६०

अल-मुम्तहिना

मदनी १३ आयतें पारा २८
الممتحنة
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ साथ नाम bis'mi
साथ नाम
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान
ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
६०:१
يَـٰٓأَيُّهَا O you yāayyuhā
O you
ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो
ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो
لَا (Do) not
(Do) not
تَتَّخِذُوا۟ ना तुम बनाओ tattakhidhū
ना तुम बनाओ
عَدُوِّى मेरे दुश्मनों ʿaduwwī
मेरे दुश्मनों
وَعَدُوَّكُمْ और अपने दुश्मनों क waʿaduwwakum
और अपने दुश्मनों क
أَوْلِيَآءَ दोस्त awliyāa
दोस्त
تُلْقُونَ तुम डालते हो tul'qūna
तुम डालते हो
إِلَيْهِم तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके
بِٱلْمَوَدَّةِ दोस्ती (का पैग़ाम) bil-mawadati
दोस्ती (का पैग़ाम)
وَقَدْ हालाँकि तहक़ीक़ waqad
हालाँकि तहक़ीक़
كَفَرُوا۟ उन्होंने इन्कार किया kafarū
उन्होंने इन्कार किया
بِمَا उसका जो bimā
उसका जो
جَآءَكُم आया तुम्हारे पास jāakum
आया तुम्हारे पास
مِّنَ of mina
of
ٱلْحَقِّ हक़ में से l-ḥaqi
हक़ में से
يُخْرِجُونَ वो निकालते हैं yukh'rijūna
वो निकालते हैं
ٱلرَّسُولَ रसूल को l-rasūla
रसूल को
وَإِيَّاكُمْ ۙ और तुम्हें wa-iyyākum
और तुम्हें
أَن कि an
कि
تُؤْمِنُوا۟ तुम ईमान लाए हो tu'minū
तुम ईमान लाए हो
بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर
رَبِّكُمْ जो रब है तुम्हारा rabbikum
जो रब है तुम्हारा
إِن अगर in
अगर
كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम
خَرَجْتُمْ निकले तुम kharajtum
निकले तुम
جِهَـٰدًۭا जिहाद के लिए jihādan
जिहाद के लिए
فِى in
in
سَبِيلِى मेरे रास्ते में sabīlī
मेरे रास्ते में
وَٱبْتِغَآءَ और चाहने को wa-ib'tighāa
और चाहने को
مَرْضَاتِى ۚ रज़ामन्दी मेरी marḍātī
रज़ामन्दी मेरी
تُسِرُّونَ तुम छुपा कर भेजते हो tusirrūna
तुम छुपा कर भेजते हो
إِلَيْهِم तरफ़ उनके ilayhim
तरफ़ उनके
بِٱلْمَوَدَّةِ दोस्ती (का पैग़ाम) bil-mawadati
दोस्ती (का पैग़ाम)
وَأَنَا۠ और मैं wa-anā
और मैं
أَعْلَمُ ख़ूब जानता हूँ aʿlamu
ख़ूब जानता हूँ
بِمَآ उसे जो bimā
उसे जो
أَخْفَيْتُمْ छुपाया तुमने akhfaytum
छुपाया तुमने
وَمَآ और जो wamā
और जो
أَعْلَنتُمْ ۚ ज़ाहिर किया तुमने aʿlantum
ज़ाहिर किया तुमने
وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई
يَفْعَلْهُ करेगा उसे yafʿalhu
करेगा उसे
مِنكُمْ तुम में से minkum
तुम में से
فَقَدْ तो तहक़ीक़ faqad
तो तहक़ीक़
ضَلَّ वो भटक गया ḍalla
वो भटक गया
سَوَآءَ सीधे sawāa
सीधे
ٱلسَّبِيلِ रास्ते से l-sabīli
रास्ते से
١ (1)
(1)
ऐ लोगो जो ईमान लाए हो! मेरे शत्रुओं तथा अपने शत्रुओं को मित्र न बनाओ। तुम उनकी ओर मैत्री1 का संदेश भेजते हो, हालाँकि निश्चय उन्होंने उस सत्य का इनकार किया है, जो तुम्हारे पास आया है। वे रसूल को तथा तुमको इस कारण निकालते हैं कि तुम अपने पालनहार अल्लाह पर ईमान लाए हो। यदि तुम मेरी राह में जिहाद के लिए और मेरी प्रसन्नता तलाश करने के लिए निकले हो (तो ऐसा मत करो)। तुम गुप्त रूप से उनकी ओर मैत्री का संदेश भेजते हो, हालाँकि मैं अधिक जानने वाला हूँ, जो कुछ तुमने छिपाया और जो तुमने ज़ाहिर किया। तथा तुममें से जो भी ऐसा करेगा, तो निश्चय वह सीधे रास्ते से भटक गया।
६०:२
إِن अगर in
अगर
يَثْقَفُوكُمْ वो पा लें तुम्हें yathqafūkum
वो पा लें तुम्हें
يَكُونُوا۟ होंगे वो yakūnū
होंगे वो
لَكُمْ तुम्हारे lakum
तुम्हारे
أَعْدَآءًۭ दुश्मन aʿdāan
दुश्मन
وَيَبْسُطُوٓا۟ और वो दराज़ करेंगे wayabsuṭū
और वो दराज़ करेंगे
إِلَيْكُمْ तरफ़ तुम्हारे ilaykum
तरफ़ तुम्हारे
أَيْدِيَهُمْ हाथ अपने aydiyahum
हाथ अपने
وَأَلْسِنَتَهُم और ज़बानें अपनी wa-alsinatahum
और ज़बानें अपनी
بِٱلسُّوٓءِ साथ बुराई के bil-sūi
साथ बुराई के
وَوَدُّوا۟ और वो चाहेंगे wawaddū
और वो चाहेंगे
لَوْ काश law
काश
تَكْفُرُونَ तुम कुफ़्र करो takfurūna
तुम कुफ़्र करो
٢ (2)
(2)
यदि वे तुम्हें पा जाएँ, तो तुम्हारे दुश्मन होंगे तथा अपने हाथ और अपनी ज़बानें तुम्हारी ओर बुराई के साथ बढ़ाएँगे और चाहेंगे कि तुम काफ़िर हो जाओ।
६०:३
لَن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं
تَنفَعَكُمْ फ़ायदा देंगी तुम्हें tanfaʿakum
फ़ायदा देंगी तुम्हें
أَرْحَامُكُمْ रिश्तेदारियाँ तुम्हारी arḥāmukum
रिश्तेदारियाँ तुम्हारी
وَلَآ और ना walā
और ना
أَوْلَـٰدُكُمْ ۚ औलाद तुम्हारी awlādukum
औलाद तुम्हारी
يَوْمَ दिन yawma
दिन
ٱلْقِيَـٰمَةِ क़यामत के l-qiyāmati
क़यामत के
يَفْصِلُ वो फ़ैसला करेगा yafṣilu
वो फ़ैसला करेगा
بَيْنَكُمْ ۚ दर्मियान तुम्हारे baynakum
दर्मियान तुम्हारे
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
بِمَا उस जो bimā
उस जो
تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो
بَصِيرٌۭ ख़ूब देखने वाला है baṣīrun
ख़ूब देखने वाला है
٣ (3)
(3)
क़ियामत के दिन हरगिज़ न तुम्हारी नातेदारियाँ तुम्हें लाभ पहुँचाएँगी और न तुम्हारी संतान। वह तुम्हारे बीच जुदाई डाल देगा। और अल्लाह उसे जो तुम कर रहे हो ख़ूब देखने वाला है।
६०:४
قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़
كَانَتْ है kānat
है
لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
أُسْوَةٌ नमूना us'watun
नमूना
حَسَنَةٌۭ अच्छा ḥasanatun
अच्छा
فِىٓ in
in
إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम में ib'rāhīma
इब्राहीम में
وَٱلَّذِينَ और उन लोगों में जो wa-alladhīna
और उन लोगों में जो
مَعَهُۥٓ उसके साथ थे maʿahu
उसके साथ थे
إِذْ जब idh
जब
قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा
لِقَوْمِهِمْ अपनी क़ौम से liqawmihim
अपनी क़ौम से
إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम
بُرَءَٰٓؤُا۟ बेज़ार हैं buraāu
बेज़ार हैं
مِنكُمْ तुम से minkum
तुम से
وَمِمَّا और उनसे जिन्हें wamimmā
और उनसे जिन्हें
تَعْبُدُونَ तुम पूजते हो taʿbudūna
तुम पूजते हो
مِن from min
from
دُونِ सिवाए dūni
सिवाए
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
كَفَرْنَا इन्कार किया हमने kafarnā
इन्कार किया हमने
بِكُمْ तुम्हारा bikum
तुम्हारा
وَبَدَا और ज़ाहिर हो गई wabadā
और ज़ाहिर हो गई
بَيْنَنَا दर्मियान हमारे baynanā
दर्मियान हमारे
وَبَيْنَكُمُ और दर्मियान तुम्हारे wabaynakumu
और दर्मियान तुम्हारे
ٱلْعَدَٰوَةُ अदावत l-ʿadāwatu
अदावत
وَٱلْبَغْضَآءُ और बुग़्ज़ wal-baghḍāu
और बुग़्ज़
أَبَدًا हमेशा के लिए abadan
हमेशा के लिए
حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि
تُؤْمِنُوا۟ तुम ईमान लाओ tu'minū
तुम ईमान लाओ
بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर
وَحْدَهُۥٓ अकेले उसी पर waḥdahu
अकेले उसी पर
إِلَّا मगर illā
मगर
قَوْلَ कहना qawla
कहना
إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम का ib'rāhīma
इब्राहीम का
لِأَبِيهِ अपने वालिद से li-abīhi
अपने वालिद से
لَأَسْتَغْفِرَنَّ अलबत्ता मैं ज़रूर बख़्शिश माँगूँगा la-astaghfiranna
अलबत्ता मैं ज़रूर बख़्शिश माँगूँगा
لَكَ तेरे लिए laka
तेरे लिए
وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं
أَمْلِكُ मैं मालिक amliku
मैं मालिक
لَكَ तेरे लिए laka
तेरे लिए
مِنَ from mina
from
ٱللَّهِ अल्लाह से l-lahi
अल्लाह से
مِن of min
of
شَىْءٍۢ ۖ किसी चीज़ का shayin
किसी चीज़ का
رَّبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब
عَلَيْكَ तुझ पर ही ʿalayka
तुझ पर ही
تَوَكَّلْنَا तवक्कुल किया हमने tawakkalnā
तवक्कुल किया हमने
وَإِلَيْكَ और तरफ़ तेरे ही wa-ilayka
और तरफ़ तेरे ही
أَنَبْنَا रुजूअ किया हमने anabnā
रुजूअ किया हमने
وَإِلَيْكَ और तरफ़ तेरे ही wa-ilayka
और तरफ़ तेरे ही
ٱلْمَصِيرُ लौटना है l-maṣīru
लौटना है
٤ (4)
(4)
निश्चय तुम्हारे लिए इबराहीम तथा उनके साथियों में एक अच्छा आदर्श है। जब उन्होंने अपनी जाति से कहा : निःसंदेह हम तुमसे और उन सभी चीज़ों से बरी हैं, जिन्हें तुम अल्लाह के अतिरिक्त पूजते हो। हम तुम्हें नहीं मानते और हमारे बीच तथा तुम्हारे बीच दुश्मनी और घृणा सदा के लिए प्रकट हो चुकी है, यहाँ तक कि तुम अकेले अल्लाह पर ईमान ले आओ। परंतु इबराहीम का अपने पिता से यह कहना (तुम्हारे लिए आदर्श नहीं) कि मैं अवश्य तुम्हारे लिए क्षमा की प्रार्थना करूँगा1 और मैं अल्लाह के सामने तुम्हारे लिए कुछ अधिकार नहीं रखता। ऐ हमारे पालनहार! हमने तुझी पर भरोसा किया और तेरी ही ओर लौटे और तेरी ही ओर लौटकर आना है।
६०:५
رَبَّنَا ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब
لَا (do) not
(do) not
تَجْعَلْنَا ना तू बना हमें tajʿalnā
ना तू बना हमें
فِتْنَةًۭ फ़ितना / आज़माइश fit'natan
फ़ितना / आज़माइश
لِّلَّذِينَ उनके लिए जिन्होंने lilladhīna
उनके लिए जिन्होंने
كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया
وَٱغْفِرْ और बख़्शदे wa-igh'fir
और बख़्शदे
لَنَا हमें lanā
हमें
رَبَّنَآ ۖ ऐ हमारे रब rabbanā
ऐ हमारे रब
إِنَّكَ बेशक तू innaka
बेशक तू
أَنتَ तू ही है anta
तू ही है
ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त
ٱلْحَكِيمُ ख़ूब हिकमत वाला l-ḥakīmu
ख़ूब हिकमत वाला
٥ (5)
(5)
ऐ हमारे पालनहार! हमें काफ़िरों के लिए परीक्षण1 न बना और ऐ हमारे पालनहार! हमें क्षमा कर दे। निश्चय तू ही प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।
६०:६
لَقَدْ अलबत्ता तहक़ीक़ laqad
अलबत्ता तहक़ीक़
كَانَ है kāna
है
لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
فِيهِمْ उनमें fīhim
उनमें
أُسْوَةٌ नमूना us'watun
नमूना
حَسَنَةٌۭ अच्छा ḥasanatun
अच्छा
لِّمَن उसके लिए जो liman
उसके लिए जो
كَانَ हो वो kāna
हो वो
يَرْجُوا۟ वो उम्मीद रखता yarjū
वो उम्मीद रखता
ٱللَّهَ अल्लाह (से मुलाक़ात ) की l-laha
अल्लाह (से मुलाक़ात ) की
وَٱلْيَوْمَ and the Day wal-yawma
and the Day
ٱلْـَٔاخِرَ ۚ और आख़िरी दिन की l-ākhira
और आख़िरी दिन की
وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई
يَتَوَلَّ मुँह मोड़ जाए yatawalla
मुँह मोड़ जाए
فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
هُوَ वो ही है huwa
वो ही है
ٱلْغَنِىُّ बहुत बेनियाज़ l-ghaniyu
बहुत बेनियाज़
ٱلْحَمِيدُ ख़ूब तारीफ़ वाला l-ḥamīdu
ख़ूब तारीफ़ वाला
٦ (6)
(6)
निःसंदेह तुम्हारे लिए उनके अंदर एक अच्छा आदर्श है, उस व्यक्ति के लिए जो अल्लाह तथा अंतिम दिवस की आशा रखता है। और जो कोई मुँह फेरे, तो निश्चय अल्लाह बेनियाज़, हर प्रकार की प्रशंसा के योग्य है।
६०:७
۞ عَسَى उम्मीद है ʿasā
उम्मीद है
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
أَن कि an
कि
يَجْعَلَ वो डाल दे yajʿala
वो डाल दे
بَيْنَكُمْ दर्मियान तुम्हारे baynakum
दर्मियान तुम्हारे
وَبَيْنَ और दर्मियान wabayna
और दर्मियान
ٱلَّذِينَ उनके जिनसे alladhīna
उनके जिनसे
عَادَيْتُم अदावत रखते हो तुम ʿādaytum
अदावत रखते हो तुम
مِّنْهُم उनमें से min'hum
उनमें से
مَّوَدَّةًۭ ۚ दोस्ती mawaddatan
दोस्ती
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
قَدِيرٌۭ ۚ ख़ूब क़ुदरत वाला है qadīrun
ख़ूब क़ुदरत वाला है
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है
رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है
٧ (7)
(7)
निकट है कि अल्लाह तुम्हारे बीच तथा उन लोगों के बीच, जिनसे तुम उन (काफिरों) में से बैर रखते हो, मित्रता1 पैदा कर दे। और अल्लाह सर्वशक्तिमान् है तथा अल्लाह अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।
६०:८
لَّا Not
Not
يَنْهَىٰكُمُ नहीं रोकता तुम्हें yanhākumu
नहीं रोकता तुम्हें
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
عَنِ from ʿani
from
ٱلَّذِينَ उन लोगों से alladhīna
उन लोगों से
لَمْ नहीं lam
नहीं
يُقَـٰتِلُوكُمْ उन्होंने जंग की तुमसे yuqātilūkum
उन्होंने जंग की तुमसे
فِى in
in
ٱلدِّينِ दीन के मामले में l-dīni
दीन के मामले में
وَلَمْ और नहीं walam
और नहीं
يُخْرِجُوكُم उन्होंने निकाला तुम्हें yukh'rijūkum
उन्होंने निकाला तुम्हें
مِّن of min
of
دِيَـٰرِكُمْ तुम्हारे घरों से diyārikum
तुम्हारे घरों से
أَن कि an
कि
تَبَرُّوهُمْ तुम नेकी करो उनसे tabarrūhum
तुम नेकी करो उनसे
وَتُقْسِطُوٓا۟ और तुम इन्साफ़ करो watuq'siṭū
और तुम इन्साफ़ करो
إِلَيْهِمْ ۚ उनसे ilayhim
उनसे
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
يُحِبُّ वो पसंद करता है yuḥibbu
वो पसंद करता है
ٱلْمُقْسِطِينَ इन्साफ़ करने वालों को l-muq'siṭīna
इन्साफ़ करने वालों को
٨ (8)
(8)
अल्लाह तुम्हें इससे नहीं रोकता कि तुम उन लोगों से अच्छा व्यवहार करो और उनके साथ न्याय करो, जिन्होंने तुमसे धर्म के विषय में युद्ध नहीं किया और न तुम्हें तुम्हारे घरों से निकाला। निश्चय अल्लाह न्याय करने वालों1 से प्रेम करता है।
६०:९
إِنَّمَا बेशक innamā
बेशक
يَنْهَىٰكُمُ रोकता है तुम्हें yanhākumu
रोकता है तुम्हें
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
عَنِ from ʿani
from
ٱلَّذِينَ उनसे जिन्होंने alladhīna
उनसे जिन्होंने
قَـٰتَلُوكُمْ जंग की तुमसे qātalūkum
जंग की तुमसे
فِى in
in
ٱلدِّينِ दीन के मामले में l-dīni
दीन के मामले में
وَأَخْرَجُوكُم और उन्होंने निकाला तुम्हें wa-akhrajūkum
और उन्होंने निकाला तुम्हें
مِّن of min
of
دِيَـٰرِكُمْ तुम्हारे घरों से diyārikum
तुम्हारे घरों से
وَظَـٰهَرُوا۟ और उन्होंने एक दूसरे की मदद की waẓāharū
और उन्होंने एक दूसरे की मदद की
عَلَىٰٓ in ʿalā
in
إِخْرَاجِكُمْ तुम्हारे निकालने पर ikh'rājikum
तुम्हारे निकालने पर
أَن कि an
कि
تَوَلَّوْهُمْ ۚ तुम दोस्ती करो उनसे tawallawhum
तुम दोस्ती करो उनसे
وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई
يَتَوَلَّهُمْ दोस्ती करेगा उनसे yatawallahum
दोस्ती करेगा उनसे
فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं
هُمُ वो humu
वो
ٱلظَّـٰلِمُونَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimūna
जो ज़ालिम हैं
٩ (9)
(9)
अल्लाह तो तुम्हें केवल उन लोगों से मैत्री रखने से रोकता है, जिन्होंने तुमसे धर्म के विषय में युद्ध किया तथा तुम्हें तुम्हारे घरों से निकाला और तुम्हें निकालने में एक-दूसरे की सहायता की। और जो उनसे मैत्री करेगा, तो वही लोग अत्याचारी हैं।
६०:१०
يَـٰٓأَيُّهَا O you yāayyuhā
O you
ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो
ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो
إِذَا जब idhā
जब
جَآءَكُمُ आ जाऐं तुम्हारे पास jāakumu
आ जाऐं तुम्हारे पास
ٱلْمُؤْمِنَـٰتُ मोमिन औरतें l-mu'minātu
मोमिन औरतें
مُهَـٰجِرَٰتٍۢ हिजरत करने वालियाँ muhājirātin
हिजरत करने वालियाँ
فَٱمْتَحِنُوهُنَّ ۖ तो इम्तिहान लो उनका fa-im'taḥinūhunna
तो इम्तिहान लो उनका
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
أَعْلَمُ ख़ूब जानता है aʿlamu
ख़ूब जानता है
بِإِيمَـٰنِهِنَّ ۖ उनके ईमान को biīmānihinna
उनके ईमान को
فَإِنْ फिर अगर fa-in
फिर अगर
عَلِمْتُمُوهُنَّ जान लो तुम उन्हें ʿalim'tumūhunna
जान लो तुम उन्हें
مُؤْمِنَـٰتٍۢ ईमान वालियाँ mu'minātin
ईमान वालियाँ
فَلَا तो ना falā
तो ना
تَرْجِعُوهُنَّ तुम लौटाओ उन्हें tarjiʿūhunna
तुम लौटाओ उन्हें
إِلَى to ilā
to
ٱلْكُفَّارِ ۖ तरफ़ कुफ़्फ़ार के l-kufāri
तरफ़ कुफ़्फ़ार के
لَا Not
Not
هُنَّ ना वो hunna
ना वो
حِلٌّۭ हलाल हैं ḥillun
हलाल हैं
لَّهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए
وَلَا और ना walā
और ना
هُمْ वो hum
वो
يَحِلُّونَ वो हलाल हो सकते हैं yaḥillūna
वो हलाल हो सकते हैं
لَهُنَّ ۖ उनके लिए lahunna
उनके लिए
وَءَاتُوهُم और दो उन्हें waātūhum
और दो उन्हें
مَّآ जो
जो
أَنفَقُوا۟ ۚ उन्होंने ख़र्च किया anfaqū
उन्होंने ख़र्च किया
وَلَا और नहीं walā
और नहीं
جُنَاحَ कोई गुनाह junāḥa
कोई गुनाह
عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर
أَن कि an
कि
تَنكِحُوهُنَّ तुम निकाह करो उनसे tankiḥūhunna
तुम निकाह करो उनसे
إِذَآ जब idhā
जब
ءَاتَيْتُمُوهُنَّ दे चुको तुम उन्हें ātaytumūhunna
दे चुको तुम उन्हें
أُجُورَهُنَّ ۚ मेहर उनके ujūrahunna
मेहर उनके
وَلَا और ना walā
और ना
تُمْسِكُوا۟ तुम रोक कर रखो tum'sikū
तुम रोक कर रखो
بِعِصَمِ इस्मतें biʿiṣami
इस्मतें
ٱلْكَوَافِرِ काफ़िर औरतों की l-kawāfiri
काफ़िर औरतों की
وَسْـَٔلُوا۟ और तुम माँग लो wasalū
और तुम माँग लो
مَآ जो
जो
أَنفَقْتُمْ ख़र्च किया तुमने anfaqtum
ख़र्च किया तुमने
وَلْيَسْـَٔلُوا۟ और चाहिए कि वो माँग लें walyasalū
और चाहिए कि वो माँग लें
مَآ जो
जो
أَنفَقُوا۟ ۚ उन्होंने ख़र्च किया anfaqū
उन्होंने ख़र्च किया
ذَٰلِكُمْ ये dhālikum
ये
حُكْمُ फ़ैसला है ḥuk'mu
फ़ैसला है
ٱللَّهِ ۖ अल्लाह का l-lahi
अल्लाह का
يَحْكُمُ वो फ़ैसला करता है yaḥkumu
वो फ़ैसला करता है
بَيْنَكُمْ ۚ दर्मियान तुम्हारे baynakum
दर्मियान तुम्हारे
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
عَلِيمٌ ख़ूब इल्म वाला है ʿalīmun
ख़ूब इल्म वाला है
حَكِيمٌۭ ख़ूब हिकमत वाला है ḥakīmun
ख़ूब हिकमत वाला है
١٠ (10)
(10)
ऐ ईमान वालो! जब तुम्हारे पास ईमान वाली स्त्रियाँ हिजरत करके आएँ, तो उन्हें जाँच लिया करो। अल्लाह उनके ईमान को ज़्यादा जानने वाला है। फिर यदि वे तुम्हें ईमान वाली मालूम हों, तो उन्हें काफ़िरों की ओर वापस न करो।1 न ये स्त्रियाँ उन (काफ़िरों) के लिए हलाल हैं और न वे (काफ़िर) इनके लिए हलाल2 होंगे। और उन काफ़िरों ने जो खर्च किया है, वह उन्हें दे दो। तथा तुमपर कोई दोष नहीं है कि उनसे विवाह कर लो, जब उन्हें उनका महर दे दो। तथा तुम काफ़िर स्त्रियों के सतीत्व को रोक कर न रखो और जो तुमने ख़र्च किया है वह माँग लो। और वे (काफ़िर) भी माँग लें, जो उन्होंने खर्च किया है। यह अल्लाह का फैसला है। वह तुम्हारे बीच फैसला करता है। तथा अल्लाह सब कुछ जानने वाला, पूर्ण हिकमत वाला है।
६०:११
وَإِن और अगर wa-in
और अगर
فَاتَكُمْ रह जाए तुमसे fātakum
रह जाए तुमसे
شَىْءٌۭ कोई चीज़ (मेहर) shayon
कोई चीज़ (मेहर)
مِّنْ of min
of
أَزْوَٰجِكُمْ तुम्हारी बीवियों की azwājikum
तुम्हारी बीवियों की
إِلَى to ilā
to
ٱلْكُفَّارِ तरफ़ कुफ़्फ़ार के l-kufāri
तरफ़ कुफ़्फ़ार के
فَعَاقَبْتُمْ फिर तुम्हारी बारी आए faʿāqabtum
फिर तुम्हारी बारी आए
فَـَٔاتُوا۟ तो दो faātū
तो दो
ٱلَّذِينَ उन लोगों को alladhīna
उन लोगों को
ذَهَبَتْ चली गईं dhahabat
चली गईं
أَزْوَٰجُهُم बीवियाँ जिनकी azwājuhum
बीवियाँ जिनकी
مِّثْلَ मानिन्द उसके mith'la
मानिन्द उसके
مَآ जो
जो
أَنفَقُوا۟ ۚ उन्होंने ख़र्च किया anfaqū
उन्होंने ख़र्च किया
وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो
ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से
ٱلَّذِىٓ वो जो हो alladhī
वो जो हो
أَنتُم तुम antum
तुम
بِهِۦ उस पर bihi
उस पर
مُؤْمِنُونَ ईमान लाने वाले mu'minūna
ईमान लाने वाले
١١ (11)
(11)
और यदि तुम्हारी पत्नियों में से कोई काफ़िरों की ओर चली जाए, फिर तुम्हें बदले1 का अवसर मिल जाए, तो जिन लोगों की पत्नियाँ चली गई हैं, उन्हें उनके खर्च के बराबर दे दो। तथा अल्लाह से डरते रहो, जिसपर तुम ईमान रखते हो।
६०:१२
يَـٰٓأَيُّهَا yāayyuhā
ٱلنَّبِىُّ नबी l-nabiyu
नबी
إِذَا जब idhā
जब
جَآءَكَ आऐं आपके पास jāaka
आऐं आपके पास
ٱلْمُؤْمِنَـٰتُ मोमिन औरतें l-mu'minātu
मोमिन औरतें
يُبَايِعْنَكَ वो बैत करें आपसे yubāyiʿ'naka
वो बैत करें आपसे
عَلَىٰٓ इस (बात) पर ʿalā
इस (बात) पर
أَن कि an
कि
لَّا not
not
يُشْرِكْنَ नहीं वो शरीक ठहराऐंगी yush'rik'na
नहीं वो शरीक ठहराऐंगी
بِٱللَّهِ साथ अल्लाह के bil-lahi
साथ अल्लाह के
شَيْـًۭٔا किसी चीज़ को shayan
किसी चीज़ को
وَلَا और ना walā
और ना
يَسْرِقْنَ वो चोरी करेंगी yasriq'na
वो चोरी करेंगी
وَلَا और ना walā
और ना
يَزْنِينَ वो ज़िना करेंगी yaznīna
वो ज़िना करेंगी
وَلَا और ना walā
और ना
يَقْتُلْنَ वो क़त्ल करेंगी yaqtul'na
वो क़त्ल करेंगी
أَوْلَـٰدَهُنَّ अपनी औलाद को awlādahunna
अपनी औलाद को
وَلَا और ना walā
और ना
يَأْتِينَ वो आऐंगी yatīna
वो आऐंगी
بِبُهْتَـٰنٍۢ किसी बोहतान को bibuh'tānin
किसी बोहतान को
يَفْتَرِينَهُۥ वो गढ़ लें जिसे yaftarīnahu
वो गढ़ लें जिसे
بَيْنَ दर्मियान bayna
दर्मियान
أَيْدِيهِنَّ अपने हाथों aydīhinna
अपने हाथों
وَأَرْجُلِهِنَّ और अपने पाँव के wa-arjulihinna
और अपने पाँव के
وَلَا और ना walā
और ना
يَعْصِينَكَ वो नाफ़रमानी करेंगी आपकी yaʿṣīnaka
वो नाफ़रमानी करेंगी आपकी
فِى in
in
مَعْرُوفٍۢ ۙ किसी मारूफ़ में maʿrūfin
किसी मारूफ़ में
فَبَايِعْهُنَّ तो बैत कर लीजिए उनसे fabāyiʿ'hunna
तो बैत कर लीजिए उनसे
وَٱسْتَغْفِرْ और बख़्शिश माँगिए wa-is'taghfir
और बख़्शिश माँगिए
لَهُنَّ उनके लिए lahunna
उनके लिए
ٱللَّهَ ۖ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से
إِنَّ बेशक inna
बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है
رَّحِيمٌۭ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है
١٢ (12)
(12)
ऐ नबी! जब आपके पास ईमान वाली स्त्रियाँ1 आएँ, जो आपसे इस बात पर 'बैअत' करें कि वे किसी को अल्लाह का साझी नहीं बनाएँगी और न चोरी करेंगी, न व्यभिचार करेंगी, न अपनी संतान को क़त्ल करेंगी, न कोई बोहतान (झूठा अभियोग) लगाएँगी जिसे उन्होंने अपने हाथों तथा पैरों के सामने गढ़ लिया हो और न किसी नेक काम में आपकी अवज्ञा करेंगी, तो आप उनसे 'बैअत' ले लें तथा उनके लिए अल्लाह से क्षमा की याचना करें। निःसंदेह अल्लाह अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।
६०:१३
يَـٰٓأَيُّهَا O you yāayyuhā
O you
ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो
ءَامَنُوا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो
لَا (Do) not
(Do) not
تَتَوَلَّوْا۟ ना तुम दोस्त बनाओ tatawallaw
ना तुम दोस्त बनाओ
قَوْمًا ऐसी क़ौम को qawman
ऐसी क़ौम को
غَضِبَ नाराज़ हुआ ghaḍiba
नाराज़ हुआ
ٱللَّهُ अल्लाह l-lahu
अल्लाह
عَلَيْهِمْ जिन पर ʿalayhim
जिन पर
قَدْ तहक़ीक़ qad
तहक़ीक़
يَئِسُوا۟ वो मायूस हो गए ya-isū
वो मायूस हो गए
مِنَ of mina
of
ٱلْـَٔاخِرَةِ आख़िरत से l-ākhirati
आख़िरत से
كَمَا जैसा कि kamā
जैसा कि
يَئِسَ मायूस हुए ya-isa
मायूस हुए
ٱلْكُفَّارُ काफ़िर l-kufāru
काफ़िर
مِنْ of min
of
أَصْحَـٰبِ (the) companions aṣḥābi
(the) companions
ٱلْقُبُورِ क़ब्रों वालों से l-qubūri
क़ब्रों वालों से
١٣ (13)
(13)
ऐ ईमान वालो! तुम उन लोगों को मित्र न बनाओ, जिनपर अल्लाह क्रोधित हुआ है। निश्चय वे आख़िरत1 से वैसे ही निराश हो चुके हैं, जैसे काफ़िर लोग क़ब्र वालों (के जीवित होने) से निराश हो चुके हैं।