७४
अल-मुद्दस्सिर
المدثر
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
७४:१
يَـٰٓأَيُّهَا
ऐ
yāayyuhā
ऐ ٱلْمُدَّثِّرُ कपड़ा लपेटने वाले l-mudathiru
कपड़ा लपेटने वाले ١ (1)
(1)
ऐ ٱلْمُدَّثِّرُ कपड़ा लपेटने वाले l-mudathiru
कपड़ा लपेटने वाले ١ (1)
(1)
ऐ कपड़े में लिपटने वाले!
७४:२
قُمْ
खड़े हो जाइए
qum
खड़े हो जाइए فَأَنذِرْ फिर डराइए fa-andhir
फिर डराइए ٢ (2)
(2)
खड़े हो जाइए فَأَنذِرْ फिर डराइए fa-andhir
फिर डराइए ٢ (2)
(2)
खड़े हो जाओ, फिर सावधान करो।
७४:३
وَرَبَّكَ
और अपने रब की
warabbaka
और अपने रब की فَكَبِّرْ पस बड़ाई बयान कीजिए fakabbir
पस बड़ाई बयान कीजिए ٣ (3)
(3)
और अपने रब की فَكَبِّرْ पस बड़ाई बयान कीजिए fakabbir
पस बड़ाई बयान कीजिए ٣ (3)
(3)
तथा अपने पालनहार ही की महिमा का वर्णन करो।
७४:४
وَثِيَابَكَ
और अपने कपड़े
wathiyābaka
और अपने कपड़े فَطَهِّرْ पस पाक रखिए faṭahhir
पस पाक रखिए ٤ (4)
(4)
और अपने कपड़े فَطَهِّرْ पस पाक रखिए faṭahhir
पस पाक रखिए ٤ (4)
(4)
तथा अपने कपड़े को पवित्र रखो।
७४:५
وَٱلرُّجْزَ
और गंदगी को
wal-ruj'za
और गंदगी को فَٱهْجُرْ पस छोड़ दीजिए fa-uh'jur
पस छोड़ दीजिए ٥ (5)
(5)
और गंदगी को فَٱهْجُرْ पस छोड़ दीजिए fa-uh'jur
पस छोड़ दीजिए ٥ (5)
(5)
और गंदगी (बुतों) से दूर रहो।
७४:६
وَلَا
और ना
walā
और ना تَمْنُن आप एहसान कीजिए tamnun
आप एहसान कीजिए تَسْتَكْثِرُ कि आप ज़्यादा हासिल कर सकें tastakthiru
कि आप ज़्यादा हासिल कर सकें ٦ (6)
(6)
और ना تَمْنُن आप एहसान कीजिए tamnun
आप एहसान कीजिए تَسْتَكْثِرُ कि आप ज़्यादा हासिल कर सकें tastakthiru
कि आप ज़्यादा हासिल कर सकें ٦ (6)
(6)
तथा उपकार न जताओ (अपनी नेकियों को) अधिक समझ कर।
७४:७
وَلِرَبِّكَ
और अपने रब के लिए
walirabbika
और अपने रब के लिए فَٱصْبِرْ पस सब्र कीजिए fa-iṣ'bir
पस सब्र कीजिए ٧ (7)
(7)
और अपने रब के लिए فَٱصْبِرْ पस सब्र कीजिए fa-iṣ'bir
पस सब्र कीजिए ٧ (7)
(7)
और अपने पालनहार ही के लिए धैर्य से काम लो।
७४:८
فَإِذَا
फिर जब
fa-idhā
फिर जब نُقِرَ फूँका जाएगा nuqira
फूँका जाएगा فِى in fī
in ٱلنَّاقُورِ सूर में l-nāqūri
सूर में ٨ (8)
(8)
फिर जब نُقِرَ फूँका जाएगा nuqira
फूँका जाएगा فِى in fī
in ٱلنَّاقُورِ सूर में l-nāqūri
सूर में ٨ (8)
(8)
फिर जब सूर में फूँक1 मारी जाएगी।
७४:९
فَذَٰلِكَ
तो वो
fadhālika
तो वो يَوْمَئِذٍۢ उस दिन yawma-idhin
उस दिन يَوْمٌ दिन होगा yawmun
दिन होगा عَسِيرٌ सख़्त दुशवार ʿasīrun
सख़्त दुशवार ٩ (9)
(9)
तो वो يَوْمَئِذٍۢ उस दिन yawma-idhin
उस दिन يَوْمٌ दिन होगा yawmun
दिन होगा عَسِيرٌ सख़्त दुशवार ʿasīrun
सख़्त दुशवार ٩ (9)
(9)
तो वह दिन अति भीषण दिन होगा।
७४:१०
عَلَى
For
ʿalā
For ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों पर l-kāfirīna
काफ़िरों पर غَيْرُ ना होगा ghayru
ना होगा يَسِيرٍۢ आसान yasīrin
आसान ١٠ (10)
(10)
For ٱلْكَـٰفِرِينَ काफ़िरों पर l-kāfirīna
काफ़िरों पर غَيْرُ ना होगा ghayru
ना होगा يَسِيرٍۢ आसान yasīrin
आसान ١٠ (10)
(10)
काफ़िरों पर आसान न होगा।
७४:११
ذَرْنِى
छोड़ दो मुझे
dharnī
छोड़ दो मुझे وَمَنْ और जिसे waman
और जिसे خَلَقْتُ पैदा किया मैं ने khalaqtu
पैदा किया मैं ने وَحِيدًۭا अकेले waḥīdan
अकेले ١١ (11)
(11)
छोड़ दो मुझे وَمَنْ और जिसे waman
और जिसे خَلَقْتُ पैदा किया मैं ने khalaqtu
पैदा किया मैं ने وَحِيدًۭا अकेले waḥīdan
अकेले ١١ (11)
(11)
आप मुझे और उसे छोड़ दें, जिसे मैंने अकेला पैदा किया।
७४:१२
وَجَعَلْتُ
और बनाया मैं ने
wajaʿaltu
और बनाया मैं ने لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए مَالًۭا माल mālan
माल مَّمْدُودًۭا लम्बा चौड़ा mamdūdan
लम्बा चौड़ा ١٢ (12)
(12)
और बनाया मैं ने لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए مَالًۭا माल mālan
माल مَّمْدُودًۭا लम्बा चौड़ा mamdūdan
लम्बा चौड़ा ١٢ (12)
(12)
और मैंने उसे बहुत सारा धन प्रदान किया।
७४:१३
وَبَنِينَ
और बेटे
wabanīna
और बेटे شُهُودًۭا हाज़िर रहने वाले shuhūdan
हाज़िर रहने वाले ١٣ (13)
(13)
और बेटे شُهُودًۭا हाज़िर रहने वाले shuhūdan
हाज़िर रहने वाले ١٣ (13)
(13)
और उपस्थित रहने वाले बेटे1 दिए।
७४:१४
وَمَهَّدتُّ
और फैलाया मैं ने
wamahhadttu
और फैलाया मैं ने لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए تَمْهِيدًۭا फैलाना tamhīdan
फैलाना ١٤ (14)
(14)
और फैलाया मैं ने لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए تَمْهِيدًۭا फैलाना tamhīdan
फैलाना ١٤ (14)
(14)
और मैंने उसे प्रत्येक प्रकार का संसाधन दिया।
७४:१५
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर يَطْمَعُ वो तमाअ रखता है yaṭmaʿu
वो तमाअ रखता है أَنْ कि an
कि أَزِيدَ मैं ज़्यादा दूँ azīda
मैं ज़्यादा दूँ ١٥ (15)
(15)
फिर يَطْمَعُ वो तमाअ रखता है yaṭmaʿu
वो तमाअ रखता है أَنْ कि an
कि أَزِيدَ मैं ज़्यादा दूँ azīda
मैं ज़्यादा दूँ ١٥ (15)
(15)
फिर वह लोभ रखता है कि मैं उसे और अधिक दूँ।
७४:१६
كَلَّآ ۖ
हरगिज़ नहीं
kallā
हरगिज़ नहीं إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो كَانَ है वो kāna
है वो لِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात से liāyātinā
हमारी आयात से عَنِيدًۭا सख़्त इनाद रखने वाला ʿanīdan
सख़्त इनाद रखने वाला ١٦ (16)
(16)
हरगिज़ नहीं إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो كَانَ है वो kāna
है वो لِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात से liāyātinā
हमारी आयात से عَنِيدًۭا सख़्त इनाद रखने वाला ʿanīdan
सख़्त इनाद रखने वाला ١٦ (16)
(16)
कदापि नहीं! निश्चय वह हमारी आयतों का सख़्त विरोधी है।
७४:१७
سَأُرْهِقُهُۥ
अनक़रीब मैं चढ़ाऊँगा उसे
sa-ur'hiquhu
अनक़रीब मैं चढ़ाऊँगा उसे صَعُودًا कठिन चढ़ाई ṣaʿūdan
कठिन चढ़ाई ١٧ (17)
(17)
अनक़रीब मैं चढ़ाऊँगा उसे صَعُودًا कठिन चढ़ाई ṣaʿūdan
कठिन चढ़ाई ١٧ (17)
(17)
शीघ्र ही मैं उसे एक कठोर चढ़ाई1 चढ़ाऊँगा।
७४:१८
إِنَّهُۥ
बेशक वो
innahu
बेशक वो فَكَّرَ उसने सोचा fakkara
उसने सोचा وَقَدَّرَ और उसने अंदाज़ा किया waqaddara
और उसने अंदाज़ा किया ١٨ (18)
(18)
बेशक वो فَكَّرَ उसने सोचा fakkara
उसने सोचा وَقَدَّرَ और उसने अंदाज़ा किया waqaddara
और उसने अंदाज़ा किया ١٨ (18)
(18)
निःसंदेह उसने सोच-विचार किया और बात बनाई।1
७४:१९
فَقُتِلَ
पस वो मारा जाए
faqutila
पस वो मारा जाए كَيْفَ कैसा kayfa
कैसा قَدَّرَ उसने अंदाज़ा किया qaddara
उसने अंदाज़ा किया ١٩ (19)
(19)
पस वो मारा जाए كَيْفَ कैसा kayfa
कैसा قَدَّرَ उसने अंदाज़ा किया qaddara
उसने अंदाज़ा किया ١٩ (19)
(19)
तो वह मारा जाए! उसने कैसी कैसी बात बनाई?
७४:२०
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर قُتِلَ वो मारा जाए qutila
वो मारा जाए كَيْفَ कैसा kayfa
कैसा قَدَّرَ उसने अंदाज़ा किया qaddara
उसने अंदाज़ा किया ٢٠ (20)
(20)
फिर قُتِلَ वो मारा जाए qutila
वो मारा जाए كَيْفَ कैसा kayfa
कैसा قَدَّرَ उसने अंदाज़ा किया qaddara
उसने अंदाज़ा किया ٢٠ (20)
(20)
फिर मारा जाए! उसने कैसी बात बनाई?
७४:२१
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर نَظَرَ उसने देखा naẓara
उसने देखा ٢١ (21)
(21)
फिर نَظَرَ उसने देखा naẓara
उसने देखा ٢١ (21)
(21)
फिर उसने देखा।
७४:२२
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर عَبَسَ उसने तेवरी चढ़ाई ʿabasa
उसने तेवरी चढ़ाई وَبَسَرَ और उसने मुँह बिसूरा wabasara
और उसने मुँह बिसूरा ٢٢ (22)
(22)
फिर عَبَسَ उसने तेवरी चढ़ाई ʿabasa
उसने तेवरी चढ़ाई وَبَسَرَ और उसने मुँह बिसूरा wabasara
और उसने मुँह बिसूरा ٢٢ (22)
(22)
फिर उसने त्योरी चढ़ाई और मुँह बनाया।
७४:२३
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर أَدْبَرَ उसने पीठ फेरी adbara
उसने पीठ फेरी وَٱسْتَكْبَرَ और उसने तकब्बुर किया wa-is'takbara
और उसने तकब्बुर किया ٢٣ (23)
(23)
फिर أَدْبَرَ उसने पीठ फेरी adbara
उसने पीठ फेरी وَٱسْتَكْبَرَ और उसने तकब्बुर किया wa-is'takbara
और उसने तकब्बुर किया ٢٣ (23)
(23)
फिर उसने पीठ फेरी और घमंड किया।
७४:२४
فَقَالَ
फिर उसने कहा
faqāla
फिर उसने कहा إِنْ नहीं है in
नहीं है هَـٰذَآ ये hādhā
ये إِلَّا मगर illā
मगर سِحْرٌۭ जादू siḥ'run
जादू يُؤْثَرُ जो नक़्ल किया जाता है yu'tharu
जो नक़्ल किया जाता है ٢٤ (24)
(24)
फिर उसने कहा إِنْ नहीं है in
नहीं है هَـٰذَآ ये hādhā
ये إِلَّا मगर illā
मगर سِحْرٌۭ जादू siḥ'run
जादू يُؤْثَرُ जो नक़्ल किया जाता है yu'tharu
जो नक़्ल किया जाता है ٢٤ (24)
(24)
फिर उसने कहा : यह तो मात्र एक जादू है, जो (पहलों से) नक़ल (उद्धृत) किया जाता है।1
७४:२५
إِنْ
नहीं है
in
नहीं है هَـٰذَآ ये hādhā
ये إِلَّا मगर illā
मगर قَوْلُ बात qawlu
बात ٱلْبَشَرِ एक इन्सान की l-bashari
एक इन्सान की ٢٥ (25)
(25)
नहीं है هَـٰذَآ ये hādhā
ये إِلَّا मगर illā
मगर قَوْلُ बात qawlu
बात ٱلْبَشَرِ एक इन्सान की l-bashari
एक इन्सान की ٢٥ (25)
(25)
यह तो मात्र मनुष्य1 की वाणी है।
७४:२६
سَأُصْلِيهِ
अनक़रीब मैं झोंकूँगा उसे
sa-uṣ'līhi
अनक़रीब मैं झोंकूँगा उसे سَقَرَ दोज़ख़ में saqara
दोज़ख़ में ٢٦ (26)
(26)
अनक़रीब मैं झोंकूँगा उसे سَقَرَ दोज़ख़ में saqara
दोज़ख़ में ٢٦ (26)
(26)
मैं उसे शीघ्र ही 'सक़र' (जहन्नम) में झोंक दूँगा।
७४:२७
وَمَآ
और क्या चीज़
wamā
और क्या चीज़ أَدْرَىٰكَ बताए आपको adrāka
बताए आपको مَا क्या है mā
क्या है سَقَرُ दोज़ख़ saqaru
दोज़ख़ ٢٧ (27)
(27)
और क्या चीज़ أَدْرَىٰكَ बताए आपको adrāka
बताए आपको مَا क्या है mā
क्या है سَقَرُ दोज़ख़ saqaru
दोज़ख़ ٢٧ (27)
(27)
और आपको किस चीज़ ने अवगत कराया कि 'सक़र' (जहन्नम) क्या है?
७४:२८
لَا
Not
lā
Not تُبْقِى ना वो बाक़ी रखे tub'qī
ना वो बाक़ी रखे وَلَا और ना walā
और ना تَذَرُ वो छोड़ेगी tadharu
वो छोड़ेगी ٢٨ (28)
(28)
Not تُبْقِى ना वो बाक़ी रखे tub'qī
ना वो बाक़ी रखे وَلَا और ना walā
और ना تَذَرُ वो छोड़ेगी tadharu
वो छोड़ेगी ٢٨ (28)
(28)
वह न शेष रखेगी और न छोड़ेगी।
७४:२९
لَوَّاحَةٌۭ
झुलसा देने वाली है
lawwāḥatun
झुलसा देने वाली है لِّلْبَشَرِ चमड़े को lil'bashari
चमड़े को ٢٩ (29)
(29)
झुलसा देने वाली है لِّلْبَشَرِ चमड़े को lil'bashari
चमड़े को ٢٩ (29)
(29)
वह खाल को झुलस देने वाली है।
७४:३०
عَلَيْهَا
उस पर हैं
ʿalayhā
उस पर हैं تِسْعَةَ (are) nine tis'ʿata
(are) nine عَشَرَ उन्नीस (फ़रिश्ते) ʿashara
उन्नीस (फ़रिश्ते) ٣٠ (30)
(30)
उस पर हैं تِسْعَةَ (are) nine tis'ʿata
(are) nine عَشَرَ उन्नीस (फ़रिश्ते) ʿashara
उन्नीस (फ़रिश्ते) ٣٠ (30)
(30)
उसपर उन्नीस (फ़रिश्ते) नियुक्त हैं।
७४:३१
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं جَعَلْنَآ बनाया हमने jaʿalnā
बनाया हमने أَصْحَـٰبَ निगरान aṣḥāba
निगरान ٱلنَّارِ आग के l-nāri
आग के إِلَّا मगर illā
मगर مَلَـٰٓئِكَةًۭ ۙ फ़रिश्ते malāikatan
फ़रिश्ते وَمَا और नहीं wamā
और नहीं جَعَلْنَا बनाया हमने jaʿalnā
बनाया हमने عِدَّتَهُمْ उनकी तादाद को ʿiddatahum
उनकी तादाद को إِلَّا मगर illā
मगर فِتْنَةًۭ एक फ़ितना fit'natan
एक फ़ितना لِّلَّذِينَ उनके लिए जिन्होंने lilladhīna
उनके लिए जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया لِيَسْتَيْقِنَ ताकि यक़ीन कर लें liyastayqina
ताकि यक़ीन कर लें ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब وَيَزْدَادَ और ज़्यादा हो जाऐं wayazdāda
और ज़्यादा हो जाऐं ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए إِيمَـٰنًۭا ۙ ईमान में īmānan
ईमान में وَلَا और ना walā
और ना يَرْتَابَ शक करें yartāba
शक करें ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब وَٱلْمُؤْمِنُونَ ۙ और मोमिन wal-mu'minūna
और मोमिन وَلِيَقُولَ और ताकि कहें waliyaqūla
और ताकि कहें ٱلَّذِينَ वो लोग alladhīna
वो लोग فِى in fī
in قُلُوبِهِم जिनके दिलों में qulūbihim
जिनके दिलों में مَّرَضٌۭ बीमारी है maraḍun
बीमारी है وَٱلْكَـٰفِرُونَ और काफ़िर wal-kāfirūna
और काफ़िर مَاذَآ क्या कुछ mādhā
क्या कुछ أَرَادَ इरादा किया arāda
इरादा किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने بِهَـٰذَا साथ इस bihādhā
साथ इस مَثَلًۭا ۚ मिसाल के mathalan
मिसाल के كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह يُضِلُّ भटका देता है yuḍillu
भटका देता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَيَهْدِى और वो हिदायत देता है wayahdī
और वो हिदायत देता है مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ ۚ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَعْلَمُ जानता yaʿlamu
जानता جُنُودَ लश्करों को junūda
लश्करों को رَبِّكَ आपके रब के rabbika
आपके रब के إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ ۚ वो ही huwa
वो ही وَمَا और नहीं wamā
और नहीं هِىَ वो hiya
वो إِلَّا मगर illā
मगर ذِكْرَىٰ नसीहत dhik'rā
नसीहत لِلْبَشَرِ इन्सान के लिए lil'bashari
इन्सान के लिए ٣١ (31)
(31)
और नहीं جَعَلْنَآ बनाया हमने jaʿalnā
बनाया हमने أَصْحَـٰبَ निगरान aṣḥāba
निगरान ٱلنَّارِ आग के l-nāri
आग के إِلَّا मगर illā
मगर مَلَـٰٓئِكَةًۭ ۙ फ़रिश्ते malāikatan
फ़रिश्ते وَمَا और नहीं wamā
और नहीं جَعَلْنَا बनाया हमने jaʿalnā
बनाया हमने عِدَّتَهُمْ उनकी तादाद को ʿiddatahum
उनकी तादाद को إِلَّا मगर illā
मगर فِتْنَةًۭ एक फ़ितना fit'natan
एक फ़ितना لِّلَّذِينَ उनके लिए जिन्होंने lilladhīna
उनके लिए जिन्होंने كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया لِيَسْتَيْقِنَ ताकि यक़ीन कर लें liyastayqina
ताकि यक़ीन कर लें ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब وَيَزْدَادَ और ज़्यादा हो जाऐं wayazdāda
और ज़्यादा हो जाऐं ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए إِيمَـٰنًۭا ۙ ईमान में īmānan
ईमान में وَلَا और ना walā
और ना يَرْتَابَ शक करें yartāba
शक करें ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो أُوتُوا۟ दिए गए ūtū
दिए गए ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब وَٱلْمُؤْمِنُونَ ۙ और मोमिन wal-mu'minūna
और मोमिन وَلِيَقُولَ और ताकि कहें waliyaqūla
और ताकि कहें ٱلَّذِينَ वो लोग alladhīna
वो लोग فِى in fī
in قُلُوبِهِم जिनके दिलों में qulūbihim
जिनके दिलों में مَّرَضٌۭ बीमारी है maraḍun
बीमारी है وَٱلْكَـٰفِرُونَ और काफ़िर wal-kāfirūna
और काफ़िर مَاذَآ क्या कुछ mādhā
क्या कुछ أَرَادَ इरादा किया arāda
इरादा किया ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने بِهَـٰذَا साथ इस bihādhā
साथ इस مَثَلًۭا ۚ मिसाल के mathalan
मिसाल के كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह يُضِلُّ भटका देता है yuḍillu
भटका देता है ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَيَهْدِى और वो हिदायत देता है wayahdī
और वो हिदायत देता है مَن जिसे man
जिसे يَشَآءُ ۚ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है وَمَا और नहीं wamā
और नहीं يَعْلَمُ जानता yaʿlamu
जानता جُنُودَ लश्करों को junūda
लश्करों को رَبِّكَ आपके रब के rabbika
आपके रब के إِلَّا मगर illā
मगर هُوَ ۚ वो ही huwa
वो ही وَمَا और नहीं wamā
और नहीं هِىَ वो hiya
वो إِلَّا मगर illā
मगर ذِكْرَىٰ नसीहत dhik'rā
नसीहत لِلْبَشَرِ इन्सान के लिए lil'bashari
इन्सान के लिए ٣١ (31)
(31)
और हमने जहन्नम के रक्षक फ़रिश्ते ही बनाए हैं और उनकी संख्या को काफ़िरों के लिए परीक्षण बनाया है। ताकि अह्ले किताब1 विश्वास कर लें और ईमान वाले ईमान में आगे बढ़ जाएँ। और किताब वाले एवं ईमान वाले किसी संदेह में न पड़ें। और ताकि वे लोग जिनके दिलों में रोग है और वे लोग जो काफ़िर2 हैं, यह कहें कि इस उदाहरण से अल्लाह का क्या तात्पर्य है? ऐसे ही, अल्लाह जिसे चाहता है गुमराह करता है और जिसे चाहता है सीधा मार्ग दिखाता है। और आपके पालनहार की सेनाओं को उसके सिवा कोई नहीं जानता। और यह तो केवल मनुष्य के लिए उपदेश है।
७४:३२
كَلَّا
हरगिज़ नहीं
kallā
हरगिज़ नहीं وَٱلْقَمَرِ क़सम है चाँद की wal-qamari
क़सम है चाँद की ٣٢ (32)
(32)
हरगिज़ नहीं وَٱلْقَمَرِ क़सम है चाँद की wal-qamari
क़सम है चाँद की ٣٢ (32)
(32)
कदापि नहीं, क़सम है चाँद की!
७४:३३
وَٱلَّيْلِ
और रात की
wa-al-layli
और रात की إِذْ जब idh
जब أَدْبَرَ वो पलट जाए adbara
वो पलट जाए ٣٣ (33)
(33)
और रात की إِذْ जब idh
जब أَدْبَرَ वो पलट जाए adbara
वो पलट जाए ٣٣ (33)
(33)
तथा रात की, जब वह जाने लगे!
७४:३४
وَٱلصُّبْحِ
और सुबह की
wal-ṣub'ḥi
और सुबह की إِذَآ जब idhā
जब أَسْفَرَ वो रौशन हो जाए asfara
वो रौशन हो जाए ٣٤ (34)
(34)
और सुबह की إِذَآ जब idhā
जब أَسْفَرَ वो रौशन हो जाए asfara
वो रौशन हो जाए ٣٤ (34)
(34)
और सुबह की, जब वह प्रकाशित हो जाए!
७४:३५
إِنَّهَا
बिलाशुबा वो (जहन्नम)
innahā
बिलाशुबा वो (जहन्नम) لَإِحْدَى अलबत्ता एक है la-iḥ'dā
अलबत्ता एक है ٱلْكُبَرِ बहुत बड़ी चीज़ों में से l-kubari
बहुत बड़ी चीज़ों में से ٣٥ (35)
(35)
बिलाशुबा वो (जहन्नम) لَإِحْدَى अलबत्ता एक है la-iḥ'dā
अलबत्ता एक है ٱلْكُبَرِ बहुत बड़ी चीज़ों में से l-kubari
बहुत बड़ी चीज़ों में से ٣٥ (35)
(35)
निःसंदेह वह (जहन्नम) निश्चय बहुत बड़ी चीज़ों1 में से एक है।
७४:३६
نَذِيرًۭا
डराने वाली है
nadhīran
डराने वाली है لِّلْبَشَرِ इन्सान को lil'bashari
इन्सान को ٣٦ (36)
(36)
डराने वाली है لِّلْبَشَرِ इन्सान को lil'bashari
इन्सान को ٣٦ (36)
(36)
मनुष्य के लिए डराने वाली है।
७४:३७
لِمَن
उसके लिए जो
liman
उसके लिए जो شَآءَ चाहे shāa
चाहे مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से أَن कि an
कि يَتَقَدَّمَ वो आगे बढ़े yataqaddama
वो आगे बढ़े أَوْ या aw
या يَتَأَخَّرَ वो पीछे रहे yata-akhara
वो पीछे रहे ٣٧ (37)
(37)
उसके लिए जो شَآءَ चाहे shāa
चाहे مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से أَن कि an
कि يَتَقَدَّمَ वो आगे बढ़े yataqaddama
वो आगे बढ़े أَوْ या aw
या يَتَأَخَّرَ वो पीछे रहे yata-akhara
वो पीछे रहे ٣٧ (37)
(37)
तुम में से उसके लिए, जो आगे बढ़ना चाहे अथवा पीछे हटना चाहे।1
७४:३८
كُلُّ
हर
kullu
हर نَفْسٍۭ नफ़्स nafsin
नफ़्स بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَسَبَتْ उसने कमाई की kasabat
उसने कमाई की رَهِينَةٌ रहन है rahīnatun
रहन है ٣٨ (38)
(38)
हर نَفْسٍۭ नफ़्स nafsin
नफ़्स بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो كَسَبَتْ उसने कमाई की kasabat
उसने कमाई की رَهِينَةٌ रहन है rahīnatun
रहन है ٣٨ (38)
(38)
प्रत्येक व्यक्ति उसके बदले जो उसने कमाया, गिरवी1 रखा हुआ है।
७४:३९
إِلَّآ
सिवाय
illā
सिवाय أَصْحَـٰبَ (the) companions aṣḥāba
(the) companions ٱلْيَمِينِ दाऐं हाथ वालों के l-yamīni
दाऐं हाथ वालों के ٣٩ (39)
(39)
सिवाय أَصْحَـٰبَ (the) companions aṣḥāba
(the) companions ٱلْيَمِينِ दाऐं हाथ वालों के l-yamīni
दाऐं हाथ वालों के ٣٩ (39)
(39)
सिवाय दाहिने वालों के।
७४:४०
فِى
In
fī
In جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात में jannātin
बाग़ात में يَتَسَآءَلُونَ सवाल कर रहे होंगे yatasāalūna
सवाल कर रहे होंगे ٤٠ (40)
(40)
In جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात में jannātin
बाग़ात में يَتَسَآءَلُونَ सवाल कर रहे होंगे yatasāalūna
सवाल कर रहे होंगे ٤٠ (40)
(40)
वे जन्नतों में एक-दूसरे से पूछेंगे।
७४:४१
عَنِ
About
ʿani
About ٱلْمُجْرِمِينَ मुजरिमों से l-muj'rimīna
मुजरिमों से ٤١ (41)
(41)
About ٱلْمُجْرِمِينَ मुजरिमों से l-muj'rimīna
मुजरिमों से ٤١ (41)
(41)
अपराधियों के बारे में।
७४:४२
مَا
किस चीज़ ने
mā
किस चीज़ ने سَلَكَكُمْ दाख़िल किया तुम्हें salakakum
दाख़िल किया तुम्हें فِى into fī
into سَقَرَ दोज़ख़ में saqara
दोज़ख़ में ٤٢ (42)
(42)
किस चीज़ ने سَلَكَكُمْ दाख़िल किया तुम्हें salakakum
दाख़िल किया तुम्हें فِى into fī
into سَقَرَ दोज़ख़ में saqara
दोज़ख़ में ٤٢ (42)
(42)
तुम्हें किस चीज़ ने जहन्नम में डाला?
७४:४३
قَالُوا۟
वो कहेंगे
qālū
वो कहेंगे لَمْ ना lam
ना نَكُ थे हम naku
थे हम مِنَ of mina
of ٱلْمُصَلِّينَ नमाज़ पढ़ने वालों में से l-muṣalīna
नमाज़ पढ़ने वालों में से ٤٣ (43)
(43)
वो कहेंगे لَمْ ना lam
ना نَكُ थे हम naku
थे हम مِنَ of mina
of ٱلْمُصَلِّينَ नमाज़ पढ़ने वालों में से l-muṣalīna
नमाज़ पढ़ने वालों में से ٤٣ (43)
(43)
वे कहेंगे : हम नमाज़ पढ़ने वालों में से न थे।
७४:४४
وَلَمْ
और ना
walam
और ना نَكُ थे हम naku
थे हम نُطْعِمُ हम खाना खिलाते nuṭ'ʿimu
हम खाना खिलाते ٱلْمِسْكِينَ मिसकीन को l-mis'kīna
मिसकीन को ٤٤ (44)
(44)
और ना نَكُ थे हम naku
थे हम نُطْعِمُ हम खाना खिलाते nuṭ'ʿimu
हम खाना खिलाते ٱلْمِسْكِينَ मिसकीन को l-mis'kīna
मिसकीन को ٤٤ (44)
(44)
और न हम निर्धन को खाना खिलाते थे।
७४:४५
وَكُنَّا
और थे हम
wakunnā
और थे हम نَخُوضُ हम बहस करते nakhūḍu
हम बहस करते مَعَ साथ maʿa
साथ ٱلْخَآئِضِينَ बहस करने वालों के l-khāiḍīna
बहस करने वालों के ٤٥ (45)
(45)
और थे हम نَخُوضُ हम बहस करते nakhūḍu
हम बहस करते مَعَ साथ maʿa
साथ ٱلْخَآئِضِينَ बहस करने वालों के l-khāiḍīna
बहस करने वालों के ٤٥ (45)
(45)
और हम बेहूदा बहस करने वालों के साथ मिलकर व्यर्थ बहस किया करते थे।
७४:४६
وَكُنَّا
और थे हम
wakunnā
और थे हम نُكَذِّبُ हम झुठलाते nukadhibu
हम झुठलाते بِيَوْمِ दिन को biyawmi
दिन को ٱلدِّينِ बदले के l-dīni
बदले के ٤٦ (46)
(46)
और थे हम نُكَذِّبُ हम झुठलाते nukadhibu
हम झुठलाते بِيَوْمِ दिन को biyawmi
दिन को ٱلدِّينِ बदले के l-dīni
बदले के ٤٦ (46)
(46)
और हम बदले के दिन को झुठलाया करते थे।
७४:४७
حَتَّىٰٓ
यहाँ तक कि
ḥattā
यहाँ तक कि أَتَىٰنَا आ गई हमारे पास atānā
आ गई हमारे पास ٱلْيَقِينُ यक़ीनी चीज़ (मौत) l-yaqīnu
यक़ीनी चीज़ (मौत) ٤٧ (47)
(47)
यहाँ तक कि أَتَىٰنَا आ गई हमारे पास atānā
आ गई हमारे पास ٱلْيَقِينُ यक़ीनी चीज़ (मौत) l-yaqīnu
यक़ीनी चीज़ (मौत) ٤٧ (47)
(47)
यहाँ तक कि मौत हमारे पास आ गई।
७४:४८
فَمَا
तो ना
famā
तो ना تَنفَعُهُمْ काम आएगी उन्हें tanfaʿuhum
काम आएगी उन्हें شَفَـٰعَةُ सिफ़ारिश shafāʿatu
सिफ़ारिश ٱلشَّـٰفِعِينَ सिफ़ारिशियों की l-shāfiʿīna
सिफ़ारिशियों की ٤٨ (48)
(48)
तो ना تَنفَعُهُمْ काम आएगी उन्हें tanfaʿuhum
काम आएगी उन्हें شَفَـٰعَةُ सिफ़ारिश shafāʿatu
सिफ़ारिश ٱلشَّـٰفِعِينَ सिफ़ारिशियों की l-shāfiʿīna
सिफ़ारिशियों की ٤٨ (48)
(48)
तो उन्हें सिफ़ारिश करने वालों की सिफ़ारिश लाभ नहीं देगी।1
७४:४९
فَمَا
तो क्या है
famā
तो क्या है لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें عَنِ (that) from ʿani
(that) from ٱلتَّذْكِرَةِ नसीहत से l-tadhkirati
नसीहत से مُعْرِضِينَ ऐराज़ करने वाले हैं muʿ'riḍīna
ऐराज़ करने वाले हैं ٤٩ (49)
(49)
तो क्या है لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें عَنِ (that) from ʿani
(that) from ٱلتَّذْكِرَةِ नसीहत से l-tadhkirati
नसीहत से مُعْرِضِينَ ऐराज़ करने वाले हैं muʿ'riḍīna
ऐराज़ करने वाले हैं ٤٩ (49)
(49)
तो उन्हें क्या हो गया है कि उपदेश से मुँह फेर रहे हैं?
७४:५०
كَأَنَّهُمْ
गोया की वो
ka-annahum
गोया की वो حُمُرٌۭ गधे हैं ḥumurun
गधे हैं مُّسْتَنفِرَةٌۭ सख़्त बिदकने वाले mus'tanfiratun
सख़्त बिदकने वाले ٥٠ (50)
(50)
गोया की वो حُمُرٌۭ गधे हैं ḥumurun
गधे हैं مُّسْتَنفِرَةٌۭ सख़्त बिदकने वाले mus'tanfiratun
सख़्त बिदकने वाले ٥٠ (50)
(50)
जैसे वे सख़्त बिदकने वाले गधे हैं।
७४:५१
فَرَّتْ
जो भागे हों
farrat
जो भागे हों مِن from min
from قَسْوَرَةٍۭ शेर से qaswaratin
शेर से ٥١ (51)
(51)
जो भागे हों مِن from min
from قَسْوَرَةٍۭ शेर से qaswaratin
शेर से ٥١ (51)
(51)
जो शेर से भागे हैं।
७४:५२
بَلْ
बल्कि
bal
बल्कि يُرِيدُ चाहता है yurīdu
चाहता है كُلُّ हर kullu
हर ٱمْرِئٍۢ आदमी im'ri-in
आदमी مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से أَن कि an
कि يُؤْتَىٰ वो दिया जाए yu'tā
वो दिया जाए صُحُفًۭا सहीफ़े ṣuḥufan
सहीफ़े مُّنَشَّرَةًۭ खुले हुए munasharatan
खुले हुए ٥٢ (52)
(52)
बल्कि يُرِيدُ चाहता है yurīdu
चाहता है كُلُّ हर kullu
हर ٱمْرِئٍۢ आदमी im'ri-in
आदमी مِّنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से أَن कि an
कि يُؤْتَىٰ वो दिया जाए yu'tā
वो दिया जाए صُحُفًۭا सहीफ़े ṣuḥufan
सहीफ़े مُّنَشَّرَةًۭ खुले हुए munasharatan
खुले हुए ٥٢ (52)
(52)
बल्कि उनमें से प्रत्येक व्यक्ति चाहता है कि उसे खुली पुस्तकें1 दी जाएँ।
७४:५३
كَلَّا ۖ
हरगिज़ नहीं
kallā
हरगिज़ नहीं بَل बल्कि bal
बल्कि لَّا not lā
not يَخَافُونَ नहीं वे ख़ौफ़ रखते yakhāfūna
नहीं वे ख़ौफ़ रखते ٱلْـَٔاخِرَةَ आख़िरत का l-ākhirata
आख़िरत का ٥٣ (53)
(53)
हरगिज़ नहीं بَل बल्कि bal
बल्कि لَّا not lā
not يَخَافُونَ नहीं वे ख़ौफ़ रखते yakhāfūna
नहीं वे ख़ौफ़ रखते ٱلْـَٔاخِرَةَ आख़िरत का l-ākhirata
आख़िरत का ٥٣ (53)
(53)
ऐसा कदापि नहीं हो सकता, बल्कि वे आख़िरत से नहीं डरते।
७४:५४
كَلَّآ
हरगिज़ नहीं
kallā
हरगिज़ नहीं إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो تَذْكِرَةٌۭ एक नसीहत है tadhkiratun
एक नसीहत है ٥٤ (54)
(54)
हरगिज़ नहीं إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो تَذْكِرَةٌۭ एक नसीहत है tadhkiratun
एक नसीहत है ٥٤ (54)
(54)
हरगिज़ नहीं, निश्चय यह (क़ुरआन) एक उपदेश (याददेहानी) है।
७४:५५
فَمَن
पस जो कोई
faman
पस जो कोई شَآءَ चाहे shāa
चाहे ذَكَرَهُۥ नसीहत हासिल करे उससे dhakarahu
नसीहत हासिल करे उससे ٥٥ (55)
(55)
पस जो कोई شَآءَ चाहे shāa
चाहे ذَكَرَهُۥ नसीहत हासिल करे उससे dhakarahu
नसीहत हासिल करे उससे ٥٥ (55)
(55)
अतः जो चाहे, उससे नसीहत प्राप्त करे।
७४:५६
وَمَا
और नहीं
wamā
और नहीं يَذْكُرُونَ वो नसीहत हासिल करेंगे yadhkurūna
वो नसीहत हासिल करेंगे إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि يَشَآءَ चाहे yashāa
चाहे ٱللَّهُ ۚ अल्लाह l-lahu
अल्लाह هُوَ वो ही huwa
वो ही أَهْلُ लायक़ है ahlu
लायक़ है ٱلتَّقْوَىٰ तक़्वा के l-taqwā
तक़्वा के وَأَهْلُ और लायक़ है wa-ahlu
और लायक़ है ٱلْمَغْفِرَةِ बख़्शने के l-maghfirati
बख़्शने के ٥٦ (56)
(56)
और नहीं يَذْكُرُونَ वो नसीहत हासिल करेंगे yadhkurūna
वो नसीहत हासिल करेंगे إِلَّآ मगर illā
मगर أَن ये कि an
ये कि يَشَآءَ चाहे yashāa
चाहे ٱللَّهُ ۚ अल्लाह l-lahu
अल्लाह هُوَ वो ही huwa
वो ही أَهْلُ लायक़ है ahlu
लायक़ है ٱلتَّقْوَىٰ तक़्वा के l-taqwā
तक़्वा के وَأَهْلُ और लायक़ है wa-ahlu
और लायक़ है ٱلْمَغْفِرَةِ बख़्शने के l-maghfirati
बख़्शने के ٥٦ (56)
(56)
और वे नसीहत प्राप्त नहीं कर सकते, परंतु यह कि अल्लाह चाहे। वही इस योग्य है कि उससे डरा जाए और वही इस योग्य है कि क्षमा करे।