७९
अन-नाज़िआत
النازعات
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
७९:१
وَٱلنَّـٰزِعَـٰتِ
क़सम है (उन फ़रिश्तों की ) जो खींचने वाले हैं
wal-nāziʿāti
क़सम है (उन फ़रिश्तों की ) जो खींचने वाले हैं غَرْقًۭا डूब कर gharqan
डूब कर ١ (1)
(1)
क़सम है (उन फ़रिश्तों की ) जो खींचने वाले हैं غَرْقًۭا डूब कर gharqan
डूब कर ١ (1)
(1)
क़सम है उन फ़रिश्तों की, जो डूबकर सख़्ती से (प्राण) खींचने वाले हैं!
७९:२
وَٱلنَّـٰشِطَـٰتِ
और जो आसानी से निकालने वाले हैं
wal-nāshiṭāti
और जो आसानी से निकालने वाले हैं نَشْطًۭا आसानी से निकालना nashṭan
आसानी से निकालना ٢ (2)
(2)
और जो आसानी से निकालने वाले हैं نَشْطًۭا आसानी से निकालना nashṭan
आसानी से निकालना ٢ (2)
(2)
और क़सम है उन फ़रिश्तों की, जो आसानी से (प्राण) निकालने वाले हैं!
७९:३
وَٱلسَّـٰبِحَـٰتِ
और जो तैरने वाले हैं
wal-sābiḥāti
और जो तैरने वाले हैं سَبْحًۭا तेज़ी से तैरना sabḥan
तेज़ी से तैरना ٣ (3)
(3)
और जो तैरने वाले हैं سَبْحًۭا तेज़ी से तैरना sabḥan
तेज़ी से तैरना ٣ (3)
(3)
और क़सम है उन फ़रिश्तों की, जो तेज़ी से तैरने वाले हैं!
७९:४
فَٱلسَّـٰبِقَـٰتِ
फिर जो सबक़त करने वाले हैं
fal-sābiqāti
फिर जो सबक़त करने वाले हैं سَبْقًۭا सबक़त करना sabqan
सबक़त करना ٤ (4)
(4)
फिर जो सबक़त करने वाले हैं سَبْقًۭا सबक़त करना sabqan
सबक़त करना ٤ (4)
(4)
फिर क़सम है उन फ़रिश्तों की, जो दौड़कर आगे बढ़ने वाले हैं!
७९:५
فَٱلْمُدَبِّرَٰتِ
फिर जो तदबीर करने वाले हैं
fal-mudabirāti
फिर जो तदबीर करने वाले हैं أَمْرًۭا किसी काम की amran
किसी काम की ٥ (5)
(5)
फिर जो तदबीर करने वाले हैं أَمْرًۭا किसी काम की amran
किसी काम की ٥ (5)
(5)
फिर क़सम है उन फ़रिश्तों की, जो आदेश को क्रियान्वित करने वाले हैं!
७९:६
يَوْمَ
जिस दिन
yawma
जिस दिन تَرْجُفُ काँपेगी tarjufu
काँपेगी ٱلرَّاجِفَةُ काँपने वाली l-rājifatu
काँपने वाली ٦ (6)
(6)
जिस दिन تَرْجُفُ काँपेगी tarjufu
काँपेगी ٱلرَّاجِفَةُ काँपने वाली l-rājifatu
काँपने वाली ٦ (6)
(6)
जिस दिन काँपने वाली (अर्थात् धरती) काँप उठेगी।
७९:७
تَتْبَعُهَا
पीछे आएगी उसके
tatbaʿuhā
पीछे आएगी उसके ٱلرَّادِفَةُ पीछे आने वाली l-rādifatu
पीछे आने वाली ٧ (7)
(7)
पीछे आएगी उसके ٱلرَّادِفَةُ पीछे आने वाली l-rādifatu
पीछे आने वाली ٧ (7)
(7)
उसके पीछे आएगी पीछे आने वाली।
७९:८
قُلُوبٌۭ
कुछ दिल
qulūbun
कुछ दिल يَوْمَئِذٍۢ उस दिन yawma-idhin
उस दिन وَاجِفَةٌ धड़कने वाले होंगे wājifatun
धड़कने वाले होंगे ٨ (8)
(8)
कुछ दिल يَوْمَئِذٍۢ उस दिन yawma-idhin
उस दिन وَاجِفَةٌ धड़कने वाले होंगे wājifatun
धड़कने वाले होंगे ٨ (8)
(8)
उस दिन कई दिल धड़कने वाले होंगे।
७९:९
أَبْصَـٰرُهَا
निगाहें उनकी
abṣāruhā
निगाहें उनकी خَـٰشِعَةٌۭ झुकी होंगी khāshiʿatun
झुकी होंगी ٩ (9)
(9)
निगाहें उनकी خَـٰشِعَةٌۭ झुकी होंगी khāshiʿatun
झुकी होंगी ٩ (9)
(9)
उनकी आँखें झुकी हुई होंगी।
७९:१०
يَقُولُونَ
वो कहते हैं
yaqūlūna
वो कहते हैं أَءِنَّا क्या बेशक हम a-innā
क्या बेशक हम لَمَرْدُودُونَ अलबत्ता फेरे जाने वाले हैं lamardūdūna
अलबत्ता फेरे जाने वाले हैं فِى to fī
to ٱلْحَافِرَةِ पहली हालत में l-ḥāfirati
पहली हालत में ١٠ (10)
(10)
वो कहते हैं أَءِنَّا क्या बेशक हम a-innā
क्या बेशक हम لَمَرْدُودُونَ अलबत्ता फेरे जाने वाले हैं lamardūdūna
अलबत्ता फेरे जाने वाले हैं فِى to fī
to ٱلْحَافِرَةِ पहली हालत में l-ḥāfirati
पहली हालत में ١٠ (10)
(10)
वे कहते हैं : क्या हम निश्चय पहली स्थिति में लौटाए जाने वाले हैं?
७९:११
أَءِذَا
क्या जब
a-idhā
क्या जब كُنَّا होंगे हम kunnā
होंगे हम عِظَـٰمًۭا हड्डियाँ ʿiẓāman
हड्डियाँ نَّخِرَةًۭ बोसीदा nakhiratan
बोसीदा ١١ (11)
(11)
क्या जब كُنَّا होंगे हम kunnā
होंगे हम عِظَـٰمًۭا हड्डियाँ ʿiẓāman
हड्डियाँ نَّخِرَةًۭ बोसीदा nakhiratan
बोसीदा ١١ (11)
(11)
क्या जब हम सड़ी-गली हड्डियाँ हो जाएँगे?
७९:१२
قَالُوا۟
उन्होंने कहा
qālū
उन्होंने कहा تِلْكَ ये til'ka
ये إِذًۭا तब idhan
तब كَرَّةٌ वापसी है karratun
वापसी है خَاسِرَةٌۭ ख़सारे की khāsiratun
ख़सारे की ١٢ (12)
(12)
उन्होंने कहा تِلْكَ ये til'ka
ये إِذًۭا तब idhan
तब كَرَّةٌ वापसी है karratun
वापसी है خَاسِرَةٌۭ ख़सारे की khāsiratun
ख़सारे की ١٢ (12)
(12)
उन्होंने कहा : यह तो उस समय घाटे वाला लौटना होगा।
७९:१३
فَإِنَّمَا
तो बेशक
fa-innamā
तो बेशक هِىَ वो hiya
वो زَجْرَةٌۭ डाँट होगी zajratun
डाँट होगी وَٰحِدَةٌۭ एक ही wāḥidatun
एक ही ١٣ (13)
(13)
तो बेशक هِىَ वो hiya
वो زَجْرَةٌۭ डाँट होगी zajratun
डाँट होगी وَٰحِدَةٌۭ एक ही wāḥidatun
एक ही ١٣ (13)
(13)
वह तो केवल एक डाँट होगी।
७९:१४
فَإِذَا
तो अचानक
fa-idhā
तो अचानक هُم वो hum
वो بِٱلسَّاهِرَةِ मैदान में होंगे bil-sāhirati
मैदान में होंगे ١٤ (14)
(14)
तो अचानक هُم वो hum
वो بِٱلسَّاهِرَةِ मैदान में होंगे bil-sāhirati
मैदान में होंगे ١٤ (14)
(14)
फिर एकाएक वे (जीवित होकर) धरती के ऊपर होंगे।
७९:१५
هَلْ
क्या
hal
क्या أَتَىٰكَ आई है आपके पास atāka
आई है आपके पास حَدِيثُ ख़बर ḥadīthu
ख़बर مُوسَىٰٓ मूसा की mūsā
मूसा की ١٥ (15)
(15)
क्या أَتَىٰكَ आई है आपके पास atāka
आई है आपके पास حَدِيثُ ख़बर ḥadīthu
ख़बर مُوسَىٰٓ मूसा की mūsā
मूसा की ١٥ (15)
(15)
(ऐ नबी!) क्या आपके पास मूसा की बात पहुँची है?
७९:१६
إِذْ
जब
idh
जब نَادَىٰهُ पुकारा उसे nādāhu
पुकारा उसे رَبُّهُۥ उसके रब ने rabbuhu
उसके रब ने بِٱلْوَادِ in the valley bil-wādi
in the valley ٱلْمُقَدَّسِ मुक़द्दस वादी में l-muqadasi
मुक़द्दस वादी में طُوًى तुवा की ṭuwan
तुवा की ١٦ (16)
(16)
जब نَادَىٰهُ पुकारा उसे nādāhu
पुकारा उसे رَبُّهُۥ उसके रब ने rabbuhu
उसके रब ने بِٱلْوَادِ in the valley bil-wādi
in the valley ٱلْمُقَدَّسِ मुक़द्दस वादी में l-muqadasi
मुक़द्दस वादी में طُوًى तुवा की ṭuwan
तुवा की ١٦ (16)
(16)
जब उसके पालनहार ने उसे पवित्र घाटी 'तुवा' में पुकारा।
७९:१७
ٱذْهَبْ
जाओ
idh'hab
जाओ إِلَىٰ to ilā
to فِرْعَوْنَ तरफ़ फ़िरऔन के fir'ʿawna
तरफ़ फ़िरऔन के إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो طَغَىٰ वो सरकश हो गया है ṭaghā
वो सरकश हो गया है ١٧ (17)
(17)
जाओ إِلَىٰ to ilā
to فِرْعَوْنَ तरफ़ फ़िरऔन के fir'ʿawna
तरफ़ फ़िरऔन के إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो طَغَىٰ वो सरकश हो गया है ṭaghā
वो सरकश हो गया है ١٧ (17)
(17)
फ़िरऔन के पास जाओ, निश्चय वह हद से बढ़ गया है।
७९:१८
فَقُلْ
पस कहो
faqul
पस कहो هَل क्या है hal
क्या है لَّكَ तुझे(ख़्वाहिश) laka
तुझे(ख़्वाहिश) إِلَىٰٓ [to] ilā
[to] أَن तरफ़ इसके कि an
तरफ़ इसके कि تَزَكَّىٰ तू पाक हो जाए tazakkā
तू पाक हो जाए ١٨ (18)
(18)
पस कहो هَل क्या है hal
क्या है لَّكَ तुझे(ख़्वाहिश) laka
तुझे(ख़्वाहिश) إِلَىٰٓ [to] ilā
[to] أَن तरफ़ इसके कि an
तरफ़ इसके कि تَزَكَّىٰ तू पाक हो जाए tazakkā
तू पाक हो जाए ١٨ (18)
(18)
फिर उससे कहो : क्या तुझे इस बात की इच्छा है कि तू पवित्र हो जाए?
७९:१९
وَأَهْدِيَكَ
और मैं रहनुमाई करूँ तेरी
wa-ahdiyaka
और मैं रहनुमाई करूँ तेरी إِلَىٰ to ilā
to رَبِّكَ तरफ़ तेरे रब के rabbika
तरफ़ तेरे रब के فَتَخْشَىٰ फिर तू डरे fatakhshā
फिर तू डरे ١٩ (19)
(19)
और मैं रहनुमाई करूँ तेरी إِلَىٰ to ilā
to رَبِّكَ तरफ़ तेरे रब के rabbika
तरफ़ तेरे रब के فَتَخْشَىٰ फिर तू डरे fatakhshā
फिर तू डरे ١٩ (19)
(19)
और मैं तेरे पालनहार की ओर तेरा मार्गदर्शन करूँ, तो तू डर जाए?
७९:२०
فَأَرَىٰهُ
पस उसने दिखाई उसे
fa-arāhu
पस उसने दिखाई उसे ٱلْـَٔايَةَ निशानी l-āyata
निशानी ٱلْكُبْرَىٰ बहुत बड़ी l-kub'rā
बहुत बड़ी ٢٠ (20)
(20)
पस उसने दिखाई उसे ٱلْـَٔايَةَ निशानी l-āyata
निशानी ٱلْكُبْرَىٰ बहुत बड़ी l-kub'rā
बहुत बड़ी ٢٠ (20)
(20)
फिर उसे सबसे बड़ी निशानी (चमत्कार) दिखाई।
७९:२१
فَكَذَّبَ
तो उसने झुठलाया
fakadhaba
तो उसने झुठलाया وَعَصَىٰ और उसने नाफ़रमानी की waʿaṣā
और उसने नाफ़रमानी की ٢١ (21)
(21)
तो उसने झुठलाया وَعَصَىٰ और उसने नाफ़रमानी की waʿaṣā
और उसने नाफ़रमानी की ٢١ (21)
(21)
तो उसने झुठला दिया और अवज्ञा की।
७९:२२
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर أَدْبَرَ वो पलटा adbara
वो पलटा يَسْعَىٰ कोशिश करते हुए yasʿā
कोशिश करते हुए ٢٢ (22)
(22)
फिर أَدْبَرَ वो पलटा adbara
वो पलटा يَسْعَىٰ कोशिश करते हुए yasʿā
कोशिश करते हुए ٢٢ (22)
(22)
फिर वह पलटा (मूसा अलैहिस्सलाम के विरोध का) प्रयास करते हुए।
७९:२३
فَحَشَرَ
फिर उसने इकट्ठा किया
faḥashara
फिर उसने इकट्ठा किया فَنَادَىٰ फिर उसने पुकारा fanādā
फिर उसने पुकारा ٢٣ (23)
(23)
फिर उसने इकट्ठा किया فَنَادَىٰ फिर उसने पुकारा fanādā
फिर उसने पुकारा ٢٣ (23)
(23)
फिर उसने (लोगों को) एकत्रित किया। फिर पुकारा।
७९:२४
فَقَالَ
फिर उसने कहा
faqāla
फिर उसने कहा أَنَا۠ मैं anā
मैं رَبُّكُمُ रब हूँ तुम्हारा rabbukumu
रब हूँ तुम्हारा ٱلْأَعْلَىٰ सब से बुलन्द l-aʿlā
सब से बुलन्द ٢٤ (24)
(24)
फिर उसने कहा أَنَا۠ मैं anā
मैं رَبُّكُمُ रब हूँ तुम्हारा rabbukumu
रब हूँ तुम्हारा ٱلْأَعْلَىٰ सब से बुलन्द l-aʿlā
सब से बुलन्द ٢٤ (24)
(24)
तो उसने कहा : मैं तुम्हारा सबसे ऊँचा पालनहार हूँ।
७९:२५
فَأَخَذَهُ
तो पकड़ लिया उसे
fa-akhadhahu
तो पकड़ लिया उसे ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने نَكَالَ अज़ाब में nakāla
अज़ाब में ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत l-ākhirati
आख़िरत وَٱلْأُولَىٰٓ और दुनिया के wal-ūlā
और दुनिया के ٢٥ (25)
(25)
तो पकड़ लिया उसे ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने نَكَالَ अज़ाब में nakāla
अज़ाब में ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत l-ākhirati
आख़िरत وَٱلْأُولَىٰٓ और दुनिया के wal-ūlā
और दुनिया के ٢٥ (25)
(25)
तो अल्लाह ने उसे आख़िरत और दुनिया की यातना में पकड़ लिया।
७९:२६
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक فِى in fī
in ذَٰلِكَ इसमें dhālika
इसमें لَعِبْرَةًۭ यक़ीनन इब्रत है laʿib'ratan
यक़ीनन इब्रत है لِّمَن उसके लिए जो liman
उसके लिए जो يَخْشَىٰٓ डरता हो yakhshā
डरता हो ٢٦ (26)
(26)
बेशक فِى in fī
in ذَٰلِكَ इसमें dhālika
इसमें لَعِبْرَةًۭ यक़ीनन इब्रत है laʿib'ratan
यक़ीनन इब्रत है لِّمَن उसके लिए जो liman
उसके लिए जो يَخْشَىٰٓ डरता हो yakhshā
डरता हो ٢٦ (26)
(26)
निःसंदेह इसमें उस व्यक्ति के लिए शिक्षा है, जो डरता है।
७९:२७
ءَأَنتُمْ
क्या तुम
a-antum
क्या तुम أَشَدُّ ज़्यादा सख़्त हो ashaddu
ज़्यादा सख़्त हो خَلْقًا तख़लीक़ में khalqan
तख़लीक़ में أَمِ या ami
या ٱلسَّمَآءُ ۚ आसमान l-samāu
आसमान بَنَىٰهَا उसने बनाया उसे banāhā
उसने बनाया उसे ٢٧ (27)
(27)
क्या तुम أَشَدُّ ज़्यादा सख़्त हो ashaddu
ज़्यादा सख़्त हो خَلْقًا तख़लीक़ में khalqan
तख़लीक़ में أَمِ या ami
या ٱلسَّمَآءُ ۚ आसमान l-samāu
आसमान بَنَىٰهَا उसने बनाया उसे banāhā
उसने बनाया उसे ٢٧ (27)
(27)
क्या तुम्हें पैदा करना अधिक कठिन है या आकाश को, जिसे उसने बनाया।1
७९:२८
رَفَعَ
उसने बुलन्द किया
rafaʿa
उसने बुलन्द किया سَمْكَهَا इसकी छत को samkahā
इसकी छत को فَسَوَّىٰهَا फिर उसने दुरुस्त कर दिया उसे fasawwāhā
फिर उसने दुरुस्त कर दिया उसे ٢٨ (28)
(28)
उसने बुलन्द किया سَمْكَهَا इसकी छत को samkahā
इसकी छत को فَسَوَّىٰهَا फिर उसने दुरुस्त कर दिया उसे fasawwāhā
फिर उसने दुरुस्त कर दिया उसे ٢٨ (28)
(28)
उसकी छत को ऊँचा किया, फिर उसे बराबर किया।
७९:२९
وَأَغْطَشَ
और उसने तारीक किया
wa-aghṭasha
और उसने तारीक किया لَيْلَهَا उसकी रात के laylahā
उसकी रात के وَأَخْرَجَ और उसने निकाला wa-akhraja
और उसने निकाला ضُحَىٰهَا उसकी धूप को ḍuḥāhā
उसकी धूप को ٢٩ (29)
(29)
और उसने तारीक किया لَيْلَهَا उसकी रात के laylahā
उसकी रात के وَأَخْرَجَ और उसने निकाला wa-akhraja
और उसने निकाला ضُحَىٰهَا उसकी धूप को ḍuḥāhā
उसकी धूप को ٢٩ (29)
(29)
और उसकी रात को अंधेरा कर दिया तथा उसके दिन के प्रकाश को प्रकट कर दिया।
७९:३०
وَٱلْأَرْضَ
और ज़मीन को
wal-arḍa
और ज़मीन को بَعْدَ बाद baʿda
बाद ذَٰلِكَ उसके dhālika
उसके دَحَىٰهَآ उसने फैला दिया उसे daḥāhā
उसने फैला दिया उसे ٣٠ (30)
(30)
और ज़मीन को بَعْدَ बाद baʿda
बाद ذَٰلِكَ उसके dhālika
उसके دَحَىٰهَآ उसने फैला दिया उसे daḥāhā
उसने फैला दिया उसे ٣٠ (30)
(30)
और उसके बाद धरती को बिछाया।
७९:३१
أَخْرَجَ
उसने निकाला
akhraja
उसने निकाला مِنْهَا उससे min'hā
उससे مَآءَهَا पानी उसका māahā
पानी उसका وَمَرْعَىٰهَا और चारा उसक wamarʿāhā
और चारा उसक ٣١ (31)
(31)
उसने निकाला مِنْهَا उससे min'hā
उससे مَآءَهَا पानी उसका māahā
पानी उसका وَمَرْعَىٰهَا और चारा उसक wamarʿāhā
और चारा उसक ٣١ (31)
(31)
उससे उसका पानी और उसका चारा निकाला।
७९:३२
وَٱلْجِبَالَ
और पहाड़ों को
wal-jibāla
और पहाड़ों को أَرْسَىٰهَا उसने गाड़ दिया उन्हें arsāhā
उसने गाड़ दिया उन्हें ٣٢ (32)
(32)
और पहाड़ों को أَرْسَىٰهَا उसने गाड़ दिया उन्हें arsāhā
उसने गाड़ दिया उन्हें ٣٢ (32)
(32)
और पर्वतों को गाड़ दिया।
७९:३३
مَتَـٰعًۭا
फ़ायदे का सामान है
matāʿan
फ़ायदे का सामान है لَّكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَلِأَنْعَـٰمِكُمْ और तुम्हारे मवेशियों के लिए wali-anʿāmikum
और तुम्हारे मवेशियों के लिए ٣٣ (33)
(33)
फ़ायदे का सामान है لَّكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए وَلِأَنْعَـٰمِكُمْ और तुम्हारे मवेशियों के लिए wali-anʿāmikum
और तुम्हारे मवेशियों के लिए ٣٣ (33)
(33)
तुम्हारे तथा तुम्हारे पशुओं के लाभ के लिए।
७९:३४
فَإِذَا
फिर जब
fa-idhā
फिर जब جَآءَتِ आ जाएगी jāati
आ जाएगी ٱلطَّآمَّةُ आफ़त l-ṭāmatu
आफ़त ٱلْكُبْرَىٰ बहुत बड़ी l-kub'rā
बहुत बड़ी ٣٤ (34)
(34)
फिर जब جَآءَتِ आ जाएगी jāati
आ जाएगी ٱلطَّآمَّةُ आफ़त l-ṭāmatu
आफ़त ٱلْكُبْرَىٰ बहुत बड़ी l-kub'rā
बहुत बड़ी ٣٤ (34)
(34)
फिर जब बड़ी आपदा (क़ियामत) आ जाएगी।1
७९:३५
يَوْمَ
उस दिन
yawma
उस दिन يَتَذَكَّرُ याद करेगा yatadhakkaru
याद करेगा ٱلْإِنسَـٰنُ इन्सान l-insānu
इन्सान مَا जो mā
जो سَعَىٰ उसने कोशिश की saʿā
उसने कोशिश की ٣٥ (35)
(35)
उस दिन يَتَذَكَّرُ याद करेगा yatadhakkaru
याद करेगा ٱلْإِنسَـٰنُ इन्सान l-insānu
इन्सान مَا जो mā
जो سَعَىٰ उसने कोशिश की saʿā
उसने कोशिश की ٣٥ (35)
(35)
जिस दिन इनसान अपने किए को याद करेगा।1
७९:३६
وَبُرِّزَتِ
और ज़ाहिर कर दी जाएगी
waburrizati
और ज़ाहिर कर दी जाएगी ٱلْجَحِيمُ जहन्नम l-jaḥīmu
जहन्नम لِمَن उसके लिए जो liman
उसके लिए जो يَرَىٰ देखता है yarā
देखता है ٣٦ (36)
(36)
और ज़ाहिर कर दी जाएगी ٱلْجَحِيمُ जहन्नम l-jaḥīmu
जहन्नम لِمَن उसके लिए जो liman
उसके लिए जो يَرَىٰ देखता है yarā
देखता है ٣٦ (36)
(36)
और देखने वाले के लिए जहन्नम सामने कर दी जाएगी।
७९:३७
فَأَمَّا
तो रहा वो
fa-ammā
तो रहा वो مَن जिसने man
जिसने طَغَىٰ सरकशी की ṭaghā
सरकशी की ٣٧ (37)
(37)
तो रहा वो مَن जिसने man
जिसने طَغَىٰ सरकशी की ṭaghā
सरकशी की ٣٧ (37)
(37)
तो जो व्यक्ति हद से बढ़ गया।
७९:३८
وَءَاثَرَ
और उसने तरजीह दी
waāthara
और उसने तरजीह दी ٱلْحَيَوٰةَ ज़िन्दगी को l-ḥayata
ज़िन्दगी को ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की ٣٨ (38)
(38)
और उसने तरजीह दी ٱلْحَيَوٰةَ ज़िन्दगी को l-ḥayata
ज़िन्दगी को ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की ٣٨ (38)
(38)
और उसने सांसारिक जीवन को वरीयता दी।
७९:३९
فَإِنَّ
तो बेशक
fa-inna
तो बेशक ٱلْجَحِيمَ जहन्नम l-jaḥīma
जहन्नम هِىَ वो ही hiya
वो ही ٱلْمَأْوَىٰ ठिकाना है (उसका) l-mawā
ठिकाना है (उसका) ٣٩ (39)
(39)
तो बेशक ٱلْجَحِيمَ जहन्नम l-jaḥīma
जहन्नम هِىَ वो ही hiya
वो ही ٱلْمَأْوَىٰ ठिकाना है (उसका) l-mawā
ठिकाना है (उसका) ٣٩ (39)
(39)
तो निःसंदेह जहन्नम ही उसका ठिकाना है।
७९:४०
وَأَمَّا
और रहा
wa-ammā
और रहा مَنْ वो जो man
वो जो خَافَ डरा khāfa
डरा مَقَامَ खड़े होने से maqāma
खड़े होने से رَبِّهِۦ अपने रब के (सामने) rabbihi
अपने रब के (सामने) وَنَهَى और उसने रोक लिया wanahā
और उसने रोक लिया ٱلنَّفْسَ नफ़्स को l-nafsa
नफ़्स को عَنِ from ʿani
from ٱلْهَوَىٰ ख़्वाहिशात से l-hawā
ख़्वाहिशात से ٤٠ (40)
(40)
और रहा مَنْ वो जो man
वो जो خَافَ डरा khāfa
डरा مَقَامَ खड़े होने से maqāma
खड़े होने से رَبِّهِۦ अपने रब के (सामने) rabbihi
अपने रब के (सामने) وَنَهَى और उसने रोक लिया wanahā
और उसने रोक लिया ٱلنَّفْسَ नफ़्स को l-nafsa
नफ़्स को عَنِ from ʿani
from ٱلْهَوَىٰ ख़्वाहिशात से l-hawā
ख़्वाहिशात से ٤٠ (40)
(40)
लेकिन जो अपने पालनहार के समक्ष खड़ा होने से डर गया तथा अपने मन को बुरी इच्छा से रोक लिया।
७९:४१
فَإِنَّ
तो यक़ीनन
fa-inna
तो यक़ीनन ٱلْجَنَّةَ जन्नत l-janata
जन्नत هِىَ वो ही hiya
वो ही ٱلْمَأْوَىٰ ठिकाना है (उसका) l-mawā
ठिकाना है (उसका) ٤١ (41)
(41)
तो यक़ीनन ٱلْجَنَّةَ जन्नत l-janata
जन्नत هِىَ वो ही hiya
वो ही ٱلْمَأْوَىٰ ठिकाना है (उसका) l-mawā
ठिकाना है (उसका) ٤١ (41)
(41)
तो निःसंदेह जन्नत ही उसका ठिकाना है।
७९:४२
يَسْـَٔلُونَكَ
वो सवाल करता हैं आपसे
yasalūnaka
वो सवाल करता हैं आपसे عَنِ about ʿani
about ٱلسَّاعَةِ क़यामत के बारे में l-sāʿati
क़यामत के बारे में أَيَّانَ कब है ayyāna
कब है مُرْسَىٰهَا ठहरना उसका mur'sāhā
ठहरना उसका ٤٢ (42)
(42)
वो सवाल करता हैं आपसे عَنِ about ʿani
about ٱلسَّاعَةِ क़यामत के बारे में l-sāʿati
क़यामत के बारे में أَيَّانَ कब है ayyāna
कब है مُرْسَىٰهَا ठहरना उसका mur'sāhā
ठहरना उसका ٤٢ (42)
(42)
वे आपसे क़ियामत के बारे में पूछते हैं कि वह कब घटित होगी?
७९:४३
فِيمَ
किस (फ़िक्र) में हैं
fīma
किस (फ़िक्र) में हैं أَنتَ आप anta
आप مِن [of] min
[of] ذِكْرَىٰهَآ उसके ज़िक्र से dhik'rāhā
उसके ज़िक्र से ٤٣ (43)
(43)
किस (फ़िक्र) में हैं أَنتَ आप anta
आप مِن [of] min
[of] ذِكْرَىٰهَآ उसके ज़िक्र से dhik'rāhā
उसके ज़िक्र से ٤٣ (43)
(43)
आपका उसके उल्लेख करने से क्या संबंध है?
७९:४४
إِلَىٰ
To
ilā
To رَبِّكَ तरफ़ आपके रब के rabbika
तरफ़ आपके रब के مُنتَهَىٰهَآ इन्तिहा है उसकी muntahāhā
इन्तिहा है उसकी ٤٤ (44)
(44)
To رَبِّكَ तरफ़ आपके रब के rabbika
तरफ़ आपके रब के مُنتَهَىٰهَآ इन्तिहा है उसकी muntahāhā
इन्तिहा है उसकी ٤٤ (44)
(44)
उस (के ज्ञान) की अंतिमता तुम्हारे पालनहार ही की ओर है।
७९:४५
إِنَّمَآ
बेशक
innamā
बेशक أَنتَ आप तो anta
आप तो مُنذِرُ डराने वाले हैं mundhiru
डराने वाले हैं مَن उसे जो man
उसे जो يَخْشَىٰهَا डरता हो उससे yakhshāhā
डरता हो उससे ٤٥ (45)
(45)
बेशक أَنتَ आप तो anta
आप तो مُنذِرُ डराने वाले हैं mundhiru
डराने वाले हैं مَن उसे जो man
उसे जो يَخْشَىٰهَا डरता हो उससे yakhshāhā
डरता हो उससे ٤٥ (45)
(45)
आप तो केवल उसे डराने वाले हैं, जो उससे डरता है।1
७९:४६
كَأَنَّهُمْ
गोया कि वो
ka-annahum
गोया कि वो يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन يَرَوْنَهَا वो देखेंगे उसे (तो कहेंगे) yarawnahā
वो देखेंगे उसे (तो कहेंगे) لَمْ नहीं lam
नहीं يَلْبَثُوٓا۟ वो ठहरे yalbathū
वो ठहरे إِلَّا मगर illā
मगर عَشِيَّةً पिछला पहर ʿashiyyatan
पिछला पहर أَوْ या aw
या ضُحَىٰهَا पहला पहर उसका ḍuḥāhā
पहला पहर उसका ٤٦ (46)
(46)
गोया कि वो يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन يَرَوْنَهَا वो देखेंगे उसे (तो कहेंगे) yarawnahā
वो देखेंगे उसे (तो कहेंगे) لَمْ नहीं lam
नहीं يَلْبَثُوٓا۟ वो ठहरे yalbathū
वो ठहरे إِلَّا मगर illā
मगर عَشِيَّةً पिछला पहर ʿashiyyatan
पिछला पहर أَوْ या aw
या ضُحَىٰهَا पहला पहर उसका ḍuḥāhā
पहला पहर उसका ٤٦ (46)
(46)
जिस दिन वे उसे देखेंगे, तो (ऐसा लगेगा) मानो वे (दुनिया में) केवल एक शाम या उसकी सुबह ही ठहरे हैं।