११

हूद

मक्की १२३ आयतें पारा ११
هود
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ साथ नाम bis'mi
साथ नाम
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान
ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
११:१
الٓر ۚ अलिफ़ लाम रा alif-lam-ra
अलिफ़ लाम रा
كِتَـٰبٌ एक किताब है kitābun
एक किताब है
أُحْكِمَتْ पुख़्ता की गई हैं uḥ'kimat
पुख़्ता की गई हैं
ءَايَـٰتُهُۥ आयात उसकी āyātuhu
आयात उसकी
ثُمَّ फिर thumma
फिर
فُصِّلَتْ खोल कर बयान की गईं fuṣṣilat
खोल कर बयान की गईं
مِن from (he One Who) min
from (he One Who)
لَّدُنْ तरफ़ से ladun
तरफ़ से
حَكِيمٍ बहुत हिकमत वाले ḥakīmin
बहुत हिकमत वाले
خَبِيرٍ ख़ूब बाख़बर के khabīrin
ख़ूब बाख़बर के
١ (1)
(1)
अलिफ, लाम, रा। यह एक पुस्तक है, जिसकी आयतें सुदृढ़ की गईं, फिर उन्हें सविस्तार स्पष्ट किया गया एक पूर्ण हिकमत वाले की ओर से जो पूरी ख़बर रखने वाला है।
११:२
أَلَّا कि ना allā
कि ना
تَعْبُدُوٓا۟ तुम इबादत करो taʿbudū
तुम इबादत करो
إِلَّا मगर illā
मगर
ٱللَّهَ ۚ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की
إِنَّنِى बेशक मैं innanī
बेशक मैं
لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
مِّنْهُ उसकी तरफ़ से min'hu
उसकी तरफ़ से
نَذِيرٌۭ डराने वाला nadhīrun
डराने वाला
وَبَشِيرٌۭ और ख़ुश ख़बरी देने वाला हूँ wabashīrun
और ख़ुश ख़बरी देने वाला हूँ
٢ (2)
(2)
यह कि अल्लाह के सिवा किसी की इबादत न करो। निःसंदेह मैं तुम्हारे लिए उसकी ओर से एक डराने वाला तथा शुभ सूचना देने वाला हूँ।
११:३
وَأَنِ और ये कि wa-ani
और ये कि
ٱسْتَغْفِرُوا۟ तुम बख़्शिश माँगो is'taghfirū
तुम बख़्शिश माँगो
رَبَّكُمْ अपने रब से rabbakum
अपने रब से
ثُمَّ फिर thumma
फिर
تُوبُوٓا۟ तुम तौबा करो tūbū
तुम तौबा करो
إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके
يُمَتِّعْكُم वो फ़ायदा देगा तुम्हें yumattiʿ'kum
वो फ़ायदा देगा तुम्हें
مَّتَـٰعًا फ़ायदा matāʿan
फ़ायदा
حَسَنًا अच्छा ḥasanan
अच्छा
إِلَىٰٓ for ilā
for
أَجَلٍۢ एक मुद्दत तक ajalin
एक मुद्दत तक
مُّسَمًّۭى मुक़र्रर musamman
मुक़र्रर
وَيُؤْتِ और वो देगा wayu'ti
और वो देगा
كُلَّ हर kulla
हर
ذِى owner dhī
owner
فَضْلٍۢ साहिबे फ़ज़ल को faḍlin
साहिबे फ़ज़ल को
فَضْلَهُۥ ۖ फ़ज़ल उसका faḍlahu
फ़ज़ल उसका
وَإِن और अगर wa-in
और अगर
تَوَلَّوْا۟ तुम मुँह फेरोगे tawallaw
तुम मुँह फेरोगे
فَإِنِّىٓ तो बेशक मैं fa-innī
तो बेशक मैं
أَخَافُ मैं डरता हूँ akhāfu
मैं डरता हूँ
عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर
عَذَابَ अज़ाब से ʿadhāba
अज़ाब से
يَوْمٍۢ (of) a Great Day yawmin
(of) a Great Day
كَبِيرٍ बड़े दिन के kabīrin
बड़े दिन के
٣ (3)
(3)
और यह कि अपने पालनहार से क्षमा माँगो, फिर उसकी ओर पलट आओ। वह तुम्हें एक निर्धारित अवधि तक उत्तम सामग्री प्रदान करेगा और प्रत्येक अतिरिक्त सत्कर्म करने वाले को उसका अतिरिक्त बदला देगा और यदि तुम फिर गह, तो मैं तुमपर एक बड़े दिन की यातना से डरता हूँ।
११:४
إِلَى To ilā
To
ٱللَّهِ तरफ़ अल्लाह ही के l-lahi
तरफ़ अल्लाह ही के
مَرْجِعُكُمْ ۖ लौटना है तुम्हारा marjiʿukum
लौटना है तुम्हारा
وَهُوَ और वो wahuwa
और वो
عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर
كُلِّ हर kulli
हर
شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के
قَدِيرٌ ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है qadīrun
ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है
٤ (4)
(4)
अल्लाह ही की ओर तुम्हारा लौटना है और वह हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है।
११:५
أَلَآ ख़बरदार alā
ख़बरदार
إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो
يَثْنُونَ वो दोहरे करते हैं yathnūna
वो दोहरे करते हैं
صُدُورَهُمْ सीने अपने ṣudūrahum
सीने अपने
لِيَسْتَخْفُوا۟ ताकि वो छुप सकें liyastakhfū
ताकि वो छुप सकें
مِنْهُ ۚ उससे min'hu
उससे
أَلَا ख़बरदार alā
ख़बरदार
حِينَ जिस वक़्त ḥīna
जिस वक़्त
يَسْتَغْشُونَ वो ढाँपते हैं yastaghshūna
वो ढाँपते हैं
ثِيَابَهُمْ कपड़े अपने thiyābahum
कपड़े अपने
يَعْلَمُ वो जानता है yaʿlamu
वो जानता है
مَا जो
जो
يُسِرُّونَ वो छुपाते हैं yusirrūna
वो छुपाते हैं
وَمَا और जो wamā
और जो
يُعْلِنُونَ ۚ वो ज़ाहिर करते हैं yuʿ'linūna
वो ज़ाहिर करते हैं
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
عَلِيمٌۢ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है
بِذَاتِ of what bidhāti
of what
ٱلصُّدُورِ सीनों वाले (भेद) l-ṣudūri
सीनों वाले (भेद)
٥ (5)
(5)
सुन लो! निःसंदेह वे अपने सीनों को मोड़ते हैं, ताकि उस (अल्लाह) से छिपे रहें। सुन लो! जब वे अपने कपड़े ख़ूब लपेट लेते हैं, वह जानता है जो कुछ वे छिपाते हैं और जो कुछ प्रकट करते हैं। निःसंदेह वह सीनों की बातों को भली-भाँति जानने वाला है।1
११:६
۞ وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
مِن any min
any
دَآبَّةٍۢ कोई जानदार dābbatin
कोई जानदार
فِى in
in
ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में
إِلَّا मगर illā
मगर
عَلَى on ʿalā
on
ٱللَّهِ अल्लाह ही पर है l-lahi
अल्लाह ही पर है
رِزْقُهَا रिज़्क़ उसका riz'quhā
रिज़्क़ उसका
وَيَعْلَمُ और वो जानता है wayaʿlamu
और वो जानता है
مُسْتَقَرَّهَا ठिकाना उसका mus'taqarrahā
ठिकाना उसका
وَمُسْتَوْدَعَهَا ۚ और सौंपे जाने की जगह उसकी wamus'tawdaʿahā
और सौंपे जाने की जगह उसकी
كُلٌّۭ सब कुछ kullun
सब कुछ
فِى (is) in
(is) in
كِتَـٰبٍۢ a Record kitābin
a Record
مُّبِينٍۢ एक वाज़ेह किताब में है mubīnin
एक वाज़ेह किताब में है
٦ (6)
(6)
और धरती पर चलने-फिरने वाला जो भी प्राणी है, उसकी रोज़ी अल्लाह के ज़िम्मे है। वह उसके ठहरने के स्थान तथा उसके सौंपे जाने के स्थान को जानता है। सब कुछ एक स्पष्ट पुस्तक में (अंकित) है।1
११:७
وَهُوَ और वो ही है wahuwa
और वो ही है
ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने
خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों
وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को
فِى in
in
سِتَّةِ six sittati
six
أَيَّامٍۢ छः दिनों में ayyāmin
छः दिनों में
وَكَانَ और था wakāna
और था
عَرْشُهُۥ अर्श उसका ʿarshuhu
अर्श उसका
عَلَى on ʿalā
on
ٱلْمَآءِ पानी पर l-māi
पानी पर
لِيَبْلُوَكُمْ ताकि वो आज़माए तुम्हें liyabluwakum
ताकि वो आज़माए तुम्हें
أَيُّكُمْ कौन तुम में से ayyukum
कौन तुम में से
أَحْسَنُ ज़्यादा अच्छा है aḥsanu
ज़्यादा अच्छा है
عَمَلًۭا ۗ अमल में ʿamalan
अमल में
وَلَئِن और अलबत्ता अगर wala-in
और अलबत्ता अगर
قُلْتَ कहें आप qul'ta
कहें आप
إِنَّكُم बेशक तुम innakum
बेशक तुम
مَّبْعُوثُونَ उठाए जाने वाले हो mabʿūthūna
उठाए जाने वाले हो
مِنۢ after min
after
بَعْدِ बाद baʿdi
बाद
ٱلْمَوْتِ मौत के l-mawti
मौत के
لَيَقُولَنَّ अलबत्ता ज़रूर कहेंगे layaqūlanna
अलबत्ता ज़रूर कहेंगे
ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने
كَفَرُوٓا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया
إِنْ नहीं in
नहीं
هَـٰذَآ ये hādhā
ये
إِلَّا मगर illā
मगर
سِحْرٌۭ जादू siḥ'run
जादू
مُّبِينٌۭ खुल्लम-खुल्ला mubīnun
खुल्लम-खुल्ला
٧ (7)
(7)
और वही है, जिसने आकाशों तथा धरती को छः दिनों में पैदा किया। उस समय उसका सिंहासन पानी पर था। ताकि तुम्हारी परीक्षा ले कि तुममें किसका कर्म सबसे उत्तम है। और (ऐ नबी!) यदि आप उनसे कहें कि निःसंदेह तुम मरने के बाद पुनः जीवित किए जाओगे, तो जिन लोगों ने कुफ़्र किया, वे अवश्य कहेंगे कि यह तो खुला जादू है।
११:८
وَلَئِنْ और अलबत्ता अगर wala-in
और अलबत्ता अगर
أَخَّرْنَا मुअख़्ख़र कर दें हम akharnā
मुअख़्ख़र कर दें हम
عَنْهُمُ उनसे ʿanhumu
उनसे
ٱلْعَذَابَ अज़ाब को l-ʿadhāba
अज़ाब को
إِلَىٰٓ for ilā
for
أُمَّةٍۢ एक मुद्दत तक ummatin
एक मुद्दत तक
مَّعْدُودَةٍۢ शुमार की हुई maʿdūdatin
शुमार की हुई
لَّيَقُولُنَّ अलबत्ता वो ज़रूर कहेंगे layaqūlunna
अलबत्ता वो ज़रूर कहेंगे
مَا किस चीज़ ने
किस चीज़ ने
يَحْبِسُهُۥٓ ۗ रोक रखा है उसे yaḥbisuhu
रोक रखा है उसे
أَلَا ख़बरदार alā
ख़बरदार
يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन
يَأْتِيهِمْ वो आ जाएगा उनके पास yatīhim
वो आ जाएगा उनके पास
لَيْسَ नहीं laysa
नहीं
مَصْرُوفًا फेरा जाएगा maṣrūfan
फेरा जाएगा
عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे
وَحَاقَ और घेर लेगा waḥāqa
और घेर लेगा
بِهِم उन्हें bihim
उन्हें
مَّا जो
जो
كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो
بِهِۦ जिसका bihi
जिसका
يَسْتَهْزِءُونَ वो मज़ाक़ उड़ाते yastahziūna
वो मज़ाक़ उड़ाते
٨ (8)
(8)
और यदि हम एक गिनी-चुनी अवधि तक उनसे यातना को विलंबित कर दें, तो अवश्य कहेंगे कि किस चीज़ ने उसे रोक रखा है? सुन लो! वह जिस दिन उनपर आ जाएगी, तो उनपर से टाली नहीं जाएगी। और वह (यातना) उन्हें घेर लेगी, जिसकी वे हँसी उड़ाया करते थे।
११:९
وَلَئِنْ और अलबत्ता अगर wala-in
और अलबत्ता अगर
أَذَقْنَا चखाऐं हम adhaqnā
चखाऐं हम
ٱلْإِنسَـٰنَ इन्सान को l-insāna
इन्सान को
مِنَّا अपनी तरफ़ से minnā
अपनी तरफ़ से
رَحْمَةًۭ रहमत raḥmatan
रहमत
ثُمَّ फिर thumma
फिर
نَزَعْنَـٰهَا छीन लें हम उसको nazaʿnāhā
छीन लें हम उसको
مِنْهُ उससे min'hu
उससे
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
لَيَـُٔوسٌۭ अलबत्ता बहुत मायूस होने वाला layaūsun
अलबत्ता बहुत मायूस होने वाला
كَفُورٌۭ बहुत नाशुक्रा है kafūrun
बहुत नाशुक्रा है
٩ (9)
(9)
और यदि हम मनुष्य को अपनी तरफ़ से किसी दया (नेमत) का स्वाद चखा दें, फिर उसे उससे छीन लें, तो निश्चय ही वह अति निराश, बड़ा नाशुक्रा हो जाता है।
११:१०
وَلَئِنْ और अलबत्ता अगर wala-in
और अलबत्ता अगर
أَذَقْنَـٰهُ चखाऐं हम उसे adhaqnāhu
चखाऐं हम उसे
نَعْمَآءَ आसाइश naʿmāa
आसाइश
بَعْدَ बाद baʿda
बाद
ضَرَّآءَ तकलीफ़ के ḍarrāa
तकलीफ़ के
مَسَّتْهُ जो पहुँची उसे massathu
जो पहुँची उसे
لَيَقُولَنَّ अलबत्ता वो ज़रूर कहेगा layaqūlanna
अलबत्ता वो ज़रूर कहेगा
ذَهَبَ दूर हो गईं dhahaba
दूर हो गईं
ٱلسَّيِّـَٔاتُ बुराईयाँ (तकालीफ़) l-sayiātu
बुराईयाँ (तकालीफ़)
عَنِّىٓ ۚ मुझसे ʿannī
मुझसे
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
لَفَرِحٌۭ अलबत्ता बहुत इतराने वाला lafariḥun
अलबत्ता बहुत इतराने वाला
فَخُورٌ बहुत फ़ख़्र करने वाला है fakhūrun
बहुत फ़ख़्र करने वाला है
١٠ (10)
(10)
और यदि हम उसे विपत्ति पहुँचने के बाद कोई नेमत चखाएँ, तो निश्चय ही वह अवश्य कहेगा : समस्त विपत्तियाँ मुझसे दूर हो गईं। निःसंदेह वह बहुत इतराने वाला, बहुत गर्व करने वाला है।1
११:११
إِلَّا सिवाय illā
सिवाय
ٱلَّذِينَ उनके जिन्होंने alladhīna
उनके जिन्होंने
صَبَرُوا۟ सब्र किया ṣabarū
सब्र किया
وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए
ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक
أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं
لَهُم उनके लिए है lahum
उनके लिए है
مَّغْفِرَةٌۭ बख़्शिश maghfiratun
बख़्शिश
وَأَجْرٌۭ और अजर wa-ajrun
और अजर
كَبِيرٌۭ बहुत बड़ा kabīrun
बहुत बड़ा
١١ (11)
(11)
परन्तु जिन लोगों ने धैर्य से काम लिया और अच्छे कर्म करते रहे, ऐस लोगों के लिए क्षमा और बड़ा प्रतिफल है।
११:१२
فَلَعَلَّكَ तो शायद आप falaʿallaka
तो शायद आप
تَارِكٌۢ छोड़ने वाले हैं tārikun
छोड़ने वाले हैं
بَعْضَ बाज़ हिस्सा baʿḍa
बाज़ हिस्सा
مَا उसका जो
उसका जो
يُوحَىٰٓ वही किया गया yūḥā
वही किया गया
إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके
وَضَآئِقٌۢ और तंग होने वाला है waḍāiqun
और तंग होने वाला है
بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके
صَدْرُكَ सीना आपका ṣadruka
सीना आपका
أَن कि an
कि
يَقُولُوا۟ वो कहेंगे yaqūlū
वो कहेंगे
لَوْلَآ क्यों नहीं lawlā
क्यों नहीं
أُنزِلَ नाज़िल किया गया unzila
नाज़िल किया गया
عَلَيْهِ इस पर ʿalayhi
इस पर
كَنزٌ कोई ख़ज़ाना kanzun
कोई ख़ज़ाना
أَوْ या aw
या
جَآءَ आया jāa
आया
مَعَهُۥ साथ उसके maʿahu
साथ उसके
مَلَكٌ ۚ कोई फ़रिश्ता malakun
कोई फ़रिश्ता
إِنَّمَآ बेशक innamā
बेशक
أَنتَ आप तो anta
आप तो
نَذِيرٌۭ ۚ डराने वाले हैं nadhīrun
डराने वाले हैं
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर
كُلِّ हर kulli
हर
شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के
وَكِيلٌ निगरान है wakīlun
निगरान है
١٢ (12)
(12)
तो (ऐ नबी!) संभवतः आप अपनी ओर की जाने वाली वह़्य के कुछ भाग (का प्रसार) छोड़ देने वाले हैं, और उसके (प्रसार के) कारण आपका सीना तंग हो रहा है कि वे कहेंगे कि इसपर कोई ख़ज़ाना क्यों नहीं उतारा गया या इसके साथ कोई फरिश्ता क्यों नहीं आया? (तो सुनिए) आप केवल सचेत करने वाले हैं और अल्लाह ही प्रत्येक चीज़ का संरक्षक है।
११:१३
أَمْ क्या am
क्या
يَقُولُونَ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं
افْتَرَاهُ ۖ उसने गढ़ लिया उसे if'tarāhu
उसने गढ़ लिया उसे
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
فَأْتُوا۟ पस ले आओ fatū
पस ले आओ
بِعَشْرِ दस biʿashri
दस
سُوَرٍۢ सूरतें suwarin
सूरतें
مِّثْلِهِۦ मानिन्द इसके mith'lihi
मानिन्द इसके
مُفْتَرَيَـٰتٍۢ गढ़ी हुई muf'tarayātin
गढ़ी हुई
وَٱدْعُوا۟ और बुला लो wa-id'ʿū
और बुला लो
مَنِ उन्हें जिनकी mani
उन्हें जिनकी
ٱسْتَطَعْتُم इस्तिताअत रखते हो तुम is'taṭaʿtum
इस्तिताअत रखते हो तुम
مِّن besides Allah min
besides Allah
دُونِ सिवाय dūni
सिवाय
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
إِن अगर in
अगर
كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम
صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे
١٣ (13)
(13)
बल्कि क्या वे कहते हैं कि उसने इस (क़ुरआन) को स्वयं गढ़ लिया है? आप कह दें कि इस जैसी गढ़ी हुई दस सूरतें ले आओ1 और अल्लाह के सिवा, जिसे बुला सकते हो, बुला लो, यदि तुम सच्चे हो।
११:१४
فَإِلَّمْ फिर अगर ना fa-illam
फिर अगर ना
يَسْتَجِيبُوا۟ वो जवाब दें yastajībū
वो जवाब दें
لَكُمْ तुम्हें lakum
तुम्हें
فَٱعْلَمُوٓا۟ तो जान लो fa-iʿ'lamū
तो जान लो
أَنَّمَآ कि बेशक annamā
कि बेशक
أُنزِلَ ये नाज़िल किया गया है unzila
ये नाज़िल किया गया है
بِعِلْمِ with the knowledge of Allah biʿil'mi
with the knowledge of Allah
ٱللَّهِ अल्लाह के इल्म से l-lahi
अल्लाह के इल्म से
وَأَن और ये कि wa-an
और ये कि
لَّآ नहीं
नहीं
إِلَـٰهَ कोई इलाह (बरहक़) ilāha
कोई इलाह (बरहक़)
إِلَّا मगर illā
मगर
هُوَ ۖ वो ही huwa
वो ही
فَهَلْ तो क्या fahal
तो क्या
أَنتُم तुम antum
तुम
مُّسْلِمُونَ इस्लाम लाने वाले हो mus'limūna
इस्लाम लाने वाले हो
١٤ (14)
(14)
फिर यदि वे तुम्हारी मांग पूरी न करें, तो जान लो कि यह (क़ुरआन) अल्लाह के ज्ञान के साथ उतारा गया है और यह कि उसके सिवा कोई पूज्य नहीं। तो क्या तुम मुसलमान होते हो?
११:१५
مَن जो कोई man
जो कोई
كَانَ है kāna
है
يُرِيدُ चाहता yurīdu
चाहता
ٱلْحَيَوٰةَ ज़िन्दगी l-ḥayata
ज़िन्दगी
ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की
وَزِينَتَهَا और ज़ीनत उसकी wazīnatahā
और ज़ीनत उसकी
نُوَفِّ हम पूरा-पूरा देंगे nuwaffi
हम पूरा-पूरा देंगे
إِلَيْهِمْ तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके
أَعْمَـٰلَهُمْ उनके आमाल (का अजर) aʿmālahum
उनके आमाल (का अजर)
فِيهَا उसमें fīhā
उसमें
وَهُمْ और वो wahum
और वो
فِيهَا उसमें fīhā
उसमें
لَا will not be lessened
will not be lessened
يُبْخَسُونَ ना वो कमी किए जाऐंगे yub'khasūna
ना वो कमी किए जाऐंगे
١٥ (15)
(15)
जो व्यक्ति सांसारिक जीवन तथा उसकी शोभा चाहता हो, हम ऐसे लोगों को उनके कर्मों का बदला इसी (दुनिया) में दे देते हैं और इसमें उनका कोई हक़ नहीं मारा जाता।
११:१६
أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं
ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो
لَيْسَ नहीं है laysa
नहीं है
لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए
فِى in
in
ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत में l-ākhirati
आख़िरत में
إِلَّا मगर illā
मगर
ٱلنَّارُ ۖ आग l-nāru
आग
وَحَبِطَ और ज़ाया हो गया waḥabiṭa
और ज़ाया हो गया
مَا जो
जो
صَنَعُوا۟ उन्होंने किया ṣanaʿū
उन्होंने किया
فِيهَا उसमें fīhā
उसमें
وَبَـٰطِلٌۭ और बातिल है wabāṭilun
और बातिल है
مَّا जो कुछ
जो कुछ
كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो
يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते
١٦ (16)
(16)
यही वे लोग हैं, जिनके लिए आख़िरत में आग के सिवा कुछ नहीं है और उनके दुनिया में किए हुए समस्त कार्य व्यर्थ हो जाएँगे और उनका सारा किया-धरा अकारथ होकर रह जाएगा।
११:१७
أَفَمَن क्या भला वो शख़्स जो afaman
क्या भला वो शख़्स जो
كَانَ हो kāna
हो
عَلَىٰ on ʿalā
on
بَيِّنَةٍۢ एक वाज़ेह दलील पर bayyinatin
एक वाज़ेह दलील पर
مِّن from min
from
رَّبِّهِۦ अपने रब की तरफ़ से rabbihi
अपने रब की तरफ़ से
وَيَتْلُوهُ और पीछे आता हो उसके wayatlūhu
और पीछे आता हो उसके
شَاهِدٌۭ एक गवाह shāhidun
एक गवाह
مِّنْهُ उसकी तरफ़ से min'hu
उसकी तरफ़ से
وَمِن and before it wamin
and before it
قَبْلِهِۦ और उससे पहले थी qablihi
और उससे पहले थी
كِتَـٰبُ किताब kitābu
किताब
مُوسَىٰٓ मूसा की mūsā
मूसा की
إِمَامًۭا इमाम/रहनुमा imāman
इमाम/रहनुमा
وَرَحْمَةً ۚ और रहमत waraḥmatan
और रहमत
أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं
يُؤْمِنُونَ जो ईमान रखते हैं yu'minūna
जो ईमान रखते हैं
بِهِۦ ۚ उस पर bihi
उस पर
وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई
يَكْفُرْ कुफ़्र करेगा yakfur
कुफ़्र करेगा
بِهِۦ उसका bihi
उसका
مِنَ among mina
among
ٱلْأَحْزَابِ गिरोहों में से l-aḥzābi
गिरोहों में से
فَٱلنَّارُ तो आग fal-nāru
तो आग
مَوْعِدُهُۥ ۚ उसकी वादागाह है mawʿiduhu
उसकी वादागाह है
فَلَا पस ना falā
पस ना
تَكُ हों आप taku
हों आप
فِى in
in
مِرْيَةٍۢ किसी शक में mir'yatin
किसी शक में
مِّنْهُ ۚ उससे min'hu
उससे
إِنَّهُ बेशक वो innahu
बेशक वो
ٱلْحَقُّ हक़ है l-ḥaqu
हक़ है
مِن from min
from
رَّبِّكَ आपके रब की तरफ़ से rabbika
आपके रब की तरफ़ से
وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन
أَكْثَرَ अक्सर akthara
अक्सर
ٱلنَّاسِ लोग l-nāsi
लोग
لَا (do) not
(do) not
يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाते yu'minūna
नहीं वो ईमान लाते
١٧ (17)
(17)
तो क्या वह व्यक्ति जो अपने पालनहार की ओर से स्पष्ट प्रमाण1 रखता हो और उसके बाद अल्लाह की ओर से एक गवाह2 भी आ जाए, तथा उससे पहले मूसा की पुस्तक मार्गदर्शक और दया के रूप में उपस्थित रही हो (वह गुमराही में पड़े हुए लोगों के समान हो सकता है?) ऐसे ही लोग इस (क़ुरआन) पर ईमान रखते हैं। और इन समूहों में से जो व्यक्ति भी इसका इनकार करेगा, तो उसके वादा की जगह (ठिकाना) दोज़ख है। अतः आप इसके बारे में किसी संदेह में न पड़ें। निःसंदेह यह आपके पालनहार की ओर से सत्य है। परंतु अधिकतर लोग ईमान (विश्वास) नहीं रखते।
११:१८
وَمَنْ और कौन waman
और कौन
أَظْلَمُ बड़ा ज़ालिम है aẓlamu
बड़ा ज़ालिम है
مِمَّنِ उससे जो mimmani
उससे जो
ٱفْتَرَىٰ गढ़ ले if'tarā
गढ़ ले
عَلَى against ʿalā
against
ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर
كَذِبًا ۚ झूठ kadhiban
झूठ
أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं
يُعْرَضُونَ जो पेश किए जाऐंगे yuʿ'raḍūna
जो पेश किए जाऐंगे
عَلَىٰ before ʿalā
before
رَبِّهِمْ अपने रब पर rabbihim
अपने रब पर
وَيَقُولُ और कहेंगे wayaqūlu
और कहेंगे
ٱلْأَشْهَـٰدُ गवाह l-ashhādu
गवाह
هَـٰٓؤُلَآءِ ये हैं hāulāi
ये हैं
ٱلَّذِينَ वो लोग जिन्होंने alladhīna
वो लोग जिन्होंने
كَذَبُوا۟ झूठ बोला kadhabū
झूठ बोला
عَلَىٰ against ʿalā
against
رَبِّهِمْ ۚ अपने रब पर rabbihim
अपने रब पर
أَلَا ख़बरदार alā
ख़बरदार
لَعْنَةُ लानत है laʿnatu
लानत है
ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की
عَلَى (is) on ʿalā
(is) on
ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों पर l-ẓālimīna
ज़ालिमों पर
١٨ (18)
(18)
और उससे बड़ा अत्याचारी कौन होगा, जो अल्लाह पर झूठ गढ़े? ऐसे लोग अपने पालनहार के समक्ष प्रस्तुत किए जाएँगे और गवाही देने वाले कहेंगे कि यही वे लोग हैं जिन्होंने अपने पालनहार पर झूठ गढ़ा था। सुन लो! अत्याचारियों पर अल्लाह की धिक्कार है।
११:१९
ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो
يَصُدُّونَ रोकते हैं yaṣuddūna
रोकते हैं
عَن from ʿan
from
سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way
ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते से l-lahi
अल्लाह के रास्ते से
وَيَبْغُونَهَا और तलाश करते हैं उस में wayabghūnahā
और तलाश करते हैं उस में
عِوَجًۭا टेढ़ा पन ʿiwajan
टेढ़ा पन
وَهُم और वो wahum
और वो
بِٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत के bil-ākhirati
आख़िरत के
هُمْ वो ही hum
वो ही
كَـٰفِرُونَ इन्कारी हैं kāfirūna
इन्कारी हैं
١٩ (19)
(19)
जो अल्लाह के मार्ग से रोकते हैं और उसे टेढ़ा बनाना चाहते हैं और वही आख़िरत का इनकार करने वाले हैं।
११:२०
أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग ulāika
यही लोग
لَمْ ना lam
ना
يَكُونُوا۟ वो थे yakūnū
वो थे
مُعْجِزِينَ आजिज़ करने वाले muʿ'jizīna
आजिज़ करने वाले
فِى in
in
ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
كَانَ था kāna
था
لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए
مِّن besides min
besides
دُونِ सिवाय dūni
सिवाय
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
مِنْ any min
any
أَوْلِيَآءَ ۘ कोई मददगार awliyāa
कोई मददगार
يُضَـٰعَفُ दोगुना किया जाएगा yuḍāʿafu
दोगुना किया जाएगा
لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए
ٱلْعَذَابُ ۚ अज़ाब l-ʿadhābu
अज़ाब
مَا ना
ना
كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो
يَسْتَطِيعُونَ वो इस्तिताअत रखते yastaṭīʿūna
वो इस्तिताअत रखते
ٱلسَّمْعَ सुनने की l-samʿa
सुनने की
وَمَا और ना ही wamā
और ना ही
كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो
يُبْصِرُونَ वो देखते yub'ṣirūna
वो देखते
٢٠ (20)
(20)
वे धरती में अल्लाह की यातना से बचकर भाग नहीं सकते और न उनका अल्लाह के सिवा कोई सहायक है। उनके लिए यातना दुगुनी कर दी जाएगी। वे (दुनिया में) न सुन सकते थे, न देख सकते थे।
११:२१
أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं
ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने
خَسِرُوٓا۟ ख़सारे में डाला khasirū
ख़सारे में डाला
أَنفُسَهُمْ अपनी जानों को anfusahum
अपनी जानों को
وَضَلَّ और गुम हो गया waḍalla
और गुम हो गया
عَنْهُم उनसे ʿanhum
उनसे
مَّا जो कुछ
जो कुछ
كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो
يَفْتَرُونَ वो गढ़ा करते yaftarūna
वो गढ़ा करते
٢١ (21)
(21)
ये वही लोग हैं, जिन्होंने अपने आपको घाटे में डाला और वह सब कुछ उनसे खो गया, जो वे झूठ गढ़ा करते थे।
११:२२
لَا No
No
جَرَمَ नहीं कोई शक jarama
नहीं कोई शक
أَنَّهُمْ बेशक वो annahum
बेशक वो
فِى in
in
ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत में l-ākhirati
आख़िरत में
هُمُ वो ही हैं humu
वो ही हैं
ٱلْأَخْسَرُونَ जो सब से ज़्यादा ख़सारा पाने वाले हैं l-akhsarūna
जो सब से ज़्यादा ख़सारा पाने वाले हैं
٢٢ (22)
(22)
इसमें कोई संदेह नहीं कि यही लोग आख़िरत में सबसे अधिक घाटा उठाने वाले हैं।
११:२३
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो
ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए
وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए
ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक
وَأَخْبَتُوٓا۟ और उन्होंने आजिज़ी की wa-akhbatū
और उन्होंने आजिज़ी की
إِلَىٰ before ilā
before
رَبِّهِمْ तरफ़ अपने रब के rabbihim
तरफ़ अपने रब के
أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं
أَصْحَـٰبُ साथी aṣḥābu
साथी
ٱلْجَنَّةِ ۖ जन्नत के l-janati
जन्नत के
هُمْ वो hum
वो
فِيهَا उसमें fīhā
उसमें
خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं
٢٣ (23)
(23)
निःसंदेह जो लोग ईमान लाए और अच्छे कार्य किए, तथा अपने पालनहार के सामने विनम्रता प्रकट की, वही लोग जन्नत वाले हैं। वे उसमें हमेशा रहेंगे।
११:२४
۞ مَثَلُ मिसाल mathalu
मिसाल
ٱلْفَرِيقَيْنِ दो गिरोहों की l-farīqayni
दो गिरोहों की
كَٱلْأَعْمَىٰ मानिन्द अँधे kal-aʿmā
मानिन्द अँधे
وَٱلْأَصَمِّ और बहरे के है wal-aṣami
और बहरे के है
وَٱلْبَصِيرِ और देखने वाले wal-baṣīri
और देखने वाले
وَٱلسَّمِيعِ ۚ और सुनने वाले के है wal-samīʿi
और सुनने वाले के है
هَلْ क्या hal
क्या
يَسْتَوِيَانِ ये दोनों बराबर हो सकते हैं yastawiyāni
ये दोनों बराबर हो सकते हैं
مَثَلًا ۚ मिसाल में mathalan
मिसाल में
أَفَلَا क्या भला नहीं afalā
क्या भला नहीं
تَذَكَّرُونَ तुम नसीहत पकड़ते tadhakkarūna
तुम नसीहत पकड़ते
٢٤ (24)
(24)
दोनों पक्षों का उदाहरण अंधे और बहरे तथा देखने और सुनने वाले की तरह है। क्या ये दोनों उदाहरण में बराबर हो सकते हैं? क्या तुम (इससे) नसीहत नहीं पकड़ते?
११:२५
وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़
أَرْسَلْنَا भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने
نُوحًا नूह को nūḥan
नूह को
إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़
قَوْمِهِۦٓ उसकी क़ौम के qawmihi
उसकी क़ौम के
إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं
لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
نَذِيرٌۭ डराने वाला हूँ nadhīrun
डराने वाला हूँ
مُّبِينٌ खुल्लम-खुल्ला mubīnun
खुल्लम-खुल्ला
٢٥ (25)
(25)
और हमने नूह़ को उसकी जाति की ओर रसूल बनाकर भेजा। (उन्होंने कहा :) निःसंदेह मैं तुम्हें साफ़-साफ़ सावधान करने वाला हूँ।
११:२६
أَن कि an
कि
لَّا (do) not
(do) not
تَعْبُدُوٓا۟ ना तुम इबादत करो taʿbudū
ना तुम इबादत करो
إِلَّا मगर illā
मगर
ٱللَّهَ ۖ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की
إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं
أَخَافُ मैं डरता हूँ akhāfu
मैं डरता हूँ
عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर
عَذَابَ अज़ाब से ʿadhāba
अज़ाब से
يَوْمٍ (of) a Day yawmin
(of) a Day
أَلِيمٍۢ दर्दनाक दिन के alīmin
दर्दनाक दिन के
٢٦ (26)
(26)
कि तुम केवल अल्लाह की इबादत करो। निःसंदेह मैं तुमपर एक दर्दनाक दिन की यातना से डरता हूँ।
११:२७
فَقَالَ तो कहा faqāla
तो कहा
ٱلْمَلَأُ सरदारों ने l-mala-u
सरदारों ने
ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने
كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया था kafarū
कुफ़्र किया था
مِن from min
from
قَوْمِهِۦ उसकी क़ौम में से qawmihi
उसकी क़ौम में से
مَا नहीं
नहीं
نَرَىٰكَ हम देखते तुझे narāka
हम देखते तुझे
إِلَّا मगर illā
मगर
بَشَرًۭا एक इन्सान basharan
एक इन्सान
مِّثْلَنَا अपने जैसा mith'lanā
अपने जैसा
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
نَرَىٰكَ हम देखते तुझे narāka
हम देखते तुझे
ٱتَّبَعَكَ कि पैरवी की तेरी ittabaʿaka
कि पैरवी की तेरी
إِلَّا मगर illā
मगर
ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जो alladhīna
उन लोगों ने जो
هُمْ वो hum
वो
أَرَاذِلُنَا कमतर हैं हमसे arādhilunā
कमतर हैं हमसे
بَادِىَ बज़ाहिर bādiya
बज़ाहिर
ٱلرَّأْىِ देखने में l-rayi
देखने में
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
نَرَىٰ हम देखते narā
हम देखते
لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
عَلَيْنَا अपने ऊपर ʿalaynā
अपने ऊपर
مِن any min
any
فَضْلٍۭ कोई फ़जीलत faḍlin
कोई फ़जीलत
بَلْ बल्कि bal
बल्कि
نَظُنُّكُمْ हम समझते हैं तुम्हें naẓunnukum
हम समझते हैं तुम्हें
كَـٰذِبِينَ झूठे kādhibīna
झूठे
٢٧ (27)
(27)
तो उनकी जाति के उन प्रमुखों ने कहा, जिन्होंने कुफ्र किया था : हम तो तुम्हें अपने ही जैसा इनसान समझते हैं और हम देख रहे हैं कि तुम्हारा अनुसरण केवल वही लोग कर रहे हैं, जो हम में नीच हैं, जिन्होंने बिना सोचे-समझे तुम्हारी पैरवी की है।और हम अपने ऊपर तुम्हारी कोई श्रेष्ठता भी नहीं देखते। बल्कि हम तो तुम्हें झूठा समझते हैं।
११:२८
قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा
يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम
أَرَءَيْتُمْ क्या देखा तुमने ara-aytum
क्या देखा तुमने
إِن अगरचे in
अगरचे
كُنتُ हूँ मैं kuntu
हूँ मैं
عَلَىٰ on ʿalā
on
بَيِّنَةٍۢ एक वाज़ेह दलील पर bayyinatin
एक वाज़ेह दलील पर
مِّن from min
from
رَّبِّى अपने रब की तरफ़ से rabbī
अपने रब की तरफ़ से
وَءَاتَىٰنِى और उसने दी हो मुझे waātānī
और उसने दी हो मुझे
رَحْمَةًۭ रहमत raḥmatan
रहमत
مِّنْ from min
from
عِندِهِۦ अपने पास से ʿindihi
अपने पास से
فَعُمِّيَتْ फिर वो छुपा दी गई हो faʿummiyat
फिर वो छुपा दी गई हो
عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर
أَنُلْزِمُكُمُوهَا क्या हम लाज़िम कर दें उसे anul'zimukumūhā
क्या हम लाज़िम कर दें उसे
وَأَنتُمْ जबकि तुम wa-antum
जबकि तुम
لَهَا उसे lahā
उसे
كَـٰرِهُونَ नापसंद करने वाले हो kārihūna
नापसंद करने वाले हो
٢٨ (28)
(28)
नूह़ ने कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! क्या तुमने इस बात पर विचार किया कि यदि मैं अपने पालनहार की ओर से एक स्पष्ट प्रमाण पर हूँ और उसने मुझे अपने पास से दया1 प्रदान की हो, फिर वह तुम्हें सुझाई न दे, तो क्या हम तुम्हें उसको मानने पर मजबूर2 कर सकते हैं, जबकि तुम उसे नापसंद करते हो?
११:२९
وَيَـٰقَوْمِ और ऐ मेरी क़ौम wayāqawmi
और ऐ मेरी क़ौम
لَآ not
not
أَسْـَٔلُكُمْ नहीं मैं सवाल करता तुमसे asalukum
नहीं मैं सवाल करता तुमसे
عَلَيْهِ इस पर ʿalayhi
इस पर
مَالًا ۖ किसी माल का mālan
किसी माल का
إِنْ नहीं in
नहीं
أَجْرِىَ अजर मेरा ajriya
अजर मेरा
إِلَّا मगर illā
मगर
عَلَى from ʿalā
from
ٱللَّهِ ۚ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर
وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं
أَنَا۠ मैं anā
मैं
بِطَارِدِ दूर करने वाला biṭāridi
दूर करने वाला
ٱلَّذِينَ उन्हें जो alladhīna
उन्हें जो
ءَامَنُوٓا۟ ۚ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए
إِنَّهُم बेशक वो innahum
बेशक वो
مُّلَـٰقُوا۟ मुलाक़ात करने वाले हैं mulāqū
मुलाक़ात करने वाले हैं
رَبِّهِمْ अपने रब से rabbihim
अपने रब से
وَلَـٰكِنِّىٓ और लेकिन मैं walākinnī
और लेकिन मैं
أَرَىٰكُمْ देखता हूँ तुम्हें arākum
देखता हूँ तुम्हें
قَوْمًۭا ऐसे लोग qawman
ऐसे लोग
تَجْهَلُونَ कि तुम जहालत बरत रहे हो tajhalūna
कि तुम जहालत बरत रहे हो
٢٩ (29)
(29)
और ऐ मेरी जाति के लोगो! मैं इस (संदेश के प्रचार) पर तुमसे कोई धन नहीं माँगता। मेरा बदला बस अल्लाह के ऊपर है। और मैं (अपने यहाँ से) उन लोगों को दूर नहीं हटा सकता, जो ईमान लाए हैं। निःसंदेह वे अपने पालनहार से मिलने वाले हैं। परन्तु मैं देख रहा हूँ कि तुम जाहिलों जैसी बातें कर रहे हो।
११:३०
وَيَـٰقَوْمِ और ऐ मेरी क़ौम wayāqawmi
और ऐ मेरी क़ौम
مَن कौन man
कौन
يَنصُرُنِى मदद करेगा मेरी yanṣurunī
मदद करेगा मेरी
مِنَ against mina
against
ٱللَّهِ अल्लाह से (बचाने में) l-lahi
अल्लाह से (बचाने में)
إِن अगर in
अगर
طَرَدتُّهُمْ ۚ दूर कर दिया मैंने उन्हें ṭaradttuhum
दूर कर दिया मैंने उन्हें
أَفَلَا क्या भला नहीं afalā
क्या भला नहीं
تَذَكَّرُونَ तुम नसीहत पकड़ते tadhakkarūna
तुम नसीहत पकड़ते
٣٠ (30)
(30)
और ऐ मेरी जाति के लोगो! अल्लाह के मुक़ाबले में कौन मेरी सहायता1 करेगा, यदि मैं उन्हें अपने पास से निष्कासित कर दूँ? क्या तुम विचार नहीं करते?
११:३१
وَلَآ और नहीं walā
और नहीं
أَقُولُ मैं कहता aqūlu
मैं कहता
لَكُمْ तुम्हें lakum
तुम्हें
عِندِى मेरे पास ʿindī
मेरे पास
خَزَآئِنُ ख़ज़ाने हैं khazāinu
ख़ज़ाने हैं
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
وَلَآ और ना walā
और ना
أَعْلَمُ मैं जानता हूँ aʿlamu
मैं जानता हूँ
ٱلْغَيْبَ ग़ैब को l-ghayba
ग़ैब को
وَلَآ और ना walā
और ना
أَقُولُ मैं कहता हूँ aqūlu
मैं कहता हूँ
إِنِّى कि मैं innī
कि मैं
مَلَكٌۭ कोई फ़रिश्ता हूँ malakun
कोई फ़रिश्ता हूँ
وَلَآ और ना walā
और ना
أَقُولُ मैं कहता हूँ aqūlu
मैं कहता हूँ
لِلَّذِينَ उनके लिए जिन्हें lilladhīna
उनके लिए जिन्हें
تَزْدَرِىٓ हक़ीर समझती हैं tazdarī
हक़ीर समझती हैं
أَعْيُنُكُمْ निगाहें तुम्हारी aʿyunukum
निगाहें तुम्हारी
لَن कि हरगिज़ ना lan
कि हरगिज़ ना
يُؤْتِيَهُمُ देगा उन्हें yu'tiyahumu
देगा उन्हें
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
خَيْرًا ۖ कोई भलाई khayran
कोई भलाई
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
أَعْلَمُ ख़ूब जानता है aʿlamu
ख़ूब जानता है
بِمَا उसे जो bimā
उसे जो
فِىٓ (is) in
(is) in
أَنفُسِهِمْ ۖ उनके नफ़्सों में है anfusihim
उनके नफ़्सों में है
إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं
إِذًۭا तब idhan
तब
لَّمِنَ (will be) surely of lamina
(will be) surely of
ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़रूर ज़ालिमों में से हूँगा l-ẓālimīna
ज़रूर ज़ालिमों में से हूँगा
٣١ (31)
(31)
और मैं तुमसे यह नहीं कहता कि मेरे पास अल्लाह के ख़ज़ाने हैं और न मुझे परोक्ष का ज्ञान है और न मैं यह कहता हूँ कि निःसंदेह मैं एक फ़रिश्ता हूँ और न ही मैं उन लोगों के बारे में जिन्हें तुम्हारी आँखें तुच्छ समझती हैं, यह कहता हूँ कि अल्लाह उन्हें हरगिज़ कोई भलाई नहीं देगा। अल्लाह अधिक जानता है, जो कुछ उनके दिलों में है। (यदि मैं ऐसा कहूँ,) तो निश्चय ही मैं अत्याचारियों में से हो जाऊँगा।
११:३२
قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा
يَـٰنُوحُ ऐ नूह yānūḥu
ऐ नूह
قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़
جَـٰدَلْتَنَا झगड़ा किया तूने हमसे jādaltanā
झगड़ा किया तूने हमसे
فَأَكْثَرْتَ फिर कसरत से किया तूने fa-aktharta
फिर कसरत से किया तूने
جِدَٰلَنَا झगड़ा हमसे jidālanā
झगड़ा हमसे
فَأْتِنَا पस ले आ हमारे पास fatinā
पस ले आ हमारे पास
بِمَا वो जिसका bimā
वो जिसका
تَعِدُنَآ तू वादा देता है हमें taʿidunā
तू वादा देता है हमें
إِن अगर in
अगर
كُنتَ है तू kunta
है तू
مِنَ of mina
of
ٱلصَّـٰدِقِينَ सच्चों में से l-ṣādiqīna
सच्चों में से
٣٢ (32)
(32)
उन लोगों ने कहा : ऐ नूह़! तुमने हमसे झगड़ा किया और बहुत झगड़ लिया। अतः अब वह (यातना) हम पर ले आओ, जिसका तुम हमसे वादा करते हो, यदि तुम सच्चे हो।
११:३३
قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा
إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक
يَأْتِيكُم लाएगा तुम पर yatīkum
लाएगा तुम पर
بِهِ उसको bihi
उसको
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
إِن अगर in
अगर
شَآءَ वो चाहे shāa
वो चाहे
وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं
أَنتُم तुम antum
तुम
بِمُعْجِزِينَ आजिज़ करने वाले bimuʿ'jizīna
आजिज़ करने वाले
٣٣ (33)
(33)
उसने कहा : उसे तो तुम्हारे पास अल्लाह ही लाएगा, यदि वह चाहेगा और तुम (उसे) विवश करने वाले नहीं हो।
११:३४
وَلَا और नहीं walā
और नहीं
يَنفَعُكُمْ फ़ायदा देगी तुम्हें yanfaʿukum
फ़ायदा देगी तुम्हें
نُصْحِىٓ ख़ैरख़्वाही मेरी nuṣ'ḥī
ख़ैरख़्वाही मेरी
إِنْ अगर in
अगर
أَرَدتُّ मैं चाहूँ aradttu
मैं चाहूँ
أَنْ कि an
कि
أَنصَحَ मैं ख़ैरख़्वाही करूँ anṣaḥa
मैं ख़ैरख़्वाही करूँ
لَكُمْ तुम्हारी lakum
तुम्हारी
إِن अगर in
अगर
كَانَ है kāna
है
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
يُرِيدُ चाहता yurīdu
चाहता
أَن कि an
कि
يُغْوِيَكُمْ ۚ वो भटका दे तुम्हें yugh'wiyakum
वो भटका दे तुम्हें
هُوَ वो huwa
वो
رَبُّكُمْ रब है तुम्हारा rabbukum
रब है तुम्हारा
وَإِلَيْهِ और तरफ़ उसी के wa-ilayhi
और तरफ़ उसी के
تُرْجَعُونَ तुम लौटाए जाओगे tur'jaʿūna
तुम लौटाए जाओगे
٣٤ (34)
(34)
और मेरा उपदेश करना तुम्हें कोई लाभ नहीं देगा, अगर मैं तुम्हें उपदेश करना चाहूँ, जबकि अल्लाह तुम्हें गुमराह करना चाहता हो। वही तुम्हारा पालनहार है और तुम उसी की ओर लौटाए जाओगे।
११:३५
أَمْ क्या am
क्या
يَقُولُونَ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं
ٱفْتَرَىٰهُ ۖ उसने गढ़ लिया है उसे if'tarāhu
उसने गढ़ लिया है उसे
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
إِنِ अगर ini
अगर
ٱفْتَرَيْتُهُۥ गढ़ा है मैंने उसे if'taraytuhu
गढ़ा है मैंने उसे
فَعَلَىَّ तो मुझ ही पर है faʿalayya
तो मुझ ही पर है
إِجْرَامِى जुर्म करना मेरा ij'rāmī
जुर्म करना मेरा
وَأَنَا۠ और मैं wa-anā
और मैं
بَرِىٓءٌۭ बरी उज़ ज़िम्मा हूँ barīon
बरी उज़ ज़िम्मा हूँ
مِّمَّا उससे जो mimmā
उससे जो
تُجْرِمُونَ तुम जुर्म करते हो tuj'rimūna
तुम जुर्म करते हो
٣٥ (35)
(35)
क्या वे कहते हैं कि उसने इसे गढ़ लिया है? तुम कह दो कि यदि मैंने इसे गढ़ लिया है, तो मेरा अपराध मुझी पर है और मैं उससे निर्दोष हूँ, जो अपराध तुम कर रहे हो।
११:३६
وَأُوحِىَ और वही की गई waūḥiya
और वही की गई
إِلَىٰ to ilā
to
نُوحٍ तरफ़ नूह के nūḥin
तरफ़ नूह के
أَنَّهُۥ कि बेशक वो annahu
कि बेशक वो
لَن हरगिज़ ना lan
हरगिज़ ना
يُؤْمِنَ ईमान लाएगा yu'mina
ईमान लाएगा
مِن from min
from
قَوْمِكَ तेरी क़ौम में से qawmika
तेरी क़ौम में से
إِلَّا सिवाय illā
सिवाय
مَن उसके जो man
उसके जो
قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़
ءَامَنَ ईमान ला चुका āmana
ईमान ला चुका
فَلَا तो ना falā
तो ना
تَبْتَئِسْ तू ग़म कर tabta-is
तू ग़म कर
بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो
كَانُوا۟ हैं वो kānū
हैं वो
يَفْعَلُونَ वो करते yafʿalūna
वो करते
٣٦ (36)
(36)
और नूह़ की ओर वह़्य (प्रकाशना) की गई कि तुम्हारी जाति में से जो लोग ईमान ला चुके हैं, अब उनके सिवा कोई ईमान नहीं लाएगा। अतः वे जो कुछ कर रहे हैं, उससे तुम दुःखी न हो।
११:३७
وَٱصْنَعِ और तू बना wa-iṣ'naʿi
और तू बना
ٱلْفُلْكَ कश्ती l-ful'ka
कश्ती
بِأَعْيُنِنَا हमारी निगाहों के सामने bi-aʿyuninā
हमारी निगाहों के सामने
وَوَحْيِنَا और हमारी वही के मुताबिक़ wawaḥyinā
और हमारी वही के मुताबिक़
وَلَا और ना walā
और ना
تُخَـٰطِبْنِى तू मुख़ातिब होना मुझसे tukhāṭib'nī
तू मुख़ातिब होना मुझसे
فِى concerning
concerning
ٱلَّذِينَ उनके बारे में जिन्होंने alladhīna
उनके बारे में जिन्होंने
ظَلَمُوٓا۟ ۚ ज़ुल्म किया ẓalamū
ज़ुल्म किया
إِنَّهُم बेशक वो innahum
बेशक वो
مُّغْرَقُونَ ग़र्क़ किए जाने वाले हैं mugh'raqūna
ग़र्क़ किए जाने वाले हैं
٣٧ (37)
(37)
और हमारी आँखों के सामने और हमारी वह़्य के अनुसार एक नाव बनाओ और मुझसे उन लोगों के बारे में कुछ1 न कहना, जिन्होंने अत्याचार किया है। निःसंदेह वे डुबाए जाने वाले हैं।
११:३८
وَيَصْنَعُ और वो बना रहा था wayaṣnaʿu
और वो बना रहा था
ٱلْفُلْكَ कश्ती l-ful'ka
कश्ती
وَكُلَّمَا और जब कभी wakullamā
और जब कभी
مَرَّ गुज़रते marra
गुज़रते
عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर
مَلَأٌۭ सरदार mala-on
सरदार
مِّن of min
of
قَوْمِهِۦ उसकी क़ौम में से qawmihi
उसकी क़ौम में से
سَخِرُوا۟ वो मज़ाक़ करते sakhirū
वो मज़ाक़ करते
مِنْهُ ۚ उससे min'hu
उससे
قَالَ वो कहता qāla
वो कहता
إِن अगर in
अगर
تَسْخَرُوا۟ तुम मज़ाक़ करते हो taskharū
तुम मज़ाक़ करते हो
مِنَّا हम से minnā
हम से
فَإِنَّا तो बेशक हम भी fa-innā
तो बेशक हम भी
نَسْخَرُ हम मज़ाक़ करेंगे naskharu
हम मज़ाक़ करेंगे
مِنكُمْ तुमसे minkum
तुमसे
كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि
تَسْخَرُونَ तुम मज़ाक़ करते हो taskharūna
तुम मज़ाक़ करते हो
٣٨ (38)
(38)
और वह नाव बनाने लगा। और जब भी उसकी जाति के प्रमुख लोग उसके पास से गुज़रते, तो उसकी हँसी उड़ाते। नूह़ ने कहा : यदि तुम हमारी हँसी उड़ाते हो, तो हम भी ऐसे ही (एक दिन) तुम्हारी हँसी उड़ाएँगे।
११:३९
فَسَوْفَ पस अनक़रीब fasawfa
पस अनक़रीब
تَعْلَمُونَ तुम जान लोगे taʿlamūna
तुम जान लोगे
مَن कौन है जो man
कौन है जो
يَأْتِيهِ आएगा उसके पास yatīhi
आएगा उसके पास
عَذَابٌۭ अज़ाब ʿadhābun
अज़ाब
يُخْزِيهِ जो रुस्वा कर देगा उसे yukh'zīhi
जो रुस्वा कर देगा उसे
وَيَحِلُّ और उतरेगा wayaḥillu
और उतरेगा
عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर
عَذَابٌۭ अज़ाब ʿadhābun
अज़ाब
مُّقِيمٌ दाइमी muqīmun
दाइमी
٣٩ (39)
(39)
फिर तुम्हें जल्द ही पता चल जाएगा कि किसपर अपमानकारी यातना आती है और किसपर स्थायी यातना उतरती है?
११:४०
حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि
إِذَا जब idhā
जब
جَآءَ आ गया jāa
आ गया
أَمْرُنَا हुक्म हमारा amrunā
हुक्म हमारा
وَفَارَ और जोश मारा wafāra
और जोश मारा
ٱلتَّنُّورُ तन्नूर ने l-tanūru
तन्नूर ने
قُلْنَا कहा हमने qul'nā
कहा हमने
ٱحْمِلْ सवार कर ले iḥ'mil
सवार कर ले
فِيهَا इसमें fīhā
इसमें
مِن of min
of
كُلٍّۢ हर (क़िस्म) से kullin
हर (क़िस्म) से
زَوْجَيْنِ जोड़े zawjayni
जोड़े
ٱثْنَيْنِ दो (नर,मादा) ith'nayni
दो (नर,मादा)
وَأَهْلَكَ और अपने घर वालों को wa-ahlaka
और अपने घर वालों को
إِلَّا सिवाय illā
सिवाय
مَن उसके जो man
उसके जो
سَبَقَ गुज़र चुकी sabaqa
गुज़र चुकी
عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर
ٱلْقَوْلُ बात l-qawlu
बात
وَمَنْ और उनको जो waman
और उनको जो
ءَامَنَ ۚ ईमान लाए āmana
ईमान लाए
وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं
ءَامَنَ ईमान लाए āmana
ईमान लाए
مَعَهُۥٓ साथ उसके maʿahu
साथ उसके
إِلَّا मगर illā
मगर
قَلِيلٌۭ बहुत थोड़े qalīlun
बहुत थोड़े
٤٠ (40)
(40)
यहाँ तक कि जब हमारा आदेश आ गया और तन्नूर उबलने लगा, तो हमने (नूह़ से) कहा : "उसमें प्रत्येक प्रकार के जीवों में से जोड़े-जोड़े चढ़ा लो और अपने परिजनों को (भी चढ़ा लो) सिवाय उसके जिसके बारे में पहले ही बता दिया गाय है और उन लोगों को (भी चढ़ा लो) जो ईमान लाए हैं।" और उसके साथ थोड़े लोग ही ईमान लाए थे।
११:४१
۞ وَقَالَ और उसने कहा waqāla
और उसने कहा
ٱرْكَبُوا۟ सवार हो जाओ ir'kabū
सवार हो जाओ
فِيهَا इसमें fīhā
इसमें
بِسْمِ साथ नाम bis'mi
साथ नाम
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
مَجْر۪ىٰهَا चलना है उसका majrahā
चलना है उसका
وَمُرْسَىٰهَآ ۚ और ठहरना है उसका wamur'sāhā
और ठहरना है उसका
إِنَّ बेशक inna
बेशक
رَبِّى मेरा रब rabbī
मेरा रब
لَغَفُورٌۭ अलबत्ता बहुत बख़्शने वाला है laghafūrun
अलबत्ता बहुत बख़्शने वाला है
رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है
٤١ (41)
(41)
और नूह़ ने कहा : इसमें सवार हो जाओ। अल्लाह के नाम ही से इसका चलना तथा इसका ठहरना है। निःसंदेह मेरा पालनहार बड़ा क्षमाशील, दयावान् है।
११:४२
وَهِىَ और वो wahiya
और वो
تَجْرِى चल रही थी tajrī
चल रही थी
بِهِمْ साथ उनके bihim
साथ उनके
فِى on
on
مَوْجٍۢ मौज/लहर में mawjin
मौज/लहर में
كَٱلْجِبَالِ पहाड़ों जैसी kal-jibāli
पहाड़ों जैसी
وَنَادَىٰ और पुकारा wanādā
और पुकारा
نُوحٌ नूह ने nūḥun
नूह ने
ٱبْنَهُۥ अपने बेटे को ib'nahu
अपने बेटे को
وَكَانَ और था वो wakāna
और था वो
فِى [in]
[in]
مَعْزِلٍۢ अलग जगह में maʿzilin
अलग जगह में
يَـٰبُنَىَّ ऐ मेरे बेटे yābunayya
ऐ मेरे बेटे
ٱرْكَب सवार हो जाओ ir'kab
सवार हो जाओ
مَّعَنَا साथ हमारे maʿanā
साथ हमारे
وَلَا और ना walā
और ना
تَكُن तुम हो takun
तुम हो
مَّعَ with maʿa
with
ٱلْكَـٰفِرِينَ साथ काफ़िरों के l-kāfirīna
साथ काफ़िरों के
٤٢ (42)
(42)
और वह उन्हें लिए पर्वतों जैसी ऊँची लहरों में चलती रही। और नूह़ ने अपने बेटे को, जो (उनसे) अलग-थलग था, पुकारा : ऐ मेरे बेटे! मेरे साथ सवार हो जा और काफ़िरों के साथ न रह।
११:४३
قَالَ वो बोला qāla
वो बोला
سَـَٔاوِىٓ अनक़रीब मैं पनाह ले लूँगा saāwī
अनक़रीब मैं पनाह ले लूँगा
إِلَىٰ to ilā
to
جَبَلٍۢ तरफ़ एक पहाड़ के jabalin
तरफ़ एक पहाड़ के
يَعْصِمُنِى वो बचा लेगा मुझे yaʿṣimunī
वो बचा लेगा मुझे
مِنَ from mina
from
ٱلْمَآءِ ۚ पानी से l-māi
पानी से
قَالَ कहा qāla
कहा
لَا (There is) no
(There is) no
عَاصِمَ नहीं कोई बचाने वाला ʿāṣima
नहीं कोई बचाने वाला
ٱلْيَوْمَ आज के दिन l-yawma
आज के दिन
مِنْ from min
from
أَمْرِ हुक्म से amri
हुक्म से
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
إِلَّا मगर illā
मगर
مَن जिस पर man
जिस पर
رَّحِمَ ۚ वो रहम करे raḥima
वो रहम करे
وَحَالَ और हाइल हो गई waḥāla
और हाइल हो गई
بَيْنَهُمَا दर्मियान उन दोनों के baynahumā
दर्मियान उन दोनों के
ٱلْمَوْجُ एक मौज l-mawju
एक मौज
فَكَانَ तो हो गया वो fakāna
तो हो गया वो
مِنَ among mina
among
ٱلْمُغْرَقِينَ ग़र्क़ होने वालों में से l-mugh'raqīna
ग़र्क़ होने वालों में से
٤٣ (43)
(43)
उसने कहा : मैं किसी पर्वत की ओर शरण ले लूँगा, जो मुझे पानी से बचा लेगा। नूह़ ने कहा : आज अल्लाह के आदेश (यातना) से कोई बचाने वाला नहीं। यह और बात है कि किसी पर उसकी दया हो जाए। और (इतने ही में) दोनों के बीच एक लहर आ गई और वह डूबने वालों में से हो गया।
११:४४
وَقِيلَ और कह दिया गया waqīla
और कह दिया गया
يَـٰٓأَرْضُ ऐ ज़मीन yāarḍu
ऐ ज़मीन
ٱبْلَعِى निगल जा ib'laʿī
निगल जा
مَآءَكِ पानी अपना māaki
पानी अपना
وَيَـٰسَمَآءُ और ऐ आसमान wayāsamāu
और ऐ आसमान
أَقْلِعِى थम जा aqliʿī
थम जा
وَغِيضَ और ख़ुश्क कर दिया गया waghīḍa
और ख़ुश्क कर दिया गया
ٱلْمَآءُ पानी l-māu
पानी
وَقُضِىَ और फ़ैसला कर दिया गया waquḍiya
और फ़ैसला कर दिया गया
ٱلْأَمْرُ मामले का l-amru
मामले का
وَٱسْتَوَتْ और जा ठहरी (कश्ती) wa-is'tawat
और जा ठहरी (कश्ती)
عَلَى on ʿalā
on
ٱلْجُودِىِّ ۖ जूदी पर l-jūdiyi
जूदी पर
وَقِيلَ और कह दिया गया waqīla
और कह दिया गया
بُعْدًۭا दूरी है buʿ'dan
दूरी है
لِّلْقَوْمِ उन लोगों के लिए lil'qawmi
उन लोगों के लिए
ٱلظَّـٰلِمِينَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimīna
जो ज़ालिम हैं
٤٤ (44)
(44)
और कहा गया : ऐ धरती! अपना पानी निगल जा और ऐ आकाश! थम जा और पानी उतर गया और आदेश पूरा कर दिया गया और नाव 'जूदी'1 पर ठहर गई और कहा गया कि अत्याचारियों के लिए (अल्लाह की दया से) दूरी है।
११:४५
وَنَادَىٰ और पुकारा wanādā
और पुकारा
نُوحٌۭ नूह ने nūḥun
नूह ने
رَّبَّهُۥ अपने रब को rabbahu
अपने रब को
فَقَالَ तो कहा faqāla
तो कहा
رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱبْنِى मेरा बेटा ib'nī
मेरा बेटा
مِنْ (is) of min
(is) of
أَهْلِى मेरे घर वालों मे से है ahlī
मेरे घर वालों मे से है
وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक
وَعْدَكَ वादा तेरा waʿdaka
वादा तेरा
ٱلْحَقُّ सच्चा है l-ḥaqu
सच्चा है
وَأَنتَ और तू wa-anta
और तू
أَحْكَمُ बेहतर हाकिम है aḥkamu
बेहतर हाकिम है
ٱلْحَـٰكِمِينَ सब हाकिमों से l-ḥākimīna
सब हाकिमों से
٤٥ (45)
(45)
तथा नूह़ ने अपने पालनहार को पुकारा और कहा : मेरे पालनहार! मेरा बेटा मेरे घर वालों में से है और निःसंदेह तेरा वचन सत्य है तथा तू ही सबसे अच्छा निर्णय करने वाला है।
११:४६
قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया
يَـٰنُوحُ ऐ नूह yānūḥu
ऐ नूह
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
لَيْسَ नहीं है laysa
नहीं है
مِنْ of min
of
أَهْلِكَ ۖ तेरे घर वालों में से ahlika
तेरे घर वालों में से
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
عَمَلٌ एक अमल है ʿamalun
एक अमल है
غَيْرُ ग़ैर ghayru
ग़ैर
صَـٰلِحٍۢ ۖ सालेह ṣāliḥin
सालेह
فَلَا तो ना falā
तो ना
تَسْـَٔلْنِ तू सवाल कर मुझसे tasalni
तू सवाल कर मुझसे
مَا उसका जो
उसका जो
لَيْسَ नहीं laysa
नहीं
لَكَ तुझे laka
तुझे
بِهِۦ जिसका bihi
जिसका
عِلْمٌ ۖ कोई इल्म ʿil'mun
कोई इल्म
إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं
أَعِظُكَ मैं नसीहत करता हूँ तुझे aʿiẓuka
मैं नसीहत करता हूँ तुझे
أَن कि an
कि
تَكُونَ (ना) तू हो जा takūna
(ना) तू हो जा
مِنَ among mina
among
ٱلْجَـٰهِلِينَ जाहिलों में से l-jāhilīna
जाहिलों में से
٤٦ (46)
(46)
(अल्लाह ने) कहा : ऐ नूह़! वह तेरे घर वालों में से नहीं है। यह माँग उचित नहीं है। अतः मुझसे उस चीज़ का प्रश्न न कर, जिसका तुझे कोई ज्ञान नहीं। मैं तुझे समझाता हूँ कि अज्ञानियों में से न हो जा।
११:४७
قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा
رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब
إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं
أَعُوذُ seek refuge aʿūdhu
seek refuge
بِكَ मैं पनाह लेता हूँ तेरी bika
मैं पनाह लेता हूँ तेरी
أَنْ कि an
कि
أَسْـَٔلَكَ मैं सवाल करूँ तुझसे asalaka
मैं सवाल करूँ तुझसे
مَا उसका जो
उसका जो
لَيْسَ नहीं laysa
नहीं
لِى मुझे
मुझे
بِهِۦ उसका bihi
उसका
عِلْمٌۭ ۖ कोई इल्म ʿil'mun
कोई इल्म
وَإِلَّا और अगर ना wa-illā
और अगर ना
تَغْفِرْ You forgive taghfir
You forgive
لِى तूने बख़्शा मुझे
तूने बख़्शा मुझे
وَتَرْحَمْنِىٓ और (ना) तूने रहम किया मुझ पर watarḥamnī
और (ना) तूने रहम किया मुझ पर
أَكُن मैं हो जाऊँगा akun
मैं हो जाऊँगा
مِّنَ among mina
among
ٱلْخَـٰسِرِينَ ख़सारा पाने वालों में से l-khāsirīna
ख़सारा पाने वालों में से
٤٧ (47)
(47)
नूह़ ने कहा : मेरे पालनहार! मैं तेरी शरण चाहता हूँ इस बात से कि मैं तुझसे ऐसी चीज़ का प्रश्न करूँ, जिस (की वास्तविक्ता) का मुझे कोई ज्ञान नहीं1 और यदि तूने मुझे क्षमा नहीं किया और मुझपर दया नहीं की, तो मैं नुक़सान उठाने वालों में से हो जाऊँगा।
११:४८
قِيلَ कहा गया qīla
कहा गया
يَـٰنُوحُ ऐ नूह yānūḥu
ऐ नूह
ٱهْبِطْ उतर जा ih'biṭ
उतर जा
بِسَلَـٰمٍۢ साथ सलामती के bisalāmin
साथ सलामती के
مِّنَّا हमारी तरफ़ से minnā
हमारी तरफ़ से
وَبَرَكَـٰتٍ और बरकतों के wabarakātin
और बरकतों के
عَلَيْكَ तुझ पर ʿalayka
तुझ पर
وَعَلَىٰٓ and on waʿalā
and on
أُمَمٍۢ और जमाअतों पर umamin
और जमाअतों पर
مِّمَّن उनमें से जो mimman
उनमें से जो
مَّعَكَ ۚ साथ हैं तेरे maʿaka
साथ हैं तेरे
وَأُمَمٌۭ और कई जमाअतें wa-umamun
और कई जमाअतें
سَنُمَتِّعُهُمْ अनक़रीब हम फ़ायदा देंगे उन्हें sanumattiʿuhum
अनक़रीब हम फ़ायदा देंगे उन्हें
ثُمَّ फिर thumma
फिर
يَمَسُّهُم पहुँचेगा उन्हें yamassuhum
पहुँचेगा उन्हें
مِّنَّا हमारी तरफ़ से minnā
हमारी तरफ़ से
عَذَابٌ अज़ाब ʿadhābun
अज़ाब
أَلِيمٌۭ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक
٤٨ (48)
(48)
कहा गया : ऐ नूह़! हमारी ओर से सुरक्षा और बरकतों के साथ उतर जाओ, जो तुम पर और उन समूहो पर हैं जो तुम्हारे साथ हैं। तथा कुछ समूह ऐसे हैं, जिन्हें हम (दुनिया में) जीवन-यापन सामग्री प्रदान करेंगें, फिर उन्हें हमारी ओर से कष्टदायक यातना पहुँचेगी।
११:४९
تِلْكَ ये til'ka
ये
مِنْ (is) from min
(is) from
أَنۢبَآءِ ख़बरों में से है anbāi
ख़बरों में से है
ٱلْغَيْبِ ग़ैब की l-ghaybi
ग़ैब की
نُوحِيهَآ हम वही कर रहे हैं उन्हें nūḥīhā
हम वही कर रहे हैं उन्हें
إِلَيْكَ ۖ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके
مَا ना
ना
كُنتَ थे आप kunta
थे आप
تَعْلَمُهَآ आप जानते उन्हें taʿlamuhā
आप जानते उन्हें
أَنتَ आप anta
आप
وَلَا और ना ही walā
और ना ही
قَوْمُكَ क़ौम आपकी qawmuka
क़ौम आपकी
مِن from min
from
قَبْلِ before qabli
before
هَـٰذَا ۖ इससे पहले hādhā
इससे पहले
فَٱصْبِرْ ۖ पस सब्र कीजिए fa-iṣ'bir
पस सब्र कीजिए
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱلْعَـٰقِبَةَ अन्जाम l-ʿāqibata
अन्जाम
لِلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों के लिए है lil'muttaqīna
मुत्तक़ी लोगों के लिए है
٤٩ (49)
(49)
ये ग़ैब (परोक्ष) की कुछ बातें हैं, जिन्हें (ऐ नबी!) हम आपकी ओर वह़्य कर रहे हैं। इससे पूर्व न तो आप इन्हें जानते थे और न आपकी जाति के लोग। अतः आप सब्र करें। निःसंदेह अच्छा परिणाम तक़वा वालों के लिए है।
११:५०
وَإِلَىٰ और तरफ़ wa-ilā
और तरफ़
عَادٍ आद के ʿādin
आद के
أَخَاهُمْ उनके भाई akhāhum
उनके भाई
هُودًۭا ۚ हूद को (भेजा) hūdan
हूद को (भेजा)
قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा
يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम
ٱعْبُدُوا۟ इबादत करो uʿ'budū
इबादत करो
ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की
مَا नहीं
नहीं
لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
مِّنْ any min
any
إِلَـٰهٍ कोई इलाह (बरहक़) ilāhin
कोई इलाह (बरहक़)
غَيْرُهُۥٓ ۖ उसके सिवा ghayruhu
उसके सिवा
إِنْ नहीं in
नहीं
أَنتُمْ तुम antum
तुम
إِلَّا मगर illā
मगर
مُفْتَرُونَ झूठ गढ़ने वाले muf'tarūna
झूठ गढ़ने वाले
٥٠ (50)
(50)
और 'आद' (जाति) की ओर उनके भाई हूद को भेजा। उन्होंने कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! अल्लाह की इबादत (उपासना) करो। उसके अलावा तुम्हारा कोई पूज्य नहीं। तुम तो केवल झूठी बातें गढ़ने वाले लोग हो।1
११:५१
يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम
لَآ नहीं
नहीं
أَسْـَٔلُكُمْ मैं सवाल करता तुमसे asalukum
मैं सवाल करता तुमसे
عَلَيْهِ इस पर ʿalayhi
इस पर
أَجْرًا ۖ किसी अजर का ajran
किसी अजर का
إِنْ नहीं in
नहीं
أَجْرِىَ अजर मेरा ajriya
अजर मेरा
إِلَّا मगर illā
मगर
عَلَى उस पर ʿalā
उस पर
ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने
فَطَرَنِىٓ ۚ पैदा किया मुझे faṭaranī
पैदा किया मुझे
أَفَلَا क्या फिर नहीं afalā
क्या फिर नहीं
تَعْقِلُونَ तुम अक़्ल से काम लेते taʿqilūna
तुम अक़्ल से काम लेते
٥١ (51)
(51)
ऐ मेरी जाति के लोगो! मैं तुमसे इस (उपदेश) पर कोई बदला नहीं चाहता; मेरा पारिश्रमिक (बदला) उसी (अल्लाह) पर है, जिसने मुझे पैदा किया है। तो क्या तुम (इसे) नहीं समझते?
११:५२
وَيَـٰقَوْمِ और ऐ मेरी क़ौम wayāqawmi
और ऐ मेरी क़ौम
ٱسْتَغْفِرُوا۟ बख़्शिश माँगो is'taghfirū
बख़्शिश माँगो
رَبَّكُمْ अपने रब से rabbakum
अपने रब से
ثُمَّ फिर thumma
फिर
تُوبُوٓا۟ तौबा करो tūbū
तौबा करो
إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके
يُرْسِلِ वो भेजेगा yur'sili
वो भेजेगा
ٱلسَّمَآءَ आसमान को l-samāa
आसमान को
عَلَيْكُم तुम पर ʿalaykum
तुम पर
مِّدْرَارًۭا बहुत बरसने वाला mid'rāran
बहुत बरसने वाला
وَيَزِدْكُمْ और वो ज़्यादा देगा तुम्हें wayazid'kum
और वो ज़्यादा देगा तुम्हें
قُوَّةً क़ुव्वत quwwatan
क़ुव्वत
إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़
قُوَّتِكُمْ तुम्हारी क़ुव्वत के quwwatikum
तुम्हारी क़ुव्वत के
وَلَا और ना walā
और ना
تَتَوَلَّوْا۟ तुम मुँह फेरो tatawallaw
तुम मुँह फेरो
مُجْرِمِينَ मुजरिम बनकर muj'rimīna
मुजरिम बनकर
٥٢ (52)
(52)
ऐ मेरी जाति के लोगो! अपने पालनहार से क्षमा याचना करो। फिर उसकी ओर पलट आओ। वह आकाश से तुमपर खूब बारिश बरसाएगा और तुम्हारी शक्ति और अधिक बढ़ा देगा और विमुख हो कर अपराधी न बनो।
११:५३
قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा
يَـٰهُودُ ऐ हूद yāhūdu
ऐ हूद
مَا नहीं
नहीं
جِئْتَنَا लाया तू हमारे पास ji'tanā
लाया तू हमारे पास
بِبَيِّنَةٍۢ कोई वाज़ेह दलील bibayyinatin
कोई वाज़ेह दलील
وَمَا और नहीं हैं wamā
और नहीं हैं
نَحْنُ हम naḥnu
हम
بِتَارِكِىٓ छोड़ने वाले bitārikī
छोड़ने वाले
ءَالِهَتِنَا अपने इलाहों को ālihatinā
अपने इलाहों को
عَن on ʿan
on
قَوْلِكَ तेरी बात से qawlika
तेरी बात से
وَمَا और नहीं हैं wamā
और नहीं हैं
نَحْنُ हम naḥnu
हम
لَكَ तुझ पर laka
तुझ पर
بِمُؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले bimu'minīna
ईमान लाने वाले
٥٣ (53)
(53)
उन्होंने कहा : ऐ हूद! तुम हमारे पास कोई स्पष्ट प्रमाण लेकर नहीं आए तथा हम तुम्हारी बात के कारण अपने पूज्यों को छोड़ने वाले नहीं हैं और न हम तुम्हारा विश्वास करने वाले हैं।
११:५४
إِن नहीं in
नहीं
نَّقُولُ हम कहते naqūlu
हम कहते
إِلَّا मगर illā
मगर
ٱعْتَرَىٰكَ (ये कि) मुब्तिला कर दिया है तुम्हें iʿ'tarāka
(ये कि) मुब्तिला कर दिया है तुम्हें
بَعْضُ बाज़ baʿḍu
बाज़
ءَالِهَتِنَا हमारे इलाहों ने ālihatinā
हमारे इलाहों ने
بِسُوٓءٍۢ ۗ साथ किसी तकलीफ़ के bisūin
साथ किसी तकलीफ़ के
قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा
إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं
أُشْهِدُ मैं गवाह बनाता हूँ ush'hidu
मैं गवाह बनाता हूँ
ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को
وَٱشْهَدُوٓا۟ और तुम गवाह रहो wa-ish'hadū
और तुम गवाह रहो
أَنِّى बेशक मैं annī
बेशक मैं
بَرِىٓءٌۭ बरी उज़ ज़िम्मा हूँ barīon
बरी उज़ ज़िम्मा हूँ
مِّمَّا उनसे जिन्हें mimmā
उनसे जिन्हें
تُشْرِكُونَ तुम शरीक करते हो tush'rikūna
तुम शरीक करते हो
٥٤ (54)
(54)
हम तो यही कहेंगे कि हमारे किसी देवता ने तुझे पागल बना दिया है। हूद ने कहा : मैं अल्लाह को (गवाह) बनाता हूँ और तुम भी गवाह रहो कि मैं उस शिर्क से बरी हूँ, जो तुम कर रहे हो।
११:५५
مِن Other than Him min
Other than Him
دُونِهِۦ ۖ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा
فَكِيدُونِى पस चाल चलो मेरे ख़िलाफ़ fakīdūnī
पस चाल चलो मेरे ख़िलाफ़
جَمِيعًۭا सबके सब jamīʿan
सबके सब
ثُمَّ फिर thumma
फिर
لَا (do) not
(do) not
تُنظِرُونِ ना तुम मोहलत दो मुझे tunẓirūni
ना तुम मोहलत दो मुझे
٥٥ (55)
(55)
उस (अल्लाह) के सिवा। अतः तुम सब मिलकर मेरे विरुद्ध चाल चलो, फिर मुझे मोहलत न दो।1
११:५६
إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं
تَوَكَّلْتُ तवक्कल किया मैंने tawakkaltu
तवक्कल किया मैंने
عَلَى upon ʿalā
upon
ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर
رَبِّى जो रब है मेरा rabbī
जो रब है मेरा
وَرَبِّكُم ۚ और रब है तुम्हारा warabbikum
और रब है तुम्हारा
مَّا नहीं
नहीं
مِن of a moving creature min
of a moving creature
دَآبَّةٍ कोई जानदार dābbatin
कोई जानदार
إِلَّا मगर illā
मगर
هُوَ वो huwa
वो
ءَاخِذٌۢ पकड़ने वाला है ākhidhun
पकड़ने वाला है
بِنَاصِيَتِهَآ ۚ पेशानी उसकी bināṣiyatihā
पेशानी उसकी
إِنَّ बेशक inna
बेशक
رَبِّى रब मेरा rabbī
रब मेरा
عَلَىٰ (is) on ʿalā
(is) on
صِرَٰطٍۢ ऊपर रास्ते ṣirāṭin
ऊपर रास्ते
مُّسْتَقِيمٍۢ सीधे के है mus'taqīmin
सीधे के है
٥٦ (56)
(56)
निःसंदेह मैंने अपने पालनहार और तुम्हारे पालनहार, अल्लाह पर भरोसा किया है। कोई चलने वाला जीव नहीं, परंतु वह उसके माथे के बालों को पकड़े हुए है। निश्चय ही मेरा पालनहार सीधे रास्ते1 पर है।
११:५७
فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर
تَوَلَّوْا۟ तुम मुँह फेरते हो tawallaw
तुम मुँह फेरते हो
فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़
أَبْلَغْتُكُم पहुँचा दिया मैंने तुम्हें ablaghtukum
पहुँचा दिया मैंने तुम्हें
مَّآ वो जो
वो जो
أُرْسِلْتُ मैं भेजा गया हूँ ur'sil'tu
मैं भेजा गया हूँ
بِهِۦٓ साथ उसके bihi
साथ उसके
إِلَيْكُمْ ۚ तरफ़ तुम्हारे ilaykum
तरफ़ तुम्हारे
وَيَسْتَخْلِفُ और जानशीन बनाएगा wayastakhlifu
और जानशीन बनाएगा
رَبِّى रब मेरा rabbī
रब मेरा
قَوْمًا एक क़ौम को qawman
एक क़ौम को
غَيْرَكُمْ तुम्हारे अलावा ghayrakum
तुम्हारे अलावा
وَلَا और नहीं walā
और नहीं
تَضُرُّونَهُۥ तुम नुक़सान दे सकोगे उसे taḍurrūnahu
तुम नुक़सान दे सकोगे उसे
شَيْـًٔا ۚ कुछ भी shayan
कुछ भी
إِنَّ बेशक inna
बेशक
رَبِّى रब मेरा rabbī
रब मेरा
عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर
كُلِّ हर kulli
हर
شَىْءٍ चीज़ के shayin
चीज़ के
حَفِيظٌۭ ख़ूब निगरान है ḥafīẓun
ख़ूब निगरान है
٥٧ (57)
(57)
फिर यदि तुम मुँह फेरो, तो मैं तुम्हें वह संदेश पहुँचा चुका, जिसे देकर मुझे तुम्हारी ओर भेजा गया था। और मेरा पालनहार तुम्हारे स्थान पर किसी अन्य जाति को ले आएगा1 और तुम उसे कुछ भी हानि नहीं पहुँचा सकोगे। निःसंदेह मेरा पालनहार प्रत्येक चीज़ पर संरक्षक है।
११:५८
وَلَمَّا और जब walammā
और जब
جَآءَ आ गया jāa
आ गया
أَمْرُنَا फ़ैसला हमारा amrunā
फ़ैसला हमारा
نَجَّيْنَا निजात दी हमने najjaynā
निजात दी हमने
هُودًۭا हूद को hūdan
हूद को
وَٱلَّذِينَ और उनको जो wa-alladhīna
और उनको जो
ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए
مَعَهُۥ साथ उसके maʿahu
साथ उसके
بِرَحْمَةٍۢ साथ रहमत के biraḥmatin
साथ रहमत के
مِّنَّا हमारी तरफ़ से minnā
हमारी तरफ़ से
وَنَجَّيْنَـٰهُم और निजात दी हमने उन्हें wanajjaynāhum
और निजात दी हमने उन्हें
مِّنْ from min
from
عَذَابٍ अज़ाब से ʿadhābin
अज़ाब से
غَلِيظٍۢ सख़्त ghalīẓin
सख़्त
٥٨ (58)
(58)
और जब हमारा आदेश आ पहुँचा, तो हमने हूद और उसके साथ ईमान लाने वालों को अपनी दया से बचा लिया। तथा हमने उन्हें एक कठोर यातना से छुटकारा दिया।
११:५९
وَتِلْكَ और ये थे watil'ka
और ये थे
عَادٌۭ ۖ आद ʿādun
आद
جَحَدُوا۟ उन्होंने इन्कार किया jaḥadū
उन्होंने इन्कार किया
بِـَٔايَـٰتِ आयात का biāyāti
आयात का
رَبِّهِمْ अपने रब की rabbihim
अपने रब की
وَعَصَوْا۟ और उन्होंने नाफ़रमानी की waʿaṣaw
और उन्होंने नाफ़रमानी की
رُسُلَهُۥ उसके रसूलों की rusulahu
उसके रसूलों की
وَٱتَّبَعُوٓا۟ और उन्होंने पैरवी की wa-ittabaʿū
और उन्होंने पैरवी की
أَمْرَ हुक्म की amra
हुक्म की
كُلِّ हर kulli
हर
جَبَّارٍ सरकश jabbārin
सरकश
عَنِيدٍۢ ज़िद्दी की ʿanīdin
ज़िद्दी की
٥٩ (59)
(59)
ये वही 'आद' (जाति) के लोग हैं, जिन्होंने अपने पालनहार की आयतों (निशानियों) का इनकार किया और उसके रसूलों की बात नहीं मानी और हर ऐसे व्यक्ति के पीछे चलते रहे, जो अभिमानी, उद्दंड हो।
११:६०
وَأُتْبِعُوا۟ और उनके पीछे लगा दी गई wa-ut'biʿū
और उनके पीछे लगा दी गई
فِى in
in
هَـٰذِهِ this hādhihi
this
ٱلدُّنْيَا इस दुनिया में l-dun'yā
इस दुनिया में
لَعْنَةًۭ लानत laʿnatan
लानत
وَيَوْمَ और दिन wayawma
और दिन
ٱلْقِيَـٰمَةِ ۗ क़यामत के (भी) l-qiyāmati
क़यामत के (भी)
أَلَآ ख़बरदार alā
ख़बरदार
إِنَّ बेशक inna
बेशक
عَادًۭا आद ने ʿādan
आद ने
كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया
رَبَّهُمْ ۗ अपने रब का rabbahum
अपने रब का
أَلَا ख़बरदार alā
ख़बरदार
بُعْدًۭا दूरी है buʿ'dan
दूरी है
لِّعَادٍۢ आद के लिए liʿādin
आद के लिए
قَوْمِ जो क़ौम थी qawmi
जो क़ौम थी
هُودٍۢ हूद की hūdin
हूद की
٦٠ (60)
(60)
और इस संसार में उनके साथ धिक्कार लगा दी गई तथा क़ियामत के दिन भी लगी रहेगी। सुनो! आद ने अपने पालनहार का इनकार किया। सुनो! हूद की जाति आद के लिए दूरी1 हो!
११:६१
۞ وَإِلَىٰ और तरफ़ wa-ilā
और तरफ़
ثَمُودَ समूद के thamūda
समूद के
أَخَاهُمْ उनके भाई akhāhum
उनके भाई
صَـٰلِحًۭا ۚ सालेह को (भेजा) ṣāliḥan
सालेह को (भेजा)
قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा
يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम
ٱعْبُدُوا۟ इबादत करो uʿ'budū
इबादत करो
ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की
مَا नहीं
नहीं
لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
مِّنْ any min
any
إِلَـٰهٍ कोई इलाह (बरहक़) ilāhin
कोई इलाह (बरहक़)
غَيْرُهُۥ ۖ सिवाय इसके ghayruhu
सिवाय इसके
هُوَ वो ही है huwa
वो ही है
أَنشَأَكُم जिसने पैदा किया तुम्हें ansha-akum
जिसने पैदा किया तुम्हें
مِّنَ from mina
from
ٱلْأَرْضِ ज़मीन से l-arḍi
ज़मीन से
وَٱسْتَعْمَرَكُمْ और जिसने आबाद किया तुम्हें wa-is'taʿmarakum
और जिसने आबाद किया तुम्हें
فِيهَا उसमें fīhā
उसमें
فَٱسْتَغْفِرُوهُ पस बख़्शिश माँगो उससे fa-is'taghfirūhu
पस बख़्शिश माँगो उससे
ثُمَّ फिर thumma
फिर
تُوبُوٓا۟ तौबा करो tūbū
तौबा करो
إِلَيْهِ ۚ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके
إِنَّ बेशक inna
बेशक
رَبِّى मेरा रब rabbī
मेरा रब
قَرِيبٌۭ बहुत क़रीब है qarībun
बहुत क़रीब है
مُّجِيبٌۭ जवाब देने बाला है mujībun
जवाब देने बाला है
٦١ (61)
(61)
और समूद1 की ओर उनके भाई सालेह़ को भेजा। उसने कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! अल्लाह की इबादत (पूजा) करो, उसके सिवा तुम्हारा कोई पूज्य नहीं है। उसी ने तुम्हें धरती से पैदा किया और तुम्हें उसमें बसाया। अतः उससे क्षमा माँगो; फिर उसकी ओर पलट आओ। निःसंदेह मेरा पालनहार निकट है (और प्रार्थनाओं को) स्वीकार करने वाला है।2
११:६२
قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा
يَـٰصَـٰلِحُ ऐ सालेह yāṣāliḥu
ऐ सालेह
قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़
كُنتَ था तू kunta
था तू
فِينَا हमारे दर्मियान fīnā
हमारे दर्मियान
مَرْجُوًّۭا जिससे उम्मीद रखी गई marjuwwan
जिससे उम्मीद रखी गई
قَبْلَ क़ब्ल qabla
क़ब्ल
هَـٰذَآ ۖ इसके hādhā
इसके
أَتَنْهَىٰنَآ क्या तू रोकता है हमें atanhānā
क्या तू रोकता है हमें
أَن कि an
कि
نَّعْبُدَ हम इबादत करें naʿbuda
हम इबादत करें
مَا जिसकी
जिसकी
يَعْبُدُ इबादत करते थे yaʿbudu
इबादत करते थे
ءَابَآؤُنَا आबा ओ अजदाद हमारे ābāunā
आबा ओ अजदाद हमारे
وَإِنَّنَا और बेशक हम wa-innanā
और बेशक हम
لَفِى surely (are) in lafī
surely (are) in
شَكٍّۢ अलबत्ता शक में हैं shakkin
अलबत्ता शक में हैं
مِّمَّا उससे जो mimmā
उससे जो
تَدْعُونَآ तुम बुलाते हो हमें tadʿūnā
तुम बुलाते हो हमें
إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके
مُرِيبٍۢ जो बेचैन कर देने वाला है murībin
जो बेचैन कर देने वाला है
٦٢ (62)
(62)
उन्होंने कहा : ऐ सालेह! हमें इससे पहले तुझसे बड़ी आशाएँ थीं। क्या तू हमें उन (बुतों) की पूजा करने से रोक रहा है, जिनकी पूजा हमारे बाप-दादा करते आए हैं? तू जिस चीज़ की ओर हमें बुला रहा है, निःसंदेह उसके बारे में हमें (ऐसा) संदेह है, जो हमें दुविधा में डाले हुए है।
११:६३
قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा
يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम
أَرَءَيْتُمْ क्या देखा तुमने ara-aytum
क्या देखा तुमने
إِن अगर in
अगर
كُنتُ हूँ मैं kuntu
हूँ मैं
عَلَىٰ on ʿalā
on
بَيِّنَةٍۢ एक वाज़ेह दलील पर bayyinatin
एक वाज़ेह दलील पर
مِّن from min
from
رَّبِّى अपने रब की तरफ़ से rabbī
अपने रब की तरफ़ से
وَءَاتَىٰنِى और उसने दी हो मुझे waātānī
और उसने दी हो मुझे
مِنْهُ अपनी तरफ़ से min'hu
अपनी तरफ़ से
رَحْمَةًۭ रहमत raḥmatan
रहमत
فَمَن तो कौन faman
तो कौन
يَنصُرُنِى मदद करेगा मेरी yanṣurunī
मदद करेगा मेरी
مِنَ against mina
against
ٱللَّهِ अल्लाह से (बचाने में) l-lahi
अल्लाह से (बचाने में)
إِنْ अगर in
अगर
عَصَيْتُهُۥ ۖ नाफ़रमानी की मैंने उसकी ʿaṣaytuhu
नाफ़रमानी की मैंने उसकी
فَمَا तो नहीं famā
तो नहीं
تَزِيدُونَنِى तुम ज़्यादा करोगे मुझे tazīdūnanī
तुम ज़्यादा करोगे मुझे
غَيْرَ सिवाय ghayra
सिवाय
تَخْسِيرٍۢ ख़सारा देने के takhsīrin
ख़सारा देने के
٦٣ (63)
(63)
उस (सालेह़) ने कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! क्या तुमने विचार किया कि यदि मैं अपने पालनहार की ओर से एक स्पष्ट प्रमाण पर हूँ और उसने मुझे अपनी दया प्रदान की हो, फिर मैं उसकी अवज्ञा करूँ, तो कौन है, जो अल्लाह के मुक़ाबले में मेरी सहायता करेगा? तुम मुझे घाटे में डालने के सिवा कुछ नहीं करोगे।
११:६४
وَيَـٰقَوْمِ और ऐ मेरी क़ौम wayāqawmi
और ऐ मेरी क़ौम
هَـٰذِهِۦ ये hādhihi
ये
نَاقَةُ ऊँटनी है nāqatu
ऊँटनी है
ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की
لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
ءَايَةًۭ एक निशानी āyatan
एक निशानी
فَذَرُوهَا पस छोड़ दो उसे fadharūhā
पस छोड़ दो उसे
تَأْكُلْ वो खाती फिरे takul
वो खाती फिरे
فِىٓ in
in
أَرْضِ ज़मीन में arḍi
ज़मीन में
ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की
وَلَا और ना walā
और ना
تَمَسُّوهَا तुम छुओ उसे tamassūhā
तुम छुओ उसे
بِسُوٓءٍۢ साथ बुराई के bisūin
साथ बुराई के
فَيَأْخُذَكُمْ पस पकड़ लेगा तुम्हें fayakhudhakum
पस पकड़ लेगा तुम्हें
عَذَابٌۭ अज़ाब ʿadhābun
अज़ाब
قَرِيبٌۭ क़रीबी qarībun
क़रीबी
٦٤ (64)
(64)
और ऐ मेरी जाति के लोगो! यह अल्लाह की ऊँटनी1 तुम्हारे लिए एक निशानी है। अतः इसे छोड़ दो, अल्लाह की धरती में चरती फिरे और इसे कोई कष्ट न पहुँचाओ, अन्यथा तुम्हें अति शीघ्र यातना पकड़ लेगी।
११:६५
فَعَقَرُوهَا तो उन्होंने कूँचें काट डालीं उसकी faʿaqarūhā
तो उन्होंने कूँचें काट डालीं उसकी
فَقَالَ तो उसने कहा faqāla
तो उसने कहा
تَمَتَّعُوا۟ तुम फ़ायदा उठाओ tamattaʿū
तुम फ़ायदा उठाओ
فِى in
in
دَارِكُمْ अपने घरों में dārikum
अपने घरों में
ثَلَـٰثَةَ तीन thalāthata
तीन
أَيَّامٍۢ ۖ दिन ayyāmin
दिन
ذَٰلِكَ ये dhālika
ये
وَعْدٌ वादा है waʿdun
वादा है
غَيْرُ ना ghayru
ना
مَكْذُوبٍۢ झूटा होने वाला makdhūbin
झूटा होने वाला
٦٥ (65)
(65)
तो उन्होंने उसे मार डाला। तब सालेह़ ने कहा : तुम अपने नगर में तीन दिन अपने जीवन का आनंद लो! यह वचन झूठा सिद्ध होने वाला नहीं है।
११:६६
فَلَمَّا तो जब falammā
तो जब
جَآءَ आ गया jāa
आ गया
أَمْرُنَا हुक्म हमारा amrunā
हुक्म हमारा
نَجَّيْنَا निजात दी हमने najjaynā
निजात दी हमने
صَـٰلِحًۭا सालेह को ṣāliḥan
सालेह को
وَٱلَّذِينَ और उनको जो wa-alladhīna
और उनको जो
ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए
مَعَهُۥ साथ उसके maʿahu
साथ उसके
بِرَحْمَةٍۢ साथ रहमत के biraḥmatin
साथ रहमत के
مِّنَّا हमारी तरफ़ से minnā
हमारी तरफ़ से
وَمِنْ and from wamin
and from
خِزْىِ और रुस्वाई से (भी) khiz'yi
और रुस्वाई से (भी)
يَوْمِئِذٍ ۗ उस दिन की yawmi-idhin
उस दिन की
إِنَّ बेशक inna
बेशक
رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका
هُوَ वो ही है huwa
वो ही है
ٱلْقَوِىُّ बहुत क़ुव्वत वाला l-qawiyu
बहुत क़ुव्वत वाला
ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त
٦٦ (66)
(66)
फिर जब हमारा आदेश आ गया, तो हमने सालेह़ को और उन लोगों को जो उसके साथ ईमान लाए थे, अपनी दया से बचा लिया और उस दिन के अपमान से भी (उन्हें सुरक्षित रखा)। निःसंदेह आपका पालनहार ही शक्तिशाली, प्रभुत्वशाली है।
११:६७
وَأَخَذَ और पकड़ लिया wa-akhadha
और पकड़ लिया
ٱلَّذِينَ उन्हें जिन्होंने alladhīna
उन्हें जिन्होंने
ظَلَمُوا۟ ज़ुल्म किया था ẓalamū
ज़ुल्म किया था
ٱلصَّيْحَةُ चिंघाड़ ने l-ṣayḥatu
चिंघाड़ ने
فَأَصْبَحُوا۟ तो सुबह की उन्होंने fa-aṣbaḥū
तो सुबह की उन्होंने
فِى in
in
دِيَـٰرِهِمْ अपने घरों में diyārihim
अपने घरों में
جَـٰثِمِينَ औंधे मुँह गिरने वाले होकर jāthimīna
औंधे मुँह गिरने वाले होकर
٦٧ (67)
(67)
और अत्याचारियों को भयंकर आवाज़ (चीत्कार) ने पकड़ लिया और वे अपने घरों में औंधे पड़े रह गए।
११:६८
كَأَن गोया कि ka-an
गोया कि
لَّمْ नहीं lam
नहीं
يَغْنَوْا۟ वो बसे थे yaghnaw
वो बसे थे
فِيهَآ ۗ उसमें fīhā
उसमें
أَلَآ ख़बरदार alā
ख़बरदार
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ثَمُودَا۟ समूद ने thamūdā
समूद ने
كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया
رَبَّهُمْ ۗ अपने रब से rabbahum
अपने रब से
أَلَا ख़बरदार alā
ख़बरदार
بُعْدًۭا दूरी है buʿ'dan
दूरी है
لِّثَمُودَ समूद के लिए lithamūda
समूद के लिए
٦٨ (68)
(68)
जैसै वे वहाँ कभी बसे ही नहीं थे। सावधान! समूद ने अपने पालनहार का इनकार किया। सुन लो! समूद के लिए (अल्लाह की दया से) दूरी हो।
११:६९
وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़
جَآءَتْ आए jāat
आए
رُسُلُنَآ हमारे भेजे हुए (फ़रिश्ते) rusulunā
हमारे भेजे हुए (फ़रिश्ते)
إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम के पास ib'rāhīma
इब्राहीम के पास
بِٱلْبُشْرَىٰ साथ ख़ुशख़बरी के bil-bush'rā
साथ ख़ुशख़बरी के
قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा
سَلَـٰمًۭا ۖ सलाम हो salāman
सलाम हो
قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा
سَلَـٰمٌۭ ۖ सलाम हो salāmun
सलाम हो
فَمَا पस ना famā
पस ना
لَبِثَ वो ठहरा labitha
वो ठहरा
أَن मगर an
मगर
جَآءَ वो ले आया jāa
वो ले आया
بِعِجْلٍ एक बछड़ा biʿij'lin
एक बछड़ा
حَنِيذٍۢ भुना हुआ ḥanīdhin
भुना हुआ
٦٩ (69)
(69)
और हमारे फ़रिश्ते इबराहीम के पास शुभ सूचना लेकर आए। उन्होंने सलाम कहा, तो इबराहीम ने सलाम का जवाब दिया। फिर देर न हुई कि वह एक भुना हुआ वछड़ा1 ले आया।
११:७०
فَلَمَّا फिर जब falammā
फिर जब
رَءَآ उसने देखा raā
उसने देखा
أَيْدِيَهُمْ हाथ उनके aydiyahum
हाथ उनके
لَا not
not
تَصِلُ नही वो पहुँचते taṣilu
नही वो पहुँचते
إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके
نَكِرَهُمْ उसने अजनबी समझा उन्हें nakirahum
उसने अजनबी समझा उन्हें
وَأَوْجَسَ और उसने महसूस किया wa-awjasa
और उसने महसूस किया
مِنْهُمْ उनसे min'hum
उनसे
خِيفَةًۭ ۚ ख़ौफ़ khīfatan
ख़ौफ़
قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा
لَا (Do) not
(Do) not
تَخَفْ ना तुम डरो takhaf
ना तुम डरो
إِنَّآ बेशक हम innā
बेशक हम
أُرْسِلْنَآ भेजे गए हैं हम ur'sil'nā
भेजे गए हैं हम
إِلَىٰ to ilā
to
قَوْمِ तरफ़ क़ौमे qawmi
तरफ़ क़ौमे
لُوطٍۢ लूत के lūṭin
लूत के
٧٠ (70)
(70)
फिर जब देखा कि उनके हाथ खाने की ओर नहीं बढ़ रहे हैं, तो उनके प्रति अचंभे में पड़ गए और दिल में उनसे भय महसूस किया। उन्होंने कहा : भय न करो। दरअसल हम लूत1 की जाति की ओर भेजे गए हैं।
११:७१
وَٱمْرَأَتُهُۥ और बीवी उसकी wa-im'ra-atuhu
और बीवी उसकी
قَآئِمَةٌۭ खड़ी थी qāimatun
खड़ी थी
فَضَحِكَتْ तो वो हँस दी faḍaḥikat
तो वो हँस दी
فَبَشَّرْنَـٰهَا पस ख़ुशख़बरी दी हमने उसे fabasharnāhā
पस ख़ुशख़बरी दी हमने उसे
بِإِسْحَـٰقَ इसहाक़ की bi-is'ḥāqa
इसहाक़ की
وَمِن and after wamin
and after
وَرَآءِ और पीछे/बाद warāi
और पीछे/बाद
إِسْحَـٰقَ इसहाक़ के is'ḥāqa
इसहाक़ के
يَعْقُوبَ याक़ूब की yaʿqūba
याक़ूब की
٧١ (71)
(71)
और उस (इबराहीम) की पत्नी खड़ी थी। चुनाँचे वह हँस पड़ी1, तो हमने उसे इसह़ाक़ की और इसह़ाक़ के बाद याक़ूब की शुभ सूचना2 दी।
११:७२
قَالَتْ वो कहने लगी qālat
वो कहने लगी
يَـٰوَيْلَتَىٰٓ ऐ ख़राबी मेरी yāwaylatā
ऐ ख़राबी मेरी
ءَأَلِدُ क्या मैं जन्म दूँगी a-alidu
क्या मैं जन्म दूँगी
وَأَنَا۠ जबकि मैं wa-anā
जबकि मैं
عَجُوزٌۭ बुढ़िया हूँ ʿajūzun
बुढ़िया हूँ
وَهَـٰذَا और ये wahādhā
और ये
بَعْلِى शौहर मेरा baʿlī
शौहर मेरा
شَيْخًا ۖ बूढ़ा है shaykhan
बूढ़ा है
إِنَّ बेशक inna
बेशक
هَـٰذَا ये तो hādhā
ये तो
لَشَىْءٌ अलबत्ता चीज़ है lashayon
अलबत्ता चीज़ है
عَجِيبٌۭ अजीब ʿajībun
अजीब
٧٢ (72)
(72)
वह बोली : हाय मेरा दुर्भाग्य! क्या मेरी संतान होगी, जबकि मैं बूढ़ी हो चुकी हूँ और मेरा यह पति भी बूढ़ा है? वास्तव में, यह बड़े आश्चर्य की बात है।
११:७३
قَالُوٓا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा
أَتَعْجَبِينَ क्या तू ताज्जुब करती है ataʿjabīna
क्या तू ताज्जुब करती है
مِنْ at min
at
أَمْرِ हुक्म से amri
हुक्म से
ٱللَّهِ ۖ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
رَحْمَتُ रहमत हो raḥmatu
रहमत हो
ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की
وَبَرَكَـٰتُهُۥ और बरकतें हों उसकी wabarakātuhu
और बरकतें हों उसकी
عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर
أَهْلَ people ahla
people
ٱلْبَيْتِ ۚ ऐ अहले बैत l-bayti
ऐ अहले बैत
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
حَمِيدٌۭ बहुत तारीफ़ वाला है ḥamīdun
बहुत तारीफ़ वाला है
مَّجِيدٌۭ बड़ी शान वाला है majīdun
बड़ी शान वाला है
٧٣ (73)
(73)
फ़रिश्तों ने कहा : क्या तू अल्लाह के आदेश पर आश्चर्य करती है? ऐ घर वालो! तुम सब पर अल्लाह की दया तथा बरकतों की वर्षा हो। निःसंदेह वह अति प्रशंसित, गौरवशाली है।
११:७४
فَلَمَّا तो जब falammā
तो जब
ذَهَبَ चला गया dhahaba
चला गया
عَنْ from ʿan
from
إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम से ib'rāhīma
इब्राहीम से
ٱلرَّوْعُ ख़ौफ़ l-rawʿu
ख़ौफ़
وَجَآءَتْهُ और आ गई उसके पास wajāathu
और आ गई उसके पास
ٱلْبُشْرَىٰ ख़ुशख़बरी l-bush'rā
ख़ुशख़बरी
يُجَـٰدِلُنَا वो झगड़ने लगा हमसे yujādilunā
वो झगड़ने लगा हमसे
فِى concerning
concerning
قَوْمِ the people qawmi
the people
لُوطٍ क़ौमे लूत के बारे में lūṭin
क़ौमे लूत के बारे में
٧٤ (74)
(74)
फिर जब इबराहीम का भय दूर हो गया और उसे शुभ सूचना मिल गई, तो वह हमसे लूत की जाति के बारे में झगड़ने लगा।1
११:७५
إِنَّ बेशक inna
बेशक
إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम ib'rāhīma
इब्राहीम
لَحَلِيمٌ बिलाशुबा निहायत बुर्दबार laḥalīmun
बिलाशुबा निहायत बुर्दबार
أَوَّٰهٌۭ बहुत आह व ज़ारी करने वाला awwāhun
बहुत आह व ज़ारी करने वाला
مُّنِيبٌۭ रुजूअ करने वाला था munībun
रुजूअ करने वाला था
٧٥ (75)
(75)
निःसंदेह इबराहीम बड़ा सहनशील, बहुत विलाप करने वाला और हर मामले में अल्लाह की ओर पलटने वाला था।
११:७६
يَـٰٓإِبْرَٰهِيمُ ऐ इब्राहीम yāib'rāhīmu
ऐ इब्राहीम
أَعْرِضْ ऐराज़ करो aʿriḍ
ऐराज़ करो
عَنْ from ʿan
from
هَـٰذَآ ۖ इस (बात ) से hādhā
इस (बात ) से
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़
جَآءَ आ चुका jāa
आ चुका
أَمْرُ हुक्म amru
हुक्म
رَبِّكَ ۖ तेरे रब का rabbika
तेरे रब का
وَإِنَّهُمْ और बेशक वो wa-innahum
और बेशक वो
ءَاتِيهِمْ आने वाला है उन पर ātīhim
आने वाला है उन पर
عَذَابٌ अज़ाब ʿadhābun
अज़ाब
غَيْرُ ना ghayru
ना
مَرْدُودٍۢ फेरा जाने वाला mardūdin
फेरा जाने वाला
٧٦ (76)
(76)
(फ़रिश्तों ने कहा :) ऐ इबराहीम! इस बात को रहने दो। निःसंदेह तुम्हारे पालनहार का आदेश1 आ चुका तथा उनपर ऐसी यातना आने वाली है, जो हटाई जाने वाली नहीं।
११:७७
وَلَمَّا और जब walammā
और जब
جَآءَتْ आए jāat
आए
رُسُلُنَا हमारे भेजे हुए (फ़रिश्ते) rusulunā
हमारे भेजे हुए (फ़रिश्ते)
لُوطًۭا लूत के पास lūṭan
लूत के पास
سِىٓءَ वो ग़मगीन हुआ sīa
वो ग़मगीन हुआ
بِهِمْ उनके बारे में bihim
उनके बारे में
وَضَاقَ और वो तंग हुआ waḍāqa
और वो तंग हुआ
بِهِمْ उनके बारे में bihim
उनके बारे में
ذَرْعًۭا दिल में dharʿan
दिल में
وَقَالَ और कहा waqāla
और कहा
هَـٰذَا ये hādhā
ये
يَوْمٌ दिन है yawmun
दिन है
عَصِيبٌۭ बड़ा सख़्त ʿaṣībun
बड़ा सख़्त
٧٧ (77)
(77)
और जब हमारे फ़रिश्ते लूत के पास आए, तो उनका आना उसे बुरा लगा और उनके कारण व्याकुल1 हो गया और कहा : यह तो बड़ा कठोर दिन है।
११:७८
وَجَآءَهُۥ और आए उसके पास wajāahu
और आए उसके पास
قَوْمُهُۥ उसकी क़ौम (के लोग) qawmuhu
उसकी क़ौम (के लोग)
يُهْرَعُونَ तेज़ दौड़ते हुए yuh'raʿūna
तेज़ दौड़ते हुए
إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके
وَمِن and before wamin
and before
قَبْلُ और उससे पहले qablu
और उससे पहले
كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो
يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते
ٱلسَّيِّـَٔاتِ ۚ बुरे l-sayiāti
बुरे
قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा
يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम
هَـٰٓؤُلَآءِ ये हैं hāulāi
ये हैं
بَنَاتِى बेटियाँ मेरी banātī
बेटियाँ मेरी
هُنَّ ये hunna
ये
أَطْهَرُ ज़्यादा पाकीज़ा हैं aṭharu
ज़्यादा पाकीज़ा हैं
لَكُمْ ۖ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
فَٱتَّقُوا۟ पस डरो fa-ittaqū
पस डरो
ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से
وَلَا और ना walā
और ना
تُخْزُونِ तुम रुस्वा करो मुझे tukh'zūni
तुम रुस्वा करो मुझे
فِى concerning
concerning
ضَيْفِىٓ ۖ मेरे मेहमानों में ḍayfī
मेरे मेहमानों में
أَلَيْسَ क्या नहीं है alaysa
क्या नहीं है
مِنكُمْ तुम में minkum
तुम में
رَجُلٌۭ कोई आदमी rajulun
कोई आदमी
رَّشِيدٌۭ समझदार rashīdun
समझदार
٧٨ (78)
(78)
और उसकी जाति के लोग दौड़ते हुए उसके पास आ गए और वे पहले से कुकर्म1 किया करते थे। उसने कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! ये मेरी2 बेटियाँ हैं, ये तुम्हारे लिए अधिक पवित्र हैं। अतः अल्लाह से डरो और मुझे मेरे अतिथियों में अपमानित न करो। क्या तुममें कोई भला आदमी नहीं?
११:७९
قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा
لَقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़
عَلِمْتَ जानता है तू ʿalim'ta
जानता है तू
مَا नहीं
नहीं
لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए
فِى concerning
concerning
بَنَاتِكَ तेरी बेटियों में banātika
तेरी बेटियों में
مِنْ any min
any
حَقٍّۢ कोई हक़ (दिलचस्पी) ḥaqqin
कोई हक़ (दिलचस्पी)
وَإِنَّكَ और बेशक तू wa-innaka
और बेशक तू
لَتَعْلَمُ अलबत्ता तू जानता है lataʿlamu
अलबत्ता तू जानता है
مَا जो
जो
نُرِيدُ हम चाहते हैं nurīdu
हम चाहते हैं
٧٩ (79)
(79)
उन लोगों ने कहा : निश्चय तुम तो जानते हो कि हमें तुम्हारी बेटियों से कोई मतलब नहीं।1 तथा निःसंदेह तुम भली-भाँति जानते हो कि हम क्या चाहते हैं।
११:८०
قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा
لَوْ काश law
काश
أَنَّ कि बेशक anna
कि बेशक
لِى मेरे लिए (होती)
मेरे लिए (होती)
بِكُمْ तुम पर bikum
तुम पर
قُوَّةً कोई क़ुव्वत quwwatan
कोई क़ुव्वत
أَوْ या aw
या
ءَاوِىٓ मैं पनाह ले सकता āwī
मैं पनाह ले सकता
إِلَىٰ in ilā
in
رُكْنٍۢ तरफ़ सहारे ruk'nin
तरफ़ सहारे
شَدِيدٍۢ मज़बूत के shadīdin
मज़बूत के
٨٠ (80)
(80)
लूत ने कहा : काश, मेरे पास तुमसे मुक़ाबले की शक्ति होती या मैं किसी मज़बूत सहारे की शरण लेता!
११:८१
قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा
يَـٰلُوطُ ऐ लूत yālūṭu
ऐ लूत
إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम
رُسُلُ भेजे हुए हैं rusulu
भेजे हुए हैं
رَبِّكَ तेरे रब के rabbika
तेरे रब के
لَن हरगिज़ ना lan
हरगिज़ ना
يَصِلُوٓا۟ वो पहुँच सकेंगे yaṣilū
वो पहुँच सकेंगे
إِلَيْكَ ۖ तुझ तक ilayka
तुझ तक
فَأَسْرِ पस ले चल fa-asri
पस ले चल
بِأَهْلِكَ अपने घर वालों को bi-ahlika
अपने घर वालों को
بِقِطْعٍۢ एक टुकड़े में biqiṭ'ʿin
एक टुकड़े में
مِّنَ of mina
of
ٱلَّيْلِ रात के al-layli
रात के
وَلَا और ना walā
और ना
يَلْتَفِتْ पलट कर देखे yaltafit
पलट कर देखे
مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से
أَحَدٌ कोई एक aḥadun
कोई एक
إِلَّا मगर illā
मगर
ٱمْرَأَتَكَ ۖ बीवी तुम्हारी im'ra-ataka
बीवी तुम्हारी
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
مُصِيبُهَا पहुँचने वाला है उसे (भी) muṣībuhā
पहुँचने वाला है उसे (भी)
مَآ जो
जो
أَصَابَهُمْ ۚ पहुँचेगा उन्हें aṣābahum
पहुँचेगा उन्हें
إِنَّ बेशक inna
बेशक
مَوْعِدَهُمُ उनके वादे का वक़्त mawʿidahumu
उनके वादे का वक़्त
ٱلصُّبْحُ ۚ सुबह है l-ṣub'ḥu
सुबह है
أَلَيْسَ क्या नहीं है alaysa
क्या नहीं है
ٱلصُّبْحُ सुबह l-ṣub'ḥu
सुबह
بِقَرِيبٍۢ क़रीब ही biqarībin
क़रीब ही
٨١ (81)
(81)
फ़रिश्तों ने कहा : ऐ लूत! हम तेरे पालनहार के भेजे हुए (फ़रिश्ते) हैं। वे कदापि तेरे पास नहीं पहुँच सकेंगे। अतः तू रात के किसी हिस्से में अपने घरवालों को लेकर निकल जा और तुममें से कोई पीछे मुड़कर न देखे, सिवाय तेरी पत्नी के। उसपर भी वही बीतने वाला है, जो उनपर बीतेगा। उनकी यातना का निर्धारित समय प्रातः काल है। क्या प्रातः काल निकट नहीं है?
११:८२
فَلَمَّا तो जब falammā
तो जब
جَآءَ आ गया jāa
आ गया
أَمْرُنَا हुक्म हमारा amrunā
हुक्म हमारा
جَعَلْنَا कर दिया हमने jaʿalnā
कर दिया हमने
عَـٰلِيَهَا ऊपर वाला उसका ʿāliyahā
ऊपर वाला उसका
سَافِلَهَا निचला उसका sāfilahā
निचला उसका
وَأَمْطَرْنَا और बरसाए हमने wa-amṭarnā
और बरसाए हमने
عَلَيْهَا उस पर ʿalayhā
उस पर
حِجَارَةًۭ पत्थर ḥijāratan
पत्थर
مِّن of min
of
سِجِّيلٍۢ कंकर में से sijjīlin
कंकर में से
مَّنضُودٍۢ तह -ब-तह manḍūdin
तह -ब-तह
٨٢ (82)
(82)
फिर जब हमारा आदेश आ गया, तो हमने उस बस्ती को तहस-नहस कर दिया और उनपर कंकरियों की ताबड़-तोड़ बारिश कर दी।
११:८३
مُّسَوَّمَةً निशान ज़दा musawwamatan
निशान ज़दा
عِندَ पास से ʿinda
पास से
رَبِّكَ ۖ आपके रब के rabbika
आपके रब के
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
هِىَ वो hiya
वो
مِنَ (is) from mina
(is) from
ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिमों से l-ẓālimīna
ज़ालिमों से
بِبَعِيدٍۢ कुछ दूर bibaʿīdin
कुछ दूर
٨٣ (83)
(83)
जो तेरे पालनहार के यहाँ चिह्न लगाई हुई थीं और वह1 अत्याचारियों2 से कुछ दूर नहीं।
११:८४
۞ وَإِلَىٰ और तरफ़ wa-ilā
और तरफ़
مَدْيَنَ मदयन के madyana
मदयन के
أَخَاهُمْ उनके भाई akhāhum
उनके भाई
شُعَيْبًۭا ۚ शुऐब को (भेजा) shuʿayban
शुऐब को (भेजा)
قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा
يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम
ٱعْبُدُوا۟ इबादत करो uʿ'budū
इबादत करो
ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की
مَا नहीं
नहीं
لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
مِّنْ any min
any
إِلَـٰهٍ कोई इलाह (बरहक़) ilāhin
कोई इलाह (बरहक़)
غَيْرُهُۥ ۖ सिवाय उसके ghayruhu
सिवाय उसके
وَلَا और ना walā
और ना
تَنقُصُوا۟ तुम कम करो tanquṣū
तुम कम करो
ٱلْمِكْيَالَ नाप l-mik'yāla
नाप
وَٱلْمِيزَانَ ۚ और तौल wal-mīzāna
और तौल
إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं
أَرَىٰكُم मैं देखता हूँ तुम्हें arākum
मैं देखता हूँ तुम्हें
بِخَيْرٍۢ अच्छी हालत में bikhayrin
अच्छी हालत में
وَإِنِّىٓ और बेशक मैं wa-innī
और बेशक मैं
أَخَافُ मैं डरता हूँ akhāfu
मैं डरता हूँ
عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर
عَذَابَ अज़ाब से ʿadhāba
अज़ाब से
يَوْمٍۢ (of) a Day yawmin
(of) a Day
مُّحِيطٍۢ घेर लेने वाले दिन के muḥīṭin
घेर लेने वाले दिन के
٨٤ (84)
(84)
और मदयन की ओर उनके भाई शुऐब को भेजा। उसने कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! अल्लाह की इबादत (उपासना) करो, उसके सिवा कोई तुम्हारा पूज्य नहीं और नाप-तौल में कमी न करो।1 निःसंदेह मैं तुम्हें अच्छी स्थिति में देख रहा हूँ। और निःसंदेह मैं तुमपर एक घेर लेने वाले दिन की यातना से डरता हूँ।
११:८५
وَيَـٰقَوْمِ और ऐ मेरी क़ौम wayāqawmi
और ऐ मेरी क़ौम
أَوْفُوا۟ पूरा करो awfū
पूरा करो
ٱلْمِكْيَالَ नाप l-mik'yāla
नाप
وَٱلْمِيزَانَ और तौल wal-mīzāna
और तौल
بِٱلْقِسْطِ ۖ साथ इन्साफ़ के bil-qis'ṭi
साथ इन्साफ़ के
وَلَا और ना walā
और ना
تَبْخَسُوا۟ तुम कम दो tabkhasū
तुम कम दो
ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को
أَشْيَآءَهُمْ चीज़ें उनकी ashyāahum
चीज़ें उनकी
وَلَا और ना walā
और ना
تَعْثَوْا۟ तुम फ़साद करो taʿthaw
तुम फ़साद करो
فِى in
in
ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में
مُفْسِدِينَ मुफ़सिद बनकर muf'sidīna
मुफ़सिद बनकर
٨٥ (85)
(85)
ऐ मेरी जाति के लोगो! न्याय के साथ नाप और तौल को पूरा रखो और लोगों को उनकी चीज़ें कम न दो तथा धरती में उपद्रव फैलाते न फिरो।
११:८६
بَقِيَّتُ बाक़ी मान्दा baqiyyatu
बाक़ी मान्दा
ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का
خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है
لَّكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
إِن अगर in
अगर
كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम
مُّؤْمِنِينَ ۚ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले
وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं
أَنَا۠ मैं anā
मैं
عَلَيْكُم तुम पर ʿalaykum
तुम पर
بِحَفِيظٍۢ कोई निगहबान biḥafīẓin
कोई निगहबान
٨٦ (86)
(86)
अल्लाह की दी हुई बचत, तुम्हारे लिए अच्छी है, यदि तुम ईमान वाले हो और मैं तुमपर कोई संरक्षक नहीं हूँ।
११:८७
قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा
يَـٰشُعَيْبُ ऐ शुऐब yāshuʿaybu
ऐ शुऐब
أَصَلَوٰتُكَ क्या नमाज़ तेरी aṣalatuka
क्या नमाज़ तेरी
تَأْمُرُكَ हुक्म देती है तुझे tamuruka
हुक्म देती है तुझे
أَن कि an
कि
نَّتْرُكَ हम छोड़ दें natruka
हम छोड़ दें
مَا उन्हें जिनकी
उन्हें जिनकी
يَعْبُدُ इबादत करते थे yaʿbudu
इबादत करते थे
ءَابَآؤُنَآ आबा ओ अजदाद हमारे ābāunā
आबा ओ अजदाद हमारे
أَوْ या aw
या
أَن ये कि an
ये कि
نَّفْعَلَ (ना) हम करें nafʿala
(ना) हम करें
فِىٓ concerning
concerning
أَمْوَٰلِنَا अपने मालों में amwālinā
अपने मालों में
مَا जो
जो
نَشَـٰٓؤُا۟ ۖ हम चाहें nashāu
हम चाहें
إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू
لَأَنتَ अलबत्ता तू ही है la-anta
अलबत्ता तू ही है
ٱلْحَلِيمُ निहायत बुर्दबार l-ḥalīmu
निहायत बुर्दबार
ٱلرَّشِيدُ समझदार l-rashīdu
समझदार
٨٧ (87)
(87)
उन्होंने कहा : ऐ शुऐब! क्या तेरी नमाज़ (इबादत) तुझे आदेश दे रही है कि हम उसे त्याग दें, जिसकी पूजा हमारे बाप-दादा करते आए हैं? अथवा अपने धन में वह न करें जो करना चाहें? वास्तव में, तू बड़ा ही सहनशील तथा भला व्यक्ति है!
११:८८
قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा
يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम
أَرَءَيْتُمْ क्या देखा तुमने ara-aytum
क्या देखा तुमने
إِن अगर in
अगर
كُنتُ हूँ मैं kuntu
हूँ मैं
عَلَىٰ on ʿalā
on
بَيِّنَةٍۢ एक वाज़ेह दलील पर bayyinatin
एक वाज़ेह दलील पर
مِّن from min
from
رَّبِّى अपने रब की तरफ़ से rabbī
अपने रब की तरफ़ से
وَرَزَقَنِى और उसने दिया हो मुझे warazaqanī
और उसने दिया हो मुझे
مِنْهُ अपने पास से min'hu
अपने पास से
رِزْقًا रिज़्क़ riz'qan
रिज़्क़
حَسَنًۭا ۚ अच्छा ḥasanan
अच्छा
وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं
أُرِيدُ मैं चाहता urīdu
मैं चाहता
أَنْ कि an
कि
أُخَالِفَكُمْ मैं मुख़ालफ़त करुँ तुम्हारी ukhālifakum
मैं मुख़ालफ़त करुँ तुम्हारी
إِلَىٰ तरफ़ ilā
तरफ़
مَآ उसके जो
उसके जो
أَنْهَىٰكُمْ मैं रोकता हूँ तुम्हें anhākum
मैं रोकता हूँ तुम्हें
عَنْهُ ۚ जिस से ʿanhu
जिस से
إِنْ नहीं in
नहीं
أُرِيدُ मैं चाहता urīdu
मैं चाहता
إِلَّا मगर illā
मगर
ٱلْإِصْلَـٰحَ इस्लाह l-iṣ'lāḥa
इस्लाह
مَا जितनी
जितनी
ٱسْتَطَعْتُ ۚ मैं इस्तिताअत रखता हूँ is'taṭaʿtu
मैं इस्तिताअत रखता हूँ
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
تَوْفِيقِىٓ तौफ़ीक़ मेरी tawfīqī
तौफ़ीक़ मेरी
إِلَّا मगर illā
मगर
بِٱللَّهِ ۚ साथ अल्लाह के bil-lahi
साथ अल्लाह के
عَلَيْهِ उसी पर ʿalayhi
उसी पर
تَوَكَّلْتُ तवक्कल किया मैंने tawakkaltu
तवक्कल किया मैंने
وَإِلَيْهِ और उसी की तरफ़ wa-ilayhi
और उसी की तरफ़
أُنِيبُ मैं रुजूअ करता हूँ unību
मैं रुजूअ करता हूँ
٨٨ (88)
(88)
शुऐब ने कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! तुम बताओ, यदि मैं अपने पालनहार की ओर से स्पष्ट प्रमाण पर हूँ और उसने मुझे अच्छी जीविका प्रदान की हो, (तो कैसे तुम्हारा साथ दूँ?) मैं नहीं चाहता कि तुम्हारा विरोध करते हुए वह कार्य करूँ, जिससे तुम्हें रोक रहा हूँ। मैं जहाँ तक हो सके, सुधार ही चाहता हूँ और यह जो कुछ करना चाहता हूँ, मुझे इसका सामर्थ्य अल्लाह ही से मिलेगा। मैंने उसी पर भरोसा किया है और उसी की ओर लौटता हूँ।
११:८९
وَيَـٰقَوْمِ और ऐ मेरी क़ौम wayāqawmi
और ऐ मेरी क़ौम
لَا (Let) not cause you to sin
(Let) not cause you to sin
يَجْرِمَنَّكُمْ हरगिज़ ना आमादा करे तुम्हें yajrimannakum
हरगिज़ ना आमादा करे तुम्हें
شِقَاقِىٓ मुख़ालफ़त /ज़िद मेरी shiqāqī
मुख़ालफ़त /ज़िद मेरी
أَن कि an
कि
يُصِيبَكُم पहुँचे तुम्हें (भी) yuṣībakum
पहुँचे तुम्हें (भी)
مِّثْلُ मानिन्द उसके mith'lu
मानिन्द उसके
مَآ जो
जो
أَصَابَ पहुँचा aṣāba
पहुँचा
قَوْمَ क़ौमे qawma
क़ौमे
نُوحٍ नूह को nūḥin
नूह को
أَوْ या aw
या
قَوْمَ क़ौमे qawma
क़ौमे
هُودٍ हूद को hūdin
हूद को
أَوْ या aw
या
قَوْمَ क़ौमे qawma
क़ौमे
صَـٰلِحٍۢ ۚ सालेह को ṣāliḥin
सालेह को
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
قَوْمُ क़ौमे qawmu
क़ौमे
لُوطٍۢ लूत lūṭin
लूत
مِّنكُم तुम से minkum
तुम से
بِبَعِيدٍۢ कुछ दूर bibaʿīdin
कुछ दूर
٨٩ (89)
(89)
ऐ मेरी जाति के लोगो! तुम्हें मेरा विरोध इस बात पर न उभारे कि तुमपर वैसी ही यातना आ पड़े, जो नूह़ की जाति, या हूद की जाति, या सालेह़ की जाति पर आई। और लूत की जाति तुमसे कुछ दूर नहीं है।
११:९०
وَٱسْتَغْفِرُوا۟ और बख़्शिश माँगो wa-is'taghfirū
और बख़्शिश माँगो
رَبَّكُمْ अपने रब से rabbakum
अपने रब से
ثُمَّ फिर thumma
फिर
تُوبُوٓا۟ तौबा करो tūbū
तौबा करो
إِلَيْهِ ۚ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके
إِنَّ बेशक inna
बेशक
رَبِّى मेरा रब rabbī
मेरा रब
رَحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है
وَدُودٌۭ बहुत मोहब्बत करने वाला है wadūdun
बहुत मोहब्बत करने वाला है
٩٠ (90)
(90)
और अपने पालनहार से क्षमा माँगो, फिर उसी की ओर पलट आओ। निःसंदेह मेरा पालनहार अति दयालु तथा प्रेम करने वाला है।
११:९१
قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा
يَـٰشُعَيْبُ ऐ शुऐब yāshuʿaybu
ऐ शुऐब
مَا नहीं
नहीं
نَفْقَهُ हम समझ पाते nafqahu
हम समझ पाते
كَثِيرًۭا बहुत सा kathīran
बहुत सा
مِّمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो
تَقُولُ तुम कहते को taqūlu
तुम कहते को
وَإِنَّا और बेशक हम wa-innā
और बेशक हम
لَنَرَىٰكَ अलबत्ता हम देखते हैं तुझे lanarāka
अलबत्ता हम देखते हैं तुझे
فِينَا अपने में fīnā
अपने में
ضَعِيفًۭا ۖ बहुत कमज़ोर ḍaʿīfan
बहुत कमज़ोर
وَلَوْلَا और अगर ना होता walawlā
और अगर ना होता
رَهْطُكَ क़बीला तेरा rahṭuka
क़बीला तेरा
لَرَجَمْنَـٰكَ ۖ अलबत्ता संगसार कर देते हम तुझे larajamnāka
अलबत्ता संगसार कर देते हम तुझे
وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं
أَنتَ तू anta
तू
عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर
بِعَزِيزٍۢ कुछ ग़ालिब biʿazīzin
कुछ ग़ालिब
٩١ (91)
(91)
उन्होंने कहा : ऐ शुऐब! तुम्हारी बहुत-सी बातें हम नहीं समझते और हम तुम्हें अपने बीच निर्बल देख रहे हैं। और यदि तुम्हारा क़बीला (हमारे धर्म पर) न होता, तो हम तुम्हें पथराव करके मार डालते और तुम हमारी नज़र में प्रतिष्ठित भी नहीं हो।
११:९२
قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा
يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम
أَرَهْطِىٓ क्या क़बीला मेरा arahṭī
क्या क़बीला मेरा
أَعَزُّ ज़्यादा ज़ोर वाला है aʿazzu
ज़्यादा ज़ोर वाला है
عَلَيْكُم तुम पर ʿalaykum
तुम पर
مِّنَ than mina
than
ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से
وَٱتَّخَذْتُمُوهُ और बना लिया तुमने उसे wa-ittakhadhtumūhu
और बना लिया तुमने उसे
وَرَآءَكُمْ पीछे अपनी warāakum
पीछे अपनी
ظِهْرِيًّا ۖ पुश्त के ẓih'riyyan
पुश्त के
إِنَّ बेशक inna
बेशक
رَبِّى मेरा रब rabbī
मेरा रब
بِمَا उसे जो bimā
उसे जो
تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो
مُحِيطٌۭ घेरे हुए है muḥīṭun
घेरे हुए है
٩٢ (92)
(92)
उसने कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! क्या मेरा क़बीला तुम्हारे निकट अल्लाह से अधिक प्रभावशाली है?! और तुमने उस (अल्लाह) को पीठ पीछे डाल दिया है।1 निःसंदेह मेरा पालनहार उसे घेरे में लिए हुए है, जो कुछ तुम कर रहे हो।
११:९३
وَيَـٰقَوْمِ और ऐ मेरी क़ौम wayāqawmi
और ऐ मेरी क़ौम
ٱعْمَلُوا۟ अमल करो iʿ'malū
अमल करो
عَلَىٰ (according) to ʿalā
(according) to
مَكَانَتِكُمْ अपनी जगह पर makānatikum
अपनी जगह पर
إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं
عَـٰمِلٌۭ ۖ अमल करने वाला हूँ ʿāmilun
अमल करने वाला हूँ
سَوْفَ अनक़रीब sawfa
अनक़रीब
تَعْلَمُونَ तुम जान लोगे taʿlamūna
तुम जान लोगे
مَن कौन है कि man
कौन है कि
يَأْتِيهِ आता है उस पर yatīhi
आता है उस पर
عَذَابٌۭ अज़ाब ʿadhābun
अज़ाब
يُخْزِيهِ जो रुस्वा कर देगा उसे yukh'zīhi
जो रुस्वा कर देगा उसे
وَمَنْ और कौन है waman
और कौन है
هُوَ वो जो huwa
वो जो
كَـٰذِبٌۭ ۖ झूठा है kādhibun
झूठा है
وَٱرْتَقِبُوٓا۟ और इन्तिज़ार करो wa-ir'taqibū
और इन्तिज़ार करो
إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं
مَعَكُمْ साथ तुम्हारे maʿakum
साथ तुम्हारे
رَقِيبٌۭ इन्तिज़ार करने वाला हूँ raqībun
इन्तिज़ार करने वाला हूँ
٩٣ (93)
(93)
और ऐ मेरी जाति के लोगो! तुम अपने तरीक़े पर काम करो, मैं (भी अपने तरीक़े पर) काम कर रहा हूँ। तुम्हें बहुत जल्द पता चल जाएगा कि किसपर अपमानित कर देने वाली यातना आती है और कौन झूठा है? तथा तुम प्रतीक्षा करो, मैं (भी) तुम्हारे साथ प्रतीक्षा करने वाला हूँ।
११:९४
وَلَمَّا और जब walammā
और जब
جَآءَ आ गया jāa
आ गया
أَمْرُنَا फ़ैसला हमारा amrunā
फ़ैसला हमारा
نَجَّيْنَا निजात दी हमने najjaynā
निजात दी हमने
شُعَيْبًۭا शुऐब को shuʿayban
शुऐब को
وَٱلَّذِينَ और उनको जो wa-alladhīna
और उनको जो
ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए
مَعَهُۥ साथ उसके maʿahu
साथ उसके
بِرَحْمَةٍۢ साथ रहमत के biraḥmatin
साथ रहमत के
مِّنَّا अपनी तरफ़ से minnā
अपनी तरफ़ से
وَأَخَذَتِ और पकड़ लिया wa-akhadhati
और पकड़ लिया
ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने
ظَلَمُوا۟ ज़ुल्म किया था ẓalamū
ज़ुल्म किया था
ٱلصَّيْحَةُ चिंघाड़ ने l-ṣayḥatu
चिंघाड़ ने
فَأَصْبَحُوا۟ तो उन्होने सुबह की fa-aṣbaḥū
तो उन्होने सुबह की
فِى in
in
دِيَـٰرِهِمْ अपने घरों में diyārihim
अपने घरों में
جَـٰثِمِينَ औंधे मुँह पड़े हुए jāthimīna
औंधे मुँह पड़े हुए
٩٤ (94)
(94)
और जब हमारा आदेश आ गया, तो हमने शुऐब को और उसके साथ ईमान लाने वालों को अपनी दया से बचा लिया और अत्याचारियों को भयंकर आवाज़ (चीत्कार) ने पकड़ लिया। फिर वे अपने घरों में औंधे मुँह पड़े रह गए।
११:९५
كَأَن गोया कि ka-an
गोया कि
لَّمْ ना lam
ना
يَغْنَوْا۟ वो बसे थे yaghnaw
वो बसे थे
فِيهَآ ۗ उनमें fīhā
उनमें
أَلَا ख़बरदार alā
ख़बरदार
بُعْدًۭا दूरी है buʿ'dan
दूरी है
لِّمَدْيَنَ मदयन के लिए limadyana
मदयन के लिए
كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि
بَعِدَتْ दूर हुए baʿidat
दूर हुए
ثَمُودُ समूद thamūdu
समूद
٩٥ (95)
(95)
जैसै वे वहाँ कभी बसे ही नहीं थे। सुन लो! मदयन वाले भी वैसे ही (अल्लाह की दया से) दूर कर दिए गए, जैसे समूद जाति के लोग दूर कर दिए गए।
११:९६
وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़
أَرْسَلْنَا भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने
مُوسَىٰ मूसा को mūsā
मूसा को
بِـَٔايَـٰتِنَا साथ अपनी आयात के biāyātinā
साथ अपनी आयात के
وَسُلْطَـٰنٍۢ और दलील wasul'ṭānin
और दलील
مُّبِينٍ वाज़ेह के mubīnin
वाज़ेह के
٩٦ (96)
(96)
और हमने मूसा को अपनी निशानियों (चमत्कार) तथा स्पष्ट प्रमाण के साथ भेजा।
११:९७
إِلَىٰ To ilā
To
فِرْعَوْنَ तरफ़ फ़िरऔन fir'ʿawna
तरफ़ फ़िरऔन
وَمَلَإِي۟هِۦ और उसके सरदारों के wamala-ihi
और उसके सरदारों के
فَٱتَّبَعُوٓا۟ तो उन्होने पैरवी की fa-ittabaʿū
तो उन्होने पैरवी की
أَمْرَ हुक्म की amra
हुक्म की
فِرْعَوْنَ ۖ फ़िरऔन के fir'ʿawna
फ़िरऔन के
وَمَآ और ना (था) wamā
और ना (था)
أَمْرُ हुक्म amru
हुक्म
فِرْعَوْنَ फ़िरऔन का fir'ʿawna
फ़िरऔन का
بِرَشِيدٍۢ भलाई वाला birashīdin
भलाई वाला
٩٧ (97)
(97)
फ़िरऔन और उसके प्रमुखों की ओर। तो उन्होंने फ़िरऔन के आदेश का पालन किया। जबकि फ़िरऔन का आदेश सटीक नहीं था।
११:९८
يَقْدُمُ वो आगे होगा yaqdumu
वो आगे होगा
قَوْمَهُۥ अपनी क़ौम के qawmahu
अपनी क़ौम के
يَوْمَ दिन yawma
दिन
ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के
فَأَوْرَدَهُمُ फिर वो ले आएगा उन्हें fa-awradahumu
फिर वो ले आएगा उन्हें
ٱلنَّارَ ۖ आग पर l-nāra
आग पर
وَبِئْسَ और कितनी बुरी है wabi'sa
और कितनी बुरी है
ٱلْوِرْدُ घाट l-wir'du
घाट
ٱلْمَوْرُودُ जो वारिद होने की जगह है l-mawrūdu
जो वारिद होने की जगह है
٩٨ (98)
(98)
वह क़ियामत के दिन अपनी जाति के आगे-आगे चलेगा और उनको नरक में उतारेगा और वह क्या ही बुरा उतरने का स्थान है!
११:९९
وَأُتْبِعُوا۟ और वो पीछे लगाए गए wa-ut'biʿū
और वो पीछे लगाए गए
فِى in
in
هَـٰذِهِۦ इस (दुनिया) में hādhihi
इस (दुनिया) में
لَعْنَةًۭ लानत laʿnatan
लानत
وَيَوْمَ और दिन wayawma
और दिन
ٱلْقِيَـٰمَةِ ۚ क़यामत के (भी) l-qiyāmati
क़यामत के (भी)
بِئْسَ कितना बुरा है bi'sa
कितना बुरा है
ٱلرِّفْدُ इनआम l-rif'du
इनआम
ٱلْمَرْفُودُ जो दिया गया l-marfūdu
जो दिया गया
٩٩ (99)
(99)
और इस दुनिया में उनके पीछे लानत (धिक्कार) लगा दी गई और क़ियामत के दिन भी। कैसा बुरा पुरस्कार है, जो उन्हें दिया जाएगा!
११:१००
ذَٰلِكَ ये dhālika
ये
مِنْ (is) from min
(is) from
أَنۢبَآءِ कुछ ख़बरें हैं anbāi
कुछ ख़बरें हैं
ٱلْقُرَىٰ बस्तियों की l-qurā
बस्तियों की
نَقُصُّهُۥ हम बयान करते हैं उन्हें naquṣṣuhu
हम बयान करते हैं उन्हें
عَلَيْكَ ۖ आप पर ʿalayka
आप पर
مِنْهَا उनमें से min'hā
उनमें से
قَآئِمٌۭ कुछ क़ायम हैं qāimun
कुछ क़ायम हैं
وَحَصِيدٌۭ और कुछ जड़ से कट चुकी हैं waḥaṣīdun
और कुछ जड़ से कट चुकी हैं
١٠٠ (100)
(100)
(ऐ नबी!) ये बस्तियों के समाचार हैं, जिनका वर्णन हम आपके सामने कर रहे हैं। उनमें से कुछ खड़ी हैं और कुछ उजड़ चुकी हैं।
११:१०१
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
ظَلَمْنَـٰهُمْ ज़ुल्म किया हमने उन पर ẓalamnāhum
ज़ुल्म किया हमने उन पर
وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन
ظَلَمُوٓا۟ उन्होंने ज़ुल्म किया ẓalamū
उन्होंने ज़ुल्म किया
أَنفُسَهُمْ ۖ अपने नफ़्सों पर anfusahum
अपने नफ़्सों पर
فَمَآ तो ना famā
तो ना
أَغْنَتْ काम आए aghnat
काम आए
عَنْهُمْ उन्हें ʿanhum
उन्हें
ءَالِهَتُهُمُ इलाह उनके ālihatuhumu
इलाह उनके
ٱلَّتِى जिन्हें allatī
जिन्हें
يَدْعُونَ वो पुकारते थे yadʿūna
वो पुकारते थे
مِن other than Allah min
other than Allah
دُونِ सिवाय dūni
सिवाय
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
مِن any min
any
شَىْءٍۢ कुछ भी shayin
कुछ भी
لَّمَّا जब lammā
जब
جَآءَ आ गया jāa
आ गया
أَمْرُ हुक्म amru
हुक्म
رَبِّكَ ۖ आपके रब का rabbika
आपके रब का
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
زَادُوهُمْ उन्होंने ज़्यादा किया उन्हें zādūhum
उन्होंने ज़्यादा किया उन्हें
غَيْرَ सिवाय ghayra
सिवाय
تَتْبِيبٍۢ हलाकत के tatbībin
हलाकत के
١٠١ (101)
(101)
और हमने उनपर अत्याचार नहीं किया, परंतु उन्होंने स्वयं अपने ऊपर अत्याचार किया। जब आपके पालनहार का आदेश आ गया, तो उनके वे पूज्य, जिन्हें वे अल्लाह के सिवा पुकारा करते थे, उनके कुछ भी काम न आए और उन्होंने केवल उन्हें हानि ही पहुँचाया।1
११:१०२
وَكَذَٰلِكَ और इसी तरह wakadhālika
और इसी तरह
أَخْذُ पकड़ है akhdhu
पकड़ है
رَبِّكَ आपके रब की rabbika
आपके रब की
إِذَآ जब idhā
जब
أَخَذَ वो पकड़ता है akhadha
वो पकड़ता है
ٱلْقُرَىٰ बस्तियों को l-qurā
बस्तियों को
وَهِىَ जबकि वो wahiya
जबकि वो
ظَـٰلِمَةٌ ۚ ज़ालिम होती हैं ẓālimatun
ज़ालिम होती हैं
إِنَّ बेशक inna
बेशक
أَخْذَهُۥٓ पकड़ना उसका akhdhahu
पकड़ना उसका
أَلِيمٌۭ दर्दनाक है alīmun
दर्दनाक है
شَدِيدٌ शदीद है shadīdun
शदीद है
١٠٢ (102)
(102)
और तेरे पालनहार की पकड़ ऐसी ही होती है, जब वह अत्याचार करने वाली बस्तियों को पकड़ता है। निःसंदेह उसकी पकड़ बहुत दर्दनाक, बहुत कठोर होती है।1
११:१०३
إِنَّ बेशक inna
बेशक
فِى in
in
ذَٰلِكَ उसमें dhālika
उसमें
لَـَٔايَةًۭ अलबत्ता एक निशानी है laāyatan
अलबत्ता एक निशानी है
لِّمَنْ उसके लिए जो liman
उसके लिए जो
خَافَ डरे khāfa
डरे
عَذَابَ अज़ाब से ʿadhāba
अज़ाब से
ٱلْـَٔاخِرَةِ ۚ आख़िरत के l-ākhirati
आख़िरत के
ذَٰلِكَ ये है dhālika
ये है
يَوْمٌۭ दिन yawmun
दिन
مَّجْمُوعٌۭ जमा किए जाऐंगे majmūʿun
जमा किए जाऐंगे
لَّهُ उसके लिए lahu
उसके लिए
ٱلنَّاسُ लोग l-nāsu
लोग
وَذَٰلِكَ और ये है wadhālika
और ये है
يَوْمٌۭ दिन yawmun
दिन
مَّشْهُودٌۭ हाज़िरी का mashhūdun
हाज़िरी का
١٠٣ (103)
(103)
निश्चय ही इसमें उसके लिए एक निशानी है, जो आख़िरत की यातना से डरे। वह ऐसा दिन होगा, जिसके लिए सभी लोग एकत्रित किए जाएँगे तथा उस दिन सभी लोग उपस्थित होंगे।
११:१०४
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
نُؤَخِّرُهُۥٓ हम मुअख़्ख़र कर रहे उसे nu-akhiruhu
हम मुअख़्ख़र कर रहे उसे
إِلَّا मगर illā
मगर
لِأَجَلٍۢ एक मुद्दत के लिए li-ajalin
एक मुद्दत के लिए
مَّعْدُودٍۢ गिनी चुनी maʿdūdin
गिनी चुनी
١٠٤ (104)
(104)
और हम उसे केवल एक निर्धारित अवधि के लिए पीछे कर रहे हैं।
११:१०५
يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन
يَأْتِ वो आ जाएगी yati
वो आ जाएगी
لَا not
not
تَكَلَّمُ ना कलाम करेगा takallamu
ना कलाम करेगा
نَفْسٌ कोई नफ़्स nafsun
कोई नफ़्स
إِلَّا मगर illā
मगर
بِإِذْنِهِۦ ۚ उसके इज़्न के bi-idh'nihi
उसके इज़्न के
فَمِنْهُمْ तो उनमें से कोई famin'hum
तो उनमें से कोई
شَقِىٌّۭ बदबख़्त होगा shaqiyyun
बदबख़्त होगा
وَسَعِيدٌۭ और कोई नेकबख़्त होगा wasaʿīdun
और कोई नेकबख़्त होगा
١٠٥ (105)
(105)
जिस दिन वह आ जाएगा, तो अल्लाह की अनुमति के बिना कोई प्राणी बात नहीं कर सकेगा, फिर उनमें से कुछ अभागे होंगे और कुछ भाग्यशाली होंगे।
११:१०६
فَأَمَّا तो रहे fa-ammā
तो रहे
ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो
شَقُوا۟ बदबख़्त हुए shaqū
बदबख़्त हुए
فَفِى then (they will be) in fafī
then (they will be) in
ٱلنَّارِ तो आग में होंगे l-nāri
तो आग में होंगे
لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए
فِيهَا उसमें fīhā
उसमें
زَفِيرٌۭ चीख़ो पुकार होगी zafīrun
चीख़ो पुकार होगी
وَشَهِيقٌ और दहाड़ना होगा washahīqun
और दहाड़ना होगा
١٠٦ (106)
(106)
चुनाँचे जो लोग अभागे होंगे, वे नरक में होंगे, उसमें उन्हें चीखना और चिल्लाना होगा।
११:१०७
خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं
فِيهَا उसमें fīhā
उसमें
مَا as long as remain
as long as remain
دَامَتِ जब तक क़ायम हैं dāmati
जब तक क़ायम हैं
ٱلسَّمَـٰوَٰتُ आसमान l-samāwātu
आसमान
وَٱلْأَرْضُ और ज़मीन wal-arḍu
और ज़मीन
إِلَّا मगर illā
मगर
مَا जो
जो
شَآءَ चाहे shāa
चाहे
رَبُّكَ ۚ रब आपका rabbuka
रब आपका
إِنَّ बेशक inna
बेशक
رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका
فَعَّالٌۭ कर गुज़रने वाला है faʿʿālun
कर गुज़रने वाला है
لِّمَا उसे जो limā
उसे जो
يُرِيدُ वो चाहता है yurīdu
वो चाहता है
١٠٧ (107)
(107)
वे उसमें हमेशा रहेंगे, जब तक आकाश तथा धरती अवस्थित हैं। परन्तु यह कि आपका पालनहार कुछ और चाहे। निःसंदेह आपका पालनहार जो चाहे, करने वाला है।
११:१०८
۞ وَأَمَّا और रहे wa-ammā
और रहे
ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो
سُعِدُوا۟ नेकबख़्त हुए suʿidū
नेकबख़्त हुए
فَفِى then (they will be) in fafī
then (they will be) in
ٱلْجَنَّةِ तो जन्नत में होंगे l-janati
तो जन्नत में होंगे
خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं
فِيهَا उसमें fīhā
उसमें
مَا as long as remains
as long as remains
دَامَتِ जब तक क़ायम हैं dāmati
जब तक क़ायम हैं
ٱلسَّمَـٰوَٰتُ आसमान l-samāwātu
आसमान
وَٱلْأَرْضُ और ज़मीन wal-arḍu
और ज़मीन
إِلَّا मगर illā
मगर
مَا जो
जो
شَآءَ चाहे shāa
चाहे
رَبُّكَ ۖ रब आपका rabbuka
रब आपका
عَطَآءً बख़्शिश है ʿaṭāan
बख़्शिश है
غَيْرَ ना ghayra
ना
مَجْذُوذٍۢ ख़त्म होने वाली majdhūdhin
ख़त्म होने वाली
١٠٨ (108)
(108)
लेकिन जो भाग्यशाली हैं, तो (वे) स्वर्ग में होंगे, वे उसमें सदैव रहेंगे जब तक आकाश तथा धरती विद्यमान् हैं। परन्तु यह कि आपका पालनहार कुछ और चाहे। यह एक अनंत प्रदान है।
११:१०९
فَلَا पस ना falā
पस ना
تَكُ हों आप taku
हों आप
فِى in
in
مِرْيَةٍۢ शक में mir'yatin
शक में
مِّمَّا उस से जिसकी mimmā
उस से जिसकी
يَعْبُدُ इबादत करते हैं yaʿbudu
इबादत करते हैं
هَـٰٓؤُلَآءِ ۚ ये लोग hāulāi
ये लोग
مَا नहीं
नहीं
يَعْبُدُونَ वो इबादत करते yaʿbudūna
वो इबादत करते
إِلَّا मगर illā
मगर
كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि
يَعْبُدُ इबादत करते थे yaʿbudu
इबादत करते थे
ءَابَآؤُهُم आबा ओ अजदाद उनके ābāuhum
आबा ओ अजदाद उनके
مِّن before min
before
قَبْلُ ۚ इससे पहले qablu
इससे पहले
وَإِنَّا और बेशक हम wa-innā
और बेशक हम
لَمُوَفُّوهُمْ अलबत्ता पूरा-पूरा देने वाले हैं उन्हें lamuwaffūhum
अलबत्ता पूरा-पूरा देने वाले हैं उन्हें
نَصِيبَهُمْ हिस्सा उनका naṣībahum
हिस्सा उनका
غَيْرَ बग़ैर ghayra
बग़ैर
مَنقُوصٍۢ कमी किए manqūṣin
कमी किए
١٠٩ (109)
(109)
अतः (ऐ नबी!) आप उसके बारे में किसी संदेह में न रहें, जिसे ये पूजते हैं। ये उसी प्रकार पूजते हैं, जैसे इनसे पहले इनके बाप-दादा पूजते1 थे। निःसंदेह हम इन्हें इनका हिस्सा बिना किसी कमी के पूरा-पूरा देने वाले हैं।
११:११०
وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़
ءَاتَيْنَا दी हमने ātaynā
दी हमने
مُوسَى मूसा को mūsā
मूसा को
ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब
فَٱخْتُلِفَ पस इख़्तिलाफ़ किया गया fa-ukh'tulifa
पस इख़्तिलाफ़ किया गया
فِيهِ ۚ उसमें fīhi
उसमें
وَلَوْلَا और अगर ना होती walawlā
और अगर ना होती
كَلِمَةٌۭ एक बात kalimatun
एक बात
سَبَقَتْ जो गुज़र चुकी sabaqat
जो गुज़र चुकी
مِن from min
from
رَّبِّكَ आपके रब की तरफ़ से rabbika
आपके रब की तरफ़ से
لَقُضِىَ अलबत्ता फ़ैसला कर दिया जाता laquḍiya
अलबत्ता फ़ैसला कर दिया जाता
بَيْنَهُمْ ۚ दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके
وَإِنَّهُمْ और बेशक वो wa-innahum
और बेशक वो
لَفِى surely (are) in lafī
surely (are) in
شَكٍّۢ अलबत्ता शक में हैं shakkin
अलबत्ता शक में हैं
مِّنْهُ उसकी तरफ़ से min'hu
उसकी तरफ़ से
مُرِيبٍۢ बेचैन करने वाले murībin
बेचैन करने वाले
١١٠ (110)
(110)
और हमने मूसा को पुस्तक (तौरात) प्रदान की। तो उसमें विभेद किया गया। और यदि आपके पालनहार ने पहले से एक बात1 निश्चित न की होती, तो उनके बीच निर्णय कर दिया गया होता। और निःसंदेह वे2 उस (क़ुरआन) के बारे में असमंजस में डाल देनेवाले संदेह में पड़े हुए हैं।
११:१११
وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक
كُلًّۭا हर एक को kullan
हर एक को
لَّمَّا जब (वक़्त आएगा) lammā
जब (वक़्त आएगा)
لَيُوَفِّيَنَّهُمْ अलबत्ता ज़रूर पूरा-पूरा देगा उन्हें layuwaffiyannahum
अलबत्ता ज़रूर पूरा-पूरा देगा उन्हें
رَبُّكَ रब आपका rabbuka
रब आपका
أَعْمَـٰلَهُمْ ۚ उनके आमाल (का बदला) aʿmālahum
उनके आमाल (का बदला)
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
بِمَا उससे जो bimā
उससे जो
يَعْمَلُونَ वो अमल करते हैं yaʿmalūna
वो अमल करते हैं
خَبِيرٌۭ ख़ूब बाख़बर है khabīrun
ख़ूब बाख़बर है
١١١ (111)
(111)
और निःसंदेह आपका पालनहार अवश्य प्रत्येक व्यक्ति को उसके कर्मों का पूरा बदला देगा। निश्चित रूप से वह उनके कर्मों से सूचित है।
११:११२
فَٱسْتَقِمْ पस क़ायम रहिए fa-is'taqim
पस क़ायम रहिए
كَمَآ जैसा कि kamā
जैसा कि
أُمِرْتَ हुक्म दिए गए आप umir'ta
हुक्म दिए गए आप
وَمَن और वो (भी) जो waman
और वो (भी) जो
تَابَ तौबा करे tāba
तौबा करे
مَعَكَ आपके साथ maʿaka
आपके साथ
وَلَا और ना walā
और ना
تَطْغَوْا۟ ۚ तुम सरकशी करो taṭghaw
तुम सरकशी करो
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
بِمَا उसे जो bimā
उसे जो
تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो
بَصِيرٌۭ ख़ूब देखने वाला है baṣīrun
ख़ूब देखने वाला है
١١٢ (112)
(112)
अतः (ऐ नबी!) आप सुदृढ़ रहें जैसा आपको आदेश दिया गया है और वे लोग भी जिन्होंने आपके साथ तौबा की। तथा तुम सीमा का उल्लंघन1 न करो, निःसंदेह वह (अल्लाह) जो कुछ तुम कर रहे हो, उसे ख़ूब देखने वाला है।
११:११३
وَلَا और ना walā
और ना
تَرْكَنُوٓا۟ तुम झुको/माइल हो tarkanū
तुम झुको/माइल हो
إِلَى to ilā
to
ٱلَّذِينَ तरफ़ उनके जिन्होंने alladhīna
तरफ़ उनके जिन्होंने
ظَلَمُوا۟ ज़ुल्म किया ẓalamū
ज़ुल्म किया
فَتَمَسَّكُمُ वरना छू लेगी तुम्हें fatamassakumu
वरना छू लेगी तुम्हें
ٱلنَّارُ आग l-nāru
आग
وَمَا और नहीं (होगा) wamā
और नहीं (होगा)
لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
مِّن besides Allah min
besides Allah
دُونِ सिवाय dūni
सिवाय
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
مِنْ any min
any
أَوْلِيَآءَ कोई दोस्त awliyāa
कोई दोस्त
ثُمَّ फिर thumma
फिर
لَا not
not
تُنصَرُونَ ना तुम मदद दिए जाओगे tunṣarūna
ना तुम मदद दिए जाओगे
١١٣ (113)
(113)
और अत्याचारियों की ओर न झुक पड़ो। अन्यथा तुम्हें भी आग पकड़ लेगी और अल्लाह के सिवा तुम्हारा कोई सहायक नहीं होगा (जो तुम्हें बचा सके)। फिर तुम्हारी सहायता नहीं की जाएगी।
११:११४
وَأَقِمِ और क़ायम कीजिए wa-aqimi
और क़ायम कीजिए
ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़
طَرَفَىِ दोनों किनारों पर ṭarafayi
दोनों किनारों पर
ٱلنَّهَارِ दिन के l-nahāri
दिन के
وَزُلَفًۭا और कुछ हिस्सा wazulafan
और कुछ हिस्सा
مِّنَ of mina
of
ٱلَّيْلِ ۚ रात में से al-layli
रात में से
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱلْحَسَنَـٰتِ नेकियाँ l-ḥasanāti
नेकियाँ
يُذْهِبْنَ ले जाती हैं yudh'hib'na
ले जाती हैं
ٱلسَّيِّـَٔاتِ ۚ बुराइयों को l-sayiāti
बुराइयों को
ذَٰلِكَ ये dhālika
ये
ذِكْرَىٰ याद दिहानी है dhik'rā
याद दिहानी है
لِلذَّٰكِرِينَ याद रखने वालों के लिए lildhākirīna
याद रखने वालों के लिए
١١٤ (114)
(114)
तथा आप दिन के दोनों सिरों में और रात के कुछ क्षणों1 में नमाज़ क़ायम करें। निःसंदेह नेकियाँ बुराइयों को दूर कर देती2 हैं। यह एक शिक्षा है, शिक्षा ग्रहण करने वालों के लिए।
११:११५
وَٱصْبِرْ और सब्र कीजिए wa-iṣ'bir
और सब्र कीजिए
فَإِنَّ पस बेशक fa-inna
पस बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
لَا (does) not
(does) not
يُضِيعُ नहीं वो ज़ाया करता yuḍīʿu
नहीं वो ज़ाया करता
أَجْرَ अजर ajra
अजर
ٱلْمُحْسِنِينَ एहसान करने वालों का l-muḥ'sinīna
एहसान करने वालों का
١١٥ (115)
(115)
तथा आप धैर्य से काम लें, क्योंकि अल्लाह सदाचारियों का प्रतिफल नष्ट नहीं करता।
११:११६
فَلَوْلَا फिर क्यों ना falawlā
फिर क्यों ना
كَانَ हुए kāna
हुए
مِنَ of mina
of
ٱلْقُرُونِ उन उम्मतों में से l-qurūni
उन उम्मतों में से
مِن before you min
before you
قَبْلِكُمْ जो तुमसे पहले थीं qablikum
जो तुमसे पहले थीं
أُو۟لُوا۟ those possessing a remnant ulū
those possessing a remnant
بَقِيَّةٍۢ अन्जाम पर नज़र रखने वाले baqiyyatin
अन्जाम पर नज़र रखने वाले
يَنْهَوْنَ जो रोकते yanhawna
जो रोकते
عَنِ from ʿani
from
ٱلْفَسَادِ फ़साद से l-fasādi
फ़साद से
فِى in
in
ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में
إِلَّا मगर illā
मगर
قَلِيلًۭا बहुत थोड़े qalīlan
बहुत थोड़े
مِّمَّنْ उनमें से mimman
उनमें से
أَنجَيْنَا निजात दी हमने anjaynā
निजात दी हमने
مِنْهُمْ ۗ उनमें से min'hum
उनमें से
وَٱتَّبَعَ और पीछे लगे wa-ittabaʿa
और पीछे लगे
ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने
ظَلَمُوا۟ ज़ुल्म किया ẓalamū
ज़ुल्म किया
مَآ उसके जो
उसके जो
أُتْرِفُوا۟ वो ऐश व आराम दिए गए थे ut'rifū
वो ऐश व आराम दिए गए थे
فِيهِ जिस में fīhi
जिस में
وَكَانُوا۟ और थे वो wakānū
और थे वो
مُجْرِمِينَ मुजरिम muj'rimīna
मुजरिम
١١٦ (116)
(116)
फिर तुमसे पहले गुज़रे हुए समुदायों में ऐसे बचे खुचे भले-समझदार लोग क्यों न हुए, जो धरती में बिगाड़ से रोकते? सिवाय उन थोड़े-से लोगों के, जिन्हें हमने उनमें से बचा लिया। और अत्याचारी लोग तो उसी सुख-सामग्री के पीछे पड़े रहे, जिसमें वे रखे गए थे और वे तो थे ही अपराधी।
११:११७
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
كَانَ है kāna
है
رَبُّكَ रब आपका rabbuka
रब आपका
لِيُهْلِكَ कि वो हलाक कर दे liyuh'lika
कि वो हलाक कर दे
ٱلْقُرَىٰ बस्तियों को l-qurā
बस्तियों को
بِظُلْمٍۢ ज़ुल्म से biẓul'min
ज़ुल्म से
وَأَهْلُهَا जबकि बाशिन्दे उसके wa-ahluhā
जबकि बाशिन्दे उसके
مُصْلِحُونَ इस्लाह करने वाले हों muṣ'liḥūna
इस्लाह करने वाले हों
١١٧ (117)
(117)
और आपका पालनहार ऐसा नहीं है कि वह बस्तियों को अन्यायपूर्वक विनष्ट कर दे, जबकि उनके निवासी सुधार करने वाले हों।
११:११८
وَلَوْ और अगर walaw
और अगर
شَآءَ चाहता shāa
चाहता
رَبُّكَ रब आपका rabbuka
रब आपका
لَجَعَلَ अलबत्ता वो बना देता lajaʿala
अलबत्ता वो बना देता
ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को
أُمَّةًۭ उम्मत ummatan
उम्मत
وَٰحِدَةًۭ ۖ एक ही wāḥidatan
एक ही
وَلَا but not walā
but not
يَزَالُونَ जबकि वो हमेशा रहेंगे yazālūna
जबकि वो हमेशा रहेंगे
مُخْتَلِفِينَ इख़्तिलाफ़ करने वाले mukh'talifīna
इख़्तिलाफ़ करने वाले
١١٨ (118)
(118)
और यदि आपका पालनहार चाहता, तो सब लोगों को एक ही समुदाय बना देता और वे सदैव विभेद करते ही रहेंगे।
११:११९
إِلَّا मगर illā
मगर
مَن जिस पर man
जिस पर
رَّحِمَ रहम करे raḥima
रहम करे
رَبُّكَ ۚ रब आपका rabbuka
रब आपका
وَلِذَٰلِكَ और इसी लिए walidhālika
और इसी लिए
خَلَقَهُمْ ۗ उसने पैदा किया उन्हें khalaqahum
उसने पैदा किया उन्हें
وَتَمَّتْ और पूरी हो गई watammat
और पूरी हो गई
كَلِمَةُ बात kalimatu
बात
رَبِّكَ आपके रब की rabbika
आपके रब की
لَأَمْلَأَنَّ अलबत्ता मैं ज़रूर भर दूँगा la-amla-anna
अलबत्ता मैं ज़रूर भर दूँगा
جَهَنَّمَ जहन्नम को jahannama
जहन्नम को
مِنَ with mina
with
ٱلْجِنَّةِ जिन्नों से l-jinati
जिन्नों से
وَٱلنَّاسِ और इन्सानों से wal-nāsi
और इन्सानों से
أَجْمَعِينَ सबके सब ajmaʿīna
सबके सब
١١٩ (119)
(119)
सिवाय उसके, जिसपर आपका पालनहार दया करे और इसी के लिए उसने उन्हें पैदा किया।1 और आपके पालनहार की बात पूरी हो गई कि मैं नरक को सब जिन्नों तथा इनसानों से अवश्य भर दूँगा।2
११:१२०
وَكُلًّۭا और सब कुछ wakullan
और सब कुछ
نَّقُصُّ हम बयान करते हैं naquṣṣu
हम बयान करते हैं
عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर
مِنْ of min
of
أَنۢبَآءِ बाज़ ख़बरें anbāi
बाज़ ख़बरें
ٱلرُّسُلِ रसूलों की l-rusuli
रसूलों की
مَا वो जो
वो जो
نُثَبِّتُ हम मज़बूत करते हैं nuthabbitu
हम मज़बूत करते हैं
بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके
فُؤَادَكَ ۚ आपके दिल को fuādaka
आपके दिल को
وَجَآءَكَ और आ गया आपके पास wajāaka
और आ गया आपके पास
فِى in
in
هَـٰذِهِ उसमें hādhihi
उसमें
ٱلْحَقُّ हक़ l-ḥaqu
हक़
وَمَوْعِظَةٌۭ और नसीहत wamawʿiẓatun
और नसीहत
وَذِكْرَىٰ और याद दिहानी wadhik'rā
और याद दिहानी
لِلْمُؤْمِنِينَ ईमान लाने वालों के लिए lil'mu'minīna
ईमान लाने वालों के लिए
١٢٠ (120)
(120)
और हम रसूलों की खबरों में से आपको हर वह खबर सुनाते हैं, जिसके द्वारा हम आपके दिल को सुदृढ़ रखते हैं। और इसमें आपके पास सत्य आ गया है और ईमान वालों के लिए उपदेश और अनुस्मरण भी।
११:१२१
وَقُل और कह दीजिए waqul
और कह दीजिए
لِّلَّذِينَ उन लेगों को जो lilladhīna
उन लेगों को जो
لَا (do) not
(do) not
يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाते yu'minūna
नहीं वो ईमान लाते
ٱعْمَلُوا۟ अमल करो iʿ'malū
अमल करो
عَلَىٰ (according) to ʿalā
(according) to
مَكَانَتِكُمْ अपनी जगह पर makānatikum
अपनी जगह पर
إِنَّا बेशक हम (भी) innā
बेशक हम (भी)
عَـٰمِلُونَ अमल करने वाले हैं ʿāmilūna
अमल करने वाले हैं
١٢١ (121)
(121)
और (ऐ नबी!) आप उनसे कह दें, जो ईमान नहीं लाते कि तुम अपने रास्ते पर काम करते रहो। निःसंदेह हम (भी) काम करने वाले हैं।
११:१२२
وَٱنتَظِرُوٓا۟ और इन्तिज़ार करो wa-intaẓirū
और इन्तिज़ार करो
إِنَّا बेशक हम (भी) innā
बेशक हम (भी)
مُنتَظِرُونَ इन्तिज़ार करने वाले हैं muntaẓirūna
इन्तिज़ार करने वाले हैं
١٢٢ (122)
(122)
तथा तुम प्रतीक्षा1 करो, निःसंदेह हम भी प्रतीक्षा करने वाले हैं।
११:१२३
وَلِلَّهِ और अल्लाह ही के लिए है walillahi
और अल्लाह ही के लिए है
غَيْبُ ग़ैब ghaybu
ग़ैब
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों का l-samāwāti
आसमानों का
وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन का wal-arḍi
और ज़मीन का
وَإِلَيْهِ और तरफ़ उसी के wa-ilayhi
और तरफ़ उसी के
يُرْجَعُ लौटाया जाता है yur'jaʿu
लौटाया जाता है
ٱلْأَمْرُ मामला l-amru
मामला
كُلُّهُۥ सारे का सारा kulluhu
सारे का सारा
فَٱعْبُدْهُ पस इबादत कीजिए उसकी fa-uʿ'bud'hu
पस इबादत कीजिए उसकी
وَتَوَكَّلْ और तवक्कल कीजिए watawakkal
और तवक्कल कीजिए
عَلَيْهِ ۚ उस पर ʿalayhi
उस पर
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
رَبُّكَ रब आपका rabbuka
रब आपका
بِغَـٰفِلٍ ग़ाफ़िल bighāfilin
ग़ाफ़िल
عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो
تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो
١٢٣ (123)
(123)
अल्लाह ही के पास आकाशों तथा धरती की छिपी हुई चीज़ों का ज्ञान है और सभी मामले उसी की ओर लौटाए जाते हैं। अतः आप उसी की इबादत (उपासना) करें और उसी पर भरोसा करें। और आपका पालनहार उससे अनभिज्ञ नहीं है, जो तुम कर रहे हो।