४६
अल-अहक़ाफ़
الأحقاف
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
४६:१
حمٓ
ح م
hha-meem
ح م ١ (1)
(1)
ح م ١ (1)
(1)
ह़ा, मीम।
४६:२
تَنزِيلُ
नाज़िल करना है
tanzīlu
नाज़िल करना है ٱلْكِتَـٰبِ किताब का l-kitābi
किताब का مِنَ (is) from mina
(is) from ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से ٱلْعَزِيزِ जो बहुत ज़बरदस्त है l-ʿazīzi
जो बहुत ज़बरदस्त है ٱلْحَكِيمِ ख़ूब हिकमत वाला है l-ḥakīmi
ख़ूब हिकमत वाला है ٢ (2)
(2)
नाज़िल करना है ٱلْكِتَـٰبِ किताब का l-kitābi
किताब का مِنَ (is) from mina
(is) from ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से ٱلْعَزِيزِ जो बहुत ज़बरदस्त है l-ʿazīzi
जो बहुत ज़बरदस्त है ٱلْحَكِيمِ ख़ूब हिकमत वाला है l-ḥakīmi
ख़ूब हिकमत वाला है ٢ (2)
(2)
इस पुस्तक का अवतरण अल्लाह की ओर से है, जो सब पर प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
४६:३
مَا
नहीं
mā
नहीं خَلَقْنَا पैदा किया हमने khalaqnā
पैदा किया हमने ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ بَيْنَهُمَآ दर्मियान है इन दोनों के baynahumā
दर्मियान है इन दोनों के إِلَّا मगर illā
मगर بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के وَأَجَلٍۢ और वक़्त wa-ajalin
और वक़्त مُّسَمًّۭى ۚ मुक़र्रर के musamman
मुक़र्रर के وَٱلَّذِينَ और वो जिन्होंने wa-alladhīna
और वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया عَمَّآ उस चीज़ से जो ʿammā
उस चीज़ से जो أُنذِرُوا۟ वो डराए गए undhirū
वो डराए गए مُعْرِضُونَ ऐराज़ करने वाले हैं muʿ'riḍūna
ऐराज़ करने वाले हैं ٣ (3)
(3)
नहीं خَلَقْنَا पैदा किया हमने khalaqnā
पैदा किया हमने ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ بَيْنَهُمَآ दर्मियान है इन दोनों के baynahumā
दर्मियान है इन दोनों के إِلَّا मगर illā
मगर بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के وَأَجَلٍۢ और वक़्त wa-ajalin
और वक़्त مُّسَمًّۭى ۚ मुक़र्रर के musamman
मुक़र्रर के وَٱلَّذِينَ और वो जिन्होंने wa-alladhīna
और वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया عَمَّآ उस चीज़ से जो ʿammā
उस चीज़ से जो أُنذِرُوا۟ वो डराए गए undhirū
वो डराए गए مُعْرِضُونَ ऐराज़ करने वाले हैं muʿ'riḍūna
ऐराज़ करने वाले हैं ٣ (3)
(3)
हमने आकाशों तथा धरती को और जो कुछ उन दोनों के दरमियान है सत्य के साथ और एक नियत अवधि के लिए पैदा किया है। तथा जिन लोगों ने कुफ़्र किया उस चीज़ से जिससे उन्हें सावधान किया गया, मुँह फेरने वाले हैं।
४६:४
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए أَرَءَيْتُم क्या देखा तुमने ara-aytum
क्या देखा तुमने مَّا जिन्हें mā
जिन्हें تَدْعُونَ तुम पुकारते हो tadʿūna
तुम पुकारते हो مِن besides min
besides دُونِ सिवाए dūni
सिवाए ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के أَرُونِى दिखाओ मुझे arūnī
दिखाओ मुझे مَاذَا क्या कुछ mādhā
क्या कुछ خَلَقُوا۟ उन्होंने पैदा किया है khalaqū
उन्होंने पैदा किया है مِنَ of mina
of ٱلْأَرْضِ ज़मीन से l-arḍi
ज़मीन से أَمْ या am
या لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए شِرْكٌۭ कोई शराकत है shir'kun
कोई शराकत है فِى in fī
in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ ۖ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में ٱئْتُونِى लाओ मेरे पास i'tūnī
लाओ मेरे पास بِكِتَـٰبٍۢ कोई किताब bikitābin
कोई किताब مِّن from min
from قَبْلِ before qabli
before هَـٰذَآ इससे पहले की hādhā
इससे पहले की أَوْ या aw
या أَثَـٰرَةٍۢ बाक़ी मान्दा athāratin
बाक़ी मान्दा مِّنْ of min
of عِلْمٍ इल्म में से ʿil'min
इल्म में से إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ٤ (4)
(4)
कह दीजिए أَرَءَيْتُم क्या देखा तुमने ara-aytum
क्या देखा तुमने مَّا जिन्हें mā
जिन्हें تَدْعُونَ तुम पुकारते हो tadʿūna
तुम पुकारते हो مِن besides min
besides دُونِ सिवाए dūni
सिवाए ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के أَرُونِى दिखाओ मुझे arūnī
दिखाओ मुझे مَاذَا क्या कुछ mādhā
क्या कुछ خَلَقُوا۟ उन्होंने पैदा किया है khalaqū
उन्होंने पैदा किया है مِنَ of mina
of ٱلْأَرْضِ ज़मीन से l-arḍi
ज़मीन से أَمْ या am
या لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए شِرْكٌۭ कोई शराकत है shir'kun
कोई शराकत है فِى in fī
in ٱلسَّمَـٰوَٰتِ ۖ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में ٱئْتُونِى लाओ मेरे पास i'tūnī
लाओ मेरे पास بِكِتَـٰبٍۢ कोई किताब bikitābin
कोई किताब مِّن from min
from قَبْلِ before qabli
before هَـٰذَآ इससे पहले की hādhā
इससे पहले की أَوْ या aw
या أَثَـٰرَةٍۢ बाक़ी मान्दा athāratin
बाक़ी मान्दा مِّنْ of min
of عِلْمٍ इल्म में से ʿil'min
इल्म में से إِن अगर in
अगर كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम صَـٰدِقِينَ सच्चे ṣādiqīna
सच्चे ٤ (4)
(4)
(ऐ रसूल!) आप कह दें : क्या तुमने उन चीज़ों को देखा जिन्हें तुम अल्लाह के सिवा पुकारते हो, मुझे दिखाओ कि उन्होंने धरती की कौन-सी चीज़ पैदा की है, या आसमानों में उनका कोई हिस्सा है? मेरे पास इससे पहले की कोई किताब1, या ज्ञान की कोई अवशेष बात2 ले आओ, यदि तुम सच्चे हो।
४६:५
وَمَنْ
और कौन
waman
और कौन أَضَلُّ ज़्यादा गुमराह है aḍallu
ज़्यादा गुमराह है مِمَّن उससे जो mimman
उससे जो يَدْعُوا۟ पुकारता है yadʿū
पुकारता है مِن besides min
besides دُونِ सिवाए dūni
सिवाए ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के مَن उन्हें जो man
उन्हें जो لَّا will not respond lā
will not respond يَسْتَجِيبُ नहीं वो जवाब दे सकते yastajību
नहीं वो जवाब दे सकते لَهُۥٓ उसे lahu
उसे إِلَىٰ until ilā
until يَوْمِ (the) Day yawmi
(the) Day ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के दिन तक l-qiyāmati
क़यामत के दिन तक وَهُمْ और वो wahum
और वो عَن of ʿan
of دُعَآئِهِمْ उनकी पुकार से duʿāihim
उनकी पुकार से غَـٰفِلُونَ गाफ़िल हैं ghāfilūna
गाफ़िल हैं ٥ (5)
(5)
और कौन أَضَلُّ ज़्यादा गुमराह है aḍallu
ज़्यादा गुमराह है مِمَّن उससे जो mimman
उससे जो يَدْعُوا۟ पुकारता है yadʿū
पुकारता है مِن besides min
besides دُونِ सिवाए dūni
सिवाए ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के مَن उन्हें जो man
उन्हें जो لَّا will not respond lā
will not respond يَسْتَجِيبُ नहीं वो जवाब दे सकते yastajību
नहीं वो जवाब दे सकते لَهُۥٓ उसे lahu
उसे إِلَىٰ until ilā
until يَوْمِ (the) Day yawmi
(the) Day ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के दिन तक l-qiyāmati
क़यामत के दिन तक وَهُمْ और वो wahum
और वो عَن of ʿan
of دُعَآئِهِمْ उनकी पुकार से duʿāihim
उनकी पुकार से غَـٰفِلُونَ गाफ़िल हैं ghāfilūna
गाफ़िल हैं ٥ (5)
(5)
तथा उससे बढ़कर पथभ्रष्ट कौन है, जो अल्लाह के सिवा उन्हें पुकारता है, जो क़ियामत के दिन तक उसकी दुआ क़बूल नहीं करेंगे, और वे उनके पुकारने से बेखबर हैं?
४६:६
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब حُشِرَ जमा किए जाऐंगे ḥushira
जमा किए जाऐंगे ٱلنَّاسُ लोग l-nāsu
लोग كَانُوا۟ होंगे वो kānū
होंगे वो لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए أَعْدَآءًۭ दुश्मन aʿdāan
दुश्मन وَكَانُوا۟ और होंगे वो wakānū
और होंगे वो بِعِبَادَتِهِمْ उनकी इबादत के biʿibādatihim
उनकी इबादत के كَـٰفِرِينَ इन्कारी kāfirīna
इन्कारी ٦ (6)
(6)
और जब حُشِرَ जमा किए जाऐंगे ḥushira
जमा किए जाऐंगे ٱلنَّاسُ लोग l-nāsu
लोग كَانُوا۟ होंगे वो kānū
होंगे वो لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए أَعْدَآءًۭ दुश्मन aʿdāan
दुश्मन وَكَانُوا۟ और होंगे वो wakānū
और होंगे वो بِعِبَادَتِهِمْ उनकी इबादत के biʿibādatihim
उनकी इबादत के كَـٰفِرِينَ इन्कारी kāfirīna
इन्कारी ٦ (6)
(6)
तथा जब लोग एकत्र किए जाएँगे, तो वे उनके शत्रु होंगे और उनकी इबादत का इनकार करने वाले होंगे।1
४६:७
وَإِذَا
और जब
wa-idhā
और जब تُتْلَىٰ पढ़ी जाती हैं tut'lā
पढ़ी जाती हैं عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर ءَايَـٰتُنَا आयात हमारी āyātunā
आयात हमारी بَيِّنَـٰتٍۢ वाज़ेह bayyinātin
वाज़ेह قَالَ कहा qāla
कहा ٱلَّذِينَ उन्होंने जिन्होंने alladhīna
उन्होंने जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया لِلْحَقِّ हक़ के बारे में lil'ḥaqqi
हक़ के बारे में لَمَّا जब lammā
जब جَآءَهُمْ वो आ गया उनके पास jāahum
वो आ गया उनके पास هَـٰذَا ये है hādhā
ये है سِحْرٌۭ जादू siḥ'run
जादू مُّبِينٌ खुल्लम-खुल्ला mubīnun
खुल्लम-खुल्ला ٧ (7)
(7)
और जब تُتْلَىٰ पढ़ी जाती हैं tut'lā
पढ़ी जाती हैं عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर ءَايَـٰتُنَا आयात हमारी āyātunā
आयात हमारी بَيِّنَـٰتٍۢ वाज़ेह bayyinātin
वाज़ेह قَالَ कहा qāla
कहा ٱلَّذِينَ उन्होंने जिन्होंने alladhīna
उन्होंने जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया لِلْحَقِّ हक़ के बारे में lil'ḥaqqi
हक़ के बारे में لَمَّا जब lammā
जब جَآءَهُمْ वो आ गया उनके पास jāahum
वो आ गया उनके पास هَـٰذَا ये है hādhā
ये है سِحْرٌۭ जादू siḥ'run
जादू مُّبِينٌ खुल्लम-खुल्ला mubīnun
खुल्लम-खुल्ला ٧ (7)
(7)
और जब उनके सामने हमारी स्पष्ट आयतें पढ़ी जाती हैं, तो वे लोग जिन्होंने कुफ़्र किया, सत्य के विषय में, जब वह उनके पास आया, कहते हैं कि यह खुला जादू है।
४६:८
أَمْ
या
am
या يَقُولُونَ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं ٱفْتَرَىٰهُ ۖ कि इसने गढ़ लिया है उसे if'tarāhu
कि इसने गढ़ लिया है उसे قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए إِنِ अगर ini
अगर ٱفْتَرَيْتُهُۥ मैं ने गढ़ लिया है उसे if'taraytuhu
मैं ने गढ़ लिया है उसे فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं تَمْلِكُونَ तुम मालिक हो सकते tamlikūna
तुम मालिक हो सकते لِى मेरे लिए lī
मेरे लिए مِنَ against mina
against ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से شَيْـًٔا ۖ किसी चीज़ के shayan
किसी चीज़ के هُوَ वो huwa
वो أَعْلَمُ ज़्यादा जानने वाला है aʿlamu
ज़्यादा जानने वाला है بِمَا उसे जो bimā
उसे जो تُفِيضُونَ तुम मश्ग़ूल होते हो tufīḍūna
तुम मश्ग़ूल होते हो فِيهِ ۖ जिसमें fīhi
जिसमें كَفَىٰ काफ़ी है kafā
काफ़ी है بِهِۦ उसका bihi
उसका شَهِيدًۢا गवाह होना shahīdan
गवाह होना بَيْنِى दर्मियान मेरे baynī
दर्मियान मेरे وَبَيْنَكُمْ ۖ और दर्मियान तुम्हारे wabaynakum
और दर्मियान तुम्हारे وَهُوَ और वो ही है wahuwa
और वो ही है ٱلْغَفُورُ बहुत बख़्शने वाला l-ghafūru
बहुत बख़्शने वाला ٱلرَّحِيمُ निहायत रहम करने वाला l-raḥīmu
निहायत रहम करने वाला ٨ (8)
(8)
या يَقُولُونَ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं ٱفْتَرَىٰهُ ۖ कि इसने गढ़ लिया है उसे if'tarāhu
कि इसने गढ़ लिया है उसे قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए إِنِ अगर ini
अगर ٱفْتَرَيْتُهُۥ मैं ने गढ़ लिया है उसे if'taraytuhu
मैं ने गढ़ लिया है उसे فَلَا तो नहीं falā
तो नहीं تَمْلِكُونَ तुम मालिक हो सकते tamlikūna
तुम मालिक हो सकते لِى मेरे लिए lī
मेरे लिए مِنَ against mina
against ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से شَيْـًٔا ۖ किसी चीज़ के shayan
किसी चीज़ के هُوَ वो huwa
वो أَعْلَمُ ज़्यादा जानने वाला है aʿlamu
ज़्यादा जानने वाला है بِمَا उसे जो bimā
उसे जो تُفِيضُونَ तुम मश्ग़ूल होते हो tufīḍūna
तुम मश्ग़ूल होते हो فِيهِ ۖ जिसमें fīhi
जिसमें كَفَىٰ काफ़ी है kafā
काफ़ी है بِهِۦ उसका bihi
उसका شَهِيدًۢا गवाह होना shahīdan
गवाह होना بَيْنِى दर्मियान मेरे baynī
दर्मियान मेरे وَبَيْنَكُمْ ۖ और दर्मियान तुम्हारे wabaynakum
और दर्मियान तुम्हारे وَهُوَ और वो ही है wahuwa
और वो ही है ٱلْغَفُورُ बहुत बख़्शने वाला l-ghafūru
बहुत बख़्शने वाला ٱلرَّحِيمُ निहायत रहम करने वाला l-raḥīmu
निहायत रहम करने वाला ٨ (8)
(8)
या वे कहते हैं कि उसने इसे1 स्वयं गढ़ लिया है? आप कह दें : यदि मैंने इसे स्वयं गढ़ लिया है, तो तुम मेरे लिए अल्लाह के विरुद्ध किसी चीज़ का अधिकार नहीं रखते।2 वह उन बातों को अधिक जानने वाला है जिनमें तुम व्यस्त होते हो। वह मेरे और तुम्हारे बीच गवाह के रूप में काफ़ी है, और वही बड़ा क्षमाशील, अत्यंत दयावान है।
४६:९
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए مَا नहीं mā
नहीं كُنتُ हूँ मैं kuntu
हूँ मैं بِدْعًۭا नया /अनोखा bid'ʿan
नया /अनोखा مِّنَ among mina
among ٱلرُّسُلِ रसूलों में से l-rusuli
रसूलों में से وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं أَدْرِى मैं जानता adrī
मैं जानता مَا क्या mā
क्या يُفْعَلُ किया जाएगा yuf'ʿalu
किया जाएगा بِى मेरे साथ bī
मेरे साथ وَلَا और ना walā
और ना بِكُمْ ۖ तुम्हारे साथ bikum
तुम्हारे साथ إِنْ नहीं in
नहीं أَتَّبِعُ मैं पैरवी करता attabiʿu
मैं पैरवी करता إِلَّا मगर illā
मगर مَا उसकी जो mā
उसकी जो يُوحَىٰٓ वही की जाती है yūḥā
वही की जाती है إِلَىَّ मेरी तरफ़ ilayya
मेरी तरफ़ وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं أَنَا۠ मैं anā
मैं إِلَّا मगर illā
मगर نَذِيرٌۭ डराने वाला nadhīrun
डराने वाला مُّبِينٌۭ खुल्लम-खुल्ला mubīnun
खुल्लम-खुल्ला ٩ (9)
(9)
कह दीजिए مَا नहीं mā
नहीं كُنتُ हूँ मैं kuntu
हूँ मैं بِدْعًۭا नया /अनोखा bid'ʿan
नया /अनोखा مِّنَ among mina
among ٱلرُّسُلِ रसूलों में से l-rusuli
रसूलों में से وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं أَدْرِى मैं जानता adrī
मैं जानता مَا क्या mā
क्या يُفْعَلُ किया जाएगा yuf'ʿalu
किया जाएगा بِى मेरे साथ bī
मेरे साथ وَلَا और ना walā
और ना بِكُمْ ۖ तुम्हारे साथ bikum
तुम्हारे साथ إِنْ नहीं in
नहीं أَتَّبِعُ मैं पैरवी करता attabiʿu
मैं पैरवी करता إِلَّا मगर illā
मगर مَا उसकी जो mā
उसकी जो يُوحَىٰٓ वही की जाती है yūḥā
वही की जाती है إِلَىَّ मेरी तरफ़ ilayya
मेरी तरफ़ وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं أَنَا۠ मैं anā
मैं إِلَّا मगर illā
मगर نَذِيرٌۭ डराने वाला nadhīrun
डराने वाला مُّبِينٌۭ खुल्लम-खुल्ला mubīnun
खुल्लम-खुल्ला ٩ (9)
(9)
आप कह दें कि मैं रसूलों में से कोई अनोखा (रसूल) नहीं हूँ और न मैं यह जानता हूँ कि मेरे साथ क्या किया जाएगा1 और न (यह कि) तुम्हारे साथ क्या (किया जाएगा)। मैं तो केवल उसी का अनुसरण करता हूँ जो मेरी ओर वह़्य (प्रकाशना) की जाती है और मैं तो केवल खुला डराने वाला हूँ।
४६:१०
قُلْ
कह दीजिए
qul
कह दीजिए أَرَءَيْتُمْ क्या देखा तुमने ara-aytum
क्या देखा तुमने إِن अगर in
अगर كَانَ है वो kāna
है वो مِنْ from Allah min
from Allah عِندِ from Allah ʿindi
from Allah ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से وَكَفَرْتُم और कुफ़्र किया तुमने wakafartum
और कुफ़्र किया तुमने بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके وَشَهِدَ और गवाही दे चुका washahida
और गवाही दे चुका شَاهِدٌۭ एक गवाह shāhidun
एक गवाह مِّنۢ from min
from بَنِىٓ (the) Children of Israel banī
(the) Children of Israel إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल में से is'rāīla
बनी इस्राईल में से عَلَىٰ to ʿalā
to مِثْلِهِۦ इस जैसे (कलाम) पर mith'lihi
इस जैसे (कलाम) पर فَـَٔامَنَ पस वो ईमान ले आया faāmana
पस वो ईमान ले आया وَٱسْتَكْبَرْتُمْ ۖ और तकब्बुर किया तुमने wa-is'takbartum
और तकब्बुर किया तुमने إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يَهْدِى नहीं वो हिदायत देता yahdī
नहीं वो हिदायत देता ٱلْقَوْمَ उन लोगों को l-qawma
उन लोगों को ٱلظَّـٰلِمِينَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimīna
जो ज़ालिम हैं ١٠ (10)
(10)
कह दीजिए أَرَءَيْتُمْ क्या देखा तुमने ara-aytum
क्या देखा तुमने إِن अगर in
अगर كَانَ है वो kāna
है वो مِنْ from Allah min
from Allah عِندِ from Allah ʿindi
from Allah ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से وَكَفَرْتُم और कुफ़्र किया तुमने wakafartum
और कुफ़्र किया तुमने بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके وَشَهِدَ और गवाही दे चुका washahida
और गवाही दे चुका شَاهِدٌۭ एक गवाह shāhidun
एक गवाह مِّنۢ from min
from بَنِىٓ (the) Children of Israel banī
(the) Children of Israel إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल में से is'rāīla
बनी इस्राईल में से عَلَىٰ to ʿalā
to مِثْلِهِۦ इस जैसे (कलाम) पर mith'lihi
इस जैसे (कलाम) पर فَـَٔامَنَ पस वो ईमान ले आया faāmana
पस वो ईमान ले आया وَٱسْتَكْبَرْتُمْ ۖ और तकब्बुर किया तुमने wa-is'takbartum
और तकब्बुर किया तुमने إِنَّ बेशक inna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह لَا (does) not lā
(does) not يَهْدِى नहीं वो हिदायत देता yahdī
नहीं वो हिदायत देता ٱلْقَوْمَ उन लोगों को l-qawma
उन लोगों को ٱلظَّـٰلِمِينَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimīna
जो ज़ालिम हैं ١٠ (10)
(10)
आप कह दें : क्या तुमने देखा? यदि यह (क़ुरआन) अल्लाह की ओर से हुआ और तुमने उसका इनकार कर दिया, जबकि बनी इसराईल में से एक गवाही देने वाले ने उस जैसे की गवाही दी।1 फिर वह ईमान ले आया और तुम घमंड करते रहे (तो तुम्हारा क्या परिणाम होगा?)। बेशक अल्लाह ज़ालिमों को हिदायत नहीं देता।2
४६:११
وَقَالَ
और कहा
waqāla
और कहा ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जिन्होंने alladhīna
उन लोगों ने जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया لِلَّذِينَ उनसे जो lilladhīna
उनसे जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए لَوْ अगर law
अगर كَانَ होता वो kāna
होता वो خَيْرًۭا बेहतर khayran
बेहतर مَّا ना mā
ना سَبَقُونَآ वो सबक़त ले जाते हम पर sabaqūnā
वो सबक़त ले जाते हम पर إِلَيْهِ ۚ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके وَإِذْ और जब कि wa-idh
और जब कि لَمْ नहीं lam
नहीं يَهْتَدُوا۟ उन्होंने हिदायत पाई yahtadū
उन्होंने हिदायत पाई بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके فَسَيَقُولُونَ तो ज़रूर वो कहेंगे fasayaqūlūna
तो ज़रूर वो कहेंगे هَـٰذَآ ये hādhā
ये إِفْكٌۭ झूठ है if'kun
झूठ है قَدِيمٌۭ पुराना qadīmun
पुराना ١١ (11)
(11)
और कहा ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जिन्होंने alladhīna
उन लोगों ने जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया لِلَّذِينَ उनसे जो lilladhīna
उनसे जो ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए لَوْ अगर law
अगर كَانَ होता वो kāna
होता वो خَيْرًۭا बेहतर khayran
बेहतर مَّا ना mā
ना سَبَقُونَآ वो सबक़त ले जाते हम पर sabaqūnā
वो सबक़त ले जाते हम पर إِلَيْهِ ۚ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके وَإِذْ और जब कि wa-idh
और जब कि لَمْ नहीं lam
नहीं يَهْتَدُوا۟ उन्होंने हिदायत पाई yahtadū
उन्होंने हिदायत पाई بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके فَسَيَقُولُونَ तो ज़रूर वो कहेंगे fasayaqūlūna
तो ज़रूर वो कहेंगे هَـٰذَآ ये hādhā
ये إِفْكٌۭ झूठ है if'kun
झूठ है قَدِيمٌۭ पुराना qadīmun
पुराना ١١ (11)
(11)
और काफ़िरों ने ईमान लाने वालों के बारे में कहा : यदि यह (धर्म) कुछ भी उत्तम होता, तो ये लोग हमसे पहले उसकी ओर न आते। और जब उन्होंने उससे मार्गदर्शन नहीं पाया, तो अवश्य कहेंगे कि यह पुराना झूठ है।
४६:१२
وَمِن
And before it
wamin
And before it قَبْلِهِۦ और उससे पहले थी qablihi
और उससे पहले थी كِتَـٰبُ किताब kitābu
किताब مُوسَىٰٓ मूसा की mūsā
मूसा की إِمَامًۭا इमाम/ राहनुमा imāman
इमाम/ राहनुमा وَرَحْمَةًۭ ۚ और रहमत waraḥmatan
और रहमत وَهَـٰذَا और ये wahādhā
और ये كِتَـٰبٌۭ किताब है kitābun
किताब है مُّصَدِّقٌۭ तस्दीक़ करने वाली muṣaddiqun
तस्दीक़ करने वाली لِّسَانًا (in) language lisānan
(in) language عَرَبِيًّۭا अर्बी ज़बान में ʿarabiyyan
अर्बी ज़बान में لِّيُنذِرَ ताकि वो डराए liyundhira
ताकि वो डराए ٱلَّذِينَ उन्हें जिन्होंने alladhīna
उन्हें जिन्होंने ظَلَمُوا۟ ज़ुल्म किया ẓalamū
ज़ुल्म किया وَبُشْرَىٰ और ख़ुश्ख़बरी है wabush'rā
और ख़ुश्ख़बरी है لِلْمُحْسِنِينَ नेकोकारों के लिए lil'muḥ'sinīna
नेकोकारों के लिए ١٢ (12)
(12)
And before it قَبْلِهِۦ और उससे पहले थी qablihi
और उससे पहले थी كِتَـٰبُ किताब kitābu
किताब مُوسَىٰٓ मूसा की mūsā
मूसा की إِمَامًۭا इमाम/ राहनुमा imāman
इमाम/ राहनुमा وَرَحْمَةًۭ ۚ और रहमत waraḥmatan
और रहमत وَهَـٰذَا और ये wahādhā
और ये كِتَـٰبٌۭ किताब है kitābun
किताब है مُّصَدِّقٌۭ तस्दीक़ करने वाली muṣaddiqun
तस्दीक़ करने वाली لِّسَانًا (in) language lisānan
(in) language عَرَبِيًّۭا अर्बी ज़बान में ʿarabiyyan
अर्बी ज़बान में لِّيُنذِرَ ताकि वो डराए liyundhira
ताकि वो डराए ٱلَّذِينَ उन्हें जिन्होंने alladhīna
उन्हें जिन्होंने ظَلَمُوا۟ ज़ुल्म किया ẓalamū
ज़ुल्म किया وَبُشْرَىٰ और ख़ुश्ख़बरी है wabush'rā
और ख़ुश्ख़बरी है لِلْمُحْسِنِينَ नेकोकारों के लिए lil'muḥ'sinīna
नेकोकारों के लिए ١٢ (12)
(12)
तथा इससे पूर्व मूसा की पुस्तक पेशवा और दया थी। और यह एक पुष्टि करने वाली1 किताब (क़ुरआन) अरबी2 भाषा में है, ताकि उन लोगों को डराए जिन्होंने अत्याचार किया और नेकी करने वालों के लिए शुभ-सूचना हो।
४६:१३
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने قَالُوا۟ कहा qālū
कहा رَبُّنَا रब हमारा rabbunā
रब हमारा ٱللَّهُ अल्लाह है l-lahu
अल्लाह है ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱسْتَقَـٰمُوا۟ उन्होंने इस्तिक़ामत इख़्तियार की is'taqāmū
उन्होंने इस्तिक़ामत इख़्तियार की فَلَا तो ना falā
तो ना خَوْفٌ कोई ख़ौफ़ होगा khawfun
कोई ख़ौफ़ होगा عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يَحْزَنُونَ वो ग़मगीन होंगे yaḥzanūna
वो ग़मगीन होंगे ١٣ (13)
(13)
बेशक ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने قَالُوا۟ कहा qālū
कहा رَبُّنَا रब हमारा rabbunā
रब हमारा ٱللَّهُ अल्लाह है l-lahu
अल्लाह है ثُمَّ फिर thumma
फिर ٱسْتَقَـٰمُوا۟ उन्होंने इस्तिक़ामत इख़्तियार की is'taqāmū
उन्होंने इस्तिक़ामत इख़्तियार की فَلَا तो ना falā
तो ना خَوْفٌ कोई ख़ौफ़ होगा khawfun
कोई ख़ौफ़ होगा عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर وَلَا और ना walā
और ना هُمْ वो hum
वो يَحْزَنُونَ वो ग़मगीन होंगे yaḥzanūna
वो ग़मगीन होंगे ١٣ (13)
(13)
निःसंदेह जिन लोगों ने कहा कि हमारा पालनहार अल्लाह है। फिर ख़ूब जमे रहे, तो उन्हें न तो कोई भय होगा और न वे शोकाकुल होंगे।1
४६:१४
أُو۟لَـٰٓئِكَ
यही लोग हैं
ulāika
यही लोग हैं أَصْحَـٰبُ साथी aṣḥābu
साथी ٱلْجَنَّةِ जन्नत के l-janati
जन्नत के خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَا उसमें fīhā
उसमें جَزَآءًۢ बदला है jazāan
बदला है بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते ١٤ (14)
(14)
यही लोग हैं أَصْحَـٰبُ साथी aṣḥābu
साथी ٱلْجَنَّةِ जन्नत के l-janati
जन्नत के خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَا उसमें fīhā
उसमें جَزَآءًۢ बदला है jazāan
बदला है بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते ١٤ (14)
(14)
ये लोग जन्नत वाले हैं, जिसमें वे हमेशा रहने वाले हैं, उसके बदले में जो वे किया करते थे।
४६:१५
وَوَصَّيْنَا
और ताकीद की हमने
wawaṣṣaynā
और ताकीद की हमने ٱلْإِنسَـٰنَ इन्सान को l-insāna
इन्सान को بِوَٰلِدَيْهِ साथ अपने वालिदैन के biwālidayhi
साथ अपने वालिदैन के إِحْسَـٰنًا ۖ एहसान करने की iḥ'sānan
एहसान करने की حَمَلَتْهُ उठाया उसे ḥamalathu
उठाया उसे أُمُّهُۥ उसकी माँ ने ummuhu
उसकी माँ ने كُرْهًۭا तक्लीफ़ से kur'han
तक्लीफ़ से وَوَضَعَتْهُ और उसने जन्म दिया उसे wawaḍaʿathu
और उसने जन्म दिया उसे كُرْهًۭا ۖ तक्लीफ़ से kur'han
तक्लीफ़ से وَحَمْلُهُۥ और हमल उसका waḥamluhu
और हमल उसका وَفِصَـٰلُهُۥ और दूध छुड़ाना उसका wafiṣāluhu
और दूध छुड़ाना उसका ثَلَـٰثُونَ तीस thalāthūna
तीस شَهْرًا ۚ माह है shahran
माह है حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब بَلَغَ वो पहुँच गया balagha
वो पहुँच गया أَشُدَّهُۥ अपनी जवानी को ashuddahu
अपनी जवानी को وَبَلَغَ और वो पहुँचा wabalagha
और वो पहुँचा أَرْبَعِينَ चालीस arbaʿīna
चालीस سَنَةًۭ साल को sanatan
साल को قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब أَوْزِعْنِىٓ तौफ़ीक़ दे मुझे awziʿ'nī
तौफ़ीक़ दे मुझे أَنْ कि an
कि أَشْكُرَ मैं शुक्र अदा करूँ ashkura
मैं शुक्र अदा करूँ نِعْمَتَكَ तेरी नेअमत का niʿ'mataka
तेरी नेअमत का ٱلَّتِىٓ वो जो allatī
वो जो أَنْعَمْتَ इनआम की तू ने anʿamta
इनआम की तू ने عَلَىَّ मुझ पर ʿalayya
मुझ पर وَعَلَىٰ and upon waʿalā
and upon وَٰلِدَىَّ और मेरे वालिदैन पर wālidayya
और मेरे वालिदैन पर وَأَنْ और ये कि wa-an
और ये कि أَعْمَلَ मैं अमल करूँ aʿmala
मैं अमल करूँ صَـٰلِحًۭا नेक ṣāliḥan
नेक تَرْضَىٰهُ तू राज़ी हो जाए जिससे tarḍāhu
तू राज़ी हो जाए जिससे وَأَصْلِحْ और इस्लाह कर दे wa-aṣliḥ
और इस्लाह कर दे لِى मेरे लिए lī
मेरे लिए فِى among fī
among ذُرِّيَّتِىٓ ۖ मेरी औलाद में dhurriyyatī
मेरी औलाद में إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं تُبْتُ तौबा की मैं ने tub'tu
तौबा की मैं ने إِلَيْكَ तरफ़ तेरे ilayka
तरफ़ तेरे وَإِنِّى और बेशक मैं wa-innī
और बेशक मैं مِنَ of mina
of ٱلْمُسْلِمِينَ मुसलमानों में से हूँ l-mus'limīna
मुसलमानों में से हूँ ١٥ (15)
(15)
और ताकीद की हमने ٱلْإِنسَـٰنَ इन्सान को l-insāna
इन्सान को بِوَٰلِدَيْهِ साथ अपने वालिदैन के biwālidayhi
साथ अपने वालिदैन के إِحْسَـٰنًا ۖ एहसान करने की iḥ'sānan
एहसान करने की حَمَلَتْهُ उठाया उसे ḥamalathu
उठाया उसे أُمُّهُۥ उसकी माँ ने ummuhu
उसकी माँ ने كُرْهًۭا तक्लीफ़ से kur'han
तक्लीफ़ से وَوَضَعَتْهُ और उसने जन्म दिया उसे wawaḍaʿathu
और उसने जन्म दिया उसे كُرْهًۭا ۖ तक्लीफ़ से kur'han
तक्लीफ़ से وَحَمْلُهُۥ और हमल उसका waḥamluhu
और हमल उसका وَفِصَـٰلُهُۥ और दूध छुड़ाना उसका wafiṣāluhu
और दूध छुड़ाना उसका ثَلَـٰثُونَ तीस thalāthūna
तीस شَهْرًا ۚ माह है shahran
माह है حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि إِذَا जब idhā
जब بَلَغَ वो पहुँच गया balagha
वो पहुँच गया أَشُدَّهُۥ अपनी जवानी को ashuddahu
अपनी जवानी को وَبَلَغَ और वो पहुँचा wabalagha
और वो पहुँचा أَرْبَعِينَ चालीस arbaʿīna
चालीस سَنَةًۭ साल को sanatan
साल को قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब أَوْزِعْنِىٓ तौफ़ीक़ दे मुझे awziʿ'nī
तौफ़ीक़ दे मुझे أَنْ कि an
कि أَشْكُرَ मैं शुक्र अदा करूँ ashkura
मैं शुक्र अदा करूँ نِعْمَتَكَ तेरी नेअमत का niʿ'mataka
तेरी नेअमत का ٱلَّتِىٓ वो जो allatī
वो जो أَنْعَمْتَ इनआम की तू ने anʿamta
इनआम की तू ने عَلَىَّ मुझ पर ʿalayya
मुझ पर وَعَلَىٰ and upon waʿalā
and upon وَٰلِدَىَّ और मेरे वालिदैन पर wālidayya
और मेरे वालिदैन पर وَأَنْ और ये कि wa-an
और ये कि أَعْمَلَ मैं अमल करूँ aʿmala
मैं अमल करूँ صَـٰلِحًۭا नेक ṣāliḥan
नेक تَرْضَىٰهُ तू राज़ी हो जाए जिससे tarḍāhu
तू राज़ी हो जाए जिससे وَأَصْلِحْ और इस्लाह कर दे wa-aṣliḥ
और इस्लाह कर दे لِى मेरे लिए lī
मेरे लिए فِى among fī
among ذُرِّيَّتِىٓ ۖ मेरी औलाद में dhurriyyatī
मेरी औलाद में إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं تُبْتُ तौबा की मैं ने tub'tu
तौबा की मैं ने إِلَيْكَ तरफ़ तेरे ilayka
तरफ़ तेरे وَإِنِّى और बेशक मैं wa-innī
और बेशक मैं مِنَ of mina
of ٱلْمُسْلِمِينَ मुसलमानों में से हूँ l-mus'limīna
मुसलमानों में से हूँ ١٥ (15)
(15)
और हमने मनुष्य को अपने माता-पिता के साथ अच्छा व्यवहार करने की ताकीद दी। उसकी माँ ने उसे दुःख झेलकर गर्भ में रखा तथा दुःख झेलकर जन्म दिया और उसकी गर्भावस्था की अवधि और उसके दूध छोड़ने की अवधि तीस महीने है।1 यहाँ तक कि जब वह अपनी पूरी शक्ति को पहुँचा और चालीस वर्ष का हो गया, तो उसने कहा : ऐ मेरे पालनहार! मुझे सामर्थ्य प्रदान कर कि मैं तेरी उस अनुकंपा के लिए आभार प्रकट करूँ, जो तूने मुझपर और मेरे माता-पिता पर उपकार किए हैं। तथा यह कि मैं वह सत्कर्म करूँ, जिसे तू पसंद करता है तथा मेरे लिए मेरी संतान को सुधार दे। निःसंदेह मैंने तेरी ओर तौबा की तथा निःसंदेह मैं मुसलमानों (आज्ञाकारियों) में से हूँ।
४६:१६
أُو۟لَـٰٓئِكَ
यही वो लोग हैं
ulāika
यही वो लोग हैं ٱلَّذِينَ जो alladhīna
जो نَتَقَبَّلُ हम क़ुबूल कर लेते हैं nataqabbalu
हम क़ुबूल कर लेते हैं عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे أَحْسَنَ बेहतरीन aḥsana
बेहतरीन مَا जो mā
जो عَمِلُوا۟ उन्होंने अमल किए ʿamilū
उन्होंने अमल किए وَنَتَجَاوَزُ और हम दरगुज़र करते है wanatajāwazu
और हम दरगुज़र करते है عَن [from] ʿan
[from] سَيِّـَٔاتِهِمْ उनकी बुराइयों से sayyiātihim
उनकी बुराइयों से فِىٓ among fī
among أَصْحَـٰبِ (the) companions aṣḥābi
(the) companions ٱلْجَنَّةِ ۖ जन्नत वालों में होंगे l-janati
जन्नत वालों में होंगे وَعْدَ वादा है waʿda
वादा है ٱلصِّدْقِ सच्चा l-ṣid'qi
सच्चा ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يُوعَدُونَ वो वादा किए जाते yūʿadūna
वो वादा किए जाते ١٦ (16)
(16)
यही वो लोग हैं ٱلَّذِينَ जो alladhīna
जो نَتَقَبَّلُ हम क़ुबूल कर लेते हैं nataqabbalu
हम क़ुबूल कर लेते हैं عَنْهُمْ उनसे ʿanhum
उनसे أَحْسَنَ बेहतरीन aḥsana
बेहतरीन مَا जो mā
जो عَمِلُوا۟ उन्होंने अमल किए ʿamilū
उन्होंने अमल किए وَنَتَجَاوَزُ और हम दरगुज़र करते है wanatajāwazu
और हम दरगुज़र करते है عَن [from] ʿan
[from] سَيِّـَٔاتِهِمْ उनकी बुराइयों से sayyiātihim
उनकी बुराइयों से فِىٓ among fī
among أَصْحَـٰبِ (the) companions aṣḥābi
(the) companions ٱلْجَنَّةِ ۖ जन्नत वालों में होंगे l-janati
जन्नत वालों में होंगे وَعْدَ वादा है waʿda
वादा है ٱلصِّدْقِ सच्चा l-ṣid'qi
सच्चा ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يُوعَدُونَ वो वादा किए जाते yūʿadūna
वो वादा किए जाते ١٦ (16)
(16)
यही वे लोग हैं, जिनके सबसे अच्छे कर्मों को हम स्वीकार करते हैं और उनकी बुराइयों को क्षमा कर देते हैं, इस हाल में कि वे जन्नत वालों में से हैं, सच्चे वादे के अनुरूप, जो उनसे वादा किया जाता है।
४६:१७
وَٱلَّذِى
और वो जिसने
wa-alladhī
और वो जिसने قَالَ कहा qāla
कहा لِوَٰلِدَيْهِ अपने वालिदैन से liwālidayhi
अपने वालिदैन से أُفٍّۢ उफ़्फ़ uffin
उफ़्फ़ لَّكُمَآ तुम दोनों के लिए lakumā
तुम दोनों के लिए أَتَعِدَانِنِىٓ क्या तुम मुझे धमकी देते हो ataʿidāninī
क्या तुम मुझे धमकी देते हो أَنْ कि an
कि أُخْرَجَ मैं निकाला जाऊँगा ukh'raja
मैं निकाला जाऊँगा وَقَدْ हालाँकि तहक़ीक़ waqad
हालाँकि तहक़ीक़ خَلَتِ गुज़र चुकीं khalati
गुज़र चुकीं ٱلْقُرُونُ उम्मतें l-qurūnu
उम्मतें مِن before me min
before me قَبْلِى मुझसे पहले qablī
मुझसे पहले وَهُمَا और वो दोनों wahumā
और वो दोनों يَسْتَغِيثَانِ वो दोनों फ़रियाद करते हैं yastaghīthāni
वो दोनों फ़रियाद करते हैं ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَيْلَكَ (कहते हैं) तेरा बुरा हो waylaka
(कहते हैं) तेरा बुरा हो ءَامِنْ ईमान ले आ āmin
ईमान ले आ إِنَّ बेशक inna
बेशक وَعْدَ वादा waʿda
वादा ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का حَقٌّۭ सच्चा है ḥaqqun
सच्चा है فَيَقُولُ तो वो कहता है fayaqūlu
तो वो कहता है مَا नहीं mā
नहीं هَـٰذَآ ये hādhā
ये إِلَّآ मगर illā
मगर أَسَـٰطِيرُ कहानियाँ asāṭīru
कहानियाँ ٱلْأَوَّلِينَ पहलों की l-awalīna
पहलों की ١٧ (17)
(17)
और वो जिसने قَالَ कहा qāla
कहा لِوَٰلِدَيْهِ अपने वालिदैन से liwālidayhi
अपने वालिदैन से أُفٍّۢ उफ़्फ़ uffin
उफ़्फ़ لَّكُمَآ तुम दोनों के लिए lakumā
तुम दोनों के लिए أَتَعِدَانِنِىٓ क्या तुम मुझे धमकी देते हो ataʿidāninī
क्या तुम मुझे धमकी देते हो أَنْ कि an
कि أُخْرَجَ मैं निकाला जाऊँगा ukh'raja
मैं निकाला जाऊँगा وَقَدْ हालाँकि तहक़ीक़ waqad
हालाँकि तहक़ीक़ خَلَتِ गुज़र चुकीं khalati
गुज़र चुकीं ٱلْقُرُونُ उम्मतें l-qurūnu
उम्मतें مِن before me min
before me قَبْلِى मुझसे पहले qablī
मुझसे पहले وَهُمَا और वो दोनों wahumā
और वो दोनों يَسْتَغِيثَانِ वो दोनों फ़रियाद करते हैं yastaghīthāni
वो दोनों फ़रियाद करते हैं ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से وَيْلَكَ (कहते हैं) तेरा बुरा हो waylaka
(कहते हैं) तेरा बुरा हो ءَامِنْ ईमान ले आ āmin
ईमान ले आ إِنَّ बेशक inna
बेशक وَعْدَ वादा waʿda
वादा ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का حَقٌّۭ सच्चा है ḥaqqun
सच्चा है فَيَقُولُ तो वो कहता है fayaqūlu
तो वो कहता है مَا नहीं mā
नहीं هَـٰذَآ ये hādhā
ये إِلَّآ मगर illā
मगर أَسَـٰطِيرُ कहानियाँ asāṭīru
कहानियाँ ٱلْأَوَّلِينَ पहलों की l-awalīna
पहलों की ١٧ (17)
(17)
तथा जिसने अपने माता-पिता से कहा : उफ़ है तुम दोनों के लिए! क्या तुम दोनों मुझे डराते हो कि मैं (क़ब्र से) निकाला1 जाऊँगा, हालाँकि मुझसे पहले बहुत-सी पीढ़ियाँ बीत चुकी हैं।2 जबकि वे दोनों अल्लाह की दुहाई देते हुए कहते हैं : तेरा नाश हो! तू ईमान ले आ! निश्चय अल्लाह का वादा सच्चा है। तो वह कहता है : ये पहले लोगों की काल्पनिक कहानियाँ हैं।3
४६:१८
أُو۟لَـٰٓئِكَ
यही वो लोग हैं
ulāika
यही वो लोग हैं ٱلَّذِينَ जो alladhīna
जो حَقَّ हक़ हो गई ḥaqqa
हक़ हो गई عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلْقَوْلُ बात l-qawlu
बात فِىٓ among fī
among أُمَمٍۢ उम्मतों में umamin
उम्मतों में قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ خَلَتْ जो गुज़र चुकीं khalat
जो गुज़र चुकीं مِن before them min
before them قَبْلِهِم उनस पहल qablihim
उनस पहल مِّنَ of mina
of ٱلْجِنِّ जिन्नों में से l-jini
जिन्नों में से وَٱلْإِنسِ ۖ और इन्सानों में से wal-insi
और इन्सानों में से إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो خَـٰسِرِينَ ख़सारा पाने वाले khāsirīna
ख़सारा पाने वाले ١٨ (18)
(18)
यही वो लोग हैं ٱلَّذِينَ जो alladhīna
जो حَقَّ हक़ हो गई ḥaqqa
हक़ हो गई عَلَيْهِمُ उन पर ʿalayhimu
उन पर ٱلْقَوْلُ बात l-qawlu
बात فِىٓ among fī
among أُمَمٍۢ उम्मतों में umamin
उम्मतों में قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़ خَلَتْ जो गुज़र चुकीं khalat
जो गुज़र चुकीं مِن before them min
before them قَبْلِهِم उनस पहल qablihim
उनस पहल مِّنَ of mina
of ٱلْجِنِّ जिन्नों में से l-jini
जिन्नों में से وَٱلْإِنسِ ۖ और इन्सानों में से wal-insi
और इन्सानों में से إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो خَـٰسِرِينَ ख़सारा पाने वाले khāsirīna
ख़सारा पाने वाले ١٨ (18)
(18)
यही वे लोग हैं, जिनपर (यातना की) बात सिद्ध हो गई, उन समुदायों के साथ जो जिन्नों और मनुष्यों में से इनसे पहले गुज़र चुके। निश्चय ही वे घाटे में रहने वाले थे।
४६:१९
وَلِكُلٍّۢ
और हर एक के लिए
walikullin
और हर एक के लिए دَرَجَـٰتٌۭ दर्जे हैं darajātun
दर्जे हैं مِّمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो عَمِلُوا۟ ۖ उन्होंने अमल किए ʿamilū
उन्होंने अमल किए وَلِيُوَفِّيَهُمْ और ताकि वो पुरा-पूरा बदला दे उन्हें waliyuwaffiyahum
और ताकि वो पुरा-पूरा बदला दे उन्हें أَعْمَـٰلَهُمْ उनके आमाल का aʿmālahum
उनके आमाल का وَهُمْ और वो wahum
और वो لَا will not be wronged lā
will not be wronged يُظْلَمُونَ वो ज़ुल्म ना किए जाऐंगे yuẓ'lamūna
वो ज़ुल्म ना किए जाऐंगे ١٩ (19)
(19)
और हर एक के लिए دَرَجَـٰتٌۭ दर्जे हैं darajātun
दर्जे हैं مِّمَّا उसमें से जो mimmā
उसमें से जो عَمِلُوا۟ ۖ उन्होंने अमल किए ʿamilū
उन्होंने अमल किए وَلِيُوَفِّيَهُمْ और ताकि वो पुरा-पूरा बदला दे उन्हें waliyuwaffiyahum
और ताकि वो पुरा-पूरा बदला दे उन्हें أَعْمَـٰلَهُمْ उनके आमाल का aʿmālahum
उनके आमाल का وَهُمْ और वो wahum
और वो لَا will not be wronged lā
will not be wronged يُظْلَمُونَ वो ज़ुल्म ना किए जाऐंगे yuẓ'lamūna
वो ज़ुल्म ना किए जाऐंगे ١٩ (19)
(19)
तथा प्रत्येक के लिए अलग-अलग दर्जे हैं, उन कर्मों के कारण जो उन्होंने किए। और ताकि वह (अल्लाह) उन्हें उनके कर्मों का भरपूर बदला दे और उनपर अत्याचार नहीं किया जाएगा।
४६:२०
وَيَوْمَ
और जिस दिन
wayawma
और जिस दिन يُعْرَضُ पेश किए जाऐंगे yuʿ'raḍu
पेश किए जाऐंगे ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया عَلَى to ʿalā
to ٱلنَّارِ आग पर l-nāri
आग पर أَذْهَبْتُمْ (कहा जाएगा) ले चुके तुम adhhabtum
(कहा जाएगा) ले चुके तुम طَيِّبَـٰتِكُمْ अपनी नेअमतें ṭayyibātikum
अपनी नेअमतें فِى in fī
in حَيَاتِكُمُ अपनी ज़िन्दगी में ḥayātikumu
अपनी ज़िन्दगी में ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَٱسْتَمْتَعْتُم और फ़ायदा उठालिया तुमने wa-is'tamtaʿtum
और फ़ायदा उठालिया तुमने بِهَا उनका bihā
उनका فَٱلْيَوْمَ तो आज fal-yawma
तो आज تُجْزَوْنَ तुम बदला दिए जाओगे tuj'zawna
तुम बदला दिए जाओगे عَذَابَ अज़ाब ʿadhāba
अज़ाब ٱلْهُونِ रुस्वाई की l-hūni
रुस्वाई की بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَسْتَكْبِرُونَ तुम तकब्बुर करते tastakbirūna
तुम तकब्बुर करते فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर ٱلْحَقِّ हक़ के l-ḥaqi
हक़ के وَبِمَا और बवजह उसके जो wabimā
और बवजह उसके जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَفْسُقُونَ तुम नाफ़रमानी करते tafsuqūna
तुम नाफ़रमानी करते ٢٠ (20)
(20)
और जिस दिन يُعْرَضُ पेश किए जाऐंगे yuʿ'raḍu
पेश किए जाऐंगे ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया عَلَى to ʿalā
to ٱلنَّارِ आग पर l-nāri
आग पर أَذْهَبْتُمْ (कहा जाएगा) ले चुके तुम adhhabtum
(कहा जाएगा) ले चुके तुम طَيِّبَـٰتِكُمْ अपनी नेअमतें ṭayyibātikum
अपनी नेअमतें فِى in fī
in حَيَاتِكُمُ अपनी ज़िन्दगी में ḥayātikumu
अपनी ज़िन्दगी में ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की وَٱسْتَمْتَعْتُم और फ़ायदा उठालिया तुमने wa-is'tamtaʿtum
और फ़ायदा उठालिया तुमने بِهَا उनका bihā
उनका فَٱلْيَوْمَ तो आज fal-yawma
तो आज تُجْزَوْنَ तुम बदला दिए जाओगे tuj'zawna
तुम बदला दिए जाओगे عَذَابَ अज़ाब ʿadhāba
अज़ाब ٱلْهُونِ रुस्वाई की l-hūni
रुस्वाई की بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَسْتَكْبِرُونَ तुम तकब्बुर करते tastakbirūna
तुम तकब्बुर करते فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर ٱلْحَقِّ हक़ के l-ḥaqi
हक़ के وَبِمَا और बवजह उसके जो wabimā
और बवजह उसके जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَفْسُقُونَ तुम नाफ़रमानी करते tafsuqūna
तुम नाफ़रमानी करते ٢٠ (20)
(20)
और जिस दिन काफ़िरों को आग के सामने लाया जाएगा। (उनसे कहा जाएगा :) तुम अपनी अच्छी चीज़ें अपने सांसारिक जीवन में ले जा चुके और तुम उनका आनंद ले चुके। सो आज तुम्हें अपमान की यातना दी जाएगी, इसलिए कि तुम धरती पर बिना किसी अधिकार के घमंड करते थे और इसलिए कि तुम अवज्ञा किया करते थे।
४६:२१
۞ وَٱذْكُرْ
और ज़िक्र कीजिए
wa-udh'kur
और ज़िक्र कीजिए أَخَا भाई का akhā
भाई का عَادٍ आद के ʿādin
आद के إِذْ जब idh
जब أَنذَرَ उसने डराया andhara
उसने डराया قَوْمَهُۥ अपनी क़ौम को qawmahu
अपनी क़ौम को بِٱلْأَحْقَافِ अहक़ाफ़ में bil-aḥqāfi
अहक़ाफ़ में وَقَدْ और तहक़ीक़ waqad
और तहक़ीक़ خَلَتِ गुज़र चुके khalati
गुज़र चुके ٱلنُّذُرُ कई डराने वाले l-nudhuru
कई डराने वाले مِنۢ before him min
before him بَيْنِ before him bayni
before him يَدَيْهِ उससे पहले yadayhi
उससे पहले وَمِنْ and after him wamin
and after him خَلْفِهِۦٓ और उसके बाद khalfihi
और उसके बाद أَلَّا कि ना allā
कि ना تَعْبُدُوٓا۟ तुम इबादत करो taʿbudū
तुम इबादत करो إِلَّا मगर illā
मगर ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أَخَافُ मैं डरता हूँ akhāfu
मैं डरता हूँ عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर عَذَابَ अज़ाब से ʿadhāba
अज़ाब से يَوْمٍ (of) a Day yawmin
(of) a Day عَظِيمٍۢ एक बड़े दिन के ʿaẓīmin
एक बड़े दिन के ٢١ (21)
(21)
और ज़िक्र कीजिए أَخَا भाई का akhā
भाई का عَادٍ आद के ʿādin
आद के إِذْ जब idh
जब أَنذَرَ उसने डराया andhara
उसने डराया قَوْمَهُۥ अपनी क़ौम को qawmahu
अपनी क़ौम को بِٱلْأَحْقَافِ अहक़ाफ़ में bil-aḥqāfi
अहक़ाफ़ में وَقَدْ और तहक़ीक़ waqad
और तहक़ीक़ خَلَتِ गुज़र चुके khalati
गुज़र चुके ٱلنُّذُرُ कई डराने वाले l-nudhuru
कई डराने वाले مِنۢ before him min
before him بَيْنِ before him bayni
before him يَدَيْهِ उससे पहले yadayhi
उससे पहले وَمِنْ and after him wamin
and after him خَلْفِهِۦٓ और उसके बाद khalfihi
और उसके बाद أَلَّا कि ना allā
कि ना تَعْبُدُوٓا۟ तुम इबादत करो taʿbudū
तुम इबादत करो إِلَّا मगर illā
मगर ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं أَخَافُ मैं डरता हूँ akhāfu
मैं डरता हूँ عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर عَذَابَ अज़ाब से ʿadhāba
अज़ाब से يَوْمٍ (of) a Day yawmin
(of) a Day عَظِيمٍۢ एक बड़े दिन के ʿaẓīmin
एक बड़े दिन के ٢١ (21)
(21)
तथा आद के भाई (हूद)1 को याद करो, जब उसने अपनी जाति को अहक़ाफ़ में डराया, जबकि उससे पहले और उसके बाद कई डराने वाले गुज़र चुके कि अल्लाह के अतिरिक्त किसी की इबादत न करो, निःसंदेह मैं तुमपर एक बड़े दिन की यातना से डरता हूँ।
४६:२२
قَالُوٓا۟
उन्होंने कहा
qālū
उन्होंने कहा أَجِئْتَنَا क्या आया है तू हमारे पास aji'tanā
क्या आया है तू हमारे पास لِتَأْفِكَنَا ताकि तू फेरदे हमें litafikanā
ताकि तू फेरदे हमें عَنْ from ʿan
from ءَالِهَتِنَا हमारे इलाहों से ālihatinā
हमारे इलाहों से فَأْتِنَا पस ले आ हमारे पास fatinā
पस ले आ हमारे पास بِمَا जिसकी bimā
जिसकी تَعِدُنَآ तू धमकी देता है हमें taʿidunā
तू धमकी देता है हमें إِن अगर in
अगर كُنتَ है तू kunta
है तू مِنَ of mina
of ٱلصَّـٰدِقِينَ सच्चों में से l-ṣādiqīna
सच्चों में से ٢٢ (22)
(22)
उन्होंने कहा أَجِئْتَنَا क्या आया है तू हमारे पास aji'tanā
क्या आया है तू हमारे पास لِتَأْفِكَنَا ताकि तू फेरदे हमें litafikanā
ताकि तू फेरदे हमें عَنْ from ʿan
from ءَالِهَتِنَا हमारे इलाहों से ālihatinā
हमारे इलाहों से فَأْتِنَا पस ले आ हमारे पास fatinā
पस ले आ हमारे पास بِمَا जिसकी bimā
जिसकी تَعِدُنَآ तू धमकी देता है हमें taʿidunā
तू धमकी देता है हमें إِن अगर in
अगर كُنتَ है तू kunta
है तू مِنَ of mina
of ٱلصَّـٰدِقِينَ सच्चों में से l-ṣādiqīna
सच्चों में से ٢٢ (22)
(22)
उन्होंने कहा : क्या तू हमारे पास इसलिए आया है कि हमको हमारे माबूदों से फेर दे? तो हम पर वह (अज़ाब) ले आ, जिसकी तू हमें धमकी देता है, यदि तू सच्चों में से है।
४६:२३
قَالَ
उसने कहा
qāla
उसने कहा إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक ٱلْعِلْمُ इल्म l-ʿil'mu
इल्म عِندَ पास है ʿinda
पास है ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَأُبَلِّغُكُم और मैं पहुँचाता हूँ तुम्हें wa-uballighukum
और मैं पहुँचाता हूँ तुम्हें مَّآ वो जो mā
वो जो أُرْسِلْتُ भेजा गया मैं ur'sil'tu
भेजा गया मैं بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके وَلَـٰكِنِّىٓ और लेकिन मैं walākinnī
और लेकिन मैं أَرَىٰكُمْ मैं देखता हूँ तुम्हें arākum
मैं देखता हूँ तुम्हें قَوْمًۭا ऐसे लोग qawman
ऐसे लोग تَجْهَلُونَ तुम जिहालत बरतते हो tajhalūna
तुम जिहालत बरतते हो ٢٣ (23)
(23)
उसने कहा إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक ٱلْعِلْمُ इल्म l-ʿil'mu
इल्म عِندَ पास है ʿinda
पास है ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के وَأُبَلِّغُكُم और मैं पहुँचाता हूँ तुम्हें wa-uballighukum
और मैं पहुँचाता हूँ तुम्हें مَّآ वो जो mā
वो जो أُرْسِلْتُ भेजा गया मैं ur'sil'tu
भेजा गया मैं بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके وَلَـٰكِنِّىٓ और लेकिन मैं walākinnī
और लेकिन मैं أَرَىٰكُمْ मैं देखता हूँ तुम्हें arākum
मैं देखता हूँ तुम्हें قَوْمًۭا ऐसे लोग qawman
ऐसे लोग تَجْهَلُونَ तुम जिहालत बरतते हो tajhalūna
तुम जिहालत बरतते हो ٢٣ (23)
(23)
उसने कहा : उसका ज्ञान तो अल्लाह ही के पास है और मैं तुम्हें वही कुछ पहुँचाता हूँ, जिसके साथ मैं भेजा गया हूँ। परंतु मैं तुम्हें देख रहा हूँ कि तुम अज्ञानता का प्रदर्शन कर रहे हो।
४६:२४
فَلَمَّا
तो जब
falammā
तो जब رَأَوْهُ उन्होंने देखा उसे ra-awhu
उन्होंने देखा उसे عَارِضًۭا एक बादल ʿāriḍan
एक बादल مُّسْتَقْبِلَ सामने आने वाला mus'taqbila
सामने आने वाला أَوْدِيَتِهِمْ उनकी वादियों के awdiyatihim
उनकी वादियों के قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा هَـٰذَا ये hādhā
ये عَارِضٌۭ बादल ʿāriḍun
बादल مُّمْطِرُنَا ۚ मींह बरसाने वाला है हम पर mum'ṭirunā
मींह बरसाने वाला है हम पर بَلْ बल्कि bal
बल्कि هُوَ ये वो है huwa
ये वो है مَا जो mā
जो ٱسْتَعْجَلْتُم जल्दी मचा रहे थे तुम is'taʿjaltum
जल्दी मचा रहे थे तुम بِهِۦ ۖ उसकी bihi
उसकी رِيحٌۭ हवा है rīḥun
हवा है فِيهَا जिसमें fīhā
जिसमें عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है أَلِيمٌۭ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक ٢٤ (24)
(24)
तो जब رَأَوْهُ उन्होंने देखा उसे ra-awhu
उन्होंने देखा उसे عَارِضًۭا एक बादल ʿāriḍan
एक बादल مُّسْتَقْبِلَ सामने आने वाला mus'taqbila
सामने आने वाला أَوْدِيَتِهِمْ उनकी वादियों के awdiyatihim
उनकी वादियों के قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा هَـٰذَا ये hādhā
ये عَارِضٌۭ बादल ʿāriḍun
बादल مُّمْطِرُنَا ۚ मींह बरसाने वाला है हम पर mum'ṭirunā
मींह बरसाने वाला है हम पर بَلْ बल्कि bal
बल्कि هُوَ ये वो है huwa
ये वो है مَا जो mā
जो ٱسْتَعْجَلْتُم जल्दी मचा रहे थे तुम is'taʿjaltum
जल्दी मचा रहे थे तुम بِهِۦ ۖ उसकी bihi
उसकी رِيحٌۭ हवा है rīḥun
हवा है فِيهَا जिसमें fīhā
जिसमें عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है أَلِيمٌۭ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक ٢٤ (24)
(24)
फिर जब उन्होंने उसे एक बादल के रूप में अपनी घाटियों की ओर बढ़ते हुए देखा, तो उन्होंने कहा : यह बादल है जो हमपर बरसने वाला है। बल्कि यह तो वह (यातना) है जिसके लिए तुमने जल्दी मचा रखी थी। आँधी है, जिसमें दर्दनाक अज़ाब है।1
४६:२५
تُدَمِّرُ
वो तबाह कर देगी
tudammiru
वो तबाह कर देगी كُلَّ हर kulla
हर شَىْءٍۭ चीज़ को shayin
चीज़ को بِأَمْرِ हुक्म से bi-amri
हुक्म से رَبِّهَا अपने रब के rabbihā
अपने रब के فَأَصْبَحُوا۟ फिर वो हो गए fa-aṣbaḥū
फिर वो हो गए لَا not lā
not يُرَىٰٓ कि ना दिखाई देता था (कुछ भी) yurā
कि ना दिखाई देता था (कुछ भी) إِلَّا सिवाय illā
सिवाय مَسَـٰكِنُهُمْ ۚ उनके घरों के masākinuhum
उनके घरों के كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह نَجْزِى हम बदला दिया करते हैं najzī
हम बदला दिया करते हैं ٱلْقَوْمَ उन लोगों को l-qawma
उन लोगों को ٱلْمُجْرِمِينَ जो मुजरिम हैं l-muj'rimīna
जो मुजरिम हैं ٢٥ (25)
(25)
वो तबाह कर देगी كُلَّ हर kulla
हर شَىْءٍۭ चीज़ को shayin
चीज़ को بِأَمْرِ हुक्म से bi-amri
हुक्म से رَبِّهَا अपने रब के rabbihā
अपने रब के فَأَصْبَحُوا۟ फिर वो हो गए fa-aṣbaḥū
फिर वो हो गए لَا not lā
not يُرَىٰٓ कि ना दिखाई देता था (कुछ भी) yurā
कि ना दिखाई देता था (कुछ भी) إِلَّا सिवाय illā
सिवाय مَسَـٰكِنُهُمْ ۚ उनके घरों के masākinuhum
उनके घरों के كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह نَجْزِى हम बदला दिया करते हैं najzī
हम बदला दिया करते हैं ٱلْقَوْمَ उन लोगों को l-qawma
उन लोगों को ٱلْمُجْرِمِينَ जो मुजरिम हैं l-muj'rimīna
जो मुजरिम हैं ٢٥ (25)
(25)
वह अपने पालनहार के आदेश से हर चीज़ को विनष्ट कर देगी। अंततः वे ऐसे हो गए कि उनके रहने की जगहों के सिवा कुछ नज़र न आता था। इसी तरह हम अपराधी लोगों को बदला देते हैं।
४६:२६
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ مَكَّنَّـٰهُمْ क़ुदरत दी हमने उन्हें makkannāhum
क़ुदरत दी हमने उन्हें فِيمَآ उसमें जो fīmā
उसमें जो إِن नहीं in
नहीं مَّكَّنَّـٰكُمْ क़ुदरत दी थी हमने तुम्हें makkannākum
क़ुदरत दी थी हमने तुम्हें فِيهِ उसमें fīhi
उसमें وَجَعَلْنَا और बनाए हमने wajaʿalnā
और बनाए हमने لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए سَمْعًۭا कान samʿan
कान وَأَبْصَـٰرًۭا और आँखें wa-abṣāran
और आँखें وَأَفْـِٔدَةًۭ और दिल wa-afidatan
और दिल فَمَآ तो ना famā
तो ना أَغْنَىٰ काम आए aghnā
काम आए عَنْهُمْ उन्हें ʿanhum
उन्हें سَمْعُهُمْ कान उनके samʿuhum
कान उनके وَلَآ और ना walā
और ना أَبْصَـٰرُهُمْ आँखें उनकी abṣāruhum
आँखें उनकी وَلَآ और ना walā
और ना أَفْـِٔدَتُهُم दिल उनके afidatuhum
दिल उनके مِّن any min
any شَىْءٍ कुछ भी shayin
कुछ भी إِذْ जब idh
जब كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَجْحَدُونَ वो इन्कार करते yajḥadūna
वो इन्कार करते بِـَٔايَـٰتِ आयात का biāyāti
आयात का ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की وَحَاقَ और घेर लिया waḥāqa
और घेर लिया بِهِم उन्हें bihim
उन्हें مَّا उसने जो mā
उसने जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो بِهِۦ उसका bihi
उसका يَسْتَهْزِءُونَ वो मज़ाक़ उड़ाते yastahziūna
वो मज़ाक़ उड़ाते ٢٦ (26)
(26)
और अलबत्ता तहक़ीक़ مَكَّنَّـٰهُمْ क़ुदरत दी हमने उन्हें makkannāhum
क़ुदरत दी हमने उन्हें فِيمَآ उसमें जो fīmā
उसमें जो إِن नहीं in
नहीं مَّكَّنَّـٰكُمْ क़ुदरत दी थी हमने तुम्हें makkannākum
क़ुदरत दी थी हमने तुम्हें فِيهِ उसमें fīhi
उसमें وَجَعَلْنَا और बनाए हमने wajaʿalnā
और बनाए हमने لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए سَمْعًۭا कान samʿan
कान وَأَبْصَـٰرًۭا और आँखें wa-abṣāran
और आँखें وَأَفْـِٔدَةًۭ और दिल wa-afidatan
और दिल فَمَآ तो ना famā
तो ना أَغْنَىٰ काम आए aghnā
काम आए عَنْهُمْ उन्हें ʿanhum
उन्हें سَمْعُهُمْ कान उनके samʿuhum
कान उनके وَلَآ और ना walā
और ना أَبْصَـٰرُهُمْ आँखें उनकी abṣāruhum
आँखें उनकी وَلَآ और ना walā
और ना أَفْـِٔدَتُهُم दिल उनके afidatuhum
दिल उनके مِّن any min
any شَىْءٍ कुछ भी shayin
कुछ भी إِذْ जब idh
जब كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَجْحَدُونَ वो इन्कार करते yajḥadūna
वो इन्कार करते بِـَٔايَـٰتِ आयात का biāyāti
आयात का ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की وَحَاقَ और घेर लिया waḥāqa
और घेर लिया بِهِم उन्हें bihim
उन्हें مَّا उसने जो mā
उसने जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो بِهِۦ उसका bihi
उसका يَسْتَهْزِءُونَ वो मज़ाक़ उड़ाते yastahziūna
वो मज़ाक़ उड़ाते ٢٦ (26)
(26)
तथा निःसंदेह हमने उन्हें उन चीज़ों में शक्ति दी, जिनमें हमने तुम्हें शक्ति नहीं दी और हमने उनके लिए कान और आँखें और दिल बनाए, तो न उनके कान उनके किसी काम आए और न उनकी आँखें और न उनके दिल; क्योंकि वे अल्लाह की आयतों का इनकार करते थे तथा उन्हें उस चीज़ ने घेर लिया जिसका वे उपहास करते थे।
४६:२७
وَلَقَدْ
और अलबत्ता तहक़ीक़
walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़ أَهْلَكْنَا हलाक कर दिया हमने ahlaknā
हलाक कर दिया हमने مَا जो mā
जो حَوْلَكُم तुम्हारे इर्द-गिर्द है ḥawlakum
तुम्हारे इर्द-गिर्द है مِّنَ of mina
of ٱلْقُرَىٰ बस्तियों में से l-qurā
बस्तियों में से وَصَرَّفْنَا और फेर-फेर कर लाए हैं हम waṣarrafnā
और फेर-फेर कर लाए हैं हम ٱلْـَٔايَـٰتِ आयात को l-āyāti
आयात को لَعَلَّهُمْ ताकि वो laʿallahum
ताकि वो يَرْجِعُونَ वो लौट आऐं yarjiʿūna
वो लौट आऐं ٢٧ (27)
(27)
और अलबत्ता तहक़ीक़ أَهْلَكْنَا हलाक कर दिया हमने ahlaknā
हलाक कर दिया हमने مَا जो mā
जो حَوْلَكُم तुम्हारे इर्द-गिर्द है ḥawlakum
तुम्हारे इर्द-गिर्द है مِّنَ of mina
of ٱلْقُرَىٰ बस्तियों में से l-qurā
बस्तियों में से وَصَرَّفْنَا और फेर-फेर कर लाए हैं हम waṣarrafnā
और फेर-फेर कर लाए हैं हम ٱلْـَٔايَـٰتِ आयात को l-āyāti
आयात को لَعَلَّهُمْ ताकि वो laʿallahum
ताकि वो يَرْجِعُونَ वो लौट आऐं yarjiʿūna
वो लौट आऐं ٢٧ (27)
(27)
तथा निःसंदेह हमने तुम्हारे आस-पास की बस्तियों को विनष्ट कर दिया और हमने विविध प्रकार के प्रमाण प्रस्तुत किए, ताकि वे पलट आएँ।
४६:२८
فَلَوْلَا
तो क्यों ना
falawlā
तो क्यों ना نَصَرَهُمُ मदद की उनकी naṣarahumu
मदद की उनकी ٱلَّذِينَ उन्होंने जिनको alladhīna
उन्होंने जिनको ٱتَّخَذُوا۟ उन्होंने बनाया ittakhadhū
उन्होंने बनाया مِن besides min
besides دُونِ सिवाए dūni
सिवाए ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के قُرْبَانًا तक़र्रूब के लिए qur'bānan
तक़र्रूब के लिए ءَالِهَةًۢ ۖ कुछ इलाह ālihatan
कुछ इलाह بَلْ बल्कि bal
बल्कि ضَلُّوا۟ वो गुम हो गए ḍallū
वो गुम हो गए عَنْهُمْ ۚ उनसे ʿanhum
उनसे وَذَٰلِكَ और ये wadhālika
और ये إِفْكُهُمْ झूठ था उनका if'kuhum
झूठ था उनका وَمَا और जो wamā
और जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَفْتَرُونَ वो गढ़ा करते yaftarūna
वो गढ़ा करते ٢٨ (28)
(28)
तो क्यों ना نَصَرَهُمُ मदद की उनकी naṣarahumu
मदद की उनकी ٱلَّذِينَ उन्होंने जिनको alladhīna
उन्होंने जिनको ٱتَّخَذُوا۟ उन्होंने बनाया ittakhadhū
उन्होंने बनाया مِن besides min
besides دُونِ सिवाए dūni
सिवाए ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के قُرْبَانًا तक़र्रूब के लिए qur'bānan
तक़र्रूब के लिए ءَالِهَةًۢ ۖ कुछ इलाह ālihatan
कुछ इलाह بَلْ बल्कि bal
बल्कि ضَلُّوا۟ वो गुम हो गए ḍallū
वो गुम हो गए عَنْهُمْ ۚ उनसे ʿanhum
उनसे وَذَٰلِكَ और ये wadhālika
और ये إِفْكُهُمْ झूठ था उनका if'kuhum
झूठ था उनका وَمَا और जो wamā
और जो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो يَفْتَرُونَ वो गढ़ा करते yaftarūna
वो गढ़ा करते ٢٨ (28)
(28)
तो फिर उन लोगों ने उनकी मदद क्यों नहीं की जिन्हें उन्होंने निकटता प्राप्त करने के लिए अल्लाह के सिवा पूज्य बना रखा था? बल्कि वे उनसे गुम हो गए, और यह1 उनका झूठ था और जो वे मिथ्यारोपण करते थे।
४६:२९
وَإِذْ
और जब
wa-idh
और जब صَرَفْنَآ फेर लाए हम ṣarafnā
फेर लाए हम إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके نَفَرًۭا एक गिरोह nafaran
एक गिरोह مِّنَ of mina
of ٱلْجِنِّ जिन्नों में से l-jini
जिन्नों में से يَسْتَمِعُونَ जो ग़ौर से सुन रहे थे yastamiʿūna
जो ग़ौर से सुन रहे थे ٱلْقُرْءَانَ क़ुरआन l-qur'āna
क़ुरआन فَلَمَّا फिर जब falammā
फिर जब حَضَرُوهُ वो हाज़िर हुए उसके पास ḥaḍarūhu
वो हाज़िर हुए उसके पास قَالُوٓا۟ वो कहने लगे qālū
वो कहने लगे أَنصِتُوا۟ ۖ चुप हो जाओ anṣitū
चुप हो जाओ فَلَمَّا तो जब falammā
तो जब قُضِىَ वो पूरा कर दिया गया quḍiya
वो पूरा कर दिया गया وَلَّوْا۟ वो वापस लौटे wallaw
वो वापस लौटे إِلَىٰ to ilā
to قَوْمِهِم तरफ़ अपनी क़ौम के qawmihim
तरफ़ अपनी क़ौम के مُّنذِرِينَ डराने वाले बन कर mundhirīna
डराने वाले बन कर ٢٩ (29)
(29)
और जब صَرَفْنَآ फेर लाए हम ṣarafnā
फेर लाए हम إِلَيْكَ तरफ़ आपके ilayka
तरफ़ आपके نَفَرًۭا एक गिरोह nafaran
एक गिरोह مِّنَ of mina
of ٱلْجِنِّ जिन्नों में से l-jini
जिन्नों में से يَسْتَمِعُونَ जो ग़ौर से सुन रहे थे yastamiʿūna
जो ग़ौर से सुन रहे थे ٱلْقُرْءَانَ क़ुरआन l-qur'āna
क़ुरआन فَلَمَّا फिर जब falammā
फिर जब حَضَرُوهُ वो हाज़िर हुए उसके पास ḥaḍarūhu
वो हाज़िर हुए उसके पास قَالُوٓا۟ वो कहने लगे qālū
वो कहने लगे أَنصِتُوا۟ ۖ चुप हो जाओ anṣitū
चुप हो जाओ فَلَمَّا तो जब falammā
तो जब قُضِىَ वो पूरा कर दिया गया quḍiya
वो पूरा कर दिया गया وَلَّوْا۟ वो वापस लौटे wallaw
वो वापस लौटे إِلَىٰ to ilā
to قَوْمِهِم तरफ़ अपनी क़ौम के qawmihim
तरफ़ अपनी क़ौम के مُّنذِرِينَ डराने वाले बन कर mundhirīna
डराने वाले बन कर ٢٩ (29)
(29)
तथा जब हमने तुम्हारी ओर जिन्नों के एक गिरोह1 को फेरा, जो क़ुरआन को ध्यान से सुनते थे। तो जब वे उसके पास पहुँचे, तो उन्होंने कहा : चुप हो जाओ। फिर जब वह पूरा हो गया, तो अपनी क़ौम की ओर सचेतकर्ता बनकर लौटे।
४६:३०
قَالُوا۟
उन्होंने कहा
qālū
उन्होंने कहा يَـٰقَوْمَنَآ ऐ हमारी क़ौम yāqawmanā
ऐ हमारी क़ौम إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम سَمِعْنَا सुना हमने samiʿ'nā
सुना हमने كِتَـٰبًا एक किताब को kitāban
एक किताब को أُنزِلَ जो नाज़िल की गई unzila
जो नाज़िल की गई مِنۢ after min
after بَعْدِ बाद baʿdi
बाद مُوسَىٰ मूसा के mūsā
मूसा के مُصَدِّقًۭا तस्दीक़ करने वाली है muṣaddiqan
तस्दीक़ करने वाली है لِّمَا उसकी जो limā
उसकी जो بَيْنَ (was) before it bayna
(was) before it يَدَيْهِ उससे पहले है yadayhi
उससे पहले है يَهْدِىٓ वो रहनुमाई करती है yahdī
वो रहनुमाई करती है إِلَى to ilā
to ٱلْحَقِّ तरफ़ हक़ के l-ḥaqi
तरफ़ हक़ के وَإِلَىٰ and to wa-ilā
and to طَرِيقٍۢ और तरफ़ रास्ते ṭarīqin
और तरफ़ रास्ते مُّسْتَقِيمٍۢ सीधे के mus'taqīmin
सीधे के ٣٠ (30)
(30)
उन्होंने कहा يَـٰقَوْمَنَآ ऐ हमारी क़ौम yāqawmanā
ऐ हमारी क़ौम إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम سَمِعْنَا सुना हमने samiʿ'nā
सुना हमने كِتَـٰبًا एक किताब को kitāban
एक किताब को أُنزِلَ जो नाज़िल की गई unzila
जो नाज़िल की गई مِنۢ after min
after بَعْدِ बाद baʿdi
बाद مُوسَىٰ मूसा के mūsā
मूसा के مُصَدِّقًۭا तस्दीक़ करने वाली है muṣaddiqan
तस्दीक़ करने वाली है لِّمَا उसकी जो limā
उसकी जो بَيْنَ (was) before it bayna
(was) before it يَدَيْهِ उससे पहले है yadayhi
उससे पहले है يَهْدِىٓ वो रहनुमाई करती है yahdī
वो रहनुमाई करती है إِلَى to ilā
to ٱلْحَقِّ तरफ़ हक़ के l-ḥaqi
तरफ़ हक़ के وَإِلَىٰ and to wa-ilā
and to طَرِيقٍۢ और तरफ़ रास्ते ṭarīqin
और तरफ़ रास्ते مُّسْتَقِيمٍۢ सीधे के mus'taqīmin
सीधे के ٣٠ (30)
(30)
उन्होंने कहा : ऐ हमारी जाति! निःसंदेह हमने एक ऐसी पुस्तक सुनी है, जो मूसा के पश्चात उतारी गई है, उसकी पुष्टि करने वाली है जो उससे पहले है, वह सत्य की ओर और सीधे मार्ग की ओर मार्गदर्शन करती है।
४६:३१
يَـٰقَوْمَنَآ
ऐ हमारी क़ौम
yāqawmanā
ऐ हमारी क़ौम أَجِيبُوا۟ जवाब दो ajībū
जवाब दो دَاعِىَ (to the) caller dāʿiya
(to the) caller ٱللَّهِ अल्लाह के दाई को l-lahi
अल्लाह के दाई को وَءَامِنُوا۟ और ईमान ले आओ waāminū
और ईमान ले आओ بِهِۦ उस पर bihi
उस पर يَغْفِرْ वो बख़्श देगा yaghfir
वो बख़्श देगा لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّن of min
of ذُنُوبِكُمْ तुम्हारे गुनाहों को dhunūbikum
तुम्हारे गुनाहों को وَيُجِرْكُم और वो पनाह देगा तुम्हें wayujir'kum
और वो पनाह देगा तुम्हें مِّنْ from min
from عَذَابٍ a punishment ʿadhābin
a punishment أَلِيمٍۢ दर्दनाक अज़ाब से alīmin
दर्दनाक अज़ाब से ٣١ (31)
(31)
ऐ हमारी क़ौम أَجِيبُوا۟ जवाब दो ajībū
जवाब दो دَاعِىَ (to the) caller dāʿiya
(to the) caller ٱللَّهِ अल्लाह के दाई को l-lahi
अल्लाह के दाई को وَءَامِنُوا۟ और ईमान ले आओ waāminū
और ईमान ले आओ بِهِۦ उस पर bihi
उस पर يَغْفِرْ वो बख़्श देगा yaghfir
वो बख़्श देगा لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए مِّن of min
of ذُنُوبِكُمْ तुम्हारे गुनाहों को dhunūbikum
तुम्हारे गुनाहों को وَيُجِرْكُم और वो पनाह देगा तुम्हें wayujir'kum
और वो पनाह देगा तुम्हें مِّنْ from min
from عَذَابٍ a punishment ʿadhābin
a punishment أَلِيمٍۢ दर्दनाक अज़ाब से alīmin
दर्दनाक अज़ाब से ٣١ (31)
(31)
ऐ हमारी जाति के लोगो! अल्लाह की ओर बुलाने वाले का निमंत्रण स्वीकार करो और उसपर ईमान ले आओ, वह तुम्हारे पापों को क्षमा कर देगा और तुम्हें दर्दनाक यातना से पनाह देगा।
४६:३२
وَمَن
और जो
waman
और जो لَّا (does) not lā
(does) not يُجِبْ ना जवाब दे yujib
ना जवाब दे دَاعِىَ (to the) caller dāʿiya
(to the) caller ٱللَّهِ अल्लाह के दाई को l-lahi
अल्लाह के दाई को فَلَيْسَ तो नहीं है वो falaysa
तो नहीं है वो بِمُعْجِزٍۢ आजिज़ करने वाला bimuʿ'jizin
आजिज़ करने वाला فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में وَلَيْسَ और नहीं walaysa
और नहीं لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए مِن besides Him min
besides Him دُونِهِۦٓ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा أَوْلِيَآءُ ۚ कोई मददगार awliyāu
कोई मददगार أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं فِى (are) in fī
(are) in ضَلَـٰلٍۢ गुमराही में ḍalālin
गुमराही में مُّبِينٍ खुली mubīnin
खुली ٣٢ (32)
(32)
और जो لَّا (does) not lā
(does) not يُجِبْ ना जवाब दे yujib
ना जवाब दे دَاعِىَ (to the) caller dāʿiya
(to the) caller ٱللَّهِ अल्लाह के दाई को l-lahi
अल्लाह के दाई को فَلَيْسَ तो नहीं है वो falaysa
तो नहीं है वो بِمُعْجِزٍۢ आजिज़ करने वाला bimuʿ'jizin
आजिज़ करने वाला فِى in fī
in ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में وَلَيْسَ और नहीं walaysa
और नहीं لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए مِن besides Him min
besides Him دُونِهِۦٓ उसके सिवा dūnihi
उसके सिवा أَوْلِيَآءُ ۚ कोई मददगार awliyāu
कोई मददगार أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं فِى (are) in fī
(are) in ضَلَـٰلٍۢ गुमराही में ḍalālin
गुमराही में مُّبِينٍ खुली mubīnin
खुली ٣٢ (32)
(32)
तथा जो अल्लाह की ओर बुलाने वाले के निमंत्रण को स्वीकार नहीं करेगा, तो न वह धरती में किसी तरह विवश करने वाला है और न ही उसके सिवा उसके कोई सहायक होंगे। ये लोग खुली गुमराही में हैं।
४६:३३
أَوَلَمْ
क्या भला नहीं
awalam
क्या भला नहीं يَرَوْا۟ उन्होंने देखा yaraw
उन्होंने देखा أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह ٱلَّذِى वो है जिसने alladhī
वो है जिसने خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को وَلَمْ और नहीं walam
और नहीं يَعْىَ वो थका yaʿya
वो थका بِخَلْقِهِنَّ उनको पैदा करने से bikhalqihinna
उनको पैदा करने से بِقَـٰدِرٍ क़ादिर है biqādirin
क़ादिर है عَلَىٰٓ इस पर ʿalā
इस पर أَن कि an
कि يُحْـِۧىَ वो ज़िन्दा करे yuḥ'yiya
वो ज़िन्दा करे ٱلْمَوْتَىٰ ۚ मुर्दों को l-mawtā
मुर्दों को بَلَىٰٓ क्यों नहीं balā
क्यों नहीं إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرٌۭ ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है qadīrun
ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है ٣٣ (33)
(33)
क्या भला नहीं يَرَوْا۟ उन्होंने देखा yaraw
उन्होंने देखा أَنَّ बेशक anna
बेशक ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह ٱلَّذِى वो है जिसने alladhī
वो है जिसने خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को وَلَمْ और नहीं walam
और नहीं يَعْىَ वो थका yaʿya
वो थका بِخَلْقِهِنَّ उनको पैदा करने से bikhalqihinna
उनको पैदा करने से بِقَـٰدِرٍ क़ादिर है biqādirin
क़ादिर है عَلَىٰٓ इस पर ʿalā
इस पर أَن कि an
कि يُحْـِۧىَ वो ज़िन्दा करे yuḥ'yiya
वो ज़िन्दा करे ٱلْمَوْتَىٰ ۚ मुर्दों को l-mawtā
मुर्दों को بَلَىٰٓ क्यों नहीं balā
क्यों नहीं إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर كُلِّ हर kulli
हर شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के قَدِيرٌۭ ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है qadīrun
ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है ٣٣ (33)
(33)
तथा क्या उन्होंने नहीं देखा कि निःसंदेह वह अल्लाह, जिसने आकाशों और धरती को बनाया और उन्हें बनाने से नहीं थका, वह मरे हुए लोगों को पुनर्जीवित करने में सक्षम है? क्यों नहीं! निश्चय वह हर चीज में पूर्ण सक्षम है।
४६:३४
وَيَوْمَ
और जिस दिन
wayawma
और जिस दिन يُعْرَضُ पेश किए जाऐंगे yuʿ'raḍu
पेश किए जाऐंगे ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया عَلَى to ʿalā
to ٱلنَّارِ आग पर l-nāri
आग पर أَلَيْسَ क्या नहीं है alaysa
क्या नहीं है هَـٰذَا ये hādhā
ये بِٱلْحَقِّ ۖ हक़ bil-ḥaqi
हक़ قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे بَلَىٰ क्यों नहीं balā
क्यों नहीं وَرَبِّنَا ۚ क़सम हमारे रब की warabbinā
क़सम हमारे रब की قَالَ वो फ़रमायगा qāla
वो फ़रमायगा فَذُوقُوا۟ पस चखो fadhūqū
पस चखो ٱلْعَذَابَ अज़ाब l-ʿadhāba
अज़ाब بِمَا बवजह उसक जो bimā
बवजह उसक जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَكْفُرُونَ तुम कुफ़्र करते takfurūna
तुम कुफ़्र करते ٣٤ (34)
(34)
और जिस दिन يُعْرَضُ पेश किए जाऐंगे yuʿ'raḍu
पेश किए जाऐंगे ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया عَلَى to ʿalā
to ٱلنَّارِ आग पर l-nāri
आग पर أَلَيْسَ क्या नहीं है alaysa
क्या नहीं है هَـٰذَا ये hādhā
ये بِٱلْحَقِّ ۖ हक़ bil-ḥaqi
हक़ قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे بَلَىٰ क्यों नहीं balā
क्यों नहीं وَرَبِّنَا ۚ क़सम हमारे रब की warabbinā
क़सम हमारे रब की قَالَ वो फ़रमायगा qāla
वो फ़रमायगा فَذُوقُوا۟ पस चखो fadhūqū
पस चखो ٱلْعَذَابَ अज़ाब l-ʿadhāba
अज़ाब بِمَا बवजह उसक जो bimā
बवजह उसक जो كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम تَكْفُرُونَ तुम कुफ़्र करते takfurūna
तुम कुफ़्र करते ٣٤ (34)
(34)
और जिस दिन वे लोग, जिन्होंने कुफ़्र किया, आग के सामने पेश किए जाएँगे, (कहा जाएगा :) क्या यह सत्य नहीं है? वे कहेंगे : क्यों नहीं, हमारे रब की क़सम! वह कहेगा : फिर यातना का मज़ा चखो, उसके बदले जो तुम कुफ़्र किया करते थे।
४६:३५
فَٱصْبِرْ
पस सब्र कीजिए
fa-iṣ'bir
पस सब्र कीजिए كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि صَبَرَ सब्र किया ṣabara
सब्र किया أُو۟لُوا۟ those of determination ulū
those of determination ٱلْعَزْمِ उलुल अज़म /हिम्मत वालों ने l-ʿazmi
उलुल अज़म /हिम्मत वालों ने مِنَ of mina
of ٱلرُّسُلِ रसूलों में से l-rusuli
रसूलों में से وَلَا और ना walā
और ना تَسْتَعْجِل आप जल्दी तलब कीजिए tastaʿjil
आप जल्दी तलब कीजिए لَّهُمْ ۚ उनके लिए lahum
उनके लिए كَأَنَّهُمْ गोया कि वो ka-annahum
गोया कि वो يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन يَرَوْنَ वो देखेंगे yarawna
वो देखेंगे مَا जो mā
जो يُوعَدُونَ वो वादा किए जाते हैं yūʿadūna
वो वादा किए जाते हैं لَمْ नहीं lam
नहीं يَلْبَثُوٓا۟ वो ठहरे yalbathū
वो ठहरे إِلَّا मगर illā
मगर سَاعَةًۭ एक घड़ी sāʿatan
एक घड़ी مِّن of min
of نَّهَارٍۭ ۚ दिन की nahārin
दिन की بَلَـٰغٌۭ ۚ पहुँचा देना है balāghun
पहुँचा देना है فَهَلْ तो नहीं fahal
तो नहीं يُهْلَكُ हलाक किया जाएगा yuh'laku
हलाक किया जाएगा إِلَّا मगर illā
मगर ٱلْقَوْمُ उन लोगों को l-qawmu
उन लोगों को ٱلْفَـٰسِقُونَ जो फ़ासिक़ हैं l-fāsiqūna
जो फ़ासिक़ हैं ٣٥ (35)
(35)
पस सब्र कीजिए كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि صَبَرَ सब्र किया ṣabara
सब्र किया أُو۟لُوا۟ those of determination ulū
those of determination ٱلْعَزْمِ उलुल अज़म /हिम्मत वालों ने l-ʿazmi
उलुल अज़म /हिम्मत वालों ने مِنَ of mina
of ٱلرُّسُلِ रसूलों में से l-rusuli
रसूलों में से وَلَا और ना walā
और ना تَسْتَعْجِل आप जल्दी तलब कीजिए tastaʿjil
आप जल्दी तलब कीजिए لَّهُمْ ۚ उनके लिए lahum
उनके लिए كَأَنَّهُمْ गोया कि वो ka-annahum
गोया कि वो يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन يَرَوْنَ वो देखेंगे yarawna
वो देखेंगे مَا जो mā
जो يُوعَدُونَ वो वादा किए जाते हैं yūʿadūna
वो वादा किए जाते हैं لَمْ नहीं lam
नहीं يَلْبَثُوٓا۟ वो ठहरे yalbathū
वो ठहरे إِلَّا मगर illā
मगर سَاعَةًۭ एक घड़ी sāʿatan
एक घड़ी مِّن of min
of نَّهَارٍۭ ۚ दिन की nahārin
दिन की بَلَـٰغٌۭ ۚ पहुँचा देना है balāghun
पहुँचा देना है فَهَلْ तो नहीं fahal
तो नहीं يُهْلَكُ हलाक किया जाएगा yuh'laku
हलाक किया जाएगा إِلَّا मगर illā
मगर ٱلْقَوْمُ उन लोगों को l-qawmu
उन लोगों को ٱلْفَـٰسِقُونَ जो फ़ासिक़ हैं l-fāsiqūna
जो फ़ासिक़ हैं ٣٥ (35)
(35)
अतः आप सब्र करें, जिस प्रकार पक्के इरादे वाले रसूलों ने सब्र किया और उनके लिए (यातना की) जल्दी न करें। जिस दिन वे उस चीज़ को देखेंगे जिसका उनसे वादा किया जाता है, तो (ऐसा होगा) मानो वे दिन की एक घड़ी1 के सिवा नहीं रहे। यह (संदेश) पहुँचा देना है। फिर क्या अवज्ञाकारी लोगों के सिवा कोई और विनष्ट किया जाएगा?