ١٤ (14)
(14)
तथा उन्होंने अत्याचार एवं अभिमान के कारण उनका इनकार कर दिया। हालाँकि उनके दिलों को उनका विश्वास हो चुका था। तो देखो कि बिगाड़ पैदा करने वालों का परिणाम कैसा हुआ?
२७:१५
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ ءَاتَيْنَا दिया हमने ātaynā
दिया हमने دَاوُۥدَ दाऊद dāwūda
दाऊद وَسُلَيْمَـٰنَ और सुलैमान को wasulaymāna
और सुलैमान को عِلْمًۭا ۖ इल्म ʿil'man
इल्म وَقَالَا और उन दोनों ने कहा waqālā
और उन दोनों ने कहा ٱلْحَمْدُ सब तारीफ़ l-ḥamdu
सब तारीफ़ لِلَّهِ अल्लाह के लिए है lillahi
अल्लाह के लिए है ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने فَضَّلَنَا फ़ज़ीलत दी हमें faḍḍalanā
फ़ज़ीलत दी हमें عَلَىٰ over ʿalā
over كَثِيرٍۢ अक्सरियत पर kathīrin
अक्सरियत पर مِّنْ of min
of عِبَادِهِ अपने बन्दों में से ʿibādihi
अपने बन्दों में से ٱلْمُؤْمِنِينَ जो ईमान लाने वाले हैं l-mu'minīna
जो ईमान लाने वाले हैं ١٥ (15)
(15)
और अलबत्ता तहक़ीक़ ءَاتَيْنَا दिया हमने ātaynā
दिया हमने دَاوُۥدَ दाऊद dāwūda
दाऊद وَسُلَيْمَـٰنَ और सुलैमान को wasulaymāna
और सुलैमान को عِلْمًۭا ۖ इल्म ʿil'man
इल्म وَقَالَا और उन दोनों ने कहा waqālā
और उन दोनों ने कहा ٱلْحَمْدُ सब तारीफ़ l-ḥamdu
सब तारीफ़ لِلَّهِ अल्लाह के लिए है lillahi
अल्लाह के लिए है ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने فَضَّلَنَا फ़ज़ीलत दी हमें faḍḍalanā
फ़ज़ीलत दी हमें عَلَىٰ over ʿalā
over كَثِيرٍۢ अक्सरियत पर kathīrin
अक्सरियत पर مِّنْ of min
of عِبَادِهِ अपने बन्दों में से ʿibādihi
अपने बन्दों में से ٱلْمُؤْمِنِينَ जो ईमान लाने वाले हैं l-mu'minīna
जो ईमान लाने वाले हैं ١٥ (15)
(15)
और निःसंदेह हमने दाऊद तथा सुलैमान को ज्ञान1 प्रदान किया और उन दोनों ने कहा : सारी प्रशंसा अल्लाह के लिए है, जिसने हमें अपने बहुत-से ईमानवाले बंदों पर श्रेष्ठता प्रदान की।
२७:१६
وَوَرِثَ
और वारिस हुआ
wawaritha
और वारिस हुआ سُلَيْمَـٰنُ सुलैमान sulaymānu
सुलैमान دَاوُۥدَ ۖ दाऊद का dāwūda
दाऊद का وَقَالَ और उसने कहा waqāla
और उसने कहा يَـٰٓأَيُّهَا ऐ yāayyuhā
ऐ ٱلنَّاسُ लोगो l-nāsu
लोगो عُلِّمْنَا सिखाए गए हम ʿullim'nā
सिखाए गए हम مَنطِقَ बोली manṭiqa
बोली ٱلطَّيْرِ परिन्दों की l-ṭayri
परिन्दों की وَأُوتِينَا और दिए गए हम waūtīnā
और दिए गए हम مِن from min
from كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍ ۖ चीज़ (ज़रूरत की) shayin
चीज़ (ज़रूरत की) إِنَّ बेशक inna
बेशक هَـٰذَا ये hādhā
ये لَهُوَ अलबत्ता वो lahuwa
अलबत्ता वो ٱلْفَضْلُ फ़ज़ल है l-faḍlu
फ़ज़ल है ٱلْمُبِينُ वाज़ेह l-mubīnu
वाज़ेह ١٦ (16)
(16)
और वारिस हुआ سُلَيْمَـٰنُ सुलैमान sulaymānu
सुलैमान دَاوُۥدَ ۖ दाऊद का dāwūda
दाऊद का وَقَالَ और उसने कहा waqāla
और उसने कहा يَـٰٓأَيُّهَا ऐ yāayyuhā
ऐ ٱلنَّاسُ लोगो l-nāsu
लोगो عُلِّمْنَا सिखाए गए हम ʿullim'nā
सिखाए गए हम مَنطِقَ बोली manṭiqa
बोली ٱلطَّيْرِ परिन्दों की l-ṭayri
परिन्दों की وَأُوتِينَا और दिए गए हम waūtīnā
और दिए गए हम مِن from min
from كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍ ۖ चीज़ (ज़रूरत की) shayin
चीज़ (ज़रूरत की) إِنَّ बेशक inna
बेशक هَـٰذَا ये hādhā
ये لَهُوَ अलबत्ता वो lahuwa
अलबत्ता वो ٱلْفَضْلُ फ़ज़ल है l-faḍlu
फ़ज़ल है ٱلْمُبِينُ वाज़ेह l-mubīnu
वाज़ेह ١٦ (16)
(16)
और सुलैमान दाऊद का उत्तराधिकारी हुआ तथा उसने कहा : ऐ लोगो! हमें पक्षियों की बोली सिखाई गई तथा हमें हर चीज़ में से हिस्सा प्रदान किया गया है। निःसंदेह यह निश्चित रूप से स्पष्ट अनुग्रह है।
२७:१७
وَحُشِرَ
और इकट्ठा किए गए
waḥushira
और इकट्ठा किए गए لِسُلَيْمَـٰنَ सुलैमान के लिए lisulaymāna
सुलैमान के लिए جُنُودُهُۥ उसके लश्कर junūduhu
उसके लश्कर مِنَ of mina
of ٱلْجِنِّ जिन्नों में से l-jini
जिन्नों में से وَٱلْإِنسِ और इन्सानों wal-insi
और इन्सानों وَٱلطَّيْرِ और परिन्दों में से wal-ṭayri
और परिन्दों में से فَهُمْ तो वो fahum
तो वो يُوزَعُونَ वो गिरोहों में तक़सीम किए जाते हैं yūzaʿūna
वो गिरोहों में तक़सीम किए जाते हैं ١٧ (17)
(17)
और इकट्ठा किए गए لِسُلَيْمَـٰنَ सुलैमान के लिए lisulaymāna
सुलैमान के लिए جُنُودُهُۥ उसके लश्कर junūduhu
उसके लश्कर مِنَ of mina
of ٱلْجِنِّ जिन्नों में से l-jini
जिन्नों में से وَٱلْإِنسِ और इन्सानों wal-insi
और इन्सानों وَٱلطَّيْرِ और परिन्दों में से wal-ṭayri
और परिन्दों में से فَهُمْ तो वो fahum
तो वो يُوزَعُونَ वो गिरोहों में तक़सीम किए जाते हैं yūzaʿūna
वो गिरोहों में तक़सीम किए जाते हैं ١٧ (17)
(17)
तथा सुलैमान के लिए जिन्नों तथा इनसानों और पक्षियों में से उसकी सेनाएँ इकट्ठी की गईं, फिर उन्हें अलग-अलग बांटा जाता था।
२७:१८
حَتَّىٰٓ
यहाँ तक कि
ḥattā
यहाँ तक कि إِذَآ जब idhā
जब أَتَوْا۟ वो आए ataw
वो आए عَلَىٰ to ʿalā
to وَادِ वादी पर wādi
वादी पर ٱلنَّمْلِ चींटीयों की l-namli
चींटीयों की قَالَتْ कहने लगी qālat
कहने लगी نَمْلَةٌۭ एक चींटी namlatun
एक चींटी يَـٰٓأَيُّهَا ऐ yāayyuhā
ऐ ٱلنَّمْلُ चींटियों l-namlu
चींटियों ٱدْخُلُوا۟ दाख़िल हो जाओ ud'khulū
दाख़िल हो जाओ مَسَـٰكِنَكُمْ अपने घरों में masākinakum
अपने घरों में لَا lest not crush you lā
lest not crush you يَحْطِمَنَّكُمْ ना कुचल डालें तुम्हें yaḥṭimannakum
ना कुचल डालें तुम्हें سُلَيْمَـٰنُ सुलैमान sulaymānu
सुलैमान وَجُنُودُهُۥ और लश्कर उसके wajunūduhu
और लश्कर उसके وَهُمْ और वो wahum
और वो لَا (do) not perceive lā
(do) not perceive يَشْعُرُونَ वो शऊर ना रखते हों yashʿurūna
वो शऊर ना रखते हों ١٨ (18)
(18)
यहाँ तक कि إِذَآ जब idhā
जब أَتَوْا۟ वो आए ataw
वो आए عَلَىٰ to ʿalā
to وَادِ वादी पर wādi
वादी पर ٱلنَّمْلِ चींटीयों की l-namli
चींटीयों की قَالَتْ कहने लगी qālat
कहने लगी نَمْلَةٌۭ एक चींटी namlatun
एक चींटी يَـٰٓأَيُّهَا ऐ yāayyuhā
ऐ ٱلنَّمْلُ चींटियों l-namlu
चींटियों ٱدْخُلُوا۟ दाख़िल हो जाओ ud'khulū
दाख़िल हो जाओ مَسَـٰكِنَكُمْ अपने घरों में masākinakum
अपने घरों में لَا lest not crush you lā
lest not crush you يَحْطِمَنَّكُمْ ना कुचल डालें तुम्हें yaḥṭimannakum
ना कुचल डालें तुम्हें سُلَيْمَـٰنُ सुलैमान sulaymānu
सुलैमान وَجُنُودُهُۥ और लश्कर उसके wajunūduhu
और लश्कर उसके وَهُمْ और वो wahum
और वो لَا (do) not perceive lā
(do) not perceive يَشْعُرُونَ वो शऊर ना रखते हों yashʿurūna
वो शऊर ना रखते हों ١٨ (18)
(18)
यहाँ तक कि जब वे चींटियों की घाटी में पहुँचे, तो एक चींटी ने कहा : ऐ चींटियो! अपने घरों में प्रवेश कर जाओ। कहीं सुलैमान और उसकी सेनाएँ तुम्हें कुचल न डालें और वे अनजान हों।
२७:१९
فَتَبَسَّمَ
तो वो मुस्करा दिया
fatabassama
तो वो मुस्करा दिया ضَاحِكًۭا हँसते हुए ḍāḥikan
हँसते हुए مِّن at min
at قَوْلِهَا उसकी बात से qawlihā
उसकी बात से وَقَالَ और उसने कहा waqāla
और उसने कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब أَوْزِعْنِىٓ तौफ़ीक़ दे मुझे awziʿ'nī
तौफ़ीक़ दे मुझे أَنْ कि an
कि أَشْكُرَ मैं शुक्र अदा करूँ ashkura
मैं शुक्र अदा करूँ نِعْمَتَكَ तेरी नेअमत का niʿ'mataka
तेरी नेअमत का ٱلَّتِىٓ वो जो allatī
वो जो أَنْعَمْتَ इनआम की तू ने anʿamta
इनआम की तू ने عَلَىَّ मुझ पर ʿalayya
मुझ पर وَعَلَىٰ और ऊपर waʿalā
और ऊपर وَٰلِدَىَّ मेरे वालिदैन के wālidayya
मेरे वालिदैन के وَأَنْ और ये कि wa-an
और ये कि أَعْمَلَ मैं अमल करूँ aʿmala
मैं अमल करूँ صَـٰلِحًۭا नेक ṣāliḥan
नेक تَرْضَىٰهُ तू राज़ी हो जाए जिससे tarḍāhu
तू राज़ी हो जाए जिससे وَأَدْخِلْنِى और दाख़िल कर मुझे wa-adkhil'nī
और दाख़िल कर मुझे بِرَحْمَتِكَ साथ अपनी रहमत के biraḥmatika
साथ अपनी रहमत के فِى among fī
among عِبَادِكَ अपने बन्दों में ʿibādika
अपने बन्दों में ٱلصَّـٰلِحِينَ जो नेक हैं l-ṣāliḥīna
जो नेक हैं ١٩ (19)
(19)
तो वो मुस्करा दिया ضَاحِكًۭا हँसते हुए ḍāḥikan
हँसते हुए مِّن at min
at قَوْلِهَا उसकी बात से qawlihā
उसकी बात से وَقَالَ और उसने कहा waqāla
और उसने कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब أَوْزِعْنِىٓ तौफ़ीक़ दे मुझे awziʿ'nī
तौफ़ीक़ दे मुझे أَنْ कि an
कि أَشْكُرَ मैं शुक्र अदा करूँ ashkura
मैं शुक्र अदा करूँ نِعْمَتَكَ तेरी नेअमत का niʿ'mataka
तेरी नेअमत का ٱلَّتِىٓ वो जो allatī
वो जो أَنْعَمْتَ इनआम की तू ने anʿamta
इनआम की तू ने عَلَىَّ मुझ पर ʿalayya
मुझ पर وَعَلَىٰ और ऊपर waʿalā
और ऊपर وَٰلِدَىَّ मेरे वालिदैन के wālidayya
मेरे वालिदैन के وَأَنْ और ये कि wa-an
और ये कि أَعْمَلَ मैं अमल करूँ aʿmala
मैं अमल करूँ صَـٰلِحًۭا नेक ṣāliḥan
नेक تَرْضَىٰهُ तू राज़ी हो जाए जिससे tarḍāhu
तू राज़ी हो जाए जिससे وَأَدْخِلْنِى और दाख़िल कर मुझे wa-adkhil'nī
और दाख़िल कर मुझे بِرَحْمَتِكَ साथ अपनी रहमत के biraḥmatika
साथ अपनी रहमत के فِى among fī
among عِبَادِكَ अपने बन्दों में ʿibādika
अपने बन्दों में ٱلصَّـٰلِحِينَ जो नेक हैं l-ṣāliḥīna
जो नेक हैं ١٩ (19)
(19)
तो वह (सुलैमान) उसकी बात से हँसता हुआ मुसकुराया और उसने कहा : ऐ मेरे पालनहार! मुझे सामर्थ्य प्रदान कर कि मैं तेरी उस ने'मत का शुक्र अदा करूँ, जो तूने मुझे तथा मेरे माता-पिता को प्रदान की है, और यह कि मैं अच्छा कार्य करूँ, जिसे तू पसंद करे और मुझे अपनी दया से अपने सदाचारी बंदों में शामिल कर ले।
२७:२०
وَتَفَقَّدَ
और उसने जायज़ा लिया
watafaqqada
और उसने जायज़ा लिया ٱلطَّيْرَ परिन्दों का l-ṭayra
परिन्दों का فَقَالَ फिर कहा faqāla
फिर कहा مَا क्या है mā
क्या है لِىَ मुझे liya
मुझे لَآ not lā
not أَرَى नहीं मैं देखता arā
नहीं मैं देखता ٱلْهُدْهُدَ हुदहुद को l-hud'huda
हुदहुद को أَمْ या am
या كَانَ है वो kāna
है वो مِنَ from mina
from ٱلْغَآئِبِينَ ग़ायब होने वालों में से l-ghāibīna
ग़ायब होने वालों में से ٢٠ (20)
(20)
और उसने जायज़ा लिया ٱلطَّيْرَ परिन्दों का l-ṭayra
परिन्दों का فَقَالَ फिर कहा faqāla
फिर कहा مَا क्या है mā
क्या है لِىَ मुझे liya
मुझे لَآ not lā
not أَرَى नहीं मैं देखता arā
नहीं मैं देखता ٱلْهُدْهُدَ हुदहुद को l-hud'huda
हुदहुद को أَمْ या am
या كَانَ है वो kāna
है वो مِنَ from mina
from ٱلْغَآئِبِينَ ग़ायब होने वालों में से l-ghāibīna
ग़ायब होने वालों में से ٢٠ (20)
(20)
और उसने पक्षियों का निरीक्षण किया, तो कहा : मुझे क्या है कि मैं हुदहुद को नहीं देख रहा, या वह अनुपस्थि रहने वालों में से है?
२७:२१
لَأُعَذِّبَنَّهُۥ
अलबत्ता मैं ज़रूर सज़ा दूँगा उसे
la-uʿadhibannahu
अलबत्ता मैं ज़रूर सज़ा दूँगा उसे عَذَابًۭا सज़ा ʿadhāban
सज़ा شَدِيدًا शदीद shadīdan
शदीद أَوْ या aw
या لَأَا۟ذْبَحَنَّهُۥٓ अलबत्ता मैं ज़रूर ज़िबह करूँगा उसे laādh'baḥannahu
अलबत्ता मैं ज़रूर ज़िबह करूँगा उसे أَوْ या aw
या لَيَأْتِيَنِّى अलबत्ता वो ज़रूर लाए मेरे पास layatiyannī
अलबत्ता वो ज़रूर लाए मेरे पास بِسُلْطَـٰنٍۢ कोई दलील bisul'ṭānin
कोई दलील مُّبِينٍۢ वाज़ेह mubīnin
वाज़ेह ٢١ (21)
(21)
अलबत्ता मैं ज़रूर सज़ा दूँगा उसे عَذَابًۭا सज़ा ʿadhāban
सज़ा شَدِيدًا शदीद shadīdan
शदीद أَوْ या aw
या لَأَا۟ذْبَحَنَّهُۥٓ अलबत्ता मैं ज़रूर ज़िबह करूँगा उसे laādh'baḥannahu
अलबत्ता मैं ज़रूर ज़िबह करूँगा उसे أَوْ या aw
या لَيَأْتِيَنِّى अलबत्ता वो ज़रूर लाए मेरे पास layatiyannī
अलबत्ता वो ज़रूर लाए मेरे पास بِسُلْطَـٰنٍۢ कोई दलील bisul'ṭānin
कोई दलील مُّبِينٍۢ वाज़ेह mubīnin
वाज़ेह ٢١ (21)
(21)
निश्चय ही मैं उसे बहुत कठोर दंड दूँगा, या मैं अवश्य ही उसे ज़बह कर डालूँगा, या वह अवश्य ही मेरे पास कोई स्पष्ट तर्क लेकर आएगा।
२७:२२
فَمَكَثَ
तो वो ठहरा
famakatha
तो वो ठहरा غَيْرَ not ghayra
not بَعِيدٍۢ थोड़ी देर baʿīdin
थोड़ी देर فَقَالَ तो कहा (हुदहुद ने) faqāla
तो कहा (हुदहुद ने) أَحَطتُ अहाता किया मैं ने aḥaṭtu
अहाता किया मैं ने بِمَا उसका जो bimā
उसका जो لَمْ नहीं lam
नहीं تُحِطْ आपने अहाता किया tuḥiṭ
आपने अहाता किया بِهِۦ जिसका bihi
जिसका وَجِئْتُكَ और लाया हूँ मैं आपके पास waji'tuka
और लाया हूँ मैं आपके पास مِن from min
from سَبَإٍۭ सबा से saba-in
सबा से بِنَبَإٍۢ एक ख़बर binaba-in
एक ख़बर يَقِينٍ यक़ीनी yaqīnin
यक़ीनी ٢٢ (22)
(22)
तो वो ठहरा غَيْرَ not ghayra
not بَعِيدٍۢ थोड़ी देर baʿīdin
थोड़ी देर فَقَالَ तो कहा (हुदहुद ने) faqāla
तो कहा (हुदहुद ने) أَحَطتُ अहाता किया मैं ने aḥaṭtu
अहाता किया मैं ने بِمَا उसका जो bimā
उसका जो لَمْ नहीं lam
नहीं تُحِطْ आपने अहाता किया tuḥiṭ
आपने अहाता किया بِهِۦ जिसका bihi
जिसका وَجِئْتُكَ और लाया हूँ मैं आपके पास waji'tuka
और लाया हूँ मैं आपके पास مِن from min
from سَبَإٍۭ सबा से saba-in
सबा से بِنَبَإٍۢ एक ख़बर binaba-in
एक ख़बर يَقِينٍ यक़ीनी yaqīnin
यक़ीनी ٢٢ (22)
(22)
फिर कुछ अधिक देर नहीं ठहरा कि उसने (आकर) कहा : मैं ऐसी बात से अवगत हुआ हूँ, जिससे आप अवगत नहीं हुए और मैं आपके पास 'सबा'1 से एक पक्की ख़बर लाया हूँ।
२७:२३
إِنِّى
बेशक मैं
innī
बेशक मैं وَجَدتُّ पाया मैं ने wajadttu
पाया मैं ने ٱمْرَأَةًۭ एक औरत को im'ra-atan
एक औरत को تَمْلِكُهُمْ वो हुक्मरानी करती है उन पर tamlikuhum
वो हुक्मरानी करती है उन पर وَأُوتِيَتْ और वो दी गई है waūtiyat
और वो दी गई है مِن of min
of كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ ( ज़रूरत की ) shayin
चीज़ ( ज़रूरत की ) وَلَهَا और उसके लिए walahā
और उसके लिए عَرْشٌ तख़्त है ʿarshun
तख़्त है عَظِيمٌۭ बहुत बड़ा ʿaẓīmun
बहुत बड़ा ٢٣ (23)
(23)
बेशक मैं وَجَدتُّ पाया मैं ने wajadttu
पाया मैं ने ٱمْرَأَةًۭ एक औरत को im'ra-atan
एक औरत को تَمْلِكُهُمْ वो हुक्मरानी करती है उन पर tamlikuhum
वो हुक्मरानी करती है उन पर وَأُوتِيَتْ और वो दी गई है waūtiyat
और वो दी गई है مِن of min
of كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ ( ज़रूरत की ) shayin
चीज़ ( ज़रूरत की ) وَلَهَا और उसके लिए walahā
और उसके लिए عَرْشٌ तख़्त है ʿarshun
तख़्त है عَظِيمٌۭ बहुत बड़ा ʿaẓīmun
बहुत बड़ा ٢٣ (23)
(23)
निःसंदेह मैंने एक महिला को पाया, जो उनपर शासन कर रही है तथा उसे हर चीज़ का हिस्सा दिया गया है और उसके पास एक बड़ा सिंहासन है।
२७:२४
وَجَدتُّهَا
पाया मैं ने उसे
wajadttuhā
पाया मैं ने उसे وَقَوْمَهَا और उसकी क़ौम को waqawmahā
और उसकी क़ौम को يَسْجُدُونَ वो सजदा करते हैं yasjudūna
वो सजदा करते हैं لِلشَّمْسِ सूरज को lilshamsi
सूरज को مِن instead of Allah min
instead of Allah دُونِ सिवाए dūni
सिवाए ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَزَيَّنَ और मुज़य्यन कर दिए wazayyana
और मुज़य्यन कर दिए لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान ने l-shayṭānu
शैतान ने أَعْمَـٰلَهُمْ आमाल उनके aʿmālahum
आमाल उनके فَصَدَّهُمْ फिर उसने रोक दिया उन्हें faṣaddahum
फिर उसने रोक दिया उन्हें عَنِ from ʿani
from ٱلسَّبِيلِ (सीधे) रास्ते से l-sabīli
(सीधे) रास्ते से فَهُمْ पस वो fahum
पस वो لَا (are) not lā
(are) not يَهْتَدُونَ नहीं वो हिदायत पाते yahtadūna
नहीं वो हिदायत पाते ٢٤ (24)
(24)
पाया मैं ने उसे وَقَوْمَهَا और उसकी क़ौम को waqawmahā
और उसकी क़ौम को يَسْجُدُونَ वो सजदा करते हैं yasjudūna
वो सजदा करते हैं لِلشَّمْسِ सूरज को lilshamsi
सूरज को مِن instead of Allah min
instead of Allah دُونِ सिवाए dūni
सिवाए ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَزَيَّنَ और मुज़य्यन कर दिए wazayyana
और मुज़य्यन कर दिए لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान ने l-shayṭānu
शैतान ने أَعْمَـٰلَهُمْ आमाल उनके aʿmālahum
आमाल उनके فَصَدَّهُمْ फिर उसने रोक दिया उन्हें faṣaddahum
फिर उसने रोक दिया उन्हें عَنِ from ʿani
from ٱلسَّبِيلِ (सीधे) रास्ते से l-sabīli
(सीधे) रास्ते से فَهُمْ पस वो fahum
पस वो لَا (are) not lā
(are) not يَهْتَدُونَ नहीं वो हिदायत पाते yahtadūna
नहीं वो हिदायत पाते ٢٤ (24)
(24)
मैंने उसे तथा उसकी जाति को अल्लाह के सिवा सूर्य को सजदा करते हुए पाया और शैतान ने उनके कामों को उनके लिए शोभित कर दिया है। चुनाँचे उन्हें सुपथ से रोक दिया है। अतः वे मार्गदर्शन नहीं पाते।
२७:२५
أَلَّا
ये कि नहीं
allā
ये कि नहीं يَسْجُدُوا۟ वो सजदा करते yasjudū
वो सजदा करते لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो يُخْرِجُ निकालता है yukh'riju
निकालता है ٱلْخَبْءَ छुपी चीज़ को l-khaba-a
छुपी चीज़ को فِى in fī
in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन में wal-arḍi
और ज़मीन में وَيَعْلَمُ और वो जानता है wayaʿlamu
और वो जानता है مَا जो कुछ mā
जो कुछ تُخْفُونَ तुम छुपाते हो tukh'fūna
तुम छुपाते हो وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ تُعْلِنُونَ तुम ज़ाहिर करते हो tuʿ'linūna
तुम ज़ाहिर करते हो ٢٥ (25)
(25)
ये कि नहीं يَسْجُدُوا۟ वो सजदा करते yasjudū
वो सजदा करते لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो يُخْرِجُ निकालता है yukh'riju
निकालता है ٱلْخَبْءَ छुपी चीज़ को l-khaba-a
छुपी चीज़ को فِى in fī
in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन में wal-arḍi
और ज़मीन में وَيَعْلَمُ और वो जानता है wayaʿlamu
और वो जानता है مَا जो कुछ mā
जो कुछ تُخْفُونَ तुम छुपाते हो tukh'fūna
तुम छुपाते हो وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ تُعْلِنُونَ तुम ज़ाहिर करते हो tuʿ'linūna
तुम ज़ाहिर करते हो ٢٥ (25)
(25)
(शैतान ने उनके कामों को उनके लिए शोभित कर दिया है) ताकि वे उस अल्लाह को सजदा न करें, जो आकाशों तथा धरती में छिपी चीज़ों1 को निकालता है तथा वह जानता है जो तुम छिपाते हो और जो प्रकट करते हो।
२७:२६
ٱللَّهُ
अल्लाह
al-lahu
अल्लाह لَآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़ ) ilāha
कोई इलाह (बरहक़ ) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ वो ही huwa
वो ही رَبُّ रब है rabbu
रब है ٱلْعَرْشِ अर्शे l-ʿarshi
अर्शे ٱلْعَظِيمِ ۩ अज़ीम का l-ʿaẓīmi
अज़ीम का ٢٦ (26)
(26)
अल्लाह لَآ नहीं lā
नहीं إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़ ) ilāha
कोई इलाह (बरहक़ ) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ वो ही huwa
वो ही رَبُّ रब है rabbu
रब है ٱلْعَرْشِ अर्शे l-ʿarshi
अर्शे ٱلْعَظِيمِ ۩ अज़ीम का l-ʿaẓīmi
अज़ीम का ٢٦ (26)
(26)
अल्लाह वह है जिसके सिवा कोई पूज्य नहीं, जो महान सिंहासन का रब है।
२७:२७
۞ قَالَ
उसने कहा
qāla
उसने कहा سَنَنظُرُ अनक़रीब हम देखेंगे sananẓuru
अनक़रीब हम देखेंगे أَصَدَقْتَ क्या सच कहा तू ने aṣadaqta
क्या सच कहा तू ने أَمْ या am
या كُنتَ है तू kunta
है तू مِنَ of mina
of ٱلْكَـٰذِبِينَ झूठों में से l-kādhibīna
झूठों में से ٢٧ (27)
(27)
उसने कहा سَنَنظُرُ अनक़रीब हम देखेंगे sananẓuru
अनक़रीब हम देखेंगे أَصَدَقْتَ क्या सच कहा तू ने aṣadaqta
क्या सच कहा तू ने أَمْ या am
या كُنتَ है तू kunta
है तू مِنَ of mina
of ٱلْكَـٰذِبِينَ झूठों में से l-kādhibīna
झूठों में से ٢٧ (27)
(27)
(सुलैमान ने) कहा : हम देखेंगे कि तूने सच कहा, या तू झूठों में से था।
२७:२८
ٱذْهَب
ले जाओ
idh'hab
ले जाओ بِّكِتَـٰبِى ख़त मेरा bikitābī
ख़त मेरा هَـٰذَا ये hādhā
ये فَأَلْقِهْ फिर डाल दो उसे fa-alqih
फिर डाल दो उसे إِلَيْهِمْ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके ثُمَّ फिर thumma
फिर تَوَلَّ हट जाओ tawalla
हट जाओ عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे فَٱنظُرْ फिर देखो fa-unẓur
फिर देखो مَاذَا क्या कुछ mādhā
क्या कुछ يَرْجِعُونَ वो जवाब देते हैं yarjiʿūna
वो जवाब देते हैं ٢٨ (28)
(28)
ले जाओ بِّكِتَـٰبِى ख़त मेरा bikitābī
ख़त मेरा هَـٰذَا ये hādhā
ये فَأَلْقِهْ फिर डाल दो उसे fa-alqih
फिर डाल दो उसे إِلَيْهِمْ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके ثُمَّ फिर thumma
फिर تَوَلَّ हट जाओ tawalla
हट जाओ عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे فَٱنظُرْ फिर देखो fa-unẓur
फिर देखो مَاذَا क्या कुछ mādhā
क्या कुछ يَرْجِعُونَ वो जवाब देते हैं yarjiʿūna
वो जवाब देते हैं ٢٨ (28)
(28)
मेरा यह पत्र लेकर जा और इसे उनकी ओर डाल दे। फिर उनसे अलग हटकर देख कि वे क्या जवाब देते हैं।
२७:२९
قَالَتْ
बोली (मलका)
qālat
बोली (मलका) يَـٰٓأَيُّهَا ऐ yāayyuhā
ऐ ٱلْمَلَؤُا۟ सरदारो l-mala-u
सरदारो إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أُلْقِىَ डाला गया ul'qiya
डाला गया إِلَىَّ मेरी तरफ़ ilayya
मेरी तरफ़ كِتَـٰبٌۭ एक ख़त kitābun
एक ख़त كَرِيمٌ मुअज़्ज़िज़ karīmun
मुअज़्ज़िज़ ٢٩ (29)
(29)
बोली (मलका) يَـٰٓأَيُّهَا ऐ yāayyuhā
ऐ ٱلْمَلَؤُا۟ सरदारो l-mala-u
सरदारो إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أُلْقِىَ डाला गया ul'qiya
डाला गया إِلَىَّ मेरी तरफ़ ilayya
मेरी तरफ़ كِتَـٰبٌۭ एक ख़त kitābun
एक ख़त كَرِيمٌ मुअज़्ज़िज़ karīmun
मुअज़्ज़िज़ ٢٩ (29)
(29)
उस (रानी) ने कहा : ऐ सरदारो! निःसंदेह मेरी ओर एक प्रतिष्ठित पत्र फेंका गया है।
२७:३०
إِنَّهُۥ
बेशक वो
innahu
बेशक वो مِن (is) from min
(is) from سُلَيْمَـٰنَ सुलैमान की तरफ़ से है sulaymāna
सुलैमान की तरफ़ से है وَإِنَّهُۥ और बेशक वो wa-innahu
और बेशक वो بِسْمِ साथ नाम bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के है l-lahi
अल्लाह के है ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बड़ा मेहरबान है l-raḥmāni
जो बड़ा मेहरबान है ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है ٣٠ (30)
(30)
बेशक वो مِن (is) from min
(is) from سُلَيْمَـٰنَ सुलैमान की तरफ़ से है sulaymāna
सुलैमान की तरफ़ से है وَإِنَّهُۥ और बेशक वो wa-innahu
और बेशक वो بِسْمِ साथ नाम bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के है l-lahi
अल्लाह के है ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बड़ा मेहरबान है l-raḥmāni
जो बड़ा मेहरबान है ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है ٣٠ (30)
(30)
निःसंदेह वह सुलैमान की ओर से है और निःसंदेह वह अल्लाह के नाम से है, जो अत्यंत कृपाशील, असीम दयावान् है।
२७:३१
أَلَّا
कि ना
allā
कि ना تَعْلُوا۟ तुम सरकशी करो taʿlū
तुम सरकशी करो عَلَىَّ मुझ पर ʿalayya
मुझ पर وَأْتُونِى और आ जाओ मेरे पास watūnī
और आ जाओ मेरे पास مُسْلِمِينَ फ़रमाबरदार बन कर mus'limīna
फ़रमाबरदार बन कर ٣١ (31)
(31)
कि ना تَعْلُوا۟ तुम सरकशी करो taʿlū
तुम सरकशी करो عَلَىَّ मुझ पर ʿalayya
मुझ पर وَأْتُونِى और आ जाओ मेरे पास watūnī
और आ जाओ मेरे पास مُسْلِمِينَ फ़रमाबरदार बन कर mus'limīna
फ़रमाबरदार बन कर ٣١ (31)
(31)
यह कि मेरे मुक़ाबले में सरकशी न करो तथा आज्ञाकारी होकर मेरे पास आ जाओ।
२७:३२
قَالَتْ
वो कहने लगी
qālat
वो कहने लगी يَـٰٓأَيُّهَا ऐ yāayyuhā
ऐ ٱلْمَلَؤُا۟ सरदारो l-mala-u
सरदारो أَفْتُونِى जवाब दो मुझे aftūnī
जवाब दो मुझे فِىٓ in fī
in أَمْرِى मेरे मामले में amrī
मेरे मामले में مَا नहीं mā
नहीं كُنتُ हूँ मैं kuntu
हूँ मैं قَاطِعَةً क़तई फ़ैसला करने वाली qāṭiʿatan
क़तई फ़ैसला करने वाली أَمْرًا किसी काम का amran
किसी काम का حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि تَشْهَدُونِ तुम मौजूद हो मेरे पास tashhadūni
तुम मौजूद हो मेरे पास ٣٢ (32)
(32)
वो कहने लगी يَـٰٓأَيُّهَا ऐ yāayyuhā
ऐ ٱلْمَلَؤُا۟ सरदारो l-mala-u
सरदारो أَفْتُونِى जवाब दो मुझे aftūnī
जवाब दो मुझे فِىٓ in fī
in أَمْرِى मेरे मामले में amrī
मेरे मामले में مَا नहीं mā
नहीं كُنتُ हूँ मैं kuntu
हूँ मैं قَاطِعَةً क़तई फ़ैसला करने वाली qāṭiʿatan
क़तई फ़ैसला करने वाली أَمْرًا किसी काम का amran
किसी काम का حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि تَشْهَدُونِ तुम मौजूद हो मेरे पास tashhadūni
तुम मौजूद हो मेरे पास ٣٢ (32)
(32)
उसने कहा : ऐ प्रमुखो! मुझे मेरे मामले में सही हल बताओ। मैं किसी मामले का फ़ैसला करने वाली नहीं, यहाँ तक तुम मेरे पास उपस्थित हो।
२७:३३
قَالُوا۟
उन्होंने कहा
qālū
उन्होंने कहा نَحْنُ हम naḥnu
हम أُو۟لُوا۟ (are) possessors ulū
(are) possessors قُوَّةٍۢ क़ुव्वत वाले हैं quwwatin
क़ुव्वत वाले हैं وَأُو۟لُوا۟ and possessors wa-ulū
and possessors بَأْسٍۢ और जंगजू हैं basin
और जंगजू हैं شَدِيدٍۢ सख़्त shadīdin
सख़्त وَٱلْأَمْرُ और फ़ैसला wal-amru
और फ़ैसला إِلَيْكِ तुम्हारी तरफ़ है ilayki
तुम्हारी तरफ़ है فَٱنظُرِى तो देखलो / ग़ौर कर लो fa-unẓurī
तो देखलो / ग़ौर कर लो مَاذَا क्या mādhā
क्या تَأْمُرِينَ तुम हुक्म देती हो tamurīna
तुम हुक्म देती हो ٣٣ (33)
(33)
उन्होंने कहा نَحْنُ हम naḥnu
हम أُو۟لُوا۟ (are) possessors ulū
(are) possessors قُوَّةٍۢ क़ुव्वत वाले हैं quwwatin
क़ुव्वत वाले हैं وَأُو۟لُوا۟ and possessors wa-ulū
and possessors بَأْسٍۢ और जंगजू हैं basin
और जंगजू हैं شَدِيدٍۢ सख़्त shadīdin
सख़्त وَٱلْأَمْرُ और फ़ैसला wal-amru
और फ़ैसला إِلَيْكِ तुम्हारी तरफ़ है ilayki
तुम्हारी तरफ़ है فَٱنظُرِى तो देखलो / ग़ौर कर लो fa-unẓurī
तो देखलो / ग़ौर कर लो مَاذَا क्या mādhā
क्या تَأْمُرِينَ तुम हुक्म देती हो tamurīna
तुम हुक्म देती हो ٣٣ (33)
(33)
उन्होंने कहा : हम बड़े पराक्रमी और प्रखर योद्धा हैं और मामला आपके हवाले है, सो देखे लें आप क्या आदेश देती हैं।
२७:३४
قَالَتْ
वो कहने लगी
qālat
वो कहने लगी إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلْمُلُوكَ बादशाह l-mulūka
बादशाह إِذَا जब idhā
जब دَخَلُوا۟ वो दाख़िल होते हैं dakhalū
वो दाख़िल होते हैं قَرْيَةً किसी बस्ती में qaryatan
किसी बस्ती में أَفْسَدُوهَا वो तबाह कर देते हैं उसे afsadūhā
वो तबाह कर देते हैं उसे وَجَعَلُوٓا۟ और वो कर देते हैं wajaʿalū
और वो कर देते हैं أَعِزَّةَ (the) most honorable aʿizzata
(the) most honorable أَهْلِهَآ उसके मुअज़्ज़िज़ बाशिन्दों को ahlihā
उसके मुअज़्ज़िज़ बाशिन्दों को أَذِلَّةًۭ ۖ ज़लील adhillatan
ज़लील وَكَذَٰلِكَ और इसी तरह wakadhālika
और इसी तरह يَفْعَلُونَ ये करेंगे yafʿalūna
ये करेंगे ٣٤ (34)
(34)
वो कहने लगी إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلْمُلُوكَ बादशाह l-mulūka
बादशाह إِذَا जब idhā
जब دَخَلُوا۟ वो दाख़िल होते हैं dakhalū
वो दाख़िल होते हैं قَرْيَةً किसी बस्ती में qaryatan
किसी बस्ती में أَفْسَدُوهَا वो तबाह कर देते हैं उसे afsadūhā
वो तबाह कर देते हैं उसे وَجَعَلُوٓا۟ और वो कर देते हैं wajaʿalū
और वो कर देते हैं أَعِزَّةَ (the) most honorable aʿizzata
(the) most honorable أَهْلِهَآ उसके मुअज़्ज़िज़ बाशिन्दों को ahlihā
उसके मुअज़्ज़िज़ बाशिन्दों को أَذِلَّةًۭ ۖ ज़लील adhillatan
ज़लील وَكَذَٰلِكَ और इसी तरह wakadhālika
और इसी तरह يَفْعَلُونَ ये करेंगे yafʿalūna
ये करेंगे ٣٤ (34)
(34)
उसने कहा : निःसंदेह राजा जब किसी बस्ती में प्रवेश करते हैं, तो उसे ख़राब कर देते हैं और उसके वासियों में से प्रतिष्ठित लोगों को अपमानित कर देते हैं। और इसी तरह ये करेंगे।
२७:३५
وَإِنِّى
और बेशक मैं
wa-innī
और बेशक मैं مُرْسِلَةٌ भेजने वाली हूँ mur'silatun
भेजने वाली हूँ إِلَيْهِم तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके بِهَدِيَّةٍۢ एक हदिया bihadiyyatin
एक हदिया فَنَاظِرَةٌۢ फिर देखने वाली हूँ fanāẓiratun
फिर देखने वाली हूँ بِمَ साथ किस चीज़ के bima
साथ किस चीज़ के يَرْجِعُ लौटते हैं yarjiʿu
लौटते हैं ٱلْمُرْسَلُونَ भेजे हुए (क़ासिद) l-mur'salūna
भेजे हुए (क़ासिद) ٣٥ (35)
(35)
और बेशक मैं مُرْسِلَةٌ भेजने वाली हूँ mur'silatun
भेजने वाली हूँ إِلَيْهِم तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके بِهَدِيَّةٍۢ एक हदिया bihadiyyatin
एक हदिया فَنَاظِرَةٌۢ फिर देखने वाली हूँ fanāẓiratun
फिर देखने वाली हूँ بِمَ साथ किस चीज़ के bima
साथ किस चीज़ के يَرْجِعُ लौटते हैं yarjiʿu
लौटते हैं ٱلْمُرْسَلُونَ भेजे हुए (क़ासिद) l-mur'salūna
भेजे हुए (क़ासिद) ٣٥ (35)
(35)
और निःसंदेह मैं उनकी ओर एक उपहार भेजने वाली हूँ। फिर देखती हूँ कि दूत क्या उत्तर लेकर आते हैं?
२७:३६
فَلَمَّا
तो जब
falammā
तो जब جَآءَ वो आया jāa
वो आया سُلَيْمَـٰنَ सुलैमान के पास sulaymāna
सुलैमान के पास قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा أَتُمِدُّونَنِ क्या तुम मदद देते हो मुझे atumiddūnani
क्या तुम मदद देते हो मुझे بِمَالٍۢ साथ माल के bimālin
साथ माल के فَمَآ तो जो famā
तो जो ءَاتَىٰنِۦَ अता किया मुझे ātāniya
अता किया मुझे ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है مِّمَّآ उससे जो mimmā
उससे जो ءَاتَىٰكُم उसने अता किया तुम्हें ātākum
उसने अता किया तुम्हें بَلْ बल्कि bal
बल्कि أَنتُم तुम ही antum
तुम ही بِهَدِيَّتِكُمْ साथ अपने हदिये के bihadiyyatikum
साथ अपने हदिये के تَفْرَحُونَ तुम ख़ुश होते हो tafraḥūna
तुम ख़ुश होते हो ٣٦ (36)
(36)
तो जब جَآءَ वो आया jāa
वो आया سُلَيْمَـٰنَ सुलैमान के पास sulaymāna
सुलैमान के पास قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा أَتُمِدُّونَنِ क्या तुम मदद देते हो मुझे atumiddūnani
क्या तुम मदद देते हो मुझे بِمَالٍۢ साथ माल के bimālin
साथ माल के فَمَآ तो जो famā
तो जो ءَاتَىٰنِۦَ अता किया मुझे ātāniya
अता किया मुझे ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है مِّمَّآ उससे जो mimmā
उससे जो ءَاتَىٰكُم उसने अता किया तुम्हें ātākum
उसने अता किया तुम्हें بَلْ बल्कि bal
बल्कि أَنتُم तुम ही antum
तुम ही بِهَدِيَّتِكُمْ साथ अपने हदिये के bihadiyyatikum
साथ अपने हदिये के تَفْرَحُونَ तुम ख़ुश होते हो tafraḥūna
तुम ख़ुश होते हो ٣٦ (36)
(36)
तो जब वह (दूत) सुलैमान के पास आया, तो उसने कहा : क्या तुम धन से मेरी सहायता करते हो? तो जो कुछ अल्लाह ने मुझे दिया है, वह उससे बेहतर है जो उसने तुम्हें दिया है, बल्कि तुम ही लोग अपने उपहारों पर खुश होते हो।
२७:३७
ٱرْجِعْ
लौट जाओ
ir'jiʿ
लौट जाओ إِلَيْهِمْ उनकी तरफ़ ilayhim
उनकी तरफ़ فَلَنَأْتِيَنَّهُم पस अलबत्ता हम ज़रूर लाऐंगे उनके पास falanatiyannahum
पस अलबत्ता हम ज़रूर लाऐंगे उनके पास بِجُنُودٍۢ ऐसे लश्करों को bijunūdin
ऐसे लश्करों को لَّا not lā
not قِبَلَ नहीं कोई मुक़ाबला qibala
नहीं कोई मुक़ाबला لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए بِهَا उनका bihā
उनका وَلَنُخْرِجَنَّهُم और अलबत्ता हम ज़रूर निकाल देंगे उन्हें walanukh'rijannahum
और अलबत्ता हम ज़रूर निकाल देंगे उन्हें مِّنْهَآ उससे min'hā
उससे أَذِلَّةًۭ ज़लील करके adhillatan
ज़लील करके وَهُمْ इस हाल में कि वो wahum
इस हाल में कि वो صَـٰغِرُونَ ख़्वार होंगे ṣāghirūna
ख़्वार होंगे ٣٧ (37)
(37)
लौट जाओ إِلَيْهِمْ उनकी तरफ़ ilayhim
उनकी तरफ़ فَلَنَأْتِيَنَّهُم पस अलबत्ता हम ज़रूर लाऐंगे उनके पास falanatiyannahum
पस अलबत्ता हम ज़रूर लाऐंगे उनके पास بِجُنُودٍۢ ऐसे लश्करों को bijunūdin
ऐसे लश्करों को لَّا not lā
not قِبَلَ नहीं कोई मुक़ाबला qibala
नहीं कोई मुक़ाबला لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए بِهَا उनका bihā
उनका وَلَنُخْرِجَنَّهُم और अलबत्ता हम ज़रूर निकाल देंगे उन्हें walanukh'rijannahum
और अलबत्ता हम ज़रूर निकाल देंगे उन्हें مِّنْهَآ उससे min'hā
उससे أَذِلَّةًۭ ज़लील करके adhillatan
ज़लील करके وَهُمْ इस हाल में कि वो wahum
इस हाल में कि वो صَـٰغِرُونَ ख़्वार होंगे ṣāghirūna
ख़्वार होंगे ٣٧ (37)
(37)
उनके पास वापस जाओ, अब हम अवश्य उनके पास ऐसी सेनाएँ लेकर आएँगे, जिनका वे सामना नहीं कर सकेंगे और हम अवश्य उन्हें उस (बस्ती) से इस तरह अपमानित करके निकाल देंगे कि वे तुच्छ होंगे।
२७:३८
قَالَ
कहा
qāla
कहा يَـٰٓأَيُّهَا ऐ yāayyuhā
ऐ ٱلْمَلَؤُا۟ सरदारो l-mala-u
सरदारो أَيُّكُمْ कौन तुम में से ayyukum
कौन तुम में से يَأْتِينِى लाएगा मेरे पास yatīnī
लाएगा मेरे पास بِعَرْشِهَا तख़्त उसका biʿarshihā
तख़्त उसका قَبْلَ इससे पहले qabla
इससे पहले أَن कि an
कि يَأْتُونِى वो आ जाऐं मेरे पास yatūnī
वो आ जाऐं मेरे पास مُسْلِمِينَ फ़रमाबरदार बन कर mus'limīna
फ़रमाबरदार बन कर ٣٨ (38)
(38)
कहा يَـٰٓأَيُّهَا ऐ yāayyuhā
ऐ ٱلْمَلَؤُا۟ सरदारो l-mala-u
सरदारो أَيُّكُمْ कौन तुम में से ayyukum
कौन तुम में से يَأْتِينِى लाएगा मेरे पास yatīnī
लाएगा मेरे पास بِعَرْشِهَا तख़्त उसका biʿarshihā
तख़्त उसका قَبْلَ इससे पहले qabla
इससे पहले أَن कि an
कि يَأْتُونِى वो आ जाऐं मेरे पास yatūnī
वो आ जाऐं मेरे पास مُسْلِمِينَ फ़रमाबरदार बन कर mus'limīna
फ़रमाबरदार बन कर ٣٨ (38)
(38)
(सुलैमान ने) कहा : ऐ प्रमुखो! तुममें से कौन उसका सिंहासन मेरे पास लेकर आएगा1, इससे पहले कि वे आज्ञाकारी होकर मेरे पास आएँ।
२७:३९
قَالَ
कहा
qāla
कहा عِفْرِيتٌۭ एक देव ने ʿif'rītun
एक देव ने مِّنَ of mina
of ٱلْجِنِّ जिन्नों में से l-jini
जिन्नों में से أَنَا۠ मैं anā
मैं ءَاتِيكَ मैं ले आऊँगा आपके पास ātīka
मैं ले आऊँगा आपके पास بِهِۦ उसे bihi
उसे قَبْلَ इससे पहले qabla
इससे पहले أَن कि an
कि تَقُومَ आप खड़े हों taqūma
आप खड़े हों مِن from min
from مَّقَامِكَ ۖ अपनी जगह से maqāmika
अपनी जगह से وَإِنِّى और बेशक मैं wa-innī
और बेशक मैं عَلَيْهِ इस पर ʿalayhi
इस पर لَقَوِىٌّ अलबत्ता क़ुव्वत रखने वाला laqawiyyun
अलबत्ता क़ुव्वत रखने वाला أَمِينٌۭ बहुत अमानतदार हूँ amīnun
बहुत अमानतदार हूँ ٣٩ (39)
(39)
कहा عِفْرِيتٌۭ एक देव ने ʿif'rītun
एक देव ने مِّنَ of mina
of ٱلْجِنِّ जिन्नों में से l-jini
जिन्नों में से أَنَا۠ मैं anā
मैं ءَاتِيكَ मैं ले आऊँगा आपके पास ātīka
मैं ले आऊँगा आपके पास بِهِۦ उसे bihi
उसे قَبْلَ इससे पहले qabla
इससे पहले أَن कि an
कि تَقُومَ आप खड़े हों taqūma
आप खड़े हों مِن from min
from مَّقَامِكَ ۖ अपनी जगह से maqāmika
अपनी जगह से وَإِنِّى और बेशक मैं wa-innī
और बेशक मैं عَلَيْهِ इस पर ʿalayhi
इस पर لَقَوِىٌّ अलबत्ता क़ुव्वत रखने वाला laqawiyyun
अलबत्ता क़ुव्वत रखने वाला أَمِينٌۭ बहुत अमानतदार हूँ amīnun
बहुत अमानतदार हूँ ٣٩ (39)
(39)
जिन्नों में से एक शक्तिशाली शरारती कहने लगा : मैं उसे आपके पास ले आऊँगा, इससे पूर्व कि आप अपने स्थान से उठें और निःसंदेह मैं इसकी निश्चय पूरी शक्ति रखने वाला, अमानतदार हूँ।
२७:४०
قَالَ
कहा
qāla
कहा ٱلَّذِى उसने alladhī
उसने عِندَهُۥ जिसके पास ʿindahu
जिसके पास عِلْمٌۭ इल्म था ʿil'mun
इल्म था مِّنَ of mina
of ٱلْكِتَـٰبِ किताब का l-kitābi
किताब का أَنَا۠ मैं anā
मैं ءَاتِيكَ मैं ले आऊँगा आपके पास ātīka
मैं ले आऊँगा आपके पास بِهِۦ उसे bihi
उसे قَبْلَ इससे पहले qabla
इससे पहले أَن कि an
कि يَرْتَدَّ लौटे yartadda
लौटे إِلَيْكَ आपकी तरफ़ ilayka
आपकी तरफ़ طَرْفُكَ ۚ नज़र आपकी ṭarfuka
नज़र आपकी فَلَمَّا फिर जब falammā
फिर जब رَءَاهُ उसने देखा उसे raāhu
उसने देखा उसे مُسْتَقِرًّا रखा हुआ mus'taqirran
रखा हुआ عِندَهُۥ अपने पास ʿindahu
अपने पास قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा هَـٰذَا ये hādhā
ये مِن (is) from min
(is) from فَضْلِ फ़ज़ल से है faḍli
फ़ज़ल से है رَبِّى मेरे रब के rabbī
मेरे रब के لِيَبْلُوَنِىٓ ताकि वो आज़माए मुझे liyabluwanī
ताकि वो आज़माए मुझे ءَأَشْكُرُ क्या मैं शुक्र करता हूँ a-ashkuru
क्या मैं शुक्र करता हूँ أَمْ या am
या أَكْفُرُ ۖ मैं नाशुक्री करता हूँ akfuru
मैं नाशुक्री करता हूँ وَمَن और जिसने waman
और जिसने شَكَرَ शुक्र किया shakara
शुक्र किया فَإِنَّمَا तो यक़ीनन fa-innamā
तो यक़ीनन يَشْكُرُ वो शुक्र करेगा yashkuru
वो शुक्र करेगा لِنَفْسِهِۦ ۖ अपने ही लिए linafsihi
अपने ही लिए وَمَن और जिसने waman
और जिसने كَفَرَ कुफ़्र किया kafara
कुफ़्र किया فَإِنَّ चो यक़ीनन fa-inna
चो यक़ीनन رَبِّى मेरा रब rabbī
मेरा रब غَنِىٌّۭ बहुत बेनियाज़ है ghaniyyun
बहुत बेनियाज़ है كَرِيمٌۭ निहायत इज़्ज़त वाला है karīmun
निहायत इज़्ज़त वाला है ٤٠ (40)
(40)
कहा ٱلَّذِى उसने alladhī
उसने عِندَهُۥ जिसके पास ʿindahu
जिसके पास عِلْمٌۭ इल्म था ʿil'mun
इल्म था مِّنَ of mina
of ٱلْكِتَـٰبِ किताब का l-kitābi
किताब का أَنَا۠ मैं anā
मैं ءَاتِيكَ मैं ले आऊँगा आपके पास ātīka
मैं ले आऊँगा आपके पास بِهِۦ उसे bihi
उसे قَبْلَ इससे पहले qabla
इससे पहले أَن कि an
कि يَرْتَدَّ लौटे yartadda
लौटे إِلَيْكَ आपकी तरफ़ ilayka
आपकी तरफ़ طَرْفُكَ ۚ नज़र आपकी ṭarfuka
नज़र आपकी فَلَمَّا फिर जब falammā
फिर जब رَءَاهُ उसने देखा उसे raāhu
उसने देखा उसे مُسْتَقِرًّا रखा हुआ mus'taqirran
रखा हुआ عِندَهُۥ अपने पास ʿindahu
अपने पास قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा هَـٰذَا ये hādhā
ये مِن (is) from min
(is) from فَضْلِ फ़ज़ल से है faḍli
फ़ज़ल से है رَبِّى मेरे रब के rabbī
मेरे रब के لِيَبْلُوَنِىٓ ताकि वो आज़माए मुझे liyabluwanī
ताकि वो आज़माए मुझे ءَأَشْكُرُ क्या मैं शुक्र करता हूँ a-ashkuru
क्या मैं शुक्र करता हूँ أَمْ या am
या أَكْفُرُ ۖ मैं नाशुक्री करता हूँ akfuru
मैं नाशुक्री करता हूँ وَمَن और जिसने waman
और जिसने شَكَرَ शुक्र किया shakara
शुक्र किया فَإِنَّمَا तो यक़ीनन fa-innamā
तो यक़ीनन يَشْكُرُ वो शुक्र करेगा yashkuru
वो शुक्र करेगा لِنَفْسِهِۦ ۖ अपने ही लिए linafsihi
अपने ही लिए وَمَن और जिसने waman
और जिसने كَفَرَ कुफ़्र किया kafara
कुफ़्र किया فَإِنَّ चो यक़ीनन fa-inna
चो यक़ीनन رَبِّى मेरा रब rabbī
मेरा रब غَنِىٌّۭ बहुत बेनियाज़ है ghaniyyun
बहुत बेनियाज़ है كَرِيمٌۭ निहायत इज़्ज़त वाला है karīmun
निहायत इज़्ज़त वाला है ٤٠ (40)
(40)
जिसके पास पुस्तक का ज्ञान था, उसने कहा : मैं उसे आपके पास इससे पहले ले आता हूँ कि आपकी पलक झपके। और जब उसने उसे अपने पास रखा हुआ देखा, तो कहा : यह मेरे पालनहार का अनुग्रह है, ताकि मेरी परीक्षा ले कि मैं शुक्र अदा करता हूँ या नाशुक्री करता हूँ। और जिसने शुक्र किया, तो वह अपने ही लिए शुक्र करता है तथा जिसने नाशुक्री की, तो निश्चय मेरा पालनहार बहुत बेनियाज़, अत्यंत उदार है।
२७:४१
قَالَ
उसने कहा
qāla
उसने कहा نَكِّرُوا۟ अनजाना कर दो nakkirū
अनजाना कर दो لَهَا उसके लिए lahā
उसके लिए عَرْشَهَا तख़्त उसका ʿarshahā
तख़्त उसका نَنظُرْ हम देखते हैं nanẓur
हम देखते हैं أَتَهْتَدِىٓ क्या वो हिदायत पाती है atahtadī
क्या वो हिदायत पाती है أَمْ या am
या تَكُونُ होती है वो takūnu
होती है वो مِنَ of mina
of ٱلَّذِينَ उन में से जो alladhīna
उन में से जो لَا are not guided lā
are not guided يَهْتَدُونَ नहीं वो हिदायत पाते yahtadūna
नहीं वो हिदायत पाते ٤١ (41)
(41)
उसने कहा نَكِّرُوا۟ अनजाना कर दो nakkirū
अनजाना कर दो لَهَا उसके लिए lahā
उसके लिए عَرْشَهَا तख़्त उसका ʿarshahā
तख़्त उसका نَنظُرْ हम देखते हैं nanẓur
हम देखते हैं أَتَهْتَدِىٓ क्या वो हिदायत पाती है atahtadī
क्या वो हिदायत पाती है أَمْ या am
या تَكُونُ होती है वो takūnu
होती है वो مِنَ of mina
of ٱلَّذِينَ उन में से जो alladhīna
उन में से जो لَا are not guided lā
are not guided يَهْتَدُونَ नहीं वो हिदायत पाते yahtadūna
नहीं वो हिदायत पाते ٤١ (41)
(41)
(सुलैमान ने) कहा : उसके लिए उसके सिंहासन का रंग-रूप बदल दो। ताकि हम देखें क्या वह राह पा लेती है या उनमें से होती है, जो राह नहीं पाते।
२७:४२
فَلَمَّا
तो जब
falammā
तो जब جَآءَتْ वो आ गई jāat
वो आ गई قِيلَ कहा गया qīla
कहा गया أَهَـٰكَذَا क्या इसी तरह का है ahākadhā
क्या इसी तरह का है عَرْشُكِ ۖ तख़्त तेरा ʿarshuki
तख़्त तेरा قَالَتْ वो बोली qālat
वो बोली كَأَنَّهُۥ गोया कि वो ka-annahu
गोया कि वो هُوَ ۚ वो ही है huwa
वो ही है وَأُوتِينَا और दिए गए थे हम waūtīnā
और दिए गए थे हम ٱلْعِلْمَ इल्म l-ʿil'ma
इल्म مِن before her min
before her قَبْلِهَا इससे पहले ही qablihā
इससे पहले ही وَكُنَّا और थे हम wakunnā
और थे हम مُسْلِمِينَ फ़रमाबरदार mus'limīna
फ़रमाबरदार ٤٢ (42)
(42)
तो जब جَآءَتْ वो आ गई jāat
वो आ गई قِيلَ कहा गया qīla
कहा गया أَهَـٰكَذَا क्या इसी तरह का है ahākadhā
क्या इसी तरह का है عَرْشُكِ ۖ तख़्त तेरा ʿarshuki
तख़्त तेरा قَالَتْ वो बोली qālat
वो बोली كَأَنَّهُۥ गोया कि वो ka-annahu
गोया कि वो هُوَ ۚ वो ही है huwa
वो ही है وَأُوتِينَا और दिए गए थे हम waūtīnā
और दिए गए थे हम ٱلْعِلْمَ इल्म l-ʿil'ma
इल्म مِن before her min
before her قَبْلِهَا इससे पहले ही qablihā
इससे पहले ही وَكُنَّا और थे हम wakunnā
और थे हम مُسْلِمِينَ फ़रमाबरदार mus'limīna
फ़रमाबरदार ٤٢ (42)
(42)
फिर जब वह आई, तो उससे कहा गया : क्या तेरा सिंहासन ऐसा ही है? उसने कहा : यह तो मानो वही है, और हमें इससे पहले ज्ञान दिया गया था, और हम आज्ञाकारी थे।
२७:४३
وَصَدَّهَا
और रोक रखा था उसे
waṣaddahā
और रोक रखा था उसे مَا जिसकी mā
जिसकी كَانَت थी वो kānat
थी वो تَّعْبُدُ वो इबादत करती taʿbudu
वो इबादत करती مِن besides min
besides دُونِ सिवाए dūni
सिवाए ٱللَّهِ ۖ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के إِنَّهَا बेशक वो innahā
बेशक वो كَانَتْ थी वो kānat
थी वो مِن from min
from قَوْمٍۢ क़ौम से qawmin
क़ौम से كَـٰفِرِينَ काफ़िरों की kāfirīna
काफ़िरों की ٤٣ (43)
(43)
और रोक रखा था उसे مَا जिसकी mā
जिसकी كَانَت थी वो kānat
थी वो تَّعْبُدُ वो इबादत करती taʿbudu
वो इबादत करती مِن besides min
besides دُونِ सिवाए dūni
सिवाए ٱللَّهِ ۖ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के إِنَّهَا बेशक वो innahā
बेशक वो كَانَتْ थी वो kānat
थी वो مِن from min
from قَوْمٍۢ क़ौम से qawmin
क़ौम से كَـٰفِرِينَ काफ़िरों की kāfirīna
काफ़िरों की ٤٣ (43)
(43)
और उसे (ईमान से) उस चीज़ ने रोक रखा था, जिसकी वह अल्लाह के सिवा इबादत कर रही थी। निःसंदेह वह काफ़िर लोगों में से थी।
२७:४४
قِيلَ
कहा गया
qīla
कहा गया لَهَا उसे lahā
उसे ٱدْخُلِى दाख़िल हो जाओ ud'khulī
दाख़िल हो जाओ ٱلصَّرْحَ ۖ महल में l-ṣarḥa
महल में فَلَمَّا तो जब falammā
तो जब رَأَتْهُ उसने देखा उसे ra-athu
उसने देखा उसे حَسِبَتْهُ वो समझी उसे ḥasibathu
वो समझी उसे لُجَّةًۭ गहरा पानी lujjatan
गहरा पानी وَكَشَفَتْ और उसने खोल दीं wakashafat
और उसने खोल दीं عَن [on] ʿan
[on] سَاقَيْهَا ۚ पिंडलियाँ अपनी sāqayhā
पिंडलियाँ अपनी قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो صَرْحٌۭ महल है ṣarḥun
महल है مُّمَرَّدٌۭ चिकना mumarradun
चिकना مِّن of min
of قَوَارِيرَ ۗ (बनाया गया) शीशों से qawārīra
(बनाया गया) शीशों से قَالَتْ वो कहने लगी qālat
वो कहने लगी رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं ظَلَمْتُ ज़ुल्म किया मैं ने ẓalamtu
ज़ुल्म किया मैं ने نَفْسِى अपनी जान पर nafsī
अपनी जान पर وَأَسْلَمْتُ और इस्लाम ले आई मैं wa-aslamtu
और इस्लाम ले आई मैं مَعَ साथ maʿa
साथ سُلَيْمَـٰنَ सुलैमान के sulaymāna
सुलैमान के لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए رَبِّ जो रब है rabbi
जो रब है ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों का l-ʿālamīna
तमाम जहानों का ٤٤ (44)
(44)
कहा गया لَهَا उसे lahā
उसे ٱدْخُلِى दाख़िल हो जाओ ud'khulī
दाख़िल हो जाओ ٱلصَّرْحَ ۖ महल में l-ṣarḥa
महल में فَلَمَّا तो जब falammā
तो जब رَأَتْهُ उसने देखा उसे ra-athu
उसने देखा उसे حَسِبَتْهُ वो समझी उसे ḥasibathu
वो समझी उसे لُجَّةًۭ गहरा पानी lujjatan
गहरा पानी وَكَشَفَتْ और उसने खोल दीं wakashafat
और उसने खोल दीं عَن [on] ʿan
[on] سَاقَيْهَا ۚ पिंडलियाँ अपनी sāqayhā
पिंडलियाँ अपनी قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो صَرْحٌۭ महल है ṣarḥun
महल है مُّمَرَّدٌۭ चिकना mumarradun
चिकना مِّن of min
of قَوَارِيرَ ۗ (बनाया गया) शीशों से qawārīra
(बनाया गया) शीशों से قَالَتْ वो कहने लगी qālat
वो कहने लगी رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं ظَلَمْتُ ज़ुल्म किया मैं ने ẓalamtu
ज़ुल्म किया मैं ने نَفْسِى अपनी जान पर nafsī
अपनी जान पर وَأَسْلَمْتُ और इस्लाम ले आई मैं wa-aslamtu
और इस्लाम ले आई मैं مَعَ साथ maʿa
साथ سُلَيْمَـٰنَ सुलैमान के sulaymāna
सुलैमान के لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए رَبِّ जो रब है rabbi
जो रब है ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों का l-ʿālamīna
तमाम जहानों का ٤٤ (44)
(44)
उससे कहा गया : इस महल में प्रवेश कर जाओ। तो जब उसने उसे देखा, तो उसे गहरा पानी समझा और अपनी दोनों पिंडलियाँ से कपड़ा उठा लिया। (सुलैमान ने) कहा : यह तो शीशे से मढ़ा हुआ चिकना महल है। उसने कहा : ऐ मेरे पालनहार! निःसंदेह मैंने अपने प्राण1 पर अत्याचार किया है और (अब) मैं सुलैमान के साथ सारे संसारों के पालनहार अल्लाह के लिए आज्ञाकारिणी हो गई।
२७:४५
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक أَرْسَلْنَآ भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने إِلَىٰ to ilā
to ثَمُودَ तरफ़ समूद के thamūda
तरफ़ समूद के أَخَاهُمْ उनके भाई akhāhum
उनके भाई صَـٰلِحًا सालेह को ṣāliḥan
सालेह को أَنِ कि ani
कि ٱعْبُدُوا۟ इबादत करो uʿ'budū
इबादत करो ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की فَإِذَا तो यकायक fa-idhā
तो यकायक هُمْ वो hum
वो فَرِيقَانِ दो फ़रीक़ हो कर farīqāni
दो फ़रीक़ हो कर يَخْتَصِمُونَ वो झगड़ रहे थे yakhtaṣimūna
वो झगड़ रहे थे ٤٥ (45)
(45)
और अलबत्ता तहक़ीक أَرْسَلْنَآ भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने إِلَىٰ to ilā
to ثَمُودَ तरफ़ समूद के thamūda
तरफ़ समूद के أَخَاهُمْ उनके भाई akhāhum
उनके भाई صَـٰلِحًا सालेह को ṣāliḥan
सालेह को أَنِ कि ani
कि ٱعْبُدُوا۟ इबादत करो uʿ'budū
इबादत करो ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की فَإِذَا तो यकायक fa-idhā
तो यकायक هُمْ वो hum
वो فَرِيقَانِ दो फ़रीक़ हो कर farīqāni
दो फ़रीक़ हो कर يَخْتَصِمُونَ वो झगड़ रहे थे yakhtaṣimūna
वो झगड़ रहे थे ٤٥ (45)
(45)
और निःसंदेह हमने समूद की ओर उनके भाई सालेह़ को भेजा कि तुम सब अल्लाह की इबादत करो, तो अचानक वे दो समूहों में बंटकर झगड़ने लगे।
२७:४६
قَالَ
उसने कहा
qāla
उसने कहा يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम لِمَ क्यों lima
क्यों تَسْتَعْجِلُونَ तुम जल्दी माँगते हो tastaʿjilūna
तुम जल्दी माँगते हो بِٱلسَّيِّئَةِ बुराई को bil-sayi-ati
बुराई को قَبْلَ क़ब्ल qabla
क़ब्ल ٱلْحَسَنَةِ ۖ भलाई से l-ḥasanati
भलाई से لَوْلَا क्यों नहीं lawlā
क्यों नहीं تَسْتَغْفِرُونَ तुम बख़्शिश माँगते tastaghfirūna
तुम बख़्शिश माँगते ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تُرْحَمُونَ तुम रहम किए जाओ tur'ḥamūna
तुम रहम किए जाओ ٤٦ (46)
(46)
उसने कहा يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम لِمَ क्यों lima
क्यों تَسْتَعْجِلُونَ तुम जल्दी माँगते हो tastaʿjilūna
तुम जल्दी माँगते हो بِٱلسَّيِّئَةِ बुराई को bil-sayi-ati
बुराई को قَبْلَ क़ब्ल qabla
क़ब्ल ٱلْحَسَنَةِ ۖ भलाई से l-ḥasanati
भलाई से لَوْلَا क्यों नहीं lawlā
क्यों नहीं تَسْتَغْفِرُونَ तुम बख़्शिश माँगते tastaghfirūna
तुम बख़्शिश माँगते ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تُرْحَمُونَ तुम रहम किए जाओ tur'ḥamūna
तुम रहम किए जाओ ٤٦ (46)
(46)
(सालेह ने) कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! तुम भलाई से पहले बुराई1 क्यों जल्दी माँगते हो? तुम अल्लाह से क्षमा क्यों नहीं माँगते, ताकि तुम पर दया की जाए?
२७:४७
قَالُوا۟
उन्होंने कहा
qālū
उन्होंने कहा ٱطَّيَّرْنَا बुरा शगून लिया हमने iṭṭayyarnā
बुरा शगून लिया हमने بِكَ तुझसे bika
तुझसे وَبِمَن और उनसे जो wabiman
और उनसे जो مَّعَكَ ۚ साथ हैं तेरे maʿaka
साथ हैं तेरे قَالَ कहा qāla
कहा طَـٰٓئِرُكُمْ बदशगूनी तुम्हारी ṭāirukum
बदशगूनी तुम्हारी عِندَ (is) with ʿinda
(is) with ٱللَّهِ ۖ अल्लाह के पास है l-lahi
अल्लाह के पास है بَلْ बल्कि bal
बल्कि أَنتُمْ तुम antum
तुम قَوْمٌۭ ऐसे लोग हो qawmun
ऐसे लोग हो تُفْتَنُونَ तुम आज़माए जा रहे हो tuf'tanūna
तुम आज़माए जा रहे हो ٤٧ (47)
(47)
उन्होंने कहा ٱطَّيَّرْنَا बुरा शगून लिया हमने iṭṭayyarnā
बुरा शगून लिया हमने بِكَ तुझसे bika
तुझसे وَبِمَن और उनसे जो wabiman
और उनसे जो مَّعَكَ ۚ साथ हैं तेरे maʿaka
साथ हैं तेरे قَالَ कहा qāla
कहा طَـٰٓئِرُكُمْ बदशगूनी तुम्हारी ṭāirukum
बदशगूनी तुम्हारी عِندَ (is) with ʿinda
(is) with ٱللَّهِ ۖ अल्लाह के पास है l-lahi
अल्लाह के पास है بَلْ बल्कि bal
बल्कि أَنتُمْ तुम antum
तुम قَوْمٌۭ ऐसे लोग हो qawmun
ऐसे लोग हो تُفْتَنُونَ तुम आज़माए जा रहे हो tuf'tanūna
तुम आज़माए जा रहे हो ٤٧ (47)
(47)
उन्होंने कहा : हमने तुमपर तथा तुम्हारे साथियों पर अपशकुन पाया है। (सालेह़ ने) कहा : तुम्हारा अपशकुन अल्लाह के पास1 है, बल्कि तुम ऐसे लोग हो जिनकी परीक्षा ली जा रही है।
२७:४८
وَكَانَ
और थे
wakāna
और थे فِى in fī
in ٱلْمَدِينَةِ शहर में l-madīnati
शहर में تِسْعَةُ नौ tis'ʿatu
नौ رَهْطٍۢ गिरोह rahṭin
गिरोह يُفْسِدُونَ वो फ़साद करते थे yuf'sidūna
वो फ़साद करते थे فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में وَلَا और ना walā
और ना يُصْلِحُونَ वो इस्लाह करते थे yuṣ'liḥūna
वो इस्लाह करते थे ٤٨ (48)
(48)
और थे فِى in fī
in ٱلْمَدِينَةِ शहर में l-madīnati
शहर में تِسْعَةُ नौ tis'ʿatu
नौ رَهْطٍۢ गिरोह rahṭin
गिरोह يُفْسِدُونَ वो फ़साद करते थे yuf'sidūna
वो फ़साद करते थे فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में وَلَا और ना walā
और ना يُصْلِحُونَ वो इस्लाह करते थे yuṣ'liḥūna
वो इस्लाह करते थे ٤٨ (48)
(48)
और उस नगर में नौ (9) लोग थे, जो धरती में उत्पात मचाते थे और सुधार नहीं करते थे।
२७:४९
قَالُوا۟
उन्होंने कहा
qālū
उन्होंने कहा تَقَاسَمُوا۟ आपस में क़सम खाओ taqāsamū
आपस में क़सम खाओ بِٱللَّهِ अल्लाह की bil-lahi
अल्लाह की لَنُبَيِّتَنَّهُۥ अलबत्ता हम ज़रूर रात को हमला करेंगे उस पर lanubayyitannahu
अलबत्ता हम ज़रूर रात को हमला करेंगे उस पर وَأَهْلَهُۥ और उसके घर वालों पर wa-ahlahu
और उसके घर वालों पर ثُمَّ फिर thumma
फिर لَنَقُولَنَّ अलबत्ता हम ज़रूर कहेंगे lanaqūlanna
अलबत्ता हम ज़रूर कहेंगे لِوَلِيِّهِۦ उसके सरपरस्त से liwaliyyihi
उसके सरपरस्त से مَا नहीं mā
नहीं شَهِدْنَا मौजूद थे हम shahid'nā
मौजूद थे हम مَهْلِكَ हलाकत के वक़्त mahlika
हलाकत के वक़्त أَهْلِهِۦ उसके ख़ानदान की ahlihi
उसके ख़ानदान की وَإِنَّا और बेशक हम wa-innā
और बेशक हम لَصَـٰدِقُونَ अलबत्ता सच्चे हैं laṣādiqūna
अलबत्ता सच्चे हैं ٤٩ (49)
(49)
उन्होंने कहा تَقَاسَمُوا۟ आपस में क़सम खाओ taqāsamū
आपस में क़सम खाओ بِٱللَّهِ अल्लाह की bil-lahi
अल्लाह की لَنُبَيِّتَنَّهُۥ अलबत्ता हम ज़रूर रात को हमला करेंगे उस पर lanubayyitannahu
अलबत्ता हम ज़रूर रात को हमला करेंगे उस पर وَأَهْلَهُۥ और उसके घर वालों पर wa-ahlahu
और उसके घर वालों पर ثُمَّ फिर thumma
फिर لَنَقُولَنَّ अलबत्ता हम ज़रूर कहेंगे lanaqūlanna
अलबत्ता हम ज़रूर कहेंगे لِوَلِيِّهِۦ उसके सरपरस्त से liwaliyyihi
उसके सरपरस्त से مَا नहीं mā
नहीं شَهِدْنَا मौजूद थे हम shahid'nā
मौजूद थे हम مَهْلِكَ हलाकत के वक़्त mahlika
हलाकत के वक़्त أَهْلِهِۦ उसके ख़ानदान की ahlihi
उसके ख़ानदान की وَإِنَّا और बेशक हम wa-innā
और बेशक हम لَصَـٰدِقُونَ अलबत्ता सच्चे हैं laṣādiqūna
अलबत्ता सच्चे हैं ٤٩ (49)
(49)
उन्होंने कहा : आपस में अल्लाह की क़सम खाओ कि हम अवश्य ही उसपर और उसके परिवार पर रात में हमला करेंगे, फिर हम अवश्य ही उसके वारिस (उत्तराधिकारी) से कह देंगे : हम उसके परिवार की मृत्यु के समय मौजूद नहीं थे। और निःसंदेह हम अवश्य सच्चे हैं।
२७:५०
وَمَكَرُوا۟
और उन्होंने चाल चली
wamakarū
और उन्होंने चाल चली مَكْرًۭا एक चाल makran
एक चाल وَمَكَرْنَا और तदबीर की हमने wamakarnā
और तदबीर की हमने مَكْرًۭا एक तदबीर makran
एक तदबीर وَهُمْ और वो wahum
और वो لَا (did) not lā
(did) not يَشْعُرُونَ ना वो शऊर रखते थे yashʿurūna
ना वो शऊर रखते थे ٥٠ (50)
(50)
और उन्होंने चाल चली مَكْرًۭا एक चाल makran
एक चाल وَمَكَرْنَا और तदबीर की हमने wamakarnā
और तदबीर की हमने مَكْرًۭا एक तदबीर makran
एक तदबीर وَهُمْ और वो wahum
और वो لَا (did) not lā
(did) not يَشْعُرُونَ ना वो शऊर रखते थे yashʿurūna
ना वो शऊर रखते थे ٥٠ (50)
(50)
और उन्होंने एक चाल चली और हमने भी एक चाल चली और वे सोचते तक न थे।
२७:५१
فَٱنظُرْ
पस देखिए
fa-unẓur
पस देखिए كَيْفَ कैसा kayfa
कैसा كَانَ हुआ kāna
हुआ عَـٰقِبَةُ अंजाम ʿāqibatu
अंजाम مَكْرِهِمْ उनकी चाल का makrihim
उनकी चाल का أَنَّا बेशक हम annā
बेशक हम دَمَّرْنَـٰهُمْ तबाह कर दिया हमने उन्हें dammarnāhum
तबाह कर दिया हमने उन्हें وَقَوْمَهُمْ और उनकी क़ौम को waqawmahum
और उनकी क़ौम को أَجْمَعِينَ सब के सबको ajmaʿīna
सब के सबको ٥١ (51)
(51)
पस देखिए كَيْفَ कैसा kayfa
कैसा كَانَ हुआ kāna
हुआ عَـٰقِبَةُ अंजाम ʿāqibatu
अंजाम مَكْرِهِمْ उनकी चाल का makrihim
उनकी चाल का أَنَّا बेशक हम annā
बेशक हम دَمَّرْنَـٰهُمْ तबाह कर दिया हमने उन्हें dammarnāhum
तबाह कर दिया हमने उन्हें وَقَوْمَهُمْ और उनकी क़ौम को waqawmahum
और उनकी क़ौम को أَجْمَعِينَ सब के सबको ajmaʿīna
सब के सबको ٥١ (51)
(51)
तो देखो उनकी चाल का परिणाम कैसा हुआ कि निःसंदेह हमने उन्हें और उनकी क़ौम, सबको विनष्ट कर दिया।
२७:५२
فَتِلْكَ
तो ये
fatil'ka
तो ये بُيُوتُهُمْ उनके घर हैं buyūtuhum
उनके घर हैं خَاوِيَةًۢ गिरे हुए khāwiyatan
गिरे हुए بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो ظَلَمُوٓا۟ ۗ उन्होंने ज़ुल्म किया ẓalamū
उन्होंने ज़ुल्म किया إِنَّ यक़ीनन inna
यक़ीनन فِى in fī
in ذَٰلِكَ इसमें dhālika
इसमें لَـَٔايَةًۭ अलबत्ता एक निशानी है laāyatan
अलबत्ता एक निशानी है لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يَعْلَمُونَ जो इल्म रखते हैं yaʿlamūna
जो इल्म रखते हैं ٥٢ (52)
(52)
तो ये بُيُوتُهُمْ उनके घर हैं buyūtuhum
उनके घर हैं خَاوِيَةًۢ गिरे हुए khāwiyatan
गिरे हुए بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो ظَلَمُوٓا۟ ۗ उन्होंने ज़ुल्म किया ẓalamū
उन्होंने ज़ुल्म किया إِنَّ यक़ीनन inna
यक़ीनन فِى in fī
in ذَٰلِكَ इसमें dhālika
इसमें لَـَٔايَةًۭ अलबत्ता एक निशानी है laāyatan
अलबत्ता एक निशानी है لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يَعْلَمُونَ जो इल्म रखते हैं yaʿlamūna
जो इल्म रखते हैं ٥٢ (52)
(52)
तो ये हैं उनके घर, उनके ज़ुल्म के कारण गिर हुए। निःसंदेह इसमें उन लोगों के लिए निश्चय एक निशानी है, जो ज्ञान रखते हैं।
२७:५३
وَأَنجَيْنَا
और निजात दी हमने
wa-anjaynā
और निजात दी हमने ٱلَّذِينَ उन्हें जो alladhīna
उन्हें जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَكَانُوا۟ और थे वो wakānū
और थे वो يَتَّقُونَ वो डरते yattaqūna
वो डरते ٥٣ (53)
(53)
और निजात दी हमने ٱلَّذِينَ उन्हें जो alladhīna
उन्हें जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَكَانُوا۟ और थे वो wakānū
और थे वो يَتَّقُونَ वो डरते yattaqūna
वो डरते ٥٣ (53)
(53)
तथा हमने उन लोगों को बचा लिया, जो ईमान लाए और डरते रहे थे।
२७:५४
وَلُوطًا
और लूत को
walūṭan
और लूत को إِذْ जब idh
जब قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा لِقَوْمِهِۦٓ अपनी क़ौम से liqawmihi
अपनी क़ौम से أَتَأْتُونَ क्या तुम आते हो atatūna
क्या तुम आते हो ٱلْفَـٰحِشَةَ बेहयाई को l-fāḥishata
बेहयाई को وَأَنتُمْ हालाँकि तुम wa-antum
हालाँकि तुम تُبْصِرُونَ तुम देखते हो tub'ṣirūna
तुम देखते हो ٥٤ (54)
(54)
और लूत को إِذْ जब idh
जब قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा لِقَوْمِهِۦٓ अपनी क़ौम से liqawmihi
अपनी क़ौम से أَتَأْتُونَ क्या तुम आते हो atatūna
क्या तुम आते हो ٱلْفَـٰحِشَةَ बेहयाई को l-fāḥishata
बेहयाई को وَأَنتُمْ हालाँकि तुम wa-antum
हालाँकि तुम تُبْصِرُونَ तुम देखते हो tub'ṣirūna
तुम देखते हो ٥٤ (54)
(54)
तथा (हमने) लूत को (भेजा), जब उसने अपनी जाति के लोगों से कहा : क्या तुम अश्लील काम करते हो, जबकि तुम देखते हो?
२७:५५
أَئِنَّكُمْ
क्या बेशक तुम
a-innakum
क्या बेशक तुम لَتَأْتُونَ अलबत्ता तुम आते हो latatūna
अलबत्ता तुम आते हो ٱلرِّجَالَ मर्दों के पास l-rijāla
मर्दों के पास شَهْوَةًۭ शहवत के लिए shahwatan
शहवत के लिए مِّن instead of min
instead of دُونِ अलावा dūni
अलावा ٱلنِّسَآءِ ۚ औरतों के l-nisāi
औरतों के بَلْ बल्कि bal
बल्कि أَنتُمْ तुम antum
तुम قَوْمٌۭ एक क़ौम हो qawmun
एक क़ौम हो تَجْهَلُونَ तुम जिहालत बरतते हो tajhalūna
तुम जिहालत बरतते हो ٥٥ (55)
(55)
क्या बेशक तुम لَتَأْتُونَ अलबत्ता तुम आते हो latatūna
अलबत्ता तुम आते हो ٱلرِّجَالَ मर्दों के पास l-rijāla
मर्दों के पास شَهْوَةًۭ शहवत के लिए shahwatan
शहवत के लिए مِّن instead of min
instead of دُونِ अलावा dūni
अलावा ٱلنِّسَآءِ ۚ औरतों के l-nisāi
औरतों के بَلْ बल्कि bal
बल्कि أَنتُمْ तुम antum
तुम قَوْمٌۭ एक क़ौम हो qawmun
एक क़ौम हो تَجْهَلُونَ तुम जिहालत बरतते हो tajhalūna
तुम जिहालत बरतते हो ٥٥ (55)
(55)
क्या तुम सचमुच स्त्रियों को छोड़कर वासनावश पुरुषों के पास आते हो? बल्कि तुम बड़े ही नासमझ लोग हो।
२७:५६
۞ فَمَا
तो ना
famā
तो ना كَانَ था kāna
था جَوَابَ जवाब jawāba
जवाब قَوْمِهِۦٓ उसकी क़ौम का qawmihi
उसकी क़ौम का إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि قَالُوٓا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा أَخْرِجُوٓا۟ निकाल दो akhrijū
निकाल दो ءَالَ (the) family āla
(the) family لُوطٍۢ आले लूत को lūṭin
आले लूत को مِّن from min
from قَرْيَتِكُمْ ۖ अपनी बस्ती से qaryatikum
अपनी बस्ती से إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो أُنَاسٌۭ लोग unāsun
लोग يَتَطَهَّرُونَ वो बहुत पाकबाज़ बनते हैं yataṭahharūna
वो बहुत पाकबाज़ बनते हैं ٥٦ (56)
(56)
तो ना كَانَ था kāna
था جَوَابَ जवाब jawāba
जवाब قَوْمِهِۦٓ उसकी क़ौम का qawmihi
उसकी क़ौम का إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि قَالُوٓا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा أَخْرِجُوٓا۟ निकाल दो akhrijū
निकाल दो ءَالَ (the) family āla
(the) family لُوطٍۢ आले लूत को lūṭin
आले लूत को مِّن from min
from قَرْيَتِكُمْ ۖ अपनी बस्ती से qaryatikum
अपनी बस्ती से إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो أُنَاسٌۭ लोग unāsun
लोग يَتَطَهَّرُونَ वो बहुत पाकबाज़ बनते हैं yataṭahharūna
वो बहुत पाकबाज़ बनते हैं ٥٦ (56)
(56)
तो उसकी जाति के लोगों का उत्तर इसके सिवा कुछ न था कि उन्होंने कहा : लूत के घरवालों को अपनी बस्ती से निकाल दो। निःसंदेह ये ऐसे लोग हैं जो बड़े पाक-साफ़ बनते हैं।
२७:५७
فَأَنجَيْنَـٰهُ
तो निजात दी हमने उसे
fa-anjaynāhu
तो निजात दी हमने उसे وَأَهْلَهُۥٓ और उसके घर वालों को wa-ahlahu
और उसके घर वालों को إِلَّا सिवाए illā
सिवाए ٱمْرَأَتَهُۥ उसकी बीवी के im'ra-atahu
उसकी बीवी के قَدَّرْنَـٰهَا मुक़द्दर कर दिया हमने उसे qaddarnāhā
मुक़द्दर कर दिया हमने उसे مِنَ (to be) of mina
(to be) of ٱلْغَـٰبِرِينَ पीछे रहने वालों में से l-ghābirīna
पीछे रहने वालों में से ٥٧ (57)
(57)
तो निजात दी हमने उसे وَأَهْلَهُۥٓ और उसके घर वालों को wa-ahlahu
और उसके घर वालों को إِلَّا सिवाए illā
सिवाए ٱمْرَأَتَهُۥ उसकी बीवी के im'ra-atahu
उसकी बीवी के قَدَّرْنَـٰهَا मुक़द्दर कर दिया हमने उसे qaddarnāhā
मुक़द्दर कर दिया हमने उसे مِنَ (to be) of mina
(to be) of ٱلْغَـٰبِرِينَ पीछे रहने वालों में से l-ghābirīna
पीछे रहने वालों में से ٥٧ (57)
(57)
तो हमने उसे तथा उसके घरवालों को बचा लिया, सिवाय उसकी बीवी के। हमने उसे पीछे रह जाने वालों में तय कर दिया था।
२७:५८
وَأَمْطَرْنَا
और बरसाई हमने
wa-amṭarnā
और बरसाई हमने عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर مَّطَرًۭا ۖ एक बारिश maṭaran
एक बारिश فَسَآءَ तो बहुत बुरी थी fasāa
तो बहुत बुरी थी مَطَرُ बारिश maṭaru
बारिश ٱلْمُنذَرِينَ डराए जाने वालों की l-mundharīna
डराए जाने वालों की ٥٨ (58)
(58)
और बरसाई हमने عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर مَّطَرًۭا ۖ एक बारिश maṭaran
एक बारिश فَسَآءَ तो बहुत बुरी थी fasāa
तो बहुत बुरी थी مَطَرُ बारिश maṭaru
बारिश ٱلْمُنذَرِينَ डराए जाने वालों की l-mundharīna
डराए जाने वालों की ٥٨ (58)
(58)
और हमने उनपर भारी वर्षा बरसाई। तो बुरी बारिश थी उन लोगों के लिए जो डराए गए थे।
२७:५९
قُلِ
कह दीजिए
quli
कह दीजिए ٱلْحَمْدُ सब तारीफ़ l-ḥamdu
सब तारीफ़ لِلَّهِ अल्लाह के लिए है lillahi
अल्लाह के लिए है وَسَلَـٰمٌ और सलाम है wasalāmun
और सलाम है عَلَىٰ upon ʿalā
upon عِبَادِهِ उसके उन बन्दों पर ʿibādihi
उसके उन बन्दों पर ٱلَّذِينَ जिन्हें alladhīna
जिन्हें ٱصْطَفَىٰٓ ۗ उसने चुन लिया iṣ'ṭafā
उसने चुन लिया ءَآللَّهُ क्या अल्लाह āllahu
क्या अल्लाह خَيْرٌ बेहतर है khayrun
बेहतर है أَمَّا या जिन्हें ammā
या जिन्हें يُشْرِكُونَ वो शरीक ठहराते हैं yush'rikūna
वो शरीक ठहराते हैं ٥٩ (59)
(59)
कह दीजिए ٱلْحَمْدُ सब तारीफ़ l-ḥamdu
सब तारीफ़ لِلَّهِ अल्लाह के लिए है lillahi
अल्लाह के लिए है وَسَلَـٰمٌ और सलाम है wasalāmun
और सलाम है عَلَىٰ upon ʿalā
upon عِبَادِهِ उसके उन बन्दों पर ʿibādihi
उसके उन बन्दों पर ٱلَّذِينَ जिन्हें alladhīna
जिन्हें ٱصْطَفَىٰٓ ۗ उसने चुन लिया iṣ'ṭafā
उसने चुन लिया ءَآللَّهُ क्या अल्लाह āllahu
क्या अल्लाह خَيْرٌ बेहतर है khayrun
बेहतर है أَمَّا या जिन्हें ammā
या जिन्हें يُشْرِكُونَ वो शरीक ठहराते हैं yush'rikūna
वो शरीक ठहराते हैं ٥٩ (59)
(59)
आप कह दें: सब प्रशंसा अल्लाह के लिए है और सलाम है उसके उन बंदों पर, जिन्हें उसने चुन लिया। क्या अल्लाह बेहतर है, या वे जिन्हें ये साझी ठहराते हैं?
२७:६०
أَمَّنْ
या कौन है जिसने
amman
या कौन है जिसने خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को وَأَنزَلَ और उसने उतारा wa-anzala
और उसने उतारा لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से مَآءًۭ पानी māan
पानी فَأَنۢبَتْنَا फिर उगाए हमने fa-anbatnā
फिर उगाए हमने بِهِۦ साथ इसके bihi
साथ इसके حَدَآئِقَ बाग़ात ḥadāiqa
बाग़ात ذَاتَ of beauty (and delight) dhāta
of beauty (and delight) بَهْجَةٍۢ रौनक़ वाले bahjatin
रौनक़ वाले مَّا ना mā
ना كَانَ था kāna
था لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए أَن कि an
कि تُنۢبِتُوا۟ तुम उगा सको tunbitū
तुम उगा सको شَجَرَهَآ ۗ दरख़्त उनके shajarahā
दरख़्त उनके أَءِلَـٰهٌۭ क्या है कोई इलाह a-ilāhun
क्या है कोई इलाह مَّعَ साथ maʿa
साथ ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के بَلْ बल्कि bal
बल्कि هُمْ वो hum
वो قَوْمٌۭ ऐसे लोग हैं qawmun
ऐसे लोग हैं يَعْدِلُونَ जो(अल्लाह के) बराबर क़रार देते हैं yaʿdilūna
जो(अल्लाह के) बराबर क़रार देते हैं ٦٠ (60)
(60)
या कौन है जिसने خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को وَأَنزَلَ और उसने उतारा wa-anzala
और उसने उतारा لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से مَآءًۭ पानी māan
पानी فَأَنۢبَتْنَا फिर उगाए हमने fa-anbatnā
फिर उगाए हमने بِهِۦ साथ इसके bihi
साथ इसके حَدَآئِقَ बाग़ात ḥadāiqa
बाग़ात ذَاتَ of beauty (and delight) dhāta
of beauty (and delight) بَهْجَةٍۢ रौनक़ वाले bahjatin
रौनक़ वाले مَّا ना mā
ना كَانَ था kāna
था لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए أَن कि an
कि تُنۢبِتُوا۟ तुम उगा सको tunbitū
तुम उगा सको شَجَرَهَآ ۗ दरख़्त उनके shajarahā
दरख़्त उनके أَءِلَـٰهٌۭ क्या है कोई इलाह a-ilāhun
क्या है कोई इलाह مَّعَ साथ maʿa
साथ ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के بَلْ बल्कि bal
बल्कि هُمْ वो hum
वो قَوْمٌۭ ऐसे लोग हैं qawmun
ऐसे लोग हैं يَعْدِلُونَ जो(अल्लाह के) बराबर क़रार देते हैं yaʿdilūna
जो(अल्लाह के) बराबर क़रार देते हैं ٦٠ (60)
(60)
(क्या वे साझीदार बेहतर हैं) या वह जिसने आकाशों और धरती को पैदा किया और आकाश से तुम्हारे लिए पानी उतारा, फिर हमने उसके साथ शानदार बाग़ लगाए। तुम्हारे बस में नहीं था कि उनके वृक्ष उगाते। क्या अल्लाह के साथ कोई (अन्य) पूज्य है? बल्कि ये ऐसे लोग हैं जो रास्ते से हट रहे हैं।
२७:६१
أَمَّن
या कौन है जिसने
amman
या कौन है जिसने جَعَلَ बनाया jaʿala
बनाया ٱلْأَرْضَ ज़मीन को l-arḍa
ज़मीन को قَرَارًۭا जाए क़रार qarāran
जाए क़रार وَجَعَلَ और उसने बनाया wajaʿala
और उसने बनाया خِلَـٰلَهَآ दर्मियान उसके khilālahā
दर्मियान उसके أَنْهَـٰرًۭا नहरों को anhāran
नहरों को وَجَعَلَ और उसने बनाया wajaʿala
और उसने बनाया لَهَا उसके लिए lahā
उसके लिए رَوَٰسِىَ पहाड़ों को rawāsiya
पहाड़ों को وَجَعَلَ और उसने बनाया wajaʿala
और उसने बनाया بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान ٱلْبَحْرَيْنِ दो समुन्दरों के l-baḥrayni
दो समुन्दरों के حَاجِزًا ۗ एक परदा ḥājizan
एक परदा أَءِلَـٰهٌۭ क्या है कोई इलाह a-ilāhun
क्या है कोई इलाह مَّعَ साथ maʿa
साथ ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के بَلْ बल्कि bal
बल्कि أَكْثَرُهُمْ अक्सर उनके aktharuhum
अक्सर उनके لَا (do) not lā
(do) not يَعْلَمُونَ नहीं वो इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं वो इल्म रखते ٦١ (61)
(61)
या कौन है जिसने جَعَلَ बनाया jaʿala
बनाया ٱلْأَرْضَ ज़मीन को l-arḍa
ज़मीन को قَرَارًۭا जाए क़रार qarāran
जाए क़रार وَجَعَلَ और उसने बनाया wajaʿala
और उसने बनाया خِلَـٰلَهَآ दर्मियान उसके khilālahā
दर्मियान उसके أَنْهَـٰرًۭا नहरों को anhāran
नहरों को وَجَعَلَ और उसने बनाया wajaʿala
और उसने बनाया لَهَا उसके लिए lahā
उसके लिए رَوَٰسِىَ पहाड़ों को rawāsiya
पहाड़ों को وَجَعَلَ और उसने बनाया wajaʿala
और उसने बनाया بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान ٱلْبَحْرَيْنِ दो समुन्दरों के l-baḥrayni
दो समुन्दरों के حَاجِزًا ۗ एक परदा ḥājizan
एक परदा أَءِلَـٰهٌۭ क्या है कोई इलाह a-ilāhun
क्या है कोई इलाह مَّعَ साथ maʿa
साथ ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के بَلْ बल्कि bal
बल्कि أَكْثَرُهُمْ अक्सर उनके aktharuhum
अक्सर उनके لَا (do) not lā
(do) not يَعْلَمُونَ नहीं वो इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं वो इल्म रखते ٦١ (61)
(61)
(क्या वे साझीदार बेहतर हैं) या वह जिसने धरती को ठहरने का स्थान बनाया और उसके बीच नहरें बनाईं और उसके लिए पहाड़ बनाए और दो समुद्रों के बीच अवरोध बनाया? क्या अल्लाह के साथ कोई (अन्य) पूज्य है ? बल्कि उनमें से अधिकतर लोग नहीं जानते।
२७:६२
أَمَّن
या कौन है जो
amman
या कौन है जो يُجِيبُ दुआ क़ुबूल करता है yujību
दुआ क़ुबूल करता है ٱلْمُضْطَرَّ बेक़रार की l-muḍ'ṭara
बेक़रार की إِذَا जब idhā
जब دَعَاهُ वो दुआ करता है उससे daʿāhu
वो दुआ करता है उससे وَيَكْشِفُ और वो दूर करता है wayakshifu
और वो दूर करता है ٱلسُّوٓءَ तक्लीफ़ l-sūa
तक्लीफ़ وَيَجْعَلُكُمْ और वो बनाता है तुम्हें wayajʿalukum
और वो बनाता है तुम्हें خُلَفَآءَ जानशीन khulafāa
जानशीन ٱلْأَرْضِ ۗ ज़मीन के l-arḍi
ज़मीन के أَءِلَـٰهٌۭ क्या है कोई इलाह a-ilāhun
क्या है कोई इलाह مَّعَ साथ maʿa
साथ ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के قَلِيلًۭا Little qalīlan
Little مَّا कितना कम mā
कितना कम تَذَكَّرُونَ तुम नसीहत पकड़ते हो tadhakkarūna
तुम नसीहत पकड़ते हो ٦٢ (62)
(62)
या कौन है जो يُجِيبُ दुआ क़ुबूल करता है yujību
दुआ क़ुबूल करता है ٱلْمُضْطَرَّ बेक़रार की l-muḍ'ṭara
बेक़रार की إِذَا जब idhā
जब دَعَاهُ वो दुआ करता है उससे daʿāhu
वो दुआ करता है उससे وَيَكْشِفُ और वो दूर करता है wayakshifu
और वो दूर करता है ٱلسُّوٓءَ तक्लीफ़ l-sūa
तक्लीफ़ وَيَجْعَلُكُمْ और वो बनाता है तुम्हें wayajʿalukum
और वो बनाता है तुम्हें خُلَفَآءَ जानशीन khulafāa
जानशीन ٱلْأَرْضِ ۗ ज़मीन के l-arḍi
ज़मीन के أَءِلَـٰهٌۭ क्या है कोई इलाह a-ilāhun
क्या है कोई इलाह مَّعَ साथ maʿa
साथ ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के قَلِيلًۭا Little qalīlan
Little مَّا कितना कम mā
कितना कम تَذَكَّرُونَ तुम नसीहत पकड़ते हो tadhakkarūna
तुम नसीहत पकड़ते हो ٦٢ (62)
(62)
या वह जो व्याकुल की प्रार्थना स्वीकार करता है, जब वह उसे पुकारता है और दुखों को दूर करता है और तुम्हें धरती का उत्तराधिकारी बनाता है? क्या अल्लाह के साथ कोई (अन्य) पूज्य है? तुम बहुत कम उपदेश ग्रहण करते हो।
२७:६३
أَمَّن
या कौन है जो
amman
या कौन है जो يَهْدِيكُمْ राह दिखाता है तुम्हें yahdīkum
राह दिखाता है तुम्हें فِى in fī
in ظُلُمَـٰتِ अँधेरों में ẓulumāti
अँधेरों में ٱلْبَرِّ ख़ुशकी के l-bari
ख़ुशकी के وَٱلْبَحْرِ और समुन्दर के wal-baḥri
और समुन्दर के وَمَن और कौन है जो waman
और कौन है जो يُرْسِلُ भेजता है yur'silu
भेजता है ٱلرِّيَـٰحَ हवाओं को l-riyāḥa
हवाओं को بُشْرًۢا बतौरे ख़ुशख़बरी bush'ran
बतौरे ख़ुशख़बरी بَيْنَ before bayna
before يَدَىْ आगे-आगे yaday
आगे-आगे رَحْمَتِهِۦٓ ۗ अपनी रहमत के raḥmatihi
अपनी रहमत के أَءِلَـٰهٌۭ क्या है कोई इलाह a-ilāhun
क्या है कोई इलाह مَّعَ साथ maʿa
साथ ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के تَعَـٰلَى बुलन्दतर है taʿālā
बुलन्दतर है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो يُشْرِكُونَ वो शरीक ठहराते हैं yush'rikūna
वो शरीक ठहराते हैं ٦٣ (63)
(63)
या कौन है जो يَهْدِيكُمْ राह दिखाता है तुम्हें yahdīkum
राह दिखाता है तुम्हें فِى in fī
in ظُلُمَـٰتِ अँधेरों में ẓulumāti
अँधेरों में ٱلْبَرِّ ख़ुशकी के l-bari
ख़ुशकी के وَٱلْبَحْرِ और समुन्दर के wal-baḥri
और समुन्दर के وَمَن और कौन है जो waman
और कौन है जो يُرْسِلُ भेजता है yur'silu
भेजता है ٱلرِّيَـٰحَ हवाओं को l-riyāḥa
हवाओं को بُشْرًۢا बतौरे ख़ुशख़बरी bush'ran
बतौरे ख़ुशख़बरी بَيْنَ before bayna
before يَدَىْ आगे-आगे yaday
आगे-आगे رَحْمَتِهِۦٓ ۗ अपनी रहमत के raḥmatihi
अपनी रहमत के أَءِلَـٰهٌۭ क्या है कोई इलाह a-ilāhun
क्या है कोई इलाह مَّعَ साथ maʿa
साथ ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के تَعَـٰلَى बुलन्दतर है taʿālā
बुलन्दतर है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो يُشْرِكُونَ वो शरीक ठहराते हैं yush'rikūna
वो शरीक ठहराते हैं ٦٣ (63)
(63)
या वह जो थल और समुद्र के अँधेरों में तुम्हारा मार्गदर्शन करता है तथा वह जो हवाओं को अपनी दया (वर्षा) से पहले शुभ-सूचना देने के लिए भेजता है? क्या अल्लाह के साथ कोई (और) पूज्य है? बहुत उच्च है अल्लाह उससे जो वे साझी ठहराते हैं।
२७:६४
أَمَّن
या कौन है जो
amman
या कौन है जो يَبْدَؤُا۟ इब्तिदा करता है yabda-u
इब्तिदा करता है ٱلْخَلْقَ तख़्लीक़ की l-khalqa
तख़्लीक़ की ثُمَّ फिर thumma
फिर يُعِيدُهُۥ वो एआदा करेगा उसका yuʿīduhu
वो एआदा करेगा उसका وَمَن और कौन है जो waman
और कौन है जो يَرْزُقُكُم रिज़्क़ देता है तुम्हें yarzuqukum
रिज़्क़ देता है तुम्हें مِّنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से وَٱلْأَرْضِ ۗ और ज़मीन से wal-arḍi
और ज़मीन से أَءِلَـٰهٌۭ क्या है कोई इलाह a-ilāhun
क्या है कोई इलाह مَّعَ साथ maʿa
साथ ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए هَاتُوا۟ लाओ hātū
लाओ بُرْهَـٰنَكُمْ दलील अपनी bur'hānakum
दलील अपनी إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ٦٤ (64)
(64)
या कौन है जो يَبْدَؤُا۟ इब्तिदा करता है yabda-u
इब्तिदा करता है ٱلْخَلْقَ तख़्लीक़ की l-khalqa
तख़्लीक़ की ثُمَّ फिर thumma
फिर يُعِيدُهُۥ वो एआदा करेगा उसका yuʿīduhu
वो एआदा करेगा उसका وَمَن और कौन है जो waman
और कौन है जो يَرْزُقُكُم रिज़्क़ देता है तुम्हें yarzuqukum
रिज़्क़ देता है तुम्हें مِّنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से وَٱلْأَرْضِ ۗ और ज़मीन से wal-arḍi
और ज़मीन से أَءِلَـٰهٌۭ क्या है कोई इलाह a-ilāhun
क्या है कोई इलाह مَّعَ साथ maʿa
साथ ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए هَاتُوا۟ लाओ hātū
लाओ بُرْهَـٰنَكُمْ दलील अपनी bur'hānakum
दलील अपनी إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ٦٤ (64)
(64)
या वह जो सृष्टि का आरंभ करता है, फिर उसे दोहराता है, और जो तुम्हें आकाश और धरती से जीविका देता है? क्या अल्लाह के साथ कोई (और) पूज्य है? कह दीजिए : लाओ अपना प्रमाण, यदि तुम सच्चे हो।1
२७:६५
قُل
कह दीजिए
qul
कह दीजिए لَّا No (one) lā
No (one) يَعْلَمُ नहीं जानता yaʿlamu
नहीं जानता مَن जो कोई man
जो कोई فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन में है wal-arḍi
और ज़मीन में है ٱلْغَيْبَ ग़ैब को l-ghayba
ग़ैब को إِلَّا सिवाए illā
सिवाए ٱللَّهُ ۚ अल्लाह के l-lahu
अल्लाह के وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَشْعُرُونَ वो शऊर रखते yashʿurūna
वो शऊर रखते أَيَّانَ कि कब ayyāna
कि कब يُبْعَثُونَ वो उठाए जाऐंगे yub'ʿathūna
वो उठाए जाऐंगे ٦٥ (65)
(65)
कह दीजिए لَّا No (one) lā
No (one) يَعْلَمُ नहीं जानता yaʿlamu
नहीं जानता مَن जो कोई man
जो कोई فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन में है wal-arḍi
और ज़मीन में है ٱلْغَيْبَ ग़ैब को l-ghayba
ग़ैब को إِلَّا सिवाए illā
सिवाए ٱللَّهُ ۚ अल्लाह के l-lahu
अल्लाह के وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَشْعُرُونَ वो शऊर रखते yashʿurūna
वो शऊर रखते أَيَّانَ कि कब ayyāna
कि कब يُبْعَثُونَ वो उठाए जाऐंगे yub'ʿathūna
वो उठाए जाऐंगे ٦٥ (65)
(65)
आप कह दें : अल्लाह के सिवा, आकाशों और धरती में जो भी है, ग़ैब (परोक्ष की बात) नहीं जानता और वे नहीं जानते कि वे कब उठाये जाएँगे।
२७:६६
بَلِ
बल्कि
bali
बल्कि ٱدَّٰرَكَ गुम हो गया iddāraka
गुम हो गया عِلْمُهُمْ इल्म उनका ʿil'muhum
इल्म उनका فِى of fī
of ٱلْـَٔاخِرَةِ ۚ आख़िरत के बारे में l-ākhirati
आख़िरत के बारे में بَلْ बल्कि bal
बल्कि هُمْ वो hum
वो فِى (are) in fī
(are) in شَكٍّۢ शक में हैं shakkin
शक में हैं مِّنْهَا ۖ उस से min'hā
उस से بَلْ बल्कि bal
बल्कि هُم वो hum
वो مِّنْهَا उससे min'hā
उससे عَمُونَ अँधे हैं ʿamūna
अँधे हैं ٦٦ (66)
(66)
बल्कि ٱدَّٰرَكَ गुम हो गया iddāraka
गुम हो गया عِلْمُهُمْ इल्म उनका ʿil'muhum
इल्म उनका فِى of fī
of ٱلْـَٔاخِرَةِ ۚ आख़िरत के बारे में l-ākhirati
आख़िरत के बारे में بَلْ बल्कि bal
बल्कि هُمْ वो hum
वो فِى (are) in fī
(are) in شَكٍّۢ शक में हैं shakkin
शक में हैं مِّنْهَا ۖ उस से min'hā
उस से بَلْ बल्कि bal
बल्कि هُم वो hum
वो مِّنْهَا उससे min'hā
उससे عَمُونَ अँधे हैं ʿamūna
अँधे हैं ٦٦ (66)
(66)
बल्कि आख़िरत (परलोक) के विषय में उनका ज्ञान समाप्त हो गया है। बल्कि वे उसके बारे में संदेह में हैं। बल्कि वे उससे अंधे हैं।
२७:६७
وَقَالَ
और कहा
waqāla
और कहा ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जिन्होंने alladhīna
उन लोगों ने जिन्होंने كَفَرُوٓا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया أَءِذَا क्या जब a-idhā
क्या जब كُنَّا हो जाऐंगे हम kunnā
हो जाऐंगे हम تُرَٰبًۭا मिट्टी turāban
मिट्टी وَءَابَآؤُنَآ और आबा ओ अजदाद हमारे waābāunā
और आबा ओ अजदाद हमारे أَئِنَّا क्या यक़ीनन हम a-innā
क्या यक़ीनन हम لَمُخْرَجُونَ ज़रूर निकाले जाऐंगे lamukh'rajūna
ज़रूर निकाले जाऐंगे ٦٧ (67)
(67)
और कहा ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जिन्होंने alladhīna
उन लोगों ने जिन्होंने كَفَرُوٓا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया أَءِذَا क्या जब a-idhā
क्या जब كُنَّا हो जाऐंगे हम kunnā
हो जाऐंगे हम تُرَٰبًۭا मिट्टी turāban
मिट्टी وَءَابَآؤُنَآ और आबा ओ अजदाद हमारे waābāunā
और आबा ओ अजदाद हमारे أَئِنَّا क्या यक़ीनन हम a-innā
क्या यक़ीनन हम لَمُخْرَجُونَ ज़रूर निकाले जाऐंगे lamukh'rajūna
ज़रूर निकाले जाऐंगे ٦٧ (67)
(67)
और उन लोगों ने कहा जिन्होंने कुफ़्र किया : क्या जब हम मिट्टी हो जाएँगे और हमारे बाप-दादा भी, तो क्या सचमुच हम अवश्य निकाले1 जाने वाले हैं?
२७:६८
لَقَدْ
अलबत्ता तहक़ीक़
laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ وُعِدْنَا वादा किए गए हम wuʿid'nā
वादा किए गए हम هَـٰذَا उसका hādhā
उसका نَحْنُ हम naḥnu
हम وَءَابَآؤُنَا और आबा ओ अजदाद हमारे waābāunā
और आबा ओ अजदाद हमारे مِن before min
before قَبْلُ इससे क़ब्ल qablu
इससे क़ब्ल إِنْ नहीं in
नहीं هَـٰذَآ ये hādhā
ये إِلَّآ मगर illā
मगर أَسَـٰطِيرُ कहानियाँ हैं asāṭīru
कहानियाँ हैं ٱلْأَوَّلِينَ पहलों की l-awalīna
पहलों की ٦٨ (68)
(68)
अलबत्ता तहक़ीक़ وُعِدْنَا वादा किए गए हम wuʿid'nā
वादा किए गए हम هَـٰذَا उसका hādhā
उसका نَحْنُ हम naḥnu
हम وَءَابَآؤُنَا और आबा ओ अजदाद हमारे waābāunā
और आबा ओ अजदाद हमारे مِن before min
before قَبْلُ इससे क़ब्ल qablu
इससे क़ब्ल إِنْ नहीं in
नहीं هَـٰذَآ ये hādhā
ये إِلَّآ मगर illā
मगर أَسَـٰطِيرُ कहानियाँ हैं asāṭīru
कहानियाँ हैं ٱلْأَوَّلِينَ पहलों की l-awalīna
पहलों की ٦٨ (68)
(68)
निश्चय इससे पहले हमसे यह वादा किया गया और हमारे बाप-दादा से भी, ये तो बस पहले लोगों की काल्पनिक कहानियाँ हैं।
२७:६९
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए سِيرُوا۟ चलो फिरो sīrū
चलो फिरो فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में فَٱنظُرُوا۟ फिर देखो fa-unẓurū
फिर देखो كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह كَانَ हुआ kāna
हुआ عَـٰقِبَةُ अंजाम ʿāqibatu
अंजाम ٱلْمُجْرِمِينَ मुजरिमों का l-muj'rimīna
मुजरिमों का ٦٩ (69)
(69)
कह दीजिए سِيرُوا۟ चलो फिरो sīrū
चलो फिरो فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में فَٱنظُرُوا۟ फिर देखो fa-unẓurū
फिर देखो كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह كَانَ हुआ kāna
हुआ عَـٰقِبَةُ अंजाम ʿāqibatu
अंजाम ٱلْمُجْرِمِينَ मुजरिमों का l-muj'rimīna
मुजरिमों का ٦٩ (69)
(69)
कह दीजिए : धरती में चलो-फिरो, फिर देखो अपराधियों का परिणाम कैसा हुआ!
२७:७०
وَلَا
और ना
walā
और ना تَحْزَنْ आप ग़म कीजिए taḥzan
आप ग़म कीजिए عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर وَلَا और ना walā
और ना تَكُن आप हों takun
आप हों فِى in fī
in ضَيْقٍۢ तंगी में ḍayqin
तंगी में مِّمَّا उससे जो mimmā
उससे जो يَمْكُرُونَ वो चालें चल रहे हैं yamkurūna
वो चालें चल रहे हैं ٧٠ (70)
(70)
और ना تَحْزَنْ आप ग़म कीजिए taḥzan
आप ग़म कीजिए عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर وَلَا और ना walā
और ना تَكُن आप हों takun
आप हों فِى in fī
in ضَيْقٍۢ तंगी में ḍayqin
तंगी में مِّمَّا उससे जो mimmā
उससे जो يَمْكُرُونَ वो चालें चल रहे हैं yamkurūna
वो चालें चल रहे हैं ٧٠ (70)
(70)
और आप उनपर शोक न करें और न उससे किसी संकीर्णता में हों, जो वे चाल चलते हैं।
२७:७१
وَيَقُولُونَ
और वो कहते हैं
wayaqūlūna
और वो कहते हैं مَتَىٰ कब होगा matā
कब होगा هَـٰذَا ये hādhā
ये ٱلْوَعْدُ वादा l-waʿdu
वादा إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ٧١ (71)
(71)
और वो कहते हैं مَتَىٰ कब होगा matā
कब होगा هَـٰذَا ये hādhā
ये ٱلْوَعْدُ वादा l-waʿdu
वादा إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ٧١ (71)
(71)
तथा वे कहते हैं : कब पूरा होगा यह वादा, यदि तुम सच्चे हो?
२७:७२
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए عَسَىٰٓ उम्मीद है ʿasā
उम्मीद है أَن कि an
कि يَكُونَ हो वो yakūna
हो वो رَدِفَ पीछे आ लगे radifa
पीछे आ लगे لَكُم तुम्हारे lakum
तुम्हारे بَعْضُ बाज़ / कुछ हिस्सा baʿḍu
बाज़ / कुछ हिस्सा ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो تَسْتَعْجِلُونَ तुम जल्दी माँगते हो tastaʿjilūna
तुम जल्दी माँगते हो ٧٢ (72)
(72)
कह दीजिए عَسَىٰٓ उम्मीद है ʿasā
उम्मीद है أَن कि an
कि يَكُونَ हो वो yakūna
हो वो رَدِفَ पीछे आ लगे radifa
पीछे आ लगे لَكُم तुम्हारे lakum
तुम्हारे بَعْضُ बाज़ / कुछ हिस्सा baʿḍu
बाज़ / कुछ हिस्सा ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो تَسْتَعْجِلُونَ तुम जल्दी माँगते हो tastaʿjilūna
तुम जल्दी माँगते हो ٧٢ (72)
(72)
आप कह दें : क़रीब है कि उसका कुछ भाग तुम्हारे पीछे आ पहुँचा हो, जो तुम जल्दी माँग रहे हो।
२७:७३
وَإِنَّ
और बेशक
wa-inna
और बेशक رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका لَذُو (is) full of Bounty ladhū
(is) full of Bounty فَضْلٍ अलबत्ता फ़ज़ल वाला है faḍlin
अलबत्ता फ़ज़ल वाला है عَلَى for ʿalā
for ٱلنَّاسِ लोगों पर l-nāsi
लोगों पर وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन أَكْثَرَهُمْ अक्सर उनके aktharahum
अक्सर उनके لَا (are) not lā
(are) not يَشْكُرُونَ नहीं वो शुक्र करते yashkurūna
नहीं वो शुक्र करते ٧٣ (73)
(73)
और बेशक رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका لَذُو (is) full of Bounty ladhū
(is) full of Bounty فَضْلٍ अलबत्ता फ़ज़ल वाला है faḍlin
अलबत्ता फ़ज़ल वाला है عَلَى for ʿalā
for ٱلنَّاسِ लोगों पर l-nāsi
लोगों पर وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन أَكْثَرَهُمْ अक्सर उनके aktharahum
अक्सर उनके لَا (are) not lā
(are) not يَشْكُرُونَ नहीं वो शुक्र करते yashkurūna
नहीं वो शुक्र करते ٧٣ (73)
(73)
तथा निःसंदेह आपका पालनहार निश्चय लोगों पर बड़ा अनुग्रह करने वाला है। किंतु उनमें से अधिकतर लोग शुक्र नहीं करते।
२७:७४
وَإِنَّ
और बेशक
wa-inna
और बेशक رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका لَيَعْلَمُ अलबत्ता वो जानता है layaʿlamu
अलबत्ता वो जानता है مَا जो कुछ mā
जो कुछ تُكِنُّ छुपाते हैं tukinnu
छुपाते हैं صُدُورُهُمْ सीने उनके ṣudūruhum
सीने उनके وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ يُعْلِنُونَ वो ज़ाहिर करते हैं yuʿ'linūna
वो ज़ाहिर करते हैं ٧٤ (74)
(74)
और बेशक رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका لَيَعْلَمُ अलबत्ता वो जानता है layaʿlamu
अलबत्ता वो जानता है مَا जो कुछ mā
जो कुछ تُكِنُّ छुपाते हैं tukinnu
छुपाते हैं صُدُورُهُمْ सीने उनके ṣudūruhum
सीने उनके وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ يُعْلِنُونَ वो ज़ाहिर करते हैं yuʿ'linūna
वो ज़ाहिर करते हैं ٧٤ (74)
(74)
और निःसंदेह आपका पालनहार निश्चय जानता है जो कुछ उनके सीने छिपाते हैं और जो कुछ वे प्रकट करते हैं।
२७:७५
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं مِنْ any (thing) min
any (thing) غَآئِبَةٍۢ कोई ग़ायब होने वाली ghāibatin
कोई ग़ायब होने वाली فِى in fī
in ٱلسَّمَآءِ आसमान में l-samāi
आसमान में وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन में wal-arḍi
और ज़मीन में إِلَّا मगर illā
मगर فِى (is) in fī
(is) in كِتَـٰبٍۢ एक किताब में है kitābin
एक किताब में है مُّبِينٍ वाज़ेह mubīnin
वाज़ेह ٧٥ (75)
(75)
और नहीं مِنْ any (thing) min
any (thing) غَآئِبَةٍۢ कोई ग़ायब होने वाली ghāibatin
कोई ग़ायब होने वाली فِى in fī
in ٱلسَّمَآءِ आसमान में l-samāi
आसमान में وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन में wal-arḍi
और ज़मीन में إِلَّا मगर illā
मगर فِى (is) in fī
(is) in كِتَـٰبٍۢ एक किताब में है kitābin
एक किताब में है مُّبِينٍ वाज़ेह mubīnin
वाज़ेह ٧٥ (75)
(75)
और आकाश तथा धरती में कोई छिपी चीज़ नहीं, परंतु वह एक स्पष्ट किताब1 में मौजूद है।
२७:७६
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक هَـٰذَا ये hādhā
ये ٱلْقُرْءَانَ क़ुरान l-qur'āna
क़ुरान يَقُصُّ बयान करता है yaquṣṣu
बयान करता है عَلَىٰ to ʿalā
to بَنِىٓ (the) Children banī
(the) Children إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल पर is'rāīla
बनी इस्राईल पर أَكْثَرَ अक्सर (बातें) akthara
अक्सर (बातें) ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो هُمْ वो hum
वो فِيهِ उनमें fīhi
उनमें يَخْتَلِفُونَ वो इख़्तिलाफ़ करते हैं yakhtalifūna
वो इख़्तिलाफ़ करते हैं ٧٦ (76)
(76)
बेशक هَـٰذَا ये hādhā
ये ٱلْقُرْءَانَ क़ुरान l-qur'āna
क़ुरान يَقُصُّ बयान करता है yaquṣṣu
बयान करता है عَلَىٰ to ʿalā
to بَنِىٓ (the) Children banī
(the) Children إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल पर is'rāīla
बनी इस्राईल पर أَكْثَرَ अक्सर (बातें) akthara
अक्सर (बातें) ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो هُمْ वो hum
वो فِيهِ उनमें fīhi
उनमें يَخْتَلِفُونَ वो इख़्तिलाफ़ करते हैं yakhtalifūna
वो इख़्तिलाफ़ करते हैं ٧٦ (76)
(76)
निःसंदेह यह क़ुरआन इसराईल की संतान के सामने अधिकतर वे बातें वर्णन करता है, जिनमें वे मतभेद करते हैं।
२७:७७
وَإِنَّهُۥ
और बेशक वो
wa-innahu
और बेशक वो لَهُدًۭى अलबत्ता हिदायत है lahudan
अलबत्ता हिदायत है وَرَحْمَةٌۭ और रहमत है waraḥmatun
और रहमत है لِّلْمُؤْمِنِينَ ईमान लाने वालों के लिए lil'mu'minīna
ईमान लाने वालों के लिए ٧٧ (77)
(77)
और बेशक वो لَهُدًۭى अलबत्ता हिदायत है lahudan
अलबत्ता हिदायत है وَرَحْمَةٌۭ और रहमत है waraḥmatun
और रहमत है لِّلْمُؤْمِنِينَ ईमान लाने वालों के लिए lil'mu'minīna
ईमान लाने वालों के लिए ٧٧ (77)
(77)
और निःसंदेह वह निश्चय ईमान वालों के लिए सर्वथा मार्गदर्शन तथा दया है।
२७:७८
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका يَقْضِى वो फ़ैसला करेगा yaqḍī
वो फ़ैसला करेगा بَيْنَهُم दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके بِحُكْمِهِۦ ۚ अपने हुक्म से biḥuk'mihi
अपने हुक्म से وَهُوَ और वो wahuwa
और वो ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त है l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त है ٱلْعَلِيمُ ख़ूब इल्म वाला है l-ʿalīmu
ख़ूब इल्म वाला है ٧٨ (78)
(78)
बेशक رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका يَقْضِى वो फ़ैसला करेगा yaqḍī
वो फ़ैसला करेगा بَيْنَهُم दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके بِحُكْمِهِۦ ۚ अपने हुक्म से biḥuk'mihi
अपने हुक्म से وَهُوَ और वो wahuwa
और वो ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त है l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त है ٱلْعَلِيمُ ख़ूब इल्म वाला है l-ʿalīmu
ख़ूब इल्म वाला है ٧٨ (78)
(78)
निःसंदेह आपका पालनहार1 उनके बीच अपने आदेश से निर्णय कर देगा तथा वही सब पर प्रभुत्वशाली, सब कुछ जानने वाला है।
२७:७९
فَتَوَكَّلْ
पस तवक्कल कीजिए
fatawakkal
पस तवक्कल कीजिए عَلَى in ʿalā
in ٱللَّهِ ۖ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर إِنَّكَ और बेशक आप innaka
और बेशक आप عَلَى (are) on ʿalā
(are) on ٱلْحَقِّ हक़ पर हैं l-ḥaqi
हक़ पर हैं ٱلْمُبِينِ वाज़ेह l-mubīni
वाज़ेह ٧٩ (79)
(79)
पस तवक्कल कीजिए عَلَى in ʿalā
in ٱللَّهِ ۖ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर إِنَّكَ और बेशक आप innaka
और बेशक आप عَلَى (are) on ʿalā
(are) on ٱلْحَقِّ हक़ पर हैं l-ḥaqi
हक़ पर हैं ٱلْمُبِينِ वाज़ेह l-mubīni
वाज़ेह ٧٩ (79)
(79)
अतः आप अल्लाह पर भरोसा करें। निश्चय आप स्पष्ट सत्य पर हैं।
२७:८०
إِنَّكَ
बेशक आप
innaka
बेशक आप لَا (can) not lā
(can) not تُسْمِعُ नहीं आप सुना सकते tus'miʿu
नहीं आप सुना सकते ٱلْمَوْتَىٰ मुर्दों को l-mawtā
मुर्दों को وَلَا और नहीं walā
और नहीं تُسْمِعُ आप सुना सकते tus'miʿu
आप सुना सकते ٱلصُّمَّ बहरों को l-ṣuma
बहरों को ٱلدُّعَآءَ पुकार l-duʿāa
पुकार إِذَا जब idhā
जब وَلَّوْا۟ वो फिर जाऐं wallaw
वो फिर जाऐं مُدْبِرِينَ पीठ फेर कर mud'birīna
पीठ फेर कर ٨٠ (80)
(80)
बेशक आप لَا (can) not lā
(can) not تُسْمِعُ नहीं आप सुना सकते tus'miʿu
नहीं आप सुना सकते ٱلْمَوْتَىٰ मुर्दों को l-mawtā
मुर्दों को وَلَا और नहीं walā
और नहीं تُسْمِعُ आप सुना सकते tus'miʿu
आप सुना सकते ٱلصُّمَّ बहरों को l-ṣuma
बहरों को ٱلدُّعَآءَ पुकार l-duʿāa
पुकार إِذَا जब idhā
जब وَلَّوْا۟ वो फिर जाऐं wallaw
वो फिर जाऐं مُدْبِرِينَ पीठ फेर कर mud'birīna
पीठ फेर कर ٨٠ (80)
(80)
निःसंदेह आप मुर्दों को नहीं सुना सकते और न बहरों को अपनी पुकार सुना सकते, जब वे पीठ फेरकर पलट जाएँ।1
२७:८१
وَمَآ
और नहीं
wamā
और नहीं أَنتَ आप anta
आप بِهَـٰدِى हिदायत देने वाले bihādī
हिदायत देने वाले ٱلْعُمْىِ अँधों को l-ʿum'yi
अँधों को عَن from ʿan
from ضَلَـٰلَتِهِمْ ۖ उनकी गुमराही से ḍalālatihim
उनकी गुमराही से إِن नहीं in
नहीं تُسْمِعُ आप सुना सकते tus'miʿu
आप सुना सकते إِلَّا मगर illā
मगर مَن उनको जो man
उनको जो يُؤْمِنُ ईमान लाते हैं yu'minu
ईमान लाते हैं بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात पर biāyātinā
हमारी आयात पर فَهُم फिर वो fahum
फिर वो مُّسْلِمُونَ फ़रमाबरदार हैं mus'limūna
फ़रमाबरदार हैं ٨١ (81)
(81)
और नहीं أَنتَ आप anta
आप بِهَـٰدِى हिदायत देने वाले bihādī
हिदायत देने वाले ٱلْعُمْىِ अँधों को l-ʿum'yi
अँधों को عَن from ʿan
from ضَلَـٰلَتِهِمْ ۖ उनकी गुमराही से ḍalālatihim
उनकी गुमराही से إِن नहीं in
नहीं تُسْمِعُ आप सुना सकते tus'miʿu
आप सुना सकते إِلَّا मगर illā
मगर مَن उनको जो man
उनको जो يُؤْمِنُ ईमान लाते हैं yu'minu
ईमान लाते हैं بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात पर biāyātinā
हमारी आयात पर فَهُم फिर वो fahum
फिर वो مُّسْلِمُونَ फ़रमाबरदार हैं mus'limūna
फ़रमाबरदार हैं ٨١ (81)
(81)
तथा न आप कभी अंधों को उनकी गुमारही से हटाकर सीधे मार्ग पर लाने वाले हैं। आप तो बस उन्हीं को सुना सकते हैं, जो हमारी आयतों पर ईमान रखते हैं। सो वही आज्ञाकारी हैं।
२७:८२
۞ وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब وَقَعَ वाक़ेअ हो जाएगी waqaʿa
वाक़ेअ हो जाएगी ٱلْقَوْلُ बात l-qawlu
बात عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर أَخْرَجْنَا निकालेंगे हम akhrajnā
निकालेंगे हम لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए دَآبَّةًۭ एक जानवर dābbatan
एक जानवर مِّنَ from mina
from ٱلْأَرْضِ ज़मीन से l-arḍi
ज़मीन से تُكَلِّمُهُمْ जो कलाम करेगा उनसे tukallimuhum
जो कलाम करेगा उनसे أَنَّ कि बेशक anna
कि बेशक ٱلنَّاسَ लोग l-nāsa
लोग كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात पर biāyātinā
हमारी आयात पर لَا not lā
not يُوقِنُونَ ना वो यक़ीन रखते yūqinūna
ना वो यक़ीन रखते ٨٢ (82)
(82)
और जब وَقَعَ वाक़ेअ हो जाएगी waqaʿa
वाक़ेअ हो जाएगी ٱلْقَوْلُ बात l-qawlu
बात عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर أَخْرَجْنَا निकालेंगे हम akhrajnā
निकालेंगे हम لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए دَآبَّةًۭ एक जानवर dābbatan
एक जानवर مِّنَ from mina
from ٱلْأَرْضِ ज़मीन से l-arḍi
ज़मीन से تُكَلِّمُهُمْ जो कलाम करेगा उनसे tukallimuhum
जो कलाम करेगा उनसे أَنَّ कि बेशक anna
कि बेशक ٱلنَّاسَ लोग l-nāsa
लोग كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात पर biāyātinā
हमारी आयात पर لَا not lā
not يُوقِنُونَ ना वो यक़ीन रखते yūqinūna
ना वो यक़ीन रखते ٨٢ (82)
(82)
और जब उनपर1 बात पूरी हो जाएगी, तो हम उनके लिए धरती से एक पशु निकालेंगे, जो उनसे बात करेगा2 कि निश्चय लोग हमारी आयतों पर विश्वास नहीं करते थे।
२७:८३
وَيَوْمَ
और जिस दिन
wayawma
और जिस दिन نَحْشُرُ हम इकट्ठा करेंगे naḥshuru
हम इकट्ठा करेंगे مِن from min
from كُلِّ every kulli
every أُمَّةٍۢ हर उम्मत में से ummatin
हर उम्मत में से فَوْجًۭا एक फ़ौज को fawjan
एक फ़ौज को مِّمَّن उनमें से जो mimman
उनमें से जो يُكَذِّبُ झुठलाते हैं yukadhibu
झुठलाते हैं بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को فَهُمْ तो वो fahum
तो वो يُوزَعُونَ वो गिरोहों में तक़सीम किए जाऐंगे yūzaʿūna
वो गिरोहों में तक़सीम किए जाऐंगे ٨٣ (83)
(83)
और जिस दिन نَحْشُرُ हम इकट्ठा करेंगे naḥshuru
हम इकट्ठा करेंगे مِن from min
from كُلِّ every kulli
every أُمَّةٍۢ हर उम्मत में से ummatin
हर उम्मत में से فَوْجًۭا एक फ़ौज को fawjan
एक फ़ौज को مِّمَّن उनमें से जो mimman
उनमें से जो يُكَذِّبُ झुठलाते हैं yukadhibu
झुठलाते हैं بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को فَهُمْ तो वो fahum
तो वो يُوزَعُونَ वो गिरोहों में तक़सीम किए जाऐंगे yūzaʿūna
वो गिरोहों में तक़सीम किए जाऐंगे ٨٣ (83)
(83)
तथा जिस दिन हम प्रत्येक समुदाय में से उन लोगों का एक गिरोह एकत्र करेंगे, जो हमारी आयतों को झुठलाया करते थे, फिर उन्हें श्रेणियों में बांटा जाएगा।
२७:८४
حَتَّىٰٓ
यहाँ तक कि
ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब جَآءُو वो आजाऐंगे jāū
वो आजाऐंगे قَالَ वो फ़रमाएगा qāla
वो फ़रमाएगा أَكَذَّبْتُم क्या झुठलाया तुम ने akadhabtum
क्या झुठलाया तुम ने بِـَٔايَـٰتِى मेरी आयात को biāyātī
मेरी आयात को وَلَمْ हालाँकि नहीं walam
हालाँकि नहीं تُحِيطُوا۟ तुम ने अहाता किया था tuḥīṭū
तुम ने अहाता किया था بِهَا उनका bihā
उनका عِلْمًا इल्म के ऐतबार से ʿil'man
इल्म के ऐतबार से أَمَّاذَا या क्या कुछ ammādhā
या क्या कुछ كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَعْمَلُونَ तुम अमल करते taʿmalūna
तुम अमल करते ٨٤ (84)
(84)
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब جَآءُو वो आजाऐंगे jāū
वो आजाऐंगे قَالَ वो फ़रमाएगा qāla
वो फ़रमाएगा أَكَذَّبْتُم क्या झुठलाया तुम ने akadhabtum
क्या झुठलाया तुम ने بِـَٔايَـٰتِى मेरी आयात को biāyātī
मेरी आयात को وَلَمْ हालाँकि नहीं walam
हालाँकि नहीं تُحِيطُوا۟ तुम ने अहाता किया था tuḥīṭū
तुम ने अहाता किया था بِهَا उनका bihā
उनका عِلْمًا इल्म के ऐतबार से ʿil'man
इल्म के ऐतबार से أَمَّاذَا या क्या कुछ ammādhā
या क्या कुछ كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَعْمَلُونَ तुम अमल करते taʿmalūna
तुम अमल करते ٨٤ (84)
(84)
यहाँ तक कि जब वे आ जाएँगे, तो (अल्लाह) फरमाएगा : क्या तुमने मेरी आयतों को झुठला दिया, हालाँकि तुमने उनका पूर्ण ज्ञान प्राप्त नहीं किया था, या क्या था जो तुम किया करते थे?
२७:८५
وَوَقَعَ
और वाक़ेअ हो जाएगी
wawaqaʿa
और वाक़ेअ हो जाएगी ٱلْقَوْلُ बात l-qawlu
बात عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो ظَلَمُوا۟ उन्होंने ज़ुल्म किया ẓalamū
उन्होंने ज़ुल्म किया فَهُمْ तो वो fahum
तो वो لَا (will) not lā
(will) not يَنطِقُونَ ना वो बोल सकेंगे yanṭiqūna
ना वो बोल सकेंगे ٨٥ (85)
(85)
और वाक़ेअ हो जाएगी ٱلْقَوْلُ बात l-qawlu
बात عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो ظَلَمُوا۟ उन्होंने ज़ुल्म किया ẓalamū
उन्होंने ज़ुल्म किया فَهُمْ तो वो fahum
तो वो لَا (will) not lā
(will) not يَنطِقُونَ ना वो बोल सकेंगे yanṭiqūna
ना वो बोल सकेंगे ٨٥ (85)
(85)
और उनपर (यातना की) बात सिद्ध हो जाएगी, उसके बदले जो उन्होंने अत्याचार किया, सो वे बोल न सकेंगे।
२७:८६
أَلَمْ
क्या नहीं
alam
क्या नहीं يَرَوْا۟ उन्होंने देखा yaraw
उन्होंने देखा أَنَّا बेशक हम annā
बेशक हम جَعَلْنَا बनाया हमने jaʿalnā
बनाया हमने ٱلَّيْلَ रात को al-layla
रात को لِيَسْكُنُوا۟ ताकि वो सुकून पाऐं liyaskunū
ताकि वो सुकून पाऐं فِيهِ उसमें fīhi
उसमें وَٱلنَّهَارَ और दिन को wal-nahāra
और दिन को مُبْصِرًا ۚ रौशन mub'ṣiran
रौशन إِنَّ बेशक inna
बेशक فِى in fī
in ذَٰلِكَ इसमें dhālika
इसमें لَـَٔايَـٰتٍۢ अलबत्ता निशानियाँ हैं laāyātin
अलबत्ता निशानियाँ हैं لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يُؤْمِنُونَ जो ईमान लाते हैं yu'minūna
जो ईमान लाते हैं ٨٦ (86)
(86)
क्या नहीं يَرَوْا۟ उन्होंने देखा yaraw
उन्होंने देखा أَنَّا बेशक हम annā
बेशक हम جَعَلْنَا बनाया हमने jaʿalnā
बनाया हमने ٱلَّيْلَ रात को al-layla
रात को لِيَسْكُنُوا۟ ताकि वो सुकून पाऐं liyaskunū
ताकि वो सुकून पाऐं فِيهِ उसमें fīhi
उसमें وَٱلنَّهَارَ और दिन को wal-nahāra
और दिन को مُبْصِرًا ۚ रौशन mub'ṣiran
रौशन إِنَّ बेशक inna
बेशक فِى in fī
in ذَٰلِكَ इसमें dhālika
इसमें لَـَٔايَـٰتٍۢ अलबत्ता निशानियाँ हैं laāyātin
अलबत्ता निशानियाँ हैं لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يُؤْمِنُونَ जो ईमान लाते हैं yu'minūna
जो ईमान लाते हैं ٨٦ (86)
(86)
क्या उन्होंने नहीं देखा कि हमने रात बनाई, ताकि वे उसमें आराम करें तथा दिन को प्रकाशमान1 (बनाया)। निःसंदेह इसमें उन लोगों के लिए बहुत-सी निशानियाँ हैं, जो ईमान लाते हैं।
२७:८७
وَيَوْمَ
और जिस दिन
wayawma
और जिस दिन يُنفَخُ फूँका जाऐगा yunfakhu
फूँका जाऐगा فِى [in] fī
[in] ٱلصُّورِ सूर में l-ṣūri
सूर में فَفَزِعَ तो घबरा जाऐगा fafaziʿa
तो घबरा जाऐगा مَن जो कोई man
जो कोई فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है إِلَّا मगर illā
मगर مَن जिसे man
जिसे شَآءَ चाहे shāa
चाहे ٱللَّهُ ۚ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَكُلٌّ और सब के सब wakullun
और सब के सब أَتَوْهُ आऐंगे उसके पास atawhu
आऐंगे उसके पास دَٰخِرِينَ ज़लील हो कर dākhirīna
ज़लील हो कर ٨٧ (87)
(87)
और जिस दिन يُنفَخُ फूँका जाऐगा yunfakhu
फूँका जाऐगा فِى [in] fī
[in] ٱلصُّورِ सूर में l-ṣūri
सूर में فَفَزِعَ तो घबरा जाऐगा fafaziʿa
तो घबरा जाऐगा مَن जो कोई man
जो कोई فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है إِلَّا मगर illā
मगर مَن जिसे man
जिसे شَآءَ चाहे shāa
चाहे ٱللَّهُ ۚ अल्लाह l-lahu
अल्लाह وَكُلٌّ और सब के सब wakullun
और सब के सब أَتَوْهُ आऐंगे उसके पास atawhu
आऐंगे उसके पास دَٰخِرِينَ ज़लील हो कर dākhirīna
ज़लील हो कर ٨٧ (87)
(87)
और जिस दिन सूर (नरसिंघा) में फूँका1 जाएगा, तो जो भी आकाशों में है और जो भी धरती में है, घबरा जाएगा, सिवाय उसके जिसे अल्लाह चाहे। तथा वे सब उसके पास अपमानित होकर आएँगे।
२७:८८
وَتَرَى
और आप देखते हैं
watarā
और आप देखते हैं ٱلْجِبَالَ पहाड़ों को l-jibāla
पहाड़ों को تَحْسَبُهَا आप समझते हैं उन्हें taḥsabuhā
आप समझते हैं उन्हें جَامِدَةًۭ जामिद jāmidatan
जामिद وَهِىَ हालाँकि वो wahiya
हालाँकि वो تَمُرُّ वो चलते हैं tamurru
वो चलते हैं مَرَّ चलना marra
चलना ٱلسَّحَابِ ۚ बादलों का l-saḥābi
बादलों का صُنْعَ कारीगरी / सनअत है ṣun'ʿa
कारीगरी / सनअत है ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की ٱلَّذِىٓ वो जिसने alladhī
वो जिसने أَتْقَنَ मज़बूत बनाया atqana
मज़बूत बनाया كُلَّ हर kulla
हर شَىْءٍ ۚ चीज़ को shayin
चीज़ को إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो خَبِيرٌۢ ख़ूब ख़बर रखने वाला है khabīrun
ख़ूब ख़बर रखने वाला है بِمَا उसकी जो bimā
उसकी जो تَفْعَلُونَ तुम करते हो tafʿalūna
तुम करते हो ٨٨ (88)
(88)
और आप देखते हैं ٱلْجِبَالَ पहाड़ों को l-jibāla
पहाड़ों को تَحْسَبُهَا आप समझते हैं उन्हें taḥsabuhā
आप समझते हैं उन्हें جَامِدَةًۭ जामिद jāmidatan
जामिद وَهِىَ हालाँकि वो wahiya
हालाँकि वो تَمُرُّ वो चलते हैं tamurru
वो चलते हैं مَرَّ चलना marra
चलना ٱلسَّحَابِ ۚ बादलों का l-saḥābi
बादलों का صُنْعَ कारीगरी / सनअत है ṣun'ʿa
कारीगरी / सनअत है ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की ٱلَّذِىٓ वो जिसने alladhī
वो जिसने أَتْقَنَ मज़बूत बनाया atqana
मज़बूत बनाया كُلَّ हर kulla
हर شَىْءٍ ۚ चीज़ को shayin
चीज़ को إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो خَبِيرٌۢ ख़ूब ख़बर रखने वाला है khabīrun
ख़ूब ख़बर रखने वाला है بِمَا उसकी जो bimā
उसकी जो تَفْعَلُونَ तुम करते हो tafʿalūna
तुम करते हो ٨٨ (88)
(88)
और तुम पर्वतों को देखोगे, उन्हें समझोगे कि वे जमे हुए हैं, हालाँकि वे बादलों के चलने की तरह चल रहे होंगे, उस अल्लाह की कारीगरी से जिसने हर चीज़ को मज़बूत बनाया। निःसंदेह वह उससे भली-भाँति सूचित है जो तुम करते हो।
२७:८९
مَن
जो कोई
man
जो कोई جَآءَ लाएगा jāa
लाएगा بِٱلْحَسَنَةِ नेकी को bil-ḥasanati
नेकी को فَلَهُۥ तो उसके लिए falahu
तो उसके लिए خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है مِّنْهَا उससे min'hā
उससे وَهُم और वो wahum
और वो مِّن from min
from فَزَعٍۢ घबराहट से fazaʿin
घबराहट से يَوْمَئِذٍ उस दिन yawma-idhin
उस दिन ءَامِنُونَ अमन में होंगे āminūna
अमन में होंगे ٨٩ (89)
(89)
जो कोई جَآءَ लाएगा jāa
लाएगा بِٱلْحَسَنَةِ नेकी को bil-ḥasanati
नेकी को فَلَهُۥ तो उसके लिए falahu
तो उसके लिए خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है مِّنْهَا उससे min'hā
उससे وَهُم और वो wahum
और वो مِّن from min
from فَزَعٍۢ घबराहट से fazaʿin
घबराहट से يَوْمَئِذٍ उस दिन yawma-idhin
उस दिन ءَامِنُونَ अमन में होंगे āminūna
अमन में होंगे ٨٩ (89)
(89)
जो व्यक्ति नेकी1 लेकर आएगा, तो उसके लिए उससे उत्तम प्रतिफल है और ये लोग उस दिन के भय से सुरक्षित होंगे।
२७:९०
وَمَن
और जो कोई
waman
और जो कोई جَآءَ लाएगा jāa
लाएगा بِٱلسَّيِّئَةِ बुराई को bil-sayi-ati
बुराई को فَكُبَّتْ तो औंधे डाले जाऐंगे fakubbat
तो औंधे डाले जाऐंगे وُجُوهُهُمْ चेहरे उनके wujūhuhum
चेहरे उनके فِى in fī
in ٱلنَّارِ आग में l-nāri
आग में هَلْ नहीं hal
नहीं تُجْزَوْنَ तुम बदला दिए जाओगे tuj'zawna
तुम बदला दिए जाओगे إِلَّا मगर illā
मगर مَا उसका जो mā
उसका जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَعْمَلُونَ तुम अमल करते taʿmalūna
तुम अमल करते ٩٠ (90)
(90)
और जो कोई جَآءَ लाएगा jāa
लाएगा بِٱلسَّيِّئَةِ बुराई को bil-sayi-ati
बुराई को فَكُبَّتْ तो औंधे डाले जाऐंगे fakubbat
तो औंधे डाले जाऐंगे وُجُوهُهُمْ चेहरे उनके wujūhuhum
चेहरे उनके فِى in fī
in ٱلنَّارِ आग में l-nāri
आग में هَلْ नहीं hal
नहीं تُجْزَوْنَ तुम बदला दिए जाओगे tuj'zawna
तुम बदला दिए जाओगे إِلَّا मगर illā
मगर مَا उसका जो mā
उसका जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَعْمَلُونَ तुम अमल करते taʿmalūna
तुम अमल करते ٩٠ (90)
(90)
और जो बुराई लेकर आएगा, तो उनके चेहरे आग में औंधे डाले जाएँगे। तुम उसी का बदला दिए जाओगे, जो तुम किया करते थे।
२७:९१
إِنَّمَآ
बेशक
innamā
बेशक أُمِرْتُ हुक्म दिया गया है मुझे umir'tu
हुक्म दिया गया है मुझे أَنْ कि an
कि أَعْبُدَ मैं इबादत करूँ aʿbuda
मैं इबादत करूँ رَبَّ रब की rabba
रब की هَـٰذِهِ इस hādhihi
इस ٱلْبَلْدَةِ शहर के l-baldati
शहर के ٱلَّذِى वो जिसने alladhī
वो जिसने حَرَّمَهَا हराम ठहराया इसे ḥarramahā
हराम ठहराया इसे وَلَهُۥ और उसी के लिए है walahu
और उसी के लिए है كُلُّ हर kullu
हर شَىْءٍۢ ۖ चीज़ shayin
चीज़ وَأُمِرْتُ और हुक्म दिया गया है मुझे wa-umir'tu
और हुक्म दिया गया है मुझे أَنْ कि an
कि أَكُونَ मैं हो जाऊँ akūna
मैं हो जाऊँ مِنَ of mina
of ٱلْمُسْلِمِينَ फ़रमाबरदारों में से l-mus'limīna
फ़रमाबरदारों में से ٩١ (91)
(91)
बेशक أُمِرْتُ हुक्म दिया गया है मुझे umir'tu
हुक्म दिया गया है मुझे أَنْ कि an
कि أَعْبُدَ मैं इबादत करूँ aʿbuda
मैं इबादत करूँ رَبَّ रब की rabba
रब की هَـٰذِهِ इस hādhihi
इस ٱلْبَلْدَةِ शहर के l-baldati
शहर के ٱلَّذِى वो जिसने alladhī
वो जिसने حَرَّمَهَا हराम ठहराया इसे ḥarramahā
हराम ठहराया इसे وَلَهُۥ और उसी के लिए है walahu
और उसी के लिए है كُلُّ हर kullu
हर شَىْءٍۢ ۖ चीज़ shayin
चीज़ وَأُمِرْتُ और हुक्म दिया गया है मुझे wa-umir'tu
और हुक्म दिया गया है मुझे أَنْ कि an
कि أَكُونَ मैं हो जाऊँ akūna
मैं हो जाऊँ مِنَ of mina
of ٱلْمُسْلِمِينَ फ़रमाबरदारों में से l-mus'limīna
फ़रमाबरदारों में से ٩١ (91)
(91)
मुझे तो बस यही आदेश दिया गया है कि मैं इस नगर (मक्का) के पालनहार की इबादत करूँ, जिसने इसे पवित्र (सम्मानित) बनाया है तथा उसी के लिए हर चीज़ है और मुझे आदेश दिया गया है कि मैं आज्ञाकारियों में से हो जाऊँ।
२७:९२
وَأَنْ
और ये कि
wa-an
और ये कि أَتْلُوَا۟ मैं तिलावत करूँ atluwā
मैं तिलावत करूँ ٱلْقُرْءَانَ ۖ क़ुरान की l-qur'āna
क़ुरान की فَمَنِ तो जो कोई famani
तो जो कोई ٱهْتَدَىٰ हिदायत पा गया ih'tadā
हिदायत पा गया فَإِنَّمَا तो बेशक fa-innamā
तो बेशक يَهْتَدِى वो हिदायत पाएगा yahtadī
वो हिदायत पाएगा لِنَفْسِهِۦ ۖ अपने नफ़्स के लिए linafsihi
अपने नफ़्स के लिए وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई ضَلَّ भटका ḍalla
भटका فَقُلْ तो कह दीजिए faqul
तो कह दीजिए إِنَّمَآ बेशक innamā
बेशक أَنَا۠ मैं तो anā
मैं तो مِنَ of mina
of ٱلْمُنذِرِينَ डराने वालों में से हूँ l-mundhirīna
डराने वालों में से हूँ ٩٢ (92)
(92)
और ये कि أَتْلُوَا۟ मैं तिलावत करूँ atluwā
मैं तिलावत करूँ ٱلْقُرْءَانَ ۖ क़ुरान की l-qur'āna
क़ुरान की فَمَنِ तो जो कोई famani
तो जो कोई ٱهْتَدَىٰ हिदायत पा गया ih'tadā
हिदायत पा गया فَإِنَّمَا तो बेशक fa-innamā
तो बेशक يَهْتَدِى वो हिदायत पाएगा yahtadī
वो हिदायत पाएगा لِنَفْسِهِۦ ۖ अपने नफ़्स के लिए linafsihi
अपने नफ़्स के लिए وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई ضَلَّ भटका ḍalla
भटका فَقُلْ तो कह दीजिए faqul
तो कह दीजिए إِنَّمَآ बेशक innamā
बेशक أَنَا۠ मैं तो anā
मैं तो مِنَ of mina
of ٱلْمُنذِرِينَ डराने वालों में से हूँ l-mundhirīna
डराने वालों में से हूँ ٩٢ (92)
(92)
तथा यह कि मैं क़ुरआन पढ़कर सुनाऊँ। फिर जो सीधी राह पर आया, वह अपने ही लिए राह पर आता है और जो गुमराह हुआ, तो आप कह दें कि मैं तो बस डराने वालों में से हूँ।
२७:९३
وَقُلِ
और कह दीजिए
waquli
और कह दीजिए ٱلْحَمْدُ सब तारीफ़ l-ḥamdu
सब तारीफ़ لِلَّهِ अल्लाह के लिए है lillahi
अल्लाह के लिए है سَيُرِيكُمْ अनक़रीब वो दिखाएगा तुम्हें sayurīkum
अनक़रीब वो दिखाएगा तुम्हें ءَايَـٰتِهِۦ अपनी निशानियाँ āyātihi
अपनी निशानियाँ فَتَعْرِفُونَهَا ۚ तो तुम पहचान लोगे उन्हें fataʿrifūnahā
तो तुम पहचान लोगे उन्हें وَمَا और नहीं wamā
और नहीं رَبُّكَ रब आपका rabbuka
रब आपका بِغَـٰفِلٍ ग़ाफ़िल bighāfilin
ग़ाफ़िल عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो ٩٣ (93)
(93)
और कह दीजिए ٱلْحَمْدُ सब तारीफ़ l-ḥamdu
सब तारीफ़ لِلَّهِ अल्लाह के लिए है lillahi
अल्लाह के लिए है سَيُرِيكُمْ अनक़रीब वो दिखाएगा तुम्हें sayurīkum
अनक़रीब वो दिखाएगा तुम्हें ءَايَـٰتِهِۦ अपनी निशानियाँ āyātihi
अपनी निशानियाँ فَتَعْرِفُونَهَا ۚ तो तुम पहचान लोगे उन्हें fataʿrifūnahā
तो तुम पहचान लोगे उन्हें وَمَا और नहीं wamā
और नहीं رَبُّكَ रब आपका rabbuka
रब आपका بِغَـٰفِلٍ ग़ाफ़िल bighāfilin
ग़ाफ़िल عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो ٩٣ (93)
(93)
तथा आप कह दें : सब प्रशंसा अल्लाह के लिए है। वह जल्द ही तुम्हें अपनी निशानियाँ दिखाएगा, तो तुम उन्हें पहचान लोगे1 और तुम्हारा पालनहार उससे बेखबर नहीं है, जो कुछ तुम करते हो।