२३

अल-मुमिनून

मक्की ११८ आयतें पारा १८
المؤمنون
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ साथ नाम bis'mi
साथ नाम
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान
ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
२३:१
قَدْ यक़ीनन qad
यक़ीनन
أَفْلَحَ फ़लाह पा गए aflaḥa
फ़लाह पा गए
ٱلْمُؤْمِنُونَ ईमान लाने वाले l-mu'minūna
ईमान लाने वाले
١ (1)
(1)
निश्चय सफल हो गए ईमान वाले।
२३:२
ٱلَّذِينَ वो लोग जो alladhīna
वो लोग जो
هُمْ वो hum
वो
فِى during
during
صَلَاتِهِمْ अपनी नमाज़ में ṣalātihim
अपनी नमाज़ में
خَـٰشِعُونَ ख़ुशूअ करने वाले khāshiʿūna
ख़ुशूअ करने वाले
٢ (2)
(2)
जो अपनी नमाज़ में विनम्रता अपनाने वाले हैं।
२३:३
وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो
هُمْ वो hum
वो
عَنِ from ʿani
from
ٱللَّغْوِ लग़्व बात से l-laghwi
लग़्व बात से
مُعْرِضُونَ ऐराज़ करने वाले हैं muʿ'riḍūna
ऐराज़ करने वाले हैं
٣ (3)
(3)
और जो व्यर्थ चीज़ों1 से मुँह मोड़ने वाले हैं।
२३:४
وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो
هُمْ वो hum
वो
لِلزَّكَوٰةِ ज़कात को lilzzakati
ज़कात को
فَـٰعِلُونَ (अदा) करने वाले हैं fāʿilūna
(अदा) करने वाले हैं
٤ (4)
(4)
तथा जो ज़कात अदा करने वाले हैं।
२३:५
وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो
هُمْ वो hum
वो
لِفُرُوجِهِمْ अपनी शर्मगाहों की lifurūjihim
अपनी शर्मगाहों की
حَـٰفِظُونَ हिफ़ाज़त करने वाले हैं ḥāfiẓūna
हिफ़ाज़त करने वाले हैं
٥ (5)
(5)
और जो अपने गुप्तांगों की रक्षा करने वाले हैं।
२३:६
إِلَّا मगर illā
मगर
عَلَىٰٓ ऊपर ʿalā
ऊपर
أَزْوَٰجِهِمْ अपनी बीवियों के azwājihim
अपनी बीवियों के
أَوْ या aw
या
مَا जिनके
जिनके
مَلَكَتْ मालिक हुए malakat
मालिक हुए
أَيْمَـٰنُهُمْ उनके दाऐं हाथ aymānuhum
उनके दाऐं हाथ
فَإِنَّهُمْ तो बेशक वो fa-innahum
तो बेशक वो
غَيْرُ नहीं ghayru
नहीं
مَلُومِينَ मलामत किए गए malūmīna
मलामत किए गए
٦ (6)
(6)
सिवाय अपनी पत्नियों या उन महिलाओं के जो उनके स्वामित्व में हैं, तो निःसंदेह वे निंदित नहीं हैं।
२३:७
فَمَنِ तो जो कोई famani
तो जो कोई
ٱبْتَغَىٰ चाहे ib'taghā
चाहे
وَرَآءَ अलावा warāa
अलावा
ذَٰلِكَ इसके dhālika
इसके
فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं
هُمُ वो humu
वो
ٱلْعَادُونَ जो हद से गुज़रने वाले हैं l-ʿādūna
जो हद से गुज़रने वाले हैं
٧ (7)
(7)
फिर जो इसके अलावा तलाश करे, तो वही लोग सीमा का उल्लंघन करने वाले हैं।
२३:८
وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो
هُمْ वो hum
वो
لِأَمَـٰنَـٰتِهِمْ अपनी अमानतों को li-amānātihim
अपनी अमानतों को
وَعَهْدِهِمْ और अपने अहद की waʿahdihim
और अपने अहद की
رَٰعُونَ निगरानी करने वाले हैं rāʿūna
निगरानी करने वाले हैं
٨ (8)
(8)
और जो अपनी अमानतों तथा अपनी प्रतिज्ञा का ध्यान रखने वाले हैं।
२३:९
وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो
هُمْ वो hum
वो
عَلَىٰ over ʿalā
over
صَلَوَٰتِهِمْ अपनी नमाज़ों पर ṣalawātihim
अपनी नमाज़ों पर
يُحَافِظُونَ वो हिफ़ाज़त करते हैं yuḥāfiẓūna
वो हिफ़ाज़त करते हैं
٩ (9)
(9)
तथा जो अपनी नमाज़ों की रक्षा करते हैं।
२३:१०
أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं
هُمُ वो humu
वो
ٱلْوَٰرِثُونَ जो वारिस हैं l-wārithūna
जो वारिस हैं
١٠ (10)
(10)
यही लोग हैं, जो वारिस (उत्तराधिकारी) हैं।
२३:११
ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो
يَرِثُونَ वारिस होंगे yarithūna
वारिस होंगे
ٱلْفِرْدَوْسَ फ़िरदौस के l-fir'dawsa
फ़िरदौस के
هُمْ वो hum
वो
فِيهَا उस में fīhā
उस में
خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं
١١ (11)
(11)
जो फ़िरदौस1 के वारिस होंगे, वे उसमें हमेशा रहने वाले हैं।
२३:१२
وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़
خَلَقْنَا पैदा किया हमनें khalaqnā
पैदा किया हमनें
ٱلْإِنسَـٰنَ इन्सान को l-insāna
इन्सान को
مِن from min
from
سُلَـٰلَةٍۢ सत्त / निचोड़ से sulālatin
सत्त / निचोड़ से
مِّن of min
of
طِينٍۢ मिट्टी के ṭīnin
मिट्टी के
١٢ (12)
(12)
और निःसंदेह हमने मनुष्य को तुच्छ मिट्टी के एक सार से पैदा किया।
२३:१३
ثُمَّ फ़िर thumma
फ़िर
جَعَلْنَـٰهُ बनाया हमने उसे jaʿalnāhu
बनाया हमने उसे
نُطْفَةًۭ नुत्फ़ा nuṭ'fatan
नुत्फ़ा
فِى in
in
قَرَارٍۢ a resting place qarārin
a resting place
مَّكِينٍۢ एक महफ़ूज़ ठिकाने में makīnin
एक महफ़ूज़ ठिकाने में
١٣ (13)
(13)
फिर हमने उसे वीर्य बनाकर एक सुरक्षित स्थान1 में रखा।
२३:१४
ثُمَّ फिर thumma
फिर
خَلَقْنَا बनाया हम ने khalaqnā
बनाया हम ने
ٱلنُّطْفَةَ नुत्फ़े को l-nuṭ'fata
नुत्फ़े को
عَلَقَةًۭ अल्क़ा/ जमा हुआ ख़ून ʿalaqatan
अल्क़ा/ जमा हुआ ख़ून
فَخَلَقْنَا फ़िर बनाया हम ने fakhalaqnā
फ़िर बनाया हम ने
ٱلْعَلَقَةَ जमे हुए ख़ून को l-ʿalaqata
जमे हुए ख़ून को
مُضْغَةًۭ मुदग़ा/ गोश्त की बेटी muḍ'ghatan
मुदग़ा/ गोश्त की बेटी
فَخَلَقْنَا फिर बनाया हम ने fakhalaqnā
फिर बनाया हम ने
ٱلْمُضْغَةَ बोटी को l-muḍ'ghata
बोटी को
عِظَـٰمًۭا हड्डियाँ ʿiẓāman
हड्डियाँ
فَكَسَوْنَا फिर पहनाया हम ने fakasawnā
फिर पहनाया हम ने
ٱلْعِظَـٰمَ हड्डियों को l-ʿiẓāma
हड्डियों को
لَحْمًۭا गोश्त laḥman
गोश्त
ثُمَّ फिर thumma
फिर
أَنشَأْنَـٰهُ उठाया हम ने उसे anshanāhu
उठाया हम ने उसे
خَلْقًا मख़्लूक़ khalqan
मख़्लूक़
ءَاخَرَ ۚ दूसरी ākhara
दूसरी
فَتَبَارَكَ तो बहुत बाबरकत है fatabāraka
तो बहुत बाबरकत है
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
أَحْسَنُ जो सबसे अच्छा है aḥsanu
जो सबसे अच्छा है
ٱلْخَـٰلِقِينَ पैदा करने वालों में l-khāliqīna
पैदा करने वालों में
١٤ (14)
(14)
फिर हमने उस वीर्य को एक जमा हुआ रक्त बनाया, फिर हमने उस जमे हुए रक्त को एक बोटी बनाया, फिर हमने उस बोटी को हड्डियाँ बनाया, फिर हमने उन हड्डियों को कुछ माँस पहनाया, फिर हमने उसे एक अन्य रूप में पैदा कर दिया। तो बहुत बरकत वाला है अल्लाह, जो बनाने वालों में सबसे अच्छा है।
२३:१५
ثُمَّ फिर thumma
फिर
إِنَّكُم बेशक तुम innakum
बेशक तुम
بَعْدَ after baʿda
after
ذَٰلِكَ बाद इसके dhālika
बाद इसके
لَمَيِّتُونَ ज़रूर मरने वाले हो lamayyitūna
ज़रूर मरने वाले हो
١٥ (15)
(15)
फिर निःसंदेह तुम इसके पश्चात् अवश्य मरने वाले हो।
२३:१६
ثُمَّ फिर thumma
फिर
إِنَّكُمْ बेशक तुम innakum
बेशक तुम
يَوْمَ दिन yawma
दिन
ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के
تُبْعَثُونَ तुम उठाए जाओगे tub'ʿathūna
तुम उठाए जाओगे
١٦ (16)
(16)
फिर निःसंदेह तुम क़ियामत के दिन उठाए जाओगे।
२३:१७
وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़
خَلَقْنَا बनाए हम ने khalaqnā
बनाए हम ने
فَوْقَكُمْ तुम्हारे ऊपर fawqakum
तुम्हारे ऊपर
سَبْعَ सात sabʿa
सात
طَرَآئِقَ रास्ते ṭarāiqa
रास्ते
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
كُنَّا हैं हम kunnā
हैं हम
عَنِ of ʿani
of
ٱلْخَلْقِ मख़्लूक़ से l-khalqi
मख़्लूक़ से
غَـٰفِلِينَ ग़ाफ़िल ghāfilīna
ग़ाफ़िल
١٧ (17)
(17)
और निःसंदेह हमने तुम्हारे ऊपर सात आकाश बनाए और हम कभी सृष्टि से ग़ाफ़िल1 नहीं।
२३:१८
وَأَنزَلْنَا और उतारा हम ने wa-anzalnā
और उतारा हम ने
مِنَ from mina
from
ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से
مَآءًۢ पानी māan
पानी
بِقَدَرٍۢ साथ एक अन्दाज़े के biqadarin
साथ एक अन्दाज़े के
فَأَسْكَنَّـٰهُ फिर ठहराया हम ने उसे fa-askannāhu
फिर ठहराया हम ने उसे
فِى in
in
ٱلْأَرْضِ ۖ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में
وَإِنَّا और बेशक हम wa-innā
और बेशक हम
عَلَىٰ on ʿalā
on
ذَهَابٍۭ ले जाने पर dhahābin
ले जाने पर
بِهِۦ उसे bihi
उसे
لَقَـٰدِرُونَ अलबत्ता क़ादिर हैं laqādirūna
अलबत्ता क़ादिर हैं
١٨ (18)
(18)
और हमने आकाश से एक अंदाज़े के साथ कुछ पानी उतारा, फिर उसे धरती में ठहराया और निश्चय हम उसे किसी भी तरह से ले जाने पर सामर्थ्यवान हैं।
२३:१९
فَأَنشَأْنَا फिर पैदा किया हम ने fa-anshanā
फिर पैदा किया हम ने
لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके
جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात को jannātin
बाग़ात को
مِّن of date-palms min
of date-palms
نَّخِيلٍۢ खजूरों के nakhīlin
खजूरों के
وَأَعْنَـٰبٍۢ और अंगूरों के wa-aʿnābin
और अंगूरों के
لَّكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
فِيهَا इन में fīhā
इन में
فَوَٰكِهُ फल हैं fawākihu
फल हैं
كَثِيرَةٌۭ बहुत से kathīratun
बहुत से
وَمِنْهَا और इन में से wamin'hā
और इन में से
تَأْكُلُونَ तुम खाते हो takulūna
तुम खाते हो
١٩ (19)
(19)
फिर हमने तुम्हारे लिए उस (पानी) के द्वारा खजूरों तथा अंगूरों के बाग़ पैदा किए। तुम्हारे लिए उनमें बहुत-से फल हैं और तुम उन्ही में से खाते हो।
२३:२०
وَشَجَرَةًۭ और एक दरख़्त washajaratan
और एक दरख़्त
تَخْرُجُ जो निकलता है takhruju
जो निकलता है
مِن from min
from
طُورِ Mount Sinai ṭūri
Mount Sinai
سَيْنَآءَ तूरे-सीना से saynāa
तूरे-सीना से
تَنۢبُتُ वो उगता है tanbutu
वो उगता है
بِٱلدُّهْنِ साथ चिकनाई के bil-duh'ni
साथ चिकनाई के
وَصِبْغٍۢ और सालन waṣib'ghin
और सालन
لِّلْـَٔاكِلِينَ खाने वालों के लिए lil'ākilīna
खाने वालों के लिए
٢٠ (20)
(20)
तथा वह वृक्ष भी जो 'तूर सैना' (पर्वत) से निकलता है, जो तेल लेकर उगता है तथा खाने वालों के लिए एक तरह का सालन भी।
२३:२१
وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक
لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
فِى in
in
ٱلْأَنْعَـٰمِ मवेशियों में l-anʿāmi
मवेशियों में
لَعِبْرَةًۭ ۖ अलबत्ता इबरत/ सबक़ है laʿib'ratan
अलबत्ता इबरत/ सबक़ है
نُّسْقِيكُم हम पिलाते हैं तुम्हें nus'qīkum
हम पिलाते हैं तुम्हें
مِّمَّا उस से जो mimmā
उस से जो
فِى (is) in
(is) in
بُطُونِهَا उनके पेटों में है buṭūnihā
उनके पेटों में है
وَلَكُمْ और तुम्हारे लिए walakum
और तुम्हारे लिए
فِيهَا उन में fīhā
उन में
مَنَـٰفِعُ फ़ायदे हैं manāfiʿu
फ़ायदे हैं
كَثِيرَةٌۭ बहुत से kathīratun
बहुत से
وَمِنْهَا और उन में से wamin'hā
और उन में से
تَأْكُلُونَ तुम खाते हो takulūna
तुम खाते हो
٢١ (21)
(21)
और निःसंदेह तुम्हारे लिए चौपायों में निश्चय बड़ी शिक्षा है। हम तुम्हें उसमें से जो उनके पेटों में1 है, पिलाते हैं। तथा तुम्हारे लिए उनके अंदर बहुत-से लाभ हैं और उनमें से कुछ को तुम खाते हो।
२३:२२
وَعَلَيْهَا और उन पर waʿalayhā
और उन पर
وَعَلَى and on waʿalā
and on
ٱلْفُلْكِ और कश्तियों पर l-ful'ki
और कश्तियों पर
تُحْمَلُونَ तुम सवार किए जाते हो tuḥ'malūna
तुम सवार किए जाते हो
٢٢ (22)
(22)
तथा उनपर और नावों पर तुम सवार किए जाते हो।
२३:२३
وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़
أَرْسَلْنَا भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने
نُوحًا नूह को nūḥan
नूह को
إِلَىٰ to ilā
to
قَوْمِهِۦ तरफ़ उसकी क़ौम के qawmihi
तरफ़ उसकी क़ौम के
فَقَالَ तो उसने कहा faqāla
तो उसने कहा
يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम
ٱعْبُدُوا۟ इबादत करो uʿ'budū
इबादत करो
ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की
مَا नहीं
नहीं
لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
مِّنْ (is) any min
(is) any
إِلَـٰهٍ कोई इलाह ( बरहक़) ilāhin
कोई इलाह ( बरहक़)
غَيْرُهُۥٓ ۖ उसके सिवा ghayruhu
उसके सिवा
أَفَلَا क्या फिर नहीं afalā
क्या फिर नहीं
تَتَّقُونَ तुम डरते tattaqūna
तुम डरते
٢٣ (23)
(23)
तथा निःसंदेह हमने नूह़1 को उसकी जाति की ओर भेजा। तो उसने कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! अल्लाह की इबादत करो। उसके सिवा तुम्हारा कोई पूज्य नहीं। तो क्या तुम डरते नहीं?
२३:२४
فَقَالَ तो कहा faqāla
तो कहा
ٱلْمَلَؤُا۟ सरदारों ने l-mala-u
सरदारों ने
ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने
كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया
مِن among min
among
قَوْمِهِۦ उसकी क़ौम में से qawmihi
उसकी क़ौम में से
مَا नहीं
नहीं
هَـٰذَآ ये hādhā
ये
إِلَّا मगर illā
मगर
بَشَرٌۭ एक इन्सान basharun
एक इन्सान
مِّثْلُكُمْ तुम्हारे जैसा mith'lukum
तुम्हारे जैसा
يُرِيدُ जो चाहता है yurīdu
जो चाहता है
أَن कि an
कि
يَتَفَضَّلَ वो फ़ज़ीलत हासिल कर ले yatafaḍḍala
वो फ़ज़ीलत हासिल कर ले
عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर
وَلَوْ और अगर walaw
और अगर
شَآءَ चाहता shāa
चाहता
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
لَأَنزَلَ अलबत्ता वो उतारता la-anzala
अलबत्ता वो उतारता
مَلَـٰٓئِكَةًۭ फ़रिश्ते malāikatan
फ़रिश्ते
مَّا नहीं
नहीं
سَمِعْنَا सुना हमने samiʿ'nā
सुना हमने
بِهَـٰذَا इस बात को bihādhā
इस बात को
فِىٓ from
from
ءَابَآئِنَا अपने आबा ओ अजदाद में ābāinā
अपने आबा ओ अजदाद में
ٱلْأَوَّلِينَ पहले l-awalīna
पहले
٢٤ (24)
(24)
तो उनकी जाति के उन प्रमुखों ने कहा, जिन्होंने कुफ़्र किया : यह तो तुम्हारे ही जैसा एक मनुष्य है। जो चाहता है कि तुमपर वरीयता प्राप्त कर ले। और यदि अल्लाह चाहता, तो अवश्य कोई फ़रिश्ते उतार देता। हमने यह1 अपने पहले बाप-दादा में नहीं सुना।
२३:२५
إِنْ नहीं in
नहीं
هُوَ वो huwa
वो
إِلَّا मगर illā
मगर
رَجُلٌۢ एक शख़्स rajulun
एक शख़्स
بِهِۦ जिस को bihi
जिस को
جِنَّةٌۭ जुनून है jinnatun
जुनून है
فَتَرَبَّصُوا۟ तो इन्तज़ार करो fatarabbaṣū
तो इन्तज़ार करो
بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके
حَتَّىٰ until ḥattā
until
حِينٍۢ एक वक़्त तक ḥīnin
एक वक़्त तक
٢٥ (25)
(25)
यह तो बस एक उन्मादग्रस्त व्यक्ति है। अतः एक समय तक इसके बारे में प्रतीक्षा करो।
२३:२६
قَالَ कहा qāla
कहा
رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब
ٱنصُرْنِى मदद फ़रमा मेरी unṣur'nī
मदद फ़रमा मेरी
بِمَا उस वजह से जो bimā
उस वजह से जो
كَذَّبُونِ उन्होंने झुठलाया मुझे kadhabūni
उन्होंने झुठलाया मुझे
٢٦ (26)
(26)
उसने कहा : ऐ मेरे पालनहार! मेरी मदद कर, इसलिए कि इन्होंने मुझे झुठलाया है।
२३:२७
فَأَوْحَيْنَآ पस वही की हम ने fa-awḥaynā
पस वही की हम ने
إِلَيْهِ तरफ़ उसके ilayhi
तरफ़ उसके
أَنِ कि ani
कि
ٱصْنَعِ बना iṣ'naʿi
बना
ٱلْفُلْكَ कश्ती l-ful'ka
कश्ती
بِأَعْيُنِنَا हमारी निगाहों के सामने bi-aʿyuninā
हमारी निगाहों के सामने
وَوَحْيِنَا और हमारी वही के मुताबिक़ wawaḥyinā
और हमारी वही के मुताबिक़
فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब
جَآءَ आ जाए jāa
आ जाए
أَمْرُنَا हुक्म हमारा amrunā
हुक्म हमारा
وَفَارَ और जोश मारे wafāra
और जोश मारे
ٱلتَّنُّورُ ۙ तन्नूर l-tanūru
तन्नूर
فَٱسْلُكْ तो दाख़िल कर ले fa-us'luk
तो दाख़िल कर ले
فِيهَا उस में fīhā
उस में
مِن of min
of
كُلٍّۢ हर क़िस्म के kullin
हर क़िस्म के
زَوْجَيْنِ जोड़े (नर व मादा) zawjayni
जोड़े (नर व मादा)
ٱثْنَيْنِ दोनों ith'nayni
दोनों
وَأَهْلَكَ और अपने अहलो अयाल को wa-ahlaka
और अपने अहलो अयाल को
إِلَّا मगर illā
मगर
مَن जो man
जो
سَبَقَ पहले हो चुकी sabaqa
पहले हो चुकी
عَلَيْهِ उस पर ʿalayhi
उस पर
ٱلْقَوْلُ बात l-qawlu
बात
مِنْهُمْ ۖ उनमें से min'hum
उनमें से
وَلَا और ना walā
और ना
تُخَـٰطِبْنِى तुम बात करना मुझसे tukhāṭib'nī
तुम बात करना मुझसे
فِى concerning
concerning
ٱلَّذِينَ उनके मामले में जिन्होंने alladhīna
उनके मामले में जिन्होंने
ظَلَمُوٓا۟ ۖ ज़ुल्म किया ẓalamū
ज़ुल्म किया
إِنَّهُم बेशक वो innahum
बेशक वो
مُّغْرَقُونَ ग़र्क़ किए जाने वाले हैं mugh'raqūna
ग़र्क़ किए जाने वाले हैं
٢٧ (27)
(27)
तो हमने उसकी ओर वह़्य (प्रकाशना) की कि हमारी आँखों के सामने और हमारी वह़्य के अनुसार नौका बना। फिर जब हमारा आदेश आ जाए तथा तन्नूर उबल पड़े, तो प्रत्येक जीव का जोड़ा नर और मादा तथा अपने परिवार वालों को उसमें सवार कर ले, उनमें से उसके सिवाय जिसके बारे में पहले निर्णय हो चुका है। और मुझसे उनके बारे में बात न करना, जिन्होंने अत्याचार किया है। निश्चय वे डुबोए जाने वाले हैं।
२३:२८
فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब
ٱسْتَوَيْتَ सवार हो जाओ तुम is'tawayta
सवार हो जाओ तुम
أَنتَ तुम anta
तुम
وَمَن और जो waman
और जो
مَّعَكَ तुम्हारे साथ हैं maʿaka
तुम्हारे साथ हैं
عَلَى [on] ʿalā
[on]
ٱلْفُلْكِ कश्ती पर l-ful'ki
कश्ती पर
فَقُلِ तो कहना faquli
तो कहना
ٱلْحَمْدُ सब तारीफ़ l-ḥamdu
सब तारीफ़
لِلَّهِ अल्लाह के लिए है lillahi
अल्लाह के लिए है
ٱلَّذِى जिस ने alladhī
जिस ने
نَجَّىٰنَا निजात दी हमें najjānā
निजात दी हमें
مِنَ from mina
from
ٱلْقَوْمِ उन लोगों से l-qawmi
उन लोगों से
ٱلظَّـٰلِمِينَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimīna
जो ज़ालिम हैं
٢٨ (28)
(28)
फिर जब तू और जो तेरे साथ हैं, नाव पर बैठ जाओ, तो कह : सब प्रशंसा अल्लाह के लिए है, जिसने हमें अत्याचारी लोगों से छुटकारा दिया।
२३:२९
وَقُل और कहना waqul
और कहना
رَّبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब
أَنزِلْنِى उतार मुझे anzil'nī
उतार मुझे
مُنزَلًۭا उतारने की जगह munzalan
उतारने की जगह
مُّبَارَكًۭا बाबरकत mubārakan
बाबरकत
وَأَنتَ और तू wa-anta
और तू
خَيْرُ बेहतर है khayru
बेहतर है
ٱلْمُنزِلِينَ सब उतारने वालों से l-munzilīna
सब उतारने वालों से
٢٩ (29)
(29)
तथा तू कह : ऐ मेरे पालनहार! मुझे बरकत वाली जगह उतार और तू सब उतारने वालों से उत्तम है।
२३:३०
إِنَّ बेशक inna
बेशक
فِى in
in
ذَٰلِكَ इस में dhālika
इस में
لَـَٔايَـٰتٍۢ अलबत्ता निशानियाँ हैं laāyātin
अलबत्ता निशानियाँ हैं
وَإِن और बेशक wa-in
और बेशक
كُنَّا हैं हम kunnā
हैं हम
لَمُبْتَلِينَ अलबत्ता आज़माने वाले lamub'talīna
अलबत्ता आज़माने वाले
٣٠ (30)
(30)
निःसंदेह इसमें निश्चय कई निशानियाँ हैं तथा निःसंदेह हम निश्चय परीक्षा लेने वाले1 हैं।
२३:३१
ثُمَّ फिर thumma
फिर
أَنشَأْنَا उठाए हमने anshanā
उठाए हमने
مِنۢ after them min
after them
بَعْدِهِمْ बाद उनके baʿdihim
बाद उनके
قَرْنًا लोग qarnan
लोग
ءَاخَرِينَ दूसरे ākharīna
दूसरे
٣١ (31)
(31)
फिर हमने उनके पश्चात् दूसरे समुदाय को पैदा किया।
२३:३२
فَأَرْسَلْنَا तो भेजा हमने fa-arsalnā
तो भेजा हमने
فِيهِمْ उन में fīhim
उन में
رَسُولًۭا एक रसूल rasūlan
एक रसूल
مِّنْهُمْ उन्हीं में से min'hum
उन्हीं में से
أَنِ कि ani
कि
ٱعْبُدُوا۟ इबादत करो uʿ'budū
इबादत करो
ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की
مَا नहीं
नहीं
لَكُم तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
مِّنْ (is) any min
(is) any
إِلَـٰهٍ कोई इलाह( बरहक़) ilāhin
कोई इलाह( बरहक़)
غَيْرُهُۥٓ ۖ उसके सिवा ghayruhu
उसके सिवा
أَفَلَا क्या फिर नहीं afalā
क्या फिर नहीं
تَتَّقُونَ तुम डरते tattaqūna
तुम डरते
٣٢ (32)
(32)
फिर हमने उनके अंदर उन्हीं में से एक रसूल भेजा कि अल्लाह की इबादत करो, उसके सिवा तुम्हारा कोई पूज्य नहीं। तो क्या तुम डरते नहीं?
२३:३३
وَقَالَ और कहा waqāla
और कहा
ٱلْمَلَأُ सरदारों ने l-mala-u
सरदारों ने
مِن of min
of
قَوْمِهِ उस की क़ौम से qawmihi
उस की क़ौम से
ٱلَّذِينَ जिन्होंने alladhīna
जिन्होंने
كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया
وَكَذَّبُوا۟ और झुठलाया wakadhabū
और झुठलाया
بِلِقَآءِ मुलाक़ात को biliqāi
मुलाक़ात को
ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत की l-ākhirati
आख़िरत की
وَأَتْرَفْنَـٰهُمْ और ख़ुशहाली दी हमने उन्हें wa-atrafnāhum
और ख़ुशहाली दी हमने उन्हें
فِى in
in
ٱلْحَيَوٰةِ ज़िन्दगी में l-ḥayati
ज़िन्दगी में
ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की
مَا नहीं
नहीं
هَـٰذَآ ये hādhā
ये
إِلَّا मगर illā
मगर
بَشَرٌۭ एक इन्सान basharun
एक इन्सान
مِّثْلُكُمْ तुम्हारे जैसा mith'lukum
तुम्हारे जैसा
يَأْكُلُ वो खाता है yakulu
वो खाता है
مِمَّا उस से जो mimmā
उस से जो
تَأْكُلُونَ तुम खाते हो takulūna
तुम खाते हो
مِنْهُ जिससे min'hu
जिससे
وَيَشْرَبُ और वो पीता है wayashrabu
और वो पीता है
مِمَّا उस से जो mimmā
उस से जो
تَشْرَبُونَ तुम पीते हो tashrabūna
तुम पीते हो
٣٣ (33)
(33)
और उसकी जाति के उन प्रमुखों ने, जिन्होंने कुफ़्र किया और आख़िरत की भेंट को झुठलाया, तथा हमने उन्हें सांसारिक जीवन में सुख-समृद्धि प्रदान कर रखी थी, कहा : यह तो बस तुम्हारे ही जैसा एक इनसान है। जो उसमें से खाता है, जिसमें से तुम खाते हो और उसमें से पीता है, जो तुम पीते हो।
२३:३४
وَلَئِنْ और अलबत्ता अगर wala-in
और अलबत्ता अगर
أَطَعْتُم इताअत की तुम ने aṭaʿtum
इताअत की तुम ने
بَشَرًۭا एक इन्सान की basharan
एक इन्सान की
مِّثْلَكُمْ अपने जैसे mith'lakum
अपने जैसे
إِنَّكُمْ यक़ीनन तुम innakum
यक़ीनन तुम
إِذًۭا तब होगे idhan
तब होगे
لَّخَـٰسِرُونَ अलबत्ता ख़सारा पाने वाले lakhāsirūna
अलबत्ता ख़सारा पाने वाले
٣٤ (34)
(34)
और निःसंदेह यदि तुमने अपने ही जैसे एक मनुष्य का कहना मान लिया, तो निश्चय तुम उस समय अवश्य घाटा उठाने वाले होगे।
२३:३५
أَيَعِدُكُمْ क्या वो वादा देता है तुम्हें ayaʿidukum
क्या वो वादा देता है तुम्हें
أَنَّكُمْ कि बेशक तुम annakum
कि बेशक तुम
إِذَا जब idhā
जब
مِتُّمْ मर जाओगे तुम mittum
मर जाओगे तुम
وَكُنتُمْ और हो जाओगे तुम wakuntum
और हो जाओगे तुम
تُرَابًۭا मिट्टी turāban
मिट्टी
وَعِظَـٰمًا और हड्डियाँ waʿiẓāman
और हड्डियाँ
أَنَّكُم बेशक तुम annakum
बेशक तुम
مُّخْرَجُونَ निकाले जाने वाले हो mukh'rajūna
निकाले जाने वाले हो
٣٥ (35)
(35)
क्या यह तुमसे वादा करता है कि जब तुम मर गए और धूल तथा हड्डियाँ बन गए, तो तुम निकाले जाने वाले हो?
२३:३६
۞ هَيْهَاتَ बहुत दूर है hayhāta
बहुत दूर है
هَيْهَاتَ बहुत दूर है hayhāta
बहुत दूर है
لِمَا वो जो limā
वो जो
تُوعَدُونَ तुम वादा दिए जा रहे हो tūʿadūna
तुम वादा दिए जा रहे हो
٣٦ (36)
(36)
दूरी है, दूरी है उसके लिए जिसका तुमसे वादा किया जाता है।
२३:३७
إِنْ नहीं in
नहीं
هِىَ ये hiya
ये
إِلَّا मगर illā
मगर
حَيَاتُنَا ज़िन्दगी हमारी ḥayātunā
ज़िन्दगी हमारी
ٱلدُّنْيَا दुनिया की l-dun'yā
दुनिया की
نَمُوتُ हम मरते हैं namūtu
हम मरते हैं
وَنَحْيَا और हम जीते हैं wanaḥyā
और हम जीते हैं
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
نَحْنُ हम naḥnu
हम
بِمَبْعُوثِينَ उठाए जाने वाले bimabʿūthīna
उठाए जाने वाले
٣٧ (37)
(37)
यह (जीवन) तो बस हमारा सांसारिक जीवन है। हम (यहीं) मरते और जीते हैं। और हम कभी उठाए जाने वाले नहीं।
२३:३८
إِنْ नहीं in
नहीं
هُوَ वो huwa
वो
إِلَّا मगर illā
मगर
رَجُلٌ एक मर्द rajulun
एक मर्द
ٱفْتَرَىٰ उसने गढ़ लिया if'tarā
उसने गढ़ लिया
عَلَى about ʿalā
about
ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर
كَذِبًۭا झूठ kadhiban
झूठ
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
نَحْنُ हम naḥnu
हम
لَهُۥ उसे lahu
उसे
بِمُؤْمِنِينَ मानने वाले bimu'minīna
मानने वाले
٣٨ (38)
(38)
यह तो बस एक व्यक्ति है, जिसने अल्लाह पर एक झूठ गढ़ लिया है और हम कदापि उसे मानने वाले नहीं हैं।
२३:३९
قَالَ कहा qāla
कहा
رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब
ٱنصُرْنِى मदद कर मेरी unṣur'nī
मदद कर मेरी
بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो
كَذَّبُونِ उन्होंने झुठलाया मुझे kadhabūni
उन्होंने झुठलाया मुझे
٣٩ (39)
(39)
उसने कहा : ऐ मेरे पालनहार! मेरी मदद कर, इसलिए कि इन्होंने मुझे झुठलाया है।
२३:४०
قَالَ कहा qāla
कहा
عَمَّا इस(मुद्दत) में जो ʿammā
इस(मुद्दत) में जो
قَلِيلٍۢ थोड़ी है qalīlin
थोड़ी है
لَّيُصْبِحُنَّ अलबत्ता वो ज़रूर हो जाऐंगे layuṣ'biḥunna
अलबत्ता वो ज़रूर हो जाऐंगे
نَـٰدِمِينَ नादिम nādimīna
नादिम
٤٠ (40)
(40)
(अल्लाह ने) कहा : बहुत ही कम समय में ये अवश्य पछताएँगे।
२३:४१
فَأَخَذَتْهُمُ तो पकड़ लिया उन्हें fa-akhadhathumu
तो पकड़ लिया उन्हें
ٱلصَّيْحَةُ चिंघाड़ ने l-ṣayḥatu
चिंघाड़ ने
بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के
فَجَعَلْنَـٰهُمْ तो कर दिया हमने उन्हें fajaʿalnāhum
तो कर दिया हमने उन्हें
غُثَآءًۭ ۚ कूड़ा-करकट ghuthāan
कूड़ा-करकट
فَبُعْدًۭا तो दूरी है fabuʿ'dan
तो दूरी है
لِّلْقَوْمِ उन लोगों के लिए lil'qawmi
उन लोगों के लिए
ٱلظَّـٰلِمِينَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimīna
जो ज़ालिम हैं
٤١ (41)
(41)
अन्ततः उन्हें चीख़ ने सत्य के साथ आ पकड़ा। तो हमने उन्हें कूड़ा-कर्कट बना दिया। तो दूरी हो अत्याचारियों के लिए।
२३:४२
ثُمَّ फिर thumma
फिर
أَنشَأْنَا उठाईं हमने anshanā
उठाईं हमने
مِنۢ after them min
after them
بَعْدِهِمْ उनके बाद baʿdihim
उनके बाद
قُرُونًا क़ौमें qurūnan
क़ौमें
ءَاخَرِينَ दूसरी ākharīna
दूसरी
٤٢ (42)
(42)
फिर हमने उनके पश्चात् कई और युग के लोगों को पैदा किया।
२३:४३
مَا ना
ना
تَسْبِقُ आगे बढ़ सकती है tasbiqu
आगे बढ़ सकती है
مِنْ any min
any
أُمَّةٍ कोई उम्मत ummatin
कोई उम्मत
أَجَلَهَا अपने मुक़र्रर वक़्त से ajalahā
अपने मुक़र्रर वक़्त से
وَمَا और ना wamā
और ना
يَسْتَـْٔخِرُونَ वो पीछे रह सकती yastakhirūna
वो पीछे रह सकती
٤٣ (43)
(43)
कोई समुदाय अपने निश्चित समय से न आगे बढ़ता है और न वे पीछे रहते हैं।1
२३:४४
ثُمَّ फिर thumma
फिर
أَرْسَلْنَا भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने
رُسُلَنَا अपने रसूलों को rusulanā
अपने रसूलों को
تَتْرَا ۖ पै- दर- पै tatrā
पै- दर- पै
كُلَّ Every time kulla
Every time
مَا जब कभी
जब कभी
جَآءَ आया jāa
आया
أُمَّةًۭ किसी उम्मत में ummatan
किसी उम्मत में
رَّسُولُهَا रसूल उसका rasūluhā
रसूल उसका
كَذَّبُوهُ ۚ उन्होंने झुठला दिया उसे kadhabūhu
उन्होंने झुठला दिया उसे
فَأَتْبَعْنَا तो पीछे लाए हम fa-atbaʿnā
तो पीछे लाए हम
بَعْضَهُم उनके बाज़ को baʿḍahum
उनके बाज़ को
بَعْضًۭا बाज़ के baʿḍan
बाज़ के
وَجَعَلْنَـٰهُمْ और बना दिया हमने उन्हें wajaʿalnāhum
और बना दिया हमने उन्हें
أَحَادِيثَ ۚ क़िस्से कहानियाँ aḥādītha
क़िस्से कहानियाँ
فَبُعْدًۭا तो दूरी है fabuʿ'dan
तो दूरी है
لِّقَوْمٍۢ उन लोगों के लिए liqawmin
उन लोगों के लिए
لَّا not
not
يُؤْمِنُونَ जो नहीं ईमान लाते yu'minūna
जो नहीं ईमान लाते
٤٤ (44)
(44)
फिर हमने अपने रसूल निरंतर भेजे। जब कभी किसी समुदाय के पास उसका रसूल आया, तो उसके लोगों ने उसे झुठला दिया। तो हमने उनमें से कुछ को कुछ के पीछे चलता किया1 और उन्हें कहानियाँ बना दिया। तो दूरी हो उन लोगों के लिए, जो ईमान नहीं लाते।
२३:४५
ثُمَّ फिर thumma
फिर
أَرْسَلْنَا भेजा हमने arsalnā
भेजा हमने
مُوسَىٰ मूसा को mūsā
मूसा को
وَأَخَاهُ और उसके भाई wa-akhāhu
और उसके भाई
هَـٰرُونَ हारून को hārūna
हारून को
بِـَٔايَـٰتِنَا साथ अपनी निशानियों के biāyātinā
साथ अपनी निशानियों के
وَسُلْطَـٰنٍۢ और दलील wasul'ṭānin
और दलील
مُّبِينٍ वाज़ेह के mubīnin
वाज़ेह के
٤٥ (45)
(45)
फिर हमने मूसा तथा उसके भाई हारून को अपनी निशानियों तथा स्पष्ट तर्क के साथ भेजा।
२३:४६
إِلَىٰ To ilā
To
فِرْعَوْنَ तरफ़ फ़िरऔन fir'ʿawna
तरफ़ फ़िरऔन
وَمَلَإِي۟هِۦ और उसके सरदारों के wamala-ihi
और उसके सरदारों के
فَٱسْتَكْبَرُوا۟ तो उन्होंने तकब्बुर किया fa-is'takbarū
तो उन्होंने तकब्बुर किया
وَكَانُوا۟ और थे वो wakānū
और थे वो
قَوْمًا लोग qawman
लोग
عَالِينَ सरकश ʿālīna
सरकश
٤٦ (46)
(46)
फ़िरऔन और उसके सरदारों की ओर। तो उन्होंने घमंड किया और वे सरकश लोग थे।
२३:४७
فَقَالُوٓا۟ तो वो कहने लगे faqālū
तो वो कहने लगे
أَنُؤْمِنُ क्या हम ईमान लाऐं anu'minu
क्या हम ईमान लाऐं
لِبَشَرَيْنِ दो इन्सानों पर libasharayni
दो इन्सानों पर
مِثْلِنَا अपने जैसे mith'linā
अपने जैसे
وَقَوْمُهُمَا और क़ौम उन दोनों की waqawmuhumā
और क़ौम उन दोनों की
لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए
عَـٰبِدُونَ ताबेअदार है ʿābidūna
ताबेअदार है
٤٧ (47)
(47)
उन्होंने कहा : क्या हम अपने जैसे दो व्यक्तियों पर ईमान ले आएँ , जबकि उनके लोग हमारे दास हैं?
२३:४८
فَكَذَّبُوهُمَا तो उन्होंने झुठला दिया उन दोनों को fakadhabūhumā
तो उन्होंने झुठला दिया उन दोनों को
فَكَانُوا۟ तो हो गए वो fakānū
तो हो गए वो
مِنَ of mina
of
ٱلْمُهْلَكِينَ हलाक होने वालों में से l-muh'lakīna
हलाक होने वालों में से
٤٨ (48)
(48)
तो उन्होंने दोनों को झुठला दिया, तो वे विनष्ट किए गए लोगों में से हो गए।
२३:४९
وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़
ءَاتَيْنَا दी हमने ātaynā
दी हमने
مُوسَى मूसा को mūsā
मूसा को
ٱلْكِتَـٰبَ किताब l-kitāba
किताब
لَعَلَّهُمْ ताकि वो laʿallahum
ताकि वो
يَهْتَدُونَ वो हिदायत पाऐं yahtadūna
वो हिदायत पाऐं
٤٩ (49)
(49)
और निःसंदेह हमने मूसा को पुस्तक1 प्रदान की, ताकि वे (लोग) मार्गदर्शन पा जाएँ।
२३:५०
وَجَعَلْنَا और बनाया हमने wajaʿalnā
और बनाया हमने
ٱبْنَ (the) son ib'na
(the) son
مَرْيَمَ इब्ने मरियम maryama
इब्ने मरियम
وَأُمَّهُۥٓ और उसकी माँ को wa-ummahu
और उसकी माँ को
ءَايَةًۭ एक निशानी āyatan
एक निशानी
وَءَاوَيْنَـٰهُمَآ और पनाह दी हमने उन दोनों को waāwaynāhumā
और पनाह दी हमने उन दोनों को
إِلَىٰ to ilā
to
رَبْوَةٍۢ तरफ़ बुलन्द जगह के rabwatin
तरफ़ बुलन्द जगह के
ذَاتِ of tranquility dhāti
of tranquility
قَرَارٍۢ क़रार/सुकून वाली qarārin
क़रार/सुकून वाली
وَمَعِينٍۢ और बहते चश्मे वाली wamaʿīnin
और बहते चश्मे वाली
٥٠ (50)
(50)
और हमने मरयम के पुत्र (ईसा) तथा उसकी माँ को महान निशानी बनाया तथा दोनों को एक ऊँची भूमि1 पर ठिकाना दिया, जो रहने के योग्य तथा प्रवाहित पानी वाली थी।
२३:५१
يَـٰٓأَيُّهَا yāayyuhā
ٱلرُّسُلُ पैग़म्बरो l-rusulu
पैग़म्बरो
كُلُوا۟ खाओ kulū
खाओ
مِنَ of mina
of
ٱلطَّيِّبَـٰتِ पाकीज़ा चीज़ों में से l-ṭayibāti
पाकीज़ा चीज़ों में से
وَٱعْمَلُوا۟ और अमल करो wa-iʿ'malū
और अमल करो
صَـٰلِحًا ۖ नेक ṣāliḥan
नेक
إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं
بِمَا उसे जो bimā
उसे जो
تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो
عَلِيمٌۭ ख़ूब जानने वाला हूँ ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला हूँ
٥١ (51)
(51)
ऐ रसूलो! पाक चीज़ों1 में से खाओ तथा अच्छे कर्म करो। निश्चय मैं उससे भली-भाँति अवगत हूँ, जो तुम करते हो।
२३:५२
وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक
هَـٰذِهِۦٓ ये hādhihi
ये
أُمَّتُكُمْ उम्मत तुम्हारी ummatukum
उम्मत तुम्हारी
أُمَّةًۭ उम्मत है ummatan
उम्मत है
وَٰحِدَةًۭ एक ही wāḥidatan
एक ही
وَأَنَا۠ और मैं wa-anā
और मैं
رَبُّكُمْ रब हूँ तुम्हारा rabbukum
रब हूँ तुम्हारा
فَٱتَّقُونِ पस डरो मुझ से fa-ittaqūni
पस डरो मुझ से
٥٢ (52)
(52)
और निःसंदेह यह तुम्हारा समुदाय (धर्म) एक ही समुदाय (धर्म) है और मैं तुम सबका पालनहार (पूज्य) हूँ। अतः मुझसे डरो।
२३:५३
فَتَقَطَّعُوٓا۟ तो उन्होंने जुदा-जुदा कर लिया fataqaṭṭaʿū
तो उन्होंने जुदा-जुदा कर लिया
أَمْرَهُم मामला अपना amrahum
मामला अपना
بَيْنَهُمْ आपस में baynahum
आपस में
زُبُرًۭا ۖ टुकड़े-टुकड़े करके zuburan
टुकड़े-टुकड़े करके
كُلُّ each kullu
each
حِزْبٍۭ हर फ़रीक़/ गिरोह( के लोग) ḥiz'bin
हर फ़रीक़/ गिरोह( के लोग)
بِمَا उस पर जो bimā
उस पर जो
لَدَيْهِمْ उनके पास है ladayhim
उनके पास है
فَرِحُونَ ख़ुश हैं fariḥūna
ख़ुश हैं
٥٣ (53)
(53)
फिर वे अपने मामले (धर्म) में परस्पर कई समूहों में विभाजित होकर टुकड़े-टुकड़े हो गए। प्रत्येक समूह के लोग उसी पर खुश हैं, जो उनके पास1 है।
२३:५४
فَذَرْهُمْ तो छोड़ दीजिए उन्हें fadharhum
तो छोड़ दीजिए उन्हें
فِى in
in
غَمْرَتِهِمْ उनकी ग़फ़्लत में ghamratihim
उनकी ग़फ़्लत में
حَتَّىٰ until ḥattā
until
حِينٍ एक वक़्त तक ḥīnin
एक वक़्त तक
٥٤ (54)
(54)
अतः (ऐ नबी!) आप उन्हें एक समय तक उनकी अचेतना में छोड़ दें।
२३:५५
أَيَحْسَبُونَ क्या वो समझते हैं ayaḥsabūna
क्या वो समझते हैं
أَنَّمَا कि बेशक annamā
कि बेशक
نُمِدُّهُم जो हम मदद दे रहे हैं उन्हें numidduhum
जो हम मदद दे रहे हैं उन्हें
بِهِۦ साथ किसी भी(चीज़) के bihi
साथ किसी भी(चीज़) के
مِن of min
of
مَّالٍۢ माल से mālin
माल से
وَبَنِينَ और बेटों से wabanīna
और बेटों से
٥٥ (55)
(55)
क्या वे समझते हैं कि हम धन और संतान में से जिन चीज़ों के साथ उनकी सहायता कर रहे हैं।
२३:५६
نُسَارِعُ कि हम जल्दी कर रहे हैं nusāriʿu
कि हम जल्दी कर रहे हैं
لَهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए
فِى in
in
ٱلْخَيْرَٰتِ ۚ भलाइयों में l-khayrāti
भलाइयों में
بَل बल्कि bal
बल्कि
لَّا not
not
يَشْعُرُونَ नहीं वो शऊर रखते yashʿurūna
नहीं वो शऊर रखते
٥٦ (56)
(56)
हम उन्हें भलाइयाँ देने में जल्दी कर रहे हैं? बल्कि वे नहीं समझते।1
२३:५७
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो
هُم वो hum
वो
مِّنْ from min
from
خَشْيَةِ ख़ौफ़ से khashyati
ख़ौफ़ से
رَبِّهِم अपने रब के rabbihim
अपने रब के
مُّشْفِقُونَ डरने वाले हैं mush'fiqūna
डरने वाले हैं
٥٧ (57)
(57)
निःसंदेह वे लोग जो अपने पालनहार के भय से डरने वाले हैं।
२३:५८
وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो
هُم वो hum
वो
بِـَٔايَـٰتِ आयात पर biāyāti
आयात पर
رَبِّهِمْ अपने रब की rabbihim
अपने रब की
يُؤْمِنُونَ वो ईमान लाते हैं yu'minūna
वो ईमान लाते हैं
٥٨ (58)
(58)
और वे जो अपने पालनहार की आयतों पर ईमान रखते हैं।
२३:५९
وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो
هُم वो hum
वो
بِرَبِّهِمْ अपने रब के साथ birabbihim
अपने रब के साथ
لَا (do) not
(do) not
يُشْرِكُونَ नहीं वो शरीक करते yush'rikūna
नहीं वो शरीक करते
٥٩ (59)
(59)
और वे जो अपने पालनहार का साझी नहीं बनाते।
२३:६०
وَٱلَّذِينَ और वो जो wa-alladhīna
और वो जो
يُؤْتُونَ देते हैं yu'tūna
देते हैं
مَآ जो कुछ
जो कुछ
ءَاتَوا۟ वो देते हैं ātaw
वो देते हैं
وَّقُلُوبُهُمْ जब कि दिल उनके waqulūbuhum
जब कि दिल उनके
وَجِلَةٌ लरज़ते हैं wajilatun
लरज़ते हैं
أَنَّهُمْ कि बेशक वो annahum
कि बेशक वो
إِلَىٰ to ilā
to
رَبِّهِمْ तरफ़ अपने रब के rabbihim
तरफ़ अपने रब के
رَٰجِعُونَ लौटने वाले हैं rājiʿūna
लौटने वाले हैं
٦٠ (60)
(60)
और वे लोग कि जो कुछ भी दें, इस हाल में देते हैं कि उनके दिल डरने वाले होते हैं कि वे अपने पालनहार ही की ओर लौटने वाले हैं।
२३:६१
أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं
يُسَـٰرِعُونَ जो जल्दी करते हैं yusāriʿūna
जो जल्दी करते हैं
فِى in
in
ٱلْخَيْرَٰتِ भलाइयों में l-khayrāti
भलाइयों में
وَهُمْ और वो ही wahum
और वो ही
لَهَا उनके लिए lahā
उनके लिए
سَـٰبِقُونَ सबक़त करने वाले हैं sābiqūna
सबक़त करने वाले हैं
٦١ (61)
(61)
यही लोग हैं, जो भलाइयों में जल्दी करते हैं और यही लोग उनकी तरफ़ आगे बढ़ने वाले हैं।
२३:६२
وَلَا और नहीं walā
और नहीं
نُكَلِّفُ हम तकलीफ़ देते nukallifu
हम तकलीफ़ देते
نَفْسًا किसी नफ़्स को nafsan
किसी नफ़्स को
إِلَّا मगर illā
मगर
وُسْعَهَا ۖ उसकी वुसअत के मुताबिक़ wus'ʿahā
उसकी वुसअत के मुताबिक़
وَلَدَيْنَا और हमारे पास waladaynā
और हमारे पास
كِتَـٰبٌۭ एक किताब है kitābun
एक किताब है
يَنطِقُ जो बोलती है yanṭiqu
जो बोलती है
بِٱلْحَقِّ ۚ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के
وَهُمْ और वो wahum
और वो
لَا (will) not
(will) not
يُظْلَمُونَ ना वो ज़ुल्म किए जाऐंगे yuẓ'lamūna
ना वो ज़ुल्म किए जाऐंगे
٦٢ (62)
(62)
और हम किसी प्राणी पर उसकी क्षमता से अधिक बोझ नहीं डालते। तथा हमारे पास एक पुस्तक है, जो सत्य के साथ बोलती है। और उनपर अत्याचार नहीं किया1 जाएगा।
२३:६३
بَلْ बल्कि bal
बल्कि
قُلُوبُهُمْ दिल उनके qulūbuhum
दिल उनके
فِى (are) in
(are) in
غَمْرَةٍۢ ग़फ़्लत में हैं ghamratin
ग़फ़्लत में हैं
مِّنْ over min
over
هَـٰذَا उस से hādhā
उस से
وَلَهُمْ और उनके लिए walahum
और उनके लिए
أَعْمَـٰلٌۭ कई आमाल हैं aʿmālun
कई आमाल हैं
مِّن besides min
besides
دُونِ अलावा dūni
अलावा
ذَٰلِكَ उसके dhālika
उसके
هُمْ वो hum
वो
لَهَا उन्हें lahā
उन्हें
عَـٰمِلُونَ करने वाले हैं ʿāmilūna
करने वाले हैं
٦٣ (63)
(63)
बल्कि उनके दिल इससे अचेत हैं तथा इसके सिवा भी उनके कई काम हैं। वे उन्हीं को करने वाले हैं।
२३:६४
حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि
إِذَآ जब idhā
जब
أَخَذْنَا पकड़ेंगे हम akhadhnā
पकड़ेंगे हम
مُتْرَفِيهِم उनके ख़ुशहाल लोगों को mut'rafīhim
उनके ख़ुशहाल लोगों को
بِٱلْعَذَابِ साथ अज़ाब के bil-ʿadhābi
साथ अज़ाब के
إِذَا तब यकायक idhā
तब यकायक
هُمْ वो hum
वो
يَجْـَٔرُونَ वो चिल्लाने लगेंगे yajarūna
वो चिल्लाने लगेंगे
٦٤ (64)
(64)
यहाँ तक कि जब हम उनके सुखी लोगों को यातना में पकड़ेंगे, तो वे बिलबिलाने लगेंगे।
२३:६५
لَا (Do) not
(Do) not
تَجْـَٔرُوا۟ ना तुम चिल्लाओ tajarū
ना तुम चिल्लाओ
ٱلْيَوْمَ ۖ आज l-yawma
आज
إِنَّكُم बेशक तुम innakum
बेशक तुम
مِّنَّا हमसे minnā
हमसे
لَا not
not
تُنصَرُونَ ना तुम मदद किए जाओगे tunṣarūna
ना तुम मदद किए जाओगे
٦٥ (65)
(65)
आज मत बिलबिलाओ। निःसंदेह तुम्हें हमारी ओर से कोई सहायता नहीं मिलेगी।
२३:६६
قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़
كَانَتْ थीं kānat
थीं
ءَايَـٰتِى मोरी आयात āyātī
मोरी आयात
تُتْلَىٰ पढ़ी जातीं tut'lā
पढ़ी जातीं
عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर
فَكُنتُمْ तो थे तुम fakuntum
तो थे तुम
عَلَىٰٓ (to) on ʿalā
(to) on
أَعْقَـٰبِكُمْ अपनी एड़ियों पर aʿqābikum
अपनी एड़ियों पर
تَنكِصُونَ तुम फिर जाते tankiṣūna
तुम फिर जाते
٦٦ (66)
(66)
निःसंदेह मेरी आयतें तुम्हें सुनाई जाती थीं, तो तुम अपनी एड़ियों के बल फिर जाया करते थे।
२३:६७
مُسْتَكْبِرِينَ तकब्बुर करते हुए mus'takbirīna
तकब्बुर करते हुए
بِهِۦ साथ उसके bihi
साथ उसके
سَـٰمِرًۭا रात को बातें करते हुए sāmiran
रात को बातें करते हुए
تَهْجُرُونَ तुम बेहूदा गोई करते थे tahjurūna
तुम बेहूदा गोई करते थे
٦٧ (67)
(67)
अभिमान करते हुए, रात को बातें करते हुए उसके बारे में अनर्थ बकते थे।
२३:६८
أَفَلَمْ क्या भला नहीं afalam
क्या भला नहीं
يَدَّبَّرُوا۟ उन्होंने ग़ौरो फ़िक्र किया yaddabbarū
उन्होंने ग़ौरो फ़िक्र किया
ٱلْقَوْلَ कलाम में l-qawla
कलाम में
أَمْ या am
या
جَآءَهُم आया है उनके पास jāahum
आया है उनके पास
مَّا जो
जो
لَمْ नहीं lam
नहीं
يَأْتِ आया yati
आया
ءَابَآءَهُمُ उनके आबा ओ अजदाद के पास ābāahumu
उनके आबा ओ अजदाद के पास
ٱلْأَوَّلِينَ पहले l-awalīna
पहले
٦٨ (68)
(68)
तो क्या उन्होंने इस वाणी (क़ुरआन) पर विचार नहीं किया, अथवा उनके पास वह चीज़1 आई है, जो उनके पहले बाप-दादा के पास नहीं आई?
२३:६९
أَمْ या am
या
لَمْ नहीं lam
नहीं
يَعْرِفُوا۟ उन्होंने पहचाना yaʿrifū
उन्होंने पहचाना
رَسُولَهُمْ अपने रसूल को rasūlahum
अपने रसूल को
فَهُمْ तो वो fahum
तो वो
لَهُۥ उसके lahu
उसके
مُنكِرُونَ इन्कारी हैं munkirūna
इन्कारी हैं
٦٩ (69)
(69)
या उन्होंने अपने रसूल को नहीं पहचाना, इस कारण वे उसका इनकार कर रहे1 हैं?
२३:७०
أَمْ या am
या
يَقُولُونَ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं
بِهِۦ उसे bihi
उसे
جِنَّةٌۢ ۚ जुनून है jinnatun
जुनून है
بَلْ बल्कि bal
बल्कि
جَآءَهُم वो लाया है उनके पास jāahum
वो लाया है उनके पास
بِٱلْحَقِّ हक़ bil-ḥaqi
हक़
وَأَكْثَرُهُمْ और अक्सर उनके wa-aktharuhum
और अक्सर उनके
لِلْحَقِّ हक़ को lil'ḥaqqi
हक़ को
كَـٰرِهُونَ नापसंद करने वाले हैं kārihūna
नापसंद करने वाले हैं
٧٠ (70)
(70)
या वे कहते हैं कि उसे कोई पागलपन हैं। बल्कि वह तो उनके पास सत्य लेकर आए हैं और उनमें से अधिकांश लोग सत्य को बुरा जानने वाले हैं।
२३:७१
وَلَوِ और अगर walawi
और अगर
ٱتَّبَعَ पैरवी करता ittabaʿa
पैरवी करता
ٱلْحَقُّ हक़ l-ḥaqu
हक़
أَهْوَآءَهُمْ उनकी ख़्वाहिशात की ahwāahum
उनकी ख़्वाहिशात की
لَفَسَدَتِ अलबत्ता बिगड़ जाते lafasadati
अलबत्ता बिगड़ जाते
ٱلسَّمَـٰوَٰتُ आसमान l-samāwātu
आसमान
وَٱلْأَرْضُ और ज़मीन wal-arḍu
और ज़मीन
وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई
فِيهِنَّ ۚ उनमें है fīhinna
उनमें है
بَلْ बल्कि bal
बल्कि
أَتَيْنَـٰهُم लाए हैं हम उनके पास ataynāhum
लाए हैं हम उनके पास
بِذِكْرِهِمْ ज़िक्र उनका bidhik'rihim
ज़िक्र उनका
فَهُمْ तो वो fahum
तो वो
عَن from ʿan
from
ذِكْرِهِم अपने ही ज़िक्र से dhik'rihim
अपने ही ज़िक्र से
مُّعْرِضُونَ मुँह मोड़ने वाले हैं muʿ'riḍūna
मुँह मोड़ने वाले हैं
٧١ (71)
(71)
और यदि सत्य उनकी इच्छाओं के पीछे चले, तो निश्चय सब आकाश और धरती और जो कोई उनमें है, सब बिगड़ जाएँ। बल्कि हम उनके पास उनकी नसीह़त लेकर आए हैं। ते वे अपनी नसीह़त से मुँह मोड़ने वाले हैं।
२३:७२
أَمْ या am
या
تَسْـَٔلُهُمْ आप सवाल करते हैं उनसे tasaluhum
आप सवाल करते हैं उनसे
خَرْجًۭا माल/अदायगी का kharjan
माल/अदायगी का
فَخَرَاجُ तो ख़िराज/अजरो सवाब fakharāju
तो ख़िराज/अजरो सवाब
رَبِّكَ आपके रब का rabbika
आपके रब का
خَيْرٌۭ ۖ बेहतर है khayrun
बेहतर है
وَهُوَ और वो wahuwa
और वो
خَيْرُ बेहतर है khayru
बेहतर है
ٱلرَّٰزِقِينَ सब रिज़्क़ देने वालों से l-rāziqīna
सब रिज़्क़ देने वालों से
٧٢ (72)
(72)
(ऐ नबी!) क्या आप उनसे कोई पारिश्रमिक माँग रहे हैं? तो आपके पालनहार का पारिश्रमिक उत्तम है और वह सब रोज़ी देने वालों से उत्तम है।
२३:७३
وَإِنَّكَ और बेशक आप wa-innaka
और बेशक आप
لَتَدْعُوهُمْ अलबत्ता आप बुलाते हैं उन्हें latadʿūhum
अलबत्ता आप बुलाते हैं उन्हें
إِلَىٰ to ilā
to
صِرَٰطٍۢ तरफ़ रास्ते ṣirāṭin
तरफ़ रास्ते
مُّسْتَقِيمٍۢ सीधे के mus'taqīmin
सीधे के
٧٣ (73)
(73)
निःसंदेह आप तो उन्हें सीधे रास्ते की ओर बुलाते हैं।
२३:७४
وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक
ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो
لَا (do) not
(do) not
يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाते yu'minūna
नहीं वो ईमान लाते
بِٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत पर bil-ākhirati
आख़िरत पर
عَنِ from ʿani
from
ٱلصِّرَٰطِ रास्ते से l-ṣirāṭi
रास्ते से
لَنَـٰكِبُونَ अलबत्ता हट जाने वाले हैं lanākibūna
अलबत्ता हट जाने वाले हैं
٧٤ (74)
(74)
और निःसंदेह जो लोग आख़िरत पर ईमान नहीं रखते, निश्चय वे सीधे रास्ते से हटने वाले हैं।
२३:७५
۞ وَلَوْ और अगर walaw
और अगर
رَحِمْنَـٰهُمْ रहम करें हम उन पर raḥim'nāhum
रहम करें हम उन पर
وَكَشَفْنَا और खोल दें हम wakashafnā
और खोल दें हम
مَا जो
जो
بِهِم उन्हें है bihim
उन्हें है
مِّن of min
of
ضُرٍّۢ तकलीफ़ में से ḍurrin
तकलीफ़ में से
لَّلَجُّوا۟ अलबत्ता वो अड़े रहेंगे lalajjū
अलबत्ता वो अड़े रहेंगे
فِى in
in
طُغْيَـٰنِهِمْ अपनी सरकशी में ṭugh'yānihim
अपनी सरकशी में
يَعْمَهُونَ भटकते हुए yaʿmahūna
भटकते हुए
٧٥ (75)
(75)
और यदि हम उनपर दया करें और जिस कष्ट1 से वे पीड़ित हैं, उसे दूर कर दें, तो भी वे निश्चय अपनी सरकशी में दृढ़ता से बने रहेंगे इस हाल में कि भटक रहे होंगे।
२३:७६
وَلَقَدْ और अलबत्ता तहक़ीक़ walaqad
और अलबत्ता तहक़ीक़
أَخَذْنَـٰهُم पकड़ लिया हमने उन्हें akhadhnāhum
पकड़ लिया हमने उन्हें
بِٱلْعَذَابِ साथ अज़ाब के bil-ʿadhābi
साथ अज़ाब के
فَمَا पस ना famā
पस ना
ٱسْتَكَانُوا۟ उन्होंने आजिज़ी की is'takānū
उन्होंने आजिज़ी की
لِرَبِّهِمْ अपने रब के लिए lirabbihim
अपने रब के लिए
وَمَا और ना wamā
और ना
يَتَضَرَّعُونَ वो गिड़गिड़ाए yataḍarraʿūna
वो गिड़गिड़ाए
٧٦ (76)
(76)
और निःसंदेह हमने उन्हें यातना में (भी) पकड़ा। फिर भी वे न अपने पालनहार के आगे झुके और न गिड़गिड़ाते थे।
२३:७७
حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि
إِذَا जब idhā
जब
فَتَحْنَا खोल दिया हमने fataḥnā
खोल दिया हमने
عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर
بَابًۭا दरवाज़ा bāban
दरवाज़ा
ذَا of a punishment dhā
of a punishment
عَذَابٍۢ of a punishment ʿadhābin
of a punishment
شَدِيدٍ सख़्त अज़ाब वाला shadīdin
सख़्त अज़ाब वाला
إِذَا यकायक idhā
यकायक
هُمْ वो hum
वो
فِيهِ उसमें fīhi
उसमें
مُبْلِسُونَ मायूस होने वाले थे mub'lisūna
मायूस होने वाले थे
٧٧ (77)
(77)
यहाँ तक कि जब हमने उनपर कोई कठोर यातना1 वाला द्वार खोल दिया, तो तुरंत वे उसमें निराश हो गए।2
२३:७८
وَهُوَ और वो ही है wahuwa
और वो ही है
ٱلَّذِىٓ जिसने alladhī
जिसने
أَنشَأَ पैदा किए ansha-a
पैदा किए
لَكُمُ तुम्हारे लिए lakumu
तुम्हारे लिए
ٱلسَّمْعَ कान l-samʿa
कान
وَٱلْأَبْصَـٰرَ और आँखें wal-abṣāra
और आँखें
وَٱلْأَفْـِٔدَةَ ۚ और दिल wal-afidata
और दिल
قَلِيلًۭا little qalīlan
little
مَّا कितना कम
कितना कम
تَشْكُرُونَ तुम शुक्र अदा करते हो tashkurūna
तुम शुक्र अदा करते हो
٧٨ (78)
(78)
और वही है, जिसने तुम्हारे लिए कान तथा आँखें और दिल बनाए।1 तुम बहुत कम आभार प्रकट करते हो।
२३:७९
وَهُوَ और वो ही है wahuwa
और वो ही है
ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने
ذَرَأَكُمْ फैला दिया तुम्हें dhara-akum
फैला दिया तुम्हें
فِى in
in
ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में
وَإِلَيْهِ और तरफ़ उसी के wa-ilayhi
और तरफ़ उसी के
تُحْشَرُونَ तुम इकट्ठे किए जाओगे tuḥ'sharūna
तुम इकट्ठे किए जाओगे
٧٩ (79)
(79)
और वही है, जिसने तुम्हें धरती में फैलाया और उसी की ओर तुम एकत्र किए जाओगे।
२३:८०
وَهُوَ और वो ही है wahuwa
और वो ही है
ٱلَّذِى जो alladhī
जो
يُحْىِۦ ज़िन्दा करता है yuḥ'yī
ज़िन्दा करता है
وَيُمِيتُ और वो मौत देता है wayumītu
और वो मौत देता है
وَلَهُ और उसी के लिए है walahu
और उसी के लिए है
ٱخْتِلَـٰفُ आगे पीछे आना ikh'tilāfu
आगे पीछे आना
ٱلَّيْلِ रात al-layli
रात
وَٱلنَّهَارِ ۚ और दिन का wal-nahāri
और दिन का
أَفَلَا क्या फिर नहीं afalā
क्या फिर नहीं
تَعْقِلُونَ तुम अक़्ल से काम लेते taʿqilūna
तुम अक़्ल से काम लेते
٨٠ (80)
(80)
तथा वही है, जो जीवित करता और मारता है और उसी के अधिकार में रात और दिन का बदलना है। तो क्या तुम नहीं समझते?
२३:८१
بَلْ बल्कि bal
बल्कि
قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा
مِثْلَ मानिन्द mith'la
मानिन्द
مَا उसके जो
उसके जो
قَالَ कहा था qāla
कहा था
ٱلْأَوَّلُونَ पहलों ने l-awalūna
पहलों ने
٨١ (81)
(81)
बल्कि उन्होंने वही बात कही, जो अगलों ने कही थी।
२३:८२
قَالُوٓا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा
أَءِذَا क्या जब a-idhā
क्या जब
مِتْنَا मर जाऐंगे हम mit'nā
मर जाऐंगे हम
وَكُنَّا और हो जाऐंगे हम wakunnā
और हो जाऐंगे हम
تُرَابًۭا मिट्टी turāban
मिट्टी
وَعِظَـٰمًا और हड्डियाँ waʿiẓāman
और हड्डियाँ
أَءِنَّا क्या वाक़ई हम a-innā
क्या वाक़ई हम
لَمَبْعُوثُونَ अलबत्ता उठाए जाने वाले हैं lamabʿūthūna
अलबत्ता उठाए जाने वाले हैं
٨٢ (82)
(82)
उन्होंने कहा : क्या जब हम मर जाएँगे और मिट्टी तथा हड्डियाँ हो जाएँगे, तो क्या सचमुच हम अवश्य उठाए जाने वाले हैं?
२३:८३
لَقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़
وُعِدْنَا वादा किए गए हम wuʿid'nā
वादा किए गए हम
نَحْنُ हम naḥnu
हम
وَءَابَآؤُنَا और आबा ओ अजदाद हमारे waābāunā
और आबा ओ अजदाद हमारे
هَـٰذَا इसका hādhā
इसका
مِن before min
before
قَبْلُ इससे क़ब्ल qablu
इससे क़ब्ल
إِنْ नहीं in
नहीं
هَـٰذَآ ये hādhā
ये
إِلَّآ मगर illā
मगर
أَسَـٰطِيرُ कहानियाँ asāṭīru
कहानियाँ
ٱلْأَوَّلِينَ पहलों की l-awalīna
पहलों की
٨٣ (83)
(83)
निःसंदेह यही वादा हमसे और इससे पहले हमारे बाप-दादा से किया गया। यह तो पहले लोगों की कहानियों के सिवा कुछ नहीं।
२३:८४
قُل कह दीजिए qul
कह दीजिए
لِّمَنِ किस के लिए है limani
किस के लिए है
ٱلْأَرْضُ ज़मीन l-arḍu
ज़मीन
وَمَن और जो कुछ waman
और जो कुछ
فِيهَآ इसमें है fīhā
इसमें है
إِن अगर in
अगर
كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम
تَعْلَمُونَ तु जानते taʿlamūna
तु जानते
٨٤ (84)
(84)
(ऐ नबी!) उनसे कह दें : यह धरती और इसमें जो कोई भी है किसका है, यदि तुम जानते हो?
२३:८५
سَيَقُولُونَ अनक़रीब वो कहेंगे sayaqūlūna
अनक़रीब वो कहेंगे
لِلَّهِ ۚ अल्लाह ही के लिए lillahi
अल्लाह ही के लिए
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
أَفَلَا क्या फिर नहीं afalā
क्या फिर नहीं
تَذَكَّرُونَ तुम नसीहत पकड़ते tadhakkarūna
तुम नसीहत पकड़ते
٨٥ (85)
(85)
वे कहेंगे : अल्लाह का है। आप कह दें : फिर क्या तुम शिक्षा ग्रहण नहीं करते?
२३:८६
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
مَن कौन man
कौन
رَّبُّ रब है rabbu
रब है
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ (of) the seven heavens l-samāwāti
(of) the seven heavens
ٱلسَّبْعِ सात आसमानों का l-sabʿi
सात आसमानों का
وَرَبُّ और रब है warabbu
और रब है
ٱلْعَرْشِ अर्शे l-ʿarshi
अर्शे
ٱلْعَظِيمِ अज़ीम का l-ʿaẓīmi
अज़ीम का
٨٦ (86)
(86)
आप पूछिए : सातों आकाशों का स्वामी तथा महान सिंहासन (अर्श) का स्वामी कौन है?
२३:८७
سَيَقُولُونَ अनक़रीब वो कहेंगे sayaqūlūna
अनक़रीब वो कहेंगे
لِلَّهِ ۚ अल्लाह ही के लिए lillahi
अल्लाह ही के लिए
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
أَفَلَا क्या भला नहीं afalā
क्या भला नहीं
تَتَّقُونَ तुम डरते tattaqūna
तुम डरते
٨٧ (87)
(87)
वे कहेंगे : अल्लाह ही के लिए है। आप कह दें : फिर क्या तुम डरते नहीं?
२३:८८
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
مَنۢ कौन है man
कौन है
بِيَدِهِۦ जिसके हाथ में है biyadihi
जिसके हाथ में है
مَلَكُوتُ बादशाहत malakūtu
बादशाहत
كُلِّ हर kulli
हर
شَىْءٍۢ चीज़ की shayin
चीज़ की
وَهُوَ और वो wahuwa
और वो
يُجِيرُ वो पनाह देता है yujīru
वो पनाह देता है
وَلَا और नहीं walā
और नहीं
يُجَارُ पनाह दी जा सकती yujāru
पनाह दी जा सकती
عَلَيْهِ उसके ख़िलाफ़ ʿalayhi
उसके ख़िलाफ़
إِن अगर in
अगर
كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम
تَعْلَمُونَ तुम इल्म रखते taʿlamūna
तुम इल्म रखते
٨٨ (88)
(88)
आप उनसे कहिए : कौन है जिसके हाथ में हर चीज़ का अधिकार और वह शरण देता है और उसके मुक़ाबले में शरण नहीं दी जाती, यदि तुम जानते हो (तो बताओ)?
२३:८९
سَيَقُولُونَ अनक़रीब वो कहेंगे sayaqūlūna
अनक़रीब वो कहेंगे
لِلَّهِ ۚ अल्लाह ही के लिए lillahi
अल्लाह ही के लिए
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
فَأَنَّىٰ तो कहाँ से fa-annā
तो कहाँ से
تُسْحَرُونَ तुम मसहूर किए जाते हो tus'ḥarūna
तुम मसहूर किए जाते हो
٨٩ (89)
(89)
वे बोल पड़ेंगे : अल्लाह के लिए है। आप कहिए : फिर तुम कहाँ से जादू1 किए जाते हो?
२३:९०
بَلْ बल्कि bal
बल्कि
أَتَيْنَـٰهُم हम लाए हैं उनके पास ataynāhum
हम लाए हैं उनके पास
بِٱلْحَقِّ हक़ को bil-ḥaqi
हक़ को
وَإِنَّهُمْ और बेशक वो wa-innahum
और बेशक वो
لَكَـٰذِبُونَ अलबत्ता झूठे हैं lakādhibūna
अलबत्ता झूठे हैं
٩٠ (90)
(90)
बल्कि हम उनके पास पूर्ण सत्य लाए हैं और निःसंदेह वे निश्चय झूठे हैं।
२३:९१
مَا नहीं
नहीं
ٱتَّخَذَ बनाई ittakhadha
बनाई
ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने
مِن any min
any
وَلَدٍۢ कोई औलाद waladin
कोई औलाद
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
كَانَ है kāna
है
مَعَهُۥ साथ उसके maʿahu
साथ उसके
مِنْ any min
any
إِلَـٰهٍ ۚ कोई इलाह ilāhin
कोई इलाह
إِذًۭا तब idhan
तब
لَّذَهَبَ अलबत्ता ले जाता ladhahaba
अलबत्ता ले जाता
كُلُّ हर kullu
हर
إِلَـٰهٍۭ इलाह ilāhin
इलाह
بِمَا उसे जो bimā
उसे जो
خَلَقَ उसने पैदा किया khalaqa
उसने पैदा किया
وَلَعَلَا और अलबत्ता चढ़ाई करता walaʿalā
और अलबत्ता चढ़ाई करता
بَعْضُهُمْ बाज़ उनका baʿḍuhum
बाज़ उनका
عَلَىٰ [on] ʿalā
[on]
بَعْضٍۢ ۚ बाज़ पर baʿḍin
बाज़ पर
سُبْحَـٰنَ पाक है sub'ḥāna
पाक है
ٱللَّهِ अल्लाह l-lahi
अल्लाह
عَمَّا उससे जो ʿammā
उससे जो
يَصِفُونَ वो बयान करते हैं yaṣifūna
वो बयान करते हैं
٩١ (91)
(91)
अल्लाह ने न कोई संतान बनाई और न कभी उसके साथ कोई पूज्य था। उस समय अवश्य प्रत्येक पूज्य, जो कुछ उसने पैदा किया था, उसे लेकर चल देता और निश्चय उनमें से एक, दूसरे पर चढ़ाई कर देता। पवित्र है अल्लाह उससे, जो वे बयान करते हैं।
२३:९२
عَـٰلِمِ जानने वाला है ʿālimi
जानने वाला है
ٱلْغَيْبِ ग़ैब l-ghaybi
ग़ैब
وَٱلشَّهَـٰدَةِ और हाज़िर का wal-shahādati
और हाज़िर का
فَتَعَـٰلَىٰ पस वो बहुत बुलन्द है fataʿālā
पस वो बहुत बुलन्द है
عَمَّا उस से जो ʿammā
उस से जो
يُشْرِكُونَ वो शरीक करते हैं yush'rikūna
वो शरीक करते हैं
٩٢ (92)
(92)
वह परोक्ष (छिपे) तथा प्रत्यक्ष (खुले) को जानने वाला है। सो वह बहुत ऊँचा है उससे, जो वे साझी बनाते हैं।
२३:९३
قُل कह दीजिए qul
कह दीजिए
رَّبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब
إِمَّا अगर immā
अगर
تُرِيَنِّى तू दिखाए मुझे turiyannī
तू दिखाए मुझे
مَا जो
जो
يُوعَدُونَ वो वादा किए जाते हैं yūʿadūna
वो वादा किए जाते हैं
٩٣ (93)
(93)
(ऐ नबी!) आप दुआ करें : ऐ मेरे पालनहार! यदि तू कभी मुझे अवश्य ही वह (यातना) दिखाए, जिसका उनसे वादा किया जा रहा है।
२३:९४
رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब
فَلَا तो ना falā
तो ना
تَجْعَلْنِى तू करना मुझे tajʿalnī
तू करना मुझे
فِى among
among
ٱلْقَوْمِ उन लोगों में l-qawmi
उन लोगों में
ٱلظَّـٰلِمِينَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimīna
जो ज़ालिम हैं
٩٤ (94)
(94)
तो ऐ मेरे पालनहार! मुझे उन अत्याचारी लोगों में शामिल न करना।
२३:९५
وَإِنَّا और बेशक हम wa-innā
और बेशक हम
عَلَىٰٓ इस( बात) पर ʿalā
इस( बात) पर
أَن कि an
कि
نُّرِيَكَ हम दिखाऐं आपको nuriyaka
हम दिखाऐं आपको
مَا जिसका
जिसका
نَعِدُهُمْ हम वादा कर रहे हैं उनसे naʿiduhum
हम वादा कर रहे हैं उनसे
لَقَـٰدِرُونَ अलबत्ता क़ादिर हैं laqādirūna
अलबत्ता क़ादिर हैं
٩٥ (95)
(95)
तथा निःसंदेह हम आपको वह (यातना) दिखाने में, जिसका हम उनसे वादा करते हैं, अवश्य सक्षम हैं।
२३:९६
ٱدْفَعْ दूर कर दीजिए id'faʿ
दूर कर दीजिए
بِٱلَّتِى उस (तरीक़े) से bi-allatī
उस (तरीक़े) से
هِىَ वो (जो) hiya
वो (जो)
أَحْسَنُ ज़्यादा अच्छा है aḥsanu
ज़्यादा अच्छा है
ٱلسَّيِّئَةَ ۚ बुराई को l-sayi-ata
बुराई को
نَحْنُ हम naḥnu
हम
أَعْلَمُ ख़ूब जानते हैं aʿlamu
ख़ूब जानते हैं
بِمَا उसे जो bimā
उसे जो
يَصِفُونَ वो बयान करते हैं yaṣifūna
वो बयान करते हैं
٩٦ (96)
(96)
(हे नबी!) आप बुराई को उस ढंग से दूर करें, जो सबसे उत्तम हो। हम अधिक जानने वाले हैं, जो कुछ वे बयान करते हैं।
२३:९७
وَقُل और कह दीजिए waqul
और कह दीजिए
رَّبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब
أَعُوذُ I seek refuge aʿūdhu
I seek refuge
بِكَ मैं पनाह लेता हूँ तेरी bika
मैं पनाह लेता हूँ तेरी
مِنْ from min
from
هَمَزَٰتِ वसवसों से hamazāti
वसवसों से
ٱلشَّيَـٰطِينِ शैतानों के l-shayāṭīni
शैतानों के
٩٧ (97)
(97)
तथा आप दुआ करें : ऐ मेरे पालनहार! मैं शैतानों की उकसाहटों से तेरी शरण चाहता हूँ।
२३:९८
وَأَعُوذُ And I seek refuge wa-aʿūdhu
And I seek refuge
بِكَ और मैं पनाह लेता हूँ तेरी bika
और मैं पनाह लेता हूँ तेरी
رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब
أَن इस से कि an
इस से कि
يَحْضُرُونِ वो हाज़िर हों मेरे पास yaḥḍurūni
वो हाज़िर हों मेरे पास
٩٨ (98)
(98)
तथा ऐ मेरे पालनहार! मैं इस बात से भी तेरी शरण माँगता हूँ कि वे मेरे पास आएँ।
२३:९९
حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि
إِذَا जब idhā
जब
جَآءَ आ जाएगी jāa
आ जाएगी
أَحَدَهُمُ उनमें से एक को aḥadahumu
उनमें से एक को
ٱلْمَوْتُ मौत l-mawtu
मौत
قَالَ कहेगा qāla
कहेगा
رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब
ٱرْجِعُونِ वापस लौटा दो मुझे ir'jiʿūni
वापस लौटा दो मुझे
٩٩ (99)
(99)
यहाँ तक कि जब उनमें से किसी के पास मौत आती है, तो कहता है : ऐ मेरे पालनहार! मुझे (संसार में) वापस भेजो।1
२३:१००
لَعَلِّىٓ ताकि मैं laʿallī
ताकि मैं
أَعْمَلُ मैं अमल करूँ aʿmalu
मैं अमल करूँ
صَـٰلِحًۭا नेक ṣāliḥan
नेक
فِيمَا उसमें जो fīmā
उसमें जो
تَرَكْتُ ۚ छोड़ आया मैं taraktu
छोड़ आया मैं
كَلَّآ ۚ हरगिज़ नहीं kallā
हरगिज़ नहीं
إِنَّهَا बेशक वो innahā
बेशक वो
كَلِمَةٌ एक बात है kalimatun
एक बात है
هُوَ वो huwa
वो
قَآئِلُهَا ۖ कहने वाला है उसे qāiluhā
कहने वाला है उसे
وَمِن and before them wamin
and before them
وَرَآئِهِم और आगे उनके warāihim
और आगे उनके
بَرْزَخٌ बरज़ख़ है barzakhun
बरज़ख़ है
إِلَىٰ till ilā
till
يَوْمِ उस दिन तक yawmi
उस दिन तक
يُبْعَثُونَ वो सब उठाए जाऐंगे yub'ʿathūna
वो सब उठाए जाऐंगे
١٠٠ (100)
(100)
ताकि मैं जो कुछ छोड़ आया हूँ, उसमें कोई नेक कार्य कर लूँ। हरगिज़ नहीं, यह तो मात्र एक बात है, जिसे वह कहने वाला1 है और उनके पीछे उस दिन तक जब वे (पुनः) उठाए जाएँगे, एक ओट2 है।
२३:१०१
فَإِذَا फिर जब fa-idhā
फिर जब
نُفِخَ फूँक मारी जाएगी nufikha
फूँक मारी जाएगी
فِى in
in
ٱلصُّورِ सूर में l-ṣūri
सूर में
فَلَآ तो नहीं falā
तो नहीं
أَنسَابَ रिश्तेदारियाँ ansāba
रिश्तेदारियाँ
بَيْنَهُمْ दरमियान उनके baynahum
दरमियान उनके
يَوْمَئِذٍۢ उस दिन yawma-idhin
उस दिन
وَلَا और ना walā
और ना
يَتَسَآءَلُونَ वो एक दूसरे से सवाल करेंगे yatasāalūna
वो एक दूसरे से सवाल करेंगे
١٠١ (101)
(101)
फिर जब सूर (नरसिंघा) में फूँक मारी जाएगी, तो उस दिन1 उनके बीच न कोई रिश्ते-नाते होंगे और न वे एक-दूसरे को पूछेंगे।
२३:१०२
فَمَن तो जो कोई faman
तो जो कोई
ثَقُلَتْ भारी हुए thaqulat
भारी हुए
مَوَٰزِينُهُۥ पलड़े उसके mawāzīnuhu
पलड़े उसके
فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं
هُمُ वो humu
वो
ٱلْمُفْلِحُونَ जो फ़लाह पाने वाले हैं l-muf'liḥūna
जो फ़लाह पाने वाले हैं
١٠٢ (102)
(102)
फिर जिसके पलड़े भारी हो गए, वही लोग सफल हैं।
२३:१०३
وَمَنْ और जो कोई कि waman
और जो कोई कि
خَفَّتْ हल्के हुए khaffat
हल्के हुए
مَوَٰزِينُهُۥ पलड़े उसके mawāzīnuhu
पलड़े उसके
فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं
ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने
خَسِرُوٓا۟ ख़सारे में डाला khasirū
ख़सारे में डाला
أَنفُسَهُمْ अपने आप को anfusahum
अपने आप को
فِى in
in
جَهَنَّمَ जहन्नम में jahannama
जहन्नम में
خَـٰلِدُونَ हमेशा रहने वाले हैं khālidūna
हमेशा रहने वाले हैं
١٠٣ (103)
(103)
और जिसके पलड़े हलके हो गए, तो वही लोग हैं, जिन्होंने अपने आपको घाटे में डाला। जहन्नम ही में सदावासी होंगे।
२३:१०४
تَلْفَحُ झुलसा देगी talfaḥu
झुलसा देगी
وُجُوهَهُمُ उनके चेहरों को wujūhahumu
उनके चेहरों को
ٱلنَّارُ आग l-nāru
आग
وَهُمْ और वो wahum
और वो
فِيهَا उसमें fīhā
उसमें
كَـٰلِحُونَ मुँह बिगाड़ने वाले होंगे kāliḥūna
मुँह बिगाड़ने वाले होंगे
١٠٤ (104)
(104)
उनके चेहरों को आग झुलसाएगी तथा उसमें उनके जबड़े (झुलसकर) बाहर निकले होंगे।
२३:१०५
أَلَمْ क्या ना alam
क्या ना
تَكُنْ थीं takun
थीं
ءَايَـٰتِى आयात मेरी āyātī
आयात मेरी
تُتْلَىٰ पढ़ी जातीं tut'lā
पढ़ी जातीं
عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर
فَكُنتُم तो थे तुम fakuntum
तो थे तुम
بِهَا उन्हें bihā
उन्हें
تُكَذِّبُونَ तुम झुठलाते tukadhibūna
तुम झुठलाते
١٠٥ (105)
(105)
क्या मेरी आयतें तुमपर पढ़ी न जाती थीं, तो तुम उन्हें झुठलाया करते थे?
२३:१०६
قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे
رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब
غَلَبَتْ ग़ालिब आ गई ghalabat
ग़ालिब आ गई
عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर
شِقْوَتُنَا बदबख़्ती हमारी shiq'watunā
बदबख़्ती हमारी
وَكُنَّا और थे हम wakunnā
और थे हम
قَوْمًۭا लोग qawman
लोग
ضَآلِّينَ गुमराह ḍāllīna
गुमराह
١٠٦ (106)
(106)
वे कहेंगे : ऐ हमारे पालनहार! हमारा दुर्भाग्य हमपर प्रभावी हो गया1 और हम गुमराह लोग थे।
२३:१०७
رَبَّنَآ ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब
أَخْرِجْنَا निकाल दे akhrij'nā
निकाल दे
مِنْهَا इस से min'hā
इस से
فَإِنْ फिर अगर fa-in
फिर अगर
عُدْنَا दोबारा करें हम ʿud'nā
दोबारा करें हम
فَإِنَّا तो बेशक हम fa-innā
तो बेशक हम
ظَـٰلِمُونَ ज़ालिम होंगे ẓālimūna
ज़ालिम होंगे
١٠٧ (107)
(107)
ऐ हमारे पालनहार! हमें इससे निकाल ले। फिर यदि हम दोबारा ऐसा करें, तो निश्चय हम अत्याचारी होंगे।
२३:१०८
قَالَ वो फ़रमाए गा qāla
वो फ़रमाए गा
ٱخْسَـُٔوا۟ पड़े रहो फिटकारे हुए ikh'saū
पड़े रहो फिटकारे हुए
فِيهَا उसी में fīhā
उसी में
وَلَا और ना walā
और ना
تُكَلِّمُونِ तुम कलाम करो मुझसे tukallimūni
तुम कलाम करो मुझसे
١٠٨ (108)
(108)
वह (अल्लाह) कहेगा : इसी में अपमानित होकर पड़े रहो और मुझसे बात न करो।
२३:१०९
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
كَانَ था वो kāna
था वो
فَرِيقٌۭ एक गिरोह farīqun
एक गिरोह
مِّنْ of min
of
عِبَادِى मेरे बन्दों में से ʿibādī
मेरे बन्दों में से
يَقُولُونَ वो कहते थे yaqūlūna
वो कहते थे
رَبَّنَآ ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब
ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम
فَٱغْفِرْ पस बख़्श दे fa-igh'fir
पस बख़्श दे
لَنَا हमें lanā
हमें
وَٱرْحَمْنَا और रहम फ़रमा हम पर wa-ir'ḥamnā
और रहम फ़रमा हम पर
وَأَنتَ और तू wa-anta
और तू
خَيْرُ बेहतर है khayru
बेहतर है
ٱلرَّٰحِمِينَ सब रहम करने वालों में l-rāḥimīna
सब रहम करने वालों में
١٠٩ (109)
(109)
निःसंदेह मेरे बंदों में से कुछ लोग थे, जो कहते थे : ऐ हमारे पालनहार! हम ईमान ले आए। अतः तू हमें क्षमा कर दे और हमपर दया कर। और तू सब दया करने वालों से बेहतर है।
२३:११०
فَٱتَّخَذْتُمُوهُمْ तो बना लिया तुमने उन्हें fa-ittakhadhtumūhum
तो बना लिया तुमने उन्हें
سِخْرِيًّا मज़ाक़ sikh'riyyan
मज़ाक़
حَتَّىٰٓ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि
أَنسَوْكُمْ उन्होंने भुलवा दिया तुम्हें ansawkum
उन्होंने भुलवा दिया तुम्हें
ذِكْرِى ज़िक्र मेरा dhik'rī
ज़िक्र मेरा
وَكُنتُم और थे तुम wakuntum
और थे तुम
مِّنْهُمْ उनसे min'hum
उनसे
تَضْحَكُونَ तुम हँसी किया करते taḍḥakūna
तुम हँसी किया करते
١١٠ (110)
(110)
तो तुमने उन्हें मज़ाक़ बना लिया, यहाँ तक कि उन्होंने तुम्हें मेरी याद भुला दी और तुम उनसे हँसी किया करते थे।
२३:१११
إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं
جَزَيْتُهُمُ बदला दिया मैंने उन्हें jazaytuhumu
बदला दिया मैंने उन्हें
ٱلْيَوْمَ आज l-yawma
आज
بِمَا बवजह उसके जो bimā
बवजह उसके जो
صَبَرُوٓا۟ उन्होंने सब्र किया ṣabarū
उन्होंने सब्र किया
أَنَّهُمْ बेशक वो annahum
बेशक वो
هُمُ वो ही humu
वो ही
ٱلْفَآئِزُونَ कामयाब होने वाले हैं l-fāizūna
कामयाब होने वाले हैं
١١١ (111)
(111)
निःसंदेह आज मैंने उन्हें उनके धैर्य का यह बदला दिया है कि वही सफल हैं।
२३:११२
قَـٰلَ वो फ़रमाएगा qāla
वो फ़रमाएगा
كَمْ कितना kam
कितना
لَبِثْتُمْ ठहरे तुम labith'tum
ठहरे तुम
فِى in
in
ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में
عَدَدَ गिनती में ʿadada
गिनती में
سِنِينَ सालों की sinīna
सालों की
١١٢ (112)
(112)
वह (अल्लाह) कहेगा : तुम धरती पर कितने वर्षों तक रहे?
२३:११३
قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे
لَبِثْنَا ठहरे हम labith'nā
ठहरे हम
يَوْمًا एक दिन yawman
एक दिन
أَوْ या aw
या
بَعْضَ कुछ हिस्सा baʿḍa
कुछ हिस्सा
يَوْمٍۢ दिन का yawmin
दिन का
فَسْـَٔلِ पूछ लीजिए fasali
पूछ लीजिए
ٱلْعَآدِّينَ गिनने वालों से l-ʿādīna
गिनने वालों से
١١٣ (113)
(113)
वे कहेंगे : हम एक दिन या दिन का कुछ भाग रहे। आप गणना करने वालों से पूछ लें।
२३:११४
قَـٰلَ वो फ़रमाएगा qāla
वो फ़रमाएगा
إِن नहीं in
नहीं
لَّبِثْتُمْ ठहरे तुम labith'tum
ठहरे तुम
إِلَّا मगर illā
मगर
قَلِيلًۭا ۖ बहुत थोड़ा qalīlan
बहुत थोड़ा
لَّوْ काश law
काश
أَنَّكُمْ कि बेशक तुम annakum
कि बेशक तुम
كُنتُمْ होते तुम kuntum
होते तुम
تَعْلَمُونَ तुम जानते taʿlamūna
तुम जानते
١١٤ (114)
(114)
वह (अल्लाह) कहेगा : तुम नहीं रहे परंतु थोड़ा ही। काश कि तुमने जानते होते।1
२३:११५
أَفَحَسِبْتُمْ क्या भला समझा था तुमने afaḥasib'tum
क्या भला समझा था तुमने
أَنَّمَا कि बेशक annamā
कि बेशक
خَلَقْنَـٰكُمْ पैदा किया हमने तुम्हें khalaqnākum
पैदा किया हमने तुम्हें
عَبَثًۭا बेकार ʿabathan
बेकार
وَأَنَّكُمْ और बेशक तुम wa-annakum
और बेशक तुम
إِلَيْنَا तरफ़ हमारे ilaynā
तरफ़ हमारे
لَا not
not
تُرْجَعُونَ ना तुम लौटाए जाओगे tur'jaʿūna
ना तुम लौटाए जाओगे
١١٥ (115)
(115)
तो क्या तुमने समझ रखा था कि हमने तुम्हें उद्देश्यहीन पैदा किया है और यह कि तुम हमारी ओर नहीं लौटाए1 जाओगे?
२३:११६
فَتَعَـٰلَى तो बहुत बुलन्द है fataʿālā
तो बहुत बुलन्द है
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
ٱلْمَلِكُ बादशाह l-maliku
बादशाह
ٱلْحَقُّ ۖ हक़ीक़ी l-ḥaqu
हक़ीक़ी
لَآ नहीं
नहीं
إِلَـٰهَ कोई इलाह( बरहक़) ilāha
कोई इलाह( बरहक़)
إِلَّا मगर illā
मगर
هُوَ वो ही huwa
वो ही
رَبُّ रब है rabbu
रब है
ٱلْعَرْشِ अर्शे l-ʿarshi
अर्शे
ٱلْكَرِيمِ करीम का l-karīmi
करीम का
١١٦ (116)
(116)
तो बहुत ऊँचा है अल्लाह, जो सच्चा बादशाह है। उसके सिवा कोई सच्चा पूज्य नहीं, सम्मान वाले अर्श (सिंहासन) का रब है।
२३:११७
وَمَن और जो waman
और जो
يَدْعُ पुकारे yadʿu
पुकारे
مَعَ साथ maʿa
साथ
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
إِلَـٰهًا इलाह ilāhan
इलाह
ءَاخَرَ दूसरा ākhara
दूसरा
لَا no
no
بُرْهَـٰنَ नहीं दलील bur'hāna
नहीं दलील
لَهُۥ उसके लिए lahu
उसके लिए
بِهِۦ उसकी bihi
उसकी
فَإِنَّمَا तो बेशक fa-innamā
तो बेशक
حِسَابُهُۥ हिसाब है उसका ḥisābuhu
हिसाब है उसका
عِندَ पास ʿinda
पास
رَبِّهِۦٓ ۚ उसके रब के rabbihi
उसके रब के
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
لَا not
not
يُفْلِحُ नहीं वो फ़लाह पाऐंगे yuf'liḥu
नहीं वो फ़लाह पाऐंगे
ٱلْكَـٰفِرُونَ जो काफ़िर हैं l-kāfirūna
जो काफ़िर हैं
١١٧ (117)
(117)
और जो (भी) अल्लाह के साथ किसी अन्य पूज्य को पुकारे, जिसका उसके पास कोई प्रमाण नहीं, तो उसका हिसाब केवल उसके पालनहार के पास है। निःसंदेह काफ़िर लोग सफल नहीं होंगे।1
२३:११८
وَقُل और कह दीजिए waqul
और कह दीजिए
رَّبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब
ٱغْفِرْ बख़्श दे igh'fir
बख़्श दे
وَٱرْحَمْ और रहम फ़रमा wa-ir'ḥam
और रहम फ़रमा
وَأَنتَ और तू wa-anta
और तू
خَيْرُ बेहतर है khayru
बेहतर है
ٱلرَّٰحِمِينَ सब रहम करने वालों से l-rāḥimīna
सब रहम करने वालों से
١١٨ (118)
(118)
तथा आप प्रार्थना करें : ऐ मेरे पालनहार! क्षमा कर दे और दया कर, और तू सब दया करने वालों में सबसे अधिक दया करने वाला है।