२४

अन-नूर

मदनी ६४ आयतें पारा १८
النور
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ साथ नाम bis'mi
साथ नाम
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान
ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
२४:१
سُورَةٌ ये एक सूरत है sūratun
ये एक सूरत है
أَنزَلْنَـٰهَا नाज़िल किया हमने इसे anzalnāhā
नाज़िल किया हमने इसे
وَفَرَضْنَـٰهَا और फ़र्ज़ किया हमने इसे wafaraḍnāhā
और फ़र्ज़ किया हमने इसे
وَأَنزَلْنَا और नाज़िल कीं हमने wa-anzalnā
और नाज़िल कीं हमने
فِيهَآ इसमें fīhā
इसमें
ءَايَـٰتٍۭ आयात āyātin
आयात
بَيِّنَـٰتٍۢ वाज़ेह bayyinātin
वाज़ेह
لَّعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम
تَذَكَّرُونَ तुम नसीहत पकड़ो tadhakkarūna
तुम नसीहत पकड़ो
١ (1)
(1)
यह एक महान सूरत है, हमने इसे उतारा तथा हमने इसे अनिवार्य किया और हमने इसमें स्पष्ट आयतें उतारीं हैं; ताकि तुम शिक्षा ग्रहण करो।
२४:२
ٱلزَّانِيَةُ ज़ानिया औरत al-zāniyatu
ज़ानिया औरत
وَٱلزَّانِى और ज़ानी मर्द wal-zānī
और ज़ानी मर्द
فَٱجْلِدُوا۟ पस कोड़े मारो fa-ij'lidū
पस कोड़े मारो
كُلَّ हर kulla
हर
وَٰحِدٍۢ एक को wāḥidin
एक को
مِّنْهُمَا इन दोनों में से min'humā
इन दोनों में से
مِا۟ئَةَ सौ mi-ata
सौ
جَلْدَةٍۢ ۖ कोड़े jaldatin
कोड़े
وَلَا और ना walā
और ना
تَأْخُذْكُم पकड़े तुम्हें takhudh'kum
पकड़े तुम्हें
بِهِمَا इन दोनों के बारे में bihimā
इन दोनों के बारे में
رَأْفَةٌۭ कोई तरस rafatun
कोई तरस
فِى concerning
concerning
دِينِ दीन ( क़ानून) के मामले में dīni
दीन ( क़ानून) के मामले में
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
إِن अगर in
अगर
كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम
تُؤْمِنُونَ तुम ईमान रखते tu'minūna
तुम ईमान रखते
بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर
وَٱلْيَوْمِ and the Day wal-yawmi
and the Day
ٱلْـَٔاخِرِ ۖ और आख़िरी दिन पर l-ākhiri
और आख़िरी दिन पर
وَلْيَشْهَدْ और ज़रूर हाज़िर हो walyashhad
और ज़रूर हाज़िर हो
عَذَابَهُمَا इन दोनों की सज़ा पर ʿadhābahumā
इन दोनों की सज़ा पर
طَآئِفَةٌۭ एक गिरोह ṭāifatun
एक गिरोह
مِّنَ of mina
of
ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों में से l-mu'minīna
मोमिनों में से
٢ (2)
(2)
जो व्यभिचार1 करने वाली महिला है और जो व्यभिचार करने वाला पुरुष है, दोनों में से प्रत्येक को सौ कोड़े मारो। और तुम्हें अल्लाह के धर्म के विषय में उन दोनों पर कोई तरस न आए2, यदि तुम अल्लाह तथा अंतिम दिन पर ईमान रखते हो। और आवश्यक है कि उनके दंड के समय ईमानवालों का एक समूह उपस्थित3 हो।
२४:३
ٱلزَّانِى ज़ानी मर्द al-zānī
ज़ानी मर्द
لَا (will) not
(will) not
يَنكِحُ नहीं निकाह करता yankiḥu
नहीं निकाह करता
إِلَّا मगर illā
मगर
زَانِيَةً ज़निया औरत से zāniyatan
ज़निया औरत से
أَوْ या aw
या
مُشْرِكَةًۭ मुशरिका औरत से mush'rikatan
मुशरिका औरत से
وَٱلزَّانِيَةُ और ज़निया औरत wal-zāniyatu
और ज़निया औरत
لَا (will) not
(will) not
يَنكِحُهَآ नहीं निकाह करता उससे yankiḥuhā
नहीं निकाह करता उससे
إِلَّا मगर illā
मगर
زَانٍ ज़ानी मर्द zānin
ज़ानी मर्द
أَوْ या aw
या
مُشْرِكٌۭ ۚ मुशरिक मर्द mush'rikun
मुशरिक मर्द
وَحُرِّمَ और हराम कर दिया गया waḥurrima
और हराम कर दिया गया
ذَٰلِكَ ये dhālika
ये
عَلَى to ʿalā
to
ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों पर l-mu'minīna
मोमिनों पर
٣ (3)
(3)
व्यभिचारी नहीं विवाह1 करेगा, परंतु किसी व्यभिचारिणी अथवा बहुदेववादी स्त्री से, तथा व्यभिचारिणी से नहीं विवाह करेगा, परंतु कोई व्यभिचारी अथवा बहुदेववादी। और यह ईमान वालों पर हराम (निषिद्ध) कर दिया गया है।
२४:४
وَٱلَّذِينَ और वो लोग जो wa-alladhīna
और वो लोग जो
يَرْمُونَ तोहमत लगाऐं yarmūna
तोहमत लगाऐं
ٱلْمُحْصَنَـٰتِ पाक दामन औरतों पर l-muḥ'ṣanāti
पाक दामन औरतों पर
ثُمَّ फिर thumma
फिर
لَمْ ना lam
ना
يَأْتُوا۟ वो लाऐं yatū
वो लाऐं
بِأَرْبَعَةِ चार bi-arbaʿati
चार
شُهَدَآءَ गवाह shuhadāa
गवाह
فَٱجْلِدُوهُمْ तो कोड़े मारो उन्हें fa-ij'lidūhum
तो कोड़े मारो उन्हें
ثَمَـٰنِينَ अस्सी thamānīna
अस्सी
جَلْدَةًۭ कोड़े jaldatan
कोड़े
وَلَا और ना walā
और ना
تَقْبَلُوا۟ तुम क़ुबूल करो taqbalū
तुम क़ुबूल करो
لَهُمْ उनकी lahum
उनकी
شَهَـٰدَةً गवाही को shahādatan
गवाही को
أَبَدًۭا ۚ कभी भी abadan
कभी भी
وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग हैं wa-ulāika
और यही लोग हैं
هُمُ वो humu
वो
ٱلْفَـٰسِقُونَ जो फ़ासिक़ हैं l-fāsiqūna
जो फ़ासिक़ हैं
٤ (4)
(4)
तथा जो लोग सच्चरित्रा स्त्रियों पर व्यभिचार का आरोप1 लगाएँ, फिर चार गवाह न लाएँ, तो उन्हें अस्सी कोड़े मारो और उनकी कोई गवाही कभी स्वीकार न करो और वही अवज्ञाकारी लोग हैं।
२४:५
إِلَّا सिवाए illā
सिवाए
ٱلَّذِينَ उनके जिन्होंने alladhīna
उनके जिन्होंने
تَابُوا۟ तौबा की tābū
तौबा की
مِنۢ after min
after
بَعْدِ बाद baʿdi
बाद
ذَٰلِكَ इसके dhālika
इसके
وَأَصْلَحُوا۟ और उन्होंने इस्लाह कर ली wa-aṣlaḥū
और उन्होंने इस्लाह कर ली
فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है
رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है
٥ (5)
(5)
परंतु जो लोग इसके बाद तौबा करें तथा सुधार कर लें, तो निश्चय अल्लाह अत्यंत क्षमाशील, असीम दयावान् है।1
२४:६
وَٱلَّذِينَ और वो लोग जो wa-alladhīna
और वो लोग जो
يَرْمُونَ तोहमत लगाते हैं yarmūna
तोहमत लगाते हैं
أَزْوَٰجَهُمْ अपनी बीवियों पर azwājahum
अपनी बीवियों पर
وَلَمْ और नहीं walam
और नहीं
يَكُن हैं yakun
हैं
لَّهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए
شُهَدَآءُ कोई गवाह shuhadāu
कोई गवाह
إِلَّآ मगर illā
मगर
أَنفُسُهُمْ वो ख़ुद ही anfusuhum
वो ख़ुद ही
فَشَهَـٰدَةُ तो गवाही होगी fashahādatu
तो गवाही होगी
أَحَدِهِمْ उनमें से एक की aḥadihim
उनमें से एक की
أَرْبَعُ चार arbaʿu
चार
شَهَـٰدَٰتٍۭ गवाहियाँ shahādātin
गवाहियाँ
بِٱللَّهِ ۙ साथ अल्लाह (की क़सम) के bil-lahi
साथ अल्लाह (की क़सम) के
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
لَمِنَ (is) surely of lamina
(is) surely of
ٱلصَّـٰدِقِينَ अलबत्ता सच्चों में से है l-ṣādiqīna
अलबत्ता सच्चों में से है
٦ (6)
(6)
और जो लोग अपनी पत्नियों पर व्यभिचार का आरोप लगाएँ और उनके पास स्वयं के अलावा कोई गवाह न हों1, तो उनमें से हर एक की गवाही यह है कि अल्लाह की क़सम खाकर चार बार यह गवाही दे कि निःसंदेह वह सच्चों में से है।2
२४:७
وَٱلْخَـٰمِسَةُ और पाँचवीं बार wal-khāmisatu
और पाँचवीं बार
أَنَّ कि बेशक anna
कि बेशक
لَعْنَتَ लानत हो laʿnata
लानत हो
ٱللَّهِ अल्लाह की l-lahi
अल्लाह की
عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर
إِن अगर in
अगर
كَانَ है वो kāna
है वो
مِنَ of mina
of
ٱلْكَـٰذِبِينَ झूठों में से l-kādhibīna
झूठों में से
٧ (7)
(7)
और पाँचवीं बार यह (कहे) कि उसपर अल्लाह की धिक्कार हो, यदि वह झूठों में से हो।
२४:८
وَيَدْرَؤُا۟ और टाल देगी wayadra-u
और टाल देगी
عَنْهَا उस (औरत) से ʿanhā
उस (औरत) से
ٱلْعَذَابَ सज़ा को l-ʿadhāba
सज़ा को
أَن ये(बात) कि an
ये(बात) कि
تَشْهَدَ वो गवाही दे tashhada
वो गवाही दे
أَرْبَعَ चार arbaʿa
चार
شَهَـٰدَٰتٍۭ गवाहियाँ shahādātin
गवाहियाँ
بِٱللَّهِ ۙ अल्लाह की क़सम के साथ bil-lahi
अल्लाह की क़सम के साथ
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
لَمِنَ (is) surely of lamina
(is) surely of
ٱلْكَـٰذِبِينَ अलबत्ता झूठों में से है l-kādhibīna
अलबत्ता झूठों में से है
٨ (8)
(8)
और उस (स्त्री) से दंड1 को यह बात हटाएगी कि वह अल्लाह की क़सम खाकर चार बार गवाही दे कि निःसंदेह वह (व्यक्ति) झूठों में से है।
२४:९
وَٱلْخَـٰمِسَةَ और पाँचवीं बार wal-khāmisata
और पाँचवीं बार
أَنَّ कि बेशक anna
कि बेशक
غَضَبَ ग़ज़ब हो ghaḍaba
ग़ज़ब हो
ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का
عَلَيْهَآ उस (औरत) पर ʿalayhā
उस (औरत) पर
إِن अगर in
अगर
كَانَ है वो (मर्द) kāna
है वो (मर्द)
مِنَ of mina
of
ٱلصَّـٰدِقِينَ सच्चों में से l-ṣādiqīna
सच्चों में से
٩ (9)
(9)
और पाँचवीं बार यह (कहे) कि उसपर अल्लाह का प्रकोप हो, यदि वह (व्यक्ति) सच्चों में से है।1
२४:१०
وَلَوْلَا और अगर ना होता walawlā
और अगर ना होता
فَضْلُ फ़ज़ल faḍlu
फ़ज़ल
ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का
عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर
وَرَحْمَتُهُۥ और रहमत उसकी waraḥmatuhu
और रहमत उसकी
وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
تَوَّابٌ बहुत तौबा क़ुबूल करने वाला है tawwābun
बहुत तौबा क़ुबूल करने वाला है
حَكِيمٌ बहुत हिकमत वाला है ḥakīmun
बहुत हिकमत वाला है
١٠ (10)
(10)
और यदि तुमपर अल्लाह का अनुग्रह और उसकी दया न होती और यह कि अल्लाह बहुत तौबा स्वीकार करने वाला, पूर्ण हिकमत वाला है (तो झूठे को दुनिया ही में सज़ा मिल जाती)।
२४:११
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो
جَآءُو लाए हैं jāū
लाए हैं
بِٱلْإِفْكِ बोहतान bil-if'ki
बोहतान
عُصْبَةٌۭ एक गिरोह हैं ʿuṣ'batun
एक गिरोह हैं
مِّنكُمْ ۚ तुम में से minkum
तुम में से
لَا (Do) not
(Do) not
تَحْسَبُوهُ ना तुम समझो उसे taḥsabūhu
ना तुम समझो उसे
شَرًّۭا बुरा sharran
बुरा
لَّكُم ۖ अपने लिए lakum
अपने लिए
بَلْ बल्कि bal
बल्कि
هُوَ वो huwa
वो
خَيْرٌۭ अच्छा है khayrun
अच्छा है
لَّكُمْ ۚ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
لِكُلِّ वास्ते हर likulli
वास्ते हर
ٱمْرِئٍۢ शख़्स के है im'ri-in
शख़्स के है
مِّنْهُم उनमें से min'hum
उनमें से
مَّا जो
जो
ٱكْتَسَبَ उसने कमाया ik'tasaba
उसने कमाया
مِنَ of mina
of
ٱلْإِثْمِ ۚ गुनाह से l-ith'mi
गुनाह से
وَٱلَّذِى और वो जिसने wa-alladhī
और वो जिसने
تَوَلَّىٰ उठाया tawallā
उठाया
كِبْرَهُۥ बड़ा (बोझ) उसका kib'rahu
बड़ा (बोझ) उसका
مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से
لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए
عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है
عَظِيمٌۭ बहुत बड़ा ʿaẓīmun
बहुत बड़ा
١١ (11)
(11)
निःसंदेह जो लोग झूठ गढ़1 लाए हैं, वे तुम्हारे ही भीतर के एक समूह हैं। तुम उसे अपने लिए बुरा मत समझो, बल्कि वह तुम्हारे लिए बेहतर2 है। उनमें से प्रत्येक आदमी के लिए गुनाह में से उतना ही भाग है, जितना उसने कमाया। और उनमें से जो उसके बड़े भाग का ज़िम्मेदार3 बना, उसके लिए बहुत बड़ी यातना है।
२४:१२
لَّوْلَآ क्यों ना lawlā
क्यों ना
إِذْ जब idh
जब
سَمِعْتُمُوهُ सुना तुमने उसे samiʿ'tumūhu
सुना तुमने उसे
ظَنَّ गुमान किया ẓanna
गुमान किया
ٱلْمُؤْمِنُونَ मोमिन मर्दों ने l-mu'minūna
मोमिन मर्दों ने
وَٱلْمُؤْمِنَـٰتُ और मोमिन औरतों ने wal-mu'minātu
और मोमिन औरतों ने
بِأَنفُسِهِمْ अपने बारे में bi-anfusihim
अपने बारे में
خَيْرًۭا अच्छा khayran
अच्छा
وَقَالُوا۟ और कहा उन्होंने waqālū
और कहा उन्होंने
هَـٰذَآ ये है hādhā
ये है
إِفْكٌۭ बोहतान if'kun
बोहतान
مُّبِينٌۭ खुला mubīnun
खुला
١٢ (12)
(12)
क्यों न जब तुमने उसे सुना, तो ईमान वाले पुरुषों तथा ईमान वाली स्त्रियों ने अपने बारे में अच्छा गुमान किया और कहा कि यह स्पष्ट मिथ्यारोपण है?
२४:१३
لَّوْلَا क्यों ना lawlā
क्यों ना
جَآءُو वो लाए jāū
वो लाए
عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर
بِأَرْبَعَةِ चार bi-arbaʿati
चार
شُهَدَآءَ ۚ गवाह shuhadāa
गवाह
فَإِذْ फिर जब fa-idh
फिर जब
لَمْ नहीं lam
नहीं
يَأْتُوا۟ वो लाए yatū
वो लाए
بِٱلشُّهَدَآءِ गवाहों को bil-shuhadāi
गवाहों को
فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं
عِندَ near Allah ʿinda
near Allah
ٱللَّهِ अल्लाह के यहाँ l-lahi
अल्लाह के यहाँ
هُمُ वो humu
वो
ٱلْكَـٰذِبُونَ जो झूठे हैं l-kādhibūna
जो झूठे हैं
١٣ (13)
(13)
वे इसपर चार गवाह क्यों न लाए? फिर जब वे गवाह नहीं लाए, तो निःसंदेह अल्लाह के निकट वही झूठे हैं।
२४:१४
وَلَوْلَا और अगर ना होता walawlā
और अगर ना होता
فَضْلُ फ़ज़ल faḍlu
फ़ज़ल
ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का
عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर
وَرَحْمَتُهُۥ और रहमत उसकी waraḥmatuhu
और रहमत उसकी
فِى in
in
ٱلدُّنْيَا दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में
وَٱلْـَٔاخِرَةِ और आख़िरत में wal-ākhirati
और आख़िरत में
لَمَسَّكُمْ यक़ीनन पहुँचता तुम्हें lamassakum
यक़ीनन पहुँचता तुम्हें
فِى in
in
مَآ उसमें से जो
उसमें से जो
أَفَضْتُمْ पड़ गए थे तुम afaḍtum
पड़ गए थे तुम
فِيهِ जिसमें fīhi
जिसमें
عَذَابٌ अज़ाब ʿadhābun
अज़ाब
عَظِيمٌ बहुत बड़ा ʿaẓīmun
बहुत बड़ा
١٤ (14)
(14)
और यदि तुमपर दुनिया एवं आख़िरत में अल्लाह का अनुग्रह और उसकी दया न होती, तो निश्चय उस बात के कारण जिसमें तुम पड़ गए, तुमपर बहुत बड़ी यातना आ जाती।
२४:१५
إِذْ जब idh
जब
تَلَقَّوْنَهُۥ तुम ले रहे थे उसे talaqqawnahu
तुम ले रहे थे उसे
بِأَلْسِنَتِكُمْ अपनी ज़बानों से bi-alsinatikum
अपनी ज़बानों से
وَتَقُولُونَ और तुम कह रहे थे wataqūlūna
और तुम कह रहे थे
بِأَفْوَاهِكُم अपने मुँहों से bi-afwāhikum
अपने मुँहों से
مَّا वो जो
वो जो
لَيْسَ नहीं (था) laysa
नहीं (था)
لَكُم तुम्हें lakum
तुम्हें
بِهِۦ जिसका bihi
जिसका
عِلْمٌۭ कोई इल्म ʿil'mun
कोई इल्म
وَتَحْسَبُونَهُۥ और तुम समझ रहे थे उसे wataḥsabūnahu
और तुम समझ रहे थे उसे
هَيِّنًۭا मामूली hayyinan
मामूली
وَهُوَ हालाँकि वो wahuwa
हालाँकि वो
عِندَ नज़दीक ʿinda
नज़दीक
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
عَظِيمٌۭ बहुत बड़ा था ʿaẓīmun
बहुत बड़ा था
١٥ (15)
(15)
जब तुम इसे एक-दूसरे से अपनी ज़बानों के साथ ले रहे थे और अपने मुँहों से वह बात कह रहे थे, जिसका तुम्हें कोई ज्ञान नहीं तथा तुम इसे साधारण समझते थे, हालाँकि वह अल्लाह के निकट बहुत बड़ी थी।
२४:१६
وَلَوْلَآ और क्यों ना walawlā
और क्यों ना
إِذْ जब idh
जब
سَمِعْتُمُوهُ सुना था तुमने उसे samiʿ'tumūhu
सुना था तुमने उसे
قُلْتُم कहा तुमने qul'tum
कहा तुमने
مَّا नहीं
नहीं
يَكُونُ है yakūnu
है
لَنَآ हमारे लिए lanā
हमारे लिए
أَن कि an
कि
نَّتَكَلَّمَ हम कलाम करें natakallama
हम कलाम करें
بِهَـٰذَا साथ इस( बात) के bihādhā
साथ इस( बात) के
سُبْحَـٰنَكَ पाक है तू sub'ḥānaka
पाक है तू
هَـٰذَا ये है hādhā
ये है
بُهْتَـٰنٌ बोहतान buh'tānun
बोहतान
عَظِيمٌۭ बहुत बड़ा ʿaẓīmun
बहुत बड़ा
١٦ (16)
(16)
और जब तुमने इसे सुना, तो क्यों नहीं कहा : हमारे लिए उचित नहीं है कि हम यह बात बोलें? (ऐ अल्लाह!) तू पवित्र है! यह तो बहुत बड़ा आरोप है।
२४:१७
يَعِظُكُمُ नसीहत करता है तुम्हें yaʿiẓukumu
नसीहत करता है तुम्हें
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
أَن कि an
कि
تَعُودُوا۟ (ना) तुम दोबारा करना taʿūdū
(ना) तुम दोबारा करना
لِمِثْلِهِۦٓ इस जैसा limith'lihi
इस जैसा
أَبَدًا कभी भी abadan
कभी भी
إِن अगर in
अगर
كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम
مُّؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले
١٧ (17)
(17)
अल्लाह तुम्हें नसीहत करता है कि पुनः कभी ऐसा न करना, यदि तुम ईमान वाले हो।
२४:१८
وَيُبَيِّنُ और बयान करता है wayubayyinu
और बयान करता है
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए
ٱلْـَٔايَـٰتِ ۚ आयात को l-āyāti
आयात को
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
عَلِيمٌ ख़ूब इल्म वाला है ʿalīmun
ख़ूब इल्म वाला है
حَكِيمٌ ख़ूब हिकमत वाला है ḥakīmun
ख़ूब हिकमत वाला है
١٨ (18)
(18)
और अल्लाह तुम्हारे लिए आयतें खोलकर बयान करता है तथा अल्लाह सब कुछ जानने वाला, पूर्ण हिकमत वाला है।
२४:१९
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो
يُحِبُّونَ पसंद करते हैं yuḥibbūna
पसंद करते हैं
أَن कि an
कि
تَشِيعَ फैले tashīʿa
फैले
ٱلْفَـٰحِشَةُ बेहयाई l-fāḥishatu
बेहयाई
فِى among
among
ٱلَّذِينَ उन लोगों में जो alladhīna
उन लोगों में जो
ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए
لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए
عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है
أَلِيمٌۭ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक
فِى in
in
ٱلدُّنْيَا दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में
وَٱلْـَٔاخِرَةِ ۚ और आख़िरत में wal-ākhirati
और आख़िरत में
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
يَعْلَمُ जानता है yaʿlamu
जानता है
وَأَنتُمْ और तुम wa-antum
और तुम
لَا (do) not
(do) not
تَعْلَمُونَ नहीं तुम जानते taʿlamūna
नहीं तुम जानते
١٩ (19)
(19)
निःसंदेह जो लोग चाहते हैं कि ईमान वालों के अंदर अश्लीलता1 फैले, उनके लिए दुनिया एवं आख़िरत में दुःखदायी यातना है, तथा अल्लाह जानता2 है और तुम नहीं जानते।
२४:२०
وَلَوْلَا और अगर ना होता walawlā
और अगर ना होता
فَضْلُ फ़ज़ल faḍlu
फ़ज़ल
ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का
عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर
وَرَحْمَتُهُۥ और रहमत उसकी waraḥmatuhu
और रहमत उसकी
وَأَنَّ और बेशक wa-anna
और बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
رَءُوفٌۭ बहुत शफ़्क़त करने वाला है raūfun
बहुत शफ़्क़त करने वाला है
رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है
٢٠ (20)
(20)
और यदि तुमपर अल्लाह का अनुग्रह तथा उसकी दया न होती, और यह कि अल्लाह अत्यंत करुणामय, असीम दयावान् है (तो आरोप लगाने वालों पर तुरंत यातना आ जाती)
२४:२१
۞ يَـٰٓأَيُّهَا O you who believe yāayyuhā
O you who believe
ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो
ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो
لَا (Do) not
(Do) not
تَتَّبِعُوا۟ ना तुम पैरवी करो tattabiʿū
ना तुम पैरवी करो
خُطُوَٰتِ क़दमों की khuṭuwāti
क़दमों की
ٱلشَّيْطَـٰنِ ۚ शैतान के l-shayṭāni
शैतान के
وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई
يَتَّبِعْ पैरवी करेगा yattabiʿ
पैरवी करेगा
خُطُوَٰتِ क़दमों की khuṭuwāti
क़दमों की
ٱلشَّيْطَـٰنِ शैतान के l-shayṭāni
शैतान के
فَإِنَّهُۥ तो बेशक वो fa-innahu
तो बेशक वो
يَأْمُرُ वो हुक्म देता है yamuru
वो हुक्म देता है
بِٱلْفَحْشَآءِ बेहयाई का bil-faḥshāi
बेहयाई का
وَٱلْمُنكَرِ ۚ और बुराई का wal-munkari
और बुराई का
وَلَوْلَا और अगर ना होता walawlā
और अगर ना होता
فَضْلُ फ़ज़ल faḍlu
फ़ज़ल
ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का
عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर
وَرَحْمَتُهُۥ और रहमत उसकी waraḥmatuhu
और रहमत उसकी
مَا ना
ना
زَكَىٰ पाक हो सकता zakā
पाक हो सकता
مِنكُم तुम में से minkum
तुम में से
مِّنْ anyone min
anyone
أَحَدٍ कोई एक aḥadin
कोई एक
أَبَدًۭا कभी भी abadan
कभी भी
وَلَـٰكِنَّ और लेकिन walākinna
और लेकिन
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
يُزَكِّى वो पाक करता है yuzakkī
वो पाक करता है
مَن जिसे man
जिसे
يَشَآءُ ۗ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
سَمِيعٌ ख़ूब सुनने वाला है samīʿun
ख़ूब सुनने वाला है
عَلِيمٌۭ ख़ूब इल्म वाला है ʿalīmun
ख़ूब इल्म वाला है
٢١ (21)
(21)
ऐ ईमान वालो! शैतान के पदचिह्नों पर न चलो और जो शैतान के पदचिह्नों पर चले, तो वह तो अश्लीलता तथा बुराई का आदेश देता है। और यदि तुमपर अल्लाह का अनुग्रह और उसकी दया न होती, तो तुममें से कोई भी कभी पवित्र न होता। परंतु अल्लाह जिसे चाहता है, पवित्र करता है, और अल्लाह सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।
२४:२२
وَلَا और ना walā
और ना
يَأْتَلِ क़सम खाऐं yatali
क़सम खाऐं
أُو۟لُوا۟ साहिबे ulū
साहिबे
ٱلْفَضْلِ फ़ज़ल l-faḍli
फ़ज़ल
مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से
وَٱلسَّعَةِ और वुसअत वाले wal-saʿati
और वुसअत वाले
أَن कि an
कि
يُؤْتُوٓا۟ (ना) वो देंगे yu'tū
(ना) वो देंगे
أُو۟لِى (to) the near of kin ulī
(to) the near of kin
ٱلْقُرْبَىٰ रिश्तेदारों l-qur'bā
रिश्तेदारों
وَٱلْمَسَـٰكِينَ और मिस्कीनों wal-masākīna
और मिस्कीनों
وَٱلْمُهَـٰجِرِينَ और मुहाजिरीन को wal-muhājirīna
और मुहाजिरीन को
فِى in
in
سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way
ٱللَّهِ ۖ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में
وَلْيَعْفُوا۟ और चाहिए कि वो माफ़ कर दें walyaʿfū
और चाहिए कि वो माफ़ कर दें
وَلْيَصْفَحُوٓا۟ ۗ और चाहिए कि वो दरगुज़र करें walyaṣfaḥū
और चाहिए कि वो दरगुज़र करें
أَلَا क्या नहीं alā
क्या नहीं
تُحِبُّونَ तुम पसंद करते tuḥibbūna
तुम पसंद करते
أَن कि an
कि
يَغْفِرَ माफ़ कर दे yaghfira
माफ़ कर दे
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
لَكُمْ ۗ तुम्हें lakum
तुम्हें
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है
رَّحِيمٌ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है
٢٢ (22)
(22)
और तुममें से प्रतिष्ठा और विस्तार वाले (धनी) लोग, नातेदारों और निर्धनों और अल्लाह की राह में हिजरत करने वालों को देने से क़सम न खा लें। और उन्हें चाहिए कि क्षमा कर दें तथा जाने दें! क्या तुम पसंद नहीं करते कि अल्लाह तुम्हें क्षमा कर दे?! और अल्लाह अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।
२४:२३
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो
يَرْمُونَ तोहमत लगाते हैं yarmūna
तोहमत लगाते हैं
ٱلْمُحْصَنَـٰتِ पाकदामन l-muḥ'ṣanāti
पाकदामन
ٱلْغَـٰفِلَـٰتِ बेख़बर/ भोली भाली l-ghāfilāti
बेख़बर/ भोली भाली
ٱلْمُؤْمِنَـٰتِ मोमिन औरतों पर l-mu'mināti
मोमिन औरतों पर
لُعِنُوا۟ वो लानत किए गए luʿinū
वो लानत किए गए
فِى in
in
ٱلدُّنْيَا दुनिया में l-dun'yā
दुनिया में
وَٱلْـَٔاخِرَةِ और आख़िरत में wal-ākhirati
और आख़िरत में
وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए
عَذَابٌ अज़ाब है ʿadhābun
अज़ाब है
عَظِيمٌۭ बहुत बड़ा ʿaẓīmun
बहुत बड़ा
٢٣ (23)
(23)
निःसंदेह जो लोग सच्चरित्रा, भोली-भाली ईमान वाली स्त्रियों पर आरोप लगाते हैं, वे दुनिया एवं आख़िरत में धिक्कार दिए गए और उनके लिए बड़ी यातना है।
२४:२४
يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन
تَشْهَدُ गवाही देंगी tashhadu
गवाही देंगी
عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर
أَلْسِنَتُهُمْ ज़बानें उनकी alsinatuhum
ज़बानें उनकी
وَأَيْدِيهِمْ और हाथ उनके wa-aydīhim
और हाथ उनके
وَأَرْجُلُهُم और पाँव उनके wa-arjuluhum
और पाँव उनके
بِمَا उसकी जो bimā
उसकी जो
كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो
يَعْمَلُونَ वो अमल करते yaʿmalūna
वो अमल करते
٢٤ (24)
(24)
जिस दिन उनकी ज़बानें, उनके हाथ और उनके पैर, उनके विरुद्ध उसकी गवाही देंगे, जो वे किया करते थे।
२४:२५
يَوْمَئِذٍۢ उस दिन yawma-idhin
उस दिन
يُوَفِّيهِمُ पूरा-पूरा देगा उन्हें yuwaffīhimu
पूरा-पूरा देगा उन्हें
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
دِينَهُمُ बदला उनका dīnahumu
बदला उनका
ٱلْحَقَّ दुरुस्त l-ḥaqa
दुरुस्त
وَيَعْلَمُونَ और वो जान लेंगे wayaʿlamūna
और वो जान लेंगे
أَنَّ बेशक anna
बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
هُوَ वो ही huwa
वो ही
ٱلْحَقُّ हक़ है l-ḥaqu
हक़ है
ٱلْمُبِينُ ज़ाहिर करने वाला है l-mubīnu
ज़ाहिर करने वाला है
٢٥ (25)
(25)
उस दिन अल्लाह उन्हें उनका न्यायपूर्ण बदला पूरा-पूरा देगा तथा वे जान लेंगे कि अल्लाह ही सत्य, (तथा सच को) उजागर करने वाला है।
२४:२६
ٱلْخَبِيثَـٰتُ ख़बीस औरतें हैं al-khabīthātu
ख़बीस औरतें हैं
لِلْخَبِيثِينَ ख़बीस मर्दों के लिए lil'khabīthīna
ख़बीस मर्दों के लिए
وَٱلْخَبِيثُونَ और ख़बीस मर्द हैं wal-khabīthūna
और ख़बीस मर्द हैं
لِلْخَبِيثَـٰتِ ۖ ख़बीस औरतों के लिए lil'khabīthāti
ख़बीस औरतों के लिए
وَٱلطَّيِّبَـٰتُ और पाकीज़ा औरतें हैं wal-ṭayibātu
और पाकीज़ा औरतें हैं
لِلطَّيِّبِينَ पाकीज़ा मर्दों के लिए lilṭṭayyibīna
पाकीज़ा मर्दों के लिए
وَٱلطَّيِّبُونَ और पाकीज़ा मर्द हैं wal-ṭayibūna
और पाकीज़ा मर्द हैं
لِلطَّيِّبَـٰتِ ۚ पाकीज़ा औरतों के लिए lilṭṭayyibāti
पाकीज़ा औरतों के लिए
أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं
مُبَرَّءُونَ मुबर्रा/ पाक mubarraūna
मुबर्रा/ पाक
مِمَّا उस से जो mimmā
उस से जो
يَقُولُونَ ۖ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं
لَهُم उनके लिए lahum
उनके लिए
مَّغْفِرَةٌۭ बख़्शिश है maghfiratun
बख़्शिश है
وَرِزْقٌۭ और रिज़्क़ है wariz'qun
और रिज़्क़ है
كَرِيمٌۭ इज़्ज़त वाला karīmun
इज़्ज़त वाला
٢٦ (26)
(26)
अपवित्र स्त्रियाँ, अपवित्र पुरुषों के लिए हैं तथा अपवित्र पुरुष, अपवित्र स्त्रियों के लिए हैं। और पवित्र स्त्रियाँ, पवित्र पुरुषों के लिए हैं तथा पवित्र पुरुष, पवित्र स्त्रियों1 के लिए हैं। ये लोग उससे बरी किए हुए हैं, जो वे कहते हैं। इनके लिए बड़ी क्षमा तथा सम्मान वाली जीविका है।
२४:२७
يَـٰٓأَيُّهَا O you yāayyuhā
O you
ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो
ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो
لَا (Do) not
(Do) not
تَدْخُلُوا۟ ना तुम दाख़िल हो tadkhulū
ना तुम दाख़िल हो
بُيُوتًا घरों में buyūtan
घरों में
غَيْرَ सिवाए ghayra
सिवाए
بُيُوتِكُمْ अपने घरों के buyūtikum
अपने घरों के
حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि
تَسْتَأْنِسُوا۟ तुम उनस हासिल कर लो tastanisū
तुम उनस हासिल कर लो
وَتُسَلِّمُوا۟ और तुम सलाम करो watusallimū
और तुम सलाम करो
عَلَىٰٓ ऊपर ʿalā
ऊपर
أَهْلِهَا ۚ उसके रहने वालों के ahlihā
उसके रहने वालों के
ذَٰلِكُمْ ये बात dhālikum
ये बात
خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है
لَّكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम
تَذَكَّرُونَ तुम नसीहत पकड़ो tadhakkarūna
तुम नसीहत पकड़ो
٢٧ (27)
(27)
ऐ ईमान वालो! अपने घरों के सिवा अन्य घरों में प्रवेश न करो, यहाँ तक कि अनुमति ले लो और उनके रहने वालों को सलाम कर लो।2 यह तुम्हारे लिए उत्तम है, ताकि तुम याद रखो।
२४:२८
فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर
لَّمْ ना lam
ना
تَجِدُوا۟ तुम पाओ tajidū
तुम पाओ
فِيهَآ उनमें fīhā
उनमें
أَحَدًۭا किसी एक को aḥadan
किसी एक को
فَلَا तो ना falā
तो ना
تَدْخُلُوهَا तुम दाख़िल हो उनमें tadkhulūhā
तुम दाख़िल हो उनमें
حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि
يُؤْذَنَ इजाज़त दे दी जाए yu'dhana
इजाज़त दे दी जाए
لَكُمْ ۖ तुम्हें lakum
तुम्हें
وَإِن और अगर wa-in
और अगर
قِيلَ कहा जाए qīla
कहा जाए
لَكُمُ तुम्हें lakumu
तुम्हें
ٱرْجِعُوا۟ वापस जाओ ir'jiʿū
वापस जाओ
فَٱرْجِعُوا۟ ۖ तो वापस चले जाओ fa-ir'jiʿū
तो वापस चले जाओ
هُوَ वो huwa
वो
أَزْكَىٰ ज़्यादा पाकीज़ा है azkā
ज़्यादा पाकीज़ा है
لَكُمْ ۚ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
بِمَا उसे जो bimā
उसे जो
تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो
عَلِيمٌۭ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है
٢٨ (28)
(28)
फिर यदि तुम उनमें किसी को न पाओ, तो उनमें प्रवेश न करो, यहाँ तक कि तुम्हें अनुमति दे दी जाए। और यदि तुमसे कहा जाए कि वापस हो जाओ, तो वापस हो जाओ। यह तुम्हारे लिए अधिक पवित्र है। तथा अल्लाह जो कुछ तुम करते हो, उसे भली-भाँति जानने वाला है।
२४:२९
لَّيْسَ नहीं है laysa
नहीं है
عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर
جُنَاحٌ कोई गुनाह junāḥun
कोई गुनाह
أَن कि an
कि
تَدْخُلُوا۟ तुम दाख़िल हो tadkhulū
तुम दाख़िल हो
بُيُوتًا घरों में buyūtan
घरों में
غَيْرَ ग़ैर ghayra
ग़ैर
مَسْكُونَةٍۢ रिहाइशी maskūnatin
रिहाइशी
فِيهَا जिन में fīhā
जिन में
مَتَـٰعٌۭ फ़ायदा है matāʿun
फ़ायदा है
لَّكُمْ ۚ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
يَعْلَمُ वो जानता है yaʿlamu
वो जानता है
مَا जो कुछ
जो कुछ
تُبْدُونَ तुम ज़ाहिर करते हो tub'dūna
तुम ज़ाहिर करते हो
وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ
تَكْتُمُونَ तुम छुपाते हो taktumūna
तुम छुपाते हो
٢٩ (29)
(29)
तुमपर कोई दोष नहीं कि उन घरों में प्रवेश करो, जिनमें कोई न रहता हो, जिनमें तुम्हारे लाभ की कोई चीज़ हो। और अल्लाह जानता है, जो तुम प्रकट करते हो और जो तुम छिपाते हो।
२४:३०
قُل कह दीजिए qul
कह दीजिए
لِّلْمُؤْمِنِينَ मोमिन मर्दों से lil'mu'minīna
मोमिन मर्दों से
يَغُضُّوا۟ वो पस्त रखें yaghuḍḍū
वो पस्त रखें
مِنْ their gaze min
their gaze
أَبْصَـٰرِهِمْ अपनी निगाहों में से abṣārihim
अपनी निगाहों में से
وَيَحْفَظُوا۟ और वो हिफ़ाज़त करें wayaḥfaẓū
और वो हिफ़ाज़त करें
فُرُوجَهُمْ ۚ अपनी शर्मगाहों की furūjahum
अपनी शर्मगाहों की
ذَٰلِكَ ये dhālika
ये
أَزْكَىٰ ज़्यादा पाकीज़ा है azkā
ज़्यादा पाकीज़ा है
لَهُمْ ۗ उनके लिए lahum
उनके लिए
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
خَبِيرٌۢ ख़ूब ख़बर रखने वाला है khabīrun
ख़ूब ख़बर रखने वाला है
بِمَا उसकी जो bimā
उसकी जो
يَصْنَعُونَ वो करते हैं yaṣnaʿūna
वो करते हैं
٣٠ (30)
(30)
(ऐ नबी!) आप ईमान वाले पुरुषों से कह दें कि अपनी निगाहें नीची रखें और अपने गुप्तांगों की रक्षा करें। यह उनके लिए अधिक पवित्र है। निःसंदेह अल्लाह उससे पूरी तरह अवगत है, जो वे करते हैं।
२४:३१
وَقُل और कह दीजिए waqul
और कह दीजिए
لِّلْمُؤْمِنَـٰتِ मोमिन औरतों से lil'mu'mināti
मोमिन औरतों से
يَغْضُضْنَ वो पस्त रखें yaghḍuḍ'na
वो पस्त रखें
مِنْ [of] min
[of]
أَبْصَـٰرِهِنَّ अपनी निगाहों में से abṣārihinna
अपनी निगाहों में से
وَيَحْفَظْنَ और वो हिफ़ाज़त करें wayaḥfaẓna
और वो हिफ़ाज़त करें
فُرُوجَهُنَّ अपनी शर्मगाहों की furūjahunna
अपनी शर्मगाहों की
وَلَا और ना walā
और ना
يُبْدِينَ वो ज़ाहिर करें yub'dīna
वो ज़ाहिर करें
زِينَتَهُنَّ ज़ीनत अपनी zīnatahunna
ज़ीनत अपनी
إِلَّا मगर illā
मगर
مَا जो
जो
ظَهَرَ ज़हिर हो जाए ẓahara
ज़हिर हो जाए
مِنْهَا ۖ उस में से min'hā
उस में से
وَلْيَضْرِبْنَ और वो ज़रूर डालें walyaḍrib'na
और वो ज़रूर डालें
بِخُمُرِهِنَّ ओढ़नियाँ अपनी bikhumurihinna
ओढ़नियाँ अपनी
عَلَىٰ over ʿalā
over
جُيُوبِهِنَّ ۖ अपने गिरेबानों पर juyūbihinna
अपने गिरेबानों पर
وَلَا और ना walā
और ना
يُبْدِينَ वो ज़ाहिर करें yub'dīna
वो ज़ाहिर करें
زِينَتَهُنَّ ज़ीनत अपनी zīnatahunna
ज़ीनत अपनी
إِلَّا मगर illā
मगर
لِبُعُولَتِهِنَّ वास्ते अपने शौहरों को libuʿūlatihinna
वास्ते अपने शौहरों को
أَوْ या aw
या
ءَابَآئِهِنَّ अपने बापों के ābāihinna
अपने बापों के
أَوْ या aw
या
ءَابَآءِ fathers ābāi
fathers
بُعُولَتِهِنَّ अपने शौहरों के बापों के buʿūlatihinna
अपने शौहरों के बापों के
أَوْ या aw
या
أَبْنَآئِهِنَّ अपने बेटों के abnāihinna
अपने बेटों के
أَوْ या aw
या
أَبْنَآءِ sons abnāi
sons
بُعُولَتِهِنَّ अपने शौहरों के बेटों के buʿūlatihinna
अपने शौहरों के बेटों के
أَوْ या aw
या
إِخْوَٰنِهِنَّ अपने भाईयों के ikh'wānihinna
अपने भाईयों के
أَوْ या aw
या
بَنِىٓ sons banī
sons
إِخْوَٰنِهِنَّ अपने भाईयों के बेटों के ikh'wānihinna
अपने भाईयों के बेटों के
أَوْ या aw
या
بَنِىٓ sons banī
sons
أَخَوَٰتِهِنَّ अपनी बहनों के बेटों के akhawātihinna
अपनी बहनों के बेटों के
أَوْ या aw
या
نِسَآئِهِنَّ अपनी औरतों के nisāihinna
अपनी औरतों के
أَوْ या aw
या
مَا जिनके
जिनके
مَلَكَتْ मालिक हुए malakat
मालिक हुए
أَيْمَـٰنُهُنَّ उनके दाऐं हाथ aymānuhunna
उनके दाऐं हाथ
أَوِ या awi
या
ٱلتَّـٰبِعِينَ ज़ेरदस्त l-tābiʿīna
ज़ेरदस्त
غَيْرِ ना ghayri
ना
أُو۟لِى रखने वाले ulī
रखने वाले
ٱلْإِرْبَةِ हाजत/ ख़्वाहिश l-ir'bati
हाजत/ ख़्वाहिश
مِنَ among mina
among
ٱلرِّجَالِ मर्दों में से l-rijāli
मर्दों में से
أَوِ या awi
या
ٱلطِّفْلِ लड़के l-ṭif'li
लड़के
ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो
لَمْ नहीं lam
नहीं
يَظْهَرُوا۟ वो वाक़िफ़ हुए yaẓharū
वो वाक़िफ़ हुए
عَلَىٰ of ʿalā
of
عَوْرَٰتِ छुपी बातों पर ʿawrāti
छुपी बातों पर
ٱلنِّسَآءِ ۖ औरतों की l-nisāi
औरतों की
وَلَا और ना walā
और ना
يَضْرِبْنَ वो मारें yaḍrib'na
वो मारें
بِأَرْجُلِهِنَّ पाँव अपने bi-arjulihinna
पाँव अपने
لِيُعْلَمَ कि जान लिया जाए liyuʿ'lama
कि जान लिया जाए
مَا जो
जो
يُخْفِينَ वो छुपाती हैं yukh'fīna
वो छुपाती हैं
مِن of min
of
زِينَتِهِنَّ ۚ अपनी ज़ीनत में से zīnatihinna
अपनी ज़ीनत में से
وَتُوبُوٓا۟ और तौबा करो watūbū
और तौबा करो
إِلَى to ilā
to
ٱللَّهِ तरफ़ अल्लाह के l-lahi
तरफ़ अल्लाह के
جَمِيعًا सब के सब jamīʿan
सब के सब
أَيُّهَ ayyuha
ٱلْمُؤْمِنُونَ मोमिनो l-mu'minūna
मोमिनो
لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम
تُفْلِحُونَ तुम फ़लाह पाओ tuf'liḥūna
तुम फ़लाह पाओ
٣١ (31)
(31)
और ईमान वाली स्त्रियों से कह दें कि अपनी निगाहें नीची रखें और अपने गुप्तांगों की रक्षा करें। और अपने श्रृंगार1 का प्रदर्शन न करें, सिवाय उसके जो उसमें से प्रकट हो जाए। तथा अपनी ओढ़नियाँ अपने सीनों पर डाले रहें। और अपने श्रृंगार को ज़ाहिर न करें, परंतु अपने पतियों के लिए, या अपने पिताओं, या अपने पतियों के पिताओं, या अपने बेटों2, या अपने पतियों के बेटों, या अपने भाइयों3, या अपने भतीजों, या अपने भाँजों4, या अपनी स्त्रियों5, या अपने दास-दासियों, या अधीन रहने वाले पुरुषों6 के लिए जो कामवासना वाले नहीं, या उन लड़कों के लिए जो स्त्रियों की पर्दे की बातों से परिचित नहीं हुए। तथा अपने पैर (धरती पर) न मारें, ताकि उनका वह श्रृंगार मालूम हो जाए, जो वह छिपाती हैं। और ऐ ईमान वालो! तुम सब अल्लाह से तौबा करो, ताकि तुम सफल हो जाओ।
२४:३२
وَأَنكِحُوا۟ और निकाह कर दो wa-ankiḥū
और निकाह कर दो
ٱلْأَيَـٰمَىٰ बेनिकाहों का l-ayāmā
बेनिकाहों का
مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से
وَٱلصَّـٰلِحِينَ और जो नेक हों wal-ṣāliḥīna
और जो नेक हों
مِنْ among min
among
عِبَادِكُمْ तुम्हारे ग़ुलामों में से ʿibādikum
तुम्हारे ग़ुलामों में से
وَإِمَآئِكُمْ ۚ और तुम्हारी लौंडियों में से wa-imāikum
और तुम्हारी लौंडियों में से
إِن अगर in
अगर
يَكُونُوا۟ होंगे वो yakūnū
होंगे वो
فُقَرَآءَ मोहताज fuqarāa
मोहताज
يُغْنِهِمُ ग़नी कर देगा उन्हें yugh'nihimu
ग़नी कर देगा उन्हें
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
مِن from min
from
فَضْلِهِۦ ۗ अपने फ़ज़ल से faḍlihi
अपने फ़ज़ल से
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
وَٰسِعٌ ख़ूब वुसअत वाला है wāsiʿun
ख़ूब वुसअत वाला है
عَلِيمٌۭ ख़ूब इल्म वाला है ʿalīmun
ख़ूब इल्म वाला है
٣٢ (32)
(32)
तथा तुम अपने में से अविवाहित पुरुषों तथा स्त्रियों का निकाह कर दो1, और अपने दासों और अपनी दासियों में से जो सदाचारी हैं उनका भी (विवाह कर दो)। यदि वे निर्धन होंगे, तो अल्लाह उन्हें अपने अनुग्रह से धनी बना देगा। और अल्लाह विस्तार वाला, सब कुछ जानने वाला है।
२४:३३
وَلْيَسْتَعْفِفِ और ज़रूर पाकदामनी इख़्तियार करें walyastaʿfifi
और ज़रूर पाकदामनी इख़्तियार करें
ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो
لَا (do) not
(do) not
يَجِدُونَ नहीं वो पाते(वुसअत) yajidūna
नहीं वो पाते(वुसअत)
نِكَاحًا निकाह की nikāḥan
निकाह की
حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि
يُغْنِيَهُمُ ग़नी कर दे उन्हें yugh'niyahumu
ग़नी कर दे उन्हें
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
مِن from min
from
فَضْلِهِۦ ۗ अपने फ़ज़ल से faḍlihi
अपने फ़ज़ल से
وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो
يَبْتَغُونَ चाहते हों yabtaghūna
चाहते हों
ٱلْكِتَـٰبَ मुकातबत/आज़ादी की तहरीर l-kitāba
मुकातबत/आज़ादी की तहरीर
مِمَّا उनमें से जिनके mimmā
उनमें से जिनके
مَلَكَتْ मालिक हैं malakat
मालिक हैं
أَيْمَـٰنُكُمْ दाऐं हाथ तुम्हारे aymānukum
दाऐं हाथ तुम्हारे
فَكَاتِبُوهُمْ तो मुकातबत कर लो उनसे fakātibūhum
तो मुकातबत कर लो उनसे
إِنْ अगर in
अगर
عَلِمْتُمْ जानो तुम ʿalim'tum
जानो तुम
فِيهِمْ उनमें fīhim
उनमें
خَيْرًۭا ۖ कोई भलाई khayran
कोई भलाई
وَءَاتُوهُم और दो उन्हें waātūhum
और दो उन्हें
مِّن from min
from
مَّالِ माल से māli
माल से
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
ٱلَّذِىٓ वो जो alladhī
वो जो
ءَاتَىٰكُمْ ۚ उसने दिया है तुम्हें ātākum
उसने दिया है तुम्हें
وَلَا और ना walā
और ना
تُكْرِهُوا۟ तुम मजबूर करो tuk'rihū
तुम मजबूर करो
فَتَيَـٰتِكُمْ अपना बाँदियों को fatayātikum
अपना बाँदियों को
عَلَى to ʿalā
to
ٱلْبِغَآءِ बदकारी पर l-bighāi
बदकारी पर
إِنْ अगर in
अगर
أَرَدْنَ वो चाहें aradna
वो चाहें
تَحَصُّنًۭا पाकदामनी taḥaṣṣunan
पाकदामनी
لِّتَبْتَغُوا۟ ताकि तुम तलाश करो litabtaghū
ताकि तुम तलाश करो
عَرَضَ सामान ʿaraḍa
सामान
ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी का l-ḥayati
ज़िन्दगी का
ٱلدُّنْيَا ۚ दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की
وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई
يُكْرِههُّنَّ मजबूर करेगा उन्हें yuk'rihhunna
मजबूर करेगा उन्हें
فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
مِنۢ after min
after
بَعْدِ बाद baʿdi
बाद
إِكْرَٰهِهِنَّ उनको मजबूर करने के ik'rāhihinna
उनको मजबूर करने के
غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है
رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है
٣٣ (33)
(33)
और उन लोगों को (बहुत) पवित्र रहना चाहिए, जो विवाह का सामर्थ्य नहीं रखते, यहाँ तक कि अल्लाह उन्हें अपने अनुग्रह से समृद्ध कर दे। तथा तुम्हारे दास-दासियों में से जो लोग मुक्ति के लिए लेख की माँग करें, तो तुम उन्हें लिख दो, यदि तुम उनमें कुछ भलाई1 जानो। और उन्हें अल्लाह के उस माल में से दो, जो उसने तुम्हें प्रदान किया है। तथा अपनी दासियों को वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर न करो, यदि वे पवित्र रहना चाहें2, ताकि तुम सांसारिक जीवन का सामान प्राप्त करो। और जो उन्हें मजबूर करेगा, तो निश्चय अल्लाह उनके मजबूर किए जाने के बाद3, अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।
२४:३४
وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़
أَنزَلْنَآ नाज़िल कीं हमने anzalnā
नाज़िल कीं हमने
إِلَيْكُمْ तरफ़ तुम्हारे ilaykum
तरफ़ तुम्हारे
ءَايَـٰتٍۢ आयात āyātin
आयात
مُّبَيِّنَـٰتٍۢ वाज़ेह mubayyinātin
वाज़ेह
وَمَثَلًۭا और मिसाल wamathalan
और मिसाल
مِّنَ of mina
of
ٱلَّذِينَ उन लोगों की जो alladhīna
उन लोगों की जो
خَلَوْا۟ गुज़र चुके khalaw
गुज़र चुके
مِن before you min
before you
قَبْلِكُمْ तुम से पहले qablikum
तुम से पहले
وَمَوْعِظَةًۭ और नसीहत wamawʿiẓatan
और नसीहत
لِّلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों के लिए lil'muttaqīna
मुत्तक़ी लोगों के लिए
٣٤ (34)
(34)
तथा निःसंदेह हमने तुम्हारी ओर स्पष्ट आयतें और तुमसे पहले गुज़रे हुए लोगों का उदाहरण और डरने वालों के लिए शिक्षा उतारी है।
२४:३५
۞ ٱللَّهُ अल्लाह al-lahu
अल्लाह
نُورُ नूर है nūru
नूर है
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों
وَٱلْأَرْضِ ۚ और ज़मीन का wal-arḍi
और ज़मीन का
مَثَلُ मिसाल mathalu
मिसाल
نُورِهِۦ उसके नूर की nūrihi
उसके नूर की
كَمِشْكَوٰةٍۢ मानिन्द ताक़ के kamish'katin
मानिन्द ताक़ के
فِيهَا जिसमें fīhā
जिसमें
مِصْبَاحٌ ۖ एक चिराग़ है miṣ'bāḥun
एक चिराग़ है
ٱلْمِصْبَاحُ वो चिराग़ l-miṣ'bāḥu
वो चिराग़
فِى (is) in
(is) in
زُجَاجَةٍ ۖ शीशे में है zujājatin
शीशे में है
ٱلزُّجَاجَةُ वो शीशा l-zujājatu
वो शीशा
كَأَنَّهَا गोया कि वो ka-annahā
गोया कि वो
كَوْكَبٌۭ तारा है kawkabun
तारा है
دُرِّىٌّۭ चमकता हुआ durriyyun
चमकता हुआ
يُوقَدُ जो रौशन किया जाता है yūqadu
जो रौशन किया जाता है
مِن from min
from
شَجَرَةٍۢ एक दरख़्त से shajaratin
एक दरख़्त से
مُّبَـٰرَكَةٍۢ बाबरकत mubārakatin
बाबरकत
زَيْتُونَةٍۢ ज़ैतून के zaytūnatin
ज़ैतून के
لَّا not
not
شَرْقِيَّةٍۢ ना मशरिक़ी है sharqiyyatin
ना मशरिक़ी है
وَلَا और ना walā
और ना
غَرْبِيَّةٍۢ मग़रिबी gharbiyyatin
मग़रिबी
يَكَادُ क़रीब है कि yakādu
क़रीब है कि
زَيْتُهَا तेल उसका zaytuhā
तेल उसका
يُضِىٓءُ वो रौशन हो जाए yuḍīu
वो रौशन हो जाए
وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे
لَمْ ना lam
ना
تَمْسَسْهُ छुए उसे tamsashu
छुए उसे
نَارٌۭ ۚ कोई आग nārun
कोई आग
نُّورٌ नूर है nūrun
नूर है
عَلَىٰ upon ʿalā
upon
نُورٍۢ ۗ ऊपर नूर के nūrin
ऊपर नूर के
يَهْدِى रहनुमाई करता है yahdī
रहनुमाई करता है
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
لِنُورِهِۦ अपने नूर के लिए linūrihi
अपने नूर के लिए
مَن जिसकी man
जिसकी
يَشَآءُ ۚ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है
وَيَضْرِبُ और बयान करता है wayaḍribu
और बयान करता है
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
ٱلْأَمْثَـٰلَ मिसालें l-amthāla
मिसालें
لِلنَّاسِ ۗ लोगों के लिए lilnnāsi
लोगों के लिए
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
بِكُلِّ हर bikulli
हर
شَىْءٍ चीज़ को shayin
चीज़ को
عَلِيمٌۭ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है
٣٥ (35)
(35)
अल्लाह आकाशों तथा धरती का1 प्रकाश है। उसके प्रकाश की मिसाल एक ताक़ की तरह है, जिसमें एक दीप है। वह दीप (काँच के) एक फानूस में है। वह फानूस गोया चमकता हुआ तारा है। वह (दीप) एक बरकत वाले वृक्ष 'ज़ैतून' (के तेल) से जलाया जाता है, जो न पूर्वी है और न पश्चिमी। उसका तेल निकट है कि (स्वयं) प्रकाश देने लगे, यद्यपि उसे आग ने न छुआ हो। प्रकाश पर प्रकाश है। अल्लाह अपने प्रकाश की ओर जिसका चाहता है, मार्गदर्शन करता है। और अल्लाह लोगों के लिए मिसालें प्रस्तुत करता है। और अल्लाह प्रत्येक चीज़ को भली-भाँति जानने वाला है।
२४:३६
فِى In
In
بُيُوتٍ घरों में buyūtin
घरों में
أَذِنَ हुक्म दिया adhina
हुक्म दिया
ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने
أَن कि an
कि
تُرْفَعَ बुलन्द किया जाए tur'faʿa
बुलन्द किया जाए
وَيُذْكَرَ और ज़िक्र किया जाए wayudh'kara
और ज़िक्र किया जाए
فِيهَا उनमें fīhā
उनमें
ٱسْمُهُۥ नाम उसका us'muhu
नाम उसका
يُسَبِّحُ वो तस्बीह करते हैं yusabbiḥu
वो तस्बीह करते हैं
لَهُۥ उसकी lahu
उसकी
فِيهَا उनमें fīhā
उनमें
بِٱلْغُدُوِّ सुबह bil-ghuduwi
सुबह
وَٱلْـَٔاصَالِ और शाम wal-āṣāli
और शाम
٣٦ (36)
(36)
(यह चिराग़) उन महान घरों1 में (जलाया जाता है), जिनके बारे में अल्लाह ने आदेश दिया है कि वे ऊँचे किए जाएँ और उनमें उसका नाम याद किया जाए। उनमें सुबह और शाम उसकी महिमा का गान करते हैं।
२४:३७
رِجَالٌۭ वो मर्द rijālun
वो मर्द
لَّا not
not
تُلْهِيهِمْ नहीं ग़ाफ़िल करती उन्हें tul'hīhim
नहीं ग़ाफ़िल करती उन्हें
تِجَـٰرَةٌۭ तिजारत tijāratun
तिजारत
وَلَا और ना walā
और ना
بَيْعٌ ख़रीदो फ़रोख़्त bayʿun
ख़रीदो फ़रोख़्त
عَن from ʿan
from
ذِكْرِ ज़िक्र से dhik'ri
ज़िक्र से
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
وَإِقَامِ और क़ायम करने से wa-iqāmi
और क़ायम करने से
ٱلصَّلَوٰةِ नमाज़ के l-ṣalati
नमाज़ के
وَإِيتَآءِ और अदा करने से waītāi
और अदा करने से
ٱلزَّكَوٰةِ ۙ ज़कात के l-zakati
ज़कात के
يَخَافُونَ वो डरते हैं yakhāfūna
वो डरते हैं
يَوْمًۭا उस दिन से yawman
उस दिन से
تَتَقَلَّبُ उलट-पलट हो जाऐंगे tataqallabu
उलट-पलट हो जाऐंगे
فِيهِ जिसमें fīhi
जिसमें
ٱلْقُلُوبُ दिल l-qulūbu
दिल
وَٱلْأَبْصَـٰرُ और निगाहें wal-abṣāru
और निगाहें
٣٧ (37)
(37)
ऐसे लोग, जिन्हें व्यापार तथा क्रय-विक्रय अल्लाह के स्मरण, नमाज़ क़ायम करने और ज़कात देने से ग़ाफ़िल नहीं करता। वे उस दिन1 से डरते हैं, जिसमें दिल तथा आँखें उलट जाएँगी।
२४:३८
لِيَجْزِيَهُمُ ताकि बदला दे उन्हें liyajziyahumu
ताकि बदला दे उन्हें
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
أَحْسَنَ बेहतरीन aḥsana
बेहतरीन
مَا उसका जो
उसका जो
عَمِلُوا۟ उन्होंने अमल किए ʿamilū
उन्होंने अमल किए
وَيَزِيدَهُم और ज़्यादा दे उन्हें wayazīdahum
और ज़्यादा दे उन्हें
مِّن from min
from
فَضْلِهِۦ ۗ अपने फ़ज़ल से faḍlihi
अपने फ़ज़ल से
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
يَرْزُقُ वो रिज़्क़ देता है yarzuqu
वो रिज़्क़ देता है
مَن जिसे man
जिसे
يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है
بِغَيْرِ बग़ैर bighayri
बग़ैर
حِسَابٍۢ हिसाब के ḥisābin
हिसाब के
٣٨ (38)
(38)
ताकि अल्लाह उन्हें उसका सर्वश्रेष्ठ बदला दे जो उन्होंने किया, और उन्हें अपने अनुग्रह से अधिक प्रदान करे और अल्लाह जिसे चाहता है, बेहिसाब जीविका देता है।
२४:३९
وَٱلَّذِينَ और वो जिन्होंने wa-alladhīna
और वो जिन्होंने
كَفَرُوٓا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया
أَعْمَـٰلُهُمْ आमाल उनके aʿmāluhum
आमाल उनके
كَسَرَابٍۭ मानिन्द सराब के हैं kasarābin
मानिन्द सराब के हैं
بِقِيعَةٍۢ चटियल मैदान में biqīʿatin
चटियल मैदान में
يَحْسَبُهُ समझता है उसे yaḥsabuhu
समझता है उसे
ٱلظَّمْـَٔانُ सख़्त प्यासा l-ẓamānu
सख़्त प्यासा
مَآءً पानी māan
पानी
حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि
إِذَا जब idhā
जब
جَآءَهُۥ वो आता है उसके पास jāahu
वो आता है उसके पास
لَمْ नहीं lam
नहीं
يَجِدْهُ वो पाता उसे yajid'hu
वो पाता उसे
شَيْـًۭٔا कुछ भी shayan
कुछ भी
وَوَجَدَ और पाता है wawajada
और पाता है
ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को
عِندَهُۥ अपने पास ʿindahu
अपने पास
فَوَفَّىٰهُ फिर वो पूरा-पूरा देता है उसे fawaffāhu
फिर वो पूरा-पूरा देता है उसे
حِسَابَهُۥ ۗ हिसाब उसका ḥisābahu
हिसाब उसका
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
سَرِيعُ जल्द लेने वाला है sarīʿu
जल्द लेने वाला है
ٱلْحِسَابِ हिसाब l-ḥisābi
हिसाब
٣٩ (39)
(39)
तथा जिन लोगों ने कुफ़्र किया1, उनके कर्म किसी चटियल मैदान में एक सराब (मरीचिका)2 की तरह हैं, जिसे सख़्त प्यासा आदमी पानी समझता है। यहाँ तक कि जब उसके पास आता है, तो उसे कुछ भी नहीं पाता और अल्लाह को अपने पास पाता है, तो वह उसे उसका हिसाब पूरा चुका देता है। और अल्लाह बहुत जल्द हिसाब करने वाला है।
२४:४०
أَوْ या aw
या
كَظُلُمَـٰتٍۢ मानिन्द अंधेरों के kaẓulumātin
मानिन्द अंधेरों के
فِى in
in
بَحْرٍۢ समुन्दर में baḥrin
समुन्दर में
لُّجِّىٍّۢ निहायत गहरे lujjiyyin
निहायत गहरे
يَغْشَىٰهُ ढाँप लेती है उसे yaghshāhu
ढाँप लेती है उसे
مَوْجٌۭ मौज mawjun
मौज
مِّن on it min
on it
فَوْقِهِۦ उसके ऊपर से fawqihi
उसके ऊपर से
مَوْجٌۭ एक( और) मौज mawjun
एक( और) मौज
مِّن on it min
on it
فَوْقِهِۦ उसके ऊपर से fawqihi
उसके ऊपर से
سَحَابٌۭ ۚ बादल saḥābun
बादल
ظُلُمَـٰتٌۢ अंधेरे हैं ẓulumātun
अंधेरे हैं
بَعْضُهَا बाज़ उनके baʿḍuhā
बाज़ उनके
فَوْقَ ऊपर हैं fawqa
ऊपर हैं
بَعْضٍ बाज़ के baʿḍin
बाज़ के
إِذَآ जब idhā
जब
أَخْرَجَ वो निकाले akhraja
वो निकाले
يَدَهُۥ हाथ अपना yadahu
हाथ अपना
لَمْ नहीं lam
नहीं
يَكَدْ वो क़रीब कि yakad
वो क़रीब कि
يَرَىٰهَا ۗ वो देख सके उसे yarāhā
वो देख सके उसे
وَمَن और वो जो waman
और वो जो
لَّمْ नहीं lam
नहीं
يَجْعَلِ बनाया yajʿali
बनाया
ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने
لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए
نُورًۭا कोई नूर nūran
कोई नूर
فَمَا तो नहीं famā
तो नहीं
لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए
مِن (is) any min
(is) any
نُّورٍ कोई नूर nūrin
कोई नूर
٤٠ (40)
(40)
अथवा (उनके कर्म) उन अँधेरों के समान हैं, जो अत्यंत गहरे सागर में हों, जिसे एक लहर ढाँप रही हो, जिसके ऊपर एक और लहर हो, जिसके ऊपर एक बादल हो, कई अँधेरे हों, जिनमें से कुछ, कुछ के ऊपर हों। जब (इन अँधेरों में फँसा हुआ व्यक्ति) अपना हाथ निकाले, तो क़रीब नहीं कि उसे देख पाए। और वह व्यक्ति जिसके लिए अल्लाह प्रकाश न बनाए, तो उसके लिए कोई भी प्रकाश1 नहीं।
२४:४१
أَلَمْ क्या नहीं alam
क्या नहीं
تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा
أَنَّ कि बेशक anna
कि बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
يُسَبِّحُ तस्बीह करता है yusabbiḥu
तस्बीह करता है
لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए
مَن जो कोई man
जो कोई
فِى (is) in
(is) in
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में
وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन में है wal-arḍi
और ज़मीन में है
وَٱلطَّيْرُ और परिन्दे (भी) wal-ṭayru
और परिन्दे (भी)
صَـٰٓفَّـٰتٍۢ ۖ पर फैलाए ṣāffātin
पर फैलाए
كُلٌّۭ हर एक ने kullun
हर एक ने
قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़
عَلِمَ जान ली है ʿalima
जान ली है
صَلَاتَهُۥ नमाज़ अपनी ṣalātahu
नमाज़ अपनी
وَتَسْبِيحَهُۥ ۗ और तस्बीह अपनी watasbīḥahu
और तस्बीह अपनी
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
عَلِيمٌۢ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है
بِمَا उसे जो bimā
उसे जो
يَفْعَلُونَ वो कर रहे हैं yafʿalūna
वो कर रहे हैं
٤١ (41)
(41)
क्या आपने नहीं देखा कि अल्लाह ही की पवित्रता का गान करते हैं, जो आकाशों तथा धरती में हैं तथा पंख फैलाए हुए पक्षी (भी)? प्रत्येक ने निश्चय अपनी नमाज़ और पवित्रता गान को जान लिया1 है। और अल्लाह उसे भली-भाँति जानने वाला है, जो वे करते हैं।
२४:४२
وَلِلَّهِ और अल्लाह ही के लिए है walillahi
और अल्लाह ही के लिए है
مُلْكُ बादशाहत mul'ku
बादशाहत
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों
وَٱلْأَرْضِ ۖ और ज़मीन की wal-arḍi
और ज़मीन की
وَإِلَى And to wa-ilā
And to
ٱللَّهِ और अल्लाह ही की तरफ़ l-lahi
और अल्लाह ही की तरफ़
ٱلْمَصِيرُ लौटना है l-maṣīru
लौटना है
٤٢ (42)
(42)
और अल्लाह ही के लिए आकाशों तथा धरती का राज्य है और अल्लाह ही की ओर लौटकर1 जाना है।
२४:४३
أَلَمْ क्या नहीं alam
क्या नहीं
تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा
أَنَّ कि बेशक anna
कि बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
يُزْجِى वो चलाता है yuz'jī
वो चलाता है
سَحَابًۭا बादल को saḥāban
बादल को
ثُمَّ फिर thumma
फिर
يُؤَلِّفُ वो मिला देता है (उन्हें) yu-allifu
वो मिला देता है (उन्हें)
بَيْنَهُۥ आपस में baynahu
आपस में
ثُمَّ फिर thumma
फिर
يَجْعَلُهُۥ वो कर देता है उसे yajʿaluhu
वो कर देता है उसे
رُكَامًۭا तह ब तह rukāman
तह ब तह
فَتَرَى तो आप देखते हैं fatarā
तो आप देखते हैं
ٱلْوَدْقَ बारिश l-wadqa
बारिश
يَخْرُجُ निकलती है yakhruju
निकलती है
مِنْ from min
from
خِلَـٰلِهِۦ उसके दर्मियान से khilālihi
उसके दर्मियान से
وَيُنَزِّلُ और वो उतारता है wayunazzilu
और वो उतारता है
مِنَ from mina
from
ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से
مِن [from] min
[from]
جِبَالٍۢ पहाड़ों से jibālin
पहाड़ों से
فِيهَا उसमें fīhā
उसमें
مِنۢ [of] min
[of]
بَرَدٍۢ कुछ ओले baradin
कुछ ओले
فَيُصِيبُ फिर वो पहुँचाता है fayuṣību
फिर वो पहुँचाता है
بِهِۦ उसे bihi
उसे
مَن जिसे man
जिसे
يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है
وَيَصْرِفُهُۥ और वो फेर देता है उसे wayaṣrifuhu
और वो फेर देता है उसे
عَن from ʿan
from
مَّن जिस से man
जिस से
يَشَآءُ ۖ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है
يَكَادُ क़रीब है कि yakādu
क़रीब है कि
سَنَا चमक sanā
चमक
بَرْقِهِۦ उसकी बिजली की barqihi
उसकी बिजली की
يَذْهَبُ वो ले जाए yadhhabu
वो ले जाए
بِٱلْأَبْصَـٰرِ निगाहों को bil-abṣāri
निगाहों को
٤٣ (43)
(43)
क्या आपने नहीं देखा कि अल्लाह बादल को चलाता है। फिर उसे परस्पर मिलाता है। फिर उसे तह-ब-तह कर देता है। फिर आप बारिश को देखते हैं कि उसके बीच से निकल रही है। और वह आकाश से उसमें (मौजूद) पर्वतों जैसे बादलों से ओले बरसाता है। फिर जिसपर चाहता है, उन्हें गिराता है और जिससे चाहता है, उन्हें फेर देता है। निकट है कि उसकी बिजली की चमक आँखों को ले जाए।
२४:४४
يُقَلِّبُ उलट-पलट करता है yuqallibu
उलट-पलट करता है
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
ٱلَّيْلَ रात al-layla
रात
وَٱلنَّهَارَ ۚ और दिन को wal-nahāra
और दिन को
إِنَّ यक़ीनन inna
यक़ीनन
فِى in
in
ذَٰلِكَ इसमें dhālika
इसमें
لَعِبْرَةًۭ अलबत्ता इब्रत है laʿib'ratan
अलबत्ता इब्रत है
لِّأُو۟لِى for those who have vision li-ulī
for those who have vision
ٱلْأَبْصَـٰرِ अहले बसीरत के लिए l-abṣāri
अहले बसीरत के लिए
٤٤ (44)
(44)
अल्लाह ही रात और दिन को बदलता1 रहता है। बेशक इसमें समझ-बूझ वालों के लिए निश्चय बड़ी शिक्षा है।
२४:४५
وَٱللَّهُ और अल्लाह ने wal-lahu
और अल्लाह ने
خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया
كُلَّ हर kulla
हर
دَآبَّةٍۢ जानदार को dābbatin
जानदार को
مِّن from min
from
مَّآءٍۢ ۖ पानी से māin
पानी से
فَمِنْهُم तो उनमें से कोई है famin'hum
तो उनमें से कोई है
مَّن जो man
जो
يَمْشِى चलता है yamshī
चलता है
عَلَىٰ on ʿalā
on
بَطْنِهِۦ अपने पेट पर baṭnihi
अपने पेट पर
وَمِنْهُم और उनमें से कोई है wamin'hum
और उनमें से कोई है
مَّن जो man
जो
يَمْشِى चलता है yamshī
चलता है
عَلَىٰ on ʿalā
on
رِجْلَيْنِ दो पाँव पर rij'layni
दो पाँव पर
وَمِنْهُم और उनमें से कोई है wamin'hum
और उनमें से कोई है
مَّن जो man
जो
يَمْشِى चलता है yamshī
चलता है
عَلَىٰٓ on ʿalā
on
أَرْبَعٍۢ ۚ चार (पाँव) पर arbaʿin
चार (पाँव) पर
يَخْلُقُ पैदा करता है yakhluqu
पैदा करता है
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
مَا जो
जो
يَشَآءُ ۚ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर
كُلِّ हर kulli
हर
شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के
قَدِيرٌۭ ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है qadīrun
ख़ूब क़ुदरत रखने वाला है
٤٥ (45)
(45)
अल्लाह ही ने प्रत्येक जीवधारी को पानी से पैदा किया। तो उनमें से कुछ अपने पेट के बल चलते हैं और उनमें से कुछ दो पैरों पर चलते हैं तथा उनमें से कुछ चार (पैरों) पर चलते हैं। अल्लाह जो चाहता है, पैदा करता है। निःसंदेह अल्लाह हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है।
२४:४६
لَّقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़
أَنزَلْنَآ नाज़िल कीं हमने anzalnā
नाज़िल कीं हमने
ءَايَـٰتٍۢ आयात āyātin
आयात
مُّبَيِّنَـٰتٍۢ ۚ वाज़ेह mubayyinātin
वाज़ेह
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
يَهْدِى वो हिदायत देता है yahdī
वो हिदायत देता है
مَن जिसे man
जिसे
يَشَآءُ वो चाहता है yashāu
वो चाहता है
إِلَىٰ to ilā
to
صِرَٰطٍۢ तरफ़ रास्ते ṣirāṭin
तरफ़ रास्ते
مُّسْتَقِيمٍۢ सीधे के mus'taqīmin
सीधे के
٤٦ (46)
(46)
निःसंदेह हमने स्पष्ट आयतें (क़ुरआन) अवतरित कर दी हैं और अल्लाह जिसे चाहता है, सीधा मार्ग दिखा देता है।
२४:४७
وَيَقُولُونَ और वो कहते हैं wayaqūlūna
और वो कहते हैं
ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम
بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर
وَبِٱلرَّسُولِ और रसूल पर wabil-rasūli
और रसूल पर
وَأَطَعْنَا और इताअत की हमने wa-aṭaʿnā
और इताअत की हमने
ثُمَّ फिर thumma
फिर
يَتَوَلَّىٰ मुँह फेर लेता है yatawallā
मुँह फेर लेता है
فَرِيقٌۭ एक गिरोह farīqun
एक गिरोह
مِّنْهُم उनमें से min'hum
उनमें से
مِّنۢ after min
after
بَعْدِ बाद baʿdi
बाद
ذَٰلِكَ ۚ इसके dhālika
इसके
وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं
أُو۟لَـٰٓئِكَ ये लोग ulāika
ये लोग
بِٱلْمُؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले bil-mu'minīna
ईमान लाने वाले
٤٧ (47)
(47)
और वे1 कहते हैं कि हम अल्लाह पर तथा रसूल पर ईमान लाए और हमने आज्ञापालन किया। फिर इसके बाद उनमें से एक गिरोह मुँह फेर लेता है। और ये लोग ईमान वाले नहीं हैं।
२४:४८
وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब
دُعُوٓا۟ वो बुलाए जाते हैं duʿū
वो बुलाए जाते हैं
إِلَى to ilā
to
ٱللَّهِ तरफ़ अल्लाह के l-lahi
तरफ़ अल्लाह के
وَرَسُولِهِۦ और उसके रसूल के warasūlihi
और उसके रसूल के
لِيَحْكُمَ ताकि वो फ़ैसला करे liyaḥkuma
ताकि वो फ़ैसला करे
بَيْنَهُمْ दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके
إِذَا तब idhā
तब
فَرِيقٌۭ एक गिरोह (के लोग) farīqun
एक गिरोह (के लोग)
مِّنْهُم उनमें से min'hum
उनमें से
مُّعْرِضُونَ ऐराज़ करने वाले होते हैं muʿ'riḍūna
ऐराज़ करने वाले होते हैं
٤٨ (48)
(48)
और जब वे अल्लाह तथा उसके रसूल की ओर बुलाए जाते हैं, ताकि वह (रसूल) उनके बीच (विवाद का) निर्णय करें, तो अचानक उनमें से एक गिरोह मुँह फेरने वाला होता है।
२४:४९
وَإِن और अगर wa-in
और अगर
يَكُن हो yakun
हो
لَّهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए
ٱلْحَقُّ हक़ l-ḥaqu
हक़
يَأْتُوٓا۟ वो आते हैं yatū
वो आते हैं
إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके
مُذْعِنِينَ मुतीअ हो कर mudh'ʿinīna
मुतीअ हो कर
٤٩ (49)
(49)
और यदि उन्हीं के लिए अधिकार हो, तो आज्ञाकारी बनकर आपके पास चले आते हैं।
२४:५०
أَفِى Is (there) in afī
Is (there) in
قُلُوبِهِم क्या उनके दिलों में qulūbihim
क्या उनके दिलों में
مَّرَضٌ कोई बीमारी है maraḍun
कोई बीमारी है
أَمِ या ami
या
ٱرْتَابُوٓا۟ वो शक में पड़ गए हैं ir'tābū
वो शक में पड़ गए हैं
أَمْ या am
या
يَخَافُونَ वो डरते हैं yakhāfūna
वो डरते हैं
أَن कि an
कि
يَحِيفَ ज़ुल्म करेगा yaḥīfa
ज़ुल्म करेगा
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर
وَرَسُولُهُۥ ۚ और उसका रसूल warasūluhu
और उसका रसूल
بَلْ बल्कि bal
बल्कि
أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं
هُمُ वो humu
वो
ٱلظَّـٰلِمُونَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimūna
जो ज़ालिम हैं
٥٠ (50)
(50)
क्या उनके दिलों में कोई रोग है, अथवा वे संदेह में पड़े हुए हैं, अथवा वे डर रहे हैं कि उनपर अल्लाह और उसका रसूल अत्याचार करेंगे? बल्कि वे लोग स्वयं ही अत्याचारी हैं।
२४:५१
إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक
كَانَ है kāna
है
قَوْلَ क़ौल qawla
क़ौल
ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों का l-mu'minīna
मोमिनों का
إِذَا जब idhā
जब
دُعُوٓا۟ वो बुलाए जाते हैं duʿū
वो बुलाए जाते हैं
إِلَى to ilā
to
ٱللَّهِ तरफ़ अल्लाह के l-lahi
तरफ़ अल्लाह के
وَرَسُولِهِۦ और उसके रसूल के warasūlihi
और उसके रसूल के
لِيَحْكُمَ कि वो फ़ैसला करे liyaḥkuma
कि वो फ़ैसला करे
بَيْنَهُمْ दर्मियान उनके baynahum
दर्मियान उनके
أَن कि an
कि
يَقُولُوا۟ वो कहते हैं yaqūlū
वो कहते हैं
سَمِعْنَا सुन लिया हमने samiʿ'nā
सुन लिया हमने
وَأَطَعْنَا ۚ और इताअत की हमने wa-aṭaʿnā
और इताअत की हमने
وَأُو۟لَـٰٓئِكَ और यही लोग हैं wa-ulāika
और यही लोग हैं
هُمُ वो humu
वो
ٱلْمُفْلِحُونَ जो फ़लाह पाने वाले हैं l-muf'liḥūna
जो फ़लाह पाने वाले हैं
٥١ (51)
(51)
ईमान वालों का कथन तो यह होता है कि जब अल्लाह और उसके रसूल की ओर बुलाए जाएँ, ताकि आप उनके बीच निर्णय कर दें, तो कहें कि हमने सुन लिया तथा मान लिया। और वही सफल होने वाले हैं।
२४:५२
وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई
يُطِعِ इताअत करेगा yuṭiʿi
इताअत करेगा
ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की
وَرَسُولَهُۥ और उसके रसूल की warasūlahu
और उसके रसूल की
وَيَخْشَ और वो डरेगा wayakhsha
और वो डरेगा
ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से
وَيَتَّقْهِ और वो तक़वा करेगा उसका wayattaqhi
और वो तक़वा करेगा उसका
فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं
هُمُ वो humu
वो
ٱلْفَآئِزُونَ जो कामयाब होने वाले हैं l-fāizūna
जो कामयाब होने वाले हैं
٥٢ (52)
(52)
तथा जो अल्लाह और उसके रसूल की आज्ञा का पालन करे और अल्लाह का भय रखे और उसकी (यातना से) डरे, तो यही लोग सफल होने वाले हैं।
२४:५३
۞ وَأَقْسَمُوا۟ और उन्होंने क़समें खाईं wa-aqsamū
और उन्होंने क़समें खाईं
بِٱللَّهِ अल्लाह की bil-lahi
अल्लाह की
جَهْدَ पक्की/पुख़्ता jahda
पक्की/पुख़्ता
أَيْمَـٰنِهِمْ क़समें अपनी aymānihim
क़समें अपनी
لَئِنْ अलबत्ता अगर la-in
अलबत्ता अगर
أَمَرْتَهُمْ हुक्म दिया आपने उन्हें amartahum
हुक्म दिया आपने उन्हें
لَيَخْرُجُنَّ ۖ अलबत्ता वो ज़रूर निकलेंगे layakhrujunna
अलबत्ता वो ज़रूर निकलेंगे
قُل कह दीजिए qul
कह दीजिए
لَّا (Do) not
(Do) not
تُقْسِمُوا۟ ۖ ना तुम क़समें खाओ tuq'simū
ना तुम क़समें खाओ
طَاعَةٌۭ इताअत तो ṭāʿatun
इताअत तो
مَّعْرُوفَةٌ ۚ जानी पहचानी है maʿrūfatun
जानी पहचानी है
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
خَبِيرٌۢ ख़ूब ख़बर रखने वाला है khabīrun
ख़ूब ख़बर रखने वाला है
بِمَا उसकी जो bimā
उसकी जो
تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो
٥٣ (53)
(53)
और उन (मुनाफ़िक़ों) ने अल्लाह की मज़बूत क़समें खाईं कि यदि आप उन्हें आदेश दें, तो वे अवश्य (जिहाद के लिए) निकलेंगे। आप उनसे कह दें : क़समें न खाओ। तुम्हारे आज्ञापालन की दशा जानी-पहचानी है। निःसंदेह अल्लाह तुम्हारे कर्मों से भली-भाँति अवगत है।
२४:५४
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
أَطِيعُوا۟ इताअत करो aṭīʿū
इताअत करो
ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की
وَأَطِيعُوا۟ और इताअत करो wa-aṭīʿū
और इताअत करो
ٱلرَّسُولَ ۖ रसूल की l-rasūla
रसूल की
فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर
تَوَلَّوْا۟ तुम मुँह फेरोगे tawallaw
तुम मुँह फेरोगे
فَإِنَّمَا तो बेशक fa-innamā
तो बेशक
عَلَيْهِ इस( रसूल) पर है ʿalayhi
इस( रसूल) पर है
مَا जो
जो
حُمِّلَ बोझ वो डाला गया ḥummila
बोझ वो डाला गया
وَعَلَيْكُم और तुम पर है waʿalaykum
और तुम पर है
مَّا जो
जो
حُمِّلْتُمْ ۖ बोझ डाले गए तुम ḥummil'tum
बोझ डाले गए तुम
وَإِن और अगर wa-in
और अगर
تُطِيعُوهُ तुम इताअत करोगे उसकी tuṭīʿūhu
तुम इताअत करोगे उसकी
تَهْتَدُوا۟ ۚ तुम हिदायत पा लोगे tahtadū
तुम हिदायत पा लोगे
وَمَا और नहीं है wamā
और नहीं है
عَلَى (is) on ʿalā
(is) on
ٱلرَّسُولِ रसूल पर l-rasūli
रसूल पर
إِلَّا मगर illā
मगर
ٱلْبَلَـٰغُ पहुँचा देना l-balāghu
पहुँचा देना
ٱلْمُبِينُ खुल्लम-खुल्ला l-mubīnu
खुल्लम-खुल्ला
٥٤ (54)
(54)
(ऐ नबी!) आप कह दें कि अल्लाह की आज्ञा का पालन करो तथा रसूल की आज्ञा का पालन करो, और यदि तुम विमुख हो जाओ, तो उस (रसूल) का कर्तव्य केवल वही है, जिसका उसपर भार डाला गया है, और तुम्हारे ज़िम्मे वह है, जिसका भार तुमपर डाला गया है, और यदि तुम उसका आज्ञापालन करोगे, तो मार्गदर्शन पा जाओगे। और रसूल का दायित्व केवल स्पष्ट रूप से पहुँचा देना है।
२४:५५
وَعَدَ वादा किया waʿada
वादा किया
ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने
ٱلَّذِينَ उन लोगों से जो alladhīna
उन लोगों से जो
ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए
مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से
وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए
ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक
لَيَسْتَخْلِفَنَّهُمْ अलबत्ता वो ज़रूर जानशीन बनाएगा उन्हें layastakhlifannahum
अलबत्ता वो ज़रूर जानशीन बनाएगा उन्हें
فِى in
in
ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में
كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि
ٱسْتَخْلَفَ उसने जानशीन बनाया था is'takhlafa
उसने जानशीन बनाया था
ٱلَّذِينَ उन्हें जो alladhīna
उन्हें जो
مِن (were) before them min
(were) before them
قَبْلِهِمْ उनसे पहले थे qablihim
उनसे पहले थे
وَلَيُمَكِّنَنَّ और वो ज़रूर जमा देगा walayumakkinanna
और वो ज़रूर जमा देगा
لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए
دِينَهُمُ दीन उनका dīnahumu
दीन उनका
ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो
ٱرْتَضَىٰ उसने पसंद किया है ir'taḍā
उसने पसंद किया है
لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए
وَلَيُبَدِّلَنَّهُم और अलबत्ता वो ज़रूर बदल कर देगा उन्हें walayubaddilannahum
और अलबत्ता वो ज़रूर बदल कर देगा उन्हें
مِّنۢ after min
after
بَعْدِ बाद baʿdi
बाद
خَوْفِهِمْ उनके ख़ौफ़ के khawfihim
उनके ख़ौफ़ के
أَمْنًۭا ۚ अमन amnan
अमन
يَعْبُدُونَنِى वो इबादत करेंगे मेरी yaʿbudūnanī
वो इबादत करेंगे मेरी
لَا not
not
يُشْرِكُونَ ना वो शरीक करेंगे yush'rikūna
ना वो शरीक करेंगे
بِى मेरे साथ
मेरे साथ
شَيْـًۭٔا ۚ किसी चीज़ को shayan
किसी चीज़ को
وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई
كَفَرَ कुफ़्र करे kafara
कुफ़्र करे
بَعْدَ बाद baʿda
बाद
ذَٰلِكَ इसके dhālika
इसके
فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं
هُمُ वो humu
वो
ٱلْفَـٰسِقُونَ जो फ़ासिक़ हैं l-fāsiqūna
जो फ़ासिक़ हैं
٥٥ (55)
(55)
अल्लाह ने उन लोगों से, जो तुममें से ईमान लाए तथा उन्होंने सुकर्म किए, वादा1 किया है कि वह उन्हें धरती में अवश्य ही अधिकार प्रदान करेगा, जिस तरह उन लोगों को अधिकार प्रदान किया, जो उनसे पहले थे, तथा उनके लिए उनके उस धर्म को अवश्य ही प्रभुत्व प्रदान करेगा, जिसे उसने उनके लिए पसंद किया है, तथा उन (की दशा) को उनके भय के पश्चात् शांति में बदल देगा। वे मेरी इबादत करेंगे, मेरे साथ किसी चीज़ को साझी नहीं बनाएँगे। और जिसने इसके बाद कुफ़्र किया, तो वही लोग अवज्ञाकारी हैं।
२४:५६
وَأَقِيمُوا۟ और क़ायम करो wa-aqīmū
और क़ायम करो
ٱلصَّلَوٰةَ नमाज़ l-ṣalata
नमाज़
وَءَاتُوا۟ और अदा करो waātū
और अदा करो
ٱلزَّكَوٰةَ ज़कात l-zakata
ज़कात
وَأَطِيعُوا۟ और इताअत करो wa-aṭīʿū
और इताअत करो
ٱلرَّسُولَ रसूल की l-rasūla
रसूल की
لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम
تُرْحَمُونَ तुम रहम किए जाओ tur'ḥamūna
तुम रहम किए जाओ
٥٦ (56)
(56)
तथा नमाज़ क़ायम करो और ज़कात दो तथा रसूल की आज्ञा का पालन करो, ताकि तुमपर दया की जाए।
२४:५७
لَا (Do) not
(Do) not
تَحْسَبَنَّ हरगिज़ ना समझिये आप taḥsabanna
हरगिज़ ना समझिये आप
ٱلَّذِينَ उनको जिन्होंने alladhīna
उनको जिन्होंने
كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया
مُعْجِزِينَ कि वो आजिज़ करने वाले हैं muʿ'jizīna
कि वो आजिज़ करने वाले हैं
فِى in
in
ٱلْأَرْضِ ۚ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में
وَمَأْوَىٰهُمُ और ठिकाना उनका wamawāhumu
और ठिकाना उनका
ٱلنَّارُ ۖ आग है l-nāru
आग है
وَلَبِئْسَ और यक़ीनन कितनी बुरी है walabi'sa
और यक़ीनन कितनी बुरी है
ٱلْمَصِيرُ लौटने की जगह l-maṣīru
लौटने की जगह
٥٧ (57)
(57)
और (ऐ नबी!) आप उन लोगों को जिन्होंने कुफ़्र किया, कदापि न समझें कि वे (अल्लाह को) धरती में विवश कर देने वाले हैं। और उनका ठिकाना आग (जहन्नम) है और निःसंदेह वह बुरा ठिकाना है।
२४:५८
يَـٰٓأَيُّهَا O you who believe yāayyuhā
O you who believe
ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो
ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो
لِيَسْتَـْٔذِنكُمُ चाहिए कि इजाज़त तलब करें तुम से liyastadhinkumu
चाहिए कि इजाज़त तलब करें तुम से
ٱلَّذِينَ वो लोग जिनके alladhīna
वो लोग जिनके
مَلَكَتْ मालिक हुए malakat
मालिक हुए
أَيْمَـٰنُكُمْ दाऐं हाथ तुम्हारे aymānukum
दाऐं हाथ तुम्हारे
وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो
لَمْ नहीं lam
नहीं
يَبْلُغُوا۟ वो पहुँचे yablughū
वो पहुँचे
ٱلْحُلُمَ बुलूग़त को l-ḥuluma
बुलूग़त को
مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से
ثَلَـٰثَ तीन thalātha
तीन
مَرَّٰتٍۢ ۚ बार marrātin
बार
مِّن before min
before
قَبْلِ पहले qabli
पहले
صَلَوٰةِ नमाज़े ṣalati
नमाज़े
ٱلْفَجْرِ फ़ज्र से l-fajri
फ़ज्र से
وَحِينَ और जिस वक़्त waḥīna
और जिस वक़्त
تَضَعُونَ तुम उतार रखते हो taḍaʿūna
तुम उतार रखते हो
ثِيَابَكُم कपड़े अपने thiyābakum
कपड़े अपने
مِّنَ at mina
at
ٱلظَّهِيرَةِ दोपहर के वक़्त l-ẓahīrati
दोपहर के वक़्त
وَمِنۢ and after wamin
and after
بَعْدِ और बाद baʿdi
और बाद
صَلَوٰةِ नमाज़े ṣalati
नमाज़े
ٱلْعِشَآءِ ۚ इशा के l-ʿishāi
इशा के
ثَلَـٰثُ तीन thalāthu
तीन
عَوْرَٰتٍۢ परदे के (वक़्त हैं) ʿawrātin
परदे के (वक़्त हैं)
لَّكُمْ ۚ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
لَيْسَ नहीं laysa
नहीं
عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर
وَلَا और ना walā
और ना
عَلَيْهِمْ उन पर ʿalayhim
उन पर
جُنَاحٌۢ कोई गुनाह junāḥun
कोई गुनाह
بَعْدَهُنَّ ۚ बाद इन( औक़ात) के baʿdahunna
बाद इन( औक़ात) के
طَوَّٰفُونَ बकसरत आने जाने वाले हैं ṭawwāfūna
बकसरत आने जाने वाले हैं
عَلَيْكُم तुम पर ʿalaykum
तुम पर
بَعْضُكُمْ बाज़ तुम्हारे baʿḍukum
बाज़ तुम्हारे
عَلَىٰ among ʿalā
among
بَعْضٍۢ ۚ बाज़ पर baʿḍin
बाज़ पर
كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह
يُبَيِّنُ वाज़ेह करता है yubayyinu
वाज़ेह करता है
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए
ٱلْـَٔايَـٰتِ ۗ आयात l-āyāti
आयात
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
عَلِيمٌ ख़ूब इल्म वाला है ʿalīmun
ख़ूब इल्म वाला है
حَكِيمٌۭ ख़ूब हिकमत वाला है ḥakīmun
ख़ूब हिकमत वाला है
٥٨ (58)
(58)
ऐ ईमान वालो! जो (दास-दासी) तुम्हारे स्वामित्व में हों, और तुममें से जो अभी युवावस्था को न पहुँचे हों, उन्हें चाहिए कि तीन समयों में (तुम्हारे पास आने के लिए) तुमसे1 अनुमति लें; फ़ज्र की नमाज़ से पहले, और जिस समय तुम दोपहर को अपने कपड़े उतार देते हो और इशा की नमाज़ के बाद। तुम्हारे लिए ये तीन पर्दे (के समय) हैं। इनके पश्चात न तो तुमपर कोई गुनाह है और न उनपर। तुम अकसर एक-दूसरे के पास आने-जाने वाले हो। इसी प्रकार, अल्लाह तुम्हारे लिए आयतों को स्पष्ट करता है। और अल्लाह सब कुछ जानने वाला, पूर्ण हिकमत वाला है।
२४:५९
وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब
بَلَغَ पहुँच जाऐं balagha
पहुँच जाऐं
ٱلْأَطْفَـٰلُ बच्चे l-aṭfālu
बच्चे
مِنكُمُ तुम में से minkumu
तुम में से
ٱلْحُلُمَ बलूग़त को l-ḥuluma
बलूग़त को
فَلْيَسْتَـْٔذِنُوا۟ पस चाहिए कि वो इजाज़त लिया करें falyastadhinū
पस चाहिए कि वो इजाज़त लिया करें
كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि
ٱسْتَـْٔذَنَ इजाज़त लेते थे is'tadhana
इजाज़त लेते थे
ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो
مِن (were) before them min
(were) before them
قَبْلِهِمْ ۚ उनसे पहले थे qablihim
उनसे पहले थे
كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह
يُبَيِّنُ वाज़ेह करता है yubayyinu
वाज़ेह करता है
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
ءَايَـٰتِهِۦ ۗ अपनी आयात को āyātihi
अपनी आयात को
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
عَلِيمٌ ख़ूब इल्म वाला है ʿalīmun
ख़ूब इल्म वाला है
حَكِيمٌۭ ख़ूब हिकमत वाला है ḥakīmun
ख़ूब हिकमत वाला है
٥٩ (59)
(59)
और जब तुममें से बच्चे युवावस्था को पहुँच जाएँ, तो वे उसी तरह अनुमति लें, जिस तरह उनसे पहले के लोग अनुमति लेते रहे हैं। इसी प्रकार अल्लाह तुम्हारे लिए अपनी आयतों को स्पष्ट करता है। तथा अल्लाह भली-भाँति जानने वाला, पूर्ण हिकमत वाला है।
२४:६०
وَٱلْقَوَٰعِدُ और बैठ रहने वालियाँ wal-qawāʿidu
और बैठ रहने वालियाँ
مِنَ among mina
among
ٱلنِّسَآءِ औरतों में से l-nisāi
औरतों में से
ٱلَّـٰتِى वो जो allātī
वो जो
لَا (do) not
(do) not
يَرْجُونَ नहीं वो उम्मीद रखतीं yarjūna
नहीं वो उम्मीद रखतीं
نِكَاحًۭا निकाह की nikāḥan
निकाह की
فَلَيْسَ तो नहीं है falaysa
तो नहीं है
عَلَيْهِنَّ उन पर ʿalayhinna
उन पर
جُنَاحٌ कोई गुनाह junāḥun
कोई गुनाह
أَن कि an
कि
يَضَعْنَ वो उतार रखें yaḍaʿna
वो उतार रखें
ثِيَابَهُنَّ कपड़े( हिजाब) अपने thiyābahunna
कपड़े( हिजाब) अपने
غَيْرَ ना ghayra
ना
مُتَبَرِّجَـٰتٍۭ ज़ाहिर करने वालियाँ mutabarrijātin
ज़ाहिर करने वालियाँ
بِزِينَةٍۢ ۖ ज़ीनत को bizīnatin
ज़ीनत को
وَأَن और ये कि wa-an
और ये कि
يَسْتَعْفِفْنَ वो एहतियात बरतें yastaʿfif'na
वो एहतियात बरतें
خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है
لَّهُنَّ ۗ उनके लिए lahunna
उनके लिए
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
سَمِيعٌ ख़ूब सुनने वाला है samīʿun
ख़ूब सुनने वाला है
عَلِيمٌۭ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है
٦٠ (60)
(60)
तथा जो बूढ़ी स्त्रियाँ विवाह की आशा न रखती हों, उनपर कोई दोष नहीं कि अपनी (पर्दे की) चादरें उतारकर रख दें, प्रतिबंध यह है कि किसी प्रकार की शोभा का प्रदर्शन करने वाली न हों। और यदि (इससे भी) बचें1 तो उनके लिए अधिक अच्छा है। और अल्लाह सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।
२४:६१
لَّيْسَ नहीं है laysa
नहीं है
عَلَى on ʿalā
on
ٱلْأَعْمَىٰ अँधे पर l-aʿmā
अँधे पर
حَرَجٌۭ कोई हर्ज / गुनाह ḥarajun
कोई हर्ज / गुनाह
وَلَا और ना walā
और ना
عَلَى on ʿalā
on
ٱلْأَعْرَجِ लँगड़े पर l-aʿraji
लँगड़े पर
حَرَجٌۭ कोई हर्ज/ गुनाह ḥarajun
कोई हर्ज/ गुनाह
وَلَا और ना walā
और ना
عَلَى on ʿalā
on
ٱلْمَرِيضِ मरीज़ पर l-marīḍi
मरीज़ पर
حَرَجٌۭ कोई हर्ज /गुनाह ḥarajun
कोई हर्ज /गुनाह
وَلَا और ना walā
और ना
عَلَىٰٓ on ʿalā
on
أَنفُسِكُمْ तुम्हारे नफ़्सों पर anfusikum
तुम्हारे नफ़्सों पर
أَن कि an
कि
تَأْكُلُوا۟ तुम खाओ takulū
तुम खाओ
مِنۢ from min
from
بُيُوتِكُمْ अपने घरों से buyūtikum
अपने घरों से
أَوْ या aw
या
بُيُوتِ घरों से buyūti
घरों से
ءَابَآئِكُمْ अपने बापों के ābāikum
अपने बापों के
أَوْ या aw
या
بُيُوتِ घरों से buyūti
घरों से
أُمَّهَـٰتِكُمْ अपनी माँओं के ummahātikum
अपनी माँओं के
أَوْ या aw
या
بُيُوتِ घरों से buyūti
घरों से
إِخْوَٰنِكُمْ अपने भाईयों के ikh'wānikum
अपने भाईयों के
أَوْ या aw
या
بُيُوتِ घरों से buyūti
घरों से
أَخَوَٰتِكُمْ अपनी बहनों के akhawātikum
अपनी बहनों के
أَوْ या aw
या
بُيُوتِ घरों से buyūti
घरों से
أَعْمَـٰمِكُمْ अपने चचाओं aʿmāmikum
अपने चचाओं
أَوْ या aw
या
بُيُوتِ घरों से buyūti
घरों से
عَمَّـٰتِكُمْ अपनी फुफियों ʿammātikum
अपनी फुफियों
أَوْ या aw
या
بُيُوتِ घरों से buyūti
घरों से
أَخْوَٰلِكُمْ अपने मामूओं के akhwālikum
अपने मामूओं के
أَوْ या aw
या
بُيُوتِ घरों से buyūti
घरों से
خَـٰلَـٰتِكُمْ अपनी ख़ालाओं के khālātikum
अपनी ख़ालाओं के
أَوْ या aw
या
مَا जो
जो
مَلَكْتُم मालिक हुए तुम malaktum
मालिक हुए तुम
مَّفَاتِحَهُۥٓ उसकी कुंजियों के mafātiḥahu
उसकी कुंजियों के
أَوْ या aw
या
صَدِيقِكُمْ ۚ अपने दोस्त के ṣadīqikum
अपने दोस्त के
لَيْسَ नहीं laysa
नहीं
عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर
جُنَاحٌ कोई गुनाह junāḥun
कोई गुनाह
أَن कि an
कि
تَأْكُلُوا۟ तुम खाओ takulū
तुम खाओ
جَمِيعًا मिल कर jamīʿan
मिल कर
أَوْ या aw
या
أَشْتَاتًۭا ۚ अलग-अलग ashtātan
अलग-अलग
فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब
دَخَلْتُم दाख़िल हो तुम dakhaltum
दाख़िल हो तुम
بُيُوتًۭا घरों में buyūtan
घरों में
فَسَلِّمُوا۟ तो सलाम करो fasallimū
तो सलाम करो
عَلَىٰٓ [on] ʿalā
[on]
أَنفُسِكُمْ अपने लोगों पर anfusikum
अपने लोगों पर
تَحِيَّةًۭ तोहफ़ा (दुआ) है taḥiyyatan
तोहफ़ा (दुआ) है
مِّنْ from min
from
عِندِ पास से ʿindi
पास से
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
مُبَـٰرَكَةًۭ बाबरकत mubārakatan
बाबरकत
طَيِّبَةًۭ ۚ पाकीज़ा ṭayyibatan
पाकीज़ा
كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह
يُبَيِّنُ वाज़ेह करता है yubayyinu
वाज़ेह करता है
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए
ٱلْـَٔايَـٰتِ आयात को l-āyāti
आयात को
لَعَلَّكُمْ ताकि तुम laʿallakum
ताकि तुम
تَعْقِلُونَ तुम अक़्ल से काम लो taʿqilūna
तुम अक़्ल से काम लो
٦١ (61)
(61)
अंधे पर कोई दोष नहीं है, न लंगड़े पर कोई दोष1 है, न रोगी पर कोई दोष है और न स्वयं तुमपर कोई दोष है कि तुम अपने घरों2 से खाओ, या अपने बापों के घरों से, या अपनी माँओं के घरों से, या अपने भाइयों के घरों से, या अपनी बहनों के घरों से, या अपने चाचाओं के घरों से, या अपनी फूफियों के घरों से, या अपने मामाओं के घरों से, या अपनी मौसियों के घरों से, या (उस घर से) जिसकी चाबियों के तुम स्वामी3 हो, या अपने मित्र (के घर) से। तुमपर कोई दोष नहीं कि एक साथ खाओ या अलग-अलग। फिर जब तुम घरों में प्रवेश करो, तो अपनों को सलाम करो। अल्लाह की ओर से निर्धारित की हुई सुरक्षा एवं शांति की दुआ, जो बरकत वाली, पवित्र है। इसी प्रकार अल्लाह तुम्हारे लिए आयतों को खोलकर बयान करता है, ताकि तुम समझ जाओ।
२४:६२
إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक
ٱلْمُؤْمِنُونَ मोमिन तो l-mu'minūna
मोमिन तो
ٱلَّذِينَ वो हैं जो alladhīna
वो हैं जो
ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए
بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर
وَرَسُولِهِۦ और उसके रसूल पर warasūlihi
और उसके रसूल पर
وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब
كَانُوا۟ वो होते हैं kānū
वो होते हैं
مَعَهُۥ आपके साथ maʿahu
आपके साथ
عَلَىٰٓ for ʿalā
for
أَمْرٍۢ किसी काम पर amrin
किसी काम पर
جَامِعٍۢ इज्तिमाई jāmiʿin
इज्तिमाई
لَّمْ नहीं lam
नहीं
يَذْهَبُوا۟ वो जाते yadhhabū
वो जाते
حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि
يَسْتَـْٔذِنُوهُ ۚ वो इजाज़त ले लें उनसे yastadhinūhu
वो इजाज़त ले लें उनसे
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो
يَسْتَـْٔذِنُونَكَ इजाज़त माँगते हैं आप से yastadhinūnaka
इजाज़त माँगते हैं आप से
أُو۟لَـٰٓئِكَ यही वो लोग हैं ulāika
यही वो लोग हैं
ٱلَّذِينَ जो alladhīna
जो
يُؤْمِنُونَ ईमान लाए हैं yu'minūna
ईमान लाए हैं
بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर
وَرَسُولِهِۦ ۚ और उसके रसूल पर warasūlihi
और उसके रसूल पर
فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब
ٱسْتَـْٔذَنُوكَ वो इजाज़त माँगें आपसे is'tadhanūka
वो इजाज़त माँगें आपसे
لِبَعْضِ for some libaʿḍi
for some
شَأْنِهِمْ अपने किसी काम के लिए shanihim
अपने किसी काम के लिए
فَأْذَن तो इजाज़त दे दीजिए fadhan
तो इजाज़त दे दीजिए
لِّمَن जिसके लिए liman
जिसके लिए
شِئْتَ आप चाहें shi'ta
आप चाहें
مِنْهُمْ उनमें से min'hum
उनमें से
وَٱسْتَغْفِرْ और बख़्शिश माँगिए wa-is'taghfir
और बख़्शिश माँगिए
لَهُمُ उनके लिए lahumu
उनके लिए
ٱللَّهَ ۚ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है
رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है
٦٢ (62)
(62)
ईमान वाले तो केवल वे लोग हैं, जो अल्लाह और उसके रसूल पर ईमान लाए और जब वे उसके साथ किसी सामूहिक कार्य पर होते हैं, तो उस समय तक नहीं जाते, जब तक उससे अनुमति न ले लें। निःसंदेह जो लोग आपसे अनुमति माँगते हैं, वही लोग अल्लाह और उसके रसूल पर ईमान रखते हैं। अतः जब वे आपसे अपने किसी कार्य के लिए अनुमति माँगें, तो आप उनमें से जिसे चाहें, अनुमति प्रदान कर दें और उनके लिए अल्लाह से क्षमा की प्रार्थना करें। निःसंदेह अल्लाह अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है|
२४:६३
لَّا (Do) not
(Do) not
تَجْعَلُوا۟ ना तुम बना लो tajʿalū
ना तुम बना लो
دُعَآءَ बुलाना duʿāa
बुलाना
ٱلرَّسُولِ रसूल का l-rasūli
रसूल का
بَيْنَكُمْ आपस में baynakum
आपस में
كَدُعَآءِ मानिन्द बुलाने के kaduʿāi
मानिन्द बुलाने के
بَعْضِكُم तुम्हारे बाज़ के baʿḍikum
तुम्हारे बाज़ के
بَعْضًۭا ۚ बाज़ को baʿḍan
बाज़ को
قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़
يَعْلَمُ जानता है yaʿlamu
जानता है
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
ٱلَّذِينَ उनको जो alladhīna
उनको जो
يَتَسَلَّلُونَ खिसक जाते हैं yatasallalūna
खिसक जाते हैं
مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से
لِوَاذًۭا ۚ आड़ लेते हुए liwādhan
आड़ लेते हुए
فَلْيَحْذَرِ पस चाहिए कि डरें falyaḥdhari
पस चाहिए कि डरें
ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो
يُخَالِفُونَ मुख़ालिफ़त करते हैं yukhālifūna
मुख़ालिफ़त करते हैं
عَنْ [from] ʿan
[from]
أَمْرِهِۦٓ उसके हुक्म की amrihi
उसके हुक्म की
أَن कि an
कि
تُصِيبَهُمْ पहुँचे उन्हें tuṣībahum
पहुँचे उन्हें
فِتْنَةٌ कोई आज़माइश fit'natun
कोई आज़माइश
أَوْ या aw
या
يُصِيبَهُمْ पहुँचे उन्हें yuṣībahum
पहुँचे उन्हें
عَذَابٌ अज़ाब ʿadhābun
अज़ाब
أَلِيمٌ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक
٦٣ (63)
(63)
और तुम रसूल के बुलाने को, परस्पर एक-दूसरे को बुलाने जैसा1 न बना लो। निःसंदेह अल्लाह उन लोगों को जानता है, जो तुममें से एक-दूसरे की आड़ लेते हुए (चुपके से) खिसक जाते हैं। अतः उन लोगों को डरना चाहिए, जो आपके आदेश का विरोध करते हैं कि उनपर कोई आपदा आ पड़े अथवा उनपर कोई दुःखदायी यातना आ जाए।
२४:६४
أَلَآ ख़बरदार alā
ख़बरदार
إِنَّ बेशक inna
बेशक
لِلَّهِ अल्लाह ही के लिए है lillahi
अल्लाह ही के लिए है
مَا जो
जो
فِى (is) in
(is) in
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में l-samāwāti
आसमानों में
وَٱلْأَرْضِ ۖ और ज़मीन में है wal-arḍi
और ज़मीन में है
قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़
يَعْلَمُ वो जानता है yaʿlamu
वो जानता है
مَآ वो जो हो
वो जो हो
أَنتُمْ तुम antum
तुम
عَلَيْهِ जिस पर ʿalayhi
जिस पर
وَيَوْمَ और जिस दिन wayawma
और जिस दिन
يُرْجَعُونَ वो लौटाए जाऐंगे yur'jaʿūna
वो लौटाए जाऐंगे
إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके
فَيُنَبِّئُهُم तो फिर वो बता देगा उन्हें fayunabbi-uhum
तो फिर वो बता देगा उन्हें
بِمَا वो जो bimā
वो जो
عَمِلُوا۟ ۗ उन्होंने अमल किए ʿamilū
उन्होंने अमल किए
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
بِكُلِّ हर bikulli
हर
شَىْءٍ चीज़ को shayin
चीज़ को
عَلِيمٌۢ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है
٦٤ (64)
(64)
सावधान! अल्लाह ही का है, जो कुछ आकाशों तथा धरती में है। निश्चय वह जानता है जिस (दशा) पर तुम हो। और जिस दिन वे उसकी ओर लौटाए जाएँगे, तो वह उन्हें बताएगा1, जो कुछ उन्होंने किया और अल्लाह प्रत्येक चीज़ को भली-भाँति जानने वाला है।