२८
अल-क़सस
القصص
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
२८:१
طسٓمٓ
ط س م
tta-seen-meem
ط س م ١ (1)
(1)
ط س م ١ (1)
(1)
ता, सीन, मीम।
२८:२
تِلْكَ
ये
til'ka
ये ءَايَـٰتُ आयात हैं āyātu
आयात हैं ٱلْكِتَـٰبِ (of) the Book l-kitābi
(of) the Book ٱلْمُبِينِ वाज़ेह किताब की l-mubīni
वाज़ेह किताब की ٢ (2)
(2)
ये ءَايَـٰتُ आयात हैं āyātu
आयात हैं ٱلْكِتَـٰبِ (of) the Book l-kitābi
(of) the Book ٱلْمُبِينِ वाज़ेह किताब की l-mubīni
वाज़ेह किताब की ٢ (2)
(2)
ये स्पष्ट किताब की आयतें हैं।
२८:३
نَتْلُوا۟
हम पढ़ते हैं
natlū
हम पढ़ते हैं عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर مِن from min
from نَّبَإِ कुछ ख़बर naba-i
कुछ ख़बर مُوسَىٰ मूसा की mūsā
मूसा की وَفِرْعَوْنَ और फ़िरऔन की wafir'ʿawna
और फ़िरऔन की بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के لِقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يُؤْمِنُونَ जो ईमान लाते हैं yu'minūna
जो ईमान लाते हैं ٣ (3)
(3)
हम पढ़ते हैं عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर مِن from min
from نَّبَإِ कुछ ख़बर naba-i
कुछ ख़बर مُوسَىٰ मूसा की mūsā
मूसा की وَفِرْعَوْنَ और फ़िरऔन की wafir'ʿawna
और फ़िरऔन की بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के لِقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يُؤْمِنُونَ जो ईमान लाते हैं yu'minūna
जो ईमान लाते हैं ٣ (3)
(3)
हम आपको मूसा तथा फ़िरऔन के कुछ समाचार सच्चाई के साथ सुनाते हैं, उन लोगों के लिए जो ईमान रखते हैं।
२८:४
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक فِرْعَوْنَ फ़िरऔन ने fir'ʿawna
फ़िरऔन ने عَلَا सरकशी की ʿalā
सरकशी की فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में وَجَعَلَ और उसने कर दिया wajaʿala
और उसने कर दिया أَهْلَهَا उसके रहने वालों को ahlahā
उसके रहने वालों को شِيَعًۭا कई गिरोह shiyaʿan
कई गिरोह يَسْتَضْعِفُ उसने कमज़ोर कर रखा था yastaḍʿifu
उसने कमज़ोर कर रखा था طَآئِفَةًۭ एक गिरोह को ṭāifatan
एक गिरोह को مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से يُذَبِّحُ वो ज़िबह करता था yudhabbiḥu
वो ज़िबह करता था أَبْنَآءَهُمْ उनके बेटों को abnāahum
उनके बेटों को وَيَسْتَحْىِۦ और वो ज़िन्दा छोड़ देता था wayastaḥyī
और वो ज़िन्दा छोड़ देता था نِسَآءَهُمْ ۚ उनकी औरतों को nisāahum
उनकी औरतों को إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो كَانَ था वो kāna
था वो مِنَ of mina
of ٱلْمُفْسِدِينَ फ़साद करने वालों में से l-muf'sidīna
फ़साद करने वालों में से ٤ (4)
(4)
बेशक فِرْعَوْنَ फ़िरऔन ने fir'ʿawna
फ़िरऔन ने عَلَا सरकशी की ʿalā
सरकशी की فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में وَجَعَلَ और उसने कर दिया wajaʿala
और उसने कर दिया أَهْلَهَا उसके रहने वालों को ahlahā
उसके रहने वालों को شِيَعًۭا कई गिरोह shiyaʿan
कई गिरोह يَسْتَضْعِفُ उसने कमज़ोर कर रखा था yastaḍʿifu
उसने कमज़ोर कर रखा था طَآئِفَةًۭ एक गिरोह को ṭāifatan
एक गिरोह को مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से يُذَبِّحُ वो ज़िबह करता था yudhabbiḥu
वो ज़िबह करता था أَبْنَآءَهُمْ उनके बेटों को abnāahum
उनके बेटों को وَيَسْتَحْىِۦ और वो ज़िन्दा छोड़ देता था wayastaḥyī
और वो ज़िन्दा छोड़ देता था نِسَآءَهُمْ ۚ उनकी औरतों को nisāahum
उनकी औरतों को إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो كَانَ था वो kāna
था वो مِنَ of mina
of ٱلْمُفْسِدِينَ फ़साद करने वालों में से l-muf'sidīna
फ़साद करने वालों में से ٤ (4)
(4)
निःसंदेह फ़िरऔन ने धरती में सरकशी की और उसके वासियों को कई समूहों में विभाजित कर दिया। जिनमें से एक समूह को वह बहुत कमज़ोर कर रहा था, उनके बेटों का बुरी तरह से वध कर देता और उनकी महिलाओं को जीवित रहने देता था। निःसंदेह वह बिगाड़ पैदा करने वालों में से था।
२८:५
وَنُرِيدُ
और हम चाहते थे
wanurīdu
और हम चाहते थे أَن कि an
कि نَّمُنَّ हम एहसान करें namunna
हम एहसान करें عَلَى upon ʿalā
upon ٱلَّذِينَ उन पर जो alladhīna
उन पर जो ٱسْتُضْعِفُوا۟ कमज़ोर बनाए गए थे us'tuḍ'ʿifū
कमज़ोर बनाए गए थे فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में وَنَجْعَلَهُمْ और हम बनाऐं उन्हें wanajʿalahum
और हम बनाऐं उन्हें أَئِمَّةًۭ इमाम /पेशवा a-immatan
इमाम /पेशवा وَنَجْعَلَهُمُ और हम बनाऐं उन्हें wanajʿalahumu
और हम बनाऐं उन्हें ٱلْوَٰرِثِينَ वारिस l-wārithīna
वारिस ٥ (5)
(5)
और हम चाहते थे أَن कि an
कि نَّمُنَّ हम एहसान करें namunna
हम एहसान करें عَلَى upon ʿalā
upon ٱلَّذِينَ उन पर जो alladhīna
उन पर जो ٱسْتُضْعِفُوا۟ कमज़ोर बनाए गए थे us'tuḍ'ʿifū
कमज़ोर बनाए गए थे فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में وَنَجْعَلَهُمْ और हम बनाऐं उन्हें wanajʿalahum
और हम बनाऐं उन्हें أَئِمَّةًۭ इमाम /पेशवा a-immatan
इमाम /पेशवा وَنَجْعَلَهُمُ और हम बनाऐं उन्हें wanajʿalahumu
और हम बनाऐं उन्हें ٱلْوَٰرِثِينَ वारिस l-wārithīna
वारिस ٥ (5)
(5)
तथा हम चाहते थे कि हम उन लोगों पर उपकार करें, जिन्हें धरती में बहुत कमज़ोर कर दिया गया तथा उन्हें अगुआ बनाएँ और उन्हीं को वारिस1 बनाएँ।
२८:६
وَنُمَكِّنَ
और हम इक़तिदार बख़्शें
wanumakkina
और हम इक़तिदार बख़्शें لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में وَنُرِىَ और हम दिखा दें wanuriya
और हम दिखा दें فِرْعَوْنَ फ़िरऔन को fir'ʿawna
फ़िरऔन को وَهَـٰمَـٰنَ और हामान को wahāmāna
और हामान को وَجُنُودَهُمَا और उन दोनों के लश्करों को wajunūdahumā
और उन दोनों के लश्करों को مِنْهُم उनसे min'hum
उनसे مَّا (वो चीज़) जिससे mā
(वो चीज़) जिससे كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَحْذَرُونَ वो डरते yaḥdharūna
वो डरते ٦ (6)
(6)
और हम इक़तिदार बख़्शें لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में وَنُرِىَ और हम दिखा दें wanuriya
और हम दिखा दें فِرْعَوْنَ फ़िरऔन को fir'ʿawna
फ़िरऔन को وَهَـٰمَـٰنَ और हामान को wahāmāna
और हामान को وَجُنُودَهُمَا और उन दोनों के लश्करों को wajunūdahumā
और उन दोनों के लश्करों को مِنْهُم उनसे min'hum
उनसे مَّا (वो चीज़) जिससे mā
(वो चीज़) जिससे كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَحْذَرُونَ वो डरते yaḥdharūna
वो डरते ٦ (6)
(6)
तथा उन्हें धरती में सत्ता प्रदान कर दें और फ़िरऔन तथा हामान और उनकी सेनाओं को उनकी ओर से वह सब दिखाएँ जिससे वे डरते थे।1
२८:७
وَأَوْحَيْنَآ
और वही की हमने
wa-awḥaynā
और वही की हमने إِلَىٰٓ तरफ़ ilā
तरफ़ أُمِّ (the) mother ummi
(the) mother مُوسَىٰٓ मूसा की माँ के mūsā
मूसा की माँ के أَنْ कि an
कि أَرْضِعِيهِ ۖ दूध पिलाओ उसे arḍiʿīhi
दूध पिलाओ उसे فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब خِفْتِ ख़ौफ़ हो तुम्हें khif'ti
ख़ौफ़ हो तुम्हें عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर فَأَلْقِيهِ तो फिर डाल दो उसे fa-alqīhi
तो फिर डाल दो उसे فِى in(to) fī
in(to) ٱلْيَمِّ दरया में l-yami
दरया में وَلَا और ना walā
और ना تَخَافِى तुम डरो takhāfī
तुम डरो وَلَا और ना walā
और ना تَحْزَنِىٓ ۖ तुम ग़म करो taḥzanī
तुम ग़म करो إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम رَآدُّوهُ लौटा देने वाले हैं उसे rāddūhu
लौटा देने वाले हैं उसे إِلَيْكِ तरफ़ तेरे ilayki
तरफ़ तेरे وَجَاعِلُوهُ और बनाने वाले हैं उसे wajāʿilūhu
और बनाने वाले हैं उसे مِنَ of mina
of ٱلْمُرْسَلِينَ रसूलों में से l-mur'salīna
रसूलों में से ٧ (7)
(7)
और वही की हमने إِلَىٰٓ तरफ़ ilā
तरफ़ أُمِّ (the) mother ummi
(the) mother مُوسَىٰٓ मूसा की माँ के mūsā
मूसा की माँ के أَنْ कि an
कि أَرْضِعِيهِ ۖ दूध पिलाओ उसे arḍiʿīhi
दूध पिलाओ उसे فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब خِفْتِ ख़ौफ़ हो तुम्हें khif'ti
ख़ौफ़ हो तुम्हें عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर فَأَلْقِيهِ तो फिर डाल दो उसे fa-alqīhi
तो फिर डाल दो उसे فِى in(to) fī
in(to) ٱلْيَمِّ दरया में l-yami
दरया में وَلَا और ना walā
और ना تَخَافِى तुम डरो takhāfī
तुम डरो وَلَا और ना walā
और ना تَحْزَنِىٓ ۖ तुम ग़म करो taḥzanī
तुम ग़म करो إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम رَآدُّوهُ लौटा देने वाले हैं उसे rāddūhu
लौटा देने वाले हैं उसे إِلَيْكِ तरफ़ तेरे ilayki
तरफ़ तेरे وَجَاعِلُوهُ और बनाने वाले हैं उसे wajāʿilūhu
और बनाने वाले हैं उसे مِنَ of mina
of ٱلْمُرْسَلِينَ रसूलों में से l-mur'salīna
रसूलों में से ٧ (7)
(7)
और हमने मूसा की माँ की ओर वह़्य की1 कि उसे दूध पिला, फिर जब तुझे उसके बारे में भय हो, तो उसे दरिया में डाल दे और न डर और न शोक कर। निःसंदेह हम उसे तेरी ओर वापस लाने वाले हैं और उसे रसूलों में से बनाने वाले हैं।
२८:८
فَٱلْتَقَطَهُۥٓ
पस उठा लिया उसे
fal-taqaṭahu
पस उठा लिया उसे ءَالُ (the) family ālu
(the) family فِرْعَوْنَ आले फ़िरऔन ने fir'ʿawna
आले फ़िरऔन ने لِيَكُونَ ताकि वो हो liyakūna
ताकि वो हो لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए عَدُوًّۭا दुश्मन ʿaduwwan
दुश्मन وَحَزَنًا ۗ और ग़म को (मोजिब) waḥazanan
और ग़म को (मोजिब) إِنَّ बेशक inna
बेशक فِرْعَوْنَ फ़िरऔन fir'ʿawna
फ़िरऔन وَهَـٰمَـٰنَ और हामान wahāmāna
और हामान وَجُنُودَهُمَا और उन दोनों के लश्कर wajunūdahumā
और उन दोनों के लश्कर كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो خَـٰطِـِٔينَ ख़ताकार khāṭiīna
ख़ताकार ٨ (8)
(8)
पस उठा लिया उसे ءَالُ (the) family ālu
(the) family فِرْعَوْنَ आले फ़िरऔन ने fir'ʿawna
आले फ़िरऔन ने لِيَكُونَ ताकि वो हो liyakūna
ताकि वो हो لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए عَدُوًّۭا दुश्मन ʿaduwwan
दुश्मन وَحَزَنًا ۗ और ग़म को (मोजिब) waḥazanan
और ग़म को (मोजिब) إِنَّ बेशक inna
बेशक فِرْعَوْنَ फ़िरऔन fir'ʿawna
फ़िरऔन وَهَـٰمَـٰنَ और हामान wahāmāna
और हामान وَجُنُودَهُمَا और उन दोनों के लश्कर wajunūdahumā
और उन दोनों के लश्कर كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो خَـٰطِـِٔينَ ख़ताकार khāṭiīna
ख़ताकार ٨ (8)
(8)
तो फ़िरऔन के घर वालों1 ने उसे उठा लिया, ताकि अंत में वह उनका शत्रु और शोक का कारण ठहरे। निःसंदेह फ़िरऔन तथा हामान और उनकी सेनाएँ पापी थीं।
२८:९
وَقَالَتِ
और कहने लगी
waqālati
और कहने लगी ٱمْرَأَتُ बीवी im'ra-atu
बीवी فِرْعَوْنَ फ़िरऔन की fir'ʿawna
फ़िरऔन की قُرَّتُ ठंडक qurratu
ठंडक عَيْنٍۢ आँखों की ʿaynin
आँखों की لِّى मेरे लिए lī
मेरे लिए وَلَكَ ۖ और तेरे लिए walaka
और तेरे लिए لَا (Do) not lā
(Do) not تَقْتُلُوهُ ना तुम क़त्ल करो इसे taqtulūhu
ना तुम क़त्ल करो इसे عَسَىٰٓ उम्मीद है ʿasā
उम्मीद है أَن कि an
कि يَنفَعَنَآ वो नफ़ा देगा हमें yanfaʿanā
वो नफ़ा देगा हमें أَوْ या aw
या نَتَّخِذَهُۥ हम बना लेंगे उसे nattakhidhahu
हम बना लेंगे उसे وَلَدًۭا बेटा waladan
बेटा وَهُمْ और वो wahum
और वो لَا (did) not lā
(did) not يَشْعُرُونَ नहीं वो शऊर रखते थे yashʿurūna
नहीं वो शऊर रखते थे ٩ (9)
(9)
और कहने लगी ٱمْرَأَتُ बीवी im'ra-atu
बीवी فِرْعَوْنَ फ़िरऔन की fir'ʿawna
फ़िरऔन की قُرَّتُ ठंडक qurratu
ठंडक عَيْنٍۢ आँखों की ʿaynin
आँखों की لِّى मेरे लिए lī
मेरे लिए وَلَكَ ۖ और तेरे लिए walaka
और तेरे लिए لَا (Do) not lā
(Do) not تَقْتُلُوهُ ना तुम क़त्ल करो इसे taqtulūhu
ना तुम क़त्ल करो इसे عَسَىٰٓ उम्मीद है ʿasā
उम्मीद है أَن कि an
कि يَنفَعَنَآ वो नफ़ा देगा हमें yanfaʿanā
वो नफ़ा देगा हमें أَوْ या aw
या نَتَّخِذَهُۥ हम बना लेंगे उसे nattakhidhahu
हम बना लेंगे उसे وَلَدًۭا बेटा waladan
बेटा وَهُمْ और वो wahum
और वो لَا (did) not lā
(did) not يَشْعُرُونَ नहीं वो शऊर रखते थे yashʿurūna
नहीं वो शऊर रखते थे ٩ (9)
(9)
और फ़िरऔन की पत्नी ने कहा : यह मेरी तथा तेरी आँखों की ठंडक है। इसे क़त्ल न करो। आशा है कि वह हमें लाभ पहुँचाए, या हम उसे पुत्र बना लें और वे समझते न थे।
२८:१०
وَأَصْبَحَ
और हो गया
wa-aṣbaḥa
और हो गया فُؤَادُ दिल fuādu
दिल أُمِّ (of the) mother ummi
(of the) mother مُوسَىٰ मूसा की माँ का mūsā
मूसा की माँ का فَـٰرِغًا ۖ ख़ाली fārighan
ख़ाली إِن बेशक in
बेशक كَادَتْ क़रीब था kādat
क़रीब था لَتُبْدِى कि वो ज़ाहिर कर देती latub'dī
कि वो ज़ाहिर कर देती بِهِۦ उसे bihi
उसे لَوْلَآ अगर ना होता lawlā
अगर ना होता أَن ये कि an
ये कि رَّبَطْنَا मज़बूत कर दिया हमने rabaṭnā
मज़बूत कर दिया हमने عَلَىٰ [over] ʿalā
[over] قَلْبِهَا उसके दिल को qalbihā
उसके दिल को لِتَكُونَ ताकि वो हो litakūna
ताकि वो हो مِنَ of mina
of ٱلْمُؤْمِنِينَ ईमान लाने वालों में से l-mu'minīna
ईमान लाने वालों में से ١٠ (10)
(10)
और हो गया فُؤَادُ दिल fuādu
दिल أُمِّ (of the) mother ummi
(of the) mother مُوسَىٰ मूसा की माँ का mūsā
मूसा की माँ का فَـٰرِغًا ۖ ख़ाली fārighan
ख़ाली إِن बेशक in
बेशक كَادَتْ क़रीब था kādat
क़रीब था لَتُبْدِى कि वो ज़ाहिर कर देती latub'dī
कि वो ज़ाहिर कर देती بِهِۦ उसे bihi
उसे لَوْلَآ अगर ना होता lawlā
अगर ना होता أَن ये कि an
ये कि رَّبَطْنَا मज़बूत कर दिया हमने rabaṭnā
मज़बूत कर दिया हमने عَلَىٰ [over] ʿalā
[over] قَلْبِهَا उसके दिल को qalbihā
उसके दिल को لِتَكُونَ ताकि वो हो litakūna
ताकि वो हो مِنَ of mina
of ٱلْمُؤْمِنِينَ ईमान लाने वालों में से l-mu'minīna
ईमान लाने वालों में से ١٠ (10)
(10)
और मूसा की माता का दिल (मूसा की याद के सिवा हर चीज़ से) खाली हो गया। निश्चय वह क़रीब थी कि उसे प्रकट कर देती, यदि हम उसके दिल को मज़बूत कर उसका ढारस न बँधा देते, ताकि वह ईमानवालों में से हो जाए।
२८:११
وَقَالَتْ
और वो कहने लगी
waqālat
और वो कहने लगी لِأُخْتِهِۦ उसकी बहन से li-ukh'tihi
उसकी बहन से قُصِّيهِ ۖ पीछे जा उसके quṣṣīhi
पीछे जा उसके فَبَصُرَتْ फिर वो देखती रही fabaṣurat
फिर वो देखती रही بِهِۦ उसे bihi
उसे عَن from ʿan
from جُنُبٍۢ दूर से junubin
दूर से وَهُمْ और वो wahum
और वो لَا (did) not lā
(did) not يَشْعُرُونَ वो शऊर ना रखते थे yashʿurūna
वो शऊर ना रखते थे ١١ (11)
(11)
और वो कहने लगी لِأُخْتِهِۦ उसकी बहन से li-ukh'tihi
उसकी बहन से قُصِّيهِ ۖ पीछे जा उसके quṣṣīhi
पीछे जा उसके فَبَصُرَتْ फिर वो देखती रही fabaṣurat
फिर वो देखती रही بِهِۦ उसे bihi
उसे عَن from ʿan
from جُنُبٍۢ दूर से junubin
दूर से وَهُمْ और वो wahum
और वो لَا (did) not lā
(did) not يَشْعُرُونَ वो शऊर ना रखते थे yashʿurūna
वो शऊर ना रखते थे ١١ (11)
(11)
तथा (मूसा की माँ ने) उसकी बहन से कहा : इसके पीछे-पीछे जा। तो वह उसे दूर ही दूर से देखती रही और उन्हें (इसका) आभास नहीं होता था।
२८:१२
۞ وَحَرَّمْنَا
और हराम कर दीं हमने
waḥarramnā
और हराम कर दीं हमने عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर ٱلْمَرَاضِعَ दूध पिलाने वालियाँ l-marāḍiʿa
दूध पिलाने वालियाँ مِن before min
before قَبْلُ उससे पहले qablu
उससे पहले فَقَالَتْ तो वो कहने लगी faqālat
तो वो कहने लगी هَلْ क्या hal
क्या أَدُلُّكُمْ मैं बताऊँ तुम्हें adullukum
मैं बताऊँ तुम्हें عَلَىٰٓ to ʿalā
to أَهْلِ (the) people ahli
(the) people بَيْتٍۢ ऐसे घर वाले baytin
ऐसे घर वाले يَكْفُلُونَهُۥ जो किफ़ालत करेंगे इसकी yakfulūnahu
जो किफ़ालत करेंगे इसकी لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَهُمْ और वो wahum
और वो لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए نَـٰصِحُونَ ख़ैर ख़्वाह हों nāṣiḥūna
ख़ैर ख़्वाह हों ١٢ (12)
(12)
और हराम कर दीं हमने عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर ٱلْمَرَاضِعَ दूध पिलाने वालियाँ l-marāḍiʿa
दूध पिलाने वालियाँ مِن before min
before قَبْلُ उससे पहले qablu
उससे पहले فَقَالَتْ तो वो कहने लगी faqālat
तो वो कहने लगी هَلْ क्या hal
क्या أَدُلُّكُمْ मैं बताऊँ तुम्हें adullukum
मैं बताऊँ तुम्हें عَلَىٰٓ to ʿalā
to أَهْلِ (the) people ahli
(the) people بَيْتٍۢ ऐसे घर वाले baytin
ऐसे घर वाले يَكْفُلُونَهُۥ जो किफ़ालत करेंगे इसकी yakfulūnahu
जो किफ़ालत करेंगे इसकी لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَهُمْ और वो wahum
और वो لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए نَـٰصِحُونَ ख़ैर ख़्वाह हों nāṣiḥūna
ख़ैर ख़्वाह हों ١٢ (12)
(12)
और हमने उसपर पहले से1 सभी दूध हराम कर दिए। तो उस (की बहन) ने कहा : क्या मैं तुम्हें एक घर वाले बताऊँ, जो तुम्हारे लिए इसका पालन-पोषण करें और वे इसके शुभचिंतक हों?
२८:१३
فَرَدَدْنَـٰهُ
तो लौटा दिया हमने उसे
faradadnāhu
तो लौटा दिया हमने उसे إِلَىٰٓ to ilā
to أُمِّهِۦ तरफ़ उसकी माँ के ummihi
तरफ़ उसकी माँ के كَىْ ताकि kay
ताकि تَقَرَّ ठंडी हों taqarra
ठंडी हों عَيْنُهَا आँखें उसकी ʿaynuhā
आँखें उसकी وَلَا और ना walā
और ना تَحْزَنَ वो ग़मगीन हो taḥzana
वो ग़मगीन हो وَلِتَعْلَمَ और ताकि वो जान ले walitaʿlama
और ताकि वो जान ले أَنَّ यक़ीनन anna
यक़ीनन وَعْدَ वादा waʿda
वादा ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का حَقٌّۭ सच्चा है ḥaqqun
सच्चा है وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन أَكْثَرَهُمْ अक्सर उनके aktharahum
अक्सर उनके لَا (do) not lā
(do) not يَعْلَمُونَ नहीं वो जानते yaʿlamūna
नहीं वो जानते ١٣ (13)
(13)
तो लौटा दिया हमने उसे إِلَىٰٓ to ilā
to أُمِّهِۦ तरफ़ उसकी माँ के ummihi
तरफ़ उसकी माँ के كَىْ ताकि kay
ताकि تَقَرَّ ठंडी हों taqarra
ठंडी हों عَيْنُهَا आँखें उसकी ʿaynuhā
आँखें उसकी وَلَا और ना walā
और ना تَحْزَنَ वो ग़मगीन हो taḥzana
वो ग़मगीन हो وَلِتَعْلَمَ और ताकि वो जान ले walitaʿlama
और ताकि वो जान ले أَنَّ यक़ीनन anna
यक़ीनन وَعْدَ वादा waʿda
वादा ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का حَقٌّۭ सच्चा है ḥaqqun
सच्चा है وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन أَكْثَرَهُمْ अक्सर उनके aktharahum
अक्सर उनके لَا (do) not lā
(do) not يَعْلَمُونَ नहीं वो जानते yaʿlamūna
नहीं वो जानते ١٣ (13)
(13)
तो हम उसे उसकी माँ के पास वापस ले आए, ताकि उसकी आँख ठंडी हो और वह शोक न करे, और ताकि वह जान ले कि निश्चय अल्लाह का वादा सच्चा है, लेकिन उनमें से ज्यादातर नहीं जानते।
२८:१४
وَلَمَّا
और जब
walammā
और जब بَلَغَ वो पहुँचा balagha
वो पहुँचा أَشُدَّهُۥ अपनी जवानी को ashuddahu
अपनी जवानी को وَٱسْتَوَىٰٓ और वो तवाना हो गया wa-is'tawā
और वो तवाना हो गया ءَاتَيْنَـٰهُ अता की हमने उसे ātaynāhu
अता की हमने उसे حُكْمًۭا हिकमत ḥuk'man
हिकमत وَعِلْمًۭا ۚ और इल्म waʿil'man
और इल्म وَكَذَٰلِكَ और इसी तरह wakadhālika
और इसी तरह نَجْزِى हम बदला देते हैं najzī
हम बदला देते हैं ٱلْمُحْسِنِينَ एहसान करने वालों को l-muḥ'sinīna
एहसान करने वालों को ١٤ (14)
(14)
और जब بَلَغَ वो पहुँचा balagha
वो पहुँचा أَشُدَّهُۥ अपनी जवानी को ashuddahu
अपनी जवानी को وَٱسْتَوَىٰٓ और वो तवाना हो गया wa-is'tawā
और वो तवाना हो गया ءَاتَيْنَـٰهُ अता की हमने उसे ātaynāhu
अता की हमने उसे حُكْمًۭا हिकमत ḥuk'man
हिकमत وَعِلْمًۭا ۚ और इल्म waʿil'man
और इल्म وَكَذَٰلِكَ और इसी तरह wakadhālika
और इसी तरह نَجْزِى हम बदला देते हैं najzī
हम बदला देते हैं ٱلْمُحْسِنِينَ एहसान करने वालों को l-muḥ'sinīna
एहसान करने वालों को ١٤ (14)
(14)
और जब वह अपनी जवानी को पहुँचा और पूरा बलवान हो गया, तो हमने उसे निर्णय-शक्ति और ज्ञान प्रदान किया और इसी प्रकार हम भलाई करने वालों को बदला देते हैं।
२८:१५
وَدَخَلَ
और वो दाख़िल हुआ
wadakhala
और वो दाख़िल हुआ ٱلْمَدِينَةَ शहर में l-madīnata
शहर में عَلَىٰ at ʿalā
at حِينِ a time ḥīni
a time غَفْلَةٍۢ ग़फ़्लत के वक़्त ghaflatin
ग़फ़्लत के वक़्त مِّنْ of min
of أَهْلِهَا उसके रहने वालों की ahlihā
उसके रहने वालों की فَوَجَدَ तो उस ने पाया fawajada
तो उस ने पाया فِيهَا उस में fīhā
उस में رَجُلَيْنِ दो मर्दों को rajulayni
दो मर्दों को يَقْتَتِلَانِ वो दोनों लड़ रहे थे yaqtatilāni
वो दोनों लड़ रहे थे هَـٰذَا ये hādhā
ये مِن of min
of شِيعَتِهِۦ उसके गिरोह में से था shīʿatihi
उसके गिरोह में से था وَهَـٰذَا और ये(दूसरा) wahādhā
और ये(दूसरा) مِنْ of min
of عَدُوِّهِۦ ۖ उसके दुश्मनों में से था ʿaduwwihi
उसके दुश्मनों में से था فَٱسْتَغَـٰثَهُ पस मदद तलब की उससे fa-is'taghāthahu
पस मदद तलब की उससे ٱلَّذِى उसने जो alladhī
उसने जो مِن (was) from min
(was) from شِيعَتِهِۦ उसके गिरोह में से था shīʿatihi
उसके गिरोह में से था عَلَى against ʿalā
against ٱلَّذِى उसके ख़िलाफ़ alladhī
उसके ख़िलाफ़ مِنْ (was) from min
(was) from عَدُوِّهِۦ जो उसके दुश्मनों में से था ʿaduwwihi
जो उसके दुश्मनों में से था فَوَكَزَهُۥ तो घूँसा मारा उसे fawakazahu
तो घूँसा मारा उसे مُوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने فَقَضَىٰ तो पूरी कर दी faqaḍā
तो पूरी कर दी عَلَيْهِ ۖ उस पर (ज़िन्दगी) ʿalayhi
उस पर (ज़िन्दगी) قَالَ बोला qāla
बोला هَـٰذَا ये hādhā
ये مِنْ of min
of عَمَلِ काम में से है ʿamali
काम में से है ٱلشَّيْطَـٰنِ ۖ शैतान के l-shayṭāni
शैतान के إِنَّهُۥ यक़ीनन वो innahu
यक़ीनन वो عَدُوٌّۭ दुश्मन है ʿaduwwun
दुश्मन है مُّضِلٌّۭ गुमराह करने वाला है muḍillun
गुमराह करने वाला है مُّبِينٌۭ खुल्लम-खुल्ला mubīnun
खुल्लम-खुल्ला ١٥ (15)
(15)
और वो दाख़िल हुआ ٱلْمَدِينَةَ शहर में l-madīnata
शहर में عَلَىٰ at ʿalā
at حِينِ a time ḥīni
a time غَفْلَةٍۢ ग़फ़्लत के वक़्त ghaflatin
ग़फ़्लत के वक़्त مِّنْ of min
of أَهْلِهَا उसके रहने वालों की ahlihā
उसके रहने वालों की فَوَجَدَ तो उस ने पाया fawajada
तो उस ने पाया فِيهَا उस में fīhā
उस में رَجُلَيْنِ दो मर्दों को rajulayni
दो मर्दों को يَقْتَتِلَانِ वो दोनों लड़ रहे थे yaqtatilāni
वो दोनों लड़ रहे थे هَـٰذَا ये hādhā
ये مِن of min
of شِيعَتِهِۦ उसके गिरोह में से था shīʿatihi
उसके गिरोह में से था وَهَـٰذَا और ये(दूसरा) wahādhā
और ये(दूसरा) مِنْ of min
of عَدُوِّهِۦ ۖ उसके दुश्मनों में से था ʿaduwwihi
उसके दुश्मनों में से था فَٱسْتَغَـٰثَهُ पस मदद तलब की उससे fa-is'taghāthahu
पस मदद तलब की उससे ٱلَّذِى उसने जो alladhī
उसने जो مِن (was) from min
(was) from شِيعَتِهِۦ उसके गिरोह में से था shīʿatihi
उसके गिरोह में से था عَلَى against ʿalā
against ٱلَّذِى उसके ख़िलाफ़ alladhī
उसके ख़िलाफ़ مِنْ (was) from min
(was) from عَدُوِّهِۦ जो उसके दुश्मनों में से था ʿaduwwihi
जो उसके दुश्मनों में से था فَوَكَزَهُۥ तो घूँसा मारा उसे fawakazahu
तो घूँसा मारा उसे مُوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने فَقَضَىٰ तो पूरी कर दी faqaḍā
तो पूरी कर दी عَلَيْهِ ۖ उस पर (ज़िन्दगी) ʿalayhi
उस पर (ज़िन्दगी) قَالَ बोला qāla
बोला هَـٰذَا ये hādhā
ये مِنْ of min
of عَمَلِ काम में से है ʿamali
काम में से है ٱلشَّيْطَـٰنِ ۖ शैतान के l-shayṭāni
शैतान के إِنَّهُۥ यक़ीनन वो innahu
यक़ीनन वो عَدُوٌّۭ दुश्मन है ʿaduwwun
दुश्मन है مُّضِلٌّۭ गुमराह करने वाला है muḍillun
गुमराह करने वाला है مُّبِينٌۭ खुल्लम-खुल्ला mubīnun
खुल्लम-खुल्ला ١٥ (15)
(15)
और वह नगर में उसके लोगों की कुछ असावधानी के समय में प्रवेश किया, तो उसमें दो व्यक्तियों को लड़ते हुए पाया। यह उसके गिरोह में से है और यह उसके शत्रुओं में से।1 तो जो उसके गिरोह में से था, उसने उसके विरुद्ध उससे मदद माँगी, जो उसके शत्रुओं में से था। तो मूसा ने उसे घूँसा मारा तो उसका काम तमाम कर दिया। (मूसा ने) कहा : यह शैतान के काम से है, निश्चित रूप से वह खुले तौर पर गुमराह करने वाला दुश्मन है।
२८:१६
قَالَ
कहा
qāla
कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं ظَلَمْتُ ज़ुल्म किया मैं ने ẓalamtu
ज़ुल्म किया मैं ने نَفْسِى अपनी जान पर nafsī
अपनी जान पर فَٱغْفِرْ so forgive fa-igh'fir
so forgive لِى पस बख़्श दे मुझे lī
पस बख़्श दे मुझे فَغَفَرَ तो उसने बख़्श दिया faghafara
तो उसने बख़्श दिया لَهُۥٓ ۚ उसे lahu
उसे إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो هُوَ वो ही huwa
वो ही ٱلْغَفُورُ बहुत बख़्शने वाला l-ghafūru
बहुत बख़्शने वाला ٱلرَّحِيمُ निहायत रहम करने वाला l-raḥīmu
निहायत रहम करने वाला ١٦ (16)
(16)
कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं ظَلَمْتُ ज़ुल्म किया मैं ने ẓalamtu
ज़ुल्म किया मैं ने نَفْسِى अपनी जान पर nafsī
अपनी जान पर فَٱغْفِرْ so forgive fa-igh'fir
so forgive لِى पस बख़्श दे मुझे lī
पस बख़्श दे मुझे فَغَفَرَ तो उसने बख़्श दिया faghafara
तो उसने बख़्श दिया لَهُۥٓ ۚ उसे lahu
उसे إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो هُوَ वो ही huwa
वो ही ٱلْغَفُورُ बहुत बख़्शने वाला l-ghafūru
बहुत बख़्शने वाला ٱلرَّحِيمُ निहायत रहम करने वाला l-raḥīmu
निहायत रहम करने वाला ١٦ (16)
(16)
उसने कहा : ऐ मेरे पालनहार! निश्चय ही मैंने अपने ऊपर अत्याचार किया है, अतः मुझे क्षमा कर दे। तो उसने उसे क्षमा कर दिया, निःसंदेह वही बड़ा क्षमाशील, अत्यंत दयावान है।
२८:१७
قَالَ
कहा
qāla
कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब بِمَآ बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो أَنْعَمْتَ इनआम किया तू ने anʿamta
इनआम किया तू ने عَلَىَّ मुझ पर ʿalayya
मुझ पर فَلَنْ तो हरगिज़ नहीं falan
तो हरगिज़ नहीं أَكُونَ मैं हूँगा akūna
मैं हूँगा ظَهِيرًۭا मददगार ẓahīran
मददगार لِّلْمُجْرِمِينَ मुजरिमों के लिए lil'muj'rimīna
मुजरिमों के लिए ١٧ (17)
(17)
कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब بِمَآ बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो أَنْعَمْتَ इनआम किया तू ने anʿamta
इनआम किया तू ने عَلَىَّ मुझ पर ʿalayya
मुझ पर فَلَنْ तो हरगिज़ नहीं falan
तो हरगिज़ नहीं أَكُونَ मैं हूँगा akūna
मैं हूँगा ظَهِيرًۭا मददगार ẓahīran
मददगार لِّلْمُجْرِمِينَ मुजरिमों के लिए lil'muj'rimīna
मुजरिमों के लिए ١٧ (17)
(17)
उसने कहा : ऐ मेरे पालनहार! इस कारण कि तूने मुझपर उपकार किया है, मैं कभी भी अपराधियों का सहायक नहीं बनूँगा।
२८:१८
فَأَصْبَحَ
तो उसने सुबह की
fa-aṣbaḥa
तो उसने सुबह की فِى in fī
in ٱلْمَدِينَةِ शहर में l-madīnati
शहर में خَآئِفًۭا डरते हुए khāifan
डरते हुए يَتَرَقَّبُ ख़ुफ़िया टोह लगाते हुए yataraqqabu
ख़ुफ़िया टोह लगाते हुए فَإِذَا फिर अचानक fa-idhā
फिर अचानक ٱلَّذِى वो शख़्स alladhī
वो शख़्स ٱسْتَنصَرَهُۥ जिसने मदद माँगी थी उससे is'tanṣarahu
जिसने मदद माँगी थी उससे بِٱلْأَمْسِ कल bil-amsi
कल يَسْتَصْرِخُهُۥ ۚ वो फ़रियाद कर रहा था उससे yastaṣrikhuhu
वो फ़रियाद कर रहा था उससे قَالَ कहा qāla
कहा لَهُۥ उसे lahu
उसे مُوسَىٰٓ मूसा ने mūsā
मूसा ने إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू لَغَوِىٌّۭ अलबत्ता बहका हुआ है laghawiyyun
अलबत्ता बहका हुआ है مُّبِينٌۭ खुल्लम-खुल्ला mubīnun
खुल्लम-खुल्ला ١٨ (18)
(18)
तो उसने सुबह की فِى in fī
in ٱلْمَدِينَةِ शहर में l-madīnati
शहर में خَآئِفًۭا डरते हुए khāifan
डरते हुए يَتَرَقَّبُ ख़ुफ़िया टोह लगाते हुए yataraqqabu
ख़ुफ़िया टोह लगाते हुए فَإِذَا फिर अचानक fa-idhā
फिर अचानक ٱلَّذِى वो शख़्स alladhī
वो शख़्स ٱسْتَنصَرَهُۥ जिसने मदद माँगी थी उससे is'tanṣarahu
जिसने मदद माँगी थी उससे بِٱلْأَمْسِ कल bil-amsi
कल يَسْتَصْرِخُهُۥ ۚ वो फ़रियाद कर रहा था उससे yastaṣrikhuhu
वो फ़रियाद कर रहा था उससे قَالَ कहा qāla
कहा لَهُۥ उसे lahu
उसे مُوسَىٰٓ मूसा ने mūsā
मूसा ने إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू لَغَوِىٌّۭ अलबत्ता बहका हुआ है laghawiyyun
अलबत्ता बहका हुआ है مُّبِينٌۭ खुल्लम-खुल्ला mubīnun
खुल्लम-खुल्ला ١٨ (18)
(18)
फिर उसने नगर में डरते हुए सुबह की, इंतज़ार करता था (कि अब क्या होगा)। तो अचानक वही व्यक्ति जिसने कल उससे सहायता माँगी थी, उसे गुहार रहा था। मूसा ने उससे कहा : निश्चय ही तू अवश्य खुला गुमराह है।
२८:१९
فَلَمَّآ
तो जब
falammā
तो जब أَنْ कि an
कि أَرَادَ उसने इरादा किया arāda
उसने इरादा किया أَن कि an
कि يَبْطِشَ वो पकड़ ले yabṭisha
वो पकड़ ले بِٱلَّذِى उसे जो bi-alladhī
उसे जो هُوَ वो huwa
वो عَدُوٌّۭ दुश्मन था ʿaduwwun
दुश्मन था لَّهُمَا उन दोनों का lahumā
उन दोनों का قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा يَـٰمُوسَىٰٓ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा أَتُرِيدُ क्या तू चाहता है aturīdu
क्या तू चाहता है أَن कि an
कि تَقْتُلَنِى तू क़त्ल कर दे मुझे taqtulanī
तू क़त्ल कर दे मुझे كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि قَتَلْتَ क़त्ल किया तू ने qatalta
क़त्ल किया तू ने نَفْسًۢا एक नफ़्स को nafsan
एक नफ़्स को بِٱلْأَمْسِ ۖ कल bil-amsi
कल إِن नहीं in
नहीं تُرِيدُ तू चाहता turīdu
तू चाहता إِلَّآ मगर illā
मगर أَن कि an
कि تَكُونَ तू हो takūna
तू हो جَبَّارًۭا ज़बरदस्ती करने वाला jabbāran
ज़बरदस्ती करने वाला فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में وَمَا और नहीं wamā
और नहीं تُرِيدُ तू चाहता turīdu
तू चाहता أَن कि an
कि تَكُونَ तू हो takūna
तू हो مِنَ of mina
of ٱلْمُصْلِحِينَ इस्लाह करने वालों में से l-muṣ'liḥīna
इस्लाह करने वालों में से ١٩ (19)
(19)
तो जब أَنْ कि an
कि أَرَادَ उसने इरादा किया arāda
उसने इरादा किया أَن कि an
कि يَبْطِشَ वो पकड़ ले yabṭisha
वो पकड़ ले بِٱلَّذِى उसे जो bi-alladhī
उसे जो هُوَ वो huwa
वो عَدُوٌّۭ दुश्मन था ʿaduwwun
दुश्मन था لَّهُمَا उन दोनों का lahumā
उन दोनों का قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा يَـٰمُوسَىٰٓ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा أَتُرِيدُ क्या तू चाहता है aturīdu
क्या तू चाहता है أَن कि an
कि تَقْتُلَنِى तू क़त्ल कर दे मुझे taqtulanī
तू क़त्ल कर दे मुझे كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि قَتَلْتَ क़त्ल किया तू ने qatalta
क़त्ल किया तू ने نَفْسًۢا एक नफ़्स को nafsan
एक नफ़्स को بِٱلْأَمْسِ ۖ कल bil-amsi
कल إِن नहीं in
नहीं تُرِيدُ तू चाहता turīdu
तू चाहता إِلَّآ मगर illā
मगर أَن कि an
कि تَكُونَ तू हो takūna
तू हो جَبَّارًۭا ज़बरदस्ती करने वाला jabbāran
ज़बरदस्ती करने वाला فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में وَمَا और नहीं wamā
और नहीं تُرِيدُ तू चाहता turīdu
तू चाहता أَن कि an
कि تَكُونَ तू हो takūna
तू हो مِنَ of mina
of ٱلْمُصْلِحِينَ इस्लाह करने वालों में से l-muṣ'liḥīna
इस्लाह करने वालों में से ١٩ (19)
(19)
फिर जब उस (मूसा) ने उसे पकड़ना चाहा, जो उन दोनों का शत्रु था, तो उस (इसराईली) ने कहा : ऐ मूसा! क्या तू मुझे मारना चाहता है, जैसे तूने कल एक व्यक्ति को मार डाला था? तू केवल यही चाहता है कि धरती में शक्तिशाली बन जाए और तू नहीं चाहता कि सुधार करने वालों में से हो।
२८:२०
وَجَآءَ
और आया
wajāa
और आया رَجُلٌۭ एक शख़्स rajulun
एक शख़्स مِّنْ from min
from أَقْصَا आख़िरी किनारे से aqṣā
आख़िरी किनारे से ٱلْمَدِينَةِ शहर के l-madīnati
शहर के يَسْعَىٰ दौड़ता हुआ yasʿā
दौड़ता हुआ قَالَ कहा qāla
कहा يَـٰمُوسَىٰٓ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلْمَلَأَ सरदार l-mala-a
सरदार يَأْتَمِرُونَ वो मशवरा कर रहे हैं yatamirūna
वो मशवरा कर रहे हैं بِكَ तेरे बारे में bika
तेरे बारे में لِيَقْتُلُوكَ कि वो क़त्ल कर दें तुझे liyaqtulūka
कि वो क़त्ल कर दें तुझे فَٱخْرُجْ पस निकल जा fa-ukh'ruj
पस निकल जा إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं لَكَ तेरे लिए laka
तेरे लिए مِنَ of mina
of ٱلنَّـٰصِحِينَ ख़ैर ख़्वाहों में से हूँ l-nāṣiḥīna
ख़ैर ख़्वाहों में से हूँ ٢٠ (20)
(20)
और आया رَجُلٌۭ एक शख़्स rajulun
एक शख़्स مِّنْ from min
from أَقْصَا आख़िरी किनारे से aqṣā
आख़िरी किनारे से ٱلْمَدِينَةِ शहर के l-madīnati
शहर के يَسْعَىٰ दौड़ता हुआ yasʿā
दौड़ता हुआ قَالَ कहा qāla
कहा يَـٰمُوسَىٰٓ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱلْمَلَأَ सरदार l-mala-a
सरदार يَأْتَمِرُونَ वो मशवरा कर रहे हैं yatamirūna
वो मशवरा कर रहे हैं بِكَ तेरे बारे में bika
तेरे बारे में لِيَقْتُلُوكَ कि वो क़त्ल कर दें तुझे liyaqtulūka
कि वो क़त्ल कर दें तुझे فَٱخْرُجْ पस निकल जा fa-ukh'ruj
पस निकल जा إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं لَكَ तेरे लिए laka
तेरे लिए مِنَ of mina
of ٱلنَّـٰصِحِينَ ख़ैर ख़्वाहों में से हूँ l-nāṣiḥīna
ख़ैर ख़्वाहों में से हूँ ٢٠ (20)
(20)
और एक व्यक्ति नगर के सबसे दूर छोर से दौड़ता हुआ आया। उसने कहा : ऐ मूसा! निःसंदेह प्रमुख लोग तेरे विषय में परामर्श कर रहे हैं कि तुझे मार डालें। अतः तू (यहाँ से) निकल जा। निश्चय मैं तेरा शुभचिंतक हूँ।
२८:२१
فَخَرَجَ
तो वो निकला
fakharaja
तो वो निकला مِنْهَا उससे min'hā
उससे خَآئِفًۭا डरते हुए khāifan
डरते हुए يَتَرَقَّبُ ۖ ख़ुफ़िया टोह लगाते हुए yataraqqabu
ख़ुफ़िया टोह लगाते हुए قَالَ कहा qāla
कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब نَجِّنِى निजात दे मुझे najjinī
निजात दे मुझे مِنَ from mina
from ٱلْقَوْمِ उन लोगों से l-qawmi
उन लोगों से ٱلظَّـٰلِمِينَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimīna
जो ज़ालिम हैं ٢١ (21)
(21)
तो वो निकला مِنْهَا उससे min'hā
उससे خَآئِفًۭا डरते हुए khāifan
डरते हुए يَتَرَقَّبُ ۖ ख़ुफ़िया टोह लगाते हुए yataraqqabu
ख़ुफ़िया टोह लगाते हुए قَالَ कहा qāla
कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब نَجِّنِى निजात दे मुझे najjinī
निजात दे मुझे مِنَ from mina
from ٱلْقَوْمِ उन लोगों से l-qawmi
उन लोगों से ٱلظَّـٰلِمِينَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimīna
जो ज़ालिम हैं ٢١ (21)
(21)
तो वह डरता हुआ उस (शहर) से निकल पड़ा, इंतज़ार करता था (कि अब क्या होगा), उसने प्रार्थना की : ऐ मेरे पालनहार! मुझे इन ज़ालिम लोगों से बचा ले।
२८:२२
وَلَمَّا
और जब
walammā
और जब تَوَجَّهَ उसने रुख़ किया tawajjaha
उसने रुख़ किया تِلْقَآءَ जानिब til'qāa
जानिब مَدْيَنَ मदयन के madyana
मदयन के قَالَ कहा qāla
कहा عَسَىٰ उम्मीद है ʿasā
उम्मीद है رَبِّىٓ मेरा रब rabbī
मेरा रब أَن कि an
कि يَهْدِيَنِى वो दिखाएगा मुझे yahdiyanī
वो दिखाएगा मुझे سَوَآءَ सीधा sawāa
सीधा ٱلسَّبِيلِ रास्ता l-sabīli
रास्ता ٢٢ (22)
(22)
और जब تَوَجَّهَ उसने रुख़ किया tawajjaha
उसने रुख़ किया تِلْقَآءَ जानिब til'qāa
जानिब مَدْيَنَ मदयन के madyana
मदयन के قَالَ कहा qāla
कहा عَسَىٰ उम्मीद है ʿasā
उम्मीद है رَبِّىٓ मेरा रब rabbī
मेरा रब أَن कि an
कि يَهْدِيَنِى वो दिखाएगा मुझे yahdiyanī
वो दिखाएगा मुझे سَوَآءَ सीधा sawāa
सीधा ٱلسَّبِيلِ रास्ता l-sabīli
रास्ता ٢٢ (22)
(22)
और जब उसने मदयन की ओर रुख़ किया, तो कहा : आशा है कि मेरा पालनहार मुझे सीधे मार्ग पर ले जाए।
२८:२३
وَلَمَّا
और जब
walammā
और जब وَرَدَ वो वारिद हुआ/ पहुँचा warada
वो वारिद हुआ/ पहुँचा مَآءَ पानी पर māa
पानी पर مَدْيَنَ मदयन के madyana
मदयन के وَجَدَ उसने पाया wajada
उसने पाया عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर أُمَّةًۭ एक गिरोह को ummatan
एक गिरोह को مِّنَ of mina
of ٱلنَّاسِ लोगों में से l-nāsi
लोगों में से يَسْقُونَ वो पानी पिला रहे थे yasqūna
वो पानी पिला रहे थे وَوَجَدَ और उसने पाया wawajada
और उसने पाया مِن besides them min
besides them دُونِهِمُ उनके अलावा dūnihimu
उनके अलावा ٱمْرَأَتَيْنِ दो औरतों को im'ra-atayni
दो औरतों को تَذُودَانِ ۖ वो दोनों हटाती थीं(मवेशी) tadhūdāni
वो दोनों हटाती थीं(मवेशी) قَالَ कहा qāla
कहा مَا क्या mā
क्या خَطْبُكُمَا ۖ मामला है तुम दोनों का khaṭbukumā
मामला है तुम दोनों का قَالَتَا वो दोनों कहने लगीं qālatā
वो दोनों कहने लगीं لَا We cannot water lā
We cannot water نَسْقِى नहीं हम पानी पिलातीं nasqī
नहीं हम पानी पिलातीं حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يُصْدِرَ वापस ले जाऐं yuṣ'dira
वापस ले जाऐं ٱلرِّعَآءُ ۖ चरवाहे (अपने मवेशी) l-riʿāu
चरवाहे (अपने मवेशी) وَأَبُونَا और बाप हमारा wa-abūnā
और बाप हमारा شَيْخٌۭ बूढ़ा shaykhun
बूढ़ा كَبِيرٌۭ बड़ी उम्र का है kabīrun
बड़ी उम्र का है ٢٣ (23)
(23)
और जब وَرَدَ वो वारिद हुआ/ पहुँचा warada
वो वारिद हुआ/ पहुँचा مَآءَ पानी पर māa
पानी पर مَدْيَنَ मदयन के madyana
मदयन के وَجَدَ उसने पाया wajada
उसने पाया عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर أُمَّةًۭ एक गिरोह को ummatan
एक गिरोह को مِّنَ of mina
of ٱلنَّاسِ लोगों में से l-nāsi
लोगों में से يَسْقُونَ वो पानी पिला रहे थे yasqūna
वो पानी पिला रहे थे وَوَجَدَ और उसने पाया wawajada
और उसने पाया مِن besides them min
besides them دُونِهِمُ उनके अलावा dūnihimu
उनके अलावा ٱمْرَأَتَيْنِ दो औरतों को im'ra-atayni
दो औरतों को تَذُودَانِ ۖ वो दोनों हटाती थीं(मवेशी) tadhūdāni
वो दोनों हटाती थीं(मवेशी) قَالَ कहा qāla
कहा مَا क्या mā
क्या خَطْبُكُمَا ۖ मामला है तुम दोनों का khaṭbukumā
मामला है तुम दोनों का قَالَتَا वो दोनों कहने लगीं qālatā
वो दोनों कहने लगीं لَا We cannot water lā
We cannot water نَسْقِى नहीं हम पानी पिलातीं nasqī
नहीं हम पानी पिलातीं حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يُصْدِرَ वापस ले जाऐं yuṣ'dira
वापस ले जाऐं ٱلرِّعَآءُ ۖ चरवाहे (अपने मवेशी) l-riʿāu
चरवाहे (अपने मवेशी) وَأَبُونَا और बाप हमारा wa-abūnā
और बाप हमारा شَيْخٌۭ बूढ़ा shaykhun
बूढ़ा كَبِيرٌۭ बड़ी उम्र का है kabīrun
बड़ी उम्र का है ٢٣ (23)
(23)
और जब वह मदयन के पानी पर पहुँचा, तो उसपर लागों का एक समूह पाया, जो (अपने पशुओं को) पानी पिला रहा था। तथा उनके एक तरफ दो महिलाओं को पाया जो (अपने पशुओं को) रोक रही थीं। उसने कहा : तुम्हारा क्या मामला है? उन दोनों ने कहा : हम पानी नहीं पिलाते यहाँ तक कि चरवाहे (अपने जानवरों को) पिलाकर वापस ले जाएँ और हमारे पिता बहुत बूढ़े हैं।
२८:२४
فَسَقَىٰ
तो उसने पानी पिलाया
fasaqā
तो उसने पानी पिलाया لَهُمَا उन दोनों के लिए lahumā
उन दोनों के लिए ثُمَّ फिर thumma
फिर تَوَلَّىٰٓ वो पलट गया tawallā
वो पलट गया إِلَى to ilā
to ٱلظِّلِّ तरफ़ साय के l-ẓili
तरफ़ साय के فَقَالَ फिर वो कहने लगा faqāla
फिर वो कहने लगा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं لِمَآ उसके लिए जो limā
उसके लिए जो أَنزَلْتَ नाज़िल करे तू anzalta
नाज़िल करे तू إِلَىَّ मेरी तरफ़ ilayya
मेरी तरफ़ مِنْ of min
of خَيْرٍۢ भलाई में से khayrin
भलाई में से فَقِيرٌۭ मोहताज हूँ faqīrun
मोहताज हूँ ٢٤ (24)
(24)
तो उसने पानी पिलाया لَهُمَا उन दोनों के लिए lahumā
उन दोनों के लिए ثُمَّ फिर thumma
फिर تَوَلَّىٰٓ वो पलट गया tawallā
वो पलट गया إِلَى to ilā
to ٱلظِّلِّ तरफ़ साय के l-ẓili
तरफ़ साय के فَقَالَ फिर वो कहने लगा faqāla
फिर वो कहने लगा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं لِمَآ उसके लिए जो limā
उसके लिए जो أَنزَلْتَ नाज़िल करे तू anzalta
नाज़िल करे तू إِلَىَّ मेरी तरफ़ ilayya
मेरी तरफ़ مِنْ of min
of خَيْرٍۢ भलाई में से khayrin
भलाई में से فَقِيرٌۭ मोहताज हूँ faqīrun
मोहताज हूँ ٢٤ (24)
(24)
तो उसने उनके लिए पानी पिला दिया। फिर पलट कर छाया की ओर आ गया और कहा : ऐ मेरे पालनहार! निःसंदेह मैं, जो भलाई भी तू मुझपर उतार दे, मैं उसका मोहताज हूँ।
२८:२५
فَجَآءَتْهُ
तो आई उसके पास
fajāathu
तो आई उसके पास إِحْدَىٰهُمَا उन दोनों में से एक iḥ'dāhumā
उन दोनों में से एक تَمْشِى चलती हुई tamshī
चलती हुई عَلَى with ʿalā
with ٱسْتِحْيَآءٍۢ साथ हया के is'tiḥ'yāin
साथ हया के قَالَتْ वो कहने लगी qālat
वो कहने लगी إِنَّ बेशक inna
बेशक أَبِى मेरे वालिद abī
मेरे वालिद يَدْعُوكَ बुला रहे हैं तुम्हें yadʿūka
बुला रहे हैं तुम्हें لِيَجْزِيَكَ ताकि वो बदले में दें तुम्हें liyajziyaka
ताकि वो बदले में दें तुम्हें أَجْرَ उज्रत ajra
उज्रत مَا उसकी जो mā
उसकी जो سَقَيْتَ पानी पिलाया तू ने saqayta
पानी पिलाया तू ने لَنَا ۚ हमारे लिए lanā
हमारे लिए فَلَمَّا तो जब falammā
तो जब جَآءَهُۥ वो आ गया उसके पास jāahu
वो आ गया उसके पास وَقَصَّ और उसने बयान किया waqaṣṣa
और उसने बयान किया عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर ٱلْقَصَصَ क़िस्सा l-qaṣaṣa
क़िस्सा قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा لَا (Do) not lā
(Do) not تَخَفْ ۖ ना तुम डरो takhaf
ना तुम डरो نَجَوْتَ निजात पा गए हो तुम najawta
निजात पा गए हो तुम مِنَ from mina
from ٱلْقَوْمِ उन लोगों से l-qawmi
उन लोगों से ٱلظَّـٰلِمِينَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimīna
जो ज़ालिम हैं ٢٥ (25)
(25)
तो आई उसके पास إِحْدَىٰهُمَا उन दोनों में से एक iḥ'dāhumā
उन दोनों में से एक تَمْشِى चलती हुई tamshī
चलती हुई عَلَى with ʿalā
with ٱسْتِحْيَآءٍۢ साथ हया के is'tiḥ'yāin
साथ हया के قَالَتْ वो कहने लगी qālat
वो कहने लगी إِنَّ बेशक inna
बेशक أَبِى मेरे वालिद abī
मेरे वालिद يَدْعُوكَ बुला रहे हैं तुम्हें yadʿūka
बुला रहे हैं तुम्हें لِيَجْزِيَكَ ताकि वो बदले में दें तुम्हें liyajziyaka
ताकि वो बदले में दें तुम्हें أَجْرَ उज्रत ajra
उज्रत مَا उसकी जो mā
उसकी जो سَقَيْتَ पानी पिलाया तू ने saqayta
पानी पिलाया तू ने لَنَا ۚ हमारे लिए lanā
हमारे लिए فَلَمَّا तो जब falammā
तो जब جَآءَهُۥ वो आ गया उसके पास jāahu
वो आ गया उसके पास وَقَصَّ और उसने बयान किया waqaṣṣa
और उसने बयान किया عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर ٱلْقَصَصَ क़िस्सा l-qaṣaṣa
क़िस्सा قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा لَا (Do) not lā
(Do) not تَخَفْ ۖ ना तुम डरो takhaf
ना तुम डरो نَجَوْتَ निजात पा गए हो तुम najawta
निजात पा गए हो तुम مِنَ from mina
from ٱلْقَوْمِ उन लोगों से l-qawmi
उन लोगों से ٱلظَّـٰلِمِينَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimīna
जो ज़ालिम हैं ٢٥ (25)
(25)
फिर दोनों में से एक बहुत लज्जा के साथ चलती हुई उसके पास आई। उसने कहा : निःसंदेह मेरे पिता1 आपको बुला रहे हैं। ताकि आपको उसका बदला दें जो आपने हमारे लिए (जानवरों को) पानी पिलाया है। तो जब वह (मूसा) उसके पास आया और उसे पूरी स्थिति बताई, तो उसने कहा : डरो मत, तुम उन ज़ालिम लोगों2 से बच निकले हो।
२८:२६
قَالَتْ
कहा
qālat
कहा إِحْدَىٰهُمَا उन दोनों में से एक ने iḥ'dāhumā
उन दोनों में से एक ने يَـٰٓأَبَتِ ऐ मेरे अब्बाजान yāabati
ऐ मेरे अब्बाजान ٱسْتَـْٔجِرْهُ ۖ उज्रत पर रख लीजिए उसे is'tajir'hu
उज्रत पर रख लीजिए उसे إِنَّ बेशक inna
बेशक خَيْرَ बेहतरीन khayra
बेहतरीन مَنِ वो जिसे mani
वो जिसे ٱسْتَـْٔجَرْتَ उज्रत पर रखें आप is'tajarta
उज्रत पर रखें आप ٱلْقَوِىُّ जो मज़बूत है l-qawiyu
जो मज़बूत है ٱلْأَمِينُ अमानतदार है l-amīnu
अमानतदार है ٢٦ (26)
(26)
कहा إِحْدَىٰهُمَا उन दोनों में से एक ने iḥ'dāhumā
उन दोनों में से एक ने يَـٰٓأَبَتِ ऐ मेरे अब्बाजान yāabati
ऐ मेरे अब्बाजान ٱسْتَـْٔجِرْهُ ۖ उज्रत पर रख लीजिए उसे is'tajir'hu
उज्रत पर रख लीजिए उसे إِنَّ बेशक inna
बेशक خَيْرَ बेहतरीन khayra
बेहतरीन مَنِ वो जिसे mani
वो जिसे ٱسْتَـْٔجَرْتَ उज्रत पर रखें आप is'tajarta
उज्रत पर रखें आप ٱلْقَوِىُّ जो मज़बूत है l-qawiyu
जो मज़बूत है ٱلْأَمِينُ अमानतदार है l-amīnu
अमानतदार है ٢٦ (26)
(26)
उन दोनों स्त्रियों में से एक ने कहा : ऐ मेरे पिता! इसे मज़दूरी पर रख लें, क्योंकि सबसे अच्छा व्यक्ति जिसे आप मज़दूरी पर रखें वही है जो शक्तिशाली, अमानतदार हो।
२८:२७
قَالَ
उसने कहा
qāla
उसने कहा إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أُرِيدُ मैं चाहता हूँ urīdu
मैं चाहता हूँ أَنْ कि an
कि أُنكِحَكَ मैं निकाह कर दूँ तुम से unkiḥaka
मैं निकाह कर दूँ तुम से إِحْدَى एक का iḥ'dā
एक का ٱبْنَتَىَّ अपनी दोनों बेटियों में से ib'natayya
अपनी दोनों बेटियों में से هَـٰتَيْنِ इन दो hātayni
इन दो عَلَىٰٓ इस (शर्त) पर ʿalā
इस (शर्त) पर أَن कि an
कि تَأْجُرَنِى तुम मज़दूरी करो मेरी tajuranī
तुम मज़दूरी करो मेरी ثَمَـٰنِىَ आठ thamāniya
आठ حِجَجٍۢ ۖ साल ḥijajin
साल فَإِنْ फिर अगर fa-in
फिर अगर أَتْمَمْتَ पूरे कर दो तुम atmamta
पूरे कर दो तुम عَشْرًۭا दस(साल) ʿashran
दस(साल) فَمِنْ then from famin
then from عِندِكَ ۖ तो तुम्हारी तरफ़ से है ʿindika
तो तुम्हारी तरफ़ से है وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं أُرِيدُ मैं चाहता urīdu
मैं चाहता أَنْ कि an
कि أَشُقَّ मैं मशक़्क़त डालूँ ashuqqa
मैं मशक़्क़त डालूँ عَلَيْكَ ۚ तुम पर ʿalayka
तुम पर سَتَجِدُنِىٓ यक़ीनन तुम पाओगे मुझे satajidunī
यक़ीनन तुम पाओगे मुझे إِن अगर in
अगर شَآءَ चाहा shāa
चाहा ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مِنَ of mina
of ٱلصَّـٰلِحِينَ नेक लोगों में से l-ṣāliḥīna
नेक लोगों में से ٢٧ (27)
(27)
उसने कहा إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أُرِيدُ मैं चाहता हूँ urīdu
मैं चाहता हूँ أَنْ कि an
कि أُنكِحَكَ मैं निकाह कर दूँ तुम से unkiḥaka
मैं निकाह कर दूँ तुम से إِحْدَى एक का iḥ'dā
एक का ٱبْنَتَىَّ अपनी दोनों बेटियों में से ib'natayya
अपनी दोनों बेटियों में से هَـٰتَيْنِ इन दो hātayni
इन दो عَلَىٰٓ इस (शर्त) पर ʿalā
इस (शर्त) पर أَن कि an
कि تَأْجُرَنِى तुम मज़दूरी करो मेरी tajuranī
तुम मज़दूरी करो मेरी ثَمَـٰنِىَ आठ thamāniya
आठ حِجَجٍۢ ۖ साल ḥijajin
साल فَإِنْ फिर अगर fa-in
फिर अगर أَتْمَمْتَ पूरे कर दो तुम atmamta
पूरे कर दो तुम عَشْرًۭا दस(साल) ʿashran
दस(साल) فَمِنْ then from famin
then from عِندِكَ ۖ तो तुम्हारी तरफ़ से है ʿindika
तो तुम्हारी तरफ़ से है وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं أُرِيدُ मैं चाहता urīdu
मैं चाहता أَنْ कि an
कि أَشُقَّ मैं मशक़्क़त डालूँ ashuqqa
मैं मशक़्क़त डालूँ عَلَيْكَ ۚ तुम पर ʿalayka
तुम पर سَتَجِدُنِىٓ यक़ीनन तुम पाओगे मुझे satajidunī
यक़ीनन तुम पाओगे मुझे إِن अगर in
अगर شَآءَ चाहा shāa
चाहा ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مِنَ of mina
of ٱلصَّـٰلِحِينَ नेक लोगों में से l-ṣāliḥīna
नेक लोगों में से ٢٧ (27)
(27)
उसने कहा : निःसंदेह मैं चाहता हूँ कि अपनी इन दो बेटियों में से एक का विवाह तुमसे कर दूँ, इस (शर्त) पर कि तुम आठ वर्ष मेरी मज़दूरी करोगे। फिर यदि तुम दस (वर्ष) पूरे कर दो, तो वह तुम्हारी ओर से है और मैं नहीं चाहता कि तुमपर बोझ डालूँ। यदि अल्लाह ने चाहा, तो तुम मुझे सदाचारियों में से पाओगे।
२८:२८
قَالَ
उसने कहा
qāla
उसने कहा ذَٰلِكَ ये(बात तय) है dhālika
ये(बात तय) है بَيْنِى दर्मियान मेरे baynī
दर्मियान मेरे وَبَيْنَكَ ۖ और दर्मियान तुम्हारे wabaynaka
और दर्मियान तुम्हारे أَيَّمَا जो भी ayyamā
जो भी ٱلْأَجَلَيْنِ दो मुद्दतों में से l-ajalayni
दो मुद्दतों में से قَضَيْتُ मैं पूरी कर दूँ qaḍaytu
मैं पूरी कर दूँ فَلَا तो ना होगी falā
तो ना होगी عُدْوَٰنَ कोई ज़्यादती ʿud'wāna
कोई ज़्यादती عَلَىَّ ۖ मुझ पर ʿalayya
मुझ पर وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर مَا उसके जो mā
उसके जो نَقُولُ हम कह रहे हैं naqūlu
हम कह रहे हैं وَكِيلٌۭ निगरान है wakīlun
निगरान है ٢٨ (28)
(28)
उसने कहा ذَٰلِكَ ये(बात तय) है dhālika
ये(बात तय) है بَيْنِى दर्मियान मेरे baynī
दर्मियान मेरे وَبَيْنَكَ ۖ और दर्मियान तुम्हारे wabaynaka
और दर्मियान तुम्हारे أَيَّمَا जो भी ayyamā
जो भी ٱلْأَجَلَيْنِ दो मुद्दतों में से l-ajalayni
दो मुद्दतों में से قَضَيْتُ मैं पूरी कर दूँ qaḍaytu
मैं पूरी कर दूँ فَلَا तो ना होगी falā
तो ना होगी عُدْوَٰنَ कोई ज़्यादती ʿud'wāna
कोई ज़्यादती عَلَىَّ ۖ मुझ पर ʿalayya
मुझ पर وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर مَا उसके जो mā
उसके जो نَقُولُ हम कह रहे हैं naqūlu
हम कह रहे हैं وَكِيلٌۭ निगरान है wakīlun
निगरान है ٢٨ (28)
(28)
(मूसा ने) कहा : यह मेरे और आपके बीच (निश्चित) है। इन दोनों में से जो अवधि मैं पूरी कर दूँ, तो मुझपर कोई अति न होगी। और हम जो कुछ कह रहे हैं उसपर अल्लाह गवाह है।
२८:२९
۞ فَلَمَّا
तो जब
falammā
तो जब قَضَىٰ पूरी की qaḍā
पूरी की مُوسَى मूसा ने mūsā
मूसा ने ٱلْأَجَلَ मुक़र्रर मुद्दत l-ajala
मुक़र्रर मुद्दत وَسَارَ और वो ले चला wasāra
और वो ले चला بِأَهْلِهِۦٓ अपने घर वालों को bi-ahlihi
अपने घर वालों को ءَانَسَ उसने देखी ānasa
उसने देखी مِن in min
in جَانِبِ (the) direction jānibi
(the) direction ٱلطُّورِ तूर की जानिब से l-ṭūri
तूर की जानिब से نَارًۭا एक आग nāran
एक आग قَالَ कहा qāla
कहा لِأَهْلِهِ अपने घर वालों से li-ahlihi
अपने घर वालों से ٱمْكُثُوٓا۟ ठहर जाओ um'kuthū
ठहर जाओ إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं ءَانَسْتُ देखी है मैं ने ānastu
देखी है मैं ने نَارًۭا एक आग nāran
एक आग لَّعَلِّىٓ शायद कि मैं laʿallī
शायद कि मैं ءَاتِيكُم मैं लाऊँ तुम्हारे पास ātīkum
मैं लाऊँ तुम्हारे पास مِّنْهَا उसमें से min'hā
उसमें से بِخَبَرٍ कोई ख़बर bikhabarin
कोई ख़बर أَوْ या aw
या جَذْوَةٍۢ कोई अँगारा jadhwatin
कोई अँगारा مِّنَ from mina
from ٱلنَّارِ आग से l-nāri
आग से لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَصْطَلُونَ तुम ताप सको taṣṭalūna
तुम ताप सको ٢٩ (29)
(29)
तो जब قَضَىٰ पूरी की qaḍā
पूरी की مُوسَى मूसा ने mūsā
मूसा ने ٱلْأَجَلَ मुक़र्रर मुद्दत l-ajala
मुक़र्रर मुद्दत وَسَارَ और वो ले चला wasāra
और वो ले चला بِأَهْلِهِۦٓ अपने घर वालों को bi-ahlihi
अपने घर वालों को ءَانَسَ उसने देखी ānasa
उसने देखी مِن in min
in جَانِبِ (the) direction jānibi
(the) direction ٱلطُّورِ तूर की जानिब से l-ṭūri
तूर की जानिब से نَارًۭا एक आग nāran
एक आग قَالَ कहा qāla
कहा لِأَهْلِهِ अपने घर वालों से li-ahlihi
अपने घर वालों से ٱمْكُثُوٓا۟ ठहर जाओ um'kuthū
ठहर जाओ إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं ءَانَسْتُ देखी है मैं ने ānastu
देखी है मैं ने نَارًۭا एक आग nāran
एक आग لَّعَلِّىٓ शायद कि मैं laʿallī
शायद कि मैं ءَاتِيكُم मैं लाऊँ तुम्हारे पास ātīkum
मैं लाऊँ तुम्हारे पास مِّنْهَا उसमें से min'hā
उसमें से بِخَبَرٍ कोई ख़बर bikhabarin
कोई ख़बर أَوْ या aw
या جَذْوَةٍۢ कोई अँगारा jadhwatin
कोई अँगारा مِّنَ from mina
from ٱلنَّارِ आग से l-nāri
आग से لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम تَصْطَلُونَ तुम ताप सको taṣṭalūna
तुम ताप सको ٢٩ (29)
(29)
फिर जब मूसा ने वह अवधि पूरी कर दी और अपने परिवार को लेकर चला, तो उसने तूर (पर्वत) की ओर से एक आग देखी। उसने अपने परिवार से कहा : ठहरो, मैंने एक आग देखी है, संभव है कि मैं तुम्हारे लिए उससे कोई समाचार ले आऊँ, या आग का कोई अंगारा, ताकि तुम ताप लो।
२८:३०
فَلَمَّآ
तो जब
falammā
तो जब أَتَىٰهَا वो आया उसके पास atāhā
वो आया उसके पास نُودِىَ वो पुकारा गया nūdiya
वो पुकारा गया مِن from min
from شَـٰطِئِ किनारे से shāṭi-i
किनारे से ٱلْوَادِ वादी के l-wādi
वादी के ٱلْأَيْمَنِ दाईं जानिब की l-aymani
दाईं जानिब की فِى in fī
in ٱلْبُقْعَةِ जगह में l-buq'ʿati
जगह में ٱلْمُبَـٰرَكَةِ बरकत वाली l-mubārakati
बरकत वाली مِنَ from mina
from ٱلشَّجَرَةِ दरख़्त में से l-shajarati
दरख़्त में से أَن कि an
कि يَـٰمُوسَىٰٓ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أَنَا मैं ही anā
मैं ही ٱللَّهُ अल्लाह हूँ l-lahu
अल्लाह हूँ رَبُّ रब rabbu
रब ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों का l-ʿālamīna
तमाम जहानों का ٣٠ (30)
(30)
तो जब أَتَىٰهَا वो आया उसके पास atāhā
वो आया उसके पास نُودِىَ वो पुकारा गया nūdiya
वो पुकारा गया مِن from min
from شَـٰطِئِ किनारे से shāṭi-i
किनारे से ٱلْوَادِ वादी के l-wādi
वादी के ٱلْأَيْمَنِ दाईं जानिब की l-aymani
दाईं जानिब की فِى in fī
in ٱلْبُقْعَةِ जगह में l-buq'ʿati
जगह में ٱلْمُبَـٰرَكَةِ बरकत वाली l-mubārakati
बरकत वाली مِنَ from mina
from ٱلشَّجَرَةِ दरख़्त में से l-shajarati
दरख़्त में से أَن कि an
कि يَـٰمُوسَىٰٓ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أَنَا मैं ही anā
मैं ही ٱللَّهُ अल्लाह हूँ l-lahu
अल्लाह हूँ رَبُّ रब rabbu
रब ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों का l-ʿālamīna
तमाम जहानों का ٣٠ (30)
(30)
फिर जब वह उसके पास आया, तो उस बरकत वाली जगह में घाटी के दाहिनी ओर से एक वृक्ष से आवाज़ दी गई : ऐ मूसा! निःसंदेह मैं ही अल्लाह हूँ, जो सारे संसारों का पालनहार है।
२८:३१
وَأَنْ
और ये कि
wa-an
और ये कि أَلْقِ तू डाल दे alqi
तू डाल दे عَصَاكَ ۖ लाठी अपनी ʿaṣāka
लाठी अपनी فَلَمَّا तो जब falammā
तो जब رَءَاهَا उसने देखा उसे raāhā
उसने देखा उसे تَهْتَزُّ कि व हिलती है tahtazzu
कि व हिलती है كَأَنَّهَا गोया कि वो ka-annahā
गोया कि वो جَآنٌّۭ साँप है jānnun
साँप है وَلَّىٰ वो फिर गया wallā
वो फिर गया مُدْبِرًۭا पीठ फेर कर mud'biran
पीठ फेर कर وَلَمْ और ना walam
और ना يُعَقِّبْ ۚ वो पलटा yuʿaqqib
वो पलटा يَـٰمُوسَىٰٓ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा أَقْبِلْ आगे बढ़ aqbil
आगे बढ़ وَلَا और ना walā
और ना تَخَفْ ۖ तू डर takhaf
तू डर إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू مِنَ (are) of mina
(are) of ٱلْـَٔامِنِينَ अमन पाने वालों में से है l-āminīna
अमन पाने वालों में से है ٣١ (31)
(31)
और ये कि أَلْقِ तू डाल दे alqi
तू डाल दे عَصَاكَ ۖ लाठी अपनी ʿaṣāka
लाठी अपनी فَلَمَّا तो जब falammā
तो जब رَءَاهَا उसने देखा उसे raāhā
उसने देखा उसे تَهْتَزُّ कि व हिलती है tahtazzu
कि व हिलती है كَأَنَّهَا गोया कि वो ka-annahā
गोया कि वो جَآنٌّۭ साँप है jānnun
साँप है وَلَّىٰ वो फिर गया wallā
वो फिर गया مُدْبِرًۭا पीठ फेर कर mud'biran
पीठ फेर कर وَلَمْ और ना walam
और ना يُعَقِّبْ ۚ वो पलटा yuʿaqqib
वो पलटा يَـٰمُوسَىٰٓ ऐ मूसा yāmūsā
ऐ मूसा أَقْبِلْ आगे बढ़ aqbil
आगे बढ़ وَلَا और ना walā
और ना تَخَفْ ۖ तू डर takhaf
तू डर إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू مِنَ (are) of mina
(are) of ٱلْـَٔامِنِينَ अमन पाने वालों में से है l-āminīna
अमन पाने वालों में से है ٣١ (31)
(31)
और यह कि अपनी लाठी फेंक दो। फिर जब उसने उसे देखा कि रेंग रही है, मानो वह एक साँप है, तो पीठ फेरकर चल दिया और पीछे नहीं मुड़ा। ऐ मूसा! आगे बढ़ो और डरो मत, निश्चित रूप से तुम सुरक्षित रहने वालों में से हो।
२८:३२
ٱسْلُكْ
दाख़िल कर
us'luk
दाख़िल कर يَدَكَ हाथ अपना yadaka
हाथ अपना فِى in fī
in جَيْبِكَ अपने गिरेबान में jaybika
अपने गिरेबान में تَخْرُجْ वो निकलेगा takhruj
वो निकलेगा بَيْضَآءَ सफ़ेद /चमकता हुआ bayḍāa
सफ़ेद /चमकता हुआ مِنْ without min
without غَيْرِ बग़ैर किसी ghayri
बग़ैर किसी سُوٓءٍۢ मर्ज़ /तक्लीफ़ के sūin
मर्ज़ /तक्लीफ़ के وَٱضْمُمْ और मिला ले wa-uḍ'mum
और मिला ले إِلَيْكَ अपनी तरफ़ ilayka
अपनी तरफ़ جَنَاحَكَ बाज़ू अपना janāḥaka
बाज़ू अपना مِنَ against mina
against ٱلرَّهْبِ ۖ ख़ौफ़ से(बचने के लिए) l-rahbi
ख़ौफ़ से(बचने के लिए) فَذَٰنِكَ तो ये दोनों fadhānika
तो ये दोनों بُرْهَـٰنَانِ दो निशानियाँ हैं bur'hānāni
दो निशानियाँ हैं مِن from min
from رَّبِّكَ तेरे रब की तरफ़ से rabbika
तेरे रब की तरफ़ से إِلَىٰ to ilā
to فِرْعَوْنَ तरफ़ फ़िरऔन fir'ʿawna
तरफ़ फ़िरऔन وَمَلَإِي۟هِۦٓ ۚ और उसके सरदारों के wamala-ihi
और उसके सरदारों के إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो كَانُوا۟ हैं वो kānū
हैं वो قَوْمًۭا लोग qawman
लोग فَـٰسِقِينَ फ़ासिक़ fāsiqīna
फ़ासिक़ ٣٢ (32)
(32)
दाख़िल कर يَدَكَ हाथ अपना yadaka
हाथ अपना فِى in fī
in جَيْبِكَ अपने गिरेबान में jaybika
अपने गिरेबान में تَخْرُجْ वो निकलेगा takhruj
वो निकलेगा بَيْضَآءَ सफ़ेद /चमकता हुआ bayḍāa
सफ़ेद /चमकता हुआ مِنْ without min
without غَيْرِ बग़ैर किसी ghayri
बग़ैर किसी سُوٓءٍۢ मर्ज़ /तक्लीफ़ के sūin
मर्ज़ /तक्लीफ़ के وَٱضْمُمْ और मिला ले wa-uḍ'mum
और मिला ले إِلَيْكَ अपनी तरफ़ ilayka
अपनी तरफ़ جَنَاحَكَ बाज़ू अपना janāḥaka
बाज़ू अपना مِنَ against mina
against ٱلرَّهْبِ ۖ ख़ौफ़ से(बचने के लिए) l-rahbi
ख़ौफ़ से(बचने के लिए) فَذَٰنِكَ तो ये दोनों fadhānika
तो ये दोनों بُرْهَـٰنَانِ दो निशानियाँ हैं bur'hānāni
दो निशानियाँ हैं مِن from min
from رَّبِّكَ तेरे रब की तरफ़ से rabbika
तेरे रब की तरफ़ से إِلَىٰ to ilā
to فِرْعَوْنَ तरफ़ फ़िरऔन fir'ʿawna
तरफ़ फ़िरऔन وَمَلَإِي۟هِۦٓ ۚ और उसके सरदारों के wamala-ihi
और उसके सरदारों के إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो كَانُوا۟ हैं वो kānū
हैं वो قَوْمًۭا लोग qawman
लोग فَـٰسِقِينَ फ़ासिक़ fāsiqīna
फ़ासिक़ ٣٢ (32)
(32)
अपना हाथ अपने गरीबान में डाल। वह बिना किसी दोष के सफेद (चमकदार) निकलेगा। और भय से (बचने के लिए) अपनी भुजा को अपनी ओर चिमटा ले। तो ये दोनों तेरे पालनहार की ओर से फ़िरऔन तथा उसके प्रमुखों के लिए दो प्रमाण हैं। निःसंदेह वे हमेशा से अवज्ञाकारी लोग हैं।
२८:३३
قَالَ
कहा
qāla
कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं قَتَلْتُ क़त्ल किया मैं ने qataltu
क़त्ल किया मैं ने مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से نَفْسًۭا एक शख़्स को nafsan
एक शख़्स को فَأَخَافُ तो मैं डरता हूँ fa-akhāfu
तो मैं डरता हूँ أَن कि an
कि يَقْتُلُونِ वो क़त्ल कर डालेंगे मुझे yaqtulūni
वो क़त्ल कर डालेंगे मुझे ٣٣ (33)
(33)
कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं قَتَلْتُ क़त्ल किया मैं ने qataltu
क़त्ल किया मैं ने مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से نَفْسًۭا एक शख़्स को nafsan
एक शख़्स को فَأَخَافُ तो मैं डरता हूँ fa-akhāfu
तो मैं डरता हूँ أَن कि an
कि يَقْتُلُونِ वो क़त्ल कर डालेंगे मुझे yaqtulūni
वो क़त्ल कर डालेंगे मुझे ٣٣ (33)
(33)
उसने कहा : ऐ मेरे पालनहार! मैंने उनमें से एक व्यक्ति को क़त्ल किया है। इसलिए मैं डरता हूँ कि वे मुझे मार देंगे।
२८:३४
وَأَخِى
और मेरा भाई
wa-akhī
और मेरा भाई هَـٰرُونُ हारून hārūnu
हारून هُوَ वो huwa
वो أَفْصَحُ ज़्यादा फ़सीह है afṣaḥu
ज़्यादा फ़सीह है مِنِّى मुझसे minnī
मुझसे لِسَانًۭا ज़बान में lisānan
ज़बान में فَأَرْسِلْهُ तो भेज दे उसे fa-arsil'hu
तो भेज दे उसे مَعِىَ मेरे साथ maʿiya
मेरे साथ رِدْءًۭا मददगार के तौर पर rid'an
मददगार के तौर पर يُصَدِّقُنِىٓ ۖ वो तस्दीक़ करे मेरी yuṣaddiqunī
वो तस्दीक़ करे मेरी إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أَخَافُ मैं डरता हूँ akhāfu
मैं डरता हूँ أَن कि an
कि يُكَذِّبُونِ वो झुठला देंगे मुझे yukadhibūni
वो झुठला देंगे मुझे ٣٤ (34)
(34)
और मेरा भाई هَـٰرُونُ हारून hārūnu
हारून هُوَ वो huwa
वो أَفْصَحُ ज़्यादा फ़सीह है afṣaḥu
ज़्यादा फ़सीह है مِنِّى मुझसे minnī
मुझसे لِسَانًۭا ज़बान में lisānan
ज़बान में فَأَرْسِلْهُ तो भेज दे उसे fa-arsil'hu
तो भेज दे उसे مَعِىَ मेरे साथ maʿiya
मेरे साथ رِدْءًۭا मददगार के तौर पर rid'an
मददगार के तौर पर يُصَدِّقُنِىٓ ۖ वो तस्दीक़ करे मेरी yuṣaddiqunī
वो तस्दीक़ करे मेरी إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أَخَافُ मैं डरता हूँ akhāfu
मैं डरता हूँ أَن कि an
कि يُكَذِّبُونِ वो झुठला देंगे मुझे yukadhibūni
वो झुठला देंगे मुझे ٣٤ (34)
(34)
और मेरा भाई हारून, वह ज़बान में मुझसे अधिक वाक्पटु है। अतः उसे मेरे साथ सहायक बनाकर भेज कि वह मेरी तसदीक़ करे। निःसंदेह मैं डरता हूँ कि वे मुझे झुठला देंगे।
२८:३५
قَالَ
फ़रमाया
qāla
फ़रमाया سَنَشُدُّ अनक़रीब हम मज़बूत करेंगे sanashuddu
अनक़रीब हम मज़बूत करेंगे عَضُدَكَ बाज़ू तेरा ʿaḍudaka
बाज़ू तेरा بِأَخِيكَ साथ तेरे भाई के bi-akhīka
साथ तेरे भाई के وَنَجْعَلُ और हम बना देंगे wanajʿalu
और हम बना देंगे لَكُمَا तुम दोनों के लिए lakumā
तुम दोनों के लिए سُلْطَـٰنًۭا ग़ल्बा sul'ṭānan
ग़ल्बा فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं يَصِلُونَ वो पहुँचेंगे yaṣilūna
वो पहुँचेंगे إِلَيْكُمَا ۚ तरफ़ तुम दोनों के ilaykumā
तरफ़ तुम दोनों के بِـَٔايَـٰتِنَآ साथ हमारी निशानियों के biāyātinā
साथ हमारी निशानियों के أَنتُمَا तुम दोनों antumā
तुम दोनों وَمَنِ और जो wamani
और जो ٱتَّبَعَكُمَا पैरवी करे तुम दोनों की ittabaʿakumā
पैरवी करे तुम दोनों की ٱلْغَـٰلِبُونَ ग़ालिब आने वाले हो l-ghālibūna
ग़ालिब आने वाले हो ٣٥ (35)
(35)
फ़रमाया سَنَشُدُّ अनक़रीब हम मज़बूत करेंगे sanashuddu
अनक़रीब हम मज़बूत करेंगे عَضُدَكَ बाज़ू तेरा ʿaḍudaka
बाज़ू तेरा بِأَخِيكَ साथ तेरे भाई के bi-akhīka
साथ तेरे भाई के وَنَجْعَلُ और हम बना देंगे wanajʿalu
और हम बना देंगे لَكُمَا तुम दोनों के लिए lakumā
तुम दोनों के लिए سُلْطَـٰنًۭا ग़ल्बा sul'ṭānan
ग़ल्बा فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं يَصِلُونَ वो पहुँचेंगे yaṣilūna
वो पहुँचेंगे إِلَيْكُمَا ۚ तरफ़ तुम दोनों के ilaykumā
तरफ़ तुम दोनों के بِـَٔايَـٰتِنَآ साथ हमारी निशानियों के biāyātinā
साथ हमारी निशानियों के أَنتُمَا तुम दोनों antumā
तुम दोनों وَمَنِ और जो wamani
और जो ٱتَّبَعَكُمَا पैरवी करे तुम दोनों की ittabaʿakumā
पैरवी करे तुम दोनों की ٱلْغَـٰلِبُونَ ग़ालिब आने वाले हो l-ghālibūna
ग़ालिब आने वाले हो ٣٥ (35)
(35)
फरमाया : हम तेरे भाई के साथ तेरा हाथ अवश्य मज़बूत करेंगे और तुम दोनों को प्रभुता प्रदान करेंगे। अतः वे तुम दोनों तक नहीं पहुँच सकेंगे। हमारी निशानियों के कारण तुम दोनों और जिन्होंने तुम्हारा अनुसरण किया, प्रभावी रहने वाले हो।
२८:३६
فَلَمَّا
फिर जब
falammā
फिर जब جَآءَهُم आया उनके पास jāahum
आया उनके पास مُّوسَىٰ मूसा mūsā
मूसा بِـَٔايَـٰتِنَا साथ हमारी निशानियों के biāyātinā
साथ हमारी निशानियों के بَيِّنَـٰتٍۢ खुली-खुली bayyinātin
खुली-खुली قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा مَا नहीं mā
नहीं هَـٰذَآ ये hādhā
ये إِلَّا मगर illā
मगर سِحْرٌۭ एक जादू है siḥ'run
एक जादू है مُّفْتَرًۭى बनावटी/गढ़ा हुआ muf'taran
बनावटी/गढ़ा हुआ وَمَا और नहीं wamā
और नहीं سَمِعْنَا सुना हमने samiʿ'nā
सुना हमने بِهَـٰذَا इसके बारे में bihādhā
इसके बारे में فِىٓ among fī
among ءَابَآئِنَا अपने आबा ओ अजदाद में ābāinā
अपने आबा ओ अजदाद में ٱلْأَوَّلِينَ जो पहले(गुज़रे) l-awalīna
जो पहले(गुज़रे) ٣٦ (36)
(36)
फिर जब جَآءَهُم आया उनके पास jāahum
आया उनके पास مُّوسَىٰ मूसा mūsā
मूसा بِـَٔايَـٰتِنَا साथ हमारी निशानियों के biāyātinā
साथ हमारी निशानियों के بَيِّنَـٰتٍۢ खुली-खुली bayyinātin
खुली-खुली قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा مَا नहीं mā
नहीं هَـٰذَآ ये hādhā
ये إِلَّا मगर illā
मगर سِحْرٌۭ एक जादू है siḥ'run
एक जादू है مُّفْتَرًۭى बनावटी/गढ़ा हुआ muf'taran
बनावटी/गढ़ा हुआ وَمَا और नहीं wamā
और नहीं سَمِعْنَا सुना हमने samiʿ'nā
सुना हमने بِهَـٰذَا इसके बारे में bihādhā
इसके बारे में فِىٓ among fī
among ءَابَآئِنَا अपने आबा ओ अजदाद में ābāinā
अपने आबा ओ अजदाद में ٱلْأَوَّلِينَ जो पहले(गुज़रे) l-awalīna
जो पहले(गुज़रे) ٣٦ (36)
(36)
फिर जब मूसा उनके पास हमारी खुली निशानियाँ लेकर आए, तो उन्होंने कहा : यह तो बस एक मनगढ़ंत जादू है और हमने इसे अपने पहले बाप-दादों में नहीं सुना।
२८:३७
وَقَالَ
और कहा
waqāla
और कहा مُوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने رَبِّىٓ मेरा रब rabbī
मेरा रब أَعْلَمُ ज़्यादा जानता है aʿlamu
ज़्यादा जानता है بِمَن उसे जो biman
उसे जो جَآءَ लाया है jāa
लाया है بِٱلْهُدَىٰ हिदायत bil-hudā
हिदायत مِنْ from Him min
from Him عِندِهِۦ उसके पास से ʿindihi
उसके पास से وَمَن और उसे जो waman
और उसे जो تَكُونُ है takūnu
है لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए عَـٰقِبَةُ (अच्छा) अंजाम ʿāqibatu
(अच्छा) अंजाम ٱلدَّارِ ۖ घर का(आख़िरत के) l-dāri
घर का(आख़िरत के) إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो لَا not lā
not يُفْلِحُ नहीं वो फ़लाह पाते yuf'liḥu
नहीं वो फ़लाह पाते ٱلظَّـٰلِمُونَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimūna
जो ज़ालिम हैं ٣٧ (37)
(37)
और कहा مُوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने رَبِّىٓ मेरा रब rabbī
मेरा रब أَعْلَمُ ज़्यादा जानता है aʿlamu
ज़्यादा जानता है بِمَن उसे जो biman
उसे जो جَآءَ लाया है jāa
लाया है بِٱلْهُدَىٰ हिदायत bil-hudā
हिदायत مِنْ from Him min
from Him عِندِهِۦ उसके पास से ʿindihi
उसके पास से وَمَن और उसे जो waman
और उसे जो تَكُونُ है takūnu
है لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए عَـٰقِبَةُ (अच्छा) अंजाम ʿāqibatu
(अच्छा) अंजाम ٱلدَّارِ ۖ घर का(आख़िरत के) l-dāri
घर का(आख़िरत के) إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो لَا not lā
not يُفْلِحُ नहीं वो फ़लाह पाते yuf'liḥu
नहीं वो फ़लाह पाते ٱلظَّـٰلِمُونَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimūna
जो ज़ालिम हैं ٣٧ (37)
(37)
तथा मूसा ने कहा : मेरा पालनहार उसे अधिक जानने वाला है जो उसके पास से मार्गदर्शन लेकर आया और उसको भी जिसके लिए (आख़िरत के) घर का परिणाम अच्छा होगा। निःसंदेह सत्य यह है कि अत्याचारी सफल नहीं होते।
२८:३८
وَقَالَ
और कहा
waqāla
और कहा فِرْعَوْنُ फ़िरऔन ने fir'ʿawnu
फ़िरऔन ने يَـٰٓأَيُّهَا O chiefs yāayyuhā
O chiefs ٱلْمَلَأُ ऐ अहले दरबार l-mala-u
ऐ अहले दरबार مَا नहीं mā
नहीं عَلِمْتُ जानता मैं ʿalim'tu
जानता मैं لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّنْ any min
any إِلَـٰهٍ कोई इलाह ilāhin
कोई इलाह غَيْرِى अपने सिवा ghayrī
अपने सिवा فَأَوْقِدْ पस जलाओ(आग) fa-awqid
पस जलाओ(आग) لِى मेरे लिए lī
मेरे लिए يَـٰهَـٰمَـٰنُ ऐ हामान yāhāmānu
ऐ हामान عَلَى Upon ʿalā
Upon ٱلطِّينِ मिट्टी पर l-ṭīni
मिट्टी पर فَٱجْعَل फिर बनाओ fa-ij'ʿal
फिर बनाओ لِّى मेरे लिए lī
मेरे लिए صَرْحًۭا एक बुलन्द इमारत ṣarḥan
एक बुलन्द इमारत لَّعَلِّىٓ शायद कि मैं laʿallī
शायद कि मैं أَطَّلِعُ मैं झाँकूँ aṭṭaliʿu
मैं झाँकूँ إِلَىٰٓ at ilā
at إِلَـٰهِ (the) God ilāhi
(the) God مُوسَىٰ तरफ़ मूसा के इलाह के mūsā
तरफ़ मूसा के इलाह के وَإِنِّى और बेशक मैं wa-innī
और बेशक मैं لَأَظُنُّهُۥ अलबत्ता नैं समझता हूँ उसे la-aẓunnuhu
अलबत्ता नैं समझता हूँ उसे مِنَ (is) of mina
(is) of ٱلْكَـٰذِبِينَ झूठों में से l-kādhibīna
झूठों में से ٣٨ (38)
(38)
और कहा فِرْعَوْنُ फ़िरऔन ने fir'ʿawnu
फ़िरऔन ने يَـٰٓأَيُّهَا O chiefs yāayyuhā
O chiefs ٱلْمَلَأُ ऐ अहले दरबार l-mala-u
ऐ अहले दरबार مَا नहीं mā
नहीं عَلِمْتُ जानता मैं ʿalim'tu
जानता मैं لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّنْ any min
any إِلَـٰهٍ कोई इलाह ilāhin
कोई इलाह غَيْرِى अपने सिवा ghayrī
अपने सिवा فَأَوْقِدْ पस जलाओ(आग) fa-awqid
पस जलाओ(आग) لِى मेरे लिए lī
मेरे लिए يَـٰهَـٰمَـٰنُ ऐ हामान yāhāmānu
ऐ हामान عَلَى Upon ʿalā
Upon ٱلطِّينِ मिट्टी पर l-ṭīni
मिट्टी पर فَٱجْعَل फिर बनाओ fa-ij'ʿal
फिर बनाओ لِّى मेरे लिए lī
मेरे लिए صَرْحًۭا एक बुलन्द इमारत ṣarḥan
एक बुलन्द इमारत لَّعَلِّىٓ शायद कि मैं laʿallī
शायद कि मैं أَطَّلِعُ मैं झाँकूँ aṭṭaliʿu
मैं झाँकूँ إِلَىٰٓ at ilā
at إِلَـٰهِ (the) God ilāhi
(the) God مُوسَىٰ तरफ़ मूसा के इलाह के mūsā
तरफ़ मूसा के इलाह के وَإِنِّى और बेशक मैं wa-innī
और बेशक मैं لَأَظُنُّهُۥ अलबत्ता नैं समझता हूँ उसे la-aẓunnuhu
अलबत्ता नैं समझता हूँ उसे مِنَ (is) of mina
(is) of ٱلْكَـٰذِبِينَ झूठों में से l-kādhibīna
झूठों में से ٣٨ (38)
(38)
तथा फ़िरऔन ने कहा : ऐ प्रमुखो! मैंने अपने सिवा तुम्हारे लिए कोई पूज्य नहीं जाना। तो ऐ हामान! मेरे लिए मिट्टी पर आग जला, फिर मेरे लिए एक ऊँचा भवन बना, ताकि मैं मूसा के पूज्य को झाँककर देखूँ। और निःसंदेह मैं निश्चय उसे झूठों में से समझता हूँ।
२८:३९
وَٱسْتَكْبَرَ
और तकब्बुर किया
wa-is'takbara
और तकब्बुर किया هُوَ उसने huwa
उसने وَجُنُودُهُۥ और उसके लश्करों ने wajunūduhu
और उसके लश्करों ने فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर ٱلْحَقِّ हक़ के l-ḥaqi
हक़ के وَظَنُّوٓا۟ और वो समझते थे waẓannū
और वो समझते थे أَنَّهُمْ बेशक वो annahum
बेशक वो إِلَيْنَا हमारी तरफ़ ilaynā
हमारी तरफ़ لَا not lā
not يُرْجَعُونَ ना वो लौटाए जाऐंगे yur'jaʿūna
ना वो लौटाए जाऐंगे ٣٩ (39)
(39)
और तकब्बुर किया هُوَ उसने huwa
उसने وَجُنُودُهُۥ और उसके लश्करों ने wajunūduhu
और उसके लश्करों ने فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर ٱلْحَقِّ हक़ के l-ḥaqi
हक़ के وَظَنُّوٓا۟ और वो समझते थे waẓannū
और वो समझते थे أَنَّهُمْ बेशक वो annahum
बेशक वो إِلَيْنَا हमारी तरफ़ ilaynā
हमारी तरफ़ لَا not lā
not يُرْجَعُونَ ना वो लौटाए जाऐंगे yur'jaʿūna
ना वो लौटाए जाऐंगे ٣٩ (39)
(39)
तथा वह और उसकी सेना बिना किसी अधिकार के देश में बड़े बन बैठे और उन्होंने सोचा कि निश्चित रूप से वे हमारे पास वापस नहीं लाए जाएँगे।
२८:४०
فَأَخَذْنَـٰهُ
तो पकड़ लिया हमने उसे
fa-akhadhnāhu
तो पकड़ लिया हमने उसे وَجُنُودَهُۥ और उसके लश्करों को wajunūdahu
और उसके लश्करों को فَنَبَذْنَـٰهُمْ फिर फेंक दिया हमने उन्हें fanabadhnāhum
फिर फेंक दिया हमने उन्हें فِى in fī
in ٱلْيَمِّ ۖ दरया में l-yami
दरया में فَٱنظُرْ तो देखो fa-unẓur
तो देखो كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह كَانَ हुआ kāna
हुआ عَـٰقِبَةُ अंजाम ʿāqibatu
अंजाम ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों का l-ẓālimīna
ज़ालिमों का ٤٠ (40)
(40)
तो पकड़ लिया हमने उसे وَجُنُودَهُۥ और उसके लश्करों को wajunūdahu
और उसके लश्करों को فَنَبَذْنَـٰهُمْ फिर फेंक दिया हमने उन्हें fanabadhnāhum
फिर फेंक दिया हमने उन्हें فِى in fī
in ٱلْيَمِّ ۖ दरया में l-yami
दरया में فَٱنظُرْ तो देखो fa-unẓur
तो देखो كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह كَانَ हुआ kāna
हुआ عَـٰقِبَةُ अंजाम ʿāqibatu
अंजाम ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों का l-ẓālimīna
ज़ालिमों का ٤٠ (40)
(40)
तो हमने उसे और उसकी सेनाओं को पकड़ लिया, फिर उन्हें समुद्र में फेंक दिया। तो देखो कि अत्याचारियों का अंत (परिणाम) कैसा था।
२८:४१
وَجَعَلْنَـٰهُمْ
और बनाया हमने उन्हें
wajaʿalnāhum
और बनाया हमने उन्हें أَئِمَّةًۭ इमाम/राहनुमा a-immatan
इमाम/राहनुमा يَدْعُونَ जो बुलाते थे yadʿūna
जो बुलाते थे إِلَى to ilā
to ٱلنَّارِ ۖ तरफ़ आग के l-nāri
तरफ़ आग के وَيَوْمَ और दिन wayawma
और दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के لَا not lā
not يُنصَرُونَ ना वो मदद दिए जाऐंगे yunṣarūna
ना वो मदद दिए जाऐंगे ٤١ (41)
(41)
और बनाया हमने उन्हें أَئِمَّةًۭ इमाम/राहनुमा a-immatan
इमाम/राहनुमा يَدْعُونَ जो बुलाते थे yadʿūna
जो बुलाते थे إِلَى to ilā
to ٱلنَّارِ ۖ तरफ़ आग के l-nāri
तरफ़ आग के وَيَوْمَ और दिन wayawma
और दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के لَا not lā
not يُنصَرُونَ ना वो मदद दिए जाऐंगे yunṣarūna
ना वो मदद दिए जाऐंगे ٤١ (41)
(41)
और हमने उन्हें ऐसे अगवा बनाया, जो आग की ओर बुलाते थे और क़ियामत के दिन उनकी मदद नहीं की जाएगी।
२८:४२
وَأَتْبَعْنَـٰهُمْ
और पीछे लगा दी हमने उनके
wa-atbaʿnāhum
और पीछे लगा दी हमने उनके فِى in fī
in هَـٰذِهِ this hādhihi
this ٱلدُّنْيَا इस दुनिया में l-dun'yā
इस दुनिया में لَعْنَةًۭ ۖ लानत laʿnatan
लानत وَيَوْمَ और दिन wayawma
और दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के هُم वो hum
वो مِّنَ (will be) of mina
(will be) of ٱلْمَقْبُوحِينَ बदहाल लोगों में से होंगे l-maqbūḥīna
बदहाल लोगों में से होंगे ٤٢ (42)
(42)
और पीछे लगा दी हमने उनके فِى in fī
in هَـٰذِهِ this hādhihi
this ٱلدُّنْيَا इस दुनिया में l-dun'yā
इस दुनिया में لَعْنَةًۭ ۖ लानत laʿnatan
लानत وَيَوْمَ और दिन wayawma
और दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के هُم वो hum
वो مِّنَ (will be) of mina
(will be) of ٱلْمَقْبُوحِينَ बदहाल लोगों में से होंगे l-maqbūḥīna
बदहाल लोगों में से होंगे ٤٢ (42)
(42)
और हमने इस संसार में उनके पीछे धिक्कार लगा दी और क़ियामत के दिन वे ठुकराए गए लोगों में से होंगे।
२८:४३
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ ءَاتَيْنَا दी हमने ātaynā
दी हमने مُوسَى मूसा को mūsā
मूसा को ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब مِنۢ after [what] min
after [what] بَعْدِ इसके बाद कि baʿdi
इसके बाद कि مَآ जो mā
जो أَهْلَكْنَا हलाक कर दिया हमने ahlaknā
हलाक कर दिया हमने ٱلْقُرُونَ the generations l-qurūna
the generations ٱلْأُولَىٰ पहली उम्मतों को l-ūlā
पहली उम्मतों को بَصَآئِرَ खुले दलाइल थे baṣāira
खुले दलाइल थे لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए وَهُدًۭى और हिदायत wahudan
और हिदायत وَرَحْمَةًۭ और रहमत थी waraḥmatan
और रहमत थी لَّعَلَّهُمْ ताकि वो laʿallahum
ताकि वो يَتَذَكَّرُونَ वो नसीहत पकड़ें yatadhakkarūna
वो नसीहत पकड़ें ٤٣ (43)
(43)
और अलबत्ता तहक़ीक़ ءَاتَيْنَا दी हमने ātaynā
दी हमने مُوسَى मूसा को mūsā
मूसा को ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब مِنۢ after [what] min
after [what] بَعْدِ इसके बाद कि baʿdi
इसके बाद कि مَآ जो mā
जो أَهْلَكْنَا हलाक कर दिया हमने ahlaknā
हलाक कर दिया हमने ٱلْقُرُونَ the generations l-qurūna
the generations ٱلْأُولَىٰ पहली उम्मतों को l-ūlā
पहली उम्मतों को بَصَآئِرَ खुले दलाइल थे baṣāira
खुले दलाइल थे لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए وَهُدًۭى और हिदायत wahudan
और हिदायत وَرَحْمَةًۭ और रहमत थी waraḥmatan
और रहमत थी لَّعَلَّهُمْ ताकि वो laʿallahum
ताकि वो يَتَذَكَّرُونَ वो नसीहत पकड़ें yatadhakkarūna
वो नसीहत पकड़ें ٤٣ (43)
(43)
और निःसंदेह हमने मूसा को पुस्तक प्रदान की, इसके पश्चात् कि हमने पहली नस्लों को विनष्ट कर दिया, जो लोगों के लिए अंतर्दृष्टिपूर्ण तर्क तथा मार्गदर्शन और दया थी, ताकि वे नसीहत ग्रहण करें।
२८:४४
وَمَا
और ना
wamā
और ना كُنتَ थे आप kunta
थे आप بِجَانِبِ on (the) side bijānibi
on (the) side ٱلْغَرْبِىِّ मग़रिबी जानिब(तूर की) l-gharbiyi
मग़रिबी जानिब(तूर की) إِذْ जब idh
जब قَضَيْنَآ वही की हमने qaḍaynā
वही की हमने إِلَىٰ to ilā
to مُوسَى तरफ़ मूसा के mūsā
तरफ़ मूसा के ٱلْأَمْرَ हुक्म की l-amra
हुक्म की وَمَا और ना wamā
और ना كُنتَ थे आप kunta
थे आप مِنَ among mina
among ٱلشَّـٰهِدِينَ हाज़िर होने वालों में से l-shāhidīna
हाज़िर होने वालों में से ٤٤ (44)
(44)
और ना كُنتَ थे आप kunta
थे आप بِجَانِبِ on (the) side bijānibi
on (the) side ٱلْغَرْبِىِّ मग़रिबी जानिब(तूर की) l-gharbiyi
मग़रिबी जानिब(तूर की) إِذْ जब idh
जब قَضَيْنَآ वही की हमने qaḍaynā
वही की हमने إِلَىٰ to ilā
to مُوسَى तरफ़ मूसा के mūsā
तरफ़ मूसा के ٱلْأَمْرَ हुक्म की l-amra
हुक्म की وَمَا और ना wamā
और ना كُنتَ थे आप kunta
थे आप مِنَ among mina
among ٱلشَّـٰهِدِينَ हाज़िर होने वालों में से l-shāhidīna
हाज़िर होने वालों में से ٤٤ (44)
(44)
और उस समय आप पश्चिमी किनारे1 पर नहीं थे, जब हमने मूसा की ओर आदेश पहुँचाया और न ही आप उपस्थित2 लोगों में से थे।
२८:४५
وَلَـٰكِنَّآ
और लेकिन हम
walākinnā
और लेकिन हम أَنشَأْنَا उठाईं हमने anshanā
उठाईं हमने قُرُونًۭا उम्मतें qurūnan
उम्मतें فَتَطَاوَلَ तो तवील हो गई fataṭāwala
तो तवील हो गई عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلْعُمُرُ ۚ मुद्दत l-ʿumuru
मुद्दत وَمَا और ना wamā
और ना كُنتَ थे आप kunta
थे आप ثَاوِيًۭا मुक़ीम thāwiyan
मुक़ीम فِىٓ among fī
among أَهْلِ (the) people ahli
(the) people مَدْيَنَ अहले मदयन में madyana
अहले मदयन में تَتْلُوا۟ कि आप पढ़ते tatlū
कि आप पढ़ते عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर ءَايَـٰتِنَا आयात हमारी āyātinā
आयात हमारी وَلَـٰكِنَّا और लेकिन हम walākinnā
और लेकिन हम كُنَّا थे हम ही kunnā
थे हम ही مُرْسِلِينَ भेजने वाले mur'silīna
भेजने वाले ٤٥ (45)
(45)
और लेकिन हम أَنشَأْنَا उठाईं हमने anshanā
उठाईं हमने قُرُونًۭا उम्मतें qurūnan
उम्मतें فَتَطَاوَلَ तो तवील हो गई fataṭāwala
तो तवील हो गई عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلْعُمُرُ ۚ मुद्दत l-ʿumuru
मुद्दत وَمَا और ना wamā
और ना كُنتَ थे आप kunta
थे आप ثَاوِيًۭا मुक़ीम thāwiyan
मुक़ीम فِىٓ among fī
among أَهْلِ (the) people ahli
(the) people مَدْيَنَ अहले मदयन में madyana
अहले मदयन में تَتْلُوا۟ कि आप पढ़ते tatlū
कि आप पढ़ते عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर ءَايَـٰتِنَا आयात हमारी āyātinā
आयात हमारी وَلَـٰكِنَّا और लेकिन हम walākinnā
और लेकिन हम كُنَّا थे हम ही kunnā
थे हम ही مُرْسِلِينَ भेजने वाले mur'silīna
भेजने वाले ٤٥ (45)
(45)
परंतु हमने (मूसा के बाद) बहुत-सी नस्लें पैदा कीं, फिर उनपर लंबा समय बीत गया तथा न आप मदयन वालों के बीच रहने वाले थे कि उन्हें हमारी आयतें पढ़कर सुनाते हों, परंतु हम ही (रसूल) भेजने वाले हैं।1
२८:४६
وَمَا
और ना
wamā
और ना كُنتَ थे आप kunta
थे आप بِجَانِبِ at (the) side bijānibi
at (the) side ٱلطُّورِ तूर की जानिब l-ṭūri
तूर की जानिब إِذْ जब idh
जब نَادَيْنَا पुकारा हमने (मूसा को) nādaynā
पुकारा हमने (मूसा को) وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन رَّحْمَةًۭ ये रहमत है raḥmatan
ये रहमत है مِّن from min
from رَّبِّكَ आपके रब की तरफ़ से rabbika
आपके रब की तरफ़ से لِتُنذِرَ ताकि आप डराऐं litundhira
ताकि आप डराऐं قَوْمًۭا एक क़ौम को qawman
एक क़ौम को مَّآ नहीं mā
नहीं أَتَىٰهُم आया उनके पास atāhum
आया उनके पास مِّن any min
any نَّذِيرٍۢ कोई डराने वाला nadhīrin
कोई डराने वाला مِّن before you min
before you قَبْلِكَ आपसे पहले qablika
आपसे पहले لَعَلَّهُمْ शायद कि वो laʿallahum
शायद कि वो يَتَذَكَّرُونَ वो नसीहत पकड़ें yatadhakkarūna
वो नसीहत पकड़ें ٤٦ (46)
(46)
और ना كُنتَ थे आप kunta
थे आप بِجَانِبِ at (the) side bijānibi
at (the) side ٱلطُّورِ तूर की जानिब l-ṭūri
तूर की जानिब إِذْ जब idh
जब نَادَيْنَا पुकारा हमने (मूसा को) nādaynā
पुकारा हमने (मूसा को) وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन رَّحْمَةًۭ ये रहमत है raḥmatan
ये रहमत है مِّن from min
from رَّبِّكَ आपके रब की तरफ़ से rabbika
आपके रब की तरफ़ से لِتُنذِرَ ताकि आप डराऐं litundhira
ताकि आप डराऐं قَوْمًۭا एक क़ौम को qawman
एक क़ौम को مَّآ नहीं mā
नहीं أَتَىٰهُم आया उनके पास atāhum
आया उनके पास مِّن any min
any نَّذِيرٍۢ कोई डराने वाला nadhīrin
कोई डराने वाला مِّن before you min
before you قَبْلِكَ आपसे पहले qablika
आपसे पहले لَعَلَّهُمْ शायद कि वो laʿallahum
शायद कि वो يَتَذَكَّرُونَ वो नसीहत पकड़ें yatadhakkarūna
वो नसीहत पकड़ें ٤٦ (46)
(46)
तथा न (ही) आप तूर (पर्वत) के किनारे पर थे, जब हमने (मूसा को) पुकारा। परंतु आपके पालनहार की ओर से दया है, ताकि आप उन लोगों को डराएँ, जिनके पास आपसे पहले कोई डराने वाला नहीं आया, ताकि वे नसीहत ग्रहण करें।
२८:४७
وَلَوْلَآ
और अगर ना होता
walawlā
और अगर ना होता أَن ये कि an
ये कि تُصِيبَهُم पहुँचती उन्हें tuṣībahum
पहुँचती उन्हें مُّصِيبَةٌۢ कोई मुसीबत muṣībatun
कोई मुसीबत بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो قَدَّمَتْ आगे भेजा qaddamat
आगे भेजा أَيْدِيهِمْ उनके दोनों हाथों ने aydīhim
उनके दोनों हाथों ने فَيَقُولُوا۟ तो वो कहते fayaqūlū
तो वो कहते رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब لَوْلَآ क्यों ना lawlā
क्यों ना أَرْسَلْتَ भेजा तू ने arsalta
भेजा तू ने إِلَيْنَا हमारी तरफ़ ilaynā
हमारी तरफ़ رَسُولًۭا कोई रसूल rasūlan
कोई रसूल فَنَتَّبِعَ तो हम पैरवी करते fanattabiʿa
तो हम पैरवी करते ءَايَـٰتِكَ तेरी आयात की āyātika
तेरी आयात की وَنَكُونَ और हम हो जाते wanakūna
और हम हो जाते مِنَ of mina
of ٱلْمُؤْمِنِينَ ईमान लाने वालों में से l-mu'minīna
ईमान लाने वालों में से ٤٧ (47)
(47)
और अगर ना होता أَن ये कि an
ये कि تُصِيبَهُم पहुँचती उन्हें tuṣībahum
पहुँचती उन्हें مُّصِيبَةٌۢ कोई मुसीबत muṣībatun
कोई मुसीबत بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो قَدَّمَتْ आगे भेजा qaddamat
आगे भेजा أَيْدِيهِمْ उनके दोनों हाथों ने aydīhim
उनके दोनों हाथों ने فَيَقُولُوا۟ तो वो कहते fayaqūlū
तो वो कहते رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब لَوْلَآ क्यों ना lawlā
क्यों ना أَرْسَلْتَ भेजा तू ने arsalta
भेजा तू ने إِلَيْنَا हमारी तरफ़ ilaynā
हमारी तरफ़ رَسُولًۭا कोई रसूल rasūlan
कोई रसूल فَنَتَّبِعَ तो हम पैरवी करते fanattabiʿa
तो हम पैरवी करते ءَايَـٰتِكَ तेरी आयात की āyātika
तेरी आयात की وَنَكُونَ और हम हो जाते wanakūna
और हम हो जाते مِنَ of mina
of ٱلْمُؤْمِنِينَ ईमान लाने वालों में से l-mu'minīna
ईमान लाने वालों में से ٤٧ (47)
(47)
तथा यदि ऐसा न होता कि उन्हें उसके कारण कोई विपत्ति पहुँचेगी जो उनके हाथों ने आगे भेजा, तो वे कहेंगे : ऐ हमारे पालनहार! तूने हमारी ओर कोई रसूल क्यों न भेजा कि हम तेरी आयतों का अनुसरण करते और ईमान वालों में से हो जाते।1
२८:४८
فَلَمَّا
तो जब
falammā
तो जब جَآءَهُمُ पास आया उनके jāahumu
पास आया उनके ٱلْحَقُّ हक़ l-ḥaqu
हक़ مِنْ from Us min
from Us عِندِنَا हमारे पास से ʿindinā
हमारे पास से قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा لَوْلَآ क्यों ना lawlā
क्यों ना أُوتِىَ वो दिया गया ūtiya
वो दिया गया مِثْلَ मानिन्द mith'la
मानिन्द مَآ उसके जो mā
उसके जो أُوتِىَ दिए गए ūtiya
दिए गए مُوسَىٰٓ ۚ मूसा mūsā
मूसा أَوَلَمْ क्या भला नहीं awalam
क्या भला नहीं يَكْفُرُوا۟ कुफ़्र किया उन्होंने yakfurū
कुफ़्र किया उन्होंने بِمَآ उसका जो bimā
उसका जो أُوتِىَ दिए गए ūtiya
दिए गए مُوسَىٰ मूसा mūsā
मूसा مِن before min
before قَبْلُ ۖ इससे पहले qablu
इससे पहले قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा سِحْرَانِ दोनों जादू हैं siḥ'rāni
दोनों जादू हैं تَظَـٰهَرَا एक दूसरे की मदद करते हैं taẓāharā
एक दूसरे की मदद करते हैं وَقَالُوٓا۟ और उन्होंने कहा waqālū
और उन्होंने कहा إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम بِكُلٍّۢ हर एक के bikullin
हर एक के كَـٰفِرُونَ इन्कारी हैं kāfirūna
इन्कारी हैं ٤٨ (48)
(48)
तो जब جَآءَهُمُ पास आया उनके jāahumu
पास आया उनके ٱلْحَقُّ हक़ l-ḥaqu
हक़ مِنْ from Us min
from Us عِندِنَا हमारे पास से ʿindinā
हमारे पास से قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा لَوْلَآ क्यों ना lawlā
क्यों ना أُوتِىَ वो दिया गया ūtiya
वो दिया गया مِثْلَ मानिन्द mith'la
मानिन्द مَآ उसके जो mā
उसके जो أُوتِىَ दिए गए ūtiya
दिए गए مُوسَىٰٓ ۚ मूसा mūsā
मूसा أَوَلَمْ क्या भला नहीं awalam
क्या भला नहीं يَكْفُرُوا۟ कुफ़्र किया उन्होंने yakfurū
कुफ़्र किया उन्होंने بِمَآ उसका जो bimā
उसका जो أُوتِىَ दिए गए ūtiya
दिए गए مُوسَىٰ मूसा mūsā
मूसा مِن before min
before قَبْلُ ۖ इससे पहले qablu
इससे पहले قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा سِحْرَانِ दोनों जादू हैं siḥ'rāni
दोनों जादू हैं تَظَـٰهَرَا एक दूसरे की मदद करते हैं taẓāharā
एक दूसरे की मदद करते हैं وَقَالُوٓا۟ और उन्होंने कहा waqālū
और उन्होंने कहा إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम بِكُلٍّۢ हर एक के bikullin
हर एक के كَـٰفِرُونَ इन्कारी हैं kāfirūna
इन्कारी हैं ٤٨ (48)
(48)
फिर जब उनके पास हमारी ओर से सत्य आ गया, तो उन्होंने कहा : उसे उस जैसी चीज़ें क्यों न दी गईं, जो मूसा को दी गईं? तो क्या उन्होंने इससे पहले उन चीज़ों का इनकार नहीं किया जो मूसा को दी गई थीं? उन्होंने कहा : ये दोनों1 (सर्वथा) जादू हैं, जो एक-दूसरे की मदद कर रहे हैं, और कहने लगे : हम तो इन सब का इनकार करने वाले हैं।
२८:४९
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए فَأْتُوا۟ पस ले आओ fatū
पस ले आओ بِكِتَـٰبٍۢ कोई किताब bikitābin
कोई किताब مِّنْ from Allah min
from Allah عِندِ पास से ʿindi
पास से ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के هُوَ वो huwa
वो أَهْدَىٰ ज़्यादा हिदायत वाली हो ahdā
ज़्यादा हिदायत वाली हो مِنْهُمَآ इन दोनों से min'humā
इन दोनों से أَتَّبِعْهُ मैं पैरवी कर लूँगा उसकी attabiʿ'hu
मैं पैरवी कर लूँगा उसकी إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ٤٩ (49)
(49)
कह दीजिए فَأْتُوا۟ पस ले आओ fatū
पस ले आओ بِكِتَـٰبٍۢ कोई किताब bikitābin
कोई किताब مِّنْ from Allah min
from Allah عِندِ पास से ʿindi
पास से ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के هُوَ वो huwa
वो أَهْدَىٰ ज़्यादा हिदायत वाली हो ahdā
ज़्यादा हिदायत वाली हो مِنْهُمَآ इन दोनों से min'humā
इन दोनों से أَتَّبِعْهُ मैं पैरवी कर लूँगा उसकी attabiʿ'hu
मैं पैरवी कर लूँगा उसकी إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ٤٩ (49)
(49)
(ऐ नबी!) आप कह दें : फिर तुम अल्लाह की ओर से कोई पुस्तक ले आओ, जो इन दोनों1 से अधिक मार्गदर्शन वाली हो, ताकि मैं उसका अनुसरण करूँ, यदि तुम सच्चे हो।
२८:५०
فَإِن
फिर अगर
fa-in
फिर अगर لَّمْ ना lam
ना يَسْتَجِيبُوا۟ उन्होंने क़ुबूल की yastajībū
उन्होंने क़ुबूल की لَكَ आपकी (बात) laka
आपकी (बात) فَٱعْلَمْ तो जान लीजिए fa-iʿ'lam
तो जान लीजिए أَنَّمَا बेशक annamā
बेशक يَتَّبِعُونَ वो पैरवी कर रहे हैं yattabiʿūna
वो पैरवी कर रहे हैं أَهْوَآءَهُمْ ۚ अपनी ख़्वाहिशात की ahwāahum
अपनी ख़्वाहिशात की وَمَنْ और कौन waman
और कौन أَضَلُّ ज़्यादा गुमराह है aḍallu
ज़्यादा गुमराह है مِمَّنِ उससे जो mimmani
उससे जो ٱتَّبَعَ पैरवी करे ittabaʿa
पैरवी करे هَوَىٰهُ अपनी ख़्वाहिशात की hawāhu
अपनी ख़्वाहिशात की بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर هُدًۭى हिदायत के hudan
हिदायत के مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ ۚ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يَهْدِى नहीं वो हिदायत देता yahdī
नहीं वो हिदायत देता ٱلْقَوْمَ उन लोगों को l-qawma
उन लोगों को ٱلظَّـٰلِمِينَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimīna
जो ज़ालिम हैं ٥٠ (50)
(50)
फिर अगर لَّمْ ना lam
ना يَسْتَجِيبُوا۟ उन्होंने क़ुबूल की yastajībū
उन्होंने क़ुबूल की لَكَ आपकी (बात) laka
आपकी (बात) فَٱعْلَمْ तो जान लीजिए fa-iʿ'lam
तो जान लीजिए أَنَّمَا बेशक annamā
बेशक يَتَّبِعُونَ वो पैरवी कर रहे हैं yattabiʿūna
वो पैरवी कर रहे हैं أَهْوَآءَهُمْ ۚ अपनी ख़्वाहिशात की ahwāahum
अपनी ख़्वाहिशात की وَمَنْ और कौन waman
और कौन أَضَلُّ ज़्यादा गुमराह है aḍallu
ज़्यादा गुमराह है مِمَّنِ उससे जो mimmani
उससे जो ٱتَّبَعَ पैरवी करे ittabaʿa
पैरवी करे هَوَىٰهُ अपनी ख़्वाहिशात की hawāhu
अपनी ख़्वाहिशात की بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर هُدًۭى हिदायत के hudan
हिदायत के مِّنَ from mina
from ٱللَّهِ ۚ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يَهْدِى नहीं वो हिदायत देता yahdī
नहीं वो हिदायत देता ٱلْقَوْمَ उन लोगों को l-qawma
उन लोगों को ٱلظَّـٰلِمِينَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimīna
जो ज़ालिम हैं ٥٠ (50)
(50)
फिर यदि वे आपकी माँग पूरी न करें, तो आप जान लें कि वे केवल अपनी इच्छाओं का पालन कर रहे हैं, और उससे बढ़कर पथभ्रष्ट कौन है, जो अल्लाह की ओर से किसी मार्गदर्शन के बिना अपनी इच्छा का पालन करे? निःसंदेह अल्लाह अत्याचार करने वाले लोगों को मार्ग नहीं दिखाता।
२८:५१
۞ وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ وَصَّلْنَا पै दर पै भेजा हमने waṣṣalnā
पै दर पै भेजा हमने لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए ٱلْقَوْلَ कलाम (अपना) l-qawla
कलाम (अपना) لَعَلَّهُمْ ताकि वो laʿallahum
ताकि वो يَتَذَكَّرُونَ वो नसीहत पकड़ें yatadhakkarūna
वो नसीहत पकड़ें ٥١ (51)
(51)
और अलबत्ता तहक़ीक़ وَصَّلْنَا पै दर पै भेजा हमने waṣṣalnā
पै दर पै भेजा हमने لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए ٱلْقَوْلَ कलाम (अपना) l-qawla
कलाम (अपना) لَعَلَّهُمْ ताकि वो laʿallahum
ताकि वो يَتَذَكَّرُونَ वो नसीहत पकड़ें yatadhakkarūna
वो नसीहत पकड़ें ٥١ (51)
(51)
और निःसंदेह हमने उनकी ओर निरंतर संदेश पहुँचाया, ताकि वे नसीहत ग्रहण करें।
२८:५२
ٱلَّذِينَ
वो लोग जो
alladhīna
वो लोग जो ءَاتَيْنَـٰهُمُ दी हमने उन्हें ātaynāhumu
दी हमने उन्हें ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब مِن before it min
before it قَبْلِهِۦ इससे पहले qablihi
इससे पहले هُم वो hum
वो بِهِۦ इस पर bihi
इस पर يُؤْمِنُونَ वो ईमान लाते हैं yu'minūna
वो ईमान लाते हैं ٥٢ (52)
(52)
वो लोग जो ءَاتَيْنَـٰهُمُ दी हमने उन्हें ātaynāhumu
दी हमने उन्हें ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब مِن before it min
before it قَبْلِهِۦ इससे पहले qablihi
इससे पहले هُم वो hum
वो بِهِۦ इस पर bihi
इस पर يُؤْمِنُونَ वो ईमान लाते हैं yu'minūna
वो ईमान लाते हैं ٥٢ (52)
(52)
जिन लोगों को हमने इससे पहले किताब1 दी थी, वे2 इसपर ईमान लाते हैं।
२८:५३
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब يُتْلَىٰ पढ़ा जाता है yut'lā
पढ़ा जाता है عَلَيْهِمْ उन पर (क़ुरआन) ʿalayhim
उन पर (क़ुरआन) قَالُوٓا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम بِهِۦٓ उस पर bihi
उस पर إِنَّهُ बेशक वो innahu
बेशक वो ٱلْحَقُّ हक़ है l-ḥaqu
हक़ है مِن from min
from رَّبِّنَآ हमारे रब की तरफ़ से rabbinā
हमारे रब की तरफ़ से إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम كُنَّا थे हम kunnā
थे हम مِن before it min
before it قَبْلِهِۦ इससे पहले ही qablihi
इससे पहले ही مُسْلِمِينَ फ़रमाबरदार mus'limīna
फ़रमाबरदार ٥٣ (53)
(53)
और जब يُتْلَىٰ पढ़ा जाता है yut'lā
पढ़ा जाता है عَلَيْهِمْ उन पर (क़ुरआन) ʿalayhim
उन पर (क़ुरआन) قَالُوٓا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम بِهِۦٓ उस पर bihi
उस पर إِنَّهُ बेशक वो innahu
बेशक वो ٱلْحَقُّ हक़ है l-ḥaqu
हक़ है مِن from min
from رَّبِّنَآ हमारे रब की तरफ़ से rabbinā
हमारे रब की तरफ़ से إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम كُنَّا थे हम kunnā
थे हम مِن before it min
before it قَبْلِهِۦ इससे पहले ही qablihi
इससे पहले ही مُسْلِمِينَ फ़रमाबरदार mus'limīna
फ़रमाबरदार ٥٣ (53)
(53)
तथा जब यह उनके सामने पढ़ा जाता है, तो वे कहते हैं : हम इसपर ईमान लाए। निश्चय यही हमारे रब की ओर से सत्य है। निःसंदेह हम इससे पहले मुसलमान (आज्ञाकारी) थे।
२८:५४
أُو۟لَـٰٓئِكَ
यही लोग हैं
ulāika
यही लोग हैं يُؤْتَوْنَ जो दिए जाऐंगे yu'tawna
जो दिए जाऐंगे أَجْرَهُم अज्र अपना ajrahum
अज्र अपना مَّرَّتَيْنِ दो बार marratayni
दो बार بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो صَبَرُوا۟ उन्होंने सब्र किया ṣabarū
उन्होंने सब्र किया وَيَدْرَءُونَ और वो दूर करते हैं wayadraūna
और वो दूर करते हैं بِٱلْحَسَنَةِ साथ भलाई के bil-ḥasanati
साथ भलाई के ٱلسَّيِّئَةَ बुराई को l-sayi-ata
बुराई को وَمِمَّا और उसमें से जो wamimmā
और उसमें से जो رَزَقْنَـٰهُمْ रिज़्क़ दिया हमने उन्हें razaqnāhum
रिज़्क़ दिया हमने उन्हें يُنفِقُونَ वो ख़र्च करते हैं yunfiqūna
वो ख़र्च करते हैं ٥٤ (54)
(54)
यही लोग हैं يُؤْتَوْنَ जो दिए जाऐंगे yu'tawna
जो दिए जाऐंगे أَجْرَهُم अज्र अपना ajrahum
अज्र अपना مَّرَّتَيْنِ दो बार marratayni
दो बार بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो صَبَرُوا۟ उन्होंने सब्र किया ṣabarū
उन्होंने सब्र किया وَيَدْرَءُونَ और वो दूर करते हैं wayadraūna
और वो दूर करते हैं بِٱلْحَسَنَةِ साथ भलाई के bil-ḥasanati
साथ भलाई के ٱلسَّيِّئَةَ बुराई को l-sayi-ata
बुराई को وَمِمَّا और उसमें से जो wamimmā
और उसमें से जो رَزَقْنَـٰهُمْ रिज़्क़ दिया हमने उन्हें razaqnāhum
रिज़्क़ दिया हमने उन्हें يُنفِقُونَ वो ख़र्च करते हैं yunfiqūna
वो ख़र्च करते हैं ٥٤ (54)
(54)
ये वे लोग हैं जिन्हें उनका प्रतिफल दोहरा1 दिया जाएगा, इसके बदले कि उन्होंने सब्र किया और वे भलाई के साथ बुराई को दूर करते हैं और जो कुछ हमने उन्हें दिया है उसमें से खर्च करते हैं।
२८:५५
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब سَمِعُوا۟ वो सुनते हैं samiʿū
वो सुनते हैं ٱللَّغْوَ बेहूदा बात को l-laghwa
बेहूदा बात को أَعْرَضُوا۟ वो ऐराज़ करते हैं aʿraḍū
वो ऐराज़ करते हैं عَنْهُ उससे ʿanhu
उससे وَقَالُوا۟ और वो कहते हैं waqālū
और वो कहते हैं لَنَآ हमारे लिए lanā
हमारे लिए أَعْمَـٰلُنَا आमाल हमारे aʿmālunā
आमाल हमारे وَلَكُمْ और तुम्हारे लिए walakum
और तुम्हारे लिए أَعْمَـٰلُكُمْ आमाल तुम्हारे aʿmālukum
आमाल तुम्हारे سَلَـٰمٌ सलाम हो salāmun
सलाम हो عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर لَا not lā
not نَبْتَغِى नहीं हम चाहते nabtaghī
नहीं हम चाहते ٱلْجَـٰهِلِينَ जाहिलों को l-jāhilīna
जाहिलों को ٥٥ (55)
(55)
और जब سَمِعُوا۟ वो सुनते हैं samiʿū
वो सुनते हैं ٱللَّغْوَ बेहूदा बात को l-laghwa
बेहूदा बात को أَعْرَضُوا۟ वो ऐराज़ करते हैं aʿraḍū
वो ऐराज़ करते हैं عَنْهُ उससे ʿanhu
उससे وَقَالُوا۟ और वो कहते हैं waqālū
और वो कहते हैं لَنَآ हमारे लिए lanā
हमारे लिए أَعْمَـٰلُنَا आमाल हमारे aʿmālunā
आमाल हमारे وَلَكُمْ और तुम्हारे लिए walakum
और तुम्हारे लिए أَعْمَـٰلُكُمْ आमाल तुम्हारे aʿmālukum
आमाल तुम्हारे سَلَـٰمٌ सलाम हो salāmun
सलाम हो عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर لَا not lā
not نَبْتَغِى नहीं हम चाहते nabtaghī
नहीं हम चाहते ٱلْجَـٰهِلِينَ जाहिलों को l-jāhilīna
जाहिलों को ٥٥ (55)
(55)
और जब वे व्यर्थ बात सुनते हैं, तो उससे किनारा करते हैं, तथा कहते हैं : हमारे लिए हमारे कर्म हैं और तुम्हारे लिए तुम्हारे कर्म। सलाम है तुमपर, हम जाहिलों को नहीं चाहते।
२८:५६
إِنَّكَ
बेशक आप
innaka
बेशक आप لَا (can) not lā
(can) not تَهْدِى नहीं आप हिदायत दे सकते tahdī
नहीं आप हिदायत दे सकते مَنْ जिसे man
जिसे أَحْبَبْتَ पसंद करें आप aḥbabta
पसंद करें आप وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يَهْدِى वो हिदायत देता है yahdī
वो हिदायत देता है مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ ۚ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَهُوَ और वो wahuwa
और वो أَعْلَمُ ख़ूब जानता है aʿlamu
ख़ूब जानता है بِٱلْمُهْتَدِينَ हिदायत पाने वालों को bil-muh'tadīna
हिदायत पाने वालों को ٥٦ (56)
(56)
बेशक आप لَا (can) not lā
(can) not تَهْدِى नहीं आप हिदायत दे सकते tahdī
नहीं आप हिदायत दे सकते مَنْ जिसे man
जिसे أَحْبَبْتَ पसंद करें आप aḥbabta
पसंद करें आप وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يَهْدِى वो हिदायत देता है yahdī
वो हिदायत देता है مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ ۚ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَهُوَ और वो wahuwa
और वो أَعْلَمُ ख़ूब जानता है aʿlamu
ख़ूब जानता है بِٱلْمُهْتَدِينَ हिदायत पाने वालों को bil-muh'tadīna
हिदायत पाने वालों को ٥٦ (56)
(56)
निःसंदेह आप उसे हिदायत नहीं दे सकते जिसे आप चाहें, परंतु अल्लाह हिदायत देता है जिसे चाहता है और वह हिदायत पाने वालों को अधिक जानने वाला है।
२८:५७
وَقَالُوٓا۟
और उन्होंने कहा
waqālū
और उन्होंने कहा إِن अगर in
अगर نَّتَّبِعِ हम पैरवी करें nattabiʿi
हम पैरवी करें ٱلْهُدَىٰ हिदायत की l-hudā
हिदायत की مَعَكَ आप के साथ maʿaka
आप के साथ نُتَخَطَّفْ हम उचक लिए जाऐंगे nutakhaṭṭaf
हम उचक लिए जाऐंगे مِنْ from min
from أَرْضِنَآ ۚ अपनी ज़मीन में arḍinā
अपनी ज़मीन में أَوَلَمْ क्या भला नहीं awalam
क्या भला नहीं نُمَكِّن हमने जगह दी numakkin
हमने जगह दी لَّهُمْ उन्हें lahum
उन्हें حَرَمًا हरम ḥaraman
हरम ءَامِنًۭا अमन वाले में āminan
अमन वाले में يُجْبَىٰٓ खिंचे चले आते हैं yuj'bā
खिंचे चले आते हैं إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके ثَمَرَٰتُ फल thamarātu
फल كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के رِّزْقًۭا रिज़्क़ के तौर पर riz'qan
रिज़्क़ के तौर पर مِّن from min
from لَّدُنَّا हमारी तरफ़ से ladunnā
हमारी तरफ़ से وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन أَكْثَرَهُمْ अक्सर उनके aktharahum
अक्सर उनके لَا (do) not lā
(do) not يَعْلَمُونَ नहीं वो इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं वो इल्म रखते ٥٧ (57)
(57)
और उन्होंने कहा إِن अगर in
अगर نَّتَّبِعِ हम पैरवी करें nattabiʿi
हम पैरवी करें ٱلْهُدَىٰ हिदायत की l-hudā
हिदायत की مَعَكَ आप के साथ maʿaka
आप के साथ نُتَخَطَّفْ हम उचक लिए जाऐंगे nutakhaṭṭaf
हम उचक लिए जाऐंगे مِنْ from min
from أَرْضِنَآ ۚ अपनी ज़मीन में arḍinā
अपनी ज़मीन में أَوَلَمْ क्या भला नहीं awalam
क्या भला नहीं نُمَكِّن हमने जगह दी numakkin
हमने जगह दी لَّهُمْ उन्हें lahum
उन्हें حَرَمًا हरम ḥaraman
हरम ءَامِنًۭا अमन वाले में āminan
अमन वाले में يُجْبَىٰٓ खिंचे चले आते हैं yuj'bā
खिंचे चले आते हैं إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके ثَمَرَٰتُ फल thamarātu
फल كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के رِّزْقًۭا रिज़्क़ के तौर पर riz'qan
रिज़्क़ के तौर पर مِّن from min
from لَّدُنَّا हमारी तरफ़ से ladunnā
हमारी तरफ़ से وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन أَكْثَرَهُمْ अक्सर उनके aktharahum
अक्सर उनके لَا (do) not lā
(do) not يَعْلَمُونَ नहीं वो इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं वो इल्म रखते ٥٧ (57)
(57)
तथा उन्होंने कहा : यदि हम आपके साथ इस मार्गदर्शन का अनुसरण करें, तो हम अपनी धरती से उचक1 लिए जाएँगे। और क्या हमने उन्हें एक शांतिपूर्ण (सुरक्षित) हरम2 में जगह नहीं दी? जिसकी ओर, हमारे पास से रोज़ी के तौर पर, सब वस्तुओं के फल खींचकर लाए जाते हैं। परंतु उनमें से अधिकतर लोग नहीं जानते।
२८:५८
وَكَمْ
और कितनी ही
wakam
और कितनी ही أَهْلَكْنَا हलाक कीं हमने ahlaknā
हलाक कीं हमने مِن of min
of قَرْيَةٍۭ बस्तियाँ qaryatin
बस्तियाँ بَطِرَتْ जो इतराती थीं baṭirat
जो इतराती थीं مَعِيشَتَهَا ۖ अपनी मईशत पर maʿīshatahā
अपनी मईशत पर فَتِلْكَ तो ये fatil'ka
तो ये مَسَـٰكِنُهُمْ घर हैं उनके masākinuhum
घर हैं उनके لَمْ नहीं lam
नहीं تُسْكَن वो बसाय गए tus'kan
वो बसाय गए مِّنۢ after them min
after them بَعْدِهِمْ बाद उनके baʿdihim
बाद उनके إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلًۭا ۖ बहुत थोड़े qalīlan
बहुत थोड़े وَكُنَّا और हैं हम wakunnā
और हैं हम نَحْنُ हम ही naḥnu
हम ही ٱلْوَٰرِثِينَ वारिस l-wārithīna
वारिस ٥٨ (58)
(58)
और कितनी ही أَهْلَكْنَا हलाक कीं हमने ahlaknā
हलाक कीं हमने مِن of min
of قَرْيَةٍۭ बस्तियाँ qaryatin
बस्तियाँ بَطِرَتْ जो इतराती थीं baṭirat
जो इतराती थीं مَعِيشَتَهَا ۖ अपनी मईशत पर maʿīshatahā
अपनी मईशत पर فَتِلْكَ तो ये fatil'ka
तो ये مَسَـٰكِنُهُمْ घर हैं उनके masākinuhum
घर हैं उनके لَمْ नहीं lam
नहीं تُسْكَن वो बसाय गए tus'kan
वो बसाय गए مِّنۢ after them min
after them بَعْدِهِمْ बाद उनके baʿdihim
बाद उनके إِلَّا मगर illā
मगर قَلِيلًۭا ۖ बहुत थोड़े qalīlan
बहुत थोड़े وَكُنَّا और हैं हम wakunnā
और हैं हम نَحْنُ हम ही naḥnu
हम ही ٱلْوَٰرِثِينَ वारिस l-wārithīna
वारिस ٥٨ (58)
(58)
और हमने कितनी ही बस्तियों को विनष्ट कर दिया, जो अपनी गुज़र-बसर के संसाधनों पर इतराने लगी थीं। तो ये हैं उनके घर, जो उनके बाद आबाद नहीं किए गए, परंतु बहुत कम। और हम ही हमेशा उत्तराधिकारी बनने वाले हैं।
२८:५९
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं كَانَ है kāna
है رَبُّكَ रब आपका rabbuka
रब आपका مُهْلِكَ हलाक करने वाला muh'lika
हलाक करने वाला ٱلْقُرَىٰ बस्तियों को l-qurā
बस्तियों को حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَبْعَثَ वो भेज दे yabʿatha
वो भेज दे فِىٓ in fī
in أُمِّهَا उनके मरकज़ में ummihā
उनके मरकज़ में رَسُولًۭا कोई रसूल rasūlan
कोई रसूल يَتْلُوا۟ जो पढ़ता हो yatlū
जो पढ़ता हो عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर ءَايَـٰتِنَا ۚ आयात हमारी āyātinā
आयात हमारी وَمَا और नहीं wamā
और नहीं كُنَّا हैं हम kunnā
हैं हम مُهْلِكِى हलाक करने वाले muh'likī
हलाक करने वाले ٱلْقُرَىٰٓ बस्तियों को l-qurā
बस्तियों को إِلَّا मगर illā
मगर وَأَهْلُهَا इस हाल में कि रहने वाले उसके wa-ahluhā
इस हाल में कि रहने वाले उसके ظَـٰلِمُونَ ज़ालिम हों ẓālimūna
ज़ालिम हों ٥٩ (59)
(59)
और नहीं كَانَ है kāna
है رَبُّكَ रब आपका rabbuka
रब आपका مُهْلِكَ हलाक करने वाला muh'lika
हलाक करने वाला ٱلْقُرَىٰ बस्तियों को l-qurā
बस्तियों को حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि يَبْعَثَ वो भेज दे yabʿatha
वो भेज दे فِىٓ in fī
in أُمِّهَا उनके मरकज़ में ummihā
उनके मरकज़ में رَسُولًۭا कोई रसूल rasūlan
कोई रसूल يَتْلُوا۟ जो पढ़ता हो yatlū
जो पढ़ता हो عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर ءَايَـٰتِنَا ۚ आयात हमारी āyātinā
आयात हमारी وَمَا और नहीं wamā
और नहीं كُنَّا हैं हम kunnā
हैं हम مُهْلِكِى हलाक करने वाले muh'likī
हलाक करने वाले ٱلْقُرَىٰٓ बस्तियों को l-qurā
बस्तियों को إِلَّا मगर illā
मगर وَأَهْلُهَا इस हाल में कि रहने वाले उसके wa-ahluhā
इस हाल में कि रहने वाले उसके ظَـٰلِمُونَ ज़ालिम हों ẓālimūna
ज़ालिम हों ٥٩ (59)
(59)
और आपका पालनहार कभी बस्तियों को विनष्ट करने वाला नहीं, यहाँ तक कि उनके केंद्र में एक रसूल भेजे जो उनके सामने हमारी आयतें पढ़े। तथा हम कभी बस्तियों को विनष्ट करने वाले नहीं, परंतु जबकि उसके निवासी अत्याचारी हों।
२८:६०
وَمَآ
और जो भी
wamā
और जो भी أُوتِيتُم दिए गए तुम ūtītum
दिए गए तुम مِّن from min
from شَىْءٍۢ कोई चीज़ shayin
कोई चीज़ فَمَتَـٰعُ पस सामान है famatāʿu
पस सामान है ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी का l-ḥayati
ज़िन्दगी का ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَزِينَتُهَا ۚ और रौनक़ उसकी wazīnatuhā
और रौनक़ उसकी وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ عِندَ पास है ʿinda
पास है ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है وَأَبْقَىٰٓ ۚ और ज़्यादा बाक़ी रहने वाला wa-abqā
और ज़्यादा बाक़ी रहने वाला أَفَلَا क्या भला नहीं afalā
क्या भला नहीं تَعْقِلُونَ तुम अक़्ल से काम लेते taʿqilūna
तुम अक़्ल से काम लेते ٦٠ (60)
(60)
और जो भी أُوتِيتُم दिए गए तुम ūtītum
दिए गए तुम مِّن from min
from شَىْءٍۢ कोई चीज़ shayin
कोई चीज़ فَمَتَـٰعُ पस सामान है famatāʿu
पस सामान है ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी का l-ḥayati
ज़िन्दगी का ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَزِينَتُهَا ۚ और रौनक़ उसकी wazīnatuhā
और रौनक़ उसकी وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ عِندَ पास है ʿinda
पास है ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है وَأَبْقَىٰٓ ۚ और ज़्यादा बाक़ी रहने वाला wa-abqā
और ज़्यादा बाक़ी रहने वाला أَفَلَا क्या भला नहीं afalā
क्या भला नहीं تَعْقِلُونَ तुम अक़्ल से काम लेते taʿqilūna
तुम अक़्ल से काम लेते ٦٠ (60)
(60)
तथा जो कुछ भी तुम दिए गए हो, वह सांसारिक जीवन का सामान और उसकी शोभा है। और जो अल्लाह के पास है, वह उससे उत्तम और अधिक बाक़ी रहने वाला है, तो क्या तुम नहीं समझते?
२८:६१
أَفَمَن
क्या भला वो जो
afaman
क्या भला वो जो وَعَدْنَـٰهُ वादा किया हमने उससे waʿadnāhu
वादा किया हमने उससे وَعْدًا वादा waʿdan
वादा حَسَنًۭا अच्छा ḥasanan
अच्छा فَهُوَ फिर वो fahuwa
फिर वो لَـٰقِيهِ पाने वाला है उसे lāqīhi
पाने वाला है उसे كَمَن मानिन्द उसके हो सकता है kaman
मानिन्द उसके हो सकता है مَّتَّعْنَـٰهُ सामान दिया हमने जिसे mattaʿnāhu
सामान दिया हमने जिसे مَتَـٰعَ सामान matāʿa
सामान ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी का l-ḥayati
ज़िन्दगी का ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की ثُمَّ फिर thumma
फिर هُوَ वो huwa
वो يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के مِنَ (will be) among mina
(will be) among ٱلْمُحْضَرِينَ हाज़िर किए जाने वालों में से होगा l-muḥ'ḍarīna
हाज़िर किए जाने वालों में से होगा ٦١ (61)
(61)
क्या भला वो जो وَعَدْنَـٰهُ वादा किया हमने उससे waʿadnāhu
वादा किया हमने उससे وَعْدًا वादा waʿdan
वादा حَسَنًۭا अच्छा ḥasanan
अच्छा فَهُوَ फिर वो fahuwa
फिर वो لَـٰقِيهِ पाने वाला है उसे lāqīhi
पाने वाला है उसे كَمَن मानिन्द उसके हो सकता है kaman
मानिन्द उसके हो सकता है مَّتَّعْنَـٰهُ सामान दिया हमने जिसे mattaʿnāhu
सामान दिया हमने जिसे مَتَـٰعَ सामान matāʿa
सामान ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी का l-ḥayati
ज़िन्दगी का ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की ثُمَّ फिर thumma
फिर هُوَ वो huwa
वो يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के مِنَ (will be) among mina
(will be) among ٱلْمُحْضَرِينَ हाज़िर किए जाने वालों में से होगा l-muḥ'ḍarīna
हाज़िर किए जाने वालों में से होगा ٦١ (61)
(61)
तो क्या वह व्यक्ति जिसे हमने एक अच्छा वादा दिया, फिर वह उसे प्राप्त करने वाला है, उस व्यक्ति की तरह है, जिसे हमने सांसारिक जीवन का सामान दिया, फिर वह क़ियामत के दिन उपस्थित किए जाने वालों में से होगा?
२८:६२
وَيَوْمَ
और जिस दिन
wayawma
और जिस दिन يُنَادِيهِمْ वो पुकारेगा उन्हें yunādīhim
वो पुकारेगा उन्हें فَيَقُولُ फिर वो फ़रमायेगा fayaqūlu
फिर वो फ़रमायेगा أَيْنَ कहाँ हैं ayna
कहाँ हैं شُرَكَآءِىَ शरीक मेरे shurakāiya
शरीक मेरे ٱلَّذِينَ वो जिनका alladhīna
वो जिनका كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَزْعُمُونَ तुम गुमान रखते tazʿumūna
तुम गुमान रखते ٦٢ (62)
(62)
और जिस दिन يُنَادِيهِمْ वो पुकारेगा उन्हें yunādīhim
वो पुकारेगा उन्हें فَيَقُولُ फिर वो फ़रमायेगा fayaqūlu
फिर वो फ़रमायेगा أَيْنَ कहाँ हैं ayna
कहाँ हैं شُرَكَآءِىَ शरीक मेरे shurakāiya
शरीक मेरे ٱلَّذِينَ वो जिनका alladhīna
वो जिनका كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَزْعُمُونَ तुम गुमान रखते tazʿumūna
तुम गुमान रखते ٦٢ (62)
(62)
और जिस दिन वह1 उन्हें पुकारेगा, तो कहेगा : कहाँ हैं मेरे वे साझी, जो तुम दावा करते थे?
२८:६३
قَالَ
कहेंगे
qāla
कहेंगे ٱلَّذِينَ वो लोग alladhīna
वो लोग حَقَّ सच होगई ḥaqqa
सच होगई عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلْقَوْلُ बात l-qawlu
बात رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब هَـٰٓؤُلَآءِ ये हैं hāulāi
ये हैं ٱلَّذِينَ वो लोग जिन्हें alladhīna
वो लोग जिन्हें أَغْوَيْنَآ गुमराह किया हमने aghwaynā
गुमराह किया हमने أَغْوَيْنَـٰهُمْ गुमराह किया था हमने उन्हें aghwaynāhum
गुमराह किया था हमने उन्हें كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि غَوَيْنَا ۖ गुमराह हुए हम ghawaynā
गुमराह हुए हम تَبَرَّأْنَآ इज़हारे बराअत करते हैं हम(उनसे) tabarranā
इज़हारे बराअत करते हैं हम(उनसे) إِلَيْكَ ۖ तेरे सामने ilayka
तेरे सामने مَا ना mā
ना كَانُوٓا۟ थे वो kānū
थे वो إِيَّانَا सिर्फ़ हमारी ही iyyānā
सिर्फ़ हमारी ही يَعْبُدُونَ वो इबादत करते yaʿbudūna
वो इबादत करते ٦٣ (63)
(63)
कहेंगे ٱلَّذِينَ वो लोग alladhīna
वो लोग حَقَّ सच होगई ḥaqqa
सच होगई عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلْقَوْلُ बात l-qawlu
बात رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब هَـٰٓؤُلَآءِ ये हैं hāulāi
ये हैं ٱلَّذِينَ वो लोग जिन्हें alladhīna
वो लोग जिन्हें أَغْوَيْنَآ गुमराह किया हमने aghwaynā
गुमराह किया हमने أَغْوَيْنَـٰهُمْ गुमराह किया था हमने उन्हें aghwaynāhum
गुमराह किया था हमने उन्हें كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि غَوَيْنَا ۖ गुमराह हुए हम ghawaynā
गुमराह हुए हम تَبَرَّأْنَآ इज़हारे बराअत करते हैं हम(उनसे) tabarranā
इज़हारे बराअत करते हैं हम(उनसे) إِلَيْكَ ۖ तेरे सामने ilayka
तेरे सामने مَا ना mā
ना كَانُوٓا۟ थे वो kānū
थे वो إِيَّانَا सिर्फ़ हमारी ही iyyānā
सिर्फ़ हमारी ही يَعْبُدُونَ वो इबादत करते yaʿbudūna
वो इबादत करते ٦٣ (63)
(63)
वे लोग कहेंगे जिनपर बात1 सिद्ध हो चुकी : ऐ हमारे पालनहार! ये वे लोग हैं जिन्हें हमने गुमराह किया, हमने उन्हें उसी तरह गुमराह किया जैसे हम गुमराह हुए। हम तेरे सामने (इनसे) अलग होने की घोषणा करते हैं। ये हमारी2 तो पूजा नहीं करते थे।
२८:६४
وَقِيلَ
और कहा जाएगा
waqīla
और कहा जाएगा ٱدْعُوا۟ पुकारो id'ʿū
पुकारो شُرَكَآءَكُمْ अपने शरीकों को shurakāakum
अपने शरीकों को فَدَعَوْهُمْ तो वो पुकारेंगे उन्हें fadaʿawhum
तो वो पुकारेंगे उन्हें فَلَمْ फिर ना falam
फिर ना يَسْتَجِيبُوا۟ वो जवाब देंगे yastajībū
वो जवाब देंगे لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें وَرَأَوُا۟ और वो देख लेंगे wara-awū
और वो देख लेंगे ٱلْعَذَابَ ۚ अज़ाब को l-ʿadhāba
अज़ाब को لَوْ काश law
काश أَنَّهُمْ कि बेशक वो annahum
कि बेशक वो كَانُوا۟ होते वो kānū
होते वो يَهْتَدُونَ वो हिदायत पाते yahtadūna
वो हिदायत पाते ٦٤ (64)
(64)
और कहा जाएगा ٱدْعُوا۟ पुकारो id'ʿū
पुकारो شُرَكَآءَكُمْ अपने शरीकों को shurakāakum
अपने शरीकों को فَدَعَوْهُمْ तो वो पुकारेंगे उन्हें fadaʿawhum
तो वो पुकारेंगे उन्हें فَلَمْ फिर ना falam
फिर ना يَسْتَجِيبُوا۟ वो जवाब देंगे yastajībū
वो जवाब देंगे لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें وَرَأَوُا۟ और वो देख लेंगे wara-awū
और वो देख लेंगे ٱلْعَذَابَ ۚ अज़ाब को l-ʿadhāba
अज़ाब को لَوْ काश law
काश أَنَّهُمْ कि बेशक वो annahum
कि बेशक वो كَانُوا۟ होते वो kānū
होते वो يَهْتَدُونَ वो हिदायत पाते yahtadūna
वो हिदायत पाते ٦٤ (64)
(64)
तथा कहा जाएगा : अपने साझियों को पुकारो। तो वे उन्हें पुकारेंगे, परंतु वे उन्हें उत्तर न देंगे। तथा वे यातना को देखेंगे, (तो कामना करेंगे) काश कि उन्होंने मार्गदर्शन स्वीकार किया होता।
२८:६५
وَيَوْمَ
और जिस दिन
wayawma
और जिस दिन يُنَادِيهِمْ वो पुकारेगा उन्हें yunādīhim
वो पुकारेगा उन्हें فَيَقُولُ फिर वो कहेगा fayaqūlu
फिर वो कहेगा مَاذَآ क्या कुछ mādhā
क्या कुछ أَجَبْتُمُ जवाब दिया तुमने ajabtumu
जवाब दिया तुमने ٱلْمُرْسَلِينَ रसूलों को l-mur'salīna
रसूलों को ٦٥ (65)
(65)
और जिस दिन يُنَادِيهِمْ वो पुकारेगा उन्हें yunādīhim
वो पुकारेगा उन्हें فَيَقُولُ फिर वो कहेगा fayaqūlu
फिर वो कहेगा مَاذَآ क्या कुछ mādhā
क्या कुछ أَجَبْتُمُ जवाब दिया तुमने ajabtumu
जवाब दिया तुमने ٱلْمُرْسَلِينَ रसूलों को l-mur'salīna
रसूलों को ٦٥ (65)
(65)
और जिस दिन वह (अल्लाह) उन्हें पुकारेगा, फिर कहेगा : तुमने रसूलों को क्या उत्तर दिया?
२८:६६
فَعَمِيَتْ
तो अँधी हो जाऐंगी
faʿamiyat
तो अँधी हो जाऐंगी عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلْأَنۢبَآءُ ख़बरें l-anbāu
ख़बरें يَوْمَئِذٍۢ उस दिन yawma-idhin
उस दिन فَهُمْ तो वो fahum
तो वो لَا will not ask one another lā
will not ask one another يَتَسَآءَلُونَ ना वो आपस में सवाल करेंगे yatasāalūna
ना वो आपस में सवाल करेंगे ٦٦ (66)
(66)
तो अँधी हो जाऐंगी عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلْأَنۢبَآءُ ख़बरें l-anbāu
ख़बरें يَوْمَئِذٍۢ उस दिन yawma-idhin
उस दिन فَهُمْ तो वो fahum
तो वो لَا will not ask one another lā
will not ask one another يَتَسَآءَلُونَ ना वो आपस में सवाल करेंगे yatasāalūna
ना वो आपस में सवाल करेंगे ٦٦ (66)
(66)
तो उस दिन उनसे सब बातें लुप्त हो जाएँगी, इसलिए वे एक-दूसरे से (भी) नहीं पूछेंगे।
२८:६७
فَأَمَّا
तो रहा
fa-ammā
तो रहा مَن वो जिसने man
वो जिसने تَابَ तौबा कि tāba
तौबा कि وَءَامَنَ और ईमान लाया waāmana
और ईमान लाया وَعَمِلَ और उसने अमल किए waʿamila
और उसने अमल किए صَـٰلِحًۭا नेक ṣāliḥan
नेक فَعَسَىٰٓ तो उम्मीद है faʿasā
तो उम्मीद है أَن कि an
कि يَكُونَ होगा वो yakūna
होगा वो مِنَ of mina
of ٱلْمُفْلِحِينَ फ़लाह पाने वालों में से l-muf'liḥīna
फ़लाह पाने वालों में से ٦٧ (67)
(67)
तो रहा مَن वो जिसने man
वो जिसने تَابَ तौबा कि tāba
तौबा कि وَءَامَنَ और ईमान लाया waāmana
और ईमान लाया وَعَمِلَ और उसने अमल किए waʿamila
और उसने अमल किए صَـٰلِحًۭا नेक ṣāliḥan
नेक فَعَسَىٰٓ तो उम्मीद है faʿasā
तो उम्मीद है أَن कि an
कि يَكُونَ होगा वो yakūna
होगा वो مِنَ of mina
of ٱلْمُفْلِحِينَ फ़लाह पाने वालों में से l-muf'liḥīna
फ़लाह पाने वालों में से ٦٧ (67)
(67)
फिर जिसने क्षमा माँग ली तथा ईमान ले आया और अच्छा कर्म किया, तो आशा है कि वह सफल होने वालों में से होगा।
२८:६८
وَرَبُّكَ
और रब आपका
warabbuka
और रब आपका يَخْلُقُ पैदा करता है yakhluqu
पैदा करता है مَا जो mā
जो يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَيَخْتَارُ ۗ और वो मुन्तख़िब कर लेता है wayakhtāru
और वो मुन्तख़िब कर लेता है مَا नहीं mā
नहीं كَانَ है kāna
है لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए ٱلْخِيَرَةُ ۚ इख़्तियार l-khiyaratu
इख़्तियार سُبْحَـٰنَ पाक है sub'ḥāna
पाक है ٱللَّهِ अल्लाह l-lahi
अल्लाह وَتَعَـٰلَىٰ और वो बुलन्दतर है wataʿālā
और वो बुलन्दतर है عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो يُشْرِكُونَ वो शरीक ठहराते हैं yush'rikūna
वो शरीक ठहराते हैं ٦٨ (68)
(68)
और रब आपका يَخْلُقُ पैदा करता है yakhluqu
पैदा करता है مَا जो mā
जो يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَيَخْتَارُ ۗ और वो मुन्तख़िब कर लेता है wayakhtāru
और वो मुन्तख़िब कर लेता है مَا नहीं mā
नहीं كَانَ है kāna
है لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए ٱلْخِيَرَةُ ۚ इख़्तियार l-khiyaratu
इख़्तियार سُبْحَـٰنَ पाक है sub'ḥāna
पाक है ٱللَّهِ अल्लाह l-lahi
अल्लाह وَتَعَـٰلَىٰ और वो बुलन्दतर है wataʿālā
और वो बुलन्दतर है عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो يُشْرِكُونَ वो शरीक ठहराते हैं yush'rikūna
वो शरीक ठहराते हैं ٦٨ (68)
(68)
और आपका पालनहार जो चाहता है पैदा करता है और चुन लेता है, उनके लिए कभी भी अधिकार नहीं। अल्लाह पवित्र है तथा बहुत उच्च है, उससे जो वे साझी बनाते हैं।
२८:६९
وَرَبُّكَ
और रब आपका
warabbuka
और रब आपका يَعْلَمُ वो जानता है yaʿlamu
वो जानता है مَا जो कुछ mā
जो कुछ تُكِنُّ छुपाते हैं tukinnu
छुपाते हैं صُدُورُهُمْ सीने उनके ṣudūruhum
सीने उनके وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ يُعْلِنُونَ वो ज़ाहिर करते हैं yuʿ'linūna
वो ज़ाहिर करते हैं ٦٩ (69)
(69)
और रब आपका يَعْلَمُ वो जानता है yaʿlamu
वो जानता है مَا जो कुछ mā
जो कुछ تُكِنُّ छुपाते हैं tukinnu
छुपाते हैं صُدُورُهُمْ सीने उनके ṣudūruhum
सीने उनके وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ يُعْلِنُونَ वो ज़ाहिर करते हैं yuʿ'linūna
वो ज़ाहिर करते हैं ٦٩ (69)
(69)
और आपका पालनहार जानता है, जो कुछ उनके सीने छिपाते हैं और जो कुछ वे ज़ाहिर करते हैं।
२८:७०
وَهُوَ
और वो
wahuwa
और वो ٱللَّهُ अल्लाह है l-lahu
अल्लाह है لَآ (there is) no lā
(there is) no إِلَـٰهَ नहीं कोई इलाह(बरहक़) ilāha
नहीं कोई इलाह(बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ ۖ वो ही huwa
वो ही لَهُ उसी के लिए है lahu
उसी के लिए है ٱلْحَمْدُ सब तारीफ़ l-ḥamdu
सब तारीफ़ فِى in fī
in ٱلْأُولَىٰ दुनिया में l-ūlā
दुनिया में وَٱلْـَٔاخِرَةِ ۖ और आख़िरत में wal-ākhirati
और आख़िरत में وَلَهُ और उसी का walahu
और उसी का ٱلْحُكْمُ हुक्म है l-ḥuk'mu
हुक्म है وَإِلَيْهِ और उसी की तरफ़ wa-ilayhi
और उसी की तरफ़ تُرْجَعُونَ तुम लौटाए जाओगे tur'jaʿūna
तुम लौटाए जाओगे ٧٠ (70)
(70)
और वो ٱللَّهُ अल्लाह है l-lahu
अल्लाह है لَآ (there is) no lā
(there is) no إِلَـٰهَ नहीं कोई इलाह(बरहक़) ilāha
नहीं कोई इलाह(बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ ۖ वो ही huwa
वो ही لَهُ उसी के लिए है lahu
उसी के लिए है ٱلْحَمْدُ सब तारीफ़ l-ḥamdu
सब तारीफ़ فِى in fī
in ٱلْأُولَىٰ दुनिया में l-ūlā
दुनिया में وَٱلْـَٔاخِرَةِ ۖ और आख़िरत में wal-ākhirati
और आख़िरत में وَلَهُ और उसी का walahu
और उसी का ٱلْحُكْمُ हुक्म है l-ḥuk'mu
हुक्म है وَإِلَيْهِ और उसी की तरफ़ wa-ilayhi
और उसी की तरफ़ تُرْجَعُونَ तुम लौटाए जाओगे tur'jaʿūna
तुम लौटाए जाओगे ٧٠ (70)
(70)
तथा वही अल्लाह है, जिसके सिवा कोई सत्य पूज्य नहीं। उसी के लिए दुनिया और आख़िरत में सब प्रशंसा है। तथा उसी का हुक्म (चलता) है और उसी की ओर तुम लौटाए1 जाओगो।
२८:७१
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए أَرَءَيْتُمْ क्या ग़ौर किया तुमने ara-aytum
क्या ग़ौर किया तुमने إِن अगर in
अगर جَعَلَ कर दे jaʿala
कर दे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلَيْكُمُ तुम पर ʿalaykumu
तुम पर ٱلَّيْلَ रात al-layla
रात سَرْمَدًا हमेशा/दाइमी sarmadan
हमेशा/दाइमी إِلَىٰ till ilā
till يَوْمِ दिन तक yawmi
दिन तक ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के مَنْ कौन है man
कौन है إِلَـٰهٌ इलाह ilāhun
इलाह غَيْرُ सिवाए ghayru
सिवाए ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के يَأْتِيكُم जो लाए तुम्हारे पास yatīkum
जो लाए तुम्हारे पास بِضِيَآءٍ ۖ कोई रौशनी biḍiyāin
कोई रौशनी أَفَلَا क्या भला नहीं afalā
क्या भला नहीं تَسْمَعُونَ तुम सुनते tasmaʿūna
तुम सुनते ٧١ (71)
(71)
कह दीजिए أَرَءَيْتُمْ क्या ग़ौर किया तुमने ara-aytum
क्या ग़ौर किया तुमने إِن अगर in
अगर جَعَلَ कर दे jaʿala
कर दे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلَيْكُمُ तुम पर ʿalaykumu
तुम पर ٱلَّيْلَ रात al-layla
रात سَرْمَدًا हमेशा/दाइमी sarmadan
हमेशा/दाइमी إِلَىٰ till ilā
till يَوْمِ दिन तक yawmi
दिन तक ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के مَنْ कौन है man
कौन है إِلَـٰهٌ इलाह ilāhun
इलाह غَيْرُ सिवाए ghayru
सिवाए ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के يَأْتِيكُم जो लाए तुम्हारे पास yatīkum
जो लाए तुम्हारे पास بِضِيَآءٍ ۖ कोई रौशनी biḍiyāin
कोई रौशनी أَفَلَا क्या भला नहीं afalā
क्या भला नहीं تَسْمَعُونَ तुम सुनते tasmaʿūna
तुम सुनते ٧١ (71)
(71)
(ऐ नबी!) आप कह दें : क्या तुमने देखा कि यदि अल्लाह क़ियामत के दिन तक तुमपर हमेशा के लिए रात कर दे, तो अल्लाह के सिवा कौन पूज्य है जो तुम्हारे लिए प्रकाश ला सके? तो क्या तुम नहीं सुनते?
२८:७२
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए أَرَءَيْتُمْ क्या ग़ौर किया तुमने ara-aytum
क्या ग़ौर किया तुमने إِن अगर in
अगर جَعَلَ कर दे jaʿala
कर दे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلَيْكُمُ तुम पर ʿalaykumu
तुम पर ٱلنَّهَارَ दिन को l-nahāra
दिन को سَرْمَدًا हमेशा/दाइमी sarmadan
हमेशा/दाइमी إِلَىٰ till ilā
till يَوْمِ दिन तक yawmi
दिन तक ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के مَنْ कौन man
कौन إِلَـٰهٌ इलाह है ilāhun
इलाह है غَيْرُ सिवाए ghayru
सिवाए ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के يَأْتِيكُم जो लाएगा तुम्हारे पास yatīkum
जो लाएगा तुम्हारे पास بِلَيْلٍۢ रात को bilaylin
रात को تَسْكُنُونَ तुम सुकून पा सको taskunūna
तुम सुकून पा सको فِيهِ ۖ उसमें fīhi
उसमें أَفَلَا क्या फिर नहीं afalā
क्या फिर नहीं تُبْصِرُونَ तुम देखते tub'ṣirūna
तुम देखते ٧٢ (72)
(72)
कह दीजिए أَرَءَيْتُمْ क्या ग़ौर किया तुमने ara-aytum
क्या ग़ौर किया तुमने إِن अगर in
अगर جَعَلَ कर दे jaʿala
कर दे ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلَيْكُمُ तुम पर ʿalaykumu
तुम पर ٱلنَّهَارَ दिन को l-nahāra
दिन को سَرْمَدًا हमेशा/दाइमी sarmadan
हमेशा/दाइमी إِلَىٰ till ilā
till يَوْمِ दिन तक yawmi
दिन तक ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के مَنْ कौन man
कौन إِلَـٰهٌ इलाह है ilāhun
इलाह है غَيْرُ सिवाए ghayru
सिवाए ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के يَأْتِيكُم जो लाएगा तुम्हारे पास yatīkum
जो लाएगा तुम्हारे पास بِلَيْلٍۢ रात को bilaylin
रात को تَسْكُنُونَ तुम सुकून पा सको taskunūna
तुम सुकून पा सको فِيهِ ۖ उसमें fīhi
उसमें أَفَلَا क्या फिर नहीं afalā
क्या फिर नहीं تُبْصِرُونَ तुम देखते tub'ṣirūna
तुम देखते ٧٢ (72)
(72)
आप कह दें : क्या तुमने देखा कि यदि अल्लाह क़ियामत के दिन तक तुमपर हमेशा के लिए दिन कर दे, तो अल्लाह के सिवा कौन पूज्य है जो तुम्हारे लिए रात ले आए, जिसमें तुम विश्राम कर सको? तो क्या तुम नहीं देखते?
२८:७३
وَمِن
And from
wamin
And from رَّحْمَتِهِۦ और उसकी रहमत में से है raḥmatihi
और उसकी रहमत में से है جَعَلَ कि उसने बनाया jaʿala
कि उसने बनाया لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلَّيْلَ रात al-layla
रात وَٱلنَّهَارَ और दिन को wal-nahāra
और दिन को لِتَسْكُنُوا۟ ताकि तुम सुकून पाओ litaskunū
ताकि तुम सुकून पाओ فِيهِ उसमें fīhi
उसमें وَلِتَبْتَغُوا۟ और ताकि तुम तलाश करो walitabtaghū
और ताकि तुम तलाश करो مِن from min
from فَضْلِهِۦ उसके फ़ज़ल में से faḍlihi
उसके फ़ज़ल में से وَلَعَلَّكُمْ और ताकि तुम walaʿallakum
और ताकि तुम تَشْكُرُونَ तुम शुक्र अदा करो tashkurūna
तुम शुक्र अदा करो ٧٣ (73)
(73)
And from رَّحْمَتِهِۦ और उसकी रहमत में से है raḥmatihi
और उसकी रहमत में से है جَعَلَ कि उसने बनाया jaʿala
कि उसने बनाया لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلَّيْلَ रात al-layla
रात وَٱلنَّهَارَ और दिन को wal-nahāra
और दिन को لِتَسْكُنُوا۟ ताकि तुम सुकून पाओ litaskunū
ताकि तुम सुकून पाओ فِيهِ उसमें fīhi
उसमें وَلِتَبْتَغُوا۟ और ताकि तुम तलाश करो walitabtaghū
और ताकि तुम तलाश करो مِن from min
from فَضْلِهِۦ उसके फ़ज़ल में से faḍlihi
उसके फ़ज़ल में से وَلَعَلَّكُمْ और ताकि तुम walaʿallakum
और ताकि तुम تَشْكُرُونَ तुम शुक्र अदा करो tashkurūna
तुम शुक्र अदा करो ٧٣ (73)
(73)
तथा उसने अपनी दया ही से तुम्हारे लिए रात और दिन बनाए हैं। ताकि तुम उस (रात) में आराम करो और ताकि उसका कुछ अनुग्रह तलाश करो और ताकि तुम उसके कृतज्ञ बनो।
२८:७४
وَيَوْمَ
और जिस दिन
wayawma
और जिस दिन يُنَادِيهِمْ वो पुकारेगा उन्हें yunādīhim
वो पुकारेगा उन्हें فَيَقُولُ तो वो फ़रमाएगा fayaqūlu
तो वो फ़रमाएगा أَيْنَ कहाँ हैं ayna
कहाँ हैं شُرَكَآءِىَ मेरे शरीक shurakāiya
मेरे शरीक ٱلَّذِينَ वो जिनका alladhīna
वो जिनका كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَزْعُمُونَ तुम दावा करते tazʿumūna
तुम दावा करते ٧٤ (74)
(74)
और जिस दिन يُنَادِيهِمْ वो पुकारेगा उन्हें yunādīhim
वो पुकारेगा उन्हें فَيَقُولُ तो वो फ़रमाएगा fayaqūlu
तो वो फ़रमाएगा أَيْنَ कहाँ हैं ayna
कहाँ हैं شُرَكَآءِىَ मेरे शरीक shurakāiya
मेरे शरीक ٱلَّذِينَ वो जिनका alladhīna
वो जिनका كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَزْعُمُونَ तुम दावा करते tazʿumūna
तुम दावा करते ٧٤ (74)
(74)
और जिस दिन वह उन्हें पुकारेगा, तो कहेगा : कहाँ हैं मेरे वे साझी, जो तुम दावा करते थे?
२८:७५
وَنَزَعْنَا
और निकाल लाऐंगे हम
wanazaʿnā
और निकाल लाऐंगे हम مِن from min
from كُلِّ every kulli
every أُمَّةٍۢ हर उम्मत से ummatin
हर उम्मत से شَهِيدًۭا एक गवाह shahīdan
एक गवाह فَقُلْنَا तो कहेंगे हम faqul'nā
तो कहेंगे हम هَاتُوا۟ लाओ hātū
लाओ بُرْهَـٰنَكُمْ दलील अपनी bur'hānakum
दलील अपनी فَعَلِمُوٓا۟ तो वो जान लेंगे faʿalimū
तो वो जान लेंगे أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱلْحَقَّ हक़ l-ḥaqa
हक़ لِلَّهِ अल्लाह ही के लिए है lillahi
अल्लाह ही के लिए है وَضَلَّ और गुम हो जाऐंगे waḍalla
और गुम हो जाऐंगे عَنْهُم उनसे ʿanhum
उनसे مَّا जो mā
जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَفْتَرُونَ वो गढ़ा करते yaftarūna
वो गढ़ा करते ٧٥ (75)
(75)
और निकाल लाऐंगे हम مِن from min
from كُلِّ every kulli
every أُمَّةٍۢ हर उम्मत से ummatin
हर उम्मत से شَهِيدًۭا एक गवाह shahīdan
एक गवाह فَقُلْنَا तो कहेंगे हम faqul'nā
तो कहेंगे हम هَاتُوا۟ लाओ hātū
लाओ بُرْهَـٰنَكُمْ दलील अपनी bur'hānakum
दलील अपनी فَعَلِمُوٓا۟ तो वो जान लेंगे faʿalimū
तो वो जान लेंगे أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱلْحَقَّ हक़ l-ḥaqa
हक़ لِلَّهِ अल्लाह ही के लिए है lillahi
अल्लाह ही के लिए है وَضَلَّ और गुम हो जाऐंगे waḍalla
और गुम हो जाऐंगे عَنْهُم उनसे ʿanhum
उनसे مَّا जो mā
जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَفْتَرُونَ वो गढ़ा करते yaftarūna
वो गढ़ा करते ٧٥ (75)
(75)
और हम प्रत्येक समुदाय से एक गवाह निकालेंगे, फिर हम कहेंगे : लाओ अपने प्रमाण। तो वे जान लेंगे कि निःसंदेह सत्य बात अल्लाह की है, और जो कुछ वे गढ़ते थे, वह उनसे गुम हो जाएगा।
२८:७६
۞ إِنَّ
बेशक
inna
बेशक قَـٰرُونَ क़ारून qārūna
क़ारून كَانَ था वो kāna
था वो مِن from min
from قَوْمِ क़ौम से qawmi
क़ौम से مُوسَىٰ मूसा की mūsā
मूसा की فَبَغَىٰ तो उसने सरकशी की fabaghā
तो उसने सरकशी की عَلَيْهِمْ ۖ उन पर ʿalayhim
उन पर وَءَاتَيْنَـٰهُ और अता किया हमने उसे waātaynāhu
और अता किया हमने उसे مِنَ of mina
of ٱلْكُنُوزِ ख़ज़ानों में से l-kunūzi
ख़ज़ानों में से مَآ इस क़द्र कि mā
इस क़द्र कि إِنَّ बेशक inna
बेशक مَفَاتِحَهُۥ कुंजियाँ उसकी mafātiḥahu
कुंजियाँ उसकी لَتَنُوٓأُ अलबत्ता वो भारी होती थीं latanūu
अलबत्ता वो भारी होती थीं بِٱلْعُصْبَةِ एक जमात पर bil-ʿuṣ'bati
एक जमात पर أُو۟لِى possessors of great strength ulī
possessors of great strength ٱلْقُوَّةِ क़ुव्वत वाली l-quwati
क़ुव्वत वाली إِذْ जब idh
जब قَالَ कहा qāla
कहा لَهُۥ उसे lahu
उसे قَوْمُهُۥ उसकी क़ौम ने qawmuhu
उसकी क़ौम ने لَا (Do) not lā
(Do) not تَفْرَحْ ۖ ना तुम इतराओ tafraḥ
ना तुम इतराओ إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يُحِبُّ नहीं वो पसंद करता yuḥibbu
नहीं वो पसंद करता ٱلْفَرِحِينَ इतराने वालों को l-fariḥīna
इतराने वालों को ٧٦ (76)
(76)
बेशक قَـٰرُونَ क़ारून qārūna
क़ारून كَانَ था वो kāna
था वो مِن from min
from قَوْمِ क़ौम से qawmi
क़ौम से مُوسَىٰ मूसा की mūsā
मूसा की فَبَغَىٰ तो उसने सरकशी की fabaghā
तो उसने सरकशी की عَلَيْهِمْ ۖ उन पर ʿalayhim
उन पर وَءَاتَيْنَـٰهُ और अता किया हमने उसे waātaynāhu
और अता किया हमने उसे مِنَ of mina
of ٱلْكُنُوزِ ख़ज़ानों में से l-kunūzi
ख़ज़ानों में से مَآ इस क़द्र कि mā
इस क़द्र कि إِنَّ बेशक inna
बेशक مَفَاتِحَهُۥ कुंजियाँ उसकी mafātiḥahu
कुंजियाँ उसकी لَتَنُوٓأُ अलबत्ता वो भारी होती थीं latanūu
अलबत्ता वो भारी होती थीं بِٱلْعُصْبَةِ एक जमात पर bil-ʿuṣ'bati
एक जमात पर أُو۟لِى possessors of great strength ulī
possessors of great strength ٱلْقُوَّةِ क़ुव्वत वाली l-quwati
क़ुव्वत वाली إِذْ जब idh
जब قَالَ कहा qāla
कहा لَهُۥ उसे lahu
उसे قَوْمُهُۥ उसकी क़ौम ने qawmuhu
उसकी क़ौम ने لَا (Do) not lā
(Do) not تَفْرَحْ ۖ ना तुम इतराओ tafraḥ
ना तुम इतराओ إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يُحِبُّ नहीं वो पसंद करता yuḥibbu
नहीं वो पसंद करता ٱلْفَرِحِينَ इतराने वालों को l-fariḥīna
इतराने वालों को ٧٦ (76)
(76)
निःसंदेह क़ारून1 मूसा की जाति में से था। फिर उसने उनपर सरकशी की और हमने उसे इतने ख़ज़ाने दिए कि निःसंदेह उनकी कुंजियाँ एक बलशाली गिरोह पर भारी पड़ती थीं। जब उसकी जाति ने उससे कहा : मत इतरा। निःसंदेह अल्लाह इतराने वालों से प्रेम नहीं करता।
२८:७७
وَٱبْتَغِ
और तलाश करो
wa-ib'taghi
और तलाश करो فِيمَآ उसमें से जो fīmā
उसमें से जो ءَاتَىٰكَ दिया तुम्हें ātāka
दिया तुम्हें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱلدَّارَ घर l-dāra
घर ٱلْـَٔاخِرَةَ ۖ आख़िरत का l-ākhirata
आख़िरत का وَلَا और ना walā
और ना تَنسَ तुम भूलो tansa
तुम भूलो نَصِيبَكَ हिस्सा अपना naṣībaka
हिस्सा अपना مِنَ of mina
of ٱلدُّنْيَا ۖ दुनिया में से l-dun'yā
दुनिया में से وَأَحْسِن और एहसान करो wa-aḥsin
और एहसान करो كَمَآ जैसा कि kamā
जैसा कि أَحْسَنَ एहसान किया aḥsana
एहसान किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने إِلَيْكَ ۖ तुम पर ilayka
तुम पर وَلَا और ना walā
और ना تَبْغِ तुम चाहो tabghi
तुम चाहो ٱلْفَسَادَ फ़साद l-fasāda
फ़साद فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ۖ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يُحِبُّ नहीं वो पसंद करता yuḥibbu
नहीं वो पसंद करता ٱلْمُفْسِدِينَ फ़साद करने वालों को l-muf'sidīna
फ़साद करने वालों को ٧٧ (77)
(77)
और तलाश करो فِيمَآ उसमें से जो fīmā
उसमें से जो ءَاتَىٰكَ दिया तुम्हें ātāka
दिया तुम्हें ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱلدَّارَ घर l-dāra
घर ٱلْـَٔاخِرَةَ ۖ आख़िरत का l-ākhirata
आख़िरत का وَلَا और ना walā
और ना تَنسَ तुम भूलो tansa
तुम भूलो نَصِيبَكَ हिस्सा अपना naṣībaka
हिस्सा अपना مِنَ of mina
of ٱلدُّنْيَا ۖ दुनिया में से l-dun'yā
दुनिया में से وَأَحْسِن और एहसान करो wa-aḥsin
और एहसान करो كَمَآ जैसा कि kamā
जैसा कि أَحْسَنَ एहसान किया aḥsana
एहसान किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने إِلَيْكَ ۖ तुम पर ilayka
तुम पर وَلَا और ना walā
और ना تَبْغِ तुम चाहो tabghi
तुम चाहो ٱلْفَسَادَ फ़साद l-fasāda
फ़साद فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ۖ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يُحِبُّ नहीं वो पसंद करता yuḥibbu
नहीं वो पसंद करता ٱلْمُفْسِدِينَ फ़साद करने वालों को l-muf'sidīna
फ़साद करने वालों को ٧٧ (77)
(77)
तथा जो कुछ अल्लाह ने तुझे दिया है, उसमें आख़िरत का घर तलाश कर, और दुनिया से अपना हिस्सा मत भूल और उपकार कर, जैसे अल्लाह ने तुझपर उपकार किया है, तथा धरती में बिगाड़ की तलाश मत कर। निःसंदेह अल्लाह बिगाड़ पैदा करने वालों से प्रेम नहीं करता।
२८:७८
قَالَ
उसने कहा
qāla
उसने कहा إِنَّمَآ बेशक innamā
बेशक أُوتِيتُهُۥ दिया गया हूँ मैं इसे ūtītuhu
दिया गया हूँ मैं इसे عَلَىٰ on (account) ʿalā
on (account) عِلْمٍ इल्म कि बिना पर ʿil'min
इल्म कि बिना पर عِندِىٓ ۚ जो मेरे पास है ʿindī
जो मेरे पास है أَوَلَمْ क्या भला नहीं awalam
क्या भला नहीं يَعْلَمْ उसने जाना yaʿlam
उसने जाना أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ أَهْلَكَ उसने हलाक कर दिया ahlaka
उसने हलाक कर दिया مِن before him min
before him قَبْلِهِۦ इससे पहले qablihi
इससे पहले مِنَ of mina
of ٱلْقُرُونِ कई उम्मतों को l-qurūni
कई उम्मतों को مَنْ who man
who هُوَ वो जो huwa
वो जो أَشَدُّ ज़्यादा सख़्त थीं ashaddu
ज़्यादा सख़्त थीं مِنْهُ उससे min'hu
उससे قُوَّةًۭ क़ुव्वत में quwwatan
क़ुव्वत में وَأَكْثَرُ और अक्सर wa-aktharu
और अक्सर جَمْعًۭا ۚ जमीअत में jamʿan
जमीअत में وَلَا और नहीं walā
और नहीं يُسْـَٔلُ पूछे जाते yus'alu
पूछे जाते عَن about ʿan
about ذُنُوبِهِمُ अपने गुनाहों के बारे में dhunūbihimu
अपने गुनाहों के बारे में ٱلْمُجْرِمُونَ मुजरिम l-muj'rimūna
मुजरिम ٧٨ (78)
(78)
उसने कहा إِنَّمَآ बेशक innamā
बेशक أُوتِيتُهُۥ दिया गया हूँ मैं इसे ūtītuhu
दिया गया हूँ मैं इसे عَلَىٰ on (account) ʿalā
on (account) عِلْمٍ इल्म कि बिना पर ʿil'min
इल्म कि बिना पर عِندِىٓ ۚ जो मेरे पास है ʿindī
जो मेरे पास है أَوَلَمْ क्या भला नहीं awalam
क्या भला नहीं يَعْلَمْ उसने जाना yaʿlam
उसने जाना أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह ने l-laha
अल्लाह ने قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ أَهْلَكَ उसने हलाक कर दिया ahlaka
उसने हलाक कर दिया مِن before him min
before him قَبْلِهِۦ इससे पहले qablihi
इससे पहले مِنَ of mina
of ٱلْقُرُونِ कई उम्मतों को l-qurūni
कई उम्मतों को مَنْ who man
who هُوَ वो जो huwa
वो जो أَشَدُّ ज़्यादा सख़्त थीं ashaddu
ज़्यादा सख़्त थीं مِنْهُ उससे min'hu
उससे قُوَّةًۭ क़ुव्वत में quwwatan
क़ुव्वत में وَأَكْثَرُ और अक्सर wa-aktharu
और अक्सर جَمْعًۭا ۚ जमीअत में jamʿan
जमीअत में وَلَا और नहीं walā
और नहीं يُسْـَٔلُ पूछे जाते yus'alu
पूछे जाते عَن about ʿan
about ذُنُوبِهِمُ अपने गुनाहों के बारे में dhunūbihimu
अपने गुनाहों के बारे में ٱلْمُجْرِمُونَ मुजरिम l-muj'rimūna
मुजरिम ٧٨ (78)
(78)
उसने कहा : ''मुझे तो यह उस ज्ञान के कारण दिया गया है जो मेरे पास है।'' और क्या उसने नहीं जाना कि निःसंदेह अल्लाह उससे पहले कई समुदायों को विनष्ट कर चुका है, जो शक्ति में उससे बढ़कर और धन-दौलत में उससे अधिक थे। और अपराधियों से उनके पापों के बारे में पूछा नहीं जाएगा।
२८:७९
فَخَرَجَ
तो वो निकला
fakharaja
तो वो निकला عَلَىٰ to ʿalā
to قَوْمِهِۦ अपनी क़ौम पर qawmihi
अपनी क़ौम पर فِى in fī
in زِينَتِهِۦ ۖ अपनी ज़ीनत में zīnatihi
अपनी ज़ीनत में قَالَ कहा qāla
कहा ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जो alladhīna
उन लोगों ने जो يُرِيدُونَ चाहते थे yurīdūna
चाहते थे ٱلْحَيَوٰةَ ज़िन्दगी l-ḥayata
ज़िन्दगी ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की يَـٰلَيْتَ ऐ काश कि होता yālayta
ऐ काश कि होता لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए مِثْلَ मानिन्द mith'la
मानिन्द مَآ उसके जो mā
उसके जो أُوتِىَ दिया गया ūtiya
दिया गया قَـٰرُونُ क़ारून qārūnu
क़ारून إِنَّهُۥ यक़ीनन वो innahu
यक़ीनन वो لَذُو (is the) owner ladhū
(is the) owner حَظٍّ अलबत्ता क़िस्मत वाला है ḥaẓẓin
अलबत्ता क़िस्मत वाला है عَظِيمٍۢ बहुत बड़ी ʿaẓīmin
बहुत बड़ी ٧٩ (79)
(79)
तो वो निकला عَلَىٰ to ʿalā
to قَوْمِهِۦ अपनी क़ौम पर qawmihi
अपनी क़ौम पर فِى in fī
in زِينَتِهِۦ ۖ अपनी ज़ीनत में zīnatihi
अपनी ज़ीनत में قَالَ कहा qāla
कहा ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जो alladhīna
उन लोगों ने जो يُرِيدُونَ चाहते थे yurīdūna
चाहते थे ٱلْحَيَوٰةَ ज़िन्दगी l-ḥayata
ज़िन्दगी ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की يَـٰلَيْتَ ऐ काश कि होता yālayta
ऐ काश कि होता لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए مِثْلَ मानिन्द mith'la
मानिन्द مَآ उसके जो mā
उसके जो أُوتِىَ दिया गया ūtiya
दिया गया قَـٰرُونُ क़ारून qārūnu
क़ारून إِنَّهُۥ यक़ीनन वो innahu
यक़ीनन वो لَذُو (is the) owner ladhū
(is the) owner حَظٍّ अलबत्ता क़िस्मत वाला है ḥaẓẓin
अलबत्ता क़िस्मत वाला है عَظِيمٍۢ बहुत बड़ी ʿaẓīmin
बहुत बड़ी ٧٩ (79)
(79)
फिर वह अपनी जाति के सामने अपनी शोभा में निकला। उन लोगों ने कहा जो दुनिया का जीवन चाहते थे : ऐ काश! हमारे लिए ऐसा ही होता जो क़ारून को दिया गया है, निःसंदेह वह निश्चय बड़ा नसीब वाला है।
२८:८०
وَقَالَ
और कहा
waqāla
और कहा ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जो alladhīna
उन लोगों ने जो أُوتُوا۟ दिए गए थे ūtū
दिए गए थे ٱلْعِلْمَ इल्म l-ʿil'ma
इल्म وَيْلَكُمْ अफ़सोस तुम पर waylakum
अफ़सोस तुम पर ثَوَابُ सवाब thawābu
सवाब ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है لِّمَنْ उसके लिए जो liman
उसके लिए जो ءَامَنَ ईमान लाया āmana
ईमान लाया وَعَمِلَ और उसने अमल किया waʿamila
और उसने अमल किया صَـٰلِحًۭا नेक ṣāliḥan
नेक وَلَا और नहीं walā
और नहीं يُلَقَّىٰهَآ पा सकते उसे yulaqqāhā
पा सकते उसे إِلَّا मगर illā
मगर ٱلصَّـٰبِرُونَ सब्र करने वाले l-ṣābirūna
सब्र करने वाले ٨٠ (80)
(80)
और कहा ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जो alladhīna
उन लोगों ने जो أُوتُوا۟ दिए गए थे ūtū
दिए गए थे ٱلْعِلْمَ इल्म l-ʿil'ma
इल्म وَيْلَكُمْ अफ़सोस तुम पर waylakum
अफ़सोस तुम पर ثَوَابُ सवाब thawābu
सवाब ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है لِّمَنْ उसके लिए जो liman
उसके लिए जो ءَامَنَ ईमान लाया āmana
ईमान लाया وَعَمِلَ और उसने अमल किया waʿamila
और उसने अमल किया صَـٰلِحًۭا नेक ṣāliḥan
नेक وَلَا और नहीं walā
और नहीं يُلَقَّىٰهَآ पा सकते उसे yulaqqāhā
पा सकते उसे إِلَّا मगर illā
मगर ٱلصَّـٰبِرُونَ सब्र करने वाले l-ṣābirūna
सब्र करने वाले ٨٠ (80)
(80)
तथा उन लोगों ने कहा, जिनको ज्ञान दिया गया था : हाय तुम पर! अल्लाह का बदला उस व्यक्ति के लिए कहीं उत्तम है, जो ईमान लाया तथा उसने अच्छा कर्म किया। और इसका सामर्थ्य केवल उन्हीं को दिया जाता है जो सब्र करने वाले हैं।
२८:८१
فَخَسَفْنَا
पस धँसा दिया हमने
fakhasafnā
पस धँसा दिया हमने بِهِۦ उसे bihi
उसे وَبِدَارِهِ और उसके घर को wabidārihi
और उसके घर को ٱلْأَرْضَ ज़मीन में l-arḍa
ज़मीन में فَمَا तो ना famā
तो ना كَانَ था kāna
था لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए مِن any min
any فِئَةٍۢ कोई गिरोह fi-atin
कोई गिरोह يَنصُرُونَهُۥ जो मदद करता उसकी yanṣurūnahu
जो मदद करता उसकी مِن besides min
besides دُونِ सिवाए dūni
सिवाए ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَمَا और ना wamā
और ना كَانَ था वो kāna
था वो مِنَ (he) of mina
(he) of ٱلْمُنتَصِرِينَ बदला लेने वालों में से l-muntaṣirīna
बदला लेने वालों में से ٨١ (81)
(81)
पस धँसा दिया हमने بِهِۦ उसे bihi
उसे وَبِدَارِهِ और उसके घर को wabidārihi
और उसके घर को ٱلْأَرْضَ ज़मीन में l-arḍa
ज़मीन में فَمَا तो ना famā
तो ना كَانَ था kāna
था لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए مِن any min
any فِئَةٍۢ कोई गिरोह fi-atin
कोई गिरोह يَنصُرُونَهُۥ जो मदद करता उसकी yanṣurūnahu
जो मदद करता उसकी مِن besides min
besides دُونِ सिवाए dūni
सिवाए ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَمَا और ना wamā
और ना كَانَ था वो kāna
था वो مِنَ (he) of mina
(he) of ٱلْمُنتَصِرِينَ बदला लेने वालों में से l-muntaṣirīna
बदला लेने वालों में से ٨١ (81)
(81)
तो हमने उसे और उसके घर को ज़मीन में धँसा दिया, फिर न उसके लिए कोई गिरोह था जो अल्लाह के मुक़ाबले में उसकी मदद करता और न वह अपनी रक्षा करने वालों में से था।
२८:८२
وَأَصْبَحَ
और सुबह की
wa-aṣbaḥa
और सुबह की ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जो alladhīna
उन लोगों ने जो تَمَنَّوْا۟ तमन्ना कर रहे थे tamannaw
तमन्ना कर रहे थे مَكَانَهُۥ उसके मक़ाम की makānahu
उसके मक़ाम की بِٱلْأَمْسِ कल तक bil-amsi
कल तक يَقُولُونَ वो कह रहे थे yaqūlūna
वो कह रहे थे وَيْكَأَنَّ अफ़सोस,बेशक wayka-anna
अफ़सोस,बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يَبْسُطُ वो फैला देता है yabsuṭu
वो फैला देता है ٱلرِّزْقَ रिज़्क़ l-riz'qa
रिज़्क़ لِمَن जिसके लिए liman
जिसके लिए يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है مِنْ of min
of عِبَادِهِۦ अपने बन्दों में से ʿibādihi
अपने बन्दों में से وَيَقْدِرُ ۖ और वो तंग कर देता है wayaqdiru
और वो तंग कर देता है لَوْلَآ अगर ना होता lawlā
अगर ना होता أَن ये कि an
ये कि مَّنَّ एहसान करता manna
एहसान करता ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर لَخَسَفَ अलबत्ता वो धँसा देता lakhasafa
अलबत्ता वो धँसा देता بِنَا ۖ हमें (भी) binā
हमें (भी) وَيْكَأَنَّهُۥ अफ़सोस, बेशक वो wayka-annahu
अफ़सोस, बेशक वो لَا not lā
not يُفْلِحُ नहीं वो फ़लाह पाते yuf'liḥu
नहीं वो फ़लाह पाते ٱلْكَـٰفِرُونَ जो काफ़िर हैं l-kāfirūna
जो काफ़िर हैं ٨٢ (82)
(82)
और सुबह की ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जो alladhīna
उन लोगों ने जो تَمَنَّوْا۟ तमन्ना कर रहे थे tamannaw
तमन्ना कर रहे थे مَكَانَهُۥ उसके मक़ाम की makānahu
उसके मक़ाम की بِٱلْأَمْسِ कल तक bil-amsi
कल तक يَقُولُونَ वो कह रहे थे yaqūlūna
वो कह रहे थे وَيْكَأَنَّ अफ़सोस,बेशक wayka-anna
अफ़सोस,बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह يَبْسُطُ वो फैला देता है yabsuṭu
वो फैला देता है ٱلرِّزْقَ रिज़्क़ l-riz'qa
रिज़्क़ لِمَن जिसके लिए liman
जिसके लिए يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है مِنْ of min
of عِبَادِهِۦ अपने बन्दों में से ʿibādihi
अपने बन्दों में से وَيَقْدِرُ ۖ और वो तंग कर देता है wayaqdiru
और वो तंग कर देता है لَوْلَآ अगर ना होता lawlā
अगर ना होता أَن ये कि an
ये कि مَّنَّ एहसान करता manna
एहसान करता ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर لَخَسَفَ अलबत्ता वो धँसा देता lakhasafa
अलबत्ता वो धँसा देता بِنَا ۖ हमें (भी) binā
हमें (भी) وَيْكَأَنَّهُۥ अफ़सोस, बेशक वो wayka-annahu
अफ़सोस, बेशक वो لَا not lā
not يُفْلِحُ नहीं वो फ़लाह पाते yuf'liḥu
नहीं वो फ़लाह पाते ٱلْكَـٰفِرُونَ जो काफ़िर हैं l-kāfirūna
जो काफ़िर हैं ٨٢ (82)
(82)
और जिन लोगों ने कल उसके स्थान की कामना की थी, कहने लगे : अफ़सोस! क्या हमने नहीं जाना कि अल्लाह अपने बंदों में से जिसके लिए चाहता है, रोज़ी विस्तृत कर देता है और तंग करता है। यदि यह न होता कि अल्लाह ने हमपर उपकार किया, तो वह अवश्य हमें धँसा देता। अफ़सोस! ऐसा प्रतीत होता है कि सच्चाई यह है कि काफ़िर सफल नहीं होते।
२८:८३
تِلْكَ
ये है
til'ka
ये है ٱلدَّارُ घर l-dāru
घर ٱلْـَٔاخِرَةُ आख़िरत का l-ākhiratu
आख़िरत का نَجْعَلُهَا हम बनाते हैं उसे najʿaluhā
हम बनाते हैं उसे لِلَّذِينَ उनके लिए जो lilladhīna
उनके लिए जो لَا (do) not lā
(do) not يُرِيدُونَ नहीं वो चाहते yurīdūna
नहीं वो चाहते عُلُوًّۭا बुलन्दी ʿuluwwan
बुलन्दी فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में وَلَا और ना walā
और ना فَسَادًۭا ۚ फ़साद fasādan
फ़साद وَٱلْعَـٰقِبَةُ और अंजाम wal-ʿāqibatu
और अंजाम لِلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों के लिए है lil'muttaqīna
मुत्तक़ी लोगों के लिए है ٨٣ (83)
(83)
ये है ٱلدَّارُ घर l-dāru
घर ٱلْـَٔاخِرَةُ आख़िरत का l-ākhiratu
आख़िरत का نَجْعَلُهَا हम बनाते हैं उसे najʿaluhā
हम बनाते हैं उसे لِلَّذِينَ उनके लिए जो lilladhīna
उनके लिए जो لَا (do) not lā
(do) not يُرِيدُونَ नहीं वो चाहते yurīdūna
नहीं वो चाहते عُلُوًّۭا बुलन्दी ʿuluwwan
बुलन्दी فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में وَلَا और ना walā
और ना فَسَادًۭا ۚ फ़साद fasādan
फ़साद وَٱلْعَـٰقِبَةُ और अंजाम wal-ʿāqibatu
और अंजाम لِلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों के लिए है lil'muttaqīna
मुत्तक़ी लोगों के लिए है ٨٣ (83)
(83)
यह आख़िरत का घर, हम इसे उन लोगों के लिए बनाते हैं, जो न ज़मीन में किसी तरह ऊँचे होने का इरादा रखते हैं और न ही किसी बिगाड़ का, और अच्छा अंजाम परहेज़गारों1 के लिए है।
२८:८४
مَن
जो कोई
man
जो कोई جَآءَ लाया jāa
लाया بِٱلْحَسَنَةِ भलाई bil-ḥasanati
भलाई فَلَهُۥ तो उसके लिए है falahu
तो उसके लिए है خَيْرٌۭ बेहतर khayrun
बेहतर مِّنْهَا ۖ उससे min'hā
उससे وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई جَآءَ लाया jāa
लाया بِٱلسَّيِّئَةِ बुराई bil-sayi-ati
बुराई فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं يُجْزَى वो बदला दिए जाऐंगे yuj'zā
वो बदला दिए जाऐंगे ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने عَمِلُوا۟ अमल किए ʿamilū
अमल किए ٱلسَّيِّـَٔاتِ बुरे l-sayiāti
बुरे إِلَّا मगर illā
मगर مَا उसका जो mā
उसका जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते ٨٤ (84)
(84)
जो कोई جَآءَ लाया jāa
लाया بِٱلْحَسَنَةِ भलाई bil-ḥasanati
भलाई فَلَهُۥ तो उसके लिए है falahu
तो उसके लिए है خَيْرٌۭ बेहतर khayrun
बेहतर مِّنْهَا ۖ उससे min'hā
उससे وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई جَآءَ लाया jāa
लाया بِٱلسَّيِّئَةِ बुराई bil-sayi-ati
बुराई فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं يُجْزَى वो बदला दिए जाऐंगे yuj'zā
वो बदला दिए जाऐंगे ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने عَمِلُوا۟ अमल किए ʿamilū
अमल किए ٱلسَّيِّـَٔاتِ बुरे l-sayiāti
बुरे إِلَّا मगर illā
मगर مَا उसका जो mā
उसका जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते ٨٤ (84)
(84)
जो व्यक्ति नेकी लेकर आएगा, उसके लिए उससे उत्तम (बदला) है और जो बुराई लेकर आएगा, तो जिन लोगों ने बुरे काम किए वे बदला नहीं दिए जाएँगे परंतु उसी का जो वे किया करते थे।
२८:८५
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِى वो जिसने alladhī
वो जिसने فَرَضَ फ़र्ज़ किया faraḍa
फ़र्ज़ किया عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर ٱلْقُرْءَانَ क़ुरान को l-qur'āna
क़ुरान को لَرَآدُّكَ अलबत्ता फेर ले जाने वाला है आपको larādduka
अलबत्ता फेर ले जाने वाला है आपको إِلَىٰ to ilā
to مَعَادٍۢ ۚ तरफ़ लौटने की जगह के maʿādin
तरफ़ लौटने की जगह के قُل कह दीजिए qul
कह दीजिए رَّبِّىٓ मेरा रब rabbī
मेरा रब أَعْلَمُ ख़ूब जानता है aʿlamu
ख़ूब जानता है مَن उसे जो man
उसे जो جَآءَ लाया jāa
लाया بِٱلْهُدَىٰ हिदायत को bil-hudā
हिदायत को وَمَنْ और उसे जो waman
और उसे जो هُوَ हो वो huwa
हो वो فِى (is) in fī
(is) in ضَلَـٰلٍۢ गुमराही में ḍalālin
गुमराही में مُّبِينٍۢ खुली mubīnin
खुली ٨٥ (85)
(85)
बेशक ٱلَّذِى वो जिसने alladhī
वो जिसने فَرَضَ फ़र्ज़ किया faraḍa
फ़र्ज़ किया عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर ٱلْقُرْءَانَ क़ुरान को l-qur'āna
क़ुरान को لَرَآدُّكَ अलबत्ता फेर ले जाने वाला है आपको larādduka
अलबत्ता फेर ले जाने वाला है आपको إِلَىٰ to ilā
to مَعَادٍۢ ۚ तरफ़ लौटने की जगह के maʿādin
तरफ़ लौटने की जगह के قُل कह दीजिए qul
कह दीजिए رَّبِّىٓ मेरा रब rabbī
मेरा रब أَعْلَمُ ख़ूब जानता है aʿlamu
ख़ूब जानता है مَن उसे जो man
उसे जो جَآءَ लाया jāa
लाया بِٱلْهُدَىٰ हिदायत को bil-hudā
हिदायत को وَمَنْ और उसे जो waman
और उसे जो هُوَ हो वो huwa
हो वो فِى (is) in fī
(is) in ضَلَـٰلٍۢ गुमराही में ḍalālin
गुमराही में مُّبِينٍۢ खुली mubīnin
खुली ٨٥ (85)
(85)
निःसंदेह जिसने आपपर इस क़ुरआन को अनिवार्य किया है, वह अवश्य आपको एक (महान) लौटने के स्थान1 की ओर वापस लाने वाला है। आप कह दें कि मेरा पालनहार उसे अधिक जानने वाला है, जो मार्गदर्शन लेकर आया और उसे भी जो खुली गुमराही में है।
२८:८६
وَمَا
और ना
wamā
और ना كُنتَ थे आप kunta
थे आप تَرْجُوٓا۟ आप उम्मीद रखते tarjū
आप उम्मीद रखते أَن कि an
कि يُلْقَىٰٓ इल्क़ा की जाएगी yul'qā
इल्क़ा की जाएगी إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके ٱلْكِتَـٰبُ किताब l-kitābu
किताब إِلَّا मगर illā
मगर رَحْمَةًۭ रहमत है raḥmatan
रहमत है مِّن from min
from رَّبِّكَ ۖ आपके रब की तरफ़ से rabbika
आपके रब की तरफ़ से فَلَا So (do) not falā
So (do) not تَكُونَنَّ पस हरगिज़ ना हों आप takūnanna
पस हरगिज़ ना हों आप ظَهِيرًۭا मददगार ẓahīran
मददगार لِّلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों के lil'kāfirīna
काफ़िरों के ٨٦ (86)
(86)
और ना كُنتَ थे आप kunta
थे आप تَرْجُوٓا۟ आप उम्मीद रखते tarjū
आप उम्मीद रखते أَن कि an
कि يُلْقَىٰٓ इल्क़ा की जाएगी yul'qā
इल्क़ा की जाएगी إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके ٱلْكِتَـٰبُ किताब l-kitābu
किताब إِلَّا मगर illā
मगर رَحْمَةًۭ रहमत है raḥmatan
रहमत है مِّن from min
from رَّبِّكَ ۖ आपके रब की तरफ़ से rabbika
आपके रब की तरफ़ से فَلَا So (do) not falā
So (do) not تَكُونَنَّ पस हरगिज़ ना हों आप takūnanna
पस हरगिज़ ना हों आप ظَهِيرًۭا मददगार ẓahīran
मददगार لِّلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों के lil'kāfirīna
काफ़िरों के ٨٦ (86)
(86)
और आप आशा नहीं करते थे कि आपकी ओर किताब1 उतारी जाएगी। परंतु आपके पालनहार की दया से (वह अवतरित हुई)। अतः आप कदापि काफ़िरों के सहायक न बनें।
२८:८७
وَلَا
और ना
walā
और ना يَصُدُّنَّكَ वो हरगिज़ रोकें आपको yaṣuddunnaka
वो हरगिज़ रोकें आपको عَنْ from ʿan
from ءَايَـٰتِ आयात से āyāti
आयात से ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की بَعْدَ बाद इसके कि baʿda
बाद इसके कि إِذْ जब idh
जब أُنزِلَتْ वो नाज़िल की गईं unzilat
वो नाज़िल की गईं إِلَيْكَ ۖ आपकी तरफ़ ilayka
आपकी तरफ़ وَٱدْعُ और दावत दीजिए wa-ud'ʿu
और दावत दीजिए إِلَىٰ to ilā
to رَبِّكَ ۖ अपने रब की तरफ़ rabbika
अपने रब की तरफ़ وَلَا And (do) not walā
And (do) not تَكُونَنَّ और हरगिज़ ना हों आप takūnanna
और हरगिज़ ना हों आप مِنَ of mina
of ٱلْمُشْرِكِينَ मुशरिकों में से l-mush'rikīna
मुशरिकों में से ٨٧ (87)
(87)
और ना يَصُدُّنَّكَ वो हरगिज़ रोकें आपको yaṣuddunnaka
वो हरगिज़ रोकें आपको عَنْ from ʿan
from ءَايَـٰتِ आयात से āyāti
आयात से ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की بَعْدَ बाद इसके कि baʿda
बाद इसके कि إِذْ जब idh
जब أُنزِلَتْ वो नाज़िल की गईं unzilat
वो नाज़िल की गईं إِلَيْكَ ۖ आपकी तरफ़ ilayka
आपकी तरफ़ وَٱدْعُ और दावत दीजिए wa-ud'ʿu
और दावत दीजिए إِلَىٰ to ilā
to رَبِّكَ ۖ अपने रब की तरफ़ rabbika
अपने रब की तरफ़ وَلَا And (do) not walā
And (do) not تَكُونَنَّ और हरगिज़ ना हों आप takūnanna
और हरगिज़ ना हों आप مِنَ of mina
of ٱلْمُشْرِكِينَ मुशरिकों में से l-mush'rikīna
मुशरिकों में से ٨٧ (87)
(87)
और ये लोग आपको अल्लाह की आयतों से हरगिज़ रोकने न पाएँ, इसके पश्चात कि वे आपकी ओर उतारी जा चुकी हैं। और आप अपने पालनहार की ओर बुलाएँ और कदापि मुश्रिकों में से न हों।
२८:८८
وَلَا
और ना
walā
और ना تَدْعُ आप पुकारिए tadʿu
आप पुकारिए مَعَ साथ maʿa
साथ ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के إِلَـٰهًا कोई इलाह ilāhan
कोई इलाह ءَاخَرَ ۘ दूसरा ākhara
दूसरा لَآ (There is) no lā
(There is) no إِلَـٰهَ नहीं कोई इलाह(बरहक़) ilāha
नहीं कोई इलाह(बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ ۚ वो ही huwa
वो ही كُلُّ हर kullu
हर شَىْءٍ चीज़ shayin
चीज़ هَالِكٌ हलाक होने वाली है hālikun
हलाक होने वाली है إِلَّا सिवाए illā
सिवाए وَجْهَهُۥ ۚ उसके चेहरे के wajhahu
उसके चेहरे के لَهُ उसी के लिए है lahu
उसी के लिए है ٱلْحُكْمُ हुक्म l-ḥuk'mu
हुक्म وَإِلَيْهِ और उसी की तरफ़ wa-ilayhi
और उसी की तरफ़ تُرْجَعُونَ तुम पलटाए जाओगे tur'jaʿūna
तुम पलटाए जाओगे ٨٨ (88)
(88)
और ना تَدْعُ आप पुकारिए tadʿu
आप पुकारिए مَعَ साथ maʿa
साथ ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के إِلَـٰهًا कोई इलाह ilāhan
कोई इलाह ءَاخَرَ ۘ दूसरा ākhara
दूसरा لَآ (There is) no lā
(There is) no إِلَـٰهَ नहीं कोई इलाह(बरहक़) ilāha
नहीं कोई इलाह(बरहक़) إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ ۚ वो ही huwa
वो ही كُلُّ हर kullu
हर شَىْءٍ चीज़ shayin
चीज़ هَالِكٌ हलाक होने वाली है hālikun
हलाक होने वाली है إِلَّا सिवाए illā
सिवाए وَجْهَهُۥ ۚ उसके चेहरे के wajhahu
उसके चेहरे के لَهُ उसी के लिए है lahu
उसी के लिए है ٱلْحُكْمُ हुक्म l-ḥuk'mu
हुक्म وَإِلَيْهِ और उसी की तरफ़ wa-ilayhi
और उसी की तरफ़ تُرْجَعُونَ तुम पलटाए जाओगे tur'jaʿūna
तुम पलटाए जाओगे ٨٨ (88)
(88)
और आप अल्लाह के साथ किसी अन्य पूज्य को न पुकारें। उसके सिवा कोई सत्य पूज्य नहीं। सब कुछ नाश होने वाला है सिवाए उसके चेहरे के, उसी का हुक्म (चलता) है और उसी की ओर तुम लौटाए जाओगे।1