७८
अन-नबा
النبإ
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ
साथ नाम
bis'mi
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
साथ नाम ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
७८:१
عَمَّ
किस चीज़ के बारे में
ʿamma
किस चीज़ के बारे में يَتَسَآءَلُونَ वो आपस में सवाल कर रहे हैं yatasāalūna
वो आपस में सवाल कर रहे हैं ١ (1)
(1)
किस चीज़ के बारे में يَتَسَآءَلُونَ वो आपस में सवाल कर रहे हैं yatasāalūna
वो आपस में सवाल कर रहे हैं ١ (1)
(1)
वे आपस में किस चीज़ के विषय में प्रश्न कर रहे हैं?
७८:२
عَنِ
About
ʿani
About ٱلنَّبَإِ उस ख़बर के बारे में l-naba-i
उस ख़बर के बारे में ٱلْعَظِيمِ जो बहुत बड़ी है l-ʿaẓīmi
जो बहुत बड़ी है ٢ (2)
(2)
About ٱلنَّبَإِ उस ख़बर के बारे में l-naba-i
उस ख़बर के बारे में ٱلْعَظِيمِ जो बहुत बड़ी है l-ʿaẓīmi
जो बहुत बड़ी है ٢ (2)
(2)
बहुत बड़ी सूचना के विषय में।
७८:३
ٱلَّذِى
वो जो
alladhī
वो जो هُمْ वो hum
वो فِيهِ उसमें fīhi
उसमें مُخْتَلِفُونَ इख़्तिलाफ़ करने वाले हैं mukh'talifūna
इख़्तिलाफ़ करने वाले हैं ٣ (3)
(3)
वो जो هُمْ वो hum
वो فِيهِ उसमें fīhi
उसमें مُخْتَلِفُونَ इख़्तिलाफ़ करने वाले हैं mukh'talifūna
इख़्तिलाफ़ करने वाले हैं ٣ (3)
(3)
जिसमें वे मतभेद करने वाले हैं।
७८:४
كَلَّا
हरगिज़ नहीं
kallā
हरगिज़ नहीं سَيَعْلَمُونَ अनक़रीब वो जान लोंगे sayaʿlamūna
अनक़रीब वो जान लोंगे ٤ (4)
(4)
हरगिज़ नहीं سَيَعْلَمُونَ अनक़रीब वो जान लोंगे sayaʿlamūna
अनक़रीब वो जान लोंगे ٤ (4)
(4)
हरगिज़ नहीं, शीघ्र ही वे जान लेंगे।
७८:५
ثُمَّ
फिर
thumma
फिर كَلَّا हरगिज़ नहीं kallā
हरगिज़ नहीं سَيَعْلَمُونَ अनक़रीब वो जान लोंगे sayaʿlamūna
अनक़रीब वो जान लोंगे ٥ (5)
(5)
फिर كَلَّا हरगिज़ नहीं kallā
हरगिज़ नहीं سَيَعْلَمُونَ अनक़रीब वो जान लोंगे sayaʿlamūna
अनक़रीब वो जान लोंगे ٥ (5)
(5)
फिर हरगिज़ नहीं, शीघ्र ही वे जान लेंगे।1
७८:६
أَلَمْ
क्या नहीं
alam
क्या नहीं نَجْعَلِ हमने बनाया najʿali
हमने बनाया ٱلْأَرْضَ ज़मीन को l-arḍa
ज़मीन को مِهَـٰدًۭا बिछौना mihādan
बिछौना ٦ (6)
(6)
क्या नहीं نَجْعَلِ हमने बनाया najʿali
हमने बनाया ٱلْأَرْضَ ज़मीन को l-arḍa
ज़मीन को مِهَـٰدًۭا बिछौना mihādan
बिछौना ٦ (6)
(6)
क्या हमने धरती को बिछौना नहीं बनाया?
७८:७
وَٱلْجِبَالَ
और पहाड़ों को
wal-jibāla
और पहाड़ों को أَوْتَادًۭا मेख़ें awtādan
मेख़ें ٧ (7)
(7)
और पहाड़ों को أَوْتَادًۭا मेख़ें awtādan
मेख़ें ٧ (7)
(7)
और पर्वतों को मेखें?
७८:८
وَخَلَقْنَـٰكُمْ
और पैदा किया हमने तुम्हें
wakhalaqnākum
और पैदा किया हमने तुम्हें أَزْوَٰجًۭا जोड़ा-जोड़ा azwājan
जोड़ा-जोड़ा ٨ (8)
(8)
और पैदा किया हमने तुम्हें أَزْوَٰجًۭا जोड़ा-जोड़ा azwājan
जोड़ा-जोड़ा ٨ (8)
(8)
तथा हमने तुम्हें जोड़े-जोड़े पैदा किया।
७८:९
وَجَعَلْنَا
और बनाया हमने
wajaʿalnā
और बनाया हमने نَوْمَكُمْ तुम्हारी नींद को nawmakum
तुम्हारी नींद को سُبَاتًۭا आराम का ज़रिया subātan
आराम का ज़रिया ٩ (9)
(9)
और बनाया हमने نَوْمَكُمْ तुम्हारी नींद को nawmakum
तुम्हारी नींद को سُبَاتًۭا आराम का ज़रिया subātan
आराम का ज़रिया ٩ (9)
(9)
तथा हमने तुम्हारी नींद को आराम (का साधन) बनाया।
७८:१०
وَجَعَلْنَا
और बनाया हमने
wajaʿalnā
और बनाया हमने ٱلَّيْلَ रात को al-layla
रात को لِبَاسًۭا लिबास libāsan
लिबास ١٠ (10)
(10)
और बनाया हमने ٱلَّيْلَ रात को al-layla
रात को لِبَاسًۭا लिबास libāsan
लिबास ١٠ (10)
(10)
और हमने रात को आवरण बनाया।
७८:११
وَجَعَلْنَا
और बनाया हमने
wajaʿalnā
और बनाया हमने ٱلنَّهَارَ दिन को l-nahāra
दिन को مَعَاشًۭا मआश का वक़्त maʿāshan
मआश का वक़्त ١١ (11)
(11)
और बनाया हमने ٱلنَّهَارَ दिन को l-nahāra
दिन को مَعَاشًۭا मआश का वक़्त maʿāshan
मआश का वक़्त ١١ (11)
(11)
और हमने दिन को कमाने के लिए बनाया।
७८:१२
وَبَنَيْنَا
और बनाए हमने
wabanaynā
और बनाए हमने فَوْقَكُمْ ऊपर तुम्हारे fawqakum
ऊपर तुम्हारे سَبْعًۭا सात sabʿan
सात شِدَادًۭا मज़बूत (आसमान) shidādan
मज़बूत (आसमान) ١٢ (12)
(12)
और बनाए हमने فَوْقَكُمْ ऊपर तुम्हारे fawqakum
ऊपर तुम्हारे سَبْعًۭا सात sabʿan
सात شِدَادًۭا मज़बूत (आसमान) shidādan
मज़बूत (आसमान) ١٢ (12)
(12)
तथा हमने तुम्हारे ऊपर सात मज़बूत (आकाश) बनाए।
७८:१३
وَجَعَلْنَا
और बनाया हमने
wajaʿalnā
और बनाया हमने سِرَاجًۭا एक चिराग़ sirājan
एक चिराग़ وَهَّاجًۭا ख़ूब रौशन wahhājan
ख़ूब रौशन ١٣ (13)
(13)
और बनाया हमने سِرَاجًۭا एक चिराग़ sirājan
एक चिराग़ وَهَّاجًۭا ख़ूब रौशन wahhājan
ख़ूब रौशन ١٣ (13)
(13)
और हमने एक प्रकाशमान् तप्त दीप (सूर्य) बनाया।
७८:१४
وَأَنزَلْنَا
और उतारा हमने
wa-anzalnā
और उतारा हमने مِنَ from mina
from ٱلْمُعْصِرَٰتِ बदलियों से l-muʿ'ṣirāti
बदलियों से مَآءًۭ पानी māan
पानी ثَجَّاجًۭا ख़ूब बरसने thajjājan
ख़ूब बरसने ١٤ (14)
(14)
और उतारा हमने مِنَ from mina
from ٱلْمُعْصِرَٰتِ बदलियों से l-muʿ'ṣirāti
बदलियों से مَآءًۭ पानी māan
पानी ثَجَّاجًۭا ख़ूब बरसने thajjājan
ख़ूब बरसने ١٤ (14)
(14)
और हमने बदलियों से मूसलाधार पानी उतारा।
७८:१५
لِّنُخْرِجَ
ताकि हम निकालें
linukh'rija
ताकि हम निकालें بِهِۦ उससे bihi
उससे حَبًّۭا ग़ल्ला ḥabban
ग़ल्ला وَنَبَاتًۭا और नबातात wanabātan
और नबातात ١٥ (15)
(15)
ताकि हम निकालें بِهِۦ उससे bihi
उससे حَبًّۭا ग़ल्ला ḥabban
ग़ल्ला وَنَبَاتًۭا और नबातात wanabātan
और नबातात ١٥ (15)
(15)
ताकि हम उसके द्वारा अन्न और वनस्पति उगाएँ।
७८:१६
وَجَنَّـٰتٍ
और बाग़ात
wajannātin
और बाग़ात أَلْفَافًا घने alfāfan
घने ١٦ (16)
(16)
और बाग़ात أَلْفَافًا घने alfāfan
घने ١٦ (16)
(16)
और घने-घने बाग़।1
७८:१७
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْفَصْلِ फ़ैसले का l-faṣli
फ़ैसले का كَانَ है kāna
है مِيقَـٰتًۭا एक मुक़र्रर वक़्त mīqātan
एक मुक़र्रर वक़्त ١٧ (17)
(17)
बेशक يَوْمَ दिन yawma
दिन ٱلْفَصْلِ फ़ैसले का l-faṣli
फ़ैसले का كَانَ है kāna
है مِيقَـٰتًۭا एक मुक़र्रर वक़्त mīqātan
एक मुक़र्रर वक़्त ١٧ (17)
(17)
निःसंदेह निर्णय (फ़ैसले) का दिन एक नियत समय है।
७८:१८
يَوْمَ
जिस दिन
yawma
जिस दिन يُنفَخُ फूँक दिया जाएगा yunfakhu
फूँक दिया जाएगा فِى in fī
in ٱلصُّورِ सूर में l-ṣūri
सूर में فَتَأْتُونَ तो तुम आओगे fatatūna
तो तुम आओगे أَفْوَاجًۭا फ़ौज दर फ़ौज afwājan
फ़ौज दर फ़ौज ١٨ (18)
(18)
जिस दिन يُنفَخُ फूँक दिया जाएगा yunfakhu
फूँक दिया जाएगा فِى in fī
in ٱلصُّورِ सूर में l-ṣūri
सूर में فَتَأْتُونَ तो तुम आओगे fatatūna
तो तुम आओगे أَفْوَاجًۭا फ़ौज दर फ़ौज afwājan
फ़ौज दर फ़ौज ١٨ (18)
(18)
जिस दिन सूर में फूँक मारी जाएगी, तो तुम दल के दल चले आओगे।
७८:१९
وَفُتِحَتِ
और खोल दिया जाएगा
wafutiḥati
और खोल दिया जाएगा ٱلسَّمَآءُ आसमान l-samāu
आसमान فَكَانَتْ तो वो हो जाएगा fakānat
तो वो हो जाएगा أَبْوَٰبًۭا दरवाज़े-दरवाज़े abwāban
दरवाज़े-दरवाज़े ١٩ (19)
(19)
और खोल दिया जाएगा ٱلسَّمَآءُ आसमान l-samāu
आसमान فَكَانَتْ तो वो हो जाएगा fakānat
तो वो हो जाएगा أَبْوَٰبًۭا दरवाज़े-दरवाज़े abwāban
दरवाज़े-दरवाज़े ١٩ (19)
(19)
और आकाश खोल दिया जाएगा, तो उसमें द्वार ही द्वार हो जाएँगे।
७८:२०
وَسُيِّرَتِ
और चला दिए जाऐंगे
wasuyyirati
और चला दिए जाऐंगे ٱلْجِبَالُ पहाड़ l-jibālu
पहाड़ فَكَانَتْ तो वो हो जाऐंगे fakānat
तो वो हो जाऐंगे سَرَابًا सराब sarāban
सराब ٢٠ (20)
(20)
और चला दिए जाऐंगे ٱلْجِبَالُ पहाड़ l-jibālu
पहाड़ فَكَانَتْ तो वो हो जाऐंगे fakānat
तो वो हो जाऐंगे سَرَابًا सराब sarāban
सराब ٢٠ (20)
(20)
और पर्वत चलाए जाएँगे, तो वे मरीचिका बन जाएँगे।1
७८:२१
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक جَهَنَّمَ जहन्नम jahannama
जहन्नम كَانَتْ है kānat
है مِرْصَادًۭا एक घात mir'ṣādan
एक घात ٢١ (21)
(21)
बेशक جَهَنَّمَ जहन्नम jahannama
जहन्नम كَانَتْ है kānat
है مِرْصَادًۭا एक घात mir'ṣādan
एक घात ٢١ (21)
(21)
निःसंदेह जहन्नम घात में है।
७८:२२
لِّلطَّـٰغِينَ
सरकशों के लिए
lilṭṭāghīna
सरकशों के लिए مَـَٔابًۭا ठिकाना maāban
ठिकाना ٢٢ (22)
(22)
सरकशों के लिए مَـَٔابًۭا ठिकाना maāban
ठिकाना ٢٢ (22)
(22)
सरकशों का ठिकाना है।
७८:२३
لَّـٰبِثِينَ
हमेशा रहने वाले हैं
lābithīna
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَآ उसमें fīhā
उसमें أَحْقَابًۭا मुद्दतों aḥqāban
मुद्दतों ٢٣ (23)
(23)
हमेशा रहने वाले हैं فِيهَآ उसमें fīhā
उसमें أَحْقَابًۭا मुद्दतों aḥqāban
मुद्दतों ٢٣ (23)
(23)
जिसमें वे अनगिनत वर्षों तक रहेंगे।
७८:२४
لَّا
Not
lā
Not يَذُوقُونَ ना वो चखेंगे yadhūqūna
ना वो चखेंगे فِيهَا उसमें fīhā
उसमें بَرْدًۭا कोई ठंडक bardan
कोई ठंडक وَلَا और ना walā
और ना شَرَابًا कोई पीने की चीज़ sharāban
कोई पीने की चीज़ ٢٤ (24)
(24)
Not يَذُوقُونَ ना वो चखेंगे yadhūqūna
ना वो चखेंगे فِيهَا उसमें fīhā
उसमें بَرْدًۭا कोई ठंडक bardan
कोई ठंडक وَلَا और ना walā
और ना شَرَابًا कोई पीने की चीज़ sharāban
कोई पीने की चीज़ ٢٤ (24)
(24)
वे उसमें न कोई ठंड चखेंगे और न पीने की चीज़।
७८:२५
إِلَّا
मगर
illā
मगर حَمِيمًۭا खौलता पानी ḥamīman
खौलता पानी وَغَسَّاقًۭا और बहती पीप waghassāqan
और बहती पीप ٢٥ (25)
(25)
मगर حَمِيمًۭا खौलता पानी ḥamīman
खौलता पानी وَغَسَّاقًۭا और बहती पीप waghassāqan
और बहती पीप ٢٥ (25)
(25)
सिवाय अत्यंत गर्म पानी और बहती पीप के।
७८:२६
جَزَآءًۭ
बदला है
jazāan
बदला है وِفَاقًا पूरा-पूरा wifāqan
पूरा-पूरा ٢٦ (26)
(26)
बदला है وِفَاقًا पूरा-पूरा wifāqan
पूरा-पूरा ٢٦ (26)
(26)
यह पूरा-पूरा बदला है।
७८:२७
إِنَّهُمْ
बेशक वो
innahum
बेशक वो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो لَا not lā
not يَرْجُونَ ना वो उम्मीद रखते yarjūna
ना वो उम्मीद रखते حِسَابًۭا हिसाब की ḥisāban
हिसाब की ٢٧ (27)
(27)
बेशक वो كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो لَا not lā
not يَرْجُونَ ना वो उम्मीद रखते yarjūna
ना वो उम्मीद रखते حِسَابًۭا हिसाब की ḥisāban
हिसाब की ٢٧ (27)
(27)
निःसंदेह वे हिसाब से नहीं डरते थे।
७८:२८
وَكَذَّبُوا۟
और उन्होंने झुठलाया
wakadhabū
और उन्होंने झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को كِذَّابًۭا बहुत झुठलाना kidhāban
बहुत झुठलाना ٢٨ (28)
(28)
और उन्होंने झुठलाया بِـَٔايَـٰتِنَا हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को كِذَّابًۭا बहुत झुठलाना kidhāban
बहुत झुठलाना ٢٨ (28)
(28)
तथा उन्होंने हमारी आयतों को बुरी तरह झुठलाया।
७८:२९
وَكُلَّ
और हर
wakulla
और हर شَىْءٍ चीज़ को shayin
चीज़ को أَحْصَيْنَـٰهُ शुमार कर रखा है हमने उसे aḥṣaynāhu
शुमार कर रखा है हमने उसे كِتَـٰبًۭا एक किताब मे kitāban
एक किताब मे ٢٩ (29)
(29)
और हर شَىْءٍ चीज़ को shayin
चीज़ को أَحْصَيْنَـٰهُ शुमार कर रखा है हमने उसे aḥṣaynāhu
शुमार कर रखा है हमने उसे كِتَـٰبًۭا एक किताब मे kitāban
एक किताब मे ٢٩ (29)
(29)
और हमने हर चीज़ को लिखकर संरक्षित कर रखा है।
७८:३०
فَذُوقُوا۟
पस चखो
fadhūqū
पस चखो فَلَن पस हरगिज़ ना falan
पस हरगिज़ ना نَّزِيدَكُمْ हम ज़्यादा देंगे तुम्हें nazīdakum
हम ज़्यादा देंगे तुम्हें إِلَّا मगर illā
मगर عَذَابًا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब ٣٠ (30)
(30)
पस चखो فَلَن पस हरगिज़ ना falan
पस हरगिज़ ना نَّزِيدَكُمْ हम ज़्यादा देंगे तुम्हें nazīdakum
हम ज़्यादा देंगे तुम्हें إِلَّا मगर illā
मगर عَذَابًا अज़ाब ʿadhāban
अज़ाब ٣٠ (30)
(30)
तो चखो, हम तुम्हारे लिए यातना ही अधिक करते रहेंगे।1
७८:३१
إِنَّ
बेशक
inna
बेशक لِلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों के लिए lil'muttaqīna
मुत्तक़ी लोगों के लिए مَفَازًا कामयाबी है mafāzan
कामयाबी है ٣١ (31)
(31)
बेशक لِلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों के लिए lil'muttaqīna
मुत्तक़ी लोगों के लिए مَفَازًا कामयाबी है mafāzan
कामयाबी है ٣١ (31)
(31)
निःसंदेह (अल्लाह से) डरने वालों के लिए सफलता है।
७८:३२
حَدَآئِقَ
बाग़ात
ḥadāiqa
बाग़ात وَأَعْنَـٰبًۭا और अंगूर हैं wa-aʿnāban
और अंगूर हैं ٣٢ (32)
(32)
बाग़ात وَأَعْنَـٰبًۭا और अंगूर हैं wa-aʿnāban
और अंगूर हैं ٣٢ (32)
(32)
बाग़ तथा अंगूर।
७८:३३
وَكَوَاعِبَ
और उभरी छातियों वालियाँ
wakawāʿiba
और उभरी छातियों वालियाँ أَتْرَابًۭا हम उमर atrāban
हम उमर ٣٣ (33)
(33)
और उभरी छातियों वालियाँ أَتْرَابًۭا हम उमर atrāban
हम उमर ٣٣ (33)
(33)
और समान उम्र वाली नवयुवतियाँ।
७८:३४
وَكَأْسًۭا
और जाम
wakasan
और जाम دِهَاقًۭا छलकते हुए dihāqan
छलकते हुए ٣٤ (34)
(34)
और जाम دِهَاقًۭا छलकते हुए dihāqan
छलकते हुए ٣٤ (34)
(34)
और छलकते हुए प्याले।
७८:३५
لَّا
Not
lā
Not يَسْمَعُونَ ना वो सुनेंगे yasmaʿūna
ना वो सुनेंगे فِيهَا उसमें fīhā
उसमें لَغْوًۭا कोई लग़्व laghwan
कोई लग़्व وَلَا और ना walā
और ना كِذَّٰبًۭا कोई झूठ kidhāban
कोई झूठ ٣٥ (35)
(35)
Not يَسْمَعُونَ ना वो सुनेंगे yasmaʿūna
ना वो सुनेंगे فِيهَا उसमें fīhā
उसमें لَغْوًۭا कोई लग़्व laghwan
कोई लग़्व وَلَا और ना walā
और ना كِذَّٰبًۭا कोई झूठ kidhāban
कोई झूठ ٣٥ (35)
(35)
वे उसमें न तो कोई व्यर्थ बात सुनेंगे और न (एक दूसरे को) झुठलाना।
७८:३६
جَزَآءًۭ
बदला है
jazāan
बदला है مِّن from min
from رَّبِّكَ आपके रब की तरफ़ से rabbika
आपके रब की तरफ़ से عَطَآءً अतिया ʿaṭāan
अतिया حِسَابًۭا किफ़ायत करने वाला / काफ़ी ḥisāban
किफ़ायत करने वाला / काफ़ी ٣٦ (36)
(36)
बदला है مِّن from min
from رَّبِّكَ आपके रब की तरफ़ से rabbika
आपके रब की तरफ़ से عَطَآءً अतिया ʿaṭāan
अतिया حِسَابًۭا किफ़ायत करने वाला / काफ़ी ḥisāban
किफ़ायत करने वाला / काफ़ी ٣٦ (36)
(36)
यह तुम्हारे पालनहार की ओर से बदले में ऐसा प्रदान है जो पर्याप्त होगा।
७८:३७
رَّبِّ
जो रब है
rabbi
जो रब है ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन का wal-arḍi
और ज़मीन का وَمَا और जो wamā
और जो بَيْنَهُمَا दर्मियान है उन दोनों के baynahumā
दर्मियान है उन दोनों के ٱلرَّحْمَـٰنِ ۖ जो रहमान है l-raḥmāni
जो रहमान है لَا not lā
not يَمْلِكُونَ ना वो मालिक होंगे yamlikūna
ना वो मालिक होंगे مِنْهُ उससे min'hu
उससे خِطَابًۭا बात करने के khiṭāban
बात करने के ٣٧ (37)
(37)
जो रब है ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन का wal-arḍi
और ज़मीन का وَمَا और जो wamā
और जो بَيْنَهُمَا दर्मियान है उन दोनों के baynahumā
दर्मियान है उन दोनों के ٱلرَّحْمَـٰنِ ۖ जो रहमान है l-raḥmāni
जो रहमान है لَا not lā
not يَمْلِكُونَ ना वो मालिक होंगे yamlikūna
ना वो मालिक होंगे مِنْهُ उससे min'hu
उससे خِطَابًۭا बात करने के khiṭāban
बात करने के ٣٧ (37)
(37)
जो आकाशों और धरती तथा उनके बीच की हर चीज़ का पालनहार है, अत्यंत दयावान् है। उससे बात करने का उन्हें अधिकार नहीं होगा।
७८:३८
يَوْمَ
जिस दिन
yawma
जिस दिन يَقُومُ खड़े होंगे yaqūmu
खड़े होंगे ٱلرُّوحُ रूहुल अमीन l-rūḥu
रूहुल अमीन وَٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ और फ़रिश्ते wal-malāikatu
और फ़रिश्ते صَفًّۭا ۖ सफ़ दर सफ़ ṣaffan
सफ़ दर सफ़ لَّا not lā
not يَتَكَلَّمُونَ ना वो कलाम कर सकेंगे yatakallamūna
ना वो कलाम कर सकेंगे إِلَّا मगर illā
मगर مَنْ वो जो man
वो जो أَذِنَ इजाज़त दे adhina
इजाज़त दे لَهُ उसको lahu
उसको ٱلرَّحْمَـٰنُ रहमान l-raḥmānu
रहमान وَقَالَ और वो कहे waqāla
और वो कहे صَوَابًۭا बात दुरुस्त ṣawāban
बात दुरुस्त ٣٨ (38)
(38)
जिस दिन يَقُومُ खड़े होंगे yaqūmu
खड़े होंगे ٱلرُّوحُ रूहुल अमीन l-rūḥu
रूहुल अमीन وَٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ और फ़रिश्ते wal-malāikatu
और फ़रिश्ते صَفًّۭا ۖ सफ़ दर सफ़ ṣaffan
सफ़ दर सफ़ لَّا not lā
not يَتَكَلَّمُونَ ना वो कलाम कर सकेंगे yatakallamūna
ना वो कलाम कर सकेंगे إِلَّا मगर illā
मगर مَنْ वो जो man
वो जो أَذِنَ इजाज़त दे adhina
इजाज़त दे لَهُ उसको lahu
उसको ٱلرَّحْمَـٰنُ रहमान l-raḥmānu
रहमान وَقَالَ और वो कहे waqāla
और वो कहे صَوَابًۭا बात दुरुस्त ṣawāban
बात दुरुस्त ٣٨ (38)
(38)
जिस दिन रूह़ (जिबरील) तथा फ़रिश्ते पंक्तियों में खड़े होंगे, उससे केवल वही बात कर सकेगा जिसे रहमान (अल्लाह) आज्ञा देगा और वह ठीक बात कहेगा।
७८:३९
ذَٰلِكَ
ये है
dhālika
ये है ٱلْيَوْمُ दिन l-yawmu
दिन ٱلْحَقُّ ۖ बरहक़ l-ḥaqu
बरहक़ فَمَن पस जो कोई faman
पस जो कोई شَآءَ चाहे shāa
चाहे ٱتَّخَذَ बना ले ittakhadha
बना ले إِلَىٰ towards ilā
towards رَبِّهِۦ तरफ़ अपने रब के rabbihi
तरफ़ अपने रब के مَـَٔابًا ठिकाना maāban
ठिकाना ٣٩ (39)
(39)
ये है ٱلْيَوْمُ दिन l-yawmu
दिन ٱلْحَقُّ ۖ बरहक़ l-ḥaqu
बरहक़ فَمَن पस जो कोई faman
पस जो कोई شَآءَ चाहे shāa
चाहे ٱتَّخَذَ बना ले ittakhadha
बना ले إِلَىٰ towards ilā
towards رَبِّهِۦ तरफ़ अपने रब के rabbihi
तरफ़ अपने रब के مَـَٔابًا ठिकाना maāban
ठिकाना ٣٩ (39)
(39)
यही (वह) दिन है जो सत्य है। अतः जो चाहे अपने पालनहार की ओर लौटने की जगह (ठिकाना) बना ले।1
७८:४०
إِنَّآ
बेशक हम
innā
बेशक हम أَنذَرْنَـٰكُمْ डरा दिया हमने तुम्हें andharnākum
डरा दिया हमने तुम्हें عَذَابًۭا अज़ाब से ʿadhāban
अज़ाब से قَرِيبًۭا क़रीब के qarīban
क़रीब के يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन يَنظُرُ देखेगा yanẓuru
देखेगा ٱلْمَرْءُ इन्सान l-maru
इन्सान مَا जो mā
जो قَدَّمَتْ आगे भेजा qaddamat
आगे भेजा يَدَاهُ उसके दोनों हाथों ने yadāhu
उसके दोनों हाथों ने وَيَقُولُ और कहेगा wayaqūlu
और कहेगा ٱلْكَافِرُ काफ़िर l-kāfiru
काफ़िर يَـٰلَيْتَنِى ऐ काश कि मैं yālaytanī
ऐ काश कि मैं كُنتُ होता मैं kuntu
होता मैं تُرَٰبًۢا मिट्टी turāban
मिट्टी ٤٠ (40)
(40)
बेशक हम أَنذَرْنَـٰكُمْ डरा दिया हमने तुम्हें andharnākum
डरा दिया हमने तुम्हें عَذَابًۭا अज़ाब से ʿadhāban
अज़ाब से قَرِيبًۭا क़रीब के qarīban
क़रीब के يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन يَنظُرُ देखेगा yanẓuru
देखेगा ٱلْمَرْءُ इन्सान l-maru
इन्सान مَا जो mā
जो قَدَّمَتْ आगे भेजा qaddamat
आगे भेजा يَدَاهُ उसके दोनों हाथों ने yadāhu
उसके दोनों हाथों ने وَيَقُولُ और कहेगा wayaqūlu
और कहेगा ٱلْكَافِرُ काफ़िर l-kāfiru
काफ़िर يَـٰلَيْتَنِى ऐ काश कि मैं yālaytanī
ऐ काश कि मैं كُنتُ होता मैं kuntu
होता मैं تُرَٰبًۢا मिट्टी turāban
मिट्टी ٤٠ (40)
(40)
निःसंदेह हमने तुम्हें एक निकट ही आने वाली यातना से डरा दिया है, जिस दिन मनुष्य देख लेगा, जो कुछ उसके दोनों हाथों ने आगे भेजा है, और काफिर कहेगा : ऐ काश कि मैं मिट्टी होता!