५९
अल-हश्र
الحشر
सूरह अल-हश्र (الحشر) पवित्र क़ुरआन का ५९ वाँ अध्याय है — यह एक मदनी सूरह है जिसमें २४ आयतें हैं। मदनी सूरहें प्रवास के बाद उतरीं और प्रायः इबादत, क़ानून और मुस्लिम समाज के जीवन से संबंधित हैं।
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बिस्मिल्लाह
بِسْمِसाथ नामbis'miٱللَّهِअल्लाह केl-lahiٱلرَّحْمَـٰنِजो बहुत मेहरबानl-raḥmāniٱلرَّحِيمِनिहायत रहम करने वाला हैl-raḥīmi
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
५९:१
سَبَّحَतस्बीह की हैsabbaḥaلِلَّهِअल्लाह के लिएlillahiمَاउस चीज़ ने जोmāفِى(is) infīٱلسَّمَـٰوَٰتِआसमानों में हैl-samāwātiوَمَاऔर जोwamāفِى(is) infīٱلْأَرْضِ ۖज़मीन में हैl-arḍiوَهُوَऔर वो ही हैwahuwaٱلْعَزِيزُबहुत ज़बरदस्तl-ʿazīzuٱلْحَكِيمُख़ूब हिकमत वालाl-ḥakīmu١
अल्लाह की पवित्रता का गान किया हर उस चीज़ ने जो आकाशों में है और जो धरती में है, और वही प्रभुत्वशाली और हिकमत वाला है।
५९:२
هُوَवो ही हैhuwaٱلَّذِىٓजिसनेalladhīأَخْرَجَनिकाल दियाakhrajaٱلَّذِينَउन लोगों को जिन्होंनेalladhīnaكَفَرُوا۟कुफ़्र कियाkafarūمِنْfromminأَهْلِ(the) Peopleahliٱلْكِتَـٰبِएहले किताब में सेl-kitābiمِنfromminدِيَـٰرِهِمْउनके घरों सेdiyārihimلِأَوَّلِat (the) firstli-awwaliٱلْحَشْرِ ۚपहले हशर /इकट्ठ मेंl-ḥashriمَاनहींmāظَنَنتُمْगुमान किया तुमनेẓanantumأَنकिanيَخْرُجُوا۟ ۖवो निकल जाऐंगेyakhrujūوَظَنُّوٓا۟और वो समझ रहे थेwaẓannūأَنَّهُمकि बेशक वोannahumمَّانِعَتُهُمْबचाने वाले हैं उन्हेंmāniʿatuhumحُصُونُهُمक़िले उनकेḥuṣūnuhumمِّنَagainstminaٱللَّهِअल्लाह सेl-lahiفَأَتَىٰهُمُपस आया उनके पासfa-atāhumuٱللَّهُअल्लाहl-lahuمِنْfromminحَيْثُजहाँ सेḥaythuلَمْनहींlamيَحْتَسِبُوا۟ ۖउन्होंने गुमान कियाyaḥtasibūوَقَذَفَऔर उसने डाल दियाwaqadhafaفِىintofīقُلُوبِهِمُउनके दिलों मेंqulūbihimuٱلرُّعْبَ ۚरोबl-ruʿ'baيُخْرِبُونَवो बरबाद कर रहे थेyukh'ribūnaبُيُوتَهُمअपने घरों कोbuyūtahumبِأَيْدِيهِمْअपने हाथों सेbi-aydīhimوَأَيْدِىऔर हाथों सेwa-aydīٱلْمُؤْمِنِينَमोमिनों केl-mu'minīnaفَٱعْتَبِرُوا۟पस इब्रत पकड़ोfa-iʿ'tabirūيَـٰٓأُو۟لِىO those endowedyāulīٱلْأَبْصَـٰرِऐ आँखों वालोl-abṣāri٢
वही है, जिसने अह्ले किताब के काफिरों को पहले ही निष्कासन के समय उनके घरों से निकाल बाहर किया। तुम्हें गुमान न था कि वे निकल जाएँगे और वे समझ रहे थे कि उनके क़िले1 उन्हें अल्लाह से बचाने वाले हैं। लेकिन अल्लाह (का अज़ाब) उनके पास वहाँ से आया, जिसका उन्हें गुमान भी न था और उसने उनके दिलों में भय डाल दिया। वे अपने घरों को खुद अपने हाथों से तथा ईमान वालों के हाथों2 से उजाड़ रहे थे। अतः सीख ग्रहण करो, ऐ आँखों वालो!
५९:३
وَلَوْلَآऔर अगर ना होतीwalawlāأَنये बात किanكَتَبَलिख दीkatabaٱللَّهُअल्लाह नेl-lahuعَلَيْهِمُउन परʿalayhimuٱلْجَلَآءَजिला वतनीl-jalāaلَعَذَّبَهُمْअलबत्ता वो अज़ाब देता उन्हेंlaʿadhabahumفِىinfīٱلدُّنْيَا ۖदुनिया मेंl-dun'yāوَلَهُمْऔर उनके लिएwalahumفِىinfīٱلْـَٔاخِرَةِआख़िरत मेंl-ākhiratiعَذَابُअज़ाब हैʿadhābuٱلنَّارِआग काl-nāri٣
और यदि अल्लाह ने उनपर देश-निकाला न लिख दिया होता, तो निश्चय वह उन्हें दुनिया ही में यातना देता तथा उनके लिए आख़िरत में आग की यातना है।
५९:४
ذَٰلِكَयेdhālikaبِأَنَّهُمْबवजह उसके कि वोbi-annahumشَآقُّوا۟उन्होंने मुख़ालिफ़त कीshāqqūٱللَّهَअल्लाह कीl-lahaوَرَسُولَهُۥ ۖऔर उसके रसूल कीwarasūlahuوَمَنऔर जोwamanيُشَآقِّमुख़ालिफ़त करेगाyushāqqiٱللَّهَअल्लाह कीl-lahaفَإِنَّतो बेशकfa-innaٱللَّهَअल्लाहl-lahaشَدِيدُसख़्तshadīduٱلْعِقَابِसज़ा वाला हैl-ʿiqābi٤
यह इसलिए कि उन्होंने अल्लाह और उसके रसूल का विरोध किया तथा जो अल्लाह का विरोध करे, तो निःसंदेह अल्लाह बहुत कड़ी सज़ा देने वाला है।
५९:५
مَاजो भीmāقَطَعْتُمकाटा तुमनेqaṭaʿtumمِّنofminلِّينَةٍखजूर का दरख़्तlīnatinأَوْयाawتَرَكْتُمُوهَاछोड़ दिया तुमने उसेtaraktumūhāقَآئِمَةًखड़ाqāimatanعَلَىٰٓonʿalāأُصُولِهَاउसकी जड़ों परuṣūlihāفَبِإِذْنِit (was) by the permissionfabi-idh'niٱللَّهِतो अल्लाह के इज़्न से थाl-lahiوَلِيُخْزِىَऔर ताकि वो रुस्वा करेwaliyukh'ziyaٱلْفَـٰسِقِينَफ़ासिक़ों कोl-fāsiqīna٥
(ऐ मुसलमानो!) तुमने जो भी खजूर के पेड़ काटे1 या उन्हें अपने तनों पर खड़ा रहने दिया, वह अल्लाह के आदेश से हुआ और ताकि अल्लाह अवज्ञाकारियों को अपमानित करे।
५९:६
وَمَآऔर जोwamāأَفَآءَलौटायाafāaٱللَّهُअल्लाह नेl-lahuعَلَىٰtoʿalāرَسُولِهِۦअपने रसूल परrasūlihiمِنْهُمْउनमें सेmin'humفَمَآपस नहींfamāأَوْجَفْتُمْदौड़ाए तुमनेawjaftumعَلَيْهِउस परʿalayhiمِنْofminخَيْلٍۢकोई घोड़ेkhaylinوَلَاऔर नाwalāرِكَابٍۢऊँटrikābinوَلَـٰكِنَّऔर लेकिनwalākinnaٱللَّهَअल्लाहl-lahaيُسَلِّطُवो मुसल्लत करता हैyusalliṭuرُسُلَهُۥअपने रसूलों कोrusulahuعَلَىٰऊपरʿalāمَنजिसकेmanيَشَآءُ ۚवो चाहता हैyashāuوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuعَلَىٰऊपरʿalāكُلِّहरkulliشَىْءٍۢचीज़ केshayinقَدِيرٌۭख़ूब क़ुदरत रखने वाला हैqadīrun٦
और अल्लाह ने जो धन उनसे अपने रसूल पर लौटाया, तो तुमने उसपर न कोई घोड़े दौड़ाए और न ऊँट। परन्तु अल्लाह अपने रसूल को, जिसपर चाहता है, प्रभुत्व प्रदान कर देता है और अल्लाह हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है।
५९:७
مَّآजोmāأَفَآءَलौटायाafāaٱللَّهُअल्लाह नेl-lahuعَلَىٰtoʿalāرَسُولِهِۦअपने रसूल परrasūlihiمِنْfromminأَهْلِ(the) peopleahliٱلْقُرَىٰबस्ती वालों में सेl-qurāفَلِلَّهِपस अल्लाह के लिए हैfalillahiوَلِلرَّسُولِऔर रसूल के लिएwalilrrasūliوَلِذِىand for thosewalidhīٱلْقُرْبَىٰऔर क़राबतदारों के लिएl-qur'bāوَٱلْيَتَـٰمَىٰऔर यतीमोंwal-yatāmāوَٱلْمَسَـٰكِينِऔर मिसकीनोंwal-masākīniوَٱبْنِandwa-ib'niٱلسَّبِيلِऔर मुसाफ़िरों के लिएl-sabīliكَىْthatkayلَاताकि नाlāيَكُونَहो वोyakūnaدُولَةًۢगर्दिश करने वालाdūlatanبَيْنَदर्मियानbaynaٱلْأَغْنِيَآءِदौलतमन्दों केl-aghniyāiمِنكُمْ ۚतुम में सेminkumوَمَآऔर जोwamāءَاتَىٰكُمُदें तुम्हेंātākumuٱلرَّسُولُरसूलl-rasūluفَخُذُوهُपस ले लो उसेfakhudhūhuوَمَاऔर जिस चीज़ सेwamāنَهَىٰكُمْवो रोकें तुम्हेंnahākumعَنْهُउससेʿanhuفَٱنتَهُوا۟ ۚपस रुक जाओfa-intahūوَٱتَّقُوا۟और डरोwa-ittaqūٱللَّهَ ۖअल्लाह सेl-lahaإِنَّबेशकinnaٱللَّهَअल्लाहl-lahaشَدِيدُसख़्तshadīduٱلْعِقَابِसज़ा वाला हैl-ʿiqābi٧
अल्लाह ने जो कुछ भी इन बस्तियों वालों (के धन)1 से अपने रसूल पर लौटाया, तो वह अल्लाह के लिए और रसूल के लिए और (रसूल के) रिश्तेदारों, अनाथों, निर्धनों तथा यात्री के लिए है; ताकि वह (धन) तुम्हारे धनवानों ही के बीच चक्कर लगाता न रह जाए2, और रसूल तुम्हें जो कुछ दें, उसे ले लो और जिस चीज़ से रोक दें, उससे रुक जाओ। तथा अल्लाह से डरते रहो। निश्चय अल्लाह बहुत कड़ी यातना देने वाला है।
५९:८
لِلْفُقَرَآءِ(माले फ़य)फ़ुक़रा के लिए हैlil'fuqarāiٱلْمُهَـٰجِرِينَजो मुहाजिर हैंl-muhājirīnaٱلَّذِينَवो लोग जोalladhīnaأُخْرِجُوا۟निकाले गएukh'rijūمِنfromminدِيَـٰرِهِمْअपने घरों सेdiyārihimوَأَمْوَٰلِهِمْऔर अपने मालों सेwa-amwālihimيَبْتَغُونَवो चाहते हैंyabtaghūnaفَضْلًۭاफ़ज़लfaḍlanمِّنَfromminaٱللَّهِअल्लाह काl-lahiوَرِضْوَٰنًۭاऔर रज़ामन्दीwariḍ'wānanوَيَنصُرُونَऔर वो मदद करते हैंwayanṣurūnaٱللَّهَअल्लाह कीl-lahaوَرَسُولَهُۥٓ ۚऔर उसके रसूल कीwarasūlahuأُو۟لَـٰٓئِكَयही लोग हैंulāikaهُمُवोhumuٱلصَّـٰدِقُونَजो सच्चे हैंl-ṣādiqūna٨
(यह धन) उन ग़रीब मुहाजिरों के लिए है, जो अपने घरों और अपने मालों से निकाल बाहर कर दिए गए। वे अल्लाह का अनुग्रह तथा प्रसन्नता चाहते हैं और अल्लाह तथा उसके रसूल की सहायता करते हैं। यही लोग सच्चे हैं।
५९:९
وَٱلَّذِينَऔर(अंसार के लिए भी)जिन्होंनेwa-alladhīnaتَبَوَّءُوजगह बनाईtabawwaūٱلدَّارَउस घर (मदीना) मेंl-dāraوَٱلْإِيمَـٰنَऔर ईमान मेंwal-īmānaمِنfromminقَبْلِهِمْउनसे पहलेqablihimيُحِبُّونَवो मुहब्बत रखते हैंyuḥibbūnaمَنْउससे जोmanهَاجَرَहिजरत करेhājaraإِلَيْهِمْतरफ़ उनकेilayhimوَلَاऔर नहींwalāيَجِدُونَवो पातेyajidūnaفِىinfīصُدُورِهِمْअपने सीनों मेंṣudūrihimحَاجَةًۭकोई हाजतḥājatanمِّمَّآउस चीज़ की जोmimmāأُوتُوا۟वो दिए गएūtūوَيُؤْثِرُونَऔर वो तरजीह देते हैंwayu'thirūnaعَلَىٰٓoverʿalāأَنفُسِهِمْअपने नफ़्सों परanfusihimوَلَوْऔर अगरचेwalawكَانَहोkānaبِهِمْउन्हेंbihimخَصَاصَةٌۭ ۚसख़्त हाजतkhaṣāṣatunوَمَنऔर जो कोईwamanيُوقَबचा लिया गयाyūqaشُحَّबुख़्ल सेshuḥḥaنَفْسِهِۦअपने नफ़्स केnafsihiفَأُو۟لَـٰٓئِكَतो यही लोग हैंfa-ulāikaهُمُवोhumuٱلْمُفْلِحُونَजो फ़लाह पाने वाले हैंl-muf'liḥūna٩
तथा (उनके लिए) जिन्होंने1 इनसे पहले इस घर (अर्थात् मदीना) में और ईमान में जगह बना ली है। वे अपनी ओर हिजरत करके आने वालों से प्रेम करते हैं। और वे अपने दिलों में उस चीज़ के प्रति कोई चाहत (हसद) नहीं पाते, जो मुहाजिरों को दी जाए और (उन्हें) अपने आप पर प्रधानता देते हैं, चाहे स्वयं ज़रूरतमंद2 हों। और जो अपने मन की लालच (कृपणता) से बचा लिया गया, तो वही लोग सफल होने वाले हैं।
५९:१०
وَٱلَّذِينَऔर (उनके लिए भी) जोwa-alladhīnaجَآءُوआएjāūمِنۢfromminبَعْدِهِمْउनके बादbaʿdihimيَقُولُونَवो कहते हैंyaqūlūnaرَبَّنَاऐ हमारे रबrabbanāٱغْفِرْबख़्शदेigh'firلَنَاहमेंlanāوَلِإِخْوَٰنِنَاऔर हमारे भाईयों कोwali-ikh'wānināٱلَّذِينَवो जोalladhīnaسَبَقُونَاसबक़त ले गए हमसेsabaqūnāبِٱلْإِيمَـٰنِईमान मेंbil-īmāniوَلَاऔर नाwalāتَجْعَلْतू रखtajʿalفِىinfīقُلُوبِنَاहमारे दिलों मेqulūbināغِلًّۭاकीना/कुदूरतghillanلِّلَّذِينَउन लोगों के लिए जोlilladhīnaءَامَنُوا۟ईमान लाएāmanūرَبَّنَآऐ हमार रबrabbanāإِنَّكَबेशक तूinnakaرَءُوفٌۭबहुत शफ़्क़त करने वाला हैraūfunرَّحِيمٌनिहायत रहम करने वाला हैraḥīmun١٠
और (उनके लिए) जो उनके पश्चात् आए, वे कहते हैं : ऐ हमारे पालनहार! हमें और हमारे उन भाइयों को क्षमा कर दे, जो हमसे पहले ईमान लाए और हमारे दिलों में उन लोगों के लिए कोई द्वेष न रख, जो ईमान लाए। ऐ हमारे पालनहार! तू अति करुणामय, अत्यंत दयावान् है।
५९:११
۞ أَلَمْक्या नहींalamتَرَआपने देखाtaraإِلَى[to]ilāٱلَّذِينَतरफ़ उनके जिन्होंनेalladhīnaنَافَقُوا۟मुनाफ़िक़त कीnāfaqūيَقُولُونَवो कहते हैंyaqūlūnaلِإِخْوَٰنِهِمُअपने भाईयों सेli-ikh'wānihimuٱلَّذِينَजिन्होंनेalladhīnaكَفَرُوا۟कुफ़्र कियाkafarūمِنْamongminأَهْلِthe Peopleahliٱلْكِتَـٰبِएहले किताब में सेl-kitābiلَئِنْअलबत्ता अगरla-inأُخْرِجْتُمْनिकाले गए तुमukh'rij'tumلَنَخْرُجَنَّअलबत्ता हम ज़रूर निकलेंगेlanakhrujannaمَعَكُمْसाथ तुम्हारेmaʿakumوَلَاऔर नाwalāنُطِيعُहम इताअत करेंगेnuṭīʿuفِيكُمْतुम्हारे मामले मेंfīkumأَحَدًاकिसी एक कीaḥadanأَبَدًۭاकभी भीabadanوَإِنऔर अगरwa-inقُوتِلْتُمْजंग की गई तुमसेqūtil'tumلَنَنصُرَنَّكُمْअलबत्ता हम ज़रूर मदद करेंगे तुम्हारीlananṣurannakumوَٱللَّهُऔर अल्लाहwal-lahuيَشْهَدُवो गवाही देता हैyashhaduإِنَّهُمْबेशक वोinnahumلَكَـٰذِبُونَअलबत्ता झूठे हैंlakādhibūna١١
क्या आपने मुनाफ़िकों1 को नहीं देखा, वे अह्ले किताब में से अपने काफ़िर भाइयों से कहते हैं : निश्चय अगर तुम्हें निकाला गया, तो हम भी अवश्य तुम्हारे साथ निकल जाएँगे और तुम्हारे बारे में कभी किसी की बात नहीं मानेंगे और यदि तुमसे युद्ध हुआ, तो हम अवश्य तुम्हारी सहायता करेंगे। और अल्लाह गवाही देता है कि निःसंदेह वे झूठे हैं।
५९:१२
لَئِنْअलबत्ता अगरla-inأُخْرِجُوا۟वो निकाले गएukh'rijūلَاnotlāيَخْرُجُونَनहीं वो निकलेंगेyakhrujūnaمَعَهُمْसाथ उनकेmaʿahumوَلَئِنऔर अलबत्ता अगरwala-inقُوتِلُوا۟वो जंग किए गएqūtilūلَاnotlāيَنصُرُونَهُمْनहीं वो मदद करेंगे उनकीyanṣurūnahumوَلَئِنऔर अलबत्ता अगरwala-inنَّصَرُوهُمْउन्होंने मदद की भी उनकीnaṣarūhumلَيُوَلُّنَّअलबत्ता वो ज़रूर फेर लेंगेlayuwallunnaٱلْأَدْبَـٰرَपुश्तेंl-adbāraثُمَّफिरthummaلَاnotlāيُنصَرُونَना वो मदद किए जाऐंगेyunṣarūna١٢
निश्चय अगर वे निकाले गए तो ये उनके साथ नहीं निकलेंगे और निश्चय अगर उनसे युद्ध किया गया तो ये उनकी सहायता नहीं करेंगे और निश्चय अगर उनकी सहायता की भी तो अवश्य पीठ फेरकर भागेंगे, फिर उनकी सहायता नहीं की जाएगी।
५९:१३
لَأَنتُمْअलबत्ता तुमla-antumأَشَدُّज़्यादा सख़्त होashadduرَهْبَةًۭरोब मेंrahbatanفِىinfīصُدُورِهِمउनके सीनों मेंṣudūrihimمِّنَthanminaٱللَّهِ ۚअल्लाह से (बढ़) करl-lahiذَٰلِكَयेdhālikaبِأَنَّهُمْबवजह उसके कि वोbi-annahumقَوْمٌۭएक क़ौम हैंqawmunلَّا(who do) notlāيَفْقَهُونَनहीं वो समझतेyafqahūna١٣
निश्चय उनके दिलों में तुम्हारा भय अल्लाह (के भय) से अधिक है। यह इसलिए कि वे ऐसे लोग हैं, जो नहीं समझते।
५९:१४
لَاNotlāيُقَـٰتِلُونَكُمْनहीं वो जंग करेंगे तुमसेyuqātilūnakumجَمِيعًاइकट्ठेjamīʿanإِلَّاमगरillāفِىinfīقُرًۭىबस्तियों मेंquranمُّحَصَّنَةٍक़िला बन्द हो करmuḥaṣṣanatinأَوْयाawمِنfromminوَرَآءِपीछे सेwarāiجُدُرٍۭ ۚदीवारों केjudurinبَأْسُهُمउनकी जंगbasuhumبَيْنَهُمْआपस मेंbaynahumشَدِيدٌۭ ۚशदीद हैshadīdunتَحْسَبُهُمْतुम समझते हो उन्हेंtaḥsabuhumجَمِيعًۭاइकट्ठाjamīʿanوَقُلُوبُهُمْजबकि दिल उनकेwaqulūbuhumشَتَّىٰ ۚफटे हुए हैंshattāذَٰلِكَयेdhālikaبِأَنَّهُمْबवजह उसके कि वोbi-annahumقَوْمٌۭएक क़ौम हैंqawmunلَّاnotlāيَعْقِلُونَनहीं वो अक़्ल रखतेyaʿqilūna١٤
वे तुमसे एकत्रित होकर युद्ध नहीं करेंगे, परंतु क़िलेबंद बस्तियों में या दीवारों के पीछे से। उनकी आपस की लड़ाई बहुत सख़्त है। आप उन्हें एकजुट समझते हैं, जबकि उनके दिल अलग-अलग हैं। यह इसलिए कि वे ऐसे लोग हैं, जो बुद्धि नहीं रखते।
५९:१५
كَمَثَلِमानिन्द मिसालkamathaliٱلَّذِينَउनके जोalladhīnaمِنfromminقَبْلِهِمْउनसे पहले थेqablihimقَرِيبًۭا ۖक़रीब हीqarībanذَاقُوا۟उन्होंने चखाdhāqūوَبَالَवबालwabālaأَمْرِهِمْअपने काम काamrihimوَلَهُمْऔर उनके लिए हैwalahumعَذَابٌअज़ाबʿadhābunأَلِيمٌۭदर्दनाकalīmun١٥
इनकी हालत उन लोगों जैसी है, जो इनसे कुछ ही पहले गुज़रे हैं। वे अपने किए का स्वाद चख चुके1 हैं और उनके लिए दुःखदायी यातना है।
५९:१६
كَمَثَلِजैसे मिसालkamathaliٱلشَّيْطَـٰنِशैतान कीl-shayṭāniإِذْजबidhقَالَवो कहता हैqālaلِلْإِنسَـٰنِइन्सान सेlil'insāniٱكْفُرْकुफ़्र करोuk'furفَلَمَّاतो जबfalammāكَفَرَवो कुफ़्र करता हैkafaraقَالَवो कहता हैqālaإِنِّىबेशक मैंinnīبَرِىٓءٌۭबरी उज़-ज़िम्मा हूँbarīonمِّنكَतुझसेminkaإِنِّىٓबेशक मैंinnīأَخَافُमैं डरता हूँakhāfuٱللَّهَअल्लाह सेl-lahaرَبَّजो रब हैrabbaٱلْعَـٰلَمِينَतमाम जहानों काl-ʿālamīna١٦
शैतान की तरह, जब उसने मनुष्य से कहा कि कुफ़्र कर। फिर जब वह कुफ़्र कर चुका, तो उसने कहा : निःसंदेह मैं तुझसे बरी हूँ। मैं तो अल्लाह से डरता हूँ, जो सर्व संसार का पालनहार है।
५९:१७
فَكَانَपस हुआfakānaعَـٰقِبَتَهُمَآअंजाम उन दोनों काʿāqibatahumāأَنَّهُمَاकि बेशक वो दोनोंannahumāفِى(will be) infīٱلنَّارِआग में होंगेl-nāriخَـٰلِدَيْنِदोनों हमेशा रहने वालेkhālidayniفِيهَا ۚउसमेंfīhāوَذَٰلِكَऔर यही हैwadhālikaجَزَٰٓؤُا۟बदलाjazāuٱلظَّـٰلِمِينَज़ालिमों काl-ẓālimīna١٧
तो दोनों का परिणाम यह हुआ कि वे हमेशा जहन्नम में रहेंगे और यही अत्याचारियों का बदला है।
५९:१८
يَـٰٓأَيُّهَاOyāayyuhāٱلَّذِينَऐ लोगो जोalladhīnaءَامَنُوا۟ईमान लाए होāmanūٱتَّقُوا۟डरोittaqūٱللَّهَअल्लाह सेl-lahaوَلْتَنظُرْऔर ज़रूर देखेwaltanẓurنَفْسٌۭहर नफ़्सnafsunمَّاजोmāقَدَّمَتْउसने आगे भेजाqaddamatلِغَدٍۢ ۖकल के लिएlighadinوَٱتَّقُوا۟और डरोwa-ittaqūٱللَّهَ ۚअल्लाह सेl-lahaإِنَّबेशकinnaٱللَّهَअल्लाहl-lahaخَبِيرٌۢख़ूब बाख़बर हैkhabīrunبِمَاउससे जोbimāتَعْمَلُونَतुम अमल करते होtaʿmalūna١٨
ऐ लोगो जो ईमान लाए हो! अल्लाह से डरो और प्रत्येक व्यक्ति को देखना चाहिए कि उसने कल के लिए क्या आगे भेजा है तथा अल्लाह से डरते रहो। निश्चय अल्लाह उससे पूरी तरह अवगत है, जो तुम कर रहे हो।
५९:१९
وَلَاऔर नाwalāتَكُونُوا۟तुम हो जाओtakūnūكَٱلَّذِينَउनकी तरह जिन्होंनेka-alladhīnaنَسُوا۟भुला दियाnasūٱللَّهَअल्लाह कोl-lahaفَأَنسَىٰهُمْतो उसने भुला दिया उन्हेंfa-ansāhumأَنفُسَهُمْ ۚउनके नफ़्सanfusahumأُو۟لَـٰٓئِكَयही लोग हैulāikaهُمُवोhumuٱلْفَـٰسِقُونَजो फ़ासिक़ हैंl-fāsiqūna١٩
और उन लोगों के समान न हो जाओ, जो अल्लाह को भूल गए, तो उसने उन्हें अपने आपको को भुलवा दिया। यही लोग अवज्ञाकारी हैं।
५९:२०
لَاNotlāيَسْتَوِىٓनहीं बराबर हो सकतेyastawīأَصْحَـٰبُसाथीaṣḥābuٱلنَّارِआग केl-nāriوَأَصْحَـٰبُऔर साथीwa-aṣḥābuٱلْجَنَّةِ ۚजन्नत केl-janatiأَصْحَـٰبُसाथीaṣḥābuٱلْجَنَّةِजन्नत केl-janatiهُمُवो ही हैंhumuٱلْفَآئِزُونَजो कामयाब होने वाले हैंl-fāizūna٢٠
जहन्नम वाले और जन्नत वाले वाले बराबर नहीं हो सकते। जन्नत वाले ही वास्तव में सफल हैं।
५९:२१
لَوْअगरlawأَنزَلْنَاनाज़िल करते हमanzalnāهَـٰذَاइसhādhāٱلْقُرْءَانَक़ुरआन कोl-qur'ānaعَلَىٰऊपरʿalāجَبَلٍۢकिसी पहाड़ परjabalinلَّرَأَيْتَهُۥअलबत्ता देखते आप उसेlara-aytahuخَـٰشِعًۭاदबा हुआkhāshiʿanمُّتَصَدِّعًۭاफटने वालाmutaṣaddiʿanمِّنْfromminخَشْيَةِख़ौफ़ सेkhashyatiٱللَّهِ ۚअल्लाह केl-lahiوَتِلْكَऔर येwatil'kaٱلْأَمْثَـٰلُमिसालें हैंl-amthāluنَضْرِبُهَاहम बयान करते हैं उन्हेंnaḍribuhāلِلنَّاسِलोगों के लिएlilnnāsiلَعَلَّهُمْताकि वोlaʿallahumيَتَفَكَّرُونَग़ौरो फ़िक्र करेंyatafakkarūna٢١
यदि हम इस क़ुरआन को किसी पर्वत पर अवतरित करते, तो निश्चय आप उसे देखते कि अल्लाह के भय से झुक जाता और फटकर टुकड़े-टुकड़े हो जाता। और हम इन उदाहरणों को लोगों के लिए वर्णन कर रहे हैं, ताकि वे सोच-विचार करें।
५९:२२
هُوَवोhuwaٱللَّهُअल्लाहl-lahuٱلَّذِىवो ही है जोalladhīلَآनहींlāإِلَـٰهَकोई इलाह (बरहक़)ilāhaإِلَّاमगरillāهُوَ ۖवो हीhuwaعَـٰلِمُजानने वाला हैʿālimuٱلْغَيْبِग़ैबl-ghaybiوَٱلشَّهَـٰدَةِ ۖऔर हाज़िर काwal-shahādatiهُوَवोhuwaٱلرَّحْمَـٰنُबहुत मेहरबान हैl-raḥmānuٱلرَّحِيمُनिहायत रहम करने वाला हैl-raḥīmu٢٢
वह अल्लाह ही है, जिसके अतिरिक्त कोई सत्य पूज्य नहीं, हर परोक्ष तथा प्रत्यक्ष को जानने वाला है, वह बहुत कृपाशील, अत्यंत दयालु है।
५९:२३
هُوَवोhuwaٱللَّهُअल्लाहl-lahuٱلَّذِىवो ही हैalladhīلَآनहींlāإِلَـٰهَकोई इलाह (बरहक़)ilāhaإِلَّاमगरillāهُوَवो हीhuwaٱلْمَلِكُजो बादशाह हैl-malikuٱلْقُدُّوسُनिहायत पाक हैl-qudūsuٱلسَّلَـٰمُसलामती वाला हैl-salāmuٱلْمُؤْمِنُअमन देने वाला हैl-mu'minuٱلْمُهَيْمِنُनिगहबान हैl-muhayminuٱلْعَزِيزُसब पर ग़ालिब हैl-ʿazīzuٱلْجَبَّارُज़बरदस्त ज़ोर आवर हैl-jabāruٱلْمُتَكَبِّرُ ۚबेहद बड़ाई वाला हैl-mutakabiruسُبْحَـٰنَपाक हैsub'ḥānaٱللَّهِअल्लाहl-lahiعَمَّاउससे जोʿammāيُشْرِكُونَवो शरीक ठहराते हैंyush'rikūna٢٣
वह अल्लाह ही है, जिसके अतिरिक्त कोई सच्चा पूज्य1 नहीं, वह बादशाह है, अत्यंत पवित्र, हर दोष से मुक्त, पुष्टि करने वाला, निगरानी करने वाला, प्रभुत्वशाली, शक्तिशाली, बहुत बड़ाई वाला है। पवित्र है अल्लाह उससे, जो वे (उसका) साझी बनाते हैं।
५९:२४
هُوَवोhuwaٱللَّهُअल्लाहl-lahuٱلْخَـٰلِقُजो पैदा करने वाला हैl-khāliquٱلْبَارِئُवुजूद में लाने वाला हैl-bāri-uٱلْمُصَوِّرُ ۖसूरत बनाने वाला हैl-muṣawiruلَهُउसके लिए हैंlahuٱلْأَسْمَآءُनामl-asmāuٱلْحُسْنَىٰ ۚअच्छे-अच्छेl-ḥus'nāيُسَبِّحُतस्बीह करती हैyusabbiḥuلَهُۥउसके लिएlahuمَا(हर वो चीज़) जोmāفِى(is) infīٱلسَّمَـٰوَٰتِआसमानों मेंl-samāwātiوَٱلْأَرْضِ ۖऔर ज़मीन में हैwal-arḍiوَهُوَऔर वोwahuwaٱلْعَزِيزُबहुत ज़बरदस्त हैl-ʿazīzuٱلْحَكِيمُख़ूब हिकमत वाला हैl-ḥakīmu٢٤
वह अल्लाह ही है, जो रचयिता, अस्तित्व प्रदान करने वाला, रूप देने वाला है। सब अच्छे नाम उसी के हैं। उसकी पवित्रता का गान हर वह चीज़ करती है जो आकाशों तथा धरती में है और वह प्रभुत्वशाली, ह़िकमत वाला है।
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