४३

अज़-ज़ुख़रुफ़

मक्की ८९ आयतें पारा २५
الزخرف
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ साथ नाम bis'mi
साथ नाम
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान
ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
४३:१
حمٓ ح م hha-meem
ح م
١ (1)
(1)
ह़ा, मीम।
४३:२
وَٱلْكِتَـٰبِ क़सम है किताब wal-kitābi
क़सम है किताब
ٱلْمُبِينِ वाज़ेह की l-mubīni
वाज़ेह की
٢ (2)
(2)
क़सम है स्पष्ट करने वाली पुस्तक की।
४३:३
إِنَّا बेशक हमने innā
बेशक हमने
جَعَلْنَـٰهُ बनाया हमने उसे jaʿalnāhu
बनाया हमने उसे
قُرْءَٰنًا क़ुरान qur'ānan
क़ुरान
عَرَبِيًّۭا अर्बी ʿarabiyyan
अर्बी
لَّعَلَّكُمْ ताकि laʿallakum
ताकि
تَعْقِلُونَ तुम समझ सको taʿqilūna
तुम समझ सको
٣ (3)
(3)
निःसंदेह हमने इसे अरबी क़ुरआन बनाया, ताकि तुम समझो।
४३:४
وَإِنَّهُۥ और बेशक वो wa-innahu
और बेशक वो
فِىٓ (is) in
(is) in
أُمِّ (the) Mother ummi
(the) Mother
ٱلْكِتَـٰبِ असल किताब में है l-kitābi
असल किताब में है
لَدَيْنَا हमारे पास ladaynā
हमारे पास
لَعَلِىٌّ अलबत्ता बहुत बुलन्द है laʿaliyyun
अलबत्ता बहुत बुलन्द है
حَكِيمٌ हिकमत से लबरेज़ है ḥakīmun
हिकमत से लबरेज़ है
٤ (4)
(4)
तथा निःसंदेह वह हमारे पास मूल पुस्तक1 में निश्चय बड़ा उच्च तथा पूर्ण हिकमत वाला है।
४३:५
أَفَنَضْرِبُ क्या फिर हम रोक लें afanaḍribu
क्या फिर हम रोक लें
عَنكُمُ तुम से ʿankumu
तुम से
ٱلذِّكْرَ इस नसीहत को l-dhik'ra
इस नसीहत को
صَفْحًا ऐराज़ करते हुए ṣafḥan
ऐराज़ करते हुए
أَن कि an
कि
كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम
قَوْمًۭا लोग qawman
लोग
مُّسْرِفِينَ हद से बढ़ने वाले mus'rifīna
हद से बढ़ने वाले
٥ (5)
(5)
तो क्या हम तुमसे इस नसीहत को फेर दें, उपेक्षा करते हुए, इस कारण कि तुम हद से बढ़ने वाले लोग हो?
४३:६
وَكَمْ और कितने ही wakam
और कितने ही
أَرْسَلْنَا भेजे हमने arsalnā
भेजे हमने
مِن of min
of
نَّبِىٍّۢ नबियों में से nabiyyin
नबियों में से
فِى among
among
ٱلْأَوَّلِينَ पहलों में l-awalīna
पहलों में
٦ (6)
(6)
और कितने ही नबी हमने पहले लोगों में भेजे।
४३:७
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
يَأْتِيهِم आया उनके पास yatīhim
आया उनके पास
مِّن any Prophet min
any Prophet
نَّبِىٍّ कोई नबी nabiyyin
कोई नबी
إِلَّا मगर illā
मगर
كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो
بِهِۦ उसका bihi
उसका
يَسْتَهْزِءُونَ वो मज़ाक़ उड़ाते yastahziūna
वो मज़ाक़ उड़ाते
٧ (7)
(7)
और उनके पास कोई नबी नहीं आता था, परंतु वे उसका उपहास करते थे।
४३:८
فَأَهْلَكْنَآ तो हलाक कर दिया हमने fa-ahlaknā
तो हलाक कर दिया हमने
أَشَدَّ सबसे शदीद को ashadda
सबसे शदीद को
مِنْهُم उनमें से min'hum
उनमें से
بَطْشًۭا पकड़ में baṭshan
पकड़ में
وَمَضَىٰ और गुज़र चुकी wamaḍā
और गुज़र चुकी
مَثَلُ मिसाल mathalu
मिसाल
ٱلْأَوَّلِينَ पहलों की l-awalīna
पहलों की
٨ (8)
(8)
तो हमने इनसे1 कहीं अधिक बलशाली लोगों को विनष्ट कर दिया तथा अगले लोगों का उदाहरण गुज़र चुका।
४३:९
وَلَئِن और अलबत्ता अगर wala-in
और अलबत्ता अगर
سَأَلْتَهُم पूछें आप उनसे sa-altahum
पूछें आप उनसे
مَّنْ किसने man
किसने
خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों
وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को
لَيَقُولُنَّ अलबत्ता वो ज़रूर कहेंगे layaqūlunna
अलबत्ता वो ज़रूर कहेंगे
خَلَقَهُنَّ पैदा किया उन्हें khalaqahunna
पैदा किया उन्हें
ٱلْعَزِيزُ निहायत ग़ालिब l-ʿazīzu
निहायत ग़ालिब
ٱلْعَلِيمُ ख़ूब इल्म वाले ने l-ʿalīmu
ख़ूब इल्म वाले ने
٩ (9)
(9)
और निःसंदेह यदि आप उनसे पूछें कि आकाशों तथा धरती को किसने पैदा किया? तो निश्चय अवश्य कहेंगे कि उन्हें सब पर प्रभुत्वशाली, सब कुछ जानने वाले ने पैदा किया है।
४३:१०
ٱلَّذِى वो जिसने alladhī
वो जिसने
جَعَلَ बनाया jaʿala
बनाया
لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए
ٱلْأَرْضَ ज़मीन को l-arḍa
ज़मीन को
مَهْدًۭا बिछौना mahdan
बिछौना
وَجَعَلَ और उसने बनाए wajaʿala
और उसने बनाए
لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
فِيهَا उसमें fīhā
उसमें
سُبُلًۭا रास्ते subulan
रास्ते
لَّعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम
تَهْتَدُونَ तुम राह पाओ tahtadūna
तुम राह पाओ
١٠ (10)
(10)
वह जिसने तुमहारे लिए धरती को समतल बनाया और उसमें तुम्हारे लिए मार्ग बनाए, ताकि तुम राह पा सको।1
४३:११
وَٱلَّذِى और वो जिसने wa-alladhī
और वो जिसने
نَزَّلَ उतारा nazzala
उतारा
مِنَ from mina
from
ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से
مَآءًۢ पानी māan
पानी
بِقَدَرٍۢ साथ एक अंदाज़े के biqadarin
साथ एक अंदाज़े के
فَأَنشَرْنَا फिर ज़िन्दा किया हमने fa-ansharnā
फिर ज़िन्दा किया हमने
بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके
بَلْدَةًۭ शहर baldatan
शहर
مَّيْتًۭا ۚ मुर्दा को maytan
मुर्दा को
كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह
تُخْرَجُونَ तुम निकाले जाओगे tukh'rajūna
तुम निकाले जाओगे
١١ (11)
(11)
तथा वह जिसने आकाश से एक विशेष मात्रा में जल उतारा। फिर हमने उसके द्वारा एक मुर्दा शहर को ज़िंदा कर दिया, इसी तरह तुम निकाले जाओगे।
४३:१२
وَٱلَّذِى और वो जिसने wa-alladhī
और वो जिसने
خَلَقَ बनाए khalaqa
बनाए
ٱلْأَزْوَٰجَ जोड़े l-azwāja
जोड़े
كُلَّهَا सारे के सारे kullahā
सारे के सारे
وَجَعَلَ और उसने बनाया wajaʿala
और उसने बनाया
لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
مِّنَ [of] mina
[of]
ٱلْفُلْكِ कश्तियों l-ful'ki
कश्तियों
وَٱلْأَنْعَـٰمِ और मवेशियों को wal-anʿāmi
और मवेशियों को
مَا जिन पर
जिन पर
تَرْكَبُونَ तुम सवारी करते हो tarkabūna
तुम सवारी करते हो
١٢ (12)
(12)
तथा वह जिसने सब प्रकार के जोड़े पैदा किए तथा तुम्हारे लिए वे नौकाएँ एवं पशु बनाए, जिनपर तुम सवार होते हो।
४३:१३
لِتَسْتَوُۥا۟ ताकि तुम जम कर बैठो litastawū
ताकि तुम जम कर बैठो
عَلَىٰ on ʿalā
on
ظُهُورِهِۦ उनकी पुश्तों पर ẓuhūrihi
उनकी पुश्तों पर
ثُمَّ फिर thumma
फिर
تَذْكُرُوا۟ तुम याद करो tadhkurū
तुम याद करो
نِعْمَةَ नेअमत niʿ'mata
नेअमत
رَبِّكُمْ अपने रब की rabbikum
अपने रब की
إِذَا जब idhā
जब
ٱسْتَوَيْتُمْ तुम जम कर बैठ जाओ is'tawaytum
तुम जम कर बैठ जाओ
عَلَيْهِ उन पर ʿalayhi
उन पर
وَتَقُولُوا۟ और तुम कहो wataqūlū
और तुम कहो
سُبْحَـٰنَ पाक है sub'ḥāna
पाक है
ٱلَّذِى वो जिसने alladhī
वो जिसने
سَخَّرَ मुसख़्खर किया sakhara
मुसख़्खर किया
لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए
هَـٰذَا उसे hādhā
उसे
وَمَا और ना wamā
और ना
كُنَّا थे हम kunnā
थे हम
لَهُۥ उसे lahu
उसे
مُقْرِنِينَ क़ाबू में लाने वाले muq'rinīna
क़ाबू में लाने वाले
١٣ (13)
(13)
ताकि तुम उनकी पीठों पर जमकर बैठो, फिर अपने पालनहार की नेमत को याद करो जब उनपर जमकर बैठ जाओ और कहो : पवित्र है वह अल्लाह, जिसने इसे हमारे वश में कर दिया। हालाँकि हम इसे वश में करने वाले नहीं थे।
४३:१४
وَإِنَّآ और बेशक हम wa-innā
और बेशक हम
إِلَىٰ to ilā
to
رَبِّنَا तरफ़ अपने रब के rabbinā
तरफ़ अपने रब के
لَمُنقَلِبُونَ यक़ीनन पलटने वाले हैं lamunqalibūna
यक़ीनन पलटने वाले हैं
١٤ (14)
(14)
तथा निःसंदेह हम अपने पालनहार की ओर अवश्य लौटकर जाने वाले हैं।
४३:१५
وَجَعَلُوا۟ और उन्होंने बना दिया wajaʿalū
और उन्होंने बना दिया
لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए
مِنْ from min
from
عِبَادِهِۦ उसके बन्दों में से ʿibādihi
उसके बन्दों में से
جُزْءًا ۚ एक जुज़(औलाद) juz'an
एक जुज़(औलाद)
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱلْإِنسَـٰنَ इन्सान l-insāna
इन्सान
لَكَفُورٌۭ यक़ीनन बहुत नाशुक्रा है lakafūrun
यक़ीनन बहुत नाशुक्रा है
مُّبِينٌ खुल्लम-खुल्ला mubīnun
खुल्लम-खुल्ला
١٥ (15)
(15)
और उन्होंने1 उसके बंदों में से कुछ को उसका अंश बना लिया। निःसंदेह मनुष्य खुला कृतघ्न (नाशुक्रा) है।
४३:१६
أَمِ या ami
या
ٱتَّخَذَ उसने बना लीं ittakhadha
उसने बना लीं
مِمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो
يَخْلُقُ वो पैदा करता है yakhluqu
वो पैदा करता है
بَنَاتٍۢ बेटियाँ banātin
बेटियाँ
وَأَصْفَىٰكُم और चुन लिया तुम्हें wa-aṣfākum
और चुन लिया तुम्हें
بِٱلْبَنِينَ बेटों के लिए bil-banīna
बेटों के लिए
١٦ (16)
(16)
या उसने उसमें से जिसे वह पैदा करता है अपने लिए पुत्रियाँ रख लीं और तुम्हें पुत्रों के लिए चुन लिया?
४३:१७
وَإِذَا हालाँकि जब wa-idhā
हालाँकि जब
بُشِّرَ ख़ुशख़बरी दी जाती है bushira
ख़ुशख़बरी दी जाती है
أَحَدُهُم उनमें से किसी एक को aḥaduhum
उनमें से किसी एक को
بِمَا साथ उसके जो bimā
साथ उसके जो
ضَرَبَ उसने बयान की ḍaraba
उसने बयान की
لِلرَّحْمَـٰنِ रहमान के लिए lilrraḥmāni
रहमान के लिए
مَثَلًۭا मिसाल mathalan
मिसाल
ظَلَّ हो जाता है ẓalla
हो जाता है
وَجْهُهُۥ चेहरा उसका wajhuhu
चेहरा उसका
مُسْوَدًّۭا सियाह mus'waddan
सियाह
وَهُوَ और वो wahuwa
और वो
كَظِيمٌ ग़म से भरा होता है kaẓīmun
ग़म से भरा होता है
١٧ (17)
(17)
हालाँकि जब उनमें से किसी को उस चीज़ की मंगल सूचना दी जाए, जिसकी उसने रहमान (परम दयावान्) के लिए मिसाल बयान की है, तो उसके मुँह पर कलौंस1 छा जाती है और वह शोक से भर जाता है।
४३:१८
أَوَمَن क्या भला जिसे awaman
क्या भला जिसे
يُنَشَّؤُا۟ पाला जाता है yunasha-u
पाला जाता है
فِى in
in
ٱلْحِلْيَةِ ज़ेवरात में l-ḥil'yati
ज़ेवरात में
وَهُوَ और वो wahuwa
और वो
فِى in
in
ٱلْخِصَامِ झगड़े में l-khiṣāmi
झगड़े में
غَيْرُ ग़ैर ghayru
ग़ैर
مُبِينٍۢ वाज़ेह है mubīnin
वाज़ेह है
١٨ (18)
(18)
और क्या वह (अल्लाह के लिए) है, जिसका पालन-पोषण आभूषण में किया जाता है तथा वह वाद-विवाद में खुलकर बात नहीं कर सकती?
४३:१९
وَجَعَلُوا۟ और उन्होंने बना लिया wajaʿalū
और उन्होंने बना लिया
ٱلْمَلَـٰٓئِكَةَ फ़रिश्तों को l-malāikata
फ़रिश्तों को
ٱلَّذِينَ जो alladhīna
जो
هُمْ वो hum
वो
عِبَـٰدُ बन्दे हैं ʿibādu
बन्दे हैं
ٱلرَّحْمَـٰنِ रहमान के l-raḥmāni
रहमान के
إِنَـٰثًا ۚ औरतें ināthan
औरतें
أَشَهِدُوا۟ क्या वो हाज़िर थे ashahidū
क्या वो हाज़िर थे
خَلْقَهُمْ ۚ उनकी पैदाइश (के वक़्त ) khalqahum
उनकी पैदाइश (के वक़्त )
سَتُكْتَبُ ज़रूर लिखी जाएगी satuk'tabu
ज़रूर लिखी जाएगी
شَهَـٰدَتُهُمْ गवाही उनकी shahādatuhum
गवाही उनकी
وَيُسْـَٔلُونَ और वो पूछे जाऐंगे wayus'alūna
और वो पूछे जाऐंगे
١٩ (19)
(19)
और उन्होंने फ़रिश्तों को, जो 'रहमान' के बंदे हैं, स्त्रियाँ क़रार दे लिया। क्या वे उनकी उत्पत्ति के समय उपस्थित थे? उनकी गवाही लिख ली जाएगी और उनसे पूछताछ की जाएगी।
४३:२०
وَقَالُوا۟ और वो कहते हैं waqālū
और वो कहते हैं
لَوْ अगर law
अगर
شَآءَ चाहता shāa
चाहता
ٱلرَّحْمَـٰنُ रहमान l-raḥmānu
रहमान
مَا ना
ना
عَبَدْنَـٰهُم ۗ इबादत करते हम उनकी ʿabadnāhum
इबादत करते हम उनकी
مَّا नहीं
नहीं
لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए
بِذَٰلِكَ इसका bidhālika
इसका
مِنْ any min
any
عِلْمٍ ۖ कोई इल्म ʿil'min
कोई इल्म
إِنْ नहीं in
नहीं
هُمْ वो hum
वो
إِلَّا मगर illā
मगर
يَخْرُصُونَ वो अंदाज़े लगाते हैं yakhruṣūna
वो अंदाज़े लगाते हैं
٢٠ (20)
(20)
तथा उन्होंने कहा : यदि 'रहमान' चाहता, तो हम उनकी इबादत न करते। उन्हें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं, वे तो केवल अटकलें दौड़ा रहे हैं।
४३:२१
أَمْ या am
या
ءَاتَيْنَـٰهُمْ दी हमने उन्हें ātaynāhum
दी हमने उन्हें
كِتَـٰبًۭا कोई किताब kitāban
कोई किताब
مِّن before it min
before it
قَبْلِهِۦ इससे पहले qablihi
इससे पहले
فَهُم तो वो fahum
तो वो
بِهِۦ उसे bihi
उसे
مُسْتَمْسِكُونَ मज़बूत पकड़े हुए हैं mus'tamsikūna
मज़बूत पकड़े हुए हैं
٢١ (21)
(21)
या हमने उन्हें इससे पहले कोई पुस्तक प्रदान की है? तो वे उसे दृढ़ता से थामने वाले हैं?
४३:२२
بَلْ बल्कि bal
बल्कि
قَالُوٓا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा
إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम
وَجَدْنَآ पाया हमने wajadnā
पाया हमने
ءَابَآءَنَا अपने आबा ओ अजदाद को ābāanā
अपने आबा ओ अजदाद को
عَلَىٰٓ upon ʿalā
upon
أُمَّةٍۢ एक तरीक़े पर ummatin
एक तरीक़े पर
وَإِنَّا और बेशक हम wa-innā
और बेशक हम
عَلَىٰٓ on ʿalā
on
ءَاثَـٰرِهِم उन्हीं के नक़्शे क़दम पर āthārihim
उन्हीं के नक़्शे क़दम पर
مُّهْتَدُونَ राह पाने वाले हैं muh'tadūna
राह पाने वाले हैं
٢٢ (22)
(22)
बल्कि उन्होंने कहा : निःसंदेह हमने अपने बाप-दादा को एक मार्ग पर पाया है और निःसंदेह हम उन्हीं के पदचिह्नों पर राह पाने वाले हैं।
४३:२३
وَكَذَٰلِكَ और इसी तरह wakadhālika
और इसी तरह
مَآ नहीं
नहीं
أَرْسَلْنَا भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने
مِن before you min
before you
قَبْلِكَ आपसे क़ब्ल qablika
आपसे क़ब्ल
فِى in
in
قَرْيَةٍۢ किसी बस्ती में qaryatin
किसी बस्ती में
مِّن any min
any
نَّذِيرٍ कोई डराने वाला nadhīrin
कोई डराने वाला
إِلَّا मगर illā
मगर
قَالَ कहा qāla
कहा
مُتْرَفُوهَآ उसके ख़ुशहाल लोगों ने mut'rafūhā
उसके ख़ुशहाल लोगों ने
إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम
وَجَدْنَآ पाया हमने wajadnā
पाया हमने
ءَابَآءَنَا अपने आबा ओ अजदाद को ābāanā
अपने आबा ओ अजदाद को
عَلَىٰٓ on ʿalā
on
أُمَّةٍۢ एक तरीक़े पर ummatin
एक तरीक़े पर
وَإِنَّا और बेशक हम wa-innā
और बेशक हम
عَلَىٰٓ [on] ʿalā
[on]
ءَاثَـٰرِهِم उन्हीं के नक़्शे क़दम पर āthārihim
उन्हीं के नक़्शे क़दम पर
مُّقْتَدُونَ पीछे चलने वाले हैं muq'tadūna
पीछे चलने वाले हैं
٢٣ (23)
(23)
तथा इसी प्रकार, हमने आपसे पूर्व जिस बस्ती में भी कोई सावधान करने वाला भेजा, तो वहाँ के संपन्न लोगों ने यही कहा कि निःसंदेह हमने अपने बाप-दादा को एक रीति पर पाया और निःसंदेह हम उन्हीं के पद्चिह्नों का अनुसरण करने वाले हैं।1
४३:२४
۞ قَـٰلَ उसने कहा qāla
उसने कहा
أَوَلَوْ क्या भला अगर awalaw
क्या भला अगर
جِئْتُكُم लाया हूँ मैं तुम्हारे पास ji'tukum
लाया हूँ मैं तुम्हारे पास
بِأَهْدَىٰ ज़्यादा हिदायत वाला(तरीक़ा) bi-ahdā
ज़्यादा हिदायत वाला(तरीक़ा)
مِمَّا उससे जो mimmā
उससे जो
وَجَدتُّمْ पाया तुमने wajadttum
पाया तुमने
عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर
ءَابَآءَكُمْ ۖ अपने आबा ओ अजदाद को ābāakum
अपने आबा ओ अजदाद को
قَالُوٓا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा
إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम
بِمَآ उसका जो bimā
उसका जो
أُرْسِلْتُم भेजे गए तुम ur'sil'tum
भेजे गए तुम
بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके
كَـٰفِرُونَ इन्कार करने वाले हैं kāfirūna
इन्कार करने वाले हैं
٢٤ (24)
(24)
उसने कहा : और क्या यदि मैं तुम्हारे पास उससे अधिक सीधा मार्ग ले आऊँ, जिसपर तुमने अपने बाप-दादा को पाया है? उन्होंने कहा : निःसंदेह हम उसका इनकार करने वाले हैं, जिसके साथ तुम भेजे गए हो।
४३:२५
فَٱنتَقَمْنَا पस इन्तक़ाम लिया हमने fa-intaqamnā
पस इन्तक़ाम लिया हमने
مِنْهُمْ ۖ उनसे min'hum
उनसे
فَٱنظُرْ तो देखो fa-unẓur
तो देखो
كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह
كَانَ हुआ kāna
हुआ
عَـٰقِبَةُ अंजाम ʿāqibatu
अंजाम
ٱلْمُكَذِّبِينَ झुठलाने वालों का l-mukadhibīna
झुठलाने वालों का
٢٥ (25)
(25)
अंततः हमने उनसे बदला लिया। तो देख लो कि झुठलाने वालों का परिणाम कैसा हुआ।
४३:२६
وَإِذْ और जब wa-idh
और जब
قَالَ कहा qāla
कहा
إِبْرَٰهِيمُ इब्राहीम ने ib'rāhīmu
इब्राहीम ने
لِأَبِيهِ अपने बाप से li-abīhi
अपने बाप से
وَقَوْمِهِۦٓ और अपनी क़ौम से waqawmihi
और अपनी क़ौम से
إِنَّنِى बेशक मैं innanī
बेशक मैं
بَرَآءٌۭ बेज़ार हूँ barāon
बेज़ार हूँ
مِّمَّا उनसे जिनकी mimmā
उनसे जिनकी
تَعْبُدُونَ तुम इबादत करते हो taʿbudūna
तुम इबादत करते हो
٢٦ (26)
(26)
तथा याद करो, जब इबराहीम ने अपने पिता तथा अपनी जाति से कहा : निःसंदेह मैं उन चीज़ों से बरी हूँ, जिनकी तुम इबादत करते हो।
४३:२७
إِلَّا सिवाय illā
सिवाय
ٱلَّذِى उसके जिसने alladhī
उसके जिसने
فَطَرَنِى पैदा किया मुझे faṭaranī
पैदा किया मुझे
فَإِنَّهُۥ तो बेशक वो fa-innahu
तो बेशक वो
سَيَهْدِينِ वो ज़रूर हिदायत देगा मुझे sayahdīni
वो ज़रूर हिदायत देगा मुझे
٢٧ (27)
(27)
सिवाय उसके जिसने मुझे पैदा किया। अतः निःसंदेह वह मुझे अवश्य मार्ग दिखाएगा।
४३:२८
وَجَعَلَهَا और उसने बना दिया उसे wajaʿalahā
और उसने बना दिया उसे
كَلِمَةًۢ एक बात kalimatan
एक बात
بَاقِيَةًۭ बाक़ी रहने वाली bāqiyatan
बाक़ी रहने वाली
فِى among
among
عَقِبِهِۦ अपने पिछलों में ʿaqibihi
अपने पिछलों में
لَعَلَّهُمْ ताकि वो laʿallahum
ताकि वो
يَرْجِعُونَ वो रुजूअ करें yarjiʿūna
वो रुजूअ करें
٢٨ (28)
(28)
तथा उसने इस (एकेश्वरवाद की बात)1 को अपने पिछलों में बाक़ी रहने वाली बात बना दिया। ताकि वे लौट आएँ।
४३:२९
بَلْ बल्कि bal
बल्कि
مَتَّعْتُ सामाने ज़िन्दगी दिया मैं ने mattaʿtu
सामाने ज़िन्दगी दिया मैं ने
هَـٰٓؤُلَآءِ उन्हें hāulāi
उन्हें
وَءَابَآءَهُمْ और उनके आबा ओ अजदाद को waābāahum
और उनके आबा ओ अजदाद को
حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि
جَآءَهُمُ आ गया उनके पास jāahumu
आ गया उनके पास
ٱلْحَقُّ हक़ l-ḥaqu
हक़
وَرَسُولٌۭ और रसूल warasūlun
और रसूल
مُّبِينٌۭ वाज़ेह करने वाला mubīnun
वाज़ेह करने वाला
٢٩ (29)
(29)
बल्कि, मैंने इन्हें तथा इनके बाप-दादा को जीवन का सामान दिया। यहाँ तक कि उनके पास सत्य (क़ुरआन) और खोलकर बयान करने वाला रसूल1 आ गया।
४३:३०
وَلَمَّا और जब walammā
और जब
جَآءَهُمُ आ गया उनके पास jāahumu
आ गया उनके पास
ٱلْحَقُّ हक़ l-ḥaqu
हक़
قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा
هَـٰذَا ये hādhā
ये
سِحْرٌۭ जादू है siḥ'run
जादू है
وَإِنَّا और बेशक हम wa-innā
और बेशक हम
بِهِۦ उसका bihi
उसका
كَـٰفِرُونَ इन्कार करने वाले हैं kāfirūna
इन्कार करने वाले हैं
٣٠ (30)
(30)
तथा जब उनके पास सत्य आ गया, तो उन्होंने कहा : यह तो जादू है तथा निःसंदेह हम इसका इनकार करते हैं।
४३:३१
وَقَالُوا۟ और उन्होंने कहा waqālū
और उन्होंने कहा
لَوْلَا क्यों नहीं lawlā
क्यों नहीं
نُزِّلَ नाज़िल किया गया nuzzila
नाज़िल किया गया
هَـٰذَا ये hādhā
ये
ٱلْقُرْءَانُ क़ुरान l-qur'ānu
क़ुरान
عَلَىٰ to ʿalā
to
رَجُلٍۢ ऊपर किसी शख़्स के rajulin
ऊपर किसी शख़्स के
مِّنَ from mina
from
ٱلْقَرْيَتَيْنِ दो बस्तियों में से l-qaryatayni
दो बस्तियों में से
عَظِيمٍ बहुत बड़े ʿaẓīmin
बहुत बड़े
٣١ (31)
(31)
तथा उन्होंने कहा कि यह क़ुरआन इन दो बस्तियों में से किसी बड़े आदमी पर क्यों नहीं उतारा गया?
४३:३२
أَهُمْ क्या वो ahum
क्या वो
يَقْسِمُونَ वो तक़सीम करते है yaqsimūna
वो तक़सीम करते है
رَحْمَتَ रहमत raḥmata
रहमत
رَبِّكَ ۚ आपके रब की rabbika
आपके रब की
نَحْنُ हम naḥnu
हम
قَسَمْنَا तक़सीम कर रखी है हमने qasamnā
तक़सीम कर रखी है हमने
بَيْنَهُم दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके
مَّعِيشَتَهُمْ मईशत उनकी maʿīshatahum
मईशत उनकी
فِى in
in
ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी में l-ḥayati
ज़िन्दगी में
ٱلدُّنْيَا ۚ दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की
وَرَفَعْنَا और बुलन्द किया हमने warafaʿnā
और बुलन्द किया हमने
بَعْضَهُمْ उनके बाज़ को baʿḍahum
उनके बाज़ को
فَوْقَ ऊपर fawqa
ऊपर
بَعْضٍۢ बाज़ के baʿḍin
बाज़ के
دَرَجَـٰتٍۢ दरजात में darajātin
दरजात में
لِّيَتَّخِذَ ताकि बनाऐं liyattakhidha
ताकि बनाऐं
بَعْضُهُم उनके बाज़ baʿḍuhum
उनके बाज़
بَعْضًۭا बाज़ को baʿḍan
बाज़ को
سُخْرِيًّۭا ۗ ख़िदमतगार sukh'riyyan
ख़िदमतगार
وَرَحْمَتُ और रहमत waraḥmatu
और रहमत
رَبِّكَ आपके रब की rabbika
आपके रब की
خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है
مِّمَّا उससे जो mimmā
उससे जो
يَجْمَعُونَ वो जमा करते हैं yajmaʿūna
वो जमा करते हैं
٣٢ (32)
(32)
कया वे आपके पालनहार की दया को बाँटते1 हैं? हमने ही दुनिया के जीवन में उनके बीच उनकी रोज़ी को बाँटा है तथा उनमें से कुछ को दूसरों से श्रेणियों की दृष्टि से उच्च रखा है, ताकि उनमें से कुछ दूसरों को (अपने) अधीन बना लें, तथा आपके पालनहार की दया2 उससे उत्तम है, जिसे वे इकट्ठा करते हैं।
४३:३३
وَلَوْلَآ और अगर ये ना होता walawlā
और अगर ये ना होता
أَن कि an
कि
يَكُونَ हो जाऐंगे yakūna
हो जाऐंगे
ٱلنَّاسُ लोग l-nāsu
लोग
أُمَّةًۭ उम्मत ummatan
उम्मत
وَٰحِدَةًۭ एक ही wāḥidatan
एक ही
لَّجَعَلْنَا अलबत्ता बना देते हम lajaʿalnā
अलबत्ता बना देते हम
لِمَن उनके लिए जो liman
उनके लिए जो
يَكْفُرُ कुफ़्र करते हैं yakfuru
कुफ़्र करते हैं
بِٱلرَّحْمَـٰنِ रहमान का bil-raḥmāni
रहमान का
لِبُيُوتِهِمْ उनके घरों की libuyūtihim
उनके घरों की
سُقُفًۭا छतें suqufan
छतें
مِّن of min
of
فِضَّةٍۢ चाँदी से fiḍḍatin
चाँदी से
وَمَعَارِجَ सीढ़ियाँ wamaʿārija
सीढ़ियाँ
عَلَيْهَا जिन पर ʿalayhā
जिन पर
يَظْهَرُونَ वो चढ़ते हैं yaẓharūna
वो चढ़ते हैं
٣٣ (33)
(33)
और यदि ऐसा न होता कि सब लोग एक ही समुदाय हो जाएँगे, तो निश्चय हम उन लोगों के लिए जो रहमान के साथ कुफ़्र करते हैं, उनके घरों की छतें चाँदी की बना देते और सीढ़ियाँ भी, जिनपर वे चढ़ते हैं।
४३:३४
وَلِبُيُوتِهِمْ और उनके घरों के walibuyūtihim
और उनके घरों के
أَبْوَٰبًۭا दरवाज़े abwāban
दरवाज़े
وَسُرُرًا और तख़्त wasururan
और तख़्त
عَلَيْهَا जिन पर ʿalayhā
जिन पर
يَتَّكِـُٔونَ वो तकिया लगाते है yattakiūna
वो तकिया लगाते है
٣٤ (34)
(34)
तथा उनके घरों के द्वार और तख़्त भी, जिनपर वे टेक लगाते हैं।
४३:३५
وَزُخْرُفًۭا ۚ और सोने के भी wazukh'rufan
और सोने के भी
وَإِن और नहीं है wa-in
और नहीं है
كُلُّ सब कुछ kullu
सब कुछ
ذَٰلِكَ ये dhālika
ये
لَمَّا मगर lammā
मगर
مَتَـٰعُ सामान matāʿu
सामान
ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी का l-ḥayati
ज़िन्दगी का
ٱلدُّنْيَا ۚ दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की
وَٱلْـَٔاخِرَةُ और आख़िरत wal-ākhiratu
और आख़िरत
عِندَ with ʿinda
with
رَبِّكَ आपके रब के नज़दीक rabbika
आपके रब के नज़दीक
لِلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों के लिए है lil'muttaqīna
मुत्तक़ी लोगों के लिए है
٣٥ (35)
(35)
और सोने के (बना देते)। यह सब तो मात्र सांसारिक जीवन का सामान है तथा आख़िरत1 आपके पालनहार के यहाँ केवल परहेज़गारों के लिए है।
४३:३६
وَمَن और जो waman
और जो
يَعْشُ अंधा बन जाए yaʿshu
अंधा बन जाए
عَن from ʿan
from
ذِكْرِ ज़िक्र से dhik'ri
ज़िक्र से
ٱلرَّحْمَـٰنِ रहमान के l-raḥmāni
रहमान के
نُقَيِّضْ हम मुक़र्रर कर देते हैं nuqayyiḍ
हम मुक़र्रर कर देते हैं
لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए
شَيْطَـٰنًۭا एक शैतान shayṭānan
एक शैतान
فَهُوَ तो वो fahuwa
तो वो
لَهُۥ उसका lahu
उसका
قَرِينٌۭ साथी हो जाता है qarīnun
साथी हो जाता है
٣٦ (36)
(36)
और जो व्यक्ति 'रहमान' (परम दयालु अल्लाह) के स्मरण से अंधा बन जाए, हम उसके लिए एक शैतान नियुक्त कर देते हैं, फिर वह उसके साथ रहने वाला होता है।
४३:३७
وَإِنَّهُمْ और बेशक वो wa-innahum
और बेशक वो
لَيَصُدُّونَهُمْ अलबत्ता वो रोकते हैं उन्हें layaṣuddūnahum
अलबत्ता वो रोकते हैं उन्हें
عَنِ from ʿani
from
ٱلسَّبِيلِ रास्ते से l-sabīli
रास्ते से
وَيَحْسَبُونَ और वो समझते हैं wayaḥsabūna
और वो समझते हैं
أَنَّهُم कि बेशक वो annahum
कि बेशक वो
مُّهْتَدُونَ हिदायत याफ़्ता है muh'tadūna
हिदायत याफ़्ता है
٣٧ (37)
(37)
और निःसंदेह ये (शैतान) उन्हें सत्य मार्ग से रोकते हैं और वे समझते हैं कि वे सीधे मार्ग पर चलने वाले हैं।
४३:३८
حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि
إِذَا जब idhā
जब
جَآءَنَا वो आएगा हमारे पास jāanā
वो आएगा हमारे पास
قَالَ वो कहेगा qāla
वो कहेगा
يَـٰلَيْتَ ऐ काश yālayta
ऐ काश
بَيْنِى दर्मियान मेरे baynī
दर्मियान मेरे
وَبَيْنَكَ और दर्मियान तुम्हारे wabaynaka
और दर्मियान तुम्हारे
بُعْدَ दूरी (होती ) buʿ'da
दूरी (होती )
ٱلْمَشْرِقَيْنِ दो मशरिक़ों की l-mashriqayni
दो मशरिक़ों की
فَبِئْسَ तो कितना बुरा है fabi'sa
तो कितना बुरा है
ٱلْقَرِينُ साथी l-qarīnu
साथी
٣٨ (38)
(38)
यहाँ तक कि जब वह हमारे पास आएगा, तो कहेगा : ऐ काश! मेरे और तेरे बीच पूर्व और पश्चिम की दूरी होती। अतः तू बहुत बुरा साथी है।
४३:३९
وَلَن और हरगिज़ ना walan
और हरगिज़ ना
يَنفَعَكُمُ वो नफ़्अ देगा तुम्हें yanfaʿakumu
वो नफ़्अ देगा तुम्हें
ٱلْيَوْمَ आज l-yawma
आज
إِذ जब idh
जब
ظَّلَمْتُمْ ज़ुल्म कर चुके तुम ẓalamtum
ज़ुल्म कर चुके तुम
أَنَّكُمْ बेशक तुम annakum
बेशक तुम
فِى (will be) in
(will be) in
ٱلْعَذَابِ अज़ाब में l-ʿadhābi
अज़ाब में
مُشْتَرِكُونَ मुश्तरिक हो mush'tarikūna
मुश्तरिक हो
٣٩ (39)
(39)
और आज इस बात से तुम्हें कुछ लाभ न होगा, जबकि तुमने ज़ुल्म किया, कि तुम (सब) यातना में एक-दूसरे के साझी हो।
४३:४०
أَفَأَنتَ क्या भला आप afa-anta
क्या भला आप
تُسْمِعُ आप सुनाऐंगे tus'miʿu
आप सुनाऐंगे
ٱلصُّمَّ बहरों को l-ṣuma
बहरों को
أَوْ या aw
या
تَهْدِى आप राह दिखाएँगे tahdī
आप राह दिखाएँगे
ٱلْعُمْىَ अंधों को l-ʿum'ya
अंधों को
وَمَن और उसे जो waman
और उसे जो
كَانَ हो kāna
हो
فِى in
in
ضَلَـٰلٍۢ गुमराही में ḍalālin
गुमराही में
مُّبِينٍۢ खुली mubīnin
खुली
٤٠ (40)
(40)
फिर क्या आप बहरों को सुनाएँगे या अंधों को राह दिखाएँगे और उनको जो खुली गुमराही1 में पड़े हैं?
४३:४१
فَإِمَّا फिर अगर fa-immā
फिर अगर
نَذْهَبَنَّ हम ले जाऐं nadhhabanna
हम ले जाऐं
بِكَ आपको bika
आपको
فَإِنَّا तो बेशक हम fa-innā
तो बेशक हम
مِنْهُم उनसे min'hum
उनसे
مُّنتَقِمُونَ इन्तक़ाम लेने वाले हैं muntaqimūna
इन्तक़ाम लेने वाले हैं
٤١ (41)
(41)
फिर यदि हम आपको (संसार से) ले ही जाएँ, तो निःसंदेह हम उनसे बदला लेने वाले हैं।
४३:४२
أَوْ या aw
या
نُرِيَنَّكَ हम दिखाऐं आपको nuriyannaka
हम दिखाऐं आपको
ٱلَّذِى वो जिसका alladhī
वो जिसका
وَعَدْنَـٰهُمْ वादा किया हमने उनसे waʿadnāhum
वादा किया हमने उनसे
فَإِنَّا तो बेशक हम fa-innā
तो बेशक हम
عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर
مُّقْتَدِرُونَ क़ुदरत रखने वाले हैं muq'tadirūna
क़ुदरत रखने वाले हैं
٤٢ (42)
(42)
या हम आपको वह (यातना) दिखा दें, जिसका हमने उनसे वादा किया है, तो निःसंदेह हम उनपर पूरी शक्ति रखने वाले हैं।
४३:४३
فَٱسْتَمْسِكْ पस मज़बूत थाम लीजिए fa-is'tamsik
पस मज़बूत थाम लीजिए
بِٱلَّذِىٓ उसे जो bi-alladhī
उसे जो
أُوحِىَ वही की जाती है ūḥiya
वही की जाती है
إِلَيْكَ ۖ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके
إِنَّكَ बेशक आप innaka
बेशक आप
عَلَىٰ (are) on ʿalā
(are) on
صِرَٰطٍۢ रास्ते पर हैं ṣirāṭin
रास्ते पर हैं
مُّسْتَقِيمٍۢ सीधे mus'taqīmin
सीधे
٤٣ (43)
(43)
अतः आप उसे दृढ़ता से पकड़े रहें, जिसकी आपकी ओर वह़्य की गई है। निश्चय ही आप सीधी राह पर हैं।
४३:४४
وَإِنَّهُۥ और बेशक ये wa-innahu
और बेशक ये
لَذِكْرٌۭ अलबत्ता एक नसीहत है ladhik'run
अलबत्ता एक नसीहत है
لَّكَ आपके लिए laka
आपके लिए
وَلِقَوْمِكَ ۖ और आपकी क़ौम के लिए waliqawmika
और आपकी क़ौम के लिए
وَسَوْفَ और अनक़रीब wasawfa
और अनक़रीब
تُسْـَٔلُونَ तुम पूछे जाओगे tus'alūna
तुम पूछे जाओगे
٤٤ (44)
(44)
और निःसंदेह वह निश्चय आपके लिए तथा आपकी जाति के लिए एक नसीहत (तथा सम्मान) है और शीघ्र ही तुमसे प्रश्न किया जाएगा।
४३:४५
وَسْـَٔلْ और पूछ लीजिए wasal
और पूछ लीजिए
مَنْ उससे जिसे man
उससे जिसे
أَرْسَلْنَا भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने
مِن before you min
before you
قَبْلِكَ आपसे क़ब्ल qablika
आपसे क़ब्ल
مِن of min
of
رُّسُلِنَآ अपने रसूलों में से rusulinā
अपने रसूलों में से
أَجَعَلْنَا क्या बनाया हमने ajaʿalnā
क्या बनाया हमने
مِن besides min
besides
دُونِ सिवाय dūni
सिवाय
ٱلرَّحْمَـٰنِ रहमान के l-raḥmāni
रहमान के
ءَالِهَةًۭ कुछ इलाह ālihatan
कुछ इलाह
يُعْبَدُونَ (जिनकी) बन्दगी की जाए yuʿ'badūna
(जिनकी) बन्दगी की जाए
٤٥ (45)
(45)
तथा (ऐ नबी!) आप उनसे पूछ लें, जिन्हें हमने आपसे पहले अपने रसूलों में से भेजा, क्या हमने 'रहमान' के अलावा कोई पूज्य बनाए, जिनकी इबादत की जाए?
४३:४६
وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़
أَرْسَلْنَا भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने
مُوسَىٰ मूसा को mūsā
मूसा को
بِـَٔايَـٰتِنَآ साथ अपनी निशानियों के biāyātinā
साथ अपनी निशानियों के
إِلَىٰ to ilā
to
فِرْعَوْنَ तरफ़ फ़िरऔन fir'ʿawna
तरफ़ फ़िरऔन
وَمَلَإِي۟هِۦ और उसके सरदारों के wamala-ihi
और उसके सरदारों के
فَقَالَ तो उसने कहा faqāla
तो उसने कहा
إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं
رَسُولُ रसूल हूँ rasūlu
रसूल हूँ
رَبِّ रब का rabbi
रब का
ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों के l-ʿālamīna
तमाम जहानों के
٤٦ (46)
(46)
तथा निःसंदेह हमने मूसा को अपनी निशानियों के साथ फ़िरऔन और उसके प्रमुखों की ओर भेजा। तो उसने कहा : निःसंदेह मैं सारे संसारों के पालनहार का रसूल हूँ।
४३:४७
فَلَمَّا फिर जब falammā
फिर जब
جَآءَهُم वो लाया उनके पास jāahum
वो लाया उनके पास
بِـَٔايَـٰتِنَآ निशानियाँ हमारी biāyātinā
निशानियाँ हमारी
إِذَا तब idhā
तब
هُم वो hum
वो
مِّنْهَا उनसे min'hā
उनसे
يَضْحَكُونَ वो हँसते थे yaḍḥakūna
वो हँसते थे
٤٧ (47)
(47)
फिर जब वह उनके पास हमारी निशानियाँ लेकर आया, तो सहसा वे उनकी हँसी उड़ाने लगे।
४३:४८
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
نُرِيهِم हम दिखाते उन्हें nurīhim
हम दिखाते उन्हें
مِّنْ of min
of
ءَايَةٍ कोई निशानी āyatin
कोई निशानी
إِلَّا मगर illā
मगर
هِىَ वो hiya
वो
أَكْبَرُ ज़्यादा बड़ी होती थी akbaru
ज़्यादा बड़ी होती थी
مِنْ than min
than
أُخْتِهَا ۖ अपनी जैसी से ukh'tihā
अपनी जैसी से
وَأَخَذْنَـٰهُم और पकड़ लिया हमने उन्हें wa-akhadhnāhum
और पकड़ लिया हमने उन्हें
بِٱلْعَذَابِ साथ अज़ाब के bil-ʿadhābi
साथ अज़ाब के
لَعَلَّهُمْ ताकि वो laʿallahum
ताकि वो
يَرْجِعُونَ वो लौट आऐं yarjiʿūna
वो लौट आऐं
٤٨ (48)
(48)
और हम उन्हें जो भी निशानी दिखाते, वह अपने जैसी (पहली निशानी) से बढ़कर होती थी। तथा हम उन्हें यातना से ग्रस्त किया, ताकि वे लौट आएँ।
४३:४९
وَقَالُوا۟ और उन्होंने कहा waqālū
और उन्होंने कहा
يَـٰٓأَيُّهَ yāayyuha
ٱلسَّاحِرُ जादूगर l-sāḥiru
जादूगर
ٱدْعُ दुआ कर ud'ʿu
दुआ कर
لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए
رَبَّكَ अपने रब से rabbaka
अपने रब से
بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो
عَهِدَ उसने अहद किया ʿahida
उसने अहद किया
عِندَكَ तेरे पास ʿindaka
तेरे पास
إِنَّنَا बेशक हम innanā
बेशक हम
لَمُهْتَدُونَ ज़रूर हिदायत पा लेंगे lamuh'tadūna
ज़रूर हिदायत पा लेंगे
٤٩ (49)
(49)
और उन्होंने कहा : ऐ जादूगर! हमारे लिए अपने पालनहार से उसके द्वारा दुआ कर, जो उसने तुझसे प्रतिज्ञा कर रखी है। निःसंदेह हम अवश्य ही सीधी राह पर आने वाले हैं।
४३:५०
فَلَمَّا फिर जब falammā
फिर जब
كَشَفْنَا हटा देते हम kashafnā
हटा देते हम
عَنْهُمُ उनसे ʿanhumu
उनसे
ٱلْعَذَابَ अज़ाब को l-ʿadhāba
अज़ाब को
إِذَا तब idhā
तब
هُمْ वो hum
वो
يَنكُثُونَ वो अहद तोड़ देते yankuthūna
वो अहद तोड़ देते
٥٠ (50)
(50)
फिर जब हम उनसे यातना दूर कर देते, सहसा वे वचन तोड़ देते थे।
४३:५१
وَنَادَىٰ और पुकारा wanādā
और पुकारा
فِرْعَوْنُ फ़िरऔन ने fir'ʿawnu
फ़िरऔन ने
فِى among
among
قَوْمِهِۦ अपनी क़ौम में qawmihi
अपनी क़ौम में
قَالَ कहा qāla
कहा
يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम
أَلَيْسَ क्या नहीं है alaysa
क्या नहीं है
لِى मेरे लिए
मेरे लिए
مُلْكُ बादशाहत mul'ku
बादशाहत
مِصْرَ मिस्र की miṣ'ra
मिस्र की
وَهَـٰذِهِ और ये wahādhihi
और ये
ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें
تَجْرِى जो बहती हैं tajrī
जो बहती हैं
مِن underneath me min
underneath me
تَحْتِىٓ ۖ मेरे नीचे से taḥtī
मेरे नीचे से
أَفَلَا क्या फिर नहीं afalā
क्या फिर नहीं
تُبْصِرُونَ तुम देखते tub'ṣirūna
तुम देखते
٥١ (51)
(51)
तथा फ़िरऔन ने अपनी जाति में घोषणा करवाया, उसने कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! क्या मेरे पास मिस्र का राज्य नहीं है? तथा ये नहरें मेरे तहत नहीं चलतीं? तो क्या तुम नहीं देखते?
४३:५२
أَمْ बल्कि am
बल्कि
أَنَا۠ मैं anā
मैं
خَيْرٌۭ बेहतर हूँ khayrun
बेहतर हूँ
مِّنْ than min
than
هَـٰذَا उस(शख़्स) से hādhā
उस(शख़्स) से
ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो
هُوَ वो huwa
वो
مَهِينٌۭ हक़ीर है mahīnun
हक़ीर है
وَلَا और नहीं walā
और नहीं
يَكَادُ क़रीब कि वो yakādu
क़रीब कि वो
يُبِينُ वो वाज़ेह कर सके (बात को) yubīnu
वो वाज़ेह कर सके (बात को)
٥٢ (52)
(52)
बल्कि मैं इस व्यक्ति से बेहतर हूँ, जो हीन है और क़रीब नहीं कि वह अपनी बात स्पष्ट कर सके।
४३:५३
فَلَوْلَآ तो क्यों नहीं falawlā
तो क्यों नहीं
أُلْقِىَ डाले गए ul'qiya
डाले गए
عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर
أَسْوِرَةٌۭ कंगन aswiratun
कंगन
مِّن of min
of
ذَهَبٍ सोने के dhahabin
सोने के
أَوْ या aw
या
جَآءَ आए jāa
आए
مَعَهُ साथ उसके maʿahu
साथ उसके
ٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ फ़रिश्ते l-malāikatu
फ़रिश्ते
مُقْتَرِنِينَ जमा होकर muq'tarinīna
जमा होकर
٥٣ (53)
(53)
सो उसपर सोने के कंगन क्यों नहीं डाले गए, या उसके साथ फ़रिश्ते मिलकर क्यों नहीं आए?
४३:५४
فَٱسْتَخَفَّ तो उसने हल्का (बेअक़्ल)कर दिया fa-is'takhaffa
तो उसने हल्का (बेअक़्ल)कर दिया
قَوْمَهُۥ अपनी क़ौम को qawmahu
अपनी क़ौम को
فَأَطَاعُوهُ ۚ तो उन्होंने इताअत की उसकी fa-aṭāʿūhu
तो उन्होंने इताअत की उसकी
إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो
كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो
قَوْمًۭا लोग qawman
लोग
فَـٰسِقِينَ फ़ासिक़ fāsiqīna
फ़ासिक़
٥٤ (54)
(54)
फिर उसने अपनी जाति को फुसलाया, तो उन्होंने उसकी बात मान ली, निश्चय ही वे अवज्ञाकारी लोग थे।
४३:५५
فَلَمَّآ तो जब falammā
तो जब
ءَاسَفُونَا उन्होंने ग़ुस्सा दिलाया हमें āsafūnā
उन्होंने ग़ुस्सा दिलाया हमें
ٱنتَقَمْنَا इन्तक़ाम लिया हमने intaqamnā
इन्तक़ाम लिया हमने
مِنْهُمْ उनसे min'hum
उनसे
فَأَغْرَقْنَـٰهُمْ फिर ग़र्क़ कर दिया हमने उन्हें fa-aghraqnāhum
फिर ग़र्क़ कर दिया हमने उन्हें
أَجْمَعِينَ सब के सब को ajmaʿīna
सब के सब को
٥٥ (55)
(55)
फिर जब उन्होंने हमें क्रोधित कर दिया, तो हमने उनसे बदला लिया। अतः हमने उन सबको डुबो दिया।
४३:५६
فَجَعَلْنَـٰهُمْ तो बना दिया हमने उन्हें fajaʿalnāhum
तो बना दिया हमने उन्हें
سَلَفًۭا गए गुज़रे salafan
गए गुज़रे
وَمَثَلًۭا और एक मिसाल wamathalan
और एक मिसाल
لِّلْـَٔاخِرِينَ बाद वालों के लिए lil'ākhirīna
बाद वालों के लिए
٥٦ (56)
(56)
तो हमने उन्हें बाद में आने वाले लोगों के लिए अग्रगामी और एक उदाहरण बना दिया।
४३:५७
۞ وَلَمَّا और जब walammā
और जब
ضُرِبَ बयान किया गया ḍuriba
बयान किया गया
ٱبْنُ (the) son ub'nu
(the) son
مَرْيَمَ मरियम के बेटे को maryama
मरियम के बेटे को
مَثَلًا बतौर मिसाल mathalan
बतौर मिसाल
إِذَا अचानक idhā
अचानक
قَوْمُكَ आपकी क़ौम (के लोग) qawmuka
आपकी क़ौम (के लोग)
مِنْهُ उससे min'hu
उससे
يَصِدُّونَ चीख़ने -चिल्लाने लगे yaṣiddūna
चीख़ने -चिल्लाने लगे
٥٧ (57)
(57)
तथा जब मरयम के पुत्र का उदाहरण1 दिया गया, तो सहसा आपकी जाति उसपर शोर मचाने लगी।
४३:५८
وَقَالُوٓا۟ और उन्होंने कहा waqālū
और उन्होंने कहा
ءَأَـٰلِهَتُنَا क्या इलाह हमारे aālihatunā
क्या इलाह हमारे
خَيْرٌ बेहतर हैं khayrun
बेहतर हैं
أَمْ या am
या
هُوَ ۚ वो huwa
वो
مَا नहीं
नहीं
ضَرَبُوهُ उन्होंने बयान किया उसे ḍarabūhu
उन्होंने बयान किया उसे
لَكَ आपके लिए laka
आपके लिए
إِلَّا मगर illā
मगर
جَدَلًۢا ۚ झगड़ने को jadalan
झगड़ने को
بَلْ बल्कि bal
बल्कि
هُمْ वो hum
वो
قَوْمٌ लोग हैं qawmun
लोग हैं
خَصِمُونَ झगड़ालू khaṣimūna
झगड़ालू
٥٨ (58)
(58)
तथा उन्होंने कहा : क्या हमारे देवता अच्छे हैं या वह? उन्होंने आपके लिए यह (उदाहरण) केवल झगड़ने के लिए दिया है। बल्कि वे झगड़ालू लोग हैं।
४३:५९
إِنْ नहीं in
नहीं
هُوَ वो huwa
वो
إِلَّا मगर illā
मगर
عَبْدٌ एक बन्दा ʿabdun
एक बन्दा
أَنْعَمْنَا इनआम किया हमने anʿamnā
इनआम किया हमने
عَلَيْهِ जिस पर ʿalayhi
जिस पर
وَجَعَلْنَـٰهُ और बना दिया हमने उसे wajaʿalnāhu
और बना दिया हमने उसे
مَثَلًۭا एक मिसाल mathalan
एक मिसाल
لِّبَنِىٓ for (the) Children of Israel libanī
for (the) Children of Israel
إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल के लिए is'rāīla
बनी इस्राईल के लिए
٥٩ (59)
(59)
वह1 तो केवल एक बंदा है, जिसपर हमने उपकार किया तथा हमने उसे बनी इसराईल के लिए एक उदाहरण बना दिया।
४३:६०
وَلَوْ और अगर walaw
और अगर
نَشَآءُ हम चाहते nashāu
हम चाहते
لَجَعَلْنَا अलबत्ता बना देते हम lajaʿalnā
अलबत्ता बना देते हम
مِنكُم तुम्हारी जगह minkum
तुम्हारी जगह
مَّلَـٰٓئِكَةًۭ फ़रिश्ते malāikatan
फ़रिश्ते
فِى in
in
ٱلْأَرْضِ जो ज़मीन में l-arḍi
जो ज़मीन में
يَخْلُفُونَ वो जानशीन होते yakhlufūna
वो जानशीन होते
٦٠ (60)
(60)
और यदि हम चाहें तो अवश्य तुम्हारे स्थान पर फ़रिश्तों को बना दें, जो धरती में उत्ताराधिकारी हों।
४३:६१
وَإِنَّهُۥ और बेशक वो wa-innahu
और बेशक वो
لَعِلْمٌۭ अलबत्ता एक अलामत है laʿil'mun
अलबत्ता एक अलामत है
لِّلسَّاعَةِ क़यामत की lilssāʿati
क़यामत की
فَلَا So (do) not falā
So (do) not
تَمْتَرُنَّ तो ना तुम हरगिज़ शक करो tamtarunna
तो ना तुम हरगिज़ शक करो
بِهَا उसमें bihā
उसमें
وَٱتَّبِعُونِ ۚ और पैरवी करो मेरी wa-ittabiʿūni
और पैरवी करो मेरी
هَـٰذَا ये है hādhā
ये है
صِرَٰطٌۭ रास्ता ṣirāṭun
रास्ता
مُّسْتَقِيمٌۭ सीधा mus'taqīmun
सीधा
٦١ (61)
(61)
तथा निःसंदेह वह (ईसा) निश्चय क़ियामत की एक निशानी1 है। अतः तुम उसमें कदापि संदेह न करो और मेरी पैरवी करो, यही सीधा रास्ता है।
४३:६२
وَلَا और ना walā
और ना
يَصُدَّنَّكُمُ हरगिज़ रोके तुम्हें yaṣuddannakumu
हरगिज़ रोके तुम्हें
ٱلشَّيْطَـٰنُ ۖ शैतान l-shayṭānu
शैतान
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
لَكُمْ तुम्हारा lakum
तुम्हारा
عَدُوٌّۭ दुश्मन है ʿaduwwun
दुश्मन है
مُّبِينٌۭ खुल्लम-खुल्ला mubīnun
खुल्लम-खुल्ला
٦٢ (62)
(62)
तथा शौतान तुम्हें कदापि रोकने न पाए। निश्चय वह तुम्हारा खुला शत्रु है।
४३:६३
وَلَمَّا और जब walammā
और जब
جَآءَ लाए jāa
लाए
عِيسَىٰ ईसा ʿīsā
ईसा
بِٱلْبَيِّنَـٰتِ वाज़ेह निशानियाँ bil-bayināti
वाज़ेह निशानियाँ
قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा
قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़
جِئْتُكُم लाया हूँ मैं तुम्हारे पास ji'tukum
लाया हूँ मैं तुम्हारे पास
بِٱلْحِكْمَةِ हिकमत bil-ḥik'mati
हिकमत
وَلِأُبَيِّنَ और ताकि मैं वाज़ेह कर दूँ wali-ubayyina
और ताकि मैं वाज़ेह कर दूँ
لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
بَعْضَ बाज़ baʿḍa
बाज़
ٱلَّذِى वो चीज़ alladhī
वो चीज़
تَخْتَلِفُونَ तुम इख़्तिलाफ़ करते हो takhtalifūna
तुम इख़्तिलाफ़ करते हो
فِيهِ ۖ जिसमें fīhi
जिसमें
فَٱتَّقُوا۟ पस डरो fa-ittaqū
पस डरो
ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से
وَأَطِيعُونِ और इताअत करो मेरी wa-aṭīʿūni
और इताअत करो मेरी
٦٣ (63)
(63)
और जब ईसा खुले तर्कों के साथ आया, तो उसने कहा : निःसंदेह मैं तुम्हारे पास हिकमत लेकर आया हूँ और ताकि मैं तुम्हारे लिए कुछ ऐसी बातें स्पष्ट कर दूँ, जिनमें तुम विभेद करते हो। अतः अल्लाह से डरो और मेरा कहना मानो।
४३:६४
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
هُوَ वो ही है huwa
वो ही है
رَبِّى रब मेरा rabbī
रब मेरा
وَرَبُّكُمْ और रब तुम्हारा warabbukum
और रब तुम्हारा
فَٱعْبُدُوهُ ۚ पस इबादत करो उसकी fa-uʿ'budūhu
पस इबादत करो उसकी
هَـٰذَا ये है hādhā
ये है
صِرَٰطٌۭ रास्ता ṣirāṭun
रास्ता
مُّسْتَقِيمٌۭ सीधा mus'taqīmun
सीधा
٦٤ (64)
(64)
निःसंदेह अल्लाह ही मेरा रब और तुम्हारा रब है। अतः उसी की इबादत करो। यही सीधा मार्ग है।
४३:६५
فَٱخْتَلَفَ पस इख़्तिलाफ़ किया fa-ikh'talafa
पस इख़्तिलाफ़ किया
ٱلْأَحْزَابُ गिरोहों ने l-aḥzābu
गिरोहों ने
مِنۢ from min
from
بَيْنِهِمْ ۖ आपस में baynihim
आपस में
فَوَيْلٌۭ पस हलाकत है fawaylun
पस हलाकत है
لِّلَّذِينَ उनके लिए जिन्होंने lilladhīna
उनके लिए जिन्होंने
ظَلَمُوا۟ ज़ुल्म किया ẓalamū
ज़ुल्म किया
مِنْ from min
from
عَذَابِ अज़ाब से ʿadhābi
अज़ाब से
يَوْمٍ (of the) Day yawmin
(of the) Day
أَلِيمٍ दर्दनाक दिन के alīmin
दर्दनाक दिन के
٦٥ (65)
(65)
फिर कई गिरोहों1 ने आपस में विभेद किया। तो उन लोगों के लिए जिन्होंने ज़ुल्म किया एक दर्दनाक दिन के अज़ाब से बड़ा विनाश है।
४३:६६
هَلْ नहीं hal
नहीं
يَنظُرُونَ वो इन्तज़ार करते yanẓurūna
वो इन्तज़ार करते
إِلَّا मगर illā
मगर
ٱلسَّاعَةَ क़यामत का l-sāʿata
क़यामत का
أَن कि an
कि
تَأْتِيَهُم वो आ जाए उनके पास tatiyahum
वो आ जाए उनके पास
بَغْتَةًۭ अचानक baghtatan
अचानक
وَهُمْ और वो wahum
और वो
لَا (do) not
(do) not
يَشْعُرُونَ ना वो शऊर रखते हों yashʿurūna
ना वो शऊर रखते हों
٦٦ (66)
(66)
वे क़ियामत के सिवा किस चीज़ का इंतज़ार कर रहे हैं कि वह उनपर अचानक आ जाए और वे सोचते भी न हों?
४३:६७
ٱلْأَخِلَّآءُ तमाम दिली दोस्त al-akhilāu
तमाम दिली दोस्त
يَوْمَئِذٍۭ उस दिन yawma-idhin
उस दिन
بَعْضُهُمْ बाज़ उनके baʿḍuhum
बाज़ उनके
لِبَعْضٍ बाज़ के libaʿḍin
बाज़ के
عَدُوٌّ दुश्मन होंगे ʿaduwwun
दुश्मन होंगे
إِلَّا सिवाय illā
सिवाय
ٱلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों के l-mutaqīna
मुत्तक़ी लोगों के
٦٧ (67)
(67)
उस दिन नेक लोगों को छोड़कर सभी सच्चे दोस्त एक-दूसरे के दुश्मन होंगे।
४३:६८
يَـٰعِبَادِ ऐ मेरे बन्दों yāʿibādi
ऐ मेरे बन्दों
لَا ना
ना
خَوْفٌ कोई ख़ौफ़ होगा khawfun
कोई ख़ौफ़ होगा
عَلَيْكُمُ तुम पर ʿalaykumu
तुम पर
ٱلْيَوْمَ आज l-yawma
आज
وَلَآ और ना walā
और ना
أَنتُمْ तुम antum
तुम
تَحْزَنُونَ तुम ग़मगीन होगे taḥzanūna
तुम ग़मगीन होगे
٦٨ (68)
(68)
ऐ मेरे बंदो! आज न तुमपर कोई भय है और न तुम शोकाकुल होगे।
४३:६९
ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो
ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए
بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात पर biāyātinā
हमारी आयात पर
وَكَانُوا۟ और थे वो wakānū
और थे वो
مُسْلِمِينَ फ़रमाबरदार mus'limīna
फ़रमाबरदार
٦٩ (69)
(69)
वे लोग जो हमारी आयतों पर ईमान लाए तथा वे आज्ञाकारी थे।
४३:७०
ٱدْخُلُوا۟ दाख़िल हो जाओ ud'khulū
दाख़िल हो जाओ
ٱلْجَنَّةَ जन्नत में l-janata
जन्नत में
أَنتُمْ तुम antum
तुम
وَأَزْوَٰجُكُمْ और बीवियाँ तुम्हारी wa-azwājukum
और बीवियाँ तुम्हारी
تُحْبَرُونَ तुम ख़ुश किए जाओगे tuḥ'barūna
तुम ख़ुश किए जाओगे
٧٠ (70)
(70)
तुम और तुम्हारी पत्नियाँ जन्नत में प्रवेश कर जाओ। तुम्हें खुश रखा जाएगा।
४३:७१
يُطَافُ गर्दिश कराया जाएगा yuṭāfu
गर्दिश कराया जाएगा
عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर
بِصِحَافٍۢ रिकाबियों को biṣiḥāfin
रिकाबियों को
مِّن of min
of
ذَهَبٍۢ सोने के dhahabin
सोने के
وَأَكْوَابٍۢ ۖ और साग़र wa-akwābin
और साग़र
وَفِيهَا और उसमें होगा wafīhā
और उसमें होगा
مَا वो जो
वो जो
تَشْتَهِيهِ ख़्वाहिश करेंगे जिसकी tashtahīhi
ख़्वाहिश करेंगे जिसकी
ٱلْأَنفُسُ दिल l-anfusu
दिल
وَتَلَذُّ और लज़्ज़त पाऐंगी wataladhu
और लज़्ज़त पाऐंगी
ٱلْأَعْيُنُ ۖ निगाहें l-aʿyunu
निगाहें
وَأَنتُمْ और तुम wa-antum
और तुम
فِيهَا उनमें fīhā
उनमें
خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हो khālidūna
हमेशा रहने वाले हो
٧١ (71)
(71)
उनपर सोने की थालें तथा प्याले फिराए जाएँगे और वहाँ वह सब कुछ होगा, जो दिलों को भाए और जिससे आँखें आनंदित हों और तुम उसमें सदा निवास करने वाले हो।
४३:७२
وَتِلْكَ और ये है watil'ka
और ये है
ٱلْجَنَّةُ जन्नत l-janatu
जन्नत
ٱلَّتِىٓ वो जो allatī
वो जो
أُورِثْتُمُوهَا वारिस बनाय गए हो तुम उसके ūrith'tumūhā
वारिस बनाय गए हो तुम उसके
بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो
كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम
تَعْمَلُونَ तुम अमल करते taʿmalūna
तुम अमल करते
٧٢ (72)
(72)
और यही वह जन्नत है, जिसके तुम उत्तराधिकारी बनाए गए हो, उसके बदले में जो तुम कार्य करते थे।
४३:७३
لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
فِيهَا उसमें fīhā
उसमें
فَـٰكِهَةٌۭ फल होंगे fākihatun
फल होंगे
كَثِيرَةٌۭ बहुत से kathīratun
बहुत से
مِّنْهَا उनमें से min'hā
उनमें से
تَأْكُلُونَ तुम खाओगे takulūna
तुम खाओगे
٧٣ (73)
(73)
तुम्हारे लिए इसमें बहुत-से मेवे हैं, जिनसे तुम खाते रहोगे।
४३:७४
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱلْمُجْرِمِينَ मुजरिम लोग l-muj'rimīna
मुजरिम लोग
فِى (will be) in
(will be) in
عَذَابِ अज़ाब में (होंगे) ʿadhābi
अज़ाब में (होंगे)
جَهَنَّمَ जहन्नम के jahannama
जहन्नम के
خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले khālidūna
हमेशा रहने वाले
٧٤ (74)
(74)
निःसंदेह अपराधी लोग जहन्नम की यातना में सदैव रहने वाले हैं।
४३:७५
لَا Not
Not
يُفَتَّرُ ना कम किया जाएगा yufattaru
ना कम किया जाएगा
عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे
وَهُمْ और वो wahum
और वो
فِيهِ उसमें fīhi
उसमें
مُبْلِسُونَ मायूस होंगे mub'lisūna
मायूस होंगे
٧٥ (75)
(75)
वह (यातना) उनसे हल्की नहीं की जाएगी तथा वे उसी में निराश पड़े रहेंगे।
४३:७६
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
ظَلَمْنَـٰهُمْ ज़ुल्म किया हमने उन पर ẓalamnāhum
ज़ुल्म किया हमने उन पर
وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन
كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो
هُمُ वो ही humu
वो ही
ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिम l-ẓālimīna
ज़ालिम
٧٦ (76)
(76)
और हमने उनपर अत्याचार नहीं किया, बल्कि वे स्वयं ही अत्याचारी थे।
४३:७७
وَنَادَوْا۟ और वो पुकारेंगे wanādaw
और वो पुकारेंगे
يَـٰمَـٰلِكُ ऐ मालिक yāmāliku
ऐ मालिक
لِيَقْضِ चाहिए कि फ़ैसला कर दे liyaqḍi
चाहिए कि फ़ैसला कर दे
عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर
رَبُّكَ ۖ रब तेरा rabbuka
रब तेरा
قَالَ वो कहेगा qāla
वो कहेगा
إِنَّكُم बेशक तुम innakum
बेशक तुम
مَّـٰكِثُونَ (यूँही )रहने वाले हो mākithūna
(यूँही )रहने वाले हो
٧٧ (77)
(77)
तथा वे पुकारेंगे : ऐ मालिक! तेरा पालनहार हमारा काम तमाम ही कर दे। वह कहेगा : निःसंदेह तुम (यहीं) ठहरने वाले हो।
४३:७८
لَقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़
جِئْنَـٰكُم लाए हम तुम्हारे पास ji'nākum
लाए हम तुम्हारे पास
بِٱلْحَقِّ हक़ bil-ḥaqi
हक़
وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन
أَكْثَرَكُمْ अक्सर तुम्हारे aktharakum
अक्सर तुम्हारे
لِلْحَقِّ हक़ को lil'ḥaqqi
हक़ को
كَـٰرِهُونَ नापसंद करने वाले थे kārihūna
नापसंद करने वाले थे
٧٨ (78)
(78)
निःसंदेह हम तो तुम्हारे पास सत्य लेकर आए हैं, लेकिन तुममें से अधिकतर लोग सत्य को नापसंद करने वाले हैं।
४३:७९
أَمْ बल्कि am
बल्कि
أَبْرَمُوٓا۟ उन्होंने पुख़्ता फ़ैसला किया abramū
उन्होंने पुख़्ता फ़ैसला किया
أَمْرًۭا एक काम का amran
एक काम का
فَإِنَّا तो यक़ीनन हम भी fa-innā
तो यक़ीनन हम भी
مُبْرِمُونَ पुख़्ता फ़ैसला करने वाले हैं mub'rimūna
पुख़्ता फ़ैसला करने वाले हैं
٧٩ (79)
(79)
या उन्होंने किसी कार्य का दृढ़ निश्चय कर लिया है? तो निःसंदेह हम भी दृढ़ उपाय करने वाले हैं।
४३:८०
أَمْ या am
या
يَحْسَبُونَ वो समझते हैं yaḥsabūna
वो समझते हैं
أَنَّا बेशक हम annā
बेशक हम
لَا (can) not
(can) not
نَسْمَعُ नहीं हम सुनते nasmaʿu
नहीं हम सुनते
سِرَّهُمْ राज़ उनका sirrahum
राज़ उनका
وَنَجْوَىٰهُم ۚ और सरगोशी उनकी wanajwāhum
और सरगोशी उनकी
بَلَىٰ क्यों नहीं balā
क्यों नहीं
وَرُسُلُنَا और हमारे भेजे हुए(फ़रिश्ते) warusulunā
और हमारे भेजे हुए(फ़रिश्ते)
لَدَيْهِمْ उनके पास हैं ladayhim
उनके पास हैं
يَكْتُبُونَ वो लिखते हैं yaktubūna
वो लिखते हैं
٨٠ (80)
(80)
या वे समझते हैं कि हम उनके रहस्य और उनकी कानाफूसी को नहीं सुनते? क्यों नहीं, और हमारे भेजे हुए (फ़रिश्ते) उनके पास लिखते रहते हैं।
४३:८१
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
إِن अगर in
अगर
كَانَ है kāna
है
لِلرَّحْمَـٰنِ रहमान के लिए lilrraḥmāni
रहमान के लिए
وَلَدٌۭ कोई औलाद waladun
कोई औलाद
فَأَنَا۠ तो मैं fa-anā
तो मैं
أَوَّلُ सब से पहला हूँ awwalu
सब से पहला हूँ
ٱلْعَـٰبِدِينَ इबादत करने वालों में l-ʿābidīna
इबादत करने वालों में
٨١ (81)
(81)
(ऐ नबी!) आप कह दें : यदि रहमान की कोई संतान हो, तो मैं सबसे पहले इबादत करने वाला हूँ।
४३:८२
سُبْحَـٰنَ पाक है sub'ḥāna
पाक है
رَبِّ रब rabbi
रब
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों
وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन का wal-arḍi
और ज़मीन का
رَبِّ रब rabbi
रब
ٱلْعَرْشِ अर्श का l-ʿarshi
अर्श का
عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो
يَصِفُونَ वो बयान करते हैं yaṣifūna
वो बयान करते हैं
٨٢ (82)
(82)
पवित्र है आकाशों तथा धरती का पालनहार, सिंहासन का स्वामी उन बातों से जो वे बयान करते हैं।
४३:८३
فَذَرْهُمْ तो छोड़ दीजिए उन्हें fadharhum
तो छोड़ दीजिए उन्हें
يَخُوضُوا۟ वो बहस करते रहें yakhūḍū
वो बहस करते रहें
وَيَلْعَبُوا۟ और खेलते रहें wayalʿabū
और खेलते रहें
حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि
يُلَـٰقُوا۟ वो जा मिलें yulāqū
वो जा मिलें
يَوْمَهُمُ अपने उस दिन से yawmahumu
अपने उस दिन से
ٱلَّذِى जिसका alladhī
जिसका
يُوعَدُونَ वो वादा किए जाते हैं yūʿadūna
वो वादा किए जाते हैं
٨٣ (83)
(83)
तो आप उन्हें छोड़ दें व्यर्थ की बहस करते रहें तथा खेलते रहें, यहाँ तक कि उनका सामना उनके उस दिन से हो जाए, जिसका उनसे वादा किया जाता है।
४३:८४
وَهُوَ और वो ही है wahuwa
और वो ही है
ٱلَّذِى जो alladhī
जो
فِى (is) in
(is) in
ٱلسَّمَآءِ आसमान में l-samāi
आसमान में
إِلَـٰهٌۭ इलाह है ilāhun
इलाह है
وَفِى and in wafī
and in
ٱلْأَرْضِ और ज़मीन में l-arḍi
और ज़मीन में
إِلَـٰهٌۭ ۚ इलाह है ilāhun
इलाह है
وَهُوَ और वो ही है wahuwa
और वो ही है
ٱلْحَكِيمُ बहुत हिकमत वाला l-ḥakīmu
बहुत हिकमत वाला
ٱلْعَلِيمُ ख़ूब इल्म वाला l-ʿalīmu
ख़ूब इल्म वाला
٨٤ (84)
(84)
वही है जो आकाश में पूज्य है और धरती में भी पूज्य है और वही पूर्ण ह़िकमत वाला, सब कुछ जानने वाला है।
४३:८५
وَتَبَارَكَ और बाबरकत है watabāraka
और बाबरकत है
ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो
لَهُۥ उसी के लिए है lahu
उसी के लिए है
مُلْكُ बादशाहत mul'ku
बादशाहत
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों
وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की
وَمَا और जो wamā
और जो
بَيْنَهُمَا दर्मियान है उन दोनों के baynahumā
दर्मियान है उन दोनों के
وَعِندَهُۥ और उसी के पास है waʿindahu
और उसी के पास है
عِلْمُ इल्म ʿil'mu
इल्म
ٱلسَّاعَةِ क़यामत का l-sāʿati
क़यामत का
وَإِلَيْهِ और उसका की तरफ़ wa-ilayhi
और उसका की तरफ़
تُرْجَعُونَ तुम लौटाए जाओगे tur'jaʿūna
तुम लौटाए जाओगे
٨٥ (85)
(85)
और बड़ा ही बरकत वाला है वह, जिसके पास आसमानों और ज़मीन की बादशाही है और उसकी भी जो उन दोनों के दरमियान है तथा उसी के पास क़ियामत का ज्ञान है और उसी की ओर तुम लौटाए जाओगे।
४३:८६
وَلَا और नहीं walā
और नहीं
يَمْلِكُ वो इख़्तियार रखते yamliku
वो इख़्तियार रखते
ٱلَّذِينَ जिन्हें alladhīna
जिन्हें
يَدْعُونَ वो पुकारते हैं yadʿūna
वो पुकारते हैं
مِن besides Him min
besides Him
دُونِهِ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा
ٱلشَّفَـٰعَةَ शफ़ाअत का l-shafāʿata
शफ़ाअत का
إِلَّا मगर illā
मगर
مَن जो man
जो
شَهِدَ गवाही दे shahida
गवाही दे
بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के
وَهُمْ और वो wahum
और वो
يَعْلَمُونَ वो जानते हों yaʿlamūna
वो जानते हों
٨٦ (86)
(86)
तथा वे लोग जिन्हें ये उसके सिवा पुकारते हैं, वे सिफ़ारिश का अधिकार नहीं रखते। परंतु जिसने सत्य1 की गवाही दी और वे (उसे) जानते हों।
४३:८७
وَلَئِن और अलबत्ता अगर wala-in
और अलबत्ता अगर
سَأَلْتَهُم पूछें आप उनसे sa-altahum
पूछें आप उनसे
مَّنْ किसने man
किसने
خَلَقَهُمْ पैदा किया उन्हें khalaqahum
पैदा किया उन्हें
لَيَقُولُنَّ अलबत्ता वो ज़रूर कहेंगे layaqūlunna
अलबत्ता वो ज़रूर कहेंगे
ٱللَّهُ ۖ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने
فَأَنَّىٰ तो कहाँ से fa-annā
तो कहाँ से
يُؤْفَكُونَ वो फेरे जाते हैं yu'fakūna
वो फेरे जाते हैं
٨٧ (87)
(87)
और निश्चय यदि आप उनसे पूछें कि उन्हें किसने पैदा किया? तो वे अवश्य कहेंगे : अल्लाह ने। तो फिर वे कहाँ बहकाए जाते हैं?
४३:८८
وَقِيلِهِۦ क़सम है उस (रसूल) के क़ौल की waqīlihi
क़सम है उस (रसूल) के क़ौल की
يَـٰرَبِّ ऐ मेरे रब yārabbi
ऐ मेरे रब
إِنَّ बेशक inna
बेशक
هَـٰٓؤُلَآءِ ये hāulāi
ये
قَوْمٌۭ लोग qawmun
लोग
لَّا (who do) not
(who do) not
يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाऐंगे yu'minūna
नहीं वो ईमान लाऐंगे
٨٨ (88)
(88)
तथा (उसके पास) रसूल के इस कथन (का भी ज्ञान है कि) : ऐ मेरे पालनहार! ये तो ऐसे लोग हैं, जो ईमान नहीं लाते।
४३:८९
فَٱصْفَحْ पस दरगुज़र कीजिए fa-iṣ'faḥ
पस दरगुज़र कीजिए
عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे
وَقُلْ और कह दीजिए waqul
और कह दीजिए
سَلَـٰمٌۭ ۚ सलाम है salāmun
सलाम है
فَسَوْفَ पस अनक़रीब fasawfa
पस अनक़रीब
يَعْلَمُونَ वो जान लेंगे yaʿlamūna
वो जान लेंगे
٨٩ (89)
(89)
अतः आप उनसे मुँह फेर लें तथा कह दें कि सलाम1 है तुम्हें। जल्द ही उन्हें पता चल जाएगा।