२६

अश-शुअरा

मक्की २२७ आयतें पारा १९
الشعراء
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ साथ नाम bis'mi
साथ नाम
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान
ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
२६:१
طسٓمٓ ط س م tta-seen-meem
ط س م
١ (1)
(1)
ता, सीन, मीम।
२६:२
تِلْكَ ये til'ka
ये
ءَايَـٰتُ आयात हैं āyātu
आयात हैं
ٱلْكِتَـٰبِ (of) the Book l-kitābi
(of) the Book
ٱلْمُبِينِ वाज़ेह किताब की l-mubīni
वाज़ेह किताब की
٢ (2)
(2)
ये स्पष्ट किताब की आयतें हैं।
२६:३
لَعَلَّكَ शायद कि आप laʿallaka
शायद कि आप
بَـٰخِعٌۭ हलाक करने वाले हैं bākhiʿun
हलाक करने वाले हैं
نَّفْسَكَ अपनी जान को nafsaka
अपनी जान को
أَلَّا कि नहीं allā
कि नहीं
يَكُونُوا۟ हैं वो yakūnū
हैं वो
مُؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले
٣ (3)
(3)
शायद (ऐ रसूल!) आप अपने आपको हलाक करने वाले हैं, इसलिए कि वे ईमान नहीं लाते।1
२६:४
إِن अगर in
अगर
نَّشَأْ हम चाहें nasha
हम चाहें
نُنَزِّلْ हम उतार दें nunazzil
हम उतार दें
عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर
مِّنَ from mina
from
ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से
ءَايَةًۭ कोई निशानी āyatan
कोई निशानी
فَظَلَّتْ तो हो जाऐं faẓallat
तो हो जाऐं
أَعْنَـٰقُهُمْ गर्दनें उनकी aʿnāquhum
गर्दनें उनकी
لَهَا उसके लिए lahā
उसके लिए
خَـٰضِعِينَ झुकने वाली khāḍiʿīna
झुकने वाली
٤ (4)
(4)
यदि हम चाहें, तो उनपर आकाश से कोई निशानी उतार दें, फिर उसके सामने उनकी गर्दनें झुकी रह जाएँ।1
२६:५
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
يَأْتِيهِم आती उनके पास yatīhim
आती उनके पास
مِّن any min
any
ذِكْرٍۢ कोई नसीहत dhik'rin
कोई नसीहत
مِّنَ from mina
from
ٱلرَّحْمَـٰنِ रहमान की तरफ़ से l-raḥmāni
रहमान की तरफ़ से
مُحْدَثٍ नई muḥ'dathin
नई
إِلَّا मगर illā
मगर
كَانُوا۟ वो होते हैं kānū
वो होते हैं
عَنْهُ उससे ʿanhu
उससे
مُعْرِضِينَ ऐराज़ करने वाले muʿ'riḍīna
ऐराज़ करने वाले
٥ (5)
(5)
और जब भी 'रह़मान' (अति दयावान्) की ओर से उनके पास कोई नई नसीहत आती है, तो वे उससे मुँह फेरने वाले होते हैं।
२६:६
فَقَدْ पस तहक़ीक़ faqad
पस तहक़ीक़
كَذَّبُوا۟ उन्होंने झुठला दिया kadhabū
उन्होंने झुठला दिया
فَسَيَأْتِيهِمْ तो अनक़रीब आऐंगी उनके पास fasayatīhim
तो अनक़रीब आऐंगी उनके पास
أَنۢبَـٰٓؤُا۟ ख़बरें anbāu
ख़बरें
مَا उसकी जो
उसकी जो
كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो
بِهِۦ उसका bihi
उसका
يَسْتَهْزِءُونَ वो मज़ाक़ उड़ाते yastahziūna
वो मज़ाक़ उड़ाते
٦ (6)
(6)
अतः निःसंदेह उन्होंने झुठला दिया, तो शीघ्र ही उनके पास उस चीज़ की खबरें आ जाएँगी, जिसका वे उपहास उड़ाया करते थे।
२६:७
أَوَلَمْ क्या भला नहीं awalam
क्या भला नहीं
يَرَوْا۟ उन्होंने देखा yaraw
उन्होंने देखा
إِلَى at ilā
at
ٱلْأَرْضِ तरफ़ ज़मीन के l-arḍi
तरफ़ ज़मीन के
كَمْ कितने ही kam
कितने ही
أَنۢبَتْنَا उगाए हमने anbatnā
उगाए हमने
فِيهَا उसमें fīhā
उसमें
مِن of min
of
كُلِّ हर क़िस्म के kulli
हर क़िस्म के
زَوْجٍۢ जोड़े zawjin
जोड़े
كَرِيمٍ उमदा karīmin
उमदा
٧ (7)
(7)
और क्या उन्होंने धरती की ओर नहीं देखा कि हमने उसमें हर उत्तम प्रकार के कितने पौधे उगाए हैं?
२६:८
إِنَّ बेशक inna
बेशक
فِى in
in
ذَٰلِكَ इसमें dhālika
इसमें
لَـَٔايَةًۭ ۖ अलबत्ता एक निशानी है laāyatan
अलबत्ता एक निशानी है
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
كَانَ हैं kāna
हैं
أَكْثَرُهُم अक्सर उनके aktharuhum
अक्सर उनके
مُّؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले
٨ (8)
(8)
निःसंदे इसमें निश्चय एक बड़ी निशानी1 है। (परंतु) उनमें से अधिकतर ईमान लाने वाले नहीं थे।
२६:९
وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक
رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका
لَهُوَ अलबत्ता वो lahuwa
अलबत्ता वो
ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त है l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त है
ٱلرَّحِيمُ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmu
निहायत रहम करने वाला है
٩ (9)
(9)
तथा निःसंदेह आपका पालनहार, निश्चय वही सबपर प्रभुत्वशाली, अत्यंत दयावान् है।
२६:१०
وَإِذْ और जब wa-idh
और जब
نَادَىٰ पुकारा nādā
पुकारा
رَبُّكَ आपके रब ने rabbuka
आपके रब ने
مُوسَىٰٓ मूसा को mūsā
मूसा को
أَنِ कि ani
कि
ٱئْتِ आओ i'ti
आओ
ٱلْقَوْمَ उन लोगों की तरफ़ l-qawma
उन लोगों की तरफ़
ٱلظَّـٰلِمِينَ जो ज़ालिम हैं l-ẓālimīna
जो ज़ालिम हैं
١٠ (10)
(10)
और जब आपके पालनहार ने मूसा को पुकारा कि उन ज़ालिम लोगों1 के पास जाओ।
२६:११
قَوْمَ क़ौमे qawma
क़ौमे
فِرْعَوْنَ ۚ फ़िरऔन के fir'ʿawna
फ़िरऔन के
أَلَا क्या नहीं alā
क्या नहीं
يَتَّقُونَ वो डरते yattaqūna
वो डरते
١١ (11)
(11)
फ़िरऔन की जाति के पास। क्या वे डरते नहीं?
२६:१२
قَالَ कहा qāla
कहा
رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब
إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं
أَخَافُ मैं डरता हूँ akhāfu
मैं डरता हूँ
أَن कि an
कि
يُكَذِّبُونِ वो झुठला देंगे मुझे yukadhibūni
वो झुठला देंगे मुझे
١٢ (12)
(12)
उसने कहा : ऐ मेरे पालनहार! निःसंदेह मुझे डर है कि वे मुझे झुठला देंगे।
२६:१३
وَيَضِيقُ और घुटता है wayaḍīqu
और घुटता है
صَدْرِى सीना मेरा ṣadrī
सीना मेरा
وَلَا और नहीं walā
और नहीं
يَنطَلِقُ चलती yanṭaliqu
चलती
لِسَانِى ज़बान मेरी lisānī
ज़बान मेरी
فَأَرْسِلْ तो भेज (नुबूव्वत) fa-arsil
तो भेज (नुबूव्वत)
إِلَىٰ for ilā
for
هَـٰرُونَ तरफ़ हारून के hārūna
तरफ़ हारून के
١٣ (13)
(13)
और मेरा सीना घुटता है और मेरी ज़बान नहीं चलती, अतः हारून की ओर संदेश भेज।
२६:१४
وَلَهُمْ और उनके लिए है walahum
और उनके लिए है
عَلَىَّ मुझ पर ʿalayya
मुझ पर
ذَنۢبٌۭ एक गुनाह dhanbun
एक गुनाह
فَأَخَافُ तो मैं डरता हूँ fa-akhāfu
तो मैं डरता हूँ
أَن कि an
कि
يَقْتُلُونِ वो क़त्ल कर देंगे मुझे yaqtulūni
वो क़त्ल कर देंगे मुझे
١٤ (14)
(14)
और उनका मुझपर एक अपराध का आरोप है। अतः मैं डरता हूँ कि वे मुझे मार डालेंगे।
२६:१५
قَالَ फ़रमाया qāla
फ़रमाया
كَلَّا ۖ हरगिज़ नहीं kallā
हरगिज़ नहीं
فَٱذْهَبَا पस तुम दोनों जाओ fa-idh'habā
पस तुम दोनों जाओ
بِـَٔايَـٰتِنَآ ۖ साथ हमारी निशानियों के biāyātinā
साथ हमारी निशानियों के
إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम
مَعَكُم तुम्हारे साथ maʿakum
तुम्हारे साथ
مُّسْتَمِعُونَ ख़ूब सुनने वाले हैं mus'tamiʿūna
ख़ूब सुनने वाले हैं
١٥ (15)
(15)
(अल्लाह ने) फरमाया : ऐसा कभी नहीं होगा, अतः तुम दोनों हमारी निशानियों के साथ जाओ। निःसंदेह हम तुम्हारे साथ ख़ूब सुनने1 वाले हैं।
२६:१६
فَأْتِيَا फिर दोनों जाओ fatiyā
फिर दोनों जाओ
فِرْعَوْنَ फ़िरऔन के पास fir'ʿawna
फ़िरऔन के पास
فَقُولَآ तो दोनों कहो faqūlā
तो दोनों कहो
إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम
رَسُولُ रसूल हैं rasūlu
रसूल हैं
رَبِّ रब्बुल rabbi
रब्बुल
ٱلْعَـٰلَمِينَ आलमीन के l-ʿālamīna
आलमीन के
١٦ (16)
(16)
तो तुम दोनों फ़िरऔन के पास जाओ और कहो कि निःसंदेह हम सारे संसारों के पालनहार के संदेशवाहक हैं।
२६:१७
أَنْ ये कि an
ये कि
أَرْسِلْ भेज दो arsil
भेज दो
مَعَنَا हमारे साथ maʿanā
हमारे साथ
بَنِىٓ (the) Children of Israel.' banī
(the) Children of Israel.'
إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल को is'rāīla
बनी इस्राईल को
١٧ (17)
(17)
कि तू बनी इसराईल को हमारे साथ भेज दे।
२६:१८
قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा
أَلَمْ क्या नहीं alam
क्या नहीं
نُرَبِّكَ हमने पाला तुझे nurabbika
हमने पाला तुझे
فِينَا अपने दर्मियान fīnā
अपने दर्मियान
وَلِيدًۭا बच्चा सा walīdan
बच्चा सा
وَلَبِثْتَ और ठहरा तू walabith'ta
और ठहरा तू
فِينَا हमारे दर्मियान fīnā
हमारे दर्मियान
مِنْ of min
of
عُمُرِكَ अपनी उम्र में से ʿumurika
अपनी उम्र में से
سِنِينَ कई साल sinīna
कई साल
١٨ (18)
(18)
(फ़िरऔन ने) कहा : क्या हमने तुझे अपने यहाँ इस हाल में नहीं पाला कि तू बच्चा था और तू हमारे बीच अपनी आयु के कई वर्ष रहा?
२६:१९
وَفَعَلْتَ और किया तू ने wafaʿalta
और किया तू ने
فَعْلَتَكَ काम अपना faʿlataka
काम अपना
ٱلَّتِى वो जो allatī
वो जो
فَعَلْتَ किया तू ने faʿalta
किया तू ने
وَأَنتَ और तू wa-anta
और तू
مِنَ (were) of mina
(were) of
ٱلْكَـٰفِرِينَ नाशुक्रों में से है l-kāfirīna
नाशुक्रों में से है
١٩ (19)
(19)
और तूने अपना वह काम1 किया, जो तूने किया। और तू अकृतज्ञों में से है।
२६:२०
قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा
فَعَلْتُهَآ किया मैं ने उसे faʿaltuhā
किया मैं ने उसे
إِذًۭا तब idhan
तब
وَأَنَا۠ जबकि मैं wa-anā
जबकि मैं
مِنَ (was) of mina
(was) of
ٱلضَّآلِّينَ राह भूले हुए लोगों में से था l-ḍālīna
राह भूले हुए लोगों में से था
٢٠ (20)
(20)
(मूसा ने) कहा : मैंने उस समय वह काम इस हाल में किया कि मैं अनजानों में से था।
२६:२१
فَفَرَرْتُ फिर भाग गया मैं fafarartu
फिर भाग गया मैं
مِنكُمْ तुम से minkum
तुम से
لَمَّا जब lammā
जब
خِفْتُكُمْ डरा मैं तुम से khif'tukum
डरा मैं तुम से
فَوَهَبَ तो अता किया fawahaba
तो अता किया
لِى मुझे
मुझे
رَبِّى मेरे रब ने rabbī
मेरे रब ने
حُكْمًۭا हुक्म ḥuk'man
हुक्म
وَجَعَلَنِى और उसने बनाया मुझे wajaʿalanī
और उसने बनाया मुझे
مِنَ of mina
of
ٱلْمُرْسَلِينَ रसूलों में से l-mur'salīna
रसूलों में से
٢١ (21)
(21)
फिर मैं तुम्हारे पास से भाग गया, जब मैं तुमसे डरा, तो मेरे पालनहार ने मुझे हुक्म (नुबुव्वत एवं ज्ञान) प्रदान किया और मुझे रसूलों में से बना दिया।
२६:२२
وَتِلْكَ और यही है watil'ka
और यही है
نِعْمَةٌۭ वो एहसान niʿ'matun
वो एहसान
تَمُنُّهَا तुम जतला रहे हो जिसे tamunnuhā
तुम जतला रहे हो जिसे
عَلَىَّ मुझ पर ʿalayya
मुझ पर
أَنْ कि an
कि
عَبَّدتَّ ग़ुलाम बना रखा है तुमने ʿabbadtta
ग़ुलाम बना रखा है तुमने
بَنِىٓ (the) Children of Israel banī
(the) Children of Israel
إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल को is'rāīla
बनी इस्राईल को
٢٢ (22)
(22)
और यह कोई उपकार है, जो तू मुझपर जता रहा है कि तूने बनी इसराईल काे ग़ुलाम बना रखा है।
२६:२३
قَالَ कहा qāla
कहा
فِرْعَوْنُ फ़िरऔन ने fir'ʿawnu
फ़िरऔन ने
وَمَا और क्या है wamā
और क्या है
رَبُّ रब्बुल rabbu
रब्बुल
ٱلْعَـٰلَمِينَ आलमीन l-ʿālamīna
आलमीन
٢٣ (23)
(23)
फ़िरऔन ने कहा : और 'रब्बुल-आलमीन' (सारे संसारों का पालनहार) क्या है?
२६:२४
قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा
رَبُّ रब है rabbu
रब है
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों
وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन का wal-arḍi
और ज़मीन का
وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ
بَيْنَهُمَآ ۖ दर्मियान है उन दोनों के baynahumā
दर्मियान है उन दोनों के
إِن अगर in
अगर
كُنتُم हो तुम kuntum
हो तुम
مُّوقِنِينَ यक़ीन करने वाले mūqinīna
यक़ीन करने वाले
٢٤ (24)
(24)
(मूसा ने) कहा : जो आकाशों और धरती का रब है और जो उनके बीच है उसका भी, यदि तुम विश्वास करने वाले हो।
२६:२५
قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा
لِمَنْ उनको जो liman
उनको जो
حَوْلَهُۥٓ उसके इर्द-गिर्द थे ḥawlahu
उसके इर्द-गिर्द थे
أَلَا क्या नहीं alā
क्या नहीं
تَسْتَمِعُونَ तुम ग़ौर से सुनते tastamiʿūna
तुम ग़ौर से सुनते
٢٥ (25)
(25)
उसने अपने आस-पास के लोगों से कहा : क्या तुम सुनते नहीं?
२६:२६
قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा
رَبُّكُمْ रब तुम्हारा rabbukum
रब तुम्हारा
وَرَبُّ और रब warabbu
और रब
ءَابَآئِكُمُ तुम्हारे आबा ओ अजदाद का ābāikumu
तुम्हारे आबा ओ अजदाद का
ٱلْأَوَّلِينَ जो पहले थे l-awalīna
जो पहले थे
٢٦ (26)
(26)
(मूसा ने) कहा : जो तुम्हारा पालनहार तथा तुम्हारे पहले बाप-दादा का पालनहार है।
२६:२७
قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा
إِنَّ बेशक inna
बेशक
رَسُولَكُمُ रसूल तुम्हारा rasūlakumu
रसूल तुम्हारा
ٱلَّذِىٓ वो जो alladhī
वो जो
أُرْسِلَ भेजा गया ur'sila
भेजा गया
إِلَيْكُمْ तरफ़ तुम्हारे ilaykum
तरफ़ तुम्हारे
لَمَجْنُونٌۭ अलबत्ता मजनून है lamajnūnun
अलबत्ता मजनून है
٢٧ (27)
(27)
(फ़िरऔन ने) कहा : निश्चय तुम्हारा यह रसूल, जो तुम्हारी ओर भेजा गया है, अवश्य पागल है।
२६:२८
قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा
رَبُّ रब rabbu
रब
ٱلْمَشْرِقِ मशरिक़ l-mashriqi
मशरिक़
وَٱلْمَغْرِبِ और मग़रिब का wal-maghribi
और मग़रिब का
وَمَا और जो wamā
और जो
بَيْنَهُمَآ ۖ उन दोनों के दर्मियान है baynahumā
उन दोनों के दर्मियान है
إِن अगर in
अगर
كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम
تَعْقِلُونَ तुम अक़्ल रखते taʿqilūna
तुम अक़्ल रखते
٢٨ (28)
(28)
(मूसा ने) कहा : जो पूर्व तथा पश्चिम रब है और उसका भी जो उन दोनों के बीच है, अगर तुम समझते हो।
२६:२९
قَالَ कहा qāla
कहा
لَئِنِ अलबत्ता अगर la-ini
अलबत्ता अगर
ٱتَّخَذْتَ बनाया तू ने ittakhadhta
बनाया तू ने
إِلَـٰهًا कोई इलाह ilāhan
कोई इलाह
غَيْرِى मेरे सिवा ghayrī
मेरे सिवा
لَأَجْعَلَنَّكَ अलबत्ता मैं ज़रूर कर दूँगा तुझे la-ajʿalannaka
अलबत्ता मैं ज़रूर कर दूँगा तुझे
مِنَ among mina
among
ٱلْمَسْجُونِينَ क़ैदियों में से l-masjūnīna
क़ैदियों में से
٢٩ (29)
(29)
(फ़िरऔन ने) कहा : निश्चय यदि तूने मेरे अलावा किसी और को पूज्य बनाया, तो मैं तुझे अवश्य ही बंदी बनाए हुए लोगों में शामिल कर दूँगा।‌
२६:३०
قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा
أَوَلَوْ क्या भला अगर awalaw
क्या भला अगर
جِئْتُكَ लाऊँ मैं तेरे पास ji'tuka
लाऊँ मैं तेरे पास
بِشَىْءٍۢ कोई चीज़ (दलील) bishayin
कोई चीज़ (दलील)
مُّبِينٍۢ वाज़ेह mubīnin
वाज़ेह
٣٠ (30)
(30)
(मूसा ने) कहा : क्या भले ही मैं तेरे पास कोई स्पष्ट चीज़ ले आऊँ?
२६:३१
قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा
فَأْتِ तो ले आ fati
तो ले आ
بِهِۦٓ उसे bihi
उसे
إِن अगर in
अगर
كُنتَ है तू kunta
है तू
مِنَ of mina
of
ٱلصَّـٰدِقِينَ सच्चों में से l-ṣādiqīna
सच्चों में से
٣١ (31)
(31)
उसने कहा : तू उसे ले आ, यदि तू सच्चे लोगों में से है।
२६:३२
فَأَلْقَىٰ फिर उसने डाला fa-alqā
फिर उसने डाला
عَصَاهُ असा अपना ʿaṣāhu
असा अपना
فَإِذَا तो अचानक fa-idhā
तो अचानक
هِىَ वो hiya
वो
ثُعْبَانٌۭ अज़दहा था thuʿ'bānun
अज़दहा था
مُّبِينٌۭ सरीह mubīnun
सरीह
٣٢ (32)
(32)
फिर उसने अपनी लाठी फेंक दी, तो अचानक वह एक प्रत्यक्ष अजगर बन गई।
२६:३३
وَنَزَعَ और उसने खींच लिया wanazaʿa
और उसने खींच लिया
يَدَهُۥ हाथ अपना yadahu
हाथ अपना
فَإِذَا तो अचानक fa-idhā
तो अचानक
هِىَ वो hiya
वो
بَيْضَآءُ सफ़ेद /चमकता हुआ था bayḍāu
सफ़ेद /चमकता हुआ था
لِلنَّـٰظِرِينَ देखने वालों के लिए lilnnāẓirīna
देखने वालों के लिए
٣٣ (33)
(33)
तथा उसने अपना हाथ निकाला, तो एकाएक वह देखने वालों के लिए सफेद (चमकदार) था।
२६:३४
قَالَ कहा qāla
कहा
لِلْمَلَإِ सरदारों से lil'mala-i
सरदारों से
حَوْلَهُۥٓ जो उसके इर्द-गिर्द थे ḥawlahu
जो उसके इर्द-गिर्द थे
إِنَّ बेशक inna
बेशक
هَـٰذَا ये hādhā
ये
لَسَـٰحِرٌ अलबत्ता एक जादूगर है lasāḥirun
अलबत्ता एक जादूगर है
عَلِيمٌۭ ख़ूब जानने वाला/माहिर ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला/माहिर
٣٤ (34)
(34)
उसने अपने आस-पास के प्रमुखों से कहा : निश्चय यह तो एक बड़ा कुशल जादूगर है।
२६:३५
يُرِيدُ वो चाहता है yurīdu
वो चाहता है
أَن कि an
कि
يُخْرِجَكُم वो निकाल दे तुम्हें yukh'rijakum
वो निकाल दे तुम्हें
مِّنْ from min
from
أَرْضِكُم तुम्हारी ज़मीन से arḍikum
तुम्हारी ज़मीन से
بِسِحْرِهِۦ साथ अपने जादू के bisiḥ'rihi
साथ अपने जादू के
فَمَاذَا तो क्या famādhā
तो क्या
تَأْمُرُونَ तुम हुक्म देते है tamurūna
तुम हुक्म देते है
٣٥ (35)
(35)
जो चाहता है कि अपने जादू के साथ तुम्हें तुम्हारी धरती से निकाल1 दे। तो तुम क्या आदेश देते हो?
२६:३६
قَالُوٓا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा
أَرْجِهْ मोहलत दो उसे arjih
मोहलत दो उसे
وَأَخَاهُ और उसके भाई को wa-akhāhu
और उसके भाई को
وَٱبْعَثْ और भेज दो wa-ib'ʿath
और भेज दो
فِى in
in
ٱلْمَدَآئِنِ शहरों में l-madāini
शहरों में
حَـٰشِرِينَ इकट्ठा करने वाले ḥāshirīna
इकट्ठा करने वाले
٣٦ (36)
(36)
उन्होंने कहा : इसके तथा इसके भाई को मोहलत दें और नगरों में (लोगों को) जमा करने वालों को भेज दें।
२६:३७
يَأْتُوكَ वो ले आऐंगे तेरे पास yatūka
वो ले आऐंगे तेरे पास
بِكُلِّ तमाम bikulli
तमाम
سَحَّارٍ बड़े जादूगर saḥḥārin
बड़े जादूगर
عَلِيمٍۢ ख़ूब जानने वाले ʿalīmin
ख़ूब जानने वाले
٣٧ (37)
(37)
कि वे तेरे पास हर बड़ा जादूगर ले आएँ, जो जादू में बहुत कुशल हो।
२६:३८
فَجُمِعَ तो जमा किए गए fajumiʿa
तो जमा किए गए
ٱلسَّحَرَةُ जादूगर l-saḥaratu
जादूगर
لِمِيقَـٰتِ मुक़र्रर वक़्त के लिए limīqāti
मुक़र्रर वक़्त के लिए
يَوْمٍۢ एक दिन yawmin
एक दिन
مَّعْلُومٍۢ मालूम के maʿlūmin
मालूम के
٣٨ (38)
(38)
तो जादूगर एक निश्चित दिन के नियत समय पर इकट्ठा कर लिए गए।
२६:३९
وَقِيلَ और कहा गया waqīla
और कहा गया
لِلنَّاسِ लोगों से lilnnāsi
लोगों से
هَلْ क्या hal
क्या
أَنتُم तुम antum
तुम
مُّجْتَمِعُونَ जमा होने वाले हो muj'tamiʿūna
जमा होने वाले हो
٣٩ (39)
(39)
तथा लोगों से कहा गया : क्या तुम एकत्र होने वाले1 हो?
२६:४०
لَعَلَّنَا ताकि हम laʿallanā
ताकि हम
نَتَّبِعُ हम पैरवी करें nattabiʿu
हम पैरवी करें
ٱلسَّحَرَةَ जादूगरों की l-saḥarata
जादूगरों की
إِن अगर in
अगर
كَانُوا۟ हों वो kānū
हों वो
هُمُ वो ही humu
वो ही
ٱلْغَـٰلِبِينَ ग़ालिब आने वाले l-ghālibīna
ग़ालिब आने वाले
٤٠ (40)
(40)
शायद हम इन जादूगरों के अनुयायी बन जाएँ, यदि वही विजयी हों।
२६:४१
فَلَمَّا तो जब falammā
तो जब
جَآءَ आए jāa
आए
ٱلسَّحَرَةُ जादूगर l-saḥaratu
जादूगर
قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा
لِفِرْعَوْنَ फ़िरऔन से lifir'ʿawna
फ़िरऔन से
أَئِنَّ क्या बेशक a-inna
क्या बेशक
لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए
لَأَجْرًا वाक़ई कोई सिला है la-ajran
वाक़ई कोई सिला है
إِن अगर in
अगर
كُنَّا हों हम kunnā
हों हम
نَحْنُ हम ही naḥnu
हम ही
ٱلْغَـٰلِبِينَ ग़ालिब आने वाले l-ghālibīna
ग़ालिब आने वाले
٤١ (41)
(41)
फिर जब जादूगर आ गए, तो उन्होंने फ़िरऔन से कहा : क्या सचमुच हमें कुछ पुरस्कार मिलेगा, यदि हम ही प्रभावी रहे?
२६:४२
قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा
نَعَمْ हाँ naʿam
हाँ
وَإِنَّكُمْ और बेशक तुम wa-innakum
और बेशक तुम
إِذًۭا तब idhan
तब
لَّمِنَ surely (will be) of lamina
surely (will be) of
ٱلْمُقَرَّبِينَ अलबत्ता मुक़र्रबीन में से होगे l-muqarabīna
अलबत्ता मुक़र्रबीन में से होगे
٤٢ (42)
(42)
उसने कहा : हाँ! और निश्चय तुम उस समय निकटवर्तियों में से हो जाओगे ।
२६:४३
قَالَ कहा qāla
कहा
لَهُم उनसे lahum
उनसे
مُّوسَىٰٓ मूसा ने mūsā
मूसा ने
أَلْقُوا۟ डालो alqū
डालो
مَآ जो
जो
أَنتُم तुम antum
तुम
مُّلْقُونَ डालने वाले हो mul'qūna
डालने वाले हो
٤٣ (43)
(43)
मूसा ने उनसे कहा : फेंको, जो कुछ तुम फेंकने वाले हो।
२६:४४
فَأَلْقَوْا۟ तो उन्होंने डालीं fa-alqaw
तो उन्होंने डालीं
حِبَالَهُمْ रस्सियाँ अपनी ḥibālahum
रस्सियाँ अपनी
وَعِصِيَّهُمْ और लाठियाँ अपनी waʿiṣiyyahum
और लाठियाँ अपनी
وَقَالُوا۟ और उन्होंने कहा waqālū
और उन्होंने कहा
بِعِزَّةِ क़सम है इज़्ज़ते biʿizzati
क़सम है इज़्ज़ते
فِرْعَوْنَ फ़िरऔन की fir'ʿawna
फ़िरऔन की
إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम
لَنَحْنُ अलबत्ता हम ही lanaḥnu
अलबत्ता हम ही
ٱلْغَـٰلِبُونَ ग़ालिब आने वाले हैं l-ghālibūna
ग़ालिब आने वाले हैं
٤٤ (44)
(44)
तो उन्होंने अपनी रस्सियाँ और लाठियाँ फेंकीं और कहा : फ़िरऔन के प्रभुत्व की सौगंध! निःसंदेह हम, निश्चय हम ही विजयी रहेंगे।
२६:४५
فَأَلْقَىٰ तो डाली fa-alqā
तो डाली
مُوسَىٰ मूसा ने mūsā
मूसा ने
عَصَاهُ लाठी अपनी ʿaṣāhu
लाठी अपनी
فَإِذَا तो अचानक fa-idhā
तो अचानक
هِىَ वो hiya
वो
تَلْقَفُ निगल रही थी talqafu
निगल रही थी
مَا उसको जो
उसको जो
يَأْفِكُونَ वो गढ़ रहे थे yafikūna
वो गढ़ रहे थे
٤٥ (45)
(45)
फिर मूसा ने अपनी लाठी फेंकी, तो एकाएक वह उन चीज़ों को निगल रही थी, जो वे झूठ बना रहे थे।
२६:४६
فَأُلْقِىَ तो डाल दिए गए fa-ul'qiya
तो डाल दिए गए
ٱلسَّحَرَةُ जादूगर l-saḥaratu
जादूगर
سَـٰجِدِينَ सजदा करते हुए sājidīna
सजदा करते हुए
٤٦ (46)
(46)
इसपर जादूगर सजदा करते हुए गिर गए।1
२६:४७
قَالُوٓا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा
ءَامَنَّا ईमान लाए हम āmannā
ईमान लाए हम
بِرَبِّ साथ रब्बुल birabbi
साथ रब्बुल
ٱلْعَـٰلَمِينَ आलमीन के l-ʿālamīna
आलमीन के
٤٧ (47)
(47)
उन्होंने कहा : हम सारे संसारों के पालनहार पर ईमान ले आए।
२६:४८
رَبِّ रब rabbi
रब
مُوسَىٰ मूसा mūsā
मूसा
وَهَـٰرُونَ और हारून के wahārūna
और हारून के
٤٨ (48)
(48)
मूसा तथा हारून के पालनहार पर।
२६:४९
قَالَ कहा qāla
कहा
ءَامَنتُمْ ईमान लाए तुम āmantum
ईमान लाए तुम
لَهُۥ उस पर lahu
उस पर
قَبْلَ इससे पहले qabla
इससे पहले
أَنْ कि an
कि
ءَاذَنَ मैं इजाज़त देता ādhana
मैं इजाज़त देता
لَكُمْ ۖ तुम्हें lakum
तुम्हें
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
لَكَبِيرُكُمُ अलबत्ता बड़ा है तुम्हारा lakabīrukumu
अलबत्ता बड़ा है तुम्हारा
ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने
عَلَّمَكُمُ सिखाया तुम्हें ʿallamakumu
सिखाया तुम्हें
ٱلسِّحْرَ जादू l-siḥ'ra
जादू
فَلَسَوْفَ पस अलबत्ता ज़रूर falasawfa
पस अलबत्ता ज़रूर
تَعْلَمُونَ ۚ तुम जान लोगे taʿlamūna
तुम जान लोगे
لَأُقَطِّعَنَّ अलबत्ता मैं ज़रूर काट दूँगा la-uqaṭṭiʿanna
अलबत्ता मैं ज़रूर काट दूँगा
أَيْدِيَكُمْ तुम्हारे हाथों को aydiyakum
तुम्हारे हाथों को
وَأَرْجُلَكُم और तुम्हारे पाँवों को wa-arjulakum
और तुम्हारे पाँवों को
مِّنْ of min
of
خِلَـٰفٍۢ मुख़ालिफ़ सिम्त से khilāfin
मुख़ालिफ़ सिम्त से
وَلَأُصَلِّبَنَّكُمْ और अलबत्ता मैं ज़रूर सूली पर चढ़ाऊँगा तुम्हें wala-uṣallibannakum
और अलबत्ता मैं ज़रूर सूली पर चढ़ाऊँगा तुम्हें
أَجْمَعِينَ सब के सब को ajmaʿīna
सब के सब को
٤٩ (49)
(49)
(फ़िरऔन ने) कहा : तुम उसपर ईमान ले आए, इससे पहले कि मैं तुम्हें अनुमति दूँ? निःसंदेह यह अवश्य तुम्हारा बड़ा (गुरू) है, जिसने तुम्हें जादू सिखाया है। अतः निश्चय तुम जल्दी जान लोगे। मैं अवश्य तुम्हारे हाथ और तुम्हारे पाँव विपरीत दिशा1 से काट दूँगा तथा निश्चय तुम सभी को अवश्य बुरी तरह सूली पर चढ़ा दूँगा।
२६:५०
قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा
لَا No
No
ضَيْرَ ۖ नहीं कोई नुक़्सान ḍayra
नहीं कोई नुक़्सान
إِنَّآ बेशक हम innā
बेशक हम
إِلَىٰ to ilā
to
رَبِّنَا तरफ़ अपने रब के rabbinā
तरफ़ अपने रब के
مُنقَلِبُونَ पलटने वाले हैं munqalibūna
पलटने वाले हैं
٥٠ (50)
(50)
उन्होंने कहा : कोई नुक़सान नहीं, निश्चित रूप से हम अपने पालनहार की ओर पलटने वाले हैं।
२६:५१
إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम
نَطْمَعُ हम उम्मीद रखते हैं naṭmaʿu
हम उम्मीद रखते हैं
أَن कि an
कि
يَغْفِرَ बख़्श देगा yaghfira
बख़्श देगा
لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए
رَبُّنَا हमारा रब rabbunā
हमारा रब
خَطَـٰيَـٰنَآ ख़ताऐं हमारी khaṭāyānā
ख़ताऐं हमारी
أَن कि an
कि
كُنَّآ हैं हम kunnā
हैं हम
أَوَّلَ सबसे पहले awwala
सबसे पहले
ٱلْمُؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले l-mu'minīna
ईमान लाने वाले
٥١ (51)
(51)
हम आशा रखते हैं कि हमारा पालनहार हमारे लिए, हमारे पापों को क्षमा कर देगा, इस कारण कि हम सबसे पहले ईमान लाने वाले हैं।
२६:५२
۞ وَأَوْحَيْنَآ और वही की हमने wa-awḥaynā
और वही की हमने
إِلَىٰ to ilā
to
مُوسَىٰٓ तरफ़ मूसा के mūsā
तरफ़ मूसा के
أَنْ ये कि an
ये कि
أَسْرِ रात को ले चल asri
रात को ले चल
بِعِبَادِىٓ मेरे बन्दों को biʿibādī
मेरे बन्दों को
إِنَّكُم बेशक तुम innakum
बेशक तुम
مُّتَّبَعُونَ पीछा किए जाने वाले हो muttabaʿūna
पीछा किए जाने वाले हो
٥٢ (52)
(52)
और हमने मूसा की ओर वह़्य की कि मेरे बंदों को लेकर रातों-रात निकल जा। निश्चय ही तुम्हारा पीछा किया जाएगा।
२६:५३
فَأَرْسَلَ तो भेजा fa-arsala
तो भेजा
فِرْعَوْنُ फ़िरऔन ने fir'ʿawnu
फ़िरऔन ने
فِى in
in
ٱلْمَدَآئِنِ शहरों में l-madāini
शहरों में
حَـٰشِرِينَ इकट्ठा करने वालों को ḥāshirīna
इकट्ठा करने वालों को
٥٣ (53)
(53)
तो फ़िरऔन ने नगरों में (सेना) एकत्र करने वालों को भेज दिया।1
२६:५४
إِنَّ बेशक inna
बेशक
هَـٰٓؤُلَآءِ ये लोग hāulāi
ये लोग
لَشِرْذِمَةٌۭ अलबत्ता एक जमाअत है lashir'dhimatun
अलबत्ता एक जमाअत है
قَلِيلُونَ कम qalīlūna
कम
٥٤ (54)
(54)
कि निःसंदेह ये लोग एक छोटा-सा समूह हैं।
२६:५५
وَإِنَّهُمْ और बेशक वो wa-innahum
और बेशक वो
لَنَا हमें lanā
हमें
لَغَآئِظُونَ अलबत्ता ग़ुस्सा दिलाने वाले हैं laghāiẓūna
अलबत्ता ग़ुस्सा दिलाने वाले हैं
٥٥ (55)
(55)
और निःसंदेह ये हमें निश्चित रूप से गुस्सा दिलाने वाले हैं।
२६:५६
وَإِنَّا और बेशक हम wa-innā
और बेशक हम
لَجَمِيعٌ अलबत्ता सब lajamīʿun
अलबत्ता सब
حَـٰذِرُونَ मोहतात/होशियार हैं ḥādhirūna
मोहतात/होशियार हैं
٥٦ (56)
(56)
और निश्चय ही हम सब चौकन्ना रहने वाले हैं।
२६:५७
فَأَخْرَجْنَـٰهُم तो निकाल दिया हमने उन्हें fa-akhrajnāhum
तो निकाल दिया हमने उन्हें
مِّن from min
from
جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात से jannātin
बाग़ात से
وَعُيُونٍۢ और चश्मों waʿuyūnin
और चश्मों
٥٧ (57)
(57)
इस तरह हमने उन्हें बाग़ों और सोतों से निकाल दिया।
२६:५८
وَكُنُوزٍۢ और ख़ज़ानों wakunūzin
और ख़ज़ानों
وَمَقَامٍۢ and a place wamaqāmin
and a place
كَرِيمٍۢ और उमदा/नफ़ीस ठिकाने से karīmin
और उमदा/नफ़ीस ठिकाने से
٥٨ (58)
(58)
तथा ख़ज़ानों और उत्तम आवासों से।
२६:५९
كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह
وَأَوْرَثْنَـٰهَا और वारिस बना दिया हमने उनका wa-awrathnāhā
और वारिस बना दिया हमने उनका
بَنِىٓ (the) Children of Israel banī
(the) Children of Israel
إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल को is'rāīla
बनी इस्राईल को
٥٩ (59)
(59)
ऐसा ही हुआ और हमने उनका वारिस बनी इसराईल को बना दिया।
२६:६०
فَأَتْبَعُوهُم तो उन्होंने पीछा किया उनका fa-atbaʿūhum
तो उन्होंने पीछा किया उनका
مُّشْرِقِينَ सूरज तुलूअ होते वक़्त mush'riqīna
सूरज तुलूअ होते वक़्त
٦٠ (60)
(60)
तो उन्होंने सूर्योदय के समय उनका पीछा किया।
२६:६१
فَلَمَّا फिर जब falammā
फिर जब
تَرَٰٓءَا आमने सामने हुईं tarāā
आमने सामने हुईं
ٱلْجَمْعَانِ दो जमाअतें l-jamʿāni
दो जमाअतें
قَالَ कहने लगे qāla
कहने लगे
أَصْحَـٰبُ साथी aṣḥābu
साथी
مُوسَىٰٓ मूसा के mūsā
मूसा के
إِنَّا बेशक हम innā
बेशक हम
لَمُدْرَكُونَ अलबत्ता पा लिए जाने वाले हैं lamud'rakūna
अलबत्ता पा लिए जाने वाले हैं
٦١ (61)
(61)
फिर जब दोनों गिरोहों ने एक-दूसरे को देखा, तो मूसा के साथियों ने कहा : निःसंदेह हम निश्चय ही पकड़े जाने[12) वाले हैं।
२६:६२
قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा
كَلَّآ ۖ हरगिज़ नहीं kallā
हरगिज़ नहीं
إِنَّ बेशक inna
बेशक
مَعِىَ मेरे साथ maʿiya
मेरे साथ
رَبِّى मेरा रब है rabbī
मेरा रब है
سَيَهْدِينِ वो ज़रूर रहनुमाई करेगा मेरी sayahdīni
वो ज़रूर रहनुमाई करेगा मेरी
٦٢ (62)
(62)
(मूसा ने) कहा : हरगिज़ नहीं! निश्चय मेरे साथ मेरा पालनहार है। वह अवश्य मेरा मार्गदर्शन करेगा।
२६:६३
فَأَوْحَيْنَآ तो वही की हमने fa-awḥaynā
तो वही की हमने
إِلَىٰ to ilā
to
مُوسَىٰٓ तरफ़ मूसा के mūsā
तरफ़ मूसा के
أَنِ कि ani
कि
ٱضْرِب मारो iḍ'rib
मारो
بِّعَصَاكَ अपने असा को biʿaṣāka
अपने असा को
ٱلْبَحْرَ ۖ समुन्दर पर l-baḥra
समुन्दर पर
فَٱنفَلَقَ तो वो फट गया fa-infalaqa
तो वो फट गया
فَكَانَ फिर हो गया fakāna
फिर हो गया
كُلُّ हर kullu
हर
فِرْقٍۢ हिस्सा fir'qin
हिस्सा
كَٱلطَّوْدِ जैसे पहाड़ kal-ṭawdi
जैसे पहाड़
ٱلْعَظِيمِ बहुत बड़ा l-ʿaẓīmi
बहुत बड़ा
٦٣ (63)
(63)
तो हमने मूसा की ओर वह़्य की कि अपनी लाठी को सागर पर मारो। (उसने लाठी मारी) तो वह फट गया और हर टुकड़ा बड़े पहाड़ की1 तरह हो गया।
२६:६४
وَأَزْلَفْنَا और क़रीब कर दिया हमने wa-azlafnā
और क़रीब कर दिया हमने
ثَمَّ उस जगह thamma
उस जगह
ٱلْـَٔاخَرِينَ दूसरों को l-ākharīna
दूसरों को
٦٤ (64)
(64)
तथा वहीं हम दूसरों को निकट ले आए।
२६:६५
وَأَنجَيْنَا और निजात दी हमने wa-anjaynā
और निजात दी हमने
مُوسَىٰ मूसा को mūsā
मूसा को
وَمَن और जो waman
और जो
مَّعَهُۥٓ उसके साथ थे maʿahu
उसके साथ थे
أَجْمَعِينَ सब के सब को ajmaʿīna
सब के सब को
٦٥ (65)
(65)
और हमने मूसा को और जो उसके साथ थे, सबको बचा लिया।
२६:६६
ثُمَّ फिर thumma
फिर
أَغْرَقْنَا ग़र्क़ कर दिया हमने aghraqnā
ग़र्क़ कर दिया हमने
ٱلْـَٔاخَرِينَ दूसरों को l-ākharīna
दूसरों को
٦٦ (66)
(66)
फिर हमने दूसरों को डुबो दिया।
२६:६७
إِنَّ बेशक inna
बेशक
فِى in
in
ذَٰلِكَ उसमें dhālika
उसमें
لَـَٔايَةًۭ ۖ अलबत्ता एक निशानी है laāyatan
अलबत्ता एक निशानी है
وَمَا और ना wamā
और ना
كَانَ थे kāna
थे
أَكْثَرُهُم अक्सर उनके aktharuhum
अक्सर उनके
مُّؤْمِنِينَ ईमान लान वाले mu'minīna
ईमान लान वाले
٦٧ (67)
(67)
निःसंदेह इसमें निश्चय एक बड़ी निशानी है। और उनमें से अधिकतर लोग ईमान लाने वाले नहीं थे।
२६:६८
وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक
رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका
لَهُوَ अलबत्ता वो ही है lahuwa
अलबत्ता वो ही है
ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त
ٱلرَّحِيمُ निहायत रहम करन वाला l-raḥīmu
निहायत रहम करन वाला
٦٨ (68)
(68)
और निःसंदेह आपका पालनहार, निश्चय वही सबपर प्रभुत्वशाली, अत्यंत दयावान् हैl
२६:६९
وَٱتْلُ और पढ़ सुनाइए wa-ut'lu
और पढ़ सुनाइए
عَلَيْهِمْ उन्हें ʿalayhim
उन्हें
نَبَأَ ख़बर naba-a
ख़बर
إِبْرَٰهِيمَ इब्राहीम की ib'rāhīma
इब्राहीम की
٦٩ (69)
(69)
तथा आप उन्हें इबराहीम का समाचार सुनाएँ।
२६:७०
إِذْ जब idh
जब
قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा
لِأَبِيهِ अपने बाप से li-abīhi
अपने बाप से
وَقَوْمِهِۦ और अपनी क़ौम से waqawmihi
और अपनी क़ौम से
مَا किस की
किस की
تَعْبُدُونَ तुम इबादत करते हो taʿbudūna
तुम इबादत करते हो
٧٠ (70)
(70)
जब उसने अपने बाप तथा अपनी जाति से कहा : तुम किसकी पूजा करते हो?
२६:७१
قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा
نَعْبُدُ हम इबादत करते हैं naʿbudu
हम इबादत करते हैं
أَصْنَامًۭا बुतों की aṣnāman
बुतों की
فَنَظَلُّ तो हम हमेशा रहेंगे fanaẓallu
तो हम हमेशा रहेंगे
لَهَا उनके लिए lahā
उनके लिए
عَـٰكِفِينَ जम कर बैठने वाले ʿākifīna
जम कर बैठने वाले
٧١ (71)
(71)
उन्होंने कहा : हम कुछ मूर्तियों की पूजा करते हैं, इसलिए उन्हीं की सेवा में लगे रहते हैं।
२६:७२
قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा
هَلْ क्या hal
क्या
يَسْمَعُونَكُمْ वो सुनते हैं तुम्हें yasmaʿūnakum
वो सुनते हैं तुम्हें
إِذْ जब idh
जब
تَدْعُونَ तुम पुकारते हो tadʿūna
तुम पुकारते हो
٧٢ (72)
(72)
उसने कहा : क्या वे तुम्हें सुनते हैं, जब तुम (उन्हें) पुकारते हो?
२६:७३
أَوْ या aw
या
يَنفَعُونَكُمْ वो नफ़ा देते हैं तुम्हें yanfaʿūnakum
वो नफ़ा देते हैं तुम्हें
أَوْ या aw
या
يَضُرُّونَ वो नुक़्सान देते हैं yaḍurrūna
वो नुक़्सान देते हैं
٧٣ (73)
(73)
या तुम्हें लाभ देते हैं, या हानि पहुँचाते हैं?
२६:७४
قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा
بَلْ बल्कि bal
बल्कि
وَجَدْنَآ पाया हमने wajadnā
पाया हमने
ءَابَآءَنَا अपने आबा ओ अजदाद को ābāanā
अपने आबा ओ अजदाद को
كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह
يَفْعَلُونَ वो करते थे yafʿalūna
वो करते थे
٧٤ (74)
(74)
उन्होंने कहा : बल्कि हमने अपने बाप-दादा को पाया कि वे ऐसा ही करते थे।
२६:७५
قَالَ कहा qāla
कहा
أَفَرَءَيْتُم क्या फिर देखा तुमने afara-aytum
क्या फिर देखा तुमने
مَّا जिनकी
जिनकी
كُنتُمْ हो तुम kuntum
हो तुम
تَعْبُدُونَ तुम इबादत करते taʿbudūna
तुम इबादत करते
٧٥ (75)
(75)
उसने कहा : तो क्या तुमने देखा कि जिनको तुम पूजते रहे।
२६:७६
أَنتُمْ तुम antum
तुम
وَءَابَآؤُكُمُ और तुम्हारे आबा ओ अजदाद waābāukumu
और तुम्हारे आबा ओ अजदाद
ٱلْأَقْدَمُونَ पहले l-aqdamūna
पहले
٧٦ (76)
(76)
तुम तथा तुम्हारे पहले बाप-दादा?
२६:७७
فَإِنَّهُمْ तो बेशक वो fa-innahum
तो बेशक वो
عَدُوٌّۭ दुश्मन हैं ʿaduwwun
दुश्मन हैं
لِّىٓ मेरे
मेरे
إِلَّا सिवाए illā
सिवाए
رَبَّ रब्बुल rabba
रब्बुल
ٱلْعَـٰلَمِينَ आलमीन के l-ʿālamīna
आलमीन के
٧٧ (77)
(77)
सो निःसंदेह वे मेरे शत्रु हैं, सिवाय सारे संसारों के पालनहार के।
२६:७८
ٱلَّذِى वो जिसने alladhī
वो जिसने
خَلَقَنِى पैदा किया मुझे khalaqanī
पैदा किया मुझे
فَهُوَ पस वो fahuwa
पस वो
يَهْدِينِ हिदायत देता है मुझे yahdīni
हिदायत देता है मुझे
٧٨ (78)
(78)
वह जिसने मुझे पैदा किया, फिर वही मेरा मार्गदर्शन करता है।
२६:७९
وَٱلَّذِى और वो जो wa-alladhī
और वो जो
هُوَ वो ही huwa
वो ही
يُطْعِمُنِى वो खिलाता है मुझे yuṭ'ʿimunī
वो खिलाता है मुझे
وَيَسْقِينِ और वो पिलाता है मुझे wayasqīni
और वो पिलाता है मुझे
٧٩ (79)
(79)
और वही जो मुझे खिलाता है और मुझे पिलाता है।
२६:८०
وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब
مَرِضْتُ बीमार होता हूँ मैं mariḍ'tu
बीमार होता हूँ मैं
فَهُوَ तो वो ही fahuwa
तो वो ही
يَشْفِينِ वो शिफ़ा देता है मुझे yashfīni
वो शिफ़ा देता है मुझे
٨٠ (80)
(80)
और जब मैं बीमार होता हूँ, तो वही मुझे अच्छा करता है।
२६:८१
وَٱلَّذِى और वो जो wa-alladhī
और वो जो
يُمِيتُنِى मौत देगा मुझे yumītunī
मौत देगा मुझे
ثُمَّ फिर thumma
फिर
يُحْيِينِ वो ज़िन्दा करेगा मुझे yuḥ'yīni
वो ज़िन्दा करेगा मुझे
٨١ (81)
(81)
तथा वह जो मुझे मारेगा, फिर1 मुझे जीवित करेगा।
२६:८२
وَٱلَّذِىٓ और वो जिससे wa-alladhī
और वो जिससे
أَطْمَعُ मैं उम्मीद रखता हूँ aṭmaʿu
मैं उम्मीद रखता हूँ
أَن कि an
कि
يَغْفِرَ वो बख़्श देगा yaghfira
वो बख़्श देगा
لِى मेरे लिए
मेरे लिए
خَطِيٓـَٔتِى ख़ता मेरी khaṭīatī
ख़ता मेरी
يَوْمَ दिन yawma
दिन
ٱلدِّينِ बदले के l-dīni
बदले के
٨٢ (82)
(82)
तथा वह, जिससे मैं आशा रखता हूँ कि वह बदले के दिन मेरे पाप क्षमा कर देगा।
२६:८३
رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब
هَبْ अता कर hab
अता कर
لِى मुझे
मुझे
حُكْمًۭا हुक्म/ हिकमत ḥuk'man
हुक्म/ हिकमत
وَأَلْحِقْنِى और मिला दे मुझे wa-alḥiq'nī
और मिला दे मुझे
بِٱلصَّـٰلِحِينَ साथ नेक लोगों के bil-ṣāliḥīna
साथ नेक लोगों के
٨٣ (83)
(83)
ऐ मेरे पालनहार! मुझे हुक्म (धर्म का ज्ञान) प्रदान कर और मुझे नेक लोगों के साथ मिला।
२६:८४
وَٱجْعَل और बना दे wa-ij'ʿal
और बना दे
لِّى मेरे लिए
मेरे लिए
لِسَانَ ज़बान/ नामवरी lisāna
ज़बान/ नामवरी
صِدْقٍۢ सच्चाई की ṣid'qin
सच्चाई की
فِى among
among
ٱلْـَٔاخِرِينَ बाद वालों में l-ākhirīna
बाद वालों में
٨٤ (84)
(84)
और बाद में आने वालों में मुझे सच्ची ख्याति प्रदान कर।
२६:८५
وَٱجْعَلْنِى और बना दे मुझे wa-ij'ʿalnī
और बना दे मुझे
مِن of min
of
وَرَثَةِ वारिसों में से warathati
वारिसों में से
جَنَّةِ जन्नत के jannati
जन्नत के
ٱلنَّعِيمِ नेअमत भरी l-naʿīmi
नेअमत भरी
٨٥ (85)
(85)
और मुझे नेमतों वाली जन्नत के वारिसों में से बना दे।
२६:८६
وَٱغْفِرْ और बख़्श दे wa-igh'fir
और बख़्श दे
لِأَبِىٓ मेरे बाप को li-abī
मेरे बाप को
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
كَانَ है वो kāna
है वो
مِنَ of mina
of
ٱلضَّآلِّينَ गुमराहों में से l-ḍālīna
गुमराहों में से
٨٦ (86)
(86)
तथा मेरे बाप को क्षमा कर दे।1 निश्चय वह गुमराहों में से था।
२६:८७
وَلَا और ना walā
और ना
تُخْزِنِى तू रुस्वा कर मुझे tukh'zinī
तू रुस्वा कर मुझे
يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन
يُبْعَثُونَ वो उठाए जाऐंगे yub'ʿathūna
वो उठाए जाऐंगे
٨٧ (87)
(87)
तथा मुझे रुसवा न कर, जिस दिन लोग उठाए जाएँगे।1
२६:८८
يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन
لَا not
not
يَنفَعُ ना फ़ायदा देगा yanfaʿu
ना फ़ायदा देगा
مَالٌۭ माल mālun
माल
وَلَا और ना walā
और ना
بَنُونَ बेटे banūna
बेटे
٨٨ (88)
(88)
जिस दिन न कोई धन लाभ देगा और न बेटे।
२६:८९
إِلَّا मगर illā
मगर
مَنْ जो man
जो
أَتَى आए atā
आए
ٱللَّهَ अल्लाह के पास l-laha
अल्लाह के पास
بِقَلْبٍۢ साथ दिल biqalbin
साथ दिल
سَلِيمٍۢ सलामत के salīmin
सलामत के
٨٩ (89)
(89)
परंतु जो अल्लाह के पास पाक-साफ़ दिल लेकर आया।
२६:९०
وَأُزْلِفَتِ और क़रीब लाई जाएगी wa-uz'lifati
और क़रीब लाई जाएगी
ٱلْجَنَّةُ जन्नत l-janatu
जन्नत
لِلْمُتَّقِينَ मुत्तक़ी लोगों के लिए lil'muttaqīna
मुत्तक़ी लोगों के लिए
٩٠ (90)
(90)
और (अपने रब से) डरने वालों के लिए जन्नत निकट लाई जाएगी।
२६:९१
وَبُرِّزَتِ और ज़ाहिर कर दी जाएगी waburrizati
और ज़ाहिर कर दी जाएगी
ٱلْجَحِيمُ जहन्नम l-jaḥīmu
जहन्नम
لِلْغَاوِينَ गुमराहों के लिए lil'ghāwīna
गुमराहों के लिए
٩١ (91)
(91)
तथा पथभ्रष्ट लोगों के लिए भड़कती आग प्रकट कर दी जाएगी।
२६:९२
وَقِيلَ और कहा जाएगा waqīla
और कहा जाएगा
لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें
أَيْنَ Where ayna
Where
مَا कहाँ हैं जिनकी
कहाँ हैं जिनकी
كُنتُمْ थे तुम kuntum
थे तुम
تَعْبُدُونَ तुम इबादत करते taʿbudūna
तुम इबादत करते
٩٢ (92)
(92)
तथा उनसे कहा जाएगा : कहाँ हैं वे, जिन्हें तुम पूजते थे?
२६:९३
مِن Besides Allah min
Besides Allah
دُونِ सिवाए dūni
सिवाए
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
هَلْ क्या hal
क्या
يَنصُرُونَكُمْ वो मदद कर सकते हैं तुम्हारी yanṣurūnakum
वो मदद कर सकते हैं तुम्हारी
أَوْ या aw
या
يَنتَصِرُونَ वो बदला ले सकते हैं yantaṣirūna
वो बदला ले सकते हैं
٩٣ (93)
(93)
अल्लाह के सिवा। क्या वे तुम्हारी मदद करते हैं, या अपनी रक्षा करते हैं?
२६:९४
فَكُبْكِبُوا۟ तो वो औंधे मुँह गिराए जाऐंगे fakub'kibū
तो वो औंधे मुँह गिराए जाऐंगे
فِيهَا उसमें fīhā
उसमें
هُمْ वो hum
वो
وَٱلْغَاوُۥنَ और बहके हुए लोग wal-ghāwūna
और बहके हुए लोग
٩٤ (94)
(94)
फिर वे और सब पथभ्रष्ट लोग उसमें औंधे मुँह फेंक दिए जाएँगे।
२६:९५
وَجُنُودُ और लश्कर wajunūdu
और लश्कर
إِبْلِيسَ इब्लीस के ib'līsa
इब्लीस के
أَجْمَعُونَ सब के सब ajmaʿūna
सब के सब
٩٥ (95)
(95)
और इबलीस की समस्त सेनाएँ भी।
२६:९६
قَالُوا۟ वो कहेंगे qālū
वो कहेंगे
وَهُمْ जबकि वो wahum
जबकि वो
فِيهَا उसमें fīhā
उसमें
يَخْتَصِمُونَ वो झगड़ रहे होंगे yakhtaṣimūna
वो झगड़ रहे होंगे
٩٦ (96)
(96)
वे उसमें आपस में झगड़ते हुए कहेंगे :
२६:९७
تَٱللَّهِ क़सम अल्लाह की tal-lahi
क़सम अल्लाह की
إِن बेशक in
बेशक
كُنَّا थे हम kunnā
थे हम
لَفِى surely in lafī
surely in
ضَلَـٰلٍۢ अलबत्ता गुमराही में ḍalālin
अलबत्ता गुमराही में
مُّبِينٍ खुली-खुली mubīnin
खुली-खुली
٩٧ (97)
(97)
अल्लाह की क़सम! निःसंदेह हम निश्चय खुली गुमराही में थे।
२६:९८
إِذْ जब idh
जब
نُسَوِّيكُم हम बराबर ठहरा रहे थे तुम्हें nusawwīkum
हम बराबर ठहरा रहे थे तुम्हें
بِرَبِّ साथ रब्बुल birabbi
साथ रब्बुल
ٱلْعَـٰلَمِينَ आलमीन के l-ʿālamīna
आलमीन के
٩٨ (98)
(98)
जब हम तुम्हें सारे संसारों के पालनहार के बराबर ठहराते थे।
२६:९९
وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं
أَضَلَّنَآ गुमराह किया हमें aḍallanā
गुमराह किया हमें
إِلَّا मगर illā
मगर
ٱلْمُجْرِمُونَ मुजरिमों ने l-muj'rimūna
मुजरिमों ने
٩٩ (99)
(99)
और हमें तो सिर्फ़ इन अपराधियों ने गुमराह किया।
२६:१००
فَمَا तो नहीं famā
तो नहीं
لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए
مِن any min
any
شَـٰفِعِينَ कोई सिफ़ारिशियों में से shāfiʿīna
कोई सिफ़ारिशियों में से
١٠٠ (100)
(100)
अब न हमारे लिए कोई सिफारिश करने वाले हैं।
२६:१०१
وَلَا और ना walā
और ना
صَدِيقٍ कोई दोस्त ṣadīqin
कोई दोस्त
حَمِيمٍۢ गहरा ḥamīmin
गहरा
١٠١ (101)
(101)
और न कोई घनिष्ट मित्र।
२६:१०२
فَلَوْ पस काश falaw
पस काश
أَنَّ ये कि (होता) anna
ये कि (होता)
لَنَا हमारे लिए lanā
हमारे लिए
كَرَّةًۭ एक बार पलटना karratan
एक बार पलटना
فَنَكُونَ तो हम होते fanakūna
तो हम होते
مِنَ of mina
of
ٱلْمُؤْمِنِينَ ईमान लाने वालों में से l-mu'minīna
ईमान लाने वालों में से
١٠٢ (102)
(102)
तो यदि वास्तव में हमारे लिए वापस जाने का अवसर होता, तो हम ईमानवालों में से हो जाते।1
२६:१०३
إِنَّ यक़ीनन inna
यक़ीनन
فِى in
in
ذَٰلِكَ इसमें dhālika
इसमें
لَـَٔايَةًۭ ۖ अलबत्ता एक निशानी है laāyatan
अलबत्ता एक निशानी है
وَمَا और ना wamā
और ना
كَانَ थे kāna
थे
أَكْثَرُهُم अक्सर उनके aktharuhum
अक्सर उनके
مُّؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले
١٠٣ (103)
(103)
निःसंदेह इसमें निश्चय एक बड़ी निशानी है। और उनमें से अधिकतर ईमानवाले नहीं थे।
२६:१०४
وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक
رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका
لَهُوَ अलबत्ता वो lahuwa
अलबत्ता वो
ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त है l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त है
ٱلرَّحِيمُ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmu
निहायत रहम करने वाला है
١٠٤ (104)
(104)
और निःसंदेह आपका पालनहार, निश्चय वही सबपर प्रभुत्वशाली, अत्यंत दयावान् हैl
२६:१०५
كَذَّبَتْ झुठलाया kadhabat
झुठलाया
قَوْمُ क़ौमे qawmu
क़ौमे
نُوحٍ नूह ने nūḥin
नूह ने
ٱلْمُرْسَلِينَ रसूलों को l-mur'salīna
रसूलों को
١٠٥ (105)
(105)
नूह़ की जाति ने रसूलों को झुठलाया।
२६:१०६
إِذْ जब idh
जब
قَالَ कहा qāla
कहा
لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें
أَخُوهُمْ उनके भाई akhūhum
उनके भाई
نُوحٌ नूह ने nūḥun
नूह ने
أَلَا क्या नहीं alā
क्या नहीं
تَتَّقُونَ तुम डरते tattaqūna
तुम डरते
١٠٦ (106)
(106)
जब उनसे उनके भाई नूह़ ने कहा : क्या तुम डरते नहीं?
२६:१०७
إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं
لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
رَسُولٌ रसूल हूँ rasūlun
रसूल हूँ
أَمِينٌۭ अमानतदार amīnun
अमानतदार
١٠٧ (107)
(107)
निःसंदेह मैं तुम्हारे लिए एक अमानतदार रसूल हूँ।1
२६:१०८
فَٱتَّقُوا۟ पस डरो fa-ittaqū
पस डरो
ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से
وَأَطِيعُونِ और इताअत करो मेरी wa-aṭīʿūni
और इताअत करो मेरी
١٠٨ (108)
(108)
अतः तुम अल्लाह से डरो और मेरी बात मानो।
२६:१०९
وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं
أَسْـَٔلُكُمْ मैं सवाल करता तुमसे asalukum
मैं सवाल करता तुमसे
عَلَيْهِ इस पर ʿalayhi
इस पर
مِنْ any min
any
أَجْرٍ ۖ किसी अजर का ajrin
किसी अजर का
إِنْ नहीं in
नहीं
أَجْرِىَ अजर मेरा ajriya
अजर मेरा
إِلَّا मगर illā
मगर
عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर
رَبِّ रब्बुल rabbi
रब्बुल
ٱلْعَـٰلَمِينَ आलमीन के l-ʿālamīna
आलमीन के
١٠٩ (109)
(109)
मैं इस (कार्य) पर तुमसे कोई पारिश्रमिक (बदला) नहीं माँगता। मेरा बदला तो केवल सारे संसारों के पालनहार पर है।
२६:११०
فَٱتَّقُوا۟ पस डरो fa-ittaqū
पस डरो
ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से
وَأَطِيعُونِ और इताअत करो मेरी wa-aṭīʿūni
और इताअत करो मेरी
١١٠ (110)
(110)
अतः तुम अल्लाह से डरो और मेरी बात मानो।
२६:१११
۞ قَالُوٓا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा
أَنُؤْمِنُ क्या हम ईमान लाऐं anu'minu
क्या हम ईमान लाऐं
لَكَ तुझ पर laka
तुझ पर
وَٱتَّبَعَكَ जबकि पैरवी की है तेरी wa-ittabaʿaka
जबकि पैरवी की है तेरी
ٱلْأَرْذَلُونَ रज़ील / हक़ीर लोगों ने l-ardhalūna
रज़ील / हक़ीर लोगों ने
١١١ (111)
(111)
उन्होंने कहा : क्या हम तुझपर ईमान ले आएँ, जबकि तेरे पीछे चलने वाले अत्यंत नीच1 लोग हैं?
२६:११२
قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा
وَمَا और क्या है wamā
और क्या है
عِلْمِى इल्म मेरा ʿil'mī
इल्म मेरा
بِمَا इसके बारे में जो bimā
इसके बारे में जो
كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो
يَعْمَلُونَ वो अमल करते रहते yaʿmalūna
वो अमल करते रहते
١١٢ (112)
(112)
(नूह़ ने) कहा : मूझे क्या मालूम कि वे क्या कर्म करते रहे हैं?
२६:११३
إِنْ नहीं in
नहीं
حِسَابُهُمْ हिसाब उनका ḥisābuhum
हिसाब उनका
إِلَّا मगर illā
मगर
عَلَىٰ upon ʿalā
upon
رَبِّى ۖ मेरे रब के ज़िम्मे rabbī
मेरे रब के ज़िम्मे
لَوْ काश law
काश
تَشْعُرُونَ तुम शऊर रखते tashʿurūna
तुम शऊर रखते
١١٣ (113)
(113)
उनका ह़िसाब तो मेरे पालनहार ही के ज़िम्मे है, यदि तुम समझो।
२६:११४
وَمَآ और नहीं हूँ wamā
और नहीं हूँ
أَنَا۠ मैं anā
मैं
بِطَارِدِ धुतकारने वाला biṭāridi
धुतकारने वाला
ٱلْمُؤْمِنِينَ ईमान वालों को l-mu'minīna
ईमान वालों को
١١٤ (114)
(114)
और मैं ईमान वालों को धुतकारने वाला1 नहीं हूँ।
२६:११५
إِنْ नहीं हूँ in
नहीं हूँ
أَنَا۠ मैं anā
मैं
إِلَّا मगर illā
मगर
نَذِيرٌۭ डराने वाला nadhīrun
डराने वाला
مُّبِينٌۭ खुल्लम-खुल्ला mubīnun
खुल्लम-खुल्ला
١١٥ (115)
(115)
मैं तो बस एक खुला डराने वाला हूँ
२६:११६
قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा
لَئِن अलबत्ता अगर la-in
अलबत्ता अगर
لَّمْ ना lam
ना
تَنتَهِ तू बाज़ आया tantahi
तू बाज़ आया
يَـٰنُوحُ ऐ नूह yānūḥu
ऐ नूह
لَتَكُونَنَّ अलबत्ता तू ज़रूर होगा latakūnanna
अलबत्ता तू ज़रूर होगा
مِنَ of mina
of
ٱلْمَرْجُومِينَ संगसार किए जाने वालों में से l-marjūmīna
संगसार किए जाने वालों में से
١١٦ (116)
(116)
उन्होंने कहा : ऐ नूह़! यदि तू बाज़ नहीं आया, तो अवश्य संगसार किए गए लोगों में से हो जाएगा।
२६:११७
قَالَ कहा qāla
कहा
رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब
إِنَّ बेशक inna
बेशक
قَوْمِى मेरी क़ौम ने qawmī
मेरी क़ौम ने
كَذَّبُونِ झुठलाया है मुझे kadhabūni
झुठलाया है मुझे
١١٧ (117)
(117)
उसने कहा : ऐ मेरे पालनहार! निःसंदेह मेरी जाति ने मुझे झुठला दिया!
२६:११८
فَٱفْتَحْ पस फ़ैसला कर दे fa-if'taḥ
पस फ़ैसला कर दे
بَيْنِى दर्मियान मेरे baynī
दर्मियान मेरे
وَبَيْنَهُمْ और दर्मियान उनके wabaynahum
और दर्मियान उनके
فَتْحًۭا (हतमी)फ़ैसला fatḥan
(हतमी)फ़ैसला
وَنَجِّنِى और निजात दे मुझे wanajjinī
और निजात दे मुझे
وَمَن और उनको जो waman
और उनको जो
مَّعِىَ मेरे साथ हैं maʿiya
मेरे साथ हैं
مِنَ of mina
of
ٱلْمُؤْمِنِينَ ईमान लाने वालों में से l-mu'minīna
ईमान लाने वालों में से
١١٨ (118)
(118)
अतः तू मेरे और उनके बीच दो-टूक निर्णय कर दे, तथा मुझे और जो ईमानवाले मेरे साथ हैं, उन्हें बचा ले।
२६:११९
فَأَنجَيْنَـٰهُ तो निजात दी हमने उसे fa-anjaynāhu
तो निजात दी हमने उसे
وَمَن और उनको जो waman
और उनको जो
مَّعَهُۥ उसके साथ थे maʿahu
उसके साथ थे
فِى in
in
ٱلْفُلْكِ कश्ती में l-ful'ki
कश्ती में
ٱلْمَشْحُونِ जो भरी हुई थी l-mashḥūni
जो भरी हुई थी
١١٩ (119)
(119)
तो हमने उसे और उन लोगों को जो उसके साथ भरी हुई नाव में थे, बचा लिया।
२६:१२०
ثُمَّ फिर thumma
फिर
أَغْرَقْنَا ग़र्क़ कर दिया हमने aghraqnā
ग़र्क़ कर दिया हमने
بَعْدُ उसके बाद baʿdu
उसके बाद
ٱلْبَاقِينَ बाक़ी रहने वालों को l-bāqīna
बाक़ी रहने वालों को
١٢٠ (120)
(120)
फिर उसके बाद शेष लोगों को डुबो दिया।
२६:१२१
إِنَّ बेशक inna
बेशक
فِى in
in
ذَٰلِكَ इसमें dhālika
इसमें
لَـَٔايَةًۭ ۖ अलबत्ता एक निशानी है laāyatan
अलबत्ता एक निशानी है
وَمَا और ना wamā
और ना
كَانَ थे kāna
थे
أَكْثَرُهُم अक्सर उनके aktharuhum
अक्सर उनके
مُّؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले
١٢١ (121)
(121)
निःसंदेह इसमें निश्चय एक बड़ी निशानी है। और उनमें से अधिकतर ईमानवाले नहीं थे।
२६:१२२
وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक
رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका
لَهُوَ अलबत्ता वो lahuwa
अलबत्ता वो
ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त है l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त है
ٱلرَّحِيمُ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmu
निहायत रहम करने वाला है
١٢٢ (122)
(122)
और निःसंदेह आपका पालनहार, निश्चय वही सबपर प्रभुत्वशाली, अत्यंत दयावान् है।
२६:१२३
كَذَّبَتْ झुठलाया kadhabat
झुठलाया
عَادٌ आद ने ʿādun
आद ने
ٱلْمُرْسَلِينَ रसूलों को l-mur'salīna
रसूलों को
١٢٣ (123)
(123)
आद ने रसूलों को झुठलाया।
२६:१२४
إِذْ जब idh
जब
قَالَ कहा था qāla
कहा था
لَهُمْ उनसे lahum
उनसे
أَخُوهُمْ उनके भाई akhūhum
उनके भाई
هُودٌ हूद ने hūdun
हूद ने
أَلَا क्या नहीं alā
क्या नहीं
تَتَّقُونَ तुम डरते tattaqūna
तुम डरते
١٢٤ (124)
(124)
जब उनसे उनके भाई हूद1 ने कहा : क्या तुम डरते नहीं हो?
२६:१२५
إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं
لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
رَسُولٌ एक रसूल हूँ rasūlun
एक रसूल हूँ
أَمِينٌۭ अमानतदार amīnun
अमानतदार
١٢٥ (125)
(125)
निःसंदेह मैं तुम्हारे लिए एक अमानतदार रसूल हूँ।
२६:१२६
فَٱتَّقُوا۟ पस डरो fa-ittaqū
पस डरो
ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से
وَأَطِيعُونِ और इताअत करो मेरी wa-aṭīʿūni
और इताअत करो मेरी
١٢٦ (126)
(126)
अतः तुम अल्लाह से डरो और मेरी बात मानो।
२६:१२७
وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं
أَسْـَٔلُكُمْ मैं सवाल करता तुम से asalukum
मैं सवाल करता तुम से
عَلَيْهِ इस पर ʿalayhi
इस पर
مِنْ any min
any
أَجْرٍ ۖ किसी अजर का ajrin
किसी अजर का
إِنْ नहीं in
नहीं
أَجْرِىَ अजर मेरा ajriya
अजर मेरा
إِلَّا मगर illā
मगर
عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर
رَبِّ रब्बुल rabbi
रब्बुल
ٱلْعَـٰلَمِينَ आलमीन के l-ʿālamīna
आलमीन के
١٢٧ (127)
(127)
मैं इस (कार्य) पर तुमसे कोई पारिश्रमिक (बदला) नहीं माँगता, मेरा बदला तो केवल सारे संसारों के पालनहार पर है।
२६:१२८
أَتَبْنُونَ क्या तुम बनाते हो atabnūna
क्या तुम बनाते हो
بِكُلِّ हर bikulli
हर
رِيعٍ ऊँची जगह पर rīʿin
ऊँची जगह पर
ءَايَةًۭ एक निशानी (यादगार) āyatan
एक निशानी (यादगार)
تَعْبَثُونَ अबस/ बेकार काम करते हुए taʿbathūna
अबस/ बेकार काम करते हुए
١٢٨ (128)
(128)
क्या तुम हर ऊँचे स्थान पर एक स्मारक बनाते हो? इस स्थिति में कि व्यर्थ कार्य करते हो।
२६:१२९
وَتَتَّخِذُونَ और तुम बनाते हो watattakhidhūna
और तुम बनाते हो
مَصَانِعَ महल्लात maṣāniʿa
महल्लात
لَعَلَّكُمْ शायद कि तुम laʿallakum
शायद कि तुम
تَخْلُدُونَ तुम हमेशा रहोगे takhludūna
तुम हमेशा रहोगे
١٢٩ (129)
(129)
तथा बड़े-बड़े भवन बनाते हो, शायद कि तुम सदा जीवित रहोगे।
२६:१३०
وَإِذَا और जब wa-idhā
और जब
بَطَشْتُم पकड़ते हो तुम baṭashtum
पकड़ते हो तुम
بَطَشْتُمْ पकड़ते हो तुम baṭashtum
पकड़ते हो तुम
جَبَّارِينَ सरकश हो कर jabbārīna
सरकश हो कर
١٣٠ (130)
(130)
और जब तुम पकड़ते हो, तो बड़ी निर्दयता से पकड़ते हो।
२६:१३१
فَٱتَّقُوا۟ पस डरो fa-ittaqū
पस डरो
ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से
وَأَطِيعُونِ और इताअत करो मेरी wa-aṭīʿūni
और इताअत करो मेरी
١٣١ (131)
(131)
अतः अल्लाह से डरो और जो मैं कहता हूँ, उसे मानो।
२६:१३२
وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो
ٱلَّذِىٓ उससे जिस ने alladhī
उससे जिस ने
أَمَدَّكُم मदद की तुम्हारी amaddakum
मदद की तुम्हारी
بِمَا साथ उसके जो bimā
साथ उसके जो
تَعْلَمُونَ तुम जानते हो taʿlamūna
तुम जानते हो
١٣٢ (132)
(132)
तथा उससे डरो जिसने उन चीज़ों से तुम्हारी मदद की, जिन्हें तुम जानते हो।
२६:१३३
أَمَدَّكُم उसने मदद की तुम्हारी amaddakum
उसने मदद की तुम्हारी
بِأَنْعَـٰمٍۢ साथ मवेशियों bi-anʿāmin
साथ मवेशियों
وَبَنِينَ और बेटों के wabanīna
और बेटों के
١٣٣ (133)
(133)
उसने चौपायों और बेटों से तुम्हारी मदद की।
२६:१३४
وَجَنَّـٰتٍۢ और बाग़ों wajannātin
और बाग़ों
وَعُيُونٍ और चश्मों के waʿuyūnin
और चश्मों के
١٣٤ (134)
(134)
तथा बाग़ों और जल स्रोताें से।
२६:१३५
إِنِّىٓ बेशक मैं innī
बेशक मैं
أَخَافُ मैं डरता हूँ akhāfu
मैं डरता हूँ
عَلَيْكُمْ तुम पर ʿalaykum
तुम पर
عَذَابَ अज़ाब से ʿadhāba
अज़ाब से
يَوْمٍ (of) a Day yawmin
(of) a Day
عَظِيمٍۢ बड़े दिन के ʿaẓīmin
बड़े दिन के
١٣٥ (135)
(135)
निश्चय ही मैं तुमपर एक बड़े दिन की यातना से डरता हूँ।
२६:१३६
قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा
سَوَآءٌ बराबर है sawāon
बराबर है
عَلَيْنَآ हम पर ʿalaynā
हम पर
أَوَعَظْتَ ख़्वाह नसीहत करे तू awaʿaẓta
ख़्वाह नसीहत करे तू
أَمْ या am
या
لَمْ ना lam
ना
تَكُن तू हो takun
तू हो
مِّنَ of mina
of
ٱلْوَٰعِظِينَ नसीहत करने वालों में से l-wāʿiẓīna
नसीहत करने वालों में से
١٣٦ (136)
(136)
उन्होंने कहा : हमारे लिए बराबर है कि तू नसीहत करे, या नसीहत करने वालों में से हो।
२६:१३७
إِنْ नहीं है in
नहीं है
هَـٰذَآ ये hādhā
ये
إِلَّا मगर illā
मगर
خُلُقُ आदत khuluqu
आदत
ٱلْأَوَّلِينَ पहलों की l-awalīna
पहलों की
١٣٧ (137)
(137)
यह तो केवल पहले लोगों की आदत है।1
२६:१३८
وَمَا और नहीं हैं wamā
और नहीं हैं
نَحْنُ हम naḥnu
हम
بِمُعَذَّبِينَ अज़ाब दिए जाने वाले bimuʿadhabīna
अज़ाब दिए जाने वाले
١٣٨ (138)
(138)
और हम निश्चित रूप से दंडित नहीं होंगे।
२६:१३९
فَكَذَّبُوهُ तो उन्होंने झुठलाया उसे fakadhabūhu
तो उन्होंने झुठलाया उसे
فَأَهْلَكْنَـٰهُمْ ۗ फिर हलाक कर दिया हमने उन्हें fa-ahlaknāhum
फिर हलाक कर दिया हमने उन्हें
إِنَّ यक़ीनन inna
यक़ीनन
فِى in
in
ذَٰلِكَ इस में dhālika
इस में
لَـَٔايَةًۭ ۖ अलबत्ता एक निशानी है laāyatan
अलबत्ता एक निशानी है
وَمَا और ना wamā
और ना
كَانَ थे kāna
थे
أَكْثَرُهُم अक्सर उनके aktharuhum
अक्सर उनके
مُّؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले
١٣٩ (139)
(139)
तो उन्होंने उसे झुठला दिया, तो हमने उन्हें विनष्ट कर दिया। निःसंदेह इसमें निश्चय एक बड़ी निशानी है। और उनमें से अधिकतर लोग ईमानवाले नहीं थे।
२६:१४०
وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक
رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका
لَهُوَ अलबत्ता वो lahuwa
अलबत्ता वो
ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त है l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त है
ٱلرَّحِيمُ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmu
निहायत रहम करने वाला है
١٤٠ (140)
(140)
तथा निःसंदेह आपका पालनहार, निश्चय वही सबपर प्रभुत्वशाली, अत्यंत दयावान् है।
२६:१४१
كَذَّبَتْ झुठलाया kadhabat
झुठलाया
ثَمُودُ समूद ने thamūdu
समूद ने
ٱلْمُرْسَلِينَ रसूलों को l-mur'salīna
रसूलों को
١٤١ (141)
(141)
समूद ने रसूलों1 को झुठलाया।
२६:१४२
إِذْ जब idh
जब
قَالَ कहा था qāla
कहा था
لَهُمْ उनसे lahum
उनसे
أَخُوهُمْ उनके भाई akhūhum
उनके भाई
صَـٰلِحٌ सालेह ने ṣāliḥun
सालेह ने
أَلَا क्या नहीं alā
क्या नहीं
تَتَّقُونَ तुम डरते tattaqūna
तुम डरते
١٤٢ (142)
(142)
जब उनसे उनके भाई सालेह़ ने कहा : क्या तुम डरते नहीं हो?
२६:१४३
إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं
لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
رَسُولٌ रसूल हूँ rasūlun
रसूल हूँ
أَمِينٌۭ अमानतदार amīnun
अमानतदार
١٤٣ (143)
(143)
निःसंदेह मैं तुम्हारे लिए एक अमानतदार रसूल हूँ।
२६:१४४
فَٱتَّقُوا۟ पस डरो fa-ittaqū
पस डरो
ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से
وَأَطِيعُونِ और इताअत करो मेरी wa-aṭīʿūni
और इताअत करो मेरी
١٤٤ (144)
(144)
अतः अल्लाह से डरो और जो मैं कहता हूँ, उसका पालन करो।
२६:१४५
وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं
أَسْـَٔلُكُمْ मैं सवाल करता तुम से asalukum
मैं सवाल करता तुम से
عَلَيْهِ इस पर ʿalayhi
इस पर
مِنْ any min
any
أَجْرٍ ۖ किसी अजर का ajrin
किसी अजर का
إِنْ नहीं in
नहीं
أَجْرِىَ अजर मेरा ajriya
अजर मेरा
إِلَّا मगर illā
मगर
عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर
رَبِّ रब्बुल rabbi
रब्बुल
ٱلْعَـٰلَمِينَ आलमीन के l-ʿālamīna
आलमीन के
١٤٥ (145)
(145)
मैं इसपर तुमसे कोई पारिश्रमिक (बदला) नहीं माँगता। मेरा बदला तो केवल सारे संसारों के पालनहार पर है।
२६:१४६
أَتُتْرَكُونَ क्या तुम छोड़ दिए जाओगे atut'rakūna
क्या तुम छोड़ दिए जाओगे
فِى in
in
مَا उनमें जो
उनमें जो
هَـٰهُنَآ यहाँ हैं hāhunā
यहाँ हैं
ءَامِنِينَ अमन से रहने वाले āminīna
अमन से रहने वाले
١٤٦ (146)
(146)
क्या तुम उन चीज़ों में जो यहाँ हैं, निश्चिंत छोड़ दिए जाओगे?
२६:१४७
فِى In
In
جَنَّـٰتٍۢ बाग़ों में jannātin
बाग़ों में
وَعُيُونٍۢ और चश्मों waʿuyūnin
और चश्मों
١٤٧ (147)
(147)
बाग़ों तथा स्रोतों में।
२६:१४८
وَزُرُوعٍۢ और खेतों में wazurūʿin
और खेतों में
وَنَخْلٍۢ और खजूर के दरख़्त wanakhlin
और खजूर के दरख़्त
طَلْعُهَا ख़ोशे उनके ṭalʿuhā
ख़ोशे उनके
هَضِيمٌۭ नर्म व नाज़ुक haḍīmun
नर्म व नाज़ुक
١٤٨ (148)
(148)
तथा खेतों और खजूर के पेड़ों में, जिनके फल मुलायम और पके हुए हैं।
२६:१४९
وَتَنْحِتُونَ और तुम तराश्ते हो watanḥitūna
और तुम तराश्ते हो
مِنَ of mina
of
ٱلْجِبَالِ पहाड़ों में से l-jibāli
पहाड़ों में से
بُيُوتًۭا घरों को buyūtan
घरों को
فَـٰرِهِينَ ख़ूब माहिर बनकर fārihīna
ख़ूब माहिर बनकर
١٤٩ (149)
(149)
तथा तुम पर्वतों को काटकर बड़ी निपुणता के साथ घर बनाते हो।
२६:१५०
فَٱتَّقُوا۟ पस डरो fa-ittaqū
पस डरो
ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से
وَأَطِيعُونِ और इताअत करो मेरी wa-aṭīʿūni
और इताअत करो मेरी
١٥٠ (150)
(150)
अतः अल्लाह से डरो और मेरा आज्ञापालन करो।
२६:१५१
وَلَا और ना walā
और ना
تُطِيعُوٓا۟ तुम इताअत करो tuṭīʿū
तुम इताअत करो
أَمْرَ हुक्म की amra
हुक्म की
ٱلْمُسْرِفِينَ हद से बढ़ने वालों के l-mus'rifīna
हद से बढ़ने वालों के
١٥١ (151)
(151)
और हद से आगे बढ़ने वालों का हुक्म न मानो।
२६:१५२
ٱلَّذِينَ वो जो alladhīna
वो जो
يُفْسِدُونَ फ़साद करते हैं yuf'sidūna
फ़साद करते हैं
فِى in
in
ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में
وَلَا और नहीं walā
और नहीं
يُصْلِحُونَ वो इस्लाह करते yuṣ'liḥūna
वो इस्लाह करते
١٥٢ (152)
(152)
जो धरती में बिगाड़ पैदा करते हैं और सुधार नहीं करते।
२६:१५३
قَالُوٓا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा
إِنَّمَآ बेशक innamā
बेशक
أَنتَ तू anta
तू
مِنَ (are) of mina
(are) of
ٱلْمُسَحَّرِينَ सहरज़दा लोगों में से है l-musaḥarīna
सहरज़दा लोगों में से है
١٥٣ (153)
(153)
उन्होंने कहा : निःसंदेह तू उन लोगों में से है जिनपर प्रबल जादू किया गया है।
२६:१५४
مَآ नहीं
नहीं
أَنتَ तू anta
तू
إِلَّا मगर illā
मगर
بَشَرٌۭ एक इन्सान basharun
एक इन्सान
مِّثْلُنَا हमारे जैसा mith'lunā
हमारे जैसा
فَأْتِ तो ले आ fati
तो ले आ
بِـَٔايَةٍ कोई निशानी biāyatin
कोई निशानी
إِن अगर in
अगर
كُنتَ है तू kunta
है तू
مِنَ (are) of mina
(are) of
ٱلصَّـٰدِقِينَ सच्चों में से l-ṣādiqīna
सच्चों में से
١٥٤ (154)
(154)
तू तो बस हमारे ही जैसा एक मनुष्य है। अतः कोई निशानी ले आ, यदि तू सच्चों में से है।
२६:१५५
قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा
هَـٰذِهِۦ ये है hādhihi
ये है
نَاقَةٌۭ एक ऊँटनी nāqatun
एक ऊँटनी
لَّهَا उसके लिए है lahā
उसके लिए है
شِرْبٌۭ पानी पीने की बारी shir'bun
पानी पीने की बारी
وَلَكُمْ और तुम्हारे लिए है walakum
और तुम्हारे लिए है
شِرْبُ पानी पीने की बारी shir'bu
पानी पीने की बारी
يَوْمٍۢ दिन yawmin
दिन
مَّعْلُومٍۢ मालूम के maʿlūmin
मालूम के
١٥٥ (155)
(155)
उसने कहा : यह एक ऊँटनी1 है। इसके लिए पानी पीने की एक बारी है और तुम्हारे लिए एक निश्चित दिन पानी पीने की बारी है।
२६:१५६
وَلَا और ना walā
और ना
تَمَسُّوهَا तुम छूना उसे tamassūhā
तुम छूना उसे
بِسُوٓءٍۢ बुराई से bisūin
बुराई से
فَيَأْخُذَكُمْ वरना पकड़ लेगा तुम्हें fayakhudhakum
वरना पकड़ लेगा तुम्हें
عَذَابُ अज़ाब ʿadhābu
अज़ाब
يَوْمٍ (of) a Day yawmin
(of) a Day
عَظِيمٍۢ बड़े दिन का ʿaẓīmin
बड़े दिन का
١٥٦ (156)
(156)
तथा उसे किसी बुराई से हाथ न लगाना, अन्यथा तुम्हें एक बड़े दिन की यातना पकड़ लेगी।
२६:१५७
فَعَقَرُوهَا तो उन्होंने कूँचें काट डालीं उसकी faʿaqarūhā
तो उन्होंने कूँचें काट डालीं उसकी
فَأَصْبَحُوا۟ तो वो हो गए fa-aṣbaḥū
तो वो हो गए
نَـٰدِمِينَ नादिम nādimīna
नादिम
١٥٧ (157)
(157)
तो उन्होंने उसकी कूँचें काट दीं, फिर पछताने वाले हो गए।
२६:१५८
فَأَخَذَهُمُ फिर पकड़ लिया उन्हें fa-akhadhahumu
फिर पकड़ लिया उन्हें
ٱلْعَذَابُ ۗ अज़ाब ने l-ʿadhābu
अज़ाब ने
إِنَّ यक़ीनन inna
यक़ीनन
فِى in
in
ذَٰلِكَ इसमें dhālika
इसमें
لَـَٔايَةًۭ ۖ अलबत्ता एक निशानी है laāyatan
अलबत्ता एक निशानी है
وَمَا और ना wamā
और ना
كَانَ थे kāna
थे
أَكْثَرُهُم अक्सर उनके aktharuhum
अक्सर उनके
مُّؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले
١٥٨ (158)
(158)
तो उन्हें यातना ने पकड़ लिया। निःसंदेह इसमें निश्चय एक बड़ी निशानी है। और उनमें से अधिकतर ईमानवाले नहीं थे।
२६:१५९
وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक
رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका
لَهُوَ अलबत्ता वो lahuwa
अलबत्ता वो
ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त है l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त है
ٱلرَّحِيمُ बहुत रहम फ़रमाने वाला है l-raḥīmu
बहुत रहम फ़रमाने वाला है
١٥٩ (159)
(159)
और निःसंदेह आपका पालनहार, निश्चय वही सबपर प्रभुत्वशाली, अत्यंत दयावान् है।
२६:१६०
كَذَّبَتْ झुठलाया kadhabat
झुठलाया
قَوْمُ क़ौमे qawmu
क़ौमे
لُوطٍ लूत ने lūṭin
लूत ने
ٱلْمُرْسَلِينَ रसूलों को l-mur'salīna
रसूलों को
١٦٠ (160)
(160)
लूत की जाति ने रसूलों को झुठलाया।
२६:१६१
إِذْ जब idh
जब
قَالَ कहा qāla
कहा
لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें
أَخُوهُمْ उनके भाई akhūhum
उनके भाई
لُوطٌ लूत ने lūṭun
लूत ने
أَلَا क्या नहीं alā
क्या नहीं
تَتَّقُونَ तुम डरते tattaqūna
तुम डरते
١٦١ (161)
(161)
जब उनके भाई लूत ने उनसे कहा : क्या तुम डरते नहीं हो?
२६:१६२
إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं
لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
رَسُولٌ एक रसूल हूँ rasūlun
एक रसूल हूँ
أَمِينٌۭ अमानतदार amīnun
अमानतदार
١٦٢ (162)
(162)
निःसंदेह मैं तुम्हारे लिए एक अमानतदार रसूल हूँ।
२६:१६३
فَٱتَّقُوا۟ पस डरो fa-ittaqū
पस डरो
ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से
وَأَطِيعُونِ और इताअत करो मेरी wa-aṭīʿūni
और इताअत करो मेरी
١٦٣ (163)
(163)
अतः तुम अल्लाह से डरो और मेरी बात मानो।
२६:१६४
وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं
أَسْـَٔلُكُمْ मैं सवाल करता तुम से asalukum
मैं सवाल करता तुम से
عَلَيْهِ इस पर ʿalayhi
इस पर
مِنْ any min
any
أَجْرٍ ۖ किसी अजर का ajrin
किसी अजर का
إِنْ नहीं in
नहीं
أَجْرِىَ अजर मेरा ajriya
अजर मेरा
إِلَّا मगर illā
मगर
عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर
رَبِّ रब्बुल rabbi
रब्बुल
ٱلْعَـٰلَمِينَ आलमीन के l-ʿālamīna
आलमीन के
١٦٤ (164)
(164)
मैं इस (कार्य) पर तुमसे कोई पारिश्रमिक (बदला) नहीं माँगता, मेरा बदला तो केवल सारे संसारों के पालनहार पर है।
२६:१६५
أَتَأْتُونَ क्या तुम आते हो atatūna
क्या तुम आते हो
ٱلذُّكْرَانَ मर्दों के पास l-dhuk'rāna
मर्दों के पास
مِنَ among mina
among
ٱلْعَـٰلَمِينَ तमाम जहान वालों में से l-ʿālamīna
तमाम जहान वालों में से
١٦٥ (165)
(165)
क्या सभी संसारों में से तुम पुरुषों के पास आते1 हो।
२६:१६६
وَتَذَرُونَ और तुम छोड़ देते हो watadharūna
और तुम छोड़ देते हो
مَا जो
जो
خَلَقَ पैदा किया khalaqa
पैदा किया
لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
رَبُّكُم तुम्हारे रब ने rabbukum
तुम्हारे रब ने
مِّنْ of min
of
أَزْوَٰجِكُم ۚ तुम्हारी बीवियों में से azwājikum
तुम्हारी बीवियों में से
بَلْ बल्कि bal
बल्कि
أَنتُمْ तुम antum
तुम
قَوْمٌ लोग हो qawmun
लोग हो
عَادُونَ हद से गुज़रने वाले ʿādūna
हद से गुज़रने वाले
١٦٦ (166)
(166)
तथा उन्हें छोड़ देते हो, जो तुम्हारे पालनहार ने तुम्हारे लिए तुम्हारी पत्नियाँ पैदा की हैं। बल्कि तुम हद से आगे बढ़ने वाले लोग हो।
२६:१६७
قَالُوا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा
لَئِن अलबत्ता अगर la-in
अलबत्ता अगर
لَّمْ ना lam
ना
تَنتَهِ तू बाज़ आया tantahi
तू बाज़ आया
يَـٰلُوطُ ऐ लूत yālūṭu
ऐ लूत
لَتَكُونَنَّ अलबत्ता तू ज़रूर हो जाएगा latakūnanna
अलबत्ता तू ज़रूर हो जाएगा
مِنَ of mina
of
ٱلْمُخْرَجِينَ निकाले जाने वालों में से l-mukh'rajīna
निकाले जाने वालों में से
١٦٧ (167)
(167)
उन्होंने कहा : ऐ लूत! निःसंदेह यदि तू नहीं रुका, तो निश्चित रूप से तू अवश्य निष्कासित लोगों में से हो जाएगा।
२६:१६८
قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा
إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं
لِعَمَلِكُم तुम्हारे अमल से liʿamalikum
तुम्हारे अमल से
مِّنَ of mina
of
ٱلْقَالِينَ बेज़ार होने वालों में से हूँ l-qālīna
बेज़ार होने वालों में से हूँ
١٦٨ (168)
(168)
उसने कहा : निःसंदेह मैं तुम्हारे काम से सख़्त घृणा करने वालों में से हूँ।
२६:१६९
رَبِّ ऐ मेरे रब rabbi
ऐ मेरे रब
نَجِّنِى निजात दे मुझे najjinī
निजात दे मुझे
وَأَهْلِى और मेरे घर वालों को wa-ahlī
और मेरे घर वालों को
مِمَّا उससे जो mimmā
उससे जो
يَعْمَلُونَ वो अमल करते हैं yaʿmalūna
वो अमल करते हैं
١٦٩ (169)
(169)
ऐ मेरे पालनहार! मुझे तथा मेरे घर वालों को उससे बचा ले, जो ये करते हैं।
२६:१७०
فَنَجَّيْنَـٰهُ तो निजात दी हमने उसे fanajjaynāhu
तो निजात दी हमने उसे
وَأَهْلَهُۥٓ और उसके घर वालों को wa-ahlahu
और उसके घर वालों को
أَجْمَعِينَ सब के सबको ajmaʿīna
सब के सबको
١٧٠ (170)
(170)
तो हमने उसे और उसके सभी घर वालों को बचा लिया।
२६:१७१
إِلَّا सिवाए illā
सिवाए
عَجُوزًۭا एक बुढ़िया के ʿajūzan
एक बुढ़िया के
فِى (was) among
(was) among
ٱلْغَـٰبِرِينَ जो पीछे रह जाने वालों में थी l-ghābirīna
जो पीछे रह जाने वालों में थी
١٧١ (171)
(171)
सिवाय एक बुढ़िया1 के, जो पीछे रहने वालों में से थी।
२६:१७२
ثُمَّ फिर thumma
फिर
دَمَّرْنَا तबाह कर दिया हमने dammarnā
तबाह कर दिया हमने
ٱلْـَٔاخَرِينَ दूसरों को l-ākharīna
दूसरों को
١٧٢ (172)
(172)
फिर हमने दूसरों को विनष्ट कर दिया।
२६:१७३
وَأَمْطَرْنَا और बरसाई हमने wa-amṭarnā
और बरसाई हमने
عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर
مَّطَرًۭا ۖ एक बारिश maṭaran
एक बारिश
فَسَآءَ तो बहुत बुरी थी fasāa
तो बहुत बुरी थी
مَطَرُ बारिश maṭaru
बारिश
ٱلْمُنذَرِينَ डराए जाने वालों की l-mundharīna
डराए जाने वालों की
١٧٣ (173)
(173)
और हमने उनपर ज़ोरदार बारिश1 बरसाई। तो उन लोगों की बारिश बहुत बुरी थी, जिन्हें डराया गया था।
२६:१७४
إِنَّ यक़ीनन inna
यक़ीनन
فِى in
in
ذَٰلِكَ इसमें dhālika
इसमें
لَـَٔايَةًۭ ۖ अलबत्ता एक निशानी है laāyatan
अलबत्ता एक निशानी है
وَمَا और ना wamā
और ना
كَانَ थे kāna
थे
أَكْثَرُهُم अक्सर उनके aktharuhum
अक्सर उनके
مُّؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले
١٧٤ (174)
(174)
निःसंदेह इसमें निश्चय एक बड़ी निशानी है। और उनमें से अधिकतर ईमानवाले नहीं थे।
२६:१७५
وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक
رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका
لَهُوَ अलबत्ता वो lahuwa
अलबत्ता वो
ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त है l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त है
ٱلرَّحِيمُ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmu
निहायत रहम करने वाला है
١٧٥ (175)
(175)
और निःसंदेह आपका पालनहार, निश्चय वही सबपर प्रभुत्वशाली, अत्यंत दयावान् है।
२६:१७६
كَذَّبَ झुठलाया kadhaba
झुठलाया
أَصْحَـٰبُ (the) companions aṣḥābu
(the) companions
لْـَٔيْكَةِ ऐका (जंगल) वालों ने al'aykati
ऐका (जंगल) वालों ने
ٱلْمُرْسَلِينَ रसूलों को l-mur'salīna
रसूलों को
١٧٦ (176)
(176)
ऐका1 वालों ने रसूलों को झुठलाया।
२६:१७७
إِذْ जब idh
जब
قَالَ कहा qāla
कहा
لَهُمْ उन्हें lahum
उन्हें
شُعَيْبٌ शुऐब ने shuʿaybun
शुऐब ने
أَلَا क्या नहीं alā
क्या नहीं
تَتَّقُونَ तुम डरते tattaqūna
तुम डरते
١٧٧ (177)
(177)
जब उनसे शुऐब ने कहा : क्या तुम डरते नहीं हो?
२६:१७८
إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं
لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
رَسُولٌ एक रसूल हूँ rasūlun
एक रसूल हूँ
أَمِينٌۭ अमानतदार amīnun
अमानतदार
١٧٨ (178)
(178)
निःसंदेह मैं तुम्हारे लिए एक अमानतदार रसूल हूँ।
२६:१७९
فَٱتَّقُوا۟ पस डरो fa-ittaqū
पस डरो
ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से
وَأَطِيعُونِ और इताअत करो मेरी wa-aṭīʿūni
और इताअत करो मेरी
١٧٩ (179)
(179)
अतः तुम अल्लाह से डरो और मेरी बात मानो।
२६:१८०
وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं
أَسْـَٔلُكُمْ मैं सवाल करता तुम से asalukum
मैं सवाल करता तुम से
عَلَيْهِ इस पर ʿalayhi
इस पर
مِنْ any min
any
أَجْرٍ ۖ किसी अजर का ajrin
किसी अजर का
إِنْ नहीं in
नहीं
أَجْرِىَ अजर मेरा ajriya
अजर मेरा
إِلَّا मगर illā
मगर
عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर
رَبِّ रब्बुल rabbi
रब्बुल
ٱلْعَـٰلَمِينَ आलमीन के l-ʿālamīna
आलमीन के
١٨٠ (180)
(180)
मैं इस (कार्य) पर तुमसे कोई पारिश्रमिक (बदला) नहीं माँगता, मेरा बदला तो केवल सारे संसारों के पालनहार पर है।
२६:१८१
۞ أَوْفُوا۟ पूरा करो awfū
पूरा करो
ٱلْكَيْلَ नाप को l-kayla
नाप को
وَلَا और ना walā
और ना
تَكُونُوا۟ तुम हो जाओ takūnū
तुम हो जाओ
مِنَ of mina
of
ٱلْمُخْسِرِينَ नुक़्सान देने वालों में से l-mukh'sirīna
नुक़्सान देने वालों में से
١٨١ (181)
(181)
नाप पूरा दो और कम देने वालों में से न बनो।
२६:१८२
وَزِنُوا۟ और वज़न करो wazinū
और वज़न करो
بِٱلْقِسْطَاسِ साथ तराज़ू bil-qis'ṭāsi
साथ तराज़ू
ٱلْمُسْتَقِيمِ सीधी के l-mus'taqīmi
सीधी के
١٨٢ (182)
(182)
और सीधे तराज़ू से तोलो।
२६:१८३
وَلَا और ना walā
और ना
تَبْخَسُوا۟ तुम कम कर के दो tabkhasū
तुम कम कर के दो
ٱلنَّاسَ लोगों को l-nāsa
लोगों को
أَشْيَآءَهُمْ चीज़ें उनकी ashyāahum
चीज़ें उनकी
وَلَا और ना walā
और ना
تَعْثَوْا۟ तुम फ़साद करो taʿthaw
तुम फ़साद करो
فِى in
in
ٱلْأَرْضِ ज़मीन में l-arḍi
ज़मीन में
مُفْسِدِينَ मुफ़सिद बनकर muf'sidīna
मुफ़सिद बनकर
١٨٣ (183)
(183)
और लाेगों को उनका सामान कम न दो। और धरती में उपद्रव फैलाते मत फिरो।
२६:१८४
وَٱتَّقُوا۟ और डरो wa-ittaqū
और डरो
ٱلَّذِى उससे जिस ने alladhī
उससे जिस ने
خَلَقَكُمْ पैदा किया तुम्हें khalaqakum
पैदा किया तुम्हें
وَٱلْجِبِلَّةَ और मख़्लूक़ wal-jibilata
और मख़्लूक़
ٱلْأَوَّلِينَ पहली को l-awalīna
पहली को
١٨٤ (184)
(184)
और उससे डरो, जिसने तुम्हें तथा पहले लोगों को पैदा किया है।
२६:१८५
قَالُوٓا۟ उन्होंने कहा qālū
उन्होंने कहा
إِنَّمَآ बेशक innamā
बेशक
أَنتَ तू anta
तू
مِنَ (are) of mina
(are) of
ٱلْمُسَحَّرِينَ सहरज़दा लोगों में से है l-musaḥarīna
सहरज़दा लोगों में से है
١٨٥ (185)
(185)
उन्होंने कहा : निःसंदेह तू तो उन लोगों में से है जिनपर ताक़तवर जादू किया गया है।
२६:१८६
وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं
أَنتَ तू anta
तू
إِلَّا मगर illā
मगर
بَشَرٌۭ एक इन्सान basharun
एक इन्सान
مِّثْلُنَا हम जैसा mith'lunā
हम जैसा
وَإِن और बेशक wa-in
और बेशक
نَّظُنُّكَ हम गुमान करते हैं तुझे naẓunnuka
हम गुमान करते हैं तुझे
لَمِنَ surely (are) of lamina
surely (are) of
ٱلْكَـٰذِبِينَ अलबत्ता झूठों में से l-kādhibīna
अलबत्ता झूठों में से
١٨٦ (186)
(186)
और तू तो बस हमारे ही जैसा एक मनुष्य1 है और निःसंदेह हम तो तुझे झूठों में से समझते हैं।
२६:१८७
فَأَسْقِطْ पस तू गिरा दे fa-asqiṭ
पस तू गिरा दे
عَلَيْنَا हम पर ʿalaynā
हम पर
كِسَفًۭا एक टुकड़ा kisafan
एक टुकड़ा
مِّنَ of mina
of
ٱلسَّمَآءِ आसमान से l-samāi
आसमान से
إِن अगर in
अगर
كُنتَ है तू kunta
है तू
مِنَ of mina
of
ٱلصَّـٰدِقِينَ सच्चों में से l-ṣādiqīna
सच्चों में से
١٨٧ (187)
(187)
तो हम पर आसमान से कुछ टुकड़े गिरा दे, यदि तू सच्चों में से है।
२६:१८८
قَالَ उसने कहा qāla
उसने कहा
رَبِّىٓ मेरा रब rabbī
मेरा रब
أَعْلَمُ ज़्यादा जानता है aʿlamu
ज़्यादा जानता है
بِمَا उसे जो bimā
उसे जो
تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो
١٨٨ (188)
(188)
उसने कहा : मेरा पालनहार अधिक जानने वाला है जो कुछ तुम कर रहे हो।
२६:१८९
فَكَذَّبُوهُ तो उन्होंने झुठला दिया उसे fakadhabūhu
तो उन्होंने झुठला दिया उसे
فَأَخَذَهُمْ तो पकड़ लिया उन्हें fa-akhadhahum
तो पकड़ लिया उन्हें
عَذَابُ अज़ाब ने ʿadhābu
अज़ाब ने
يَوْمِ दिन yawmi
दिन
ٱلظُّلَّةِ ۚ सायबान के l-ẓulati
सायबान के
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
كَانَ था kāna
था
عَذَابَ अज़ाब ʿadhāba
अज़ाब
يَوْمٍ (of) a Day yawmin
(of) a Day
عَظِيمٍ बड़े दिन का ʿaẓīmin
बड़े दिन का
١٨٩ (189)
(189)
चुनाँचे उन्होंने उसे झुठला दिया। तो उन्हें छाया1 के दिन की यातना ने पकड़ लिया। निश्चय वह एक बड़े दिन की यातना थी।
२६:१९०
إِنَّ बेशक inna
बेशक
فِى in
in
ذَٰلِكَ इसमें dhālika
इसमें
لَـَٔايَةًۭ ۖ अलबत्ता एक निशानी है laāyatan
अलबत्ता एक निशानी है
وَمَا और ना wamā
और ना
كَانَ थे kāna
थे
أَكْثَرُهُم अक्सर उनके aktharuhum
अक्सर उनके
مُّؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले
١٩٠ (190)
(190)
निःसंदेह इसमें निश्चय एक बड़ी निशानी है। और उनमें से अधिकतर ईमानवाले नहीं थे।
२६:१९१
وَإِنَّ और बेशक wa-inna
और बेशक
رَبَّكَ रब आपका rabbaka
रब आपका
لَهُوَ अलबत्ता वो lahuwa
अलबत्ता वो
ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त है l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त है
ٱلرَّحِيمُ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmu
निहायत रहम करने वाला है
١٩١ (191)
(191)
और निःसंदेह आपका पालनहार, निश्चय वही सबपर प्रभुत्वशाली, अत्यंत दयावान् है।
२६:१९२
وَإِنَّهُۥ और बेशक वो wa-innahu
और बेशक वो
لَتَنزِيلُ अलबत्ता नाज़िल करदा है latanzīlu
अलबत्ता नाज़िल करदा है
رَبِّ (of the) Lord rabbi
(of the) Lord
ٱلْعَـٰلَمِينَ रब्बुल आलमीन की तरफ़ से l-ʿālamīna
रब्बुल आलमीन की तरफ़ से
١٩٢ (192)
(192)
तथा निःसंदेह, यह (क़ुरआन) निश्चय सारे संसारों के पालनहार का उतारा हुआ है।
२६:१९३
نَزَلَ उतरा nazala
उतरा
بِهِ उसे लेकर bihi
उसे लेकर
ٱلرُّوحُ the Spirit l-rūḥu
the Spirit
ٱلْأَمِينُ रूहुल अमीन l-amīnu
रूहुल अमीन
١٩٣ (193)
(193)
इसे रूह़ुल-अमीन1 (अत्यंत विश्वसनीय फ़रिश्ता) लेकर उतरा है।
२६:१९४
عَلَىٰ Upon ʿalā
Upon
قَلْبِكَ ऊपर आपके दिल के qalbika
ऊपर आपके दिल के
لِتَكُونَ ताकि आप हों litakūna
ताकि आप हों
مِنَ of mina
of
ٱلْمُنذِرِينَ डराने वालों में से l-mundhirīna
डराने वालों में से
١٩٤ (194)
(194)
आपके दिल पर, ताकि आप सावधान करने वालों में से हो जाएँ।
२६:१९५
بِلِسَانٍ साथ ज़बान bilisānin
साथ ज़बान
عَرَبِىٍّۢ अरबी ʿarabiyyin
अरबी
مُّبِينٍۢ वाज़ेह के mubīnin
वाज़ेह के
١٩٥ (195)
(195)
स्पष्ट अरबी भाषा में।
२६:१९६
وَإِنَّهُۥ और बेशक वो wa-innahu
और बेशक वो
لَفِى surely, (is) in lafī
surely, (is) in
زُبُرِ अलबत्ता सहीफ़ों में है zuburi
अलबत्ता सहीफ़ों में है
ٱلْأَوَّلِينَ पहलों के l-awalīna
पहलों के
١٩٦ (196)
(196)
तथा निःसंदेह यह निश्चित रूप से पहले लोगों की पुस्तकों में मौजूद है।1
२६:१९७
أَوَلَمْ क्या भला नहीं awalam
क्या भला नहीं
يَكُن है yakun
है
لَّهُمْ उनके लिए lahum
उनके लिए
ءَايَةً कोई निशानी āyatan
कोई निशानी
أَن कि an
कि
يَعْلَمَهُۥ जानते हों उसे yaʿlamahu
जानते हों उसे
عُلَمَـٰٓؤُا۟ उलेमा ʿulamāu
उलेमा
بَنِىٓ (of the) Children banī
(of the) Children
إِسْرَٰٓءِيلَ बनी इस्राईल के is'rāīla
बनी इस्राईल के
١٩٧ (197)
(197)
क्या उनके लिए यह एक निशानी न थी है कि इसे बनी इसराईल के विद्वान1 जानते हैं।
२६:१९८
وَلَوْ और अगर walaw
और अगर
نَزَّلْنَـٰهُ नाज़िल करते हम उसे nazzalnāhu
नाज़िल करते हम उसे
عَلَىٰ to ʿalā
to
بَعْضِ किसी पर baʿḍi
किसी पर
ٱلْأَعْجَمِينَ अजमियों में से l-aʿjamīna
अजमियों में से
١٩٨ (198)
(198)
और यदि हम इसे ग़ैर-अरब1 लोगों में से किसी पर उतार देते।
२६:१९९
فَقَرَأَهُۥ फिर वो पढ़ता उसे faqara-ahu
फिर वो पढ़ता उसे
عَلَيْهِم उन पर ʿalayhim
उन पर
مَّا ना
ना
كَانُوا۟ होते वो kānū
होते वो
بِهِۦ उस पर bihi
उस पर
مُؤْمِنِينَ ईमान लाने वाले mu'minīna
ईमान लाने वाले
١٩٩ (199)
(199)
फिर वह इसे उनके सामने पढ़ता, तो भी वे उसपर ईमान लाने वाले न होते।1
२६:२००
كَذَٰلِكَ इसी तरह kadhālika
इसी तरह
سَلَكْنَـٰهُ गुज़ारा हमने उसे salaknāhu
गुज़ारा हमने उसे
فِى into
into
قُلُوبِ दिलों से qulūbi
दिलों से
ٱلْمُجْرِمِينَ मुजरिमों के l-muj'rimīna
मुजरिमों के
٢٠٠ (200)
(200)
इसी प्रकार हमने इसे अपराधियों के हृदयों में प्रवेश कर दिया।
२६:२०१
لَا Not
Not
يُؤْمِنُونَ नहीं वो ईमान लाऐंगे yu'minūna
नहीं वो ईमान लाऐंगे
بِهِۦ उस पर bihi
उस पर
حَتَّىٰ यहाँ तक कि ḥattā
यहाँ तक कि
يَرَوُا۟ वो देख लें yarawū
वो देख लें
ٱلْعَذَابَ अज़ाब l-ʿadhāba
अज़ाब
ٱلْأَلِيمَ दर्दनाक l-alīma
दर्दनाक
٢٠١ (201)
(201)
वे उसपर ईमान नहीं लाएँगे, यहाँ तक कि वे दर्दनाक यातना देख लें।
२६:२०२
فَيَأْتِيَهُم तो वो आ जाएगा उन पर fayatiyahum
तो वो आ जाएगा उन पर
بَغْتَةًۭ अचानक baghtatan
अचानक
وَهُمْ और वो wahum
और वो
لَا (do) not
(do) not
يَشْعُرُونَ ना वो शऊर रखते होंगे yashʿurūna
ना वो शऊर रखते होंगे
٢٠٢ (202)
(202)
तो वह उनपर अचानक आ पड़े और वे सोचते भी न हों।
२६:२०३
فَيَقُولُوا۟ फिर वो कहेंगे fayaqūlū
फिर वो कहेंगे
هَلْ क्या hal
क्या
نَحْنُ हम naḥnu
हम
مُنظَرُونَ मोहलत दिए जाने वाले हैं munẓarūna
मोहलत दिए जाने वाले हैं
٢٠٣ (203)
(203)
फिर वे कहें : क्या हम मोहलत दिए जाने वाले हैं
२६:२०४
أَفَبِعَذَابِنَا क्या फिर हमारे अज़ाब को afabiʿadhābinā
क्या फिर हमारे अज़ाब को
يَسْتَعْجِلُونَ वो जल्दी माँगते हैं yastaʿjilūna
वो जल्दी माँगते हैं
٢٠٤ (204)
(204)
तो क्या वे हमारी यातना के लिए जल्दी मचा रहे हैं?
२६:२०५
أَفَرَءَيْتَ क्या भला देखा आपने afara-ayta
क्या भला देखा आपने
إِن अगर in
अगर
مَّتَّعْنَـٰهُمْ फ़ायदा दें हम उन्हें mattaʿnāhum
फ़ायदा दें हम उन्हें
سِنِينَ कई साल sinīna
कई साल
٢٠٥ (205)
(205)
तो क्या आपने विचार किया यदि हम इन्हें कुछ वर्षों तक लाभ दें।
२६:२०६
ثُمَّ फिर thumma
फिर
جَآءَهُم आ जाए उनके पास jāahum
आ जाए उनके पास
مَّا जिसका
जिसका
كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो
يُوعَدُونَ वो वादा दिए जाते yūʿadūna
वो वादा दिए जाते
٢٠٦ (206)
(206)
फिर उनपर वह (यातना) आ जाए, जिसका उनसे वादा किया जाता था।
२६:२०७
مَآ ना
ना
أَغْنَىٰ काम आएगा aghnā
काम आएगा
عَنْهُم उन्हें ʿanhum
उन्हें
مَّا जो
जो
كَانُوا۟ थे वो kānū
थे वो
يُمَتَّعُونَ वो फ़ायदा दिए जाते yumattaʿūna
वो फ़ायदा दिए जाते
٢٠٧ (207)
(207)
तो उन्हें जो लाभ दिया जाता था, वह उनके किस काम आएगा?
२६:२०८
وَمَآ और नहीं wamā
और नहीं
أَهْلَكْنَا हलाक किया हमने ahlaknā
हलाक किया हमने
مِن any min
any
قَرْيَةٍ किसी बस्ती को qaryatin
किसी बस्ती को
إِلَّا मगर illā
मगर
لَهَا उसके लिए lahā
उसके लिए
مُنذِرُونَ डराने वाले थे mundhirūna
डराने वाले थे
٢٠٨ (208)
(208)
और हमने किसी बस्ती को विनष्ट नहीं किया, परंतु उसके लिए कई सावधान करने वाले थे।
२६:२०९
ذِكْرَىٰ नसीहत के तौर पर dhik'rā
नसीहत के तौर पर
وَمَا और ना wamā
और ना
كُنَّا थे हम kunnā
थे हम
ظَـٰلِمِينَ ज़ालिम ẓālimīna
ज़ालिम
٢٠٩ (209)
(209)
याद दिलाने के लिए। और हम अत्याचारी नहीं थे।
२६:२१०
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
تَنَزَّلَتْ उतरे tanazzalat
उतरे
بِهِ उसे लेकर bihi
उसे लेकर
ٱلشَّيَـٰطِينُ शयातीन l-shayāṭīnu
शयातीन
٢١٠ (210)
(210)
तथा इस (क़ुरआन) को लेकर शैतान नहीं उतरे।
२६:२११
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
يَنۢبَغِى लायक़ yanbaghī
लायक़
لَهُمْ उनके lahum
उनके
وَمَا और नहीं wamā
और नहीं
يَسْتَطِيعُونَ वो इस्तिताअत रखते yastaṭīʿūna
वो इस्तिताअत रखते
٢١١ (211)
(211)
और न यह उनके योग्य है, और न वे ऐसा कर सकते हैं।
२६:२१२
إِنَّهُمْ बेशक वो innahum
बेशक वो
عَنِ from ʿani
from
ٱلسَّمْعِ सुनने से l-samʿi
सुनने से
لَمَعْزُولُونَ अलबत्ता अलग किए हुए हैं lamaʿzūlūna
अलबत्ता अलग किए हुए हैं
٢١٢ (212)
(212)
निःसंदेह वे तो (इसके) सुनने ही से अलग1 कर दिए गए हैं।
२६:२१३
فَلَا पस ना falā
पस ना
تَدْعُ आप पुकारिए tadʿu
आप पुकारिए
مَعَ साथ maʿa
साथ
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
إِلَـٰهًا इलाह ilāhan
इलाह
ءَاخَرَ दूसरा ākhara
दूसरा
فَتَكُونَ वरना आप हो जाऐंगे fatakūna
वरना आप हो जाऐंगे
مِنَ of mina
of
ٱلْمُعَذَّبِينَ अज़ाब दिए जाने वालों में से l-muʿadhabīna
अज़ाब दिए जाने वालों में से
٢١٣ (213)
(213)
अतः आप अल्लाह के साथ किसी अन्य पूज्य को न पुकारें, अन्यथा आप दंड पाने वालों में हो जाएँगे।
२६:२१४
وَأَنذِرْ और डराइए wa-andhir
और डराइए
عَشِيرَتَكَ अपने रिश्तेदारों को ʿashīrataka
अपने रिश्तेदारों को
ٱلْأَقْرَبِينَ जो क़रीबी हैं l-aqrabīna
जो क़रीबी हैं
٢١٤ (214)
(214)
और आप अपने निकटतम रिश्तेदारों को डराएँ।1
२६:२१५
وَٱخْفِضْ और झुका दीजिए wa-ikh'fiḍ
और झुका दीजिए
جَنَاحَكَ अपना बाज़ू janāḥaka
अपना बाज़ू
لِمَنِ वास्ते उसके जो limani
वास्ते उसके जो
ٱتَّبَعَكَ पैरवी करे आपकी ittabaʿaka
पैरवी करे आपकी
مِنَ of mina
of
ٱلْمُؤْمِنِينَ मोमिनों में से l-mu'minīna
मोमिनों में से
٢١٥ (215)
(215)
और ईमान वालों में से जो आपका अनुसरण करे, उसके लिए अपना बाज़ू1 झुका दें।
२६:२१६
فَإِنْ फिर अगर fa-in
फिर अगर
عَصَوْكَ वो नाफ़रमानी करें आपकी ʿaṣawka
वो नाफ़रमानी करें आपकी
فَقُلْ तो कह दीजिए faqul
तो कह दीजिए
إِنِّى बेशक मैं innī
बेशक मैं
بَرِىٓءٌۭ बरी उज़-ज़िम्मा हूँ barīon
बरी उज़-ज़िम्मा हूँ
مِّمَّا उससे जो mimmā
उससे जो
تَعْمَلُونَ तुम अमल कर रहे हो taʿmalūna
तुम अमल कर रहे हो
٢١٦ (216)
(216)
फि यदि वे आपकी अवज्ञा करें, तो आप कह दें कि तुम जो कुछ कर रहे हो उसकी ज़िम्मेदारी से मैं बरी हूँ।
२६:२१७
وَتَوَكَّلْ और तवक्कल कीजिए watawakkal
और तवक्कल कीजिए
عَلَى in ʿalā
in
ٱلْعَزِيزِ ऊपर बहुत ज़बरदस्त l-ʿazīzi
ऊपर बहुत ज़बरदस्त
ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाले के l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाले के
٢١٧ (217)
(217)
तथा उस सबपर प्रभुत्वशाली, अत्यंत दयावान् पर भरोसा करें।
२६:२१८
ٱلَّذِى वो जो alladhī
वो जो
يَرَىٰكَ देखता है आपको yarāka
देखता है आपको
حِينَ जिस वक़्त ḥīna
जिस वक़्त
تَقُومُ आप खड़े होते हैं taqūmu
आप खड़े होते हैं
٢١٨ (218)
(218)
जो आपको देखता है, जब आप खड़े होते हैं।
२६:२१९
وَتَقَلُّبَكَ और नक़्ल व हरकत आपकी wataqallubaka
और नक़्ल व हरकत आपकी
فِى among
among
ٱلسَّـٰجِدِينَ सजदा करने वालों में l-sājidīna
सजदा करने वालों में
٢١٩ (219)
(219)
और सजदा करने वालों में आपके फिरने को भी।1
२६:२२०
إِنَّهُۥ बेशक वो innahu
बेशक वो
هُوَ वो ही है huwa
वो ही है
ٱلسَّمِيعُ ख़ूब सुनने वाला l-samīʿu
ख़ूब सुनने वाला
ٱلْعَلِيمُ ख़ूब जानने वाला l-ʿalīmu
ख़ूब जानने वाला
٢٢٠ (220)
(220)
निःसंदेह वही सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।
२६:२२१
هَلْ क्या hal
क्या
أُنَبِّئُكُمْ मैं बताऊँ unabbi-ukum
मैं बताऊँ
عَلَىٰ upon ʿalā
upon
مَن किस पर man
किस पर
تَنَزَّلُ उतरते हैं tanazzalu
उतरते हैं
ٱلشَّيَـٰطِينُ शयातीन l-shayāṭīnu
शयातीन
٢٢١ (221)
(221)
क्या मैं आपको बताऊँ कि शैतान किस पर उतरते हैं?
२६:२२२
تَنَزَّلُ उतरते हैं tanazzalu
उतरते हैं
عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर
كُلِّ हर kulli
हर
أَفَّاكٍ बहुत झूठे affākin
बहुत झूठे
أَثِيمٍۢ सख़्त गुनाहगार के athīmin
सख़्त गुनाहगार के
٢٢٢ (222)
(222)
वे हर बड़े झूठे और बड़े पापी1 पर उतरते हैं।
२६:२२३
يُلْقُونَ वो डालते हैं yul'qūna
वो डालते हैं
ٱلسَّمْعَ कानों में (सुनी सुनाई बात) l-samʿa
कानों में (सुनी सुनाई बात)
وَأَكْثَرُهُمْ और अक्सर उनके wa-aktharuhum
और अक्सर उनके
كَـٰذِبُونَ झूठे हैं kādhibūna
झूठे हैं
٢٢٣ (223)
(223)
वे सुनी हुई बात को (काहिनों तक) पहुँचा देते हैं, और उनमें से अधिकतर झूठे हैं।
२६:२२४
وَٱلشُّعَرَآءُ और शुअरा wal-shuʿarāu
और शुअरा
يَتَّبِعُهُمُ पैरवी करते हैं उनकी yattabiʿuhumu
पैरवी करते हैं उनकी
ٱلْغَاوُۥنَ बहके हुए लोग l-ghāwūna
बहके हुए लोग
٢٢٤ (224)
(224)
और कवि लोग, उनके पीछे भटके हुए लोग ही चलते हैं।
२६:२२५
أَلَمْ क्या नहीं alam
क्या नहीं
تَرَ आपने देखा tara
आपने देखा
أَنَّهُمْ कि बेशक वो annahum
कि बेशक वो
فِى in
in
كُلِّ every kulli
every
وَادٍۢ हर वादी में wādin
हर वादी में
يَهِيمُونَ वो सरगर्दां फिरते हैं yahīmūna
वो सरगर्दां फिरते हैं
٢٢٥ (225)
(225)
क्या आपने नहीं देखा कि वे प्रत्येक वादी में भटकते फिरते1 हैं।
२६:२२६
وَأَنَّهُمْ और बेशक वो wa-annahum
और बेशक वो
يَقُولُونَ वो कहते हैं yaqūlūna
वो कहते हैं
مَا वो जो
वो जो
لَا not
not
يَفْعَلُونَ नहीं वो करते yafʿalūna
नहीं वो करते
٢٢٦ (226)
(226)
और यह कि निःसंदेह ऐसी बात कहते हैं, जो करते नहीं।
२६:२२७
إِلَّا सिवाए illā
सिवाए
ٱلَّذِينَ उनके जो alladhīna
उनके जो
ءَامَنُوا۟ ईमान लाए āmanū
ईमान लाए
وَعَمِلُوا۟ और उन्होंने अमल किए waʿamilū
और उन्होंने अमल किए
ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ नेक l-ṣāliḥāti
नेक
وَذَكَرُوا۟ और उन्होंने याद किया wadhakarū
और उन्होंने याद किया
ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को
كَثِيرًۭا बकसरत kathīran
बकसरत
وَٱنتَصَرُوا۟ और उन्होंने बदला लिया wa-intaṣarū
और उन्होंने बदला लिया
مِنۢ after min
after
بَعْدِ बाद उसके baʿdi
बाद उसके
مَا जो
जो
ظُلِمُوا۟ ۗ वो ज़ुल्म किए गए ẓulimū
वो ज़ुल्म किए गए
وَسَيَعْلَمُ और अनक़रीब जान लेंगे wasayaʿlamu
और अनक़रीब जान लेंगे
ٱلَّذِينَ वो जिन्होंने alladhīna
वो जिन्होंने
ظَلَمُوٓا۟ ज़ुल्म किया ẓalamū
ज़ुल्म किया
أَىَّ कौन सी ayya
कौन सी
مُنقَلَبٍۢ लौटने की जगह munqalabin
लौटने की जगह
يَنقَلِبُونَ वो लौटेंगे yanqalibūna
वो लौटेंगे
٢٢٧ (227)
(227)
सिवाय उन (कवियों) के, जो1 ईमान लाए, और अच्छे कर्म किए और अल्लाह को बहुत याद किया तथा बदला लिया, इसके बाद कि उनके ऊपर ज़ुल्म किया गया। तथा वे लोग, जिन्होंने अत्याचार किया, शीघ्र ही जान लेंगे कि वे किस जगह लौटकर जाएँगे।