६१

अस-सफ़

मदनी १४ आयतें पारा २८
الصف
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ साथ नाम bis'mi
साथ नाम
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान
ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
६१:१
سَبَّحَ तस्बीह की है sabbaḥa
तस्बीह की है
لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए
مَا उस चीज़ ने जो
उस चीज़ ने जो
فِى (is) in
(is) in
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है
وَمَا और जो wamā
और जो
فِى (is) in
(is) in
ٱلْأَرْضِ ۖ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है
وَهُوَ और वो wahuwa
और वो
ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त है l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त है
ٱلْحَكِيمُ ख़ूब हिकमत वाला है l-ḥakīmu
ख़ूब हिकमत वाला है
١ (1)
(1)
अल्लाह के पवित्र होने का गान किया, हर उस चीज़ ने जो आकाशों और धरती में है और वही सब पर प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
६१:२
يَـٰٓأَيُّهَا O yāayyuhā
O
ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो
ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो
لِمَ क्यों lima
क्यों
تَقُولُونَ तुम कहते हो taqūlūna
तुम कहते हो
مَا वो जो
वो जो
لَا not
not
تَفْعَلُونَ नहीं तुम करते tafʿalūna
नहीं तुम करते
٢ (2)
(2)
ऐ ईमान वालो! तुम वह बात क्यों कहते हो जो तुम करते नहीं?
६१:३
كَبُرَ बड़ी है kabura
बड़ी है
مَقْتًا नाराज़गी maqtan
नाराज़गी
عِندَ with ʿinda
with
ٱللَّهِ अल्लाह के नज़दीक l-lahi
अल्लाह के नज़दीक
أَن कि an
कि
تَقُولُوا۟ तुम कहो taqūlū
तुम कहो
مَا वो जो
वो जो
لَا not
not
تَفْعَلُونَ नहीं तुम करते tafʿalūna
नहीं तुम करते
٣ (3)
(3)
अल्लाह को अत्यंत अप्रिय है कि तुम वह बात कहो, जो तुम करते नहीं।
६१:४
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
يُحِبُّ वो मुहब्बत रखता है yuḥibbu
वो मुहब्बत रखता है
ٱلَّذِينَ उन लोगों से जो alladhīna
उन लोगों से जो
يُقَـٰتِلُونَ जंग करते हैं yuqātilūna
जंग करते हैं
فِى in
in
سَبِيلِهِۦ उसके रास्ते में sabīlihi
उसके रास्ते में
صَفًّۭا सफ़ बना कर ṣaffan
सफ़ बना कर
كَأَنَّهُم गोया कि वो ka-annahum
गोया कि वो
بُنْيَـٰنٌۭ दीवार हैं bun'yānun
दीवार हैं
مَّرْصُوصٌۭ सीसा पिलाई हुई marṣūṣun
सीसा पिलाई हुई
٤ (4)
(4)
निःसंदेह अल्लाह उन लोगों से प्रेम करता है, जो उसके मार्ग में पंक्तिबद्ध होकर युद्ध करते हैं, गोया वे एक सीसा पिलाई हुई इमारत हैं।
६१:५
وَإِذْ और जब wa-idh
और जब
قَالَ कहा qāla
कहा
مُوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने
لِقَوْمِهِۦ अपनी क़ौम से liqawmihi
अपनी क़ौम से
يَـٰقَوْمِ ऐ मेरी क़ौम yāqawmi
ऐ मेरी क़ौम
لِمَ क्यों lima
क्यों
تُؤْذُونَنِى तुम अज़ियत देते हो मुझे tu'dhūnanī
तुम अज़ियत देते हो मुझे
وَقَد हालाँकि तहक़ीक़ waqad
हालाँकि तहक़ीक़
تَّعْلَمُونَ तुम जानते हो taʿlamūna
तुम जानते हो
أَنِّى बेशक मैं annī
बेशक मैं
رَسُولُ रसूल हूँ rasūlu
रसूल हूँ
ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का
إِلَيْكُمْ ۖ तुम्हारी तरफ़ ilaykum
तुम्हारी तरफ़
فَلَمَّا फिर जब falammā
फिर जब
زَاغُوٓا۟ वो टेढ़े हुए zāghū
वो टेढ़े हुए
أَزَاغَ टेढ़ा कर दिया azāgha
टेढ़ा कर दिया
ٱللَّهُ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने
قُلُوبَهُمْ ۚ उनके दिलों को qulūbahum
उनके दिलों को
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
لَا (does) not
(does) not
يَهْدِى नहीं वो हिदायत देता yahdī
नहीं वो हिदायत देता
ٱلْقَوْمَ उन लोगों को l-qawma
उन लोगों को
ٱلْفَـٰسِقِينَ जो फ़ासिक़ हैं l-fāsiqīna
जो फ़ासिक़ हैं
٥ (5)
(5)
तथा याद करो जब मूसा ने अपनी जाति से कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! तुम मुझे क्यों कष्ट देते हो, जबकि निश्चय तुम जानते हो कि मैं तुम्हारी ओर अल्लाह का रसूल हूँ? फिर जब वे टेढ़े हो गए, तो अल्लाह ने उनके दिलों को टेढ़ा कर दिया और अल्लाह अवज्ञाकारी लोगों को सीधा मार्ग नहीं दिखाता।
६१:६
وَإِذْ और जब wa-idh
और जब
قَالَ कहा qāla
कहा
عِيسَى ईसा ʿīsā
ईसा
ٱبْنُ son ub'nu
son
مَرْيَمَ इब्ने मरियम ने maryama
इब्ने मरियम ने
يَـٰبَنِىٓ O Children yābanī
O Children
إِسْرَٰٓءِيلَ ऐ बनी इस्राईल is'rāīla
ऐ बनी इस्राईल
إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं
رَسُولُ रसूल हूँ rasūlu
रसूल हूँ
ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का
إِلَيْكُم तुम्हारी तरफ़ ilaykum
तुम्हारी तरफ़
مُّصَدِّقًۭا तस्दीक़ करने वाला हूँ muṣaddiqan
तस्दीक़ करने वाला हूँ
لِّمَا उसकी जो limā
उसकी जो
بَيْنَ (was) between bayna
(was) between
يَدَىَّ मुझसे पहले है yadayya
मुझसे पहले है
مِنَ of mina
of
ٱلتَّوْرَىٰةِ तौरात में से l-tawrāti
तौरात में से
وَمُبَشِّرًۢا और ख़ुशख़बरी देने वाला हूँ wamubashiran
और ख़ुशख़बरी देने वाला हूँ
بِرَسُولٍۢ एक रसूल की birasūlin
एक रसूल की
يَأْتِى जो आएगा yatī
जो आएगा
مِنۢ from min
from
بَعْدِى मेरे बाद baʿdī
मेरे बाद
ٱسْمُهُۥٓ नाम उसका us'muhu
नाम उसका
أَحْمَدُ ۖ अहमद(होगा) aḥmadu
अहमद(होगा)
فَلَمَّا फिर जब falammā
फिर जब
جَآءَهُم वो आया उनके पास jāahum
वो आया उनके पास
بِٱلْبَيِّنَـٰتِ साथ वाज़ेह दलाइल के bil-bayināti
साथ वाज़ेह दलाइल के
قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा
هَـٰذَا ये hādhā
ये
سِحْرٌۭ जादू है siḥ'run
जादू है
مُّبِينٌۭ खुल्लम-खुल्ला mubīnun
खुल्लम-खुल्ला
٦ (6)
(6)
तथा याद करो जब मरयम के पुत्र ईसा ने कहा : ऐ इसराईल की संतान! निःसंदेह मैं तुम्हारी ओर अल्लाह का रसूल हूँ, उस तौरात की पुष्टि करने वाला हूँ, जो मुझसे पहले आई है तथा एक रसूल की शुभ सूचना देने वाला हूँ, जो मेरे बाद आएगा, जिसका नाम अहमद है। फिर जब वह उनके पास खुले प्रमाणों को लेकर आया, तो उन्होंने कहा यह खुला जादू है।
६१:७
وَمَنْ और कौन waman
और कौन
أَظْلَمُ ज़्यादा ज़ालिम है aẓlamu
ज़्यादा ज़ालिम है
مِمَّنِ उससे जो mimmani
उससे जो
ٱفْتَرَىٰ गढ़ ले if'tarā
गढ़ ले
عَلَى upon ʿalā
upon
ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर
ٱلْكَذِبَ झूठ l-kadhiba
झूठ
وَهُوَ हालाँकि वो wahuwa
हालाँकि वो
يُدْعَىٰٓ वो बुलाया जाता हो yud'ʿā
वो बुलाया जाता हो
إِلَى to ilā
to
ٱلْإِسْلَـٰمِ ۚ तरफ़ इस्लाम के l-is'lāmi
तरफ़ इस्लाम के
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
لَا (does) not
(does) not
يَهْدِى नहीं वो हिदायत देता yahdī
नहीं वो हिदायत देता
ٱلْقَوْمَ उन लोगों को l-qawma
उन लोगों को
ٱلظَّـٰلِمِينَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimīna
जो ज़ालिम हैं
٧ (7)
(7)
और उससे अधिक अत्याचारी कौन है, जो अल्लाह पर झूठ गढ़े, जबकि उसे इस्लाम की ओर बुलाया जा रहा हो? और अल्लाह अत्याचारी लोगों को मार्गदर्शन नहीं देता।
६१:८
يُرِيدُونَ वो चाहते हैं yurīdūna
वो चाहते हैं
لِيُطْفِـُٔوا۟ कि वो बुझा दें liyuṭ'fiū
कि वो बुझा दें
نُورَ नूर nūra
नूर
ٱللَّهِ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का
بِأَفْوَٰهِهِمْ अपने मूँहों से bi-afwāhihim
अपने मूँहों से
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
مُتِمُّ पूरा करने वाला है mutimmu
पूरा करने वाला है
نُورِهِۦ अपने नूर को nūrihi
अपने नूर को
وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे
كَرِهَ नापसंद करें kariha
नापसंद करें
ٱلْكَـٰفِرُونَ काफ़िर l-kāfirūna
काफ़िर
٨ (8)
(8)
वे चाहते हैं कि अल्लाह के प्रकाश को अपने मुँहों से बुझा दें तथा अल्लाह अपने प्रकाश को पूरा करने वाला है, यद्यपि काफ़िरों को बुरा लगे।
६१:९
هُوَ वो ही है huwa
वो ही है
ٱلَّذِىٓ जिसने alladhī
जिसने
أَرْسَلَ भेजा arsala
भेजा
رَسُولَهُۥ अपने रसूल को rasūlahu
अपने रसूल को
بِٱلْهُدَىٰ साथ हिदायत के bil-hudā
साथ हिदायत के
وَدِينِ और दीने wadīni
और दीने
ٱلْحَقِّ हक़ के l-ḥaqi
हक़ के
لِيُظْهِرَهُۥ ताकि वो ग़ालिब कर दे उसे liyuẓ'hirahu
ताकि वो ग़ालिब कर दे उसे
عَلَى over ʿalā
over
ٱلدِّينِ ऊपर दीनों के l-dīni
ऊपर दीनों के
كُلِّهِۦ सब के सब kullihi
सब के सब
وَلَوْ और अगरचे walaw
और अगरचे
كَرِهَ नापसंद करें kariha
नापसंद करें
ٱلْمُشْرِكُونَ मुशरिक l-mush'rikūna
मुशरिक
٩ (9)
(9)
वही है, जिसने अपने रसूल को मार्गदर्शन तथा सत्धर्म (इस्लाम) के साथ भेजा, ताकि वह उसे प्रत्येक धर्म पर प्रभुत्व प्रदान करे, यद्यपि मुश्रिकों को बुरा लगे।
६१:१०
يَـٰٓأَيُّهَا O yāayyuhā
O
ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो
ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो
هَلْ क्या hal
क्या
أَدُلُّكُمْ मैं रहनुमाई करूँ तुम्हारी adullukum
मैं रहनुमाई करूँ तुम्हारी
عَلَىٰ to ʿalā
to
تِجَـٰرَةٍۢ एक तिजारत पर tijāratin
एक तिजारत पर
تُنجِيكُم जो निजात दे तुम्हें tunjīkum
जो निजात दे तुम्हें
مِّنْ from min
from
عَذَابٍ a punishment ʿadhābin
a punishment
أَلِيمٍۢ दर्दनाक अज़ाब से alīmin
दर्दनाक अज़ाब से
١٠ (10)
(10)
ऐ ईमान वालो! क्या मैं तुम्हें ऐसा व्यापार बताऊँ, जो तुम्हें दर्दनाक यातना से बचा ले?
६१:११
تُؤْمِنُونَ तुम ईमान लाओ tu'minūna
तुम ईमान लाओ
بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर
وَرَسُولِهِۦ और उसके रसूल पर warasūlihi
और उसके रसूल पर
وَتُجَـٰهِدُونَ और तुम जिहाद करो watujāhidūna
और तुम जिहाद करो
فِى in
in
سَبِيلِ (the) way sabīli
(the) way
ٱللَّهِ अल्लाह के रास्ते में l-lahi
अल्लाह के रास्ते में
بِأَمْوَٰلِكُمْ साथ अपने मालों के bi-amwālikum
साथ अपने मालों के
وَأَنفُسِكُمْ ۚ और अपनी जानों के wa-anfusikum
और अपनी जानों के
ذَٰلِكُمْ ये dhālikum
ये
خَيْرٌۭ बेहतर है khayrun
बेहतर है
لَّكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
إِن अगर in
अगर
كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम
تَعْلَمُونَ तुम इल्म रखते taʿlamūna
तुम इल्म रखते
١١ (11)
(11)
तुम अल्लाह तथा उसके रसूल पर ईमान लाओ और अपने धनों और अपनी जानों के साथ अल्लाह के मार्ग में जिहाद करो। यह तुम्हारे लिए उत्तम है, यदि तुम जानते हो।
६१:१२
يَغْفِرْ वो बख़्श देगा yaghfir
वो बख़्श देगा
لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
ذُنُوبَكُمْ तुम्हारे गुनाहों को dhunūbakum
तुम्हारे गुनाहों को
وَيُدْخِلْكُمْ और वो दाख़िल करेगा तुम्हें wayud'khil'kum
और वो दाख़िल करेगा तुम्हें
جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात में jannātin
बाग़ात में
تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं
مِن from min
from
تَحْتِهَا जिनके नीचे से taḥtihā
जिनके नीचे से
ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें
وَمَسَـٰكِنَ और घर wamasākina
और घर
طَيِّبَةًۭ पाकीज़ा ṭayyibatan
पाकीज़ा
فِى in
in
جَنَّـٰتِ Gardens jannāti
Gardens
عَدْنٍۢ ۚ हमेशगी के बाग़ात में ʿadnin
हमेशगी के बाग़ात में
ذَٰلِكَ यही है dhālika
यही है
ٱلْفَوْزُ कामयाबी l-fawzu
कामयाबी
ٱلْعَظِيمُ बहुत बड़ी l-ʿaẓīmu
बहुत बड़ी
١٢ (12)
(12)
वह तुम्हारे पापों को क्षमा कर देगा और तुम्हें ऐसी जन्नतों में दाखिल करेगा, जिनके तले नहरें बहती हैं और पवित्र आवासों में, जो हमेशा रहने की जन्नतों में हैं। यही बड़ी सफलता है।
६१:१३
وَأُخْرَىٰ और एक दूसरी चीज़ wa-ukh'rā
और एक दूसरी चीज़
تُحِبُّونَهَا ۖ तुम मुहब्बत रखते हो उससे tuḥibbūnahā
तुम मुहब्बत रखते हो उससे
نَصْرٌۭ मदद naṣrun
मदद
مِّنَ from mina
from
ٱللَّهِ अल्लाह की तरफ़ से l-lahi
अल्लाह की तरफ़ से
وَفَتْحٌۭ और फ़त्ह wafatḥun
और फ़त्ह
قَرِيبٌۭ ۗ क़रीबी qarībun
क़रीबी
وَبَشِّرِ और ख़ुशख़बरी दे दीजिए wabashiri
और ख़ुशख़बरी दे दीजिए
ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों को l-mu'minīna
मोमिनों को
١٣ (13)
(13)
और एक अन्य वस्तु, जो तुम पसंद करते हो। अल्लाह की ओर से सहायता तथा निकट विजय। और ईमान वालों को शुभ सूचना सुना दो।
६१:१४
يَـٰٓأَيُّهَا O you yāayyuhā
O you
ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो
ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो
كُونُوٓا۟ हो जाओ kūnū
हो जाओ
أَنصَارَ मददगार anṣāra
मददगार
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
كَمَا जैसे kamā
जैसे
قَالَ कहा था qāla
कहा था
عِيسَى ईसा ʿīsā
ईसा
ٱبْنُ son ub'nu
son
مَرْيَمَ इब्ने मरियम ने maryama
इब्ने मरियम ने
لِلْحَوَارِيِّـۧنَ हवारियों से lil'ḥawāriyyīna
हवारियों से
مَنْ कौन है man
कौन है
أَنصَارِىٓ मददगार मेरा anṣārī
मददगार मेरा
إِلَى for ilā
for
ٱللَّهِ ۖ तरफ़ अल्लाह के l-lahi
तरफ़ अल्लाह के
قَالَ कहा qāla
कहा
ٱلْحَوَارِيُّونَ हवारियों ने l-ḥawāriyūna
हवारियों ने
نَحْنُ हम हैं naḥnu
हम हैं
أَنصَارُ मददगार anṣāru
मददगार
ٱللَّهِ ۖ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
فَـَٔامَنَت तो ईमान लाया faāmanat
तो ईमान लाया
طَّآئِفَةٌۭ एक गिरोह ṭāifatun
एक गिरोह
مِّنۢ of min
of
بَنِىٓ Children banī
Children
إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल में से is'rāīla
बनी इस्राईल में से
وَكَفَرَت और कुफ़्र किया wakafarat
और कुफ़्र किया
طَّآئِفَةٌۭ ۖ एक गिरोह ने ṭāifatun
एक गिरोह ने
فَأَيَّدْنَا तो क़ुव्वत दी हमने fa-ayyadnā
तो क़ुव्वत दी हमने
ٱلَّذِينَ उनको जो alladhīna
उनको जो
ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए
عَلَىٰ against ʿalā
against
عَدُوِّهِمْ ऊपर उनके दुश्मनों के ʿaduwwihim
ऊपर उनके दुश्मनों के
فَأَصْبَحُوا۟ तो हो गए वो fa-aṣbaḥū
तो हो गए वो
ظَـٰهِرِينَ ग़ालिब ẓāhirīna
ग़ालिब
١٤ (14)
(14)
ऐ ईमान वालो! तुम अल्लाह (के धर्म) के सहायक बन जाओ, जिस तरह मरयम के पुत्र ईसा ने ह़वारियों से कहा : अल्लाह की ओर मेरे सहायक कौन हैं? ह़वारियों ने कहा : हम अल्लाह के (धर्म के) सहायक हैं। तो बनी इसराईल में से एक समूह ईमान लाया और एक समूह ने इनकार किया। फिर हमने उन लोगों का, जो ईमान लाए थे, उनके शत्रुओं के विरुद्ध समर्थन किया, तो वे हावी हो गए।