२५
अल-फ़ुरक़ान
الفرقان
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
२५:१
تَبَارَكَ
बहुत बाबरकत है
tabāraka
बहुत बाबरकत है ٱلَّذِى वो जिसने alladhī
वो जिसने نَزَّلَ नाज़िल किया nazzala
नाज़िल किया ٱلْفُرْقَانَ फ़ुरक़ान l-fur'qāna
फ़ुरक़ान عَلَىٰ upon ʿalā
upon عَبْدِهِۦ अपने बन्दे पर ʿabdihi
अपने बन्दे पर لِيَكُونَ ताकि वो हो जाए liyakūna
ताकि वो हो जाए لِلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहान वालों के लिए lil'ʿālamīna
तमाम जहान वालों के लिए نَذِيرًا डराने वाला nadhīran
डराने वाला ١ (1)
(1)
बहुत बाबरकत है ٱلَّذِى वो जिसने alladhī
वो जिसने نَزَّلَ नाज़िल किया nazzala
नाज़िल किया ٱلْفُرْقَانَ फ़ुरक़ान l-fur'qāna
फ़ुरक़ान عَلَىٰ upon ʿalā
upon عَبْدِهِۦ अपने बन्दे पर ʿabdihi
अपने बन्दे पर لِيَكُونَ ताकि वो हो जाए liyakūna
ताकि वो हो जाए لِلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहान वालों के लिए lil'ʿālamīna
तमाम जहान वालों के लिए نَذِيرًا डराने वाला nadhīran
डराने वाला ١ (1)
(1)
बहुत बरकत वाला है वह (अल्लाह), जिसने अपने बंदे1 पर फ़ुरक़ान2 उतारा, ताकि वह समस्त संसार-वासियों को सावधान करने वाला हो।
२५:२
ٱلَّذِى
वो जो
alladhī
वो जो لَهُۥ उसी के लिए है lahu
उसी के लिए है مُلْكُ बादशाहत mul'ku
बादशाहत ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की وَلَمْ और नहीं walam
और नहीं يَتَّخِذْ उसने बनाई yattakhidh
उसने बनाई وَلَدًۭا कोई औलाद waladan
कोई औलाद وَلَمْ और नहीं walam
और नहीं يَكُن है yakun
है لَّهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए شَرِيكٌۭ कोई शरीक sharīkun
कोई शरीक فِى in fī
in ٱلْمُلْكِ बादशाहत में l-mul'ki
बादशाहत में وَخَلَقَ और उसने पैदा किया wakhalaqa
और उसने पैदा किया كُلَّ हर kulla
हर شَىْءٍۢ चीज़ को shayin
चीज़ को فَقَدَّرَهُۥ पस उसने अन्दाज़ा किया उसका faqaddarahu
पस उसने अन्दाज़ा किया उसका تَقْدِيرًۭا अन्दाज़ा करना taqdīran
अन्दाज़ा करना ٢ (2)
(2)
वो जो لَهُۥ उसी के लिए है lahu
उसी के लिए है مُلْكُ बादशाहत mul'ku
बादशाहत ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की وَلَمْ और नहीं walam
और नहीं يَتَّخِذْ उसने बनाई yattakhidh
उसने बनाई وَلَدًۭا कोई औलाद waladan
कोई औलाद وَلَمْ और नहीं walam
और नहीं يَكُن है yakun
है لَّهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए شَرِيكٌۭ कोई शरीक sharīkun
कोई शरीक فِى in fī
in ٱلْمُلْكِ बादशाहत में l-mul'ki
बादशाहत में وَخَلَقَ और उसने पैदा किया wakhalaqa
और उसने पैदा किया كُلَّ हर kulla
हर شَىْءٍۢ चीज़ को shayin
चीज़ को فَقَدَّرَهُۥ पस उसने अन्दाज़ा किया उसका faqaddarahu
पस उसने अन्दाज़ा किया उसका تَقْدِيرًۭا अन्दाज़ा करना taqdīran
अन्दाज़ा करना ٢ (2)
(2)
(वह अस्तित्व) जिसके लिए आकाशों तथा धरती का राज्य है, तथा उसने (अपने लिए) कोई संतान नहीं बनाई, और न कभी राज्य में उसका कोई साझी रहा है। तथा उसने प्रत्येक वस्तु की उत्पत्ति की, फिर उसका उचित अंदाज़ा निर्धारित किया।
२५:३
وَٱتَّخَذُوا۟
और उन्होंने बना लिए
wa-ittakhadhū
और उन्होंने बना लिए مِن besides Him min
besides Him دُونِهِۦٓ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा ءَالِهَةًۭ कुछ इलाह ālihatan
कुछ इलाह لَّا not lā
not يَخْلُقُونَ नहीं वो पैदा करते yakhluqūna
नहीं वो पैदा करते شَيْـًۭٔا कोई चीज़ shayan
कोई चीज़ وَهُمْ और वो wahum
और वो يُخْلَقُونَ वो पैदा किए जाते हैं yukh'laqūna
वो पैदा किए जाते हैं وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَمْلِكُونَ वो इख़्तियार रखते yamlikūna
वो इख़्तियार रखते لِأَنفُسِهِمْ अपने नफ़्सों के लिए li-anfusihim
अपने नफ़्सों के लिए ضَرًّۭا किसी नुक़्सान का ḍarran
किसी नुक़्सान का وَلَا और ना walā
और ना نَفْعًۭا किसी नफ़ा का nafʿan
किसी नफ़ा का وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَمْلِكُونَ वो इख़्तियार रखते yamlikūna
वो इख़्तियार रखते مَوْتًۭا मौत का mawtan
मौत का وَلَا और ना walā
और ना حَيَوٰةًۭ ज़िन्दगी का ḥayatan
ज़िन्दगी का وَلَا और ना walā
और ना نُشُورًۭا दोबारा जी उठने का nushūran
दोबारा जी उठने का ٣ (3)
(3)
और उन्होंने बना लिए مِن besides Him min
besides Him دُونِهِۦٓ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा ءَالِهَةًۭ कुछ इलाह ālihatan
कुछ इलाह لَّا not lā
not يَخْلُقُونَ नहीं वो पैदा करते yakhluqūna
नहीं वो पैदा करते شَيْـًۭٔا कोई चीज़ shayan
कोई चीज़ وَهُمْ और वो wahum
और वो يُخْلَقُونَ वो पैदा किए जाते हैं yukh'laqūna
वो पैदा किए जाते हैं وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَمْلِكُونَ वो इख़्तियार रखते yamlikūna
वो इख़्तियार रखते لِأَنفُسِهِمْ अपने नफ़्सों के लिए li-anfusihim
अपने नफ़्सों के लिए ضَرًّۭا किसी नुक़्सान का ḍarran
किसी नुक़्सान का وَلَا और ना walā
और ना نَفْعًۭا किसी नफ़ा का nafʿan
किसी नफ़ा का وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَمْلِكُونَ वो इख़्तियार रखते yamlikūna
वो इख़्तियार रखते مَوْتًۭا मौत का mawtan
मौत का وَلَا और ना walā
और ना حَيَوٰةًۭ ज़िन्दगी का ḥayatan
ज़िन्दगी का وَلَا और ना walā
और ना نُشُورًۭا दोबारा जी उठने का nushūran
दोबारा जी उठने का ٣ (3)
(3)
और उन्होंने उसके अतिरिक्त अनेक पूज्य बना लिए, जो किसी चीज़ को पैदा नहीं करते और वे स्वयं पैदा किए जाते हैं और न वे अधिकार रखते हैं अपने लिए किसी हानि का और न किसी लाभ का, तथा न अधिकार रखते हैं मरण का और न जीवन का और न पुनः जीवित करने का।
२५:४
وَقَالَ
और कहा
waqāla
और कहा ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जिन्होंने alladhīna
उन लोगों ने जिन्होंने كَفَرُوٓا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया إِنْ नहीं in
नहीं هَـٰذَآ ये (क़ुरआन) hādhā
ये (क़ुरआन) إِلَّآ मगर illā
मगर إِفْكٌ एक झूठ if'kun
एक झूठ ٱفْتَرَىٰهُ उसने गढ़ लिया उसे if'tarāhu
उसने गढ़ लिया उसे وَأَعَانَهُۥ और मदद की उसकी wa-aʿānahu
और मदद की उसकी عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर قَوْمٌ people qawmun
people ءَاخَرُونَ ۖ एक दूसरी क़ौम ने ākharūna
एक दूसरी क़ौम ने فَقَدْ पस तहक़ीक़ faqad
पस तहक़ीक़ جَآءُو वो लाए jāū
वो लाए ظُلْمًۭا ज़ुल्म ẓul'man
ज़ुल्म وَزُورًۭا और झूठ wazūran
और झूठ ٤ (4)
(4)
और कहा ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जिन्होंने alladhīna
उन लोगों ने जिन्होंने كَفَرُوٓا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया إِنْ नहीं in
नहीं هَـٰذَآ ये (क़ुरआन) hādhā
ये (क़ुरआन) إِلَّآ मगर illā
मगर إِفْكٌ एक झूठ if'kun
एक झूठ ٱفْتَرَىٰهُ उसने गढ़ लिया उसे if'tarāhu
उसने गढ़ लिया उसे وَأَعَانَهُۥ और मदद की उसकी wa-aʿānahu
और मदद की उसकी عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर قَوْمٌ people qawmun
people ءَاخَرُونَ ۖ एक दूसरी क़ौम ने ākharūna
एक दूसरी क़ौम ने فَقَدْ पस तहक़ीक़ faqad
पस तहक़ीक़ جَآءُو वो लाए jāū
वो लाए ظُلْمًۭا ज़ुल्म ẓul'man
ज़ुल्म وَزُورًۭا और झूठ wazūran
और झूठ ٤ (4)
(4)
तथा काफ़िरों ने कहा : यह1 तो बस एक झूठ है, जिसे इसने2 स्वयं गढ़ लिया है और इसपर अन्य लोगों ने उसकी सहायता की है। तो निःसंदेह वे घोर अन्याय और झूठ पर उतर आए हैं।
२५:५
وَقَالُوٓا۟
और उन्होंने कहा
waqālū
और उन्होंने कहा أَسَـٰطِيرُ कहानियाँ हैं asāṭīru
कहानियाँ हैं ٱلْأَوَّلِينَ पहलों की l-awalīna
पहलों की ٱكْتَتَبَهَا उसने लिखवा लिया है उन्हें ik'tatabahā
उसने लिखवा लिया है उन्हें فَهِىَ तो वो fahiya
तो वो تُمْلَىٰ वो इमला की जाती हैं tum'lā
वो इमला की जाती हैं عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर بُكْرَةًۭ सुबह buk'ratan
सुबह وَأَصِيلًۭا और शाम wa-aṣīlan
और शाम ٥ (5)
(5)
और उन्होंने कहा أَسَـٰطِيرُ कहानियाँ हैं asāṭīru
कहानियाँ हैं ٱلْأَوَّلِينَ पहलों की l-awalīna
पहलों की ٱكْتَتَبَهَا उसने लिखवा लिया है उन्हें ik'tatabahā
उसने लिखवा लिया है उन्हें فَهِىَ तो वो fahiya
तो वो تُمْلَىٰ वो इमला की जाती हैं tum'lā
वो इमला की जाती हैं عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर بُكْرَةًۭ सुबह buk'ratan
सुबह وَأَصِيلًۭا और शाम wa-aṣīlan
और शाम ٥ (5)
(5)
और उन्होंने कहा कि ये पहले लोगों की कहानियाँ हैं, जिन्हें उसने लिखवा लिया है। तो वही उसके सामने सुबह और शाम पढ़ी जाती हैं।
२५:६
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए أَنزَلَهُ नाज़िल किया है उसे anzalahu
नाज़िल किया है उसे ٱلَّذِى उसने जो alladhī
उसने जो يَعْلَمُ जानता है yaʿlamu
जानता है ٱلسِّرَّ छुपी बात को l-sira
छुपी बात को فِى in fī
in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में وَٱلْأَرْضِ ۚ और ज़मीन में wal-arḍi
और ज़मीन में إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो كَانَ है वो kāna
है वो غَفُورًۭا बहुत बख़्शने वाला ghafūran
बहुत बख़्शने वाला رَّحِيمًۭا निहायत रहम करने वाला raḥīman
निहायत रहम करने वाला ٦ (6)
(6)
कह दीजिए أَنزَلَهُ नाज़िल किया है उसे anzalahu
नाज़िल किया है उसे ٱلَّذِى उसने जो alladhī
उसने जो يَعْلَمُ जानता है yaʿlamu
जानता है ٱلسِّرَّ छुपी बात को l-sira
छुपी बात को فِى in fī
in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में وَٱلْأَرْضِ ۚ और ज़मीन में wal-arḍi
और ज़मीन में إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो كَانَ है वो kāna
है वो غَفُورًۭا बहुत बख़्शने वाला ghafūran
बहुत बख़्शने वाला رَّحِيمًۭا निहायत रहम करने वाला raḥīman
निहायत रहम करने वाला ٦ (6)
(6)
आप कह दें : इसे उसने उतारा है, जो आकाशों तथा धरती के भेद जानता है। निःसंदेह वह हमेशा से अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।
२५:७
وَقَالُوا۟
और उन्होंने कहा
waqālū
और उन्होंने कहा مَالِ क्या है māli
क्या है هَـٰذَا इस hādhā
इस ٱلرَّسُولِ रसूल को l-rasūli
रसूल को يَأْكُلُ कि वो खाता है yakulu
कि वो खाता है ٱلطَّعَامَ खाना l-ṭaʿāma
खाना وَيَمْشِى और वो चलता है wayamshī
और वो चलता है فِى in fī
in ٱلْأَسْوَاقِ ۙ बाज़ारों में l-aswāqi
बाज़ारों में لَوْلَآ क्यों नहीं lawlā
क्यों नहीं أُنزِلَ उतारा गया unzila
उतारा गया إِلَيْهِ इस पर ilayhi
इस पर مَلَكٌۭ कोई फ़रिश्ता malakun
कोई फ़रिश्ता فَيَكُونَ तो वो होता fayakūna
तो वो होता مَعَهُۥ साथ उसके maʿahu
साथ उसके نَذِيرًا डराने वाला nadhīran
डराने वाला ٧ (7)
(7)
और उन्होंने कहा مَالِ क्या है māli
क्या है هَـٰذَا इस hādhā
इस ٱلرَّسُولِ रसूल को l-rasūli
रसूल को يَأْكُلُ कि वो खाता है yakulu
कि वो खाता है ٱلطَّعَامَ खाना l-ṭaʿāma
खाना وَيَمْشِى और वो चलता है wayamshī
और वो चलता है فِى in fī
in ٱلْأَسْوَاقِ ۙ बाज़ारों में l-aswāqi
बाज़ारों में لَوْلَآ क्यों नहीं lawlā
क्यों नहीं أُنزِلَ उतारा गया unzila
उतारा गया إِلَيْهِ इस पर ilayhi
इस पर مَلَكٌۭ कोई फ़रिश्ता malakun
कोई फ़रिश्ता فَيَكُونَ तो वो होता fayakūna
तो वो होता مَعَهُۥ साथ उसके maʿahu
साथ उसके نَذِيرًا डराने वाला nadhīran
डराने वाला ٧ (7)
(7)
तथा उन्होंने कहा : इस रसूल को क्या है कि यह खाना खाता है और बाज़ारों में चलता-फिरता है? इसकी ओर कोई फ़रिश्ता क्यों नहीं उतारा गया कि वह इसके साथ सावधान करने वाला होता?
२५:८
أَوْ
या
aw
या يُلْقَىٰٓ डाला जाता yul'qā
डाला जाता إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके كَنزٌ कोई ख़ज़ाना kanzun
कोई ख़ज़ाना أَوْ या aw
या تَكُونُ होता takūnu
होता لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए جَنَّةٌۭ कोई बाग़ jannatun
कोई बाग़ يَأْكُلُ वो खाता yakulu
वो खाता مِنْهَا ۚ उसमें से min'hā
उसमें से وَقَالَ और कहा waqāla
और कहा ٱلظَّـٰلِمُونَ ज़लिमों ने l-ẓālimūna
ज़लिमों ने إِن नहीं in
नहीं تَتَّبِعُونَ तुम पैरवी करते tattabiʿūna
तुम पैरवी करते إِلَّا मगर illā
मगर رَجُلًۭا एक मर्द की rajulan
एक मर्द की مَّسْحُورًا जो सहरज़दा है masḥūran
जो सहरज़दा है ٨ (8)
(8)
या يُلْقَىٰٓ डाला जाता yul'qā
डाला जाता إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके كَنزٌ कोई ख़ज़ाना kanzun
कोई ख़ज़ाना أَوْ या aw
या تَكُونُ होता takūnu
होता لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए جَنَّةٌۭ कोई बाग़ jannatun
कोई बाग़ يَأْكُلُ वो खाता yakulu
वो खाता مِنْهَا ۚ उसमें से min'hā
उसमें से وَقَالَ और कहा waqāla
और कहा ٱلظَّـٰلِمُونَ ज़लिमों ने l-ẓālimūna
ज़लिमों ने إِن नहीं in
नहीं تَتَّبِعُونَ तुम पैरवी करते tattabiʿūna
तुम पैरवी करते إِلَّا मगर illā
मगर رَجُلًۭا एक मर्द की rajulan
एक मर्द की مَّسْحُورًا जो सहरज़दा है masḥūran
जो सहरज़दा है ٨ (8)
(8)
अथवा उसकी ओर कोई खज़ाना उतार दिया जाता अथवा उसका कोई बाग़ होता, जिसमें से वह खाता? तथा अत्याचारियों ने कहा : तुम तो बस एक जादू किए हुए व्यक्ति का अनुसरण कर रहे हो।
२५:९
ٱنظُرْ
देखो
unẓur
देखो كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह ضَرَبُوا۟ उन्होंने बयान कीं ḍarabū
उन्होंने बयान कीं لَكَ आपके लिए laka
आपके लिए ٱلْأَمْثَـٰلَ मिसालें l-amthāla
मिसालें فَضَلُّوا۟ तो वो भटक गए faḍallū
तो वो भटक गए فَلَا पस नहीं falā
पस नहीं يَسْتَطِيعُونَ वो इस्तिताअत रखते yastaṭīʿūna
वो इस्तिताअत रखते سَبِيلًۭا रास्ते की sabīlan
रास्ते की ٩ (9)
(9)
देखो كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह ضَرَبُوا۟ उन्होंने बयान कीं ḍarabū
उन्होंने बयान कीं لَكَ आपके लिए laka
आपके लिए ٱلْأَمْثَـٰلَ मिसालें l-amthāla
मिसालें فَضَلُّوا۟ तो वो भटक गए faḍallū
तो वो भटक गए فَلَا पस नहीं falā
पस नहीं يَسْتَطِيعُونَ वो इस्तिताअत रखते yastaṭīʿūna
वो इस्तिताअत रखते سَبِيلًۭا रास्ते की sabīlan
रास्ते की ٩ (9)
(9)
देखिए कि उन्होंने आपके लिए कैसे उदाहरण दिए हैं? अतः वे गुमराह हो गए। (अब) वे कोई रास्ता नहीं पा सकते।
२५:१०
تَبَارَكَ
बहुत बाबरकत है
tabāraka
बहुत बाबरकत है ٱلَّذِىٓ वो जो alladhī
वो जो إِن अगर in
अगर شَآءَ वो चाहे shāa
वो चाहे جَعَلَ वो बना दे jaʿala
वो बना दे لَكَ आपके लिए laka
आपके लिए خَيْرًۭا बेहतर khayran
बेहतर مِّن than min
than ذَٰلِكَ उस से dhālika
उस से جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात jannātin
बाग़ात تَجْرِى बहती हों tajrī
बहती हों مِن from min
from تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें وَيَجْعَل और वो बना दे wayajʿal
और वो बना दे لَّكَ आपके लिए laka
आपके लिए قُصُورًۢا महल्लात quṣūran
महल्लात ١٠ (10)
(10)
बहुत बाबरकत है ٱلَّذِىٓ वो जो alladhī
वो जो إِن अगर in
अगर شَآءَ वो चाहे shāa
वो चाहे جَعَلَ वो बना दे jaʿala
वो बना दे لَكَ आपके लिए laka
आपके लिए خَيْرًۭا बेहतर khayran
बेहतर مِّن than min
than ذَٰلِكَ उस से dhālika
उस से جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात jannātin
बाग़ात تَجْرِى बहती हों tajrī
बहती हों مِن from min
from تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें وَيَجْعَل और वो बना दे wayajʿal
और वो बना दे لَّكَ आपके लिए laka
आपके लिए قُصُورًۢا महल्लात quṣūran
महल्लात ١٠ (10)
(10)
बहुत बरकत वाला है वह (अल्लाह) कि यदि चाहे, तो आपके लिए इससे उत्तम1 ऐसे बाग़ बना दे, जिनके नीचे से नहरें प्रवाहित हों और आपके लिए कई भवन बना दे।
२५:११
بَلْ
बल्कि
bal
बल्कि كَذَّبُوا۟ उन्होंने झुठलाया kadhabū
उन्होंने झुठलाया بِٱلسَّاعَةِ ۖ घड़ी / क़यामत को bil-sāʿati
घड़ी / क़यामत को وَأَعْتَدْنَا और तैयार कर रखी है हमने wa-aʿtadnā
और तैयार कर रखी है हमने لِمَن उसके लिए जो liman
उसके लिए जो كَذَّبَ झुठलाए kadhaba
झुठलाए بِٱلسَّاعَةِ घड़ी /क़यामत को bil-sāʿati
घड़ी /क़यामत को سَعِيرًا भड़कती आग saʿīran
भड़कती आग ١١ (11)
(11)
बल्कि كَذَّبُوا۟ उन्होंने झुठलाया kadhabū
उन्होंने झुठलाया بِٱلسَّاعَةِ ۖ घड़ी / क़यामत को bil-sāʿati
घड़ी / क़यामत को وَأَعْتَدْنَا और तैयार कर रखी है हमने wa-aʿtadnā
और तैयार कर रखी है हमने لِمَن उसके लिए जो liman
उसके लिए जो كَذَّبَ झुठलाए kadhaba
झुठलाए بِٱلسَّاعَةِ घड़ी /क़यामत को bil-sāʿati
घड़ी /क़यामत को سَعِيرًا भड़कती आग saʿīran
भड़कती आग ١١ (11)
(11)
बल्कि उन्होंने क़ियामत को झुठला दिया और हमने उसके लिए, जो क़ियामत को झुठलाए, एक भड़कती हुई आग तैयार कर रखी है।
२५:१२
إِذَا
जब
idhā
जब رَأَتْهُم वो देखेगी उन्हें ra-athum
वो देखेगी उन्हें مِّن from min
from مَّكَانٍۭ जगह से makānin
जगह से بَعِيدٍۢ दूर की baʿīdin
दूर की سَمِعُوا۟ वो सुनेंगे samiʿū
वो सुनेंगे لَهَا उसकी lahā
उसकी تَغَيُّظًۭا सख़्त ग़ुस्से की आवाज़ taghayyuẓan
सख़्त ग़ुस्से की आवाज़ وَزَفِيرًۭا और चीख़ना चिल्लाना wazafīran
और चीख़ना चिल्लाना ١٢ (12)
(12)
जब رَأَتْهُم वो देखेगी उन्हें ra-athum
वो देखेगी उन्हें مِّن from min
from مَّكَانٍۭ जगह से makānin
जगह से بَعِيدٍۢ दूर की baʿīdin
दूर की سَمِعُوا۟ वो सुनेंगे samiʿū
वो सुनेंगे لَهَا उसकी lahā
उसकी تَغَيُّظًۭا सख़्त ग़ुस्से की आवाज़ taghayyuẓan
सख़्त ग़ुस्से की आवाज़ وَزَفِيرًۭا और चीख़ना चिल्लाना wazafīran
और चीख़ना चिल्लाना ١٢ (12)
(12)
जब वह (जहन्नम) उन्हें दूर स्थान से देखेगी, तो वे (क़ियामत को झुठलाने वाले) उसके रोष और गर्जन को सुनेंगे।
२५:१३
وَإِذَآ
और जब
wa-idhā
और जब أُلْقُوا۟ वो डाले जाऐंगे ul'qū
वो डाले जाऐंगे مِنْهَا उसमें min'hā
उसमें مَكَانًۭا किसी जगह पर makānan
किसी जगह पर ضَيِّقًۭا तंग ḍayyiqan
तंग مُّقَرَّنِينَ जकड़े हुए muqarranīna
जकड़े हुए دَعَوْا۟ वो पुकारेंगे daʿaw
वो पुकारेंगे هُنَالِكَ उस जगह hunālika
उस जगह ثُبُورًۭا हलाकत को thubūran
हलाकत को ١٣ (13)
(13)
और जब أُلْقُوا۟ वो डाले जाऐंगे ul'qū
वो डाले जाऐंगे مِنْهَا उसमें min'hā
उसमें مَكَانًۭا किसी जगह पर makānan
किसी जगह पर ضَيِّقًۭا तंग ḍayyiqan
तंग مُّقَرَّنِينَ जकड़े हुए muqarranīna
जकड़े हुए دَعَوْا۟ वो पुकारेंगे daʿaw
वो पुकारेंगे هُنَالِكَ उस जगह hunālika
उस जगह ثُبُورًۭا हलाकत को thubūran
हलाकत को ١٣ (13)
(13)
और जब वे उसके किसी तंग स्थान में जकड़े हुए फेंक दिए जाएँगे, (तो) वहाँ विनाश को पुकारेंगे।
२५:१४
لَّا
(Do) not
lā
(Do) not تَدْعُوا۟ ना तुम पुकारो tadʿū
ना तुम पुकारो ٱلْيَوْمَ आज l-yawma
आज ثُبُورًۭا हलाकत thubūran
हलाकत وَٰحِدًۭا एक ही wāḥidan
एक ही وَٱدْعُوا۟ बल्कि पुकारो wa-id'ʿū
बल्कि पुकारो ثُبُورًۭا हलाकतें thubūran
हलाकतें كَثِيرًۭا बहुत सी kathīran
बहुत सी ١٤ (14)
(14)
(Do) not تَدْعُوا۟ ना तुम पुकारो tadʿū
ना तुम पुकारो ٱلْيَوْمَ आज l-yawma
आज ثُبُورًۭا हलाकत thubūran
हलाकत وَٰحِدًۭا एक ही wāḥidan
एक ही وَٱدْعُوا۟ बल्कि पुकारो wa-id'ʿū
बल्कि पुकारो ثُبُورًۭا हलाकतें thubūran
हलाकतें كَثِيرًۭا बहुत सी kathīran
बहुत सी ١٤ (14)
(14)
(उनसे कहा जाएगा :) आज एक विनाश को मत पुकारो, बल्कि बहुत-से विनाशों को पुकारो।1
२५:१५
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए أَذَٰلِكَ क्या ये adhālika
क्या ये خَيْرٌ बेहतर है khayrun
बेहतर है أَمْ या am
या جَنَّةُ जन्नत jannatu
जन्नत ٱلْخُلْدِ हमेशगी की l-khul'di
हमेशगी की ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो وُعِدَ वादा किए गए wuʿida
वादा किए गए ٱلْمُتَّقُونَ ۚ मुत्तक़ी लोग l-mutaqūna
मुत्तक़ी लोग كَانَتْ है kānat
है لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए جَزَآءًۭ बदला jazāan
बदला وَمَصِيرًۭا और लौटने की जगह wamaṣīran
और लौटने की जगह ١٥ (15)
(15)
कह दीजिए أَذَٰلِكَ क्या ये adhālika
क्या ये خَيْرٌ बेहतर है khayrun
बेहतर है أَمْ या am
या جَنَّةُ जन्नत jannatu
जन्नत ٱلْخُلْدِ हमेशगी की l-khul'di
हमेशगी की ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो وُعِدَ वादा किए गए wuʿida
वादा किए गए ٱلْمُتَّقُونَ ۚ मुत्तक़ी लोग l-mutaqūna
मुत्तक़ी लोग كَانَتْ है kānat
है لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए جَزَآءًۭ बदला jazāan
बदला وَمَصِيرًۭا और लौटने की जगह wamaṣīran
और लौटने की जगह ١٥ (15)
(15)
(ऐ नबी!) आप (उनसे) कह दें : क्या यह बेहतर है या स्थायी जन्नत, जिसका अल्लाह से डरने वालों से वादा किया गया है? वह उनके लिए बदला तथा ठिकाना होगी।
२५:१६
لَّهُمْ
उनके लिए है
lahum
उनके लिए है فِيهَا उसमें fīhā
उसमें مَا जो mā
जो يَشَآءُونَ वो चाहेंगे yashāūna
वो चाहेंगे خَـٰلِدِينَ ۚ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं كَانَ है kāna
है عَلَىٰ on ʿalā
on رَبِّكَ आपके रब पर rabbika
आपके रब पर وَعْدًۭا एक वादा waʿdan
एक वादा مَّسْـُٔولًۭا पूछा जाने वाला masūlan
पूछा जाने वाला ١٦ (16)
(16)
उनके लिए है فِيهَا उसमें fīhā
उसमें مَا जो mā
जो يَشَآءُونَ वो चाहेंगे yashāūna
वो चाहेंगे خَـٰلِدِينَ ۚ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं كَانَ है kāna
है عَلَىٰ on ʿalā
on رَبِّكَ आपके रब पर rabbika
आपके रब पर وَعْدًۭا एक वादा waʿdan
एक वादा مَّسْـُٔولًۭا पूछा जाने वाला masūlan
पूछा जाने वाला ١٦ (16)
(16)
उनके लिए उसमें वह सब होगा, जो वे चाहेंगे। वे उसमें हमेशा रहेंगे। यह आपके पालनहार के ज़िम्मे ऐसा वादा है, जो अनुरोध के योग्य है।
२५:१७
وَيَوْمَ
और जिस दिन
wayawma
और जिस दिन يَحْشُرُهُمْ वो इकट्ठा करेगा उन्हें yaḥshuruhum
वो इकट्ठा करेगा उन्हें وَمَا और जिनकी wamā
और जिनकी يَعْبُدُونَ वो इबादत करते हैं yaʿbudūna
वो इबादत करते हैं مِن besides Allah min
besides Allah دُونِ सिवाए dūni
सिवाए ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के فَيَقُولُ तो वो फ़रमाएगा fayaqūlu
तो वो फ़रमाएगा ءَأَنتُمْ क्या तुम ने a-antum
क्या तुम ने أَضْلَلْتُمْ गुमराह किया तुम ने aḍlaltum
गुमराह किया तुम ने عِبَادِى मेरे बन्दों को ʿibādī
मेरे बन्दों को هَـٰٓؤُلَآءِ उन सबको hāulāi
उन सबको أَمْ या am
या هُمْ वो (ख़ुद) hum
वो (ख़ुद) ضَلُّوا۟ भटक गए थे ḍallū
भटक गए थे ٱلسَّبِيلَ रास्ते से l-sabīla
रास्ते से ١٧ (17)
(17)
और जिस दिन يَحْشُرُهُمْ वो इकट्ठा करेगा उन्हें yaḥshuruhum
वो इकट्ठा करेगा उन्हें وَمَا और जिनकी wamā
और जिनकी يَعْبُدُونَ वो इबादत करते हैं yaʿbudūna
वो इबादत करते हैं مِن besides Allah min
besides Allah دُونِ सिवाए dūni
सिवाए ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के فَيَقُولُ तो वो फ़रमाएगा fayaqūlu
तो वो फ़रमाएगा ءَأَنتُمْ क्या तुम ने a-antum
क्या तुम ने أَضْلَلْتُمْ गुमराह किया तुम ने aḍlaltum
गुमराह किया तुम ने عِبَادِى मेरे बन्दों को ʿibādī
मेरे बन्दों को هَـٰٓؤُلَآءِ उन सबको hāulāi
उन सबको أَمْ या am
या هُمْ वो (ख़ुद) hum
वो (ख़ुद) ضَلُّوا۟ भटक गए थे ḍallū
भटक गए थे ٱلسَّبِيلَ रास्ते से l-sabīla
रास्ते से ١٧ (17)
(17)
तथा जिस दिन वह उन्हें और जिनको वे अल्लाह के सिवा पूजते थे, एकत्र करेगा। फिर कहेगा : क्या तुमने मेरे इन बंदों को पथभ्रष्ट किया था, अथवा वे स्वयं मार्ग से भटक गए थे?
२५:१८
قَالُوا۟
वो कहेंगे
qālū
वो कहेंगे سُبْحَـٰنَكَ पाक है तू sub'ḥānaka
पाक है तू مَا नहीं mā
नहीं كَانَ था kāna
था يَنۢبَغِى जायज़ yanbaghī
जायज़ لَنَآ हमारे लिए lanā
हमारे लिए أَن कि an
कि نَّتَّخِذَ हम बनाते nattakhidha
हम बनाते مِن besides You min
besides You دُونِكَ तेरे सिवा dūnika
तेरे सिवा مِنْ any min
any أَوْلِيَآءَ कोई दोस्त awliyāa
कोई दोस्त وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन مَّتَّعْتَهُمْ तू ने सामान ज़िन्दगी दिया उन्हें mattaʿtahum
तू ने सामान ज़िन्दगी दिया उन्हें وَءَابَآءَهُمْ और उनके आबा ओ अजदाद को waābāahum
और उनके आबा ओ अजदाद को حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि نَسُوا۟ वो भूल गए nasū
वो भूल गए ٱلذِّكْرَ नसीहत l-dhik'ra
नसीहत وَكَانُوا۟ और थे वो wakānū
और थे वो قَوْمًۢا लोग qawman
लोग بُورًۭا हलाक होने वाले būran
हलाक होने वाले ١٨ (18)
(18)
वो कहेंगे سُبْحَـٰنَكَ पाक है तू sub'ḥānaka
पाक है तू مَا नहीं mā
नहीं كَانَ था kāna
था يَنۢبَغِى जायज़ yanbaghī
जायज़ لَنَآ हमारे लिए lanā
हमारे लिए أَن कि an
कि نَّتَّخِذَ हम बनाते nattakhidha
हम बनाते مِن besides You min
besides You دُونِكَ तेरे सिवा dūnika
तेरे सिवा مِنْ any min
any أَوْلِيَآءَ कोई दोस्त awliyāa
कोई दोस्त وَلَـٰكِن और लेकिन walākin
और लेकिन مَّتَّعْتَهُمْ तू ने सामान ज़िन्दगी दिया उन्हें mattaʿtahum
तू ने सामान ज़िन्दगी दिया उन्हें وَءَابَآءَهُمْ और उनके आबा ओ अजदाद को waābāahum
और उनके आबा ओ अजदाद को حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि نَسُوا۟ वो भूल गए nasū
वो भूल गए ٱلذِّكْرَ नसीहत l-dhik'ra
नसीहत وَكَانُوا۟ और थे वो wakānū
और थे वो قَوْمًۢا लोग qawman
लोग بُورًۭا हलाक होने वाले būran
हलाक होने वाले ١٨ (18)
(18)
वे कहेंगे : तू पवित्र है! हमारे योग्य नहीं था कि हम तेरे सिवा किसी तरह के संरक्षक1 बनाते। परंतु तूने उन्हें और उनके बाप-दादों को समृद्धि प्रदान की, यहाँ तक कि वे तेरी याद को भूल गए और वे विनष्ट होने वाले लोग थे।
२५:१९
فَقَدْ
पस तहक़ीक़
faqad
पस तहक़ीक़ كَذَّبُوكُم उन्होंने झुठलाया तुम्हें kadhabūkum
उन्होंने झुठलाया तुम्हें بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो تَقُولُونَ तुम कहते थे taqūlūna
तुम कहते थे فَمَا तो नहीं famā
तो नहीं تَسْتَطِيعُونَ तुम इस्तिताअत रखते tastaṭīʿūna
तुम इस्तिताअत रखते صَرْفًۭا फेरने की (आज़ाब को) ṣarfan
फेरने की (आज़ाब को) وَلَا और ना walā
और ना نَصْرًۭا ۚ मदद की naṣran
मदद की وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَظْلِم ज़ुल्म करेगा yaẓlim
ज़ुल्म करेगा مِّنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से نُذِقْهُ हम चखाऐंगे उसे nudhiq'hu
हम चखाऐंगे उसे عَذَابًۭا आज़ाब ʿadhāban
आज़ाब كَبِيرًۭا बहुत बड़ा kabīran
बहुत बड़ा ١٩ (19)
(19)
पस तहक़ीक़ كَذَّبُوكُم उन्होंने झुठलाया तुम्हें kadhabūkum
उन्होंने झुठलाया तुम्हें بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो تَقُولُونَ तुम कहते थे taqūlūna
तुम कहते थे فَمَا तो नहीं famā
तो नहीं تَسْتَطِيعُونَ तुम इस्तिताअत रखते tastaṭīʿūna
तुम इस्तिताअत रखते صَرْفًۭا फेरने की (आज़ाब को) ṣarfan
फेरने की (आज़ाब को) وَلَا और ना walā
और ना نَصْرًۭا ۚ मदद की naṣran
मदद की وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَظْلِم ज़ुल्म करेगा yaẓlim
ज़ुल्म करेगा مِّنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से نُذِقْهُ हम चखाऐंगे उसे nudhiq'hu
हम चखाऐंगे उसे عَذَابًۭا आज़ाब ʿadhāban
आज़ाब كَبِيرًۭا बहुत बड़ा kabīran
बहुत बड़ा ١٩ (19)
(19)
तो उन्होंने1 तुम्हें उस बात में झुठला दिया, जो तुम कहते हो। अतः तुम न किसी तरह (यातना) हटाने की शक्ति रखते हो और न किसी मदद की। और तुममें से जो अत्याचार2 करेगा, हम उसे बहुत बड़ी यातना चखाएँगे।
२५:२०
وَمَآ
और नहीं
wamā
और नहीं أَرْسَلْنَا भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने قَبْلَكَ आपसे पहले qablaka
आपसे पहले مِنَ any mina
any ٱلْمُرْسَلِينَ रसूलों में से l-mur'salīna
रसूलों में से إِلَّآ मगर illā
मगर إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो لَيَأْكُلُونَ अलबत्ता खाते थे layakulūna
अलबत्ता खाते थे ٱلطَّعَامَ खाना l-ṭaʿāma
खाना وَيَمْشُونَ और वो चलते थे wayamshūna
और वो चलते थे فِى in fī
in ٱلْأَسْوَاقِ ۗ बाज़ारों में l-aswāqi
बाज़ारों में وَجَعَلْنَا और बनाया हमने wajaʿalnā
और बनाया हमने بَعْضَكُمْ तुम्हारे बाज़ को baʿḍakum
तुम्हारे बाज़ को لِبَعْضٍۢ बाज़ के लिए libaʿḍin
बाज़ के लिए فِتْنَةً आज़माइश fit'natan
आज़माइश أَتَصْبِرُونَ ۗ क्या तुम सब्र करोगे ataṣbirūna
क्या तुम सब्र करोगे وَكَانَ और है wakāna
और है رَبُّكَ रब आपका rabbuka
रब आपका بَصِيرًۭا ख़ूब देखने वाला baṣīran
ख़ूब देखने वाला ٢٠ (20)
(20)
और नहीं أَرْسَلْنَا भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने قَبْلَكَ आपसे पहले qablaka
आपसे पहले مِنَ any mina
any ٱلْمُرْسَلِينَ रसूलों में से l-mur'salīna
रसूलों में से إِلَّآ मगर illā
मगर إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो لَيَأْكُلُونَ अलबत्ता खाते थे layakulūna
अलबत्ता खाते थे ٱلطَّعَامَ खाना l-ṭaʿāma
खाना وَيَمْشُونَ और वो चलते थे wayamshūna
और वो चलते थे فِى in fī
in ٱلْأَسْوَاقِ ۗ बाज़ारों में l-aswāqi
बाज़ारों में وَجَعَلْنَا और बनाया हमने wajaʿalnā
और बनाया हमने بَعْضَكُمْ तुम्हारे बाज़ को baʿḍakum
तुम्हारे बाज़ को لِبَعْضٍۢ बाज़ के लिए libaʿḍin
बाज़ के लिए فِتْنَةً आज़माइश fit'natan
आज़माइश أَتَصْبِرُونَ ۗ क्या तुम सब्र करोगे ataṣbirūna
क्या तुम सब्र करोगे وَكَانَ और है wakāna
और है رَبُّكَ रब आपका rabbuka
रब आपका بَصِيرًۭا ख़ूब देखने वाला baṣīran
ख़ूब देखने वाला ٢٠ (20)
(20)
और हमने आपसे पहले कोई रसूल नहीं भेजे, परंतु निश्चय वे खाना खाते थे और बाज़ारों में चलते-फिरते1 थे। तथा हमने तुममें से एक को दूसरे के लिए एक परीक्षण बनाया है। क्या तुम धैर्य रखोगे? तथा आपका पालनहार हमेशा से सब कुछ देखने2 वाला है।
२५:२१
۞ وَقَالَ
और कहा
waqāla
और कहा ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जो alladhīna
उन लोगों ने जो لَا (do) not lā
(do) not يَرْجُونَ नहीं वो उम्मीद रखते yarjūna
नहीं वो उम्मीद रखते لِقَآءَنَا हमारी मुलाक़ात की liqāanā
हमारी मुलाक़ात की لَوْلَآ क्यों नहीं lawlā
क्यों नहीं أُنزِلَ उतारे गए unzila
उतारे गए عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर ٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ फ़रिश्ते l-malāikatu
फ़रिश्ते أَوْ या aw
या نَرَىٰ हम देखते narā
हम देखते رَبَّنَا ۗ अपने रब को rabbanā
अपने रब को لَقَدِ अलबत्ता तहक़ीक़ laqadi
अलबत्ता तहक़ीक़ ٱسْتَكْبَرُوا۟ उन्होंने तकब्बुर किया is'takbarū
उन्होंने तकब्बुर किया فِىٓ within fī
within أَنفُسِهِمْ अपने दिलों में anfusihim
अपने दिलों में وَعَتَوْ और उन्होंने सरकशी की waʿataw
और उन्होंने सरकशी की عُتُوًّۭا सरकशी ʿutuwwan
सरकशी كَبِيرًۭا बहुत बड़ी kabīran
बहुत बड़ी ٢١ (21)
(21)
और कहा ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जो alladhīna
उन लोगों ने जो لَا (do) not lā
(do) not يَرْجُونَ नहीं वो उम्मीद रखते yarjūna
नहीं वो उम्मीद रखते لِقَآءَنَا हमारी मुलाक़ात की liqāanā
हमारी मुलाक़ात की لَوْلَآ क्यों नहीं lawlā
क्यों नहीं أُنزِلَ उतारे गए unzila
उतारे गए عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर ٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ फ़रिश्ते l-malāikatu
फ़रिश्ते أَوْ या aw
या نَرَىٰ हम देखते narā
हम देखते رَبَّنَا ۗ अपने रब को rabbanā
अपने रब को لَقَدِ अलबत्ता तहक़ीक़ laqadi
अलबत्ता तहक़ीक़ ٱسْتَكْبَرُوا۟ उन्होंने तकब्बुर किया is'takbarū
उन्होंने तकब्बुर किया فِىٓ within fī
within أَنفُسِهِمْ अपने दिलों में anfusihim
अपने दिलों में وَعَتَوْ और उन्होंने सरकशी की waʿataw
और उन्होंने सरकशी की عُتُوًّۭا सरकशी ʿutuwwan
सरकशी كَبِيرًۭا बहुत बड़ी kabīran
बहुत बड़ी ٢١ (21)
(21)
तथा उन लोगों ने कहा जो हमसे मिलने की आशा नहीं रखते : हमपर फ़रिश्ते क्यों न उतारे गए, या हम अपने रब को देखते? नि:संदेह वे अपने दिलों में बहुत बड़े बन गए तथा बड़ी सरकशी1 पर उतर आए।
२५:२२
يَوْمَ
जिस दिन
yawma
जिस दिन يَرَوْنَ वो देखेंगे yarawna
वो देखेंगे ٱلْمَلَـٰٓئِكَةَ फ़रिश्तों को l-malāikata
फ़रिश्तों को لَا no lā
no بُشْرَىٰ नहीं कोई ख़ुशख़बरी bush'rā
नहीं कोई ख़ुशख़बरी يَوْمَئِذٍۢ उस दिन yawma-idhin
उस दिन لِّلْمُجْرِمِينَ मुजरिमों के लिए lil'muj'rimīna
मुजरिमों के लिए وَيَقُولُونَ और वो (मुजरिम) कहेंगे wayaqūlūna
और वो (मुजरिम) कहेंगे حِجْرًۭا एक आड़ हो ḥij'ran
एक आड़ हो مَّحْجُورًۭا मज़बूत maḥjūran
मज़बूत ٢٢ (22)
(22)
जिस दिन يَرَوْنَ वो देखेंगे yarawna
वो देखेंगे ٱلْمَلَـٰٓئِكَةَ फ़रिश्तों को l-malāikata
फ़रिश्तों को لَا no lā
no بُشْرَىٰ नहीं कोई ख़ुशख़बरी bush'rā
नहीं कोई ख़ुशख़बरी يَوْمَئِذٍۢ उस दिन yawma-idhin
उस दिन لِّلْمُجْرِمِينَ मुजरिमों के लिए lil'muj'rimīna
मुजरिमों के लिए وَيَقُولُونَ और वो (मुजरिम) कहेंगे wayaqūlūna
और वो (मुजरिम) कहेंगे حِجْرًۭا एक आड़ हो ḥij'ran
एक आड़ हो مَّحْجُورًۭا मज़बूत maḥjūran
मज़बूत ٢٢ (22)
(22)
जिस दिन1 वे फ़रिश्तों को देखेंगे, उस दिन अपराधियों के लिए कोई शुभ सूचना नहीं होगी और वे कहेंगे (काश! हमारे और उनके बीच) एक मज़बूत ओट होती।
२५:२३
وَقَدِمْنَآ
और आऐंगे हम
waqadim'nā
और आऐंगे हम إِلَىٰ to ilā
to مَا तरफ़ उसके जो mā
तरफ़ उसके जो عَمِلُوا۟ उन्होंने अमल किए ʿamilū
उन्होंने अमल किए مِنْ of min
of عَمَلٍۢ कोई भी अमल ʿamalin
कोई भी अमल فَجَعَلْنَـٰهُ तो हम बना देंगे उसे fajaʿalnāhu
तो हम बना देंगे उसे هَبَآءًۭ ग़ुबार habāan
ग़ुबार مَّنثُورًا परागन्दा manthūran
परागन्दा ٢٣ (23)
(23)
और आऐंगे हम إِلَىٰ to ilā
to مَا तरफ़ उसके जो mā
तरफ़ उसके जो عَمِلُوا۟ उन्होंने अमल किए ʿamilū
उन्होंने अमल किए مِنْ of min
of عَمَلٍۢ कोई भी अमल ʿamalin
कोई भी अमल فَجَعَلْنَـٰهُ तो हम बना देंगे उसे fajaʿalnāhu
तो हम बना देंगे उसे هَبَآءًۭ ग़ुबार habāan
ग़ुबार مَّنثُورًا परागन्दा manthūran
परागन्दा ٢٣ (23)
(23)
और हम उसकी ओर आएँगे जो उन्होंने कोई भी कर्म किया होगा, तो उसे बिखरी हुई धूल बना देंगे।
२५:२४
أَصْحَـٰبُ
(The) companions
aṣḥābu
(The) companions ٱلْجَنَّةِ जन्नत वाले l-janati
जन्नत वाले يَوْمَئِذٍ उस दिन yawma-idhin
उस दिन خَيْرٌۭ बेहतर होंगे khayrun
बेहतर होंगे مُّسْتَقَرًّۭا ठिकाने में mus'taqarran
ठिकाने में وَأَحْسَنُ और ज़्यादा अच्छे wa-aḥsanu
और ज़्यादा अच्छे مَقِيلًۭا दोपहर गुज़ारने की जगह में maqīlan
दोपहर गुज़ारने की जगह में ٢٤ (24)
(24)
(The) companions ٱلْجَنَّةِ जन्नत वाले l-janati
जन्नत वाले يَوْمَئِذٍ उस दिन yawma-idhin
उस दिन خَيْرٌۭ बेहतर होंगे khayrun
बेहतर होंगे مُّسْتَقَرًّۭا ठिकाने में mus'taqarran
ठिकाने में وَأَحْسَنُ और ज़्यादा अच्छे wa-aḥsanu
और ज़्यादा अच्छे مَقِيلًۭا दोपहर गुज़ारने की जगह में maqīlan
दोपहर गुज़ारने की जगह में ٢٤ (24)
(24)
उस दिन जन्नत वाले ठिकाने के लिहाज़ से बेहतर और आरामगाह के लिहाज़ से कहीं अच्छे होंगे।
२५:२५
وَيَوْمَ
और जिस दिन
wayawma
और जिस दिन تَشَقَّقُ फट जाएगा tashaqqaqu
फट जाएगा ٱلسَّمَآءُ आसमान l-samāu
आसमान بِٱلْغَمَـٰمِ साथ बादलों के bil-ghamāmi
साथ बादलों के وَنُزِّلَ और उतारे जाऐंगे wanuzzila
और उतारे जाऐंगे ٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ फ़रिश्ते l-malāikatu
फ़रिश्ते تَنزِيلًا उतारा जाना tanzīlan
उतारा जाना ٢٥ (25)
(25)
और जिस दिन تَشَقَّقُ फट जाएगा tashaqqaqu
फट जाएगा ٱلسَّمَآءُ आसमान l-samāu
आसमान بِٱلْغَمَـٰمِ साथ बादलों के bil-ghamāmi
साथ बादलों के وَنُزِّلَ और उतारे जाऐंगे wanuzzila
और उतारे जाऐंगे ٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ फ़रिश्ते l-malāikatu
फ़रिश्ते تَنزِيلًا उतारा जाना tanzīlan
उतारा जाना ٢٥ (25)
(25)
और जिस दिन आकाश बादल के साथ1 फट जाएगा और फ़रिश्ते निरंतर उतारे जाएँगे।
२५:२६
ٱلْمُلْكُ
बादशाहत
al-mul'ku
बादशाहत يَوْمَئِذٍ उस दिन yawma-idhin
उस दिन ٱلْحَقُّ बरहक़ है l-ḥaqu
बरहक़ है لِلرَّحْمَـٰنِ ۚ रहमान के लिए lilrraḥmāni
रहमान के लिए وَكَانَ और होगा wakāna
और होगा يَوْمًا वो दिन yawman
वो दिन عَلَى for ʿalā
for ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों पर l-kāfirīna
काफ़िरों पर عَسِيرًۭا बहुत सख़्त ʿasīran
बहुत सख़्त ٢٦ (26)
(26)
बादशाहत يَوْمَئِذٍ उस दिन yawma-idhin
उस दिन ٱلْحَقُّ बरहक़ है l-ḥaqu
बरहक़ है لِلرَّحْمَـٰنِ ۚ रहमान के लिए lilrraḥmāni
रहमान के लिए وَكَانَ और होगा wakāna
और होगा يَوْمًا वो दिन yawman
वो दिन عَلَى for ʿalā
for ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों पर l-kāfirīna
काफ़िरों पर عَسِيرًۭا बहुत सख़्त ʿasīran
बहुत सख़्त ٢٦ (26)
(26)
उस दिन, वास्तविक राज्य 'रहमान' (अति दयावान्) का होगा और वह काफ़िरों के लिए बहुत मुश्किल दिन होगा।
२५:२७
وَيَوْمَ
और जिस दिन
wayawma
और जिस दिन يَعَضُّ दाँतों से काटेगा yaʿaḍḍu
दाँतों से काटेगा ٱلظَّالِمُ ज़ालिम l-ẓālimu
ज़ालिम عَلَىٰ [on] ʿalā
[on] يَدَيْهِ अपने दोनों हाथों पर yadayhi
अपने दोनों हाथों पर يَقُولُ वो कहेगा yaqūlu
वो कहेगा يَـٰلَيْتَنِى ऐ काश कि मैं yālaytanī
ऐ काश कि मैं ٱتَّخَذْتُ बना लेता मैं ittakhadhtu
बना लेता मैं مَعَ साथ maʿa
साथ ٱلرَّسُولِ रसूल के l-rasūli
रसूल के سَبِيلًۭا कुछ रास्ता sabīlan
कुछ रास्ता ٢٧ (27)
(27)
और जिस दिन يَعَضُّ दाँतों से काटेगा yaʿaḍḍu
दाँतों से काटेगा ٱلظَّالِمُ ज़ालिम l-ẓālimu
ज़ालिम عَلَىٰ [on] ʿalā
[on] يَدَيْهِ अपने दोनों हाथों पर yadayhi
अपने दोनों हाथों पर يَقُولُ वो कहेगा yaqūlu
वो कहेगा يَـٰلَيْتَنِى ऐ काश कि मैं yālaytanī
ऐ काश कि मैं ٱتَّخَذْتُ बना लेता मैं ittakhadhtu
बना लेता मैं مَعَ साथ maʿa
साथ ٱلرَّسُولِ रसूल के l-rasūli
रसूल के سَبِيلًۭا कुछ रास्ता sabīlan
कुछ रास्ता ٢٧ (27)
(27)
और जिस दिन अत्याचारी अपने दोनों हाथ चबाएगा। कहेगा : ऐ काश! मैंने रसूल के साथ मार्ग अपनाया होता।
२५:२८
يَـٰوَيْلَتَىٰ
हाय अफ़सोस मुझ पर
yāwaylatā
हाय अफ़सोस मुझ पर لَيْتَنِى काश कि मैं laytanī
काश कि मैं لَمْ ना lam
ना أَتَّخِذْ मैं बनाता attakhidh
मैं बनाता فُلَانًا फ़ुलाँ को fulānan
फ़ुलाँ को خَلِيلًۭا दिली दोस्त khalīlan
दिली दोस्त ٢٨ (28)
(28)
हाय अफ़सोस मुझ पर لَيْتَنِى काश कि मैं laytanī
काश कि मैं لَمْ ना lam
ना أَتَّخِذْ मैं बनाता attakhidh
मैं बनाता فُلَانًا फ़ुलाँ को fulānan
फ़ुलाँ को خَلِيلًۭا दिली दोस्त khalīlan
दिली दोस्त ٢٨ (28)
(28)
हाय मेरा विनाश! काश मैंने अमुक व्यक्ति को मित्र न बनाया होता।
२५:२९
لَّقَدْ
अलबत्ता तहक़ीक़
laqad
अलबत्ता तहक़ीक़ أَضَلَّنِى उसने भटका दिया मुझे aḍallanī
उसने भटका दिया मुझे عَنِ from ʿani
from ٱلذِّكْرِ ज़िक्र (क़ुरआन) से l-dhik'ri
ज़िक्र (क़ुरआन) से بَعْدَ बाद इसके कि baʿda
बाद इसके कि إِذْ जब idh
जब جَآءَنِى ۗ वो आया मेरे पास jāanī
वो आया मेरे पास وَكَانَ और है wakāna
और है ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान l-shayṭānu
शैतान لِلْإِنسَـٰنِ इन्सान को lil'insāni
इन्सान को خَذُولًۭا छोड़ देने वाला khadhūlan
छोड़ देने वाला ٢٩ (29)
(29)
अलबत्ता तहक़ीक़ أَضَلَّنِى उसने भटका दिया मुझे aḍallanī
उसने भटका दिया मुझे عَنِ from ʿani
from ٱلذِّكْرِ ज़िक्र (क़ुरआन) से l-dhik'ri
ज़िक्र (क़ुरआन) से بَعْدَ बाद इसके कि baʿda
बाद इसके कि إِذْ जब idh
जब جَآءَنِى ۗ वो आया मेरे पास jāanī
वो आया मेरे पास وَكَانَ और है wakāna
और है ٱلشَّيْطَـٰنُ शैतान l-shayṭānu
शैतान لِلْإِنسَـٰنِ इन्सान को lil'insāni
इन्सान को خَذُولًۭا छोड़ देने वाला khadhūlan
छोड़ देने वाला ٢٩ (29)
(29)
निःसंदेह उसने मुझे उपदेश (क़ुरआन) से बहका दिया, जबकि वह मेरे पास आ चुका था। और शैतान हमेशा मनुष्य को छोड़ जाने वाला है।
२५:३०
وَقَالَ
और कहेगा
waqāla
और कहेगा ٱلرَّسُولُ रसूल l-rasūlu
रसूल يَـٰرَبِّ ऐ मेरे रब yārabbi
ऐ मेरे रब إِنَّ बेशक inna
बेशक قَوْمِى मेरी क़ौम ने qawmī
मेरी क़ौम ने ٱتَّخَذُوا۟ बना लिया था ittakhadhū
बना लिया था هَـٰذَا इस hādhā
इस ٱلْقُرْءَانَ क़ुरआन को l-qur'āna
क़ुरआन को مَهْجُورًۭا छोड़ा हुआ mahjūran
छोड़ा हुआ ٣٠ (30)
(30)
और कहेगा ٱلرَّسُولُ रसूल l-rasūlu
रसूल يَـٰرَبِّ ऐ मेरे रब yārabbi
ऐ मेरे रब إِنَّ बेशक inna
बेशक قَوْمِى मेरी क़ौम ने qawmī
मेरी क़ौम ने ٱتَّخَذُوا۟ बना लिया था ittakhadhū
बना लिया था هَـٰذَا इस hādhā
इस ٱلْقُرْءَانَ क़ुरआन को l-qur'āna
क़ुरआन को مَهْجُورًۭا छोड़ा हुआ mahjūran
छोड़ा हुआ ٣٠ (30)
(30)
तथा रसूल1 कहेगा : ऐ मेरे पालनहार! निःसंदेह मेरी क़ौम ने इस क़ुरआन को छोड़2 दिया था।
२५:३१
وَكَذَٰلِكَ
और इसी तरह
wakadhālika
और इसी तरह جَعَلْنَا बनाया हमने jaʿalnā
बनाया हमने لِكُلِّ for every likulli
for every نَبِىٍّ हर नबी के लिए nabiyyin
हर नबी के लिए عَدُوًّۭا दुश्मन ʿaduwwan
दुश्मन مِّنَ among mina
among ٱلْمُجْرِمِينَ ۗ मुजरिमों में से l-muj'rimīna
मुजरिमों में से وَكَفَىٰ और काफ़ी है wakafā
और काफ़ी है بِرَبِّكَ आपका रब birabbika
आपका रब هَادِيًۭا हिदायत देने वाला hādiyan
हिदायत देने वाला وَنَصِيرًۭا और मदद करने वाला wanaṣīran
और मदद करने वाला ٣١ (31)
(31)
और इसी तरह جَعَلْنَا बनाया हमने jaʿalnā
बनाया हमने لِكُلِّ for every likulli
for every نَبِىٍّ हर नबी के लिए nabiyyin
हर नबी के लिए عَدُوًّۭا दुश्मन ʿaduwwan
दुश्मन مِّنَ among mina
among ٱلْمُجْرِمِينَ ۗ मुजरिमों में से l-muj'rimīna
मुजरिमों में से وَكَفَىٰ और काफ़ी है wakafā
और काफ़ी है بِرَبِّكَ आपका रब birabbika
आपका रब هَادِيًۭا हिदायत देने वाला hādiyan
हिदायत देने वाला وَنَصِيرًۭا और मदद करने वाला wanaṣīran
और मदद करने वाला ٣١ (31)
(31)
और इसी तरह हमने हर नबी के लिए अपराधियों में से कोई न कोई शत्रु बना दिया और आपका पालनहार मार्गदर्शन प्रदान करने वाला तथा सहायता करने वाला काफ़ी है।
२५:३२
وَقَالَ
और कहा
waqāla
और कहा ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जिन्होंने alladhīna
उन लोगों ने जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया لَوْلَا क्यों नहीं lawlā
क्यों नहीं نُزِّلَ नाज़िल किया गया nuzzila
नाज़िल किया गया عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर ٱلْقُرْءَانُ क़ुरआन l-qur'ānu
क़ुरआन جُمْلَةًۭ इकट्ठा jum'latan
इकट्ठा وَٰحِدَةًۭ ۚ एक ही बार wāḥidatan
एक ही बार كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह لِنُثَبِّتَ ताकि हम मज़बूत कर दें linuthabbita
ताकि हम मज़बूत कर दें بِهِۦ साथ इसके bihi
साथ इसके فُؤَادَكَ ۖ दिल आपका fuādaka
दिल आपका وَرَتَّلْنَـٰهُ और ठहर-ठहर कर पढ़ा हमने उसे warattalnāhu
और ठहर-ठहर कर पढ़ा हमने उसे تَرْتِيلًۭا ठहर-ठहर कर पढ़ना tartīlan
ठहर-ठहर कर पढ़ना ٣٢ (32)
(32)
और कहा ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जिन्होंने alladhīna
उन लोगों ने जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया لَوْلَا क्यों नहीं lawlā
क्यों नहीं نُزِّلَ नाज़िल किया गया nuzzila
नाज़िल किया गया عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर ٱلْقُرْءَانُ क़ुरआन l-qur'ānu
क़ुरआन جُمْلَةًۭ इकट्ठा jum'latan
इकट्ठा وَٰحِدَةًۭ ۚ एक ही बार wāḥidatan
एक ही बार كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह لِنُثَبِّتَ ताकि हम मज़बूत कर दें linuthabbita
ताकि हम मज़बूत कर दें بِهِۦ साथ इसके bihi
साथ इसके فُؤَادَكَ ۖ दिल आपका fuādaka
दिल आपका وَرَتَّلْنَـٰهُ और ठहर-ठहर कर पढ़ा हमने उसे warattalnāhu
और ठहर-ठहर कर पढ़ा हमने उसे تَرْتِيلًۭا ठहर-ठहर कर पढ़ना tartīlan
ठहर-ठहर कर पढ़ना ٣٢ (32)
(32)
तथा कुफ़्र करने वालों ने कहा : यह क़ुरआन उसपर एक ही बार1 क्यों नहीं उतार दिया गया? इसी प्रकार (हमने उतारा) ताकि हम इसके साथ आपके दिल को मज़बूत करें और हमने इसे ख़ूब ठहर-ठहर कर पढ़कर सुनाया है।
२५:३३
وَلَا
और नहीं
walā
और नहीं يَأْتُونَكَ वो लाते आपके पास yatūnaka
वो लाते आपके पास بِمَثَلٍ कोई मिसाल bimathalin
कोई मिसाल إِلَّا मगर illā
मगर جِئْنَـٰكَ लाते हैं हम आपके पास ji'nāka
लाते हैं हम आपके पास بِٱلْحَقِّ हक़ को bil-ḥaqi
हक़ को وَأَحْسَنَ और बेहतरीन wa-aḥsana
और बेहतरीन تَفْسِيرًا तफ़सीर/ वज़ाहत को tafsīran
तफ़सीर/ वज़ाहत को ٣٣ (33)
(33)
और नहीं يَأْتُونَكَ वो लाते आपके पास yatūnaka
वो लाते आपके पास بِمَثَلٍ कोई मिसाल bimathalin
कोई मिसाल إِلَّا मगर illā
मगर جِئْنَـٰكَ लाते हैं हम आपके पास ji'nāka
लाते हैं हम आपके पास بِٱلْحَقِّ हक़ को bil-ḥaqi
हक़ को وَأَحْسَنَ और बेहतरीन wa-aḥsana
और बेहतरीन تَفْسِيرًا तफ़सीर/ वज़ाहत को tafsīran
तफ़सीर/ वज़ाहत को ٣٣ (33)
(33)
और (ऐ रसूल!) जब भी वे आपके पास कोई उदाहरण लाते हैं, तो हम आपके पास सत्य और उत्तम व्याख्या ले आते हैं।
२५:३४
ٱلَّذِينَ
वो लोग जो
alladhīna
वो लोग जो يُحْشَرُونَ इकट्ठे किए जाऐंगे yuḥ'sharūna
इकट्ठे किए जाऐंगे عَلَىٰ on ʿalā
on وُجُوهِهِمْ अपने चेहरों के बल wujūhihim
अपने चेहरों के बल إِلَىٰ to ilā
to جَهَنَّمَ तरफ़ जहन्नम के jahannama
तरफ़ जहन्नम के أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग ulāika
यही लोग شَرٌّۭ बदतरीन हैं sharrun
बदतरीन हैं مَّكَانًۭا मक़ाम के ऐतबार से makānan
मक़ाम के ऐतबार से وَأَضَلُّ और ज़्यादा भटके हुए wa-aḍallu
और ज़्यादा भटके हुए سَبِيلًۭا रास्ते के ऐतबार से sabīlan
रास्ते के ऐतबार से ٣٤ (34)
(34)
वो लोग जो يُحْشَرُونَ इकट्ठे किए जाऐंगे yuḥ'sharūna
इकट्ठे किए जाऐंगे عَلَىٰ on ʿalā
on وُجُوهِهِمْ अपने चेहरों के बल wujūhihim
अपने चेहरों के बल إِلَىٰ to ilā
to جَهَنَّمَ तरफ़ जहन्नम के jahannama
तरफ़ जहन्नम के أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग ulāika
यही लोग شَرٌّۭ बदतरीन हैं sharrun
बदतरीन हैं مَّكَانًۭا मक़ाम के ऐतबार से makānan
मक़ाम के ऐतबार से وَأَضَلُّ और ज़्यादा भटके हुए wa-aḍallu
और ज़्यादा भटके हुए سَبِيلًۭا रास्ते के ऐतबार से sabīlan
रास्ते के ऐतबार से ٣٤ (34)
(34)
वे लोग जो अपने चेहरों के बल जहन्नम की ओर इकट्ठे किए जाएँगे, वही ठिकाने में सबसे बुरे और मार्ग में सबसे अधिक भटके हुए हैं।
२५:३५
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ ءَاتَيْنَا दी हमने ātaynā
दी हमने مُوسَى मूसा को mūsā
मूसा को ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब وَجَعَلْنَا और बनाया हमने wajaʿalnā
और बनाया हमने مَعَهُۥٓ साथ उसके maʿahu
साथ उसके أَخَاهُ उसके भाई akhāhu
उसके भाई هَـٰرُونَ हारून को hārūna
हारून को وَزِيرًۭا मददगार wazīran
मददगार ٣٥ (35)
(35)
और अलबत्ता तहक़ीक़ ءَاتَيْنَا दी हमने ātaynā
दी हमने مُوسَى मूसा को mūsā
मूसा को ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब وَجَعَلْنَا और बनाया हमने wajaʿalnā
और बनाया हमने مَعَهُۥٓ साथ उसके maʿahu
साथ उसके أَخَاهُ उसके भाई akhāhu
उसके भाई هَـٰرُونَ हारून को hārūna
हारून को وَزِيرًۭا मददगार wazīran
मददगार ٣٥ (35)
(35)
तथा निःसंदेह हमने मूसा को किताब दी और उसके साथ उसके भाई हारून को उसका सहायक बनाया।
२५:३६
فَقُلْنَا
फिर कहा हमने
faqul'nā
फिर कहा हमने ٱذْهَبَآ दोनों जाओ idh'habā
दोनों जाओ إِلَى to ilā
to ٱلْقَوْمِ तरफ़ उस क़ौम के l-qawmi
तरफ़ उस क़ौम के ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को فَدَمَّرْنَـٰهُمْ तो हलाक कर दिया हमने उन्हें fadammarnāhum
तो हलाक कर दिया हमने उन्हें تَدْمِيرًۭا हलाक करना tadmīran
हलाक करना ٣٦ (36)
(36)
फिर कहा हमने ٱذْهَبَآ दोनों जाओ idh'habā
दोनों जाओ إِلَى to ilā
to ٱلْقَوْمِ तरफ़ उस क़ौम के l-qawmi
तरफ़ उस क़ौम के ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने كَذَّبُوا۟ झुठलाया kadhabū
झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को فَدَمَّرْنَـٰهُمْ तो हलाक कर दिया हमने उन्हें fadammarnāhum
तो हलाक कर दिया हमने उन्हें تَدْمِيرًۭا हलाक करना tadmīran
हलाक करना ٣٦ (36)
(36)
फिर हमने कहा : तुम दोनों उन लोगों की ओर जाओ, जिन्होंने हमारी आयतों (निशानियों) को झुठला दिया। तो हमने उन्हें बुरी तरह नष्ट कर दिया।
२५:३७
وَقَوْمَ
और क़ौमे
waqawma
और क़ौमे نُوحٍۢ नूह nūḥin
नूह لَّمَّا जब lammā
जब كَذَّبُوا۟ उन्होंने झुठलाया kadhabū
उन्होंने झुठलाया ٱلرُّسُلَ रसूलों को l-rusula
रसूलों को أَغْرَقْنَـٰهُمْ ग़र्क़ कर दिया हमने उन्हें aghraqnāhum
ग़र्क़ कर दिया हमने उन्हें وَجَعَلْنَـٰهُمْ और बना दिया हमने उन्हें wajaʿalnāhum
और बना दिया हमने उन्हें لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए ءَايَةًۭ ۖ एक निशानी āyatan
एक निशानी وَأَعْتَدْنَا और तैयार कर रखा है हमने wa-aʿtadnā
और तैयार कर रखा है हमने لِلظَّـٰلِمِينَ ज़लिमों के लिए lilẓẓālimīna
ज़लिमों के लिए عَذَابًا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब أَلِيمًۭا दर्दनाक alīman
दर्दनाक ٣٧ (37)
(37)
और क़ौमे نُوحٍۢ नूह nūḥin
नूह لَّمَّا जब lammā
जब كَذَّبُوا۟ उन्होंने झुठलाया kadhabū
उन्होंने झुठलाया ٱلرُّسُلَ रसूलों को l-rusula
रसूलों को أَغْرَقْنَـٰهُمْ ग़र्क़ कर दिया हमने उन्हें aghraqnāhum
ग़र्क़ कर दिया हमने उन्हें وَجَعَلْنَـٰهُمْ और बना दिया हमने उन्हें wajaʿalnāhum
और बना दिया हमने उन्हें لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए ءَايَةًۭ ۖ एक निशानी āyatan
एक निशानी وَأَعْتَدْنَا और तैयार कर रखा है हमने wa-aʿtadnā
और तैयार कर रखा है हमने لِلظَّـٰلِمِينَ ज़लिमों के लिए lilẓẓālimīna
ज़लिमों के लिए عَذَابًا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब أَلِيمًۭا दर्दनाक alīman
दर्दनाक ٣٧ (37)
(37)
और नूह़ के समुदाय को भी जब उन्होंने रसूलों को झुठलाया, तो हमने उन्हें डुबो दिया और उन्हें लोगों के लिए एक निशानी बना दिया। तथा हमने अत्याचारियों के लिए एक दुःखदायी यातना1 तैयार कर रखी है।
२५:३८
وَعَادًۭا
और आद
waʿādan
और आद وَثَمُودَا۟ और समूद wathamūdā
और समूद وَأَصْحَـٰبَ and (the) dwellers wa-aṣḥāba
and (the) dwellers ٱلرَّسِّ और कुएँ वाले l-rasi
और कुएँ वाले وَقُرُونًۢا और क़ौमें waqurūnan
और क़ौमें بَيْنَ between bayna
between ذَٰلِكَ दर्मियान उनके dhālika
दर्मियान उनके كَثِيرًۭا बहुत सी kathīran
बहुत सी ٣٨ (38)
(38)
और आद وَثَمُودَا۟ और समूद wathamūdā
और समूद وَأَصْحَـٰبَ and (the) dwellers wa-aṣḥāba
and (the) dwellers ٱلرَّسِّ और कुएँ वाले l-rasi
और कुएँ वाले وَقُرُونًۢا और क़ौमें waqurūnan
और क़ौमें بَيْنَ between bayna
between ذَٰلِكَ दर्मियान उनके dhālika
दर्मियान उनके كَثِيرًۭا बहुत सी kathīran
बहुत सी ٣٨ (38)
(38)
तथा आद और समूद और कुएँ वालों को तथा इनके बीच बहुत-से समुदायों को भी (विनष्ट कर दिया)।
२५:३९
وَكُلًّۭا
और हर एक को
wakullan
और हर एक को ضَرَبْنَا बयान कीं हमने ḍarabnā
बयान कीं हमने لَهُ उसके लिए lahu
उसके लिए ٱلْأَمْثَـٰلَ ۖ मिसालें l-amthāla
मिसालें وَكُلًّۭا और हर एक को wakullan
और हर एक को تَبَّرْنَا हलाक किया हमने tabbarnā
हलाक किया हमने تَتْبِيرًۭا हलाक करना tatbīran
हलाक करना ٣٩ (39)
(39)
और हर एक को ضَرَبْنَا बयान कीं हमने ḍarabnā
बयान कीं हमने لَهُ उसके लिए lahu
उसके लिए ٱلْأَمْثَـٰلَ ۖ मिसालें l-amthāla
मिसालें وَكُلًّۭا और हर एक को wakullan
और हर एक को تَبَّرْنَا हलाक किया हमने tabbarnā
हलाक किया हमने تَتْبِيرًۭا हलाक करना tatbīran
हलाक करना ٣٩ (39)
(39)
और प्रत्येक के लिए हमने उदाहरण पेश किए और प्रत्येक को हमने बुरी तरह नष्ट कर दिया।1
२५:४०
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ أَتَوْا۟ वो आ चुके ataw
वो आ चुके عَلَى upon ʿalā
upon ٱلْقَرْيَةِ उस बस्ती पर l-qaryati
उस बस्ती पर ٱلَّتِىٓ जिस पर allatī
जिस पर أُمْطِرَتْ बरसाई गई थी um'ṭirat
बरसाई गई थी مَطَرَ बारिश maṭara
बारिश ٱلسَّوْءِ ۚ बुरी l-sawi
बुरी أَفَلَمْ क्या भला नहीं afalam
क्या भला नहीं يَكُونُوا۟ थे वो yakūnū
थे वो يَرَوْنَهَا ۚ वो देखते उसे yarawnahā
वो देखते उसे بَلْ बल्कि bal
बल्कि كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो لَا not lā
not يَرْجُونَ ना वो उम्मीद रखते yarjūna
ना वो उम्मीद रखते نُشُورًۭا जी उठने की nushūran
जी उठने की ٤٠ (40)
(40)
और अलबत्ता तहक़ीक़ أَتَوْا۟ वो आ चुके ataw
वो आ चुके عَلَى upon ʿalā
upon ٱلْقَرْيَةِ उस बस्ती पर l-qaryati
उस बस्ती पर ٱلَّتِىٓ जिस पर allatī
जिस पर أُمْطِرَتْ बरसाई गई थी um'ṭirat
बरसाई गई थी مَطَرَ बारिश maṭara
बारिश ٱلسَّوْءِ ۚ बुरी l-sawi
बुरी أَفَلَمْ क्या भला नहीं afalam
क्या भला नहीं يَكُونُوا۟ थे वो yakūnū
थे वो يَرَوْنَهَا ۚ वो देखते उसे yarawnahā
वो देखते उसे بَلْ बल्कि bal
बल्कि كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो لَا not lā
not يَرْجُونَ ना वो उम्मीद रखते yarjūna
ना वो उम्मीद रखते نُشُورًۭا जी उठने की nushūran
जी उठने की ٤٠ (40)
(40)
और निश्चय ही ये लोग1 उस बस्ती2 पर आ चुके हैं, जिसपर बुरी वर्षा की गई। तो क्या ये लोग उसे देखा नहीं करते थे? बल्कि ये लोग पुनः जीवित करके उठाए जाने की आशा नहीं रखते थे।
२५:४१
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब رَأَوْكَ वो देखते हैं आपको ra-awka
वो देखते हैं आपको إِن नहीं in
नहीं يَتَّخِذُونَكَ वो बनाते आपको yattakhidhūnaka
वो बनाते आपको إِلَّا मगर illā
मगर هُزُوًا मज़ाक़ huzuwan
मज़ाक़ أَهَـٰذَا क्या ये है ahādhā
क्या ये है ٱلَّذِى वो जिसे alladhī
वो जिसे بَعَثَ भेजा baʿatha
भेजा ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने رَسُولًا रसूल बना कर rasūlan
रसूल बना कर ٤١ (41)
(41)
और जब رَأَوْكَ वो देखते हैं आपको ra-awka
वो देखते हैं आपको إِن नहीं in
नहीं يَتَّخِذُونَكَ वो बनाते आपको yattakhidhūnaka
वो बनाते आपको إِلَّا मगर illā
मगर هُزُوًا मज़ाक़ huzuwan
मज़ाक़ أَهَـٰذَا क्या ये है ahādhā
क्या ये है ٱلَّذِى वो जिसे alladhī
वो जिसे بَعَثَ भेजा baʿatha
भेजा ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने رَسُولًا रसूल बना कर rasūlan
रसूल बना कर ٤١ (41)
(41)
और जब वे आपको देखते हैं, तो आपका मज़ाक़ बना लेते हैं (और कहते हैं :) क्या यही है, जिसे अल्लाह ने रसूल बनाकर भेजा है?!
२५:४२
إِن
बेशक
in
बेशक كَادَ वो क़रीब था kāda
वो क़रीब था لَيُضِلُّنَا कि वो भटका देता हमें layuḍillunā
कि वो भटका देता हमें عَنْ from ʿan
from ءَالِهَتِنَا हमारे इलाहों से ālihatinā
हमारे इलाहों से لَوْلَآ अगर ना होती lawlā
अगर ना होती أَن ये (बात) कि an
ये (बात) कि صَبَرْنَا सब्र करते / जमे रहते हम ṣabarnā
सब्र करते / जमे रहते हम عَلَيْهَا ۚ उन पर ʿalayhā
उन पर وَسَوْفَ और अनक़रीब wasawfa
और अनक़रीब يَعْلَمُونَ वो जान लेंगे yaʿlamūna
वो जान लेंगे حِينَ जिस वक़्त ḥīna
जिस वक़्त يَرَوْنَ वो देखेंगे yarawna
वो देखेंगे ٱلْعَذَابَ अज़ाब l-ʿadhāba
अज़ाब مَنْ कि कौन man
कि कौन أَضَلُّ ज़्यादा भटका हुआ है aḍallu
ज़्यादा भटका हुआ है سَبِيلًا रास्ते से sabīlan
रास्ते से ٤٢ (42)
(42)
बेशक كَادَ वो क़रीब था kāda
वो क़रीब था لَيُضِلُّنَا कि वो भटका देता हमें layuḍillunā
कि वो भटका देता हमें عَنْ from ʿan
from ءَالِهَتِنَا हमारे इलाहों से ālihatinā
हमारे इलाहों से لَوْلَآ अगर ना होती lawlā
अगर ना होती أَن ये (बात) कि an
ये (बात) कि صَبَرْنَا सब्र करते / जमे रहते हम ṣabarnā
सब्र करते / जमे रहते हम عَلَيْهَا ۚ उन पर ʿalayhā
उन पर وَسَوْفَ और अनक़रीब wasawfa
और अनक़रीब يَعْلَمُونَ वो जान लेंगे yaʿlamūna
वो जान लेंगे حِينَ जिस वक़्त ḥīna
जिस वक़्त يَرَوْنَ वो देखेंगे yarawna
वो देखेंगे ٱلْعَذَابَ अज़ाब l-ʿadhāba
अज़ाब مَنْ कि कौन man
कि कौन أَضَلُّ ज़्यादा भटका हुआ है aḍallu
ज़्यादा भटका हुआ है سَبِيلًا रास्ते से sabīlan
रास्ते से ٤٢ (42)
(42)
निःसंदेह यह तो क़रीब था कि हमें हमारे पूज्यों से भटका ही देता, यदि हम उनपर अडिग न रहते। और शीघ्र ही वे जान लेंगे, जब वे यातना देखेंगे, कि मार्ग से अधिक पथभ्रष्ट कौन है?
२५:४३
أَرَءَيْتَ
क्या देखा आपने (उसे)
ara-ayta
क्या देखा आपने (उसे) مَنِ जिसने mani
जिसने ٱتَّخَذَ बना लिया ittakhadha
बना लिया إِلَـٰهَهُۥ इलाह अपना ilāhahu
इलाह अपना هَوَىٰهُ अपनी ख़्वाहिशे नफ़्स को hawāhu
अपनी ख़्वाहिशे नफ़्स को أَفَأَنتَ क्या भला आप afa-anta
क्या भला आप تَكُونُ आप होंगे takūnu
आप होंगे عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर وَكِيلًا ज़िम्मेदार wakīlan
ज़िम्मेदार ٤٣ (43)
(43)
क्या देखा आपने (उसे) مَنِ जिसने mani
जिसने ٱتَّخَذَ बना लिया ittakhadha
बना लिया إِلَـٰهَهُۥ इलाह अपना ilāhahu
इलाह अपना هَوَىٰهُ अपनी ख़्वाहिशे नफ़्स को hawāhu
अपनी ख़्वाहिशे नफ़्स को أَفَأَنتَ क्या भला आप afa-anta
क्या भला आप تَكُونُ आप होंगे takūnu
आप होंगे عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर وَكِيلًا ज़िम्मेदार wakīlan
ज़िम्मेदार ٤٣ (43)
(43)
क्या आपने उस व्यक्ति को देखा, जिसने अपनी इच्छा को अपना पूज्य बना लिया, तो क्या आप उसके संरक्षक1 होंगे?
२५:४४
أَمْ
या
am
या تَحْسَبُ आप समझते हैं taḥsabu
आप समझते हैं أَنَّ कि बेशक anna
कि बेशक أَكْثَرَهُمْ अक्सर उनके aktharahum
अक्सर उनके يَسْمَعُونَ वो सुनते हैं yasmaʿūna
वो सुनते हैं أَوْ या aw
या يَعْقِلُونَ ۚ वो समझते हैं yaʿqilūna
वो समझते हैं إِنْ नहीं हैं in
नहीं हैं هُمْ वो hum
वो إِلَّا मगर illā
मगर كَٱلْأَنْعَـٰمِ ۖ जानवरों की तरह kal-anʿāmi
जानवरों की तरह بَلْ बल्कि bal
बल्कि هُمْ वो hum
वो أَضَلُّ ज़्यादा भटके हुए हैं aḍallu
ज़्यादा भटके हुए हैं سَبِيلًا रास्ते से sabīlan
रास्ते से ٤٤ (44)
(44)
या تَحْسَبُ आप समझते हैं taḥsabu
आप समझते हैं أَنَّ कि बेशक anna
कि बेशक أَكْثَرَهُمْ अक्सर उनके aktharahum
अक्सर उनके يَسْمَعُونَ वो सुनते हैं yasmaʿūna
वो सुनते हैं أَوْ या aw
या يَعْقِلُونَ ۚ वो समझते हैं yaʿqilūna
वो समझते हैं إِنْ नहीं हैं in
नहीं हैं هُمْ वो hum
वो إِلَّا मगर illā
मगर كَٱلْأَنْعَـٰمِ ۖ जानवरों की तरह kal-anʿāmi
जानवरों की तरह بَلْ बल्कि bal
बल्कि هُمْ वो hum
वो أَضَلُّ ज़्यादा भटके हुए हैं aḍallu
ज़्यादा भटके हुए हैं سَبِيلًا रास्ते से sabīlan
रास्ते से ٤٤ (44)
(44)
क्या आप समझते हैं कि उनमें से अधिकांश वास्तव में सुनते हैं या समझते हैं? वे तो चौपायों के समान हैं, बल्कि उनसे भी अधिक पथभ्रष्ट हैं।
२५:४५
أَلَمْ
क्या नहीं
alam
क्या नहीं تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा إِلَىٰ [to] ilā
[to] رَبِّكَ तरफ़ अपने रब के rabbika
तरफ़ अपने रब के كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह مَدَّ उसने फैला दिया madda
उसने फैला दिया ٱلظِّلَّ साय को l-ẓila
साय को وَلَوْ और अगर walaw
और अगर شَآءَ वो चाहता shāa
वो चाहता لَجَعَلَهُۥ अलबत्ता वो बना देता उसे lajaʿalahu
अलबत्ता वो बना देता उसे سَاكِنًۭا साकिन / ठहरा हुआ sākinan
साकिन / ठहरा हुआ ثُمَّ फिर thumma
फिर جَعَلْنَا बनाया हमने jaʿalnā
बनाया हमने ٱلشَّمْسَ सूरज को l-shamsa
सूरज को عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर دَلِيلًۭا दलील/राहनुमा dalīlan
दलील/राहनुमा ٤٥ (45)
(45)
क्या नहीं تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा إِلَىٰ [to] ilā
[to] رَبِّكَ तरफ़ अपने रब के rabbika
तरफ़ अपने रब के كَيْفَ किस तरह kayfa
किस तरह مَدَّ उसने फैला दिया madda
उसने फैला दिया ٱلظِّلَّ साय को l-ẓila
साय को وَلَوْ और अगर walaw
और अगर شَآءَ वो चाहता shāa
वो चाहता لَجَعَلَهُۥ अलबत्ता वो बना देता उसे lajaʿalahu
अलबत्ता वो बना देता उसे سَاكِنًۭا साकिन / ठहरा हुआ sākinan
साकिन / ठहरा हुआ ثُمَّ फिर thumma
फिर جَعَلْنَا बनाया हमने jaʿalnā
बनाया हमने ٱلشَّمْسَ सूरज को l-shamsa
सूरज को عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर دَلِيلًۭا दलील/राहनुमा dalīlan
दलील/राहनुमा ٤٥ (45)
(45)
क्या आपने अपने रब को नहीं देखा कि उसने किस तरह छाया को फैला दिया? और यदि वह चाहता, तो उसे अवश्य स्थिर1 कर देता। फिर हमने सूर्य को उसका पता2 बताने वाला बनाया।
२५:४६
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर قَبَضْنَـٰهُ समेट लिया हमने उसे qabaḍnāhu
समेट लिया हमने उसे إِلَيْنَا अपनी तरफ़ ilaynā
अपनी तरफ़ قَبْضًۭا समेटना qabḍan
समेटना يَسِيرًۭا आहिस्ता-आहिस्ता yasīran
आहिस्ता-आहिस्ता ٤٦ (46)
(46)
फिर قَبَضْنَـٰهُ समेट लिया हमने उसे qabaḍnāhu
समेट लिया हमने उसे إِلَيْنَا अपनी तरफ़ ilaynā
अपनी तरफ़ قَبْضًۭا समेटना qabḍan
समेटना يَسِيرًۭا आहिस्ता-आहिस्ता yasīran
आहिस्ता-आहिस्ता ٤٦ (46)
(46)
फिर हम उस (छाया) को अपनी ओर धीरे-धीरे समेट लेते हैं।
२५:४७
وَهُوَ
और वो ही है
wahuwa
और वो ही है ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने جَعَلَ बनाया jaʿala
बनाया لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلَّيْلَ रात को al-layla
रात को لِبَاسًۭا लिबास libāsan
लिबास وَٱلنَّوْمَ और नींद को wal-nawma
और नींद को سُبَاتًۭا बाइसे आराम subātan
बाइसे आराम وَجَعَلَ और उसने बनाया wajaʿala
और उसने बनाया ٱلنَّهَارَ दिन को l-nahāra
दिन को نُشُورًۭا उठने का वक़्त nushūran
उठने का वक़्त ٤٧ (47)
(47)
और वो ही है ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने جَعَلَ बनाया jaʿala
बनाया لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلَّيْلَ रात को al-layla
रात को لِبَاسًۭا लिबास libāsan
लिबास وَٱلنَّوْمَ और नींद को wal-nawma
और नींद को سُبَاتًۭا बाइसे आराम subātan
बाइसे आराम وَجَعَلَ और उसने बनाया wajaʿala
और उसने बनाया ٱلنَّهَارَ दिन को l-nahāra
दिन को نُشُورًۭا उठने का वक़्त nushūran
उठने का वक़्त ٤٧ (47)
(47)
और वही है, जिसने तुम्हारे लिए रात्रि1 को वस्त्र बनाया तथा नींद को विश्राम तथा दिन को उठ खड़े होने का समय बनाया।
२५:४८
وَهُوَ
और वो ही है
wahuwa
और वो ही है ٱلَّذِىٓ जिसने alladhī
जिसने أَرْسَلَ भेजा arsala
भेजा ٱلرِّيَـٰحَ हवाओं को l-riyāḥa
हवाओं को بُشْرًۢا ख़ुशख़बरी बना कर bush'ran
ख़ुशख़बरी बना कर بَيْنَ आगे-आगे bayna
आगे-आगे يَدَىْ before yaday
before رَحْمَتِهِۦ ۚ अपनी रहमत के raḥmatihi
अपनी रहमत के وَأَنزَلْنَا और उतारा हमने wa-anzalnā
और उतारा हमने مِنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से مَآءًۭ पानी māan
पानी طَهُورًۭا पाक ṭahūran
पाक ٤٨ (48)
(48)
और वो ही है ٱلَّذِىٓ जिसने alladhī
जिसने أَرْسَلَ भेजा arsala
भेजा ٱلرِّيَـٰحَ हवाओं को l-riyāḥa
हवाओं को بُشْرًۢا ख़ुशख़बरी बना कर bush'ran
ख़ुशख़बरी बना कर بَيْنَ आगे-आगे bayna
आगे-आगे يَدَىْ before yaday
before رَحْمَتِهِۦ ۚ अपनी रहमत के raḥmatihi
अपनी रहमत के وَأَنزَلْنَا और उतारा हमने wa-anzalnā
और उतारा हमने مِنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से مَآءًۭ पानी māan
पानी طَهُورًۭا पाक ṭahūran
पाक ٤٨ (48)
(48)
तथा वही है जिसने हवाओं को अपनी रहमत से पहले शुभ सूचना बनाकर भेजा। और हमने आसमान से पाक करने वाला पानी उतारा।
२५:४९
لِّنُحْـِۧىَ
ताकि हम ज़िन्दा करें
linuḥ'yiya
ताकि हम ज़िन्दा करें بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके بَلْدَةًۭ शहर baldatan
शहर مَّيْتًۭا मुर्दा को maytan
मुर्दा को وَنُسْقِيَهُۥ और हम पिलाऐं उसे wanus'qiyahu
और हम पिलाऐं उसे مِمَّا उनमें से जो mimmā
उनमें से जो خَلَقْنَآ पैदा किए हमने khalaqnā
पैदा किए हमने أَنْعَـٰمًۭا मवेशी anʿāman
मवेशी وَأَنَاسِىَّ और इन्सान wa-anāsiyya
और इन्सान كَثِيرًۭا बहुत से kathīran
बहुत से ٤٩ (49)
(49)
ताकि हम ज़िन्दा करें بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके بَلْدَةًۭ शहर baldatan
शहर مَّيْتًۭا मुर्दा को maytan
मुर्दा को وَنُسْقِيَهُۥ और हम पिलाऐं उसे wanus'qiyahu
और हम पिलाऐं उसे مِمَّا उनमें से जो mimmā
उनमें से जो خَلَقْنَآ पैदा किए हमने khalaqnā
पैदा किए हमने أَنْعَـٰمًۭا मवेशी anʿāman
मवेशी وَأَنَاسِىَّ और इन्सान wa-anāsiyya
और इन्सान كَثِيرًۭا बहुत से kathīran
बहुत से ٤٩ (49)
(49)
ताकि उसके द्वारा मृत भू-भाग को जीवन प्रदान करें तथा उसे अपनी पैदा की हुई चीज़ों में से बहुत से जानवरों और मनुष्यों के पीने के लिए उपलब्ध कराएँ।
२५:५०
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ صَرَّفْنَـٰهُ फेर-फेर कर लाए हैं हम उसे ṣarrafnāhu
फेर-फेर कर लाए हैं हम उसे بَيْنَهُمْ दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके لِيَذَّكَّرُوا۟ ताकि वो नसीहत पकड़ें liyadhakkarū
ताकि वो नसीहत पकड़ें فَأَبَىٰٓ तो इन्कार किया fa-abā
तो इन्कार किया أَكْثَرُ अक्सर aktharu
अक्सर ٱلنَّاسِ लोगों ने l-nāsi
लोगों ने إِلَّا सिवाए illā
सिवाए كُفُورًۭا नाशुक्री करने के kufūran
नाशुक्री करने के ٥٠ (50)
(50)
और अलबत्ता तहक़ीक़ صَرَّفْنَـٰهُ फेर-फेर कर लाए हैं हम उसे ṣarrafnāhu
फेर-फेर कर लाए हैं हम उसे بَيْنَهُمْ दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके لِيَذَّكَّرُوا۟ ताकि वो नसीहत पकड़ें liyadhakkarū
ताकि वो नसीहत पकड़ें فَأَبَىٰٓ तो इन्कार किया fa-abā
तो इन्कार किया أَكْثَرُ अक्सर aktharu
अक्सर ٱلنَّاسِ लोगों ने l-nāsi
लोगों ने إِلَّا सिवाए illā
सिवाए كُفُورًۭا नाशुक्री करने के kufūran
नाशुक्री करने के ٥٠ (50)
(50)
निःसंदेह हमने उसे उनके दरमियान विभिन्न ढंग से वर्णन किया, ताकि वे उपदेश ग्रहण करें। परंतु अधिकतर लोगों ने इनकार और नाशुक्री ही की नीति अपनाई।
२५:५१
وَلَوْ
और अगर
walaw
और अगर شِئْنَا चाहते हम shi'nā
चाहते हम لَبَعَثْنَا अलबत्ता भेज देते हम labaʿathnā
अलबत्ता भेज देते हम فِى in fī
in كُلِّ every kulli
every قَرْيَةٍۢ हर बस्ती में qaryatin
हर बस्ती में نَّذِيرًۭا एक डराने वाला nadhīran
एक डराने वाला ٥١ (51)
(51)
और अगर شِئْنَا चाहते हम shi'nā
चाहते हम لَبَعَثْنَا अलबत्ता भेज देते हम labaʿathnā
अलबत्ता भेज देते हम فِى in fī
in كُلِّ every kulli
every قَرْيَةٍۢ हर बस्ती में qaryatin
हर बस्ती में نَّذِيرًۭا एक डराने वाला nadhīran
एक डराने वाला ٥١ (51)
(51)
और यदि हम चाहते, तो अवश्य प्रत्येक बस्ती में एक डराने वाला1 भेज देते।
२५:५२
فَلَا
तो ना
falā
तो ना تُطِعِ आप इताअत कीजिए tuṭiʿi
आप इताअत कीजिए ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों की l-kāfirīna
काफ़िरों की وَجَـٰهِدْهُم और जिहाद कीजिए उनसे wajāhid'hum
और जिहाद कीजिए उनसे بِهِۦ साथ इसके bihi
साथ इसके جِهَادًۭا जिहाद jihādan
जिहाद كَبِيرًۭا बहुत बड़ा kabīran
बहुत बड़ा ٥٢ (52)
(52)
तो ना تُطِعِ आप इताअत कीजिए tuṭiʿi
आप इताअत कीजिए ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों की l-kāfirīna
काफ़िरों की وَجَـٰهِدْهُم और जिहाद कीजिए उनसे wajāhid'hum
और जिहाद कीजिए उनसे بِهِۦ साथ इसके bihi
साथ इसके جِهَادًۭا जिहाद jihādan
जिहाद كَبِيرًۭا बहुत बड़ा kabīran
बहुत बड़ा ٥٢ (52)
(52)
अतः आप काफ़िरों की बात न मानें और इस (क़ुरआन) के द्वारा उनसे बड़ा जिहाद1 करें।
२५:५३
۞ وَهُوَ
और वो ही है
wahuwa
और वो ही है ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने مَرَجَ मिला दिया maraja
मिला दिया ٱلْبَحْرَيْنِ दो समुन्दरों को l-baḥrayni
दो समुन्दरों को هَـٰذَا ये hādhā
ये عَذْبٌۭ मीठा है ʿadhbun
मीठा है فُرَاتٌۭ ख़ुश मज़ा furātun
ख़ुश मज़ा وَهَـٰذَا और ये wahādhā
और ये مِلْحٌ नमकीन है mil'ḥun
नमकीन है أُجَاجٌۭ कड़वा ujājun
कड़वा وَجَعَلَ और उसने बना दिया wajaʿala
और उसने बना दिया بَيْنَهُمَا उन दोनों के दर्मियान baynahumā
उन दोनों के दर्मियान بَرْزَخًۭا एक परदा barzakhan
एक परदा وَحِجْرًۭا और एक आड़ waḥij'ran
और एक आड़ مَّحْجُورًۭا मज़बूत maḥjūran
मज़बूत ٥٣ (53)
(53)
और वो ही है ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने مَرَجَ मिला दिया maraja
मिला दिया ٱلْبَحْرَيْنِ दो समुन्दरों को l-baḥrayni
दो समुन्दरों को هَـٰذَا ये hādhā
ये عَذْبٌۭ मीठा है ʿadhbun
मीठा है فُرَاتٌۭ ख़ुश मज़ा furātun
ख़ुश मज़ा وَهَـٰذَا और ये wahādhā
और ये مِلْحٌ नमकीन है mil'ḥun
नमकीन है أُجَاجٌۭ कड़वा ujājun
कड़वा وَجَعَلَ और उसने बना दिया wajaʿala
और उसने बना दिया بَيْنَهُمَا उन दोनों के दर्मियान baynahumā
उन दोनों के दर्मियान بَرْزَخًۭا एक परदा barzakhan
एक परदा وَحِجْرًۭا और एक आड़ waḥij'ran
और एक आड़ مَّحْجُورًۭا मज़बूत maḥjūran
मज़बूत ٥٣ (53)
(53)
वही है जिसने दो सागरों को मिला दिया। यह मीठा, प्यास बुझाने वाला है और यह खारा, कड़वा है। और उसने उन दोनों के बीच एक परदा1 और मज़बूत आड़ बना दी।
२५:५४
وَهُوَ
और वो ही है
wahuwa
और वो ही है ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया مِنَ from mina
from ٱلْمَآءِ पानी से l-māi
पानी से بَشَرًۭا एक इन्सान को basharan
एक इन्सान को فَجَعَلَهُۥ फिर उसने बना दिया उसे fajaʿalahu
फिर उसने बना दिया उसे نَسَبًۭا नसब nasaban
नसब وَصِهْرًۭا ۗ और ससुराल (वाला) waṣih'ran
और ससुराल (वाला) وَكَانَ और है wakāna
और है رَبُّكَ रब आपका rabbuka
रब आपका قَدِيرًۭا बहुत क़ुदरत वाला qadīran
बहुत क़ुदरत वाला ٥٤ (54)
(54)
और वो ही है ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया مِنَ from mina
from ٱلْمَآءِ पानी से l-māi
पानी से بَشَرًۭا एक इन्सान को basharan
एक इन्सान को فَجَعَلَهُۥ फिर उसने बना दिया उसे fajaʿalahu
फिर उसने बना दिया उसे نَسَبًۭا नसब nasaban
नसब وَصِهْرًۭا ۗ और ससुराल (वाला) waṣih'ran
और ससुराल (वाला) وَكَانَ और है wakāna
और है رَبُّكَ रब आपका rabbuka
रब आपका قَدِيرًۭا बहुत क़ुदरत वाला qadīran
बहुत क़ुदरत वाला ٥٤ (54)
(54)
तथा वही है, जिसने पानी (वीर्य) से एक मनुष्य को पैदा किया। फिर उसके ख़ानदानी तथा ससुरालाी संबंध बना दिए। और आपका पालनहार बड़ा ही सामर्थ्यवान् है।
२५:५५
وَيَعْبُدُونَ
और वो इबादत करते हैं
wayaʿbudūna
और वो इबादत करते हैं مِن besides Allah min
besides Allah دُونِ सिवाए dūni
सिवाए ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के مَا उनकी जो mā
उनकी जो لَا not profits them lā
not profits them يَنفَعُهُمْ ना वो नफ़ा दे सकते हैं उन्हें yanfaʿuhum
ना वो नफ़ा दे सकते हैं उन्हें وَلَا और ना walā
और ना يَضُرُّهُمْ ۗ वो नुक़्सान दे सकते हैं उन्हें yaḍurruhum
वो नुक़्सान दे सकते हैं उन्हें وَكَانَ और है wakāna
और है ٱلْكَافِرُ काफ़िर l-kāfiru
काफ़िर عَلَىٰ against ʿalā
against رَبِّهِۦ ख़िलाफ़ अपने रब के rabbihi
ख़िलाफ़ अपने रब के ظَهِيرًۭا मददगार ẓahīran
मददगार ٥٥ (55)
(55)
और वो इबादत करते हैं مِن besides Allah min
besides Allah دُونِ सिवाए dūni
सिवाए ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के مَا उनकी जो mā
उनकी जो لَا not profits them lā
not profits them يَنفَعُهُمْ ना वो नफ़ा दे सकते हैं उन्हें yanfaʿuhum
ना वो नफ़ा दे सकते हैं उन्हें وَلَا और ना walā
और ना يَضُرُّهُمْ ۗ वो नुक़्सान दे सकते हैं उन्हें yaḍurruhum
वो नुक़्सान दे सकते हैं उन्हें وَكَانَ और है wakāna
और है ٱلْكَافِرُ काफ़िर l-kāfiru
काफ़िर عَلَىٰ against ʿalā
against رَبِّهِۦ ख़िलाफ़ अपने रब के rabbihi
ख़िलाफ़ अपने रब के ظَهِيرًۭا मददगार ẓahīran
मददगार ٥٥ (55)
(55)
और वे अल्लाह के सिवा उस चीज़ की इबादत करते हैं, जो न उन्हें फ़ायदा पहुँचाती है और न नुक़सान पहुँचाती है और काफ़िर हमेशा अपने पालनहार के विरुद्ध मदद करने वाला है।
२५:५६
وَمَآ
और नहीं
wamā
और नहीं أَرْسَلْنَـٰكَ भेजा हमने आपको arsalnāka
भेजा हमने आपको إِلَّا मगर illā
मगर مُبَشِّرًۭا ख़ुशख़बरी देने वाला mubashiran
ख़ुशख़बरी देने वाला وَنَذِيرًۭا और डराने वाला (बनाकर) wanadhīran
और डराने वाला (बनाकर) ٥٦ (56)
(56)
और नहीं أَرْسَلْنَـٰكَ भेजा हमने आपको arsalnāka
भेजा हमने आपको إِلَّا मगर illā
मगर مُبَشِّرًۭا ख़ुशख़बरी देने वाला mubashiran
ख़ुशख़बरी देने वाला وَنَذِيرًۭا और डराने वाला (बनाकर) wanadhīran
और डराने वाला (बनाकर) ٥٦ (56)
(56)
तथा हमने आपको केवल शुभ-सूचना देने वाला और सावधान करने वाला बनाकर भेजा है।
२५:५७
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए مَآ नहीं mā
नहीं أَسْـَٔلُكُمْ मैं माँगता तुम से asalukum
मैं माँगता तुम से عَلَيْهِ इस पर ʿalayhi
इस पर مِنْ any min
any أَجْرٍ कोई अजर ajrin
कोई अजर إِلَّا मगर illā
मगर مَن जो man
जो شَآءَ चाहे shāa
चाहे أَن कि an
कि يَتَّخِذَ वो बना ले yattakhidha
वो बना ले إِلَىٰ to ilā
to رَبِّهِۦ तरफ़ अपने रब के rabbihi
तरफ़ अपने रब के سَبِيلًۭا कोई रास्ता sabīlan
कोई रास्ता ٥٧ (57)
(57)
कह दीजिए مَآ नहीं mā
नहीं أَسْـَٔلُكُمْ मैं माँगता तुम से asalukum
मैं माँगता तुम से عَلَيْهِ इस पर ʿalayhi
इस पर مِنْ any min
any أَجْرٍ कोई अजर ajrin
कोई अजर إِلَّا मगर illā
मगर مَن जो man
जो شَآءَ चाहे shāa
चाहे أَن कि an
कि يَتَّخِذَ वो बना ले yattakhidha
वो बना ले إِلَىٰ to ilā
to رَبِّهِۦ तरफ़ अपने रब के rabbihi
तरफ़ अपने रब के سَبِيلًۭا कोई रास्ता sabīlan
कोई रास्ता ٥٧ (57)
(57)
आप कह दें : मैं तुमसे इसपर1 कोई बदला नहीं माँगता, सिवाय इसके कि जो चाहे अपने पालनहार की ओर मार्ग अपना ले।
२५:५८
وَتَوَكَّلْ
और तवक्कल कीजिए
watawakkal
और तवक्कल कीजिए عَلَى in ʿalā
in ٱلْحَىِّ हमेशा ज़िन्दा रहने वाले पर l-ḥayi
हमेशा ज़िन्दा रहने वाले पर ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो لَا does not die lā
does not die يَمُوتُ नहीं मरेगा yamūtu
नहीं मरेगा وَسَبِّحْ और तस्बीह बयान कीजिए wasabbiḥ
और तस्बीह बयान कीजिए بِحَمْدِهِۦ ۚ साथ उसकी हम्द के biḥamdihi
साथ उसकी हम्द के وَكَفَىٰ और काफ़ी है wakafā
और काफ़ी है بِهِۦ उसका bihi
उसका بِذُنُوبِ गुनाहों से bidhunūbi
गुनाहों से عِبَادِهِۦ अपने बन्दों के ʿibādihi
अपने बन्दों के خَبِيرًا ख़ूब बाख़बर होना khabīran
ख़ूब बाख़बर होना ٥٨ (58)
(58)
और तवक्कल कीजिए عَلَى in ʿalā
in ٱلْحَىِّ हमेशा ज़िन्दा रहने वाले पर l-ḥayi
हमेशा ज़िन्दा रहने वाले पर ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो لَا does not die lā
does not die يَمُوتُ नहीं मरेगा yamūtu
नहीं मरेगा وَسَبِّحْ और तस्बीह बयान कीजिए wasabbiḥ
और तस्बीह बयान कीजिए بِحَمْدِهِۦ ۚ साथ उसकी हम्द के biḥamdihi
साथ उसकी हम्द के وَكَفَىٰ और काफ़ी है wakafā
और काफ़ी है بِهِۦ उसका bihi
उसका بِذُنُوبِ गुनाहों से bidhunūbi
गुनाहों से عِبَادِهِۦ अपने बन्दों के ʿibādihi
अपने बन्दों के خَبِيرًا ख़ूब बाख़बर होना khabīran
ख़ूब बाख़बर होना ٥٨ (58)
(58)
तथा उस सदा जीवंत पर भरोसा कीजिए, जो कभी नहीं मरेगा। और उसकी प्रशंसा के साथ पवित्रता का गान कीजिए। और वह अपने बंदों के गुनाहों की पूरी ख़बर रखने वाला काफ़ी है।
२५:५९
ٱلَّذِى
वो जिसने
alladhī
वो जिसने خَلَقَ पैदा किए khalaqa
पैदा किए ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमान l-samāwāti
आसमान وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन wal-arḍa
और ज़मीन وَمَا और जो wamā
और जो بَيْنَهُمَا दर्मियान है इन दोनों के baynahumā
दर्मियान है इन दोनों के فِى in fī
in سِتَّةِ six sittati
six أَيَّامٍۢ छ: दिनों में ayyāmin
छ: दिनों में ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱسْتَوَىٰ वो बुलन्द हुआ is'tawā
वो बुलन्द हुआ عَلَى over ʿalā
over ٱلْعَرْشِ ۚ अर्श पर l-ʿarshi
अर्श पर ٱلرَّحْمَـٰنُ जो रहमान है l-raḥmānu
जो रहमान है فَسْـَٔلْ पस पूछिए fasal
पस पूछिए بِهِۦ उसके बारे में bihi
उसके बारे में خَبِيرًۭا किसी ख़ूब ख़बर रखने वाले से khabīran
किसी ख़ूब ख़बर रखने वाले से ٥٩ (59)
(59)
वो जिसने خَلَقَ पैदा किए khalaqa
पैदा किए ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमान l-samāwāti
आसमान وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन wal-arḍa
और ज़मीन وَمَا और जो wamā
और जो بَيْنَهُمَا दर्मियान है इन दोनों के baynahumā
दर्मियान है इन दोनों के فِى in fī
in سِتَّةِ six sittati
six أَيَّامٍۢ छ: दिनों में ayyāmin
छ: दिनों में ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱسْتَوَىٰ वो बुलन्द हुआ is'tawā
वो बुलन्द हुआ عَلَى over ʿalā
over ٱلْعَرْشِ ۚ अर्श पर l-ʿarshi
अर्श पर ٱلرَّحْمَـٰنُ जो रहमान है l-raḥmānu
जो रहमान है فَسْـَٔلْ पस पूछिए fasal
पस पूछिए بِهِۦ उसके बारे में bihi
उसके बारे में خَبِيرًۭا किसी ख़ूब ख़बर रखने वाले से khabīran
किसी ख़ूब ख़बर रखने वाले से ٥٩ (59)
(59)
जिसने आकाशों तथा धरती को और जो कुछ उनके बीच है, छह दिनों में पैदा किया, फिर अर्श (सिंहासन) पर बुलंद हुआ। (वह) बहुत दयालु है। अतः उसके बारे में किसी पूर्ण जानकार से पूछिए।
२५:६०
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब قِيلَ कहा जाता है qīla
कहा जाता है لَهُمُ उन्हें lahumu
उन्हें ٱسْجُدُوا۟ सजदा करो us'judū
सजदा करो لِلرَّحْمَـٰنِ रहमान को lilrraḥmāni
रहमान को قَالُوا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं وَمَا और क्या है wamā
और क्या है ٱلرَّحْمَـٰنُ रहमान l-raḥmānu
रहमान أَنَسْجُدُ क्या हम सजदा करें anasjudu
क्या हम सजदा करें لِمَا उसे जो limā
उसे जो تَأْمُرُنَا तुम हुक्म देते हो हमें tamurunā
तुम हुक्म देते हो हमें وَزَادَهُمْ और उसने ज़्यादा कर दिया उन्हें wazādahum
और उसने ज़्यादा कर दिया उन्हें نُفُورًۭا ۩ नफ़रत में nufūran
नफ़रत में ٦٠ (60)
(60)
और जब قِيلَ कहा जाता है qīla
कहा जाता है لَهُمُ उन्हें lahumu
उन्हें ٱسْجُدُوا۟ सजदा करो us'judū
सजदा करो لِلرَّحْمَـٰنِ रहमान को lilrraḥmāni
रहमान को قَالُوا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं وَمَا और क्या है wamā
और क्या है ٱلرَّحْمَـٰنُ रहमान l-raḥmānu
रहमान أَنَسْجُدُ क्या हम सजदा करें anasjudu
क्या हम सजदा करें لِمَا उसे जो limā
उसे जो تَأْمُرُنَا तुम हुक्म देते हो हमें tamurunā
तुम हुक्म देते हो हमें وَزَادَهُمْ और उसने ज़्यादा कर दिया उन्हें wazādahum
और उसने ज़्यादा कर दिया उन्हें نُفُورًۭا ۩ नफ़रत में nufūran
नफ़रत में ٦٠ (60)
(60)
और जब उनसे कहा जाता है कि 'रह़मान' (अत्यंत दयावान्) को सजदा करो, तो कहते हैं कि 'रह़मान' क्या है? क्या हम उसे सजदा करें, जिसके लिए तू हमें आदेश देता है? और यह बात उन्हें बिदकने में और बढ़ा देती है।
२५:६१
تَبَارَكَ
बहुत बाबरकत है
tabāraka
बहुत बाबरकत है ٱلَّذِى वो जिसने alladhī
वो जिसने جَعَلَ बनाया jaʿala
बनाया فِى in fī
in ٱلسَّمَآءِ आसमान में l-samāi
आसमान में بُرُوجًۭا बुर्जों को burūjan
बुर्जों को وَجَعَلَ और बनाया wajaʿala
और बनाया فِيهَا उसमें fīhā
उसमें سِرَٰجًۭا चिराग़ / सूरज sirājan
चिराग़ / सूरज وَقَمَرًۭا और चाँद को waqamaran
और चाँद को مُّنِيرًۭا रौशन munīran
रौशन ٦١ (61)
(61)
बहुत बाबरकत है ٱلَّذِى वो जिसने alladhī
वो जिसने جَعَلَ बनाया jaʿala
बनाया فِى in fī
in ٱلسَّمَآءِ आसमान में l-samāi
आसमान में بُرُوجًۭا बुर्जों को burūjan
बुर्जों को وَجَعَلَ और बनाया wajaʿala
और बनाया فِيهَا उसमें fīhā
उसमें سِرَٰجًۭا चिराग़ / सूरज sirājan
चिराग़ / सूरज وَقَمَرًۭا और चाँद को waqamaran
और चाँद को مُّنِيرًۭا रौशन munīran
रौशन ٦١ (61)
(61)
बहुत बरकत वाला है वह, जिसने आकाश में बुर्ज (नक्षत्र) बनाए तथा उसमें एक चिराग़ (सूर्य) और एक रोशनी देने वाला चाँद बनाया।
२५:६२
وَهُوَ
और वो ही है
wahuwa
और वो ही है ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने جَعَلَ बनाया jaʿala
बनाया ٱلَّيْلَ रात को al-layla
रात को وَٱلنَّهَارَ और दिन को wal-nahāra
और दिन को خِلْفَةًۭ एक दूसरे के पीछे आने वाला khil'fatan
एक दूसरे के पीछे आने वाला لِّمَنْ उसके लिए जो liman
उसके लिए जो أَرَادَ इरादा करे arāda
इरादा करे أَن कि an
कि يَذَّكَّرَ वो नसीहत पकड़े yadhakkara
वो नसीहत पकड़े أَوْ या aw
या أَرَادَ वो इरादा करे arāda
वो इरादा करे شُكُورًۭا शुक्रगुज़ारी का shukūran
शुक्रगुज़ारी का ٦٢ (62)
(62)
और वो ही है ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने جَعَلَ बनाया jaʿala
बनाया ٱلَّيْلَ रात को al-layla
रात को وَٱلنَّهَارَ और दिन को wal-nahāra
और दिन को خِلْفَةًۭ एक दूसरे के पीछे आने वाला khil'fatan
एक दूसरे के पीछे आने वाला لِّمَنْ उसके लिए जो liman
उसके लिए जो أَرَادَ इरादा करे arāda
इरादा करे أَن कि an
कि يَذَّكَّرَ वो नसीहत पकड़े yadhakkara
वो नसीहत पकड़े أَوْ या aw
या أَرَادَ वो इरादा करे arāda
वो इरादा करे شُكُورًۭا शुक्रगुज़ारी का shukūran
शुक्रगुज़ारी का ٦٢ (62)
(62)
और वही है जिसने रात तथा दिन को एक-दूसरे के पीछे आने वाला बनाया, उसके लिए जो उपदेश ग्रहण करना चाहे, या शुक्र करना चाहे।
२५:६३
وَعِبَادُ
और बन्दे
waʿibādu
और बन्दे ٱلرَّحْمَـٰنِ रहमान के l-raḥmāni
रहमान के ٱلَّذِينَ वो हैं जो alladhīna
वो हैं जो يَمْشُونَ चलते हैं yamshūna
चलते हैं عَلَى on ʿalā
on ٱلْأَرْضِ ज़मीन पर l-arḍi
ज़मीन पर هَوْنًۭا आहिस्तगी से hawnan
आहिस्तगी से وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब خَاطَبَهُمُ मुख़ातिब होते हैं उनसे khāṭabahumu
मुख़ातिब होते हैं उनसे ٱلْجَـٰهِلُونَ जाहिल लोग l-jāhilūna
जाहिल लोग قَالُوا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं سَلَـٰمًۭا सलाम salāman
सलाम ٦٣ (63)
(63)
और बन्दे ٱلرَّحْمَـٰنِ रहमान के l-raḥmāni
रहमान के ٱلَّذِينَ वो हैं जो alladhīna
वो हैं जो يَمْشُونَ चलते हैं yamshūna
चलते हैं عَلَى on ʿalā
on ٱلْأَرْضِ ज़मीन पर l-arḍi
ज़मीन पर هَوْنًۭا आहिस्तगी से hawnan
आहिस्तगी से وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब خَاطَبَهُمُ मुख़ातिब होते हैं उनसे khāṭabahumu
मुख़ातिब होते हैं उनसे ٱلْجَـٰهِلُونَ जाहिल लोग l-jāhilūna
जाहिल लोग قَالُوا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं سَلَـٰمًۭا सलाम salāman
सलाम ٦٣ (63)
(63)
और 'रह़मान' के बंदे वे हैं, जो धरती पर विनम्रता1 से चलते हैं और जब जाहिल (अक्खड़) लोग उनसे बात करते हैं, तो कहते हैं सलाम है।2
२५:६४
وَٱلَّذِينَ
और वो जो
wa-alladhīna
और वो जो يَبِيتُونَ रात गुज़ारते हैं yabītūna
रात गुज़ारते हैं لِرَبِّهِمْ अपने रब के लिए lirabbihim
अपने रब के लिए سُجَّدًۭا सजदा करते हुए sujjadan
सजदा करते हुए وَقِيَـٰمًۭا और क़याम करते हुए waqiyāman
और क़याम करते हुए ٦٤ (64)
(64)
और वो जो يَبِيتُونَ रात गुज़ारते हैं yabītūna
रात गुज़ारते हैं لِرَبِّهِمْ अपने रब के लिए lirabbihim
अपने रब के लिए سُجَّدًۭا सजदा करते हुए sujjadan
सजदा करते हुए وَقِيَـٰمًۭا और क़याम करते हुए waqiyāman
और क़याम करते हुए ٦٤ (64)
(64)
और जो अपने पालनहार के लिए सजदा करते हुए तथा खड़े होकर1 रात गुज़ारते हैं।
२५:६५
وَٱلَّذِينَ
और वो जो
wa-alladhīna
और वो जो يَقُولُونَ कहते हैं yaqūlūna
कहते हैं رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब ٱصْرِفْ फेर दे iṣ'rif
फेर दे عَنَّا हम से ʿannā
हम से عَذَابَ अज़ाब ʿadhāba
अज़ाब جَهَنَّمَ ۖ जहन्नम का jahannama
जहन्नम का إِنَّ बेशक inna
बेशक عَذَابَهَا अज़ाब उसका ʿadhābahā
अज़ाब उसका كَانَ है kāna
है غَرَامًا लाज़िम होने वाला gharāman
लाज़िम होने वाला ٦٥ (65)
(65)
और वो जो يَقُولُونَ कहते हैं yaqūlūna
कहते हैं رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब ٱصْرِفْ फेर दे iṣ'rif
फेर दे عَنَّا हम से ʿannā
हम से عَذَابَ अज़ाब ʿadhāba
अज़ाब جَهَنَّمَ ۖ जहन्नम का jahannama
जहन्नम का إِنَّ बेशक inna
बेशक عَذَابَهَا अज़ाब उसका ʿadhābahā
अज़ाब उसका كَانَ है kāna
है غَرَامًا लाज़िम होने वाला gharāman
लाज़िम होने वाला ٦٥ (65)
(65)
तथा जो कहते हैं कि ऐ हमारे पालनहार! हमसे जहन्नम की यातना को हटा दे। निःसंदेह उसकी यातना चिमट जाने वाली है।
२५:६६
إِنَّهَا
बेशक वो
innahā
बेशक वो سَآءَتْ बहुत बुरा है sāat
बहुत बुरा है مُسْتَقَرًّۭا ठिकाना mus'taqarran
ठिकाना وَمُقَامًۭا और क़यामगाह wamuqāman
और क़यामगाह ٦٦ (66)
(66)
बेशक वो سَآءَتْ बहुत बुरा है sāat
बहुत बुरा है مُسْتَقَرًّۭا ठिकाना mus'taqarran
ठिकाना وَمُقَامًۭا और क़यामगाह wamuqāman
और क़यामगाह ٦٦ (66)
(66)
निःसंदेह वह बुरी ठहरने की जगह और निवास की जगह है।
२५:६७
وَٱلَّذِينَ
और वो लोग
wa-alladhīna
और वो लोग إِذَآ जब idhā
जब أَنفَقُوا۟ वो ख़र्च करते हैं anfaqū
वो ख़र्च करते हैं لَمْ ना lam
ना يُسْرِفُوا۟ वो इसराफ़ करते हैं yus'rifū
वो इसराफ़ करते हैं وَلَمْ और ना walam
और ना يَقْتُرُوا۟ वो बुख़्ल करते हैं yaqturū
वो बुख़्ल करते हैं وَكَانَ और होता है wakāna
और होता है بَيْنَ between bayna
between ذَٰلِكَ दर्मियान उसके dhālika
दर्मियान उसके قَوَامًۭا मोअतदल (तरीक़ा) qawāman
मोअतदल (तरीक़ा) ٦٧ (67)
(67)
और वो लोग إِذَآ जब idhā
जब أَنفَقُوا۟ वो ख़र्च करते हैं anfaqū
वो ख़र्च करते हैं لَمْ ना lam
ना يُسْرِفُوا۟ वो इसराफ़ करते हैं yus'rifū
वो इसराफ़ करते हैं وَلَمْ और ना walam
और ना يَقْتُرُوا۟ वो बुख़्ल करते हैं yaqturū
वो बुख़्ल करते हैं وَكَانَ और होता है wakāna
और होता है بَيْنَ between bayna
between ذَٰلِكَ दर्मियान उसके dhālika
दर्मियान उसके قَوَامًۭا मोअतदल (तरीक़ा) qawāman
मोअतदल (तरीक़ा) ٦٧ (67)
(67)
तथा वे लोग कि जब खर्च करते हैं, तो न फ़िज़ूल-खर्ची करते है और न ख़र्च करने में तंगी करते हैं, और (उनका ख़र्च) इसके बीच में मध्यम होता है।
२५:६८
وَٱلَّذِينَ
और वो जो
wa-alladhīna
और वो जो لَا (do) not lā
(do) not يَدْعُونَ नहीं वो पुकारते yadʿūna
नहीं वो पुकारते مَعَ साथ maʿa
साथ ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के إِلَـٰهًا इलाह ilāhan
इलाह ءَاخَرَ दूसरा ākhara
दूसरा وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَقْتُلُونَ वो क़त्ल करते yaqtulūna
वो क़त्ल करते ٱلنَّفْسَ किसी जान को l-nafsa
किसी जान को ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो حَرَّمَ हराम की ḥarrama
हराम की ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने إِلَّا मगर illā
मगर بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَزْنُونَ ۚ वो ज़िना करते yaznūna
वो ज़िना करते وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَفْعَلْ करेगा yafʿal
करेगा ذَٰلِكَ ऐसा dhālika
ऐसा يَلْقَ वो पाएगा yalqa
वो पाएगा أَثَامًۭا गुनाह (की सज़ा) को athāman
गुनाह (की सज़ा) को ٦٨ (68)
(68)
और वो जो لَا (do) not lā
(do) not يَدْعُونَ नहीं वो पुकारते yadʿūna
नहीं वो पुकारते مَعَ साथ maʿa
साथ ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के إِلَـٰهًا इलाह ilāhan
इलाह ءَاخَرَ दूसरा ākhara
दूसरा وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَقْتُلُونَ वो क़त्ल करते yaqtulūna
वो क़त्ल करते ٱلنَّفْسَ किसी जान को l-nafsa
किसी जान को ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो حَرَّمَ हराम की ḥarrama
हराम की ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने إِلَّا मगर illā
मगर بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के وَلَا और नहीं walā
और नहीं يَزْنُونَ ۚ वो ज़िना करते yaznūna
वो ज़िना करते وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई يَفْعَلْ करेगा yafʿal
करेगा ذَٰلِكَ ऐसा dhālika
ऐसा يَلْقَ वो पाएगा yalqa
वो पाएगा أَثَامًۭا गुनाह (की सज़ा) को athāman
गुनाह (की सज़ा) को ٦٨ (68)
(68)
और जो अल्लाह के साथ किसी दूसरे पूज्य1 को नहीं पुकारते, और न उस प्राण को क़त्ल करते हैं, जिसे अल्लाह ने ह़राम ठहराया है परंतु हक़ के साथ और न व्यभिचार करते हैं। और जो ऐसा करेगा, वह पाप का भागी बनेगा।
२५:६९
يُضَـٰعَفْ
दोगुना किया जाएगा
yuḍāʿaf
दोगुना किया जाएगा لَهُ उसके लिए lahu
उसके लिए ٱلْعَذَابُ अज़ाब l-ʿadhābu
अज़ाब يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के وَيَخْلُدْ और वो हमेशा रहेगा wayakhlud
और वो हमेशा रहेगा فِيهِۦ उसमें fīhi
उसमें مُهَانًا ज़लील हो कर muhānan
ज़लील हो कर ٦٩ (69)
(69)
दोगुना किया जाएगा لَهُ उसके लिए lahu
उसके लिए ٱلْعَذَابُ अज़ाब l-ʿadhābu
अज़ाब يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के وَيَخْلُدْ और वो हमेशा रहेगा wayakhlud
और वो हमेशा रहेगा فِيهِۦ उसमें fīhi
उसमें مُهَانًا ज़लील हो कर muhānan
ज़लील हो कर ٦٩ (69)
(69)
क़ियामत के दिन उसकी यातना दुगुनी कर दी जाएगी और वह अपमानित1 होकर उसमें हमेशा रहेगा।
२५:७०
إِلَّا
मगर
illā
मगर مَن जिसने man
जिसने تَابَ तौबा की tāba
तौबा की وَءَامَنَ और वो ईमान लाया waāmana
और वो ईमान लाया وَعَمِلَ और उसने अमल करे waʿamila
और उसने अमल करे عَمَلًۭا अमल ʿamalan
अमल صَـٰلِحًۭا नेक ṣāliḥan
नेक فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं يُبَدِّلُ बदल देगा yubaddilu
बदल देगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह سَيِّـَٔاتِهِمْ उनकी बुराइयों को sayyiātihim
उनकी बुराइयों को حَسَنَـٰتٍۢ ۗ भलाइयों से ḥasanātin
भलाइयों से وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह غَفُورًۭا बहुत बख़शने वाला ghafūran
बहुत बख़शने वाला رَّحِيمًۭا बहुत रहम करने वाला raḥīman
बहुत रहम करने वाला ٧٠ (70)
(70)
मगर مَن जिसने man
जिसने تَابَ तौबा की tāba
तौबा की وَءَامَنَ और वो ईमान लाया waāmana
और वो ईमान लाया وَعَمِلَ और उसने अमल करे waʿamila
और उसने अमल करे عَمَلًۭا अमल ʿamalan
अमल صَـٰلِحًۭا नेक ṣāliḥan
नेक فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं يُبَدِّلُ बदल देगा yubaddilu
बदल देगा ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह سَيِّـَٔاتِهِمْ उनकी बुराइयों को sayyiātihim
उनकी बुराइयों को حَسَنَـٰتٍۢ ۗ भलाइयों से ḥasanātin
भलाइयों से وَكَانَ और है wakāna
और है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह غَفُورًۭا बहुत बख़शने वाला ghafūran
बहुत बख़शने वाला رَّحِيمًۭا बहुत रहम करने वाला raḥīman
बहुत रहम करने वाला ٧٠ (70)
(70)
परंतु जिसने तौबा कर ली और ईमान ले आया और अच्छे काम किए, तो ये लोग हैं जिनके बुरे कामों को अल्लाह नेकियों में बदल देगा और अल्लाह हमेशा बहुत बख़्शने वाला, अत्यंत दयावान् है।
२५:७१
وَمَن
और जो कोई
waman
और जो कोई تَابَ तौबा करे tāba
तौबा करे وَعَمِلَ और वो अमल करे waʿamila
और वो अमल करे صَـٰلِحًۭا नेक ṣāliḥan
नेक فَإِنَّهُۥ तो बेशक वो fa-innahu
तो बेशक वो يَتُوبُ वो पलट आता है yatūbu
वो पलट आता है إِلَى to ilā
to ٱللَّهِ तरफ़ अल्लाह के l-lahi
तरफ़ अल्लाह के مَتَابًۭا पलटना matāban
पलटना ٧١ (71)
(71)
और जो कोई تَابَ तौबा करे tāba
तौबा करे وَعَمِلَ और वो अमल करे waʿamila
और वो अमल करे صَـٰلِحًۭا नेक ṣāliḥan
नेक فَإِنَّهُۥ तो बेशक वो fa-innahu
तो बेशक वो يَتُوبُ वो पलट आता है yatūbu
वो पलट आता है إِلَى to ilā
to ٱللَّهِ तरफ़ अल्लाह के l-lahi
तरफ़ अल्लाह के مَتَابًۭا पलटना matāban
पलटना ٧١ (71)
(71)
और जो तौबा कर ले और नेक काम करे, तो निश्चय ही वह अल्लाह की ओर सच्चे तौर पर पलटता है।
२५:७२
وَٱلَّذِينَ
और वे जो
wa-alladhīna
और वे जो لَا (do) not lā
(do) not يَشْهَدُونَ नहीं वो गवाह बनते yashhadūna
नहीं वो गवाह बनते ٱلزُّورَ झूठ के l-zūra
झूठ के وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब مَرُّوا۟ वो गुज़र ते है marrū
वो गुज़र ते है بِٱللَّغْوِ लग़्व पर bil-laghwi
लग़्व पर مَرُّوا۟ वो गुज़र जाते हैं marrū
वो गुज़र जाते हैं كِرَامًۭا इज़्ज़त से kirāman
इज़्ज़त से ٧٢ (72)
(72)
और वे जो لَا (do) not lā
(do) not يَشْهَدُونَ नहीं वो गवाह बनते yashhadūna
नहीं वो गवाह बनते ٱلزُّورَ झूठ के l-zūra
झूठ के وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब مَرُّوا۟ वो गुज़र ते है marrū
वो गुज़र ते है بِٱللَّغْوِ लग़्व पर bil-laghwi
लग़्व पर مَرُّوا۟ वो गुज़र जाते हैं marrū
वो गुज़र जाते हैं كِرَامًۭا इज़्ज़त से kirāman
इज़्ज़त से ٧٢ (72)
(72)
तथा जो झूठ में भाग नहीं लेते और जब व्यर्थ के काम के पास से गुज़रते हैं, तो सज्जन बनकर गुज़र जाते हैं।
२५:७३
وَٱلَّذِينَ
और वो लोग जो
wa-alladhīna
और वो लोग जो إِذَا जब idhā
जब ذُكِّرُوا۟ वो नसीहत किए जाते हैं dhukkirū
वो नसीहत किए जाते हैं بِـَٔايَـٰتِ साथ आयात के biāyāti
साथ आयात के رَبِّهِمْ अपने रब की rabbihim
अपने रब की لَمْ नहीं lam
नहीं يَخِرُّوا۟ वो गिर पड़ते yakhirrū
वो गिर पड़ते عَلَيْهَا उन पर ʿalayhā
उन पर صُمًّۭا बहरे ṣumman
बहरे وَعُمْيَانًۭا और अँधे बन कर waʿum'yānan
और अँधे बन कर ٧٣ (73)
(73)
और वो लोग जो إِذَا जब idhā
जब ذُكِّرُوا۟ वो नसीहत किए जाते हैं dhukkirū
वो नसीहत किए जाते हैं بِـَٔايَـٰتِ साथ आयात के biāyāti
साथ आयात के رَبِّهِمْ अपने रब की rabbihim
अपने रब की لَمْ नहीं lam
नहीं يَخِرُّوا۟ वो गिर पड़ते yakhirrū
वो गिर पड़ते عَلَيْهَا उन पर ʿalayhā
उन पर صُمًّۭا बहरे ṣumman
बहरे وَعُمْيَانًۭا और अँधे बन कर waʿum'yānan
और अँधे बन कर ٧٣ (73)
(73)
और वे लोग कि जब उन्हें उनके पालनहार की आयतों के साथ नसीहत की जाए, तो उनपर बहरे तथा अंधे होकर1 नहीं गिरते।
२५:७४
وَٱلَّذِينَ
और वो जो
wa-alladhīna
और वो जो يَقُولُونَ कहते हैं yaqūlūna
कहते हैं رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब هَبْ अता कर hab
अता कर لَنَا हमें lanā
हमें مِنْ from min
from أَزْوَٰجِنَا हमारी बीवियों से azwājinā
हमारी बीवियों से وَذُرِّيَّـٰتِنَا और हमारी औलाद से wadhurriyyātinā
और हमारी औलाद से قُرَّةَ ठंडक qurrata
ठंडक أَعْيُنٍۢ आँखों की aʿyunin
आँखों की وَٱجْعَلْنَا और बना हमें wa-ij'ʿalnā
और बना हमें لِلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों का lil'muttaqīna
मुत्तक़ी लोगों का إِمَامًا इमाम / राहनुमा imāman
इमाम / राहनुमा ٧٤ (74)
(74)
और वो जो يَقُولُونَ कहते हैं yaqūlūna
कहते हैं رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब هَبْ अता कर hab
अता कर لَنَا हमें lanā
हमें مِنْ from min
from أَزْوَٰجِنَا हमारी बीवियों से azwājinā
हमारी बीवियों से وَذُرِّيَّـٰتِنَا और हमारी औलाद से wadhurriyyātinā
और हमारी औलाद से قُرَّةَ ठंडक qurrata
ठंडक أَعْيُنٍۢ आँखों की aʿyunin
आँखों की وَٱجْعَلْنَا और बना हमें wa-ij'ʿalnā
और बना हमें لِلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों का lil'muttaqīna
मुत्तक़ी लोगों का إِمَامًا इमाम / राहनुमा imāman
इमाम / राहनुमा ٧٤ (74)
(74)
तथा जो कहते हैं : ऐ हमारे पालनहार! हमें हमारी पत्नियों तथा संतानों से आँखों की ठंडक प्रदान कर और हमें परहेज़गारों का 'इमाम' बना दे।
२५:७५
أُو۟لَـٰٓئِكَ
यही लोग हैं
ulāika
यही लोग हैं يُجْزَوْنَ जो बदले में दिए जाऐंगे yuj'zawna
जो बदले में दिए जाऐंगे ٱلْغُرْفَةَ बालाख़ाने l-ghur'fata
बालाख़ाने بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो صَبَرُوا۟ उन्होंने सब्र किया ṣabarū
उन्होंने सब्र किया وَيُلَقَّوْنَ और वो इस्तक़बाल किए जाऐंगे wayulaqqawna
और वो इस्तक़बाल किए जाऐंगे فِيهَا उसमें fīhā
उसमें تَحِيَّةًۭ दुआए ख़ैर taḥiyyatan
दुआए ख़ैर وَسَلَـٰمًا और सलाम से wasalāman
और सलाम से ٧٥ (75)
(75)
यही लोग हैं يُجْزَوْنَ जो बदले में दिए जाऐंगे yuj'zawna
जो बदले में दिए जाऐंगे ٱلْغُرْفَةَ बालाख़ाने l-ghur'fata
बालाख़ाने بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो صَبَرُوا۟ उन्होंने सब्र किया ṣabarū
उन्होंने सब्र किया وَيُلَقَّوْنَ और वो इस्तक़बाल किए जाऐंगे wayulaqqawna
और वो इस्तक़बाल किए जाऐंगे فِيهَا उसमें fīhā
उसमें تَحِيَّةًۭ दुआए ख़ैर taḥiyyatan
दुआए ख़ैर وَسَلَـٰمًا और सलाम से wasalāman
और सलाम से ٧٥ (75)
(75)
यही वे लोग हैं, जिन्हें उनके धैर्य के बदले में उच्च भवन दिया जाएगा और उसमें जीवन की प्रार्थना और अभिवादन के साथ उनका स्वागत किया जाएगा।
२५:७६
خَـٰلِدِينَ
हमेशा रहने वाले हैं
khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَا ۚ उसमें fīhā
उसमें حَسُنَتْ कितना अच्छा है ḥasunat
कितना अच्छा है مُسْتَقَرًّۭا ठिकाना mus'taqarran
ठिकाना وَمُقَامًۭا और क़यामगाह wamuqāman
और क़यामगाह ٧٦ (76)
(76)
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَا ۚ उसमें fīhā
उसमें حَسُنَتْ कितना अच्छा है ḥasunat
कितना अच्छा है مُسْتَقَرًّۭا ठिकाना mus'taqarran
ठिकाना وَمُقَامًۭا और क़यामगाह wamuqāman
और क़यामगाह ٧٦ (76)
(76)
वे उसमें हमेशा रहने वाले हैं। वह ठहरने और रहने का अच्छा स्थान है!
२५:७७
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए مَا ना mā
ना يَعْبَؤُا۟ परवाह करता yaʿba-u
परवाह करता بِكُمْ तुम्हारी bikum
तुम्हारी رَبِّى रब मेरा rabbī
रब मेरा لَوْلَا अगर ना होती lawlā
अगर ना होती دُعَآؤُكُمْ ۖ दुआ तुम्हारी duʿāukum
दुआ तुम्हारी فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ كَذَّبْتُمْ झुठला दिया तुम ने kadhabtum
झुठला दिया तुम ने فَسَوْفَ तो अनक़रीब fasawfa
तो अनक़रीब يَكُونُ होगा yakūnu
होगा لِزَامًۢا चिमट जाने वाला (अज़ाब) lizāman
चिमट जाने वाला (अज़ाब) ٧٧ (77)
(77)
कह दीजिए مَا ना mā
ना يَعْبَؤُا۟ परवाह करता yaʿba-u
परवाह करता بِكُمْ तुम्हारी bikum
तुम्हारी رَبِّى रब मेरा rabbī
रब मेरा لَوْلَا अगर ना होती lawlā
अगर ना होती دُعَآؤُكُمْ ۖ दुआ तुम्हारी duʿāukum
दुआ तुम्हारी فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़ كَذَّبْتُمْ झुठला दिया तुम ने kadhabtum
झुठला दिया तुम ने فَسَوْفَ तो अनक़रीब fasawfa
तो अनक़रीब يَكُونُ होगा yakūnu
होगा لِزَامًۢا चिमट जाने वाला (अज़ाब) lizāman
चिमट जाने वाला (अज़ाब) ٧٧ (77)
(77)
(ऐ नबी!) कह दें : मेरे पालनहार को तुम्हारी कोई परवाह नहीं, यदि तुम (उसे) न पुकारो।1 क्योंकि निश्चय ही तुमने झुठलाया है, तो शीघ्र (उसका परिणाम) आ जाएगा।