६४

अत-तग़ाबुन

मदनी १८ आयतें पारा २८
التغابن
बिस्मिल्लाह
بِسْمِ साथ नाम bis'mi
साथ नाम
ٱللَّهِ अल्लाह के l-lahi
अल्लाह के
ٱلرَّحْمَـٰنِ जो बहुत मेहरबान l-raḥmāni
जो बहुत मेहरबान
ٱلرَّحِيمِ निहायत रहम करने वाला है l-raḥīmi
निहायत रहम करने वाला है
परम कृपालु, अत्यंत दयावान अल्लाह के नाम से
६४:१
يُسَبِّحُ तस्बीह करती है yusabbiḥu
तस्बीह करती है
لِلَّهِ अल्लाह के लिए lillahi
अल्लाह के लिए
مَا हर वो चीज़ जो
हर वो चीज़ जो
فِى (is) in
(is) in
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है
وَمَا और जो wamā
और जो
فِى (is) in
(is) in
ٱلْأَرْضِ ۖ ज़मीन में है l-arḍi
ज़मीन में है
لَهُ उसी के लिए है lahu
उसी के लिए है
ٱلْمُلْكُ बादशाहत l-mul'ku
बादशाहत
وَلَهُ और उसी के लिए है walahu
और उसी के लिए है
ٱلْحَمْدُ ۖ सब तारीफ़ l-ḥamdu
सब तारीफ़
وَهُوَ और वो wahuwa
और वो
عَلَىٰ ऊपर ʿalā
ऊपर
كُلِّ हर kulli
हर
شَىْءٍۢ चीज़ के shayin
चीज़ के
قَدِيرٌ ख़ूब क़ुदरत रखन वाला है qadīrun
ख़ूब क़ुदरत रखन वाला है
١ (1)
(1)
अल्लाह की पवित्रता का वर्णन करती है प्रत्येक चीज़, जो आकाशों में है तथा जो धरती में है। उसी का राज्य है और उसी की सब प्रशंसा है तथा वह हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है।
६४:२
هُوَ वो ही है huwa
वो ही है
ٱلَّذِى जिसने alladhī
जिसने
خَلَقَكُمْ पैदा किया तुम्हें khalaqakum
पैदा किया तुम्हें
فَمِنكُمْ तो तुम में से faminkum
तो तुम में से
كَافِرٌۭ कोई काफ़िर है kāfirun
कोई काफ़िर है
وَمِنكُم और तुम में से waminkum
और तुम में से
مُّؤْمِنٌۭ ۚ कोई मोमिन है mu'minun
कोई मोमिन है
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
بِمَا उसे जो bimā
उसे जो
تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो
بَصِيرٌ ख़ूब देखने वाला है baṣīrun
ख़ूब देखने वाला है
٢ (2)
(2)
वही है जिसने तुम्हें पैदा किया। फिर तुममें से कोई काफ़िर है और तुममें से कोई ईमान वाला है। तथा तुम जो कुछ भी करते हो, अल्लाह उसे खूब देखने वाला है।1
६४:३
خَلَقَ उसने पैदा किया khalaqa
उसने पैदा किया
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों l-samāwāti
आसमानों
وَٱلْأَرْضَ और ज़मीन को wal-arḍa
और ज़मीन को
بِٱلْحَقِّ साथ हक़ के bil-ḥaqi
साथ हक़ के
وَصَوَّرَكُمْ और उसने सूरत बनाई तुम्हारी waṣawwarakum
और उसने सूरत बनाई तुम्हारी
فَأَحْسَنَ तो उसने अच्छी बनाईं fa-aḥsana
तो उसने अच्छी बनाईं
صُوَرَكُمْ ۖ सूरतें तुम्हारी ṣuwarakum
सूरतें तुम्हारी
وَإِلَيْهِ और तरफ़ उसी के wa-ilayhi
और तरफ़ उसी के
ٱلْمَصِيرُ लौटना है l-maṣīru
लौटना है
٣ (3)
(3)
उसने आकाशों तथा धरती को सत्य के साथ पैदा किया। तथा उसने तुम्हारे रूप बनाए, तो तुम्हारे रूप अच्छे बनाए। और उसी की ओर लौटकर जाना है।1
६४:४
يَعْلَمُ वो जानता है yaʿlamu
वो जानता है
مَا जो कुछ
जो कुछ
فِى (is) in
(is) in
ٱلسَّمَـٰوَٰتِ आसमानों में है l-samāwāti
आसमानों में है
وَٱلْأَرْضِ और ज़मीन में wal-arḍi
और ज़मीन में
وَيَعْلَمُ और वो जानता है wayaʿlamu
और वो जानता है
مَا जो कुछ
जो कुछ
تُسِرُّونَ तुम छुपाते हो tusirrūna
तुम छुपाते हो
وَمَا और जो कुछ wamā
और जो कुछ
تُعْلِنُونَ ۚ तुम ज़ाहिर करते हो tuʿ'linūna
तुम ज़ाहिर करते हो
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
عَلِيمٌۢ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है
بِذَاتِ of what bidhāti
of what
ٱلصُّدُورِ सीनों वाले (भेद) l-ṣudūri
सीनों वाले (भेद)
٤ (4)
(4)
वह जानता है जो कुछ आकाशों और धरती में है। तथा वह जानता है जो कुछ तुम छिपाते हो और जो कुछ तुम प्रकट करते हो। और अल्लाह दिलों के भेद को भली-भाँति जानने वाला है।
६४:५
أَلَمْ क्या नहीं alam
क्या नहीं
يَأْتِكُمْ आई तुम्हारे पास yatikum
आई तुम्हारे पास
نَبَؤُا۟ ख़बर naba-u
ख़बर
ٱلَّذِينَ उनकी जिन्होंने alladhīna
उनकी जिन्होंने
كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया
مِن from min
from
قَبْلُ इससे पहले qablu
इससे पहले
فَذَاقُوا۟ फिर उन्होंने चखा fadhāqū
फिर उन्होंने चखा
وَبَالَ वबाल wabāla
वबाल
أَمْرِهِمْ अपने काम का amrihim
अपने काम का
وَلَهُمْ और उनके लिए है walahum
और उनके लिए है
عَذَابٌ अज़ाब ʿadhābun
अज़ाब
أَلِيمٌۭ दर्दनाक alīmun
दर्दनाक
٥ (5)
(5)
क्या तुम्हारे पास उन लोगों की खबर नहीं आई, जिन्होंने इससे पहले कुफ़्र किया। फिर उन्होंने अपने कर्म का दुष्परिणाम चखा? और उनके लिए दुःखदायी यातना है।1
६४:६
ذَٰلِكَ ये dhālika
ये
بِأَنَّهُۥ बवजह उसके कि वो bi-annahu
बवजह उसके कि वो
كَانَت थे kānat
थे
تَّأْتِيهِمْ आते उनके पास tatīhim
आते उनके पास
رُسُلُهُم रसूल उनके rusuluhum
रसूल उनके
بِٱلْبَيِّنَـٰتِ साथ वाज़ेह आयात के bil-bayināti
साथ वाज़ेह आयात के
فَقَالُوٓا۟ तो वो कहते faqālū
तो वो कहते
أَبَشَرٌۭ क्या इन्सान abasharun
क्या इन्सान
يَهْدُونَنَا रहनुमाई करेंगे हमारी yahdūnanā
रहनुमाई करेंगे हमारी
فَكَفَرُوا۟ तो उन्होंने कुफ़्र किया fakafarū
तो उन्होंने कुफ़्र किया
وَتَوَلَّوا۟ ۚ और वो मुँह मोड़ गए watawallaw
और वो मुँह मोड़ गए
وَّٱسْتَغْنَى और परवाह ना की wa-is'taghnā
और परवाह ना की
ٱللَّهُ ۚ अल्लाह ने l-lahu
अल्लाह ने
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
غَنِىٌّ बहुत बेनियाज़ है ghaniyyun
बहुत बेनियाज़ है
حَمِيدٌۭ ख़ूब तारीफ़ वाला है ḥamīdun
ख़ूब तारीफ़ वाला है
٦ (6)
(6)
यह इस कारण कि उनके पास उनके रसूल खुली निशानियाँ लेकर आते थे। तो उन्होंने कहा : क्या मनुष्य हमें मार्गदर्शन1 करेंगे? चुनाँचे उन्होंने इनकार किया और मुँह फेर लिया। और अल्लाह ने परवाह न की तथा अल्लाह बेनियाज़, सर्व प्रशंसित है।
६४:७
زَعَمَ दावा किया zaʿama
दावा किया
ٱلَّذِينَ उन लोगों ने जिन्होंने alladhīna
उन लोगों ने जिन्होंने
كَفَرُوٓا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया
أَن कि an
कि
لَّن हरगिज़ नहीं lan
हरगिज़ नहीं
يُبْعَثُوا۟ ۚ वो उठाए जाऐंगे yub'ʿathū
वो उठाए जाऐंगे
قُلْ कह दीजिए qul
कह दीजिए
بَلَىٰ क्यों नहीं balā
क्यों नहीं
وَرَبِّى क़सम है मेरे रब की warabbī
क़सम है मेरे रब की
لَتُبْعَثُنَّ अलबत्ता तुम ज़रूर उठाए जाओगे latub'ʿathunna
अलबत्ता तुम ज़रूर उठाए जाओगे
ثُمَّ फिर thumma
फिर
لَتُنَبَّؤُنَّ अलबत्ता तुम ज़रूर ख़बर दिए जाओगे latunabba-unna
अलबत्ता तुम ज़रूर ख़बर दिए जाओगे
بِمَا उसकी जो bimā
उसकी जो
عَمِلْتُمْ ۚ अमल किए तुमने ʿamil'tum
अमल किए तुमने
وَذَٰلِكَ और ये wadhālika
और ये
عَلَى for ʿalā
for
ٱللَّهِ अल्लाह पर l-lahi
अल्लाह पर
يَسِيرٌۭ बहुत आसान है yasīrun
बहुत आसान है
٧ (7)
(7)
काफ़िरों ने समझ रखा है कि वे कदापि पुनर्जीवित नहीं किए जाएँगे। आप कह दें : क्यों नहीं? मेरे पालनहार की क़सम! निश्चय तुम अवश्य पुनर्जीवित किए जाओगे। फिर निश्चय तुम्हें अवश्य बताया जाएगा कि तुमने (संसार में) क्या किया है तथा यह अल्लाह के लिए अति सरल है।
६४:८
فَـَٔامِنُوا۟ पस ईमान लाओ faāminū
पस ईमान लाओ
بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर
وَرَسُولِهِۦ और उसके रसूल पर warasūlihi
और उसके रसूल पर
وَٱلنُّورِ और उस नूर पर wal-nūri
और उस नूर पर
ٱلَّذِىٓ वो जो alladhī
वो जो
أَنزَلْنَا ۚ नाज़िल किया हमने anzalnā
नाज़िल किया हमने
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
بِمَا उसकी जो bimā
उसकी जो
تَعْمَلُونَ तुम अमल करते हो taʿmalūna
तुम अमल करते हो
خَبِيرٌۭ ख़ूब ख़बर रखने वाला है khabīrun
ख़ूब ख़बर रखने वाला है
٨ (8)
(8)
अतः तुम ईमान लाओ अल्लाह तथा उसके रसूल1 पर एवं उस नूर (प्रकाश)2 पर, जिसे हमने उतारा है। तथा अल्लाह, जो तुम करते हो, उससे भली-भाँति अवगत है।
६४:९
يَوْمَ जिस दिन yawma
जिस दिन
يَجْمَعُكُمْ वो जमा करेगा तुम्हें yajmaʿukum
वो जमा करेगा तुम्हें
لِيَوْمِ for (the) Day liyawmi
for (the) Day
ٱلْجَمْعِ ۖ जमा होने के दिन के लिए l-jamʿi
जमा होने के दिन के लिए
ذَٰلِكَ ये dhālika
ये
يَوْمُ दिन होगा yawmu
दिन होगा
ٱلتَّغَابُنِ ۗ हार जीत का l-taghābuni
हार जीत का
وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई
يُؤْمِنۢ ईमान लाएगा yu'min
ईमान लाएगा
بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर
وَيَعْمَلْ और वो अमल करेगा wayaʿmal
और वो अमल करेगा
صَـٰلِحًۭا नेक ṣāliḥan
नेक
يُكَفِّرْ वो दूर कर देगा yukaffir
वो दूर कर देगा
عَنْهُ उससे ʿanhu
उससे
سَيِّـَٔاتِهِۦ बुराइयाँ उसकी sayyiātihi
बुराइयाँ उसकी
وَيُدْخِلْهُ और वो दाख़िल करेगा उसे wayud'khil'hu
और वो दाख़िल करेगा उसे
جَنَّـٰتٍۢ बाग़ात में jannātin
बाग़ात में
تَجْرِى बहती हैं tajrī
बहती हैं
مِن from min
from
تَحْتِهَا उनके नीचे से taḥtihā
उनके नीचे से
ٱلْأَنْهَـٰرُ नहरें l-anhāru
नहरें
خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं
فِيهَآ उनमें fīhā
उनमें
أَبَدًۭا ۚ हमेशा-हमेशा abadan
हमेशा-हमेशा
ذَٰلِكَ यही dhālika
यही
ٱلْفَوْزُ कामयाबी है l-fawzu
कामयाबी है
ٱلْعَظِيمُ बहुत बड़ी l-ʿaẓīmu
बहुत बड़ी
٩ (9)
(9)
जिस दिन वह तुम्हें, एकत्र होने के दिन एकत्रित करेगा, वही दिन है हार जीत का। और जो अल्लाह पर ईमान लाए और सत्कर्म करे, अल्लाह उसकी बुराइयों को उससे दूर कर देगा और उसे ऐसी जन्नतों में दाख़िल करेगा, जिनके नीचे से नहरें बहतीं होंगी। वे वहाँ हमेशा रहेंगे। यही बड़ी सफलता है।
६४:१०
وَٱلَّذِينَ और वो जिन्होंने wa-alladhīna
और वो जिन्होंने
كَفَرُوا۟ कुफ़्र किया kafarū
कुफ़्र किया
وَكَذَّبُوا۟ और झुठलाया wakadhabū
और झुठलाया
بِـَٔايَـٰتِنَآ हमारी आयात को biāyātinā
हमारी आयात को
أُو۟لَـٰٓئِكَ यही लोग हैं ulāika
यही लोग हैं
أَصْحَـٰبُ साथी aṣḥābu
साथी
ٱلنَّارِ आग के l-nāri
आग के
خَـٰلِدِينَ हमेशा रहने वाले हैं khālidīna
हमेशा रहने वाले हैं
فِيهَا ۖ उसमें fīhā
उसमें
وَبِئْسَ और कितनी बुरी है wabi'sa
और कितनी बुरी है
ٱلْمَصِيرُ लौटने की जगह l-maṣīru
लौटने की जगह
١٠ (10)
(10)
और जिन लोगों ने कुफ़्र किया और हमारी आयतों को झुठलाया, वही जहन्नम वाले हैं, जो उसमें हमेशा रहने वाले हैं। तथा वह बुरा ठिकाना है।
६४:११
مَآ नहीं
नहीं
أَصَابَ पहुँचती aṣāba
पहुँचती
مِن any min
any
مُّصِيبَةٍ कोई मुसीबत muṣībatin
कोई मुसीबत
إِلَّا मगर illā
मगर
بِإِذْنِ by (the) permission bi-idh'ni
by (the) permission
ٱللَّهِ ۗ अल्लाह के इज़्न से l-lahi
अल्लाह के इज़्न से
وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई
يُؤْمِنۢ ईमान लाता है yu'min
ईमान लाता है
بِٱللَّهِ अल्लाह पर bil-lahi
अल्लाह पर
يَهْدِ वो हिदायत देता है yahdi
वो हिदायत देता है
قَلْبَهُۥ ۚ उसके दिल को qalbahu
उसके दिल को
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
بِكُلِّ हर bikulli
हर
شَىْءٍ चीज़ क shayin
चीज़ क
عَلِيمٌۭ ख़ूब जानने वाला है ʿalīmun
ख़ूब जानने वाला है
١١ (11)
(11)
कोई भी विपत्ति नहीं पहुँची परंतु अल्लाह की अनुमति से। तथा जो अल्लाह पर ईमान1 लाए, वह उसके दिल को मार्गदर्शन प्रदान करता2 है। तथा अल्लाह प्रत्येक वस्तु को भली-भाँति जानने वाला है।
६४:१२
وَأَطِيعُوا۟ और इताअत करो wa-aṭīʿū
और इताअत करो
ٱللَّهَ अल्लाह की l-laha
अल्लाह की
وَأَطِيعُوا۟ और इताअत करो wa-aṭīʿū
और इताअत करो
ٱلرَّسُولَ ۚ रसूल की l-rasūla
रसूल की
فَإِن फिर अगर fa-in
फिर अगर
تَوَلَّيْتُمْ मुँह मोड़ते हो तुम tawallaytum
मुँह मोड़ते हो तुम
فَإِنَّمَا तो बेशक fa-innamā
तो बेशक
عَلَىٰ upon ʿalā
upon
رَسُولِنَا ऊपर हमारे रसूल के rasūlinā
ऊपर हमारे रसूल के
ٱلْبَلَـٰغُ पहुँचा देना है l-balāghu
पहुँचा देना है
ٱلْمُبِينُ खुल्लम-खुल्ला l-mubīnu
खुल्लम-खुल्ला
١٢ (12)
(12)
तथा अल्लाह का आज्ञापालन करो और रसूल का आज्ञापालन करो। फिर यदि तुम विमुख हुए, तो हमारे रसूल का दायित्व केवल स्पष्ट रूप से पहुँचा देना है।
६४:१३
ٱللَّهُ अल्लाह al-lahu
अल्लाह
لَآ नहीं
नहीं
إِلَـٰهَ कोई इलाह(बरहक़ ) ilāha
कोई इलाह(बरहक़ )
إِلَّا मगर illā
मगर
هُوَ ۚ वो ही huwa
वो ही
وَعَلَى And upon waʿalā
And upon
ٱللَّهِ और अल्लाह ही पर l-lahi
और अल्लाह ही पर
فَلْيَتَوَكَّلِ पस चाहिए कि तवक्कुल करें falyatawakkali
पस चाहिए कि तवक्कुल करें
ٱلْمُؤْمِنُونَ मोमिन l-mu'minūna
मोमिन
١٣ (13)
(13)
अल्लाह वह है, जिसके सिवा कोई सच्चा पूज्य नहीं है। अतः, ईमान वालों को अल्लाह ही पर भरोसा करना चाहिए।
६४:१४
يَـٰٓأَيُّهَا O yāayyuhā
O
ٱلَّذِينَ ऐ लोगो जो alladhīna
ऐ लोगो जो
ءَامَنُوٓا۟ ईमान लाए हो āmanū
ईमान लाए हो
إِنَّ बेशक inna
बेशक
مِنْ from min
from
أَزْوَٰجِكُمْ तुम्हारी बीवियों में से azwājikum
तुम्हारी बीवियों में से
وَأَوْلَـٰدِكُمْ और तुम्हारी औलाद में से wa-awlādikum
और तुम्हारी औलाद में से
عَدُوًّۭا दुश्मन हैं ʿaduwwan
दुश्मन हैं
لَّكُمْ तुम्हारे lakum
तुम्हारे
فَٱحْذَرُوهُمْ ۚ पस मोहतात रहो उनसे fa-iḥ'dharūhum
पस मोहतात रहो उनसे
وَإِن और अगर wa-in
और अगर
تَعْفُوا۟ तुम माफ़ कर दो taʿfū
तुम माफ़ कर दो
وَتَصْفَحُوا۟ और तुम दरगुज़र करो wataṣfaḥū
और तुम दरगुज़र करो
وَتَغْفِرُوا۟ और तुम बख़्श दो wataghfirū
और तुम बख़्श दो
فَإِنَّ तो बेशक fa-inna
तो बेशक
ٱللَّهَ अल्लाह l-laha
अल्लाह
غَفُورٌۭ बहुत बख़्शने वाला है ghafūrun
बहुत बख़्शने वाला है
رَّحِيمٌ निहायत रहम करने वाला है raḥīmun
निहायत रहम करने वाला है
١٤ (14)
(14)
ऐ ईमान वालो! निःसंदेह तुम्हारी पत्नियों और तुम्हारी संतान में से कुछ तुम्हारे शत्रु1 हैं। अतः उनसे सावधान रहो। और यदि तुम माफ़ करो तथा दरगुज़र करो और क्षमा कर दो, तो निःसंदेह अल्लाह अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।
६४:१५
إِنَّمَآ बेशक innamā
बेशक
أَمْوَٰلُكُمْ माल तुम्हारे amwālukum
माल तुम्हारे
وَأَوْلَـٰدُكُمْ और औलाद तुम्हारी wa-awlādukum
और औलाद तुम्हारी
فِتْنَةٌۭ ۚ आज़माइश हैं fit'natun
आज़माइश हैं
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
عِندَهُۥٓ उसी के पास ʿindahu
उसी के पास
أَجْرٌ अजर है ajrun
अजर है
عَظِيمٌۭ बहुत बड़ा ʿaẓīmun
बहुत बड़ा
١٥ (15)
(15)
निःसंदेह तुम्हारे धन और तुम्हारी संतान एक परीक्षा हैं तथा अल्लाह ही के पास बड़ा प्रतिफल1 है।
६४:१६
فَٱتَّقُوا۟ पस डरो fa-ittaqū
पस डरो
ٱللَّهَ अल्लाह से l-laha
अल्लाह से
مَا जितनी
जितनी
ٱسْتَطَعْتُمْ इस्तिताअत रखते हो तुम is'taṭaʿtum
इस्तिताअत रखते हो तुम
وَٱسْمَعُوا۟ और सुनो wa-is'maʿū
और सुनो
وَأَطِيعُوا۟ और इताअत करो wa-aṭīʿū
और इताअत करो
وَأَنفِقُوا۟ और ख़र्च करो wa-anfiqū
और ख़र्च करो
خَيْرًۭا बेहतर है khayran
बेहतर है
لِّأَنفُسِكُمْ ۗ तुम्हारे नफ़्सों के लिए li-anfusikum
तुम्हारे नफ़्सों के लिए
وَمَن और जो कोई waman
और जो कोई
يُوقَ बचा लिया गया yūqa
बचा लिया गया
شُحَّ बख़ीली से shuḥḥa
बख़ीली से
نَفْسِهِۦ अपने नफ़्स की nafsihi
अपने नफ़्स की
فَأُو۟لَـٰٓئِكَ तो यही लोग हैं fa-ulāika
तो यही लोग हैं
هُمُ वो humu
वो
ٱلْمُفْلِحُونَ जो फ़लाह पाने वाले हैं l-muf'liḥūna
जो फ़लाह पाने वाले हैं
١٦ (16)
(16)
अतः अल्लाह से डरते रहो, जितना तुमसे हो सके, तथा सुनो और आज्ञापालन करो और खर्च करो। यह तुम्हारे लिए उत्तम है। तथा जो अपने मन की कंजूसी (लालच) से बचा लिया जाए, तो वही लोग सफल होने वाले हैं।
६४:१७
إِن अगर in
अगर
تُقْرِضُوا۟ तुम क़र्ज़ दोगे tuq'riḍū
तुम क़र्ज़ दोगे
ٱللَّهَ अल्लाह को l-laha
अल्लाह को
قَرْضًا क़र्ज़ qarḍan
क़र्ज़
حَسَنًۭا अच्छा ḥasanan
अच्छा
يُضَـٰعِفْهُ वो कई गुना कर देगा उसे yuḍāʿif'hu
वो कई गुना कर देगा उसे
لَكُمْ तुम्हारे लिए lakum
तुम्हारे लिए
وَيَغْفِرْ और वो बख़्श देगा wayaghfir
और वो बख़्श देगा
لَكُمْ ۚ तुम्हें lakum
तुम्हें
وَٱللَّهُ और अल्लाह wal-lahu
और अल्लाह
شَكُورٌ बहुत क़द्रदान है shakūrun
बहुत क़द्रदान है
حَلِيمٌ निहायत बुर्दबार है ḥalīmun
निहायत बुर्दबार है
١٧ (17)
(17)
यदि तुम अल्लाह को उत्तम ऋण1 दोगो, तो वह उसे तुम्हारे लिए कई गुना कर देगा और तुम्हें क्षमा कर देगा और अल्लाह बड़ा गुणग्राही, अपार सहनशील है।
६४:१८
عَـٰلِمُ जानने वाला है ʿālimu
जानने वाला है
ٱلْغَيْبِ ग़ैब l-ghaybi
ग़ैब
وَٱلشَّهَـٰدَةِ और हाज़िर को wal-shahādati
और हाज़िर को
ٱلْعَزِيزُ बहुत ज़बरदस्त है l-ʿazīzu
बहुत ज़बरदस्त है
ٱلْحَكِيمُ ख़ूब हिकमत वाला है l-ḥakīmu
ख़ूब हिकमत वाला है
١٨ (18)
(18)
वह हर परोक्ष और प्रत्यक्ष को जानने वाला, सब पर प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।