४५
अल-जासिया
الجاثية
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
४५:१
حمٓ
ح م
hha-meem
ح م ١ (1)
(1)
ح م ١ (1)
(1)
ह़ा, मीम।
४५:२
تَنزِيلُ
नाज़िल करना है
tanzīlu
नाज़िल करना है ٱلْكِتَـٰبِ किताब का l-kitābi
किताब का مِنَ (is) from mina
(is) from ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से ٱلْعَزِيزِ जो बहुत ज़बरदस्त है l-ʿazīzi
जो बहुत ज़बरदस्त है ٱلْحَكِيمِ ख़ूब हिकमत वाला है l-ḥakīmi
ख़ूब हिकमत वाला है ٢ (2)
(2)
नाज़िल करना है ٱلْكِتَـٰبِ किताब का l-kitābi
किताब का مِنَ (is) from mina
(is) from ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से ٱلْعَزِيزِ जो बहुत ज़बरदस्त है l-ʿazīzi
जो बहुत ज़बरदस्त है ٱلْحَكِيمِ ख़ूब हिकमत वाला है l-ḥakīmi
ख़ूब हिकमत वाला है ٢ (2)
(2)
इस पुस्तक1 का अवतरण अल्लाह की ओर से है, जो सब पर प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
४५:३
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक فِى in fī
in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन में wal-arḍi
और ज़मीन में لَـَٔايَـٰتٍۢ अलबत्ता निशानियाँ हैं laāyātin
अलबत्ता निशानियाँ हैं لِّلْمُؤْمِنِينَ ईमान वालों के लिए lil'mu'minīna
ईमान वालों के लिए ٣ (3)
(3)
बेशक فِى in fī
in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन में wal-arḍi
और ज़मीन में لَـَٔايَـٰتٍۢ अलबत्ता निशानियाँ हैं laāyātin
अलबत्ता निशानियाँ हैं لِّلْمُؤْمِنِينَ ईमान वालों के लिए lil'mu'minīna
ईमान वालों के लिए ٣ (3)
(3)
निःसंदेह आकाशों तथा धरती में ईमानवालों के लिए बहुत-सी निशानियाँ हैं।
४५:४
وَفِى
And in
wafī
And in خَلْقِكُمْ और तुम्हारी पैदाइश में khalqikum
और तुम्हारी पैदाइश में وَمَا और जो wamā
और जो يَبُثُّ वो फैलाता है yabuthu
वो फैलाता है مِن of min
of دَآبَّةٍ जानदारों में से dābbatin
जानदारों में से ءَايَـٰتٌۭ निशानियाँ हैं āyātun
निशानियाँ हैं لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يُوقِنُونَ जो यक़ीन रखते हैं yūqinūna
जो यक़ीन रखते हैं ٤ (4)
(4)
And in خَلْقِكُمْ और तुम्हारी पैदाइश में khalqikum
और तुम्हारी पैदाइश में وَمَا और जो wamā
और जो يَبُثُّ वो फैलाता है yabuthu
वो फैलाता है مِن of min
of دَآبَّةٍ जानदारों में से dābbatin
जानदारों में से ءَايَـٰتٌۭ निशानियाँ हैं āyātun
निशानियाँ हैं لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يُوقِنُونَ जो यक़ीन रखते हैं yūqinūna
जो यक़ीन रखते हैं ٤ (4)
(4)
तथा तुम्हारी सृष्टि में और उन जीवित चीज़ों में जो वह फैलाता1 है, उन लोगों के लिए बहुत-सी निशानियाँ हैं जो विश्वास करते हैं।
४५:५
وَٱخْتِلَـٰفِ
और इख़्तिलाफ़ में
wa-ikh'tilāfi
और इख़्तिलाफ़ में ٱلَّيْلِ रात al-layli
रात وَٱلنَّهَارِ और दिन के wal-nahāri
और दिन के وَمَآ और जो wamā
और जो أَنزَلَ उतारा anzala
उतारा ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مِنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से مِن of min
of رِّزْقٍۢ रिज़्क़ में से riz'qin
रिज़्क़ में से فَأَحْيَا फिर उसने ज़िन्दा किया fa-aḥyā
फिर उसने ज़िन्दा किया بِهِ साथ उसके bihi
साथ उसके ٱلْأَرْضَ ज़मीन को l-arḍa
ज़मीन को بَعْدَ बाद baʿda
बाद مَوْتِهَا उसकी मौत के mawtihā
उसकी मौत के وَتَصْرِيفِ और गर्दिश में wataṣrīfi
और गर्दिश में ٱلرِّيَـٰحِ हवाओं की l-riyāḥi
हवाओं की ءَايَـٰتٌۭ निशानियाँ हैं āyātun
निशानियाँ हैं لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يَعْقِلُونَ जो अक़्ल रखते हैं yaʿqilūna
जो अक़्ल रखते हैं ٥ (5)
(5)
और इख़्तिलाफ़ में ٱلَّيْلِ रात al-layli
रात وَٱلنَّهَارِ और दिन के wal-nahāri
और दिन के وَمَآ और जो wamā
और जो أَنزَلَ उतारा anzala
उतारा ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने مِنَ from mina
from ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से مِن of min
of رِّزْقٍۢ रिज़्क़ में से riz'qin
रिज़्क़ में से فَأَحْيَا फिर उसने ज़िन्दा किया fa-aḥyā
फिर उसने ज़िन्दा किया بِهِ साथ उसके bihi
साथ उसके ٱلْأَرْضَ ज़मीन को l-arḍa
ज़मीन को بَعْدَ बाद baʿda
बाद مَوْتِهَا उसकी मौत के mawtihā
उसकी मौत के وَتَصْرِيفِ और गर्दिश में wataṣrīfi
और गर्दिश में ٱلرِّيَـٰحِ हवाओं की l-riyāḥi
हवाओं की ءَايَـٰتٌۭ निशानियाँ हैं āyātun
निशानियाँ हैं لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يَعْقِلُونَ जो अक़्ल रखते हैं yaʿqilūna
जो अक़्ल रखते हैं ٥ (5)
(5)
तथा रात और दिन के फेर-बदल में और उस रोज़ी में जो अल्लाह ने आकाश से उतारा, फिर उसके द्वारा धरती को उसके मरने के पश्चात् जीवित कर दिया, तथा हवाओं के फेरने में, उन लोगों के लिए बहुत-सी निशानियाँ हैं, जो बुद्धि से काम लेते हैं।
४५:६
تِلْكَ
ये
til'ka
ये ءَايَـٰتُ आयात हैं āyātu
आयात हैं ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की نَتْلُوهَا हम पढ़ते हैं उन्हें natlūhā
हम पढ़ते हैं उन्हें عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर بِٱلْحَقِّ ۖ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के فَبِأَىِّ तो साथ किस fabi-ayyi
तो साथ किस حَدِيثٍۭ बात के ḥadīthin
बात के بَعْدَ बाद baʿda
बाद ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَءَايَـٰتِهِۦ और उसकी आयात के waāyātihi
और उसकी आयात के يُؤْمِنُونَ वो ईमान लाऐंगे yu'minūna
वो ईमान लाऐंगे ٦ (6)
(6)
ये ءَايَـٰتُ आयात हैं āyātu
आयात हैं ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की نَتْلُوهَا हम पढ़ते हैं उन्हें natlūhā
हम पढ़ते हैं उन्हें عَلَيْكَ आप पर ʿalayka
आप पर بِٱلْحَقِّ ۖ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के فَبِأَىِّ तो साथ किस fabi-ayyi
तो साथ किस حَدِيثٍۭ बात के ḥadīthin
बात के بَعْدَ बाद baʿda
बाद ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَءَايَـٰتِهِۦ और उसकी आयात के waāyātihi
और उसकी आयात के يُؤْمِنُونَ वो ईमान लाऐंगे yu'minūna
वो ईमान लाऐंगे ٦ (6)
(6)
ये अल्लाह की आयतें हैं, जो हम तुम्हें हक़ के साथ सुना रहे हैं। फिर अल्लाह तथा उसकी आयतों के बाद वे किस बात ईमान लाएँगे?
४५:७
وَيْلٌۭ
हलाकत है
waylun
हलाकत है لِّكُلِّ वास्ते हर likulli
वास्ते हर أَفَّاكٍ बहुत झूठे affākin
बहुत झूठे أَثِيمٍۢ बहुत गुनहगार के athīmin
बहुत गुनहगार के ٧ (7)
(7)
हलाकत है لِّكُلِّ वास्ते हर likulli
वास्ते हर أَفَّاكٍ बहुत झूठे affākin
बहुत झूठे أَثِيمٍۢ बहुत गुनहगार के athīmin
बहुत गुनहगार के ٧ (7)
(7)
विनाश है प्रत्येक बहुत झूठे, महा पापी के लिए।
४५:८
يَسْمَعُ
वो सुनता है
yasmaʿu
वो सुनता है ءَايَـٰتِ आयात को āyāti
आयात को ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की تُتْلَىٰ जो पढ़ी जाती हैं tut'lā
जो पढ़ी जाती हैं عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर ثُمَّ फिर thumma
फिर يُصِرُّ वो इसरार करता है yuṣirru
वो इसरार करता है مُسْتَكْبِرًۭا तकब्बुर करते हुए mus'takbiran
तकब्बुर करते हुए كَأَن गोया कि ka-an
गोया कि لَّمْ नहीं lam
नहीं يَسْمَعْهَا ۖ उसने सुना उन्हें yasmaʿhā
उसने सुना उन्हें فَبَشِّرْهُ तो ख़ुशख़बरी दे दीजिए उसे fabashir'hu
तो ख़ुशख़बरी दे दीजिए उसे بِعَذَابٍ अज़ाब biʿadhābin
अज़ाब أَلِيمٍۢ दर्दनाक की alīmin
दर्दनाक की ٨ (8)
(8)
वो सुनता है ءَايَـٰتِ आयात को āyāti
आयात को ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की تُتْلَىٰ जो पढ़ी जाती हैं tut'lā
जो पढ़ी जाती हैं عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर ثُمَّ फिर thumma
फिर يُصِرُّ वो इसरार करता है yuṣirru
वो इसरार करता है مُسْتَكْبِرًۭا तकब्बुर करते हुए mus'takbiran
तकब्बुर करते हुए كَأَن गोया कि ka-an
गोया कि لَّمْ नहीं lam
नहीं يَسْمَعْهَا ۖ उसने सुना उन्हें yasmaʿhā
उसने सुना उन्हें فَبَشِّرْهُ तो ख़ुशख़बरी दे दीजिए उसे fabashir'hu
तो ख़ुशख़बरी दे दीजिए उसे بِعَذَابٍ अज़ाब biʿadhābin
अज़ाब أَلِيمٍۢ दर्दनाक की alīmin
दर्दनाक की ٨ (8)
(8)
जो अल्लाह की आयतों को सुनता है, जबकि वे उसके सामने पढ़ी जाती हैं, फिर वह घमंड करते हुए अडिग रहता है, जैसे कि उसने उन्हें नहीं सुना, तो उसे दर्दनाक यातना की शुभ-सूचना दे दो।
४५:९
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब عَلِمَ वो जान लेता है ʿalima
वो जान लेता है مِنْ of min
of ءَايَـٰتِنَا हमारी आयात में से āyātinā
हमारी आयात में से شَيْـًٔا कोई चीज़ shayan
कोई चीज़ ٱتَّخَذَهَا वो बना लेता है उसे ittakhadhahā
वो बना लेता है उसे هُزُوًا ۚ मज़ाक़ huzuwan
मज़ाक़ أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए عَذَابٌۭ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है مُّهِينٌۭ ज़लील करने वाला muhīnun
ज़लील करने वाला ٩ (9)
(9)
और जब عَلِمَ वो जान लेता है ʿalima
वो जान लेता है مِنْ of min
of ءَايَـٰتِنَا हमारी आयात में से āyātinā
हमारी आयात में से شَيْـًٔا कोई चीज़ shayan
कोई चीज़ ٱتَّخَذَهَا वो बना लेता है उसे ittakhadhahā
वो बना लेता है उसे هُزُوًا ۚ मज़ाक़ huzuwan
मज़ाक़ أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए عَذَابٌۭ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है مُّهِينٌۭ ज़लील करने वाला muhīnun
ज़लील करने वाला ٩ (9)
(9)
और जब वह हमारी आयतों में से कोई चीज़ जान लेता है, तो उसकी हँसी उड़ाता है। यही लोग हैं, जिनके लिए अपमानकारी यातना है।
४५:१०
مِّن
Before them
min
Before them وَرَآئِهِمْ उनके आगे warāihim
उनके आगे جَهَنَّمُ ۖ जहन्नम है jahannamu
जहन्नम है وَلَا और ना walā
और ना يُغْنِى काम आएगा yugh'nī
काम आएगा عَنْهُم उन्हें ʿanhum
उन्हें مَّا जो mā
जो كَسَبُوا۟ उन्होंने ने कमाया kasabū
उन्होंने ने कमाया شَيْـًۭٔا कुछ भी shayan
कुछ भी وَلَا और ना walā
और ना مَا वो जो mā
वो जो ٱتَّخَذُوا۟ उन्होंने बना लिए ittakhadhū
उन्होंने बना लिए مِن besides min
besides دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के أَوْلِيَآءَ ۖ हिमायती awliyāa
हिमायती وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है عَظِيمٌ बहुत बड़ा ʿaẓīmun
बहुत बड़ा ١٠ (10)
(10)
Before them وَرَآئِهِمْ उनके आगे warāihim
उनके आगे جَهَنَّمُ ۖ जहन्नम है jahannamu
जहन्नम है وَلَا और ना walā
और ना يُغْنِى काम आएगा yugh'nī
काम आएगा عَنْهُم उन्हें ʿanhum
उन्हें مَّا जो mā
जो كَسَبُوا۟ उन्होंने ने कमाया kasabū
उन्होंने ने कमाया شَيْـًۭٔا कुछ भी shayan
कुछ भी وَلَا और ना walā
और ना مَا वो जो mā
वो जो ٱتَّخَذُوا۟ उन्होंने बना लिए ittakhadhū
उन्होंने बना लिए مِن besides min
besides دُونِ सिवाय dūni
सिवाय ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के أَوْلِيَآءَ ۖ हिमायती awliyāa
हिमायती وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है عَظِيمٌ बहुत बड़ा ʿaẓīmun
बहुत बड़ा ١٠ (10)
(10)
उनके आगे जहन्नम है। और न वह उनके कुछ काम आएगा, जो उन्होंने कमाया और न वे जिन्हें उन्होंने अल्लाह के सिवा अपना संरक्षक बनाया है और उनके लिए बहुत बड़ी यातना है।
४५:११
هَـٰذَا
ये है
hādhā
ये है هُدًۭى ۖ हिदायत hudan
हिदायत وَٱلَّذِينَ और वो जिन्होंने wa-alladhīna
और वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ इन्कार किया kafarū
इन्कार किया بِـَٔايَـٰتِ आयात का biāyāti
आयात का رَبِّهِمْ अपने रब की rabbihim
अपने रब की لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए عَذَابٌۭ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है مِّن of min
of رِّجْزٍ बदतरीन क़िस्म का rij'zin
बदतरीन क़िस्म का أَلِيمٌ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक ١١ (11)
(11)
ये है هُدًۭى ۖ हिदायत hudan
हिदायत وَٱلَّذِينَ और वो जिन्होंने wa-alladhīna
और वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ इन्कार किया kafarū
इन्कार किया بِـَٔايَـٰتِ आयात का biāyāti
आयात का رَبِّهِمْ अपने रब की rabbihim
अपने रब की لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए عَذَابٌۭ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है مِّن of min
of رِّجْزٍ बदतरीन क़िस्म का rij'zin
बदतरीन क़िस्म का أَلِيمٌ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक ١١ (11)
(11)
यह (क़ुरआन) सर्वथा मार्गदर्शन है। तथा जिन लोगों ने अपने पालनहार की आयतों का इनकार किया, उनके लिए गंभीर दर्दनाक यातना है।
४५:१२
۞ ٱللَّهُ
अल्लाह
al-lahu
अल्लाह ٱلَّذِى वो है जिसने alladhī
वो है जिसने سَخَّرَ मुसख़्खर किया sakhara
मुसख़्खर किया لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلْبَحْرَ समुन्दर को l-baḥra
समुन्दर को لِتَجْرِىَ ताकि चलें litajriya
ताकि चलें ٱلْفُلْكُ कश्तियाँ l-ful'ku
कश्तियाँ فِيهِ उसमें fīhi
उसमें بِأَمْرِهِۦ उसके हुक्म से bi-amrihi
उसके हुक्म से وَلِتَبْتَغُوا۟ और ताकि तुम तलाश करो walitabtaghū
और ताकि तुम तलाश करो مِن of min
of فَضْلِهِۦ उसके फ़ज़ल से faḍlihi
उसके फ़ज़ल से وَلَعَلَّكُمْ और ताकि तुम walaʿallakum
और ताकि तुम تَشْكُرُونَ तुम शुक्र अदा करो tashkurūna
तुम शुक्र अदा करो ١٢ (12)
(12)
अल्लाह ٱلَّذِى वो है जिसने alladhī
वो है जिसने سَخَّرَ मुसख़्खर किया sakhara
मुसख़्खर किया لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए ٱلْبَحْرَ समुन्दर को l-baḥra
समुन्दर को لِتَجْرِىَ ताकि चलें litajriya
ताकि चलें ٱلْفُلْكُ कश्तियाँ l-ful'ku
कश्तियाँ فِيهِ उसमें fīhi
उसमें بِأَمْرِهِۦ उसके हुक्म से bi-amrihi
उसके हुक्म से وَلِتَبْتَغُوا۟ और ताकि तुम तलाश करो walitabtaghū
और ताकि तुम तलाश करो مِن of min
of فَضْلِهِۦ उसके फ़ज़ल से faḍlihi
उसके फ़ज़ल से وَلَعَلَّكُمْ और ताकि तुम walaʿallakum
और ताकि तुम تَشْكُرُونَ तुम शुक्र अदा करो tashkurūna
तुम शुक्र अदा करो ١٢ (12)
(12)
वह अल्लाह ही है जिसने तुम्हारे लिए समुद्र को वश में कर दिया, ताकि जहाज़ उसमें उसके आदेश से चलें, और ताकि तुम उसके अनुग्रह में से कुछ खोज सको, और ताकि तुम आभार प्रकट करो।
४५:१३
وَسَخَّرَ
और उसने मुसख़्खर किया
wasakhara
और उसने मुसख़्खर किया لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مَّا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है جَمِيعًۭا सब का सब jamīʿan
सब का सब مِّنْهُ ۚ अपनी तरफ़ से min'hu
अपनी तरफ़ से إِنَّ बेशक inna
बेशक فِى in fī
in ذَٰلِكَ इसमें dhālika
इसमें لَـَٔايَـٰتٍۢ अलबत्ता निशानियाँ हैं laāyātin
अलबत्ता निशानियाँ हैं لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يَتَفَكَّرُونَ जो ग़ौर व फ़िक्र करते हैं yatafakkarūna
जो ग़ौर व फ़िक्र करते हैं ١٣ (13)
(13)
और उसने मुसख़्खर किया لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مَّا जो कुछ mā
जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ فِى (is) in fī
(is) in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है جَمِيعًۭا सब का सब jamīʿan
सब का सब مِّنْهُ ۚ अपनी तरफ़ से min'hu
अपनी तरफ़ से إِنَّ बेशक inna
बेशक فِى in fī
in ذَٰلِكَ इसमें dhālika
इसमें لَـَٔايَـٰتٍۢ अलबत्ता निशानियाँ हैं laāyātin
अलबत्ता निशानियाँ हैं لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يَتَفَكَّرُونَ जो ग़ौर व फ़िक्र करते हैं yatafakkarūna
जो ग़ौर व फ़िक्र करते हैं ١٣ (13)
(13)
और उसने तुम्हारे लिए जो कुछ आकाशों में है और जो कुछ धरती में है सबको अपनी ओर से वश में कर रखा है। निःसंदेह उसमें उन लोगों के लिए बहुत-सी निशानियाँ हैं जो चिंतन करते हैं।
४५:१४
قُل
कह दीजिए
qul
कह दीजिए لِّلَّذِينَ उन लोगों को जो lilladhīna
उन लोगों को जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए يَغْفِرُوا۟ कि वो माफ़ कर दें yaghfirū
कि वो माफ़ कर दें لِلَّذِينَ उनको जो lilladhīna
उनको जो لَا (do) not lā
(do) not يَرْجُونَ नहीं वो उम्मीद रखते yarjūna
नहीं वो उम्मीद रखते أَيَّامَ (for the) days ayyāma
(for the) days ٱللَّهِ अल्लाह के दिनों कि l-lahi
अल्लाह के दिनों कि لِيَجْزِىَ ताकि वो बदला दे liyajziya
ताकि वो बदला दे قَوْمًۢا एक क़ौम को qawman
एक क़ौम को بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَكْسِبُونَ वो कमाई करते yaksibūna
वो कमाई करते ١٤ (14)
(14)
कह दीजिए لِّلَّذِينَ उन लोगों को जो lilladhīna
उन लोगों को जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए يَغْفِرُوا۟ कि वो माफ़ कर दें yaghfirū
कि वो माफ़ कर दें لِلَّذِينَ उनको जो lilladhīna
उनको जो لَا (do) not lā
(do) not يَرْجُونَ नहीं वो उम्मीद रखते yarjūna
नहीं वो उम्मीद रखते أَيَّامَ (for the) days ayyāma
(for the) days ٱللَّهِ अल्लाह के दिनों कि l-lahi
अल्लाह के दिनों कि لِيَجْزِىَ ताकि वो बदला दे liyajziya
ताकि वो बदला दे قَوْمًۢا एक क़ौम को qawman
एक क़ौम को بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَكْسِبُونَ वो कमाई करते yaksibūna
वो कमाई करते ١٤ (14)
(14)
(ऐ नबी!) आप उन लोगों से जो ईमान लाए कह दें कि वे उन लोगों को क्षमा कर दें1, जो अल्लाह के दिनों2 की आशा नहीं रखते, ताकि वह (उनमें से) कुछ लोगों को उसका बदला दे जो वे कमाते रहे थे।
४५:१५
مَنْ
जिसने
man
जिसने عَمِلَ अमल किया ʿamila
अमल किया صَـٰلِحًۭا नेक ṣāliḥan
नेक فَلِنَفْسِهِۦ ۖ तो उसी के लिए है falinafsihi
तो उसी के लिए है وَمَنْ और जो waman
और जो أَسَآءَ बुराई करता है asāa
बुराई करता है فَعَلَيْهَا ۖ तो उसी पर है faʿalayhā
तो उसी पर है ثُمَّ फिर thumma
फिर إِلَىٰ to ilā
to رَبِّكُمْ अपने रब ही की तरफ़ rabbikum
अपने रब ही की तरफ़ تُرْجَعُونَ तुम लौटाए जाओगे tur'jaʿūna
तुम लौटाए जाओगे ١٥ (15)
(15)
जिसने عَمِلَ अमल किया ʿamila
अमल किया صَـٰلِحًۭا नेक ṣāliḥan
नेक فَلِنَفْسِهِۦ ۖ तो उसी के लिए है falinafsihi
तो उसी के लिए है وَمَنْ और जो waman
और जो أَسَآءَ बुराई करता है asāa
बुराई करता है فَعَلَيْهَا ۖ तो उसी पर है faʿalayhā
तो उसी पर है ثُمَّ फिर thumma
फिर إِلَىٰ to ilā
to رَبِّكُمْ अपने रब ही की तरफ़ rabbikum
अपने रब ही की तरफ़ تُرْجَعُونَ तुम लौटाए जाओगे tur'jaʿūna
तुम लौटाए जाओगे ١٥ (15)
(15)
जिसने कोई नेकी की, वह उसी के लिए है और जिसने बुराई की, वह उसी के ऊपर है, फिर तुम अपने पालनहार ही की ओर लौटाए जाओगे।1
४५:१६
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ ءَاتَيْنَا दी हमने ātaynā
दी हमने بَنِىٓ (the) Children of Israel banī
(the) Children of Israel إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल को is'rāīla
बनी इस्राईल को ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब وَٱلْحُكْمَ और हुकूमत wal-ḥuk'ma
और हुकूमत وَٱلنُّبُوَّةَ और नुबूव्वत wal-nubuwata
और नुबूव्वत وَرَزَقْنَـٰهُم और रिज़्क़ दिया हमने उन्हें warazaqnāhum
और रिज़्क़ दिया हमने उन्हें مِّنَ of mina
of ٱلطَّيِّبَـٰتِ पाकीज़ा चीज़ों से l-ṭayibāti
पाकीज़ा चीज़ों से وَفَضَّلْنَـٰهُمْ और फ़ज़ीलत हमने उन्हें wafaḍḍalnāhum
और फ़ज़ीलत हमने उन्हें عَلَى over ʿalā
over ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों पर l-ʿālamīna
तमाम जहानों पर ١٦ (16)
(16)
और अलबत्ता तहक़ीक़ ءَاتَيْنَا दी हमने ātaynā
दी हमने بَنِىٓ (the) Children of Israel banī
(the) Children of Israel إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल को is'rāīla
बनी इस्राईल को ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब وَٱلْحُكْمَ और हुकूमत wal-ḥuk'ma
और हुकूमत وَٱلنُّبُوَّةَ और नुबूव्वत wal-nubuwata
और नुबूव्वत وَرَزَقْنَـٰهُم और रिज़्क़ दिया हमने उन्हें warazaqnāhum
और रिज़्क़ दिया हमने उन्हें مِّنَ of mina
of ٱلطَّيِّبَـٰتِ पाकीज़ा चीज़ों से l-ṭayibāti
पाकीज़ा चीज़ों से وَفَضَّلْنَـٰهُمْ और फ़ज़ीलत हमने उन्हें wafaḍḍalnāhum
और फ़ज़ीलत हमने उन्हें عَلَى over ʿalā
over ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों पर l-ʿālamīna
तमाम जहानों पर ١٦ (16)
(16)
तथा निःसंदेह हमने इसराईल की संतान को किताब और हुक्म और नुबुव्वत प्रदान की और उन्हें पाकीज़ा चीज़ों से जीविका दी, तथा उन्हें (उनके समय के) संसार वालों पर श्रेष्ठता प्रदान की।
४५:१७
وَءَاتَيْنَـٰهُم
और दीं हमने उन्हें
waātaynāhum
और दीं हमने उन्हें بَيِّنَـٰتٍۢ वाज़ेह निशानियाँ bayyinātin
वाज़ेह निशानियाँ مِّنَ of mina
of ٱلْأَمْرِ ۖ (मामले में) दीन के l-amri
(मामले में) दीन के فَمَا तो नहीं famā
तो नहीं ٱخْتَلَفُوٓا۟ उन्होंने इख़्तिलाफ़ किया ikh'talafū
उन्होंने इख़्तिलाफ़ किया إِلَّا मगर illā
मगर مِنۢ after min
after بَعْدِ बाद उसके baʿdi
बाद उसके مَا जो mā
जो جَآءَهُمُ आया उनके पास jāahumu
आया उनके पास ٱلْعِلْمُ इल्म l-ʿil'mu
इल्म بَغْيًۢا ज़िद की वजह से baghyan
ज़िद की वजह से بَيْنَهُمْ ۚ आपस में baynahum
आपस में إِنَّ बेशक inna
बेशक رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका يَقْضِى वो फ़ैसला करेगा yaqḍī
वो फ़ैसला करेगा بَيْنَهُمْ दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के فِيمَا उसमें जो fīmā
उसमें जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो فِيهِ जिसमें fīhi
जिसमें يَخْتَلِفُونَ वो इख़्तिलाफ़ करते yakhtalifūna
वो इख़्तिलाफ़ करते ١٧ (17)
(17)
और दीं हमने उन्हें بَيِّنَـٰتٍۢ वाज़ेह निशानियाँ bayyinātin
वाज़ेह निशानियाँ مِّنَ of mina
of ٱلْأَمْرِ ۖ (मामले में) दीन के l-amri
(मामले में) दीन के فَمَا तो नहीं famā
तो नहीं ٱخْتَلَفُوٓا۟ उन्होंने इख़्तिलाफ़ किया ikh'talafū
उन्होंने इख़्तिलाफ़ किया إِلَّا मगर illā
मगर مِنۢ after min
after بَعْدِ बाद उसके baʿdi
बाद उसके مَا जो mā
जो جَآءَهُمُ आया उनके पास jāahumu
आया उनके पास ٱلْعِلْمُ इल्म l-ʿil'mu
इल्म بَغْيًۢا ज़िद की वजह से baghyan
ज़िद की वजह से بَيْنَهُمْ ۚ आपस में baynahum
आपस में إِنَّ बेशक inna
बेशक رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका يَقْضِى वो फ़ैसला करेगा yaqḍī
वो फ़ैसला करेगा بَيْنَهُمْ दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के فِيمَا उसमें जो fīmā
उसमें जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो فِيهِ जिसमें fīhi
जिसमें يَخْتَلِفُونَ वो इख़्तिलाफ़ करते yakhtalifūna
वो इख़्तिलाफ़ करते ١٧ (17)
(17)
तथा हमने उन्हें (धर्म के) मामले में स्पष्ट आदेश दिए। फिर उन्होंने अपने पास ज्ञान1 आ जाने के पश्चात् ही, आपसी द्वेष के कारण विभेद किया। निःसंदेह आपका पालनहार क़ियामत के दिन उनके बीच उस चीज़ के बारे में फ़ैसला कर देगा, जिसमें वे मतभेद किया करते थे।
४५:१८
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर جَعَلْنَـٰكَ कर दिया हमने आपको jaʿalnāka
कर दिया हमने आपको عَلَىٰ on ʿalā
on شَرِيعَةٍۢ वाज़ेह रास्ते पर sharīʿatin
वाज़ेह रास्ते पर مِّنَ of mina
of ٱلْأَمْرِ (मामले में) दीन के l-amri
(मामले में) दीन के فَٱتَّبِعْهَا पस पैरवी कीजिए उसकी fa-ittabiʿ'hā
पस पैरवी कीजिए उसकी وَلَا और ना walā
और ना تَتَّبِعْ आप पैरवी कीजिए tattabiʿ
आप पैरवी कीजिए أَهْوَآءَ ख़्वाहिशात की ahwāa
ख़्वाहिशात की ٱلَّذِينَ उन लोगों की जो alladhīna
उन लोगों की जो لَا (do) not lā
(do) not يَعْلَمُونَ नहीं वो इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं वो इल्म रखते ١٨ (18)
(18)
फिर جَعَلْنَـٰكَ कर दिया हमने आपको jaʿalnāka
कर दिया हमने आपको عَلَىٰ on ʿalā
on شَرِيعَةٍۢ वाज़ेह रास्ते पर sharīʿatin
वाज़ेह रास्ते पर مِّنَ of mina
of ٱلْأَمْرِ (मामले में) दीन के l-amri
(मामले में) दीन के فَٱتَّبِعْهَا पस पैरवी कीजिए उसकी fa-ittabiʿ'hā
पस पैरवी कीजिए उसकी وَلَا और ना walā
और ना تَتَّبِعْ आप पैरवी कीजिए tattabiʿ
आप पैरवी कीजिए أَهْوَآءَ ख़्वाहिशात की ahwāa
ख़्वाहिशात की ٱلَّذِينَ उन लोगों की जो alladhīna
उन लोगों की जो لَا (do) not lā
(do) not يَعْلَمُونَ नहीं वो इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं वो इल्म रखते ١٨ (18)
(18)
फिर हमने आपको धर्म के मामले में एक स्पष्ट मार्ग पर लगा दिया। अतः आप उसी का अनुसरण करें और उन लोगों की इच्छाओं का अनुसरण न करें, जो नहीं जानते।
४५:१९
إِنَّهُمْ
बेशक वो
innahum
बेशक वो لَن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं يُغْنُوا۟ वो काम आऐंगे yugh'nū
वो काम आऐंगे عَنكَ आपके ʿanka
आपके مِنَ against mina
against ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से شَيْـًۭٔا ۚ कुछ भी shayan
कुछ भी وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिम लेग l-ẓālimīna
ज़ालिम लेग بَعْضُهُمْ बाज़ उनके baʿḍuhum
बाज़ उनके أَوْلِيَآءُ दोस्त हैं awliyāu
दोस्त हैं بَعْضٍۢ ۖ बाज़ के baʿḍin
बाज़ के وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह وَلِىُّ दोस्त है waliyyu
दोस्त है ٱلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों का l-mutaqīna
मुत्तक़ी लोगों का ١٩ (19)
(19)
बेशक वो لَن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं يُغْنُوا۟ वो काम आऐंगे yugh'nū
वो काम आऐंगे عَنكَ आपके ʿanka
आपके مِنَ against mina
against ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से شَيْـًۭٔا ۚ कुछ भी shayan
कुछ भी وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक ٱلظَّـٰلِمِينَ ज़ालिम लेग l-ẓālimīna
ज़ालिम लेग بَعْضُهُمْ बाज़ उनके baʿḍuhum
बाज़ उनके أَوْلِيَآءُ दोस्त हैं awliyāu
दोस्त हैं بَعْضٍۢ ۖ बाज़ के baʿḍin
बाज़ के وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह وَلِىُّ दोस्त है waliyyu
दोस्त है ٱلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों का l-mutaqīna
मुत्तक़ी लोगों का ١٩ (19)
(19)
निःसंदेह वे अल्लाह के मुक़ाबले आपके हरगिज़ किसी काम न आएँगे और निश्चय ज़ालिम लोग एक-दूसरे के दोस्त हैं और अल्लाह परहेज़गारों का दोस्त है।
४५:२०
هَـٰذَا
ये
hādhā
ये بَصَـٰٓئِرُ बसीरत की बातें हैं baṣāiru
बसीरत की बातें हैं لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए وَهُدًۭى और हिदायत wahudan
और हिदायत وَرَحْمَةٌۭ और रहमत है waraḥmatun
और रहमत है لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يُوقِنُونَ जो यक़ीन रखते हैं yūqinūna
जो यक़ीन रखते हैं ٢٠ (20)
(20)
ये بَصَـٰٓئِرُ बसीरत की बातें हैं baṣāiru
बसीरत की बातें हैं لِلنَّاسِ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए وَهُدًۭى और हिदायत wahudan
और हिदायत وَرَحْمَةٌۭ और रहमत है waraḥmatun
और रहमत है لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए يُوقِنُونَ जो यक़ीन रखते हैं yūqinūna
जो यक़ीन रखते हैं ٢٠ (20)
(20)
ये लोगों के लिए समझ (अंतर्दृष्टि) की बातें हैं, तथा उन लोगों के लिए मार्गदर्शन और दया है, जो विश्वास करते हैं।
४५:२१
أَمْ
या
am
या حَسِبَ समझ रखा है ḥasiba
समझ रखा है ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जिन्होंने alladhīna
उन लोगों ने जिन्होंने ٱجْتَرَحُوا۟ इर्तिकाब किया ij'taraḥū
इर्तिकाब किया ٱلسَّيِّـَٔاتِ बुराइयों का l-sayiāti
बुराइयों का أَن कि an
कि نَّجْعَلَهُمْ हम कर देंगे उन्हें najʿalahum
हम कर देंगे उन्हें كَٱلَّذِينَ उन लोगों कि तरह जो ka-alladhīna
उन लोगों कि तरह जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक سَوَآءًۭ बराबर है sawāan
बराबर है مَّحْيَاهُمْ जीना उनका maḥyāhum
जीना उनका وَمَمَاتُهُمْ ۚ और मरना उनका wamamātuhum
और मरना उनका سَآءَ कितना बुरा है sāa
कितना बुरा है مَا जो mā
जो يَحْكُمُونَ वो फ़ैसला करते हैं yaḥkumūna
वो फ़ैसला करते हैं ٢١ (21)
(21)
या حَسِبَ समझ रखा है ḥasiba
समझ रखा है ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जिन्होंने alladhīna
उन लोगों ने जिन्होंने ٱجْتَرَحُوا۟ इर्तिकाब किया ij'taraḥū
इर्तिकाब किया ٱلسَّيِّـَٔاتِ बुराइयों का l-sayiāti
बुराइयों का أَن कि an
कि نَّجْعَلَهُمْ हम कर देंगे उन्हें najʿalahum
हम कर देंगे उन्हें كَٱلَّذِينَ उन लोगों कि तरह जो ka-alladhīna
उन लोगों कि तरह जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक سَوَآءًۭ बराबर है sawāan
बराबर है مَّحْيَاهُمْ जीना उनका maḥyāhum
जीना उनका وَمَمَاتُهُمْ ۚ और मरना उनका wamamātuhum
और मरना उनका سَآءَ कितना बुरा है sāa
कितना बुरा है مَا जो mā
जो يَحْكُمُونَ वो फ़ैसला करते हैं yaḥkumūna
वो फ़ैसला करते हैं ٢١ (21)
(21)
या वे लोग जिन्होंने बुराइयाँ की हैं, यह समझ रखा है कि हम उन्हें उन लोगों जैसा कर देंगे, जो ईमान लाए और उन्होंने अच्छे कर्म किए? उनका जीना और उनका मरना समान1 होगा? बहुत बुरा है जो वे निर्णय कर रहे हैं।
४५:२२
وَخَلَقَ
और पैदा किया
wakhalaqa
और पैदा किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को بِٱلْحَقِّ हक़ के साथ bil-ḥaqi
हक़ के साथ وَلِتُجْزَىٰ और ताकि बदला दिया जाए walituj'zā
और ताकि बदला दिया जाए كُلُّ हर kullu
हर نَفْسٍۭ नफ़्स को nafsin
नफ़्स को بِمَا उसका जो bimā
उसका जो كَسَبَتْ उसने कमाई की kasabat
उसने कमाई की وَهُمْ और वो wahum
और वो لَا will not be wronged lā
will not be wronged يُظْلَمُونَ वो ज़ुल्म ना किए जाऐंगे yuẓ'lamūna
वो ज़ुल्म ना किए जाऐंगे ٢٢ (22)
(22)
और पैदा किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को بِٱلْحَقِّ हक़ के साथ bil-ḥaqi
हक़ के साथ وَلِتُجْزَىٰ और ताकि बदला दिया जाए walituj'zā
और ताकि बदला दिया जाए كُلُّ हर kullu
हर نَفْسٍۭ नफ़्स को nafsin
नफ़्स को بِمَا उसका जो bimā
उसका जो كَسَبَتْ उसने कमाई की kasabat
उसने कमाई की وَهُمْ और वो wahum
और वो لَا will not be wronged lā
will not be wronged يُظْلَمُونَ वो ज़ुल्म ना किए जाऐंगे yuẓ'lamūna
वो ज़ुल्म ना किए जाऐंगे ٢٢ (22)
(22)
तथा अल्लाह ने आकाशों और धरती को हक़ के साथ पैदा किया और ताकि हर व्यक्ति को उसका बदला दिया जाए जो उसने कमाया तथा उनपर अत्याचार नहीं किया जाएगा।
४५:२३
أَفَرَءَيْتَ
क्या फिर देखा आपने
afara-ayta
क्या फिर देखा आपने مَنِ उसे जिसने mani
उसे जिसने ٱتَّخَذَ बना लिया ittakhadha
बना लिया إِلَـٰهَهُۥ इलाह अपना ilāhahu
इलाह अपना هَوَىٰهُ अपनी ख़्वाहिशे नफ़्स को hawāhu
अपनी ख़्वाहिशे नफ़्स को وَأَضَلَّهُ और भटका दिया उसे wa-aḍallahu
और भटका दिया उसे ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَلَىٰ knowingly ʿalā
knowingly عِلْمٍۢ इल्म के बावजूद ʿil'min
इल्म के बावजूद وَخَتَمَ और उसने मोहर लगा दी wakhatama
और उसने मोहर लगा दी عَلَىٰ upon ʿalā
upon سَمْعِهِۦ उसके कान पर samʿihi
उसके कान पर وَقَلْبِهِۦ और उसके दिल पर waqalbihi
और उसके दिल पर وَجَعَلَ और उसने डाल दिया wajaʿala
और उसने डाल दिया عَلَىٰ over ʿalā
over بَصَرِهِۦ उसकी आँख पर baṣarihi
उसकी आँख पर غِشَـٰوَةًۭ एक पर्दा ghishāwatan
एक पर्दा فَمَن तो कौन faman
तो कौन يَهْدِيهِ हिदायत देगा उसे yahdīhi
हिदायत देगा उसे مِنۢ after min
after بَعْدِ बाद baʿdi
बाद ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के أَفَلَا क्या भला नहीं afalā
क्या भला नहीं تَذَكَّرُونَ तुम नसीहत पकड़ते tadhakkarūna
तुम नसीहत पकड़ते ٢٣ (23)
(23)
क्या फिर देखा आपने مَنِ उसे जिसने mani
उसे जिसने ٱتَّخَذَ बना लिया ittakhadha
बना लिया إِلَـٰهَهُۥ इलाह अपना ilāhahu
इलाह अपना هَوَىٰهُ अपनी ख़्वाहिशे नफ़्स को hawāhu
अपनी ख़्वाहिशे नफ़्स को وَأَضَلَّهُ और भटका दिया उसे wa-aḍallahu
और भटका दिया उसे ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने عَلَىٰ knowingly ʿalā
knowingly عِلْمٍۢ इल्म के बावजूद ʿil'min
इल्म के बावजूद وَخَتَمَ और उसने मोहर लगा दी wakhatama
और उसने मोहर लगा दी عَلَىٰ upon ʿalā
upon سَمْعِهِۦ उसके कान पर samʿihi
उसके कान पर وَقَلْبِهِۦ और उसके दिल पर waqalbihi
और उसके दिल पर وَجَعَلَ और उसने डाल दिया wajaʿala
और उसने डाल दिया عَلَىٰ over ʿalā
over بَصَرِهِۦ उसकी आँख पर baṣarihi
उसकी आँख पर غِشَـٰوَةًۭ एक पर्दा ghishāwatan
एक पर्दा فَمَن तो कौन faman
तो कौन يَهْدِيهِ हिदायत देगा उसे yahdīhi
हिदायत देगा उसे مِنۢ after min
after بَعْدِ बाद baʿdi
बाद ٱللَّهِ ۚ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के أَفَلَا क्या भला नहीं afalā
क्या भला नहीं تَذَكَّرُونَ तुम नसीहत पकड़ते tadhakkarūna
तुम नसीहत पकड़ते ٢٣ (23)
(23)
फिर क्या आपने उस व्यक्ति को देखा जिसने अपना पूज्य अपनी इच्छा को बना लिया तथा अल्लाह ने उसे ज्ञान के बावजूद गुमराह कर दिया और उसके कान और उसके दिल पर मुहर लगा दी और उसकी आँख पर परदा डाल दिया। फिर अल्लाह के बाद उसे कौन हिदायत दे? तो क्या तुम नसीहत ग्रहण नहीं करते?
४५:२४
وَقَالُوا۟
और उन्होंने कहा
waqālū
और उन्होंने कहा مَا नहीं है mā
नहीं है هِىَ ये hiya
ये إِلَّا मगर illā
मगर حَيَاتُنَا ज़िन्दगी हमारी ḥayātunā
ज़िन्दगी हमारी ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की نَمُوتُ हम मरते हैं namūtu
हम मरते हैं وَنَحْيَا और हम जीते हैं wanaḥyā
और हम जीते हैं وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يُهْلِكُنَآ हलाक करता हमें yuh'likunā
हलाक करता हमें إِلَّا मगर illā
मगर ٱلدَّهْرُ ۚ ज़माना l-dahru
ज़माना وَمَا और नहीं wamā
और नहीं لَهُم उन्हें lahum
उन्हें بِذَٰلِكَ उसका bidhālika
उसका مِنْ any min
any عِلْمٍ ۖ कोई इल्म ʿil'min
कोई इल्म إِنْ नहीं हैं in
नहीं हैं هُمْ वो hum
वो إِلَّا मगर illā
मगर يَظُنُّونَ वो गुमान करते yaẓunnūna
वो गुमान करते ٢٤ (24)
(24)
और उन्होंने कहा مَا नहीं है mā
नहीं है هِىَ ये hiya
ये إِلَّا मगर illā
मगर حَيَاتُنَا ज़िन्दगी हमारी ḥayātunā
ज़िन्दगी हमारी ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की نَمُوتُ हम मरते हैं namūtu
हम मरते हैं وَنَحْيَا और हम जीते हैं wanaḥyā
और हम जीते हैं وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يُهْلِكُنَآ हलाक करता हमें yuh'likunā
हलाक करता हमें إِلَّا मगर illā
मगर ٱلدَّهْرُ ۚ ज़माना l-dahru
ज़माना وَمَا और नहीं wamā
और नहीं لَهُم उन्हें lahum
उन्हें بِذَٰلِكَ उसका bidhālika
उसका مِنْ any min
any عِلْمٍ ۖ कोई इल्म ʿil'min
कोई इल्म إِنْ नहीं हैं in
नहीं हैं هُمْ वो hum
वो إِلَّا मगर illā
मगर يَظُنُّونَ वो गुमान करते yaẓunnūna
वो गुमान करते ٢٤ (24)
(24)
तथा उन्होंने कहा, हमारे इस सांसारिक जीवन के अलावा कोई (जीवन) नहीं। हम (यहीं) मरते और जीते हैं और काल के अलावा हमें कोई भी नष्ट नहीं करता। हालाँकि उन्हें इसका कोई ज्ञान नहीं। वे केवल अनुमान1 लगा रहे हैं।
४५:२५
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब تُتْلَىٰ पढ़ी जाती हैं tut'lā
पढ़ी जाती हैं عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर ءَايَـٰتُنَا आयात हमारी āyātunā
आयात हमारी بَيِّنَـٰتٍۢ वाज़ेह bayyinātin
वाज़ेह مَّا नहीं mā
नहीं كَانَ होती kāna
होती حُجَّتَهُمْ हुज्जत उनकी ḥujjatahum
हुज्जत उनकी إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि قَالُوا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं ٱئْتُوا۟ ले आओ i'tū
ले आओ بِـَٔابَآئِنَآ हमारे आबा ओ अजदाद को biābāinā
हमारे आबा ओ अजदाद को إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ٢٥ (25)
(25)
और जब تُتْلَىٰ पढ़ी जाती हैं tut'lā
पढ़ी जाती हैं عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर ءَايَـٰتُنَا आयात हमारी āyātunā
आयात हमारी بَيِّنَـٰتٍۢ वाज़ेह bayyinātin
वाज़ेह مَّا नहीं mā
नहीं كَانَ होती kāna
होती حُجَّتَهُمْ हुज्जत उनकी ḥujjatahum
हुज्जत उनकी إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि قَالُوا۟ वो कहते हैं qālū
वो कहते हैं ٱئْتُوا۟ ले आओ i'tū
ले आओ بِـَٔابَآئِنَآ हमारे आबा ओ अजदाद को biābāinā
हमारे आबा ओ अजदाद को إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ٢٥ (25)
(25)
और जब उनके सामने हमारी स्पष्ट आयतें पढ़ी जाती हैं, तो उनका तर्क केवल यह होता है कि वे कहते हैं : यदि तुम सच्चे हो, तो हमारे बाप-दादा को ले आओ।
४५:२६
قُلِ
कह दीजिए कि
quli
कह दीजिए कि ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह يُحْيِيكُمْ वो ज़िन्दा करता है तुम्हें yuḥ'yīkum
वो ज़िन्दा करता है तुम्हें ثُمَّ फिर thumma
फिर يُمِيتُكُمْ वो मौत देता है तुम्हें yumītukum
वो मौत देता है तुम्हें ثُمَّ फिर thumma
फिर يَجْمَعُكُمْ वो जमा करेगा तुम्हें yajmaʿukum
वो जमा करेगा तुम्हें إِلَىٰ to ilā
to يَوْمِ तरफ़ दिन yawmi
तरफ़ दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के لَا no lā
no رَيْبَ नहीं कोई शक rayba
नहीं कोई शक فِيهِ जिसमें fīhi
जिसमें وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन أَكْثَرَ अक्सर akthara
अक्सर ٱلنَّاسِ लोग l-nāsi
लोग لَا (do) not lā
(do) not يَعْلَمُونَ नहीं वे इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं वे इल्म रखते ٢٦ (26)
(26)
कह दीजिए कि ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह يُحْيِيكُمْ वो ज़िन्दा करता है तुम्हें yuḥ'yīkum
वो ज़िन्दा करता है तुम्हें ثُمَّ फिर thumma
फिर يُمِيتُكُمْ वो मौत देता है तुम्हें yumītukum
वो मौत देता है तुम्हें ثُمَّ फिर thumma
फिर يَجْمَعُكُمْ वो जमा करेगा तुम्हें yajmaʿukum
वो जमा करेगा तुम्हें إِلَىٰ to ilā
to يَوْمِ तरफ़ दिन yawmi
तरफ़ दिन ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के لَا no lā
no رَيْبَ नहीं कोई शक rayba
नहीं कोई शक فِيهِ जिसमें fīhi
जिसमें وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन أَكْثَرَ अक्सर akthara
अक्सर ٱلنَّاسِ लोग l-nāsi
लोग لَا (do) not lā
(do) not يَعْلَمُونَ नहीं वे इल्म रखते yaʿlamūna
नहीं वे इल्म रखते ٢٦ (26)
(26)
आप कह दें : अल्लाह ही तुम्हें जीवन देता है, फिर तुम्हें मृत्यु देता है, फिर तुम्हें क़ियामत के दिन एकत्र करेगा, जिसमें कोई संदेह नहीं, परंतु अधिकांश लोग नहीं जानते।1
४५:२७
وَلِلَّهِ
और अल्लाह ही के लिए है
walillahi
और अल्लाह ही के लिए है مُلْكُ बादशाहत mul'ku
बादशाहत ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ ۚ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की وَيَوْمَ और जिस दिन wayawma
और जिस दिन تَقُومُ क़ायम होगी taqūmu
क़ायम होगी ٱلسَّاعَةُ क़यामत l-sāʿatu
क़यामत يَوْمَئِذٍۢ उस दिन yawma-idhin
उस दिन يَخْسَرُ ख़सारा पाऐंगे yakhsaru
ख़सारा पाऐंगे ٱلْمُبْطِلُونَ बातिल परस्त l-mub'ṭilūna
बातिल परस्त ٢٧ (27)
(27)
और अल्लाह ही के लिए है مُلْكُ बादशाहत mul'ku
बादशाहत ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ ۚ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की وَيَوْمَ और जिस दिन wayawma
और जिस दिन تَقُومُ क़ायम होगी taqūmu
क़ायम होगी ٱلسَّاعَةُ क़यामत l-sāʿatu
क़यामत يَوْمَئِذٍۢ उस दिन yawma-idhin
उस दिन يَخْسَرُ ख़सारा पाऐंगे yakhsaru
ख़सारा पाऐंगे ٱلْمُبْطِلُونَ बातिल परस्त l-mub'ṭilūna
बातिल परस्त ٢٧ (27)
(27)
तथा आकाशों एवं धरती का राज्य अल्लाह ही का है और जिस दिन क़ियामत आएगी, उस दिन झूठे लोग (असत्यवादी) घाटे में होंगे।
४५:२८
وَتَرَىٰ
और आप देखेंगे
watarā
और आप देखेंगे كُلَّ हर kulla
हर أُمَّةٍۢ उम्मत को ummatin
उम्मत को جَاثِيَةًۭ ۚ घुटनों के बल गिरी हुई jāthiyatan
घुटनों के बल गिरी हुई كُلُّ हर kullu
हर أُمَّةٍۢ उम्मत ummatin
उम्मत تُدْعَىٰٓ बुलाई जाएगी tud'ʿā
बुलाई जाएगी إِلَىٰ to ilā
to كِتَـٰبِهَا तरफ़ अपनी किताब के kitābihā
तरफ़ अपनी किताब के ٱلْيَوْمَ आज के दिन l-yawma
आज के दिन تُجْزَوْنَ तुम बदला दिए जाओगे tuj'zawna
तुम बदला दिए जाओगे مَا उसका जो mā
उसका जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَعْمَلُونَ तुम अमल करते taʿmalūna
तुम अमल करते ٢٨ (28)
(28)
और आप देखेंगे كُلَّ हर kulla
हर أُمَّةٍۢ उम्मत को ummatin
उम्मत को جَاثِيَةًۭ ۚ घुटनों के बल गिरी हुई jāthiyatan
घुटनों के बल गिरी हुई كُلُّ हर kullu
हर أُمَّةٍۢ उम्मत ummatin
उम्मत تُدْعَىٰٓ बुलाई जाएगी tud'ʿā
बुलाई जाएगी إِلَىٰ to ilā
to كِتَـٰبِهَا तरफ़ अपनी किताब के kitābihā
तरफ़ अपनी किताब के ٱلْيَوْمَ आज के दिन l-yawma
आज के दिन تُجْزَوْنَ तुम बदला दिए जाओगे tuj'zawna
तुम बदला दिए जाओगे مَا उसका जो mā
उसका जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَعْمَلُونَ तुम अमल करते taʿmalūna
तुम अमल करते ٢٨ (28)
(28)
तथा आप प्रत्येक समुदाय को घुटनों के बल गिरा हुआ देखेंगे। प्रत्येक समुदाय को उसके कर्म-पत्र की ओर बुलाया जाएगा। आज तुम्हें उसका बदला दिया जाएगा, जो तुम किया करते थे।
४५:२९
هَـٰذَا
ये है
hādhā
ये है كِتَـٰبُنَا किताब हमारी kitābunā
किताब हमारी يَنطِقُ जो बोलती है yanṭiqu
जो बोलती है عَلَيْكُم तुम पर ʿalaykum
तुम पर بِٱلْحَقِّ ۚ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम كُنَّا थे हम kunnā
थे हम نَسْتَنسِخُ हम लिखवाते nastansikhu
हम लिखवाते مَا जो mā
जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَعْمَلُونَ तुम अमल करते taʿmalūna
तुम अमल करते ٢٩ (29)
(29)
ये है كِتَـٰبُنَا किताब हमारी kitābunā
किताब हमारी يَنطِقُ जो बोलती है yanṭiqu
जो बोलती है عَلَيْكُم तुम पर ʿalaykum
तुम पर بِٱلْحَقِّ ۚ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम كُنَّا थे हम kunnā
थे हम نَسْتَنسِخُ हम लिखवाते nastansikhu
हम लिखवाते مَا जो mā
जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَعْمَلُونَ तुम अमल करते taʿmalūna
तुम अमल करते ٢٩ (29)
(29)
यह हमारी किताब है, जो तुम्हारे बारे में सच-सच बोलती है। निःसंदेह हम लिखवाते जाते थे, जो कुछ तुम करते थे।
४५:३०
فَأَمَّا
तो रहे
fa-ammā
तो रहे ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक فَيُدْخِلُهُمْ तो दाख़िल करेगा उन्हें fayud'khiluhum
तो दाख़िल करेगा उन्हें رَبُّهُمْ रब उनका rabbuhum
रब उनका فِى in(to) fī
in(to) رَحْمَتِهِۦ ۚ अपनी रहमत में raḥmatihi
अपनी रहमत में ذَٰلِكَ ये है dhālika
ये है هُوَ वो ही huwa
वो ही ٱلْفَوْزُ कामयाबी l-fawzu
कामयाबी ٱلْمُبِينُ वाज़ेह l-mubīnu
वाज़ेह ٣٠ (30)
(30)
तो रहे ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक فَيُدْخِلُهُمْ तो दाख़िल करेगा उन्हें fayud'khiluhum
तो दाख़िल करेगा उन्हें رَبُّهُمْ रब उनका rabbuhum
रब उनका فِى in(to) fī
in(to) رَحْمَتِهِۦ ۚ अपनी रहमत में raḥmatihi
अपनी रहमत में ذَٰلِكَ ये है dhālika
ये है هُوَ वो ही huwa
वो ही ٱلْفَوْزُ कामयाबी l-fawzu
कामयाबी ٱلْمُبِينُ वाज़ेह l-mubīnu
वाज़ेह ٣٠ (30)
(30)
फिर जो लोग ईमान लाए और उन्होंने अच्छे कर्म किए, उनका रब उन्हें अपनी रहमत में दाख़िल करेगा, यही स्पष्ट सफलता है।
४५:३१
وَأَمَّا
और रहे
wa-ammā
और रहे ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوٓا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया أَفَلَمْ क्या फिर ना afalam
क्या फिर ना تَكُنْ थीं takun
थीं ءَايَـٰتِى आयात मेरी āyātī
आयात मेरी تُتْلَىٰ वो पढ़ी जातीं tut'lā
वो पढ़ी जातीं عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर فَٱسْتَكْبَرْتُمْ तो तकब्बुर किया तुमने fa-is'takbartum
तो तकब्बुर किया तुमने وَكُنتُمْ और थे तुम wakuntum
और थे तुम قَوْمًۭا क़ौम qawman
क़ौम مُّجْرِمِينَ मुजरिम muj'rimīna
मुजरिम ٣١ (31)
(31)
और रहे ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوٓا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया أَفَلَمْ क्या फिर ना afalam
क्या फिर ना تَكُنْ थीं takun
थीं ءَايَـٰتِى आयात मेरी āyātī
आयात मेरी تُتْلَىٰ वो पढ़ी जातीं tut'lā
वो पढ़ी जातीं عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर فَٱسْتَكْبَرْتُمْ तो तकब्बुर किया तुमने fa-is'takbartum
तो तकब्बुर किया तुमने وَكُنتُمْ और थे तुम wakuntum
और थे तुम قَوْمًۭا क़ौम qawman
क़ौम مُّجْرِمِينَ मुजरिम muj'rimīna
मुजरिम ٣١ (31)
(31)
और रहे वे लोग जिन्होंने कुफ़्र किया, तो (उनसे कहा जाएगाः) क्या तुम्हारे सामने मेरी आयतें नहीं पढ़ी जाती थीं? परंतु तुमने घमंड किया और तुम अपराधी लोग थे।
४५:३२
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब قِيلَ कहा गया qīla
कहा गया إِنَّ बेशक inna
बेशक وَعْدَ वादा waʿda
वादा ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का حَقٌّۭ सच्चा है ḥaqqun
सच्चा है وَٱلسَّاعَةُ और क़यामत wal-sāʿatu
और क़यामत لَا (there is) no lā
(there is) no رَيْبَ नहीं कोई शक rayba
नहीं कोई शक فِيهَا उसमें fīhā
उसमें قُلْتُم कहा तुमने qul'tum
कहा तुमने مَّا नहीं mā
नहीं نَدْرِى हम जानते nadrī
हम जानते مَا क्या है mā
क्या है ٱلسَّاعَةُ क़यामत l-sāʿatu
क़यामत إِن नहीं in
नहीं نَّظُنُّ हम समझते naẓunnu
हम समझते إِلَّا मगर illā
मगर ظَنًّۭا एक गुमान ही ẓannan
एक गुमान ही وَمَا और नहीं हैं wamā
और नहीं हैं نَحْنُ हम naḥnu
हम بِمُسْتَيْقِنِينَ यक़ीन करने वाले bimus'tayqinīna
यक़ीन करने वाले ٣٢ (32)
(32)
और जब قِيلَ कहा गया qīla
कहा गया إِنَّ बेशक inna
बेशक وَعْدَ वादा waʿda
वादा ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का حَقٌّۭ सच्चा है ḥaqqun
सच्चा है وَٱلسَّاعَةُ और क़यामत wal-sāʿatu
और क़यामत لَا (there is) no lā
(there is) no رَيْبَ नहीं कोई शक rayba
नहीं कोई शक فِيهَا उसमें fīhā
उसमें قُلْتُم कहा तुमने qul'tum
कहा तुमने مَّا नहीं mā
नहीं نَدْرِى हम जानते nadrī
हम जानते مَا क्या है mā
क्या है ٱلسَّاعَةُ क़यामत l-sāʿatu
क़यामत إِن नहीं in
नहीं نَّظُنُّ हम समझते naẓunnu
हम समझते إِلَّا मगर illā
मगर ظَنًّۭا एक गुमान ही ẓannan
एक गुमान ही وَمَا और नहीं हैं wamā
और नहीं हैं نَحْنُ हम naḥnu
हम بِمُسْتَيْقِنِينَ यक़ीन करने वाले bimus'tayqinīna
यक़ीन करने वाले ٣٢ (32)
(32)
और जब कहा जाता था कि अल्लाह का वादा सच्चा है तथा क़ियामत के दिन में कोई शक नहीं, तो तुम कहते थे : हम नहीं जानते कि क़ियामत का दिन क्या है, हम बस थोड़ा-सा सोचते हैं और हम पूर्ण विश्वास करने वाले नहीं हैं।
४५:३३
وَبَدَا
और ज़ाहिर हो जाऐंगी
wabadā
और ज़ाहिर हो जाऐंगी لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए سَيِّـَٔاتُ बुराइयाँ sayyiātu
बुराइयाँ مَا उनकी जो mā
उनकी जो عَمِلُوا۟ उन्होंने अमल किए ʿamilū
उन्होंने अमल किए وَحَاقَ और घेर लेगा waḥāqa
और घेर लेगा بِهِم उन्हें bihim
उन्हें مَّا वो जो mā
वो जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो بِهِۦ जिसका bihi
जिसका يَسْتَهْزِءُونَ वो मज़ाक़ उड़ाया करते yastahziūna
वो मज़ाक़ उड़ाया करते ٣٣ (33)
(33)
और ज़ाहिर हो जाऐंगी لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए سَيِّـَٔاتُ बुराइयाँ sayyiātu
बुराइयाँ مَا उनकी जो mā
उनकी जो عَمِلُوا۟ उन्होंने अमल किए ʿamilū
उन्होंने अमल किए وَحَاقَ और घेर लेगा waḥāqa
और घेर लेगा بِهِم उन्हें bihim
उन्हें مَّا वो जो mā
वो जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो بِهِۦ जिसका bihi
जिसका يَسْتَهْزِءُونَ वो मज़ाक़ उड़ाया करते yastahziūna
वो मज़ाक़ उड़ाया करते ٣٣ (33)
(33)
और उनके किए हुए कर्मों की बुराइयाँ उनपर प्रकट हो जाएँगी और उन्हें वह चीज़ घेर लेगी, जिसका वे मज़ाक उड़ाया करते थे।
४५:३४
وَقِيلَ
और कह दिया जाएगा
waqīla
और कह दिया जाएगा ٱلْيَوْمَ आज l-yawma
आज نَنسَىٰكُمْ हम भुला देंगे तुम्हें nansākum
हम भुला देंगे तुम्हें كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि نَسِيتُمْ भुला दिया तुमने nasītum
भुला दिया तुमने لِقَآءَ मुलाक़ात को liqāa
मुलाक़ात को يَوْمِكُمْ (of) this Day of yours yawmikum
(of) this Day of yours هَـٰذَا अपने इस दिन की hādhā
अपने इस दिन की وَمَأْوَىٰكُمُ और ठिकाना तुम्हारा wamawākumu
और ठिकाना तुम्हारा ٱلنَّارُ आग है l-nāru
आग है وَمَا और नहीं wamā
और नहीं لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّن any min
any نَّـٰصِرِينَ मददगारों में से कोई nāṣirīna
मददगारों में से कोई ٣٤ (34)
(34)
और कह दिया जाएगा ٱلْيَوْمَ आज l-yawma
आज نَنسَىٰكُمْ हम भुला देंगे तुम्हें nansākum
हम भुला देंगे तुम्हें كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि نَسِيتُمْ भुला दिया तुमने nasītum
भुला दिया तुमने لِقَآءَ मुलाक़ात को liqāa
मुलाक़ात को يَوْمِكُمْ (of) this Day of yours yawmikum
(of) this Day of yours هَـٰذَا अपने इस दिन की hādhā
अपने इस दिन की وَمَأْوَىٰكُمُ और ठिकाना तुम्हारा wamawākumu
और ठिकाना तुम्हारा ٱلنَّارُ आग है l-nāru
आग है وَمَا और नहीं wamā
और नहीं لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّن any min
any نَّـٰصِرِينَ मददगारों में से कोई nāṣirīna
मददगारों में से कोई ٣٤ (34)
(34)
और कह दिया जाएगा कि आज हम तुम्हें भुला देंगे1, जैसे तुमने अपने इस दिन के मिलने को भुला दिया और तुम्हारा ठिकाना आग (जहन्नम) है और तुम्हारे कोई मदद करने वाले नहीं।
४५:३५
ذَٰلِكُم
ये बात
dhālikum
ये बात بِأَنَّكُمُ बवजह उसके कि तुम bi-annakumu
बवजह उसके कि तुम ٱتَّخَذْتُمْ बना लिया तुमने ittakhadhtum
बना लिया तुमने ءَايَـٰتِ आयात को āyāti
आयात को ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की هُزُوًۭا मज़ाक़ huzuwan
मज़ाक़ وَغَرَّتْكُمُ और धोखा दिया तुम्हें wagharratkumu
और धोखा दिया तुम्हें ٱلْحَيَوٰةُ ज़िन्दगी ने l-ḥayatu
ज़िन्दगी ने ٱلدُّنْيَا ۚ दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की فَٱلْيَوْمَ तो आज fal-yawma
तो आज لَا not lā
not يُخْرَجُونَ ना वो निकाले जाऐंगे yukh'rajūna
ना वो निकाले जाऐंगे مِنْهَا उससे min'hā
उससे وَلَا और नहीं walā
और नहीं هُمْ वो hum
वो يُسْتَعْتَبُونَ वो उज़्र क़ुबूल किए जाऐंगे yus'taʿtabūna
वो उज़्र क़ुबूल किए जाऐंगे ٣٥ (35)
(35)
ये बात بِأَنَّكُمُ बवजह उसके कि तुम bi-annakumu
बवजह उसके कि तुम ٱتَّخَذْتُمْ बना लिया तुमने ittakhadhtum
बना लिया तुमने ءَايَـٰتِ आयात को āyāti
आयात को ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की هُزُوًۭا मज़ाक़ huzuwan
मज़ाक़ وَغَرَّتْكُمُ और धोखा दिया तुम्हें wagharratkumu
और धोखा दिया तुम्हें ٱلْحَيَوٰةُ ज़िन्दगी ने l-ḥayatu
ज़िन्दगी ने ٱلدُّنْيَا ۚ दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की فَٱلْيَوْمَ तो आज fal-yawma
तो आज لَا not lā
not يُخْرَجُونَ ना वो निकाले जाऐंगे yukh'rajūna
ना वो निकाले जाऐंगे مِنْهَا उससे min'hā
उससे وَلَا और नहीं walā
और नहीं هُمْ वो hum
वो يُسْتَعْتَبُونَ वो उज़्र क़ुबूल किए जाऐंगे yus'taʿtabūna
वो उज़्र क़ुबूल किए जाऐंगे ٣٥ (35)
(35)
यह इस कारण है कि तुमने अल्लाह की आयतों का मज़ाक़ उड़ाया तथा दुनिया की ज़िंदगी ने तुम्हें धोखा दिया। तो आज न वे इससे निकाले जाएँगे और न उनसे तौबा करने को कहा जाएगा।1
४५:३६
فَلِلَّهِ
पस अल्लाह ही के लिए है
falillahi
पस अल्लाह ही के लिए है ٱلْحَمْدُ सब तारीफ़ l-ḥamdu
सब तारीफ़ رَبِّ जो रब है rabbi
जो रब है ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों का l-samāwāti
आसमानों का وَرَبِّ और रब है warabbi
और रब है ٱلْأَرْضِ ज़मीन का l-arḍi
ज़मीन का رَبِّ जो रब है rabbi
जो रब है ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों का l-ʿālamīna
तमाम जहानों का ٣٦ (36)
(36)
पस अल्लाह ही के लिए है ٱلْحَمْدُ सब तारीफ़ l-ḥamdu
सब तारीफ़ رَبِّ जो रब है rabbi
जो रब है ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों का l-samāwāti
आसमानों का وَرَبِّ और रब है warabbi
और रब है ٱلْأَرْضِ ज़मीन का l-arḍi
ज़मीन का رَبِّ जो रब है rabbi
जो रब है ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहानों का l-ʿālamīna
तमाम जहानों का ٣٦ (36)
(36)
अतः सारी प्रशंसा अल्लाह ही के लिए है, जो आकाशों का रब और धरती का रब, सारे संसार का रब है।
४५:३७
وَلَهُ
और उसी के लिए है
walahu
और उसी के लिए है ٱلْكِبْرِيَآءُ बड़ाई l-kib'riyāu
बड़ाई فِى in fī
in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में وَٱلْأَرْضِ ۖ और ज़मीन में wal-arḍi
और ज़मीन में وَهُوَ और वो wahuwa
और वो ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त है l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त है ٱلْحَكِيمُ ख़ूब हिकमत वाला है l-ḥakīmu
ख़ूब हिकमत वाला है ٣٧ (37)
(37)
और उसी के लिए है ٱلْكِبْرِيَآءُ बड़ाई l-kib'riyāu
बड़ाई فِى in fī
in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में وَٱلْأَرْضِ ۖ और ज़मीन में wal-arḍi
और ज़मीन में وَهُوَ और वो wahuwa
और वो ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त है l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त है ٱلْحَكِيمُ ख़ूब हिकमत वाला है l-ḥakīmu
ख़ूब हिकमत वाला है ٣٧ (37)
(37)
तथा उसी के लिए आकाशों और धरती में सारी महानता1 है और वही सबपर प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।